विकिपीडिया hiwiki https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.47.0-wmf.10 first-letter मीडिया विशेष वार्ता सदस्य सदस्य वार्ता विकिपीडिया विकिपीडिया वार्ता चित्र चित्र वार्ता मीडियाविकि मीडियाविकि वार्ता साँचा साँचा वार्ता सहायता सहायता वार्ता श्रेणी श्रेणी वार्ता प्रवेशद्वार प्रवेशद्वार वार्ता TimedText TimedText talk मॉड्यूल मॉड्यूल वार्ता Event Event talk हिन्दी 0 54 6582614 6582037 2026-07-14T16:14:34Z ङघिञ 872516 Changed Familycolor field in infobox language. 6582614 wikitext text/x-wiki {{Infobox language | name = हिन्दी | altname = आधुनिक मानक हिन्दी | nativename = | pronunciation = {{IPA|hi|ˈɦɪndiː|}} | states = [[भारत]] | ethnicity = | region = [[हिंदी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य|हिन्दी पट्टी]] ([[पश्चिमी उत्तर प्रदेश]], [[दिल्ली]]) | speakers_label = बोलनेवाले | speakers = [[मातृभाषा]]: ५२.८३ करोड़{{efn|हिन्दी और उससे संबंधित विभिन्न भाषाओं के वक्ता जिन्होंने अपनी भाषा 'हिन्दी' बताई}} | date = २०११ जनगणना | speakers2 = द्वितीय भाषा: २५ करोड़ (२०११)<ref name="e28|hin">{{e28|hin}}</ref><br/>कुल: ७७.८३ करोड़ (२०११)<ref name="e28|hin">{{e28|hin}}</ref>शुद्ध हिंदी ५२ करोड़ | ref = <ref>{{cite web |title=निर्धारित भाषाएँ वक्ताओं की संख्या के अनुसार - 2011 |url=http://www.censusindia.gov.in/2011Census/Language-2011/Statement-1.pdf |publisher=[[भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त]] |date=29 जून 2018}}</ref><ref name="e28|hin">{{e28|hin}}</ref> | familycolor = Indo-european | fam2 = [[हिन्द-ईरानी भाषाएँ]] | fam3 = [[हिन्द-आर्य भाषाएँ]] | fam4 = [[मध्य हिन्द-आर्य भाषाएँ]] | fam5 = [[पश्चिमी हिंदी|पश्चिमी हिन्दी भाषाएँ]]<ref name=ELL2/> | fam6 = [[हिन्दुस्तानी भाषा]]<ref name=ELL2>{{ELL2|Hindustani}}</ref> | ancestor = [[शौरसेनी प्राकृत]] | ancestor2 = [[अपभ्रंश]] | ancestor3 = [[पुरानी हिन्दी]] | ancestor4 = [[हिन्दुस्तानी भाषा]] | ancestor5 = [[रेख़्ता]] | script = *[[देवनागरी]] (आधिकारिक) *[[कैथी लिपि]] (ऐतिहासिक) *[[महाजनी लिपि]] (ऐतिहासिक) *[[लण्डा लिपियाँ|लण्डा]] (ऐतिहासिक)<ref>{{Cite book|last=Gangopadhyay|first=Avik|title=Glimpses of Indian Languages|publisher=Evincepub publishing|year=2020|isbn=978-93-90197-82-8|page=43}}</ref> *{{ill|देवनागरी ब्रेल|en|Devanagari Braille}} *[[लातिनी लिपि|लातिनी]] ([[हिंग्लिश]]) | nation = *भारत ** [[अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह]] ** [[बिहार]] ** [[चण्डीगढ़]] ** [[छत्तीसगढ़]] ** [[दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव]] ** [[दिल्ली]] ** [[गुजरात]] ** [[हरियाणा]] ** [[हिमाचल प्रदेश]] ** [[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)|जम्मू और कश्मीर]] ** [[झारखण्ड]] ** [[लद्दाख़]] ** [[मध्य प्रदेश]] ** [[महाराष्ट्र]] (अतिरिक्त) ** [[राजस्थान]] ** [[उत्तर प्रदेश]] ** [[उत्तराखण्ड]] ** [[पश्चिम बंगाल]] (अतिरिक्त) * [[फ़िजी]] | minority = {{bulleted list | [[दक्षिण अफ़्रीका]] (संरक्षित भाषा)<ref name="auto1">{{cite web|title=दक्षिण अफ्रीका का संविधान, 1996 – अध्याय 1: मूल प्रावधान|url=http://www.gov.za/documents/constitution/chapter-1-founding-provisions|website=www.gov.za|access-date=6 दिसम्बर 2014}}</ref> |[[संयुक्त अरब अमीरात]] (आधिकारिक न्यायालय भाषा)<ref name="thehindu.com">{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/international/abu-dhabi-includes-hindi-as-third-official-court-language/article26229023.ece|title=अबू धाबी ने हिन्दी को तीसरी आधिकारिक न्यायालय भाषा बनाया|newspaper=The Hindu|date=10 फरवरी 2019|via=www.thehindu.com}}</ref> |[[मॉरीशस]] (सांस्कृतिक भाषा के रूप में)<ref>{{ cite web| title = Hindi Speaking Union Act |url=https://culture.govmu.org/Pages/Legislations/The%20Hindi%20Speaking%20Union%20%20Act%201994.pdf|website=www.culture.govmu.org}}</ref>}} | agency = [[केंद्रीय हिंदी निदेशालय|केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय]]<ref>{{cite web |url=http://hindinideshalaya.nic.in/english/aboutus/aboutus.html |title= हमारे बारे में |website=केंद्रीय हिन्दी निदेशालय |archive-url=https://web.archive.org/web/20120504043836/http://hindinideshalaya.nic.in/english/aboutus/aboutus.html |archive-date=4 मई 2012 |access-date=18 फरवरी 2014}}</ref> | iso1 = hi | iso2 = hin | iso3 = hin | lingua = 59-AAF-qf | image = [[File:Hindi dot.svg|Hindi (हिंदी)]] | imagescale = 1.0 | imagecaption = [[देवनागरी]] लिपि में "हिन्दी" शब्द | map = Hindi 2011 Indian Census by district.svg | mapcaption = [[भारत की जनगणना २०११|भारत में २०११ जनगणना]] के अनुसार हिन्दी मातृभाषा वक्ताओं का वितरण | notice = भारतीय | sign = [[भारतीय हस्ताक्षर प्रणाली]] | glotto = hind1269 | glottorefname = हिन्दी |conservation_status=NE}} '''आधुनिक मानक हिन्दी''', जिसे सामान्यतः '''हिन्दी''' या '''हिंदी''' कहा जाता है, विश्व की एक प्रमुख [[भाषा]] और [[भारत]] की [[राजभाषा]] है। केन्द्रीय स्तर पर [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] सह-[[आधिकारिक भाषा]] है। आधुनिक मानक हिन्दी में [[संस्कृत]] के [[तत्सम]] और [[तद्भव]] शब्दों का प्रयोग अधिक होता है, जबकि [[अरबी भाषा|अरबी]]–[[फ़ारसी]] शब्द अपेक्षाकृत कम हैं। [[भारत का संविधान]] हिन्दी को [[राजभाषा]] के रूप में मान्यता देता है और यह भारत में सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली [[भाषा]] है। संविधान में '[[राष्ट्रभाषा]]' शब्द का उल्लेख नहीं है, इसलिए हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं बल्कि राजभाषा है।<ref>{{cite web|url=https://www.firstpost.com/india/why-hindi-isnt-the-national-language-6733241.html|title=Why Hindi isn't the national language|archive-url=https://web.archive.org/web/20190603135908/https://www.firstpost.com/india/why-hindi-isnt-the-national-language-6733241.html|archive-date=3 जून 2019|access-date=3 जून 2019|url-status=dead}}</ref><ref name="National TOI">{{cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/Theres-no-national-language-in-India-Gujarat-High-Court/articleshow/5496231.cms|title=There's no national language in India: Gujarat High Court|last=Khan|first=Saeed|date=25 January 2010|location=Ahmedabad|accessdate=5 May 2014|newspaper=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इण्डिया]]|publisher=[[टाइम्स समूह]]|url-status=live|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140318040319/http://timesofindia.indiatimes.com/india/Theres-no-national-language-in-India-Gujarat-High-Court/articleshow/5496231.cms|archivedate=18 March 2014|df=dmy-all}}</ref> ''[[ऍथनोलॉग]]'' के अनुसार, हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।<ref>{{Cite web |url=http://www.newsonair.com/News?title=Hindi-is-3rd-most-spoken-language-in-the-world-with-615-million-speakers-after-English%2C-Mandarin&id=381514 |title=Hindi is 3rd most spoken language in the world with 615 million speakers after English, Mandarin |access-date=18 फरवरी 2020 |archive-date=14 अप्रैल 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200414045450/http://www.newsonair.com/News?title=Hindi-is-3rd-most-spoken-language-in-the-world-with-615-million-speakers-after-English%2C-Mandarin&id=381514 |url-status=dead }}</ref> [[विश्व आर्थिक मंच]] की गणना के अनुसार यह विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है।<ref name="auto">{{Cite web|url=https://www.weforum.org/agenda/2016/12/these-are-the-most-powerful-languages-in-the-world/|title=These are the most powerful languages in the world|website=World Economic Forum|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190324152019/https://www.weforum.org/agenda/2016/12/these-are-the-most-powerful-languages-in-the-world/|archive-date=24 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> [[भारत की जनगणना २०११|२०११]] में ५७.१% भारतीय जनसंख्या हिन्दी जानती है,<ref name="fulllangdatacensus 2011" /> जिसमें से ४३.६३% भारतीय लोगों ने हिन्दी को अपनी मूल भाषा या मातृभाषा घोषित किया था।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms|title=Hindi mother tongue of 44% in India, Bangla second most spoken|access-date=27 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180720174858/https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms|archive-date=20 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823|title=What India speaks: South Indian languages are growing, but not as fast as Hindi|access-date=29 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190216003937/https://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823|archive-date=16 फरवरी 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms|title=Only 12% Hindi speakers bilingual: Census|access-date=13 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181113172718/https://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms|archive-date=13 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref> इसके अतिरिक्त भारत, [[पाकिस्तान]] और अन्य देशों में १४.१ करोड़ लोगों द्वारा बोली जाने वाली [[उर्दू]], व्याकरण के आधार पर हिन्दी के समान है, एवं दोनों ही [[हिन्दुस्तानी भाषा]] की परस्पर सुबोध रूप हैं। एक विशाल संख्या में लोग हिन्दी और उर्दू दोनों को ही समझ सकते थे। भारत में हिन्दी, विभिन्न भारतीय राज्यों की १४ आधिकारिक भाषाओं और क्षेत्र की बोलियों का उपयोग करने वाले लगभग १ अरब लोगों में से अधिकांश की दूसरी भाषा है। हिन्दी भारत में [[संपर्क भाषा]] का कार्य करती है <ref name="fulllangdatacensus 2011">{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/how-languagesintersect-in-india/story-g3nzNwFppYV7XvCumRzlYL.html|title=How languages intersect in India|publisher=Hindustan Times|access-date=26 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181122091352/https://www.hindustantimes.com/india-news/how-languagesintersect-in-india/story-g3nzNwFppYV7XvCumRzlYL.html|archive-date=22 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/static/iframes/language_probability_interactive/index.html|title=How many Indians can you talk to?|website=www.hindustantimes.com|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20181122133636/https://www.hindustantimes.com/static/iframes/language_probability_interactive/index.html|archive-date=22 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref> और कुछ हद तक पूरे भारत में सामान्यतः एक सरल रूप में समझी जाने वाली भाषा है। कभी कभी 'हिन्दी' शब्द का प्रयोग नौ भारतीय प्रदेशों के संदर्भ में भी उपयोग किया जाता है, जिन की आधिकारिक भाषा हिन्दी है और हिन्दी भाषी बहुमत है, अर्थात् [[बिहार]], [[छत्तीसगढ़]], [[हरियाणा]], [[हिमाचल प्रदेश]], [[झारखंड]], [[मध्य प्रदेश]], [[राजस्थान]], [[उत्तराखंड]], [[जम्मू और कश्मीर]] (२०२० से) [[उत्तर प्रदेश]] और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र [[दिल्ली]] का। हिन्दी और [[हिन्दी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य|इस बोलियाँ]] संपूर्ण भारत के विविध राज्यों में बोली जाती हैं। भारत और अन्य देशों में भी लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/research/hindi-diwas-2018-hindi-travelled-to-these-five-countries-from-india/|title=Hindi Diwas 2018: Hindi travelled to these five countries from India|date=14 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190403145939/https://indianexpress.com/article/research/hindi-diwas-2018-hindi-travelled-to-these-five-countries-from-india/|archive-date=3 अप्रैल 2019|accessdate=1 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> [[फिजी]], [[मॉरिशस]], [[गयाना]], [[सूरीनाम]], [[नेपाल]] और [[संयुक्त अरब अमीरात]] में भी हिन्दी या इस की मान्य बोलियों का उपयोग करने वाले लोगों की बड़ी संख्या मौजूद है।<ref name="ethnologue.com" /> <ref>[https://www.jagran.com/editorial/apnibaat-hindi-making-its-identity-india-strength-on-global-platform-will-give-respect-to-languages-of-country-23330819.html अपनी पहचान बनाती हिंदी, वैश्विक मंच पर भारत की मजबूती से ही देश की भाषाओं को मिलेगा सम्मान]</ref>फरवरी २०१९ में [[अबू धाबी]] में हिन्दी को न्यायालय की तीसरी भाषा के रूप में मान्यता मिली।<ref>{{Cite web|url=https://www.prabhasakshi.com/literaturearticles/abu-dhabi-recognises-hindi-language|title=वसंत पंचमी पर अबू धाबी से हिन्दी भाषा के लिए आया सुखद संदेश|archive-url=https://web.archive.org/web/20190215053440/https://www.prabhasakshi.com/literaturearticles/abu-dhabi-recognises-hindi-language|archive-date=15 फ़रवरी 2019|accessdate=1 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://hindi.timesnownews.com/world/article/hindi-to-become-third-language-used-in-abu-dhabi-dubai-court-system/363296|title=मुस्लिम देश अबू धाबी का ऐतिहासिक फैसला, हिन्दी को बनाया अदालतों में तीसरी आधिकारिक भाषा|website=hindi.timesnownews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20190215050340/https://hindi.timesnownews.com/world/article/hindi-to-become-third-language-used-in-abu-dhabi-dubai-court-system/363296|archive-date=15 फरवरी 2019|accessdate=1 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref><ref>[ https://hindi.oneindia.com/news/india/the-abu-dhabi-judicial-department-acknowledged-hindi-language-as-official-language-492820.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190215050353/https://hindi.oneindia.com/news/india/the-abu-dhabi-judicial-department-acknowledged-hindi-language-as-official-language-492820.html|date=15 फ़रवरी 2019}} अबू धाबी में हिन्दी अब न्यायपालिका की आधिकारिक भाषा, सुषमा स्वराज ने कहा शुक्रिया</ref> 'देशी', 'भाखा' (भाषा), 'देशना वचन' ([[विद्यापति]]), 'हिन्दवी', 'दक्खिनी', 'रेख्ता' (रेख़ता), 'आर्यभाषा' ([[दयानंद सरस्वती]]), '[[हिन्दुस्तानी]]', '[[खड़ी बोली]]',<ref>{{Cite web|url=http://bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80|title=हिन्दी - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर|website=bharatdiscovery.org|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190311030857/http://bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80|archive-date=11 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref> 'भारती' आदि हिन्दी के अन्य नाम हैं, जो विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों में एवं विभिन्न संदर्भों में प्रयुक्त हुए हैं। हिन्दी, [[हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार|यूरोपीय भाषा-परिवार]] के अंदर आती है। ये [[हिन्द ईरानी|हिन्द ईरानी]] शाखा की [[हिन्द आर्य|हिन्द आर्य]] उपशाखा के अंतर्गत वर्गीकृत है। एथ्नोलॉग (२०२२, २५वाँ संस्करण) की प्रतिवेदन के अनुसार विश्वभर में हिन्दी को प्रथम और द्वितीय भाषा के रूप में बोलने वाले लोगों की संख्या के आधार पर हिन्दी विश्व की [[विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं की सूची|तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।]]<ref>{{Cite web|url=https://www.ethnologue.com/insights/eth nologue200/|title=What are the top 200 most spoken languages?|website=Ethnologue (Free All)|language=en|access-date=2023-03-31}}</ref> हिन्दी को [[संयुक्त राष्ट्र संघ]] की गैर आधिकारिक भाषाओं की सूची में सम्मिलित किया गया है।<ref>[https://news.un.org/hi/story/2025/02/1082851 विश्व हिन्दी दिवस : वैश्विक भाषाई कुंजी के रूप में हिन्दी की महत्ता]</ref> == नामोत्पत्ति == हिंदी के नाम की उत्पत्ति,हिन्दी शब्द का संबंध [[संस्कृत]] शब्द '{{lang|sa|सिन्धु}}' (मानक हिन्दी : सिंधु) से माना जाता है। 'सिंधु', [[सिंधु नदी]] को कहते थे और उसी आधार पर उसके आस पास की भूमि को सिंधु कहने लगे। यह सिंधु शब्द [[ईरानी]] में जाकर ‘[[हिन्दू]]’, हिन्दी और फिर ‘हिन्द’ हो गया। बाद में ईरानी धीरे धीरे भारत के अधिक भागों से परिचित होते गए और इस शब्द के अर्थ में विस्तार होता गया तथा हिन्द शब्द पूरे भारत का वाचक हो गया। इसी में ईरानी का ईक प्रत्यय लगने से (हिन्द+ईक) ‘हिन्दीक’ बना जिसका अर्थ है ‘हिन्द का’। यूनानी शब्द ‘इंडिका’ या लातिन 'इंडेया' या अंग्रेज़ी शब्द ‘इण्डिया’ आदि इस ‘हिन्दीक’ के ही दूसरे रूप हैं। हिन्दी भाषा के लिए इस शब्द का प्राचीनतम प्रयोग शरफुद्दीन यज्दी’ के ‘ज़फरनामा’([[१४२४|१४२४]]) में मिलता है। प्रमुख '''उर्दू''' लेखक ''१९वीं'' सदी तक अपनी भाषा को '''हिन्दी''' या '''हिन्दवी''' ही कहते थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu|title=A Historical Perspective of Urdu {{!}} National Council for Promotion of Urdu Language|date=2022-10-15|website=web.archive.org|access-date=2022-10-25|archive-date=15 अक्तूबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221015162643/https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu|url-status=bot: unknown}}</ref> प्रोफेसर महावीर सरन जैन ने अपने "हिन्दी एवं उर्दू का अद्वैत" शीर्षक आलेख में हिन्दी की व्युत्पत्ति पर विचार करते हुए कहा है कि ईरान की प्राचीन भाषा अवेस्ता में 'स्' ध्वनि नहीं बोली जाती थी बल्कि 'स्' को 'ह्' की तरह बोला जाता था। जैसे संस्कृत शब्द 'असुर' का अवेस्ता में सजाति समकक्ष शब्द 'अहुर' था। [[अफ़ग़ानिस्तान]] के बाद सिंधु नदी के इस पार हिन्दुस्तान और ईरान के प्राचीन [[फ़ारसी]] साहित्य में भी 'हिन्द', 'हिन्दुश' के नामों से पुकारा गया है तथा यहाँ की किसी भी वस्तु, भाषा, विचार को विशेषण के रूप में 'हिन्दीक' कहा गया है जिसका मतलब है 'हिन्द का' या 'हिन्द से'। यही 'हिन्दीक' शब्द अरबी से होता हुआ ग्रीक में 'इंडिके', 'इंडिका', लातिन में 'इंडेया' तथा अंग्रेज़ी में 'इण्डिया' बन गया। दूसरा एक भावना के मुताबिक, [[अरबी भाषा|अरबी]] ''هندية हिन्दीया'' लफ्ज के साधारण लातिनी कृत रूप है इण्डिया India''. जैसे Hindiyyah (मूल अरबी) > Hindia साधारणीकृत > India लातिनीकृत.'' [[अरबी भाषा|अरबी]] एवं [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] साहित्य में भारत (हिन्द) में बोली जाने वाली भाषाओं के लिए 'ज़ुबान-ए-हिन्दी' पद का उपयोग हुवा है। भारत आने के बाद अरबी-फ़ारसी भाषा बोलने वालों ने 'जुबान-ए-हिन्दी', 'हिन्दी ज़ुबान' अथवा 'हिन्दी' का प्रयोग दिल्ली आगरा के चारों ओर बोली जाने वाली भाषा के अर्थ में किया। == भाषायी उत्पत्ति और इतिहास == {{मुख्य|हिन्दी भाषा का इतिहास}} हिन्दी भाषा का इतिहास लगभग एक सहस्र वर्ष पुराना माना जाता है। इसकी एक लम्बी साहित्यिक परंपरा भी रही है। हिन्दी भाषा व साहित्‍य के जानकार [[अपभ्रंश]] की अंतिम अवस्‍था '[[अवहट्ठ]]' से हिन्दी का उद्भव स्‍वीकार करते हैं। <ref>[https://www.amarujala.com/columns/blog/hindi-diwas-2019-hindi-language-history-in-hindi?pageId=1 हिन्दी के विकास की यात्रा, हिन्दी कैसे बनी भारत के हृदय की भाषा] (2019)</ref> [[चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी'|चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी']] ने इसी अवहट्ट को 'पुरानी हिन्दी' नाम दिया। [[अपभ्रंश]] की समाप्ति और आधुनिक भारतीय भाषाओं के जन्मकाल के समय को संक्रांतिकाल कहा जा सकता है। हिन्दी का स्वरूप [[शौरसेनी]] और [[अर्धमागधी]] अपभ्रंशों से विकसित हुआ है। [[1000]] ई. के आसपास इसकी स्वतन्त्र सत्ता का परिचय मिलने लगा था, जब अपभ्रंश भाषाएँ साहित्यिक संदर्भों में प्रयोग में आ रही थीं। यही भाषाएँ बाद में विकसित होकर आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं के रूप में अभिहित हुईं। अपभ्रंश का जो भी कथ्य रूप था - वही आधुनिक बोलियों में विकसित हुआ। अपभ्रंश के संबंध में ‘देशी’ शब्द की भी बहुधा चर्चा की जाती है। वास्तव में ‘देशी’ से देशी शब्द एवं देशी भाषा दोनों का बोध होता है। [[भरत मुनि]] ने [[नाट्यशास्त्र]] में उन शब्दों को ‘देशी’ कहा है जो [[संस्कृत]] के [[तत्सम]] एवं तद्भव रूपों से भिन्न हैं। ये ‘देशी’ शब्द जनभाषा के प्रचलित शब्द थे, जो स्वभावतः अप्रभंश में भी चले आए थे। जनभाषा व्याकरण के नियमों का अनुसरण नहीं करती, परंतु व्याकरण को जनभाषा की प्रवृत्तियों का विश्लेषण करना पड़ता है। [[प्राकृत]]-वैयाकरणों ने संस्कृत के ढाँचे पर व्याकरण लिखे और [[संस्कृत]] को ही [[प्राकृत]] आदि की प्रकृति माना। अतः जो शब्द उनके नियमों की पकड़ में न आ सके, उनको देशी संज्ञा दी गयी। मध्य काल में भारत में [[फारसी]] भले ही राजभाषा थी, किंतु जनता में व्यवहार की भाषा तो हिन्दी ही थी, जिसे 'भाखा' या 'भाषा' कहा गया। मुसलमानों के आगमन से इसे 'हिंदूई', 'हिंदवी' और फिर 'हिंदी' नाम दिया गया। दक्षिण में जाकर यही 'दक्खिनी हिंदी' कहलाई। साधु-संतों और सूफियों ने इसी भाषा को अपने प्रचार का माध्यम बनाया और यह एक संपर्क भाषा के रूप में ढलती चली गई। उत्तर भारत के संत [[सूरदास]], [[तुलसीदास]] तथा [[मीराबाई]], दक्षिण भारत के प्रमुख संत [[वल्लभाचार्य]], [[रामानंद]], महाराष्ट्र के संत [[नामदेव]], राजस्थान के संत [[दादू दयाल]] तथा पंजाब के [[गुरु नानक]] आदि संतों ने अपने धर्म तथा संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए हिन्दी को ही सशक्त माध्यम बनाया । अंग्रेज़ी काल में [[भारतेन्दु हरिश्चन्द्र|भारतेंदु हरिश्चंद]] के समय हिन्दी के विकास में एक नयी चेतना आयी। गुजरात के ऋषि [[दयानंद सरस्वती]] ने हिन्दी को आर्ष भाषा कहा और अपना प्रसिद्ध ग्रन्थ [[सत्यार्थ प्रकाश]] की रचना हिन्दी में ही की। आगे चलकर उनके अनुयायियों ने भी हिन्दी के प्रचार-प्रसार में महती भूमिका निभायी। २०वीं शताब्दी में [[भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन]] के समय [[महात्मा गाँधी]] सहित अनेक नेताओं ने भारतीय एकता के लिये हिन्दी के विकास का समर्थन किया। [[काशी नागरी प्रचारिणी सभा]] और [[हिन्दी साहित्य सम्मेलन|हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग]] के प्रयासों से हिन्दी को एक नयी ऊँचाई मिली। [[भारत की स्वतन्त्रता]] के पश्चात [[भारतीय संविधान|संविधान]] निर्माताओं ने हिन्दी को भारत की [[राजभाषा]] स्वीकार किया। <ref>[https://www.hindikeguru.com/2020/10/hindi-bhasha-ka-vikas.html हिन्दी भाषा का इतिहास और हिन्दी भाषा का विकास]</ref> भारत के संविधान में [[देवनागरी लिपि]] के साथ यही हिंदी [[भारत की राजभाषा के रूप में हिन्दी|राजभाषा]] के पद पर आसीन होकर केन्द्रीय सरकार में प्रशासन की भाषा के रूप में अपने दायित्व का निर्वाह कर रही है। १९८० के दशक में [[ओशो]] ने अपने प्रवचनों का माध्यम अपनी स्वाभाविक हिन्दी को ही बनाया और अत्यन्त लोकप्रिय हुए।<ref>[https://scroll.in/article/1088722/how-osho-taught-hindi-to-think How Osho taught Hindi to think]</ref> भारत के संविधान में हिन्दी को राजभाषा स्वीकार किए जाने के बाद अब केवल साहित्यिक क्षेत्र तक ही सीमित न रह कर हिन्दी देश की प्रशासनिक, न्यायिक, वाणिज्यिक और विधायी क्षेत्र की भाषा के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हिन्दी अब मात्र उत्तर के एक विशेष क्षेत्र की ही भाषा नहीं, वरन् सम्पूर्ण भारत संघ की राजभाषा समस्त देश की सम्पर्क भाषा और राष्ट्र भाषा है। इस प्रकार हिन्दी को ही यह श्रेय प्राप्त है कि वह विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र की राजभाषा है। हिन्दी भारत में ही नहीं, भारत के बाहर भी विश्व के अनेक देशों में बोली, समझी और पढ़ाई जाती है। आज विश्व के लगभग 150 विश्वविद्यालयों में हिन्दी के पठन-पाठन की व्यवस्था है। विदेशों में बसे करोड़ों की संख्या में प्रवासी भारतीयों और भारत मूल के लोगों के बीच आत्मीयता के सम्बन्ध सूत्र स्थापित करने और उन्हें भारत, भारतीयता और भारतीय संस्कृति से निरन्तर जोड़े रखने में हिन्दी एक सशक्त माध्यम का काम कर रही है। == शैलियाँ == {{हिन्दुस्तानी भाषा}} भाषाशास्त्र के अनुसार हिन्दी के चार प्रमुख रूप या शैलियाँ हैं। '''१. मानक हिन्दी''' - हिन्दी का मानकीकृत रूप, जिस की लिपि देवनागरी है। इस में [[संस्कृत]] भाषा के कई शब्द है, जिन्होंने [[फ़ारसी]] और [[अरबी भाषा|अरबी]] के कई शब्दों का स्थान ले लिया है। इसे 'शुद्ध हिन्दी' भी कहते हैं। यह [[खड़ीबोली]] पर आधारित है, जो [[दिल्ली]] और उसके आस पास के क्षेत्रों में बोली जाती थी। '''२. दक्षिणी हिन्दी''' - उर्दू हिन्दी का वह रूप जो [[हैदराबाद]] और उस के आस पास के स्थानों में बोला जाता है। इस में फ़ारसी अरबी के शब्द उर्दू की अपेक्षा कम होते हैं। '''३. रेख्ता''' - उर्दू का वह रूप जो शायरी में प्रयुक्त होता था। '''४. [[उर्दू]]''' - हिन्दी का वह रूप जो देवनागरी लिपि के बजाय फ़ारसी अरबी लिपि में लिखा जाता है। इस में संस्कृत के शब्द कम होते हैं, और फ़ारसी अरबी के शब्द अधिक। यह भी खड़ीबोली पर ही आधारित है।<ref>{{cite book |title=Concise Encyclopedia of Languages of the World |trans-title=दुनिया की भाषाओं का संक्षिप्त विश्वकोश |url=https://books.google.co.in/books?id=F2SRqDzB50wC |author=कीथ ब्राउन, सारा ओगिल्वी |publisher=एल्सेवियर |year=२०१० |isbn=9780080877754 |page=498 |quote= |access-date=18 नवंबर 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151119103527/https://books.google.co.in/books?id=F2SRqDzB50wC |archive-date=19 नवंबर 2015 |url-status=live }}</ref> हिन्दी और उर्दू दोनों को मिलाकर [[हिन्दुस्तानी]] भाषा कहा जाता है। हिन्दुस्तानी मानकीकृत हिन्दी और मानकीकृत [[उर्दू]] के बोलचाल की भाषा है। इस में शुद्ध संस्कृत और शुद्ध फ़ारसी अरबी दोनों के शब्द कम होते हैं और तद्भव शब्द अधिक। उच्च हिन्दी [[भारत|भारतीय संघ]] की राजभाषा है (''अनुच्छेद ३४३, भारतीय संविधान'')। यह इन भारतीय राज्यों की भी राजभाषा है : [[उत्तर प्रदेश]], [[बिहार]], [[झारखंड]], [[मध्य प्रदेश]], [[उत्तरांचल]], [[हिमाचल प्रदेश]], [[छत्तीसगढ़]], [[राजस्थान]], [[हरियाणा]] और [[दिल्ली]]। इन राज्यों के अतिरिक्त [[महाराष्ट्र]], [[गुजरात]], [[पश्चिम बंगाल]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और हिन्दी भाषी राज्यों से लगते अन्य राज्यों में भी हिन्दी भाषा बोलने वालों की संख्या है। उर्दू [[पाकिस्तान]] की और भारतीय राज्य [[जम्मू और कश्मीर]] की राजभाषा है, इस के अतिरिक्त [[उत्तर प्रदेश]], [[बिहार]], [[तेलंगाना]] और [[दिल्ली]] में द्वितीय राजभाषा है। यह लगभग सभी ऐसे राज्यों की सह राजभाषा है जिन की मुख्य राजभाषा हिन्दी है। === हिन्दी एवं उर्दू === {{मुख्य|हिन्दी एवं उर्दू}} भाषाविद् हिन्दी एवं [[उर्दू भाषा|उर्दू]] को एक ही भाषा समझते हैं। हिन्दी [[देवनागरी]] लिपि में लिखी जाती है और शब्दावली के स्तर पर अधिकांशतः [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के शब्दों का प्रयोग करती है। उर्दू, [[नस्तालिक|नस्तालिक लिपि]] में लिखी जाती है और शब्दावली के स्तर पर [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] और [[अरबी भाषा|अरबी]] भाषाओं का प्रभाव अधिक है। हालाँकि [[व्याकरण|व्याकरणिक]] रूप से उर्दू और हिन्दी में कोई अंतर नहीं है परंतु कुछ विशेष क्षेत्रों में शब्दावली के स्रोत (जैसा कि ऊपर लिखा गया है) में अंतर है। कुछ विशेष ध्वनियाँ उर्दू में अरबी और फ़ारसी से ली गयी हैं और इसी प्रकार फ़ारसी और अरबी की कुछ विशेष व्याकरणिक संरचनाएँ भी प्रयोग की जाती हैं। उर्दू और हिन्दी खड़ी बोली की दो आधिकारिक शैलियाँ हैं। === मानकीकरण === {{मुख्य|हिन्दी वर्तनी मानकीकरण}} स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद से हिन्दी और देवनागरी के मानकीकरण की दिशा में निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रयास हुये हैं - * हिन्दी [[व्याकरण]] का मानकीकरण। * वर्तनी का मानकीकरण। * [[शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार|शिक्षा मंत्रालय]] के निर्देश पर [[केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय]] द्वारा [[देवनागरी]] का मानकीकरण। * वैज्ञानिक ढंग से [[देवनागरी]] लिखने के लिये एकरूपता के प्रयास। * [[देवनागरी यूनिकोड खण्ड|यूनिकोड का विकास]]। == बोलियाँ == {{मुख्य|हिन्दी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य}} हिन्दी का क्षेत्र विशाल है तथा हिन्दी की अनेक बोलियाँ (उपभाषाएँ) हैं। इनमें से कुछ में अत्यन्त उच्च श्रेणी के साहित्य की रचना भी हुई है। ऐसी बोलियों में [[ब्रजभाषा]] और [[अवधी]] प्रमुख हैं। ये बोलियाँ हिन्दी की विविधता हैं और उसकी शक्ति भी। वे हिन्दी की जड़ों को गहरा बनाती हैं। हिन्दी की बोलियाँ और उन बोलियों की उपबोलियाँ हैं जो न केवल अपने में एक बड़ी परंपरा, [[इतिहास]], [[सभ्यता]] को समेटे हुए हैं वरन स्वतन्त्रता संग्राम, जनसंघर्ष, वर्तमान के बाजारवाद के विरुद्ध भी उसका रचना संसार सचेत है।<ref>{{cite web|url= http://hindi.webduniya.com/miscellaneous/special07/hindiday/0709/13/1070913069_1.htm|title= अपने घर में कब तक बेगानी रहेगी हिन्दी|access-date= 9 जून 2008|format= एचटीएम|publisher= वेब दुनिया|language= }}{{Dead link|date=जून 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> हिन्दी की बोलियों में प्रमुख हैं- [[अवधी]], [[ब्रजभाषा]], [[कन्नौजी]], [[बुंदेली]], [[बघेली]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]], [[हरयाणवी]], [[राजस्थानी भाषा|राजस्थानी]], [[छत्तीसगढ़ी]], [[मालवी]], [[नागपुरी भाषा|नागपुरी]], [[खोरठा भाषा|खोरठा]], [[पंचपरगनिया भाषा|पंचपरगनिया]], [[कुमाउँनी]], [[मगही]] आदि। किंतु हिन्दी के मुख्य दो भेद हैं - पश्चिमी हिन्दी तथा पूर्वी हिन्दी। == लिपि == {{मुख्य|देवनागरी}} {{देवनागरी साइडबार}} हिन्दी को [[देवनागरी लिपि]] में लिखा जाता है। इसे '''नागरी '''के नाम से भी जाना जाता है। देवनागरी में [[११|11]] [[स्वर]] और [[३३|33]] [[व्यंजन वर्ण|व्यंजन]] हैं। इसे बाईं से दाईं ओर लिखा जाता है। == शब्दावली == हिन्दी शब्दावली में मुख्यतः चार( कुछ व्याकरण के अनुसार अब छः )वर्ग हैं। * '''[[तत्सम]] शब्द''' – ये वे शब्द हैं जिनको संस्कृत से बिना कोई रूप बदले ले लिया गया है। जैसे अग्नि, दुग्ध, दंत (दन्त), मुख। (परंतु हिन्दी में आने पर ऐसे शब्दों से विसर्ग का लोप हो जाता है जैसे संस्कृत 'नामः' हिन्दी में केवल 'नाम' हो जाता है।<ref name="sirysq">Masica, p. 65</ref>) *'''(अर्ध तत्सम शव्द''')- ये वो शब्द हैं जो संस्कृत के तत्सम शब्द से थोड़ा परिवर्तित होकर हिंदी में आए हैं। जैसे कार्य से कारज, धैर्य से धीरज आदि। * '''[[तद्भव]] शब्द''' – ये वे शब्द हैं जिनका जन्म संस्कृत या [[प्राकृत]] में हुआ था, लेकिन उनमें बहुत ऐतिहासिक बदलाव आया है। जैसे आग, दूध, दाँत, मुँह। *'''[[देशज]] शब्द''' – ''देशज'' का अर्थ है 'जो देश में ही उपजा या बना हो'। तो देशज शब्द का अर्थ हुआ जो न तो विदेशी भाषा का हो और न किसी दूसरी भाषा के शब्द से बना हो। ऐसा शब्द जो न संस्कृत का हो, न संस्कृत-शब्द का अपभ्रंश हो। ऐसा शब्द किसी प्रदेश (क्षेत्र) के लोगों द्वारा बोल-चाल में यूँ ही बना लिया जाता है। जैसे खटिया, लुटिया। *'''विदेशी शब्द''' – इसके अतिरिक्त हिन्दी में कई शब्द अरबी, फ़ारसी, तुर्की, अंग्रेज़ी आदि से भी आये हैं। इन्हें '''विदेशी शब्द''' कहते हैं। ''' वर्ण संकर शब्द'''''' - दो भाषाओं के योग से बनने वाले शब्द वर्ण संकर शब्द कहलाते हैं। जैसे: रेलगाड़ी, सुल्तानपुर, मोहिउद्दीन नगर आदि। जिस हिन्दी में अरबी, फ़ारसी और अंग्रेज़ी के शब्द लगभग पूर्ण रूप से हटा कर तत्सम शब्दों को ही प्रयोग में लाया जाता है, उसे "शुद्ध हिन्दी" या "मानकीकृत हिन्दी" कहते हैं।{{cn}} == हिन्दी स्वरविज्ञान == {{मुख्य|स्वनविज्ञान}} देवनागरी लिपि में हिन्दी की ध्वनियाँ इस प्रकार हैं : === स्वर === ये स्वर आधुनिक हिन्दी (खड़ीबोली) के लिये दिये गये हैं। {|align="center" border="2" class=wikitable width=100% ! '''वर्णाक्षर'''||''"प" के साथ मात्रा'''||'''[[अ॰ध॰व॰]] उच्चारण'''||"प्" के साथ उच्चारण||'''[[आईएसओ १५९१९|ISO]] समतुल्य'''||'''[[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] समतुल्य''' |-align="center" | अ||प||{{IPA|/ ə /}}||{{IPA|/ pə /}}||a|| बीच का मध्य प्रसृत स्वर | |-align="center" | आ||पा||{{IPA|/ ɑ: /}}||{{IPA|/ pɑ: /}}||ā|| दीर्घ विवृत पश्व प्रसृत स्वर |-align="center" | इ||पि||{{IPA|/ ɪ /}}||{{IPA|/ pɪ /}}||i|| ह्रस्व संवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | ई||पी||{{IPA|/ i: /}}||{{IPA|/ pi: /}}||ī|| दीर्घ संवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | उ||पु||{{IPA|/ ʊ /}}||{{IPA|/ pʊ /}}||u|| ह्रस्व संवृत पश्व वर्तुल स्वर | |-align="center" | ऊ||पू||{{IPA|/ u: /}}||{{IPA|/ pu: /}}||ū|| दीर्घ संवृत पश्व वर्तुल स्वर | |-align="center" | ए||पे||{{IPA|/ e: /}}||Aa{{IPA|/ pe: /}}||e|| दीर्घ अर्धसंवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | ऐ||पै||{{IPA|/ ɛ: /}}||{{IPA|/ pɛ: /}}||ai|| दीर्घ लगभग-विवृत अग्र प्रसृत स्वर | |-align="center" | ओ||पो||{{IPA|/ ο: /}}||{{IPA|/ pο: /}}||o|| दीर्घ अर्धसंवृत पश्व वर्तुल स्वर | |-align="center" | औ||पौ||{{IPA|/ ɔ: /}}||{{IPA|/ pɔ: /}}||au|| दीर्घ अर्धविवृत पश्व वर्तुल स्वर | |- |} इसके अलावा हिन्दी और संस्कृत में ये वर्णाक्षर भी स्वर माने जाते हैं : * '''ऋ''' — इसका उच्चारण संस्कृत में /r̩/ था मगर आधुनिक हिन्दी में इसे /ɻɪ/ उच्चारित किया जाता है । * '''अं''' — पंचम वर्ण - ङ्, ञ्, ण्, न्, म् का नासिकीकरण करने के लिए (अनुस्वार) * '''अँ''' — स्वर का अनुनासिकीकरण करने के लिए (चंद्र बिंदु) * '''अः''' — अघोष "ह्" (निःश्वास) के लिए (विसर्ग) === व्यंजन === जब किसी स्वर प्रयोग ना हो तो वहाँ पर डिफॉल्ट रूप से 'अ' स्वर माना जाता है। स्वर के ना होना व्यंजन के नीचे हलंत् या [[विराम (चिन्ह)|विराम]] लगाके दर्शाया जाता है। जैसे क्‌ /k/, ख्‌ /kʰ/, ग्‌ /g/ और घ्‌ /gʱ/। {|border="2" class=wikitable width=100% |+align="center" colspan="6"|स्पर्श (प्लोसिव) |- !width=10%| !width=15%| [[अल्पप्राण]]<br />[[अघोष]] !width=15%| [[महाप्राण]]<br />[[अघोष]] !width=15%| [[अल्पप्राण]]<br />[[घोष]] !width=15%| [[महाप्राण]]<br />[[घोष]] !width=15%| [[नासिक्य]] |-align="center" |[[कंठ्य]] |'''क''' {{IPA|/ kə /}}<br /> |'''ख''' {{IPA|/ k<sup>h</sup>ə /}}<br /> |'''ग''' {{IPA|/ gə /}}<br /> |'''घ''' {{IPA|/ g<sup>ɦ</sup>ə /}}<br /> |'''ङ''' {{IPA|/ ŋə /}}<br /> |-align="center" |[[तालव्य]] |'''च''' {{IPA|/ tʃə /}}<br /> |'''छ''' {{IPA|/tʃ<sup>h</sup>ə/}}<br /> |'''ज''' {{IPA|/ dʒə /}}<br /> |'''झ''' {{IPA|/ dʒ<sup>ɦ</sup>ə /}}<br /> |'''ञ''' {{IPA|/ ɲə /}}<br /> |-align="center" |[[मूर्धन्य]] |'''ट''' {{IPA|/ ʈə /}}<br /> |'''ठ''' {{IPA|/ ʈ<sup>h</sup>ə /}}<br /> |'''ड''' {{IPA|/ ɖə /}}<br /> |'''ढ''' {{IPA|/ ɖ<sup>ɦ</sup>ə /}}<br /> |'''ण''' {{IPA|/ ɳə /}}<br /> |-align="center" |[[दंत्य]] |'''त''' {{IPA|/ t̪ə /}}<br /> |'''थ''' {{IPA|/ t̪<sup>h</sup>ə /}}<br /> |'''द''' {{IPA|/ d̪ə /}}<br /> |'''ध''' {{IPA|/ d̪<sup>ɦ</sup>ə /}}<br /> |'''न''' {{IPA|/ nə /}}<br /> |-align="center" |[[ओष्ठ्य]] |'''प''' {{IPA|/ pə /}}<br /> |'''फ''' {{IPA|/ p<sup>h</sup>ə /}}<br /> |'''ब''' {{IPA|/ bə /}}<br /> |'''भ''' {{IPA|/ b<sup>ɦ</sup>ə /}}<br /> |'''म''' {{IPA|/ mə /}}<br /> |} {|border="2" class=wikitable width=100% |+align="center" colspan="5"|स्पर्शरहित (नॉन-प्लोसिव) |- !width=25%| !width=15%|[[तालव्य]] !width=15%|[[मूर्धन्य]] !width=15%|[[दंत्य]]/<br />[[वर्त्स्य]] !width=15%|[[कंठोष्ठ्य]]/<br />[[काकल्य]] |-align="center" |[[अंतस्थ]] |'''य''' {{IPA|/ jə /}}<br /> |'''र''' {{IPA|/ rə /}}<br /> |'''ल''' {{IPA|/ lə /}}<br /> |'''व''' {{IPA|/ ʋə /}}<br /> |-align="center" |[[ऊष्म]]/<br />[[संघर्षी]] |'''श''' {{IPA|/ ʃə /}}<br /> |'''ष''' {{IPA|/ ʂə /}}<br /> |'''स''' {{IPA|/ sə /}}<br /> |'''ह''' {{IPA|/ ɦə /}} |} ;ध्यातव्य * इनमें से ळ (मूर्धन्य पार्विक अंतस्थ) एक अतिरिक्त व्यंजन है जिसका प्रयोग हिन्दी में नहीं होता हैं। [[मराठी]] और वैदिक संस्कृत में सभी का प्रयोग किया जाता है। * संस्कृत में '''ष''' का उच्चारण ऐसे होता था : जीभ की नोक को मूर्धा (मुँह की छत) की ओर उठाकर '''श''' जैसी आवाज करना। शुक्ल [[यजुर्वेद]] की माध्यंदिनि शाखा ''कुछ वाक्यात'' में '''ष''' का उच्चारण '''ख''' की तरह करना मान्य था। आधुनिक हिन्दी में '''ष''' का उच्चारण पूरी तरह '''श''' की तरह होता है। * हिन्दी में '''ण''' का उच्चारण कभी-कभी '''ड़ँ''' की तरह होता है, यानी कि जीभ मुँह की छत को एक जोरदार ठोकर मारती है। परंतु इसका शुद्ध उच्चारण जिह्वा को मूर्धा (मुँह की छत जहाँ से 'ट' का उच्चार करते हैं) पर लगा कर '''न''' की तरह का अनुनासिक स्वर निकालकर होता है। === विदेशी ध्वनियाँ === ये ध्वनियाँ मुख्यत: अरबी और फ़ारसी भाषाओं से लिये गये शब्दों के मूल उच्चारण में होती हैं। इनका स्रोत [[संस्कृत]] नहीं है। देवनागरी लिपि में ये सबसे करीबी देवनागरी वर्ण के नीचे बिंदु ([[नुक्ता]]) लगाकर लिखे जाते हैं, परंतु उन्हीं शब्दों मे नुक्ता लगाया जाता है जो हिन्दी में विदेशी शब्द माने जाते हैं और जिनका उच्चारण नुक्ते के बिना मूल भाषा के अनुरूप नहीं होता। {|border="2" class=wikitable width=100% |-align="center" !'''वर्णाक्षर''' <br />([[अ॰ध॰व॰]] उच्चारण) !! '''उदाहरण''' !! '''वर्णन''' <!---!! '''अंग्रेज़ी में वर्णन'''---> |-align="center" !'''क़''' ({{IPA|/ q /}}) | क़त्ल || अघोष अलिजिह्वीय स्पर्श <!---|| Voiceless uvular stop---> |-align="center" !'''ख़''' ({{IPA|/ x /}}) | ख़ास || अघोष अलिजिह्वीय या कंठ्य संघर्षी <!---|| Voiceless uvular or velar fricative---> |-align="center" ! '''ग़''' ({{IPA|/ ɣ /}}) | ग़ैर || घोष अलिजिह्वीय या कंठ्य संघर्षी <!---|| Voiced uvular or velar fricative---> |-align="center" ! '''फ़''' ({{IPA|/ f /}}) | फ़र्क || अघोष दंत्यौष्ठ्य संघर्षी <!---|| Voiceless labiodental fricative---> |-align="center" ! '''ज़''' ({{IPA|/ z /}}) | ज़ालिम || घोष वर्त्स्य संघर्षी <!---|| Voiced alveolar fricative---> |} == व्याकरण == {{मुख्य|हिन्दी व्याकरण}} अन्य सभी [[भरतीय भाषाएँ|भारतीय भाषाओं]] की तरह हिन्दी में भी कर्ता-कर्म-क्रिया वाला वाक्यविन्यास है। हिन्दी में दो लिंग होते हैं — पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। नपुंसक वस्तुओं का लिंग भाषा परंपरानुसार पुल्लिंग या स्त्रीलिंग होता है। क्रिया के रूप कर्ता के लिंग पर निर्भर करता है। हिन्दी में दो वचन होते हैं — एकवचन और बहुवचन। क्रिया वचन-से भी प्रभावित होती है। विशेषण विशेष्य-के पहले लगता है। कहीं कहीं विशेषण विशेष्य के बाद भी लगता है।जैसे - किताब नई है। {| | {| class="wikitable" |+कारक दर्शानेवाले परसर्ग !कारक !परसर्ग !उदाहरण !विवरण |- !'''कर्ता''' |— |लड़का |क्रिया का करनेवाला/वाली व्यक्ति या चीज |- ![[:en:Ergative_case|'''Ergative''']] |ने |लड़के ने |[[:en:Perfective_aspect|perfective aspect]] में [[सकर्मक क्रिया|सकर्मक]] क्रियाओं के लिए वाक्यों का विषय चिह्नित करता है |- !'''कर्म''' | rowspan="2" |को | rowspan="2" |लड़के को |प्रत्यक्ष वास्तु को चिह्नित करता है। |- !'''संप्रदान''' |प्रत्यक्ष वस्तु को चिह्नित करता है मगर वाक्य के विषय को भी दर्शा सकता है।<ref name=":32">Bhatt, Rajesh (2003). Experiencer subjects. Handout from MIT course “Structure of the Modern Indo-Aryan Languages”.</ref>[[:en:Quirky_subject|dative subjects]]; [[:en:Dative_subject|dative subject]] |- !'''करण''' | rowspan="2" |से | rowspan="2" |लड़के से |क्रिया जिस वस्तु या जिस व्यक्ति के साथ की गयी है उसे चिह्नित करता है। |- !'''अपादान''' |दिखता है कि कोई चीज किसी दुसरे चीज से दूर मूवमेंट है। |- !'''संबंध''' |का, की, के |लड़के का |दिखता है कि कोई वस्तु किसी दूसरी वस्तु/व्यक्ति की है। |- ![[:en:Inessive_case|'''Inessive''']] |में |लड़के में |दिखाता है कि कोई चीज किसी चीज के अन्दर है। |- ![[:en:Inessive_case|'''Adessive''']] |पे / पर |लड़के पे |दिखता है कि कोई चीज किसी चीज के ऊपर (सतह पर) है। |- ![[:en:Terminative_case|'''Terminative''']] |तक |लड़के तक |दिखता है कि कोई चीज दूसरे चीज तक गयी है। |- ![[:en:Semblative_case|'''Semblative''']] |सा |लड़के सा |किसी चीज की दूसरे चीज से समानता दिखाता है। |} {| class="wikitable" |+लिंग और वचन सूचक ! rowspan="2" |कारक ! colspan="2" |''♂'' ! colspan="2" |''♀'' |- !एकवचन !बहुवचन !एकवचन !बहुवचन |- !कर्ता |का |के | colspan="2" rowspan="2" |की |- !परोक्ष | colspan="2" |के |} |} {| class="wikitable" !Latin !a||b||c||d||e||f||g||h||i||j||k||l||m||n||o||p||q||r||s||t||u||v||w||x||y||z |- !Synesthesian |o||ꙩ||ϙ||σ||ò||ɵ||ꝋ||ɸ||ó||p||þ||b||ɓ||ɗ||ō||ᶑ||ɖ||d||ƍ||δ||ŏ||ϱ||б||ꝯ||ꝺ||ð |- !Devanagari |अ||ब्||च्||द्||ए||फ़्||ग्||ह्||इ||ज्||क्||ल्||म्||न्||ओ||प्||क़्||र्||स्||त्||उ||व्||व्||ख़्||य्||ज़् |} ==जनसांख्यिकी== {{multiple image | align = left | direction = horizontal | header = | align = right | image1 = Hindi 2011 Indian Census by district.svg | width1 = 176 | alt1 = Colored dice with white background | caption1 = '''हिन्दी''' भाषा के स्वघोषित प्रथम भाषा वक्ता | image2 = Hindi languages 2011 Indian Census by district.svg | width2 = 160 | alt2 = Colored dice with checkered background | caption2 = मानक हिन्दी समेत अन्य "हिन्दी '''बोलियों'''" के स्वघोषित प्रथम भाषा वक्ताओं का भौगोलिक विस्तार | footer = भौगोलोक विस्तार भारतीय 2011 जनगणना में जिला अनुसार){{legend|#eeeeee|०%}}{{legend|#d82520|१००%}} }} [[भारत की जनगणना २०११|सन २०११ की भारतीय जनगणना]] के अनुसार भारत के 57.1% लोग हिन्दी जानते हैं<ref name="fulllangdatacensus 2011"/> तथा 43.63% लोगों ने हिन्दी को अपनी मूल भाषा या मातृभाषा घोषित किया था।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms|title=Hindi mother tongue of 44% in India, Bangla second most spoken|access-date=27 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180720174858/https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-mother-tongue-of-44-in-india-bangla-second-most-spoken/articleshow/64755458.cms|archive-date=20 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823|title=What India speaks: South Indian languages are growing, but not as fast as Hindi|access-date=29 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20190216003937/https://www.thenewsminute.com/article/what-india-speaks-south-indian-languages-are-growing-not-fast-hindi-83823|archive-date=16 फरवरी 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms|title=Only 12% Hindi speakers bilingual: Census|access-date=13 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181113172718/https://timesofindia.indiatimes.com/india/indias-most-and-least-tongue-tied-communities/articleshow/66600187.cms|archive-date=13 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref> भारत के बाहर, हिन्दी बोलने वाले [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में [[८,६३,०७७|8,63,077]]<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-most-spoken-indian-language-in-us-telugu-speakers-up-86-in-8-years/articleshow/65893224.cms|title=Hindi most spoken Indian language in US, Telugu speakers up 86% in 8 years - Times of India|website=The Times of India|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190405023735/https://timesofindia.indiatimes.com/india/hindi-most-spoken-indian-language-in-us-telugu-speakers-up-86-in-8-years/articleshow/65893224.cms|archive-date=5 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.census.gov/prod/2013pubs/acs-22.pdf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160205101044/http://www.census.gov/prod/2013pubs/acs-22.pdf |archive-date=5 फरवरी 2016 |url-status=live }}</ref>; [[मॉरीशस]] में [[६,८५,१७०|6,85,170]]; [[दक्षिणी अफ्रीका|दक्षिण अफ्रीका]] में [[८,९०,२९२|8,90,292]]; [[यमन]] में [[२,३२,७६०|2,32,760]]; [[युगांडा]] में [[१,४७,०००|1,47,000]]; [[सिंगापुर]] में [[५,०००|5000]]; [[नेपाल]] में [[८|8]] लाख; [[जर्मनी]] में [[३०,०००|30,000]] हैं। [[न्यूजीलैंड]] में हिन्दी चौथी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है।<ref>{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/international/story-hindi-is-the-fourth-most-spoken-language-in-new-zealand-syas-envoy-jonna-kempres-1685052.html|title=न्यूजीलैंड में हिन्दी चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा|website=https://www.livehindustan.com|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20180921114758/https://www.livehindustan.com/international/story-hindi-is-the-fourth-most-spoken-language-in-new-zealand-syas-envoy-jonna-kempres-1685052.html|archive-date=21 सितंबर 2018|url-status=dead}}</ref> ==भारत में उपयोग== ===संपर्क भाषा=== भिन्न-भिन्न भाषा-भाषियों के मध्य परस्पर विचार-विनिमय का माध्यम बनने वाली भाषा को [[संपर्क भाषा]] कहा जाता है। अपने राष्ट्रीय स्वरूप में ही हिन्दी पूरे भारत की [[संपर्क भाषा]] बनी हुई है।<ref>{{Cite web |url=https://goastreets.com/goa-rise-hindi/ |title=Goa and the rise of Hindi |access-date=10 सितंबर 2021 |archive-date=10 सितंबर 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210910104212/https://goastreets.com/goa-rise-hindi/ |url-status=dead }}</ref> अपने सीमित रूप –प्रशासनिक भाषा के रूप – में हिन्दी व्यवहार में भिन्न भाषाभाषियों के बीच परस्पर संप्रेषण का माध्यम बनी हुई है। संपूर्ण भारतवर्ष में बोली और समझी जाने वाली ([[बॉलीवुड]] के कारण) देशभाषा हिन्दी है, यह राजभाषा भी है तथा सारे देश को जोड़ने वाली संपर्क भाषा भी। ===राजभाषा=== {{मुख्य|भारत की राजभाषा के रूप में हिन्दी}} [[चित्र:Hindi official in India.svg|right|thumb|200px|हिन्दी संघ की राजभाषा है। इसके अलावा पीले रंग में दिखाये गये क्षेत्रों (राज्यों) की राजभाषा भी है।]] हिन्दी [[भारत]] की [[राजभाषा]] है। [[१४|14]] सितंबर [[१९४९]] को हिन्दी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। भारत के स्वतन्त्र होने के बहुत पहले और स्वतन्त्रता आंदोलन के समय ही वह राष्ट्रभाषा की भूमिका का निर्वहन करने लगी थी। [[महात्मा गांधी|गाँधी जी]] कई मंचों पर बोल चुके थे कि भारत के स्वतन्त्र होने पर हिन्दी ही राष्ट्रभाषा होगी। === राष्ट्रभाषा=== भारत की स्वतन्त्रता के पहले और उसके बाद भी बहुत से लोग हिन्दी को 'राष्ट्रभाषा' कहते आये हैं (उदाहरणतः, [[राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा]], महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, पुणे आदि) किंतु [[भारतीय संविधान]] में '[[राष्ट्रभाषा]]' का उल्लेख नहीं हुआ है और इस दृष्टि से हिन्दी को राष्ट्रभाषा कहने का अर्थ वैधानिक दृष्टि से नहीं लगाया जाना चाहिये। हिन्दी को राष्ट्रभाषा कहने के एक हिमायती [[महात्मा गाँधी]] भी थे, जिन्होंने [[२९|29]] मार्च [[१९१८|1918]] को [[इंदौर]] में आठवें हिन्दी साहित्य सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। उस समय उन्होंने अपने सार्वजनिक उद्बोधन में पहली बार आह्वान किया था कि हिन्दी को ही भारत की राष्ट्रभाषा का दर्जा मिलना चाहिये। उन्होने यह भी कहा था कि राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूँगा है। <ref>{{Cite web |url=https://www.hindikunj.com/2016/10/gandhi-and-hindi.html |title=गाँधीजी और हिन्दी |access-date=21 फरवरी 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190504231928/http://www.hindikunj.com/2016/10/gandhi-and-hindi.html |archive-date=4 मई 2019 |url-status=dead }}</ref> उन्होने तो यहाँ तक कहा था कि हिन्दी भाषा का प्रश्न स्वराज्य का प्रश्न है। [[आजाद हिन्द फौज]] का राष्ट्रगान '[[शुभ सुख चैन]]' भी "हिन्दुस्तानी" में था। उनका अभियान गीत '[[कदम कदम बढ़ाए जा]]' भी इसी भाषा में था, परंतु [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] हिन्दुस्तानी भाषा के संस्कृतकरण के पक्षधर नहीं थे, अतः शुभ सुख चैन को [[जनगणमन]] के ही धुन पर, बिना कठिन संस्कृत शब्दावली के बनाया गया था। === पूर्वोत्तर भारत में === [[पूर्वोत्तर भारत]] में अनेक जनजातियाँ निवास करती हैं जिनकी अपनी-अपनी भाषाएँ तथा बोलियाँ हैं। इनमें ''बोड़ो, कछारी, जयंतिया, कोच, त्रिपुरी, गारो, राभा, देउरी, दिमासा, रियांग, लालुंग, नागा, मिजो, त्रिपुरी, जामातिया, खासी, कार्बी, मिसिंग, निशी, आदी, आपातानी, इत्यादि'' प्रमुख हैं। पूर्वोत्तर की भाषाओं में से केवल [[असमिया]], [[बोड़ो]] और [[मणिपुरी भाषा|मणिपुरी]] को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिला है। सभी राज्यों में हिन्दी भाषा का प्रयोग अधिकांश प्रवासी हिन्दी भाषियों द्वारा आपस में किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://gadyakosh.org/gk/%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%9A%E0%A4%AE_%E0%A4%AB%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80_%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80_/_%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BE_%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%95|title=पूर्वोत्तर में परचम फहराती हिन्दी / सपना मांगलिक - Gadya Kosh - हिन्दी कहानियाँ, लेख, लघुकथाएँ, निबंध, नाटक, कहानी, गद्य, आलोचना, उपन्यास, बाल कथाएँ, प्रेरक कथाएँ, गद्य कोश|website=gadyakosh.org|language=hi|access-date=2020-12-23}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> पूर्वोत्तर में हिन्दी का औपचारिक रूप से प्रवेश वर्ष [[१९३४|1934]] में हुआ, जब [[महात्मा गाँधी]] 'अखिल भारतीय हरिजन सभा' की स्थापना हेतु [[असम]] आये। उस समय गड़मूड़ ([[माजुली]]) के [[सत्र|सत्राधिकार]] ([[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] धर्मगुरू) एवं स्वतन्त्रता सेनानी [[पीताम्बर देव गोस्वामी|पीतांबर देव गोस्वमी]] के आग्रह पर गाँधी जी संतुष्ट होकर [[बाबा राघव दास]] को हिन्दी प्रचारक के रूप में असम भेजा। वर्ष [[१९३८|1938]] में [[असम हिन्दी प्रचार समिति]] की स्थापना [[गुवाहाटी]] में हुई। यह समिति आगे चलकर [[असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति]] बनी। आम लोगों में हिन्दी भाषा तथा साहित्य के प्रचार-प्रसार करने हेतु- प्रबोध, विशारद, प्रवीण, आदि परीक्षाओं का आयोजन इस समिति के द्वारा होता आ रहा है। पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी की स्थिति दिनों-दिन सबल होती जा रही है और यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। आजकल [[अरुणाचल प्रदेश]] में बड़े पैमाने पर हिन्दी बोली जाने लगी है। <ref>[https://arunachaltimes.in/index.php/2021/07/25/hindi-arunachals-new-mother-tongue-2/%20Hindi:%20Arunachal%E2%80%99s%20new%20mother%20tongue]{{Dead link|date=सितंबर 2021|bot=InternetArchiveBot}}</ref><ref>[https://www.thebetterindia.com/163207/arunachal-pradesh-hindi-news/%20The%20Intriguing%20Story%20of%20How%20Hindi%20Emerged%20as%20The%20Lingua%20Franca%20of%20Arunachal!]{{Dead link|date=अगस्त 2021|bot=InternetArchiveBot}}</ref>हिन्दी का प्रचार-प्रसार तथा उसकी लोकप्रियता एवं व्यावहारिकता टी. वी. ([[धारावाहिक]], [[विज्ञापन]]), [[सिनेमा]], [[आकाशवाणी]], [[पत्रकारिता]], [[विद्यालय]], [[महाविद्यालय]] तथा [[उच्च शिक्षा]] में हिन्दी भाषा के प्रयोग द्वारा बढ़ रही है।<ref>{{Cite web|url=https://vbsamwad.co.in/hindi-in-northeastern-india/|title=पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी की स्थिति एवं संभावनाएँ|last=PurvottarSamwad|date=2020-12-22|website=Purvottar Samwad|language=en-US|access-date=2020-12-23|archive-date=17 अप्रैल 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210417173304/https://vbsamwad.co.in/hindi-in-northeastern-india/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://hindivivek.org/335|title=पूर्वोत्तर में हिन्दी|date=2015-11-05|website=हिन्दी विवेक|language=en-US|access-date=2020-12-23}}</ref> == भारत के बाहर हिन्दी== सन् [[१९९८|1998]] के पूर्व, मातृभाषियों की संख्या की दृष्टि से विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं के जो आँकड़े मिलते थे, उनमें हिन्दी को तीसरा स्थान दिया जाता था। सन् [[१९९७|1997]] में 'सैंसस ऑफ इण्डिया' का भारतीय भाषाओं के विश्लेषण का ग्रंथ प्रकाशित होने तथा संसार की भाषाओं की रिपोर्ट तैयार करने के लिए [[यूनेस्को]] द्वारा सन् [[१९९८|1998]] में भेजी गई यूनेस्को प्रश्नावली के आधार पर उन्हें भारत सरकार के [[केन्द्रीय हिन्दी संस्थान]] के तत्कालीन निदेशक प्रोफेसर महावीर सरन जैन द्वारा भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट के बाद अब विश्व स्तर पर यह स्वीकृत है कि मातृभाषियों की संख्या की दृष्टि से संसार की भाषाओं में [[चीनी भाषा]] के बाद हिन्दी का दूसरा स्थान है। चीनी भाषा के बोलने वालों की संख्या हिन्दी भाषा से अधिक है किंतु चीनी भाषा का प्रयोग क्षेत्र हिन्दी की अपेक्षा सीमित है। अंग्रेज़ी भाषा का प्रयोग क्षेत्र हिन्दी की अपेक्षा अधिक है किंतु मातृभाषियों की संख्या अंग्रेज़ी भाषियों से अधिक है। विश्वभाषा बनने के सभी गुण हिन्दी में विद्यमान हैं।<ref>[http://www.abhivyakti-hindi.org/parikrama/delhi/2011/09_12_11.htm हिन्दी का वैश्विक परिदृश्य] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181119171322/http://www.abhivyakti-hindi.org/parikrama/delhi/2011/09_12_11.htm |date=19 नवंबर 2018 }} (डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय)</ref> बीसवीं सदी के अंतिम दो दशकों में हिन्दी का अंतर्राष्ट्रीय विकास बहुत <ref name="">तेज़</ref> से हुआ है।<ref>{{Cite web |url=https://gshindi.com/category/articles/hindi-in-age-of-globalisation |title=विश्व स्तर पर प्रभावशाली भाषा बनकर उभरी है हिन्दी |access-date=6 जून 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180205032623/http://gshindi.com/category/articles/hindi-in-age-of-globalisation |archive-date=5 फरवरी 2018 |url-status=dead }}</ref> हिन्दी एशिया के व्यापारिक जगत में धीरे-धीरे अपना स्वरूप बिंबित कर भविष्य की अग्रणी भाषा के रूप में स्वयं को स्थापित कर रही है।<ref>{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=eDtbDwAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false|title=Hindi Ki Vishwavyapti|first=Ganga Prasad|last=Vimal|date=1 मार्च 2018|publisher=Prabhat Prakashan|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books|archive-url=https://web.archive.org/web/20181009092743/https://books.google.co.in/books?id=eDtbDwAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false|archive-date=9 अक्तूबर 2018|url-status=live}}</ref> [[वेब]], [[विज्ञापन]], [[संगीत]], [[सिनेमा]] और बाजार के क्षेत्र में हिन्दी की माँग जिस तेज़ी से बढ़ी है वैसी किसी और भाषा में नहीं। विश्व के लगभग [[१५०|150]] विश्वविद्यालयों तथा सैकड़ों छोटे-बड़े केंद्रों में विश्वविद्यालय स्तर से लेकर शोध स्तर तक हिन्दी के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था हुई है। विदेशों में [[२५|25]] से अधिक पत्र-पत्रिकाएँ लगभग नियमित रूप से हिन्दी में प्रकाशित हो रही हैं। यूएई के 'हम एफ-एम' सहित अनेक देश हिन्दी कार्यक्रम प्रसारित कर रहे हैं, जिनमें [[बीबीसी]], [[जर्मनी]] के [[डॉयचे वेले]], [[जापान]] के एनएचके वर्ल्ड और [[चीन]] के [[चाइना रेडियो इंटरनेशनल]] की हिन्दी सेवा विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। दिसंबर [[२०१६|2016]] में [[विश्व आर्थिक मंच]] ने [[१०|10]] सर्वाधिक शक्तिशाली भाषाओं की जो सूची जारी की है उसमें हिन्दी भी एक है।<ref name="auto"/> इसी प्रकार 'कोर लैंग्वेजेज' नामक साइट ने 'दस सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाषाओं'<ref>[http://corelanguages.com/top-ten-important-languages/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161220080733/http://corelanguages.com/top-ten-important-languages/ |date=20 दिसंबर 2016 }} Top Ten Most Important Languages</ref> में हिन्दी को स्थान दिया था। के-इंटरनेशनल ने वर्ष [[२०१७|2017]] के लिये सीखने योग्य सर्वाधिक उपयुक्त नौ भाषाओं<ref>{{Cite web|url=https://www.k-international.com/blog/learn-a-language/|title=The Top Languages to Learn in 2018|first=Alison|last=Kroulek|date=14 दिसंबर 2017|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190331194050/https://www.k-international.com/blog/learn-a-language/|archive-date=31 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref> में हिन्दी को स्थान दिया है। हिन्दी का एक अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करने और [[विश्व हिन्दी सम्मेलन|विश्व हिन्दी सम्मेलनों]] के आयोजन को संस्थागत व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से [[११|11]] फरवरी [[२००८|2008]] को [[विश्व हिन्दी सचिवालय]] की स्थापना की गयी थी। [[संयुक्त राष्ट्र रेडियो]] अपना प्रसारण हिन्दी में भी करना आरंभ किया है। हिन्दी को [[संयुक्त राष्ट्र संघ]] की भाषा बनाये जाने के लिए भारत सरकार प्रयत्नशील है। अगस्त [[२०१८|2018]] से संयुक्त राष्ट्र ने साप्ताहिक हिन्दी समाचार बुलेटिन आरंभ किया है। <ref>{{Cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/hindi-weekly-news-bulletin-from-un-has-begun-sushma-swaraj/articleshow/65358965.cms|title=Hindi weekly news bulletin from UN has begun: Sushma Swaraj|date=11 अग॰ 2018|accessdate=1 मार्च 2019|via=The Economic Times|archive-url=https://web.archive.org/web/20190328104607/https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/hindi-weekly-news-bulletin-from-un-has-begun-sushma-swaraj/articleshow/65358965.cms|archive-date=28 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> == हिन्दी का प्रचार प्रसार == हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये अनेक संस्थाएँ कार्यरत हैं। इनमें से कई तो भारत की स्वतंत्रता के पूर्व से काम कर रहीं हैं। कुछ संस्थाएँ तो भारतीय उपमहाद्वीप के उस भाग में भी थीं जो अब भारत में नहीं हैं। हिन्दी भाषा के उत्थान के लिये स्थापित कुछ प्रमुख संस्थागत प्रयास निम्नलिखित हैं: {{div col|lwidth=30em}} # [[काशी नागरी प्रचारिणी सभा]] # [[हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग]] # विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान, प्रयागराज # [[दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा]] ([[महात्मा गांधी]] द्वारा १९१८ में स्थापित) # केरल हिन्दी प्रचार सभा # [[राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा]] # महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, पुणे] # महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, पुणे # [[असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति]] (१९३८ में स्थापित) # राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति, श्रीडूंगरगढ़, राजस्थान (1 जनवरी 1961 को स्थापित) # [[अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन]], [[भोपाल]] # [[श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर]] # [[भारतीय भाषा सम्मेलन]], [[इन्दौर]] # [[हिन्दी अकादमी, दिल्ली]] # भारतीय भाषा समिति, नयी दिल्ली # ओडिशा राष्ट्रभाषा परिषद, पुरी # [[उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ]] # [[नागरी लिपि परिषद्]] {{div col end}} == अंकीयकरण और संगणक क्रांति == [[संगणक]] और [[अंतरजाल]] ने पिछले वर्षों में विश्व में [[सूचना क्रांति]] ला दी है। आज कोई भी भाषा संगणक (तथा संगणक सदृश अन्य उपकरणों) से दूर रहकर लोगों से जुड़ी नहीं रह सकती। संगणक के विकास के आरंभिक काल में अंग्रेज़ी को छोड़कर विश्व की अन्य भाषाओं के संगणक पर प्रयोग की दिशा में बहुत कम ध्यान दिया गया जिसके कारण सामान्य लोगों में यह गलत धारणा फैल गयी कि संगणक अंग्रेज़ी के सिवा किसी दूसरी भाषा (लिपि) में काम ही नहीं कर सकता। किंतु [[यूनिकोड]] (''Unicode'') के पदार्पण के बाद स्थिति बहुत तेज़ी से बदल गयी।<ref>{{Cite web |url=https://www.hindionnet.com/2018/11/blog-post_91.html#more |title=राजभाषा कार्यान्वयन में तकनीकी की भूमिका |access-date=16 जुलाई 2019 |archive-date=27 सितंबर 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200927040027/https://www.hindionnet.com/2018/11/blog-post_91.html#more |url-status=dead }}</ref> 19 अगस्त [[२००९|2009]] में गूगल ने कहा की हर [[५|5]] वर्षों में हिन्दी की सामग्री में [[९५|94]]% बढ़ोतरी हो रही है।<ref>{{समाचार सन्दर्भ|title=हिन्दी सामग्री का उपयोग अंतरजाल पर 94% बढ़ा: गूगल|url=http://www.jagran.com/technology/tech-news-hindi-content-consumption-on-internet-growing-at-94-google-12754900.html|accessdate=19 अगस्त 2015|publisher=[[दैनिक जागरण]]|date=19 अगस्त 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150819085032/http://www.jagran.com/technology/tech-news-hindi-content-consumption-on-internet-growing-at-94-google-12754900.html|archive-date=19 अगस्त 2015|url-status=live}}</ref> इतना ही नहीं, अप्रैल २०२५ से भारत सरकार ने भारतीय भाषाओं में यू०आर०एल० (वेबसाइट पता) का प्रयोग शुरू किया है।<ref>[https://bharatexpress.com/business/central-government-sites-started-adopting-hindi-web-addresses-496911 केंद्र सरकार की साइटों ने हिन्दी वेब एड्रेस अपनाना शुरू किया]</ref> [[सूचना प्रौद्योगिकी]] ने हिंदी के प्रचार-प्रसार में क्रांति ला दी है और दुनिया भर में अरबों लोगों को जोड़ दिया है तथा हिंदी भाषा के प्रसार में सहायता की है।<ref>[https://www.sdcollegeambala.ac.in/wp-content/uploads/2021/11/hindi2021-33.pdf ROLE OF COMPUTERS AND INFORMATION TECHNOLOGY INPROPAGATION OF HINDI LANGUAGE]</ref> आज हिन्दी की अंतरजाल पर अच्छी उपस्थिति है। गूगल सहित लगभग सभी सर्च इंजन हिन्दी को प्राथमिक भारतीय भाषा के रूप में पहचानते हैं। इसके साथ ही अब अन्य भाषा के चित्र में लिखे शब्दों का भी अनुवाद हिन्दी में किया जा सकता है।<ref>{{समाचार संदर्भ|title=फोटो देखकर हिन्दी में अनुवाद कर देगा गूगल|url=http://www.jagran.com/news/national-google-will-translate-photographs-into-hindi-12670257.html|accessdate=19 अगस्त 2015|publisher=[[दैनिक जागरण]]|date=30 जुलाई 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20160818151350/http://www.jagran.com/news/national-google-will-translate-photographs-into-hindi-12670257.html|archive-date=18 अगस्त 2016|url-status=live}}</ref> फरवरी [[२०१८|2018]] में एक सर्वेक्षण के हवाले से खबर आयी कि अंतरजाल की दुनिया में हिन्दी ने भारतीय उपभोक्ताओं के बीच अंग्रेज़ी को पछाड़ दिया है। ''यूथ4वर्क'' की इस सर्वेक्षण रिपोर्ट ने इस आशा को सही साबित किया है कि जैसे-जैसे अंतरजाल का प्रसार छोटे शहरों की ओर बढ़ेगा, हिन्दी और भारतीय भाषाओं की दुनिया का विस्तार होता जाएगा। <ref>{{Cite web|url=https://www.amarujala.com/columns/opinion/hindi-beat-english-in-internet|title=नेट में अंग्रेज़ी को पछाड़ती हिन्दी- Amarujala|website=Amar Ujala|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302090523/https://www.amarujala.com/columns/opinion/hindi-beat-english-in-internet|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> इस समय हिन्दी में सजाल (''वेबसाइट''), चिट्ठे (''ब्लॉग''), विपत्र (''ईमेल''), गपशप (''चैट''), खोज (''वेब-सर्च''), सरल मोबाइल संदेश (''एसएमएस'') तथा अन्य [[Web Hindi Resources|हिन्दी सामग्री]] उपलब्ध हैं। इस समय अंतरजाल पर हिन्दी में संगणन (कंप्यूटिंग) के संसाधनों की भी भरमार है और नित नये कंप्यूटिंग उपकरण आते जा रहे हैं।<ref>{{Cite web |url=https://www.microsoft.com/en-in/bhashaindia/downloads.aspx|url=https://www.jagran.com/news/national-hindi-spreading-speedy-all-over-the-world-due-to-technology-revolution-hindi-market-also-booms-jagran-special-19576338.html |title=तकनीक क्रांति से दुनिया में बढ़ी हिन्दी की धमक, बाजार ने भी माना लोहा |access-date=18 सितंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190918001129/https://www.jagran.com/news/national-hindi-spreading-speedy-all-over-the-world-due-to-technology-revolution-hindi-market-also-booms-jagran-special-19576338.html |archive-date=18 सितंबर 2019 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/lucknow/story-hindi-day-2019-hindi-is-becoming-the-language-of-employment-with-technology-2745515.html |title=तकनीक से रोजगार की भाषा बन रही हिन्दी |access-date=18 सितंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190918020053/https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/lucknow/story-hindi-day-2019-hindi-is-becoming-the-language-of-employment-with-technology-2745515.html |archive-date=18 सितंबर 2019 |url-status=dead }}</ref> लोगों में इनके बारे में जानकारी देकर जागरूकता पैदा करने की जरूरत है ताकि अधिकाधिक लोग संगणक पर हिन्दी का प्रयोग करते हुए अपना, हिन्दी का और पूरे हिन्दी समाज का विकास करें। [[शब्दनगरी]] जैसी नई सेवाओं का प्रयोग करके लोग अच्छे हिन्दी साहित्य का लाभ अब अंतरजाल पर भी उठा सकते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/uttar-pradesh/gorakhpur-city-14693757.html|title=अंतरजाल पर चमक रही हमारी ¨हदी|website=Dainik Jagran|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302090559/https://www.jagran.com/uttar-pradesh/gorakhpur-city-14693757.html|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.amarujala.com/india-news/role-of-web-media-in-development-hindi|title=वेब मीडिया ने बढ़ाया हिन्दी का दायरा - Amarujala|website=Amar Ujala|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024602/https://www.amarujala.com/india-news/role-of-web-media-in-development-hindi|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> चैटजीपीटी और जेमिनी सहित प्रमुख [[कृत्रिम बुद्धिमत्ता|कृत्रिम बुद्धिमान समग्री सर्जकों]] से हिन्दी में प्रश्न पूछा जा सकता हैं और वे हिन्दी में उत्तर भी देते हैं। == जनसंचार == {{मुख्य|हिन्दी के संचार माध्यम|हिन्दी सिनेमा}} मुंबई में स्थित "[[बॉलीवुड]]" [[हिन्दी चलचित्र]] उद्योग पर भारत के करोड़ों लोगों की धड़कनें टिकी रहती हैं। हर चलचित्र में कई गाने होते हैं। हिन्दी और [[उर्दू]] ([[खड़ीबोली]]) के साथ साथ [[अवधी]], [[बंबइया हिन्दी]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]], [[राजस्थानी भाषा|राजस्थानी]] जैसी बोलियाँ भी संवाद और गानों में प्रयुक्त होती हैं। प्यार, देशभक्ति, परिवार, अपराध, भय, इत्यादि मुख्य विषय होते हैं। अब मोबाइल कंपनियाँ ऐसे हैंडसेट बना रही हैं जो हिन्दी और भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करते हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ हिन्दी जानने वाले कर्मचारियों को वरीयता दे रही हैं। हॉलीवुड की चलचित्रें हिन्दी में डब हो रही हैं और हिन्दी चलचित्रें देश के बाहर देश से अधिक कमाई कर रही हैं। हिन्दी, विज्ञापन उद्योग की पसंदीदा भाषा बनती जा रही है। गूगल, ट्रांसलेशन, ट्रांस्लिटरेशन, फोनेटिक टूल्स, गूगल असिस्टेंट आदि के क्षेत्र में नई नई रिसर्च कर अपनी सेवाओं को बेहतर कर रहा है। हिन्दी और भारतीय भाषाओं की पुस्तकों का अंकीयीकरण जारी है। [[कृत्रिम बुद्धि]] के आज के युग में अधिकांश विशाल-भाषा-मॉडल (LLM) जैसे गूगल जेमिनी, चैटजीपीटी, डीपसीक आदि हिन्दी लिखते बोलते और समझते हैं। [[फेसबुक]] और [[वाट्सऐप|व्हाट्सएप]] हिन्दी और भारतीय भाषाओं के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। सोशल मीडिया ने हिन्दी में लेखन और पत्रकारिता के नए युग का सूत्रपात किया है और कई जनांदोलनों को जन्म देने और चुनाव जिताने-हराने में उल्लेखनीय और हैरान करने वाली भूमिका निभाई है। सितंबर [[२०१८|2018]] में प्रकाशित हुई एक अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार हिन्दी में ट्वीट करना अत्यन्त लोकप्रिय हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष सबसे अधिक पुनः ट्वीट किए गये [[१५|15]] संदेशों में से [[११|11]] हिन्दी के थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/gadgets/story-hindi-tweets-are-becoming-famous-in-india-2182671.html|title=भारत में हिन्दी के ट्वीट करना हो रहा है लोकप्रिय, रिसर्च में आया सामने|website=https://www.livehindustan.com|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190328142306/https://www.livehindustan.com/gadgets/story-hindi-tweets-are-becoming-famous-in-india-2182671.html|archive-date=28 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref> हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं का बाजार इतना बड़ा है कि अनेक कंपनियाँ अपने उत्पाद और वेबसाइटें हिन्दी और स्थानीय भाषाओं में ला रहीं हैं।<ref>[https://economictimes.indiatimes.com/tech/internet/how-online-vernacular-market-is-becoming-the-big-battle-ground-for-tech-cos/articleshow/63248994.cms How online vernacular market is becoming the next big battle ground for tech cos] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181009131956/https://economictimes.indiatimes.com/tech/internet/how-online-vernacular-market-is-becoming-the-big-battle-ground-for-tech-cos/articleshow/63248994.cms |date=9 अक्तूबर 2018 }} (मार्च २०१८)</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.indiatoday.in/education-today/jobs-and-careers/story/top-5-career-options-for-hindi-speaking-professionals-1613420-2019-10-28 |title='''Hindi as the new in-demand skill''' : 5 career opportunities that you can look at |access-date=21 फरवरी 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191031115200/https://www.indiatoday.in/education-today/jobs-and-careers/story/top-5-career-options-for-hindi-speaking-professionals-1613420-2019-10-28 |archive-date=31 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref> आजकल भारत के सभी प्रकार के विज्ञापनों की प्रमुख भाषा हिन्दी ही है। == इन्हें भी देखें == {{div col|lwidth=30em}} * [[हिन्दी साहित्य का इतिहास]] * [[हिन्दी व्याकरण]] * [[भारत की भाषाएँ]] * [[हिन्दको भाषा]] * [[फिजी हिन्दी]] * [[हिन्दी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य]] * [[हिन्दी भाषियों की संख्या के आधार पर भारत के राज्यों की सूची]] * [[हिन्दी से सम्बन्धित प्रथम]] * [[भारत की राजभाषा के रूप में हिन्दी]] {{div col end}} == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} == बाहरी कड़ियाँ == {{sister project links}} * [https://web.archive.org/web/20191002080033/https://hindi.webdunia.com/hindi-diwas-special/hindi-quotations-for-hindi-language-116091400033_1.html हिन्दी पर महापुरुषों के विचार] * [https://web.archive.org/web/20080516071225/http://wikitravel.org/en/Hindi_phrasebook '''हिन्दी फ्रेजबुक'''] {{अंग्रेज़ी चिह्न}} * [https://web.archive.org/web/20180727085140/https://www.amarujala.com/india-news/hindi-is-most-popular-language-in-india-bangali-is-second-according-to-censuses-2011 दक्षिण भारत में तेज़ी से बढ़ रहे हिन्दी बोलने वाले, देश के 44 फीसदी लोगों की बनी भाषा] (२०११ जनसंख्या के आंकड़ों के अनुसार) * [http://rguir.inflibnet.ac.in/bitstream/123456789/16480/1/9788132355045.PDF हिन्दी भाषा एवं लिपि] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240714194916/http://rguir.inflibnet.ac.in/bitstream/123456789/16480/1/9788132355045.PDF |date=14 जुलाई 2024 }} (रघुवर सिंह) * [[wikt:मुख्य पृष्ठ|हिन्दी विक्षनरी]] - हिंदी में डिक्शनरी का विकिमीडिया प्रकल्प * [[q:मुख्य पृष्ठ|विकिसूक्ति]] - हिंदी में सूक्तियों का विकिमीडिया प्रकल्प * [[s:मुखपृष्ठ| हिन्दी विकिस्रोत]] - हिन्दी के कापीराइट-मुक्त पुस्तकों का संग्रह {{हिन्दी विषय}} {{हिन्दी व्याकरण}} {{हिन्द-आर्य भाषाएँ}} {{भारत की भाषाएँ}} [[श्रेणी:हिन्दी|हिन्दी]] [[श्रेणी:हिन्द-आर्य भाषाएँ]] [[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]] [[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]] 8hw1uzohhl68fd548e76n6s7pgkv2wn विकिपीडिया:चौपाल 4 1001 6582541 6582482 2026-07-14T12:34:05Z SM7 89247 मेंशन+टिप्पणी 6582541 wikitext text/x-wiki {{/शीर्ष}} <!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। --> == अब 2026 U4C चुनाव में वोट करें == <section begin="announcement-content" /> योग्य मतदाताओं से अनुरोध है कि वे २०२६ की सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति के चुनाव में भाग लें। अधिक जानकारी-जिसमें पात्रता जाँच, मतदान प्रक्रिया की जानकारी, उम्मीदवारों की जानकारी, तथा मतदान के लिए लिंक शामिल हैं| मेटा पर २०२६ चुनाव जानकारी पृष्ठ पर उपलब्ध है। मतदान [https://zonestamp.toolforge.org/1780358400 00:00 UTC] पर २ जून २०२६ को समाप्त होगा। यदि आपका खाता पात्र है तो कृपया वोट करें। परिणाम 14 जून 2026 तक उपलब्ध होंगे। --U4C के सहयोग से,<section end="announcement-content" /> [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|talk]]) 17:14, 27 मई 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=30513860 पर मौजूद सूची का प्रयोग करके User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया संदेश --> ==जून के हिंदी विकिपीडिया संपादनोत्सव में शामिल होकर पुरस्कार जीतें == '''[[विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जून 2026|विकिपीडिया सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव जून 2026]]''' 1 जून से शुरु होकर 30 जून तक चलने वाला लेख निर्माण संपादनोत्सव है। इसमें इस बार आप सुझाए लेखों के अलावा अपनी पसंद के लेखों का निर्माण भी कर सकते हैं। इसमें शामिल होकर एआई के दौर में मानव निर्मित ज्ञान को संरक्षित रखने के अभियान में सहायक होने के लिए आप सबका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 11:40, 31 मई 2026 (UTC) == [[सदस्य:Ypmedia/प्रयोगपृष्ठ|प्रोफेसर एस० एल० वशिष्ठ]] लेख समीक्षा == "नमस्ते, मैंने प्रोफेसर एस. एल. वशिष्ठ जी का एक प्रामाणिक लेख स्रोतों के साथ प्रयोगस्थल पर तैयार किया है। कृपया इसे मुख्य लेख (प्रोफेसर एस० एल० वशिष्ठ) के रूप में स्थानांतरित (Move) करने में मदद करें।" [[सदस्य:Ypmedia|Ypmedia]] ([[सदस्य वार्ता:Ypmedia|वार्ता]]) 19:35, 6 जून 2026 (UTC) :विकिपीडिया प्रयोगस्थल पर निर्मित लेख ड्राफ्ट को सदस्य के उपपृष्ठ पर स्थानांतरित किया गया है [[सदस्य:Ypmedia/प्रयोगपृष्ठ]] देखें। समीक्षा टिप्पणियाँ [[सदस्य वार्ता:Ypmedia|सदस्य के वार्ता पृष्ठ पर]] की जा सकती हैं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 21:47, 6 जून 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके सुझाव/मत हेतु == <div style="background-color: #F0F8FF; padding: 15px; border: 1px solid #4682B4; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> {| style="width:100%; background:transparent;" |- | style="width:75%; vertical-align:top; padding-right:15px;" | नमस्ते, मैं हिंदी विकिपीडिया पर नियमित गश्त कर स्पष्ट बर्बरता हटा रहा हूँ। अपने [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|पिछले नामांकन]] में मिले मार्गदर्शन के बाद, मैंने अपनी कार्यप्रणाली सुधारी है और संपादन युद्ध से पूर्णतः बच रहा हूँ। हाल ही में आदरणीय प्रबंधक के आमंत्रण पर, मैंने गश्त कार्य को सुचारू बनाने हेतु पुनः '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकन किया है। आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा कर अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR 2|मेरे नामांकन पर अपना मत/सुझाव दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर, | style="width:25%; text-align:center; vertical-align:middle; border-left: 2px dashed #B0C4DE;" | [[चित्र:Wikipedia Rollbacker.svg|110px|center|रोलबैक अधिकार]]<br/> <span style="color:#4682B4; font-size:90%; font-weight:bold;">रोलबैक अधिकार नामांकन</span> |} </div> -- [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:31, 10 जून 2026 (UTC) {{चर्चा शीर्ष}} == अति महत्वपूर्ण साँचों एवं मॉड्यूल को सामूहिक रूप से पूर्ण सुरक्षित करने हेतु == सभी को नमस्ते, यह प्रस्ताव किया जाता है कि विकिपीडिया पर अति महत्वपूर्ण साँचे और मॉड्यूल को पूर्ण रूप से सुरक्षित किया जाय। हालाँकि, यह विकल्प प्रबंधकों के पास पहले से है और "अति महत्वपूर्ण साँचा" कारण के साथ हम ऐसे साँचे और मॉड्यूल पहले भी सुरक्षित करते आये हैं - यह चर्चा इसलिए आरंभ की गई है कि ऐसे साँचों को एक-एक करके इस मापदंड के तहत सुरक्षित करने के स्थान पर सामूहिक रूप से एक बार में चिह्नित करके सुरक्षित किया जा सके। इन्हें चिह्नित करने के क्रम में सभी ज्ञानसंदूक साँचे, सभी ऐसे उपयोगिता (यूटिलिटी) साँचे जो सीधे किसी भी सदस्य द्वारा संपादित किये जाने की आवश्यकता नहीं रखते, जटिल (इंट्रीकेट) साँचे जिन्हें संपादित करने के लिये साँचों की अच्छी-खासी समझ की आवश्यकता होती है, और अधिक प्रयुक्त साँचे (कोई भी ऐसा साँचा जो 50 या इससे अधिक पन्नों पर प्रयोग में हो) को शामित किया जा सकता है। ऐसा प्रस्ताव/अनुरोध हाल में, हिदी विकिपीडिया पर मौजूद और कार्यशील साँचों को अंग्रेजी के कोड से बदल देने की बढती प्रवृत्ति को देखते हुए किया जा रहा है। साथी प्रबंधकों, पुनरीक्षण करने वाले सदस्य साथियों, एवं सभी अनुभवी सदस्यों से राय और सहमति अपेक्षित है। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 02:10, 10 जून 2026 (UTC) *@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, मैं इस प्रस्ताव का समर्थन करता हूँ। अत्यधिक प्रयुक्त एवं तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण साँचों तथा मॉड्यूलों को सुरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि अनजाने अथवा विवादास्पद परिवर्तनों से व्यापक प्रभाव न पड़े। :साथ ही, हाल में कार्यशील स्थानीय साँचों एवं मॉड्यूलों को बिना पर्याप्त चर्चा के अन्य विकियों के कोड से बदलने की घटनाओं को देखते हुए भी ऐसी सुरक्षा उचित प्रतीत होती है। <span style="text-shadow:black 3px 3px 2px;color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 03:08, 10 जून 2026 (UTC) *मोड्यूल के सम्बंध में मेरा प्रस्ताव को पूर्ण समर्थन है। हालांकि साँचों के सम्बंध में 50 के स्थान पर 100 लेख रखना बेहतर होगा।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 03:11, 10 जून 2026 (UTC) *:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मुझे लगता है कि अब यह चर्चा समाप्त की जा सकती है। मैंने सभी योग्य साँचों का विवरण @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी को भेज दिया है। यदि आपके पास समय हो, तो आप यह कार्य अपने बॉट से कर सकते हैं। यदि स्क्रिप्ट में किसी सहायता की आवश्यकता हो तो मुझे बताइएगा। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 12:26, 25 जून 2026 (UTC) *::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मोड्यूल वाला काम बॉट से होगा या कहीं और से करवाना होगा? साँचों वाला यदि आप स्क्रिप्ट लिख सकते हो तो मेरे लिए आसान हो जायेगा, अन्यथा मैं प्रयास करता हूँ। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:30, 2 जुलाई 2026 (UTC) * मेरा इस विषय पर समर्थन है, क्योंकि इससे अन्य लेखों पर बिना प्रभाव देखे सांचों में परिवर्तन करने वालों के कारण कई लेखों में त्रुटियां नहीं आयेगी। --[[स:स|स]] ([[सवा:स|वार्ता]]) 19:22, 14 जून 2026 (UTC) **{{सुनो|DreamRimmer|संजीव कुमार}} जी, चर्चा को एक महीने पूरे हो चुके हैं। आवश्यक कार्रवाई करें। --[[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 17:04, 10 जुलाई 2026 (UTC) {{चर्चा तल}} == बॉट स्वीकृति अनुरोध == <div class="boilerplate metadata discussion-archived" style="background-color: #f5f3ef; overflow:auto; margin: 2em 0 0 0; padding: 0 10px 0 10px; border: 1px solid #aaa"> :''यह चर्चा समाप्त हो चुकी है। {{red|'''कृपया इसे न बदलें।'''}} आगे की वार्ताएँ इस पृष्ठ में नये विभागों में होनी चाहिए।'' ''इसका संक्षिप्त परिणाम निम्न रहा:'' ::'''यहाँ अनुरोध पूर्ण'''; फ्लैग हेतु आवेदन मेटा पर रखा जा रहा।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:36, 12 जुलाई 2026 (UTC) ----<!-- साँचा:चर्चा शीर्ष से --> नमस्ते, मैं अपना बॉट खाता {{user|DreamRimmer bot}} पुनः हिन्दी विकिपीडिया पर सक्रिय करना चाहता हूँ। पूर्व में मेरे बॉट द्वारा कुछ ऐसे कार्य किए गए थे जो अनुमत नहीं थे, जिसके परिणामस्वरूप बॉट खाते को अवरोधित कर दिया गया था। बाद में मेरे अवरोध-हटाने के अनुरोध को @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी द्वारा स्वीकार कर लिया गया। इसके पश्चात मैंने बॉट को सेवानिवृत्त करने का निर्णय लेते हुए उसका बॉट फ्लैग हटवा लिया था। एक स्पष्टीकरण देना चाहूँगा। पिछली बार बॉट खाता {{user|DreamRimmer bot III}} था, जबकि अब DreamRimmer bot है। चूँकि यह खाता अन्य विकिमीडिया परियोजनाओं पर भी संचालित हो रहा है, इसलिए संचालन और रखरखाव की दृष्टि से एक ही बॉट खाते का उपयोग करना अधिक सुविधाजनक रहेगा। अब मैं अपने बॉट को पुनः सक्रिय करना चाहता हूँ और निम्नलिखित कार्यों के लिए स्वीकृति का अनुरोध करता हूँ - * वार्ता पृष्ठों का स्वचालित पुरालेखन: वार्ता नामस्थान में निर्धारित कॉन्फ़िगरेशन के आधार पर चर्चाओं का स्वचालित पुरालेखन करना। किसी भी वार्ता पृष्ठ को बॉट द्वारा पुरालेखित करने हेतु आवश्यक कॉन्फ़िगरेशन जोड़ा जा सकेगा। * संपादनोत्सवों एवं प्रतियोगिताओं के रखरखाव संबंधी कार्य: प्रतिभागी पृष्ठों पर हस्ताक्षरों को ठीक करना, डुप्लिकेट हस्ताक्षरों को हटाना तथा अन्य समान रखरखाव कार्य करना। इसके अतिरिक्त लेख-सूचियों में से बनाए जा चुके लेखों को अलग पृष्ठ पर स्थानांतरित करना। * विश्वसनीय सदस्यों के अनुरोध पर अविवादित कार्य: किसी प्रबंधक अथवा अन्य विश्वसनीय सदस्य के अनुरोध पर अविवादित और तकनीकी प्रकृति के कार्य करना। फिलहाल मैं केवल इन्हीं कार्यों के लिए स्वीकृति का अनुरोध कर रहा हूँ। भविष्य में यदि अन्य कार्यों के लिए आवश्यकता होगी, तो उनके लिए पृथक स्वीकृति का अनुरोध प्रस्तुत करूँगा। मैंने यह अनुरोध चौपाल पर प्रस्तुत किया है क्योंकि मुझे यही उचित स्थान लगा। यदि इसे किसी अन्य पृष्ठ, जैसे बॉट अनुरोध पृष्ठ, पर किया जाना चाहिए था, तो उसके लिए क्षमा चाहता हूँ। यदि किसी सदस्य के कोई प्रश्न या सुझाव हों, तो उनका स्वागत है। धन्यवाद। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 11:28, 10 जून 2026 (UTC) * '''टिप्पणी''' - पिछली बार आपके बॉट को संपादन से रोकने का कारण विवादास्पद वर्तनी बदलाव थे जो अन्य कार्यों के साथ आपका बॉट अपने-आप (एडिशनल) कर रहा था और उचित संपादन सारांश भी नहीं दिया जा रहा था। आशा करता हूँ कि इस बार ऐसा नहीं होगा। :आपने जो तीन कार्य गिनाये हैं उनके कुछ उदाहरण अपने मुख्य खाते से करके नमूने के तौर पर दिखा भी दें तो सदस्यों को समझने में आसानी होगी कि आप क्या और कैसे करना चाहते हैं। तीसरे बिंदु के तहत तो आपको कुछ भी करने की स्वीकृति मिल जायेगी, क्योंकि अनुरोध तो किसी भी कार्य का किया जा सकता है, जिसकी अनुमति न भी हो। इसे आप थोड़ा और स्पष्ट लिख सकते हैं। :और आपका कथन सही है। इसे [[वि:बॉट/अनुमोदन_हेतु_अनुरोध]] पृष्ठ पर करना चाहिये था; यहाँ केवल सूचना देनी थी। पर अब कर ही दिया है तो कोई बात नहीं। अगर नामांकन सफल रहता है तो इस चर्चा को वहाँ स्थापित कर लेंगे। :मेरी ओर से '''अन्य कोई आपत्ति नहीं''' है। मुझे लगता है आप पर्याप्त अनुभवी हो चुके हैं और पिछली बार की तरह कोई ग़लती नहीं करेंगे। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 23:07, 12 जून 2026 (UTC) ::पिछली बार हुई गलती के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ। फिलहाल इन कार्यों के लिए कोई कोड नहीं लिखा है। जहाँ तक पुरालेखन वाले कार्य की बात है, किसी भी पृष्ठ पर स्वचालित पुरालेखन शुरू करने के लिए उस पृष्ठ की सामग्री के सबसे ऊपर एक कॉन्फ़िगरेशन साँचा जोड़ना होगा। उसमें कुछ पैरामीटर भरने होंगे, जैसे सामग्री को किस लेख पर स्थानांतरित करना है, कितने दिनों बाद स्थानांतरण करना है, तथा वार्ता पृष्ठ पर कितने अनुभाग हमेशा बनाए रखने हैं। बॉट इन्हीं पैरामीटरों के अनुसार स्वचालित पुरालेखन करेगा। ::दूसरा कार्य भी काफी साधारण है। उसके बारे में मैंने ऊपर की टिप्पणी में बता दिया है, इसलिए उसके अतिरिक्त विशेष रूप से बताने के लिए कुछ नहीं है। ::तीसरे कार्य से मेरा आशय यह था कि किसी विश्वसनीय सदस्य, जैसे किसी प्रबंधक, द्वारा सुझाए गए कार्य को पूरा करना। अर्थात मैं स्वयं अपनी ओर से कोई निर्णय नहीं लूँगा, बल्कि उसमें दो लोगों की सहमति शामिल होगी। हालाँकि मैं तीसरे कार्य को हटा रहा हूँ, क्योंकि वैसे भी मुझे नहीं लगता कि तीसरा कार्य सभी को पसंद आएगा, इसलिए उस पर अपना समय व्यर्थ नहीं करना चाहता। पिछली बार हुई समस्या को ध्यान में रखते हुए ही मैंने यह निवेदन चौपाल पर रखा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें। जब भी आप उचित समझें, इसे [[वि:बॉट/अनुमोदन हेतु अनुरोध]] पर ले जा सकते हैं। <syntaxhighlight lang="wikitext"> {{User:DreamRimmer bot/config | algo=old(90d) | archive={{SUBST:#titleparts:{{SUBST:FULLPAGENAME}}}}/पुरालेख %(counter)d | counter=1 | maxarchivesize=200K | archiveheader={{Archive}} | minthreadsleft=5 | minthreadstoarchive=2 }}</syntaxhighlight> – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 08:10, 13 जून 2026 (UTC) :@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मैंने सोचा आप अनुरोध को [[वि:बॉट/अनुमोदन हेतु अनुरोध]] पर लिख दिये हो। आपने वहाँ आवेदन नहीं किया है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:36, 2 जुलाई 2026 (UTC) ;परिणाम: कोई विरोध नहीं; अनुरोध पूर्ण मानते हुए फ्लैग हेतु आवेदन मेटा पर ले जाया जा रहा। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:36, 12 जुलाई 2026 (UTC) :''उपर्युक्त चर्चा को एक पुरालेख के रूप में संरक्षित किया गया है। <span style="color:red">'''कृपया इसमें कोई बदलाव न करें।'''</span> आगे की वार्ताएँ इस पृष्ठ पर नये विभागों में होनी चाहिए''।<!-- साँचा:चर्चा तल से --></div> == बॉट अधिकार के नामांकन पर आपके सुझाव/मत हेतु == <div style="background-color: #E8F8F5; padding: 15px; border: 1px solid #27AE60; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> {| style="width:100%; background:transparent;" |- | style="width:100%; vertical-align:top; padding-right:15px;" | नमस्ते, मैंने अनुवादित लेखों की सफाई और सामान्य वर्तनी व व्याकरण की अशुद्धियों ('गयी'->'गई', 'विद्वान'->'विद्वान्' आदि) के लिए एक उन्नत पायथन बॉट तैयार किया है। अपने प्रयोगपृष्ठ पर इसके सफल परीक्षण के दौरान, आदरणीय प्रबंधक [[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी ने सुरक्षा नियमों के तहत खाते को अवरोधित कर मुझे यहाँ औपचारिक आवेदन करने का उचित निर्देश दिया था। उनके निर्देशानुसार, मैं अब इस खाते के लिए स्थायी '''बॉट अधिकार''' हेतु नामांकन कर रहा हूँ। आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया मेरे बॉट के कोड और कार्यप्रणाली की समीक्षा कर अपना बहुमूल्य मत/सुझाव प्रदान करें। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:बॉट/अनुमोदन हेतु अनुरोध#AMAN KUMAR Bot|मेरे नामांकन पर अपना मत/सुझाव दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर, |} </div> -- [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 10:32, 13 जून 2026 (UTC) == दुरुपयोग फ़िल्टर में अवरोध क्रिया सक्षम करने हेतु प्रस्ताव == नमस्ते सभी को, लगभग पिछले एक वर्ष से एक LTA हिन्दी विकिपीडिया पर लगातार उत्पात मचा रहा है। इसके लिए मैंने कुछ दिन पहले एक [[विशेष:दुरुपयोग फ़िल्टर/89|दुरुपयोग फ़िल्टर]] भी बनाया था, लेकिन अब वह अलग-अलग तरीकों से उस फ़िल्टर से बच निकलने के उपाय खोज लेता है। इसलिए मुझे लगता है कि केवल संपादन को अस्वीकृत करना पर्याप्त नहीं है और ऐसे मामलों में सीधे अवरोध (block) की व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए। चूँकि इसके अधिकांश खाते अस्थायी खाते होते हैं, इसलिए हर खाते को अलग-अलग अवरोधित करना व्यावहारिक नहीं है। इस कारण मैं हिन्दी विकिपीडिया पर दुरुपयोग फ़िल्टर के block action को सक्षम करने का प्रस्ताव रखता हूँ, ताकि ऐसे खातों को आवश्यकता पड़ने पर सीधे फ़िल्टर के माध्यम से अवरोधित किया जा सके। यह एक पुराना LTA है, इसलिए मेरा मानना है कि अन्य सदस्यों ने भी इसकी गतिविधियाँ अवश्य देखी होंगी। संबंधित फ़िल्टर सार्वजनिक नहीं है, इसलिए मैं उसके बारे में अधिक जानकारी नहीं दे सकता। फिर भी इतना अवश्य बता सकता हूँ कि यह प्रायः राजनेताओं और राजनीतिक दलों से संबंधित लेखों में अत्यंत आपत्तिजनक सामग्री जोड़ता है। मैं इस समस्या के समाधान के लिए भविष्य में किसी बड़े आईपी रेंज को अवरोधित करने की संभावना पर भी विचार करूँगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह प्रस्ताव भी उतना ही आवश्यक है। सभी सदस्यों की राय आमंत्रित है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 15:54, 16 जून 2026 (UTC) * {{भरपूर समर्थन}} [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:29, 17 जून 2026 (UTC) *:@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, अस्थायी खाओं और आईपी परास को ब्लॉक करने के लिए समय सीमा भी निर्धारित करनी होती है। आपके अनुसार एक रेंज को कितने दिन तक प्रतिबंधित रखना चाहिए? मैं देखता हूँ कि जियो और एयरटेल के नेटवर्क की आईपी अंग्रेज़ी विकिपीडिया लगभग स्थानों पर प्रतिबंधित रहती हैं और कभी-कभी इन्हें काम में लिया जा सकता है अर्थात् प्रतिबंध स्थायी नहीं होते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:39, 2 जुलाई 2026 (UTC) == सहायता - हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रुप == नमस्ते, मुझे [https://hi.wikimedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रुप] में लॉगिन होने में समस्या आ रही है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:27, 17 जून 2026 (UTC) :@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आप वहाँ पर पंजीकृत नहीं हो। वहाँ विकिपीडिया खाते से लॉगिन नहीं होता। आपको कोई विशेष आवश्यकता हो तो बताइयेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:40, 2 जुलाई 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, मैं वहाँ अपना खाता कैसे बना सकता हूँ? कृपया मार्गदर्शन करें। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 14:01, 2 जुलाई 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, मैंने आपको पहले ही कहा था कि आप आवश्यकता स्पष्ट कीजियेगा। वहाँ प्रबंधकों से अनुरोध करना पड़ता है। वर्तमान में अनिरुद्ध जी, पीयूष जी (सदस्य नाम: हिंदुस्थान वासी) और मैं प्रबंधक हैं। यदि आप आवश्यकता स्पष्ट करोगे तो आपका खाता निर्मित कर दिया जायेगा। लेकिन मुझे आपका तर्क उचित नहीं लगा तो खाता निर्मित नहीं करूँगा। हालांकि किसी भी स्पष्ट नियमावली के लिए अनिरुद्ध जी से सम्पर्क कर सकते हो। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:41, 2 जुलाई 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] महोदय, आपको यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि <big>हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन २०२६</big> के लिए मेरा चयन हो गया है। मेरी योजना भविष्य में भी यूजर ग्रुप के सम्मेलनों और अन्य गतिविधियों में भाग लेने की है। इसी उद्देश्य से मुझे वहाँ अपना खाता बनवाने की आवश्यकता थी। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 23:03, 2 जुलाई 2026 (UTC) :::::@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, बेहतर होगा कि इससे सम्बंधित चर्चा उपरोक्त सम्मेलन में कर लेंगे। मुझे यह कारण वहाँ खाता बनाने के लिए आवश्यक नहीं लगता। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 05:04, 3 जुलाई 2026 (UTC) == विवरण सम्पादन == नमस्ते। प्रत्येक लेख का एक विवरण होता है। हम इसका सम्पादन कैसे करें? [[सदस्य:अमर तिवारी|अमर तिवारी]] ([[सदस्य वार्ता:अमर तिवारी|वार्ता]]) 10:56, 23 जून 2026 (UTC) :@[[सदस्य:अमर तिवारी|अमर तिवारी]] जी, यदि आप मोबाइल में उपर दिखाई देने वाले विवरण की बात कर रहे हो तो वो विकिडाटा पर किया जाता है, यहाँ नहीं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:40, 2 जुलाई 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] अच्छा, धन्यवाद। [[सदस्य:अमर तिवारी|अमर तिवारी]] ([[सदस्य वार्ता:अमर तिवारी|वार्ता]]) 14:03, 2 जुलाई 2026 (UTC) == RFC about AI-generated content in Wikimedia Commons == <bdi lang="en" dir="ltr">Apologies for writing in English, please help translate this message to your language. You are invited to participate in a [[c:Commons:Requests for comment/Policy update for AI content|request for comment on Wikimedia Commons about a policy update for AI content]]. This may affect files that are uploaded to Wikimedia Commons for use on this project. Thank you. [[m:User:Codename Noreste|Codename Noreste]] ([[m:User talk:Codename Noreste|वार्ता]])</bdi> 17:11, 23 जून 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=30513860 पर मौजूद सूची का प्रयोग करके User:Codename Noreste@metawiki द्वारा भेजा गया संदेश --> == <span lang="en" dir="ltr">Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki</span> == <div lang="en" dir="ltr"> <section begin="Message"/> '''Legal & Safety Contacts''' Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[wmf:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia Foundation Legal and Safety Contact Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[m:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[m:Special:MyLanguage/Talk:Wikimedia Foundation Legal and Safety Contacts FAQ|talk page]]. <section end="Message"/> </div> -- [[User:Sannita (WMF)|User:Sannita (WMF)]] ([[User talk:Sannita (WMF)|talk]]) 13:29, 25 जून 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Sannita_(WMF)/Mass_sending_test&oldid=30731267 पर मौजूद सूची का प्रयोग करके User:Sannita (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया संदेश --> == WikiConference India 2026 के लिए स्व-वित्तपोषित पंजीकरण और सत्र प्रस्ताव  अब शुरू हो गए हैं == प्रिय समुदाय सदस्यों, हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि WikiConference India 2026 के लिए स्व-वित्तपोषित पंजीकरण और सत्र प्रस्ताव  अब शुरू हो गए हैं। WikiConference India 2026 का आयोजन 4–6 सितंबर 2026 को कोच्चि, केरल में होगा। यह सम्मेलन भारत और दक्षिण एशिया के विभिन्न हिस्सों से जुड़े विकिमीडिया समुदाय के सदस्यों, डेवलपर्स, शोधकर्ताओं और मुक्त ज्ञान से जुड़े लोगों को एक साथ लाने का अवसर है, जहाँ हम एक-दूसरे से सीख सकेंगे, अनुभव साझा कर सकेंगे और मिलकर काम कर सकेंगे। इस वर्ष सम्मेलन की थीम है — '''"ज्ञान साझेदारी की नई कल्पना: बदलते विकिमीडिया परिवेश में सामुदायिक नेतृत्व"'''। तेजी से बदलती तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग और ज्ञान बनाने के नए तरीकों के बीच, यह सम्मेलन सामुदायिक नेतृत्व, क्षेत्रीय भाषाओं, मुक्त ज्ञान और विकिमीडिया आंदोलन के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने का अवसर देगा। <nowiki>'''</nowiki>स्व-वित्तपोषित पंजीकरण<nowiki>'''</nowiki> स्व-वित्तपोषित पंजीकरण अब Pretix पर उपलब्ध है। * पंजीकरण फॉर्म: <nowiki>https://pretix.eu/wikimedia-events/WCI2026/</nowiki> * अधिक जानकारी: <nowiki>https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026/Registration</nowiki> <nowiki>'''सत्र प्रस्ताव आमंत्रण (Call for Submissions)'''</nowiki> सत्र प्रस्ताव अब Eventyay पर आमंत्रित किए जा रहे हैं। आप कार्यशाला, चर्चा, पैनल, इंटरैक्टिव सत्र, लाइटनिंग टॉक या पोस्टर प्रस्तुति के लिए अपना प्रस्ताव भेज सकते हैं। चाहे आप लंबे समय से विकिमीडिया से जुड़े हों या हाल ही में जुड़े हों, आपके विचार और अनुभव सम्मेलन को और समृद्ध बना सकते हैं। * अधिक जानकारी और दिशानिर्देश: <nowiki>https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026/Programme/Submissions</nowiki> * प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि: ['''15 जुलाई 2026'''] सम्मेलन से जुड़ी पूरी जानकारी, महत्वपूर्ण तिथियाँ और अन्य अपडेट के लिए कृपया आधिकारिक घोषणा देखें: * विस्तृत घोषणा: <nowiki>https://diff.wikimedia.org/2026/06/26/shape-the-future-call-for-submissions-open-for-wikiconference-india-2026/</nowiki> हम सभी समुदाय सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे पंजीकरण करें, अपने सत्र प्रस्ताव भेजें और इस जानकारी को अपने समुदायों में साझा करें। सादर, WikiConference India 2026 आयोजन टीम [[सदस्य:Amrit Sufi|Amrit Sufi]] ([[सदस्य वार्ता:Amrit Sufi|वार्ता]]) 10:15, 30 जून 2026 (UTC) == duplicate disambugation pages [[अक्षरधाम मन्दिर]] and [[अक्षरधाम]] ? == thnx [[सदस्य:কল্কি|কল্কি]] ([[सदस्य वार्ता:কল্কি|वार्ता]]) 10:40, 6 जुलाई 2026 (UTC) == [[रुचि (बहुविकल्पी)]] both links same page == links to a single article is allowed on disambugation pages ? [[सदस्य:কল্কি|কল্কি]] ([[सदस्य वार्ता:কল্কি|वार्ता]]) 10:43, 6 जुलाई 2026 (UTC) == अनुस्मारक: WikiConference India 2026 – अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 == प्रिय समुदाय के सदस्यों, यह एक विनम्र अनुस्मारक है कि '''WikiConference India 2026''' के लिए '''स्व-वित्तपोषित पंजीकरण''' (Self-funded Registration) और '''सत्र प्रस्ताव आमंत्रण''' (Call for Submissions) की अंतिम तिथि '''15 जुलाई 2026''' है। === स्व-वित्तपोषित पंजीकरण === https://pretix.eu/wikimedia-events/WCI2026/ === सत्र प्रस्ताव आमंत्रण === https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026/Programme/Submissions हम कार्यशालाओं, चर्चा सत्रों, पैनल चर्चाओं, इंटरैक्टिव सत्रों, लाइटनिंग टॉक्स तथा पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करते हैं। === अधिक जानकारी के लिए === https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026 हम सभी समुदाय सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे पंजीकरण करें, अपने सत्र प्रस्ताव भेजें और इस सूचना को अपने-अपने समुदायों में साझा करें। सादर, '''WikiConference India 2026 आयोजन समिति''' [[सदस्य:Gauri Guptaa|Gauri Guptaa]] ([[सदस्य वार्ता:Gauri Guptaa|वार्ता]]) 14:12, 7 जुलाई 2026 (UTC) == मैं ताजमहल का एक तस्वीर जोड़ना चाहता हूं। == [[File:TajMahalfront.jpg|300px]] कृपा कर मेरा प्रस्ताव स्वीकार करें। धन्यवाद <span style="font-family:'Monotype Corsiva', cursive; background-color: #FFFFFF; padding: 2px 3px 1px 3px;">[[User:Puspaaamm|<span style="color:Black;Size:115%">puspaaamm</span>]] [[User talk:Puspaaamm|<span style="color: White"></span>]]</span> 10:27, 8 जुलाई 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Puspaaamm|Puspaaamm]] जी, लेख में तस्वीरें जुड़ी हुई हैं। आप इसे क्यों जोड़ना चाहते हैं? --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:08, 8 जुलाई 2026 (UTC) ::''' और इमेज के मुकाबले यह ज्यादा स्पष्ट और ज्यादा आकर्षक है।''' <span style="font-family:'Monotype Corsiva', cursive; background-color: #FFFFFF; padding: 2px 3px 1px 3px;">[[User:Puspaaamm|<span style="color:Black;Size:115%">puspaaamm</span>]] [[User talk:Puspaaamm|<span style="color: White"></span>]]</span> 16:20, 8 जुलाई 2026 (UTC) == Deletion of non free images which are not linked to any article == Sorry for posting in English. Non free fair use images are not permitted if they are not used in any article. such images are to be deleted as it will be a copyright violation. There are 111 non free images in te.wiki which are not linked to any article. they need to be deleted. For kind attention. {{ping|DreamRimmer}} {{ping|SM7}} {{ping|अजीत कुमार तिवारी }} {{ping|अनिरुद्ध कुमार}} {{ping|संजीव कुमार }} #[[:file:1000_Bangladeshi_taka_Obs_2011.jpg]] #[[:file:10_INR_Obs_2017.jpg]] #[[:file:10_INR_Rev_2017.jpg]] #[[:file:Amazing_Spider-Man_teaser_poster.jpg]] #[[:file:AnandabazarFront.JPG]] #[[:file:Andpictures.png]] #[[:file:Anupamaa.jpg]] #[[:file:Avengers_Assemble_-_Music_From_And_Inspired_By_The_Motion_Picture.jpg]] #[[:file:Avengers_Infinity_War_soundtrack_cover.jpg]] #[[:file:Baahubali_poster.jpg]] #[[:file:Bairan_Banjaare_.png]] #[[:file:Barfi!_Audio_CD.jpg]] #[[:file:Batman_begins.jpg]] #[[:file:BiggBoss10.jpg]] #[[:file:Bigmagic.jpeg]] #[[:file:BournePoster.jpg]] #[[:file:Bumblebee_(film)_poster.png]] #[[:file:Cars_2006.jpg]] #[[:file:Casino_Royale_3.jpg]] #[[:file:Colors_TV.svg.png]] #[[:file:Crime_Patrol_Satark.jpg]] #[[:file:DHTCD.jpg]] #[[:file:Dabbe-_Curse_of_the_Jinn_poster.jpg]] #[[:file:Dear_Zindagi_Soundtrack.png]] #[[:file:Dhoom_series.JPG]] #[[:file:Die_another_Day_-_UK_cinema_poster.jpg]] #[[:file:Don_album.jpg]] #[[:file:Eragon_Teaser_Poster_10.jpg]] #[[:file:Fast_Five_poster.jpg]] #[[:file:Fast_and_Furious4.jpg]] #[[:file:Fast_and_the_furious_poster.jpg]] #[[:file:FastandFurious6-teaserposter.jpg]] #[[:file:Filmfare_awards.jpg]] #[[:file:First_Phantom_Sunday_strip.jpg]] #[[:file:Free_Guy_Theatrical_First_Poster.jpg]] #[[:file:Geraftaarfilm.jpg]] #[[:file:Google_Play_screenshot.png]] #[[:file:Gunday_(2013_film).jpg]] #[[:file:Gurdas-Maan-Roti.jpg]] #[[:file:Hacked_film_poster.jpg]] #[[:file:Harry_Potter_and_the_Goblet_of_Fire_Poster.jpg]] #[[:file:Harry_Potter_and_the_Order_of_the_Phoenix_poster.jpg]] #[[:file:Harry_Potter_and_the_Prisoner_of_Azkaban_poster.png]] #[[:file:Himmatjaunpurii.jpg]] #[[:file:Images.jpg]] #[[:file:IndianOcean_desertRain.jpg]] #[[:file:IndianoceanKandisa.jpg]] #[[:file:Jaishankar_Prasad,1889-1937.jpg]] #[[:file:Jkkk.jpg]] #[[:file:Justice_League_(soundtrack).jpg]] #[[:file:Laal_Singh_Chaddha.jpg]] #[[:file:LinkinParkATSCover.jpg]] #[[:file:Linkin_park_hybrid_theory.jpg]] #[[:file:Main_baabul_ke_Des.png]] #[[:file:Manchester_City.png]] #[[:file:MeteoraLP.jpg]] #[[:file:Minutes_to_Midnight_cover.jpg]] #[[:file:Neelkamal_1947.jpg]] #[[:file:New_PSG.png]] #[[:file:Nil_Battey_Sannata_(cover).jpg]] #[[:file:Os_kii_bunda.jpg]] #[[:file:Pagglait_poster.jpg]] #[[:file:Pepsi_IPL_logo.png]] #[[:file:Php-logo-90.png]] #[[:file:Pon_de_Replay_cover.png]] #[[:file:Race_2_2013.jpg]] #[[:file:Rihanna_-_Music_of_the_Sun.png]] #[[:file:Rock_On_2_poster.jpg]] #[[:file:Saiyaara_film_poster.jpg]] #[[:file:Sohan_Singh_Bhakna.jpg]] #[[:file:Sony_Pix_new_logo.png]] #[[:file:Sony_Wah_new_logo.png]] #[[:file:Sony_Yay_new_logo.png]] #[[:file:Spain_National_Football_Team_badge.png]] #[[:file:Spider-Man_Far_From_Home_Soundtrack_Cover.jpg]] #[[:file:Spider-Man_Into_the_Spider-Verse_(2018_poster).png]] #[[:file:Swachchhand.jpg]] #[[:file:Terminator1984movieposter.jpg]] #[[:file:Terminator2poster.jpg]] #[[:file:The-dirty-picture.jpg]] #[[:file:The_Amazing_Spiderman_2.jpg]] #[[:file:The_Incredible_Hulk_poster.jpg]] #[[:file:The_Matrix_soundtrack_cover.jpg]] #[[:file:Transformers07.jpg]] #[[:file:Troy2004Poster.jpg]] #[[:file:Wonder_Woman_1984.jpg]] #[[:file:आप_से_मौसिकी.jpg]] #[[:file:आयरन_मैन_२_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:एक_पहेली_लीला_एल्बम_कवर.jpg]] #[[:file:एक्स-मेन_ऑरिजिंस-_वूल्वरिन_फिल्म_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:एक्स-मैन_फिल्म_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:कबाली_-_फिल्म_.jpg]] #[[:file:घोस्ट_राइडर_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:जॉन_कार्टर_फ़िल्म_पोस्टर.jpg]] #[[:file:डेस्पासिटो.png]] #[[:file:डॉक्टर_सट्रेंज-फिल्म_पोस्टर.jpg]] #[[:file:तुम_ही_हो.jpg]] #[[:file:नट_बोल्टू.png]] #[[:file:पद्मावत_(फ़िल्म_एल्बम).jpg]] #[[:file:पार्टी_विद_द_भूतनाथ.jpg]] #[[:file:बालवीर_रिटर्न्स.png]] #[[:file:यहाँ_मैं_घर_घर_खेली.jpg]] #[[:file:यार_ना_मिले.jpg]] #[[:file:रक्षा_बंधन.png]] #[[:file:लाहौर_चिह्न.jpg]] #[[:file:शपथ_लाइफ_ओके.jpg]] #[[:file:समुंदर_के_लुटेरे-_अन्तिम_घडी_पोस्टर.jpeg]] #[[:file:सोनिक_निकलोडियन.webp]] #[[:file:सौदागर.jpg]] #[[:file:स्कायफॉल_फिल्म_पोस्टर_और_हिंदी_वीसीडी.png]] #[[:file:हैरी_पॉटर_और_रहस्यमयी_तहख़ाना_फिल्म_डीवीडी_कवर.jpeg]] [[सदस्य:Balajijagadesh|Balajijagadesh]] ([[सदस्य वार्ता:Balajijagadesh|वार्ता]]) 09:04, 14 जुलाई 2026 (UTC) :{{सुनो प्रबंधक}} मेंशन बिना हस्ताक्षर के किया गया था; अतः पिंग प्रणाली के कार्य न करने से किसी के पास मेंशन की अधिसूचना नहीं पहुँची। प्रबंधकों को दुबारा पिंग किया जा रहा। :उपर्युक्त में से कई तो ऐसे चित्र हैं जिनका उपयोग संभवतः बाद के संपादनों में हट गया लगता है। उदाहरण के लिये फिल्मों के पोस्टर, जबकि फ़िल्म पर लेख मौजूद है। ऐसे चित्रों को दुबारा फ़िल्म ज्ञानसंदूक में जोड़ा जा सकता है। {{पिंग|हिंदुस्थान वासी}} जी शायद कुछ मदद कर पायें। :जिन्हें किसी लेख में नहीं जोड़ा जा सकता उन्हें हटा दिया जाना चाहिये।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 12:33, 14 जुलाई 2026 (UTC) awakpdikrtwq5r7g049dmz2yxgf1oyg 6582725 6582541 2026-07-15T03:50:26Z Thakkarbapachatravas 936047 /* ठक्करबापा छात्रावास नई टिहरी */ नया अनुभाग 6582725 wikitext text/x-wiki {{/शीर्ष}} <!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। --> == अब 2026 U4C चुनाव में वोट करें == <section begin="announcement-content" /> योग्य मतदाताओं से अनुरोध है कि वे २०२६ की सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति के चुनाव में भाग लें। अधिक जानकारी-जिसमें पात्रता जाँच, मतदान प्रक्रिया की जानकारी, उम्मीदवारों की जानकारी, तथा मतदान के लिए लिंक शामिल हैं| मेटा पर २०२६ चुनाव जानकारी पृष्ठ पर उपलब्ध है। मतदान [https://zonestamp.toolforge.org/1780358400 00:00 UTC] पर २ जून २०२६ को समाप्त होगा। यदि आपका खाता पात्र है तो कृपया वोट करें। परिणाम 14 जून 2026 तक उपलब्ध होंगे। --U4C के सहयोग से,<section end="announcement-content" /> [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|talk]]) 17:14, 27 मई 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=30513860 पर मौजूद सूची का प्रयोग करके User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया संदेश --> ==जून के हिंदी विकिपीडिया संपादनोत्सव में शामिल होकर पुरस्कार जीतें == '''[[विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जून 2026|विकिपीडिया सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव जून 2026]]''' 1 जून से शुरु होकर 30 जून तक चलने वाला लेख निर्माण संपादनोत्सव है। इसमें इस बार आप सुझाए लेखों के अलावा अपनी पसंद के लेखों का निर्माण भी कर सकते हैं। इसमें शामिल होकर एआई के दौर में मानव निर्मित ज्ञान को संरक्षित रखने के अभियान में सहायक होने के लिए आप सबका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 11:40, 31 मई 2026 (UTC) == [[सदस्य:Ypmedia/प्रयोगपृष्ठ|प्रोफेसर एस० एल० वशिष्ठ]] लेख समीक्षा == "नमस्ते, मैंने प्रोफेसर एस. एल. वशिष्ठ जी का एक प्रामाणिक लेख स्रोतों के साथ प्रयोगस्थल पर तैयार किया है। कृपया इसे मुख्य लेख (प्रोफेसर एस० एल० वशिष्ठ) के रूप में स्थानांतरित (Move) करने में मदद करें।" [[सदस्य:Ypmedia|Ypmedia]] ([[सदस्य वार्ता:Ypmedia|वार्ता]]) 19:35, 6 जून 2026 (UTC) :विकिपीडिया प्रयोगस्थल पर निर्मित लेख ड्राफ्ट को सदस्य के उपपृष्ठ पर स्थानांतरित किया गया है [[सदस्य:Ypmedia/प्रयोगपृष्ठ]] देखें। समीक्षा टिप्पणियाँ [[सदस्य वार्ता:Ypmedia|सदस्य के वार्ता पृष्ठ पर]] की जा सकती हैं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 21:47, 6 जून 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके सुझाव/मत हेतु == <div style="background-color: #F0F8FF; padding: 15px; border: 1px solid #4682B4; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> {| style="width:100%; background:transparent;" |- | style="width:75%; vertical-align:top; padding-right:15px;" | नमस्ते, मैं हिंदी विकिपीडिया पर नियमित गश्त कर स्पष्ट बर्बरता हटा रहा हूँ। अपने [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|पिछले नामांकन]] में मिले मार्गदर्शन के बाद, मैंने अपनी कार्यप्रणाली सुधारी है और संपादन युद्ध से पूर्णतः बच रहा हूँ। हाल ही में आदरणीय प्रबंधक के आमंत्रण पर, मैंने गश्त कार्य को सुचारू बनाने हेतु पुनः '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकन किया है। आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा कर अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR 2|मेरे नामांकन पर अपना मत/सुझाव दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर, | style="width:25%; text-align:center; vertical-align:middle; border-left: 2px dashed #B0C4DE;" | [[चित्र:Wikipedia Rollbacker.svg|110px|center|रोलबैक अधिकार]]<br/> <span style="color:#4682B4; font-size:90%; font-weight:bold;">रोलबैक अधिकार नामांकन</span> |} </div> -- [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:31, 10 जून 2026 (UTC) {{चर्चा शीर्ष}} == अति महत्वपूर्ण साँचों एवं मॉड्यूल को सामूहिक रूप से पूर्ण सुरक्षित करने हेतु == सभी को नमस्ते, यह प्रस्ताव किया जाता है कि विकिपीडिया पर अति महत्वपूर्ण साँचे और मॉड्यूल को पूर्ण रूप से सुरक्षित किया जाय। हालाँकि, यह विकल्प प्रबंधकों के पास पहले से है और "अति महत्वपूर्ण साँचा" कारण के साथ हम ऐसे साँचे और मॉड्यूल पहले भी सुरक्षित करते आये हैं - यह चर्चा इसलिए आरंभ की गई है कि ऐसे साँचों को एक-एक करके इस मापदंड के तहत सुरक्षित करने के स्थान पर सामूहिक रूप से एक बार में चिह्नित करके सुरक्षित किया जा सके। इन्हें चिह्नित करने के क्रम में सभी ज्ञानसंदूक साँचे, सभी ऐसे उपयोगिता (यूटिलिटी) साँचे जो सीधे किसी भी सदस्य द्वारा संपादित किये जाने की आवश्यकता नहीं रखते, जटिल (इंट्रीकेट) साँचे जिन्हें संपादित करने के लिये साँचों की अच्छी-खासी समझ की आवश्यकता होती है, और अधिक प्रयुक्त साँचे (कोई भी ऐसा साँचा जो 50 या इससे अधिक पन्नों पर प्रयोग में हो) को शामित किया जा सकता है। ऐसा प्रस्ताव/अनुरोध हाल में, हिदी विकिपीडिया पर मौजूद और कार्यशील साँचों को अंग्रेजी के कोड से बदल देने की बढती प्रवृत्ति को देखते हुए किया जा रहा है। साथी प्रबंधकों, पुनरीक्षण करने वाले सदस्य साथियों, एवं सभी अनुभवी सदस्यों से राय और सहमति अपेक्षित है। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 02:10, 10 जून 2026 (UTC) *@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, मैं इस प्रस्ताव का समर्थन करता हूँ। अत्यधिक प्रयुक्त एवं तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण साँचों तथा मॉड्यूलों को सुरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि अनजाने अथवा विवादास्पद परिवर्तनों से व्यापक प्रभाव न पड़े। :साथ ही, हाल में कार्यशील स्थानीय साँचों एवं मॉड्यूलों को बिना पर्याप्त चर्चा के अन्य विकियों के कोड से बदलने की घटनाओं को देखते हुए भी ऐसी सुरक्षा उचित प्रतीत होती है। <span style="text-shadow:black 3px 3px 2px;color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 03:08, 10 जून 2026 (UTC) *मोड्यूल के सम्बंध में मेरा प्रस्ताव को पूर्ण समर्थन है। हालांकि साँचों के सम्बंध में 50 के स्थान पर 100 लेख रखना बेहतर होगा।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 03:11, 10 जून 2026 (UTC) *:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मुझे लगता है कि अब यह चर्चा समाप्त की जा सकती है। मैंने सभी योग्य साँचों का विवरण @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी को भेज दिया है। यदि आपके पास समय हो, तो आप यह कार्य अपने बॉट से कर सकते हैं। यदि स्क्रिप्ट में किसी सहायता की आवश्यकता हो तो मुझे बताइएगा। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 12:26, 25 जून 2026 (UTC) *::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मोड्यूल वाला काम बॉट से होगा या कहीं और से करवाना होगा? साँचों वाला यदि आप स्क्रिप्ट लिख सकते हो तो मेरे लिए आसान हो जायेगा, अन्यथा मैं प्रयास करता हूँ। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:30, 2 जुलाई 2026 (UTC) * मेरा इस विषय पर समर्थन है, क्योंकि इससे अन्य लेखों पर बिना प्रभाव देखे सांचों में परिवर्तन करने वालों के कारण कई लेखों में त्रुटियां नहीं आयेगी। --[[स:स|स]] ([[सवा:स|वार्ता]]) 19:22, 14 जून 2026 (UTC) **{{सुनो|DreamRimmer|संजीव कुमार}} जी, चर्चा को एक महीने पूरे हो चुके हैं। आवश्यक कार्रवाई करें। --[[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 17:04, 10 जुलाई 2026 (UTC) {{चर्चा तल}} == बॉट स्वीकृति अनुरोध == <div class="boilerplate metadata discussion-archived" style="background-color: #f5f3ef; overflow:auto; margin: 2em 0 0 0; padding: 0 10px 0 10px; border: 1px solid #aaa"> :''यह चर्चा समाप्त हो चुकी है। {{red|'''कृपया इसे न बदलें।'''}} आगे की वार्ताएँ इस पृष्ठ में नये विभागों में होनी चाहिए।'' ''इसका संक्षिप्त परिणाम निम्न रहा:'' ::'''यहाँ अनुरोध पूर्ण'''; फ्लैग हेतु आवेदन मेटा पर रखा जा रहा।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:36, 12 जुलाई 2026 (UTC) ----<!-- साँचा:चर्चा शीर्ष से --> नमस्ते, मैं अपना बॉट खाता {{user|DreamRimmer bot}} पुनः हिन्दी विकिपीडिया पर सक्रिय करना चाहता हूँ। पूर्व में मेरे बॉट द्वारा कुछ ऐसे कार्य किए गए थे जो अनुमत नहीं थे, जिसके परिणामस्वरूप बॉट खाते को अवरोधित कर दिया गया था। बाद में मेरे अवरोध-हटाने के अनुरोध को @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी द्वारा स्वीकार कर लिया गया। इसके पश्चात मैंने बॉट को सेवानिवृत्त करने का निर्णय लेते हुए उसका बॉट फ्लैग हटवा लिया था। एक स्पष्टीकरण देना चाहूँगा। पिछली बार बॉट खाता {{user|DreamRimmer bot III}} था, जबकि अब DreamRimmer bot है। चूँकि यह खाता अन्य विकिमीडिया परियोजनाओं पर भी संचालित हो रहा है, इसलिए संचालन और रखरखाव की दृष्टि से एक ही बॉट खाते का उपयोग करना अधिक सुविधाजनक रहेगा। अब मैं अपने बॉट को पुनः सक्रिय करना चाहता हूँ और निम्नलिखित कार्यों के लिए स्वीकृति का अनुरोध करता हूँ - * वार्ता पृष्ठों का स्वचालित पुरालेखन: वार्ता नामस्थान में निर्धारित कॉन्फ़िगरेशन के आधार पर चर्चाओं का स्वचालित पुरालेखन करना। किसी भी वार्ता पृष्ठ को बॉट द्वारा पुरालेखित करने हेतु आवश्यक कॉन्फ़िगरेशन जोड़ा जा सकेगा। * संपादनोत्सवों एवं प्रतियोगिताओं के रखरखाव संबंधी कार्य: प्रतिभागी पृष्ठों पर हस्ताक्षरों को ठीक करना, डुप्लिकेट हस्ताक्षरों को हटाना तथा अन्य समान रखरखाव कार्य करना। इसके अतिरिक्त लेख-सूचियों में से बनाए जा चुके लेखों को अलग पृष्ठ पर स्थानांतरित करना। * विश्वसनीय सदस्यों के अनुरोध पर अविवादित कार्य: किसी प्रबंधक अथवा अन्य विश्वसनीय सदस्य के अनुरोध पर अविवादित और तकनीकी प्रकृति के कार्य करना। फिलहाल मैं केवल इन्हीं कार्यों के लिए स्वीकृति का अनुरोध कर रहा हूँ। भविष्य में यदि अन्य कार्यों के लिए आवश्यकता होगी, तो उनके लिए पृथक स्वीकृति का अनुरोध प्रस्तुत करूँगा। मैंने यह अनुरोध चौपाल पर प्रस्तुत किया है क्योंकि मुझे यही उचित स्थान लगा। यदि इसे किसी अन्य पृष्ठ, जैसे बॉट अनुरोध पृष्ठ, पर किया जाना चाहिए था, तो उसके लिए क्षमा चाहता हूँ। यदि किसी सदस्य के कोई प्रश्न या सुझाव हों, तो उनका स्वागत है। धन्यवाद। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 11:28, 10 जून 2026 (UTC) * '''टिप्पणी''' - पिछली बार आपके बॉट को संपादन से रोकने का कारण विवादास्पद वर्तनी बदलाव थे जो अन्य कार्यों के साथ आपका बॉट अपने-आप (एडिशनल) कर रहा था और उचित संपादन सारांश भी नहीं दिया जा रहा था। आशा करता हूँ कि इस बार ऐसा नहीं होगा। :आपने जो तीन कार्य गिनाये हैं उनके कुछ उदाहरण अपने मुख्य खाते से करके नमूने के तौर पर दिखा भी दें तो सदस्यों को समझने में आसानी होगी कि आप क्या और कैसे करना चाहते हैं। तीसरे बिंदु के तहत तो आपको कुछ भी करने की स्वीकृति मिल जायेगी, क्योंकि अनुरोध तो किसी भी कार्य का किया जा सकता है, जिसकी अनुमति न भी हो। इसे आप थोड़ा और स्पष्ट लिख सकते हैं। :और आपका कथन सही है। इसे [[वि:बॉट/अनुमोदन_हेतु_अनुरोध]] पृष्ठ पर करना चाहिये था; यहाँ केवल सूचना देनी थी। पर अब कर ही दिया है तो कोई बात नहीं। अगर नामांकन सफल रहता है तो इस चर्चा को वहाँ स्थापित कर लेंगे। :मेरी ओर से '''अन्य कोई आपत्ति नहीं''' है। मुझे लगता है आप पर्याप्त अनुभवी हो चुके हैं और पिछली बार की तरह कोई ग़लती नहीं करेंगे। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 23:07, 12 जून 2026 (UTC) ::पिछली बार हुई गलती के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ। फिलहाल इन कार्यों के लिए कोई कोड नहीं लिखा है। जहाँ तक पुरालेखन वाले कार्य की बात है, किसी भी पृष्ठ पर स्वचालित पुरालेखन शुरू करने के लिए उस पृष्ठ की सामग्री के सबसे ऊपर एक कॉन्फ़िगरेशन साँचा जोड़ना होगा। उसमें कुछ पैरामीटर भरने होंगे, जैसे सामग्री को किस लेख पर स्थानांतरित करना है, कितने दिनों बाद स्थानांतरण करना है, तथा वार्ता पृष्ठ पर कितने अनुभाग हमेशा बनाए रखने हैं। बॉट इन्हीं पैरामीटरों के अनुसार स्वचालित पुरालेखन करेगा। ::दूसरा कार्य भी काफी साधारण है। उसके बारे में मैंने ऊपर की टिप्पणी में बता दिया है, इसलिए उसके अतिरिक्त विशेष रूप से बताने के लिए कुछ नहीं है। ::तीसरे कार्य से मेरा आशय यह था कि किसी विश्वसनीय सदस्य, जैसे किसी प्रबंधक, द्वारा सुझाए गए कार्य को पूरा करना। अर्थात मैं स्वयं अपनी ओर से कोई निर्णय नहीं लूँगा, बल्कि उसमें दो लोगों की सहमति शामिल होगी। हालाँकि मैं तीसरे कार्य को हटा रहा हूँ, क्योंकि वैसे भी मुझे नहीं लगता कि तीसरा कार्य सभी को पसंद आएगा, इसलिए उस पर अपना समय व्यर्थ नहीं करना चाहता। पिछली बार हुई समस्या को ध्यान में रखते हुए ही मैंने यह निवेदन चौपाल पर रखा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें। जब भी आप उचित समझें, इसे [[वि:बॉट/अनुमोदन हेतु अनुरोध]] पर ले जा सकते हैं। <syntaxhighlight lang="wikitext"> {{User:DreamRimmer bot/config | algo=old(90d) | archive={{SUBST:#titleparts:{{SUBST:FULLPAGENAME}}}}/पुरालेख %(counter)d | counter=1 | maxarchivesize=200K | archiveheader={{Archive}} | minthreadsleft=5 | minthreadstoarchive=2 }}</syntaxhighlight> – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 08:10, 13 जून 2026 (UTC) :@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मैंने सोचा आप अनुरोध को [[वि:बॉट/अनुमोदन हेतु अनुरोध]] पर लिख दिये हो। आपने वहाँ आवेदन नहीं किया है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:36, 2 जुलाई 2026 (UTC) ;परिणाम: कोई विरोध नहीं; अनुरोध पूर्ण मानते हुए फ्लैग हेतु आवेदन मेटा पर ले जाया जा रहा। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:36, 12 जुलाई 2026 (UTC) :''उपर्युक्त चर्चा को एक पुरालेख के रूप में संरक्षित किया गया है। <span style="color:red">'''कृपया इसमें कोई बदलाव न करें।'''</span> आगे की वार्ताएँ इस पृष्ठ पर नये विभागों में होनी चाहिए''।<!-- साँचा:चर्चा तल से --></div> == बॉट अधिकार के नामांकन पर आपके सुझाव/मत हेतु == <div style="background-color: #E8F8F5; padding: 15px; border: 1px solid #27AE60; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> {| style="width:100%; background:transparent;" |- | style="width:100%; vertical-align:top; padding-right:15px;" | नमस्ते, मैंने अनुवादित लेखों की सफाई और सामान्य वर्तनी व व्याकरण की अशुद्धियों ('गयी'->'गई', 'विद्वान'->'विद्वान्' आदि) के लिए एक उन्नत पायथन बॉट तैयार किया है। अपने प्रयोगपृष्ठ पर इसके सफल परीक्षण के दौरान, आदरणीय प्रबंधक [[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी ने सुरक्षा नियमों के तहत खाते को अवरोधित कर मुझे यहाँ औपचारिक आवेदन करने का उचित निर्देश दिया था। उनके निर्देशानुसार, मैं अब इस खाते के लिए स्थायी '''बॉट अधिकार''' हेतु नामांकन कर रहा हूँ। आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया मेरे बॉट के कोड और कार्यप्रणाली की समीक्षा कर अपना बहुमूल्य मत/सुझाव प्रदान करें। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:बॉट/अनुमोदन हेतु अनुरोध#AMAN KUMAR Bot|मेरे नामांकन पर अपना मत/सुझाव दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर, |} </div> -- [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 10:32, 13 जून 2026 (UTC) == दुरुपयोग फ़िल्टर में अवरोध क्रिया सक्षम करने हेतु प्रस्ताव == नमस्ते सभी को, लगभग पिछले एक वर्ष से एक LTA हिन्दी विकिपीडिया पर लगातार उत्पात मचा रहा है। इसके लिए मैंने कुछ दिन पहले एक [[विशेष:दुरुपयोग फ़िल्टर/89|दुरुपयोग फ़िल्टर]] भी बनाया था, लेकिन अब वह अलग-अलग तरीकों से उस फ़िल्टर से बच निकलने के उपाय खोज लेता है। इसलिए मुझे लगता है कि केवल संपादन को अस्वीकृत करना पर्याप्त नहीं है और ऐसे मामलों में सीधे अवरोध (block) की व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए। चूँकि इसके अधिकांश खाते अस्थायी खाते होते हैं, इसलिए हर खाते को अलग-अलग अवरोधित करना व्यावहारिक नहीं है। इस कारण मैं हिन्दी विकिपीडिया पर दुरुपयोग फ़िल्टर के block action को सक्षम करने का प्रस्ताव रखता हूँ, ताकि ऐसे खातों को आवश्यकता पड़ने पर सीधे फ़िल्टर के माध्यम से अवरोधित किया जा सके। यह एक पुराना LTA है, इसलिए मेरा मानना है कि अन्य सदस्यों ने भी इसकी गतिविधियाँ अवश्य देखी होंगी। संबंधित फ़िल्टर सार्वजनिक नहीं है, इसलिए मैं उसके बारे में अधिक जानकारी नहीं दे सकता। फिर भी इतना अवश्य बता सकता हूँ कि यह प्रायः राजनेताओं और राजनीतिक दलों से संबंधित लेखों में अत्यंत आपत्तिजनक सामग्री जोड़ता है। मैं इस समस्या के समाधान के लिए भविष्य में किसी बड़े आईपी रेंज को अवरोधित करने की संभावना पर भी विचार करूँगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह प्रस्ताव भी उतना ही आवश्यक है। सभी सदस्यों की राय आमंत्रित है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 15:54, 16 जून 2026 (UTC) * {{भरपूर समर्थन}} [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:29, 17 जून 2026 (UTC) *:@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, अस्थायी खाओं और आईपी परास को ब्लॉक करने के लिए समय सीमा भी निर्धारित करनी होती है। आपके अनुसार एक रेंज को कितने दिन तक प्रतिबंधित रखना चाहिए? मैं देखता हूँ कि जियो और एयरटेल के नेटवर्क की आईपी अंग्रेज़ी विकिपीडिया लगभग स्थानों पर प्रतिबंधित रहती हैं और कभी-कभी इन्हें काम में लिया जा सकता है अर्थात् प्रतिबंध स्थायी नहीं होते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:39, 2 जुलाई 2026 (UTC) == सहायता - हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रुप == नमस्ते, मुझे [https://hi.wikimedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रुप] में लॉगिन होने में समस्या आ रही है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:27, 17 जून 2026 (UTC) :@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आप वहाँ पर पंजीकृत नहीं हो। वहाँ विकिपीडिया खाते से लॉगिन नहीं होता। आपको कोई विशेष आवश्यकता हो तो बताइयेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:40, 2 जुलाई 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, मैं वहाँ अपना खाता कैसे बना सकता हूँ? कृपया मार्गदर्शन करें। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 14:01, 2 जुलाई 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, मैंने आपको पहले ही कहा था कि आप आवश्यकता स्पष्ट कीजियेगा। वहाँ प्रबंधकों से अनुरोध करना पड़ता है। वर्तमान में अनिरुद्ध जी, पीयूष जी (सदस्य नाम: हिंदुस्थान वासी) और मैं प्रबंधक हैं। यदि आप आवश्यकता स्पष्ट करोगे तो आपका खाता निर्मित कर दिया जायेगा। लेकिन मुझे आपका तर्क उचित नहीं लगा तो खाता निर्मित नहीं करूँगा। हालांकि किसी भी स्पष्ट नियमावली के लिए अनिरुद्ध जी से सम्पर्क कर सकते हो। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:41, 2 जुलाई 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] महोदय, आपको यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि <big>हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन २०२६</big> के लिए मेरा चयन हो गया है। मेरी योजना भविष्य में भी यूजर ग्रुप के सम्मेलनों और अन्य गतिविधियों में भाग लेने की है। इसी उद्देश्य से मुझे वहाँ अपना खाता बनवाने की आवश्यकता थी। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 23:03, 2 जुलाई 2026 (UTC) :::::@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, बेहतर होगा कि इससे सम्बंधित चर्चा उपरोक्त सम्मेलन में कर लेंगे। मुझे यह कारण वहाँ खाता बनाने के लिए आवश्यक नहीं लगता। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 05:04, 3 जुलाई 2026 (UTC) == विवरण सम्पादन == नमस्ते। प्रत्येक लेख का एक विवरण होता है। हम इसका सम्पादन कैसे करें? [[सदस्य:अमर तिवारी|अमर तिवारी]] ([[सदस्य वार्ता:अमर तिवारी|वार्ता]]) 10:56, 23 जून 2026 (UTC) :@[[सदस्य:अमर तिवारी|अमर तिवारी]] जी, यदि आप मोबाइल में उपर दिखाई देने वाले विवरण की बात कर रहे हो तो वो विकिडाटा पर किया जाता है, यहाँ नहीं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:40, 2 जुलाई 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] अच्छा, धन्यवाद। [[सदस्य:अमर तिवारी|अमर तिवारी]] ([[सदस्य वार्ता:अमर तिवारी|वार्ता]]) 14:03, 2 जुलाई 2026 (UTC) == RFC about AI-generated content in Wikimedia Commons == <bdi lang="en" dir="ltr">Apologies for writing in English, please help translate this message to your language. You are invited to participate in a [[c:Commons:Requests for comment/Policy update for AI content|request for comment on Wikimedia Commons about a policy update for AI content]]. This may affect files that are uploaded to Wikimedia Commons for use on this project. Thank you. [[m:User:Codename Noreste|Codename Noreste]] ([[m:User talk:Codename Noreste|वार्ता]])</bdi> 17:11, 23 जून 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=30513860 पर मौजूद सूची का प्रयोग करके User:Codename Noreste@metawiki द्वारा भेजा गया संदेश --> == <span lang="en" dir="ltr">Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki</span> == <div lang="en" dir="ltr"> <section begin="Message"/> '''Legal & Safety Contacts''' Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[wmf:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia Foundation Legal and Safety Contact Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[m:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[m:Special:MyLanguage/Talk:Wikimedia Foundation Legal and Safety Contacts FAQ|talk page]]. <section end="Message"/> </div> -- [[User:Sannita (WMF)|User:Sannita (WMF)]] ([[User talk:Sannita (WMF)|talk]]) 13:29, 25 जून 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Sannita_(WMF)/Mass_sending_test&oldid=30731267 पर मौजूद सूची का प्रयोग करके User:Sannita (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया संदेश --> == WikiConference India 2026 के लिए स्व-वित्तपोषित पंजीकरण और सत्र प्रस्ताव  अब शुरू हो गए हैं == प्रिय समुदाय सदस्यों, हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि WikiConference India 2026 के लिए स्व-वित्तपोषित पंजीकरण और सत्र प्रस्ताव  अब शुरू हो गए हैं। WikiConference India 2026 का आयोजन 4–6 सितंबर 2026 को कोच्चि, केरल में होगा। यह सम्मेलन भारत और दक्षिण एशिया के विभिन्न हिस्सों से जुड़े विकिमीडिया समुदाय के सदस्यों, डेवलपर्स, शोधकर्ताओं और मुक्त ज्ञान से जुड़े लोगों को एक साथ लाने का अवसर है, जहाँ हम एक-दूसरे से सीख सकेंगे, अनुभव साझा कर सकेंगे और मिलकर काम कर सकेंगे। इस वर्ष सम्मेलन की थीम है — '''"ज्ञान साझेदारी की नई कल्पना: बदलते विकिमीडिया परिवेश में सामुदायिक नेतृत्व"'''। तेजी से बदलती तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग और ज्ञान बनाने के नए तरीकों के बीच, यह सम्मेलन सामुदायिक नेतृत्व, क्षेत्रीय भाषाओं, मुक्त ज्ञान और विकिमीडिया आंदोलन के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने का अवसर देगा। <nowiki>'''</nowiki>स्व-वित्तपोषित पंजीकरण<nowiki>'''</nowiki> स्व-वित्तपोषित पंजीकरण अब Pretix पर उपलब्ध है। * पंजीकरण फॉर्म: <nowiki>https://pretix.eu/wikimedia-events/WCI2026/</nowiki> * अधिक जानकारी: <nowiki>https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026/Registration</nowiki> <nowiki>'''सत्र प्रस्ताव आमंत्रण (Call for Submissions)'''</nowiki> सत्र प्रस्ताव अब Eventyay पर आमंत्रित किए जा रहे हैं। आप कार्यशाला, चर्चा, पैनल, इंटरैक्टिव सत्र, लाइटनिंग टॉक या पोस्टर प्रस्तुति के लिए अपना प्रस्ताव भेज सकते हैं। चाहे आप लंबे समय से विकिमीडिया से जुड़े हों या हाल ही में जुड़े हों, आपके विचार और अनुभव सम्मेलन को और समृद्ध बना सकते हैं। * अधिक जानकारी और दिशानिर्देश: <nowiki>https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026/Programme/Submissions</nowiki> * प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि: ['''15 जुलाई 2026'''] सम्मेलन से जुड़ी पूरी जानकारी, महत्वपूर्ण तिथियाँ और अन्य अपडेट के लिए कृपया आधिकारिक घोषणा देखें: * विस्तृत घोषणा: <nowiki>https://diff.wikimedia.org/2026/06/26/shape-the-future-call-for-submissions-open-for-wikiconference-india-2026/</nowiki> हम सभी समुदाय सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे पंजीकरण करें, अपने सत्र प्रस्ताव भेजें और इस जानकारी को अपने समुदायों में साझा करें। सादर, WikiConference India 2026 आयोजन टीम [[सदस्य:Amrit Sufi|Amrit Sufi]] ([[सदस्य वार्ता:Amrit Sufi|वार्ता]]) 10:15, 30 जून 2026 (UTC) == duplicate disambugation pages [[अक्षरधाम मन्दिर]] and [[अक्षरधाम]] ? == thnx [[सदस्य:কল্কি|কল্কি]] ([[सदस्य वार्ता:কল্কি|वार्ता]]) 10:40, 6 जुलाई 2026 (UTC) == [[रुचि (बहुविकल्पी)]] both links same page == links to a single article is allowed on disambugation pages ? [[सदस्य:কল্কি|কল্কি]] ([[सदस्य वार्ता:কল্কি|वार्ता]]) 10:43, 6 जुलाई 2026 (UTC) == अनुस्मारक: WikiConference India 2026 – अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 == प्रिय समुदाय के सदस्यों, यह एक विनम्र अनुस्मारक है कि '''WikiConference India 2026''' के लिए '''स्व-वित्तपोषित पंजीकरण''' (Self-funded Registration) और '''सत्र प्रस्ताव आमंत्रण''' (Call for Submissions) की अंतिम तिथि '''15 जुलाई 2026''' है। === स्व-वित्तपोषित पंजीकरण === https://pretix.eu/wikimedia-events/WCI2026/ === सत्र प्रस्ताव आमंत्रण === https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026/Programme/Submissions हम कार्यशालाओं, चर्चा सत्रों, पैनल चर्चाओं, इंटरैक्टिव सत्रों, लाइटनिंग टॉक्स तथा पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करते हैं। === अधिक जानकारी के लिए === https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026 हम सभी समुदाय सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे पंजीकरण करें, अपने सत्र प्रस्ताव भेजें और इस सूचना को अपने-अपने समुदायों में साझा करें। सादर, '''WikiConference India 2026 आयोजन समिति''' [[सदस्य:Gauri Guptaa|Gauri Guptaa]] ([[सदस्य वार्ता:Gauri Guptaa|वार्ता]]) 14:12, 7 जुलाई 2026 (UTC) == मैं ताजमहल का एक तस्वीर जोड़ना चाहता हूं। == [[File:TajMahalfront.jpg|300px]] कृपा कर मेरा प्रस्ताव स्वीकार करें। धन्यवाद <span style="font-family:'Monotype Corsiva', cursive; background-color: #FFFFFF; padding: 2px 3px 1px 3px;">[[User:Puspaaamm|<span style="color:Black;Size:115%">puspaaamm</span>]] [[User talk:Puspaaamm|<span style="color: White"></span>]]</span> 10:27, 8 जुलाई 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Puspaaamm|Puspaaamm]] जी, लेख में तस्वीरें जुड़ी हुई हैं। आप इसे क्यों जोड़ना चाहते हैं? --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:08, 8 जुलाई 2026 (UTC) ::''' और इमेज के मुकाबले यह ज्यादा स्पष्ट और ज्यादा आकर्षक है।''' <span style="font-family:'Monotype Corsiva', cursive; background-color: #FFFFFF; padding: 2px 3px 1px 3px;">[[User:Puspaaamm|<span style="color:Black;Size:115%">puspaaamm</span>]] [[User talk:Puspaaamm|<span style="color: White"></span>]]</span> 16:20, 8 जुलाई 2026 (UTC) == Deletion of non free images which are not linked to any article == Sorry for posting in English. Non free fair use images are not permitted if they are not used in any article. such images are to be deleted as it will be a copyright violation. There are 111 non free images in te.wiki which are not linked to any article. they need to be deleted. For kind attention. {{ping|DreamRimmer}} {{ping|SM7}} {{ping|अजीत कुमार तिवारी }} {{ping|अनिरुद्ध कुमार}} {{ping|संजीव कुमार }} #[[:file:1000_Bangladeshi_taka_Obs_2011.jpg]] #[[:file:10_INR_Obs_2017.jpg]] #[[:file:10_INR_Rev_2017.jpg]] #[[:file:Amazing_Spider-Man_teaser_poster.jpg]] #[[:file:AnandabazarFront.JPG]] #[[:file:Andpictures.png]] #[[:file:Anupamaa.jpg]] #[[:file:Avengers_Assemble_-_Music_From_And_Inspired_By_The_Motion_Picture.jpg]] #[[:file:Avengers_Infinity_War_soundtrack_cover.jpg]] #[[:file:Baahubali_poster.jpg]] #[[:file:Bairan_Banjaare_.png]] #[[:file:Barfi!_Audio_CD.jpg]] #[[:file:Batman_begins.jpg]] #[[:file:BiggBoss10.jpg]] #[[:file:Bigmagic.jpeg]] #[[:file:BournePoster.jpg]] #[[:file:Bumblebee_(film)_poster.png]] #[[:file:Cars_2006.jpg]] #[[:file:Casino_Royale_3.jpg]] #[[:file:Colors_TV.svg.png]] #[[:file:Crime_Patrol_Satark.jpg]] #[[:file:DHTCD.jpg]] #[[:file:Dabbe-_Curse_of_the_Jinn_poster.jpg]] #[[:file:Dear_Zindagi_Soundtrack.png]] #[[:file:Dhoom_series.JPG]] #[[:file:Die_another_Day_-_UK_cinema_poster.jpg]] #[[:file:Don_album.jpg]] #[[:file:Eragon_Teaser_Poster_10.jpg]] #[[:file:Fast_Five_poster.jpg]] #[[:file:Fast_and_Furious4.jpg]] #[[:file:Fast_and_the_furious_poster.jpg]] #[[:file:FastandFurious6-teaserposter.jpg]] #[[:file:Filmfare_awards.jpg]] #[[:file:First_Phantom_Sunday_strip.jpg]] #[[:file:Free_Guy_Theatrical_First_Poster.jpg]] #[[:file:Geraftaarfilm.jpg]] #[[:file:Google_Play_screenshot.png]] #[[:file:Gunday_(2013_film).jpg]] #[[:file:Gurdas-Maan-Roti.jpg]] #[[:file:Hacked_film_poster.jpg]] #[[:file:Harry_Potter_and_the_Goblet_of_Fire_Poster.jpg]] #[[:file:Harry_Potter_and_the_Order_of_the_Phoenix_poster.jpg]] #[[:file:Harry_Potter_and_the_Prisoner_of_Azkaban_poster.png]] #[[:file:Himmatjaunpurii.jpg]] #[[:file:Images.jpg]] #[[:file:IndianOcean_desertRain.jpg]] #[[:file:IndianoceanKandisa.jpg]] #[[:file:Jaishankar_Prasad,1889-1937.jpg]] #[[:file:Jkkk.jpg]] #[[:file:Justice_League_(soundtrack).jpg]] #[[:file:Laal_Singh_Chaddha.jpg]] #[[:file:LinkinParkATSCover.jpg]] #[[:file:Linkin_park_hybrid_theory.jpg]] #[[:file:Main_baabul_ke_Des.png]] #[[:file:Manchester_City.png]] #[[:file:MeteoraLP.jpg]] #[[:file:Minutes_to_Midnight_cover.jpg]] #[[:file:Neelkamal_1947.jpg]] #[[:file:New_PSG.png]] #[[:file:Nil_Battey_Sannata_(cover).jpg]] #[[:file:Os_kii_bunda.jpg]] #[[:file:Pagglait_poster.jpg]] #[[:file:Pepsi_IPL_logo.png]] #[[:file:Php-logo-90.png]] #[[:file:Pon_de_Replay_cover.png]] #[[:file:Race_2_2013.jpg]] #[[:file:Rihanna_-_Music_of_the_Sun.png]] #[[:file:Rock_On_2_poster.jpg]] #[[:file:Saiyaara_film_poster.jpg]] #[[:file:Sohan_Singh_Bhakna.jpg]] #[[:file:Sony_Pix_new_logo.png]] #[[:file:Sony_Wah_new_logo.png]] #[[:file:Sony_Yay_new_logo.png]] #[[:file:Spain_National_Football_Team_badge.png]] #[[:file:Spider-Man_Far_From_Home_Soundtrack_Cover.jpg]] #[[:file:Spider-Man_Into_the_Spider-Verse_(2018_poster).png]] #[[:file:Swachchhand.jpg]] #[[:file:Terminator1984movieposter.jpg]] #[[:file:Terminator2poster.jpg]] #[[:file:The-dirty-picture.jpg]] #[[:file:The_Amazing_Spiderman_2.jpg]] #[[:file:The_Incredible_Hulk_poster.jpg]] #[[:file:The_Matrix_soundtrack_cover.jpg]] #[[:file:Transformers07.jpg]] #[[:file:Troy2004Poster.jpg]] #[[:file:Wonder_Woman_1984.jpg]] #[[:file:आप_से_मौसिकी.jpg]] #[[:file:आयरन_मैन_२_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:एक_पहेली_लीला_एल्बम_कवर.jpg]] #[[:file:एक्स-मेन_ऑरिजिंस-_वूल्वरिन_फिल्म_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:एक्स-मैन_फिल्म_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:कबाली_-_फिल्म_.jpg]] #[[:file:घोस्ट_राइडर_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:जॉन_कार्टर_फ़िल्म_पोस्टर.jpg]] #[[:file:डेस्पासिटो.png]] #[[:file:डॉक्टर_सट्रेंज-फिल्म_पोस्टर.jpg]] #[[:file:तुम_ही_हो.jpg]] #[[:file:नट_बोल्टू.png]] #[[:file:पद्मावत_(फ़िल्म_एल्बम).jpg]] #[[:file:पार्टी_विद_द_भूतनाथ.jpg]] #[[:file:बालवीर_रिटर्न्स.png]] #[[:file:यहाँ_मैं_घर_घर_खेली.jpg]] #[[:file:यार_ना_मिले.jpg]] #[[:file:रक्षा_बंधन.png]] #[[:file:लाहौर_चिह्न.jpg]] #[[:file:शपथ_लाइफ_ओके.jpg]] #[[:file:समुंदर_के_लुटेरे-_अन्तिम_घडी_पोस्टर.jpeg]] #[[:file:सोनिक_निकलोडियन.webp]] #[[:file:सौदागर.jpg]] #[[:file:स्कायफॉल_फिल्म_पोस्टर_और_हिंदी_वीसीडी.png]] #[[:file:हैरी_पॉटर_और_रहस्यमयी_तहख़ाना_फिल्म_डीवीडी_कवर.jpeg]] [[सदस्य:Balajijagadesh|Balajijagadesh]] ([[सदस्य वार्ता:Balajijagadesh|वार्ता]]) 09:04, 14 जुलाई 2026 (UTC) :{{सुनो प्रबंधक}} मेंशन बिना हस्ताक्षर के किया गया था; अतः पिंग प्रणाली के कार्य न करने से किसी के पास मेंशन की अधिसूचना नहीं पहुँची। प्रबंधकों को दुबारा पिंग किया जा रहा। :उपर्युक्त में से कई तो ऐसे चित्र हैं जिनका उपयोग संभवतः बाद के संपादनों में हट गया लगता है। उदाहरण के लिये फिल्मों के पोस्टर, जबकि फ़िल्म पर लेख मौजूद है। ऐसे चित्रों को दुबारा फ़िल्म ज्ञानसंदूक में जोड़ा जा सकता है। {{पिंग|हिंदुस्थान वासी}} जी शायद कुछ मदद कर पायें। :जिन्हें किसी लेख में नहीं जोड़ा जा सकता उन्हें हटा दिया जाना चाहिये।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 12:33, 14 जुलाई 2026 (UTC) == ठक्करबापा छात्रावास नई टिहरी == ठक्करबापा छात्रावास की स्थापना 1949 में पद्मविभूषण सुंदर लाल बहुगुणा द्वारा जातीय समरसता की दृष्टि से की गयी थी। राजशाही के दौरान केवल कुछ परिवारों के बच्चों को ही राजा के प्रताप इंटर कालेज में राजा की अनुमति के बाद ही पढ़ाई का मौका मिलता था। 1948 में प्रजामंडल की सरकार तो बन गई लेकिन कॉलेज और नियम पुराने ही थे। राजा के दर्जी का बेटा होने की वजह से विद्यानाथ को कॉलेज और हॉस्टल में दाखिला तो मिल गया पर वह भी भेदभाव का शिकार था। इसी बीच एक दिन छात्र विद्यासागर नौटियाल और कामेश्वर प्रसाद बहुगुणा सुंदर लाल बहुगुणा के पास आए, कहा टिहरी में जातीय समानता की बात बेमानी है। यहां सरकारी हॉस्टल में विद्यानाथ को सवर्ण छात्रों से अलग बाहर आंगन में खाना दिया जाता है। हमने उसे डाइनिंग हॉल में ले जाने का प्रयास किया तो सवर्ण छात्र मारपीट पर उतारू हो गये । यही नहीं पंडित रसोइये ने धमकी दी कि ऐसा हुआ तो वह अपना जनेऊ तोड़ देगा। सुंदर लाल ने उनसे कहा कि विरोधस्वरूप तुम दोनों भी उसके साथ बाहर आंगन मे बैठकर खाना खाना शुरू कर दो। दो- तीन दिन बाद दोनो फिर सुंदर लाल बहुगुणा के पास आए और कहा आंगन में तेज धूप में बैठकर वे खाना नहीं खा सकते। बहुगुणा ने कहा कि तीनों मेरे पास रहने चले आओ और इस तरह टिहरी के कांग्रेस भवन में जातीय समानता के संदेश को लेकर ठक्कर बापा छात्रावास की शुरुआत हुई। बाद में लोगों से चंदा लेकर और भिलंगना से छात्रों के साथ पीठ पर पत्थर रेत सार कर सुंदर लाल बहुगुणा ने मॉडल स्कूल के पास ठक्कर बापा छात्रावास के भवन का निर्माण कराया। 1950 से छात्रावास अपने नये भवन में चलने लगा। चन्द्र सिंह, बिहारी लाल, इंद्र सिंह, महेंद्र सिंह,बर्फिया लाल जुंवाठा, अनंतराम, भवानी भाई इसके शुरुआती छात्रों में से थे। बाद में मंत्री प्रसाद नैथानी, देवीलाल, देव सिंह, सतीश चंद्र, डीएल शाह, प्रेम लाल शाह समेत कई छात्र यहीं से पढ़कर आगे बढ़े। बदरी केदार मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ और घनसाली के विधायक शक्ति लाल शाह भी इसी छात्रावास की देन हैं। 2005 में बांध की झील में टिहरी के डूबने के बाद वर्ष 2005 से छात्रावासको नई टिहरी में चलाया जा रहा है। मौजूदा में प्रसिद्ध पत्रकार व समाजसेवी और स्व. सुंदर लाल बहुगुणा केे सुपुत्र प्रदीप बहुगुणा इसका संचालन कर रहे हैं । छात्रावास में छात्रों के लिए 13 कक्ष हैं। एक कक्ष में केवल दो छा़त्र रहते हैं। जिनमें एक अनुसूचित जाति और दूसरा सामान्य होता है। कमरे में बेड अलमारी कुर्सी-मेज के अलावा छात्रों को 200 एमबीपीएस स्पीड की निशुल्क वाई-फाई सेवा, निर्बाध बिजली आपूति के लिए इन्वर्टर, आरओ, फ्रिज की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है। छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पांच कम्प्यूटर और लाइब्रेरी की व्यवस्था भी की गयी है। [[सदस्य:Thakkarbapachatravas|Thakkarbapachatravas]] ([[सदस्य वार्ता:Thakkarbapachatravas|वार्ता]]) 03:50, 15 जुलाई 2026 (UTC) s28p5ibk5vehpqfdx038fjf2m169iag 6582727 6582725 2026-07-15T03:51:13Z DreamRimmer 651050 [[Special:Contributions/Thakkarbapachatravas|Thakkarbapachatravas]] ([[User talk:Thakkarbapachatravas|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:SM7|SM7]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6582541 wikitext text/x-wiki {{/शीर्ष}} <!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। --> == अब 2026 U4C चुनाव में वोट करें == <section begin="announcement-content" /> योग्य मतदाताओं से अनुरोध है कि वे २०२६ की सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति के चुनाव में भाग लें। अधिक जानकारी-जिसमें पात्रता जाँच, मतदान प्रक्रिया की जानकारी, उम्मीदवारों की जानकारी, तथा मतदान के लिए लिंक शामिल हैं| मेटा पर २०२६ चुनाव जानकारी पृष्ठ पर उपलब्ध है। मतदान [https://zonestamp.toolforge.org/1780358400 00:00 UTC] पर २ जून २०२६ को समाप्त होगा। यदि आपका खाता पात्र है तो कृपया वोट करें। परिणाम 14 जून 2026 तक उपलब्ध होंगे। --U4C के सहयोग से,<section end="announcement-content" /> [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|talk]]) 17:14, 27 मई 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=30513860 पर मौजूद सूची का प्रयोग करके User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया संदेश --> ==जून के हिंदी विकिपीडिया संपादनोत्सव में शामिल होकर पुरस्कार जीतें == '''[[विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जून 2026|विकिपीडिया सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव जून 2026]]''' 1 जून से शुरु होकर 30 जून तक चलने वाला लेख निर्माण संपादनोत्सव है। इसमें इस बार आप सुझाए लेखों के अलावा अपनी पसंद के लेखों का निर्माण भी कर सकते हैं। इसमें शामिल होकर एआई के दौर में मानव निर्मित ज्ञान को संरक्षित रखने के अभियान में सहायक होने के लिए आप सबका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 11:40, 31 मई 2026 (UTC) == [[सदस्य:Ypmedia/प्रयोगपृष्ठ|प्रोफेसर एस० एल० वशिष्ठ]] लेख समीक्षा == "नमस्ते, मैंने प्रोफेसर एस. एल. वशिष्ठ जी का एक प्रामाणिक लेख स्रोतों के साथ प्रयोगस्थल पर तैयार किया है। कृपया इसे मुख्य लेख (प्रोफेसर एस० एल० वशिष्ठ) के रूप में स्थानांतरित (Move) करने में मदद करें।" [[सदस्य:Ypmedia|Ypmedia]] ([[सदस्य वार्ता:Ypmedia|वार्ता]]) 19:35, 6 जून 2026 (UTC) :विकिपीडिया प्रयोगस्थल पर निर्मित लेख ड्राफ्ट को सदस्य के उपपृष्ठ पर स्थानांतरित किया गया है [[सदस्य:Ypmedia/प्रयोगपृष्ठ]] देखें। समीक्षा टिप्पणियाँ [[सदस्य वार्ता:Ypmedia|सदस्य के वार्ता पृष्ठ पर]] की जा सकती हैं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 21:47, 6 जून 2026 (UTC) == रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके सुझाव/मत हेतु == <div style="background-color: #F0F8FF; padding: 15px; border: 1px solid #4682B4; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> {| style="width:100%; background:transparent;" |- | style="width:75%; vertical-align:top; padding-right:15px;" | नमस्ते, मैं हिंदी विकिपीडिया पर नियमित गश्त कर स्पष्ट बर्बरता हटा रहा हूँ। अपने [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|पिछले नामांकन]] में मिले मार्गदर्शन के बाद, मैंने अपनी कार्यप्रणाली सुधारी है और संपादन युद्ध से पूर्णतः बच रहा हूँ। हाल ही में आदरणीय प्रबंधक के आमंत्रण पर, मैंने गश्त कार्य को सुचारू बनाने हेतु पुनः '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकन किया है। आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा कर अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR 2|मेरे नामांकन पर अपना मत/सुझाव दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर, | style="width:25%; text-align:center; vertical-align:middle; border-left: 2px dashed #B0C4DE;" | [[चित्र:Wikipedia Rollbacker.svg|110px|center|रोलबैक अधिकार]]<br/> <span style="color:#4682B4; font-size:90%; font-weight:bold;">रोलबैक अधिकार नामांकन</span> |} </div> -- [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 01:31, 10 जून 2026 (UTC) {{चर्चा शीर्ष}} == अति महत्वपूर्ण साँचों एवं मॉड्यूल को सामूहिक रूप से पूर्ण सुरक्षित करने हेतु == सभी को नमस्ते, यह प्रस्ताव किया जाता है कि विकिपीडिया पर अति महत्वपूर्ण साँचे और मॉड्यूल को पूर्ण रूप से सुरक्षित किया जाय। हालाँकि, यह विकल्प प्रबंधकों के पास पहले से है और "अति महत्वपूर्ण साँचा" कारण के साथ हम ऐसे साँचे और मॉड्यूल पहले भी सुरक्षित करते आये हैं - यह चर्चा इसलिए आरंभ की गई है कि ऐसे साँचों को एक-एक करके इस मापदंड के तहत सुरक्षित करने के स्थान पर सामूहिक रूप से एक बार में चिह्नित करके सुरक्षित किया जा सके। इन्हें चिह्नित करने के क्रम में सभी ज्ञानसंदूक साँचे, सभी ऐसे उपयोगिता (यूटिलिटी) साँचे जो सीधे किसी भी सदस्य द्वारा संपादित किये जाने की आवश्यकता नहीं रखते, जटिल (इंट्रीकेट) साँचे जिन्हें संपादित करने के लिये साँचों की अच्छी-खासी समझ की आवश्यकता होती है, और अधिक प्रयुक्त साँचे (कोई भी ऐसा साँचा जो 50 या इससे अधिक पन्नों पर प्रयोग में हो) को शामित किया जा सकता है। ऐसा प्रस्ताव/अनुरोध हाल में, हिदी विकिपीडिया पर मौजूद और कार्यशील साँचों को अंग्रेजी के कोड से बदल देने की बढती प्रवृत्ति को देखते हुए किया जा रहा है। साथी प्रबंधकों, पुनरीक्षण करने वाले सदस्य साथियों, एवं सभी अनुभवी सदस्यों से राय और सहमति अपेक्षित है। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 02:10, 10 जून 2026 (UTC) *@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, मैं इस प्रस्ताव का समर्थन करता हूँ। अत्यधिक प्रयुक्त एवं तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण साँचों तथा मॉड्यूलों को सुरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि अनजाने अथवा विवादास्पद परिवर्तनों से व्यापक प्रभाव न पड़े। :साथ ही, हाल में कार्यशील स्थानीय साँचों एवं मॉड्यूलों को बिना पर्याप्त चर्चा के अन्य विकियों के कोड से बदलने की घटनाओं को देखते हुए भी ऐसी सुरक्षा उचित प्रतीत होती है। <span style="text-shadow:black 3px 3px 2px;color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 03:08, 10 जून 2026 (UTC) *मोड्यूल के सम्बंध में मेरा प्रस्ताव को पूर्ण समर्थन है। हालांकि साँचों के सम्बंध में 50 के स्थान पर 100 लेख रखना बेहतर होगा।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 03:11, 10 जून 2026 (UTC) *:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मुझे लगता है कि अब यह चर्चा समाप्त की जा सकती है। मैंने सभी योग्य साँचों का विवरण @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी को भेज दिया है। यदि आपके पास समय हो, तो आप यह कार्य अपने बॉट से कर सकते हैं। यदि स्क्रिप्ट में किसी सहायता की आवश्यकता हो तो मुझे बताइएगा। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 12:26, 25 जून 2026 (UTC) *::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मोड्यूल वाला काम बॉट से होगा या कहीं और से करवाना होगा? साँचों वाला यदि आप स्क्रिप्ट लिख सकते हो तो मेरे लिए आसान हो जायेगा, अन्यथा मैं प्रयास करता हूँ। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:30, 2 जुलाई 2026 (UTC) * मेरा इस विषय पर समर्थन है, क्योंकि इससे अन्य लेखों पर बिना प्रभाव देखे सांचों में परिवर्तन करने वालों के कारण कई लेखों में त्रुटियां नहीं आयेगी। --[[स:स|स]] ([[सवा:स|वार्ता]]) 19:22, 14 जून 2026 (UTC) **{{सुनो|DreamRimmer|संजीव कुमार}} जी, चर्चा को एक महीने पूरे हो चुके हैं। आवश्यक कार्रवाई करें। --[[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 17:04, 10 जुलाई 2026 (UTC) {{चर्चा तल}} == बॉट स्वीकृति अनुरोध == <div class="boilerplate metadata discussion-archived" style="background-color: #f5f3ef; overflow:auto; margin: 2em 0 0 0; padding: 0 10px 0 10px; border: 1px solid #aaa"> :''यह चर्चा समाप्त हो चुकी है। {{red|'''कृपया इसे न बदलें।'''}} आगे की वार्ताएँ इस पृष्ठ में नये विभागों में होनी चाहिए।'' ''इसका संक्षिप्त परिणाम निम्न रहा:'' ::'''यहाँ अनुरोध पूर्ण'''; फ्लैग हेतु आवेदन मेटा पर रखा जा रहा।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:36, 12 जुलाई 2026 (UTC) ----<!-- साँचा:चर्चा शीर्ष से --> नमस्ते, मैं अपना बॉट खाता {{user|DreamRimmer bot}} पुनः हिन्दी विकिपीडिया पर सक्रिय करना चाहता हूँ। पूर्व में मेरे बॉट द्वारा कुछ ऐसे कार्य किए गए थे जो अनुमत नहीं थे, जिसके परिणामस्वरूप बॉट खाते को अवरोधित कर दिया गया था। बाद में मेरे अवरोध-हटाने के अनुरोध को @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी द्वारा स्वीकार कर लिया गया। इसके पश्चात मैंने बॉट को सेवानिवृत्त करने का निर्णय लेते हुए उसका बॉट फ्लैग हटवा लिया था। एक स्पष्टीकरण देना चाहूँगा। पिछली बार बॉट खाता {{user|DreamRimmer bot III}} था, जबकि अब DreamRimmer bot है। चूँकि यह खाता अन्य विकिमीडिया परियोजनाओं पर भी संचालित हो रहा है, इसलिए संचालन और रखरखाव की दृष्टि से एक ही बॉट खाते का उपयोग करना अधिक सुविधाजनक रहेगा। अब मैं अपने बॉट को पुनः सक्रिय करना चाहता हूँ और निम्नलिखित कार्यों के लिए स्वीकृति का अनुरोध करता हूँ - * वार्ता पृष्ठों का स्वचालित पुरालेखन: वार्ता नामस्थान में निर्धारित कॉन्फ़िगरेशन के आधार पर चर्चाओं का स्वचालित पुरालेखन करना। किसी भी वार्ता पृष्ठ को बॉट द्वारा पुरालेखित करने हेतु आवश्यक कॉन्फ़िगरेशन जोड़ा जा सकेगा। * संपादनोत्सवों एवं प्रतियोगिताओं के रखरखाव संबंधी कार्य: प्रतिभागी पृष्ठों पर हस्ताक्षरों को ठीक करना, डुप्लिकेट हस्ताक्षरों को हटाना तथा अन्य समान रखरखाव कार्य करना। इसके अतिरिक्त लेख-सूचियों में से बनाए जा चुके लेखों को अलग पृष्ठ पर स्थानांतरित करना। * विश्वसनीय सदस्यों के अनुरोध पर अविवादित कार्य: किसी प्रबंधक अथवा अन्य विश्वसनीय सदस्य के अनुरोध पर अविवादित और तकनीकी प्रकृति के कार्य करना। फिलहाल मैं केवल इन्हीं कार्यों के लिए स्वीकृति का अनुरोध कर रहा हूँ। भविष्य में यदि अन्य कार्यों के लिए आवश्यकता होगी, तो उनके लिए पृथक स्वीकृति का अनुरोध प्रस्तुत करूँगा। मैंने यह अनुरोध चौपाल पर प्रस्तुत किया है क्योंकि मुझे यही उचित स्थान लगा। यदि इसे किसी अन्य पृष्ठ, जैसे बॉट अनुरोध पृष्ठ, पर किया जाना चाहिए था, तो उसके लिए क्षमा चाहता हूँ। यदि किसी सदस्य के कोई प्रश्न या सुझाव हों, तो उनका स्वागत है। धन्यवाद। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 11:28, 10 जून 2026 (UTC) * '''टिप्पणी''' - पिछली बार आपके बॉट को संपादन से रोकने का कारण विवादास्पद वर्तनी बदलाव थे जो अन्य कार्यों के साथ आपका बॉट अपने-आप (एडिशनल) कर रहा था और उचित संपादन सारांश भी नहीं दिया जा रहा था। आशा करता हूँ कि इस बार ऐसा नहीं होगा। :आपने जो तीन कार्य गिनाये हैं उनके कुछ उदाहरण अपने मुख्य खाते से करके नमूने के तौर पर दिखा भी दें तो सदस्यों को समझने में आसानी होगी कि आप क्या और कैसे करना चाहते हैं। तीसरे बिंदु के तहत तो आपको कुछ भी करने की स्वीकृति मिल जायेगी, क्योंकि अनुरोध तो किसी भी कार्य का किया जा सकता है, जिसकी अनुमति न भी हो। इसे आप थोड़ा और स्पष्ट लिख सकते हैं। :और आपका कथन सही है। इसे [[वि:बॉट/अनुमोदन_हेतु_अनुरोध]] पृष्ठ पर करना चाहिये था; यहाँ केवल सूचना देनी थी। पर अब कर ही दिया है तो कोई बात नहीं। अगर नामांकन सफल रहता है तो इस चर्चा को वहाँ स्थापित कर लेंगे। :मेरी ओर से '''अन्य कोई आपत्ति नहीं''' है। मुझे लगता है आप पर्याप्त अनुभवी हो चुके हैं और पिछली बार की तरह कोई ग़लती नहीं करेंगे। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 23:07, 12 जून 2026 (UTC) ::पिछली बार हुई गलती के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ। फिलहाल इन कार्यों के लिए कोई कोड नहीं लिखा है। जहाँ तक पुरालेखन वाले कार्य की बात है, किसी भी पृष्ठ पर स्वचालित पुरालेखन शुरू करने के लिए उस पृष्ठ की सामग्री के सबसे ऊपर एक कॉन्फ़िगरेशन साँचा जोड़ना होगा। उसमें कुछ पैरामीटर भरने होंगे, जैसे सामग्री को किस लेख पर स्थानांतरित करना है, कितने दिनों बाद स्थानांतरण करना है, तथा वार्ता पृष्ठ पर कितने अनुभाग हमेशा बनाए रखने हैं। बॉट इन्हीं पैरामीटरों के अनुसार स्वचालित पुरालेखन करेगा। ::दूसरा कार्य भी काफी साधारण है। उसके बारे में मैंने ऊपर की टिप्पणी में बता दिया है, इसलिए उसके अतिरिक्त विशेष रूप से बताने के लिए कुछ नहीं है। ::तीसरे कार्य से मेरा आशय यह था कि किसी विश्वसनीय सदस्य, जैसे किसी प्रबंधक, द्वारा सुझाए गए कार्य को पूरा करना। अर्थात मैं स्वयं अपनी ओर से कोई निर्णय नहीं लूँगा, बल्कि उसमें दो लोगों की सहमति शामिल होगी। हालाँकि मैं तीसरे कार्य को हटा रहा हूँ, क्योंकि वैसे भी मुझे नहीं लगता कि तीसरा कार्य सभी को पसंद आएगा, इसलिए उस पर अपना समय व्यर्थ नहीं करना चाहता। पिछली बार हुई समस्या को ध्यान में रखते हुए ही मैंने यह निवेदन चौपाल पर रखा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें। जब भी आप उचित समझें, इसे [[वि:बॉट/अनुमोदन हेतु अनुरोध]] पर ले जा सकते हैं। <syntaxhighlight lang="wikitext"> {{User:DreamRimmer bot/config | algo=old(90d) | archive={{SUBST:#titleparts:{{SUBST:FULLPAGENAME}}}}/पुरालेख %(counter)d | counter=1 | maxarchivesize=200K | archiveheader={{Archive}} | minthreadsleft=5 | minthreadstoarchive=2 }}</syntaxhighlight> – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 08:10, 13 जून 2026 (UTC) :@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मैंने सोचा आप अनुरोध को [[वि:बॉट/अनुमोदन हेतु अनुरोध]] पर लिख दिये हो। आपने वहाँ आवेदन नहीं किया है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:36, 2 जुलाई 2026 (UTC) ;परिणाम: कोई विरोध नहीं; अनुरोध पूर्ण मानते हुए फ्लैग हेतु आवेदन मेटा पर ले जाया जा रहा। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:36, 12 जुलाई 2026 (UTC) :''उपर्युक्त चर्चा को एक पुरालेख के रूप में संरक्षित किया गया है। <span style="color:red">'''कृपया इसमें कोई बदलाव न करें।'''</span> आगे की वार्ताएँ इस पृष्ठ पर नये विभागों में होनी चाहिए''।<!-- साँचा:चर्चा तल से --></div> == बॉट अधिकार के नामांकन पर आपके सुझाव/मत हेतु == <div style="background-color: #E8F8F5; padding: 15px; border: 1px solid #27AE60; border-radius: 8px; margin-top: 10px;"> {| style="width:100%; background:transparent;" |- | style="width:100%; vertical-align:top; padding-right:15px;" | नमस्ते, मैंने अनुवादित लेखों की सफाई और सामान्य वर्तनी व व्याकरण की अशुद्धियों ('गयी'->'गई', 'विद्वान'->'विद्वान्' आदि) के लिए एक उन्नत पायथन बॉट तैयार किया है। अपने प्रयोगपृष्ठ पर इसके सफल परीक्षण के दौरान, आदरणीय प्रबंधक [[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी ने सुरक्षा नियमों के तहत खाते को अवरोधित कर मुझे यहाँ औपचारिक आवेदन करने का उचित निर्देश दिया था। उनके निर्देशानुसार, मैं अब इस खाते के लिए स्थायी '''बॉट अधिकार''' हेतु नामांकन कर रहा हूँ। आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया मेरे बॉट के कोड और कार्यप्रणाली की समीक्षा कर अपना बहुमूल्य मत/सुझाव प्रदान करें। '''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:बॉट/अनुमोदन हेतु अनुरोध#AMAN KUMAR Bot|मेरे नामांकन पर अपना मत/सुझाव दें]] सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद! सादर, |} </div> -- [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 10:32, 13 जून 2026 (UTC) == दुरुपयोग फ़िल्टर में अवरोध क्रिया सक्षम करने हेतु प्रस्ताव == नमस्ते सभी को, लगभग पिछले एक वर्ष से एक LTA हिन्दी विकिपीडिया पर लगातार उत्पात मचा रहा है। इसके लिए मैंने कुछ दिन पहले एक [[विशेष:दुरुपयोग फ़िल्टर/89|दुरुपयोग फ़िल्टर]] भी बनाया था, लेकिन अब वह अलग-अलग तरीकों से उस फ़िल्टर से बच निकलने के उपाय खोज लेता है। इसलिए मुझे लगता है कि केवल संपादन को अस्वीकृत करना पर्याप्त नहीं है और ऐसे मामलों में सीधे अवरोध (block) की व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए। चूँकि इसके अधिकांश खाते अस्थायी खाते होते हैं, इसलिए हर खाते को अलग-अलग अवरोधित करना व्यावहारिक नहीं है। इस कारण मैं हिन्दी विकिपीडिया पर दुरुपयोग फ़िल्टर के block action को सक्षम करने का प्रस्ताव रखता हूँ, ताकि ऐसे खातों को आवश्यकता पड़ने पर सीधे फ़िल्टर के माध्यम से अवरोधित किया जा सके। यह एक पुराना LTA है, इसलिए मेरा मानना है कि अन्य सदस्यों ने भी इसकी गतिविधियाँ अवश्य देखी होंगी। संबंधित फ़िल्टर सार्वजनिक नहीं है, इसलिए मैं उसके बारे में अधिक जानकारी नहीं दे सकता। फिर भी इतना अवश्य बता सकता हूँ कि यह प्रायः राजनेताओं और राजनीतिक दलों से संबंधित लेखों में अत्यंत आपत्तिजनक सामग्री जोड़ता है। मैं इस समस्या के समाधान के लिए भविष्य में किसी बड़े आईपी रेंज को अवरोधित करने की संभावना पर भी विचार करूँगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह प्रस्ताव भी उतना ही आवश्यक है। सभी सदस्यों की राय आमंत्रित है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">&#9632;</span>]] 15:54, 16 जून 2026 (UTC) * {{भरपूर समर्थन}} [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:29, 17 जून 2026 (UTC) *:@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, अस्थायी खाओं और आईपी परास को ब्लॉक करने के लिए समय सीमा भी निर्धारित करनी होती है। आपके अनुसार एक रेंज को कितने दिन तक प्रतिबंधित रखना चाहिए? मैं देखता हूँ कि जियो और एयरटेल के नेटवर्क की आईपी अंग्रेज़ी विकिपीडिया लगभग स्थानों पर प्रतिबंधित रहती हैं और कभी-कभी इन्हें काम में लिया जा सकता है अर्थात् प्रतिबंध स्थायी नहीं होते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:39, 2 जुलाई 2026 (UTC) == सहायता - हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रुप == नमस्ते, मुझे [https://hi.wikimedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रुप] में लॉगिन होने में समस्या आ रही है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:27, 17 जून 2026 (UTC) :@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आप वहाँ पर पंजीकृत नहीं हो। वहाँ विकिपीडिया खाते से लॉगिन नहीं होता। आपको कोई विशेष आवश्यकता हो तो बताइयेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:40, 2 जुलाई 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, मैं वहाँ अपना खाता कैसे बना सकता हूँ? कृपया मार्गदर्शन करें। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 14:01, 2 जुलाई 2026 (UTC) :::@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, मैंने आपको पहले ही कहा था कि आप आवश्यकता स्पष्ट कीजियेगा। वहाँ प्रबंधकों से अनुरोध करना पड़ता है। वर्तमान में अनिरुद्ध जी, पीयूष जी (सदस्य नाम: हिंदुस्थान वासी) और मैं प्रबंधक हैं। यदि आप आवश्यकता स्पष्ट करोगे तो आपका खाता निर्मित कर दिया जायेगा। लेकिन मुझे आपका तर्क उचित नहीं लगा तो खाता निर्मित नहीं करूँगा। हालांकि किसी भी स्पष्ट नियमावली के लिए अनिरुद्ध जी से सम्पर्क कर सकते हो। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:41, 2 जुलाई 2026 (UTC) ::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] महोदय, आपको यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि <big>हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन २०२६</big> के लिए मेरा चयन हो गया है। मेरी योजना भविष्य में भी यूजर ग्रुप के सम्मेलनों और अन्य गतिविधियों में भाग लेने की है। इसी उद्देश्य से मुझे वहाँ अपना खाता बनवाने की आवश्यकता थी। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 23:03, 2 जुलाई 2026 (UTC) :::::@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, बेहतर होगा कि इससे सम्बंधित चर्चा उपरोक्त सम्मेलन में कर लेंगे। मुझे यह कारण वहाँ खाता बनाने के लिए आवश्यक नहीं लगता। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 05:04, 3 जुलाई 2026 (UTC) == विवरण सम्पादन == नमस्ते। प्रत्येक लेख का एक विवरण होता है। हम इसका सम्पादन कैसे करें? [[सदस्य:अमर तिवारी|अमर तिवारी]] ([[सदस्य वार्ता:अमर तिवारी|वार्ता]]) 10:56, 23 जून 2026 (UTC) :@[[सदस्य:अमर तिवारी|अमर तिवारी]] जी, यदि आप मोबाइल में उपर दिखाई देने वाले विवरण की बात कर रहे हो तो वो विकिडाटा पर किया जाता है, यहाँ नहीं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:40, 2 जुलाई 2026 (UTC) ::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] अच्छा, धन्यवाद। [[सदस्य:अमर तिवारी|अमर तिवारी]] ([[सदस्य वार्ता:अमर तिवारी|वार्ता]]) 14:03, 2 जुलाई 2026 (UTC) == RFC about AI-generated content in Wikimedia Commons == <bdi lang="en" dir="ltr">Apologies for writing in English, please help translate this message to your language. You are invited to participate in a [[c:Commons:Requests for comment/Policy update for AI content|request for comment on Wikimedia Commons about a policy update for AI content]]. This may affect files that are uploaded to Wikimedia Commons for use on this project. Thank you. [[m:User:Codename Noreste|Codename Noreste]] ([[m:User talk:Codename Noreste|वार्ता]])</bdi> 17:11, 23 जून 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=30513860 पर मौजूद सूची का प्रयोग करके User:Codename Noreste@metawiki द्वारा भेजा गया संदेश --> == <span lang="en" dir="ltr">Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki</span> == <div lang="en" dir="ltr"> <section begin="Message"/> '''Legal & Safety Contacts''' Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[wmf:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia Foundation Legal and Safety Contact Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[m:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[m:Special:MyLanguage/Talk:Wikimedia Foundation Legal and Safety Contacts FAQ|talk page]]. <section end="Message"/> </div> -- [[User:Sannita (WMF)|User:Sannita (WMF)]] ([[User talk:Sannita (WMF)|talk]]) 13:29, 25 जून 2026 (UTC) <!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Sannita_(WMF)/Mass_sending_test&oldid=30731267 पर मौजूद सूची का प्रयोग करके User:Sannita (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया संदेश --> == WikiConference India 2026 के लिए स्व-वित्तपोषित पंजीकरण और सत्र प्रस्ताव  अब शुरू हो गए हैं == प्रिय समुदाय सदस्यों, हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि WikiConference India 2026 के लिए स्व-वित्तपोषित पंजीकरण और सत्र प्रस्ताव  अब शुरू हो गए हैं। WikiConference India 2026 का आयोजन 4–6 सितंबर 2026 को कोच्चि, केरल में होगा। यह सम्मेलन भारत और दक्षिण एशिया के विभिन्न हिस्सों से जुड़े विकिमीडिया समुदाय के सदस्यों, डेवलपर्स, शोधकर्ताओं और मुक्त ज्ञान से जुड़े लोगों को एक साथ लाने का अवसर है, जहाँ हम एक-दूसरे से सीख सकेंगे, अनुभव साझा कर सकेंगे और मिलकर काम कर सकेंगे। इस वर्ष सम्मेलन की थीम है — '''"ज्ञान साझेदारी की नई कल्पना: बदलते विकिमीडिया परिवेश में सामुदायिक नेतृत्व"'''। तेजी से बदलती तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग और ज्ञान बनाने के नए तरीकों के बीच, यह सम्मेलन सामुदायिक नेतृत्व, क्षेत्रीय भाषाओं, मुक्त ज्ञान और विकिमीडिया आंदोलन के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने का अवसर देगा। <nowiki>'''</nowiki>स्व-वित्तपोषित पंजीकरण<nowiki>'''</nowiki> स्व-वित्तपोषित पंजीकरण अब Pretix पर उपलब्ध है। * पंजीकरण फॉर्म: <nowiki>https://pretix.eu/wikimedia-events/WCI2026/</nowiki> * अधिक जानकारी: <nowiki>https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026/Registration</nowiki> <nowiki>'''सत्र प्रस्ताव आमंत्रण (Call for Submissions)'''</nowiki> सत्र प्रस्ताव अब Eventyay पर आमंत्रित किए जा रहे हैं। आप कार्यशाला, चर्चा, पैनल, इंटरैक्टिव सत्र, लाइटनिंग टॉक या पोस्टर प्रस्तुति के लिए अपना प्रस्ताव भेज सकते हैं। चाहे आप लंबे समय से विकिमीडिया से जुड़े हों या हाल ही में जुड़े हों, आपके विचार और अनुभव सम्मेलन को और समृद्ध बना सकते हैं। * अधिक जानकारी और दिशानिर्देश: <nowiki>https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026/Programme/Submissions</nowiki> * प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि: ['''15 जुलाई 2026'''] सम्मेलन से जुड़ी पूरी जानकारी, महत्वपूर्ण तिथियाँ और अन्य अपडेट के लिए कृपया आधिकारिक घोषणा देखें: * विस्तृत घोषणा: <nowiki>https://diff.wikimedia.org/2026/06/26/shape-the-future-call-for-submissions-open-for-wikiconference-india-2026/</nowiki> हम सभी समुदाय सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे पंजीकरण करें, अपने सत्र प्रस्ताव भेजें और इस जानकारी को अपने समुदायों में साझा करें। सादर, WikiConference India 2026 आयोजन टीम [[सदस्य:Amrit Sufi|Amrit Sufi]] ([[सदस्य वार्ता:Amrit Sufi|वार्ता]]) 10:15, 30 जून 2026 (UTC) == duplicate disambugation pages [[अक्षरधाम मन्दिर]] and [[अक्षरधाम]] ? == thnx [[सदस्य:কল্কি|কল্কি]] ([[सदस्य वार्ता:কল্কি|वार्ता]]) 10:40, 6 जुलाई 2026 (UTC) == [[रुचि (बहुविकल्पी)]] both links same page == links to a single article is allowed on disambugation pages ? [[सदस्य:কল্কি|কল্কি]] ([[सदस्य वार्ता:কল্কি|वार्ता]]) 10:43, 6 जुलाई 2026 (UTC) == अनुस्मारक: WikiConference India 2026 – अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 == प्रिय समुदाय के सदस्यों, यह एक विनम्र अनुस्मारक है कि '''WikiConference India 2026''' के लिए '''स्व-वित्तपोषित पंजीकरण''' (Self-funded Registration) और '''सत्र प्रस्ताव आमंत्रण''' (Call for Submissions) की अंतिम तिथि '''15 जुलाई 2026''' है। === स्व-वित्तपोषित पंजीकरण === https://pretix.eu/wikimedia-events/WCI2026/ === सत्र प्रस्ताव आमंत्रण === https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026/Programme/Submissions हम कार्यशालाओं, चर्चा सत्रों, पैनल चर्चाओं, इंटरैक्टिव सत्रों, लाइटनिंग टॉक्स तथा पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करते हैं। === अधिक जानकारी के लिए === https://meta.wikimedia.org/wiki/WikiConference_India_2026 हम सभी समुदाय सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे पंजीकरण करें, अपने सत्र प्रस्ताव भेजें और इस सूचना को अपने-अपने समुदायों में साझा करें। सादर, '''WikiConference India 2026 आयोजन समिति''' [[सदस्य:Gauri Guptaa|Gauri Guptaa]] ([[सदस्य वार्ता:Gauri Guptaa|वार्ता]]) 14:12, 7 जुलाई 2026 (UTC) == मैं ताजमहल का एक तस्वीर जोड़ना चाहता हूं। == [[File:TajMahalfront.jpg|300px]] कृपा कर मेरा प्रस्ताव स्वीकार करें। धन्यवाद <span style="font-family:'Monotype Corsiva', cursive; background-color: #FFFFFF; padding: 2px 3px 1px 3px;">[[User:Puspaaamm|<span style="color:Black;Size:115%">puspaaamm</span>]] [[User talk:Puspaaamm|<span style="color: White"></span>]]</span> 10:27, 8 जुलाई 2026 (UTC) :@[[सदस्य:Puspaaamm|Puspaaamm]] जी, लेख में तस्वीरें जुड़ी हुई हैं। आप इसे क्यों जोड़ना चाहते हैं? --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:08, 8 जुलाई 2026 (UTC) ::''' और इमेज के मुकाबले यह ज्यादा स्पष्ट और ज्यादा आकर्षक है।''' <span style="font-family:'Monotype Corsiva', cursive; background-color: #FFFFFF; padding: 2px 3px 1px 3px;">[[User:Puspaaamm|<span style="color:Black;Size:115%">puspaaamm</span>]] [[User talk:Puspaaamm|<span style="color: White"></span>]]</span> 16:20, 8 जुलाई 2026 (UTC) == Deletion of non free images which are not linked to any article == Sorry for posting in English. Non free fair use images are not permitted if they are not used in any article. such images are to be deleted as it will be a copyright violation. There are 111 non free images in te.wiki which are not linked to any article. they need to be deleted. For kind attention. {{ping|DreamRimmer}} {{ping|SM7}} {{ping|अजीत कुमार तिवारी }} {{ping|अनिरुद्ध कुमार}} {{ping|संजीव कुमार }} #[[:file:1000_Bangladeshi_taka_Obs_2011.jpg]] #[[:file:10_INR_Obs_2017.jpg]] #[[:file:10_INR_Rev_2017.jpg]] #[[:file:Amazing_Spider-Man_teaser_poster.jpg]] #[[:file:AnandabazarFront.JPG]] #[[:file:Andpictures.png]] #[[:file:Anupamaa.jpg]] #[[:file:Avengers_Assemble_-_Music_From_And_Inspired_By_The_Motion_Picture.jpg]] #[[:file:Avengers_Infinity_War_soundtrack_cover.jpg]] #[[:file:Baahubali_poster.jpg]] #[[:file:Bairan_Banjaare_.png]] #[[:file:Barfi!_Audio_CD.jpg]] #[[:file:Batman_begins.jpg]] #[[:file:BiggBoss10.jpg]] #[[:file:Bigmagic.jpeg]] #[[:file:BournePoster.jpg]] #[[:file:Bumblebee_(film)_poster.png]] #[[:file:Cars_2006.jpg]] #[[:file:Casino_Royale_3.jpg]] #[[:file:Colors_TV.svg.png]] #[[:file:Crime_Patrol_Satark.jpg]] #[[:file:DHTCD.jpg]] #[[:file:Dabbe-_Curse_of_the_Jinn_poster.jpg]] #[[:file:Dear_Zindagi_Soundtrack.png]] #[[:file:Dhoom_series.JPG]] #[[:file:Die_another_Day_-_UK_cinema_poster.jpg]] #[[:file:Don_album.jpg]] #[[:file:Eragon_Teaser_Poster_10.jpg]] #[[:file:Fast_Five_poster.jpg]] #[[:file:Fast_and_Furious4.jpg]] #[[:file:Fast_and_the_furious_poster.jpg]] #[[:file:FastandFurious6-teaserposter.jpg]] #[[:file:Filmfare_awards.jpg]] #[[:file:First_Phantom_Sunday_strip.jpg]] #[[:file:Free_Guy_Theatrical_First_Poster.jpg]] #[[:file:Geraftaarfilm.jpg]] #[[:file:Google_Play_screenshot.png]] #[[:file:Gunday_(2013_film).jpg]] #[[:file:Gurdas-Maan-Roti.jpg]] #[[:file:Hacked_film_poster.jpg]] #[[:file:Harry_Potter_and_the_Goblet_of_Fire_Poster.jpg]] #[[:file:Harry_Potter_and_the_Order_of_the_Phoenix_poster.jpg]] #[[:file:Harry_Potter_and_the_Prisoner_of_Azkaban_poster.png]] #[[:file:Himmatjaunpurii.jpg]] #[[:file:Images.jpg]] #[[:file:IndianOcean_desertRain.jpg]] #[[:file:IndianoceanKandisa.jpg]] #[[:file:Jaishankar_Prasad,1889-1937.jpg]] #[[:file:Jkkk.jpg]] #[[:file:Justice_League_(soundtrack).jpg]] #[[:file:Laal_Singh_Chaddha.jpg]] #[[:file:LinkinParkATSCover.jpg]] #[[:file:Linkin_park_hybrid_theory.jpg]] #[[:file:Main_baabul_ke_Des.png]] #[[:file:Manchester_City.png]] #[[:file:MeteoraLP.jpg]] #[[:file:Minutes_to_Midnight_cover.jpg]] #[[:file:Neelkamal_1947.jpg]] #[[:file:New_PSG.png]] #[[:file:Nil_Battey_Sannata_(cover).jpg]] #[[:file:Os_kii_bunda.jpg]] #[[:file:Pagglait_poster.jpg]] #[[:file:Pepsi_IPL_logo.png]] #[[:file:Php-logo-90.png]] #[[:file:Pon_de_Replay_cover.png]] #[[:file:Race_2_2013.jpg]] #[[:file:Rihanna_-_Music_of_the_Sun.png]] #[[:file:Rock_On_2_poster.jpg]] #[[:file:Saiyaara_film_poster.jpg]] #[[:file:Sohan_Singh_Bhakna.jpg]] #[[:file:Sony_Pix_new_logo.png]] #[[:file:Sony_Wah_new_logo.png]] #[[:file:Sony_Yay_new_logo.png]] #[[:file:Spain_National_Football_Team_badge.png]] #[[:file:Spider-Man_Far_From_Home_Soundtrack_Cover.jpg]] #[[:file:Spider-Man_Into_the_Spider-Verse_(2018_poster).png]] #[[:file:Swachchhand.jpg]] #[[:file:Terminator1984movieposter.jpg]] #[[:file:Terminator2poster.jpg]] #[[:file:The-dirty-picture.jpg]] #[[:file:The_Amazing_Spiderman_2.jpg]] #[[:file:The_Incredible_Hulk_poster.jpg]] #[[:file:The_Matrix_soundtrack_cover.jpg]] #[[:file:Transformers07.jpg]] #[[:file:Troy2004Poster.jpg]] #[[:file:Wonder_Woman_1984.jpg]] #[[:file:आप_से_मौसिकी.jpg]] #[[:file:आयरन_मैन_२_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:एक_पहेली_लीला_एल्बम_कवर.jpg]] #[[:file:एक्स-मेन_ऑरिजिंस-_वूल्वरिन_फिल्म_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:एक्स-मैन_फिल्म_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:कबाली_-_फिल्म_.jpg]] #[[:file:घोस्ट_राइडर_डीवीडी_कवर.jpeg]] #[[:file:जॉन_कार्टर_फ़िल्म_पोस्टर.jpg]] #[[:file:डेस्पासिटो.png]] #[[:file:डॉक्टर_सट्रेंज-फिल्म_पोस्टर.jpg]] #[[:file:तुम_ही_हो.jpg]] #[[:file:नट_बोल्टू.png]] #[[:file:पद्मावत_(फ़िल्म_एल्बम).jpg]] #[[:file:पार्टी_विद_द_भूतनाथ.jpg]] #[[:file:बालवीर_रिटर्न्स.png]] #[[:file:यहाँ_मैं_घर_घर_खेली.jpg]] #[[:file:यार_ना_मिले.jpg]] #[[:file:रक्षा_बंधन.png]] #[[:file:लाहौर_चिह्न.jpg]] #[[:file:शपथ_लाइफ_ओके.jpg]] #[[:file:समुंदर_के_लुटेरे-_अन्तिम_घडी_पोस्टर.jpeg]] #[[:file:सोनिक_निकलोडियन.webp]] #[[:file:सौदागर.jpg]] #[[:file:स्कायफॉल_फिल्म_पोस्टर_और_हिंदी_वीसीडी.png]] #[[:file:हैरी_पॉटर_और_रहस्यमयी_तहख़ाना_फिल्म_डीवीडी_कवर.jpeg]] [[सदस्य:Balajijagadesh|Balajijagadesh]] ([[सदस्य वार्ता:Balajijagadesh|वार्ता]]) 09:04, 14 जुलाई 2026 (UTC) :{{सुनो प्रबंधक}} मेंशन बिना हस्ताक्षर के किया गया था; अतः पिंग प्रणाली के कार्य न करने से किसी के पास मेंशन की अधिसूचना नहीं पहुँची। प्रबंधकों को दुबारा पिंग किया जा रहा। :उपर्युक्त में से कई तो ऐसे चित्र हैं जिनका उपयोग संभवतः बाद के संपादनों में हट गया लगता है। उदाहरण के लिये फिल्मों के पोस्टर, जबकि फ़िल्म पर लेख मौजूद है। ऐसे चित्रों को दुबारा फ़िल्म ज्ञानसंदूक में जोड़ा जा सकता है। {{पिंग|हिंदुस्थान वासी}} जी शायद कुछ मदद कर पायें। :जिन्हें किसी लेख में नहीं जोड़ा जा सकता उन्हें हटा दिया जाना चाहिये।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 12:33, 14 जुलाई 2026 (UTC) awakpdikrtwq5r7g049dmz2yxgf1oyg दिल्ली 0 1561 6582673 6582408 2026-07-15T01:26:48Z Rajeeb bastola 410727 6582673 wikitext text/x-wiki {{हाल की घटना|date=जनवरी 2025}} {{निर्वाचित लेख}} {{ज्ञानसन्दूक अवस्थापन | name = दिल्ली | settlement_type = [[महानगर]] और [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|केन्द्र-शासित प्रदेश]] | image_skyline = {{multiple image | total_width = 250 | border = infobox | perrow = 1/2/2/2/2 | caption_align = center | image1 = Tomb of Humayun, Delhi.jpg | caption1 = [[हुमायूँ का मकबरा|हुमायूँ का मक़बरा]] | image2 = Qutb minar ruins.jpg | caption2 = [[कुतुब परिसर|क़ुतुब परिसर]] | image3 = Jama Masjid 2011.jpg | caption3 = [[जामा मस्जिद, दिल्ली|जामा मस्जिद]] | image4 = Red Fort in Delhi 03-2016 img3.jpg | caption4 = [[लाल क़िला]] | image5 = India Gate 2014-11-01.jpg | caption5 = [[इण्डिया गेट]] | image6 = Digambar Jain Lal Mandir, Chandni Chowk, Delhi.jpg | caption6 = [[जैन लाल मंदिर, दिल्ली|जैन लाल मंदिर]] | image7 = St. James Church 9.jpg | caption7 = [[सैंट जैम्स गिरजाघर]] | image8 = Hyderabad house US Sec Def highest intensity.jpg | caption8 = [[हैदराबाद हाउस]] | image9 = Lotus Temple in New Delhi 03-2016.jpg | caption9 =[[कमल मंदिर (बहाई उपासना मंदिर)|कमल मंदिर]] }} | image_seal = Seal of the National Capital Territory of Delhi.svg | leader_title = [[दिल्ली के उपराज्यपालों की सूची|उपराज्यपाल]] | leader_name = [[विनय कुमार सक्सेना]] | leader_title1 = [[दिल्ली के मुख्यमंत्रियों की सूची|मुख्यमंत्री]] | leader_name1 = [[रेखा गुप्ता]] ([[भाजपा]]) | leader_title2 = [[दिल्ली विधान सभा|विधानसभा]] | leader_name2 = [[एकसदनवाद]] (70 सीट) | demographics1_title1 = राजभाषा | demographics1_info1 = [[हिन्दी]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] | demographics1_title2 = अतिरिक्त राजभाषा | demographics1_info2 = [[पंजाबी भाषा|पंजाबी]], [[उर्दू भाषा|उर्दू]] | subdivision_type = देश | subdivision_name = {{flag|भारत}} | population_as_of = 2011 | population_blank1_title = [[उचित शहर]] | population_blank1 = 11034555 | population_blank2_title = [[महानगर]] | population_blank2 = 16314838 | population_footnotes = <ref name="pop">{{Cite web|url=http://www.census2011.co.in/city.php|title=List of Most populated cities of India|website=www.census2011.co.in|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190321092118/http://www.census2011.co.in/city.php|archive-date=21 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.census2011.co.in/states.php|title=List of states with Population, Sex Ratio and Literacy Census 2011|website=www.census2011.co.in|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20140214170814/http://www.census2011.co.in/states.php|archive-date=14 फ़रवरी 2014|url-status=dead}}</ref> | timezone1 = [[भारतीय मानक समय|IST]] | website = {{URL|delhi.gov.in}} | footnotes = | official_name = दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र<br>{{nobold|National Capital Territory of Delhi}} | subdivision_type1 = [[भारत के प्रशासनिक विभाग|क्षेत्र]] | subdivision_name1 = [[उत्तर भारत]] | image_map1 = {{maplink|frame=yes|plain=yes|frame-width=300|frame-height=170|frame-align=center|zoom=4|type=point|title=दिल्ली|marker=city|type2=shape|stroke-width2=2|stroke-color2=#808080}} | coordinates = {{Coord|28|36|36|N|77|13|48|E|type:adm1st_region:IN-DL}} | area_total_km2 = 1484 | elevation_m = | elevation_min_m = 200 | elevation_max_m = 250 | governing_body = [[दिल्ली सरकार]] | native_name = Delhi | established_title = [[दिल्ली सल्तनत]] की राजधानी | established_date = 1214 | established_title1 = [[मुग़ल साम्राज्य]] की राजधानी | established_date1 = 1526 | established_title2 = [[ब्रिटिश राज]] की राजधानी | established_date2 = 12 दिसंबर 1911 | established_title3 = [[भारत गणराज्य]] की राजधानी | established_date3 = 26 जनवरी 1950 | established_title4 = [[केन्द्र-शासित प्रदेश]] | established_date4 = 1 नवंबर 1956 | established_title5 = राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र | established_date5 = 1 फ़रवरी 1992 | iso_code = [[ISO 3166-2:IN|IN-DL]] | registration_plate = DL | area_code = [[भारत में टेलीफ़ोन नंबर|+91 11]] | postal_code = 110000{{ndash}}110099 | utc_offset = +5:30 | population_est = 21588000 | population_density_km2 = auto | population_total = 16787941 | area_water_sq_mi = 6.9 | pop_est_as_of = 2024 | blank_name_sec2 = [[मानव विकास सूचकांक|HDI]] {{nobold|(2018)}} | blank_info_sec2 = {{nowrap|{{increase}}}} 0.839 | blank1_name_sec2 = [[भारत में साक्षरता|साक्षरता]] {{nobold|(2011)}} | blank1_info_sec2 = 86.21% | blank1_name_sec1 = [[त्वरित परिवहन]] | blank1_info_sec1 = [[दिल्ली मेट्रो]] | blank_name_sec1 = [[अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] | blank_info_sec1 = [[इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा|इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] | blank2_info_sec2 = 868 /1000 | blank2_name_sec2 = [[लिंगानुपात]] {{nobold|(2011)}} | native_name_lang = en }} '''दिल्ली''' ({{Langx|en|Delhi|italic=no}}), आधिकारिक तौर पर '''राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली'''<ref>{{Cite web |url=https://india.gov.in/hi/ |title=राष्ट्रीय-राजधानी-क्षेत्र-दिल्ली-की-वेबसाइट-देखें |access-date=12 जुलाई 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170701055708/https://india.gov.in/hi |archive-date=1 जुलाई 2017 |url-status=dead }}</ref> ({{Langx|en|National Capital Territory of Delhi|links=no|italic=no}}) भारत का एक महानगर और केंद्र-शासित प्रदेश है। इसमें [[नई दिल्ली (प्रशासनिक राजधानी क्षेत्र)|नई दिल्ली]] सम्मिलित है जो भारत की राजधानी है। दिल्ली में राजधानी के होने के नाते केंद्र सरकार की तीनों इकाइयों- कार्यपालिका, संसद और न्यायपालिका के मुख्यालय नई दिल्ली और दिल्ली में स्थापित हैं। १४८३ वर्ग किलोमीटर में फैला दिल्ली जनसंख्या के तौर पर भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर है। यहाँ की जनसंख्या लगभग १ करोड़ ७० लाख है। यहाँ बोली जाने वाली मुख्य भाषाएँ हैं : [[हिन्दी]], [[पंजाबी भाषा|पंजाबी]], [[उर्दू]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]। भारत में दिल्ली का ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्त्व है। इसके दक्षिण पश्चिम में [[अरावली]] पहाड़ियाँ और पूर्व में [[यमुना]] नदी है, जिसके किनारे यह नगर बसा हुआ है। यह प्राचीन समय में [[गंगा]] के मैदान से होकर जाने वाले वाणिज्य पथों के रास्ते में पड़ने वाला मुख्य पड़ाव था।<ref>{{cite book |last=Necipoglu |first=Gulru |title=Muqarnas: An Annual on the Visual Culture of the Islamic World |origyear=2002 |url=http://books.google.com/books?id=UJc2u33fCKQC&pg=PA16&dq=delhi+sultanate+political+center+city+delhi&sig=ACfU3U3zNMesuCjnsH7iAlLe5mKHpddn8w#PPA12,M1 |publisher=BRILL |isbn=9004125930 |pages=12–43 |chapter=Epigraphs, Scripture, and Architecture in the Early Sultanate of Delhi |chapterurl= |year=2002 |access-date=14 मार्च 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140920212841/http://books.google.com/books?id=UJc2u33fCKQC&pg=PA16&dq=delhi+sultanate+political+center+city+delhi&sig=ACfU3U3zNMesuCjnsH7iAlLe5mKHpddn8w#PPA12,M1 |archive-date=20 सितंबर 2014 |url-status=live }}</ref> [[यमुना नदी]] के किनारे स्थित इस नगर का गौरवशाली पौराणिक इतिहास है, और पुराणों में इसका विशेष महत्व है। यह भारत का अति प्राचीन नगर है। इसके इतिहास का प्रारम्भ [[सिन्धु घाटी सभ्यता]] से जुड़ा हुआ है। [[हरियाणा]] के आसपास के क्षेत्रों में हुई खुदाई से इस बात के प्रमाण मिले हैं। [[महाभारत]] काल में इसका नाम [[इन्द्रप्रस्थ]] था। [[दिल्ली सल्तनत]] के उत्थान के साथ ही दिल्ली एक प्रमुख राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं वाणिज्यिक शहर के रूप में उभरी।<ref>{{cite book|last=Aitken|first=Bill|title=Speaking Stones: World Cultural Heritage Sites in India|origyear=2002|url=http://books.google.com/books?id=lu5jGGQ8fJkC&pg=PA21&dq=delhi+continuously+inhabited&sig=ACfU3U1Z52ojRmD1-ZS2QeQlb8UlGZeBhA|publisher=Eicher Goodearth Limited|isbn=8187780002|pages=264 pages|chapter=|chapterurl=|year=2001|access-date=14 मार्च 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20110914123144/http://books.google.com/books?id=lu5jGGQ8fJkC&pg=PA21&dq=delhi+continuously+inhabited&sig=ACfU3U1Z52ojRmD1-ZS2QeQlb8UlGZeBhA|archive-date=14 सितंबर 2011|url-status=live}}</ref> यहाँ कई प्राचीन एवं मध्यकालीन इमारतों तथा उनके अवशेषों को देखा जा सकता हैं। [[१६३९]] में मुगल बादशाह [[शाहजहाँ]] ने दिल्ली में ही एक चारदीवारी से घिरे शहर का निर्माण करवाया जो [[१६७९]] से [[१८५७]] तक [[मुगल साम्राज्य]] की राजधानी रही। १८वीं एवं १९वीं शताब्दी में [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी]] ने लगभग पूरे भारत को अपने कब्जे में ले लिया। उन्होंने [[कोलकाता]] को अपनी राजधानी बनाया। [[१९११]] में [[दिल्ली दरबार]] में अंग्रेजी सरकार ने फैसला किया कि राजधानी को वापस दिल्ली लाया जाए। इसके लिए पुरानी दिल्ली के दक्षिण में एक नए नगर ''नई दिल्ली'' का निर्माण प्रारंभ हुआ। अंग्रेजों से [[१९४७]] में स्वतंत्रता प्राप्त कर नई दिल्ली को भारत की राजधानी घोषित किया गया। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात दिल्ली में विभिन्न क्षेत्रों से लोगों का प्रवासन हुआ, इससे दिल्ली के स्वरूप में आमूल परिवर्तन हुआ। विभिन्न प्रान्तों, धर्मों एवं जातियों के लोगों के दिल्ली में बसने के कारण दिल्ली का शहरीकरण तो हुआ ही साथ ही यहाँ एक मिश्रित संस्कृति ने भी जन्म लिया। आज दिल्ली भारत का एक प्रमुख राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं वाणिज्यिक केन्द्र है। == नामकरण == इस नगर का नाम "दिल्ली" कैसे पड़ा इसका कोई निश्चित सन्दर्भ नहीं मिलता, लेकिन व्यापक रूप से यह माना गया है कि यह एक प्राचीन राजा "ढिल्लु" से सम्बन्धित है। कुछ इतिहासकारों का यह मानना है कि यह देहलीज़ का एक विकृत रूप है, जिसका [[हिन्दुस्तानी]] में अर्थ होता है 'चौखट', जो कि इस नगर के सम्भवतः सिन्धु-गंगा समभूमि के प्रवेश-द्वार होने का सूचक है। एक और अनुमान के अनुसार इस नगर का प्रारम्भिक नाम "ढिलिका" था। हिन्दी/प्राकृत "ढीली" भी इस क्षेत्र के लिए प्रयोग किया जाता था। == इतिहास == {{main|दिल्ली का इतिहास}} [[चित्र:Delhi Red fort.jpg|thumb|300px|बाएँ|लाल किला]] दिल्ली का प्राचीनतम उल्लेख महाभारत नामक [[महापुराण]] में मिलता है जहाँ इसका उल्लेख प्राचीन इन्द्रप्रस्थ के रूप में किया गया है। इन्द्रप्रस्थ महाभारत काल में [[पांडवों]] की राजधानी थी।<ref name=ecosurv1>{{cite web |url=http://delhiplanning.nic.in/Economic%20Survey/ES%202005-06/Chpt/1.pdf |title=Chapter 1: Introduction |accessdate=21 दिसंबर 2006 |format=PDF |work=Economic Survey of Delhi, 2005–2006 |publisher=Planning Department, Government of National Capital Territory of Delhi |pages=pp1–7 |archive-url=https://web.archive.org/web/20161113174155/http://delhiplanning.nic.in/Economic%20Survey/ES%202005-06/Chpt/1.pdf |archive-date=13 नवंबर 2016 |url-status=dead }}</ref> पुरातात्विक रूप से जो पहले प्रमाण मिले हैं उससे पता चलता है कि ईसा से दो हजार वर्ष पहले भी दिल्ली तथा उसके आस-पास मानव निवास करते थे।<ref name=tourhist>{{cite web |url=http://www.indiatourism.com/delhi-history/index.html |title=Delhi History |accessdate=22 दिसंबर 2006 |work=Delhi Tourism |publisher=Advent InfoSoft (P) Ltd |archive-url=https://web.archive.org/web/20061208210557/http://www.indiatourism.com/delhi-history/index.html |archive-date=8 दिसंबर 2006 |url-status=dead }}</ref>। दिल्ली का इतिहास बेहद पुराना है करीब ७३० ईसा पूर्व के दौरान मालवा के शासक[[ राजा धन्ना भील ]]<nowiki/>के एक उत्तराधिकारी ने दिल्ली के सम्राट को चुनौती दी थी <ref>{{shorturl.at/bCYZ6}}</ref>। [[मौर्य-काल]] (ईसा पूर्व ३००) से यहाँ एक नगर का विकास होना आरम्भ हुआ। महाराज [[पृथ्वीराज चौहान]] के दरबारी कवि [[चंद बरदाई]] की हिन्दी रचना [[पृथ्वीराज रासो]] में [[तोमर वंश|तोमर]] राजा [[अनंगपाल]] को दिल्ली का संस्थापक बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि उसने ही 'लाल-कोट' का निर्माण करवाया था और महरौली के गुप्त कालीन लौह-स्तंभ को दिल्ली लाया। दिल्ली में तोमरों का शासनकाल वर्ष [[९००]]-[[१२००]] तक माना जाता है। 'दिल्ली' या 'दिल्लिका' शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम उदयपुर में प्राप्त शिलालेखों पर पाया गया। इस शिलालेख का समय वर्ष ११७० निर्धारित किया गया। महाराज पृथ्वीराज चौहान को दिल्ली का अन्तिम हिन्दू सम्राट माना जाता है। १२०६ ई० के बाद दिल्ली [[दिल्ली सल्तनत]] की राजधानी बनी। इस पर [[खिलज़ी वंश]], [[तुगलक़ वंश]], [[सैयद वंश]] और [[लोदी वंश]] समेत कुछ अन्य वंशों ने शासन किया। ऐसा माना जाता है कि आज की आधुनिक दिल्ली बनने से पहले दिल्ली सात बार उजड़ी और विभिन्न स्थानों पर बसी, जिनके कुछ अवशेष आधुनिक दिल्ली में अब भी देखे जा सकते हैं। दिल्ली के तत्कालीन शासकों ने इसके स्वरूप में कई बार परिवर्तन किया। मुगल बादशाह हुमायूँ ने सरहिन्द के निकट युद्ध में अफ़गानों को पराजित किया तथा बिना किसी विरोध के दिल्ली पर अधिकार कर लिया। हुमायूँ की मृत्यु के बाद हेमू विक्रमादित्य के नेतृत्व में अफ़गानों नें मुगल सेना को पराजित कर आगरा व दिल्ली पर पुनः अधिकार कर लिया। मुगल बादशाह [[अकबर]] ने अपनी राजधानी को दिल्ली से [[आगरा]] स्थान्तरित कर दिया। अकबर के पोते [[शाहजहाँ]] ([[१६२८]]-[[१६५८]]) ने सत्रहवीं सदी के मध्य में इसे सातवीं बार बसाया जिसे शाहजहाँनाबाद के नाम से पुकारा गया। शाहजहाँनाबाद को आम बोल-चाल की भाषा में पुराना शहर या पुरानी दिल्ली कहा जाता है। प्राचीनकाल से पुरानी दिल्ली पर अनेक राजाओं एवं सम्राटों ने राज्य किया है तथा समय-समय पर इसके नाम में भी परिवर्तन किया जाता रहा था। पुरानी दिल्ली [[१६३८]] के बाद मुग़ल सम्राटों की राजधानी रही। दिल्ली का आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफ़र था जिसकी मृत्यू निवार्सन में ही रंगून में हुई। [[चित्र:ITO crossroads, New Delhi in 1950.jpg|अंगूठाकार|दाएँ|300px|दिल्ली के आईटीओ चौराहे का दृश्य, १९५०]] [[१८५७]] के [[सिपाही विद्रोह]] के बाद दिल्ली पर ब्रिटिश शासन के हुकूमत में शासन चलने लगा। [[१८५७]] के इस [[प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] के आंदोलन को पूरी तरह दबाने के बाद अंग्रेजों ने [[बहादुरशाह ज़फ़र]] को [[रंगून]] भेज दिया तथा भारत पूरी तरह से अंग्रेजो के अधीन हो गया। प्रारम्भ में उन्होंने कलकत्ते (आजकल [[कोलकाता]]) से शासन संभाला परन्तु ब्रिटिश शासन काल के अन्तिम दिनों में [[पीटर महान]] के नेतृत्व में [[रूसी साम्राज्य]] का प्रभाव भारतीय उपमहाद्वीप में तेजी से बढ़ने लगा। जिसके कारण अंग्रेजों को यह लगने लगा कि कलकत्ता जो कि भारत के धुर पूरब में था वहां से [[अफ़ग़ानिस्तान]] एवं [[ईरान]] आदि पर सक्षम तरीके से आसानी से नियंत्रण नहीं स्थापित किया जा सकता है आगे चल कर के इसी कारण से [[१९११]] में [[उपनिवेश]] राजधानी को [[नई दिल्ली]] स्थानांतरित कर दिया गया एवं अनेक आधुनिक निर्माण कार्य करवाए गये। शहर के बड़े हिस्सों को ब्रिटिश आर्किटेक्ट्स सर एडविन लुटियंस और सर हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किया गया था। [[१९४७]] में भारत की आजादी के बाद नई दिल्ली को अधिकारिक रूप से भारत की राजधानी घोषित कर दिया गया। दिल्ली में कई राजाओं के साम्राज्य के उदय तथा पतन के साक्ष्य आज भी विद्यमान हैं। सच्चे मायने में दिल्ली हमारे देश के भविष्य, भूतकाल एवं वर्तमान परिस्थितियों का मेल-मिश्रण हैं। तोमर शासकों में दिल्ली की स्थापना का श्रेय अनंगपाल को जाता है। == जलवायु, भूगोल और जनसांख्यिकी == ===दिल्ली-एनसीआर=== {{main|राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (भारत)}} एनसीआर में दिल्ली से सटे सूबे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई शहर शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.bhaskar.com/union-territory/new-delhi/news/ut-del-hmu-new-haryanas-jind-and-karnal-add-in-part-of-ncr-zone-5017644-nor.html|title=एनसीआर में शामिल हुए जींद,करनाल और मुजफ्फरनगर, मथुरा को नहीं मिली मंजूरी|date=9 जून 2015|website=Dainik Bhaskar|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190407170136/https://www.bhaskar.com/union-territory/new-delhi/news/ut-del-hmu-new-haryanas-jind-and-karnal-add-in-part-of-ncr-zone-5017644-nor.html|archive-date=7 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref> एनसीआर में ४ करोड़ ७० से ज्यादा आबादी रहती है। समूचे एनसीआर में दिल्ली का क्षेत्रफल १,४८४ स्क्वायर किलोमीटर है। देश की राजधानी एनसीआर का २.९ फीसदी भाग कवर करती है। एनसीआर के तहत आने वाले क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के मेरठ, [[गाजियाबाद]], गौतम बुद्ध नगर ([[नोएडा]]), बुलंदशहर,शामली, बागपत, हापुड़ और मुजफ्फरनगर; और [[हरियाणा]] के [[फरीदाबाद]], [[गुड़गांव]], मेवात, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, [[पानीपत]], पलवल, महेंद्रगढ़, भिवाड़ी, जिंद और करनाल जैसे जिले शामिल हैं। [[राजस्थान]] से दो जिले - [[भरतपुर]] और [[अलवर]] एनसीआर में शामिल किए गए हैं।<ref>{{Cite web|url=https://abpnews.abplive.in/india-news/ncr-national-capital-region-of-india-a-to-z-things-you-must-know-about-it-762031|title=आप जिस दिल्ली-NCR में रहते हैं, जानिए- उसके बारे में A टू Z जानाकरी|first=एबीपी न्यूज़ वेब|last=डेस्क|date=4 जन॰ 2018|website=abpnews.abplive.in|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190407170215/https://abpnews.abplive.in/india-news/ncr-national-capital-region-of-india-a-to-z-things-you-must-know-about-it-762031|archive-date=7 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref> === भौगोलिक स्थिति === {{main|दिल्ली का भूगोल}} [[चित्र:YamunaRiver.jpg|thumb|200px|दिल्ली में [[यमुना]] नदी]] [[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र]] दिल्ली {{convert|1484|km2|sqmi|abbr=on}} में विस्तृत है, जिसमें से {{convert|783|km2|sqmi|abbr=on|0}} भाग ग्रामीण और {{convert|700|km2|sqmi|abbr=on|0}} भाग शहरी घोषित है। दिल्ली उत्तर-दक्षिण में अधिकतम {{convert|51.9|km|mi|abbr=on|0}} है और पूर्व-पश्चिम में अधिकतम चौड़ाई {{convert|48.48|km|mi|abbr=on|0}} है। दिल्ली के अनुरक्षण हेतु तीन संस्थाएं कार्यरत है:- * [[दिल्ली नगर निगम]]:विश्व का सबसे बड़ा स्थानीय निकाय है, जो कि अनुमानित १३७.८० लाख नागरिकों (क्षेत्रफल {{convert|1397.3|km2|sqmi|abbr=on|0|disp=or}}) को नागरिक सेवाएं प्रदान करती है। यह क्षेत्रफ़ल के हिसाब से भी मात्र [[टोक्यो]] से ही पीछे है।"<ref>Municipal Corporation of Delhi: About us [http://www.mcdonline.gov.in/mcd/aboutus.jsp] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090324083412/http://www.mcdonline.gov.in/mcd/aboutus.jsp|date=24 मार्च 2009}})</ref>. नगर निगम १३९७ वर्ग कि॰मी॰ का क्षेत्र देखती है। वर्तमान में दिल्ली नगर निगम को तीन हिस्सों में बाट दिया गया है उत्तरी दिल्ली नगर निगम,पूर्वी दिल्ली नगर निगम व दक्षिण दिल्ली नगर निगम। * [[नई दिल्ली नगरपालिका परिषद]]: (एन डी एम सी) (क्षेत्रफल {{convert|42.7|km2|sqmi|abbr=on|0|disp=or}}) [[नई दिल्ली]] की नगरपालिका परिषद् का नाम है। इसके अधीन आने वाला कार्यक्षेत्र एन डी एम सी क्षेत्र कहलाता है। * [[दिल्ली छावनी बोर्ड]]: (क्षेत्रफल ({{convert|43|km2|sqmi|abbr=on|0|disp=or}})<ref>{{cite web |url=http://www.ndmc.gov.in/AboutNDMC/NNDMCAct.aspx |title=परिचय |accessdate=3 जुलाई 2007 |work=द न्यू देल्ही म्युनिसिपल कॉन्सिल एक्ट १९९४ |publisher=[[नई दिल्ली नगर पालिका परिषद]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20080302220220/http://www.ndmc.gov.in/AboutNDMC/NNDMCAct.aspx |archive-date=2 मार्च 2008 |url-status=live }}</ref> जो दिल्ली के [[दिल्ली छावनी|छावनी]] क्षेत्रों को देखता है। दिल्ली एक अति-विस्तृत क्षेत्र है। यह अपने चरम पर उत्तर में सरूप नगर से दक्षिण में [[रजोकरी]] तक फैला है। पश्चिमतम छोर [[नजफगढ़]] से पूर्व में [[यमुना नदी]] तक (तुलनात्मक परंपरागत पूर्वी छोर)। वैसे [[शाहदरा]], [[भजनपुरा]], आदि इसके पूर्वतम छोर होने के साथ ही बड़े बाज़ारो में भी आते हैं। रा.रा.क्षेत्र में उपर्युक्त सीमाओं से लगे निकटवर्ती प्रदेशों के [[नोएडा]], [[गुड़गांव]] आदि क्षेत्र भी आते हैं। दिल्ली की भू-प्रकृति बहुत बदलती हुई है। यह उत्तर में समतल कृषि मैदानों से लेकर दक्षिण में शुष्क [[अरावली पर्वत]] के आरम्भ तक बदलती है। दिल्ली के दक्षिण में बड़ी प्राकृतिक झीलें हुआ करती थीं, जो अब अत्यधिक खनन के कारण सूखती चली गईं हैं। इनमें से एक है [[बड़खल झील]]। [[यमुना नदी]] शहर के पूर्वी क्षेत्रों को अलग करती है। ये क्षेत्र [[पूर्वी दिल्ली|यमुना पार]] कहलाते हैं, वैसे ये नई दिल्ली से बहुत से पुलों द्वारा भली-भांति जुड़े हुए हैं। [[दिल्ली मेट्रो]] भी अभी दो पुलों द्वारा नदी को पार करती है। दिल्ली {{coord|28.61|N|77.23|E|}} पर [[भारत|उत्तरी भारत]] में बसा हुआ है। यह समुद्रतल से ७०० से १००० फीट की ऊँचाई पर [[हिमालय]] से १६० किलोमीटर दक्षिण में [[यमुना नदी]] के किनारे पर बसा है। यह उत्तर, पश्चिम एवं दक्षिण तीन तरफ से [[हरियाणा]] राज्य तथा पूर्व में [[उत्तर प्रदेश]] राज्य द्वारा घिरा हुआ है। दिल्ली लगभग पूर्णतया [[गंगा के मैदान|गांगेय क्षेत्र]] में स्थित है। दिल्ली के भूगोल के दो प्रधान अंग हैं [[यमुना]] सिंचित समतल एवं दिल्ली रिज (पहाड़ी)। अपेक्षाकृत निचले स्तर पर स्थित मैदानी उपत्यकाकृषि हेतु उत्कृष्ट भूमि उपलब्ध कराती है, हालांकि ये बाढ़ संभावित क्षेत्र रहे हैं। ये दिल्ली के पूर्वी ओर हैं। और पश्चिमी ओर रिज क्षेत्र है। इसकी अधिकतम ऊँचाई ३१८ मी.(१०४३ फी.)<ref name=gisridge>{{cite web |url=http://www.fig.net/pub/fig_2002/Ts3-9/TS3_9_mohan.pdf |title=जीआईएस-बेस्ड स्पैशियल इन्फ़ॉर्मेशन इंटीग्रेशन, मॉडलिंग एण्ड डिजिटल मैपिंग: ए न्यू ब्लेन्ड ऑफ टूल फ़ॉर जियोस्पेशियल एन्वायरेनमेण्टल हेल्थ एनालिसिस फ़ॉर देल्ही रिज |accessdate=३ फ़रवरी २००३ |last=मोहन |first=मदन |date= |year=२००२ |month=अप्रैल |format=PDF |work=स्पैशियल इन्फ़ॉर्मेशन फ़ॉर हेल्थ मॉनीटरिंग एण्ड पॉपुलेशन मैंनेजमेंट |publisher=एफ़आईजी XXII अन्तर्राष्ट्रीय कांग्रेस |pages=पृ. ५ |archive-url=https://www.webcitation.org/684JsgcnW?url=http://www.fig.net/pub/fig_2002/Ts3-9/TS3_9_mohan.pdf |archive-date=31 मई 2012 |url-status=dead }}</ref> तक जाती है। यह दक्षिण में [[अरावली पर्वत]]माला से आरम्भ होकर शहर के पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों तक फैले हैं। दिल्ली की जीवनरेखा [[यमुना]] [[हिन्दू धर्म]] में अति पवित्र नदियों में से एक है। एक अन्य छोटी नदी [[हिंडन नदी]] [[पूर्वी दिल्ली]] को [[गाजियाबाद]] से अलग करती है। दिल्ली [[भूकम्प|सीज़्मिक क्षेत्र-IV]] में आने से इसे बड़े [[भूकम्प|भूकम्पों]] का संभावित क्षेत्र बनाती है।<ref name=hazardprofile>{{cite web |url=http://www.undp.org.in/dmweb/hazardprofile.pdf |title=हैज़ार्ड प्रोफ़ाइल ऑफ़ इंडियन डिस्ट्रिक्ट्स |format=PDF |work=नेशनल कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोजेक्ट इन डाइज़ास्टार मैंनेजमेण्ट |publisher=[[यूएनडीपी]] |archiveurl=https://web.archive.org/web/20060519100611/http://www.undp.org.in/dmweb/hazardprofile.pdf |access-date=31 जुलाई 2009 |archive-date=19 मई 2006 |url-status=dead }}</ref> === जल सम्पदा === भूमिगत जलभृत लाखों वर्षों से प्राकृतिक रूप से नदियों और बरसाती धाराओं से नवजीवन पाते रहे हैं। भारत में गंगा-यमुना का मैदान ऐसा क्षेत्र है, जिसमें सबसे उत्तम जल संसाधन मौजूद हैं। यहाँ अच्छी वर्षा होती है और हिमालय के ग्लेशियरों से निकलने वाली सदानीरा नदियाँ बहती हैं। दिल्ली जैसे कुछ क्षेत्रों में भी कुछ ऐसा ही है। इसके दक्षिणी पठारी क्षेत्र का ढलाव समतल भाग की ओर है, जिसमें पहाड़ी श्रृंखलाओं ने प्राकृतिक झीलें बना दी हैं। पहाड़ियों पर का प्राकृतिक वनाच्छादन कई बारहमासी जलधाराओं का उद्गम स्थल हुआ करता था।<ref name="इंडिया वाटर पोर्टल">{{Cite web|url=https://hindi.indiawaterportal.org/?q=content/%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8|title=Hindi Water Portal|website=hindi.indiawaterportal.org|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20170228150506/http://hindi.indiawaterportal.org/?q=content%2F%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8|archive-date=28 फ़रवरी 2017|url-status=dead}}</ref> व्यापारिक केन्द्र के रूप में दिल्ली आज जिस स्थिति में है; उसका कारण यहाँ चौड़ी पाट की एक यातायात योग्य नदी [[यमुना]] का होना ही है; जिसमें माल ढुलाई भी की जा सकती थी। ५०० ई. पूर्व में भी निश्चित ही यह एक ऐसी ऐश्वर्यशाली नगरी थी, जिसकी सम्पत्तियों की रक्षा के लिए नगर प्राचीर बनाने की आवश्यकता पड़ी थी। सलीमगढ़ और पुराना किला की खुदाइयों में प्राप्त तथ्यों और पुराना किला से इसके इतने प्राचीन नगर होने के प्रमाण मिलते हैं। [[१०००]] ई. के बाद से तो इसके इतिहास, इसके युध्दापदाओं और उनसे बदलने वाले राजवंशों का पर्याप्त विवरण मिलता है।<ref name="इंडिया वाटर पोर्टल"/> भौगोलिक दृष्टि से अरावली की श्रंखलाओं से घिरे होने के कारण दिल्ली की शहरी बस्तियों को कुछ विशेष उपहार मिले हैं। अरावली श्रंखला और उसके प्राकृतिक वनों से तीन बारहमासी नदियाँ दिल्ली के मध्य से बहती यमुना में मिलती थीं। दक्षिण एशियाई भूसंरचनात्मक परिवर्तन से अब यमुना अपने पुराने मार्ग से पूर्व की ओर बीस किलोमीटर हट गई है।<ref>{{cite web|url=http://hindi.indiawaterportal.org/?q=content/%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8|title=दिल्ली की प्यास-यमुना को प्राणवान करने से ही स्थानीय जलस्रोतों को नवजीवन मिलेगा|publisher=इंडिया वाटर पोर्टल|accessdate=९ अगस्त २०१५|archive-url=https://web.archive.org/web/20170228150506/http://hindi.indiawaterportal.org/?q=content%2F%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8|archive-date=28 फ़रवरी 2017|url-status=dead}}</ref> ३००० ई. पूर्व में ये नदी दिल्ली में वर्तमान 'रिज' के पश्चिम में होकर बहती थी। उसी युग में अरावली की श्रृंखलाओं के दूसरी ओर [[सरस्वती नदी]] बहती थी, जो पहले तो पश्चिम की ओर सरकी और बाद में भौगोलिक संरचना में भूमिगत होकर पूर्णत: लुप्त हो गई। एक अंग्रेज द्वारा १८०७ में किए गए सर्वेक्षण के आधार पर बने उपर्युक्त नक्शे में वह जलधाराएं दिखाई गई हैं, जो दिल्ली की [[यमुना]] में मिलती थीं। एक तिलपत की पहाड़ियों में दक्षिण से उत्तर की ओर बहती थी, तो दूसरी हौजखास में अनेक सहायक धाराओं को समेटते हुए पूर्वाभिमुख बहती बारापुला के स्थान पर निजामुद्दीन के ऊपरी यमुना प्रवाह में जाकर मिलती थी। एक तीसरी और इनसे बड़ी धारा जिसे साहिबी नदी (पूर्व नाम रोहिणी) कहते थे। दक्षिण-पश्चिम से निकल कर रिज के उत्तर में यमुना में मिलती थी। ऐसा लगता है कि विवर्तनिक हलचल के कारण इसके बहाव का निचाई वाला भूभाग कुछ ऊँचा हो गया, जिससे इसका यमुना में गिरना रूक गया।<ref name="इंडिया वाटर पोर्टल"/> पिछले मार्ग से इसका ज्यादा पानी नजफगढ़ झील में जाने लगा। कोई ७० वर्ष पहले तक इस झील का आकार २२० वर्ग किलोमीटर होता था। अंग्रेजों ने साहिबी नदी की गाद निकालकर तल सफ़ाई करके नाला [[नजफगढ़]] का नाम दिया और इसे यमुना में मिला दिया। यही जलधाराएं और यमुना-दिल्ली में अरावली की श्रृंखलाओं के कटोरे में बसने वाली अनेक बस्तियों और राजधानियों को सदा पर्याप्त जल उपलब्ध कराती आईं थीं। [[हिमालय]] के [[हिमनद|हिमनदों]] से निकलने के कारण यमुना सदानीरा रही है। परन्तु अन्य उपर्युक्त उपनदियाँ अब से २०० वर्ष पूर्व तक ही, जब तक कि अरावली की पर्वतमाला प्राकृतिक वन से ढकी रहीं तभी तक बारहमासी रह सकीं। खेद है कि दिल्ली में वनों का कटान खिलजियों के समय से ही शुरू हो गया था। इस्लाम स्वीकार न करने वाले स्थानीय विद्रोहियों और लूटपाट करने वाले मेवों का दमन करने के लिए ऐसा किया गया था। साथ ही बढ़ती शहरी आबादी के भार से भी वन प्रांत सिकुड़ा है। इसके चलते वनांचल में संरक्षित वर्षा जल का अवक्षय हुआ।<ref name="इंडिया वाटर पोर्टल"/> ब्रिटिश काल में अंग्रेजी शासन के दौरान दिल्ली में सड़कों के निर्माण और बाढ़ अवरोधी बांध बनाने से पर्यावरण परिवर्तन के कारण ये जलधाराएं वर्ष में ग्रीष्म के समय सूख जाने लगीं। स्वतंत्रता के बाद के समय में बरसाती नालों, फुटपाथों और गलियों को सीमेंट से पक्का किया गया, इससे इन धाराओं को जल पहुँचाने वाले स्वाभाविक मार्ग अवरुद्ध हो गये।<ref name="इंडिया वाटर पोर्टल"/> ऐसी दशा में, जहां इन्हें रास्ता नहीं मिला, वहाँ वे मानसून में बरसाती नालों की तरह उफनने लगीं। विशद रूप में सीमेंट कंक्रीट के निर्माणों के कारण उन्हें भूमिगत जलभृत्तों या नदी में मिलाने का उपाय नहीं रह गया है। आज इन नदियों में नगर का अधिकतर मैला ही गिरता है। === जलवायु === [[चित्र:Indiagatelightening.jpg|thumb|200px|[[इंडिया गेट]] के निकट [[तड़ित]]। दिल्ली अपनी अधिकतम वर्षा [[जुलाई]]-[[अगस्त]] माह में [[मानसून]] से पाता है।]] दिल्ली के महाद्वीपीय जलवायु में [[ग्रीष्म ऋतु]] एवं [[शीत ऋतु]] के तापमान में बहुत अन्तर होता है। ग्रीष्म ऋतु लंबी, अत्यधिक गर्म [[अप्रैल]] से मध्य-[[अक्टूबर]] तक चलती हैं। इस बीच में [[मानसून]] सहित [[वर्षा ऋतु]] भी आती है। ये गर्मी काफ़ी घातक भी हो सकती है, जिसने भूतकाल में कई जानें ली हैं। [[मार्च]] के आरम्भ से ही वायु की दिशा में परिवर्तन होने लगता है। ये उत्तर-पश्चिम से हट कर दक्षिण-पश्चिम दिशा में चलने लगती हैं। ये अपने साथ [[राजस्थान]] की गर्म लहर और धूल भी लेती चलती हैं। ये गर्मी का मुख्य अंग हैं। इन्हें ही [[लू]] कहते हैं। [[अप्रैल]] से [[जून]] के महीने अत्यधिक गर्म होते हैं, जिनमें उच्च ऑक्सीकरण क्षमता होती है। जून के अन्त तक नमी में वृद्धि होती है जो पूर्व मॉनसून वर्षा लाती हैं। इसके बाद जुलाई से यहां [[मॉनसून]] की हवाएं चलती हैं, जो अच्छी वर्षा लाती हैं। अक्टूबर-नवंबर में शिशिर काल रहता है, जो हल्की ठंड के संग आनन्द दायक होता है। नवंबर से [[शीत ऋतु]] का आरम्भ होता है, जो [[फरवरी]] के आरम्भ तक चलता है। शीतकाल में घना [[कोहरा]] भी पड़ता है, एवं शीतलहर चलती है, जो कि फिर वही तेज गर्मी की भांति घातक होती है।<ref name=Fog>{{cite news| publisher=[[द हिन्दू]]| url=http://www.hindu.com/2005/01/07/stories/2005010719480300.htm| title=फ़ॉग कन्टीन्यूज़ टू डुस्रप्ट फ़्लाइट, ट्रेन्स| date=7 जनवरी 2006| access-date=31 जुलाई 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20060304160457/http://www.hindu.com/2005/01/07/stories/2005010719480300.htm| archive-date=4 मार्च 2006| url-status=live}}</ref> यहां के तापमान में अत्यधिक अन्तर आता है जो −०.६ [[सेल्सियस|°से.]] (३०.९ [[फ़ैरनहाइट|°फ़ै.]]) से लेकर {{convert|48|C|F}} तक जाता है।<ref name=coldDelhi>{{cite news| publisher=[[हिन्दुस्तान टाइम्स]]| url=http://www.hindustantimes.com/news/181_1593200,000600010001.htm| title=ऍट ०.२°सेल्सियस, देल्ही गेट्स इट्स कोल्डेस्ट डे| date=8 जनवरी 2006| archiveurl=https://web.archive.org/web/20060111153439/http://www.hindustantimes.com/news/181_1593200,000600010001.htm| archivedate=11 जनवरी 2006| access-date=31 जुलाई 2009| url-status=live}}</ref> वार्षिक औसत तापमान २५°से. (७७ °फ़ै.); मासिक औसत तापमान १३°से. से लेकर ३२°से (५६°फ़ै. से लेकर ९०°फ़ै.) तक होता है।<ref name=weatherbase>{{cite web | publisher=Canty and Associates LLC | url=http://www.weatherbase.com/weather/weather.php3?s=28124&refer=&units=metric | title=Weatherbase entry for Delhi | accessdate=16 जनवरी 2007 | archive-url=https://web.archive.org/web/20110907174813/http://www.weatherbase.com/weather/weather.php3?s=28124&refer=&units=metric | archive-date=7 सितंबर 2011 | url-status=live }}</ref> औसत वार्षिक वर्षा लगभग ७१४&nbsp;मि.मी. (२८.१ [[इंच]]) होती है, जिसमें से अधिकतम [[मानसून]] द्वारा [[जुलाई]]-[[अगस्त]] में होती है।<ref name=ecosurv1/> दिल्ली में मानसून के आगमन की औसत तिथि २९ जून होती है।<ref name=hindumonsoon>{{cite news |first= विनसन |last= कुरियन |title= मॉनसून रीचेज़ देल्ही टू डेज़ अहेड ऑफ शिड्यूल |url= http://www.thehindubusinessline.com/2005/06/28/stories/2005062800830200.htm |work= |publisher= द हिन्दू बिज़नेस लाइन |date= २८ जून २००५ |access-date= 12 मार्च 2009 |archive-url= https://web.archive.org/web/20070930225909/http://www.thehindubusinessline.com/2005/06/28/stories/2005062800830200.htm |archive-date= 30 सितंबर 2007 |url-status= live }}</ref> {{दिल्ली मौसम}} === वायु प्रदूषण === {{main|दिल्ली में वायु प्रदूषण}} दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) आम तौर पर जनवरी से सितंबर के बीच मध्यम (१०१-२००) स्तर है, और फिर यह तीन महीनों में बहुत खराब (३०१-४००), गंभीर (४०१-५००) या यहां तक कि खतरनाक (५००+) के स्तर में भी हो जाती है।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/out-of-here-in-november-in-del-ncr-smog-break-is-becoming-the-new-annual-vacation/articleshow/104979257.cms|title=Out of here in November: In Delhi-NCR, smog break is becoming the new annual vacation}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/delhi-aqi-cp-smog-tower-down-due-to-dpcc-says-minister-gopal-rai-official-says-running-cost-high/articleshow/104978284.cms|title=Delhi AQI: CP Smog tower down due to DPCC, says minister Gopal Rai; official says running cost high}}</ref> अक्टूबर से दिसंबर के बीच, विभिन्न कारकों के कारण, स्टबल जलने, दिवाली में जलने वाले अग्नि पटाखे और ठंड के मौसम ।<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/day-after-diwali-delhis-air-turns-hazardous/articleshow/66539912.cms|title=SC firecracker order: Delhi cops to act against violators - Times of India ►|website=The Times of India|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20181108173945/https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/day-after-diwali-delhis-air-turns-hazardous/articleshow/66539912.cms|archive-date=8 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/delhi-breathed-easier-from-january-to-april/articleshow/59011204.cms|title=Delhi breathed easier from January to April - Times of India|website=The Times of India|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20181109070658/https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/delhi-breathed-easier-from-january-to-april/articleshow/59011204.cms|archive-date=9 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/delhi-news/air-pollution-delhi-enjoys-cleanest-february-in-three-years/story-SANlmslHev8ifFgZbh3WXI.html|title=Air pollution: Delhi enjoys cleanest February in three years|date=27 फ़र॰ 2018|website=https://www.hindustantimes.com/|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20181109070735/https://www.hindustantimes.com/delhi-news/air-pollution-delhi-enjoys-cleanest-february-in-three-years/story-SANlmslHev8ifFgZbh3WXI.html|archive-date=9 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref> === जनसांख्यिकी === {{IndiaCensusPop |title= दिल्ली में जनसंख्या |1901= 405819 |1911= 413851 |1921= 488452 |1931= 636246 |1941= 917939 |1951= 1744072 |1961= 2658612 |1971= 4065698 |1981= 6220406 |1991= 9420644 |2001= 13782976 |estimate= |estyear= |estref= |footnote= source: [http://delhiplanning.nic.in/Economic%20Survey/Ecosur2001-02/PDF/chapter3.pdf delhiplanning.nic.in]<br /> † 1951 में (1947 के भारत के विभाजन के बाद) बड़े पैमाने पर प्रवासन के कारण<br/> जनसंख्या में विशाल वृद्धि हुई। (ह्यूज पॉप्युलेशन राइज़ इन १९५१ ड्यू टू लार्ज <br/> स्केल इमिग्रेशन आफ्टर [[भारत का विभाजन|पार्टीशन ऑफ इंडिया]] इन १९४७). }} [[१९०१]] में ४ लाख की जनसंख्या के साथ दिल्ली एक छोटा नगर था। १९११ में नई दिल्ली का [[ब्रिटिश भारत]] की राजधानी बनने के साथ दिल्ली की जनसंख्या बढ़ने लगी। भारत के विभाजन के समय [[पाकिस्तान]] से एक बहुत बड़ी संख्या में लोग आकर दिल्ली में बसने लगे। यह प्रवासन विभाजन के बाद भी चलता रहा। वार्षिक ३.८५% की वृद्धि के साथ [[२००१]] में दिल्ली की जनसंख्या १ करोड़ ३८ लाख पहुँच चुकी है।<ref name=census01del>{{cite web |url=http://www.censusindia.gov.in/ |archiveurl=https://web.archive.org/web/20070811095710/http://www.censusindia.net/profiles/del.html |title=Provisional Population Totals: Delhi |work=Provisional Population Totals : India . Census of India 2001, Paper 1 of 2001 |publisher=Office of the Registrar General, भारत |access-date=14 मार्च 2009 |archive-date=11 अगस्त 2007 |url-status=live }}</ref> १९९१ से २००१ के दशक में जनसंख्या की वृद्धि की दर ४७.०२% थी। दिल्ली में जनसख्या का घनत्व प्रति किलोमीटर ९,२९४ व्यक्ति तथा लिंग अनुपात ८२१ महिलाओं एवं १००० पुरूषों का है। यहाँ साक्षरता का प्रतिशत ८१.८२% है। {{-}} == प्रशासन और जनसांख्यिकी == {{See|भारत के राज्यों और संघ क्षेत्रों की राजधानियाँ}} {{मुख्य|दिल्ली के जिले और उपमंडल }} [[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली]] कुल नौ ज़िलों में बँटा हुआ है। हरेक जिले का एक उपायुक्त नियुक्त है और जिले के तीन उपजिले हैं। प्रत्येक उप जिले का एक उप जिलाधीश नियुक्त है। सभी उपायुक्त मंडलीय अधिकारी के अधीन होते हैं। दिल्ली का जिला प्रशासन सभी प्रकार की राज्य एवं केन्द्रीय नीतियों का प्रवर्तन विभाग होता है। यही विभिन्न अन्य सरकारी कार्यकलापों पर आधिकारिक नियंत्रण रखता है। निम्न लिखित दिल्ली के जिलों और उपजिलों की सूची है:- [[File:Delhi districts hi.svg|thumb|300x300px|दिल्ली के जिले]] ;[[मध्य दिल्ली जिला]] {{*}}[[दरिया गंज]]{{*}}[[पहाड़ गंज]]{{*}}[[करौल बाग]] ;[[उत्तर दिल्ली जिला]] {{*}}[[सदर बाजार, दिल्ली]] {{*}}[[कोतवाली, दिल्ली]]{{*}}[[सब्जी मंडी]] ;[[दक्षिण दिल्ली जिला]] {{*}}[[कालकाजी]]{{*}}[[डिफेन्स कालोनी]]{{*}}[[हौज खास]] ;[[पूर्वी दिल्ली जिला]] {{*}}[[प्रीत विहार]]{{*}}[[लक्ष्मी नगर]]{{*}}[[वसुंधरा एंक्लेव]]{{*}}[[मयूर विहार]] ;[[शाहदरा (दिल्ली)]] {{*}}[[गाँधी नगर, दिल्ली]]{{*}}[[शाहदरा]]{{*}}[[बिहारी कालोनी]]{{*}}[[विवेक विहार]]{{*}}[[दिलशाद गार्डन]] ;[[उत्तर पूर्वी दिल्ली जिला]] {{*}}[[सीलमपुर]]{{*}}[[करावल नगर]]{{*}}[[सीमा पुरी]]{{*}}[[भजनपुरा]] ;[[दक्षिण पश्चिम दिल्ली जिला]] {{*}}[[वसंत विहार]]{{*}}[[नजफगढ़]]{{*}}[[दिल्ली छावनी]] ;[[नई दिल्ली जिला]] {{*}}[[कनाट प्लेस, नई दिल्ली|कनाट प्लेस]]{{*}}[[संसद मार्ग]]{{*}}[[चाणक्य पुरी]] ;[[उत्तर पश्चिम दिल्ली जिला]] {{*}}[[सरस्वती विहार]]{{*}}[[नरेला]]{{*}}[[मॉडल टाउन, दिल्ली|मॉडल टाउन]] ;[[पश्चिम दिल्ली जिला]] {{*}}[[पटेल नगर]]{{*}}[[राजौरी गार्डन]]{{*}}[[पंजाबी बाग]] === जनसांख्यिकी === {{IndiaCensusPop |title= दिल्ली में जनसंख्या |1901= 405819 |1911= 413851 |1921= 488452 |1931= 636246 |1941= 917939 |1951= 1744072 |1961= 2658612 |1971= 4065698 |1981= 6220406 |1991= 9420644 |2001= 13782976 |estimate= |estyear= |estref= |footnote= source: [http://delhiplanning.nic.in/Economic%20Survey/Ecosur2001-02/PDF/chapter3.pdf delhiplanning.nic.in]<br /> † 1951 में (1947 के भारत के विभाजन के बाद) बड़े पैमाने पर प्रवासन के कारण<br/> जनसंख्या में विशाल वृद्धि हुई। (ह्यूज पॉप्युलेशन राइज़ इन १९५१ ड्यू टू लार्ज <br/> स्केल इमिग्रेशन आफ्टर [[भारत का विभाजन|पार्टीशन ऑफ इंडिया]] इन १९४७). }} [[१९०१]] में ४ लाख की जनसंख्या के साथ दिल्ली एक छोटा नगर था। १९११ में [[ब्रिटिश भारत]] की राजधानी बनने के साथ इसकी जनसंख्या बढ़ने लगी। भारत के विभाजन के समय [[पाकिस्तान]] से एक बहुत बड़ी संख्या में लोग आकर दिल्ली में बसने लगे। यह प्रवासन विभाजन के बाद भी चलता रहा। वार्षिक ३.८५% की वृद्धि के साथ [[२००१]] में दिल्ली की जनसंख्या १ करोड़ ३८ लाख पहुँच चुकी है।<ref name=census01del/> १९९१ से २००१ के दशक में जनसंख्या की वृद्धि की दर ४७.०२% थी। दिल्ली में जनसंख्या का घनत्व प्रति किलोमीटर ९,२९४ व्यक्ति तथा लिंग अनुपात ८२१ महिलाओं एवं १००० पुरूषों का है। यहाँ साक्षरता का प्रतिशत ८१.८२% है। {{-}} == दर्शनीय स्थल == {{main|दिल्ली के दर्शनीय स्थल}} [[चित्र:Akshardham_Delhi.jpg|right|thumb|दिल्ली का [[अक्षरधाम मंदिर, दिल्ली|अक्षरधाम मंदिर]] विश्व में सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर परिसर है।<ref>{{cite web |url=http://timesofindia.indiatimes.com/Akshardham_temple_makes_it_to_Guinness_Book/articleshow/2651500.cms |title=अक्षरधाम मंदिर [[गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] में - [[टाइम्स ऑफ इंडिया]] |publisher=Timesofindia.indiatimes.com |date= |accessdate=3 नवंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090111093300/http://timesofindia.indiatimes.com/Akshardham_temple_makes_it_to_Guinness_Book/articleshow/2651500.cms |archive-date=11 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref>]] [[चित्र:DelhiMetro.jpg|thumb|दिल्ली मेट्रो - २००४]] दिल्ली भारत का एक पर्यटन का मुख्य केन्द्र भी है। भारत की राजधानी नई दिल्ली का इसमें होने के कारण भारत सरकार के अनेक कार्यालय, [[राष्ट्रपति भवन]], [[संसद भवन]], [[केन्द्रीय सचिवालय]] आदि अनेक आधुनिक स्थापत्य के नमूने तो यहाँ देखे ही जा सकते हैं; प्राचीन नगर होने के कारण इसका ऐतिहासिक महत्त्व भी है। पुरातात्विक दृष्टि से [[पुराना किला]], [[सफदरजंग का मकबरा]], [[जंतर मंतर, दिल्ली|जंतर मंतर]], [[क़ुतुब मीनार]] और [[लौह स्तंभ]] जैसे अनेक विश्व प्रसिद्ध निर्माण यहाँ पर आकर्षण का केन्द्र समझे जाते हैं। एक ओर [[हुमायूँ का मकबरा]], [[लाल किला, दिल्ली|लाल किला]] जैसे [[भारत में विश्व धरोहर स्थल|विश्व धरोहर]] मुगल शैली की तथा [[पुराना किला]], [[सफदरजंग का मकबरा]], [[लोधी मकबरे परिसर]] आदि ऐतिहासिक राजसी इमारत यहाँ है तो दूसरी ओर [[निज़ामुद्दीन औलिया]] की पारलौकिक [[निजामुद्दीन दरगाह|दरगाह]] भी। लगभग सभी धर्मों के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल यहाँ हैं जैसे [[बिरला मंदिर, दिल्ली|बिरला मंदिर]], [[छतरपुर मंदिर, दिल्ली|आद्या कात्यायिनी शक्तिपीठ]], [[बंगला साहब गुरुद्वारा]], [[बहाई मंदिर]], अक्षर धाम मंदिर, और [[जामा मस्जिद, दिल्ली|जामा मस्जिद]] देश के शहीदों का स्मारक [[इंडिया गेट]], [[राजपथ]] पर इसी शहर में निर्मित किया गया है। भारत के [[भारत के प्रधान मंत्री|प्रधान मंत्रियों]] की [[राजघाट समाधि परिसर|समाधियाँ]] हैं, [[जंतर मंतर]] है, [[लाल किला]] है साथ ही अनेक प्रकार के [[दिल्ली के संग्रहालय|संग्रहालय]] और अनेक [[दिल्ली के बाजार|बाज़ार]] हैं, जैसे [[कनॉट प्लेस, दिल्ली|कनॉट प्लेस]], [[चाँदनी चौक, दिल्ली|चाँदनी चौक]] और बहुत से रमणीक उद्यान भी हैं, जैसे [[मुगल उद्यान, दिल्ली|मुगल उद्यान]], [[पंच इंद्रिय उद्यान, दिल्ली|गार्डन ऑफ फाइव सेंसिस]], [[तालकटोरा उद्यान, दिल्ली|तालकटोरा गार्डन]], [[लोधी उद्यान, दिल्ली|लोदी गार्डन]], [[वन्य प्राणी उद्यान, दिल्ली|चिड़ियाघर]], आदि, जो दिल्ली घूमने आने वालों का दिल लुभा लेते हैं। == दिल्ली के शिक्षा संस्थान == {{See|दिल्ली विश्‍वविद्यालय}} {{main|दिल्ली के शिक्षा संस्थानों की सूची}} [[चित्र:IITDelhiMath.jpg|thumb|left|[[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], दिल्ली; इस संस्थान को एशियावीक द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चौथे सबसे अच्छे संस्थान का दर्जा दिया गया।<ref>{{cite web |url=http://www-cgi.cnn.com/ASIANOW/asiaweek/features/universities2000/scitech/sci.overall.html |title=Asiaweek.com &#124; Asia's Best Universities 2000 &#124; Overall Ranking |publisher=Cgi.cnn.com |date= |accessdate=3 नवंबर 2008 |archive-url=https://www.webcitation.org/684WxRCIT?url=http://www-cgi.cnn.com/ASIANOW/asiaweek/features/universities2000/scitech/sci.overall.html |archive-date=31 मई 2012 |url-status=dead }}</ref>]] [[File:AIIMS central lawn.jpg|thumb|संगत रूप से यह भारत का सर्वश्रेष्ठ आयुर्विज्ञान संस्थान है,<ref>{{cite web|url=http://indiatoday.intoday.in/index.php?option=com_content&task=view&issueid=27&id=8684&sectionid=30&Itemid=1 |title=इंडिया टुडे - India’s most widely read magazine |publisher=Indiatoday.digitaltoday.in |author=Malini Bhupta |date= |accessdate=3 नवंबर 2008}}</ref> [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]] आयुर्विज्ञान शोध और चिकित्सा के क्षेत्र में एक वैश्विक संस्थान है।<ref>{{cite web |url=http://www.newsweek.com/id/45114 |title=Medical Meccas: An Oasis for India's Poorest &#124; Newsweek Health for Life &#124; Newsweek.com |publisher=Newsweek.com |date= |accessdate=3 नवंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090807031539/http://www.newsweek.com/id/45114 |archive-date=7 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref>]] दिल्ली भारत में शिक्षा का एक महत्त्वपूर्ण केन्द्र है। दिल्ली के विकास के साथ-साथ यहाँ शिक्षा का भी तेजी से विकास हुआ है। प्राथमिक शिक्षा तो प्रायः सार्वजनिक है। एक बहुत बड़े अनुपात में बच्चे माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्त्री शिक्षा का विकास हर स्तर पर पुरुषों से अधिक हुआ है। यहाँ की शिक्षा संस्थाओं में विद्यार्थी भारत के सभी भागों से आते हैं। यहाँ कई सरकारी एवं निजी शिक्षा संस्थान हैं जो [[कला]], [[वाणिज्य]], [[विज्ञान]], प्रोद्योगिकी, आयुर्विज्ञान, विधि और प्रबंधन में उच्च स्तर की शिक्षा देने के लिए विख्यात हैं। उच्च शिक्षा के संस्थानों सबसे महत्त्वपूर्ण है जिसके अन्तर्गत कई कॉलेज एवं शोध संस्थान हैं। [[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान]], [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय]], [[इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय]], [[गुरु गोबिन्द सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय]], [[टेरी - ऊर्जा और संसाधन संस्थान]] एवं [[जामिया मिलिया इस्लामिया]] उच्च शिक्षा के प्रमुख संस्थान हैं। == संस्कृति == {{main|भारतीय संस्कृति}} [[चित्र:Traditional pottery in Dilli Haat.jpg|thumb|[[दिल्ली हाट]] में प्रदर्शित परंपरागत पॉटरी उत्पाद।]] दिल्ली शहर में बने स्मारकों से विदित होता है कि यहां की संस्कृति प्राच्य ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि से प्रभावित है। [[भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण]] विभाग ने दिल्ली शहर में लगभग १२०० धरोहर स्थल घोषित किए हैं, जो कि विश्व में किसी भी शहर से कहीं अधिक है।<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/Promote-lesser-known-monuments-of-Delhi/articleshow/4194014.cms|title='Promote lesser-known monuments of Delhi' - Times of India|website=The Times of India|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190302024609/https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/Promote-lesser-known-monuments-of-Delhi/articleshow/4194014.cms|archive-date=2 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> और इनमें से १७५ स्थल राष्ट्रीय धरोहर स्थल घोषित किए हैं।<ref name=asimonuments>{{cite web |url=http://asi.nic.in/asi_monu_alphalist_delhi.asp |title=Delhi Circle (N.C.T. of Delhi) |accessdate=27 दिसंबर 2006 |work=List of Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains of National Importance |publisher=[[भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20070514061700/http://asi.nic.in/asi_monu_alphalist_delhi.asp |archive-date=14 मई 2007 |url-status=live }}</ref> पुराना शहर वह स्थान है, जहां मुगलों और तुर्क शासकों ने स्थापत्य के कई नमूने खड़े किए, जैसे [[जामा मस्जिद, दिल्ली|जामा मस्जिद]] (भारत की सबसे बड़ी मस्जिद)<ref name=Jama>{{cite web| publisher=Terra Galleria| url=http://www.terragalleria.com/asia/india/delhi/picture.indi38660.html| title=Jama Masjid, भारत's largest mosque| accessdate=13 मार्च 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20090304032037/http://www.terragalleria.com/asia/india/delhi/picture.indi38660.html| archive-date=4 मार्च 2009| url-status=dead}}</ref> और [[लाल किला, दिल्ली|लाल किला]]। दिल्ली में फिल्हाल तीन [[विश्व धरोहर स्थल]] हैं – [[लाल किला, दिल्ली|लाल किला]], [[कुतुब मीनार]] और [[हुमायुं का मकबरा]]।<ref name=whsite>{{cite web|url=http://whc.unesco.org/en/statesparties/in|title=Properties inscribed on the World Heritage List: India|publisher=युनेस्को World Heritage Centre|access-date=14 अप्रैल 2009|archive-url=https://www.webcitation.org/684WrF3rd?url=http://whc.unesco.org/en/statesparties/in|archive-date=31 मई 2012|url-status=live}}</ref> अन्य स्मारकों में [[इंडिया गेट]], [[जंतर मंतर, दिल्ली|जंतर मंतर]] (१८वीं सदी की खगोलशास्त्रीय वेधशाला), [[पुराना किला]] (१६वीं सदी का किला). [[लक्ष्मीनारायण मंदिर, दिल्ली|बिरला मंदिर]], [[अक्षरधाम मंदिर, दिल्ली|अक्षरधाम मंदिर]] और [[कमल मंदिर]] आधुनिक स्थापत्यकला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। [[राज घाट]] में राष्ट्रपिता [[महात्मा गाँधी]] तथा निकट ही अन्य बड़े व्यक्तियों की समाधियां हैं। [[नई दिल्ली]] में बहुत से सरकारी कार्यालय, सरकारी आवास, तथा ब्रिटिश काल के अवशेष और इमारतें हैं। कुछ अत्यंत महत्त्वपूर्ण इमारतों में [[राष्ट्रपति भवन]], [[केन्द्रीय सचिवालय]], [[राजपथ]], [[संसद भवन]] और [[विजय चौक]] आते हैं। [[सफदरजंग का मकबरा]] और [[हुमायुं का मकबरा]] मुगल बागों के चार बाग शैली का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। दिल्ली के राजधानी [[नई दिल्ली]] से जुड़ाव और भूगोलीय निकटता ने यहाँ की राष्ट्रीय घटनाओं और अवसरों के महत्त्व को कई गुणा बढ़ा दिया है। यहाँ कई राष्ट्रीय त्यौहार जैसे [[गणतंत्र दिवस]], [[स्वतंत्रता दिवस]] और [[गाँधी जयंती]] खूब हर्षोल्लास से मनाए जाते हैं। भारत के स्वतंत्रता दिवस पर यहाँ के प्रधान मंत्री लाल किले से यहाँ की जनता को संबोधित करते हैं। बहुत से दिल्लीवासी इस दिन को पतंगें उड़ाकर मनाते हैं। इस दिन पतंगों को स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है।<ref name=freedom>{{cite web| work=123independenceday.com| publisher=Compare Infobase Limited| url=http://123independenceday.com/indian/gift_of/freedom/| title=Independence Day| accessdate=4 जनवरी 2007| archive-url=https://www.webcitation.org/684WsTS3d?url=http://123independenceday.com/indian/gift_of/freedom/| archive-date=31 मई 2012| url-status=dead}}</ref> गणतंत्र दिवस की परेड एक वृहत जुलूस होता है, जिसमें भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक झांकी का प्रदर्शन होता है।<ref name=repmil>{{cite web|url=http://www.thehindubusinessline.com/2002/01/28/stories/2002012800060800.htm|title=R-Day parade, an anachronism?|accessdate=13 जनवरी 2007|last=Ray Choudhury|first=Ray Choudhury|date=28 जनवरी 2002|publisher=द हिन्दू बिज़नस लाइन|archive-url=https://web.archive.org/web/20070304155931/http://www.thehindubusinessline.com/2002/01/28/stories/2002012800060800.htm|archive-date=4 मार्च 2007|url-status=live}}</ref><ref name=repcul>{{cite web|url=http://www.india-tourism.org/delhi-travel/delhi-fairs-festivals.html|archiveurl=https://web.archive.org/web/20070319223442/http://www.india-tourism.org/delhi-travel/delhi-fairs-festivals.html|title=Fairs & Festivals of Delhइ|work=Delhi Travel|publisher=India Tourism.org|access-date=14 अप्रैल 2009|archive-date=19 मार्च 2007|url-status=dead}}</ref> यहाँ के धार्मिक त्यौहारों में [[दीवाली]], [[होली]], [[दशहरा]], [[दुर्गा पूजा]], [[महावीर जयंती]], [[गुरु परब]], [[क्रिसमस]], [[महाशिवरात्रि]], [[ईद उल फितर]], [[बुद्ध जयंती]] [[लोहड़ी]] [[पोंगल]] और [[ओड़म]] जैसे पर्व हैं।<ref name=repcul/> कुतुब फेस्टिवल में संगीतकारों और नर्तकों का अखिल भारतीय संगम होता है, जो कुछ रातों को जगमगा देता है। यह [[कुतुब मीनार]] के पार्श्व में आयोजित होता है।<ref name=qutubfest>{{cite news |first=Madhur |last=Tankha |title=It's Sufi and rock at Qutub Fest |url=http://www.hindu.com/2005/12/15/stories/2005121503090200.htm |work=नई दिल्ली |publisher=द हिन्दू |date=15 दिसम्बर 2005 |accessdate=13 जनवरी 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060513084038/http://www.hindu.com/2005/12/15/stories/2005121503090200.htm |archive-date=13 मई 2006 |url-status=live }}</ref> अन्य कई पर्व भी यहाँ होते हैं: जैसे [[आम महोत्सव]], पतंगबाजी महोत्सव, [[वसंत पंचमी]] जो वार्षिक होते हैं। [[एशिया]] की सबसे बड़ी ऑटो प्रदर्शनी: [[ऑटो एक्स्पो]]<ref name="autogenerated2" /> दिल्ली में द्विवार्षिक आयोजित होती है। [[प्रगति मैदान]] में वार्षिक [[पुस्तक मेला]] आयोजित होता है। यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा पुस्तक मेला है, जिसमें विश्व के २३ राष्ट्र भाग लेते हैं। दिल्ली को उसकी उच्च पढ़ाकू क्षमता के कारण कभी कभी विश्व की पुस्तक राजधानी भी कहा जाता है।<ref>{{cite web |url=http://www.business-standard.com/india/storypage.php?autono=313090 |title=Sunil Sethi: Why Delhi is India`s Book Capital |publisher=Business-standard.com |author=Sunil Sethi / नई दिल्ली&nbsp;फ़रवरी 09, 2008 |date= |accessdate=3 नवंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090101102116/http://www.business-standard.com/india/storypage.php?autono=313090 |archive-date=1 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref> [[चित्र:AutoExpoIndica.jpg|thumb|[[ऑटो एक्स्पो]], एशिया का सबसे बड़ा ऑटो प्रदर्शनी अवसर है।<ref name="autogenerated2">{{cite web |url=http://www.hindu.com/2008/01/09/stories/2008010953071500.htm |title=द हिन्दू : Front Page : Asia’s largest auto carnival begins in Delhi tomorrow |publisher=Thehindu.com |date= |accessdate=3 नवंबर 2008 |archive-url=https://www.webcitation.org/684WtqZHy?url=http://www.hindu.com/2008/01/09/stories/2008010953071500.htm |archive-date=31 मई 2012 |url-status=live }}</ref>, जो कि [[प्रगति मैदान]] में द्विवार्षिक आयोजित होता है।]] [[पंजाबी खाना|पंजाबी]] और [[मुगलई खाना|मुगलई]] खान पान जैसे [[कबाब]] और [[बिरयानी]] दिल्ली के कई भागों में प्रसिद्ध हैं।<ref>[http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/2060348.cms Delhi to lead way in street food] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090305151610/http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/2060348.cms |date=5 मार्च 2009 }} Times of India</ref><ref name="इंडिया टुडे Food">[http://conclave.digitaltoday.in/conclave2008/index.php?issueid=32&id=2427&option=com_content&task=view&sectionid=8 Discovering the spice route to Delhi] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081231115904/http://conclave.digitaltoday.in/conclave2008/index.php?issueid=32&id=2427&option=com_content&task=view&sectionid=8 |date=31 दिसंबर 2008 }} इंडिया टुडे</ref> दिल्ली की अत्यधिक मिश्रित जनसंख्या के कारण भारत के विभिन्न भागों के [[भारतीय खाना|खानपान]] की झलक मिलती है, जैसे [[राजस्थानी खाना|राजस्थानी]], [[महाराष्ट्रियन खाना|महाराष्ट्रियन]], [[बंगाली खाना|बंगाली]], [[हैदराबादी खाना|हैदराबादी]] खाना और [[दक्षिण भारतीय खाना|दक्षिण भारतीय खाने के आइटम]] जैसे [[इडली]], [[सांभर]], [[दोसा]] इत्यादि बहुतायत में मिल जाते हैं। इसके साथ ही स्थानीय खासियत, जैसे [[दिल्ली की चाट|चाट]] इत्यादि भी खूब मिलती है, जिसे लोग चटकारे लगा लगा कर खाते हैं। इनके अलावा यहाँ [[महाद्वीपीय खाना]] जैसे इटैलियन और चाइनीज़ खाना भी बहुतायत में उपलब्ध है। इतिहास में दिल्ली उत्तर भारत का एक महत्त्वपूर्ण व्यापार केन्द्र भी रहा है। पुरानी दिल्ली ने अभी भी अपने गलियों में फैले बाज़ारों और पुरानी मुगल धरोहरों में इन व्यापारिक क्षमताओं का इतिहास छुपा कर रखा है।<ref name=slt>{{cite news |first=Sarina |last=Singh |title=Delhi: Old, new, sleek and rambunctious too |url=http://www.sltrib.com/travel/ci_4853701 |work=Travels with Lonely Planet: India |publisher=The Salt Lake Tribune |date=16 दिसम्बर 2006 |access-date=14 अप्रैल 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071010050635/http://www.sltrib.com/travel/ci_4853701 |archive-date=10 अक्तूबर 2007 |url-status=dead }}</ref> पुराने शहर के बाजारों में हर एक प्रकार का सामान मिलेगा। तेल में डूबे चटपटे आम, नींबू, आदि के अचारों से लेकर मंहगे हीरे जवाहरात, जेवर तक; दुल्हन के अलंकार, कपड़ों के थान, तैयार कपड़े, मसाले, मिठाइयाँ और क्या नहीं?<ref name=slt/> कई पुरानी हवेलियाँ इस शहर में अभी भी शोभा पा रही हैं और इतिहास को संजोए शान से खड़ी है।<ref name=jacob>{{cite journal |last = Jacob |first = Satish |year = 2002 |month = जुलाई |title = Wither, the walled city |journal = Seminar (web edition) |issue = 515 |url = http://www.india-seminar.com/2002/515/515%20satish%20jacob.htm |access-date = 14 अप्रैल 2009 |archive-url = https://web.archive.org/web/20061212133015/http://www.india-seminar.com/2002/515/515%20satish%20jacob.htm |archive-date = 12 दिसंबर 2006 |url-status = dead }}</ref> [[चांदनी चौक, दिल्ली|चांदनी चौक]], जो कि यहाँ का तीन शताब्दियों से भी पुराना बाजार है, दिल्ली के जेवर, ज़री साड़ियों और मसालों के लिए प्रसिद्ध है।<ref name=Chandni>{{cite web| publisher=About Palace on Wheels| work=Delhi Tours| url=http://www.aboutpalaceonwheels.com/palace-on-wheels-destinations/shopping-in-delhi.html| title=Shopping in Delhi| accessdate=4 जनवरी 2007| archive-url=https://www.webcitation.org/684Ww5Av6?url=http://www.aboutpalaceonwheels.com/palace-on-wheels-destinations/shopping-in-delhi.html| archive-date=31 मई 2012| url-status=dead}}</ref> दिल्ली की प्रसिद्ध कलाओं में से कुछ हैं यहाँ के [[ज़रदोज़ी]] (सोने के तार का काम, जिसे ज़री भी कहा जाता है) और [[मीनाकारी]] (जिसमें पीतल के बर्तनों इत्यादि पर नक्काशी के बीच रोगन भरा जाता है। यहाँ की कलाओं के लिए बाजार हैं [[प्रगति मैदान, दिल्ली]], [[दिल्ली हाट]], [[हौज खास, दिल्ली]]- जहां विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प के और हठकरघों के कार्य के नमूने मिल सकते हैं। समय के साथ साथ दिल्ली ने देश भर की कलाओं को यहाँ स्थान दिया हैं। इस तरह यहाँ की कोई खास शैली ना होकर एक अद्भुत मिश्रण हो गया है।<ref name=menon>{{cite journal |last = Menon |first = Anjolie Ela |year = 2002 |month = जुलाई |title = The Age That Was |journal = Seminar (web edition) |issue = 515 |url = http://www.india-seminar.com/2002/515/515%20anjolie%20ela%20menon.htm |access-date = 14 अप्रैल 2009 |archive-url = https://web.archive.org/web/20090916212407/http://www.india-seminar.com/2002/515/515%20anjolie%20ela%20menon.htm |archive-date = 16 सितंबर 2009 |url-status = dead }}</ref><ref name=dayal>{{cite journal | last = Dayal | first = Ravi | year = 2002 | month = जुलाई | title = A Kayastha’s View | journal = Seminar (web edition) | issue = 515 | url = http://www.india-seminar.com/2002/515/515%20ravi%20dayal.htm | access-date = 14 अप्रैल 2009 | archive-url = https://web.archive.org/web/20090916211837/http://www.india-seminar.com/2002/515/515%20ravi%20dayal.htm | archive-date = 16 सितंबर 2009 | url-status = dead }}</ref> दिल्ली के निम्न भगिनी शहर हैं:<ref>{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/15278423.cms|publisher=India Times|title=Delhi to London, it’s a sister act|accessdate=18 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20170204131607/http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/15278423.cms|archive-date=4 फ़रवरी 2017|url-status=live}}</ref> * [[शिकागो]], {{USA}} * [[कुआला लंपूर]], {{MAS}} * [[लंदन]], {{GBR}} * [[मॉस्को]], {{RUS}} * [[सिओल]], {{KOR}} * [[वॉशिंगटन]], {{USA}} * [[लॉस एंजिल्स]], {{USA}} * [[सिडनी]], {{AUS}} * [[पेरिस]], {{FRA}} == स्थापत्य == [[चित्र:Qutab.jpg|thumb|left|{{convert|72.5|m|ft|abbr=on|0}} ऊंची [[कुतुब मीनार]], विश्व की सबसे ऊंची मुक्त-खड़ी [[मीनार]] है।<ref name="Qutab">{{cite web|url=http://portal.unesco.org/en/ev.php-URL_ID=6643&URL_DO=DO_TOPIC&URL_SECTION=201.html|title=Under threat: The Magnificent Minaret of Jam|work=The New Courier No 1|month=अक्टूबर|year=2002|publisher=युनेस्को|accessdate=3 मई 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20091111215826/http://portal.unesco.org/en/ev.php-URL_ID%3D6643%26URL_DO%3DDO_TOPIC%26URL_SECTION%3D201.html|archive-date=11 नवंबर 2009|url-status=live}}</ref>]] इस ऐतिहासिक नगर में एक ओर प्राचीन, अतिप्राचीन काल के असंख्य खंडहर मिलते हैं, तो दूसरी ओर अवार्चीन काल के योजनानुसार निर्मित उपनगर भी। इसमें विश्व के किसी भी नवीनतम नगर से होड़ लेने की क्षमता है। प्राचीनकाल के कितने ही नगर नष्ट हो गए पर दिल्ली अपनी भौगिलिक स्थिति और समयानुसार परिवर्तनशीलता के कारण आज भी समृद्धशाली नगर ही नहीं महानगर है। [[भारत सरकार]] के संस्कृति मंत्रालय के [[भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग]] ने दिल्ली में १२०० इमारतों को ऐतिहासिक महत्त्व का तथा १७५ को राष्ट्रीय सांस्कृतिक स्मारक घोषित किया है। [[चित्र:Humayun's tomb outside.jpg|thumb|right|[[१५६०]] में बना, [[हुमायुं का मकबरा]] [[मुगल स्थापत्यकला|मुगल मकबरा परिसर]] का प्रथम उदाहरण है।<ref>{{cite book |last=Petersen |first=Andrew |title=Dictionary of Islamic Architecture |url=http://books.google.com/books?id=gVQj7bW0W9MC&pg=PA204&dq=humayun%27s+tomb+architecture+mughal&lr=&sig=ACfU3U0LcITGtYPq59VMowHRAL5yKKa_eg |publisher=Routledge |location= |language= |isbn=0415213320 |pages= |chapter= |chapterurl= |year=1999 |access-date=17 मई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110920083610/http://books.google.com/books?id=gVQj7bW0W9MC&pg=PA204&dq=humayun%27s+tomb+architecture+mughal&lr=&sig=ACfU3U0LcITGtYPq59VMowHRAL5yKKa_eg |archive-date=20 सितंबर 2011 |url-status=live }}</ref>]] नई दिल्ली में [[महरौली]] में गुप्तकाल में निर्मित लौहस्तंभ है। यह प्रौद्योगिकी का एक अनुठा उदाहरण है। ईसा की चौथी शताब्दी में जब इसका निर्माण हुआ तब से आज तक इस पर जंग नहीं लगा। दिल्ली में इंडो-इस्लामी स्थापत्य का विकाश विशेष रूप से दृष्टगत होता है। दिल्ली के कुतुब परिसर में सबसे भव्य स्थापत्य कुतुब मिनार है। इस मिनार को स़ूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की स्मृति में बनवाया गया था। तुगलक काल में निर्मित गयासुद्दीन का मकबरा स्थापत्य में एक नई प्रवृत्ति का सूचक है। यह अष्टभुजाकार है। दिल्ली में हुमायूँ का मकबरा मुगल स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। शाहजहाँ का शासनकाल स्थापत्य कला के लिए याद किया जाता है। {{-}} == अर्थ व्यवस्था == {{main|भारत की अर्थव्यवस्था}} [[मुंबई]] के बाद दिल्ली भारत के सबसे बड़े व्यापारिक महानगरो में से है। देश में प्रति व्यक्ति औसत आय की दृष्टि से भी यह देश के सबसे सम्पन्न नगरो में गिना जाता है। [[१९९०]] के बाद से दिल्ली विदेशी निवशेकों का पसन्दीदा स्थान बना है। हाल में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे [[पेप्सी]], गैप, इत्यादि ने दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में अपना मुख्यालय खोला है। क्रिसमस के दिन वर्ष [[२००२]] में दिल्ली के महानगरी क्षेत्रों में [[दिल्ली मेट्रो रेल]] का शुभारम्भ हुआ जिसे वर्ष २०२२ में पूरा किये जाने का अनुमान है। हवाई यातायात द्वारा दिल्ली [[इन्दिरा गांधी अन्तरराष्ट्रीय विमानस्थल]] से पूरे विश्व से जुड़ा है।. {{-}} == यातायात सुविधाएं == {{main|दिल्ली में यातायात}} [[चित्र:Signaturebridgenedelhi.png|thumb|[[सिग्नेचर ब्रिज]] यमुना नदी पर, दिल्ली में सबसे ऊंची संरचना है<ref>{{cite news|title= कुतुबमिनार से भी ऊंचे सिग्नेचर ब्रिज पर चढ़ते ही होने लगेगा अलग एहसास, पलक झपकते मिटेंगी दूरियां|url= https://www.amarujala.com/india-news/inaugaration-of-signature-bridge-of-delhi-see-photos|date= [[११ दिसम्बर]], [[२००२]]|access-date= 4 नवंबर 2018|archive-url= https://web.archive.org/web/20181104171442/https://www.amarujala.com/india-news/inaugaration-of-signature-bridge-of-delhi-see-photos|archive-date= 4 नवंबर 2018|url-status= live}}</ref>]] [[चित्र:Delhi Metro.jpeg|thumb|[[दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन]] द्वारा संचालित मेट्रो रेल सेवा औसत ८,३७,००० सवारियां प्रतिदिन ले जाती है।<ref>{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/news/city/delhi/Delhi-Metro-records-highest-ridership/articleshow/4860435.cms|title=Delhi Metro records highest ridership|publisher=[[द टाईम्स ऑफ़ इंडिया]]|date=5 अगस्त 2009|access-date=3 नवंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090809165516/http://timesofindia.indiatimes.com/news/city/delhi/Delhi-Metro-records-highest-ridership/articleshow/4860435.cms|archive-date=9 अगस्त 2009|url-status=live}}</ref>]] [[चित्र:Delhi airport terminal 3 (cropped).jpg|thumb|इंदिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा]] [[चित्र:Raj Path.jpg|thumb|[[रायसीना की पहाड़ियाँ]] में [[राजपथ]]। दिल्ली की कुल गाड़ियों का ३०% निजी वाहन हैं। दिल्ली में औसत ९६३ नए वाहन प्रतिदिन पंजीकृत होते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.iht.com/articles/2007/11/06/asia/delhi.php |title=Study finds air quality in Delhi has worsened dramatically - International Herald Tribune |publisher=Iht.com |author= |archiveurl=https://web.archive.org/web/20080706171906/http://www.iht.com/articles/2007/11/06/asia/delhi.php |archivedate=6 जुलाई 2008 |access-date=14 अप्रैल 2009 |url-status=dead }}</ref>]] [[चित्र:নিউ দিল্লি রেলওয়ে স্টেশন.jpg|thumb|नई दिल्ली रेलवे स्टेशन]] [[चित्र:Old Delhi Railway Station (DLI).jpg|thumb|दिल्ली जंक्शन रेलवे स्टेशन]] दिल्ली के सार्वजनिक यातायात के साधन मुख्यतः बस, ऑटोरिक्शा और [[दिल्ली मेट्रो रेल|मेट्रो रेल]] सेवा हैं। दिल्ली की मुख्य यातायात आवश्यकता का ६०% बसें पूरा करती हैं।<ref name=ecosurv12>{{cite web|url=http://delhiplanning.nic.in/Economic%20Survey/ES%202005-06/Chpt/12.pdf|title=Chapter 12: Transport|accessdate=21 दिसंबर 2006|format=PDF|work=Economic Survey of Delhi, 2005–2006|publisher=Planning Department, Government of National Capital Territory of Delhi|pages=pp130–146|archive-url=https://web.archive.org/web/20070116044119/http://delhiplanning.nic.in/Economic%20Survey/ES%202005-06/Chpt/12.pdf|archive-date=16 जनवरी 2007|url-status=dead}}</ref> [[दिल्ली परिवहन निगम]] द्वारा संचालित सरकारी बस सेवा दिल्ली की प्रधान बस सेवा है। [[दिल्ली परिवहन निगम]] विश्व की सबसे बड़ी पर्यावरण सहयोगी बस-सेवा प्रदान करता है।<ref name=DTC>{{cite web|url=http://dtc.nic.in/ccharter.htm|title=Citizen Charter|accessdate=21 दिसंबर 2006|work=|publisher=Delhi Transport Corporation|archive-url=https://web.archive.org/web/20070110171420/http://dtc.nic.in/ccharter.htm|archive-date=10 जनवरी 2007|url-status=dead}}</ref> हाल ही में [[बस त्वरित पारगमन|बी आर टी]] कॉरिडोर की सेवा [[अंबेडकर नगर]] और [[दिल्ली गेट]] के बीच आरम्भ हुई है। जिसे तकनीकी खामियों के कारण तोड़ दिया है और अब सड़क को पुराने स्वरूप में बदल दिया गया है। [[ऑटो रिक्शा]] दिल्ली में यातायात का एक प्रभावी माध्यम है। ये ईंधन के रूप में [[कंप्रेस्ड नैचुरल गैस|सी एन जी]] का प्रयोग करते हैं, व इनका रंग हरा होता है। दिल्ली में वातानुकूलित टैक्सी सेवा भी उपलब्ध है जिनका किराया ७.५० से १५ रु/कि॰मी॰ तक है। दिल्ली की कुल वाहन संख्या का ३०% निजी वाहन हैं।<ref name=ecosurv12/> दिल्ली में १९२२.३२&nbsp;कि॰मी॰ की लंबाई प्रति १००&nbsp;कि॰मी॰२, के साथ भारत का सर्वाधिक सड़क घनत्व मिलता है।<ref name=ecosurv12/> दिल्ली भारत के पांच प्रमुख महानगरों से राष्ट्रीय राजमार्गों द्वारा जुड़ा है। ये राजमार्ग हैं: [[भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची|राष्ट्रीय राजमार्ग]] संख्या: १, २, ८, १० और २४। अभी कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने राष्ट्रीय राजमार्ग २४ जो निज़ामुद्दीन से मेरठ के लिए दिल्ली-मेरठ एक्स्प्रेस वे का उद्घाटन किया था वह ८ लेन का है जिसकी अधिकतम १०० किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चल सकते हैं वो भी है। दिल्ली की सड़कों का अनुरक्षण [[दिल्ली नगर निगम]] (एम सी डी), दिल्ली छावनी बोर्ड, पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट (PWD) और [[दिल्ली विकास प्राधिकरण]] द्वारा किया जाता है।<ref name=roadauth>{{cite web|url=http://www.gisdevelopment.net/proceedings/mapindia/2006/transportation/mi06tran_200.htm|title=GIS Based Maintenance Management System (GMMS) For Major Roads Of Delhi|accessdate=14 जनवरी 2007|author=I.Prasada Rao|author2=Dr. P.K. Kanchan, Dr. P.K. Nanda|work=Map India 2006: Transportation|publisher=GISdevelopment.net|archive-url=https://web.archive.org/web/20060712102505/http://www.gisdevelopment.net/proceedings/mapindia/2006/transportation/mi06tran_200.htm|archive-date=12 जुलाई 2006|url-status=dead}}</ref> दिल्ली के उच्च जनसंख्या दर और उच्च अर्थ विकास दर ने दिल्ली पर यातायात की वृहत मांग का दबाव यहाँ की अवसंरचना पर बनाए रखा है। २००८ के अनुसार दिल्ली में ५५ लाख वाहन नगर निगम की सीमाओं के अंदर हैं। इस कारण दिल्ली विश्व का सबसे अधिक वाहनों वाला शहर है। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ११२ लाख वाहन हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.igovernment.in/site/traffic-snarl-snaps-42-cr-man-hour-from-delhi-ncr-workers/ |title=Traffic snarl snaps 42 Cr man-hour from Delhi, NCR workers at iGovernment |publisher=Igovernment.in |date= |accessdate=3 नवंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080110092330/http://www.igovernment.in/site/traffic-snarl-snaps-42-cr-man-hour-from-delhi-ncr-workers/ |archive-date=10 जनवरी 2008 |url-status=dead }}</ref> सन १९८५ में दिल्ली में प्रत्येक १००० व्यक्ति पर ८५ कारें थीं।<ref>{{cite web |url=http://economictimes.indiatimes.com/Every_12th_Delhiite_owns_a_car/articleshow/2667484.cms |title=Every 12th Delhiite owns a car- Automobiles-Auto-News By Industry-News-दि इकॉनोमिक टाइम्स |publisher=Economictimes.indiatimes.com |date= |accessdate=3 नवंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090111232915/http://economictimes.indiatimes.com/Every_12th_Delhiite_owns_a_car/articleshow/2667484.cms |archive-date=11 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref> दिल्ली के यातायात की मांगों को पूरा करने हेतु दिल्ली और केन्द्र सरकार ने एक मास रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम का आरम्भ किया, जिसे दिल्ली मेट्रो कहते हैं।<ref name=ecosurv12/> सन १९९८ में [[सर्वोच्च न्यायालय]] ने दिल्ली के सभी सार्वजनिक वाहनों को डीज़ल के स्थान पर [[कंप्रेस्ड नैचुरल गैस]] का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने का आदेश दिया था।<ref name="kumari">{{cite journal| author = R. Kumari, A.K. Attri, L. Int Panis, B.R. Gurjar| title = Emission estimates of Particulate Matter and Heavy Metals from Mobile sources in Delhi (India)| journal = J. Environ. Science & Engg.| volume = 55| issue = 2| pages = 127–142| date = अप्रैल 2013| url = https://www.researchgate.net/publication/259827470_Emission_estimates_of_Particulate_Matter_and_Heavy_Metals_from_Mobile_Sources_in_Delhi| access-date = 16 अप्रैल 2014| archive-url = https://web.archive.org/web/20141108235156/http://www.researchgate.net/publication/259827470_Emission_estimates_of_Particulate_Matter_and_Heavy_Metals_from_Mobile_Sources_in_Delhi| archive-date = 8 नवंबर 2014| url-status = live}}</ref><ref name=supremelaw>{{cite web|url=http://www.cleanairnet.org/caiasia/1412/articles-69423_delhi_case.pdf|title=Introduction|accessdate=14 जनवरी 2007|author=Armin Rosencranz|author2=Michael Jackson|format=PDF|work=The Delhi Pollution Case: The Supreme Court of India and the Limits of Judicial Power|publisher=indlaw.com|pages=p.3|archive-url=https://web.archive.org/web/20070614203640/http://www.cleanairnet.org/caiasia/1412/articles-69423_delhi_case.pdf|archive-date=14 जून 2007|url-status=dead}}</ref> तब से यहाँ सभी सार्वजनिक वाहन सी एन जी पर ही चालित हैं। ; मेट्रो सेवा {{मुख्य|दिल्ली मेट्रो}} [[दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन]] द्वारा संचालित [[दिल्ली मेट्रो रेल]] एक मास रैपिड ट्रांज़िट (त्वरित पारगमन) प्रणाली है, जो कि दिल्ली के कई क्षेत्रों में सेवा प्रदान करती है। इसकी शुरुआत २४ दिसम्बर २००२ को [[शहादरा]] [[तीस हजारी]] लाईन से हुई। इस परिवहन व्यवस्था की अधिकतम गति ८०किमी/घंटा (५०मील/घंटा) रखी गयी है और यह हर स्टेशन पर लगभग २० सेकेंड रुकती है। सभी ट्रेनों का निर्माण [[दक्षिण कोरिया]] की कंपनी रोटेम द्वारा किया गया है। दिल्ली की परिवहन व्यवसथा में मेट्रो रेल एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है। इससे पहले परिवहन का ज़्यादातर बोझ सड़क पर था। प्रारम्भिक अवस्था में इसकी योजना छह मार्गों पर चलने की है जो दिल्ली के ज्यादातर हिस्से को जोड़ेगी। इसका पहला चरण [[वर्ष]] [[२००६]] में पूरा हो चुका है। दुसरे चरण में दिल्ली के [[महरौली]], [[बदरपुर बॉर्डर]], आनन्द विहार, जहांगीरपुरी, मुन्द्का और [[इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा]] अथवा दिल्ली से सटे [[नोएडा]], [[गुड़गांव]] और वैशाली को मेट्रो से जोड़ने का काम जारी है। परियोजना के तीसरे चरण में [[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र]] के शहरों [[गाजियाबाद]], [[फरीदाबाद]] इत्यादि को भी जोड़ने की योजना है। इस रेल व्यवस्था के चरण I में मार्ग की कुल लंबाई लगभग ६५.११ किमी है जिसमे १३ किमी भूमिगत एवं ५२ किलोमीटर एलीवेटेड मार्ग है। चरण II के अन्तर्गत पूरे मार्ग की लंबाई १२८ किमी होगी एवं इसमें ७९ स्टेशन होंगे जो अभी निर्माणाधीन हैं, इस चरण के २०१० तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-newdelhi/Delhi-Metro-confident-of-meeting-deadline/article14836060.ece|title=Delhi Metro confident of meeting deadline|date=17 सित॰ 2007|accessdate=1 मार्च 2019|via=www.thehindu.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20180303140135/http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-newdelhi/Delhi-Metro-confident-of-meeting-deadline/article14836060.ece|archive-date=3 मार्च 2018|url-status=live}}</ref><ref name="Delhi Metro Masterplan 2021">Delhi Metro Masterplan 2021</ref> चरण III (११२ किमी) एवं IV (१०८.५ किमी) लंबाई की बनाये जाने का प्रस्ताव है जिसे क्रमश: २०१५ एवं २०२० तक पूरा किये जाने की योजना है। इन चारों चरणो का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के पश्चात दिल्ली मेट्रो के मार्ग की कुल लंबाई ४१३.८ किलोमीटर की हो जाएगी जो [[लंदन]] के मेट्रो रेल (४०८ किमी) से भी बड़ा बना देगी।<ref name="Delhi Metro Masterplan 2021"/><ref>{{Cite web|url=http://www.delhimetrorail.com/commuters/images/metro_map_big.jpg|title=map of extensions, DMRC|accessdate=1 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20061211073124/http://www.delhimetrorail.com/commuters/images/metro_map_big.jpg|archive-date=11 दिसंबर 2006|url-status=dead}}</ref><ref>द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया</ref><ref>Discovery channel : 24 hours with Delhi Metro</ref> दिल्ली के २०२१ मास्टर प्लान के अनुसार बाद में मेट्रो रेल को दिल्ली के उपनगरों तक ले जाए जाने की भी योजना है। ;रेल सेवा दिल्ली [[भारतीय रेल]] के [[:Image:India railway schematic map.svg|नक्शे]] का एक प्रधान जंक्शन है। यहाँ [[उत्तर रेलवे]] का मुख्यालय भी है। यहाँ के चार मुख्य रेलवे स्टेशन हैं: [[नई दिल्ली रेलवे स्टेशन]], [[दिल्ली जंक्शन]], [[सराय रोहिल्ला]] और [[हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन]]।<ref name=ecosurv12/> दिल्ली अन्य सभी मुख्य शहरों और महानगरों से कई राजमार्गों और एक्स्प्रेसवे (त्वरित मार्ग) द्वारा जुड़ा हुआ है। यहाँ वर्तमान में तीन एक्स्प्रेसवे हैं और तीन निर्माणाधीन हैं, जो इसे समृद्ध और वाणिज्यिक उपनगरों से जोड़ेंगे। [[दिल्ली गुड़गांव एक्स्प्रेसवे]] दिल्ली को [[गुड़गांव]] और अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ता है। [[डी एन डी फ्लाइवे]] और [[नोएडा|नोएडा-]][[ग्रेटर नोएडा]] एक्स्प्रेसवे दिल्ली को दो मुख्य उपनगरों से जोड़ते हैं। ग्रेटर नोएडा में एक अलग अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा योजनाबद्ध है और नोएडा में इंडियन ग्रैंड प्रिक्स नियोजित है। ;वायु सेवा [[इंदिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा]] दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम कोण पर स्थित है और यही अन्तर्देशीय और अन्तर्राष्ट्रीय वायु-यात्रियों के लिए शहर का मुख्य द्वार है। वर्ष २००६-०७ में हवाई अड्डे पर २३ मिलियन सवारियां दर्ज की गईं थीं,<ref name="autogenerated1">इंदिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा</ref><ref name=essentialtravel>{{cite web| publisher=Essential Travel Ltd., UK.| url=http://parking.essentialtravel.co.uk/worldairport/india/delhi.htm| title=Delhi – Indira Gandhi International Airport (DEL) information| accessdate=29 अप्रैल 2006| archive-url=https://web.archive.org/web/20060719165130/https://parking.essentialtravel.co.uk/worldairport/india/delhi.htm| archive-date=19 जुलाई 2006| url-status=dead}}</ref> जो इसे दक्षिण [[एशिया]] के व्यस्ततम विमानक्षेत्रों में से एक बनाती हैं। US$१९.३ लाख की लागत से एक नया टर्मिनल-३ निर्माणाधीन है, जो ३.४ करोड़ अतिरिक्त यात्री क्षमता का होगा, सन २०१० तक पूर्ण होना निश्चित है।<ref>{{cite web |url=http://www.dailytimes.com.pk/default.asp?page=2007\02\18\story_18-2-2007_pg5_24 |title=Daily Times - Leading News Resource of Pakistan |publisher=Dailytimes.com.pk |date= |accessdate=3 नवंबर 2008 |archiveurl=https://archive.today/20120904074154/http://www.dailytimes.com.pk/default.asp?page=2007%5C02%5C18%5Cstory_18-2-2007_pg5_24 |archivedate=4 सितंबर 2012 |url-status=live }}</ref> इसके आगे भी विस्तार कार्यक्रम नियोजित हैं, जो यहाँ १०० मिलियन यात्री प्रतिवर्ष से अधिक की क्षमता देंगे।<ref name="autogenerated1"/> [[सफदरजंग विमानक्षेत्र]] दिल्ली का एक अन्य एयरफ़ील्ड है, जो सामान्य विमानन अभ्यासों के लिए और कुछ वीआईपी उड़ानों के लिए प्रयोग होता है।<ref name=safdur>{{cite web|url=http://gc.kls2.com/airport/VIDD|title=VIDD - Airport|accessdate=14 जनवरी 2007|work=Great Circle Search|publisher=Karl L. Swartz|archive-url=https://web.archive.org/web/20070310055725/http://gc.kls2.com/airport/VIDD|archive-date=10 मार्च 2007|url-status=live}}</ref> ==इन्हें भी देखें== * [[भारत के राज्यों और संघ क्षेत्रों की राजधानियाँ]] * [[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के सर्वाधिक जनसंख्या वाले शहरों की सूची]] * [[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र]] * [[नई दिल्ली]] * [[दिल्ली छावनी]] == सन्दर्भ == {{reflist|2}} == बाहरी कड़ियाँ == {{प्रवेशद्वार|दिल्ली}} {{commonscat|delhi|दिल्ली}} * [https://web.archive.org/web/20160305010439/http://pib.nic.in/newsite/hindifeature.aspx?relid=12661 दिल्ली का इतिहास] * [https://web.archive.org/web/20060210222442/http://delhigovt.nic.in/newdelhi/index.html दिल्ली सरकार] {{Template group |title=दिल्ली - गागर में सागर |list= {{दिल्ली}} {{दिल्ली में संग्रहालय}} {{दिल्ली के जिले}} {{दिल्ली मेट्रो की लाइनें}} <!-- {{दिल्ली के प्रमुख मार्ग (सड़क)}} --> {{भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की राजधानियाँ}} {{भारत के मिलियन+ नगर}} }} [[श्रेणी:भारत के केन्द्र शासित प्रदेश]] [[श्रेणी:एशिया के महानगर]] [[श्रेणी:भारत के महानगर]] [[श्रेणी:दिल्ली]] [[श्रेणी:एशिया में राजधानियाँ]] [[श्रेणी:राजधानी ज़िले और क्षेत्र]] ask51u1kkffk1qa0dawdf3ei3pjmg0z विष्णु 0 2798 6582757 6579419 2026-07-15T05:08:43Z Pushkar Singh 415569 /* */ 6582757 wikitext text/x-wiki {{Other uses|विष्णु (बहुविकल्पी)}}{{Infobox deity<!--Wikipedia:WikiProject Hindu mythology--> | name = विष्णु | type = सनातन (हिंदू) | image =Vishnu Kumartuli Park Sarbojanin Arnab Dutta 2010.JPG | caption = भगवान विष्णु | deity_of = {{hlist|संरक्षण के देवता|धर्म के रक्षक|[[कर्म]] के दाता|[[परब्रह्म]] (सर्वोच्च प्राणी)|सृष्टि के पालनकर्ता}} | member_of = [[त्रिमूर्ति]] | affiliation = {{hlist|[[त्रिमूर्ति]]|[[ईश्वर]]|[[ब्रह्म]]|[[परब्रह्म]]|[[दशावतार]]|[[परमेश्वर]]|[[परमात्मा]]|[[सनातन पुरुष]]|सर्वोच्च देवता}} | abode = {{bulletedlist|[[बैकुण्ठ|बैकुंठ]]|[[क्षीर सागर]]}} | symbols = {{hlist|[[पद्मा (विष्णु)]]|[[शालीग्राम]]}} | weapon = {{hlist|[[सुदर्शन चक्र]]|[[नंदक]]|[[कौमोदकी]]|[[शार्ङ्ग धनुष|शार्ङ्ग]]|[[पाञ्चजन्य]]}} | consort = [[लक्ष्मी]] , [[देवी तुलसी|तुलसी]] और [[भूदेवी]] | siblings = | mount = {{hlist|[[गरुड़]]|[[शेषनाग]]}} | mantra = {{bulletedlist|ॐ वैष्णवे नमः|[[ओम नमो भगवते वासुदेवाय|ॐ नमो भगवते वासुदेवाय]]|[[ॐ नमो नारायणाय]]|ॐ श्री हरि विष्णो|हरि ॐ}} | other_names = {{hlist|हरि|नारायण|माधव|केशव|अच्युत|जनार्दन}} | children = | | festivals = {{hlist|[[अक्षय तृतीया]]|[[होली]]|[[दीपावली]]|[[एकादशी तिथि|एकादशी]]|[[कार्तिक पूर्णिमा]]|[[तुलसी विवाह]]|[[अनंत चतुर्दशी]]|अवतारों की जयंती}} | day = [[गुरुवार]] (बृहस्पतिवार) | texts = {{bulletedlist|[[श्रीमद्भगवद्गीता|श्रीमद् भगवद गीता]]|[[विष्णु पुराण]]|[[पद्म पुराण]]|[[गरुड़ पुराण]]|[[मत्स्य पुराण]]|[[वामन पुराण]]|[[नरसिंह पुराण]]|[[रामायण]]|[[महाभारत]]}} }} '''विष्णु''' ([[असंलिव]]: '''Viṣṇu''') [[सनातन धर्म]] के प्रमुख देवताओं में से एक हैं जिनको [[नारायण]] और '''हरि''' के नाम से भी जाना जाता है। विष्णु को जगत का पालनकर्ता माना जाता है, जब अधर्म और पाप बढ़ता है तब वे अवतार लेते हैं। [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णववाद]] के भीतर सर्वोच्च हैं, जो समकालीन [[हिन्दू धर्म]] के भीतर प्रमुख परंपराओं में से एक है। हिन्दू धर्म के आधारभूत ग्रन्थों में बहुमान्य पुराणानुसार भगवान विष्णु [[परमेश्वर]] के तीन मुख्य रूपों में से एक रूप हैं। पुराणों में [[त्रिमूर्ति]] भगवान विष्णु को विश्व या जगत का ''' पालनहार ''' कहा गया है। त्रिमूर्ति के अन्य दो रूप [[ब्रह्मा]] और [[शिव]] को माना जाता है। [[ब्रह्मा]] जी को जहाँ विश्व का सृजन करने वाला माना जाता है, वहीं [[शिव]] जी को संहारक माना गया है। मूलतः भगवान विष्णु, शिव तथा ब्रह्मा भी एक ही हैं यह मान्यता भी बहुशः स्वीकृत रही है। न्याय को प्रश्रय अन्याय के विनाश तथा जीव (मानव) को परिस्थिति के अनुसार उचित मार्ग-ग्रहण के निर्देश हेतु विभिन्न रूपों में अवतार ग्रहण करनेवाले के रूप में भगवान विष्णु मान्य रहे हैं। [[कल्की]] अवतार १०वां (आखिरी) अवतार है। जब भी दुनिया को बुराई, अराजकता और विनाशकारी ताकतों से खतरा होता है, तो विष्णु ब्रह्मांडीय व्यवस्था को बहाल करने और धर्म की रक्षा के लिए अवतार के रूप में अवतरित होते हैं। दशावतार विष्णु के दस प्राथमिक अवतार हैं। इन दस में से राम और कृष्ण सबसे महत्वपूर्ण हैं।<ref>{{Cite book|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich Robert|last2=Campbell|first2=Joseph|date=2015|publisher=Princeton University Press|isbn=978-0-691-01778-5|series=Works by Heinrich Zimmer|location=Princeton}}</ref> पुराणानुसार भगवान विष्णु की पत्नी देवी [[लक्ष्मी]] हैं। पौराणिक कथा के अनुसार [[तुलसी]] भी भगवान् विष्णु को लक्ष्मी के समान ही प्रिय है<ref>ब्रह्मवैवर्तपुराणम्, प्रकृति खण्ड-21-31, हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग, तृतीय संस्करण, पूर्वभाग, पृष्ठ-346.</ref> और इसलिए उसे 'विष्णुप्रिया' के रूप में मान्यता प्राप्त है। भगवान विष्णु का निवास क्षीरसागर है। उनका शयन शेषनाग के ऊपर है। उनकी नाभि से कमल उत्पन्न होता है जिसमें ब्रह्मा जी स्थित हैं। वह अपने नीचे वाले बाएँ हाथ में पद्म [कमल]), अपने नीचे वाले दाहिने हाथ में [[गदा]] (कौमोदकी) ,ऊपर वाले बाएँ हाथ में [[शंख]] ([[पाञ्चजन्य]]) और अपने ऊपर वाले दाहिने हाथ में चक्र(सुदर्शन) धारण करते हैं। जिवन के मुखय स्त्रोत व देवो के संहायक|अपनी दोनों पत्नियों के साथ गरुड़ पर भगवान विष्ण[[शेषनाग|शेष शय्या]] पर आसीन विष्णु, लक्ष्मी व ब्रह्मा के साथ, [[चम्बा, हिमाचल प्रदेश|चम्बा]] पहाड़ी शैली के एक लघुचित्र में।]] {{-}} == शब्द-व्युत्पत्ति और अर्थ == 'विष्णु' शब्द की व्युत्पत्ति मुख्यतः 'विष्' धातु से ही मानी गयी है। ('विष्' या 'विश्' धातु लैटिन में - vicus और सालविक में vas -ves का सजातीय हो सकता है।) [[निरुक्त]] (12.18) में यास्काचार्य ने मुख्य रूप से 'विष्' धातु को ही 'व्याप्ति' के अर्थ में लेते हुए उससे 'विष्णु' शब्द को निष्पन्न बताया है।<ref>(क)हिन्दी निरुक्त (निघण्टु सहित) - पं.सीताराम शास्त्री; मुन्शीराम मनोहरलाल दिल्ली, संस्करण-अनुल्लिखित, पृ.-500.(उत्तर षटक-12-18).(ख)निरुक्त (भाषा भाष्य) - पं.राजाराम; बाॅम्बे मैशीन प्रेस, लाहौर; प्रथम संस्करण-1914, पृ.535.</ref> वैकल्पिक रूप से 'विश्' धातु को भी 'प्रवेश' के अर्थ में लिया गया है, 'क्योंकि वह विभु होने से सर्वत्र प्रवेश किया हुआ होता है।<ref>पूर्ववत्,नि.12.18.</ref> आदि शंकराचार्य ने भी अपने विष्णुसहस्रनाम-भाष्य में 'विष्णु' शब्द का अर्थ मुख्यतः व्यापक (व्यापनशील) ही माना है<ref>विष्णुसहस्रनाम, सानुवाद शांकरभाष्य सहित; गीताप्रेस गोरखपुर; संस्करण-1999ई., पृ.7 एवं 66.(श्लोक-6 एवं 14 का भाष्य)</ref>, तथा उसकी व्युत्पत्ति के रूप में स्पष्टतः लिखा है कि "व्याप्ति अर्थ के वाचक नुक् प्रत्ययान्त 'विष्' धातु का रूप 'विष्णु' बनता है"।<ref>पूर्ववत्-पृ.66.</ref> 'विश्' धातु को उन्होंने भी विकल्प से ही लिया है और लिखा है कि "अथवा नुक् प्रत्ययान्त 'विश्' धातु का रूप विष्णु है; जैसा कि विष्णुपुराण में कहा है-- 'उस महात्मा की शक्ति इस सम्पूर्ण विश्व में प्रवेश किये हुए हैं; इसलिए वह विष्णु कहलाता है, क्योंकि 'विश्' धातु का अर्थ प्रवेश करना है"।<ref>पूर्ववत्-पृ.66.तथा विष्णुपुराण-3.1.45.(गीताप्रेस गोरखपुर; संस्करण-2001ई.)</ref> ऋग्वेद के प्रमुख भाष्यकारों ने भी प्रायः एक स्वर से 'विष्णु' शब्द का अर्थ व्यापक (व्यापनशील) ही किया है। विष्णुसूक्त (ऋग्वेद-1.154.1 एवं 3) की व्याख्या में आचार्य सायण 'विष्णु' का अर्थ व्यापनशील (देव) तथा सर्वव्यापक करते हैं;<ref>(क)ऋग्वेद संहिता (पदपाठ, सायण भाष्य एवं पं.रामगोविन्द त्रिवेदी कृत हिन्दी अनुवाद सहित) - चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी; संस्करण-2007 ई.(खण्ड-2)पृ.196,198.;(ख)ऋग्वेदसंहिता (सायण भाष्य एवं भाष्यानुवाद सहित) - चौखम्बा कृष्णदास अकादमी, वाराणसी; संस्करण-2013 ई.,(खण्ड-2)पृ.786,788.</ref> तो श्रीपाद दामोदर सातवलेकर भी इसका अर्थ व्यापकता से सम्बद्ध ही लेते हैं।<ref>ऋग्वेद का सुबोध भाष्य, भाग-2, श्रीपाद दामोदर सातवलेकर; स्वाध्याय मण्डल, किल्ला पारडी, वलसाड (गुजरात);(प्रथम खण्ड)संस्करण-अनुल्लिखित., पृ.403.</ref> महर्षि दयानन्द सरस्वती ने भी 'विष्णु' का अर्थ अनेकत्र सर्वव्यापी परमात्मा किया है<ref>ऋग्वेद (दयानन्द भाष्य) भाग-1- महर्षि दयानन्द सरस्वती; आर्य प्रकाशन, दिल्ली; संस्करण-2011 ई.,पृ.781-783.</ref> और कई जगह परम विद्वान् के अर्थ में भी लिया है।<ref>पूर्ववत्-पृ.789; '''[इस आलेख में आगे भी 'ऋग्वेद,पूर्ववत्' से पूर्वलिखित चारों संस्करण अभिलक्षित होंगे।]'''</ref> इस प्रकार सुस्पष्ट परिलक्षित होता है कि 'विष्णु' शब्द 'विष्' धातु से निष्पन्न है और उसका अर्थ व्यापनयुक्त (सर्वव्यापक) है। == ऋग्वेद में विष्णु == वैदिक देव-परम्परा में सूक्तों की सांख्यिक दृष्टि से विष्णु का स्थान गौण है क्योंकि उनका स्तवन मात्र 5 सूक्तों में किया गया है; लेकिन यदि सांख्यिक दृष्टि से न देखकर उनपर और पहलुओं से विचार किया जाय तो उनका महत्त्व बहुत बढ़कर सामने आता है।<ref>वैदिक देवशास्त्र (मैकडाॅनल रचित 'वैदिक माइथोलाॅजी') अनुवादक- डाॅ.सूर्यकान्त; मेहरचन्द लछमनदास, नई दिल्ली, प्रथम संस्करण-1961, पृ.84.</ref> ऋग्वेद में उन्हें 'बृहच्छरीर' (विशाल शरीर वाला), युवाकुमार आदि विशेषणों से ख्यापित किया गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.155.2.</ref> ऋग्वेद में उल्लिखित विष्णु के स्वरूप एवं वैशिष्ट्यों का अवलोकन निम्नांकि बिन्दुओं में किया जा सकता है :- === लोकत्रय के शास्ता : तीन पाद-प्रक्षेप === विष्णु की अनुपम विशेषता उनके तीन पाद-प्रक्षेप हैं, जिनका ऋग्वेद में बारह बार उल्लेख मिलता है। सम्भवतः यह उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। उनके तीन पद-क्रम मधु से परिपूर्ण कहे गये हैं, जो कभी भी क्षीण नहीं होते। उनके तीन पद-क्रम इतने विस्तृत हैं कि उनमें सम्पूर्ण लोक विद्यमान रहते हैं (अथवा तदाश्रित रहते हैं)। ‘त्रेधा विचक्रमाणः’ भी प्रकारान्तर से उनके तीन पाद-प्रक्षेपों को ध्वनित करता है। ‘उरुगाय’ और ‘उरुक्रम’ आदि पद भी उक्त तथ्य के परिचायक हैं। मधु से आपूरित उनके तीन पद-क्रम में से दो दृष्टिगोचर हैं, तीसरा सर्वथा अगोचर। इस तीसरे सर्वोच्च पद को पक्षियों की उड़ान और मर्त्य चक्षु के उस पार कहा गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.155.5.</ref> यास्क के पूर्ववर्ती शाकपूणि इन तीन पाद-प्रक्षेपों को ब्रह्माण्ड के तीन भागों-- पृथ्वी, अन्तरिक्ष और द्युलोक में सूर्य की संचार गति के प्रतीक मानते हैं।<ref>(क)हिन्दी निरुक्त (निघण्टु सहित) - पं.सीताराम शास्त्री; मुन्शीराम मनोहरलाल दिल्ली, संस्करण-अनुल्लिखित, पृ.-502.(उत्तर षटक-12-19).(ख)निरुक्त (भाषा भाष्य) - पं.राजाराम; बाॅम्बे मैशीन प्रेस, लाहौर; प्रथम संस्करण-1914, पृ.535-536. (12-19).</ref> यास्क के ही पूर्ववर्ती और्णवाभ उन्हें सूर्य के उदय, मध्याकाश में स्थिति तथा अस्त का वाची मानते हैं।<ref>पूर्ववत्, नि.12-19.</ref> तिलक महोदय इनसे वर्ष के त्रिधाविभाजन (प्रत्येक भाग में 4 महीने) का संकेत मानते हैं।<ref>THE ARCTIC HOME IN THE VEDAS, Messrs Tilak Bros, Poona, 1956, chapter-XII, p.304-305.</ref> यदि देखा जाय तो अधिकांश विद्वान् विष्णु को सूर्य-वाची मान कर उदयकाल से मध्याह्न पर्यन्त उसका एक पादप्रक्षेप, मध्याह्न से अस्तकाल पर्यन्त द्वितीय पादप्रक्षेप और अस्तकाल से पुनः अग्रिम उदयकाल तक तृतीय पाद-प्रक्षेप स्वीकारते हैं। इन्हीं पूर्वोक्त दो पाद-प्रक्षेपों को दृष्टिगोचर और तीसरे को अगोचर कहा गया है। लेकिन मैकडाॅनल सहित अन्य अनेक विद्वानों का भी कहना है कि इस अर्थ में तीसरे चरण को 'सर्वोच्च' कैसे माना जा सकता है? इसलिए वे लोग पूर्वोक्त शाकपूणि की तरह तीन चरणों को सौर देवता के तीनों लोकों में से होकर जाने का मार्ग मानते हैं।<ref>वैदिक देवशास्त्र (मैकडाॅनल रचित 'वैदिक माइथोलाॅजी') अनुवादक- डाॅ.सूर्यकान्त; मेहरचन्द लछमनदास, नई दिल्ली, प्रथम संस्करण-1961, पृ.85.</ref> सूर्य की कल्पना का ही समर्थन करते हुए मैकडानल ने विष्णु द्वारा अपने 90 अश्वों के संचालित किये जाने का उल्लेख किया है, जिनमें से प्रत्ये के चार-चार नाम हैं। इस प्रकार 4 की संख्या से गुणीकृत 90 अर्थात् 360 अश्वों को वे एक सौर वर्ष के दिनों से अभिन्न मानते हैं। वस्तुतः विष्णु के दो पदों से सम्पूर्ण विश्व की नियन्त्रणात्मकता तथा तीसरे पद से उनका परम धाम अर्थात् उनकी प्राप्ति संकेतित है। स्वयं ऋग्वेद में ही इन तीन पदों की रहस्यात्मक व्याख्या की गयी है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-7.99.2.</ref> इसलिए इस पद को ज्ञानात्मक मानकर ऋग्वेद में ही स्पष्ट कहा गया है कि विष्णु का परम पद ज्ञानियों द्वारा ही ज्ञातव्य है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.22.20.</ref> === विष्णु-धाम अर्थात् विष्णु का प्रिय आवास (वैकुण्ठ) === वैसे तो विष्णु को वाणी में निवास करने वाला भी माना जाता है, किन्तु उनका परम प्रिय आवास स्थल 'पाथः' ऋग्वेद में बहुचर्चित है। आचार्य सायण ने ‘गिरि’ पद को श्लिष्ट मानकर उसका अर्थ 'वाणी' के साथ-साथ लाक्षणिक रूप में ‘पर्वत के समान उन्नत लोक’ भी किया है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.154.2,3 पर सायण-भाष्य।</ref> 'गिरि' को यदि इन दोनों अर्थों में स्वीकृत कर लिया जाय तो समस्या का समाधान हो जाता है। विष्णु का तीसरा पद जहाँ पहुँचता है वही उनका आवास स्थान है। विष्णु का लोक ‘परम पद’ है अर्थात् गन्तव्य रूपेण वह सर्वोत्कृष्ट लोक है। उस ‘परम पद’ की विशेषता यह है कि वह अत्यधिक प्रकाश से युक्त है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.154.6.</ref> वहाँ अनेक शृंगों वाली गायें (अथवा किरणें) संचरण किया करती हैं। ‘गावः’ यहाँ श्लिष्ट पद की तरह है। श्लेष से उसका अर्थ ‘गायें’ करने पर वहाँ दुग्ध आदि भौतिक पुष्टि का प्राचुर्य एवं ‘किरणें’ करने पर वहाँ प्रकाश अर्थात् आत्मिक उन्नति का बाहुल्य सहज ही अनुमेय है। विष्णु के ‘परम पद’ में मधु का स्थायी उत्स (= स्रोत) है।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5.</ref> यह ‘मधु’ देवताओं को भी आनन्दित करनेवाला है। इस श्लिष्ट पद का जो भी अर्थ किया जाय पर वह हर स्थिति में परमानन्द का वाचक है, जिसके लिए देवता सहित समस्त प्राणी अभिलाषी भी रहते हैं और प्रयत्नशील भी। इसलिए उक्त लोक की प्राप्ति की कामना सभी करते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5"/> उसी मंत्र में वहाँ पुण्यशाली लोगों का, तृप्ति (आनन्द, प्रसन्नता) का अनुभव करते हुए उल्लेख भी हुआ है। === विष्णु-इन्द्र युग्म अर्थात् इन्द्र-सखा === विष्णु की एक प्रमुख विशेषता उनका इन्द्र से मैत्रीभाव है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.22.19.</ref> इन्द्र के साहचर्य में ही उनके तीन पाद-प्रक्षेपों का प्रवर्तन होता है। इन्द्र के साथ मिलकर वह शम्बर दैत्य के 99 किलों का विनाश करते हैं।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-7.99.5.</ref> इसी प्रकार वह वृत्र के साथ संग्राम में भी इन्द्र की सहायता करते हैं। दोनों को कहीं-कहीं एक दूसरे की शक्तियों से युक्त भी बतलाया गया है। इस प्रकार विष्णु द्वारा सोमपान किया जाना और इन्द्र द्वारा तीन पाद-प्रक्षेप किया जाना भी वर्णित है। ऋग्वेद, मण्डल 6, सूक्त 69 में दोनों देवों का युग्मरूपेण स्तवन हुआ है। इसी प्रकार ऋग्वेद के मण्डल 5, सूक्त 87 में इन्द्र के सहचर मरुद्गणों के साथ उनकी सहस्तुति प्राप्त होती है। === परम वीर्यशाली === 'विष्' धातु से व्युत्पन्न विष्णु पद का शाब्दिक अर्थ ‘व्यापक, गतिशील, क्रियाशील अथवा उद्यम-शील’ होता है। अपने बल-विक्रम के ही कारण वे लोगों द्वारा स्तुत होते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3.</ref> === कुत्सितों के लिए भयकारक ===   अपने वीर्य (बल) अथवा वीर कर्मों के कारण वे शत्रुओं के भय का कारण हैं। उनसे लोग उसी प्रकार भयभीत रहते हैं, जिस प्रकार किसी पर्वतचारी सिंह से। ‘परमेश्वराद्भीतिः’ आदि श्रुति-वचनों से सामान्य जनों का भी उनसे भय करना सिद्ध हो जाता है। उनसे भयभीत होना अकारण नहीं है। वे कुत्सितों (शत्रुओं) का वध आदि हिंसाकर्म करने वाले हैं। यहाँ यह ध्यातव्य है कि वे कुत्सित हिंसादिकर्ता (कुचरः) का ही वध करते है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.2.</ref> इसलिए उनके लिए कहा गया है कि वे हत्यारे नहीं हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12">ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12.</ref> === व्यापक तथा अप्रतिहत गति वाले === विष्णु विस्तीर्ण, व्यापक और अप्रतिहत गति वाले हैं। ‘उरुगाय’ और ‘उरुक्रम’ आदि पद इस तथ्य के पोषक हैं। ‘उरुगाय’ का अर्थ आचार्य सायण द्वारा ‘महज्जनों द्वारा स्तूयमान’ अथवा ‘प्रभूततया स्तूयमान’<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.6, पर सायण-भाष्य।</ref> करने से भी विष्णु की महिमा विखण्डित नहीं होती। डाॅ.यदुनन्दन मिश्र का कहना है कि इस पद का अर्थ ‘विस्तीर्ण गति वाला’ करने के लिए हम इस लिए आग्रहवान् हैं, क्योंकि उसे ‘सभी लोकों में संचरण करने वाला’ कहा गया है।<ref>डाॅ.यदुनन्दन मिश्र, 'वेद-संचयनम्', चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी, संस्करण-1976, पृ.26.</ref> उनके पद-क्रम इतने सुदीर्घ होते हैं कि वे अपने तीन पाद-प्रक्षेपों से ही तीनों लोकों को नाप लेते हैं। === लोकोपकारक === विष्णु के तीन पद यदि सृष्टि करते हैं, स्थापन करते हैं, धारण करते हैं<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5.</ref> तो वहीं पर आश्रित जनों का पालन-पोषण भी किया करते हैं। लोगों को अपना भोग्य अन्नादि उन्हीं तीन पद-क्रमों के प्रसादस्वरूप प्राप्त होता है, जिससे कि वे परम तृप्ति का अनुभव किया करते हैं। जो लोग विष्णु की स्तुति करते हैं, उनका वे सर्वविध कल्याण करते हैं, क्योंकि उनके स्तवनादि कर्म से उसे परम स्फूर्ति मिलती है। इस प्रकार स्फूर्ति-प्रदायिनी स्तुति विष्णु तक पहुँचा पाने के लिये सभी लालायित रहते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3"/> वे वरिष्ठ दाता हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12"/> * त्रयात्मकता विष्णु के गुणों में भी त्रयात्मकता परिलक्षित होती है। वे तीन पद-क्रम वाले, तीन प्रकार की गति करने वाले, तीनों लोकों को नाप लेने वाले और लोकत्रय के धारक हैं। इसी प्रकार वह ‘त्रिधातु’<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4.</ref> अर्थात् सत्, रज और तम का समीकृत रूप अथवा पृथ्वी, जल और तेज से युक्त भी हैं। === सर्जक-पालक-संहारक === विष्णु पार्थिव लोकों का निर्माण और परम विस्तृत अन्तरिक्ष आदि लोकों का प्रस्थापन करने वाले हैं। वे स्वनिर्मित लोकों में तीन प्रकार की गति करने वाले हैं। उनकी ये तीन गतियाँ उद्भव, स्थिति और विलय की प्रतीक हैं। इस प्रकार जड़-जंगम सभी के वे निर्माता भी हैं, पालक भी और विनाशक भी। वे 'लोकत्रय का अकेला धारक' हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5"/> वे अपने तीन पाद-प्रक्षेपों से अकेले ही तीनों लोकों को नाप लेते हैं। लोकत्रय को नाप लेने से भी यह फलित होता है कि लोकत्रय अर्थात् वहाँ के समग्र प्राणी उनके पूर्ण नियंत्रण में हैं। विष्णु भ्रूण-रक्षक भी हैं। गर्भस्थ बीज की रक्षा के लिए और सुन्दर बालक की उत्पत्ति के लिए विष्णु की प्रार्थना की जाती है।उनके पालक स्वरूप पर स्पष्ट बल देने के कारण ऋग्वेद में अहोरात्र अग्निरूप में भी उन्हें 'विष्णुर्गोपा परमं पाति..'<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-3.55.10.</ref> अर्थात् सबके रक्षक-पालक कहा गया है। आचार्य सायण ऋग्वेद के अष्टम मण्डल के पच्चीसवें सूक्त के बारहवें मन्त्र की व्याख्या में भी विष्णु को स्पष्ट रूप से 'पालन से युक्त' मानते हैं।.... इसलिए समग्र परिप्रेक्ष्य में ऋग्वेद में विष्णु को परम हितैषी कहा गया है।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5"/> === सर्वोच्चता === सर्वाधिक मन्त्रों में वर्णित होने के बावजूद इन्द्र को 'सुकृत' और विष्णु को 'सुकृत्तरः' कहा गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.156.5.</ref> 'सुकृत्तरः' का आचार्य सायण ने 'उत्तम फल प्रदान करने वालों में श्रेष्ठ' अर्थ किया है; श्रीपाद सातवलेकर जी ने 'उत्तम कर्म करने वालों में सर्वश्रेष्ठ' अर्थ किया है और महर्षि दयानन्द सरस्वती जी ने भी 'अतीव उत्तम कर्म वाला' अर्थ किया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्, उक्त मंत्र का चारों संस्करणों में संबद्ध भाष्य द्रष्टव्य।</ref> इन्द्र 'सुकृत' (उत्तम कर्म करने वाला) है तो विष्णु 'सुकृत्तरः' (उत्तम कर्म करने वालों में सर्वश्रेष्ठ) हैं। तात्पर्य स्पष्ट है कि ऋग्वेद में ही यह मान लिया गया है कि विष्णु सर्वोच्च हैं। इसी प्रकार इन्द्र के राजा होने के बावजूद विष्णु की सर्वोच्चता ऋग्वेद में ही इस बात से भी स्पष्ट हो जाती है कि उसमें विष्णु के लिए कहा गया है कि "वे सम्पूर्ण विश्व को अकेले धारण करते हैं"<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4"/> तथा इन्द्र के लिए कहा गया है कि वे राज्य (संचालन) करते हैं<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.81.5.</ref>। तात्पर्य स्पष्ट है कि सृष्टि के सर्जक एवं पालक विष्णु ने संचालन हेतु इन्द्र को राजा बनाया है। इस सुसन्दर्भित परिप्रेक्ष्य में विष्णु की सर्वोच्चता से सम्बद्ध ब्राह्मण ग्रन्थों एवं बाद की पौराणिक मान्यताएँ भी स्वतः उद्भासित हो उठती हैं। == ब्राह्मणों में विष्णु == ब्राह्मण-युग में यज्ञ-संस्था का विपुल विकास हुआ और इसके साथ ही देवमंडली में विष्णु का महत्त्व भी पहले की अपेक्षा अधिकतर हो गया। ऐतरेय ब्राह्मण के आरम्भ में ही यज्ञ में स्थान देने के क्रम में अग्नि से आरम्भ कर विष्णु के स्थान को 'परम' कहा गया है। इनके मध्य अन्य देवताओं का स्थान है।<ref>ऐतरेय ब्राह्मणम्-1.1 (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-2007(प्रथम खण्ड), पृ.12,13(भूमिकादि के पश्चात्)।</ref> इस तरह स्पष्ट रूप से वैदिक संहिता ग्रन्थों में सर्वप्रमुख स्थान प्राप्त अग्नि की अपेक्षा विष्णु को अत्युच्च स्थान दिया गया है। वस्तुतः विष्णु को महत्तम तो ऋग्वेद में भी माना ही गया है, पर वर्णन की अल्पता के कारण वहाँ उनका स्थान गौण लगता है। ब्राह्मण ग्रन्थों में स्पष्ट कथन के द्वारा उन्हें सर्वोच्च पद दिया गया है। यह श्रेष्ठता इस कथा से भी स्पष्ट होती है कि विष्णु ने अपने तीन पगों द्वारा असुरों से पृथ्वी, वेद तथा वाणी सब छीनकर इन्द्र को दे दी।<ref>(क)ऐतरेय ब्राह्मणम्-6.3.15 (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-1983ई.(द्वितीय खण्ड), पृ.968,969. (ख)शतपथ ब्राह्मण (प्रथम भाग) - सं. स्वामी सत्यप्रकाश सरस्वती, अनुवादक- पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय; विजयकुमार गोविन्दराम हासानन्द, दिल्ली; संस्करण-2010 ई. पृ.188-189(1.9.3.9)</ref> वैदिक विष्णु के तीन पगों का यह ब्राह्मणों में कथात्मक रूपान्तरण है; और इसी के साथ विष्णु की सर्वश्रेष्ठता भी ब्राह्मण युग में ही स्पष्ट हो गयी। ऐतरेय ब्राह्मण स्पष्ट रूप से विष्णु को द्वारपाल की तरह देवताओं का सर्वथा संरक्षक मानता है।<ref>ऐतरेय ब्राह्मणम्-1.5.4/1.30. (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-2007(प्रथम खण्ड), पृ.186.</ref> विष्णु वास्तव मे परम तत्व है, इसीलिए वाल्मीकि ने इनके ग्रंथो का वर्णन किया है और वास्तव मे प्राचीन समय मे वर्ण प्रमुख थे सबको समान अधिकार और सम्मान था।कुछ लोग इन्हें ब्राह्मण भी मानते है, कुछ क्षत्रिय, कुछ वैश्य, कुछ शूद्र वास्तव मे शिव और विष्णु और ब्रह्मा तीन ही प्रमुख देवता है। विष्णु ने हमेशा कमजोरो का भला किया है और हमेशा उनसे प्यार किया है चाहे वो शबरी हो केवट हो, हनुमान हो यें सभी दिन है। उन्हीने राक्षसों से हमेशा सामान्य जन की रक्षा की है वो प्रजा के परम हितेषी थे और ख़ुद भी उनके मध्य ही रहते है। == पौराणिक मान्यताएँ == ऋग्वेद तथा ब्राह्मणों में उपलब्ध संकेतों का पुराणों में पर्याप्त परिवर्धन हुआ-- कथात्मक भी, विवरणात्मक भी और व्याख्यात्मक भी। पुराणों ने इस जगत के मूल में वर्तमान, नित्य, अजन्मा, अक्षय, अव्यय, एकरस तथा हेय के अभाव से निर्मल परब्रह्म को ही विष्णु संज्ञा दी है। वे (विष्णु) 'परानां परः' (प्रकृति से भी श्रेष्ठ), अन्तरात्मा में अवस्थित परमात्मा, परम श्रेष्ठ तथा रूप, वर्ण आदि निर्देशों तथा विशेषण से रहित (परे) हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.10.</ref> वे जन्म, वृद्धि, परिणाम, क्षय और नाश -- इन छह विकारों से रहित हैं। वे सर्वत्र व्याप्त हैं और समस्त विश्व का उन्हीं में वास है; इसीलिए विद्वान् उन्हें 'वासुदेव' कहते हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.12; तथा महाभारत, शान्तिपर्व-341.41 (सटीक, छह खण्डों में, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-1996ई.</ref> जिस समय दिन, रात, आकाश, पृथ्वी, अन्धकार, प्रकाश तथा इनके अतिरिक्त भी कुछ नहीं था, उस समय एकमात्र वही प्रधान पुरुष परम ब्रह्म विद्यमान थे, जो कि इन्द्रियों और बुद्धि के विषय (ज्ञातव्य) नहीं हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.23.</ref> सृष्टि के आरम्भ में ब्रह्मा जी को विष्णु जी ने जो मूल ज्ञानस्वरूप चतुःश्लोकी भागवत सुनाया था, उसमें भी यही भाव व्यक्त हुआ है -- सृष्टि के पूर्व केवल मैं ही मैं था। मेरे अतिरिक्त न स्थूल था न सूक्ष्म और न दोनों का कारण अज्ञान। जहाँ यह सृष्टि नहीं है, वहाँ मैं ही मैं हूँ और इस सृष्टि के रूप में जो प्रतीत हो रहा है, वह भी मैं ही हूँ और जो कुछ बच रहेगा, वह भी मैं ही हूँ।<ref>भागवत महापुराण-2.9.32 (सटीक, दो खण्डों में, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2001ई.</ref> इन सन्दर्भों से विष्णु की सर्वोच्चता तथा सर्वनियन्ता होने की भावना स्पष्ट परिलक्षित होती है। माना गया है कि विष्णु के दो रूप हुए। प्रथम रूप-- प्रधान पुरुष और दूसरा रूप 'काल' है। ये ही दोनों सृष्टि और प्रलय को अथवा प्रकृति और पुरुष को संयुक्त और वियुक्त करते हैं। यह काल रूप भगवान् अनादि तथा अनन्त हैं; इसलिए संसार की उत्पत्ति, स्थिति और प्रलय भी कभी नहीं रुकते।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.26.</ref> वैष्णवों के सिरमौर तथा 'पुराणों का तिलक'<ref>पद्मपुराण, उत्तर खण्ड-194.85 (आनन्दाश्रम मुद्रणालय, भाग-4, संस्करण-1894ई., पृ.1614; तथा संक्षिप्त पद्मपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2001ई.पृ.868.</ref> के रूप में मान्य भागवत महापुराण में सृष्टि की उत्पत्ति के प्रसंग में कहा गया है कि सृष्टि करने की इच्छा होने पर एकार्णव में सोये (एकमात्र) विष्णु की नाभि से कमल का प्रादुर्भाव हुआ और उसमें समस्त गुणों को आभासित करने वाले स्वयं विष्णु के ही अन्तर्यामी रूप से प्रविष्ट होने से स्वतः वेदमय [[ब्रह्मा]] का प्रादुर्भाव हुआ।<ref>भाग., पूर्ववत्-3.8.15.</ref> इसी प्रकार अधिकांश पुराणों में विष्णु को परम ब्रह्म के रूप में स्वीकार किया गया है। उनसे सम्बद्ध कथाओं से पुराण भरे पड़े हैं। पालनकर्ता होने के कारण उन्हें जागतिक दृष्टि से यदा-कदा विविध '''प्रपंचों''' का भी सहारा लेना पड़ता है। असुरों के द्वारा राज्य छीन लेने पर पुनः स्वर्गाधिपत्य-प्राप्ति हेतु देवताओं को समुद्र-मंथन का परामर्श देते हुए असुरों से '''छल''' करने का सुझाव देना;<ref>भाग.पूर्ववत्-8.6.20.</ref> तथा कामोद्दीपक [[मोहिनी अवतार|मोहिनी]] रूप धारणकर असुरों को मोहित करके देवताओं को अमृत पिलाना;<ref>भाग.पूर्ववत्-8.9.</ref> शंखचूड़ (जलंधर) के वध हेतु तुलसी (वृन्दा) का सतीत्व भंग करने सम्बन्धी देवीभागवत<ref>देवीभागवत (सटीक, दो खण्डों में), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2010ई.(नवम स्कन्ध, अध्याय-23,24).</ref> तथा शिवपुराण<ref>शिवपुराण, रुद्रसंहिता, अध्याय-41 (संक्षिप्त शिवपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2000ई.,पृ.382,383).</ref> जैसे उपपुराणों में वर्णित कथाओं में विष्णु का छल-प्रपंच द्रष्टव्य है। इस सम्बन्ध में यह अनिवार्यतः ध्यातव्य है कि पालनकर्ता होने के कारण वे परिणाम देखते हैं। किन्हीं वरदानों से असुरों/अन्यायियों के बल-विशिष्ट हो जाने के कारण यदि छल करके भी अन्यायी का अन्त तथा अन्याय का परिमार्जन होता है तो वे छल करने से भी नहीं हिचकते। रामावतार में छिपकर बाली को मारना तथा कृष्णावतार में महाभारत युद्ध में अनेक छलों का विधायक बनना उनके इसी दृष्टिकोण का परिचायक है। छिद्रान्वेषी लोग इन्हीं कथाओं का उपयोग मनमानी व्याख्या करके ईश्वर-विरोध के रूप में करते हैं। परन्तु, इन्हें सान्दर्भिक ज्ञान की दृष्टि से देखना इसलिए आवश्यक है क्योंकि पुराणों या तत्सम्बन्धी ग्रन्थों में ये प्रसंग विपरीत स्थितियों में सामान्य से इतर विशिष्ट कर्तव्य के ज्ञान हेतु ही उपस्थापित किये गये हैं। ध्यातव्य है कि पुराणों में तात्त्विक ज्ञान को ही ब्रह्म, परमात्मा और भगवान् कहा गया है।<ref>भाग.पूर्ववत्-1.2.11.</ref> == विष्णु का स्वरूप == विष्णु का सम्पूर्ण स्वरूप ज्ञानात्मक है। पुराणों में उनके द्वारा धारण किये जाने वाले आभूषणों तथा आयुधों को भी प्रतीकात्मक माना गया है :- # कौस्तुभ मणि = जगत् के निर्लेप, निर्गुण तथा निर्मल क्षेत्रज्ञ स्वरूप का प्रतीक # श्रीवत्स = प्रधान या मूल प्रकृति # गदा = बुद्धि # शंख = पंचमहाभूतों के उदय का कारण तामस अहंकार # शार्ङ्ग (धनुष) = इन्द्रियों को उत्पन्न करने वाला राजस अहंकार # सुदर्शन चक्र = सात्विक अहंकार # वैजयन्ती माला = पंचतन्मात्रा तथा पंचमहाभूतों का संघात [वैजयन्ती माला मुक्ता, माणिक्य, मरकत, इन्द्रनील तथा हीरा -- इन पाँच रत्नों से बनी होने से पंच प्रतीकात्मक] # बाण = ज्ञानेन्द्रिय तथा कर्मेन्द्रिय। # खड्ग = विद्यामय ज्ञान {जो अज्ञानमय कोश (म्यान) से आच्छादित रहता है।} इस प्रकार समस्त सृजनात्मक उपादान तत्त्वों को विष्णु अपने शरीर पर धारण किये रहते हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.22.68से75.</ref> श्रीविष्णु की आकृति से सम्बन्धित स्तुतिपरक एक श्लोक अतिप्रसिद्ध है :- '''''शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्।''''' '''''विश्वाधारं गगनसदृशं मेघ वर्णं शुभाङ्गम्।।''''' '''''लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्।''''' '''''वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।।''''' भावार्थ - जिनकी आकृति अतिशय शांत है, जो शेषनाग की शैया पर शयन किये हुए हैं, जिनकी नाभि में कमल है, जो ‍देवताओं के भी ईश्वर और संपूर्ण जगत् के आधार हैं, जो आकाश के सदृश सर्वत्र व्याप्त हैं, नीलमेघ के समान जिनका वर्ण है, अतिशय सुंदर जिनके संपूर्ण अंग हैं, जो योगियों द्वारा ध्यान करके प्राप्त किये जाते हैं, जो संपूर्ण लोकों के स्वामी हैं, जो जन्म-मरण रूप भय का नाश करने वाले हैं, ऐसे लक्ष्मीपति, कमलनेत्र भगवान् श्रीविष्णु को मैं प्रणाम करता हूँ। == विष्णु-शिव एकता == वेदांत दर्शन के विभिन्न सम्प्रदायों में विष्णु और शिव की भूमिका को लेकर भिन्न दृष्टिकोण हैं। अद्वैत, विशिष्टाद्वैत, और द्वैत तीन प्रमुख सम्प्रदाय हैं जो इस विषय पर अपने-अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। '''अद्वैत (स्मार्त) दृष्टिकोण''': अद्वैत वेदांत, जिसे आदि शंकराचार्य ने प्रतिपादित किया, मानता है कि सभी देवता एक ही ब्रह्म के विभिन्न रूप हैं। अद्वैत के अनुसार, विष्णु और शिव दोनों ही परम सत्य ब्रह्म के विभिन्न अभिव्यक्तियाँ हैं। अद्वैत दर्शन में अंतिम उद्देश्य ब्रह्म की अद्वैत स्थिति की प्राप्ति है, और इस संदर्भ में विष्णु और शिव दोनों ही समान रूप से पूजनीय हैं। '''विशिष्टाद्वैत (श्री सम्प्रदाय) दृष्टिकोण''': विशिष्टाद्वैत वेदांत, जिसे रामानुज ने प्रतिपादित किया, मानता है कि विष्णु ही सर्वोच्च परमात्मा हैं, जिनके अनंत शुभ गुण हैं। इस दर्शन के अनुसार, भगवान विष्णु ही ईश्वर हैं, और वह जगत का कारण, पालनकर्ता और संहारकर्ता है। विशिष्टाद्वैत मानता है कि शिव एक देवता हैं, वे विष्णु के अधीन हैं और उनकी दिव्य लीला का हिस्सा हैं। इस सम्प्रदाय में, विष्णु और उनके अवतारों की भक्ति सर्वोच्च मानी जाती है, और जीवात्मा का अंतिम उद्देश्य विष्णु के साथ भक्ति और सेवा के माध्यम से संबंध स्थापित करना है। रामानुज के सिद्धांतों में, विष्णु की भक्ति के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताया गया है, जिसमें शिव का स्थान महत्वपूर्ण है लेकिन विष्णु के समकक्ष नहीं। '''द्वैत (माध्व सम्प्रदाय) दृष्टिकोण:''' द्वैत वेदांत, जिसे माध्वाचार्य ने स्थापित किया, विष्णु और जीवात्माओं के बीच अनंत भिन्नता पर जोर देता है। इस दृष्टिकोण में, विष्णु को सर्वोच्च भगवान माना जाता है, जबकि शिव को एक शक्तिशाली देवता के रूप में देखा जाता है, जो विष्णु से अलग हैं। द्वैत दर्शन में विष्णु की सर्वोच्चता को प्रमुखता दी जाती है, और शिव की भूमिका महत्वपूर्ण लेकिन विष्णु से भिन्न मानी जाती है। माध्व सम्प्रदाय में विष्णु की भक्ति और सेवा को ही मोक्ष का एकमात्र साधन माना जाता है। == भगवान विष्णू की उत्पत्ती कैसे हुई == 'अवतार' का शाब्दिक अर्थ है भगवान् का अपनी स्वातंत्र्य-शक्ति के द्वारा भौतिक जगत् में मूर्त रूप से आविर्भाव होना, प्रकट होना।<ref>हिन्दी विश्वकोश,प्रथम खण्ड, नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी; संस्करण-1973ई.,पृ.277.</ref> अवतार की सिद्धि दो दशाओं में मानी जाती है -- एक तो अपने रूप का परित्याग कर कार्यवश नवीन रूप का ग्रहण; तथा दूसरा नवीन जन्म ग्रहण कर सम्बद्ध रूप में आना, जिसमें माता के गर्भ में उचित काल तक एक स्थिति की बात भी सन्निविष्ट है।<ref>पुराण-विमर्श, आचार्य बलदेव उपाध्याय, चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी; संस्करण-2002ई.,पृ.163.</ref> इसमें अत्यल्प समय के लिए रूप बदलकर या किसी दूसरे का रूप धारणकर पुनः अपने रूप में आ जाना शामिल नहीं होता। === अवतार का प्रयोजन === श्रीमद्भगवद्गीता के चतुर्थ अध्याय के सुप्रसिद्ध सातवें एवं आठवें श्लोक में भगवान् ने स्वयं अवतार का प्रयोजन बताते हुए कहा है कि -- जब-जब धर्म की हानि और अधर्म का उत्थान हो जाता है, तब-तब सज्जनों के परित्राण और दुष्टों के विनाश के लिए मैं विभिन्न युगों में (माया का आश्रय लेकर) उत्पन्न होता हूँ।<ref>श्रीमद्भगवद्गीतारहस्य, लो.बाल गंगाधर तिलक, अनुवादक-माधवरावजी सप्रे, प्रकाशक-दी.ज.तिलक,शै.श्री.तिलक, नारायण पेठ, पुणे; अट्ठाइसवाँ संस्करण-2006, पृ.446.(श्लोक-6 से 8 की टीका एवं संबद्ध टिप्पणी)।</ref> इसके अतिरिक्त भागवत महापुराण में एक विशिष्ट और अधिक उदात्त प्रयोजन की बात कही गयी है कि भगवान् तो प्रकृति सम्बन्धी वृद्धि-विनाश आदि से परे अचिन्त्य, अनन्त, निर्गुण हैं। तो यदि वे अवतार रूप में अपनी लीला को प्रकट नहीं करते तो जीव उनके अशेष गुणों को कैसे समझते? अतः जीवों के प्रेरणारूप कल्याण के लिए उन्होंने अपने को (अवतार रूप में) तथा अपनी लीला को प्रकट किया।<ref>भाग.,पूर्ववत्-10.29.14.</ref> इसलिए विभिन्न अवतार-कथाओं में कई विषम स्थितियाँ हैं जिससे जीव यह समझ सके कि परिस्थिति के अनुसार उचित मार्ग कैसा होता है! === अवतारों की संख्या === विष्णु के अवतारों की पहली व्यवस्थित सूची महाभारत में उपलब्ध होती है। महाभारत के शान्तिपर्व में अवतारों की कुल संख्या 10 बतायी गयी है (मूलपाठ) :- '''हंस: कूर्मश्च मत्स्यश्च प्रादुर्भावा द्विजोत्तम ॥''' '''वराहो नरसिंहश्च वामनो राम एव च। ''' '''रामो दाशरथिश्चैव सात्वत: कल्किरेव च ॥'''<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.104.</ref> अर्थात् (श्रीभगवान् स्वयं नारद से कहते हैं) हंस कूर्म मत्स्य वराह नरसिंह वामन परशुराम दशरथनन्दन राम यदुवंशी श्रीकृष्ण तथा कल्कि -- ये सब मेरे अवतार हैं। आगे यह भी कहा गया है कि ये भूत और भविष्य के सभी अवतार हैं।<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.108,109.</ref> मूलपाठ में वर्णन छह अवतारों का है :- 1.वराह 2.नरसिंह 3.वामन 4.परशुराम 5.राम 6.कृष्ण<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.77 से 102.</ref> चूँकि महाभारत बुद्ध के जन्म से पूर्व की अथवा बुद्ध के अवतारी होने की कल्पना से पहले की रचना है; अतः स्वाभाविक रूप से उसमें कहीं बुद्ध का नामोनिशान नहीं है। उसके बदले हंस को अवतार रूप में गिनने से दश की संख्या पूरी हो गयी है। महाभारत के दाक्षिणात्य पाठ में अवतार का वर्णन इस प्रकार है :- '''मत्स्यः कूर्मो वराहश्च नरसिंहश्च वामनः।''' '''रामो रामश्च रामश्च कृष्णः कल्की च ते दश॥'''<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.(पृ॰5350)</ref><ref>श्रीपद्ममहापुराणम्, हिन्दी टीकाकार- आचार्य शिवप्रसाद द्विवेदी, चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन, वाराणसी, प्रथम संस्करण-2016 ई॰, भाग-6, उत्तरखण्ड-II, 229.40-41 (पृ॰3720).</ref> यहाँ पूर्वोक्त अवतारों में से हंस को छोड़कर तीसरे राम अर्थात् बलराम को जोड़ देने से दश की संख्या पूरी हो गयी है। इस विवरण से एक बात प्रमाणित हो जाती है कि महाभारत-काल तक दश से अधिक अवतारों की कल्पना भी नहीं की गयी थी; अन्यथा उन दश अवतारों को 'भूत और भविष्य के भी सभी अवतार' नहीं कहा गया रहता। बाद में अन्य अवतारों की भी कल्पना प्रचलित हुई और कुल अवतारों की गणना चौबीस तक पहुँच गयीं।<ref>भागवत.,पूर्ववत्-1.3.6-25; तथा 2.7.1-38.</ref> === दशावतार === भागवत महापुराण में 22 तथा 24 अवतारों की गणना के बावजूद अवतारों की बहुमान्य संख्या महाभारत वाली दश ही रही है। पद्मपुराण (उत्तरखण्ड-257.40,41), लिंगपुराण (2.48.31,32), वराहपुराण (4.2), मत्स्यपुराण (2.85.6,7) आदि अनेक पुराणों में समान रूप से दश अवतारों की बात ही बतायी गयी है। अग्निपुराण के वर्णन (अध्याय-2से16)<ref>अग्निपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2002ई., पृ.2से28.</ref> में भी बिल्कुल वही क्रम है। इस सन्दर्भ का निम्नांकित श्लोक (नाममात्र के पाठ भेदों के साथ) प्रायः सर्वनिष्ठ है :- '''मत्स्यः कूर्मो वराहश्च नरसिंहोऽथ वामनः।''' '''रामो रामश्च कृष्णश्च बुद्धः कल्किश्च ते दश॥'''<ref>(क)पद्मपुराण, आनन्दाश्रम संस्करण, पूर्ववत्, उत्तरखण्ड-257.40-41; (ख)वराहपुराणम् (सटीक), डाॅ.सुरकान्त झा, चौखम्बा कृष्णदास अकादमी, वाराणसी; संस्करण-2014, पृ.18; (ग)लिंगमहापुराण (सटीक), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2014ई., उत्तरभाग-48.31-32. (पृ.742); (घ)मत्स्यपुराण (सटीक), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2004 ई., 285.6-7. (पृ.1060).</ref> इस प्रकार विष्णु के दश [[अवतार]] ही बहुमान्यता प्राप्त हैं। इनके संक्षिप्त विवरण इस प्रकार हैं : # '''[[मत्स्य अवतार|मत्स्यावतार]]''' : पूर्व कल्प के अन्त में ब्रह्मा जी की तन्द्रावस्था में उनके मुख से निःसृत वेद को [[हयग्रीवासुर|हयग्रीव]] दैत्य के द्वारा चुरा लेने पर भगवान् ने मत्स्यावतार लिया तथ [[मनु]] नामक राजा से कहा कि सातवें दिन प्रलयकाल आने पर समस्त बीजों तथा वेदों के साथ नौका पर बैठ जाएँ। उस समय सप्तर्षि के भी आ जाने पर भगवान् ने महामत्स्य के रूप में उस नौका को उन सबके साथ अनन्त जलराशि पर तैराते हुए उन सबको बचा लिया। पश्चात् [[हयग्रीवासुर|हयग्रीव]] को मारकर वेद वापस ब्रह्मा जी को दे दिया।<ref>भाग.पूर्ववत्-8.24.</ref> # '''[[कूर्म अवतार|कूर्मावतार]]''' : असुरराज बलि के नेतृत्व में असुरों द्वारा देवताओं को परास्त कर शासन-च्युत कर देने पर भगवान् ने देवताओं को असुरों के साथ मिलकर [[समुद्र मन्थन|समुद्र मंथन]] करने को कहा और जब मन्थन के समय मथानी (मन्दराचल) डूबने लगा तो कूर्म (कच्छप) रूप धारणकर उसे अपनी पीठ पर स्थित कर लिया। इसी मन्थन से [[चौदह रत्न]]ों की प्राप्ति हुई।<ref>भाग.पूर्ववत्-8.6,7.</ref> # '''[[वराहावतार]]''' : वराहावतार में भगवान् विष्णु ने महासागर (रसातल) में डुबायी गयी पृथ्वी का उद्धार किया।<ref>भाग.पूर्ववत्-1.3.7.</ref> वहीं भगवान ने हिरण्याक्ष नामक दैत्य का वध भी किया था।<ref>भाग.पूर्ववत्-2.7.1; तथा 7.1.40.</ref> # '''[[नरसिंह]]ावतार''' : हिरण्याक्ष के वध के बाद विष्णुविरोधी हिरण्यकशिपु ने तपस्या के द्वारा अद्भुत वर पाया और देवताओं को परास्त कर अपना अखण्ड साम्राज्य स्थापित कर भगवद्भक्तों पर भीषण अत्याचार करने लगा। अपने पुत्र प्रह्लाद को विष्णु-भक्त जानकर उसने उसका विचार बदलने का बहुत प्रयत्न किया लेकिन असफल होकर उसे मार डालना चाहा। तब अपने भक्त [[प्रह्लाद|प्रहलाद]] को अनेक तरह से भगवान् विष्णु ने बचाया तथा वरदान की शर्त निभाते हुए नरसिंह रूप में आकर हिरण्यकशिपु का वध कर डाला।<ref>भाग.,पूर्ववत्-7.3-8.</ref> # '''[[वामनावतार]]''' : प्रह्लाद के पौत्र, विरोचन के पुत्र असुर नरेश बलि द्वारा स्वर्गाधिपत्य प्राप्त कर लेने पर कश्यप जी के परामर्श से माता अदिति के पयोव्रत से प्रसन्न होकर भगवान् ने उनके घर जन्म लेकर [[वामनावतार|वामन]] रूप में बलि की यज्ञशाला में पधारकर तीन पग भूमि माँगी और फिर विराट रूप धारण कर दो पगों में पृथ्वी-स्वर्ग सब नापकर तीसरा पद रखने के लिए बलि द्वारा अपना सिर दिये जाने पर उसे सुतल लोक भेज दिया।<ref>भाग.,पूर्ववत्-8.15 से 23.</ref> # '''[[परशुराम]]ावतार''': अन्यायी क्षत्रियों और विशेषतः हैहयवंश का नाश करने के लिए भगवान् ने परशुराम के रूप में अंशावतार ग्रहण किया था। उन्होंने इस पृथ्वी को इक्कीस बार क्षत्रियहीन कर दिया।<ref>भाग., पूर्ववत्-9.15.14.</ref> ये महान् पितृभक्त थे। पिता की आज्ञा से इन्होंने अपनी माता का भी वध कर दिया था और पिता के प्रसन्न होकर वर माँगने के लिए कहने पर पुनः माता को जीवित करवा लिया था। अत्याचारी कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रार्जुन) के हजार हाथों को इन्होंने युद्ध में काट डाला था; और उसके पुत्रों द्वारा जमदग्नि ऋषि (परशुराम जी के पिता) को बुरी तरह घायल कर हत्या कर देने पर इन्होंने अत्यन्त क्रोधित होकर उन सबका वध करके इक्कीस बार पृथ्वी को क्षत्रियहीन करके उनके रक्त से समन्तपंचक क्षेत्र में पाँच कुण्ड भर दिये थे। फिर यज्ञ करके सारी पृथ्वी कश्यप जी को देकर महेन्द्र पर्वत पर चले गये।<ref>महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-116,117.तथा भाग.पूर्ववत्-9.16.</ref> # '''[[राम|रामावतार]]''': इस विश्व-विश्रुत अवतार में भगवान् ने महर्षि पुलस्त्य जी के पौत्र एवं मुनिवर विश्रवा के पुत्र रावण—जो कुयोगवश राक्षस हुआ<ref>वाल्मीकीय रामायण-7.9,(सटीक,खण्ड-2, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-1995ई.).</ref>—के द्वारा सीता का हरण कर लेने से वानर जातियों की सहायता से अनुचरों सहित रावण का वध करके आर्यावर्त को अन्यायी राक्षसों से मुक्त किया तथा आदर्श राज्य की स्थापना की। यह विशेष ध्यातव्य है कि मानवमात्र की प्रेरणा के लिए उच्चतम आदर्श-स्थापना का यह कार्य उन्होंने पूरी तरह मनुष्य-भाव से किया। रामकथा के लिए सर्वाधिक प्रमाणभूत एवं आधार ग्रन्थ वाल्मीकीय रामायण में राम का चरित्र समर्थ मानव-रूप में ही चित्रित है। युद्धादि के समापन के बाद जब सभी देवता उन्हें ब्रह्म मानकर उनकी स्तुति करते हैं, तब भी वे कहते हैं कि -- '''आत्मानं मानुषं मन्ये रामं दशरथात्मजम्।''' '''सोऽहं यश्च यतश्चाहं भगवांस्तद् ब्रवीतु मे॥'''<ref>वा.रा., पूर्ववत्-6.117.11.</ref> ''अर्थात् मैं तो अपने को दशरथपुत्र मनुष्य राम ही मानता हूँ। मैं जो हूँ और जहाँ से आया हूँ, हे भगवन् (ब्रह्मा)! वह सब आप ही मुझे बताइए।'' तब ब्रह्मा जी उन्हें सब बताते हैं। लीला के लिए ही सही, पर पूरी तरह मनुष्यता का यह आदर्श अनुपम है; और जो प्रेरणा इससे मिलती है वह स्वयं को हर समय सर्वशक्तिमान् परात्पर ब्रह्म मानते हुए लीला करने से (जैसा कि बाद की रामायणों में वर्णित है) कभी नहीं मिल सकती है। # '''[[कृष्ण|कृष्णावतार]]''': इस अवतार में भगवान् ने [[देवकी]] और [[वसुदेव]] के घर जन्म लिया था। उनका लालन पालन [[यशोदा]] और नंद ने किया था। इस अवतार में भगवान् ने विशिष्ट लीलाओं द्वारा सबको चकित करते हुए दुराचारी कंस का वध किया; और विख्यात महाभारत-युद्ध में गीता-उपदेश द्वारा अर्जुन को युद्ध हेतु तत्पर करके विभिन्न विषम उपायों का भी सहारा लेकर कौरवों के विध्वंश के बहाने पृथ्वी के लिए भारस्वरूप प्रायः समस्त राजाओं को ससैन्य नष्ट करवा दिया। यहाँ तक कि उनके बतलाये आदर्शों की अवहेलना कर मद्यपान में रमने वाले<ref>महाभारत, पूर्ववत्-1.2.355.</ref> यदुवंश का भी विनाश करवा दिया। श्रीकृष्ण ने यह शिक्षा दी कि जीवन की राह सीधी रेखा में ही नहीं चलती। धर्म और अधर्म का निर्णय परिस्थिति और अन्तिम परिणाम के आधार पर होता है, न कि परम्परा के आधार पर। श्रीकृष्ण की बहुत सी लीलाएँ अनुकरणीय नहीं, चिन्तन के योग्य हैं। राम का चरित्र अनुकरण के योग्य है। राम के चरित्र का अनुकरण करके कृष्ण-चरित्र को समझ सकें, इसी में ज्ञान की सार्थकता है। कृष्ण-चरित्र का वर्णन अनेक पुराणों में है। परन्तु महाभारत के अन्तर्गत आये अंशों के अतिरिक्त शेष बाल-लीला एवं अन्य लीलाओं का प्राचीन रूप हरिवंशपुराण में है; उसके बाद का रूप विष्णुपुराण में तथा सर्वथा परिष्कृत रूप [[भागवत पुराण|श्रीमद्भागवत पुराण]] के पूरे दशम स्कन्ध में है। # '''[[वेंकटेश्वर]]''': [[त्रिदेव|त्रिदेवों]] की परीक्षा लेने के उद्देश्य से महर्षि [[भृगु]] [[बैकुण्ठ]] जा पहुंचे जहां उन्होंने शेष शय्या पर निद्रामग्न भगवान विष्णु के [[वक्ष]] पर जोरदार लात मारी। इससे श्रीहरि की निद्रा खुल गई और उन्होंने भृगु से पूछा कि उनके कठोर वक्ष पर लात मारने के बाद उन्हें कहीं चोट तो नहीं लगी। यह विचित्र दृश्य देखकर माता [[लक्ष्मी]] [[बैकुंठ]] छोड़कर [[पृथ्वी]] पर आ गई और एक राजा की पुत्री के रूप में उन्होंने जन्म लिया। यह देखकर भगवान विष्णु ने भी नि:संतान स्त्री वकुला को मातृत्व का सुख दिया। [[भागवत पुराण]] के अनुसार वकुला पूर्व जन्म में [[यशोदा]] थीं जो भगवान विष्णु के [[कृष्ण]] [[अवतार]] के समय में उनकी पालक माता थीं। देवी [[यशोदा]] के अंतिम समय में उन्होंने उन्हें अगले जन्म में उनकी पालक माता बनने का वरदान दिया था और कहा था कि वे उस जन्म में उनका विवाह भी अवश्य देख पाएंगी। माता [[लक्ष्मी]] के जाने के बाद से भगवान विष्णु श्रीहीन हो गए और वकुला भी एक निर्धन स्त्री थी। [[वेंकटेश्वर]] रूपी भगवान विष्णु ने पद्मावती रूपी माता [[लक्ष्मी]] के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। श्री [[वेंकटेश्वर]] भगवान ने उस समय धन के देवता और यक्षों के राजा [[कुबेर]] से धन मांगा और वचन दिया कि वे उनका ऋण ब्याज़ समेत कलयुग के अंत तक चुका देंगे। भगवान [[वेंकटेश्वर]] ने तत्पश्चात् देवी पद्मावती से विवाह किया और वहीं पर रहकर भक्तों का कल्याण करने का निश्चय किया। # '''[[कल्कि|कल्कि अवतार]]''': यह भविष्य का अवतार है। कलियुग का अन्त समीप आ जाने पर जब अनाचार बहुत बढ़ जाएगा और राजा लोग लुटेरे हो जाएँगे, तब सम्भल नामक ग्राम के विष्णुयश नामक ब्राह्मण के घर भगवान् का कल्कि अवतार होगा।<ref>(क)भाग.पूर्ववत्-1.3.25; (ख)महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-190.93.</ref> उनके द्वारा अधर्म का विनाश हो जाने पर पुनः धर्म की वृद्धि होगी। धर्म की वृद्धि होना ही सत्य युग (कृतयुग) का आना है।<ref>महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-191.7.</ref> === अन्य अवतार === दशावतार के अतिरिक्त अन्य चौदह अवतारों के नाम (भागवत महापुराण की दोनों सूचियों को मिलाकर)<ref>भाग.पूर्ववत्-1.3.6से25; तथा 2.7.1से38.</ref> इस प्रकार हैं :- # [[सनकादि ऋषि|कौमार सर्ग]] (सनक, सनन्दन, सनातन, सनत्कुमार) - एक बार लोक पितामह [[ब्रह्मा]] ने अनेक लोकों की रचना करने की इच्छा से घोर तप किया। उनके तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने चार ऋषियों के रूप में [[अवतार]] लिया। # [[हयग्रीव|हयशीर्ष (हयग्रीव)]] - एक बार [[दानव हयग्रीव|हयग्रीव]] ( महर्षि [[कश्यप]] और [[दनु (भारत)|दनु]] का पुत्र ) नाम के [[दानव]] ने माता [[पार्वती]] की घोर तपस्या की और उनसे वरदान माँगा कि वह केवल [[हयग्रीव]] के हाथों ही मारा जाए। जब उसके अत्याचार बढ़ने लगे तो भगवान विष्णु ने [[हयग्रीव]] [[अवतार]] लेकर उसे मार डाला। # [[नारद]] - पुराणों के अनुसार [[नारद मुनि|नारद]] भी भगवान विष्णु के [[अवतार]] हैं। एक बार [[सप्तर्षि|सप्तऋषियों]] में विवाद हो गया कि कौन श्रेष्ठ है, जिसे सिद्ध करने के लिए उन्होंने प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। जब उस प्रतियोगिता का भी परिणाम नहीं निकला तो भगवान विष्णु ने [[नारद मुनि|नारद]] का रूप लेकर [[सप्तर्षि|सप्तऋषियों]] को ज्ञान-उपदेश दिया। भगवान [[कृष्ण|श्रीकृष्ण]] ने गीता में स्वयं कहा है कि देवर्षियों में मैं [[नारद मुनि|नारद]] हूँ। # [[हंसावतार|हंस]] - हंस अवतार का सर्वप्रथम [[महाभारत]] में उल्लेख हुआ है। [[महाभारत]] में वर्णित कथा के अनुसार एक बार सनकादि ऋषियों ने अपने पिता ब्रह्मा से पूछा कि इस सृष्टि की रचना कैसे हुई, इस सृष्टि का आदि कौन है तथा अंत कौन है ? [[सनकादि ऋषि|सनकादि]] ऋषियों के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए भगवान विष्णु ने एक बहुत बड़े [[हंस (पक्षी)|हंस]] का रूप लिया और सभा में जाकर उन्होंने सनकादि ऋषियों के प्रश्नों के उत्तर दिये। # [[नर-नारायण अवतार|नर-नारायण]] - नर और नारायण के रूप में भगवान विष्णु ने जुड़वाँ [[संत|संतों]] के रूप में [[ब्रह्मा]] के पुत्र [[रुचि प्रजापति|प्रजापति रुचि]] की पत्नी [[आकूति]] के गर्भ से जन्म लिया। # [[कपिल]] - महर्षि [[कर्दम]] के तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने [[कपिल]] के रूप में [[देवहूति]] के गर्भ से जन्म लिया। # [[दत्तात्रेय|दतात्रेय]] - एक बार त्रिदेवियों को अपने सतीत्व का अहंकार हो गया था तो [[नारद मुनि|नारद]] मुनि ने उनसे अनुसूया के पतिव्रत धर्म की बात की जिससे उनके अहंकार को बहुत ठेस पहुँची। उन्होंने त्रिदेवों से इसके बारे में कहा। त्रिदेव एक ही समय में [[अत्रि]] ऋषि के आश्रम में आये। तीनों ने [[अनुसूया]] से बिना वस्त्र के भोजन करवाने को कहा। [[अनुसूया]] ने [[अत्रि]] ऋषि के चरणोदक से त्रिदेवों को बालक बनाया और उन्हें अपने पुत्र के समान स्नेह दिया और उन्हें [[स्तनपान]] भी कराया। अंत में [[त्रिदेव|त्रिदेवों]] ने अपने तेज से [[अनुसूया]] के गर्भ से जन्म लिया। [[शंकर]] के तेज से [[दुर्वासा]] , ब्रह्मा के तेज से [[चंद्रदेव|चन्द्रदेव]] और विष्णु के तेज से दतात्रेय का जन्म हुआ। # [[यज्ञपुरुष|सुयज्ञ]]<nowiki/>- [[मनु|स्वयंभू मनु]] के यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने आकूति के गर्भ से रूचि प्रजापति के पुत्र के रूप में जन्म लिया। # [[ऋषभदेव]] - [[नाभिराज]] नाम के राजा की कोई संतान नहीं थी। वे भगवान विष्णु के परम भक्त थे और अपने कुलगुरु से उन्होंने एक यज्ञ करवाया जिससे भगवान विष्णु प्रसन्न हो गये और [[नाभिराज]] को वरदान दिया कि वे उनकी पत्नी के गर्भ से पुत्र रूप में जन्म लेंगे। समय आने पर भगवान विष्णु ने रानी [[मरूदेवी]] के गर्भ से पुत्र-रूप में जन्म लिया। # [[पृथु]] - भूमण्डल पर सर्वप्रथम राजा वेन के पुत्र पृथु के रूप में जन्म लिया। # [[धन्वन्तरि]] - [[समुद्र मन्थन]] में अंतिम रत्न के रूप में भगवान विष्णु [[धन्वन्तरि|धन्वन्तरी]] के रूप में [[अमृत]] [[कलश]] लेकर प्रकट हुए थे। इन्हें [[आयुर्वेद]] का जनक माना गया है। # [[मोहिनी अवतार|मोहिनी]] - [[अमृत]] निकलने के बाद [[असुर]] अमृत कलश लेकर भागने लगे थे तो उन्हें रोकने के लिए भगवान विष्णु ने एक सुन्दर स्त्री का रूप लिया और [[असुर|असुरों]] को मोहित करके [[देवताओं]] को अमृत पान करवाया। # [[व्यास]] - धर्मग्रंथो के अनुसार [[वेदव्यास]] भी भगवान विष्णु के अवतार हैं। एक बार [[पाराशर]] मुनि को उसकी नाव पर बैठ कर यमुना पार करना पड़ा। पाराशर मुनि [[सत्यवती]] रूप-सौन्दर्य पर आसक्त हो गये और बोले, "देवि! मैं तुम्हारे साथ सहवास करना चाहता हूँ।" सत्यवती ने कहा, "मुनिवर! आप ब्रह्मज्ञानी हैं और मैं निषाद कन्या। हमारा सहवास सम्भव नहीं है। मैं कुमारी हूँ। मेरे पिता क्या कहेंगे?" पाराशर मुनि बोले, "बालिके! तुम चिन्ता मत करो। प्रसूति होने पर भी तुम कुमारी ही रहोगी।" पाराशर ने फिर से माँग की तो सत्यवती बोली कि "मेरे शरीर से मछली की दुर्गन्ध निकलती है"। तब ऋषि ने उसे आशीर्वाद देते हुए कहा- "तुम्हारे शरीर से जो मछली की गंध निकलती है वह सुगन्ध में परिवर्तित हो जाएगी।" इतना कहकर उन्होंने अपने योगबल से चारों ओर घने कुहरे का जाल रच दिया ताकि कोई और उन्हें उस हाल में न देखे। इस प्रकार पराशर व सत्यवती में प्रणय-संबंध स्थापित हुआ। समय आने पर सत्यवती के गर्भ से वेद-वेदांगों में पारंगत एक पुत्र हुआ। जन्म होते ही वह बालक बड़ा हो गया और अपनी माता से बोला, "माता! तू जब कभी भी विपत्ति में मुझे स्मरण करेगी, मैं उपस्थित हो जाउँगा।" इतना कहकर वे तपस्या करने के लिये द्वैपायन द्वीप चले गये। द्वैपायन द्वीप में तपस्या करने तथा उनके शरीर का रंग काला होने के कारण उन्हे कृष्ण द्वैपायन कहा जाने लगा। आगे चल कर वेदों का विभाजन करने के कारण वे [[वेदव्यास]] के नाम से विख्यात हुए। विष्णुपुराण और भागवत पुराण के अनुसार वेदव्यास अमर हैं। #श्रीहरि [[गजेन्द्र मोक्ष|गजेन्द्रमोक्ष दाता]] - कुछ स्थानों पर इन्हें [[अवतार]] के रूप में वर्णित नहीं किया गया है, किन्तु अधिकतर स्थानों पर इन्हें [[अवतार]] बताया गया है। एक बार एक [[हाथी]] था जो सौ [[हाथी|हथिनियों]] का पति और हजार गज पुत्रों का पिता था। एक बार वह [[नदी]] में स्नान करने गया। वहाँ एक [[मगरमच्छ]] ने उसका पैर पकड़ लिया। ऐसा कहा जाता है कि उसने हजार वर्षो तक संघर्ष किया किन्तु छूट नहीं पाया। अंत में उसने भगवान् नारायण का स्मरण किया और भगवान विष्णु (श्रीहरि) चतुर्भुज रूप में उसके सम्मुख आये और [[मगरमच्छ]] को मारकर उस गजराज को बचाया। गजराज से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसे अपना पार्षद बना लिया। {{Commonscat|Vishnu|विष्णु}} ==फिल्म उल्लेख== [[महावतार नरसिंह]] फिल्म के निर्माताओं ने कथानक को आकार देने हेतु विभिन्न ऐतिहासिक और शास्त्रीय सन्दर्भों को सम्मिलित किया है—विशेषतः [[प्रह्लादपुरी मंदिर]] के खंडहर, [[हम्पी]] में स्थित पुनःस्थापित जली हुई धर्मस्थली, और [[अहोलिबं|अहोबिला नव नरसिंह स्वामी मंदिरों]]<ref>https://www.youtube.com/shorts/Q83ZSgrPktM</ref> जैसे पुरातात्विक स्थलों के अतिरिक्त [[विष्णु पुराण]], [[नरसिंह पुराण]], [[वराह पुराण]] तथा [[श्रीमद्भागवत पुराण]] जैसे पवित्र ग्रंथों से प्रेरणा ली गई है। फिल्म की सफलता और दर्शकों से इसका गहरा जुड़ाव लेखक की पवित्र ग्रंथों के प्रति उसकी अटूट निष्ठा का प्रतिफल है। == 108 नाम, महत्त्व और अर्थ == 1. नारायण कन्नू : ईश्वर, परमात्मा भगवान कृष्ण सुन्दर 2. विष्णु : हर जगह विराजमान रहने वाले 3. वषट्कार: यज्ञ से प्रसन्न होने वाले 4. भूतभव्यभवत्प्रभु: भूत, वर्तमान और भविष्य के स्वामी 5. भूतकृत : सभी प्राणियों के रचयिता 6. भूतभृत : सभी प्राणियों का पोषण करने वाले 7. भाव : सम्पूर्ण अस्तित्व वाले 8. भूतात्मा : ब्रह्मांड के सभी प्राणियों की आत्मा में वास करने वाले 9. भूतभावन : ब्रह्मांड के सभी प्राणियों का पोषण करने वाले 10. पूतात्मा : शुद्ध छवि वाले प्रभु 11. परमात्मा : श्रेष्ठ आत्मा 12. मुक्तानां परमागति: मोक्ष प्रदान करने वाले 13. अव्यय: : हमेशा एक रहने वाले 14. पुरुष: : हर जन में वास करने वाले 15. साक्षी : ब्रह्मांड की सभी घटनाओं के साक्षी 16. क्षेत्रज्ञ: : क्षेत्र के ज्ञाता 17. गरुड़ध्वज: गरुड़ पर सवार होने वाले 18. योग: : श्रेष्ठ योगी 19. योगाविदां नेता : सभी योगियों का स्वामी 20. प्रधानपुरुषेश्वर : प्रकृति और प्राणियों के भगवान 21. नारसिंहवपुष: : नरसिंह रूप धरण करने वाले 22. श्रीमान् : देवी लक्ष्मी के साथ रहने वाले 23. केशव : सुंदर बाल वाले 24. पुरुषोत्तम : श्रेष्ठ पुरुष 25. सर्व : संपूर्ण या जिसमें सब चीजें समाहित हों 26. शर्व : बाढ़ में सब कुछ नाश करने वाले 27. शिव : सदैव शुद्ध रहने वाले 28. स्थाणु : स्थिर रहने वाले 29. भूतादि : सभी को जीवन देने वाले 30. निधिरव्यय : अमूल्य धन के समान 31. सम्भव : सभी घटनाओं में स्वामी 32. भावन : भक्तों को सब कुछ देने वाले 33. भर्ता : सम्पूर्ण ब्रह्मांड के संचालक 34. प्रभव : सभी चीजों में उपस्थित होने वाले 35. प्रभु : सर्वशक्तिमान प्रभु 36. ईश्वर : पूरे ब्रह्मांड पर अधिपति 37. स्वयम्भू : स्वयं प्रकट होने वाले 38. शम्भु : खुशियां देने वाले 39. जगन्नाथ - जग के नाथ 40. पुष्कराक्ष : कमल जैसे नयन वाले 41. महास्वण : वज्र की तरह स्वर वाले 42. अनादिनिधन : जिनका न आदि है न अंत 43. धाता : सभी का समर्थन करने वाले 44. विधाता : सभी कार्यों व परिणामों की रचना करने वाले 45. धातुरुत्तम : ब्रह्मा से भी महान 46. अप्रेमय : नियम व परिभाषाओं से परे 47. हृषीकेशा : सभी इंद्रियों के स्वामी 48. पद्मनाभ : जिनके पेट से ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई 49. अमरप्रभु : अमर रहने वाले 50. विश्वकर्मा : ब्रह्मांड के रचयिता 51. मनु : सभी विचार के दाता 52. त्वष्टा : बड़े को छोटा करने वाले 53.अनन्त : जिसका कोई अन्त नहीं 54. स्थविरो ध्रुव : प्राचीन देवता 55. अग्राह्य : मांसाहार का त्याग करने वाले 56. शाश्वत : हमेशा अवशेष छोड़ने वाले 57. कृष्ण : काले रंग वाले 58. लोहिताक्ष : लाल आँखों वाले 59. प्रतर्दन : बाढ़ के विनाशक 60. प्रभूत : धन और ज्ञान के दाता 61. त्रिककुब्धाम : सभी दिशाओं के भगवान 62. पवित्रां : हृदया पवित्र करने वाले 63. मंगलपरम् : श्रेष्ठ कल्याणकारी 64. ईशान : हर जगह वास करने वाले 65. प्राणद : प्राण देने वाले 66. प्राण : जीवन के स्वामी 67. ज्येष्ठ : सबसे बड़े प्रभु 68. श्रेष्ठ : सबसे महान 69. प्रजापति : सभी के मुख्य 70. कैटभभाजित : कैटभ का वध करने वाले 71. वासुदेव - राजा वसुदेव के पुत्र 72. माधव : देवी लक्ष्मी के पति 73. मधुसूदन : रक्षक मधु के विनाशक 74. ईश्वर : सबको नियंत्रित करने वाले 75. विक्रमी : सबसे साहसी भगवान 76. धन्वी : श्रेष्ठ धनुष- धारी 77. मेधावी : सर्वज्ञाता 78. विक्रम : ब्रह्मांड को मापने वाले 79. क्रम : हर जगह वास करने वाले 80. अनुत्तम : श्रेष्ठ ईश्वर 81. दुराधर्ष : सफलतापूर्वक हमला न करने वाले 82. कृतज्ञ : अच्छाई- बुराई का ज्ञान देने वाले 83. कृति : कर्मों का फल देने वाले 84. आत्मवान : सभी मनुष्य में वास करने वाले 85. सुरेश : देवों के देव 86. शरणम : शरण देने वाले 87. चक्रधारी - चक्र धारण करने वाले 88. विश्वरेता : ब्रह्मांड के रचयिता 89. प्रजाभव : भक्तों के अस्तित्व के लिए अवतार लेने वाले 90. अह्र : दिन की तरह चमकने वाले 91. सम्वत्सर : अवतार लेने वाले 92. व्याल : नाग द्वारा कभी न पकड़े जाने वाले 93. प्रत्यय : ज्ञान का अवतार कहे जाने वाले 94. सर्वदर्शन : सब कुछ देखने वाले 95. अज : जिनका जन्म नहीं हुआ 96. सर्वेश्वर : सम्पूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी 97. सिद्ध : सब कुछ करने वाले 98. सिद्धि : कार्यों के प्रभाव देने वाले 99. सर्वादि : सभी क्रियाओं के प्राथमिक कारण 100. अच्युत : कभी न चूकने वाले 101. वृषाकपि: धर्म और वराह का अवतार लेने वाले 102. अमेयात्मा: जिनका कोई आकार नहीं है। 103. सर्वयोगविनि:  सभी योगियों के स्वामी 104. वसु : सभी प्राणियों में रहने वाले 105. पीताम्बर: पीले वस्त्र धारण करने वाले 106. सत्य : सत्य का समर्थन करने वाले 107. समात्मा: सभी के लिए एक जैसे 108. सममित: सभी प्राणियों में असीमित रहने वाले ==इन्हें भी देखें== == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} {{दशावतार}} [[श्रेणी:हिन्दू देवी-देवता]] 1293zh4tpygl54zvaguixk9dsopdm6t 6582761 6582757 2026-07-15T05:19:43Z Pushkar Singh 415569 /* */ वर्तनी सही की, नाम जोड़े 6582761 wikitext text/x-wiki {{Other uses|विष्णु (बहुविकल्पी)}}{{Infobox deity<!--Wikipedia:WikiProject Hindu mythology--> | name = विष्णु | type = सनातन (हिंदू) | image =Vishnu Kumartuli Park Sarbojanin Arnab Dutta 2010.JPG | caption = भगवान विष्णु | deity_of = {{hlist|संरक्षण के देवता|धर्म के रक्षक|[[कर्म]] के दाता|[[परब्रह्म]] (सर्वोच्च प्राणी)|सृष्टि के पालनकर्ता}} | member_of = [[त्रिमूर्ति]] | affiliation = {{hlist|[[त्रिमूर्ति]]|[[ईश्वर]]|[[ब्रह्म]]|[[परब्रह्म]]|[[दशावतार]]|[[परमेश्वर]]|[[परमात्मा]]|[[सनातन पुरुष]]|सर्वोच्च देवता}} | abode = {{bulletedlist|[[बैकुण्ठ|बैकुंठ]]|[[क्षीर सागर]]}} | symbols = {{hlist|[[पद्मा (विष्णु)]]|[[शालीग्राम]]}} | weapon = {{hlist|[[सुदर्शन चक्र]]|[[नंदक]]|[[कौमोदकी]]|[[शार्ङ्ग धनुष|शार्ङ्ग]]|[[पाञ्चजन्य]]}} | consort = [[लक्ष्मी]] , [[देवी तुलसी|तुलसी]] और [[भूदेवी]] | siblings = | mount = {{hlist|[[गरुड़]]|[[शेषनाग]]}} | mantra = {{bulletedlist|ॐ वैष्णवे नमः|[[ओम नमो भगवते वासुदेवाय|ॐ नमो भगवते वासुदेवाय]]|[[ॐ नमो नारायणाय]]|ॐ श्री हरि विष्णो|हरि ॐ}} | other_names = {{hlist|हरि|नारायण|माधव|केशव|अच्युत|जनार्दन}} | children = | | festivals = {{hlist|[[अक्षय तृतीया]]|[[होली]]|[[दीपावली]]|[[एकादशी तिथि|एकादशी]]|[[कार्तिक पूर्णिमा]]|[[तुलसी विवाह]]|[[अनंत चतुर्दशी]]|अवतारों की जयंती}} | day = [[गुरुवार]] (बृहस्पतिवार) | texts = {{bulletedlist|[[श्रीमद्भगवद्गीता|श्रीमद् भगवद गीता]]|[[विष्णु पुराण]]|[[पद्म पुराण]]|[[गरुड़ पुराण]]|[[मत्स्य पुराण]]|[[वामन पुराण]]|[[नरसिंह पुराण]]|[[रामायण]]|[[महाभारत]]}} }} '''विष्णु''' ([[असंलिव]]: '''Viṣṇu''') ''उच्चारण'': ''''ʋɪʂɳʊ'''' '''([[अंग्रेज़ी]]:Vishnu)''' [[सनातन धर्म]] के प्रमुख देवताओं में से एक हैं जिनको [[नारायण]] और '''हरि''' के नाम से भी जाना जाता है। विष्णु को जगत का पालनकर्ता माना जाता है, जब अधर्म और पाप बढ़ता है तब वे अवतार लेते हैं। [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णववाद]] के भीतर सर्वोच्च हैं, जो समकालीन [[हिन्दू धर्म]] के भीतर प्रमुख परंपराओं में से एक है। हिन्दू धर्म के आधारभूत ग्रन्थों में बहुमान्य पुराणानुसार भगवान विष्णु [[परमेश्वर]] के तीन मुख्य रूपों में से एक रूप हैं। पुराणों में [[त्रिमूर्ति]] भगवान विष्णु को विश्व या जगत का ''' पालनहार ''' कहा गया है। त्रिमूर्ति के अन्य दो रूप [[ब्रह्मा]] और [[शिव]] को माना जाता है। [[ब्रह्मा]] जी को जहाँ विश्व का सृजन करने वाला माना जाता है, वहीं [[शिव]] जी को संहारक माना गया है। मूलतः भगवान विष्णु, शिव तथा ब्रह्मा भी एक ही हैं यह मान्यता भी बहुशः स्वीकृत रही है। न्याय को प्रश्रय अन्याय के विनाश तथा जीव (मानव) को परिस्थिति के अनुसार उचित मार्ग-ग्रहण के निर्देश हेतु विभिन्न रूपों में अवतार ग्रहण करनेवाले के रूप में भगवान विष्णु मान्य रहे हैं। [[कल्कि]] अवतार १०वां (अन्तिम) अवतार है। जब भी दुनिया को बुराई, अराजकता और विनाशकारी शक्तियों से संकट उत्पन्न है, तो विष्णु ब्रह्मांडीय व्यवस्था को बहाल करने और धर्म की रक्षा के लिए अवतार के रूप में अवतरित होते हैं। दशावतार विष्णु के दस प्राथमिक अवतार हैं। इन दस में से राम और कृष्ण सबसे महत्वपूर्ण हैं।<ref>{{Cite book|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich Robert|last2=Campbell|first2=Joseph|date=2015|publisher=Princeton University Press|isbn=978-0-691-01778-5|series=Works by Heinrich Zimmer|location=Princeton}}</ref> पुराणानुसार भगवान विष्णु की पत्नी देवी [[लक्ष्मी]] हैं। पौराणिक कथा के अनुसार [[तुलसी]] भी भगवान् विष्णु को लक्ष्मी के समान ही प्रिय है<ref>ब्रह्मवैवर्तपुराणम्, प्रकृति खण्ड-२१-३१, हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग, तृतीय संस्करण, पूर्वभाग, पृष्ठ-346.</ref> और इसलिए उसे 'विष्णुप्रिया' के रूप में मान्यता प्राप्त है। भगवान विष्णु का निवास क्षीरसागर है। उनका शयन शेषनाग के ऊपर है। उनकी नाभि से कमल उत्पन्न होता है जिसमें ब्रह्मा जी स्थित हैं। वह अपने नीचे वाले बाएँ हाथ में पद्म [कमल]), अपने नीचे वाले दाहिने हाथ में [[गदा]] (कौमोदकी) ,ऊपर वाले बाएँ हाथ में [[शंख]] ([[पाञ्चजन्य]]) और अपने ऊपर वाले दाहिने हाथ में चक्र(सुदर्शन) धारण करते हैं। जीवन के मुख्य स्रोत व देवो के सहायक|अपनी दोनों पत्नियों के साथ गरुड़ पर भगवान विष्ण[[शेषनाग|शेष शय्या]] पर आसीन विष्णु, लक्ष्मी व ब्रह्मा के साथ, [[चम्बा, हिमाचल प्रदेश|चम्बा]] पहाड़ी शैली के एक लघुचित्र में।]] {{-}} == शब्द-व्युत्पत्ति और अर्थ == 'विष्णु' शब्द की व्युत्पत्ति मुख्यतः 'विष्' धातु से ही मानी गयी है। ('विष्' या 'विश्' धातु लैटिन में - vicus और सालविक में vas -ves का सजातीय हो सकता है।) [[निरुक्त]] (12.18) में यास्काचार्य ने मुख्य रूप से 'विष्' धातु को ही 'व्याप्ति' के अर्थ में लेते हुए उससे 'विष्णु' शब्द को निष्पन्न बताया है।<ref>(क)हिन्दी निरुक्त (निघण्टु सहित) - पं.सीताराम शास्त्री; मुन्शीराम मनोहरलाल दिल्ली, संस्करण-अनुल्लिखित, पृ.-500.(उत्तर षटक-12-18).(ख)निरुक्त (भाषा भाष्य) - पं.राजाराम; बाॅम्बे मैशीन प्रेस, लाहौर; प्रथम संस्करण-1914, पृ.535.</ref> वैकल्पिक रूप से 'विश्' धातु को भी 'प्रवेश' के अर्थ में लिया गया है, 'क्योंकि वह विभु होने से सर्वत्र प्रवेश किया हुआ होता है।<ref>पूर्ववत्,नि.12.18.</ref> आदि शंकराचार्य ने भी अपने विष्णुसहस्रनाम-भाष्य में 'विष्णु' शब्द का अर्थ मुख्यतः व्यापक (व्यापनशील) ही माना है<ref>विष्णुसहस्रनाम, सानुवाद शांकरभाष्य सहित; गीताप्रेस गोरखपुर; संस्करण-1999ई., पृ.7 एवं 66.(श्लोक-6 एवं 14 का भाष्य)</ref>, तथा उसकी व्युत्पत्ति के रूप में स्पष्टतः लिखा है कि "व्याप्ति अर्थ के वाचक नुक् प्रत्ययान्त 'विष्' धातु का रूप 'विष्णु' बनता है"।<ref>पूर्ववत्-पृ.66.</ref> 'विश्' धातु को उन्होंने भी विकल्प से ही लिया है और लिखा है कि "अथवा नुक् प्रत्ययान्त 'विश्' धातु का रूप विष्णु है; जैसा कि विष्णुपुराण में कहा है-- 'उस महात्मा की शक्ति इस सम्पूर्ण विश्व में प्रवेश किये हुए हैं; इसलिए वह विष्णु कहलाता है, क्योंकि 'विश्' धातु का अर्थ प्रवेश करना है"।<ref>पूर्ववत्-पृ.66.तथा विष्णुपुराण-3.1.45.(गीताप्रेस गोरखपुर; संस्करण-2001ई.)</ref> ऋग्वेद के प्रमुख भाष्यकारों ने भी प्रायः एक स्वर से 'विष्णु' शब्द का अर्थ व्यापक (व्यापनशील) ही किया है। विष्णुसूक्त (ऋग्वेद-1.154.1 एवं 3) की व्याख्या में आचार्य सायण 'विष्णु' का अर्थ व्यापनशील (देव) तथा सर्वव्यापक करते हैं;<ref>(क)ऋग्वेद संहिता (पदपाठ, सायण भाष्य एवं पं.रामगोविन्द त्रिवेदी कृत हिन्दी अनुवाद सहित) - चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी; संस्करण-2007 ई.(खण्ड-2)पृ.196,198.;(ख)ऋग्वेदसंहिता (सायण भाष्य एवं भाष्यानुवाद सहित) - चौखम्बा कृष्णदास अकादमी, वाराणसी; संस्करण-2013 ई.,(खण्ड-2)पृ.786,788.</ref> तो श्रीपाद दामोदर सातवलेकर भी इसका अर्थ व्यापकता से सम्बद्ध ही लेते हैं।<ref>ऋग्वेद का सुबोध भाष्य, भाग-2, श्रीपाद दामोदर सातवलेकर; स्वाध्याय मण्डल, किल्ला पारडी, वलसाड (गुजरात);(प्रथम खण्ड)संस्करण-अनुल्लिखित., पृ.403.</ref> महर्षि दयानन्द सरस्वती ने भी 'विष्णु' का अर्थ अनेकत्र सर्वव्यापी परमात्मा किया है<ref>ऋग्वेद (दयानन्द भाष्य) भाग-1- महर्षि दयानन्द सरस्वती; आर्य प्रकाशन, दिल्ली; संस्करण-2011 ई.,पृ.781-783.</ref> और कई जगह परम विद्वान् के अर्थ में भी लिया है।<ref>पूर्ववत्-पृ.789; '''[इस आलेख में आगे भी 'ऋग्वेद,पूर्ववत्' से पूर्वलिखित चारों संस्करण अभिलक्षित होंगे।]'''</ref> इस प्रकार सुस्पष्ट परिलक्षित होता है कि 'विष्णु' शब्द 'विष्' धातु से निष्पन्न है और उसका अर्थ व्यापनयुक्त (सर्वव्यापक) है। == ऋग्वेद में विष्णु == वैदिक देव-परम्परा में सूक्तों की सांख्यिक दृष्टि से विष्णु का स्थान गौण है क्योंकि उनका स्तवन मात्र 5 सूक्तों में किया गया है; लेकिन यदि सांख्यिक दृष्टि से न देखकर उनपर और पहलुओं से विचार किया जाय तो उनका महत्त्व बहुत बढ़कर सामने आता है।<ref>वैदिक देवशास्त्र (मैकडाॅनल रचित 'वैदिक माइथोलाॅजी') अनुवादक- डाॅ.सूर्यकान्त; मेहरचन्द लछमनदास, नई दिल्ली, प्रथम संस्करण-1961, पृ.84.</ref> ऋग्वेद में उन्हें 'बृहच्छरीर' (विशाल शरीर वाला), युवाकुमार आदि विशेषणों से ख्यापित किया गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.155.2.</ref> ऋग्वेद में उल्लिखित विष्णु के स्वरूप एवं वैशिष्ट्यों का अवलोकन निम्नांकि बिन्दुओं में किया जा सकता है :- === लोकत्रय के शास्ता : तीन पाद-प्रक्षेप === विष्णु की अनुपम विशेषता उनके तीन पाद-प्रक्षेप हैं, जिनका ऋग्वेद में बारह बार उल्लेख मिलता है। सम्भवतः यह उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। उनके तीन पद-क्रम मधु से परिपूर्ण कहे गये हैं, जो कभी भी क्षीण नहीं होते। उनके तीन पद-क्रम इतने विस्तृत हैं कि उनमें सम्पूर्ण लोक विद्यमान रहते हैं (अथवा तदाश्रित रहते हैं)। ‘त्रेधा विचक्रमाणः’ भी प्रकारान्तर से उनके तीन पाद-प्रक्षेपों को ध्वनित करता है। ‘उरुगाय’ और ‘उरुक्रम’ आदि पद भी उक्त तथ्य के परिचायक हैं। मधु से आपूरित उनके तीन पद-क्रम में से दो दृष्टिगोचर हैं, तीसरा सर्वथा अगोचर। इस तीसरे सर्वोच्च पद को पक्षियों की उड़ान और मर्त्य चक्षु के उस पार कहा गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.155.5.</ref> यास्क के पूर्ववर्ती शाकपूणि इन तीन पाद-प्रक्षेपों को ब्रह्माण्ड के तीन भागों-- पृथ्वी, अन्तरिक्ष और द्युलोक में सूर्य की संचार गति के प्रतीक मानते हैं।<ref>(क)हिन्दी निरुक्त (निघण्टु सहित) - पं.सीताराम शास्त्री; मुन्शीराम मनोहरलाल दिल्ली, संस्करण-अनुल्लिखित, पृ.-502.(उत्तर षटक-12-19).(ख)निरुक्त (भाषा भाष्य) - पं.राजाराम; बाॅम्बे मैशीन प्रेस, लाहौर; प्रथम संस्करण-1914, पृ.535-536. (12-19).</ref> यास्क के ही पूर्ववर्ती और्णवाभ उन्हें सूर्य के उदय, मध्याकाश में स्थिति तथा अस्त का वाची मानते हैं।<ref>पूर्ववत्, नि.12-19.</ref> तिलक महोदय इनसे वर्ष के त्रिधाविभाजन (प्रत्येक भाग में 4 महीने) का संकेत मानते हैं।<ref>THE ARCTIC HOME IN THE VEDAS, Messrs Tilak Bros, Poona, 1956, chapter-XII, p.304-305.</ref> यदि देखा जाय तो अधिकांश विद्वान् विष्णु को सूर्य-वाची मान कर उदयकाल से मध्याह्न पर्यन्त उसका एक पादप्रक्षेप, मध्याह्न से अस्तकाल पर्यन्त द्वितीय पादप्रक्षेप और अस्तकाल से पुनः अग्रिम उदयकाल तक तृतीय पाद-प्रक्षेप स्वीकारते हैं। इन्हीं पूर्वोक्त दो पाद-प्रक्षेपों को दृष्टिगोचर और तीसरे को अगोचर कहा गया है। लेकिन मैकडाॅनल सहित अन्य अनेक विद्वानों का भी कहना है कि इस अर्थ में तीसरे चरण को 'सर्वोच्च' कैसे माना जा सकता है? इसलिए वे लोग पूर्वोक्त शाकपूणि की तरह तीन चरणों को सौर देवता के तीनों लोकों में से होकर जाने का मार्ग मानते हैं।<ref>वैदिक देवशास्त्र (मैकडाॅनल रचित 'वैदिक माइथोलाॅजी') अनुवादक- डाॅ.सूर्यकान्त; मेहरचन्द लछमनदास, नई दिल्ली, प्रथम संस्करण-1961, पृ.85.</ref> सूर्य की कल्पना का ही समर्थन करते हुए मैकडानल ने विष्णु द्वारा अपने 90 अश्वों के संचालित किये जाने का उल्लेख किया है, जिनमें से प्रत्ये के चार-चार नाम हैं। इस प्रकार 4 की संख्या से गुणीकृत 90 अर्थात् 360 अश्वों को वे एक सौर वर्ष के दिनों से अभिन्न मानते हैं। वस्तुतः विष्णु के दो पदों से सम्पूर्ण विश्व की नियन्त्रणात्मकता तथा तीसरे पद से उनका परम धाम अर्थात् उनकी प्राप्ति संकेतित है। स्वयं ऋग्वेद में ही इन तीन पदों की रहस्यात्मक व्याख्या की गयी है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-7.99.2.</ref> इसलिए इस पद को ज्ञानात्मक मानकर ऋग्वेद में ही स्पष्ट कहा गया है कि विष्णु का परम पद ज्ञानियों द्वारा ही ज्ञातव्य है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.22.20.</ref> === विष्णु-धाम अर्थात् विष्णु का प्रिय आवास (वैकुण्ठ) === वैसे तो विष्णु को वाणी में निवास करने वाला भी माना जाता है, किन्तु उनका परम प्रिय आवास स्थल 'पाथः' ऋग्वेद में बहुचर्चित है। आचार्य सायण ने ‘गिरि’ पद को श्लिष्ट मानकर उसका अर्थ 'वाणी' के साथ-साथ लाक्षणिक रूप में ‘पर्वत के समान उन्नत लोक’ भी किया है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.154.2,3 पर सायण-भाष्य।</ref> 'गिरि' को यदि इन दोनों अर्थों में स्वीकृत कर लिया जाय तो समस्या का समाधान हो जाता है। विष्णु का तीसरा पद जहाँ पहुँचता है वही उनका आवास स्थान है। विष्णु का लोक ‘परम पद’ है अर्थात् गन्तव्य रूपेण वह सर्वोत्कृष्ट लोक है। उस ‘परम पद’ की विशेषता यह है कि वह अत्यधिक प्रकाश से युक्त है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.154.6.</ref> वहाँ अनेक शृंगों वाली गायें (अथवा किरणें) संचरण किया करती हैं। ‘गावः’ यहाँ श्लिष्ट पद की तरह है। श्लेष से उसका अर्थ ‘गायें’ करने पर वहाँ दुग्ध आदि भौतिक पुष्टि का प्राचुर्य एवं ‘किरणें’ करने पर वहाँ प्रकाश अर्थात् आत्मिक उन्नति का बाहुल्य सहज ही अनुमेय है। विष्णु के ‘परम पद’ में मधु का स्थायी उत्स (= स्रोत) है।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5.</ref> यह ‘मधु’ देवताओं को भी आनन्दित करनेवाला है। इस श्लिष्ट पद का जो भी अर्थ किया जाय पर वह हर स्थिति में परमानन्द का वाचक है, जिसके लिए देवता सहित समस्त प्राणी अभिलाषी भी रहते हैं और प्रयत्नशील भी। इसलिए उक्त लोक की प्राप्ति की कामना सभी करते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5"/> उसी मंत्र में वहाँ पुण्यशाली लोगों का, तृप्ति (आनन्द, प्रसन्नता) का अनुभव करते हुए उल्लेख भी हुआ है। === विष्णु-इन्द्र युग्म अर्थात् इन्द्र-सखा === विष्णु की एक प्रमुख विशेषता उनका इन्द्र से मैत्रीभाव है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.22.19.</ref> इन्द्र के साहचर्य में ही उनके तीन पाद-प्रक्षेपों का प्रवर्तन होता है। इन्द्र के साथ मिलकर वह शम्बर दैत्य के 99 किलों का विनाश करते हैं।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-7.99.5.</ref> इसी प्रकार वह वृत्र के साथ संग्राम में भी इन्द्र की सहायता करते हैं। दोनों को कहीं-कहीं एक दूसरे की शक्तियों से युक्त भी बतलाया गया है। इस प्रकार विष्णु द्वारा सोमपान किया जाना और इन्द्र द्वारा तीन पाद-प्रक्षेप किया जाना भी वर्णित है। ऋग्वेद, मण्डल 6, सूक्त 69 में दोनों देवों का युग्मरूपेण स्तवन हुआ है। इसी प्रकार ऋग्वेद के मण्डल 5, सूक्त 87 में इन्द्र के सहचर मरुद्गणों के साथ उनकी सहस्तुति प्राप्त होती है। === परम वीर्यशाली === 'विष्' धातु से व्युत्पन्न विष्णु पद का शाब्दिक अर्थ ‘व्यापक, गतिशील, क्रियाशील अथवा उद्यम-शील’ होता है। अपने बल-विक्रम के ही कारण वे लोगों द्वारा स्तुत होते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3.</ref> === कुत्सितों के लिए भयकारक ===   अपने वीर्य (बल) अथवा वीर कर्मों के कारण वे शत्रुओं के भय का कारण हैं। उनसे लोग उसी प्रकार भयभीत रहते हैं, जिस प्रकार किसी पर्वतचारी सिंह से। ‘परमेश्वराद्भीतिः’ आदि श्रुति-वचनों से सामान्य जनों का भी उनसे भय करना सिद्ध हो जाता है। उनसे भयभीत होना अकारण नहीं है। वे कुत्सितों (शत्रुओं) का वध आदि हिंसाकर्म करने वाले हैं। यहाँ यह ध्यातव्य है कि वे कुत्सित हिंसादिकर्ता (कुचरः) का ही वध करते है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.2.</ref> इसलिए उनके लिए कहा गया है कि वे हत्यारे नहीं हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12">ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12.</ref> === व्यापक तथा अप्रतिहत गति वाले === विष्णु विस्तीर्ण, व्यापक और अप्रतिहत गति वाले हैं। ‘उरुगाय’ और ‘उरुक्रम’ आदि पद इस तथ्य के पोषक हैं। ‘उरुगाय’ का अर्थ आचार्य सायण द्वारा ‘महज्जनों द्वारा स्तूयमान’ अथवा ‘प्रभूततया स्तूयमान’<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.6, पर सायण-भाष्य।</ref> करने से भी विष्णु की महिमा विखण्डित नहीं होती। डाॅ.यदुनन्दन मिश्र का कहना है कि इस पद का अर्थ ‘विस्तीर्ण गति वाला’ करने के लिए हम इस लिए आग्रहवान् हैं, क्योंकि उसे ‘सभी लोकों में संचरण करने वाला’ कहा गया है।<ref>डाॅ.यदुनन्दन मिश्र, 'वेद-संचयनम्', चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी, संस्करण-1976, पृ.26.</ref> उनके पद-क्रम इतने सुदीर्घ होते हैं कि वे अपने तीन पाद-प्रक्षेपों से ही तीनों लोकों को नाप लेते हैं। === लोकोपकारक === विष्णु के तीन पद यदि सृष्टि करते हैं, स्थापन करते हैं, धारण करते हैं<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5.</ref> तो वहीं पर आश्रित जनों का पालन-पोषण भी किया करते हैं। लोगों को अपना भोग्य अन्नादि उन्हीं तीन पद-क्रमों के प्रसादस्वरूप प्राप्त होता है, जिससे कि वे परम तृप्ति का अनुभव किया करते हैं। जो लोग विष्णु की स्तुति करते हैं, उनका वे सर्वविध कल्याण करते हैं, क्योंकि उनके स्तवनादि कर्म से उसे परम स्फूर्ति मिलती है। इस प्रकार स्फूर्ति-प्रदायिनी स्तुति विष्णु तक पहुँचा पाने के लिये सभी लालायित रहते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3"/> वे वरिष्ठ दाता हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12"/> * त्रयात्मकता विष्णु के गुणों में भी त्रयात्मकता परिलक्षित होती है। वे तीन पद-क्रम वाले, तीन प्रकार की गति करने वाले, तीनों लोकों को नाप लेने वाले और लोकत्रय के धारक हैं। इसी प्रकार वह ‘त्रिधातु’<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4.</ref> अर्थात् सत्, रज और तम का समीकृत रूप अथवा पृथ्वी, जल और तेज से युक्त भी हैं। === सर्जक-पालक-संहारक === विष्णु पार्थिव लोकों का निर्माण और परम विस्तृत अन्तरिक्ष आदि लोकों का प्रस्थापन करने वाले हैं। वे स्वनिर्मित लोकों में तीन प्रकार की गति करने वाले हैं। उनकी ये तीन गतियाँ उद्भव, स्थिति और विलय की प्रतीक हैं। इस प्रकार जड़-जंगम सभी के वे निर्माता भी हैं, पालक भी और विनाशक भी। वे 'लोकत्रय का अकेला धारक' हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5"/> वे अपने तीन पाद-प्रक्षेपों से अकेले ही तीनों लोकों को नाप लेते हैं। लोकत्रय को नाप लेने से भी यह फलित होता है कि लोकत्रय अर्थात् वहाँ के समग्र प्राणी उनके पूर्ण नियंत्रण में हैं। विष्णु भ्रूण-रक्षक भी हैं। गर्भस्थ बीज की रक्षा के लिए और सुन्दर बालक की उत्पत्ति के लिए विष्णु की प्रार्थना की जाती है।उनके पालक स्वरूप पर स्पष्ट बल देने के कारण ऋग्वेद में अहोरात्र अग्निरूप में भी उन्हें 'विष्णुर्गोपा परमं पाति..'<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-3.55.10.</ref> अर्थात् सबके रक्षक-पालक कहा गया है। आचार्य सायण ऋग्वेद के अष्टम मण्डल के पच्चीसवें सूक्त के बारहवें मन्त्र की व्याख्या में भी विष्णु को स्पष्ट रूप से 'पालन से युक्त' मानते हैं।.... इसलिए समग्र परिप्रेक्ष्य में ऋग्वेद में विष्णु को परम हितैषी कहा गया है।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5"/> === सर्वोच्चता === सर्वाधिक मन्त्रों में वर्णित होने के बावजूद इन्द्र को 'सुकृत' और विष्णु को 'सुकृत्तरः' कहा गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.156.5.</ref> 'सुकृत्तरः' का आचार्य सायण ने 'उत्तम फल प्रदान करने वालों में श्रेष्ठ' अर्थ किया है; श्रीपाद सातवलेकर जी ने 'उत्तम कर्म करने वालों में सर्वश्रेष्ठ' अर्थ किया है और महर्षि दयानन्द सरस्वती जी ने भी 'अतीव उत्तम कर्म वाला' अर्थ किया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्, उक्त मंत्र का चारों संस्करणों में संबद्ध भाष्य द्रष्टव्य।</ref> इन्द्र 'सुकृत' (उत्तम कर्म करने वाला) है तो विष्णु 'सुकृत्तरः' (उत्तम कर्म करने वालों में सर्वश्रेष्ठ) हैं। तात्पर्य स्पष्ट है कि ऋग्वेद में ही यह मान लिया गया है कि विष्णु सर्वोच्च हैं। इसी प्रकार इन्द्र के राजा होने के बावजूद विष्णु की सर्वोच्चता ऋग्वेद में ही इस बात से भी स्पष्ट हो जाती है कि उसमें विष्णु के लिए कहा गया है कि "वे सम्पूर्ण विश्व को अकेले धारण करते हैं"<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4"/> तथा इन्द्र के लिए कहा गया है कि वे राज्य (संचालन) करते हैं<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.81.5.</ref>। तात्पर्य स्पष्ट है कि सृष्टि के सर्जक एवं पालक विष्णु ने संचालन हेतु इन्द्र को राजा बनाया है। इस सुसन्दर्भित परिप्रेक्ष्य में विष्णु की सर्वोच्चता से सम्बद्ध ब्राह्मण ग्रन्थों एवं बाद की पौराणिक मान्यताएँ भी स्वतः उद्भासित हो उठती हैं। == ब्राह्मणों में विष्णु == ब्राह्मण-युग में यज्ञ-संस्था का विपुल विकास हुआ और इसके साथ ही देवमंडली में विष्णु का महत्त्व भी पहले की अपेक्षा अधिकतर हो गया। ऐतरेय ब्राह्मण के आरम्भ में ही यज्ञ में स्थान देने के क्रम में अग्नि से आरम्भ कर विष्णु के स्थान को 'परम' कहा गया है। इनके मध्य अन्य देवताओं का स्थान है।<ref>ऐतरेय ब्राह्मणम्-1.1 (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-2007(प्रथम खण्ड), पृ.12,13(भूमिकादि के पश्चात्)।</ref> इस तरह स्पष्ट रूप से वैदिक संहिता ग्रन्थों में सर्वप्रमुख स्थान प्राप्त अग्नि की अपेक्षा विष्णु को अत्युच्च स्थान दिया गया है। वस्तुतः विष्णु को महत्तम तो ऋग्वेद में भी माना ही गया है, पर वर्णन की अल्पता के कारण वहाँ उनका स्थान गौण लगता है। ब्राह्मण ग्रन्थों में स्पष्ट कथन के द्वारा उन्हें सर्वोच्च पद दिया गया है। यह श्रेष्ठता इस कथा से भी स्पष्ट होती है कि विष्णु ने अपने तीन पगों द्वारा असुरों से पृथ्वी, वेद तथा वाणी सब छीनकर इन्द्र को दे दी।<ref>(क)ऐतरेय ब्राह्मणम्-6.3.15 (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-1983ई.(द्वितीय खण्ड), पृ.968,969. (ख)शतपथ ब्राह्मण (प्रथम भाग) - सं. स्वामी सत्यप्रकाश सरस्वती, अनुवादक- पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय; विजयकुमार गोविन्दराम हासानन्द, दिल्ली; संस्करण-2010 ई. पृ.188-189(1.9.3.9)</ref> वैदिक विष्णु के तीन पगों का यह ब्राह्मणों में कथात्मक रूपान्तरण है; और इसी के साथ विष्णु की सर्वश्रेष्ठता भी ब्राह्मण युग में ही स्पष्ट हो गयी। ऐतरेय ब्राह्मण स्पष्ट रूप से विष्णु को द्वारपाल की तरह देवताओं का सर्वथा संरक्षक मानता है।<ref>ऐतरेय ब्राह्मणम्-1.5.4/1.30. (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-2007(प्रथम खण्ड), पृ.186.</ref> विष्णु वास्तव मे परम तत्व है, इसीलिए वाल्मीकि ने इनके ग्रंथो का वर्णन किया है और वास्तव मे प्राचीन समय मे वर्ण प्रमुख थे सबको समान अधिकार और सम्मान था।कुछ लोग इन्हें ब्राह्मण भी मानते है, कुछ क्षत्रिय, कुछ वैश्य, कुछ शूद्र वास्तव मे शिव और विष्णु और ब्रह्मा तीन ही प्रमुख देवता है। विष्णु ने हमेशा कमजोरो का भला किया है और हमेशा उनसे प्यार किया है चाहे वो शबरी हो केवट हो, हनुमान हो यें सभी दिन है। उन्हीने राक्षसों से हमेशा सामान्य जन की रक्षा की है वो प्रजा के परम हितेषी थे और ख़ुद भी उनके मध्य ही रहते है। == पौराणिक मान्यताएँ == ऋग्वेद तथा ब्राह्मणों में उपलब्ध संकेतों का पुराणों में पर्याप्त परिवर्धन हुआ-- कथात्मक भी, विवरणात्मक भी और व्याख्यात्मक भी। पुराणों ने इस जगत के मूल में वर्तमान, नित्य, अजन्मा, अक्षय, अव्यय, एकरस तथा हेय के अभाव से निर्मल परब्रह्म को ही विष्णु संज्ञा दी है। वे (विष्णु) 'परानां परः' (प्रकृति से भी श्रेष्ठ), अन्तरात्मा में अवस्थित परमात्मा, परम श्रेष्ठ तथा रूप, वर्ण आदि निर्देशों तथा विशेषण से रहित (परे) हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.10.</ref> वे जन्म, वृद्धि, परिणाम, क्षय और नाश -- इन छह विकारों से रहित हैं। वे सर्वत्र व्याप्त हैं और समस्त विश्व का उन्हीं में वास है; इसीलिए विद्वान् उन्हें 'वासुदेव' कहते हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.12; तथा महाभारत, शान्तिपर्व-341.41 (सटीक, छह खण्डों में, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-1996ई.</ref> जिस समय दिन, रात, आकाश, पृथ्वी, अन्धकार, प्रकाश तथा इनके अतिरिक्त भी कुछ नहीं था, उस समय एकमात्र वही प्रधान पुरुष परम ब्रह्म विद्यमान थे, जो कि इन्द्रियों और बुद्धि के विषय (ज्ञातव्य) नहीं हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.23.</ref> सृष्टि के आरम्भ में ब्रह्मा जी को विष्णु जी ने जो मूल ज्ञानस्वरूप चतुःश्लोकी भागवत सुनाया था, उसमें भी यही भाव व्यक्त हुआ है -- सृष्टि के पूर्व केवल मैं ही मैं था। मेरे अतिरिक्त न स्थूल था न सूक्ष्म और न दोनों का कारण अज्ञान। जहाँ यह सृष्टि नहीं है, वहाँ मैं ही मैं हूँ और इस सृष्टि के रूप में जो प्रतीत हो रहा है, वह भी मैं ही हूँ और जो कुछ बच रहेगा, वह भी मैं ही हूँ।<ref>भागवत महापुराण-2.9.32 (सटीक, दो खण्डों में, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2001ई.</ref> इन सन्दर्भों से विष्णु की सर्वोच्चता तथा सर्वनियन्ता होने की भावना स्पष्ट परिलक्षित होती है। माना गया है कि विष्णु के दो रूप हुए। प्रथम रूप-- प्रधान पुरुष और दूसरा रूप 'काल' है। ये ही दोनों सृष्टि और प्रलय को अथवा प्रकृति और पुरुष को संयुक्त और वियुक्त करते हैं। यह काल रूप भगवान् अनादि तथा अनन्त हैं; इसलिए संसार की उत्पत्ति, स्थिति और प्रलय भी कभी नहीं रुकते।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.26.</ref> वैष्णवों के सिरमौर तथा 'पुराणों का तिलक'<ref>पद्मपुराण, उत्तर खण्ड-194.85 (आनन्दाश्रम मुद्रणालय, भाग-4, संस्करण-1894ई., पृ.1614; तथा संक्षिप्त पद्मपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2001ई.पृ.868.</ref> के रूप में मान्य भागवत महापुराण में सृष्टि की उत्पत्ति के प्रसंग में कहा गया है कि सृष्टि करने की इच्छा होने पर एकार्णव में सोये (एकमात्र) विष्णु की नाभि से कमल का प्रादुर्भाव हुआ और उसमें समस्त गुणों को आभासित करने वाले स्वयं विष्णु के ही अन्तर्यामी रूप से प्रविष्ट होने से स्वतः वेदमय [[ब्रह्मा]] का प्रादुर्भाव हुआ।<ref>भाग., पूर्ववत्-3.8.15.</ref> इसी प्रकार अधिकांश पुराणों में विष्णु को परम ब्रह्म के रूप में स्वीकार किया गया है। उनसे सम्बद्ध कथाओं से पुराण भरे पड़े हैं। पालनकर्ता होने के कारण उन्हें जागतिक दृष्टि से यदा-कदा विविध '''प्रपंचों''' का भी सहारा लेना पड़ता है। असुरों के द्वारा राज्य छीन लेने पर पुनः स्वर्गाधिपत्य-प्राप्ति हेतु देवताओं को समुद्र-मंथन का परामर्श देते हुए असुरों से '''छल''' करने का सुझाव देना;<ref>भाग.पूर्ववत्-8.6.20.</ref> तथा कामोद्दीपक [[मोहिनी अवतार|मोहिनी]] रूप धारणकर असुरों को मोहित करके देवताओं को अमृत पिलाना;<ref>भाग.पूर्ववत्-8.9.</ref> शंखचूड़ (जलंधर) के वध हेतु तुलसी (वृन्दा) का सतीत्व भंग करने सम्बन्धी देवीभागवत<ref>देवीभागवत (सटीक, दो खण्डों में), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2010ई.(नवम स्कन्ध, अध्याय-23,24).</ref> तथा शिवपुराण<ref>शिवपुराण, रुद्रसंहिता, अध्याय-41 (संक्षिप्त शिवपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2000ई.,पृ.382,383).</ref> जैसे उपपुराणों में वर्णित कथाओं में विष्णु का छल-प्रपंच द्रष्टव्य है। इस सम्बन्ध में यह अनिवार्यतः ध्यातव्य है कि पालनकर्ता होने के कारण वे परिणाम देखते हैं। किन्हीं वरदानों से असुरों/अन्यायियों के बल-विशिष्ट हो जाने के कारण यदि छल करके भी अन्यायी का अन्त तथा अन्याय का परिमार्जन होता है तो वे छल करने से भी नहीं हिचकते। रामावतार में छिपकर बाली को मारना तथा कृष्णावतार में महाभारत युद्ध में अनेक छलों का विधायक बनना उनके इसी दृष्टिकोण का परिचायक है। छिद्रान्वेषी लोग इन्हीं कथाओं का उपयोग मनमानी व्याख्या करके ईश्वर-विरोध के रूप में करते हैं। परन्तु, इन्हें सान्दर्भिक ज्ञान की दृष्टि से देखना इसलिए आवश्यक है क्योंकि पुराणों या तत्सम्बन्धी ग्रन्थों में ये प्रसंग विपरीत स्थितियों में सामान्य से इतर विशिष्ट कर्तव्य के ज्ञान हेतु ही उपस्थापित किये गये हैं। ध्यातव्य है कि पुराणों में तात्त्विक ज्ञान को ही ब्रह्म, परमात्मा और भगवान् कहा गया है।<ref>भाग.पूर्ववत्-1.2.11.</ref> == विष्णु का स्वरूप == विष्णु का सम्पूर्ण स्वरूप ज्ञानात्मक है। पुराणों में उनके द्वारा धारण किये जाने वाले आभूषणों तथा आयुधों को भी प्रतीकात्मक माना गया है :- # कौस्तुभ मणि = जगत् के निर्लेप, निर्गुण तथा निर्मल क्षेत्रज्ञ स्वरूप का प्रतीक # श्रीवत्स = प्रधान या मूल प्रकृति # गदा = बुद्धि # शंख = पंचमहाभूतों के उदय का कारण तामस अहंकार # शार्ङ्ग (धनुष) = इन्द्रियों को उत्पन्न करने वाला राजस अहंकार # सुदर्शन चक्र = सात्विक अहंकार # वैजयन्ती माला = पंचतन्मात्रा तथा पंचमहाभूतों का संघात [वैजयन्ती माला मुक्ता, माणिक्य, मरकत, इन्द्रनील तथा हीरा -- इन पाँच रत्नों से बनी होने से पंच प्रतीकात्मक] # बाण = ज्ञानेन्द्रिय तथा कर्मेन्द्रिय। # खड्ग = विद्यामय ज्ञान {जो अज्ञानमय कोश (म्यान) से आच्छादित रहता है।} इस प्रकार समस्त सृजनात्मक उपादान तत्त्वों को विष्णु अपने शरीर पर धारण किये रहते हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.22.68से75.</ref> श्रीविष्णु की आकृति से सम्बन्धित स्तुतिपरक एक श्लोक अतिप्रसिद्ध है :- '''''शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्।''''' '''''विश्वाधारं गगनसदृशं मेघ वर्णं शुभाङ्गम्।।''''' '''''लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्।''''' '''''वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।।''''' भावार्थ - जिनकी आकृति अतिशय शांत है, जो शेषनाग की शैया पर शयन किये हुए हैं, जिनकी नाभि में कमल है, जो ‍देवताओं के भी ईश्वर और संपूर्ण जगत् के आधार हैं, जो आकाश के सदृश सर्वत्र व्याप्त हैं, नीलमेघ के समान जिनका वर्ण है, अतिशय सुंदर जिनके संपूर्ण अंग हैं, जो योगियों द्वारा ध्यान करके प्राप्त किये जाते हैं, जो संपूर्ण लोकों के स्वामी हैं, जो जन्म-मरण रूप भय का नाश करने वाले हैं, ऐसे लक्ष्मीपति, कमलनेत्र भगवान् श्रीविष्णु को मैं प्रणाम करता हूँ। == विष्णु-शिव एकता == वेदांत दर्शन के विभिन्न सम्प्रदायों में विष्णु और शिव की भूमिका को लेकर भिन्न दृष्टिकोण हैं। अद्वैत, विशिष्टाद्वैत, और द्वैत तीन प्रमुख सम्प्रदाय हैं जो इस विषय पर अपने-अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। '''अद्वैत (स्मार्त) दृष्टिकोण''': अद्वैत वेदांत, जिसे आदि शंकराचार्य ने प्रतिपादित किया, मानता है कि सभी देवता एक ही ब्रह्म के विभिन्न रूप हैं। अद्वैत के अनुसार, विष्णु और शिव दोनों ही परम सत्य ब्रह्म के विभिन्न अभिव्यक्तियाँ हैं। अद्वैत दर्शन में अंतिम उद्देश्य ब्रह्म की अद्वैत स्थिति की प्राप्ति है, और इस संदर्भ में विष्णु और शिव दोनों ही समान रूप से पूजनीय हैं। '''विशिष्टाद्वैत (श्री सम्प्रदाय) दृष्टिकोण''': विशिष्टाद्वैत वेदांत, जिसे रामानुज ने प्रतिपादित किया, मानता है कि विष्णु ही सर्वोच्च परमात्मा हैं, जिनके अनंत शुभ गुण हैं। इस दर्शन के अनुसार, भगवान विष्णु ही ईश्वर हैं, और वह जगत का कारण, पालनकर्ता और संहारकर्ता है। विशिष्टाद्वैत मानता है कि शिव एक देवता हैं, वे विष्णु के अधीन हैं और उनकी दिव्य लीला का हिस्सा हैं। इस सम्प्रदाय में, विष्णु और उनके अवतारों की भक्ति सर्वोच्च मानी जाती है, और जीवात्मा का अंतिम उद्देश्य विष्णु के साथ भक्ति और सेवा के माध्यम से संबंध स्थापित करना है। रामानुज के सिद्धांतों में, विष्णु की भक्ति के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताया गया है, जिसमें शिव का स्थान महत्वपूर्ण है लेकिन विष्णु के समकक्ष नहीं। '''द्वैत (माध्व सम्प्रदाय) दृष्टिकोण:''' द्वैत वेदांत, जिसे माध्वाचार्य ने स्थापित किया, विष्णु और जीवात्माओं के बीच अनंत भिन्नता पर जोर देता है। इस दृष्टिकोण में, विष्णु को सर्वोच्च भगवान माना जाता है, जबकि शिव को एक शक्तिशाली देवता के रूप में देखा जाता है, जो विष्णु से अलग हैं। द्वैत दर्शन में विष्णु की सर्वोच्चता को प्रमुखता दी जाती है, और शिव की भूमिका महत्वपूर्ण लेकिन विष्णु से भिन्न मानी जाती है। माध्व सम्प्रदाय में विष्णु की भक्ति और सेवा को ही मोक्ष का एकमात्र साधन माना जाता है। == भगवान विष्णू की उत्पत्ती कैसे हुई == 'अवतार' का शाब्दिक अर्थ है भगवान् का अपनी स्वातंत्र्य-शक्ति के द्वारा भौतिक जगत् में मूर्त रूप से आविर्भाव होना, प्रकट होना।<ref>हिन्दी विश्वकोश,प्रथम खण्ड, नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी; संस्करण-1973ई.,पृ.277.</ref> अवतार की सिद्धि दो दशाओं में मानी जाती है -- एक तो अपने रूप का परित्याग कर कार्यवश नवीन रूप का ग्रहण; तथा दूसरा नवीन जन्म ग्रहण कर सम्बद्ध रूप में आना, जिसमें माता के गर्भ में उचित काल तक एक स्थिति की बात भी सन्निविष्ट है।<ref>पुराण-विमर्श, आचार्य बलदेव उपाध्याय, चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी; संस्करण-2002ई.,पृ.163.</ref> इसमें अत्यल्प समय के लिए रूप बदलकर या किसी दूसरे का रूप धारणकर पुनः अपने रूप में आ जाना शामिल नहीं होता। === अवतार का प्रयोजन === श्रीमद्भगवद्गीता के चतुर्थ अध्याय के सुप्रसिद्ध सातवें एवं आठवें श्लोक में भगवान् ने स्वयं अवतार का प्रयोजन बताते हुए कहा है कि -- जब-जब धर्म की हानि और अधर्म का उत्थान हो जाता है, तब-तब सज्जनों के परित्राण और दुष्टों के विनाश के लिए मैं विभिन्न युगों में (माया का आश्रय लेकर) उत्पन्न होता हूँ।<ref>श्रीमद्भगवद्गीतारहस्य, लो.बाल गंगाधर तिलक, अनुवादक-माधवरावजी सप्रे, प्रकाशक-दी.ज.तिलक,शै.श्री.तिलक, नारायण पेठ, पुणे; अट्ठाइसवाँ संस्करण-2006, पृ.446.(श्लोक-6 से 8 की टीका एवं संबद्ध टिप्पणी)।</ref> इसके अतिरिक्त भागवत महापुराण में एक विशिष्ट और अधिक उदात्त प्रयोजन की बात कही गयी है कि भगवान् तो प्रकृति सम्बन्धी वृद्धि-विनाश आदि से परे अचिन्त्य, अनन्त, निर्गुण हैं। तो यदि वे अवतार रूप में अपनी लीला को प्रकट नहीं करते तो जीव उनके अशेष गुणों को कैसे समझते? अतः जीवों के प्रेरणारूप कल्याण के लिए उन्होंने अपने को (अवतार रूप में) तथा अपनी लीला को प्रकट किया।<ref>भाग.,पूर्ववत्-10.29.14.</ref> इसलिए विभिन्न अवतार-कथाओं में कई विषम स्थितियाँ हैं जिससे जीव यह समझ सके कि परिस्थिति के अनुसार उचित मार्ग कैसा होता है! === अवतारों की संख्या === विष्णु के अवतारों की पहली व्यवस्थित सूची महाभारत में उपलब्ध होती है। महाभारत के शान्तिपर्व में अवतारों की कुल संख्या 10 बतायी गयी है (मूलपाठ) :- '''हंस: कूर्मश्च मत्स्यश्च प्रादुर्भावा द्विजोत्तम ॥''' '''वराहो नरसिंहश्च वामनो राम एव च। ''' '''रामो दाशरथिश्चैव सात्वत: कल्किरेव च ॥'''<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.104.</ref> अर्थात् (श्रीभगवान् स्वयं नारद से कहते हैं) हंस कूर्म मत्स्य वराह नरसिंह वामन परशुराम दशरथनन्दन राम यदुवंशी श्रीकृष्ण तथा कल्कि -- ये सब मेरे अवतार हैं। आगे यह भी कहा गया है कि ये भूत और भविष्य के सभी अवतार हैं।<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.108,109.</ref> मूलपाठ में वर्णन छह अवतारों का है :- 1.वराह 2.नरसिंह 3.वामन 4.परशुराम 5.राम 6.कृष्ण<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.77 से 102.</ref> चूँकि महाभारत बुद्ध के जन्म से पूर्व की अथवा बुद्ध के अवतारी होने की कल्पना से पहले की रचना है; अतः स्वाभाविक रूप से उसमें कहीं बुद्ध का नामोनिशान नहीं है। उसके बदले हंस को अवतार रूप में गिनने से दश की संख्या पूरी हो गयी है। महाभारत के दाक्षिणात्य पाठ में अवतार का वर्णन इस प्रकार है :- '''मत्स्यः कूर्मो वराहश्च नरसिंहश्च वामनः।''' '''रामो रामश्च रामश्च कृष्णः कल्की च ते दश॥'''<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.(पृ॰5350)</ref><ref>श्रीपद्ममहापुराणम्, हिन्दी टीकाकार- आचार्य शिवप्रसाद द्विवेदी, चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन, वाराणसी, प्रथम संस्करण-2016 ई॰, भाग-6, उत्तरखण्ड-II, 229.40-41 (पृ॰3720).</ref> यहाँ पूर्वोक्त अवतारों में से हंस को छोड़कर तीसरे राम अर्थात् बलराम को जोड़ देने से दश की संख्या पूरी हो गयी है। इस विवरण से एक बात प्रमाणित हो जाती है कि महाभारत-काल तक दश से अधिक अवतारों की कल्पना भी नहीं की गयी थी; अन्यथा उन दश अवतारों को 'भूत और भविष्य के भी सभी अवतार' नहीं कहा गया रहता। बाद में अन्य अवतारों की भी कल्पना प्रचलित हुई और कुल अवतारों की गणना चौबीस तक पहुँच गयीं।<ref>भागवत.,पूर्ववत्-1.3.6-25; तथा 2.7.1-38.</ref> === दशावतार === भागवत महापुराण में 22 तथा 24 अवतारों की गणना के बावजूद अवतारों की बहुमान्य संख्या महाभारत वाली दश ही रही है। पद्मपुराण (उत्तरखण्ड-257.40,41), लिंगपुराण (2.48.31,32), वराहपुराण (4.2), मत्स्यपुराण (2.85.6,7) आदि अनेक पुराणों में समान रूप से दश अवतारों की बात ही बतायी गयी है। अग्निपुराण के वर्णन (अध्याय-2से16)<ref>अग्निपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2002ई., पृ.2से28.</ref> में भी बिल्कुल वही क्रम है। इस सन्दर्भ का निम्नांकित श्लोक (नाममात्र के पाठ भेदों के साथ) प्रायः सर्वनिष्ठ है :- '''मत्स्यः कूर्मो वराहश्च नरसिंहोऽथ वामनः।''' '''रामो रामश्च कृष्णश्च बुद्धः कल्किश्च ते दश॥'''<ref>(क)पद्मपुराण, आनन्दाश्रम संस्करण, पूर्ववत्, उत्तरखण्ड-257.40-41; (ख)वराहपुराणम् (सटीक), डाॅ.सुरकान्त झा, चौखम्बा कृष्णदास अकादमी, वाराणसी; संस्करण-2014, पृ.18; (ग)लिंगमहापुराण (सटीक), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2014ई., उत्तरभाग-48.31-32. (पृ.742); (घ)मत्स्यपुराण (सटीक), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2004 ई., 285.6-7. (पृ.1060).</ref> इस प्रकार विष्णु के दश [[अवतार]] ही बहुमान्यता प्राप्त हैं। इनके संक्षिप्त विवरण इस प्रकार हैं : # '''[[मत्स्य अवतार|मत्स्यावतार]]''' : पूर्व कल्प के अन्त में ब्रह्मा जी की तन्द्रावस्था में उनके मुख से निःसृत वेद को [[हयग्रीवासुर|हयग्रीव]] दैत्य के द्वारा चुरा लेने पर भगवान् ने मत्स्यावतार लिया तथ [[मनु]] नामक राजा से कहा कि सातवें दिन प्रलयकाल आने पर समस्त बीजों तथा वेदों के साथ नौका पर बैठ जाएँ। उस समय सप्तर्षि के भी आ जाने पर भगवान् ने महामत्स्य के रूप में उस नौका को उन सबके साथ अनन्त जलराशि पर तैराते हुए उन सबको बचा लिया। पश्चात् [[हयग्रीवासुर|हयग्रीव]] को मारकर वेद वापस ब्रह्मा जी को दे दिया।<ref>भाग.पूर्ववत्-8.24.</ref> # '''[[कूर्म अवतार|कूर्मावतार]]''' : असुरराज बलि के नेतृत्व में असुरों द्वारा देवताओं को परास्त कर शासन-च्युत कर देने पर भगवान् ने देवताओं को असुरों के साथ मिलकर [[समुद्र मन्थन|समुद्र मंथन]] करने को कहा और जब मन्थन के समय मथानी (मन्दराचल) डूबने लगा तो कूर्म (कच्छप) रूप धारणकर उसे अपनी पीठ पर स्थित कर लिया। इसी मन्थन से [[चौदह रत्न]]ों की प्राप्ति हुई।<ref>भाग.पूर्ववत्-8.6,7.</ref> # '''[[वराहावतार]]''' : वराहावतार में भगवान् विष्णु ने महासागर (रसातल) में डुबायी गयी पृथ्वी का उद्धार किया।<ref>भाग.पूर्ववत्-1.3.7.</ref> वहीं भगवान ने हिरण्याक्ष नामक दैत्य का वध भी किया था।<ref>भाग.पूर्ववत्-2.7.1; तथा 7.1.40.</ref> # '''[[नरसिंह]]ावतार''' : हिरण्याक्ष के वध के बाद विष्णुविरोधी हिरण्यकशिपु ने तपस्या के द्वारा अद्भुत वर पाया और देवताओं को परास्त कर अपना अखण्ड साम्राज्य स्थापित कर भगवद्भक्तों पर भीषण अत्याचार करने लगा। अपने पुत्र प्रह्लाद को विष्णु-भक्त जानकर उसने उसका विचार बदलने का बहुत प्रयत्न किया लेकिन असफल होकर उसे मार डालना चाहा। तब अपने भक्त [[प्रह्लाद|प्रहलाद]] को अनेक तरह से भगवान् विष्णु ने बचाया तथा वरदान की शर्त निभाते हुए नरसिंह रूप में आकर हिरण्यकशिपु का वध कर डाला।<ref>भाग.,पूर्ववत्-7.3-8.</ref> # '''[[वामनावतार]]''' : प्रह्लाद के पौत्र, विरोचन के पुत्र असुर नरेश बलि द्वारा स्वर्गाधिपत्य प्राप्त कर लेने पर कश्यप जी के परामर्श से माता अदिति के पयोव्रत से प्रसन्न होकर भगवान् ने उनके घर जन्म लेकर [[वामनावतार|वामन]] रूप में बलि की यज्ञशाला में पधारकर तीन पग भूमि माँगी और फिर विराट रूप धारण कर दो पगों में पृथ्वी-स्वर्ग सब नापकर तीसरा पद रखने के लिए बलि द्वारा अपना सिर दिये जाने पर उसे सुतल लोक भेज दिया।<ref>भाग.,पूर्ववत्-8.15 से 23.</ref> # '''[[परशुराम]]ावतार''': अन्यायी क्षत्रियों और विशेषतः हैहयवंश का नाश करने के लिए भगवान् ने परशुराम के रूप में अंशावतार ग्रहण किया था। उन्होंने इस पृथ्वी को इक्कीस बार क्षत्रियहीन कर दिया।<ref>भाग., पूर्ववत्-9.15.14.</ref> ये महान् पितृभक्त थे। पिता की आज्ञा से इन्होंने अपनी माता का भी वध कर दिया था और पिता के प्रसन्न होकर वर माँगने के लिए कहने पर पुनः माता को जीवित करवा लिया था। अत्याचारी कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रार्जुन) के हजार हाथों को इन्होंने युद्ध में काट डाला था; और उसके पुत्रों द्वारा जमदग्नि ऋषि (परशुराम जी के पिता) को बुरी तरह घायल कर हत्या कर देने पर इन्होंने अत्यन्त क्रोधित होकर उन सबका वध करके इक्कीस बार पृथ्वी को क्षत्रियहीन करके उनके रक्त से समन्तपंचक क्षेत्र में पाँच कुण्ड भर दिये थे। फिर यज्ञ करके सारी पृथ्वी कश्यप जी को देकर महेन्द्र पर्वत पर चले गये।<ref>महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-116,117.तथा भाग.पूर्ववत्-9.16.</ref> # '''[[राम|रामावतार]]''': इस विश्व-विश्रुत अवतार में भगवान् ने महर्षि पुलस्त्य जी के पौत्र एवं मुनिवर विश्रवा के पुत्र रावण—जो कुयोगवश राक्षस हुआ<ref>वाल्मीकीय रामायण-7.9,(सटीक,खण्ड-2, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-1995ई.).</ref>—के द्वारा सीता का हरण कर लेने से वानर जातियों की सहायता से अनुचरों सहित रावण का वध करके आर्यावर्त को अन्यायी राक्षसों से मुक्त किया तथा आदर्श राज्य की स्थापना की। यह विशेष ध्यातव्य है कि मानवमात्र की प्रेरणा के लिए उच्चतम आदर्श-स्थापना का यह कार्य उन्होंने पूरी तरह मनुष्य-भाव से किया। रामकथा के लिए सर्वाधिक प्रमाणभूत एवं आधार ग्रन्थ वाल्मीकीय रामायण में राम का चरित्र समर्थ मानव-रूप में ही चित्रित है। युद्धादि के समापन के बाद जब सभी देवता उन्हें ब्रह्म मानकर उनकी स्तुति करते हैं, तब भी वे कहते हैं कि -- '''आत्मानं मानुषं मन्ये रामं दशरथात्मजम्।''' '''सोऽहं यश्च यतश्चाहं भगवांस्तद् ब्रवीतु मे॥'''<ref>वा.रा., पूर्ववत्-6.117.11.</ref> ''अर्थात् मैं तो अपने को दशरथपुत्र मनुष्य राम ही मानता हूँ। मैं जो हूँ और जहाँ से आया हूँ, हे भगवन् (ब्रह्मा)! वह सब आप ही मुझे बताइए।'' तब ब्रह्मा जी उन्हें सब बताते हैं। लीला के लिए ही सही, पर पूरी तरह मनुष्यता का यह आदर्श अनुपम है; और जो प्रेरणा इससे मिलती है वह स्वयं को हर समय सर्वशक्तिमान् परात्पर ब्रह्म मानते हुए लीला करने से (जैसा कि बाद की रामायणों में वर्णित है) कभी नहीं मिल सकती है। # '''[[कृष्ण|कृष्णावतार]]''': इस अवतार में भगवान् ने [[देवकी]] और [[वसुदेव]] के घर जन्म लिया था। उनका लालन पालन [[यशोदा]] और नंद ने किया था। इस अवतार में भगवान् ने विशिष्ट लीलाओं द्वारा सबको चकित करते हुए दुराचारी कंस का वध किया; और विख्यात महाभारत-युद्ध में गीता-उपदेश द्वारा अर्जुन को युद्ध हेतु तत्पर करके विभिन्न विषम उपायों का भी सहारा लेकर कौरवों के विध्वंश के बहाने पृथ्वी के लिए भारस्वरूप प्रायः समस्त राजाओं को ससैन्य नष्ट करवा दिया। यहाँ तक कि उनके बतलाये आदर्शों की अवहेलना कर मद्यपान में रमने वाले<ref>महाभारत, पूर्ववत्-1.2.355.</ref> यदुवंश का भी विनाश करवा दिया। श्रीकृष्ण ने यह शिक्षा दी कि जीवन की राह सीधी रेखा में ही नहीं चलती। धर्म और अधर्म का निर्णय परिस्थिति और अन्तिम परिणाम के आधार पर होता है, न कि परम्परा के आधार पर। श्रीकृष्ण की बहुत सी लीलाएँ अनुकरणीय नहीं, चिन्तन के योग्य हैं। राम का चरित्र अनुकरण के योग्य है। राम के चरित्र का अनुकरण करके कृष्ण-चरित्र को समझ सकें, इसी में ज्ञान की सार्थकता है। कृष्ण-चरित्र का वर्णन अनेक पुराणों में है। परन्तु महाभारत के अन्तर्गत आये अंशों के अतिरिक्त शेष बाल-लीला एवं अन्य लीलाओं का प्राचीन रूप हरिवंशपुराण में है; उसके बाद का रूप विष्णुपुराण में तथा सर्वथा परिष्कृत रूप [[भागवत पुराण|श्रीमद्भागवत पुराण]] के पूरे दशम स्कन्ध में है। # '''[[वेंकटेश्वर]]''': [[त्रिदेव|त्रिदेवों]] की परीक्षा लेने के उद्देश्य से महर्षि [[भृगु]] [[बैकुण्ठ]] जा पहुंचे जहां उन्होंने शेष शय्या पर निद्रामग्न भगवान विष्णु के [[वक्ष]] पर जोरदार लात मारी। इससे श्रीहरि की निद्रा खुल गई और उन्होंने भृगु से पूछा कि उनके कठोर वक्ष पर लात मारने के बाद उन्हें कहीं चोट तो नहीं लगी। यह विचित्र दृश्य देखकर माता [[लक्ष्मी]] [[बैकुंठ]] छोड़कर [[पृथ्वी]] पर आ गई और एक राजा की पुत्री के रूप में उन्होंने जन्म लिया। यह देखकर भगवान विष्णु ने भी नि:संतान स्त्री वकुला को मातृत्व का सुख दिया। [[भागवत पुराण]] के अनुसार वकुला पूर्व जन्म में [[यशोदा]] थीं जो भगवान विष्णु के [[कृष्ण]] [[अवतार]] के समय में उनकी पालक माता थीं। देवी [[यशोदा]] के अंतिम समय में उन्होंने उन्हें अगले जन्म में उनकी पालक माता बनने का वरदान दिया था और कहा था कि वे उस जन्म में उनका विवाह भी अवश्य देख पाएंगी। माता [[लक्ष्मी]] के जाने के बाद से भगवान विष्णु श्रीहीन हो गए और वकुला भी एक निर्धन स्त्री थी। [[वेंकटेश्वर]] रूपी भगवान विष्णु ने पद्मावती रूपी माता [[लक्ष्मी]] के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। श्री [[वेंकटेश्वर]] भगवान ने उस समय धन के देवता और यक्षों के राजा [[कुबेर]] से धन मांगा और वचन दिया कि वे उनका ऋण ब्याज़ समेत कलयुग के अंत तक चुका देंगे। भगवान [[वेंकटेश्वर]] ने तत्पश्चात् देवी पद्मावती से विवाह किया और वहीं पर रहकर भक्तों का कल्याण करने का निश्चय किया। # '''[[कल्कि|कल्कि अवतार]]''': यह भविष्य का अवतार है। कलियुग का अन्त समीप आ जाने पर जब अनाचार बहुत बढ़ जाएगा और राजा लोग लुटेरे हो जाएँगे, तब सम्भल नामक ग्राम के विष्णुयश नामक ब्राह्मण के घर भगवान् का कल्कि अवतार होगा।<ref>(क)भाग.पूर्ववत्-1.3.25; (ख)महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-190.93.</ref> उनके द्वारा अधर्म का विनाश हो जाने पर पुनः धर्म की वृद्धि होगी। धर्म की वृद्धि होना ही सत्य युग (कृतयुग) का आना है।<ref>महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-191.7.</ref> === अन्य अवतार === दशावतार के अतिरिक्त अन्य चौदह अवतारों के नाम (भागवत महापुराण की दोनों सूचियों को मिलाकर)<ref>भाग.पूर्ववत्-1.3.6से25; तथा 2.7.1से38.</ref> इस प्रकार हैं :- # [[सनकादि ऋषि|कौमार सर्ग]] (सनक, सनन्दन, सनातन, सनत्कुमार) - एक बार लोक पितामह [[ब्रह्मा]] ने अनेक लोकों की रचना करने की इच्छा से घोर तप किया। उनके तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने चार ऋषियों के रूप में [[अवतार]] लिया। # [[हयग्रीव|हयशीर्ष (हयग्रीव)]] - एक बार [[दानव हयग्रीव|हयग्रीव]] ( महर्षि [[कश्यप]] और [[दनु (भारत)|दनु]] का पुत्र ) नाम के [[दानव]] ने माता [[पार्वती]] की घोर तपस्या की और उनसे वरदान माँगा कि वह केवल [[हयग्रीव]] के हाथों ही मारा जाए। जब उसके अत्याचार बढ़ने लगे तो भगवान विष्णु ने [[हयग्रीव]] [[अवतार]] लेकर उसे मार डाला। # [[नारद]] - पुराणों के अनुसार [[नारद मुनि|नारद]] भी भगवान विष्णु के [[अवतार]] हैं। एक बार [[सप्तर्षि|सप्तऋषियों]] में विवाद हो गया कि कौन श्रेष्ठ है, जिसे सिद्ध करने के लिए उन्होंने प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। जब उस प्रतियोगिता का भी परिणाम नहीं निकला तो भगवान विष्णु ने [[नारद मुनि|नारद]] का रूप लेकर [[सप्तर्षि|सप्तऋषियों]] को ज्ञान-उपदेश दिया। भगवान [[कृष्ण|श्रीकृष्ण]] ने गीता में स्वयं कहा है कि देवर्षियों में मैं [[नारद मुनि|नारद]] हूँ। # [[हंसावतार|हंस]] - हंस अवतार का सर्वप्रथम [[महाभारत]] में उल्लेख हुआ है। [[महाभारत]] में वर्णित कथा के अनुसार एक बार सनकादि ऋषियों ने अपने पिता ब्रह्मा से पूछा कि इस सृष्टि की रचना कैसे हुई, इस सृष्टि का आदि कौन है तथा अंत कौन है ? [[सनकादि ऋषि|सनकादि]] ऋषियों के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए भगवान विष्णु ने एक बहुत बड़े [[हंस (पक्षी)|हंस]] का रूप लिया और सभा में जाकर उन्होंने सनकादि ऋषियों के प्रश्नों के उत्तर दिये। # [[नर-नारायण अवतार|नर-नारायण]] - नर और नारायण के रूप में भगवान विष्णु ने जुड़वाँ [[संत|संतों]] के रूप में [[ब्रह्मा]] के पुत्र [[रुचि प्रजापति|प्रजापति रुचि]] की पत्नी [[आकूति]] के गर्भ से जन्म लिया। # [[कपिल]] - महर्षि [[कर्दम]] के तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने [[कपिल]] के रूप में [[देवहूति]] के गर्भ से जन्म लिया। # [[दत्तात्रेय|दतात्रेय]] - एक बार त्रिदेवियों को अपने सतीत्व का अहंकार हो गया था तो [[नारद मुनि|नारद]] मुनि ने उनसे अनुसूया के पतिव्रत धर्म की बात की जिससे उनके अहंकार को बहुत ठेस पहुँची। उन्होंने त्रिदेवों से इसके बारे में कहा। त्रिदेव एक ही समय में [[अत्रि]] ऋषि के आश्रम में आये। तीनों ने [[अनुसूया]] से बिना वस्त्र के भोजन करवाने को कहा। [[अनुसूया]] ने [[अत्रि]] ऋषि के चरणोदक से त्रिदेवों को बालक बनाया और उन्हें अपने पुत्र के समान स्नेह दिया और उन्हें [[स्तनपान]] भी कराया। अंत में [[त्रिदेव|त्रिदेवों]] ने अपने तेज से [[अनुसूया]] के गर्भ से जन्म लिया। [[शंकर]] के तेज से [[दुर्वासा]] , ब्रह्मा के तेज से [[चंद्रदेव|चन्द्रदेव]] और विष्णु के तेज से दतात्रेय का जन्म हुआ। # [[यज्ञपुरुष|सुयज्ञ]]<nowiki/>- [[मनु|स्वयंभू मनु]] के यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने आकूति के गर्भ से रूचि प्रजापति के पुत्र के रूप में जन्म लिया। # [[ऋषभदेव]] - [[नाभिराज]] नाम के राजा की कोई संतान नहीं थी। वे भगवान विष्णु के परम भक्त थे और अपने कुलगुरु से उन्होंने एक यज्ञ करवाया जिससे भगवान विष्णु प्रसन्न हो गये और [[नाभिराज]] को वरदान दिया कि वे उनकी पत्नी के गर्भ से पुत्र रूप में जन्म लेंगे। समय आने पर भगवान विष्णु ने रानी [[मरूदेवी]] के गर्भ से पुत्र-रूप में जन्म लिया। # [[पृथु]] - भूमण्डल पर सर्वप्रथम राजा वेन के पुत्र पृथु के रूप में जन्म लिया। # [[धन्वन्तरि]] - [[समुद्र मन्थन]] में अंतिम रत्न के रूप में भगवान विष्णु [[धन्वन्तरि|धन्वन्तरी]] के रूप में [[अमृत]] [[कलश]] लेकर प्रकट हुए थे। इन्हें [[आयुर्वेद]] का जनक माना गया है। # [[मोहिनी अवतार|मोहिनी]] - [[अमृत]] निकलने के बाद [[असुर]] अमृत कलश लेकर भागने लगे थे तो उन्हें रोकने के लिए भगवान विष्णु ने एक सुन्दर स्त्री का रूप लिया और [[असुर|असुरों]] को मोहित करके [[देवताओं]] को अमृत पान करवाया। # [[व्यास]] - धर्मग्रंथो के अनुसार [[वेदव्यास]] भी भगवान विष्णु के अवतार हैं। एक बार [[पाराशर]] मुनि को उसकी नाव पर बैठ कर यमुना पार करना पड़ा। पाराशर मुनि [[सत्यवती]] रूप-सौन्दर्य पर आसक्त हो गये और बोले, "देवि! मैं तुम्हारे साथ सहवास करना चाहता हूँ।" सत्यवती ने कहा, "मुनिवर! आप ब्रह्मज्ञानी हैं और मैं निषाद कन्या। हमारा सहवास सम्भव नहीं है। मैं कुमारी हूँ। मेरे पिता क्या कहेंगे?" पाराशर मुनि बोले, "बालिके! तुम चिन्ता मत करो। प्रसूति होने पर भी तुम कुमारी ही रहोगी।" पाराशर ने फिर से माँग की तो सत्यवती बोली कि "मेरे शरीर से मछली की दुर्गन्ध निकलती है"। तब ऋषि ने उसे आशीर्वाद देते हुए कहा- "तुम्हारे शरीर से जो मछली की गंध निकलती है वह सुगन्ध में परिवर्तित हो जाएगी।" इतना कहकर उन्होंने अपने योगबल से चारों ओर घने कुहरे का जाल रच दिया ताकि कोई और उन्हें उस हाल में न देखे। इस प्रकार पराशर व सत्यवती में प्रणय-संबंध स्थापित हुआ। समय आने पर सत्यवती के गर्भ से वेद-वेदांगों में पारंगत एक पुत्र हुआ। जन्म होते ही वह बालक बड़ा हो गया और अपनी माता से बोला, "माता! तू जब कभी भी विपत्ति में मुझे स्मरण करेगी, मैं उपस्थित हो जाउँगा।" इतना कहकर वे तपस्या करने के लिये द्वैपायन द्वीप चले गये। द्वैपायन द्वीप में तपस्या करने तथा उनके शरीर का रंग काला होने के कारण उन्हे कृष्ण द्वैपायन कहा जाने लगा। आगे चल कर वेदों का विभाजन करने के कारण वे [[वेदव्यास]] के नाम से विख्यात हुए। विष्णुपुराण और भागवत पुराण के अनुसार वेदव्यास अमर हैं। #श्रीहरि [[गजेन्द्र मोक्ष|गजेन्द्रमोक्ष दाता]] - कुछ स्थानों पर इन्हें [[अवतार]] के रूप में वर्णित नहीं किया गया है, किन्तु अधिकतर स्थानों पर इन्हें [[अवतार]] बताया गया है। एक बार एक [[हाथी]] था जो सौ [[हाथी|हथिनियों]] का पति और हजार गज पुत्रों का पिता था। एक बार वह [[नदी]] में स्नान करने गया। वहाँ एक [[मगरमच्छ]] ने उसका पैर पकड़ लिया। ऐसा कहा जाता है कि उसने हजार वर्षो तक संघर्ष किया किन्तु छूट नहीं पाया। अंत में उसने भगवान् नारायण का स्मरण किया और भगवान विष्णु (श्रीहरि) चतुर्भुज रूप में उसके सम्मुख आये और [[मगरमच्छ]] को मारकर उस गजराज को बचाया। गजराज से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसे अपना पार्षद बना लिया। {{Commonscat|Vishnu|विष्णु}} ==फिल्म उल्लेख== [[महावतार नरसिंह]] फिल्म के निर्माताओं ने कथानक को आकार देने हेतु विभिन्न ऐतिहासिक और शास्त्रीय सन्दर्भों को सम्मिलित किया है—विशेषतः [[प्रह्लादपुरी मंदिर]] के खंडहर, [[हम्पी]] में स्थित पुनःस्थापित जली हुई धर्मस्थली, और [[अहोलिबं|अहोबिला नव नरसिंह स्वामी मंदिरों]]<ref>https://www.youtube.com/shorts/Q83ZSgrPktM</ref> जैसे पुरातात्विक स्थलों के अतिरिक्त [[विष्णु पुराण]], [[नरसिंह पुराण]], [[वराह पुराण]] तथा [[श्रीमद्भागवत पुराण]] जैसे पवित्र ग्रंथों से प्रेरणा ली गई है। फिल्म की सफलता और दर्शकों से इसका गहरा जुड़ाव लेखक की पवित्र ग्रंथों के प्रति उसकी अटूट निष्ठा का प्रतिफल है। == 108 नाम, महत्त्व और अर्थ == 1. नारायण कन्नू : ईश्वर, परमात्मा भगवान कृष्ण सुन्दर 2. विष्णु : हर जगह विराजमान रहने वाले 3. वषट्कार: यज्ञ से प्रसन्न होने वाले 4. भूतभव्यभवत्प्रभु: भूत, वर्तमान और भविष्य के स्वामी 5. भूतकृत : सभी प्राणियों के रचयिता 6. भूतभृत : सभी प्राणियों का पोषण करने वाले 7. भाव : सम्पूर्ण अस्तित्व वाले 8. भूतात्मा : ब्रह्मांड के सभी प्राणियों की आत्मा में वास करने वाले 9. भूतभावन : ब्रह्मांड के सभी प्राणियों का पोषण करने वाले 10. पूतात्मा : शुद्ध छवि वाले प्रभु 11. परमात्मा : श्रेष्ठ आत्मा 12. मुक्तानां परमागति: मोक्ष प्रदान करने वाले 13. अव्यय: : हमेशा एक रहने वाले 14. पुरुष: : हर जन में वास करने वाले 15. साक्षी : ब्रह्मांड की सभी घटनाओं के साक्षी 16. क्षेत्रज्ञ: : क्षेत्र के ज्ञाता 17. गरुड़ध्वज: गरुड़ पर सवार होने वाले 18. योग: : श्रेष्ठ योगी 19. योगाविदां नेता : सभी योगियों का स्वामी 20. प्रधानपुरुषेश्वर : प्रकृति और प्राणियों के भगवान 21. नारसिंहवपुष: : नरसिंह रूप धरण करने वाले 22. श्रीमान् : देवी लक्ष्मी के साथ रहने वाले 23. केशव : सुंदर बाल वाले 24. पुरुषोत्तम : श्रेष्ठ पुरुष 25. सर्व : संपूर्ण या जिसमें सब चीजें समाहित हों 26. शर्व : बाढ़ में सब कुछ नाश करने वाले 27. शिव : सदैव शुद्ध रहने वाले 28. स्थाणु : स्थिर रहने वाले 29. भूतादि : सभी को जीवन देने वाले 30. निधिरव्यय : अमूल्य धन के समान 31. सम्भव : सभी घटनाओं में स्वामी 32. भावन : भक्तों को सब कुछ देने वाले 33. भर्ता : सम्पूर्ण ब्रह्मांड के संचालक 34. प्रभव : सभी चीजों में उपस्थित होने वाले 35. प्रभु : सर्वशक्तिमान प्रभु 36. ईश्वर : पूरे ब्रह्मांड पर अधिपति 37. स्वयम्भू : स्वयं प्रकट होने वाले 38. शम्भु : खुशियां देने वाले 39. जगन्नाथ - जग के नाथ 40. पुष्कराक्ष : कमल जैसे नयन वाले 41. महास्वण : वज्र की तरह स्वर वाले 42. अनादिनिधन : जिनका न आदि है न अंत 43. धाता : सभी का समर्थन करने वाले 44. विधाता : सभी कार्यों व परिणामों की रचना करने वाले 45. धातुरुत्तम : ब्रह्मा से भी महान 46. अप्रेमय : नियम व परिभाषाओं से परे 47. हृषीकेशा : सभी इंद्रियों के स्वामी 48. पद्मनाभ : जिनके पेट से ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई 49. अमरप्रभु : अमर रहने वाले 50. विश्वकर्मा : ब्रह्मांड के रचयिता 51. मनु : सभी विचार के दाता 52. त्वष्टा : बड़े को छोटा करने वाले 53.अनन्त : जिसका कोई अन्त नहीं 54. स्थविरो ध्रुव : प्राचीन देवता 55. अग्राह्य : मांसाहार का त्याग करने वाले 56. शाश्वत : हमेशा अवशेष छोड़ने वाले 57. कृष्ण : काले रंग वाले 58. लोहिताक्ष : लाल आँखों वाले 59. प्रतर्दन : बाढ़ के विनाशक 60. प्रभूत : धन और ज्ञान के दाता 61. त्रिककुब्धाम : सभी दिशाओं के भगवान 62. पवित्रां : हृदया पवित्र करने वाले 63. मंगलपरम् : श्रेष्ठ कल्याणकारी 64. ईशान : हर जगह वास करने वाले 65. प्राणद : प्राण देने वाले 66. प्राण : जीवन के स्वामी 67. ज्येष्ठ : सबसे बड़े प्रभु 68. श्रेष्ठ : सबसे महान 69. प्रजापति : सभी के मुख्य 70. कैटभभाजित : कैटभ का वध करने वाले 71. वासुदेव - राजा वसुदेव के पुत्र 72. माधव : देवी लक्ष्मी के पति 73. मधुसूदन : रक्षक मधु के विनाशक 74. ईश्वर : सबको नियंत्रित करने वाले 75. विक्रमी : सबसे साहसी भगवान 76. धन्वी : श्रेष्ठ धनुष- धारी 77. मेधावी : सर्वज्ञाता 78. विक्रम : ब्रह्मांड को मापने वाले 79. क्रम : हर जगह वास करने वाले 80. अनुत्तम : श्रेष्ठ ईश्वर 81. दुराधर्ष : सफलतापूर्वक हमला न करने वाले 82. कृतज्ञ : अच्छाई- बुराई का ज्ञान देने वाले 83. कृति : कर्मों का फल देने वाले 84. आत्मवान : सभी मनुष्य में वास करने वाले 85. सुरेश : देवों के देव 86. शरणम : शरण देने वाले 87. चक्रधारी - चक्र धारण करने वाले 88. विश्वरेता : ब्रह्मांड के रचयिता 89. प्रजाभव : भक्तों के अस्तित्व के लिए अवतार लेने वाले 90. अह्र : दिन की तरह चमकने वाले 91. सम्वत्सर : अवतार लेने वाले 92. व्याल : नाग द्वारा कभी न पकड़े जाने वाले 93. प्रत्यय : ज्ञान का अवतार कहे जाने वाले 94. सर्वदर्शन : सब कुछ देखने वाले 95. अज : जिनका जन्म नहीं हुआ 96. सर्वेश्वर : सम्पूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी 97. सिद्ध : सब कुछ करने वाले 98. सिद्धि : कार्यों के प्रभाव देने वाले 99. सर्वादि : सभी क्रियाओं के प्राथमिक कारण 100. अच्युत : कभी न चूकने वाले 101. वृषाकपि: धर्म और वराह का अवतार लेने वाले 102. अमेयात्मा: जिनका कोई आकार नहीं है। 103. सर्वयोगविनि:  सभी योगियों के स्वामी 104. वसु : सभी प्राणियों में रहने वाले 105. पीताम्बर: पीले वस्त्र धारण करने वाले 106. सत्य : सत्य का समर्थन करने वाले 107. समात्मा: सभी के लिए एक जैसे 108. सममित: सभी प्राणियों में असीमित रहने वाले ==इन्हें भी देखें== == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} {{दशावतार}} [[श्रेणी:हिन्दू देवी-देवता]] locphy3ugi9gjqy57gkmp1t7kv2ttmk 6582762 6582761 2026-07-15T05:21:21Z Pushkar Singh 415569 /* */ अनावश्यक और अनुपयुक्त जानकारी हटाई 6582762 wikitext text/x-wiki {{Other uses|विष्णु (बहुविकल्पी)}}{{Infobox deity<!--Wikipedia:WikiProject Hindu mythology--> | name = विष्णु | type = सनातन (हिंदू) | image =Vishnu Kumartuli Park Sarbojanin Arnab Dutta 2010.JPG | caption = भगवान विष्णु | deity_of = {{hlist|संरक्षण के देवता|धर्म के रक्षक|[[कर्म]] के दाता|[[परब्रह्म]] (सर्वोच्च प्राणी)|सृष्टि के पालनकर्ता}} | member_of = [[त्रिमूर्ति]] | affiliation = {{hlist|[[त्रिमूर्ति]]|[[ईश्वर]]|[[ब्रह्म]]|[[परब्रह्म]]|[[दशावतार]]|[[परमेश्वर]]|[[परमात्मा]]|[[सनातन पुरुष]]|सर्वोच्च देवता}} | abode = {{bulletedlist|[[बैकुण्ठ|बैकुंठ]]|[[क्षीर सागर]]}} | symbols = {{hlist|[[पद्मा (विष्णु)]]|[[शालीग्राम]]}} | weapon = {{hlist|[[सुदर्शन चक्र]]|[[नंदक]]|[[कौमोदकी]]|[[शार्ङ्ग धनुष|शार्ङ्ग]]|[[पाञ्चजन्य]]}} | consort = [[लक्ष्मी]] , [[देवी तुलसी|तुलसी]] और [[भूदेवी]] | siblings = | mount = {{hlist|[[गरुड़]]|[[शेषनाग]]}} | mantra = {{bulletedlist|ॐ वैष्णवे नमः|[[ओम नमो भगवते वासुदेवाय|ॐ नमो भगवते वासुदेवाय]]|[[ॐ नमो नारायणाय]]|ॐ श्री हरि विष्णो|हरि ॐ}} | other_names = {{hlist|हरि|नारायण|माधव|केशव|अच्युत|जनार्दन}} | children = | | festivals = {{hlist|[[अक्षय तृतीया]]|[[होली]]|[[दीपावली]]|[[एकादशी तिथि|एकादशी]]|[[कार्तिक पूर्णिमा]]|[[तुलसी विवाह]]|[[अनंत चतुर्दशी]]|अवतारों की जयंती}} | day = [[गुरुवार]] (बृहस्पतिवार) | texts = {{bulletedlist|[[श्रीमद्भगवद्गीता|श्रीमद् भगवद गीता]]|[[विष्णु पुराण]]|[[पद्म पुराण]]|[[गरुड़ पुराण]]|[[मत्स्य पुराण]]|[[वामन पुराण]]|[[नरसिंह पुराण]]|[[रामायण]]|[[महाभारत]]}} }} '''विष्णु''' ([[असंलिव]]: '''Viṣṇu''') ''उच्चारण'': ''''ʋɪʂɳʊ'''' '''([[अंग्रेज़ी]]:Vishnu)''' [[सनातन धर्म]] के प्रमुख देवताओं में से एक हैं जिनको [[नारायण]] और '''हरि''' के नाम से भी जाना जाता है। विष्णु को जगत का पालनकर्ता माना जाता है, जब अधर्म और पाप बढ़ता है तब वे अवतार लेते हैं। [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णववाद]] के भीतर सर्वोच्च हैं, जो समकालीन [[हिन्दू धर्म]] के भीतर प्रमुख परंपराओं में से एक है। हिन्दू धर्म के आधारभूत ग्रन्थों में बहुमान्य पुराणानुसार भगवान विष्णु [[परमेश्वर]] के तीन मुख्य रूपों में से एक रूप हैं। पुराणों में [[त्रिमूर्ति]] भगवान विष्णु को विश्व या जगत का ''' पालनहार ''' कहा गया है। त्रिमूर्ति के अन्य दो रूप [[ब्रह्मा]] और [[शिव]] को माना जाता है। [[ब्रह्मा]] जी को जहाँ विश्व का सृजन करने वाला माना जाता है, वहीं [[शिव]] जी को संहारक माना गया है। मूलतः भगवान विष्णु, शिव तथा ब्रह्मा भी एक ही हैं यह मान्यता भी बहुशः स्वीकृत रही है। न्याय को प्रश्रय अन्याय के विनाश तथा जीव (मानव) को परिस्थिति के अनुसार उचित मार्ग-ग्रहण के निर्देश हेतु विभिन्न रूपों में अवतार ग्रहण करनेवाले के रूप में भगवान विष्णु मान्य रहे हैं। [[कल्कि]] अवतार १०वां (अन्तिम) अवतार है। जब भी दुनिया को बुराई, अराजकता और विनाशकारी शक्तियों से संकट उत्पन्न है, तो विष्णु ब्रह्मांडीय व्यवस्था को बहाल करने और धर्म की रक्षा के लिए अवतार के रूप में अवतरित होते हैं। दशावतार विष्णु के दस प्राथमिक अवतार हैं। इन दस में से राम और कृष्ण सबसे महत्वपूर्ण हैं।<ref>{{Cite book|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich Robert|last2=Campbell|first2=Joseph|date=2015|publisher=Princeton University Press|isbn=978-0-691-01778-5|series=Works by Heinrich Zimmer|location=Princeton}}</ref> पुराणानुसार भगवान विष्णु की पत्नी देवी [[लक्ष्मी]] हैं। पौराणिक कथा के अनुसार [[तुलसी]] भी भगवान् विष्णु को लक्ष्मी के समान ही प्रिय है<ref>ब्रह्मवैवर्तपुराणम्, प्रकृति खण्ड-२१-३१, हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग, तृतीय संस्करण, पूर्वभाग, पृष्ठ-346.</ref> और इसलिए उसे 'विष्णुप्रिया' के रूप में मान्यता प्राप्त है। भगवान विष्णु का निवास क्षीरसागर है। उनका शयन शेषनाग के ऊपर है। उनकी नाभि से कमल उत्पन्न होता है जिसमें ब्रह्मा जी स्थित हैं। वह अपने नीचे वाले बाएँ हाथ में पद्म [कमल]), अपने नीचे वाले दाहिने हाथ में [[गदा]] (कौमोदकी) ,ऊपर वाले बाएँ हाथ में [[शंख]] ([[पाञ्चजन्य]]) और अपने ऊपर वाले दाहिने हाथ में चक्र(सुदर्शन) धारण करते हैं। == शब्द-व्युत्पत्ति और अर्थ == 'विष्णु' शब्द की व्युत्पत्ति मुख्यतः 'विष्' धातु से ही मानी गयी है। ('विष्' या 'विश्' धातु लैटिन में - vicus और सालविक में vas -ves का सजातीय हो सकता है।) [[निरुक्त]] (12.18) में यास्काचार्य ने मुख्य रूप से 'विष्' धातु को ही 'व्याप्ति' के अर्थ में लेते हुए उससे 'विष्णु' शब्द को निष्पन्न बताया है।<ref>(क)हिन्दी निरुक्त (निघण्टु सहित) - पं.सीताराम शास्त्री; मुन्शीराम मनोहरलाल दिल्ली, संस्करण-अनुल्लिखित, पृ.-500.(उत्तर षटक-12-18).(ख)निरुक्त (भाषा भाष्य) - पं.राजाराम; बाॅम्बे मैशीन प्रेस, लाहौर; प्रथम संस्करण-1914, पृ.535.</ref> वैकल्पिक रूप से 'विश्' धातु को भी 'प्रवेश' के अर्थ में लिया गया है, 'क्योंकि वह विभु होने से सर्वत्र प्रवेश किया हुआ होता है।<ref>पूर्ववत्,नि.12.18.</ref> आदि शंकराचार्य ने भी अपने विष्णुसहस्रनाम-भाष्य में 'विष्णु' शब्द का अर्थ मुख्यतः व्यापक (व्यापनशील) ही माना है<ref>विष्णुसहस्रनाम, सानुवाद शांकरभाष्य सहित; गीताप्रेस गोरखपुर; संस्करण-1999ई., पृ.7 एवं 66.(श्लोक-6 एवं 14 का भाष्य)</ref>, तथा उसकी व्युत्पत्ति के रूप में स्पष्टतः लिखा है कि "व्याप्ति अर्थ के वाचक नुक् प्रत्ययान्त 'विष्' धातु का रूप 'विष्णु' बनता है"।<ref>पूर्ववत्-पृ.66.</ref> 'विश्' धातु को उन्होंने भी विकल्प से ही लिया है और लिखा है कि "अथवा नुक् प्रत्ययान्त 'विश्' धातु का रूप विष्णु है; जैसा कि विष्णुपुराण में कहा है-- 'उस महात्मा की शक्ति इस सम्पूर्ण विश्व में प्रवेश किये हुए हैं; इसलिए वह विष्णु कहलाता है, क्योंकि 'विश्' धातु का अर्थ प्रवेश करना है"।<ref>पूर्ववत्-पृ.66.तथा विष्णुपुराण-3.1.45.(गीताप्रेस गोरखपुर; संस्करण-2001ई.)</ref> ऋग्वेद के प्रमुख भाष्यकारों ने भी प्रायः एक स्वर से 'विष्णु' शब्द का अर्थ व्यापक (व्यापनशील) ही किया है। विष्णुसूक्त (ऋग्वेद-1.154.1 एवं 3) की व्याख्या में आचार्य सायण 'विष्णु' का अर्थ व्यापनशील (देव) तथा सर्वव्यापक करते हैं;<ref>(क)ऋग्वेद संहिता (पदपाठ, सायण भाष्य एवं पं.रामगोविन्द त्रिवेदी कृत हिन्दी अनुवाद सहित) - चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी; संस्करण-2007 ई.(खण्ड-2)पृ.196,198.;(ख)ऋग्वेदसंहिता (सायण भाष्य एवं भाष्यानुवाद सहित) - चौखम्बा कृष्णदास अकादमी, वाराणसी; संस्करण-2013 ई.,(खण्ड-2)पृ.786,788.</ref> तो श्रीपाद दामोदर सातवलेकर भी इसका अर्थ व्यापकता से सम्बद्ध ही लेते हैं।<ref>ऋग्वेद का सुबोध भाष्य, भाग-2, श्रीपाद दामोदर सातवलेकर; स्वाध्याय मण्डल, किल्ला पारडी, वलसाड (गुजरात);(प्रथम खण्ड)संस्करण-अनुल्लिखित., पृ.403.</ref> महर्षि दयानन्द सरस्वती ने भी 'विष्णु' का अर्थ अनेकत्र सर्वव्यापी परमात्मा किया है<ref>ऋग्वेद (दयानन्द भाष्य) भाग-1- महर्षि दयानन्द सरस्वती; आर्य प्रकाशन, दिल्ली; संस्करण-2011 ई.,पृ.781-783.</ref> और कई जगह परम विद्वान् के अर्थ में भी लिया है।<ref>पूर्ववत्-पृ.789; '''[इस आलेख में आगे भी 'ऋग्वेद,पूर्ववत्' से पूर्वलिखित चारों संस्करण अभिलक्षित होंगे।]'''</ref> इस प्रकार सुस्पष्ट परिलक्षित होता है कि 'विष्णु' शब्द 'विष्' धातु से निष्पन्न है और उसका अर्थ व्यापनयुक्त (सर्वव्यापक) है। == ऋग्वेद में विष्णु == वैदिक देव-परम्परा में सूक्तों की सांख्यिक दृष्टि से विष्णु का स्थान गौण है क्योंकि उनका स्तवन मात्र 5 सूक्तों में किया गया है; लेकिन यदि सांख्यिक दृष्टि से न देखकर उनपर और पहलुओं से विचार किया जाय तो उनका महत्त्व बहुत बढ़कर सामने आता है।<ref>वैदिक देवशास्त्र (मैकडाॅनल रचित 'वैदिक माइथोलाॅजी') अनुवादक- डाॅ.सूर्यकान्त; मेहरचन्द लछमनदास, नई दिल्ली, प्रथम संस्करण-1961, पृ.84.</ref> ऋग्वेद में उन्हें 'बृहच्छरीर' (विशाल शरीर वाला), युवाकुमार आदि विशेषणों से ख्यापित किया गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.155.2.</ref> ऋग्वेद में उल्लिखित विष्णु के स्वरूप एवं वैशिष्ट्यों का अवलोकन निम्नांकि बिन्दुओं में किया जा सकता है :- === लोकत्रय के शास्ता : तीन पाद-प्रक्षेप === विष्णु की अनुपम विशेषता उनके तीन पाद-प्रक्षेप हैं, जिनका ऋग्वेद में बारह बार उल्लेख मिलता है। सम्भवतः यह उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। उनके तीन पद-क्रम मधु से परिपूर्ण कहे गये हैं, जो कभी भी क्षीण नहीं होते। उनके तीन पद-क्रम इतने विस्तृत हैं कि उनमें सम्पूर्ण लोक विद्यमान रहते हैं (अथवा तदाश्रित रहते हैं)। ‘त्रेधा विचक्रमाणः’ भी प्रकारान्तर से उनके तीन पाद-प्रक्षेपों को ध्वनित करता है। ‘उरुगाय’ और ‘उरुक्रम’ आदि पद भी उक्त तथ्य के परिचायक हैं। मधु से आपूरित उनके तीन पद-क्रम में से दो दृष्टिगोचर हैं, तीसरा सर्वथा अगोचर। इस तीसरे सर्वोच्च पद को पक्षियों की उड़ान और मर्त्य चक्षु के उस पार कहा गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.155.5.</ref> यास्क के पूर्ववर्ती शाकपूणि इन तीन पाद-प्रक्षेपों को ब्रह्माण्ड के तीन भागों-- पृथ्वी, अन्तरिक्ष और द्युलोक में सूर्य की संचार गति के प्रतीक मानते हैं।<ref>(क)हिन्दी निरुक्त (निघण्टु सहित) - पं.सीताराम शास्त्री; मुन्शीराम मनोहरलाल दिल्ली, संस्करण-अनुल्लिखित, पृ.-502.(उत्तर षटक-12-19).(ख)निरुक्त (भाषा भाष्य) - पं.राजाराम; बाॅम्बे मैशीन प्रेस, लाहौर; प्रथम संस्करण-1914, पृ.535-536. (12-19).</ref> यास्क के ही पूर्ववर्ती और्णवाभ उन्हें सूर्य के उदय, मध्याकाश में स्थिति तथा अस्त का वाची मानते हैं।<ref>पूर्ववत्, नि.12-19.</ref> तिलक महोदय इनसे वर्ष के त्रिधाविभाजन (प्रत्येक भाग में 4 महीने) का संकेत मानते हैं।<ref>THE ARCTIC HOME IN THE VEDAS, Messrs Tilak Bros, Poona, 1956, chapter-XII, p.304-305.</ref> यदि देखा जाय तो अधिकांश विद्वान् विष्णु को सूर्य-वाची मान कर उदयकाल से मध्याह्न पर्यन्त उसका एक पादप्रक्षेप, मध्याह्न से अस्तकाल पर्यन्त द्वितीय पादप्रक्षेप और अस्तकाल से पुनः अग्रिम उदयकाल तक तृतीय पाद-प्रक्षेप स्वीकारते हैं। इन्हीं पूर्वोक्त दो पाद-प्रक्षेपों को दृष्टिगोचर और तीसरे को अगोचर कहा गया है। लेकिन मैकडाॅनल सहित अन्य अनेक विद्वानों का भी कहना है कि इस अर्थ में तीसरे चरण को 'सर्वोच्च' कैसे माना जा सकता है? इसलिए वे लोग पूर्वोक्त शाकपूणि की तरह तीन चरणों को सौर देवता के तीनों लोकों में से होकर जाने का मार्ग मानते हैं।<ref>वैदिक देवशास्त्र (मैकडाॅनल रचित 'वैदिक माइथोलाॅजी') अनुवादक- डाॅ.सूर्यकान्त; मेहरचन्द लछमनदास, नई दिल्ली, प्रथम संस्करण-1961, पृ.85.</ref> सूर्य की कल्पना का ही समर्थन करते हुए मैकडानल ने विष्णु द्वारा अपने 90 अश्वों के संचालित किये जाने का उल्लेख किया है, जिनमें से प्रत्ये के चार-चार नाम हैं। इस प्रकार 4 की संख्या से गुणीकृत 90 अर्थात् 360 अश्वों को वे एक सौर वर्ष के दिनों से अभिन्न मानते हैं। वस्तुतः विष्णु के दो पदों से सम्पूर्ण विश्व की नियन्त्रणात्मकता तथा तीसरे पद से उनका परम धाम अर्थात् उनकी प्राप्ति संकेतित है। स्वयं ऋग्वेद में ही इन तीन पदों की रहस्यात्मक व्याख्या की गयी है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-7.99.2.</ref> इसलिए इस पद को ज्ञानात्मक मानकर ऋग्वेद में ही स्पष्ट कहा गया है कि विष्णु का परम पद ज्ञानियों द्वारा ही ज्ञातव्य है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.22.20.</ref> === विष्णु-धाम अर्थात् विष्णु का प्रिय आवास (वैकुण्ठ) === वैसे तो विष्णु को वाणी में निवास करने वाला भी माना जाता है, किन्तु उनका परम प्रिय आवास स्थल 'पाथः' ऋग्वेद में बहुचर्चित है। आचार्य सायण ने ‘गिरि’ पद को श्लिष्ट मानकर उसका अर्थ 'वाणी' के साथ-साथ लाक्षणिक रूप में ‘पर्वत के समान उन्नत लोक’ भी किया है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.154.2,3 पर सायण-भाष्य।</ref> 'गिरि' को यदि इन दोनों अर्थों में स्वीकृत कर लिया जाय तो समस्या का समाधान हो जाता है। विष्णु का तीसरा पद जहाँ पहुँचता है वही उनका आवास स्थान है। विष्णु का लोक ‘परम पद’ है अर्थात् गन्तव्य रूपेण वह सर्वोत्कृष्ट लोक है। उस ‘परम पद’ की विशेषता यह है कि वह अत्यधिक प्रकाश से युक्त है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.154.6.</ref> वहाँ अनेक शृंगों वाली गायें (अथवा किरणें) संचरण किया करती हैं। ‘गावः’ यहाँ श्लिष्ट पद की तरह है। श्लेष से उसका अर्थ ‘गायें’ करने पर वहाँ दुग्ध आदि भौतिक पुष्टि का प्राचुर्य एवं ‘किरणें’ करने पर वहाँ प्रकाश अर्थात् आत्मिक उन्नति का बाहुल्य सहज ही अनुमेय है। विष्णु के ‘परम पद’ में मधु का स्थायी उत्स (= स्रोत) है।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5.</ref> यह ‘मधु’ देवताओं को भी आनन्दित करनेवाला है। इस श्लिष्ट पद का जो भी अर्थ किया जाय पर वह हर स्थिति में परमानन्द का वाचक है, जिसके लिए देवता सहित समस्त प्राणी अभिलाषी भी रहते हैं और प्रयत्नशील भी। इसलिए उक्त लोक की प्राप्ति की कामना सभी करते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5"/> उसी मंत्र में वहाँ पुण्यशाली लोगों का, तृप्ति (आनन्द, प्रसन्नता) का अनुभव करते हुए उल्लेख भी हुआ है। === विष्णु-इन्द्र युग्म अर्थात् इन्द्र-सखा === विष्णु की एक प्रमुख विशेषता उनका इन्द्र से मैत्रीभाव है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.22.19.</ref> इन्द्र के साहचर्य में ही उनके तीन पाद-प्रक्षेपों का प्रवर्तन होता है। इन्द्र के साथ मिलकर वह शम्बर दैत्य के 99 किलों का विनाश करते हैं।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-7.99.5.</ref> इसी प्रकार वह वृत्र के साथ संग्राम में भी इन्द्र की सहायता करते हैं। दोनों को कहीं-कहीं एक दूसरे की शक्तियों से युक्त भी बतलाया गया है। इस प्रकार विष्णु द्वारा सोमपान किया जाना और इन्द्र द्वारा तीन पाद-प्रक्षेप किया जाना भी वर्णित है। ऋग्वेद, मण्डल 6, सूक्त 69 में दोनों देवों का युग्मरूपेण स्तवन हुआ है। इसी प्रकार ऋग्वेद के मण्डल 5, सूक्त 87 में इन्द्र के सहचर मरुद्गणों के साथ उनकी सहस्तुति प्राप्त होती है। === परम वीर्यशाली === 'विष्' धातु से व्युत्पन्न विष्णु पद का शाब्दिक अर्थ ‘व्यापक, गतिशील, क्रियाशील अथवा उद्यम-शील’ होता है। अपने बल-विक्रम के ही कारण वे लोगों द्वारा स्तुत होते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3.</ref> === कुत्सितों के लिए भयकारक ===   अपने वीर्य (बल) अथवा वीर कर्मों के कारण वे शत्रुओं के भय का कारण हैं। उनसे लोग उसी प्रकार भयभीत रहते हैं, जिस प्रकार किसी पर्वतचारी सिंह से। ‘परमेश्वराद्भीतिः’ आदि श्रुति-वचनों से सामान्य जनों का भी उनसे भय करना सिद्ध हो जाता है। उनसे भयभीत होना अकारण नहीं है। वे कुत्सितों (शत्रुओं) का वध आदि हिंसाकर्म करने वाले हैं। यहाँ यह ध्यातव्य है कि वे कुत्सित हिंसादिकर्ता (कुचरः) का ही वध करते है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.2.</ref> इसलिए उनके लिए कहा गया है कि वे हत्यारे नहीं हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12">ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12.</ref> === व्यापक तथा अप्रतिहत गति वाले === विष्णु विस्तीर्ण, व्यापक और अप्रतिहत गति वाले हैं। ‘उरुगाय’ और ‘उरुक्रम’ आदि पद इस तथ्य के पोषक हैं। ‘उरुगाय’ का अर्थ आचार्य सायण द्वारा ‘महज्जनों द्वारा स्तूयमान’ अथवा ‘प्रभूततया स्तूयमान’<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.6, पर सायण-भाष्य।</ref> करने से भी विष्णु की महिमा विखण्डित नहीं होती। डाॅ.यदुनन्दन मिश्र का कहना है कि इस पद का अर्थ ‘विस्तीर्ण गति वाला’ करने के लिए हम इस लिए आग्रहवान् हैं, क्योंकि उसे ‘सभी लोकों में संचरण करने वाला’ कहा गया है।<ref>डाॅ.यदुनन्दन मिश्र, 'वेद-संचयनम्', चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी, संस्करण-1976, पृ.26.</ref> उनके पद-क्रम इतने सुदीर्घ होते हैं कि वे अपने तीन पाद-प्रक्षेपों से ही तीनों लोकों को नाप लेते हैं। === लोकोपकारक === विष्णु के तीन पद यदि सृष्टि करते हैं, स्थापन करते हैं, धारण करते हैं<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5.</ref> तो वहीं पर आश्रित जनों का पालन-पोषण भी किया करते हैं। लोगों को अपना भोग्य अन्नादि उन्हीं तीन पद-क्रमों के प्रसादस्वरूप प्राप्त होता है, जिससे कि वे परम तृप्ति का अनुभव किया करते हैं। जो लोग विष्णु की स्तुति करते हैं, उनका वे सर्वविध कल्याण करते हैं, क्योंकि उनके स्तवनादि कर्म से उसे परम स्फूर्ति मिलती है। इस प्रकार स्फूर्ति-प्रदायिनी स्तुति विष्णु तक पहुँचा पाने के लिये सभी लालायित रहते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3"/> वे वरिष्ठ दाता हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12"/> * त्रयात्मकता विष्णु के गुणों में भी त्रयात्मकता परिलक्षित होती है। वे तीन पद-क्रम वाले, तीन प्रकार की गति करने वाले, तीनों लोकों को नाप लेने वाले और लोकत्रय के धारक हैं। इसी प्रकार वह ‘त्रिधातु’<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4.</ref> अर्थात् सत्, रज और तम का समीकृत रूप अथवा पृथ्वी, जल और तेज से युक्त भी हैं। === सर्जक-पालक-संहारक === विष्णु पार्थिव लोकों का निर्माण और परम विस्तृत अन्तरिक्ष आदि लोकों का प्रस्थापन करने वाले हैं। वे स्वनिर्मित लोकों में तीन प्रकार की गति करने वाले हैं। उनकी ये तीन गतियाँ उद्भव, स्थिति और विलय की प्रतीक हैं। इस प्रकार जड़-जंगम सभी के वे निर्माता भी हैं, पालक भी और विनाशक भी। वे 'लोकत्रय का अकेला धारक' हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5"/> वे अपने तीन पाद-प्रक्षेपों से अकेले ही तीनों लोकों को नाप लेते हैं। लोकत्रय को नाप लेने से भी यह फलित होता है कि लोकत्रय अर्थात् वहाँ के समग्र प्राणी उनके पूर्ण नियंत्रण में हैं। विष्णु भ्रूण-रक्षक भी हैं। गर्भस्थ बीज की रक्षा के लिए और सुन्दर बालक की उत्पत्ति के लिए विष्णु की प्रार्थना की जाती है।उनके पालक स्वरूप पर स्पष्ट बल देने के कारण ऋग्वेद में अहोरात्र अग्निरूप में भी उन्हें 'विष्णुर्गोपा परमं पाति..'<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-3.55.10.</ref> अर्थात् सबके रक्षक-पालक कहा गया है। आचार्य सायण ऋग्वेद के अष्टम मण्डल के पच्चीसवें सूक्त के बारहवें मन्त्र की व्याख्या में भी विष्णु को स्पष्ट रूप से 'पालन से युक्त' मानते हैं।.... इसलिए समग्र परिप्रेक्ष्य में ऋग्वेद में विष्णु को परम हितैषी कहा गया है।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5"/> === सर्वोच्चता === सर्वाधिक मन्त्रों में वर्णित होने के बावजूद इन्द्र को 'सुकृत' और विष्णु को 'सुकृत्तरः' कहा गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.156.5.</ref> 'सुकृत्तरः' का आचार्य सायण ने 'उत्तम फल प्रदान करने वालों में श्रेष्ठ' अर्थ किया है; श्रीपाद सातवलेकर जी ने 'उत्तम कर्म करने वालों में सर्वश्रेष्ठ' अर्थ किया है और महर्षि दयानन्द सरस्वती जी ने भी 'अतीव उत्तम कर्म वाला' अर्थ किया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्, उक्त मंत्र का चारों संस्करणों में संबद्ध भाष्य द्रष्टव्य।</ref> इन्द्र 'सुकृत' (उत्तम कर्म करने वाला) है तो विष्णु 'सुकृत्तरः' (उत्तम कर्म करने वालों में सर्वश्रेष्ठ) हैं। तात्पर्य स्पष्ट है कि ऋग्वेद में ही यह मान लिया गया है कि विष्णु सर्वोच्च हैं। इसी प्रकार इन्द्र के राजा होने के बावजूद विष्णु की सर्वोच्चता ऋग्वेद में ही इस बात से भी स्पष्ट हो जाती है कि उसमें विष्णु के लिए कहा गया है कि "वे सम्पूर्ण विश्व को अकेले धारण करते हैं"<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4"/> तथा इन्द्र के लिए कहा गया है कि वे राज्य (संचालन) करते हैं<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.81.5.</ref>। तात्पर्य स्पष्ट है कि सृष्टि के सर्जक एवं पालक विष्णु ने संचालन हेतु इन्द्र को राजा बनाया है। इस सुसन्दर्भित परिप्रेक्ष्य में विष्णु की सर्वोच्चता से सम्बद्ध ब्राह्मण ग्रन्थों एवं बाद की पौराणिक मान्यताएँ भी स्वतः उद्भासित हो उठती हैं। == ब्राह्मणों में विष्णु == ब्राह्मण-युग में यज्ञ-संस्था का विपुल विकास हुआ और इसके साथ ही देवमंडली में विष्णु का महत्त्व भी पहले की अपेक्षा अधिकतर हो गया। ऐतरेय ब्राह्मण के आरम्भ में ही यज्ञ में स्थान देने के क्रम में अग्नि से आरम्भ कर विष्णु के स्थान को 'परम' कहा गया है। इनके मध्य अन्य देवताओं का स्थान है।<ref>ऐतरेय ब्राह्मणम्-1.1 (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-2007(प्रथम खण्ड), पृ.12,13(भूमिकादि के पश्चात्)।</ref> इस तरह स्पष्ट रूप से वैदिक संहिता ग्रन्थों में सर्वप्रमुख स्थान प्राप्त अग्नि की अपेक्षा विष्णु को अत्युच्च स्थान दिया गया है। वस्तुतः विष्णु को महत्तम तो ऋग्वेद में भी माना ही गया है, पर वर्णन की अल्पता के कारण वहाँ उनका स्थान गौण लगता है। ब्राह्मण ग्रन्थों में स्पष्ट कथन के द्वारा उन्हें सर्वोच्च पद दिया गया है। यह श्रेष्ठता इस कथा से भी स्पष्ट होती है कि विष्णु ने अपने तीन पगों द्वारा असुरों से पृथ्वी, वेद तथा वाणी सब छीनकर इन्द्र को दे दी।<ref>(क)ऐतरेय ब्राह्मणम्-6.3.15 (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-1983ई.(द्वितीय खण्ड), पृ.968,969. (ख)शतपथ ब्राह्मण (प्रथम भाग) - सं. स्वामी सत्यप्रकाश सरस्वती, अनुवादक- पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय; विजयकुमार गोविन्दराम हासानन्द, दिल्ली; संस्करण-2010 ई. पृ.188-189(1.9.3.9)</ref> वैदिक विष्णु के तीन पगों का यह ब्राह्मणों में कथात्मक रूपान्तरण है; और इसी के साथ विष्णु की सर्वश्रेष्ठता भी ब्राह्मण युग में ही स्पष्ट हो गयी। ऐतरेय ब्राह्मण स्पष्ट रूप से विष्णु को द्वारपाल की तरह देवताओं का सर्वथा संरक्षक मानता है।<ref>ऐतरेय ब्राह्मणम्-1.5.4/1.30. (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-2007(प्रथम खण्ड), पृ.186.</ref> विष्णु वास्तव मे परम तत्व है, इसीलिए वाल्मीकि ने इनके ग्रंथो का वर्णन किया है और वास्तव मे प्राचीन समय मे वर्ण प्रमुख थे सबको समान अधिकार और सम्मान था।कुछ लोग इन्हें ब्राह्मण भी मानते है, कुछ क्षत्रिय, कुछ वैश्य, कुछ शूद्र वास्तव मे शिव और विष्णु और ब्रह्मा तीन ही प्रमुख देवता है। विष्णु ने हमेशा कमजोरो का भला किया है और हमेशा उनसे प्यार किया है चाहे वो शबरी हो केवट हो, हनुमान हो यें सभी दिन है। उन्हीने राक्षसों से हमेशा सामान्य जन की रक्षा की है वो प्रजा के परम हितेषी थे और ख़ुद भी उनके मध्य ही रहते है। == पौराणिक मान्यताएँ == ऋग्वेद तथा ब्राह्मणों में उपलब्ध संकेतों का पुराणों में पर्याप्त परिवर्धन हुआ-- कथात्मक भी, विवरणात्मक भी और व्याख्यात्मक भी। पुराणों ने इस जगत के मूल में वर्तमान, नित्य, अजन्मा, अक्षय, अव्यय, एकरस तथा हेय के अभाव से निर्मल परब्रह्म को ही विष्णु संज्ञा दी है। वे (विष्णु) 'परानां परः' (प्रकृति से भी श्रेष्ठ), अन्तरात्मा में अवस्थित परमात्मा, परम श्रेष्ठ तथा रूप, वर्ण आदि निर्देशों तथा विशेषण से रहित (परे) हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.10.</ref> वे जन्म, वृद्धि, परिणाम, क्षय और नाश -- इन छह विकारों से रहित हैं। वे सर्वत्र व्याप्त हैं और समस्त विश्व का उन्हीं में वास है; इसीलिए विद्वान् उन्हें 'वासुदेव' कहते हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.12; तथा महाभारत, शान्तिपर्व-341.41 (सटीक, छह खण्डों में, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-1996ई.</ref> जिस समय दिन, रात, आकाश, पृथ्वी, अन्धकार, प्रकाश तथा इनके अतिरिक्त भी कुछ नहीं था, उस समय एकमात्र वही प्रधान पुरुष परम ब्रह्म विद्यमान थे, जो कि इन्द्रियों और बुद्धि के विषय (ज्ञातव्य) नहीं हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.23.</ref> सृष्टि के आरम्भ में ब्रह्मा जी को विष्णु जी ने जो मूल ज्ञानस्वरूप चतुःश्लोकी भागवत सुनाया था, उसमें भी यही भाव व्यक्त हुआ है -- सृष्टि के पूर्व केवल मैं ही मैं था। मेरे अतिरिक्त न स्थूल था न सूक्ष्म और न दोनों का कारण अज्ञान। जहाँ यह सृष्टि नहीं है, वहाँ मैं ही मैं हूँ और इस सृष्टि के रूप में जो प्रतीत हो रहा है, वह भी मैं ही हूँ और जो कुछ बच रहेगा, वह भी मैं ही हूँ।<ref>भागवत महापुराण-2.9.32 (सटीक, दो खण्डों में, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2001ई.</ref> इन सन्दर्भों से विष्णु की सर्वोच्चता तथा सर्वनियन्ता होने की भावना स्पष्ट परिलक्षित होती है। माना गया है कि विष्णु के दो रूप हुए। प्रथम रूप-- प्रधान पुरुष और दूसरा रूप 'काल' है। ये ही दोनों सृष्टि और प्रलय को अथवा प्रकृति और पुरुष को संयुक्त और वियुक्त करते हैं। यह काल रूप भगवान् अनादि तथा अनन्त हैं; इसलिए संसार की उत्पत्ति, स्थिति और प्रलय भी कभी नहीं रुकते।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.26.</ref> वैष्णवों के सिरमौर तथा 'पुराणों का तिलक'<ref>पद्मपुराण, उत्तर खण्ड-194.85 (आनन्दाश्रम मुद्रणालय, भाग-4, संस्करण-1894ई., पृ.1614; तथा संक्षिप्त पद्मपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2001ई.पृ.868.</ref> के रूप में मान्य भागवत महापुराण में सृष्टि की उत्पत्ति के प्रसंग में कहा गया है कि सृष्टि करने की इच्छा होने पर एकार्णव में सोये (एकमात्र) विष्णु की नाभि से कमल का प्रादुर्भाव हुआ और उसमें समस्त गुणों को आभासित करने वाले स्वयं विष्णु के ही अन्तर्यामी रूप से प्रविष्ट होने से स्वतः वेदमय [[ब्रह्मा]] का प्रादुर्भाव हुआ।<ref>भाग., पूर्ववत्-3.8.15.</ref> इसी प्रकार अधिकांश पुराणों में विष्णु को परम ब्रह्म के रूप में स्वीकार किया गया है। उनसे सम्बद्ध कथाओं से पुराण भरे पड़े हैं। पालनकर्ता होने के कारण उन्हें जागतिक दृष्टि से यदा-कदा विविध '''प्रपंचों''' का भी सहारा लेना पड़ता है। असुरों के द्वारा राज्य छीन लेने पर पुनः स्वर्गाधिपत्य-प्राप्ति हेतु देवताओं को समुद्र-मंथन का परामर्श देते हुए असुरों से '''छल''' करने का सुझाव देना;<ref>भाग.पूर्ववत्-8.6.20.</ref> तथा कामोद्दीपक [[मोहिनी अवतार|मोहिनी]] रूप धारणकर असुरों को मोहित करके देवताओं को अमृत पिलाना;<ref>भाग.पूर्ववत्-8.9.</ref> शंखचूड़ (जलंधर) के वध हेतु तुलसी (वृन्दा) का सतीत्व भंग करने सम्बन्धी देवीभागवत<ref>देवीभागवत (सटीक, दो खण्डों में), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2010ई.(नवम स्कन्ध, अध्याय-23,24).</ref> तथा शिवपुराण<ref>शिवपुराण, रुद्रसंहिता, अध्याय-41 (संक्षिप्त शिवपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2000ई.,पृ.382,383).</ref> जैसे उपपुराणों में वर्णित कथाओं में विष्णु का छल-प्रपंच द्रष्टव्य है। इस सम्बन्ध में यह अनिवार्यतः ध्यातव्य है कि पालनकर्ता होने के कारण वे परिणाम देखते हैं। किन्हीं वरदानों से असुरों/अन्यायियों के बल-विशिष्ट हो जाने के कारण यदि छल करके भी अन्यायी का अन्त तथा अन्याय का परिमार्जन होता है तो वे छल करने से भी नहीं हिचकते। रामावतार में छिपकर बाली को मारना तथा कृष्णावतार में महाभारत युद्ध में अनेक छलों का विधायक बनना उनके इसी दृष्टिकोण का परिचायक है। छिद्रान्वेषी लोग इन्हीं कथाओं का उपयोग मनमानी व्याख्या करके ईश्वर-विरोध के रूप में करते हैं। परन्तु, इन्हें सान्दर्भिक ज्ञान की दृष्टि से देखना इसलिए आवश्यक है क्योंकि पुराणों या तत्सम्बन्धी ग्रन्थों में ये प्रसंग विपरीत स्थितियों में सामान्य से इतर विशिष्ट कर्तव्य के ज्ञान हेतु ही उपस्थापित किये गये हैं। ध्यातव्य है कि पुराणों में तात्त्विक ज्ञान को ही ब्रह्म, परमात्मा और भगवान् कहा गया है।<ref>भाग.पूर्ववत्-1.2.11.</ref> == विष्णु का स्वरूप == विष्णु का सम्पूर्ण स्वरूप ज्ञानात्मक है। पुराणों में उनके द्वारा धारण किये जाने वाले आभूषणों तथा आयुधों को भी प्रतीकात्मक माना गया है :- # कौस्तुभ मणि = जगत् के निर्लेप, निर्गुण तथा निर्मल क्षेत्रज्ञ स्वरूप का प्रतीक # श्रीवत्स = प्रधान या मूल प्रकृति # गदा = बुद्धि # शंख = पंचमहाभूतों के उदय का कारण तामस अहंकार # शार्ङ्ग (धनुष) = इन्द्रियों को उत्पन्न करने वाला राजस अहंकार # सुदर्शन चक्र = सात्विक अहंकार # वैजयन्ती माला = पंचतन्मात्रा तथा पंचमहाभूतों का संघात [वैजयन्ती माला मुक्ता, माणिक्य, मरकत, इन्द्रनील तथा हीरा -- इन पाँच रत्नों से बनी होने से पंच प्रतीकात्मक] # बाण = ज्ञानेन्द्रिय तथा कर्मेन्द्रिय। # खड्ग = विद्यामय ज्ञान {जो अज्ञानमय कोश (म्यान) से आच्छादित रहता है।} इस प्रकार समस्त सृजनात्मक उपादान तत्त्वों को विष्णु अपने शरीर पर धारण किये रहते हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.22.68से75.</ref> श्रीविष्णु की आकृति से सम्बन्धित स्तुतिपरक एक श्लोक अतिप्रसिद्ध है :- '''''शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्।''''' '''''विश्वाधारं गगनसदृशं मेघ वर्णं शुभाङ्गम्।।''''' '''''लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्।''''' '''''वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।।''''' भावार्थ - जिनकी आकृति अतिशय शांत है, जो शेषनाग की शैया पर शयन किये हुए हैं, जिनकी नाभि में कमल है, जो ‍देवताओं के भी ईश्वर और संपूर्ण जगत् के आधार हैं, जो आकाश के सदृश सर्वत्र व्याप्त हैं, नीलमेघ के समान जिनका वर्ण है, अतिशय सुंदर जिनके संपूर्ण अंग हैं, जो योगियों द्वारा ध्यान करके प्राप्त किये जाते हैं, जो संपूर्ण लोकों के स्वामी हैं, जो जन्म-मरण रूप भय का नाश करने वाले हैं, ऐसे लक्ष्मीपति, कमलनेत्र भगवान् श्रीविष्णु को मैं प्रणाम करता हूँ। == विष्णु-शिव एकता == वेदांत दर्शन के विभिन्न सम्प्रदायों में विष्णु और शिव की भूमिका को लेकर भिन्न दृष्टिकोण हैं। अद्वैत, विशिष्टाद्वैत, और द्वैत तीन प्रमुख सम्प्रदाय हैं जो इस विषय पर अपने-अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। '''अद्वैत (स्मार्त) दृष्टिकोण''': अद्वैत वेदांत, जिसे आदि शंकराचार्य ने प्रतिपादित किया, मानता है कि सभी देवता एक ही ब्रह्म के विभिन्न रूप हैं। अद्वैत के अनुसार, विष्णु और शिव दोनों ही परम सत्य ब्रह्म के विभिन्न अभिव्यक्तियाँ हैं। अद्वैत दर्शन में अंतिम उद्देश्य ब्रह्म की अद्वैत स्थिति की प्राप्ति है, और इस संदर्भ में विष्णु और शिव दोनों ही समान रूप से पूजनीय हैं। '''विशिष्टाद्वैत (श्री सम्प्रदाय) दृष्टिकोण''': विशिष्टाद्वैत वेदांत, जिसे रामानुज ने प्रतिपादित किया, मानता है कि विष्णु ही सर्वोच्च परमात्मा हैं, जिनके अनंत शुभ गुण हैं। इस दर्शन के अनुसार, भगवान विष्णु ही ईश्वर हैं, और वह जगत का कारण, पालनकर्ता और संहारकर्ता है। विशिष्टाद्वैत मानता है कि शिव एक देवता हैं, वे विष्णु के अधीन हैं और उनकी दिव्य लीला का हिस्सा हैं। इस सम्प्रदाय में, विष्णु और उनके अवतारों की भक्ति सर्वोच्च मानी जाती है, और जीवात्मा का अंतिम उद्देश्य विष्णु के साथ भक्ति और सेवा के माध्यम से संबंध स्थापित करना है। रामानुज के सिद्धांतों में, विष्णु की भक्ति के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताया गया है, जिसमें शिव का स्थान महत्वपूर्ण है लेकिन विष्णु के समकक्ष नहीं। '''द्वैत (माध्व सम्प्रदाय) दृष्टिकोण:''' द्वैत वेदांत, जिसे माध्वाचार्य ने स्थापित किया, विष्णु और जीवात्माओं के बीच अनंत भिन्नता पर जोर देता है। इस दृष्टिकोण में, विष्णु को सर्वोच्च भगवान माना जाता है, जबकि शिव को एक शक्तिशाली देवता के रूप में देखा जाता है, जो विष्णु से अलग हैं। द्वैत दर्शन में विष्णु की सर्वोच्चता को प्रमुखता दी जाती है, और शिव की भूमिका महत्वपूर्ण लेकिन विष्णु से भिन्न मानी जाती है। माध्व सम्प्रदाय में विष्णु की भक्ति और सेवा को ही मोक्ष का एकमात्र साधन माना जाता है। == भगवान विष्णू की उत्पत्ती कैसे हुई == 'अवतार' का शाब्दिक अर्थ है भगवान् का अपनी स्वातंत्र्य-शक्ति के द्वारा भौतिक जगत् में मूर्त रूप से आविर्भाव होना, प्रकट होना।<ref>हिन्दी विश्वकोश,प्रथम खण्ड, नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी; संस्करण-1973ई.,पृ.277.</ref> अवतार की सिद्धि दो दशाओं में मानी जाती है -- एक तो अपने रूप का परित्याग कर कार्यवश नवीन रूप का ग्रहण; तथा दूसरा नवीन जन्म ग्रहण कर सम्बद्ध रूप में आना, जिसमें माता के गर्भ में उचित काल तक एक स्थिति की बात भी सन्निविष्ट है।<ref>पुराण-विमर्श, आचार्य बलदेव उपाध्याय, चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी; संस्करण-2002ई.,पृ.163.</ref> इसमें अत्यल्प समय के लिए रूप बदलकर या किसी दूसरे का रूप धारणकर पुनः अपने रूप में आ जाना शामिल नहीं होता। === अवतार का प्रयोजन === श्रीमद्भगवद्गीता के चतुर्थ अध्याय के सुप्रसिद्ध सातवें एवं आठवें श्लोक में भगवान् ने स्वयं अवतार का प्रयोजन बताते हुए कहा है कि -- जब-जब धर्म की हानि और अधर्म का उत्थान हो जाता है, तब-तब सज्जनों के परित्राण और दुष्टों के विनाश के लिए मैं विभिन्न युगों में (माया का आश्रय लेकर) उत्पन्न होता हूँ।<ref>श्रीमद्भगवद्गीतारहस्य, लो.बाल गंगाधर तिलक, अनुवादक-माधवरावजी सप्रे, प्रकाशक-दी.ज.तिलक,शै.श्री.तिलक, नारायण पेठ, पुणे; अट्ठाइसवाँ संस्करण-2006, पृ.446.(श्लोक-6 से 8 की टीका एवं संबद्ध टिप्पणी)।</ref> इसके अतिरिक्त भागवत महापुराण में एक विशिष्ट और अधिक उदात्त प्रयोजन की बात कही गयी है कि भगवान् तो प्रकृति सम्बन्धी वृद्धि-विनाश आदि से परे अचिन्त्य, अनन्त, निर्गुण हैं। तो यदि वे अवतार रूप में अपनी लीला को प्रकट नहीं करते तो जीव उनके अशेष गुणों को कैसे समझते? अतः जीवों के प्रेरणारूप कल्याण के लिए उन्होंने अपने को (अवतार रूप में) तथा अपनी लीला को प्रकट किया।<ref>भाग.,पूर्ववत्-10.29.14.</ref> इसलिए विभिन्न अवतार-कथाओं में कई विषम स्थितियाँ हैं जिससे जीव यह समझ सके कि परिस्थिति के अनुसार उचित मार्ग कैसा होता है! === अवतारों की संख्या === विष्णु के अवतारों की पहली व्यवस्थित सूची महाभारत में उपलब्ध होती है। महाभारत के शान्तिपर्व में अवतारों की कुल संख्या 10 बतायी गयी है (मूलपाठ) :- '''हंस: कूर्मश्च मत्स्यश्च प्रादुर्भावा द्विजोत्तम ॥''' '''वराहो नरसिंहश्च वामनो राम एव च। ''' '''रामो दाशरथिश्चैव सात्वत: कल्किरेव च ॥'''<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.104.</ref> अर्थात् (श्रीभगवान् स्वयं नारद से कहते हैं) हंस कूर्म मत्स्य वराह नरसिंह वामन परशुराम दशरथनन्दन राम यदुवंशी श्रीकृष्ण तथा कल्कि -- ये सब मेरे अवतार हैं। आगे यह भी कहा गया है कि ये भूत और भविष्य के सभी अवतार हैं।<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.108,109.</ref> मूलपाठ में वर्णन छह अवतारों का है :- 1.वराह 2.नरसिंह 3.वामन 4.परशुराम 5.राम 6.कृष्ण<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.77 से 102.</ref> चूँकि महाभारत बुद्ध के जन्म से पूर्व की अथवा बुद्ध के अवतारी होने की कल्पना से पहले की रचना है; अतः स्वाभाविक रूप से उसमें कहीं बुद्ध का नामोनिशान नहीं है। उसके बदले हंस को अवतार रूप में गिनने से दश की संख्या पूरी हो गयी है। महाभारत के दाक्षिणात्य पाठ में अवतार का वर्णन इस प्रकार है :- '''मत्स्यः कूर्मो वराहश्च नरसिंहश्च वामनः।''' '''रामो रामश्च रामश्च कृष्णः कल्की च ते दश॥'''<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.(पृ॰5350)</ref><ref>श्रीपद्ममहापुराणम्, हिन्दी टीकाकार- आचार्य शिवप्रसाद द्विवेदी, चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन, वाराणसी, प्रथम संस्करण-2016 ई॰, भाग-6, उत्तरखण्ड-II, 229.40-41 (पृ॰3720).</ref> यहाँ पूर्वोक्त अवतारों में से हंस को छोड़कर तीसरे राम अर्थात् बलराम को जोड़ देने से दश की संख्या पूरी हो गयी है। इस विवरण से एक बात प्रमाणित हो जाती है कि महाभारत-काल तक दश से अधिक अवतारों की कल्पना भी नहीं की गयी थी; अन्यथा उन दश अवतारों को 'भूत और भविष्य के भी सभी अवतार' नहीं कहा गया रहता। बाद में अन्य अवतारों की भी कल्पना प्रचलित हुई और कुल अवतारों की गणना चौबीस तक पहुँच गयीं।<ref>भागवत.,पूर्ववत्-1.3.6-25; तथा 2.7.1-38.</ref> === दशावतार === भागवत महापुराण में 22 तथा 24 अवतारों की गणना के बावजूद अवतारों की बहुमान्य संख्या महाभारत वाली दश ही रही है। पद्मपुराण (उत्तरखण्ड-257.40,41), लिंगपुराण (2.48.31,32), वराहपुराण (4.2), मत्स्यपुराण (2.85.6,7) आदि अनेक पुराणों में समान रूप से दश अवतारों की बात ही बतायी गयी है। अग्निपुराण के वर्णन (अध्याय-2से16)<ref>अग्निपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2002ई., पृ.2से28.</ref> में भी बिल्कुल वही क्रम है। इस सन्दर्भ का निम्नांकित श्लोक (नाममात्र के पाठ भेदों के साथ) प्रायः सर्वनिष्ठ है :- '''मत्स्यः कूर्मो वराहश्च नरसिंहोऽथ वामनः।''' '''रामो रामश्च कृष्णश्च बुद्धः कल्किश्च ते दश॥'''<ref>(क)पद्मपुराण, आनन्दाश्रम संस्करण, पूर्ववत्, उत्तरखण्ड-257.40-41; (ख)वराहपुराणम् (सटीक), डाॅ.सुरकान्त झा, चौखम्बा कृष्णदास अकादमी, वाराणसी; संस्करण-2014, पृ.18; (ग)लिंगमहापुराण (सटीक), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2014ई., उत्तरभाग-48.31-32. (पृ.742); (घ)मत्स्यपुराण (सटीक), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2004 ई., 285.6-7. (पृ.1060).</ref> इस प्रकार विष्णु के दश [[अवतार]] ही बहुमान्यता प्राप्त हैं। इनके संक्षिप्त विवरण इस प्रकार हैं : # '''[[मत्स्य अवतार|मत्स्यावतार]]''' : पूर्व कल्प के अन्त में ब्रह्मा जी की तन्द्रावस्था में उनके मुख से निःसृत वेद को [[हयग्रीवासुर|हयग्रीव]] दैत्य के द्वारा चुरा लेने पर भगवान् ने मत्स्यावतार लिया तथ [[मनु]] नामक राजा से कहा कि सातवें दिन प्रलयकाल आने पर समस्त बीजों तथा वेदों के साथ नौका पर बैठ जाएँ। उस समय सप्तर्षि के भी आ जाने पर भगवान् ने महामत्स्य के रूप में उस नौका को उन सबके साथ अनन्त जलराशि पर तैराते हुए उन सबको बचा लिया। पश्चात् [[हयग्रीवासुर|हयग्रीव]] को मारकर वेद वापस ब्रह्मा जी को दे दिया।<ref>भाग.पूर्ववत्-8.24.</ref> # '''[[कूर्म अवतार|कूर्मावतार]]''' : असुरराज बलि के नेतृत्व में असुरों द्वारा देवताओं को परास्त कर शासन-च्युत कर देने पर भगवान् ने देवताओं को असुरों के साथ मिलकर [[समुद्र मन्थन|समुद्र मंथन]] करने को कहा और जब मन्थन के समय मथानी (मन्दराचल) डूबने लगा तो कूर्म (कच्छप) रूप धारणकर उसे अपनी पीठ पर स्थित कर लिया। इसी मन्थन से [[चौदह रत्न]]ों की प्राप्ति हुई।<ref>भाग.पूर्ववत्-8.6,7.</ref> # '''[[वराहावतार]]''' : वराहावतार में भगवान् विष्णु ने महासागर (रसातल) में डुबायी गयी पृथ्वी का उद्धार किया।<ref>भाग.पूर्ववत्-1.3.7.</ref> वहीं भगवान ने हिरण्याक्ष नामक दैत्य का वध भी किया था।<ref>भाग.पूर्ववत्-2.7.1; तथा 7.1.40.</ref> # '''[[नरसिंह]]ावतार''' : हिरण्याक्ष के वध के बाद विष्णुविरोधी हिरण्यकशिपु ने तपस्या के द्वारा अद्भुत वर पाया और देवताओं को परास्त कर अपना अखण्ड साम्राज्य स्थापित कर भगवद्भक्तों पर भीषण अत्याचार करने लगा। अपने पुत्र प्रह्लाद को विष्णु-भक्त जानकर उसने उसका विचार बदलने का बहुत प्रयत्न किया लेकिन असफल होकर उसे मार डालना चाहा। तब अपने भक्त [[प्रह्लाद|प्रहलाद]] को अनेक तरह से भगवान् विष्णु ने बचाया तथा वरदान की शर्त निभाते हुए नरसिंह रूप में आकर हिरण्यकशिपु का वध कर डाला।<ref>भाग.,पूर्ववत्-7.3-8.</ref> # '''[[वामनावतार]]''' : प्रह्लाद के पौत्र, विरोचन के पुत्र असुर नरेश बलि द्वारा स्वर्गाधिपत्य प्राप्त कर लेने पर कश्यप जी के परामर्श से माता अदिति के पयोव्रत से प्रसन्न होकर भगवान् ने उनके घर जन्म लेकर [[वामनावतार|वामन]] रूप में बलि की यज्ञशाला में पधारकर तीन पग भूमि माँगी और फिर विराट रूप धारण कर दो पगों में पृथ्वी-स्वर्ग सब नापकर तीसरा पद रखने के लिए बलि द्वारा अपना सिर दिये जाने पर उसे सुतल लोक भेज दिया।<ref>भाग.,पूर्ववत्-8.15 से 23.</ref> # '''[[परशुराम]]ावतार''': अन्यायी क्षत्रियों और विशेषतः हैहयवंश का नाश करने के लिए भगवान् ने परशुराम के रूप में अंशावतार ग्रहण किया था। उन्होंने इस पृथ्वी को इक्कीस बार क्षत्रियहीन कर दिया।<ref>भाग., पूर्ववत्-9.15.14.</ref> ये महान् पितृभक्त थे। पिता की आज्ञा से इन्होंने अपनी माता का भी वध कर दिया था और पिता के प्रसन्न होकर वर माँगने के लिए कहने पर पुनः माता को जीवित करवा लिया था। अत्याचारी कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रार्जुन) के हजार हाथों को इन्होंने युद्ध में काट डाला था; और उसके पुत्रों द्वारा जमदग्नि ऋषि (परशुराम जी के पिता) को बुरी तरह घायल कर हत्या कर देने पर इन्होंने अत्यन्त क्रोधित होकर उन सबका वध करके इक्कीस बार पृथ्वी को क्षत्रियहीन करके उनके रक्त से समन्तपंचक क्षेत्र में पाँच कुण्ड भर दिये थे। फिर यज्ञ करके सारी पृथ्वी कश्यप जी को देकर महेन्द्र पर्वत पर चले गये।<ref>महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-116,117.तथा भाग.पूर्ववत्-9.16.</ref> # '''[[राम|रामावतार]]''': इस विश्व-विश्रुत अवतार में भगवान् ने महर्षि पुलस्त्य जी के पौत्र एवं मुनिवर विश्रवा के पुत्र रावण—जो कुयोगवश राक्षस हुआ<ref>वाल्मीकीय रामायण-7.9,(सटीक,खण्ड-2, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-1995ई.).</ref>—के द्वारा सीता का हरण कर लेने से वानर जातियों की सहायता से अनुचरों सहित रावण का वध करके आर्यावर्त को अन्यायी राक्षसों से मुक्त किया तथा आदर्श राज्य की स्थापना की। यह विशेष ध्यातव्य है कि मानवमात्र की प्रेरणा के लिए उच्चतम आदर्श-स्थापना का यह कार्य उन्होंने पूरी तरह मनुष्य-भाव से किया। रामकथा के लिए सर्वाधिक प्रमाणभूत एवं आधार ग्रन्थ वाल्मीकीय रामायण में राम का चरित्र समर्थ मानव-रूप में ही चित्रित है। युद्धादि के समापन के बाद जब सभी देवता उन्हें ब्रह्म मानकर उनकी स्तुति करते हैं, तब भी वे कहते हैं कि -- '''आत्मानं मानुषं मन्ये रामं दशरथात्मजम्।''' '''सोऽहं यश्च यतश्चाहं भगवांस्तद् ब्रवीतु मे॥'''<ref>वा.रा., पूर्ववत्-6.117.11.</ref> ''अर्थात् मैं तो अपने को दशरथपुत्र मनुष्य राम ही मानता हूँ। मैं जो हूँ और जहाँ से आया हूँ, हे भगवन् (ब्रह्मा)! वह सब आप ही मुझे बताइए।'' तब ब्रह्मा जी उन्हें सब बताते हैं। लीला के लिए ही सही, पर पूरी तरह मनुष्यता का यह आदर्श अनुपम है; और जो प्रेरणा इससे मिलती है वह स्वयं को हर समय सर्वशक्तिमान् परात्पर ब्रह्म मानते हुए लीला करने से (जैसा कि बाद की रामायणों में वर्णित है) कभी नहीं मिल सकती है। # '''[[कृष्ण|कृष्णावतार]]''': इस अवतार में भगवान् ने [[देवकी]] और [[वसुदेव]] के घर जन्म लिया था। उनका लालन पालन [[यशोदा]] और नंद ने किया था। इस अवतार में भगवान् ने विशिष्ट लीलाओं द्वारा सबको चकित करते हुए दुराचारी कंस का वध किया; और विख्यात महाभारत-युद्ध में गीता-उपदेश द्वारा अर्जुन को युद्ध हेतु तत्पर करके विभिन्न विषम उपायों का भी सहारा लेकर कौरवों के विध्वंश के बहाने पृथ्वी के लिए भारस्वरूप प्रायः समस्त राजाओं को ससैन्य नष्ट करवा दिया। यहाँ तक कि उनके बतलाये आदर्शों की अवहेलना कर मद्यपान में रमने वाले<ref>महाभारत, पूर्ववत्-1.2.355.</ref> यदुवंश का भी विनाश करवा दिया। श्रीकृष्ण ने यह शिक्षा दी कि जीवन की राह सीधी रेखा में ही नहीं चलती। धर्म और अधर्म का निर्णय परिस्थिति और अन्तिम परिणाम के आधार पर होता है, न कि परम्परा के आधार पर। श्रीकृष्ण की बहुत सी लीलाएँ अनुकरणीय नहीं, चिन्तन के योग्य हैं। राम का चरित्र अनुकरण के योग्य है। राम के चरित्र का अनुकरण करके कृष्ण-चरित्र को समझ सकें, इसी में ज्ञान की सार्थकता है। कृष्ण-चरित्र का वर्णन अनेक पुराणों में है। परन्तु महाभारत के अन्तर्गत आये अंशों के अतिरिक्त शेष बाल-लीला एवं अन्य लीलाओं का प्राचीन रूप हरिवंशपुराण में है; उसके बाद का रूप विष्णुपुराण में तथा सर्वथा परिष्कृत रूप [[भागवत पुराण|श्रीमद्भागवत पुराण]] के पूरे दशम स्कन्ध में है। # '''[[वेंकटेश्वर]]''': [[त्रिदेव|त्रिदेवों]] की परीक्षा लेने के उद्देश्य से महर्षि [[भृगु]] [[बैकुण्ठ]] जा पहुंचे जहां उन्होंने शेष शय्या पर निद्रामग्न भगवान विष्णु के [[वक्ष]] पर जोरदार लात मारी। इससे श्रीहरि की निद्रा खुल गई और उन्होंने भृगु से पूछा कि उनके कठोर वक्ष पर लात मारने के बाद उन्हें कहीं चोट तो नहीं लगी। यह विचित्र दृश्य देखकर माता [[लक्ष्मी]] [[बैकुंठ]] छोड़कर [[पृथ्वी]] पर आ गई और एक राजा की पुत्री के रूप में उन्होंने जन्म लिया। यह देखकर भगवान विष्णु ने भी नि:संतान स्त्री वकुला को मातृत्व का सुख दिया। [[भागवत पुराण]] के अनुसार वकुला पूर्व जन्म में [[यशोदा]] थीं जो भगवान विष्णु के [[कृष्ण]] [[अवतार]] के समय में उनकी पालक माता थीं। देवी [[यशोदा]] के अंतिम समय में उन्होंने उन्हें अगले जन्म में उनकी पालक माता बनने का वरदान दिया था और कहा था कि वे उस जन्म में उनका विवाह भी अवश्य देख पाएंगी। माता [[लक्ष्मी]] के जाने के बाद से भगवान विष्णु श्रीहीन हो गए और वकुला भी एक निर्धन स्त्री थी। [[वेंकटेश्वर]] रूपी भगवान विष्णु ने पद्मावती रूपी माता [[लक्ष्मी]] के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। श्री [[वेंकटेश्वर]] भगवान ने उस समय धन के देवता और यक्षों के राजा [[कुबेर]] से धन मांगा और वचन दिया कि वे उनका ऋण ब्याज़ समेत कलयुग के अंत तक चुका देंगे। भगवान [[वेंकटेश्वर]] ने तत्पश्चात् देवी पद्मावती से विवाह किया और वहीं पर रहकर भक्तों का कल्याण करने का निश्चय किया। # '''[[कल्कि|कल्कि अवतार]]''': यह भविष्य का अवतार है। कलियुग का अन्त समीप आ जाने पर जब अनाचार बहुत बढ़ जाएगा और राजा लोग लुटेरे हो जाएँगे, तब सम्भल नामक ग्राम के विष्णुयश नामक ब्राह्मण के घर भगवान् का कल्कि अवतार होगा।<ref>(क)भाग.पूर्ववत्-1.3.25; (ख)महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-190.93.</ref> उनके द्वारा अधर्म का विनाश हो जाने पर पुनः धर्म की वृद्धि होगी। धर्म की वृद्धि होना ही सत्य युग (कृतयुग) का आना है।<ref>महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-191.7.</ref> === अन्य अवतार === दशावतार के अतिरिक्त अन्य चौदह अवतारों के नाम (भागवत महापुराण की दोनों सूचियों को मिलाकर)<ref>भाग.पूर्ववत्-1.3.6से25; तथा 2.7.1से38.</ref> इस प्रकार हैं :- # [[सनकादि ऋषि|कौमार सर्ग]] (सनक, सनन्दन, सनातन, सनत्कुमार) - एक बार लोक पितामह [[ब्रह्मा]] ने अनेक लोकों की रचना करने की इच्छा से घोर तप किया। उनके तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने चार ऋषियों के रूप में [[अवतार]] लिया। # [[हयग्रीव|हयशीर्ष (हयग्रीव)]] - एक बार [[दानव हयग्रीव|हयग्रीव]] ( महर्षि [[कश्यप]] और [[दनु (भारत)|दनु]] का पुत्र ) नाम के [[दानव]] ने माता [[पार्वती]] की घोर तपस्या की और उनसे वरदान माँगा कि वह केवल [[हयग्रीव]] के हाथों ही मारा जाए। जब उसके अत्याचार बढ़ने लगे तो भगवान विष्णु ने [[हयग्रीव]] [[अवतार]] लेकर उसे मार डाला। # [[नारद]] - पुराणों के अनुसार [[नारद मुनि|नारद]] भी भगवान विष्णु के [[अवतार]] हैं। एक बार [[सप्तर्षि|सप्तऋषियों]] में विवाद हो गया कि कौन श्रेष्ठ है, जिसे सिद्ध करने के लिए उन्होंने प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। जब उस प्रतियोगिता का भी परिणाम नहीं निकला तो भगवान विष्णु ने [[नारद मुनि|नारद]] का रूप लेकर [[सप्तर्षि|सप्तऋषियों]] को ज्ञान-उपदेश दिया। भगवान [[कृष्ण|श्रीकृष्ण]] ने गीता में स्वयं कहा है कि देवर्षियों में मैं [[नारद मुनि|नारद]] हूँ। # [[हंसावतार|हंस]] - हंस अवतार का सर्वप्रथम [[महाभारत]] में उल्लेख हुआ है। [[महाभारत]] में वर्णित कथा के अनुसार एक बार सनकादि ऋषियों ने अपने पिता ब्रह्मा से पूछा कि इस सृष्टि की रचना कैसे हुई, इस सृष्टि का आदि कौन है तथा अंत कौन है ? [[सनकादि ऋषि|सनकादि]] ऋषियों के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए भगवान विष्णु ने एक बहुत बड़े [[हंस (पक्षी)|हंस]] का रूप लिया और सभा में जाकर उन्होंने सनकादि ऋषियों के प्रश्नों के उत्तर दिये। # [[नर-नारायण अवतार|नर-नारायण]] - नर और नारायण के रूप में भगवान विष्णु ने जुड़वाँ [[संत|संतों]] के रूप में [[ब्रह्मा]] के पुत्र [[रुचि प्रजापति|प्रजापति रुचि]] की पत्नी [[आकूति]] के गर्भ से जन्म लिया। # [[कपिल]] - महर्षि [[कर्दम]] के तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने [[कपिल]] के रूप में [[देवहूति]] के गर्भ से जन्म लिया। # [[दत्तात्रेय|दतात्रेय]] - एक बार त्रिदेवियों को अपने सतीत्व का अहंकार हो गया था तो [[नारद मुनि|नारद]] मुनि ने उनसे अनुसूया के पतिव्रत धर्म की बात की जिससे उनके अहंकार को बहुत ठेस पहुँची। उन्होंने त्रिदेवों से इसके बारे में कहा। त्रिदेव एक ही समय में [[अत्रि]] ऋषि के आश्रम में आये। तीनों ने [[अनुसूया]] से बिना वस्त्र के भोजन करवाने को कहा। [[अनुसूया]] ने [[अत्रि]] ऋषि के चरणोदक से त्रिदेवों को बालक बनाया और उन्हें अपने पुत्र के समान स्नेह दिया और उन्हें [[स्तनपान]] भी कराया। अंत में [[त्रिदेव|त्रिदेवों]] ने अपने तेज से [[अनुसूया]] के गर्भ से जन्म लिया। [[शंकर]] के तेज से [[दुर्वासा]] , ब्रह्मा के तेज से [[चंद्रदेव|चन्द्रदेव]] और विष्णु के तेज से दतात्रेय का जन्म हुआ। # [[यज्ञपुरुष|सुयज्ञ]]<nowiki/>- [[मनु|स्वयंभू मनु]] के यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने आकूति के गर्भ से रूचि प्रजापति के पुत्र के रूप में जन्म लिया। # [[ऋषभदेव]] - [[नाभिराज]] नाम के राजा की कोई संतान नहीं थी। वे भगवान विष्णु के परम भक्त थे और अपने कुलगुरु से उन्होंने एक यज्ञ करवाया जिससे भगवान विष्णु प्रसन्न हो गये और [[नाभिराज]] को वरदान दिया कि वे उनकी पत्नी के गर्भ से पुत्र रूप में जन्म लेंगे। समय आने पर भगवान विष्णु ने रानी [[मरूदेवी]] के गर्भ से पुत्र-रूप में जन्म लिया। # [[पृथु]] - भूमण्डल पर सर्वप्रथम राजा वेन के पुत्र पृथु के रूप में जन्म लिया। # [[धन्वन्तरि]] - [[समुद्र मन्थन]] में अंतिम रत्न के रूप में भगवान विष्णु [[धन्वन्तरि|धन्वन्तरी]] के रूप में [[अमृत]] [[कलश]] लेकर प्रकट हुए थे। इन्हें [[आयुर्वेद]] का जनक माना गया है। # [[मोहिनी अवतार|मोहिनी]] - [[अमृत]] निकलने के बाद [[असुर]] अमृत कलश लेकर भागने लगे थे तो उन्हें रोकने के लिए भगवान विष्णु ने एक सुन्दर स्त्री का रूप लिया और [[असुर|असुरों]] को मोहित करके [[देवताओं]] को अमृत पान करवाया। # [[व्यास]] - धर्मग्रंथो के अनुसार [[वेदव्यास]] भी भगवान विष्णु के अवतार हैं। एक बार [[पाराशर]] मुनि को उसकी नाव पर बैठ कर यमुना पार करना पड़ा। पाराशर मुनि [[सत्यवती]] रूप-सौन्दर्य पर आसक्त हो गये और बोले, "देवि! मैं तुम्हारे साथ सहवास करना चाहता हूँ।" सत्यवती ने कहा, "मुनिवर! आप ब्रह्मज्ञानी हैं और मैं निषाद कन्या। हमारा सहवास सम्भव नहीं है। मैं कुमारी हूँ। मेरे पिता क्या कहेंगे?" पाराशर मुनि बोले, "बालिके! तुम चिन्ता मत करो। प्रसूति होने पर भी तुम कुमारी ही रहोगी।" पाराशर ने फिर से माँग की तो सत्यवती बोली कि "मेरे शरीर से मछली की दुर्गन्ध निकलती है"। तब ऋषि ने उसे आशीर्वाद देते हुए कहा- "तुम्हारे शरीर से जो मछली की गंध निकलती है वह सुगन्ध में परिवर्तित हो जाएगी।" इतना कहकर उन्होंने अपने योगबल से चारों ओर घने कुहरे का जाल रच दिया ताकि कोई और उन्हें उस हाल में न देखे। इस प्रकार पराशर व सत्यवती में प्रणय-संबंध स्थापित हुआ। समय आने पर सत्यवती के गर्भ से वेद-वेदांगों में पारंगत एक पुत्र हुआ। जन्म होते ही वह बालक बड़ा हो गया और अपनी माता से बोला, "माता! तू जब कभी भी विपत्ति में मुझे स्मरण करेगी, मैं उपस्थित हो जाउँगा।" इतना कहकर वे तपस्या करने के लिये द्वैपायन द्वीप चले गये। द्वैपायन द्वीप में तपस्या करने तथा उनके शरीर का रंग काला होने के कारण उन्हे कृष्ण द्वैपायन कहा जाने लगा। आगे चल कर वेदों का विभाजन करने के कारण वे [[वेदव्यास]] के नाम से विख्यात हुए। विष्णुपुराण और भागवत पुराण के अनुसार वेदव्यास अमर हैं। #श्रीहरि [[गजेन्द्र मोक्ष|गजेन्द्रमोक्ष दाता]] - कुछ स्थानों पर इन्हें [[अवतार]] के रूप में वर्णित नहीं किया गया है, किन्तु अधिकतर स्थानों पर इन्हें [[अवतार]] बताया गया है। एक बार एक [[हाथी]] था जो सौ [[हाथी|हथिनियों]] का पति और हजार गज पुत्रों का पिता था। एक बार वह [[नदी]] में स्नान करने गया। वहाँ एक [[मगरमच्छ]] ने उसका पैर पकड़ लिया। ऐसा कहा जाता है कि उसने हजार वर्षो तक संघर्ष किया किन्तु छूट नहीं पाया। अंत में उसने भगवान् नारायण का स्मरण किया और भगवान विष्णु (श्रीहरि) चतुर्भुज रूप में उसके सम्मुख आये और [[मगरमच्छ]] को मारकर उस गजराज को बचाया। गजराज से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसे अपना पार्षद बना लिया। {{Commonscat|Vishnu|विष्णु}} ==फिल्म उल्लेख== [[महावतार नरसिंह]] फिल्म के निर्माताओं ने कथानक को आकार देने हेतु विभिन्न ऐतिहासिक और शास्त्रीय सन्दर्भों को सम्मिलित किया है—विशेषतः [[प्रह्लादपुरी मंदिर]] के खंडहर, [[हम्पी]] में स्थित पुनःस्थापित जली हुई धर्मस्थली, और [[अहोलिबं|अहोबिला नव नरसिंह स्वामी मंदिरों]]<ref>https://www.youtube.com/shorts/Q83ZSgrPktM</ref> जैसे पुरातात्विक स्थलों के अतिरिक्त [[विष्णु पुराण]], [[नरसिंह पुराण]], [[वराह पुराण]] तथा [[श्रीमद्भागवत पुराण]] जैसे पवित्र ग्रंथों से प्रेरणा ली गई है। फिल्म की सफलता और दर्शकों से इसका गहरा जुड़ाव लेखक की पवित्र ग्रंथों के प्रति उसकी अटूट निष्ठा का प्रतिफल है। == 108 नाम, महत्त्व और अर्थ == 1. नारायण कन्नू : ईश्वर, परमात्मा भगवान कृष्ण सुन्दर 2. विष्णु : हर जगह विराजमान रहने वाले 3. वषट्कार: यज्ञ से प्रसन्न होने वाले 4. भूतभव्यभवत्प्रभु: भूत, वर्तमान और भविष्य के स्वामी 5. भूतकृत : सभी प्राणियों के रचयिता 6. भूतभृत : सभी प्राणियों का पोषण करने वाले 7. भाव : सम्पूर्ण अस्तित्व वाले 8. भूतात्मा : ब्रह्मांड के सभी प्राणियों की आत्मा में वास करने वाले 9. भूतभावन : ब्रह्मांड के सभी प्राणियों का पोषण करने वाले 10. पूतात्मा : शुद्ध छवि वाले प्रभु 11. परमात्मा : श्रेष्ठ आत्मा 12. मुक्तानां परमागति: मोक्ष प्रदान करने वाले 13. अव्यय: : हमेशा एक रहने वाले 14. पुरुष: : हर जन में वास करने वाले 15. साक्षी : ब्रह्मांड की सभी घटनाओं के साक्षी 16. क्षेत्रज्ञ: : क्षेत्र के ज्ञाता 17. गरुड़ध्वज: गरुड़ पर सवार होने वाले 18. योग: : श्रेष्ठ योगी 19. योगाविदां नेता : सभी योगियों का स्वामी 20. प्रधानपुरुषेश्वर : प्रकृति और प्राणियों के भगवान 21. नारसिंहवपुष: : नरसिंह रूप धरण करने वाले 22. श्रीमान् : देवी लक्ष्मी के साथ रहने वाले 23. केशव : सुंदर बाल वाले 24. पुरुषोत्तम : श्रेष्ठ पुरुष 25. सर्व : संपूर्ण या जिसमें सब चीजें समाहित हों 26. शर्व : बाढ़ में सब कुछ नाश करने वाले 27. शिव : सदैव शुद्ध रहने वाले 28. स्थाणु : स्थिर रहने वाले 29. भूतादि : सभी को जीवन देने वाले 30. निधिरव्यय : अमूल्य धन के समान 31. सम्भव : सभी घटनाओं में स्वामी 32. भावन : भक्तों को सब कुछ देने वाले 33. भर्ता : सम्पूर्ण ब्रह्मांड के संचालक 34. प्रभव : सभी चीजों में उपस्थित होने वाले 35. प्रभु : सर्वशक्तिमान प्रभु 36. ईश्वर : पूरे ब्रह्मांड पर अधिपति 37. स्वयम्भू : स्वयं प्रकट होने वाले 38. शम्भु : खुशियां देने वाले 39. जगन्नाथ - जग के नाथ 40. पुष्कराक्ष : कमल जैसे नयन वाले 41. महास्वण : वज्र की तरह स्वर वाले 42. अनादिनिधन : जिनका न आदि है न अंत 43. धाता : सभी का समर्थन करने वाले 44. विधाता : सभी कार्यों व परिणामों की रचना करने वाले 45. धातुरुत्तम : ब्रह्मा से भी महान 46. अप्रेमय : नियम व परिभाषाओं से परे 47. हृषीकेशा : सभी इंद्रियों के स्वामी 48. पद्मनाभ : जिनके पेट से ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई 49. अमरप्रभु : अमर रहने वाले 50. विश्वकर्मा : ब्रह्मांड के रचयिता 51. मनु : सभी विचार के दाता 52. त्वष्टा : बड़े को छोटा करने वाले 53.अनन्त : जिसका कोई अन्त नहीं 54. स्थविरो ध्रुव : प्राचीन देवता 55. अग्राह्य : मांसाहार का त्याग करने वाले 56. शाश्वत : हमेशा अवशेष छोड़ने वाले 57. कृष्ण : काले रंग वाले 58. लोहिताक्ष : लाल आँखों वाले 59. प्रतर्दन : बाढ़ के विनाशक 60. प्रभूत : धन और ज्ञान के दाता 61. त्रिककुब्धाम : सभी दिशाओं के भगवान 62. पवित्रां : हृदया पवित्र करने वाले 63. मंगलपरम् : श्रेष्ठ कल्याणकारी 64. ईशान : हर जगह वास करने वाले 65. प्राणद : प्राण देने वाले 66. प्राण : जीवन के स्वामी 67. ज्येष्ठ : सबसे बड़े प्रभु 68. श्रेष्ठ : सबसे महान 69. प्रजापति : सभी के मुख्य 70. कैटभभाजित : कैटभ का वध करने वाले 71. वासुदेव - राजा वसुदेव के पुत्र 72. माधव : देवी लक्ष्मी के पति 73. मधुसूदन : रक्षक मधु के विनाशक 74. ईश्वर : सबको नियंत्रित करने वाले 75. विक्रमी : सबसे साहसी भगवान 76. धन्वी : श्रेष्ठ धनुष- धारी 77. मेधावी : सर्वज्ञाता 78. विक्रम : ब्रह्मांड को मापने वाले 79. क्रम : हर जगह वास करने वाले 80. अनुत्तम : श्रेष्ठ ईश्वर 81. दुराधर्ष : सफलतापूर्वक हमला न करने वाले 82. कृतज्ञ : अच्छाई- बुराई का ज्ञान देने वाले 83. कृति : कर्मों का फल देने वाले 84. आत्मवान : सभी मनुष्य में वास करने वाले 85. सुरेश : देवों के देव 86. शरणम : शरण देने वाले 87. चक्रधारी - चक्र धारण करने वाले 88. विश्वरेता : ब्रह्मांड के रचयिता 89. प्रजाभव : भक्तों के अस्तित्व के लिए अवतार लेने वाले 90. अह्र : दिन की तरह चमकने वाले 91. सम्वत्सर : अवतार लेने वाले 92. व्याल : नाग द्वारा कभी न पकड़े जाने वाले 93. प्रत्यय : ज्ञान का अवतार कहे जाने वाले 94. सर्वदर्शन : सब कुछ देखने वाले 95. अज : जिनका जन्म नहीं हुआ 96. सर्वेश्वर : सम्पूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी 97. सिद्ध : सब कुछ करने वाले 98. सिद्धि : कार्यों के प्रभाव देने वाले 99. सर्वादि : सभी क्रियाओं के प्राथमिक कारण 100. अच्युत : कभी न चूकने वाले 101. वृषाकपि: धर्म और वराह का अवतार लेने वाले 102. अमेयात्मा: जिनका कोई आकार नहीं है। 103. सर्वयोगविनि:  सभी योगियों के स्वामी 104. वसु : सभी प्राणियों में रहने वाले 105. पीताम्बर: पीले वस्त्र धारण करने वाले 106. सत्य : सत्य का समर्थन करने वाले 107. समात्मा: सभी के लिए एक जैसे 108. सममित: सभी प्राणियों में असीमित रहने वाले ==इन्हें भी देखें== == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} {{दशावतार}} [[श्रेणी:हिन्दू देवी-देवता]] ljelgzkvyfyp2v7jlq9bz602o1ll14a 6582763 6582762 2026-07-15T05:22:23Z Pushkar Singh 415569 /* भगवान विष्णु की उत्पत्ति कैसे हुई? */ अनुभाग की वर्तनी में सुधार किया 6582763 wikitext text/x-wiki {{Other uses|विष्णु (बहुविकल्पी)}}{{Infobox deity<!--Wikipedia:WikiProject Hindu mythology--> | name = विष्णु | type = सनातन (हिंदू) | image =Vishnu Kumartuli Park Sarbojanin Arnab Dutta 2010.JPG | caption = भगवान विष्णु | deity_of = {{hlist|संरक्षण के देवता|धर्म के रक्षक|[[कर्म]] के दाता|[[परब्रह्म]] (सर्वोच्च प्राणी)|सृष्टि के पालनकर्ता}} | member_of = [[त्रिमूर्ति]] | affiliation = {{hlist|[[त्रिमूर्ति]]|[[ईश्वर]]|[[ब्रह्म]]|[[परब्रह्म]]|[[दशावतार]]|[[परमेश्वर]]|[[परमात्मा]]|[[सनातन पुरुष]]|सर्वोच्च देवता}} | abode = {{bulletedlist|[[बैकुण्ठ|बैकुंठ]]|[[क्षीर सागर]]}} | symbols = {{hlist|[[पद्मा (विष्णु)]]|[[शालीग्राम]]}} | weapon = {{hlist|[[सुदर्शन चक्र]]|[[नंदक]]|[[कौमोदकी]]|[[शार्ङ्ग धनुष|शार्ङ्ग]]|[[पाञ्चजन्य]]}} | consort = [[लक्ष्मी]] , [[देवी तुलसी|तुलसी]] और [[भूदेवी]] | siblings = | mount = {{hlist|[[गरुड़]]|[[शेषनाग]]}} | mantra = {{bulletedlist|ॐ वैष्णवे नमः|[[ओम नमो भगवते वासुदेवाय|ॐ नमो भगवते वासुदेवाय]]|[[ॐ नमो नारायणाय]]|ॐ श्री हरि विष्णो|हरि ॐ}} | other_names = {{hlist|हरि|नारायण|माधव|केशव|अच्युत|जनार्दन}} | children = | | festivals = {{hlist|[[अक्षय तृतीया]]|[[होली]]|[[दीपावली]]|[[एकादशी तिथि|एकादशी]]|[[कार्तिक पूर्णिमा]]|[[तुलसी विवाह]]|[[अनंत चतुर्दशी]]|अवतारों की जयंती}} | day = [[गुरुवार]] (बृहस्पतिवार) | texts = {{bulletedlist|[[श्रीमद्भगवद्गीता|श्रीमद् भगवद गीता]]|[[विष्णु पुराण]]|[[पद्म पुराण]]|[[गरुड़ पुराण]]|[[मत्स्य पुराण]]|[[वामन पुराण]]|[[नरसिंह पुराण]]|[[रामायण]]|[[महाभारत]]}} }} '''विष्णु''' ([[असंलिव]]: '''Viṣṇu''') ''उच्चारण'': ''''ʋɪʂɳʊ'''' '''([[अंग्रेज़ी]]:Vishnu)''' [[सनातन धर्म]] के प्रमुख देवताओं में से एक हैं जिनको [[नारायण]] और '''हरि''' के नाम से भी जाना जाता है। विष्णु को जगत का पालनकर्ता माना जाता है, जब अधर्म और पाप बढ़ता है तब वे अवतार लेते हैं। [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णववाद]] के भीतर सर्वोच्च हैं, जो समकालीन [[हिन्दू धर्म]] के भीतर प्रमुख परंपराओं में से एक है। हिन्दू धर्म के आधारभूत ग्रन्थों में बहुमान्य पुराणानुसार भगवान विष्णु [[परमेश्वर]] के तीन मुख्य रूपों में से एक रूप हैं। पुराणों में [[त्रिमूर्ति]] भगवान विष्णु को विश्व या जगत का ''' पालनहार ''' कहा गया है। त्रिमूर्ति के अन्य दो रूप [[ब्रह्मा]] और [[शिव]] को माना जाता है। [[ब्रह्मा]] जी को जहाँ विश्व का सृजन करने वाला माना जाता है, वहीं [[शिव]] जी को संहारक माना गया है। मूलतः भगवान विष्णु, शिव तथा ब्रह्मा भी एक ही हैं यह मान्यता भी बहुशः स्वीकृत रही है। न्याय को प्रश्रय अन्याय के विनाश तथा जीव (मानव) को परिस्थिति के अनुसार उचित मार्ग-ग्रहण के निर्देश हेतु विभिन्न रूपों में अवतार ग्रहण करनेवाले के रूप में भगवान विष्णु मान्य रहे हैं। [[कल्कि]] अवतार १०वां (अन्तिम) अवतार है। जब भी दुनिया को बुराई, अराजकता और विनाशकारी शक्तियों से संकट उत्पन्न है, तो विष्णु ब्रह्मांडीय व्यवस्था को बहाल करने और धर्म की रक्षा के लिए अवतार के रूप में अवतरित होते हैं। दशावतार विष्णु के दस प्राथमिक अवतार हैं। इन दस में से राम और कृष्ण सबसे महत्वपूर्ण हैं।<ref>{{Cite book|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich Robert|last2=Campbell|first2=Joseph|date=2015|publisher=Princeton University Press|isbn=978-0-691-01778-5|series=Works by Heinrich Zimmer|location=Princeton}}</ref> पुराणानुसार भगवान विष्णु की पत्नी देवी [[लक्ष्मी]] हैं। पौराणिक कथा के अनुसार [[तुलसी]] भी भगवान् विष्णु को लक्ष्मी के समान ही प्रिय है<ref>ब्रह्मवैवर्तपुराणम्, प्रकृति खण्ड-२१-३१, हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग, तृतीय संस्करण, पूर्वभाग, पृष्ठ-346.</ref> और इसलिए उसे 'विष्णुप्रिया' के रूप में मान्यता प्राप्त है। भगवान विष्णु का निवास क्षीरसागर है। उनका शयन शेषनाग के ऊपर है। उनकी नाभि से कमल उत्पन्न होता है जिसमें ब्रह्मा जी स्थित हैं। वह अपने नीचे वाले बाएँ हाथ में पद्म [कमल]), अपने नीचे वाले दाहिने हाथ में [[गदा]] (कौमोदकी) ,ऊपर वाले बाएँ हाथ में [[शंख]] ([[पाञ्चजन्य]]) और अपने ऊपर वाले दाहिने हाथ में चक्र(सुदर्शन) धारण करते हैं। == शब्द-व्युत्पत्ति और अर्थ == 'विष्णु' शब्द की व्युत्पत्ति मुख्यतः 'विष्' धातु से ही मानी गयी है। ('विष्' या 'विश्' धातु लैटिन में - vicus और सालविक में vas -ves का सजातीय हो सकता है।) [[निरुक्त]] (12.18) में यास्काचार्य ने मुख्य रूप से 'विष्' धातु को ही 'व्याप्ति' के अर्थ में लेते हुए उससे 'विष्णु' शब्द को निष्पन्न बताया है।<ref>(क)हिन्दी निरुक्त (निघण्टु सहित) - पं.सीताराम शास्त्री; मुन्शीराम मनोहरलाल दिल्ली, संस्करण-अनुल्लिखित, पृ.-500.(उत्तर षटक-12-18).(ख)निरुक्त (भाषा भाष्य) - पं.राजाराम; बाॅम्बे मैशीन प्रेस, लाहौर; प्रथम संस्करण-1914, पृ.535.</ref> वैकल्पिक रूप से 'विश्' धातु को भी 'प्रवेश' के अर्थ में लिया गया है, 'क्योंकि वह विभु होने से सर्वत्र प्रवेश किया हुआ होता है।<ref>पूर्ववत्,नि.12.18.</ref> आदि शंकराचार्य ने भी अपने विष्णुसहस्रनाम-भाष्य में 'विष्णु' शब्द का अर्थ मुख्यतः व्यापक (व्यापनशील) ही माना है<ref>विष्णुसहस्रनाम, सानुवाद शांकरभाष्य सहित; गीताप्रेस गोरखपुर; संस्करण-1999ई., पृ.7 एवं 66.(श्लोक-6 एवं 14 का भाष्य)</ref>, तथा उसकी व्युत्पत्ति के रूप में स्पष्टतः लिखा है कि "व्याप्ति अर्थ के वाचक नुक् प्रत्ययान्त 'विष्' धातु का रूप 'विष्णु' बनता है"।<ref>पूर्ववत्-पृ.66.</ref> 'विश्' धातु को उन्होंने भी विकल्प से ही लिया है और लिखा है कि "अथवा नुक् प्रत्ययान्त 'विश्' धातु का रूप विष्णु है; जैसा कि विष्णुपुराण में कहा है-- 'उस महात्मा की शक्ति इस सम्पूर्ण विश्व में प्रवेश किये हुए हैं; इसलिए वह विष्णु कहलाता है, क्योंकि 'विश्' धातु का अर्थ प्रवेश करना है"।<ref>पूर्ववत्-पृ.66.तथा विष्णुपुराण-3.1.45.(गीताप्रेस गोरखपुर; संस्करण-2001ई.)</ref> ऋग्वेद के प्रमुख भाष्यकारों ने भी प्रायः एक स्वर से 'विष्णु' शब्द का अर्थ व्यापक (व्यापनशील) ही किया है। विष्णुसूक्त (ऋग्वेद-1.154.1 एवं 3) की व्याख्या में आचार्य सायण 'विष्णु' का अर्थ व्यापनशील (देव) तथा सर्वव्यापक करते हैं;<ref>(क)ऋग्वेद संहिता (पदपाठ, सायण भाष्य एवं पं.रामगोविन्द त्रिवेदी कृत हिन्दी अनुवाद सहित) - चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी; संस्करण-2007 ई.(खण्ड-2)पृ.196,198.;(ख)ऋग्वेदसंहिता (सायण भाष्य एवं भाष्यानुवाद सहित) - चौखम्बा कृष्णदास अकादमी, वाराणसी; संस्करण-2013 ई.,(खण्ड-2)पृ.786,788.</ref> तो श्रीपाद दामोदर सातवलेकर भी इसका अर्थ व्यापकता से सम्बद्ध ही लेते हैं।<ref>ऋग्वेद का सुबोध भाष्य, भाग-2, श्रीपाद दामोदर सातवलेकर; स्वाध्याय मण्डल, किल्ला पारडी, वलसाड (गुजरात);(प्रथम खण्ड)संस्करण-अनुल्लिखित., पृ.403.</ref> महर्षि दयानन्द सरस्वती ने भी 'विष्णु' का अर्थ अनेकत्र सर्वव्यापी परमात्मा किया है<ref>ऋग्वेद (दयानन्द भाष्य) भाग-1- महर्षि दयानन्द सरस्वती; आर्य प्रकाशन, दिल्ली; संस्करण-2011 ई.,पृ.781-783.</ref> और कई जगह परम विद्वान् के अर्थ में भी लिया है।<ref>पूर्ववत्-पृ.789; '''[इस आलेख में आगे भी 'ऋग्वेद,पूर्ववत्' से पूर्वलिखित चारों संस्करण अभिलक्षित होंगे।]'''</ref> इस प्रकार सुस्पष्ट परिलक्षित होता है कि 'विष्णु' शब्द 'विष्' धातु से निष्पन्न है और उसका अर्थ व्यापनयुक्त (सर्वव्यापक) है। == ऋग्वेद में विष्णु == वैदिक देव-परम्परा में सूक्तों की सांख्यिक दृष्टि से विष्णु का स्थान गौण है क्योंकि उनका स्तवन मात्र 5 सूक्तों में किया गया है; लेकिन यदि सांख्यिक दृष्टि से न देखकर उनपर और पहलुओं से विचार किया जाय तो उनका महत्त्व बहुत बढ़कर सामने आता है।<ref>वैदिक देवशास्त्र (मैकडाॅनल रचित 'वैदिक माइथोलाॅजी') अनुवादक- डाॅ.सूर्यकान्त; मेहरचन्द लछमनदास, नई दिल्ली, प्रथम संस्करण-1961, पृ.84.</ref> ऋग्वेद में उन्हें 'बृहच्छरीर' (विशाल शरीर वाला), युवाकुमार आदि विशेषणों से ख्यापित किया गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.155.2.</ref> ऋग्वेद में उल्लिखित विष्णु के स्वरूप एवं वैशिष्ट्यों का अवलोकन निम्नांकि बिन्दुओं में किया जा सकता है :- === लोकत्रय के शास्ता : तीन पाद-प्रक्षेप === विष्णु की अनुपम विशेषता उनके तीन पाद-प्रक्षेप हैं, जिनका ऋग्वेद में बारह बार उल्लेख मिलता है। सम्भवतः यह उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। उनके तीन पद-क्रम मधु से परिपूर्ण कहे गये हैं, जो कभी भी क्षीण नहीं होते। उनके तीन पद-क्रम इतने विस्तृत हैं कि उनमें सम्पूर्ण लोक विद्यमान रहते हैं (अथवा तदाश्रित रहते हैं)। ‘त्रेधा विचक्रमाणः’ भी प्रकारान्तर से उनके तीन पाद-प्रक्षेपों को ध्वनित करता है। ‘उरुगाय’ और ‘उरुक्रम’ आदि पद भी उक्त तथ्य के परिचायक हैं। मधु से आपूरित उनके तीन पद-क्रम में से दो दृष्टिगोचर हैं, तीसरा सर्वथा अगोचर। इस तीसरे सर्वोच्च पद को पक्षियों की उड़ान और मर्त्य चक्षु के उस पार कहा गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.155.5.</ref> यास्क के पूर्ववर्ती शाकपूणि इन तीन पाद-प्रक्षेपों को ब्रह्माण्ड के तीन भागों-- पृथ्वी, अन्तरिक्ष और द्युलोक में सूर्य की संचार गति के प्रतीक मानते हैं।<ref>(क)हिन्दी निरुक्त (निघण्टु सहित) - पं.सीताराम शास्त्री; मुन्शीराम मनोहरलाल दिल्ली, संस्करण-अनुल्लिखित, पृ.-502.(उत्तर षटक-12-19).(ख)निरुक्त (भाषा भाष्य) - पं.राजाराम; बाॅम्बे मैशीन प्रेस, लाहौर; प्रथम संस्करण-1914, पृ.535-536. (12-19).</ref> यास्क के ही पूर्ववर्ती और्णवाभ उन्हें सूर्य के उदय, मध्याकाश में स्थिति तथा अस्त का वाची मानते हैं।<ref>पूर्ववत्, नि.12-19.</ref> तिलक महोदय इनसे वर्ष के त्रिधाविभाजन (प्रत्येक भाग में 4 महीने) का संकेत मानते हैं।<ref>THE ARCTIC HOME IN THE VEDAS, Messrs Tilak Bros, Poona, 1956, chapter-XII, p.304-305.</ref> यदि देखा जाय तो अधिकांश विद्वान् विष्णु को सूर्य-वाची मान कर उदयकाल से मध्याह्न पर्यन्त उसका एक पादप्रक्षेप, मध्याह्न से अस्तकाल पर्यन्त द्वितीय पादप्रक्षेप और अस्तकाल से पुनः अग्रिम उदयकाल तक तृतीय पाद-प्रक्षेप स्वीकारते हैं। इन्हीं पूर्वोक्त दो पाद-प्रक्षेपों को दृष्टिगोचर और तीसरे को अगोचर कहा गया है। लेकिन मैकडाॅनल सहित अन्य अनेक विद्वानों का भी कहना है कि इस अर्थ में तीसरे चरण को 'सर्वोच्च' कैसे माना जा सकता है? इसलिए वे लोग पूर्वोक्त शाकपूणि की तरह तीन चरणों को सौर देवता के तीनों लोकों में से होकर जाने का मार्ग मानते हैं।<ref>वैदिक देवशास्त्र (मैकडाॅनल रचित 'वैदिक माइथोलाॅजी') अनुवादक- डाॅ.सूर्यकान्त; मेहरचन्द लछमनदास, नई दिल्ली, प्रथम संस्करण-1961, पृ.85.</ref> सूर्य की कल्पना का ही समर्थन करते हुए मैकडानल ने विष्णु द्वारा अपने 90 अश्वों के संचालित किये जाने का उल्लेख किया है, जिनमें से प्रत्ये के चार-चार नाम हैं। इस प्रकार 4 की संख्या से गुणीकृत 90 अर्थात् 360 अश्वों को वे एक सौर वर्ष के दिनों से अभिन्न मानते हैं। वस्तुतः विष्णु के दो पदों से सम्पूर्ण विश्व की नियन्त्रणात्मकता तथा तीसरे पद से उनका परम धाम अर्थात् उनकी प्राप्ति संकेतित है। स्वयं ऋग्वेद में ही इन तीन पदों की रहस्यात्मक व्याख्या की गयी है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-7.99.2.</ref> इसलिए इस पद को ज्ञानात्मक मानकर ऋग्वेद में ही स्पष्ट कहा गया है कि विष्णु का परम पद ज्ञानियों द्वारा ही ज्ञातव्य है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.22.20.</ref> === विष्णु-धाम अर्थात् विष्णु का प्रिय आवास (वैकुण्ठ) === वैसे तो विष्णु को वाणी में निवास करने वाला भी माना जाता है, किन्तु उनका परम प्रिय आवास स्थल 'पाथः' ऋग्वेद में बहुचर्चित है। आचार्य सायण ने ‘गिरि’ पद को श्लिष्ट मानकर उसका अर्थ 'वाणी' के साथ-साथ लाक्षणिक रूप में ‘पर्वत के समान उन्नत लोक’ भी किया है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.154.2,3 पर सायण-भाष्य।</ref> 'गिरि' को यदि इन दोनों अर्थों में स्वीकृत कर लिया जाय तो समस्या का समाधान हो जाता है। विष्णु का तीसरा पद जहाँ पहुँचता है वही उनका आवास स्थान है। विष्णु का लोक ‘परम पद’ है अर्थात् गन्तव्य रूपेण वह सर्वोत्कृष्ट लोक है। उस ‘परम पद’ की विशेषता यह है कि वह अत्यधिक प्रकाश से युक्त है।<ref>ऋग्वेद, पूर्ववत्-1.154.6.</ref> वहाँ अनेक शृंगों वाली गायें (अथवा किरणें) संचरण किया करती हैं। ‘गावः’ यहाँ श्लिष्ट पद की तरह है। श्लेष से उसका अर्थ ‘गायें’ करने पर वहाँ दुग्ध आदि भौतिक पुष्टि का प्राचुर्य एवं ‘किरणें’ करने पर वहाँ प्रकाश अर्थात् आत्मिक उन्नति का बाहुल्य सहज ही अनुमेय है। विष्णु के ‘परम पद’ में मधु का स्थायी उत्स (= स्रोत) है।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5.</ref> यह ‘मधु’ देवताओं को भी आनन्दित करनेवाला है। इस श्लिष्ट पद का जो भी अर्थ किया जाय पर वह हर स्थिति में परमानन्द का वाचक है, जिसके लिए देवता सहित समस्त प्राणी अभिलाषी भी रहते हैं और प्रयत्नशील भी। इसलिए उक्त लोक की प्राप्ति की कामना सभी करते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5"/> उसी मंत्र में वहाँ पुण्यशाली लोगों का, तृप्ति (आनन्द, प्रसन्नता) का अनुभव करते हुए उल्लेख भी हुआ है। === विष्णु-इन्द्र युग्म अर्थात् इन्द्र-सखा === विष्णु की एक प्रमुख विशेषता उनका इन्द्र से मैत्रीभाव है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.22.19.</ref> इन्द्र के साहचर्य में ही उनके तीन पाद-प्रक्षेपों का प्रवर्तन होता है। इन्द्र के साथ मिलकर वह शम्बर दैत्य के 99 किलों का विनाश करते हैं।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-7.99.5.</ref> इसी प्रकार वह वृत्र के साथ संग्राम में भी इन्द्र की सहायता करते हैं। दोनों को कहीं-कहीं एक दूसरे की शक्तियों से युक्त भी बतलाया गया है। इस प्रकार विष्णु द्वारा सोमपान किया जाना और इन्द्र द्वारा तीन पाद-प्रक्षेप किया जाना भी वर्णित है। ऋग्वेद, मण्डल 6, सूक्त 69 में दोनों देवों का युग्मरूपेण स्तवन हुआ है। इसी प्रकार ऋग्वेद के मण्डल 5, सूक्त 87 में इन्द्र के सहचर मरुद्गणों के साथ उनकी सहस्तुति प्राप्त होती है। === परम वीर्यशाली === 'विष्' धातु से व्युत्पन्न विष्णु पद का शाब्दिक अर्थ ‘व्यापक, गतिशील, क्रियाशील अथवा उद्यम-शील’ होता है। अपने बल-विक्रम के ही कारण वे लोगों द्वारा स्तुत होते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3.</ref> === कुत्सितों के लिए भयकारक ===   अपने वीर्य (बल) अथवा वीर कर्मों के कारण वे शत्रुओं के भय का कारण हैं। उनसे लोग उसी प्रकार भयभीत रहते हैं, जिस प्रकार किसी पर्वतचारी सिंह से। ‘परमेश्वराद्भीतिः’ आदि श्रुति-वचनों से सामान्य जनों का भी उनसे भय करना सिद्ध हो जाता है। उनसे भयभीत होना अकारण नहीं है। वे कुत्सितों (शत्रुओं) का वध आदि हिंसाकर्म करने वाले हैं। यहाँ यह ध्यातव्य है कि वे कुत्सित हिंसादिकर्ता (कुचरः) का ही वध करते है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.2.</ref> इसलिए उनके लिए कहा गया है कि वे हत्यारे नहीं हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12">ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12.</ref> === व्यापक तथा अप्रतिहत गति वाले === विष्णु विस्तीर्ण, व्यापक और अप्रतिहत गति वाले हैं। ‘उरुगाय’ और ‘उरुक्रम’ आदि पद इस तथ्य के पोषक हैं। ‘उरुगाय’ का अर्थ आचार्य सायण द्वारा ‘महज्जनों द्वारा स्तूयमान’ अथवा ‘प्रभूततया स्तूयमान’<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.6, पर सायण-भाष्य।</ref> करने से भी विष्णु की महिमा विखण्डित नहीं होती। डाॅ.यदुनन्दन मिश्र का कहना है कि इस पद का अर्थ ‘विस्तीर्ण गति वाला’ करने के लिए हम इस लिए आग्रहवान् हैं, क्योंकि उसे ‘सभी लोकों में संचरण करने वाला’ कहा गया है।<ref>डाॅ.यदुनन्दन मिश्र, 'वेद-संचयनम्', चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी, संस्करण-1976, पृ.26.</ref> उनके पद-क्रम इतने सुदीर्घ होते हैं कि वे अपने तीन पाद-प्रक्षेपों से ही तीनों लोकों को नाप लेते हैं। === लोकोपकारक === विष्णु के तीन पद यदि सृष्टि करते हैं, स्थापन करते हैं, धारण करते हैं<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5.</ref> तो वहीं पर आश्रित जनों का पालन-पोषण भी किया करते हैं। लोगों को अपना भोग्य अन्नादि उन्हीं तीन पद-क्रमों के प्रसादस्वरूप प्राप्त होता है, जिससे कि वे परम तृप्ति का अनुभव किया करते हैं। जो लोग विष्णु की स्तुति करते हैं, उनका वे सर्वविध कल्याण करते हैं, क्योंकि उनके स्तवनादि कर्म से उसे परम स्फूर्ति मिलती है। इस प्रकार स्फूर्ति-प्रदायिनी स्तुति विष्णु तक पहुँचा पाने के लिये सभी लालायित रहते हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.3"/> वे वरिष्ठ दाता हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-8.25.12"/> * त्रयात्मकता विष्णु के गुणों में भी त्रयात्मकता परिलक्षित होती है। वे तीन पद-क्रम वाले, तीन प्रकार की गति करने वाले, तीनों लोकों को नाप लेने वाले और लोकत्रय के धारक हैं। इसी प्रकार वह ‘त्रिधातु’<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4">ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4.</ref> अर्थात् सत्, रज और तम का समीकृत रूप अथवा पृथ्वी, जल और तेज से युक्त भी हैं। === सर्जक-पालक-संहारक === विष्णु पार्थिव लोकों का निर्माण और परम विस्तृत अन्तरिक्ष आदि लोकों का प्रस्थापन करने वाले हैं। वे स्वनिर्मित लोकों में तीन प्रकार की गति करने वाले हैं। उनकी ये तीन गतियाँ उद्भव, स्थिति और विलय की प्रतीक हैं। इस प्रकार जड़-जंगम सभी के वे निर्माता भी हैं, पालक भी और विनाशक भी। वे 'लोकत्रय का अकेला धारक' हैं।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.1 एवं 5"/> वे अपने तीन पाद-प्रक्षेपों से अकेले ही तीनों लोकों को नाप लेते हैं। लोकत्रय को नाप लेने से भी यह फलित होता है कि लोकत्रय अर्थात् वहाँ के समग्र प्राणी उनके पूर्ण नियंत्रण में हैं। विष्णु भ्रूण-रक्षक भी हैं। गर्भस्थ बीज की रक्षा के लिए और सुन्दर बालक की उत्पत्ति के लिए विष्णु की प्रार्थना की जाती है।उनके पालक स्वरूप पर स्पष्ट बल देने के कारण ऋग्वेद में अहोरात्र अग्निरूप में भी उन्हें 'विष्णुर्गोपा परमं पाति..'<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-3.55.10.</ref> अर्थात् सबके रक्षक-पालक कहा गया है। आचार्य सायण ऋग्वेद के अष्टम मण्डल के पच्चीसवें सूक्त के बारहवें मन्त्र की व्याख्या में भी विष्णु को स्पष्ट रूप से 'पालन से युक्त' मानते हैं।.... इसलिए समग्र परिप्रेक्ष्य में ऋग्वेद में विष्णु को परम हितैषी कहा गया है।<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.5"/> === सर्वोच्चता === सर्वाधिक मन्त्रों में वर्णित होने के बावजूद इन्द्र को 'सुकृत' और विष्णु को 'सुकृत्तरः' कहा गया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.156.5.</ref> 'सुकृत्तरः' का आचार्य सायण ने 'उत्तम फल प्रदान करने वालों में श्रेष्ठ' अर्थ किया है; श्रीपाद सातवलेकर जी ने 'उत्तम कर्म करने वालों में सर्वश्रेष्ठ' अर्थ किया है और महर्षि दयानन्द सरस्वती जी ने भी 'अतीव उत्तम कर्म वाला' अर्थ किया है।<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्, उक्त मंत्र का चारों संस्करणों में संबद्ध भाष्य द्रष्टव्य।</ref> इन्द्र 'सुकृत' (उत्तम कर्म करने वाला) है तो विष्णु 'सुकृत्तरः' (उत्तम कर्म करने वालों में सर्वश्रेष्ठ) हैं। तात्पर्य स्पष्ट है कि ऋग्वेद में ही यह मान लिया गया है कि विष्णु सर्वोच्च हैं। इसी प्रकार इन्द्र के राजा होने के बावजूद विष्णु की सर्वोच्चता ऋग्वेद में ही इस बात से भी स्पष्ट हो जाती है कि उसमें विष्णु के लिए कहा गया है कि "वे सम्पूर्ण विश्व को अकेले धारण करते हैं"<ref name="ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.154.4"/> तथा इन्द्र के लिए कहा गया है कि वे राज्य (संचालन) करते हैं<ref>ऋग्वेद,पूर्ववत्-1.81.5.</ref>। तात्पर्य स्पष्ट है कि सृष्टि के सर्जक एवं पालक विष्णु ने संचालन हेतु इन्द्र को राजा बनाया है। इस सुसन्दर्भित परिप्रेक्ष्य में विष्णु की सर्वोच्चता से सम्बद्ध ब्राह्मण ग्रन्थों एवं बाद की पौराणिक मान्यताएँ भी स्वतः उद्भासित हो उठती हैं। == ब्राह्मणों में विष्णु == ब्राह्मण-युग में यज्ञ-संस्था का विपुल विकास हुआ और इसके साथ ही देवमंडली में विष्णु का महत्त्व भी पहले की अपेक्षा अधिकतर हो गया। ऐतरेय ब्राह्मण के आरम्भ में ही यज्ञ में स्थान देने के क्रम में अग्नि से आरम्भ कर विष्णु के स्थान को 'परम' कहा गया है। इनके मध्य अन्य देवताओं का स्थान है।<ref>ऐतरेय ब्राह्मणम्-1.1 (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-2007(प्रथम खण्ड), पृ.12,13(भूमिकादि के पश्चात्)।</ref> इस तरह स्पष्ट रूप से वैदिक संहिता ग्रन्थों में सर्वप्रमुख स्थान प्राप्त अग्नि की अपेक्षा विष्णु को अत्युच्च स्थान दिया गया है। वस्तुतः विष्णु को महत्तम तो ऋग्वेद में भी माना ही गया है, पर वर्णन की अल्पता के कारण वहाँ उनका स्थान गौण लगता है। ब्राह्मण ग्रन्थों में स्पष्ट कथन के द्वारा उन्हें सर्वोच्च पद दिया गया है। यह श्रेष्ठता इस कथा से भी स्पष्ट होती है कि विष्णु ने अपने तीन पगों द्वारा असुरों से पृथ्वी, वेद तथा वाणी सब छीनकर इन्द्र को दे दी।<ref>(क)ऐतरेय ब्राह्मणम्-6.3.15 (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-1983ई.(द्वितीय खण्ड), पृ.968,969. (ख)शतपथ ब्राह्मण (प्रथम भाग) - सं. स्वामी सत्यप्रकाश सरस्वती, अनुवादक- पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय; विजयकुमार गोविन्दराम हासानन्द, दिल्ली; संस्करण-2010 ई. पृ.188-189(1.9.3.9)</ref> वैदिक विष्णु के तीन पगों का यह ब्राह्मणों में कथात्मक रूपान्तरण है; और इसी के साथ विष्णु की सर्वश्रेष्ठता भी ब्राह्मण युग में ही स्पष्ट हो गयी। ऐतरेय ब्राह्मण स्पष्ट रूप से विष्णु को द्वारपाल की तरह देवताओं का सर्वथा संरक्षक मानता है।<ref>ऐतरेय ब्राह्मणम्-1.5.4/1.30. (सायण भाष्य तथा मूल की हिन्दी टीका सहित), सं.तथा अनु.-डाॅ.सुधाकर मालवीय; तारा बुक एजेन्सी, वाराणसी, संस्करण-2007(प्रथम खण्ड), पृ.186.</ref> विष्णु वास्तव मे परम तत्व है, इसीलिए वाल्मीकि ने इनके ग्रंथो का वर्णन किया है और वास्तव मे प्राचीन समय मे वर्ण प्रमुख थे सबको समान अधिकार और सम्मान था।कुछ लोग इन्हें ब्राह्मण भी मानते है, कुछ क्षत्रिय, कुछ वैश्य, कुछ शूद्र वास्तव मे शिव और विष्णु और ब्रह्मा तीन ही प्रमुख देवता है। विष्णु ने हमेशा कमजोरो का भला किया है और हमेशा उनसे प्यार किया है चाहे वो शबरी हो केवट हो, हनुमान हो यें सभी दिन है। उन्हीने राक्षसों से हमेशा सामान्य जन की रक्षा की है वो प्रजा के परम हितेषी थे और ख़ुद भी उनके मध्य ही रहते है। == पौराणिक मान्यताएँ == ऋग्वेद तथा ब्राह्मणों में उपलब्ध संकेतों का पुराणों में पर्याप्त परिवर्धन हुआ-- कथात्मक भी, विवरणात्मक भी और व्याख्यात्मक भी। पुराणों ने इस जगत के मूल में वर्तमान, नित्य, अजन्मा, अक्षय, अव्यय, एकरस तथा हेय के अभाव से निर्मल परब्रह्म को ही विष्णु संज्ञा दी है। वे (विष्णु) 'परानां परः' (प्रकृति से भी श्रेष्ठ), अन्तरात्मा में अवस्थित परमात्मा, परम श्रेष्ठ तथा रूप, वर्ण आदि निर्देशों तथा विशेषण से रहित (परे) हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.10.</ref> वे जन्म, वृद्धि, परिणाम, क्षय और नाश -- इन छह विकारों से रहित हैं। वे सर्वत्र व्याप्त हैं और समस्त विश्व का उन्हीं में वास है; इसीलिए विद्वान् उन्हें 'वासुदेव' कहते हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.12; तथा महाभारत, शान्तिपर्व-341.41 (सटीक, छह खण्डों में, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-1996ई.</ref> जिस समय दिन, रात, आकाश, पृथ्वी, अन्धकार, प्रकाश तथा इनके अतिरिक्त भी कुछ नहीं था, उस समय एकमात्र वही प्रधान पुरुष परम ब्रह्म विद्यमान थे, जो कि इन्द्रियों और बुद्धि के विषय (ज्ञातव्य) नहीं हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.23.</ref> सृष्टि के आरम्भ में ब्रह्मा जी को विष्णु जी ने जो मूल ज्ञानस्वरूप चतुःश्लोकी भागवत सुनाया था, उसमें भी यही भाव व्यक्त हुआ है -- सृष्टि के पूर्व केवल मैं ही मैं था। मेरे अतिरिक्त न स्थूल था न सूक्ष्म और न दोनों का कारण अज्ञान। जहाँ यह सृष्टि नहीं है, वहाँ मैं ही मैं हूँ और इस सृष्टि के रूप में जो प्रतीत हो रहा है, वह भी मैं ही हूँ और जो कुछ बच रहेगा, वह भी मैं ही हूँ।<ref>भागवत महापुराण-2.9.32 (सटीक, दो खण्डों में, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2001ई.</ref> इन सन्दर्भों से विष्णु की सर्वोच्चता तथा सर्वनियन्ता होने की भावना स्पष्ट परिलक्षित होती है। माना गया है कि विष्णु के दो रूप हुए। प्रथम रूप-- प्रधान पुरुष और दूसरा रूप 'काल' है। ये ही दोनों सृष्टि और प्रलय को अथवा प्रकृति और पुरुष को संयुक्त और वियुक्त करते हैं। यह काल रूप भगवान् अनादि तथा अनन्त हैं; इसलिए संसार की उत्पत्ति, स्थिति और प्रलय भी कभी नहीं रुकते।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.2.26.</ref> वैष्णवों के सिरमौर तथा 'पुराणों का तिलक'<ref>पद्मपुराण, उत्तर खण्ड-194.85 (आनन्दाश्रम मुद्रणालय, भाग-4, संस्करण-1894ई., पृ.1614; तथा संक्षिप्त पद्मपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2001ई.पृ.868.</ref> के रूप में मान्य भागवत महापुराण में सृष्टि की उत्पत्ति के प्रसंग में कहा गया है कि सृष्टि करने की इच्छा होने पर एकार्णव में सोये (एकमात्र) विष्णु की नाभि से कमल का प्रादुर्भाव हुआ और उसमें समस्त गुणों को आभासित करने वाले स्वयं विष्णु के ही अन्तर्यामी रूप से प्रविष्ट होने से स्वतः वेदमय [[ब्रह्मा]] का प्रादुर्भाव हुआ।<ref>भाग., पूर्ववत्-3.8.15.</ref> इसी प्रकार अधिकांश पुराणों में विष्णु को परम ब्रह्म के रूप में स्वीकार किया गया है। उनसे सम्बद्ध कथाओं से पुराण भरे पड़े हैं। पालनकर्ता होने के कारण उन्हें जागतिक दृष्टि से यदा-कदा विविध '''प्रपंचों''' का भी सहारा लेना पड़ता है। असुरों के द्वारा राज्य छीन लेने पर पुनः स्वर्गाधिपत्य-प्राप्ति हेतु देवताओं को समुद्र-मंथन का परामर्श देते हुए असुरों से '''छल''' करने का सुझाव देना;<ref>भाग.पूर्ववत्-8.6.20.</ref> तथा कामोद्दीपक [[मोहिनी अवतार|मोहिनी]] रूप धारणकर असुरों को मोहित करके देवताओं को अमृत पिलाना;<ref>भाग.पूर्ववत्-8.9.</ref> शंखचूड़ (जलंधर) के वध हेतु तुलसी (वृन्दा) का सतीत्व भंग करने सम्बन्धी देवीभागवत<ref>देवीभागवत (सटीक, दो खण्डों में), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2010ई.(नवम स्कन्ध, अध्याय-23,24).</ref> तथा शिवपुराण<ref>शिवपुराण, रुद्रसंहिता, अध्याय-41 (संक्षिप्त शिवपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2000ई.,पृ.382,383).</ref> जैसे उपपुराणों में वर्णित कथाओं में विष्णु का छल-प्रपंच द्रष्टव्य है। इस सम्बन्ध में यह अनिवार्यतः ध्यातव्य है कि पालनकर्ता होने के कारण वे परिणाम देखते हैं। किन्हीं वरदानों से असुरों/अन्यायियों के बल-विशिष्ट हो जाने के कारण यदि छल करके भी अन्यायी का अन्त तथा अन्याय का परिमार्जन होता है तो वे छल करने से भी नहीं हिचकते। रामावतार में छिपकर बाली को मारना तथा कृष्णावतार में महाभारत युद्ध में अनेक छलों का विधायक बनना उनके इसी दृष्टिकोण का परिचायक है। छिद्रान्वेषी लोग इन्हीं कथाओं का उपयोग मनमानी व्याख्या करके ईश्वर-विरोध के रूप में करते हैं। परन्तु, इन्हें सान्दर्भिक ज्ञान की दृष्टि से देखना इसलिए आवश्यक है क्योंकि पुराणों या तत्सम्बन्धी ग्रन्थों में ये प्रसंग विपरीत स्थितियों में सामान्य से इतर विशिष्ट कर्तव्य के ज्ञान हेतु ही उपस्थापित किये गये हैं। ध्यातव्य है कि पुराणों में तात्त्विक ज्ञान को ही ब्रह्म, परमात्मा और भगवान् कहा गया है।<ref>भाग.पूर्ववत्-1.2.11.</ref> == विष्णु का स्वरूप == विष्णु का सम्पूर्ण स्वरूप ज्ञानात्मक है। पुराणों में उनके द्वारा धारण किये जाने वाले आभूषणों तथा आयुधों को भी प्रतीकात्मक माना गया है :- # कौस्तुभ मणि = जगत् के निर्लेप, निर्गुण तथा निर्मल क्षेत्रज्ञ स्वरूप का प्रतीक # श्रीवत्स = प्रधान या मूल प्रकृति # गदा = बुद्धि # शंख = पंचमहाभूतों के उदय का कारण तामस अहंकार # शार्ङ्ग (धनुष) = इन्द्रियों को उत्पन्न करने वाला राजस अहंकार # सुदर्शन चक्र = सात्विक अहंकार # वैजयन्ती माला = पंचतन्मात्रा तथा पंचमहाभूतों का संघात [वैजयन्ती माला मुक्ता, माणिक्य, मरकत, इन्द्रनील तथा हीरा -- इन पाँच रत्नों से बनी होने से पंच प्रतीकात्मक] # बाण = ज्ञानेन्द्रिय तथा कर्मेन्द्रिय। # खड्ग = विद्यामय ज्ञान {जो अज्ञानमय कोश (म्यान) से आच्छादित रहता है।} इस प्रकार समस्त सृजनात्मक उपादान तत्त्वों को विष्णु अपने शरीर पर धारण किये रहते हैं।<ref>विष्णुपुराण, पूर्ववत्-1.22.68से75.</ref> श्रीविष्णु की आकृति से सम्बन्धित स्तुतिपरक एक श्लोक अतिप्रसिद्ध है :- '''''शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्।''''' '''''विश्वाधारं गगनसदृशं मेघ वर्णं शुभाङ्गम्।।''''' '''''लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्।''''' '''''वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।।''''' भावार्थ - जिनकी आकृति अतिशय शांत है, जो शेषनाग की शैया पर शयन किये हुए हैं, जिनकी नाभि में कमल है, जो ‍देवताओं के भी ईश्वर और संपूर्ण जगत् के आधार हैं, जो आकाश के सदृश सर्वत्र व्याप्त हैं, नीलमेघ के समान जिनका वर्ण है, अतिशय सुंदर जिनके संपूर्ण अंग हैं, जो योगियों द्वारा ध्यान करके प्राप्त किये जाते हैं, जो संपूर्ण लोकों के स्वामी हैं, जो जन्म-मरण रूप भय का नाश करने वाले हैं, ऐसे लक्ष्मीपति, कमलनेत्र भगवान् श्रीविष्णु को मैं प्रणाम करता हूँ। == विष्णु-शिव एकता == वेदांत दर्शन के विभिन्न सम्प्रदायों में विष्णु और शिव की भूमिका को लेकर भिन्न दृष्टिकोण हैं। अद्वैत, विशिष्टाद्वैत, और द्वैत तीन प्रमुख सम्प्रदाय हैं जो इस विषय पर अपने-अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। '''अद्वैत (स्मार्त) दृष्टिकोण''': अद्वैत वेदांत, जिसे आदि शंकराचार्य ने प्रतिपादित किया, मानता है कि सभी देवता एक ही ब्रह्म के विभिन्न रूप हैं। अद्वैत के अनुसार, विष्णु और शिव दोनों ही परम सत्य ब्रह्म के विभिन्न अभिव्यक्तियाँ हैं। अद्वैत दर्शन में अंतिम उद्देश्य ब्रह्म की अद्वैत स्थिति की प्राप्ति है, और इस संदर्भ में विष्णु और शिव दोनों ही समान रूप से पूजनीय हैं। '''विशिष्टाद्वैत (श्री सम्प्रदाय) दृष्टिकोण''': विशिष्टाद्वैत वेदांत, जिसे रामानुज ने प्रतिपादित किया, मानता है कि विष्णु ही सर्वोच्च परमात्मा हैं, जिनके अनंत शुभ गुण हैं। इस दर्शन के अनुसार, भगवान विष्णु ही ईश्वर हैं, और वह जगत का कारण, पालनकर्ता और संहारकर्ता है। विशिष्टाद्वैत मानता है कि शिव एक देवता हैं, वे विष्णु के अधीन हैं और उनकी दिव्य लीला का हिस्सा हैं। इस सम्प्रदाय में, विष्णु और उनके अवतारों की भक्ति सर्वोच्च मानी जाती है, और जीवात्मा का अंतिम उद्देश्य विष्णु के साथ भक्ति और सेवा के माध्यम से संबंध स्थापित करना है। रामानुज के सिद्धांतों में, विष्णु की भक्ति के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताया गया है, जिसमें शिव का स्थान महत्वपूर्ण है लेकिन विष्णु के समकक्ष नहीं। '''द्वैत (माध्व सम्प्रदाय) दृष्टिकोण:''' द्वैत वेदांत, जिसे माध्वाचार्य ने स्थापित किया, विष्णु और जीवात्माओं के बीच अनंत भिन्नता पर जोर देता है। इस दृष्टिकोण में, विष्णु को सर्वोच्च भगवान माना जाता है, जबकि शिव को एक शक्तिशाली देवता के रूप में देखा जाता है, जो विष्णु से अलग हैं। द्वैत दर्शन में विष्णु की सर्वोच्चता को प्रमुखता दी जाती है, और शिव की भूमिका महत्वपूर्ण लेकिन विष्णु से भिन्न मानी जाती है। माध्व सम्प्रदाय में विष्णु की भक्ति और सेवा को ही मोक्ष का एकमात्र साधन माना जाता है। == भगवान विष्णु की उत्पत्ति कैसे हुई? == 'अवतार' का शाब्दिक अर्थ है भगवान् का अपनी स्वातंत्र्य-शक्ति के द्वारा भौतिक जगत् में मूर्त रूप से आविर्भाव होना, प्रकट होना।<ref>हिन्दी विश्वकोश,प्रथम खण्ड, नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी; संस्करण-1973ई.,पृ.277.</ref> अवतार की सिद्धि दो दशाओं में मानी जाती है -- एक तो अपने रूप का परित्याग कर कार्यवश नवीन रूप का ग्रहण; तथा दूसरा नवीन जन्म ग्रहण कर सम्बद्ध रूप में आना, जिसमें माता के गर्भ में उचित काल तक एक स्थिति की बात भी सन्निविष्ट है।<ref>पुराण-विमर्श, आचार्य बलदेव उपाध्याय, चौखम्बा विद्याभवन, वाराणसी; संस्करण-2002ई.,पृ.163.</ref> इसमें अत्यल्प समय के लिए रूप बदलकर या किसी दूसरे का रूप धारणकर पुनः अपने रूप में आ जाना शामिल नहीं होता। === अवतार का प्रयोजन === श्रीमद्भगवद्गीता के चतुर्थ अध्याय के सुप्रसिद्ध सातवें एवं आठवें श्लोक में भगवान् ने स्वयं अवतार का प्रयोजन बताते हुए कहा है कि -- जब-जब धर्म की हानि और अधर्म का उत्थान हो जाता है, तब-तब सज्जनों के परित्राण और दुष्टों के विनाश के लिए मैं विभिन्न युगों में (माया का आश्रय लेकर) उत्पन्न होता हूँ।<ref>श्रीमद्भगवद्गीतारहस्य, लो.बाल गंगाधर तिलक, अनुवादक-माधवरावजी सप्रे, प्रकाशक-दी.ज.तिलक,शै.श्री.तिलक, नारायण पेठ, पुणे; अट्ठाइसवाँ संस्करण-2006, पृ.446.(श्लोक-6 से 8 की टीका एवं संबद्ध टिप्पणी)।</ref> इसके अतिरिक्त भागवत महापुराण में एक विशिष्ट और अधिक उदात्त प्रयोजन की बात कही गयी है कि भगवान् तो प्रकृति सम्बन्धी वृद्धि-विनाश आदि से परे अचिन्त्य, अनन्त, निर्गुण हैं। तो यदि वे अवतार रूप में अपनी लीला को प्रकट नहीं करते तो जीव उनके अशेष गुणों को कैसे समझते? अतः जीवों के प्रेरणारूप कल्याण के लिए उन्होंने अपने को (अवतार रूप में) तथा अपनी लीला को प्रकट किया।<ref>भाग.,पूर्ववत्-10.29.14.</ref> इसलिए विभिन्न अवतार-कथाओं में कई विषम स्थितियाँ हैं जिससे जीव यह समझ सके कि परिस्थिति के अनुसार उचित मार्ग कैसा होता है! === अवतारों की संख्या === विष्णु के अवतारों की पहली व्यवस्थित सूची महाभारत में उपलब्ध होती है। महाभारत के शान्तिपर्व में अवतारों की कुल संख्या 10 बतायी गयी है (मूलपाठ) :- '''हंस: कूर्मश्च मत्स्यश्च प्रादुर्भावा द्विजोत्तम ॥''' '''वराहो नरसिंहश्च वामनो राम एव च। ''' '''रामो दाशरथिश्चैव सात्वत: कल्किरेव च ॥'''<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.104.</ref> अर्थात् (श्रीभगवान् स्वयं नारद से कहते हैं) हंस कूर्म मत्स्य वराह नरसिंह वामन परशुराम दशरथनन्दन राम यदुवंशी श्रीकृष्ण तथा कल्कि -- ये सब मेरे अवतार हैं। आगे यह भी कहा गया है कि ये भूत और भविष्य के सभी अवतार हैं।<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.108,109.</ref> मूलपाठ में वर्णन छह अवतारों का है :- 1.वराह 2.नरसिंह 3.वामन 4.परशुराम 5.राम 6.कृष्ण<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.77 से 102.</ref> चूँकि महाभारत बुद्ध के जन्म से पूर्व की अथवा बुद्ध के अवतारी होने की कल्पना से पहले की रचना है; अतः स्वाभाविक रूप से उसमें कहीं बुद्ध का नामोनिशान नहीं है। उसके बदले हंस को अवतार रूप में गिनने से दश की संख्या पूरी हो गयी है। महाभारत के दाक्षिणात्य पाठ में अवतार का वर्णन इस प्रकार है :- '''मत्स्यः कूर्मो वराहश्च नरसिंहश्च वामनः।''' '''रामो रामश्च रामश्च कृष्णः कल्की च ते दश॥'''<ref>महाभारत, पूर्ववत्-शांतिपर्व-339.(पृ॰5350)</ref><ref>श्रीपद्ममहापुराणम्, हिन्दी टीकाकार- आचार्य शिवप्रसाद द्विवेदी, चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन, वाराणसी, प्रथम संस्करण-2016 ई॰, भाग-6, उत्तरखण्ड-II, 229.40-41 (पृ॰3720).</ref> यहाँ पूर्वोक्त अवतारों में से हंस को छोड़कर तीसरे राम अर्थात् बलराम को जोड़ देने से दश की संख्या पूरी हो गयी है। इस विवरण से एक बात प्रमाणित हो जाती है कि महाभारत-काल तक दश से अधिक अवतारों की कल्पना भी नहीं की गयी थी; अन्यथा उन दश अवतारों को 'भूत और भविष्य के भी सभी अवतार' नहीं कहा गया रहता। बाद में अन्य अवतारों की भी कल्पना प्रचलित हुई और कुल अवतारों की गणना चौबीस तक पहुँच गयीं।<ref>भागवत.,पूर्ववत्-1.3.6-25; तथा 2.7.1-38.</ref> === दशावतार === भागवत महापुराण में 22 तथा 24 अवतारों की गणना के बावजूद अवतारों की बहुमान्य संख्या महाभारत वाली दश ही रही है। पद्मपुराण (उत्तरखण्ड-257.40,41), लिंगपुराण (2.48.31,32), वराहपुराण (4.2), मत्स्यपुराण (2.85.6,7) आदि अनेक पुराणों में समान रूप से दश अवतारों की बात ही बतायी गयी है। अग्निपुराण के वर्णन (अध्याय-2से16)<ref>अग्निपुराण, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2002ई., पृ.2से28.</ref> में भी बिल्कुल वही क्रम है। इस सन्दर्भ का निम्नांकित श्लोक (नाममात्र के पाठ भेदों के साथ) प्रायः सर्वनिष्ठ है :- '''मत्स्यः कूर्मो वराहश्च नरसिंहोऽथ वामनः।''' '''रामो रामश्च कृष्णश्च बुद्धः कल्किश्च ते दश॥'''<ref>(क)पद्मपुराण, आनन्दाश्रम संस्करण, पूर्ववत्, उत्तरखण्ड-257.40-41; (ख)वराहपुराणम् (सटीक), डाॅ.सुरकान्त झा, चौखम्बा कृष्णदास अकादमी, वाराणसी; संस्करण-2014, पृ.18; (ग)लिंगमहापुराण (सटीक), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2014ई., उत्तरभाग-48.31-32. (पृ.742); (घ)मत्स्यपुराण (सटीक), गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-2004 ई., 285.6-7. (पृ.1060).</ref> इस प्रकार विष्णु के दश [[अवतार]] ही बहुमान्यता प्राप्त हैं। इनके संक्षिप्त विवरण इस प्रकार हैं : # '''[[मत्स्य अवतार|मत्स्यावतार]]''' : पूर्व कल्प के अन्त में ब्रह्मा जी की तन्द्रावस्था में उनके मुख से निःसृत वेद को [[हयग्रीवासुर|हयग्रीव]] दैत्य के द्वारा चुरा लेने पर भगवान् ने मत्स्यावतार लिया तथ [[मनु]] नामक राजा से कहा कि सातवें दिन प्रलयकाल आने पर समस्त बीजों तथा वेदों के साथ नौका पर बैठ जाएँ। उस समय सप्तर्षि के भी आ जाने पर भगवान् ने महामत्स्य के रूप में उस नौका को उन सबके साथ अनन्त जलराशि पर तैराते हुए उन सबको बचा लिया। पश्चात् [[हयग्रीवासुर|हयग्रीव]] को मारकर वेद वापस ब्रह्मा जी को दे दिया।<ref>भाग.पूर्ववत्-8.24.</ref> # '''[[कूर्म अवतार|कूर्मावतार]]''' : असुरराज बलि के नेतृत्व में असुरों द्वारा देवताओं को परास्त कर शासन-च्युत कर देने पर भगवान् ने देवताओं को असुरों के साथ मिलकर [[समुद्र मन्थन|समुद्र मंथन]] करने को कहा और जब मन्थन के समय मथानी (मन्दराचल) डूबने लगा तो कूर्म (कच्छप) रूप धारणकर उसे अपनी पीठ पर स्थित कर लिया। इसी मन्थन से [[चौदह रत्न]]ों की प्राप्ति हुई।<ref>भाग.पूर्ववत्-8.6,7.</ref> # '''[[वराहावतार]]''' : वराहावतार में भगवान् विष्णु ने महासागर (रसातल) में डुबायी गयी पृथ्वी का उद्धार किया।<ref>भाग.पूर्ववत्-1.3.7.</ref> वहीं भगवान ने हिरण्याक्ष नामक दैत्य का वध भी किया था।<ref>भाग.पूर्ववत्-2.7.1; तथा 7.1.40.</ref> # '''[[नरसिंह]]ावतार''' : हिरण्याक्ष के वध के बाद विष्णुविरोधी हिरण्यकशिपु ने तपस्या के द्वारा अद्भुत वर पाया और देवताओं को परास्त कर अपना अखण्ड साम्राज्य स्थापित कर भगवद्भक्तों पर भीषण अत्याचार करने लगा। अपने पुत्र प्रह्लाद को विष्णु-भक्त जानकर उसने उसका विचार बदलने का बहुत प्रयत्न किया लेकिन असफल होकर उसे मार डालना चाहा। तब अपने भक्त [[प्रह्लाद|प्रहलाद]] को अनेक तरह से भगवान् विष्णु ने बचाया तथा वरदान की शर्त निभाते हुए नरसिंह रूप में आकर हिरण्यकशिपु का वध कर डाला।<ref>भाग.,पूर्ववत्-7.3-8.</ref> # '''[[वामनावतार]]''' : प्रह्लाद के पौत्र, विरोचन के पुत्र असुर नरेश बलि द्वारा स्वर्गाधिपत्य प्राप्त कर लेने पर कश्यप जी के परामर्श से माता अदिति के पयोव्रत से प्रसन्न होकर भगवान् ने उनके घर जन्म लेकर [[वामनावतार|वामन]] रूप में बलि की यज्ञशाला में पधारकर तीन पग भूमि माँगी और फिर विराट रूप धारण कर दो पगों में पृथ्वी-स्वर्ग सब नापकर तीसरा पद रखने के लिए बलि द्वारा अपना सिर दिये जाने पर उसे सुतल लोक भेज दिया।<ref>भाग.,पूर्ववत्-8.15 से 23.</ref> # '''[[परशुराम]]ावतार''': अन्यायी क्षत्रियों और विशेषतः हैहयवंश का नाश करने के लिए भगवान् ने परशुराम के रूप में अंशावतार ग्रहण किया था। उन्होंने इस पृथ्वी को इक्कीस बार क्षत्रियहीन कर दिया।<ref>भाग., पूर्ववत्-9.15.14.</ref> ये महान् पितृभक्त थे। पिता की आज्ञा से इन्होंने अपनी माता का भी वध कर दिया था और पिता के प्रसन्न होकर वर माँगने के लिए कहने पर पुनः माता को जीवित करवा लिया था। अत्याचारी कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रार्जुन) के हजार हाथों को इन्होंने युद्ध में काट डाला था; और उसके पुत्रों द्वारा जमदग्नि ऋषि (परशुराम जी के पिता) को बुरी तरह घायल कर हत्या कर देने पर इन्होंने अत्यन्त क्रोधित होकर उन सबका वध करके इक्कीस बार पृथ्वी को क्षत्रियहीन करके उनके रक्त से समन्तपंचक क्षेत्र में पाँच कुण्ड भर दिये थे। फिर यज्ञ करके सारी पृथ्वी कश्यप जी को देकर महेन्द्र पर्वत पर चले गये।<ref>महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-116,117.तथा भाग.पूर्ववत्-9.16.</ref> # '''[[राम|रामावतार]]''': इस विश्व-विश्रुत अवतार में भगवान् ने महर्षि पुलस्त्य जी के पौत्र एवं मुनिवर विश्रवा के पुत्र रावण—जो कुयोगवश राक्षस हुआ<ref>वाल्मीकीय रामायण-7.9,(सटीक,खण्ड-2, गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-1995ई.).</ref>—के द्वारा सीता का हरण कर लेने से वानर जातियों की सहायता से अनुचरों सहित रावण का वध करके आर्यावर्त को अन्यायी राक्षसों से मुक्त किया तथा आदर्श राज्य की स्थापना की। यह विशेष ध्यातव्य है कि मानवमात्र की प्रेरणा के लिए उच्चतम आदर्श-स्थापना का यह कार्य उन्होंने पूरी तरह मनुष्य-भाव से किया। रामकथा के लिए सर्वाधिक प्रमाणभूत एवं आधार ग्रन्थ वाल्मीकीय रामायण में राम का चरित्र समर्थ मानव-रूप में ही चित्रित है। युद्धादि के समापन के बाद जब सभी देवता उन्हें ब्रह्म मानकर उनकी स्तुति करते हैं, तब भी वे कहते हैं कि -- '''आत्मानं मानुषं मन्ये रामं दशरथात्मजम्।''' '''सोऽहं यश्च यतश्चाहं भगवांस्तद् ब्रवीतु मे॥'''<ref>वा.रा., पूर्ववत्-6.117.11.</ref> ''अर्थात् मैं तो अपने को दशरथपुत्र मनुष्य राम ही मानता हूँ। मैं जो हूँ और जहाँ से आया हूँ, हे भगवन् (ब्रह्मा)! वह सब आप ही मुझे बताइए।'' तब ब्रह्मा जी उन्हें सब बताते हैं। लीला के लिए ही सही, पर पूरी तरह मनुष्यता का यह आदर्श अनुपम है; और जो प्रेरणा इससे मिलती है वह स्वयं को हर समय सर्वशक्तिमान् परात्पर ब्रह्म मानते हुए लीला करने से (जैसा कि बाद की रामायणों में वर्णित है) कभी नहीं मिल सकती है। # '''[[कृष्ण|कृष्णावतार]]''': इस अवतार में भगवान् ने [[देवकी]] और [[वसुदेव]] के घर जन्म लिया था। उनका लालन पालन [[यशोदा]] और नंद ने किया था। इस अवतार में भगवान् ने विशिष्ट लीलाओं द्वारा सबको चकित करते हुए दुराचारी कंस का वध किया; और विख्यात महाभारत-युद्ध में गीता-उपदेश द्वारा अर्जुन को युद्ध हेतु तत्पर करके विभिन्न विषम उपायों का भी सहारा लेकर कौरवों के विध्वंश के बहाने पृथ्वी के लिए भारस्वरूप प्रायः समस्त राजाओं को ससैन्य नष्ट करवा दिया। यहाँ तक कि उनके बतलाये आदर्शों की अवहेलना कर मद्यपान में रमने वाले<ref>महाभारत, पूर्ववत्-1.2.355.</ref> यदुवंश का भी विनाश करवा दिया। श्रीकृष्ण ने यह शिक्षा दी कि जीवन की राह सीधी रेखा में ही नहीं चलती। धर्म और अधर्म का निर्णय परिस्थिति और अन्तिम परिणाम के आधार पर होता है, न कि परम्परा के आधार पर। श्रीकृष्ण की बहुत सी लीलाएँ अनुकरणीय नहीं, चिन्तन के योग्य हैं। राम का चरित्र अनुकरण के योग्य है। राम के चरित्र का अनुकरण करके कृष्ण-चरित्र को समझ सकें, इसी में ज्ञान की सार्थकता है। कृष्ण-चरित्र का वर्णन अनेक पुराणों में है। परन्तु महाभारत के अन्तर्गत आये अंशों के अतिरिक्त शेष बाल-लीला एवं अन्य लीलाओं का प्राचीन रूप हरिवंशपुराण में है; उसके बाद का रूप विष्णुपुराण में तथा सर्वथा परिष्कृत रूप [[भागवत पुराण|श्रीमद्भागवत पुराण]] के पूरे दशम स्कन्ध में है। # '''[[वेंकटेश्वर]]''': [[त्रिदेव|त्रिदेवों]] की परीक्षा लेने के उद्देश्य से महर्षि [[भृगु]] [[बैकुण्ठ]] जा पहुंचे जहां उन्होंने शेष शय्या पर निद्रामग्न भगवान विष्णु के [[वक्ष]] पर जोरदार लात मारी। इससे श्रीहरि की निद्रा खुल गई और उन्होंने भृगु से पूछा कि उनके कठोर वक्ष पर लात मारने के बाद उन्हें कहीं चोट तो नहीं लगी। यह विचित्र दृश्य देखकर माता [[लक्ष्मी]] [[बैकुंठ]] छोड़कर [[पृथ्वी]] पर आ गई और एक राजा की पुत्री के रूप में उन्होंने जन्म लिया। यह देखकर भगवान विष्णु ने भी नि:संतान स्त्री वकुला को मातृत्व का सुख दिया। [[भागवत पुराण]] के अनुसार वकुला पूर्व जन्म में [[यशोदा]] थीं जो भगवान विष्णु के [[कृष्ण]] [[अवतार]] के समय में उनकी पालक माता थीं। देवी [[यशोदा]] के अंतिम समय में उन्होंने उन्हें अगले जन्म में उनकी पालक माता बनने का वरदान दिया था और कहा था कि वे उस जन्म में उनका विवाह भी अवश्य देख पाएंगी। माता [[लक्ष्मी]] के जाने के बाद से भगवान विष्णु श्रीहीन हो गए और वकुला भी एक निर्धन स्त्री थी। [[वेंकटेश्वर]] रूपी भगवान विष्णु ने पद्मावती रूपी माता [[लक्ष्मी]] के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। श्री [[वेंकटेश्वर]] भगवान ने उस समय धन के देवता और यक्षों के राजा [[कुबेर]] से धन मांगा और वचन दिया कि वे उनका ऋण ब्याज़ समेत कलयुग के अंत तक चुका देंगे। भगवान [[वेंकटेश्वर]] ने तत्पश्चात् देवी पद्मावती से विवाह किया और वहीं पर रहकर भक्तों का कल्याण करने का निश्चय किया। # '''[[कल्कि|कल्कि अवतार]]''': यह भविष्य का अवतार है। कलियुग का अन्त समीप आ जाने पर जब अनाचार बहुत बढ़ जाएगा और राजा लोग लुटेरे हो जाएँगे, तब सम्भल नामक ग्राम के विष्णुयश नामक ब्राह्मण के घर भगवान् का कल्कि अवतार होगा।<ref>(क)भाग.पूर्ववत्-1.3.25; (ख)महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-190.93.</ref> उनके द्वारा अधर्म का विनाश हो जाने पर पुनः धर्म की वृद्धि होगी। धर्म की वृद्धि होना ही सत्य युग (कृतयुग) का आना है।<ref>महाभारत, पूर्ववत्, वनपर्व-191.7.</ref> === अन्य अवतार === दशावतार के अतिरिक्त अन्य चौदह अवतारों के नाम (भागवत महापुराण की दोनों सूचियों को मिलाकर)<ref>भाग.पूर्ववत्-1.3.6से25; तथा 2.7.1से38.</ref> इस प्रकार हैं :- # [[सनकादि ऋषि|कौमार सर्ग]] (सनक, सनन्दन, सनातन, सनत्कुमार) - एक बार लोक पितामह [[ब्रह्मा]] ने अनेक लोकों की रचना करने की इच्छा से घोर तप किया। उनके तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने चार ऋषियों के रूप में [[अवतार]] लिया। # [[हयग्रीव|हयशीर्ष (हयग्रीव)]] - एक बार [[दानव हयग्रीव|हयग्रीव]] ( महर्षि [[कश्यप]] और [[दनु (भारत)|दनु]] का पुत्र ) नाम के [[दानव]] ने माता [[पार्वती]] की घोर तपस्या की और उनसे वरदान माँगा कि वह केवल [[हयग्रीव]] के हाथों ही मारा जाए। जब उसके अत्याचार बढ़ने लगे तो भगवान विष्णु ने [[हयग्रीव]] [[अवतार]] लेकर उसे मार डाला। # [[नारद]] - पुराणों के अनुसार [[नारद मुनि|नारद]] भी भगवान विष्णु के [[अवतार]] हैं। एक बार [[सप्तर्षि|सप्तऋषियों]] में विवाद हो गया कि कौन श्रेष्ठ है, जिसे सिद्ध करने के लिए उन्होंने प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। जब उस प्रतियोगिता का भी परिणाम नहीं निकला तो भगवान विष्णु ने [[नारद मुनि|नारद]] का रूप लेकर [[सप्तर्षि|सप्तऋषियों]] को ज्ञान-उपदेश दिया। भगवान [[कृष्ण|श्रीकृष्ण]] ने गीता में स्वयं कहा है कि देवर्षियों में मैं [[नारद मुनि|नारद]] हूँ। # [[हंसावतार|हंस]] - हंस अवतार का सर्वप्रथम [[महाभारत]] में उल्लेख हुआ है। [[महाभारत]] में वर्णित कथा के अनुसार एक बार सनकादि ऋषियों ने अपने पिता ब्रह्मा से पूछा कि इस सृष्टि की रचना कैसे हुई, इस सृष्टि का आदि कौन है तथा अंत कौन है ? [[सनकादि ऋषि|सनकादि]] ऋषियों के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए भगवान विष्णु ने एक बहुत बड़े [[हंस (पक्षी)|हंस]] का रूप लिया और सभा में जाकर उन्होंने सनकादि ऋषियों के प्रश्नों के उत्तर दिये। # [[नर-नारायण अवतार|नर-नारायण]] - नर और नारायण के रूप में भगवान विष्णु ने जुड़वाँ [[संत|संतों]] के रूप में [[ब्रह्मा]] के पुत्र [[रुचि प्रजापति|प्रजापति रुचि]] की पत्नी [[आकूति]] के गर्भ से जन्म लिया। # [[कपिल]] - महर्षि [[कर्दम]] के तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने [[कपिल]] के रूप में [[देवहूति]] के गर्भ से जन्म लिया। # [[दत्तात्रेय|दतात्रेय]] - एक बार त्रिदेवियों को अपने सतीत्व का अहंकार हो गया था तो [[नारद मुनि|नारद]] मुनि ने उनसे अनुसूया के पतिव्रत धर्म की बात की जिससे उनके अहंकार को बहुत ठेस पहुँची। उन्होंने त्रिदेवों से इसके बारे में कहा। त्रिदेव एक ही समय में [[अत्रि]] ऋषि के आश्रम में आये। तीनों ने [[अनुसूया]] से बिना वस्त्र के भोजन करवाने को कहा। [[अनुसूया]] ने [[अत्रि]] ऋषि के चरणोदक से त्रिदेवों को बालक बनाया और उन्हें अपने पुत्र के समान स्नेह दिया और उन्हें [[स्तनपान]] भी कराया। अंत में [[त्रिदेव|त्रिदेवों]] ने अपने तेज से [[अनुसूया]] के गर्भ से जन्म लिया। [[शंकर]] के तेज से [[दुर्वासा]] , ब्रह्मा के तेज से [[चंद्रदेव|चन्द्रदेव]] और विष्णु के तेज से दतात्रेय का जन्म हुआ। # [[यज्ञपुरुष|सुयज्ञ]]<nowiki/>- [[मनु|स्वयंभू मनु]] के यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने आकूति के गर्भ से रूचि प्रजापति के पुत्र के रूप में जन्म लिया। # [[ऋषभदेव]] - [[नाभिराज]] नाम के राजा की कोई संतान नहीं थी। वे भगवान विष्णु के परम भक्त थे और अपने कुलगुरु से उन्होंने एक यज्ञ करवाया जिससे भगवान विष्णु प्रसन्न हो गये और [[नाभिराज]] को वरदान दिया कि वे उनकी पत्नी के गर्भ से पुत्र रूप में जन्म लेंगे। समय आने पर भगवान विष्णु ने रानी [[मरूदेवी]] के गर्भ से पुत्र-रूप में जन्म लिया। # [[पृथु]] - भूमण्डल पर सर्वप्रथम राजा वेन के पुत्र पृथु के रूप में जन्म लिया। # [[धन्वन्तरि]] - [[समुद्र मन्थन]] में अंतिम रत्न के रूप में भगवान विष्णु [[धन्वन्तरि|धन्वन्तरी]] के रूप में [[अमृत]] [[कलश]] लेकर प्रकट हुए थे। इन्हें [[आयुर्वेद]] का जनक माना गया है। # [[मोहिनी अवतार|मोहिनी]] - [[अमृत]] निकलने के बाद [[असुर]] अमृत कलश लेकर भागने लगे थे तो उन्हें रोकने के लिए भगवान विष्णु ने एक सुन्दर स्त्री का रूप लिया और [[असुर|असुरों]] को मोहित करके [[देवताओं]] को अमृत पान करवाया। # [[व्यास]] - धर्मग्रंथो के अनुसार [[वेदव्यास]] भी भगवान विष्णु के अवतार हैं। एक बार [[पाराशर]] मुनि को उसकी नाव पर बैठ कर यमुना पार करना पड़ा। पाराशर मुनि [[सत्यवती]] रूप-सौन्दर्य पर आसक्त हो गये और बोले, "देवि! मैं तुम्हारे साथ सहवास करना चाहता हूँ।" सत्यवती ने कहा, "मुनिवर! आप ब्रह्मज्ञानी हैं और मैं निषाद कन्या। हमारा सहवास सम्भव नहीं है। मैं कुमारी हूँ। मेरे पिता क्या कहेंगे?" पाराशर मुनि बोले, "बालिके! तुम चिन्ता मत करो। प्रसूति होने पर भी तुम कुमारी ही रहोगी।" पाराशर ने फिर से माँग की तो सत्यवती बोली कि "मेरे शरीर से मछली की दुर्गन्ध निकलती है"। तब ऋषि ने उसे आशीर्वाद देते हुए कहा- "तुम्हारे शरीर से जो मछली की गंध निकलती है वह सुगन्ध में परिवर्तित हो जाएगी।" इतना कहकर उन्होंने अपने योगबल से चारों ओर घने कुहरे का जाल रच दिया ताकि कोई और उन्हें उस हाल में न देखे। इस प्रकार पराशर व सत्यवती में प्रणय-संबंध स्थापित हुआ। समय आने पर सत्यवती के गर्भ से वेद-वेदांगों में पारंगत एक पुत्र हुआ। जन्म होते ही वह बालक बड़ा हो गया और अपनी माता से बोला, "माता! तू जब कभी भी विपत्ति में मुझे स्मरण करेगी, मैं उपस्थित हो जाउँगा।" इतना कहकर वे तपस्या करने के लिये द्वैपायन द्वीप चले गये। द्वैपायन द्वीप में तपस्या करने तथा उनके शरीर का रंग काला होने के कारण उन्हे कृष्ण द्वैपायन कहा जाने लगा। आगे चल कर वेदों का विभाजन करने के कारण वे [[वेदव्यास]] के नाम से विख्यात हुए। विष्णुपुराण और भागवत पुराण के अनुसार वेदव्यास अमर हैं। #श्रीहरि [[गजेन्द्र मोक्ष|गजेन्द्रमोक्ष दाता]] - कुछ स्थानों पर इन्हें [[अवतार]] के रूप में वर्णित नहीं किया गया है, किन्तु अधिकतर स्थानों पर इन्हें [[अवतार]] बताया गया है। एक बार एक [[हाथी]] था जो सौ [[हाथी|हथिनियों]] का पति और हजार गज पुत्रों का पिता था। एक बार वह [[नदी]] में स्नान करने गया। वहाँ एक [[मगरमच्छ]] ने उसका पैर पकड़ लिया। ऐसा कहा जाता है कि उसने हजार वर्षो तक संघर्ष किया किन्तु छूट नहीं पाया। अंत में उसने भगवान् नारायण का स्मरण किया और भगवान विष्णु (श्रीहरि) चतुर्भुज रूप में उसके सम्मुख आये और [[मगरमच्छ]] को मारकर उस गजराज को बचाया। गजराज से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसे अपना पार्षद बना लिया। {{Commonscat|Vishnu|विष्णु}} ==फिल्म उल्लेख== [[महावतार नरसिंह]] फिल्म के निर्माताओं ने कथानक को आकार देने हेतु विभिन्न ऐतिहासिक और शास्त्रीय सन्दर्भों को सम्मिलित किया है—विशेषतः [[प्रह्लादपुरी मंदिर]] के खंडहर, [[हम्पी]] में स्थित पुनःस्थापित जली हुई धर्मस्थली, और [[अहोलिबं|अहोबिला नव नरसिंह स्वामी मंदिरों]]<ref>https://www.youtube.com/shorts/Q83ZSgrPktM</ref> जैसे पुरातात्विक स्थलों के अतिरिक्त [[विष्णु पुराण]], [[नरसिंह पुराण]], [[वराह पुराण]] तथा [[श्रीमद्भागवत पुराण]] जैसे पवित्र ग्रंथों से प्रेरणा ली गई है। फिल्म की सफलता और दर्शकों से इसका गहरा जुड़ाव लेखक की पवित्र ग्रंथों के प्रति उसकी अटूट निष्ठा का प्रतिफल है। == 108 नाम, महत्त्व और अर्थ == 1. नारायण कन्नू : ईश्वर, परमात्मा भगवान कृष्ण सुन्दर 2. विष्णु : हर जगह विराजमान रहने वाले 3. वषट्कार: यज्ञ से प्रसन्न होने वाले 4. भूतभव्यभवत्प्रभु: भूत, वर्तमान और भविष्य के स्वामी 5. भूतकृत : सभी प्राणियों के रचयिता 6. भूतभृत : सभी प्राणियों का पोषण करने वाले 7. भाव : सम्पूर्ण अस्तित्व वाले 8. भूतात्मा : ब्रह्मांड के सभी प्राणियों की आत्मा में वास करने वाले 9. भूतभावन : ब्रह्मांड के सभी प्राणियों का पोषण करने वाले 10. पूतात्मा : शुद्ध छवि वाले प्रभु 11. परमात्मा : श्रेष्ठ आत्मा 12. मुक्तानां परमागति: मोक्ष प्रदान करने वाले 13. अव्यय: : हमेशा एक रहने वाले 14. पुरुष: : हर जन में वास करने वाले 15. साक्षी : ब्रह्मांड की सभी घटनाओं के साक्षी 16. क्षेत्रज्ञ: : क्षेत्र के ज्ञाता 17. गरुड़ध्वज: गरुड़ पर सवार होने वाले 18. योग: : श्रेष्ठ योगी 19. योगाविदां नेता : सभी योगियों का स्वामी 20. प्रधानपुरुषेश्वर : प्रकृति और प्राणियों के भगवान 21. नारसिंहवपुष: : नरसिंह रूप धरण करने वाले 22. श्रीमान् : देवी लक्ष्मी के साथ रहने वाले 23. केशव : सुंदर बाल वाले 24. पुरुषोत्तम : श्रेष्ठ पुरुष 25. सर्व : संपूर्ण या जिसमें सब चीजें समाहित हों 26. शर्व : बाढ़ में सब कुछ नाश करने वाले 27. शिव : सदैव शुद्ध रहने वाले 28. स्थाणु : स्थिर रहने वाले 29. भूतादि : सभी को जीवन देने वाले 30. निधिरव्यय : अमूल्य धन के समान 31. सम्भव : सभी घटनाओं में स्वामी 32. भावन : भक्तों को सब कुछ देने वाले 33. भर्ता : सम्पूर्ण ब्रह्मांड के संचालक 34. प्रभव : सभी चीजों में उपस्थित होने वाले 35. प्रभु : सर्वशक्तिमान प्रभु 36. ईश्वर : पूरे ब्रह्मांड पर अधिपति 37. स्वयम्भू : स्वयं प्रकट होने वाले 38. शम्भु : खुशियां देने वाले 39. जगन्नाथ - जग के नाथ 40. पुष्कराक्ष : कमल जैसे नयन वाले 41. महास्वण : वज्र की तरह स्वर वाले 42. अनादिनिधन : जिनका न आदि है न अंत 43. धाता : सभी का समर्थन करने वाले 44. विधाता : सभी कार्यों व परिणामों की रचना करने वाले 45. धातुरुत्तम : ब्रह्मा से भी महान 46. अप्रेमय : नियम व परिभाषाओं से परे 47. हृषीकेशा : सभी इंद्रियों के स्वामी 48. पद्मनाभ : जिनके पेट से ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई 49. अमरप्रभु : अमर रहने वाले 50. विश्वकर्मा : ब्रह्मांड के रचयिता 51. मनु : सभी विचार के दाता 52. त्वष्टा : बड़े को छोटा करने वाले 53.अनन्त : जिसका कोई अन्त नहीं 54. स्थविरो ध्रुव : प्राचीन देवता 55. अग्राह्य : मांसाहार का त्याग करने वाले 56. शाश्वत : हमेशा अवशेष छोड़ने वाले 57. कृष्ण : काले रंग वाले 58. लोहिताक्ष : लाल आँखों वाले 59. प्रतर्दन : बाढ़ के विनाशक 60. प्रभूत : धन और ज्ञान के दाता 61. त्रिककुब्धाम : सभी दिशाओं के भगवान 62. पवित्रां : हृदया पवित्र करने वाले 63. मंगलपरम् : श्रेष्ठ कल्याणकारी 64. ईशान : हर जगह वास करने वाले 65. प्राणद : प्राण देने वाले 66. प्राण : जीवन के स्वामी 67. ज्येष्ठ : सबसे बड़े प्रभु 68. श्रेष्ठ : सबसे महान 69. प्रजापति : सभी के मुख्य 70. कैटभभाजित : कैटभ का वध करने वाले 71. वासुदेव - राजा वसुदेव के पुत्र 72. माधव : देवी लक्ष्मी के पति 73. मधुसूदन : रक्षक मधु के विनाशक 74. ईश्वर : सबको नियंत्रित करने वाले 75. विक्रमी : सबसे साहसी भगवान 76. धन्वी : श्रेष्ठ धनुष- धारी 77. मेधावी : सर्वज्ञाता 78. विक्रम : ब्रह्मांड को मापने वाले 79. क्रम : हर जगह वास करने वाले 80. अनुत्तम : श्रेष्ठ ईश्वर 81. दुराधर्ष : सफलतापूर्वक हमला न करने वाले 82. कृतज्ञ : अच्छाई- बुराई का ज्ञान देने वाले 83. कृति : कर्मों का फल देने वाले 84. आत्मवान : सभी मनुष्य में वास करने वाले 85. सुरेश : देवों के देव 86. शरणम : शरण देने वाले 87. चक्रधारी - चक्र धारण करने वाले 88. विश्वरेता : ब्रह्मांड के रचयिता 89. प्रजाभव : भक्तों के अस्तित्व के लिए अवतार लेने वाले 90. अह्र : दिन की तरह चमकने वाले 91. सम्वत्सर : अवतार लेने वाले 92. व्याल : नाग द्वारा कभी न पकड़े जाने वाले 93. प्रत्यय : ज्ञान का अवतार कहे जाने वाले 94. सर्वदर्शन : सब कुछ देखने वाले 95. अज : जिनका जन्म नहीं हुआ 96. सर्वेश्वर : सम्पूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी 97. सिद्ध : सब कुछ करने वाले 98. सिद्धि : कार्यों के प्रभाव देने वाले 99. सर्वादि : सभी क्रियाओं के प्राथमिक कारण 100. अच्युत : कभी न चूकने वाले 101. वृषाकपि: धर्म और वराह का अवतार लेने वाले 102. अमेयात्मा: जिनका कोई आकार नहीं है। 103. सर्वयोगविनि:  सभी योगियों के स्वामी 104. वसु : सभी प्राणियों में रहने वाले 105. पीताम्बर: पीले वस्त्र धारण करने वाले 106. सत्य : सत्य का समर्थन करने वाले 107. समात्मा: सभी के लिए एक जैसे 108. सममित: सभी प्राणियों में असीमित रहने वाले ==इन्हें भी देखें== == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} {{दशावतार}} [[श्रेणी:हिन्दू देवी-देवता]] m2jwgyiiwgwgxg7cuf3lc2feeimfkwq वेद 0 2908 6582852 6549763 2026-07-15T09:40:06Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582852 wikitext text/x-wiki {{Multiple issues| {{प्रतिलिपि संपादन|date=दिसम्बर 2021}} {{निबंध|date=दिसम्बर 2021}} {{वैश्वीकरण|1=article|2=India|date=दिसम्बर 2021}} {{दृष्टिकोण|date=दिसम्बर 2021}} {{मूल शोध|date=दिसम्बर 2021}} {{अविश्वसनीय स्रोत|date=दिसम्बर 2021}} }} {{Infobox religious text | image = [[File:1500-1200 BCE Rigveda, manuscript page sample i, Mandala 1, Hymn 1 (Sukta 1), Adhyaya 1, lines 1.1.1 to 1.1.9, Sanskrit, Devanagari.jpg|thumb]] | alt = वेद | caption = ऋग्वेद की एक प्राचीन हस्तलिखित प्रति। | language = [[संस्कृत]] |religion = [[सनातन धर्म]] |author = |चौपाई= }} {{सन्दूक हिन्दू ग्रन्थ}} '''वेद''' [[सनातन धर्म]] के प्राचीनतम और आधारभूत धर्म ग्रन्थ हैं। वेद, विश्व के सबसे प्राचीन साहित्य भी हैं। वेद [[भारतीय दर्शन]] के जनक, प्रेरक और मानक भूमिकाओं में केन्द्रीय स्थान प्राप्त हैं। वेद को आदर और सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। वैदिक संस्कृत में रचित ये ग्रंथ संस्कृत साहित्य की प्राचीनतम परत का प्रतिनिधित्व करते हैं और हिंदू धर्म के सर्वाधिक प्राचीन तथा मूलाधार धर्मग्रंथों के रूप में प्रतिष्ठित हैं,<ref>see e.g. {{Harvnb|Radhakrishnan|Moore|1957|p=3}}; {{Harvnb|Witzel|2003|p=68}}; {{Harvnb|MacDonell|2004|pp=29–39}}.</ref><ref>''Sanskrit literature'' (2003) फिलिप के विश्वकोश में. Accessed 2007-08-09</ref><ref> सनुजीत घोष (2011). "[http://www.worldhistory.org/article/230/ Religious Developments in Ancient India]" विश्व इतिहास विश्वकोश में.</ref> जिनमें उस युग की आध्यात्मिक चेतना, वैचारिक गहराई और सांस्कृतिक परंपराओं का सजीव प्रतिबिंब परिलक्षित होता है। वेद वैदिक साहित्य का हिस्सा है। जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक शब्दों के माध्यम से पहुंचा। इसलिए इसे श्रुति (सुनना) भी कहते हैं।{{sfn|Apte|1965|p=887}} आज 'चतुर्वेद' के रूप में ज्ञात निम्नलिखित ग्रंथों का विवरण इस प्रकार हैं।<ref name=gflood>गेविन फ्लड (1996), ''An Introduction to Hinduism'', कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, {{ISBN|978-0-521-43878-0}}, pp. 35–39</ref><ref>ब्लूमफील्ड, एम. अथर्ववेद और गोपथ-ब्राह्मण, (Grundriss der Indo-Arischen Philologie und Altertumskunde II.1.b.) Strassburg 1899; गोंडा, जे. भारतीय साहित्य का इतिहास : I.1 Vedic literature (Samhitas and Brahmanas); I.2 The Ritual Sutras. Wiesbaden 1975, 1977</ref> * '''[[ऋग्वेद]]''' - ४ वेदों में से ऋग्वेद वेदों में प्रथम वेद है। ऋग्वेद में १०२८ सूक्त और १०५८० मंत्र हैं। जो १० मंडलों में (दूसरे से सातवें तक ) को [[गोत्र]]/वंश मंडल कुल ग्रंथ कहा जाता है। तीसरे मंडल में [[गायत्री मन्त्र]] है। १०वें मंडल में पुरुषसूक्त है जो वर्णों - [[ब्राह्मण]], [[क्षत्रिय]], [[वैश्य]], [[शूद्र]] की व्याख्या करता है। *'''[[यजुर्वेद]]''' - इस में कार्य (क्रिया) व यज्ञ (समर्पण) की प्रक्रिया के लिये १९७५ गद्यात्मक मन्त्र हैं। यह २ भागों में विभाजित है - कृष्ण यजुर्वेद और शुक्ल यजुर्वेद। *'''[[सामवेद संहिता|सामवेद]]''' - इस वेद का प्रमुख विषय उपासना है। संगीत में लगे सुर को गाने के लिये १८७५ संगीतमय मंत्र। यह भारतीय संगीत का आधार रूप वेद है। *'''[[अथर्ववेद संहिता|अथर्ववेद]]''' - इस वेद में गुण, धर्म, आरोग्य, एवं यज्ञ के लिये ५९७७ कवितामयी मन्त्र हैं। [[File:Four vedas.jpg|thumb]] चारों वेदों का सम्बन्ध यज्ञ से है। यज्ञ करने में चार प्रकार के ऋत्विजों की आवश्यकता होती है। यथा - • होता • उद्गाता • अध्वर्यु • ब्रह्मा को ''अपौरुषेय'' (जिसे किसी पुरुष के द्वारा न किया जा सकता हो, (अर्थात् ईश्वर कृत) माना जाता है। यह ज्ञान विराट् पुरुष से व [[ब्रह्म|कारणब्रह्म]] से श्रुति परम्परा के माध्यम से सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने प्राप्त किया माना जाता है। यह भी मान्यता है कि परमात्मा ने सबसे पहले ४ महर्षियों जिन के अग्नि, वायु, आदित्य और अंगिरा के आत्माओं में क्रमशः ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद का ज्ञान दिया, उन महर्षियों ने फिर यह ज्ञान ब्रह्मा को दिया। इन्हें श्रुति भी कहते हैं जिस का अर्थ है 'सुना हुआ ज्ञान'। क्योंकि इन्हें सुन कर के लिखा गया था। अन्य आर्य ग्रंथों को स्मृति कहते हैं। वेद मंत्रों की व्याख्या करने के लिए अनेक ग्रंथों जैसे [[ब्राह्मण-ग्रन्थ]], [[आरण्यक]] और [[उपनिषद्|उपनिषद]] की रचना की गई। इन में प्रयुक्त भाषा [[वैदिक संस्कृत]] कहलाती है जो [[संस्कृत भाषा|लौकिक संस्कृत]] से कुछ अलग है। ऐतिहासिक रूप से प्राचीन भारत और [[हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार|हिन्द-आर्य]] जाति के बारे में वेदों को एक अच्छा सन्दर्भ स्रोत माना जाता है। संस्कृत भाषा के प्राचीन रूप को लेकर भी इन का साहित्यिक महत्त्व बना हुआ है। वेदों को समझना प्राचीन काल से ही पहले भारतीय और बाद में संपूर्ण विश्व भर में एक वार्ता का विषय रहा है। इस को पढ़ाने के लिए छः अंगों - [[शिक्षा (वेदांग)|शिक्षा]], [[कल्प (वेदांग)|कल्प]], [[निरुक्त]], [[व्याकरण (वेदांग)|व्याकरण]], [[छंद|छन्द]] और [[ज्योतिष]] के अध्ययन और उपांगों जिन में छः शास्त्र - पूर्वमीमांसा, वैशेषिक, न्याय, योग, सांख्य और वेदांत व दश [[उपनिषद्]] - ईशावास्य, केन, कठ, प्रश्न, मुण्डक, मांडुक्य, ऐतरेय, तैतिरेय, छान्दोग्य और बृहदारण्यक आते हैं। प्राचीन समय में इन को पढ़ने के बाद वेदों को पढ़ा जाता था। प्राचीन काल के ऋषि [[वशिष्ठ]], [[शक्ति]], [[पराशर]], [[वेदव्यास]], [[जैमिनि|जैमिनी]], [[याज्ञवल्क्य]], [[कात्यायन]] इत्यादि ऋषियों को वेदों के अच्छे ज्ञाता माना जाता है। मध्यकाल में रचित व्याख्याओं में आचार्य [[सायण]] का रचा माधवीय वेदार्थदीपिका नाम का चतुर्वेद भाष्य ने पर्याप्त मान्यता पायी। पाश्चात्य के विद्वानों का वेदों के बारे में मत [[हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार|हिन्द - आर्य जाति]] के इतिहास की जिज्ञासा से प्रेरित रही है। अतः वे इस में लोगों, जगहों, पहाड़ों, नदियों के नाम ढूँढते रहते हैं - लेकिन ये भारतीय परंपरा और गुरुओं की शिक्षाओं से मेल नहीं खाता। अठारहवीं सदी उपरांत यूरोपियनों के वेदों और उपनिषदों में रुचि आने के बाद भी इनके अर्थों पर कई विद्वानों में असहमति बनी रही है। वेदों में अनेक वैज्ञानिक विश्लेषण प्राप्त होते हैं। ==कालक्रम== मुख्य लेख '''[[वैदिक सभ्यता]]''' वेद सबसे प्राचीन पवित्र ग्रंथों में से हैं। संहिता लगभग 1700 - 1100 ईसा पूर्व, और "वेदांग" के साथ - साथ संहिताओं की प्रतिदेयता कुछ विद्वान् वैदिक काल की अवधि 1500 - 600 ईसा पूर्व मानते हैं तो कुछ इससे भी अधिक प्राचीन मानते हैं। जिसके परिणामस्वरूप एक वैदिक अवधि होती है, जो 1000 ईसा पूर्व से लेकर 200 ई.पूर्व तक है। कुछ विद्वान् इन्हें ताम्र पाषाण काल (४००० ईसा पूर्व) का मानते हैं। लेकिन पुरातत्व प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। वेदों के बारे में यह मान्यता भी प्रचलित है कि वेद सृष्टि के आरंभ से हैं और परमात्मा द्वारा मानव मात्र के कल्याण के लिए दिए गए हैं। वेदों में किसी भी मत, पन्थ या सम्प्रदाय का उल्लेख न होना यह दर्शाता है कि वेद विश्व में सर्वाधिक प्राचीनतम साहित्य है। वेदों की प्रकृति विज्ञानवादी होने के कारण पश्चिमी जगत् में इन का डंका बज रहा है। [[वैदिक सभ्यता|वैदिक काल]], वेद ग्रंथों की रचना के बाद ही अपने चरम पर पहुंचता है, संपूर्ण उत्तर भारत में विभिन्न शाखाओं की स्थापना के साथ, जो कि ब्राह्मण ग्रंथों के अर्थों के साथ मंत्र संहिताओं को उनके अर्थ की चर्चा करता है, बुद्ध और पाणिनी के काल में भी वेदों का बहुत अध्ययन - अध्यापन का प्रचार था यह भी प्रमाणित है। [[माइकल विटजेल]] भी एक समय अवधि देता है 1500 से 500 - 400 ईसा पूर्व, [[माइकल विटजेल]] ने 1400 ईसा पूर्व माना है, उन्होंने विशेष संदर्भ में ऋग्वेद की अवधि के लिए इंडो - आर्यन समकालीन का एकमात्र शिलालेख दिया था। उन्होंने 150 ईसा पूर्व (पतंजलि) को सभी वैदिक संस्कृत साहित्य के लिए एक टर्मिनस एंटी क्वीन के रूप में, और 1200 ईसा पूर्व (प्रारंभिक आयरन आयु) अथर्ववेद के लिए टर्मिनस पोस्ट क्वीन के रूप में दिया। [[मैक्स मूलर|मैक्समूलर]] ऋग्वेद का रचनाकाल 1200 ईसा पूर्व से 200 ईसा पूर्व के काल के मध्य मानता है। स्वामी [[दयानन्द सरस्वती]] चारों वेदों का काल १९६०८५२९७६ वर्ष हो चुके हैं यह (१८७६ [[ईसवी]] में) मानते है। [[वैदिक सभ्यता|वैदिक काल]] में ग्रंथों का संचरण मौखिक परंपरा द्वारा किया गया था, विस्तृत नैमनिक तकनीकों की सहायता से परिशुद्धता से संरक्षित किया गया था। मौर्य काल (322 - 185 ई० पू०) में बौद्ध धर्म (600 ई० पू०) के उदय के बाद वैदिक समय के बाद साहित्यिक परंपरा का पता लगाया जा सकता है। इसी काल में गृहसूत्र, धर्मसूत्र और वेदांगों की रचना हुई, ऐसा विद्वानों का मत है। इसी काल में संस्कृत व्याकरण पर [[पाणिनि|पाणिनी]] ने '[[अष्टाध्यायी]]' नामक ग्रंथ लिखा। अन्य दो व्याकरणाचार्य [[कात्यायन]] और [[पतञ्जलि]] उत्तर मौर्य काल में हुए। [[चन्द्रगुप्त मौर्य|चंद्रगुप्त मौर्य]] के प्रधानमन्त्री [[चाणक्य]] ने [[अर्थशास्त्र]] नामक ग्रंथ लिखा। शायद १ शताब्दी ईसा पूर्व के यजुर्वेद के कण्व पाठ में सबसे पहले। हालांकि संचरण की मौखिक परंपरा सक्रिय रही। [[माइकल विटजेल]] ने १ सहस्राब्दी ई.पू. में लिखित वैदिक ग्रंथों की संभावना का सुझाव दिया। कुछ विद्वान् जैसे [[जैक गूडी]] कहते हैं कि "वेद एक मौखिक समाज के उत्पाद नहीं हैं", इस दृष्टिकोण को [[यूनान]], [[सर्बिया]] और अन्य संस्कृतियों जैसे विभिन्न मौखिक समाजों से साहित्य के संचरित संस्करणों में विसंगतियों की तुलना करके इस दृष्टिकोण का आधार रखते हुए, उस पर ध्यान देते हुए वैदिक साहित्य बहुत सुसंगत और विशाल है जिसे लिखे बिना, पीढ़ियों में मौखिक रूप से बना दिया गया था। हालांकि [[जैक गूडी]] कहते हैं, वैदिक ग्रंथों कि एक लिखित और मौखिक परंपरा दोनों में शामिल होने की संभावना है, इसे "साक्षरता समाज के समानांतर उत्पाद" कहते हैं। [[वैदिक सभ्यता|वैदिक काल]] में पुस्तकों को ताड़ के पेड़ के पत्रों पर लिखा जाता था। पांडुलिपि सामग्री (बर्च की छाल या ताड़ के पत्तों) की तात्कालिक प्रकृति के कारण, जीवित पांडुलिपियां शायद ही कुछ सौ वर्षों की उम्र को पार करती हैं। [[सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय]] का १४वीं शताब्दी से [[ऋग्वेद]] पांडुलिपि है। हालांकि, नेपाल में कई पुरानी वेद पांडुलिपियां हैं जो ११वीं शताब्दी के बाद से हैं। ===प्राचीन विश्वविद्यालय=== वेद, वैदिक अनुष्ठान और उस के सहायक विज्ञान [[वेदांग]] कहलाते थे, ये वेदांग प्राचीन विश्वविद्यालयों जैसे [[तक्षशिला]], [[नालन्दा महाविहार|नालंदा]] और [[विक्रमशिला]] में पाठ्यक्रम का हिस्सा थे। == वेद - भाष्यकार == प्राचीन काल में माना जाता है कि ब्रह्मा, विष्णु, महेश (शिव), ने ही सारे संसार का संचालन किया है और सारे देवता उस में सहायक होते हैं। भगवान् शिव ने ७ ऋषियों को वेद ज्ञान दिया। इस का उल्लेख भगवद्गीता में हुआ है। ऐतिहासिक रूप से ब्रह्मा, उन के मरीचि, अत्रि आदि ७ और पौत्र [[कश्यप]] और अन्य यथा [[जैमिनि]], [[पतञ्जलि|पतंजलि]], [[मनु]], [[वात्स्यायन]], [[कपिल]], [[कणाद]] आदि मुनियों को वेदों का अच्छा ज्ञान था। व्यास ऋषि ने [[श्रीमद्भगवद्गीता|गीता]] में कई बार वेदों (श्रुति ग्रंथों) का उल्लेख किया है। अध्याय २ में भगवान् कृष्ण, अर्जुन से ये कहते हैं कि वेदों की अलंकारमयी भाषा के बदले उन के वचन आसान लगेंगे।<ref> गीता २.५३ - ''श्रुति विप्रतिपन्ना ते यदा स्थास्यति निश्चला। समाधावचला बुद्धिस्तदा योगमवाप्यसि॥'' - अर्थात् (हे अर्जुन) यदि तुम्हारा मन श्रुति में घुसकर भी शांत रहे, समाधि में बुद्धि अविचल रहे तभी तुम्हें सच्चा दिव्य योग मिला है। </ref> मध्यकाल में आचार्य [[सायण]] को वेदों का प्रसिद्ध [[भाष्यकार]] मानते हैं। परंतु साथ ही यह भी मानते हैं कि उन्होंने ही प्रथम बार वेदों के भाष्य या अनुवाद में देवी - देवता, इतिहास और कथाओं का उल्लेख किया जिसको आधार मानकार [[महीधर]] और अन्य भाष्यकारों ने ऐसी व्याख्या की। [[महीधर]] और [[उवट|उव्वट]] इसी श्रेणी के भाष्यकार थे। आधुनिक काल में [[राजा राममोहन राय]] का [[ब्रह्म समाज]] और स्वामी [[दयानन्द सरस्वती]] का [[आर्य समाज]] लगभग एक ही समय (१८०० - १९०० ईसवी) में वेदों के सबसे बड़े प्रचारक बने। स्वामी [[दयानन्द सरस्वती]] ने ऋग्वेद और यजुर्वेद का लगभग सातवें मंडल के कुछ भाग तक भाष्य किया। सामवेद और अथर्ववेद का भाष्य पं० हरिशरण सिद्धान्तालंकार ने किया है। वैदिक संहिताओं के अनुवाद में [[रमेशचन्द्र दत्त|रमेशचंद्र दत्त]] बंगाल से, [[रामगोविन्द त्रिवेदी]] एवं [[जयदेव वेदालंकार]] के हिन्दी में एवं [[श्रीधर पाठक]] का मराठी में कार्य भी लोगों को वेदों के बारे में जानकारी प्रदान करता रहा है। इस के बाद गायत्री तपोभूमि के [[राम शर्मा|श्रीराम शर्मा आचार्य]] ने भी वेदों के भाष्य प्रकाशित किये हैं - इन के भाष्य सायणाधारित हैं। अन्य भी वेदों के अनेक भाष्यकार हैं। === वेदों का प्रकाशन === वेदों का प्रकाशन [[शंकर पाण्डुरंग]] ने सायण भाष्य के अलावा अथर्ववेद का ४ खण्डों में प्रकाशन किया। पण्डित बाल गंगाधर [[बाल गंगाधर तिलक|तिलक]] ने ओरायन और द आर्कटिक होम इन द वेदाज नामक २ ग्रंथ वैदिक साहित्य की समीक्षा के रूप में लिखे। [[बालकृष्ण दीक्षित]] ने सन् १८७७ ई० में कोलकाता से सामवेद पर अपने ज्ञान का प्रकाशन कराया। पण्डित [[श्रीपाद दामोदर सातवलेकर|दामोदर सातवलेकर]] ने [[सातारा]] में चारों वेदों की संहिता का श्रमपूर्वक प्रकाशन कराया। [[तिलक विद्यापीठ]], [[पुणे]] से ५ जिल्दों में प्रकाशित ऋग्वेद के [[सायण भाष्य]] के प्रकाशन को भी प्रामाणिक माना जाता है। === विदेशी प्रयास === हालांकि, वेदों का अवतरण काल वर्तमान सृष्टि के आरंभ के समय का माना जाता है। इस के हिसाब से वेद को अवतरित हुए २०२४ (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा [[विक्रम संवत|विक्रमी संवत]] २०७४) को 1,96,08,53,124 वर्ष होंगे। १७वीं सदी में मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब के भाई [[दारा शिकोह]] ने कुछ उपनिषदों का [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] में अनुवाद किया (''सिर्र ए अकबर'',سرّ اکبر महान् रहस्य) जो पहले फ्रांसिसी और बाद में अन्य भाषाओं में अनूदित हुईं। पाश्चात्य में इस के बाद वैदिक और संस्कृत साहित्य की ओर ध्यान गया। [[मैक्स मूलर]] जैसे पाश्चात्य विद्वान् ने संस्कृत और वैदिक साहित्य पर बहुत अध्ययन किया। परंतु यूरोप के विद्वानों का ध्यान हिन्द आर्य भाषा परिवार के सिद्धांत को बनाने और उस को सिद्ध करने में ही लगा हुआ है। शब्दों की समानता को लेकर बने इस सिद्धांत में ऐतिहासिक तथ्यों और काल निर्धारण को तोड़ मरोड़ करना ही पड़ता है। इस कारण से वेदों की रचना का समय 2014 - 2024 ईसा पूर्व माना जाता है जो संस्कृत साहित्य और हिन्दू सिद्धांतों पर खरा नहीं उतरता। लेकिन आर्य जातियों के प्रयाण के सिद्धांत के तहत और भाषागत दृष्टि से यही काल इन ग्रंथों की रचना का मान लिया जाता है। === वेदों का काल === वेदों का अवतरण काल वर्तमान सृष्टि के आरंभ के समय का माना जाता है। इसके हिसाब से वेद को अवतरित हुए 2024 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा [[विक्रम संवत|विक्रमी संवत]] 2074) को 1,96,08,53,124 वर्ष होंगे। वेद अवतरण के पश्चात् [[श्रुति]] के रूप में रहे और काफी बाद में वेदों को लिपिबद्ध किया गया और वेदों को संरक्षित करने अथवा अच्छी तरह से समझने के लिये वेदों से ही वेदांगों का आविष्कार किया गया। इसमें उपस्थित खगोलीय विवरणानुसार कई इतिहासकार इसे ५००० से ७००० साल पुराना मानते हैं परंतु आत्मचिंतन से ज्ञात होता है कि जैसे सात दिन बीत जाने पर पुनः रविवार आता है वैसे ही ये खगोलीय घटनाएं बार बार होतीं हैं अतः इनके आधार पर गणना श्रेयसकर नहीं।<ref>आर्यों का आदिदेश</ref> वेद हमें ब्रह्मांड के अनोखे, अलौकिक व ब्रह्मांड के अनंत राज बताते हैं जो साधारण समझ से परे हैं। वेद की पुरातन नीतियां व ज्ञान इस दुनिया को न केवल समझाते हैं अपितु इसके अलावा वे इस दुनियां को पुनः सुचारू तरीके से चलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। == वेदों का महत्व == प्राचीन काल से भारत में वेदों के अध्ययन और व्याख्या की परम्परा रही है। वैदिक सनातन वर्णाश्रम (हिन्दू) धर्म के अनुसार [[वैदिक सभ्यता|वैदिक काल]] में [[ब्रह्मा]] से लेकर [[वेदव्यास]] तथा [[जैमिनि]] तक के [[ऋषि]]-[[मुनि]]यों और दार्शनिकों ने [[शब्द]], [[प्रमाण]] के रूप में इन्हीं को माना है{{Citation needed}} और इनके आधार पर अपने ग्रन्थों का निर्माण भी किया है। पराशर, कात्यायन, याज्ञवल्क्य, व्यास, पाणिनी आदि को प्राचीन काल के वेदवेत्ता कहते हैं। वेदों के विदित होने यानि चार ऋषियों के ध्यान में आने के बाद इनकी व्याख्या करने की परम्परा रही है <ref>[[शतपथ ब्राह्मण]] के अनुसार - '''अग्नेर्वाऋग्वेदो जायते वायोर्यजुर्वेदः सूर्यात् सामवेदः'', यानि अग्नि ऋषि से ऋक्, वायु ऋषि से यजुस् और सूर्य ऋषि से सामवेद का ज्ञान मिला। अंगिरस ऋषि को अथर्ववेद का ज्ञान मिला। इससे [[ब्रह्मा]] जैसे ऋषियोंने चारो वेदौंकी शिक्षाको स्वयं साक्षात्कार कर अन्य विद्वानों में फैलाया। श्रुतिपरंपरा में वेदग्रहणकालमें ब्रह्मा के चतुर्मुख होने का वर्णन आया है </ref>। अतः फलस्वरूप एक ही वेद का स्वरुप भी मन्त्र, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद् के रुप में चार ही माना गया है। इतिहास (महाभारत), पुराण आदि महान् ग्रन्थ वेदों का व्याख्यान के स्वरूप में रचे गए। प्राचीन काल और मध्ययुग में शास्त्रार्थ इसी व्याख्या और अर्थांतर के कारण हुए हैं। मुख्य विषय - देव, अग्नि, रूद्र, विष्णु, मरुत, सरस्वती इत्यादि जैसे शब्दों को लेकर हुए। वेद के विषय में [[दयानन्द सरस्वती|स्वामी दयानन्द सरस्वती]] के विचार में ज्ञान, कर्म, उपासना और विज्ञान वेदों के विषय हैं। [[जीव]], [[ईश्वर]], [[प्रकृति]] इन तीन अनादि नित्य सत्ताओं का निज स्वरूप का ज्ञान केवल वेद से ही उपलब्ध होता है। वेद में मूर्ति पूजा को अमान्य कहा गया है। महर्षि [[कणाद]] ने "तद्वचनादाम्नायस्य प्राणाण्यम्"<ref> वैशेषिक दर्शन, प्रथम अध्याय, प्रथम माह्नक, तृतीयश्लोक </ref> और "बुद्धिपूर्वा वाक्यकृतिर्वेदे" लिख कर के वेद को दर्शन और विज्ञान का भी स्रोत माना है। सनातन धर्म के अनुसार सबसे प्राचीन नियम विधाता [[महर्षि]] [[मनु]] ने लिखा है कि वेदोऽखिलो धर्ममूलम् - खिलरहित वेद अर्थात् समग्र [[संहिता]], [[ब्राह्मण]], [[आरण्यक]] और [[उपनिषद्|उपनिषद]] के रूप में वेद ही [[धर्म]] व [[धर्मशास्त्र]] का मूल आधार है। न केवल धार्मिक किन्तु ऐतिहासिक दृष्टि से भी वेदों का असाधारण महत्त्व है। वैदिक युग के आर्यों की संस्कृति और सभ्यता को जानने का वेद ही तो एकमात्र साधन है। मानव - जाति और विशेषतः वैदिकों ने अपने शैशव में धर्म और समाज का किस प्रकार विकास किया इस का ज्ञान केवल वेदों से मिलता है। विश्व के वाङ्मय में इन को प्राचीनतम ग्रन्थ (पुस्तक) माना जाता है। <ref>ऋंगवेद संहिता प्रथम भाग में ख्याति प्राप्त प्रोफेसर [[मैक्स मूलर]] लिखते हैं (प्राक्कथन, पृष्ठ १०) कि वे इस बात से आश्वस्त हैं कि ये दुनिया की प्राचीनतम ग्रन्थ (पुस्तक) हैं। </ref> [[भारतीय भाषाओं]] का मूलस्वरूप निर्धारित करने में वैदिक भाषा अत्यधिक सहायक सिद्ध हुई है। [[युनेस्को|यूनेस्को]] ने ७ नवम्बर २००३ को [[वेदपाठ]] को मानवता के मौखिक एवं अमूर्त विरासत की श्रेष्ठ कृतियाँ और मानवता के मौखिक एवं अमूर्त विरासत की श्रेष्ठ कृति घोषित किया। [[File:Veda Pathashala students learning.jpg|विद्यार्थी पाठशाला में वेद की शिक्षा ले रहे हैं। |thumb]] === विवेचना === प्राचीन काल में, भारत में ही, इसकी विवेचना के अंतर के कारण कई मत बन गए थे। मध्ययुग में भी इसके [[भाष्य]] (व्याख्या) को लेकर कई शास्त्रार्थ हुए। वैदिक सनातन वर्णाश्रमी इसमें वर्णित चरित्रों ''देव'' को पूज्य और मूर्ति रूपक आराध्य समझते हैं जबकि स्वामी [[दयानन्द सरस्वती]] सहित अन्य विद्वानों का मत है कि इन में वर्णित चरित्र (जैसे ''अग्नि'', ''इंद्र'' आदि) एकमात्र ईश्वर के ही रूप और नाम हैं। इन के अनुसार ''देवता'' शब्द का अर्थ है - (उपकार) देने वाली वस्तुएँ, विद्वान् लोग और सूक्त मंत्र (और नाम) न कि मूर्ति पूजनीय आराध्य रूप। == वैदिक विवाद == आर्य आक्रमण सिद्धांत पूर्ण रूप से खंडित हो जाने से कोई वैदिक विवाद नहीं है। सरल बात है कि आर्यावर्त या भारतवर्ष के मूल वासी आर्य हैं। तथा अंग्रेज़ों ने निराधार आर्य आक्रमण सिद्धांत को बनाया। कुछ देशभक्त जैसे पण्डित [[बाल गंगाधर तिलक]] भी इन सच्चाई को ढंग से लिखने लगे। उन से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे तो जो कुछ लिखे, अंग्रेजों द्वारा किए गए वैदिक अनुवाद का अध्ययन करके ही लिखे<ref>पुस्तक मानवेर आदि जन्मभूमि लेखक श्रीविद्यारत्न जी, पृष्ठ १२४</ref> == वैदिक वांग्मय का वर्गीकरण == वैदिकों का यह सर्वस्व ग्रन्थ 'वेदत्रयी' के नाम से भी विदित है। पहले यह वेद ग्रन्थ एक ही था जिस का नाम यजुर्वेद था - ''एकैवासीद् यजुर्वेद चतुर्धाः व्यभजत् पुनः'' वही यजुर्वेद पुनः ऋक् - यजुस् - सामः के रूप मे प्रसिद्ध हुआ जिस से वह 'त्रयी' कहलाया। बाद में वेद को पढ़ना बहुत कठिन प्रतीत होने लगा, इसलिए उसी एक वेद के तीन या चार विभाग किए गए। तब उन को ऋग् यजुः साम रुप में '''वेदत्रयी''' अथवा बहुत समय बाद ''ऋग्यजुसामाथर्व'' के रूप में '''चतुर्वेद''' कहलाने लगे। मंत्रों का प्रकार और आशय यानि अर्थ के आधार पर वर्गीकरण किया गया। इस का आधार इस प्रकार है - === वेदत्रयी === वैदिक परम्परा २ प्रकार की है - ब्रह्म परम्परा और आदित्य परम्परा। दोनों परम्पराओं में वेदत्रयी परम्परा प्राचीन काल में प्रसिद्ध थी। विश्व में शब्द प्रयोग की ३ शैलियाँ होती हैं: पद्य (कविता), गद्य और गान। वेदों के मंत्रों के '[[काव्य|पद्य]], [[गद्य]] और [[गान]]' ऐसे तीन विभाग होते हैं - # वेद का पद्य भाग - '''[[ऋग्वेद]]''' # वेद का गद्य भाग - '''[[यजुर्वेद]]''' # वेद का गायन भाग - '''[[सामवेद संहिता|सामवेद]]''' पद्य में अक्षर-संख्या तथा पाद एवं विराम का निश्चित नियम होता है। अतः निश्चित अक्षर-संख्या तथा पाद एवं विराम वाले वेद-मन्त्रों की संज्ञा 'ऋक्' है। जिन मन्त्रों में छन्द के नियमानुसार अक्षर-संख्या तथा पाद एवं विराम ऋषिदृष्ट नहीं है, वे गद्यात्मक मन्त्र 'यजुः' कहलाते हैं और जितने मन्त्र गानात्मक हैं, वे मन्त्र ‘'साम'’ कहलाते हैं। इन तीन प्रकार की शब्द-प्रकाशन-शैलियों के आधार पर ही शास्त्र एवं लोक में वेद के लिये ‘त्रयी’ शब्द का भी प्रयोग किया जाता है। यजुर्वेद गद्यसंग्रह है, अत: इस यजुर्वेद में जो ऋग्वेद के छंदोबद्ध मंत्र हैं, उनको भी यजुर्वेद पढ़ने के समय गद्य जैसा ही पढ़ा जाता है। === चतुर्वेद === [[द्वापर युग]] की समाप्ति के पूर्व वेदों के उक्त चार विभाग अलग-अलग नहीं थे। उस समय तो ऋक्, यजुः और साम - इन तीन शब्द-शैलियों मे संग्रहात्मक एक विशिष्ट अध्ययनीय शब्द-राशि ही वेद कहलाती थी। बाद में जब अथर्व भी वेद के समकक्ष हो गया, तब ये 'त्रयी' के स्थान पर 'चतुर्वेद' कहलाने लगे । गुरु के रुष्ट होने पर जिन्होने सभी वेदों को आदित्य से प्राप्त किया है उन [[याज्ञवल्क्य]] ने अपनी स्मृति मे वेदत्रयी के बाद और पुराणों के आगे अथर्व को सम्मिलित कर बोला '''वेदाsथर्वपुराणानि इति।''' वर्तमान काल में वेद चार हैं- लेकिन पहले ये एक ही थे। वर्तमान काल में वेद चार माने जाते हैं। परंतु इन चारों को मिलाकर एक ही 'वेद ग्रंथ' समझा जाता था। :''एकैवासीत्यजुर्वेदस्तंचतुर्धाःव्यवर्तयत्'' -[[गरुड़ पुराण| गरुड पुराण ]] लक्षणतः त्रयी होते हुये भी वेद एक ही था, फिर उसको चार भागों में बाँटा गया। : '''एक एव पुरा वेद: प्रणव: सर्ववाङ्मय ''' - [[महाभारत]] ===अन्य नाम=== वेदों को सुनने से फैलने और पीढ़ी दर पीढ़ी याद रखने के कारण व सृष्टिकर्ता ब्रह्मा द्वारा भी अपौरुषेय वाणी के रुप में प्राप्त करने के कारण ''श्रुति'', स्वतः प्रमाण के कारण आम्नाय, पुरुष (जीव) भिन्न ईश्वरकृत होने से अपौरुषेय इत्यादि नाम भी दिये जाते हैं। वेद के पठन पाठन के क्रम में गुरुमुख से श्रवण एवं याद करने का वेद के संरक्षण एवं सफलता की दृष्टि से अत्यन्त महत्त्व है। इसी कारण वेद को ‘'श्रुति'’ भी कहते हैं। वेद परिश्रम पूर्वक अभ्यास द्वारा संरक्षणीय है, इस कारण इस का नाम ‘'आम्नाय’' भी है। वेदों की रक्षार्थ महर्षियों ने अष्ट विकृतियों की रचना की है - जटा माला शिखा रेखा ध्वजो दण्डो रथो घनः। अष्टौ विकृतयः प्रोक्तो क्रमपूर्वा महर्षयः।। जिस के फलस्वरुप प्राचीन काल की तरह आज भी ह्रस्व, दीर्घ, प्लुत और उदात्त, अनुदात्त स्वरित आदि के अनुरुप मन्त्रोच्चारण होता है। === साहित्यिक दृष्टि === इस के अनुसार प्रत्येक शाखा की वैदिक शब्दराशि का वर्गीकरण उपर वर्णित प्रत्येक वेद के ४ भाग होते हैं। पहले भाग मन्त्रभाग (संहिता) के अलावा अन्य ३ भाग को वेद न मानने वाले भी हैं लेकिन ऐसा विचार तर्कपूर्ण सिद्ध होते नहीं देखा गया हैं। अनादि वैदिक परम्परा में मन्त्र, ब्राह्मण, आरण्यक और उपनिषद एक ही वेद के चार अवयव है। कुल मिलाकर वेद के भाग ये हैं। * [[संहिता]] मन्त्रभाग- यज्ञानुष्ठान मे प्रयुक्त व विनियुक्त भाग। * [[ब्राह्मण-ग्रन्थ]] - यज्ञानुष्ठान में प्रयोगपरक मन्त्र का व्याख्यायुक्त गद्यभाग में [[कर्मकाण्ड]] की विवेचना। * [[आरण्यक]] - यज्ञानुष्ठान के आध्यात्मपरक विवेचनायुक्त भाग अर्थ के पीछे के उद्देश्य की विवेचना। * [[उपनिषद्|उपनिषद]] - [[ब्रह्म]], [[माया]] व [[परमेश्वर]], [[अविद्या|अविद्या,]] [[जीवात्मा]] और जगत् के स्वभाव और सम्बन्ध का बहुत ही दार्शनिक और ज्ञानपूर्वक वर्णन वाला भाग। जैसा कि कृष्ण यजुर्वेद में मन्त्रखण्ड में ही ब्राह्मण है। शुक्ल यजुर्वेद मन्त्रभाग में ही ईशावास्योपनिषद् है। उपर के चारों खंड वेद होने पर भी कुछ लोग केवल 'संहिता' को ही वेद मानते हैं। ===वर्गीकरण का इतिहास=== द्वापरयुग की समाप्ति के समय महर्षि कृष्णद्वैपायन [[वेदव्यास]] ने [[यज्ञ|यज्ञानुष्ठान]] के उपयोग को दृष्टिगत रखकर उस एक वेद के ४ विभाग कर दिये और इन चारों विभागों की शिक्षा चार शिष्यों को दी। ये ही चार विभाग ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद के नाम से प्रसिद्ध है। [[पिप्लाद|पिप्पलाद]], [[वैशम्पायन]], [[जैमिनि]] और [[सुमन्तु]] नामक ४ शिष्यों को क्रमशः ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद की शिक्षा दी। इन चार शिष्यों ने शाकल आदि अपने भिन्न भिन्न शिष्यों को पढ़ाया। इन शिष्यों के द्वारा अपने अपने अधीन वेदों के प्रचार व संरक्षण के कारण वे [[वैदिक ग्रन्थ]], [[चरण]], [[शाखा]], [[प्रतिशाखा]] और [[अनुशाखा]] के माध्यम से अनेक रूपों में विस्तारित हो गये व उन्हीं प्रचारक ऋषियों के नाम से प्रसिद्ध हैं। परंतु अनेक विद्वानों का मानना है कि वेद आरंभ से ही चार हैं। ===शाखा === पूर्वोक्त चार शिष्यों ने शुरु में जितने शिष्यों को अनुश्रवण कराया वे चरण समूह कहलाये। प्रत्येक चरण समूह में बहुत सी शाखाएं होती हैं और इसी तरह प्रतिशाखा, अनुशाखा आदि बन गए। वेद की अनेक शाखाएं यानि व्याख्यान का तरीका बतायी गयी हैं। ऋषि पतंजलि के महाभाष्य के अनुसार ऋग्वेद की २१, यजुर्वेद की १०१, सामवेद की १००१, अर्थववेद की ९ अतः इस प्रकार ११३१ शाखाएं हैं परन्तु आज १२ शाखाओं के ही मूल ग्रन्थ उपलब्ध हैं। वेद की प्रत्येक शाखा की वैदिक शब्दराशि चार भागों में उपलब्ध है: 1. [[संहिता]] 2. [[ब्राह्मण]] 3. [[आरण्यक]] 4. [[उपनिषद्]]। कुछ विद्वान् '''इन में संहिता को ही वेद मानते हैं'''। शेष तीन भाग को वेदों के व्याख्या ग्रन्थ मानते हैं। अलग अलग शाखाओं में मूल संहिता तो वही रहती है लेकिन आरण्यक और ब्राह्मण ग्रंथों में अन्तर आ जाता है। कई मंत्र भागों में भी उपनिषद मिलता है जैसा कि शुक्ल यजुर्वेद मन्त्रभाग में इशावास्योपनिषद। पुराने समय में जितनी शाखाएं थी उतने ही मन्त्र, ब्राह्मण, आरण्यक और उपनिषद होते थे। इतनी शाखायें होने के बाबजूद भी आजकल कुल ९ शाखाओं के ही ग्रंथ मिलते हैं। अन्य शाखाओं में किसी के मन्त्र, किसी के ब्राह्मण, किसी के आरण्यक तो किसी के उपनिषद ही पाया जाता है। इतना ही नही, कई शाखाओं के तो केवल उपनिषद ही पाए जाते हैं, तभी तो उपनिषद अधिक मिलते हैं। ==वेदों के विषय== वैदिक ऋषियौ ने वेदों को जनकल्याणमे प्रवृत्त पाया। निस्संदेह जैसा कि - ''यथेमां वाचं कल्याणिमावदानि जनेभ्यः'' वैसा ही ''वेदा हि यज्ञार्थमभिप्रवृत्ता कालानुपूर्व्याभिहिताश्च यज्ञाः तस्मादिदं कालविधानशास्त्रं यो ज्योतिषं वेद स वेद यज्ञम् '' वेदों की प्रवृत्तिः जनकल्याण के कार्य में है। वेद शब्द विद् धातु में घं प्रत्यय लगने से बना है। संस्कृत ग्रन्थों में ''विद् ज्ञाने'' और ''विद्‌ लाभे'' जैसे विशेषणों से विद् धातु से ज्ञान और लाभ के अर्थ का बोध होता है। वेदों के विषय उन की व्याख्या पर निर्भर करते हैं - अग्नि, यज्ञ, सूर्य, इंद्र (आत्मा तथा बिजली के अर्थ में), सोम, ब्रह्म, मन-आत्मा, जगत्-उत्पत्ति, पदार्थों के गुण, धर्म (उचित - अनुचित), दाम्पत्य, ध्यान - योग, प्राण (श्वास की शक्ति) जैसे विषय इस में बारंबार आते हैं। यज्ञ में [[ देवता]], द्रव्य, उद्देश्य,और विधि आदि विनियुक्त होते हैं। ग्रंथों के हिसाब से इन का विवरण इस प्रकार है - ==== [[ऋग्वेद]] ==== ऋग्वेद को चारों वेदों में सबसे प्राचीन माना जाता है। इस को २ प्रकार से बाँटा गया है। प्रथम प्रकार में इसे १० मण्डलों में विभाजित किया गया है। मण्डलों को सूक्तों में, सूक्त में कुछ ऋचाएं होती हैं। कुल ऋचाएं 10647 हैं। दूसरे प्रकार से ऋग्वेद में 64 अध्याय हैं। आठ-आठ अध्यायों को मिलाकर एक अष्टक बनाया गया है। ऐसे कुल आठ अष्टक हैं। फिर प्रत्येक अध्याय को वर्गों में विभाजित किया गया है। वर्गों की संख्या भिन्न-भिन्न अध्यायों में भिन्न भिन्न ही है। कुल वर्ग संख्या 2024 है। प्रत्येक वर्ग में कुछ मंत्र होते हैं। सृष्टि के अनेक रहस्यों का इनमें उद्घाटन किया गया है। पहले इसकी 21 शाखाएं थीं परन्तु वर्तमान में इसकी निकल शाखा का ही प्रचार है। ==== [[यजुर्वेद]] ==== इसमें गद्य और पद्य दोनों ही हैं। इसमें यज्ञ कर्म की प्रधानता है। प्राचीन काल में इसकी 101 शाखाएं थीं परन्तु वर्तमान में केवल पांच शाखाएं हैं - काठक, कपिष्ठल, मैत्रायणी, तैत्तिरीय, वाजसनेयी। इस वेद के दो भेद हैं - कृष्ण यजुर्वेद और शुक्ल यजुर्वेद। कृष्ण यजुर्वेद का संकलन महर्षि वेद व्यास ने किया है। इसका दूसरा नाम तैत्तिरीय संहिता भी है। इसमें मंत्र और ब्राह्मण भाग मिश्रित हैं। शुक्ल यजुर्वेद - इसे सूर्य ने याज्ञवल्क्य को उपदेश के रूप में दिया था। इसमें 15 शाखाएं थीं परन्तु वर्तमान में माध्यन्दिन को जिसे वाजसनेयी भी कहते हैं प्राप्त हैं। इसमें 40 अध्याय, 303 अनुवाक एवं 1975 मंत्र हैं। अन्तिम चालीसवां अध्याय ईशावास्योपनिषद है। ==== [[सामवेद संहिता|सामवेद]] ==== यह गेय ग्रन्थ है। इसमें गान विद्या का भण्डार है, यह भारतीय संगीत का मूल है। ऋचाओं के गायन को ही साम कहते हैं। इसकी 1001 शाखाएं थीं। परन्तु आजकल तीन ही प्रचलित हैं - कोथुमीय, जैमिनीय और राणायनीय। इसको पूर्वार्चिक और उत्तरार्चिक में बांटा गया है। पूर्वार्चिक में चार काण्ड हैं - आग्नेय काण्ड, ऐन्द्र काण्ड, पवमान काण्ड और आरण्य काण्ड। चारों काण्डों में कुल 640 मंत्र हैं। फिर महानाम्न्यार्चिक के 10 मंत्र हैं। इस प्रकार पूर्वार्चिक में कुल 650 मंत्र हैं। छः प्रपाठक हैं। उत्तरार्चिक को 21 अध्यायों में बांटा गया। नौ प्रपाठक हैं। इसमें कुल 1225 मंत्र हैं। इस प्रकार सामवेद में कुल 1875 मंत्र हैं। इसमें अधिकतर मंत्र ऋग्वेद से लिए गए हैं। इसे उपासना का प्रवर्तक भी कहा जा सकता है। ==== [[अथर्ववेद संहिता|अथर्ववेद]] ==== इसमें गणित, विज्ञान, आयुर्वेद, समाज शास्त्र, कृषि विज्ञान, आदि अनेक विषय वर्णित हैं। कुछ लोग इसमें मंत्र-तंत्र भी खोजते हैं। यह वेद जहां ब्रह्म ज्ञान का उपदेश करता है, वहीं मोक्ष का उपाय भी बताता है। इसे ब्रह्म वेद भी कहते हैं। इसमें मुख्य रूप में अथर्वण और आंगिरस ऋषियों के मंत्र होने के कारण अथर्व आंगिरस भी कहते हैं। यह 20 काण्डों में विभक्त है। प्रत्येक काण्ड में कई-कई सूत्र हैं और सूत्रों में मंत्र हैं। इस वेद में कुल 5977 मंत्र हैं। इसकी आजकल दो शाखाएं शौणिक एवं पिप्पलाद ही उपलब्ध हैं। अथर्ववेद का विद्वान् चारों वेदों का ज्ञाता होता है। यज्ञ में ऋग्वेद का होता देवों का आह्नान करता है, सामवेद का उद्गाता सामगान करता है, यजुर्वेद का अध्वर्यु देव:कोटीकर्म का वितान करता है तथा अथर्ववेद का ब्रह्म पूरे यज्ञ कर्म पर नियंत्रण रखता है। ===उपवेद, उपांग=== '''{{मुख्य|उपवेद}}''' प्रतिपदसूत्र, अनुपद, छन्दोभाषा ([[प्रातिशाख्य]]), [[धर्मशास्त्र]], न्याय तथा [[वैशेषिक दर्शन|वैशेषिक-]] ये ६ दर्शऩ उपांग ग्रन्थ भी उपलब्ध है। आयुर्वेद, धनुर्वेद, गान्धर्ववेद तथा स्थापत्यवेद- ये क्रमशः चारों वेदों के उपवेद [[कात्यायन]] ने बतलाये हैं। #[[वास्तु शास्त्र|स्थापत्यवेद]] - स्थापत्यकला के विषय, जिसे [[वास्तु शास्त्र]] या [[वास्तुकला]] भी कहा जाता है, इसके अन्तर्गत आता है। #[[धनुर्वेद]] - युद्ध कला का विवरण। इसके ग्रंथ विलुप्त प्राय हैं। #[[गन्धर्व वेद|गन्धर्वेद]] - गायन कला। #[[आयुर्वेद]] - वैदिक ज्ञान पर आधारित स्वास्थ्य विज्ञान। == वेद के अंग == '''{{मुख्य|वेदांग}}''' वेदों के सर्वांगीण अनुशीलन के लिये [[शिक्षा (वेदांग)]], [[निरुक्त]], [[व्याकरण]], [[छंद|छन्द]], और [[कल्प (वेदांग)]], [[ज्योतिष]] के ग्रन्थ हैं जिन्हें '''६ अंग''' कहते हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.mid-day.com/news/opinion/article/sound-and-meaning-of-veda-23245229|title=Sound and meaning of Veda}}</ref> अंग के विषय इस प्रकार हैं - #'''शिक्षा''' - ध्वनियों का उच्चारण। #'''निरुक्त''' - शब्दों का मूल भाव। इनसे वस्तुओं का ऐसा नाम किस लिये आया इसका विवरण है। शब्द-मूल, शब्दावली, और शब्द निरुक्त के विषय हैं। #'''व्याकरण''' - संधि, समास, उपमा, विभक्ति आदि का विवरण। वाक्य निर्माण को समझने के लिए आवश्यक। #'''छन्द''' - गायन या मंत्रोच्चारण के लिए आघात और लय के लिए निर्देश। #'''कल्प''' - [[यज्ञ]] के लिए विधिसूत्र। इसके अन्तर्गत श्रौतसूत्र, गृह्यसूत्र, धर्मसूत्र और शुल्बसूत्र |वेदोक्त कार्य सम्पन्न करना और समर्पण करनेमे इनका महत्व है। #'''ज्योतिष''' - समय का ज्ञान और उपयोगिता| आकाशीय पिंडों (सूर्य, पृथ्वी, नक्षत्रों) की गति और स्थिति से । इसमें वेदांगज्योतिष नामक ग्रन्थ प्रत्येक वेदके अलग अलग थे | अब लगधमुनि प्रोक्त चारों वेदों के वेदांगज्योतिषों में दो ग्रन्थ ही पाए जा रहे हैं -एक आर्च पाठ और दुसरा याजुस् पाठ | इस ग्रन्थ में सोमाकर नामक विद्वानके प्राचीन भाष्य मिलता है साथ ही कौण्डिन्न्यायन संस्कृत व्याख्या भी मिलता है। == वैदिक स्वर प्रक्रिया == '''{{मुख्य|वैदिक स्वराघात}}''' [[चित्र:Rigved swar.png|thumb|right|400px|वैदिक स्वर लिखने की कला - देवनागरी लिपि में]] वेद की संहिताओं में मंत्राक्षरों में खड़ी तथा आड़ी रेखायें लगाकर उनके उच्च, मध्यम, या मन्द संगीतमय स्वर उच्चारण करने के संकेत किये गये हैं। इनको '''उदात्त''', '''अनुदात्त''' ऒर '''स्वारित''' के नाम से अभिहित किया गया है। ये स्वर बहुत प्राचीन समय से प्रचलित हैं और महामुनि [[पतञ्जलि|पतंजलि]] ने अपने [[महाभाष्य]] में इनके मुख्य मुख्य नियमों का समावेश किया है। स्वरों को अधिक या न्यून रूप से बोले जाने के कारण इनके भी दो-दो भेद हो जाते हैं। जैसे उदात्त-उदात्ततर, अनुदात्त-अनुदात्ततर, स्वरित-स्वरितोदात्त। इनके अलावा एक और स्वर माना गया है - श्रुति - इसमें तीनों स्वरों का मिलन हो जाता है। इस प्रकार कुल स्वरों की संख्या ७ हो जाती है। इन सात स्वरों में भी आपस में मिलने से स्वरों में भेद हो जाता है जिसके लिए स्वर चिह्नों में कुछ परिवर्तन हो जाता है। यद्यपि इन स्वरों के अंकण और टंकण में कई विधियाँ प्रयोग की जाती हैं और प्रकाशक-भाष्यकारों में कोई एक विधा सामान्य नहीं है, अधिकांश स्थानों पर अनुदात्त के लिए अक्षर के नीचे एक आड़ी लकीर तथा स्वरित के लिए अक्षर के ऊपर एक खड़ी रेखा बनाने का नियम है। उदात्त का अपना कोई चिह्न नहीं है। इससे अंकण में समस्या आने से कई लेखक-प्रकाशक स्वर चिह्नों का प्रयोग ही नहीं करते। ये स्वर इतने क्षमतावान होते है कि सही प्रयोग न होने पर मन्त्रों के अर्थों को भी बदल देते हैं। == वैदिक छंद == {{main|वैदिक छंद }} वैदिक मंत्रों में प्रयुक्त छंद कई प्रकार के हैं जिनमें मुख्य हैं {{cn|date=मई 2017}}- # '''[[गायत्री छंद|गायत्री]]''' - सबसे प्रसिद्ध छंद।आठ वर्णों (मात्राओं) के तीन पाद। गीता में भी इसको सर्वोत्तम बताया गया है (ग्यारहवें अध्याय में)। इसी में प्रसिद्ध [[गायत्री मन्त्र|गायत्री मंत्र]] ढला है। # '''[[त्रिष्टुप छंद|त्रिष्टुप]]''' - ११ वर्णों के चार पाद - कुल ४४ वर्ण। # '''[[अनुष्टुप छंद|अनुष्टुप]]''' - ८ वर्णों के चार पाद, कुल ३२ वर्ण। [[वाल्मीकि रामायण]] तथा [[श्रीमद्भगवद्गीता|गीता]] जैसे ग्रंथों में भई इस्तेमाल हुआ है। इसी को [[श्लोक]] भी कहते हैं। # '''[[जगती छंद|जगती]]''' - ८ वर्णों के ६ पाद, कुल ४८ वर्ण। # बृहती- ८ वर्णों के ४ पाद कुल ३२ वर्ण # पंक्ति- ४ या ५ पाद कुल ४० अक्षर २ पाद के बाद विराम होता है पादों में अक्षरों की संख्याभेद से इसके कई भेद हैं # उष्णिक- इसमें कुल २८ वर्ण होते हैं तथा कुल ३ पाद होते हैं २ में आठ आठ वर्ण तथा तीसरे में १२ वर्ण होते हैं दो पद के बाद विराम होता है बढे हुए अक्षरों के कारण इसके कई भेद होते हैं == वेद की शाखाएँ == '''{{मुख्य|वैदिक शाखाएँ}}''' इसके अनुसार वेदोक्त यज्ञों का अनुष्ठान ही वेद के शब्दों का मुख्य उपयोग माना गया है। सृष्टि के आरम्भ से ही यज्ञ करने में साधारणतया मन्त्रोच्चारण की शैली, मन्त्राक्षर एवं कर्म-विधि में विविधता रही है। इस विविधता के कारण ही वेदों की शाखाओं का विस्तार हुआ है। यथा-[[ऋग्वेद]] की २१ शाखा, [[यजुर्वेद]] की १०१ शाखा, [[सामवेद संहिता|सामवेद]] की १००० शाखा और [[अथर्ववेद संहिता|अथर्ववेद]] की ९ शाखा- इस प्रकार कुल १,१३१ शाखाएँ हैं। इस संख्या का उल्लेख महर्षि [[पतञ्जलि|पतंजलि]] ने अपने [[महाभाष्य]] में भी किया है। उपर्युक्त १,१३१ शाखाओं में से वर्तमान में केवल १२ शाखाएँ ही मूल ग्रन्थों में उपलब्ध हैः- # ऋग्वेद की २१ शाखाओं में से केवल २ शाखाओं के ही ग्रन्थ प्राप्त हैं- '''शाकल-शाखा''' और '''शांखायन शाखा'''। # यजुर्वेद में कृष्णयजुर्वेद की ८६ शाखाओं में से केवल ४ शाखाओं के ग्रन्थ ही प्राप्त है- '''तैत्तिरीय-शाखा''', '''मैत्रायणीय शाखा''', '''कठ-शाखा''' और '''कपिष्ठल-शाखा''' # शुक्लयजुर्वेद की १५ शाखाओं में से केवल २ शाखाओं के ग्रन्थ ही प्राप्त है- '''माध्यन्दिनीय-शाखा''' और '''काण्व-शाखा'''। # सामवेद की १,००० शाखाओं में से केवल २ शाखाओं के ही ग्रन्थ प्राप्त है- '''कौथुम-शाखा''' और '''जैमिनीय-शाखा'''। # अथर्ववेद की ९ शाखाओं में से केवल २ शाखाओं के ही ग्रन्थ प्राप्त हैं- '''शौनक-शाखा''' और '''पैप्पलाद-शाखा'''। उपर्युक्त १२ शाखाओं में से केवल ६ शाखाओं की अध्ययन-शैली प्राप्त है-शाकल, तैत्तरीय, माध्यन्दिनी, काण्व, कौथुम तथा शौनक शाखा। यह कहना भी अनुपयुक्त नहीं होगा कि अन्य शाखाओं के कुछ और भी ग्रन्थ उपलब्ध हैं, किन्तु उनसे शाखा का पूरा परिचय नहीं मिल सकता एवं बहुत-सी शाखाओं के तो नाम भी उपलब्ध नहीं हैं। == अन्य मतों की दृष्टि में वेद == वेदों के कई शब्दों को समझना उतना सरल नहीं रहा है। ऋषियों ने वेदों का वास्तविक अर्थ समझने के लिए वेदांङ्गों का निर्माण किया गया। इस का कारण इन में वर्णित अर्थों को जाना नहीं जा सकता। सबसे अधिक विवाद वार्ता ईश्वर के स्वरूप, यानि एकमात्र या अनेक देवों के सादृश्य को लेकर हुआ है। वेदों के वास्तविक अर्थ वह ही कर सकता है जो वेदांग - शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष का ज्ञाता है। पाश्चात्य संस्कृत विद्वानों की व्याख्या भी हिन्द - आर्य जाति के सिद्धांत से प्रेरित रही है। प्राचीन काल में ही इन की सत्ता को चुनौती देकर कई ऐसे मत प्रकट हुए जो आज भी धार्मिक मत कहलाते हैं लेकिन कई रूपों में भिन्न हैं। इन का मुख्य अन्तर नीचे स्पष्ट किया गया है। उन में से जिस का अपना अविच्छिन्न परम्परा से वेद, शाखा और कल्पसूत्रों से निर्देशित होकर एक अद्वितीय ब्रह्म तत्व को ईश्वर मान कर किसी एक देववाद में न उलझ कर वेदवाद में रमण करते हैं वे सनातन वैदिक [[हिन्दू वर्ण व्यवस्था|वर्णाश्रम]] धर्म मानने वाले हैं वे ही वेदों को सर्वोपरि मानते हैं। इस के अलावा अलग अलग विचार रखने वाले और पृथक् पृथक् देवता मानने वाले कुछ सम्प्रदाय ये हैं। *[[जैन धर्म|जैन]] - इन को मूर्ति पूजा के प्रवर्तक माना जाता है। ये वेदों को श्रेष्ठ नहीं मानते पर अहिंसा के मार्ग पर बल देते हैं। जैन मत में जैन दृष्टि से अहिंसा का पालन किया जाता है। *[[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] - बौद्ध मत वाले में महात्मा बुद्ध के प्रवर्तित ध्यान और तृष्णा को दुःखों का कारण बताया है। वेदों में लिखे ध्यान के महत्व को ये तो मानते हैं पर ईश्वर की सत्ता को नहीं मानते हैं। ये भी वेद नहीं मानते हैं। *[[शैव]] - वेदों में वर्णित रूद्र के रूप शिव को सर्वोपरि समझने वाले शैव हैं। शैव मत वाले अपने को वैदिक धर्म के मानने वाले मानते हैं और शिव को एकमात्र ईश्वर का कल्याणकारी रूप मानते हैं, परंतु शैव जन शंकर देव के रूप (जिस में नंदी बैल, जटा, बाघंबर इत्यादि हैं) को विश्व का कर्ता मानते हैं। *[[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] - विष्णु और उन के अवतारों को ईश्वर मानने वाले वैष्णव हैं। ये वैदिक ग्रन्थों से अधिक अपने आगम मत को सर्वोपरि मानते हैं। विष्णु को ही एक ईश्वर बताते हैं और जिस के अनुसार सर्वत्र व्याप्त हुआ ईश्वर विष्णु कहलाता है। *[[शाक्त सम्प्रदाय|शाक्त]] - शाक्त मत वाले अपने को वेदोक्त मानते तो है किंतु पूर्वोक्त शैव, वैष्णव से श्रेष्ठ समझते हैं, महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के रूप में नवकोटि दुर्गा को इष्टदेवता मानते हैं और इन को सृष्टिकारिणी मानते हैं। *[[सौर सम्प्रदाय|सौर]] - सौर मत वाले जगत् साक्षी सूर्य को और उन के विभिन्न अवतारों को ईश्वर मानते हैं। वे स्थावर और जंगम का आत्मा सूर्य ही है ऐसा मानते हैं। *[[गाणपत्य]] - देव गणेश को ईश्वर समझते हैं। साक्षात् शिवादि देवों ने भी उन की उपासना कर के सिद्धि प्राप्त की है, ऐसा मानते हैं। *[[सिख]] - इस मत का विश्वास एकमात्र ईश्वर में तो है, लेकिन वेदों को ईश्वर की वाणी नहीं मानते हैं। *[[आर्य समाज]] - ये निराकार ईश्वर के उपासक हैं। ये वेद को ईश्वरीय ज्ञान मानते हैं। ये मानते हैं कि वेद आदि सृष्टि में अग्नि, वायु, आदित्य तथा अङ्गिरा आदि ऋषियों के अन्तस् में उत्पन्न हुआ। वेदों को अंतिम प्रमाण स्वीकार करते हैं और वेदों के अनन्तर जिन पुराण आदि की रचना हुई इन को वेद विरुद्ध मानते हुए अस्वीकार करते हैं। रामायण तथा महाभारत के इतिहास को स्वीकार करते हैं। इस समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द सरस्वती थे जिन्होंने वेदों की ओर लौटने का संदेश दिया। ये अर्वाचीन वैदिक हैं। '''यज्ञ :''' यज्ञ के वर्तमान रूप के महत्व को लेकर कई विद्वानों, मतों और भाष्यकारों में विरोधाभास है। यज्ञ में अग्नि के प्रयोग को प्राचीन [[पारसी]] पूजन विधि के इतना समान होना और हवन की अत्यधिक महत्ता के प्रति विद्वानों में रुचि रही है। '''देवताः''' देव शब्द को लेकर ही कई विद्वानों में असहमति रही है। वेदोक्त निर्गुण - निराकार और सगुण - साकार में से अन्तिम पक्ष को मानने वाले कई मतों में (जैसे - शैव, वैष्णव, शाक्त, सौर, गाणपत, कौमार) इसे महामनुष्य के रूप में विशिष्ट शक्ति प्राप्त साकार चरित्र समझते हैं और उन का मूर्ति रूप में पूजन करते हैं तो अन्य कई इन्हें ईश्वर (ब्रह्म, सत्य) के ही नाम बताते हैं। परोपकार (भला) करने वाली वस्तुएँ (यथा नदी, सूर्य), विद्वान् लोग और मार्गदर्शन करने वाले मंत्रों को देव कहा गया है। उदाहरणार्थ अग्नि शब्द का अर्थ आग न समझ कर सबसे ''आगे'' यानि ''प्रथम'' यानि परमेश्वर समझते हैं। देवता शब्द का अर्थ दिव्य, यानि परमेश्वर (निराकार, ब्रह्म) की शक्ति से पूर्ण माना जाता है - जैसे पृथ्वी आदि। इसी मत में महादेव, देवों के अधिपति होने के कारण ईश्वर को कहते हैं। इसी तरह सर्वत्र व्यापक ईश्वर ''विष्णु'' और सत्य होने के कारण ''ब्रह्मा'' कहलाता है। इस प्रकार ब्रह्मा, विष्णु और महादेव किसी चरित्र के नाम नहीं बल्कि ईश्वर के ही नाम है। व्याकरण और निरुक्त के बल पर ही वैदिक और लौकिक शब्दों के अर्थ निर्धारण किया जाता है। इस के अभाव में अर्थ के अनर्थ कर बैठते हैं। <ref> {{cite book|author=दयान्नद सरस्वती |page= 24-25|title=सत्यार्थ प्रकाश}} </ref> इसी प्राकर [[गणेश]] (गणपति), [[ब्रह्मा|प्रजापति]], [[देवी]], [[गौतम बुद्ध|बुद्ध]], [[लक्ष्मी]] इत्यादि परमेश्वर के ही नाम हैं। वेदादि शास्त्रौंमे आए विभन्न एक ही परमेश्वरके है। जैसा की उपनिषदौंमे कहा गया है - एको देव सर्वभूतेषु गूढः सर्वव्यापी सर्वभूतान्तरात्मा। कुछ लोग ईश्वरके सगुण - निर्गुण स्वरुपमे झगड़ते रहते हैं। इन में से कोई मूर्तिपूजा करते हैं और कोई ऐसे लोग हैं जो मूर्तिपूजा के विरुद्ध हैं और ईश्वर को एकमात्र सत्य, सर्वोपरि समझते हैं। '''अश्वमेध :''' राजा द्वारा न्यायपूर्वक अपनी प्रजा का पालन करना ''अश्वमेध यज्ञ'' कहलाता है। अनेक विद्वानों का मानना है कि मेध शब्द में ''अध्वरं'' का भी प्रयोग हुआ है जिस का अर्थ है अहिंसा। अतः मेध का भी अर्थ कुछ और रहा होगा। इसी प्रकार अश्व शब्द का अर्थ घोड़ा न रहकर शक्ति रहा होगा। [[राम शर्मा|श्रीराम शर्मा आचार्य]] कृत भाष्यों के अनुसार अश्व शब्द का अर्थ शक्ति, ''गौ'' शब्द का अर्थ पोषण है। इस से अश्वमेध का अर्थ घोड़े का बलि से इतर होती प्रतीत होती है। '''सोम :''' कुछ लोग इसे शराब (मद्य) मानते हैं लेकिन कई अनुवादों के अनुसार इसे कूट पीसकर बनाया जाता था। अतः ये शराब जैसा कोई पेय नहीं लगता। पर इसके असली रूप का निर्धारण नहीं हो पाया है। == इन्हें भी देखें == * [[वैदिक साहित्य]] * [[सर्वानुक्रमणी]] * [[वैदिक सभ्यता|वैदिक काल]] * [[वैदिक धर्म]] * [[वैदिक संस्कृति]] * [[वैदिक सभ्यता]] * [[वैदिक संस्कृत]] * [[वैदिक शाखाएँ]] * [[ऋषि]] * [[अवेस्ता]] == सन्दर्भ == <references/> == ग्रन्थसूची == {{refbegin|30em}} <!-- A --> * {{Citation | last =एंथनी | first =डेविड डब्ल्यू. | year =2007 | title =The Horse The Wheel And Language. How Bronze-Age Riders From the Eurasian Steppes Shaped The Modern World | publisher =प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस}} * {{citation |last=आप्टे |first= वामन शिवराम |title=The Practical Sanskrit-English Dictionary |year=1965 | edition=चौथा संशोधित और विस्तृत संस्करण |publisher=[[मोतीलाल बनारसीदास]] |location= दिल्ली |isbn=978-81-208-0567-5}} [http://www.aa.tufs.ac.jp/~tjun/sktdic/ Search] * {{citation |last=अवारी |first=बुरजोर |title=India: The Ancient Past|year=2007 |publisher=रूटलेज|location=लंदन |isbn= 978-0-415-35616-9}} <!-- B --> * {{Citation|last=बनर्जी|first=सुरेश चंद्रा|year=1989|title=A Companion to Sanskrit Literature|publisher=मोतीलाल बनारसीदास|isbn=978-81-208-0063-2|url=https://books.google.com/books?id=JkOAEdIsdUsC}} * {{Citation | last =बार्टली | first =क्रिस्ट |year=2001 | chapter =Shankara | editor-last =लीमैन | editor-first =ओलिवर | title =Encyclopedia of Asian Philosophy | publisher = रूटलेज |isbn=978-0-4151-7281-3}} * {{Citation | last =ब्रू | first =मैन्स | year =2016 | chapter =Rites of Burial and Immersion: Hindu Ritual practices on Disposing of Sacred Texts in Vrindavan | editor-last =मिरवोल्ड | editor-first =क्रिस्टीना | title =The Death of Sacred Texts: Ritual Disposal and Renovation of Texts in World Religions | publisher =रूटलेज}} * {{Citation | editor-last1 =बसवेल | editor-first1 = रॉबर्ट ई. | editor-last2 =लोपेज़ | editor-first2 =डोनाल्ड एस. जूनियर| year =2013 | chapter =Nālandā | title =The Princeton dictionary of Buddhism | location =प्रिंसटन | publisher = प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस | isbn =978-1-4008-4805-8 }} <!-- C --> *{{cite book|author= जे.वी. चेल्लिया|title= Pattupattu – Ten Tamil Idylls (Tamil Verses with Englilsh Translation)| year= 1946|url = https://archive.org/details/PattupattuTenTamilIdylls_20180715/page/n1| publisher= तमिल विश्वविद्यालय (1985 print)}} * {{Citation | last =कॉलिन्स | first =रान्डल | year =2009 | title =The Sociology of Philosophies | publisher =हार्वर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस}} * {{cite book | editor-last1=कावर्ड | editor-first1=हेरोल्ड जी. | editor-last2=राजा | editor-first2=के. कुंजुन्नी| editor-last3=पॉटर | editor-first3=कार्ल | year=1990 | title=Encyclopedia of Indian Philosophies, Volume 5: The Philosophy of the Grammarians | publisher=प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस | isbn=978-81-208-0426-5 | url=https://books.google.com/books?id=2CEj6wRqeRAC }} * {{cite book | last =कावर्ड | first =हेरोल्ड | year =2008 | title =The perfectibility of human nature in eastern and western thought | publisher =एसयूएनवाई प्रेस | isbn =978-0-7914-7336-8 | url =https://books.google.com/books?id=LkE_8uch5P0C }} <!-- D --> * {{Citation | last =दलाल | first =रोशेन | year =2014 | title =The Vedas: An Introduction to Hinduism's Sacred Texts | publisher =पेंगुइन यूके | isbn =978-81-8475-763-7 | url =https://books.google.com/books?id=UCEoAwAAQBAJ }} * {{Citation | last =देशपांडे | first =माधव एम. | year =1990 | title =Changing Conceptions of the Veda: From Speech-Acts to Magical Sounds | journal =अड्यार लाइब्रेरी बुलेटिन | url =https://www.scribd.com/document/378011865/Madhav-Deshpande-Changing-Conceptions-of-the-Veda-From-Speech-Acts-to-Magical-Sounds | access-date =7 जून 2020 | archive-date =1 अगस्त 2020 | archive-url =https://web.archive.org/web/20200801162442/https://www.scribd.com/document/378011865/Madhav-Deshpande-Changing-Conceptions-of-the-Veda-From-Speech-Acts-to-Magical-Sounds | url-status =dead }} * {{Citation | last =डोनिगर |first =वेंडी | year =2010 | title =The Hindus: An Alternative History | publisher =ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस}} * {{Citation |last=दत्त |first=सागरिका |year=2006 |title=India in a Globalized World |url=https://books.google.com/books?id=I4zaCQAAQBAJ |publisher=मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी प्रेस |isbn=978-1-84779-607-3 }} * {{Citation|last=डायर |first=राहेल|year=2013|title=What Do Hindus Believe?|publisher=ग्रांटा बुक्स|isbn=978-1-84708-940-3}} <!-- F --> * {{Citation | last1=फिलियोज़ैट | first1= पियरे-सिल्वेन| year=2004 | chapter=Ancient Sanskrit Mathematics: An Oral Tradition and a Written Literature | editor1-last=चेमला | editor1-first=कैरिन | editor2-last=कोहेन | editor2-first=रॉबर्ट एस. | editor3-last=रेन | editor3-first=जुर्गन | title=History of Science, History of Text (Boston Series in the Philosophy of Science) | pages=137–157 | location=डॉर्ड्रेक्ट |publisher= स्प्रिंगर नीदरलैंड्स | doi=10.1007/1-4020-2321-9_7 | isbn=978-1-4020-2320-0 }} * {{citation | last =फ्लड | first =गैविन | year =1996 | title =An Introduction to Hinduism | publisher =कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस | isbn =978-0-521-43878-0 | url =https://archive.org/details/introductiontohi0000floo | url-access =registration }} * {{citation | editor-last =फ्लड | editor-first =गैविन | title =The Blackwell Companion to Hinduism |year=2003 |publisher=ब्लैकवेल|location =माल्डेन, मैसाचुसेट्स | isbn=978-1-4051-3251-0 }} * {{Citation | editor-last =फ्लड | editor-first =गैविन | title =The Blackwell Companion to Hinduism |year=2008 | publisher = जॉन विली एंड संस |location=न्यूयॉर्क| isbn =978-0-4709-9868-7}} * {{Citation | editor-last =फ्रेज़ियर | editor-first =जेसिका | year =2011 | title =The Continuum Companion to Hindu Studies | location =लंदन | publisher =कंटीन्यूम | isbn =978-0-8264-9966-0 | url =https://archive.org/details/continuumcompani00fraz | url-access =limited }} * {{Citation | last =फ्रेशी | first =एलिसा | year =2012 | title =Duty, Language and Exegesis in Prabhakara Mimamsa | publisher = ब्रिल | isbn =978-90-04-22260-1}} <!-- G --> * {{Citation | last =गैलेविच | first =सेज़री | year =2004 | chapter =Changing Canons: What did Sayana think he commented upon | editor-last1 =बाल्सेरोविच | editor-first1 =पियोटर | editor-last2 =मेजर | editor-first2 =मारेक | title =Essays in Indian Philosophy, Religion and Literature | publisher =मोतीलाल बनारसीदास प्रकाशक}} * {{Citation | last =गैलेविच | first =सेज़री | year =2011 | chapter =Why Should the Flower of Dharma be Invisible? Sayana's Vision of the Unity of the Veda | editor-last =स्क्वार्सिनी | editor-first =फेडेरिको | title =Boundaries, Dynamics and Construction of Traditions in South Asia | publisher =एंथम प्रेस}} * {{Citation | last = गुडी | year =1987 | title =The interface between the written and the oral | publisher =कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस}} * {{Citation | last= ग्रिफ़िथ्स| first =पॉल जे. | year =1999 | title =Religious Reading: The Place of Reading in the Practice of Religion | publisher =ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस}} <!-- H --> * {{Citation | last =हेक्सम | first =इरविंग | year =2011| title =Understanding World Religions: An Interdisciplinary Approach | publisher =विल्फ्रेड लॉरियर यूनिवर्सिटी प्रेस | isbn =978-0-310-31448-6}} * {{Citation | last =होल्ड्रेज| first =बारबरा ए. | year =1995 | title =Veda and Torah: Transcending the Textuality of Scripture | publisher= एसयूएनवाई प्रेस | isbn =978-0-7914-1640-2}} * {{Citation | last =होल्ड्रेज| first =बारबरा ए. | year =1996 | title =Veda and Torah: Transcending the Textuality of Scripture | publisher= एसयूएनवाई प्रेस | isbn =978-0-7914-1639-6}} * {{Citation | last =होल्ड्रेज| first =बारबरा ए. | year =2012 | title =Veda and Torah: Transcending the Textuality of Scripture | publisher =एसयूएनवाई प्रेस | isbn =978-1-4384-0695-4}} <!-- J --> * {{Citation | last =जैक्सन | first =डब्ल्यू.जे | year =2016 | title =Vijayanagara Voices: Exploring South Indian History and Hindu Literature | publisher = रूटलेज}} * {{Citation| last =कुमार | first =जय | year=2014| chapter =Ayurveda and Early Indian Medicine | editor-last1 =जॉनस्टन | editor-first1 =लुकास एफ.| editor-last2 =बाउमन | editor-first2 =व्हिटनी |title=Science and Religion: One Planet, Many Possibilities|publisher= रूटलेज}} <!-- K --> * {{Citation | last =क्लोस्टरमायर | first =क्लाउस | year =1994 | title =A Survey of Hinduism | edition =second | publisher =स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क प्रेस| isbn =978-0-7914-2109-3}} * {{Citation | last =क्लोस्टरमायर | first =क्लाउस| year =2007 | title =A Survey of Hinduism | edition =third | publisher =स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क प्रेस | isbn =978-0-7914-7082-4}} * {{Citation | last =नैप | first =स्टीफन | year =2005 | title =The Heart of Hinduism: The Eastern Path to Freedom, Empowerment and Illumination | publisher = आईयूनिवर्स | isbn =978-0-595-35075-9}} <!-- L --> * {{Citation | last =लिपनर | first =जूलियस | year =2012 | title =Hindus: Their Religious Beliefs and Practices | publisher = रूटलेज | isbn =978-1-135-24060-8 | url =https://books.google.com/books?id=oH1FIareczEC }} * {{Citation | last =लोपेज़ | first = डोनाल्ड एस. जूनियर| year =2016 | title =Elaborations on Emptiness: Uses of the Heart Sūtra | publisher =प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस}} <!-- M --> * {{cite book |last=मैकडोनेल, |first=आर्थर एंथोनी |year=2004 |title=A Practical Sanskrit Dictionary |url=https://archive.org/details/mlbd.practicalsanskri0000macd_y6e8 |publisher=मोतीलाल बनारसीदास |isbn=978-81-208-2000-5}} * {{Citation|title=History of Philosophy, Eastern and Western|first=टी.एम.पी|last=महादेवन|editor1=सर्वपल्ली राधाकृष्णन|editor2=अर्देशिर रटनजी वाडिया|editor3=धीरेंद्र मोहन दत्ता|year=1952|publisher=जॉर्ज एलन और अनविन |oclc=929704391}} * {{Citation | last =माइकल्स | first =एक्सल | year=2004 | title =Hinduism: Past and Present | publisher =प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस| isbn =978-0-691-08953-9}} * {{cite book | last =माइकल्स | first =एक्सल | year =2016 | title =Homo Ritualis: Hindu Ritual and Its Significance for Ritual Theory | publisher =ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस | isbn =978-0-19-026263-1 | url =https://books.google.com/books?id=DSaxCgAAQBAJ }} * {{Citation | last =मिश्रा | first =कमल के. | year =2000 | title =Textbook of Anthropological Linguistics | publisher =कॉन्सेप्ट पब्लिशिंग कंपनी}} * {{MWSD}} <!--{{sfnref|Monier-Williams|1899}} --> * {{Citation | last =मूकरजी | first =आर. | year =2011 | orig-year =1947 | title =Ancient Indian Education: Brahmanical and Buddhist | publisher =मोतीलाल बनारसीदास पब्लिशर्स| isbn =978-81-208-0423-4 | author-link =राधा कुमुद मुखर्जी}} * {{Citation | last =मूलर | first =मैक्स | year =1892 | title =('Veda and Vedanta'), 7th lecture in ''India: What Can It Teach Us: A Course of Lectures Delivered Before the University of Cambridge'' | url =https://archive.org/details/indiawhatcanitte00mluoft | author-link =मैक्स मूलर }} <!-- N --> * {{Citation | last =नागप्पा | first =गौड़ा के. | year =2011 | title =The Bhagavadgita in the Nationalist Discourse | publisher =ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, | isbn =978-0-19-908847-8 | url =https://books.google.com/books?id=4PQtDwAAQBAJ&q=authority+vedas+ambedkar&pg=PT283 }} * {{Citation | last =नाकामुरा | first =हाजिमे | year =1983 | title =A History of Early Vedānta Philosophy, part 2 | publisher = मोतीलाल बनारसीदास}} <!-- O --> * {{Citation | last =ओबेरलीज़ | first =थॉमस | year =1998 | title =Die Religion des Rgveda: Kompositionsanalyse der Soma-Hymnen des R̥gveda | location =विएन | publisher = इंस्टिट्यूट फर इंडोलॉजी डेर यूनिवर्सिटेट विएन}} * {{Citation | last =ओलिवेल | first =पैट्रिक |year =1998 | orig-year =1996 | title =Upanișads. A New Translation by Patrick Olivelle | publisher =ऑक्सफोर्ड्स वर्ल्ड क्लासिक्स | isbn =978-0-19-954025-9}} * {{cite book |last =ओलिवेल | first =पैट्रिकk |title=Dharmasutras: The Law Codes of Ancient India |url=https://books.google.com/books?id=gnVxqvPg9a0C |year=1999 |publisher=ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस |isbn=978-0-19-283882-7 }} * {{Citation | last1 =ओल्सन | first1 =डेविड आर. | last2 =कोल | first2 =माइकल | year =2013 | title =Technology, Literacy, and the Evolution of Society: Implications of the Work of Jack Goody | publisher =साइकोलॉजी प्रेस}} <!-- P --> * {{Citation | last =पोलॉक | first =शेल्डन | year =2011 | title =Boundaries, Dynamics and Construction of Traditions in South Asia | editor-last =स्क्वार्सिनी | editor-first =फेडेरिको | publisher = एंथम | isbn =978-0-85728-430-3}} * {{Citation | last =प्रसाद | first =लीला | year =2007 | title =Poetics of conduct : oral narrative and moral being in a South Indian town | location =न्यूयॉर्क| publisher =कोलंबिया यूनिवर्सिटी प्रेस | isbn =978-0-231-13921-2}} * {{ Citation | last =प्रसाद | first = आर.यू.एस. | year =2020 | title =The Rig-Vedic and Post-Rig-Vedic Polity (1500 BCE-500 BCE) | publisher =वर्नोन प्रेस}} * {{Citation | last =प्रुथी | first =आर.के.| year =2004 | title =Vedic Civilisation | publisher =डिस्कवरी पब्लिशिंग | isbn =81-7141-875-9}} <!-- R --> * {{Citation | editor-last=राधाकृष्णन | editor-first=सर्वपल्ली | editor-link=सर्वेपल्लि राधाकृष्णन | editor2-last=मूर | editor2-first=चार्ल्स ए. | title=A Sourcebook in Indian Philosophy | year=1957 | edition=12वां प्रिंसटन पेपरबैक संस्करण| publisher= प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस |isbn=978-0-691-01958-1 | url=https://archive.org/details/sourcebookinindi00radh }} * {{Citation | last =रामबचन | first =अनंतनंद | year =1994 | chapter =Redefining the authority of scripture: The rejection of Vedic infallibility by Brahmo Samaj | editor-last =पैटन | editor-first =लॉरी एल. | title =Authority, Anxiety, and Canon: Essays in Vedic Interpretation | publisher =एसयूएनवाई प्रेस | isbn =978-0-7914-1938-0 | chapter-url =https://books.google.com/books?id=aZjp0kIK5fsC&q=authority+vedas+rejection&pg=PA272 }} * {{Citation | last =रथ | first =सरजू|year=2012|title=Aspects of Manuscript Culture in South India|publisher=लीडेन: ब्रिल|isbn=978-90-04-21900-7}} <!-- S --> * {{Citation | last =शार्फ़ | first =हर्टमट | year =2002 | title =Handbook of Oriental Studies | publisher =ब्रिल एकेडमिक| isbn =978-90-04-12556-8}} * {{Citation | last =शिफमैन | first =हेरोल्ड | year =2012 | title =Linguistic Culture and Language Policy | publisher = रूटलेज}} * {{Citation | last =शर्मा | first =डी. | year =2011 | title =Classical Indian Philosophy: A Reader | publisher =कोलंबिया यूनिवर्सिटी प्रेस}} * {{Citation | last1=स्टाल | first1=फ्रिट्स | year=1986 | title=The Fidelity of Oral Tradition and the Origins of Science | publisher=मेडेडेलिंगेन डेर कोनिंकलिजके नेदरलैंड्स एकेडमी वूर वेटेन्सचप्पन, नॉर्थ हॉलैंड पब्लिशिंग कंपनी }} * {{Citation |last=सुलिवन |first= बी. एम.|date=Summer 1994 |title=The Religious Authority of the Mahabharata: Vyasa and Brahma in the Hindu Scriptural Tradition |journal=जर्नल ऑफ द अमेरिकन एकेडमी ऑफ रिलीजन |volume=62 |issue=1 |pages=377–401 |doi=10.1093/jaarel/LXII.2.377 }} <!-- T --> * {{Citation | last =टॉड | first =वॉरेन ली | year =2013 | title =The Ethics of Śaṅkara and Śāntideva: A Selfless Response to an Illusory World | publisher = एशगेट | isbn =978-1-4094-6681-9}} <!-- W --> * {{Citation | last =वेस्टरहॉफ | first =जान | year =2009 | title =Nagarjuna's Madhyamaka: A Philosophical Introduction | publisher =ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस | isbn =978-0-19-538496-3}} * {{Citation | last1 =विल्के | first1 =एनेट | last2 =मोएबस | first2 =ओलिवर | year =2011 | title =Sound and Communication: An Aesthetic Cultural History of Sanskrit Hinduism | publisher =वाल्टर डी ग्रुइटर | isbn =978-3-11-018159-3 | url =https://books.google.com/books?id=KZCMe67IGPkC }} * {{Citation |last=विट्ज़ेल |first=माइकल |year=1995 |title=Early Sanskritization: Origin and Development of the Kuru state |journal= ईजेवीएस |volume=1 |issue=4 |url=http://www.ejvs.laurasianacademy.com/ejvs0104/ejvs0104article.pdf |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20120220153727/http://www.ejvs.laurasianacademy.com/ejvs0104/ejvs0104article.pdf |archive-date=20 फरवरी 2012 }} * {{citation | last =विट्ज़ेल | first =माइकल | year =1997 | chapter =The Development of the Vedic Canon and its Schools: The Social and Political Milieu | editor-last =विट्ज़ेल | editor-first =माइकल | title =Inside the Texts, Beyond the Texts: New Approaches to the Study of the Vedas | series =हार्वर्ड ओरिएंटल सीरीज़, ओपेरा मिनोरा; खंड 2| publisher =हार्वर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस | location =कैम्ब्रिज | chapter-url =https://www.people.fas.harvard.edu/~witzel/canon.pdf }} * {{Citation | last =वुड | first =माइकल | year =2007 | title =The Story of India Hardcover | publisher =बीबीसी वर्ल्डवाइड| isbn =978-0-563-53915-5}} <!-- Z --> * {{citation |last=ज़ेहनर |first=आर.सी. |title=Hindu Scriptures|year=1966 |publisher= जे.एम. डेंट|series=Everyman's Library|location=लंदन }} {{refend}} == बाहरी कडियाँ == * [https://www.shdvef.com/religious-scriptures/ved/ वेद] (यहाँ दो वेद हिन्दी अर्थ सहित दिये हैं) *[https://www.aryasamajjamnagar.org/rigvedabook.htm चारों वेद, हिन्दी अर्थ सहित] (आर्यसमाज, जामनगर) *[https://www.hindisahityadarpan.in/2017/12/4-vedas-in-hindi.html चार वेद, हिन्दी अर्थ सहित] * [https://web.archive.org/web/20150215031346/http://is1.mum.edu/vedicreserve/index.htm महर्षि प्रबंधन विश्वविद्यालय] - यहाँ सम्पूर्ण वैदिक साहित्य संस्कृत में उपलब्ध है। *[https://archive.org/details/RigVedaInHindi ऋग्वेद, हिन्दी अर्थ सहित] (रामगोविन्द त्रिवेदी, १९५४) * [https://web.archive.org/web/20100928022018/http://tdil.mit.gov.in/vedicjan04/hdefault.html ज्ञानामृतम्] - वेद, अरण्यक, उपनिषद् आदि पर सम्यक जानकारी * [https://web.archive.org/web/20100106153131/http://www.aryasamajjamnagar.org/vedang.htm वेद एवं वेदांग] - आर्य समाज, जामनगर के जालघर पर सभी वेद एवं उनके भाष्य दिये हुए हैं। * [https://web.archive.org/web/20100827083327/http://members.multimania.co.uk/puranastudy/pur_index7/index.htm पुराण विषय अनुक्रमणिका] - यहाँ वेदों आदि में आये हुए शब्दों के अर्थ एवं सन्दर्भ दिये हुए हैं। * [https://web.archive.org/web/20100721020215/http://veda.wikidot.com/main:home वेद] - हिन्दू धर्म के महान पक्षों पर सुविचारित सामग्री * [https://web.archive.org/web/20100515172142/http://www.vedpuran.com/ '''वेद-पुराण'''] - यहाँ चारों वेद एवं दस से अधिक पुराण हिन्दी अर्थ सहित उपलब्ध हैं। पुराणों को यहाँ सुना भी जा सकता है। {{भारतीय दर्शन}} {{पुराण}} {{वैदिक साहित्य}} {{महाभारत}} {{रामायण}} {{हिन्दू धर्म}} [[श्रेणी:हिन्दू धर्म]] [[श्रेणी:संस्कृत साहित्य]] [[श्रेणी:वेद]] [[श्रेणी:वैदिक धर्म]] odiv2mor72plyzd9v3oxwiro15bvpbo मधेपुरा जिला 0 2972 6582676 6582291 2026-07-15T01:54:40Z ~2026-39630-91 936310 /* */ 6582676 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र | native_name = मधेपुरा| type = जिला| latd = 25.55| longd = 86.5| state_name = बिहार| district = मधेपुरा | leader_title = | leader_name = | altitude = | population_as_of = 2001 | population_total = 45,015| population_density = | area_magnitude= sq. km | area_total = 1787| area_telephone = | postal_code = | vehicle_code_range = | sex_ratio = | unlocode = | website = madhepura.bih.nic.in| footnotes = | |other_name=दौराम मधेपुरा|destination_1=[[सिंहेश्वर]] स्थान|nearest_city=[[सुपौल]], [[सहरसा]], [[पूर्णिया]], [[अररिया]], [[खगड़िया]] और [[भागलपुर]]}} '''मधेपुरा''' [[भारत]] के [[बिहार]] [[राज्य]] का जिला है। इसका मुख्यालय [[मधेपुरा]] शहर है। [[सहरसा जिला|सहरसा जिले]] के एक अनुमंडल के रूप में रहने के उपरांत [[९ मई]] [[१९८१]] को '''[[उदाकिशुनगंज]]''' अनुमंडल को मिलाकर इसे जिला का दर्जा दे दिया गया। यह जिला उत्तर में [[अररिया]] और [[सुपौल]], दक्षिण में [[खगड़िया]] और [[भागलपुर]] जिला, पूर्व में [[पूर्णिया]] तथा पश्चिम में [[सहरसा]] जिले से घिरा हुआ है। वर्तमान में इसके दो अनुमंडल तथा ११ प्रखंड हैं। मधेपुरा धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से समृद्ध जिला है। चंडी स्थान, सिंहेश्वर स्थान, बाबा बिशु राउत मंदिर आदि यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से हैं। यहाँ का रेल कारखाना पूरे भारत में प्रसिद्ध है। [[मैथिली]] यहाँ की प्रमुख भाषा है। भोला पासवान शास्त्री [इंटर और डिग्री] कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा मधेपुरा जिले का एक लोकप्रिय कॉलेज है। यह B.S.E.B (63023), B.B.O.S.E [बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन PATNA] (CZ19200001), N.I.O.S दिल्ली (030049) और [030050] से संबद्ध है। प्रिंसिपल-अतुलेश वर्मा (बाबुल) जी)[बिहार में शिक्षक प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव] संपर्क नंबर-9934024657,8789680104।संयोजक-अखिलेश कुमार,रत्नेश कुमार,सुनील देवी,नागेश्वर लाल दास,मदन मोहन आदि। निदेशक-दीनानाथ प्रबोध[1980]।गांधी ज्ञान मंदिर बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा एवं आर्य समाज रजनी बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा से संबद्ध है। ==इतिहास== ===नामकरण=== मधेपुरा के नामकरण के संबंध में कई कहानियाँ हैं, हालाँकि इतिहासकारों द्वारा इसके नामकरण के संबंध में आम तौर पर दो स्वीकृत सिद्धांत हैं; एक मत यह है कि चूंकि मधेपुरा कोसी घाटी के मध्य में स्थित है, इसलिए इसे मध्यपुरा कहा जाता था, जो बाद में बदलकर मधेपुरा हो गया। दूसरा मत यह है कि कहा जाता है कि इस क्षेत्र में माधववंशियों (यादवों का शाखा) की बहुलता के कारण इसे माधवपुरा कहा जाता था जो कालान्तर में माधवपुरा से मधेपुरा बन गया।<ref>{{Cite web|url=https://madhepura.biharonline.in/city-guide/history-of-madhepura|title=History of Madhepura, Historical Aspect of Madhepura, Madhepura Origin|website=madhepura.biharonline.in|access-date=2023-08-21}}</ref> ===इतिहास=== प्राचीन काल में मधेपुरा [[मिथिला]] राज्य का हिस्सा था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=0hbA4A--9HcC&pg=PA74&dq=madhepura+Mithila&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&ved=2ahUKEwjQj5DXwvCAAxWVfGwGHdt5DWoQ6AF6BAgIEAM#v=onepage&q=madhepura%20Mithila&f=false|title=Women Empowerment Through Panchayati Raj Institutions|last=Thakur|first=Minni|date=2010|publisher=Concept Publishing Company|isbn=978-81-8069-680-0|language=en}}</ref><ref name="Jha1997">{{cite book |author=Jha, M. |year=1997 |chapter=Hindu Kingdoms at contextual level |title=Anthropology of Ancient Hindu Kingdoms: A Study in Civilizational Perspective |chapter-url=https://books.google.com/books?id=A0i94Z5C8HMC&pg=PA27 |pages=27–42 |publisher=M.D. Publications Pvt. Ltd |location=New Delhi|isbn=9788175330344 }}</ref> ऐसा माना जाता है कि पौराणिक काल में कोशी नदी के तट पर [[श्रृंगी ऋषि]] का आश्रम था। [[श्रृंगी ऋषि]] भगवान शिव के भक्त थे और वह आश्रम में भगवान शिव की प्रतिदिन उपासना किया करता था। [[श्रृंगी ऋषि]] के आश्रम स्थल को श्रृंगेश्‍वर के नाम से जाना जाता था। कुछ समय बाद इस उस जगह का नाम बदलकर सिंहेश्वर हो गया। महाजनपद काल में मधेपुरा अंग महाजनपद का हिस्सा था। [[मौर्य राजवंश|मौर्य वंश]] का भी यहां शासन रहा। इसका प्रमाण उदा-किशनगंज स्थित मौर्य स्तम्भ से मिलता है। गुप्त वंश के शासन काल में यह [[मिथिला]] प्रांत का हिस्सा रहा। मधेपुरा का इतिहास [[कुषाण राजवंश|कुषाण वंश]] के शासनकाल से भी सम्बन्धित है। [[शंकरपुर]] प्रखंड के बसंतपुर तथा रायभीर गांवों में रहने वाले भर समुदाय के लोग [[कुषाण राजवंश|कुशान वंश]] के परवर्ती हैं।<ref name=":0" /> मुगल काल में मधेपुरा सरकार तिरहुत के अधीन रहा। उदा-किशुनगंज अंतर्गत सरसंडी गांव में अकबर के समय की एक मस्जिद आज मौजूद है। इसके अतिरिक्त, सिकंदर साह ने भी जिले का दौरा किया था, जो साहुगढ़ गांव से मिले सिक्कों से स्पष्ट होता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://madhepura.nic.in/history/|title=History {{!}} Madhepura {{!}} India|language=en-US|access-date=2023-08-21}}</ref> ===ऐतिहासिक स्थल=== ;श्रीनगर मधेपुरा शहर से लगभग २२ किलोमीटर की दूरी पर उत्तर-पश्चिम में स्थित श्रीनगर एक गांव है। इस गांव में दो किले हैं। माना जाता है कि इनसे से एक किले का इस्तेमाल राजा श्री देव रहने के लिए किया गया था। किले के पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर दो विशाल कुंड स्थित है; पहले कुंड को हरसैइर और दूसर कुंड को घोपा पोखर् के नाम से जाना जाता है। इसके अतिरिक्त यहां एक मंदिर भी है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर में स्थित पत्थरों से बने स्तंभ इसकी खूबसूरती को और अधिक बढ़ाते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=MpEhAAAAMAAJ&q=%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0+%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%BE&dq=%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0+%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%BE&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&ved=2ahUKEwjW25bYzO2AAxVeUGwGHbJOAw8Q6AF6BAgMEAM|title=Bihāra loka saṃskrti kośa: Mithilā khanḍạ|last=Śrīvāstava|first=Lakshmī Prasāda|date=1990|publisher=Sītārāma Prakāśana|language=hi}}</ref> यहां की शीलालेख लगभग 3000 से 5000 ईसा पूर्व की मानी जाती है। ;बसन्तपुर मधेपुरा के दक्षिण से लगभग 24 किलोमीटर की दूरी पर बसंतपुर गांव स्थित है। यहां पर एक किला है जो कि पूरी तरह से विध्वंस हो चुका है। माना जाता है कि यह किला राजा विराट के रहने का स्थान था।<ref>{{Cite web|url=https://madhepura.nic.in/hi/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a4/|title=संस्कृति और विरासत {{!}} Madhepura {{!}} India|language=hi-IN|access-date=2023-08-21}}</ref> ;बिराटपुर सोनबरसा रेलवे स्टेशन से लगभग 9 किलोमीटर की दूरी पर बिराटपुर गांव है। यह गांव देवी चंडिका के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि इस मंदिर का सम्बन्ध महाभारत काल से है। 11वीं शताब्दी में राजा कुमुन्दानंद के सुझाव से इस मंदिर के बाहर पत्थर के स्तम्भ बनवाए गए थे। इन स्तम्भों पर अभिलेख देखे जा सकते हैं। इसके साथ ही यहां पर दो स्तूप भी है। मंदिर के पश्चिम से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर एक छोटा टीला है। ==भौगोलिक स्थिति== [[कोसी नदी|कोशी नदी]] के मैदानों में स्थित इस जिले की स्थिति 25°. 34 - 26°.07’ उत्तरी अक्षांश तथा 86° .19’ से 87°.07’ पूर्वी देशान्तर के बीच है। इसके उत्तर में [[अररिया जिला]] तथा [[सुपौल जिला]] है तथा इसका उत्तरी छोर [[नेपाल]] से सिर्फ ६० कि॰मी॰ की दूरी पर है। पूर्व की दिशा में [[पूर्णिया जिला|पूर्णियां जिला]], पश्चिम में [[सहरसा]] तथा दक्षिण में [[खगड़िया]] तथा [[भागलपुर]] हैं। == आवागमन == ;वायु मार्ग यहां का सबसे निकटतम हवाई अड्डा दरभंगा स्थित [[दरभंगा हवाई अड्डा]] है। दरभंगा से मधेपुरा 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ;रेल मार्ग मधेपुरा में वर्तमान में कोई प्रमुख रेलवे स्टेशन नहीं है। रेल यात्रा के लिए यात्री प्रायः निकटवर्ती रेलवे स्टेशनों, जैसे मुरलीगंज, सहरसा और पूर्णिया, का उपयोग करते हैं। इन स्टेशनों से बिहार तथा भारत के कई प्रमुख शहरों के लिए रेल सेवाएँ उपलब्ध हैं। ======== ;सड़क मार्ग भारत के कई प्रमुख शहरों शहरों से मधेपुरा सड़कमार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा सकते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग नम्बर 31 से होते हुए मधेपुरा पहुंचा जा सकता है। ==दर्शनीय स्थल== ;सिंहेश्वर स्थान यहाँ स्थित प्राचीन शिव मंदिर इस जिले का प्रमुख आकर्षण केन्द्र है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, [[श्रृंगी ऋषि]] के आश्रम में एक प्राकृतिक शिवलिंग उत्पन्न हुई थी। उस स्थान पर बाद में एक अतिसुंदर मंदिर बना। एक व्यापारी जिसका नाम हरि चरण चौधरी था, ने वर्तमान मंदिर का निर्माण लगभग 200 वर्ष पूर्व करवाया था। यह शिवलिंग एक विशाल चट्टान पर स्थित है, जो कि करीबन 15-16 फीट ऊंचा है। प्रतिवर्ष [[महाशिवरात्रि]] के दिन और श्रावण माह में भक्तों तथा श्रद्धालुओं की यहाँ अपार भीड़ रहती है। ;बाबा बिशु राउत मंदिर मधेपुरा के चौसा प्रखंड सबसे अंतिम छोर पर अवस्थित बाबा बिशु राउत पचरासी धाम लोगो की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर मधेपुरा से ६५ किलोमीटर व चौसा प्रखंड मुख्यालय से 7 किलोमीटर की दुरी पर है। लोकदेव के रूप में चर्चित बाबा बिशु राउत का मंदिर पशु पलकों के लिए पूजन का महत्पूर्ण केंद्र माना जाता है। पचरासी धाम में भव्य मेला का आयोजन लगभग २०० (अनुमानित ) वर्षों से किया जा रहा है। वर्ष 2015 में सूबे के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार मेला का उद्घाटन कर लोक देवता बाबा विशु की प्रतिमा पर दुधाभिषेक किया था। तत्कालीन पर्यटन मंत्री अशोक कुमार सिंह ने भी इसे पर्यटन का दर्जा देने की घोषणा की थी। इसके पूर्व लालू प्रसाद ने भी अपने मुख्यमंत्रीत्व काल में कई बार इस मेला में पहुंच कर बाबा विशु राउत की प्रतिमा पर दुधाभिषेक करने के बाद आयोजित आम सभा में पचरासी स्थल को पर्यटन दर्जा देने की घोषणा किया था। ;दुर्गा मंदिर, उदाकिशुनगंज मनोकामना शक्ति पीठ के रुप में ख्याति प्राप्त उदाकिशुनगंज सार्वजनिक दुर्गा मंदिर न केवल धार्मिक और अध्यात्मिक बल्कि ऐतिहासिक महत्व को भी दर्शाता है। यहां सदियों से पारंपरिक तरीके से दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाया जाता है। पूजा के दौरान कई देवी-देवताओं की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाती है। मंदिर कमिटी और प्रशासन के सहयोग से विशाल मेले का भी आयोजन किया जाता है। अध्यात्म की स्वर्णिम छटा बिखेर रही सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के बारे में कहा जाता है कि करीब 250 वर्षों से भी अधिक समय से यहां मां दुर्गा की पूजा की जा रही है। बड़े-बुजूर्गो का कहना है कि करीब 250 वर्ष पूर्व 18 वीं शताब्दी में चंदेल राजपूत सरदार उदय सिंह और किशुन सिंह के प्रयास से इस स्थान पर मां दुर्गा की पूजा शुरू की गयी थी। तब से यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चलते आ रहा है। उन्होंने कहा कि कोशी की धारा बदलने के बाद आनंदपुरा गांव के हजारमनी मिश्र ने दुर्गा मंदिर की स्थापना के लिए जमीन दान दी थी। उन्हीं के प्रयास से श्रद्धालुओं के लिए एक कुएं का निर्माण कराया गया था, जो आज भी मौजूद है। उदाकिशुनगंज निवासी प्रसादी मिश्र मंदिर के पुजारी के रुप में 1768 ई में पहली बार कलश स्थापित किया था। उन्हीं के पांचवीं पीढ़ी के वंशज परमेश्वर मिश्र उर्फ पारो मिश्र वर्तमान में दुर्गा मंदिर के पुजारी हैं ।प्रतिवर्ष [[दुर्गा पूजा]] के दिन भक्तों तथा श्रद्धालुओं की यहाँ अपार भीड़ रहती है। ;महर्षि मेंही अवतरण भूमि, मझुआ यहाँ स्थित भव्य सत्संग आश्रम इस जिले का प्रमुख आकर्षण केन्द्र है। यहाँ एक भव्य सत्संग आश्रम बना है, जो कि अत्यंत सुन्दर है. यहाँ संत शिशु सूरज जी बड़ी लगन से आश्रम का निर्माण करवाया। २०वी सदी के महान संत महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज का जन्म मझुआ नामक गांव में हुआ था। इनका जन्म २८-०४-१८८५ ईस्वी को नानाजी के यहाँ हुआ. इनकी माता जी का नाम जनकवती देवी था. स्व श्री चुमन लाल जी व् स्व श्री जय कुमार लाल दास जी इनके मामा जी थे. श्री कामेश्वर लाल दास जी इनके ममेरे भाई हैं, जो की जयकुमार लाल दास जी के सुपुत्र है। प्रतिवर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्दसी के दिन भक्तों तथा श्रद्धालुओं की यहाँ अपार भीड़ रहती है। ==प्रमुख व्यक्ति== *[[बिन्देश्वरी प्रसाद मंडल|बी.पी. मंडल]], बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं [[मंडल आयोग|द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग]] के अध्यक्ष भी रहे जिसे [[मंडल आयोग]] के नाम से जाना जाता है। == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.prabhatkhabar.com/state/bihar/madhepura मधेपुरा जिले का ब्रेकिंग न्यूज़] * [https://www.prabhatkhabar.com/state/bihar बिहार का समाचार] ==इन्हें भी देखें== *[[मधेपुरा]] {{बिहार के जिले}} [[श्रेणी:बिहार के जिले]] [[श्रेणी:मधेपुरा जिला|*]] ahowsaux0u4xoxh1kblqbos6xuka6jn 6582721 6582676 2026-07-15T03:33:33Z चाहर धर्मेंद्र 703114 [[Special:Contributions/~2026-39630-91|~2026-39630-91]] ([[User talk:~2026-39630-91|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6582676|6582676]] को पूर्ववत किया 6582721 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र | native_name = मधेपुरा| type = जिला| latd = 25.55| longd = 86.5| state_name = बिहार| district = मधेपुरा | leader_title = | leader_name = | altitude = | population_as_of = 2001 | population_total = 45,015| population_density = | area_magnitude= sq. km | area_total = 1787| area_telephone = | postal_code = | vehicle_code_range = | sex_ratio = | unlocode = | website = madhepura.bih.nic.in| footnotes = | |other_name=दौराम मधेपुरा|destination_1=[[सिंहेश्वर]] स्थान|nearest_city=[[सुपौल]], [[सहरसा]], [[पूर्णिया]], [[अररिया]], [[खगड़िया]] और [[भागलपुर]]}} '''मधेपुरा''' [[भारत]] के [[बिहार]] [[राज्य]] का जिला है। इसका मुख्यालय [[मधेपुरा]] शहर है। [[सहरसा जिला|सहरसा जिले]] के एक अनुमंडल के रूप में रहने के उपरांत [[९ मई]] [[१९८१]] को '''[[उदाकिशुनगंज]]''' अनुमंडल को मिलाकर इसे जिला का दर्जा दे दिया गया। यह जिला उत्तर में [[अररिया]] और [[सुपौल]], दक्षिण में [[खगड़िया]] और [[भागलपुर]] जिला, पूर्व में [[पूर्णिया]] तथा पश्चिम में [[सहरसा]] जिले से घिरा हुआ है। वर्तमान में इसके दो अनुमंडल तथा ११ प्रखंड हैं। मधेपुरा धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से समृद्ध जिला है। चंडी स्थान, सिंहेश्वर स्थान, बाबा बिशु राउत मंदिर आदि यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से हैं। यहाँ का रेल कारखाना पूरे भारत में प्रसिद्ध है। [[मैथिली]] यहाँ की प्रमुख भाषा है। ==इतिहास== ===नामकरण=== मधेपुरा के नामकरण के संबंध में कई कहानियाँ हैं, हालाँकि इतिहासकारों द्वारा इसके नामकरण के संबंध में आम तौर पर दो स्वीकृत सिद्धांत हैं; एक मत यह है कि चूंकि मधेपुरा कोसी घाटी के मध्य में स्थित है, इसलिए इसे मध्यपुरा कहा जाता था, जो बाद में बदलकर मधेपुरा हो गया। दूसरा मत यह है कि कहा जाता है कि इस क्षेत्र में माधववंशियों (यादवों का शाखा) की बहुलता के कारण इसे माधवपुरा कहा जाता था जो कालान्तर में माधवपुरा से मधेपुरा बन गया।<ref>{{Cite web|url=https://madhepura.biharonline.in/city-guide/history-of-madhepura|title=History of Madhepura, Historical Aspect of Madhepura, Madhepura Origin|website=madhepura.biharonline.in|access-date=2023-08-21}}</ref> ===इतिहास=== प्राचीन काल में मधेपुरा [[मिथिला]] राज्य का हिस्सा था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=0hbA4A--9HcC&pg=PA74&dq=madhepura+Mithila&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&ved=2ahUKEwjQj5DXwvCAAxWVfGwGHdt5DWoQ6AF6BAgIEAM#v=onepage&q=madhepura%20Mithila&f=false|title=Women Empowerment Through Panchayati Raj Institutions|last=Thakur|first=Minni|date=2010|publisher=Concept Publishing Company|isbn=978-81-8069-680-0|language=en}}</ref><ref name="Jha1997">{{cite book |author=Jha, M. |year=1997 |chapter=Hindu Kingdoms at contextual level |title=Anthropology of Ancient Hindu Kingdoms: A Study in Civilizational Perspective |chapter-url=https://books.google.com/books?id=A0i94Z5C8HMC&pg=PA27 |pages=27–42 |publisher=M.D. Publications Pvt. Ltd |location=New Delhi|isbn=9788175330344 }}</ref> ऐसा माना जाता है कि पौराणिक काल में कोशी नदी के तट पर [[श्रृंगी ऋषि]] का आश्रम था। [[श्रृंगी ऋषि]] भगवान शिव के भक्त थे और वह आश्रम में भगवान शिव की प्रतिदिन उपासना किया करता था। [[श्रृंगी ऋषि]] के आश्रम स्थल को श्रृंगेश्‍वर के नाम से जाना जाता था। कुछ समय बाद इस उस जगह का नाम बदलकर सिंहेश्वर हो गया। महाजनपद काल में मधेपुरा अंग महाजनपद का हिस्सा था। [[मौर्य राजवंश|मौर्य वंश]] का भी यहां शासन रहा। इसका प्रमाण उदा-किशनगंज स्थित मौर्य स्तम्भ से मिलता है। गुप्त वंश के शासन काल में यह [[मिथिला]] प्रांत का हिस्सा रहा। मधेपुरा का इतिहास [[कुषाण राजवंश|कुषाण वंश]] के शासनकाल से भी सम्बन्धित है। [[शंकरपुर]] प्रखंड के बसंतपुर तथा रायभीर गांवों में रहने वाले भर समुदाय के लोग [[कुषाण राजवंश|कुशान वंश]] के परवर्ती हैं।<ref name=":0" /> मुगल काल में मधेपुरा सरकार तिरहुत के अधीन रहा। उदा-किशुनगंज अंतर्गत सरसंडी गांव में अकबर के समय की एक मस्जिद आज मौजूद है। इसके अतिरिक्त, सिकंदर साह ने भी जिले का दौरा किया था, जो साहुगढ़ गांव से मिले सिक्कों से स्पष्ट होता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://madhepura.nic.in/history/|title=History {{!}} Madhepura {{!}} India|language=en-US|access-date=2023-08-21}}</ref> ===ऐतिहासिक स्थल=== ;श्रीनगर मधेपुरा शहर से लगभग २२ किलोमीटर की दूरी पर उत्तर-पश्चिम में स्थित श्रीनगर एक गांव है। इस गांव में दो किले हैं। माना जाता है कि इनसे से एक किले का इस्तेमाल राजा श्री देव रहने के लिए किया गया था। किले के पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर दो विशाल कुंड स्थित है; पहले कुंड को हरसैइर और दूसर कुंड को घोपा पोखर् के नाम से जाना जाता है। इसके अतिरिक्त यहां एक मंदिर भी है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर में स्थित पत्थरों से बने स्तंभ इसकी खूबसूरती को और अधिक बढ़ाते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=MpEhAAAAMAAJ&q=%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0+%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%BE&dq=%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0+%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%BE&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&ved=2ahUKEwjW25bYzO2AAxVeUGwGHbJOAw8Q6AF6BAgMEAM|title=Bihāra loka saṃskrti kośa: Mithilā khanḍạ|last=Śrīvāstava|first=Lakshmī Prasāda|date=1990|publisher=Sītārāma Prakāśana|language=hi}}</ref> यहां की शीलालेख लगभग 3000 से 5000 ईसा पूर्व की मानी जाती है। ;बसन्तपुर मधेपुरा के दक्षिण से लगभग 24 किलोमीटर की दूरी पर बसंतपुर गांव स्थित है। यहां पर एक किला है जो कि पूरी तरह से विध्वंस हो चुका है। माना जाता है कि यह किला राजा विराट के रहने का स्थान था।<ref>{{Cite web|url=https://madhepura.nic.in/hi/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a4/|title=संस्कृति और विरासत {{!}} Madhepura {{!}} India|language=hi-IN|access-date=2023-08-21}}</ref> ;बिराटपुर सोनबरसा रेलवे स्टेशन से लगभग 9 किलोमीटर की दूरी पर बिराटपुर गांव है। यह गांव देवी चंडिका के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि इस मंदिर का सम्बन्ध महाभारत काल से है। 11वीं शताब्दी में राजा कुमुन्दानंद के सुझाव से इस मंदिर के बाहर पत्थर के स्तम्भ बनवाए गए थे। इन स्तम्भों पर अभिलेख देखे जा सकते हैं। इसके साथ ही यहां पर दो स्तूप भी है। मंदिर के पश्चिम से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर एक छोटा टीला है। ==भौगोलिक स्थिति== [[कोसी नदी|कोशी नदी]] के मैदानों में स्थित इस जिले की स्थिति 25°. 34 - 26°.07’ उत्तरी अक्षांश तथा 86° .19’ से 87°.07’ पूर्वी देशान्तर के बीच है। इसके उत्तर में [[अररिया जिला]] तथा [[सुपौल जिला]] है तथा इसका उत्तरी छोर [[नेपाल]] से सिर्फ ६० कि॰मी॰ की दूरी पर है। पूर्व की दिशा में [[पूर्णिया जिला|पूर्णियां जिला]], पश्चिम में [[सहरसा]] तथा दक्षिण में [[खगड़िया]] तथा [[भागलपुर]] हैं। == आवागमन == ;वायु मार्ग यहां का सबसे निकटतम हवाई अड्डा दरभंगा स्थित [[दरभंगा हवाई अड्डा]] है। दरभंगा से मधेपुरा 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ;रेल मार्ग मधेपुरा में वर्तमान में कोई प्रमुख रेलवे स्टेशन नहीं है। रेल यात्रा के लिए यात्री प्रायः निकटवर्ती रेलवे स्टेशनों, जैसे मुरलीगंज, सहरसा और पूर्णिया, का उपयोग करते हैं। इन स्टेशनों से बिहार तथा भारत के कई प्रमुख शहरों के लिए रेल सेवाएँ उपलब्ध हैं। ======== ;सड़क मार्ग भारत के कई प्रमुख शहरों शहरों से मधेपुरा सड़कमार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा सकते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग नम्बर 31 से होते हुए मधेपुरा पहुंचा जा सकता है। ==दर्शनीय स्थल== ;सिंहेश्वर स्थान यहाँ स्थित प्राचीन शिव मंदिर इस जिले का प्रमुख आकर्षण केन्द्र है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, [[श्रृंगी ऋषि]] के आश्रम में एक प्राकृतिक शिवलिंग उत्पन्न हुई थी। उस स्थान पर बाद में एक अतिसुंदर मंदिर बना। एक व्यापारी जिसका नाम हरि चरण चौधरी था, ने वर्तमान मंदिर का निर्माण लगभग 200 वर्ष पूर्व करवाया था। यह शिवलिंग एक विशाल चट्टान पर स्थित है, जो कि करीबन 15-16 फीट ऊंचा है। प्रतिवर्ष [[महाशिवरात्रि]] के दिन और श्रावण माह में भक्तों तथा श्रद्धालुओं की यहाँ अपार भीड़ रहती है। ;बाबा बिशु राउत मंदिर मधेपुरा के चौसा प्रखंड सबसे अंतिम छोर पर अवस्थित बाबा बिशु राउत पचरासी धाम लोगो की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर मधेपुरा से ६५ किलोमीटर व चौसा प्रखंड मुख्यालय से 7 किलोमीटर की दुरी पर है। लोकदेव के रूप में चर्चित बाबा बिशु राउत का मंदिर पशु पलकों के लिए पूजन का महत्पूर्ण केंद्र माना जाता है। पचरासी धाम में भव्य मेला का आयोजन लगभग २०० (अनुमानित ) वर्षों से किया जा रहा है। वर्ष 2015 में सूबे के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार मेला का उद्घाटन कर लोक देवता बाबा विशु की प्रतिमा पर दुधाभिषेक किया था। तत्कालीन पर्यटन मंत्री अशोक कुमार सिंह ने भी इसे पर्यटन का दर्जा देने की घोषणा की थी। इसके पूर्व लालू प्रसाद ने भी अपने मुख्यमंत्रीत्व काल में कई बार इस मेला में पहुंच कर बाबा विशु राउत की प्रतिमा पर दुधाभिषेक करने के बाद आयोजित आम सभा में पचरासी स्थल को पर्यटन दर्जा देने की घोषणा किया था। ;दुर्गा मंदिर, उदाकिशुनगंज मनोकामना शक्ति पीठ के रुप में ख्याति प्राप्त उदाकिशुनगंज सार्वजनिक दुर्गा मंदिर न केवल धार्मिक और अध्यात्मिक बल्कि ऐतिहासिक महत्व को भी दर्शाता है। यहां सदियों से पारंपरिक तरीके से दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाया जाता है। पूजा के दौरान कई देवी-देवताओं की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाती है। मंदिर कमिटी और प्रशासन के सहयोग से विशाल मेले का भी आयोजन किया जाता है। अध्यात्म की स्वर्णिम छटा बिखेर रही सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के बारे में कहा जाता है कि करीब 250 वर्षों से भी अधिक समय से यहां मां दुर्गा की पूजा की जा रही है। बड़े-बुजूर्गो का कहना है कि करीब 250 वर्ष पूर्व 18 वीं शताब्दी में चंदेल राजपूत सरदार उदय सिंह और किशुन सिंह के प्रयास से इस स्थान पर मां दुर्गा की पूजा शुरू की गयी थी। तब से यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चलते आ रहा है। उन्होंने कहा कि कोशी की धारा बदलने के बाद आनंदपुरा गांव के हजारमनी मिश्र ने दुर्गा मंदिर की स्थापना के लिए जमीन दान दी थी। उन्हीं के प्रयास से श्रद्धालुओं के लिए एक कुएं का निर्माण कराया गया था, जो आज भी मौजूद है। उदाकिशुनगंज निवासी प्रसादी मिश्र मंदिर के पुजारी के रुप में 1768 ई में पहली बार कलश स्थापित किया था। उन्हीं के पांचवीं पीढ़ी के वंशज परमेश्वर मिश्र उर्फ पारो मिश्र वर्तमान में दुर्गा मंदिर के पुजारी हैं ।प्रतिवर्ष [[दुर्गा पूजा]] के दिन भक्तों तथा श्रद्धालुओं की यहाँ अपार भीड़ रहती है। ;महर्षि मेंही अवतरण भूमि, मझुआ यहाँ स्थित भव्य सत्संग आश्रम इस जिले का प्रमुख आकर्षण केन्द्र है। यहाँ एक भव्य सत्संग आश्रम बना है, जो कि अत्यंत सुन्दर है. यहाँ संत शिशु सूरज जी बड़ी लगन से आश्रम का निर्माण करवाया। २०वी सदी के महान संत महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज का जन्म मझुआ नामक गांव में हुआ था। इनका जन्म २८-०४-१८८५ ईस्वी को नानाजी के यहाँ हुआ. इनकी माता जी का नाम जनकवती देवी था. स्व श्री चुमन लाल जी व् स्व श्री जय कुमार लाल दास जी इनके मामा जी थे. श्री कामेश्वर लाल दास जी इनके ममेरे भाई हैं, जो की जयकुमार लाल दास जी के सुपुत्र है। प्रतिवर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्दसी के दिन भक्तों तथा श्रद्धालुओं की यहाँ अपार भीड़ रहती है। ==प्रमुख व्यक्ति== *[[बिन्देश्वरी प्रसाद मंडल|बी.पी. मंडल]], बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं [[मंडल आयोग|द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग]] के अध्यक्ष भी रहे जिसे [[मंडल आयोग]] के नाम से जाना जाता है। == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.prabhatkhabar.com/state/bihar/madhepura मधेपुरा जिले का ब्रेकिंग न्यूज़] * [https://www.prabhatkhabar.com/state/bihar बिहार का समाचार] ==इन्हें भी देखें== *[[मधेपुरा]] {{बिहार के जिले}} [[श्रेणी:बिहार के जिले]] [[श्रेणी:मधेपुरा जिला|*]] gi53dy2k2ok236c1qtouzi5zkeualfc आमिर ख़ान 0 3196 6582894 6514429 2026-07-15T11:03:58Z Baangla 899925 /* निजी जीवन */ खबरानुसार 6582894 wikitext text/x-wiki {{other}} {{ज्ञानसन्दूक अभिनेता | image = Aamir Khan From The NDTV Greenathon at Yash Raj Studios (11).jpg | birthdate = {{birth date and age|1965|3|14}} | birth_place = [[मुम्बई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] | spouse = [[किरण राव]] (2005 - 2021तलाक़ )<br /> रीना दत्ता (1987 - 2002; तलाक़) | religion = [[इस्लाम]] | occupation = [[अभिनेता]], [[फ़िल्म निर्माता]] & [[फ़िल्म निर्देशक|निर्देशक]], लेखक | children = 3 | parents = [[ताहिर हुसैन]]<br/>जीनत हुसैन | yearsactive = 1973 - 1974, 1984, 1988 - 2001, 2005 - अब तक | awards = '''[[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ अभिनेता]]'''<br />1997: ''[[राजा हिन्दुस्तानी]]''<br />2002: ''[[लगान (२००१ फ़िल्म)|लगान]]'' <br />'''[[Filmfare Critics Award for Best Performance|Best Actor (Critics)]]'''<br />2007: ''[[रंग दे बसंती]]'' <br />'''[[Filmfare Best Male Debut Award|Best Male Debut]]'''<br />1989: ''[[क़यामत से क़यामत तक|कयामत से कयामत तक]]'' <br />'''[[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ निर्देशक]]'''<br />2008: ''[[तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)|तारे ज़मीन पर]]'' <br />'''[[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म]]'''<br />2002: ''[[लगान (२००१ फ़िल्म)|लगान]]''<br />2008: ''[[तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)|तारे ज़मीन पर]]'' | relatives = [[फैसल ख़ान]] (भाई)<br/>[[निकहत ख़ान]] (बहन)<br/>[[नासिर हुसैन]] (चाचा)<br/>[[इमरान ख़ान (अभिनेता)|इमरान ख़ान]] (भतीजा) |partner=गौरी स्प्रैट (2024-वर्तमान)}} '''आमिर ख़ान''' ([[नस्तालीक़]]: عامر خان) (जन्म '''आमिर हुसैन ख़ान '''; [[१४ मार्च|मार्च 14]], [[१९६५|1965]]) [[भारत|एक भारतीय]] [[अभिनेता|फ़िल्म अभिनेता]], [[फ़िल्म निर्माता|निर्माता]], [[फ़िल्म निर्देशक|निर्देशक]], [[पटकथा लेखक|पटकथा लिखनेवाले]], कभी कभी गायक और [[आमिर खान प्रोडक्सन्स|आमिर ख़ान प्रोडक्सनस]] के संस्थापक-मालिक है।<ref>{{Cite web|url=https://www.meraguide.in/2023/05/--Aamir-khan-Actor%20Biography-Career-Networth%20Family--other-information%20.html|title=आमिर ख़ान (Aamir khan) Actor Biography (Career, Networth, Family & other information)|access-date=2023-06-22|archive-date=22 जून 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230622092009/https://www.meraguide.in/2023/05/--Aamir-khan-Actor%20Biography-Career-Networth%20Family--other-information%20.html|url-status=dead}}</ref> अपने चाचा [[नासिर हुसैन]] की फ़िल्म ''[[यादों की बारात]]'' (1973) में एक बाल कलाकार की भूमिका में नज़र आए थे और ग्यारह साल बाद ख़ान का करियर फ़िल्म ''[[होली (1984 फ़िल्म)|होली]]'' (1984) से आरम्भ हुआ उन्हें अपने चचेरे भाई [[मंसूर ख़ान]] के साथ फ़िल्म ''[[क़यामत से क़यामत तक]]'' (1988) के लिए अपनी पहली व्यवसायिक सफलता मिली और उन्होंने फ़िल्म में एक्टिंग के लिए [[फ़िल्मफ़ेयर पुरुष प्रथम अभिनय पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ मेल नवोदित पुरस्कार]] ([[:en:Filmfare Best Male Debut Award|सर्वश्रेष्ठ नवोदित पुरूष कलाकार के लिए फ़िल्मफेयर पुरस्कार]]) जीता। पिछले आठ नामांकन के बाद 1980 और 1990 के दौरान, ख़ान को ''[[राजा हिन्दुस्तानी]]'' (1996), के लिए पहला [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] मिला जो अब तक की उनकी एक बड़ी व्यवसायिक सफलता थी।<ref>{{cite web|url=http://www.boxofficeindia.com/cpages.php?pageName=all_time_earners|title=All Time Earners Inflation Adjusted (Figures in Ind Rs)|publisher=BoxOfficeIndia.com|accessdate=2008-03-12|archiveurl=https://archive.today/20120721131404/http://www.boxofficeindia.com/cpages.php?pageName=all_time_earners|archivedate=21 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref> उन्हें बाद में [[फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार|फ़िल्मफेयर]] कार्यक्रम में दूसरा ''सर्वश्रेष्ठ अभिनेता'' पुरस्कार और ''[[लगान (२००१ फ़िल्म)|लगान]]'' में उनके अभिनय के लिए 2001 में कई अन्य पुरस्कार मिले और [[अकेडमी पुरस्कार|अकादमी पुरस्कार]] के लिए नामांकित किया गया। अभिनय से चार साल का सन्यास लेने के बाद, [[केतन मेहता]] की फ़िल्म ''[[मंगल पांडे: द राइज़िंग|द रायजिंग]]'' (2005) से ख़ान ने वापसी की। २००७ में, वे निर्देशक के रूप में फ़िल्म ''[[तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)|तारे ज़मीन पर]]'' का निर्देशन किया, जिसके लिए उन्हें [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार]] दिया गया। कई कमर्शियल सफल फ़िल्मों का अंग होने के कारण और बहुत ही अच्छा अभिनय करने के कारण, वे हिन्दी सिनेमा के एक प्रमुख अभिनेता बन गए हैं।<ref>{{cite web|url=http://specials.rediff.com/movies/2006/aug/17sd11.htm|title=specials.rediff.com/movies/2006/aug/17sd11.htm<!--INSERT TITLE-->|access-date=27 फ़रवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20150128103904/http://specials.rediff.com/movies/2006/aug/17sd11.htm|archive-date=28 जनवरी 2015|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://specials.rediff.com/movies/2006/aug/08sld11.htm|title=specials.rediff.com/movies/2006/aug/08sld11.htm<!--INSERT TITLE-->|access-date=27 फ़रवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090224044036/http://specials.rediff.com/movies/2006/aug/08sld11.htm|archive-date=24 फ़रवरी 2009|url-status=live}}</ref> '''''Lahore 1947''''' is an upcoming Indian [[Hindi]]-language Action film directed by Advait Chandan theatrical release 19 June 2026.<ref>{{Cite web |date=16 February 2026 |title=Zee Studios - Aamir Khan Productions; Lahore 1947 Announcement Sunny Deol Junaid Khan starrer replaces Aamir Khan to release on June 19, 2026|url=https://www.bollywoodhungama.com/news/bollywood/zee-studios-aamir-khan-productions-lahore-1947-announcement-sunny-deol-junaid-khan-starrer-replaces-aamir-khan-release-june-19-2026/|publisher=Bollywood Hungama|access-date=16 February 2026}}</ref> == पारिवारिक पृष्ठभूमि == आमिर ख़ान [[बांद्रा]] के होली फेमिली अस्पताल, [[मुम्बई|मुंबई]], [[भारत]] में एक ऐसे [[मुसलमान|मुस्लिम]] परिवार में जन्म लिए जो भारतीय मोशन पिक्चर में दशकों से सक्रिय थे। उनके पिता, [[ताहिर हुसैन]] एक फ़िल्म निर्माता थे जबकि उनके दिवंगत चाचा, [[नासिर हुसैन]], एक फ़िल्म निर्माता के साथ-साथ एक निर्देशक भी थे। [[अबुल कलाम आज़ाद|मौलाना अबुल कलाम आजाद]] के वंशज होने के कारण, उनकी जड़ें [[अफ़ग़ानिस्तान|अफगानिस्तान]] के [[हेरात]] शहर में देखे जा सकते हैं। वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति, [[ज़ाकिर हुसैन (राजनीतिज्ञ)|डॉ॰जाकिर हुसैन]] के भी वंशज हैं और भारत की अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री, [[नजमा हेपतुल्ला|डॉ॰नजमा हेपतुल्ला]] के दूसरे भतीजे भी हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.telegraphindia.com/1040531/asp/frontpage/story_3313328.asp|title=www.telegraphindia.com/1040531/asp/frontpage/story_3313328.asp<!--INSERT TITLE-->|access-date=27 फ़रवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090127042930/http://telegraphindia.com/1040531/asp/frontpage/story_3313328.asp|archive-date=27 जनवरी 2009|url-status=live}}</ref> == फ़िल्म करियर == ख़ान ने अपना फ़िल्मी करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में नासिर हुसैन द्बारा गृह निर्मित, निर्माण व निर्देशित फ़िल्म ''[[यादों की बारात]]'' (1973) और ''मदहोश'' (1974) से की। ग्यारह साल बाद, उन्हें एडल्ट अभिनय डेब्यू का मौका मिला जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया, वह थी [[केतन मेहता]] की ''[[होली (1984 फ़िल्म)|होली]]'' (1984). ख़ान का पहला मुख्य किरदार 1988 के दौरान फ़िल्म ''[[क़यामत से क़यामत तक]]'' में नज़र आया, जिसे उनके चचेरे भाई और नासिर हुसैन के बेटे [[मंसूर ख़ान]] ने निर्देशित किया था। क़यामत से क़यामत तक'' बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल रही और इसने ख़ान के करियर को एक लीडिंग अभिनेता के तौर पर आगे बढाया.एक टिपिकल 'चॉकलेट अभिनेता' के रूप में उन्हें किशोरों का आदर्श माना जाने लगा। उसके बाद वे '80 और '90 की शुरुआत में कई फ़िल्मों में दिखे: ''[[दिल (फ़िल्म)|दिल]]'' (1990), जो साल का सबसे बड़ा व्यवसायिक हिट रही,<ref>{{cite web|url=http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=196&catName=MTk5MA==|title=Box Office 1990|publisher=BoxOfficeIndia.Com|accessdate=2007-03-12|archiveurl=https://archive.today/20120722053205/http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=196&catName=MTk5MA==|archivedate=22 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref> ''[[दिल है के मानता नहीं|दिल है कि मानता नहीं]]'' (1991), ''[[जो जीता वही सिकंदर]]'' (1992), ''[[हम हैं राही प्यार के]]'' (1993) (जिसके लिए उन्होंने [[पटकथा]] भी लिखा) और ''[[रंगीला]]'' (1995).इनमे से अधिकतर फ़िल्में आलोचनात्मक व व्यवसायिक दृष्टि से सफल रहीं। <ref>{{cite web|url=http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=198&catName=MTk5Ng==|title=Box Office 1992|publisher=BoxOfficeIndia.Com|accessdate=2007-03-12|archiveurl=https://archive.today/20121204183543/http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=198&catName=MTk5Ng==|archivedate=4 दिसंबर 2012|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=199&catName=MTk5Mw==|title=Box Office 1993|publisher=BoxOfficeIndia.Com|accessdate=2007-03-12|archiveurl=https://archive.today/20120721012618/http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=199&catName=MTk5Mw==|archivedate=21 जुलाई 2012|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=201&catName=MTk5NQ==|title=Box Office 1995|publisher=BoxOfficeIndia.Com|accessdate=2007-03-12|archiveurl=https://archive.today/20120729002609/http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=201&catName=MTk5NQ==|archivedate=29 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref> दूसरी सफल फ़िल्में ''[[अंदाज़ अपना अपना|अंदाज अपना अपना]]'', जिसमें सह-अभिनेता [[सलमान ख़ान]] थे। इसके रिलीज़ के समय फ़िल्म असफल रही परन्तु बाद में इसने अच्छी स्थिति बना ली। <ref>{{Cite web |url=http://www.planetbollywood.com/Film/AndazApnaApna/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 फ़रवरी 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090908220825/http://www.planetbollywood.com/Film/AndazApnaApna/ |archive-date=8 सितंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> ख़ान साल में एक या दो फ़िल्में ही करते हैं, जो मेनस्ट्रीम हिन्दी सिनेमा अभिनेता के लिए कुछ अलग बात है। उनकी 1996 में एकमात्र रिलीज़ थी [[धर्मेश दर्शन]] द्वारा निर्देशित व्यवसायिक ब्लॉकबस्टर ''[[राजा हिन्दुस्तानी]]'' जिसमें उनके विपरीत [[करिश्मा कपूर]] थी। इस फ़िल्म से उन्हें पिछले 8 नामांकनों के बाद पहला [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] मिला जो 1990 साल का बहुत बड़ी हिट थी और तीसरा सर्वाधिक कमाई करने वाला भारतीय फ़िल्म रही। <ref>{{cite web|url=http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=202&catName=MTk5Ng==|title=Box Office 1996|publisher=BoxOfficeIndia.Com|accessdate=2007-03-12|archiveurl=https://archive.today/20120721102828/http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=202&catName=MTk5Ng==|archivedate=21 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref> ख़ान के कैरियर ने इस समय तक ठहराव पा लिया था और उनकी ज्यादातर फ़िल्में आने वाले समय में कम सफल रही। 1997 में उन्होंने [[अजय देवगन]] और [[जूही चावला]] के विपरीत फ़िल्म ''[[इश्क]]'' में काम किया, जो आलोचकों के लिए ख़राब परन्तु बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। १९९८ में, ख़ान मध्यम सफल फ़िल्म ''[[ग़ुलाम (फ़िल्म)|ग़ुलाम]]'' में नज़र आए, जिसमें उन्होंने [[पार्श्वगायक|पार्श्व गायन]] भी किया।<ref>{{cite web|url=http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=204&catName=MTk5OA==|title=Box Office 1998|publisher=BoxOfficeIndia.Com|accessdate=2007-03-12|archiveurl=https://archive.today/20120630160047/http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=204&catName=MTk5OA==|archivedate=30 जून 2012|url-status=live}}</ref> जॉन मेथ्यु मथान की ''[[सरफ़रोश (1999 फ़िल्म)|सरफ़रोश]]'' (1999) ख़ान की 1999 के दौरान पहला रिलीज़ था थोडी सफल और बॉक्स ऑफिस पर औसत रही, जबकि फ़िल्म को आलोचकों ने सराहा. एक समर्पित, इमानदार और भ्रष्टता से दूर पुलिस के रूप में ख़ान का अभिनय सीमा पार आतंक को रोकना था, जिसकी तारीफ हुई। उन्होंने [[दीपा मेहता]] की कलात्मक फ़िल्म ''[[अर्थ (1998 फ़िल्म)|अर्थ]]'' में काम किया। 1999 के दौरान पहली रिलीज़ थी जो थोड़ी सफल और बॉक्स ऑफिस पर औसत रही, जबकि फ़िल्म को आलोचकों ने सराहा. नए शताब्दी में उनकी पहली रिलीज़,''[[मेला (2000 फ़िल्म)|मेला]]'' थी जिसमें उन्होंने वास्तविक जीवन के भाई [[फैसल ख़ान]], के साथ काम किया, यह एक बॉक्स-ऑफिस और आलोचकों की नज़र में हिट[[बॉक्स ऑफिस बॉम्ब|बोम्ब]] ([[:en:Box office bomb|bomb]]) साबित हुई। <ref>{{cite web|url=http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=206&catName=MjAwMA==|title=Box Office 2000|publisher=BoxOfficeIndia.Com|accessdate=2007-03-12|archiveurl=https://archive.today/20120720153731/http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=206&catName=MjAwMA==|archivedate=20 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref> ख़ान ने अपना निर्माण कंपनी, ''आमिर ख़ान प्रोडक्शन'' बनाकर अपने पुराने दोस्त [[आशुतोष गोवरिकर|आशुतोष गोवारिकर]] की स्वप्निल फ़िल्म ''[[लगान (२००१ फ़िल्म)|लगान]]'' को वित्तीय सहायता किया। यह फ़िल्म 2001 में रिलीज़ हुई, जिसमें आमिर ख़ान मुख्य अभिनेता थे। यह फ़िल्म आलोचकों और कॉमर्शियल की नज़र से सफल रही<ref name="2001 BO">{{cite web|url=http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=207&catName=MjAwMQ==|title=Box Office 2001|publisher=BoxOfficeIndia.Com|accessdate=2007-03-12|archiveurl=https://archive.today/20120629110014/http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=207&catName=MjAwMQ==|archivedate=29 जून 2012|url-status=live}}</ref> और इसे [[सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फ़िल्म के लिए अकेडमी पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फ़िल्म]] के लिए [[चौहत्तरवें अकेडमी पुरस्कार|74 वें एकेडमी पुरस्कार]] में [[अकादमी पुरस्कारों में नामांकन के लिए भारत की आधिकारिक सूची|भारत के आधिकारिक सूची]] ([[:en:List of India's official entries to the Oscars|India's official entry]]) में चुन लिया गया। फलतः यह चुन लिया गया और अन्य चार विदेशी फ़िल्मों के साथ उसी वर्ग में नामांकन हुआ, लेकिन ''[[नो मेन्स लैंड|नो मेंस लैंड]]'' से हार गया। इसके अलावा फ़िल्म को कई अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल्स में सराहा गया, साथ ही बॉलीवुड के कई पुरस्कार मिले जिनमें [[राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार]] भी शामिल है। ख़ान अपना दूसरा [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] जीता जबकि ऑस्कर में ''लगान'' को निराशा मिला। परन्तु चीज़ें हमारा उत्साह बनाये रखती है, कि सारा देश हमारे साथ है।" ''लगान'' की सफलता के बाद उसी साल आगे ''[[दिल चाहता है]]'' जिसमें ख़ान के साथ थे [[अक्षय खन्ना]] और [[सैफ़ अली ख़ान|सैफ अली ख़ान]], [[प्रीति ज़िंटा|प्रीटी जिंटा]]. इस फ़िल्म का लेखन और निर्देशन नए नए आए [[फरहान अख्तर]] ने किया। आलोचकों के अनुसार, इस फ़िल्म में युवा वर्ग का सही चित्रांकन किया गया जो वे आज हैं। इसके चरित्र नए, मनभावन और सार्वभौमिक थे। यह फ़िल्म मध्यम सफल रही और शहरों में ज़्यादा चली.<ref name="2001 BO"/> ख़ान ने अपने निजी कारणों के कारण 4 साल का संन्यास लिया और 2005 में केतन मेहता की ''[[मंगल पांडे: द राइज़िंग|मंगल पांडे - द राइज़िंग]]'' फ़िल्म में एक [[१८५७ का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम|सिपाही]] और एक शहीद के वास्तविक जीवन पर आधारित जो [[१८५७ का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम]] या “भारतीय आज़ादी की पहली लड़ाई” को बढाया था, में अभिनय किया। [[राकेश ओमप्रकाश मेहरा]] की पुरस्कार विजेता फ़िल्म, ''[[रंग दे बसंती]]'', 2006 में ख़ान का पहला रिलीज़ था। उन्हें आलोचकों की तारीफ मिली,<ref>{{cite web|url=http://www.indiafm.com/movies/review/12493/index.html|title=www.indiafm.com/movies/review/12493/index.html<!--INSERT TITLE-->|access-date=27 फ़रवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20080706005207/http://indiafm.com/movies/review/12493/index.html|archive-date=6 जुलाई 2008|url-status=dead}}</ref> [[सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए फिल्मफेयर आलोचना पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए फ़िल्मफेयर आलोचना]] और ''सर्वश्रेष्ठ अभिनेता'' पुरस्कार जीता। यह फ़िल्म साल की सबसे कमाई करने वाली फ़िल्म रही,<ref name="2006 BO">{{cite web|url=http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=212&catName=MjAwNg==|title=Box Office 2006|publisher=BoxOfficeIndia.Com|accessdate=2007-03-12|archiveurl=https://archive.today/20120525232245/http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=212&catName=MjAwNg==|archivedate=25 मई 2012|url-status=live}}</ref> और इसे ''ऑस्कर में भारत के आधिकारिक प्रवेश सूची में चुना गया''.जबकि फ़िल्म को नामिति के तौर पर नहीं चुना गया, इसे इंग्लैंड में [[ब्रिटिश अकादमी फ़िल्म पुरस्कार|BAFTA पुरस्कार]] के दौरान [[सर्वश्रेष्ठ विदेशी फ़िल्म के लिए बाफ्टा पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ विदेशी फ़िल्म]] का नामांकन मिला। ख़ान की अगली फ़िल्म, ''[[फ़ना (२००६ चलचित्र)|फना]]'' (2006) की भी तारीफ की गई,<ref>{{cite web|url=http://www.indiafm.com/movies/review/12456/index.html|title=www.indiafm.com/movies/review/12456/index.html<!--INSERT TITLE-->|access-date=27 फ़रवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20081007074208/http://www.indiafm.com/movies/review/12456/index.html|archive-date=7 अक्तूबर 2008|url-status=dead}}</ref> और 2006 की सर्वाधिक कमाई करने वाला भारतीय फ़िल्म रही। <ref name="2006 BO"/> उनकी 2007 की फ़िल्म, ''[[तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)|तारे ज़मीन पर]]'' (एक शिक्षक के बारे में जो ''डाइस्लेक्सिक'' से ग्रस्त बच्चे से दोस्ती व सहायता करता है), जिसे ख़ान ने निर्माण किया और अभिनय भी किया, उनका निर्देशन के क्षेत्र में पहला कदम था। यह फ़िल्म ''आमिर ख़ान प्रोडक्शन्स'' की दूसरी फ़िल्म थी, जिसे सराहना और दर्शकों दोनों से अच्छा रेस्पॉन्स मिला। उन्हें फ़िल्मफेयर में [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म]] और [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ निर्देशक]] पुरस्कार मिला, एक अच्छे निर्देशक और कहानी लेखक के रूप में जगह बने। २००८ में, ख़ान ने अपने भतीजे [[इमरान ख़ान (अभिनेता)|इमरान ख़ान]] को फ़िल्म ''[[जाने तू या जाने ना]]'' में लॉन्च किया। यह फ़िल्म आलोचनात्मक व व्यवसायिक दृष्टि से काफी सफल रही। <ref>http://www.planetbollywood.com/displayArticle.php?id=n061008093720 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090630021355/http://www.planetbollywood.com/displayArticle.php?id=n061008093720 |date=30 जून 2009 }} +</ref> == निजी जीवन == ''[[क़यामत से क़यामत तक]]'', के वर्षों में, ख़ान ने [[रीना दत्ता]] के साथ विवाह किया। उनके अभिभावक ने इस विवाह को मंजूर नहीं किया क्योंकि वह [[मुसलमान|मुस्लिम]] नहीं थी। इस कारण से, ख़ान की शादी अभिभावक और प्रेस-मीडिया दोनों से छिपी रही। एक लोकप्रिय गाना ''पापा कहतें हैं'' ''क़यामत से क़यामत तक'' में दत्ता ने छोटी सी भूमिका निभाया था। ख़ान की शादी की ख़बर ने भी सामने आने पर मीडिया में हंगामा मचा दिया। रीना दत्ता ने शोर नहीं किया और ट्रेवल एजेंसी में काम जारी रखा। उनके दो बच्चे जुनैद और बेटी, इरा और वे दुनिया की नज़र से दूर ही रहे। रीना ने ख़ान के कैरियर में ''लगान'' के लिए निर्माता के रूप में काम किया। दिसम्बर २००२ में, आमिर ने तलाक के लिए अर्ज़ी दी, रीना से अपने १५ वर्ष की विवाहित जिंदगी को समाप्त करते हुए, दोनों बच्चों को अपने अधिकार में लेते हुए 28 दिसम्बर 2005 को आमिर ने [[किरण राव]] से शादी की जो [[आशुतोष गोवरिकर|आशुतोष गोवारिकर]] की फ़िल्म ''लगान'' के दौरान उनकी सह निर्देशक थी।<ref>{{cite web|url=http://www.expressindia.com/fullstory.php?newsid=60745|title=www.expressindia.com/fullstory.php?newsid=60745<!--INSERT TITLE-->|access-date=27 फ़रवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20070222235106/http://www.expressindia.com/fullstory.php?newsid=60745|archive-date=22 फ़रवरी 2007|url-status=dead}}</ref> हाल ही में भाई फैसल ने उन्हें मीडिया में बदनाम यह कहते हुए किया कि वह उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हैं और उन्हें दवा लेने को मजबूर किया। फैसल को मानसिक बिमारी से त्रस्त बताया गया। [[३१ अक्टूबर|31 अक्टूबर]] [[२००७|2007]] को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने फैसल की अस्थाई अभिरक्षा उनके पिता, ताहिर हुसैन को दी। ख़ान के परिवार ने सार्वजनिक बयान देकर इस मामले में समर्थन किया। कथन पर उसकी पूर्व पत्नी, रीना दत्ता द्वारा भी हस्ताक्षर किया गया।<ref>{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/Aamirs_family_supports_him_against_father/articleshow/2513131.cms|title=timesofindia.indiatimes.com/Aamirs_family_supports_him_against_father/articleshow/2513131.cms<!--INSERT TITLE-->|access-date=27 फ़रवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090111092412/http://timesofindia.indiatimes.com/Aamirs_family_supports_him_against_father/articleshow/2513131.cms|archive-date=11 जनवरी 2009|url-status=live}}</ref> जबकि उन्हें कई भारतीय पुरस्कार मिले हैं, ख़ान शायद ही किसी भारतीय पुरस्कार समारोह में जाते हैं और कहते हैं कि उन्हें इस तरह चुनाव जीतने के तरीके पर भरोसा नहीं है।..वे लगान के ऑस्कर में नामांकन के लिए सबसे पहले पहुंचे। 2007 में, ख़ान को लन्दन में [[मेरी तुसाद|मैडम तुसाद]] का मोम का पुतला बनने के लिये बुलाया गया था।<ref>{{cite web|url=http://movies.indiatimes.com/articleshow/2561771.cms|title=movies.indiatimes.com/articleshow/2561771.cms<!--INSERT TITLE-->|access-date=27 फ़रवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20081224122255/http://movies.indiatimes.com/articleshow/2561771.cms|archive-date=24 दिसंबर 2008|url-status=dead}}</ref> ख़ान ने यह कह कर मना कर दिया कि मेरे लिए यह महत्वपूर्ण नहीं है, यदि लोग मुझे देखना चाहते हैं तो मेरी फ़िल्म देखें। साथ ही मैं इतनी सारी चीजें नहीं कर सकता. मेरे पास इतनी ही ताकत है। "<ref>{{cite web|url=http://www.indiatarget.com/cgi-bin/detailnews.cgi?id=5658|title=www.indiatarget.com/cgi-bin/detailnews.cgi?id=5658<!--INSERT TITLE-->|access-date=27 फ़रवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090703195551/http://www.indiatarget.com/cgi-bin/detailnews.cgi?id=5658|archive-date=3 जुलाई 2009|url-status=dead}}</ref> आमिर ख़ान ने अपने 60वें जन्मदिवस की पार्टी पर अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट को सभी के सामने पेश किया और अपने 18 महीने के रिश्ते की पुष्टी की।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/aamir-khans-new-ladylove-is-from-bengaluru-who-is-gauri-spratt-his-friend-of-25-years/articleshow/118982741.cms?from=mdr|title=Aamir Khan's new ladylove is from Bengaluru: Who is Gauri Spratt, his friend of 25 years?|date=2025-03-13|work=The Economic Times|access-date=2025-03-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20250314024746/http://web.archive.org/screenshot/https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/aamir-khans-new-ladylove-is-from-bengaluru-who-is-gauri-spratt-his-friend-of-25-years/articleshow/118982741.cms?from=mdr|archive-date=2025-03-14|issn=0013-0389|url-status=live}}</ref> आमिर खान की तीसरी शादी गौरी स्प्रैट से हो गई।<ref name="c201">{{cite web | title=Aamir Khan and Gauri Spratt are now married: Children from both families attend, here's everything that happened | website=The Statesman | date=2026-07-05 | url=https://www.thestatesman.com/entertainment/bollywood/aamir-khan-gauri-spratt-wedding-intimate-mumbai-ceremony-guests-1503613180.html | access-date=2026-07-15}}</ref> == पुरस्कार और नामांकन == <!--Translate this template and uncomment {{main|List of Aamir Khan's awards and nominations}} --> == फ़िल्मोग्राफी == === अभिनेता === {| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin: 1em 1em 1em 0; background: #f9f9f9; border: 1px #aaa solid; border-collapse: collapse; font-size: 95%;" |- bgcolor="#CCCCCC" align="center" !वर्ष !!फ़िल्म !!भूमिका !!अन्य नोट्स |- |1973 |''[[यादों की बारात]]'' |यंग रतन | |- |1974 |''[[मदहोश (1974 फ़िल्म)|मदहोश]]'' |बाल कलाकार | |- |1984 |''[[होली (1984 फ़िल्म)|होली]]'' |मदन शर्मा | |- |1988 |''[[क़यामत से क़यामत तक]]'' |राज |'''विजेता''', [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ नव अभिनेता पुरस्कार (पुरुष)|फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ मेल डिबत पुरस्कार]]<br /> नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] |- |rowspan= 2|1989 |''[[राख]]'' |आमिर हुसैन |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] |- |''[[लव लव लव (1989 फ़िल्म)|लव लव लव]]'' |अमित | |- |rowspan= 5|1990 |''[[अव्वल नम्बर (1990 फ़िल्म)|अव्वल नम्बर]]'' |सन्नी | |- |''[[तुम मेरे हो (1990 फ़िल्म)|तुम मेरे हो]]'' |शिवा | |- |''[[दिल (फ़िल्म)|दिल]]'' |राजा |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] |- |''[[दीवाना मुझ सा नहीं]]'' |अजय शर्मा | |- |''[[जवानी ज़िन्दाबाद (1990 फ़िल्म)|जवानी जिंदाबाद]]'' |शशि | |- |rowspan= 4|1991 |''[[अफ़साना प्यार का (1991 फ़िल्म)|अफ़साना प्यार का]]'' |राज | |- |''[[दिल है के मानता नहीं|दिल है कि मानता नहीं]]'' |रघु जेटली |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] |- |''[[इसी का नाम ज़िन्दगी (1992 फ़िल्म)|इसी का नाम जिंदगी]]'' |छोटू | |- |''[[दौलत की जंग (1992 फ़िल्म)|दौलत की जंग]]'' |राजेश चौधरी | |- |1992 |''[[जो जीता वही सिकंदर]]'' |संजयलाल शर्मा |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] |- |rowspan= 2|1993 |''[[परम्परा (1993 फ़िल्म)|परम्परा]]'' |रणबीर पृथ्वी राज चौहान | |- |''[[हम हैं राही प्यार के]]'' |राहुल मल्होत्रा |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] |- |1994 |''[[अंदाज़ अपना अपना|अंदाज अपना अपना]]'' |अमर |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] |- |rowspan= 4|1995 |''[[बाज़ी (1995 फ़िल्म)|बाज़ी]]'' |इंसपेक्टर अमर दमजी | |- |''[[आतंक ही आतंक (1995 फ़िल्म)|आतंक ही आतंक]]'' |रोहन | |- |''[[रंगीला]]'' |मुन्ना | |- |''[[अकेले हम अकेले तुम]]'' |रोहित |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] |- |1996 |''[[राजा हिन्दुस्तानी]]'' |राजा हिन्दुस्तानी |'''विजेता''', [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] |- |1997 |''[[इश्क]]'' |राजा | |- |1998 |''[[ग़ुलाम (फ़िल्म)|ग़ुलाम]]'' |सिद्धार्त मराठे |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]]<br /> नामांकित, [[फिल्मफेयर बेस्ट मेल पार्श्व पुरस्कार|फ़िल्मफेयर बेस्ट मेल पार्श्व पुरस्कार]] ([[:en:Filmfare Best Male Playback Award|Filmfare Best Male Playback Award]]) |- |rowspan= 3|1999 |''[[सरफ़रोश (1999 फ़िल्म)|सरफ़रोश]]'' |अजय सिंह राठोड़ |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]] |- |''[[मन (फ़िल्म)|मन]]'' |कारन देव सिंह | |- |''[[अर्थ (1998 फ़िल्म)|अर्थ]]'' (''1947'') |दिल नवाज |[[ओस्कर में प्रवेश के लिए भारत की आधिकारिक सूचि|ओस्कर में भारत की आधिकारिक प्रवेश]] ([[:en:List of India's official entries to the Oscars|India's official entry to the Oscars]]) |- |2000 |''[[मेला (2000 फ़िल्म)|मेला]]'' |किशन प्यारे | |- |rowspan= 2|2001 |''[[लगान (२००१ फ़िल्म)|लगान]]'' |भुवन |'''विजेता''', [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता]]<br /> नामांकित, [[सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फ़िल्म के लिए अकेडमी पुरस्कार]] ([[:en:Academy Award for Best Foreign Language Film|Academy Award for Best Foreign Language Film]]) |- |''[[दिल चाहता है]]'' |आकाश मल्होत्रा |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ट अभिनेता पुरस्कार]] |- |2005 |''[[मंगल पांडे: द राइज़िंग]]'' |मंगल पांडे |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ट अभिनेता पुरस्कार]] |- |rowspan= 2|2006 |''[[रंग दे बसंती]]'' |दलजीत Singh (DJ) |'''विजेता''', [[सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए फिल्मफेयर आलोचना पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए फ़िल्मफेयर सराहना पुरस्कार]] ([[:en:Filmfare Critics Award for Best Performance|Filmfare Critics Award for Best Performance]])<br /> में नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]]<br /> [[सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के लिए BAFTA पुरस्कार#2000|सर्वश्रेष्ठ गैर अंग्रेजी फ़िल्म के लिए BAFTA पुरस्कार]] ([[:en:BAFTA Award for Best Film#2000s|BAFTA Award for Best Film Not in the English Language]]) और <br />[[ओस्कर में प्रवेश के लिए भारत की आधिकारिक सूचि|ओस्कर में भारत का आधिकारिक प्रवेश]] ([[:en:List of India's official entries to the Oscars|India's official entry to the Oscars]]) |- |''[[फ़ना (२००६ चलचित्र)|फना]]'' |रेहान कादरी | |- |2007 |''[[तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)|तारे ज़मीन पर]]'' |राम शंकर निकुम्ब |नामांकित, [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार|फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ट सहायक अभिनेता]] |- |2008 |''[[गजनी (2008 फ़िल्म)|गजनी]]'' |सन्जय सिघानिया |[[२८ नवम्बर|28 नवम्बर]], [[२००८|2008]] |- |2009 |''[[३ ईडियट्स|थ्री इडियट्स]]'' |रणछोड़दास चांचड़(फुन्सुक वांगड़ू) | |- |2011 |''[[धोबीघाट]]'' |अरुण | |- |2012 |''[[तलाश (2012 फ़िल्म)|तलाश : द आंसर लाइज वीथिन]]'' |इंस्पेक्टर सुरजन सिंह सेखावत | |- |2013 |''[[धूम 3]]'' |शाहिर/ समर | |- |2014 |''[[पीके (फ़िल्म)|पीके]]'' |पीके | |- |2015 |[[दिल धड़कने दो]] |प्लूटो मेहरा | |- |2016 |[[दंगल (फ़िल्म)|दंगल]] |महावीर सिंह फोगाट | |- |2018 |''[[ठग्स ऑफ हिंदोस्तान]]'' |फिरंगी मल्लाह |पहले दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फ़िल्म |- |2021 |कोई जाने ना |स्वयं |''हर फन मौला'' गाने में विशेष उपस्थिति |- |2022 |[[सलाम वेंकी (फ़िल्म)|''सलाम वेंकी'']] |सुजाता का भ्रम |विशेष उपस्थिति |- |2022 |[[लाल सिंह चड्ढा]] |लाल सिंह चड्ढा |निर्माता के रूप में भी |- |2023 |[[लापता लेडीज|लापता लेडीज़]] |— |निर्माता |- |2025 |[[सितारे ज़मीन पर]] |गुलशन |निर्माता भी |- |2025 |[[लाहौर 1947]] |— |निर्माता भी |- |2025 |कूली |— |विशेष उपस्थिति |} === पार्श्व गायन === {| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin: 1em 1em 1em 0; background: #f9f9f9; border: 1px #aaa solid; border-collapse: collapse; font-size: 95%;" |- bgcolor="#CCCCCC" align="center" !साल!!फ़िल्म!!गीत |- |1998 |''[[ग़ुलाम (फ़िल्म)|ग़ुलाम]]'' |''आती क्या खंडाला'' |- |2000 |''[[मेला (2000 फ़िल्म)|मेला]]'' |''देखो 2000 ज़माना आ गया'' |- |2005 |''[[मंगल पांडे: द राइज़िंग|द रायसिंग]] ([[:en:The Rising (Indian movie)|The Rising]])'' |''होली रे'' |- |2006 |''[[फ़ना (२००६ चलचित्र)|फना]]'' |''चंदा चमके'' और ''मेरे हाथ में'' |- |2007 |''[[तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)|तारे ज़मीन पर]]'' |''बम बम बोले'' |} === निर्माता === {| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin: 1em 1em 1em 0; background: #f9f9f9; border: 1px #aaa solid; border-collapse: collapse; font-size: 95%;" |- bgcolor="#CCCCCC" align="center" !साल!!फ़िल्म!!निर्देशक |- |2001 |''[[लगान (२००१ फ़िल्म)|लगान]]'' |[[आशुतोष गोवरिकर|आशुतोष गोवारीकर]] ([[:en:Ashutosh Gowariker|Ashutosh Gowariker]])<br /> '''विजेता''', [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार]] |- |2007 |''[[तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)|तारे ज़मीन पर]]'' |आमिर ख़ान <br /> '''विजेता''', [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार]] |- |2008 |''[[जाने तू या जाने ना]]'' |अब्बास टायरवाला |} === लेखक / निदेशक === {| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin: 1em 1em 1em 0; background: #f9f9f9; border: 1px #aaa solid; border-collapse: collapse; font-size: 95%;" |- bgcolor="#CCCCCC" align="center" !साल!!फ़िल्म!!नोट्स |- |1988 |''[[क़यामत से क़यामत तक]]'' |कहानी लेखक |- |1993 |''[[हम हैं राही प्यार के]]'' |[[पटकथा लेखक]] ([[:en:Screenwriter|Screenwriter]]) |- |2007 |''[[तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)|तारे ज़मीन पर]]'' |निर्देशक<br /> '''विजेता''', [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार]] |} == इन्हें भी देखें == * [[भारतीय फ़िल्म अभिनेताओं की सूची|भारतीय अभिनेताओं की सूची]] {{s-start}} |- !colspan="3" style="background: #DAA520;"|[[फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार]] |- {{s-bef|before=TBD}} {{s-ttl|title=[[Filmfare Best Male Debut Award|Best Male Debut]] <br />''[[क़यामत से क़यामत तक|कयामत से कयामत तक]]'' के लिये|years=1989}} {{s-aft|after=[[सलमान ख़ान]] <br />''[[मैंने प्यार किया]]'' के लिये}} |- |- {{s-bef|before=[[शाहरुख़ ख़ान|शाहरुख ख़ान]] <br />''[[दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे|दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे]]'' के लिये}} {{s-ttl|title=[[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ अभिनेता]] <br />''[[राजा हिन्दुस्तानी]]'' के लिये|years=1997}} {{s-aft|after=[[शाहरुख़ ख़ान|शाहरुख ख़ान]] <br />''[[दिल तो पागल है]]'' के लिये}} |- |- {{s-bef|before=[[ऋतिक रोशन]] <br />''[[कहो ना प्यार है]]'' के लिये}} {{s-ttl|title=[[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ अभिनेता]] <br />''[[लगान (२००१ फ़िल्म)|लगान]]'' के लिये|years=2002}} {{s-aft|after=[[शाहरुख़ ख़ान|शाहरुख ख़ान]] <br />''[[देवदास (2002 फ़िल्म)|देवदास]]'' के लिये}} |- |- {{s-bef|before=[[राकेश रोशन]] <br />''[[कहो ना प्यार है]]'' के लिये}} {{s-ttl|title=[[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म]] <br />''[[लगान (२००१ फ़िल्म)|लगान]]'' के लिये|years=2002}} {{s-aft|after=[[संजय लीला भंसाली]] <br />''[[देवदास (2002 फ़िल्म)|देवदास]]'' के लिये}} |- |- {{s-bef|before=[[अमिताभ बच्चन]] <br />''[[ब्लैक]]'' के लिये}} {{s-ttl|title=[[Filmfare Critics Award for Best Performance|Best Actor (Critics)]] <br />''[[रंग दे बसंती]]'' के लिये|years=2007}} {{s-aft|after=[[दर्शील सफारी]] <br />''[[तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)|तारे ज़मीन पर]]'' के लिये}} |- |- {{s-bef|before=[[राकेश ओमप्रकाश मेहरा]] <br />''[[रंग दे बसंती]]'' के लिये}} {{s-ttl|title=[[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ निर्देशक]] <br />''[[तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)|तारे ज़मीन पर]]'' के लिये|years=2008}} {{s-aft|after=TBD}} |- |- {{s-bef|before=[[राकेश ओमप्रकाश मेहरा]] <br />''[[रंग दे बसंती]]'' के लिये}} {{s-ttl|title=[[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म]] <br />''[[तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)|तारे ज़मीन पर]]'' के लिये|years=2008}} {{s-aft|after=TBD}} |- {{end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{Commonscat|Aamir Khan|आमिर ख़ान}} * {{imdb name|id=0451148|आमिर ख़ान}} * [https://web.archive.org/web/20130503191132/http://www.aamirkhan.com/ आमिर ख़ान की आधिकारिक साइट] * [https://web.archive.org/web/20151125194258/http://www.hindivarta.com/amir-khan-kiran-intolerance-statement-asahisnuta-controversy/ आमिर ख़ान के असहिस्णुता पर बयान पर हुआ विवाद] {{फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार}} {{फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार}} {{आई आई एफ ए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार}} {{धूम शृंखला}} {{Authority control}} {{DEFAULTSORT:ख़ान, आमिर}} [[श्रेणी:1965 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:हिन्दी अभिनेता]] [[श्रेणी:भारतीय फ़िल्म अभिनेता]] [[श्रेणी:फ़िल्म निर्माता]] [[श्रेणी:भारतीय मुस्लिम]] [[श्रेणी:मुंबई के लोग]] [[श्रेणी:सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्म फेयर पुरस्कार]] [[श्रेणी:पद्मश्री प्राप्तकर्ता]] [[श्रेणी:गूगल परियोजना]] [[श्रेणी:आंबेडकरवादी]] jr7qk1hngn83ox6wsarmzddvifxfv59 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 0 3201 6582899 6549772 2026-07-15T11:19:56Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582899 wikitext text/x-wiki {{small|''यह लेख भारत के एक [[संस्कृति|सांस्कृतिक]] संगठन आर एस एस के बारे में है। अन्य प्रयोग हेतु [[आर एस एस]] देखें।''}}<br> ---- {{Infobox organization | name = राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ | native_name = | native_name_lang = | image = Path Sanchalan Bhopal-1.jpg | image_size = | alt = | caption = राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ-संचलन | logo = | logo_size = | logo_alt = | logo_caption = | map = | map_size = | map_alt = | map_caption = | map2 = | map2_size = | map2_alt = | map2_caption = | abbreviation = आर० एस० एस० | formation = {{start date and age|1925|09|27|p=y|df=yes}}<br />[[दशहरा|विजयादशमी]] १९२५ | founder = [[केशव बलिराम हेडगेवार|डॉ॰ केशव बलिराम हेडगेवार]] | type = स्वयंसेवी, निःस्वार्थ राष्ट्रभक्ति{{sfn|Andersen|Damle|1987|p=111}}, अर्धसैनिक<ref name="McLeod2002"/><ref name="Horowitz"/> | status = सक्रिय | purpose = {{nowrap|[[भारतीय राष्ट्रवाद]]<ref name="Embree2005">{{cite book |first=Ainslie T. |last=Embree | authorlink = Ainslie Embree |chapter=Who speaks for India? The Role of Civil Society |editor1=Rafiq Dossani |editor2=Henry S. Rowen |title=Prospects for Peace in South Asia |url=https://archive.org/details/prospectsforpeac0000unse |publisher=[[Stanford University Press]]|year=2005 |ISBN=0804750858 |pp=[https://archive.org/details/prospectsforpeac0000unse/page/141 141]–184}}</ref>}} | headquarters = [[नागपुर]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]] | language = [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]], [[हिन्दी]] | sec_gen = सुरेश 'भैयाजी' जोशी | leader_title = सरसंघचालक | leader_name = [[मोहन भागवत]] | key_people = | main_organ = | affiliations = [[संघ परिवार]] | volunteers = | slogan = | coordinates = {{coord|21.146634|N|79.110654|E|display=inline,title}} | origins = | area_served = [[भारत]] | mission = "मातृभूमि के लिए निःस्वार्थ सेवा" | method = समूह चर्चा, बैठकों और अभ्यास के माध्यम से शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण | membership = ५०-६० लाख<ref name=largest>{{cite news |author=Priti Gandhi |title=Rashtriya Swayamsewak Sangh: How the world's largest NGO has changed the face of Indian democracy |newspaper=[[DNA India]] |date=15 May 2014 |url=http://www.dnaindia.com/analysis/standpoint-rashtriya-swayamsewak-sangh-how-the-world-s-largest-ngo-has-changed-the-face-of-indian-democracy-1988636 |accessdate=2014-12-01}}</ref><ref name=economist>{{cite news|url=http://www.economist.com/news/special-report/21651334-religious-pluralism-looking-less-secure-hindus-fore|title=Hindus to the fore|access-date=24 अक्तूबर 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170216003008/http://www.economist.com/news/special-report/21651334-religious-pluralism-looking-less-secure-hindus-fore|archive-date=16 फ़रवरी 2017|url-status=live}}</ref><ref name=glorious>{{cite web |title=Glorious 87: Rashtriya Swayamsevak Sangh turns 87 on today on Vijayadashami |publisher=Samvada |date=24 October 2012 |url=http://samvada.org/2012/news/glorious-87-rashtriya-swayamsevak-sangh-rss-turns-87-on-today-on-vijayadashami/ |accessdate=2014-12-01 |archive-date=11 जनवरी 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150111175343/http://samvada.org/2012/news/glorious-87-rashtriya-swayamsevak-sangh-rss-turns-87-on-today-on-vijayadashami/ |url-status=dead }}</ref><br /> ५६८५९ शाखाएँ (२०१६)<ref>{{cite web |url=http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/rss-uniform-over-5000-new-shakhas-claims-rss/ |title=Highest growth ever: RSS adds 5,000 new shakhas in last 12 months |publisher=द इंडियन एक्सप्रेस |date=2016-03-16 |accessdate=2016-08-30 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160824201255/http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/rss-uniform-over-5000-new-shakhas-claims-rss/ |archive-date=24 अगस्त 2016 |url-status=live }}</ref> | homepage = {{URL|http://rss.org/hindi/}} }} '''राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ''' [[भारत]] का एक भारतीय [[दक्षिणपंथी राजनीति|दक्षिणपंथी]] [[हिंदुत्व]] स्वयंसेवी{{sfn|Andersen|Damle|1987|p=111}} अर्धसैनिक संगठन है।{{refn|name=paramilitary}} यह [[संगठन परिवार|संघ परिवार]] नामक हिंदुत्व संगठनों के एक बड़े समूह का जनक और नेतृत्वकर्ता है, जिसमें [[भारतीय जनता पार्टी]] (भाजपा) भी शामिल है, जो [[भारत के प्रधानमंत्री]] [[नरेंद्र मोदी]] के नेतृत्व में सत्तारूढ़ राजनीतिक दल है। [[मोहन भागवत]] वर्तमान में आरएसएस के [[सरसंघचालक]] (मुख्य) हैं, जबकि दत्तात्रेय होसबाले सरकार्यवाह (महासचिव) के रूप में कार्यरत हैं। 27 सितंबर 1925 को स्थापित,{{sfn|Chitkara, National Upsurge|2004|p=362}} इस संगठन का प्रारंभिक उद्देश्य चरित्र निर्माण करना और “हिंदू अनुशासन” स्थापित करना था, ताकि हिंदू समुदाय को संगठित कर एक ''हिंदू राष्ट्र'' की स्थापना की जा सके।{{sfn|Andersen|Damle|1987|p=2}} यह संगठन हिंदुत्व की विचारधारा के प्रसार के माध्यम से हिंदू समुदाय को “सशक्त” बनाने तथा [[भारतीय संस्कृति]] और उसकी “सभ्यतागत मूल्यों” को बनाए रखने का लक्ष्य रखता है। दूसरी ओर, आरएसएस को “हिंदू श्रेष्ठतावाद” के सिद्धांत पर आधारित संगठन के रूप में भी वर्णित किया गया है। इस पर अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुसलमानों के प्रति असहिष्णुता के आरोप भी लगाए गए हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.theguardian.com/world/2022/sep/20/what-is-hindu-nationalism-and-who-are-the-rss|title=What is Hindu nationalism and how does it relate to trouble in Leicester?|last=Ellis-Petersen|first=Hannah|date=2022-09-20|work=The Guardian|access-date=2026-04-28|last2=correspondent|first2=Hannah Ellis-Petersen South Asia|language=en-GB|issn=0261-3077}}</ref> स्वतंत्रता के बाद, यह एक प्रभावशाली हिंदू राष्ट्रवादी संगठन के रूप में विकसित हुआ, जिसने कई संबद्ध संगठनों की स्थापना की, जिनके माध्यम से स्कूल, चैरिटी और क्लब संचालित किए गए। इसे 1947 में चार दिनों के लिए प्रतिबंधित किया गया था, और बाद में तीन बार और प्रतिबंधित किया गया—पहली बार 1948 में जब [[नाथूराम गोडसे]], जो आरएसएस से जुड़ा था, ने [[महात्मा गांधी]] की हत्या की; फिर [[आपातकाल (भारत)|आपातकाल]] (1975–1977) के दौरान; और तीसरी बार 1992 में [[बाबरी मस्जिद विध्वंस]] के बाद। ==इतिहास== [[चित्र:Dr. Hedgevar.jpg|thumb|left|250px|संघ के संस्थापक डॉ॰ [[केशव बलिराम हेडगेवार|केशवराम बलिराम हेडगेवार]]]] ===संस्थापना=== राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर सन् [[१९२५.|१९२५]] में [[दशहरा|विजयादशमी]] के दिन डॉ॰ [[केशव बलिराम हेडगेवार|केशव हेडगेवार]] द्वारा की गयी थी। सबसे पहले ५० वर्ष बाद [[१९७५]] में जब [[आपातकाल (भारत)|आपातकाल]] की घोषणा हुई तो तत्कालीन [[भारतीय जनसंघ|जनसंघ]] पर भी संघ के साथ प्रतिबंध लगा दिया गया। आपातकाल हटने के बाद जनसंघ का विलय [[जनता पार्टी]] में हुआ और केन्द्र में [[मोरारजी देसाई]] के प्रधानमन्त्रित्व में मिलीजुली सरकार बनी। [[१९७५]] के बाद से धीरे-धीरे इस संगठन का राजनैतिक महत्व बढ़ता गया और इसकी परिणति [[भारतीय जनता पार्टी|भाजपा]] जैसे [[राजनीतिक दल|राजनैतिक दल]] के रूप में हुई जिसे आमतौर पर संघ की राजनैतिक शाखा के रूप में देखा जाता है। संघ की स्थापना के ७५ वर्ष बाद सन् २००० में प्रधानमन्त्री [[अटल बिहारी वाजपेयी]] के नेतृत्व में एन०डी०ए० की मिलीजुली सरकार [[भारत]] की केन्द्रीय सत्ता पर आसीन हुई। ===सरसंघचालक=== * [[केशव बलिराम हेडगेवार|डॉक्टर केशवराव बलिराम हेडगेवार]] उपाख्य डॉक्टरजी (१९२५ - १९४०) * [[माधव सदाशिव गोलवलकर|माधव सदाशिवराव गोलवलकर]] उपाख्य गुरूजी (१९४० - १९७३) * [[मधुकर दत्तात्रेय देवरस|मधुकर दत्तात्रय देवरस]] उपाख्य बालासाहेब देवरस (१९७३ - १९९३) * [[राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया)|प्रोफ़ेसर राजेंद्र सिंह]] उपाख्य रज्जू भैया (१९९३ - २०००) * [[के एस सुदर्शन|कृपाहल्ली सीतारमैया सुदर्शन]] उपाख्य सुदर्शनजी (२००० - २००९) * [[मोहन भागवत|डॉ॰ मोहनराव मधुकरराव भागवत]] (२००९ -) <gallery> Golwalkar.jpg|माधव सदाशिवराव गोलवलकर Balasaheb deoras.jpg|बालासाहेब देवरस Dr. mohan rao Bhagwat1.jpg| मोहन भागवत </gallery> ===शताब्दी समारोह और मुख्य आकर्षण=== राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने विजयादशमी, 2 अक्टूबर, 2025 को 100वां वर्ष पूरा किया। <ref>{{Cite news|date=2025-03-26|title=RSS to organise mutliple events across India to celebrate centenary year|url=https://www.thehindu.com/news/national/tamil-nadu/rss-to-organise-mutliple-events-across-india-to-celebrate-centenary-year/article69377696.ece|access-date=2025-10-03|work=The Hindu|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref><ref>{{Cite web |date=2025-10-02 |title=RSS: India's most powerful Hindu nationalist organisation marks centenary |url=https://www.bbc.com/news/articles/crkjp3g2k8lo |access-date=2025-10-03 |website=www.bbc.com |language=en-GB}}</ref> ===स्मारक डाक टिकट और सिक्का=== [[चित्र:Prime Minister Narendra Modi unveiled a commemorative coin . This event marked the 100th anniversary of the Rashtriya Swayamsevak Sangh. The coin features Bharat Mata for the first time on Indian currency.jpg|right|thumb|300px|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक स्मारक सिक्के का अनावरण किया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस सिक्के पर पहली बार भारतीय मुद्रा पर [[भारतमाता|भारत माता]] की तस्वीर अंकित है।]] प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर एक विशेष डाक टिकट और ₹100 का स्मारक सिक्का जारी किया। <ref>{{Cite news |last=Mishra |first=Ishita |date=2025-10-01 |title=PM unveils ₹100 coin, stamp at RSS centenary; first-ever depiction of Bharat Mata on Indian currency |url=https://www.thehindu.com/news/national/pm-unveils-100-coin-stamp-at-rss-centenary-first-ever-depiction-of-bharat-mata-on-indian-currency/article70116222.ece |access-date=2025-10-03 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref>भारतीय मुद्रा के इतिहास में पहली बार, सिक्के पर भारत माता की छवि अंकित है।<ref>{{Cite web |date=2025-10-01 |title=RSS Centenary Year: Hindu Conferences Across 2,000 Locations in Chhattisgarh, Major Outreach Plans Unveiled |url=https://english.dainikjagranmpcg.com/states/chhattisgarh/rss-centenary-year-hindu-conferences-across-2000-locations-in-chhattisgarh/article-5783 |access-date=2025-10-03 |website=english.dainikjagranmpcg.com |language=en}}</ref> ===मुख्य अतिथि=== [[चित्र:Former President Ram Nath Kovind to be chief guest at RSS’ ‘Vijayadashami’ event on October 2.jpg|right|thumb|300px|मध्य में पूर्व राष्ट्रपति [[रामनाथ कोविंद]]]] पूर्व राष्ट्रपति [[रामनाथ कोविंद]] 2 अक्टूबर, 2025 को (आरएसएस) विजयादशमी उत्सव में मुख्य अतिथि थे, जो संगठन के शताब्दी समारोह का भी प्रतीक था। <ref>{{Cite news |date=2025-08-22 |title=Former President Ram Nath Kovind to be chief guest at RSS’ ‘Vijayadashami’ event on October 2 |url=https://www.thehindu.com/news/national/former-president-ram-nath-kovind-to-be-chief-guest-at-rss-foundation-day-celebrations/article69963766.ece |access-date=2025-10-03 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> यह कार्यक्रम नागपुर के रेशमबाग मैदान में आयोजित किया गया था, जहाँ 1925 में आरएसएस की स्थापना हुई थी। कोविंद ने आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रशंसा करते हुए कहा कि दोनों व्यक्तियों ने उनके जीवन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सामाजिक एकता और सद्भाव के उनके दर्शन में समानताएँ बताईं।<ref>{{Cite web |title=आरएसएस पवित्र, विशाल वट वृक्ष की तरह है जो भारत के लोगों को एक साथ लाता है: रामनाथ कोविंद - Rashtriya Swayamsevak Sangh RSS Vijayadashami2025 celebration in Nagpur Live Updates |url=https://www.jagran.com/news/national-rashtriya-swayamsevak-sangh-rss-vijayadashami2025-celebration-in-nagpur-live-updates-24067301.html |access-date=2025-10-03 |website=Jagran |language=hi}}</ref> == संरचना == संघ में संगठनात्मक रूप से सबसे ऊपर सरसंघचालक का स्थान होता है जो पूरे संघ का दिशा-निर्देशन करते हैं। सरसंघचालक की नियुक्ति मनोनयन द्वारा होती है। प्रत्येक सरसंघचालक अपने उत्तराधिकारी की घोषणा करता है। वर्तमान में संघ के सरसंघचालक श्री [[मोहन भागवत]] हैं। संघ के ज्यादातर कार्यों का निष्पादन शाखा के माध्यम से ही होता है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर सुबह या शाम के समय एक घंटे के लिये स्वयंसेवकों का परस्पर मिलन होता है। वर्तमान में पूरे [[भारत]] में संघ की लगभग पचपन हजार से ज्यादा शाखा लगती हैं। वस्तुत: शाखा ही तो संघ की बुनियाद है जिसके ऊपर आज यह इतना विशाल संगठन खड़ा हुआ है। शाखा की सामान्य गतिविधियों में [[खेल]], [[योग]], [[वन्दना|वंदना]] और [[भारत]] एवं विश्व के सांस्कृतिक पहलुओं पर बौद्धिक चर्चा-परिचर्चा शामिल है। [[चित्र:Rashtriya Swayamsewak Sangh drill.jpg|right|thumb|350px|२०११ में [[नागपुर]] में संघ का एक कार्यक्रम]] संघ की रचनात्मक व्यवस्था इस प्रकार है: * केंद्र * क्षेत्र * प्रान्त * विभाग * जिला * तालुका/तहसील/महकमा * नगर * खण्ड * मण्डल * ग्राम * शाखा ===शाखा === शाखा किसी मैदान या खुली जगह पर एक घंटे की लगती है। शाखा में व्यायाम, खेल, सूर्य नमस्कार, समता (परेड), गीत और प्रार्थना होती है। सामान्यतः शाखा प्रतिदिन एक घंटे की ही लगती है। शाखाएँ निम्न प्रकार की होती हैं: * '''प्रभात शाखा:''' सुबह लगने वाली शाखा को "प्रभात शाखा" कहते है। * '''सायं शाखा:''' शाम को लगने वाली शाखा को "सायं शाखा" कहते है। * '''रात्रि शाखा:''' रात्रि को लगने वाली शाखा को "रात्रि शाखा" कहते है। * '''मिलन:''' सप्ताह में एक या दो बार लगने वाली शाखा को "मिलन" कहते है। * '''संघ-मण्डली:''' महीने में एक या दो बार लगने वाली शाखा को "संघ-मण्डली" कहते है। पूरे भारत में अनुमानित रूप से ५५,००० से ज्यादा शाखा लगती हैं। विश्व के अन्य देशों में भी शाखाओं का कार्य चलता है, पर यह कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नाम से नहीं चलता। कहीं पर "भारतीय स्वयंसेवक संघ" तो कहीं "हिन्दू स्वयंसेवक संघ" के माध्यम से चलता है। <br /> शाखा में "कार्यवाह" का पद सबसे बड़ा होता है। उसके बाद शाखाओं का दैनिक कार्य सुचारू रूप से चलने के लिए "मुख्य शिक्षक" का पद होता है। शाखा में बौद्धिक व शारीरिक क्रियाओं के साथ स्वयंसेवकों का पूर्ण विकास किया जाता है। <br />जो भी सदस्य शाखा में स्वयं की इच्छा से आता है, वह "स्वयंसेवक" कहलाता हैं। === संघ के उत्सव === राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पहला उत्सव है, '''[[वर्ष प्रतिपदा]]'''। इसे नव-संवत्सर भी कह सकते हैं। इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था और सभी देवताओं ने सृष्टि के संचालन का दायित्व संभाला था। यह भारतीय या हिंदू रीति से नव वर्ष का शुभारंभ है। यह उत्सव [[चैत्र]] शुक्ल प्रथमा को मनाया जाता है। संघ का दूसरा उत्सव है -- '''[[गुरु पूर्णिमा]]'''। यह उत्सव पूरे देश में बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। भारत में गुरु को ईश्वर से भी बड़ा माना गया है। संघ में गुरु किसी व्यक्ति को न मानकर [[भगवा ध्वज]] को माना गया है। भगवा ध्वज भारत की सनातन संस्कृति का प्रतीक है। इसी प्रतीक में भारत की समूची ऋषि-परम्परा छिपी है। यही कारण है कि इस उत्सव के माध्यम से स्वयंसेवक देश की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर से जुड़ते हैं और भारतीय संस्कारों पर गर्व करते हैं। संघ में गुरु पूर्णिमा को गुरु दक्षिणा के रूप में भी मनाया जाता है। संघ का तीसरा उत्सव है, '''[[रक्षा बंधन]]'''। आज समाज में यह उत्सव भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा से जुड़ा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में यह उत्सव दूसरे रूप में मनाया जाता है। इस दिन सभी स्वयंसेवक शाखा पर एकत्र होते हैं और एक-दूसरे को रक्षा का सूत्र बाँधते हैं। इस प्रकार वे अपने भाइयों के लिए, अपने धर्म और संस्कृति के लिए एक-दूसरे के काम आने के संस्कार को सुदृढ़ करते हैं। यह उत्सव सभी को सामूहिक सुरक्षा का संस्कार देता है। संघ का चौथा उत्सव है -- '''[[हिन्दवी स्वराज|हिंदू साम्राज्य उत्सव]]''' । [[छत्रपति शिवाजी|महाराज शिवाजी]] ने सैकड़ों वर्षों की गुलामी के बीच अपने बल पर हिंदू राज्य की स्थापना की थी- संघ के लिए यह बहुत बड़ी प्रेरणा है। शिवाजी अकेले ऐसे शासक थे जिन्होंने चारों ओर फैले विदेशी शासन को छकाते हुए न केवल उन्हें चुनौती दी अपितु उनके बीच अजेय हिंदू राष्ट्र के रूप में अपने राज्य की स्थापना की। संघ का पाँचवाँ उत्सव है -- '''[[विजयादशमी]]''' उत्सव । संघ हिंदू संस्कृति की विजय का स्वप्न साकार करना चाहता है। इसके लिए विजयदशमी से बढ़कर अच्छा उत्सव और कौन हो सकता है। इस उत्सव में संघ में पहले [[शस्त्र-पूजा]] की जाती है फिर पूरे शहर में गणवेशधारी स्वयंसेवकों का पथ-संचलन होता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का छठा उत्सव है '''[[मकर संक्रांति]]'''। यह सूर्य की दिशा के [[दक्षिणायन]] से [[उत्तरायण]] की ओर उन्मुख होने का उत्सव है। यह नई चेतना के संचार का उत्सव है। ऐसा नहीं है कि संघ इन छहों उत्सवों के अलावा अन्य कोई उत्सव मनाता ही न हो। [[होली]], [[दीपावली]], [[शरद पूर्णिमा]], ऐसे उत्सव हैं जिनपर संघ में खूब हर्षोल्लास मनाया जाता है। == संघ शिक्षण वर्ग == [[चित्र:RSS meeting 1939.jpg|thumb|right|300px|१९३९ के राष्ट्रीय अधिवेशन के समय का फोटो]] ये वर्ग बौद्धिक और शारीरिक रूप से स्वयंसेवकों को संघ की जानकारी तो देते ही हैं साथ-साथ समाज, राष्ट्र और धर्म की शिक्षा भी देते हैं। ये निम्न प्रकार के होते हैं: * '''दीपावली वर्ग''' — ये वर्ग तीन दिनों का होता है। ये वर्ग तालुका या नगर स्तर पर आयोजित किया जाता है। ये हर साल दीपावली के आस पास आयोजित होता है। * '''शीत शिविर''' या (हेमंत शिविर) — ये वर्ग तीन दिनों का होता है, जो जिला या विभाग स्तर पर आयोजित किया जाता है। ये हर साल दिसंबर में आयोजित होता है। * '''निवासी वर्ग''' — ये वर्ग शाम से सुबह तक होता है। ये वर्ग हर महीने होता है। ये वर्ग शाखा, नगर या तालुका द्वारा आयोजित होता है। * '''बौद्धिक वर्ग ''' — ये वर्ग हर महीने, दो महीने या तीन महीने में एक बार होता है। ये वर्ग सामान्यत: नगर या तालुका आयोजित करता है। * '''शारीरिक वर्ग''' — ये वर्ग हर महीने, दो महीने या तीन महीने में एक बार होता है। ये वर्ग सामान्यत: नगर या तालुका आयोजित करता है। * '''संघ शिक्षा वर्ग''' — प्राथमिक वर्ग, प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष - कुल चार प्रकार के संघ शिक्षा वर्ग होते हैं। ** "प्राथमिक वर्ग" एक सप्ताह का होता है। इस वर्ग का आयोजन सामान्यतः [[ज़िला|जिला]] करता है। ** "प्रथम" और "द्वितीय वर्ग" २०-२० दिन के होते हैं। इस वर्ग का आयोजन सामान्यत: [[प्रांत|प्रान्त]] करता है। "द्वितीय संघ शिक्षा वर्ग" का आयोजन सामान्यत: क्षेत्र करता है। **"तृतीय वर्ग" 25 दिनों का होता है। इसका आयोजन हर साल [[नागपुर]] में ही होता है। ==कार्य== === सामाजिक सेवा और सुधार === [[हिन्दू धर्म]] में सामाजिक समानता के लिये संघ ने [[दलित|दलितों]] व [[अन्य पिछड़ा वर्ग|पिछड़े वर्गों]] को [[मन्दिर]] में पुजारी पद के प्रशिक्षण का पक्ष लिया है। उनके अनुसार सामाजिक वर्गीकरण ही हिन्दू मूल्यों के हनन का कारण है।<ref>{{Cite web |url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2007-01-03/india/27884065_1_jagannath-temple-upper-caste-dalits |title=संग्रहीत प्रति |access-date=20 सितंबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131203062819/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2007-01-03/india/27884065_1_jagannath-temple-upper-caste-dalits |archive-date=3 दिसंबर 2013 |url-status=live }}</ref> [[महात्मा गांधी]] ने १९३४ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शिविर की यात्रा के दौरान वहाँ पूर्ण अनुशासन देखा और [[अस्पृश्यता|छुआछूत]] की अनुपस्थिति पायी। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पूछताछ की और जाना कि वहाँ लोग एक साथ रह रहे हैं तथा एक साथ भोजन कर रहे हैं।<ref>K S Bharati, Encyclopedia of Eminent Thinkers, Volume 7, 1998</ref> === राहत और पुनर्वास === [[चित्र:Tsunami relief by rss volunteers.JPG|right|thumb|300px|[[सूनामी|सुनामी]] के उपरान्त सहायता कार्य में जुटे स्वयंसेवक]] राहत और पुर्नवास संघ कि पुरानी परंपरा रही है। संघ ने १९७१ के [[ओडिशा|उड़ीसा]] चक्रवात और १९७७ के [[आन्ध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेश]] चक्रवात में रहत कार्यों में महती भूमिका निभाई है।<ref>{{Cite web |url=http://www.hindu.com/2001/02/18/stories/13180012.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=20 सितंबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071102035703/http://www.hindu.com/2001/02/18/stories/13180012.htm |archive-date=2 नवंबर 2007 |url-status=live }}</ref><br /> <br /> संघ से जुडी [[सेवा भारती]] ने [[जम्मू और कश्मीर|जम्मू कश्मीर]] से आतंकवाद से परेशान ५७ अनाथ बच्चों को गोद लिया हे जिनमे ३८ मुस्लिम और १९ हिंदू है। === उपलब्धियाँ === संघ की उपस्थिति भारतीय समाज के हर क्षेत्र में महसूस की जा सकती है जिसकी शुरुआत सन [[१९२५.|१९२५]] से होती है। उदाहरण के तौर पर सन [[१९६२]] के [[भारत-चीन युद्ध]] में [[प्रधानमन्त्री|प्रधानमंत्री]] [[जवाहरलाल नेहरू]] संघ की भूमिका से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने संघ को सन [[१९६३]] के [[गणतन्त्र दिवस (भारत)|गणतंत्र दिवस]] की परेड में सम्मिलित होने का निमन्त्रण दिया।<ref>[http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151021_rss_bartaria_ia 'भारत में आरएसएस के 10 योगदान'] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20171219210210/http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151021_rss_bartaria_ia |date=19 दिसंबर 2017 }} (बीबीसी हिन्दी)</ref> केवल दो दिनों की पूर्व सूचना पर तीन हजार से भी ज्यादा स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में वहाँ उपस्थित हो गये। ====दादरा, नगर हवेली, और गोवा का वि-उपनिवेशीकरण==== [[दादरा और नगर हवेली|दादरा, नगर हवेली]] और [[गोवा]] के भारत विलय में संघ की निर्णायक भूमिका रही। 21 जुलाई 1954 को दादरा को [[पुर्तगाल|पुर्तगालियों]] से मुक्त कराया गया, 28 जुलाई को नरोली और फिपारिया मुक्त कराए गए और फिर राजधानी [[सिलवास]]ा मुक्त कराई गई। संघ के स्वयंसेवकों ने 2 अगस्त 1954 की सुबह [[पुर्तगाल]] का झंडा उतारकर भारत का तिरंगा फहराया, पूरा दादरा नगर हवेली पुर्तगालियों के कब्जे से मुक्त करा कर भारत सरकार को सौंप दिया। इसी प्रकार संघ के स्वयंसेवक 1955 से [[गोवा मुक्ति संग्राम]] में प्रभावी रूप से शामिल हो चुके थे। गोवा में सशस्त्र हस्तक्षेप करने से [[जवाहरलाल नेहरू]] के इनकार करने पर जगन्नाथ राव जोशी के नेतृत्व में संघ के कार्यकर्ताओं ने गोवा पहुंच कर आंदोलन शुरू किया, जिसका परिणाम जगन्नाथ राव जोशी सहित संघ के कार्यकर्ताओं को दस वर्ष की सजा हुई। हालत बिगड़ने पर अंततः भारत को सैनिक हस्तक्षेप करना पड़ा और 1961 में गोवा स्वतन्त्र हुआ।<ref>{{Cite web |url=https://www.bbc.com/hindi/india-44393179 |title=भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 10 योगदान |access-date=17 जुलाई 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190717145638/https://www.bbc.com/hindi/india-44393179 |archive-date=17 जुलाई 2019 |url-status=live }}</ref><ref>[https://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/?p=21565 आर एस एस की अंतर्शक्ति से हुआ था पुर्तगाल का प्रतिरोध और गोवा का विलय]</ref> ====आपातकाल के विरुद्ध आन्दोलन==== २५ जून १९७५ को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री [[इन्दिरा गांधी|इंदिरा गांधी]] ने सभी संवैधानिक व्यवस्थाओं, राजनीतिक शिष्टाचार तथा सामाजिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर मात्र अपना राजनीतिक अस्तित्व और सत्ता बचाने के लिए देश में आपातकाल थोप दिया। उस समय इंदिरा गांधी की अधिनायकवादी नीतियों, भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा और सामाजिक अव्यवस्था के विरुद्ध सर्वोदयी नेता [[जयप्रकाश नारायण]] के नेतृत्व में ‘समग्र क्रांति आंदोलन’ चल रहा था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनसंघ तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्ण समर्थन मिल जाने से यह आंदोलन एक शक्तिशाली, संगठित देशव्यापी आंदोलन बन गया। इस समय देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही एकमात्र ऐसी संगठित शक्ति थी, जो इंदिरा गांधी की तानाशाही के साथ टक्कर लेकर उसे धूल चटा सकती थी। इस संभावित प्रतिकार को ध्यान में रखते हुए इन्दिरा गांधी ने संघ पर प्रतिबन्ध लगा दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अलावा अन्य छोटी-मोटी २१ संस्थाओं को प्रतिबन्धित किया गया। किन्तु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अलावा किसी की ओर से विरोध का एक भी स्वर नहीं उठा। इससे उत्साहित हुई इंदिरा गांधी ने सभी प्रांतों के पुलिस अधिकारियों को संघ के कार्यकर्ताओं की धरपकड़ तेज करने के आदेश दे दिये। संघ के भूमिगत नेतृत्व ने उस चुनौती को स्वीकार करके समस्त भारतीयों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने का बीड़ा उठाया और एक राष्ट्रव्यापी अहिंसक आंदोलन के प्रयास में जुट गए। थोड़े ही दिनों में देशभर की सभी शाखाओं के तार भूमिगत केन्द्रीय नेतृत्व के साथ जुड़ गए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भूमिगत नेतृत्व (संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक) एवं संघ के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों जनसंघ, विद्यार्थी परिषद, विश्व हिन्दू परिषद एवं मजदूर संघ इत्यादि लगभग ३० संगठनों ने भी इस आंदोलन को सफल बनाने हेतु अपनी ताकत झोंक दी। संघ के भूमिगत नेतृत्व ने गैर कांग्रेसी राजनीतिक दलों, निष्पक्ष बुद्धिजीवियों एवं विभिन्न विचार के लोगों को भी एक मंच पर एकत्र कर दिया। संघ ने नाम और प्रसिद्धि से दूर रहते हुए राष्ट्रहित में काम करने की अपनी कार्यपद्धति को बनाए रखते हुए यह आन्दोलन लोकनायक जयप्रकाश नारायण द्वारा घोषित ‘लोक संघर्ष समिति’ तथा ‘युवा छात्र संघर्ष समिति’ के नाम से ही चलाया। संगठनात्मक बैठकें, जन जागरण हेतु साहित्य का प्रकाशन और वितरण, सम्पर्क की योजना, सत्याग्रहियों की तैयारी, सत्याग्रह का स्थान, प्रत्यक्ष सत्याग्रह, जेल में गए कार्यकर्ताओं के परिवारों की चिंता/सहयोग,प्रशासन और पुलिस की रणनीति की टोह लेने के लिए स्वयंसेवकों का गुप्तचर विभाग आदि अनेक कामों में संघ के भूमिगत नेतृत्व ने अपने संगठन कौशल का परिचय दिया। इस आंदोलन में भाग लेकर जेल जाने वाले सत्याग्रही स्वयंसेवकों की संख्या डेढ़ लाख से ज्यादा थी। सभी आयुवर्ग के स्वयंसेवकों ने गिरफ्तारी से पूर्व और बाद में पुलिस के लॉकअप में यातनाएं सहीं। उल्लेखनीय है कि उस समय पूरे भारत में संघ के प्रचारकों की कुल संख्या १३५६ थी (अनुषांगिक संगठनों के प्रचारक इसमें शामिल नहीं हैं) जिनमें से मात्र १८९ को ही पुलिस पकड़ सकी, शेष भूमिगत रहकर आन्दोलन का संचालन करते रहे। स्वयंसेवकों ने विदेशों में भी जाकर इमरजेंसी को वापस लेने का दबाव बनाने का सफल प्रयास किया। विदेशों में इन कार्यकर्ताओं ने ‘भारतीय स्वयंसेवक संघ’ तथा ‘फ्रेंड्स ऑफ इंडिया सोसायटी’ के नाम से विचार गोष्ठियों तथा साहित्य वितरण जैसे अनेक कामों को अंजाम दिया। बाद में इंदिरा गांधी ने संघ के भूमिगत नेतृत्व एवं जेलों में बन्द नेतृत्व के साथ एक प्रकार की राजनीतिक सौदेबाजी करने का विफल प्रयास किया था। उन्होने कहा– ‘‘संघ से प्रतिबन्ध हटाकर सभी स्वयंसेवकों को जेलों से मुक्त किया जा सकता है, यदि संघ इस आंदोलन से अलग हो जाए’’। परन्तु संघ ने आपातकाल हटाकर लोकतंत्र की बहाली से कम कुछ भी स्वीकार करने से मना कर दिया। संघ ने इंदिरा गान्धी के पास स्पष्ट संदेश भेज दिया गया – ‘‘देश की जनता के इस आंदोलन का संघ ने समर्थन किया है, हम देशवासियों के साथ विश्वासघात नहीं कर सकते, हमारे लिए देश पहले है, संगठन बाद में’’। अन्त में देश में हो रहे प्रचण्ड विरोध एवं विश्वस्तरीय दबाव के कारण आम चुनाव की घोषणा कर दी गई। इंदिरा गान्धी ने समझा था कि बिखरा हुआ विपक्ष एकजुट होकर चुनाव नहीं लड़ सकेगा, परन्तु संघ ने इस चुनौती को भी स्वीकार करके सभी विपक्षी पार्टियों को एकत्र करने जैसे अति कठिन कार्य को भी कर दिखाया। संघ के दो वरिष्ठ अधिकारियों प्रो. राजेन्द्र सिंह ([[राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया)|रज्जू भैय्या]]) और [[दत्तोपन्त ठेंगड़ी]] ने प्रयत्नपूर्वक चार बड़े राजनीतिक दलों को अपने दलगत स्वार्थों से ऊपर उठकर एक मंच पर आने को तैयार करा लिया। सभी दल जनता पार्टी के रूप में चुनाव के लिए तैयार हो गए। चुनाव के समय जनसंघ को छोड़कर किसी भी दल के पास कार्यकर्ता नाम की कोई चीज नहीं थी, सभी के संगठनात्मक ढांचे शिथिल पड़ चुके थे, इस कमी को भी संघ ने ही पूरा किया। लोकतंत्र की रक्षा हेतु संघर्षरत स्वयंसेवकों ने अब चुनाव के संचालन का बड़ा उत्तरदायित्व भी निभाया। अन्ततः जनता विजयी हुई और देश को पुनः लोकतंत्र मिल गया। == आलोचनाएँ और आरोप == कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि औपनिवेशिक काल के दौरान, आरएसएस ने [[ब्रिटिश राज]] के साथ सहयोग किया और [[भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन]] में कोई भूमिका नहीं निभाई।<ref>{{Cite web|url=https://academic.oup.com/book/3424|title=The History of History: Politics and Scholarship in Modern India}}</ref><ref>{{Citation|title=Rashtriya Swayamsevak Sangh|date=2026-03-20|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Rashtriya_Swayamsevak_Sangh&oldid=1344444931|work=Wikipedia|language=en|access-date=2026-04-28}}</ref> [[महात्मा गांधी|महात्मा गाँधी]] की [[१९४८]] में संघ के पूर्व सदस्य [[नाथूराम गोडसे]] ने उनकी हत्या कर दी थी जिसके बाद संघ पर [[सरदार पटेल]] ने प्रतिबंध लगा दिया गया। गोडसे संघ और [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के एक भूतपूर्व स्वयंसेवक थे। बाद में एक जाँच समिति की रिपोर्ट आ जाने के बाद संघ को इस आरोप से बरी किया और प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया। संघ के आलोचकों द्वारा संघ को एक [[अतिवाद]]ी दक्षिणपंथी संगठन बताया जाता रहा है एवं हिंदूवादी और फ़ासीवादी संगठन के तौर पर संघ की आलोचना भी की जाती रही है। जबकि संघ के स्वयंसेवकों का यह कहना है कि [[भारत सरकार|सरकार]] एवं देश की अधिकांश पार्टियाँ अल्पसंख्यक [[तुष्टीकरण]] में लिप्त रहती हैं। विवादास्पद [[शाहबानो प्रकरण]] एवं [[हज]]-यात्रा में दी जानेवाली सब्सिडी इत्यादि सरकारी नीति उसके अनुसार इसके प्रमाण हैं। संघ का यह मानना है कि ऐतिहासिक रूप से [[हिन्दू धर्म|हिंदू]] स्वदेश में हमेशा से ही उपेक्षित और उत्पीड़ित रहे हैं और वह सिर्फ़ हिंदुओं के जायज अधिकारों की ही बात करता है जबकि उसके विपरीत उसके आलोचकों का यह आरोप है कि ऐसे विचारों के प्रचार से भारत की [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] बुनियाद कमज़ोर होती है। संघ की इस बारे में मान्यता है कि [[हिन्दुत्व]] एक जीवन पद्धति का नाम है, किसी विशेष पूजा पद्धति को मानने वालों को [[हिन्दू]] कहते हों ऐसा नहीं है। हर वह व्यक्ति जो [[भारत]] को अपनी जन्म-भूमि मानता है, मातृ-भूमि व पितृ-भूमि मानता है (अर्थात्‌ जहाँ उसके पूर्वज रहते आये हैं) तथा उसे पुण्य भूमि भी मानता है (अर्थात्‌ जहां उसके देवी देवताओं का वास है); हिन्दू है। संघ की यह भी मान्यता है कि भारत यदि [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] है तो इसका कारण भी केवल यह है कि यहां हिन्दू बहुमत में हैं। इस क्रम में सबसे विवादास्पद और चर्चित मामला [[अयोध्या विवाद]] रहा है जिसमें [[बाबर]] द्वारा सोलहवीं सदी में निर्मित एक बाबरी मसजिद के स्थान पर राम मंदिर का निर्माण करना है। ===भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में भगवा ध्वज अपनाने का पक्षधर === आरम्भ में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ [[भारत का ध्वज|भारत के राष्ट्रीय ध्वज]] के रूप में तिरंगे के स्थान पर भगवा ध्वज को स्वीकार करने का पक्षधर था। संघ ने, अपने मुखपत्र "ऑर्गनाइज़र" के १७ जुलाई १९४७ दिनांक के "राष्ट्रीय ध्वज" शीर्षक वाले संपादकीय में, "भगवा ध्वज" को राष्ट्रीय ध्वज स्वीकार करने की मांग की।{{sfn|Shamsul Islam, Religious Dimensions|2006|p=56}} 21वीं सदी में, सदस्य संख्या के आधार पर इसे दुनिया का सबसे बड़ा अतिदक्षिणपंथी संगठन माना जाता है। आरएसएस की आलोचना एक उग्रवादी संगठन के रूप में भी की गई है, और कई विद्वानों का मानना है कि यह घृणा फैलाने और हिंसा को बढ़ावा देने का कार्य करता है। == अनुसांगिक संगठन== {{main|संघ परिवार}} सैकड़ों संगठन हैं जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरित हैं और स्वयं को [[संघ परिवार]] के सदस्य बताते हैं।{{sfn|Chetan Bhatt, Hindu Nationalism|2001|p=113}} अधिकांश मामलों में, इन संगठनों के शुरूआती वर्षों में इनके प्रारम्भ और प्रबन्धन हेतु ''प्रचारकों'' (संघ के पूर्णकालिक स्वयंसेवक) को नियुक्त किया जाता था। संघ दुनिया के लगभग 80 से अधिक देशों में कार्यरत है। संघ के लगभग 50 से ज्यादा संगठन राष्ट्रीय ओर अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त है ओर लगभग 200 से अधिक संघठन क्षेत्रीय प्रभाव रखते हैं। जिसमे कुछ प्रमुख संगठन है जो संघ की विचारधारा को आधार मानकर राष्ट्र और सामाज के बीच सक्रिय है। जिनमे कुछ राष्ट्रवादी, सामाजिक, राजनैतिक, युवा वर्गों के बीच में कार्य करने वाले, शिक्षा के क्षेत्र में, सेवा के क्षेत्र में, सुरक्षा के क्षेत्र में, धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में, संतो के बीच में, विदेशो में, अन्य कई क्षेत्रों में संघ परिवार के संघठन सक्रिय रहते हैं। सम्बद्ध संगठनों में कुछ प्रमुख संगठन ये हैं -{{sfn|Chetan Bhatt, Hindu Nationalism |2001|p=114}} * [[भारतीय जनता पार्टी]] (भा० ज० पा०){{sfn|Jelen|2002|p=253}} * [[भारतीय किसान संघ]]{{sfn|Jelen|2002|p=253}} * [[भारतीय मजदूर संघ]]{{sfn|Jelen|2002|p=253}} * [[सेवा भारती]] * [[राष्ट्रसेविका समिति|राष्ट्र सेविका समिति]]{{sfn|Jelen|2002|p=253}} * [[अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद]]{{sfn|Jelen|2002|p=253}} * [[विश्व हिंदू परिषद|विश्व हिन्दू परिषद]]{{sfn|Jelen|2002|p=253}} * [[हिन्दू स्वयंसेवक संघ]] * [[स्वदेशी जागरण मंच]]{{sfn|Chitkara, National Upsurge|2004|p=169}} * [[सरस्वती शिशु मंदिर]] * [[विद्या भारती]] * [[भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम|वनवासी कल्याण आश्रम]] * [[मुस्लिम राष्ट्रीय मंच]] * [[बजरंग दल]] * [[लघु उद्योग भारती]]<ref>{{cite news|url=http://www.telegraphindia.com/1041001/asp/nation/story_3826950.asp|title=Ministers, not group, to scan scams|access-date=4 नवंबर 2016|archive-url=https://www.webcitation.org/6Z2TrfghK?url=http://www.telegraphindia.com/1041001/asp/nation/story_3826950.asp|archive-date=4 जून 2015|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://indianexpress.com/article/opinion/editorials/parivars-diversity-in-unity/|title=Parivar’s diversity in unity|access-date=4 नवंबर 2016|archive-url=https://www.webcitation.org/6Z2UXak7P?url=http://indianexpress.com/article/opinion/editorials/parivars-diversity-in-unity/|archive-date=4 जून 2015|url-status=live}}</ref> * [[भारतीय विचार केन्द्र]] * [[विश्व संवाद केन्द्र]] * [[राष्ट्रीय सिख संगत]]{{sfn|Chitkara, National Upsurge|2004|p=168}} * [[ हिन्दू जागरण मंच]] (हि० जा० म०){{sfn|Jelen|2002|p=253}} * [[विवेकानन्द केन्द्र]] == ख्यातिप्राप्त स्वयंसेवक == * [[राम नाथ कोविन्द|रामनाथ कोविंद]] * [[अटल बिहारी वाजपेयी]] * [[एकनाथ रानडे]] * [[नरेन्द्र मोदी|नरेंद्र मोदी]] * [[मनोहर पर्रीकर|मनोहर पर्रिकर]] * [[नितिन गडकरी]] * [[राजनाथ सिंह]] * [[मुरली मनोहर जोशी]] * [[वेंकैया नायडू]] * [[विजय रूपाणी ]] * [[देवेन्द्र फडणवीस|देवेंद्र फडणवीस]] * [[राम माधव]] * [[अमित शाह]] <gallery caption="" widths="100px" heights="100px" perrow="5"> File:Ab vajpayee.jpg|[[अटल बिहारी वाजपेयी]], [[भारत का प्रधानमन्त्री|भारत के प्रधानमंत्री]] बनने वाले पहले स्वयंसेवक image:PM Modi 2015.jpg|[[नरेन्द्र मोदी|नरेंद्र मोदी]],[[भारत का प्रधानमन्त्री|भारत के प्रधानमंत्री]] बनने वाले दूसरे स्वयंसेवक image:RamNathKovind (cropped).jpg|[[राम नाथ कोविन्द|रामनाथ कोविंद]],[[भारत के राष्ट्रपति|भारत का राष्ट्रपति]] बनने वाले पहले स्वयंसेवक image:Venkaiah Naidu 2 (cropped).jpg|[[वेंकैया नायडू ]], [[भारत के उपराष्ट्रपति]] बनने वाले पहले स्वयंसेवक </gallery> == संघ साहित्य के प्रकाशक == निम्नलिखित प्रकाशन संघ की योजना द्वारा संचालित नहीं है, निजी हैं। इन प्रकाशनों ने भी उच्च कोटि का संघ साहित्य बड़ी संख्या में प्रकाशित किया है। # '''सुरुचि प्रकाशन''' , देशबन्धु गुप्ता मार्ग , झण्डेवाला, नई दिल्ली-५५ # '''लोकहित प्रकाशन''' , संस्कृति भवन ; राजेन्द्र नगर, लखनऊ-४ # '''राष्ट्रोत्थान साहित्य''' , केशव शिल्प ; केम्पगौड़ा नगर, बंगलौर-१९ # '''भारतीय विचार साधना''' #* डॉ॰ हेडगेवार भवन महाल, नागपुर-४४०००२ #* मोती बाग ; ३०९, शनिवार पेठ, पुणे-४११०३० #* मंगलदास बाड़ी, डॉ॰ भडकम्कर मार्ग नाज सिनेमा परिसर, मुम्बई-४०००४ # '''ज्ञान गंगा प्रकाशन''' , भारती भवन, बी-१५, न्यू कालोनी, जयपुर-३०२००१ # '''अर्चना प्रकाशन''' , एच.आई.जी.-१८, शिवाजी नगर, भोपाल-४६२०१६ # '''साधना पुस्तक प्रकाशन''' , राम निवास ; बलिया काका मार्ग, जूनाढोर बाजार के सामने, कांकरिया, अमदाबाद -३८००२८ # '''सातवलेकर स्वाध्याय''' , पो - किलापारडी , मण्डल जिला-वलसाड, गुजरात-३९६१२५ # '''साहित्य निकेतन''' , ३-४/८५२, बरकतपुरा, हैदराबाद-५०००२७ # '''स्वस्तिश्री प्रकाशन''' , ४४/९, नवसहयाद्री सोसाइटी , नवसहयाद्री पोस्टास मोर पुणे-४११०५२ # '''जागृति प्रकाशन''' , एफ. १०९, सेक्टर-२७ , नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) उ.प्र. २०१३०१ # '''सूर्य भारती प्रकाशन''' , २५९६, नई सड़क, दिल्ली-११०००६ == चित्र दीर्घा== <gallery> File:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ building Nagpur Maharashtra main entrance.JPG File:Lion icons at राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ Nagpur Maharashtra.JPG File:Sangha pracarak राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ.JPG File:Sangha pracarak स्वयंसेवक संघ.JPG File:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ sangraha.JPG File:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ sangrah.JPG File:Dr. Keshav Baliram Hedgewar राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ sangraha.JPG File:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ icons gift.JPG File:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ icons gift from London Metropolitan police department England.JPG File:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ icons gift from Hindu Council of Kenya.JPG File:Dr. Keshav Baliram Hedgewar figure at the main office in nagpur.JPG File:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ icons gifts from Adivasis.JPG File:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ gifts from Adivasis.JPG File:Welcome from City of Milpitas California, USA to K Sudarshan राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ.JPG File:Icons main gallary at राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ office.JPG File:RSS Icons main gallary at राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ office.JPG File:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ main office.JPG File:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ main office where first meeting took place.JPG File:Nagpure stature.JPG File:Ab vajpayee.jpg </gallery> == सन्दर्भ == {{reflist}} == इन्हें भी देखें == ;विचारधारा ** [[हिन्दुत्व|हिंदुत्व]] ** [[राष्ट्रवाद]] ** [[हिंदू राष्ट्रवाद]] * [[संघ परिवार]] * [[राष्ट्रसेविका समिति]] * [[हिन्दू स्वयंसेवक संघ]] * [[भारतीय जनता पार्टी]] * [[नमस्ते सदा वत्सले]] * [[विश्व हिंदू परिषद]] ** [[बजरंग दल]] ** [[दुर्गा वाहिनी]] * [[हिन्दू संगठनों की सूची]] * [[अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद]] * [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालकों की सूची]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20180416200939/http://rss.org/hindi/ संघ का आधिकारिक जालस्थल] * [https://web.archive.org/web/20090619061005/http://www.archivesofrss.org/index.php Archieves of RSS] * [https://web.archive.org/web/20120306014138/http://rssonnet.org/index.php?option=com_timeline&task=resolve राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का इतिहास] * [https://web.archive.org/web/20190627113321/https://www.panchjanya.com/ पांचजन्य] - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुखपत्र (हिन्दी साप्ताहिक) * [https://web.archive.org/web/20070927234021/http://www.organiser.org/dynamic/ Organiser (आर्गनाइजर)] - आर एस एस का मुखपत्र (अंग्रेजी साप्ताहिक) * [https://web.archive.org/web/20100506021012/http://www.sadhanaweekly.com/index.php साधना] (राष्ट्रीय विचारों का गुजराती साप्ताहिक) * [https://web.archive.org/web/20090907104737/http://www.hinduyuva.org/tattva-blog/ हिन्दू स्वयंसेवकसंघ, यूएसए की पत्रिका " '''तत्त्व''' "] (अंग्रेजी में) * [https://web.archive.org/web/20070915052100/http://www.golwalkarguruji.org/hindi श्री गोलवलकर गुरुजी] - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री माधव सदाशिव गोलवलकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को समर्पित हिन्दी, मराठी, अंग्रेजी जालघर * [https://web.archive.org/web/20091228121534/http://mahashakti.bharatuday.in/2009/12/rashtriya-swayamsevak-sangh.html राष्ट्र का संगठन : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ] - संघ का परिचय देता हुआ लेख * [https://web.archive.org/web/20070928092706/http://www.geetganga.org/ गीत गंगा] - दस से भी अधिक भारतीय भाषाओं में सैकडों राष्ट्रभक्ति गीत एवं एम् पी-३ * [http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/1014476.cms सामाजिक कार्यों की फसल उगा रहा है संघ] * [https://web.archive.org/web/20121024183237/http://panchjanya.com/arch/2001/3/25/File25.htm संघ की प्रेरणा से भारतवर्ष में चल रहे हैं सेवा-कार्य] * [https://web.archive.org/web/20101207111321/http://mahashakti.bharatuday.in/2007/02/blog-post_11.html दीप जो जलता रहा " '''श्री श्री गुरूजी जन्‍मशताब्‍दी वर्ष पर विशेष''' "] * [https://web.archive.org/web/20160304221032/http://othentics.in/swadesh/default_view_editorial_news.php?edit_id=122&edit_name=%26%232360%3B%26%232306%3B%26%232346%3B%26%232366%3B%26%232342%3B%26%232325%3B%26%232368%3B%26%232351%3B&limit=170&font=12 संघ दृष्टि और राष्ट्रीय सुरक्षा] (स्वदेश) * [http://in.jagran.yahoo.com/news/opinion/general/6_3_6164478.html/print/ समाज बदलने का बीड़ा]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://kranti4people.com/article.php?aid=2700 राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ तब और अब : भाग-1]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}, [http://kranti4people.com/article.php?aid=2706 भाग-२]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}, [http://kranti4people.com/article.php?aid=2717 भाग-३]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} {{संघ परिवार}} {{हिन्दू राष्ट्रवाद}} [[श्रेणी:हिन्दुत्व]] [[श्रेणी:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]] [[श्रेणी:हिन्दू संगठन]] p65v6t5b3bsn93e0qxwutnrcebdmz19 उर्दू भाषा 0 4765 6582829 6568435 2026-07-15T08:37:09Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582829 wikitext text/x-wiki {{Infobox language | name= उर्दू | nativename={{unq|اُرْدُو}} | pronunciation={{IPA-hi|ˈʊrd̪u|lang}} | image=[[चित्र:URDUARAB.PNG|200px|centre]] | state = [[पाकिस्तान]] व [[भारत]] | region = [[पाकिस्तान]] व [[भारत]]; प्रवासी समुदाय: [[संयुक्त अरब अमीरात]], [[सऊदी अरब]], [[यूनाइटेड किंगडम]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]], [[कनाडा]], [[दक्षिण अफ़्रीका]], [[मॉरिशस]], [[फ़िजी]] व [[सूरीनाम]] | region = *[[पाकिस्तान की भाषाएँ|पाकिस्तान]] *[[हिंदी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य|हिंदी-उर्दू क्षेत्र]] और [[दक्कन पठार|दक्कन]] ([[भारत की भाषाएँ|भारत]]) *[[तराई]] ([[नेपाल की भाषाएँ|नेपाल]]) *[[ढाकाइया उर्दू|पुराना ढाका]] ([[बांग्लादेश की भाषाएँ|बांग्लादेश]]) *{{small|अधिक जानकारी के लिए [[उर्दू-भाषी लोग]] देखें}} | speakers= १०-१५ करोड़ | familycolor= Indo-European | fam1 = [[हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार|हिंद-यूरोपीय]] | fam2 = [[हिन्द-ईरानी भाषाएँ|हिंद-ईरानी]] | fam3 = [[हिन्द-आर्य भाषाएँ|हिंद-आर्य]] | fam4 = [[मध्य हिन्द-आर्य भाषाएँ|मध्य हिंद-आर्य]] | fam5 = [[पश्चिमी हिंदी]] | fam6 = [[हिंदुस्तानी भाषा|हिंदुस्तानी]] | ancestor = [[शौरसेनी प्राकृत]] | ancestor2 = [[अपभ्रंश]] | ancestor3 = [[पुरानी हिंदी]] | ancestor4 = [[हिंदुस्तानी भाषा|हिंदुस्तानी]] | ancestor5 = [[रेख़्ता]] |script = *[[नस्तालीक़]] (आधिकारिक) * [[देवनागरी]]<ref>{{Cite web |url=https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu |title=संग्रहीत प्रति |access-date=15 अक्तूबर 2022 |archive-date=15 अक्तूबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221015162643/https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu |url-status=dead }}</ref> (19वीं सदी का समापन तक) * [[कैथी]]<ref>{{Cite book |last=Dhir |first=Krishna Swaroop |title=The wonder that is Urdu: a multidisciplinary analysis |date=2022 |publisher=Motilal Banarsidass |isbn=978-81-208-4301-1 |location=Delhi |pages=139}}</ref> (19वीं सदी का समापन तक) * [[गुरूमुखी]] (19वीं सदी का समापन तक) * [[पूर्वी नागरी लिपि]]{{efn|Dhakaiya Sobbasi Jaban and Dhakaiya Movement, among others, consistently write this dialect of Urdu using the Bengali script.}}<ref name="book">{{cite book |title=বাংলা-ঢাকাইয়া সোব্বাসী ডিক্সেনারি (বাংলা – ঢাকাইয়া সোব্বাসী অভিধান) |publisher=Takiya Mohammad Publications |year=2021 |editor1=Muhammad Shahabuddin Sabu |location=[[Bangla Bazar]], [[Dhaka]] |language=bn |editor2=Nazir Uddin}}</ref><ref name="samakal">{{cite news |date=17 January 2021 |script-title=bn:বাংলা-ঢাকাইয়া সোব্বাসী অভিধানের মোড়ক উন্মোচন |trans-title=Unveiling of 'Bangla-Dhakaiya Sobbasi' Dictionary |url=https://samakal.com/todays-print-edition/tp-khobor/article/210178300/%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%82%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%A2%E0%A6%BE%E0%A6%95%E0%A6%BE%E0%A6%87%E0%A7%9F%E0%A6%BE-%E0%A6%B8%E0%A7%8B%E0%A6%AC%E0%A7%8D%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%B8%E0%A7%80-%E0%A6%85%E0%A6%AD%E0%A6%BF%E0%A6%A7%E0%A6%BE%E0%A6%A8%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%AE%E0%A7%8B%E0%A7%9C%E0%A6%95-%E0%A6%89%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%AE%E0%A7%8B%E0%A6%9A%E0%A6%A8 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20210414050551/https://samakal.com/todays-print-edition/tp-khobor/article/210178300/%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%82%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%A2%E0%A6%BE%E0%A6%95%E0%A6%BE%E0%A6%87%E0%A7%9F%E0%A6%BE-%E0%A6%B8%E0%A7%8B%E0%A6%AC%E0%A7%8D%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%B8%E0%A7%80-%E0%A6%85%E0%A6%AD%E0%A6%BF%E0%A6%A7%E0%A6%BE%E0%A6%A8%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%AE%E0%A7%8B%E0%A7%9C%E0%A6%95-%E0%A6%89%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%AE%E0%A7%8B%E0%A6%9A%E0%A6%A8 |archive-date=14 April 2021 |access-date=14 February 2021 |website=[[Samakal]] |language=bn}}</ref> (बांग्लादेश में) | nation = * [[पाकिस्तान की भाषाएँ|पाकिस्तान]] (राष्ट्रीय) * [[भारत की आधिकारिक भाषाएँ|भारत]] (अनुसूचित) ** [[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)|जम्मू और कश्मीर]] ** [[लद्दाख]] ** [[दिल्ली]] (अतिरिक्त) ** [[बिहार]] (अतिरिक्त) ** [[उत्तरप्रदेश]] (अतिरिक्त) ** [[झारखंड]] (अतिरिक्त) ** [[आंध्रप्रदेश]] (अतिरिक्त) | minority = [[दक्षिण अफ़्रीका की भाषाएँ|दक्षिण अफ़्रीका]] (संरक्षित भाषा)<ref>{{cite web|title=Constitution of the Republic of South Africa, 1996 – Chapter 1: Founding Provisions (यह संदर्भ अंग्रेज़ी में है)|url=http://www.gov.za/documents/constitution/chapter-1-founding-provisions|website=|access-date=6 December 2014}}</ref> |iso1=<code>ur</code>|iso2=<code>urd</code>|iso3=urd|lingua=59-AAF-q |agency = * [[राष्ट्रीय भाषा संवर्धन विभाग (पाकिस्तान)|राष्ट्रीय भाषा संवर्धन विभाग]] (पाकिस्तान) * [[राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद]] (भारत) }} {{InterWiki|code=ur}} {{हिन्दुस्तानी भाषा}} '''उर्दू''' ({{lang|ur|{{unq|اُرْدُو}}}}) [[दक्षिण एशिया]] में बोली जाने वाली एक [[हिन्द-आर्य भाषाएँ|हिन्द-आर्य भाषा]] है। [[भाषाविज्ञान|भाषा विज्ञान]] उर्दू और [[हिन्दी]] को [[हिन्दुस्तानी भाषा|हिन्दुसतानी भाषा]] की दो अलग-अलग [[भाषा प्रयुक्ति|भाषा प्रायुक्तियों]] के तौर पे देखती है। अर्थात दोनों [[हिन्दुस्तानी भाषा]] के दो अलग रूप हैं, जिनका मुख्य अन्तर शब्दावली में है। बोल-चाल की [[हिन्दी]] और उर्दू, उच्चारण के अलावा अत्यधिक समान है। उर्दू और [[हिन्दी]] का एक ही समान व्याकरण है। उर्दू में [[तत्सम]] शब्दों का उपयोग कम किया जाता है, और तकनीकी शब्दों के तौर पर [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] औेर [[अरबी भाषा|अरबी]] से आये हुए शब्दों का उपयोग होता है। यह भारत की शासकीय भाषाओं में से एक है तथा पाकिस्तान की राष्ट्रभाषा है।<ref>{{Cite web|url=https://www.ethnologue.com/language/urd|title=Urdu|website=Ethnologue|accessdate=1 मार्च 2019}}</ref> इस के अतिरिक्त भारत के राज्य [[जम्मू और कश्मीर]] की मुख्य प्रशासनिक भाषा है। साथ ही [[तेलंगाना]], [[दिल्ली]], [[बिहार]]<ref name="Language in IndiUrdu">{{cite web|url=http://www.languageinindia.com/feb2003/urduinbihar.html| title = Urdu in Bihar|publisher = Language in India|accessdate = 17 मई 2008}}</ref> और [[उत्तर प्रदेश]] की अतिरिक्त शासकीय<ref>{{cite web |url=http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM50thReport.pdf |title=Report of the Commissioner for linguistic minorities: 50th report (July 2012 to June 2013) |publisher=Commissioner for Linguistic Minorities, Ministry of Minority Affairs, Government of India |format=PDF |accessdate=12 जुलाई 2017 |archive-date=8 जुलाई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160708012438/http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM50thReport.pdf |url-status=dead }}</ref>भाषा है। =='उर्दू' शब्द की व्युत्पत्ति== '''उर्दू''' नाम का प्रयोग सबसे पहले 1780 के आसपास कवि [[ग़ुलाम हमदानी मसहाफ़ी]] ने [[हिन्दुस्तानी भाषा|हिंदुस्तानी भाषा]] के लिए किया था। हालांकि उन्होंने ख़ुद भी भाषा को परिभाषित करने के लिए अपनी शायरी में हिंदवी शब्द का इस्तेमाल किया था।<ref>{{cite web | title = A Historical Perspective of Urdu National Council for Promotion of … | url = https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu | date = 2022-10-15 | archiveurl = https://archive.today/20221015162121/https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu | archivedate = 2022-10-15 }}</ref> [[तुर्क भाषा]] में (ordu ''ओर्दू'') का मतलब सेना होता है। 18वीं शताब्दी के अंत में, इसे ज़बान-ए-उर्दू-ए-मुअल्ला {{लिपि/नस्तालीक़|زبانِ اُرْدُوئے مُعَلّٰی}}) के नाम से जाना जाता था जिसका अर्थ है ऊंचे खेमे की भाषा। [[File:A Grammar of Urdu or Hindustani language.jpg|thumb|right|''उर्दू'' और ''हिन्दुस्तानी'' लफ़्ज़ 20वीँ शतक के पहले तीन दहाइयोँ तक समार्थक हुए करते थे]] 13वीं शताब्दी से 19वीं शताब्दी के अंत तक आज के उर्दू भाषा को युगपत् '''हिन्दी'''<ref>{{Cite book|url=https://www.worldcat.org/oclc/731974235|title=From Hindi to Urdu : a social and political history|last=Rahman|first=Tariq|date=2011|isbn=978-0-19-906313-0|location=Karachi|oclc=731974235}}</ref> '''हिन्दवी, हिंदोस्तानी'''<ref>{{Cite book|url=https://www.worldcat.org/oclc/991595607|title=The changing language roles and linguistic identities of the Kashmiri speech community|last=Bhat|first=M. Ashraf|date=2017|isbn=978-1-4438-6260-8|location=Newcastle upon Tyne, UK|oclc=991595607}}</ref> कहलाई जाती थी। [[मुग़ल शासकों की सूची|शहंशाह-इ-हिन्दोस्तान]] [[शाह आलम द्वितीय]] ख़ूद '''हिन्दी''' भाषा के मश्हूर जानकार व़ लेखक थे जिन्होँ ने ''शहर-इ-उर्दुये-मुयल्लये-शाह जहानाबाद'' (वर्तमान [[पुरानी दिल्ली|क़दीम दिल्ली]]) मेँ हिन्दी की उपयोग और लोकप्रियता बढ़ाए थे। तब से [[हिन्दुस्तानी भाषा|हिन्दी/हिन्दवी/हिन्दोस्तानी]] को ''ज़ुबान-इ-उर्दुये-मुयल्लये-शाह जहानाबाद'' अर्थाद् ''ज़ुबान-इ-उर्दू'' के नाम से पहचानना आरंभ हूए।<ref>{{cite web | title = Urdu: The revival of the language of romance and poetry | url = https://www.trtworld.com/opinion/urdu-the-revival-of-the-language-of-romance-and-poetry-12976563 | date = 2023-07-28 | archiveurl = https://archive.today/20230728121325/https://www.trtworld.com/opinion/urdu-the-revival-of-the-language-of-romance-and-poetry-12976563 | archivedate = 2023-07-28 }}</ref> [[मुहम्मद हुसैन आज़ाद]], उर्दू की उत्पत्ति [[बृज भाषा|ब्रजभाषा]] से मानते हैं। 'आबे हयात' में वे लिखते हैं कि 'हमारी ज़बान ब्रजभाषा से निकली है।'<ref>{{Cite web|url=https://books.google.co.in/books?id=oG2_9g8WqL4C&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false|title=Bhāshā aura praudyogikī|first=Vinoda Kumāra|last=Prasāda|date=1 मार्च 1999|publisher=Vāṇī Prakāśana|accessdate=1 मार्च 2019|via=Google Books}}</ref> ==इतिहास== {{Main|हिन्दी भाषा का इतिहास}} उर्दू, हिंदी की तरह, हिंदुस्तानी भाषा का एक रूप हैऔर इसकी उत्पत्ति संस्कृत से हुई है ।<ref>Dua, Hans R. (1992). Hindi-Urdu is a pluricentric language. In M. G. Clyne (Ed.), ''Pluricentric languages: Differing norms in different nations''. Berlin: Mouton de Gruyter. {{ISBN|3-11-012855-1}}.</ref><ref>{{Citation|last=Kachru|first=Yamuna|title=Hindi-Urdu-Hindustani|url=http://bookfi.org/dl/1463145/e4994d|archive-url=https://web.archive.org/web/20200124071450/http://bookfi.org/dl/1463145/e4994d|url-status=dead|archive-date=24 January 2020|page=82|year=2008|editor=Braj Kachru|series=Language in South Asia|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-78653-9|author-link=Yamuna Kachru|editor2=Yamuna Kachru|editor3=S. N. Sridhar}}</ref><ref name="Qalamdaar20102">{{cite web|url=http://www.hamariboli.com/p/hamari-history.html|title=Hamari History|last1=Qalamdaar|first1=Azad|date=27 December 2010|publisher=Hamari Boli Foundation|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20101227221213/http://www.hamariboli.com/p/hamari-history.html|archive-date=27 December 2010|quote=Historically, Hindustani developed in the post-12th century period under the impact of the incoming Afghans and Turks as a linguistic modus vivendi from the sub-regional apabhramshas of north-western India. Its first major folk poet was the great Persian master, Amir Khusrau (1253–1325), who is known to have composed dohas (couplets) and riddles in the newly-formed speech, then called 'Hindavi'. Through the medieval time, this mixed speech was variously called by various speech sub-groups as 'Hindavi', 'Zaban-e-Hind', 'Hindi', 'Zaban-e-Dehli', 'Rekhta', 'Gujarii. 'Dakkhani', 'Zaban-e-Urdu-e-Mualla', 'Zaban-e-Urdu', or just 'Urdu'. By the late 11th century, the name 'Hindustani' was in vogue and had become the lingua franca for most of northern India. A sub-dialect called Khari Boli was spoken in and around the Delhi region at the start of the 13th century when the Delhi Sultanate was established. Khari Boli gradually became the prestige dialect of Hindustani (Hindi-Urdu) and became the basis of modern Standard Hindi & Urdu.}}</ref> कुछ भाषाविदों ने सुझाव दिया है कि उर्दू का प्रारंभिक रूप पूर्ववर्ती शौरसेनी भाषा, एक मध्य इंडो-आर्यन भाषा जो अन्य आधुनिक इंडो-आर्यन भाषाओं की पूर्वज भी है, के मध्ययुगीन (6ठी से 13वीं शताब्दी) अपभ्रंश रजिस्टर से विकसित हुआ।<ref>Schmidt, Ruth Laila. "1 Brief history and geography of Urdu 1.1 History and sociocultural position." The Indo-Aryan Languages 3 (2007): 286.</ref><ref>Malik, Shahbaz, Shareef Kunjahi, Mir Tanha Yousafi, Sanawar Chadhar, Alam Lohar, Abid Tamimi, Anwar Masood et al. "Census History of Punjabi Speakers in Pakistan."</ref> ==साहित्य== {{main|उर्दू साहित्य|उर्दू शायरी}} उर्दू में साहित्य का प्राङ्गण विशाल है। [[अमीर ख़ुसरो|अमीर खुसरो]]<ref>{{cite web|url=http://www.bbc.com/hindi/india-42080687|title=कहाँ से आई थीं पद्मावती?|access-date=22 नवंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171125053856/http://www.bbc.com/hindi/india-42080687|archive-date=25 नवंबर 2017|url-status=live}}</ref> उर्दू के आद्यकाल के कवियों में एक हैं। उर्दू-साहित्य के इतिहासकार [[वली मुहम्मद वली|वली औरंगाबादी]] (रचनाकाल 1700 ई. के बाद) के द्वारा उर्दू साहित्य में क्रान्तिकारक रचनाओं का आरम्भ हुआ। शाहजहाँ ने अपनी राजधानी, आगरा के स्थान पर, [[दिल्ली]] बनाई और अपने नाम पर सन् 1648 ई. में ''शाहजहाँनाबाद'' वसाया, लालकिला बनाया। ऐसा प्रतीत होता है कि इसके पश्चात राजदरबारों में [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] के साथ-साथ 'ज़बान-ए-उर्दू-ए-मुअल्ला' में भी रचनाएँ तीव्र होने लगीं। यह प्रमाण मिलता है कि शाहजहाँ के समय में पण्डित चन्द्रभान (ब्राह्मण)ने बाज़ारों में बोली जाने वाली इस जनभाषा को आधार बनाकर रचनाएँ कीं। ये फ़ारसी लिपि जानते थे। अपनी रचनाओं को इन्होंने फ़ारसी लिपि में लिखा। धीरे-धीरे दिल्ली के शाहजहाँनाबाद की उर्दू-ए-मुअल्ला का महत्त्व बढ़ने लगा। भले ही आज [[उर्दू विकिपीडिया|उर्दू]] को एक अलग ज़ुबान की हैसियत मिला, लेकिन मश्हूर उर्दु लेखक और कातिबों ने 19 वीं सदी की पहली कुच दशकों तक अपनी ज़ुबान को '''''हिन्दी''''' या '''''हिन्दवी''''' के रूप पर शनाख़त करते आये हैँ।<ref>{{cite web | title = A Historical Perspective of Urdu National Council for Promotion of … | url = https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu | date = 2022-10-15 | archiveurl = https://archive.today/20221015162121/https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu | archivedate = 2022-10-15 }}</ref> जैसे [[मुसहफ़ी|ग़ुलाम हमदान मुस्हफ़ी]] ने अपनी एक शायरी में लिखा - {| align="center" style="border-collapse:collapse;border-style:none;background-color:transparent;max-width:25em;width:60%;" | valign="top" style="color:{{{color|silver}}};font-size:{{{size|3.6em}}};font-family:serif;font-weight:bold;text-align:left;padding:10px 0;" | “ | valign="top" style="padding:0 1em;" | {{{1| <div style="font-size:110%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:green"> ''मुस्हफ़ी फ़ार्सी को ताक़ पह रख,'' ''अब है '''अशयार-इ-हिन्दवी''' का रिव़ाज''<ref>{{cite web | title = A Historical Perspective of Urdu National Council for Promotion of … | url = https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu | date = 2022-10-15 | archiveurl = https://archive.today/20221015162121/https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu | archivedate = 2022-10-15 }}</ref> }}} | valign="bottom" style="color:{{{color|silver}}};font-size:{{{size|3.6em}}};font-family:serif;font-weight:bold;text-align:right;padding:10px 0;" | „ |} उन्होंने दूसरी और एक जगह में लिखा - {| align="center" style="border-collapse:collapse;border-style:none;background-color:transparent;max-width:25em;width:60%;" | valign="top" style="color:{{{color|silver}}};font-size:{{{size|3.6em}}};font-family:serif;font-weight:bold;text-align:left;padding:10px 0;" | “ | valign="top" style="padding:0 1em;" | <div style="font-size:110%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:purple">''दर फ़ने रेख़ता कि शेरस्त बतौर शेर फ़ार्सी ब ज़बाने'' '''''उर्दू-ए-मोअल्ला शाहजहाँनाबाद देहली''''' | valign="bottom" style="color:{{{color|silver}}};font-size:{{{size|3.6em}}};font-family:serif;font-weight:bold;text-align:right;padding:10px 0;" | „ |} और शायर [[मीर तक़ी मीर]] ने कहा है:- {| align="center" style="border-collapse:collapse;border-style:none;background-color:transparent;max-width:25em;width:60%;" | valign="top" style="color:{{{color|silver}}};font-size:{{{size|3.6em}}};font-family:serif;font-weight:bold;text-align:left;padding:10px 0;" | “ | valign="top" style="padding:0 1em;" | {{{1| <div style="font-size:110%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:green"> ''ना जाने लोग कहते हैं किस को सुरूर-इ-क़ल्ब,'' ''आया नहीं यह लफ़्ज़ तो '''हिन्दी ज़ुबान''' के वीच।''<ref>{{cite web | title = A Historical Perspective of Urdu National Council for Promotion of … | url = https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu | date = 2022-10-15 | archiveurl = https://archive.today/20221015162121/https://www.urducouncil.nic.in/council/historical-perspective-urdu | archivedate = 2022-10-15 }}</ref> }}} | valign="bottom" style="color:{{{color|silver}}};font-size:{{{size|3.6em}}};font-family:serif;font-weight:bold;text-align:right;padding:10px 0;" | „ |} भाषा तथा लिपि का भेद रहा है क्योंकि राज्यसभाओं की भाषा फ़ारसी थी तथा लिपि भी फ़ारसी थी। उन्होंने अपनी रचनाओं को जनता तक पहुँचाने के लिए भाषा तो जनता की अपना ली, लेकिन उन्हें [[फ़ारसी-अरबी लिपि|फ़ारसी लिपि]] में लिखते रहे। ==सांस्कृतिक पहचान== {{Further|हिन्दी–उर्दू विवाद}} ===औपनिवेशिक भारत=== उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में भारत के धार्मिक और सामाजिक माहौल ने उर्दू रजिस्टर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। [[हिन्दी|हिंदी]] उन लोगों द्वारा बोली जाने वाली विशिष्ट भाषा बन गई, जो औपनिवेशिक शासन के सामने हिंदू पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे।<ref name="Ahmad-2008">{{Cite journal|last=Ahmad|first=Rizwan|date=1 July 2008|title=Scripting a new identity: The battle for Devanagari in nineteenth-century India|journal=Journal of Pragmatics|volume=40|issue=7|pages=1163–1183|doi=10.1016/j.pragma.2007.06.005|issn = 0378-2166 }}</ref> जैसे ही हिंदी एक अलग आध्यात्मिक पहचान बनाने के लिए हिंदुस्तानी से अलग हुआ, भारत में मुस्लिम आबादी के लिए एक निश्चित इस्लामी पहचान बनाने के लिए उर्दू को नियोजित किया गया।<ref>{{Cite journal|last=Rahman|first=Tariq|date=1997|title=The Urdu-English Controversy in Pakistan|url=https://archive.org/details/sim_modern-asian-studies_1997-02_31_1/page/177|journal=Modern Asian Studies|volume=31|pages=177–207|via=National Institute of Pakistan Studies, Qu.aid-i-Az.am University|doi=10.1017/S0026749X00016978|s2cid=144261554}}</ref> उर्दू का उपयोग केवल उत्तरी भारत तक ही सीमित नहीं था - इसका उपयोग बॉम्बे प्रेसीडेंसी, बंगाल, उड़ीसा प्रांत और तमिलनाडु के भारतीय लेखकों के लिए एक साहित्यिक माध्यम के रूप में भी किया गया था।<ref>{{cite web |title=Ṭamil Nāḍū men̲ Urdū g̲h̲azal kī naʼī purānī simten̲ |url=https://catalog.loc.gov/vwebv/search?searchCode=LCCN&searchArg=2015305807&searchType=1&permalink=y |access-date=13 September 2020}}</ref> चूंकि उर्दू और हिंदी क्रमशः मुसलमानों और हिंदुओं के लिए धार्मिक और सामाजिक निर्माण का साधन बन गईं, इसलिए प्रत्येक रजिस्टर ने अपनी लिपि विकसित की। [[इस्लामी]] परंपरा के अनुसार, [[अरबी भाषा|अरबी]], [[मुहम्मद]] और [[क़ुरआन]] की भाषा, आध्यात्मिक महत्व और शक्ति रखती है।<ref>{{Cite book|title=Islam: an introduction|url=https://archive.org/details/islamintroductio0000schi|url-access=registration|last=Schimmel|first=Annemarie|publisher=State U of New York Press|year=1992|location=Albany, New York|isbn=9780585088594}}</ref> चूँकि उर्दू का उद्देश्य उत्तरी भारत और बाद में पाकिस्तान में मुसलमानों के लिए एकीकरण का साधन था, इसलिए इसने एक संशोधित फ़ारसी-अरबी लिपि को अपनाया।<ref>{{Cite journal|last=Ahmad|first=Rizwan|date=2011|title=Urdu in Devanagari: Shifting orthographic practices and Muslim identity in Delhi|url=http://qspace.qu.edu.qa/bitstream/10576/10736/3/LIS%20paper%20proof.pdf|journal=Language in Society|volume=40|issue=3|pages=259–284|doi=10.1017/s0047404511000182|hdl=10576/10736|s2cid=55975387|hdl-access=free}}{{Dead link|date=जून 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref name="Ahmad-2008" /> ===पाकिस्तान=== उर्दू ने पाकिस्तानी पहचान विकसित करने में अपनी भूमिका जारी रखी क्योंकि ब्रिटिश भारत के मुसलमानों के लिए एक मातृभूमि बनाने के इरादे से पाकिस्तान के इस्लामी गणराज्य की स्थापना की गई थी। पाकिस्तान के सभी क्षेत्रों में बोली जाने वाली कई भाषाओं और बोलियों के कारण एक एकजुट भाषा की तत्काल आवश्यकता पैदा हुई। 1947 में नए पाकिस्तान अधिराज्य के लिए उर्दू को एकता के प्रतीक के रूप में चुना गया था, क्योंकि यह पहले से ही [[ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य]] के उत्तर और उत्तर-पश्चिम में मुसलमानों के बीच एक भाषा के रूप में काम कर चुकी थी।<ref>{{Cite web |last=Belkacem |first=Belmekki |title=From a Lingua Franca to a Communal Language: The Islamicization of Urdu in British India |url=https://galeapps.gale.com/apps/auth?userGroupName=nysl_nc_stlpcp&sid=googleScholar&da=true&origURL=https%3A%2F%2Fgo.gale.com%2Fps%2Fi.do%3Fid%3DGALE%257CA688886759%26sid%3DgoogleScholar%26v%3D2.1%26it%3Dr%26linkaccess%3Dabs%26issn%3D01234471%26p%3DIFME%26sw%3Dw%26userGroupName%3Dnysl_nc_stlpcp&prodId=IFME |access-date=19 August 2022 |website=galeapps.gale.com}}</ref> उर्दू को पाकिस्तान की सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत के भंडार के रूप में भी देखा जाता है।<ref name="zia2">Zia, Khaver (1999), [http://www.cicc.or.jp/english/hyoujyunka/mlit4/7-10Pakistan/Pakistan2.html "A Survey of Standardisation in Urdu". 4th Symposium on Multilingual Information Processing, (MLIT-4)] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070106034453/http://www.cicc.or.jp/english/hyoujyunka/mlit4/7-10Pakistan/Pakistan2.html|date=6 January 2007}}, [[Yangon]], [[Burma|Myanmar]]. CICC, Japan</ref> जबकि उर्दू और इस्लाम ने मिलकर पाकिस्तान की राष्ट्रीय पहचान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, 1950 के दशक में विवादों (विशेष रूप से पूर्वी पाकिस्तान में, जहां बंगाली प्रमुख भाषा थी) ने राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में उर्दू के विचार और भाषा के रूप में इसकी व्यावहारिकता को चुनौती दी। फ़्रैंका. राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में उर्दू का महत्व इन विवादों के कारण कम हो गया जब पूर्व पूर्वी पाकिस्तान (अब [[बांग्लादेश]]) में अंग्रेजी और बंगाली को भी आधिकारिक भाषाओं के रूप में स्वीकार कर लिया गया।<ref>{{cite news |title=Urdu in Bangladesh |url=http://www.dawn.com/2002/09/11/fea.htm |work=Dawn |date=11 September 2002}}</ref> ==आधिकारिक स्थिति== ===भारत=== [[File:New_Delhi_railway_station_board.jpg|left|thumb|एक बहुभाषी [[नई दिल्ली]] रेलवे स्टेशन बोर्ड। उर्दू और हिंदी पाठ दोनों को इस प्रकार पढ़ा जाता है: ''नई दिल्ली'']] उर्दू भी भारत में आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त भाषाओं में से एक है और इसे भारतीय राज्यों आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में "अतिरिक्त आधिकारिक भाषा" का दर्जा भी प्राप्त है।<ref name="CLM5020142">{{cite web|url=http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM50thReport.pdf|title=50th Report of the Commissioner for Linguistic Minorities in India (July 2012 to June 2013)|last=Wasey|first=Akhtarul|date=16 July 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160708012438/http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM50thReport.pdf|archive-date=8 July 2016|access-date=20 October 2016}}</ref><ref name="Indiatoday:12">{{cite magazine|last=Roy|first=Anirban|date=28 February 2018|title=Kamtapuri, Rajbanshi make it to list of official languages in|url=https://www.indiatoday.in/pti-feed/story/kamtapuri-rajbanshi-make-it-to-list-of-official-languages-in-1179890-2018-02-28|magazine=[[India Today]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20180330143710/https://www.indiatoday.in/pti-feed/story/kamtapuri-rajbanshi-make-it-to-list-of-official-languages-in-1179890-2018-02-28|archive-date=30 March 2018|access-date=31 March 2018|url-status=live}}</ref> साथ ही जम्मू और कश्मीर की पांच आधिकारिक भाषाओं में से एक है।<ref>{{cite web |last=Paliwal |first=Devika |date=24 September 2020 |title=Parliament Nod to Bill for Declaration of 5 Official Languages for J&K |url=https://lawtimesjournal.in/parliament-nod-to-bill-for-declaration-of-5-official-languages-for-jk/ |publisher=Law Times Journal |access-date=24 June 2022}}</ref> भारत ने 1969 में उर्दू को बढ़ावा देने के लिए सरकारी ब्यूरो की स्थापना की, हालांकि [[केंद्रीय हिंदी निदेशालय]] 1960 में पहले स्थापित किया गया था, और हिंदी के प्रचार को बेहतर वित्त पोषित और अधिक उन्नत किया गया है,<ref name="Clyne-2012a">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ieMgAAAAQBAJ&q=Linguistic+Descriptions+of+Hindi-Urdu+pluricentric+languages|title=Pluricentric Languages: Differing Norms in Different Nations|last=Clyne|first=Michael|date=24 May 2012|publisher=Walter de Gruyter|isbn=978-3-11-088814-0|pages=395|language=en}}</ref> जबकि हिन्दी के प्रचार-प्रसार से उर्दू की स्थिति कमजोर हुई है।<ref name="Everaert-2010">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=LqZ-6QRKc7wC&q=hindi+urdu+diverge&pg=PA225|title=Tracing the Boundaries Between Hindi and Urdu: Lost and Added in Translation Between 20th Century Short Stories|last=Everaert|first=Christine|date=2010|publisher=BRILL|isbn=978-90-04-17731-4|pages=225|language=en}}</ref> अंजुमन-ए-तारीक़ी उर्दू, दीनी तालीमी काउंसिल और उर्दू मुशाफ़िज़ दस्ता जैसे निजी भारतीय संगठन उर्दू के उपयोग और संरक्षण को बढ़ावा देते हैं, अंजुमन ने सफलतापूर्वक एक अभियान शुरू किया जिसने 1970 के दशक में उर्दू को बिहार की आधिकारिक भाषा के रूप में फिर से प्रस्तुत किया।<ref name="Clyne-2012a" /> पूर्व जम्मू और कश्मीर राज्य में, कश्मीर संविधान की धारा 145 में कहा गया था: "राज्य की आधिकारिक भाषा उर्दू होगी, लेकिन जब तक विधानमंडल कानून द्वारा अन्यथा प्रावधान न करे, अंग्रेजी भाषा का उपयोग राज्य के सभी आधिकारिक उद्देश्यों के लिए किया जाता रहेगा।" वह राज्य जिसके लिए संविधान के प्रारंभ होने से ठीक पहले इसका उपयोग किया जा रहा था।"<ref>{{cite web |title=The Constitution of Jammu and Kashmir |url=http://jkgad.nic.in/statutory/Rules-Costitution-of-J&K.pdf |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20120507200338/http://jkgad.nic.in/statutory/Rules-Costitution-of-J%26K.pdf |archive-date=7 May 2012}}</ref> ===पाकिस्तान=== उर्दू पाकिस्तान की एकमात्र राष्ट्रीय भाषा है, और दो आधिकारिक भाषाओं में से एक है (अंग्रेजी के साथ)।<ref name="Raj-2017">{{Cite web|url=http://herald.dawn.com/news/1153737|title=The case for Urdu as Pakistan's official language|last=Raj|first=Ali|date=30 April 2017|website=Herald Magazine|language=en|access-date=3 December 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191028222041/https://herald.dawn.com/news/1153737|archive-date=28 October 2019|url-status=dead}}</ref> यह पूरे देश में बोली और समझी जाती है, जबकि राज्य-दर-राज्य भाषाएँ (विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली भाषाएँ) प्रांतीय भाषाएँ हैं, हालाँकि केवल 7.57% पाकिस्तानी अपनी पहली भाषा के रूप में उर्दू बोलते हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.statpak.gov.pk/depts/pco/statistics/other_tables/pop_by_mother_tongue.pdf|title=Government of Pakistan: Population by Mother Tongue|publisher=Pakistan Bureau of Statistics|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20060217220529/http://www.statpak.gov.pk/depts/pco/statistics/other_tables/pop_by_mother_tongue.pdf|archive-date=17 February 2006}}</ref> इसकी आधिकारिक स्थिति का मतलब यह है कि उर्दू पूरे पाकिस्तान में दूसरी या तीसरी भाषा के रूप में व्यापक रूप से समझी और बोली जाती है। इसका उपयोग शिक्षा, साहित्य, कार्यालय और अदालती व्यवसाय में किया जाता है,(पाकिस्तान में निचली अदालत में, कार्यवाही उर्दू में होने के बावजूद, दस्तावेज़ अंग्रेजी में हैं, जबकि उच्च न्यायालयों में, यानी उच्च न्यायालय और [[पाकिस्तान का सर्वोच्च न्यायालय|सुप्रीम कोर्ट]], दस्तावेज़ और कार्यवाही दोनों अंग्रेजी में हैं।) हालांकि व्यवहार में, सरकार के उच्च क्षेत्रों में उर्दू के बजाय अंग्रेजी का उपयोग किया जाता है।<ref>{{Cite book|url=http://www.tariqrahman.net/content/lanpolicy.pdf|title=Language Policy, Identity and Religion|last=Rahman|first=Tariq|publisher=Quaid-i-Azam University|year=2010|location=Islamabad|page=59|author-link=Tariq Rahman|access-date=18 October 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141021124602/http://www.tariqrahman.net/content/lanpolicy.pdf|archive-date=21 October 2014|url-status=dead}}</ref> पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 251(1) में कहा गया है कि उर्दू को सरकार की एकमात्र भाषा के रूप में लागू किया जाएगा, हालांकि पाकिस्तानी सरकार के उच्च पदों पर अंग्रेजी सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली भाषा बनी हुई है।<ref>{{Cite web|url=http://www.dawn.com/news/1194296|title=Language change|last=Hussain|first=Faqir|date=14 July 2015|website=DAWN.COM|language=en|access-date=3 December 2019}}</ref> ==शब्दावली== 19वीं सदी के [[कोशकारिता|कोशकार]] सैयद अहमद देहलवी, जिन्होंने फरहंग-ए-आसिफिया<ref>{{Cite web |date= |title=Farhang-e-Asifiya |trans-title=فرہنگِ آصفیہ |url=https://xn--mgbqf7g.com/%d9%81%d8%b1%db%81%d9%86%da%af/%d9%84%d8%ba%d8%aa |website=Urdu Gah}}</ref> उर्दू शब्दकोश का संकलन किया, ने अनुमान लगाया कि 75% उर्दू शब्दों की व्युत्पत्ति संबंधी जड़ें [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] और [[प्राकृत]] में हैं,<ref name="Ahmad20022">{{cite book|title=Lineages of the Present: Ideology and Politics in Contemporary South Asia|last=Ahmad|first=Aijaz|publisher=Verso|year=2002|isbn=9781859843581|page=113|language=en|quote=On this there are far more reliable statistics than those on population. ''Farhang-e-Asafiya'' is by general agreement the most reliable Urdu dictionary. It was compiled in the late nineteenth century by an Indian scholar little exposed to British or Orientalist scholarship. The lexicographer in question, Syed Ahmed Dehlavi, had no desire to sunder Urdu's relationship with Farsi, as is evident even from the title of his dictionary. He estimates that roughly 75 per cent of the total stock of 55,000 Urdu words that he compiled in his dictionary are derived from Sanskrit and Prakrit, and that the entire stock of the base words of the language, without exception, are derived from these sources. What distinguishes Urdu from a great many other Indian languauges ... is that it draws almost a quarter of its vocabulary from language communities to the west of India, such as Farsi, Turkish, and Tajik. Most of the little it takes from Arabic has not come directly but through Farsi.}}</ref><ref name="Dalmia20172">{{cite book|title=Hindu Pasts: Women, Religion, Histories|last=Dalmia|first=Vasudha|date=31 July 2017|publisher=[[SUNY Press]]|isbn=9781438468075|page=310|language=en|quote=On the issue of vocabulary, Ahmad goes on to cite Syed Ahmad Dehlavi as he set about to compile the Farhang-e-Asafiya, an Urdu dictionary, in the late nineteenth century. Syed Ahmad 'had no desire to sunder Urdu's relationship with Farsi, as is evident from the title of his dictionary. He estimates that roughly 75 percent of the total stock of 55.000 Urdu words that he compiled in his dictionary are derived from Sanskrit and Prakrit, and that the entire stock of the base words of the language, without exception, are from these sources' (2000: 112–13). As Ahmad points out, Syed Ahmad, as a member of Delhi's aristocratic elite, had a clear bias towards Persian and Arabic. His estimate of the percentage of Prakitic words in Urdu should therefore be considered more conservative than not. The actual proportion of Prakitic words in everyday language would clearly be much higher.}}</ref><ref name="Taj19972">{{cite web|url=http://www.unc.edu/~taj/abturdu.htm|title=About Hindi-Urdu|last=Taj|first=Afroz|year=1997|publisher=[[University of North Carolina at Chapel Hill]]|language=en|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090815023328/http://sasw.chass.ncsu.edu/fl/faculty/taj/hindi/abturdu.htm|archive-date=15 August 2009|access-date=27 March 2018}}</ref> और लगभग 99% उर्दू क्रियाओं की जड़ें संस्कृत और प्राकृत में हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.dawn.com/news/681263/urdus-origin-its-not-a-camp-language|title=Urdu's origin: it's not a "camp language"|date=17 December 2011|work=dawn.com|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924135247/http://www.dawn.com/news/681263/urdus-origin-its-not-a-camp-language|archive-date=24 September 2015|access-date=5 July 2015|quote=Urdu nouns and adjective can have a variety of origins, such as Arabic, Persian, Turkish, Pushtu and even Portuguese, but ninety-nine per cent of Urdu verbs have their roots in Sanskrit/Prakrit. So it is an Indo-Aryan language which is a branch of Indo-Iranian family, which in turn is a branch of Indo-European family of languages. According to Dr Gian Chand Jain, Indo-Aryan languages had three phases of evolution beginning around 1,500 BC and passing through the stages of Vedic Sanskrit, classical Sanskrit and Pali. They developed into Prakrit and Apbhransh, which served as the basis for the formation of later local dialects.}}</ref><ref name="PTI19952">{{cite book|title=India Perspectives, Volume 8|date=1995|publisher=PTI for the Ministry of External Affairs|page=23|language=en|quote=All verbs in Urdu are of Sanskrit origin. According to lexicographers, only about 25 percent words in Urdu diction have Persian or Arabic origin.}}</ref> उर्दू ने फ़ारसी और कुछ हद तक, फ़ारसी के माध्यम से अरबी से शब्द उधार लिए हैं,<ref name="Versteegh19972">{{cite book|title=The Arabic Language|last1=Versteegh|first1=Kees|last2=Versteegh|first2=C. H. M.|date=1997|publisher=Columbia University Press|isbn=9780231111522|language=en|quote=... of the Qufdn; many Arabic loanwords in the indigenous languages, as in Urdu and Indonesian, were introduced mainly through the medium of Persian.}}</ref> उर्दू की शब्दावली का लगभग 25%<ref name="Ahmad20022" /><ref name="Dalmia20172" /><ref name="Taj19972" /><ref name="Khan19892">{{cite book|title=Studies in Contrastive Analysis|last1=Khan|first1=Iqtidar Husain|date=1989|publisher=[[Aligarh Muslim University|The Department of Linguistics of Aligarh Muslim University]]|page=5|language=en|quote=It is estimated that almost 25% of the Urdu vocabulary consists of words which are of Persian and Arabic origin.}}</ref> से लेकर 30% तक।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=upHRAAAAMAAJ&q=urdu+persianized+30%25|title=Reports Service: South Asia series|author=American Universities Field Staff|date=1966|publisher=American Universities Field Staff|page=43|language=en|quote=The Urdu vocabulary is about 30% Persian.}}</ref> चैपल हिल में [[नॉर्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय]] के भाषाविद् अफ़रोज़ ताज द्वारा सचित्र एक तालिका इसी तरह साहित्यिक उर्दू में देशी संस्कृत-व्युत्पन्न शब्दों के लिए फ़ारसी ऋणशब्दों की मात्रा को 1:3 के अनुपात में दर्शाती है।<ref name="Taj19972" /> "फ़ारसीकरण की ओर रुझान" 18वीं शताब्दी में दिल्ली स्कूल के उर्दू कवियों द्वारा शुरू किया गया था, हालांकि [[मीराजी]] जैसे अन्य लेखकों ने भाषा के संस्कृत रूप में लिखा था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=sqBjpV9OzcsC&pg=PA36|title=History of Indian Literature: 1911–1956, struggle for freedom : triumph and tragedy|last=Das|first=Sisir Kumar|date=2005|publisher=Sahitya Akademi|isbn=9788172017989|language=en|quote=Professor Gopi Chand Narang points out that the trends towards Persianization in Urdu is not a new phenomenon. It started with the Delhi school of poets in the eighteenth century in the name of standardization (''meyar-bandi''). It further tilted towards Arabo-Persian influences, writes Narang, with the rise of Iqbal. 'The diction of Faiz Ahmad Faiz who came into prominence after the death of Iqbal is also marked by Persianization; so it is the diction of N.M. Rashid, who popularised free verse in Urdu poetry. Rashid's language is clearly marked by fresh Iranian influences as compared to another trend-setter, Meeraji. Meeraji is on the other extreme because he used Hindized Urdu.'}}</ref> 1947 के बाद से पाकिस्तान में अत्यधिक फ़ारसीकरण की ओर कदम बढ़ा है, जिसे देश के अधिकांश लेखकों ने अपनाया है;<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=0X1jAAAAMAAJ&q=%E2%80%9CHyper-persianized%E2%80%9D|title=Hindi and Urdu Since 1800: A Common Reader|last=Shackle|first=C.|date=1 January 1990|publisher=Heritage Publishers|isbn=9788170261629|language=en}}</ref> इस प्रकार, कुछ उर्दू पाठ 70% फ़ारसी-अरबी ऋणशब्दों से बने हो सकते हैं जैसे कि कुछ फ़ारसी ग्रंथों में हो सकता है 70% अरबी शब्दावली।<ref name="Kaye-1997">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=T6jmziooEk0C&q=urdu+70%25+persian&pg=PA639|title=Phonologies of Asia and Africa: (including the Caucasus)|last=Kaye|first=Alan S.|date=30 June 1997|publisher=Eisenbrauns|isbn=9781575060194|language=en}}</ref> कुछ पाकिस्तानी उर्दू भाषियों ने भारतीय मनोरंजन के संपर्क के परिणामस्वरूप अपने भाषण में हिंदी शब्दावली को शामिल किया है।<ref name="Patel20132">{{cite news|url=https://www.firstpost.com/india/kids-have-it-right-boundaries-of-urdu-and-hindi-are-blurred-579088.html|title=Kids have it right: boundaries of Urdu and Hindi are blurred|last1=Patel|first1=Aakar|date=6 January 2013|work=[[Firstpost]]|language=en|access-date=9 November 2019}}</ref><ref name="Gangan20112">{{cite news|url=https://www.dnaindia.com/mumbai/report-in-pakistan-hindi-flows-smoothly-into-urdu-1619245|title=In Pakistan, Hindi flows smoothly into Urdu|last1=Gangan|first1=Surendra|date=30 November 2011|newspaper=[[DNA India]]|language=en|access-date=9 November 2019|quote=That Bollywood and Hindi television daily soaps are a hit in Pakistan is no news. So, it's hardly surprising that the Urdu-speaking population picks up and uses Hindi, even the tapori lingo, in its everyday interaction. "The trend became popular a few years ago after Hindi films were officially allowed to be released in Pakistan," said Rafia Taj, head of the mass communication department, University of Karachi. "I don't think it's a threat to our language, as it is bound to happen in the globalisation era. It is anytime better than the attack of western slangs on our language," she added.}}</ref> भारत में उर्दू हिन्दी से उतनी अलग नहीं हुई है जितनी पाकिस्तान में।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ieMgAAAAQBAJ&q=hindi+urdu+natioanal+varieties&pg=PA385|title=Pluricentric Languages: Differing Norms in Different Nations|last=Clyne|first=Michael|date=24 May 2012|publisher=Walter de Gruyter|isbn=978-3-11-088814-0|language=en}}</ref> उर्दू में सबसे अधिक अपनाये गए शब्द संज्ञा और विशेषण हैं।<ref name="Jain-2007">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=OtCPAgAAQBAJ&q=difference+between+urdu+and+hindi&pg=PA294|title=The Indo-Aryan Languages|last1=Jain|first1=Danesh|last2=Cardona|first2=George|date=26 July 2007|publisher=Routledge|isbn=978-1-135-79711-9|pages=294|language=en}}</ref> अरबी मूल के कई शब्द फ़ारसी के माध्यम से अपनाए गए हैं,<ref name="Ahmad20022" /> और अरबी की तुलना में उनके उच्चारण और अर्थ और उपयोग की बारीकियाँ अलग हैं। कुछ शब्द पुर्तगाली से भी अपनाये गए हैं। उर्दू में उधार लिए गए पुर्तगाली शब्दों के कुछ उदाहरण हैं चाबी ("चावे": कुंजी), गिरजा ("इग्रेजा": चर्च), कामरा ("कैमरा": कमरा), क़मीज़ ("कैमिसा": शर्ट)।<ref>Paul Teyssier: História da Língua Portuguesa'', S. 94. Lisbon 1987''</ref> हालाँकि उर्दू शब्द [[तुर्की भाषा परिवार|तुर्क]] शब्द ऑर्डु (सेना) या ऑर्डा से लिया गया है,<ref name="Austin20082">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=Q3tAqIU0dPsC&pg=PA120|title=One thousand languages: living, endangered, and lost|author=Peter Austin|date=1 September 2008|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-25560-9|pages=120–|access-date=29 December 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20130509064417/http://books.google.com/books?id=Q3tAqIU0dPsC&pg=PA120|archive-date=9 May 2013|url-status=live}}</ref> उर्दू में तुर्क से अपनाये शब्द न्यूनतम हैं<ref>{{cite web|url=http://www.dawn.com/news/672945/|title=Language: Urdu and the borrowed words|author=InpaperMagazine|date=13 November 2011|work=dawn.com|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20150702191109/http://www.dawn.com/news/672945/|archive-date=2 July 2015|access-date=29 March 2015}}</ref> और उर्दू [[भाषा-परिवार|आनुवंशिक]] रूप से तुर्क भाषाओं से संबंधित नहीं है। [[चग़ताई भाषा|चग़ताई]] और अरबी से उत्पन्न उर्दू शब्द फ़ारसी के माध्यम से उधार लिए गए थे और इसलिए मूल शब्दों के फ़ारसी संस्करण हैं। उदाहरण के लिए, अरबी ता' मरबुता (ة) बदलकर हे (ه) या ते (ت) हो जाता है।<ref>John R. Perry, "Lexical Areas and Semantic Fields of Arabic" in Éva Ágnes Csató, Eva Agnes Csato, Bo Isaksson, Carina Jahani, ''Linguistic convergence and areal diffusion: case studies from Iranian, Semitic and Turkic'', Routledge, 2005. pg 97: "It is generally understood that the bulk of the Arabic vocabulary in the central, contiguous Iranian, Turkic and Indic languages was originally borrowed into literary Persian between the ninth and thirteenth centuries"</ref><ref group="note">An example can be seen in the word "need" in Urdu. Urdu uses the [[Persian language|Persian]] version ضرورت rather than the original Arabic ضرورة. See: [http://dsalsrv02.uchicago.edu/cgi-bin/philologic/getobject.pl?c.5:1:5370.platts John T. Platts "A dictionary of Urdu, classical Hindi, and English" (1884) Page 749] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210225125131/http://dsalsrv02.uchicago.edu/cgi-bin/philologic/getobject.pl?c.5:1:5370.platts|date=25 February 2021}}. Urdu and Hindi use Persian pronunciation in their loanwords, rather than that of Arabic– for instance rather than pronouncing ض as the ''[[c2:emphatic consonant|emphatic consonant]]'' "ḍ", the original sound in ''[[Arabic phonology|Arabic]]'', Urdu uses the Persian pronunciation "z". See: [http://dsalsrv02.uchicago.edu/cgi-bin/philologic/getobject.pl?c.5:1:5339.platts John T. Platts "A dictionary of Urdu, classical Hindi, and English" (1884) Page 748] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210414045951/http://dsalsrv02.uchicago.edu/cgi-bin/philologic/getobject.pl?c.5:1:5339.platts|date=14 April 2021}}</ref> फिर भी, आम धारणा के विपरीत, उर्दू ने तुर्की भाषा से नहीं, बल्कि मध्य एशिया की एक तुर्क भाषा [[चग़ताई भाषा|चग़ताई]] से उधार ली है।{{Citation needed|date=January 2024}} उर्दू और तुर्की दोनों ने अरबी और फ़ारसी से उधार लिया है, इसलिए कई उर्दू और तुर्की शब्दों के उच्चारण में समानता है।<ref>{{Cite journal|last1=María Isabel Maldonado García|last2=Mustafa Yapici|date=2014|title=Common Vocabulary in Urdu and Turkish Language: A Case of Historical Onomasiology|url=http://pu.edu.pk/images/journal/studies/PDF-FILES/Artical-10_v15_no1.pdf|journal=Journal of Pakistan Vision|volume=15|issue=1|pages=193–122|archive-url=https://web.archive.org/web/20150927195813/http://pu.edu.pk/images/journal/studies/PDF-FILES/Artical-10_v15_no1.pdf|archive-date=27 September 2015}}</ref> == व्याकरण == {{unreferenced section|date=अप्रैल 2020}} उर्दू भाषा का व्याकरण पूर्णतः हिन्दी भाषा के व्याकरण जैसा है तथा यह अनेक भारतीय भाषाओं से मेल खाता है। ==औपचारिकता== [[File:Lashkari Zaban calligraphy.png|thumb|नस्ख लिपि में ''लश्करी ज़बान'' शीर्षक]] उर्दू को उसके कम औपचारिक [[भाषा प्रयुक्ति|रजिस्टर]] में [[रेख़्ता]] (ریختہ) के रूप में जाना जाता है, अधिक औपचारिक रजिस्टर को कभी-कभी زبانِ اُردُوئے معلّٰى, ज़बान-ए उर्दू-यी मुअल्ला, 'उत्कृष्ट शिविर की भाषा' या لشکری ​​زبان, लश्करी ज़बान, 'सैन्य भाषा' जो शाही सेना को संदर्भित करती है<ref>Colin P. Masica, The Indo-Aryan languages. Cambridge Language Surveys (Cambridge: Cambridge University Press, 1993). 466,</ref> या केवल लश्करी के रूप में जाना जाता है।<ref name="Ahmad2009">{{cite book|author=Aijazuddin Ahmad|title=Geography of the South Asian Subcontinent: A Critical Approach|url=https://books.google.com/books?id=I2QmPHeIowoC&pg=PA120|year=2009|publisher=Concept Publishing Company|isbn=978-81-8069-568-1|pages=120–|quote=The very word Urdu came into being as the original '''Lashkari''' dialect, in other words, the language of the army.}}</ref> उर्दू में प्रयुक्त शब्द की व्युत्पत्ति, अधिकांश भाग में, यह तय करती है कि किसी का भाषण कितना विनम्र या परिष्कृत है। उदाहरण के लिए, उर्दू भाषी پانی, पानी और آب, आब के बीच अंतर करते हैं, दोनों का अर्थ पानी है। पूर्व का प्रयोग बोलचाल की भाषा में किया जाता है और इसका मूल [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] पुराना है; बाद वाला फ़ारसी मूल का होने के कारण औपचारिक और काव्यात्मक रूप से उपयोग किया जाता है।{{citation needed|date=July 2020}} यदि कोई शब्द फ़ारसी या अरबी मूल का है, तो भाषण का स्तर अधिक औपचारिक और भव्य माना जाता है। इसी प्रकार, यदि फ़ारसी या अरबी व्याकरण की रचनाएँ, जैसे इज़ाफ़ात, का उपयोग उर्दू में किया जाता है, तो भाषण का स्तर भी अधिक औपचारिक और भव्य माना जाता है। यदि कोई शब्द संस्कृत से विरासत में मिला है, तो भाषण का स्तर अधिक बोलचाल और व्यक्तिगत माना जाता है।<ref name="University of North Carolina at Chapel Hill2">{{cite web|url=http://www.unc.edu/|title=About Urdu|publisher=Afroz Taj (University of North Carolina at Chapel Hill)|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090815023328/http://sasw.chass.ncsu.edu/fl/faculty/taj/hindi/abturdu.htm|archive-date=15 August 2009|access-date=26 February 2008}}</ref> == लिपि == [[File:Urdu-alphabet-en-hi-final.svg|thumb|उर्दू [[नस्तालीक़]] वर्णमाला, देवनागरी और लैटिन वर्णमाला के नामों के साथ]] {{मुख्य|नस्तालीक़}} औपचारिक रूप से उर्दू [[फ़ारसी-अरबी लिपि|फ़ारसी-अरबी लिपि]] में लिखी जाती है, लेकिन कभी-कभार, ख़ास तर [[भारत]] में, [[देवनागरी|देवनागरी लिपि]] में भी लिखी जाती है। उर्दू [[फ़ारसी-अरबी लिपि|फ़ारसी वर्णमाला]] के विस्तार में दाएँ से बाएँ लिखी जाती है, जो खुद अरबी वर्णमाला का विस्तार है। उर्दू फ़ारसी सुलेख की [[नस्तालीक़]] शैली से जुड़ी है, जबकि अरबी आम तौर पर नस्ख या रुक़ह शैली में लिखी जाती है। अपने हजारों संयुक्ताक्षरों के कारण, नास्तालिक को टाइप करना बेहद कठिन है, इसलिए 1980 के दशक के अंत तक उर्दू समाचार पत्र सुलेख के उस्तादों द्वारा हाथ से लिखे जाते थे, जिन्हें कातिब या ख़ुश-नवीस के नाम से जाना जाता था। एक हस्तलिखित उर्दू अखबार, [[द मुसलमान]], अभी भी [[चेन्नई]] में दैनिक रूप से प्रकाशित होता है।<ref>[http://globalvoices.org/2012/03/26/india-the-last-handwritten-newspaper-in-the-world/ India: The Last Handwritten Newspaper in the World · Global Voices] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151001230028/https://globalvoices.org/2012/03/26/india-the-last-handwritten-newspaper-in-the-world/|date=1 October 2015}}. Globalvoices.org (26 March 2012). Retrieved on 12 July 2013.</ref> इनपेज, उर्दू के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला डेस्कटॉप प्रकाशन उपकरण है, जिसके नास्टालिक कंप्यूटर फोंट में 20,000 से अधिक संयुक्ताक्षर हैं। उर्दू का अत्यधिक फारसीकृत और तकनीकी रूप बंगाल और उत्तर-पश्चिम प्रांतों और अवध में ब्रिटिश प्रशासन के अदालतों की भाषा थी। 19वीं सदी के अंत तक, उर्दू के इस रजिस्टर में सभी कार्यवाही और अदालती लेनदेन आधिकारिक तौर पर फ़ारसी लिपि में लिखे गए थे। 1880 में, औपनिवेशिक भारत में बंगाल के लेफ्टिनेंट-गवर्नर सर एशले ईडन ने बंगाल की कानून अदालतों में फ़ारसी वर्णमाला के उपयोग को समाप्त कर दिया और [[कैथी]] के विशेष उपयोग का आदेश दिया, जो उर्दू और हिंदी दोनों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक लोकप्रिय लिपि थी; [[बिहार प्रांत]] में, अदालत की भाषा कैथी लिपि में लिखी जाने वाली उर्दू थी।<ref name="Pandey2007">{{cite web |last1=Pandey |first1=Anshuman |title=Proposal to Encode the Kaithi Script in ISO/IEC 10646 |url=https://www.unicode.org/L2/L2007/07418-kaithi.pdf |publisher=[[Unicode]] |access-date=16 October 2020 |language=en |date=13 December 2007|quote=Kaithi was used for writing Urdu in the law courts of Bihar when it replaced Perso-Arabic as the official script during the 1880s. The majority of extant legal documents from Bihar from the British period are in Urdu written in Kaithi. There is a substantial number of such manuscripts, specimens of which are given in Figure 21, Figure 22, and Figure 23.}}</ref><ref name="King1999">{{cite book |last1=King |first1=Christopher Rolland |title=One Language, Two Scripts: The Hindi Movement in Nineteenth Century North India |date=1999 |publisher=[[Oxford University Press]] |isbn=978-0-19-565112-6 |page=67 |language=en}}</ref><ref>{{cite book |last1=Ashraf |first1=Ali |title=The Muslim Elite |date=1982 |publisher=Atlantic Publishers & Distributors |page=80 |language=en |quote=The court language however was Urdu in 'Kaithi' script in spite of the use of English as the official language.}}</ref><ref>{{cite book |last1=Varma |first1=K. K. |last2=Lal |first2=Manohar |title=Social Realities in Bihar |date=1997 |publisher=Novelty & Company |language=en |quote=The language of learning and administration in Bihar before the East India Company was Persian, and later it was replaced by English. The court language, however, continued to be Urdu written in Kaithi script.|page=347}}</ref> उर्दू और हिंदी के साथ कैथी का जुड़ाव अंततः इन भाषाओं और उनकी लिपियों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से समाप्त हो गया, जिसमें फ़ारसी लिपि निश्चित रूप से उर्दू से जुड़ी हुई थी।<ref>{{cite news |last1=ghose |first1=sagarika |title=Urdu Bharti: नौकरी के लिए भटक रहे हैं 4 हजार उर्दू शिक्षक, कोर्ट कोर्ट खेल रही है सरकार.. |url=https://navbharattimes.indiatimes.com/education/education-news/4-thousand-urdu-bharti-candidates-did-not-get-joining-after-court-order/articleshow/76753747.cms |access-date=13 September 2020 |work=Navbharat Times |language=hi}}</ref> तक़्सीम से पहले [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]] मेँ '''उर्दू ज़ुबान''' को युगपत् [[नस्तालीक़]], [[देवनागरी]], [[गुरमुखी लिपि|गुरूमुखी]] और [[कैथी]] हरफ़ोँ पर लिखी जाती थी।<ref>{{Cite book |last=Dhir |first=Krishna Swaroop |title=The wonder that is Urdu: a multidisciplinary analysis |date=2022 |publisher=Motilal Banarsidass |isbn=978-81-208-4301-1 |location=Delhi |pages=139}}</ref> हाल ही में भारत में,{{when|date=February 2024}} उर्दू भाषियों ने उर्दू पत्रिकाओं को प्रकाशित करने के लिए [[देवनागरी]] को अपनाया है और देवनागरी में उर्दू को देवनागरी में हिंदी से अलग चिह्नित करने के लिए नई रणनीतियों का आविष्कार किया है।{{citation needed|date=February 2024}} ऐसे प्रकाशकों ने देवनागरी में नई वर्तनी संबंधी विशेषताएं पेश की हैं। उर्दू शब्दों की फारसी-अरबी व्युत्पत्ति का प्रतिनिधित्व करने का उद्देश्य। एक उदाहरण हिंदी वर्तनी नियमों के उल्लंघन में ع ('ऐन) के संदर्भों की नकल करने के लिए स्वर चिह्नों के साथ अ (देवनागरी ए) का उपयोग है। उर्दू प्रकाशकों के लिए, देवनागरी के उपयोग से उन्हें अधिक दर्शक वर्ग मिलता है, जबकि वर्तनी परिवर्तन से उन्हें उर्दू की एक विशिष्ट पहचान बनाए रखने में मदद मिलती है।<ref>{{cite journal |last=Ahmad |first=Rizwan |year=2011 |title=Urdu in Devanagari: Shifting orthographic practices and Muslim identity in Delhi |journal=Language in Society |volume=40 |issue=3 |pages=259–284 |doi=10.1017/S0047404511000182 |url=https://www.academia.edu/4049639 |jstor=23011824 |publisher=Cambridge University Press|hdl=10576/10736 |s2cid=55975387 |hdl-access=free }}</ref> [[बंगाल]] के कुछ कवियों, अर्थात् [[काज़ी नज़रुल इस्लाम]], ने ऐतिहासिक रूप से ''प्रेम नगर का ठिकाना कार्ले'' और ''मेरा बेटी की खेला'' जैसी उर्दू कविता लिखने के लिए बंगाली लिपि का उपयोग किया है, साथ ही ''अलगा कोरो गो ख़ोपर बधों'', ''जुबोकर छोलोना'' और ''मेरा दिल बेताब किया'' जैसी द्विभाषी बंगाली-उर्दू कविताएँ भी लिखी हैं।<ref>{{cite web|url=https://sovyota.com/?p=2360|language=bn|title=বিদ্রোহী কবি নজরুল; একটি বুলেট কিংবা কবিতার উপাখ্যান|date=1 June 2014|access-date=8 मई 2024|archive-date=26 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230326033721/https://sovyota.com/?p=2360|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=নজরুল নির্দেশিকা|language=bn|year=1969|author=Islam, Rafiqul}}</ref><ref>{{cite book|title=বাংলা সাহিত্যে নজরুল|trans-title=Nazrul in Bengali literature|language=bn|author=Khan, Azahar Uddin|year=1956|url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.301836/page/n21/mode/2up}}</ref> ढकैया उर्दू उर्दू की एक बोलचाल की गैर-मानक बोली है जो आम तौर पर लिखी नहीं जाती थी। हालाँकि, बोली को संरक्षित करने की मांग करने वाले संगठनों ने बोली को बंगाली लिपि में लिखना शुरू कर दिया है।{{NoteTag|ढकैया सोब्बासी जबान और ढकैया आंदोलन जैसे संगठन लगातार बंगाली लिपि का उपयोग करके ढकैया उर्दू लिखते हैं।}}<ref name=book>{{cite book|title=বাংলা-ঢাকাইয়া সোব্বাসী ডিক্সেনারি (বাংলা - ঢাকাইয়া সোব্বাসী অভিধান)|language=bn|editor1=Muhammad Shahabuddin Sabu|editor2=Nazir Uddin|publisher=Takiya Mohammad Publications|year=2021|location=[[Bangla Bazar]], [[Dhaka]]}}</ref><ref name=samakal>{{cite news|date=17 January 2021|title=বাংলা-ঢাকাইয়া সোব্বাসী অভিধানের মোড়ক উন্মোচন|language=bn|url=https://samakal.com/todays-print-edition/tp-khobor/article/210178300/%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%82%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%A2%E0%A6%BE%E0%A6%95%E0%A6%BE%E0%A6%87%E0%A7%9F%E0%A6%BE-%E0%A6%B8%E0%A7%8B%E0%A6%AC%E0%A7%8D%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%B8%E0%A7%80-%E0%A6%85%E0%A6%AD%E0%A6%BF%E0%A6%A7%E0%A6%BE%E0%A6%A8%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%AE%E0%A7%8B%E0%A7%9C%E0%A6%95-%E0%A6%89%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%AE%E0%A7%8B%E0%A6%9A%E0%A6%A8|website=[[Samakal]]|trans-title=Unveiling of 'Bangla-Dhakaiya Sobbasi' Dictionary|access-date=14 February 2021|archive-date=14 April 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210414050551/https://samakal.com/todays-print-edition/tp-khobor/article/210178300/%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%82%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%A2%E0%A6%BE%E0%A6%95%E0%A6%BE%E0%A6%87%E0%A7%9F%E0%A6%BE-%E0%A6%B8%E0%A7%8B%E0%A6%AC%E0%A7%8D%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%B8%E0%A7%80-%E0%A6%85%E0%A6%AD%E0%A6%BF%E0%A6%A7%E0%A6%BE%E0%A6%A8%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%AE%E0%A7%8B%E0%A7%9C%E0%A6%95-%E0%A6%89%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%AE%E0%A7%8B%E0%A6%9A%E0%A6%A8|url-status=dead}}</ref> ==उर्दू की उपभाषाएँ== {{main|उर्दू की बोलियों की सूची}} * [[रेख़्ता]] * [[दक्खिनी]] == आधुनिक उर्दू == === मातृभाषा के स्तर पर उर्दू बोलने वालों की संख्या === {{unreferenced section|date=अप्रैल 2020}} * [[भारत]] - 5.07 करोड़ <ref>{{Cite web |last=Shams Ur Rehman Alavi |title=Census Data on Language Reveals a Surprise about Urdu |url=https://thewire.in/culture/urdu-census-language-2011-north-india |access-date=2026-03-31 |website=The Wire |language=en}}</ref> * [[पाकिस्तान]] - 1.87 करोड़ * [[बांग्लादेश]] - 6.5 लाख * [[संयुक्त अरब अमीरात]] - 6 लाख * [[ब्रिटेन]] - 4 लाख * [[सउदी अरब|सऊदी अरब]] - 3.82 लाख * [[कनाडा]] - 80895 * [[क़तर]] - 15000 * [[फ़्रान्स|फ़्रांस]] - 15 000 == इन्हें भी देखें == * [[उर्दू आन्दोलन]] * [[हिन्दी–उर्दू विवाद]] * [[खड़ीबोली]] * [[हिन्दुस्तानी भाषा]] * [[मतरुकात]] * [[उर्दू साहित्य]] == नोट == {{reflist|group=note}} == सन्दर्भ == {{Reflist|33em}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://sites.google.com/site/hindiurdu2/hindi2urdu "एक पृष्ठ में उर्दू पढ़ना सीखें"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140920160857/https://sites.google.com/site/hindiurdu2/hindi2urdu |date=20 सितंबर 2014 }} - हिन्दी मातृभाषियों के लिए एक पृष्ठ का लेख, जिसमें उर्दू लिखने-पढ़ने के नियम दिये गये हैं * [http://urdu2hindi.wordpress.com/2005/01/08/%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%9a%e0%a5%80/#more-14 '''उर्दू-हिन्दी शब्दकोश'''] - यहाँ उर्दू शब्द और उनके अर्थ देवनागरी लिपि में दिये गये हैं। * [http://books.google.co.in/books?id=vDi6fgc_kvUC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=true उर्दू-हिन्दी कोश] (गूगल पुस्तक ; लेखक - बदरीनाथ कपूर) *[https://web.archive.org/web/20071112052241/http://www.geocities.com/paklanguage/opinion.html '''Views on the issue of national language in Pakistan'''] * [http://books.google.co.in/books?id=hBSaP5nEzaMC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false भाषायी अस्मिता और हिन्दी] (गूगल पुस्तक; लेखक - डॉ रवीन्द्रनाथ श्रीवास्तव) * [http://books.google.co.in/books?id=-9yl_T5s1cMC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false भारतेन्दु हरिश्चन्द्र और हिन्दी नवजागरण की समस्यायें] (गूगल पुस्तक ; लेखक - डॉ रामविलास शर्मा) * [http://books.google.co.in/books?id=HaH80RAr6R0C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false उर्दू साहित्य कोश] (गूगल पुस्तक ; लेखिका कमला नसीम) {{उर्दू भाषा}} {{हिन्दी विषय}} {{हिन्द-आर्य भाषाएँ}} {{भारत की भाषाएँ |state=autocollapse}} {{विश्व की प्रमुख भाषाएं}} [[श्रेणी:उर्दू| ]] [[श्रेणी:भारत की भाषाएँ]] [[श्रेणी:हिन्द-आर्य भाषाwgr एँ]] [[श्रेणी:पाकिस्तान की भाषाएँ]] hu tu 4l9j8v4suvq8ufb1ykcino0lqii9upu रोमानिया 0 5459 6582826 6555249 2026-07-15T08:32:21Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582826 wikitext text/x-wiki {{Infobox Country |native_name = {{lang|ro|România|italics=no}} |conventional_long_name = रोमानिया |common_name = रोमानिया |image_flag = Flag of Romania.svg |image_coat = Coat of arms of Romania.svg |image_map = {{Switcher|[[File:EU-Romania (orthographic projection).svg|frameless]]|पृथ्वी दिखाएँ|[[File:EU-Romania.svg|upright=1.15|frameless]]|यूरोप दिखाएँ|default=1}} |map_caption = {{Map caption|location_color=गहरा हरा|region=यूरोप|region_color=गहरा धूसर|subregion=[[यूरोपीय संघ]]|subregion_color=हरा|unbulleted list}} |national_anthem = {{lang|ro|Deșteaptă-te, române!|italics=no}}<br/>{{small|(जाग जा तू, रोमानियाई)}}<div style="display:inline-block;margin-top:0.4em;">[[File:Desteapta-te, romane!.ogg]]</div> |official_languages = [[रोमानियाई भाषा|रोमानियाई]] |ethnic_groups = {{unbulleted list |89.3% [[रोमानियाई लोग|रोमानियाई]] |6.0% [[हंगेरियाई लोग|हंगेरियाई]] |3.4% [[रोमानी लोग|रोमानी]] |1.2% अन्य }} |demonym = [[रोमानियाई लोग|रोमानियाई]] |government_type = एकात्मक [[अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली|अर्ध-अध्यक्षीय गणराज्य]] |capital = [[बुख़ारेस्ट]] |largest_city = capital |leader_title1 = [[रोमानिया के राष्ट्रपति|राष्ट्रपति]] |leader_title2 = प्रधानमंत्री |leader_name1 = [[इली बोलोजान]] |leader_name2 = [[कैटालिन प्रीडोइउ]] |area_rank = 81वाँ |area_km2 = 238397 |percent_water = 3 |population_estimate_year = 2024 |population_estimate = {{DecreaseNeutral}} 1,90,64,409<ref>{{cite web |url=https://insse.ro/cms/sites/default/files/com_presa/com_pdf/poprez_ian2024e.pdf |title=On 1st January 2024, the usually resident population amounted to 19064409 persons, a growth of 9.9 thousand persons compared to 1st January 2023 |publisher= [[National Institute of Statistics (Romania)|INS]] |website=www.insse.ro |date=30 August 2024 |access-date=30 August 2024}}</ref> |population_estimate_rank = 65वाँ |population_census_year = 2021 |population_census = {{decreaseNeutral}} 1,90,53,815<ref name="Census2021">{{cite web |url=https://www.recensamantromania.ro/wp-content/uploads/2023/06/Tabel-2.01.xls |title=Populația după etnie la recensămintele din perioada 1930-2021 |publisher=[[National Institute of Statistics (Romania)|INS]] |website=www.insse.ro |access-date=2024-03-04 |language=ro |archive-date=28 September 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230928063329/https://www.recensamantromania.ro/wp-content/uploads/2023/06/Tabel-2.01.xls |url-status=live }}</ref> |population_density_km2 = 79.9 |population_density_rank = 136वाँ |GDP_PPP_year = 2025 |GDP_PPP = {{increase}} $926.759 अरब<ref name="IMFWEO.RO">{{cite web |url=https://www.imf.org/en/Publications/WEO/weo-database/2025/april/weo-report?c=968,&s=NGDPD,PPPGDP,NGDPDPC,PPPPC,&sy=2023&ey=2030&ssm=0&scsm=1&scc=0&ssd=1&ssc=0&sic=0&sort=country&ds=.&br=1 |title=World Economic Outlook Database, April 2025 Edition. (Romania) |publisher=[[International Monetary Fund]] |date=22 April 2025 |access-date=23 April 2025}}</ref> |GDP_PPP_rank =35वाँ |GDP_PPP_per_capita = {{increase}} $49,212<ref name="IMFWEO.RO" /> |GDP_PPP_per_capita_rank =44वाँ |GDP_nominal = {{increase}} $403.395 अरब<ref name="IMFWEO.RO" /> |GDP_nominal_rank =39वाँ |GDP_nominal_year = 2025 |GDP_nominal_per_capita = {{increase}} $21,421<ref name="IMFWEO.RO" /> |GDP_nominal_per_capita_rank =54वाँ |HDI_year = 2023<!-- Please use the year to which the data refers, not the publication year. --> |HDI_change = increase <!--increase/decrease/steady--> |HDI = 0.845 |HDI_ref = <ref name="UNHDR">{{Cite web |date=6 May 2025 |title=Human Development Report 2025 |url=https://hdr.undp.org/system/files/documents/global-report-document/hdr2025reporten.pdf|url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20250506051232/https://hdr.undp.org/system/files/documents/global-report-document/hdr2025reporten.pdf |archive-date=6 May 2025 |access-date=6 May 2025 |publisher=[[United Nations Development Programme]]}}</ref> |HDI_rank = 55वाँ |Gini_year = 2024 |Gini_change = decrease <!--increase/decrease/steady--> |Gini = 28.0 <!--number only--> |Gini_ref =<ref name=eurogini>{{cite web |url=https://ec.europa.eu/eurostat/databrowser/view/tessi190/default/table?lang=en |title=Gini coefficient of equivalised disposable income – EU-SILC survey |publisher=[[Eurostat]] |access-date=1 April 2025 |archive-date=9 October 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201009091832/https://ec.europa.eu/eurostat/databrowser/view/tessi190/default/table?lang=en |url-status=live }}</ref> |Gini_rank = |legislature = संसद |upper_house = सीनेट |lower_house = लोक सभा |sovereignty_type = [[रोमानिया का इतिहास|इतिहास]] |established_event1 = [[वाॅलेकिया रियासत]] |established_date1 = 1330 |established_event2 = [[मोल्डाविया रियासत]] |established_date2 = 1346 |established_event3 = वाॅलेकिया और मोल्डाविया का एकीकरण |established_date3 = 24 जनवरी 1859 |established_event4 = [[उस्मानी साम्राज्य]] से स्वतंत्रता |established_date4 = 10 मई 1877 |established_event5 = [[रोमानिया राज्य]] |established_date5 = 13 मार्च 1881 |established_event6 = [[महान संघ]] |established_date6 = 1 दिसंबर 1918 |established_event7 = [[रोमानिया समाजवादी गणराज्य]] |established_date7 = 30 दिसंबर 1947 |currency = [[रोमानियाई ल्यू]] |currency_code = RON |time_zone = [[पूर्वी यूरोपीय समय​|EET]] |utc_offset = +2 |time_zone_DST = [[पूर्वी यूरोपीय ग्रीष्मसमय​|EEST]] |utc_offset_DST = +3 |drives_on = दाएँ |cctld = [[.ro]] |calling_code = +40 |coordinates={{Coord|44|25|N|26|06|E|type:city_region:RO-B}}|ethnic_groups_ref=<ref>{{cite web |url=https://www.recensamantromania.ro/wp-content/uploads/2023/06/Tabel-2.02.1-si-Tabel-2.02.2.xlsx |title=Populaţia rezidentă după etnie (Recensământ 2021) |publisher=INS |website=www.insse.ro |access-date=2023-09-21 |language=ro |archive-date=2 July 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230702045135/https://www.recensamantromania.ro/wp-content/uploads/2023/06/Tabel-2.02.1-si-Tabel-2.02.2.xlsx |url-status=live }}</ref>{{efn|excluding the population who did not declare an ethnicity}}|ethnic_groups_year=2021|religion={{ublist |item_style=white-space; |{{Tree list}} * 84.7% [[ईसाई धर्म]] ** 73.6% रूढ़ीवाद संप्रदाय ** 6.4% [[प्रोटेस्टेंट संप्रदाय]] ** 4.4% [[कैथोलिक संप्रदाय]] ** 0.2% अन्य ईसाई संप्रदाय {{Tree list/end}} |0.8% [[अधार्मिकता]] |0.4% अन्य |13.9% अज्ञात }}|religion_ref=<ref name="Census2021-Religion">{{cite web |url=https://www.recensamantromania.ro/wp-content/uploads/2023/06/Tabel-2.04.1-si-Tabel-2.04.2.xlsx |title=Populaţia rezidentă după religie (Recensământ 2021) |publisher=INS |website=www.insse.ro |access-date=2023-09-21 |language=ro |archive-date=4 August 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230804110637/https://www.recensamantromania.ro/wp-content/uploads/2023/06/Tabel-2.04.1-si-Tabel-2.04.2.xlsx |url-status=live }}</ref>|religion_year=2021|coa_size=70|leader_title3=सीनेट के राष्ट्रपति|leader_name3=[[मिर्सिया अब्रुडीन]]|leader_title4=अध्यक्ष|leader_name4=[[चिप्रियन-कोंस्तांतीन शेर्बान]]|established_event8=[[रोमानिया का संविधान|वर्तमान संविधान]]|established_date8=8 दिसंबर 1991|area_footnote=<ref name="Romanian.Yearbook">{{Cite web |url=https://insse.ro/cms/sites/default/files/field/publicatii/anuarul_statistic_al_romaniei_carte_ed_2023-ro.pdf |title=Romanian Statistical Yearbook (2023) – 1.8 Administrative organisation of Romanian territory, on December 31, 2022 (pg.17) |publisher=[[National Institute of Statistics (Romania)|INS]] |website=www.insse.ro |date=19 February 2024}}</ref>|iso3166code=RO}} '''रोमानिया''' ({{Langx|rom|România|label=[[रोमानियाई भाषा|रोमानियाई]]|italic=no}}) [[काला सागर|काले सागर]] की सीमा पर, [[कारपेथियन पर्वत|कर्पेथियन चाप]] के बाहर और इसके भीतर, निचले [[डेन्यूब]] पर, [[बाल्कन प्रायद्वीप]] के उत्तर में, [[दक्षिण पूर्व यूरोप|दक्षिणपूर्वी]] और [[मध्य यूरोप]] में स्थित एक देश है<ref>{{cite report|url=http://www.nato.int/invitees2004/romania/glance.htm|title=North Atlantic Treaty Organization|publisher=NATO|accessdate=31 अगस्त 2008|archiveurl=https://web.archive.org/web/20170525123235/http://www.nato.int/invitees2004/romania/glance.htm|archivedate=25 मई 2017|url-status=live}}</ref>. लगभग पूरा [[डेन्यूब डेल्टा]] इसी क्षेत्र के भीतर स्थित है। इसकी सीमा पश्चिम में [[हंगरी]] और [[सर्बिया]] से, उत्तर पूर्व में [[युक्रेन|यूक्रेन]] और [[माल्दोवा गणराज्य|माल्दोवा के गणराज्य]] से और दक्षिण में [[बल्गेरिया|बुल्गेरिया]] से जुडी है। इस क्षेत्र के इतिहास में [[देशियन्स|देकियन्स]], [[रोमन साम्राज्य]], [[बल्गेरियाई साम्राज्य|बुल्गारिया साम्राज्य]], [[हंगरी का साम्राज्य|हंगरी के साम्राज्य]] और [[तुर्क साम्राज्य|ओटोमन साम्राज्य]] का शासन रहा. एक राष्ट्र-राज्य के रूप में, देश का निर्माण 1859 में [[मोलदाविया|मोल्दाविया]] और [[वलाकिया]] के विलय से हुआ और [[बर्लिन की संधि (1878)|1878]] में इसकी [[रोमानियाई के आजादी के युद्ध|स्वतंत्रता]] को मान्यता प्राप्त हुई. बाद में, 1918 में, [[ट्रांसिल्वेनिया]], [[बुकोविना]] और [[बेसराबिया|बेसर्बिया]] भी इसमें शामिल हो गए। [[द्वितीय विश्व युद्घ|द्वितीय विश्व युद्ध]] के अंत में, इसके प्रदेशों के कुछ हिस्सों (मोटे तौर पर वर्तमान का [[माल्दोवा]]) पर सोवियत संघ का कब्जा था और रोमानिया [[वर्साय की संधि]] का एक सदस्य बन गया। [[रोमानिया की 1989 की क्रांति|1989]] में [[लोहे का परदा|लौह परदे]] के पतन के साथ, रोमानिया ने राजनैतिक और आर्थिक सुधारों की श्रृंखला शुरू कर दी. क्रांति के बाद की आर्थिक समस्याओं के एक दशक बाद, रोमानिया ने आर्थिक सुधार किये जैसे 2005 में [[सम कर|फ्लैट कर]] की दर को कम कर दिया और 1 जनवरी 2007 को [[रोमानिया का यूरोपीय संघ में विलेय|यूरोपीय संघ में शामिल]] हो गया। हालांकि रोमानिया का आय स्तर यूरोपीय संघ में सबसे कम स्तरों में से एक रहता है, सुधार ने विकास की गति को बढाया है। रोमानिया अब एक उच्च मध्यम आय वर्ग की अर्थव्यवस्था से युक्त देश है। रोमानिया [[यूरोपीय संघ के सदस्य राज्य|यूरोपीय संघ के सदस्य राज्यों]] में [[क्षेत्र के आधार पर यूरोपीय संघ के सदस्य राज्यों की सूची|नौवां सबसे बड़ा क्षेत्र]] है और इसकी [[जनसंख्या के आधार पर यूरोपीय संघ के सदस्य राज्यों की सूची|जनसंख्या सातवें स्थान पर अधिकतम]] (21.5 मिलियन लोगों के साथ)<ref name="population">{{Citeweb|publisher=Romanian National Institute of Statistics|title=Romanian Statistical Yearbook|year=2007|url=http://www.insse.ro/cms/files/pdf/en/cp2.pdf|format=PDF|accessdate=20 जनवरी 2008}}</ref> है। इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर [[बुक्रेस्ट|बुकेरेस्ट]] है ({{langx|ro|Bucureşti}}{{IPA-ro|bukuˈreʃtʲ||Ro-Bucureşti.ogg}}), जो 1.9 मिलियन लोगों के साथ [[शहर की सीमा के भीतर जनसंख्या के आधार पर यूरोपीय संघ के सबसे बड़े शहर|यूरोपीय संघ का छठा सबसे बड़ा शहर]] है। 2007 में, ट्रांसिल्वेनिया में एक शहर [[सिबिऊ|सिबियु]], को [[यूरोप की सांस्कृतिक राजधानी]] चुना गया।<ref>{{citeweb|publisher=The Selection Panel for the European Capital of Culture (ECOC) 2007|title=Report on the Nominations from Luxembourg and Romania for the European Capital of Culture 2007|date=5 अप्रैल 2004|url=http://ec.europa.eu/culture/pdf/doc670_en.pdf|format=pdf|accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref> रोमानिया 29 मार्च 2004 को [[NATO|नाटो]] में भी शामिल हो गया और यह [[लैटिन संघ]] का एक सदस्य है, साथ ही [[यूरोप में सुरक्षा और सहयोग की संस्था।|OSCE]] के [[फ्रान्कोफोनिए]] का भी सदस्य है और [[पुर्तगाली भाषा के देशों का समुदाय|CPLP]] का एक सहयोगी सदस्य है। रोमानिया एक [[अर्द्ध राष्ट्रपति]] [[संघात्मक राज्य]] है।<ref>{{Cite book|url=http://dx.doi.org/10.3406/roma|title=Romania|publisher=PERSEE Program}}</ref> == परिचय == रोमानिया स्थिति : 43°6' से 48°5' उ.अ. तथा 20°4' से 31°0' पू.दे.। यह [[यूरोप]] महाद्वीप में स्थित एक स्वतंत्र देश है। इसका क्षेत्रफल 91,671 वर्ग मील यहाँ के लगभग 85 प्रतिशत निवासी रोमानिया की भाषा बोलते हैं। रोमानिया 'अन्न का देश' कहा जाता है। यहाँ पर लोहे और कोयले की कमी है एवं पूँजी का अभाव तथा बाजार सीमित है, इसलिए यहाँ के 10 प्रतिशत मनुष्य ही उद्योग धंधों पर आश्रित हैं। ट्रैसिलवनिया के पूर्वी तथा पश्चिमी प्रदेशों में गेहूँ तथा मक्के की खेती होती है। प्राचीन ढंग से खेती होते हुए भी यहाँ गेहूँ अधिक पैदा होता है। चुकंदर, तंबाकू तथा अंगूर गौण उपज है। [[चित्र:Salariu net județele României 2024.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|2024 के अंत में रोमानिया (लेई) में शुद्ध वेतन का मानचित्र और 2015 की तुलना में विकास, काउंटी द्वारा]] रोमानिया में अनेक खनिज पदार्थ भी उपलब्ध हैं, जैसे खनिज तेल, सोना, ताँबा, सीसा, चाँदी, मैंगनीज, ऐंटीमनी, जस्ता आदि। पूर्वी मैदानों के पहाड़ी पेद्रश में खनिज तेल का वार्षिक उत्पादन 60 लाख टन से भी अधिक होता है। तेल के उत्पादन में संसार में रोमानिया का छठा स्थान है। नलों द्वारा तेलक्षेत्र काले सागर पर स्थित कॉन्स्टानत्सा बंदरगाह से संबद्ध है। कच्चा लोहा ट्रैसिलबेनिया में मिलता है। रोमानिया के पश्चिमी प्लेटों में ओक, बांज (beech) बीच आदि के वृक्ष पाए जाते हैं। शराब, कागज, आटा और रासायनिक पदार्थ बनाना यहाँ के प्रमुख उद्योग हैं। [[बुकारेस्ट]] यहाँ की राजधानी तथा रेलों का केंद्र है। गोलाट्ज़ [[डैन्यूब नदी]] पर स्थित [[बंदरगाह]] है, जहाँ से गेहूँ तथा तेल का निर्यात होता है। कॉन्स्टानत्सा काले सागर पर स्थित रोमानिया का मुख्य बंदरगाह है। == व्युत्पत्ति == {{Main|Etymology of Romania}} ''रोमानिया'' का नाम ({{langx|ro|România}}) से आया है {{langx|ro|român}}<nowiki/>जो {{langx|lat|Romanus}}([[प्राचीन रोम|रोमन]]) का व्युत्पन्न है।<ref>{{Cite web |url=http://dexonline.ro/search.php?cuv=rom%C3%A2n |title=रोमानियाई भाषा का विस्तृत शब्दकोष, 1998; रोमानियाई भाषा का नया विस्तृत शब्दकोष, 2002 |access-date=8 जनवरी 2010 |archive-url=http://arquivo.pt/wayback/20160517200517/http://dexonline.ro/search.php?cuv%3Drom%25C3%25A2n |archive-date=17 मई 2016 |url-status=live }}</ref> एक तथ्य कि खुद रोमानियन अपने आप को ''Romanus (रोमानस)'' ({{langx|ro|Român/Rumân}}) का व्युत्पन्न कहते हैं, का उल्लेख 16 वीं शताब्दी में कई लेखकों के द्वारा किया गया, इस तथ्य का उल्लेख करने वालों में [[ट्रांसिल्वेनिया|ट्रांसिल्वेनिया,]] [[मोल्दाविया|मोलदाविया]] और [[वलाकिया]] में यात्रा करने वाले मानवतावादी इटालवी लेखक भी शामिल हैं।<ref>{{citebook|quote="nunc se Romanos vocant"|author=Andréas Verres|title=Acta et Epistolae|volume=I|pages=243}}</ref><ref>{{cite journal|quote="...si dimandano in lingua loro Romei...se alcuno dimanda se sano parlare in la lingua valacca, dicono a questo in questo modo: Sti Rominest ? Che vol dire: Sai tu Romano,..."|author=Cl. Isopescu|title=Notizie intorno ai romeni nella letteratura geografica italiana del Cinquecento|journal=Bulletin de la Section Historique|volume=XVI|year=1929|pages=1–90}}</ref><ref>{{cite book|quote=“Anzi essi si chiamano romanesci, e vogliono molti che erano mandati quì quei che erano dannati a cavar metalli...”|author=Maria Holban|title=Călători străini despre Ţările Române| language = ro|publisher=Ed. Ştiinţifică şi Enciclopedică|year=1983|volume=II|pages=158–161}}</ref><ref>{{citebook|quote="Tout ce pays la Wallachie et Moldavie et la plus part de la Transivanie a esté peuplé des colonie romaines du temps de Traian l’empereur…Ceux du pays se disent vrais successeurs des Romains et nomment leur parler romanechte, c'est-à-dire romain … "|title=Voyage fait par moy, Pierre Lescalopier l’an 1574 de Venise a Constantinople, fol 48|author=Paul Cernovodeanu|journal=Studii si materiale de istorie medievala|volume=IV|year=1960|pages=444| language = ro}}</ref> [[रोमानियाई भाषा]] में लिखित सबसे पुराना उपस्थित दस्तावेज एक 1521 पत्र है जिसे "[[Câmpulung|Câmpulung (केम्पुलंग)]] से [[Neacşu का पत्र|Neacşu (नेक्सू) के पत्र]]" के रूप में जाना जाता है।<ref>{{Cite book|last =Iorga|first =N.|title =Neacsu's Letter from Campulung|editor-last =Hurmuzachi|editor-first =Apud|volume =Documente, XI|url =http://cimec.ro/Istorie/neacsu/rom/scrisoare.htm|pages =843|accessdate =31 अगस्त 2008|archive-url =https://web.archive.org/web/20081002051821/http://www.cimec.ro/Istorie/neacsu/rom/scrisoare.htm|archive-date =2 अक्तूबर 2008|url-status =dead}}</ref> यह दस्तावेज एक रोमानियाई लिखित पाठ में पहली "रुमानियन" उपस्थिति के लिए भी महत्वपूर्ण है। यहाँ पर [[वलाकिया]] को रुमानियन भूमि- ''Ţeara Rumânească (तेरा रुमानेस्का)'' (''Ţeara (तेरा)'' {{langx|la|Terra}}<nowiki/>भूमि से) के रूप में जाना जाता है। बाद की शताब्दियों में, रोमानियाई दस्तावेजों में एक दूसरे के लिए दो वर्तनी के रूपों का प्रयोग किया गया है: ''Român (रोमन)'' और ''Rumân (रुमन)'' .<ref group="note">''"am scris aceste sfente cǎrţi de învăţături, sǎ fie popilor rumânesti... sǎ înţeleagǎ toţi oamenii cine-s rumâni creştini" "Întrebare creştineascǎ" (1559), Bibliografia româneascǎ veche'', IV, 1944, p. 6 <br />''"...că văzum cum toate limbile au şi înfluresc întru cuvintele slǎvite a lui Dumnezeu numai noi românii pre limbă nu avem. '' ''Pentru aceia cu mare muncǎ scoasem de limba jidoveascǎ si greceascǎ si srâbeascǎ pre limba româneascǎ 5 cărţi ale lui Moisi prorocul si patru cărţi şi le dăruim voo fraţi rumâni şi le-au scris în cheltuială multǎ... şi le-au dăruit voo fraţilor români,'' ... şi le-au scris voo fraţilor români" Palia de la Orǎştie (1581–1582), Bucureşti, 1968. <br />''În Ţara Ardealului nu lăcuiesc numai unguri, ce şi saşi peste seamă de mulţi şi români peste tot locul..., Grigore Ureche, Letopiseţul Ţării Moldovei'', p. 133–134.</ref> सत्रहवीं शताब्दी के अंत में सामाजिक-भाषायी विकास ने विभेदन की प्रक्रिया को जन्म दिया: ''"rumân (रुमन)"'' रूप निम्न वर्गों में अधिक आम है, जिस अर्थ "बंधक व्यक्ति" से है, जबकि ''[[रोमन|român (रोमन)]] '' रूप का अर्थ एथ्नो-भाषायी है।<ref>{{cite book|last = Brezeanu|first = Stelian|title =Romanitatea Orientalǎ în Evul Mediu|publisher =Editura All Educational|year=1999|location =Bucharest|pages =229–246 }}</ref> 1746 में [[दासत्व]] की समाप्ति के बाद, "rumân (रुमन)" रूप धीरे धीरे गायब हो गया और वर्तनी निश्चित रूप से ''"roman (रोमन)", "românesc (रोमानेस्क)"'' पर आकर स्थिर हो गयी।<ref group="note">[[Ienăchiţă Văcărescu|In his well known literary testament Ienăchiţă Văcărescu writes: "Urmaşilor mei Văcăreşti!/]] Las vouă moştenire:/Creşterea limbei româneşti/Ş-a patriei cinstire." <br />''In the "Istoria faptelor lui Mavroghene-Vodă şi a răzmeriţei din timpul lui pe la 1790" '' a Pitar Hristache writes: "Încep după-a mea ideie/Cu vreo câteva condeie/Povestea mavroghenească/Dela Ţara Românească.</ref> नाम "România (रोमानिया)" सभी रोमानियन लोगों के लिए सामान्य भूमि है जिसका दस्तावेजीकरण 19 वीं शताब्दी के आरंभ में किया गया।<ref group="note">The first known mention of the term "Romania" in its modern denotation dates from 1816, as the Greek scholar [[डिमित्री डैनियल फिलिप्पिदे|Dimitrie Daniel Philippide]] published in [[लीप्जिग|Leipzig]] his work "The History of Romania", followed by "The Geography of Romania". <br />On the [[क़ब्र का पत्थर|tombstone]] of [[Gheorghe Lazăr]] in [[अव्रिग|Avrig]] (built in 1823) there is the inscription: "Precum Hristos pe Lazăr din morţi a înviat/Aşa tu România din somn ai deşteptat."</ref> यह नाम 11 दिसम्बर 1861 के बाद से आधिकारिक तौर पर उपयोग किया जा रहा है।<ref>{{citeweb|url=http://www.fotw.net/flags/ro-wm.html|title=Wallachia and Moldavia, 1859-61|accessdate=5 जनवरी 2008}}</ref> अंग्रेजी भाषा के स्रोत अभी भी शब्द "Rumania (रूमानिया)" या "''Roumania (रौमानिया)'' " का उपयोग करते हैं, जिसे [[द्वितीय विश्व युद्घ|द्वितीय विश्व युद्ध]] के समय फ्रांसीसी वर्तनी "Roumanie (रौमानी)" से लिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.lib.utexas.edu/maps/historical/s_approaches_1942-1945.jpg|title=Map of Southern Europe, 1942-1945|publisher=United States Army Center of Military History via the [[University of Texas at Austin]] Perry-Castañeda Library Map Collection|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080827222953/http://www.lib.utexas.edu/maps/historical/s_approaches_1942-1945.jpg|archive-date=27 अगस्त 2008|url-status=live}}</ref> लेकिन तब से इन शब्दों को बड़े पैमाने पर अधिकारिक<ref>{{cite web|url=http://www.cdep.ro/pls/dic/site.page?den=act2_2&par1=1#t1c0s0a1|title=General principles|publisher=cdep.ro|language=ro|accessdate=7 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20170907214119/http://www.cdep.ro/pls/dic/site.page?den=act2_2&par1=1#t1c0s0a1|archive-date=7 सितंबर 2017|url-status=dead}}</ref> वर्तनी "''Romania (रोमानिया)'' " से प्रतिस्थापित कर दिया गया है। == इतिहास == === प्रागितिहास और धरोहर === सबसे पुराने आधुनिक मानव अवशेष यूरोप में "[[Peştera cu Oase|अस्थियों से युक्त गुफाओं (Cave With Bones)]]" में मिलते हैं, जो वर्तमान में रोमानिया में है।<ref>{{cite journal|last=Trinkaus|first =E.|title=Early Modern Human Cranial remains from the Peştera cu Oase|journal =Journal of Human Evolution|volume=45|pages=245–253|year=2003| accessdate=10 जनवरी 2008|doi=10.1016/j.jhevol.2003.08.003 |issn = 0047-2484 }}</ref> ये अवशेष लगभग 42,000 साल पुराने हैं और यूरोप के सबसे पुराने ''[[होमो सेपियन्स]]'' के अवशेष हैं, ये महाद्वीप में प्रवेश करने वाले ऐसे पहले लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।<ref>{{Cite journal|last=Zilhão|first=João|title=Neanderthals and Moderns Mixed and It Matters|journal=Evolutionary Anthropology|volume =15|pages=183–195|date=|year=2006|accessdate=10 जनवरी 2008|doi=10.1002/evan.20110}}</ref> लेकिन वर्तमान रोमानिया के राज्य क्षेत्र में रहने वाले लोगों के सबसे पुराने लिखित प्रमाण [[हीरोडोट्स|हिरोडोटस]] के [[इतिहास (हिरोडोट्स)|इतिहास की पुस्तक IV]] में मिले हैं, जो 440 BCE में लिखी गयी थी, जहां वे [[गेटे]] जनजातियों के बारे में लिखते हैं।<ref>{{Cite book|last =Herodotus|author-link =Herodotus|translation =William Beloe|title =The Ancient History of Herodotus By Herodotus|digitized =Google Book Search|pages =213–217|publisher =Derby & Jackson|year =1859|url =http://books.google.com/books?id=sfHsgNIZum0C&pg=PA215&lpg=PA215&dq=herodotus+dacians+darius&source=web&ots=G4uX7Mnsqb&sig=kYPtXH157JEzuk7V618EreDadqY&hl=en|accessdate =10 जनवरी 2008|archive-url =https://web.archive.org/web/20110722032611/http://books.google.com/books?id=sfHsgNIZum0C&pg=PA215&lpg=PA215&dq=herodotus+dacians+darius&source=web&ots=G4uX7Mnsqb&sig=kYPtXH157JEzuk7V618EreDadqY&hl=en|archive-date =22 जुलाई 2011|url-status =live}}</ref> [[देसियन्स|देकियन]] जिसे इस गेटे का एक भाग माना जाता है, ये [[थारसियन्स|थ्रकियन्स]] की एक शाखा थे, ये [[देकिया]] में रहते थे (आधुनिक रोमानिया, [[माल्दोवा]] और उत्तरी [[बल्गेरिया|बुल्गेरिया]] से सम्बंधित) [[देसियन राजाओं की सूची|देकियन साम्राज्य]] 82 ई.पू. के आसपास राजा [[बुरेबिस्ता]] के काल में अपने अधिकतम विस्तार पर पहुँच गया और जल्दी ही पडौसी [[रोमन साम्राज्य]] के दायरे में आ गया। 87 ई. में देकियन्स के द्वारा [[मोएसिया|मोजिया]] के [[रोमन प्रांत|रोमन प्रान्त]] पर आक्रमण के बाद, रोमन लोगों ने युद्धों की एक श्रृंखला शुरू कर दी ([[ट्राजन के देसियन युद्ध|देकियन युद्ध]]) जिसमें अंत में सम्राट [[ट्राजन]] को 106 ई. में विजय प्राप्त हुई और साम्राज्य के केंद्र को [[रोमन देसिया|रोमन देकिया]] के प्रान्त में रूपान्तरित कर दिया गया।<ref>{{Citeweb|title =Assorted Imperial Battle Descriptions|publisher =De Imperatoribus Romanis, An Online Encyclopedia of Roman Emperors|url =http://www.roman-emperors.org/assobd.htm#s-inx|accessdate=10 जनवरी 2008}}</ref> इस प्रान्त में बहुत अधिक अयस्क पाए जाते थ और विशेष रूप से सोना और चांदी पर्याप्त मात्रा में थे।<ref>{{citeweb|title=Dacia-Province of the Roman Empire|publisher =संयुक्त राष्ट्र of Roma Victor|url =http://www.unrv.com/provinces/dacia.php|text="and were found in great quantities in the [[Western Carpathians]]. After Trajan's conquest, he brought back to Rome over 165 tons of gold and 330 tons of silver"|accessdate=10 जनवरी 2008}}</ref> जिसने रोम को एक भारी औपनिवेशिक प्रान्त बना दिया.<ref>{{citebook|last=Deletant|first=Dennis|title=Colloquial Romanian|publisher=Routledge|year=1995|location=New York|pages =1|isbn=9780415129008}}</ref> इससे [[अश्लील लैटिन|असभ्य लैटिन]] आ गयी और तीव्र [[रोमानीकरण]] की अवधि शुरू हुई, जिसने प्रोटो [[रोमानियाई भाषा|रोमानियन]] लोगों को जन्म दिया.<ref>{{citebook|last=Matley|first=Ian| title=Romania; a Profile |publisher=Praeger|year=1970|pages=85}}</ref><ref>{{citebook|last=Giurescu|first=Constantin C.|title=The Making of the Romanian People and Language|publisher=Meridiane Publishing House|year=1972|location=Bucharest|pages=43, 98–101,141}}</ref> फिर भी, तीसरी शताब्दी ई. में, प्रवासी आबादी जैसे [[गोथ्स]] के आक्रमण के बाद, [[रोमन साम्राज्य]] पर 271 ई. में देकिया को बाहर निकालने का दबाव बन गया, इस प्रकार से यह छोड़ दिया जाने वाला पहला प्रान्त बन गया।<ref>{{citebook|last =Eutropius|authorlink=Eutropius|coauthors=Justin, Cornelius Nepos|title=Eutropius, Abridgment of Roman History|publisher=George Bell and Sons|year=1886|location=London|url=http://www.ccel.org/p/pearse/morefathers/eutropius_breviarium_2_text.htm|accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref><ref>{{citeweb|last=Watkins|first=Thayer|title=The Economic History of the Western Roman Empire|url=http://www.sjsu.edu/faculty/watkins/barbarians.htm|quote="The Emperor Aurelian recognized the realities of the military situation in Dacia and around 271 A.D. withdrew Roman troops from Dacia leaving it to the Goths. The Danube once again became the northern frontier of the Roman Empire in eastern Europe"|accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref> कई प्रतिस्पर्धी सिद्धांत उत्पन्न हुए जो [[रोमानियाई लोगों की उत्पत्ति|आधुनिक रोमानियन लोगों की उत्पत्ति]] की व्याख्या करते हैं। भाषाई और भू-ऐतिहासिक विश्लेषण इंगित करता है कि [[रोमानियन]] [[डेन्यूब]] के उत्तरी और दक्षिणी दोनों के एक प्रमुख जातीय समूह के रूप में पाए जाते हैं।<ref>{{citeweb|last=Ghyka|first=Matila |title=A Documented Chronology of Roumanian History|place=Oxford|publisher =B. H. Blackwell Ltd.|year=1841| url=http://www.vlachophiles.net/ghika.htm| archiveurl=http://web.archive.org/web/20070125091613/http://www.vlachophiles.net/ghika.htm|accessdate=31 अगस्त 2008|archivedate=25 जनवरी 2007}}</ref> ''आगे की चर्चा के लिए, देखें [[रोमानियन लोगों की उत्पत्ति|ओरिजिन ऑफ़ रोमानियन्स अर्थात रोमानियन की उत्पत्ति]]. '' === मध्य युग === [[चित्र:Bran Castle.jpg|thumb|250px|ब्रान कास्टल को 1212 में बनाया गया और यह कई मिथकों के बाद ड्रेकुला के कास्टल के रूप में जाना जाने लगा, ऐसा कहा जाता था की यह इम्पेलर के व्लेड III का घर था।]] रोमन सेना और प्रशासन के द्वारा देकिया को छोड़ दिए जाने के बाद, क्षेत्र पर [[गोथ्स|गोथ]] के द्वारा आक्रमण किया गया,<ref>{{cite book|last=Jordanes|authorlink=Jordanes|title=Getica, sive, De Origine Actibusque Gothorum|year=551 A.D.|location=Constantinople|url=http://www.harbornet.com/folks/theedrich/Goths/Goths1.htm|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20081007203824/http://www.harbornet.com/folks/theedrich/Goths/Goths1.htm|archive-date=7 अक्तूबर 2008|url-status=dead}}</ref> उसके बाद, चौथी शताब्दी में [[हुन|हून]] ने इन पर आक्रमण किया<ref>{{Cite book|last=Iliescu| first=Vl.|last2=Paschale| first2=Chronicon| title=Fontes Historiae Daco-Romanae|volume=II|pages=363, 587|place=Bucureşti|year=1970}}</ref>. इसके बाद खानाबदोश जनजातियों ने इसका अनुसरण किया, इसमें शामिल थे [[गेपिड्स|गेपिड]],<ref name="gepids"/><ref>{{Cite web|first=István|last=Bóna|editor-last=Köpeczi|editor-first=Béla|title=History of Transylvania: II.3. The Kingdom of the Gepids|volume=1|publisher=Institute of History of the Hungarian Academy of Sciences|distributor=[[Columbia University Press]]|place=New York|year=2001|url=http://mek.oszk.hu/03400/03407/html/33.html|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20081206094220/http://mek.oszk.hu/03400/03407/html/33.html|archive-date=6 दिसंबर 2008|url-status=live}}</ref> [[यूरेशियन अवर्स|अवर्स]],<ref>{{Cite web| first = István| last = Bóna| editor-last = Köpeczi| editor-first = Béla| title = History of Transylvania: II.4. The Period of the Avar Rule| volume = 1| publisher = Institute of History of the Hungarian Academy of Sciences| distributor = Columbia University Press| place = New York| year = 2001| url = http://mek.oszk.hu/03400/03407/html/41.html| accessdate = 31 अगस्त 2008| archive-url = https://web.archive.org/web/20081210193756/http://mek.oszk.hu/03400/03407/html/41.html| archive-date = 10 दिसंबर 2008| url-status = live}}</ref> [[बुल्गर्स]],<ref name="gepids">{{cite book|last=Teodor|first=Dan Gh.|title=Istoria României de la începuturi până în secolul al VIII-lea|year =1995|location =Bucureşti|pages=294–325 |volume=2}}</ref> [[पेचेनेग्स]],<ref>{{cite book| last =Constantine VII| first =Porphyrogenitus| authorlink =Constantine VII Porphyrogenitus| title =Constantine Porphyrogenitus De Administrando Imperio| date =950| location =Constantinople| url =http://faculty.washington.edu/dwaugh/rus/texts/constp.html| accessdate =31 अगस्त 2008| archive-url =https://web.archive.org/web/20081023071109/http://faculty.washington.edu/dwaugh/rus/texts/constp.html| archive-date =23 अक्तूबर 2008| url-status =live}}</ref> और [[क्युमन्स]].<ref>{{Cite book|last =Xenopol|first =Alexandru D.|title =Histoire des Roumains|place=Paris|year =1896|volume =i|pages=168}}</ref> [[मध्य युग]] में, रोमानियन लोग तीन अलग अलग रियासतों में रहते थे: [[वलाकिया]] ({{langx|ro|Ţara Românească}} -"रोमानियाई भूमि"), [[मोलदाविया|मोल्दाविया]] ({{langx|ro|Moldova}}) और [[ट्रांसिल्वेनिया]]. 11 वीं सदी तक ट्रांसिल्वेनिया [[हंगरी का साम्राज्य|हंगरी के राज्य]] का एक स्वायत्त भाग बन गया,<ref>{{Cite web|first = László|last = Makkai|editor-last = Köpeczi|editor-first = Béla|title = History of Transylvania: III. Transylvania in the Medieval Hungarian Kingdom (896–1526)|volume = 1|publisher = Institute of History of the Hungarian Academy of Sciences|distributor = Columbia University Press|place = New York|year = 2001|url = http://mek.oszk.hu/03400/03407/html/57.html|accessdate = 31 अगस्त 2008|archive-url = https://web.archive.org/web/20081210193801/http://mek.oszk.hu/03400/03407/html/57.html|archive-date = 10 दिसंबर 2008|url-status = live}}</ref> और 16 वीं सदी से<ref>{{Cite web|editor-last = Köpeczi|editor-first = Béla|title = History of Transylvania: IV. The First Period of the Principality of Transylvania (1526–1606)|volume = 1|publisher = Institute of History of the Hungarian Academy of Sciences|distributor = Columbia University Press|place = New York|year = 2001|url = http://mek.oszk.hu/03400/03407/html/97.html|accessdate = 31 अगस्त 2008|archive-url = https://web.archive.org/web/20081210193819/http://mek.oszk.hu/03400/03407/html/97.html|archive-date = 10 दिसंबर 2008|url-status = live}}</ref> 1711 तक,<ref>{{citebook|first=Ágnes R.|last=Várkonyi|editor-last = Köpeczi|editor-first = Béla |title = History of Transylvania: VI. The Last Decades of the Independent Principality (1660–1711)|volume = 2|publisher = Institute of History of the Hungarian Academy of Sciences|distributor = Columbia University Press|place = New York|year = 2001|url=http://mek.oszk.hu/03400/03407/html/221.html|accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref> [[ट्रांसिल्वेनिया की रियासत]] के रूप में स्वतंत्र हो गया। अन्य [[रोमानियाई रियासतें|रोमानियाई रियासतों]] में कई छोटे राज्य विकसित हुए जिनका स्वतंत्रता का अंश अलग अलग था, लेकिन केवल चौदहवीं शताब्दी में ही बड़ी रियासतें वलाकिया (1310) और मोल्दाविया (लगभग 1352) विकसित हुईं जिन्होंने [[तुर्क साम्राज्य|ओटोमन साम्राज्य]] के साथ युद्ध का सामना किया।<ref>{{Cite book|last =Ştefănescu|first =Ştefan |title =Istoria medie a României|year =1991|location =Bucharest|volume =I|pages=114}}</ref><ref>{{cite encyclopedia|last =Predescu|first =Lucian |title =Enciclopedia Cugetarea|year =1940}}</ref> [[व्लेड III इम्पेलर|व्लेद III द इम्पेलर (Vlad III the Impaler)]] ने ओटोमन साम्राज्य के संबंध में एक स्वतंत्र नीति को बनाए रखा और, 1462 में, [[डी नाईट अटेक|द नाईट अटैक (रात के हमले)]] के दौरान [[महमद द्वितीय|महमद II]] को हरा दिया.<ref>[http://www.britannica.com/EBchecked/topic/631524/Vlad-III व्लेद III (वलाकिया के शासक)] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150508082133/http://www.britannica.com/EBchecked/topic/631524/Vlad-III |date=8 मई 2015 }}. ऑनलाइन ब्रिटैनिका विश्वकोश.</ref> 1541 तक पूरा [[बाल्कन प्रायद्वीप]] और [[हंगरी]] का अधिकांश भाग तुर्क प्रान्त बन गए। इसके विपरीत, मोल्दाविया, वलाकिया और ट्रांसिल्वेनिया, तुर्क [[आधिपत्य]] के अर्न्तगत आ गए, लेकिन इन्होने पूरी तरह से आंतरिक स्वायत्तता को संरक्षित रखा और 18 वीं शताब्दी तक, कुछ बाहरी स्वतंत्रता को भी बनाये रखा. इस अवधि के दौरान रोमानियाई भूमि धीरे धीरे [[सामंतवाद|सामंती]] व्यवस्था के कारण गायब होने लगी; मोल्दाविया, [[मतेई बसरब|मतेइ बसारब]], [[व्लेड III इम्पेलर|व्लेद III द इम्पेलर (Vlad III Impaler)]] में कुछ शासकों जैसे [[मोल्डाविया के स्टीफन III|स्टीफन द ग्रेट]], [[वासिले लुपू|वेसेल लुपू]] और [[Dimitrie Cantemir|डिमीट्री कन्तेमीर]] और वलाकिया में [[Constantin Brâncoveanu|कोन्सटेनटिन ब्रंकोवेनु) (Constantin Brâncoveanu)]], [[ट्रांसिल्वेनिया के रियासत|ट्रांसिल्वेनिया]] में [[गेब्रियल बेथ्लन|गेब्रील बेथ्लेन]]; [[फनारीओट|फ़नारिओत युग]]; और [[रूसी साम्राज्य|रुसी साम्राज्यों]] की उत्पत्ति एक राजनैतिक और सैन्य प्रभाव के रूप में उभरी.<ref name="cumans">{{cite web|url=http://www.cambridge.org/catalogue/catalogue.asp?isbn=9780511110153&ss=fro|title=Cumans and Tatars|last=István|first=Vásáry|publisher=cambridge.org|accessdate=7 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20150904013519/http://www.cambridge.org/catalogue/catalogue.asp?isbn=9780511110153&ss=fro|archive-date=4 सितंबर 2015|url-status=live}}</ref> [[चित्र:Moldavia, Transylvania and Wallachia under Michael the Brave's authority (1600).png|thumb|250px|16 वीं सदी के अंत में मोलदाविया, वलाकिया और ट्रांसिल्वेनिया]] 1600 में, वलाकिया, मोल्दोवा और ट्रांसिल्वेनिया की रियासतों पर एक साथ [[वलाकिया का राजकुमार|वलाकिया के राजकुमार]], [[मिहाई विताजुल|माइकल द ब्रेव]] (''मिहाई विटेज़ुल''), [[प्रतिबंध (शीर्षक)|बेन]] ऑफ़ [[ओल्तेनिया]] का शासन था, लेकिन केवल एक ही साल के बाद, एक [[हेब्सबर्ग का राजतंत्र|ऑस्ट्रियाई]] सेना जनरल [[जियोर्जियो बास्ता|जिओर्जियो बास्ता]] के द्वारा मिहाई के मारे जाने के बाद संलयन की सम्भावना ख़त्म हो गयी। मिहाई विटेज़ुल, जो एक साल से भी कम समय के लिए ट्रांसिल्वेनिया के राजकुमार रहे, उन्होंने पहली बार तीनों रियासतों को मिलाने का इरादा बनाया था और उन्होंने आज के रोमानिया की तुलना में एक ही क्षेत्र में एक ही राज्य की नींव रखी.<ref>{{cite journal|language =ro|last =Rezachevici|first =Constantin|title =Mihai Viteazul: itinerariul moldovean|year =2000|journal =Magazin istoric|issue =5|url =http://www.itcnet.ro/history/archive/mi2000/current5/mi5.htm|accessdate =31 अगस्त 2008|archive-url =https://web.archive.org/web/20090416234456/http://www.itcnet.ro/history/archive/mi2000/current5/mi5.htm|archive-date =16 अप्रैल 2009|url-status =dead}}</ref> उनकी मृत्यु के बाद, मातहत सहायक राज्यों के रूप में, [[माल्दोवा|मोल्दोवा]] और [[वलाकिया]] ने आंतरिक स्वायत्ता को और एक बाहरी स्वतंत्रता को पूरा कर लिया था, जो अंततः 18 वीं सदी में खो गयी। 1699 में, ट्रांसिल्वेनिया [[हेब्सबर्ग का राजतंत्र|हेब्स्बर्ग]] के ऑस्ट्रिया के साम्राज्य का क्षेत्र बन गया, जिसके बाद [[महान तुर्की युद्ध]] में तुर्क पर ऑस्ट्रिया की विजय हुई. अपनी बारी में ऑस्ट्रियाई लोगों ने, तेजी से अपने साम्राज्य को विस्तृत किया: 1718 में, वलाकिया का एक महत्वपूर्ण भाग जो [[ओल्तेनिया]] कहलाता था, उसे ऑस्ट्रिया के राजतंत्र में शामिल किया गया और यह केवल 1739 में वापस आया। 1775 में ऑस्ट्रिया के साम्राज्य में मोल्दाविया का उतरी पश्चिमी भाग शामिल था, जो बाद में [[बुकोविना]] कहलाया, जबकि रियासत का आधा पूर्वी भाग ([[बेसर्बिया]] कहलाता था) 1812 में रूस के कब्जे में आ गया।<ref name="cumans"/> === स्वतंत्रता और राजतन्त्र === {{Main|Early Modern Romania|National awakening of Romania|Romanian Principalities|Romanian War of Independence|Kingdom of Romania}} [[चित्र:Romanians before WW1.jpg|250px|thumb|प्रथम विश्व युद्ध से पहले वे प्रान्त जहां रोमानियन रहते थे।]] [[ट्रांसिल्वेनिया]] में [[ऑसटरो-हंगेरियन साम्राज्य|ऑस्ट्रो-हंगेरियन]] शासन की अवधि के दौरान और [[मोलदाविया|मोल्दाविया]] और [[वलाकिया]] पर [[तुर्क साम्राज्य|तुर्क]] आधिपत्य के दौरान, क्षेत्र में अधिकांश [[रोमानियन]] [[सुप्लेक्स लिबेलस वलाकोरम|दूसरी श्रेणी के नागरिकों]] की श्रेणी में थे, (या यहाँ तक की गैर-नागरिक),<ref>{{citeweb|publisher =GenealogyRO Group|title =The Magyarization Process|url= http://www.genealogy.ro/cont/13.htm |accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref> जहां उन्होंने जनसंख्या के बहुमत का निर्माण किया।<ref>{{citebook|last =Kocsis |first =Karoly |last2 =Kocsis-Hodosi |first2 =Eszter| year =1999 |title =Ethnic structure of the population on the present territory of Transylvania (1880-1992)|url =http://www.hungarian-history.hu/lib/hmcb/Tab14.htm|accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref><ref>{{Cite book|last=Kocsis |first =Karoly|last2 =Kocsis-Hodosi |first2 =Eszter|title =Ethnic Geography of the Hungarian Minorities in the Carpathian Basin|url=https://archive.org/details/ethnicgeographyo0000karo |year =2001|pages =[https://archive.org/details/ethnicgeographyo0000karo/page/102 102]|publisher =Simon Publications|isbn =193131375X}}</ref> कुछ ट्रांसिल्वेनिया के शहरों में जैसे [[ब्रासोव|ब्रसोव (Braşov)]] (उस समय क्रोंसटेड के [[ट्रांसिल्वेनिया का सेक्सोन|ट्रांसिल्वेनियाई सेक्सन]] गढ़) में, रोमानियाई लोगों को [[ट्रांसिल्वेनिया का ज्ञापन|यहां तक की शहर की दीवारों के भीतर रहने की अनुमति]] नहीं थी।<ref>{{Cite book|last =Prodan|first =David |title =Supplex Libellus Valachorum= Or, The Politicle Struggle of Romanians in Transylvania During the 18th Century|publisher=Academy of Social Republic of Romania|year =1971|location =Bucharest}}</ref> [[1848 की क्रांति|1848 की असफल क्रांति]] के बाद, [[महान शक्तियां|महान शक्तियों]] ने रोमानियाई लोगों की अधिकारिक रूप से एक राज्य में बदल जाने की इच्छा को समर्थन नहीं दिया, जिससे रोमानिया पर एक दबाव बन गया कि वह [[तुर्क साम्राज्य|तुर्क]] के विरुद्ध अकेले आगे बढे. [[मोलदाविया|मोल्दाविया]] और [[वलाकिया]] दोनों में निर्वाचकों ने 1859 में एक ही व्यक्ति –[[जॉन अलेक्जेंडर क्युज़ा|एलेग्जेंडरु इओअन क्युजा (Alexandru Ioan Cuza)]]– को [[रोमानियाई राज्य के प्रमुख|राजकुमार]] ([[रोमानियाई भाषा|रोमानियन]] में ''[[डोमनिटर|Domnitor (डोमनीटर)]] '') चुना.<ref>{{Cite book|last =Bobango|first =Gerald J|title =The emergence of the Romanian national State|url =https://archive.org/details/emergenceofroman0000boba|publisher =Boulder|year =1979|location =New York|isbn = 9780914710516}}</ref> इस प्रकार, रोमानिया एक निजी संघ बन गया, हालांकि इस रोमानिया में ट्रांसिल्वेनिया को शामिल नहीं किया गया था। यहां उच्च वर्ग और अभिजात वर्ग मुख्य रूप से हंगरी रहे और 19 वीं सदी में रोमानियाई राष्ट्रवाद अनिवार्य रूप से हंगरी के खिलाफ हो गया। पिछले 900 वर्षों में, ऑस्ट्रिया-हंगरी ने, विशेष रूप से 1867 के [[हंगरी का इतिहास|दोहरे राजतन्त्र में]], हंगरी को भारी नियंत्रण में रखा, यहां तक कि ट्रांसिल्वेनिया के भागों में भी जहां रोमानिया का स्थानीय बहुमत है। 1866 में ''तख्तापलट d'état'' में, [[एलेगजेंडरु ईओन क्युज़ा|क्यूज़ा]] को निर्वासित कर दिया गया और [[होहेनज़ोलर्न -सिग्मारिन्गेन|होहेनज़ोलर्न-सिग्मारिन्गेन (Hohenzollern-Sigmaringen)]] के राजकुमार कार्ल ने उन्हें प्रतिस्थापित कर दिया, जो [[रोमानिया के राजकुमार कैरोल]] के रूप में जाने गए। [[रूसी-तुर्की युद्ध, 1877-78|रूसी-तुर्की युद्ध]] के दौरान, रोमानिया रूस के पक्ष में लड़ा,<ref>{{Citeweb|language|Russian|title =San Stefano Preliminary Treaty|year =1878|url =http://www.hist.msu.ru/ER/Etext/FOREIGN/stefano.htm|accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref> [[बर्लिन की संधि, 1878|1878 की बर्लिन की संधि]] में रोमानिया को [[महान शक्तियां|महान शक्तियों]] ने एक [[रोमानियाई आजादी के युद्ध|स्वतंत्र]] राज्य का दर्जा दिया.<ref>{{Cite book|work=Internet Modern History Sourcebook|title=The Treaty of Berlin, 1878 - Excerpts on the Balkans|date=जुलाई 13, 1878|place=Berlin|url=http://www.fordham.edu/halsall/mod/1878berlin.html|accessdate=31 अगस्त 2008|publisher=Fordham University|archive-url=https://web.archive.org/web/20080608120300/http://www.fordham.edu/halsall/mod/1878berlin.html|archive-date=8 जून 2008|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite journal|last =Patterson|first =Michelle|title =The Road to Romanian Independence|journal =Canadian Journal of History|month =August|year =1996|url =http://findarticles.com/p/articles/mi_qa3686/is_199608/ai_n8755098|accessdate =31 अगस्त 2008|format ={{Dead link|date=अप्रैल 2009}} – <sup>[http://scholar.google.co.uk/scholar?hl=en&lr=&q=author%3APatterson+intitle%3AThe+Road+to+Romanian+Independence&as_publication=Canadian+Journal+of+History&as_ylo=1996&as_yhi=1996&btnG=Search Scholar search]</sup>|archiveurl =https://archive.today/20080324063246/http://findarticles.com/p/articles/mi_qa3686/is_199608/ai_n8755098|archivedate =24 मार्च 2008|url-status =live}}</ref> बदले में, रोमानिया ने [[बेसार्बिया|बेसर्बिया]] के तीन दक्षिणी जिलों को रूस को सौंप दिया और [[डोबरुजा|दोब्रुजा]] को ले लिया। 1881 में, [[रियासत]] एक [[राजतन्त्र|साम्राज्य]] में बदल गयी और राजकुमार [[सम्राट|राजा]] [[कैरोल I]] बन गया। 1878-1914 की अवधि रोमानिया के लिए [[रोमानिया का साम्राज्य|स्थिरता और प्रगति]] की अवधि थी। [[बाल्कन का दूसरा युद्ध|दूसरे बाल्कन युद्ध]] के दौरान, रोमानिया [[बल्गेरिया|बुल्गारिया]] के खिलाफ [[ग्रीस]], [[सर्बिया]], [[मोंटेनेग्रो]] और [[तुर्की]] में शामिल हो गया। और [[बुकुरेस्टी की संधि (1913)|बुकेरेस्ट की शांति संधि (1913)]] में रोमानिया ने [[दक्षिणी डोब्रुदजा|दक्षिणी दोब्रुज़ा]] का प्राप्त कर लिया।<ref>{{Cite book|last =Anderson|first =Frank Maloy|last2 =Hershey|first2 =Amos Shartle|title =Handbook for the Diplomatic History of Europe, Asia, and Africa 1870-1914|url =https://archive.org/details/handbookfordiplo00ande|publisher =Government Printing Office|year =1918|location =Washington D.C.}}</ref> === विश्व युद्ध और ग्रेटर रोमानिया === ;(1916-1945) {{Main|Romanian Campaign (World War I)|Greater Romania|Romania during World War II}} [[चित्र:Romania territory during 20th century.gif|thumb|250px|20 वीं सदी के दौरान रोमानियाई क्षेत्र: बैंगनी 1913 से पहले पुराने साम्राज्य इंगित करता है, गुलाबी ग्रेटर रोमानिया क्षेत्रों को इंगित करता है, जो प्रथम विश्व युद्ध के बाद मिल गए और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ऐसे ही बने रहे और नारंगी उन क्षेत्रों को इंगित करता है जो प्रथम विश्व युद्ध के बाद मिल गए और दुसरे बाल्कन युद्ध के बाद कब्जा कर लिए गए, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद खो गए। छोटे हर्तज़ा क्षेत्र भी बैंगनी लेकिन सीमांकित हैं, ये 1913 से पहले पुराने साम्राज्य का भाग थे, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद खो गए।]] अगस्त 1914 में जब [[प्रथम विश्व युद्ध]] हुआ, रोमानिया ने [[तटस्थ देश|तटस्थता]] की घोषणा कर दी. दो साल बाद, सहयोगियों (खासकर फ्रांस, जो एक नया मोर्चा खोलने के लिए बेताब था) के दबाव में, 14/27 1916 अगस्त को, रोमानिया सहयोगी दल में शामिल हो गया और [[ऑस्ट्रिया, हंगरी|ऑस्ट्रिया-हंगरी]] पर युद्ध की घोषणा कर दी. इस कार्रवाई के लिए, [[बुकेरेस्ट की संधि (1916)|गुप्त सैनिक सम्मेलन]] की शर्तों के तहत, रोमानिया को सभी रोमानियाई लोगों के लिए अपनी राष्ट्रीय एकता के लक्ष्य के लिए समर्थन का वादा किया गया।<ref>{{Cite web|last =Horne|first =Charles F.|year =Horne|title =Ion Bratianu's Declaration of War Delivered to the Austrian Minister in Romania on August 28, 1916|volume =V|publisher =Source Records of the Great War|url =http://www.firstworldwar.com/source/romaniawardeclaration.htm|accessdate =31 अगस्त 2008|archive-url =https://web.archive.org/web/20081207045455/http://www.firstworldwar.com/source/romaniawardeclaration.htm|archive-date =7 दिसंबर 2008|url-status =dead}}</ref> [[रोमानियाई अभियान (द्वितीय विश्व युद्ध)|रोमानियाई सैन्य अभियान]] का अंत रोमानियाके लिए एक विनाश के रूप में हुआ, क्योंकि [[केन्द्रीय शक्तियां|केन्द्रीय शक्तियों]] ने देश के दो तिहाई हिस्से पर विजय प्राप्त कर ली या चार माह के भीतर इसकी [[रोमानियाई सेना|सेना]] के अधिकांश भाग को मार डाला. फिर भी, 1917 में आक्रमणकारी बालों के रुक जाने के बाद [[मल्दोविया|मोल्दाविया]] रोमानिया के हाथों में ही रहा. युद्ध के अंत तक, ऑस्ट्रिया-हंगरी और रूसी साम्राज्य गिर कर विघटित हो गया; 1918 में [[बेसार्बिया|बेसर्बिया]], [[बुकोविना]] और [[ट्रांसिल्वेनिया]] ने [[रोमानिया का साम्राज्य|रोमानिया के साम्राज्य]] के साथ मिल जाने की घोषणा की. 1914 से 1918 तक समकालीन सीमाओं के भीतर, सैनिकों और नागरिकों, की होने वाली कुल [[प्रथम विश्व युद्ध के हताहत|मौतों]] की संख्या, अनुमानतः 748,000 थी।<ref>{{cite book |title=Poteri narodonaseleniia v XX veke : spravochnik |last=Erlikman |first=Vadim |authorlink= |coauthors= |year= 2004 |publisher= |location= Moscow |isbn= 5-93165-107-1 }}</ref> 1920 तक [[त्रिअनोन की संधि|ट्राईनोन की संधि]] में, [[हंगरी]] ने रोमानिया के पक्ष में [[ट्रांसिल्वेनिया]] पर [[आस्ट्रो-हंगेरियन राजतन्त्र|ऑस्ट्रो-हंगरी राजतन्त्र]] के सभी दावों को छोड़ दिया.<ref>{{citeweb|url=http://wwi.lib.byu.edu/index.php/Treaty_of_Trianon|title=Text of the Treaty of Trianon|publisher=World War I Document Archive|accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref> [[बुकोविना]] के साथ रोमानिया के विलेय की पुष्टि 1919 में [[सेंट-जरमेन की संधि|सेन्ट जर्मन की संधि]] में हुई,<ref>{{citebook|title=Europe Since 1945: An Encyclopedia|author=Bernard Anthony Cook|page=162|isbn=0815340575|year=2001|publisher=Taylor&Francis|accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref> और [[बेसार्बिया|बेसर्बिया]] के साथ 1920 में [[पेरिस की संधि (1920)|पेरिस की संधि]] में हुई.<ref>{{citejournal|title=The Legal Status of the Bukovina and Bessarabia|author=Malbone W. Graham|journal=The American Journal of International Law|month=October|year=1944|volume=38|issue=4|publisher=American Society of International Law|url=http://www.jstor.org/stable/2192802|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20160306072029/http://www.jstor.org/stable/2192802|archive-date=6 मार्च 2016|url-status=live}}</ref> रोमानियाई अभिव्यक्ति [[रोमानिया मेयर|România Mare (रोमानिया मेयर)]] (शाब्दिक अनुवाद "महान रोमानिया", लेकिन अधिक सामान्यतया "ग्रेटर रोमानिया") का सन्दर्भ सामान्यतः [[इन्तेवर वधि|युद्ध के दौरान की अवधि]] में और विस्तार से, रोमानियाई राज्य से है, वह रोमानिया प्रान्त जो उस समय पर कवर हो रहा है (नक्शा देखें). रोमानिया ने उस समय अपनी अधिकतम क्षेत्रीय सीमा प्राप्त की (लगभग {{convert|300000|km2|sqmi|disp=sqbr|abbr=on}}),<ref name="mare rom">{{cite web|url=http://media.ici.ro/history/ist08.htm|language=ro|title=Statul National Unitar (România Mare 1919 - 1940)publisher=ici.ro|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080612075330/http://media.ici.ro/history/ist08.htm|archive-date=12 जून 2008|url-status=dead}}</ref> इसने सम्पूर्ण रोमानियन भूमि को विलेय कर लिया।<ref name="mare rom"/> [[चित्र:Romania1941.png|thumb|250px|left]] द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, रोमानिया ने फिर से तटस्थ रहने की कोशिश की, लेकिन 28 जून 1940 को इसे एक [[1940 जून सोवियत अल्टीमेटम|सोवियत चेतावनी]] दी गयी की गैर-अनुपालन की स्थिति में उस पर [[आक्रमण|हमला]] किया जा सकता है।<ref name="ultimatum">{{cite book|url=http://www.unibuc.ro/eBooks/istorie/istorie1918-1940/13-4.htm|archiveurl=https://web.archive.org/web/20071113170140/http://www.unibuc.ro/eBooks/istorie/istorie1918-1940/13-4.htm|archivedate=13 नवंबर 2007|title=Istoria Românilor între anii 1918-1940|author=Ioan Scurtu, Theodora Stănescu-Stanciu, Georgiana Margareta Scurtu|language=ro|publisher=University of Bucharest|year=2002|access-date=8 जनवरी 2010|url-status=dead}}</ref> [[मास्को]] और [[बर्लिन]] के दबाव के चलते, रोमानियाई प्रशासन और सेना को युद्ध से बचने के लिए [[बेसार्बिया|बेसर्बिया]] और [[उत्तरी बुकोविना]] से पीछे हटना पडॉ॰<ref>{{cite book|last=Nagy-Talavera|first=Nicolas M.|title=Green Shirts and Others: a History of Fascism in Hungary and Romania|url=https://archive.org/details/isbn_817918515|publisher=Hoover Institution Press|year=1970|page=[https://archive.org/details/isbn_817918515/page/305 305]}}</ref> इसने, अन्य कारकों के साथ संयोजन में, सरकार को [[द्वितीय विश्व युद्ध की अक्षीय शक्तियां|अक्षीय शक्तियों]] में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद, दक्षिणी [[दोब्रुजा]] को बुल्गारिया को दे दिया गया, जबकि [[द्वितीय विश्व युद्ध की अक्षीय शक्तियां|अक्षीय]] मध्यस्थता के परिणामस्वरूप हंगरी को [[उत्तरी ट्रांसिल्वेनिया]] प्राप्त हुआ।<ref>{{citejournal|author=M. Broszat| language = de|title=Deutschland — Ungarn — Rumänien. Entwicklung und Grundfaktoren nationalsozialistischer Hegemonial- und Bündnispolitik 1938-1941|journal=[[Historische Zeitschrift]]|issue=206|year=1968|pages=552–553}}</ref> सत्तावादी [[रोमानिया के कैरोल द्वितीय|राजा कैरोल II]] को 1940 में [[राष्ट्रीय लीजन के फ़ौज का राज्य|राष्ट्रीय लीजन राज्य]] के द्वारा [[त्याग|हटा दिया गया]], इस दौरान शक्तियां संयुक्त रूप से [[आयन एनटोनेस्कू|इओन एंटोनेस्क्यु (Ion Antonescu)]] और [[आयरन गार्ड|आयरन गार्ड (Iron Guard)]] के पास थीं। महीने के भीतर, एंटोनेस्क्यु (Antonescu) ने [[आयरन गार्ड]] को कुचल डाला और अगले वर्ष में रोमानिया [[द्वितीय विश्व युद्ध की अक्षीय शक्तियां|अक्षीय शक्तियों]] की तरफ से युद्ध में शामिल हो गया। युद्ध के दौरान रोमानिया [[नाजी जर्मनी]] के लिए तेल का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत था,<ref>{{cite web|url=http://www.2worldwar2.com/mistakes.htm#ploesti|title=The Biggest Mistakes In World War 2:Ploesti - the most important target|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080918013749/http://www.2worldwar2.com/mistakes.htm#ploesti|archive-date=18 सितंबर 2008|url-status=dead}}</ref> जिसने [[सहयोगी|सहयोगी दल]] द्वारा [[ऑपरेशन टाइड वेव|कई बम हमलों]] को आकर्षित किया। [[ऑपरेशन बर्बरोस्सा|सोवियत संघ के अक्षीय आक्रमण]] के माध्यम से, रोमानिया ने जनरल [[आयन एनटोनेस्कू|आयन एन्टोंनेस्क्यु]] के नेतृत्व में सोवियत रूस से बेसर्बिया और उत्तरी बुकोविना को वापस ले लिया। एन्टोंनेस्क्यु शासन ने [[प्रलय|विध्वंस]] में एक प्रमुख भूमिका निभायी,<ref>''नोट: विश्व युद्ध II लिंक का अनुसरण करें:'' {{cite report|editor=Ronald D. Bachman|title=Romania:World War II|edition=2|publisher=Library of Congress.Federal Research Division|location=Washington D.C.|oclc=DR205.R613 1990|url=http://lcweb2.loc.gov/frd/cs/rotoc.html|date=9 नवंबर 2005|accessdate=31 अगस्त 2008|archiveurl=https://web.archive.org/web/20080914061032/http://lcweb2.loc.gov/frd/cs/rotoc.html|archivedate=14 सितंबर 2008|url-status=live}}</ref> जिसके बाद [[रोमानी लोग|रोमन]] और [[यहूदी|यहूदियों]] के नरसंहार और उत्पीडन की [[नाजी]] निति की सीमा कुछ कम हो गयी और प्राथमिक रूप से पूर्वी प्रदेशों में रोमानिया ने सोवियत संघ ([[ट्रांसनिस्ट्रिया (द्वितीय विश्व युद्ध)|ट्रांसनिस्ट्रिया]]) से [[मोल्दाविया|माल्दोविया]] में कब्जा वापस ले लिया।<ref>{{citeweb|quote=“no country, besides Germany, was involved in massacres of Jews on such a scale.”|author=[[Raul Hilberg]]|publisher=International Commission on the Holocaust in Romania|title=Executive Summary: Historical Findings and Recommendations|coauthors=Yad Vashem|year=2004|url=http://yad-vashem.org.il/about_yad/what_new/data_whats_new/pdf/english/EXECUTIVE_SUMMARY.pdf|format=PDF|accessdate=31 अगस्त 2008|archiveurl=http://www.webcitation.org/1268468450034688|archivedate=13 मार्च 2010}}</ref> अगस्त 1944 में, एन्टोंनेस्क्यू को [[रोमानिया के माइकल I|रोमानिया के राजा माइकल I]] के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। रोमानिया ने पक्ष बदल दिया और [[द्वितीय विश्व युद्ध के मित्र राष्ट्र|सहयोगी दल]] में शामिल हो गया, लेकिन [[नाजी जर्मनी]] की हार में इसकी भूमिका को 1947 में [[पेरिस शांति संधियां, 1947|पेरिस शांति सम्मलेन]] के द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं हुई.<ref>{{citeweb|url=http://www.rferl.org/featuresarticle/2005/5/38D4D252-BE7E-4943-A6A9-4E3C1B32A05F.html|archiveurl=http://web.archive.org/web/20070930033400/http://www.rferl.org/featuresarticle/2005/5/38D4D252-BE7E-4943-A6A9-4E3C1B32A05F.html|archivedate=30 सितंबर 2007|title=World War II – 60 Years After: Former Romanian Monarch Remembers Decision To Switch Sides|author=Eugen Tomiuc|date=मई 6, 2005|accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref> युद्ध के अंत तक, रोमानियाई सेना को 300,000 हताहतों का सामना करना पड़ा था।<ref>{{cite book|author=Michael Clodfelter|title=Warfare and Armed Conflicts- A Statistical Reference to Casualty and Other Figures, 1500-2000|edition=2|year=2002|pages=582|isbn=0-7864-1204-6|publisher=McFarland|location=Jefferson, NC}}</ref> [[रोमानिया में यहूदियों का इतिहास|यहूदी]] नरसंहार के पीड़ितों की संख्या 1939 की सीमाओं के भीतर 469,000 थी, जिसमें बेसर्बिया और बुकोविना के 325,000 पीड़ित भी शामिल थे।<ref>[[मार्टिन गिल्बर्ट|मार्टिन गिल्बर्ट.]] ''एटलस ऑफ़ द होलोकास्ट'' . 1988</ref> === साम्यवाद === ;(1945-1989) {{Main|Communist Romania}} [[चित्र:Coat_of_arms_of_PCR.svg‎IMAGE_OPTIONSThe coat of arms of the [[]] देश में अभी भी तैनात [[रेड आर्मी]] बालों के साथ और ''डी-फेक्टो'' नियंत्रण के साथ, [[रोमानियाई कम्युनिस्ट पार्टी|कम्युनिस्ट]] से प्रभावित सरकार ने [[रोमानियाई आम चुनाव, 1946|नए चुनाव]] बुलाये, जिसमें [[चुनावी धोखा|चुनावी धोखाधडी]] और धमकियों के माध्यम से 80% वोटों के साथ विजय प्राप्त की.<ref>{{cite web|url=http://lcweb2.loc.gov/frd/cs/rotoc.html#ro0037|publisher=Federal research Division, Library of Congress|title=Romania: Country studies - Chapter 1.7.1 "Petru Groza's Premiership"|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080914061032/http://lcweb2.loc.gov/frd/cs/rotoc.html#ro0037|archive-date=14 सितंबर 2008|url-status=live}}</ref> इस तरह से उन्होंने अपने आप को तेजी से प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित कर लिया। 1947 में, [[साम्यवाद|साम्यवादियों]] ने [[रोमानिया के माइकल I|राजा माइकल I]] पर दबाव डाला कि वह देश छोड़ दे और रोमानिया को एक [[जनवादी गणराज्य]] घोषित कर दिया.<ref>{{cite web|url=https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/geos/ro.html|publisher=CIA - The World Factbook|title=Romania|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20140924094539/https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/geos/ro.html|archive-date=24 सितंबर 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.ed-u.com/ro.html|title=Romania - Country Background and Profile|publisher=ed-u.com|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20081210194350/http://www.ed-u.com/ro.html|archive-date=10 दिसंबर 2008|url-status=dead}}</ref> रोमानिया 1950 के अंत तक प्रत्यक्ष [[रोमानिया के सोवियत व्यवसाय|सैन्य व्यवसाय]] और के [[सोवियत संघ|सोवियत संघ]] के [[सोवरोम्स|आर्थिक नियंत्रण]] के अर्न्तगत बना रहा. इस अवधि के दौरान, रोमानिया के विशाल प्राकृतिक संसाधन लगातार व्यर्थ होते रहे,<ref name="Roper 2000 18">{{Citebook|last=Roper|first=Stephen D.|title=Romania: The Unfinished Revolution|place=London|publisher=Routledge|year=2000|isbn=9058230279|pages=18}}</ref> इन्हें शोषक प्रयोजनों के लिए मिश्रित सोवियत रोमानियन कम्पनियों ([[सोवरोम्स]]) के द्वारा व्यर्थ किया जाता रहा.<ref name="Roper 2000 18"/><ref>{{Citebook|last=Cioroianu|first=Adrian|author-link=Adrian Cioroianu|title="On the Shoulders of Marx. An Incursion into the History of Romanian Communism"| language = ro|publisher=Editura Curtea Veche|year =2005|location=Bucharest|pages=68–73|isbn=9736691756}}</ref> 1940 के दशक के अंत से 1960 के दशक के शुरू तक [[साम्यवाद|कम्युनिस्ट]] सरकार ने आतंक के एक राज्य की स्थापना की, इसे मुख्य रूप से [[सेक्युरिटेट|सेक्युरीटेट]] (नयी गुप्त पुलिस) के माध्यम से किया गया . इस अवधि के दौरान उन्होंने "[[राज्य के दुश्मन|राज्य के दुश्मनों]]" को नष्ट करने के लिए कई अभियान शुरू किये, जिसमें मनमाने राजनैतिक और आर्थिक कारणों के लिए असंख्य लोगों को मर दिया गया या जेल में डाल दिया गया।<ref>{{Citebook|last =Caraza|first =Grigore|title =Aiud însângerat|publisher =Editura Vremea XXI|year=2004|volume=Chapter IV|isbn=9736450503| language = ro}}{{Page needed}}</ref> सजा में शामिल था निर्वासन, आंतरिक निर्वासन और मजबूर श्रम शिविरों और जेलों पर नजर; असंतोष को तेजी से दबा दिया गया। इस अवधि में एक [[पायटेस्टी जेल]] में एक कुख्यात प्रयोग किया गया, जिसमें राजनीतिक विरोधियों के एक समूह को यातना के माध्यम से पुनः शिक्षित किया गया। ऐतिहासिक रिकॉर्ड में लोगों की एक बड़ी संख्या के खिलाफ गलत व्यवहार, मौतों और यातना की घटनाओं के सैंकडों हजारों उदाहरण मिलते हैं, ये लोग या तो आम नागरिक थे या राजनैतिक विरोधी.<ref>{{cite book|author=Cicerone Ioniţoiu|title=Victimele terorii comuniste. Arestaţi, torturaţi, întemniţaţi, ucişi. Dicţionar|publisher=Editura Maşina de scris|location=Bucharest|year=2000 |isbn= 973-99994-2-5| language = ro}}{{Page needed}}</ref> 1965 में, [[Nicolae Ceauşescu]] सत्ता में आये और उन्होंने स्वतंत्रता की नीतियों को लागू करना शुरू किया, जैसे एकमात्र [[वर्साय की संधि|वर्साय संधि]] का देश होते हुए सोवियत की निंदा की-[[चेकोस्लोवाकिया]] के 1968 के आक्रमण का नेतृत्व किया और 1967 के [[छह दिन का युद्ध|छह दिन के युद्ध]] के बाद [[इज़राइल|इजराइल]] के साथ कूटनीतिक संबंध जारी रखे; [[जर्मनी का संघीय गणराज्य|जर्मनी के संघीय गणराज्य]] के साथ आर्थिक (1963) और कुटनीतिक (1967) सम्बन्ध स्थापित किये.<ref>{{cite web|url=http://countrystudies.us/romania/75.htm|publisher=Country Studies.us|title=Romania: Soviet Union and Eastern Europe|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20090705191547/http://countrystudies.us/romania/75.htm|archive-date=5 जुलाई 2009|url-status=live}}</ref> इसके अलावा, [[अरब]] देशों के साथ घनिष्ठ संबंध (और [[PLO|PLO)]]) की वजह से रोमानिया ने [[इज़राइल|इजराइल]]-[[मिस्र|इजिप्ट]] और इजराइल-[[PLO]] शांति प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.<ref>{{citeweb|url=http://countrystudies.us/romania/80.htm |publisher=countrystudies.us| title=Middle East policies in Communist Romania|publisher=Country Studies.us|accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref> लेकिन जैसे जैसे 1977 और 1981 के बीच रोमानिया का विदेशी ऋण बहुत तेजी से बढ़ गया (3 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ कर 10 बिलियन हो गया),<ref>{{Cite web|last=Deletant|first=Dennis|title=New Evidence on Romania and the Warsaw Pact, 1955-1989|publisher=Cold War International History Project e-Dossier Series|url=http://www.wilsoncenter.org/index.cfm?topic_id=1409&fuseaction=topics.publications&doc_id=16367&group_id=13349|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20081029113345/http://www.wilsoncenter.org/index.cfm?topic_id=1409&fuseaction=topics.publications&doc_id=16367&group_id=13349|archive-date=29 अक्तूबर 2008|url-status=live}}</ref> अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संगठन का प्रभाव जैसे [[IMF]] या [[विश्व बैंक]] का प्रभाव बढा, जिससे [[Nicolae Ceauşescu|निकोले सिसेसू (Nicolae 'Ceauşescu)]] की [[अटर्की|निरंकुश]] नीतियों के प्रति विरोध बढ़ गया। अंत में उन्होंने विदेशी ऋण की पूर्ण प्रतिपूर्ति की एक परियोजना शुरू की, इसके लिए ऐसी नीतियां लागू की जिनसे रोमानियाई लोगों और थक चुकी रोमानियाई अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ, साथ ही [[सेक्युरिटेट|पुलिस राज्य]] के प्राधिकरण का भी बहुत विस्तार हुआ और [[व्यक्तित्व के पंथ|व्यक्तित्व के एक पंथ]] को अध्यारोपित किया गया। इससे सिसेसू (Ceauşएस्कु) की लोकप्रियता में काफी कमी हुई और अंततः उसे हटा दिया गया और [[1989 की रोमानियाई क्रांति|1989 की खूनी रोमानियन क्रांति]] ख़त्म हो गयी। 2006 में, [[रोमानिया में कम्युनिस्ट तानाशाही के अध्ययन के लिए राष्ट्रपति आयोग]] ने दो मिलियन लोगों पर कम्युनिस्ट दमन के प्रत्यक्ष पीड़ितों की संख्या का अनुमान लगाया.<ref>{{cite report|title=Recensământul populaţiei concentraţionare din România în anii 1945-1989|publisher=Centrul Internaţional de Studii asupra Comunismului|location=Sighet|year=2004| language = ro}}</ref><ref>{{cite report|title=Raportul Comisiei Prezidenţiale pentru Analiza Dictaturii Comuniste din România|publisher=Comisia Prezidenţială pentru Analiza Dictaturii Comuniste din România|date=15 दिसंबर 2006|pages=215–217}}</ref> इस संख्या में वे लोग शामिल नहीं थे जो कम्युनिस्ट जेलों में अपने इलाज के परिणाम स्वरुप स्वतंत्रता में मारे गए, ना ही वे लोग शामिल थे जो देश की गंभीर आर्थिक परिस्थितियों के कारण मर गए। === वर्तमान लोकतंत्र === {{Main|History of Romania since 1989}} क्रांति के बाद, [[आयन इलिएस्कु|आयन लिस्क्यु]] के नेतृत्व में [[राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा]] ने आंशिक बहुदलीय लोकतंत्र और मुक्त बाजार के तरीके अपनाए.<ref>{{cite web |last= Carothers |first= Thomas |title= Romania: The Political Background |url= http://www.idea.int/publications/country/upload/Romania,%20The%20Political%20Background.pdf |format= PDF |quote= "This seven-year period can be characterized as a gradualistic, often ambiguous transition away from communist rule towards democracy." |accessdate= 31 अगस्त 2008 |archive-url= https://web.archive.org/web/20080827222957/http://www.idea.int/publications/country/upload/Romania,%20The%20Political%20Background.pdf |archive-date= 27 अगस्त 2008 |url-status= dead }}</ref><ref>{{cite journal| last=Hellman| first=Joel| title= Winners Take All: The Politics of Partial Reform in Postcommunist | journal=Transitions World Politics|volume=50|issue=2|month=January | year=1998|pages=203–234}}</ref> युद्ध पूर्व क्षेत्र के कई मुख्य राजनैतिक दल जैसे [[क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक राष्ट्रीय किसान पार्टी (रोमानिया)|क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक नेशनल पीजेंट्स पार्टी]], [[नेशनल लिबरल पार्टी (रोमानिया)|नेशनल लिबरल पार्टी]] और [[रोमानियाई सोशल डेमोक्रेट पार्टी]] को पुनर्जीवित किया गया। कई प्रमुख राजनीतिक रैलियों के बाद, अप्रैल 1990 में, [[विश्वविद्यालय स्क्वायर, बुकेरेस्ट|विश्वविद्यालय स्क्वायर]] में हाल ही में आयोजित संसदीय चुनावों के परिणाम स्वरुप एक विरोध बैठक हुई, बुकेरेस्ट पर पूर्व साम्यवादियों और [[सेक्युरिटेट|सेक्युरीटेट]] के सदस्यों से बने होने का आरोप लगाया गया। विरोध करने वाले लोग चुनाव के परिणामों को पहचान नहीं पाए, उन्हें अलोकतांत्रिक समझते रहे और पूर्व उच्च श्रेणी के कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों को राजनीतिक जीवन से अपवर्जन के लिए कहा. विरोध तेजी से बढा और इसने एक बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का रूप ले लिया, (जो [[गोलानीआड|गोलानिआड]] के रूप में जाना जाता है।) शांतिपूर्ण प्रदर्शन भड़क कर हिंसा में बदल गया और [[जिउ नदी|जियू घाटी]] से कोयला खनिकों के हिंसक हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप एक ऐसी घटना का जन्म हुआ जिसे [[जून 1990 मिनेरिअद|जून 1990 के मिनेरिआड]] के रूप में याद किया जाता है।<ref>{{cite web| last=Bohlen | first=Celestine |title = Evolution in Europe; Romanian miners invade Bucharest|url= http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE6D6113DF936A25755C0A966958260|text= "Responding to an emergency appeal by President Ion Iliescu, thousands of miners from northern Romania descended on the capital city today"|accessdate=31 अगस्त 2008}}</ref> इसके बाद मोर्चे के विघटन से कई राजनैतिक दल उत्पन्न हुए, जिसमें रोमानियन डेमोक्रेट सोशल पार्टी (बाद में [[सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (रोमानिया)|सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी]]), [[डेमोक्रेटिक पार्टी (रोमानिया)|द डेमोक्रेटिक पार्टी]] और ([[रोमानिया में राजनैतिक दलों की सूची#अन्य पोस्ट-1989 की पार्टियाँ|अलायंस फॉर रोमानिया]]) शामिल हैं। 1990 से 1996 तक नियंत्रित रोमानिया के कई गठबंधन और सरकारें थीं और आयन लिस्क्यु राज्य प्रमुख थे। तब से सरकार में तीन लोकतांत्रिक परिवर्तन हुए: 1996 में, लोकतांत्रिक-उदारवादी विपक्ष और इसके नेता [[एमिल कोन्सटेंटीनेस्क्यु|एमिल कोंसटेंटीनेस्क्यु]] के पास शक्तियां आ गयीं; 2000 में सोशल डेमोक्रेट सत्ता में आ गया और लीस्क्यु एक बार फिर से राष्ट्रपति बना गए; और 2004 में [[Traian Băsescu|ट्रायन बसेस्क्यु]] को राष्ट्रपति चुना गया, साथ ही एक चुनावी गठबंधन था जो [[न्याय और सत्य|जस्टिस एंड ट्रुथ अलायंस]] कहलाता था। सरकार एक बड़े गठबंधन से बनी थी जिसमें [[कंजर्वेटिव पार्टी (रोमानिया)|कंजर्वेटिव पार्टी]] और [[UDMR|एथनिक हंगेरियन पार्टी]] भी शामिल थी। [[शीत युद्ध]] के बाद रोमानिया ने [[पश्चिमी यूरोप]] के साथ घनिष्ठ संबंधों को विकसित किया, अंत में 2004 में [[NATO]] में शामिल हो गया और बुकेरेस्ट के [[2008 का बुखारेस्ट शिखर सम्मेलन|2008 के शिखर सम्मलेन]] में मेजबानी की.<ref>{{Cite news|title =NATO update: NATO welcomes seven new members|url =http://www.nato.int/docu/update/2004/04-april/e0402a.htm|publisher =NATO|accessdate =31 अगस्त 2008|archive-url =https://web.archive.org/web/20080911134550/http://www.nato.int/docu/update/2004/04-april/e0402a.htm|archive-date =11 सितंबर 2008|url-status =live}}</ref> देश ने 1993 में [[यूरोपीय संघ]] की सदस्यता के लिए आवेदन किया और 1995 में यूरोपीय संघ का एक सहयोगी राज्य बन गया, 2004 में स्वीकृत देश बन गया और 1 जनवरी 2007 को एक सदस्य बन गया।<ref>{{Cite news|title=EU approves Bulgaria and Romania|url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/europe/5380024.stm|publisher=बीबीसी न्यूज़|accessdate=31 अगस्त 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20081203223404/http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/europe/5380024.stm|archive-date=3 दिसंबर 2008|url-status=live}}</ref> {{seealso|Accession of Romania to the European Union}} शीत युद्ध के बाद की अवधि में और मुफ्त यात्रा समझौते के बाद और साथ ही 1990 के बाद आर्थिक मंदी के कारण जीवन की कठिनाई के चलते, रोमानिया में [[रोमानियाई प्रवासी|प्रवासियों]] की संख्या बहुत अधिक बढ़ गयी है, अनुमानतः यह संख्या 2 मिलियन लोगों से अधिक है। मुख्य उत्प्रवास लक्ष्य हैं ्पेन, इटली, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, ब्रिटेन, कनाडा और अमरीका हैं।<ref name="diaspora">{{cite web|url= http://www.focus-migration.de/index.php?id=2515&L=1|title= Romania|accessdate= 28 अगस्त 2008|publisher= focus-migration.de|archive-url= https://web.archive.org/web/20090207131655/http://focus-migration.de/index.php?id=2515&L=1|archive-date= 7 फ़रवरी 2009|url-status= dead}}</ref> == भूगोल == {{Main|Geography of Romania}} [[चित्र:Physical map of Romania.jpg|thumb|250px|रोमानिया का स्थलाकृतिक नक्शा]] {{convert|238391|km2|sqmi|}}के सतह क्षेत्र के साथ, रोमानिया [[दक्षिणीपूर्वी यूरोप]] में सबसे बड़ा देश है और यूरोप में [[भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार यूरोपीय देशों की सूची|बारहवां सबसे बड़ा]] देश है।<ref name="statistical">{{cite web|url=http://www.insse.ro/cms/files/pdf/ro/cap1.pdf|title=Geography, Meteorology and Environment|date=2004|publisher=Romanian Statistical Yearbook|language=ro|accessdate=7 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20070927210503/http://www.insse.ro/cms/files/pdf/ro/cap1.pdf|archive-date=27 सितंबर 2007|url-status=dead}}</ref> [[सर्बिया]] और [[बल्गेरिया|बुल्गारिया]] के साथ रोमानिया सीमा का एक बड़ा हिस्सा [[डेन्यूब]] से ही बना है। [[डेन्यूब]] [[प्रुट नदी]] से जुड़ा हुआ है, जो [[माल्दोवा गणराज्य|मोल्दोवा के गणराज्य]] के साथ सीमा बनाता है।<ref name="statistical"/> डेन्यूब बह कर [[काला सागर|काले सागर]] में जाती है और रोमानिया के क्षेत्र में [[डेन्यूब डेल्टा]] का निर्माण करती है, जो यूरोप में दूसरा सबसे बड़ा और सबसे अच्छी तरह से संरक्षित डेल्टा है, साथ ही जैव मंडल का संरक्षित क्षेत्र और जैव विविधता की दृष्टि से [[विश्व मीरास स्थल|विश्व का हेरिटेज स्थल]] है।<ref>{{citeweb|url=http://whc.unesco.org/en/list/588|title=Danube Delta|publisher=युनेस्को's World Heritage Center|accessdate=9 जनवरी 2008}}</ref> अन्य महत्वपूर्ण नदियां हैं [[सिरेट नदी|सिरेट]], जो [[मोलदाविया|मोल्दाविया]] से होकर उत्तर दक्षिण में बहती है, [[ओल्ट नदी|ऑल्ट]], जो ओरियंटल कार्पेथियन पर्वत से [[ओल्टेनिया|ओलतेनिया]] को बहती है और [[मुरेस नदी|म्यूर्स]], जो [[ट्रांसिल्वेनिया]] में से होकर पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है।<ref name="statistical"/> रोमानिया का इलाका मोटे तौर पर, पहाडों, पर्वतों और तराई प्रदेशों के बीच समान रूप से वितरित है, [[कार्पेथियन पर्वत]] रोमानिया के केंद्र पर है, इसकी [[रोमानिया में पर्वत चोटियों की सूची|चौदह पर्वत श्रृंखलाएं]] 2,000 मीटर से अधिक ऊंचाई तक पहुंचती हैं।<ref name="statistical"/> रोमानिया में उच्चतम पर्वत [[मोल्दोवेणु चोटी|मोल्दोवेनु चोटी]] है ({{convert|2544|m|ft|disp=sqbr|abbr=on}}). दक्षिण-केन्द्रीय रोमानिया में, [[Bărăgan plain|Bărăgan Plains]] की ओर कार्पेथियन पर्वत पहाडियों में बदल जाता है। रोमानिया की भौगोलिक विविधता में वनस्पतियों और पौधों की विविधता पायी जाती है।<ref name="statistical"/> === पर्यावरण === {{Main|Protected areas in Romania}} [[चित्र:Retezat-bucura-peleaga.jpg|thumb|250px|हिम नदी की झीलों के भीतर रेटजेट राष्ट्रीय उद्यान]] देश की एक उच्च प्रतिशतता (भूमि क्षेत्र का 47%) प्राकृतिक और अर्द्ध प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्रों से ढकी हुई है।<ref name="biodiversity">{{citeweb|url=http://enrin.grida.no/biodiv/biodiv/national/romania/robiodiv.htm|title=Romania's Biodiversity|publisher=Ministry of Waters, Forests and Environmental Protection of Romania|accessdate=10 जनवरी 2008}}</ref> चूंकि रोमानिया में सभी वनों का लगभग आधा क्षेत्र (देश का 3%) उत्पादन के बजाय संरक्षण के लिए प्रबंधित किया गया है, रोमानिया के पास यूरोप में अनछुए वनों का सबसे बड़ा क्षेत्र है।<ref name="biodiversity"/> रोमानियाई वन पारिस्थितिकी प्रणालियों की अखंडता यूरोपीय वनों के जंतुओं की पूरी रेंज के द्वारा इंगित होती है, जिसमें यूरोपीय भूरे भालू और भेड़ियों का क्रमशः 60% ओर 40% शामिल है।<ref>{{citeweb|url=http://www.envir.ee/programmid/pharecd/soes/romania/html/biodiversity/index.htm|title=State of the Environment in Romania 1998: Biodiversity|publisher=Romanian Ministry of Waters, Forests and Environmental Protection|accessdate=10 जनवरी 2008}}</ref> साथ ही रोमानिया में स्तनधारियों (जिनमें कार्पेथियन [[चेमोईस|सांबर]] सबसे ज्यादा जाने जाते हैं), पक्षियों, सरीसृपों, ओर उभयचरों की लगभग 400 अनूठी प्रजातियां भी हैं।<ref>{{citeweb|url=http://earthtrends.wri.org/pdf_library/country_profiles/bio_cou_642.pdf|format=PDF|title=EarthTrends:Biodiversity and Protected Areas - Romania|accessdate=10 जनवरी 2008}}</ref> यहां रोमानिया के संरक्षित क्षेत्रों का लगभग {{convert|10000|km2|sqmi|abbr=on}} (कुल क्षेत्र का लगभग पांच प्रतिशत) भाग है।<ref>{{citeweb|url=http://www.envir.ee/programmid/pharecd/soes/romania/html/biodiversity/ariiprot/protarea.htm|title=Protected Areas in Romania|publisher=Romanian Ministry of Waters, Forests and Environmental Protection|accessdate=10 जनवरी 2008}}</ref> इनमें से [[डेन्यूब डेल्टा|डेन्यूब डेल्टा रिजर्व बायोस्फीयर]] यूरोप में सबसे बड़ा और कम से कम क्षतिग्रस्त आर्द्रभूमि परिसर है, जो के {{convert|5800|km2|sqmi|abbr=on}}क्षेत्र को कवर करता है।<ref>{{citeweb|url=http://www.envir.ee/programmid/pharecd/soes/romania/html/biodiversity/ariiprot/delta.htm|title=Danube Delta Reserve Biosphere|publisher=Romanian Ministry of Waters, Forests and Environmental Protection|accessdate=10 जनवरी 2008}}</ref> डेन्यूब डेल्टा की जैव विविधता के महत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गयी है। सितम्बर 1990 में इसे एक बायोस्फीयर रिजर्व घोषित किया गया, मई 1991 में एक रामसर साईट घोषित किया गया और इसके पचास प्रतिशत से ज्यादा क्षेत्र को दिसम्बर 1991 में [[विश्व धरोहर सूची|विश्व हेरिटेज सूची]] में रखा गया।<ref>{{citeweb|url=http://whc.unesco.org/en/list/588|title=Danube Delta|publisher=युनेस्को's World Heritage Center|accessdate=10 जनवरी 2008}}</ref> अपनी सीमाओं के भीतर यह दुनिया में सबसे व्यापक [[ईख बिस्तर|रीड बेड]] प्रणालियों में से एक है।<ref>{{citeweb|url=http://whc.unesco.org/en/list/588/video|title=NHK World Heritage 100 Series|publisher=युनेस्को's World Heritage Center|accessdate=10 जनवरी 2008}}</ref> यहां दो अन्य जैवमंडल भण्डार हैं: [[रेटजेट राष्ट्रीय उद्यान|रेटेजेट नेशनल पार्क]] और [[रोदना पर्वत|रोड़ना नेशनल पार्क]]. === वनस्पति और जंतु (फ्लोरा और फोना) === {{Main|Flora of Romania|List of mammals of Romania}} [[चित्र:Pelicani din Delta Dunarii.PNG|250px|thumb|डेन्यूब डेल्टा में पेलिकन]] रोमानिया में 3,700 पोधों की प्रजातियों को पहचाना गया है, जिसमें से 23 की घोषणा [[प्राकृतिक स्मारक]] के रूप में की गयी है, 74 प्रजातियां ल == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} {{यूरोप}} [[श्रेणी:रोमानिया]] [[श्रेणी:यूरोप के देश]] 5w7kakkxgg2eza0iplgrd9267buz9un जुलाई 0 6664 6582537 6582479 2026-07-14T12:24:09Z SM7 89247 [[Special:Contributions/~2026-39708-73|~2026-39708-73]] ([[User talk:~2026-39708-73|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:207.172.193.106|207.172.193.106]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6311808 wikitext text/x-wiki {{जुलाई कैलिन्डर|float=right}} जूलियन और ग्रेगोरियन कैलेंडर में जुलाई वर्ष का सातवां महीना ( जून और अगस्त के बीच ) है और सात महीने का चौथा महीना 31 दिनों की लंबाई वाला होता है। इसका नाम रोमन सीनेट द्वारा रोमन जनरल जूलियस सीज़र के सम्मान में रखा गया था , यह उनके जन्म का महीना था। इससे पहले, इसे क्विंटिलिस कहा जाता था , जो 10 महीने के कैलेंडर का पांचवां महीना था। यह अधिकांश उत्तरी गोलार्ध में औसतसरा महीना होता है। वर्ष की दूसरी छमाही जुलाई में शुरू होती है। दक्षिणी गोलार्ध में, जुलाई उत्तरी गोलार्ध में जनवरी के बराबर मौसमी है। उत्तरी गोलार्ध में " कुत्ते के दिनों " की शुरुआत जुलाई की शुरुआत में मानी जाती है , जब आमतौर पर गर्मी का गर्म मौसम शुरू होता है। देर से सर्दियों या शुरुआती वसंत में पैदा हुए वसंत भेड़ के बच्चे आमतौर पर 1 जुलाई से पहले बेचे जाते हैं। ==जुलाई प्रतीक== * जुलाई का जन्म रत्न माणिक है, जो संतोष का प्रतीक है। * इसके जन्म के फूल लार्क्सपुर या वाटर लिली हैं। * जुलाई महीने की राशियाँ कर्क (22 जुलाई तक) और सिंह (23 जुलाई से आगे) हैं। ==पर्व== यह सूची जरूरी नहीं कि आधिकारिक स्थिति और न ही सामान्य पालन को इंगित करती है। जुलाई, ट्रेस रिचेस हेरेस डू डक डे बेरी से 4 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए वाशिंगटन, डीसी में आतिशबाजी मुक्ति का मौसम 14 अप्रैल से 23 अगस्त (बारबाडोस) सम्मान अमेरिका दिवस: 14 जून से 4 जुलाई (संयुक्त राज्य अमेरिका) महीने भर चलने वाले अनुष्ठान कैथोलिक परंपरा में, जुलाई यीशु के सबसे कीमती रक्त का महीना है। राष्ट्रीय हॉट डॉग महीना (संयुक्त राज्य अमेरिका) राष्ट्रीय आइसक्रीम माह (संयुक्त राज्य अमेरिका) ==गैर-ग्रेगोरियन पालन== (सभी बहाई, इस्लामी और यहूदी अनुष्ठान सूचीबद्ध तिथि से पहले सूर्यास्त से शुरू होते हैं, और जब तक अन्यथा उल्लेख नहीं किया जाता है, तब तक विचाराधीन तिथि के सूर्यास्त पर समाप्त होता है।) * बहाई कैलेंडर द्वारा निर्धारित अनुष्ठानों की सूची * चीनी कैलेंडर द्वारा निर्धारित पालनों की सूची * हिब्रू कैलेंडर द्वारा निर्धारित पालनों की सूची * इस्लामी कैलेंडर द्वारा निर्धारित पालनों की सूची * सौर हिजरी कैलेंडर द्वारा निर्धारित पालनों की सूची * कनाडा दिवस 1 जुलाई को मनाया जाता है * कनाडा दिवस 1 जुलाई को मनाया जाता है == चल पालन == * फी ता खोन (डैन साई, लोई प्रांत, इसान, थाईलैंड) - तिथियां ग्रामीण माध्यमों द्वारा चुनी जाती हैं और मार्च और जुलाई के बीच कहीं भी हो सकती हैं। * रा ओ ते उई अरिकी (कुक आइलैंड्स) 6 जुलाई [4] * कलेक्टर कार प्रशंसा दिवस (संयुक्त राज्य) * वरिष्ठ नागरिक दिवस (किरिबाती)[5] * शार्क सप्ताह (संयुक्त राज्य अमेरिका) * अर्थ ओवरशूट डे * जंगम पश्चिमी ईसाई पालन भी देखें * जंगम पूर्वी ईसाई पालन भी देखें ===पहला शुक्रवार=== मछुआरों की छुट्टी (मार्शल द्वीप) ===पहला शनिवार=== अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस डिया डेल अमीगो (पेरू) अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस इंटरनेशनल फ्री हग्स डे ===पहला शनिवार और रविवार === नौसेना दिवस (नीदरलैंड) ===पहला रविवार=== नौसेना दिवस (यूक्रेन) युवा दिवस (सिंगापुर) ===2 जुलाई के निकटतम रविवार=== एलेक्जेंडरसन डे (स्वीडन) ===जुलाई में पहला पूरा सप्ताह=== NAIDOC सप्ताह (ऑस्ट्रेलिया) ===पहला सोमवार=== कैरिकॉम दिवस (गुयाना) नायकों का दिन (ज़ाम्बिया) मातृ दिवस (दक्षिण सूडान) राष्ट्रीय दिवस (केमैन आइलैंड्स) ===5 जुलाई या अगले सोमवार यदि सप्ताहांत हो तो === टाइनवाल्ड डे (आइल ऑफ मैन) ===पहले सोमवार के बाद का दिन=== एकता दिवस (ज़ाम्बिया) ===दूसरा गुरुवार === राष्ट्रीय वृक्ष दिवस (मेक्सिको) ===दूसरा रविवार === फादर्स डे (उरुग्वे) सागर रविवार (पश्चिमी ईसाई धर्म) === निकटतम रविवार से 11 जुलाई === स्मरणोत्सव का राष्ट्रीय दिवस (आयरलैंड) ===तीसरा सोमवार=== डॉन लुइस मुनोज़ रिवेरा का जन्मदिन (प्यूर्टो रिको, संयुक्त राज्य अमेरिका) बाल दिवस (क्यूबा, ​​पनामा और वेनेजुएला) गल्ला बेरामी (तुर्कमेनिस्तान) समुद्री दिवस (जापान) राष्ट्रपति दिवस (बोत्सवाना) ===तीसरा रविवार === गल्ला बेरामी (तुर्कमेनिस्तान) राष्ट्रीय आइसक्रीम दिवस (संयुक्त राज्य अमेरिका) जुलाई में दूसरे से अंतिम रविवार और अगले दो सप्ताह निर्माण अवकाश (क्यूबेक) ===तीसरा मंगलवार === डॉन लुइस मुनोज़ रिवेरा का जन्मदिन (प्यूर्टो रिको, संयुक्त राज्य अमेरिका) ===चौथा रविवार=== माता-पिता दिवस (संयुक्त राज्य अमेरिका) चौथे शनिवार और अगले रविवार से पहले का शुक्रवार टोबाटा गियोन यामागासा उत्सव (टोबाटा, जापान) ===चौथा गुरुवार === राष्ट्रीय मिर्च कुत्ता दिवस (संयुक्त राज्य अमेरिका) ===पिछला शनिवार=== काला शनिवार (फ्रांस) राष्ट्रीय नृत्य दिवस (संयुक्त राज्य अमेरिका) ===पिछला रविवार=== फादर्स डे (डोमिनिकन रिपब्लिक) राष्ट्रीय वृक्ष दिवस (ऑस्ट्रेलिया) नौसेना दिवस (रूस) रीक रविवार (आयरलैंड) ===गुरुवार पहले सोमवार से पहले === मुक्ति दिवस (बरमूडा) === शुक्रवार के बाद === समर डे (बरमूडा) ===पिछला शुक्रवार=== राष्ट्रीय विद्यालय वृक्ष दिवस (ऑस्ट्रेलिया) सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर प्रशंसा दिवस == बाहरी कड़ियाँ == {{Wiktionary}} {{Commons category}} {{Wikiquote}} {{Wikivoyage}} {{Months}} {{Authority control}} [[श्रेणी:महीने]] [[श्रेणी:जुलाई]] bob3o4eukb36tvpuoiabakm8bvok6lx त्रिविकर्णिक आव्यूह कलनविधि 0 6810 6582818 5380621 2026-07-15T08:21:31Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582818 wikitext text/x-wiki '''त्रिविकर्णिक आव्यूह कलनविधि''', (अंग्रेजी - Tridiagonal Matrix Algorithm (TDMA)) जिसे [[थॊमस कलनविधि]] (Thomas Algorithm) के नाम से भी जाना जाता है, ''गॊस निरसन'' (Gauss elimination) का सरलीकृत रूप है जिसका उपयोग [[त्रिविकर्णिक आव्यूह]] के समुच्चय को हल करने के लिये किया जाता है। एक त्रिविकर्णिक आव्यूहों के समुच्चय को इस तरह व्यक्त किया जा सकता है - :<math> a_i x_{i - 1} + b_i x_i + c_i x_{i + 1} = d_i, \,\!</math>, जहाँ, <math> a_1 = 0\, </math> और <math> c_n = 0\, </math>। आव्यूह स्वरूप में - <math> \left[ \begin{matrix} {b_1} & {c_1} & { } & { } & { 0 } \\ {a_2} & {b_2} & {c_2} & { } & { } \\ { } & {a_3} & {b_3} & \cdot & { } \\ { } & { } & \cdot & \cdot & {c_{n-1}}\\ { 0 } & { } & { } & {a_n} & {b_n}\\ \end{matrix} \right] \left[ \begin{matrix} {x_1 } \\ {x_2 } \\ \cdot \\ \cdot \\ {x_n } \\ \end{matrix} \right] = \left[ \begin{matrix} {d_1 } \\ {d_2 } \\ \cdot \\ \cdot \\ {d_n } \\ \end{matrix} \right]. </math> ऎसे तंत्र का हल O(n^3) की अपेक्षा O(n) में ही हो जाता है। == विधि == Forward elimination phase : <math>b'_1 = b_1 \,\!</math> : <math>d'_1 = d_1\,\!</math> : for ''k'' = 2 step 1 until ''n'' do :: <math>m = {{a_k } \over {b'_{k - 1} }} \,\!</math> :: <math> b'_k = b_k - mc_{k - 1} \,\!</math> :: <math> d'_k = d_k - md'_{k - 1} \,\!</math> : end loop (''k'') Backward substitution phase : <math> x_n = {{d'_n } \over {b'_n }} \,\!</math> : for ''k'' = ''n''−1 step −1 until 1 do :: <math> x_k = {{d'_k - c_k x_{k + 1} } \over {b'_k }} \,\!</math> : end loop (''k'') == विविध-रूप == कुछ स्थितियों में, खासकर तब जब आवर्ती सीमा-दशा (periodic boundary conditions) का योग हो, एक थोङा अलग स्वरूप प्रयुक्त होता है - :<math> a_1 x_{n} + b_1 x_1 + c_1 x_2 = d_1, \,\! </math> :<math> a_i x_{i - 1} + b_i x_i + c_i x_{i + 1} = d_i,\quad\quad i = 2,\ldots,n-1 \,\! </math> :<math> a_n x_{n-1} + b_n x_n + c_n x_1 = d_n. \,\! </math> इस स्थिति में, शेरमॆन-मॊरिसन सूत्र ([[Sherman-Morrison formula]]) का प्रयोग गॊस की विधि के अतिरिक्त अभिकलन से बचने पर साथ ही साथ ''थॊमस अल्गोरिद्म'' के प्रयोग के लिये किया जाता है। अन्य दशाओं में, जब तंत्र '''block tridiagonal''' हो, जिसमें छोटे अनुव्यूह (submatrices) उपर्युक्त आव्यूह में एक-एक अवयव individual elements के रूप में सजे हों (उदाहरनार्थ - the 2D [[Poisson equation discretized into block tridiagonal|Poisson problem]])। ऎसी स्थितियों के लिये गॊस की निरसन विधि (Gaussian elimination) के सरलीकृत रूप विकसित किये गए हैं। == सन्दर्भ == * {{cite book|author=Conte, S.D., and deBoor, C.|year=1972|title=Elementary Numerical Analysis|url=https://archive.org/details/elementarynumeri00samu|publisher= McGraw-Hill, New York.}} * {{CFDWiki|name=Tridiagonal matrix algorithm - TDMA (Thomas algorithm)}} [[श्रेणी:बीजगणित]] [[श्रेणी:गणित]] nhfceqwp2nwhc95yv2y7qk8we6j0j8b दक्षिण भारत 0 7707 6582916 6567312 2026-07-15T11:56:51Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582916 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक अवस्थापन | name = दक्षिणी भारत | image_skyline = {{multiple image |border =infobox |total_width =300 |image_style = |perrow =1/2/2/2 |caption_align=center |image1=Tirumala 090615.jpg{{!}}Venkateswara Temple |caption1=[[तिरुपति वेंकटेश्वर मन्दिर]] |image2=MysorePalace-LeftAngle.jpg{{!}} |caption2=[[अम्बा विलास महल]] |image3=Alappuzha Boat Beauty W.jpg{{!}} |caption3=[[आलाप्पुड़ा]] |image4=Bangaram Island, Lakshadweep 20160325- DSC1780.jpg{{!}} |caption4=[[बंगाराम]] |image5=Matrimandir, Soul of the Auroville, near Pondicherry.JPG{{!}} |caption5=[[मातृमंदिर]] |image6=Statue of Thiruvalluvar.jpg{{!}} |caption6=[[तिरुवल्लुवर प्रतिमा]] |image7=Charminar, Hyderabad, India 2020.jpg{{!}} |caption7=[[चारमीनार]] }} | image_map = South India.svg | map_alt = | map_caption = दक्षिण भारत के [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश]] | coordinates_footnotes = | subdivision_type = [[देश]] | subdivision_name = {{flagu|भारत}} | subdivision_type1 = [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश]] | subdivision_name1 = {{plainlist| *[[तेलंगाना]] *[[कर्नाटक]] *[[आंध्र प्रदेश]] *[[पुदुच्चेरी]] *[[लक्षद्वीप]] *[[तमिल नाडु]] *[[केरल]] }} | subdivision_type2 = सर्वाधिक जनसंख्यायुक्त शहर | subdivision_name2 = [[बेंगलुरु]] | blank_name_sec1 = [[भारत की आधिकारिक भाषाएँ|आधिकारिक भाषाएँ]] | blank_info_sec1 = {{plainlist| * [[तेलुगू भाषा|तेलुगू]] * [[कन्नड भाषा|कन्नड]] * [[तमिल भाषा|तमिल]] * [[मलयालम भाषा|मलयालम]] * [[अंग्रेज़ी]]<ref>{{Cite web|url=https://www.deccanchronicle.com/nation/current-affairs/090619/in-the-land-of-many-tongues-hindi-cant-be-lingua-franca.html|title=In the land of many tongues, Hindi can't be lingua franca|date=9 June 2019|website=Deccan Chronicle}}</ref> }} | unit_pref = Metric <!-- ALL fields with measurements have automatic unit conversion --> <!-- for references: use <ref> tags -->| area_footnotes = | area_note = | area_water_percent = | area_rank = | area_total_km2 = 635,780 | area_land_km2 = | area_water_km2 = | elevation_footnotes = | elevation_m = | elevation_max_m = 2695 | elevation_max_point = <!-- for denoting the measurement point --> [[आनमुडि]] | elevation_min_m = −2.2 | elevation_min_point = <!-- for denoting the measurement point --> [[कुट्टनाड़]] | population_total = 253,051,953 | population_as_of = 2011 | population_density_km2 = 400 | population_demonym = दक्षिण भारतीय | timezone1 = [[भारतीय मानक समय|IST]] | utc_offset1 = +5:30 | timezone1_DST = | utc_offset1_DST = | population_density_sq_mi = | other_name = | blank_info_sec2 = {{plainlist| * [[बदगा भाषा]] * [[गोण्डी भाषा]] * [[मराठी]] * [[कोडवा भाषा]] * [[कोंकणी]] *[[तोडा भाषा]] * [[तुलु]] }} | blank_name_sec2 = [[भारत की आधिकारिक भाषाएँ|अल्पसंख्यक भाषाएँ]] | blank1_name_sec1 = [[मानव विकास सूचकांक]] {{nobold|(2019)}} | blank1_info_sec1 = {{increase}} 0.755 ({{color|green|उच्च}}) | blank2_name_sec1 = [[साक्षरता]] {{nobold|(2011)}} | blank2_info_sec1 = 81.09%<ref name="Literacy survey_2018">{{cite web |title=Literacy Survey, India (2017–18) |date=8 September 2020 |url=https://www.firstpost.com/india/at-96-2-kerala-tops-indias-literacy-rate-chart-again-andhra-pradesh-ranks-lowest-with-66-4-8796401.html |publisher=Firstpost |access-date=9 September 2020}}</ref> | blank3_name_sec1 = [[लिंगानुपात]] {{nobold|(2011)}} | blank3_info_sec1 = 986 [[महिला|♀]]/1000 [[पुरुष|♂]]<ref name="pc-census2011">{{cite web |title=Census 2011 (Final Data) – Demographic details, Literate Population (Total, Rural & Urban) |url=https://planningcommission.gov.in/data/datatable/data_2312/DatabookDec2014%20307.pdf |website=planningcommission.gov.in |publisher=Planning Commission, Government of India |access-date=3 October 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180127163347/https://planningcommission.gov.in/data/datatable/data_2312/DatabookDec2014%20307.pdf |archive-date=27 January 2018 |url-status=dead}}</ref> | native_name = {{nobold|Southern India}} }} '''दक्षिण भारत''' [[भारत]] में [[प्रायद्वीप]] [[दक्कन का पठार|दक्कन पठार]] का दक्षिणी भाग को कहा जाता है। इसमें भारतीय राज्य [[आन्ध्र प्रदेश]], [[कर्नाटक]], [[केरल]], [[तमिल नाडु]] और [[तेलंगाना]] के साथ-साथ [[केन्द्र-शासित प्रदेश]] [[लक्षद्वीप]] और [[पुदुचेरी (नगर)|पुदुचेरी]] शामिल हैं। इसे [[प्रायद्वीप]] भारत के रूप में भी जाना जाता है। इसमें भारत के कुल क्षेत्रफल का 19.31% ({{convert|635,780|km2|sqmi|abbr=on|disp=or}}) भूभाग शामिल है। इसमें देश की 20% जनसंख्या को निवास करती है। यह पूर्व में [[बंगाल की खाड़ी]], पश्चिम में [[अरब सागर]] और दक्षिण में [[हिन्द महासागर]] से घिरा है। इस क्षेत्र का भूगोल विविध है जिसमें दो पर्वत शृंखलायें शामिल हैं। इसकी मुख्य पठारी भूमि की सीमा [[पश्चिमी घाट|पश्चिमी]] और [[पूर्वी घाट]] से लगती हैं। यहाँ जल के गैर-बारहमासी स्रोत के रूप में [[गोदावरी नदी|गोदावरी]], [[कृष्णा नदी|कृष्णा]], [[कावेरी नदी|कावेरी]], [[तुंगभद्रा नदी|तुंगभद्रा]] और [[वैगई नदी|वैगई]] नदियाँ हैं। इस क्षेत्र के सबसे बड़े शहरी क्षेत्र [[चेन्नई]], [[बंगलौर|बैंगलोर]], [[हैदराबाद]], [[कोयंबतूर]], [[कोच्चि]] और [[विशाखपटनम]] हैं। दक्षिण भारत के अधिकांश लोग चार प्रमुख [[द्रविड़ भाषाएं|द्रविड़ भाषाओं]] में से कम से कम एक भाषा बोलते हैं: [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]], [[तमिल भाषा|तमिल]], [[कन्नड़ भाषा|कन्नड़]] और [[मलयालम भाषा|मलयालम]]। इसके इतिहास के दौरान, कई राजवंशीय राज्यों ने दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों पर शासन किया। [[भारतीय उपमहाद्वीप का इस्लामी इतिहास|मुस्लिम आक्रांताओं के भारतीय उपमहाद्वीप पर आक्रमणों]] ने [[दक्षिण एशिया|दक्षिण]] और [[दक्षिण पूर्व एशिया]] ने इस क्षेत्र के इतिहास और संस्कृति को प्रभावित किया। दक्षिण भारत में स्थापित प्रमुख राजवंशों में [[चेर राजवंश|चेर]], [[चोल राजवंश|चोल]], [[पाण्ड्य राजवंश|पाण्ड्य]], [[पल्लव राजवंश|पल्लव]], [[सातवाहन]], [[चालुक्य राजवंश|चालुक्य]], [[होयसल राजवंश|होयसल]], [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट]] और [[विजयनगर साम्राज्य|विजयनगर]] शामिल हैं। यूरोपीय देशों ने केरल के तटों से भारत में प्रवेश किया और इस क्षेत्र को [[ईस्ट इण्डिया कम्पनी|ब्रिटेन]], [[पुर्तगाली भारत|पुर्तगाल]] और [[फ्रांसीसी भारत|फ्रांस]] द्वारा [[उपनिवेशवाद|उपनिवेश]] बनाया गया। [[भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन|भारत की स्वतन्त्रता]] के तुरंत बाद के दशकों में इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले लेकिन इन दक्षिण भारतीय राज्यों की अर्थव्यवस्थाओं ने पिछले तीन दशकों में राष्ट्रीय-औसत से अधिक की निरंतर वृद्धि दर्ज की है। भारत के अन्य क्षेत्रों की तुलना में दक्षिण भारत का संयुक्त रूप से [[अर्थव्यवस्था के आकार के आधार पर भारत के राज्य|सबसे बड़ा सकल घरेलू उत्पादक]] स्थल है। दक्षिण भारतीय राज्यों की अर्थव्यवस्था में उत्तर भारत के राज्यों की तुलना में तेजी से वृद्धि के कारण यहाँ उच्च [[मानव विकास सूचकांक]] के साथ यह क्षेत्र [[सामाजिक अर्थशास्त्र]] में अग्रणी हैं। वर्ष 2011 तक दक्षिणी राज्यों में [[भारत में साक्षरता|साक्षरता दर]] राष्ट्रीय औसत 76% से अधिक है। दक्षिण भारत में प्रजनन दर 1.9 है, जो भारत के सभी क्षेत्रों में सबसे कम है। == शब्द-साधन == "साउथ इंडिया" नाम दो [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] शब्दों से मिलकर बना है: ''साउथ'' मुख्य [[दिशा]] को दर्शाता है और इंडिया [[देश]] के नाम से लिया गया है जिसका शाब्दिक अर्थ भारत का दक्षिणी भाग है। इसे "प्रायद्वीपीय भारत" के रूप में भी जाना जाता है जो तीन तरफ से पानी से घिरे [[प्रायद्वीप]] में इसके स्थान को दर्शाता है।<ref>{{Cite book|year=2004|title=Word Histories and Mysteries: From Abracadabra to Zeus|publisher=Houghton Mifflin Harcourt|isbn=978-0547350271|oclc=55746553|page=216|url=https://books.google.com/books?id=cZ88p_bSt1EC&pg=PA216}}</ref> शब्द "दक्कन", [[दक्कन का पठार|दक्कन के पठार]] द्वारा आवरण किए गए क्षेत्र को संदर्भित करता है जो तटीय क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश प्रायद्वीपीय भारत को आवरण करता है, यह [[प्राकृत]] शब्द ''दक्खिना'' का एक अंग्रेजी रूप है जो [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] शब्द ''दक्षिणा'' से लिया गया है जिसका अर्थ दक्षिण है।<ref name="HobsonJobson2013">{{Cite book|title=Hobson-Jobson:The Definitive Glossary of British India|first1=Henry|last1=Yule|first2=A. C.|last2=Burnell|date=13 June 2013|publisher=Oxford|isbn=978-0-1916-4583-9|page=199|location=London}}</ref> ''कर्नाटक'', जो ''"कर्णः"'' या ''"करुणः"'' से बना है, जिसका अर्थ है ऊँचा देश, दक्षिण भारत से भी जुड़ा हुआ है।<ref name="hobsons">{{cite web|url=https://dsal.uchicago.edu/cgi-bin/philologic/getobject.pl?c.0:1:415.hobson|archive-url=https://archive.today/20120714033828/http://dsal.uchicago.edu/cgi-bin/philologic/getobject.pl?c.0:1:415.hobson|url-status=dead|archive-date=14 July 2012|title=Origins of the word 'Carnatic' in the Hobson Jobson Dictionary|publisher=University of Chicago|access-date=15 September 2006|location=Chicago}}</ref> == इतिहास == {{Main|दक्षिण भारत का इतिहास}} === प्राचीन एवं मध्यकालीन युग === {{See also|मसाला व्यापार}} [[File:Rajendra map new.svg|thumb|राजेंद्र चोल प्रथम के दौरान चोल साम्राज्य, सी. 1030]] [[कार्बन डेटिंग]] से पता चलता है कि दक्षिण भारत में [[नवपाषाण युग|नवपाषाणिक]] संस्कृतियों से जुड़े राख के ढेर 8000 ईसा पूर्व के हैं। 1000 ईसा पूर्व की शुरुआत में, लौह प्रौद्योगिकी पूरे क्षेत्र में फैल गई; हालाँकि, ऐसा प्रतीत नहीं होता है कि दक्षिण भारत में [[लौह युग]] से पहले कोई पूर्ण विकसित [[कांस्य युग]] था।<ref name="prehistory">{{cite book|last=Agarwal|first=D.P|url=https://www.arkeologi.uu.se/digitalAssets/483/c_483244-l_3-k_agrawal.pdf|title=Urban Origins in India|year=2006|publisher=Uppsala University|access-date=30 August 2023|page=3|archive-date=30 मई 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230530150947/https://www.arkeologi.uu.se/digitalAssets/483/c_483244-l_3-k_agrawal.pdf|url-status=dead}}</ref> यह क्षेत्र एक [[व्यापार मार्ग]] के मध्य में था जो [[भूमध्य सागर]] को [[पूर्वी एशिया]] से जोड़ने वाले मुज़िरिस से [[अरिकमेडु]] तक फैला हुआ था।<ref>{{cite book|title=The Periplus of the Erythraean Sea: Travel And Trade In The Indian Ocean By A Merchant Of The First Century |first=Wilfred|last=Schoff|year=1912|publisher=South Asia Books|isbn=978-8-1215-0699-1}}</ref><ref>{{cite book|first=Miller|last=J. Innes|orig-date=1969|title=The Spice Trade of The Roman Empire: 29 B.C. to A.D. 641|url=https://archive.org/details/spicetradeofroma0000mill|publisher=Oxford University Press|year=1998|isbn=978-0-1981-4264-5}}</ref> [[फ़ोनीशिया|फोनीशियन]], [[प्राचीन रोम|रोमन]], यूनानी, [[अरब लोग|अरब]], [[सीरिया की जनसांख्यिकी|सीरियाई]], [[यहूदी]] और [[चीनी (चीन के निवासी)|चीनियों]] के साथ व्यापार [[संगम काल]] (सी. तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से चौथी शताब्दी सी.ई.) के दौरान शुरू हुआ।<ref>{{Cite book|first=Bjorn|last=Landstrom|title=The Quest for India|publisher=Allwin and Unwin|year=1964|isbn=978-0-0491-0016-9}}</ref> यह क्षेत्र पूर्व को पश्चिम से जोड़ने वाले प्राचीन [[रेशम मार्ग]] का हिस्सा था।<ref>{{cite book |last=Elisseeff|first=Vadime|title=The Silk Roads: Highways of Culture and Commerce|publisher=[[UNESCO]] Publishing / Berghahn Books|year=2001|isbn=978-9-2310-3652-1}}</ref> [[File:गुप्त और मौर्य साम्राज्य.jpg|thumb|200px|प्राचीन भारतीय इतिहास में , दक्षिण भारत में स्तिथ दक्षिणपथ प्रान्त]] कई राजवंश जैसे [[करूर|करुवुर]] के [[चेर राजवंश|चेर]], [[मदुरई]] के [[पाण्ड्य राजवंश|पाण्ड्य]], [[तंजावूर]] के [[चोल राजवंश|चोल]], [[कोड़िकोड]] के [[ज़ामोरिन]], [[अमरावती, आन्ध्र प्रदेश|अमरावती]] के [[सातवाहन]], [[कांचीपुरम|कांची]] के [[पल्लव राजवंश|पल्लव]], [[बनवासी, कर्नाटक|बनवासी]] के [[कदंब राजवंश|कदम्ब]], [[कोलार]] के [[पश्चिम गंग वंश|पश्चिमी गंगा]], [[मलखेड|मान्यखेता]] के [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट]], [[बादामी, कर्नाटक|बादामी]] के [[चालुक्य राजवंश|चालुक्यों]], [[बेलूर]] के [[होयसल राजवंश|होयसलों]] और [[वरंगल|ओरुगल्लू]] के [[काकतीय वंश|काकतीयओं]] ने 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व से 14वीं शताब्दी ई.पू. तक इस क्षेत्र पर शासन किया। 15वीं शताब्दी में, [[विजयनगर साम्राज्य]] संपूर्ण दक्षिणी भारत पर विजय प्राप्त करने वाला अंतिम साम्राज्य था।<ref>{{cite book|language=en|title=A History of South India from Prehistoric Times to the Fall of Vijayanagar|url=https://archive.org/details/historyofsouthin0000sast|isbn=978-0-1956-0686-7|publisher=Oxford University Press|first=Nilakanta|last=Sastri|year=1976|pages=[https://archive.org/details/historyofsouthin0000sast/page/n122 7],69,179,199,214,239}}</ref> [[दिल्ली सल्तनत]] के बार-बार आक्रमण के बाद, 1646 में विजयनगर साम्राज्य गिर गया और इस क्षेत्र पर तत्कालीन विजयनगर साम्राज्य के विभिन्न [[दक्खिन के सल्तनत]], पॉलीगारों और [[नायक राजवंश|नायक]] गवर्नरों का शासन था जिन्होंने स्वतंत्रता की घोषणा की थी।<ref>{{cite book|title=Rise and Fall of the Poligars of Tamilnadu|first=K.|last=Rajayyan|year=1974|publisher=University of Madras|page=2}}</ref> === औपनिवेशिक युग === [[File:Madras Prov South 1909.jpg|thumb|right|ब्रिटिश राज के दौरान दक्षिण भारत का मानचित्र]] 15वीं शताब्दी में यूरोपीय आये; और 18वीं शताब्दी के मध्य तक, [[फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी|फ्रांसीसी]] और [[ईस्ट इण्डिया कम्पनी|ब्रिटिश]] दक्षिण भारत पर सैन्य नियंत्रण के लिए एक लंबे संघर्ष में शामिल थे। 1799 में [[चौथा आंग्ल-मैसूर युद्ध|चौथे आंग्ल-मैसूर युद्ध]] में [[टीपू सुल्तान]] की हार और 1806 में [[वेल्लोर विद्रोह]] की समाप्ति के बाद, अंग्रेजों ने [[पुदुचेरी ज़िला|फ्रांसीसी पुदुचेरी]] को छोड़कर, वर्तमान दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्से पर अपनी शक्ति मजबूत कर ली। 1857 में [[ब्रिटिश साम्राज्य]] ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी से इस क्षेत्र का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।<ref>{{cite book|title=Great Mutiny: India 1857|url=https://archive.org/details/greatmutinyindia0000hibb|first=Christopher|last=Hibbert |date=1 March 2000|publisher=Penguin|page=[https://archive.org/details/greatmutinyindia0000hibb/page/221 221]|isbn=978-0-1400-4752-3}}</ref> ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान, इस क्षेत्र को [[मद्रास प्रैज़िडन्सी]] (बाद में, मद्रास प्रांत), [[हैदराबाद प्रांत]], [[मैसूर]] और मद्रास स्टेट्स एजेंसी ([[त्रवनकोर|त्रावणकोर]], कोचीन, जेपोर और कई अन्य [[ब्रिटिश भारत में रियासतें|छोटी रियासतों]] से बना) में विभाजित किया गया था। इस क्षेत्र ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक प्रमुख भूमिका निभाई। दिसंबर 1885 में बंबई में [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के पहले सत्र में भाग लेने वाले 72 प्रतिनिधियों में से 22 दक्षिण भारत से थे।<ref>{{cite book|title=Indian National Evolution: A Brief Survey of the Origin and Progress of the Indian National Congress and the Growth of Indian Nationalism |page=59|publisher=Cornell University Press|date=22 September 2009|isbn=978-1-1124-5184-3}}</ref> === स्वतंत्रता के बाद === 1947 में [[भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम १९४७|भारतीय स्वतंत्रता]] के बाद, इस क्षेत्र को चार राज्यों [[मद्रास स्टेट|मद्रास राज्य]], मैसूर राज्य, हैदराबाद राज्य और [[त्रावणकोर-कोचीन]] में संगठित किया गया था।<ref>{{cite book|title=Constitution of India|chapter=Article 1|url=http://lawmin.nic.in/olwing/coi/coi-english/coi-indexenglish.htm|publisher=Ministry of Law and Justice, Government of India|access-date=31 December 2015|archive-date=2 अप्रैल 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120402064301/http://lawmin.nic.in/olwing/coi/coi-english/coi-indexenglish.htm|url-status=dead}}</ref> द्रविड़ नाडु दक्षिण भारत में [[द्रविड़ भाषा-परिवार|द्रविड़ भाषा]] बोलने वालों के लिए एक अलग संप्रभु राज्य का प्रस्ताव था। प्रारंभ में, द्रविड़ नाडु समर्थकों की मांग [[तमिल भाषा|तमिल]] भाषी क्षेत्रों तक ही सीमित थी, लेकिन बाद में इसका विस्तार अन्य भारतीय राज्यों को भी इसमें शामिल करने के लिए किया गया, जहां इस क्षेत्र में अधिकांश द्रविड़ भाषी लोग थे।<ref>{{Cite book|last=Taylor|first=Richard Warren|title=Religion and Society: The First Twenty-five Years, 1953–1978|publisher=Christian Literature Society|year=1982|oclc=9007066|page=242}}</ref> [[राज्य पुनर्गठन अधिनियम १९५६|राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956]], जिसने भाषाई राज्यों का निर्माण किया, ने एक अलग संप्रभु राज्य की मांग को कमज़ोर कर दिया।<ref>{{Cite book|last=Thapar|first=Romesh|author-link=Romesh Thapar|title=Change and Conflict in India|publisher=Macmillan|year=1978|isbn=978-0-8364-0222-3|page=75}}</ref><ref>{{Cite book|last=Rao|first=C Rajeswara|title=Defeat Separatist Conspiracy in Andhra|publisher=Communist Party of India|year=1973|oclc=814926|page=28}}</ref> 1956 के [[राज्य पुनर्गठन अधिनियम १९५६|राज्य पुनर्गठन अधिनियम]] ने भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया जिसके परिणामस्वरूप [[आन्ध्र प्रदेश]], [[कर्नाटक]], [[केरल]] और [[तमिल नाडु]] के नए राज्यों का निर्माण हुआ।<ref name="ROS"/><ref>{{cite web|url=https://www.india.gov.in/my-government/constitution-india/amendments/constitution-india-seventh-amendment-act-1956|title=Seventh Amendment|publisher=[[Government of India]]|access-date=19 August 2023}}</ref> इस अधिनियम के परिणामस्वरूप, [[मद्रास स्टेट|मद्रास राज्य]] ने [[त्रावणकोर-कोचीन]] से [[कन्याकुमारी जिला|कन्याकुमारी जिले]] को जोड़कर अपना नाम बरकरार रखा। इसके पश्चात 1968 में राज्य का नाम बदलकर [[तमिल नाडु]] कर दिया गया।<ref>{{cite report|url=https://dgfasli.gov.in/en/book-page/background-information-1|title=Background information on state of Tamil Nadu|publisher=[[Ministry of Labour and Employment (India)|Ministry of Labour and Employment]], [[Government of India]]|access-date=16 September 2023}}</ref> [[आन्ध्र प्रदेश]] का निर्माण 1956 में [[हैदराबाद प्रांत|हैदराबाद राज्य]] के तेलुगु भाषी जिलों के साथ आंध्र राज्य के विलय के साथ हुआ था। [[केरल]] का निर्माण [[मालाबार|मालाबार जिले]] और [[मद्रास स्टेट|मद्रास राज्य]] के दक्षिण केनरा जिलों के कासरगोड तालुक के [[त्रावणकोर-कोचीन]] के साथ विलय के साथ हुआ था। मैसूर राज्य को बेल्लारी और दक्षिण केनरा (कासरगोड तालुक को छोड़कर) और मद्रास राज्य से [[कोयम्बतूर जिला|कोयम्बतूर जिले]] के [[कोल्लेगाल]] तालुक, [[बॉम्बे राज्य]] से [[बेलगाम]], [[बीजापुर जिला, कर्नाटक|बीजापुर]], उत्तरी केनरा और [[धारवाड़ जिला|धारवाड़ जिलों]], हैदराबाद राज्य और [[कोडगु जिला|कूर्ग]] प्रांत के कन्नड़-बहुल ज़िले [[बीदर]], [[रायचूर जिला|रायचूर]] और [[गुलबर्ग|गुलबर्गा]] को शामिल करके पुनर्गठित किया गया था।<ref name="1956act">{{cite report|url=https://thc.nic.in/Central%20Governmental%20Acts/States%20Re-Organisation%20Act,%201956.pdf|title=States Reorganisation Act, 1956|publisher=High Court of Tripura|access-date=16 September 2023}}</ref> 1973 में मैसूर राज्य का नाम बदलकर [[कर्नाटक]] कर दिया गया।<ref>{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1972/07/30/archives/mysore-an-indian-state-is-renamed-as-karnataka.html|title=Mysore, an Indian State, Is Renamed as Karnataka|newspaper=[[The New York Times]]|date=30 July 1972|access-date=24 July 2023}}</ref> [[पुदुच्चेरी (केन्द्र-शासित प्रदेश)|पुदुच्चेरी]] का केंद्र शासित प्रदेश 1954 में बनाया गया था जिसमें [[पुदुचेरी ज़िला|पुदुचेरी]], [[कारईकाल|कराईकल]], यानम और [[माहे]] के पिछले [[फ्रांसीसी भारत|फ्रांसीसी]] परिक्षेत्र शामिल थे।<ref name="ROS"/> लैकाडिव द्वीप समूह, जो मद्रास राज्य के दक्षिण केनरा और मालाबार जिलों के बीच विभाजित थे, एकजुट होकर [[लक्षद्वीप]] के केंद्र शासित प्रदेश में संगठित हो गए।<ref name="ROS">{{cite report|url=http://www.epw.in/system/files/pdf/1955_7/42/reorganisation_of_statesthe_approach_and_arrangements.pdf|title=Reorganisation of states|date=15 October 1955|publisher=Economic Weekly|access-date=31 December 2015}}</ref> [[तेलंगाना]] का गठन 2 जून 2014 को [[आन्ध्र प्रदेश]] को विभाजित करके किया गया था और इसमें उत्तर-पश्चिमी आन्ध्र प्रदेश के दस जिले शामिल हैं।<ref>{{cite report|title=The Andhra Pradesh Reorganisation Act, 2014|url=https://www.mha.nic.in/sites/upload_files/mha/files/APRegACT2014_0.pdf|publisher=Ministry of law and Justice, Government of India|access-date=3 March 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160108223043/https://www.mha.nic.in/sites/upload_files/mha/files/APRegACT2014_0.pdf|archive-date=8 January 2016|df=dmy-all}} {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160108223043/https://www.mha.nic.in/sites/upload_files/mha/files/APRegACT2014_0.pdf |date=8 जनवरी 2016 }}</ref><ref>{{cite news |title=Telangana bill passed by upper house|url=https://timesofindia.indiatimes.com/telangana-bill-in-rajya-sabha/liveblog/30712218.cms |newspaper=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=20 March 2016|date=20 February 2014|lang=en}}</ref> ====विध्वंसक घटनाएं==== * [[2015 दक्षिण भारतीय बाढ़]] == भूगोल == === तलरूप === [[File:South India satellite.jpg|thumb|200px|दक्षिण भारत की उपग्रह छवि] दक्षिण भारत एक उल्टे त्रिकोण के आकार का [[प्रायद्वीप]] है जो दक्षिण में [[हिन्द महासागर]], पश्चिम में [[अरब सागर]], पूर्व में [[बंगाल की खाड़ी]] और उत्तर में [[विन्ध्याचल पर्वत शृंखला|विंध्य]] और [[सतपुड़ा पर्वतमाला|सतपुड़ा]] पर्वतमालाओं से घिरा है।<ref>{{cite book|title=Chambers's Concise Gazetteer of the World|url=https://archive.org/details/chamberssconcise00patrrich|page=353|year=1907|publisher=W.& R.Chambers|lang=en|first=David|last=Patrick}}</ref> [[नर्मदा नदी]] विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमाला के बीच अवसाद में पश्चिम की ओर बहती है, जो [[दक्कन का पठार|दक्कन पठार]] के उत्तरी विस्तार को परिभाषित करती है।<ref>{{cite book|title= Toward Sustainable Development? Struggling Over India's Narmada River|url=https://archive.org/details/towardsustainabl0000unse_y8h6 |first=William|last=Fisher |year=1995|isbn=978-1-5632-4525-1|page=[https://archive.org/details/towardsustainabl0000unse_y8h6/page/51 51] |lang=en|publisher=[[M. E. Sharpe]]|location=New York}}</ref> [[लक्षद्वीप]] के नीचे [[मूँगा (जीव)|मूँगा]] द्वीप भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित हैं और [[अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह|अण्डमान और निकोबार]] द्वीप पूर्वी तट से काफी दूर स्थित हैं। [[पाक जलसंधि]] और कम रेतीली चट्टानों और द्वीपों की श्रृंखला है जिसे [[रामसेतु]] के नाम से जाना जाता है, इस क्षेत्र को [[श्रीलंका]] से अलग करती है, जो दक्षिणपूर्वी तट पर स्थित है।<ref>{{cite encyclopedia|title= Adam's bridge|url=https://www.britannica.com/eb/article-9003680|encyclopedia=[[Encyclopædia Britannica]]|year=2007|access-date=1 January 2016}}</ref><ref>{{cite web|url= https://www.un.org/Depts/Cartographic/map/profile/srilanka.pdf|title=Map of Sri Lanka with Palk Strait and Palk Bay |publisher=UN|access-date=1 January 2016}}</ref> भारत की मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी छोर [[कन्याकुमारी]] में है जहाँ हिंद महासागर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से मिलता है।<ref>{{cite web|url=https://www.lonelyplanet.com/india/tamil-nadu/kanyakumari-cape-comorin|title=Kanyakumari alias Cape Comorin|publisher=Lonely Planet|access-date=1 January 2016}}</ref> [[File:AnaimudiPeak DSC 4834.jpg|thumb|200px|अनामुडी शिखर दक्षिण भारत का सबसे ऊँचा शिखर है]] [[पश्चिमी घाट]] [[ताप्ती नदी]] के दक्षिण से कन्याकुमारी तक पश्चिमी तट के साथ दक्षिण में चलता है और अरब सागर के साथ भूमि की एक संकीर्ण पट्टी बनाता है जिसे [[कोंकण]] क्षेत्र कहा जाता है।<ref>{{cite journal|url=https://www.nature.com/nature/journal/v403/n6772/fig_tab/403853a0_T6.html|title=Biodiversity hotspots for conservation priorities|journal=Nature|year=2000|doi=10.1038/35002501|access-date=16 November 2013|last1=Myers|first1=Norman|last2=Mittermeier|first2=Russell A.|last3=Mittermeier|first3=Cristina G.|last4=Da Fonseca|first4=Gustavo A. B.|last5=Kent|first5=Jennifer|volume=403|issue=6772|pages=853–858|pmid=10706275|bibcode=2000Natur.403..853M|s2cid=4414279| issn=0028-0836}}</ref> [[अनाइमुडी]] {{convert|2695|m|ft|0|abbr=on}} [[आनेमलई की पहाड़ियाँ|आनेमलई पहाड़ियों]] में दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी है।<ref>{{Cite book |url=https://www.worldcat.org/oclc/58540809|title=Southern India: its history, people, commerce, and industrial resources|last1=Playne |first1=Somerset|last2=Bond|first2=J. W|last3=Wright|first3=Arnold|year=2004|publisher=Asian Educational Service |lang=en|oclc=58540809|access-date=30 August 2023|page=417}}</ref> [[पूर्वी घाट]] पूर्वी तट के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी के समानांतर चलते हैं और उनके बीच की भूमि की पट्टी [[कोरोमंडल तट|कोरोमंडल]] क्षेत्र बनाती है।<ref>{{cite web |url = https://www.portal.gsi.gov.in/pls/portal/url/page/GSI_STATIC/GSI_STAT_GEO_TOURISM_MONUMENTS |title=Eparchaean Unconformity, Tirumala Ghat section |access-date=20 September 2009 |publisher=Geological Survey of India|url-status=dead|archive-url = https://archive.today/20130419091251/http://www.portal.gsi.gov.in/pls/portal/url/page/GSI_STATIC/GSI_STAT_GEO_TOURISM_MONUMENTS |archive-date=19 April 2013 |df=dmy-all }}</ref> वे पहाड़ों की एक असंतत श्रृंखला हैं, जो दक्षिणी भारत की चार प्रमुख नदियों, [[गोदावरी नदी|गोदावरी]], [[महानदी]], [[कृष्णा नदी|कृष्णा]] और [[कावेरी नदी|कावेरी]] द्वारा नष्ट और चतुष्कोणित हो गई हैं।<ref>{{cite book|title=Encyclopedia of the World's Biomes|year=2020|isbn=978-0-1281-6097-8|publisher=Elsevier Science|lang=en|first1=Dominick A.|last1=DellaSala|first2=Michael I.|last2=Goldstei|page=546|location=Amsterdam}}</ref> दोनों पर्वत श्रृंखलाएं [[नीलगिरि (पर्वत)|नीलगिरि]] पर्वतों पर मिलती हैं, जो लगभग उत्तरी केरल और कर्नाटक के साथ तमिलनाडु की सीमाओं पर अर्धचंद्राकार रूप में फैली हुई हैं, जो [[पालक्काड़ ज़िला|पालक्काड़]] और [[वायनाड जिला|वायनाड]] पहाड़ियों और [[सत्यमंगलम वन्य अभयारण्य|सत्यमंगलम]] पर्वतमालाओं को घेरती हैं, जो पूर्वी घाट की अपेक्षाकृत निचली पहाड़ियों तक फैली हुई हैं। तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश सीमा का पश्चिमी भाग, जो [[तिरुपति वेंकटेश्वर मन्दिर|तिरूपति]] और [[अन्नामलई पहाड़|अन्नामलाई पहाड़ियों]] का निर्माण करता है।<ref>{{cite book|last=Eagan|first=J. S. C|title=The Nilgiri Guide And Directory|url=https://archive.org/details/nilgiriguideandd031416mbp|publisher=S.P.C.K. Press|location=Chennai|isbn=978-1-1494-8220-9|year=1916|page=30}}</ref> [[दक्कन का पठार]] पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा ऊंचा क्षेत्र है।<ref>{{cite book |last=Dr. Jadoan|first=Atar Singh|title=Military Geography of South-East Asia|publisher=Anmol Publications|location=India|date=September 2001|isbn=978-8-1261-1008-7|lang=en}}</ref> यह पठार उत्तर में {{convert|100|m}} और दक्षिण में {{convert|1|km}} से भी अधिक ऊंचा है, जिससे [[भारतीय उपमहाद्वीप]] के समुद्र तट के नीचे की ओर इशारा करते हुए त्रिकोण के भीतर एक उभरा हुआ त्रिकोण बनता है।<ref>{{cite web|url=https://www.sanctuaryasia.com/resources/biogeozones/decpen.php |title=The Deccan Peninsula |publisher=Sanctuary Asia|date=5 January 2001 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20061017150254/https://www.sanctuaryasia.com/resources/biogeozones/decpen.php |archive-date=17 October 2006}}</ref> यह पश्चिम से पूर्व की ओर धीरे-धीरे ढलान पर है जिसके परिणामस्वरूप प्रमुख नदियाँ पश्चिमी घाट से निकलती हैं और पूर्व में बंगाल की खाड़ी में बहती हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.panda.org/about_wwf/where_we_work/ecoregions/edeccan_plateau_moist_forests.cfm |title=Eastern Deccan Plateau Moist Forests|publisher=World Wildlife Fund |access-date=5 January 2007 }}</ref> दक्कन के ज्वालामुखीय [[बेसाल्ट]] बिस्तर विशाल [[दक्कन उद्भेदन]] विस्फोट में बिछाए गए थे, जो 67 से 66 मिलियन वर्ष पहले [[चाकमय कल्प]] के अंत में हुआ था।<ref>{{cite web |url=https://newsoffice.mit.edu/2014/volcanic-eruption-dinosaur-extinction-1211|title=What really killed the dinosaurs?|publisher=MIT|first1=Jennifer|last1=Chu|date=11 December 2014|access-date=28 August 2023}}</ref> कई वर्षों तक चली ज्वालामुखी गतिविधि से परत दर परत बनती गई और जब ज्वालामुखी विलुप्त हो गए, तो उन्होंने ऊंचे इलाकों का एक क्षेत्र छोड़ दिया, जिसके शीर्ष पर आमतौर पर एक मेज की तरह समतल क्षेत्रों का विशाल विस्तार था।<ref>{{cite encyclopedia|url=https://www.britannica.com/EBchecked/topic/154969/Deccan|title=Deccan Plateau|encyclopedia=Britannica|access-date=1 January 2016 }}</ref> पठार को पूर्व की ओर बहने वाली [[गोदावरी नदी|गोदावरी]], [[कृष्णा नदी|कृष्णा]], [[कावेरी नदी|कावेरी]] और [[वैगई नदी|वैगई]] नदियों और उनकी सहायक नदियों द्वारा पानी मिलता है।<ref>{{cite book|title=Indian Journal of Earth Sciences|publisher=Indian Journal of Earth Sciences|first=Mihir|last=Bose|year=1977|page=21|lang=en}}</ref> अन्य प्रमुख विशेषताओं में [[मन्नार की खाड़ी]], [[पाक जलसंधि]] शामिल है, जो भारत को श्रीलंका से अलग करती है; [[दस डिग्री जलसन्धि]], जो अंडमान को निकोबार द्वीप समूह से अलग करता है; और आठ डिग्री चैनल, जो लैकाडिव और अमिनदीवी द्वीपों को मिनिकॉय द्वीप से दक्षिण में अलग करता है।<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=XwVX-85oI0EC&pg=PA10|page=10|title=Environment impact assessment|author1=J. Sacratees|author2=R. Karthigarani|publisher=APH Publishing|year=2008|isbn=978-8-1313-0407-5}}</ref> [[लक्षद्वीप सागर]] एक छोटा समुद्र है।<ref>{{cite web|url=https://iho.int/uploads/user/pubs/standards/s-23/S-23_Ed3_1953_EN.pdf|title=Limits of Oceans and Seas, 3rd edition|year=1953|publisher=International Hydrographic Organization|page=21|access-date=28 December 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20111008191433/http://www.iho.int/iho_pubs/standard/S-23/S-23_Ed3_1953_EN.pdf|archive-date=8 October 2011}}</ref> मन्नार की खाड़ी और लक्षद्वीप द्वीपों में [[प्रवाल शैल-श्रेणी]] स्थित हैं। बड़ी झीलों में [[वेम्बनाड झील]] और [[पुलिकट झील]] शामिल हैं।<ref>{{cite book|title=Fisheries Development and Management in India, 1785-1986|page=37|isbn=978-8-1851-1960-1|year=1989|publisher=Northern Book Centre|lang=en|first=Nune|last=Subba Rao}}</ref> === जलवायु === [[File:Koppen-Geiger Map IND present.svg|thumb|200px|जलवायु क्षेत्र]] [[File:India southwest summer monsoon onset map en.svg|thumb|200px|मानसून का आगमन]] इस क्षेत्र की [[उष्णकटिबन्धीय जलवायु]] है और वर्षा के लिए मानसून पर निर्भर है। [[कोपेन जलवायु वर्गीकरण]] के अनुसार, इसकी जलवायु गैर-शुष्क है और न्यूनतम औसत तापमान {{Convert|18|C|F}} है।<ref>{{cite book|last1=McKnight|first1=Tom L|last2=Hess|first2=Darrel|year=2000|chapter=Climate Zones and Types: The Köppen System|title=Physical Geography: A Landscape Appreciation|pages=[https://archive.org/details/physicalgeographmckn/page/205 205–211]|location=Upper Saddle River, NJ|publisher=Prentice Hall|isbn=978-0-1302-0263-5|chapter-url=https://archive.org/details/physicalgeographmckn|url=https://archive.org/details/physicalgeographmckn/page/205}}</ref> सबसे अधिक आर्द्र उष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु है, जिसमें साल भर मध्यम से उच्च तापमान और प्रति वर्ष {{Convert|2000|mm|in|0|abbr=on}} से अधिक मौसमी भारी वर्षा होती है। [[मालाबार सागरतट|मालाबार तट]], पश्चिमी घाट और लक्षद्वीप द्वीपों से सटे दक्षिण-पश्चिमी निचले इलाकों की एक पट्टी में उष्णकटिबंधीय जलवायु का अनुभव किया जाता है।<ref>{{cite book|last=Chouhan|first=T. S.|year=1992|title=Desertification in the World and Its Control|publisher=Scientific Publishers|isbn=978-8-1723-3043-9}}</ref> एक [[उष्णकटिबन्धीय सवाना जलवायु|उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु]], उष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु वाले क्षेत्रों की तुलना में शुष्क, पश्चिमी घाट के पूर्व में अर्ध-शुष्क [[वृष्टिछाया क्षेत्र|वृष्टिछाया]] क्षेत्र को छोड़कर, अधिकांश अंतर्देशीय प्रायद्वीपीय क्षेत्र पर हावी है। सर्दी और गर्मियों की शुरुआत लंबी शुष्क अवधि होती है, जिसमें औसत तापमान {{Convert|18|°C|°F|0}} से ऊपर होता है; गर्मियों में अत्यधिक गर्मी होती है और निचले इलाकों में तापमान {{Convert|50|°C|°F|0}} से अधिक होता है; और बरसात का मौसम जून से सितंबर तक रहता है, पूरे क्षेत्र में औसत वार्षिक वर्षा {{Convert|750|and|1500|mm|in|0|abbr=on}} के बीच होती है। एक बार जब सितंबर में शुष्क पूर्वोत्तर मानसून शुरू हो जाता है, तो भारत में सबसे अधिक वर्षा तमिलनाडु में होती है, जिससे अन्य राज्य तुलनात्मक रूप से शुष्क हो जाते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/1994174.stm|title=India's heatwave tragedy|work=[[बीबीसी न्यूज़]]|date=17 May 2002|access-date=20 March 2016}}</ref> पश्चिमी घाट और [[इलायची पहाड़ियाँ|इलायची पहाड़ियों]] के पूर्व की भूमि में गर्म अर्ध-शुष्क जलवायु व्याप्त है। इस क्षेत्र - जिसमें कर्नाटक, अंतर्देशीय तमिलनाडु और पश्चिमी आंध्र प्रदेश शामिल हैं - में सालाना {{Convert|400|and|750|mm|1}} के बीच वर्षा होती है, गर्म ग्रीष्मकाल और शुष्क सर्दियों के साथ तापमान {{Convert|20|–|24|C|F}} के आसपास होता है। मार्च और मई के बीच के महीने गर्म और शुष्क होते हैं, औसत मासिक तापमान {{Convert|32|C|F}} के आसपास रहता है, और {{Convert|320|mm|in|0}} वर्षा होती है। कृत्रिम सिंचाई के बिना यह क्षेत्र कृषि के लिए उपयुक्त नहीं है।<ref>{{Cite book|last=Caviedes|first=C. N.|title=El Niño in History: Storming Through the Ages|url=https://archive.org/details/elnioinhistoryst0000cavi|edition=1st|publisher=University Press of Florida|date=18 September 2001|isbn=978-0-8130-2099-0}}</ref> जून से सितंबर तक [[मानसून|दक्षिण-पश्चिम मानसून]] से क्षेत्र में अधिकांश वर्षा होती है। दक्षिण पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा केरल के तटीय राज्य के साथ पश्चिमी घाट से टकराती है और [[कोंकण तट]] के साथ उत्तर की ओर बढ़ती है, जिससे पश्चिमी घाट के पश्चिम के तटीय क्षेत्रों में वर्षा होती है। ऊँचे पश्चिमी घाट हवाओं को दक्कन के पठार तक पहुँचने से रोकते हैं; इसलिए, लीवार्ड क्षेत्र (हवाओं से वंचित क्षेत्र) में बहुत कम वर्षा होती है।<ref>{{NatGeo ecoregion|id=im0209|name=South Deccan Plateau dry deciduous forests|access-date=5 January 2005}}</ref><ref>{{WWF ecoregion|id=im0209|name=South Deccan Plateau dry deciduous forests|access-date=5 January 2005}}</ref> दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी की शाखा बंगाल की खाड़ी से नमी लेते हुए उत्तर-पूर्व भारत की ओर बढ़ती है। भूमि के आकार के कारण, [[कोरोमंडल तट]] पर दक्षिण-पश्चिम मानसून से अधिक वर्षा नहीं होती है। [[तमिल नाडु]] और दक्षिणपूर्व [[आन्ध्र प्रदेश|आन्द्र प्रदेश]] में उत्तरपूर्वी मानसून से बारिश होती है।<ref>{{cite web|url=https://www.imdchennai.gov.in/northeast_monsoon.htm|title=North East Monsoon|publisher=IMD|access-date=1 January 2016}}</ref> उत्तरपूर्वी मानसून नवंबर से मार्च की शुरुआत तक होता है, जब सतह पर [[उच्च दाब क्षेत्र|उच्च दबाव प्रणाली]] सबसे मजबूत होती है।<ref>{{cite book|title=Climatology|first1=Robert V.|last1=Rohli|first2=Anthony J.|last2=Vega|page=204|publisher=Jones & Bartlett Publishers|year=2007|isbn=978-0-7637-3828-0}}</ref> उत्तर हिंद महासागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवात पूरे वर्ष बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में आते हैं, जिससे विनाशकारी हवाएँ और भारी वर्षा होती है।<ref>{{cite report|url=https://www.imd.gov.in/section/nhac/dynamic/ANNUAL_FREQ_CYCLONIC_DISTURBANCES.pdf |title=Annual frequency of cyclonic disturbances over the Bay of Bengal (BOB), Arabian Sea (AS) and land surface of India |publisher=India Meteorological Department |access-date=1 January 2016 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110805212718/https://www.imd.gov.in/section/nhac/dynamic/ANNUAL_FREQ_CYCLONIC_DISTURBANCES.pdf |archive-date=5 August 2011}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.oxforddictionaries.com/us/definition/english/hurricane#hurricane|archive-url=https://web.archive.org/web/20140302095537/http://www.oxforddictionaries.com/us/definition/english/hurricane?#hurricane|url-status=dead|archive-date=2 March 2014|title=hurricane|publisher=Oxford dictionary |access-date=1 October 2014}}</ref><ref>{{cite web|url=https://oceanservice.noaa.gov/facts/cyclone.html|title=The only difference between a hurricane, a cyclone, and a typhoon is the location where the storm occurs|publisher=NOAA|access-date=1 October 2014}}</ref> === वनस्पति और जीव === [[चित्र:Elephas_maximus_(Bandipur).jpg|अंगूठाकार|दक्षिण भारत में एशियाई हाथियों की सबसे बड़ी आबादी है।]] [[चित्र:A_courting_male_in_Eravikulam_NP_AJTJohnsingh_DSCN2997.jpg|अंगूठाकार|200x200पिक्सेल|नीलगिरि तहर, एक लुप्तप्राय जानवर जो केवल नीलगिरि पर्वत में पाया जाता है।]] {{Main|केरल का वन्यजीवन|दक्षिण भारत के पक्षियों की सूची}} यहां की विविध जलवायु और भूगोल के कारण दक्षिण भारत में पौधों और जानवरों की व्यापक विविधता है। [[पतझड़ी|पर्णपाती वन]] पश्चिमी घाट के किनारे पाए जाते हैं जबकि उष्णकटिबंधीय शुष्क वन और झाड़ियाँ भूमि आंतरिक दक्कन पठार में सामान्य हैं। दक्षिणी पश्चिमी घाट में ऊंचाई पर स्थित वर्षा वन हैं जिन्हें दक्षिण पश्चिमी घाट पर्वतीय वर्षा वन कहा जाता है, और मालाबार तट के नम वन तटीय मैदानों पर पाए जाते हैं।<ref>{{cite magazine|url= https://www.nationalgeographic.com/wildworld/profiles/terrestrial_im.html|title=Indo-Malayan Terrestrial Ecoregions|magazine=National Geographic|access-date=15 April 2006}}</ref> पश्चिमी घाट दुनिया के आठ सबसे गर्म [[जैवविविधता हॉटस्पॉट]] और [[विश्व धरोहर|यूनेस्को विश्व धरोहर]] स्थल में से एक है।<ref>{{cite web|url=https://whc.unesco.org/en/list/1342/multiple=1&unique_number=1921|title=Western Ghats|publisher=[[UNESCO]]|access-date=21 February 2014}}</ref><ref>{{cite news|first=Clara|last=Lewis|url=https://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-07-03/mumbai/32523277_1_radhanagari-wildlife-world-heritage-centre-western-ghats|archive-url=https://web.archive.org/web/20120707023508/https://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-07-03/mumbai/32523277_1_radhanagari-wildlife-world-heritage-centre-western-ghats|url-status=dead|archive-date=7 July 2012|title=39 sites in Western Ghats get world heritage status|date=3 July 2007|newspaper=[[The Times of India]]|access-date=21 February 2014}}</ref> दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण पारिस्थितिक क्षेत्र [[नीलगिरि पर्वत|नीलगिरि पहाड़ियों]] में [[नीलगिरि संरक्षित जैवमंडल]], [[अगस्त्य मला]]<nowiki/>-[[इलायची पहाड़ियाँ|इलायची पहाड़ियों]] में [[अगसत्यमला संरक्षित जैवमंडल]] और [[मन्नार की खाड़ी]] प्रवाल भित्तियाँ हैं।<ref>{{cite report|url=http://moef.gov.in/wp-content/uploads/2019/03/biosphere.pdf|title=Biosphere Reserves in India |publisher=Ministry of Environment, Forest and Climate Change|date=2019|access-date=5 February 2020}}</ref> [[समुद्री राष्ट्रीय उद्यान, मन्नार की खाड़ी|मन्नार बायोस्फीयर रिज़र्व]] की खाड़ी समुद्र, द्वीपों और प्रवाल भित्तियों, नमक दलदल और मैंग्रोव सहित आसपास के समुद्र तट के {{Convert|10500|km2|abbr=on}} के क्षेत्र को कवर करती है। यह [[सूंस]], [[डूगोंग]], [[ह्वेल]] और समुद्री खीरे सहित [[विलुप्तप्राय जाति|लुप्तप्राय जलीय प्रजातियों]] का घर है।<ref>{{cite book|page=10|title=Environment impact assessment|first1=J.|last1=Sacratees|first2=R.|last2=Karthigarani|publisher=APH Publishing|year=2008|isbn=978-8-1313-0407-5}}</ref><ref>{{cite web |title=Conservation and Sustainable-use of the Gulf of Mannar Biosphere Reserve's Coastal Biodiversity|place=New York|year=1994 |url=https://www.gefweb.org/wprogram/May99/Bio/India_1.doc |format=doc |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20070616221152/https://www.gefweb.org/wprogram/May99/Bio/India_1.doc |archive-date=16 June 2007}}</ref> थट्टेकड़, कदलुंडी, वेदानथंगल, रंगनाथिटु, कुमारकोम, नीलापट्टू और पुलिकट सहित पक्षी अभयारण्य कई प्रवासी और स्थानीय पक्षियों का घर हैं।<ref>{{Cite book|title=The birds of southern India, including Madras, Malabar, Travancore, Cochin, Coorg and Mysore|first1=H.R.|last1=Baker|first2=Chas. M.|last2=Inglis|year=1930|publisher=Superintendent, Government Press|place=Chennai}}</ref><ref>{{Cite book|title=Birds of Southern India|first1=Richard|last1=Grimmett|first2=Tim|last2=Inskipp|date=30 November 2005|publisher=A&C Black}}</ref> दक्षिण भारत में लुप्तप्राय [[बंगाल बाघ|बंगाल बाघों]] और [[भारतीय हाथी|भारतीय हाथियों]] की सबसे बड़ी आबादी में से एक है, जो बाघों की एक तिहाई आबादी और हाथियों की आधी से अधिक आबादी का घर है।<ref>{{cite news|url=https://www.deccanchronicle.com/150120/nation-current-affairs/article/tiger-population-rises-2226-2014-1706-2010|title=India's tiger population rises|date=15 January 2015|newspaper=[[Deccan Chronicle]]|access-date=19 March 2016}}</ref><ref>{{cite report|url=https://envfor.nic.in/pe/PE%20Note.pdf|title=Elephant Census 2005|year=2007|publisher=Ministry of Environment and Forests, Government of India|access-date=23 February 2003|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20120312060920/https://envfor.nic.in/pe/PE%20Note.pdf|archive-date=12 March 2012}}</ref> यहाँ 14 [[प्रोजेक्ट टाइगर]] [[भारत के बाघ अभयारण्य|रिजर्व]] और 11 परियोजना हाथी रिजर्व स्थित हैं।<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=YdC-wfyZwZEC&pg=PA110|title=Project Tiger: The reserves, the tigers, and their future|last=Panwar|first=H. S.|publisher=Noyes Publications, Park Ridge, N.J.|year=1987|isbn=978-0-8155-1133-5|pages=110–117}}</ref><ref>{{cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/Mysore/Project_elephant_status_for_Bhadra_sanctuary/articleshow/4066438.cms|title=Project Elephant Status|date=2 February 2009|newspaper=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=24 February 2009}}</ref> हाथियों की आबादी इस क्षेत्र के आठ खंडित स्थलों में पाई जाती है: उत्तरी कर्नाटक, पश्चिमी घाट के किनारे, भद्रा-मलनाड, ब्रह्मगिरि-नीलगिरि-पूर्वी घाट, नीलांबुर-साइलेंट वैली-कोयंबटूर, अनामलाई-परम्बिकुलम, पेरियार में- श्रीविल्लिपुथुर, और अगस्त्यमलाई।<ref>{{cite book|last=Sukumar|first=R|year=1993|url=https://books.google.com/books?id=95MoRwdQlcYC|title=The Asian Elephant: Ecology and Management|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-5214-3758-5}}</ref> इस क्षेत्र में पाई जाने वाली अन्य खतरे वाली और लुप्तप्राय प्रजातियों में ग्रिजल्ड विशाल गिलहरी,<ref>{{cite web|url=https://www.forests.tn.nic.in/WildBiodiversity/ws_sgsws.html|title=Grizzled Squirrel Wildlife Sanctuary|year=2007|work=Wild Biodiversity|publisher=TamilNadu Forest Department|access-date=24 February 2009|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20090409230945/https://www.forests.tn.nic.in/WildBiodiversity/ws_sgsws.html|archive-date=9 April 2009|df=dmy-all}}</ref> ग्रे पतला लोरिस,<ref>{{cite book|last1=Singh|first1=M.|last2=Lindburg|first2=D.G.|last3=Udhayan|first3=A.|last4= Kumar|first4=M.A.|last5=Kumara|first5=H.N. |year=1999|title=Status survey of slender loris Loris tardigradus lydekkerianus|publisher=Oryx|pages=31–37}}</ref> [[स्लॉथ रीछ]],<ref>{{Cite book|title=Daroji-an ecological destination|last=Kottur|first=Samad|publisher=Drongo|year=2012|isbn=978-9-3508-7269-7}}</ref> [[नीलगिरि तहर]],<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Coimbatore/nilgiri-tahr-population-over-3000-wwfindia/article7717561.ece|newspaper=[[The Hindu]]|title=Nilgiri tahr population over 3,000: WWF-India|date=3 October 2015|access-date=19 March 2016}}</ref> नीलगिरि लंगूर,<ref>{{Cite web |last1=Malviya|first1=M.|last2=Srivastav|first2=A.|last3=Nigam|first3=P.|last4=Tyagi|first4=P.C.|title=Indian National Studbook of Nilgiri Langur (''Trachypithecus johnii'')|url=https://www.cza.nic.in/Nilgiri%20Langur%20studbook.pdf|year=2011|publisher=[[Wildlife Institute of India]], Dehradun and [[Central Zoo Authority]], New Delhi|access-date=19 March 2016}}</ref> [[लायन-टेल्ड मकाक]],<ref>{{cite iucn|author=Singh, M.|author2=Kumar, A.|author3=Kumara, H.N.|date=2020|title=''Macaca silenus''|volume=2020|page=e.T12559A17951402|doi=10.2305/IUCN.UK.2020-2.RLTS.T12559A17951402.en|access-date=12 November 2021}}</ref> और [[भारतीय तेन्दुआ|भारतीय तेंदुआ]]<ref>{{cite iucn|author=Stein, A.B.|author2=Athreya, V.|author3=Gerngross, P.|author4=Balme, G.|author5=Henschel, P.|author6=Karanth, U.|author7=Miquelle, D.|author8=Rostro-Garcia, S.|author9=Kamler, J.F.|author10=Laguardia, A.|author11=Khorozyan, I.|author12=Ghoddousi, A.|date=2020|title=''Panthera pardus''|volume=2020|page=e.T15954A163991139|doi=10.2305/IUCN.UK.2020-1.RLTS.T15954A163991139.en|access-date=12 November 2021}}</ref> शामिल हैं। {| class="sortable wikitable" style="font-size: 85%" |+दक्षिण भारत के राज्यों के प्रतीक<ref>{{cite web|url=https://wiienvis.nic.in/KidsCentre/state_symbols_india_8411.aspx|title=State Symbols of India|publisher=Ministry of Environment, Forests & Climate Change, Government of India|access-date=30 August 2023}}</ref> !नाम !पशु !पक्षी !वृक्ष !फल !फूल |- |[[आन्ध्र प्रदेश|आन्द्र प्रदेश]]<ref>{{cite web|url=https://forests.ap.gov.in/statesymbol.php|title=Symbols of AP|publisher=Government of Andhra Pradesh|access-date=15 August 2023|archive-date=31 अगस्त 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230831171032/https://forests.ap.gov.in/statesymbol.php|url-status=dead}}</ref> |[[कृष्णमृग]] |[[गुलाबी-माला तोता]] |[[नीम]] |[[आम]] |चमेली |- |[[कर्नाटक]]<ref>{{cite web|url=https://www.karnataka.gov.in/Pages/Default.aspx|title=Symbols of Karnataka|publisher=Government of Karnataka|archive-url=https://web.archive.org/web/20131010092942/https://www.karnataka.gov.in/Pages/Default.aspx|archive-date=10 October 2013|access-date=15 October 2013|url-status=dead|df=dmy-all}}</ref> |[[भारतीय हाथी]] |[[नीलकंठ पक्षी]] |[[चन्दन]] |[[आम]] |[[कमल]] |- |[[केरल]]<ref>{{cite web|url=https://www.kerala.gov.in/index.php?option=com_content&view=article&id=2818&Itemid=2263|title=Symbols of Kerala|publisher=Government of Kerala|archive-url=https://web.archive.org/web/20131018033926/https://www.kerala.gov.in/index.php?option=com_content&view=article&id=2818&Itemid=2263|archive-date=18 October 2013|access-date=17 October 2013|url-status=dead}}</ref> |[[भारतीय हाथी]] |[[महाधनेश पक्षी]] |[[नारियल]] |[[कटहल]] |[[अमलतास]] |- |[[लक्षद्वीप]]<ref>{{cite web|url=https://lakshadweep.nic.in/lakkeyindicators07.pdf#page=3|title=Symbols of Lakshadweep|publisher=Government of Lakshadweep|archive-url=https://web.archive.org/web/20131017221721/https://lakshadweep.nic.in/lakkeyindicators07.pdf#page=3|archive-date=17 October 2013|access-date=17 October 2013|url-status=dead|df=dmy-all}}</ref> |[[तितलीमीन]] |नोडी टर्न |[[रोटीफल]] | | |- |[[पुदुचेरी (नगर)|पुदुचेर्री]]<ref>{{cite news|url=https://www.hindu.com/2007/04/21/stories/2007042103560200.htm|title=Puducherry comes out with list of State symbols|date=21 April 2007|newspaper=[[The Hindu]]|access-date=10 February 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20071031012044/https://www.hindu.com/2007/04/21/stories/2007042103560200.htm|archive-date=31 October 2007|url-status=dead}}</ref> |भारतीय पाम गिलहरी |[[कोयल (एशियाई)]] |[[बिल्व]] | | |- |[[तमिल नाडु]]<ref>{{cite web|url=https://tnbb.tn.gov.in/state-symbol.php|title=Symbols of Tamil Nadu|publisher=Government of Tamil Nadu|access-date=12 August 2023|archive-date=31 मार्च 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240331152841/https://tnbb.tn.gov.in/state-symbol.php|url-status=dead}}</ref> |[[नीलगिरि तहर]] |[[पन्ना कबूतर]] |[[ग्रन्थताल]] |[[कटहल]] |[[कलिहारी]] |- |[[तेलंगाना]] <ref>{{cite web|url=https://www.telangana.gov.in/about/state-symbols|title=Telangana symbols|publisher=Government of Telangana|access-date=2 January 2015}}</ref> |[[चीतल]] |[[नीलकंठ पक्षी]] |जम्मी चेट्टू |[[आम]] | |} == राजनीति == दक्षिण भारत की राजनीति क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के मिश्रण की विशेषता है। [[जस्टिस पार्टी]] और [[स्वराज पार्टी]] तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी में दो प्रमुख पार्टियाँ थीं।<ref name="encyclopp">{{cite book|title=Encyclopedia of Political Parties|last=Ralhan|first=O.P.|year=2002|publisher=Print House|pages=180–199|isbn=978-8-1748-8287-5}}</ref> जस्टिस पार्टी अंततः 1937 का चुनाव भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से हार गई और [[चक्रवर्ती राजगोपालाचारी]] मद्रास प्रेसीडेंसी के मुख्यमंत्री बने।<ref name="encyclopp"/> 1920 और 1930 के दशक के दौरान, मद्रास प्रेसीडेंसी में थेगारोया चेट्टी और [[पेरियार|ई. वी. रामास्वामी]] (आमतौर पर पेरियार के नाम से जाना जाता है) के नेतृत्व में आत्म-सम्मान आंदोलन उभरा।<ref>{{cite book|title=Political and Social Conflict in South India; The non-Brahmin movement and Tamil Separatism, 1916–1929|last=Irschick|first=Eugene F.|year=1969|oclc=249254802|publisher=[[University of California Press]]|url=https://history.berkeley.edu/faculty/Irschick/Politics.pdf|access-date=20 March 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304001539/https://history.berkeley.edu/faculty/Irschick/Politics.pdf|archive-date=4 March 2016|url-status=dead|df=dmy-all}}</ref> 1944 में, पेरियार ने पार्टी का नाम बदलकर [[द्रविड़ कड़गम]] रखते हुए इसे एक सामाजिक संगठन में बदल दिया और चुनावी राजनीति से हट गये। प्रारंभिक उद्देश्य भारतीय स्वतंत्रता पर द्रविड़ नाडु को शेष भारत से अलग करना था। स्वतंत्रता के बाद, पेरियार के अनुयायी सी.एन. अन्नादुराई ने 1948 में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का गठन किया। तमिलनाडु के हिंदी विरोधी आंदोलन के कारण द्रविड़ पार्टियों का उदय हुआ, जिन्होंने 1967 में तमिलनाडु की पहली सरकार बनाई। 1972 में, द्रमुक में विभाजन के परिणामस्वरूप [[मारुतूर गोपालन रामचन्द्रन|एम. जी. रामचन्द्रन]] के नेतृत्व में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम का गठन हुआ। तमिलनाडु की चुनावी राजनीति में द्रविड़ पार्टियों का दबदबा कायम है, राष्ट्रीय पार्टियाँ आमतौर पर प्रमुख द्रविड़ पार्टियों, अन्नाद्रमुक और द्रमुक के कनिष्ठ साझेदार के रूप में जुड़ती हैं।<ref>{{cite journal|last=Wyatt|first=A.K.J.|title=New Alignments in South Indian Politics: The 2001 Assembly Elections in Tamil Nadu|journal=[[Asian Survey]]|volume=42|issue=5|pages=733–753|publisher=[[University of California Press]]|year=2002|doi=10.1525/as.2002.42.5.733|df=dmy-all|hdl=1983/1811|url=https://research-information.bris.ac.uk/en/publications/new-alignments-in-south-indian-politics-the-2001-assembly-elections-in-tamil-nadu(ccd8e236-7d18-4981-92b0-5a1d63ff695d).html|hdl-access=free}}</ref><ref>{{cite news|last=Hasan|first=Zoya|title=The democratisation of politics|newspaper=[[The Hindu]]|date=2 February 2003|url=https://www.hinduonnet.com/thehindu/lr/2003/02/02/stories/2003020200180300.htm|access-date=19 April 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080307083023/https://www.hinduonnet.com/thehindu/lr/2003/02/02/stories/2003020200180300.htm|archive-date=7 March 2008|url-status=dead|df=dmy-all}}</ref> 1950 और 1960 के दशक में [[के. कामराज]] के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य पर अपना दबदबा बनाया, जिन्होंने [[जवाहरलाल नेहरू]] की मृत्यु के बाद पार्टी का नेतृत्व किया और प्रधानमंत्री [[लालबहादुर शास्त्री]] और [[इन्दिरा गांधी]] का चयन सुनिश्चित किया।<ref>{{cite book|title=India through the ages|url=https://archive.org/details/indiathroughages00mada|last=Gopal|first=Madan|year=1990|page=[https://archive.org/details/indiathroughages00mada/page/164 164]|editor=K.S. Gautam|publisher=Publication Division, Ministry of Information and Broadcasting, Government of India|asin=B003DXXMC4}}</ref> तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में कांग्रेस बड़ी पार्टी बनी हुई है। 1982 में [[नन्दमूरि तारक रामाराव]] द्वारा [[तेलुगु देशम पार्टी]] के गठन से पहले, पार्टी ने आंध्र प्रदेश में 30 वर्षों तक न्यूनतम विरोध के साथ शासन किया।<ref>{{cite news|url=https://www.dnaindia.com/india/report_telugu-desam-party-turns-29-nt-rama-rao-remembered_1364859|title=Telugu Desam Party turns 29, NT Rama Rao remembered|newspaper=DNA India|date=29 March 2010|access-date=31 May 2010}}</ref> केरल में दो प्रमुख गठबंधन हैं - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट और [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]] के नेतृत्व वाला [[लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (केरल)|लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट]]। पिछले पचास वर्षों से ये दोनों गठबंधन बारी-बारी से सत्ता में रहे हैं; और 1957 में केरल के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री [[ई० एम० एस० नंबूदरीपाद]] को दुनिया में पहली लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित कम्युनिस्ट सरकार के नेता के रूप में श्रेय दिया जाता है।<ref>{{cite journal|first=Olle|last=Törnquist|year=1991|title=Communists and democracy: Two Indian cases and one debate|journal=Bulletin of Concerned Asian Scholars|publisher=Committee of Concerned Asian Scholars|volume=23|issue=2|pages=63–76|issn=0007-4810|url=https://criticalasianstudies.org/assets/files/bcas/v23n02.pdf|doi=10.1080/14672715.1991.10413152|quote=The first democratically elected communist-led government in India actually came to power in 1957 in the southwest-Indian state of Kerala|access-date=1 January 2016|archive-date=11 August 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110811034858/https://criticalasianstudies.org/assets/files/bcas/v23n02.pdf|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|first1=Sarina|last1=Singh|first2=Amy|last2=Karafin|first3=Anirban|last3=Mahapatra|title=South India|date=1 September 2009|publisher=Lonely Planet|isbn=978-1-7417-9155-6|url-access=registration|url=https://archive.org/details/southindia0000unse}}</ref> [[भारतीय जनता पार्टी]] और [[जनता दल (सेक्युलर)]] कर्नाटक में महत्वपूर्ण पार्टियाँ हैं।<ref>{{cite web |last=Price |first=Pamela |url=https://www.isec.ac.in/Karnataka_Price16.5.05_aligned.pdf |title=Ideological Elements in Political Instability in Karnataka |publisher=University of Oslo |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20060525164515/https://www.isec.ac.in/Karnataka_Price16.5.05_aligned.pdf |archive-date=25 May 2006}}</ref> {{Image label begin|image=India_encoded.svg|width={{{width|300}}}|float={{{float|right}}}|font-size=50%|padding=8px}} {{Image label|x=0.370|y=0.870|scale={{{width|300}}}|text=[[Andhra Pradesh]]}} {{Image label|x=0.275|y=0.90|scale={{{width|300}}}|text=[[Karnataka]]}} {{Image label|x=0.285|y=1.04|scale={{{width|300}}}|text=[[Kerala]]}} {{Image label|x=0.3425|y=0.96|scale={{{width|300}}}|text=[[Tamil Nadu]]}} {{Image label|x=0.3825|y=0.77|scale={{{width|300}}}|text=[[Telangana]]}} {{Image label|x=0.11|y=0.995|scale={{{width|300}}}|text=''[[Lakshadweep]]''}} {{Image label|x=0.43|y=0.995|scale={{{width|300}}}|text=''[[Puducherry (union territory)|Puducherry]]''}} {{Image label end}} आज़ादी के बाद भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी दक्षिण भारत से थे। इस क्षेत्र ने छह भारतीय राष्ट्रपतियों को जन्म दिया है, अर्थात् [[सर्वेपल्लि राधाकृष्णन]],<ref>{{cite news|url=https://www.telegraphindia.com/1060415/asp/opinion/story_6099278.asp|archive-url=https://archive.today/20120911200507/http://www.telegraphindia.com/1060415/asp/opinion/story_6099278.asp|url-status=dead|archive-date=11 September 2012|title=Why Amartya Sen should become the next president of India|access-date=30 November 2008|first=Ramachandra|last=Guha|newspaper=[[The Telegraph (Calcutta)|The Telegraph]]|date=15 April 2006}}</ref> [[वी॰ वी॰ गिरि]],<ref>{{cite web|url=https://vicepresidentofindia.nic.in/giri.asp |title=Giri, Shri Varahagiri Venkata |access-date=30 November 2008 |publisher=Vice President's Secretariat |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090210115524/https://vicepresidentofindia.nic.in/giri.asp |archive-date=10 February 2009}}</ref> [[नीलम संजीव रेड्डी]],<ref>{{cite news|first=G.S.|last=Bhargava|title=Making of the President – Congress chief selects PM as well as President|newspaper=[[The Tribune (Chandigarh)|The Tribune]]|location=India|access-date=6 January 2009|url=https://www.tribuneindia.com/2007/20070730/edit.htm|date=29 July 2007}}</ref> [[रामस्वामी वेंकटरमण|आर० वेंकटरमण]],<ref>{{cite news|first=Sanjoy|last=Hazarika|title=India's Mild New President: Ramaswamy Venkataraman |newspaper=[[The New York Times]]|date=17 July 1987|access-date=6 January 2009|url=https://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9B0DEEDD1239F934A25754C0A961948260&n=Top/News/World/Countries%20and%20Territories/India}}</ref> [[कोच्चेरील रामन नारायणन|के० आर० नारायणन]],<ref>{{cite web|url=https://vicepresidentofindia.nic.in/krn.asp |title=Narayanan, Shri K, R|access-date=6 December 2008 |publisher=Vice President's Secretariat |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090210115549/https://vicepresidentofindia.nic.in/krn.asp |archive-date=10 February 2009}}</ref> और [[ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम]]।<ref>{{cite book|title=Prisoners of the Nuclear Dream|url=https://archive.org/details/prisonersofnucle0000unse|last1=Ramana|first1=M. V.|last2=Reddy, C.|first2=Rammanohar|year=2003|publisher=Orient Blackswan|location=New Delhi|isbn=978-8-1250-2477-4|page=[https://archive.org/details/prisonersofnucle0000unse/page/169 169]}}</ref> [[भारत का प्रधानमन्त्री|प्रधानमन्त्री]] [[पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव]] और [[एच॰ डी॰ देवगौड़ा]] इसी क्षेत्र से थे।<ref>{{cite news|first=S.A.|last=Aiyar|title=Unsung hero of the India story|quote=Twenty years ago, Narasimha Rao became Prime Minister and initiated economic reforms that transformed India|newspaper=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|date=26 June 2011|url=https://blogs.timesofindia.indiatimes.com/Swaminomics/entry/unsung-hero-of-the-india-story|access-date=30 August 2023}}</ref> === प्रशासन === दक्षिण भारत में पाँच दक्षिणी भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु, साथ ही पुदुचेरी और लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।<ref>{{cite web|url=https://knowindia.india.gov.in/states-uts/|title=States and Union Territories|publisher=Government of India|access-date=17 August 2023|lang=en}}</ref> पुदुचेरी और पांचों राज्यों में प्रत्येक में एक निर्वाचित राज्य सरकार है, जबकि लक्षद्वीप का प्रशासन [[भारत के राष्ट्रपति]] द्वारा [[भारत सरकार |केंद्रीय]] रूप से किया जाता है।<ref>{{cite web|url=https://india.gov.in/knowindia/profile.php?id=21|title=Union Territories of India|publisher=National Portal of India|access-date=12 January 2016|archive-date=26 नवंबर 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20121126234503/http://india.gov.in/knowindia/profile.php?id=21|url-status=dead}}</ref> प्रत्येक राज्य का नेतृत्व एक [[राज्यपाल (भारत)|राज्यपाल]] करता है, जिसे भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है और जो राज्य विधानमंडल के सत्तारूढ़ दल या गठबंधन के नेता को [[मुख्यमन्त्री (भारत)|मुख्यमंत्री]] के रूप में नामित करता है, जो राज्य सरकार का प्रमुख होता है।<ref>{{cite web |url=https://lawmin.nic.in/coi/contents.htm|title=Constitution of India|publisher=[[Ministry of Law and Justice (India)|Ministry of Law and Justice, Government of India]]|access-date=20 March 2016|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160325025912/https://lawmin.nic.in/coi/contents.htm|archive-date=25 March 2016|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite book|first=Durga Das|last=Basu|title=Introduction to the Constitution of India|year=1960|pages=241, 245|publisher=LexisNexis Butterworths|isbn=978-8-1803-8559-9}}</ref> प्रत्येक राज्य या क्षेत्र को आगे [[भारत के ज़िले|ज़िलों]] में विभाजित किया गया है, जिन्हें आगे राजस्व प्रभागों और [[तहसील|तालुकों]]/मंडलों या तहसीलों में विभाजित किया गया है।<ref>{{cite report |title=Statement showing the Nomenclature and Number of Sub-Districts in States/UTs |url=https://www.censusindia.gov.in/Tables_Published/Admin_Units/Admin_links/subdistrict_nomeclature.html |publisher=Office of The Registrar General & Census Commissioner, India, New Delhi |access-date=19 March 2016}}</ref> स्थानीय निकाय क्रमशः एक निर्वाचित [[महापौर]], [[नगर पालिका अध्यक्ष]], या पंचायत अध्यक्ष के साथ संबंधित शहरों, कस्बों और गांवों पर शासन करते हैं।<ref name="Govt"/> === राज्य === {| class="sortable wikitable" style="font-size: 85%" !नाम ![[आइएसओ 3166-2:आइएन|आइएसओ]] <ref name="iso">{{cite web|url=https://www.iso.org/obp/ui/#iso:code:3166:IN|title=ISO Online Browsing Platform|publisher=[[International Organization for Standardization|ISO]]|access-date=4 November 2014}}</ref><ref name="gefeg">{{cite web|url=https://www.gefeg.com/edifact/d03a/s3/codes/cl1h.htm|title=Code List: 3229|work=UN/EDIFACT|publisher=GEFEG|access-date=25 December 2012|archive-date=25 दिसंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181225051551/https://www.gefeg.com/edifact/d03a/s3/codes/cl1h.htm|url-status=dead}}</ref> !स्थापित !जनगणना<ref name="andhra">{{cite report|url=https://cfw.ap.nic.in/demography.html|title=Demographics of Andhra Pradesh|publisher=Government of Andhra Pradesh|access-date=20 March 2023}}</ref><ref name="telangana">{{cite report|title=Telangana State Profile|url=https://www.telangana.gov.in/about/state-profile|publisher=Government of Telangana|access-date=11 June 2014}}</ref> !क्षेत्रफल<ref name="census_main">{{cite web|url=https://www.worldatlas.com/articles/what-are-the-states-of-india.html|title=Area of Indian states|date=10 July 2018|website=www.worldatlas.com|access-date=24 March 2020}}</ref> !भाषाएँ<ref name="langoff50">{{cite report|url=https://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM50thReport.pdf|title=Report of the Commissioner for linguistic minorities: 50th report (July 2012 to June 2013)|publisher=Commissioner for Linguistic Minorities, Ministry of Minority Affairs, Government of India|access-date=14 January 2015|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160708012438/https://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM50thReport.pdf|archive-date=8 July 2016}}</ref> !राजधानी !जनसंख्या घनत्व<ref name="census_main" /> !लिंग अनुपात<ref name="census_main" /> !साक्षरता (%)<ref name="lit" /> !% शहरी आबादी<ref name="urban">{{cite report|url=https://mohua.gov.in/pdf/5c80e2225a124Handbook%20of%20Urban%20Statistics%202019.pdf|title=Urban Population in South India (by percent)|page=36|publisher=Ministry of Housing and Urban Affairs, Government of India|access-date=24 March 2020}}</ref> |- |[[आन्ध्र प्रदेश]] |AP |1 अक्टूबर 1953 |49,506,799 |162,968 |[[तेलुगू भाषा|तेलुगू]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |[[अमरावती, आन्ध्र प्रदेश|अमरावती]] |308 |996 |67.41 |29.4 |- |[[कर्नाटक]] |KA |1 नवंबर 1956 |61,095,297 |191,791 |[[कन्नड़ भाषा|कन्नड़]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |[[बंगलौर]] |319 |973 |75.60 |38.67 |- |[[केरल]] |KL |1 नवंबर 1956 |33,406,061 |38,863 |[[मलयालम भाषा|मलयालम]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |[[तिरुवनन्तपुरम]] |860 |1084 |94.00 |47.72 |- |[[तमिल नाडु]] |TN |26 जनवरी 1950 |72,147,030 |130,058 |[[तमिल भाषा|तमिल]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |[[चेन्नई]] |555 |996 |80.33 |48.40 |- |[[तेलंगाना]] |TG |2 जून 2014 |35,193,978 |112,077 |[[तेलुगू भाषा|तेलुगू]], [[दक्खिनी|उर्दू]] |[[हैदराबाद]] |307 |988 |66.50 |38.7 |} * {{note|1|Note 1}} 2 जून 2014 को आंध्र प्रदेश को दो राज्यों, तेलंगाना और एक शेष आंध्र प्रदेश में विभाजित किया गया था।<ref name="The Times Of India">{{cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/T-party-today-Indias-29th-state-Telangana-is-born/articleshow/35912105.cms|title=Bifurcated into Telangana State and residual Andhra Pradesh State|date=2 June 2014|newspaper=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=20 March 2016}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.egazette.nic.in/WriteReadData/2014/158365.pdf|title=The Gazette of India : The Andhra Pradesh Reorganization Act, 2014 Sub-section|date=4 March 2014|access-date=23 April 2014}}</ref> हैदराबाद, जो पूरी तरह से तेलंगाना की सीमा के भीतर स्थित है, दस साल से अधिक की अवधि के लिए दोनों राज्यों के लिए संयुक्त राजधानी के रूप में काम करेगा।<ref>{{cite news|url=https://www.ndtv.com/article/cheat-sheet/andhra-pradesh-minus-telangana-10-facts-534339|title=Andhra Pradesh Minus Telangana: 10 Facts|last=Bhattacharya|first=Sanchari|date=1 June 2014|work=[[NDTV]]|access-date=20 March 2016}}</ref> === केन्द्र शासित प्रदेश === {| class="sortable wikitable" style="font-size: 85%" !नाम ![[आइएसओ 3166-2:आइएन|आइएसओ]] !स्थापित !जनगणना !क्षेत्रफल !भाषाएँ !राजधानी !जनसंख्या घनत्व !लिंग अनुपात !साक्षरता (%) !% शहरी आबादी |- |[[लक्षद्वीप]] |LD |1 नवंबर 1956 |64,473 |30 |[[मलयालम भाषा|मलयालम]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |[[कवरत्ती]] |2,013 |946 |92.28 |78.07 |- |[[पुदुच्चेरी (केन्द्र-शासित प्रदेश)]] |PY |1 जुलाई 1963 |1,247,953 |490 |[[तमिल भाषा|तमिल]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |[[पुदुचेरी (नगर)|पुदुचेरी (नगर]] |2,598 |1037 |86.55 |68.33 |} === विधायी प्रतिनिधित्व === {{multiple image | header = राज्यों की विधान सभाएँ | direction = vertical | image1 = Andhra Pradesh Secretariat.jpg | width1 = 150 | caption1 = [[आंध्र प्रदेश विधान सभा|शासन सभा]] (आंध्र प्रदेश) | image2 = Vidhana_Soudha_2012.jpg | width2 = 150 | caption2 = [[विधान सौधा]] (कर्नाटक) | image3 = Kerala Legislative Assembly, Thiruvananthapuram.jpg | width3 = 150 | caption3 = [[नियमसभा मंदिरम]] (केरल) | image4 = Fort_St._George,_Chennai_2.jpg | width4 = 150 | caption4 = [[फोर्ट सेंट जॉर्ज, भारत|फोर्ट सेंट जॉर्ज]] (तमिलनाडु) | image5 = Andhra_Pradesh_Legislative_Assembly.jpg | width5 = 150 | caption5 = शासन सभा (तेलंगाना) | image6 = | width6 = 150 | height6 = 100 | caption6 = [[पुदुच्चेरी विधान सभा|विधान सभा]] (पुदुच्चेरी) }} दक्षिण भारत [[लोक सभा]] के लिए 132 [[सांसद (भारत)|सदस्यों]] का चुनाव करता है, जो कुल सदस्य संख्या का लगभग एक-चौथाई है।<ref name="Lok Sabha"/> इस क्षेत्र को [[राज्य सभा]] की कुल 245 सीटों में से 58 सीटें आवंटित की गई हैं।<ref name="Rajya Sabha"/> तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की राज्य विधानसभाएं एकसदनीय हैं, जबकि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में द्विसदनीय विधानसभाएं हैं।<ref name="Vidhan Sabha"/><ref>{{Cite book|title=The Pearson Concise General Knowledge Manual 2016|first=Showick|last=Thorpeand|publisher=Pearson Education India|year=2015|isbn=978-9-3325-5884-7|chapter=Chapter 3|page=17}}</ref> द्विसदनीय विधायिका वाले राज्यों में एक उच्च सदन (विधान परिषद) होता है, जिसके सदस्य विधानसभा के आकार के एक तिहाई से अधिक नहीं होते हैं। राज्य विधानमंडल पांच साल की अवधि के लिए सदस्यों का चुनाव करते हैं।<ref name="Govt">{{cite encyclopedia|url=https://www.britannica.com/place/India/Railways-and-roads#toc46435|title=State and local governments of India|encyclopedia=Britannica|access-date=12 January 2016}}</ref> राज्यपाल विधानसभाओं को निलंबित या भंग कर सकते हैं और जब कोई पार्टी सरकार बनाने में सक्षम नहीं हो तो प्रशासन कर सकते हैं।<ref name="Govt"/> {| class="sortable wikitable" style="font-size: 85%" !राज्य ![[लोक सभा]]<ref name="Lok Sabha">{{cite web|url=https://parliamentofindia.nic.in/ls/intro/introls.htm|title=Lok Sabha Introduction|publisher=National Informatics Centre, Government of India|access-date=22 September 2008}}</ref> ![[राज्य सभा]]<ref name="Rajya Sabha">{{cite web|url=https://rajyasabha.nic.in/rsnew/faq/freaq1.asp#six|title=Rajya Sabha|publisher=Indian Parliament|archive-url=https://archive.today/20130724045633/http://rajyasabha.nic.in/rsnew/faq/freaq1.asp|archive-date=24 July 2013|access-date=8 December 2012|url-status=dead}}</ref> ![[विधान सभा]]<ref name="Vidhan Sabha">{{cite web|url=https://eci.nic.in/eci_main1/seat_in_legislativeassembilies.aspx|title=State/UT wise Seats in the Assembly and their Reservation Status|publisher=Election Commission of India|access-date=8 December 2012}}</ref> ![[राज्यपाल (भारत)]] ![[मुख्यमन्त्री (भारत)]] |- |[[आन्ध्र प्रदेश]] |25 |11 |175 |[[विश्व भूषण हरिचंदन]] |[[वाई एस जगनमोहन रेड्डी]] |- |[[कर्नाटक]] |28 |12 |224 |[[थावरचंद गहलोत]] |[[सिद्दारमैया]] |- |[[केरल]] |20 |9 |140 |[[आरिफ़ मोहम्मद ख़ान]] |[[पिनाराई विजयन]] |- |[[लक्षद्वीप]] |1 |Nil |NA |एच० राजेश प्रसाद | - |- |[[पुदुच्चेरी (केन्द्र-शासित प्रदेश)]] |1 |1 |30 |[[तमिलिसै सौंदरराजन]] |[[एन॰ रंगास्वामी]] |- |[[तमिल नाडु]] |39 |18 |234 |[[रविन्द्र नारायण रवि]] |[[एम॰ के॰ स्टालिन]] |- |[[तेलंगाना]] |17 |7 |119 |[[तमिलिसै सौंदरराजन]] |[[के॰ चंद्रशेखर राव]] |- |कुल |'''132''' |'''58''' |'''922''' | | |} == जनसांख्यिकी == {{Main|द्रविड़ प्रजाति|तेलुगू लोग|तमिल}} भारत की [[भारत की जनगणना २०११|2011 की जनगणना]] के अनुसार, दक्षिण भारत की अनुमानित जनसंख्या 252 मिलियन थी, जो देश की कुल जनसंख्या का लगभग पाँचवाँ हिस्सा है। क्षेत्र की कुल [[प्रजनन दर के आधार पर भारत के राज्य|प्रजनन दर]] (टीएफआर) सभी राज्यों के जनसंख्या प्रतिस्थापन स्तर 2.1 से कम थी, केरल और तमिलनाडु में भारत में सबसे कम टीएफआर 1.7 थी।<ref>{{cite journal|title=The surprising global variation in replacement fertility| last1=Espenshade|first1=TJ|last2=Guzman|first2=JC|last3=Westoff|first3=CF| s2cid=10798893|year=2003|journal=Population Research and Policy Review|volume=22|doi=10.1023/B:POPU.0000020882.29684.8e|issue=5/6|page=580}}</ref><ref>{{cite report|url= https://www.censusindia.gov.in/vital_statistics/SRS_Bulletins/MMR_release_070711.pdf|title=Maternal & Child Mortality and Total Fertility Rates|publisher=Office of Registrar General|place=India|date=7 July 2011|access-date=3 December 2013}}</ref> परिणामस्वरूप, 1981 से 2011 तक भारत की कुल जनसंख्या में दक्षिण भारत की जनसंख्या के अनुपात में गिरावट आई है।<ref>{{cite book|last=Ishtiaq|first=M.|title=Language Shifts Among the Scheduled Tribes in India: A Geographical Study|year=1999|publisher=Motilal Banarsidass|location=Delhi| isbn=978-8-1208-1617-6| url=https://books.google.com/books?id=fkIgsfb95rAC|access-date=7 September 2012|pages=26–27}}</ref><ref>{{cite report|url=https://censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/Statement5.htm |title=Comparative Speaker's Strength of Scheduled Languages – 1971, 1981, 1991 and 2001 |publisher=Census of India |year=1991 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090411183701/https://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/Statement5.htm |archive-date=11 April 2009}}</ref> इस क्षेत्र की आबादी में [[अनुसूचित जाति]] और जनजाति की आबादी 18% है। इस क्षेत्र में कृषि प्रमुख नियोक्ता है, 47.5% आबादी कृषि गतिविधियों में शामिल है।<ref>{{Cite report|url=https://censusindia.gov.in/Tables_Published/A-Series/A-Series_links/t_00_009.aspx|title=Distribution of workers by category of workers, Census 2011|publisher=Government of India|access-date=20 March 2016}}</ref> लगभग 60% आबादी स्थायी आवास संरचनाओं में रहती है।<ref>{{Cite report|url=https://censusindia.gov.in/2011census/hlo/HLO_Tables.html|title=Houselisting and Housing, Census 2011|publisher=Government of India|access-date=20 March 2016}}</ref> दक्षिण भारत के 67.8% हिस्से में नल का पानी उपलब्ध है, जिसमें कुएँ और झरने जल आपूर्ति के प्रमुख स्रोत हैं।<ref>{{cite report|url=https://data.gov.in/resources/households-access-safe-drinking-water/download |archive-url=https://web.archive.org/web/20200806011859/https://data.gov.in/resources/households-access-safe-drinking-water/download |url-status=dead |archive-date=6 August 2020 |title=Households access to safe drinking water |publisher=Government of India |year=2011 |access-date=21 April 2014}}</ref> भारत की आज़ादी के तुरंत बाद के दशकों में उतार-चढ़ाव का अनुभव करने के बाद, दक्षिण भारतीय राज्यों की अर्थव्यवस्थाओं ने पिछले तीन दशकों में राष्ट्रीय औसत से अधिक वृद्धि दर्ज की है। जबकि दक्षिण भारतीय राज्यों ने कुछ [[सामाजिक अर्थशास्त्र]] में सुधार किया है,<ref name="ecoindicators">{{cite journal|url=https://outlookindia.com/full.asp?fodname=20070716&fname=HThe+Stats&sid=1|title=Also A Head For Numbers|date=16 July 2007|journal=[[Outlook (Indian magazine)|Outlook]]|access-date=22 July 2015|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20130502014202/https://outlookindia.com/full.asp?fodname=20070716&fname=HThe+Stats&sid=1|archive-date=2 May 2013|df=dmy-all}}</ref><ref name=outlook1>{{cite journal|url=https://outlookindia.com/full.asp?fodname=20070716&fname=AOpenning+Essay+%28F%29&sid=1|title=The Better Half|first=Ramachandra|last=Guha|journal=[[Outlook (Indian magazine)|Outlook]]|date=22 July 2015|access-date=20 March 2016|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160320010101/https://outlookindia.com/full.asp?fodname=20070716&fname=AOpenning+Essay+%28F%29&sid=1|archive-date=20 March 2016|df=dmy-all}}</ref> इस क्षेत्र में गरीबी देश के बाकी हिस्सों की तरह प्रभावित हो रही है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इसमें काफी कमी आई है। 2011 की जनगणना के आधार पर, दक्षिणी राज्यों में एचडीआई उच्च है, और अर्थव्यवस्था अधिकांश उत्तरी राज्यों की तुलना में तेज़ दर से बढ़ी है।<ref>{{cite journal|url=https://medind.nic.in/iby/t08/i8/ibyt08i8p198.pdf|title=Human development, poverty, health & nutrition situation in India|first1=G.M.|last1=Antony|first2=A.|last2=Laxmaiah|journal=The Indian Journal of Medical Research|publisher=Council of Social Development, Southern Regional Centre & Division of Community Studies National Institute of Nutrition (ICMR)|date=20 April 2015|volume=128|issue=2|pages=198–205|pmid=19001685|access-date=22 July 2015|archive-date=8 अगस्त 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210808134831/http://medind.nic.in/iby/t08/i8/ibyt08i8p198.pdf|url-status=dead}}</ref> 2011 की जनगणना के अनुसार, दक्षिण भारत में औसत [[साक्षरता दर]] लगभग 80% है, जो भारतीय राष्ट्रीय औसत 74% से काफी अधिक है, केरल में 93.91% की उच्चतम साक्षरता दर है।<ref name="lit">{{cite report|url=https://censusindia.gov.in/2011-prov-results/data_files/india/Final_PPT_2011_chapter6.pdf|title= Literacy in South India |page=14|publisher= Government of Indiaformat=PDF|access-date=24 March 2020}}</ref> दक्षिण भारत में [[लिंगानुपात]] सबसे अधिक है और केरल और तमिलनाडु शीर्ष दो राज्य हैं।<ref>{{cite report|url=https://www.censusindia.gov.in/vital_statistics/SRS_Report_2012/10_Chap_3_2012.pdf|title=Vital statistics report 2012|date=19 April 2014|publisher=Registrar General & Census Commissioner, Ministry of Home Affairs, Government of India|access-date=19 April 2014}}</ref> दक्षिण भारतीय राज्य आर्थिक स्वतंत्रता,<ref>{{cite report|url=https://www.cato.org/sites/cato.org/files/economic-freedom-india-2013/economic-freedom-states-of-india-chapter-1.pdf|title=Economic Freedom of the States of India: 2013| publisher=[[Cato Institute]]|page=24|year=2013|access-date=29 April 2014}}</ref> [[जीवन प्रत्याशा]],<ref name="HDI">{{cite report|url=https://www.in.undp.org/content/dam/india/docs/inequality_adjusted_human_development_index_for_indias_state1.pdf|title=Inequality-Adjusted Human Development Index for India's States 2011|publisher=United Nations Development Programme|access-date=13 February 2013}} {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130301034958/http://www.in.undp.org/content/dam/india/docs/inequality_adjusted_human_development_index_for_indias_state1.pdf |date=1 मार्च 2013 }}</ref> [[पेयजल उपलब्धता के आधार पर भारत के राज्यों की सूची|पेयजल उपलब्धता]],<ref>{{cite report|url=https://indiabudget.nic.in/es2012-13/estat1.pdf|title=Access to safe drinking water in households in India|publisher=Government of India|access-date=21 April 2014|date=|archive-date=6 August 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130806182450/http://indiabudget.gov.in/es2012-13/estat1.pdf|url-status=dead}} {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130806182450/http://indiabudget.gov.in/es2012-13/estat1.pdf |date=6 अगस्त 2013 }}</ref> [[गृह स्वामित्व के आधार पर भारत के राज्यों की सूची|गृह स्वामित्व]],<ref>{{cite report|title=Houses and household amenities and assets|url=http://censusindia.gov.in/2011census/hlo/Data_sheet/India/HLO_Indicators.pdf|publisher=Government of India|access-date=13 January 2017|url-status=dead|archive-date=12 February 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200212012344/https://censusindia.gov.in/2011census/hlo/Data_sheet/India/HLO_Indicators.pdf}}</ref> और [[टीवी स्वामित्व के आधार पर भारत के राज्य|टीवी स्वामित्व]]<ref>{{cite web|url=https://www.censusindia.gov.in/2011census/hlo/hlo_highlights.html|title=TV ownership| publisher=Government of India|access-date=21 April 2014}}</ref> में शीर्ष 10 में हैं, [[भारत में ग़रीबी|ग़रीबी]] दर 19% है। जबकि अन्य भारतीय राज्यों में यह 38% है। [[प्रति व्यक्ति आय]] {{INRConvert|19531}} है, जो अन्य भारतीय राज्यों ({{INRConvert|8951}}) से दोगुनी से भी अधिक है।<ref>{{cite news|url=https://www.ibtimes.com/dravida-nadu-what-if-south-seceded-republic-india-1413910|title=Dravida Nadu: What If The South Seceded From The Republic Of India?|work=IBT Times|date=10 March 2013|access-date=20 March 2016}}</ref><ref>{{cite news|url=https://indiatoday.intoday.in/story/north-india-vs-south-india-who-is-doing-better-report-says-south-india/1/269761.html|title=Who is doing better?|work=[[India Today]]|date=7 March 2013|access-date=20 March 2016}}</ref> [[संयुक्त राष्ट्र]] द्वारा निर्धारित [[सहस्राब्दी विकास लक्ष्य|सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों]] के तीन जनसांख्यिकीय संबंधित लक्ष्यों में से, जिन्हें 2015 तक हासिल करने की उम्मीद है, केरल और तमिलनाडु ने मातृ स्वास्थ्य में सुधार और शिशु मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने से संबंधित लक्ष्यों को 2009 तक हासिल कर लिया।<ref name="IMR">{{Cite news|url=https://www.frontline.in/other/data-card/missing-targets/article5740024.ece|title=Missing targets|work=Frontline|date=12 March 2014|access-date=20 March 2016}}</ref><ref>{{cite report|url=https://mospi.nic.in/Mospi_New/upload/mdg_26feb15.pdf|title=Millennium Development Goals – Country report 2015|publisher=Government of India|access-date=1 January 2016|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20151113185746/https://www.mospi.nic.in/mospi_new/upload/mdg_26feb15.pdf|archive-date=13 November 2015|df=dmy-all}}</ref> {| class="sortable wikitable" style="text-align:left;" style="font-size: 85%" |- ! राज्य ! जनगणना ! पुरुष !! महिला ! लिंग अनुपात ! साक्षरता % ! ग्रामीण आबादी ! शहरी आबादी ! क्षेत्रफल (किमी2) ! घनत्व (किमी2) |- | style="background:#f7f7fe;text-align:left;"|अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह || 380,520 || 202,330 || 177,614 || 878 || 86.63 || 237,093 | 143,488 || 8,249 || 46 |- | style="background:#f7f7fe;text-align:left;"|आन्ध्र प्रदेश || 49,386,799|| 24,738,068 || 24,648,731 || 996 || 67.41 || 34,776,389 | 14,610,410 || 162,975 || 308 |- | style="background:#f7f7fe;text-align:left;"|कर्नाटक|| 61,130,704 || 30,966,657 || 30,128,640 || 973 || 75.36 || 37,469,335 || 23,625,962 | 191,791 || 319 |- | style="background:#f7f7fe;text-align:left;"|केरल || 33,406,061 || 16,027,412 || 17,378,649 || 1084 || 96.2 || 17,471,135 || 15,934,926 | 38,863 || 859 |- | style="background:#f7f7fe;text-align:left;"|लक्षद्वीव || 64,473 || 33,123 || 31,350 || 946 || 91.85 || 14,141 || 50,332 | 32.62|| 2,013 |- | style="background:#f7f7fe;text-align:left;"|पुदुच्चेरी || 1,247,953 || 612,511 || 635,442 || 1037 || 86.55|| 395,200 || 852,753 | 483 || 2,598 |- | style="background:#f7f7fe;text-align:left;"|तमिल नाडु || 72,147,030 || 36,137,975 || 36,009,055 || 996 || 82.9 || 37,229,590 || 34,917,440 || 130,058 | 555 |- | style="background:#f7f7fe;text-align:left;"|तेलंगाना || 35,003,674 || 17,611,633 || 17,392,041 || 988 || 72.80 || 21,395,009 || 21,395,009 | 112,077 || 312 |} === भाषाग्रामीण आबादी === {{Main|द्रविड़ भाषा-परिवार|तेलुगू भाषा|मलयालम भाषा|कन्नड़ भाषा|तमिल भाषा}} दक्षिण भारत में सबसे बड़ा भाषाई समूह [[द्रविड़ भाषा-परिवार|द्रविड़ भाषा परिवार]] है, जिसमें लगभग 73 भाषाएँ हैं।<ref>{{cite book|first=Robert|last=Caldwell|title=A comparative grammar of the Dravidian or South-Indian family of languages|edition=3rd|place=New Delhi|publisher=Asian Educational Services|year=1998|isbn=978-8-1206-0117-8}}</ref> बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में [[तेलुगू भाषा|तेलुगु]], [[तमिल]], [[कन्नड़ भाषा|कन्नड़]] और [[मलयालम भाषा|मलयालम]] शामिल हैं।<ref>{{cite book|first=K.A.|last=Nilakanta Sastri|title=A History of South India|edition=7th|publisher=[[Oxford University Press]]|year=1996|isbn=978-0-1956-0686-7}}</ref> [[तुलू भाषा|तुलू]] तटीय केरल और कर्नाटक में लगभग 15 लाख लोगों द्वारा बोली जाती है; [[कोंकणी भाषा|कोंकणी]], एक [[इन्डो-आर्यन भाषा परिवार|इंडो-आर्यन भाषा]] है, जो कोंकण तट (केनरा) और केरल में लगभग 0.8 मिलियन लोगों द्वारा बोली जाती है; कोडवा टक कोडागु, मैसूर और बैंगलोर में पांच लाख से अधिक लोगों द्वारा बोली जाती है। दक्षिण भारत के शहरी क्षेत्रों में भी अंग्रेजी व्यापक रूप से बोली जाती है।<ref>{{cite web |url=https://www.languageinindia.com/junjul2002/baldridgeindianenglish.html |title=Lingusitic and Social Characteristics of Indian English |first=Jason |last=Baldridge |publisher=University of Edinburgh |access-date=22 July 2015 |archive-date=2 जुलाई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150702122452/http://www.languageinindia.com/junjul2002/baldridgeindianenglish.html |url-status=dead }}</ref> [[दक्खिनी|दक्खिनी उर्दू]], [[उर्दू भाषा|उर्दू]] की एक क्षेत्रीय बोली है जो [[मुसलमान|मुसलमानों]] द्वारा बोली जाती है।<ref>{{cite report|url=https://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Social_and_cultural/Religion.aspx|title=Religious statistics, Census 2011|publisher=Government of India|access-date=22 July 2015}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.languageinindia.com/april2003/urduinap.html |title=Urdu in Andhra Pradesh |publisher=Language in India |first=A.R. |last=Fatihi |access-date=22 July 2015 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20150713110121/https://www.languageinindia.com/april2003/urduinap.html |archive-date=13 July 2015}}</ref><ref>{{cite book|last=Upadhyaya|first=Padmanabha|title=Coastal Karnataka: Studies in Folkloristic and Linguistic Traditions of Dakshina Kannada Region of the Western Coast of India|publisher=Govind Pai Samshodhana Kendra|isbn=978-8-1866-6806-1|year=1973}}</ref> तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, उर्दू और कोंकणी भारत की 22 [[भारत की आधिकारिक भाषाएँ|आधिकारिक भाषाओं]] में सूचीबद्ध हैं। तमिल पहली भाषा थी जिसे 2004 में भारत सरकार द्वारा शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया था।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/3667032.stm|work=[[बीबीसी न्यूज़]]|title=India sets up classical languages|access-date=1 May 2007|date=17 September 2004}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thehindu.com/2004/09/18/stories/2004091806530100.htm|archive-url=https://web.archive.org/web/20180303153544/https://www.thehindu.com/2004/09/18/stories/2004091806530100.htm|url-status=dead|archive-date=3 March 2018|title=Tamil to be a classical language|newspaper=[[The Hindu]]|date=18 September 2004|access-date=1 August 2010 |location=Chennai, India}}</ref> बाद में तेलुगु (2008), कन्नड़ (2008) और मलयालम (2013) को भी शास्त्रीय भाषा घोषित किया गया।<ref>{{cite press release|url=https://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=44340|title=Declaration of Telugu and Kannada as classical languages|work=Press Information Bureau|publisher=Ministry of Tourism and Culture, Government of India|access-date=31 October 2008}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/classical-status-for-malayalam/article4744630.ece |title=Classical status for Malayalam|newspaper=[[The Hindu]]|date=24 May 2013|access-date=25 May 2013|location=Thiruvananthapuram, India}}</ref> इन चार भाषाओं का संयुक्त साहित्यिक उत्पादन भारत की अन्य साहित्यिक भाषाओं की तुलना में अधिक है।<ref>{{Cite web|title=Dravidian literature|url=https://www.britannica.com/art/Dravidian-literature|access-date=10 August 2021|website=Encyclopedia Britannica|language=en}}</ref> {| class="sortable wikitable" style="text-align:left;" style="font-size: 85%" |- !क्रम संख्या !भाषा !वक्ताओं की संख्या<ref>{{cite report|title=Census of India: Comparative speaker's strength of Scheduled Languages|page=15|lang=en|publisher=[[Government of India]]|url=https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/42458/download/46089/C-16_25062018.pdf|access-date=30 August 2023}}</ref> !राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जहां आधिकारिक हैं |- |1 |[[तेलुगू भाषा|तेलुगू]] |74,002,856 |[[आन्ध्र प्रदेश]], [[तेलंगाना]], [[पुदुच्चेरी]] |- |2 |[[तमिल भाषा|तमिल]] |60,793,814 |[[तमिल नाडु]], [[पुदुच्चेरी]] |- |3 |[[कन्नड़ भाषा|कन्नड़]] |43,706,512 |[[कर्नाटक]] |- |4 |[[मलयालम भाषा|मलयालम]] |34,838,319 |[[केरल]], [[लक्षद्वीप|लक्षद्वीप,]] [[पुदुच्चेरी]] |- |5 |[[कोंकणी भाषा|कोंकणी]] |2,489,015 |[[कर्नाटक]], [[केरल]] |} === धर्म === {{Pie chart |float=right |caption= दक्षिण भारत में धर्म (2011) |label1 = [[हिन्दू धर्म]] |value1 = 84 |color1 = orange |label2 = [[इस्लाम]] |value2 = 11 |color2 = Green |label3 = [[ईसाई धर्म]] |value3 = 4 |color3 = purple |label4 = अन्य धर्म |value4 = 1 |color4 = grey }} दक्षिण भारत में प्रागैतिहासिक धर्म का प्रमाण पाषाण युग के स्थलों पर नृत्य और अनुष्ठानों को दर्शाने वाले बिखरे हुए मेसोलिथिक शैल चित्रों से मिलता है, जैसे पूर्वी कर्नाटक के कुप्गल पेट्रोग्लिफ्स।<ref>{{cite news|title=Ancient Indians made 'rock music'|work=[[बीबीसी न्यूज़]]|date=19 March 2004|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/science/nature/3520384.stm|access-date=7 August 2015}}</ref> आज दक्षिण भारत में [[हिन्दू धर्म]] प्रमुख धर्म है, लगभग 84% आबादी इसका पालन करती है, जिसे अक्सर दुनिया का सबसे पुराना धर्म माना जाता है, जिसकी जड़ें भारत में प्रागैतिहासिक काल से हैं।<ref>{{Cite book|publisher=Merriam-Webster|title=Encyclopedia of World Religions|page=[https://archive.org/details/isbn_9780877790440/page/484 484]|first=Merriam|last=Webster|isbn=978-0-8777-9044-0|year=1999|url=https://archive.org/details/isbn_9780877790440/page/484}}</ref> इसकी आध्यात्मिक परंपराओं में हिंदू धर्म की शैव और वैष्णव दोनों शाखाएं शामिल हैं, हालांकि [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] और [[जैन धर्म|जैन]] दर्शन कई शताब्दियों पहले प्रभावशाली थे।<ref>{{cite book|title=The Encyclopedia of Religion|url=https://archive.org/details/encyclopediaofre13elia|url-access=limited|first1=Mircea|last1=Eliade|first2=Charles J.|last2=Adams|page=[https://archive.org/details/encyclopediaofre13elia/page/169 169]|year=1993|publisher=Macmillan|isbn=978-0-0289-7135-3}}</ref> अय्यावाज़ी दक्षिण भारत के दक्षिणी भागों में काफ़ी फैल गया है।<ref>{{cite book|last=Singh|first=Janak|title=World religions and the new era of science|url=https://archive.org/details/worldreligionsne0000sing|year=2010|publisher=Xlibris Corporation|isbn=978-1-4535-3572-1|page=[https://archive.org/details/worldreligionsne0000sing/page/n6 5]}}</ref><ref>{{cite book|last1=Wallis|first1=Graham Harvey|last2=Wallis|first2=Robert|title=The A to Z of shamanism|year=2010|publisher=Scarecrow Press|location=Lanham, Md.|isbn=978-0-8108-7600-2|page=101|url=https://books.google.com/books?id=Mf-xa4cisbUC&q=Ayyavazhi|access-date=4 October 2014}}</ref> शैव सिद्धांत दर्शन कई समुदायों में प्रमुख है।<ref>{{Cite web|title=Shaiva-siddhanta {{!}} Hindu philosophy|url=https://www.britannica.com/topic/Shaiva-siddhanta|access-date=2021-08-04|website=Encyclopedia Britannica|language=en}}</ref> [[इस्लाम]] दक्षिण भारत में 7वीं सदी की शुरुआत में मालाबार तट पर [[अरब लोग|अरब]] व्यापारियों द्वारा लाया गया था, और 17वीं से 18वीं सदी तक दक्कन सल्तनत के शासन के दौरान फैल गया। दक्षिण भारत में लगभग 11% आबादी [[इस्लाम]] का पालन करती है।<ref>{{cite web |title=Muslim Population in India - State wise Population |url=https://www.census2011.co.in/data/religion/2-muslims.html |website=www.census2011.co.in}}</ref> केरल में अरब मूल के मुसलमानों को जोनाका मप्पिला कहा जाता है।<ref>{{cite book|first1=Shail|last1=Mayaram|first2=M. S. S.|last2=Pandian|first3=Ajay|last3=Skaria|title=Muslims, Dalits and the Fabrications of History|year=2005|publisher=Permanent Black and Ravi Dayal Publisher|isbn=978-8-1782-4115-9|pages=39–}}</ref> लगभग 4% [[ईसाई धर्म]] का पालन करते हैं।<ref>{{cite report|title=Population By Religious Community – Tamil Nadu|year=2011|url=https://www.censusindia.gov.in/2011census/C-01.html|format=XLS|publisher=Office of The Registrar General and Census Commissioner, Ministry of Home Affairs, Government of India|access-date=13 September 2015}}</ref> दक्षिण भारत में ईसाई धर्म की शुरुआत थॉमस द एपोस्टल द्वारा की गई, जिन्होंने 52 ईस्वी में केरल के मुजिरिस का दौरा किया और मूल निवासियों, जिन्हें नाज़रानी मप्पिला कहा जाता है, को धर्मांतरित किया।<ref>{{Cite book|title=The Encyclopedia of Christianity|volume=5|first=Erwin|last=Fahlbusch|publisher=Eerdmans Publishing|year=2008|isbn=978-0-8028-2417-2}}</ref><ref>{{cite book|title=The Jews of India: A Story of Three Communities|first=Orpa |last=Slapak|publisher=The Israel Museum, Jerusalem|year=2003|page=27|isbn=978-9-6527-8179-6}}</ref> केरल दुनिया के सबसे पुराने यहूदी समुदायों में से एक का घर भी है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे राजा सोलोमन के शासनकाल के दौरान मालाबार तट पर आए थे।<ref>{{cite book|first=James|last=Henry|year=1977|title=The Jews in India and the Far East|url=https://archive.org/details/jewsinindiafarea0000lord|page=[https://archive.org/details/jewsinindiafarea0000lord/page/120 120]|publisher=Greenwood Press|isbn=0-8371-2615-0}}</ref><ref>{{cite book|last1=Katz|first1=Nathan|last2=Goldberg|first2=Ellen S|year=1993|title=The Last Jews of Cochin: Jewish Identity in Hindu India|publisher=Univ. of South Carolina Press|isbn=0-8724-9847-6}}</ref> === सबसे बड़े शहर === भारत की [[भारत की जनगणना २०११|2011 की जनगणना]] के अनुसार, दक्षिण भारत में प्रमुख महानगरीय क्षेत्र इस प्रकार हैं: {{Largest cities |country = दक्षिण भारत |stat_ref = <ref>{{cite web|title=Local Bodies|url=http://mospi.nic.in/Mospi_New/upload/SYB2013/CH-42-LOCAL%20BODIES/local%20bodies.pdf|website=Ministry of Statistics and Programme Implementation|publisher=National Informatics Centre|access-date=5 June 2015|page=9|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304034226/http://mospi.nic.in/Mospi_New/upload/SYB2013/CH-42-LOCAL%20BODIES/local%20bodies.pdf|archive-date=4 March 2016|url-status=dead}}</ref> |list_by_pop = |div_name = राज्य |city_1 = बैंगलोर |img_1 = |div_1 = कर्नाटक |pop_1 = 13,193,000 |city_2 = चेन्नई |img_2 = Chennai metro during trail run during night.JPG |div_2 = तमिल नाडु |pop_2 = 11,503,293 |city_3 = हैदराबाद |img_3 = High Rise buildings in Madhapur from Golkonda hill.jpg |div_3 = तेलंगाना |pop_3 = 6,809,970 |city_4 = विशाखापट्टनम |img_4 = Vizag View from Kailasagiri.jpg |div_4 = आन्ध्र प्रदेश |pop_4 = 6,050,000 |city_5 = कोड़िकोड |div_5 = केरल |pop_5 = 3,921,000 |city_6 = कोच्ची |div_6 = केरल |pop_6 = 3,301,000 |city_7 = कोयंबतूर |div_7 = तमिल नाडु |pop_7 = 2,935,000 |city_8 = तिरुवनंतपुरम |div_8 = केरल |pop_8 = 2,793,000 |city_9 = मदुरई |div_9 = तमिल नाडु |pop_9 = 1,799,000 |city_10 = सेलम, तमिल नाडु{{!}}सेलम |div_10 = तमिल नाडु |pop_10 = 1,146,000 }} == परिवहन == [[चित्र:India_roadway_map_with_population_density.svg|अंगूठाकार|जनसंख्या घनत्व के साथ राजमार्ग वितरण]] === सड़क === दक्षिण भारत में {{convert|20573|km|mi|abbr=on}} [[राष्ट्रीय राजमार्ग (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग]] और {{convert|46813|km|mi|abbr=on}} राज्य राजमार्ग के साथ एक व्यापक सड़क नेटवर्क है। चेन्नई को [[मुंबई]] और [[कोलकाता]] से जोड़ने वाला [[स्वर्णिम चतुर्भुज]] तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से होकर गुजरता है।<ref>{{cite report|url=https://morth.nic.in/sites/default/files/48.pdf|title=Year at a glance|access-date=19 March 2023|lang=en|page=3|publisher=Ministry of Road Transport and Highways, Government of India}}</ref> बस सेवाएँ राज्य-संचालित परिवहन निगमों द्वारा प्रदान की जाती हैं, अर्थात् [[आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम]],,<ref>{{cite web|title=Profile, APSRTC|url=https://www.tnstc.in/innerHtmls/pdf/Tamil%20Nadu%20STUs-pages.pdf|publisher=Government of Andhra Pradesh|access-date=20 March 2023|lang=en}}</ref> तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम,<ref>{{cite report|url=https://www.tnstc.in/innerHtmls/pdf/Tamil%20Nadu%20STUs-pages.pdf|title=About TNSTC|publisher=Government of Tamil Nadu|access-date=20 March 2023|lang=en}}</ref> [[कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम]],<ref>{{cite web|title=History of KSRTC|url=https://www.ksrtc.in/pages/history.html|publisher=Government of Karnataka|access-date=20 March 2023|lang=en|archive-date=5 जनवरी 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230105141248/https://www.ksrtc.in/pages/history.html|url-status=dead}}</ref> तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम,<ref>{{cite web|url=https://www.tsrtc.telangana.gov.in/history.php|title=Telangana SRTC History|publisher=Government of Telangana|access-date=20 March 2023|lang=en}}</ref><ref>{{cite web|title=It will be TGSRTC from June 2|url=https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-andhrapradesh/it-will-be-tgsrtc-from-june-2/article6014676.ece|first=Suresh|last=Krishnamoorthy|date=16 May 2014|newspaper=[[The Hindu]]|location=Hyderabad|access-date=20 March 2016}}</ref> केरल राज्य सड़क परिवहन निगम,<ref>{{cite web|url=https://www.keralartc.com/history.html|title=Kerala SRTC History|publisher=Government of Kerala|access-date=20 March 2023|lang=en|archive-date=21 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211121221950/https://www.keralartc.com/history.html|url-status=dead}}</ref> और पुडुचेरी सड़क परिवहन निगम।<ref>{{cite news|title=PRTC set for Revival|newspaper=[[The Hindu]]|location=Puducherry|first=Rajesh|last=Nair|url=https://www.hindu.com/2009/09/22/stories/2009092252840300.htm|archive-url=https://web.archive.org/web/20090925162759/https://www.hindu.com/2009/09/22/stories/2009092252840300.htm|url-status=dead|archive-date=25 September 2009|date=22 September 2009|access-date=21 March 2016}}</ref> {| class="wikitable sortable" style="font-size: 85%" !राज्य !राष्ट्रीय राजमार्ग<ref>{{cite report|url=https://morth.nic.in/sites/default/files/Details-of-National-Highways-as-on-31.03_1.pdf|title=List of highways by state|publisher=Ministry of Road Transport & Highways, Government of India|access-date=21 June 2023|lang=en}}</ref> !राज्य राजमार्ग<ref>{{cite report|url=https://morth.nic.in/index3.asp?sslid=1284&subsublinkid=590&lang=1|title=Basic Road Statistics of India 2014|date=23 May 2014|publisher=Ministry of Road Transport & Highways, Government of India|access-date=21 June 2014}}</ref> !प्रति 1000 जनसंख्या पर मोटर वाहन<ref>{{cite report|url=https://morth.nic.in/showfile.asp?lid=1131|title=Road Transport Yearbook 2011–2012|publisher=[[Ministry of Road Transport and Highways]], Government of India|page=115|year=2012|access-date=30 April 2014}}</ref> |- |[[आंध्र प्रदेश]] |{{convert|7356|km|mi|abbr=on}} |{{convert|10650|km|mi|abbr=on}} |145 |- |[[कर्नाटक]] |{{convert|6432|km|mi|abbr=on}} |{{convert|20774|km|mi|abbr=on}} |182 |- |[[तमिल नाडु]] |{{convert|5006|km|mi|abbr=on}} |{{convert|10764|km|mi|abbr=on}} |257 |- |[[तेलंगाना]] |{{convert|2635|km|mi|abbr=on}} |{{convert|3152|km|mi|abbr=on}} | - |- |[[केरल]] |{{convert|1811|km|mi|abbr=on}} |{{convert|4341|km|mi|abbr=on}} |425 |- |[[अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह]] |{{convert|330|km|mi|abbr=on}} |{{convert|38|km|mi|abbr=on}} |152 |- |[[पुदुच्चेरी (केन्द्र-शासित प्रदेश)]] |{{convert|64|km|mi|abbr=on}} |{{convert|246|km|mi|abbr=on}} |521 |- |'''Total''' |'''{{convert|22635|km|mi|abbr=on}}''' |'''{{convert|49965|km|mi|abbr=on}}''' | |} === उपनगरीय और मेट्रो === वर्तमान में, चार शहरों चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि में परिचालन मेट्रो प्रणालियाँ हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.india.gov.in/topics/transport/metro|title=Metro rail transport|publisher=Government of India|access-date=31 August 2023|lang=en}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/Politics/ylEObaYWxcC7lGO2E2e4wJ/The-rise-of-metro-rail-network-in-India.html|title=How metro rail networks are spreading across India|first=Jyotika|last=Sood|date=26 July 2017|website=livemint.com}}</ref> 1928 में स्थापित चेन्नई उपनगर देश के सबसे पुराने और सबसे बड़े शहरी नेटवर्क में से एक है।<ref name="SR"/> 1995 में खोला गया, चेन्नई एमआरटीएस भारत का पहला एलिवेटेड शहरी रेलवे था।<ref name="SR"/> हैदराबाद एमएमटीएस 2003 में खोला गया, जो स्थानीय रेल पारगमन प्रणाली वाला दक्षिण भारत का दूसरा शहर बन गया।<ref name="AD"/> दिसंबर 2022 तक, दक्षिण भारत में 205.06 किमी परिचालन वाली मेट्रो लाइनें और 16 प्रणालियाँ हैं।<ref name="auto">{{cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/metro-lines-cover-only-3-of-gurugram/articleshow/70905439.cms|title=Metro lines cover only 3% of Gurugram &#124; Gurgaon News |website=The Times of India|date=30 August 2019}}</ref> {| class="sortable wikitable" style="font-size: 85%" !प्रणाली !शहर !राज्य !चित्र !पंक्तियाँ !स्टेशन !लंबाई !स्थापित |- |चेन्नई सबर्ब<ref>{{cite report|url=https://sr.indianrailways.gov.in/cris//uploads/files/1623903361519-CHENNAI%20DIVISION%20-%20CATEGORY-2021.pdf|title=List of Stations, Chennai|lang=en|publisher=Southern Railway|access-date=23 August 2023}}</ref> |[[चेन्नई]] |[[तमिल नाडु]] |[[चित्र:ChennaiEMUNew.JPG|100x100पिक्सेल]] |3 |53 |{{cvt|212|km|mi|abbr=on|adj=on}} |1928<ref name="SR">{{cite report|title=Brief History of the Division|work=Chennai Division|publisher=Indian Railways—Southern Railways|url=http://www.sr.indianrailways.gov.in/uploads/files/1325745996774-about.pdf|access-date=26 October 2012|lang=en}}</ref> |- |चेन्नई मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम<ref name="MRTS">{{cite web|url=https://www.cmdachennai.gov.in/mrts_phase1.html|title=About MRTS|publisher=Chennai Metropolitan Development Authority|access-date=31 August 2023|lang=en|archive-date=12 जुलाई 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230712090557/https://www.cmdachennai.gov.in/mrts_phase1.html|url-status=dead}}</ref><ref name="SR" /> |[[चेन्नई]] |[[तमिल नाडु]] |[[चित्र:Velachery_Railway_station_June_2010.jpg|100x100पिक्सेल]] |1 |17 |{{cvt|19.715|km|mi|abbr=on|adj=on}} |1995 |- |हैदराबाद मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम<ref name="TW">{{cite news|url=https://www.thehansindia.com/news/cities/hyderabad/prime-minister-narendra-modi-to-flag-off-new-mmts-services-tomorrow-791634|title=Prime Minister Narendra Modi to flag off new MMTS services tomorrow|date=7 April 2023|access-date=17 April 2023|publisher=Hans India|lang=en}}</ref><ref name="AD">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/hyderabad/traffic-to-be-diverted-for-railway-inaugation-on-saturday/articleshow/122120.cms?from=mdr|title=Traffic to be diverted for railway inaugation on Saturday|date=9 August 2003|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=9 April 2023|issn=0971-8257|lang=en}}</ref> |[[हैदराबाद]] |[[तेलंगाना]] |[[चित्र:Hyderabad_MMTS_at_Hitech_city.jpg|100x100पिक्सेल]] |2 |44 |{{cvt|90|km|mi|abbr=on|adj=on}} |2003 |- |नम्मा मेट्रो<ref>{{cite web|url=https://english.bmrc.co.in/#/metro-network|title=Project status of Namma Metro|publisher=Bangalore Metro Rail Corporation Limited|access-date=31 August 2023|lang=en}}</ref> |[[बंगलौर|बंगलोर]] |[[कर्नाटक]] |[[चित्र:Namma_Metro_Trains_of_Bangalore.jpg|100x100पिक्सेल]] |2 |63 |{{cvt|69.6|km|mi|abbr=on|adj=on}} |2011 |- |चेन्नई मेट्रो<ref>{{cite web|url=https://wcag.chennaimetrorail.org/project-status/|title=Project status of Chennai Metro|publisher=Chennai Metro Rail Limited|access-date=31 August 2023|lang=en}}</ref> |[[चेन्नई]] |[[तमिल नाडु]] |[[चित्र:Alstom_Metropolis_train-set_at_Guindy_Metro_station_in_Chennai.jpg|100x100पिक्सेल]] |2 |41 |{{cvt|54.1|km|mi|abbr=on|adj=on}} |2015 |- |कोच्चि मेट्रो<ref>{{cite web|url=https://kochimetro.org/know-your-kochi-metro-map-with-routes-stops-and-journey-time/|title=Kochi Metro map with routes|publisher=Kochi Metro|access-date=31 August 2023|lang=en|archive-date=14 अगस्त 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220814061652/https://kochimetro.org/know-your-kochi-metro-map-with-routes-stops-and-journey-time/|url-status=dead}}</ref> |[[कोच्चि]] |[[केरल]] |[[चित्र:Kochi_Metro_train_at_Palarivattom,_Aug_2017.jpg|100x100पिक्सेल]] |1 |22 |{{cvt|25.6|km|mi|abbr=on|adj=on}} |2017 |- |हैदराबाद मेट्रो<ref>{{cite web|url=https://www.ltmetro.com/about-hmr/|title=About Hyderabad Metro Rail|publisher=Hyderabad Metrol Rail|access-date=30 August 2023|lang=en}}</ref> |[[हैदराबाद]] |[[तेलंगाना]] |[[चित्र:Hyderabad_Metro.jpg|100x100पिक्सेल]] |3 |57 |{{cvt|69.2|km|mi|abbr=on|adj=on}} |2017 |} === हवा === {{multiple image|align=right|direction=vertical|image1=Bengaluru-airport.jpg|width1=200|alt1=|caption1=[[केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा|केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, बेंगलुरु]]|image2=Chennai airport view 4.jpeg|width2=200|alt2=|caption2=[[चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा]]|image3=RGIA 26112021 2.jpg|width3=200|alt3=|caption3=[[राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा|राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, हैदराबाद]]|image4=CIAL_T.jpg|width4=200|alt4=|caption4=[[कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा]]}} 1915 में, [[टाटा संस]] ने भारत के दक्षिणी भाग में हवाई परिवहन की शुरुआत को चिह्नित करते हुए [[कराची]] और [[चेन्नई|मद्रास]] के बीच एक नियमित हवाई मेल सेवा शुरू की।<ref>{{cite web|url=http://www.tcil.com/ca.asp|title=Civil Aviation|publisher=Transport Corporation of India Limited|access-date=21 July 2012|archive-date=17 सितंबर 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120917145240/http://www.tcil.com/ca.asp|url-status=dead}}</ref> मार्च 1930 में, पायलट जी. व्लास्टो द्वारा शुरू की गई एक चर्चा के परिणामस्वरूप मद्रास फ्लाइंग क्लब की स्थापना हुई, जो दक्षिण भारत में पायलट प्रशिक्षण में अग्रणी बन गया।<ref>{{cite journal|last=Saraogi|first=R.L.|year=1952|title=Indian Aviation|page=192}}</ref><ref>{{cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/chennai/madras-flying-club-high-on-quality/articleshow/8842647.cms|title=Madras Flying Club: High on quality|last=Janardanan|first=Arun|date=14 June 2011|newspaper=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=25 December 2022|location=Chennai|lang=en}}</ref> 15 अक्टूबर 1932 को, भारतीय एविएटर जे. आर. डी. टाटा ने [[जिन्ना अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र|कराची]] से जुहू हवाई अड्डा, बंबई तक डाक ले जाने वाला एक पुस मोथ विमान उड़ाया; और विमान रॉयल एयर फोर्स के पूर्व पायलट और टाटा के मित्र नेविल विंसेंट द्वारा संचालित होकर मद्रास तक चला गया।<ref name="history">{{cite book|title=Britain's Imperial Air Routes, 1918 to 1939|url=https://archive.org/details/britainsimperial0000robi|last=Higham|first=Robin|publisher=Shoe String Press|year=1961|isbn=978-0-2080-0171-9|page=[https://archive.org/details/britainsimperial0000robi/page/168 168]|lang=en}}</ref><ref>{{cite journal|year=1953|title=De Havilland Gazette|publisher=De Havilland Aircraft Company|page=103|lang=en}}</ref> दक्षिण भारत में 12 [[भारत में विमानक्षेत्रों की सूची|अंतरराष्ट्रीय हवाई]] अड्डे, 2 सीमा शुल्क हवाई अड्डे, 15 घरेलू हवाई अड्डे, 5 राज्य के स्वामित्व वाले/निजी हवाई अड्डे और 15 हवाई अड्डे हैं।<ref>{{cite report|lang=en|url=https://www.aai.aero/sites/default/files/basic_page_files/list%20of%20airport%20bilingual.pdf|title=List of Indian Airports|publisher=[[Airports Authority of India]]|access-date=11 July 2022}}</ref> [[बंगलौर|बंगलोर बंगलौर]], [[चेन्नई]], [[हैदराबाद]] और [[कोच्चि]] अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे देश के 10 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से हैं।<ref name="AAI2">{{cite report|url=https://www.aai.aero/sites/default/files/traffic-news/Jul2k23Annex3.pdf|title=Traffic Statistics-July 2023|publisher=Airports Authority of India|access-date=26 August 2023}}</ref> [[चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा]] भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के दक्षिणी क्षेत्रीय मुख्यालय के रूप में कार्य करता है, दक्षिणी क्षेत्र में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना राज्य और पुडुचेरी और लक्षद्वीप के केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.aai.aero/en/node/4004|title=Regional Headquarters of AAI|publisher=Airports Authority of India|access-date=30 August 2023|lang=en}}</ref> भारत के दस सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से चार दक्षिण भारत में हैं। यह क्षेत्र [[तिरुवनंतपुरम]] स्थित भारतीय वायु सेना के दक्षिणी वायु कमान के दायरे में आता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय प्रशिक्षण कमान का मुख्यालय बेंगलुरु में है। वायु सेना दक्षिणी भारत में नौ हवाई अड्डों का संचालन करती है।<ref>{{cite web|url=https://indianairforce.nic.in/|title=Indian Air Force Commands|publisher=[[Indian Air Force]]|access-date=29 June 2010|lang=en}}</ref> इस क्षेत्र में, भारतीय नौसेना [[कोच्चि]], अराक्कोनम, उचिपुली, [[विजाग]] और [[चेन्नई]] में एयरबेस संचालित करती है।<ref>{{cite web|url=https://indiannavy.nic.in/content/organisation-southern-naval-command-kochi|title=Organisation of Southern Naval Command|publisher=[[Indian Navy]]|access-date=26 August 2023|lang=en}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indiannavy.nic.in/content/enc-authorities-units|title=ENC Authorities & Units|publisher=[[Indian Navy]]|access-date=26 October 2015|lang=en}}</ref> {| class="wikitable sortable" style="font-size: 85%" !राज्य/संघ राज्य क्षेत्र !अंतरराष्ट्रीय !सीमा शुल्क{{ref|1|Note 1}} !घरेलू !राज्य/निजी !सैन्य |- |[[आन्ध्र प्रदेश]] |2 |1 |3 |1 |1 |- |[[कर्नाटक]] |2 |0 |4 |4 |3 |- |[[केरल]] |4 |0 |0 |0 |2 |- |[[लक्षद्वीप]] |0 |0 |1 |0 |0 |- |[[पुदुच्चेरी (केन्द्र-शासित प्रदेश)|पुदुच्चेरी]] |0 |0 |1 |0 |0 |- |[[तमिल नाडु]] |3 |1 |3 |0 |6 |- |[[तेलंगाना]] |1 |0 |3 |0 |3 |- |'''Total''' |'''12''' |'''2''' |'''15''' |'''5''' |'''15''' |} === पानी === यह क्षेत्र तीन तरफ से पानी से ढका हुआ है और इसकी तटरेखा लंबी है। दक्षिण भारत में कुल 67 बंदरगाह स्थित हैं: तमिलनाडु (18), केरल (14), आंध्र प्रदेश (13), कर्नाटक (11), लक्षद्वीप (10) और पांडिचेरी (1)।<ref name="Ports">{{cite report|url=https://dwiep.ncscm.res.in/images/port.pdf|title=List of ports|publisher=Government of India|access-date=29 August 2023|lang=en|page=1}}</ref> प्रमुख बंदरगाहों में विशाखापत्तनम, चेन्नई, मैंगलोर, तूतीकोरिन, एन्नोर और कोच्चि शामिल हैं।<ref name="Ports"/> {| class="wikitable sortable" style="font-size: 85%" !नाम !शहर !राज्य <small>([[Fiscal year|FY]]2021–22)</small><ref>{{cite report|url=https://shipmin.gov.in/sites/default/files/Annual%20Report%202022-23%20English.pdf|title=Annual Report, 2022-23|publisher=Ministry of Shipping, Government of India|page=35|lang=en|access-date=26 August 2023}}</ref> !कार्गो हैंडल्ड (एमटी) <small>([[Fiscal year|FY]]2022–23)</small><ref>{{cite report|url=https://shipmin.gov.in/sites/default/files/Annual%20Report%202022-23%20English.pdf|title=Annual Report, 2022-23|publisher=Ministry of Shipping, Government of India|page=47|lang=en|access-date=26 August 2023}}</ref> |यात्री |- |विशाखापत्तनम बंदरगाह |[[विशाखापत्तनम]] |[[आंध्र प्रदेश]] |69.03 |शून्य |- |[[चेन्नई पोर्ट]] |[[चेन्नई]] |[[तमिलनाडु]] |48.56 |88,596 |- |न्यू मैंगलोर पोर्ट |[[मैंगलोर]] |[[कर्नाटक]] |39.30 |1,440 |- |[[एन्नोर पोर्ट|कामराजार पोर्ट]] |[[चेन्नई]] |[[तमिलनाडु]] |38.74 |शून्य |- |कोचीन पोर्ट |[[कोच्चि]] |[[केरल]] |34.55 |26,550 |- |वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह |थूथुकुडी |[[तमिलनाडु]] |34.12 |शून्य |} केरल बैकवाटर आपस में जुड़ी हुई नहरों, नदियों, झीलों और इनलेट्स का एक नेटवर्क है, जो 900 किमी से अधिक जलमार्गों द्वारा निर्मित एक भूलभुलैया प्रणाली है।<ref>{{cite book|title=Inventory, Ecology, and Management|volume=15|year=1993|via=Kluwer Academic Publishers|publisher=University of Wisconsin|lang=en|page=358|first1=Dagmar|last1=Dykyjová|first2=Dennis F.|last2=Whigham|first3=Slavomil|last3=Hejný}}</ref> भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान और दक्षिणी नौसेना कमान का मुख्यालय क्रमशः विशाखापत्तनम और कोच्चि में है।<ref>{{cite web|url=https://www.joinindiannavy.gov.in/en/about-us/basic-organization.html|title=Basic Organization|publisher=Indian Navy|access-date=1 January 2023}}</ref><ref>{{cite web|url=https://indiannavy.nic.in/content/organisation-southern-naval-command-kochi|title=Southern naval command|publisher=[[Indian Navy]]|access-date=1 January 2016}}</ref> इस क्षेत्र में, भारतीय नौसेना के प्रमुख परिचालन अड्डे विशाखापत्तनम, चेन्नई, कोच्चि, कारवार और कावारत्ती में हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.joinindiannavy.gov.in/en/about-us/bases.html|title=Bases of Indian Navy|publisher=Indian Navy|access-date=1 January 2023}}</ref> == संस्कृति == [[दक्षिण भारतीय संस्कृति]] === पहरावा === दक्षिण भारतीय महिलाएं पारंपरिक रूप से ''[[साड़ी]]'' पहनती हैं, एक ऐसा परिधान जिसमें {{convert|5|yd|}} से {{convert|9|yd|}} लंबाई और {{convert|2|ft|}} से {{convert|4|ft|}} चौड़ाई होती है। आम तौर पर कमर के चारों ओर लपेटा जाता है, जिसका एक सिरा कंधे पर लपेटा जाता है, मध्य भाग खुला रहता है, जैसा कि भारतीय दर्शन के अनुसार, नाभि को जीवन और रचनात्मकता का स्रोत माना जाता है।<ref name="Saree">{{cite book|title=Saris: An Illustrated Guide to the Indian Art of Draping|last=Boulanger|first=Chantal|publisher=Shakti Press International|year=1997|isbn=0-9661496-1-0|location=New York}}</ref><ref>{{cite book|title=The Sari|last=Lynton|first=Linda|publisher=Harry N. Abrams, Incorporated|year=1995|isbn=978-0-8109-4461-9|location=New York}}</ref> प्राचीन तमिल कविता, जैसे कि सिलप्पाधिकरम, महिलाओं को उत्तम वस्त्र या साड़ी में वर्णित करती है।<ref>{{cite book|title=The Tale of an Anklet: An Epic of South India – The Cilappatikaram of Ilanko Atikal, Translations from the Asian Classics|url=https://archive.org/details/cilappatikaramof0000rpar|last=Parthasarathy|first=R.|publisher=Columbia University Press|year=1993|isbn=978-0-2310-7849-8|location=New York}}</ref> मदीसर तमिलनाडु की ब्राह्मण महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली एक विशिष्ट शैली है। [286] महिलाएं शादी जैसे विशेष अवसरों पर रंगीन रेशम की साड़ियाँ पहनती हैं।<ref>{{cite web|url=https://tamilnadu.com/fashion/madisar-pudavai.html|title=Tamilnadu {{!}} The Brahmin Way of Wearing A Saree|date=13 March 2014|access-date=23 अक्तूबर 2023|archive-date=22 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211122194931/https://tamilnadu.com/fashion/madisar-pudavai.html|url-status=dead}}</ref> कांचीपुरम रेशम साड़ी एक प्रकार की रेशम साड़ी है जो तमिलनाडु के कांचीपुरम क्षेत्र में बनाई जाती है और इन साड़ियों को दक्षिण भारत में ज्यादातर महिलाएं दुल्हन और विशेष अवसर की साड़ियों के रूप में पहनती हैं। इसे 2005-2006 में भारत सरकार द्वारा भौगोलिक संकेत के रूप में मान्यता दी गई है।<ref name="Hindu">{{cite news|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-features/tp-editorialfeatures/weaving-through-threads-of-kancheepurams-history/article3264339.ece|title=Weaving through the threads|newspaper=[[The Hindu]]|access-date=7 March 2015}}</ref><ref name="GI">{{cite web|url=http://ipindia.nic.in/girindia/|title=Geographical indication|publisher=Government of India|archive-url=https://web.archive.org/web/20130826183844/http://ipindia.nic.in/girindia/|archive-date=26 August 2013|access-date=28 June 2015|url-status=dead}}</ref> कोवई कोरा कॉटन एक प्रकार की सूती साड़ी है जो कोयंबटूर में बनाई जाती है पुरुष धोती पहनते हैं, जो 4.5 मीटर (15 फीट) लंबा, बिना सिले कपड़े का सफेद आयताकार टुकड़ा होता है, जो अक्सर चमकीले रंग की धारियों से घिरा होता है। यह आमतौर पर कमर और पैरों के चारों ओर लपेटा जाता है और कमर पर गांठ लगाई जाती है।<ref>{{cite encyclopedia|url=https://www.britannica.com/topic/dhoti|title=About Dhoti|encyclopedia=Britannica|access-date=12 January 2016}}</ref> विशिष्ट बैटिक पैटर्न वाली रंगीन लुंगी ग्रामीण इलाकों में पुरुषों की पोशाक का सबसे आम रूप है।<ref name="Cloth">{{cite encyclopedia|url=https://www.britannica.com/place/India/Clothing|title=Clothing in India|encyclopedia=Britannica|access-date=12 January 2016}}</ref> शहरी क्षेत्रों में लोग आम तौर पर सिले हुए कपड़े पहनते हैं, और पश्चिमी पोशाक लोकप्रिय है। पश्चिमी शैली की स्कूल वर्दी लड़के और लड़कियाँ दोनों स्कूलों में पहनते हैं, यहाँ तक कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी। केलिको, एक सादा बुना हुआ कपड़ा जो बिना प्रक्षालित, और अक्सर पूरी तरह से संसाधित न होने वाली कपास से बनाया जाता है, इसकी उत्पत्ति कालीकट (कोझिकोड) में हुई थी, जहाँ से इस कपड़े का नाम दक्षिण भारत में, अब केरल में, 11वीं शताब्दी के दौरान आया,<ref>{{Cite encyclopedia|title=calico|encyclopedia=[[Encyclopædia Britannica Online]]|url=https://www.britannica.com/topic/calico-textile|access-date=2021-02-01}}</ref> जहां कपड़े को चलियान के नाम से जाना जाता था।<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=q6FI2czFz6MC&q=calico+calicut|title=The Greenwood Encyclopedia of Clothing Through World History: 1801 to the Present|last=Condra|first=Jill|publisher=Bloomsbury Academic|year=2008|isbn=978-0-3133-3665-2|volume=3}}</ref> कच्चे कपड़े को चमकीले रंगों में रंगा और मुद्रित किया गया, और केलिको प्रिंट बाद में यूरोप में लोकप्रिय हो गया।<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=KuQyRKaoJmUC&q=calico+calicut|title=Lynda Mugglestone "The Oxford History of English"|last1=Mugglestone|first1=Lynda|date=27 July 2006|publisher=OUP Oxford|isbn=978-0-1916-2317-2|access-date=2014-01-16}}</ref> == पर्यटन == दक्षिण भारत, गर्मियों के दौरान एक अत्यधिक मांग वाला पर्यटन स्थल, दक्षिण भारत में कई लोकप्रिय गर्मियों की छुट्टियों के स्थानों के साथ बिंदीदार। इतिहास, वास्तुकला, सुंदर दृश्य, सुखद मौसम, रोमांच और अविश्वसनीय अनुभव आकर्षण में इजाफा करते हैं। तो दक्षिण भारत सुंदरता और रहस्य का एक पूर्ण पैकेज है, और गर्मी और आर्द्रता से दूर है। समुद्र तटों, बैकवाटर्स, हिल स्टेशनों, वन्यजीव अभयारण्यों, प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक शहरों और बहुत कुछ का आनंद लें।<ref>{{Cite web|url=https://arrestedworld.com/summer-attractions-in-south-india/|title=16 Best Tourist Places in South India during Summer|date=2018-06-03|website=ArrestedWorld|language=en-US|access-date=2020-09-11|archive-date=29 जनवरी 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210129171339/https://arrestedworld.com/summer-attractions-in-south-india/|url-status=dead}}</ref> == क्षेत्र और भूगोल == इस क्षेत्र को तथा इसके कई अंगों को भूगोल और संस्कृति के आधार पर कई विशेष नाम दिए जाते हैं। इनका विवरण नीचे है - * [[उत्तरी कर्नाटक]] * [[उत्तरी सरकार]] * [[कर्नाटक]] * [[कनारा]] * [[करावली]] * [[चेरा नाडु]] * [[चेट्टिनाडु|चेट्टि नाडु]] * [[चोल नाडु]] * [[कोरोमण्डल]] * [[कम्मनाडु]] * [[कोंगु नाडु]] * [[कोंकण]] * [[कोष्ट]] * [[तोंडाइनाडु]] * [[तिरुवितमकुर]] * [[तुलुनाडु]] * [[तेलंगाना]] * [[दक्कन का पठार|दक्कन]] * [[पालनाडु]] * [[पांड्यनाडु]] * [[बयालु सीमा]] * [[मालाबार]] * [[मलनाड]] * [[मुलकनाडु]] * [[मैसूर]] * [[रायचुर दोआब]] * [[रायलसीमा]] * [[वेलनाडु]] == शिक्षा == 2011 की जनगणना के अनुसार, दक्षिण भारत में औसत साक्षरता दर लगभग 80% है, जो भारतीय राष्ट्रीय औसत 74% से काफी अधिक है, केरल में 93.91% की उच्चतम साक्षरता दर है।<ref name="lit"/> दक्षिण भारत देश के कुछ सबसे बड़े और सबसे प्रमुख सार्वजनिक और निजी उच्च शिक्षा संस्थानों का घर है। {{multiple image|header=Major Educational Institutions|direction=horizontal|image1=Senate House (University of Madras).jpg|width1=100|caption1=[[मद्रास विश्वविद्यालय]], सबसे पुराने और प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक|image2=Indian Institute of Management Bangalore, Entrance.jpg|width2=100|caption2=[[भारतीय प्रबंध संस्थान बेंगलूर]], शीर्ष रैंक वाले प्रबंधन संस्थानों में से एक|image3=IITMmensa.jpg|width3=100|caption3=[[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास]], सबसे पुराने और प्रमुख आईआईटी में से एक|image4=Sheeju iisc.jpg|width4=100|caption4=[[भारतीय विज्ञान संस्थान|आईआईएससी बैंगलोर]], प्रीमियम अनुसंधान संस्थानों में से एक}} == खेल == [[चित्र:MA_Chidambaram_Stadium_In_the_Night_during_a_CSK_Game.jpg|अंगूठाकार|200x200पिक्सेल|चेन्नई का एम. ए. चिदम्बरम स्टेडियम, सबसे पुराने क्रिकेट स्थलों में से एक है]] [[चित्र:Sadugudu_sadugude.jpg|अंगूठाकार|200x200पिक्सेल|कबड्डी इस क्षेत्र के सभी राज्यों का राज्य खेल है]] दक्षिण भारत में क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है।<ref>{{cite web|url=http://sporteology.com/top-10-most-popular-sports-in-india/|title=Top 10 Most Popular Sports in India|publisher=Sporteology.com|access-date=2013-10-16|archive-date=22 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180622111511/https://sporteology.com/top-10-most-popular-sports-in-india/|url-status=dead}}</ref> इस क्षेत्र में पांच वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्थल हैं: चेन्नई में [[एम ए चिदंबरम स्टेडियम|एम. ए. चिदम्बरम स्टेडियम]], बैंगलोर में [[एम चिन्नास्वामी स्टेडियम|एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम]], विशाखापत्तनम में डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हैदराबाद में [[राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]] और तिरुवनंतपुरम में ग्रीनफील्ड अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम। अतीत में छह और निष्क्रिय स्थलों ने भी अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी की है।<ref>{{cite web|url=http://www.thehindu.com/sport/cricket/international-cricket-venues-in-india/article19834348.ece|title=International cricket venues in India|website=[[The Hindu]]}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.mid-day.com/articles/afghanistan-to-face-bangladesh-in-first-t20i-at-dehradun-on-sunday/19482197|title=Afghanistan To Face Bangladesh In First T20I At Dehradun On Sunday}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> टेनिस बॉल क्रिकेट पूरे क्षेत्र में खेला जाता है।<ref>{{cite web|url=http://www.synovate.com/news/article/2003/11/study-finds-india-sports-a-high-awareness-of-celebrity-brand-endorsements-and-sachin-is-number-one.html|title=Ipsos – Nobody's unpredictable|publisher=Synovate.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20120414120435/http://www.synovate.com/news/article/2003/11/study-finds-india-sports-a-high-awareness-of-celebrity-brand-endorsements-and-sachin-is-number-one.html|archive-date=2012-04-14|access-date=2012-06-16|url-status=dead}}</ref> इंडियन प्रीमियर लीग एक प्रीमियम टी20 क्रिकेट प्रतियोगिता है जिसमें इस क्षेत्र की तीन टीमें शामिल हैं, अर्थात् [[चेन्नई सुपर किंग्स]], [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] और [[सनराइजर्स हैदराबाद]]। चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल में सबसे सफल फ्रेंचाइजी है।<ref>{{Cite web|url=https://scroll.in/field/1050018/ipl-2023-as-chennai-super-kings-clinch-record-equalling-fifth-title-a-look-at-the-list-of-winners|title=IPL 2023: As Chennai Super Kings clinch record-equalling fifth title, a look at the list of winners|author=Scroll Staff|date=2023-05-30|website=Scroll.in|language=en-US|access-date=2023-06-26}}</ref> इंडियन सुपर लीग प्रमुख क्लब प्रतियोगिता होने के कारण फुटबॉल भी लोकप्रिय है। इस क्षेत्र से चार टीमें हैं: बेंगलुरु एफसी, [[चेन्नइयिन एफसी]], हैदराबाद एफसी और केरला ब्लास्टर्स एफसी। दक्षिणी डर्बी या दक्षिणी प्रतिद्वंद्विता, तीन पेशेवर फुटबॉल क्लब बेंगलुरु, चेन्नईयिन और केरल ब्लास्टर्स में से किसी दो द्वारा लड़े गए डर्बी को दिया गया नाम है।<ref>{{Cite web|url=http://www.theturffootball.com/articles/indian-super-league-the-southern-derby/|title=Indian Super League: The Southern Derby|last=|first=|date=11 July 2020|website=www.theturffootball.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20210109150456/http://www.theturffootball.com/articles/indian-super-league-the-southern-derby/|archive-date=9 January 2021|access-date=28 December 2020|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/football/chennaiyin-fc-versus-kerala-blasters-in-isl-s-most-bitter-rivalries/story-kg8r1jJxyAuRdhe8nTjk5O.html|title=Chennaiyin FC versus Kerala Blasters in ISL's most bitter rivalries|date=12 November 2016|website=[[Hindustan Times]]|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20210109150451/https://www.hindustantimes.com/football/chennaiyin-fc-versus-kerala-blasters-in-isl-s-most-bitter-rivalries/story-kg8r1jJxyAuRdhe8nTjk5O.html|archive-date=9 January 2021|access-date=6 December 2020|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.theweek.in/news/sports/2020/12/04/isl-2020-21-bengaluru-fc-renew-rivalry-with-chennaiyin-fc.html|title=ISL 2020-21: Bengaluru FC renew rivalry with Chennaiyin FC|website=The Week|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20210109150536/https://www.theweek.in/news/sports/2020/12/04/isl-2020-21-bengaluru-fc-renew-rivalry-with-chennaiyin-fc.html|archive-date=9 January 2021|access-date=6 December 2020|url-status=live}}</ref> संतोष ट्रॉफी भारतीय फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा राज्यों के बीच आयोजित एक फुटबॉल प्रतियोगिता है।<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=i55oAAAACAAJ|title=Goalless: The Story of a Unique Footballing Nation|author1=Majumdar, Boria|author2=Bandyopadhyay, Kausik|date=1 February 2006|publisher=[[Penguin Books|Penguin India]]|isbn=978-0-6700-5874-7|location=[[New Delhi]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20220408140616/https://books.google.co.in/books/about/Goalless_the_Story_of_a_Unique_Footballi.html?id=i55oAAAACAAJ&redir_esc=y|archive-date=8 April 2022}}</ref><ref>[https://news.google.com/newspapers?id=nrE-AAAAIBAJ&sjid=QkwMAAAAIBAJ&pg=6023%2C180366 Maharaja of Santosh dead], Indian Express, 1 April 1939, p. 15</ref> 2022 तक, दक्षिण भारतीय टीमों ने 17 चैंपियनशिप जीती हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.rsssf.org/tablesi/indiasantoshhist.html|title=Santosh Trophy Winners|website=RSSSF|archive-url=https://web.archive.org/web/20210918131806/http://www.rsssf.com/tablesi/indiasantoshhist.html|archive-date=18 September 2021|access-date=28 November 2013|url-status=live}}</ref> [[कबड्डी]] एक संपर्क खेल है जो दक्षिण भारत के सभी राज्यों का राज्य खेल है।<ref>{{Cite web|url=https://sportycious.com/introduction-kabaddi-history-rules-information-91452|title=Kabaddi Introduction, Rules, Information, History & Competitions|last=siddharth|date=31 December 2016|website=Sportycious|language=en-US|access-date=28 January 2020|archive-date=14 अगस्त 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200814165951/https://sportycious.com/introduction-kabaddi-history-rules-information-91452|url-status=dead}}</ref> यह पूरे क्षेत्र में खेला जाता है। प्रो कबड्डी लीग सबसे लोकप्रिय क्षेत्र आधारित फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट है और इसमें इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली तीन टीमें हैं: बेंगलुरु बुल्स, तमिल थलाइवाज और तेलुगु टाइटन्स।<ref>{{Cite web|url=https://www.prokabaddi.com/teams|title=Pro Kabaddi League Teams|publisher=Pro Kabbadi|language=en|access-date=23 August 2023}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/business-28660432|title=Kabaddi gets the IPL treatment|date=7 August 2014|work=BBC News|access-date=25 April 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20210306160132/https://www.bbc.com/news/business-28660432|archive-date=6 March 2021|language=en-GB|url-status=live}}</ref> [[शतरंज]] एक लोकप्रिय बोर्ड गेम है जिसकी उत्पत्ति सातवीं शताब्दी ई. में सथुरंगम के रूप में हुई थी।<ref>{{cite book|title=A History of Chess|url=https://archive.org/details/historyofchess00murr|author=Murray, H. J. R.|publisher=Benjamin Press|year=1913|isbn=978-0-9363-1701-4}}</ref> पल्लंगुझी,<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=rXeCAAAAMAAJ&q=pallanguli|title=Mancala Games|last=Russ|first=Laurence|date=1984|publisher=Reference Publications|isbn=978-0-9172-5619-6|pages=60|language=en}}</ref> उरियादी,<ref>{{cite news|url=http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-tamilnadu/traditional-sports-and-games-mark-pongal-festivities/article1096563.ece|title=Traditional sports and games mark Pongal festivities|date=17 January 2011|newspaper=The Hindu|location=Erode, India}}</ref> गिल्लिडांडा,<ref>{{cite book|title=Sports and Games of the Ancients: (Sports and Games Through History)|url=https://archive.org/details/sportsgamesofanc0000crai_y2c4|last=Craig|first=Steve|publisher=[[Greenwood Publishing Group]]|year=2002|isbn=978-0-3133-1600-5|page=[https://archive.org/details/sportsgamesofanc0000crai_y2c4/page/63 63]}}</ref> धायम जैसे पारंपरिक खेल पूरे क्षेत्र में खेले जाते हैं। जल्लीकट्टू, [371] रेक्ला [372] और कंबाला [373] पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं हैं जिनमें बैल शामिल होते हैं। पारंपरिक मार्शल आर्ट में सिलमबट्टम, गट्टा गुस्थी, आदिमुराई<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Thiruvananthapuram/kalaripayattu-academy-braces-for-action/article33539155.ece|title=Kalaripayattu academy braces for action|last=Radhakrishnan|first=S. Anil|date=10 January 2021|work=[[The Hindu]]|access-date=7 April 2021|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref> और कलारी शामिल हैं। वल्लम काली केरल में आयोजित होने वाली एक नौका दौड़ है।<ref>{{cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-37081393|title=The great snake boat race of India|date=15 August 2016|access-date=23 August 2023|publisher=[[बीबीसी]]}}</ref> ==सन्दर्भ== {{reflist}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[https://web.archive.org/web/20150710174922/http://thamizhan-thiravidana.blogspot.in/2012/02/who-is-dravida-mr-karunanidhi.html Who is a Dravida, Mr Karunanidhi?] [[श्रेणी:दक्षिण भारत]] mpte46sxxi5cgjaz4v5cz22ne40i4tk २६ मार्च 0 8132 6582542 6582489 2026-07-14T12:35:12Z SM7 89247 [[Special:Contributions/~2026-39647-04|~2026-39647-04]] ([[User talk:~2026-39647-04|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6406278 wikitext text/x-wiki {{मार्च कैलिन्डर|float=right}} '''26 मार्च''' [[ग्रेगोरी कैलेंडर|ग्रेगोरी कैलंडर]] के अनुसार वर्ष का 85वॉ ([[अधिवर्ष]] मे 86 वाँ) दिन है। साल मे अभी और 280 दिन बाकी है। == प्रमुख घटनाएँ == * [[590]] – [[बाइज़ेंटाइन साम्राज्य|बाइज़ेंटाइन सम्राट]] [[मौरिस]] ने अपने बेटे [[थियोडोसियस]] को सह-सम्राट घोषित किया। * [[1027]] – [[पोप जॉन उन्नीसवाँ]] ने [[पवित्र रोमन सम्राट]] के रूप में [[कोनराड द्वितीय]] का राज्याभिषेक किया। * [[1169]] – [[सलाउद्दीन|सलादीन]] [[मिस्र]] के [[अमीर|वज़ीर]] बने। * [[1344]] – [[अलगेसिरास की घेराबंदी (1342–1344)]], समाप्त हुई। * [[1552]] – [[गुरु अमर दास]] [[सिख धर्म]] के तीसरे [[सिख गुरु]] बने। * [[1636]] – [[डच गणराज्य]] [[नीदरलैण्ड]] के [[उट्रेच]] में [[उट्रेच विश्वविद्यालय]] की स्थापना। * [[1668]] – इंग्लैंड ने बंबई पर अधिकार कर लिया। * [[1780]] – ब्रिटेन के अखबार ब्रिट गैजेट और संडे मॉनीटर पहली बार रविवार के दिन प्रकाशित हुए। * [[1799]] – नेपोलियन बोनापार्ट ने जापां फिलिस्तीन पर कब्जा किया। * [[1812]] – [[वेनेजुएला]] के [[काराकास]] में एक विनाशकारी [[भूकंप]] आया जिसमें अनुमानित 15,000–20,000 लोग मारे गए। * [[1830]] – [[बुक ऑफ़ मॉर्मन]], [[पाल्मीरा]], [[न्यू यॉर्क]] में प्रकाशित हुई। * [[1839]] – पहली [[हेंली रॉयल रेगाटा]] [[टेम्स नदी]] पर आयोजित की गई। * [[1873]] – [[अंतर्राष्ट्रीय बिलियर्ड्स संघ]] ने [[न्यूयॉर्क शहर]] में पहला विश्व [[पॉकेट बिलियर्ड्स]] (पूल) टूर्नामेंट आयोजित किया। * [[1881]] – [[थिसली]] [[यूनान]] का हिस्सा बन गया। * [[1885]] – कनाडा में उत्तर-पश्चिम विद्रोह भड़का जिसमें [[मेटिस लोग, कनाडा|मेटिस]] लोगों ने डक झील का युद्ध लड़ा और जीत हासिल की। * [[1913]] – [[पहला बाल्कन युद्ध]] – [[बुल्गारियाई सेना]] ने [[एडिरने|एड्रियनोपल]] [[एड्रियनोपल की घेराबंदी (1912-13)|कब्जा]] कर लिया। * [[1915]] – [[कनाडा]] ने [[हॉकी]] में पहला शौकिया पुरुष राष्ट्रीय चैम्पियनशिप टूर्नामेंट, [[एलन कप]] आयोजित किया। * [[1917]] – [[प्रथम विश्व युद्ध]] – [[गाजा का पहला युद्ध]] – [[मिस्र]] में मित्र देशों की सेनाओं को तुर्कों ने रोक दिया। * [[1931]] – [[स्विसएयर]] [[स्विट्जरलैंड]] की राष्ट्रीय एयरलाइन बनी। * [[1934]] – [[यूनाइटेड किंगडम]] में वाहन चालक परीक्षण शुरू किया गया। * [[1939]] – [[स्पेनी गृहयुद्ध|स्पेन के गृहयुद्ध]] में राष्ट्रवादियों ने अपना अंतिम आक्रमण शुरू किया, जो अंततः [[स्पेनी गणराज्य|रिपब्लिकन]] सेना की बिना शर्त आत्मसमर्पण के साथ समाप्त हुआ। * [[1945]] – [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में [[ईवो जीमा का युद्ध]] समाप्त हुआ जिसमें द्वीप पर अमेरिकी सेना का नियंत्रण सुरक्षित हो गया। * [[1945]] – [[द्वितीय विश्व युद्ध]] में [[जर्मनी]] के [[वी-2 रॉकेट|वी-2 रॉकेटों]] से [[लंदन]] पर अंतिम सफल हमला हुआ। * [[1954]] – [[बिकिनी एटोल]] पर [[कैसल रोमियो]] परमाणु हथियार परीक्षण किया गया। * [[1958]] – [[संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना]] ने [[एक्सप्लोरर 3]] उपग्रह लॉन्च किया। * [[1970]] – [[दक्षिण वियतनामी सेना]] ने [[कंबोडिया]] पर आक्रमण किया। * [[1971]] – [[पूर्वी पाकिस्तान]] (अब [[बांग्लादेश]]) ने [[पाकिस्तान]] से अपनी [[बांग्लादेश मुक्ति युद्ध|स्वतंत्रता की घोषणा]] की, जिससे [[बांग्लादेश मुक्ति युद्ध]] शुरू हुआ और बाँग्ला देश एक स्वतंत्र देश बना। * [[1972]] – भारत के राष्ट्रपति [[वी वी गिरि]] ने पहले अंतर्राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन का उद्घाटन किया। * [[1973]] – [[लंदन स्टॉक एक्स्चेंज|लंदन स्टॉक एक्सचेंज]] में 200 साल पुराने इतिहास को तोड़ते हुए पहली बार महिलाओं की भर्ती की गई। * [[१९७५|1975]] – [[जैविक हथियार सम्मेलन]] हुआ। * [[1979]] – [[अनवर अल-सदात|अनवर सादात]], [[मेनाकेम बेगिन|मेनाखेम बेगिन]] और [[जिमी कार्टर]] ने [[व्हाइट हाउस]] में [[मिस्र-इजरायल शांति संधि]] पर हस्ताक्षर किए। * [[1981]] – [[यूनाइटेड किंगडम]] में [[सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी]] का गठन हुआ। * [[1982]] – [[वाशिंगटन, डी.सी.]] में [[वियतनाम वेटरन्स मेमोरियल]] के लिए भूमि पूजन समारोह आयोजित किया गया। * [[1991]] – [[अर्जेंटीना]], [[ब्राज़ील]], [[उरुग्वे]] और [[पैराग्वे]] ने [[आसुंसियन की संधि]] पर हस्ताक्षर किए, जिससे [[मर्कोसुर]] की स्थापना हुई। * [[1995]] – [[शेंगेन समझौता]] लागू हुआ। * [[1997]] – [[हेवन्स गेट]] पंथ के उनतीस सदस्यों ने सामूहिक [[आत्महत्या]] की। * [[1998]] – [[अल्जीरियाई गृहयुद्ध]] में [[ओगुएडेई नरसंहार]] हुआ जिसमें 52 लोग मारे गए। * [[1999]] – [[मेलिस्सा (कंप्यूटर विषाणु)|मेलिसा वायरस]] ने दुनिया भर में ईमेल सिस्टम को संक्रमित किया। * [[1999]] – [[कोसोवो युद्ध]] – नाटो हवाई हमलों के दौरान एक सर्बियाई एसएएम मिसाइल ने एक अमेरिकी वायु सेना के [[लॉकहीड एफ-117 नाइटहॉक]] स्टील्थ लड़ाकू विमान को मार गिराया। पायलट को सहायक बलों द्वारा बचा लिया गया। * [[2000]] – [[व्लादिमीर पुतिन]] रूस के राष्ट्रपति चुनाव में [[रूस के राष्ट्रपति]] चुने गए। * [[2005]] – [[ताइपे]] में [[चीन]] विरोधी प्रदर्शन हुए जिसमें दो-तीन लाख प्रदर्शनकारियों ने भाग लिया। * [[2006]] – [[नेपाल]] में माओवादियों और सरकारी बलों के बीच संघर्ष विराम समाप्त हो गया। * [[2010]] – दक्षिण कोरियाई नौसेना का जहाज [[रॉक्स चेनान]] डूब गया जिसमें 46 नाविक मारे गए। एक अंतरराष्ट्रीय जांच ने निष्कर्ष निकाला कि जहाज उत्तर कोरियाई टारपीडो द्वारा डुबोया गया था। * [[2015]] – यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला हस्तक्षेप शुरू हुआ जब सऊदी जेट विमानों ने हौथी ठिकानों पर बमबारी की। * [[2017]] – रूस में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए। * [[2021]] – मिस्र के [[सोहाग]] में दो ट्रेनों के टकराने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 185 घायल हो गए। * [[2024]] – [[बाल्टीमोर]] में [[फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज]] एक मालवाहक जहाज के टकराने के बाद ढह गया, जिससे छह लोगों की मौत हो गई। == जन्म == * [[1516]] – [[कोनराड गेसनर]], स्विस चिकित्सक, ग्रंथ सूचीकार, और प्रकृतिवादी (निधन [[1565]] ई॰) * [[1687]] – [[हरमन वैन डेर मिजन]], डच चित्रकार (निधन [[1741]] ई॰) * [[1749]] – [[विलियम ब्लाइनट]], अमेरिकी राजनीतिज्ञ (निधन [[1800]] ई॰) * [[1753]] – [[बेंजामिन थॉम्पसन]], अमेरिकी-अंग्रेजी भौतिक विज्ञानी और आविष्कारक (निधन [[1814]] ई॰) * [[1794]] – [[क्रिश्चियन लुडविग गेर्लिंग]], जर्मन गणितज्ञ और खगोलशास्त्री (निधन [[1864]] ई॰) * [[1850]] – [[एडवर्ड बेलामी]], अमेरिकी लेखक और पत्रकार (निधन [[1898]] ई॰) * [[1859]] – [[एडोल्फ हर्विट्ज]], जर्मन गणितज्ञ और अकादमिक (निधन [[1919]] ई॰) * [[1859]] – [[ए.ई. हाउसमैन]], अंग्रेजी कवि और विद्वान (निधन [[1936]] ई॰) * [[1860]] – [[आंद्रे प्रेटो]], पुर्तगाली पत्रकार और लेखक (निधन [[1912]] ई॰) * [[1866]] – [[फ्रेड कार्नो]], अंग्रेजी इम्प्रेसारियो (निधन [[1941]] ई॰) * [[1868]] – [[फुआद प्रथम]], [[मिस्र का राजा]] (निधन [[1936]] ई॰) * [[1871]] – [[अलादोर कोरोसफोई-क्रीश]], हंगेरियन चित्रकार और कार्यकर्ता (निधन [[1953]] ई॰) * [[1874]] – [[रॉबर्ट फ्रॉस्ट]], अमेरिकी कवि और नाटककार (निधन [[1963]] ई॰) * [[1875]] – [[सिंघमन री]], दक्षिण कोरियाई पत्रकार और राजनीतिज्ञ, [[दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति|दक्षिण कोरिया के प्रथम राष्ट्रपति]] (निधन [[1965]] ई॰) * [[1875]] – [[मैक्स अब्राहम]], जर्मन भौतिक विज्ञानी और अकादमिक (निधन [[1922]] ई॰) * [[1876]] – [[विलियम, अल्बानिया के राजकुमार]], अल्बानियाई राजकुमार (निधन [[1945]] ई॰) * [[1879]] – [[ओथो जी. हैरी]], अमेरिकी-अंग्रेजी गोल्फ खिलाड़ी (निधन [[1958]] ई॰) * [[1881]] – [[गुच्चियो गुच्ची]], इतालवी व्यवसायी और फैशन डिजाइनर, [[गूची|गुच्ची]] की स्थापना की (निधन 1953 ई॰) * [[1882]] – [[जेम्स केडी]], ऑस्ट्रेलियाई रग्बी लीग खिलाड़ी और कोच (निधन [[1963]] ई॰) * [[1884]] – [[विलियम लेघियान]], अमेरिकी लेखक और नाटककार (निधन [[1964]] ई॰) * [[1888]] – [[एल्सा ब्रांडीस्ट्रॉम]], स्वीडिश नर्स और परोपकारी (निधन [[1948]] ई॰) * [[1893]] – [[धीरेन्द्र नाथ गांगुली]], बंगाली सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता और निर्देशक * [[1893]] – [[पल्मिरो टोग्लियात्ती]], इतालवी पत्रकार और राजनीतिज्ञ, इटली के न्याय मंत्री (निधन [[1964]] ई॰) * [[1894]] – [[विओरिका उर्सुलेक]], रोमानियाई-जर्मन सोप्रानो (निधन [[1985]] ई॰) * [[1898]] – [[चार्ल्स शेड]], अमेरिकी पत्रकार और लेखक (निधन [[1973]] ई॰) * [[1904]] – ** [[जोसेफ कैंपबेल]], अमेरिकी पौराणिक कथाकार, लेखक और व्याख्याता (निधन [[1987]] ई॰) ** [[एमिलियो फर्नांडीज]], मैक्सिकन अभिनेता, निर्देशक और पटकथा लेखक (निधन [[1986]] ई॰) ** [[अत्तिला हजोस]], हंगेरियन तैराक (निधन [[1972]] ई॰) * [[1905]] – ** [[आंद्रे क्लैवो]], फ्रांसीसी गायक और अभिनेता (निधन [[1981]] ई॰) ** [[विक्टर फ्रैंकल]], ऑस्ट्रियाई न्यूरोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सक (निधन [[1997]] ई॰) * [[१९०७|1907]] – [[महादेवी वर्मा]], [[हिन्दी]] कवयित्री और [[हिंदी साहित्य|हिन्दी साहित्य]] में [[छायावाद|छायावादी युग]] की कवयित्री * [[1908]] – [[हेनरी बांगू]], कैमरूनी पत्रकार और राजनीतिज्ञ (निधन [[1993]] ई॰) * [[1908]] – [[फ्रैंज स्टैंगल]], ऑस्ट्रियाई [[एसएस]] अधिकारी (निधन [[1971]] ई॰) * [[1911]] – [[बर्नार्ड कैट्ज़]], जर्मन-अंग्रेज बायोफिजिसिस्ट और अकादमिक, [[चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार]] विजेता (निधन [[2003]] ई॰) * [[1911]] – [[टेनेसी विलियम्स]], अमेरिकी नाटककार, कवि और उपन्यासकार (निधन [[1983]] ई॰) * [[1913]] – [[पॉल एर्डोस]], हंगेरियन-पोलिश गणितज्ञ और अकादमिक (निधन [[1996]] ई॰) * [[1914]] – [[विलियम वेस्टर्मोरलैंड]], अमेरिकी जनरल (निधन [[2005]] ई॰) * [[1916]] – [[क्रिश्चियन एन्फिनसेन]], अमेरिकी रसायनज्ञ और अकादमिक, [[रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार]] विजेता (निधन [[1995]] ई॰) * [[1916]] – [[बिल एडरिच]], अंग्रेज क्रिकेटर और फुटबॉल खिलाड़ी (निधन [[1986]] ई॰) * [[1916]] – [[स्टर्लिंग हेडन]], अमेरिकी अभिनेता (निधन [[1986]] ई॰) * [[1917]] – [[रूफस थॉमस]], अमेरिकी गायक-गीतकार और डीजे (निधन [[2001]] ई॰) * [[1919]] – [[स्ट्रोब टैलबोट]], अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी और प्रशासक (निधन [[2010]] ई॰) * [[1920]] – [[सर्जियो लिविंगस्टोन]], चिली के फुटबॉल खिलाड़ी (निधन [[2012]] ई॰) * [[1921]] – [[जीन कैजेरोल]], फ्रांसीसी साइकिल चालक (निधन [[2005]] ई॰) * [[1922]] – [[विलियम मिलिकेन]], अमेरिकी कप्तान और राजनीतिज्ञ, [[मिशिगन के राज्यपाल|44वें मिशिगन के राज्यपाल]] (निधन [[2019]] ई॰) * [[1923]] – [[बॉब इलियट]], अमेरिकी हास्य अभिनेता (निधन [[2016]] ई॰) * [[1925]] – [[पियरे बौलेज़]], फ्रांसीसी संगीतकार, कंडक्टर और पियानोवादक (निधन [[2016]] ई॰) * [[1925]] – [[जेम्स मूडी]], अमेरिकी सैक्सोफोनिस्ट और संगीतकार (निधन [[2010]] ई॰) * [[1925]] – [[एडवर्ड ग्राहम]], बारबेडियन क्रिकेटर (निधन [[2004]] ई॰) * [[1929]] – [[चार्ल्स डुमास]], अमेरिकी एथलीट और शिक्षक (निधन [[2004]] ई॰) * [[1930]] – [[सैंड्रा डे ओ'कॉनर]], अमेरिकी वकील और न्यायविद, [[संयुक्त राज्य अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय के एसोसिएट जस्टिस]] (निधन [[2023]] ई॰) * [[1930]] – [[ग्रेगरी कोरसो]], अमेरिकी कवि और लेखक (निधन [[2001]] ई॰) * [[1931]] – [[लियोनार्ड निमॉय]], अमेरिकी अभिनेता (निधन [[2015]] ई॰) * [[1933]] – [[रेनाटो पियासेंटिनी]], इतालवी फुटबॉल खिलाड़ी (निधन [[2014]] ई॰) * [[1934]] – [[एलन आर्किन]], अमेरिकी अभिनेता, निर्देशक और संगीतकार (निधन [[2023]] ई॰) * [[1935]] – [[महमूद अब्बास]], फिलिस्तीनी राजनेता, [[फिलिस्तीनी राष्ट्रीय प्राधिकरण के राष्ट्रपति]] * [[1936]] – [[एडर जोफ्रे]]<!--[[:en:Éder Jofre]]-->, ब्राज़ीलियाई बॉक्सर (निधन [[2022]] ई॰) * [[1937]] – [[वेन फ्लीटवुड]], अमेरिकी बेसबॉल खिलाड़ी और कोच (निधन [[2011]] ई॰) * [[1937]] – [[अहमद कुरैई]], फिलिस्तीनी राजनेता, [[फिलिस्तीनी विधान परिषद के अध्यक्ष]] (निधन [[2023]] ई॰) * [[1938]] – [[ए जे लेगेट|एंथोनी लेगेट]], अंग्रेज-अमेरिकी भौतिक विज्ञानी और अकादमिक, [[भौतिकी में नोबेल पुरस्कार]] विजेता * [[1940]] – [[जेम्स कान]], अमेरिकी अभिनेता (निधन [[2022]] ई॰) * [[1940]] – [[नैन्सी पेलोसी]], अमेरिकी राजनीतिज्ञ, [[संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष|52वीं संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष]] * [[1941]] – [[लोनेलोनी हेपुइवा]], टोंगन रग्बी लीग खिलाड़ी और कोच (निधन [[2011]] ई॰) * [[1941]] – [[रिचर्ड डॉकिन्स]], केन्याई-अंग्रेज जीवविज्ञानी, लेखक और अकादमिक * [[1942]] – [[एरिका जोंग]], अमेरिकी उपन्यासकार और कवि * [[1943]] – [[बॉब वुडवर्ड]], अमेरिकी पत्रकार और लेखक * [[1944]] – [[डायना रॉस]], अमेरिकी गायक-गीतकार, निर्माता और अभिनेत्री * [[1945]] – [[मिखाइल वोरोनिन]], रूसी जिम्नास्ट और कोच (निधन [[2004]] ई॰) * [[1946]] – [[जॉनी क्रॉफोर्ड]], अमेरिकी अभिनेता और गायक (निधन [[2021]] ई॰) * [[1946]] – [[एलन सिल्वेस्ट्री]], अमेरिकी संगीतकार और कंडक्टर * [[1947]] – [[डेरेल स्वीट]], स्कॉटिश ड्रमर (निधन [[1999]] ई॰) * [[1948]] – [[स्टीवन टायलर]], अमेरिकी गायक-गीतकार और अभिनेता * [[1948]] – [[रिचर्ड टैंडी]], अंग्रेज कीबोर्डिस्ट * [[1949]] – [[पैट्रिक सुस्किंड]], जर्मन लेखक और पटकथा लेखक * [[1949]] – [[फ्राँ ओ'सुल्लीवन]], आयरलैंडी हर्लर और गैलिक फुटबॉल खिलाड़ी * [[1949]] – [[जॉन निटन]], अंग्रेज ड्रमर और गायक-गीतकार (निधन [[2013]] ई॰) * [[1950]] – [[एलन सिल्वेस्ट्री]], अमेरिकी संगीतकार और कंडक्टर * [[1950]] – [[टेडी पेंडरग्रास]], अमेरिकी गायक-गीतकार (निधन [[2010]] ई॰) * [[1950]] – [[मार्टिन शॉर्ट]], कनाडाई-अमेरिकी अभिनेता, कॉमेडियन, पटकथा लेखक और निर्माता * [[1951]] – [[कार्ल वाईमन]], जर्मन-अमेरिकी भौतिक विज्ञानी और अकादमिक, [[भौतिकी में नोबेल पुरस्कार]] विजेता * [[1952]] – [[डेविड एमीस]], अंग्रेजी राजनेता (निधन [[2021]] ई॰) * [[1952]] – [[डिडिएर पिओरोनी]], फ्रांसीसी रेस कार ड्राइवर (निधन [[1987]] ई॰) * [[1953]] – [[लिंकन चैफी]], अमेरिकी अकादमिक और राजनीतिज्ञ, [[रोड आइलैंड के राज्यपाल|74वें रोड आइलैंड के राज्यपाल]] * [[1953]] – [[ऐलेन चाओ]], अमेरिकी लोक सेवक और राजनीतिज्ञ, [[संयुक्त राज्य अमेरिका के श्रम सचिव|24वें संयुक्त राज्य अमेरिका के श्रम सचिव]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका के परिवहन सचिव|18वें संयुक्त राज्य अमेरिका के परिवहन सचिव]] * [[1954]] – [[क्लाइव पामर]], ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायी और राजनीतिज्ञ * [[1956]] – [[चानटाल जुआनो]], फ्रांसीसी कराटेका और राजनीतिज्ञ, फ्रांसीसी खेल मंत्री * [[1957]] – [[पॉल मोरले]], अंग्रेजी पत्रकार और संगीतकार * [[1957]] – [[ओलिवर स्टॉकोव्स्की]], जर्मन अभिनेता * [[1958]] – [[एलिओ डी एंजेलिस]], इतालवी रेस कार ड्राइवर (निधन [[1986]] ई॰) * [[1960]] – [[मार्कस एलन]], अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी और स्पोर्ट्सकास्टर * [[1960]] – [[जेनिफर ग्रे]], अमेरिकी अभिनेत्री * [[1960]] – [[जॉन हंट्समैन जूनियर]], अमेरिकी व्यवसायी, राजनयिक और राजनीतिज्ञ, [[यूटा के राज्यपाल|16वें यूटा के राज्यपाल]] * [[1961]] – [[बिली वामैक]], अंग्रेजी रग्बी लीग खिलाड़ी * [[1962]] – [[एरिक एलन क्युपरस]], अमेरिकी बेसबॉल खिलाड़ी और प्रबंधक * [[1962]] – [[जॉन स्टॉकटन]], अमेरिकी बास्केटबॉल खिलाड़ी और कोच * [[1963]] – [[एनकेरुका ओनिजेओचा]], नाइजीरियाई राजनीतिज्ञ * [[1963]] – [[रोच वॉयसिन]], कनाडाई गायक-गीतकार और गिटारवादक * [[1964]] – [[टोड बैरी]], अमेरिकी स्टैंड-अप कॉमेडियन, अभिनेता और वॉयस कलाकार * [[1964]] – [[मार्टिन डोनेली]], उत्तरी आयरिश रेस कार ड्राइवर * [[1964]] – [[मारिया मिलर]], वेल्श राजनीतिज्ञ, [[संस्कृति, मीडिया और खेल के लिए राज्य सचिव]] * [[1966]] – [[माइकल इम्पेरिओली]], अमेरिकी अभिनेता और निर्देशक * [[1966]] – [[निक वोरसेलमन]], डच फुटबॉल खिलाड़ी और प्रबंधक * [[1968]] – [[केनी चेसनी]], अमेरिकी गायक-गीतकार, गिटारवादक और निर्माता * [[1968]] – [[जेम्स इहा]], अमेरिकी गिटारवादक और गायक-गीतकार * [[1968]] – [[लॉरेंट ब्रॉचार्ड]], फ्रांसीसी साइकिल चालक * [[1969]] – [[एरिक डेसमैटिन]], फ्रांसीसी फुटबॉल खिलाड़ी और प्रबंधक * [[1970]] – [[पॉल बॉसवेल]], डच फुटबॉल खिलाड़ी और प्रबंधक * [[1970]] – [[मार्टिन मैकडॉनघ]], अंग्रेज-आयरलैंडी नाटककार, पटकथा लेखक और निर्देशक * [[1971]] – [[एरिक डीमेरे]], अमेरिकी संगीतकार और लेखक * [[1971]] – [[पीटर मूर]], ऑस्ट्रेलियाई नियम फुटबॉल खिलाड़ी * [[1971]] – [[रेनने स्टब्स]], ऑस्ट्रेलियाई टेनिस खिलाड़ी और स्पोर्ट्सकास्टर * [[1972]] – [[लेस्ली मान]], अमेरिकी अभिनेत्री * [[1972]] – [[जॉन रुइज]], प्यूर्टो रिकान-अमेरिकी बॉक्सर * [[1973]] – [[लैरी पेज]], अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक और व्यवसायी, [[गूगल]] के सह-संस्थापक * [[1973]] – [[टी. आर. नाइट]], अमेरिकी अभिनेता * [[1973]] – [[हीथर गोल्डनहर्ष]], अमेरिकी अभिनेत्री * [[1974]] – [[माइक पीट]], लातवियाई-कनाडाई आइस हॉकी खिलाड़ी * [[१९७५|1975]] – [[सिरील ब्यूस]], फ्रांसीसी रग्बी खिलाड़ी * [[1976]] – [[एमी स्मार्ट]], अमेरिकी अभिनेत्री * [[1976]] – [[नर्गिस फाखरी]], अमेरिकी अभिनेत्री * [[1976]] – [[नतालिया लिविंगस्टोन]], अमेरिकी अभिनेत्री * [[1977]] – [[बियांका कैजलिच]], अमेरिकी अभिनेत्री * [[1977]] – [[केविन डेविस]], अंग्रेज फुटबॉल खिलाड़ी * [[1977]] – [[मॉर्गन वोलपर्ट]], अमेरिकी तैराक * [[1979]] – [[पियरे वोम]], कैमरूनी फुटबॉल खिलाड़ी * [[1980]] – [[सोन हो-यंग]], दक्षिण कोरियाई गायक और अभिनेता * [[1981]] – [[जे बारुचेल]], कनाडाई अभिनेता, हास्य अभिनेता, निर्देशक और पटकथा लेखक * [[1981]] – [[हयो यंग-मिन]], दक्षिण कोरियाई फुटबॉल खिलाड़ी * [[1982]] – [[मिकेल आर्टेटा]], स्पेनी फुटबॉल खिलाड़ी और प्रबंधक * [[1983]] – [[रोमन बेदनार]], चेक फुटबॉल खिलाड़ी * [[1983]] – [[टॉनी कैनेनबॉल]], अंग्रेज रग्बी लीग खिलाड़ी * [[1984]] – [[स्टीफन ब्रेमर]], जर्मन गोताखोर * [[1984]] – [[सारा जीन अंडरवुड]], अमेरिकी मॉडल और अभिनेत्री * [[1984]] – [[जिमी हॉवर्ड]], अमेरिकी आइस हॉकी खिलाड़ी * [[1985]] – [[जोनाथन ग्रॉफ]], अमेरिकी अभिनेता और गायक * [[1985]] – [[मैट ग्रीवर्स]], अमेरिकी तैराक * [[1985]] – [[कीरा नाइटली]], अंग्रेज अभिनेत्री * [[1985]] – [[स्टेफ़ेन स्ट्रोबेल]], जर्मन अभिनेता * [[1986]] – [[हेमा लिम]], हांगकांग मॉडल * [[1986]] – [[जेसिंडा बाररेट]], ऑस्ट्रेलियाई मॉडल * [[1987]] – [[यियू]], दक्षिण कोरियाई गायक और अभिनेत्री * [[1987]] – [[स्टीवन फ्लेचर]], स्कॉटिश फुटबॉल खिलाड़ी * [[1988]] – [[मोहम्मद मोघेरी]], ईरानी फुटबॉल खिलाड़ी * [[1988]] – [[जुआन डेलगाडो]], उरुग्वे फुटबॉल खिलाड़ी * [[1989]] – [[साइमन कजेर]], डेनिश फुटबॉल खिलाड़ी * [[1990]] – [[किम मिन-सोक (गायक)]], दक्षिण कोरियाई गायक और अभिनेता * [[1990]] – [[पैट्रिक एकेंग]], कैमरूनी फुटबॉल खिलाड़ी (निधन [[2016]] ई॰) * [[1990]] – [[रोमेन सैस]], मोरक्को के फुटबॉल खिलाड़ी * [[1991]] – [[मेगन हॉज]], अमेरिकी वॉलीबॉल खिलाड़ी * [[1992]] – [[स्टॉफ़ल वैंडोर्न]], बेल्जियम रेस कार ड्राइवर * [[1992]] – [[हाले राम]], अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी * [[1993]] – [[अनस्तासिया कोज़ाक]], यूक्रेनी बैडमिंटन खिलाड़ी * [[1994]] – [[पेज वैनज़ैंट]], अमेरिकी मिश्रित मार्शल कलाकार, मुक्केबाज और मॉडल * [[1994]] – [[माइकल ओलाओइटन]], नाइजीरियाई फुटबॉल खिलाड़ी * [[1996]] – [[कैथरीन हैगलर]], अमेरिकी फिगर स्केटर * [[1997]] – [[इयोन बुकिंघम]], अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी * [[2001]] – [[बेनोइट बडियाशिले]], फ्रांसीसी फुटबॉल खिलाड़ी * [[2005]] – [[एला एंडरसन]], अमेरिकी अभिनेत्री == निधन == * [[752]] – [[पोप स्टीफन (निर्वाचित पोप)]] * [[908]] – [[टैंग आइडी]], चीनी सम्राट (जन्म [[892]] ई॰) * [[922]] – [[मंसूर अल-हल्लाज]], फ़ारसी कवि और शिक्षक (जन्म [[858]] ई॰) * [[1132]] – [[जेफ्री ऑफ वेंडोम]], फ्रांसीसी मठाधीश और लेखक (जन्म [[1093]] ई॰) * [[1211]] – [[सांचो प्रथम]], [[पुर्तगाल का राजा]] (जन्म [[1154]] ई॰) * [[1324]] – [[मैरी डे लक्ज़मबर्ग, फ्रांस की रानी]] (जन्म [[1304]] ई॰) * [[1350]] – [[अल्फांसो XI]], [[कास्तिले का राजा]] (जन्म [[1311]] ई॰) * [[1402]] – [[डेविड स्टीवर्ट, ड्यूक ऑफ रोथेसे]] (जन्म [[1378]] ई॰) * [[1517]] – [[हेनरिक इसाक]], फ्लेमिश संगीतकार (जन्म [[1450]] ई॰) * [[1535]] – [[जॉर्ज, ड्यूक ऑफ सैक्सोनी]] (जन्म [[1471]] ई॰) * [[1546]] – [[थॉमस एलियोट]], अंग्रेज राजनयिक और विद्वान (जन्म [[1490]] ई॰) * [[1566]] – [[एंटोनियो डी कैबेज़ोन]], स्पेनी संगीतकार (जन्म [[1510]] ई॰) * [[1625]] – [[गियामबतिस्ता मैरिनो]], इतालवी कवि और लेखक (जन्म [[1569]] ई॰) * [[1649]] – [[जॉन विन्थ्रोप]], अंग्रेज वकील और राजनीतिज्ञ, [[मैसाचुसेट्स बे कॉलोनी के राज्यपाल|दूसरे मैसाचुसेट्स बे कॉलोनी के राज्यपाल]] (जन्म [[1588]] ई॰) * [[1679]] – [[जॉन लेवरेट]], अमेरिकी उपनिवेशवादी नेता, [[मैसाचुसेट्स बे कॉलोनी के राज्यपाल|18वें मैसाचुसेट्स बे कॉलोनी के राज्यपाल]] (जन्म [[1616]] ई॰) * [[1726]] – [[जॉन वैनब्रुघ]], अंग्रेज वास्तुकार और नाटककार, [[ब्लेनहेम पैलेस]] और [[कैसल हावर्ड]] डिजाइन किया (जन्म [[1664]] ई॰) * [[1780]] – [[कार्ल I, ड्यूक ऑफ ब्रंसविक-वोल्फेनबुट्टेल]] (जन्म [[1713]] ई॰) * [[1797]] – [[जेम्स हटन]], स्कॉटिश भूविज्ञानी और चिकित्सक (जन्म [[1726]] ई॰) * [[1814]] – [[जोसेफ-इग्नेस गिलोटिन]], फ्रांसीसी चिकित्सक और राजनीतिज्ञ (जन्म [[1738]] ई॰) * [[1827]] – [[लुडविग वान बीथोवेन]], जर्मन पियानोवादक और संगीतकार (जन्म [[1770]] ई॰) * [[1858]] – [[जॉन एडिसन थॉमस]], अमेरिकी लोक सेवक और राजनीतिज्ञ, [[सहायक राज्य सचिव]] (जन्म [[1811]] ई॰) * [[1864]] – [[जान क्रिजिस्टॉफ जानकोव्स्की]], पोलिश चित्रकार (जन्म [[1776]] ई॰) * [[1888]] – [[बरघश बिन सईद]], [[ज़ंज़ीबार के सुल्तान]] (जन्म [[1837]] ई॰) * [[1892]] – [[वॉल्ट व्हिटमैन]], अमेरिकी कवि, निबंधकार और पत्रकार (जन्म [[1819]] ई॰) * [[1902]] – [[सेसिल रोड्स]], अंग्रेज-दक्षिण अफ्रीकी व्यवसायी और राजनीतिज्ञ, [[केप कॉलोनी के प्रधानमंत्री|7वें केप कॉलोनी के प्रधानमंत्री]] (जन्म [[1853]] ई॰) * [[1910]] – [[ऑगस्टे चार्लोइस]], फ्रांसीसी खगोलशास्त्री (जन्म [[1864]] ई॰) * [[1911]] – [[हेनरी हॉग]], अंग्रेज-ऑस्ट्रेलियाई खगोलशास्त्री (जन्म [[1863]] ई॰) * [[1920]] – [[विलियम चेस्टर माइनर]], अमेरिकी सर्जन और लेक्सिकोग्राफर (जन्म [[1834]] ई॰) * [[1923]] – [[सारा बर्नहार्ट]], फ्रांसीसी अभिनेत्री और प्रबंधक (जन्म [[1844]] ई॰) * [[1926]] – [[कॉन्स्टेंटिन फेरेनबैक]], जर्मन राजनीतिज्ञ, [[जर्मनी के चांसलर|11वें जर्मनी के चांसलर]] (जन्म [[1852]] ई॰) * [[1933]] – [[एडी लैंग]], अमेरिकी जैज़ गिटारवादक (जन्म [[1902]] ई॰) * [[1940]] – [[स्पिरिडॉन लुईस]], ग्रीक मैराथन धावक (जन्म [[1873]] ई॰) * [[1945]] – [[डेविड लॉयड जॉर्ज]], वेल्श वकील और राजनीतिज्ञ, [[यूनाइटेड किंगडम के प्रधान मंत्री]] (जन्म [[1863]] ई॰) * [[1945]] – [[बोरिस शापोशनिकोव]], रूसी मार्शल (जन्म [[1882]] ई॰) * [[1957]] – [[Édouard Herriot]], फ्रांसीसी राजनीतिज्ञ, [[फ्रांस के प्रधानमंत्री]] (जन्म [[1872]] ई॰) * [[1959]] – [[रेमंड चैंडलर]], अमेरिकी-अंग्रेज लेखक और पटकथा लेखक (जन्म [[1888]] ई॰) * [[1959]] – [[कार्ल एन्केल]], फिनिश लेफ्टिनेंट कर्नल, राजनयिक और राजनीतिज्ञ, [[फिनलैंड के विदेश मंत्री]] (जन्म [[1876]] ई॰) * [[1960]] – [[इयान कीथ]], अमेरिकी अभिनेता (जन्म [[1899]] ई॰) * [[1962]] – [[ऑगस्टा सैवेज]], अमेरिकी मूर्तिकार (जन्म [[1892]] ई॰) * [[1969]] – [[जॉन कैनेडी टॉले]], अमेरिकी उपन्यासकार, लघु कथा लेखक और अकादमिक (जन्म [[1937]] ई॰) * [[1973]] – [[नोएल कॉवर्ड]], अंग्रेज नाटककार, अभिनेता, निर्देशक और संगीतकार (जन्म [[1899]] ई॰) * [[1973]] – [[जॉर्ज सिस्लर]], अमेरिकी बेसबॉल खिलाड़ी और प्रबंधक (जन्म [[1893]] ई॰) * [[1976]] – [[लिन यूटांग]], चीनी लेखक और भाषाविद् (जन्म [[1895]] ई॰) * [[1979]] – [[जीन स्टैफोर्ड]], अमेरिकी लेखक और अकादमिक (जन्म [[1915]] ई॰) * [[1980]] – [[रोलांड बार्थ्स]], फ्रांसीसी दार्शनिक, सिद्धांतकार और आलोचक (जन्म [[1915]] ई॰) * [[1983]] – [[एंथोनी ब्लंट]], अंग्रेज इतिहासकार और जासूस (जन्म [[1907]] ई॰) * [[1984]] – [[सेकू तुरे]], गिनी के राजनेता, [[गिनी के राष्ट्रपति|पहले गिनी के राष्ट्रपति]] (जन्म [[1922]] ई॰) * [[1987]] – [[वाल्टर एबेल]], अमेरिकी अभिनेता (जन्म [[1898]] ई॰) * [[1987]] – [[यूजेन जोचम]], जर्मन कंडक्टर (जन्म [[1902]] ई॰) * [[1990]] – [[हालस्टोन]], अमेरिकी फैशन डिजाइनर (जन्म [[1932]] ई॰) * [[1992]] – [[बारबरा फ्रुम]], कनाडाई पत्रकार और स्पोर्ट्सकास्टर (जन्म [[1937]] ई॰) * [[1993]] – [[रूबेन फाइन]], अमेरिकी शतरंज खिलाड़ी और लेखक (जन्म [[1914]] ई॰) * [[1995]] – [[इजी-ई]], अमेरिकी रैपर और निर्माता (जन्म [[1964]] ई॰) * [[1996]] – [[डेविड पैकर्ड]], अमेरिकी व्यवसायी, [[हेवलेट-पैकर्ड]] के सह-संस्थापक और [[संयुक्त राज्य अमेरिका के उप रक्षा सचिव]] (जन्म [[1912]] ई॰) * [[1996]] – [[एडमंड मुस्की]], अमेरिकी लेफ्टिनेंट, वकील और राजनीतिज्ञ, [[संयुक्त राज्य अमेरिका के राज्य सचिव|58वें संयुक्त राज्य अमेरिका के राज्य सचिव]] (जन्म [[1914]] ई॰) * [[2000]] – [[एलेक्स कम्फर्ट]], अंग्रेज चिकित्सक और लेखक (जन्म [[1920]] ई॰) * [[2003]] – [[डेनियल पैट्रिक मोयनिहान]], अमेरिकी समाजशास्त्री, राजनयिक और राजनीतिज्ञ, [[भारत में संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत]] (जन्म [[1927]] ई॰) * [[2004]] – [[जान स्टर्लिंग]], अमेरिकी अभिनेत्री (जन्म [[1921]] ई॰) * [[2005]] – [[जेम्स कैलाघन]], अंग्रेज लेफ्टिनेंट, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ, [[यूनाइटेड किंगडम के प्रधान मंत्री]] (जन्म [[1912]] ई॰) * [[2005]] – [[पॉल हेस्टर]], ऑस्ट्रेलियाई ड्रमर (जन्म [[1959]] ई॰) * [[2006]] – [[पॉल डाना]], अमेरिकी रेस कार ड्राइवर (जन्म [[1975]] ई॰) * [[2006]] – [[अनिल बिस्वास (संगीतकार)]], भारतीय संगीतकार और गायक (जन्म [[1914]] ई॰) * [[2006]] – [[डेविड बर्गामीनी]], ब्राज़ीलियाई पत्रकार और राजनीतिज्ञ (जन्म [[1928]] ई॰) * [[2007]] – [[मिखाइल उल्यानोव]], रूसी अभिनेता और निर्देशक (जन्म [[1927]] ई॰) * [[2008]] – [[रॉबर्ट फांचों]], अमेरिकी टेलीविजन कार्यकारी (जन्म [[1924]] ई॰) * [[2008]] – [[वैली फिलिप्स]], अमेरिकी रेडियो होस्ट (जन्म [[1925]] ई॰) * [[2009]] – [[ग्रिग्ल्ज़]], अमेरिकी रैपर (जन्म [[1974]] ई॰) * [[2011]] – [[पॉल बारान]], पोलिश-अमेरिकी इंजीनियर (जन्म [[1926]] ई॰) * [[2011]] – [[गेराल्डिन फेरारो]], अमेरिकी वकील और राजनीतिज्ञ, [[संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार]] (जन्म [[1935]] ई॰) * [[2011]] – [[डायना विने जोन्स]], अंग्रेज लेखक (जन्म [[1934]] ई॰) * [[2012]] – [[सैमुअल योरुड]], नॉर्वेजियन लेखक और अनुवादक (जन्म [[1916]] ई॰) * [[2013]] – [[डॉन पायने]], अमेरिकी राजनीतिज्ञ (जन्म [[1934]] ई॰) * [[2013]] – [[ड्वेन हेनरिक]], ऑस्ट्रेलियाई नियम फुटबॉल खिलाड़ी और कोच (जन्म [[1934]] ई॰) * [[2014]] – [[मार्कस किम्बल, बैरन किम्बल]], अंग्रेज राजनीतिज्ञ (जन्म [[1928]] ई॰) * [[2015]] – [[जिमी बेन]], स्कॉटिश बास वादक और गीतकार (जन्म [[1947]] ई॰) * [[2015]] – [[टॉमस ट्रांसट्रोमर]], स्वीडिश कवि, अनुवादक और मनोवैज्ञानिक, [[साहित्य में नोबेल पुरस्कार]] विजेता (जन्म [[1931]] ई॰) * [[2015]] – [[जॉन रेन्बर्न]], अंग्रेज गिटारवादक, गीतकार और गायक (जन्म [[1944]] ई॰) * [[2016]] – [[जिम हैरिसन]], अमेरिकी लेखक और कवि (जन्म [[1937]] ई॰) * [[2016]] – [[ईयरल हिल्स्टन]], अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी और कोच (जन्म [[1931]] ई॰) * [[2017]] – [[डेव बिशप]], ब्रिटिश पत्रकार, संपादक और लेखक (जन्म [[1966]] ई॰) * [[2018]] – [[सर्गेई मावरोडी]], रूसी वित्तीय योजनाकार (जन्म [[1955]] ई॰) * [[2019]] – [[स्टैनफोर्ड ओवशिंस्की]], अमेरिकी आविष्कारक और वैज्ञानिक (जन्म [[1922]] ई॰) * [[2020]] – [[जिमी व्यान]], अमेरिकी बेसबॉल खिलाड़ी (जन्म [[1942]] ई॰) * [[2020]] – [[मारिया टेरेसा ऑफ बॉर्बन-पार्मा]], स्पेनी-फ्रांसीसी सामाजिक कार्यकर्ता और अकादमिक (जन्म [[1933]] ई॰) * [[2021]] – [[उर्सुला हापे]], जर्मन तैराक (जन्म [[1926]] ई॰) * [[2022]] – [[जेफ कार्सन]], अमेरिकी देश संगीत गायक (जन्म [[1963]] ई॰) * [[2024]] – [[रिचर्ड सेरा]], अमेरिकी मूर्तिकार और वीडियो कलाकार (जन्म [[1938]] ई॰)  == बाहरी कडियाँ == * [https://web.archive.org/web/20060621235612/http://news.bbc.co.uk/onthisday/hi/dates/stories/march/26/ बीबीसी पे यह दिन] [[श्रेणी:मार्च]] lgitz23v6u9hkj0yqw7fprnnj17aeo6 राष्ट्रकूट राजवंश 0 8970 6582908 6566995 2026-07-15T11:32:50Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582908 wikitext text/x-wiki {{Infobox Former Country |native_name = ರಾಷ್ಟ್ರಕೂಟ |conventional_long_name = मान्यखेत के राष्ट्रकूट राजवंश |continent = एशिया: श्रेणी से दक्षिण एशिया |region = दक्षिण एशिया |country = भारत |status = साम्राज्य |status_text = साम्राज्य |government_type = राजतन्त्र |year_start = 735 |year_end = 982 |event_pre = प्रारंभिक राष्ट्रकूट रिकॉर्ड |date_pre = 735 |event_start = |date_start = |event_end = <!--- Default: "Disestablished" ---> |date_end = |event1 = |date_event1 = |event2 = |date_event2 = |event3 = |date_event3 = |event4 = |date_event4 = | |<!--- Flag navigation: Preceding and succeeding entities p1 to p5 and s1 to s5 ---> |p1 = चालुक्य |flag_p1 = |image_p1 = |s1 = पश्चिमी चालुक्य राजवंश |flag_s1 = |image_s1 = |image_map = Indian Rashtrakuta Empire map.svg |image_map_caption = {{legend|#FF9F80|राष्ट्रकूट साम्राज्य की सीमा, 800-915 ई०}} |capital = मान्यखेत |national_motto = |national_anthem = |common_languages = [[कन्नड़]]<br>[[संस्कृत]] |religion = [[हिन्दू]]<br>[[जैन धर्म]]<br>[[बौद्ध धर्म]] |currency = | |<!--- Titles and names of the first and last leaders and their deputies ---> |leader1 = [[दन्तिदुर्ग]] (प्रथम) |leader2 = [[इन्द्र ४|इंद्र चतुर्थ]] (अन्तिम) |year_leader1 = 735–756 |year_leader2 = 973–982 |title_leader = [[महाराजा]] |stat_year1 = <!--- year of the statistic, specify either area, population or both ---> |stat_area1 = <!--- area in square kílometres (w/o commas or spaces), area in square miles is calculated ---> |stat_pop1 = <!--- population (w/o commas or spaces), population density is calculated if area is also given ---> |footnotes = <!--- Accepts wikilinks ---> }} '''राष्ट्रकूट''' ({{lang-kn|ರಾಷ್ಟ್ರಕೂಟ}}) दक्षिण भारत, मध्य भारत और उत्तरी भारत के बड़े भूभाग पर राज्य (735-982) करने वाला राजवंश था। == इतिहास == [[File:Ellora Kailash temple Shiva panel.jpg|thumb|right|200px|एलोरा गुफाओं में शिव मूर्ति.]] [[File:Ellora-Jain-cave.jpg|thumb|right|200px|एलोरा में तीन मंजिला अखंड जैन गुफा मंदिर.]] [[File:Rashtrakuta-empire-map.svg|thumb|right|200px|मान्यखेट के राष्ट्रकूट साम्राज्य का विस्तृत क्षेत्र.]] इनका शासनकाल लगभग छठी से तेरहवीं शताब्दी के मध्य था। इस काल में उन्होंने परस्पर घनिष्ठ परन्तु स्वतंत्र जातियों के रूप में राज्य किया, उनके ज्ञात प्राचीनतम शिलालेखों में सातवीं शताब्दी का 'राष्ट्रकूट' ताम्रपत्र मुख्य है, जिसमे उल्लिखित है की, 'मालवा प्रान्त' के मानपुर में उनका साम्राज्य था (जोकि आज [[मध्य प्रदेश]] राज्य में स्थित है), इसी काल की अन्य 'राष्ट्रकूट' जातियों में 'अचलपुर'(जो आधुनिक समय में महारास्ट्र में स्थित एलिच्पुर है), के शासक तथा 'कन्नौज' के शासक भी शामिल थे। इनके मूलस्थान तथा मूल के बारे में कई भ्रांतियां प्रचलित है। एलिच्पुर में शासन करने वाले 'राष्ट्रकूट' 'बादामी चालुक्यों' के उपनिवेश के रूप में स्थापित हुए थे लेकिन 'दान्तिदुर्ग' के नेतृत्व में उन्होंने चालुक्य शासक 'कीर्तिवर्मन द्वितीय' को वहाँ से उखाड़ फेंका तथा आधुनिक 'कर्णाटक' प्रान्त के 'गुलबर्ग' को अपना मुख्य स्थान बनाया। यह जाति बाद में 'मान्यखेत के राष्ट्रकूटों ' के नाम से विख्यात हो गई, जो 'दक्षिण भारत' में ७५३ ईसवी में सत्ता में आई, इसी समय पर बंगाल का 'पाल साम्राज्य' एवं 'गुजरात के प्रतिहार साम्राज्य' 'भारतीय उपमहाद्वीप' के पूर्व और उत्तरपश्चिम भूभाग पर तेजी से सत्ता में आ रहे थे।<ref name="connect">Altekar (1934), pp1–32</ref><ref name="connect1">[[बिश्वेश्वर नाथ रेऊ|रेऊ]] (1933), pp6–9, pp47–53</ref><ref name="sources">Kamath (2001), p72</ref> आठवीं से दसवीं शताब्दी के मध्य के काल में गंगा के उपजाऊ मैदानी भाग पर स्थित 'कन्नौज राज्य' पर नियंत्रण हेतु एक त्रिदलीय संघर्ष चल रहा था, उस वक्त 'कन्नौज' 'उत्तर भारत' की मुख्य सत्ता के रूप में स्थापित था। प्रत्येक साम्राज्य उस पर नियंत्रण करना चाह रहा था। 'मान्यखेत के राष्ट्रकूटों' की सत्ता के उच्चतम शिखर पर उनका साम्राज्य उत्तरदिशा में 'गंगा' और 'यमुना नदी' पर स्थित दोआब से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक था। यह उनके राजनीतिक विस्तार, वास्तुकला उपलब्धियों और साहित्यिक योगदान का काल था। इस राजवंश के प्रारंभिक शासक हिंदू धर्म के अनुयायी थे, परन्तु बाद में यह राजवंश जैन धर्म के प्रभाव में आ गया था।<ref name="kann">A Kannada dynasty was created in Berar under the rule of Badami Chalukyas (Altekar 1934, p21–26)</ref><ref name="kann2">Kamath 2001, p72–3</ref><ref name="red">A.C. Burnell in Pandit Reu (1933), p4</ref><ref name="pun">Hultzsch and Reu in Reu (1933), p2, p4</ref><ref name="language">Kamath (2001), p73</ref><ref name="language1">Pollock 2006, p332</ref><ref name="houb">Houben(1996), p215</ref><ref name="language2">Altekar (1934), p411–3</ref><ref name="dal">Dalby (1998), p300</ref> == उत्पति == दक्षिण भारत एवं गुजरात में मिले 75 शिलालेख 8 शिलालेख पे इनके वंश के बारे प्रकाश डालता है कि राष्ट्रकूट अपने आपको सात्यकी जो यदुवंशी था महाभारत में नारायणी सेना के प्रमुख सात सेनापतियों में से एक था उसी के वंश का राष्ट्रकुट है विद्वान एवं इतिहासकार समर्थन करते हैं कि राष्ट्रकूट यदुवंशी क्षत्रिय है 860 ई. में उत्कीर्ण एक शिलालेख में बताया गया है कि राष्ट्रकुट शासक दन्तिदुर्ग का जन्म यदुवंशी सात्यकी के वंश में हुआ था गोविंद तृतीय 880 ई में उत्कीर्ण एक शिलालेख में लिखा है कि राष्ट्रकुट शासक वैसे ही अजय हो गए जैसे भगवाण श्री कृष्ण यदुवंशी में जन्म लेकर अजय हो गए थे हलायुद्ध द्वारा लिखी गई किताब कविरहस्य में भी राष्ट्रकुट राजाओं को यदुवंशी सात्यकी का वंशज लिखा गया है अमोघवर्ष प्रथम द्वारा 950 में लिखित एक ताम्रपत्र में अपने आपको यदुवंशी लिखा है 914 ई० में एक ताम्रपत्र में दन्तिदुर्ग को यदुवंशी लिखा गया है 860 ई० के पूर्व हमें राष्ट्रकूट राजाओं के वंश के बारे में कुछ भी ज्ञात नहीं था। इसके बाद दक्षिण भारत एवं गुजरात से मिले 75 शिलालेखों में से कुछ इनके वंश के बारे में प्रकाश डालते हैं၊ इनमें से 8 शिलालेख बताते हैं कि राष्ट्रकूट राजा यादववंश के थे၊ 860 ई० में उत्कीर्ण एक शिलालेख में बताया गया है कि २ाष्ट्रकूट शासक दंतिदुर्ग का जन्म यदुवंशी सात्यकी के वंश में हुआ था ၊ इसप्रकार राष्ट्रकूट वंश भगवान कृष्ण के सेनापति सात्यिकी यादव का वंश है । ये यदुवंशी क्षत्रिय थे। गोविन्द तृतीय (880 ई०) द्वारा उत्कीर्ण एक शिलालेख में लिखा है कि "इस महान राजा के जन्म से राष्ट्रकूट वंश वैसे ही अजेय हो गया जैसे भगवान कृष्ण के जन्म से यादव वंश हो गया था"। यह शिलालेख इस ओर स्पष्ट रूप से इशारा करते है कि राष्ट्रकूट यादव थे। हलायुध द्वारा लिखी गई किताब 'कविरहस्य' में भी राष्ट्रकूट राजाओं को यदुवंशी सात्यकी का वंशज लिखा गया है। अमोघवर्ष प्रथम द्वारा 950 ई० में लिखित एक ताम्र-पत्र में भी उन्होंने अपने आप को यादव बताया है। 914 ई० के ताम्र-पत्र में भी राष्ट्रकूट राजा'दन्तिदुर्ग' को यादव सात्यकी का वंशज लिखा गया है। इन बातों से सिद्ध होता है कि राष्ट्रकूट राजा यादव थे। ये कन्नड भाषा बोलते थे,लेकिन उन्हें उत्तर-ढक्कनी भाषा की जानकारी भी थी। अपने शत्रु चालुक्य वंश को पराजित करने वाले राष्ट्रकूट वंश के शासन काल में ही ढक्कन साम्राज्य भारत की दूसरी बड़ी राजनीतिक इकाई बन गया,जो मालवा से कांची तक फैला हुआ था । इस काल में राष्ट्रकूटों के महत्व का इस तथ्य से पता चलता है कि एक मुस्लिम यात्री ने यहाँ के राजा को दुनिया के चार महान शासकों में से एक बताया (अन्य शासक खलीफा तथा बाइजंतिया और चीन के सम्राट थे। == प्रशासन == ये संभवत: मूल रूप से द्रविड़ किसान थे, जो लाततापुर (लातूर, उसमानवाद के निकट) के शाही परिवार के थे। ये कन्नड भाषा बोलते थे, लेकिन उन्हें उत्तर-डाककनी भाषा की जानकारी भी थी। अपने शत्रु [[चालुक्य वंश]] को पराजित करने वाले राष्ट्रकूट वंश के शासन काल में ही दक्कन साम्राज्य भारत की दूसरी बड़ी राजनीतिक इकाई बन गया, जो [[मालवा]] से [[कांची]] तक फैला हुआ था। इस काल में राष्ट्रकूटों के महत्व का इस तथ्य से पता चलता है कि एक मुस्लिम यात्री ने यहाँ के राजा को दुनिया के चार महान शासकों में से एक बताया (अन्य शासक खलीफा तथा बाइजंतीया और चीन के सम्राट थे)।<ref name="archive">whose main responsibility was to draft and maintain inscriptions or ''Shasanas'' as would an archivist. (Altekar in Kamath (2001), p85</ref><ref name="mandala">Kamath (2001), p86</ref> == कला और संस्कृति == कई राष्ट्रकूट राजा अध्ययन और कला के प्रति समर्पित थे। दूसरे राजा, [[कृष्ण प्रथम]] (लगभग 756 से 773) ने [[एलोरा]] में चट्टान को काटकर [[कैलाश मंदिर]] बनवाया। इस राजवंश का प्रसिद्ध शासक [[अमोघवर्ष प्रथम]] ने, जिनहोने लगभग 814 से 878 तक शासन किया, सबसे पुरानी ज्ञात [[कन्नड]] कविता [[कविराजमार्ग]] के कुछ खंडों की रचना की थी। उनके शासन काल में [[जैन धर्म|जैन]] गणितज्ञों और विद्वानों ने '[[कन्नड]]' व '[[संस्कृत]]' भाषाओं के साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनी वास्तुकला 'द्रविणन शैली' में आज भी मील का पत्थर मानी जाती है, जिसका एक प्रसिद्ध उदाहरण 'एल्लोरा' का 'कैलाशनाथ मन्दिर' है। अन्य महत्वपूर्ण योगदानों में 'महाराष्ट्र' में स्थित 'एलीफेंटा गुफाओं' की मूर्तिकला तथा 'कर्णाटक' के 'पताद्क्कल' में स्थित 'काशी विश्वनाथ' और 'जैन मन्दिर' आदि आते हैं, यही नहीं यह सभी 'यूनेस्को' की वर्ल्ड हेरिटेज साईट में भी शामिल हैं।<ref name="trade26">Altekar (1934), p242</ref> == आर्थिक परिदृश्य == इस वंश के कई राजा युद्ध कला में पारंगत थे। ध्रुव प्रथम ने गंगवादी (मैसूर) के गंगवंश के राजाओं को पराजित किया, कांची (कांचीपुरम) के पल्लवों से लोहा लिया और बंगाल के राजा तथा काननोज पर दावा करने वाले प्रतिहार शासक को पराजित किया। कृष्ण द्वितीय ने, जो 878 में सिंहासन पर बैठे, फिर से गुजरात पर कब्जा कर लिया, जो अमोघवर्ष प्रथम के हाथों से छिन गया था। लेकिन वे वेंगी पर फिर से अधिकार करने में असफल रहे। उनके पौत्र इंद्र तृतीय ने, जो 914 में सत्तारूढ़ हुये। [[कन्नौज]] पर कब्जा करके राष्ट्रकूट शक्ति को अपने चरम पर पहुंचा दिया। [[कृष्ण तृतीय]] ने उत्तर के अपने अभियानों (लगभग 940) से इसका और विस्तार किया तथा कांची और तमिल अधिकार वाले मैदानी क्षेत्र (948-966/967) पर कब्जा कर लिया।<ref name="trade">Altekar (1934), p356</ref><ref name="trade3">From notes of Periplus, Al Idrisi and Alberuni (Altekar 1934, p357)</ref> == शासकों की सूची == *[[दन्तिदुर्ग]] (735-756) जिसे दन्तिवर्मन या दन्तिदुर्ग प्रथम के नाम से भी जाना जाता है, राष्ट्रकूट साम्राज्य के संस्थापक थे। *[[कृष्ण १]] (756–774) दन्तिदुर्ग १ के चाचा, [[कृष्ण १]] ने [[बद्री कीर्तिवर्मन १]] को परास्त करके (757 ई.) में नवोदित राष्ट्रकूट साम्राज्य का अधिकार ग्रहण किया। *[[गोविंद २]] (774-780) कृष्ण १ के बाद [[गोविंद १]] सिंहासन पर बैठे। *[[ध्रुव]] (780-793) राष्ट्रकूट वंश के सबसे प्रवीण शासक ध्रुव अपने बड़े भाई गोविंद २ के बाद सिंहासन पर काबिज हुए। *[[गोविंद ३]] (793–814) वह एक प्रसिद्ध राष्ट्रकूट राजा थे। *[[अमोघवर्ष १]] (800-878) [[अमोघवर्ष १]] राष्ट्रकूट वंश के सबसे बड़े राजाओं में से एक थे। *[[कृष्ण २]] (878–914) अमोघवर्ष १ के निधन के बाद [[कृष्ण २]] राजा बने। *[[इंद्र ३]] (914–929) कृष्ण १ के पोते और [[चेदि]] राजकुमारी लक्ष्मी के पुत्र, अपने पिता [[जगत्तुंगा]] के समय से पहले निधन के कारण राज्य के सम्राट बने। *[[गोविंद ४]] (930–935) अमोघवर्ष द्वितीय के छोटे भाई [[चिकमगलूर]] के [[कालसा अभिलेख]] में वर्णित (930 ई.) में राष्ट्रकूट राजा बने। *[[अमोघवर्ष २]] (934–939) इंद्र ३ के छोटे भाई, जिन्हें [[बद्दीगा]] के नाम से भी जाना जाता है। उन्होने आंध्र में [[वेमुलावाड़ा]] के राजा [[अरिकेसरी]] और उनके खिलाफ विद्रोह करने वाले अन्य सामंतों की सहायता से सम्राट ने वर्चस्व प्राप्त किया। *[[कृष्ण ३]] (939–967) अत्यंत वीर और कुशल सम्राट थे। एक सूक्ष्म पर्यवेक्षक और निपुण सैन्य प्रचारक, उन्होंने कई युद्ध लड़े और फिर से जीत हासिल करने में अहम भूमिका निभाई और राष्ट्रकूट साम्राज्य के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। *[[खोट्टिम अमोघवर्ष ४]] उन्होने [[परमार]] राजा [[सियाक १]] ने [[मान्यखेट]] को तबाह कर दिया और खोट्टिम अमोघवर्ष ४ का निधन हो गया। *[[कर्क २]] (967-973) कर्क १ ने खोट्टिम अमोघवर्ष ४ अमोघवर्ष को राष्ट्रकूट सिंहासन पर बैठाया। उसने [[चोल|चोलों]], [[गुर्जर|गुर्जरों]], [[हूण|हूणों]] और [[पाण्ड्य|पाण्ड्यों]] के विरोध में सैन्य विजय का समावेश किया और उसके सामंती, पश्चिमी [[गंग राजवंश]] राजा [[मरासिम्हा २]] ने [[पल्लव|पल्लवों]] पर अधिकार कर लिया। *[[इंद्र ४]] (973–982) पश्चिमी गंग राजवंश के सम्राट का भतीजा और राष्ट्रकूट वंश का अंतिम राजा था। == राजवंश का पतन == खोट्टिम अमोघवर्ष चतुर्थ (968-972) अपनी राजधानी की रक्षा में विफल रहे और उनके पाटन ने इस वंश पर से लोगों का विश्वास उठा दिया। सम्राट भागकर पश्चिमी घाटों में चले गए, जहां उनका वंश साहसी गंग और कदंब वंशों के सहयोग से तब तक गुमनाम जीवन व्यतीत करता रहा, जबतक तैलप प्रथम चालुक्य ने लगभग 975 में सत्ता संघर्ष में विजय नहीं प्राप्त कर ली।<ref name="trade9">Altekar (1934), p370–371</ref><ref name="trade23">From the Davangere inscription of Santivarma of Banavasi-12000 province (Altekar 1934, p234</ref><ref name="trade15">Altekar (1934), p222</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist|2}} == अन्य संदर्भ == [[File:Old Kannada inscription in the mantapa of Navalinga temple at Kuknur.jpg|thumb|right|upright|9 वीं शताब्दी'' पुरानी कन्नड़'', कूकनूर, कर्नाटक में नवलिंग मंदिर में शिलालेख]] [[File:Old Kannada inscription from the Rashtrakuta period (9th century) at the Durga Devi temple in Virupaksha temple complex at Hampi.jpg|thumb|right|upright|हम्पी, कर्नाटक में राष्ट्रकूट द्वारा निर्मित दुर्गा देवी मंदिर में 9 वीं शताब्दी'' का पुराना कन्नड़'' शिलालेख]] [[File:Ellora-Kailasanatha-5.jpg|thumb|right|कैलाशनाथ मंदिर]] '''पुस्तकें''' *{{cite book |last= Alteker|first= Anant Sadashiv |title= The Rashtrakutas And Their Times; being a political, administrative, religious, social, economic and literary history of the Deccan during C. 750 A.D. to C. 1000 A.D|origyear=1934|year=1934|publisher= Oriental Book Agency|location=Poona|oclc=3793499}} *{{cite book |last1= Chopra|first1= P.N.|last2= Ravindran|first2= T.K.|last3=Subrahmanian|first3= N|title= History of South India (Ancient, Medieval and Modern) Part 1|origyear=2003|year=2003|publisher= Chand Publications|location=नई दिल्ली|isbn= 81-219-0153-7}} *{{cite book |last= De Bruyne|first= J.L.|title= Rudrakavis Great Poem of the Dynasty of Rastraudha|origyear=1968|year= 1968|publisher= EJ Brill|location= |isbn= }} *{{cite book |last=Dalby |first= Andrew |title= Dictionary of Languages: The Definitive Reference to More Than 400 Languages |origyear=1998|year=2004|publisher=Columbia University Press |location=New York |isbn = 0-231-11569-5}} * {{cite book |last=Hardy|first=Adam |title=Indian Temple Architecture: Form and Transformation-The Karnata Dravida Tradition 7th to 13th Centuries|origyear=1995|year=1995|publisher=Abhinav Publications|location=|isbn= 81-7017-312-4}} *{{cite book |last= Houben|first= Jan E.M.|title= Ideology and Status of Sanskrit: Contributions to the History of the Sanskrit language |origyear=1996|year= 1996|publisher= Brill|location= |isbn= 90-04-10613-8}} *{{cite book |last= Jain|first= K.C.|title= Bharatiya Digambar Jain Abhilekh|origyear=2001|year= 2001|publisher= Digambar Jain Sahitya Samrakshan Samiti|location=Madhya Pradesh |isbn= }} *{{cite book |last= Kamath|first= Suryanath U.|title= A concise history of Karnataka : from pre-historic times to the present|origyear=1980|year= 2001|publisher= Jupiter books|location= Bangalore|oclc= 7796041 |lccn= 8095179}} *{{cite book |last= Karmarkar|first= A.P.|title= Cultural history of Karnataka : ancient and medieval|url= https://archive.org/details/dli.csl.6028|origyear=1947|year=1947|publisher= Karnataka Vidyavardhaka Sangha|location= Dharwar|oclc= 8221605 }} *{{cite book |last= Keay|first= John|title= India: A History|url= https://archive.org/details/indiahistoryfrom0000unse|origyear=2000|year=2000|publisher= Grove Publications|location= New York|isbn= 0-8021-3797-0}} *{{cite book |last= Majumdar|first= R.C.|title= The Struggle for Empire|origyear=1966|year= 1966|publisher= Bharatiya Vidya Bhavan|location= |isbn= }} *{{cite book |last=Masica |first= Colin P.|title=The Indo-Aryan Languages |url=https://archive.org/details/indoaryanlanguag0000masi |origyear=1991|year=1991|publisher= Cambridge University Press|location=Cambridge |isbn=0-521-29944-6 }} *{{cite book |last= Narasimhacharya|first= R|title= History of Kannada Literature|url= https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.489059|origyear=1988|year=1988|publisher= Asian Educational Services|location= नई दिल्ली, Madras|isbn= 81-206-0303-6}} *{{cite book |last= Reu|first= Pandit Bisheshwar Nath|title= History of the Rashtrakutas (Rathodas)|origyear=1933|year=1997|publisher= Publication Scheme|location= Jaipur|isbn= 81-86782-12-5}} *{{cite book |last= Pollock|first= Sheldon |title= The Language of the Gods in the World of Men: Sanskrit, Culture, and Power in Premodern India|url= https://archive.org/details/languageofgodsin0000poll|origyear=2006|year=2006 |publisher=University of California Press|location= Berkeley|isbn= 0-520-24500-8}} *{{cite book |last= Rice|first= E.P.|title= Kannada Literature|origyear=1921|year=1982|publisher= Asian Educational Services|location=नई दिल्ली |isbn= 81-206-0063-0}} *{{cite book |last= Rice|first= B.L.|title= Mysore Gazatteer Compiled for Government-vol 1|url= https://archive.org/details/mysoregazetteerc0000rice|origyear=1897|year=2001|publisher= Asian Educational Services|location= नई दिल्ली, Madras|isbn= 81-206-0977-8}} *{{cite book |last= Sastri|first= Nilakanta K.A.|title= A history of South India from prehistoric times to the fall of Vijayanagar|origyear=1955|year=2002|publisher= Indian Branch, Oxford University Press|location= नई दिल्ली|isbn= 0-19-560686-8}} *{{cite book |last= Thapar|first= Romila|title= Penguin History of Early India: From origins to AD 1300|url= https://archive.org/details/penguinhistoryof0000romi|origyear=2003|year=2003|publisher= Penguin|location= नई दिल्ली|isbn= 0-14-302989-4}} *{{cite book |last= Vaidya|first= C.V.|title= History of Mediaeval Hindu India (Being a History of India from 600 to 1200 A.D.)|origyear=1924|year=1979|publisher= Oriental Book Supply Agency|location= Poona|oclc= 6814734 }} * {{cite book |last= Warder|first= A.K.|author= A. K. Warder|title= Indian Kavya Literature|url= https://archive.org/details/indiankavyaliter0005akwa|origyear=1988|year=1988|publisher= Motilal Banarsidass|isbn= 81-208-0450-3}} '''अंतर्जालीय संदर्भ ''' *{{cite web|author=Arthikaje|title=The Rashtrakutas|url=http://www.ourkarnataka.com/states/history/historyofkarnataka18.htm|publisher=OurKarnataka.Com|work=History of karnataka|accessdate=2013-05-01|archive-url=https://web.archive.org/web/20061104123203/http://www.ourkarnataka.com/states/history/historyofkarnataka18.htm|archive-date=4 नवंबर 2006|url-status=dead}} * {{cite web|last=Kamat|first=Jyotsna|url=http://www.kamat.com/kalranga/deccan/rashtrakutas/literature_kannada.htm|title=Kannada Literature under the Rashtrakutas|accessdate=2013-05-01|work=The Rashtrakutas|archive-url=https://web.archive.org/web/20130515082706/http://www.kamat.com/kalranga/deccan/rashtrakutas/literature_kannada.htm|archive-date=15 मई 2013|url-status=dead}} * {{cite web|last=Kamat|first=Jyotsna|url=http://www.kamat.com/kalranga/deccan/deckings.htm|title=The Rashtrakutas|accessdate=2013-05-01|work=Dynasties of the Deccan|archive-url=https://web.archive.org/web/20130308045748/http://www.kamat.com/kalranga/deccan/deckings.htm|archive-date=8 मार्च 2013|url-status=dead}} * {{cite web|last=Kamat|first=Jyotsna|url=http://www.kamat.com/kalranga/deccan/rashtrakutas/literature_kannada.htm|title=Sanskrit Literature under the Rashtrakutas|accessdate=2013-05-01|work=The Rashtrakutas|archive-url=https://web.archive.org/web/20130515082706/http://www.kamat.com/kalranga/deccan/rashtrakutas/literature_kannada.htm|archive-date=15 मई 2013|url-status=dead}} * {{cite web|last=Sastri & Rao|first=Shama & Lakshminarayan|url=http://www.whatisindia.com/inscriptions/south_indian_inscriptions/volume_9/rashtrakutas.html|title=South Indian Inscriptions-Miscellaneous Inscriptions in Kannada|accessdate=2013-05-01|work=Rashtrakutas|archive-url=https://web.archive.org/web/20130509010952/http://www.whatisindia.com/inscriptions/south_indian_inscriptions/volume_9/rashtrakutas.html|archive-date=9 मई 2013|url-status=dead}} == बाहरी कड़ियाँ == {{commons category| Rashtrakuta Dynasty|राष्ट्रकूट राजवंश}} * [https://web.archive.org/web/20070629153707/http://www.hostkingdom.net/india.html#Mysore List of rulers of Karnataka] * [https://web.archive.org/web/20110629155409/http://asi.nic.in/ Archaeological Survey of India] {{राष्ट्रकूट राजवंश के सम्राट}} [[श्रेणी:भारत के राजवंश]] [[श्रेणी:दक्षिण भारत का इतिहास]] 0smd4wj3bts24b4zd93d779bzdq5a3t विकिपीडिया:इण्टरनेट पर हिन्दी के साधन 4 8982 6582628 6581122 2026-07-14T17:58:56Z ~2026-39597-45 936281 6582628 wikitext text/x-wiki इस पृष्ठ पर इन्टरनेट पर उपलब्ध विभिन्न [[हिन्दी]] एवं [[देवनागरी]] सम्बंधित साधनों की कड़ियों की सूची है। इसमें ऑनलाइन एवं ऑफ़लाइन उपकरण (टूल्स) शामिल हैं। हिंदूसिंह भोपाजी == Hindi Spell-checkers== *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/221506/ फायरफॉक्स हेतु हिन्दी वर्तनी जाँचक ऍडऑन] *[http://icebearsoft.euweb.cz/hindi-dict/ Hindi Spell-checker Dictionary] for use with XML editors XMLmind and &lt;oXygen/&gt; == देवनागरी फॉण्ट == ; यूनिकोड फॉण्ट * [[मंगल (फॉण्ट)]] * [[ऍरियल यूनिकोड ऍमऍस]] * अपराजिता (Aparajita) - (बैनर या लेख के मुख्य शीर्षक आदि के लिये उपयुक्त, सामान्य पाठ के लिये नहीं), * कोकिला (Kokila) - (दिखने में कुछ हद तक चाणक्य जैसा), * उत्साह (Utsaah) - (दिखने में Krutidev 010 जैसा) आदि : अपराजिता, कोकिला और उत्साह में शीर्षक के लिये अपराजिता, सामान्य पाठ के लिये कोकिला तथा ज्यादा बारीक टैक्स्ट के लिये उत्साह उपयुक्त है। * [https://fedorahosted.org/lohit/ लोहित फॉण्ट] (लिनक्स में Lohit Devanagari नामक फॉण्ट डिफॉल्ट है। यह स्क्रीन रीडिंग के लिये अच्छा फॉण्ट है, साथ ही प्रिंट भी ठीक ही आता है।) * [[संस्कृत २००३]] (Sanskrit 2003) - यह संस्कृत टेक्स्ट के लिये श्रेष्ठ है। इसका प्रिंट बड़ा सुन्दर आता है लेकिन फॉण्ट साइज ज्यादा छोटा हो तो स्क्रीन पर पढ़ने में दिक्कत आती है क्योंकि अक्षर मोटे होते हैं। * सिद्धान्त (Siddhanta) - संस्कृत के लिये यह फॉण्ट भी उल्लेखनीय है क्योंकि यह एकमात्र फॉण्ट है जिसमें यूनिकोड कूटबद्ध सर्वाधिक देवनागरी वर्ण (वैदिक स्वर चिह्नों समेत) सम्मिलित हैं। * [[रघु (फॉण्ट)]] * [http://ildc.in/htm/otfonts.htm सीडैक आदि के सैंकड़ों यूनिकोड समर्थित ओपेन टाइप देवनागरी फोंट] *[http://www.alanwood.net/unicode/fonts.html#devanagari Devanagari Unicode Fonts for Windows] *[http://www.cs.colostate.edu/%7Emalaiya/devafonts.htm Devanaagarii Font Complete Guide] *[http://pune.cdac.in/html/gist/products/dynfonts.aspx Indian Dynamic Fonts] *[http://www.devanagarifonts.net/fonts/page1.html देवनागरी फॉण्ट का महान स्रोत] (फॉण्ट्स के बारे में जानकारी, निःशुल्क फॉण्ट डाउनलोड, फ़ॉण्ट सम्बन्धित औजार, और अनेकों उपयोगी चीजें) *[http://hindi-fonts.com/ देवनागरी फॉण्ट्स का दूसरा महान स्रोत] (फॉण्ट्स के बारे में जानकारी, निःशुल्क फॉण्ट डाउनलोड, फ़ॉण्ट सम्बन्धित औजार, और अनेकों उपयोगी चीजें) *[http://devanaagarii.net/fonts/ Fonts for Devanagari] (आलोक द्वारा संकलित) ; परम्परागत फॉण्ट (लिगेसी फॉण्ट) *[[कृतिदेव (फॉण्ट)]] *[https://github.com/silnrsi/wsresources/tree/master/scripts/Deva/legacy देवनागरी के कुछ प्रमुख फॉण्टों की मैपिंग] ==फ़ॉण्ट परिवर्तक (Font Converters)== निम्न टूल नॉन-यूनिकोड फॉण्ट से यूनिकोड में परिवर्तन की सुविधा प्रदान करते हैं: ===Online=== *[https://www.fontconverter.in/hindi.php हिन्दी के अनेकानेक फॉण्टों के साथ-साथ गुजराती, तमिल और पंजाबी आदि के इनकोडिंग परिवर्तक (फ़ॉण्ट परिवर्तक)] ===Offline=== *[https://docs.google.com/leaf?id=0B3QLKzA0EHYWNDRmMmVlNDgtMWExNC00ODA3LWJhOTAtMGI2ZmExMzhlMmEy&hl=hi गूगल तकनीकी समूह फ़ॉन्ट कन्वर्टर फ़ाइलें] *[https://sites.google.com/site/bhashaime/ भाषा आईएमई] - यह आईएमई के साथ-साथ फॉण्ट-परिवर्तक और लिपि-परिवर्तक भी है। इसके बारे में [https://groups.google.com/g/technical-hindi/c/fN-AQgfjwrw/m/2I1oWcyCAgAJ यह भी देखें]। *[http://bhashaindia.com/SiteCollectionDocuments/Downloads/TBILDataConverter3.0.zip TBIL Data Converter]: Transliteration between data in font/ASCII/Roman format in Office documents into a Unicode form in any of 7 Microsoft-supported Indian languages *[http://ltrc.iiit.ac.in/showfile.php?filename=downloads/FC-1.0/fc.html Font Convertion among major Hindi Fonts from LTRC, IIIT] *[http://www.cybershoppee.com/products/fontsuvidha5.htm FontSuvidha 5.0] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/iscii/index.htm ISCII Plug-in for viewing texts in Devanagari fonts provided by CDAC] *[http://www.4shared.com/file/qs8-bXyl/DangiSoft_UniDev.html यूनिदेव] - यूनिकोड {मंगल} से विभिन्न ASCII/ISCII फ़ॉण्ट परिवर्तन *[http://www.4shared.com/zip/zXERndaY/prakharfontparivartak.html Prakhar Devanagari Font Parivartak - ASCII/ISCII TO UNICODE FONTS CONVERTER FOR DEVNAGRI HINDI] ==लिपि परिवर्तक (Script Converters)== ===ऑनलाइन === *[https://ambuda-org.github.io/vidyut-lipi/ विद्युत्] (vidyut-lipi is an experimental Sanskrit transliterator) *[http://learnsanskrit.org/tools/sanscript Sanscript] - भारतीय लिपियों तथा [[IAST]] आदि रोमन लिपियों का परस्पर परिवर्तन का आनलाइन औजार *[http://www.virtualvinodh.com/aksharamukha अक्षरमुख] - ब्राह्मी लिपि से व्युत्पन्न सभी लिपियों सहित iTrans में परस्पर लिपि बदलने का आनलाइन औजार *[https://paliscriptconverter.azurewebsites.net Pāḷi Script Converter, Version 2021-05-16] *[https://www.aczoom.com/itrans/online/ Online Interface to iTrans] : convert iTrans into Devanagari and other Indian Scripts. *[http://www.codewallah.com/diCrunch/diCrunch.php Diacritic Conversion - diCrunch v2.0.1] *[http://h2p.learnpunjabi.org/default.aspx हिन्दी से पंजाबी लिप्यन्तरण/अनुवाद] (पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला) *[http://uh.learnpunjabi.org/ हिन्दी-उर्दू ट्रान्सलिटरेशन] (पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला) ===ऑफलाइन === * [http://kevincarmody.com/software/aksharabridge.html '''अक्षर-ब्रिज'''] - A comprehensive open source Devanāgarī and Indic script conversion tool ; Akshara Bridge converts between several kinds of text that represent Devanāgarī, romanizations of Devanāgarī (DevLys, 10 Kruti Dev types, Krishna, Agra, iTrans, HK and many more ) , and other related scripts of India and southeast Asia (Bengali, Oriya, Malayalam etc). *[http://ildc.in/Urdu/htm/Urdu_Transliteration.htm Transliteration Tool For Windows] - Supports Transliteration from Hindi to Urdu and Punjabi to Urdu. *[http://extensions.services.openoffice.org/project/xlithindi XlitHindi] - an English to Hindi transliteration extension for OpenOffice Writer ==शब्दकोश== {| |- | ===Online=== *[http://bharatavani.in/dictionary-page/ हिन्दी सहित अन्य भाषाओं के सैकड़ों शब्दकोश] (भारतवाणी) *[http://www.csttpublication.mhrd.gov.in/index.php वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली आयोग की पारिभाषिक शब्दावलियाँ] *[http://e-mahashabdkosh.rb-aai.in/Default2.aspx ई-महाशब्दकोश] *[http://www.cfilt.iitb.ac.in/wordnet/webhwn/ Hindi WordNet (हिन्दी शब्दतंत्र) - A Lexical database for Hindi ( Hindi<-->Hindi)] *[http://www.cfilt.iitb.ac.in/%7Ehdict/webinterface_user/index.php Universal Word : English<-->Hindi (based on UNL), for Machine Translation] *[http://dsal.uchicago.edu/dictionaries/platts/ A dictionary of Urdu, Classical Hindi, and English] *[http://www.wikiwords.org/dictionary/lang/hin WikiWords - Hindi] *[http://hi.wiktionary.org विक्षनरी] *[http://www.anukriti.net/tools1.asp Dictionaries at Anukriti.net] *[http://www.dicts.info/dictlist1.php?l=hindi हिन्दी तथा अन्य विदेशी शब्दकोश] *[http://www.cfilt.iitb.ac.in/hindishabdamitra/ हिन्दी शब्दमित्र] -- हिन्दी के ज्ञान के स्तर के अनुसार शब्द सिखाने वाला जालपृष्ट ===Offline=== *[http://www.4shared.com/get/277416334/98eda2f8/DangiSoft_ShabdaGyaan.html शब्द-ज्ञान] यूनिकोड आधारित 'अंग्रेज़ी <-> हिन्दी' डिक्शनरी (ऑफ़लाइन) *[http://www.4shared.com/file/101273720/bfcd1915/Shabdakoshxp.html शब्दकोश अंग्रेजी-हिन्दी-अंग्रेजी] *[http://www.ernst-tremel.privat.t-online.de/Hindi-Deutsch%20Verzeichnis/Hindi-Deutsch%20Deutsch-Hindi.pdf Hindi German Dictionary] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/Dict_Frame.html Dictionaries (LTRC, IIIT Hyderabad)] *[http://groups.yahoo.com/group/hindi/files/eng-hin.pdf अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोष] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/Dict_Downld.html English-Hindi Dictionary from IIIT] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/Shabdanjali_Dwnld.html 'Shabdanjali' English-Hindi E-Dictionary] *[http://ltrc.iiit.net/onlineServices/Dictionaries/eng-hin-utf/ 'Shabdanjali' English-Hindi utf Source files] *[http://www.lingvosoft.com/LingvoSoft-Talking-Dictionary-English-Hindi-for-Windows/ LingvoSoft Talking Dictionary English <-> Hindi , for Windows] *[http://www.dicts.info/sda.php Simple Dictionary Applications (SDA)] - allow users to use free bilingual dictionaries offline; takes Tab Seperated Text (TST) *[http://goldendict.org/ गोल्डेन_डिक्ट (GoldenDict)] - a feature-rich, Open-source, dictionary lookup program *[http://www.dicts.info/ '''Dicts''' Free dictionaries project] *[http://www.dicts.info/offline2.php Dictionary applications] |} ==Hindi Translation Softwares/services== ===मुक्तस्रोत और निःशुल्क अनुवाद सॉफ्टवेयर=== * [http://translate.google.com/translate_t गूगल अनुवाद] (ऑनलाइन) (अधिकतम ५००० कैरेक्टर एक बार में) * [https://huggingface.co/spaces/UNESCO/nllb युनेस्को का २०० भाषाओं का अनुवादक] (हगिंग-फेस और मेटा द्वारा निर्मित) -- अनुवाद के लिये दिये गये टेक्स्ट के आकार पर कोई सीमा नहीं। * [https://libretranslate.com/?source=en&target=hi LibreTranslate (लिब्र_ट्रान्सलेट)] -- मुक्तस्रोत ट्रान्सलेशन सुविधा एवं ट्रान्सलेशन API (अधिकतम २००० कैरेक्टर) * [https://quillbot.com/translate?sl=auto&tl=hi क्विल्बोट] -- हिन्दी सहित ५० भाषाओं का अनुवादक (५००० कैरेक्टर की सीमा) * [https://lingvanex.com/demo/ LingvaNex] (३००० कैरेक्टर तक) * [http://www.bing.com/translator/ '''बिंग''' अनुवादक] (१००० कैरेक्टर तक) * [https://anuvaad.bhashini.gov.in/text-to-text-translation भाषिणी] (८ अलग-अलग मॉडलों के साथ) * [https://dashboard.sarvam.ai/translate सर्वम् अनुवादक] (१००० कैरेक्टर तक) * [https://www.matecat.com/ Matecat] -- web-based computer-assisted translation (CAT) tool ; हिन्दी के बृहद/लघु-भाषा-मॉडल (LLM) * सर्वम् <ref>[https://www.outlookbusiness.com/start-up/deeptech/from-krutrim-to-sarvam-here-are-top-indian-start-ups-building-foundational-llms From Krutrim to Sarvam: Here are Top Indian Start-Ups Building Foundational LLMs]</ref> * ओपेन-हाथी (सर्वम ए आई का) * नन्द <ref>[https://bostoninstituteofanalytics.org/blog/nanda-the-future-of-hindi-ai-and-language-inclusivity/ NANDA: The Future of Hindi AI and Language Inclusivity]</ref> * गंगा-1B <ref>[https://indiaai.gov.in/article/iit-gandhinagar-unveils-ganga-1b-advanced-llm-for-hindi-language IIT Gandhinagar unveils Ganga-1B: advanced LLM for Hindi language]</ref> * कृत्रिम (ओला का) * परमाणु (ज्ञान एआई का) * हनुमान (हनुमान ए आई का) * BharatGPT * '''[https://huggingface.co/ds4sd/SmolDocling-256M-preview SmolDocling]''' -- An ultra-compact vision-language model for end-to-end multi-modal document conversion ; अनुवाद स्मृति * [https://kanthasth-rajbhasha.gov.in/ '''कण्ठस्थ'''] -- ट्रांसलेशन मेमोरी पर आधारित यह सिस्टम भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राजभाषा विभाग के लिए विकसित किया गया है। इस सिस्टम के माध्यम से अंग्रेजी से हिंदी तथा हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद संभव है। * [https://www.matecat.com/ मेटकैट] - मशीनी अनुवाद के लिए एक बढ़िया और सचमुच काम की साइट । उपयोग करते रहने और स्वयं का [[अनुवाद मेमोरी]] डेटाबेस बना कर अधिकाधिक सहूलियत और शुद्धता हासिल करने की सुविधा भी। 70 से अधिक फ़ाइल टाइप में काम किया जा सकता है। हिंदी भी पूरी तरह समर्थित। लिंक और फार्मेटिंग आदि भी बनाए रखता है। पूरी तरह निःशुल्क। *[http://www.omegat.org/en/omegat.html [[ओमेगा-टी]]] - एक निःशुल्क [[अनुवाद स्मृति]] (ट्रान्स्लेशन मेमोरी) सॉफ्टवेयर ; अन्य *[http://translate.google.com/toolkit गूगल ट्रांसलेटर टूलकिट] - गूगल का मशीन + मानवी अनुवाद तंत्र ; विकिपिडिया एवं नॉल के लिये विशेष सुविधा *[http://www.wikibhasha.org/ विकिभाषा (WikiBhasha)] - माइक्रोसॉफ्ट रीसर्च द्वारा विकिपीडिया के लिए बनाया एक बहुभाषीय सामग्री निर्माण उपकरण *[http://h2p.learnpunjabi.org/default.aspx हिन्दी से पंजाबी मशीनी अनुवाद एवं लिप्यन्तरण] *[http://sanskrit.uohyd.ernet.in/~anusaaraka/urdu/ Urdu-Hindi Machine Translation System] (Department of Sanskrit Studies, University of Hyderabad ) *[https://www.apertium.org/index.eng.html?dir=hin-urd#translation हिन्दी <=>उर्दू अनुवादक] (अपर्तियम पर आधारित) *[https://translationwala.com/english-to-hindi-translation/ अंग्रेजी<=>हिन्दी अनुवादक] - (मशीन अनुवाद पर आधारित) ===Offline=== *[http://www.4shared.com/file/101278785/e2498211/Anuvaadakxp.html अनुवादक (अंग्रेजी-->हिन्दी) : Global Word Translator (Eng.-Hindi) (offline)] *[http://translate.ildc.in:8080/jsp-examples/work/tsswNew.do अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद सहाय्य सिस्टम (online)] *[http://www.mantra-rajbhasha.cdac.in/mantrarajbhasha/ MANTRA : Machine Assisted Translation] ===हिन्दी अनुवाद-स्मृति (ट्रान्सलेशन मेमोरी) फाइलें=== * [https://drive.google.com/open?id=0B06JOlm5x83YSDdDVXZnakEtVGM Administrative_And_Other_Phrases.tmx.zip] * [https://drive.google.com/open?id=0Bw8jX33hvQefeENpd0xRblJaMGs GrandTM.zip] - * [https://drive.google.com/open?id=0B5dqLBOGtAOfRjhKd3BwcEJsbzg vaakyaansh2_en-US_hi-IN.sdltm] ===मशीनी अनुवाद के लिए द्विभाषी पाठ=== * [https://www.kaggle.com/vaibhavkumar11/hindi-english-parallel-corpus आई आई टी मुम्बई का नवीनतम हिन्दी-अंग्रेजी द्विभाषी पाठ] * [http://www.cfilt.iitb.ac.in/iitb_parallel/resource.php आई आई टी मुम्बई स्थित विभिन्न द्विभाषी पाठ (parallel corpora)] * [https://github.com/project-anuvaad/parallel-corpus 'अनुवाद'-परियोजना का पाठ] * [https://github.com/joshua-decoder/indian-parallel-corpora छः भारतीय भाषाओं का अंग्रेजी के समान्तर पाठ] * [http://www.bhashavaad.in/ Bhashavaad : India’s First Open-Access Database of Translations] * विस्तृत पत्रक यहाँ देखें- [https://github.com/AI4Bharat/indicnlp_catalog A Catalog of resources for Indian language NLP] * [https://link.springer.com/article/10.1007/s12652-021-03479-0 A comprehensive survey on machine translation for English, Hindi and Sanskrit languages] (२०२१) == Hindi Text Analysis, Text Processing and Concordance== *[http://anubhav-chattoraj.github.io/indic-tools/devanagari_sorter/ देवनागरी आकारादि क्रमक] (Devanagari Sorter) *[http://www.laurenceanthony.net/software.html '''AntConc'''] - A freeware concordance program for Windows, Macintosh OS X, and Linux. देवनागरी में भी काम करता है। * [http://sivareddy.in/downloads Download Hindi POS Tagger, Lemmatizer, Morphological Analyser developed by University of Leeds and Sketch Engine, UK] [http://sivareddy.in/papers/files/hindi.sample.out.txt Sample output of the tagger] *[http://technical-hindi.googlegroups.com/web/Devanagari%20Kramak_07.htm?gda=qhjJi0kAAABZJe95PJRsFNTuqaB_abJQwcT0zSdj1opLtXhN83hJBmG1qiJ7UbTIup-M2XPURDQUZWzh0qkcgonJkJSY2hOZsPB6s1v7C3Iw_ccO4inhKg '''देवनागरी क्रमक'''] - देवनागरी में लिखे शब्दों या शब्द-समूहों को देवनागरी वर्ण-क्रम के अनुसार व्यवस्थित करने का प्रोग्राम (आनलाइन) ; इसमें '''बायें-से-दायें''' या '''दायें-से-बायें''' दोनो ही तरह से व्यवस्थित करने की सुविधा है। दायें-से-बायें क्रम का उपयोग '''तुकान्त''' शब्दों को पास-पास लाने के लिया किया जाता है। *[http://demo.icu-project.org/icu-bin/locexp?_=hi_IN&d_=hi&x=col&currency=INR '''ICU Locale Explorer'''] - for sorting (collation) in any script; many user options available. *[http://technical-hindi.googlegroups.com/web/Chhanda%20Maatraa%20Ganak_03.htm?gda=JRAkZU0AAABZJe95PJRsFNTuqaB_abJQwcT0zSdj1opLtXhN83hJBmG1qiJ7UbTIup-M2XPURDQply2TIkZmhHO8v6VnAE4N3wV89lns_n2i5Im7SItylg '''मात्रा गणक''' (आनलाइन)] - देवनागरी में लिखे किसी शब्द या शब्द-समूह में मात्राओं की संख्या की गणना करता है। कविता की पंक्तियों की मात्रा की दृष्टि से शुद्धता का विश्लेषण करने में सहायक। *[http://extensions.services.openoffice.org/en/project/Linguist Linguist] - ओपेनआफिस का ऐड-आन प्रोग्राम ; इसकी सहायता से किसी पाठ में आये शब्दों का आवृत्ति पता कर सकते हैं। *[http://textmechanic.co/ टेक्स्ट मेकैनिक] - टेक्स्ट को तरह-तरह से संसाधित करने के पचासों आनलाइन निःशुल्क प्रोग्राम *[http://www.online-utility.org/text/analyzer.jsp Online Text Analysis Tool] *[http://taporware.mcmaster.ca/~taporware/ TAPoR Text Analysis Tools] a variety of online tools for text analysis on html, XML and Plain Text files. Reverse Alphabetization too. *[http://www.topicalizer.com/process/ Topicalizer : Lexical, Phrasal & Textual Analysis] *[http://www.seasite.niu.edu/trans/Indonesian/transpgms/latinfreq.aspx Word Frequency counter and Alphabetization] *[http://www.georgetown.edu/faculty/ballc/webtools/web_freqs.html Word Frequency Counter & Alphabetization from GeorgeTown Linguist] *[http://www.development-space.co.za/Tools/Content/Most-Common-Word-Counter.aspx '''Online Word Counter'''] *[http://www.development-space.co.za/Tools/Language/Most-Common-Character-Counter.aspx '''Online Character Counter'''] *[http://www.lextutor.ca/freq/compleat_lister/ Compleat_Lister : Freq & Alphabetizaion] Change any TEXT file into five list types. *[http://www.seasite.niu.edu/trans/Indonesian/transpgms/latinconc.aspx Create Concordance of a Text] for all words or for a single given word] *[http://rajneesh.mobstop.com/dictionary.php Dictionary Builder : creates unique word list from a given text (by - Rajaneesh Mangala)] *[http://www.lextutor.ca/text_lex_compare/ Text Lex Compare] Compare two texts for similarity & contrast. *[http://www.lextutor.ca/tools/stripper.htm Compleat Text Stripper] good for cleaning Text of numbers, punctuation, extra spaces etc *[http://www.topicalizer.com/similarDocuments/ Find Similar Documents] works with Hindi too; Part of Topicalizer *[http://www.csse.monash.edu.au/%7Elloyd/tildeAlgDS/Tree/Suffix/ Online suffix Tree] *[http://textalyser.net/index.php?lang=en#analysis Textalyser] : a good Text analysis tool, but does not work with Hindi. *[http://www.usingenglish.com/resources/text-statistics.php Text Content Analysis Tool] does not work with Hindi. *[http://tapor.mcmaster.ca/~hyperpo/Versions/6.0/index.cgi?&delta_iLang=en Hyper Pro : Text Analyss & Exploration Tools ] does not work with Hindi. *[http://www.niederlandistik.fu-berlin.de/textstat/software-en.html TextStat] : free downloadable, reverse alphabetization, corpus building, & many tools; But BREAKS Hindi words at Maatraas. *[http://www.lextutor.ca/concordancers/text_concord/ Text based Concordance] : good tool but does not work with Hindi. *[http://www.rostra.dk/alphabet/alpha_en.htm Article: Computer Alphabetizing] *[http://textfixer.com/ TextFixer] - Text tools & HTML tools ( Remove Line Breaks from Text, Alphabetize Text, Capitalize the First letter of Sentences, Remove Whitespaces, Uppercase Text or Lowercase Text etc) *[https://voyant-tools.org/ '''Voyant Tools'''] - शब्दसूची, शब्द-आवृत्ति, कॉनकॉर्डैन्स आदि का ऑनलाइन प्रोग्राम। देवनागरी के लिए अच्छा काम करता है। == Hindi Morphological Analysis== * [http://sivareddy.in/downloads Download the Analyzer developed by University of Leeds and Sketch Engine, UK] *[http://ccat.sas.upenn.edu/plc/tamilweb/hindi.html Hindi Morphological Tagger of Vasu Ranganathan] *[http://ltrc.iiit.net/showfile.php?filename=onlineServices/morph/morph_analyser.html Hindi/Marathi/Telugu Morphological Analyser from LTRC IIIT (online)] *[http://ltrc.iiit.net/showfile.php?filename=onlineServices/morph/index.htm Morphological Analysers (for download)] Morphological analyser allows you to get the analysis(The analysis gives the root and other features such as gender, number, tense etc.) of the word. *[http://gate.ac.uk/ General architecture for text analysis (GATE)] - मुक्तस्रोत, सभी प्रकार के [[प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण]] के लिये उपयुक्त ==हिन्दी समझने और बोलने वाले चैट-बोट आदि == * [[चैटजीपीटी|चैट-जीपीटी]] (ChatGPT) * [[जेमिनी (चैटबॉट)|जेमिनी]] (गूगल का) * [[डीपसीक]] (मुक्तस्रोत) * को-पाइलॉट (माइक्रोसॉफ्ट) ==Hindi Text to Speech ( TTS ) and Speech to Text Tools== *[https://elevenlabs.io/speech-to-text/hindi Free Hindi Speech to Text Transcription] (Scribe का उपयोग करके) *[https://www.cdac.in/index.aspx?id=dl_mlingual_tools Indian Language Text-To-Speech (TTS) Add-In for LibreOffice] (CDAC द्वारा विकसित) *[https://translate.google.com/ गूगल ट्रान्सलेट] -- अनुवाद के अलावा इसमें टेक्स्ट को ध्वनि में बदलने की बेहतरीन सुविधा भी है। *[http://espeak.sourceforge.net/ इस्पीक] -- मुक्तस्रोत TTS प्रोग्राम, जिसमें अनेकों भाषाओं सहित हिन्दी TTS की भी सुविधा है। *[[ध्वनि (पाठ से वाक)]] - [http://dhvani.sourceforge.net Dhvani TTS ] *[[वॉजमी]] - [http://vozme.com/index.php?lang=hi '''vozMe''' का ऑनलाइन हिन्दी टेक्स्ट से वाक (स्पीच)] *[[वाचक (पाठ से वाक)]] - [http://www.prologixsoft.com/vaachak.htm Vaachak : Info and Online Demo] *[http://www.ildc.gov.in/htm/Text2Speech.htm Two TTSs from IIIT Hyderabad] *[http://www.blissit.org/hinditts.htm HIndi Text To Speech System from BLiSS ( Bolti Paati and others)] *[[फैस्टिवल (पाठ से वाक)]] - [http://janabhaaratii.org.in:9673/indicbhaaratii/Members/Priti_Patil/festival-hi-0-1-tar.gz '''फ़ेस्टिवल'''] - हिन्दी का '''पाठ-से-वार्ता''' प्रोग्राम (डाउनलोड) *[[हिन्दी एऍसआर]] - [http://sourceforge.net/projects/hindiasr/ हिन्दी (एऍसआर)] मुक्तस्रोत, यह हिन्दी के वाक् (स्पीच) को पहचानकर टैक्स्ट में बदलता है। *[http://diltts.dil.in/demo/ Hindi TTS Demo at Data Infosys] *[[श्रुतलेखन-राजभाषा]] *[[वाचान्तर-राजभाषा]] ==Hindi (Devanagari) Optical Character Recognition (OCR)== *[https://ocr.sanskritdictionary.com/ '''SanskritCR'''] (संस्कृत रिसर्च इंस्टिट्यूट, औरोविल) * [https://dharmamitra.org/?target_lang=hindi&view=ocr धर्ममित्र ओसीआर] *[https://www.cardscanner.co/image-to-text 'Card Scanner' Image to Text Converter] (देवनागरी सहित अनेक लिपियों के लिये, अनेक प्राकर के इनपुट, अनेक प्रकार के आउटपुट, १० MB तक के फाइल, अत्यन्त शुद्ध) *[https://www.ocr2edit.com/ OCR2EDIT] -- इसमें हिन्दी सहित बहुत सी भाषाओं का ओसीआर सम्भव है। एक से अधिक भाषाएँ चुन सकते हैं। इसका प्रयोक्ता इन्टरफेस हिन्दी में भी है। कोई रजिस्ट्रेशन नहीं, कोई फाइल-साइज की सीमा नहीं, अच्छी गुणवत्ता का ओसीआर, डॉक फाइल के रूप में भी आउटपुट सम्भव। *[http://www.i2ocr.com/free-online-hindi-ocr '''I2OCR''' निःशुल्क आनलाइन देवनागरी ओसीआर] -- इसमें हिन्दी सहित सैकड़ों भाषाओं में ओसीआर की सुविधा है। *[https://www.ilovepdf.com/ocr-pdf '''ilovepdf'''] -- पीडीएफ फाइलों पर तरह-तरह के परिवर्तन/परिवर्धन ; पीडीएफ फाइल में टेक्स्ट लेयर डालकर उसे खोजने युक्त बनाता है। *[http://googleresearch.blogspot.com/2015/05/paper-to-digital-in-200-languages.html '''गूगल की ओसीआर सुविधा'''] (उपयोग की विधि) *[https://cloud.google.com/vision/docs/drag-and-drop Google Cloud Vision API] -- यह शब्दों के साथ-साथ उन शब्दों के स्थान (position) भी json फाइल के रूप में देता है। *[[टेसरैक्ट]] - इसकी सहायता से हिन्दी ओसीआर करने के लिये [https://sourceforge.net/p/tesseracthindi/wiki/OCR%20for%20Devanagari/ नवीनतम जानकारी] *'''टेसरैक्ट आधारित ऑनलाइन ओसीआर''' :*[http://tools.simonwillison.net/ocr OCR PDFs and images directly in your browser] :*[https://chaya.shreevatsa.net Chāyā] (स्कैन की हुई पीडीएफ फाइलों के लिये) :*[https://www.myfreeocr.com/en MyFreeOCR] :*[https://www.newocr.com/ newocr] :*[https://omed.hplar.ch/webocr/#/home '''tesseract.js''' Online Demo] ([https://towardsdatascience.com/image-to-text-ocr-with-tesseract-js-3540b420e0e7 Image to Text OCR with Tesseract.js अधिक जानकारी]) ==भारतीय भाषाओं में कृत्रिम बुद्धि एवं प्राकृतिक-भाषा-संसाधनी (एन एल पी)== *[https://towardsdatascience.com/getting-started-with-nlp-for-indic-languages-a701ed62b6f8 Getting Started with NLP for Indic Languages] *[https://www.analyticsvidhya.com/blog/2020/01/3-important-nlp-libraries-indian-languages-python/ 3 Important NLP Libraries for Indian Languages You Should Try Out Today!] *[https://anoopkunchukuttan.github.io/indic_nlp_library/ Indic NLP Library] *[https://huggingface.co/sarvamai/sarvam-1 '''सर्वम् -१'''] -- भारतीय भाषाओं का प्रथम LLM (Hugging Face पर डाउनलोड करने और उपयोग करने के लिए उपलब्ध) *[https://huggingface.co/nickmalhotra/ProjectIndus टेक-महिन्द्रा की इण्डस-परियोजना] (हिन्दी और उसकी बोलियों के लिये LLM) *[https://github.com/ola-krutrim/Krutrim-1-7B कृत्रिम-1-7B] (गिटहब पर) *[https://huggingface.co/krutrim-ai-labs/Krutrim-2-instruct कृत्रिम-2] (हगिंग-फेस पर) -- A multilingual Large Language Model (LLM) with 12B parameter, optimized for English and 22 Indic languages *[https://huggingface.co/datasets/ai4bharat/MILU MILU : A Multi-task Indic Language Understanding Benchmark] ==पाइथन द्वारा देवनगरी/हिन्दी संसाधन== *[http://nepalinlp.com/detail/processing-unicode-devnagari-in-python/ Processing Unicode (Devnagari) in Python] *[https://pypi.org/project/indic-transliteration/ indic-transliteration 1.6.5] -- Transliteration tools to convert text in one indic script encoding to another *[https://pandey.github.io/posts/transliterate-devanagari-to-latin.html Python function to transliterate Devanagari] *[https://www.kaggle.com/vinayshanbhag/deep-cnn-devanagari-classifier Deep CNN Devanagari classifier] ==Popular Softwares available with Hindi Interface== *[http://bosslinux.in/downloads भारत आपरेटिंग सिस्टेम्स सालुशन या '''बॉस''' (BOSS) ] *[http://www.ncb.ernet.in/bharateeyaoo/download.shtml भारतीय ओपेनआफिस (Bharatiya OpenOffice)] *[http://www.openoffice.org/hi/ OpenOffice Hindi Project] *[http://mozilla.ushtaanksoftware.com/seamonkey-1.1.7.hi-IN.win32.installer.exe हिन्दी '''सी-मंकी''' ] - '''सीमंकी''' संपूर्ण इन्टरनेट अनुप्रयोग सुइट (Web Application Suite) को [http://www.ushtaanksoftware.com अष्टांक सॉफ़्टवेयर] ने हिन्दी में उपलब्ध कराया है । '''सीमंकी''' ''''संपूर्ण इन्टरनेट अनुप्रयोग सुइट'''' अष्टांक सॉफ़्टवेयर के '''हिन्दी प्रचार प्रसार अभियान''' का एक अंग है । सीमंकी (पूर्व में मोजिल्ला) पर मोजिल्ला फायरफाक्स वेब-ब्राउजर आधारित है। *[http://www.mozilla.com/firefox/all.html Mozila Firefox Internet Brouser] *[http://www.opera.com/ Opera web-browser] *[http://www.joomlaindia.org/prod/index.php?option=com_docman&Itemid=28 Indic Joomla : Open Source Content-management System] *[http://www.mail.google.com/?hl=hi Gmail] *[http://moodle.org/index.php?lang=hi_utf8 Moodle] : Moodle is a course management system (CMS) - a free, Open Source software package designed using sound pedagogical principles, to help educators create effective online learning communities. *LiveJournal *WorldPress *[http://www.balendu.com/sparsh स्पर्शः हिंदी टाइपिंग ट्यूटर] - बालेन्दु शर्मा दाधीच द्वारा विकसित इस हिंदी टाइपिंग ट्यूटर सॉफ्टवेयर का इंटरफेस सरल हिंदी में है। ==Hindi Learning tools== *[http://users.skynet.be/hugocoolens/hindi/hindi.html The Hindi Corner] ==Devanagari Learning Tools== *[http://accha.sourceforge.net/accha/ Accha - a very good Devanagari learning free software] ==Hindi e-Mail & Chat== *[http://www.balendu.com/sanshodhak/ Junked-Unicode sanitizer] by Balendu Sharma Dadhich Makes distorted Hindi Unicode text (received in emails) readable *[http://www.online-decoder.com/ru/ei आनलाइन टेक्स्ट डिकोडर] - यहाँ जाकर मूल टेक्स्ट का कोड चुनिए (जैसे, Windows-1258) और दाँईं तरफ UTF-8 चुनिए। 'Extract' दबाइए और परिणाम देखिए। सही परिणाम न मिले तो मूल टेक्स्ट का कोड कुछ और चुनकर देखिए कि ठीक परिणाम मिलता है या नहीं। *[http://lang.ojnk.net/hindi/unifix.html Corrupted Hindi E-mail Repair Tool ]for reconverting corrupted Unicode Hindi. *[http://www.mandarintools.com/ Another Corrupted Unicoded email Repair Tool] == Mobile Computing== * [https://play.google.com/store/apps/details?id=com.reverie.swalekh&hl=en] स्वलेख - भारत के सभी 22 भाषाओं में प्रकार करें अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन से * [https://itunes.apple.com/in/app/indic-keyboard-swalekh-flip/id1212717313?mt=8] स्वलेख - भारत के सभी 22 भाषाओं में प्रकार करें अपने आईओएस मोबाइल फोन से * [[मोबाइल उपकरणों में हिन्दी समर्थन]] -- यहाँ विस्तार से सभी औजारों एवं विधियों की जानकारी दी गयी है। *[https://www.digit.in/apps/swiftkey-hindi-gujarati-transliteration-feature-update-32662.html '''SwiftKey for Android''' gets Hindi, Gujarati transliteration feature] *[https://play.google.com/store/apps/details?id=org.smc.inputmethod.indic Indic Keyboard] - A native free and open source Indian language input keyboard application for Android mobile devices by Swathanthra Malayalam Computing (14 September 2014) *[https://play.google.com/store/apps/details?id=com.google.android.apps.inputmethod.hindi Google Hindi Input] *[http://www.penfosys.com/downloads/faq.pdf Indic Input for Mobile devices: Frequently Asked Questions PDF] Hindi User Interface : Nokia 3210 *[http://tdil.mit.gov.in/TDIL-OCT-2003/use%20of%20MT%20&%20TTS%20for%20mobile%20service.pdf Use of MT and TTS for Hindi] *[http://www.findurlaptop.com/tech/2013/08/04/hindi-typing-in-android-smartphone-with-google-hindi-input-app/ Hindi Typing in Android Smartphone with Google Hindi Input App] *[http://navbharattimes.indiatimes.com/tech/tech-photogallery/improve-your-knowledge-of-hindi-with-these-11-apps/hindi-apps/photomazaashow/54324413.cms हिंदी का ज्ञान बढ़ाने में मदद करेंगे ये 11 ऐंड्रॉयड ऐप्स] ==Hindi Localisation Tools== * [https://revup.reverieinc.com/?utm_source=Wikipedia&utm_medium=web&utm_campaign=referral/ लिप्यंतरण और अनुवाद एपीआई (API) के लिए] *[[पीओऍडिट]] .po भाषा फाइलों के हिन्दी अनुवाद के लिये एक ऑफलाइन औजार है। इसका इण्टरफेस हिन्दी में भी उपलब्ध है। ==Plug-ins and Extensions== ===हिन्दी के लिये उपयोगी फायरफॉक्स एक्सटेंशन=== (इनके प्रयोग से इन्टरनेट उपयोग करते समय किसी भी टेक्स्ट बक्से में हिन्दी लिख सकते हैं) *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/2573 इण्डिक आईएमई] (इंडिक इनपुट मेथड एक्सटेंशन) *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/8731 गूगल इण्डिक ट्रान्सलिटरेशन] *[http://www.ekya.com/ ऐक्य] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/pramukh-type-pad/ प्रमुख टाइपैड] *[http://www.lipikaar.com/download/firefox लिपिकार] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/3990 एनी-की] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/883 ट्रान्सलिटरेटर] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/221506/ फायरफॉक्स हेतु हिन्दी वर्तनी जाँचक ऍडऑन] *[http://epandit.shrish.in/176/type-hindi-in-firefox/ फायरफॉक्स में हिन्दी टाइपिंग के औजार] ==भाषा और लिपि के सामान्य औजार== *[http://mylanguages.org/identifier.php किसी टेक्स्ट को समझकर उसकी '''भाषा''' बताने वाला प्रोग्राम] *[http://rishida.net/tools/conversion/ Unicode Code Converter v7.03] - यूनिकोड को तरह-तरह के वैकल्पिक रूपों में बदलने वाला आनलाइन प्रोग्राम *[http://mylanguages.org/romanization.php Romanization and Transliteration] - विभिन्न लिपियों को रोमन में बदलने वाले प्रोग्राम *[http://mylanguages.org/languages_audio.php Languages Audio] - यहाँ विभिन्न भाषाओं के आडियो उपलब्ध हैं। *[http://www.digitalvolcano.co.uk/content/textcrawler टेक्स्ट-क्राउलर] - एक या अनेक फाइलों में किसी एक या अनेक टेक्स्ट या रेगुलर एक्सप्रेशन को खोजकर उसे बदलने वाला आफलाइन निःशुल्क प्रोग्राम ==विविध== *[http://bharatavani.in/ '''भारतवाणी'''] - यहाँ हिन्दी शब्दकोश, OCR तथा TTS सहित अनेकों औजार उपलब्ध हैं। *[http://shabdanagari.in शब्दनगरी] - हिन्दीभाषी जनमानस को इंटरनेट से जोड़ने के लिए एक निःशुल्क सेवा *[http://www.kiwix.org/wiki/Wikipedia_in_all_languages ऑफलाइन उपयोग के लिये हिन्दी विकिपीडिया ( '''[[किविक्स|किविक्स/Kiwix]]''' ) ] - [http://download.kiwix.org/portable/wikipedia_hi_all.zip] तथा [http://download.kiwix.org/portable/wikipedia_hi_all.zip.torrent] *[http://dir.hinkhoj.com हिन्दी निर्देशिका] Hindi web directory. Manages Hindi web pages available on net. *[http://www.polyglot3000.com/ Polyglot 3000] किसी टेक्स्ट की भाषा पहचानने वाला साफ्टवेयर (for download) *[http://www.digitalvolcano.co.uk/content/textcrawler टेक्स्ट_क्राउलर] - खोजो-बदलो (find-replace) के लिये सर्वसुविधासम्पन्न नि:शुल्क, आफलाइन उपकरण *[http://arvindlexicon.com अरविन्द समान्तर कोश] (Arvind Lexicon) *[http://computerseekho.com कंप्यूटर सीखो] (हमारा उद्देश्य है - हिंदीभाषी लोगों को कंप्यूटर सीखने में निःशुल्क प्रशिक्षित करना ) *[https://indicproject.org/ '''इण्डिक प्रोजेक्ट'''] (यहाँ भारतीय भाषाओं के लिए अनेकों उपयोज प्रकल्प चल रहे हैं।) ==इन्हें भी देखें== *[[हिन्दी कम्प्यूटिंग]] *[[हिन्दी टाइपिंग]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:विकिपीडिया प्रशासन]] [[श्रेणी:हिन्दी]] [[श्रेणी:सॉफ्टवेयर]] {{हिन्दी कम्प्यूटिंग}} stznukjly1tl19w576e55mg3c8rlves 6582629 6582628 2026-07-14T17:59:44Z ~2026-39597-45 936281 /* */ 6582629 wikitext text/x-wiki == Hindi Spell-checkers== *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/221506/ फायरफॉक्स हेतु हिन्दी वर्तनी जाँचक ऍडऑन] *[http://icebearsoft.euweb.cz/hindi-dict/ Hindi Spell-checker Dictionary] for use with XML editors XMLmind and &lt;oXygen/&gt; == देवनागरी फॉण्ट == ; यूनिकोड फॉण्ट * [[मंगल (फॉण्ट)]] * [[ऍरियल यूनिकोड ऍमऍस]] * अपराजिता (Aparajita) - (बैनर या लेख के मुख्य शीर्षक आदि के लिये उपयुक्त, सामान्य पाठ के लिये नहीं), * कोकिला (Kokila) - (दिखने में कुछ हद तक चाणक्य जैसा), * उत्साह (Utsaah) - (दिखने में Krutidev 010 जैसा) आदि : अपराजिता, कोकिला और उत्साह में शीर्षक के लिये अपराजिता, सामान्य पाठ के लिये कोकिला तथा ज्यादा बारीक टैक्स्ट के लिये उत्साह उपयुक्त है। * [https://fedorahosted.org/lohit/ लोहित फॉण्ट] (लिनक्स में Lohit Devanagari नामक फॉण्ट डिफॉल्ट है। यह स्क्रीन रीडिंग के लिये अच्छा फॉण्ट है, साथ ही प्रिंट भी ठीक ही आता है।) * [[संस्कृत २००३]] (Sanskrit 2003) - यह संस्कृत टेक्स्ट के लिये श्रेष्ठ है। इसका प्रिंट बड़ा सुन्दर आता है लेकिन फॉण्ट साइज ज्यादा छोटा हो तो स्क्रीन पर पढ़ने में दिक्कत आती है क्योंकि अक्षर मोटे होते हैं। * सिद्धान्त (Siddhanta) - संस्कृत के लिये यह फॉण्ट भी उल्लेखनीय है क्योंकि यह एकमात्र फॉण्ट है जिसमें यूनिकोड कूटबद्ध सर्वाधिक देवनागरी वर्ण (वैदिक स्वर चिह्नों समेत) सम्मिलित हैं। * [[रघु (फॉण्ट)]] * [http://ildc.in/htm/otfonts.htm सीडैक आदि के सैंकड़ों यूनिकोड समर्थित ओपेन टाइप देवनागरी फोंट] *[http://www.alanwood.net/unicode/fonts.html#devanagari Devanagari Unicode Fonts for Windows] *[http://www.cs.colostate.edu/%7Emalaiya/devafonts.htm Devanaagarii Font Complete Guide] *[http://pune.cdac.in/html/gist/products/dynfonts.aspx Indian Dynamic Fonts] *[http://www.devanagarifonts.net/fonts/page1.html देवनागरी फॉण्ट का महान स्रोत] (फॉण्ट्स के बारे में जानकारी, निःशुल्क फॉण्ट डाउनलोड, फ़ॉण्ट सम्बन्धित औजार, और अनेकों उपयोगी चीजें) *[http://hindi-fonts.com/ देवनागरी फॉण्ट्स का दूसरा महान स्रोत] (फॉण्ट्स के बारे में जानकारी, निःशुल्क फॉण्ट डाउनलोड, फ़ॉण्ट सम्बन्धित औजार, और अनेकों उपयोगी चीजें) *[http://devanaagarii.net/fonts/ Fonts for Devanagari] (आलोक द्वारा संकलित) ; परम्परागत फॉण्ट (लिगेसी फॉण्ट) *[[कृतिदेव (फॉण्ट)]] *[https://github.com/silnrsi/wsresources/tree/master/scripts/Deva/legacy देवनागरी के कुछ प्रमुख फॉण्टों की मैपिंग] ==फ़ॉण्ट परिवर्तक (Font Converters)== निम्न टूल नॉन-यूनिकोड फॉण्ट से यूनिकोड में परिवर्तन की सुविधा प्रदान करते हैं: ===Online=== *[https://www.fontconverter.in/hindi.php हिन्दी के अनेकानेक फॉण्टों के साथ-साथ गुजराती, तमिल और पंजाबी आदि के इनकोडिंग परिवर्तक (फ़ॉण्ट परिवर्तक)] ===Offline=== *[https://docs.google.com/leaf?id=0B3QLKzA0EHYWNDRmMmVlNDgtMWExNC00ODA3LWJhOTAtMGI2ZmExMzhlMmEy&hl=hi गूगल तकनीकी समूह फ़ॉन्ट कन्वर्टर फ़ाइलें] *[https://sites.google.com/site/bhashaime/ भाषा आईएमई] - यह आईएमई के साथ-साथ फॉण्ट-परिवर्तक और लिपि-परिवर्तक भी है। इसके बारे में [https://groups.google.com/g/technical-hindi/c/fN-AQgfjwrw/m/2I1oWcyCAgAJ यह भी देखें]। *[http://bhashaindia.com/SiteCollectionDocuments/Downloads/TBILDataConverter3.0.zip TBIL Data Converter]: Transliteration between data in font/ASCII/Roman format in Office documents into a Unicode form in any of 7 Microsoft-supported Indian languages *[http://ltrc.iiit.ac.in/showfile.php?filename=downloads/FC-1.0/fc.html Font Convertion among major Hindi Fonts from LTRC, IIIT] *[http://www.cybershoppee.com/products/fontsuvidha5.htm FontSuvidha 5.0] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/iscii/index.htm ISCII Plug-in for viewing texts in Devanagari fonts provided by CDAC] *[http://www.4shared.com/file/qs8-bXyl/DangiSoft_UniDev.html यूनिदेव] - यूनिकोड {मंगल} से विभिन्न ASCII/ISCII फ़ॉण्ट परिवर्तन *[http://www.4shared.com/zip/zXERndaY/prakharfontparivartak.html Prakhar Devanagari Font Parivartak - ASCII/ISCII TO UNICODE FONTS CONVERTER FOR DEVNAGRI HINDI] ==लिपि परिवर्तक (Script Converters)== ===ऑनलाइन === *[https://ambuda-org.github.io/vidyut-lipi/ विद्युत्] (vidyut-lipi is an experimental Sanskrit transliterator) *[http://learnsanskrit.org/tools/sanscript Sanscript] - भारतीय लिपियों तथा [[IAST]] आदि रोमन लिपियों का परस्पर परिवर्तन का आनलाइन औजार *[http://www.virtualvinodh.com/aksharamukha अक्षरमुख] - ब्राह्मी लिपि से व्युत्पन्न सभी लिपियों सहित iTrans में परस्पर लिपि बदलने का आनलाइन औजार *[https://paliscriptconverter.azurewebsites.net Pāḷi Script Converter, Version 2021-05-16] *[https://www.aczoom.com/itrans/online/ Online Interface to iTrans] : convert iTrans into Devanagari and other Indian Scripts. *[http://www.codewallah.com/diCrunch/diCrunch.php Diacritic Conversion - diCrunch v2.0.1] *[http://h2p.learnpunjabi.org/default.aspx हिन्दी से पंजाबी लिप्यन्तरण/अनुवाद] (पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला) *[http://uh.learnpunjabi.org/ हिन्दी-उर्दू ट्रान्सलिटरेशन] (पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला) ===ऑफलाइन === * [http://kevincarmody.com/software/aksharabridge.html '''अक्षर-ब्रिज'''] - A comprehensive open source Devanāgarī and Indic script conversion tool ; Akshara Bridge converts between several kinds of text that represent Devanāgarī, romanizations of Devanāgarī (DevLys, 10 Kruti Dev types, Krishna, Agra, iTrans, HK and many more ) , and other related scripts of India and southeast Asia (Bengali, Oriya, Malayalam etc). *[http://ildc.in/Urdu/htm/Urdu_Transliteration.htm Transliteration Tool For Windows] - Supports Transliteration from Hindi to Urdu and Punjabi to Urdu. *[http://extensions.services.openoffice.org/project/xlithindi XlitHindi] - an English to Hindi transliteration extension for OpenOffice Writer ==शब्दकोश== {| |- | ===Online=== *[http://bharatavani.in/dictionary-page/ हिन्दी सहित अन्य भाषाओं के सैकड़ों शब्दकोश] (भारतवाणी) *[http://www.csttpublication.mhrd.gov.in/index.php वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली आयोग की पारिभाषिक शब्दावलियाँ] *[http://e-mahashabdkosh.rb-aai.in/Default2.aspx ई-महाशब्दकोश] *[http://www.cfilt.iitb.ac.in/wordnet/webhwn/ Hindi WordNet (हिन्दी शब्दतंत्र) - A Lexical database for Hindi ( Hindi<-->Hindi)] *[http://www.cfilt.iitb.ac.in/%7Ehdict/webinterface_user/index.php Universal Word : English<-->Hindi (based on UNL), for Machine Translation] *[http://dsal.uchicago.edu/dictionaries/platts/ A dictionary of Urdu, Classical Hindi, and English] *[http://www.wikiwords.org/dictionary/lang/hin WikiWords - Hindi] *[http://hi.wiktionary.org विक्षनरी] *[http://www.anukriti.net/tools1.asp Dictionaries at Anukriti.net] *[http://www.dicts.info/dictlist1.php?l=hindi हिन्दी तथा अन्य विदेशी शब्दकोश] *[http://www.cfilt.iitb.ac.in/hindishabdamitra/ हिन्दी शब्दमित्र] -- हिन्दी के ज्ञान के स्तर के अनुसार शब्द सिखाने वाला जालपृष्ट ===Offline=== *[http://www.4shared.com/get/277416334/98eda2f8/DangiSoft_ShabdaGyaan.html शब्द-ज्ञान] यूनिकोड आधारित 'अंग्रेज़ी <-> हिन्दी' डिक्शनरी (ऑफ़लाइन) *[http://www.4shared.com/file/101273720/bfcd1915/Shabdakoshxp.html शब्दकोश अंग्रेजी-हिन्दी-अंग्रेजी] *[http://www.ernst-tremel.privat.t-online.de/Hindi-Deutsch%20Verzeichnis/Hindi-Deutsch%20Deutsch-Hindi.pdf Hindi German Dictionary] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/Dict_Frame.html Dictionaries (LTRC, IIIT Hyderabad)] *[http://groups.yahoo.com/group/hindi/files/eng-hin.pdf अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोष] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/Dict_Downld.html English-Hindi Dictionary from IIIT] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/Shabdanjali_Dwnld.html 'Shabdanjali' English-Hindi E-Dictionary] *[http://ltrc.iiit.net/onlineServices/Dictionaries/eng-hin-utf/ 'Shabdanjali' English-Hindi utf Source files] *[http://www.lingvosoft.com/LingvoSoft-Talking-Dictionary-English-Hindi-for-Windows/ LingvoSoft Talking Dictionary English <-> Hindi , for Windows] *[http://www.dicts.info/sda.php Simple Dictionary Applications (SDA)] - allow users to use free bilingual dictionaries offline; takes Tab Seperated Text (TST) *[http://goldendict.org/ गोल्डेन_डिक्ट (GoldenDict)] - a feature-rich, Open-source, dictionary lookup program *[http://www.dicts.info/ '''Dicts''' Free dictionaries project] *[http://www.dicts.info/offline2.php Dictionary applications] |} ==Hindi Translation Softwares/services== ===मुक्तस्रोत और निःशुल्क अनुवाद सॉफ्टवेयर=== * [http://translate.google.com/translate_t गूगल अनुवाद] (ऑनलाइन) (अधिकतम ५००० कैरेक्टर एक बार में) * [https://huggingface.co/spaces/UNESCO/nllb युनेस्को का २०० भाषाओं का अनुवादक] (हगिंग-फेस और मेटा द्वारा निर्मित) -- अनुवाद के लिये दिये गये टेक्स्ट के आकार पर कोई सीमा नहीं। * [https://libretranslate.com/?source=en&target=hi LibreTranslate (लिब्र_ट्रान्सलेट)] -- मुक्तस्रोत ट्रान्सलेशन सुविधा एवं ट्रान्सलेशन API (अधिकतम २००० कैरेक्टर) * [https://quillbot.com/translate?sl=auto&tl=hi क्विल्बोट] -- हिन्दी सहित ५० भाषाओं का अनुवादक (५००० कैरेक्टर की सीमा) * [https://lingvanex.com/demo/ LingvaNex] (३००० कैरेक्टर तक) * [http://www.bing.com/translator/ '''बिंग''' अनुवादक] (१००० कैरेक्टर तक) * [https://anuvaad.bhashini.gov.in/text-to-text-translation भाषिणी] (८ अलग-अलग मॉडलों के साथ) * [https://dashboard.sarvam.ai/translate सर्वम् अनुवादक] (१००० कैरेक्टर तक) * [https://www.matecat.com/ Matecat] -- web-based computer-assisted translation (CAT) tool ; हिन्दी के बृहद/लघु-भाषा-मॉडल (LLM) * सर्वम् <ref>[https://www.outlookbusiness.com/start-up/deeptech/from-krutrim-to-sarvam-here-are-top-indian-start-ups-building-foundational-llms From Krutrim to Sarvam: Here are Top Indian Start-Ups Building Foundational LLMs]</ref> * ओपेन-हाथी (सर्वम ए आई का) * नन्द <ref>[https://bostoninstituteofanalytics.org/blog/nanda-the-future-of-hindi-ai-and-language-inclusivity/ NANDA: The Future of Hindi AI and Language Inclusivity]</ref> * गंगा-1B <ref>[https://indiaai.gov.in/article/iit-gandhinagar-unveils-ganga-1b-advanced-llm-for-hindi-language IIT Gandhinagar unveils Ganga-1B: advanced LLM for Hindi language]</ref> * कृत्रिम (ओला का) * परमाणु (ज्ञान एआई का) * हनुमान (हनुमान ए आई का) * BharatGPT * '''[https://huggingface.co/ds4sd/SmolDocling-256M-preview SmolDocling]''' -- An ultra-compact vision-language model for end-to-end multi-modal document conversion ; अनुवाद स्मृति * [https://kanthasth-rajbhasha.gov.in/ '''कण्ठस्थ'''] -- ट्रांसलेशन मेमोरी पर आधारित यह सिस्टम भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राजभाषा विभाग के लिए विकसित किया गया है। इस सिस्टम के माध्यम से अंग्रेजी से हिंदी तथा हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद संभव है। * [https://www.matecat.com/ मेटकैट] - मशीनी अनुवाद के लिए एक बढ़िया और सचमुच काम की साइट । उपयोग करते रहने और स्वयं का [[अनुवाद मेमोरी]] डेटाबेस बना कर अधिकाधिक सहूलियत और शुद्धता हासिल करने की सुविधा भी। 70 से अधिक फ़ाइल टाइप में काम किया जा सकता है। हिंदी भी पूरी तरह समर्थित। लिंक और फार्मेटिंग आदि भी बनाए रखता है। पूरी तरह निःशुल्क। *[http://www.omegat.org/en/omegat.html [[ओमेगा-टी]]] - एक निःशुल्क [[अनुवाद स्मृति]] (ट्रान्स्लेशन मेमोरी) सॉफ्टवेयर ; अन्य *[http://translate.google.com/toolkit गूगल ट्रांसलेटर टूलकिट] - गूगल का मशीन + मानवी अनुवाद तंत्र ; विकिपिडिया एवं नॉल के लिये विशेष सुविधा *[http://www.wikibhasha.org/ विकिभाषा (WikiBhasha)] - माइक्रोसॉफ्ट रीसर्च द्वारा विकिपीडिया के लिए बनाया एक बहुभाषीय सामग्री निर्माण उपकरण *[http://h2p.learnpunjabi.org/default.aspx हिन्दी से पंजाबी मशीनी अनुवाद एवं लिप्यन्तरण] *[http://sanskrit.uohyd.ernet.in/~anusaaraka/urdu/ Urdu-Hindi Machine Translation System] (Department of Sanskrit Studies, University of Hyderabad ) *[https://www.apertium.org/index.eng.html?dir=hin-urd#translation हिन्दी <=>उर्दू अनुवादक] (अपर्तियम पर आधारित) *[https://translationwala.com/english-to-hindi-translation/ अंग्रेजी<=>हिन्दी अनुवादक] - (मशीन अनुवाद पर आधारित) ===Offline=== *[http://www.4shared.com/file/101278785/e2498211/Anuvaadakxp.html अनुवादक (अंग्रेजी-->हिन्दी) : Global Word Translator (Eng.-Hindi) (offline)] *[http://translate.ildc.in:8080/jsp-examples/work/tsswNew.do अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद सहाय्य सिस्टम (online)] *[http://www.mantra-rajbhasha.cdac.in/mantrarajbhasha/ MANTRA : Machine Assisted Translation] ===हिन्दी अनुवाद-स्मृति (ट्रान्सलेशन मेमोरी) फाइलें=== * [https://drive.google.com/open?id=0B06JOlm5x83YSDdDVXZnakEtVGM Administrative_And_Other_Phrases.tmx.zip] * [https://drive.google.com/open?id=0Bw8jX33hvQefeENpd0xRblJaMGs GrandTM.zip] - * [https://drive.google.com/open?id=0B5dqLBOGtAOfRjhKd3BwcEJsbzg vaakyaansh2_en-US_hi-IN.sdltm] ===मशीनी अनुवाद के लिए द्विभाषी पाठ=== * [https://www.kaggle.com/vaibhavkumar11/hindi-english-parallel-corpus आई आई टी मुम्बई का नवीनतम हिन्दी-अंग्रेजी द्विभाषी पाठ] * [http://www.cfilt.iitb.ac.in/iitb_parallel/resource.php आई आई टी मुम्बई स्थित विभिन्न द्विभाषी पाठ (parallel corpora)] * [https://github.com/project-anuvaad/parallel-corpus 'अनुवाद'-परियोजना का पाठ] * [https://github.com/joshua-decoder/indian-parallel-corpora छः भारतीय भाषाओं का अंग्रेजी के समान्तर पाठ] * [http://www.bhashavaad.in/ Bhashavaad : India’s First Open-Access Database of Translations] * विस्तृत पत्रक यहाँ देखें- [https://github.com/AI4Bharat/indicnlp_catalog A Catalog of resources for Indian language NLP] * [https://link.springer.com/article/10.1007/s12652-021-03479-0 A comprehensive survey on machine translation for English, Hindi and Sanskrit languages] (२०२१) == Hindi Text Analysis, Text Processing and Concordance== *[http://anubhav-chattoraj.github.io/indic-tools/devanagari_sorter/ देवनागरी आकारादि क्रमक] (Devanagari Sorter) *[http://www.laurenceanthony.net/software.html '''AntConc'''] - A freeware concordance program for Windows, Macintosh OS X, and Linux. देवनागरी में भी काम करता है। * [http://sivareddy.in/downloads Download Hindi POS Tagger, Lemmatizer, Morphological Analyser developed by University of Leeds and Sketch Engine, UK] [http://sivareddy.in/papers/files/hindi.sample.out.txt Sample output of the tagger] *[http://technical-hindi.googlegroups.com/web/Devanagari%20Kramak_07.htm?gda=qhjJi0kAAABZJe95PJRsFNTuqaB_abJQwcT0zSdj1opLtXhN83hJBmG1qiJ7UbTIup-M2XPURDQUZWzh0qkcgonJkJSY2hOZsPB6s1v7C3Iw_ccO4inhKg '''देवनागरी क्रमक'''] - देवनागरी में लिखे शब्दों या शब्द-समूहों को देवनागरी वर्ण-क्रम के अनुसार व्यवस्थित करने का प्रोग्राम (आनलाइन) ; इसमें '''बायें-से-दायें''' या '''दायें-से-बायें''' दोनो ही तरह से व्यवस्थित करने की सुविधा है। दायें-से-बायें क्रम का उपयोग '''तुकान्त''' शब्दों को पास-पास लाने के लिया किया जाता है। *[http://demo.icu-project.org/icu-bin/locexp?_=hi_IN&d_=hi&x=col&currency=INR '''ICU Locale Explorer'''] - for sorting (collation) in any script; many user options available. *[http://technical-hindi.googlegroups.com/web/Chhanda%20Maatraa%20Ganak_03.htm?gda=JRAkZU0AAABZJe95PJRsFNTuqaB_abJQwcT0zSdj1opLtXhN83hJBmG1qiJ7UbTIup-M2XPURDQply2TIkZmhHO8v6VnAE4N3wV89lns_n2i5Im7SItylg '''मात्रा गणक''' (आनलाइन)] - देवनागरी में लिखे किसी शब्द या शब्द-समूह में मात्राओं की संख्या की गणना करता है। कविता की पंक्तियों की मात्रा की दृष्टि से शुद्धता का विश्लेषण करने में सहायक। *[http://extensions.services.openoffice.org/en/project/Linguist Linguist] - ओपेनआफिस का ऐड-आन प्रोग्राम ; इसकी सहायता से किसी पाठ में आये शब्दों का आवृत्ति पता कर सकते हैं। *[http://textmechanic.co/ टेक्स्ट मेकैनिक] - टेक्स्ट को तरह-तरह से संसाधित करने के पचासों आनलाइन निःशुल्क प्रोग्राम *[http://www.online-utility.org/text/analyzer.jsp Online Text Analysis Tool] *[http://taporware.mcmaster.ca/~taporware/ TAPoR Text Analysis Tools] a variety of online tools for text analysis on html, XML and Plain Text files. Reverse Alphabetization too. *[http://www.topicalizer.com/process/ Topicalizer : Lexical, Phrasal & Textual Analysis] *[http://www.seasite.niu.edu/trans/Indonesian/transpgms/latinfreq.aspx Word Frequency counter and Alphabetization] *[http://www.georgetown.edu/faculty/ballc/webtools/web_freqs.html Word Frequency Counter & Alphabetization from GeorgeTown Linguist] *[http://www.development-space.co.za/Tools/Content/Most-Common-Word-Counter.aspx '''Online Word Counter'''] *[http://www.development-space.co.za/Tools/Language/Most-Common-Character-Counter.aspx '''Online Character Counter'''] *[http://www.lextutor.ca/freq/compleat_lister/ Compleat_Lister : Freq & Alphabetizaion] Change any TEXT file into five list types. *[http://www.seasite.niu.edu/trans/Indonesian/transpgms/latinconc.aspx Create Concordance of a Text] for all words or for a single given word] *[http://rajneesh.mobstop.com/dictionary.php Dictionary Builder : creates unique word list from a given text (by - Rajaneesh Mangala)] *[http://www.lextutor.ca/text_lex_compare/ Text Lex Compare] Compare two texts for similarity & contrast. *[http://www.lextutor.ca/tools/stripper.htm Compleat Text Stripper] good for cleaning Text of numbers, punctuation, extra spaces etc *[http://www.topicalizer.com/similarDocuments/ Find Similar Documents] works with Hindi too; Part of Topicalizer *[http://www.csse.monash.edu.au/%7Elloyd/tildeAlgDS/Tree/Suffix/ Online suffix Tree] *[http://textalyser.net/index.php?lang=en#analysis Textalyser] : a good Text analysis tool, but does not work with Hindi. *[http://www.usingenglish.com/resources/text-statistics.php Text Content Analysis Tool] does not work with Hindi. *[http://tapor.mcmaster.ca/~hyperpo/Versions/6.0/index.cgi?&delta_iLang=en Hyper Pro : Text Analyss & Exploration Tools ] does not work with Hindi. *[http://www.niederlandistik.fu-berlin.de/textstat/software-en.html TextStat] : free downloadable, reverse alphabetization, corpus building, & many tools; But BREAKS Hindi words at Maatraas. *[http://www.lextutor.ca/concordancers/text_concord/ Text based Concordance] : good tool but does not work with Hindi. *[http://www.rostra.dk/alphabet/alpha_en.htm Article: Computer Alphabetizing] *[http://textfixer.com/ TextFixer] - Text tools & HTML tools ( Remove Line Breaks from Text, Alphabetize Text, Capitalize the First letter of Sentences, Remove Whitespaces, Uppercase Text or Lowercase Text etc) *[https://voyant-tools.org/ '''Voyant Tools'''] - शब्दसूची, शब्द-आवृत्ति, कॉनकॉर्डैन्स आदि का ऑनलाइन प्रोग्राम। देवनागरी के लिए अच्छा काम करता है। == Hindi Morphological Analysis== * [http://sivareddy.in/downloads Download the Analyzer developed by University of Leeds and Sketch Engine, UK] *[http://ccat.sas.upenn.edu/plc/tamilweb/hindi.html Hindi Morphological Tagger of Vasu Ranganathan] *[http://ltrc.iiit.net/showfile.php?filename=onlineServices/morph/morph_analyser.html Hindi/Marathi/Telugu Morphological Analyser from LTRC IIIT (online)] *[http://ltrc.iiit.net/showfile.php?filename=onlineServices/morph/index.htm Morphological Analysers (for download)] Morphological analyser allows you to get the analysis(The analysis gives the root and other features such as gender, number, tense etc.) of the word. *[http://gate.ac.uk/ General architecture for text analysis (GATE)] - मुक्तस्रोत, सभी प्रकार के [[प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण]] के लिये उपयुक्त ==हिन्दी समझने और बोलने वाले चैट-बोट आदि == * [[चैटजीपीटी|चैट-जीपीटी]] (ChatGPT) * [[जेमिनी (चैटबॉट)|जेमिनी]] (गूगल का) * [[डीपसीक]] (मुक्तस्रोत) * को-पाइलॉट (माइक्रोसॉफ्ट) ==Hindi Text to Speech ( TTS ) and Speech to Text Tools== *[https://elevenlabs.io/speech-to-text/hindi Free Hindi Speech to Text Transcription] (Scribe का उपयोग करके) *[https://www.cdac.in/index.aspx?id=dl_mlingual_tools Indian Language Text-To-Speech (TTS) Add-In for LibreOffice] (CDAC द्वारा विकसित) *[https://translate.google.com/ गूगल ट्रान्सलेट] -- अनुवाद के अलावा इसमें टेक्स्ट को ध्वनि में बदलने की बेहतरीन सुविधा भी है। *[http://espeak.sourceforge.net/ इस्पीक] -- मुक्तस्रोत TTS प्रोग्राम, जिसमें अनेकों भाषाओं सहित हिन्दी TTS की भी सुविधा है। *[[ध्वनि (पाठ से वाक)]] - [http://dhvani.sourceforge.net Dhvani TTS ] *[[वॉजमी]] - [http://vozme.com/index.php?lang=hi '''vozMe''' का ऑनलाइन हिन्दी टेक्स्ट से वाक (स्पीच)] *[[वाचक (पाठ से वाक)]] - [http://www.prologixsoft.com/vaachak.htm Vaachak : Info and Online Demo] *[http://www.ildc.gov.in/htm/Text2Speech.htm Two TTSs from IIIT Hyderabad] *[http://www.blissit.org/hinditts.htm HIndi Text To Speech System from BLiSS ( Bolti Paati and others)] *[[फैस्टिवल (पाठ से वाक)]] - [http://janabhaaratii.org.in:9673/indicbhaaratii/Members/Priti_Patil/festival-hi-0-1-tar.gz '''फ़ेस्टिवल'''] - हिन्दी का '''पाठ-से-वार्ता''' प्रोग्राम (डाउनलोड) *[[हिन्दी एऍसआर]] - [http://sourceforge.net/projects/hindiasr/ हिन्दी (एऍसआर)] मुक्तस्रोत, यह हिन्दी के वाक् (स्पीच) को पहचानकर टैक्स्ट में बदलता है। *[http://diltts.dil.in/demo/ Hindi TTS Demo at Data Infosys] *[[श्रुतलेखन-राजभाषा]] *[[वाचान्तर-राजभाषा]] ==Hindi (Devanagari) Optical Character Recognition (OCR)== *[https://ocr.sanskritdictionary.com/ '''SanskritCR'''] (संस्कृत रिसर्च इंस्टिट्यूट, औरोविल) * [https://dharmamitra.org/?target_lang=hindi&view=ocr धर्ममित्र ओसीआर] *[https://www.cardscanner.co/image-to-text 'Card Scanner' Image to Text Converter] (देवनागरी सहित अनेक लिपियों के लिये, अनेक प्राकर के इनपुट, अनेक प्रकार के आउटपुट, १० MB तक के फाइल, अत्यन्त शुद्ध) *[https://www.ocr2edit.com/ OCR2EDIT] -- इसमें हिन्दी सहित बहुत सी भाषाओं का ओसीआर सम्भव है। एक से अधिक भाषाएँ चुन सकते हैं। इसका प्रयोक्ता इन्टरफेस हिन्दी में भी है। कोई रजिस्ट्रेशन नहीं, कोई फाइल-साइज की सीमा नहीं, अच्छी गुणवत्ता का ओसीआर, डॉक फाइल के रूप में भी आउटपुट सम्भव। *[http://www.i2ocr.com/free-online-hindi-ocr '''I2OCR''' निःशुल्क आनलाइन देवनागरी ओसीआर] -- इसमें हिन्दी सहित सैकड़ों भाषाओं में ओसीआर की सुविधा है। *[https://www.ilovepdf.com/ocr-pdf '''ilovepdf'''] -- पीडीएफ फाइलों पर तरह-तरह के परिवर्तन/परिवर्धन ; पीडीएफ फाइल में टेक्स्ट लेयर डालकर उसे खोजने युक्त बनाता है। *[http://googleresearch.blogspot.com/2015/05/paper-to-digital-in-200-languages.html '''गूगल की ओसीआर सुविधा'''] (उपयोग की विधि) *[https://cloud.google.com/vision/docs/drag-and-drop Google Cloud Vision API] -- यह शब्दों के साथ-साथ उन शब्दों के स्थान (position) भी json फाइल के रूप में देता है। *[[टेसरैक्ट]] - इसकी सहायता से हिन्दी ओसीआर करने के लिये [https://sourceforge.net/p/tesseracthindi/wiki/OCR%20for%20Devanagari/ नवीनतम जानकारी] *'''टेसरैक्ट आधारित ऑनलाइन ओसीआर''' :*[http://tools.simonwillison.net/ocr OCR PDFs and images directly in your browser] :*[https://chaya.shreevatsa.net Chāyā] (स्कैन की हुई पीडीएफ फाइलों के लिये) :*[https://www.myfreeocr.com/en MyFreeOCR] :*[https://www.newocr.com/ newocr] :*[https://omed.hplar.ch/webocr/#/home '''tesseract.js''' Online Demo] ([https://towardsdatascience.com/image-to-text-ocr-with-tesseract-js-3540b420e0e7 Image to Text OCR with Tesseract.js अधिक जानकारी]) ==भारतीय भाषाओं में कृत्रिम बुद्धि एवं प्राकृतिक-भाषा-संसाधनी (एन एल पी)== *[https://towardsdatascience.com/getting-started-with-nlp-for-indic-languages-a701ed62b6f8 Getting Started with NLP for Indic Languages] *[https://www.analyticsvidhya.com/blog/2020/01/3-important-nlp-libraries-indian-languages-python/ 3 Important NLP Libraries for Indian Languages You Should Try Out Today!] *[https://anoopkunchukuttan.github.io/indic_nlp_library/ Indic NLP Library] *[https://huggingface.co/sarvamai/sarvam-1 '''सर्वम् -१'''] -- भारतीय भाषाओं का प्रथम LLM (Hugging Face पर डाउनलोड करने और उपयोग करने के लिए उपलब्ध) *[https://huggingface.co/nickmalhotra/ProjectIndus टेक-महिन्द्रा की इण्डस-परियोजना] (हिन्दी और उसकी बोलियों के लिये LLM) *[https://github.com/ola-krutrim/Krutrim-1-7B कृत्रिम-1-7B] (गिटहब पर) *[https://huggingface.co/krutrim-ai-labs/Krutrim-2-instruct कृत्रिम-2] (हगिंग-फेस पर) -- A multilingual Large Language Model (LLM) with 12B parameter, optimized for English and 22 Indic languages *[https://huggingface.co/datasets/ai4bharat/MILU MILU : A Multi-task Indic Language Understanding Benchmark] ==पाइथन द्वारा देवनगरी/हिन्दी संसाधन== *[http://nepalinlp.com/detail/processing-unicode-devnagari-in-python/ Processing Unicode (Devnagari) in Python] *[https://pypi.org/project/indic-transliteration/ indic-transliteration 1.6.5] -- Transliteration tools to convert text in one indic script encoding to another *[https://pandey.github.io/posts/transliterate-devanagari-to-latin.html Python function to transliterate Devanagari] *[https://www.kaggle.com/vinayshanbhag/deep-cnn-devanagari-classifier Deep CNN Devanagari classifier] ==Popular Softwares available with Hindi Interface== *[http://bosslinux.in/downloads भारत आपरेटिंग सिस्टेम्स सालुशन या '''बॉस''' (BOSS) ] *[http://www.ncb.ernet.in/bharateeyaoo/download.shtml भारतीय ओपेनआफिस (Bharatiya OpenOffice)] *[http://www.openoffice.org/hi/ OpenOffice Hindi Project] *[http://mozilla.ushtaanksoftware.com/seamonkey-1.1.7.hi-IN.win32.installer.exe हिन्दी '''सी-मंकी''' ] - '''सीमंकी''' संपूर्ण इन्टरनेट अनुप्रयोग सुइट (Web Application Suite) को [http://www.ushtaanksoftware.com अष्टांक सॉफ़्टवेयर] ने हिन्दी में उपलब्ध कराया है । '''सीमंकी''' ''''संपूर्ण इन्टरनेट अनुप्रयोग सुइट'''' अष्टांक सॉफ़्टवेयर के '''हिन्दी प्रचार प्रसार अभियान''' का एक अंग है । सीमंकी (पूर्व में मोजिल्ला) पर मोजिल्ला फायरफाक्स वेब-ब्राउजर आधारित है। *[http://www.mozilla.com/firefox/all.html Mozila Firefox Internet Brouser] *[http://www.opera.com/ Opera web-browser] *[http://www.joomlaindia.org/prod/index.php?option=com_docman&Itemid=28 Indic Joomla : Open Source Content-management System] *[http://www.mail.google.com/?hl=hi Gmail] *[http://moodle.org/index.php?lang=hi_utf8 Moodle] : Moodle is a course management system (CMS) - a free, Open Source software package designed using sound pedagogical principles, to help educators create effective online learning communities. *LiveJournal *WorldPress *[http://www.balendu.com/sparsh स्पर्शः हिंदी टाइपिंग ट्यूटर] - बालेन्दु शर्मा दाधीच द्वारा विकसित इस हिंदी टाइपिंग ट्यूटर सॉफ्टवेयर का इंटरफेस सरल हिंदी में है। ==Hindi Learning tools== *[http://users.skynet.be/hugocoolens/hindi/hindi.html The Hindi Corner] ==Devanagari Learning Tools== *[http://accha.sourceforge.net/accha/ Accha - a very good Devanagari learning free software] ==Hindi e-Mail & Chat== *[http://www.balendu.com/sanshodhak/ Junked-Unicode sanitizer] by Balendu Sharma Dadhich Makes distorted Hindi Unicode text (received in emails) readable *[http://www.online-decoder.com/ru/ei आनलाइन टेक्स्ट डिकोडर] - यहाँ जाकर मूल टेक्स्ट का कोड चुनिए (जैसे, Windows-1258) और दाँईं तरफ UTF-8 चुनिए। 'Extract' दबाइए और परिणाम देखिए। सही परिणाम न मिले तो मूल टेक्स्ट का कोड कुछ और चुनकर देखिए कि ठीक परिणाम मिलता है या नहीं। *[http://lang.ojnk.net/hindi/unifix.html Corrupted Hindi E-mail Repair Tool ]for reconverting corrupted Unicode Hindi. *[http://www.mandarintools.com/ Another Corrupted Unicoded email Repair Tool] == Mobile Computing== * [https://play.google.com/store/apps/details?id=com.reverie.swalekh&hl=en] स्वलेख - भारत के सभी 22 भाषाओं में प्रकार करें अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन से * [https://itunes.apple.com/in/app/indic-keyboard-swalekh-flip/id1212717313?mt=8] स्वलेख - भारत के सभी 22 भाषाओं में प्रकार करें अपने आईओएस मोबाइल फोन से * [[मोबाइल उपकरणों में हिन्दी समर्थन]] -- यहाँ विस्तार से सभी औजारों एवं विधियों की जानकारी दी गयी है। *[https://www.digit.in/apps/swiftkey-hindi-gujarati-transliteration-feature-update-32662.html '''SwiftKey for Android''' gets Hindi, Gujarati transliteration feature] *[https://play.google.com/store/apps/details?id=org.smc.inputmethod.indic Indic Keyboard] - A native free and open source Indian language input keyboard application for Android mobile devices by Swathanthra Malayalam Computing (14 September 2014) *[https://play.google.com/store/apps/details?id=com.google.android.apps.inputmethod.hindi Google Hindi Input] *[http://www.penfosys.com/downloads/faq.pdf Indic Input for Mobile devices: Frequently Asked Questions PDF] Hindi User Interface : Nokia 3210 *[http://tdil.mit.gov.in/TDIL-OCT-2003/use%20of%20MT%20&%20TTS%20for%20mobile%20service.pdf Use of MT and TTS for Hindi] *[http://www.findurlaptop.com/tech/2013/08/04/hindi-typing-in-android-smartphone-with-google-hindi-input-app/ Hindi Typing in Android Smartphone with Google Hindi Input App] *[http://navbharattimes.indiatimes.com/tech/tech-photogallery/improve-your-knowledge-of-hindi-with-these-11-apps/hindi-apps/photomazaashow/54324413.cms हिंदी का ज्ञान बढ़ाने में मदद करेंगे ये 11 ऐंड्रॉयड ऐप्स] ==Hindi Localisation Tools== * [https://revup.reverieinc.com/?utm_source=Wikipedia&utm_medium=web&utm_campaign=referral/ लिप्यंतरण और अनुवाद एपीआई (API) के लिए] *[[पीओऍडिट]] .po भाषा फाइलों के हिन्दी अनुवाद के लिये एक ऑफलाइन औजार है। इसका इण्टरफेस हिन्दी में भी उपलब्ध है। ==Plug-ins and Extensions== ===हिन्दी के लिये उपयोगी फायरफॉक्स एक्सटेंशन=== (इनके प्रयोग से इन्टरनेट उपयोग करते समय किसी भी टेक्स्ट बक्से में हिन्दी लिख सकते हैं) *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/2573 इण्डिक आईएमई] (इंडिक इनपुट मेथड एक्सटेंशन) *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/8731 गूगल इण्डिक ट्रान्सलिटरेशन] *[http://www.ekya.com/ ऐक्य] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/pramukh-type-pad/ प्रमुख टाइपैड] *[http://www.lipikaar.com/download/firefox लिपिकार] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/3990 एनी-की] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/883 ट्रान्सलिटरेटर] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/221506/ फायरफॉक्स हेतु हिन्दी वर्तनी जाँचक ऍडऑन] *[http://epandit.shrish.in/176/type-hindi-in-firefox/ फायरफॉक्स में हिन्दी टाइपिंग के औजार] ==भाषा और लिपि के सामान्य औजार== *[http://mylanguages.org/identifier.php किसी टेक्स्ट को समझकर उसकी '''भाषा''' बताने वाला प्रोग्राम] *[http://rishida.net/tools/conversion/ Unicode Code Converter v7.03] - यूनिकोड को तरह-तरह के वैकल्पिक रूपों में बदलने वाला आनलाइन प्रोग्राम *[http://mylanguages.org/romanization.php Romanization and Transliteration] - विभिन्न लिपियों को रोमन में बदलने वाले प्रोग्राम *[http://mylanguages.org/languages_audio.php Languages Audio] - यहाँ विभिन्न भाषाओं के आडियो उपलब्ध हैं। *[http://www.digitalvolcano.co.uk/content/textcrawler टेक्स्ट-क्राउलर] - एक या अनेक फाइलों में किसी एक या अनेक टेक्स्ट या रेगुलर एक्सप्रेशन को खोजकर उसे बदलने वाला आफलाइन निःशुल्क प्रोग्राम ==विविध== *[http://bharatavani.in/ '''भारतवाणी'''] - यहाँ हिन्दी शब्दकोश, OCR तथा TTS सहित अनेकों औजार उपलब्ध हैं। *[http://shabdanagari.in शब्दनगरी] - हिन्दीभाषी जनमानस को इंटरनेट से जोड़ने के लिए एक निःशुल्क सेवा *[http://www.kiwix.org/wiki/Wikipedia_in_all_languages ऑफलाइन उपयोग के लिये हिन्दी विकिपीडिया ( '''[[किविक्स|किविक्स/Kiwix]]''' ) ] - [http://download.kiwix.org/portable/wikipedia_hi_all.zip] तथा [http://download.kiwix.org/portable/wikipedia_hi_all.zip.torrent] *[http://dir.hinkhoj.com हिन्दी निर्देशिका] Hindi web directory. Manages Hindi web pages available on net. *[http://www.polyglot3000.com/ Polyglot 3000] किसी टेक्स्ट की भाषा पहचानने वाला साफ्टवेयर (for download) *[http://www.digitalvolcano.co.uk/content/textcrawler टेक्स्ट_क्राउलर] - खोजो-बदलो (find-replace) के लिये सर्वसुविधासम्पन्न नि:शुल्क, आफलाइन उपकरण *[http://arvindlexicon.com अरविन्द समान्तर कोश] (Arvind Lexicon) *[http://computerseekho.com कंप्यूटर सीखो] (हमारा उद्देश्य है - हिंदीभाषी लोगों को कंप्यूटर सीखने में निःशुल्क प्रशिक्षित करना ) *[https://indicproject.org/ '''इण्डिक प्रोजेक्ट'''] (यहाँ भारतीय भाषाओं के लिए अनेकों उपयोज प्रकल्प चल रहे हैं।) ==इन्हें भी देखें== *[[हिन्दी कम्प्यूटिंग]] *[[हिन्दी टाइपिंग]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:विकिपीडिया प्रशासन]] [[श्रेणी:हिन्दी]] [[श्रेणी:सॉफ्टवेयर]] {{हिन्दी कम्प्यूटिंग}} qg9ga5f8b1ypphgn18zamk3ull8budn 6582729 6582629 2026-07-15T03:53:46Z DreamRimmer 651050 [[विशेष:योगदान/SM7|SM7]] ([[सदस्य वार्ता:SM7|वार्ता]]) के अवतरण 6581122 पर पुनर्स्थापित 6582729 wikitext text/x-wiki इस पृष्ठ पर इन्टरनेट पर उपलब्ध विभिन्न [[हिन्दी]] एवं [[देवनागरी]] सम्बंधित साधनों की कड़ियों की सूची है। इसमें ऑनलाइन एवं ऑफ़लाइन उपकरण (टूल्स) शामिल हैं। ==हिन्दी लिखने के उपकरण (इन्पुट टूल्स)== {|class='wikitable' |- |rowspan='2'| ===== Transliteration tools ===== *[https://www.google.com/intl/hi/inputtools/try/ गूगल इनपुट उपकरण] ===== Inscript Online Keyboards ===== *[http://hindikeyboard.indiapress.org/ हिंदी का ऑनलाइन कुंजीपटल] *[http://www.codeproject.com/KB/ajax/agochar_InScript.aspx अगोचर की-पैड] (हिन्दी संकेत लिपि) ===== Remington Online Keyboards ===== *[https://krutidevconverter.in/ Krutidevconverter.in] *[http://www.krutidevunicode.com/ krutidevunicode.com] *[http://h2p.learnpunjabi.org/default.aspx learnpunjabi.org] ====स्मार्ट फोन (एंड्राएड) के लिए==== *[https://play.google.com/store/apps/details?id=com.clusterdev.hindikeyboard&hl=en '''देश''' कुञ्जीपटल] -- फोनेटिक, अनुमानित सुझाव, बोलकर लिखवाने की सुविधा। *[https://play.google.com/store/apps/details?id=com.google.android.apps.inputmethod.hindi&hl=en_IN Google Indic Keyboard] *[https://www.cdac.in/index.aspx?id=dl_android_uvkil Unified Virtual Keyboard for Indian Languages] (इन्स्क्रिप्ट पर आधारित, सी-डैक द्वारा विकसित) *[[स्वरचक्र]] -- भारतीय लिपियों में एंड्रॉइड पर लिखने में सहायक एक निःशुल्क अनुप्रयोग (अप्लिकेशन) है। यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुम्बई के औद्योगिक डिजाइन केन्द्र के IDID समूह द्वारा विकसित किया गया है। [http://idid.in/ यहाँ देखें] *[https://process9.com/mox-multilingual-keypad-for-android/ MOX Keypad] - २२ भारतीय भाषाओं के लिए, बुद्धिमान कुंजीपटल *[https://www.microsoft.com/en-us/swiftkey?rtc=1&activetab=pivot_1%3aprimaryr2 '''स्विफ्ट-की'''] -- autocorrect and predictions by learning your writing style - including the words, phrases and emoji that matter to you. ; अन्य * [https://www.easytechtrick.org/hindi-keyboard-apps/ 12 Best Hindi Keyboard Apps For Android And iOS को पढ़ें] * [https://www.99images.com/apps/photography/com.hindi.keyboard.hindi.language.keyboard.app.voice.hindi.keyboard Hindi Voice Typing Keyboard] * [https://play.google.com/store/apps/details?id=kika.emoji.keyboard.teclados.clavier&hl=en_US '''Kika Keyboard 2020''' - Emoji Keyboard, Stickers, GIF] ===Offline/Downloadable Tools=== ==== आईएमई ==== (इनके उपयोग से आनलाइन/आफलाइन ''कहीं भी'' हिन्दी में लिखा जा सकता है) 119953 *[https://sites.google.com/site/bhashaime/ भाषा आईएमई] -- यह निःशुल्क सॉफ्टवेयर, परम्परागत IME के अलावा भारतीय लिपियों के लिगेसी फॉण्ट को यूनिकोड में बदलता है, भारतीय लिपियों का परस्पर परिवर्तन करता है और इन परिवर्तनों को करते समय फॉर्मटिंग को भी बनाये रखता है। (विण्डोज के लिए उपलब्ध) *[http://www.vishalon.net/PramukhIME.aspx PramukhIME] (विशाल मोनपर) *[http://www.mywhatever.com/sanskrit/vidyut/ विद्युत संस्कृत आईएमई] *[https://sites.google.com/site/sharmashrish/Hindi-Toolkit.exe कुशीनारा का 'हिन्दीटूल्स' इंस्टालर] : इसमें हिन्दी आईएमई शामिल है। *[http://www.softpedia.com/get/Office-tools/Other-Office-Tools/HindiWriter.shtml हिन्दीराइटर का आईएमई] (विकास बन्द) *[https://github.com/ratreya/lipika-ime/ LipikaIME] -- a user-configurable, phonetic, Input Method Engine for Mac OS 0X for Indian scripts *[https://play.google.com/store/apps/details?id=com.reverie.swalekh&hl=en&utm_source=Wikipedia&utm_medium=web&utm_campaign=Swalekh_Android_referral/ Android - इंडिक कीबोर्ड स्वराख फ्लिप से भारत के सभी 22 भाषाओं में टाइप करें अपने एंड्रॉइड फोन पर] *[https://itunes.apple.com/in/app/indic-keyboard-swalekh-flip/id1212717313?mt=8&utm_source=Wikipedia&utm_medium=web&utm_campaign=Swalekh_iOS_referral/ iOS - इंडिक कीबोर्ड स्वराख फ्लिप से भारत के सभी 22 भाषाओं में टाइप करें अपने आईओएस फोन पर] *[https://play.google.com/store/apps/details?id=com.pramukhime.android.indic PramukhIME Indic Keyboard Android app] for phone/tablet to easily type in 20 Indian languages ==== सम्पादित्र ==== *[http://www.omkarananda-ashram.org/Sanskrit/itranslator2003.htm Itranslator 2003 Build 2.0.0.38] ((not compatible with Windows Vista / 7)) *[http://www.yudit.org/ Yudit] *[http://raviratlami.googlepages.com/Remington-Krutidev-Online-Hindi-Easy-Editor.htm रेमिंगटन : कृतिदेव फ़ॉन्ट आधारित] ====Hindi Word-Processing==== *[http://akhariwp.com/ अक्षर 2016] (1.2 GB) --> [http://raviratlami.blogspot.in/2016/12/blog-post_28.html हिन्दी में विस्तृत विवरण] *[http://www.vishalon.net/IndicResources/PramukhLibDevelopersDesk/tabid/243/Default.aspx Javascript API for converting TextBox, Text area or other HTML elements for Devnagari and 8 other Indian scripts] |} == Hindi Spell-checkers== *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/221506/ फायरफॉक्स हेतु हिन्दी वर्तनी जाँचक ऍडऑन] *[http://icebearsoft.euweb.cz/hindi-dict/ Hindi Spell-checker Dictionary] for use with XML editors XMLmind and &lt;oXygen/&gt; == देवनागरी फॉण्ट == ; यूनिकोड फॉण्ट * [[मंगल (फॉण्ट)]] * [[ऍरियल यूनिकोड ऍमऍस]] * अपराजिता (Aparajita) - (बैनर या लेख के मुख्य शीर्षक आदि के लिये उपयुक्त, सामान्य पाठ के लिये नहीं), * कोकिला (Kokila) - (दिखने में कुछ हद तक चाणक्य जैसा), * उत्साह (Utsaah) - (दिखने में Krutidev 010 जैसा) आदि : अपराजिता, कोकिला और उत्साह में शीर्षक के लिये अपराजिता, सामान्य पाठ के लिये कोकिला तथा ज्यादा बारीक टैक्स्ट के लिये उत्साह उपयुक्त है। * [https://fedorahosted.org/lohit/ लोहित फॉण्ट] (लिनक्स में Lohit Devanagari नामक फॉण्ट डिफॉल्ट है। यह स्क्रीन रीडिंग के लिये अच्छा फॉण्ट है, साथ ही प्रिंट भी ठीक ही आता है।) * [[संस्कृत २००३]] (Sanskrit 2003) - यह संस्कृत टेक्स्ट के लिये श्रेष्ठ है। इसका प्रिंट बड़ा सुन्दर आता है लेकिन फॉण्ट साइज ज्यादा छोटा हो तो स्क्रीन पर पढ़ने में दिक्कत आती है क्योंकि अक्षर मोटे होते हैं। * सिद्धान्त (Siddhanta) - संस्कृत के लिये यह फॉण्ट भी उल्लेखनीय है क्योंकि यह एकमात्र फॉण्ट है जिसमें यूनिकोड कूटबद्ध सर्वाधिक देवनागरी वर्ण (वैदिक स्वर चिह्नों समेत) सम्मिलित हैं। * [[रघु (फॉण्ट)]] * [http://ildc.in/htm/otfonts.htm सीडैक आदि के सैंकड़ों यूनिकोड समर्थित ओपेन टाइप देवनागरी फोंट] *[http://www.alanwood.net/unicode/fonts.html#devanagari Devanagari Unicode Fonts for Windows] *[http://www.cs.colostate.edu/%7Emalaiya/devafonts.htm Devanaagarii Font Complete Guide] *[http://pune.cdac.in/html/gist/products/dynfonts.aspx Indian Dynamic Fonts] *[http://www.devanagarifonts.net/fonts/page1.html देवनागरी फॉण्ट का महान स्रोत] (फॉण्ट्स के बारे में जानकारी, निःशुल्क फॉण्ट डाउनलोड, फ़ॉण्ट सम्बन्धित औजार, और अनेकों उपयोगी चीजें) *[http://hindi-fonts.com/ देवनागरी फॉण्ट्स का दूसरा महान स्रोत] (फॉण्ट्स के बारे में जानकारी, निःशुल्क फॉण्ट डाउनलोड, फ़ॉण्ट सम्बन्धित औजार, और अनेकों उपयोगी चीजें) *[http://devanaagarii.net/fonts/ Fonts for Devanagari] (आलोक द्वारा संकलित) ; परम्परागत फॉण्ट (लिगेसी फॉण्ट) *[[कृतिदेव (फॉण्ट)]] *[https://github.com/silnrsi/wsresources/tree/master/scripts/Deva/legacy देवनागरी के कुछ प्रमुख फॉण्टों की मैपिंग] ==फ़ॉण्ट परिवर्तक (Font Converters)== निम्न टूल नॉन-यूनिकोड फॉण्ट से यूनिकोड में परिवर्तन की सुविधा प्रदान करते हैं: ===Online=== *[https://www.fontconverter.in/hindi.php हिन्दी के अनेकानेक फॉण्टों के साथ-साथ गुजराती, तमिल और पंजाबी आदि के इनकोडिंग परिवर्तक (फ़ॉण्ट परिवर्तक)] ===Offline=== *[https://docs.google.com/leaf?id=0B3QLKzA0EHYWNDRmMmVlNDgtMWExNC00ODA3LWJhOTAtMGI2ZmExMzhlMmEy&hl=hi गूगल तकनीकी समूह फ़ॉन्ट कन्वर्टर फ़ाइलें] *[https://sites.google.com/site/bhashaime/ भाषा आईएमई] - यह आईएमई के साथ-साथ फॉण्ट-परिवर्तक और लिपि-परिवर्तक भी है। इसके बारे में [https://groups.google.com/g/technical-hindi/c/fN-AQgfjwrw/m/2I1oWcyCAgAJ यह भी देखें]। *[http://bhashaindia.com/SiteCollectionDocuments/Downloads/TBILDataConverter3.0.zip TBIL Data Converter]: Transliteration between data in font/ASCII/Roman format in Office documents into a Unicode form in any of 7 Microsoft-supported Indian languages *[http://ltrc.iiit.ac.in/showfile.php?filename=downloads/FC-1.0/fc.html Font Convertion among major Hindi Fonts from LTRC, IIIT] *[http://www.cybershoppee.com/products/fontsuvidha5.htm FontSuvidha 5.0] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/iscii/index.htm ISCII Plug-in for viewing texts in Devanagari fonts provided by CDAC] *[http://www.4shared.com/file/qs8-bXyl/DangiSoft_UniDev.html यूनिदेव] - यूनिकोड {मंगल} से विभिन्न ASCII/ISCII फ़ॉण्ट परिवर्तन *[http://www.4shared.com/zip/zXERndaY/prakharfontparivartak.html Prakhar Devanagari Font Parivartak - ASCII/ISCII TO UNICODE FONTS CONVERTER FOR DEVNAGRI HINDI] ==लिपि परिवर्तक (Script Converters)== ===ऑनलाइन === *[https://ambuda-org.github.io/vidyut-lipi/ विद्युत्] (vidyut-lipi is an experimental Sanskrit transliterator) *[http://learnsanskrit.org/tools/sanscript Sanscript] - भारतीय लिपियों तथा [[IAST]] आदि रोमन लिपियों का परस्पर परिवर्तन का आनलाइन औजार *[http://www.virtualvinodh.com/aksharamukha अक्षरमुख] - ब्राह्मी लिपि से व्युत्पन्न सभी लिपियों सहित iTrans में परस्पर लिपि बदलने का आनलाइन औजार *[https://paliscriptconverter.azurewebsites.net Pāḷi Script Converter, Version 2021-05-16] *[https://www.aczoom.com/itrans/online/ Online Interface to iTrans] : convert iTrans into Devanagari and other Indian Scripts. *[http://www.codewallah.com/diCrunch/diCrunch.php Diacritic Conversion - diCrunch v2.0.1] *[http://h2p.learnpunjabi.org/default.aspx हिन्दी से पंजाबी लिप्यन्तरण/अनुवाद] (पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला) *[http://uh.learnpunjabi.org/ हिन्दी-उर्दू ट्रान्सलिटरेशन] (पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला) ===ऑफलाइन === * [http://kevincarmody.com/software/aksharabridge.html '''अक्षर-ब्रिज'''] - A comprehensive open source Devanāgarī and Indic script conversion tool ; Akshara Bridge converts between several kinds of text that represent Devanāgarī, romanizations of Devanāgarī (DevLys, 10 Kruti Dev types, Krishna, Agra, iTrans, HK and many more ) , and other related scripts of India and southeast Asia (Bengali, Oriya, Malayalam etc). *[http://ildc.in/Urdu/htm/Urdu_Transliteration.htm Transliteration Tool For Windows] - Supports Transliteration from Hindi to Urdu and Punjabi to Urdu. *[http://extensions.services.openoffice.org/project/xlithindi XlitHindi] - an English to Hindi transliteration extension for OpenOffice Writer ==शब्दकोश== {| |- | ===Online=== *[http://bharatavani.in/dictionary-page/ हिन्दी सहित अन्य भाषाओं के सैकड़ों शब्दकोश] (भारतवाणी) *[http://www.csttpublication.mhrd.gov.in/index.php वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली आयोग की पारिभाषिक शब्दावलियाँ] *[http://e-mahashabdkosh.rb-aai.in/Default2.aspx ई-महाशब्दकोश] *[http://www.cfilt.iitb.ac.in/wordnet/webhwn/ Hindi WordNet (हिन्दी शब्दतंत्र) - A Lexical database for Hindi ( Hindi<-->Hindi)] *[http://www.cfilt.iitb.ac.in/%7Ehdict/webinterface_user/index.php Universal Word : English<-->Hindi (based on UNL), for Machine Translation] *[http://dsal.uchicago.edu/dictionaries/platts/ A dictionary of Urdu, Classical Hindi, and English] *[http://www.wikiwords.org/dictionary/lang/hin WikiWords - Hindi] *[http://hi.wiktionary.org विक्षनरी] *[http://www.anukriti.net/tools1.asp Dictionaries at Anukriti.net] *[http://www.dicts.info/dictlist1.php?l=hindi हिन्दी तथा अन्य विदेशी शब्दकोश] *[http://www.cfilt.iitb.ac.in/hindishabdamitra/ हिन्दी शब्दमित्र] -- हिन्दी के ज्ञान के स्तर के अनुसार शब्द सिखाने वाला जालपृष्ट ===Offline=== *[http://www.4shared.com/get/277416334/98eda2f8/DangiSoft_ShabdaGyaan.html शब्द-ज्ञान] यूनिकोड आधारित 'अंग्रेज़ी <-> हिन्दी' डिक्शनरी (ऑफ़लाइन) *[http://www.4shared.com/file/101273720/bfcd1915/Shabdakoshxp.html शब्दकोश अंग्रेजी-हिन्दी-अंग्रेजी] *[http://www.ernst-tremel.privat.t-online.de/Hindi-Deutsch%20Verzeichnis/Hindi-Deutsch%20Deutsch-Hindi.pdf Hindi German Dictionary] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/Dict_Frame.html Dictionaries (LTRC, IIIT Hyderabad)] *[http://groups.yahoo.com/group/hindi/files/eng-hin.pdf अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोष] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/Dict_Downld.html English-Hindi Dictionary from IIIT] *[http://ltrc.iiit.ac.in/onlineServices/Dictionaries/Shabdanjali_Dwnld.html 'Shabdanjali' English-Hindi E-Dictionary] *[http://ltrc.iiit.net/onlineServices/Dictionaries/eng-hin-utf/ 'Shabdanjali' English-Hindi utf Source files] *[http://www.lingvosoft.com/LingvoSoft-Talking-Dictionary-English-Hindi-for-Windows/ LingvoSoft Talking Dictionary English <-> Hindi , for Windows] *[http://www.dicts.info/sda.php Simple Dictionary Applications (SDA)] - allow users to use free bilingual dictionaries offline; takes Tab Seperated Text (TST) *[http://goldendict.org/ गोल्डेन_डिक्ट (GoldenDict)] - a feature-rich, Open-source, dictionary lookup program *[http://www.dicts.info/ '''Dicts''' Free dictionaries project] *[http://www.dicts.info/offline2.php Dictionary applications] |} ==Hindi Translation Softwares/services== ===मुक्तस्रोत और निःशुल्क अनुवाद सॉफ्टवेयर=== * [http://translate.google.com/translate_t गूगल अनुवाद] (ऑनलाइन) (अधिकतम ५००० कैरेक्टर एक बार में) * [https://huggingface.co/spaces/UNESCO/nllb युनेस्को का २०० भाषाओं का अनुवादक] (हगिंग-फेस और मेटा द्वारा निर्मित) -- अनुवाद के लिये दिये गये टेक्स्ट के आकार पर कोई सीमा नहीं। * [https://libretranslate.com/?source=en&target=hi LibreTranslate (लिब्र_ट्रान्सलेट)] -- मुक्तस्रोत ट्रान्सलेशन सुविधा एवं ट्रान्सलेशन API (अधिकतम २००० कैरेक्टर) * [https://quillbot.com/translate?sl=auto&tl=hi क्विल्बोट] -- हिन्दी सहित ५० भाषाओं का अनुवादक (५००० कैरेक्टर की सीमा) * [https://lingvanex.com/demo/ LingvaNex] (३००० कैरेक्टर तक) * [http://www.bing.com/translator/ '''बिंग''' अनुवादक] (१००० कैरेक्टर तक) * [https://anuvaad.bhashini.gov.in/text-to-text-translation भाषिणी] (८ अलग-अलग मॉडलों के साथ) * [https://dashboard.sarvam.ai/translate सर्वम् अनुवादक] (१००० कैरेक्टर तक) * [https://www.matecat.com/ Matecat] -- web-based computer-assisted translation (CAT) tool ; हिन्दी के बृहद/लघु-भाषा-मॉडल (LLM) * सर्वम् <ref>[https://www.outlookbusiness.com/start-up/deeptech/from-krutrim-to-sarvam-here-are-top-indian-start-ups-building-foundational-llms From Krutrim to Sarvam: Here are Top Indian Start-Ups Building Foundational LLMs]</ref> * ओपेन-हाथी (सर्वम ए आई का) * नन्द <ref>[https://bostoninstituteofanalytics.org/blog/nanda-the-future-of-hindi-ai-and-language-inclusivity/ NANDA: The Future of Hindi AI and Language Inclusivity]</ref> * गंगा-1B <ref>[https://indiaai.gov.in/article/iit-gandhinagar-unveils-ganga-1b-advanced-llm-for-hindi-language IIT Gandhinagar unveils Ganga-1B: advanced LLM for Hindi language]</ref> * कृत्रिम (ओला का) * परमाणु (ज्ञान एआई का) * हनुमान (हनुमान ए आई का) * BharatGPT * '''[https://huggingface.co/ds4sd/SmolDocling-256M-preview SmolDocling]''' -- An ultra-compact vision-language model for end-to-end multi-modal document conversion ; अनुवाद स्मृति * [https://kanthasth-rajbhasha.gov.in/ '''कण्ठस्थ'''] -- ट्रांसलेशन मेमोरी पर आधारित यह सिस्टम भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राजभाषा विभाग के लिए विकसित किया गया है। इस सिस्टम के माध्यम से अंग्रेजी से हिंदी तथा हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद संभव है। * [https://www.matecat.com/ मेटकैट] - मशीनी अनुवाद के लिए एक बढ़िया और सचमुच काम की साइट । उपयोग करते रहने और स्वयं का [[अनुवाद मेमोरी]] डेटाबेस बना कर अधिकाधिक सहूलियत और शुद्धता हासिल करने की सुविधा भी। 70 से अधिक फ़ाइल टाइप में काम किया जा सकता है। हिंदी भी पूरी तरह समर्थित। लिंक और फार्मेटिंग आदि भी बनाए रखता है। पूरी तरह निःशुल्क। *[http://www.omegat.org/en/omegat.html [[ओमेगा-टी]]] - एक निःशुल्क [[अनुवाद स्मृति]] (ट्रान्स्लेशन मेमोरी) सॉफ्टवेयर ; अन्य *[http://translate.google.com/toolkit गूगल ट्रांसलेटर टूलकिट] - गूगल का मशीन + मानवी अनुवाद तंत्र ; विकिपिडिया एवं नॉल के लिये विशेष सुविधा *[http://www.wikibhasha.org/ विकिभाषा (WikiBhasha)] - माइक्रोसॉफ्ट रीसर्च द्वारा विकिपीडिया के लिए बनाया एक बहुभाषीय सामग्री निर्माण उपकरण *[http://h2p.learnpunjabi.org/default.aspx हिन्दी से पंजाबी मशीनी अनुवाद एवं लिप्यन्तरण] *[http://sanskrit.uohyd.ernet.in/~anusaaraka/urdu/ Urdu-Hindi Machine Translation System] (Department of Sanskrit Studies, University of Hyderabad ) *[https://www.apertium.org/index.eng.html?dir=hin-urd#translation हिन्दी <=>उर्दू अनुवादक] (अपर्तियम पर आधारित) *[https://translationwala.com/english-to-hindi-translation/ अंग्रेजी<=>हिन्दी अनुवादक] - (मशीन अनुवाद पर आधारित) ===Offline=== *[http://www.4shared.com/file/101278785/e2498211/Anuvaadakxp.html अनुवादक (अंग्रेजी-->हिन्दी) : Global Word Translator (Eng.-Hindi) (offline)] *[http://translate.ildc.in:8080/jsp-examples/work/tsswNew.do अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद सहाय्य सिस्टम (online)] *[http://www.mantra-rajbhasha.cdac.in/mantrarajbhasha/ MANTRA : Machine Assisted Translation] ===हिन्दी अनुवाद-स्मृति (ट्रान्सलेशन मेमोरी) फाइलें=== * [https://drive.google.com/open?id=0B06JOlm5x83YSDdDVXZnakEtVGM Administrative_And_Other_Phrases.tmx.zip] * [https://drive.google.com/open?id=0Bw8jX33hvQefeENpd0xRblJaMGs GrandTM.zip] - * [https://drive.google.com/open?id=0B5dqLBOGtAOfRjhKd3BwcEJsbzg vaakyaansh2_en-US_hi-IN.sdltm] ===मशीनी अनुवाद के लिए द्विभाषी पाठ=== * [https://www.kaggle.com/vaibhavkumar11/hindi-english-parallel-corpus आई आई टी मुम्बई का नवीनतम हिन्दी-अंग्रेजी द्विभाषी पाठ] * [http://www.cfilt.iitb.ac.in/iitb_parallel/resource.php आई आई टी मुम्बई स्थित विभिन्न द्विभाषी पाठ (parallel corpora)] * [https://github.com/project-anuvaad/parallel-corpus 'अनुवाद'-परियोजना का पाठ] * [https://github.com/joshua-decoder/indian-parallel-corpora छः भारतीय भाषाओं का अंग्रेजी के समान्तर पाठ] * [http://www.bhashavaad.in/ Bhashavaad : India’s First Open-Access Database of Translations] * विस्तृत पत्रक यहाँ देखें- [https://github.com/AI4Bharat/indicnlp_catalog A Catalog of resources for Indian language NLP] * [https://link.springer.com/article/10.1007/s12652-021-03479-0 A comprehensive survey on machine translation for English, Hindi and Sanskrit languages] (२०२१) == Hindi Text Analysis, Text Processing and Concordance== *[http://anubhav-chattoraj.github.io/indic-tools/devanagari_sorter/ देवनागरी आकारादि क्रमक] (Devanagari Sorter) *[http://www.laurenceanthony.net/software.html '''AntConc'''] - A freeware concordance program for Windows, Macintosh OS X, and Linux. देवनागरी में भी काम करता है। * [http://sivareddy.in/downloads Download Hindi POS Tagger, Lemmatizer, Morphological Analyser developed by University of Leeds and Sketch Engine, UK] [http://sivareddy.in/papers/files/hindi.sample.out.txt Sample output of the tagger] *[http://technical-hindi.googlegroups.com/web/Devanagari%20Kramak_07.htm?gda=qhjJi0kAAABZJe95PJRsFNTuqaB_abJQwcT0zSdj1opLtXhN83hJBmG1qiJ7UbTIup-M2XPURDQUZWzh0qkcgonJkJSY2hOZsPB6s1v7C3Iw_ccO4inhKg '''देवनागरी क्रमक'''] - देवनागरी में लिखे शब्दों या शब्द-समूहों को देवनागरी वर्ण-क्रम के अनुसार व्यवस्थित करने का प्रोग्राम (आनलाइन) ; इसमें '''बायें-से-दायें''' या '''दायें-से-बायें''' दोनो ही तरह से व्यवस्थित करने की सुविधा है। दायें-से-बायें क्रम का उपयोग '''तुकान्त''' शब्दों को पास-पास लाने के लिया किया जाता है। *[http://demo.icu-project.org/icu-bin/locexp?_=hi_IN&d_=hi&x=col&currency=INR '''ICU Locale Explorer'''] - for sorting (collation) in any script; many user options available. *[http://technical-hindi.googlegroups.com/web/Chhanda%20Maatraa%20Ganak_03.htm?gda=JRAkZU0AAABZJe95PJRsFNTuqaB_abJQwcT0zSdj1opLtXhN83hJBmG1qiJ7UbTIup-M2XPURDQply2TIkZmhHO8v6VnAE4N3wV89lns_n2i5Im7SItylg '''मात्रा गणक''' (आनलाइन)] - देवनागरी में लिखे किसी शब्द या शब्द-समूह में मात्राओं की संख्या की गणना करता है। कविता की पंक्तियों की मात्रा की दृष्टि से शुद्धता का विश्लेषण करने में सहायक। *[http://extensions.services.openoffice.org/en/project/Linguist Linguist] - ओपेनआफिस का ऐड-आन प्रोग्राम ; इसकी सहायता से किसी पाठ में आये शब्दों का आवृत्ति पता कर सकते हैं। *[http://textmechanic.co/ टेक्स्ट मेकैनिक] - टेक्स्ट को तरह-तरह से संसाधित करने के पचासों आनलाइन निःशुल्क प्रोग्राम *[http://www.online-utility.org/text/analyzer.jsp Online Text Analysis Tool] *[http://taporware.mcmaster.ca/~taporware/ TAPoR Text Analysis Tools] a variety of online tools for text analysis on html, XML and Plain Text files. Reverse Alphabetization too. *[http://www.topicalizer.com/process/ Topicalizer : Lexical, Phrasal & Textual Analysis] *[http://www.seasite.niu.edu/trans/Indonesian/transpgms/latinfreq.aspx Word Frequency counter and Alphabetization] *[http://www.georgetown.edu/faculty/ballc/webtools/web_freqs.html Word Frequency Counter & Alphabetization from GeorgeTown Linguist] *[http://www.development-space.co.za/Tools/Content/Most-Common-Word-Counter.aspx '''Online Word Counter'''] *[http://www.development-space.co.za/Tools/Language/Most-Common-Character-Counter.aspx '''Online Character Counter'''] *[http://www.lextutor.ca/freq/compleat_lister/ Compleat_Lister : Freq & Alphabetizaion] Change any TEXT file into five list types. *[http://www.seasite.niu.edu/trans/Indonesian/transpgms/latinconc.aspx Create Concordance of a Text] for all words or for a single given word] *[http://rajneesh.mobstop.com/dictionary.php Dictionary Builder : creates unique word list from a given text (by - Rajaneesh Mangala)] *[http://www.lextutor.ca/text_lex_compare/ Text Lex Compare] Compare two texts for similarity & contrast. *[http://www.lextutor.ca/tools/stripper.htm Compleat Text Stripper] good for cleaning Text of numbers, punctuation, extra spaces etc *[http://www.topicalizer.com/similarDocuments/ Find Similar Documents] works with Hindi too; Part of Topicalizer *[http://www.csse.monash.edu.au/%7Elloyd/tildeAlgDS/Tree/Suffix/ Online suffix Tree] *[http://textalyser.net/index.php?lang=en#analysis Textalyser] : a good Text analysis tool, but does not work with Hindi. *[http://www.usingenglish.com/resources/text-statistics.php Text Content Analysis Tool] does not work with Hindi. *[http://tapor.mcmaster.ca/~hyperpo/Versions/6.0/index.cgi?&delta_iLang=en Hyper Pro : Text Analyss & Exploration Tools ] does not work with Hindi. *[http://www.niederlandistik.fu-berlin.de/textstat/software-en.html TextStat] : free downloadable, reverse alphabetization, corpus building, & many tools; But BREAKS Hindi words at Maatraas. *[http://www.lextutor.ca/concordancers/text_concord/ Text based Concordance] : good tool but does not work with Hindi. *[http://www.rostra.dk/alphabet/alpha_en.htm Article: Computer Alphabetizing] *[http://textfixer.com/ TextFixer] - Text tools & HTML tools ( Remove Line Breaks from Text, Alphabetize Text, Capitalize the First letter of Sentences, Remove Whitespaces, Uppercase Text or Lowercase Text etc) *[https://voyant-tools.org/ '''Voyant Tools'''] - शब्दसूची, शब्द-आवृत्ति, कॉनकॉर्डैन्स आदि का ऑनलाइन प्रोग्राम। देवनागरी के लिए अच्छा काम करता है। == Hindi Morphological Analysis== * [http://sivareddy.in/downloads Download the Analyzer developed by University of Leeds and Sketch Engine, UK] *[http://ccat.sas.upenn.edu/plc/tamilweb/hindi.html Hindi Morphological Tagger of Vasu Ranganathan] *[http://ltrc.iiit.net/showfile.php?filename=onlineServices/morph/morph_analyser.html Hindi/Marathi/Telugu Morphological Analyser from LTRC IIIT (online)] *[http://ltrc.iiit.net/showfile.php?filename=onlineServices/morph/index.htm Morphological Analysers (for download)] Morphological analyser allows you to get the analysis(The analysis gives the root and other features such as gender, number, tense etc.) of the word. *[http://gate.ac.uk/ General architecture for text analysis (GATE)] - मुक्तस्रोत, सभी प्रकार के [[प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण]] के लिये उपयुक्त ==हिन्दी समझने और बोलने वाले चैट-बोट आदि == * [[चैटजीपीटी|चैट-जीपीटी]] (ChatGPT) * [[जेमिनी (चैटबॉट)|जेमिनी]] (गूगल का) * [[डीपसीक]] (मुक्तस्रोत) * को-पाइलॉट (माइक्रोसॉफ्ट) ==Hindi Text to Speech ( TTS ) and Speech to Text Tools== *[https://elevenlabs.io/speech-to-text/hindi Free Hindi Speech to Text Transcription] (Scribe का उपयोग करके) *[https://www.cdac.in/index.aspx?id=dl_mlingual_tools Indian Language Text-To-Speech (TTS) Add-In for LibreOffice] (CDAC द्वारा विकसित) *[https://translate.google.com/ गूगल ट्रान्सलेट] -- अनुवाद के अलावा इसमें टेक्स्ट को ध्वनि में बदलने की बेहतरीन सुविधा भी है। *[http://espeak.sourceforge.net/ इस्पीक] -- मुक्तस्रोत TTS प्रोग्राम, जिसमें अनेकों भाषाओं सहित हिन्दी TTS की भी सुविधा है। *[[ध्वनि (पाठ से वाक)]] - [http://dhvani.sourceforge.net Dhvani TTS ] *[[वॉजमी]] - [http://vozme.com/index.php?lang=hi '''vozMe''' का ऑनलाइन हिन्दी टेक्स्ट से वाक (स्पीच)] *[[वाचक (पाठ से वाक)]] - [http://www.prologixsoft.com/vaachak.htm Vaachak : Info and Online Demo] *[http://www.ildc.gov.in/htm/Text2Speech.htm Two TTSs from IIIT Hyderabad] *[http://www.blissit.org/hinditts.htm HIndi Text To Speech System from BLiSS ( Bolti Paati and others)] *[[फैस्टिवल (पाठ से वाक)]] - [http://janabhaaratii.org.in:9673/indicbhaaratii/Members/Priti_Patil/festival-hi-0-1-tar.gz '''फ़ेस्टिवल'''] - हिन्दी का '''पाठ-से-वार्ता''' प्रोग्राम (डाउनलोड) *[[हिन्दी एऍसआर]] - [http://sourceforge.net/projects/hindiasr/ हिन्दी (एऍसआर)] मुक्तस्रोत, यह हिन्दी के वाक् (स्पीच) को पहचानकर टैक्स्ट में बदलता है। *[http://diltts.dil.in/demo/ Hindi TTS Demo at Data Infosys] *[[श्रुतलेखन-राजभाषा]] *[[वाचान्तर-राजभाषा]] ==Hindi (Devanagari) Optical Character Recognition (OCR)== *[https://ocr.sanskritdictionary.com/ '''SanskritCR'''] (संस्कृत रिसर्च इंस्टिट्यूट, औरोविल) * [https://dharmamitra.org/?target_lang=hindi&view=ocr धर्ममित्र ओसीआर] *[https://www.cardscanner.co/image-to-text 'Card Scanner' Image to Text Converter] (देवनागरी सहित अनेक लिपियों के लिये, अनेक प्राकर के इनपुट, अनेक प्रकार के आउटपुट, १० MB तक के फाइल, अत्यन्त शुद्ध) *[https://www.ocr2edit.com/ OCR2EDIT] -- इसमें हिन्दी सहित बहुत सी भाषाओं का ओसीआर सम्भव है। एक से अधिक भाषाएँ चुन सकते हैं। इसका प्रयोक्ता इन्टरफेस हिन्दी में भी है। कोई रजिस्ट्रेशन नहीं, कोई फाइल-साइज की सीमा नहीं, अच्छी गुणवत्ता का ओसीआर, डॉक फाइल के रूप में भी आउटपुट सम्भव। *[http://www.i2ocr.com/free-online-hindi-ocr '''I2OCR''' निःशुल्क आनलाइन देवनागरी ओसीआर] -- इसमें हिन्दी सहित सैकड़ों भाषाओं में ओसीआर की सुविधा है। *[https://www.ilovepdf.com/ocr-pdf '''ilovepdf'''] -- पीडीएफ फाइलों पर तरह-तरह के परिवर्तन/परिवर्धन ; पीडीएफ फाइल में टेक्स्ट लेयर डालकर उसे खोजने युक्त बनाता है। *[http://googleresearch.blogspot.com/2015/05/paper-to-digital-in-200-languages.html '''गूगल की ओसीआर सुविधा'''] (उपयोग की विधि) *[https://cloud.google.com/vision/docs/drag-and-drop Google Cloud Vision API] -- यह शब्दों के साथ-साथ उन शब्दों के स्थान (position) भी json फाइल के रूप में देता है। *[[टेसरैक्ट]] - इसकी सहायता से हिन्दी ओसीआर करने के लिये [https://sourceforge.net/p/tesseracthindi/wiki/OCR%20for%20Devanagari/ नवीनतम जानकारी] *'''टेसरैक्ट आधारित ऑनलाइन ओसीआर''' :*[http://tools.simonwillison.net/ocr OCR PDFs and images directly in your browser] :*[https://chaya.shreevatsa.net Chāyā] (स्कैन की हुई पीडीएफ फाइलों के लिये) :*[https://www.myfreeocr.com/en MyFreeOCR] :*[https://www.newocr.com/ newocr] :*[https://omed.hplar.ch/webocr/#/home '''tesseract.js''' Online Demo] ([https://towardsdatascience.com/image-to-text-ocr-with-tesseract-js-3540b420e0e7 Image to Text OCR with Tesseract.js अधिक जानकारी]) ==भारतीय भाषाओं में कृत्रिम बुद्धि एवं प्राकृतिक-भाषा-संसाधनी (एन एल पी)== *[https://towardsdatascience.com/getting-started-with-nlp-for-indic-languages-a701ed62b6f8 Getting Started with NLP for Indic Languages] *[https://www.analyticsvidhya.com/blog/2020/01/3-important-nlp-libraries-indian-languages-python/ 3 Important NLP Libraries for Indian Languages You Should Try Out Today!] *[https://anoopkunchukuttan.github.io/indic_nlp_library/ Indic NLP Library] *[https://huggingface.co/sarvamai/sarvam-1 '''सर्वम् -१'''] -- भारतीय भाषाओं का प्रथम LLM (Hugging Face पर डाउनलोड करने और उपयोग करने के लिए उपलब्ध) *[https://huggingface.co/nickmalhotra/ProjectIndus टेक-महिन्द्रा की इण्डस-परियोजना] (हिन्दी और उसकी बोलियों के लिये LLM) *[https://github.com/ola-krutrim/Krutrim-1-7B कृत्रिम-1-7B] (गिटहब पर) *[https://huggingface.co/krutrim-ai-labs/Krutrim-2-instruct कृत्रिम-2] (हगिंग-फेस पर) -- A multilingual Large Language Model (LLM) with 12B parameter, optimized for English and 22 Indic languages *[https://huggingface.co/datasets/ai4bharat/MILU MILU : A Multi-task Indic Language Understanding Benchmark] ==पाइथन द्वारा देवनगरी/हिन्दी संसाधन== *[http://nepalinlp.com/detail/processing-unicode-devnagari-in-python/ Processing Unicode (Devnagari) in Python] *[https://pypi.org/project/indic-transliteration/ indic-transliteration 1.6.5] -- Transliteration tools to convert text in one indic script encoding to another *[https://pandey.github.io/posts/transliterate-devanagari-to-latin.html Python function to transliterate Devanagari] *[https://www.kaggle.com/vinayshanbhag/deep-cnn-devanagari-classifier Deep CNN Devanagari classifier] ==Popular Softwares available with Hindi Interface== *[http://bosslinux.in/downloads भारत आपरेटिंग सिस्टेम्स सालुशन या '''बॉस''' (BOSS) ] *[http://www.ncb.ernet.in/bharateeyaoo/download.shtml भारतीय ओपेनआफिस (Bharatiya OpenOffice)] *[http://www.openoffice.org/hi/ OpenOffice Hindi Project] *[http://mozilla.ushtaanksoftware.com/seamonkey-1.1.7.hi-IN.win32.installer.exe हिन्दी '''सी-मंकी''' ] - '''सीमंकी''' संपूर्ण इन्टरनेट अनुप्रयोग सुइट (Web Application Suite) को [http://www.ushtaanksoftware.com अष्टांक सॉफ़्टवेयर] ने हिन्दी में उपलब्ध कराया है । '''सीमंकी''' ''''संपूर्ण इन्टरनेट अनुप्रयोग सुइट'''' अष्टांक सॉफ़्टवेयर के '''हिन्दी प्रचार प्रसार अभियान''' का एक अंग है । सीमंकी (पूर्व में मोजिल्ला) पर मोजिल्ला फायरफाक्स वेब-ब्राउजर आधारित है। *[http://www.mozilla.com/firefox/all.html Mozila Firefox Internet Brouser] *[http://www.opera.com/ Opera web-browser] *[http://www.joomlaindia.org/prod/index.php?option=com_docman&Itemid=28 Indic Joomla : Open Source Content-management System] *[http://www.mail.google.com/?hl=hi Gmail] *[http://moodle.org/index.php?lang=hi_utf8 Moodle] : Moodle is a course management system (CMS) - a free, Open Source software package designed using sound pedagogical principles, to help educators create effective online learning communities. *LiveJournal *WorldPress *[http://www.balendu.com/sparsh स्पर्शः हिंदी टाइपिंग ट्यूटर] - बालेन्दु शर्मा दाधीच द्वारा विकसित इस हिंदी टाइपिंग ट्यूटर सॉफ्टवेयर का इंटरफेस सरल हिंदी में है। ==Hindi Learning tools== *[http://users.skynet.be/hugocoolens/hindi/hindi.html The Hindi Corner] ==Devanagari Learning Tools== *[http://accha.sourceforge.net/accha/ Accha - a very good Devanagari learning free software] ==Hindi e-Mail & Chat== *[http://www.balendu.com/sanshodhak/ Junked-Unicode sanitizer] by Balendu Sharma Dadhich Makes distorted Hindi Unicode text (received in emails) readable *[http://www.online-decoder.com/ru/ei आनलाइन टेक्स्ट डिकोडर] - यहाँ जाकर मूल टेक्स्ट का कोड चुनिए (जैसे, Windows-1258) और दाँईं तरफ UTF-8 चुनिए। 'Extract' दबाइए और परिणाम देखिए। सही परिणाम न मिले तो मूल टेक्स्ट का कोड कुछ और चुनकर देखिए कि ठीक परिणाम मिलता है या नहीं। *[http://lang.ojnk.net/hindi/unifix.html Corrupted Hindi E-mail Repair Tool ]for reconverting corrupted Unicode Hindi. *[http://www.mandarintools.com/ Another Corrupted Unicoded email Repair Tool] == Mobile Computing== * [https://play.google.com/store/apps/details?id=com.reverie.swalekh&hl=en] स्वलेख - भारत के सभी 22 भाषाओं में प्रकार करें अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन से * [https://itunes.apple.com/in/app/indic-keyboard-swalekh-flip/id1212717313?mt=8] स्वलेख - भारत के सभी 22 भाषाओं में प्रकार करें अपने आईओएस मोबाइल फोन से * [[मोबाइल उपकरणों में हिन्दी समर्थन]] -- यहाँ विस्तार से सभी औजारों एवं विधियों की जानकारी दी गयी है। *[https://www.digit.in/apps/swiftkey-hindi-gujarati-transliteration-feature-update-32662.html '''SwiftKey for Android''' gets Hindi, Gujarati transliteration feature] *[https://play.google.com/store/apps/details?id=org.smc.inputmethod.indic Indic Keyboard] - A native free and open source Indian language input keyboard application for Android mobile devices by Swathanthra Malayalam Computing (14 September 2014) *[https://play.google.com/store/apps/details?id=com.google.android.apps.inputmethod.hindi Google Hindi Input] *[http://www.penfosys.com/downloads/faq.pdf Indic Input for Mobile devices: Frequently Asked Questions PDF] Hindi User Interface : Nokia 3210 *[http://tdil.mit.gov.in/TDIL-OCT-2003/use%20of%20MT%20&%20TTS%20for%20mobile%20service.pdf Use of MT and TTS for Hindi] *[http://www.findurlaptop.com/tech/2013/08/04/hindi-typing-in-android-smartphone-with-google-hindi-input-app/ Hindi Typing in Android Smartphone with Google Hindi Input App] *[http://navbharattimes.indiatimes.com/tech/tech-photogallery/improve-your-knowledge-of-hindi-with-these-11-apps/hindi-apps/photomazaashow/54324413.cms हिंदी का ज्ञान बढ़ाने में मदद करेंगे ये 11 ऐंड्रॉयड ऐप्स] ==Hindi Localisation Tools== * [https://revup.reverieinc.com/?utm_source=Wikipedia&utm_medium=web&utm_campaign=referral/ लिप्यंतरण और अनुवाद एपीआई (API) के लिए] *[[पीओऍडिट]] .po भाषा फाइलों के हिन्दी अनुवाद के लिये एक ऑफलाइन औजार है। इसका इण्टरफेस हिन्दी में भी उपलब्ध है। ==Plug-ins and Extensions== ===हिन्दी के लिये उपयोगी फायरफॉक्स एक्सटेंशन=== (इनके प्रयोग से इन्टरनेट उपयोग करते समय किसी भी टेक्स्ट बक्से में हिन्दी लिख सकते हैं) *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/2573 इण्डिक आईएमई] (इंडिक इनपुट मेथड एक्सटेंशन) *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/8731 गूगल इण्डिक ट्रान्सलिटरेशन] *[http://www.ekya.com/ ऐक्य] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/pramukh-type-pad/ प्रमुख टाइपैड] *[http://www.lipikaar.com/download/firefox लिपिकार] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/3990 एनी-की] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/883 ट्रान्सलिटरेटर] *[https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/221506/ फायरफॉक्स हेतु हिन्दी वर्तनी जाँचक ऍडऑन] *[http://epandit.shrish.in/176/type-hindi-in-firefox/ फायरफॉक्स में हिन्दी टाइपिंग के औजार] ==भाषा और लिपि के सामान्य औजार== *[http://mylanguages.org/identifier.php किसी टेक्स्ट को समझकर उसकी '''भाषा''' बताने वाला प्रोग्राम] *[http://rishida.net/tools/conversion/ Unicode Code Converter v7.03] - यूनिकोड को तरह-तरह के वैकल्पिक रूपों में बदलने वाला आनलाइन प्रोग्राम *[http://mylanguages.org/romanization.php Romanization and Transliteration] - विभिन्न लिपियों को रोमन में बदलने वाले प्रोग्राम *[http://mylanguages.org/languages_audio.php Languages Audio] - यहाँ विभिन्न भाषाओं के आडियो उपलब्ध हैं। *[http://www.digitalvolcano.co.uk/content/textcrawler टेक्स्ट-क्राउलर] - एक या अनेक फाइलों में किसी एक या अनेक टेक्स्ट या रेगुलर एक्सप्रेशन को खोजकर उसे बदलने वाला आफलाइन निःशुल्क प्रोग्राम ==विविध== *[http://bharatavani.in/ '''भारतवाणी'''] - यहाँ हिन्दी शब्दकोश, OCR तथा TTS सहित अनेकों औजार उपलब्ध हैं। *[http://shabdanagari.in शब्दनगरी] - हिन्दीभाषी जनमानस को इंटरनेट से जोड़ने के लिए एक निःशुल्क सेवा *[http://www.kiwix.org/wiki/Wikipedia_in_all_languages ऑफलाइन उपयोग के लिये हिन्दी विकिपीडिया ( '''[[किविक्स|किविक्स/Kiwix]]''' ) ] - [http://download.kiwix.org/portable/wikipedia_hi_all.zip] तथा [http://download.kiwix.org/portable/wikipedia_hi_all.zip.torrent] *[http://dir.hinkhoj.com हिन्दी निर्देशिका] Hindi web directory. Manages Hindi web pages available on net. *[http://www.polyglot3000.com/ Polyglot 3000] किसी टेक्स्ट की भाषा पहचानने वाला साफ्टवेयर (for download) *[http://www.digitalvolcano.co.uk/content/textcrawler टेक्स्ट_क्राउलर] - खोजो-बदलो (find-replace) के लिये सर्वसुविधासम्पन्न नि:शुल्क, आफलाइन उपकरण *[http://arvindlexicon.com अरविन्द समान्तर कोश] (Arvind Lexicon) *[http://computerseekho.com कंप्यूटर सीखो] (हमारा उद्देश्य है - हिंदीभाषी लोगों को कंप्यूटर सीखने में निःशुल्क प्रशिक्षित करना ) *[https://indicproject.org/ '''इण्डिक प्रोजेक्ट'''] (यहाँ भारतीय भाषाओं के लिए अनेकों उपयोज प्रकल्प चल रहे हैं।) ==इन्हें भी देखें== *[[हिन्दी कम्प्यूटिंग]] *[[हिन्दी टाइपिंग]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:विकिपीडिया प्रशासन]] [[श्रेणी:हिन्दी]] [[श्रेणी:सॉफ्टवेयर]] {{हिन्दी कम्प्यूटिंग}} ivcseuyqnfl5ihbchoyvelwx0vxeqk0 शाकाहार 0 12221 6582825 6577752 2026-07-15T08:31:40Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582825 wikitext text/x-wiki {{इंफ़ोबॉक्स जेनरिक | color = lightpink | name = शाकाहार | sub0 = | | img1 = Soy-whey-protein-diet.jpg | width1 = 250px | cap1 = | | lbl1 = चित्रण: | row1 = सामान्यतः, मांस, मुर्गी, मछली और प्राणी के उत्पादों को नहीं खाया जाता है। | lbl2 = आरम्भ: | row2 = [[प्राचीन भारत]], [[प्राचीन यूनान|प्राचीन यूनान; छठी शताब्दी ईसा पूर्व और पहले]] | lbl3= भिन्नता: | row3= [[लैक्टो वेजेटेरीनियज्म|दुग्ध-शाकाहार]], [[ओवो शाकाहार|अंडा-शाकाहार]], [[ओवो-लैक्टो शाकाहार|अंडा-दुग्ध-शाकाहार]], [[वीगनिज़्म|शुद्ध शाकाहार, वीगनिज़्म]], [[रौ वीगनिज़्म]], [[फलाहार]], [[बौद्ध शाकाहार]], [[जैन (सात्विक) भोजन|जैन शाकाहार]] }} :''शाकाहारी खाद्य पदार्थों की किस्मों के लिए, [[शाकाहारी भोजन]] देखें। '' ''प्राणी में वनस्पति आधारित आहार के लिए [[शाकाहारी]] देखें।'' दुग्ध उत्पाद, फल, शाक सब्ज़ी, अनाज, बादाम आदि बीज सहित वनस्पति आधारित भोजन को '''शाकाहार''' (शाक + आहार) कहते हैं। '''शाकाहारी''' व्यक्ति [[मांस]] का सेवन नहीं करता है, इस में लाल मांस (रैड मीट) अर्थात् पशुओं के मांस, शिकार मांस, मुर्गे - मुर्गियां, मछली, क्रस्टेशिया या कठिनी अर्थात् केंकड़ा - झींगा और घोंघा आदि सीपदार प्राणी शामिल हैं और शाकाहारी चीज़ (पाश्चात्य पनीर), पनीर और जिलेटिन में पाए जाने वाले प्राणी - व्युत्पन्न जामन जैसे मारे गये पशुओं के उपोत्पाद से बने खाद्य से भी दूर रह सकते हैं।<ref>परिभाषाएं सूचना शीट, शाकाहारी सोसाइटी, 2 मई 2010 को पुनःप्राप्त.</ref><ref name="Forrest">{{cite web|url=http://www.seriouseats.com/2007/12/is-cheese-vegetarian.html|title=Is Cheese Vegetarian?|last=Forrest|first=Jamie|date=दिसम्बर 18, 2007|publisher=[[Serious Eats]]|accessdate=9 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100612180745/http://www.seriouseats.com/2007/12/is-cheese-vegetarian.html|archive-date=12 जून 2010|url-status=live}}</ref> हालाँकि, इन्हें या अन्य अपरिचित पशु सामग्रियों का उपभोग अनजाने में कर सकते हैं।<ref name="vrg faq">{{cite web|url=http://www.vrg.org/nutshell/faqingredients.htm|title=Frequently Asked Questions - Food Ingredients|publisher=Vegetarian Resource Group|accessdate=9 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20110501055331/http://www.vrg.org/nutshell/faqingredients.htm|archive-date=1 मई 2011|url-status=live}}</ref> हमारे मत के अनुसार शाकाहार की एक अत्यंत तार्किक परिभाषा है कि शाकाहार में वे सभी वस्तुयें शामिल हैं जो वनस्पति आधारित हैं, पेड़ पौधों से मिलती हैं एवं पशुओं से मिलने वाली वस्तुयें जिन में कोई प्राणी जन्म नहीं ले सकता। इस के अतिरिक्त शाकाहार में और कोई वस्तु शामिल नहीं है। इस परिभाषा की सहायता से शाकाहार का निर्धारण किया जा सकता है। उदाहरण : दूध, शहद आदि से प्राणी नहीं होते जबकि अण्डे (जिसे कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी शाकाहारी कहते हैं) से प्राणी जन्म लेते हैं। अतः अंडे मांसाहार है। प्याज़ और लहसुन शाकाहार हैं किन्तु ये दुर्गंधपूर्ण होते हैं अतः इन्हें शुभ अवसरों पर प्रयोग नहीं किया जाता है। यदि कोई मनुष्य अज्ञान में, भूल वश, गलती से या किसी के दबाव में मांसाहार कर लेता है तो भी उसे शाकाहारी ही माना जाता है। सनातन धर्म में शाकाहार का महत्त्व है। [[जैन धर्म]] भी शाकाहार का समर्थन करता है एवं [[जैन भोजन]] में जिमीकन्द त्याज्य है। सनातन धर्म के अनुयायी शाकाहारी होते हैं। यदि कोई व्यक्ति ख़ुद को हिन्दु बताता है किंतु मांसाहार करता है तो वह धार्मिक तथ्यों से हिन्दु नहीं रह जाता। अपना पेट भरने के लिए या केवल जिह्वा के स्वाद के लिए किसी प्राणी की हत्या करना मनुष्यता कदापि नहीं हो सकती। इस के अतिरिक्त एक अवधारणा यह भी है कि शाकाहारियों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता अधिक होती है। धार्मिक, नैतिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण, राजनीतिक, आर्थिक, या अन्य कारणों से शाकाहार को अपनाया जा सकता है और अनेक शाकाहारी आहार हैं। एक लैक्टो शाकाहारी आहार में दुग्ध के उत्पाद शामिल हैं लेकिन अंडे नहीं, एक [[ओवो-शाकाहारी]] के आहार में अंडे शामिल होते हैं लेकिन गोशाला उत्पाद नहीं और एक [[ओवो-लैक्टो शाकाहारी]] के आहार में अंडे और दुग्ध उत्पाद दोनों शामिल हैं। एक विगनवादी अर्थात् शाकाहारी आहार में कोई भी प्राणी उत्पाद शामिल नहीं करते हैं, जैसे कि दुग्ध उत्पाद, अंडे और सामान्यतः शहद। अनेक विगनवादी प्राणी - व्युत्पन्न किसी अन्य उत्पादों से भी दूर रहने की चेष्टा करते हैं, जैसे कि कपड़े और सौंदर्य प्रसाधन। अर्द्ध - शाकाहारी भोजन में बड़े पैमाने पर शाकाहारी खाद्य पदार्थ हुआ करते हैं, लेकिन उन में मछली या अंडे शामिल हो सकते हैं, या यदा - कदा कोई अन्य मांस भी हो सकता है। एक पेसेटेरियन आहार में मछली खायी जाती है, किंतु मांस नहीं। <ref>पेसटारियन, मरियम वेबस्टर, 2 मई 2010 को पुनःप्राप्त.</ref> जिन के भोजन में मछली, मुर्गे, अंडे होते हैं वे "मांस" को स्तनपायी मांस के रूप में परिभाषित कर सकते हैं और खुद की पहचान शाकाहार के रूप में कर सकते हैं। <ref>मरियम-वेबस्टर, "मीट": परिभाषा 2b, मरियम-वेबस्टर ऑनलाइन शब्दकोश, 2010. 5 जनवरी 2010 को पुनःप्राप्त.</ref><ref>छोटा ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी ''esp'' (2007) को परिभाषित करता है "शाकाहारी" (; खाना संज्ञा) के रूप में नहीं खाता सिद्धांत पर जो व्यक्ति "एक जानवर से ''cf..'' टाल एक जो मांस (मछली भी लेकिन उपभोग डेयरी उत्पादन और अंडे और कभी कभी शाकाहारी संज्ञा)."</ref><ref name="Barr">{{cite journal|last=Barr|first=Susan I.|coauthors=Gwen E. Chapman|date=मार्च 2002|title=Perceptions and practices of self-defined current vegetarian and nonvegetarian women|journal=Journal of the American Dietetic Association|pmid=11902368|volume=102|issue=3|pages=354–360|doi=10.1016/S0002-8223(02)90083-0|accessdate=जुलाई 9, 2010 | issn=0002-8223 }}</ref> हालाँकि, शाकाहारी सोसाइटी जैसे शाकाहारी समूह का कहना है कि जिस भोजन में मछली और पोल्ट्री के उत्पाद शामिल हों, वे शाकाहारी नहीं है, क्योंकि मछली और पक्षी भी प्राणी हैं।<ref name="www.vegsoc.org">शाकाहारी मछली नहीं खाते हैं, शाकाहारी सोसाइटी, 2 मई 2010 को पुनःप्राप्त.</ref> == शब्द व्युत्पत्ति == 1847 में स्थापित शाकाहारी सोसाइटी ने लिखा कि इसने लैटिन "वेजिटस" अर्थात "लाइवली" (सजीव) से "वेजिटेरियन" (शाकाहारी) शब्द बनाया। <ref>सेलिब्रेट क्रिसमस, शाकाहारी सोसाइटी, 1 नवम्बर 2000, 2 मई 2010 को पुनःप्राप्त।</ref> ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी (OED) और अन्य मानक शब्दकोश कहते हैं कि "वेजिटेबल" शब्द से यह शब्द बनाया गया है और प्रत्यय के रूप में "-एरियन" जोड़ा गया। <ref>ओइडी खंड 19, द्वितीय संस्करण (1989), पृष्ठ 476; वेबस्ट'र्स थर्ड न्यू इंटरनैशनल डिक्शनरी पृष्ठ 2537; द ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ऑफ़ इंग्लिश एटीमलॉजी, ऑक्सफोर्ड 1966, पृष्ठ 972; द बर्न्हार्ट डिक्शनरी ऑफ़ एटीमलॉजी (1988), पृष्ठ 1196; कॉलिन स्पेंसर, द हेरेटिक्स फिस्ट.अ हिस्ट्री ऑफ़ वेजेटरीनिज़्म, लंडन 1993, पृष्ठ 252.</ref> OED लिखता हैं 1847 में शाकाहारी सोसायटी के गठन के बाद यह शब्द सामान्य उपयोग में आया, हालाँकि यह 1839 और 1842 से उपयोग के दो उदाहरण प्रस्तुत करता है। <ref> * 1839: "यदि मुझे खुद अपना ही बावर्ची बनना पड़ता, तो मुझे निश्चित रूप से एक शाकाहारी हो जाना चाहिए था।" (एफ. ए. केंबले, ''जर्नल.'' ''रेसिडेंस ऑफ़ ज्योर्जियन प्लांटेशन'' (1863) 251) * 1842: "एक स्वस्थ शाकाहारी को बताना कि उसका आहार उसकी प्रकृति की आवश्यकताओं के बहुत ही अनुकूल है।" ''(Healthian'', अप्रैल. 34)</ref> == इतिहास == {{Main|History of vegetarianism}} (लैक्टो) शाकाहार के प्रारंभिक रिकॉर्ड ईसा पूर्व ६ठी शताब्दी में प्राचीन [[भारत]] और प्राचीन ग्रीस में पाए जाते हैं।<ref>स्पेन्सर, कॉलिन. द हेरेटिक्स फीस्ट: अ हिस्ट्री ऑफ़ वेजेटरीनिज़्म. चौथा एस्टेट शास्त्रीय हाउस, पीपी. 33-68, 69-84.</ref> दोनों ही उदाहरणों में आहार घनिष्ठ रूप से प्राणियों के प्रति ''नान-वायलेंस'' के विचार (भारत में ''अहिंसा'' कहा जाता है) से जुड़ा हुआ है और धार्मिक समूह तथा दार्शनिक इसे बढ़ावा देते हैं। {{#tag:ref|[[Indian subcontinent|Indian]] emperor [[Ashoka]] has asserted protection to fauna, from his edicts we could understand, i.e. "Twenty-six years after my coronation various animals were declared to be protected -- parrots, mainas, //aruna//, ruddy geese, wild ducks, //nandimukhas, gelatas//, bats, queen ants, terrapins, boneless fish, //vedareyaka//, //gangapuputaka//, //sankiya// fish, tortoises, porcupines, squirrels, deer, bulls, //okapinda//, wild asses, wild pigeons, domestic pigeons and all four-footed creatures that are neither useful nor edible. Those nanny goats, ewes and sows which are with young or giving milk to their young are protected, and so are young ones less than six months old. Cocks are not to be caponized, husks hiding living beings are not to be burnt and forests are not to be burnt either without reason or to kill creatures. One animal is not to be fed to another."—[[Edict of Ashoka]] on Fifth Pillar<ref>''Religious Vegetarianism From Hesiod to the Dalai Lama'', ed. [[Kerry S. Walters]] and Lisa Portmess, Albany 2001, p. 13–46.</ref>|group="nb"}} प्राचीनकाल में रोमन साम्राज्य के ईसाईकरण के बाद शाकाहार व्यावहारिक रूप से यूरोप से गायब हो गया। <ref>पासमोरे, जॉन. "द ट्रीटमेंट ऑफ़ ऐनिमल्स," जर्नल ऑफ़ द हिस्ट्री ऑफ़ आईडियाज़ 36 (1975) p. 196–201.</ref> मध्यकालीन यूरोप में भिक्षुओं के कई नियमों के जरिये संन्यास के कारणों से मांस का उपभोग प्रतिबंधित या वर्जित था, लेकिन उनमें से किसी ने भी मछली को नहीं त्यागा।<ref>लुटेर्बच, हुबर्टस. "Der Fleischverzicht im Christentum," सैकुलम 50/II (1999) पृष्ठ 202.</ref> [[पुनर्जागरण|पुनर्जागरण काल]] के दौरान यह फिर से उभरा,<ref>स्पेन्सर पृष्ठ. 180-200.</ref> 19वीं और 20वीं शताब्दी में यह और अधिक व्यापक बन गया। 1847 में, इंग्लैंड में पहली शाकाहारी सोसायटी स्थापित की गयी,<ref>स्पेन्सर पृष्ठ 252-253, 261-262.</ref> जर्मनी, नीदरलैंड और अन्य देशों ने इसका अनुसरण किया। राष्ट्रीय सोसाइटियों का एक संघ, अंतर्राष्ट्रीय शाकाहारी संघ, 1908 में स्थापित किया गया है। पश्चिमी दुनिया में, 20वीं सदी के दौरान पोषण, नैतिक और अभी हाल ही में, पर्यावरण और आर्थिक चिंताओं के परिणामस्वरुप शाकाहार की लोकप्रियता बढ़ी है। == शाकाहार की किस्में == [[चित्र:Non eggetarian.jpg|thumb|300px|[[कुल्लू]] (भारत) में के पास सड़क के किनारे कैफे]] शाकाहार के अनेक प्रकार हैं, जिनमें विभिन्न खाद्य पदार्थ शामिल हैं या हटा दिए गये हैं। * ओवो-लैक्टो-शाकाहार में अंडे, दूध और शहद जैसे प्राणी उत्पाद शामिल हैं। * लैक्टो शाकाहार में दूध शामिल है, लेकिन अंडे नहीं। * ओवो शाकाहार में अंडे शामिल हैं लेकिन दूध नहीं। * वेगानिज्म दूध, शहद, अंडे सहित सभी प्रकार के प्राणी मांस तथा प्राणी उत्पादों का वर्जन करता है।<ref>शाकाहारी क्या है?, वेगन सोसाइटी (ब्रिटेन), 12 मई 2010 को पुनःप्राप्त।</ref> * रौ वेगानिज्म में सिर्फ ताज़ा तथा बिना पकाए फल, बादाम, बीज और सब्जियाँ आदि शामिल हैं।<ref>अंतर्राष्ट्रीय शाकाहारी संघ (आईवीयु), 2 मई 2010 को पुनःप्राप्त।</ref> * फ्रूटेरियनिज्म पेड़-पौधों को बिना नुकसान पहुँचाए सिर्फ फल, बादाम आदि, बीज और अन्य इकट्ठा किये जा सकने वाले वनस्पति पदार्थ के सेवन की अनुमति देता है।<ref>मंगेल्स, एआर. पोज़ीशन ऑफ़ द अमेरिकन डाय्टेरिक एसोसिएशन: वेजिटेरियन डाइट्स, जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन डाय्टेरिक एसोसिएशन, 2009, खंड 109, प्रकाशन 7, पीपी 1266-1282.</ref> * सु शाकाहार (जैसे कि [[बौद्ध धर्म]]) सभी प्राणी उत्पादों सहित एलिअम परिवार की सब्जियों (जिनमें प्याज और लहसुन गंध की विशेषता हो): प्याज, लहसुन, हरा प्याज, लीक, या छोटे प्याज को आहार से बाहर रखते हैं। * मैक्रोबायोटिक आहार में अधिकांशतः साबुत अनाज और फलियाँ हुआ करती हैं। कट्टर शाकाहारी ऐसे उत्पादों का त्याग करते हैं, जिन्हें बनाने में प्राणी सामग्री का इस्तेमाल होता है, या जिनके उत्पादन में प्राणी उत्पादों का उपयोग होता हो, भले ही उनके लेबल में उनका उल्लेख न हो; उदाहरण के लिए चीज़ में प्राणी रेनेट (पशु के पेट की परत से बनी एंजाइम), जिलेटिन (पशु चर्म, अस्थि और संयोजक तंतु से) का उपयोग होता है। कुछ चीनी (sugar) को हड्डियों के कोयले से सफ़ेद बनाया जाता है (जैसे कि गन्ने की चीनी, लेकिन बीट चीनी नहीं) और अल्कोहल को जिलेटिन या घोंघे के चूरे और स्टर्जिओन से साफ़ किया जाता है। कुछ लोग अर्द्ध-शाकाहारी आहार का सेवन करते हुए खुद को "शाकाहारी" के रूप में बताया करते हैं।<ref name="newsweek.com">याब्रोफ़, जेनी. "नो मोर स्केर्ड काउस", न्यूज़वीक, 31 दिसम्बर 2009.</ref><ref>गाले, कैथेराइन आर. एट अल. "बचपन में बौद्धिक स्तर और वयस्कता में शाकाहारी: 1970 ब्रिटिश काउहोट अध्ययन", ब्रिटिश मेडिकल जर्नल, 15 दिसम्बर 2006, खंड 333, प्रकाशित 7581, पृष्ठ 245.</ref> अन्य मामलों में, वे खुद का वर्णन बस "फ्लेक्सीटेरियन" के रूप में किया करते हैं।<ref name="newsweek.com" /> ऐसे भोजन वे लोग किया करते हैं जो शाकाहारी आहार में संक्रमण के दौर में या स्वास्थ्य, पर्यावरण या अन्य कारणों से पशु मांस का उपभोग घटाते जा रहे हैं। "अर्द्ध-शाकाहारी" शब्द पर अधिकांश शाकाहार समूहों को आपत्ति है, जिनका कहना है कि शाकाहारी को सभी पशु मांस त्याग देना जरुरी है। अर्द्ध-शाकाहारी भोजन में पेसेटेरियनिज्म (pescetarianism) शामिल है, जिसमे मछली और कभी-कभी समुद्री खाद्य शामिल होते हैं; पोलोटेरियनिज्म में पोल्ट्री उत्पाद शामिल हैं; और मैक्रोबायोटिक आहार में अधिकांशतः गोटे अनाज और फलियाँ शामिल होती हैं, लेकिन कभी-कभार मछली भी शामिल हो सकती है। == स्वास्थ्य संबंधी लाभ और महत्व == अमेरिकन डाएटिक एसोसिएशन और कनाडा के आहारविदों का कहना है कि जीवन के सभी चरणों में अच्छी तरह से योजनाबद्ध शाकाहारी आहार "स्वास्थ्यप्रद, पर्याप्त पोषक है और कुछ बीमारियों की रोकथाम और इलाज के लिए स्वास्थ्य के फायदे प्रदान करता है". बड़े पैमाने पर हुए अध्ययनों के अनुसार मांसाहारियों की तुलना में इस्कीमिक (स्थानिक-अरक्तता संबंधी) ह्रदय रोग शाकाहारी पुरुषों में 30% कम और शाकाहारी महिलाओं में 20% कम हुआ करते हैं।<ref>{{cite web| url=http://www.vrg.org/nutrition/2003_ADA_position_paper.pdf| title=Position of the American Dietetic Association and Dietitians of Canada: Vegetarian diets| date=June 2003| accessdate=24 मई 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20160528205008/http://www.vrg.org/nutrition/2003_ADA_position_paper.pdf| archive-date=28 मई 2016| url-status=dead}}</ref><ref name="Key">कुंजी एट अल. शाकाहारियों में मृत्यु दर और मांसाहारी: 5 सहयोगी विश्लेषण की एक विस्तृत निष्कर्षों से भावी अध्ययन, पोषण, अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशियन, 70(3): 516S.</ref><ref>अस्वीकार मांस 'वजन रखता है', बीबीसी न्यूज़, 14 मार्च 2006.</ref> सब्जियों, अनाज, बादाम आदि, सोया दूध, अंडे और डेयरी उत्पादों में शरीर के भरण-पोषण के लिए आवश्यक पोषक तत्व, प्रोटीन और अमीनो एसिड हुआ करते हैं।<ref>soyfoods.com पर सौमिल्क</ref> शाकाहारी आहार में संतृप्त वसा, कोलेस्ट्रॉल और प्राणी प्रोटीन का स्तर कम होता है और कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फोलेट और विटामिन सी व ई जैसे एंटीऑक्सीडेंट तथा फाइटोकेमिकल्स का स्तर उच्चतर होता है।<ref>शाकाहारी आहार स्थिति के अमेरिकी आहार जनित: कनाडा एसोसिएशन और आहार विशेषज्ञ, जर्नल ऑफ अमेरिकन एसोसिएशन आहार जनित और कनाडा के आहार विशेषज्ञ, 2003, खंड 103, प्रकाशन 6, पीपी 748-65. doi 10.1053/jada.2003.50142.</ref> शाकाहारी निम्न शारीरिक मास इंडेक्स, कोलेस्ट्रॉल का निम्न स्तर, निम्न रक्तचाप प्रवृत्त होते हैं; और इनमें ह्रदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह टाइप 2, गुर्दे की बीमारी, अस्थि-सुषिरता (ऑस्टियोपोरोसिस), अल्जाइमर जैसे मनोभ्रंश और अन्य बीमारियां कम हुआ करती हैं।<ref>मैट्सन, मार्क पी. आहार मस्तिष्क कनेक्शन: मेमोरी पर प्रभाव, मूड, उम्र बढ़ने और रोग. क्लुवर एकडेमिक प्रकाशक, 2002.</ref> खासकर चर्बीदार भारी मांस (Non-lean red meat) को भोजन-नलिका, जिगर, मलाशय और फेफड़ों के कैंसर के बढ़ते खतरे के साथ सीधे तौर पर जुड़ा पाया गया है।<ref>मैगी फॉक्स, मीट रेसेज़ लंग कैंसर रिस्क, टू, स्टडी फाइंड्स, रायटर्स, 10 दिसम्बर 2007; अ प्रोस्पेक्टिव स्टडी ऑफ़ रेड एंड प्रोसेस्स्ड मीट इंटेक इन रिलेशन टू कैंसर रिस्क, प्लोस (PLoS) मेडिसीन. 21 अप्रैल 2008.</ref> अन्य अध्ययनों के अनुसार प्रमस्तिष्‍कवाहिकीय (cerebrovascular) बीमारी, पेट के कैंसर, मलाशय कैंसर, स्तन कैंसर, या प्रोस्टेट कैंसर से होने वाली मृत्यु के मामले में शाकाहारी और मांसाहारियों के बीच में कोई उल्लेखनीय अंतर नहीं है; हालाँकि शाकाहारियों के नमूने कम थे और उनमें पूर्व-धूम्रपान करने वाले ऐसे लोग शामिल रहे जिन्होंने पिछले पाँच साल में अपना भोजन बदला है।<ref name="Key" /> 2010 के एक अध्ययन में सेवेंथ दे एडवेंटिस्ट्स के शाकाहारियों और मांसाहारियों के एक ग्रुप के बीच तुलना करने पर शाकाहारियों में अवसाद कम पाया गया और उन्हें बेहतर मूड का पाया गया।<ref>{{cite web|url= http://www.nutritionj.com/content/9/1/26|title= Vegetarian diets are associated with healthy mood states: a cross-sectional study in Seventh Day Adventist adults|date= जून 1, 2010|accessdate= 25 जून 2010|archive-url= https://web.archive.org/web/20110511061648/http://www.nutritionj.com/content/9/1/26|archive-date= 11 मई 2011|url-status= live}}</ref> === पोषक तत्व === {{Main|पोषक तत्व}} [[चित्र:Fruit Stall in Barcelona Market.jpg|thumb|right|260px|बार्सिलोना में फल और सब्जी की दुकान]] पश्चिमी शाकाहारी आहार कैरोटेनोयड्स में आम तौर पर उन्नत होते हैं, लेकिन अपेक्षाकृत लंबी-श्रृंखला एन-3 फैटी एसिड और विटामिन बी<sub>12</sub> में निम्न होते हैं। वेगान्स विशेष रूप से विटामिन बी और कैल्शियम का सेवन कम कर सकते हैं, अगर उन्होंने पर्याप्त मात्रा में कोलार्ड हरे पत्ते, पत्तेदार साग, टेम्पेह और टोफू (सोय) नहीं खाते हैं। फाइबर आहार, फोलिक एसिड, विटामिन सी और ई और मैग्नेशियम के ऊँचे स्तर तथा संतृप्त वसा अर्थात चर्बी के कम उपभोग को शाकाहारी भोजन का लाभकारी पहलू माना जाता है।<ref name="Key2006">{{cite journal|title=Health effects of vegetarian and vegan diets|url=https://archive.org/details/sim_proceedings-of-the-nutrition-society_2006-02_65_1/page/35|author=Timothy J Key, Paul N Appleby, Magdalena S Rosell|year=2006|journal=Proceedings of the Nutrition Society|pages=35–41|volume=65|doi=10.1079/PNS2005481|pmid=16441942|issue=1}}</ref><ref name="Davey">{{cite journal|title=EPIC-Oxford: lifestyle characteristics and nutrient intakes in a cohort of 33 883 meat-eaters and 31 546 non meat-eaters in the UK|author=Davey GK, Spencer EA, Appleby PN, Allen NE, Knox KH, Key TJ|year=2003|journal=Public Health Nutrition |pages=259–69|volume=6 | doi = 10.1079/PHN2002430|pmid=12740075|issue=3}}</ref> ==== प्रोटीन ==== शाकाहारी भोजन में प्रोटीन का सेवन मांसाहारी आहार से केवल जरा-सा ही कम होता है और व्यक्ति की दैनिक जरूरतों को पूरा कर सकता है। खिलाड़ियों और शरीर को गठीला बनाने वालों की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सकता है।<ref>{{cite book | last = Peter Emery| first = Tom Sanders| title = Molecular Basis of Human Nutrition| publisher = Taylor & Francis Ltd|year=2002| page = 32| isbn = 978-0748407538}}</ref> [[हार्वर्ड विश्वविद्यालय]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]], [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|ब्रिटेन]], [[कनाडा]], [[ऑस्ट्रेलिया]], [[न्यूज़ीलैण्ड|न्यूजीलैंड]] तथा विभिन्न यूरोपीय देशों में किये गये अध्ययनों से इसकी पुष्टि होती है कि विभिन्न प्रकार के पौधों के स्रोतों से आहार उपलब्ध होते रहें और उनका उपभोग होता रहे तो शाकाहारी भोजन पर्याप्त प्रोटीन मुहैया करता है।<ref>{{cite book | last = Brenda Davis| first = Vesanto Melina| title = The New Becoming Vegetarian| url = https://archive.org/details/newbecomingveget0000meli| publisher = Book Publishing Company|year=2003| pages = [https://archive.org/details/newbecomingveget0000meli/page/57 57]–58| isbn = 978-1570671449}}</ref> प्रोटीन अमीनो एसिड के प्रकृतिस्थ हैं और वनस्पति स्रोतों से प्राप्त प्रोटीन को लेकर एक आम चिंता आवश्यक अमीनो एसिड के सेवन की है, जो मानव शरीर द्वारा संश्लेषित नहीं किया जा सकता है। जबकि डेयरी उत्पाद और अंडे लैक्टो-ओवो शाकाहारियों को सम्पूर्ण स्रोत उपलब्ध कराते हैं; ये एकमात्र वनस्पति स्रोत हैं जिनमें सभी आठ प्रकार के आवश्यक अमीनो एसिड महत्वपूर्ण मात्रा में हुआ करते हैं। ये हैं लुपिन, सोय, हेम्पसीड, चिया सीड, अमरंथ, बक व्हीट और क़ुइनोआ। हालाँकि, आवश्यक अमीनो एसिड विविध प्रकार के पूरक वनस्पति स्रोतों को खाने से प्राप्त किये जा सकते हैं, सभी आठ आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान करने वाले वनस्पतियों के संयोजन से ऐसा हो सकता है (जैसे कि भूरे चावल और बीन्स, या ह्यूमस और गोटे गेहूं का पिटा, हालाँकि उस भोजन में प्रोटीन का संयोजन होना जरुरी नहीं है। 1994 के एक अध्ययन में पाया गया कि ऐसे विविध स्रोतों का सेवन पर्याप्त हो सकता है।<ref name="young">{{cite journal| author=VR Young and PL Pellett| title=Plant proteins in relation to human protein and amino acid nutrition| journal=Am. J. Clinical Nutrition| month=May| year=1994| issue=59| pages=1203S–1212S| pmid=8172124| url=http://www.ajcn.org/cgi/reprint/59/5/1203S.pdf| format=PDF| accessdate=30 दिसंबर 2008| volume=59| archive-url=https://web.archive.org/web/20090325030948/http://www.ajcn.org/cgi/reprint/59/5/1203S.pdf| archive-date=25 मार्च 2009| url-status=live}}</ref> ==== लौह ==== शाकाहारी आहार में लौह तत्व आम तौर पर मांसाहारी भोजन के समान स्तर के होते हैं, लेकिन मांस स्रोतों से प्राप्त लौह की तुलना में इसकी बायो-उपलब्धता निम्न होती है और इसके अवशोषण में कभी-कभी आहार के अन्य घटकों द्वारा रुकावट पैदा की जा सकती है। शाकाहारी खाद्य पदार्थ लौह से भरपूर होते है, इनमें काली सेम, काजू, हेम्पसीड, राजमा, मसूर दाल, जौ का आटा, किशमिश व मुनक्का, लोबिया, सोयाबीन, अनेक नाश्ते में खाये जानेवाला अनाज, सूर्यमुखी के बीज, छोले, टमाटर का जूस, टेमपेह, शीरा, अजवायन और गेहूँ के आटे की ब्रेड शामिल हैं।<ref>{{cite web |url=http://goveg.com/essential_nutrients.asp#iron |title=// Health Issues // Optimal Vegan Nutrition |publisher=Goveg.com |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090404064615/http://www.goveg.com/essential_nutrients.asp#iron |archive-date=4 अप्रैल 2009 |url-status=dead }}</ref> शाकाहारी भोजन की तुलना में संबंधित वेगन या शुद्ध शाकाहारी भोजन में अक्सर लौह की मात्रा अधिक हो सकती है, क्योंकि डेयरी उत्पादों में लौह कम हुआ करता है।<ref name="Davey" /> मांसाहारियों की तुलना में शाकाहारियों में लौह भंडार का प्रवृत्त अक्सर कम होता है और कुछ छोटे अध्ययनों में शाकाहारियों में लोहे की कमी की उच्च दर पायी गयी है। हालाँकि, अमेरिकन डाएटिक एसोसिएशन का कहना है कि मांसाहारियों की तुलना में शाकाहारियों में लौह की कमी अधिक आम नहीं है (वयस्क पुरुषों में कभी-कभार ही लौह कमी पायी जाती है); लौह कमी रक्ताल्पता कदाचित होती है, आहार से कोई संबंध नहीं।<ref>{{cite journal|title=Dietary Iron Intake and Iron Status of German Female Vegans: Results of the German Vegan Study|author=Annika Waldmann, Jochen W. Koschizke, Claus Leitzmann, Andreas Hahn|year=2004|journal=Ann Nutr Metab|pages=103–108|volume=48|doi=10.1159/000077045|pmid=14988640|issue=2}}</ref><ref>{{cite journal|title=Influence of vegetarian and mixed nutrition on selected haematological and biochemical parameters in children|author=Krajcovicova-Kudlackova M, Simoncic R, Bederova A, Grancicova E, Magalova T|year=1997|journal=Nahrung|pages=311–14|volume=41|doi=10.1002/food.19970410513}}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19562864 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100706112058/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19562864 |archive-date=6 जुलाई 2010 |url-status=live }}</ref> ==== विटामिन बी<sub>12</sub> ==== पौधे आम तौर पर विटामिन बी<sub>12</sub> के महत्वपूर्ण स्रोत नहीं होते हैं।<ref name="moz">{{Cite news | last= Mozafar| first= A. | year= 1997| title= Is there vitamin B<sub>12</sub> in plants or not? A plant nutritionist's view| periodical= Vegetarian Nutrition: an International Journal| issue= 1/2| pages= 50–52 }}</ref> हालाँकि, लैक्टो-ओवो शाकाहारी डेयरी उत्पादों और अंडों से बी<sub>12</sub> प्राप्त कर सकते हैं और वेगांस दृढ़ीकृत खाद्य तथा पूरक आहार से प्राप्त कर सकते हैं।<ref>स्टैण्डर्ड टेबल्स ऑफ़ फ़ूड कौम्पोज़िशन इन जापान (STANDARD TABLES OF FOOD COMPOSITION IN JAPAN) से एल्गाए पांचवें संरचना के खाद्य और 2005 के संशोधित संस्करण</ref><ref>वेगंस (शुद्ध शाकाहारी) और विटामिन बी 12 की कमी</ref> चूंकि मानव शरीर बी<sub>12</sub> को सुरक्षित रखता है और इसके सार को नष्ट किये बिना इसका फिर से उपयोग करता है, इसीलिए बी<sub>12</sub> कमी के उदाहरण असामान्य हैं।<ref>{{cite journal|title=Vitamin B-12 status, particularly holotranscobalamin II and methylmalonic acid concentrations, and hyperhomocysteinemia in vegetarians|url=https://archive.org/details/sim_american-journal-of-clinical-nutrition_2003-07_78_1/page/131|author=Herrmann W, Schorr H, Obeid R, Geisel J|year=2003|journal=Am J Clin Nutr|pages=131–6|volume=78|pmid=12816782|issue=1}}</ref><ref>{{cite journal|title=Vegetarianism and vitamin B-12 (cobalamin) deficiency|url=https://archive.org/details/sim_american-journal-of-clinical-nutrition_2003-07_78_1/page/3|author=Antony AC|year=2003|journal=Am J Clin Nutr|pages=3–6|volume=78|pmid=12816765|issue=1}}</ref> बिना पुनः आपूर्ति के शरीर विटामिन को 30 वर्षों तक सुरक्षित रखे रह सकता है।<ref name="moz" /> बी<sub>12</sub> के एकमात्र विश्वसनीय वेगान स्रोत हैं बी<sub>12</sub> के साथ दृढीकृत खाद्य (कुछ सोया उत्पादों और कुछ नाश्ता के अनाज सहित) और बी<sub>12</sub> के पूरक।<ref name="Vegan Society B12 factsheet">{{cite web | title=Vegan Society B12 factsheet | url=http://www.vegansociety.com/food/nutrition/b12/ | last=Walsh | first=Stephen, RD | publisher=Vegan Society | accessdate=17 जनवरी 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080526073658/http://www.vegansociety.com/food/nutrition/b12/ | archive-date=26 मई 2008 | url-status=live }}</ref><ref name="donaldson">{{cite journal |title=Metabolic vitamin B12 status on a mostly raw vegan diet with follow-up using tablets, nutritional yeast, or probiotic supplements | last=Donaldson | first=MS |publisher=Ann Nutr Metab. 2000;44:229-234}}</ref> हाल के वर्षों में विटामिन बी<sub>12</sub> के स्रोतों पर शोधों में वृद्धि हुई है।<ref>{{cite web |url = http://www.unu.edu/unupress/food/8F052e/8F052E05.htm |title = Ch05 |accessdate = 23 जून 2008 |archive-url = https://web.archive.org/web/20080614033813/http://www.unu.edu/unupress/food/8F052e/8F052E05.htm |archive-date = 14 जून 2008 |url-status = dead }}</ref> ==== फैटी एसिड ==== ओमेगा 3 फैटी एसिड के पौधे-आधारित या शाकाहारी स्रोतों में सोया, अखरोट, कुम्हड़े के बीज, कैनोला तेल (रेपसीड), किवी फल और विशेषकर हेम्पसीड, चिया सीड, अलसी, इचियम बीज और लोनिया या कुलफा शामिल हैं। किसी भी अन्य ज्ञात सागों की अपेक्षा कुलफा में अधिक ओमेगा 3 हुआ करता है। वनस्पति या पेड़-पौधों से प्राप्त खाद्य पदार्थ अल्फा-लिनोलेनिक एसिड प्रदान कर सकते हैं, लेकिन लंबी-श्रृंखला एन-3 फैटी एसिड ईपीए (EPA) और डीएचए (DHA) प्रदान नहीं करते, जिनका स्तर अंडों और डेयरी उत्पादों में कम हुआ करता है। मांसाहारियों की तुलना में शाकाहारियों और विशेष रूप से वेगांस में ईपीए (EPA) और डीएचए (DHA) का निम्न स्तर होता है। हालाँकि ईपीए (EPA) और डीएचए (DHA) के निम्न स्तर का स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव अज्ञात है, लेकिन इसकी संभावना नहीं है कि अल्फा-लिनोलेनिक एसिड के अनुपूरण से इसके स्तर में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।<ref>{{cite journal|title=Long-chain n-3 polyunsaturated fatty acids in plasma in British meat-eating, vegetarian, and vegan men|author=Rosell MS, Lloyd-Wright Z, Appleby PN, Sanders TA, Allen NE, Key TJ|year=2003|journal=Am J Clin Nutr|pages=327–34|volume=82|pmid=16087975|issue=2}}</ref> हाल ही में, कुछ कंपनियों ने समुद्री शैवाल के सत्त से भरपूर शाकाहारी डीएचए अनुपूरण की बिक्री शुरू कर दी है। ईपीए (EPA) और डीएचए (DHA) दोनों उपलब्ध कराने वाले इसी तरह के अन्य अनुपूरण भी आने शुरू हो चुके हैं।<ref>{{cite web | url = http://www.water4.net/ | title = Water4life: health-giving vegetarian dietary supplements | accessdate = 17 मई 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080329073347/http://www.water4.net/ | archive-date = 29 मार्च 2008 | url-status = dead }}</ref> पूरा समुद्री शैवाल अनुपूरण के लिए उपयुक्त नहीं है, क्योंकि उनके उच्च आयोडीन तत्व सुरक्षित उपभोग की मात्रा को सीमित करते हैं। हालाँकि, स्पाईरुलिना जैसे कुछ शैवाल गामा-लिनोलेनिक एसिड (जीएलए (GLA)), अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (एएलए (ALA)), लिनोलेनिक एसिड (एलए (LA)), स्टीयरिड़ोनिक एसिड (एसडीए (SDA)), आइकोसै-पेंटेनोइक एसिड (ईपीए (EPA)), डोकोसा-हेक्सेनोइक एसिड (डीएचए (DHA)) और अरचिड़ोनिक एसिड (एए (AA)) के अच्छे स्रोत होते हैं।<ref name="uzbek">बाबाद्ज्हनोव, ए.एस., एट अल. "केमिकल कॉम्पोजीशन ऑफ़ स्पिरुलिना प्लेटेंसिस कल्टीवेटेड इन उज्बेकिस्तन." कैमेस्ट्री ऑफ़ नैचुरोल कंपाउंड्स. 40, 3, 2004.</ref><ref name="biomass">टोकुसोग्लू, ओ., उनल एम.के."बायोमॉस न्यूट्रीशन प्रोफाइल्स ऑफ़ थ्री माइक्रोलगए: स्पिरुलीना प्लाटेंसिस, ख्लोरेला वौल्गारिस और आइसोक्राइसिस गल्बना." ''जर्नल ऑफ़ फ़ूड साइंस'' 68, 4, 2003.</ref> ==== कैल्शियम ==== शाकाहारियों में [[कैल्शियम]] का सेवन मांसाहारियों के ही समान है। वेगांस में अस्थियों की कुछ दुर्बलता पायी गयी है जो हरे-पत्तेदार साग नहीं खाया करते, जिनमें प्रचुर कैल्शियम हुआ करता है।<ref>{{cite web |url=http://www.hsph.harvard.edu/nutritionsource/calcium.html |archiveurl=https://web.archive.org/web/20070825133156/http://www.hsph.harvard.edu/nutritionsource/calcium.html |archivedate=25 अगस्त 2007 |title=Calcium and Milk: Nutrition Source, Harvard School of Public Health |publisher=Web.archive.org |date=25 अगस्त 2007 |accessdate=9 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref> हालाँकि, लैक्टो-ओवो शाकाहारियों में यह नहीं पाया जाता।<ref>{{cite journal|title=Comparative fracture risk in vegetarians and nonvegetarians in EPIC-Oxford|url=https://archive.org/details/sim_european-journal-of-clinical-nutrition_2007-12_61_12/page/1400|author=P Appleby, A Roddam, N Allen, T Key|year=2007|pmid=17299475|journal=European Journal of Clinical Nutrition|doi=10.1038/sj.ejcn.1602659|volume=61|issue=12|page=1400}}</ref> कैल्शियम के कुछ स्रोतों में कोलार्ड साग, बोक चोय, काले (गोभी), शलगम के साग शामिल हैं।<ref>vrg.org</ref> पालक रसपालक और चुक़ंदर साग कैल्शियम से भरपूर हैं, लेकिन कैल्शियम ऑक्‍जेलेट होने के लिए बाध्य है और इसलिए अच्छी तरह से अवशोषित नहीं हो पाता है।<ref>{{cite web|url=http://www.vegansociety.com/food/nutrition/calcium.php|title=Vegan Sources of Calcium|accessdate=Nov 01 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090418023204/http://www.vegansociety.com/food/nutrition/calcium.php|archive-date=18 अप्रैल 2009|url-status=live}}</ref> ==== विटामिन डी ==== शाकाहारियों में [[विटामिन डी]] का स्तर कम नहीं होना चाहिए (हालाँकि अध्ययनों के अनुसार आम आबादी के अधिकांश में इसकी कमी है<ref>{{cite web|url=http://www.upi.com/NewsTrack/Health/2008/02/21/many_vitamin_d_deficient_in_winter/5452/|title=Many vitamin D deficient in winter|publisher=United Press International|accessdate=23 अप्रैल 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080516225326/http://www.upi.com/NewsTrack/Health/2008/02/21/many_vitamin_d_deficient_in_winter/5452/|archive-date=16 मई 2008|url-status=live}}</ref>)। पर्याप्त और संवेदी यूवी (UV) सूर्य धूप सेवन से विटामिन डी की आवश्यकताएं मानव शरीर के खुद के उत्पादन के जरिये पूरी हो सकती हैं। दूध सहित सोया दूध और अनाज के दाने जैसे उत्पाद विटामिन डी प्रदान करने के अच्छे दृढीकृत स्रोत हो सकते है;<ref>{{cite web|url=http://dietary-supplements.info.nih.gov/factsheets/vitamind.asp|title=Dietary Supplement Fact Sheet: Vitamin D|publisher=National Institutes of Health|accessdate=10 सितंबर 2007|archiveurl=https://www.webcitation.org/5Rl5u0LB5?url=http://dietary-supplements.info.nih.gov/factsheets/vitamind.asp|archivedate=10 सितंबर 2007|url-status=live}}</ref> और खुमी (मशरूम) 2700 आईयू से अधिक (लगभग 3 आउंस या आधा कप) विटामिन डी<sub>2</sub> प्रदान करता है, अगर एकत्र करने के बाद 5 मिनट यूवी प्रकाश में खुला छोड़ दिया जाय;<ref>{{cite news | first = | last = | coauthors = | title =Bringing Mushrooms Out of the Dark | date =अप्रैल 18, 2006 | publisher = | url =http://www.msnbc.msn.com/id/12370708 | work =MSNBC | pages = | accessdate =6 अगस्त 2007 | language = | archive-url =https://web.archive.org/web/20071101072649/http://www.msnbc.msn.com/id/12370708 | archive-date =1 नवंबर 2007 | url-status =live }}</ref> जो पर्याप्त धूप का सेवन नहीं करते हैं और/या जिन्हें खाद्य पदार्थों से प्राप्त नहीं होता है, उन्हें विटामिन डी के अनुपूरण की जरूरत पड सकती है। === दीर्घायु === पश्चिमी देशों के पाँच अध्ययनों के एक 1999 के मेटाअध्ययन<ref name="AJCN metastudy">{{cite journal|title= "Mortality in vegetarians and nonvegetarians: detailed findings from a collaborative analysis of 5 prospective studies"|journal= American Journal of Clinical Nutrition|volume= 70|issue= 3|pages= 516S–524S|date= सितंबर 1999|url= http://www.ajcn.org/cgi/content/full/70/3/516S|accessdate= 30 अक्टूबर 2009|author= Timothy J Key, Gary E Fraser, Margaret Thorogood, Paul N Appleby, Valerie Beral, Gillian Reeves, Michael L Burr, Jenny Chang-Claude, Rainer Frentzel-Beyme, Jan W Kuzma, Jim Mann and Klim McPherson|pmid= 10479225|archive-url= https://web.archive.org/web/20090925125935/http://www.ajcn.org/cgi/content/full/70/3/516S|archive-date= 25 सितंबर 2009|url-status= live}}</ref> के संयुक्त डेटा. मेटाअध्ययन ने मृत्यु दर अनुपात के बारे में बताया कि निम्न संख्या कम मौतों की सूचक है; मछली खाने वालों के लिए। 82, शाकाहारियों के लिए। 84, कभी-कभार मांस खाने वालों के लिए। 84 की संख्या बतायी गयी। नियमित रूप से मांस खाने वाले और वेगांस सर्वाधिक 1.00 मृत्यु दर अनुपात की साझेदारी करते हैं। अध्ययन ने प्रत्येक श्रेणी में होने वाली मौतों की संख्या के बारे में बताया और प्रत्येक अनुपात के लिए अपेक्षित त्रुटि अनुक्रम को देखते हुए, डेटा में समायोजन किया। हालाँकि, "इस (शाकाहारी) आबादी वर्ग में मुख्य रूप से धूम्रपान की आदत अपेक्षाकृत कम होने कारण मृत्यु दर कम रही"। मृत्यु के प्रमुख कारणों का अध्ययन करने पर आहार में अंतर की वजह से मृत्यु दर में फर्क का केवल एक ही कारण जिम्मेदार पाया गया, निष्कर्ष में कहा गया: "स्थानिक रक्ताल्पता संबंधी ह्रदय रोग से मृत्यु दर में मांसाहारियों की तुलना में शाकाहारियों की संख्या 24% कम है; लेकिन मृत्यु के अन्य प्रमुख कारणों में शाकाहारी आहार का कोई जुड़ाव स्थापित नहीं किया गया।"<ref name="AJCN metastudy" /> "मोर्टेलिटी इन ब्रिटिश वेजिटेरीयंस" में,<ref name="AJCN British study">कीय, टिमोथी जे, एट अल., "ब्रिटिश मृत्यु दर में शाकाहारियां: समीक्षा और ऑक्सफोर्ड महाकाव्य प्रारंभिक परिणाम" अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल न्यूट्रीशियन, खंड 78, नं. 3, 533S-538S, 2003 सितम्बर http://www.ajcn.org/cgi/content/full/78/3/533S {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100829202855/http://www.ajcn.org/cgi/content/full/78/3/533S |date=29 अगस्त 2010 }}</ref> एक समान निष्कर्ष निकाला गया है: "ब्रिटिश शाकाहारियों में आम आबादी की तुलना में मृत्यु दर कम है। उनकी मृत्यु दर उन लोगों के समान हैं जो मांसाहारियों के साथ तुलनीय हैं, कहा गया कि धूम्रपान के कम प्रचलन और आम तौर पर उच्च सामजिक-आर्थिक स्थिति जैसे गैर-आहारीय जीवनशैली के कारकों या मांस और मछली के परहेज से भिन्न आहार के अन्य पहलुओं के कारण यह लाभ मिलता हो सकता है।"<ref>ऐपलबाई पीएन, कीय टीजे, थोरोगुड एम, बुर्र एमएल, मान जे, ब्रिटिश मृत्यु दर में शाकाहारियां, इम्पीरियल कैंसर रिसर्च फंड, कैंसर जानपदिक रोग विज्ञान यूनिट, रैडक्लिफ प्रग्णालय, ऑक्सफोर्ड, ब्रिटेन, फरवरी 2002. 9 जनवरी 2010 को पुनःप्राप्त.</ref> सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट्स में एड्वेंटिस्ट स्वास्थ्य अध्ययन दीर्घायु जीवन का एक सतत अध्ययन है। दूसरों के बीच में यह एकमात्र अध्ययन है जिसमें वही कार्य पद्धति अपनायी गयी है जिससे शाकाहार के लिए अनुकूल लक्षण प्राप्त हुए। शोधकर्ताओं ने पाया कि अलग-अलग जीवन शैली विकल्पों का संयोजन दीर्घायु जीवन पर अधिक से अधिक दस साल का प्रभाव डाल सकता है। जीवन शैली विकल्पों की जाँच में पाया गया कि शाकाहारी भोजन जीवन को अतिरिक्त 1-1/2 से 2 साल तक बढ़ा सकता है। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि "कैलिफोर्निया एड्वेंटिस्ट पुरुषों और महिलाओं के जीवन की प्रत्याशा किसी भी अन्य भली-भांति वर्णित प्राकृतिक आबादी की तुलना में अधिक है"; पुरुषों के लिए 78.5 साल और महिलाओं के लिए 82.3 साल। 30 वर्ष के कैलिफोर्निया एड्वेंटिस्टस के जीवन की प्रत्याशा पुरुषों के लिए 83.3 साल और महिलाओं के लिए 85.7 साल आंकी गयी।<ref>लोमा लिंडा विश्वविद्यालय अद्वेंटिस्ट स्वास्थ्य विज्ञान केन्द्र, न्यू ऐद्वेंटिस्ट हेल्थ स्टडी रीसर्च नोटेड इन आर्काइव ऑफ़ इंटरनल मेडिसीन, लोमा लिंडा विश्वविद्यालय, 26 जुलाई 2001. 9 जनवरी 2010 को पुनःप्राप्त.</ref> एड्वेंटिस्ट स्वास्थ्य अध्ययन को फिर से एक मेटाअध्ययन में शामिल किया गया है, जिसका शीर्षक है "क्या मांस का कम सेवन मानव जीवन को दीर्घायु बनाता है?" यह अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल न्यूट्रीशन में प्रकाशित हुआ, जिसका निष्कर्ष है कि अधिक मात्रा में मांस खाने वाले समूह की तुलना में, कम मांस भक्षण (सप्ताह में एक बार से कम) और अन्य जीवनशैली विकल्पों से उल्लेखनीय रूप से आयु बढ़ जाती है।<ref>क्या मनुष्य जीवन प्रत्याशा में वृद्धि की खपत मांस खाने से बढ़ा देती है?-सिंह इट अल. 78 (3): 526—अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन सार</ref> अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला कि "स्वस्थ वयस्कों के एक आबादी वर्ग में पाए गये निष्कर्षों ने यह संभावना बढ़ा दी कि एक लंबी अवधि (≥ 2 दशक) तक शाकाहारी भोजन के अवलम्बन से आयु में एक उल्लेखनीय 3.6-वाई (3.6-y) की वृद्धि हो सकती है।" हालाँकि, अध्ययन ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि "कनफाउंडर्स के अध्ययनों के बीच संयोजन में चिह्नित अंतर, शाकाहारी की परिभाषा, माप त्रुटि, आयु वितरण, स्वस्थ स्वयंसेवी प्रभाव और शाकाहारियों द्वारा कोई ख़ास प्रकार की वनस्पति खाद्य का सेवन करने के कारण शाकाहारियों में उत्तरजीविता लाभ में कुछ भिन्नता हो सकती है।" यह आगे कहता है कि "इससे यह संभावना बढती है कि कम मांस व अधिक शाकाहारी भोजन पैटर्न सही मायने में प्रेरणार्थक सुरक्षात्मक कारक हो सकता है, बजाय इसके कि भोजन से मांस को बस निकाल दिया जाय।" सभी कारण से मृत्यु दर के लिए कम-मांस आहार से सबंधित हाल के एक अध्ययन में सिंह ने पाया कि "5 अध्ययनों में से 5 में ही यह जाहिर होता है कि जिन वयस्कों ने कम मांस और अधिक शाकाहारी आहार के पैटर्न का अनुसरण किया, उन्होंने सेवन के अन्य पैटर्न की तुलना में, महत्वपूर्ण या जरा कम महत्वपूर्ण रूप से मृत्यु के जोखिम में कमी को महसूस किया।" यूरोप में क्षेत्रीय तथा स्थानीय आहार के साथ दीर्घायु होने की तुलना जैसे सांख्यिकी अध्ययनों में भी पाया गया कि अधिक मांसाहारी उत्तरी फ़्रांस की तुलना में दक्षिणी [[फ़्रांस|फ्रांस]] में लोगों की आयु बहुत अधिक है, जहाँ कम मांस और अधिक शाकाहारी भूमध्यसागरीय भोजन आम है।<ref>तृचोपौलोऊ, एट अल. 2005 "संशोधित भूमध्य आहार और अस्तित्व: एपिक (EPIC)-एल्डरली प्रोस्पेक्टिव चोरोट स्टडी", ब्रिटिश मेडिकल जर्नल 330:991 (30 अप्रैल) http://bmj.bmjjournals.com/cgi/content/full/bmj;330/7498/991 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20060212124831/http://bmj.bmjjournals.com/cgi/content/full/bmj;330/7498/991 |date=12 फ़रवरी 2006 }} <br />इस लेख पर आधारित समाचार: विज्ञान दैनिक, 25 अप्रैल 2005 "लंबा जीवन के लिए भूमध्य आहार" http://www.sciencedaily.com/releases/2005/04/050425111008.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100411061008/http://www.sciencedaily.com/releases/2005/04/050425111008.htm |date=11 अप्रैल 2010 }}</ref> इंस्टीटयूट ऑफ़ प्रिवेंटिव एंड क्लिनिकल मेडिसिन, तथा इंस्टीटयूट ऑफ़ सायक्लोजिक्ल केमिस्ट्री द्वारा किये गये अध्ययन में 19 शाकाहारियों (लैक्टो-ओवो) के एक समूह की तुलना उसी क्षेत्र के 19 सर्वभक्षी समूह से की गयी। अध्ययन में पाया गया कि शाकाहारियों (लैक्टो-ओवो) के इस समूह में इस मांसाहारी समूह की तुलना में प्लाज्मा कार्बोक्सीमिथेलीसाइन और उन्नत ग्लिकेशन एंडोप्रोडक्ट्स (AGEs) की मात्रा बहुत अधिक है।<ref>{{cite web | url = http://www.biomed.cas.cz/physiolres/2002/issue3/krajcovic.htm | work = PHYSIOLOGY RESEARCH | title = Advanced Glycation End Products and Nutrition | accessdate = 11 अप्रैल 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080413002323/http://www.biomed.cas.cz/physiolres/2002/issue3/krajcovic.htm | archive-date = 13 अप्रैल 2008 | url-status = dead }}</ref> कार्बोक्सीमिथेलीसाइन एक ग्लिकेशन उत्पाद है जो "ओक्सीडेटिव तनाव प्रौढावस्था, धमनीकलाकाठिन्य (atherosclerosis) और मधुमेह में प्रोटीन की क्षति के एक आम चिह्नक' का प्रतिनिधित्व करता है।" "उन्नत ग्लिकेशन एंड उत्पाद (AGEs) धमनीकलाकाठिन्य, मधुमेह, प्रौढ़ावस्था और जीर्ण गुर्दे की खराबी की प्रक्रिया के मामले में एक महत्वपूर्ण प्रतिकूल भूमिका निभा सकता है।" आहार बनाम दीर्घायु तथा पश्चिमी रोगों के पोषक पर सबसे बड़ा अध्ययन चीनी परियोजना थी; यह एक "2,400 से अधिक काउंटी के उनके 880 मिलियन (96%) नागरिकों पर विभिन्न प्रकार के कैंसर से मृत्यु दर का सर्वेक्षण" था, इसका संयोजन विभिन्न मृत्यु दरों और अनेक प्रकार के आहार, जीवन शैली और पर्यावरणीय विशेषताओं के साथ संबंध के अध्ययन के साथ किया गया, यह अध्ययन चीन के 65 अधिकांशतः ग्रामीण काउंटियों में संयुक्त रूप से कोर्नेल विश्वविद्यालय, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और प्रिवेंटिव मेडिसिन की चीनी अकादमी द्वारा 20 वर्षों तक किया गया। चीन अध्ययन में भोजन में मांसाहार की मात्रा तथा पश्चिम में मौत के प्रमुख कारणों के बीच एक मजबूत खुराक-अनुक्रिया संबंध पाया गया है; पश्चिम में मृत्यु के कारण हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर हैं। === खाद्य सुरक्षा === यूएसए टुडे (USA Today) के ब्लॉग में लिब्बी सांडे ने कहा है कि शाकाहार ''ई॰ कोलाइ'' (E. coli) संक्रमण को कम करता है,<ref>{{cite news | last = Sande | first = Libby | title = Vegetarianism reduces ''E.&nbsp;coli'' infections | publisher = USA Today | date = 25 सितंबर 2006 | url = http://blogs.usatoday.com/oped/2006/09/veggie_diet_red.html | accessdate = 28 अप्रैल 2007 | archiveurl = https://web.archive.org/web/20061027043124/http://blogs.usatoday.com/oped/2006/09/veggie_diet_red.html | archivedate = 27 अक्तूबर 2006 | url-status = dead }}</ref> और [[न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यू यॉर्क टाइम्स]] के एक आलेख में खाद्य में ''ई॰ कोलाइ'' दूषण को औद्योगिक पैमाने के मांस और डेयरी फ़ार्म के साथ जोड़ा।<ref>{{cite news | last = Sander | first = Libby | title = Source of Deadly ''E.&nbsp;Coli'' Is Found | publisher = New York Times | date = 13 अक्टूबर 2006 | url = http://www.nytimes.com/2006/10/13/us/13spinach.html | accessdate = 13 अक्टूबर 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20081210083216/http://www.nytimes.com/2006/10/13/us/13spinach.html | archive-date = 10 दिसंबर 2008 | url-status = live }}</ref> 2006 के दौरान अमेरिका में ''ई॰ कोलाइ'' संक्रमण के लिए पालक और प्याज को जिम्मेवार पाया गया।<ref>{{cite news | title = E.&nbsp;Coli Outbreak | pages = | publisher = NBC News | date = 15 सितंबर 2006 | url = http://www.kpvi.com/index.cfm?page=nbcstories.cfm&ID=3034 | accessdate = 13 दिसंबर 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070314141005/http://www.kpvi.com/index.cfm?page=nbcstories.cfm&ID=3034 | archive-date = 14 मार्च 2007 | url-status = dead }}</ref><ref>टैको बेल रिमूव्स ग्रीन ओनियंस आफ्टर आउटब्रेक 6 दिसम्बर 2006 एम्एसएनबीसी (MSNBC)</ref> रोगजनक ''ई॰ कोलाइ'' का प्रसार मलाशय-मुख संचरण के जरिये हुआ करता है।<ref name="Evans">{{cite web |url=http://www.gsbs.utmb.edu/microbook/ch025.htm |title=Escherichia Coli |accessdate=2 दिसंबर 2007 |last=Evans Jr. |first=Doyle J. |coauthors=Dolores G. Evans |date= |work=Medical Microbiology, 4th edition |publisher=The University of Texas Medical Branch at Galveston |archive-url=https://web.archive.org/web/20071102062813/http://www.gsbs.utmb.edu/microbook/ch025.htm |archive-date=2 नवंबर 2007 |url-status=dead }}</ref><ref name="haccp">{{cite web |url=http://www.cfsan.fda.gov/~dms/hret2-a3.html |title=Retail Establishments; Annex 3 - Hazard Analysis |accessdate=2 दिसंबर 2007 |last= |first= |coauthors= |month=April |year=2006 |work=Managing Food Safety: A Manual for the Voluntary Use of HACCP Principles for Operators of Food Service and Retail Establishments |publisher=U.S. Department of Health and Human Services Food and Drug Administration Center for Food Safety and Applied Nutrition |archive-url=https://web.archive.org/web/20070607221204/http://www.cfsan.fda.gov/~dms/hret2-a3.html |archive-date=7 जून 2007 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite journal |last=Gehlbach |first=S.H. |coauthors=J.N. MacCormack, B.M. Drake, W.V. Thompson |year=1973 |month=April |title=Spread of disease by fecal-oral route in day nurseries |journal=Health Service Reports |volume=88 |issue=4 |pages=320–322 |pmid=4574421 |url= |quote= |pmc=1616047 }}</ref> संचरण के आम मार्गों में अस्वास्थ्यकर तरीके से भोजन बनाना<ref name="haccp" /> और फार्म संदूषण शामिल हैं।<ref name="spinach">{{cite news |author=Sabin Russell |coauthors= |title=Spinach E. coli linked to cattle; Manure on pasture had same strain as bacteria in outbreak |url=http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?file=/c/a/2006/10/13/MNG71LOT711.DTL |publisher=San Francisco Chronicle |id= |date=अक्टूबर 13, 2006 |accessdate=2 दिसंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120524024705/http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?file=%2Fc%2Fa%2F2006%2F10%2F13%2FMNG71LOT711.DTL |archive-date=24 मई 2012 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite journal |author=Heaton JC, Jones K |title=Microbial contamination of fruit and vegetables and the behaviour of enteropathogens in the phyllosphere: a review |journal=J. Appl. Microbiol. |volume=104 |issue=3 |pages=613–26 |year=2008 |month=March |pmid=17927745 |doi=10.1111/j.1365-2672.2007.03587.x |url=http://www3.interscience.wiley.com/resolve/openurl?genre=article&sid=nlm:pubmed&issn=1364-5072&date=2008&volume=104&issue=3&spage=613 }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref name="DeGregori">{{cite web |author=Thomas R. DeGregori |date=17 अगस्त 2007 |url=http://www.cgfi.org/cgficommentary/maddening-media-misinformation-on-biotech-and-industrial-agriculture-part-5-of-5 |title=CGFI: Maddening Media Misinformation on Biotech and Industrial Agriculture |accessdate=8 दिसंबर 2007 |work= |archive-url=https://web.archive.org/web/20071013030645/http://www.cgfi.org/cgficommentary/maddening-media-misinformation-on-biotech-and-industrial-agriculture-part-5-of-5 |archive-date=13 अक्तूबर 2007 |url-status=dead }}</ref> डेयरी और बीफ मांस पशु मुख्य रूप से ''ई॰ कोलाइ'' प्रजाति ''O157:H7'' के खजाने हैं,<ref name="bach" /> और वे इसे स्पर्शोन्मुख रूप से वहन कर सकते हैं और उनके मल में इसे बहा देते हैं।<ref name="bach">{{cite journal |last=Bach |first=S.J. |coauthors=T.A. McAllister, D.M. Veira, V.P.J. Gannon, and R.A. Holley |year=2002 |month= |title=Transmission and control of ''Escherichia coli'' O157:H7 |journal=Canadian Journal of Animal Science |volume=82 |issue= |pages=475–490 |id= |url=http://pubs.nrc-cnrc.gc.ca/aic-journals/2002ab/cjas02/dec02/cjas02-021.html |accessdate= |quote= |archive-date=30 दिसंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071230131003/http://pubs.nrc-cnrc.gc.ca/aic-journals/2002ab/cjas02/dec02/cjas02-021.html |url-status=dead }}</ref> ''ई॰ कोलाइ'' प्रकोप के साथ जुड़े खाद्य उत्पादों में जमीन पर पड़ा कच्चा बीफ,<ref>{{cite book |last=Institute of Medicine of the National Academies |first= |authorlink= |coauthors= |editor= |others= |title=''Escherichia coli'' O157:H7 in Ground Beef: Review of a Draft Risk Assessment |url=http://www.nap.edu/catalog.php?record_id=10528 |edition= |series= |year=2002 |publisher=The National Academies Press |location=Washington, D.C. |isbn=0-309-08627-2 |pages= |chapter= |chapterurl= |quote= |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100603230730/http://www.nap.edu/catalog.php?record_id=10528 |archive-date=3 जून 2010 |url-status=live }}</ref> कच्चे अंकुरित बीज या पालक,<ref name="spinach" /> कच्चा दूध, बिना पैशच्युरैज्ड जूस और मलाशय-मुख के जरिये संक्रमित खाद्य कर्मियों द्वारा दूषित खाद्य शामिल हैं।<ref name="haccp" /> 2005 में, कुछ लोग जिन्होंने तिहरे-धोये पैक होने से पहले लेटस का सेवन किया था, वे ''ई॰ कोलाइ'' से संक्रमित हो गये थे।<ref>{{cite web |url=http://www.foodnavigator-usa.com/news/ng.asp?n=63793-fda-lettuce-e-coli |title=FDA targets lettuce industry with '&#39;E. coli'&#39; guidance |publisher=Foodnavigator-usa.com |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071012172636/http://foodnavigator-usa.com/news/ng.asp?n=63793-fda-lettuce-e-coli |archive-date=12 अक्तूबर 2007 |url-status=dead }}</ref> 2007 में, पैक लेटस सलाद को वापस ले लिया गया था, जब उन्हें ''ई॰ कोलाइ'' से संदूषित पाया गया।<ref>डोल लेट्स रिकौल्ड इन यु.एस., लिसा लेफ द्वारा कनाडा एसोसिएटेड प्रेस</ref> ''ई॰ कोलाइ'' प्रकोप पैशच्युरैज्ड नहीं किये गये सेब,<ref>ऐपल साइडर और ई. कोलाई खाद्य सुरक्षा अद्यतन 26 जुलाई 2007</ref> संतरे के रस, दूध, रिजका या अल्फाल्फा के अंकुरों,<ref>एफडीए का कहना है कच्चे अंकुरित मुद्रा साल्मोनेला और ई. कोलाई 0157 जोखिम, मेडिकल रिपोर्टर 26 जुलाई 2007</ref> और पानी में पाया गया।<ref>{{cite web |author=health &amp; fitness |url=http://health.msn.com/dietfitness/articlepage.aspx?cp-documentid=100136394&wa=wsignin1.0 |title='&#39;E. coli'&#39;: Dangers of eating raw or undercooked foods |publisher=Health.msn.com |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071029231145/http://health.msn.com/dietfitness/articlepage.aspx?cp-documentid=100136394&wa=wsignin1.0 |archive-date=29 अक्तूबर 2007 |url-status=dead }}</ref> साल्मोनेला का प्रकोप मूंगफली के मक्खन, जमे हुए पॉट पाई और कुरमुरे सब्जी अल्पाहार में पाया गया।<ref>{{cite news|url=http://www.cbsnews.com/stories/2008/04/10/health/webmd/main4007944.shtml|title=CDC: U.S. Food Safety Hasn't Improved|publisher=CBS News|date=11 अप्रैल 2008|access-date=18 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20101114210406/http://www.cbsnews.com/stories/2008/04/10/health/webmd/main4007944.shtml|archive-date=14 नवंबर 2010|url-status=live}}</ref> बीएसई, जिसे गाय रोग के नाम से भी जाना जाता है, को [[विश्व स्वास्थ्य संगठन]] ने मानव में क्रुत्ज़फेल्ट-जैकोब रोग से जोड़ा है।<ref>डब्ल्यूएचओ (WHO) 2002 "वेरियंट क्रूज़फेल्डट-जैकोब के रोग", तथ्य पत्रक N°180 http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs180/en/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160204002108/http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs180/en/ |date=4 फ़रवरी 2016 }}</ref> भेड़ों में पाँव-और-मुँह की बीमारी, फ़ार्म की सैमन मछली में पीसीबी, मछली में पारा, पशु उत्पादों में डायोक्सिन की मात्रा, कृत्रिम हारमोन वृद्धि, एंटीबायोटिक, सीसा और पारा,<ref>{{cite book | last = Graham Farrell and John E. Orchard | first = Peter Golob| title = Crop Post-Harvest: Science and Technology: Principles and Practice: v. 1| publisher = Blackwell Science Ltd|year=2002| page = 29| isbn = 978-0632057238}}</ref> सब्जी और फल में कीटनाशकों की मात्रा, फलों को पकाने के लिए प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल की रिपोर्ट आ रही हैं।<ref>संयुक्त राज्य अमेरिका इंक उपभोक्ताओं संघ, क्या तुम जानते हो की तुम क्या खा रहे हो? - खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों के अवशेषों पर एक अमेरिकी सरकार के आंकड़ों के विश्लेषण, फरवरी 1999. 9 जनवरी 2010 को पुनःप्राप्त.</ref><ref>{{cite web |url = http://www.ndtv.com/convergence/ndtv/story.aspx?id=NEWEN20070013183 |title = NDTV.com: Artificial ripeners used for mangoes |accessdate = 23 जून 2008 |archive-url = https://web.archive.org/web/20071223105302/http://www.ndtv.com/convergence/ndtv/story.aspx?id=NEWEN20070013183 |archive-date = 23 दिसंबर 2007 |url-status = live }}</ref><ref>{{cite web |url = http://www.thehindubusinessline.com/2005/05/16/stories/2005051600881500.htm |title = द हिन्दू बिज़नस लाइन : Something is rotten in fruit trade |accessdate = 23 जून 2008 |archive-url = https://web.archive.org/web/20071012161625/http://thehindubusinessline.com/2005/05/16/stories/2005051600881500.htm |archive-date = 12 अक्तूबर 2007 |url-status = live }}</ref> === चिकित्सकीय प्रयोग === पश्चिमी दवा में, कभी-कभी मरीजों को शाकाहारी भोजन का पालन करने की सलाह दी जाती है।<ref name="diag">{{cite book | last = L M Tierney, S J McPhee | first = M A Papadakis | title = Current medical Diagnosis & Treatment. International edition | publisher = Lange Medical Books/McGraw-Hill |year=2002 | location = New York | isbn = 0-07-137688-7}}</ref> रुमेटी गठिया के लिए एक इलाज के रूप में शाकाहारी आहार का उपयोग किया जाता है, लेकिन यह कारगर है या नहीं, इसके प्रमाण अनिर्णायक हैं।<ref>{{cite journal |author=Hagen KB, Byfuglien MG, Falzon L, Olsen SU, Smedslund G |title=Dietary interventions for rheumatoid arthritis |journal=Cochrane Database Syst Rev |volume= |issue=1 |pages=CD006400 |year=2009 |pmid=19160281 |doi=10.1002/14651858.CD006400.pub2}}</ref> डॉ॰डीन ओर्निश, एमडी, ने यूसीएसएफ (UCSF) में अनेक अच्छी तरह से नियंत्रित अध्ययन किये, जिसने कम वसा वाले शाकाहारी भोजन सहित जीवन शैली में हस्तक्षेप के जरिये कोरोनरी धमनी रोग को वास्तव में ठीक कर दिया। [[आयुर्वेद]] और सिद्ध जैसी कुछ वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली एक सामान्य प्रक्रिया के रूप में शाकाहारी भोजन की सलाह देती हैं।{{#tag:ref|Maya Tiwara notes that Ayurveda recommends small portions of meat for some people, though "the rules of hunting and killing the animal, practiced by the native peoples, were very specific and detailed. Now, that such methods of hunting and killing are not observed, she does not recommend the use of "any animal meat as food, not even for the Vata types."<ref>Maya Tiwari. ''Ayurveda: A Life of Balance'' Healing Arts Press. Rochester, VT. 1995.</ref> |group="nb"}} === शरीर विज्ञान === इंसान सर्वभक्षी होते हैं, मांस और शाकाहारी खाद्य पचाने की मानव क्षमता पर यह आधारित है।<ref>{{cite web |url=http://www.vrg.org/nutshell/omni.htm |title=www.vrg.org |publisher=www.vrg.org |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080509130058/http://www.vrg.org/nutshell/omni.htm |archive-date=9 मई 2008 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.beyondveg.com/billings-t/comp-anat/comp-anat-1a.shtml |title=www.beyondveg.com |publisher=www.beyondveg.com |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090831082649/http://www.beyondveg.com/billings-t/comp-anat/comp-anat-1a.shtml |archive-date=31 अगस्त 2009 |url-status=dead }}</ref> तर्क दिया जाता है कि शरीर रचना की दृष्टि से मनुष्य शाकाहारियों के अधिक समान हैं, क्योंकि इनकी लंबी आंत होती है, जो अन्य सर्वभक्षियों और मांसाहारियों में नहीं होती हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.huffingtonpost.com/kathy-freston/shattering-the-meat-myth_b_214390.html|title=Shattering The Meat Myth: Humans Are Natural Vegetarians|publisher=Huffington Post|date=11 जून 2009|accessdate=21 फरवरी 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100106010507/http://www.huffingtonpost.com/kathy-freston/shattering-the-meat-myth_b_214390.html|archive-date=6 जनवरी 2010|url-status=live}}</ref> पोषण संबंधी विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक होमिनिड्स ने तीन से चार मिलियन वर्ष पहले भारी [[जलवायु परिवर्तन]] के परिणामस्वरूप मांस खाने की प्रवृत्ति विकसित की, जब जंगल सूख गये और उनकी जगह खुले घास के मैदानों ने ले लिया, तब शिकार तथा सफाई के अवसर खुल गये।<ref name="milton">मिल्टन, कैथरीन, "एक परिकल्पना मानव विकास में खाने के लिए समझाने के मांस की भूमिका, विकासवादी नृविज्ञान मुद्दे", समाचार और समीक्षाएं खंड 8, अंक 1, 1999, पेज: 11-21</ref><ref>{{cite web |url=http://www.abc.net.au/dimensions/dimensions_health/Transcripts/s792589.htm |title=ABC |publisher=ABC |date=25 फरवरी 2003 |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080609122817/http://www.abc.net.au/dimensions/dimensions_health/Transcripts/s792589.htm |archive-date=9 जून 2008 |url-status=live }}</ref> === जानवर-से-मानव रोग संक्रमण === {{POV-अनुभाग|date= जनवरी 2010}} मांस का उपभोग पशुओं से मनुष्यों में अनेक रोगों के संक्रमण का कारण हो सकता है।<ref name="hill">{{cite book |title= The case for vegetarianism |last= Hill |first= John Lawrence |authorlink= |coauthors= |year= 1996 |publisher= Rowman & Littlefield |location= |isbn= 0847681386 |page= 89 |pages= |url= http://books.google.com/?id=W-XR1T-pXFwC&printsec=frontcover#PPA89,M1 |accessdate= 26 अप्रैल 2009}}</ref> साल्मोनेला के मामले में संक्रमित जानवर और मानव बीमारी के बीच संबंध की जानकारी अच्छी तरह स्थापित हो चुकी है; एक अनुमान के अनुसार एक संयुक्त राज्य अमेरिका में बिक रहे मुर्गे की एक तिहाई से आधा तक साल्मोनेला से संदूषित है।<ref name="hill" /> हाल ही में, वैज्ञानिकों ने संदेह करना शुरू किया है कि पशु मांस और मानव कैंसर, जन्म दोष, उत्परिवर्तन तथा मानवों की अनेक बीमारियों के बीच इसी तरह का संबंध है।<ref name="hill" /><ref name="stanley">{{cite book |title= Diet by Design |last= Stanley |first= Tyler |authorlink= |coauthors= |year= 1998|publisher= TEACH Services, Inc. |location= |isbn= 1572580968 |page= 14 |pages= |url= http://books.google.com/?id=MdS3x6Vn2q4C&printsec=frontcover#PPA14,M1 |accessdate= 26 अप्रैल 2009}}</ref><ref name="trash1">{{cite book |title= Nutrition For Vegetarians |last= Trash |first= Agatha |authorlink= |coauthors= Calvin Trash |year= 1982 |publisher= New Lifestyle Books |location= Seale, Alabama |isbn= |page= |pages= [https://archive.org/details/nutritionforvege0000agat/page/82 82]–85 |url=https://archive.org/details/nutritionforvege0000agat|accessdate= 26 अप्रैल 2009}}</ref><ref name="trash2">{{cite book |title= Nutrition For Vegetarians |last= Trash |first= Agatha |authorlink= |coauthors= Calvin Trash |year= 1982 |publisher= New Lifestyle Books |location= Seale, Alabama |isbn= |page= [https://archive.org/details/nutritionforvege0000agat/page/84 84] |pages=|url=https://archive.org/details/nutritionforvege0000agat|accessdate= 26 अप्रैल 2009}}</ref><ref name="oski">{{cite book |title= Don't Drink Your Milk |last= Oski |first= Frank |authorlink= |coauthors= |year= 1992 |publisher= TEACH Services Inc. |location= Brushton, New York |isbn= |page= |pages= 48–49 |url= |accessdate= 26 अप्रैल 2009}}</ref><ref name="shelton">{{cite book |title= The Science and Fine Art of Food and Nutrition |last= Shelton |first= Herbert |authorlink= |coauthors= |year= 1984 |publisher= Natural Hygiene Press |location= Oldsmar, Florida |isbn= |page= 148 |pages= |url=https://archive.org/details/sciencefineartof0002shel|accessdate= 26 अप्रैल 2009}}</ref><ref name="aflatoxins">{{cite book |title= Health Protection Branch Issues |last= "Aflatoxins" |first= |authorlink= |coauthors= |year= 1990 |publisher= Health Canada, May |location= Ottawa, Ontario |isbn= |page= |pages= 2–3 |url= |accessdate= 26 अप्रैल 2009}}</ref> 1975 में, एक अध्ययन में सुपर मार्केट के गाय के दूध के नमूनों में 75 फीसदी और अंडों के नमूनों में 75 फीसदी ल्यूकेमिया (कैंसर) के वायरस पाए गये।<ref name="stanley" /> 1985 तक, जाँच किये गये अंडों का लगभग 100 फीसदी, या जिन मुर्गियों से वे निकले हैं, में कैंसर के वायरस मिले।<ref name="hill" /><ref name="stanley" /> मुर्गे-मुर्गियों में बीमारी की दर इतनी अधिक है कि श्रम विभाग ने पोल्ट्री उद्योग को सबसे अधिक खतरनाक व्यवसायों में एक घोषित कर दिया।<ref name="hill" /> सभी गायों का २० फीसदी गोजातीय ल्यूकेमिया वायरस (BLV) नाम से ज्ञात विभिन्न प्रकार के कैंसर से पीड़ित है।<ref name="hill" /> अध्ययन तेजी से HTLV-1 के साथ BLV को जोड़ रहे हैं, यह खोजा गया पहला मानव रेट्रोवायरस है जिससे कैंसर होता है।<ref name="hill" /> वैज्ञानिकों ने पाया है कि एक गोजातीय रोगक्षम-अपर्याप्तता वायरस (BIV), जो गायों में एड्स के वायरस के समान है, भी मानव कोशिकाओं को संक्रमित कर सकते हैं।<ref name="hill" /> यह माना जाता है कि मानव में अनेक घातक और धीमी गति के वायरस के विकास में BIV की भूमिका हो सकती है।<ref name="hill" /> औद्योगिक पैमाने के पशु फार्मिंग में पशुओं की निकटता से रोग संक्रमण की दर में वृद्धि हुई है।{{Citation needed|date=अप्रैल 2010}} मानव में इन्फ्लूएंजा के वायरस के संक्रमण के प्रमाण दर्ज हो चुके हैं, लेकिन ऐसे मामलों में हुई बीमारियों की तुलना अब मानव द्वारा अनुकूलित हो चुके आम पुराने इन्फ्लूएंजा वायरस के साथ कभी-कभार ही होती है,<ref name="brown">{{cite book |others= |title= Emerging diseases of animals |last= Brown |first= Corrie |authorlink= |coauthors= |year= 2000 |publisher= ASM Press |location= |isbn= 1555812015 |page= |pages= 116–117 |url= http://books.google.com/?id=yKgsMbsxtfEC&printsec=frontcover#PPA116,M1 |accessdate= 26 अप्रैल 2009 }}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> जो बीमारी बहुत पहले भूतकाल में पशुओं से मनुष्यों में संक्रमित हुई।{{#tag:ref|Sometimes a virus contains both avian adapted genes and human adapted genes. Both the [[H2N2]] and [[H3N2]] pandemic strains contained avian flu virus [[RNA]] segments. "While the pandemic human influenza viruses of 1957 (H2N2) and 1968 (H3N2) clearly arose through reassortment between human and avian viruses, the influenza virus causing the '[[Spanish flu]]' in 1918 appears to be entirely derived from an avian source (Belshe 2005)."<ref>Timm C. Harder and Ortrud Werner, ''[http://www.influenzareport.com/ir/ai.htm Avian Influenza] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170809185926/http://www.influenzareport.com/ir/ai.htm |date=9 अगस्त 2017 }}'', ''Influenza Report 2006'', 2006: Chapter two.</ref> |group="nb"}}<ref>{{cite journal |author=Taubenberger JK, Reid AH, Lourens RM, Wang R, Jin G, Fanning TG |title=Characterization of the 1918 influenza virus polymerase genes |url=https://archive.org/details/sim_nature-uk_2005-10-06_437_7060/page/888 |journal=Nature |volume=437 |issue=7060 |pages=889–93 |year=2005 |month=October |pmid=16208372 |doi=10.1038/nature04230}}</ref><ref>{{cite journal |author=Antonovics J, Hood ME, Baker CH |title=Molecular virology: was the 1918 flu avian in origin? |journal=Nature |volume=440 |issue=7088 |pages=E9; discussion E9–10 |year=2006 |month=April |pmid=16641950 |doi=10.1038/nature04824}}</ref><ref name="pmid18353690">{{cite journal| author = Vana G, Westover KM| title = Origin of the 1918 Spanish influenza virus: a comparative genomic analysis| url = https://archive.org/details/molecular-phylogenetics-and-evolution_2008-06_47_3/page/1100| journal = Molecular Phylogenetics and Evolution| volume = 47| issue = 3| pages = 1100–10| year = 2008| month = June| pmid = 18353690| doi = 10.1016/j.ympev.2008.02.003}}</ref> पहला मामला 1959 में दर्ज किया गया था और 1998 में, H5N1 इन्फ्लूएंजा के 18 नए मामलों का निदान किया गया, जिनमें से छः लोगों की मृत्यु हो गयी। 1997 में हांगकांग में H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा के और अधिक मामले मुर्गियों में पाए गये।<ref name="brown" /> तपेदिक की शुरुआत पशुओं में हुई और फिर उसका संक्रमण उनसे मनुष्यों में हुआ, या एक समान पूर्वज से निकली अलग-अलग प्रजातियां संक्रमित हुईं, यह अब तक अस्पष्ट है।<ref name="Pearce-Duvet_2006">{{cite journal |author=Pearce-Duvet J |title=The origin of human pathogens: evaluating the role of agriculture and domestic animals in the evolution of human disease |url=https://archive.org/details/sim_biological-reviews_2006-08_81_3/page/369 |journal=Biol Rev Camb Philos Soc |volume=81 |issue=3 |pages=369–82 |year=2006 | pmid = 16672105 |doi=10.1017/S1464793106007020}}</ref> खसरा और काली खांसी के मूल में पालतू पशुओं के जिम्मेवार होने के मजबूत साक्ष्य मौजूद हैं, हालाँकि डेटा ने गैर-पालतू मूल को इस दायरे से बाहर नहीं किया है।<ref>पियर्स-डुवेट 2006</ref> 'हंटर थ्योरी' के अनुसार, "प्रजातियों के बीच संक्रमण की सबसे आसान और विश्वसनीय व्याख्या" चिम्पांजी से मानव में [[एड्स]] वायरस का संक्रमण है, ऐसा तब हुआ होगा जब किसी जंगल के शिकारी को किसी पशु ने शिकार करते समय या क़त्ल करते समय मारा या काटा होगा।<ref name="Sharp2001">{{cite journal|author=Sharp PM, Bailes E, Chaudhuri RR, Rodenburg CM, Santiago MO, Hahn BH|title=The origins of acquired immune deficiency syndrome viruses: where and when?|journal=Philos Trans R Soc Lond B Biol Sci|year=2001|pages=867–76|volume=356|issue=1410|url=http://journals.royalsociety.org/content/lxtlqmn9urgcvb7x/fulltext.pdf|doi=10.1098/rstb.2001.0863|pmid=11405934|pmc=1088480}}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> इतिहासकार नोर्मन कैंटर की राय में काली मौत पशुओं के मुरैन (एक प्लेग जैसे रोग), एंथ्रेक्स के एक रूप सहित महामारी का एक संयोजन हो सकती है। उन्होंने इस सिलसिले में प्रमाण के कई रूपों का उल्लेख किया, जिनमें यह तथ्य भी शामिल है कि प्लेग के प्रकोप से पहले अंग्रेजी क्षेत्रों में संक्रमित पशुओं के मांस बेचे जाते रहे थे।<ref>{{cite book |title= In the Wake of the Plague: The Black Death and the World It Made |last= Cantor |first= Norman |authorlink= |coauthors= |year= 2001 |publisher= Free Press |location= |isbn= 0684857359 |page= |pages= |url= https://archive.org/details/inwakeofplague00cant |accessdate= |url-access= registration }}</ref> === खान-पान संबंधी गड़बड़ी === अमेरिकन डाएटिक एसोसिएशन बताया कि खाने के विकार के साथ किशोरों में शाकाहारी आहार अधिक आम हो सकते हैं, लेकिन प्रमाणों के अनुसार शाकाहारी भोजन अपनाने से खाने के विकार नहीं होते, बल्कि यह कि "मौजूदा खाने के विकार को छिपाने के लिए शाकाहारी भोजन को चुना जा सकता है।"<ref name="adajournal">{{cite journal |title=Position of the American Dietetic Association: vegetarian diets. |journal=J Am Diet Assoc |volume=109 |issue=7 |pages=1266–1282 |year=2009 |month=July |pmid=19562864 |doi=10.1016/j.jada.2009.05.027 |url=http://www.eatright.org/cps/rde/xchg/ada/hs.xsl/advocacy_933_ENU_HTML.htm |last1=Craig |first1=WJ |last2=Mangels |first2=AR |last3=American Dietetic |first3=Association |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160126043408/http://www.eatright.org/cps/rde/xchg/ada/hs.xsl/advocacy_933_ENU_HTML.htm |archive-date=26 जनवरी 2016 |url-status=dead }}</ref> अन्य अध्ययनों और डाएटिशियनों व सलाहकारों के बयानों ने इस निष्कर्ष का समर्थन किया।{{#tag:ref|Vesanto Melina, a [[British Columbia]]n registered dietitian and author of ''Becoming Vegetarian'', stresses there is no cause and effect relationship between vegetarianism and eating disorders, although people who have eating disorders may label themselves as vegetarians "so that they won't have to eat."<ref>Katherine Dedyna, ''[http://www.compulsiveeating.com/news/16-healthy-lifestyle-or-politically-correct-eating-disorder Healthy lifestyle, or politically correct eating disorder?]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}'', ''Victoria Times Colonist'', CanWest MediaWorks Publications Inc., 30 जनवरी 2004. Retrieved 10 जनवरी 2010.</ref> Indeed, research indicates that the large majority of vegetarian or vegan anorexics and bulimics chose their diets after the onset of their disease. The "restricted" eating patterns of vegetarianism and veganism can legitimize the removal of numerous high-fat, energy-dense foods such as meat, eggs, cheese, … However, the eating pattern chosen by those with anorexia or bulimia nervosa is far more restrictive than a healthful vegetarian diet, eliminating nuts, seeds, avocados, and limiting overall caloric intake.<ref>Brenda Davis and Vesanto Melina, ''Becoming Vegan: The Complete Guide to Adopting a Healthy Plant-Based Diet'', Healthy Living Publications, 2002: p. 224.</ref>|group="nb"}}<ref name="veganorexianervosa">{{cite journal | author=O'Connor MA, Touyz SW, Dunn SM, Beumont PJ | title=Vegetarianism in anorexia nervosa? A review of 116 consecutive cases | journal=Med J Aust | year=1987 | pages=540–2 | volume=147 | issue=11–12 | pmid=3696039 |quote=In only four (6.3%) of these did meat avoidance predate the onset of their anorexia nervosa.}}</ref> == शाकाहारी भोजन के अतिरिक्त कारण == === आचारनीति === {{Main|शाकाहारी भोजन के आचारनीति}} विभिन्न नैतिक कारणों से शाकाहार को चुनने के सुझाव दिये गये हैं। === धर्म === {{Main|शाकाहार और धर्म}} [[चित्र:Vegetarian Curry.jpeg|thumb|भारतीय खाना : शाकाहारी व्यंजनों की एक विस्तृत शृंखला के कारण हिंदू धर्म शाकाहारी भोजन को प्रोत्साहित करता है। यहाँ शाकाहारी थाली दिखायी गयी है।]] [[जैन धर्म]] नैतिक आचरण के रूप में शाकाहार होने की शिक्षा देता है, उसी तरह जैसा कि [[हिन्दू धर्म|हिंदू धर्म]] के कुछ प्रमुख संप्रदाय करते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.naidunia.com/madhya-pradesh/sagar-ntfutnth-ne-mjoux-ytnth-ni-and-bwrle-ctmtdh-3169135|title=शाकाहार ही सर्वश्रेष्ठ आहार है : मुनिश्री प्रभातसागर|date=2019-09-28|website=Nai Dunia|language=hi|access-date=2021-01-26}}</ref> सामान्य तौर पर बौद्ध धर्म, मांस खाने का निषेध नहीं करता है, जबकि [[महायान|महायान बौद्ध धर्म]] दया की भावना के लाभप्रद विकास के लिए शाकाहारी होने को प्रोत्साहित करता है। अन्य पंथ जो पूरी तरह शाकाहारी भोजन की वकालत करते हैं उनमें सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट्स, रस्ताफरी आन्दोलन और हरे कृष्णा शामिल हैं। [[सिख धर्म]]<ref>एच.एस. सिंघ द्वारा जूनियर सिंघा सिख धर्म का विश्वकोश 124 ISBN 10: 070692844X / 0-7069-2844-X</ref><ref>{{cite book|title=Punjab Through the Ages|editor=S.R. Bakshi, Rashmi Pathak,|publisher=Sarup and Sons|location=नई दिल्ली|year=2007|edition=1st|volume=4|page=241|chapter=12|isbn=8176257389 (Set)|url=http://books.google.com/?id=-dHzlfvHvOsC&pg=PA7&dq=Punjab+Through+the+Ages+By+S.R.+Bakshi,+Rashmi+Pathak,+Rashmi+Pathak+volume+4#v=onepage&q=Punjab%20Through%20the%20Ages%20By%20S.R.%20Bakshi%2C%20Rashmi%20Pathak%2C%20Rashmi%20Pathak%20volume%204 | first1=S.R. | last1=Kakshi}}</ref><ref>{{cite web |url=http://sgpc.net/sikhism/sikhism4.asp |title=Shiromani Gurudwara Prabhandhak Committee |publisher=Sgpc.net |date= |accessdate=29 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090525060825/http://www.sgpc.net/sikhism/sikhism4.asp |archive-date=25 मई 2009 |url-status=dead }}</ref> आध्यात्मिकता के साथ आहार को नहीं जोड़ता और शाकाहारी या मांसाहारी आहार निर्दिष्ट नहीं करता है।<ref>{{cite web |url=http://www.sikhs.org/meat.htm |title=The Sikhism Home Page |publisher=Sikhs.org |date=15 फरवरी 1980 |accessdate=29 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090607010055/http://www.sikhs.org/meat.htm |archive-date=7 जून 2009 |url-status=dead }}</ref> ==== हिंदू धर्म ==== {{Main|हिंदू धर्म में शाकाहार|हिंदू आहार-संबंधी नियम}} [[हिन्दू धर्म|हिंदू धर्म]] के अधिकांश बड़े पंथ शाकाहार को एक आदर्श के रूप में संभाले रखा है। इसके मुख्यतः तीन कारण हैं: पशु-प्राणी के साथ अहिंसा का सिद्धांत;<ref>तःतिनें: अन्टू: अहिंसा.नॉन-वायलेंस इन इन्डियन ट्रेडिशन, लंदन 1976, पृष्ठ 107-109.</ref> आराध्य देव को केवल "शुद्ध" (शाकाहारी) खाद्य प्रस्तुत करने की नीयत और फिर प्रसाद के रूप में उसे वापस प्राप्त करना;<ref>महाभारत 12.257 (नोट के अनुसार महाभारत 12.257 का एक और गिनती 12.265 है); भगवद गीता 9.26, भागवत पुराण 7.15.7.</ref> और यह विश्वास कि मांसाहारी भोजन मस्तिष्क तथा आध्यात्मिक विकास के लिए हानिकारक है। हिंदू शाकाहारी आमतौर पर अंडे से परहेज़ करते हैं लेकिन दूध और डेयरी उत्पादों का उपभोग करते हैं, इसलिए वे लैक्टो-शाकाहारी हैं। हालाँकि, अपने संप्रदाय और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार हिंदुओं के खानपान की आदतों में भिन्नता होती है। ऐतिहासिक रूप से और वर्तमान में, जो हिंदू मांस खाते हैं वे झटका मांस पसंद करते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.hinduonnet.com/seta/2004/10/21/stories/2004102100111600.htm |title=द हिन्दू : Sci Tech / Speaking Of Science : Changes in the Indian menu over the ages |publisher=Hinduonnet.com |date=21 अक्टूबर 2004 |accessdate=3 फरवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100826122930/http://www.hinduonnet.com/seta/2004/10/21/stories/2004102100111600.htm |archive-date=26 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> ==== जैन धर्म ==== {{Main|जैन भोजन}} [[जैन धर्म]] के अनुयायी [[जीव (जैन दर्शन)|आत्मा]] का असतित्व स्वीकारते हैं और इस अपेक्षा से सभी को समान मानते है। जानवर मनुष्य की तरह ही सुख दुख का अनुभव करते है इसी वजह से न्यूनतम [[हिंसा]] करने का अधिकतम प्रयास करते हैं। अधिकांश जैनी लैक्टो-शाकाहारी होते हैं, लेकिन अधिक धर्मनिष्ठ जैनी कंद-मूल सब्जियाँ नहीं खाते क्योंकि इससे पौधों की हत्या होती है। इसके बजाय वे फलियां और फल खाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिनकी खेती में पौधों की हत्या शामिल नहीं है। मृत पशुओं से प्राप्त उत्पादों के उपभोग या उपयोग की अनुमति नहीं है। आध्यात्मिक प्रगति के लिए यह उनके लिए एक अपरिहार्य स्थिति है।<ref>जैन स्टडी सर्कल पर "शाकाहार खुद के लिए बहुत अच्छा होता है और पर्यावरण के लिए अच्छा है।</ref><ref>सोसायटी के कोलोराडो शाकाहारी की वेबसाइट पर "आध्यात्मिक परंपराओं और शाकाहार".</ref> कुछ विशेष रूप से समर्पित व्यक्ति फ्रुटेरियन हैं।<ref>मैथ्यू, वॉरेन: वर्ल्ड रिलीजियंस, 4 संस्करण, बेल्मोंट: थॉमसन/वड्सवर्थ 2004, पृष्ठ 180. ISBN 0-534-52762-0</ref> शहद से परहेज किया जाता है, क्योंकि इसके संग्रह को मधुमक्खियों के खिलाफ हिंसा के रूप में देखा जाता है। कुछ जैनी भूमि के अंदर पैदा होने वाले पौधों के भागों को नहीं खाते, जैसे कि मूल और कंद; क्योंकि पौधा उखाड़ते समय सूक्ष्म प्राणी मारे जा सकते हैं।<ref>JainUniversity.org पर "जैन धर्म"</ref> ==== बौद्ध धर्म ==== [[चित्र:Japanese temple vegetarian dinner.jpg|thumb|175px|जापानी बौद्ध मंदिर में शाकाहारी भोजन]] {{Main|बौद्ध धर्म के शाकाहार}} थैरवादी या स्थविरवादी आम तौर पर मांस खाया करते हैं। अगर बौद्ध भिक्षु ने विशेष रूप से उनके खाने के लिए किसी पशु को मारते "देख, सुन या जान लिया" तो वे इससे इंकार कर देंगे या फिर अपराध अपने ऊपर ले लेंगे। हालाँकि, इसमें भिक्षा में प्राप्त या वाणिज्यिक रूप से खरीदकर खाया जाने वाला मांस शामिल नहीं है। थैरवाद में बुद्ध ने मांस भक्षण से उन्हें हतोत्साहित करने के लिए कोई टिप्पणी नहीं की है (सिर्फ विशेष प्रकार को छोड़कर, जैसे कि मनुष्य, हाथी, घोड़ा, कुत्ता, साँप, सिंह, बाघ, तेंदुआ, भालू और लकड़बग्घा<ref>महावागा पाली - भेसजजखंडहाका - विनय पिटाका</ref>), लेकिन जब एक सलाह दी गयी तब उन्होंने मठ के नियमों में शाकाहार को स्थापित करने से इंकार कर दिया। महायान बौद्ध धर्म में, ऐसे अनेक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] ग्रंथ हैं जिनमे बुद्ध अपने अनुयायियों को मांस से परहेज करने का निर्देश देते हैं। हालाँकि, महायान बौद्ध धर्म की प्रत्येक शाखा चयन करती है कि किस सूत्र का पालन करना है। तिब्बत और जापानी बौद्धों के बहुमत सहित महायान की कुछ शाखाएं मांस खाया करती हैं जबकि चीनी बौद्ध मांस नहीं खाते। ==== सिख धर्म ==== {{Main|सिख धर्म में आहार}} [[सिख धर्म]] के सिद्धांत शाकाहार या मांसाहार पर अलग से कोई वकालत नहीं करते,<ref name="SHP">द सिखिस्म होम पेज पर "मिस्कंसेप्शन अबाउट इटिंग मीट - कमेंट्स ऑफ़ सिख स्कोलर्स,"</ref><ref>'''सिख और''' ''सिख इतिहास'' '''सिख धर्म द्वारा IJ सिंह, मनोहर''' ''दौरान'' '''ISBN ''9788173040580,'' दिल्ली,''' ''वहाँ शाकाहार समर्थन किया गया है subsects या आंदोलनों की है जो सिख धर्म.'' ''मुझे लगता है कि वहाँ इस तरह के या सिख धर्म में हठधर्मिता अभ्यास के लिए कोई आधार है। '' ''निश्चित रूप से नहीं लगता है कि सिखों में आध्यात्मिकता है कि एक शाकाहारी उपलब्धियों आसान है या अधिक है। '' ''यह आश्चर्य की बात है कि शाकाहार देखने के तथ्य यह है कि पशु बलि उम्र के लिए एक महत्वपूर्ण और अधिक मूल्यवान हिन्दू वैदिक अनुष्ठान किया गया था के प्रकाश में हिंदू अभ्यास के इस तरह के एक महत्वपूर्ण पहलू है। '' ''उनके लेखन में गुरु नानक स्पष्ट तर्क के दोनों पक्षों को अस्वीकार कर दिया - शाकाहार या मांस खाने के गुण पर साधारण रूप में और इतनी बकवास - और न ही उसने विचार है कि एक गाय से अधिक किसी न किसी तरह पवित्र एक घोड़ा या एक चिकन की तुलना में किया गया था स्वीकार करते हैं। '' ''उन्होंने यह भी मांस और साग के बीच मतभेदों पर एक विवाद में तैयार किया जाना मना कर दिया, उदाहरण के लिए. '' ''इतिहास हमें बताता है यह संदेश देने कि, नानक कुरुक्षेत्र में एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार पर मांस पकाया. '' ''इसे पकाया वह निश्चित रूप से इसे बर्बाद नहीं किया बीत रहा है, लेकिन शायद यह अपने अनुयायियों के लिए कार्य किया और खुद खा लिया। '' ''इतिहास बिल्कुल स्पष्ट है कि गुरु Hargobind और गुरु गोबिंद सिंह निपुण थे और avid शिकारी है। '' ''खेल और पकाया प्रयोग अच्छा था डाल करने के लिए, इसे दूर फेंक एक भयानक बर्बादी होती है।''</ref><ref>'''गुरु ग्रंथ साहिब, एक विश्लेषणात्मक अध्ययन द्वारा ISBN Surindar सिंह कोहली सिंह Bros. अमृतसर: 8172050607''' ''में वैष्णव भक्ति सेवा की और विचारों ग्रंथ आदि द्वारा स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन शाकाहारी आहार पर वैष्णव के आग्रह को अस्वीकार कर दिया गया है।''</ref><ref name="autogenerated1">'''ISBN 978-81-7023-139-4''' ''हालाँकि'' '''प्रेस, दिल्ली विश्वविद्यालय के एक इतिहास के सिख लोगों द्वारा डॉ॰ गोपाल सिंह ''सिख,'' विश्व,''' ''यह अजीब है कि अब सिख मंदिर के लिए एक दिन संलग्न रसोई में समुदाय और कहा जाता है गुरु रसोई (या, गुरु का लंगर-) मांस व्यंजन सभी सेवा में नहीं हैं।'' ''हो सकता है, यह अपने जा रहा है, शायद, महंगी, या आसान नहीं लंबे समय के लिए रखने के लिए के कारण है। '' ''या, शायद वैष्णव परंपरा भी मजबूत है बंद हो हिल के लिए.''</ref><ref name="Fools Who Wrangle Over Flesh">Randip सिंह, [http://www.sikhphilosophy.net/sikh-sikhi-sikhism/8828-fools-who-wrangle-over-flesh.html ''मूर्ख कौन मांस से अधिक wrangle'' ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100626010926/http://www.sikhphilosophy.net/sikh-sikhi-sikhism/8828-fools-who-wrangle-over-flesh.html |date=26 जून 2010 }}, ''सिख दार्शनिक नेटवर्क,'' 7 दिसम्बर 2006. पुनःप्राप्त: 15 जनवरी 2010.</ref> बल्कि भोजन का निर्णय व्यक्ति पर छोड़ दिया गया है। तथापि, दसवें गुरु [[गुरु गोबिन्द सिंह|गुरु गोबिंद सिंह]] ने "अमृतधारी" सिखों, या जो सिख रेहत मर्यादा (आधिकारिक सिख नियम संहिता<ref>{{cite web |url=http://www.sgpc.net/sikhism/sikh-dharma-manual.html |title=Sikh Reht Maryada, The Definition of Sikh, Sikh Conduct & Conventions, Sikh Religion Living, भारत |publisher=www.sgpc.net |accessdate=29 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090820234942/http://www.sgpc.net/sikhism/sikh-dharma-manual.html |archive-date=20 अगस्त 2009 |url-status=dead }}</ref>) का पालन करते हैं, उन्हें कुत्था मांस या वो मांस जो कर्मकांड के तहत पशुओं को मारकर प्राप्त किया गया हो, उसे खाने से मना किया है। तत्कालीन नए मुस्लिम आधिपत्य से स्वतंत्रता के लिए इसे राजनीतिक कारण से प्रेरित माना जाता है, क्योंकि मुस्लिम बड़े पैमाने पर कर्मकांडी हलाल आहार का पालन करते हैं।<ref name="SHP" /><ref name="Fools Who Wrangle Over Flesh" /> कुछ सिख संप्रदाय से संबंधित "अमृतधारी" (मसलन, अखंड कीर्तनी जत्था, दमदमी टकसाल, नामधारी<ref>जेन श्रीवास्तव [http://www.hinduismtoday.com/modules/smartsection/item.php?itemid=1541 ''शाकाहार और मांस धर्मों 8 भोजन में'' ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110614225808/http://www.hinduismtoday.com/modules/smartsection/item.php?itemid=1541|date=14 जून 2011}}, [[''हिंदू धर्म आज,'']] वसंत 2007. पुनःप्राप्त: 15 जनवरी 2010.</ref>, रारियनवाले<ref>'''पीएचडी (सिंह शेर दर्शन के द्वारा सिख धर्म ज्ञानी''' '''डी), शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति. ''' '''अमृतसर''' ''के रूप में एक सच Vaisnavite कबीर बनी एक सख्त शाकाहारी.'' ''मांस खाने के रूप में ब्राह्मण परंपरा से दूर धता कबीर, इतना की अनुमति नहीं है, एक (फूल GGS 479 स्नातकोत्तर की तोड़ के रूप में), जबकि नानक ऐसे सभी संदेह समझा अंधविश्वास हो जाएगा, कबीर Ahinsa या सिद्धांत आयोजित गैर जीवन है, जो कि फूलों का भी विस्तार के विनाश. '' ''इसके विपरीत पर सिख गुरुओं और अनुमति भी प्रोत्साहित किया, भोजन के रूप में पशु मांस का उपयोग करें. '' ''नानक आसा की (युद्ध में इस अंधविश्वास Ahinsa GGS 472 pg उजागर किया गया है) और malar Ke युद्ध (GGS स्नातकोत्तर. '' ''1288)''</ref>, आदि) मांस और अंडे के उपभोग का जोरदार विरोध करते हैं (हालाँकि वे दूध, मक्खन और चीज के उपभोग को बढ़ावा देते हैं)।<ref>[http://www.sikhwomen.com/ http://www.sikhwomen.com] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091027205316/http://www.sikhwomen.com/ |date=27 अक्तूबर 2009 }} पर "लंगर".</ref> यह शाकाहारी रवैया [[ब्रिटिश राज]] के समय से चला आ रहा है, अनेक नए धर्मान्तरित वैष्णवों के आने के बाद से।<ref name="Fools Who Wrangle Over Flesh" /> सिख आबादी के भोजन में भिन्नता की प्रतिक्रिया में, सिख गुरुओं ने आहार पर सिख विचार को स्पष्ट किया, उन्होंने सिर्फ भोजन की सादगी की उनकी प्राथमिकता पर जोर दिया। गुरु नानक ने कहा कि भोजन के अति-उपभोग (लोभ, लालसा) से पृथ्वी के संसाधन समाप्त हो जायेंगे और इस तरह जीवन भी समाप्त हो जायेगा।<ref>{{cite web |url=http://www.sikhs.org/meat_gn.htm |title=The Sikhism Home Page |publisher=Sikhs.org |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090627192504/http://www.sikhs.org/meat_gn.htm |archive-date=27 जून 2009 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite book|last=Singh|first=Prithi Pal |title=The History of Sikh Gurus|publisher=Lotus Press|location=नई दिल्ली|year=2006|page=38|chapter=3 Guru Amar Das|isbn=8183820751|url=http://books.google.com/?id=EhGkVkhUuqoC&printsec=frontcover&dq=The+History+of+Sikh+Gurus+By+Prithi+Pal+Singh#v=onepage&q=}}</ref> [[गुरु ग्रंथ साहिब]] (सिखों की पवित्र पुस्तक, जिसे आदि ग्रंथ भी कहते हैं) में कहा गया है कि प्राणी जगत की श्रेष्ठता के लिए बहस करना "मूर्खता" है, क्योंकि सभी जीवन एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, सिर्फ मानव जीवन अधिक महत्व रखता है।<blockquote> "केवल मूर्ख ही यह बहस करते हैं कि मांस खाया जाय या नहीं। कौन परिभाषित कर कर सकता है कि कौन-सी चीज मांस और कौन-सी चीज मांस नहीं है? कौन जानता है, जहाँ पाप किसमें है, शाकाहारी होने में या एक मांसाहारी होने में?"<ref name="Fools Who Wrangle Over Flesh" /></blockquote> सिख [[लंगर]], या मंदिर का मुफ्त भोजन, मुख्यतः लैक्टो-शाकाहारी होता है, हालाँकि समझा गया है किसी सिद्धांत के बजाय वहाँ खाने वाले सभी व्यक्तियों के लिए आदरणीय आहार को ध्यान में रख कर ही ऐसा किया जाता है।<ref name="autogenerated1" /><ref name="Fools Who Wrangle Over Flesh" /> ==== यहूदी धर्म ==== ॰[[यहूदी धर्म]] के अनेक मध्ययुगीन विद्वानों (मसलन, जोसेफ अल्बो) ने शाकाहार को एक नैतिक आदर्श के रूप में माना, सिर्फ पशुओं के कल्याण के लिए ही नहीं, बल्कि इसलिए भी कि पशुओं की ह्त्या करने से यह कृत्य करने वाले में नकारात्मक चारित्रिक लक्षण विकसित होने लगते हैं। इसलिए, उनकी चिंता पशु कल्याण के बजाय मानवीय चरित्र पर पड़ने वाले संभावित हानिकारक प्रभाव थे। दरअसल, रब्बी जोसेफ अल्बो का कहा कि मांस के उपभोग का त्याग करना इसलिए भी जरुरी है कि यह न सिर्फ नैतिक रूप से गलत है बल्कि अरुचिकर भी है।<ref name="innernet1">{{cite web |url=http://www.innernet.org.il/article.php?aid=107.html |title=J. David Bleich - Contemporary Halakhic Problems |publisher=Innernet.org.il |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100903191951/http://www.innernet.org.il/article.php?aid=107.html |archive-date=3 सितंबर 2010 |url-status=dead }}</ref> एक आधुनिक विद्वान, जिनका उल्लेख अक्सर ही शाकाहार के पक्ष किया जाता है, मैंडेट [[फ़िलस्तीन|पैलेस्टाइन]] के प्रमुख रब्बी स्व. रब्बी अब्राहम इस्साक कूक थे। अपने लेखन में, रब्बी कूक ने शाकाहार को एक आदर्श के रूप में बताया है और इस तथ्य की ओर इशारा किया है कि आदम पशु मांस नहीं खाया करता था। इस सन्दर्भ में, हालाँकि, रब्बी कूक ने परलोक-सिद्धांत-विषयक (मुक्तिदाता संबंधी) युग के बारे में अपने चित्रण में ये टिप्पणियाँ की हैं। कुछ कब्बलावादियों के अनुसार, केवल एक रहस्यवादी ही जो पुनर्जन्म लेने वाली आत्मा और "ईश्वरीय किरण" को समझने तथा उसे उन्नत कर पाने में सक्षम है, उसे ही मांस खाने की अनुमति है, हालाँकि पशु मांस खाने से तब भी आत्मा को आध्यात्मिक क्षति पहुँच सकती है। अनेक यहूदी शाकाहार समूह और कार्यकर्ता ऐसे विचारों के प्रचार में लगे हुए हैं और विश्वास करते हैं कि जो फिलहाल शाकाहार को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं, सिर्फ उनके प्रति ही अस्थायी रूप से ढिलाई बरतने की हलाखिक अनुमति प्रदान है।<ref>{{cite web |url=http://www.jewishveg.com/torah.html |title=Judaism & Vegetarianism |publisher=Jewishveg.com |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090902154013/http://www.jewishveg.com/torah.html |archive-date=2 सितंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> [[यहूदी धर्म]] और [[ईसाई धर्म]] दोनों के साथ संबंध रखने वाले प्राचीन एसेंस धार्मिक समूह ने सख्ती से शाकाहार को चलाया, ठीक उसी तरह जिस तरह हिन्दू/जैनी [[अहिंसा]] या "निष्पाप" विचारों पर यकीन करते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.all-creatures.org/murti/tsnhod-03.html |title="They Shall Not Hurt Or Destroy" and the Essenes |publisher=All-creatures.org |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100419174212/http://www.all-creatures.org/murti/tsnhod-03.html |archive-date=19 अप्रैल 2010 |url-status=dead }}</ref> [[तोरा|टोरा]] के टेन कमांडेंटस के अनुवाद में कहा गया है "तू हत्या नहीं करेगा."<ref>{{cite web |url=http://www.jewishveg.com/schwartz/killormurder.html |title=Judaism and Vegetarianism: Schwartz Collection - Thou Shalt Not "Kill" or "Murder"? |publisher=Jewishveg.com |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090408074952/http://jewishveg.com/schwartz/killormurder.html |archive-date=8 अप्रैल 2009 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.mechon-mamre.org/p/pt/pt0220.htm |title=Exodus 20 / Hebrew - English Bible / Mechon-Mamre |publisher=Mechon-mamre.org |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090529012941/http://www.mechon-mamre.org/p/pt/pt0220.htm |archive-date=29 मई 2009 |url-status=live }}</ref> कुछ लोगों का तर्क है कि इसका मतलब यह भी निकाला जा सकता है कि किसी हत्या न करो, न पशुओं की और न मनुष्यों की, या कम से कम "कि कोई व्यक्ति बेजरूरत हत्या नहीं करे," यह कुछ वैसी ही बात हुई जैसे कि आधुनिक धर्मशास्त्री गुलामी के अभ्यास पर प्रतिबंध लगाने के लिए बाइबल के गुलामी पर दुर्वह प्रतिबंधों की व्याख्या करते हैं।<ref>फिलिप एल. पिक द्वारा शाकाहार का दर्शन यहूदी का लेख</ref> टोरा लोगों को यह भी आदेश देता है कि पशुओं की जब हत्या की जाय तो विधिवत उनका क़त्ल किया जाय और पशु बलि के रिवाज को विस्तार से बताया गया है। हालाँकि यहूदियों के लिए मांस खाना न आवश्यक है और न ही निषिद्ध है, फिर भी यहूदी धर्म की नैतिकता और आदर्शों को देखते हुए चयन किया जाना चाहिए।{{cite web |url=http://www.brook.com/jveg |title=The Vegetarian Mitzvah |access-date=18 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100504224536/http://brook.com/jveg/ |archive-date=4 मई 2010 |url-status=dead }} ==== परंपरागत ग्रीक और रोमन सोच ==== प्राचीन ग्रीक दर्शन में शाकाहार की एक लंबी परंपरा है। कहते हैं [[पाइथागोरस]] शाकाहारी थे (और उसकी शिक्षा-दीक्षा माउंट कार्मेल में हुई थी, कुछ इतिहासकारों का मानना है कि जहाँ एक शाकाहारी समुदाय था), इसलिए उम्मीद की जाती है कि उनके अनुयायी भी शाकाहारी होंगे। बताया जाता है कि [[सुकरात]] शाकाहारी थे और एक आदर्श गणतंत्र में लोगों को, कम से कम दार्शनिक-शासकों को क्या खाना चाहिए, इस पर उन्होंने अपने संवाद में इसका वर्णन किया था कि सिर्फ शाकाहारी भोजन करना चाहिए। उन्होंने खासतौर पर कहा कि अगर मांस खाने की अनुमति दी गयी तो समाज को और भी अधिक डॉक्टरों की आवश्यकता होगी।<ref>प्लेटो, गणराज्य.</ref> रोमन लेखक ओविद ने अपनी महान कृति मेटामोरफोसेज के एक हिस्से में आवेगविहीन तर्क देते हुए कहा है कि और अधिक बेहतरी के लिए मानवता में बदलाव या कायाकल्प और अधिक सुव्यवस्थित प्रजाति होने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा मानवीय प्रवृत्तियों की दिशा में प्रयासरत होना चाहिए। इस कायाकल्प में शाकाहार को महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में उद्धृत करते हुए उन्होंने अपने विचार जाहिर करते हुए कहा है कि मानव जीवन और पशु जीवन परस्पर इतने घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं कि एक पशु की हत्या एक इंसान की हत्या के समान है। <blockquote>सब कुछ बदलता है, कुछ भी नहीं मरता; आत्मा इधर-उधर घूमती है, अभी यहाँ है तो अभी वहाँ और इंसान से लेकर पशु तक जो भी ढांचा होगा उसीको ओढ़ लेती है। यही हमारा अपना पशुत्व के रूप में ढल जाता है जो कभी नहीं मरता है।..इसलिए ऐसा न हो कि भूख और लालच प्यार और कर्तव्य के बंधन को नष्ट कर दे, मेरे संदेश पर ध्यान दो! बचो! वध के जरिए आत्मा को कभी नष्ट मत करना, यह रक्त से रक्त के रिश्ते को जोड़ता है और इसकी परवरिश करता है!<ref>ए.डी. मेलविल्ले द्वारा ओविड, मेटामोर्फोसेस, पुस्तक XV, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 1986.</ref></blockquote> ==== ईसाई धर्म ==== {{Main|ईसाई धर्म में शाकाहार}} मौजूदा [[ईसाई]] संस्कृति सामान्य रूप से शाकाहार नहीं है। हालाँकि, [[सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट]] और पारंपरिक [[मोनैस्टिक]] शाकाहार पर जोर डालते हैं। इसके अलावा ऑर्थोडॉक्स चर्च के सदस्य 'उपवास' के दौरान शाकाहारी आहार का पालन कर सकते हैं,<ref>{{cite web |url=http://www.orthodoxinfo.com/praxis/pr_fasting.aspx |title=Living an Orthodox Life: Fasting |publisher=Orthodoxinfo.com |date=27 मई 1997 |accessdate=3 फरवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100925050218/http://orthodoxinfo.com/praxis/pr_fasting.aspx |archive-date=25 सितंबर 2010 |url-status=dead }}</ref> शाकाहार की अवधारणा और चलन को आध्यात्मिक और ऐतिहासिक समर्थन प्राप्त है।{{Citation needed|date=जून 2010}} ईसाई धर्म में एक क्वेकर परंपरा जो कि कम से कम 18 वीं सदी से चली आ रही है, के साथ भी शाकाहार का एक मजबूत संबंध रहा है। शराब का सेवन, जीव हत्या और सामाजिक पवित्रता के संबंध में क्वेकर की चिंताएं बढ़ने के साथ 19 वीं शताब्दी के दौरान यह संबंध उल्लेखनीय रूप से फलाफूला है। बहरहाल, 1902 में फ्रेंड्स वेजीटेरियन सोसाइटी की स्थापना मित्रों के सामज में और अधिक सहृदयी जीवनशैली अपनाने के प्रचार के मकसद के साथ शाकाहार और क्वेकर परंपरा के बीच सहयोग और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया।<ref>{{cite web |url=http://www.ivu.org/history/thesis/quakers.html |title=The Great War and the Interwar Period |publisher=ivu.org |date= |accessdate=14 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090217224500/http://ivu.org/history/thesis/quakers.html |archive-date=17 फ़रवरी 2009 |url-status=dead }}</ref> ==== इस्लाम ==== {{See also|इस्लाम और पशुओं}} मुसलमानों या [[इस्लाम]] के अनुयायियों को चिकित्सकीय कारण या फिर व्यक्तिगत तौर पर मांस का स्वाद पसंद न करने वालों को शाकाहार चुनने की आजादी प्रदान करता है। हालाँकि, गैर चिकित्सकीय कारण से शाकाहार बनने का विकल्प कभी-कभी विवादास्पद हो सकता है। हो सकता है और भी कुछ परंपरागत मुसलमान हैं जो अपने शाकाहारी होने के बारे में चुप्पी बनाये रखते हों, तभी शाकाहार मुसलमानों की तादाद बढ़ रही है।<ref name="Muslims can’t be vegetarian">मुसलमान शाखाहरी नहीं हो सकते है? 16/05/2008 को पुनःप्राप्त</ref> इराकी धर्मशास्त्रियों, महिला रहस्यवादी और बसरा के कवि राबिया अल-अदावियाह, 801 में जिनका इंतकाल हुआ; और श्रीलंका के सुफी संगीतकार बावा मुहैयाद्दीन जिन्होंने फिलाडेलफिया में द बावा मुहैयाद्दीन फेलोशिप ऑफ नॉर्थ अमेरिका की स्थापना की; सहित कुछ प्रभावशाली मुसलमानों में शाकाहार का चलन रहा है। <ref>बावा मुहैयाडीन से शाकाहारी कोटेशन 16/05/2008 लिया गया</ref> जनवरी 1996 में, द इंटरनेशनल वेजीटेरियन यूनियन ने मुस्लिम वेजीटेरियन/वेगन सोसाइटी की स्थापना की घोषणा की।<ref>{{cite web |url=http://www.ivu.org/news/1-96/muslim.html |title=IVU News - Islam and Vegetarianism |publisher=Ivu.org |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090505120844/http://www.ivu.org/news/1-96/muslim.html |archive-date=5 मई 2009 |url-status=dead }}</ref> कई मांसाहारी मुसलमानों जब गैर-हलाली रेस्त्रां में खाना खाने जाते हैं तब वे शाकाहार (या समुद्री खाद्य) का चयन करेंगे। हालाँकि, सही तरह का मांस न खाने के बजाए पूरी तरह से मांस खाने को प्राथमिकता देने का मामला है।<ref name="Muslims can’t be vegetarian" /> ==== रस्ताफरी ==== अफ्रीकी कैरेबियन समुदाय में, एक अल्पसंख्यक समुदाय है रस्ताफरी आहार नियमों का पालन बहुत ही कड़ाई से करते हैं। ज्यादातर ऑर्थोडॉक्स केवल इटल या प्राकृतिक खाद्य पदार्थ खाते हैं, जिसमें साग-सब्जियों के साथ हर्ब या मसाले भी होते हैं, रस्ताफरियों की इस पुरानी और कुशल परंपरा है जिसका उत्स अफ्रीकी वंश परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के तहत चली आ रही है।<ref>ओसबोर्न, एल (1980), द रास्टा कूकबुक, 3 एड. मैक डोनाल्ड, लंदन.</ref> ज्यादातर रस्ताफरी शाकाहारी हैं।{{Citation needed|date=मई 2010}} प्राकृतिक सामग्री मसलन; पत्थर या मिट्टी से निर्मित बर्तन ही पसंद करते हैं।{{Citation needed|date=मई 2010}} === पर्यावरण संबंधी === {{Main|पर्यावरण संबंधी शाकाहार}} पर्यावरण शाकाहार इस विचारधारा पर आधारित है कि जन उपभोग के लिए मांस उत्पाद और पशु उत्पाद विशेष रूप से कारखाने में तैयार खाद्य पर्यावरण की दृष्टि से अरक्षणीय होते हैं। 2006 में संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से किए गए पहल के अनुसार, दुनिया में पर्यावरण संबंधी की दुर्दशा में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक मवेशी उद्योग है, खाद्य पदार्थों में अंशदान के लिए आधुनिक तरीकों से पशुओं की तादद बढ़ाने से 'बहुत ही बड़े पैमाने पर' वायु और जल प्रदूषण, भूमि क्षरण, जलवायु परिवर्तन जैव विविधता के नुकसान हो रहा है। प्रस्ताव ने निष्कर्ष निकाला कि "स्थानीय से लेकर वैश्विक हर स्तर पर पर्यावरणीय समस्याओं में सबसे महत्वपूर्ण योगदानकर्ताओं में मवेशी क्षेत्र का स्थान एकदम से शीर्ष पर दूसरा या तीसरा है।"<ref>{{cite web |url=http://www.fao.org/docrep/010/a0701e/a0701e00.HTM |title=Livestock's long shadow - Environmental issues and options |publisher=Fao.org |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080726214204/http://www.fao.org/docrep/010/a0701e/a0701e00.htm |archive-date=26 जुलाई 2008 |url-status=live }}</ref> ग्रीनपीस रिपोर्ट में अमाजोन पशु फार्म के कारण हो रहे विनाश का नजारा दिखाए जाने के एक हफ्ते के बाद, जुलाई 2009 में नाइके और टिंबरलैंड ने वन कटाई वाले अमाजोन वर्षावन से चमड़े की खरीददारी बंद कर दी। अर्नोल्ड न्युमैन के अनुसार हर हैंमबर्गर की बिक्री 6.25m2 वर्षावन के विनाश परिणाम है।<ref>{{cite book|url=http://books.google.com/?id=Z0s3X_vh1_EC&pg=PA93&lpg=PA93&dq=one+hamburger+is+50+rain+forrest |title=ei=3ZKbSoyJOIP6_AbH17TGCQ&sa=X&oi=book_result&ct=result&resnum=8#v=onepage&q=&f=false Hamburger per rain forest |publisher=Books.google.com |date= 30 जून 1999|accessdate=4 अक्टूबर 2009 | isbn=9781566397056}}</ref> इसके अलावा, पशु फार्म ग्रीनहाउस गैसों के बड़े स्रोत हैं और दुनिया भर में 18 प्रतिशत ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, जिसे CO<sub>2</sub> के समकक्ष मापा गया है, के लिए जिम्मेवार है, तुलनात्मक रूप से, दुनिया भर के सभी परिवहनों (जहाजों, सभी की गाड़ियों, ट्रकों, बसों, ट्रेनों, जहाजों और हवाई जहाजों समेत) से उत्सर्जित CO<sub>2</sub> का प्रतिशत 13.5 है। पशु फार्म मानव संबंधित नाइट्रस ऑक्साइड का उत्पादन 65 प्रतिशत करता है और सभी मानव प्रेरित मीथेन का प्रतिशत 37 है। लगभग 21 गुना अधिक मीथेन गैस के ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल (GWP) की तुलना में कार्बन डाइ ऑक्साइड और नाइट्रस ऑक्साइड का GWP 296 गुना है।<ref>{{cite web |url=http://www.yogaindailylife.org.au/Articles/Environment/Going-Greenhouse-Gas-Neutral.html |title=Greenhouse gas neutral |publisher=Yogaindailylife.org.au |date= |accessdate=4 अक्टूबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090408081311/http://www.yogaindailylife.org.au/Articles/Environment/Going-Greenhouse-Gas-Neutral.html |archive-date=8 अप्रैल 2009 |url-status=dead }}</ref> पशुओं को अनाज खिलाया जाता है और जो चरते हैं उन्हें अनाज की फसल खानेवालों की तुलना में कहीं अधिक पानी की जरूरत पड़ती है।<ref>कर्बी, बीबीसी न्यूज़ 2004 हंगरी वर्ल्ड 'मस्ट ईट लेस मीट' http://news.bbc.co.uk/1/hi/sci/tech/3559542.stm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170802002140/http://news.bbc.co.uk/1/hi/sci/tech/3559542.stm |date=2 अगस्त 2017 }}</ref> यूएसडीए (USDA) के अनुसार, फार्म पशुओं को खिलाने के लिए फसलों की पैदावार के लिए पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका के लगभग आधी जल आपूर्ति और 80 प्रतिशत कृषि भूमि के पानी की जरूरत होती है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका में भोजन के लिए पशुओं को बड़ा करने में 90 प्रतिशत सोया की फसल, 80 प्रतिशत मक्के की फसल और 70 प्रतिशत कुल अनाज की खपत हो जाया करती है।<ref>वेस्टरबाई, मार्लो और क्रुपा, केनेथ एस. 2001 मेजर युसेज़ ऑफ़ लैंड इन द युनाइटेड स्टेट्स, 1997 सांख्यिकी बुलेटिन नं. (SB973) सितम्बर 2001</ref> जब खाद्य पदार्थों के लिए पशु उत्पादन को चारा खिलाकर तैयार किया जाता है तब मांस, दूध और अंडे के उत्पादन की अक्षमता से उर्जा निवेश से प्रोटीन उत्पाद का अनुपात 4:1 से लेकर 54:1 हो जाता है। सबसे पहले, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मवेशी द्वारा खाये जाने से पहले चारे का बढ़ना जरूरी है और दूसरा गर्म खूनवाले रीढ़ वाले जीवों (पेड़ों और कीड़े-मकौड़ों के विपरीत) को गर्मी बनाये रखने के लिए बहुत सारी कैलोरी की जरूरत होती है।<ref name="Time" /> एक सूचकांक है, जिसका उपयोग अपच खाद्य पदार्थों का शारीरिक तत्व के रूप में रूपांतरण की क्षमता मापने के लिए किया जा सकता है, जो हमें यह बताता है, उदाहरण के लिए गाय के मांस से शरीर तत्व का रूपांतरण केवल 10%, की तुलना में रेशम कीट से 19-31% और जर्मन तिलचट्टे से 44% होता है। पारिस्थितिकी के प्रोफेसर डेविड पिमेंटल ने दावा किया है, "अगर मौजूदा समय में संयुक्त राज्य अमेरिका में मवेशियों को खिलाये जानेवाले सभी अनाज सीधे लोगों द्वारा खा लिया जाए तो जितने लोगों को खिलाया जा सकता है, उनकी तादाद लगभग 800 मिलियन हो सकती है।"<ref>कॉर्नेल विज्ञान समाचार, 7 अगस्त 1997 http://www.news.cornell.edu/releases/Aug97/livestock.hrs.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130312105320/http://www.news.cornell.edu/releases/aug97/livestock.hrs.html |date=12 मार्च 2013 }}</ref> इन अध्ययनों के अनुसार, पशु आधारित खाद्य का उत्पादन अनाज, सब्जियों, दलहन, बीज और फलों की फसल की तुलना में आमतौर पर पर बहुत कम होता है। बहरहाल, यह उन जानवरों पर लागू नहीं होता जो चरने के बजाए खिलाये जाते हैं, खासतौर पर उन पर जो ऐसी भूमि में चरते हैं जिसका दूसरा कोई उपयोग नहीं किया जा सकता है। और न खाने के लिए कीड़ों की खेती पर, जो खाद्य पदार्थ खानेवाले मवेशियों की खेती की तुलना में पर्यावरण की दृष्टि से कहीं अधिक दीर्घकालिक होते हैं, पर लागू होती है।<ref name="Time" /> प्रयोगशाला में उत्पादित मांस (जो इन विट्रो मांस कहलाता है) भी पर्यावरण की दृष्टि से नियमित रूप से उत्पादित मांस की तुलना में कहीं अधिक टिकाऊ होता है।<ref>{{Cite news |url=http://www.newscientist.com/article/mg19926635.600-comment-growing-m |title=Comment: Lab-grown meat could ease food shortage |last=Olsson |first=Anna |periodical=New Scientist |publication-date=8 जुलाई 2008 |accessdate=17 नवंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111020163249/http://www.newscientist.com/article/mg19926635.600-comment-growing-m |archive-date=20 अक्तूबर 2011 |url-status=live }}</ref> पोषण संबंधी गतिशीलता के सिद्धांत के अनुसार, मांस के उत्पादन के लिए पशुओं को पालने में 10 गुना फसल की जरूरत चारे के रूप में उपयोग के लिए होती है, इतने ही खाद्य पदार्थों की जरूरत शाकाहारी भोजन करनेवाले लोगों को होगी। वर्तमान समय में उत्पादित मकई, गेहूँ और दूसरे सभी अनाज का 70 प्रतिशत फार्म के पशुओं को खिला दिया जाता है।<ref name="environement">एड आयर्स, "हम क्या अभी भी मीट खा सकते है?"समय, 8 नवम्बर 1999</ref> इससे शाकाहार के बहुत सारे समर्थक यह मानने लगे हैं कि मांस खाना पर्यावरण की दृष्टि से गैर जिम्मेदार होना है।<ref>पारिस्थितिकी भोजन: भोजन के रूप में अगर पृथ्वी मामलों (यह करता है!) http://www.brook.com/veg/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100828102553/http://www.brook.com/veg/ |date=28 अगस्त 2010 }}</ref> सुरे युनिवसिर्टी के फूड क्लाइमेट रिसर्च नेटवर्क ने पाया कि अपेक्षाकृत कम संख्या में चरनेवाले पशुअओं को पालना अक्सर लाभदायक होता है, इसकी रिपोर्ट कहती है, ''कम संख्या में मवेशियों का उत्पादन पर्यावरण की दृष्टि से अच्छा है।''<ref>व्हाई इटिंग लेस मीट कुड कट ग्लोबल वॉर्मिंग संरक्षक</ref> {{सीकोट2|The UN [[खाद्य और खेती संस्था]] (एफएओ) has estimated that direct emissions from meat production account for about 18% of the world's total greenhouse gas emissions. So I want to highlight the fact that among options for mitigating climate change, changing diets is something one should consider.|[[राजेंद्र पचौरी]],<ref>[http://news.bbc.co.uk/2/hi/science/nature/7600005.stm "Shun meat, says UN climate chief"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100825103746/http://news.bbc.co.uk/2/hi/science/nature/7600005.stm |date=25 अगस्त 2010 }}, BBC, September 7, 2008</ref> Chairman|[[इंटरगवर्नमेंटल पेनेल ऑन क्लाइमेट चेंज]]}} मई 2009 में, गेन्ट को दुनिया का पहली ऐसी जगह [शहर] बताया गया जो पर्यावरण कारणों से सप्ताह में कम से कम एक बार पूरी तरह से शाकाहार होता है, स्थानीय अधिकारियों ने ''साप्ताहिक मांसविहीन दिन'' लागू करने का फैसला किया। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को मान्यता देने के लिए जनसेवक हर सप्ताह एक दिन शाकाहारी भोजन करेंगे। पोस्टर को स्थानीय अधिकारियों द्वारा शाकाहारी दिवस में भाग लेने को प्रोत्साहित करने के लिए जगह-जगह पोस्टर लगाये गए और शाकाहारी रेस्त्रांओं को चिह्नित करने के लिए ''शाकाहारी स्ट्रीट मानचित्र'' मुद्रित किए गए। सितंबर 2009 में गेन्ट के स्कूलों में साप्ताहिक वेजेडैग (''शाकाहारी दिवस'') भी मनाया जाता है।<ref>"बेल्जियम सिटी प्लैन्स 'योजना' डेज़", क्रिस मेसन, बीबीसी (बीबीसी), 12 मई 2009</ref> === श्रमिकों की स्थिति === पेटा (PETA) जैसे कुछ ग्रुप इन दिनों मांस उद्योग में काम करनेवाले मजदूरों की स्थिति और उनके साथ होने वाले व्यवहार को समाप्त करने के लिए शाकाहार को बढ़ावा देते हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.goveg.com/workerrights.asp|title=Killing for a Living: How the Meat Industry Exploits Workers|accessdate=16 जुलाई 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090310171835/http://www.goveg.com/workerrights.asp|archive-date=10 मार्च 2009|url-status=dead}}</ref> ये समूह उन अध्ययनों का उल्लेख करते हुए मांस उद्योग में काम करने से मनोवैज्ञानिक क्षति को दर्शाते हैं, खासकर फैक्ट्री और औद्योगीकृत स्थानों में और शिकायत करते हैं कि बिना पर्याप्त सलाह, प्रशिक्षण और विवरणों की जानकारी दिए कठिन तथा कष्टप्रद कार्य सौंपकर मांस उद्योग श्रमिकों के मानवीय अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है।<ref name="labor">{{cite web |url=http://www.hrw.org/reports/2005/usa0105/4.htm |title=Worker Health and Safety in the Meat and Poultry Industry |publisher=Hrw.org |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090612080111/http://www.hrw.org/reports/2005/usa0105/4.htm |archive-date=12 जून 2009 |url-status=live }}</ref><ref name="labor2">{{cite web |url=http://www.ncrlc.com/academic-SR-webpages/food_safety.html |title=Food Safety, the Slaughterhouse, and Rights |publisher=Ncrlc.com |date=30 मार्च 2004 |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071223175929/http://www.ncrlc.com/academic-SR-webpages/food_safety.html |archive-date=23 दिसंबर 2007 |url-status=dead }}</ref><ref name="labor3">{{PDFlink|http://www.safework.sa.gov.au/contentPages/docs/meatCultureLiteratureReviewV81.pdf|618&nbsp;KB|—Positive Safety Culture The key to a safer meat industry}}</ref><ref name="labor4">{{cite web |url=http://www.hfa.org/factory/ |title=Factory Farming—Making People Sick |publisher=Hfa.org |date= |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090807045611/http://www.hfa.org/factory/ |archive-date=7 अगस्त 2009 |url-status=dead }}</ref> हालाँकि, तमाम खेत मजदूरों के काम की परिस्थिति, विशेष रूप से अस्थायी श्रमिकों की, खराब ही बनी हुई है और अन्य आर्थिक क्षेत्रों की तुलना में बहुत ही नीचे है।<ref>परिस्थितियों में कृषि कार्य अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन</ref> किसानों और बागान श्रमिकों में दुर्घटनाओं सहित कीटनाशक विषाक्तता से स्वास्थ्य के जोखिम बढ़ गये हैं, जिनमें बढती मृत्यु दर भी शामिल है।<ref>परिस्थितियों में कृषि कार्य बर्न घोषणा</ref> वास्तव में, [[अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ|अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन]] के अनुसार, कृषि दुनिया के तीन सबसे खतरनाक कामों में से एक है।<ref>विश्व विकास रिपोर्ट 2008: विकास के लिए कृषि, विश्व बैंक प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पृष्ठ 207</ref> === आर्थिक === शाकाहार पर्यावरण की ही तरह आर्थिक शाकाहार की अवधारणा है। एक आर्थिक शाकाहारी वह है जो शाकाहार का अभ्यास या तो जन स्वास्थ्य तथा विश्व से भुखमरी मिटाने के किसी दार्शनिक विचार के तहत करता है, इस विश्वास से करता है कि मांस का उपभोग आर्थिक रूप से ठीक नहीं है, वह एक सचेत सरल जीवन शैली की रणनीति के हिस्से के रूप में ऐसा करता है, या फिर बस आवश्यकतावश। वर्ल्डवाच इंस्टीट्युट के अनुसार, "औद्योगिक देशों में मांस की खपत में भारी कमी आने से उनके स्वास्थ्य की देखभाल के बोझ में कमी आएगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार होगा; पशु संपदा के झुंड में गिरावट से चरागाहों और खेतों पर से दबाव कम होगा और कृषी संसाधनों के आधार को नयेपन से भर देगा। चूंकि जनसंख्या वृद्धि जारी है, विश्व स्तर पर मांस की खपत में कमी आने से भूमि और जल संसाधनों की प्रति व्यक्ति इस्तेमाल में आ रही गिरावट को रोक कर इनका अधिक सक्षम उपयोग हो सकेगा, जबकि साथ ही साथ विश्व के दीर्घकालिक भूखे लोगों को अधिक सस्ते में अनाज मिल पायेगा।<ref>वर्ल्डवॉच संस्थान, समाचार 2 जुलाई 1998, संयुक्त राज्य अमेरिका बिक्रीसूत्र विश्व मांस https://www.worldwatch.org/press/news/1998/07/02 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080517050751/http://www.worldwatch.org/press/news/1998/07/02/ |date=17 मई 2008 }}</ref> === सांस्कृतिक === [[चित्र:Chinese-buddhist-cuisine-taiwan-1.jpg|thumb|300px|ताइवान का बौद्ध भोजन]] हो सकता है लोग शाकाहार चुने क्योंकि वे एक शाकाहारी रहे हों या फिर एक शाकाहारी साथी, परिवार के सदस्य या मित्र होने के कारण वे शाकाहार चुनें। == जनसांख्यिकी == === लिंग === अनुसंधान संगठन यंकेलोविच द्वारा 1992 में कराये गए बाजार अनुसंधान अध्ययन द्वारा दावा किया गया‍ कि "12.4 मिलियन लोग [US में], जो खुद को शाकाहारी कहते हैं उनमें से 68 प्रतिशत महिलाएं हैं और 32 प्रतिशत पुरुष हैं।"<ref>{{cite web |url=http://findarticles.com/p/articles/mi_m0820/is_n210/ai_16019829 |title=The gender gap: if you're a vegetarian, odds are you're a woman. Why? |accessdate=27 अक्टूबर 2007 |date=1 फरवरी 2005 |publisher=Vegetarian Times |archiveurl=https://archive.today/20120526193045/http://findarticles.com/p/articles/mi_m0820/is_n210/ai_16019829/ |archivedate=26 मई 2012 |url-status=live }}</ref> कम से कम एक अध्ययन यह बताता है कि शाकाहारी महिलाओं को बच्चे होने की संभावना कहीं अधिक होती है। 1998 में 6,000 गर्भवती महिलाओं पर किए गए अध्ययन में "पाया गया कि 100 लड़कियों के अनुपात में 106 लड़के पैदा होने का ब्रिटेन का राष्ट्रीय औसत है, जबकि शाकाहारी माताओं से 100 लड़कियों के अनुपात में सिर्फ 85 लड़के पैदा हुए।''<ref name="Babies">{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/health/869696.stm |title='More girl babies' for vegetarians |publisher=बीबीसी न्यूज़ |date=7 अगस्त 2000 |accessdate=9 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090111220425/http://news.bbc.co.uk/1/hi/health/869696.stm |archive-date=11 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref> ब्रिटिश डायडेटिक एसोसिएशन के कैथरीन कोलिंस इसे "अस्थायी सांख्यिकीय" बताते हुए खारिज कर दिया है।<ref name="Babies" /> === देश-विशेष की जानकारी === [[चित्र:India vegetarian labels.svg|thumb|right|भारत में मांसाहारी उत्पादों (दाएं) और शाकाहारी उत्पादों (बाएं) के अलग-अलग सूचक-संकेत हैं।]] {{Main|विशिष्ट देशों में शाकाहार}} शाकाहार को दुनिया भर में अलग अलग तरीकों से देखा जाता है। कुछ क्षेत्रों में यह वहाँ की संस्कृति है और यहाँ तक कि इसे कानूनी समर्थन भी प्राप्त है, लेकिन अन्य में आहार के बारे में समझ बहुत खराब है और यहाँ तक कि इस बारे में नाक-भौं भी सिकोड़ा जाता है।{{Citation needed|date=मई 2010}} बहुत सारे देशों में खाद्य का वर्गीकरण किया जाता है जिससे शाकाहारियों के लिए अपने भोजन के साथ खाद्य पदार्थों की अनुकूलता को पहचानना आसान हो जाता है। भारत में, बाकी दुनिया की तुलना में जहाँ ज्यादातर शाकाहारी हैं दोनों को मिलाकर (2006 के अनुसार 399 मिलियन),<ref>{{cite web |url=http://www.raw-food-health.net/NumberOfVegetarians.html |title=The Number of Vegetarians In The World |publisher=Raw-food-health.net |date= |accessdate=3 फरवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100826023138/http://www.raw-food-health.net/NumberOfVegetarians.html |archive-date=26 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref> न केवल खाद्य पदार्थों का वर्गीकरण होता है, बल्कि बहुत सारे रेस्त्राओं में ''शाकाहारी'' या ''गैर-शाकाहारी'' का निशान भी लगा कर विपणन किया जा रहा है। भारत में जो लोग शाकाहारी हैं आमतौर पर वे दूग्ध-शाकाहारी हैं और इसलिए, इस बाजार की आवश्यकता को पूरा करने के लिए, भारत में बहुसंख्यक शाकाहारी रेस्त्रां अंडे से संबंधित उत्पादों को छोड़ कर अन्य दुग्ध उत्पाद मुहैया कराते हैं। इनकी तुलना में, अधिकांश पश्चिमी शाकाहारी रेस्त्रां अंडा और अंडे पर आधारित उत्पाद मुहैया कराते हैं। {{Clear}} == इन्हें भी देखें == * [[शाकाहार का इतिहास]] * [[अहिंसा]] * [[पशुओं के साथ निर्दयता]] * आहारों की सूची * [[जैन (सात्विक) भोजन|जैन भोजन]] * मांसमुक्त दिवस * [[शाकाहारी भोजन]] * [[शाकाहारी भोजन पिरामिड]] == नोट्स == • भारतीय सम्राट अशोक ने प्राणियों को सुरक्षा प्रदान किये जाने का आदेश दिया था, उसके आज्ञापत्र से हम यह बात समझ सकते हैं, जिसके अनुसार, “मेरे राज्याभिषेक के छब्बीस वर्षों बाद विभिन्न पशुओं को सुरक्षा प्रदान किये जाने योग्य घोषित किया गया—तोता, मैना, //अरुणा//, लाल हंस, जंगली बत्तख, //नंदीमुख, गेलाटा//, चमगादड़, रानी चींटियाँ, छोटे कछुए, अस्थिहीन मछलियाँ, //वेदरेयक (vedareyaka)//, //गंगापुपुटक (gangapuputaka)//, //संकिया (sankiya)//, मछली, कछुआ, साही, गिलहरियाँ, हिरण, बैल, //ओकपिंड//, जंगली गधे, जंगली कबूतर, पालतू कबूतर तथा ऐसे सभी चौपाये, जो न तो उपयोगी हैं और न ही खाने-योग्य हैं। वे बकरियाँ, भेड़ें और मादा सुअर, जो अपने बच्चों के साथ हों या बच्चों को दूध पिला रही हों, उनकी भी रक्षा की जाती है और इसी प्रकार पशुओं के छः माह से कम आयु के बच्चों की भी रक्षा की जाती है। मुर्गों को खस्सी मुर्गों में नहीं बदला जाना चाहिये, छाल में छिपने वाले जीवों को नहीं जलाया जाना चाहिये और जंगलों को बेवजह या प्राणियों को मारने के लिये जलाया नहीं जाना चाहिये। एक पशु को दूसरा पशु नहीं खिलाया जाना चाहिये।"— पांचवे स्तंभ पर अशोक का आज्ञापत्र • माया तिवारा लिखती हैं कि आयुर्वेद कुछ लोगों की मांस की छोटी मात्रा की अनुशंसा करता है, हालाँकि, “स्थानीय लोगों में प्रचलित पशुओं के शिकार और हत्या के नियम बहुत विशिष्ट एवं विस्तृत थे। अब जबकि शिकार व हत्या के ऐसे नियमों का पालन नहीं किया जाता, वे “किसी भी प्रकार के जानवर, यहाँ तक कि वात प्रकार के भी, के माँस की भोजन के रूप में” अनुशंसा नहीं करतीं। • कभी-कभी एक ही जीवाणु में पक्षियों द्वारा अनुकूलित व मानवों द्वारा अनुकूलित जीन पाए जाते हैं। H2N2 और H3N2 दोनों ही महामारी नस्लों में एवियन फ्लू विषाणु के आरएनए (RNA) खण्ड उपस्थित थे। "एक ओर जबकि 1957 की महामारी के मानव एन्फ्लूएंज़ा विषाणु (H2N2) और 1968 के (H3N2) स्पष्ट रूप से मानवीय व पक्षियों के विषाणुओं के बीच पुनर्विन्यास के माध्यम से उत्पन्न हुए थे, वहीं ऐसा दिखाई देता है कि 1918 में ‘स्पैनिश फ्लू’ का कारण बनने वाला एन्फ्लूएंज़ा विषाणु पूर्णतः पक्षियों से संबंधित किसी स्रोत से व्युत्पन्न था (बेल्शे 2005) Belshe 2005)।" • वेसान्टो मेलिना (Vesanto Melina), एक ब्रिटिश कोलम्बियाई पंजीकृत आहार-विशेषज्ञ और बिकमिंग वेजीटेरियन (Becoming Vegetarian) के लेखक, इस बात पर बल देते हैं कि शाकाहार और भोजन-संबंधी विकारों के बीच कोई कारण व प्रभाव संबंध नहीं है, हालाँकि जिन लोगों में भोजन-संबंधी विकार हों, वे स्वयं को शाकाहारी के रूप में चिन्हित कर सकते हैं, “ताकि उन्हें खाना न पड़े”।" वस्तुतः, शोध से यह देखा गया है कि शाकाहारी लोगों या वीगन एनोरेक्सिक से ग्रस्त लोगों (vegan anorexics) और ब्युलिमिया से ग्रस्त लोगों (bulimics) ने अपनी बीमारियों की शुरुआत हो जाने के बाद अपने आहार का चयन किया था। शाकाहार और शाकाहारवाद के भोजन के "प्रतिबंधित" पैटर्न अनेक उच्च-वसा वाले, सघन-ऊर्जा वाले खाद्य पदार्थों, जैसे मांस, अंडे, चीज़,… आदि को हटाए जाने को वैधता प्रदान कर सकते हैं। हालाँकि, एनोरेक्सिया (anorexia) या ब्युलिमिया नर्वोसा (bulimia nervosa) से ग्रस्त व्यक्तियों द्वारा चुना गया खाद्य-पैटर्न किसी स्वास्थ्यप्रद शाकाहारी खुराक से कहीं अधिक प्रतिबंधात्मक होता है, व उसमें फलियों, बीजों, रूचिराओं (avocados) को हटा दिया जाता है, तथा ग्रहण की जाने वाली कैलरी की सकल मात्रा को सीमित कर दिया जाता है। == ध्वज == <gallery> File:Hindiflagofashokalawabolitionofmeat.jpg|[[मांस]] के त्याग के लिए [[अशोक]] का ध्वज </gallery> == बाहरी कड़ियाँ == {{Wiktionary|vegetarian}} {{Wikiquote|शाकाहार}} *[https://isha.sadhguru.org/hi/wisdom/article/pedhon-par-aadhaarit-bhojan पेड़-पौधों पर आधारित भोजन] * [https://web.archive.org/web/20190123143009/https://www.bbc.com/hindi/magazine-46920029 क्या अब दुनिया को बचाएगा शाकाहारी खाना?] * [https://web.archive.org/web/20100818135048/http://www.goveg.com/ शाकाहारी और शाकाहारी जानकारी] * [http://www.happycow.net/becoming_vegetarian.html शाकाहारियों के लिए संसाधन/सहायता] * [https://web.archive.org/web/20170923002422/http://hindi.webdunia.com/bbc-hindi-news/vegetarian-117080900018_1.html शाकाहारी हुई दुनिया तो हर साल 70 लाख तक कम मौतें] * [https://web.archive.org/web/20180214142703/http://shakahar.org/ शाकाहार_डॉट_ओआरजी] * [https://web.archive.org/web/20190123171318/https://www.foodinsight.org/EAT-Lancet-Commission-study-diet-sustainable-red-meat Fast Take: The EAT-Lancet Report on Sustainable Diets] (जनवरी २०१९)[https://healtylifeandhealthyfitness.blogspot.com/2023/05/nutritional%20yeast.html] == सन्दर्भ == {{Reflist|4}} {{शाकाहार}} {{एलिबैंड}} {{लिंक GA|de}} {{लिंक GA|eo}} {{लिंक GA|lv}} [[श्रेणी:जंतु अधिकार]] [[श्रेणी:आहार]] [[श्रेणी:नैतिक सिद्धांत]] [[श्रेणी:इंटरनैशनल लिवींग]] [[श्रेणी:शाकाहारीयता|*]] [[श्रेणी:गूगल परियोजना]] 5g66r3bw4k8a596nf4s8g4925j0vcyv संसार 0 12710 6582879 6577815 2026-07-15T10:34:16Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582879 wikitext text/x-wiki [[चित्र:The_wheel_of_life,_Buddhism_Bhavachakra.jpg|दाएँ|अंगूठाकार|340x340पिक्सेल|बौद्ध धर्म के [[पुनर्जन्म]] सिद्धांत के अनुसार, चक्र में सचित्र साँसार के चक्र का वर्णन करने वाला भावचक्र अस्तित्व के छह क्षेत्र हैं जिनमें एक संवेदनशील प्राणी पुनर्जन्म ले सकता है। यम, मृत्यु के देवता, बाहरी किनारे के शीर्ष पर हैं। बाहरी किनारे बारह निदाना सिद्धांत को दर्शाता है।]] '''''संसार''''' ('''''Saṃsāra''''') एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] शब्द है, जिसका अर्थ ‘भ्रमण’ के साथ-साथ ‘लोक’ भी होता है। इस शब्द में ‘चक्राकार परिवर्तन’ का भाव निहित है, अथवा साधारणतया कहें तो ‘लगातार चक्कर काटते रहने’ का अर्थ। ''संसार'' को ‘[[पुनर्जन्म]]<nowiki/>’, ‘कर्मचक्र’, ‘पुनरजाति’ अथवा ‘निरर्थक भटकाव, भ्रमण या सांसारिक अस्तित्व का चक्र’ जैसे पदों से सम्बोधित किया जाता है। जब इसे कर्मसिद्धांत से जोड़ा जाता है, तब यह मृत्युमरण और पुनर्जन्म का चक्र दर्शाता है।{{Sfn|Mark Juergensmeyer|Wade Clark Roof|2011|pp=271–72}}<ref name="Gross1993p148">{{Cite book|url=https://archive.org/details/buddhismafterpat00gros|title=Buddhism After Patriarchy: A Feminist History, Analysis, and Reconstruction of Buddhism|last=Rita M. Gross|publisher=State University of New York Press|year=1993|isbn=978-1-4384-0513-1|pages=[https://archive.org/details/buddhismafterpat00gros/page/148 148]|url-access=registration}}</ref> “सभी जीवन, पदार्थ और अस्तित्व की चक्रीयता” अधिकांश भारतीय धर्मों का मूलभूत विश्वास है। ''संसार'' की अवधारणा का मूल वैदिक परंपरा पश्चात् साहित्य में पाया जाता है; स्वयं [[वेद|वेदों]] में इस सिद्धांत का उल्लेख नहीं मिलता। प्रारंभिक [[उपनिषद्|उपनिषदों]] में यह परिपक्व रूप में, यद्यपि यांत्रिक विवरणों के बिना, प्रकट होती है। ''संसार'' के मत का पूर्ण विवेचन प्राचीन बौद्ध धर्म और [[जैन धर्म]] में, तथा विभिन्न हिंदू दार्शनिक विद्यालयों में मिलता है। ''संसार'' का सिद्धांत [[हिन्दू धर्म|हिंदू धर्म]] के कर्मसिद्धांत से जुड़ा हुआ है, और ''संसार'' से मुक्ति प्राप्ति भारतीय परंपराओं की आध्यात्मिक खोज का केंद्र रही है, साथ ही उनके अंतर्विरोधों का भी विषय बनी रही है। ''संसार'' से मुक्ति को [[मोक्ष]], [[निर्वाण]], [[मुक्ति]] या [[कैवल्य]] कहते हैं। <ref name="Bodewitz 2019">{{Cite book|title=Vedic Cosmology and Ethics: Selected Studies|last=Bodewitz|first=Henk|publisher=[[Brill Publishers]]|year=2019|isbn=978-90-04-40013-9|editor-last=Heilijgers|editor-first=Dory H.|series=Gonda Indological Studies|volume=19|location=[[Leiden]] and [[Boston]]|pages=3–19|chapter=Chapter 1 – The Hindu Doctrine of Transmigration: Its Origin and Background|doi=10.1163/9789004400139_002|issn=1382-3442|editor-last2=Houben|editor-first2=Jan E. M.|editor-last3=van Kooij|editor-first3=Karel|doi-access=free}}</ref><ref name="Firth1997p106">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=pYNXC-HK1u0C|title=Dying, Death and Bereavement in a British Hindu Community|last=Shirley Firth|publisher=Peeters Publishers|year=1997|isbn=978-90-6831-976-7|pages=106, 29–43}}</ref>{{Sfn|Michael Myers|2013|p=36}}{{Sfn|Harold Coward|2008|p=103}} == संसार की व्युत्पत्ति और शब्दावली == ''संसार'' का अर्थ ‘भ्रमण’ के साथ-साथ ‘लोक’ भी होता है, जिसमें ‘चक्राकार परिवर्तन’ का भाव निहित है। संसार, जो सभी भारतीय धर्मों में एक मूलभूत अवधारणा है, [[कर्मसिद्धांत]] से जुड़ा हुआ है और इसका तात्पर्य यह विश्वास है कि सभी जीव लगातार जन्म और पुनर्जन्म के चक्र से गुज़रते रहते हैं। इस शब्द का संबंध “अनुक्रमिक अस्तित्व का चक्र”, “पुनर्जन्म”, “कर्मचक्र”, “जीवनचक्र का पहिया” और “सभी जीवन, पदार्थ एवं अस्तित्व की चक्रीयता” जैसी अभिव्यक्तियों से है। अनेक विद्वानों की रचनाओं में ‘संसार’ को ‘सम्सारा’ रूप में भी लिखा जाता है। <ref name="Gross1993p148">{{Cite book|url=https://archive.org/details/buddhismafterpat00gros|title=Buddhism After Patriarchy: A Feminist History, Analysis, and Reconstruction of Buddhism|last=Rita M. Gross|publisher=State University of New York Press|year=1993|isbn=978-1-4384-0513-1|pages=[https://archive.org/details/buddhismafterpat00gros/page/148 148]|url-access=registration}}</ref>{{Sfn|Jeaneane D. Fowler|1997|p=10}} मोनियर-विलियम्स के अनुसार, ''संसार'' शब्द ''सृ'' धातु के साथ ''सं'' उपसर्ग से निर्मित ''सं-सृ'' (संसृ) से व्युत्पन्न है, जिसका अर्थ है “परिक्रमण करना, अविरल विभिन्न अवस्थाओं से गुज़रना, किसी ओर प्राप्ति की ओर अग्रसर होना, चक्र में गतिशील होना।” इसी मूल से निर्मित एक नामरूप प्राचीन ग्रंथों में ‘संसरण’ के रूप में पाया जाता है, जिसका अर्थ है “विभिन्न अवस्थाओं में निरन्तर भ्रमण करना—जीवों और जगत का जन्म तथा पुनर्जन्म—बिना किसी विघ्न के।” इसी मूल से एक अन्य नामरूप ‘संसार’ भी है, जो “संसारिक अवस्थाओं के माध्यम से निरन्तर यात्रा, पुनर्जन्म, शरीर से शरीर में विचरण, एक नश्वर जीवन जिसमें जन्म, वृद्धि, क्षय एवं पुनर्मृत्यु का अनवरत क्रम शामिल है” की व्याप्ति को सूचित करता है। ''संसार'' को ''[[मोक्ष]]'' (जिसे ''[[मुक्ति]]'', ''निर्वाण'' या ''[[कैवल्य]]'' भी कहते हैं) के विपरीत माना जाता है; मोक्ष का अर्थ है जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त होना। <ref name="Firth1997p106">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=pYNXC-HK1u0C|title=Dying, Death and Bereavement in a British Hindu Community|last=Shirley Firth|publisher=Peeters Publishers|year=1997|isbn=978-90-6831-976-7|pages=106, 29–43}}</ref><ref name="monierwilliamssamsara">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=_3NWAAAAcAAJ&pg=PA1040|title=A Sanskrit-English Dictionary|last=Monier Monier-Williams|publisher=Oxford University Press|year=1923|pages=1040–41}}</ref> ''संसार'' की अवधारणा [[वैदिक धर्म|वैदिक]]<nowiki/>-परंपरा पश्चात् विकसित हुई और इसका संकेत ऋग्वेद के संहिता-स्तर के खंड १.१६४, ४.५५, ६.७० तथा १०.१४ में मिलता है। यद्यपि संहिता-स्तर में इस विचार का केवल आंशिक उल्लेख है तथा वहाँ स्पष्ट विवेचन नहीं मिलता, फिर भी यह विचार प्रारंभिक उपनिषदों में पूर्णतः विकसित रूप से प्रकट होता है। डेमियन कियौन के अनुसार, “चक्राकार जन्म और मृत्यु” की धारणा लगभग ईसा पूर्व ८०० के आसपास उत्पन्न हुई थी। ‘संसार’ शब्द ‘मोक्ष’ के साथ कई प्रमुख उपनिषदों में भी मिलता है, जैसे कि कथोपनिषद् के श्लोक १.३.७ में, [[श्वेताश्वतरोपनिषद|श्वेताश्वतरोपनिषद्]] के श्लोक ६.१६ में तथा मैत्री उपनिषद् के श्लोक १.४ और ६.३४ में। <ref>[https://sa.wikisource.org/wiki/कठोपनिषदत्/प्रथमोध्यायः/तृतीयवल्ली Katha Upanishad प्रथमोध्यायः/तृतीयवल्ली] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200808211535/https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4%95%E0%A4%A0%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A4%A6%E0%A4%A4%E0%A5%8D/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A5%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%83/%E0%A4%A4%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80|date=8 August 2020}} Wikisource</ref><ref>[https://sa.wikisource.org/wiki/श्वेताश्वतरोपनिषत्/षष्ठः_अध्यायः Shvetashvatara Upanishad षष्ठः अध्यायः] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20201026155809/https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A4%A4%E0%A5%8D/%E0%A4%B7%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0%E0%A4%83_%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%83|date=26 October 2020}} Wikisource</ref><ref>[https://sa.wikisource.org/wiki/मैत्रायण्युपनिषत् Maitri Upanishad] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20201121174210/https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A4%A4%E0%A5%8D|date=21 November 2020}} Wikisource, Quote: ३ चित्तमेव हि '''संसारम्''' तत्प्रयत्नेन शोधयेत्</ref> ''संसार'' शब्द का संबंध ‘संश्रिति’ से है, जो “संसारिक अस्तित्व की धारा, पुनर्जन्म, प्रवाह या परिक्रमा” को सूचित करता है।<ref name="monierwilliamssamsara">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=_3NWAAAAcAAJ&pg=PA1040|title=A Sanskrit-English Dictionary|last=Monier Monier-Williams|publisher=Oxford University Press|year=1923|pages=1040–41}}</ref> == परिभाषा एवं तर्क == शब्द का शाब्दिक अर्थ “परिक्रमण करते हुए बहते रहने का” होता है, जैसा कि स्टीफन जे. लौमाकिस कहते हैं—यानि “बिना उद्देश्य एवं बिना दिशा के भ्रमण”। ''संसार'' की संकल्पना इस विश्वास से गहराई से जुड़ी है कि व्यक्ति विभिन्न लोकों और रूपों में बारम्बार जन्म और पुनर्जन्म लेता रहता है।<ref name="GoaEtCoward2014">{{Cite encyclopedia|accessdate=2014-02-27}}</ref> वैदिक साहित्य की प्रारंभिक परतों में जीवन की अवधारणा के बाद परलोक में स्वर्ग या नरक में जीवन की कल्पना की जाती है, जो संचयी पुण्य या दोष के आधार पर निर्धारित होती है। किन्तु प्राचीन वैदिक ऋषियों ने इस परलोक की परिकल्पना को अत्यंत सरलीकृत मानकर अस्वीकार किया, क्योंकि मनुष्य समान रूप से सदाचारी या अधम नहीं रहता। सामान्यतः सदाचारी जीवनों के बीच भी कुछ लोग अधिक सदाचारी होते हैं, और अधर्म के भी भिन्न-भिन्न स्तर होते हैं। ग्रंथों में कहा गया है कि यदि यमदेव भिन्न-भिन्न स्तरों पर प्राप्त पुण्य या पाप के आधार पर “या तो” के एकमात्र नियम से और असमान रूप में निर्णय करेंगे तथा फल प्रदान करेंगे, तो वह अन्याय होगा। अतः ऋषियों ने यह विचार प्रस्तुत किया कि परलोक में स्वर्ग या नरक की स्थिति व्यक्ति के पुण्य-दोष के अनुपात में होनी चाहिए, और जब वह अनुपात समाप्त हो जाए, तब वह व्यक्ति वापस धरती पर आकर पुनः जन्म ले। यह विचार प्राचीन और मध्यकालीन ग्रंथों में जीवन, मृत्यु, पुनर्जन्म और पुनर्मृत्यु के चक्र के रूप में प्रकट होता है, जैसे [[महाभारत]] के अष्टम पर्व (६.३१) और [[देवीभागवत पुराण]] (६.१०) में। == इतिहास == [[पुनर्जन्म]] या पुनरुजाति की अवधारणा का ऐतिहासिक मूल अस्पष्ट है, पर यह विचार ईसा पूर्व प्रथम सहस्राब्दी में भारत और प्राचीन ग्रीस के ग्रंथों में प्रकट होता है। ''संसार'' की परिकल्पना का संकेत [[ऋग्वेद]] जैसे उत्तर वैदिक ग्रंथों में मिलता है, किन्तु वहाँ प्रत्यक्ष सिद्धांत उपस्थित नहीं है। सायर्स के अनुसार, वैदिक साहित्य की प्रारंभिक परतों में पूर्वज-पूजा और श्रद्धा (पूर्वजों को अन्न अर्पित करना) जैसे संस्कार दिखायी देते हैं। पश्चात् वैदिक ग्रंथ, जैसे कि [[आरण्यक|अरण्यक]] और [[उपनिषद्]], पुनर्जन्म पर आधारित भिन्न उद्धारतन्त्र प्रस्तुत करते हैं; ये ग्रंथ पूर्वजा-विधियों के प्रति कम रुचि रखते हुए पहले किए गए संस्कारों की दार्शनिक व्याख्या आरंभ करते हैं, यद्यपि विचार वहाँ पूर्णतः विकसित नहीं होता। प्रारंभिक उपनिषदों में ये विचार अधिक परिपक्व रूप से प्रकट होते हैं, परन्तु वहाँ भी यांत्रिक विवरण नहीं मिलता। विस्तृत सिद्धांत मध्य प्रथम सहस्राब्दी ईसा पूर्व के निकट विविध परंपराओं—बौद्ध धर्म, जैन धर्म, तथा विभिन्न हिंदू दार्शनिक विद्यालयों—में विशिष्ट स्वरूपों के साथ विकसित हुए। प्राचीन काल में किसने किस पर प्रभाव डाला, इसका प्रमाण नगण्य एवं अनुमानात्मक है; अतः ऐसा संभव है कि संसार-सिद्धांतों का ऐतिहासिक विकास विभिन्न परंपराओं में समानांतर रूप से, परस्पर प्रभाव के साथ हुआ हो। <ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/bub_gb_4WZTj3M71y0C|title=Karma and Rebirth in Classical Indian Traditions|last=Wendy Doniger|publisher=University of California Press|year=1980|isbn=978-0-520-03923-0|pages=xvii–xviii}}; '''Quote''': "There was such constant interaction between Vedism and Buddhism in the early period that it is fruitless to attempt to sort out the earlier source of many doctrines, they lived in one another's pockets, like Picasso and Braque (who were, in later years, unable to say which of them had painted certain paintings from their earlier, shared period)."</ref> === पुनर्मृत्यु: पुनः मृत्यु === यद्यपि ''संसार'' को सामान्यतः जीवात्मा (जीव) के [[पुनर्जन्म]] (पुनरजन्म) के रूप में वर्णित किया जाता है, परन्तु इस विचार का कालानुक्रमिक विकास मानव अस्तित्व की वास्तविक प्रकृति तथा क्या मनुष्य केवल एक बार ही मृत होता है—इस प्रश्न से आरंभ हुआ। इसी विचारधारा से पहले “पुनर्मृत्यु” और “पुनरावृत्ति” की अवधारणाएँ जन्मीं। प्रारंभिक विचारों के अनुसार मानव अस्तित्व में दो वास्तविकताएँ सम्मिलित हैं: एक अपरिवर्तनीय [[आत्मा]] (अक्षय आत्मन्), जो किसी प्रकार से परमानंद और अविनाशी ब्रह्म से सम्बद्ध होती है, और दूसरी वह विषय (शरीर) है जो माया के रूप में सदा परिवर्तनशील रहता है। वैदिक दार्शनिक अटकलों में पुनर्मृत्यु उस सुखद वर्षों के अंत का प्रतीक थी जिन्हें स्वर्ग (स्वर्गलोक) में बिताया जाता था, और उसके पश्चात् पुनः भौतिक लोक में जन्म होता था। ''संसार'' इस प्रकार अस्तित्व की एक मौलिक सिद्धान्त के रूप में विकसित हुआ, जो सभी भारतीय धर्मों में साझा था। {{Sfn|Obeyesekere|1980|pp=139–40}} जॉन बोकर के अनुसार, मानव रूप में पुनर्जन्म को तब “मोक्ष—राहत प्राप्त करने—के लिए दुर्लभ अवसर” के रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रत्येक भारतीय आध्यात्मिक परंपरा ने आत्मिक मुक्ति (मोक्ष) के लिए अपने-अपने मार्ग (मार्ग या योग) और पूर्वधारणाएँ विकसित कीं, जिनमें कुछ ने “जीवन्मुक्ति” (इस जीवन में मुक्ति और स्वतंत्रता) के विचार को जन्म दिया, और अन्य ने “विधेमुक्ति” (परलोक में मुक्ति और स्वतंत्रता) पर संतोष किया। {{Sfn|John Bowker|2014|pp=84–85}}<ref>Gerhard Oberhammer (1994), La Délivrance dès cette vie: Jivanmukti, Collège de France, Publications de l'Institut de Civilisation Indienne. Série in-8°, Fasc. 61, Édition–Diffusion de Boccard (Paris), {{ISBN|978-2868030610}}, pp. 1–9</ref><ref>[[पॉल ड्यूसेन|Paul Deussen]], {{Google books|2h0YAAAAYAAJ|The philosophy of the Upanishads}}, pp. 356–57</ref> {{Quote box|quote='''प्रथम सत्य''' <poem> प्रथम सत्य, दुःख (पाली: दुक्ख; संस्कृत: दुःख), पुनर्जन्म के क्षेत्र में अस्तित्व का स्वभाव है, जिसे संसार (शाब्दिक अर्थ “भ्रमण”) कहा जाता है। </poem>|source=—''चार आर्य सत्य'', डोनाल्ड लोपेज़<ref>[http://www.britannica.com/topic/Four-Noble-Truths Four Noble Truths, Buddhist philosophy] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160422075712/https://www.britannica.com/topic/Four-Noble-Truths |date=22 April 2016 }}, Donald Lopez, Encyclopædia Britannica</ref><ref>{{cite book|author1=Robert E. Buswell Jr.|author2=Donald S. Lopez Jr.|title=The Princeton Dictionary of Buddhism|url=https://books.google.com/books?id=DXN2AAAAQBAJ |year=2013|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-4805-8|pages=304–05}}</ref>|bgcolor=#ffd068|align=right}} [[श्रमण परम्परा|श्रमण परंपराएँ]] (बौद्ध और जैन धर्म) ने लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास नवीन विचार प्रस्तुत किए। इन परंपराओं ने बड़े परिप्रेक्ष्य में मानवीय दुःख पर विशेष ध्यान केंद्रित किया, और पुनर्जन्म, पुनर्मृत्यु तथा पीड़ा की सच्चाई को धार्मिक जीवन का मूल एवं प्रारंभ माना। श्रमणों के अनुसार ''संसार'' एक निरादि चक्रीय प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक जन्म और मृत्यु उस प्रक्रिया में विराम चिन्ह के समान है, और आध्यात्मिक मुक्ति को पुनर्जन्म एवं पुनर्मृत्यु से मुक्ति के रूप में देखा गया। इन धर्मों में संसारिक पुनर्जन्म और पुनर्मृत्यु के विचारों को विभिन्न नामों से समझाया गया है, जैसे कि बौद्ध धर्म के प्रारंभिक पालि सूत्रों में ‘आगतिगति’ शब्द का प्रयोग।   === विचारों का विकास === विभिन्न धर्मों में, संसार-सिद्धांतों के विकास के क्रम में भिन्न-भिन्न मोक्षतन्त्रों पर बल दिया गया। उदाहरणतः, ओबेयसेकेरे के अनुसार, हिन्दू परंपराओं ने आत्मा ([[आत्मन्]]) के अस्तित्व को स्वीकार कर इसे प्रत्येक जीव की अपरिवर्तनीय सार के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि बौद्ध परंपराओं ने आत्मा की उपस्थिति को नकारते हुए अनात्म (आत्महीनता) की संकल्पना विकसित की। हिन्दू परंपराओं में [[मोक्ष]] (मुक्ति) की व्याख्या आत्मा एवं ब्रह्म (सर्वव्यापी वास्तविकता) की अवधारणाओं के माध्यम से की गई, जबकि बौद्ध धर्म में निर्वाण को अनात्म एवं शून्यता (शून्यत्व) के माध्यम से समझाया गया। <ref name="gtumoksha">[http://berkleycenter.georgetown.edu/essays/moksha Moksha] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20201025105212/https://berkleycenter.georgetown.edu/essays/moksha|date=25 October 2020}}, Georgetown University</ref>{{Sfn|Stephen J. Laumakis|2008|pp=68–70, 125–28, 149–53, 168–76}}<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/buddhisminterfai0000abem|title=Buddhism and Interfaith Dialogue|last=Masao Abe|last2=Steven Heine|publisher=University of Hawaii Press|year=1995|isbn=978-0-8248-1752-7|pages=[https://archive.org/details/buddhisminterfai0000abem/page/7 7]–8, 73–78|url-access=registration}}</ref><ref name="davidloyp65">{{Cite journal|last=Loy|first=David|year=1982|title=Enlightenment in Buddhism and Advaita Vedanta: Are Nirvana and Moksha the Same?|url=https://archive.org/details/sim_international-philosophical-quarterly_1982-03_22_1/page/64|journal=International Philosophical Quarterly|volume=22|issue=1|pages=65–74|doi=10.5840/ipq19822217}}</ref> [[आजीविका]] परंपरा ने ''संसार'' संबंधी सिद्धांतों को इस आधार पर गढ़ा कि स्वतंत्र इच्छा (स्वेच्छा) का अभाव है, जबकि जैन परंपरा ने आत्मा (‘जीव’) और स्वतंत्र इच्छा को स्वीकारते हुए ''संसार'' के बन्धन से मुक्ति के साधन के रूप में तपस्या तथा कर्मत्याग को महत्त्वपूर्ण माना। हिन्दू और बौद्ध धर्म की विभिन्न उप-परंपराओं ने स्वतंत्र इच्छा को स्वीकारा, कठोर तपस्या से परहेज़ करते हुए, त्याग और सन्यास को अंगीकार किया, तथा असली अस्तित्व की प्रकृति की अनुभूति के माध्यम से मुक्ति के अपने-अपने मार्ग विकसित किए। <ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/bub_gb_4WZTj3M71y0C|title=Karma and Rebirth in Classical Indian Traditions|last=George L Jart III|publisher=University of California Press|year=1980|isbn=978-0-520-03923-0|editor-last=Wendy Doniger|pages=[https://archive.org/details/bub_gb_4WZTj3M71y0C/page/n156 131]–33}}</ref> == हिंदू धर्म में == {{multiple image|align=right|image1=Meerabai (crop).jpg|width1=165|alt1=|caption1=[[भक्ति]]|image2=Bronze figure of Kashmiri in Meditation by Malvina Hoffman Wellcome M0005215.jpg|width2=160|alt2=|caption2=[[ध्यान]]|footer=''संसार'' से मुक्ति, जिसे [[मोक्ष]] कहा जाता है, हिंदू धर्म में अंतिम लक्ष्य माना जाता है।}} हिन्दू धर्म में ''संसार'' को ''[[आत्मा]]'' (''Ātman'') की यात्रा समझा जाता है। शरीर मर जाता है, पर आत्मा मृत्यु के अधीन नहीं होती, क्योंकि आत्मा अनन्त सत्य, अविनाशी और परमानंद स्वरूप है। समस्त सृष्टि एक-दूसरे में अंतर्निहित है, चक्रीय है और दो तत्वों से मिलकर बनी है: आत्मा (आत्मन्) और शरीर अथवा पदार्थ। यह अनन्त आत्मा, जिसे आत्मन् कहा जाता है, फिर कभी जन्म नहीं लेती; हिन्दू विश्वासानुसार आत्मा कभी नहीं बदलती और बदल भी नहीं सकती। इसके विपरीत शरीर और व्यक्तित्व में परिवर्तन होता रहता है, ये जन्मते हैं और मरते हैं। वर्तमान कर्मों का प्रभाव इस जीवन की परिस्थितियों के साथ-साथ भविष्य के जन्मों और उन जीवों के रूप या लोकों पर भी पड़ता है। श्रेष्ठ संकल्प और उत्तम कर्म अच्छे भविष्य के निर्माण में सहायक होते हैं, जबकि अधम संकल्प और दुष्ट कर्मों से दुर्दैवपूर्ण भविष्य बनता है। ''संसार'' की यात्रा आत्मा को प्रत्येक जन्म में सकारात्मक या नकारात्मक [[कर्म]] करने का अवसर देती है, ताकि वह आध्यात्मिक प्रयत्न करके [[मोक्ष]] प्राप्त कर सके। <ref>{{Cite book|title=Moksha and the Hindu World View|last=Mishra|first=R.C|publisher=SAGE Publications|year=2013|pages=22–24|language=English}}</ref> हिन्दुओं का मानना है कि धर्मशील जीवन और धर्मानुकूल कर्में व्यक्ति के इस जीवन या आने-वाले जन्मों में श्रेष्ठ फल प्रदान करते हैं। [[भक्ति]], [[कर्म]], [[ज्ञान]], या [[राज योग|राजयोग]] के मार्ग द्वारा आत्मा का उद्धार, अर्थात् [[मोक्ष]], इस यात्रा का लक्ष्य है।<ref name="Flood2009">{{Cite web|url=http://www.bbc.co.uk/religion/religions/hinduism/concepts/concepts_1.shtml|title=Hindu concepts|last=Flood|first=Gavin|date=2009-08-24|website=[[BBC Online]]|publisher=[[BBC]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20140411171600/http://www.bbc.co.uk/religion/religions/hinduism/concepts/concepts_1.shtml|archive-date=2014-04-11|access-date=2015-07-31}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=HLZMAgAAQBAJ|title=The Bloomsbury Companion to New Religious Movements|last=George D. Chryssides|last2=Benjamin E. Zeller|publisher=Bloomsbury Academic|year=2014|isbn=978-1-4411-9829-7|page=333}}</ref> [[उपनिषद्]], जो हिन्दू धर्मग्रंथों का महत्वपूर्ण अंश हैं, मुख्यतः आत्मा को ''संसार'' से मुक्त करने पर केंद्रित हैं। [[श्रीमद्भगवद्गीता|भगवद्गीता]] में मोक्ष प्राप्ति के लिए विविध मार्गों का विवेचन किया गया है। जैसा कि प्रख्यात विद्वान हारोल्ड कॉवर्ड ने कहा है, उपनिषद् मानव स्वभाव की परिपूर्णता के प्रति बहुत आशावादी दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, और इन ग्रन्थों में मानव प्रयास का लक्ष्य आत्म-परिपूर्णता तथा आत्म-ज्ञान की सतत यात्रा है, जिससे अन्ततः ''संसार'' समाप्त हो सके। उपनिषदिक परंपराओं में आध्यात्मिक साधना का उद्देश्य अपना वास्तविक स्व (आत्मा) आत्मावलोकन के माध्यम से खोजना और आत्म-ज्ञान प्राप्त करना है, क्योंकि ऐसा होने पर मोक्ष की सुखद एवं स्वतंत्र अवस्था प्राप्त होती है। {{Sfn|Harold Coward|2008|pp=129, 130–55}} === हिन्दू परंपराओं में भिन्नताएँ === सभी हिन्दू परंपराएँ ''संसार'' की अवधारणा को स्वीकारती हैं, परन्तु वे विवरणों में भिन्न हैं तथा यह भी अलग-अलग बताती हैं कि ''संसार'' से मुक्ति की स्थिति क्या होगी। ''संसार'' को निरंतर परिवर्तनशील जगत में पुनर्जन्म का चक्र माना गया है, जहाँ [[माया]] (भ्रमित दृश्य) अस्थायी है और ब्रह्म वह [[सत्य]] है जो कभी नष्ट या परिवर्तित नहीं होता। मोक्ष वह अवस्था है जिसमें आत्मा ब्रह्म का बोध कर लेती है और ''संसार'' के चक्र से स्वतन्त्र हो जाती है। <ref name="gtumoksha">[http://berkleycenter.georgetown.edu/essays/moksha Moksha] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20201025105212/https://berkleycenter.georgetown.edu/essays/moksha|date=25 October 2020}}, Georgetown University</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=QeRIP-TuKLAC|title=The Essentials of Indian Philosophy|last=M. Hiriyanna|publisher=Motilal Banarsidass|year=1995|isbn=978-81-208-1330-4|pages=24–25, 160–66}}</ref> द्वैताद्वैत मत आदि उपविधाएँ: द्वैताद्वैत मत के द्वैतवादात्मक भक्तिवाद की परंपराएँ, जैसे [[मध्वाचार्य|माध्वाचार्य]] का [[द्वैत वेदान्त|द्वैत वेदांत]], अधिष्ठित निमित्त हैं; इनके अनुसार व्यक्ति का आत्मा और परमात्मा ([[विष्णु|विश्‍णु]], [[कृष्ण]]) दो पृथक् वास्तविकताएँ हैं। इनकी दृष्टि में केवल विश्‍णु के प्रति प्रेमपूर्वक भक्ति द्वारा ही ''संसार'' से विमोचन (मोक्ष) सम्भव है, और मोक्ष केवल विश्‍णु की कृपा से ही प्राप्त होता है। इनके यहाँ मोक्ष केवल परलोक में ([[विधेमुक्ति]]) हासिल हो सकता है। इसके उलट, [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैत वेदांत]] की परंपराएँ, जैसे आदि शंकराचार्य का अद्वैत वेदांत, आध्यात्मिक एकात्मता (एकाध्यात्मवाद) पर आधारित हैं। इनके अनुसार आत्मा (आत्मन्) और ब्रह्म दोनों एक ही हैं; केवल अज्ञान, तृष्णा और जड़ता के कारण ही व्यक्ति संसाराराधन में दु:खी होता है। वास्तव में कोई द्वैत नहीं है—ध्यान और आत्म-ज्ञान ही मोक्ष का मार्ग हैं। जब व्यक्ति आत्मा और [[ब्रह्म]] के एक ही होने का बोध कर लेता है, तब वह [[जीवन्मुक्त|जीवनमुक्ति]] की अवस्था प्राप्त कर लेता है, अर्थात् मोक्ष इस जीवन में ही संभव है।<ref name="davidloyp65">{{Cite journal|last=Loy|first=David|year=1982|title=Enlightenment in Buddhism and Advaita Vedanta: Are Nirvana and Moksha the Same?|url=https://archive.org/details/sim_international-philosophical-quarterly_1982-03_22_1/page/64|journal=International Philosophical Quarterly|volume=22|issue=1|pages=65–74|doi=10.5840/ipq19822217}}<cite class="citation journal cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFLoy1982">Loy, David (1982). "Enlightenment in Buddhism and Advaita Vedanta: Are Nirvana and Moksha the Same?". ''International Philosophical Quarterly''. '''22''' (1): <span class="nowrap">65–</span>74. [[डिजिटल वस्तु अभिज्ञापक|doi]]:[[doi:10.5840/ipq19822217|10.5840/ipq19822217]].</cite></ref>{{Sfn|Jeaneane D. Fowler|2002|pp=238–40, 243–45, 249–50, 261–63, 279–84}} == जैन धर्म में ==   [[चित्र:Saṃsāra.jpg|अंगूठाकार|जैन धर्म के श्री महावीरजी मंदिर में सासरा का प्रतीकात्मक चित्रण।]] [[जैन धर्म]] में ''संसार'' और कर्म का मत उसके वैचारिक आधार का केन्द्रीय अंग हैं, जैसा कि जैन सम्प्रदायों के प्राचीन से मौजूदा विस्तृत साहित्य से स्पष्ट होता है। जैन दृष्टि में ''संसार'' निरन्तर पुनर्जन्मों और दुखों से युक्त सांसारिक जीवन का चक्र है। {{Sfn|Jaini|1980|pp=226–28}}<ref name="dundasp14">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=X8iAAgAAQBAJ|title=The Jains|last=Paul Dundas|publisher=Routledge|year=2003|isbn=978-0415266055|pages=14–16, 102–05}}</ref><ref name="Sethia2004p31">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=QYdlKv8wBiYC|title=Ahimsā, Anekānta, and Jainism|last=Tara Sethia|publisher=Motilal Banarsidass|year=2004|isbn=978-81-208-2036-4|pages=30–31}}</ref> जैन परंपराओं की संसार-निर्मिति अन्य भारतीय धर्मों से भिन्न है। उदाहरणतः जैनों के यहाँ आत्मा (''जीव'') का अस्तित्व सत्य माना गया है—वहीं हिन्दू परंपराओं में भी आत्मा स्वीकृत है, पर बौद्ध परंपराओं में आत्मा की कल्पना नहीं। जैन मतानुसार ''संसार'' या पुनर्जन्मों का चक्र यहाँ निश्चित आरंभ और अंत दोनों रखता है। {{Sfn|Jaini|1980|p=226}} आत्मा अपनी यात्रा एक आदिभूत अवस्था में आरंभ करती है, और ''संसार'' के चक्र में निरंतर विकसित होती रहती है। कुछ आत्माएँ उच्चतर अवस्थाओं तक विकसित होती हैं, जबकि कुछ पतित भी होती हैं; यह सारा विकास कर्म के आधार पर चलता है। जैन परंपराओं में [[अभिव्यंजनावाद|''अभाव्य'']] नामक आत्मा का एक वर्ग माना गया है, जो कभी मोक्ष नहीं प्राप्त कर सकता। अभाव्य अवस्था में प्रवेश हेतु कोई व्यक्ति जान-बूझकर अत्यन्त दुष्ट कर्म करता है। <ref name="Dundas2003p105">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=X8iAAgAAQBAJ|title=The Jains|last=Paul Dundas|publisher=Routledge|year=2003|isbn=978-0415266055|pages=104–05}}</ref> जैन मतानुसार प्रत्येक आत्मा ''संसार'' में ८४,००,००० प्रकार के जन्म-परिस्थितियों से गुजरती है। जैसे-जैसे आत्मा चक्र में आगे बढ़ती है, उसके शरीर पाँच प्रकार के होते हैं—पृथ्वी-देह, जल-देह, अग्नि-देह, वायु-देह और वनस्पति-जीव। जब भी वर्षा होती है, कृषि की जाती है, भोजन किया जाता है या श्वास ली जाती है, सूक्ष्मजीव जन्म और मृत्युपर्यन्त स्थित होते हैं। जैन धर्म में किसी भी जीव को, चाहे वह मानव हो या सूक्ष्मजीव, पीड़ा पहुँचाना या मारना पाप माना जाता है और उससे आत्मा के ''संसार'' चक्र में नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।{{Sfn|Jaini|1980|pp=224–25}}<ref name="Sethia2004p31">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=QYdlKv8wBiYC|title=Ahimsā, Anekānta, and Jainism|last=Tara Sethia|publisher=Motilal Banarsidass|year=2004|isbn=978-81-208-2036-4|pages=30–31}}<cite class="citation book cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFTara_Sethia2004">Tara Sethia (2004). [https://books.google.com/books?id=QYdlKv8wBiYC ''Ahimsā, Anekānta, and Jainism'']. Motilal Banarsidass. pp.&nbsp;<span class="nowrap">30–</span>31. [[अंतर्राष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्या|ISBN]]&nbsp;[[Special:BookSources/978-81-208-2036-4|<bdi>978-81-208-2036-4</bdi>]].</cite></ref> जैन धर्म में मुक्त आत्मा वे हैं जो ''संसार'' के चक्र से परे पहुँच चुके हैं, ब्रह्मगृह (सिद्धलोक) पर पहुंच चुके हैं, सर्वज्ञानी हो चुके हैं और वहाँ अनन्तकाल पूरक होते हैं; इन्हें ''[[सिद्ध]]'' कहा जाता है। पुरुष मानव को मोक्ष-योग का निकटतम रूप माना जाता है, विशेषतः तपस्या के माध्यम से। महिला को मोक्ष के योग्य बनने के लिए प्रथम पुण्य-संचय करना आवश्यक होता है ताकि वह पुनर्जन्म में पुरुष रूप धारण कर सके; तभी वह मोक्ष प्राप्त कर सकती है, खासकर [[दिगम्बर|दिगंबर]] सम्प्रदाय में। किन्तु ऐतिहासिक रूप से जैन धर्म के भीतर इस पर विविध मत प्रचलित रहे हैं; श्वेतांबर सम्प्रदाय के अनुसार महिलाएँ भी सीधें मोक्षप्राप्ति कर सकती हैं।<ref name="harveyp182">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=wrTsCwAAQBAJ&pg=PT182|title=Religions in Focus: New Approaches to Tradition and Contemporary Practices|last=Graham Harvey|publisher=Routledge|year=2016|isbn=978-1-134-93690-8|pages=182–83}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=X8iAAgAAQBAJ|title=The Jains|last=Paul Dundas|publisher=Routledge|year=2003|isbn=978-0415266055|pages=55–59}}</ref> इसके विपरीत बौद्ध और हिन्दू ग्रंथों में जहाँ पादपों और सूक्ष्मजीवों को क्षति पहुँचाना स्पष्ट रूप से वर्जित नहीं है, वहीं जैन ग्रंथ इसे कायर्य और दुष्कर्म मानते हैं। पादपों तथा सूक्ष्मजीवों को हानि पहुँचाने पर भी आत्मा का ''संसार'' चक्र प्रभावित होता है।<ref name="lschmithausen">[[Lambert Schmithausen]] (1991), ''Buddhism and Nature'', Studia Philologica Buddhica, The International Institute for Buddhist Studies, Tokyo Japan, pp. 6–7</ref><ref>Christopher Chapple (1990), Ecological Nonviolence and the Hindu Tradition, in ''Perspectives on Nonviolence'', Springer, {{ISBN|978-1-4612-4458-5}}, pp. 168–77;<br /><br />L. Alsdorf (1962), ''Beiträge zur Geschichte von Vegetarismus und Rinderverehrung in Indien, Akademie der Wissenschaften und der Literatur'', F. Steiner Wiesbaden, pp. 592–93</ref> == बौद्ध धर्म में == [[चित्र:The_wheel_of_life,_Trongsa_dzong.jpg|अंगूठाकार|बौद्ध ब्रह्मांड विज्ञान में भावचक्र और ''सासरा'' के छह क्षेत्रों को दिखाने वाला पारंपरिक तिब्बती थांगका।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=40i38mGQ6aAC&pg=PA61|title=The Words of My Perfect Teacher: A Complete Translation of a Classic Introduction to Tibetan Buddhism|last=Patrul Rinpoche|last2=Dalai Lama|publisher=Rowman Altamira|year=1998|isbn=978-0-7619-9027-7|pages=61–99}}</ref>]] {{Reflist|30em}} बौद्ध धर्म में संसार, जैसा कि जेफ विल्सन कहते हैं, “दुःखयुक्त जीवन, मृत्यु और पुनर्जन्म का अनादि-अनंत चक्र” है। इसे भुवनचक्र (भावचक्र) भी कहते हैं और पालि ग्रन्थों में पुनर्भव अथवा पुनर्जन्म के रूप में वर्णित किया गया है। इस चक्र से मुक्ति—[[निर्वाण]]<nowiki/>—ही बौद्ध धर्म का परम लक्ष्य है।<ref name="jeffwilsonbudsam">{{Cite book|title=Saṃsāra and Rebirth, in Buddhism|last=Jeff Wilson|publisher=Oxford University Press|year=2010|isbn=978-0195393521|doi=10.1093/obo/9780195393521-0141}}</ref><ref name="Conze2013p71">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=kY5TAQAAQBAJ|title=Buddhist Thought in India: Three Phases of Buddhist Philosophy|last=Edward Conze|publisher=Routledge|year=2013|isbn=978-1-134-54231-4|page=71}}, '''Quote:''' "Nirvana is the ''raison d’être'' of Buddhism, and its ultimate justification."</ref>{{Sfn|Gethin|1998|p=119}} बौद्ध धर्म में अन्य भारतीय धर्मों की तरह ''संसार'' को स्थायी माना जाता है। कर्म बौद्ध विचार में इस स्थायी ''संसार'' को चलाता है, पॉल विलियम्स कहते हैं, और "ज्ञान प्राप्त करने से कम, प्रत्येक पुनर्जन्म में एक व्यक्ति पैदा होता है और मर जाता है, अपने स्वयं के कर्म की पूरी तरह से अवैयक्तिक कारण प्रकृति के अनुसार कहीं और पुनर्जन्म होता है।"{{Sfn|Williams|2002|pp=74–75}} सभी बौद्ध परंपराओं द्वारा स्वीकार किए गए [[आर्यसत्य|चार महान सत्य]] का उद्देश्य इस सासरा से संबंधित पुनः होने (पुनर्जन्म और पीड़ितों के संबंधित चक्र) को समाप्त करना है।{{Sfn|Paul Williams|Anthony Tribe|Alexander Wynne|2012|pp=30–42}}{{Sfn|Robert Buswell Jr.|Donald Lopez Jr.|2013|pp=304–05}}<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=P_lmCgAAQBAJ|title=A Companion to Buddhist Philosophy|last=Peter Harvey|publisher=John Wiley & Sons|year=2015|isbn=978-1-119-14466-3|editor-last=Steven M. Emmanuel|pages=26–44}} '''Quote:''' "the first features described as painful [dukkha] in the above DCPS [Dhamma-cakka-pavatana Sutta in ''Vinaya Pitaka''] quote are basic biological aspects of being alive, each of which can be traumatic. The dukkha of these is compounded by the rebirth perspective of Buddhism, for this involves repeated re-birth, re-aging, re-sickness, and re-death."</ref> जैन की भाँति बौद्ध धर्म ने भी अपने संसार-सिद्धांत का विकास किया, जिसमें पुनर्जन्म और पुनर्मृत्यु के यांत्रिक विवरण समय के साथ विस्तृत हुए। प्रारंभिक बौद्ध परंपराओं में ''संसार'' का वर्णन पाँच लोकों द्वारा किया गया: नरक (निरय), भूत (पेत), पशु (तिर्यञ्च), मानव (मनुष्य) और देव (स्वर्गलोक)। बाद के ग्रंथों में छह लोकों की संख्या हो गई, जिसमें असुर (दैत्य) भी सम्मिलित हुआ। “पेत लोक, देव लोक, निरय लोक” क्रमशः अनेक समकालीन बौद्ध परंपराओं में क्रमशः अनुष्ठान, साहित्य एवं नैतिक आयामों को निरूपित करते हैं। <ref name="jeffwilsonbudsam" /><ref name="Trainor2004p63">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=_PrloTKuAjwC|title=Buddhism: The Illustrated Guide|last=Kevin Trainor|publisher=Oxford University Press|year=2004|isbn=978-0-19-517398-7|pages=62–63}}; '''Quote:''' "Buddhist doctrine holds that until they realize nirvana, beings are bound to undergo rebirth and redeath due to their having acted out of ignorance and desire, thereby producing the seeds of karma".</ref> बौद्ध धर्म में ''संसार'' में ये छह-छह दिव्य, असुर, मानव, पशु, भूत और नरक लोक अन्तःसङ्गठित माने गए हैं, जहाँ प्रत्येक जीव अपनी अज्ञानता, तृष्णा तथा कर्म-परिणामों के कारण बारम्बार पुनर्जन्म लेता है। निर्वाण को इस पुनर्जन्म-चक्र से मुक्ति ही माना गया है, और बौद्ध ग्रंथों में निर्‍वाह्य मृत्यु (अमृतता) तथा निर्वाण को समरूपी माना गया है। <ref name="Collins2010p38">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=d5pshUYiUVwC|title=Nirvana: Concept, Imagery, Narrative|last=Steven Collins|date=2010|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-88198-2|pages=38}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=O3ecE9j3qXsC|title=Rationality and Mind in Early Buddhism|last=Frank J. Hoffman|publisher=Motilal Banarsidass|year=2002|isbn=978-81-208-1927-6|pages=103–06}}</ref> == सिख धर्म में == [[सिख धर्म]] ने संसार, कर्म और काल की चक्रीयता की अवधारणा को अपनाया है। पन्द्रहवीं सदी में स्थापित सिख धर्म के संस्थापक [[गुरु नानक]] देव ने प्राचीन भारतीय धर्मों की चक्रीय काल-धारणा को अंगीकार किया। किन्तु सिख धर्म में ''संसार'' की अवधारणा कई महत्वपूर्ण भिन्नताएँ प्रस्तुत करती है। सिखों के अनुसार मोक्ष केवल ईश्वर की कृपा से ही सम्भव है, और मुक्ति का मार्ग एकेश्वर [[भक्ति]] (एक ही ईश्वर की आराधना) है। <ref name="Mandair2013p145">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=Jn_jBAAAQBAJ|title=Sikhism: A Guide for the Perplexed|last=Arvind-Pal Singh Mandair|publisher=Bloomsbury Academic|year=2013|isbn=978-1-4411-5366-1|pages=145–46, 181, 220}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=gqIbJz7vMn0C|title=The Encyclopedia of Sikhism|last=H. S. Singha|publisher=Hemkunt Press|year=2000|isbn=978-81-7010-301-1|pages=68, 80}}</ref> सिख धर्म, प्राचीन तीनों भारतीय परंपराओं की भाँति, शरीर को नश्वर मानता है, पुनर्जन्म के चक्र को सत्य मानता है तथा प्रत्येक पुनर्जन्म के साथ दुःख भी जुड़ा हुआ मानता है। किन्तु जैन धर्म की तरह तपस्या को मार्ग नहीं मानता; सिख धर्म सामाजिक सहभागिता एवं गृहस्थ जीवन को महत्व देता है। यहाँ मोक्ष की प्राप्ति के लिए ईश्वर की भक्ति एवं उस पर पूर्ण विश्वास आवश्यक माना गया है, तथा ''संसार'' के चक्र से विशुद्ध भक्ति एवं गुरु ग्रन्थ साहिब की शिक्षाओं के माध्यम से ही मुक्ति सम्भव है। <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7YwNAwAAQBAJ|title=The Oxford Handbook of Sikh Studies|last=Pashaura Singh|last2=Louis E. Fenech|publisher=Oxford University Press|year=2014|isbn=978-0-19-100411-7|pages=230–31}}</ref> == यह भी देखें == * [[पुनर्जन्म (बौद्ध धर्म)]] * [[पुनरुज्जीवन|पुनरुत्थान]] == संदर्भ == === उद्धरण ===   === स्रोत ===  {{refbegin|30em}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=xpycf4RxMjYC|title=Hermeneutical Essays on Vedāntic Topics|author=John Geeverghese Arapura|publisher=Motilal Banarsidass|year=1986|isbn=978-81-208-0183-7}} * {{Cite journal|last=Buitenen|first=J. A. B. Van|year=1957|title=Dharma and Moksa|url=https://archive.org/details/sim_philosophy-east-and-west_april-july-1957_7_1-2/page/33|journal=Philosophy East and West|volume=7|issue=1/2|pages=33–40|doi=10.2307/1396832|jstor=1396832}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=Te9wBAAAQBAJ|title=God: A Very Short Introduction|author=John Bowker|date=2014|publisher=Oxford University Press|isbn=978-0-19-870895-7}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=DXN2AAAAQBAJ|title=The Princeton Dictionary of Buddhism|author1=Robert Buswell Jr.|author2=Donald Lopez Jr.|publisher=Princeton University Press|year=2013|isbn=978-1-4008-4805-8}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=LkE_8uch5P0C|title=The Perfectibility of Human Nature in Eastern and Western Thought: The Central Story|author=Harold Coward|publisher=State University of New York Press|year=2008|isbn=978-0-7914-7336-8}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=_oPeWqdoqJQC|title=Religious Understandings of a Good Death in Hospice Palliative Care|author=Harold Coward|publisher=State University of New York Press|year=2012|isbn=978-1-4384-4275-4}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=DH0vmD8ghdMC|title=Hinduism: An Alphabetical Guide|last=Dalal|first=Roshen|publisher=Penguin Books|year=2010|isbn=978-0-14-341421-6}} * {{Cite book|url=https://archive.org/details/encyclopediaofre00mac_qwm|title=The encyclopedia of religion|author=Mircea Eliade|date=1987|publisher=Macmillan|isbn=978-0-02-909480-8|url-access=registration}} * {{Cite book|url=https://archive.org/details/hinduismbeliefsp0000fowl|title=Hinduism: Beliefs and Practices|author=Jeaneane D. Fowler|publisher=Sussex Academic Press|year=1997|isbn=978-1-898723-60-8}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books/about/Perspectives_of_Reality.html?id=PJbsAAAAIAAJ|title=Perspectives of Reality: An Introduction to the Philosophy of Hinduism|author=Jeaneane D. Fowler|publisher=Sussex Academic Press|year=2002|isbn=978-1-898723-93-6}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=Nv_a5cMEwngC|title=The Continuum Companion to Hindu Studies|author1=Jessica Frazier|author2=Gavin Flood|publisher=Bloomsbury Academic|year=2011|isbn=978-0-8264-9966-0}} * {{Cite book|url=https://archive.org/details/foundationsofbud00rupe|title=Foundations of Buddhism|last=Gethin|first=Rupert|publisher=Oxford University Press|year=1998|isbn=978-0192892232}} * {{Cite book|url={{Google books|4WZTj3M71y0C|plainurl=yes}}|title=Karma and Rebirth in Classical Indian Traditions|last=Jaini|first=Padmanabh|publisher=University of California Press|year=1980|isbn=978-0-520-03923-0|editor-last=Doniger|editor-first=Wendy}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=WwJzAwAAQBAJ|title=Encyclopedia of Global Religion|author1=Mark Juergensmeyer|author2=Wade Clark Roof|publisher=SAGE Publications|year=2011|isbn=978-1-4522-6656-5}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=985a1M7L1NcC|title=A Dictionary of Buddhism|author=Damien Keown|publisher=Oxford University Press|year=2004|isbn=978-0-19-157917-2}} * {{Cite book|title=A Survey of Hinduism: Third Edition|url=https://archive.org/details/surveyofhinduism0003klos|author=Klaus Klostermaier|publisher=State University of New York Press|year=2010|isbn=978-0-7914-8011-3}} * {{Cite book|title=The Meaning of Life, translated and edited by Jeffrey Hopkins|last=Dalai Lama|publisher=Wisdom|year=1992|isbn=978-1459614505}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=_29ZDAcUEwYC|title=An Introduction to Buddhist Philosophy|author=Stephen J. Laumakis|publisher=Cambridge University Press|year=2008|isbn=978-1-139-46966-1}} * {{Cite book|url=https://archive.org/details/illustratedencyc0000loch|title=The Illustrated Encyclopedia of Hinduism, Vol. 2: N-Z|last=Lochtefeld|first=James|publisher=Rosen Publishing|year=2002|isbn=978-0-8239-2287-1}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=xfvaAAAAQBAJ|title=Brahman: A Comparative Theology|author=Michael Myers|publisher=Routledge|year=2013|isbn=978-1-136-83565-0}} * {{Cite book|url=https://archive.org/details/bub_gb_4WZTj3M71y0C|title=Karma and Rebirth in Classical Indian Traditions|last=Obeyesekere|first=Gananath|publisher=University of California Press|year=1980|isbn=978-0-520-03923-0|editor=Wendy Doniger}} * {{Cite book|title=Karma and Rebirth: A Cross Cultural Study|url=https://archive.org/details/liang.karmarebirth0000gana|last=Obeyesekere|first=Gananath|publisher=Motilal Banarsidass|year=2005|isbn=978-8120826090|editor=Wendy Doniger}} * {{Cite book|title=Buddhist Thought|url=https://archive.org/details/buddhistthoughtc0000will|last=Williams|first=Paul|publisher=Routledge|year=2002|isbn=0-415207010}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=NOLfCgAAQBAJ|title=Buddhist Thought|author1=Paul Williams|author2=Anthony Tribe|author3=Alexander Wynne|publisher=Routledge|year=2012|isbn=978-1-136-52088-4}} {{refend}} == आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में) ==  {{refbegin|30em}} * {{Cite book|url={{Google books|X8iAAgAAQBAJ|plainurl=yes}}|title=The Jains|last=Dundas|first=Paul|date=2002|publisher=Routledge|isbn=978-0-415-26605-5|edition=Second|location=London and New York|author-link=Paul Dundas|orig-year=1992}} * {{Cite book|url={{Google books|HPggiM7y1aYC|plainurl=yes}}|title=Collected Papers On Jaina Studies|date=2000|publisher=[[Motilal Banarsidass]]|isbn=978-81-208-1691-6|editor-last=Jaini|editor-first=Padmanabh S.|edition=First|location=Delhi}} * {{Cite book|url={{Google books|QYdlKv8wBiYC|plainurl=yes}}|title=Ahiṃsā, Anekānta and Jainism|last=Sethia|first=Tara|date=2004|publisher=[[Motilal Banarsidass]]|isbn=978-81-208-2036-4}} {{refend}} == बाहरी लिंक == * [http://www.stephen-knapp.com/reincarnation_a_simple_explanation.htm पुनर्जन्मः एक सरल व्याख्या] * द व्हील ऑफ लाइफ, सी. जॉर्ज बोएरी, शिप्पेनसबर्ग विश्वविद्यालय * [http://www.oxfordbibliographies.com/view/document/obo-9780195393521/obo-9780195393521-0141.xml सासरा और पुनर्जन्म], बौद्ध धर्म, ऑक्सफोर्ड ग्रंथ सूची [[श्रेणी:संस्कृत शब्द]] [[श्रेणी:बौद्ध दार्शनिक अवधारणाएँ]] [[श्रेणी:वेबग्रंथागार साँचा वेबैक कड़ियाँ]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] 0k3iqc4uh3vm7gvn2tczwackn1u98ky बाब 0 12989 6582804 6548697 2026-07-15T07:28:18Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582804 wikitext text/x-wiki '''महात्मा बाब''' ( 20 अक्टूबर 1819 – 9 जुलाई 1850) बाबी धर्म के संस्थापक थे,{{Sfn|MacEoin|2012b}} और वे [[बहाई धर्म]] के केंद्रीय व्यक्तित्वों में से एक भी माने जाते हैं। बाब ने अपनी विस्तृत रचनाओं में धीरे-धीरे और क्रमशः यह स्पष्ट किया कि वे ईश्वर का प्रकटीकरण हैं, जिनका दर्जा ईश्वर के अन्य अवतारों के समान है, और जिन्हें उन्ही के समान गहन प्रकटीकरण प्राप्त हुए।{{sfn|Lawson|Ghaemmaghami|2012|p=15}}{{sfn|Stockman|2020|pp=2–3}}{{efn|हालाँकि, बाब की घोषणा के बाद उनकी पहली कृति कय्यूम-अल-अस्मा से यह स्पष्ट था कि वे ईश्वरीय रहस्योद्घाटन के प्राप्तकर्ता होने का दावा करते थे। दरअसल, बाब के दूसरे शिष्य मुल्ला अली-ए-बस्तामी को 1844 में (बाब की घोषणा का वही वर्ष) इराक में शिया और सुन्नी उलेमा के एक संयुक्त समूह द्वारा विधर्म के आरोप में दोषी ठहराया गया, क्योंकि वे एक ऐसी कृति (कय्यूम-अल-अस्मा) के लेखक पर विश्वास रखते थे जो अपने आप को ईश्वर का रहस्योद्घाटन बताती थी।{{sfn|Cole|1998|p=28}}}} उन्होंने दावा किया कि यह नया प्रकटीकरण विश्व-एकता और शांति की स्थापना के लिए आवश्यक सृजनात्मक ऊर्जा और क्षमताओं को मुक्त करेगा।{{sfn|Saiedi|2021|pp=36–38}}उन्होंने अपने को पारंपरिक उपाधि "बाब" (अर्थ: "द्वार"){{efn|शब्द ''बाब'' ({{IPAc-en|b|ɑː|b}}; {{langx|ar|باب}}; अर्थ "द्वार" या "दरवाज़ा") "गायब इमाम" के नायब के लिए प्रयुक्त एक संकेत है{{sfn|de Bellaigue|2018|pp=135, 141}}}} से संबोधित किया, हालांकि प्रसंग से यह स्पष्ट था कि इस पद द्वारा उनका अभिप्राय उससे पहले इससे जुड़ी किसी भी धारणा से बहुत भिन्न एक आध्यात्मिक दावा था।{{sfn|Hatcher|Martin|1998|p=7}} उन्होंने घोषित किया कि उनके मिशन का केंद्रीय उद्देश्य अपने से महान एक आध्यात्मिक विभूति के आगमन के लिए तैयारी कराना था — वे विश्व के महान धर्मों में प्रतिज्ञापित इस अवतार को "जिसे ईश्वर प्रकट करेगा" कहते थे।{{sfn|Lawson|Ghaemmaghami|2012|p=19}} बाब इस मसीहाई व्यक्तित्व के लिए "द्वार" थे, जिसका संदेश समूचे विश्व में पहुँचाया जाना था।{{sfn|Hatcher|Martin|1998|p=25}} {{धार्मिक जीवनी ज्ञानसन्दूक|name=महात्मा बाब|image=Shrine Bab North West.jpg|caption=इज़राइल के [[हाइफ़ा]] में बाब की समाधि|religion=बाबी धर्म|birth_name=अली मुहम्मद|birth_date={{birth date|1819|10|20|df=y}}|birth_place=शीराज़, [[ईरान]]|death_date={{death date and age|1850|07|09|1819|10|20|df=y}}|death_place=तबरिज़, ईरान|resting_place=हाइफ़ा, इस्राइल|spouse=खदीजा-सुल्तान (1842–1850)|children=अहमद (1843–1843)|title=बाब}} महात्मा बाब का जन्म 20 अक्टूबर 1819 को शिराज़ में हुसैनी वंशावली के सैयदों के एक परिवार में हुआ था, जिनमें से अधिकांश शिराज़ और बुशेहर में वाणिज्यिक कार्यों में लगे हुए थे।{{Sfn|MacEoin|2012b}} वह क़ाजार-कालीन ईरान के शिराज़ के एक व्यापारी थे, जिन्होंने 1844 में 25 वर्ष की आयु में बाबी धर्म की शुरुआत की। अगले छह वर्षों में, बाब ने अनेक पत्र और पुस्तकें लिखीं, जिनमें उन्होंने इस्लामी कानूनों और परंपराओं को निरस्त किया, एक नया धर्म स्थापित किया और एक ऐसी नई सामाजिक व्यवस्था प्रस्तुत की जो एकता, प्रेम और दूसरों की सेवा पर केंद्रित थी।{{sfn|Hartz|2009|p=24}}{{sfn|de Bellaigue|2018|pp=135, 141}}{{sfn|Stockman|2020|p=5}} उन्होंने कला और विज्ञान के अध्ययन को प्रोत्साहित किया,{{sfn|Hartz|2009|p=29}} शिक्षा के आधुनिकीकरण की बात की,{{sfn|Abdolmohammadi|2024|pp=102–126}} और महिलाओं की स्थिति में सुधार किया।{{sfn|Momen|2012}} उन्होंने प्रगतिशील धर्म की अवधारणा प्रस्तुत की, धर्म की निरंतरता और नवीनीकरण को रेखांकित किया।{{sfn|Saiedi|2021|p=34}} उन्होंने नैतिकता,{{sfn|Stockman|2020|p=9}} सत्य की स्वतंत्र खोज, और मानव की गरिमा पर भी बल दिया।{{sfn|Saiedi|2021|p=36}} इसके अतिरिक्त, उन्होंने विवाह, तलाक और उत्तराधिकार को विनियमित करने के लिए प्रावधान दिए, और एक भावी बाबी समाज के लिए नियम निर्धारित किए, यद्यपि ये कभी लागू नहीं किए गए।{{sfn|Hartz|2009|p=29}} समग्र रूप से, बाब अपनी स्वयं की प्रकाशना और क़ानूनों की चर्चा हमेशा उपर्युक्त प्रतिज्ञापित व्यक्तित्व के संदर्भ में करते रहे। पूर्ववर्ती धर्मों के विपरीत, जो समय-समय पर प्रतिज्ञापित व्यक्तित्वों की ओर संकेत करते थे, बाबी धर्म के मूल ग्रंथ बयान का प्रमुख उद्देश्य प्रतिज्ञापित के आगमन की तैयारी करना था।<ref name=":2222">{{Harvnb|Saiedi|2008|p=344}}</ref> बाब निम्न वर्गों, गरीबों, शहरी व्यापारियों, कारीगरों और ग्रामीणों के बीच लोकप्रिय थे।{{sfn|Stockman|2020|p=3}} किंतु उन्हें पारंपरिक उलेमा और सरकार का विरोध झेलना पड़ा, जिस कारण अंततः उन्हें और उनके हज़ारों अनुयायियों—जो बाबी कहलाते थे—को मृत्युदंड दे दिया गया।{{sfn|Stockman|2020|p=7}}{{efn|तीन अवसरों पर, जब बाबियों को ईरानी सेना ने घेर लिया और उन पर हमला किया, तो उन्होंने अपनी रक्षा की। अंततः उनमें से लगभग सभी का नरसंहार कर दिया गया। बाब ने कभी भी [[जिहाद]] की अनुमति नहीं दी और अपने अनुयायियों को शांतिपूर्ण रहने तथा तलवार के बल पर धर्मांतरण न करने की शिक्षा दी।{{sfn|Hartz|2009|p=29}}{{sfn|Stockman|2020|p=7}}{{sfn|Walbridge|2022|pp=339–362}}}} जब धर्मत्याग के लिए बाब को मृत्युदंड दिया गया, तो उन्हें [[तबरीज़]] के एक सार्वजनिक चौक में बांध दिया गया और 750 राइफलों वाले फायरिंग दस्ते के सामने खड़ा किया गया। पहली गोलीबारी के बाद बाब गायब पाए गए और बाद में मिले तो उन्हें वापस चौक में लाया गया। अंततः वे दूसरी गोलीबारी से मारे गए। विवरणों में भिन्नताएँ हैं, लेकिन सभी इस बात पर सहमत हैं कि पहली गोलीबारी उन्हें मार नहीं सकी।{{efn|कुछ विवरणों में कहा गया है कि अनीस पहली गोलीबारी में ही मारे गए, और एक अन्य में कि बाब को तलवार से मार डाला गया। गोलियों ने उन्हें दीवार से लटकाए रखने वाली रस्सी काट दी थी। देखें Firuz Kazemzadeh, Kazem Kazemzadeh, और Howard Garey, "The Báb: Accounts of His Martyrdom", ''World Order'', vol. 8, no. 1 (Fall, 1973), 32। सभी विवरण, मुस्लिम वाले भी, इस बात पर सहमत हैं कि बाब पहली गोलीबारी में बच गए थे।}} यह व्यापक रूप से प्रलेखित घटना उनके संदेश के प्रति रुचि बढ़ाने वाली सिद्ध हुई।{{sfn|Hartz|2009|p=35}} उनके अवशेषों को गुप्त रूप से सुरक्षित रखा गया और इधर-उधर ले जाया गया, जब तक कि 1909 में उन्हें [[अब्दुल बहा]] द्वारा [[माउंट कार्मेल|कार्मेल पर्वत]] की ढलानों पर उनके लिए बनवाए गए समाधिस्थल में दफनाया नहीं गया। बाब को एक ईश्वरीय अवतार मानने की परंपरा आधुनिक काल तक बहाई धर्म के रूप में बनी हुई है,{{sfn|Smith|2021|p=509}} जिसके संस्थापक, [[बहाउल्लाह]], ने 1863 में यह दावा किया कि वे बाब की भविष्यवाणी की पूर्ति हैं। 19वीं शताब्दी के अंत तक अधिकांश बाबी अनुयायी धर्मांतरित होकर बहाई बन गए।{{sfn|de Bellaigue|2018|p=140}} बहाइयों के अनुसार वे ईश्वर के प्रकट रूप हैं, [[आदम]], [[इब्राहीम]], [[मूसा]], [[जरथुस्त्र]], [[कृष्ण]], [[गौतम बुद्ध]], [[ईसा मसीह]], [[मुहम्मद]] और [[बहाउल्लाह]] की तरह।{{Sfn|Smith|2000|p=231: "Manifestations of God"}} == पृष्ठभूमि == === प्रारंभिक जीवन === [[चित्र:Bab-calligraphic-exercise.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|दस वर्ष की आयु से पहले बाब द्वारा लिखित सुलेख अभ्यास]] सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के समय, बाब का जन्म फारस के दक्षिणी क्षेत्र, फ़ार्स प्रांत में 20 अक्टूबर 1819 को [[शिराज़]] में शहर के एक मध्यम-वर्गीय [[व्यापारी]] के यहाँ हुआ और उनका नाम अली मुहम्मद रखा गया।{{sfn|Ghaemmaghami|2022|p=17}} वह एक [[सैय्यद]] थे, [[मुहम्मद]] के वंशज; उनके दोनों माता-पिता अपनी वंशावली [[हुसैन इब्न अली]] के माध्यम से बताते थे।{{sfn|Balyuzi|1973|p=32}} उनके पिता मुहम्मद रज़ा थे, और उनकी माता फ़ातिमेह (1800–1881) शिराज़ के एक प्रमुख व्यापारी की पुत्री थीं। बाद में वह बहाई बन गईं। उनके पिता का निधन तब हो गया जब वह काफ़ी छोटे थे, और उनके मामा जो एक व्यापारी थे, ने उनका पालन-पोषण किया।{{sfn|Bausani|1999}}{{sfn|Balyuzi|1973|pp=30–41}} शीराज़ में उनके मामा ने उन्हें एक मकतब प्राथमिक विद्यालय में भेजा, जहाँ वे छह या सात वर्षों तक रहे।{{sfn|MacEoin|2012b}} उस समय के विद्यालयी पाठ्यक्रम, जिसमें न्यायशास्त्र और अरबी व्याकरण का अध्ययन शामिल था, पर रूढ़िवादी धर्मशास्त्र के विपरीत, बाब को कम उम्र से ही गणित और सुलेख जैसे अपरंपरागत विषयों की ओर झुकाव था, जिनका बहुत कम अध्ययन किया जाता था। आध्यात्मिकता, सृजनशीलता और कल्पना में बाब की तल्लीनता से उनके शिक्षक भी अप्रसन्न रहते थे, और 19वीं सदी की फ़ारसी विद्यालय-व्यवस्था के वातावरण में इसे सहन नहीं किया जाता था।{{sfn|Amanat|1989|p=114}} इससे बाब का शिक्षा-प्रणाली से मोहभंग हो गया; बाद में उन्होंने वयस्कों को यह निर्देश दिया कि वे बच्चों के साथ गरिमा से पेश आएँ, बच्चों को खिलौने रखने और खेलने की अनुमति दें{{sfn|Saiedi|2008|p=305}} और अपने विद्यार्थियों के प्रति कभी क्रोध या कठोरता न दिखाएँ।{{sfn|Saiedi|2008|pages=206}} 15 से 20 वर्ष की आयु के बीच किसी समय, वे अपने मामा के साथ पारिवारिक व्यवसाय, एक व्यापारिक घराना, में शामिल हुए और ईरान के बुशहीर शहर में, जो [[फ़ारस की खाड़ी]] के निकट है, व्यापारी बन गए।{{sfn|Bausani|1999}} एक व्यापारी के रूप में, वे अपने व्यवसाय में ईमानदारी और विश्वसनीयता के लिए प्रसिद्ध थे, और उनका कारोबार भारत, ओमान और बहरीन के साथ व्यापार पर केंद्रित था।{{sfn|de Bellaigue|2018|p=141}} उनकी कुछ प्रारम्भिक रचनाएँ संकेत करती हैं कि उन्हें व्यापार पसंद नहीं था और इसके बजाय उन्होंने धार्मिक साहित्य के अध्ययन में स्वयं को लगाया।{{sfn|MacEoin|2012b}} === विवाह === 1842 में, 23 वर्ष की आयु में और अपनी माता की इच्छा के अनुसार, उन्होंने 20 वर्षीय ख़दीजिह-सुल्तान बेगम (1822–1882) से विवाह किया, जो [[शीराज़]] के एक प्रमुख व्यापारी की पुत्री थीं।{{sfn|Ghaemmaghami|2022|p=18}} यह विवाह सुखद सिद्ध हुआ, यद्यपि उनकी एकमात्र संतान का—अहमद नामक एक पुत्र—अपने जन्म के उसी वर्ष (1843){{sfn|Balyuzi|1981}} ही निधन हो गया और ख़दीजिह को फिर कभी गर्भधारण नहीं हुआ। यह युवा दम्पति शीराज़ में बाब की माता के साथ एक साधारण घर में रहते थे। बाद में, ख़दीजिह खानुम [[बहाई धर्म|बहाई]] बनीं।{{sfn|Balyuzi|1981}} === शैख़ी आंदोलन === 1790 के दशक में इराक़ में, शैख़ अहमद अहसाई (1753–1826) ने [[शिया इस्लाम]] के भीतर एक धार्मिक विचारधारा का सूत्रपात किया। उनके अनुयायी, जिन्हें शैख़ी कहा जाने लगा, मिहदी या निगूण इमाम के किसी प्रतिनिधि के प्रकट होने के माध्यम से दैवी मार्गदर्शन की शीघ्र वापसी की आशा कर रहे थे। उन्होंने इस्लामी शिक्षाओं के प्रति कम शाब्दिक और अधिक सांकेतिक दृष्टिकोण अपनाया। शैख़ अहमद का उस समय के रूढ़िवादी शिया धर्मशास्त्रियों से टकराव हुआ और 1824 में उन्हें काफ़िर घोषित कर दिया गया।{{sfn|Britannica|2022c}} शेख़ अहमद की मृत्यु के बाद, नेतृत्व सैय्यद काज़िम रश्ती (1793–1843) को मिला, और वर्ष 1844 ईस्वी पर जोर दिया गया, जो बारहवें इमाम के जाने के एक हज़ार चंद्र-वर्ष बाद था।{{sfn|Warburg|2006|pp=121–123}} 1841 में बाब इराक की तीर्थयात्रा पर गए और सात महीने तक, मुख्यतः [[कर्बला]] और उसके आसपास, रहे,{{sfn|Balyuzi|1973|p=41}} जहाँ उन्होंने काज़िम रश्ती के व्याख्यानों में भाग लिया।{{sfn|Balyuzi|1973|p=41}} दिसंबर 1843 में अपने निधन के समय, काज़िम रश्ती ने अपने अनुयायियों को घर छोड़कर मिहदी की तलाश में निकलने की सलाह दी; उनकी भविष्यवाणियों के अनुसार, वे शीघ्र प्रकट होने वाले थे।{{sfn|Bausani|1999}} इन्हीं अनुयायियों में से एक, मुल्ला हुसैन, ने एक मस्जिद में 40 दिनों तक एकांत साधना करने के बाद शीराज़ की यात्रा की, जहाँ उनकी भेंट बाब से हुई।{{sfn|Balyuzi|1973|p=13}} === व्यक्तित्व और रूप-रंग === स्रोत सामान्यतः बाब को सौम्य, अल्पायु में प्रखर, या महान बुद्धिमत्ता से संपन्न बताते हैं।{{sfn|Ghaemmaghami|2022|p=17}} एक आयरिश चिकित्सक ने उनका वर्णन इस प्रकार किया: "एक बहुत ही सौम्य और नाज़ुक-से दिखने वाले व्यक्ति, कद में कुछ छोटे और एक फ़ारसी के लिए काफ़ी गोरे, जिनकी मधुर और कोमल आवाज़ ने मुझे बहुत प्रभावित किया।"{{sfn|Balyuzi|1973|p=146}} शोग़ी इफ़ेन्दी ने बाब के "कोमल, तरुण और अप्रतिरोध्य व्यक्तित्व" का उल्लेख किया और उन्हें "विनम्रता में अनुपम, शांति में अडिग, वाणी में चुंबकीय" कहकर सराहा।{{sfn|Effendi|1944|p=xiv}} उनके इस व्यक्तित्व के बारे में कहा गया है कि "जो भी उनसे मिला, उनमें से अनेक मोहित हो गए।"{{sfn|Momen|Lawson|2011}} == उदघोषणा == [[चित्र:महात्मा_बाब_का_कमरा.jpg|अंगूठाकार|वह कमरा जहाँ 22 मई 1844 की शाम को, [[शीराज़]] में उनके घर में, बाब की घोषणा हुई थी]] बाब का पहला धर्म से प्रेरित अनुभव, जिसका दावा उनकी पत्नी ने किया और जिसे उन्होंने देखा भी, लगभग 3 अप्रैल 1844 की शाम का माना जाता है।{{sfn|Afnan|2008|pp=20–22}} बाब का अपने मिशन-बोध के साथ पहला सार्वजनिक संबंध मुल्ला हुसैन के शीराज़ पहुँचने के साथ जुड़ा। 22 मई की रात को, मुल्ला हुसैन को बाब ने अपने घर आमंत्रित किया{{efn|मुल्ला हुसैन से शीराज़ के द्वार पर बाब मिले; वे एक-दूसरे को पहले [[कर्बला]] में मिल चुकने के कारण जानते थे।}} जहाँ मुल्ला हुसैन ने उन्हें सैय्यद काज़िम रश्ती के संभावित उत्तराधिकारी — प्रतिज्ञापित ईश्वरावतार — की अपनी खोज के बारे में बताया। बाब ने स्वयं को वही बताया, और दिव्य ज्ञान के वाहक होने का दावा किया।{{sfn|MacEoin|2012b}} मुल्ला हुसैन, बाब के प्रकटरूप होने और काज़िम रश्ती के संभावित उत्तराधिकारी होने के उनके दावों को स्वीकार करने वाले पहले व्यक्ति बने।{{sfn|Bausani|1999}}{{sfn|MacEoin|2012b}} बाब ने मुल्ला हुसैन के सभी प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए और उनके समक्ष, अत्यंत तीव्रता से, सूरा यूसुफ़ पर एक लंबी व्याख्या लिखी, जिसे क़य्यूमुल-अस्माʼ के नाम से जाना जाता है और बाब की पहली प्रकट रचना माना जाता है।{{sfn|Bausani|1999}} इस तिथि को बहाई पवित्र दिवस के रूप में अपनाया गया है। मुल्ला हुसैन बाब के प्रथम शिष्य बने। पाँच महीनों के भीतर, काज़िम रश्ती के अन्य सत्रह शिष्यों ने बाब को ईश्वर के प्रकटीकरण के रूप में स्वीकार किया।{{sfn|BBC|2009}} उनमें एक महिला, फ़ातिमेह ज़र्रिन ताज बरग़ानी, एक कवयित्री, भी थीं, जिन्हें बाद में 'ताहिरीह' (अर्थ: 'पवित्र') नाम दिया गया। इन 18 शिष्यों को बाद में 'जीविताक्षर' के रूप में जाना गया (प्रत्येक आत्मा में ईश्वर की आत्मा का एक अक्षर निहित है, जो मिलकर वचन बनाते हैं) और उन्हें ईरान व इराक में नए धर्म का प्रचार करने का कार्य सौंपा गया (जिसे अब्राहम की एक ही आस्था की वापसी या निरंतरता के रूप में समझा गया)।{{sfn|MacEoin|2012b}} बाब ने इन 18 व्यक्तियों के आध्यात्मिक दर्जे पर ज़ोर दिया, जो स्वयं उनके साथ मिलकर उनके धर्म की पहली "एकता" बने,{{sfn|Amanat|1989|p=191}} अरबी शब्द वाहिद (एकता) के अनुसार, जिसका अबजद अंकों के आधार पर संख्यात्मक मान 19 होता है।{{sfn|Amanat|1989|p=191}} === यात्राएँ और कारावास === जब अठारह "जीविताक्षरों" ने उन्हें पहचान लिया, तो बाब और क़ुद्दूस [[मक्का]] और [[मदीना]] की तीर्थयात्रा पर निकले, जो [[इस्लाम|इस्लाम धर्म]] के लिए पवित्र नगर हैं।{{sfn|MacEoin|2012b}} मक्का स्थित [[काबा]] में, बाब ने सार्वजनिक रूप से अपने को क़ायम होने का दावा किया,{{sfn|Balyuzi|1973|pp=71–72}} और काबा के संरक्षक, मक्का के शरीफ़, को अपनी मिशन की घोषणा करते हुए पत्र लिखा। इसके बाद, बाब और क़ुद्दूस बुशहीर लौट आए, जहाँ वे एक-दूसरे से अंतिम बार मिले। क़ुद्दूस की शिराज़ की यात्रा से गवर्नर हुसैन ख़ान का ध्यान बाब के दावे की ओर गया, जिसने क़ुद्दूस को यातनाएँ दीं और जून 1845 में बाब को शिराज़ बुलाया।{{Sfn|Algar|1980|pp=138–139}} [[चित्र:Naqsh-e_Jahan_Square_by_Pascal_Coste_1_Ver2.jpg|अंगूठाकार|पुराने इसफ़हान शहर का दृश्य]] बाब को उनके चाचा के घर में गृह नज़रबंदी में रखा गया था, जब तक कि सितंबर 1846 में शहर में हैजा की महामारी नहीं फैल गई।{{sfn|MacEoin|2012b}} रिहा होते ही वे [[इस्फ़हान]] के लिए रवाना हो गए। वहाँ, कई लोग उन्हें शुक्रवार की नमाज़ के इमाम के घर पर देखने आए, जो उनके प्रति सहानुभूतिशील हो गए। एक अनौपचारिक सभा के बाद, जिसमें बाब ने स्थानीय धर्मगुरुओं से वाद-विवाद किया और तत्क्षण पद्य रचने की अपनी तेजी दिखायी, उनकी लोकप्रियता बहुत बढ़ गई।{{sfn|Amanat|1989|p=257}} इस्फ़हान के गवर्नर, उनके समर्थक मनुचेहर ख़ान गोरजी, की मृत्यु के बाद, प्रांत के उलेमा के दबाव के चलते [[मोहम्मद शाह क़ाजार]] ने जनवरी 1847 में बाब को [[तेहरान]] बुलाने का आदेश दिया।{{sfn|Amanat|1989|p=258}} तेहरान के बाहर एक शिविर में कई महीने बिताने के बाद, और शाह से उनकी भेंट से पहले ही, प्रधानमंत्री ने बाब को देश के उत्तर-पश्चिमी कोने में स्थित तबरीज़ में उनकी नज़रबंदी के लिए भेज दिया।{{sfn|MacEoin|2012b}} तबरीज़ में 40 दिन बिताने के बाद, बाब को तुर्की की सीमा के पास, ईरान के अज़रबैजान प्रांत में स्थित माकू के किले में स्थानांतरित कर दिया गया। वहाँ कैद के दौरान, बाब ने अपनी सबसे महत्वपूर्ण रचना, ''फ़ारसी बयान'', शुरू की, जो अपूर्ण ही रही। माकू में बाब की बढ़ती लोकप्रियता के चलते—यहाँ तक कि माकू के गवर्नर ने भी बाबी धर्म को स्वीकार कर लिया—प्रधानमंत्री ने अप्रैल 1848 में उन्हें चिहरीक के किले में स्थानांतरित कर दिया।{{sfn|Bausani|1999}} वहाँ भी बाब की लोकप्रियता बढ़ी और उसके जेलरों ने उन पर लगी पाबंदियाँ कम कर दीं। == तबरीज़ में मुकदमा == जून 1848 में, बाब को चिहिरिक से तबरीज़ लाया गया ताकि इस्लामी उलेमा की एक परिषद के सामने धर्मत्याग के आरोप में मुकदमे का सामना कर सकें। रास्ते में, उन्होंने उर्मिया नगर में 10 दिन बिताए, जहाँ उनका एकमात्र ज्ञात चित्र बनाया गया, जिसकी एक प्रति बाद में बहाउल्लाह को भेजी गई और वह अब भी बहाई विश्व केन्द्र के अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार में सुरक्षित है।{{sfn|Ghaemmaghami|2022|p=24}} [[चित्र:Mahku2008.jpg|दाएँ|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल|माकू, ईरान का किला (2008)]] मुकदमा, जिसमें फारस के युवराज भी उपस्थित थे, जुलाई 1848 में हुआ और इसमें कई स्थानीय धर्मगुरु शामिल थे। उन्होंने बाब से उनके दावों और उनकी शिक्षाओं की प्रकृति के बारे में प्रश्न किए, और उनके दिव्य अधिकार को सिद्ध करने के लिए चमत्कार दिखाने की मांग की। उन्होंने उन्हें अपने दावों को वापस लेने की नसीहत दी। मुकदमे के नौ उपलब्ध प्रत्यक्षदर्शी वृत्तांत हैं, जिनमें से कई संभवतः किसी पहले के स्रोत से निकले हों। इनमें से छह वृत्तांत मुस्लिम लेखकों के हैं और बाब को प्रतिकूल रूप में प्रस्तुत करते हैं।{{sfn|MacEoin|1997}} नौ स्रोतों में कुल 62 प्रश्न मिलते हैं; तथापि, अठारह केवल एक स्रोत में, पंद्रह दो में, आठ तीन में, पाँच चार में, तेरह पाँच में, और तीन छह में आते हैं। "हाँ" और "उन्होंने उत्तर नहीं दिया" को छोड़कर केवल 35 उत्तर शेष रहते हैं; जिनमें से दस एक स्रोत में, आठ दो में, छह तीन में, तीन चार में, दो पाँच में, और पाँच छह में मिलते हैं। सभी नौ प्रत्यक्षदर्शी स्रोतों में केवल एक ही उत्तर सामान्य रूप से मिलता है, जहाँ बाब कहते हैं, "मैं वही व्यक्ति हूँ जिसका आप एक हज़ार वर्षों से इंतज़ार कर रहे हैं।"{{sfn|MacEoin|1997}} मुकदमे से कोई निर्णायक परिणाम नहीं निकला। कुछ धर्मगुरुओं ने मृत्युदंड की मांग की, लेकिन बाब की लोकप्रियता के कारण सरकार ने उन पर नरम निर्णय देने का दबाव डाला। बाब की फांसी रोकने के लिए सरकार ने चिकित्सा विशेषज्ञों से बाब को मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित करने के लिए कहा। यह भी संभव है कि अपनी मान-प्रतिष्ठा बचाने और धर्मगुरुओं को संतुष्ट करने के उपाय के तौर पर सरकार ने यह अफवाहें फैलाई हों कि बाब ने अपना दावा वापस ले लिया।{{sfn|Amanat|1989|pp=390–393}} शैख़ अल-इस्लाम, जो बाबी-विरोधी अभियान के प्रमुख प्रवर्तक थे और बाब के मुक़दमे में उपस्थित नहीं थे, उन्होंने यह सशर्त आदेश जारी किया कि यदि बाब को सामान्य मानसिक स्थिति में पाया जाए तो उन्हें मृत्युदंड दिया जाए। एक [[फ़तवा]] जारी किया गया जिसने बाब के धर्मत्याग को स्थापित किया और जिसमें कहा गया, "एक असुधार्य धर्मत्यागी का प्रायश्चित स्वीकार नहीं किया जाता, और तुम्हारे मृत्युदंड की तामील के टलने का एकमात्र कारण तुम्हारे मानसिक संतुलन पर संदेह है।"{{sfn|Amanat|1989|pp=390–393}} युवराज के चिकित्सक विलियम कॉर्मिक ने बाब का परीक्षण किया और क्षमादान के आधार खोजने के लिए सरकार के अनुरोध का अनुपालन किया।{{sfn|MacEoin|1997}} चिकित्सक की राय ने कुछ समय के लिए बाब को मृत्युदंड से बचा लिया, लेकिन धर्मगुरुओं ने इसके बजाय उसे शारीरिक दंड दिए जाने पर जोर दिया, इसलिए बाब के पैरों के तलवों पर २० कोड़े मारे गए।{{sfn|Amanat|1989|pp=390–393}} मुक़दमे के बाद, बाब को चिहिरिक के क़िले में वापस भेजने का आदेश दिया गया। === घोषणा === [[चित्र:Masjidivakil2008.JPG|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल|सितंबर 1846 में बाब ने मस्जिद-ए-वकील में इसी मिंबर पर खड़े होकर शिराज़ के लोगों को संबोधित किया.]] माकू में बाब का कारावास उनके जीवन और मिशन का एक निर्णायक क्षण सिद्ध हुआ। नौ महीनों के कारावास के दौरान, उन्होंने प्रतिज्ञापित क़ाइम के रूप में अपनी स्थिति को खुलकर घोषित किया और इस्लाम के सामाजिक क़ानूनों को निरस्त कर दिया। बाब ने समझाया कि अपने उपदेशकाल के आरम्भ में, करुणा के कारण, वे लोगों के लिए संक्रमण को सहज बनाने और उन्हें नए प्रकटीकरण से विचलित होने से बचाने हेतु क़ुरआनी क़ानूनों का पालन करते रहे। उन्होंने जान-बूझकर अपनी वास्तविक पहचान को पर्दे में रखा ताकि उनका संदेश आम जन द्वारा क्रमशः समझा जा सके। यहाँ तक कि उनकी उपाधि, "बाब" ("द्वार"), भी इस उद्देश्य से चुनी गई थी कि ईश्वर के प्रकट रूप के रूप में उनके दावे के प्रभाव को मर्यादित किया जा सके।{{sfn|Ghaemmaghami|2022|p=23}} उन्होंने कहा:<blockquote>प्रतिज्ञापित अवतार द्वारा प्रदान की गई अनेक कृपाओं और उनकी अनुकम्पा की धाराओं पर विचार करो, जिन्होंने इस्लाम के अनुयायियों के समुदाय में व्याप्त होकर उन्हें उद्धार प्राप्त करने में सक्षम बनाया है। वास्तव में देखो कि जो सृष्टि के उद्गम का प्रतिनिधि है, जो इस आयत का प्रतिपादक है, ‘मैं, सत्य ही सत्य, परमेश्वर हूँ’, उसने अपने आपको प्रतिज्ञापित क़ाइम—जो मुहम्मद की संतान में से है—के आगमन के लिए ‘द्वार’ (बाब) के रूप में घोषित किया, और अपनी पहली पुस्तक में क़ुरआन के क़ानूनों के पालन का आदेश दिया, ताकि लोग किसी नई पुस्तक और नए प्रकटीकरण के कारण विचलित न हों और उसकी आस्था को अपनी ही आस्था के समान समझें; शायद वे सत्य से विमुख न हों और उस उद्देश्य की उपेक्षा न करें जिसके लिए उन्हें अस्तित्व में बुलाया गया है। {{sfn|Ghaemmaghami|2022|p=23}}</blockquote> == मृत्युदंड == [[चित्र:Where_Bab_executed.jpg|दाएँ|अंगूठाकार|300x300पिक्सेल|तबरिज़ में छावनी का मैदान, जहाँ बाब को गोली मारकर मृत्युदंड दिया गया]] 1850 के मध्य में नए प्रधानमंत्री, अमीर कबीर,{{sfn|Smith|2000|p=38}} ने बाब को मृत्युदंड देने का आदेश दिया, संभवतः विभिन्न बाबी विद्रोहों की पराजयों और आंदोलन की लोकप्रियता में आती कमी के कारण। बाब को फायरिंग दस्ते द्वारा मृत्युदंड देने के लिए चिहिरिक से तबरिज़ वापस लाया गया। उनकी मृत्युदंड से एक रात पहले, जब उसे उसकी कोठरी तक ले जाया जा रहा था, ज़ोनुज़ का एक युवा बाबी, मुहम्मद-अली (अनिस), ने उनके साथ शहादत पाने की प्रार्थना की; तत्क्षण उसे गिरफ्तार कर बाब के साथ उसी कोठरी में रख दिया गया। 9 जुलाई 1850 की सुबह बाब को उस छावनी के प्रांगण में ले जाया गया जहाँ उन्हें कैद रखा गया था। उनके मृत्युदंड को देखने के लिए हजारों लोग इकट्ठा हुए। बाब और अनीस को दीवार पर लटका दिया गया और सैनिकों के एक बड़े फायरिंग दस्ते ने गोली चलाने की तैयारी की।{{sfn|MacEoin|2012b}} अनेक प्रत्यक्षदर्शी विवरण, जिनमें पश्चिमी राजनयिकों के विवरण भी शामिल हैं, परिणाम का वर्णन करते हैं।{{efn|सर जस्टिन शील, [[रानी विक्टोरिया]] के तेहरान स्थित असाधारण दूत और पूर्णाधिकारी मंत्री, ने 22 जुलाई 1850 को मृत्युदंड के संबंध में [[लॉर्ड पामर्स्टन]], जो उस समय ब्रिटिश विदेश मामलों के सचिव थे, को पत्र लिखा। वह पत्र अपने मूल रूप में दस्तावेज़ F.O. 60/152/88 के तौर पर लंदन के फ़ॉरेन ऑफिस के अभिलेखागार में पब्लिक रिकॉर्ड ऑफिस में पाया जाता है।}} गोली चलाने का आदेश दिया गया। विवरणों में ब्योरे अलग-अलग हैं, पर सभी इस बात पर सहमत हैं कि पहली गोलीबारी बाब को मारने में असफल रही; गोलियों ने दीवार से उन्हें लटकाने वाली रस्सी को ही काट दिया।{{efn|कुछ विवरणों के अनुसार अनीस पहली गोलीबारी में ही मारे गए, अन्य के अनुसार बाब को तलवार से मार दिया गया। देखें Firuz Kazemzadeh, Kazem Kazemzadeh, और Howard Garey, "The Báb: Accounts of His Martyrdom", ''World Order'', vol. 8, no. 1 (Fall, 1973), 32। सभी विवरण, यहाँ तक कि मुस्लिम वाले भी, इस बात पर सहमत हैं कि बाब पहली गोलीबारी से बच गए।}} एक दूसरा फायरिंग दस्ता बुलाया गया और फिर से गोली चलाने का आदेश दिया गया। इस बार बाब की मृत्यु हो गयी ।{{sfn|MacEoin|2012b}}उनकी आयु इकतीस वर्ष थी। ऐसा प्रतीत होता है कि इस हत्या का सार्वजनिक स्वरूप जनता को सरकार के पूर्ण नियंत्रण का प्रदर्शन करने के लिए बनाया गया था और शायद बाद में उनके जीवित होने की अटकलों की संभावना को कम करने के लिए। बाबी और बहाई परंपरा में, पहली गोलीबारी के असफल होने को एक चमत्कार माना जाता है। बाब और अनीस के शवों को एक खाई में फेंक दिया गया और यह मान लिया गया कि कुत्तों ने उन्हें खा लिया, इस कृत्य की उस समय तेहरान में ब्रिटिश मंत्री जस्टिन शील ने निंदा की।{{sfn|MacEoin|2012b}} [[चित्र:Shrine_of_the_Báb,_Haifa.jpg|अंगूठाकार|महात्मा बाब की समाधि, इस्राइल के कार्मेल पर्वत पर]] अवशेषों को कुछ बाबी अनुयायियों ने गुप्त रूप से बचाया और फिर छिपा दिया। समय के साथ बहाउल्लाह और बाद में अब्दुल-बहा के निर्देशानुसार, अवशेषों को इस्फ़हान, किर्मानशाह, [[बगदाद]], [[दमिश्क]], [[बेरूत]] होते हुए, और फिर 1899 में [[कार्मेल पर्वत]] के नीचे की समतल भूमि पर स्थित अक्का तक समुद्री मार्ग से गुप्त रूप से पहुँचाया गया।{{sfn|Effendi|1944|pp=273–289}} 21 मार्च 1909 को अवशेषों को एक विशेष समाधि, बाब की समाधि, में दफ़नाया गया, जो विशेष रूप से इस उद्देश्य के लिए अब्दुल-बहा द्वारा वर्तमान इज़राइल के [[हाइफ़ा]] में [[कार्मेल पर्वत]] पर निर्मित कराई गई थी। इसके निकट स्थित बहाई विश्व केन्द्र अपने उद्यानों के भ्रमण के लिए आगंतुकों का स्वागत करता है। == शिक्षाएँ और विरासत == बाब की शिक्षाओं के केंद्र में मानव परिवार के सभी सदस्यों के मेल-मिलाप का आह्वान था, जो मानव इतिहास के एक नए चरण के आगमन का संकेत देता है:{{sfn|Lawson|2012|pp=135–157}}{{sfn|Saiedi|2021|p=35}} "एक ही वृक्ष की पत्तियों और फलों के समान बनो, ताकि तुम एक‑दूसरे के लिए सांत्वना का स्रोत बन सको... तुम सबका एक अविभाज्य समुदाय होना आवश्यक है...".{{sfn|the Báb}} इस प्रकार बाब ने एक सार्वभौमिक नैतिक दृष्टिकोण पर बल दिया, जिसमें यह नैतिक अनिवार्यता शामिल थी कि विश्वासियों और अविश्वासियों के बीच कोई भेद न किया जाए और दूसरों की वास्तविक आवश्यकताओं को पहचाना जाए।{{sfn|Saiedi|2021|p=37}} इन शिक्षाओं का उद्देश्य "मानवता के क्रांतिकारी रूपांतरण" की बुनियाद रखना था।{{sfn|Lambden|2010|pp=301–304}} अंततः बाब ने समझाया कि मानव सुख और कल्याण इस बात पर निर्भर है कि अन्य मनुष्यों के साथ प्रेम और एकता के अनुरूप व्यवहार किया जाए, विशेषकर दूसरों को दुःख पहुँचाने से परहेज़ किया जाए, तथा प्रकृति में हों या मानव-निर्मित, सभी चीज़ों को परिपूर्णता की अवस्था तक पहुँचाया जाए—एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें हर वस्तु को सुंदरता और आध्यात्मिक उद्देश्य से अनुप्राणित किया जाता है।{{sfn|Saiedi|2008|p=314}}{{sfn|Saiedi|2008|p=322}} इस प्रकार, स्वयं सभ्यता एक पवित्र उपक्रम बन जाती है; एक ऐसा कार्य जिसे, बाब संकेत करते हैं, केवल अपनी "नज़र बहाउल्लाह की व्यवस्था पर टिकाए रखने" से ही समझा जा सकता है।{{sfn|Saiedi|2000|pp=294–295}} जैसा कि साइदी ने रेखांकित किया है, "बाब के लेखों का व्यापक महत्व, बहाउल्लाह के लेखों के साथ उनके अविच्छेद्य संबंध में निहित है..."{{sfn|Saiedi|2000|p=28}} बाब की शिक्षाएँ [[ईश्वर]], [[धर्म]] और अवतारों की अवधारणाओं की नई व्याख्याएँ प्रस्तुत करती हैं, और तदनुसार [[स्वर्ग]], [[नरक]] और पुनरुत्थान जैसी धार्मिक अवधारणाओं का पुनर्व्याख्यान करती हैं।{{sfn|Amanat|2017|p=239}} प्रगतिशील प्रकटीकरण, धर्म की निरन्तरता और नवीनीकरण,{{sfn|Saiedi|2021|p=34}} [[शिक्षा]] का आधुनिकीकरण,{{sfn|Abdolmohammadi|2024|pp=102–126}} स्त्रियों की स्थिति में सुधार,{{sfn|Momen|2012}} पुरोहित वर्ग का उन्मूलन,{{sfn|Saiedi|2021|p=36}} [[नीतिशास्त्र]] पर बल,{{sfn|Stockman|2020|p=9}} सत्य की स्वतंत्र खोज तथा मानवीय गरिमा—ये सब बाब की प्रमुख शिक्षाओं में शामिल हैं।{{sfn|Saiedi|2021|p=36}} उनकी शिक्षाओं का एक अन्य मूलभूत केंद्र एक मसीहाई व्यक्तित्व के आगमन पर उनका ज़ोर है, जिसे वे प्रायः "वह जिसे ईश्वर प्रकट करेगा" कहकर संदर्भित करते हैं।<ref name=":3222">{{Harvnb|Saiedi|2008|p=1}}</ref> बाब अपनी स्वयं की वह्य और कानूनों पर निरन्तर इसी प्रतिज्ञात व्यक्तित्व के संदर्भ में चर्चा करते हैं। पूर्ववर्ती धर्मों के विपरीत, जहाँ प्रतिज्ञात व्यक्तियों का उल्लेख केवल कभी-कभार संकेतों के रूप में मिलता है, बाबी युग के मूल ग्रंथ "बयान" का मुख्य उद्देश्य "वह जिसे ईश्वर प्रकट करेगा" के आगमन हेतु मार्ग प्रशस्त करना है।<ref name=":2222" /> === प्रमुख सिद्धांत === एक प्रमुख बाबी आस्था धर्म के निरंतर और विकसित होते रहने की अवधारणा है।{{sfn|Amanat|1989|p=245}} ईश्वर क्रमिक रूप से स्वयं को अवतारों के माध्यम से प्रकट करते हैं, और जैसे-जैसे मानवता आगे बढ़ती है, दैवीय शिक्षाएँ अधिक व्यापक और परिष्कृत होती जाती हैं।<ref>{{Harvnb|Saiedi|2008|p=254}}</ref> प्रत्येक धर्म अपने समय की विशिष्ट सामाजिक आवश्यकताओं के प्रत्युत्तर में प्रकट होता है, अपने पूर्ववर्ती को पार कर जाता है, पर अंततः एक और भी अधिक परिपूर्ण धर्म के उद्भव का कारण बनता है।<ref>{{Harvnb|Saiedi|2008|p=256}}</ref>{{sfn|Saiedi|2021|p=34}} इन संदेशवाहकों को संसार में ईश्वर के पूर्ण प्रतिबिंब के रूप में देखा जाता है।{{sfn|Saiedi|2021|p=34}} बाब अवतारों की एकता पर बल देते हैं, उन्हें एक ही सूर्य (ईश्वर) का प्रकाश परावर्तित करने वाले दर्पणों के समान बताते हैं।{{sfn|Saiedi|2021|p=34}} साथ ही, बाब यह प्रतिपादित करते हैं कि दैवीय प्रकटीकरण एक सतत प्रक्रिया है, और इतिहास भर में नये अवतार प्रकट होते रहे हैं।{{sfn|Saiedi|2021|p=34}} बाब पुनप्रकटित का अर्थ दुनिया के अंत के रूप में नहीं, बल्कि एक पुराने [[धर्म]] के पतन और नए प्रकटीकरण के माध्यम से उसके पुनर्जीवन के रूप में करते हैं। वे इस चक्रीय प्रगति को समझाने के लिए [[ऋतु|ऋतुओं]] का रूपक अपनाते हैं।{{sfn|Amanat|2017|p=239}} वे तर्क देते हैं कि जैसे एक पेड़ [[शीत ऋतु]] में मानो मर जाता है, पर [[वसंत ऋतु|वसंत]] में फिर उभर आता है, वैसे ही [[धर्म]] भी पतन और नवीनीकरण के कालों से गुजरते हैं।{{sfn|Amanat|2017|p=239}} यह अवधारणा ऐतिहासिक परिवर्तन और मानव कर्तव्य को समेटती है तथा भविष्यमुखी दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करती है।{{sfn|Amanat|2017|p=239}} बाब धर्म को एक गतिशील प्रक्रिया के रूप में देखते हैं, जो ईश्वर की इच्छा और मानवता के ऐतिहासिक चरण के बीच की परस्पर क्रिया से उत्पन्न होती है। वे उस पारंपरिक दृष्टिकोण को अस्वीकार करते हैं जो धर्म को ईश्वर की इच्छा का एक निरपेक्ष और अपरिवर्तनशील स्वीकृति मानते है।{{sfn|Saiedi|2021|p=34}} मानवता की तरह, धर्म भी एक गतिशील और प्रगतिशील वास्तविकता है।{{sfn|Saiedi|2021|p=34}}बाब अपने स्वयं के मिशन को इस प्रतिज्ञापित ईश्वरीवतार के लिए मार्ग प्रशस्त करने के रूप में प्रस्तुत करते हैं।<ref name=":3222" /> इस विभूति का वर्णन सभी दिव्य गुणों से युक्त और ईश्वर के तुल्य अधिकार रखने वाले के रूप में किया गया है।{{sfn|Smith|2013|p=180}} बाब स्वतंत्र जाँच‑पड़ताल को प्रोत्साहित करते हैं ताकि बाहरी कारकों के बजाय उसके चरित्र और कर्मों के आधार पर उस प्रतिज्ञापित व्यक्ति को पहचाना जा सके।<ref name=":6222">{{Harvnb|Saiedi|2008|pp=290–291}}</ref> वे चेतावनी देते हैं कि कहीं ऐसा न हो बाबी धर्मग्रंथों के आधार पर उस प्रतिज्ञापित अवतार को अस्वीकार किया जाए; ठीक वैसे ही जैसे पूर्व धर्मों ने नए संदेशवाहकों का विरोध किया था।<ref name=":6222" /> बाब मनुष्यों की आलोचनात्मक रूप से सोचने की निहित क्षमता और सत्य की स्वतंत्र खोज में संलग्न होने की योग्यता पर बल देते हैं।{{sfn|Saiedi|2021|p=36}} वे धर्मगुरु वर्ग को समाप्त करते हैं और किसी अवतार की वैधता की सच्ची कसौटी के रूप में चमत्कारों को नहीं, बल्कि ईश्वरीय प्रकटीकरण के वचनों को प्रमुखता देते हैं। वे पुरोहितों की शक्ति-संरचना को हटाते हैं और यह तर्क देते हुए कि उपासना के लिए किसी मानवीय मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है, धर्मगुरुओं द्वारा संचालित सामूहिक प्रार्थना पर प्रतिबंध लगाते हैं।{{sfn|Saiedi|2021|p=36}} वे धार्मिक नेताओं को धार्मिक भ्रष्टाचार का एक प्रमुख कारण मानते हैं।{{sfn|Abdolmohammadi|2024|pp=102–126}} बाब तार्किकता, [[विज्ञान]] और प्रभावी [[शिक्षा]] के प्रबल समर्थक हैं।{{sfn|Abdolmohammadi|2024|pp=102–126}} वे सुव्यवस्थित विद्यालयों, [[नैतिकता]] की शिक्षा, विविध मतों के प्रति सम्मान, वैज्ञानिक अन्वेषण, और समाज में महिलाओं की भूमिका पर आधारित एक प्रगतिशील समाज की परिकल्पना करते हैं। वे [[प्राकृतिक विज्ञान|प्राकृतिक विज्ञानों]] के अध्ययन को प्रोत्साहित करते हैं और शैक्षिक सुधारों का प्रस्ताव रखते हैं, जैसे पुरातन विषयों को हटाना और सरल भाषा का उपयोग करना।{{sfn|Abdolmohammadi|2024|pp=102–126}} बाबी धर्म ने प्रचलित मानदंडों की तुलना में महिलाओं के जीवन में उल्लेखनीय सुधार किया।{{sfn|Momen|2012}}{{sfn|Zabihi-Moghaddam|2023|p=705}} वे सामान्यतः अपने कानूनों में महिलाओं और पुरुषों को समान मानते हैं,{{sfn|Momen|2012}} वे बहुविवाह को हतोत्साहित करते हैं, जबरन विवाह और उपपत्नीत्व को निषिद्ध करते हैं, और महिलाओं को अपने जीवन पर अधिक नियंत्रण प्रदान करते हैं।{{sfn|Zabihi-Moghaddam|2023|p=705}} वे महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करते हैं और ईश्वर की दृष्टि में उन्हें पुरुषों के समान मानते हैं।{{sfn|Keddie|1981|p=46}} सामाजिक मानदंडों को चुनौती देने वाली प्रमुख महिला शिष्या ताहिरिह के प्रति उनका समर्थन, महिलाओं के अधिकारों में सुधार के प्रति उनके समर्पण का और उदाहरण प्रस्तुत करता है।{{sfn|Momen|2012}} बाब क्षमा, दयालुता और दूसरों के प्रति भलाई करने—यहाँ तक कि जो आपके साथ अन्याय करते हैं—पर बल देते हैं। वे व्यक्तिगत सुधार, पर्यावरण संरक्षण और एक सुंदर तथा समृद्ध समाज के निर्माण की वकालत करते हैं।{{sfn|Stockman|2020|p=9}} वे हिंसा का निषेध करते हैं और दयालुता तथा मृदु व्यवहार के माध्यम से शांतिपूर्ण सहअस्तित्व को बढ़ावा देते हैं।{{sfn|Abdolmohammadi|2024|pp=102–126}} समग्र रूप से, बाब ने एक ऐसे समुदाय की परिकल्पना की जो एकता, प्रेम, सेवा और हिंसा के अस्वीकार पर केंद्रित हो।{{sfn|Stockman|2020|p=9}} === <small>बहाई धर्म से संबंध</small> === पूर्ववर्ती धर्मों के विपरीत, जिनमें भविष्य के प्रतिज्ञापित व्यक्तित्वों का उल्लेख केवल कभी-कभार संकेतों और इशारों में मिलता है, बाबी व्यवस्था का मूल ग्रंथ बयान मूलतः एक ऐसे मसीहाई व्यक्तित्व पर विमर्श है—जो स्वयं उनसे भी महान है—जिसे बाब "जिसे ईश्वर प्रकट करेगा" कहकर संबोधित करते हैं। बाब अपने स्वयं के प्रकटीकरण और विधानों की चर्चा सदैव इसी प्रतिज्ञात व्यक्तित्व के संदर्भ में करते हैं।<ref name=":2222" /> बाब के अपने मिशन का सार और उद्देश्य, जैसा कि वे सदा रेखांकित करते हैं, लोगों को उस प्रतिज्ञापित के आगमन के लिए तैयार करना था।<ref name=":3222" /> बाब इस मसीहाई व्यक्तित्व को समस्त दैवी गुणों का स्रोत बताते हैं और कहते हैं कि उसका आदेश ईश्वर के आदेश के समतुल्य है।{{sfn|Smith|2013|p=180}} वे अपने अनुयायियों से स्वतंत्र रूप से जाँच-पड़ताल कर उस प्रतिज्ञापित को खोजने, और उसे उसकी अपनी अंतर्निहित वास्तविकता, कृतियों और गुणों के आधार पर पहचानने का आग्रह करते हैं, न कि उसके बाहर के किसी कारण से।<ref name=":6222" /> वे यहाँ तक चेतावनी देते हैं कि बाब की रचनाओं के आधार पर उसके विरुद्ध तर्क करते हुए कहीं वे उस प्रतिज्ञात से वंचित न रह जाएँ—ठीक वैसे ही जैसे पूर्ववर्ती धर्मों के अनुयायियों ने अपने पवित्र शास्त्रों का हवाला देकर अगले नबी का विरोध किया; यही विषय उन्होंने पूरे बयान में बार-बार रेखांकित किया।<ref name=":6222" /> इसके अतिरिक्त, बाब उस प्रतिज्ञापित के आगमन की निकटता का उल्लेख करते हैं और उसके आगमन के समय के रूप में नौ और उन्नीस वर्ष का उल्लेख करते हैं।<ref>{{Harvnb|Saiedi|2008|pp=348–357}}</ref> 1863 में, बाब द्वारा अपने मिशन की घोषणा के उन्नीस वर्ष बाद, बहाउल्लाह ने इराक में अपने साथियों के साथ, और बाद में 1866 में एड्रिने में, अधिक सार्वजनिक रूप से, यह दावा किया कि वे वही प्रतिज्ञापित व्यक्तित्व हैं जिनके आने का बाब ने वादा किया था।{{sfn|Smith|2000|pp=180–181}} बाबी समुदाय के अधिकांश लोगों ने उन्हें स्वीकार किया और बाद में वे [[बहाई|बहाइयों]] के रूप में जाने गए।{{sfn|Amanat|2017|p=246}} === <small>बहाई धर्म में स्मरणोत्सव</small> === बहाई पवित्र दिवस बहाई पंचांग में बाब के जन्म, घोषणा और देहावसान की घटनाओं का बहाई समुदायों द्वारा प्रतिवर्ष स्मरण किया जाता है।{{sfn|Smith|2000|pp=182–183}} मई 1944 में मुल्ला हुसैन के समक्ष बाब की घोषणा की शतवार्षिकी पर, विल्मेट, इलिनॉय के बहाई उपासना-गृह में आयोजित उत्सवों के दौरान बहाइयों ने बाब के चित्र का दर्शन किया।{{sfn|Astley-Cock|1944}} कार्यक्रम में डोरोथी बीचर बेकर, होरेस होली और अन्य ने भाषण दिए। "ईश्वर के युगल प्रकटीकरण" की धारणा बहाई विश्वास का एक मौलिक सिद्धांत है, जो बाब और [[बहाउल्लाह]] के बीच संबंध का वर्णन करती है। दोनों को अपने-अपने अधिकार में ईश्वर का प्रकटीकरण माना जाता है; दोनों ने अलग-अलग धर्मों (बाबी धर्म और [[बहाई धर्म]]) की स्थापना की और अपने-अपने पवित्र धर्मग्रंथ प्रकट किए, परंतु उन्हें एक अविभाज्य निरंतरता का भाग माना जाता है। बहाइयों के लिए बाब और [[बहाउल्लाह]] के मिशन अविच्छेद्य रूप से जुड़े हुए हैं: बाब का मिशन "वह जिसे ईश्वर प्रकट करेगा" के आगमन के लिए मार्ग तैयार करना था, जो अंततः [[बहाउल्लाह]] के रूप में प्रकट हुए। बाब और [[बहाउल्लाह]] दोनों को [[बहाई धर्म]] के केंद्रीय व्यक्तित्वों के रूप में आदर दिया जाता है। [[बहाउल्लाह]] और बाब के बीच वही साम्य स्थापित किया जाता है जैसा [[ईसा मसीह]] और यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला के बीच, यद्यपि एक ही युग में ईश्वर के दो प्रकटीकरण होने की असाधारण घटना पर विशेष बल दिया जाता है।{{sfn|Buck|2004}} == रचनाएँ == {{wikiquote}}बाब का मत है कि ईश्वर के प्रकटीकरण द्वारा प्रकट किए गए लेख ही उनके मिशन का सबसे बड़ा प्रमाण हैं, और बाब की रचनाएँ दो हज़ार से अधिक पातियाँ, पत्र, [[प्रार्थना|प्रार्थनाएँ]] और दार्शनिक ग्रंथों का संकलन हैं। अधिकांश कृतियाँ बाबियों द्वारा पूछे गए विशिष्ट प्रश्नों के उत्तर में प्रकट हुईं। कभी-कभी बाब किसी सचिव और प्रत्यक्षदर्शियों की उपस्थिति में उन्हें उच्चारण करके बहुत तीव्र गति से रचनाएँ प्रकट करते थे। ये रचनाएँ बहाई धर्मग्रंथ का भाग हैं, विशेषतः उनकी प्रार्थनाएँ, जिनका पाठ प्रायः व्यक्तिगत रूप से तथा भक्ति-सभाओं में किया जाता है।{{sfn|Martin|1995}} बाब के कार्यों ने विद्वानों की रुचि और विश्लेषण को भी प्रेरित किया है। एल्हाम अफ़नान बाब की रचनाओं का वर्णन करते हुए लिखती हैं कि उन्होंने "अपने पाठकों के विचारों का पुनर्संरचन किया, ताकि वे जड़ हो चुकी मान्यताओं और विरासत में मिली परंपराओं की जंजीरों से मुक्त हो सकें"।{{sfn|Afnan|2019|p=3}} जैक मैकलीन बाब के कार्यों के नवीन प्रतीकवाद को रेखांकित करते हैं और देखते हैं कि "बाब के पवित्र लेखों का ब्रह्मांड सर्वत्र प्रतीकात्मक है। संख्याएँ, रंग, खनिज, तरल पदार्थ, मानव शरीर, सामाजिक संबंध, हाव-भाव, कर्म, भाषा (अक्षर और शब्द), और प्रकृति स्वयं — ये सब ईश्वर के नामों और गुणों की गहनतर वास्तविकता को परावर्तित करने वाले दर्पण या संकेत हैं"।{{sfn|Martin|1995}} बाब के लेखनों का एक प्रमुख लक्षण भाषिक नवाचार है; जब वे प्रचलित धर्मशास्त्रीय शब्दों को अपर्याप्त पाते थे, तो वे अनेक नवशब्द गढ़ते थे।{{sfn|Martin|1995}} स्वतंत्र संबद्धता और चेतना-प्रवाह शैली में रचना करना भी कुछ कृतियों की चिह्नित विशेषताएँ हैं।{{sfn|MacEoin|2011b}} अनेक विद्वानों ने यह पहचाना है कि धार्मिक महत्व वाले कुछ विशिष्ट शब्दों या वाक्यांशों की निरंतर आवृत्ति, बाब के लेखनों में सर्वत्र पाई जाने वाली एक अलग विशेषता है।{{sfn|Behmardi|McCants|2007}} बाब ने स्वयं अपनी रचनाओं को पाँच प्रकारों में वर्गीकृत किया: ईश्वरीय लेख; प्रार्थनाएँ; व्याख्याएँ; तार्किक विमर्श — जो अरबी में लिखे गए — और फ़ारसी शैली, जो पूर्ववर्ती चारों को समेटती है।{{sfn|Afnan|2019|p=3}} विद्वानों ने बाब के लेखनों और पश्चिमी दार्शनिकों, जैसे हेगेल,{{sfn|Saiedi|2008|p=246}} कांट{{sfn|Saiedi|2008|p=303}} और जेम्स जॉयस,{{sfn|Lawson|2015}} के कार्यों के बीच समानताओं की भी ओर संकेत किया है। हालाँकि, बाब की रचनाओं का अधिकांश भाग खो गया है। स्वयं बाब ने कहा था कि उनकी लेखनी पाँच लाख से अधिक लेखों की थी; यदि प्रति पृष्ठ 25 लेख माने जाएँ, तो यह 20,000 पृष्ठों के पाठ के बराबर होगा।{{sfn|MacEoin|1992|p=15}} नबील-ए-ज़रंदी ने शहीदों की गाथा नामक पुस्तक में [[क़ुरआन]] पर नौ पूर्ण भाष्यों का उल्लेख किया है, जो माकू में बाब के कारावास के दौरान प्रकट किए गए थे और जो बिना कोई निशान छोड़े लुप्त हो गए हैं।{{sfn|MacEoin|1992|p=88}} जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है, जो रचनाएँ अभी उपलब्ध हैं उनके प्रामाणिक पाठ का निर्धारण करना हमेशा आसान नहीं है, और कुछ ग्रंथों पर काफ़ी काम करने की आवश्यकता पड़ेगी। अन्य, तथापि, अच्छी स्थिति में हैं; बाब की कई प्रमुख रचनाएँ उनके विश्वसनीय सचिवों की हस्तलिपि में उपलब्ध हैं।{{sfn|MacEoin|1992|pp=12–15}} बहाई विश्व केंद्र के अभिलेखागार विभाग के पास वर्तमान में बाब के लगभग 190 पवित्र पत्र हैं।{{sfn|Universal House of Justice|2002}} बाब की रचनाओं के एकमात्र [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] संकलन ''सेलेक्शन फ्रॉम द राइटिंग्स ऑफ द बाब'' में कई प्रमुख कृतियों के अंश प्रकाशित किए गए हैं। डेनिस मैकेओइन ने अपनी पुस्तक सोर्सेस फॉर अर्ली बाबी डॉक्टरिन एण्ड हिस्ट्री में अनेक कृतियों का वर्णन दिया है; निम्नलिखित सारांश का बड़ा भाग उसी स्रोत से लिया गया है। प्रमुख कृतियों के अलावा, बाब ने अपनी पत्नी और अनुयायियों को अनेक पत्र, विविध उद्देश्यों के लिए कई प्रार्थनाएँ, क़ुरआन की आयतों या सूरों पर अनेक टीकाएँ, और कई प्रवचन प्रकट किए (जिनमें से अधिकांश कभी दिए नहीं गए)। इनमें से अनेक नष्ट हो गए; अन्य संकलनों में संरक्षित रहे हैं।{{sfn|MacEoin|1992|pp=15–40}} === तीन चरण === बाब की रचनाओं का वर्णन विभिन्न वर्गीकरणों के आधार पर किया गया है, जिनमें कालानुक्रमिक और विषयगत वर्गीकरण शामिल हैं।{{sfn|Saiedi|2021|pp=29–39}} स्वयं बाब ने अपनी रचनाओं को दो चरणों में विभाजित किया: पहला चरण, जिसमें तैयारी और सावधानी के प्रयोजन से उनके दावों और शिक्षाओं की सूक्ष्मताएँ परदे में रहीं और परिणामस्वरूप उनके आसपास के लोगों के हृदय और मन उन्हें सराह नहीं सके; और एक बाद का चरण, जिसमें उन्होंने खुले तौर पर घोषित किया कि वे न केवल प्रतिजज्ञापित बारहवें इमाम हैं, बल्कि स्वयं एक संदेशवाहक हैं जो एक नया विश्व धर्म लाये हैं, जिसकी भविष्यवाणी पूर्व के अवतारों के ग्रंथों में की गई है।{{sfn|Lawson|Ghaemmaghami|2012|p=15}} उनका दावा था कि यह नया प्रकटीकरण वैश्विक एकता और शांति की स्थापना के लिए आवश्यक सृजनात्मक ऊर्जाओं और क्षमताओं को मुक्त कर देगा।{{sfn|Saiedi|2021|pp=36–38}} बाब की शिक्षाओं को तीन व्यापक चरणों के रूप में और अच्छी तरह समझा जा सकता है, जिनमें से प्रत्येक का एक प्रमुख विषयगत केन्द्रबिन्दु है। उनके सबसे प्रारम्भिक उपदेश मुख्यतः क़ुरआन और हदीस की उनकी व्याख्या द्वारा परिभाषित हैं, जो एक नए व्याख्याशास्त्र के आलोक में, [[ईश्वर]] और उनके संदेशवाहकों तथा समस्त लोगों की एकता पर बल देते हुए, धर्मशास्त्रीय आस्थाओं की सामान्य समझ को पुनः रूपायित करती है। {{sfn|Saiedi|2021|pp=29–39}} नई धार्मिक विधियाँ प्रकट करने के बजाय, प्रारम्भिक बाबी सिद्धान्त "धार्मिक विधि के आन्तरिक और रहस्यवादी अर्थों पर केन्द्रित" है और "अनुष्ठानिक क्रिया को एक आध्यात्मिक यात्रा में बदलने" पर बल देता है{{sfn|Saiedi|2008|pp=30}} ये विषय आगे के वर्षों में भी चलते रहे, परन्तु बाद में एक परिवर्तन आता है जहाँ उनका जोर दार्शनिक विवेचन पर, और अंततः विधायी घोषणाओं पर आ जाता है। दूसरे दार्शनिक चरण में, बाब अस्तित्व और सृष्टि की [[तत्त्वमीमांसा]] का स्पष्टीकरण देते हैं, और तीसरे विधायी चरण में उनके रहस्यवादी और ऐतिहासिक सिद्धांत एकीकृत हो जाते हैं{{sfn|Saiedi|2008|pp=27–28}}, क्योंकि बाब के लेखन ऐतिहासिक चेतना प्राप्त करते हैं।{{sfn|Stockman|2010}} और बाब के लेखन स्पष्ट रूप से प्रगतिशील प्रकाशन के सिद्धांत की स्थापना करते हैं।{{sfn|Saiedi|2008|p=241}} बाब इस दूसरे चरण में धर्म के अनेक मौलिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं, जिनमें आध्यात्मिक सत्य की पहचान कैसे की जाए, मनुष्य का स्वभाव, आस्था का अर्थ, सत्कर्मों का स्वरूप, आध्यात्मिक यात्रा की पूर्वशर्तें, और विश्व के अनादित्व या उत्पत्ति का प्रश्न शामिल हैं। दुनिया में "सच्चे न्याय" की प्राप्ति और ऐसे न्याय की प्राप्ति में धर्म की केंद्रीय भूमिका, इस चरण का एक अन्य प्रमुख केंद्रबिंदु है। वे यहाँ तक कि अपने "गायन पर ग्रंथ" में संगीत के दर्शन का भी अन्वेषण करते हैं, "जहाँ, अन्य हर मानवीय क्रिया की तरह, गायन कर्ता की मंशा और क्रिया के उद्देश्य पर निर्भर करते हुए नैतिक या अनैतिक बन जाता है।"{{sfn|Saiedi|2008|pp=34–35}} 1848 में बाब की शिक्षाएँ में इस्लामी कानून का स्पष्ट निरसन हुआ और उनके अपने सिद्धांतों व प्रथाओं की एक नई संहिता प्रस्तुत की गई।{{sfn|MacEoin|2012b}} एक क्रांतिकारी प्रतिपादन सामने रखा गया: धर्म को मनुष्यों पर ईश्वर की इच्छा के अंतहीन थोपे जाने के रूप में नहीं समझना चाहिए, बल्कि "मानवता के विकास के ऐतिहासिक चरण के साथ ईश्वर की इच्छा की पारस्परिक क्रिया का उत्पाद" के रूप में।{{sfn|Saiedi|2021|pp=29–39}} जैसे-जैसे मानवीय समझ और कर्म बदलते हैं, वैसे-वैसे धर्म भी एक विकसित और प्रगतिशील प्रक्रिया है। फ़ारसी बयान, जो इस अवधि में बाब की प्रमुख धर्मग्रंथीय कृति है, खुले तौर पर एक नए धर्म के आरंभ की घोषणा करता है। बाब की कानूनी प्रणाली में विवाह, दफन, तीर्थयात्रा, प्रार्थना और अन्य प्रथाओं के लिए विवरण शामिल थे, जो या तो भविष्य के बाबी राज्य के लिए अभिकल्पित प्रतीत होते हैं या "वह जिसे ईश्वर प्रकट करेगा"—ईश्वर के प्रतिज्ञापित सार्वभौमिक संदेशवाहक, जिनका उल्लेख बाब की रचनाओं में सर्वत्र मिलता है—द्वारा लागू किए जाने के लिए। इन सभी कानूनों की वैधता "वह जिसे ईश्वर प्रकट करेगा" की स्वीकृति पर निर्भर थी और इस प्रकार उनका महत्त्व उस आध्यात्मिक अर्थ में निहित था जिसका वे प्रतीक थे: अगले दैवीय प्रकाशन में "वह जिसे ईश्वर प्रकट करेगा" की पहचान।{{sfn|Warburg|2006|p=144}} == इन्हें भी देखें == * महदी के दावेदारों की सूची * धार्मिक परंपराओं के संस्थापकों की सूची * जुड़वाँ पवित्र जन्मदिन == टिप्पणियाँ == <references group="lower-alpha" responsive="1"></references> == सन्दर्भ == <references /> == संदर्भ == {{refbegin}} * {{cite book|url=https://bahai-library.com/afnan_twofold_mission_bab|title=A Twofold Mission: Some Distinctive Characteristics of the Person and Teachings of the Báb|last=Afnan|first=Elham|date=2019|series=Bahá'í World}} *{{cite book|title=Religion and State in Iran, 1785–1906: The Role of the Ulama in the Qajar Period|last=Algar|first=Hamid|publisher=University of California Press|year=1980|isbn=978-0-520-04100-4}} *{{cite book|title=Mysticism and Dissent: Socioreligious Thought in Qajar Iran|url=https://archive.org/details/mysticismdissent0000baya|last=Bayat|first=Mangol|publisher=Syracuse University Press|year=1982|isbn=9780815628538|publication-place=New York}} * {{cite book|url=http://reference.bahai.org/en/t/se/GPB/|title=God Passes By|last=Effendi|first=Shoghi|date=1944|publisher=Baháʼí Publishing Trust|isbn=0-87743-020-9|location=Wilmette, IL|access-date=2007-02-21}} * {{Cite journal|last=Lambden|first=Stephen N.|date=2010|title=Review of Gate of the Heart: Understanding the Writings of the Báb. Bahʾí Studies Series, vol. 1|url=https://www.jstor.org/stable/23044534|journal=Journal of the American Oriental Society|volume=130|issue=2|pages=301–304|issn=0003-0279|jstor=23044534}} * {{cite book|url=https://www.bahai.org/documents/essays/martin-douglas/mission-bab-retrospective-1844-1944|title=The Mission of the Báb: Retrospective, 1844–1944|last=Martin|first=Douglas|date=1995|series=The Bahá'í World|access-date=2022-12-14}} * {{cite book|url=http://reference.bahai.org/en/t/nz/DB/|title=The Dawn-Breakers: Nabíl's Narrative|author=Nabíl-i-Zarandí|date=1932|publisher=Baháʼí Publishing Trust|isbn=0-900125-22-5|edition=Hardcover|location=Wilmette, IL|translator-last=Effendi|translator-first=Shoghi|access-date=December 26, 2020}} * {{cite web|url=http://bahai-library.com/uhj_numbers_sacred_writings|title=Classification of the Bahá'í Sacred Texts|author=Universal House of Justice|date=2002|access-date=2022-12-14}} * {{Cite web|url=https://oceanoflights.org/bab-pub02-13-en/|title=Báb, The Book of Names (Kitáb-i-Asmá') (excerpt)|last=the Báb|website=Ocean of Lights|language=en|access-date=2024-03-24}} * {{Cite encyclopedia|last=Adamson|first=Hugh C.|date=2009|title=The A to Z of the Baháʼí Faith|series=The A to Z Guide Series, No. 70|publisher=Scarecrow Press|place=Plymouth, UK|isbn=978-0-8108-6853-3|url=https://archive.org/details/atozofbahaifaith0000adam|url-access=registration}} * {{cite encyclopedia|last=Ahdieh|first=Hussein|date=2015|title=Babism iii. Babism in Neyriz|url=http://www.iranicaonline.org/articles/babism-03|encyclopedia=Encyclopædia Iranica|access-date=2022-12-20}} * {{cite encyclopedia|last=Bausani|first=A.|date=1999|title=Báb|encyclopedia=Encyclopedia of Islam|publisher=Koninklijke Brill NV|location=Leiden, The Netherlands}} * {{cite encyclopedia|date=2011|title=Azalī|encyclopedia=Encyclopædia Britannica|url=https://www.britannica.com/topic/Azali|access-date=2021-01-03|ref={{sfnref|Britannica|2011}}}} * {{cite encyclopedia|date=2022|title=the Báb|url=https://www.britannica.com/biography/the-Bab|encyclopedia=Encyclopædia Britannica|access-date=2022-12-20|ref={{sfnref|Britannica|2022}}}} * {{cite encyclopedia|date=2022|title=Bahāʾ Allāh|url=https://www.britannica.com/biography/Baha-Allah|encyclopedia=Encyclopædia Britannica|access-date=2022-12-20|ref={{sfnref|Britannica|2022b}}}} * {{cite encyclopedia|date=2022|title=al-Aḥsāʾī|url=https://www.britannica.com/biography/al-Ahsai|encyclopedia=Encyclopædia Britannica|access-date=2022-12-20|ref={{sfnref|Britannica|2022c}}}} * {{cite encyclopedia|last=MacEoin|first=Denis|date=2012a|orig-year=1987|title=Azali Babism|url=https://www.iranicaonline.org/articles/azali-babism|encyclopedia=Encyclopædia Iranica|access-date=2021-01-03}} * {{cite encyclopedia|last=MacEoin|first=Denis|date=2012b|orig-date=1988|title=Báb, ʿAli Moḥammad Širāzi|url=http://www.iranicaonline.org/articles/bab-ali-mohammad-sirazi|encyclopedia=Encyclopædia Iranica|access-date=2022-12-14}} * {{cite encyclopedia|last=MacEoin|first=Denis|date=2011a|orig-year=1988|title=Babism|url=https://www.iranicaonline.org/articles/babism-index|encyclopedia=Encyclopædia Iranica|access-date=2022-12-20}} * {{cite encyclopedia|last=MacEoin|first=Denis|date=2011b|orig-date=1988|title=Bahaism xii. Bahai Literature|url=https://iranicaonline.org/articles/bahaism-xii|encyclopedia=Encyclopædia Iranica|access-date=2022-12-14}} * {{cite encyclopedia|last=Momen|first=Moojan|date=2012|title=Women iv. in the works of the Báb and in the Babi Movement|url=https://iranicaonline.org/articles/women-babi|encyclopedia=Encyclopædia Iranica|access-date=2021-03-31}} * {{Cite book|url=https://www.worldcat.org/oclc/754582864|title=Religious celebrations : an encyclopedia of holidays, festivals, solemn observances, and spiritual commemorations|last=Melton|first=J. Gordon|date=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|location=Santa Barbara, CA|oclc=754582864}} * {{cite book|url=https://books.google.com/books?id=pYfrAQAAQBAJ&pg=PT71|title=A Concise Encyclopedia of the Baháʼí Faith|last=Smith|first=Peter|date=2000|publisher=Oneworld Publications|isbn=978-1780744803|access-date=December 26, 2020}} * {{cite book|title=The Child of the Covenant|last=Taherzadeh|first=Adib|date=2000|publisher=George Ronald|isbn=0-85398-439-5|location=Oxford, UK}} * {{cite book|url=https://books.google.com/books?id=0xKgJI7wBv0C&pg=PA22|title=The Genesis of the Bâbí-Baháʼí Faiths in Shíráz and Fárs|last=Afnan|first=Mirza Habibu'llah|date=2008|publisher=Brill|isbn=978-90-04-17054-4|translator-last=Rabbani|translator-first=Ahang}} * {{cite book|url=https://archive.org/details/resurrectionrene00aman|title=Resurrection and Renewal: The Making of the Babi Movement in Iran, 1844–1850|last=Amanat|first=Abbas|date=1989|publisher=Cornell University Press|isbn=978-0-8014-2098-6|location=Ithaca, NY|url-access=registration}} * {{Cite book|url=https://www.worldcat.org/oclc/1090852958|title=Iran : a modern history|last=Amanat|first=Abbas|date=2019|isbn=978-0-300-24893-7|location=New Haven|pages=244–245|oclc=1090852958}} * {{cite news|url=https://www.newspapers.com/clip/14639468/bahai_centenary_dorothy_baker/|title=Baha'i Temple is dedicated at Centennial|last=Astley-Cock|first=John|date=23 May 1944|newspaper=Chicago Tribune|access-date=October 25, 2017|location=Chicago|pages=15}} * {{cite book|url=https://bahai-library.com/balyuzi_bab_herald_days|title=The Báb: The Herald of the Day of Days|last=Balyuzi|first=H.M.|date=1973|publisher=George Ronald|isbn=0-85398-048-9|location=Oxford, UK}} * {{cite book|title=Khadijih Bagum, the Wife of the Báb|url=https://archive.org/details/khadijihbagumwif0000baly|last=Balyuzi|first=H.M.|date=1981|publisher=George Ronald|isbn=0-85398-100-0|location=Oxford, UK}} * {{cite web|url=https://www.bbc.co.uk/religion/religions/bahai/history/bab_1.shtml|title=The Báb|author=BBC|date=2009|publisher=BBC|access-date=2022-12-13}} * {{cite journal|last1=Behmardi|first1=Vahid|last2=McCants|first2=William|author-link2=Will McCants|date=2007|title=A Stylistic Analysis of the Báb's Writings|url=https://bahai-library.com/behmardi_mccants_stylistic_analysis|journal=Online Journal of Baha'i Studies|volume=1|pages=114–136|access-date=2022-12-14}} * {{cite book|title=The Islamic Enlightenment: The Modern Struggle Between Faith and Reason|url=https://archive.org/details/islamicenlighten0000chri|last=de Bellaigue|first=Christopher|date=2018|publisher=Vintage|isbn=978-0-099-57870-3|location=London}} * {{cite book|url=https://bahai-library.com/browne_materials_study_babi|title=Materials for the study of the Bábí Religion|last=Browne|first=E.G.|date=1918|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-107-41238-5|language=en|access-date=2022-12-23|orig-date=reprinted 1961, 2013}} * {{cite book|url=https://www.questia.com/library/117757165/studies-in-modern-religions-and-religious-movements|title=Studies in Modern Religions and Religious Movements and the Babi/Baha'i Faiths|last=Buck|first=Christopher|date=2004|publisher=Brill Academic Publishers|isbn=90-04-13904-4|editor1=Moshe Sharon|series=Mumen Book Series, Studies in the history of religions|volume=CIV|pages=143–173|chapter=The eschatology of globalization: the multiple-messiahship of Baháʼulláh revisited|access-date=6 September 2019|chapter-url=http://christopherbuck.com/pdf/Buck_2004_Globalization.pdf|archive-url=https://web.archive.org/web/20190906171701/https://www.questia.com/library/117757165/studies-in-modern-religions-and-religious-movements|archive-date=6 September 2019|url-status=dead}} * {{cite book|url=http://bahai-library.com/lawson_ghaemmaghami_noble_pattern|title=A Most Noble Pattern: Collected Essays on the Writings of the Báb|last=Eschraghi|first=Armin|date=2012|publisher=George Ronald|isbn=978-0-85398-556-3|editor1-last=Lawson|location=Oxford, UK|page=232|chapter=Undermining the Foundations of Orthodoxy: Some Notes on the Báb's Sharia (Sacred Law)|access-date=2022-12-13|editor2-last=Ghaemmaghami|chapter-url=https://www.academia.edu/34514384}} * {{cite book|url=https://bahai-library.com/hartz_bahai_faith|title=World Religions: Baha'i Faith|last=Hartz|first=Paula|date=2009|publisher=Chelsea House Publishers|isbn=978-1-60413-104-8|editor-last=Stockman|editor-first=Robert H.|edition=3rd|location=New York|pages=17–28|chapter=Ch. 2: The Life of the Báb}} * {{cite book|title=Erin and Iran: Cultural Encounters between the Irish and the Iranians|last=Lawson|first=Todd|date=2015|publisher=Foundation & Center for Hellenic Studies|editor1=Chehabi|location=Boston|chapter=Joycean Modernism in a Nineteenth-Century Qurʼan Commentary?|editor2=Neville|chapter-url=https://bahai-library.com/lawson_joycean_modernism}} * {{cite book|url=https://bahai-library.com/maceoin_sources_babi_history|title=The Sources for Early Bábī Doctrine and History|last=MacEoin|first=Denis|date=1992|publisher=Brill Publishers|isbn=90-04-09462-8|location=Leiden}} * {{cite journal|last=MacEoin|first=Denis|date=May 1997|title=The Trial of the Báb: Shiʿite Orthodoxy Confronts its Mirror Image|url=http://www.h-net.org/~bahai/bhpapers/babtrial.htm|journal=Occasional Papers in Shaykhi, Babi and Baha'i Studies|volume=1|access-date=July 2, 2006}} * {{cite book|title=The Messiah of Shiraz: Studies in Early and Middle Babism|last=MacEoin|first=Denis|date=2009|publisher=Brill Publishers|isbn=978-90-04-17035-3|series=Iran Studies|volume=3|location=Leiden}} * {{cite journal|last=Manuchehri|first=Sepehr|year=2000|title=Taqiyyah (Dissimulation) in the Babi and Bahá'í Religions|url=https://bahai-library.com/manuchehri_taqiyyih_babi_bahai|journal=Australian Bahá'í Studies|volume=2|access-date=2022-12-02}} * {{cite web|url=https://bahai-library.com/bab_manuchehri_will_testament|title=Will and Testament: Translation and Commentary|last=Manuchehri|first=Sepehr|date=2004|website=Baha'i Library Online|access-date=2022-12-13}} * {{cite web|url=http://bahai-library.com/mccants_arabic_grammar_bab|title=Arabic Grammar of the Báb, The|last=McCants|first=William|date=2002|access-date=2022-12-14}} * {{cite web|url=https://bahai-library.com/mclean_saiedi_gate_heart|title=Review of: ''Gate of the Heart: Understanding the Writings of the Báb''|last=McLean|first=Jack|date=2009|website=Bahai-Library.com|access-date=March 31, 2021}} * {{cite book|url=https://www.grbooks.com/products/selections-e-g-browne_momen|title=Selections from the Writings of E.G. Browne on the Bábí and Baháʼí Religions|date=1987|publisher=George Ronald|isbn=0-85398-247-3|editor-last=Momen|editor-first=Moojan|location=Oxford, UK|access-date=2022-12-23|archive-date=5 नवंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241105042859/https://www.grbooks.com/products/selections-e-g-browne_momen|url-status=dead}} * {{cite journal|last=Momen|first=Moojan|date=1991|title=The Cyprus Exiles|url=http://bahai-library.com/momen_cyprus_exiles|journal=Bahá'í Studies Bulletin}} * {{cite journal|last=Momen|first=Moojan|date=2007|title=Messianic Concealment and Theophanic Disclosure|url=http://oj.bahaistudies.net/OJBS_1_Momen_Messianic_Concealment.pdf|journal=Online Journal of Baháʼí Studies|volume=1|pages=71–88|issn=1177-8547}} * {{cite book|title=World Religions: Belief, Culture, and Controversy|last1=Momen|first1=Moojan|last2=Lawson|first2=Todd|date=2011|publisher=ABC-Clio|location=Santa Barbara, CA|chapter=The Báb|author-link1=Moojan Momen|author-link2=Todd Lawson|chapter-url=https://bahai-library.com/momen_lawson_abc-clio_bab}} *{{cite book|title=Le Béyan Persan|url=https://archive.org/details/lebyanpersan01babauoft|last=Nicolas|first=A. L. M.|publisher=P. Geuthner|year=1911|location=Paris}} * {{Cite book|url=https://www.worldcat.org/oclc/904293009|title=Gate of the heart : understanding the writings of the Báb|last=Saiedi|first=Nader|date=2008|isbn=978-1-55458-056-9|location=[Waterloo, Ont.]|oclc=904293009}} * {{cite book|url=https://bahai-library.com/stockman_review_gate_heart|title=Review of: ''Gate of the Heart: Understanding the Writings of the Báb''|last=Stockman|first=Robert|date=August 2010|journal=Nova Religio|publisher=Routledge|isbn=978-1-138-36772-2|editor-last=Stockman|editor-first=Robert H.|volume=14|location=Oxfordshire, UK|pages=124–127|chapter=Ch. 41: The History of the Bábí and Bahá'í Faiths|doi=10.1525/nr.2010.14.1.124|issn=1092-6690|oclc=4635424978|access-date=March 31, 2021|issue=1|s2cid=244705793}} * {{Cite book|title=Citizens of the world: a history and sociology of the Bahaʹis from a globalisation perspective|last=Warburg|first=Margit|date=2006|publisher=Brill|isbn=978-90-474-0746-1|location=Leiden|oclc=234309958}} * {{Citation|last=Lawson|first=Todd|title=The Baha'i Tradition|date=2012-12-31|url=https://doi.org/10.1525/california/9780520258310.003.0006|work=Fighting Words|pages=135–157|publisher=University of California Press|doi=10.1525/california/9780520258310.003.0006|isbn=978-0-520-25831-0|access-date=2024-03-25}} * {{Citation|last=Saiedi|first=Nader|title=The Writings and Teachings of the Báb|date=2021|url=https://www.taylorfrancis.com/books/9780429027772/chapters/10.4324/9780429027772-5|work=The World of the Bahá'í Faith|pages=29–39|place=London|publisher=Routledge|language=en|doi=10.4324/9780429027772-5|isbn=978-0-429-02777-2|access-date=2024-03-25}} * {{Citation|last=Smith|first=Peter|title=The History of the Bábí and Bahá'í Faiths|date=2021|url=https://www.taylorfrancis.com/books/9780429027772/chapters/10.4324/9780429027772-48|work=The World of the Bahá'í Faith|pages=501–512|place=London|publisher=Routledge|language=en|doi=10.4324/9780429027772-48|isbn=978-0-429-02777-2|access-date=2024-03-26}} * {{Citation|last=Momen|first=Moojan|title=Bahá'u'lláh|date=2021|url=https://www.taylorfrancis.com/books/9780429027772/chapters/10.4324/9780429027772-6|work=The World of the Bahá'í Faith|pages=40–50|place=London|publisher=Routledge|language=en|doi=10.4324/9780429027772-6|isbn=978-0-429-02777-2|access-date=2023-03-17|s2cid=223413894}} * {{Cite journal|last=Momen|first=Moojan|date=2013-06-01|title=Negotiating Survival: A History of the Babi and Baha'i Faith in Shiraz (1844–1921)|url=https://intellectdiscover.com/content/journals/10.1386/bsr.19.1.45_1|journal=Baha'i Studies Review|language=en|volume=19|issue=1|pages=45–68|doi=10.1386/bsr.19.1.45_1|issn=1354-8697}} * {{Cite book|title=Iran: a modern history|url=https://archive.org/details/iranmodernhistor0000aman|last=Amanat|first=Abbas|date=2017|publisher=Yale University Press|isbn=978-0-300-11254-2|location=New Haven; London}} * {{cite book|url=https://books.google.com/books?id=IZmkG1ASirgC|title=The Baháʼí Faith: The Emerging Global Religion|last1=Hatcher|first1=W.S.|last2=Martin|first2=J.D.|publisher=Harper & Row|year=1998|isbn=0-87743-264-3|location=San Francisco}} * {{Cite book|url=https://www.worldcat.org/oclc/7554626|title=Roots of revolution : an interpretive history of modern Iran|last=Keddie|first=Nikki R.|date=1981|publisher=Yale University Press|others=Yann Richard|isbn=0-300-02606-4|location=New Haven|oclc=7554626}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=jK8tMwEACAAJ|title=A Most Noble Pattern: Collected Essays on the Writings of the Báb, 'Alí Muhammad Shírází (1819–1850)|last1=Lawson|first1=Todd|last2=Ghaemmaghami|first2=Omid|date=2012|publisher=George Ronald|isbn=978-0-85398-556-3|language=en}} * {{Cite journal|last=Ross|first=E. Denison|date=1901|title=Babism|url=http://archive.org/details/jstor-25105157|journal=The North American Review|volume=172|issue=533|pages=606–622|jstor=25105157}} * {{cite book|url=https://nelc.ucla.edu/book/logos-civilization-spirit-history-order-writings-bahaullah/|title=Logos and Civilization – Spirit, History, and Order in the Writings of Baháʼu'lláh|last=Saiedi|first=Nader|publisher=University Press of Maryland|year=2000|isbn=1883053609|location=US|ol=8685020M|access-date=31 अगस्त 2025|archive-date=8 अगस्त 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240808004413/https://nelc.ucla.edu/book/logos-civilization-spirit-history-order-writings-bahaullah/|url-status=dead}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=pYfrAQAAQBAJ|title=A Concise Encyclopedia of the Bahá'í Faith|last=Smith|first=Peter|date=2013|publisher=Oneworld Publications|isbn=978-1-78074-480-3|language=en}} * {{Cite book|title=The Bahá'í faith, violence, and non-violence|last=Stockman|first=Robert H.|date=2020|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-1-108-70627-8|series=Cambridge elements|location=Cambridge & New York}} * {{Cite book|url=https://www.worldcat.org/oclc/37884893|title=Modernity and the millennium: the genesis of the Baha'i faith in the nineteenth-century Middle East|last=Cole|first=Juan Ricardo|date=1998|publisher=Columbia University Press|isbn=0-231-11080-4|location=New York|oclc=37884893}} * {{Cite journal|last=Abdolmohammadi|first=Pejman|date=2024-02-02|title=The Social and Political Thought of Sayyed ʿ⁠Ali Moḥammad Širāzi, the Báb|url=https://brill.com/view/journals/eurs/21/1/article-p102_5.xml|journal=Eurasian Studies|volume=21|issue=1|doi=10.1163/24685623-20230144|issn=2468-5623|s2cid=267413538}} * {{Cite journal|last=Lambden|first=Stephen N.|date=2008|title=Review of Gate of the Heart: Understanding the Writings of the Báb. Bahʾí Studies Series, vol. 1|url=https://www.jstor.org/stable/23044534|journal=Journal of the American Oriental Society|volume=130|issue=2|issn=0003-0279|jstor=23044534}} * {{Cite journal|last=Zabihi-Moghaddam|first=Siyamak|date=2023|title=The Báb on the Rights of Women|journal=Religions|language=en|volume=14|issue=6|page=705|doi=10.3390/rel14060705|issn=2077-1444|doi-access=free}} * {{Cite web|url=https://iranianstudies.macmillan.yale.edu/publications/az-tehran-ta-akka-persian|title=Az Tehran ta Akka (Persian) {{!}} Program in Iranian Studies|last1=Amanat|first1=Abbas|last2=Vahman|first2=Fereydun|year=2016|website=iranianstudies.macmillan.yale.edu|access-date=2024-02-20}} * {{Cite journal|last=Walbridge|first=John|date=2022-01-01|title=The Babi Uprising in Zanjan: Causes and Issues|url=https://www.cambridge.org/core/journals/iranian-studies/article/abs/babi-uprising-in-zanjan-causes-and-issues/D3DA0EDE843431436706E292F3B62AD9|journal=Iranian Studies|language=en|volume=29|issue=3–4|pages=339–362|doi=10.1080/00210869608701854|issn=0021-0862}} *{{cite book|url=https://www.gutenberg.org/files/36585/36585-h/36585-h.htm|title=Bahaism and Its Claims: A Study of the Religion Promulgated by Baha Ullah and Abdul Baha|last=Wilson|first=Samuel G.|publisher=Fleming H. Revell co|year=1915|location=New York}} *{{cite book|url=http://reference.bahai.org/en/t/nz/DB/|title=The Dawn-Breakers: Nabíl's Narrative|last=Zarandi|first=Nabil|date=1932|publisher=Baháʼí Publishing Trust|isbn=0-900125-22-5|editor=Effendi|editor-first=Shoghi|edition=Hardcover|location=Wilmette, Illinois, USA|language=en-UK|translator-last=Effendi|translator-first=Shoghi|orig-year=Composed 1890}} {{refend}} == अधिक पठन == * {{cite book|url=https://www.grbooks.com/products/selections-e-g-browne_momen|title=Selections from the Writings of E.G. Browne on the Bábí and Baháʼí Religions|last=Browne|first=Edward Granville|date=1987|publisher=George Ronald|isbn=0-85398-247-3|editor-last=Momen|editor-first=Moojan|location=Oxford, UK|chapter=A Summary of the Persian Bayan|ref=none|access-date=2022-12-20|chapter-url=http://bahai-library.com/browne_momen_persian_bayan|archive-date=5 नवंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241105042859/https://www.grbooks.com/products/selections-e-g-browne_momen|url-status=dead}} * {{cite web|url=https://www.bbc.co.uk/religion/religions/bahai/history/bab_1.shtml|title=The Báb|author=BBC|date=2009|publisher=BBC|access-date=2022-12-13|ref=none}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Wikiquote}}{{Commons category|Báb}} * [https://media.bahai.org/history/images-related-central-figures/the-bab बाब से संबंधित अभिलेखीय सामग्रियों की छवियाँ] * {{Gutenberg author|id=8279}} * ''[https://www.bahai.org/library/authoritative-texts/the-bab/ बाब के लेखन]'' बहाई संदर्भ पुस्तकालय में * [[श्रेणी:बहाई धर्म]] r44keapneewqfnpmd2g9qkb1sdaxczf प्राचीन मिस्र 0 13122 6582783 6579420 2026-07-15T06:44:48Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582783 wikitext text/x-wiki [[चित्र:All Gizah Pyramids.jpg|thumb|250px|गीज़ा के पिरामिड, प्राचीन मिस्र की सभ्यता के सबसे ज़्यादा पहचाने जाने वाले प्रतीकों में से एक हैं। ]] [[चित्र:Ancient Egypt map-en.svg|thumb|200px|प्राचीन मिस्र का मानचित्र, प्रमुख शहरों और राजवंशीय अवधि के स्थलों को दर्शाता हुआ। (करीब 3150 ईसा पूर्व से 30 ई.पू.)]] '''प्राचीन मिस्र''', [[नील नदी]] के निचले हिस्से के किनारे केन्द्रित पूर्व [[उत्तरी अफ्रीका]] की एक [[सभ्यता|प्राचीन सभ्यता]] थी, जो अब आधुनिक देश [[मिस्र]] है। यह सभ्यता 3150 ई.पू.<ref>केवल 664 ई.पू.के बाद ही तिथियाँ निश्चित हैं। विवरण के लिए [[मिस्र के कालक्रम]] देखें. {{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/chronology/index.html|title=Chronology|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-url=https://web.archive.org/web/20080316015559/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/chronology/index.html|archive-date=16 मार्च 2008|accessdate=2008-03-25|url-status=live}}</ref> के आस-पास, प्रथम [[फैरो]] के शासन के तहत [[ऊपरी और निचले मिस्र]] के राजनीतिक एकीकरण के साथ समाहित हुई और अगली तीन सदियों में विकसित होती रही.<ref>डोडसन (2004) पृ. 46</ref> इसका [[इतिहास]] स्थिर ''राज्यों'' की एक श्रृंखला से निर्मित है, जो सम्बंधित अस्थिरता के काल द्वारा विभाजित है, जिसे मध्यवर्ती काल के रूप में जाना जाता है। प्राचीन मिस्र [[मिस्र साम्राज्य|नवीन साम्राज्य]] के दौरान अपने शिखर पर पहुँची, जिसके बाद इसने मंद पतन की अवधि में प्रवेश किया। इस उत्तरार्ध काल के दौरान मिस्र पर कई विदेशी शक्तियों ने विजय प्राप्त की और फ़ैरो का शासन आधिकारिक तौर पर 31 ई.पू. में तब समाप्त हो गया, जब प्रारम्भिक [[रोमन साम्राज्य]] ने मिस्र पर विजय प्राप्त की और इसे अपना [[प्रान्त|एक प्रान्त]] बना लिया।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 217</ref> प्राचीन मिस्र की सभ्यता की सफलता, नील नदी घाटी की परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की क्षमता से आंशिक रूप से प्रभावित थी। इस उपजाऊ घाटी में, उम्मीद के मुताबिक बाढ़ और नियंत्रित [[सिंचाई]] के कारण आवश्यकता से अधिक फसल होती थी, जिसने [[सामाजिक विकास]] और संस्कृति को बढ़ावा दिया. संसाधनों की अधिकता के कारण, [[प्रशासन]] ने घाटी और आस-पास के रेगिस्तानी क्षेत्रों में खनिज दोहन, एक स्वतंत्र [[लेखन प्रणाली]] के प्रारम्भिक विकास, सामूहिक निर्माण और कृषि परियोजनाओं का संगठन, आस-पास के क्षेत्रों के साथ व्यापार और [[विदेशी दुश्मनों को हराने]] और मिस्र के प्रभुत्व को मज़बूत करने का इरादा रखने वाली सेना को प्रायोजित किया। इन गतिविधियों को प्रेरित और आयोजित करना संभ्रांत लेखकों, धार्मिक नेताओं और प्रशासकों की नौकरशाही थी, जो एक [[फ़ैरो]] के शासन के अधीन थे, जिसने [[धार्मिक विश्वासों]] की एक विस्तृत प्रणाली के संदर्भ में मिस्र के लोगों की एकता और सहयोग को सुनिश्चित किया।<ref>जेम्स (2005) पृ. 8</ref><ref>मनुलियन (1998) पृ. 6-7</ref> प्राचीन मिस्र के लोगों की कई उपलब्धियों में शामिल है [[उत्खनन]], [[सर्वेक्षण]] और निर्माण की तकनीक जिसने विशालकाय [[पिरामिड]], मंदिर और [[ओबिलिस्क]] के निर्माण में मदद की; [[गणित]] की एक प्रणाली, एक व्यावहारिक और कारगर [[चिकित्सा प्रणाली]], सिंचाई व्यवस्था और कृषि उत्पादन तकनीक, प्रथम ज्ञात पोत,<ref name="AIA" /> [[मिस्र के मिट्टी के बर्तन]] और कांच प्रौद्योगिकी, [[साहित्य]] के नए रूप और ज्ञात, सबसे प्रारम्भिक शांति संधि.<ref>क्लेटन (1994) पृ. 153</ref> मिस्र ने एक स्थायी विरासत छोड़ी. इसकी [[कला]] और [[स्थापत्य]] को व्यापक रूप से अपनाया गया और इसकी प्राचीन वस्तुओं को दुनिया के दूसरे कोने तक ले जाया गया। इसके विशाल खंडहरों ने यात्रियों और लेखकों की कल्पना को सदियों तक प्रेरित किया। प्रारम्भिक आधुनिक काल के दौरान प्राचीन वस्तुओं और खुदाई के प्रति एक नए सम्मान ने मिस्र और दुनिया के लिए मिस्र सभ्यता की [[वैज्ञानिक पड़ताल]] और उसकी सांस्कृतिक विरासत की अपेक्षाकृत अधिक प्रशंसा को प्रेरित किया।<ref>जेम्स (2005) पृ. 84</ref> == इतिहास == {{Small Egyptian Dynasty List}} {{Main।History of ancient Egypt|History of Egypt|Population history of Egypt}} [[पेलियोलिथिक]] काल के उत्तरार्ध तक, उत्तरी अफ़्रीका की शुष्क जलवायु तेज़ी से गर्म और शुष्क हो गई, जिसने इस क्षेत्र की आबादी को नील नदी घाटी के किनारे-किनारे बसने पर मजबूर कर दिया और करीब 120 हज़ार साल पहले [[मध्य प्लीस्टोसीन]] के अंत से खानाबदोश [[आधुनिक मानव शिकारियों]] ने इस क्षेत्र में रहना शुरू किया, तब से नील नदी मिस्र की जीवन रेखा रही है।<ref>शॉ (2002) पृ. 17</ref> नील नदी के उपजाऊ बाढ़ मैदान ने लोगों को एक बसी हुई कृषि अर्थव्यवस्था और अधिक परिष्कृत, केन्द्रीकृत समाज के विकास का मौका दिया, जो मानव सभ्यता के इतिहास में एक आधार बना।<ref>शॉ (2002) पृ. 17, 67-69</ref> === पूर्व-राजवंशीय अवधि === पूर्व-राजवंशीय और [[आरंभिक राजवंशीय]] समय, मिस्र की जलवायु आज की अपेक्षा बहुत कम शुष्क थी। मिस्र के विशाल क्षेत्र [[सवाना]] वृक्षों से भरे हुए थे और वहाँ चरने वाले [[अन्गुलेट]] के झुंडों का विचरण हुआ करता था। पर्ण और जीव सभी परिप्रदेश में अधिक उर्वर थे और नील नदी क्षेत्र ने जलपक्षी की बड़ी आबादी की मदद की. मिश्र के लोगों के बीच शिकार आम रहा होगा और शायद इसी समय कई पशुओं को [[पालतू]] बनाया गया होगा.<ref>{{Cite book | first1 = Salima | last1 = Ikram | authorlink1 = Salima Ikram | title = Choice Cuts: Meat Production in Ancient Egypt | publisher = कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस | year = 1992 | isbn = 9789068317459 | oclc = 60255819 | page = 5 | url = http://books.google.com/books?id=1Am88Yc8gRkC&printsec=frontcover#PPA5,M1 | accessdate = 2009-07-22 | archive-url = https://web.archive.org/web/20110821193917/http://books.google.com/books?id=1Am88Yc8gRkC&printsec=frontcover#PPA5,M1 | archive-date = 21 अगस्त 2011 | url-status = live }}</ref> [[चित्र:Vase with gazelles-E 28023- Egypte louvre 316.jpg|thumb|left|upright|ग़ज़ल्स से सुसज्जित एक विशिष्ट नाकाडा II मर्तबान. (पूर्व-राजवंशीय काल)]] [[5500 ई.पू.]] तक, नील नदी घाटी में रहने वाली छोटी जनजातियाँ संस्कृतियों की एक श्रृंखला में विकसित हुईं, जो उनके कृषि और [[पशुपालन]] पर नियंत्रण से पता चलता है और उनके मिट्टी के पात्र और व्यक्तिगत वस्तुएं जैसे कंघी, कंगन और मोतियों से उन्हें पहचाना जा सकता है। ऊपरी मिस्र की इन आरंभिक संस्कृतियों में सबसे विशाल, [[बदारी]] को इसकी उच्च गुणवत्ता वाले चीनी मिट्टी की वस्तुओं, [[पत्थर के उपकरण]] और तांबे के उनके उपयोग के लिए जाना जाता है।<ref>हायएस (1964) पृ. 220</ref> उत्तरी मिस्र में बदारी के बाद अमरेशन और गर्जियन संस्कृतियां<ref>चिलडे, वी.गॉर्डन (1953), "न्यू लाइट ऑन द मोस्ट एनसीएंट निअर ईस्ट" (प्राएजेर प्रकाशन)</ref> आई जिन्होंने कई बेहतर तकनीकों को प्रदर्शित किया। गर्जियन समय में, प्रारम्भिक सबूत [[कनान]] और बिब्लोस तट के साथ संपर्क होने को सिद्ध करते हैं।<ref>पातै, राफैल (1998), "चिल्ड्रेन ऑफ़ नोआ : जुइश सीफेरिंग इन एनसीएंट टाइम्स" (प्रिंसटन विश्वविद्यालय प्रेस)</ref> दक्षिणी मिस्र में, बदारी के समान ही [[नाकाडा]] संस्कृति का, [[4000 ई.पू.]] के आस-पास नील नदी के किनारे विस्तार शुरू हुआ। [[नकाडा I अवधि]] के समय से ही [[पूर्व-राजवंशीय मिस्र]], इथियोपिया से [[ओब्सीडियन]] का आयात करता था, जिसका प्रयोग [[चिंगारी]] से [[ब्लेड]] और अन्य वस्तुओं को आकार देने में किया जाता था।<ref>बारबरा जी एसटन, जेम्स ए हार्रेल्ल, इयान शॉ(2000). पॉल टी. निकहोलसन और इयान शॉ संपादक हैं। "स्टोन," इन ''एंशंट इजीप्शियन मेटिरीयल्स एंड टेक्नॉलोजी,'' कैम्ब्रिज, 5-77, पृ. 46-47. यह भी ध्यान रखें: बारबरा जी एसटन (1994). "एनसीएंट इजिप्शियन स्टोन वेसल्स," ''Studien zur Archäologie und Geschichte Altägyptens'' 5, हाईडेलबर्ग, पृ. 23-26. (ऑन लाइन पोस्ट देखिये [http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/stone/obsidian.html] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110201073519/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/stone/obsidian.html|date=1 फ़रवरी 2011}} और [http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/foreignrelations/obsidian.html] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110629145615/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/foreignrelations/obsidian.html|date=29 जून 2011}}</ref> लगभग 1000 वर्ष की अवधि के दौरान, नाकाडा संस्कृति, चंद छोटे कृषक समुदाय से विकसित होकर एक शक्तिशाली सभ्यता में तब्दील हो गई जिसके नेताओं का जनता और नील नदी घाटी के संसाधनों पर पूरा नियंत्रण था।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/naqadan/chronology.html#naqadaI|title=Chronology of the Naqada Period|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-url=https://web.archive.org/web/20080328182409/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/naqadan/chronology.html#naqadaI|archive-date=28 मार्च 2008|url-status=live}}</ref> सत्ता के केन्द्र की स्थापना पहले [[हीराकोनपोलिस]] और फिर बाद में [[अबिडोस]] में करते हुए, नाकाडा III के शासकों ने मिस्र के अपने नियंत्रण को [[नील नदी]] के उत्तर की ओर विस्तार किया।<ref name="Shaw61">शॉ (2002) पृ. 61</ref> उन्होंने दक्षिण में [[नूबिया]] के साथ भी कारोबार किया, पश्चिम में [[पश्चिमी रेगिस्तान]] के ओअसेस् से और पूर्व में [[पूर्वी भूमध्य सागर]] की संस्कृतियों के साथ.<ref name="Shaw61" /> नाकाडा संस्कृति ने भौतिक वस्तुओं का विविधता के साथ उत्पादन किया, जो कुलीन वर्ग की बढ़ती ताकत और संपत्ति को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें शामिल थे चित्रित मिट्टी के बर्तन, उच्च गुणवत्ता वाले पत्थर के सजावटी गुलदस्ते, कॉस्मेटिक पट्टियां और सोने के गहने, लापीस और हाथी-दांत. उन्होंने एक सेरामिक ग्लेज़ भी विकसित किया जिसे [[फाएंस]] के रूप में जाना जाता है, जिसका रोमन काल में कप, ताबीज और मूर्तियों को सजाने में काफी इस्तेमाल होता था।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/faience/periods.html|title=Faience in different Periods|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-url=https://web.archive.org/web/20080330041500/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/faience/periods.html|archive-date=30 मार्च 2008|url-status=live}}</ref> पूर्व-राजवंशीय काल के अंतिम चरण के दौरान, नाकाडा संस्कृति ने लिखित प्रतीकों का उपयोग करना शुरू किया जो अंततः प्राचीन मिस्र की भाषा लिखने के लिए [[हीएरोग्लिफ्स]] की एक पूरी प्रणाली में विकसित हो गया।<ref>एलन (2000) पृ. 1</ref> === प्रारम्भिक राजवंशीय काल === [[चित्र:NarmerPalette ROM-gamma.jpg|thumb|नर्मेर रंगपट्टिका, दो भूमियों के एकीकरण को दर्शाती है।<ref>रॉबिन्स (1997) पृ. 32</ref>]] {{Main|Early Dynastic Period of Egypt}} [[तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व]] के मिस्र के पुजारी [[मनेथो]] ने मेनेस के फ़ैरोओं की लम्बी कतार को अपने समय में 30 राजवंशों में समूहित किया, एक ऐसी प्रणाली जिसका इस्तेमाल आज भी हो रहा है।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 6</ref> उसने "मेनी" (या ग्रीक में [[मेनेस]]) नाम के राजा के साथ अपना आधिकारिक इतिहास शुरू करना पसंद किया, जिसने मान्यतानुसार [[ऊपरी]] और [[निचली मिश्र]] के दो साम्राज्यों को एकजुट किया (करीब ३२०० ई.पू.).<ref>शॉ (2002) पृ. 78-80</ref> एक एकीकृत राज्य के रूप में परिवर्तन, वास्तव में प्राचीन मिस्र के लेखक जितना हमें विश्वास दिलाते हैं उससे कहीं ज़्यादा क्रमिक रूप से हुआ और मेनेस का कोई समकालीन रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। तथापि, कुछ विद्वानों का अब मानना है कि मिथकीय मेनेस वास्तव में फ़ैरो [[नार्मर]] हो सकता है, जिसे वैधिक [[नार्मर रंगपट्टिका]] पर एकीकरण की एक प्रतीकात्मक क्रिया के रूप में [[शाही राजचिह्न]] पहने हुए दिखाया गया है।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 12-13</ref> 3150 ई.पू. के आसपास, प्रारम्भिक राजवंशीय अवधि में, प्रथम राजवंशीय फैरोओं ने [[मेम्फिस]] में राजधानी की स्थापना करते हुए निचले मिस्र पर अपने नियंत्रण को मज़बूत किया, जहाँ से वे [[श्रम शक्ति]] और उर्वर डेल्टा क्षेत्र की कृषि के साथ-साथ लेवांट के लाभदायक और महत्वपूर्ण [[व्यापार मार्ग]] पर नियंत्रण रख सकते थे। प्रारम्भिक राजवंशीय काल के दौरान फ़ैरोओं की बढ़ती ताकत और संपत्ति की झलक अबिडोस में उनके विस्तृत [[मस्तबा]] कब्रों और मुर्दाघरों से दिखती है, जिसका प्रयोग मृत्यु के बाद फ़ैरो के देवत्व प्राप्ति का जश्न मनाने के लिए किया जाता था।<ref>शॉ (2002) पृ. 70</ref> फ़ैरोओं द्वारा विकसित शासन की मजबूत संस्था ने भूमि, श्रम और उन संसाधनों पर राज्य के नियंत्रण को वैध ठहराने का काम किया, जो मिस्र की प्राचीन सभ्यता के अस्तित्व और विकास के लिए आवश्यक थी।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/archaicegypt/info.html|title=Early Dynastic Egypt|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-url=https://web.archive.org/web/20080304143847/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/archaicegypt/info.html|archive-date=4 मार्च 2008|url-status=live}}</ref> === प्राचीन साम्राज्य === {{Main|Old Kingdom}} [[चित्र:Menkaura-ColossalStatue MuseumOfFineArtsBoston.png|thumb|upright|बोस्टन म्यूसिअम ऑफ़ फाइन आर्ट्स में मेनकौरा की संगमरमरी प्रतिमा]] [[प्राचीन साम्राज्य]] के दौरान वास्तुशिल्प, कला और प्रौद्योगिकी में आश्चर्यजनक विकास किए गए, जिसे पूर्ण विकसित केन्द्रीय प्रशासन द्वारा संभव, वर्धित [[कृषि उत्पादकता]] ने गति दी.<ref>जेम्स (2005) पृ. 40</ref> [[विज़ीर]] के दिशा-निर्देश के अंतर्गत, राज्य के अधिकारियों ने कर एकत्र किया, [[फसल की पैदावार]] में सुधार करने के लिए सिंचाई परियोजनाओं को समन्वित किया, निर्माण परियोजनाओं पर काम करने के लिए किसानों को भर्ती किया और शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक [[न्याय प्रणाली]] की स्थापना की.<ref>शॉ (2002) पृ. 102</ref> एक उत्पादक और स्थिर अर्थव्यवस्था द्वारा उपलब्ध कराए गए अतिरिक्त संसाधनों द्वारा, यह राज्य विशाल स्मारकों के निर्माण को प्रायोजित करने और शाही कार्यशालाओं में कला के असाधारण कार्य शुरू करने में सक्षम हुआ। जोसर, [[खुफु]] और उनके वंशज द्वारा निर्मित पिरामिड, प्राचीन मिस्र की सभ्यता और उसे नियंत्रित करने वाले फ़ैरोओं की शक्ति के सबसे यादगार प्रतीक हैं। एक केन्द्रीय प्रशासन के बढ़ते महत्व के साथ ही, शिक्षित लेखकों और अधिकारियों का एक नया वर्ग पैदा हुआ जिन्हें उनकी सेवाओं के लिए फ़ैरो द्वारा संपदा प्रदान की गई। फ़ैरोओं ने अपने मुर्दाघर सम्प्रदाय और स्थानीय मंदिरों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए जमीनें प्रदान कीं कि इन संस्थाओं के पास फ़ैरो की मृत्यु के बाद उसकी पूजा करने के लिए आवश्यक संसाधन मौजूद हों. प्राचीन साम्राज्य के अंत तक, इन सामंती प्रथाओं की पांच शताब्दियों ने धीरे-धीरे फ़ैरो की [[आर्थिक शक्ति]] का क्षरण किया, जो अब एक विशाल केन्द्रीकृत प्रशासन को बनाए रखने में अक्षम था।<ref>शॉ (2002) पृ. 116-7</ref> जैसे-जैसे फ़ैरो की शक्ति क्षीण होती गई, [[नोमार्क]] कहलाने वाले क्षेत्रीय गवर्नरों ने फ़ैरो के वर्चस्व को चुनौती देना शुरू किया। इन हालातों के साथ-साथ 2200 और 2150 ई.पू.<ref>{{citeweb|url=http://www.bbc.co.uk/history/ancient/egyptians/apocalypse_egypt_04.shtml |title=The Fall of the Old Kingdom |author=Fekri Hassan|publisher=British Broadcasting Corporation|accessdate=2008-03-10}}</ref> के बीच पड़ने वाले [[गंभीर सूखे]] ने अंततः देश को एक 140 वर्षीय अकाल और संघर्ष की अवधि में धकेल दिया, जिसे प्रथम मध्यवर्ती काल के रूप में जाना जाता है।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 69</ref> === प्रथम मध्यवर्ती काल === {{Main|First Intermediate Period of Egypt}} प्राचीन राजवंश के अंत में मिस्र की [[केन्द्र सरकार]] के ढहने के बाद, प्रशासन, देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने या सहारा देने में असमर्थ था। क्षेत्रीय गवर्नर संकट के समय मदद के लिए राजा पर भरोसा नहीं कर सकते थे और भावी खाद्यान्न की कमी और राजनीतिक विवादों ने अकाल और छोटे पैमाने पर गृह-युद्ध का रूप ले लिया। कठिन समस्याओं के बावजूद, फ़ैरो के प्रति बिना सम्मान के स्थानीय नेताओं ने अपनी नई प्राप्त स्वतंत्रता का इस्तेमाल, प्रान्तों में संपन्न संस्कृति की स्थापना के लिए किया। एक बार अपने संसाधनों पर खुद का नियंत्रण प्राप्त करने के बाद, ये प्रान्त आर्थिक रूप से अपेक्षाकृत समृद्ध हो गए - एक तथ्य जो सभी [[सामाजिक वर्गों]] के बीच बड़े और बेहतर अंतिम संस्कार द्वारा प्रदर्शित था।<ref>शॉ (2002) पृ. 120</ref> रचनात्मकता की धारा में, प्रान्तीय कारीगरों ने सांस्कृतिक रूपांकनों को अपनाया और तराशा जो पहले प्राचीन साम्राज्य के प्रभुत्व में प्रतिबंधित थे और लेखकों ने ऐसी साहित्यिक शैलियों का विकास किया जिसमें उस काल का [[आशावाद]] और मौलिकता परिलक्षित होती है।<ref name="Shaw146">शॉ (2002) पृ. 146</ref> फ़ैरो के प्रति अपनी वफादारी से मुक्त स्थानीय शासकों ने क्षेत्रीय नियंत्रण और [[राजनीतिक सत्ता]] के लिए एक दूसरे से होड़ लेनी शुरू की. 2160 ई.पू. तक, हेराक्लियोपोलिस के शासकों ने निचले मिस्र पर नियंत्रण रखा, जबकि [[थेब्स]] आधारित एक प्रतिद्वंद्वी कबीले, [[इन्टेफ परिवार]] ने ऊपरी मिस्र का नियंत्रण ले लिया। जैसे-जैसे इन्टेफ की शक्ति में वृद्धि हुई और उसने अपना नियंत्रण उत्तर की ओर बढ़ाया, तो दोनों प्रतिद्वंद्वी राजवंशों के बीच संघर्ष अनिवार्य हो गया। लगभग 2055 ई.पू., [[नेभेपेट्रे मंटूहोटेप II]] के सेनापतित्व में थेबन बलों ने अंततः हेराक्लियोपोलिटन शासकों को हरा दिया और दोनों प्रदेशों को पुनः एकीकृत करते हुए आर्थिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण काल का शुभारम्भ किया, जिसे [[मध्य साम्राज्य]] के रूप में जाना जाता है।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 29</ref> === मध्य साम्राज्य === {{Main|Middle Kingdom of Egypt}} [[चित्र:Egypte louvre 231 visage.jpg|thumb|upright|अमेनेमहट III, मध्य साम्राज्य का अंतिम महान शासक]] मध्य साम्राज्य के फैरोओं ने देश की समृद्धि और स्थिरता को बहाल किया और इस तरह कला, साहित्य और विशाल इमारतों की परियोजनाओं के पुनरुत्थान को प्रेरित किया।<ref>शॉ (2002) पृ. 148</ref> मंटूहोटेप II और उसके 11वें वंशज के [[उत्तराधिकारियों]] ने थेब्स से शासन किया, लेकिन [[12वें राजवंश]] की शुरूआत में 1985 ई.पू. के आस-पास वज़ीर [[अमेनेमहट I]] ने सत्ता संभालते हुए, देश की राजधानी को [[फैयुम]] स्थित [[इज्टावी]] शहर स्थानांतरित कर दिया.<ref>क्लेटन (1994) पृ. 79</ref> इज्टावी से, 12वें वंश के फैरोओं ने क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए दूरदृष्टि के साथ [[भूमि सुधार]] और सिंचाई की योजना बनाई. इसके अलावा, सेना ने खदानों और सोने की खानों से समृद्ध नूबिया के क्षेत्रों को फिर से जीत लिया, जबकि विदेशी हमले के खिलाफ सुरक्षा के लिए मजदूरों ने पूर्वी डेल्टा में एक रक्षात्मक संरचना का निर्माण किया, जिसे "[[वॉल्स-ऑफ़-द-रूलर]]" (शासक की दीवारें) कहा गया।<ref>शॉ (2002) पृ. 158</ref> सैन्य और राजनीतिक सुरक्षा और विशाल कृषि और खनिज संपदा बहाल करने के बाद, इस देश की आबादी, कला और धर्म का उत्कर्ष होने लगा। देवताओं के प्रति प्राचीन साम्राज्य के संभ्रांतवादी नज़रिए के विपरीत, मध्य साम्राज्य में व्यक्तिगत धर्मनिष्ठा के भाव में वृद्धि का अनुभव किया गया और जिसे पुनर्जन्म का [[लोकतंत्रीकरण]] कहा जा सकता है, जिसमें सभी लोगों के पास एक आत्मा है और मृत्यु के बाद देवताओं के सान्निध्य में उनका स्वागत किया जा सकता है।<ref>शॉ (2002) पृ. 179-82</ref> [[मध्य साम्राज्य]] के साहित्य में परिष्कृत विषय और पात्र प्रस्तुत होते हैं जिन्हें विश्वस्त और भावपूर्ण शैली में लिखा गया है,<ref name="Shaw146" /> और उस काल की [[नक्काशी]] और मूर्तिकला ने सूक्ष्म, व्यक्तिगत विवरणों को उकेरा जिसने तकनीकी पूर्णता की नई ऊंचाइयों को छुआ.<ref>ऱोबिन्स (1997) पृ. 90</ref> मध्य साम्राज्य का अंतिम महान शासक, [[अमेनेमहट III]] ने डेल्टा क्षेत्र में एशियाई अधिवासियों को अपने विशेष रूप से सक्रिय खनन और निर्माण अभियानों के लिए पर्याप्त श्रम शक्ति प्रदान करने की अनुमति दी. निर्माण और खनन की इन महत्वाकांक्षी गतिविधियों ने, बहरहाल, बाद में उसके शासनकाल में अपर्याप्त [[नील नदी की बाढ़]] के साथ मिलकर, अर्थव्यवस्था को तनावपूर्ण बना दिया और 13वें और 14वें राजवंशों के दौरान धीमे पतन के साथ दूसरे मध्यवर्ती काल में प्रवेश को प्रेरित किया। इस पतन के दौरान, एशियाई अधिवासी विदेशियों ने डेल्टा क्षेत्र का नियंत्रण हथियाना शुरू किया और अंततः मिस्र में [[हिक्सोस]] के रूप में सत्ता में आने लगे.<ref>शॉ (2002) पृ. 188</ref> === दूसरा मध्यवर्ती काल और हिक्सोस === {{Main|Second Intermediate Period of Egypt}} लगभग 1650 ईसा पूर्व के आस-पास, जैसे-जैसे मध्य साम्राज्य के फैरोओं की शक्ति क्षीण होने लगी, पूर्वी डेल्टा के [[अवारिस]] शहर में रहने वाले एशियाई आप्रवासियों ने क्षेत्र के नियंत्रण पर कब्ज़ा कर लिया और केन्द्र सरकार को थेब्स जाने पर मजबूर कर दिया, जहाँ फैरोओं को दासों के रूप में माना जाता था और उनसे शुल्क अदा करने की अपेक्षा की जाती थी।<ref name="Ryholt310">रीहोल्ट (1997) पृ. 310</ref> हिक्सोस ("विदेशी शासक") ने मिस्र के प्रशासन मॉडल की नक़ल की और खुद को फैरो के रूप में प्रस्तुत किया और इस तरह उन्होंने अपने [[मध्य कांस्य युगीन]] संस्कृति में मिस्र के तत्वों को समाहित किया।<ref>शॉ (2002) पृ. 189</ref> अपनी वापसी के बाद, थेब्स राजाओं ने खुद को उत्तर की ओर हिक्सोस और दक्षिण की ओर हिक्सोस के नुबियन सहयोगी दल, [[कुशाओं]] के बीच घिरा हुआ पाया। लगभग 100 वर्षों की कमजोर निष्क्रियता चलती रही और 1555 ईसा पूर्व के करीब थेब्स बलों ने इतनी शक्ति एकत्रित कर ली कि उन्होंने हिक्सोस को संघर्ष की चुनौती दी जो 30 से अधिक वर्षों तक चलता रहा.<ref name="Ryholt310" /> [[सिक्वेनेनर ताओ II]] और [[कमोस]] फैरो ने अंततः नुबियन को हरा दिया, लेकिन वह कमोस का उत्तराधिकारी, [[अहमोस]] था, जिसके सफलतापूर्वक छेड़े गए अभियानों के परिणामस्वरूप मिस्र में हिक्सोस का वजूद स्थायी रूप से समाप्त कर दिया. इसके बाद आने वाले नवीन साम्राज्य में मिस्र की सीमाओं का विस्तार करने और [[निकट पूर्व]] पर, उसके पूर्ण प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए फैरोओं के लिए सेना, एक केन्द्रीय प्राथमिकता बन गई।<ref>शॉ (2002) पृ. 224</ref> [[चित्र:Egypt NK edit.svg|upright|thumb|left|प्राचीन मिस्र की अधिकतम क्षेत्रीय सीमा (15वीं शताब्दी ईसा पूर्व)]] === नवीन साम्राज्य === {{Main|मिस्र साम्राज्य}} नवीन साम्राज्य के फैरोओं ने अपनी सीमाओं को सुरक्षित और अपने पड़ोसियों के साथ कूटनीतिक संबंधों को मजबूत बनाते हुए एक अभूतपूर्व समृद्धि के काल की स्थापना की. [[थुतमोस प्रथम]] और उसके पोते [[थुतमोस तृतीय]] के सेनापतित्व में छेड़े गए सैन्य अभियानों ने फैरोओं के प्रभाव को सीरिया और नूबिया में फैलाया, जिसने वफादारी को मज़बूत किया और [[पीतल]] और लकड़ी जैसे महत्वपूर्ण आयातों तक उनकी पहुँच बनाई.<ref>जेम्स (2005) पृ. 48</ref> नवीन साम्राज्य के फैरोओं ने [[अमुन]] देवता को बढ़ावा देने के लिए, जिनका बढ़ता पंथ [[कर्नाक]] में आधारित था, बड़े पैमाने पर निर्माण अभियान की शुरूआत की. उन्होंने अपनी असली और काल्पनिक, दोनों उपलब्धियों के महिमामंडन में भी स्मारकों का निर्माण कराया. महिला फैरो [[हत्शेपसट]] ने ऐसे प्रचार का इस्तेमाल, सिंहासन पर अपने दावे को तर्कसंगत ठहराने के लिए किया।<ref>{{cite web |url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/chronology/hatshepsut.html |title=Hatshepsut |accessdate=2007-12-09 |publisher=Digital Egypt for Universities, University College London |archive-url=https://web.archive.org/web/20071118100021/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/chronology/hatshepsut.html |archive-date=18 नवंबर 2007 |url-status=live }}</ref> उसका सफल शासन, [[पंट]] के व्यापारिक अभियानों, एक शानदार [[मुर्दाघर मंदिर]], ओब्लिस्क की एक विशाल जोड़ी और कर्नाक में एक प्रार्थनालय से चिह्नित है। उसकी उपलब्धियों के बावजूद, हत्शेपसट के सौतेले भतीजे थुतमोस तृतीय ने उसकी विरासत को अपने शासनकाल के अंत में मिटाने का प्रयास किया, संभवतः उसके द्वारा गद्दी छीनने के प्रतिशोध में.<ref>क्लेटन (1994) पृ. 108</ref> [[चित्र:SFEC EGYPT ABUSIMBEL 2006-003.JPG|thumb|upright|रामेसेस द्वितीय की चार विशाल मूर्तियां, उसके अबू सिम्बल के मंदिर द्वार के दोनों ओर हैं]] करीब 1350 ई.पू. में, [[मिस्र साम्राज्य|नवीन साम्राज्य]] की स्थिरता को तब खतरा पैदा हो गया, जब अमेनहोटेप IV सिंहासन पर आरूढ़ हुआ और उसने कई अतिवादी और अराजक सुधारों की शुरूआत की. अपना नाम [[अखेनातेन]] में बदलते हुए, उसने पूर्व में अल्प ज्ञात [[सूरज देवता]] [[अतेन]] को सर्वोच्च देवता के रूप में घोषित किया और अन्य देवताओं की पूजा को बाधित करते हुए पुरोहित सम्बन्धी स्थापनाओं की सत्ता पर हमला किया।<ref>एलडरेड (1988) पृ. 259</ref> राजधानी को अखेनातेन के नए शहर में स्थानांतरित करते हुए (वर्तमान [[अमर्ना]]) अखेनातेन ने विदेशी मामलों से मुंह फेर लिया और खुद को अपने नए धर्म और कलात्मक शैली में डुबा लिया। उसकी मृत्यु के बाद, अटेन पंथ को जल्दी ही छोड़ दिया गया और उसके उत्तरवर्ती फैरो, [[तुथंखमुन]], आई और [[होरेमहेब]] ने अखेनाटेन के विधर्म के सभी उल्लेखों को मिटा दिया, जिसे अब [[अमर्ना काल]] के रूप में जाना जाता है।<ref>क्लाइन (2001) पृ. 273</ref> 1279 ई.पू. के आस-पास, [[रामेसेस द्वितीय]], जिसे रामेसेस महान के रूप में भी जाना जाता है, सिंहासनारूढ़ हुआ और उसने और अधिक मंदिरों, प्रतिमाओं और ओब्लिस्क का निर्माण जारी रखा और इतिहास में किसी अन्य फैरोओं की अपेक्षा काफी अधिक संतान पैदा किये.<ref>अपनी दो प्रमुख पत्नियों और विशाल हरम से, रामेसेस द्वितीय ने 100 से अधिक बच्चों को जन्म दिया. क्लेटन (1994) पृ. 146</ref> एक साहसिक सैन्य नेता होते हुए, रामेसेस द्वितीय ने [[कादेश का युद्ध]] में [[हत्ती लोग|हिटाइट्स]] के खिलाफ अपनी सेना का नेतृत्व किया और एक गतिरोध तक लड़ने के बाद, अंततः 1258 ई.पू. के आसपास पहली दर्ज शांति संधि के लिए सहमत हुआ।<ref>टिलडेस्ले (2001) पृ. 76-7</ref> मिस्र की संपदा ने, हालांकि, आक्रमण के लिए इसे एक आकर्षक लक्ष्य बना दिया, विशेष रूप से [[लीबिया|लिबिआई]] और [[समुद्री लोगों]] के बीच. शुरू में, सेना ने इन हमलों को विफल कर दिया, लेकिन मिस्र ने अंततः [[सीरिया]] और फिलिस्तीन के नियंत्रण को खो दिया. बाहरी खतरों का असर, भ्रष्टाचार, कब्र डकैती और नागरिक अशांति जैसी आंतरिक समस्याओं से और भी विकट हो गया। थेब्स में [[अमुन मंदिर]] के उच्च पुजारियों ने जमीन और अकूत संपत्ति जमा कर ली और उनकी बढ़ती ताकत ने तीसरे मध्यवर्ती काल के दौरान देश को विछिन्न कर दिया.<ref>जेम्स (2005) पृ. 54</ref> [[चित्र:Third Intermediate Period map.svg|thumb|left|upright|730 ई.पू. के करीब, पश्चिम के लीबिया वासियों ने इस देश की राजनीतिक एकता को खंडित कर दिया.]] === तीसरा मध्यवर्ती काल === {{Main|Third Intermediate Period of Egypt}} 1078 ईसा पूर्व में [[रामेसेस XI]] की मृत्यु के बाद, [[स्मेंडेस]] ने [[टनिस]] शहर से शासन करते हुए मिस्र के उत्तरी भाग पर अधिकार कर लिया। दक्षिणी हिस्से पर [[थेब्स के अमुन के उच्च पुजारियों]] का प्रभावी ढंग से नियंत्रण था, जो स्मेंडेस को केवल नाम से जानते थे।<ref>सरनी (1975) पृ. 645</ref> इस अवधि में, लीबियाई लोग पश्चिमी डेल्टा में बस रहे थे और इन बसने वालों के सरदारों ने अपनी स्वायत्तता को बढ़ाना शुरू किया। लीबियाई सामंतों ने [[शोशेंक I]] के अधीन 945 ई.पू. में डेल्टा का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया और तथाकथित लीबियाई या बुबस्टिट वंश की स्थापना की जिसने करीब 200 साल तक शासन किया। शोशेंक ने अपने परिवार के सदस्यों को पुजारियों के महत्वपूर्ण पदों पर रखकर दक्षिणी मिस्र का नियंत्रण भी प्राप्त किया। लीबियाई नियंत्रण तब क्षीण होने लगा जब डेल्टा में एक प्रतिद्वंद्वी राजवंश [[लिओंटोपोलिस]] में उभरा और दक्षिण की ओर से [[कुषाणों]] ने चुनौती दी. 727 ई.पू. के करीब कुषाण राजा [[पिए]] ने उत्तर की ओर आक्रमण किया और थेब्स पर नियंत्रण करते हुए अंततः डेल्टा पर कब्ज़ा कर लिया।<ref>शॉ (2002) पृ. 345</ref> मिस्र की चहुं ओर फैली प्रतिष्ठा में तीसरे मध्यवर्ती काल के अंत तक काफी गिरावट आई. इसके विदेशी सहयोगी [[असीरियन]] प्रभाव क्षेत्र के अधीन आए और 700 ई.पू. तक दोनों राज्यों के बीच युद्ध अनिवार्य बन गया। 671 और 667 ई.पू. के बीच असीरिया ने मिस्र पर हमला शुरू किया। कुषाण राजा [[तहरका]] और उसके उत्तराधिकारी [[तनुतामुन]], दोनों के शासनकाल में असीरिया के साथ लगातार संघर्ष चलता रहा, जिनके खिलाफ नुबियन शासकों ने कई विजय का आनंद लिया था।<ref>{{Cite web |url=http://www.ancientsudan.org/history_07_assyro.htm |title="The Kushite Conquest of Egypt", ''Ancient~Sudan: Nubia'' . |access-date=14 अप्रैल 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110521211415/http://www.ancientsudan.org/history_07_assyro.htm |archive-date=21 मई 2011 |url-status=dead }}</ref> अंततः, असीरिया ने कुषाणों को वापस नूबिया में धकेल दिया, मेम्फिस पर कब्जा कर लिया और थेब्स के मंदिरों को खाली कर दिया.<ref>शॉ (2002) पृ. 358</ref> === उत्तरार्ध काल === {{Main|Late Period of ancient Egypt}} विजय की कोई स्थायी योजना के बिना, असीरिया ने मिस्र का नियंत्रण कई सामंतों के हाथों में सौंप दिया, जिन्हें [[छब्बीसवें वंश]] के साईट राजाओं के रूप में जाना गया। 653 ईसा पूर्व तक, साईट राजा [[साम्तिक I]] ने भाड़े के ग्रीक सैनिकों की मदद से, जिन्हें मिस्र की पहली नौसेना के निर्माण के लिए भर्ती किया गया था, असीरियाइयों को भगाने में सक्षम हुए. डेल्टा में [[नौक्रातिस]] शहर के यूनानियों का घर बन जाने से यूनानी प्रभाव तेज़ी से बढ़ा. साइस की नई राजधानी में स्थित साईट राजाओं ने अर्थव्यवस्था और संस्कृति में संक्षिप्त लेकिन एक उत्साही पुनरुत्थान देखा, लेकिन 525 ई.पू. में, [[कैम्बिसिस II]] के नेतृत्व में शक्तिशाली फारसियों ने, मिस्र को जीतना शुरू किया और अंततः [[पेलुसिम]] की लड़ाई में फैरो [[साम्तिक III]] को पकड़ने में सफल रहे. कैम्बिसिस II ने तब फैरो की औपचारिक पदवी को ग्रहण किया, लेकिन मिस्र को एक सूबेदार के नियंत्रण में छोड़कर, [[सूसा]] के अपने घर से मिस्र पर शासन किया। [[5वीं शताब्दी ईसा पूर्व]] को फारसियों के खिलाफ कुछ सफल विद्रोहों के लिए जाना जाता है, लेकिन मिस्र, स्थायी रूप से फारसियों को उखाड़ फेंकने में कभी सक्षम नहीं हुआ।<ref>शॉ (2002) पृ. 383</ref> फारस द्वारा समामेलन के बाद, मिस्र भी, [[साइप्रस]] और [[फोनिसिया]] के साथ [[एकमेनीड फारसी साम्राज्य]] के छठे [[क्षत्रप]] में शामिल हो गया। मिस्र में फारसी शासन की इस पहली अवधि को, सत्ताईसवें राजवंश के रूप में भी जाना जाता है, जो 402 ई.पू. में समाप्त हो गया और 380-343 ईसा पूर्व के बीच [[तीसवें राजवंश]] ने राजवंशीय मिस्र के आखिरी घरेलू शाही घराने के रूप में शासन किया, जो [[नेक्टानेबो II]] के शासन के साथ समाप्त हो गया। फारसी शासन की एक संक्षिप्त बहाली, जिसे कभी-कभी [[इक्तीसवें राजवंश]] के रूप में जाना जाता है, 343 ईसा पूर्व में शुरू हुआ, लेकिन इसके शीघ्र ही बाद, 332 ई.पू. में फारसी शासक मज़ासिस ने मिस्र को बिना किसी लड़ाई के [[सिकंदर महान]] को सौंप दिया.<ref>शॉ (2002) पृ. 385</ref> === टोलेमाइक राजवंश === {{Main|History of Ptolemaic Egypt|Ptolemaic dynasty}} [[332 ई.पू.]] में, [[सिकंदर महान]] ने फारसियों के क्षीण प्रतिरोध के साथ मिस्र पर विजय प्राप्त कर लिया और मिश्र में उसका स्वागत एक सहायक के रूप में किया गया। सिकंदर के उत्तराधिकारियों, टोलेमियों, द्वारा स्थापित प्रशासन, मिस्र के मॉडल पर आधारित था और [[अलेक्सांद्रिया]] के नए [[राजधानी शहर]] में स्थित था। यह शहर ग्रीक शासन की शक्ति और प्रतिष्ठा को प्रदर्शित करता था और यह [[ज्ञान]] और संस्कृति का एक क्षेत्र बन गया, जिसका केन्द्र प्रसिद्ध [[अलेक्सांद्रिया पुस्तकालय]] था।<ref>शॉ (2002) पृ. 405</ref> [[अलेक्सांद्रिया के प्रकाशस्तंभ]] ने इस शहर से गुजरने वाले कई व्यापारिक जहाजों के मार्ग को प्रकाशित किया, चूंकि टोलेमियों ने वाणिज्य और राजस्व जनन के उद्यमों को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जैसे पेपिरस उत्पादन.<ref>शॉ (2002) पृ. 411</ref> [[ग्रीक संस्कृति]] ने मिस्र की देशी संस्कृति को प्रतिस्थापित नहीं किया, क्योंकि टोलेमियों ने जनता की वफादारी प्राप्त करने के प्रयास में, समय के साथ चली आ रही पुरानी परंपराओं का सम्मान किया। उन्होंने मिस्र शैली में नए मंदिरों का निर्माण किया, पारंपरिक सम्प्रदाय का समर्थन किया और खुद को फैरोओं के रूप में प्रस्तुत किया। संयुक्त देवताओं के रूप में ग्रीक और [[मिस्र के देवताओं]] के [[समन्वय]] से कुछ परंपराएं घुल-मिल गईं, जैसे [[सेरापिस]] और मूर्तिकला की [[शास्त्रीय मिस्र]] शैली ने पारंपरिक मिस्र रूपांकनों को प्रभावित किया। मिस्रवासियों को खुश करने के अपने प्रयासों के बावजूद, टोलेमियों को देशी अन्तर्विरोध, तीक्ष्ण पारिवारिक प्रतिद्वंद्विता और [[टोलेमी IV]] की मृत्यु के बाद गठित अलेक्सांद्रिया की शक्तिशाली भीड़ की चुनौतियों का सामना करना पड़ा.<ref>शॉ (2002) पृ. 418</ref> इसके अतिरिक्त, चूंकि [[रोम]] अनाज के आयात के लिए मिस्र पर अधिक निर्भर था, रोमवासियों ने मिस्र की राजनितिक हालातों में काफी रूचि ली. निरंतर चल रहे मिस्र के विद्रोहों, महत्वाकांक्षी नेताओं और शक्तिशाली सीरिया के विरोधियों ने इस परिस्थिति को असंतुलित कर दिया जिसके परिणामस्वरुप रोम, इस देश को अपने साम्राज्य का एक प्रान्त बनाने के लिए सेनाएं भेजने पर विवश हो गया।<ref>जेम्स (2005) पृ. 62</ref> === रोमन प्रभुत्व === {{Main|History of Roman Egypt}} [[चित्र:Fayum-22.jpg|thumb|left|110px|फायूम ममी की तस्वीरें, मिस्र और रोमन संस्कृति के मिलन की द्योतक हैं]] [[अकटियम की लड़ाई]] में [[ओक्टेवियन]] (बाद में [[सम्राट]] ऑगस्टस) के द्वारा [[मार्क एंटनी]] और [[टोलेमिक]] महारानी [[क्लियोपेट्रा VII]] की हार के बाद, मिस्र 30 ई.पू. में [[रोमन साम्राज्य]] का एक प्रान्त बन गया। रोमनवासी, मिस्र से आने वाले अनाज पर काफी निर्भर थे और सम्राट द्वारा नियुक्त एक अधिकारी के अधीन [[रोमन सेना]] ने विद्रोहियों का दमन किया, भारी करों की वसूली को सख्ती से लागू किया और डाकुओं के हमलों को रोका जो उस दौरान एक कुख्यात समस्या बन गई थी।<ref>जेम्स (2005) पृ. 63</ref> विदेशी विलासिता वस्तुओं की रोम में काफी मांग के कारण, अलेक्सांद्रिया, पूर्वी देशों के साथ होने वाले व्यापारिक मार्ग पर तेज़ी से एक महत्वपूर्ण केन्द्र बन गया।<ref>शॉ (2002) पृ. 426</ref> हालांकि, मिस्र के प्रति रोम का नज़रिया, यूनानियों की अपेक्षा अधिक शत्रुतापूर्ण था, कुछ परम्पराएं, जैसे परिरक्षित शव प्रक्रिया और पारंपरिक देवताओं की पूजा चलती रही.<ref name="Shaw422">शॉ (2002) पृ. 422</ref> [[ममी चित्रांकन]] की कला का उत्कर्ष हुआ और कुछ रोमन सम्राटों ने खुद को फैरोओं के रूप में दिखाया, हालांकि उस हद तक नहीं, जितना टोलेमियों ने दिखाया था। वे मिस्र के बाहर रहते थे और मिस्र की शाही औपचारिकताओं को नहीं करते थे। स्थानीय प्रशासन, रोमन शैली का बन गया और देशी [[मिश्र]] के लिए बंद कर दिया गया।<ref name="Shaw422" /> प्रथम शताब्दी ई. के मध्य से, [[ईसाइयत]] ने अलेक्सांद्रिया में जड़ें जमा ली क्योंकि इसे भी एक स्वीकार्य पंथ के रूप में देखा जाने लगा। तथापि, यह एक विरोधी धर्म था जिसका रुझान [[बुतपरस्ती]] में धर्मान्तरित लोगों को जीतने की ओर था और इसने लोकप्रिय धार्मिक परंपराओं को चुनौती दी. इसके परिणामस्वरूप ईसाई धर्म में धर्मान्तरित लोगों का उत्पीड़न शुरू हो गया जो 303 ई. में [[डायोक्लीटियन]] के महान मार्जन में परिणत हुआ, पर अंततः ईसाई धर्म को सफलता प्राप्त हुई.<ref>शॉ (2003) पृ. 431</ref> 391 ई. में ईसाई सम्राट [[थियोडोसिअस]] ने एक विधेयक पेश किया जिसने मूर्तिपूजक संस्कारों को प्रतिबंधित और मंदिरों को बंद कर दिया.<ref>''"द चर्च इन एंशंट सोसाइटी",'' [[हेनरी चाडविक]], पृ. 373, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस अमेरिका, 2001, ISBN 0-19-924695-5</ref> अलेक्सांद्रिया, मूर्तिपूजन-विरोधी महान दंगों का केन्द्र बन गया जहाँ सार्वजनिक और निजी धार्मिक प्रतीकों को नष्ट कर दिया.<ref>''"क्रिश्चियनैज़िंग द रोमन एम्पायर ए.डी. 100-400 ",'' [[रामसे मैकमुलेन]] पृ. 63, येल यूनिवर्सिटी प्रेस, 1984, ISBN 0-300-03216-1</ref> परिणामस्वरूप, मिस्र की मूर्तिपूजक संस्कृति में लगातार गिरावट आती गई। जबकि देशी आबादी ने [[अपनी भाषा]] बोलना जारी रखा, [[हेअरोग्लिफिक लेखन]] को पढ़ने की क्षमता, मिस्र के मंदिर के पुजारियों और पुजारिनों की भूमिका के क्षीण होने के साथ-साथ धीरे-धीरे लुप्त हो गई। खुद मंदिरों को कभी-कभी चर्च में बदल दिया गया या रेगिस्तान में छोड़ दिया गया।<ref>शॉ (2002) पृ. 445</ref> == सरकार और अर्थव्यवस्था == === प्रशासन और वाणिज्य === [[चित्र:Pharaoh.svg|thumb|upright|फैरो को आम तौर पर शाही और शक्ति प्रतीकों को पहने हुए दिखाया गया है। ]] [[फैरो]], देश का निरपेक्ष सम्राट था और कम से कम सिद्धांत रूप में, देश और उसके संसाधनों का पूरा नियंत्रण उसके हाथों में था। राजा, सर्वोच्च [[सैन्य नायक]] और सरकार का मुखिया था, जो अपने मामलों के प्रबंधन के लिए अधिकारियों की एक नौकरशाही पर निर्भर था। प्रशासन का कार्यभार, राजा के बाद दूसरे स्थान पर कमान संभालने वाले [[वज़ीर]] के अधीन था, जो राजा के प्रतिनिधि के रूप में काम करता था और भूमि सर्वेक्षण, खजाना, निर्माण परियोजनाओं, कानूनी प्रणाली और अभिलेखागारों का समन्वय करता था।<ref name="Manuelian358">मनुलियन (1998) पृ. 358</ref> क्षेत्रीय स्तर पर, देश को करीब 42 प्रशासनिक क्षेत्रों में विभाजित किया गया था जिसे [[नोम्स]] कहा जाता था, जिसमें से प्रत्येक, एक [[नोमार्क]] द्वारा शासित होता था जो अपने अधिकार क्षेत्र के लिए वज़ीर के प्रति जवाबदेह था। मंदिर, अर्थव्यवस्था का आधार थे। वे न केवल [[आराधना के गृह]] थे, बल्कि [[अनाज भंडार]] और खजाने की एक प्रणाली के तहत, राष्ट्र की संपदा के एकत्रण और भंडारण के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसे ओवरसियरों द्वारा प्रशासित किया जाता था जो अनाज और माल को पुनः वितरित करते थे।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 363</ref> अधिकांश अर्थव्यवस्था केन्द्रीय रूप से व्यवस्थित थी और इसे कड़ाई से नियंत्रित किया जाता था। यद्यपि प्राचीन मिस्र के लोगों ने [[उत्तरार्ध अवधि]] तक सिक्के का उपयोग नहीं किया था, उन्होंने एक प्रकार के धन-विनिमय प्रणाली का प्रयोग ज़रूर किया था,<ref>मेस्केल (2004) पृ. 23</ref> जिसमें शामिल थे अनाज के मानक बोरे और ''[[डेबेन]]'', करीब {{convert|91|g|oz|0}} वजन का एक तांबे या चांदी का बटखरा जो एक आम भाजक था।<ref name="Manuelian372">मनुलियन (1998) पृ. 372</ref> श्रमिकों को अनाज के रूप में भुगतान किया जाता था; एक साधारण मज़दूर प्रति माह 5½ बोरे अनाज कमा सकता था (200 किलो या 400 पाउंड), जबकि एक फोरमैन 7½ बोरे अनाज कमा सकता था (250 किलो या 550 पाउंड). कीमतों को देश भर के लिए तय किया गया था और व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए इसे सूची में दर्ज किया गया था; उदाहरण के लिए एक शर्ट की कीमत पांच तांबे डेबेन थी, जबकि एक गाय की 140 डेबेन.<ref name="Manuelian372" /> अन्न का कारोबार अन्य वस्तुओं के लिए किया जा सकता है, निर्धारित मूल्य सूची के अनुसार.<ref name="Manuelian372" /> 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान, सिक्के की मुद्रा को मिस्र में विदेश से शुरू किया गया। शुरूआत में सिक्कों को असली मुद्रा की बजाय, [[कीमती धातु]] के मानकीकृत टुकड़ों के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन अगली सदियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापारियों ने सिक्कों पर निर्भर होना शुरू कर दिया.<ref>वालबैंक (1984) पृ. 125</ref> === सामाजिक स्थिति === मिस्र का समाज उच्च रूप से स्तरीकृत था और [[सामाजिक स्थिति]] को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाता था। आबादी का मुख्य हिस्सा किसानों से निर्मित था, लेकिन कृषि उपज पर सीधे राज्य, मंदिर, या [[कुलीन परिवार]] का स्वामित्व होता था जो भूमि के स्वामी थे।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 383</ref> किसानों को श्रम कर देना पड़ता था और एक [[कार्वी]] प्रणाली में उन्हें सिंचाई या निर्माण परियोजनाओं पर काम करना आवश्यक था।<ref>जेम्स (2005) पृ. 136</ref> कलाकारों और कारीगरों की हैसियत किसानों से अधिक ऊंची थी, लेकिन वे भी राज्य के नियंत्रण में थे और मंदिरों से जुड़ी दुकानों में काम करते थे और उन्हें राज्य के खज़ाने से सीधे भुगतान किया जाता था। प्राचीन मिस्र में लेखकों और अधिकारियों के तबके को उच्च वर्ग का माना जाता था, जिन्हें सन के प्रक्षालित वस्त्र, जो उनके दर्जे को प्रदर्शित करता था, पहनने के सन्दर्भ में तथाकथित "सफेद किल्ट वर्ग" का कहा जाता था।<ref>बिलार्ड (1978) पृ. 109</ref> उच्च वर्ग ने कला और साहित्य में अपनी सामाजिक स्थिति को प्रमुखता से प्रदर्शित किया। कुलीन वर्ग के नीचे स्थान था पुजारियों, चिकित्सकों और इंजीनियरों का जिन्हें अपने क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त था। प्राचीन मिस्र में [[गुलामी]] का वजूद था, लेकिन इसकी हदों और इसकी प्रसार सीमा के बारे में जानकारी स्पष्ट नहीं है।<ref>{{cite web |url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/social/index.html |title=Social classes in ancient Egypt |accessdate=2007-12-11 |publisher=Digital Egypt for Universities, University College London |archive-url=https://web.archive.org/web/20071213192904/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/social/index.html |archive-date=13 दिसंबर 2007 |url-status=live }}</ref> प्राचीन मिस्र में, गुलामों को छोड़कर सभी वर्गों के लोगों सहित, पुरुषों और महिलाओं को क़ानून के समक्ष अनिवार्य रूप से एक नज़र से देखा जाता था और यहाँ तक कि एक क्षुद्र किसान को भी शिकायत निवारण के लिए [[वज़ीर]] और उसकी अदालत में याचिका दायर करने का हक हासिल था।<ref name="UCJohnson" /> पुरुषों और महिलाओं, दोनों को संपत्ति रखने और बेचने, अनुबंध करने, विवाह और तलाक करने, उत्तराधिकार प्राप्त करने और अदालत में कानूनी विवादों का मुकदमा लड़ने का अधिकार प्राप्त था। [[विवाहित जोड़े से अभिप्राय शादी-सुदा युगल दंपत्ति से है.|विवाहित जोड़े]] संयुक्त रूप से संपत्ति रख सकते थे और खुद को तलाक से सुरक्षित रखने के लिए शादी के एक अनुबंध पर सहमत हो सकते थे, जिसमें विवाह विछिन्न किए जाने की स्थिति में अपनी पत्नी और बच्चों के प्रति पति के वित्तीय दायित्व निर्धारित होते थे। अपने समकक्ष प्राचीन ग्रीस, रोम और दुनिया के अपेक्षाकृत अधिक आधुनिक स्थानों की तुलना में भी, प्राचीन मिस्र की महिलाओं के पास व्यक्तिगत पसंद और उपलब्धि के अवसरों की एक विस्तृत श्रृंखला मौजूद थी। यहाँ तक कि हत्शेपसट और क्लियोपेट्रा जैसी महिलाएँ, फैरो भी बनीं, जबकि अन्य ने [[अमुन की देव पत्नियों]] के रूप में शक्ति का प्रयोग किया। इन स्वतंत्रताओं के बावजूद, प्राचीन मिस्र की महिलाओं ने प्रशासन में आधिकारिक भूमिकाओं में हिस्सा नहीं लिया, बल्कि मंदिरों में ही गौण भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दीं और पुरुषों के समान उनके शिक्षित होने की संभावना नहीं थी।<ref name="UCJohnson" /> [[चित्र:Louvre-antiquites-egyptiennes-p1020372 Cropped and bg reduced.png|thumb|left|लेखक, कुलीन वर्ग और अच्छी तरह से शिक्षित होते थे वे करों का मूल्यांकन, आंकड़ों का रख-रखाव करते थे और प्रशासन के लिए उत्तरदायी थे। ]] === कानूनी प्रणाली === आधिकारिक तौर पर कानूनी प्रणाली का मुखिया फैरो था, जो कानून को लागू करने, न्याय प्रदान करने और कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार था, एक अवधारणा जिसे प्राचीन मिस्र के लोग [[मात]] के रूप में उद्धृत करते थे।<ref name="Manuelian358" /> हालांकि प्राचीन मिस्र की कोई [[कानूनी संहिता]] मौजूद नहीं है. अदालत के दस्तावेजों से पता चलता है कि, मिस्र का कानून सही और गलत नज़रिए वाले एक व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित था जो समझौते के जरिये विवाद हल करने पर बल देता था न कि कड़ाई से विधियों के एक जटिल सेट के अनुपालन करने पर.<ref name="UCJohnson">{{cite web|url=http://fathom.lib.uchicago.edu/1/777777190170/|title=Women's Legal Rights in Ancient Egypt|accessdate=2008-03-09|publisher=University of Chicago|author=Janet H. Johnson|archive-url=https://web.archive.org/web/20181007132107/http://fathom.lib.uchicago.edu/1/777777190170/|archive-date=7 अक्तूबर 2018|url-status=dead}}</ref> नवीन साम्राज्य में ''केनबेट'' के रूप में विख्यात बुजुर्गों की स्थानीय परिषदें, छोटे दावों और लघु विवादों वाले अदालती मामलों में फैसले के लिए जिम्मेदार होती थीं।<ref name="Manuelian358" /> हत्या, विशाल भूमि लेन-देन और कब्र डकैती वाले अधिक गंभीर मामलों को ''ग्रेट केनबेट'' के सुपुर्द किया जाता था जिसकी अध्यक्षता वज़ीर या फैरो करता था। अभियोगी और बचाव पक्ष को खुद को उपस्थित करना अपेक्षित था और उन्हें एक शपथ लेनी होती थी कि उन्होंने जो भी कहा है सच कहा है। कुछ मामलों में राज्य, वकील और न्यायाधीश, दोनों की भूमिका अदा करता था और एक आरोपी से बयान प्राप्त करने और किसी भी सह-साजिशकर्ता का नाम उगलवाने के लिए यातनास्वरूप उसे मार सकता था। चाहे आरोप तुच्छ हों या गंभीर, अदालत के लेखक शिकायत, गवाही और मामले के फैसले को भविष्य में संदर्भ के लिए लिखकर संकलित कर लेते थे।<ref>ओक्स (2003) पृ. 472</ref> अपराध की गंभीरता के आधार पर छोटे अपराधों के लिए सज़ा में शामिल था जुर्माना, मार, चेहरे की विकृति, या निर्वासन. हत्या और कब्र डकैती जैसे गंभीर अपराधों की सज़ा के तौर पर प्राणदण्ड दिया जाता था जिसे शिरच्छेदन, पानी में डुबाकर, या सूली पर लटका कर निष्पादित किया जाता था। सज़ा को अपराधी के परिवार तक बढ़ाया जा सकता था।<ref name="Manuelian358" /> नवीन साम्राज्य में शुरू होते हुए, [[ऑरेकल]] ने कानूनी व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहाँ उसने दीवानी और फौजदारी, दोनों मामलों में न्याय प्रदान किया। इस प्रक्रिया में, देवता से एक मुद्दे के सही या गलत के सम्बन्ध में "हां" या "नहीं" सवाल पूछा जाता था। कई पुजारियों द्वारा निष्पादित इस प्रक्रिया में देवता दोनों में से एक का चुनाव करते हुए, आगे या पीछे हटते हुए, या पेपिरुस के टुकड़े या [[ओस्ट्रासन]] पर लिखे किसी एक उत्तर की ओर इशारा करते हुए निर्णय प्रदान करते थे।<ref>मैकडोवेल (1999) पृ. 168</ref> === कृषि === {{See also|Ancient Egyptian cuisine}} [[चित्र:Tomb of Nakht (2).jpg|thumb|upright|कब्र में एक नक्काशी, जिसमें श्रमिकों को एक ओवरसियर के निर्देशन में खेतों में जुताई करते, फसल काटते और अनाज को कूटते हुए दर्शाया गया है]] अनुकूल भौगोलिक विशेषताओं के एक संयोजन ने प्राचीन मिस्र की संस्कृति की सफलता में योगदान दिया, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है नील नदी के वार्षिक जलप्लावन के परिणामस्वरूप समृद्ध [[उपजाऊ मिट्टी]]. इस प्रकार, प्राचीन मिस्र के लोग बहुत अधिक खाद्यान्न उत्पादित करने में सक्षम रहे, जिसके कारण जनसंख्या ने समय और संसाधनों को सांस्कृतिक, तकनीकी और कलात्मक गतिविधियों के लिए अधिक समर्पित किया। प्राचीन मिस्र में [[भूमि प्रबंधन]] महत्वपूर्ण था क्योंकि करों का निर्धारण एक व्यक्ति के स्वामित्व में आने वाली ज़मीन के आधार पर होता था।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 361</ref> मिस्र में खेती, नील नदी के चक्र पर निर्भर थी। मिश्र ने तीन जलवायु की पहचान की: ''आखेट'' (बाढ़), ''पेरेट'' (रोपण) और ''शेमु'' (कटाई). बाढ़ का मौसम जून से सितंबर तक चलता था, जो नदी के तट पर खनिज से समृद्ध एक परत जमा कर देता था जो फसलों के लिए आदर्श था। बाढ़ के जल के कम होने के बाद, [[उपज का मौसम]] अक्टूबर से फरवरी तक चलता था। किसान खेतों में जुताई करते और बीज डालते थे, जिसे नालों और नहरों से सिंचित किया जाता था। मिस्र में वर्षा कम होती थी, इसलिए किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए नील नदी पर आश्रित रहते थे।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 514</ref> मार्च से मई तक, किसान अपनी फसलों को काटने के लिए [[हंसिया]] का उपयोग करते थे, जिसे फिर अनाज से सींके अलग करने के लिए एक [[सांट]] से [[पीटा]] जाता था। [[पछोरने]] से [[भूसा]] अनाज से अलग हो जाता था और फिर उस अनाज को आटे में पीस लिया जाता था, बीयर बनाने के लिए किण्वन किया जाता था, या बाद में उपयोग के लिए भंडारित किया जाता था।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 506</ref> प्राचीन मिस्रवासी [[एमार]] और [[जौ]] तथा कई अन्य अनाजों की खेती करते थे, जिनमें से सभी का उपयोग दो मुख्य भोजन, रोटी और बियर बनाने के लिए किया जाता था।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 510</ref> [[सन]] के पौधों को, जिन्हें फूलने से पहले ही उखाड़ लिया जाता था, उनके तनों के तंतुओं के लिए उगाया जाता था। इन तंतुओं को इनकी लंबाई में विभाजित किया जाता था और धागे में निर्मित किया जाता था जिसका प्रयोग [[सन]] की चादरें बुनने और कपड़े बनाने में किया जाता था। नील नदी के किनारे उगाए जाने वाले [[पेपिरस]] का इस्तेमाल कागज बनाने के लिए किया जाता था। सब्जियों और फलों को उद्यान भूखंडों में उपजाया जाता था, जो बस्तियों के नज़दीक और ऊंची ज़मीन पर होता था और इसकी सिंचाई हाथों से होती थी। सब्जियों में लीक, लहसुन, खरबूजे, स्क्वैश, दाल, सलाद पत्ता और अन्य फसलें शामिल थी, इसके अलावा अंगूर की खेती होती थी जिससे शराब बनाई जाती थी।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 577 और 630</ref> [[चित्र:Maler der Grabkammer des Sennudem 001.jpg|thumb|left|बैलों की एक जोड़ी के साथ, जिन्हें बोझा ढोने और भोजन के स्रोत के रूप में प्रयोग किया जाता था, अपने खेत की जुताई करता सेनेडजेम.]] ==== पशु ==== मिश्रवासियों का मानना था कि मनुष्यों और पशुओं के बीच एक संतुलित संबंध, लौकिक व्यवस्था का एक अनिवार्य तत्व है, इसलिए मनुष्यों, प्राणियों और पौधों को एक एकल पिंड के सदस्य के रूप में माना जाता था।<ref name="Strouhal117">स्टरोउहल (1989) पृ. 117</ref> इसलिए [[पालतू]] और जंगली, दोनों प्रकार के पशु, अध्यात्म, साहचर्य और प्राचीन मिस्र के निर्वाह का एक महत्वपूर्ण स्रोत थे। मवेशी सबसे महत्वपूर्ण पशुधन थे; नियमित गणना के साथ प्रशासन, पशुओं पर कर एकत्र करता था, एक झुंड के आकार से उनका स्वामित्व रखने वाले रियासत या मंदिर की प्रतिष्ठा और महत्व प्रतिबिंबित होता था। पशुओं के अलावा प्राचीन मिस्रवासी, भेड़, बकरी और सूअर पालते थे। पोल्ट्री, जैसे बतख, हंस और कबूतरों को जाल में पकड़ा जाता था और खेतों में पाला जाता था, जहाँ उन्हें मोटा करने के लिए ज़बरदस्ती आटा खिलाया जाता था।<ref name="Manuelian381">मनुलियन (1998) पृ. 381</ref> नील नदी ने मछली का भरपूर स्रोत प्रदान किया। मधुमक्खियों को, कम से कम, प्राचीन साम्राज्य से पाला जाता रहा है और उनसे शहद और मोम, दोनों प्राप्त होता था।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 409</ref> प्राचीन मिस्रवासी, [[बोझा ढोने वाले जानवरों]] के रूप में गधे और बैलों का प्रयोग करते थे और उनसे खेतों में जुताई और मिट्टी में बीजारोपण करवाया जाता था। मोटे बैल की बलि चढ़ाना भी भेंट पूजा का एक केन्द्रीय भाग हुआ करता था।<ref name="Manuelian381" /> घोड़ों का प्रयोग दूसरे मध्यवर्ती काल में हिक्सोस द्वारा शुरू किया गया और हालांकि ऊंट को नवीन साम्राज्य से ही जाना जाता था, उन्हें उत्तरार्ध काल तक बोझा ढोने वाले पशु के रूप में उपयोग नहीं किया गया। ऐसे भी सबूत हैं जो बताते हैं कि उत्तरार्ध काल में [[हाथियों]] का कुछ समय के लिए उपयोग किया जाता था, लेकिन मुख्य रूप से [[चराई]] की ज़मीन की कमी के कारण उन्हें छोड़ दिया गया।<ref name="Manuelian381" /> कुत्ते, बिल्ली और बंदर आम पालतू पशु थे, जबकि अफ्रीका के अंदरूनी क्षेत्रों से आयातित विदेशी जानवर, जैसे शेर राजा के लिए आरक्षित थे। [[हेरोडोटस]] ने कहा है कि मिश्रवासी ही ऐसे लोग थे जो अपने पशुओं को अपने घरों में अपने साथ रखते थे।<ref name="Strouhal117" /> पूर्व-राजवंशीय और उत्तरार्ध काल के दौरान, देवताओं की पूजा उनके पशु रूप में काफी लोकप्रिय थी, जैसे बिल्ली देवी [[बस्तेत]] और इबिस देवता [[ठोथ]] और इन जानवरों को पूजा में बलि के प्रयोजन के लिए खेतों में बड़ी संख्या में पाला जाता था।<ref>ओक्स (2003) पृ. 229</ref> === प्राकृतिक संसाधन === {{See|Mining in Egypt}} मिस्र, इमारती और सजावटी पत्थरों, तांबा और सीसा अयस्क, सोना और क़ीमती पत्थरों के मामले में समृद्ध है। इन [[प्राकृतिक संसाधनों]] ने प्राचीन मिस्रवासियों को स्मारकों, प्रतिमा उत्कीर्णन, उपकरण बनाने और [[फैशन गहने]] के निर्माण की अनुमति दी.<ref>ग्रीव्स (1929) पृ. 123</ref> [[शवलेपन करने वाले]] [[ममिक्रिया]] के लिए [[वादी नत्रुन]] से नमक का प्रयोग करते थे जो प्लास्टर बनाने में आवश्यक [[जिप्सम]] भी प्रदान करता था।<ref>लुकास (1962) पृ. 413</ref> अयस्क वाले [[पत्थर के निर्माण]] दूर, दुर्गम [[पूर्वी रेगिस्तान]] और सिनाई में [[घाटी]] में पाए गए, वहाँ उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों को प्राप्त करने के लिए विशाल, राज्य नियंत्रित अभियान की आवश्यकता थी। [[नूबिया]] में व्यापक [[स्वर्ण खदानें]] थीं और सबसे प्रारम्भिक ज्ञात नक्शों में से एक इस क्षेत्र में एक सोने की खान का है। [[वादी हम्मामत]] ग्रेनाइट, [[ग्रेवैक]] और सोने का एक प्रमुख स्रोत था। [[चकमक पत्थर]] पहला एकत्रित और उपकरण बनाने के लिए प्रयुक्त खनिज था और चकमक पत्थर के हस्त कुल्हाड़ी, नील नदी घाटी में बस्ती के सबसे प्रारम्भिक सबूत हैं। ब्लेड बनाने और मध्यम कठोरता और टिकाऊ वाले तीर बनाने के लिए खनिज के पिंड से बड़े ध्यान से पपड़ी निकाली जाती थी, हालांकि इस प्रयोजन के लिए तांबे का प्रयोग पहले ही अपनाया जा चुका था।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 28</ref> निवल भार, साहुल और छोटी मूर्तियाँ बनाने के लिए गेबल रोसास में [[सीसा अयस्क]] [[गलेना]] पर काम किया। प्राचीन मिस्र में उपकरण बनाने के लिए तांबा सबसे महत्वपूर्ण धातु था और सिनाई से खनन किये गए [[मैलाकाइट]] अयस्क से बनी भट्टियों में इसे पिघलाया जाता था।<ref>शील (1989) पृ. 14</ref> [[जलोढ़ जमाव]] में तलछट से डली को धोकर, श्रमिक सोना एकत्रित करते थे या इससे अधिक परिश्रम वाली पद्धति के तहत सोना युक्त क्वार्टजाइट को पीसकर और धोकर प्राप्त करते थे। ऊपरी मिस्र में पाए गए लौह भण्डार का इस्तेमाल उत्तरार्ध काल में किया गया।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 166</ref> मिस्र में उच्च गुणवत्ता वाले इमारती पत्थर प्रचुर मात्रा में थे; प्राचीन मिस्र वासी नील नदी घाटी से चूना पत्थर खोदकर लाते थे, आसवान से ग्रेनाइट और पूर्वी रेगिस्तान की घाटियों से बेसाल्ट और बलुआ पत्थर. [[पोरफिरी]] ग्रेवैक, [[ऐलबैस्टर]] और [[स्फटिक]] जैसे सजावटी पत्थरों के भण्डार पूर्वी रेगिस्तान में भरे थे और इन्हें प्रथम राजवंश से पहले ही एकत्र किया गया था। टोलेमिक और रोमन काल में, खनिकों ने वादी सिकैत में [[नीलम]] और वादी एल-हुदी में [[जंबुमणि]] के भंडारों की खुदाई की.<ref>निकोलसन (2000) पृ. 51</ref> === व्यापार === प्राचीन मिश्रवासी मिस्र में ना पाए जाने वाले दुर्लभ, विदेशी वस्तुओं को प्राप्त करने के लिए अपने [[विदेशी पड़ोसियों]] के साथ व्यापार करते थे। [[पूर्व-राजवंशीय काल]] में, स्वर्ण और इत्र प्राप्त करने के लिए उन्होंने नूबिया के साथ व्यापार स्थापित किया। उन्होंने फिलीस्तीन के साथ भी व्यापार की स्थापना की, जिसका सबूत प्रथम राजवंशीय फैरो की कब्र में पाए गए फिलीस्तीनी शैली के तेल के कटोरे से मिलता है।<ref>शॉ (2002) पृ. 72</ref> दक्षिणी [[कनान]] में तैनात मिस्र की एक [[कॉलोनी]] का काल प्रथम राजवंश से थोड़ा पहले का है।<ref>नाओमी पोरट और एडविन वान डेन ब्रिंक (संपादक), "पूर्व-राजवंशीय से लेकर राजवंशीय काल की शुरुआत के दौरान दक्षिणी फिलिस्तीन में एक मिस्र कालोनी," ''द नाइल डेल्टा इन ट्रांसिशन: फ़ोर्थ टू थर्ड मिलेनिअम बी.सी.'' (1992), पृ. 433-440.</ref> [[नारमेर]] में [[कनान]] में निर्मित मिट्टी के बर्तन हैं और जिन्हें वापस [[मिस्र]] को निर्यात किया गया।<ref name="Naomi">नाओमी पोरट, "प्रारम्भिक कांस्य काल I के दौरान दक्षिणी फिलिस्तीन में मिस्र के बर्तनों का स्थानीय उद्योग", ''बुलेटिन ऑफ़ द इजिप्टोलोजिकल'', सेमीनार 8 (1986/1987), पृ. 109-129. यह भी देखें [http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/foreignrelations/1stdynegyppotsinpalestine.html University College London web post, 2000] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110201073825/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/foreignrelations/1stdynegyppotsinpalestine.html |date=1 फ़रवरी 2011 }}.</ref> द्वितीय राजवंश तक, [[बिब्लोस]] के साथ व्यापार ने प्राचीन मिस्र को उच्च गुणवत्ता वाली लकड़ी का एक महत्वपूर्ण स्रोत प्रदान किया जो मिस्र में नहीं पाई जाती थी। पांचवें राजवंश में [[पंट]] के साथ होने वाले व्यापार से मिश्र को स्वर्ण, खुशबूदार रेजिन, आबनूस, हाथीदांत और जंगली जानवर प्राप्त हुए जैसे बंदर और बबून.<ref>शॉ (2002) पृ. 322</ref> टिन की आवश्यक मात्रा और तांबे की आपूर्ति के लिए मिश्र, [[अनातोलिया]] पर आश्रित था, क्योंकि दोनों धातुएं पीतल के निर्माण के लिए आवश्यक थीं। प्राचीन मिश्रवासी नीले पत्थर [[लापिस लज़ुली]] बेशकीमती मानते थे, जिसे उन्हें सुदूर [[अफगानिस्तान]] से आयात करना पड़ता था। मिस्र के भूमध्य क्षेत्र के व्यापार भागीदारों में [[ग्रीस]] और क्रेट भी थे जो अन्य वस्तुओं के साथ [[जैतून के तेल]] की आपूर्ति करते थे।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 145</ref> अपनी विलासिता वस्तुओं के आयात और कच्चे माल के बदले मिश्र, कांच और पत्थर की वस्तुओं और अन्य तैयार माल के अलावा मुख्य रूप अनाज, सोना, सन के कपड़े और पेपिरस का निर्यात करता था।<ref>हैरिस (1990) पृ. 13</ref> == भाषा == {{Main|Egyptian language}} === ऐतिहासिक विकास === {{Hiero | ''r n kmt''<br /> 'Egyptian language' | <hiero>r:Z1 n km m t:O49</hiero> | align=right | era=default}} [[मिस्र की भाषा]] उत्तरी [[अफ्रीकी-एशियाई]] भाषा है जिसका [[बर्बर]] और [[सामी भाषाओं]] से निकट का संबंध है।<ref>लोप्रिनो (1995b) पृ. 2137</ref> किसी भी भाषा की तुलना में इसका सबसे लंबा इतिहास है, जिसे करीब 3200 ईसा पूर्व से मध्य युग तक लिखा गया और शेष, संवाद भाषा के रूप में काफी बाद तक बनी रही. प्राचीन मिस्र के विभिन्न चरण हैं, प्राचीन मिस्र, [[मध्य मिस्र]] (शास्त्रीय मिस्र), [[परवर्ती मिस्र]], [[बोलचाल की भाषा]] और [[कॉप्टिक]].<ref>लोप्रिनो (2004) पृ. 161</ref> मिस्र का लेखन, कॉप्टिक से पहले बोली के अंतर को नहीं दिखाता है, लेकिन यह शायद मेम्फिस के आस-पास और बाद के थेब्स में क्षेत्रीय बोलियों में बोला गया।<ref>लोप्रिनो (2004) पृ. 162</ref> प्राचीन मिस्र की भाषा एक [[संश्लिष्ट भाषा]] थी, लेकिन यह बाद में [[विश्लेषणात्मक]] बन गई। परवर्ती मिस्र में विकसित पूर्वप्रत्यय निश्चयवाचक और अनिश्चयवाचक [[उपपद]], पुराने विभक्तिप्रधान [[प्रत्यय]] को प्रतिस्थापित करते हैं। पुराना [[शब्द-क्रम]], [[क्रिया-कर्ता-कर्म]] से परिवर्तित होकर [[कर्ता-क्रिया-कर्म]] बन गया है।<ref>लोप्रिनो (1995b) पृ. 2137-38</ref> मिस्र की [[चित्रलिपि]], [[याजकीय]] और [[बोलचाल]] की लिपियों को अंततः अधिक ध्वन्यात्मक [[कॉप्टिक वर्णमाला]] द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया। कॉप्टिक का इस्तेमाल आज भी [[मिस्र के रूढ़िवादी चर्च]] में उपासना पद्धतियों में होता है और इसके निशान आधुनिक [[मिस्र की अरबी भाषा]] में पाए जाते हैं।<ref>विटमन (1991) पृ. 197-227</ref> === ध्वनि और व्याकरण === प्राचीन मिस्र में अन्य अफ्रीकी-एशियाई भाषाओं के समान ही 25 व्यंजन हैं। इनमें शामिल हैं [[ग्रसनी]] और [[बलाघाती]] व्यंजन, सघोष और अघोष विराम, अघोष [[संघर्षी]] और सघोष और अघोष [[स्पर्श-संघर्षी]]. इसमें तीन लंबे और तीन छोटे स्वर हैं, जो परवर्ती मिस्र में लगभग नौ तक विस्तृत हुए.<ref>लोप्रिनो (1995a) पृ. 46</ref> मिस्र भाषा का मूल शब्द, सामी और बर्बर के समान ही, व्यंजन और अर्ध-व्यंजन का [[त्रिवर्णी]] या द्विवर्णी धातु है। शब्द रचना के लिए प्रत्यय जोड़े जाते हैं। क्रिया रूप [[पुरुष]] से मेल खाते हैं। उदाहरण के लिए, त्रिव्यंजनिक ढांचा '''S-{{unicode|Ḏ}}-M''' शब्द 'सुन' का अर्थगत सार है; उसका मूल क्रियारूप है ''s{{unicode|ḏ}}m=f'' 'वह सुनता है'. यदि कर्ता संज्ञा है, तो क्रिया के साथ प्रत्यय को नहीं जोड़ा जाता है:<ref>लोप्रिनो (1995a) पृ. 74</ref>''{{unicode|sḏm ḥmt}}'' 'वह महिला सुनती है'. विशेषण को संज्ञा से एक प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त किया जाता है जिसे मिश्र विशेषज्ञ [[अरबी]] के साथ इसकी समानता के कारण ''[[निस्बे]]शन'' कहते हैं।<ref>लोप्रिनो (2004) पृ. 175</ref> क्रियात्मक और विशेषणात्मक वाक्य में शब्द का क्रम <small>विधेय-कर्ता</small> होता है और संज्ञात्मक और क्रिया-विशेषणात्मक वाक्य में <small>कर्ता-विधेय</small> होता है।<ref>एलन (2000) पृ. 67, 70, 109</ref> यदि वाक्य लम्बा है तो कर्ता को वाक्य के प्रारम्भ में ले जाया जा सकता है, जिसके बाद पुनर्गृहीत सर्वनाम आता है।<ref>लोप्रिनो (2005) पृ. 2147</ref> क्रिया और संज्ञा को [[निपात]] ''n'' से नकार दिया जाता है, लेकिन ''nn'' का प्रयोग क्रिया-विशेषण और विशेषणात्मक वाक्यों के लिए किया जाता है। [[बलाघात]] अंतिम या उपान्त्य अक्षर पर पड़ता है, जो खुला (CV) हो सकता है या बंद (CVC).<ref>लोप्रिनो (2004) पृ. 173</ref> === लेखन === {{Main|Egyptian hieroglyphs|Hieratic}} [[चित्र:Rosetta Stone BW.jpeg|thumb|upright|रोसेट्टा पत्थर (करीब 196 ई.पू.) ने भाषाविदों को चित्रलिपि समझने की प्रक्रिया शुरू करने में सक्षम किया।<ref>एलेन (2000) पृ. 13</ref>]] [[चित्रलिपि लेखन]] का काल करीब 3200 ई.पू. का है और यह करीब 500 प्रतीकों से बना है। चित्रलिपि, एक शब्द, एक ध्वनि या एक मूक निर्धारक का प्रतिनिधित्व कर सकता है; और एक ही प्रतीक भिन्न संदर्भों में भिन्न कार्य कर सकता है। चित्रलिपि एक औपचारिक लिपि थी, जिसका प्रयोग पत्थर के स्मारकों और कब्रों पर किया जाता था, जो कला के व्यक्तिगत कार्य के समान विस्तृत हो सकता था। दैनंदिन लेखन के लिए, लेखकों ने लेखन के एक घसीट रूप का इस्तमाल किया जिसे [[याजकीय]] कहा जाता है, जो द्रुत और आसान था। जबकि औपचारिक चित्रलिपि को किसी भी दिशा में पंक्ति या कॉलम में पढ़ा जा सकता है (हालांकि आम तौर पर दाएं से बाएं ओर लिखा जाता है), याजकीय को आम तौर पर क्षैतिज पंक्तियों में, हमेशा दाएं से बाएं ओर लिखा जाता था। लेखन का एक नया रूप, [[बोलचाल की भाषा]], प्रचलित लेखन शैली बन गई और औपचारिक चित्रलिपि के साथ - लेखन का यही रूप था जो [[रोसेट्टा स्टोन]] पर ग्रीक पाठ के साथ रहा है। {{Citation needed|date= जनवरी 2010}} [[पहली शताब्दी]] के आस-पास, कॉप्टिक वर्णमाला को बोलचाल की भाषा की लिपि के साथ प्रयोग किया जाने लगा। कॉप्टिक एक संशोधित [[ग्रीक वर्णमाला]] है जिसमें कुछ बोलचाल की भाषा के प्रतीकों को शामिल किया गया है।<ref>एलन (2000) पृ. 7</ref> हालांकि औपचारिक चित्रलिपि का इस्तेमाल समारोही भूमिका में [[चौथी शताब्दी]] तक होता रहा है, जिसके अंत तक सिर्फ चंद पुजारी इसे पढ़ सकते थे। जब पारंपरिक धार्मिक प्रतिष्ठानों को भंग कर दिया गया तो चित्रलिपि लेखन का ज्ञान ज्यादातर खो गया। इन्हें समझने के प्रयास बाईज़ान्टिन<ref>लोप्रिनो (2004) पृ. 166</ref> और मिस्र<ref>एल-डैली (2005) पृ. 164</ref> में इस्लामी काल तक होते रहे, पर सिर्फ 1822 में, [[रोसेट्टा पत्थर]] की खोज और [[थॉमस यंग]] और [[जीन फ़्रेक्वोइस चंपोलियन]] के वर्षों के अनुसंधान के बाद चित्रलिपि को लगभग पूरी तरह से समझा जा सका.<ref>एलन (2000) पृ. 8</ref> === साहित्य === {{Main|Ancient Egyptian literature}} [[चित्र:Edwin Smith Papyrus v2.jpg|thumb|upright|right|एडविन स्मिथ शल्य पेपिरस (करीब 16वीं शताब्दी ई.पू.) शरीर रचना विज्ञान और चिकित्सा उपचार का वर्णन करता है और याजकीय में लिखा है। ]] लेखन, पहली बार शाही मकबरों में पाए गए मदों के लिए लेबल और टैग पर राजशाही से सम्बंधित रूप में पाया गया। यह मुख्य रूप से लेखकों का कार्य था, जो ''पर आंख'' संस्था या हाउस ऑफ़ लाइफ से बाहर कार्य करते थे। बाद वाले में शामिल थे कार्यालय, पुस्तकालय (हाउस ऑफ़ बुक्स कहा जाता था), प्रयोगशालाएं और वेधशालाएं.<ref>स्ट्रोहल (1989) पृ. 235</ref> प्राचीन मिस्र के साहित्य के सर्वाधिक ज्ञात खंड, जैसे [[पिरामिड]] और [[ताबूत ग्रन्थ]], शास्त्रीय मिस्र भाषा में लिखे गए हैं, जो 1300 ईसा पूर्व तक लेखन की भाषा बनी रही. बाद में मिस्र भाषा को नवीन साम्राज्य के बाद से बोला गया और यह [[रामेसिद]] प्रशासनिक दस्तावेजों, प्रणय गीतों और कहानियों में और साथ ही बोलचाल की भाषा और कॉप्टिक ग्रन्थों में प्रस्तुत होती है। इस अवधि के दौरान, लेखन की परंपरा कब्र आत्मकथा में विकसित हो चुकी थी, जैसे [[हर्खुफ़]] और [[वेनी]] की. [[सेबायत]] ''(निर्देश)'' के रूप में जानी जाने वाली शैली को मशहूर रईसों के उपदेश और मार्गदर्शन को प्रसारित करने के लिए विकसित किया गया था; [[इपुवेर पपिरुस]], [[प्राकृतिक आपदा]] और सामाजिक क्रांति का वर्णन करती विलाप की एक कविता, एक प्रसिद्ध उदाहरण है। [[मध्यकालीन मिस्र]] में लिखी गई [[स्टोरी ऑफ़ सिनुहे]], मिस्र के साहित्य की शास्त्रीय कृति हो सकती है।<ref>लिष्टहाइम (1975) पृ. 11</ref> इसी समय लिखा गया था [[वेस्टकार पेपिरुस]], पुजारियों द्वारा किये गए चमत्कारों से संबंधित कहानियों की एक श्रृंखला, जिसे [[खुफु]] को उसके बेटों द्वारा सुनाया गया।<ref>लिष्टहाइम (1975) पृ. 215</ref> [[इंस्ट्रक्शन ऑफ़ अमेनेमोपे]] को निकट-पूर्वी साहित्य की एक उत्कृष्ट कृति माना जाता है।<ref>"''विज़डम इन एन्शिएन्ट इज़राइल'' ", जॉन डे/जॉन एड्ने एमेर्टन,/राबर्ट पी. गॉर्डन/ह्यू गोडफ्रे/मेट्युरिन विलियमसन, पृ. 23, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, 1997, ISBN 0-521-62489-4</ref> नवीन साम्राज्य के अंतिम क्षणों में, लोकप्रिय लेखन के लिए [[स्थानीय भाषा]] का प्रयोग अक्सर होने लगा, जैसे [[स्टोरी ऑफ़ वेनामुन]] और [[इंस्ट्रक्शन ऑफ़ एनी]]. पहली वाली कहानी में एक सामंत की कथा है जो देवदार खरीदने के लिए लेबनान जाते समय रास्ते में लूट लिया जाता है और फिर संघर्ष करते हुए मिस्र लौटता है। करीब [[700 ईसा पूर्व]] से, गल्प कहानियों और निर्देशों, जैसे लोकप्रिय इंस्ट्रक्शन्स ऑफ़ ऑंचशेशोंकी और साथ ही व्यक्तिगत और व्यावसायिक दस्तावेजों को [[बोलचाल की भाषा]] की लिपि और मिस्र भाषा के रूप में लिखा गया। [[ग्रीस-रोम]] काल के दौरान बोलचाल की भाषा में लिखी गई कई कहानियाँ पूर्व के ऐतिहासिक युग में आधारित थीं, जब मिस्र एक स्वतंत्र देश था जिस पर महान फैरो का शासन हुआ करता था, जैसे [[रामेसेस II]].<ref>लिष्टहाइम (1980) पृ. 159</ref> == संस्कृति == === दैनिक जीवन === [[चित्र:LowClassAncientEgyptianStatuettes.png|thumb|प्राचीन मिस्र के निम्न वर्गीय व्यवसायों को चित्रित करती मूर्तियां.|कड़ी=Special:FilePath/LowClassAncientEgyptianStatuettes.png]] [[चित्र:Ägyptischer Maler um 1400 v. Chr. 001.jpg|thumb|प्राचीन मिस्रवासियों ने एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखा, जो संगीत और नृत्य से लबरेज़ दावतों और त्यौहारों से भरा हुआ था। ]] अधिकांश प्राचीन मिस्रवासी किसान थे जो ज़मीन से बंधे हुए थे। उनके आवास जो सिर्फ सगे पारिवारिक सदस्यों के लिए सीमित थे [[मिट्टी की ईंटों]] से निर्मित थे जो गर्मी के दिनों में ठंडे बने रहते थे। हर घर में खुली छत वाली एक रसोई होती थी, जिसमें आटा पीसने के लिए एक सान और रोटी पकाने के लिए एक छोटा अवन होता था।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 401</ref> दीवारों पर सफेद रंग लगाया जाता था और इन्हें रंगे हुए सन के कपड़े के पर्दे से ढका जा सकता था। फर्श को ईख की चटाई से ढका जाता था, जबकि फर्नीचर में शामिल थे लकड़ी के स्टूल, फर्श से ऊंचा उठा हुआ बिस्तर और व्यक्तिगत टेबल.<ref>मनुलियन (1998) पृ. 403</ref> प्राचीन मिस्रवासी स्वच्छता और प्रस्तुतीकरण को अत्यधिक महत्व देते थे। अधिकांश लोग नील नदी में स्नान करते थे और [[पशु वसा]] और चाक से निर्मित एक लेईदार साबुन का प्रयोग करते थे। सफाई के लिए पुरुष अपने पूरे शरीर की हजामत करते थे और खुशबूदार इत्र और मलहम से दुर्गन्ध को दूर और त्वचा को नरम किया जाता था।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 405</ref> कपड़े, सफेद रंग में प्रक्षालित साधारण सन की शीट से बने होते थे और उच्च वर्ग के पुरुष और महिलाएँ, दोनों विग, गहने और प्रसाधन सामग्री धारण करते थे। बच्चे परिपक्व होने तक बिना कपड़ों के रहते थे, करीब 12 वर्ष की उम्र तक और इस उम्र में पुरुषों का खतना किया जाता था और उनके सिर मुंडा दिए जाते थे। बच्चों की देखभाल का ज़िम्मा मां का होता था, जबकि पिता परिवार को आय प्रदान करते थे।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 406-7</ref> मुख्य आहार में शामिल थी रोटी और बियर, जिसकी पूरक थीं सब्जियाँ जैसे प्याज़ और लहसुन और फल जैसे खजूर और अंजीर. दावत के दिन सभी लोग शराब और मांस का आनंद लेते थे, जबकि उच्च वर्ग अधिक नियमित रूप से इसमें शरीक होता था। मछली, मांस और मुर्गी, नमकीन या सूखी हो सकती थी और इसे दमपुख्त में पकाया जा सकता था या एक ग्रिल पर भुना जा सकता था।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 399-400</ref> संगीत और नृत्य उन लोगों के लिए लोकप्रिय मनोरंजन थे जो उन्हें खरीद सकते थे। आरंभिक वाद्यों में शामिल थी बांसुरी और हार्प, जबकि उपकरण जो तुरही, ओबोस और पाइप के समान थे, बाद में विकसित और लोकप्रिय हुए. नवीन साम्राज्य में, मिस्रवासी घंटी, झांझ, डफ और ड्रम बजाते थे और उन्होंने [[ल्यूट]] और [[वीणा]] को एशिया से आयातित किया।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/furniture/music.html|title=Music in Ancient Egypt|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-url=https://web.archive.org/web/20080328000007/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/furniture/music.html|archive-date=28 मार्च 2008|url-status=live}}</ref> [[सिस्ट्रम]] एक खड़कता [[संगीत वाद्ययंत्र]] था जो विशेष रूप से धार्मिक समारोह में महत्वपूर्ण था। प्राचीन मिस्रवासी अवकाश में खेल और संगीत सहित कई गतिविधियों का आनंद लेते थे। [[सेनेट]], एक बोर्ड गेम, जिसमें टुकड़े यादृच्छिक मौके के मुताबिक चलते थे, आरंभिक काल से विशेष रूप से लोकप्रिय था; एक और इसी तरह का खेल [[मेहेन]] था, जिसका गेम बोर्ड वृत्ताकार था। करतब दिखाना और [[गेंद के खेल]] बच्चों में लोकप्रिय थे और [[बेनी हसन]] में एक कब्र में कुश्ती को भी प्रलेखित किया गया है।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 126</ref> प्राचीन मिस्र के समाज के धनी सदस्य, शिकार और नौका विहार का भी आनंद लेते थे। [[देर एल-मदीना]] के श्रमिक गांव की खुदाई से सर्वाधिक विस्तारपूर्वक प्रलेखित ऐसे दस्तावेज़ प्राप्त हुए हैं, जो लगभग चार सौ साल की अवधि में फैले प्राचीन विश्व के सामुदायिक जीवन का विवरण प्रस्तुत करते हैं। तुलनात्मक रूप से अन्य कोई ऐसी साइट नहीं है जिसमें संगठन, सामाजिक संपर्क, एक समुदाय के काम करने और जीवन यापन की स्थितियों का इतने विस्तार से अध्ययन किया जा सके.<ref>"''द कैम्ब्रिज एन्शिएन्ट हिस्ट्री: II पार्ट I, द मिडिल ईस्ट एंड द ईजियन रीजन, c.1800-13380 B.C'' ", संपादित आई.ई.एस. एडवर्ड्स-सी.जेगड- एन. जी. एल. हैमंड- ई.सोल्बेर्गेर, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय प्रेस में, पृ. 380, 1973, ISBN 0-521-08230-7</ref> [[चित्र:Hypostyle hall, Karnak temple.jpg|thumb|upright|left|कर्नक मंदिर के हिपो शैली के हॉल, छत के बीम को समर्थन देते हुए मोटे स्तंभ की पंक्तियों के साथ निर्मित हैं]] === वास्तु === [[चित्र:S F-E-CAMERON EGYPT 2006 FEB 00289.JPG|thumb|300px|एड्फु में सुसंरक्षित होरुस के मंदिर, मिस्र के वास्तुशिल्प का एक नमूना है। ]] {{Main|Ancient Egyptian architecture}} प्राचीन मिस्र की वास्तुकला में दुनिया भर की कुछ सबसे प्रसिद्ध संरचनाएं शामिल हैं: जैसे [[गीज़ा के महान पिरामिड]] और [[थेब्स के मंदिर]]. न केवल धार्मिक और याद किये जाने के उद्देश्य से निर्माण परियोजनाओं को राज्य द्वारा संगठित और वित्त पोषित किया जाता था, बल्कि फैरो की शक्ति को पुनर्स्थापित करने के लिए भी किया जाता था। प्राचीन मिस्रवासी दक्ष निर्माणकर्ता थे; साधारण परन्तु प्रभावी उपकरणों और दर्शनीय उपकरणों का प्रयोग करके, वास्तुकार बड़ी सटीकता और परिशुद्धता से विशाल [[पत्थर की संरचनाएं]] बना सकते थे।<ref>क्लार्क (1990) पृ. 94-7</ref> मिस्र के अभिजात वर्ग और सामान्य वर्ग के लोगों के घरेलू आवास नष्ट हो जाने वाली चीज़ों, जैसे मिट्टी की इंटों और लकड़ी से बनाए जाते थे, जिनके अवशेष आज नही बचे। कृषक वर्ग साधारण घरों में रहते थे, जबकि विशिष्ट वर्गों के महलों की संरचना व्यापक और भव्य हुआ करती थी। नवीन साम्राज्य के महलों के बचे हुए कुछ अवशेष, जैसे जो [[मालकाटा]] और [[अमर्ना]] में हैं, दीवार और ज़मीन पर भव्य सजावट प्रदर्शित करते हैं, जिस पर मनुष्यों, पक्षियों, जल प्रपातों, देवताओं और ज्यामितीय आकारों के चित्र अंकित हैं।<ref>बदावी (1968) पृ. 50</ref> महत्वपूर्ण संरचनाएं, जैसे मंदिर और मकबरे, जिनके चिरकाल तक बने रहने की संभावना थी, उन्हें इंटों के बजाय पत्थरों से निर्मित किया गया। विश्व की पहली विशाल पैमाने की पत्थर की संरचना, [[जोसर]] का मुर्दाघर परिसर के वास्तु तत्त्व में शामिल है - पेपिरस और कमल रूपांकन में चौकी और [[लिंटेल]] का समर्थन. प्राचीन मिस्र के सबसे आरंभिक संरक्षित मंदिर, जैसे जो गीज़ा में हैं, एक एकल, बंद हॉल से निर्मित हैं, जिसमें कॉलम द्वारा समर्थित छत के स्लैब हैं। नवीन साम्राज्य में, वास्तुकारों ने [[तोरण]], खुले आंगन और मंदिर परिसर के सामने [[हिपोशैली]] के हॉल जोड़े, यह शैली ग्रीस-रोमन काल तक मानक बनी रही.<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/temple/typestime.html|title=Types of temples in ancient Egypt|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-url=https://web.archive.org/web/20080319233620/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/temple/typestime.html|archive-date=19 मार्च 2008|url-status=live}}</ref> प्राचीन साम्राज्य में सबसे आरंभिक और लोकप्रिय कब्र वास्तुकला [[मस्तबा]] थी, जो भूमिगत [[दफन कक्ष]] के ऊपर मिट्टी की ईंट या पत्थर से बनी हुई एक सपाट-छत वाली आयताकार संरचना थी। जोसर का [[स्टेप पिरामिड]], एक के ऊपर एक रखे पत्थर के मस्तबा की एक श्रृंखला है। पिरामिड का निर्माण प्राचीन और मध्य साम्राज्य के दौरान हुआ था, लेकिन बाद के शासकों ने उन्हें त्यागते हुए अपेक्षाकृत कम सुस्पष्ट चट्टान को काट कर बनाई गई कब्र को तरजीह दी.<ref>डोडसन (1991) पृ. 23</ref>प्राचीन मिस्र के पिरामिड जिनके चारों कोने इस प्रकार बनाए गए की वह पृथ्वी के भूगोल की चार दिशाओं की सीध में है इससे यह पता चलता है कि यह पिरामिड चार दिशाओं को इंगित करने के लिए बनाए होंगे; तथा 3तारों की सीध में बने पिरामिड मिस्र के निवासियों के लिए समय का ज्ञान कराते होंगे तभी तो 21 जून के दिन दो पिरामिड ओं के मध्य सूर्य अस्त होता है;[www.ravindra.simdif.com] === कला === [[चित्र:Nefertiti 30-01-2006.jpg|thumb|upright|मूर्तिकार थुटमोस द्वारा नेफेरटीटी की अर्ध प्रतिमा, प्राचीन मिस्र की कला की सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से एक है। ]] {{Main|Art of Ancient Egypt}} प्राचीन मिस्रवासियों ने कार्यात्मक प्रयोजनों को पूरा करने के लिए कला का निर्माण किया। करीब 3500 वर्षों से अधिक तक, कलाकारों ने प्राचीन साम्राज्य के दौरान विकसित कलात्मक रूपों और प्रतिमा‍ विज्ञान का अनुसरण किया जिसमें उन्होंने कट्टर सिद्धांतों का पालन किया, जो विदेशी प्रभाव और आंतरिक परिवर्तन का विरोध करता था।<ref>रोबिन्स (1997) पृ. 29</ref> इन कलात्मक मानकों - सरल रेखाओं, आकार और स्थानिक गहराई के बिना आकृतियों के सपाट चित्रण के साथ संयुक्त, रंग के सपाट क्षेत्र - ने एक संरचना के भीतर क्रम और संतुलन की भावना पैदा की. छवियों और पाठ को कब्र और मंदिर की दीवारों, ताबूतों, प्रस्तर-पट्ट और मूर्तियों पर भी बड़ी बारीकी से गूंथा गया। उदाहरण के लिए, [[द नार्मर रंगपट्टिका]] ऐसी आकृतियाँ दिखाता है जिन्हें चित्रलिपि के रूप में भी पढ़ा जा सकता है।<ref>रोबिन्स (1997) पृ. 21</ref> उन कठोर नियमों के कारण जो इसकी उच्च सुन्दरता और प्रतीकात्मक रूप को नियंत्रित करते थे, प्राचीन मिस्र की कला ने अपने राजनीतिक और धार्मिक प्रयोजनों को सटीकता और स्पष्टता के साथ निष्पादित किया।<ref>रोबिन्स (2001) पृ. 12</ref> प्राचीन मिस्र के कारीगरों ने प्रतिमाओं और बारीक नक्काशियों को बनाने के लिए पत्थर का इस्तेमाल किया, लेकिन उन्होंने लकड़ी का प्रयोग एक सस्ते और आसानी से तराशे जाने वाले स्थानापन्न के रूप में किया। पेंट को खनिजों से प्राप्त किया जाता था, जैसे लौह अयस्क (लाल और पीले गेरू), तांबा अयस्क (नीला और हरा), काजल या लकड़ी का कोयला (काला) और चूना पत्थर (सफ़ेद). पेंट को एक बंधक के रूप में [[अरबी गोंद]] के साथ मिलाया जा सकता था और केक के लिए दबाया जा सकता था, जिसे ज़रूरत पड़ने पर पानी से सिक्त किया जा सकता था।<ref>निकोल्सन (2000) पृ. 105</ref> फैरोओं ने नक्काशियों का इस्तेमाल लड़ाई में मिली जीत, शाही फरमान और धार्मिक दृश्यों को दर्ज करने के लिए किया। आम नागरिकों की पहुँच [[अंत्येष्टि कला]] के नमूनों तक थी, जैसे [[शब्ती]] प्रतिमाएँ और मृतकों की पुस्तकें, जो उन्हें विश्वास था मृत्यु के बाद उनकी रक्षा करेंगी.<ref name="James122">जेम्स (2005) पृ. 122</ref> मध्य साम्राज्य के दौरान, कब्र में जोड़े गए रोज़मर्रा की जिंदगी से चित्रों को उकेरते लकड़ी या मिट्टी के मॉडल, लोकप्रिय हुए. मृत्यु-पश्चात की गतिविधियों की नकल करने की कोशिश में, इन मॉडलों में मज़दूर, मकान, नावें और यहाँ तक कि सैन्य संरचनाएं भी प्रदर्शित की गई हैं, जो प्राचीन मिस्र के आदर्श पुनर्जन्म का रेखाचित्रीय प्रस्तुतीकरण हैं।<ref>रोबिन्स (1998) पृ. 74</ref> प्राचीन मिस्र की कला की समरूपता के बावजूद, किसी विशिष्ट समय और स्थानों की शैली, कभी-कभी परिवर्तित होते सांस्कृतिक या राजनीतिक नज़रिए को प्रतिबिंबित करती है। दूसरे मध्यवर्ती काल में हिक्सोस के आक्रमण के बाद, [[मिनोन]] शैली के भित्तिचित्र [[अवारिस]] में पाए गए हैं।<ref>शॉ (2002) पृ. 216</ref> कलात्मक स्वरूपों में एक राजनीतिक प्रेरित परिवर्तन का सबसे स्पष्ट उदाहरण अमर्ना अवधि से प्राप्त होता है, जहाँ आकृतियों को [[अखेनाटेन]] के क्रांतिकारी धार्मिक विचारों के अनुरूप ढालने के लिए समूल रूप से परिवर्तित कर दिया गया।<ref>रोबिन्स (1998) पृ. 149</ref> [[अमर्ना कला]] के रूप में जानी जाने वाली इस शैली को अखेनाटेन की मौत के बाद शीघ्र और पूरी तरह से मिटा दिया गया और इसकी जगह पारंपरिक शैली ने ले ली.<ref>रोबिन्स (1998) पृ. 158</ref> === धार्मिक विश्वास === {{Main|Ancient Egyptian religion}} [[चित्र:BD Hunefer.jpg|thumb|300px|द बुक ऑफ़ द डेड, मृयु-पश्चात मृतक की यात्रा के बारे में एक गाइड थी।]] परमात्मा और पुनर्जन्म में विश्वास, प्राचीन मिस्र की सभ्यता की स्थापना काल से ही गहरे जमे हुए थे; फैरो का शासन, [[राजाओं के दैवीय अधिकारों]] पर आधारित था। मिस्र के देवालय उन देवताओं से आच्छादित हैं जिनके पास अलौकिक शक्तियाँ थीं और जिन्हें मदद या संरक्षण के लिए आह्वान किया जाता था। तथापि, देवताओं को हमेशा उदार के रूप में नहीं देखा जाता था और मिस्रवासियों का मानना था कि उन देवताओं को प्रसाद और पूजा के द्वारा संतुष्ट करना पड़ता है। पदानुक्रम में नए देवताओं को पदोन्नत किये जाने के कारण, इस देवालय का ढांचा लगातार बदलता रहा, लेकिन पुजारियों ने विविध और कभी-कभी परस्पर विरोधी [[उत्पत्ति मिथकों]] और कहानियों को एक सुसंगत प्रणाली में संगठित करने का कोई प्रयास नहीं किया।<ref>जेम्स (2005) पृ. 102</ref> देवत्व की इन विभिन्न धारणाओं को विरोधी नहीं माना जाता था, बल्कि वास्तविकता के विभिन्न पहलुओं की परतें माना जाता था।<ref>"''द ऑक्सफोर्ड गाइड: एसेन्शिअल गाइड टु इजिप्शन माइथोलोजी'', " [[डोनाल्ड बी रेडफोर्ड]] द्वारा संपादित पृ. 106, बर्कली, 2003, ISBN 0-425-19096-X</ref> [[चित्र:Ka Statue of horawibra.jpg|thumb|upright|left|Ka प्रतिमा, प्रकट करने के लिए Ka को एक भौतिक स्थान प्रदान करती है। ]] देवताओं की पूजा पंथ मंदिरों में की जाती थी, जिसे राजा के निमित्त कार्य कर रहे पुजारियों द्वारा प्रशासित किया जाता था। मंदिर के केन्द्र में एक पुण्यस्थान पर पंथ प्रतिमा होती थी। मंदिर, सार्वजनिक पूजा या मण्डली के स्थान नहीं थे और सिर्फ दावत और समारोह के चुनिन्दा दिन, देवता की मूर्ति के साथ पुण्यस्थान को सार्वजनिक पूजा के लिए मंदिर से बाहर लाया जाता था। आम तौर पर, भगवान का इलाका, बाहर की दुनिया से कटा हुआ था और अभिगम, सिर्फ मंदिर के अधिकारियों को सुलभ था। आम नागरिक, अपने घरों में निजी मूर्तियों की पूजा कर सकते थे और अराजक शक्तियों के खिलाफ, ताबीज सुरक्षा प्रदान करते थे।<ref>जेम्स (2005) पृ. 117</ref> नवीन साम्राज्य के बाद, एक आध्यात्मिक मध्यस्थ के रूप में फैरो की भूमिका पर बल देना कम हो गया, क्योंकि धार्मिक संस्कारों का झुकाव, देवताओं की प्रत्यक्ष पूजा करने की ओर स्थानांतरित हो गया। परिणामस्वरूप, पुजारियों ने लोगों तक देवताओं की इच्छा के सीधे सम्प्रेषण के लिए [[ऑरेकल]] की एक प्रणाली विकसित की.<ref name="Shaw313">शॉ (2002) पृ. 313</ref> मिस्रवासियों का मानना था कि हर इंसान शारीरिक और आध्यात्मिक हिस्सों या ''पहलुओं'' से बना है। शरीर के अलावा, प्रत्येक व्यक्ति में एक ''šwt'' (परछाईं), एक ''ba'' (व्यक्तित्व या आत्मा), एक ''ka'' (प्राण-शक्ति) और एक ''नाम'' होता है।<ref>एलन (2000) पृ. 79, 94-5</ref> दिल को, न कि दिमाग को विचारों और भावनाओं का स्थान माना जाता था। मृत्यु के बाद, आध्यात्मिक पहलू शरीर से मुक्त हो जाते थे और अपनी इच्छा से घूम सकते थे, लेकिन एक स्थायी घर के रूप में उन्हें शारीरिक अवशेषों (या एक मूर्ति के रूप में एक विकल्प) की आवश्यकता होती थी। एक मृतक का अंतिम लक्ष्य अपने ''ka'' और ''ba'' से फिर से मिलकर "धन्य मृतक" बन जाने का होता था, जो फिर एक ''akh'' या "एक प्रभावी" के रूप में जीता था। ऐसा घटित होने के लिए, मृतक को एक मुकदमे में योग्य घोषित होना चाहिए, जिसमें हृदय को "सत्य के पंख" के खिलाफ तोला जाता था। यदि योग्य समझा गया तो मृतक, आध्यात्मिक रूप में पृथ्वी पर अपने अस्तित्व को जारी रख सकते थे।<ref>वासरमन, ''एट. आल'' (1994) पृ. 150-3</ref> [[चित्र:tutmask.jpg|thumb|upright|right|फैरो की कब्र में प्रचुर धन रखा जाता था, जैसे तुतनखामुन की ममी से मिला यह स्वर्ण मुखौटा]] === दफन प्रथा === {{Main|Ancient Egyptian burial customs}} प्राचीन मिस्रवासियों ने दफन की एक विस्तृत प्रथा को बनाए रखा था, जो उनके विश्वास के अनुसार मौत के बाद अमरत्व को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक थी। इन प्रथाओं में शामिल था [[ममीकरण]] द्वारा शरीर का परिरक्षण, दफन संस्कारों का निष्पादन और शरीर के साथ-साथ मृत्यु के बाद मृतक द्वारा प्रयोग की जाने वाली वस्तुओं का प्रवेश.<ref name="James122" /> प्राचीन साम्राज्य से पहले, रेगिस्तानी गड्ढे में दफनाए गए शव, स्वाभाविक रूप से [[शुष्कीकरण]] द्वारा संरक्षित होते थे। बंजर, रेगिस्तानी परिस्थितियां, गरीबों की अंत्येष्टि के लिए प्राचीन मिस्र के पूरे इतिहास में एक वरदान बनी रही, जो कुलीन वर्ग को उपलब्ध व्यापक दफन आयोजनों को वहन नहीं कर सकते थे। अमीर मिस्रवासियों ने अपने मृतकों को पत्थर की कब्रों में दफनाना शुरू किया और परिणामस्वरूप, उन्होंने कृत्रिम ममीकरण का उपयोग किया, जिसके तहत [[आंतरिक अंगों]] को हटाया जाता था, शरीर को सन में लपेटा जाता था और उसे एक आयताकार सर्कोफैगस पत्थर या लकड़ी के ताबूत में दफन किया जाता था। कुछ अंगों को अलग से [[केनोपिक जार]] में संरक्षित करना चौथे राजवंश में शुरू हुआ।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/mummy/ok.html|title=Mummies and Mummification: Old Kingdom|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-url=https://web.archive.org/web/20141107132531/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/mummy/ok.html|archive-date=7 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> [[चित्र:Anubis attending the mummy of Sennedjem.jpg|thumb|left|अनूबिस, प्राचीन मिस्र के ममीकरण और अंत्येष्टि संस्कार से जुड़े देवता थे, यहाँ, वे एक ममी को देख रहे हैं। ]] नवीन साम्राज्य तक, प्राचीन मिस्रवासियों ने ममीकरण की कला को निखार लिया था; बेहतरीन तकनीक में 70 दिन लगते थे, जिसके तहत आंतरिक अंगों को हटाया जाता था, नाक के माध्यम से मस्तिष्क को हटाया जाता था और नमक के एक मिश्रण में, जिसे [[नाट्रन]] कहते थे, शरीर को सुखाया जाता था। इसके बाद शरीर को सन के कपड़े में लपेटा जाता था जिसकी परतों के बीच सुरक्षा ताबीज़ को डाला जाता था और फिर उसे एक सुसज्जित मानव रूप के ताबूत में रखा जाता था। उत्तरार्ध काल के ममी को भी चित्रित [[कार्टोनेज]] के ममी के खोल में रखा जाता था। परिरक्षण की वास्तविक प्रथाओं को टोलेमिक और रोमन युग के दौरान त्याग दिया गया और ज्यादा ज़ोर ममी के बाहरी स्वरूप पर दिया जाने लगा जिसे सजाया जाता था।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/mummy/late.html|title=Mummies and Mummification: Late Period, Ptolemaic, Roman and Christian Period|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-url=https://web.archive.org/web/20080330041612/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/mummy/late.html|archive-date=30 मार्च 2008|url-status=live}}</ref> अमीर मिस्रवासियों को विलासिता की अधिक वस्तुओं के साथ दफनाया जाता था, पर सभी अंत्येष्टियों में, सामाजिक स्थिति की लिहाज ना करते हुए, मृतक के लिए सामान शामिल होता था। नवीन साम्राज्य शुरू होते हुए, [[मृतक की पुस्तकों]] को कब्र में शामिल किया गया, जिसके साथ [[शब्ती]] प्रतिमाएँ होती थीं जो, ऐसा विश्वास था कि मृत्यु-पश्चात मृतक के लिए शारीरिक श्रम करती थीं।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/burialcustoms/shabtis.html|title=Shabtis|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-url=https://web.archive.org/web/20080324044813/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/burialcustoms/shabtis.html|archive-date=24 मार्च 2008|url-status=live}}</ref> ऐसे संस्कार जिसमें मृतक को जादुई तरीके से पुनः जीवित किया जाता था, अंत्येष्टि का हिस्सा थे। दफनाने के बाद, जीवित रिश्तेदार, मृतक के निमित्त कभी-कभी कब्र पर भोजन लाते थे और प्रार्थना करते थे।<ref>जेम्स (2005) पृ. 124</ref> === सेना === {{Main|Military history of Ancient Egypt}} [[चित्र:Egyptian-Chariot.png|thumb|right|मिस्र का एक रथ.]] प्राचीन मिस्र की सेना, विदेशी आक्रमण के खिलाफ मिस्र की रक्षा करने और [[निकट-पूर्व]] में मिस्र के वर्चस्व को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार थी। सेना ने प्राचीन साम्राज्य के दौरान सिनाई में खनन अभियानों को संरक्षित किया और पहले और दूसरे मध्यवर्ती काल के दौरान गृह युद्ध लड़ा. महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों की किलेबंदी बनाए रखने के लिए सेना जिम्मेदार थी, जैसा कि नूबिया के रास्ते में [[बुहेन]] शहर में पाया गया। सैन्य ठिकानों के रूप में भी किलों का निर्माण किया गया, जैसे सिले का किला, जो [[लेवांट]] अभियानों के लिए एक संचालन अड्डे का काम करता था। नवीन साम्राज्य में, एक श्रृंखला में कई फैरोओं ने मिस्र की खड़ी सेना का उपयोग [[कुश]] और लेवांट के कुछ हिस्सों पर हमला करने और विजय हासिल करने के लिए किया।<ref>शॉ (2002) पृ. 245</ref> विशिष्ट सैन्य उपकरणों में शामिल थे [[धनुष और तीर]], भाले और एक लकड़ी के फ्रेम पर [[पशुओं की त्वचा]] को खींच कर बनाई गई गोल ढाल. नवीन साम्राज्य में, सेना ने रथ का उपयोग शुरू किया जिसे पूर्व में हिक्सोस आक्रमणकारियों ने शुरू किया था। पीतल को अपनाने के बाद शस्त्र और कवच में सुधार होता रहा: ढाल को अब ठोस लकड़ी से बनाया जाने लगा, जिसमें कांसे का बकल लगा होता था, तीर की नोक पर कांसा लगाया जाता था और एशियाई सैनिकों से [[खोपेश]] अपनाया गया।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 366-67</ref> फैरो को कला और साहित्य में आम तौर पर सेना के आगे सवार चित्रित किया गया और ऐसे सबूत मौजूद हैं जो सिद्ध करते हैं कि कम से कम कुछ फैरो, जैसे [[सिक्वेनेनर ताओ II]] और उसके बेटे, ऐसा करते थे।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 96</ref> सैनिकों को आम जनता से भर्ती किया जाता था, पर नवीन साम्राज्य के दौरान और खासकर बाद में, नूबिया, कुश और लीबिया से भाड़े के लड़ाकुओं को मिस्र के लिए लड़ने के लिए लिया गया।<ref>शॉ (2002) पृ. 400</ref> == प्रौद्योगिकी, चिकित्सा और गणित == === प्रौद्योगिकी === {{Main|Ancient Egyptian technology}} प्रौद्योगिकी में, चिकित्सा और गणित में, प्राचीन मिस्र ने उत्पादकता और परिष्कार के एक अपेक्षाकृत उच्च स्तर को प्राप्त किया। पारंपरिक [[अनुभववाद]], जैसा कि [[एडविन स्मिथ]] और [[एबेर्स पपिरी]] द्वारा प्रमाणित हुआ (लगभग 1600 ईसा पूर्व), उसका पहला श्रेय मिस्र को जाता है और [[वैज्ञानिक पद्धति]] की जड़ें भी प्राचीन मिस्र से प्रसारित हुई. {{Citation needed|date=June 2009}} मिस्रवासियों ने अपनी खुद की वर्णमाला और [[दशमलव प्रणाली]] विकसित की. [[चित्र:Egyptian glass jar.jpg|thumb|left|upright|कांच-निर्माण एक उच्च विकसित कला थी।]] === चीनी मिट्टी और कांच === प्राचीन साम्राज्य से पहले ही, प्राचीन मिस्रवासियों ने कांच के समान एक पदार्थ विकसित किया जिसे [[फाएंस]] कहते हैं, जिसे वे कृत्रिम अर्द्ध कीमती पत्थर का एक प्रकार मानते थे। फाएंस, [[सिलिका]], [[चूना]] और [[सोडा]] की अल्प मात्रा और एक रंजक, आमतौर पर तांबा से बना एक गैर मिट्टी का सेरामिक है।<ref>निकोल्सन (2000) पृ. 177</ref> इस पदार्थ का प्रयोग मोती, टाईल्स, मूर्तियाँ और छोटी सामग्रियाँ बनाने के लिए किया जाता था। फाएंस निर्माण करने के लिए कई तरीकों का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन आम तौर पर निर्माण प्रक्रिया में एक पेस्ट के रूप में पाउडर सामग्री को एक मिट्टी के कोर पर प्रयोग किया जाता है, जिसे फिर आग में जलाया जाता है। एक संबंधित तकनीक द्वारा, प्राचीन मिस्रवासी [[इजिप्शन ब्लू]] नाम के एक वर्णक का उत्पादन करते थे जिसे ब्लू फ्रिट भी कहा जाता है, जिसे सिलिका, तांबा, चूना और नैट्रन जैसे क्षार के मिश्रण (या [[सिंटरिंग]]) द्वारा निर्मित किया जाता था। उत्पाद को पीसा जा सकता है और एक वर्णक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।<ref>निकोल्सन (2000) पृ. 109</ref> प्राचीन मिस्रवासी महान कौशल के साथ कांच से विभिन्न वस्तुओं को ढाल सकते थे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने इस प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से विकसित किया था।<ref>निकोल्सन (2000) पृ. 195</ref> यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने अपने खुद के कच्चे शीशे को निर्मित किया या केवल पूर्व-निर्मित सिल्लियों का आयात किया, जिसे उन्होंने बाद में पिघलाया और स्वरूप दिया. तथापि, वस्तुएं बनाने में उन्हें निश्चित रूप से तकनीकी विशेषज्ञता हासिल थी, साथ ही साथ, तैयार ग्लास के रंग को नियंत्रित करने के लिए [[संकेत तत्वों]] को जोड़ने में भी कुशल थे। विविध रंगों का उत्पादन किया जा सकता था, जिसमें शामिल थे पीला, लाल, हरा, नीला, बैंगनी और सफेद और शीशे को या तो पारदर्शी या अपारदर्शी बनाया जा सकता था।<ref>निकोल्सन (2000) पृ. 215</ref>[Ravindra.simdif.] === औषधि === {{Main|Ancient Egyptian medicine}} [[चित्र:Ancient Egyptian medical instruments.jpg|thumb|कोम ओम्बो में मंदिर पर टोलेमिक अवधि के शिलालेख में चित्रित प्राचीन मिस्र के चिकित्सा उपकरण.]] प्राचीन मिस्रवासियों की चिकित्सा समस्याएँ सीधे उनके वातावरण से जनित थीं। नील नदी के पास रहने और काम करने से [[मलेरिया]] और कमज़ोर बनाने वाले [[सिस्टोसोमिआसिस]] परजीवी का हमला होता रहता था, जो जिगर और पेट को नष्ट कर देता था। मगरमच्छ और दरियाई घोड़े जैसे खतरनाक वन्यजीवों का भी एक आम खतरा मंडराता रहता था। आजीवन चलने वाली खेती और निर्माण कार्यों का दबाव, रीढ़ की हड्डी और जोड़ों पर असर डालता था और निर्माण कार्यों और युद्ध जनित दर्दनाक चोटें शरीर को घातक नुकसान पहुँचाती थीं। पत्थर से पीसे गए आटे की कंकरी और रेत से दांतों में खरोंच आती थी, जिससे वे [[फोड़ों]] के प्रति संवेदनशील हो जाते थे (हालांकि [[अस्थिक्षय]] दुर्लभ थे).<ref>फाइलर (1995) पृ. 94</ref> जो धनाढ्य थे उनके आहार में शक्कर की मात्रा अधिक होती थी, जो [[पेरियोडेंटल रोग]] को जन्म देती थी।<ref>फाइलर (1995) पृ. 78-80</ref> कब्र की दीवारों पर चाटुकारितापूर्ण शरीर के चित्रण के बावजूद, उच्च वर्ग की कई वज़नदार ममी से जीवन में अत्यधिक भोजन से पड़ने वाला प्रभाव साफ़ दिखता है।<ref>फाइलर (1995) पृ. 21</ref> वयस्क [[जीवन प्रत्याशा]] पुरुषों के लिए करीब 35 था और महिलाओं के लिए 30, पर वयस्क उम्र तक पहुँचना मुश्किल था क्योंकि एक तिहाई आबादी शैशवावस्था में ही मृत्यु को प्राप्त हो जाती थी।<ref>आंकड़े ''वयस्क'' जीवन प्रत्याशा के लिए दिए गए हैं और ''जन्म के समय'' जीवन प्रत्याशा को प्रतिबिंबित नहीं करते. फाइलर (1995) पृ. 25</ref> प्राचीन मिस्र के चिकित्सक अपने उपचार कौशल के लिए प्राचीन निकट-पूर्व में प्रसिद्ध थे और कुछ, जैसे [[इम्होटेप]], अपनी मृत्यु के बाद भी लंबे समय तक प्रसिद्ध रहे.<ref>फाइलर (1995) पृ. 39</ref> [[हेरोडोटस]] ने टिप्पणी की है कि मिस्र के चिकित्सकों में विशेषज्ञता का एक उच्च स्तर था, जहाँ कुछ चिकित्सक सिर्फ सिर या पेट का उपचार करते थे जबकि अन्य आंखों के डॉक्टर और दंत चिकित्सक थे।<ref>स्ट्रोहल (1989) पृ. 243</ref> चिकित्सकों का प्रशिक्षण ''पर आंख'' या "हाउस ऑफ़ लाइफ" में होता था, उल्लेखनीय रूप से जिनका मुख्यालय नवीन साम्राज्य में [[पर-बस्तेट]] में और उत्तरार्ध काल में [[अबिडोस]] और [[साइस]] में था। [[चिकित्सा पापिरी]] से शरीर रचना विज्ञान, चोटों और व्यावहारिक उपचार का [[अनुभवजन्य ज्ञान]] प्रदर्शित होता है।<ref>स्ट्रोहल (1989) पृ. 244-46</ref> ज़ख्मों का पट्टी बांधकर उपचार किया जाता था जिसमें कच्चे मांस, सफेद सन, टांके, जाली, पैड और संक्रमण रोकने के लिए मधु में लिपटा फाहा प्रयोग किया जाता था, जबकि दर्द को कम करने के लिए अफीम दिया जाता था। अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए लहसुन और प्याज का नियमित रूप से इस्तेमाल किया जाता था और इसके प्रयोग को [[अस्थमा]] से छुटकारा का एक उपाय माना जाता था। प्राचीन मिस्र के शल्य-चिकित्सक ज़ख्म सिलते थे, [[टूटी हड्डियों]] को जोड़ते थे और रोगग्रस्त अंग को काटते थे, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ चोटें इतनी गंभीर होती थीं कि वे रोगी को उसके मरने तक केवल आराम पहुँचा सकते थे।<ref>फाइलर (1995) पृ. 38</ref> === जहाज निर्माण === {{Main|Shipbuilding}} आरंभिक [[मिस्र]]वासियों को करीब 3000 ईसा पूर्व के आस-पास यह जानकारी थी कि कैसे लकड़ी के पटरों को एक [[जहाज पेटा]] बनाने के लिए इकट्ठे जोड़ा जाता है। [[अमेरिकी पुरातत्व संस्थान]]<ref name="AIA">वार्ड, चेरिल. "[http://www.archaeology.org/0105/abstracts/abydos3.html World's Oldest Planked Boats] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121119002030/http://www.archaeology.org/0105/abstracts/abydos3.html|date=19 नवंबर 2012}}", ''[[पुरातत्व]]'' में (54 खंड, संख्या 3, मई/जून 2001). [[अमेरिकी पुरातत्व संस्थान.]]</ref> ने खबर दी कि पता लगाए गए अब तक के सबसे पुराने जहाजों को, [[अबिडोस]] में खोजे गए 14 जहाज का एक समूह, लकड़ी के पटरों को एक साथ सिल कर बनाया गया था। [[न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय]]<ref name="AIA2">शूस्टर, एंजेला एम.एच.""[http://www.archaeology.org/online/news/abydos.html This Old Boat] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110605225939/http://www.archaeology.org/online/news/abydos.html|date=5 जून 2011}}", 11 दिसम्बर 2000. [[अमेरिकी पुरातत्व संस्थान.]]</ref> के इजिप्टोलोजिस्ट डेविड ओ'कॉनर द्वारा की गई इस खोज में पाया गया कि गूंथे गए [[फीतों]] को पटरों को एक साथ जोड़े रखने के लिए इस्तेमाल किया गया,<ref name="AIA" /> और पटरों के बीच भरा पाया गया [[नरकट]] या [[घास]] जोड़ों को सील करने में मदद करता था।<ref name="AIA" /> चूंकि सभी जहाजों को एक साथ और [[खासेखेमी फैरो]]<ref name="AIA2" /> के मुर्दाघर के पास दफन किया गया है, माना जाता है कि मूल रूप से वे सभी उसी के थे, लेकिन 14 जहाजों में से एक का काल 3000 ई.पू. का है,<ref name="AIA2" /> और जहाज के साथ दफ़न किये गए संबद्ध मिट्टी के मर्तबान भी पूर्व की तारीख को सुझाते हैं।<ref name="AIA2" /> 3000 ईसा पूर्व की अवधि वाला जहाज 75 फीट लम्बा है<ref name="AIA2" /> और अब यह माना जाता है कि यह शायद किसी पहले के फैरो से संबंधित है।<ref name="AIA2" /> प्रोफेसर ओ'कॉनर के अनुसार, 5000 साल पुराना यह जहाज संभवतः [[अहा फैरो]] का हो.<ref name="AIA2" /> आरंभिक मिस्रवासी यह भी जानते थे कि कैसे [[लकड़ी के गुज्झों]] के उपयोग से पटरों को एक साथ बांधा जा सकता है और [[अलकतरे]] के प्रयोग से संधियों को [[संदबंद]] किया जा सकता है। "[[खुफु जहाज]]", एक 43.6-मीटर पोत जिसे 2500 ई.पू. के आस-पास [[चौथे राजवंश]] में [[गीज़ा पिरामिड परिसर]] में [[गीज़ा के महान पिरामिड]] के नीचे एक गड्ढे में गाड़ दिया गया था, एक पूर्ण-आकार का जीवित उदाहरण है, जिसने संभवतः [[सौर बार्क]] का प्रतीकात्मक कार्य पूरा किया हो. आरंभिक मिस्रवासी यह भी जानते थे कि कैसे इस जहाज के पटरों को [[चूल और खांचा]] सन्धियों से एक साथ बांधा जाए.<ref name="AIA" /> आसानी से नौगम्य नील नदी पर चलने के लिए विशाल नौकाओं का निर्माण करने की प्राचीन मिस्र की क्षमता के बावजूद, उन्हें अच्छे नाविक के रूप में नहीं जाना जाता है और वे भूमध्य या लाल सागर में व्यापक नौकायन या पोत-परिवहन में संलग्न नहीं होते थे। === गणित === {{Main|Egyptian mathematics}} गणितीय गणना का सबसे आरंभिक अनुप्रमाणित उदाहरण, पूर्व-राजवंशीय [[नाकाडा]] अवधि में मिलता है और एक पूरी तरह से विकसित [[अंक प्रणाली]] को दर्शाता है।<ref>उपलब्ध सामग्री की अपूर्णता और खोजे गए ग्रन्थों के विस्तृत अध्ययन के अभाव के कारण मिस्र के गणित की समझ अधूरी है। इम्हौसेन ''एट अल.'' (2007) पृ. 13</ref> एक शिक्षित मिस्रवासी के लिए गणित का महत्व नवीन साम्राज्य के एक काल्पनिक पत्र द्वारा परिलक्षित होता है जिसमें लेखक, अपने और एक अन्य लेखक के बीच दैनिक गणना के कार्यों, जैसे श्रम, अनाज और भूमि के हिसाब से संबंधित एक प्रतियोगिता का प्रस्ताव रखता है।<ref>इम्हौसेन ''एट अल.'' (2007) पृ. 11</ref> [[रिंद मैथमेटिकल पेपिरस]] और [[मॉस्को मैथमेटिकल पेपिरस]] यह दर्शाते हैं कि प्राचीन मिस्रवासी, चार बुनियादी गणितीय संक्रियाओं को कर सकते थे - जोड़, घटाव, गुणा और विभाजन - अपूर्णांक का उपयोग, बक्से और पिरामिड के परिमाण की गणना और आयतों, त्रिकोण, वृत्त और यहाँ तक कि चक्र के तल-क्षेत्रफल की गणना भी कर सकते थे। {{Citation needed|date= फ़रवरी 2009}} वे [[बीजगणित]] और [[ज्यामिति]] की आधारभूत अवधारणाओं को समझते थे और [[युगपत समीकरण]] के सरल सेट को हल कर सकते थे।<ref>क्लार्क (1990) पृ. 222</ref> {{hiero | {{frac|2|3}} | <hiero>D22</hiero>| align=right| era=default}} [[गणितीय संकेतन]] दशमलव था और दस लाख तक दस के प्रत्येक घात के प्रतीकात्मक संकेत पर आधारित था। इनमें से प्रत्येक को इच्छित संख्या तक जोड़ कर पहुँचने के लिए आवश्यकतानुसार कई बार लिखा जा सकता था; यानी संख्या अस्सी या आठ सौ को लिखने के लिए, दस या सौ के संकेत को क्रमशः आठ बार लिखा जाता था।<ref>क्लार्क (1990) पृ. 217</ref> चूंकि उनकी गणना के तरीके से एक से अधिक गणक के अधिकांश अपूर्णांक को संभाला नहीं जा सकता था, [[प्राचीन मिस्र के अपूर्णांक]] को कई अपूर्णांक के जोड़ के रूप में लिखा जाता था। उदाहरण के लिए, अपूर्णांक दो बटा पांच को, एक बटा तीन + एक बटा पन्द्रह के जोड़ में हल किया जाता था; इसे मूल्यों की मानक सूची से आसान किया जाता था।<ref>क्लार्क (1990) पृ. 218</ref> कुछ [[आम अपूर्णांक]], तथापि, एक विशेष ग्लिफ के साथ लिखे जाते थे; आज के आधुनिक दो तिहाई को दाहिनी तरफ दिखाया जाता था।<ref>गार्डिनर (1957) पृ. 197</ref> प्राचीन मिस्र के गणितज्ञों को [[पाईथागोरस प्रमेय]] के मूल सिद्धांतों की समझ थी, उदाहरण के लिए, एक त्रिकोण में [[कर्ण]] के विपरीत एक समकोण होता है जब इसके पक्ष 3-4-5 अनुपात में होते हैं।<ref name="Strouhal241">स्ट्रोहल (1989) पृ. 241</ref> वे एक वृत्त के क्षेत्र फल का अनुमान, उसके व्यास से नौवें हिस्से को घटाकर और परिणाम को दुगुना कर के लगा लेते थे। :Area ≈ [({{frac|8|9}})D]<sup>2</sup> = ({{frac|256|81}})''r'' <sup>2</sup> ≈ 3.16''r'' <sup>2</sup>, π''r'' <sup>2</sup> फार्मूला का एक तर्कसंगत सन्निकटन.<ref name="Strouhal241" /><ref>इम्हौसेन ''एट अल.'' (2007) पृ. 31</ref> यह [[सुनहरा अनुपात]] [[पिरामिड]] सहित, मिस्र के कई निर्माण में परिलक्षित होता है, लेकिन हो सकता है इसका प्रयोग, अनुपात और सद्भाव के सहज ज्ञान के साथ गांठदार रस्सियों के प्रयोग के संयोजन के प्राचीन मिस्र के अभ्यास का एक अनपेक्षित परिणाम हो.<ref>केम्प (1989) पृ. 138</ref> == विरासत == प्राचीन मिस्र की संस्कृति और स्मारकों ने दुनिया भर के लिये एक स्थायी विरासत छोड़ी है। उदाहरण के लिए, देवी [[इसिस]] का पंथ [[रोमन साम्राज्य]] में बहुत लोकप्रिय हुआ, जब ओबेलिस्क और अन्य अवशेषों को, रोम ले आया गया।<ref>सिलिओटी (1998) पृ. 8</ref> रोम वासियों ने मिस्र शैली में ढांचे खड़े करने के लिए मिस्र से [[निर्माण सामग्री]] भी आयात की। आरंभिक इतिहासकारों, जैसे [[हेरोडोटस]], [[स्ट्रैबो]] और [[डिओडोरस सिकलस]] ने इस भू-भाग का अध्ययन किया और इसके बारे में लिखा, जिसे रोमन रहस्य की एक जगह के रूप में देखते थे।<ref>सिलिओटी (1998) पृ. 10</ref> [[मध्य युग]] और [[पुनर्जागरण]] काल के दौरान, मिस्र की मूर्तिपूजक संस्कृति का, [[ईसाई]] और बाद में [[इस्लाम धर्म]] के उदय के बाद पतन होने लगा, लेकिन मध्ययुगीन विद्वानों, जैसे [[धुल-नुन अल-मिस्री]] और [[अल-मक्रिज़ी]] के लेखों में मिस्र की पुरातनता के प्रति रूचि बनी रही।<ref>एल-डैली (2005) पृ. 112</ref> 17वीं और 18वीं शताब्दियों में, यूरोपीय यात्री और पर्यटक, वहाँ से लौटते हुए प्राचीन वस्तुएं लाए और अपनी यात्रा की कहानियाँ लिखी, जिसने सम्पूर्ण यूरोप में [[इजिप्टोमेनिया]] की एक लहर को प्रेरित किया। इस पुनर्नवीनिकृत रूचि ने मिस्र में संग्राहकों को भेजा, जिन्होंने कई महत्वपूर्ण प्राचीन वस्तुओं को खरीदा, या प्राप्त किया।<ref>सिलिओटी (1998) पृ. 13</ref> हालांकि, मिस्र में यूरोपीय [[औपनिवेशिक]] व्यवसाय ने इस देश की ऐतिहासिक विरासत के एक महत्वपूर्ण हिस्से को नष्ट कर दिया, हालांकि कुछ विदेशियों ने कुछ सकारात्मक परिणाम भी दिए। उदाहरण के लिए, [[नेपोलियन]] ने [[इजिप्टोलॉजी]] में पहला अध्ययन आयोजित किया, उन्होंने मिस्र के [[प्राकृतिक इतिहास]] के अध्ययन और प्रलेखन के लिए करीब 150 वैज्ञानिक और कलाकारों को साथ लाए, जिसे ''इज़िप्ट का वर्णन (डिसक्रिप्शन डे इज़िप्ट)'' में प्रकाशित किया गया।<ref>सिलिओटी (1998) पृ. 100</ref> 19वीं सदी में, मिस्र सरकार और पुरातत्वविदों ने खुदाई में, सांस्कृतिक सम्मान और एकता के महत्व को मान्यता दी। [[द सुप्रीम कौंसिल ऑफ़ ऐंटीक्विटीज़]], अब उन खुदाई, जिनका उद्देश्य खज़ाना ढूंढ़ने के बजाय जानकारी प्राप्त करना है, को मंजूरी देती है और देखरेख करती है। परिषद, मिस्र की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए बनाये गए स्मारक और संग्रहालय पुनर्निर्माण कार्यक्रमों का संचालन भी करती है। <gallery> File:EgyptFrontispiece.jpg|thumb|इज़िप्ट का वर्णन (डिसक्रिप्शन डे इज़िप्ट) का मुखपृष्ठ, 1809 और 1829 के बीच 38 संस्करणों में प्रकाशित हुआ। चित्र:Egypt.ZahiHawass.01.jpg|thumb|डॉ॰ ज़ाही हवास, सुप्रीम काउन्सिल ऑफ़ ऐंटीक्विटीज़ के वर्तमान सेक्रेटरी जनरल हैं </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[प्राचीन मिस्र की जाति का विवाद]] * [[प्राचीन मिस्र की कलाकृतियों की शब्दावली]] * [[प्राचीन मिस्र में चित्रांकन]] == नोट्स == {{reflist|colwidth=30em|3}} == सन्दर्भ == * {{cite book |author=Aldred, Cyril |title=Akhenaten, King of Egypt |url=https://archive.org/details/00book1496783233 |publisher=Thames and Hudson |location=London, England |year=1988 |pages= |isbn=0-500-05048-1 |oclc= |doi=}} * {{cite book |author=Allen, James P. |title=Middle Egyptian: An Introduction to the Language and Culture of Hieroglyphs |url=https://archive.org/details/middleegyptianin0000alle |publisher=Cambridge University Press |location=Cambridge, UK |year=2000 |isbn=0-521-77483-7}} * {{cite book | last=Badawy | first=Alexander | title=A History of Egyptian Architecture. Vol III | publisher=University of California Press | location=Berkeley, California | year=1968 | isbn=0-520-00057-9}} * {{cite book |last=Billard|first=Jules B.|title=Ancient Egypt: Discovering its Splendors|publisher=National Geographic Society|location=Washington D.C.|year=1978}} * {{cite book|first =J|last=Cerny|title=Egypt from the Death of Ramesses III to the End of the Twenty-First Dynasty' in The Middle East and the Aegean Region c.1380–1000&nbsp;BC|publisher=Cambridge University Press|location=Cambridge, UK|year=1975|isbn=0-521-08691-4}} * {{cite book|title= Ancient Egyptian Construction and Architecture |url= https://archive.org/details/ancientegyptianc0000clar |last=Clarke |first=Somers |couthors=R. Engelbach |publisher=Dover Publications, Unabridged Dover reprint of ''Ancient Egyptian Masonry: The Building Craft'' originally published by Oxford University Press/Humphrey Milford, London, (1930)| location=New York, New York |year=1990 |isbn=0-486-26485-8}} * {{cite book |last=Clayton |first=Peter A. |title=Chronicle of the Pharaohs |publisher=Thames and Hudson |location=London, England |year=1994 |isbn=0-500-05074-0 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/chronicleofphara00clay }} * {{cite book |author=Cline, Eric H.; O'Connor, David Kevin |title=Amenhotep III: Perspectives on His Reign |publisher=University of Michigan Press |location=Ann Arbor, Michigan |year=2001 |page= 273|isbn=0-472-08833-5}} * {{cite book |title=Egyptian Rock Cut Tombs |url=https://archive.org/details/egyptianrockcutt0000dods |last=Dodson |first=Aidan |publisher=Shire Publications Ltd |year=1991 |location=Buckinghamshire, UK |isbn=0-7478-0128-2}} * {{cite book|author=Dodson, Aidan|coauthor=Hilton, Dyan|title=The Complete Royal Families of Ancient Egypt|url=https://archive.org/details/completeroyalfam0000dods_a3h8|publisher=Thames & Hudson |location=London, England|year=2004|isbn=0500051283}} * {{cite book | last=El-Daly | first=Okasha | title=Egyptology: The Missing Millennium | location=London, England | publisher=UCL Press | year=2005 | isbn=1-844-72062-4}} * {{cite book |author=Filer, Joyce |title=Disease |publisher=University of Texas Press |location=Austin, Texas |year=1996 |isbn=0-292-72498-5 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/disease00file }} * {{cite book | last=Gardiner | first=Sir Alan | title=[[Egyptian Grammar: Being an Introduction to the Study of Hieroglyphs]] | publisher=Griffith Institute | location=Oxford, England | year=1957 | isbn=0-900416-35-1}} * {{cite journal | last=Hayes | first= W. C. | title=Most Ancient Egypt: Chapter III. The Neolithic and Chalcolithic Communities of Northern Egypt | journal=[[Journal of Near Eastern Studies|JNES]] | edition=No. 4 | month=October | year=1964 | pages=217–272 | volume= 23}} * {{cite book | last=Imhausen | first=Annette |author2= Eleanor Robson, [[Joseph Dauben|Joseph W. Dauben]], Kim Plofker, J. Lennart Berggren, Victor J. Katz | title=The Mathematics of Egypt, Mesopotamia, China, भारत, and Islam: A Sourcebook | url=https://archive.org/details/mathematicsofegy0000unse | publisher=Princeton University Press | location=Princeton | year=2007 | isbn=0-691-11485-4}} * {{cite book |last=James |first=T.G.H. |title=The British Museum Concise Introduction to Ancient Egypt |publisher=University of Michigan Press |location=Ann Arbor, Michigan |year=2005 |isbn=0-472-03137-6 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/britishmuseumcon00jame |access-date=23 अक्तूबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190627011839/https://archive.org/details/britishmuseumcon00jame |archive-date=27 जून 2019 |url-status=live }} * {{cite book|author=[[Barry Kemp|Kemp, Barry]]|title=Ancient Egypt: Anatomy of a Civilization|publisher=Routledge|year=1991|location=London, England|isbn=0415063469|url-access=registration|url=https://archive.org/details/isbn_9780415063463}} * {{cite book |last= Lichtheim |first=Miriam|title=Ancient Egyptian Literature, vol 1|publisher=University of California Press|year=1975|location=London, England |isbn=0-520-02899-6}} * {{cite book |last= Lichtheim | first=Miriam | title=Ancient Egyptian Literature, A Book of Readings. Vol III: The Late Period | publisher=University of California Press | year=1980 | location=Berkeley, California| isbn=0-520-24844-1}} * {{cite book | last=Loprieno | first=Antonio | title= Ancient Egyptian: A linguistic introduction | url=https://archive.org/details/ancientegyptianl0000lopr | publisher=Cambridge University Press | location=Cambridge, UK | year=1995a |isbn=0-521-44849-2}} * {{Cite book | last=Loprieno | first=Antonio | contribution=Ancient Egyptian and other Afroasiatic Languages | title=Civilizations of the Ancient Near East | editor-last=Sasson | editor-first=J. M. | volume=4 | publisher=Charles Scribner | place=New York, New York | year=1995b | pages=2137–2150 | isbn=1-565-63607-4}} * {{Cite book | last=Loprieno | first=Antonio | contribution=Ancient Egyptian and Coptic | title=The Cambridge Encyclopedia of the World's Ancient Languages | url=https://archive.org/details/cambridgeencyclo0000unse_t8o9 | editor-last=Woodward | editor-first=Roger D. | publisher=Cambridge University Press | place=Cambridge, UK | year=2004 | pages=[https://archive.org/details/cambridgeencyclo0000unse_t8o9/page/160 160]–192 | isbn=0-52-156256-2}} * {{cite book |last=Lucas |first=Alfred |title=Ancient Egyptian Materials and Industries, 4th Ed |url=https://archive.org/details/ancientegyptianm0000luca |location=London, England |year=1962 |publisher=Edward Arnold Publishers|isbn=1854170465}} * {{cite journal | last=Mallory-Greenough | first=Leanne M. | title=The Geographical, Spatial, and Temporal Distribution of Predynastic and First Dynasty Basalt Vessels | journal=The Journal of Egyptian Archaeology | location=London, England | publisher=Egypt Exploration Society | year=2002 | volume=88 | pages=67–93 | doi=10.2307/3822337 |issn = 0307-5133 }} * {{cite book|year=1998|author=Manuelian, Peter Der|title=Egypt: The World of the Pharaohs|url=https://archive.org/details/egyptworldofphar00unse|location=Bonner Straße, Cologne Germany|publisher=Könemann Verlagsgesellschaft mbH|isbn=3-89508-913-3}} * {{cite book |author=McDowell, A. G. |title=Village life in ancient Egypt: laundry lists and love songs |publisher=Oxford University Press |location=Oxford, England |year=1999|isbn=0-19-814998-0 }} * {{cite book |author=Meskell, Lynn |title=Object Worlds in Ancient Egypt: Material Biographies Past and Present (Materializing Culture) |publisher=Berg Publishers |location=Oxford, England|year= 2004|isbn=1-85973-867-2}} * {{cite book | last=Midant-Reynes | first=Béatrix | title=The Prehistory of Egypt: From the First Egyptians to the First Pharaohs | url=https://archive.org/details/prehistoryofegyp0000mida | location=Oxford, England | publisher=Blackwell Publishers | year=2000 | isbn=0-631-21787-8}} * {{cite book |last=Nicholson |first=Paul T. ''et al.'' |title=Ancient Egyptian Materials and Technology |publisher=Cambridge University Press |location=Cambridge, UK |year=2000 |isbn=0521452570}} * {{cite book |author=Oakes, Lorna |title=Ancient Egypt: An Illustrated Reference to the Myths, Religions, Pyramids and Temples of the Land of the Pharaohs |url=https://archive.org/details/ancientegyptillu00unse |publisher=Barnes & Noble |location=New York, New York |year=2003|isbn=0-7607-4943-4}} * {{cite book |last=Robins |first=Gay |title=The Art of Ancient Egypt |publisher=Harvard University Press |year=2000 |location=Cambridge, Massachusetts|isbn=0-674-00376-4 }} * {{cite book |author=[[Kim Ryholt|Ryholt, Kim]]|title=The Political Situation in Egypt During the Second Intermediate Period |year=1997 |month=January |location=Copenhagen, Denmark|publisher=Museum Tusculanum |isbn=8772894210}} * {{cite book |last=Scheel |first=Bernd |title=Egyptian Metalworking and Tools |publisher= Shire Publications Ltd |location=Haverfordwest, Great Britain |year=1989|isbn=0747800014}} * {{cite book|last=Shaw|first=Ian|title=The Oxford History of Ancient Egypt|publisher=Oxford University Press|year=2003|location=Oxford, England|isbn=0-500-05074-0|url-access=registration|url=https://archive.org/details/chronicleofphara00clay}} * {{cite book |author=Siliotti, Alberto |title=The Discovery of Ancient Egypt |publisher=Book Sales, Inc |location=Edison, New Jersey |year=1998|isbn=0-7858-1360-8}} * {{cite book | last=Strouhal | first=Eugen | title=Life in Ancient Egypt | publisher=University of Oklahoma Press | location=Norman, Oklahoma | year=1989 | isbn=0-8061-2475-x | url-access=registration | url=https://archive.org/details/lifeofancientegy0000stro }} * {{cite book |author=Tyldesley, Joyce A. |title=Ramesses: Egypt's greatest pharaoh |url=https://archive.org/details/ramessesegyptsgr0000tyld |publisher=Penguin |location=Harmondsworth, England |year=2001 |pages= [https://archive.org/details/ramessesegyptsgr0000tyld/page/76 76]–77|isbn=0-14-028097-9}} * {{cite journal | last=Vittman | first=G. | title=Zum koptischen Sprachgut im Ägyptisch-Arabisch | journal=Wiener Zeitschrift für die Kunde des Morgenlandes | location=Vienna, Austria | publisher=Institut für Orientalistik, Vienna University | year=1991 | volume=81 | pages=197–227}} * {{cite book |author=Walbank, Frank William |authorlink = F. W. Walbank|title=The Cambridge ancient history |publisher=Cambridge University Press |location=Cambridge, UK |year=1984 |isbn=0-521-23445-X}} * {{cite book |author=Wasserman, James; Faulkner, Raymond Oliver; Goelet, Ogden; Von Dassow, Eva |title=The Egyptian Book of the dead, the Book of going forth by day: being the Papyrus of Ani |url=https://archive.org/details/egyptianbookofde0000unse |publisher=Chronicle Books |location=San Francisco, California |year=1994 |isbn=0-8118-0767-3}} * {{cite book|last=Wilkinson|first=R. H.|year=2000|title=The Complete Temples of Ancient Egypt|location=London, England|publisher=Thames and Hudson|isbn=0500051003|url-access=registration|url=https://archive.org/details/completetempleso00wilk}} == अतिरिक्त पठन == * {{cite book|author=[[John Baines|Baines, John]] and [[Jaromir Malek]]|title=The Cultural Atlas of Ancient Egypt|edition=revised|publisher=Facts on File|year=2000|isbn=0816040362}} * {{cite book | last = Bard | first = KA | title = Encyclopedia of the Archaeology of Ancient Egypt | url = https://archive.org/details/isbn_9780415185899 | publisher = Routledge | location = NY, NY | year = 1999|isbn=0-415-18589-0}} * {{cite book|first=Nicolas|last=Grimal|title=A History of Ancient Egypt|url=https://archive.org/details/historyofancient0000grim|publisher=Blackwell Books|year=1992|isbn=0631193960}} * {{cite book|author=[[Mark Lehner|Lehner, Mark]]|title=The Complete Pyramids|location=London|publisher=Thames & Hudson|year=1997|isbn=0500050848|url-access=registration|url=https://archive.org/details/completepyramids00lehn}} * {{cite book|last=Wilkinson|first=R.H.|title=The Complete Gods and Goddesses of Ancient Egypt|location=London|publisher=Thames and Hudson|year=2003|isbn=0500051208|url-access=registration|url=https://archive.org/details/completegodsgodd00wilk_0}} == बाहरी कड़ियाँ == {{commons|Ancient Egypt}} * [https://web.archive.org/web/20100129155324/http://www.ancientegypt.co.uk/ Ancient Egypt] - [[ब्रिटिश संग्रहालय]] द्वारा संरक्षित, यह साइट बड़े बच्चों और युवा किशोरों के लिए प्राचीन मिस्र का एक उपयोगी परिचय देता है। * [https://web.archive.org/web/20100312194639/http://www.bbc.co.uk/history/ancient/egyptians/ BBC History: Egyptians] - एक विश्वसनीय सामान्य अवलोकन और लिंक प्रदान करता है * [http://books.google.com/books?vid=ISBN&amp;id=9ToLAAAAIAAJ&amp;dq=PtahHotep&amp;as_brr=1 Ancient Egyptian Science: A Source Book Door Marshall Clagett, 1989] * [https://web.archive.org/web/20100416080018/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/ Digital Egypt for Universities.] व्यापक कवरेज और उत्तम अन्योन्य संदर्भ सहित उत्कृष्ट विद्वत्तापूर्ण निरूपण (आंतरिक और बाह्य). विषय वर्णन के लिए बड़े पैमाने पर कलाकृतियाँ प्रयुक्त. * [https://web.archive.org/web/20100131142529/http://www.aldokkan.com/science/metallurgy.htm Ancient Egyptian Metallurgy] एक साइट, जो मिस्र के [[धातुशिल्प]] के इतिहास को दर्शाता है * ''नील नदी पर नेपोलियन: सैनिक, कलाकार और मिस्र की पुनर्खोज'', [https://web.archive.org/web/20080602082144/http://arthistory.about.com/od/from_exhibitions/ig/Napoleon-on-the-Nile/Joseph--1874.htm Art History]. {{Ancient Egypt topics}} {{Empires}} [[श्रेणी:मिस्र]] [[श्रेणी:प्राचीन मिस्र]] [[श्रेणी:कांस्य युग]] [[श्रेणी:विश्व का इतिहास]] [[श्रेणी:प्राचीन सभ्यताएँ]] [[श्रेणी:सभ्यता]] [[श्रेणी:मध्यपूर्व]] [[श्रेणी:प्राचीन इतिहास]] [[श्रेणी:अफ्रीकी सभ्यताएं]] [[श्रेणी:अफ्रीका के पूर्व साम्राज्य]] [[श्रेणी:प्राचीन अफ्रीका के राज्य]] [[श्रेणी:गूगल परियोजना]] 4o9kjby0zdn0vhb7h43gy9a6usnsa5r उज़्बेकिस्तान 0 13281 6582732 6568276 2026-07-15T04:00:09Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582732 wikitext text/x-wiki {{Infobox country | native_name = O‘zbekiston Respublikasi | conventional_long_name = उज़्बेकिस्तान गणराज्य | common_name = उज़्बेकिस्तान | image_flag = Flag of Uzbekistan.svg | image_coat = Emblem of Uzbekistan.svg | image_map = Uzbekistan (centered orthographic projection).svg | national_anthem =[[उज़्बेकिस्तान गणराज्य का राष्ट्रगान|O‘zbekiston Respublikasining Davlat Madhiyasi]]<br>{{small|(उज़्बेकिस्तान गणराज्य का राष्ट्रगान)}}{{parabr}}{{center|[[File:National Anthem of Uzbekistan (Instrumental).ogg]]}} | official_languages = [[उज़्बेक भाषा|उज़्बेक]]<ref name=law>{{cite web |title=Uzbekistan: Law "On Official Language" |url=https://www.refworld.org/docid/3ae6b4d328.html |website=Refworld |access-date=26 November 2022 |archive-date=8 May 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190508060700/https://www.refworld.org/docid/3ae6b4d328.html |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |title=Constitution of the Republic of Uzbekistan |url=http://constitution.uz/en |website=constitution.uz |access-date=1 September 2020}}</ref> | capital = [[ताशकन्द|ताशकंद]] | largest_city = [[ताशकन्द|ताशकंद]] | demonym = उज़्बेकिस्तानी | government_type = एकात्मक [[अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली|अर्ध-अध्यक्षीय गणराज्य]] | leader_title1 = [[उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति|राष्ट्रपति]] | leader_name1 = [[शौकत मिर्ज़ियोयेव]] | leader_title2 = [[उज़्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] | leader_name2 =[[अब्दुल्लाह अरिपोव]] | sovereignty_type = [[उज़्बेकिस्तान का इतिहास|इतिहास]] | established_event1 = [[काराख़ानी ख़ानत|क़ाराख़ानी ख़ानत]] | established_date1 = 840 | established_event2 = [[ख़्वारज़मी साम्राज्य]] | established_date2 = 1077 | established_event3 = [[तैमूरी साम्राज्य]] | established_date3 = 1370 | established_event4 = [[उज़्बेक ख़ानत]] | established_date4 = 1428 | established_event5 = उज़्बेक ख़ानतें | established_date5 = 1500 | area_rank = 55वाँ | area_km2 = 448,978<ref name="factbook">{{Cite web|url=https://www.cia.gov/the-world-factbook/countries/uzbekistan/#geography|title=Uzbekistan|date=27 February 2023|publisher=Central Intelligence Agency|via=CIA.gov|access-date=24 February 2023|archive-date=10 January 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210110072816/https://www.cia.gov/the-world-factbook/countries/uzbekistan#geography|url-status=live}}</ref> | percent_water = 4.9 | population_estimate = 37,535,605<ref name=UzbekStat2024>{{Cite web |title= Demographic situation in the Republic of Uzbekistan - 9/11/2024 |publisher= Statistics Agency of Uzbekistan |url= https://www.stat.uz/uz/59-foydali-ma-lumotlar/5859-o-zbekiston-aholisi-3 |access-date= 9 May 2024 |archive-date= 2 December 2020 |archive-url= https://web.archive.org/web/20201202214721/https://stat.uz/uz/59-foydali-ma-lumotlar/5859-o-zbekiston-aholisi-3 |url-status= live }}</ref> | population_estimate_rank = 36वाँ | population_estimate_year = 2024 | population_density_rank = 138वाँ | GDP_PPP = {{increase}} $425.238 अरब<ref name="IMFWEO.UZ">{{cite web |url=https://www.imf.org/en/Publications/WEO/weo-database/2023/November/weo-report?c=927,&s=NGDPD,PPPGDP,NGDPDPC,PPPPC,&sy=2020&ey=2028&ssm=0&scsm=1&scc=0&ssd=1&ssc=0&sic=0&sort=country&ds=.&br=1 |title=World Economic Outlook Database, November 2023 Edition. (Uzbekistan) |publisher=[[International Monetary Fund]] |website=IMF.org |date=10 November 2023 |access-date=12 November 2023}}</ref> | GDP_PPP_rank = 57वाँ | GDP_PPP_year = 2024 | GDP_PPP_per_capita = {{increase}} $11,572<ref name="IMFWEO.UZ"/> | GDP_PPP_per_capita_rank = 122वाँ | HDI_year = 2023 | HDI_change = increase | HDI = 0.740 | HDI_ref = <ref name="UNHDR">{{cite web|url=https://hdr.undp.org/system/files/documents/global-report-document/hdr2023-24reporten.pdf|title=Human Development Report 2023/24|language=en|publisher=[[United Nations Development Programme]]|date=13 March 2024|page=275|access-date=9 May 2024|archive-date=13 March 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240313164319/https://hdr.undp.org/system/files/documents/global-report-document/hdr2023-24reporten.pdf|url-status=live}}</ref> | HDI_rank = 107वाँ | currency = [[उज़्बेकिस्तानी सुम]] | currency_code = UZS | time_zone = [[उज़्बेकिस्तान समय|UZT]] | utc_offset = +5 | cctld = [[.uz]] | calling_code = +998 |symbol_type=प्रतीक|coordinates={{Coord|41|19|N|69|16|E|type:city_region:UZ}}|recognized_languages=[[क़ाराक़ालपाक़ भाषा|क़ाराक़ालपाक़]]|ethnic_groups={{unbulleted list |84.6% [[उज़्बेक लोग|उज़्बेक]] |4.8% [[ताजिक लोग|ताजिक]] |2.3% [[कज़ाख़ लोग|कज़ाख़]] |2.2% [[क़ाराक़ालपाक़ लोग|क़ाराक़ालपाक़]] |2.1% [[रूसी लोग|रूसी]] |4.0% अन्य }}|ethnic_groups_year=2021|ethnic_groups_ref=<ref name=NatEtnicPop>{{cite web |title=Permanent population by national and / or ethnic group, urban / rural place of residence |id=2-001-1779 |website=Data.egov.uz |access-date=16 September 2022 |archive-date=2 February 2023 |url=https://data.egov.uz/eng/data/6117a05996188a0f14ac917b?page=1 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230202184355/https://data.egov.uz/eng/data/6117a05996188a0f14ac917b?page=1 |url-status=live }}</ref>|religion={{ublist|item_style=white-space;|94.78% [[इस्लाम]]| 3.89% [[अधार्मिकता]]|1.04% [[ईसाई धर्म]]|0.27% अन्य}}|religion_ref=<ref>{{cite web|title=Uzbekistan: Major World Religions (1900 - 2050) (World Religion Database, 2020)2|url=https://www.thearda.com/world-religion/national-profiles?u=236c}}</ref>|religion_year=2020|legislature=[[आली मजलिस]]|upper_house=[[उज़्बेकिस्तान की सीनेट|सीनेट]]|lower_house=[[उज़्बेकिस्तान का विधायी कक्ष|विधायी कक्ष]]|established_event6=[[तुर्किस्तान स्वायत्त सोवियत समाजवादी गणराज्य]]|established_date6=30 अप्रैल 1918|established_event7=[[उज़्बेक सोवियत समाजवादी गणराज्य]]|established_date7=27 अक्टूबर 1924|established_event8=गणराज्य की स्थापना|established_date8=1 सितंबर 1991|established_event9=[[उज़्बेकिस्तान का संविधान|वर्तमान संविधान]]|established_date9=8 दिसंबर 1992|population_density_km2=80.2|GDP_nominal={{increase}} $112.6 अरब<ref name="IMFWEOUZ">{{cite web |url=https://www.imf.org/external/datamapper/NGDPD@WEO/OEMDC/ADVEC/WEOWORLD |title=World Economic Outlook Database, October 2023 |publisher=[[International Monetary Fund]] |website=IMF.org |access-date=12 November 2023}}</ref>|GDP_nominal_year=2024|GDP_nominal_rank=67वाँ|GDP_nominal_per_capita={{increase}} $3,010<ref name="IMFWEO.UZ"/>|GDP_nominal_per_capita_rank=138वाँ|Gini=31.2|Gini_year=2022|Gini_change=decrease|Gini_ref=<ref>{{cite web|url=https://genderdata.worldbank.org/en/indicator/si-pov-gini|title=Gini index (World Bank estimate)|website=World Bank Group|access-date=26 December 2024}}</ref>|iso3166code=UZ}} '''उज़्बेकिस्तान''' ({{Langx|uz|Oʻzbekiston|italic=no}}) यह [[एशिया]] के मध्य भाग में स्थित एक देश है, जो चारों तरफ से ज़मीन से घिरा हुआ है। इसके अलावा, इसके आसपास के देश का खुद समुद्र तक कोई निकास नहीं है। इसकी सीमा उत्तर में [[कजाकिस्तान|कजाकिस्तान]], पूर्व में [[ताजिकिस्तान]], दक्षिण में [[तुर्कमेनिस्तान]] और [[अफ़गानिस्तान|अफ़गानिस्तान]] से लगती है। राजधानी [[ताशकंद]] शहर है। उज़्बेकिस्तान के प्रमुख शहरों में, राजधानी [[ताशकंद|ताशकंद]] के अलावा, [[समरकंद|समरकंद]] और [[बुखारा]] को अलग किया जा सकता है। आधिकारिक भाषा [[उज़्बेक]] है। क्षेत्रफल 448,978 वर्ग किमी है। वर्तमान में, देश की जनसंख्या 37.5 मिलियन से अधिक है। मौद्रिक इकाई [[योग]] है। उज़बेकिस्तान गणराज्य में 12 [[क्षेत्र]], [[ताशकंद]] शहर और [[क़ाराक़ालपाक़स्तान|कराकल्पकस्तान गणराज्य]], एक स्वायत्त गणराज्य शामिल हैं। उज़बेकिस्तान [[स्वतंत्र राष्ट्र राष्ट्रमण्डल|सीआईएस]], [[यूएन]], यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन, [[शंघाई सहयोग संगठन]] == इतिहास == मानववास यहाँ पर ईसा के 2000 साल पहले से है। ऐसा माना जाता है कि आज के उज़्बेकों ने वहाँ पर पहले से बसे [[आर्य|आर्यों]] को विस्थापित कर दिया। सन् 327 ईसापूर्व में [[सिकंदर]] जब विश्व विजय (जो वास्तव में [[फ़ारस]] विजय से ज्यादा अधिक नहीं थी) पर निकला तो यहाँ उसे बहुत प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। उसने यहाँ की राजकुमारी रोक्साना से शादी भी की पर युद्ध में उसे बहुत फ़ायदा नहीं हुआ। सिकंदर के बाद ईरान के [[पार्थिया|पार्थियन]] तथा [[सासानी साम्राज्य|सासानी]] साम्राज्य का अंग यह आठवीं सदी तक रहा। इसके बाद अरबों ने [[ख़ोरासान|ख़ुरासान]] पर कब्जा कर लिया और क्षेत्र में [[इस्लाम]] का प्रचार हुआ। नौंवी सदी में यह [[सामानी साम्राज्य]] का अंग बना। सामानियों ने [[पारसी धर्म]] त्यागकर [[सुन्नी इस्लाम|सुन्नी]] इस्लाम को आत्मसात किया। चौदहवीं सदी के अंत में यह तब महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया जब यहाँ [[तैमूरलंग|तैमूर लंग]] का उदय हुआ। तैमूर ने मध्य और पश्चिमी एशिया में अद्भुत सफ़लता पाई। तैमूर ने उस्मान (ऑटोमन) सम्राट को भी हरा दिया था। उन्नीसवीं सदी में यह बढ़ते हुए [[रूसी साम्राज्य]] और 1924 में सोवियत संघ का सदस्य का अंग बना। 1991 में इसने सोवियत संघ से आजादी हासिल की। == प्रांत और विभाग == {{मुख्य|उज़्बेकिस्तान के प्रांत}} उज़बेकिस्तान प्रशासनिक रूप से [[उज़्बेकिस्तान के प्रांत|१२ प्रान्तों और एक स्वशासित गणतंत्र]] में बंटा हुआ है। इनके अलावा राजधानी ताशकंत को भी एक स्वतन्त्र शहर का दर्जा प्राप्त है। [[उज़्बेक भाषा|उज़बेक भाषा]] में प्रान्तों को कई अरब देशों और [[अफ़ग़ानिस्तान|अफ़्ग़ानिस्तान]] की तरह [[विलायत (प्रशासनिक विभाग)|विलायत]] बुलाया जाता है हालांकि इसका उज़बेक उच्चारण 'विलोयत' है। सभी प्रांत आगे जिलों में बंटे हुए हैं जिन्हें उज़बेक भाषा में 'तूमन' कहा जाता है। ध्यान दें कि यह तूमन शब्द मंगोल भाषा से लिया गया है और मध्यकालीन मंगोल साम्राज्य में यह सेना कि ईकाई हुआ करती थी। कुल मिलाकर पूरे देश में १६० तूमन हैं। ==संस्कृति== उज़्बेक राष्ट्रीय परंपराएँ और मूल्य - जातीय और नैतिक - प्राचीन काल से ही इस उद्देश्य से बनाए गए हैं - परिवार को विघटन और गिरावट से बचाना, पुरानी पीढ़ियों का सम्मान, सम्मान और अधिकार तथा विदेशियों के प्रति आतिथ्य। उज़्बेकों की संस्कृति उज्ज्वल और मौलिक है, यह हज़ारों वर्षों में बनी है और इसमें अलग-अलग समय पर आधुनिक उज़्बेकिस्तान के क्षेत्र में रहने वाले लोगों की [[परम्परा|परंपराएँ]],[[रीति-रिवाज]] समाहित हैं। प्राचीन [[फ़ारसी]], [[यूनानी]], खानाबदोश [[तुर्की जनजातियाँ]], [[अरब]], और रूसियो ने इसमें अपना योगदान दिया। बहुराष्ट्रीय उज़्बेकिस्तान की परंपराएँ [[संगीत]], [[नृत्य]], [[पेंटिंग]], [[लागू कलाएँ]], [[भाषा]], [[व्यंजन]] और कपड़ों में परिलक्षित होती हैं उज़्बेक संस्कृति [[मध्य एशिया]] की संस्कृतियों का [[सार]] है, लेकिन साथ ही, उज़्बेकिस्तान के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी अनूठी छटाएँ हैं, जो राष्ट्रीय पोशाक और स्थानीय बोलियों में सबसे स्पष्ट रूप से प्रकट होती हैं। === यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल === उज़्बेकिस्तान में पाँच सांस्कृतिक और दो प्राकृतिक स्थल हैं जो [[यूनेस्को]] विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। सांस्कृतिक स्थल हैं: * [[इत्चन कला]] ([[खिवा]]), 1990 में जोड़ा गया * [[बुखारा|बुखारा का ऐतिहासिक केंद्र]], 1993 में जोड़ा गया * [[शाखरिस्याब्ज़|शाखरिस्याब्ज़ का ऐतिहासिक केंद्र]], 2000 में जोड़ा गया * [[समरकंद|समरकंद - संस्कृतियों का चौराहा]], 2001 में जोड़ा गया * [[रेशम मार्ग]] ज़राफ़शान-काराकुम कॉरिडोर]], 2023 में जोड़ा गया<ref name="unesco-iicas1">{{cite web |title=Silk Roads: Zarafshan-Karakum Corridor has been recommended for the inscription on the UNESCO World Heritage List |url=https://unesco-iicas.org/press-office/News/Silk+Roads%3A+Zarafshan-Karakum+Corridor+has+been+recommended+for+the+inscription+on+the+UNESCO+World+Heritage+List |website=www.unesco-iicas.org |access-date=18 September 2023 |language=en}}</ref><ref>{{cite web |url=https://whc.unesco.org/document/186705|pages=7-9 |access-date=18 September 2023|title=Silk Roads: Zarafshan-Karakum Corridor |access-date=18 September 2023}}</ref> प्राकृतिक स्थल हैं: * [[तियाँ शान|पश्चिमी तिएन-शान]], 2016 में जोड़ा गया * [[तूरान]] के ठंडे सर्दियों के रेगिस्तान, 2023 में जोड़े गए<ref name="Uzbek2">{{cite web|url=https://whc.unesco.org/en/statesparties/uz|title=Uzbek|publisher=UNESCO|access-date=20 July 2017}}</ref> ==शिक्षा== उज्बेकिस्तान में [[साक्षरता|वर्णमालाकरण दर]] का स्तर है: 15 वर्ष से अधिक आयु के 99.9% वयस्क पढ़ और लिख सकते हैं हालाँकि, चूँकि 15 वर्ष से कम आयु की केवल 76% आबादी ही वर्तमान में स्कूल में है (और 3 से 6 वर्ष की आयु के केवल 20% बच्चे अपनी माँ के साथ स्कूल जाते हैं), यह आँकड़ा भविष्य में कम हो सकता है। छात्र स्कूल वर्ष के दौरान सोमवार से बुधवार तक स्कूल जाते हैं, और औपचारिक शिक्षा कक्षा 11 के अंत में समाप्त होती है। उज़्बेकिस्तान की सांख्यिकी एजेंसी के अनुसार, 2022/2023 स्कूल वर्ष की शुरुआत में उज़्बेकिस्तान में सामान्य शिक्षा संस्थानों की संख्या 10,522 थी। इसी अवधि के दौरान, माध्यमिक सामान्य शिक्षा संस्थानों में लड़कों की हिस्सेदारी 51.3% थी, जबकि लड़कियों की हिस्सेदारी 48.7% उज्बेकिस्तान में, शिक्षा पर सार्वजनिक व्यय 2019 में पीआईबी का 5.6% और 2021 में 6.2% था। 2019 में, कुल शिक्षा व्यय का सबसे बड़ा हिस्सा माध्यमिक शिक्षा (लगभग 65%), प्री-स्कूल शिक्षा (21%), उच्च शिक्षा (10%) और माध्यमिक व्यावसायिक शिक्षा (4%) को आवंटित किया गया था। 2023 में, [[यूनिसेफ]] उज्बेकिस्तान सरकार को एक शिक्षा सुधार रोडमैप विकसित करने में सहायता करेगा जिसका उद्देश्य सरकार, विकास भागीदारों, शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों और स्कूल समुदायों के प्रयासों को एक साथ लाना है ताकि गुणवत्तापूर्ण परिवर्तनकारी शिक्षा के लिए परिभाषित रणनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।<ref>{{Cite web|url=https://www.uzdaily.uz/ru/iunisef-prizyvaet-k-postoiannym-investitsiiam-v-inkliuzivnoe-i-kachestvennoe-obrazovanie-kak-na-doshkolnom-tak-i-na-shkolnom-urovne/|title=UNICEF-Education reforms in Uzbekistan|website=uzdaily.uz |date= September 2023}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[उज़्बेकिस्तान के प्रांत]] * [[फ़रग़ना वादी]] * [[उज़्बेक भाषा|उज़बेक भाषा]] * [[उज़बेक लोग]] == बाहरी कड़ियाँ == * [http://www.visituzbekistan.eu Discover Uzbekistan] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180831014822/http://www.visituzbekistan.eu/ |date=31 अगस्त 2018 }} * [http://www.gov.uz/en/ Uzbekistan Government] * [http://dmoz.org/Regional/Asia/Uzbekistan Open Directory Project - ''Uzbekistan''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070312165708/http://dmoz.org/Regional/Asia/Uzbekistan/ |date=12 मार्च 2007 }} directory category * [https://web.archive.org/web/20130831195935/http://lcweb2.loc.gov/frd/cs/uztoc.html Library of Congress - A Country Study: Uzbekistan] * [http://www.uztrade.com/gallery Uzbekistan Photo Gallery] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20061231032153/http://www.uztrade.com/gallery/ |date=31 दिसंबर 2006 }} * [http://www.justsaygo.com/destinations/arounduzbekistan.html Travel story about Uzbekistan by Ira Spitzer] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070312041644/http://www.justsaygo.com/destinations/arounduzbekistan.html |date=12 मार्च 2007 }} * [http://www.cookbookwiki.com/Uzbekistanian_Cuisine Lots of Uzbekistanian Recipes on www.CookBookWiki.com] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070309183401/http://www.cookbookwiki.com/Uzbekistanian_Cuisine |date=9 मार्च 2007 }} * [http://www.ismanov.com/ Uzbek English online dictionary] * [http://www.rferl.org/featuresarchive/country/uzbekistan.html Radio Free Europe/Radio Liberty] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070211022633/http://rferl.org/featuresarchive/country/uzbekistan.html |date=11 फ़रवरी 2007 }} News and Features on Uzbekistan in English. * [http://www.oezbekistan.startpagina.nl Startpage Uzbekistan] * [http://www.swpictures.co.uk/archive/0489.html Undercover in Uzbekistan Documentary] * [http://parliament.gov.uz/ombudsman/index.htm Uzbekistan's Ombudsman - Authorized Person for Human Rights of Uzbekistan's Parliament (Oliy Majlis)] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070320185407/http://www.parliament.gov.uz/ombudsman/index.htm |date=20 मार्च 2007 }} * [http://parliament.gov.uz/ Lower House of Uzbek parliament] * [http://www.senat.gov.uz/aparat.htm Upper House of Uzbek parliament] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070629233137/http://www.senat.gov.uz/aparat.htm |date=29 जून 2007 }} * [http://www.uzreport.com Uzbek news web site] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180922024027/http://www.uzreport.com/ |date=22 सितंबर 2018 }} {{स्वतंत्र देशों का राष्ट्रकुल}} {{एशिया}} [[श्रेणी:एशिया के देश]] [[श्रेणी:उज़्बेकिस्तान]] [[श्रेणी:स्थलरुद्ध देश]] dcfv015pdfs12ipw8lyrwkw56ieuzzs मल्लिनाथ 0 13457 6582813 6579025 2026-07-15T08:09:14Z InternetArchiveBot 500600 Adding 6 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582813 wikitext text/x-wiki {{जैन तीर्थंकर | नाम = श्री मल्लिनाथ | image = Tirthankar Mallinath.jpg | caption = राजस्थान में स्थापित भगवान मल्लिनाथ की प्राचीन प्रतिमा | क्रम = 19वें तीर्थंकर | पूर्व_तीर्थंकर = [[अरनाथ]] | अगले_तीर्थंकर = [[मुनिसुव्रतनाथ]] | जन्म = [[मिथिला]] | जन्म_तिथि = मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी | पिता_का_नाम = राजा कुम्भराज | माता_का_नाम = रक्षिता देवी | वंश = [[इक्ष्वाकु वंश]] | लाञ्छन = [[कलश]] | वर्ण = [[नीला]] | वृक्ष = [[अशोक]] | यक्ष = [[कुबेर]] | यक्षिणी = धरणप्रिया | दीक्षा = मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी, मिथिला | केवलज्ञान = अशोक वृक्ष के नीचे, मिथिला | निर्वाण = [[सम्मेद शिखर]] | निर्वाण_तिथि = फाल्गुन शुक्ल द्वितीया | विवाहित/अविवाहित = बाल ब्रह्मचारी | शिक्षाएं = अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, संयम एवं मोक्षमार्ग }} '''मल्लिनाथ''' (संस्कृत: मल्लिनाथ, प्राकृत: मल्लीणाह) [[जैन धर्म]] के उन्नीसवें [[तीर्थंकर]] हैं। जैन परंपरा के अनुसार उनका जन्म [[मिथिला]] (मिथिलापुरी) में [[इक्ष्वाकु वंश]] में हुआ था। उनके पिता का नाम राजा कुम्भराज तथा माता का नाम रानी रक्षिता देवी था। उनका लाञ्छन (चिह्न) '''[[कलश]]''' है तथा उनका कैवल्य ज्ञान अशोक वृक्ष के नीचे प्राप्त हुआ। अंततः उन्होंने [[सम्मेद शिखरजी]] (पारसनाथ पर्वत) पर निर्वाण प्राप्त किया, जो जैन धर्म का एक प्रमुख तीर्थ है। दिगंबर और श्वेतांबर परंपराओं में भगवान मल्लिनाथ के संबंध में एक महत्वपूर्ण मतभेद पाया जाता है। [[दिगंबर]] परंपरा उन्हें पुरुष तीर्थंकर मानती है, जबकि [[श्वेतांबर]] परंपरा के अनुसार वे जैन धर्म की एकमात्र स्त्री तीर्थंकर थीं। यह विषय जैन दर्शन और इतिहास में विशेष महत्व रखता है तथा अनेक धार्मिक ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है। भगवान मल्लिनाथ का जीवन [[अहिंसा]], [[सत्य]], [[अपरिग्रह]], [[संयम]] तथा [[मोक्ष]] मार्ग के आदर्शों का प्रतीक माना जाता है। जैन आगमों के अनुसार उन्होंने दीक्षा ग्रहण करने के पश्चात कठोर तपस्या द्वारा कैवल्य ज्ञान प्राप्त किया और असंख्य जीवों को धर्मोपदेश देकर मोक्षमार्ग का उपदेश दिया। उनके प्रमुख गणधर अभीक्षक स्वामी माने जाते हैं तथा उनके संघ में अनेक साधु, साध्वियाँ, श्रावक और श्राविकाएँ सम्मिलित थीं। जैन परंपरा में भगवान मल्लिनाथ का कल्याणक अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है और भारत के अनेक जैन मंदिरों में उनकी प्रतिमाएँ प्रतिष्ठित हैं। उनका जीवन जैन धर्म के पंचमहाव्रतों तथा आत्मशुद्धि के आदर्श का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। == दीक्षा एवं केवलज्ञान == राजकीय जीवन व्यतीत करने के पश्चात् भगवान मल्लिनाथ ने संसार की नश्वरता का अनुभव किया और वैराग्य धारण किया। जैन परम्परा के अनुसार उन्होंने [[मिथिला]] में मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी के दिन राजवैभव का त्याग कर दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा के दो दिन बाद उन्होंने खीर द्वारा प्रथम पारणा किया। कठोर तप, संयम और ध्यान के उपरान्त भगवान मल्लिनाथ को अशोक वृक्ष के नीचे कैवल्य ज्ञान (केवलज्ञान) की प्राप्ति हुई। केवलज्ञान प्राप्त करने के पश्चात् उन्होंने समवसरण में धर्मोपदेश दिया और असंख्य जीवों को सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान तथा सम्यक् चरित्र का मार्ग बताया। == उपदेश == भगवान मल्लिनाथ के उपदेशों का मूल आधार आत्मसंयम, अहिंसा और मोक्षमार्ग था। उन्होंने जीवों को राग-द्वेष का त्याग कर आत्मकल्याण की प्रेरणा दी। उनके प्रमुख उपदेश इस प्रकार हैं— * [[अहिंसा]] का पालन करना। * [[सत्य]] बोलना। * [[अपरिग्रह]] का पालन करना। * इन्द्रियों पर संयम रखना। * तप, ध्यान और आत्मचिन्तन द्वारा कर्मों का क्षय करना। * सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र का अनुसरण करना। == गणधर एवं संघ == जैन आगमों के अनुसार भगवान मल्लिनाथ के 28 गणधर थे। इनमें '''अभीक्षक स्वामी''' प्रथम गणधर माने जाते हैं। उनके समवसरण में असंख्य मुनि, आर्यिकाएँ, श्रावक तथा श्राविकाएँ सम्मिलित होकर धर्मोपदेश सुनते थे। == निर्वाण == भगवान मल्लिनाथ ने दीर्घकाल तक धर्मप्रवर्तन करने के पश्चात् [[सम्मेद शिखर]] (वर्तमान [[पारसनाथ पर्वत]]) पर फाल्गुन शुक्ल द्वितीया के दिन 500 साधुओं के साथ निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त किया। जैन धर्म में सम्मेद शिखर को अत्यन्त पवित्र तीर्थ माना जाता है, क्योंकि 24 में से 20 तीर्थंकरों ने यहीं निर्वाण प्राप्त किया था। == मोक्ष की प्राप्ति == जैन परंपरा के अनुसार भगवान श्री मल्लिनाथ ने राजवैभव का त्याग कर मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को मिथिलापुरी में दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा के उपरान्त उन्होंने कठोर तप, संयम तथा ध्यान का पालन किया। दीक्षा के दो दिन पश्चात उन्होंने खीर से प्रथम पारणा किया।<ref>{{cite book |title=Tiloya Paṇṇatti |author=Yativṛṣabha |publisher=Jain Granth Mala}}</ref> एक दिन-रात्रि के घोर तप के पश्चात मिथिलापुरी में अशोक वृक्ष के नीचे उन्हें [[कैवल्य ज्ञान]] (सर्वज्ञत्व) की प्राप्ति हुई। इसके बाद उन्होंने समवसरण में धर्मोपदेश देकर असंख्य जीवों को सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र का मार्ग बताया। उनके प्रथम गणधर अभीक्षक स्वामी थे तथा कुल 28 गणधर माने जाते हैं।<ref>{{cite book |last=Hemachandra |title=Trishashti Shalaka Purusha Charitra |publisher=Jain Publication Society}}</ref> भगवान मल्लिनाथ ने अपने उपदेशों में अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, संयम तथा आत्मकल्याण पर विशेष बल दिया। उनके उपदेशों से बड़ी संख्या में श्रमण, श्रमणी, श्रावक और श्राविकाएँ धर्ममार्ग पर अग्रसर हुए। जैन परंपरा के अनुसार फाल्गुन शुक्ल द्वितीया को भगवान मल्लिनाथ ने [[सम्मेद शिखर]] (वर्तमान पारसनाथ पर्वत, झारखंड) पर 500 मुनियों के साथ निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त किया। यह स्थान जैन धर्म के सबसे पवित्र सिद्धक्षेत्रों में से एक माना जाता है।<ref name="Dundas">{{cite book |last=Dundas |first=Paul |title=The Jains |url=https://archive.org/details/jains0000dund_2edi |publisher=Routledge |year=2002 |isbn=9780415266055}}</ref> == श्वेताम्बर और दिगम्बर परंपरा में मल्लिनाथ == भगवान मल्लिनाथ के संबंध में जैन धर्म की दो प्रमुख परंपराओं—[[श्वेताम्बर]] और [[दिगम्बर]]—के मतों में उल्लेखनीय भिन्नता पाई जाती है। श्वेताम्बर परंपरा के अनुसार भगवान मल्लिनाथ का जन्म राजा कुम्भराज और रानी रक्षिता के यहाँ मिथिलापुरी में हुआ था तथा वे स्त्री (राजकुमारी मल्ली) थीं। श्वेताम्बर मत उन्हें जैन धर्म की एकमात्र महिला तीर्थंकर मानता है।<ref>{{cite book |last=Jaini |first=Padmanabh S. |title=Gender and Salvation: Jaina Debates on the Spiritual Liberation of Women |url=https://archive.org/details/bub_gb_GRA-uoUFz3MC |publisher=University of California Press |year=1991 |isbn=9780520068209}}</ref> इसके विपरीत, दिगम्बर परंपरा के अनुसार सभी 24 तीर्थंकर पुरुष थे। इसलिए दिगम्बर मत में भगवान मल्लिनाथ को पुरुष माना जाता है। दिगम्बर आचार्यों का मत है कि तीर्थंकर पद की प्राप्ति के लिए पूर्ण दिगम्बर संयम आवश्यक है, जिसे वे पुरुष शरीर में ही संभव मानते हैं।<ref name="Dundas"/> यद्यपि दोनों परंपराओं में भगवान मल्लिनाथ के लिंग के विषय में मतभेद है, तथापि दोनों ही उन्हें उन्नीसवें तीर्थंकर के रूप में समान श्रद्धा से स्वीकार करती हैं। उनके जीवन, तप, केवलज्ञान, धर्मोपदेश तथा मोक्ष की महत्ता दोनों परंपराओं में समान रूप से वर्णित है।<ref name="Cort">{{cite book |last=Cort |first=John E. |title=Jains in the World: Religious Values and Ideology in India |url=https://archive.org/details/jainsinworldreli0000cort |publisher=Oxford University Press |year=2001 |isbn=9780195132342}}</ref> == पूजा एवं महत्व == भगवान मल्लिनाथ जैन धर्म में उन्नीसवें तीर्थंकर के रूप में अत्यंत श्रद्धा से पूजे जाते हैं। जैन परंपरा में उनका जीवन संयम, वैराग्य, तप, अहिंसा और मोक्षमार्ग के आदर्शों का प्रतीक माना जाता है। भक्त उनके चरणों में वंदना करके आत्मशुद्धि, शांति और धर्ममार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।<ref>{{cite book |last=Jaini |first=Padmanabh S. |title=The Jaina Path of Purification |url=https://archive.org/details/jainapathofpurif0000jain |publisher=University of California Press |year=1979 |isbn=9780520031685}}</ref> भगवान मल्लिनाथ का लाञ्छन '''कलश''' है, जो पवित्रता, पूर्णता, कल्याण और आध्यात्मिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। जैन मंदिरों में उनकी प्रतिमाएँ प्रायः ध्यानमग्न मुद्रा में स्थापित की जाती हैं। प्रतिमा के आधार या आसन पर कलश चिह्न अंकित होने से उनकी पहचान की जाती है।<ref name="Cort"/> जैन समुदाय में भगवान मल्लिनाथ के जन्म कल्याणक, दीक्षा कल्याणक, केवलज्ञान कल्याणक और मोक्ष कल्याणक को श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। इन अवसरों पर मंदिरों में पूजा, अभिषेक, स्वाध्याय, प्रवचन, तप और धर्मसभाओं का आयोजन किया जाता है। विशेष रूप से फाल्गुन शुक्ल द्वितीया को उनके निर्वाण दिवस के रूप में स्मरण किया जाता है।<ref name="Dundas"/> भगवान मल्लिनाथ का उपदेश जैन दर्शन के मूल सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, संयम और आत्मकल्याण—पर आधारित माना जाता है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि आत्मसंयम, तप और सम्यक् चरित्र के माध्यम से जीव कर्मबंधन से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर सकता है।<ref>{{cite book |last=Jain |first=Vijay K. |title=Essentials of Jainism |publisher=Vikalp Printers |year=2011}}</ref> [[सम्मेद शिखर]] (श्री सम्मेद शिखरजी), जहाँ भगवान मल्लिनाथ ने निर्वाण प्राप्त किया, जैन धर्म का एक प्रमुख सिद्धक्षेत्र है। इस कारण भगवान मल्लिनाथ की आराधना केवल एक तीर्थंकर के रूप में ही नहीं, बल्कि मोक्षमार्ग के आदर्श के रूप में भी की जाती है।<ref>{{cite book |last=Jain |first=Kailash Chand |title=History of Jainism |publisher=Motilal Banarsidass |year=1991}}</ref> == चित्र दीर्घा == <gallery mode="packed" heights="180"> File:Tirthankar Mallinath.jpg|भगवान मल्लिनाथ की प्रतिमा File:Jain Tirthankara.jpg|तीर्थंकर प्रतिमा की पारंपरिक शैली File:Shikharji.jpg|सम्मेद शिखरजी, जहाँ भगवान मल्लिनाथ ने निर्वाण प्राप्त किया File:Jain Temple Ranakpur.jpg|जैन मंदिर की स्थापत्य कला </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[तीर्थंकर]] * [[महावीर]] * [[पार्श्वनाथ]] * [[ऋषभदेव]] * [[अरनाथ]] * [[मुनिसुव्रतनाथ]] * [[कैवल्य ज्ञान]] * [[मोक्ष]] * [[जैन धर्म]] * [[सम्मेद शिखर]] * [[इक्ष्वाकु वंश]] * [[दिगम्बर]] * [[श्वेताम्बर]] == बाहरी कड़ियाँ == * {{Official website|https://jainworld.com/}} * https://www.jainworld.com/ * https://www.jainpedia.org/ * https://www.britannica.com/topic/Jainism * https://encyclopediaofjainism.com/ * https://www.jainlibrary.org/ * https://www.jainuniversity.org/ * https://www.jainquantum.com/ {{तीर्थंकर}} {{Authority control}} [[श्रेणी:जैन धर्म]] [[श्रेणी:तीर्थंकर]] [[श्रेणी:भारतीय आध्यात्मिक गुरु]] [[श्रेणी:भारतीय संत]] [[श्रेणी:भारतीय धार्मिक इतिहास]] [[श्रेणी:मिथिला]] [[श्रेणी:इक्ष्वाकु वंश]] [[श्रेणी:अहिंसा]] [[श्रेणी:भारतीय दर्शन]] [[श्रेणी:प्राचीन भारत]] [[श्रेणी:धर्म]] == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}} * {{cite book |last=Jaini |first=Padmanabh S. |title=The Jaina Path of Purification |url=https://archive.org/details/jainapathofpurif0000jain |publisher=University of California Press |year=1979 |isbn=9780520031685 }} * {{cite book |last=Dundas |first=Paul |title=The Jains |edition=2nd |publisher=Routledge |year=2002 |isbn=9780415266055 }} * {{cite book |last=Cort |first=John E. |title=Jains in the World: Religious Values and Ideology in India |url=https://archive.org/details/jainsinworldreli0000cort |publisher=Oxford University Press |year=2001 |isbn=9780195132342 }} * {{cite book |last=Shah |first=Umakant P. |title=Jaina-Rūpa-Maṇḍana (Jaina Iconography) |publisher=Abhinav Publications |year=1987 |isbn=9788170172086 }} * {{cite book |last=Jain |first=Kailash Chand |title=History of Jainism |publisher=Motilal Banarsidass |year=1991 }} * {{cite book |last=Sangave |first=Vilas Adinath |title=The Jaina Community |publisher=Popular Prakashan |year=1990 }} * {{cite book |last=Jain |first=Vijay K. |title=Acarya Umasvami's Tattvarthsutra |publisher=Vikalp Printers |year=2012 }} * {{cite encyclopedia |title=Mallinatha |encyclopedia=Encyclopaedia of Jainism |publisher=Anmol Publications |year=1998 }} * {{cite web |title=Lord Mallinath |website=Jain Quantum |url=https://www.jainquantum.com |access-date=2026-07-05 }} * {{cite web |title=19th Tirthankara Mallinath |website=Jainpedia |url=https://www.jainpedia.org |access-date=2026-07-05 }} * {{cite web |title=Mallinath Bhagwan |website=Jain Universe |url=https://www.jainuniverse.org |access-date=2026-07-05 }} * {{cite web |title=Jainism |website=Encyclopaedia Britannica |url=https://www.britannica.com/topic/Jainism |access-date=2026-07-05 }} 7m4wzm169527fz508murekh4gcnuuaq जेम्स चतुर्थ 0 14162 6582888 4620509 2026-07-15T10:52:12Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582888 wikitext text/x-wiki {{for|अन्य प्रयोगों|जेम्स (बहुविकल्पी)}} {{Infobox royalty | name = जेम्स ४ | succession = स्कॉटलैंड के राजा | more = sc | image = James_IV_of_Scotland.jpg | image_size = 229 | reign = {{nowrap|11 जून 1488 – 9 सितम्बर 1513}} | coronation = 24 जून 1488 | predecessor = [[जेम्स तृतीय|जेम्स ३]] | successor = [[जेम्स पंचम|जेम्स ५]] | spouse = मारग्रेट ट्यूबर | issue = [[जेम्स पंचम|जेम्स ५]] | issue-link = #शादी | issue-pipe = अधिक... | house = स्टीवर्ट | father = [[जेम्स तृतीय|जेम्स ३]] | mother = डेनमार्क की मारग्रेट | birth_date = {{Birth date|1473|3|17|df=y}} | birth_place = स्टर्लिंग केसल, [[स्टर्लिंग]], [[स्कॉट्लैण्ड|स्कॉटलैंड]] | death_date = {{Death date and age|1513|9|9|1473|3|17|df=y}} | death_place = बैटल ऑफ़ फ्लोडन, [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] | religion = [[कैथोलिक गिरजाघर|कैथोलिक चर्च]] }} '''जेम्स ५''' (जन्म ;१७ मार्च १४७३ – निधन ०९ सितम्बर १५१३) [[स्कॉट्लैण्ड|स्कॉटलैंड]] के राजा थे जिन्होंने [[स्कॉट्लैण्ड|स्कॉटलैंड]] पर शासन किया <ref>[[Robert Lindsay of Pitscottie|Lindsay of Pitscottie]], Robert, ''The History of Scotland'', Robert Freebairn, Edinburgh (1778), 149.</ref>था।<ref>Goodwin, George. ''Fatal Rivalry: Flodden 1513.'' New York: WW Norton, 2013. pp. 9–10.</ref><ref>Macdougall, Norman, ''James IV'', pp. 5–7.</ref> इनके पिता [[जेम्स तृतीय|जेम्स ३]] थे और इनके उत्तराधिकारी [[जेम्स पंचम|जेम्स ५]] रहे थे। इन्होंने ११ जून १४८८ से देहांत तक शासन किया था।<ref>{{cite book | title=Scottish Queens, 1034–1714 | url=https://archive.org/details/scottishqueens100000mars_l4y0 | last=Marshall | first=Rosalind K. | page=85 | year=2003 | publisher=Tuckwell Press }}</ref> जेम्स ५ का राज्याभिषेक २४ जून १४८८ को हुआ था ,ये [[कैथोलिक गिरजाघर|कैथोलिक रोमन धर्म]] के राजा थे। ==सन्दर्भ== {{Reflist}} [[श्रेणी:स्कॉटलैंड के राजा]] [[श्रेणी:1473 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१५१३ में निधन]] 31pt1yxtue2nqttm229zomobqcn84ln मधेपुरा 0 17867 6582675 6271078 2026-07-15T01:51:07Z ~2026-39630-91 936310 /* */ 6582675 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement |name = मधेपुरा |other_name = Madhepura |image = |image_caption = |pushpin_label = मधेपुरा |pushpin_map = India Bihar |coordinates = {{coord|25.914|86.783|display=inline, title}} |pushpin_map_caption = बिहार में स्थिति |subdivision_type = देश |subdivision_name = {{IND}} |subdivision_type1 = [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|प्रान्त]] |subdivision_name1 = [[बिहार]] |subdivision_type2 = [[भारत के ज़िले|ज़िला]] |subdivision_name2 = [[मधेपुरा ज़िला]] |population_total = 54476 |Total Area = 26KM^2 |population_as_of = 2011 |demographics_type1 = भाषाएँ |demographics1_title1= प्रचलित |demographics1_info1= [[हिन्दी]], [[मैथिली भाषा|मैथिली]] |timezone1 = [[भारतीय मानक समय|भामस]] |utc_offset1 = +5:30 }} '''मधेपुरा''' (Madhepura) [[भारत]] के [[बिहार]] राज्य के [[मधेपुरा जिला|मधेपुरा ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह उस ज़िले का मुख्यालय भी है। मधेपुरा 1845 ईसवी में अनुमंडल बनाया गया था। तब ये भागलपुर जिले में था और उत्तरी भागलपुर का इलाका कहलाता था। 1865 में तत्कालीन अंग्रेजी सरकार ने किशनगंज में स्थित मुंसिफ न्यायालय को मधेपुरा में स्थानांतरित कर दिया। 1934 कोसी नदी के प्रकोप के कारण न्यायालय को सुपौल में स्थानांतरण कर दिया गया। 1938 न्यायालय फिर से सुपौल से मधेपुरा लाया गया। 1944 में मधेपुरा में सब जज कोर्ट की स्थापना की गई। 1954 में सहरसा जिला बना और मधेपुरा उसका अनुमंडल। 1981 में मधेपुरा को जिले का दर्जा दिया गया। वर्तमान में जिले में दो अनुमंडल मधेपुरा और उदाकिशुंगज है। मधेपुरा में एक विश्वविद्यालय,एक मेडिकल कॉलेज और एक इंजीनियरिंग कॉलेज भी है। मधेपुरा में अल्स्टॉम और रेलवे का संयुक्त उद्यम है जो शक्तिशाली विद्युत इंजिन बनाने का काम करती है।मधेपुरा नगर से पांच मील दूर सिंहेश्वर स्थान का प्रसिद्ध मंदिर है जहां लोग प्राचीन काल से दर्शन के लिए आते रहे हैं।मधेपुरा रेल और सड़क यातायात के जरिए देश के दूसरे हिस्से से जुड़ा हुआ है। भोला पासवान शास्त्री [इंटर और डिग्री] कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा मधेपुरा जिले का एक लोकप्रिय कॉलेज है। यह B.S.E.B (63023), B.B.O.S.E [बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन PATNA] (CZ19200001), N.I.O.S दिल्ली (030049) और [030050] से संबद्ध है। प्रिंसिपल-अतुलेश वर्मा (बाबुल) जी)[बिहार में शिक्षक प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव] संपर्क नंबर-9934024657,8789680104।संयोजक-अखिलेश कुमार,रत्नेश कुमार,सुनील देवी,नागेश्वर लाल दास,मदन मोहन आदि। निदेशक-दीनानाथ प्रबोध[1980]।गांधी ज्ञान मंदिर बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा एवं आर्य समाज रजनी बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा से संबद्ध है। नामकरण उत्तर बिहार के पूर्णिया जिले में स्थित है मधुरौट शाखा के मधुवंशी यादव क्षत्रियों का नज़रगंज राजघराना जिसका पूरे बंगाल प्रेसिडेंसी में एक अलग रूतबा था।इन यदुवंशियों इतिहास मथुरा से शुरू होने के कारण ही मधुरौट वंश कहलाया, महाराज मधु के नाम से ये मधुवंशी या माधव वंशी भी कहलाते हैं, द्वारकाधीश के पूर्वज और महराज यदु के पीढ़ी में जन्मे महाराज मधु बहुत ही प्रतापी राजा थे। उन्होंने हीं मथुरा शहर की स्थापना की थी तथा इनके प्रताप के कारण हीं द्वारकाधीश भगवान् श्रीकृष्णचंद्र को माधव भी कहा जाता है। कालांतर में यादव राजस्थान तथा मथुरा से विस्थापित होते हुए बिहार में प्रवेश किया अपने पूर्वज महाराज मधु के नाम पर मधुबनी तथा मधेपुरा जैसे इलाके आबाद करते हुए पूर्णियां के नज़रगंज राजघराना का स्थापना कर वहीं बस गए। <ref>"[https://books.google.com/books?id=dSZ987-0Fb8C Bihar Tourism: Retrospect and Prospect] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170118113423/https://books.google.com/books?id=dSZ987-0Fb8C |date=18 जनवरी 2017 }}," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=MMmNVZ4mP98C Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar]," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810</ref> == विवरण == यहाँ रेलगाड़ी का विद्युत इंजन बनाने का कारखाना है। यहाँ 1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री [[लालू प्रसाद यादव]] द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी जिसे हम [[भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय]] (BNMU) के नाम से जानते हैं। यहाँ पर वर्तमान मुख्यमंत्री [[नीतीश कुमार]] द्वारा मार्च 2020 में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई जिसे [[जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय]] का नाम दिया गया। इसके अलावा यहाँ एक इंजीनियर काॅलेज भी हैं जिसकी स्थापना 2018 में की गई जो फिलहाल जिला मुख्यालय स्थित शिव नन्दन प्रसाद मंडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के भवन में पठन-पाठन का कार्य चल रहा है जिसका नामकरण बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और मंडल आयोग के अध्यक्ष रहे बिन्देश्वरी प्रसाद मंडल के नाम से किया गया। इसके आलावा यहाँ दर्शनीय स्थल में कृष्ण मंदिर भी प्रसिद्ध हैं साथ ही जिला मुख्यालय से छ किलोमीटर दूर शिहेश्वर स्थान का महादेव मंदिर भी प्रसिद्ध हैं जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। == इन्हें भी देखें == * [[मधेपुरा जिला|मधेपुरा ज़िला]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} {{बिहार}} [[श्रेणी:मधेपुरा जिला]] [[श्रेणी:बिहार के शहर]] [[श्रेणी:मधेपुरा ज़िले के नगर]] [https://www.modelpaper.co.in/2022/08/mp-board-12th-blueprint-2023-mpbse-12th.html?m=1 MP Board 12th Blueprint 2023 PDF] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221223171031/https://www.modelpaper.co.in/2022/08/mp-board-12th-blueprint-2023-mpbse-12th.html?m=1 |date=23 दिसंबर 2022 }} 8tldidzn5qpm3m6gtiuhg6l6fzuhfq1 6582722 6582675 2026-07-15T03:36:14Z चाहर धर्मेंद्र 703114 [[Special:Contributions/~2026-39630-91|~2026-39630-91]] ([[User talk:~2026-39630-91|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6582675|6582675]] को पूर्ववत किया 6582722 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement |name = मधेपुरा |other_name = Madhepura |image = |image_caption = |pushpin_label = मधेपुरा |pushpin_map = India Bihar |coordinates = {{coord|25.914|86.783|display=inline, title}} |pushpin_map_caption = बिहार में स्थिति |subdivision_type = देश |subdivision_name = {{IND}} |subdivision_type1 = [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|प्रान्त]] |subdivision_name1 = [[बिहार]] |subdivision_type2 = [[भारत के ज़िले|ज़िला]] |subdivision_name2 = [[मधेपुरा ज़िला]] |population_total = 54476 |Total Area = 26KM^2 |population_as_of = 2011 |demographics_type1 = भाषाएँ |demographics1_title1= प्रचलित |demographics1_info1= [[हिन्दी]], [[मैथिली भाषा|मैथिली]] |timezone1 = [[भारतीय मानक समय|भामस]] |utc_offset1 = +5:30 }} '''मधेपुरा''' (Madhepura) [[भारत]] के [[बिहार]] राज्य के [[मधेपुरा जिला|मधेपुरा ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह उस ज़िले का मुख्यालय भी है। मधेपुरा 1845 ईसवी में अनुमंडल बनाया गया था। तब ये भागलपुर जिले में था और उत्तरी भागलपुर का इलाका कहलाता था। 1865 में तत्कालीन अंग्रेजी सरकार ने किशनगंज में स्थित मुंसिफ न्यायालय को मधेपुरा में स्थानांतरित कर दिया। 1934 कोसी नदी के प्रकोप के कारण न्यायालय को सुपौल में स्थानांतरण कर दिया गया। 1938 न्यायालय फिर से सुपौल से मधेपुरा लाया गया। 1944 में मधेपुरा में सब जज कोर्ट की स्थापना की गई। 1954 में सहरसा जिला बना और मधेपुरा उसका अनुमंडल। 1981 में मधेपुरा को जिले का दर्जा दिया गया। वर्तमान में जिले में दो अनुमंडल मधेपुरा और उदाकिशुंगज है। मधेपुरा में एक विश्वविद्यालय,एक मेडिकल कॉलेज और एक इंजीनियरिंग कॉलेज भी है। मधेपुरा में अल्स्टॉम और रेलवे का संयुक्त उद्यम है जो शक्तिशाली विद्युत इंजिन बनाने का काम करती है।मधेपुरा नगर से पांच मील दूर सिंहेश्वर स्थान का प्रसिद्ध मंदिर है जहां लोग प्राचीन काल से दर्शन के लिए आते रहे हैं।मधेपुरा रेल और सड़क यातायात के जरिए देश के दूसरे हिस्से से जुड़ा हुआ है। नामकरण उत्तर बिहार के पूर्णिया जिले में स्थित है मधुरौट शाखा के मधुवंशी यादव क्षत्रियों का नज़रगंज राजघराना जिसका पूरे बंगाल प्रेसिडेंसी में एक अलग रूतबा था।इन यदुवंशियों इतिहास मथुरा से शुरू होने के कारण ही मधुरौट वंश कहलाया, महाराज मधु के नाम से ये मधुवंशी या माधव वंशी भी कहलाते हैं, द्वारकाधीश के पूर्वज और महराज यदु के पीढ़ी में जन्मे महाराज मधु बहुत ही प्रतापी राजा थे। उन्होंने हीं मथुरा शहर की स्थापना की थी तथा इनके प्रताप के कारण हीं द्वारकाधीश भगवान् श्रीकृष्णचंद्र को माधव भी कहा जाता है। कालांतर में यादव राजस्थान तथा मथुरा से विस्थापित होते हुए बिहार में प्रवेश किया अपने पूर्वज महाराज मधु के नाम पर मधुबनी तथा मधेपुरा जैसे इलाके आबाद करते हुए पूर्णियां के नज़रगंज राजघराना का स्थापना कर वहीं बस गए। <ref>"[https://books.google.com/books?id=dSZ987-0Fb8C Bihar Tourism: Retrospect and Prospect] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170118113423/https://books.google.com/books?id=dSZ987-0Fb8C |date=18 जनवरी 2017 }}," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=MMmNVZ4mP98C Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar]," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810</ref> == विवरण == यहाँ रेलगाड़ी का विद्युत इंजन बनाने का कारखाना है। यहाँ 1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री [[लालू प्रसाद यादव]] द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी जिसे हम [[भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय]] (BNMU) के नाम से जानते हैं। यहाँ पर वर्तमान मुख्यमंत्री [[नीतीश कुमार]] द्वारा मार्च 2020 में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई जिसे [[जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय]] का नाम दिया गया। इसके अलावा यहाँ एक इंजीनियर काॅलेज भी हैं जिसकी स्थापना 2018 में की गई जो फिलहाल जिला मुख्यालय स्थित शिव नन्दन प्रसाद मंडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के भवन में पठन-पाठन का कार्य चल रहा है जिसका नामकरण बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और मंडल आयोग के अध्यक्ष रहे बिन्देश्वरी प्रसाद मंडल के नाम से किया गया। इसके आलावा यहाँ दर्शनीय स्थल में कृष्ण मंदिर भी प्रसिद्ध हैं साथ ही जिला मुख्यालय से छ किलोमीटर दूर शिहेश्वर स्थान का महादेव मंदिर भी प्रसिद्ध हैं जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। == इन्हें भी देखें == * [[मधेपुरा जिला|मधेपुरा ज़िला]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} {{बिहार}} [[श्रेणी:मधेपुरा जिला]] [[श्रेणी:बिहार के शहर]] [[श्रेणी:मधेपुरा ज़िले के नगर]] [https://www.modelpaper.co.in/2022/08/mp-board-12th-blueprint-2023-mpbse-12th.html?m=1 MP Board 12th Blueprint 2023 PDF] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221223171031/https://www.modelpaper.co.in/2022/08/mp-board-12th-blueprint-2023-mpbse-12th.html?m=1 |date=23 दिसंबर 2022 }} t6zexybn8qjfo2q3ag4mjj1brprh2yu ब्रह्मबान्धव उपाध्याय 0 18404 6582631 6210534 2026-07-14T18:15:29Z Salil Kumar Mukherjee 603459 →चित्र 6582631 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Brahmabandhav Upadhyay in The Modern Review Patrika 1923.png|thumb|300px|ब्रह्मबान्धव उपाध्याय]] '''ब्रह्मबान्धव उपाध्याय''' ([[बंगाली भाषा|बांग्ला]]: ব্রহ্মবান্ধব উপাধ্যায় ''ब्रॉह्मोबान्धॉब् उपाद्धैय'') (1861-1907) बंगाली राष्ट्रवादी, धर्मसुधारक, पत्रकार, [[कैथोलिक कलीसिया|कैथोलिक]] [[सन्यासी]]। [[ईसाई]] एवं [[हिन्दू]] सम्वाद के प्रणेता एवं पूर्ण स्वराज का आह्वान करने वाले प्रारम्भिक नेताओं में से एक। == आरम्भिक जीवन == ब्रह्मबान्धव उपाध्याय (वास्तविक नाम: भवानीचरण बंधोपाध्याय, [[बंगाली भाषा|बांग्ला]]: ভবানীচরণ বন্ধোপাধ্যায় ''भोबानिचोरॉण् बॉन्धोपाद्धैय'') ने 11 फ़रवरी को [[बंगाल]] के एक प्रतिष्ठित [[ब्राह्मण]] परिवार में जन्म लिया। उनके पिता ब्रिटिश पुलिस अधिकारी थे तथा चाचा रेवरंड [[कालीचरण बैनर्जी]] मसीही धर्मप्रचारक तथा राष्ट्रवादी नेता थे। आरंभ में वे अपने चाचा के धर्मपरिवर्तन से रुष्ट थे परंतु जब उन्होंने देखा कि ईसाई बन जाने के बावजूद उनका रहन-सहन, खान-पान, पहनावा इत्यादि एक ठेठ बंगाली का सा था तो उन्होंने ईसाई धर्म तथा पश्चिमी संस्कृति में अंतर को समझ लिया। अपने चाचा के प्रारंभिक प्रभाव के बाद उन पर सबसे अधिक प्रभाव [[केशब चंद्र सेन]] का था जिन्हें उन्होंने सबसे महान भारतीय कहकर भी संबोधित किया है। 1887 में वे केशब के नब बिधान संगठन के सदस्य बने। इसी बीच वे कैथोलिक एवं एंग्लीकन मिशनरियों के सम्पर्क में भी आए। 1888 में ब्रह्मो मिशनरी के रूप में वे सिंध पहुंचे। उन दिनों इनके पिता की नियुक्ति सिंध में ही थी जो संयोगवश बीमार चल रहे थे। उनकी सेवा करते हुए उन्होंने फा डी ब्रूनो की पुस्तक कैथोलिक बिलीफ़ का अध्ययन किया। फरवरी 1889 में एक एंग्लीकन पादरी ने उन्हें बपतिस्मा दिया परंतु भवानी ने साफ़ कर दिया कि हालांकि यह कदम यीशु मसीह में उनके विश्वास को दर्शाता है परंतु इससे वे एंग्लीकन चर्च के सदस्य नहीं बन जाएंगे। कुछ लोगों का मानना है कि इसकी एक राष्ट्रवादी वजह थी। वे हाकिमों की कलीसिया का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे। उसी वर्ष सितंबर में वे कैथोलिक कलीसिया के सदस्य बने। == कैथोलिक संन्यासी == जनवरी 1894 में उन्होंने एक पर्चा सोफ़िया प्रकाशित करना शुरू किया। एक हिन्दू संन्यासी के समान भगवे वस्त्र पहने तथा अपना नया नाम ब्रह्मबान्धव उपाध्याय धारण किया। उपाध्याय ने यीशु वन्दना में संस्कृत भजन की भी रचना की जो आज भी मसीही मण्डलियों में मूल संस्कृत तथा अनुवाद में गाया जाता है। इस भजन में वे यीशु को नरहरि कह कर सम्बोधित करते हैं। उपचितचिरचिन्मुकुरित प्रतिबिम्बित<br /> ब्रह्मपरात्पररूप<br /> जय देव जय देव नरहरे<br /> <br /> कनकुमारीबालक भवचालक<br /> निर्गुणगुणाभिराग<br /> जय देव जय देव नरहरे<br /> <br /> पण्डितमण्डलमण्न भयखण्डन<br /> दण्डितभण्डनभूत<br /> जय देव जय देव नरहरे<br /> <br /> आधिव्याधिविताड़न परसेवन<br /> पावनलीलाखेल<br /> जय देव जय देव नरहरे<br /> <br /> विनिवेदितनिजवदन बलिजीवन<br /> कृतकिल्विषविषनाश<br /> जय देव जय देव नरहरे<br /> <br /> ललितदयितहृद्रंजन नयनांजन<br /> सुदलितकालकराल<br /> जय देव जय देव नरहरे<br /> == सन्दर्भ == === टीका-टिप्पणी === <references/> === ग्रन्थसूची === == बाहरी कड़ियाँ == [[श्रेणी:बंगाली लोग]] [[श्रेणी:बंगाली ईसाई लोग]] [[श्रेणी:भारतीय ईसाई]] [[श्रेणी:1861 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९०७ में निधन]] {{आधार}} 7dyv4htsmmcpeomtpnny33izf0o0o15 भोजपुरी विकिपीडिया 0 20059 6582747 5800526 2026-07-15T04:42:57Z Mohitmapps26 936332 6582747 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg|अंगूठाकार|पाठ=https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888103| A comprehensive, hyper-localized multi-page cartographic study detailing the sub-dialect regions of the Bhojpuri language across Purvanchal. Created by Mohit Gupta.]] [[चित्र:Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg|अंगूठाकार|पाठ=https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Index_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888117|A comprehensive, hyper-localized multi-page cartographic study detailing the sub-dialect regions of the Bhojpuri language across Purvanchal. Created by Mohit Gupta.]] '''भोजपुरी विकिपीडिया''' [[भोजपुरी]] में बना [[विकिपीडिया]] है, जिसका स्वामित्व [[विकिमीडिया संस्थान]] के पास है। == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{विकिपीडिया}} {{भारतीय भाषा विकिपीडिया}} [[श्रेणी:विकिपीडिया के संस्करण]] so8kmnt1p0a9z1vczmzjhzjrhvwu9fk इंडियानापोलिस टेनिस प्रतियोगिता 0 25662 6582635 6570629 2026-07-14T19:00:20Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582635 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसंदूक एटीपी टेनिस प्रतियोगिता | name = इंडियानापोलिस टेनिस प्रतियोगिता | current = | logo = इंडियानापोलिस टेनिस प्रतियोगिता लोगो.jpg | logo size = 150px | city = [[इंडियानापोलिस|इंडियानापोलिस, इंडियाना]] | country = {{पताका|अमेरिका}} | cstegory = [[International Series Tournaments|International Series]] | surface = Hard / Outdoors | draw = 32S/32Q/16D | prize money = $525,000 | Web_site = [http://www.tennisindy.com/ tennisindy.com] | Notes = }} '''इंडियानापोलिस टेनिस प्रतियोगिता''' (जिसे '''आर सी ए प्रतियोगिता''' के नाम से भी जाना जाता है) पुरुषों की टेनिस की एक वार्षिक स्पर्धा है जिसका आयोजन [[एटीपी टूर]] के भाग के रूप में [[इंडियानापोलिस]] में किया जाता है। इसकी शुरुआत [[१९८७|1987]] में हुई और यह जुलाई के मास में एक हफ़्ते तक खेले जाने वाली प्रतियोगिता है। वर्ष [[२००७|2007]] में इसका आयोजन [[२३ जुलाई|23]] से [[२९ जुलाई|29 जुलाई]] तक हुआ। == पूर्व विजेता == === एकल === {| class="wikitable" |- !वर्ष!!विजेता!!उप-विजेता!!स्कोर |- |1987 || {{पताका प्रतिरूप|स्वीडन}} '''[[मैट्स विलेंडर]]''' || {{पताका प्रतिरूप|स्वीडन}} [[केंट कार्लसन]] || 7-5, 6-3 |- |1988 || {{पताका प्रतिरूप|जर्मनी}} '''[[बोरिस बेकर]]''' || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} [[जॉन मेकनरो]] || 6-4, 6-2 |- |1989|| {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} '''[[जॉन मेकनरो]]''' || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} [[जे बर्गर]] || 6-4, 4-6, 6-4 |- |1990 || {{पताका प्रतिरूप|जर्मनी}} '''[[बोरिस बेकर]]''' || {{पताका प्रतिरूप|स्वीडन}} [[पीटर लुंग्रेन]] || 6-3, 6-4 |- |1991 || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} '''[[पीट सेम्प्रास|पीट सेमप्रास]]''' || {{पताका प्रतिरूप|जर्मनी}} [[बोरिस बेकर]] || 7-6, 3-6, 6-3 |- |1992 || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} '''[[पीट सेम्प्रास|पीट सेमप्रास]]''' || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} [[जिम कोरियर]] || 6-4, 6-4 |- |1993 || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} '''[[जिम कोरियर]]''' || {{पताका प्रतिरूप|जर्मनी}} [[बोरिस बेकर]] || 7-5, 6-3 |- |1994 || {{पताका प्रतिरूप|दक्षिण अफ्रीका}} '''[[वेन फरेरा]]''' || {{पताका प्रतिरूप|फ़्राँस}} [[ओलिवर दिलाइत्रे]] || 6-2, 6-1 |- |1995 || {{पताका प्रतिरूप|स्वीडन}} '''[[थॉमस एन्क्विस्ट]]''' || {{पताका प्रतिरूप|जर्मनी}} [[बर्नाड कारबेकर]] || 6-4, 6-3 |- |1996 || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} '''[[पीट सेम्प्रास|पीट सेमप्रास]]''' || {{पताका प्रतिरूप|जर्मनी}} [[गोरान इवानिसेविक]] || 7-6, 7-5 |- |1997 || {{पताका प्रतिरूप|स्वीडन}} '''[[योनास ब्योर्कमैन|जोनास ब्जोर्कमैन]]''' ||{{पताका प्रतिरूप|स्पेन}} [[कार्लोस मोया]] || 6-3, 7-6 |- |1998 || {{पताका प्रतिरूप|स्पेन}} '''[[एलेक्स कोरेत्ज़ा]]''' || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} [[आन्द्रे अगासी]] || 2-6, 6-2, 6-3 |- |1999 || {{पताका प्रतिरूप|इक्वेडोर}} '''[[निकोलस लपेन्टी]]''' || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} [[विन्सेंट स्पेडिया]] || 4-6, 6-4, 6-4 |- |2000 || {{पताका प्रतिरूप|ब्राज़ील}} '''[[गुस्तावो कुएर्तेन]]''' || {{पताका प्रतिरूप|रूस}} [[मराट साफिन]] || 3-6, 7-6, 7-6 |- |2001 || {{पताका प्रतिरूप|ऑस्ट्रेलिया}} '''[[पैट्रिक रैफ्टर]]''' || {{पताका प्रतिरूप|ब्राज़ील}} [[गुस्तावो कुएर्तेन]] || 4-2 (retired) |- |2002 || {{पताका प्रतिरूप|यूनाइटेड किंगडम}} '''[[ग्रेग रुसेदस्की]]''' || {{पताका प्रतिरूप|स्पेन}} [[फेलिक्स मैनटिला]] || 6-7, 6-4, 6-4 |- |2003 || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} '''[[एंडी रॉडिक]]''' || {{पताका प्रतिरूप|थाईलैंड}} [[पारदोर्न श्रीचपन]] || 7-6, 6-4 |- |2004 || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} '''[[एंडी रॉडिक]]''' || {{पताका प्रतिरूप|जर्मनी}} [[निकोलस कीफर]] || 6-2, 6-3 |- |2005 || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} '''[[रॉबी जिनेपरी]]''' || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} [[टेलर डैन्ट]] || 4-6, 6-0, 3-0 (retired) |- |2006 || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} '''[[जेम्स ब्लेक]]''' || {{पताका प्रतिरूप|अमेरिका}} [[एंडी रॉडिक]] || 4-6, 6-4, 7-6 |- |2007 || {{पताका प्रतिरूप|रूस}} '''[[दिमित्री टुरसुनोव]]''' || {{पताका प्रतिरूप|कनाडा}} [[फ्रैंक डैनसेविक]] || 6-4 7-5 |- |2008 || {{पताका प्रतिरूप|फ़्राँस}} '''[[गाइल्स सिमौन]]''' || {{पताका प्रतिरूप|रूस}} [[दिमित्री टुरसुनोव]] || 6-4 6-4 |} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20070503090818/http://www.tennisindy.com/ आधिकारिक वेबसाइट] {{एटीपी अंतर्राष्ट्रीय टेनिस प्रतियोगिता}} [[श्रेणी:संयुक्त राज्य अमेरिका में होने वाली टेनिस प्रतियोगिता]] {{टेनिस-आधार}} <noinclude> </noinclude> rh7swuxni5nm8djaa3pqp1ok7omyz8i मुमताज़ महल 0 26508 6582780 6566975 2026-07-15T06:34:30Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582780 wikitext text/x-wiki {{Infobox royalty |consort = yes |name = मुमताज़ महल |title = |image = Portrait of Mumtaz Mahal (Arjumand Banu Begum).jpg |caption = चित्रलेखन कलाकार का चित्र मुमताज़ महल |succession = महारानी [[मुग़ल साम्राज्य]] |reign = 19 जनवरी 1628 – 17 जून 1631 |predecessor =[[नूर जहाँ]] |birth_name = अर्जुमंद बानू |birth_date = 27 अप्रैल 1592 |birth_place = [[आगरा]], [[मुग़ल साम्राज्य]] |death_date = {{death date and age|1631|6|17|1593|4|27|df=yes}} |death_place = [[बुरहानपुर]], [[मुग़ल साम्राज्य]] |death_cause = |spouse = [[शाह जहां]] (m. 1612) |issue = [[जहाँआरा बेगम]]<br>[[दारा शिकोह]]<br>[[शाह शुजा]]<br>[[रोशनआरा बेगम]]<br>[[औरंगज़ेब]]<br>[[मुराद बक्श]]<br>[[गौहर आरा बेगम]] | issue-link = #Issue | issue-pipe = among others... |full name = |house = [[तैमूरी वंश]] ''(विवाह से)'' |father = [[अबुल हसन आसफ़ ख़ान]] |mother = दीवानजी बेगम |religion = [[शिया इस्लाम]]<ref>{{استشهاد ويب |مسار= https://www.tajmahal.gov.in/the-cause-of-the-taj.aspx|عنوان= The Cause of The Taj:: Mumtaz Mahal|مؤلف=<!--Not stated--> |تاريخ= <!--Not stated-->|موقع= [[تاج محل|Taj Mahal Official Website]]|ناشر= [[Uttar Pradesh Tourism]]|تاريخ الوصول= 3 September 2023|اقتباس=She was religiously a Shi'a Muslim.|مسار أرشيف= https://web.archive.org/web/20231201035702/https://tajmahal.gov.in/the-cause-of-the-taj.aspx|تاريخ أرشيف=2023-12-01}}</ref><ref>{{استشهاد بخبر |الأخير= Khan|الأول= Hamza|تاريخ= |عنوان= Now, Shias assert claim to Taj Mahal|مسار= https://indianexpress.com/article/india/india-others/now-shias-assert-claim-to-taj-mahal/|عمل= [[اكسبريس الهندية (صحيفة)]]|مكان= [[لكهنؤ]]|تاريخ الوصول= 3 September 2023|مسار أرشيف= https://web.archive.org/web/20230903151831/https://indianexpress.com/article/india/india-others/now-shias-assert-claim-to-taj-mahal/|تاريخ أرشيف=2023-09-03}}</ref><ref>{{استشهاد بخبر |الأخير= Srivastava|الأول= Piyush|تاريخ= 27 November 2014|عنوان= Battle for Taj Mahal continues between Shia and Sunni sect leaders|مسار= https://www.indiatoday.in/india/story/azam-khan-takers-for-taj-mahal-despite-waqf-board-shoddy-record-228773-2014-11-26|عمل= [[إنديا توداي]]|مكان= [[لكهنؤ]]|تاريخ الوصول= 3 September 2023|مسار أرشيف= https://web.archive.org/web/20230903150327/https://www.indiatoday.in/india/story/azam-khan-takers-for-taj-mahal-despite-waqf-board-shoddy-record-228773-2014-11-26|تاريخ أرشيف=2023-09-03}}</ref><ref>{{استشهاد بخبر |الأخير= Shaikh|الأول= Ayesha|تاريخ= 24 November 2014|عنوان= Who is the rightful claimant to Taj Mahal?|مسار= https://tribune.com.pk/story/796413/who-is-the-rightful-claimant-to-taj-mahal?amp=1|عمل= [[The Express Tribune]]|مكان= <!--Not stated-->|تاريخ الوصول=3 September 2023|مسار أرشيف= https://web.archive.org/web/20240217132951/https://tribune.com.pk/story/796413/who-is-the-rightful-claimant-to-taj-mahal?amp=1|تاريخ أرشيف=2024-02-17}}</ref><ref>{{استشهاد بخبر |الأخير= DHNS|الأول= <!--Not stated-->|تاريخ= 24 November 2014|عنوان= After Sunnis, now Shias too claim Taj Mahal|مسار= https://www.deccanherald.com/india/after-sunnis-now-shias-too-2226647|عمل= [[Deccan Herald]]|مكان= <!--Not stated-->|تاريخ الوصول=3 September 2023|مسار أرشيف= https://web.archive.org/web/20240217131441/https://www.deccanherald.com/amp/story/india/after-sunnis-now-shias-too-2226647|تاريخ أرشيف=2024-02-17}}</ref> |burial_place = [[ताज महल]], [[आगरा]] }} '''मुमताज़ महल''' ([[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]]: '''ممتاز محل'''; अर्थ: महल का प्यारा हिस्सा) '''अर्जुमंद बानो बेगम''' का अधिक प्रचलित नाम है। इनका जन्म अप्रैल [[1593]] <ref>{{cite journal |last1=Pickthall |first1=Marmaduke William |last2=Asad |first2=Muhammad |title=Islamic Culture|date=1 January 1975 |volume=49 |page=196 |url=https://books.google.com/books?id=839CAAAAYAAJ&dq=mumtaz+mahal+17+april+1593&focus=searchwithinvolume&q=17+april+1593 |accessdate=13 April 2017|publisher=Islamic Culture Board|language=en}}</ref> में [[आगरा]] में हुआ था। इनके पिता [[अब्दुल हसन असफ़ ख़ान]] एक फारसी सज्जन थे जो [[नूरजहाँ]] के भाई थे। नूरजहाँ बाद में सम्राट [[जहाँगीर]] की बेगम बनीं। १९ वर्ष की उम्र में अर्जुमंद का निकाह [[शाहजहाँ]] <ref>{{cite book|last1=Lach|first1=Donald F.|last2=Kley|first2=Edwin J. Van|title=Asia in the Making of Europe, Volume III: A Century of Advance. Book 2, South Asia|url=https://archive.org/details/asiainmakingofeu0003dona|date=1998|publisher=University of Chicago Press|isbn=9780226466972|page=689|language=en}}</ref> से [[10 मई]], [[1612]] को हुआ। मुमताज महल का जन्म आगरा में अर्जुमंद बानू बेगम के घर फारसी कुलीनता के परिवार में हुआ था। वह अबू-हसन आसफ़ खान की बेटी थी, जो एक अमीर फ़ारसी रईस था, जो मुग़ल साम्राज्य में उच्च पद पर था और सम्राट जहाँगीर की मुख्य पत्नी और महारानी के पीछे की शक्ति महारानी नूर जहाँ की भतीजी थी। [५] उनकी शादी १ ९ साल की उम्र में ३० अप्रैल १६१२ को राजकुमार खुर्रम से हुई, बाद में उनके नाम से पहचाने जाने वाले शाहजहाँ, जिन्होंने उन्हें "मुमताज़ महल" की उपाधि से सम्मानित किया था (फ़ारसी: महल का सबसे प्रसिद्ध एक )। हालांकि १६०, से शाहजहाँ के साथ विश्वासघात किया गया, वह अंततः १६१२ में उनकी दूसरी पत्नी बन गईं। मुमताज़ और उनके पति के चौदह बच्चे थे, जिनमें जहाँआरा बेगम (शाहजहाँ की पसंदीदा बेटी), और क्राउन राजकुमार दारा शिकोह, वारिस-स्पष्ट, उनके पिता द्वारा अभिषिक्त, जिन्होंने मुमताज महल के छठे बच्चे, औरंगज़ेब द्वारा पदच्युत होने तक अस्थायी रूप से उन्हें सफल बनाया, जिन्होंने अंततः 1658 में अपने पिता को छठे मुगल सम्राट के रूप में देखा। <ref>{{cite book|last1=Esposito|first1=John L.|title=The Oxford Dictionary of Islam|date=2004|publisher=Oxford University Press|isbn=9780199757268|page=29|url=https://books.google.com/books?id=E324pQEEQQcC&dq=aurangzeb+sixth&source=gbs_navlinks_s|language=en|access-date=16 दिसंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20170122000221/https://books.google.com/books?id=E324pQEEQQcC|archive-date=22 जनवरी 2017|url-status=live}}</ref> मुमताज महल का निधन 1631 में बुरहानपुर , डेक्कन (वर्तमान [[मध्य प्रदेश]] ) में हुआ था, उनके चौदहवें बच्चे के जन्म के दौरान, एक बेटी जिसका नाम गौहर आरा बेगम था। <ref name="Kumar2014">{{cite journal |last=Kumar |first=Anant |date=January–June 2014 |title=Monument of Love or Symbol of Maternal Death: The Story Behind the Taj Mahal |url=http://www.casereportswomenshealth.com/article/S2214-9112(14)00003-4/pdf |journal=Case Reports in Women's Health |publisher=Elsevier |volume=1 |issue= |pages=4–7 |doi=10.1016/j.crwh.2014.07.001 |access-date=21 December 2015 |issn=2214-9112 }}</ref> शाहजहाँ ने ताजमहल को उसके लिए एक मकबरे के रूप में बनवाया था, जिसे एकतरफा प्यार का स्मारक माना जाता है। [[चित्र:Taj_Mahal_(south_view,_2006).jpg|250px|right|thumb|ताज महल]] ==परिवार और प्रारंभिक जीवन== मुमताज महल का जन्म 27 अप्रैल 1593 को आगरा में अबू-हसन असफ खान और उनकी पत्नी दीवानजी बेगम का जन्म हुआ था, जो एक फारसी रईस की बेटी, ख्वाजा गियास-उद-दीन के क़ज़्विन थीं। आसफ खान एक अमीर फ़ारसी रईस थे जो मुग़ल साम्राज्य में उच्च पद पर आसीन थे। उनका परिवार 1577 में भारत में आया था, जब उनके पिता मिर्ज़ा गियास बेग (जो इत्तेहाद-उद-दौला के खिताब से लोकप्रिय थे), को आगरा में सम्राट अकबर की सेवा में ले जाया गया था। <ref name="Thackeray">{{cite book |editor1=Frank W. Thackeray |editor2=John E. Findling |title=Events that formed the modern world: from the European Renaissance through the War on Terror |url=https://archive.org/details/eventsthatformed0005unse |date=2012 |publisher=ABC-CLIO |location=Santa Barbara, CA |isbn=9781598849011 |page=[https://archive.org/details/eventsthatformed0005unse/page/254 254]}}</ref> आसफ खान भी मुमताज को भतीजी बनाने वाली महारानी नूरजहाँ का बड़ा भाई था, और बाद में, शाहजहाँ के पिता, जहाँगीर की मुख्य पत्नी, नूरजहाँ की सौतेली बहू थी। उनकी बड़ी बहन, परवर खानम, ने शेख फरीद से शादी की, जो नवाब कुतुबुद्दीन कोका के पुत्र थे, जो बदायूं के राज्यपाल थे, जो सम्राट जहांगीर के पालक भाई भी थे। मुमताज़ का एक भाई भी था, शाइस्ता खान, जिसने शाहजहाँ के शासनकाल के दौरान साम्राज्य में विभिन्न प्रांतों के गवर्नर के रूप में काम किया। <ref>{{cite book|last1=Ball|first1=Valentine|title=Tavernier's travels in India between years 1640–1676 : being a narrative of the six voyages of Jean-Baptiste Tavernier to the east – especially to India, translated from the original French edition of 1676, with a biographical sketch of the author, notes, appendices, & c.|date=2007|publisher=Asian Educational Services|location=New Delhi|isbn=9788120615670|page=245|edition=2nd}}</ref> मुमताज़ सीखने के क्षेत्र में उल्लेखनीय थीं और एक प्रतिभाशाली और संस्कारी महिला थीं। वह अरबी और फ़ारसी भाषाओं की अच्छी जानकार थी और बाद की कविताओं की रचना कर सकती थी। उन्हें विनम्रता और स्पष्टवादिता का संयोजन करने के लिए प्रतिष्ठित किया गया था, एक महिला ने गर्मजोशी से सीधी-सादी और आत्मनिर्भर थी। किशोरावस्था में जल्दी, उसने दायरे के महत्वपूर्ण रईसों का ध्यान आकर्षित किया। जहाँगीर ने उसके बारे में सुना होगा, क्योंकि वह शाहजहाँ के साथ उसकी सगाई के लिए तत्परता से सहमत था। <ref name=Hansen>{{cite book |last1=Hansen |first1=Waldemar |title=The peacock throne : the drama of Mogul India |date=1972 |publisher=Motilal Banarsidass |location=Delhi |isbn=9788120802254 |page=38 |edition=1st Indian ed., repr.}}</ref> ==विवाह== [[File:Mumtaz Mahal with attendant.jpg|150px|thumb|right|एक अटेंडेंट के साथ मुमताज महल।]] मुमताज महल को 30 जनवरी 1607 के आसपास शाहजहाँ के साथ विश्वासघात किया गया था, जब वह उस समय 14 साल की थी और वह 15. थे, हालांकि, 30 अप्रैल 1612 को अपने विश्वासघात के वर्ष के पांच साल बाद उन्होंने आगरा में शादी की थी। विवाह एक प्रेम-मैच था। उनकी शादी के जश्न के बाद, शाहजहाँ ने, "उन्हें उस समय की सभी महिलाओं के बीच उपस्थिति और चरित्र चुनाव में ढूंढना", उन्हें "मुमताज़ महल" बेगम ("पैलेस का अतिशयोक्तिपूर्ण एक") शीर्षक दिया। उनके विश्वासघात और विवाह के बीच के बीच के वर्षों के दौरान, शाहजहाँ ने अपनी पहली पत्नी राजकुमारी कंधारी बेगम से १६० ९ में और १६१, में मुमताज़ से शादी करने के बाद, तीसरी पत्नी, इज़्ज़-उन-निसा बेगम (शीर्षक से) लिया था अकबराबादी महल), एक प्रमुख मुगल दरबारी की बेटी। आधिकारिक अदालत के इतिहासकारों के अनुसार, दोनों विवाह राजनीतिक गठबंधन थे। {{sfn|Tillotson|2012|p=21}} सभी खातों के अनुसार, शाहजहाँ को मुमताज के साथ इतना अधिक लिया गया था कि वह अपनी दो अन्य पत्नियों के साथ बहुपत्नी अधिकारों का प्रयोग करने में बहुत कम दिलचस्पी दिखाती थी, अन्य सभी के साथ कर्तव्यनिष्ठा से एक बच्चे को पालने के अलावा। आधिकारिक अदालत के क्रॉसर के अनुसार, मोतीम खान, जैसा कि उनके इकबाल नमा-ए-जहाँगीरी में दर्ज है, उनकी अन्य पत्नियों के साथ संबंध "शादी की स्थिति से ज्यादा कुछ नहीं था। अंतरंगता, गहरा लगाव, ध्यान और पक्ष। शाहजहाँ ने मुमताज़ के लिए अपनी पत्नी के लिए जो कुछ महसूस किया था, उसे पार कर लिया। ”इसी तरह, शाहजहाँ के इतिहासकार इनायत खान ने टिप्पणी की कि 'उसकी पूरी खुशी इस शानदार महिला [मुमताज़] पर थी, इस हद तक कि वह दूसरों के प्रति नहीं [[उसकी अन्य पत्नियों] एक-हज़ारवां स्नेह का एक हिस्सा जो उसने उसके लिए किया। मुमताज ने शाहजहाँ के साथ एक प्रेम विवाह किया था। उनके जीवनकाल में भी, कवि उनकी सुंदरता, अनुग्रह और करुणा का विस्तार करते थे। अपनी लगातार गर्भावस्था के बावजूद, मुमताज ने अपने पहले सैन्य अभियानों और बाद में अपने पिता के खिलाफ विद्रोह में शाहजहाँ के प्रवेश के साथ यात्रा की। वह उनके निरंतर साथी और विश्वसनीय विश्वासपात्र थे, प्रमुख अदालत के इतिहासकारों ने उस अंतरंग और कामुक रिश्ते को दर्ज करने के लिए जाने, जहां युगल ने आनंद लिया था। अपनी उन्नीस वर्षों की शादी में, उनके चौदह बच्चे एक साथ थे (आठ बेटे और छह बेटियाँ), जिनमें से सात की जन्म के समय या बहुत कम उम्र में मृत्यु हो गई। ==मुगल साम्राज्य== 1628 में सिंहासन पर पहुंचने के बाद, शाहजहाँ ने मुमताज़ को 'मलिका-ए-जहाँ' ("दुनिया की रानी") और 'मलिका-उज़-ज़मानी' की उपाधि से नवाजा। ("युग की रानी")। साम्राज्ञी के रूप में मुमताज़ का कार्यकाल संक्षिप्त था, उनकी असामयिक मृत्यु के कारण केवल तीन साल की अवधि के दौरान, फिर भी शाहजहाँ ने उन्हें विलासिता के साथ दिया कि उनके सामने कोई और साम्राज्ञी नहीं दी गई। उदाहरण के लिए, किसी अन्य महारानी के निवास को खास महल (आगरा किले का हिस्सा) के रूप में नहीं सजाया गया था, जहाँ मुमताज शाहजहाँ के साथ रहती थी। इसे शुद्ध सोने और कीमती पत्थरों से सजाया गया था और इसमें गुलाब के पानी के फव्वारे थे। मुगल सम्राट की प्रत्येक पत्नी को उसके गैस्टोस (गृह व्यवस्था या यात्रा व्यय) के लिए नियमित मासिक भत्ता दिया जाता था; शाहजहाँ द्वारा मुमताज़ महल को दिया गया सबसे अधिक भत्ता प्रति वर्ष एक लाख रुपये है। शाहजहाँ ने मुमताज़ से निजी मामलों और राज्य के मामलों में सलाह ली, और उसने अपने करीबी विश्वासपात्र और विश्वसनीय सलाहकार के रूप में सेवा की। उसके अंतर्मन में, उसने दुश्मनों को माफ कर दिया या मौत की सजा सुना दी। उस पर उसका विश्वास इतना महान था कि उसने उसे भूमि का सर्वोच्च सम्मान दिया - उसकी शाही मुहर, मेहर उज़ाज़, जो शाही फरमानों को मान्य करता था। मुमताज़ को उनकी चाची, महारानी जहाँगीर की मुख्य पत्नी, महारानी नूरजहाँ के विपरीत, राजनीतिक सत्ता की कोई आकांक्षा नहीं थी, जो कि पिछले शासनकाल में काफी प्रभावित थी। उस पर एक महान प्रभाव, अक्सर गरीबों और निराश्रितों की ओर से हस्तक्षेप करते हुए, उन्होंने हाथी और लड़ाकू झगड़े देखने का आनंद लिया, अदालत के लिए प्रदर्शन किया। मुमताज ने कई कवियों, विद्वानों और अन्य प्रतिभाशाली व्यक्तियों को भी संरक्षण दिया। एक प्रख्यात [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] कवि, वंशीधर मिश्र, महारानी के पसंदीदा थे। अपने प्रमुख महिला-वेटिंग, सती-उन-निसा की सिफारिश पर, मुमताज महल ने गरीब विद्वानों, धर्मशास्त्रियों और धर्मपरायण पुरुषों की बेटियों को पेंशन और दान प्रदान किया। यह मुग़ल साम्राज्य में स्थापत्य कला को जन्म देने वाली महान महिलाओं के लिए काफी आम था, इसलिए मुमताज़ ने कुछ समय आगरा में एक नदी के किनारे के बगीचे में समर्पित किया, जिसे अब ज़हरा बाग के नाम से जाना जाता है। यह एकमात्र वास्तुशिल्प नींव है जिसे उसके संरक्षण से जोड़ा जा सकता है। ==मृत्यु और उसके बाद का== [[File:TajMahalbyAmalMongia.jpg|thumb|यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, ताजमहल मुमताज महल और शाहजहाँ का अंतिम विश्राम स्थल है।]] मुमताज महल की मृत्यु बुरहानपुर में प्रसवोत्तर रक्तस्राव से 17 जून 1631 को हुई थी जबकि उनके चौदहवें बच्चे को जन्म देने के बाद, लगभग 30 घंटे के लंबे श्रम के बाद। डेक्कन के पठार में एक अभियान के दौरान वह अपने पति के साथ गई थी। उसके शरीर को अस्थायी रूप से बुरहानपुर में एक दीवार वाले खुशी के बगीचे में दफनाया गया था, जिसे मूल रूप से ज़ैनाबाद के नाम से जाना जाता है, जिसका निर्माण ताप्ती नदी के किनारे पर शाहजहाँ के चाचा दनियाल ने करवाया था। समकालीन अदालत के क्रांतिकारियों ने मुमताज महल की मृत्यु और शाहजहाँ के निधन पर एक असामान्य ध्यान दिया। अपने शोक के तत्काल बाद में, सम्राट कथित रूप से असंगत था। उनकी मृत्यु के बाद, वे एक साल के लिए शोक में चले गए। जब वह फिर से दिखाई दिया, उसके बाल सफेद हो गए थे, उसकी पीठ मुड़ी हुई थी, और उसका चेहरा खराब हो गया था। मुमताज की सबसे बड़ी बेटी जहाँआरा बेगम ने धीरे-धीरे अपने पिता को दुःख से बाहर निकाला और अपनी माँ का दरबार में स्थान लिया। मुमताज महल का व्यक्तिगत भाग्य (दस करोड़ रुपये मूल्य का) शाहजहाँ द्वारा जहाँआरा बेगम के बीच विभाजित किया गया था, जिन्हें आधे और उनके बाकी बचे बच्चे मिले थे। बुरहानपुर कभी भी अपने पति द्वारा अपनी पत्नी के अंतिम विश्राम स्थल के रूप में नहीं बनाया गया था। नतीजतन, उसका शरीर दिसंबर 1631 में निर्वस्त्र हो गया और उसके बेटे शाह शुजा और मृतक साम्राज्ञी के सिर वाली महिला के इंतजार में एक सुनहरी ताबूत में उसे वापस आगरा ले जाया गया। वहां यमुना नदी के किनारे एक छोटी सी इमारत में दखल दिया गया था। शाहजहाँ ने सैन्य अभियान का समापन करने के लिए बुरहानपुर में पीछे रहा जो मूल रूप से उसे क्षेत्र में लाया था। वहां रहते हुए, उन्होंने अपनी पत्नी के लिए आगरा में एक उपयुक्त मकबरे और अंतिम संस्कार उद्यान के डिजाइन और निर्माण की योजना शुरू की। यह एक कार्य था जिसे पूरा होने में 22 साल लगे ===ताजमहल=== [[File:Cenotaph of Shah Jahan.jpg|thumbnail|right|मुमताज़ महल की क़ब्र]] [[File:Interior4.jpg|thumb|right|ताजमहल में मुमताज महल का मकबरा, उसके पति शाहजहाँ के साथ।]] ताजमहल को शाहजहाँ द्वारा मुमताज़ महल के मकबरे के रूप में बनवाया गया था। इसे एकतरफा प्यार और वैवाहिक भक्ति के अवतार के रूप में देखा जाता है। अंग्रेजी कवि सर एडविन अर्नोल्ड ने इसका वर्णन "अन्य इमारतों के रूप में वास्तुकला का एक टुकड़ा नहीं है, लेकिन जीवित पत्थरों में एक सम्राट के प्यार का गर्व जुनून है।" स्मारक की सुंदरता को मुमताज महल की सुंदरता का प्रतिनिधित्व करने के रूप में भी लिया जाता है और यह संघ ताजमहल को स्त्री के रूप में वर्णित करने के लिए बहुतों को प्रेरित करता है। चूंकि मुस्लिम परंपरा कब्रों पर विस्तृत सजावट के लिए मना करती है, इसलिए मुमताज और शाहजहाँ के शवों को उनके चेहरे के साथ भीतरी चेम्बर के नीचे एक अपेक्षाकृत सादे तहखाना में रखा गया है, जो दाईं ओर मुड़कर मक्का की ओर है। क्रिप्ट में मुमताज महल की कब्र के किनारों पर भगवान के नब्बे नाइन नामों को सुलेखित शिलालेखों के रूप में पाया जाता है, जिसमें "ओ नोबल, ओ मैग्निफिशियल, ओ मैजेस्टिक, ओ यूनिक, ओ इटर्नल, ओ ग्लोरियस ..." शामिल हैं। इस मकबरे के नाम की उत्पत्ति के बारे में कई सिद्धांत हैं और उनमें से एक सुझाव है कि 'ताज' मुमताज नाम का एक संक्षिप्त नाम है। यूरोपीय यात्री, जैसे कि फ्रांस्वा बर्नियर , जिन्होंने इसके निर्माण का अवलोकन किया, इसे ताजमहल कहने वाले पहले लोगों में से थे। चूंकि यह संभावना नहीं है कि वे नाम के साथ आए थे, इसलिए यह सुझाव दिया गया है कि वे इसे आगरा के स्थानीय लोगों से ले सकते हैं जिन्होंने महारानी को 'ताज महल' कहा था और सोचा था कि मकबरे का नाम उनके नाम पर रखा गया था और नाम का इस्तेमाल किया जाने लगा दूसरे के स्थान पर। हालांकि, इसका सुझाव देने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं है। शाहजहाँ ने ताजमहल में किसी अन्य व्यक्ति को घुसाने का इरादा नहीं किया था; हालाँकि, औरंगज़ेब ने शाहजहाँ को उसके पिता के लिए एक अलग मकबरा बनाने के बजाय मुमताज़ महल की कब्र के पास दफनाया था। यह उनकी पत्नी की कब्र के एक तरफ शाहजहाँ की कब्र के विषम स्थान से स्पष्ट है जो केंद्र में है। ==लोकप्रिय संस्कृति में== उनके पति के बाद एक अन्य के साथ एक क्षुद्रग्रह 433 इरोस के सम्मान में एक गड्ढा नामित किया गया था। ==साहित्य== * अर्जुमंद बानू (मुमताज महल) इंदु सुंदरारेसन के उपन्यास द फीस्ट ऑफ रोजेज (2003) में एक प्रमुख किरदार है और इसकी अगली कड़ी, शैडो प्रिंसेस (2010), उसकी मृत्यु के साथ शुरू होती है। <ref>{{cite news |url=http://www.newindianexpress.com/education/edex/2010/nov/22/a-whiff-of-the-glorious-past-204961.html |work=New Indian Express |date=22 November 2010 |author=Nithya Expresso |title=A whiff of the glorious past |access-date=16 दिसंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190426104039/http://www.newindianexpress.com/education/edex/2010/nov/22/a-whiff-of-the-glorious-past-204961.html |archive-date=26 अप्रैल 2019 |url-status=live }}</ref> * मुमताज़ महल, सोनजा चंद्रचूड़ के उपन्यास ट्रबल एट ताज (2011) में एक मुख्य किरदार है। वह किताब में एक भूत के रूप में दिखाई देती है। <ref>{{cite news |url=https://www.theguardian.com/childrens-books-site/2013/mar/04/review-trouble-at-the-taj-sonja-chandrachud |work=The Guardian |date=4 March 2013 |author=Krazy Kesh |title=Trouble at the Taj by Sonja Chandrachud – review |access-date=16 दिसंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190426102900/https://www.theguardian.com/childrens-books-site/2013/mar/04/review-trouble-at-the-taj-sonja-chandrachud |archive-date=26 अप्रैल 2019 |url-status=live }}</ref> * जॉन शोरस के उपन्यास के नीचे एक संगमरमर का आकाश (2013), महल की बेटी, राजकुमारी जहाँआरा, ताजमहल की असाधारण कहानी बताती है, जो उसके निर्माण में एक एजेंट के रूप में अपने जीवन का वर्णन करती है और भाग्यवादी घटनाओं की गवाह है। इसके पूरा होने के आसपास।<ref>{{cite web |url=https://www.amazon.com/Beneath-Marble-Sky-John-Shors/dp/0929701976 |work=Amazon.com |title=Beneath a Marble Sky |access-date=16 दिसंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190426103148/https://www.amazon.com/Beneath-Marble-Sky-John-Shors/dp/0929701976 |archive-date=26 अप्रैल 2019 |url-status=live }}</ref> ===फिल्में=== * अभिनेत्री एनक्षी राम राउ ने शिराज (1928) में मुमताज महल की भूमिका निभाई। * अभिनेत्री सुरैया ने नानुभाई वकिल की फिल्म ताज महल (1941) में युवा मुमताज महल की भूमिका निभाई। <ref>{{cite web|last1=Raheja|first1=Dinesh|title=Suraiya: a success story|url=http://www.rediff.com/entertai/2002/apr/15dinesh.htm|website=www.rediff.com|accessdate=12 April 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170113201356/http://www.rediff.com/entertai/2002/apr/15dinesh.htm|archive-date=13 जनवरी 2017|url-status=live}}</ref> * मुमताज महल को अभिनेत्री नसरीन ने अब्दुल रशीद करदार की फिल्म शाहजहाँ (1946) में चित्रित किया था। <ref>{{cite web|last1=Kardar|first1=Abdul Rashid|title=Shahjehan|url=https://www.imdb.com/title/tt0038931/|website=[[इंटरनेट मूवी डेटाबेस]]|accessdate=12 April 2017|date=1 January 2000|archive-url=https://web.archive.org/web/20170413070653/http://www.imdb.com/title/tt0038931/|archive-date=13 अप्रैल 2017|url-status=live}}</ref> * बीना राय ने एम। सादिक की फिल्म ताजमहल (1963) में मुमताज महल को चित्रित किया। <ref>{{cite news|last1=Kaur|first1=Devinder Bir|title=Bewitching Bina|url=http://www.tribuneindia.com/2009/20091220/spectrum/main7.htm|accessdate=12 April 2017|work=The Tribune|date=December 20, 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20170413071037/http://www.tribuneindia.com/2009/20091220/spectrum/main7.htm|archive-date=13 अप्रैल 2017|url-status=live}}</ref> * सोन्या जहान ने अकबर खान की फिल्म ताजमहल: एन इटरनल लव स्टोरी (2005) में मुमताज महल का किरदार निभाया। <ref>{{cite news|title=Finding the protagonists|url=http://www.thehindu.com/thehindu/mp/2002/12/17/stories/2002121700010400.htm|accessdate=12 April 2017|work=The Hindu|date=Dec 17, 2002}}</ref> ===अन्य=== मुमताज महल लोकप्रिय गुएरलेन इत्र शालीमार (1921) के पीछे की प्रेरणा थीं। <ref>{{cite news |url=https://www.lvmh.com/news-documents/news/guerlain-recounts-the-enchanting-legend-of-shalimar/ |work=lvmh.com |title=Guerlain recounts the enchanting Legend of Shalimar |date=30 August 2013 |access-date=16 दिसंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190426102512/https://www.lvmh.com/news-documents/news/guerlain-recounts-the-enchanting-legend-of-shalimar/ |archive-date=26 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> ==सन्दर्भ== {{सन्दर्भ}} ==ग्रन्थ== * {{cite book| last = Koch | first = Ebba | title = The Complete Taj Mahal: And the Riverfront Gardens of Agra | url = https://archive.org/details/completetajmahal0000koch | origyear = Aug 2006| type = Hardback| edition = First| publisher = Thames & Hudson Ltd | location = | isbn = 0-500-34209-1| pages = [https://archive.org/details/completetajmahal0000koch/page/288 288] pages }} * {{cite book| last = Preston | first = Diana & Michael | title = A Teardrop on the Cheek of Time | url = https://archive.org/details/teardroponcheeko0000pres | year = 2007| type = Hardback| edition = First| publisher = Doubleday | location = London | isbn = 978-0-385-60947-0| pages = [https://archive.org/details/teardroponcheeko0000pres/page/354 354] pages }} *{{cite book|last1=Tillotson|first1=Giles|title=Taj Mahal|url=https://archive.org/details/tajmahal0000till_r2b4|date=2008|publisher=Harvard University Press|location=Cambridge, Massachusetts|isbn=9780674063655}} *{{cite book|last=Banks Findley|first=Ellison|year=1993|title=Nur Jahan: Empress of Mughal India|url=https://archive.org/details/nurjahanempresso0000find|location=Oxford, UK|publisher=Nur Jahan : Empress of Mughal India|isbn=9780195074888|ref=Findly}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{Commons category}} *[https://web.archive.org/web/20181024031650/http://tajmahalfacts.com/mumtaz-mahal.html मुमताज़ महल] [[श्रेणी:आगरा]] [[श्रेणी:ताजमहल]] [[श्रेणी:मुग़ल साम्राज्य से सम्बन्धित स्त्रियाँ]] 7zogo7qifhlri386ao9hi2zw8nqeu15 राममनोहर लोहिया 0 27365 6582533 6582477 2026-07-14T12:17:06Z SM7 89247 [[Special:Contributions/Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar|Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar]] ([[User talk:Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6578929 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राममनोहर लोहिया | image = Ram Manohar Lohia 1977 stamp of India.jpg | image_size = | alt = | caption = १९७७ के एक डाकटिकट पर लोहिया | birth_date = {{birth date|df=yes|1910|03|23}} | birth_place = [[अकबरपुर, अंबेडकर नगर|अकबरपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] | death_date = {{death date and age|df=yes|1967|10|12|1910|03|23}} | death_place = [[नयी दिल्ली]] | death_cause = | resting_place = | resting_place_coordinates = | nationality = Indian | other_names = | movement = [[भारत छोड़ो आन्दोलन]]<br>[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] | education = | alma_mater = [[कोलकाता विश्वविद्यालय]] (बीए)<br>[[हम्बोल्ट विश्वविद्यालय]], [[बर्लिन]] ([[पीएच डी]]) | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]<br>[[प्रजा समाजवादी पार्टी]]<br>[[संयुक्त समाजवादी दल]] | religion = | spouse = | children = | parents = | awards = | signature = | footnotes = | website = {{URL|www.lohiatoday.com}} }} '''डॉ॰ राममनोहर लोहिया''' (जन्म - [[२३ मार्च]], [[१९१०]] - मृत्यु - [[१२ अक्तूबर|१२ अक्टूबर]], [[१९६७|१९६७]]) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा [[समाजवाद|समाजवादी]] राजनेता थे। == जीवनवृत्त == === आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा === डॉ॰ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या जिला|अयोध्या]] जनपद में वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद नामक स्थान में हुआ था। उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे। ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी (चन्दा देवी) का देहान्त हो गया।। उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला। टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए। उनके पिताजी [[महात्मा गांधी|गाँधीजी]] के अनुयायी थे। जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे। इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। पिताजी के साथ 1918 में [[अहमदाबाद]] कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार शामिल हुए। [[बंबई]] के मारवाड़ी स्कूल में पढ़ाई की। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य गंगाधर तिलक]] की मृत्यु के दिन विद्यालय के लड़कों के साथ 1920 में पहली अगस्त को हड़ताल की। गांधी जी की पुकार पर 10 वर्ष की आयु में स्कूल त्याग दिया। पिताजी को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के आंदोलन के चलते सजा हुई। 1921 में फैजाबाद किसान आंदोलन के दौरान [[जवाहरलाल नेहरू]] से मुलाकात हुई। 1924 में प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस के [[गया]] अधिवेशन में शामिल हुए। 1925 में मैट्रिक की परीक्षा दी। कक्षा में 61 प्रतिशत नंबर लाकर प्रथम आए। इंटर की दो वर्ष की पढ़ाई [[वाराणसी|बनारस]] के [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी विश्वविद्यालय]] में हुई। कॉलेज के दिनों से ही [[खादी|खद्दर्]] पहनना शुरू कर दिया। 1926 में पिताजी के साथ [[गुवाहाटी|गौहाटी]] कांग्रेस अधिवेशन में गए। 1927 में इंटर पास किया तथा आगे की पढ़ाई के लिए [[कोलकाता|कलकत्ता]] जाकर ताराचंद दत्त स्ट्रीट पर स्थित पोद्दार छात्र हॉस्टल में रहने लगे। विद्यासागर कॉलेज में दाखिला लिया। अखिल बंग विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाषचंद्र बोस]] के न पहुंचने पर उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 1928 में कलकता में कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। 1928 से अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन में सक्रिय हुए। [[साइमन कमीशन|साइमन कमिशन]] के बहिष्कार के लिए छात्रों के साथ आंदोलन किया। कलकत्ता में युवकों के सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष तथा सुभाषचंद्र बोस और लोहिया विषय निर्वाचन समिति के सदस्य चुने गए। 1930 में द्वितीय श्रेणी में बीए की परीक्षा पास की। === यूरोप प्रवास === 1930 जुलाई को लोहिया अग्रवाल समाज के कोष से पढ़ाई के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] रवाना हुए। वहाँ से वे [[बर्लिन]] गए। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो॰ बर्नर जेम्बार्ट को अपना प्राध्यापक चुना। 3 महीने में [[जर्मन भाषा]] सीखी। 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने [[दांडी मार्च|दाण्डी यात्रा]] प्रारंभ की। जब नमक कानून तोड़ा गया तब पुलिस अत्याचार से पीड़ित होकर पिता हीरालाल जी ने लोहिया को विस्तृत पत्र लिखा। 23 मार्च को [[लाहौर]] में [[भगत सिंह]] को फांसी दिए जाने के विरोध में [[राष्ट्र संघ|लीग ऑफ नेशन्स]] की बैठक में बर्लिन में पहुंचकर सीटी बजाकर दर्शक दीर्घा से विरोध प्रकट किया। सभागृह से उन्हें निकाल दिया गया। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे [[बीकानेर]] के महाराजा द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर लोहिया ने [[रोमानिया|रूमानिया]] की प्रतिनिधि को खुली चिट्ठी लिखकर उसे अखबारों में छपवाकर उसकी कॉपी बैठक में बंटवाई। [[गांधी-इरविन समझौता|गांधी इर्विन समझौते]] का लोहिया ने [[प्रवासी भारतीय]] विद्यार्थियों की संस्था "मध्य यूरोप हिन्दुस्तानी संघ" की बैठक में संस्था के मंत्री के तौर पर समर्थन किया। [[साम्यवाद|कम्युनिस्टों]] ने विरोध किया। बर्लिन के स्पोटर्स पैलेस में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का भाषण सुना। 1932 में लोहिया ने [[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]] विषय पर अपना [[शोध-प्रबन्ध|शोध प्रबंध]] पूरा कर [[हम्बोल्ट बर्लिन विश्वविद्यालय|बर्लिन विश्वविद्यालय]] से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। === स्वदेश आगमन एवं स्वतंत्रता संग्राम === 1933 में मद्रास पहुंचे। रास्ते में सामान जब्त कर लिया गया। तब समुद्री जहाज से उतरकर [[द हिन्दू|हिन्दु]] अखबार के दफ्तर पहुंचकर दो लेख लिखकर 25 रुपया प्राप्त कर कलकत्ता गए। कलकत्ता से बनारस जाकर [[मदनमोहन मालवीय|मालवीय जी]] से मुलाकात की। उन्होंने रामेश्वर दास बिड़ला से मुलाकात कराई जिन्होंने नौकरी का प्रस्ताव दिया, लेकिन दो हफ्ते साथ रहने के बाद लोहिया ने निजी सचिव बनने से इनकार कर दिया। तब पिता जी के मित्र सेठ [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] लोहिया को गांधी जी के पास ले गए तथा उनसे कहा कि ये लड़का राजनीति करना चाहता है। कुछ दिन तक [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] के साथ रहने के बाद शादी का प्रस्ताव मिलने पर शहर छोड़कर वापस कलकत्ता चले गए। विश्व राजनीति के आगामी 10 वर्ष विषय पर [[ढाका विश्वविद्यालय]] में व्याख्यान देकर कलकत्ता आने-जाने की राशि जुटाई। [[पटना]] में 17 मई 1934 को [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्र देव]] की अध्यक्षता में देश के समाजवादी अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में इकट्ठे हुए, जहां [[समाजवादी पार्टी]] की स्थापना का निर्णय लिया गया। यहां लोहिया ने समाजवादी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी के उद्देश्यों में लोहिया ने पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य जोड़ने का संशोधन पेश किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। 21-22 अक्टूबर 1934 को बम्बई के बर्लि स्थित 'रेडिमनी टेरेस' में 150 समाजवादियों ने इकट्ठा होकर [[कांग्रेस समाजवादी दल|कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी]] की स्थापना की। लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। कांग्रेस सोशलिस्ट सप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बनाए गए। गांधी जी के विरोध में जाकर उन्होंने कांउसिल प्रवेश का विरोध किया। गांधी जी ने लोहिया के लेख पर दो पत्र लिखे। 1936 के [[मेरठ]] अधिवेशन में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के लिए पार्टी का दरवाजा खोल दिया। लोहिया बार-बार कम्युनिस्टों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी [[जयप्रकाश नारायण]] जी एवं अन्य नेताओं को देते रहे। 1935 में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में [[लखनऊ]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जहां लोहिया को परराष्ट्र विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया जिसके चलते उन्हें [[इलाहाबाद]] आना पड़ा। 1938 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी में लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के परराष्ट्र विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1940 में रामगढ़ कांग्रेस के कम्युनिस्टों को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया गया। 1939 में त्रिपुरी कांग्रेस में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] को समाजवादियों ने समर्थन किया। डॉ॰ लोहिया तटस्थ बने रहे। लोहिया ने गांधी जी द्वारा यह कहे जाने पर की बोस का चुनाव मेरी शिकस्त है पर प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव गांधी जी से सम्मानपूर्वक आह्वान करता है कि उनकी शिकस्त नहीं हुई है। गांधी जी की इच्छानुसार सुभाषचंद्र बोस कार्यसमिति बनाने को तैयार नहीं हुए तथा नेहरू सहित अन्य कांग्रेस के नेताओं ने बोस के साथ कार्यसमिति में रहने से इंकार कर दिया तब बोस ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तथा कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। महायुद्ध के समय लोहिया ने युद्धभर्ती का विरोध, देशी रियासतों में आंदोलन, ब्रिटिश माल जहाजों से माल उतारने व लादने वाले मजदूरों का संगठन तथा युद्धकर्ज को मंजूर तथा अदा न करने, जैसे चार सूत्रीय मुद्दों को लेकर युद्ध विरोधी प्रचार शुरू कर दिया। 1939 के मई महीने में दक्षिण कलकता की कांग्रेस कमेटी में युद्ध विरोधी भाषण करने पर उन्हें 24 मई को गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता के चीफ प्रेसीडेन्सी मजिस्टे्रट के सामने लोहिया ने स्वयं अपने मुकदमे की पैरवी और बहस की। 14 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया गया। 9 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस समिति के बैठक [[वर्धा]] में हुई जिसमें लोहिया ने समझौते का विरोध किया। उसी समय उन्होंने '''शस्त्रों का नाश हो''' नामक प्रसिद्ध लेख लिखा। 11 मई 1940 को [[सुल्तानपुर]] के जिला सम्मेलन में लोहिया ने कांग्रेस से 'सत्याग्रह अभी नहीं' नामक लेख लिखा। गांधी जी ने मूल रूप में लोहिया द्वारा दिए गए चार सूत्रों को स्वीकार किया। 7 जून 1940 को डॉ॰ लोहिया को 11 मई को दोस्तपुर ([[सुल्तानपुर]]) में दिए गए भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। उन्हें कोतवाली में सुल्तानपुर में [[इलाहाबाद]] के स्वराज भवन से ले जाकर हथकड़ी पहनाकर रखा गया। 1 जुलाई 1940 को भारत सुरक्षा कानून की धारा 38 के तहत दो साल की सख्त सजा हुई। सजा सुनाने के बाद उन्हें 12 अगस्त को [[बरेली]] जेल भेज दिया गया। 15 जून 1940 को गांधी जी ने '[[हरिजन]]' में लिखा, कि 'मैं युद्ध को गैर कानूनी मानता हूं किन्तु युद्ध के खिलाफ मेरे पास कोई योजना नहीं है इस वास्ते मैं युद्ध से सहमत हूं।' 25 अगस्त को गांधी जी ने लिखा कि 'लोहिया और दूसरे कांग्रेस वालों की सजाएं हिन्दुस्तान को बांधने वाली जंजीर को कमजोर बनाने वाले हथौडे क़े प्रहार हैं। सरकार कांग्रेस को सिविल-नाफरमानी आरंभ करने और आखिरी प्रहार करने के लिए प्रेरित कर रही है। यद्यपि कांग्रेस उसे उस दिन तक के लिए स्थगित करना चाहती है जब तक इंग्लैंड मुसीबत में हो।' गांधी जी ने बंबई में कहा, कि 'जब तक डॉ॰ राममनोहर लोहिया जेल में है तब तक मैं खामोश नहीं बैठ सकता, उनसे ज्यादा बहादुर और सरल आदमी मुझे मालूम नहीं। उन्होंने हिंसा का प्रचार नहीं किया जो कुछ किया है उनसे उनका सम्मान बढ़ता है।' 4 दिसम्बर 1941 को अचानक लोहिया को रिहा कर दिया गया तथा देश के अन्य जेलों में बंद कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। 19 अप्रैल 1942 को हरिजन में लोहिया का लेख 'विश्वासघाती जापान या आत्मसंतुष्ट ब्रिटेन' गांधी जी द्वारा प्रकाशित किया गया। गांधी जी ने टिप्पणी की कि मेरी उम्मीद है कि सभी संबंधित इसके प्रति ध्यान देंगे। सन् 1942 में [[इलाहाबाद]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां लोहिया ने खुलकर नेहरू का विरोध किया। इसके बाद [[अल्मोड़ा]] जिला सम्मेलन में लोहिया ने 'नेहरू को झट पलटने वाला नट' कहा। गांधी जी के साथ एक सप्ताह रहकर लोहिया ने गांधी जी को वाइसराय के नाम पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। जिसमें गांधी जी ने लिखा कि अहिंसानिष्ट सोशलिस्ट डॉ॰ लोहिया ने भारतीय शहरों को बिना पुलिस व फौज के शहर घोषित करने की कल्पना निकाली है। लोहिया जी के द्वारा दुनिया की सभी सरकारों को नई दुनिया की बुनियाद बनाने की योजना की कल्पना गांधी जी के सामने रखी गई, जिसमें एक देश की दूसरे देश में जो पूंजी लगी है उसे जब्त करना, सभी लोगों को संसार में कहीं भी आने-जाने व बसने का अधिकार देना, दुनिया के सभी राष्ट्रों को राजनैतिक आजादी तथा विश्व नागरिकता की बात कही गई थी। गांधी जी ने इसे हरिजन में छापा और अपनी ओर से समर्थन भी किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ जल्दी लड़ाई छेड़ने को लेकर गांधी जी ने दस दिन रूकने के लिए लोहिया को कहा। दस दिन बाद 7 अगस्त 1942 को गांधीजी ने तीन घंटे तक भाषण देकर कहा, कि 'हम अपनी आजादी लड़कर प्राप्त करेंगे।' अगले दिन 8 अगस्त को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव बंबई में बहुमत से स्वीकृत हुआ। गांधी जी ने '''करो या मरो''' का संदेश दिया। ==== भारत छोड़ो आन्दोलन ==== 9 अगस्त १९४२ को जब गांधी जी व अन्य कांग्रेस के नेता गिरफ्तार कर लिए गए, तब लोहिया ने भूमिगत रहकर '[[भारत छोड़ो आन्दोलन|भारत छोड़ो आंदोलन]]' को पूरे देश में फैलाया। लोहिया, [[अच्युत पटवर्धन]], सादिक अली, पुरूषोत्तम टिकरम दास, मोहनलाल सक्सेना, उषा मेहता ,रामनन्दन मिश्रा, सदाशिव महादेव जोशी, साने गुरूजी, [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]], अरूणा आसिफअली, [[सुचेता कृपलानी]] और पूर्णिमा बनर्जी आदि नेताओं का केन्द्रीय संचालन मंडल बनाया गया। लोहिया पर नीति निर्धारण कर विचार देने का कार्यभार सौंपा गया। भूमिगत रहते हुए 'जंग जू आगे बढ़ो, क्रांति की तैयारी करो, आजाद राज्य कैसे बने' जैसी पुस्तिकाएं लिखीं। 20 मई 1944 को लोहिया जी को [[बंबई]] में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद [[लाहौर किला|लाहौर किले]] की एक अंधेरी कोठरी में रखा गया जहां 14 वर्ष पहले [[भगत सिंह]] को [[फांसी]] दी गई थी। पुलिस द्वारा लगातार उन्हें यातनाएँ दी गई, 15-15 दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। किसी से मिलने नहीं दिया गया 4 महीने तक ब्रुश या पेस्ट तक भी नहीं दिया गया। हर समय हथकड़ी बांधे रखी जाती थी। लाहौर के प्रसिद्ध वकील [[जीवनलाल कपूर]] द्वारा [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण]] की याचिका लगाने पर उन्हें तथा [[जयप्रकाश नारायण]] को स्टेट प्रिजनर घोषित कर दिया गया। मुकदमे के चलते सरकार को लोहिया को पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी पड़ी। पहला पत्र लोहिया ने [[ब्रिटिश लेबर पार्टी]] के अध्यक्ष प्रो॰ हेराल्ड जे. लास्की को लिखा जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 1945 में लोहिया को [[लाहौर]] से [[आगरा]] जेल भेज दिया गया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होने पर गांधी जी तथा कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। केवल लोहिया व जयप्रकाश ही जेल में थे। इसी बीच अंग्रेजों की सरकार और कांग्रेस की बीच समझौते की बातचीत शुरू हो गई। [[इंग्लैंड]] में [[लेबर पार्टी (यूके)|लेलेबर पार्टी]] की सरकार बन गई सरकार का प्रतिनिधि मंडल डॉ॰ लोहिया से आगरा जेल में मिलने आया। इस बीच लोहिया के पिता हीरालाल जी की मृत्यु हो गई। किन्तु लोहिया जी ने सरकार की कृपा पर पेरोल पर छूटने से इंकार कर दिया। ====गोवा मुक्ति आन्दोलन==== [[चित्र:Lohia Maidan.jpg|right|thumb|300px|गोवा में राममनोहर लोहिया की प्रतिमा]] 11 अप्रैल 1946 को लोहिया को आगरा जेल से रिहा कर दिया गया। 15 जून को लोहिया ने [[गोवा]] के [[पणजी|पंजिम]] में '[[भारतीय वायुसेना|गोवा मुक्ति आंदोलन]]' की पहली सभा ली। लोहिया को 18 जून को गोवा मुक्ति आंदोलन के शुरूआत के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। 14 अगस्त 1946 को 'हरिजन' में गांधी जी ने लिखा कि, लोहिया को बधाई दी जानी चाहिए। 30 दिसम्बर 1946 को [[नोवाखाली|नवाखली]] में हिन्दु और मुसलमान के बीच के अविश्वास को दूर करने में गांधी जी के साथ विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया। पूरे साल नवाखली, कलकत्ता, बिहार, दिल्ली सभी जगह लोहिया गांधी जी के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता की आग को बुझाने की कोशिश करते रहे। 9 अगस्त 1947 से लगातार हिंसा रोकने का प्रयास चलता रहा। 14 अगस्त की रात को हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई के नारों के साथ लोहिया ने सभा की। 31 अगस्त को वातावरण फिर बिगड़ गया, गांधी जी अनशन पर बैठ गए तब लोहिया ने दंगाईयों के हथियार इकट्ठे कराए। लोहिया के प्रयास से शांति समिति की स्थापना हुई तथा 4 सितम्बर को गांधी जी ने अनशन तोड़ा। 29 सितम्बर को बेलगांव में लोहिया को फिर गिरफ्तार कर लिया गया। 26, 27, 28 फ़रवरी 1947 को सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में तटस्थ रहने का निर्णय लिया गया। === स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद === जनवरी 1947 में लोहिया ने [[नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस]] को स्थापित करने तथा राणाशाही के विरुद्ध सत्याग्रह प्रारंभ करने की पहल की। 25 जनवरी 1948 को बंबई हड़ताल को लेकर लोहिया जी ने गांधी जी से हड़ताल का समर्थन मांगा। 28 जनवरी को गांधी जी ने कहा कि कल आना कल पेट भर की बात होगी। 30 जनवरी को लोहिया जब बिड़ला भवन के लिए निकले तब उन्हें गांधी जी की हत्या की खबर सुनने को मिली। मार्च 1948 में नासिक सम्मेलन में सोशलिस्ट दल ने कांग्रेस से अलग होने का निश्चय किया। लोहिया की प्रेरणा से रियासतों की समाप्ति का आंदोलन 650 रिसासतों में समाजवादी चला रहे थे। 2 जनवरी 1948 को रीवा में 'हमें चुनाव चाहिए विभाजन रद्द करो' के नारे के साथ आंदोलन किया गया जिसमें पुलिस ने गोली चलाई 4 आंदोलनकारी शहीद हुए। 1949 को सोशलिस्ट पार्टी द्वारा लोहिया के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला के आमरण अनशन तथा नेपाल में राणाशाही के अत्याचार के खिलाफ सभा की गई। नेपाली दूतावास की ओर जब जुलूस बढ़ा तब लाठी चार्ज किया गया लोहिया को गिरफ्तार किया गया। 20 जून को देश भर में लोहिया दिवस मनाया गया। मुकदमे में दो महीने की कैद हुई। 3 जुलाई को उन्हें रिहा कर दिया गया। सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसी सम्मेलन में लोहिया ने 'चौखंभा राज्य' की कल्पना प्रस्तुत की। पटना में 'हिन्द किसान पंचायत' की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष लोहिया को चुना गया। 25 नवम्बर 1949 को लखनऊ में एक लाख किसानों ने विशाल प्रदर्शन किया। 26 फ़रवरी 1950 को [[रीवा]] में 'हिन्द किसान पंचायत' का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। दिल्ली में 3 जून 1951 को जनवाणी दिवस पर प्रदर्शन किया गया। 'रोजी-रोटी कपड़ा दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो', प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा था। 14 जून 1951 को सागर स्टेशन में लोहिया को गिरफ्तार कर बेंगलूर के हवालात में बंद कर दिया गया। 3 जुलाई को लोहिया छूटे। 24 जुलाई को वे विश्व सरकार के समर्थकों के सम्मेलन में [[स्वीडन]] की राजधानी स्टॉकहोम गए 17 साल बाद वे पुन: बर्लिन पहुंचे। लोहिया इंग्लैंड, पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण पश्चिम एशिया के कई देशों में गए; [[इज़राइल|इस्रायल]] से होकर 15 नवम्बर को स्वेदश लौटे। 1951 में लोहिया को 3 जुलाई को समाजवादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बुलाया गया। सम्मेलन में जर्मनी, युगोस्लाविया, अमेरिका, हवाई, जापान, हांगकांग, थाईदेश, सिंगापुर मलाया, इंडोनेशिया तथा लंका भी गए। लोहिया विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टन से प्रिंसटन में मिले। [[अल्बर्ट आइंस्टीन|आइंस्टीन]] ने कहा, कि 'किसी मनुष्य से मिलना कितना अच्छा होता है आदमी कितना अकेला पड़ जाता है।' लोहिया ने अमरीका में सैकड़ों स्थानों पर भाषण किए। उस समय उन्होंने एशिया की समस्त सोशलिस्ट पार्टियों का संगठन निर्मित करने का विचार बनाया। 25 मार्च से 29 मार्च 1952 में एशियाई सोशलिस्ट कान्फ्रेंस हुई, लेकिन इसमें लोहिया शामिल नहीं हो सके। जयप्रकाश नरायण भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता बन कर [[यांगून|रंगून]] गए। [[चित्र:Mani Ram Bagri1.jpg|अंगूठाकार|डॉ राममनोहर लोहिया, मणि राम बागरी, मधु लिमये, एस एम जोशी]] मई 1952 में [[पचमढ़ी|पंचमढ़ी]] में सोशलिस्ट पार्टी का सम्मेलन हुआ। आम चुनाव में हार के बाद लोहिया ने चुनावों की पराजय की शव परीक्षा के बदले ठोस विचारों की ओर पार्टी को ले जाने का विचार दिया। गुजरात पार्टी सम्मेलन में इतिहास चक्र की नई व्याख्या लोहिया द्वारा प्रस्तुत की गई। 24-25 सितम्बर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की जनरल कौंसिल बैठक में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी और सोशिलिस्ट पार्टी के विलय का निर्णय लिया गया। इस तरह [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी|प्रजा सोशलिस्ट पार्टी]] का जन्म हुआ। 29 से 31 दिसम्बर 1953 को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का पहला सम्मेलन इलाहाबाद में हुआ। वहां लोहिया ने इलाहाबाद थीसिस प्रस्तुत की। लोहिया को उनके मना करने के बावजूद पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया। 13-14 मई 1954 को उत्तर प्रदेश प्रजा सोशलिस्ट पार्टी द्वारा नहर रेट की बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया गया। 4 जुलाई 1954 को फारूखाबाद में वाणी स्वतंत्रता के संघर्ष को लेकर भाषण दिए जाने के कारण गिरफ्तार किया गया। नागपुर में 26-28 नवम्बर 1954 के बीच [[केरल]] गोली कांड पर विचार करने के लिए सम्मेलन हुआ। लोहिया केरल मंत्रीमंडल से इस्तीफा मांग चुके थे। 31 दिसम्बर 1955 तथा 1 जनवरी 1956 को सोशलिस्ट पार्टी का स्थापना हुई। लखनऊ में लोहिया के नेतृत्व में एक लाख किसानों का प्रदर्शन हुआ। 1956 में लोहिया ने "मैनकाइंड" नामक पत्रिका शुरू की। सोशिलिस्ट पार्टी का प्रथम वार्षिक अधिवेशन भारत के मध्य बिंदु मध्यप्रदेश के ग्राम सिहोरा में 28, 29, 30 दिसम्बर 1956 को हुआ। 2 नवम्बर 1957 को लोहिया क्रिमनल लॉ एमेंडमेंड एक्ट की धारा 7 की तहत डाकिए से कुछ कहने पर अकारण गिरफ्तार कर लिया गया। 12 नवम्बर 1958 को लोहिया पूर्वोतर के दौरे पर निकले, जहां उन्हें दौरा करने से रोक दिया गया। एक साल बाद फिर उसी स्थान उर्वसियम ([[नेफ़ा|नेफा]]) से लोहिया ने पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 17 अप्रैल 1960 को कानुपर के सर्किट हाउस में अनाधिकृत प्रवेश करने के कारण अपराध बताकर उन्हें पुन: गिरफ्तार किया गया। 1961 में '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन]]''' के दौरान लोहिया की सभा पर मद्रास में पत्थर बरसाये गए। 1961 में लोहिया एथेंस, रोम और काहिरा गए। 1962 में चुनाव हुआ लोहिया नेहरू के विरुद्ध [[फूलपुर]] में चुनाव मैदान में उतरे। 11 नवम्बर 1962 को कलकत्ता में सभा कर लोहिया ने [[तिब्बत]] के सवाल को उठाया। 1963 के फारूखाबाद के लोकसभा उपचुनाव में लोहिया 58 हजार मतों से चुनाव जीते। लोकसभा में लोहिया की तीन आना बनाम पन्द्रह आना की बहस अत्यंत चर्चित रही, जिसमें उन्होंने 18 करोड़ आबादी के चार आने पर जिंदगी काटने तथा प्रधानमंत्री पर 25 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च करने का आरोप लगाया। 9 अगस्त 1965 को लोहिया को भारत सुरक्षा कानून के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। ; अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन लोहिया जानते थे कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में अंग्रेजी का प्रयोग आम जनता की प्रजातंत्र में शत प्रतिशत भागीदारी के रास्ते का रोड़ा है। उन्होंने इसे सामंती भाषा बताते हुए इसके प्रयोग के खतरों से बारंबार आगाह किया और बताया कि यह मजदूरों, किसानों और शारीरिक श्रम से जुड़े आम लोगों की भाषा नहीं है। उन्होंने लिखा: : '' यदि सरकारी और सार्वजनिक काम ऐसी भाषा में चलाये जाएं, जिसे देश के करोड़ों आदमी न समझ सकें, तो यह केवल एक प्रकार का जादू-टोना होगा। दुख की बात है कि लोहिया के अंग्रेजी हटाओ आंदोलन (1957) को हिंदी का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा गया, जबकि लोहिया ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अंग्रेजी हटाओ का अर्थ हिंदी लाओ कदापि नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति और उनके प्रयोग की खुल कर वकालत की। उनके अनुसार अंग्रेजी हटाओ का अर्थ 'मातृभाषा लाओ' था। भारतीय राजनीति का बेबाक और बिंदास चेहरा रहे राममनोहर लोहिया ने ५० के दशक में ही भांप लिया था। उन्होंने लोकसभा में बल देकर अपनी बात रखते हुए कहा था: :'' अंग्रेजी को खत्म कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि अंग्रेजी का सार्वजनिक प्रयोग बंद हो, लोकभाषा के बिना लोक राज्य असंभव है। कुछ भी हो अंग्रेजी हटनी ही चाहिये, उसकी जगह कौन सी भाषाएं आती हैं यह प्रश्न नहीं है। हिन्दी और किसी भाषा के साथ आपके मन में जो आए सो करें, लेकिन अंग्रेजी तो हटना ही चाहिये और वह भी जल्दी। अंग्रेज गये तो अंग्रेजी चली जानी चाहिये। === देहावसान === 30 सितम्बर 1967 को लोहिया को नई दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल अब जिसे लोहिया अस्पताल कहा जाता है को पौरूष ग्रंथि के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया जहां 12 अक्टूबर 1967 को उनका देहांत 57 वर्ष की आयु में हो गया। == गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी == देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे। == जैसी कथनी वैसी करनी == लोहिया के समाजवादी आंदोलन की संकल्पना के मूल में अनिवार्यत: विचार और कर्म की उभय उपस्थिति थी- जिसके मूर्तिमंत स्वरूप स्वयं डॉ॰ लोहिया थे और आजन्म उन्होंने ‘कर्म और विचार’ की इस संयुक्ति को अपने आचरण से जीवन्त उदाहरण भी प्रस्तत किया। अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम व्यक्तित्वों की भांति लोहिया प्रभावित भी थे। वे जेल भी गए और ऐसी यातनाएं भी सहीं। आजादी से पूर्व ही कांग्रेस के भीतर उनका सोशलिस्ट ग्रुप था, लेकिन पंद्रह अगस्त सैंतालिस को अंग्रेजों से मुक्ति पाने पर वे उल्लसित तो थे लेकिन विभाजन की कीमत पर पाई गई इस स्वतंत्रता के कारण नेहरू और नेहरू की कांग्रेस से उनका रास्ता हमेशा के लिए अलग हो गया। स्वतंत्रता के नाम पर सत्ता की लिप्सा का यह खुला खेल लोहिया ने अपनी नंगी आंखों से देखा था और इसीलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनमें इतना रोष और क्षोभ था कि उन्हें धुर दक्षिणपंथी और वामपंथियों दोनों को साथ लेना भी उन्हें बेहतर विकल्प ही प्रतीत हुआ। == मौलिक एवं ठेठ देसी चिन्तक == स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के राजनेताओं में लोहिया मौलिक विचारक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 मार्च 2009 |archive-date=14 नवंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061114085226/http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |url-status=dead }}</ref> लोहिया के मन में भारतीय गणतंत्र को लेकर ठेठ देसी सोच थी। अपने इतिहास, अपनी भाषा के सन्दर्भ में वे कतई पश्चिम से कोई सिद्धांत उधार लेकर व्याख्या करने को राजी नहीं थे। सन् 1932 में जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में देश से अंग्रेजी हटाने का जो आह्वान किया। '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]]''' की गणना अब तक के कुछ इने गिने आंदोलनों में की जा सकती है। उनके लिए स्वभाषा राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि अपने स्वाभिमान का प्रश्न और लाखों–करोडों को हीन ग्रंथि से उबरकर आत्मविश्वास से भर देने का स्वप्न था– ‘‘मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान के साधारण लोग अपने अंग्रेजी के अज्ञान पर लजाएं नहीं, बल्कि गर्व करें। इस सामंती भाषा को उन्हीं के लिए छोड़ दें जिनके मां बाप अगर शरीर से नहीं तो आत्मा से अंग्रेज रहे हैं।’’ हलांकि लोहिया भी [[जर्मनी]] यानी विदेश से पढा़ई कर के आए थे, लेकिन उन्हें उन प्रतीकों का अहसास था जिनसे इस देश की पहचान है। [[महाशिवरात्रि|शिवरात्रि]] पर चित्रकूट में '''[[रामायण मेला]]''' उन्हीं की संकल्पना थी, जो सौभाग्य से अभी तक अनवरत चला आ रहा है। आज भी जब चित्रकूट के उस मेले में हजारों भारतवासियों की भीड़ स्वयमेव जुटती है तो लगता है कि ये ही हैं जिनकी चिंता लोहिया को थी, लेकिन आज इनकी चिंता करने के लिए लोहिया के लोग कहां हैं? == राजनीतिक शुचिता के पक्षधर == लोहिया ही थे जो राजनीति की गंदी गली में भी शुद्ध आचरण की बात करते थे। वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस सरकार के शासन में आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। ध्यान रहे स्वाधीन भारत में किसी भी राज्य में यह पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी– ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में तब सफाई और भलाई आएगी जब किसी पार्टी के खराब काम की निंदा उसी पार्टी के लोग करें।....और मै यह याद दिला दूं कि मुझे यह कहने का हक है कि हम ही हिंदुस्तान में एक राजनीतिक पार्टी हैं जिन्होंने अपनी सरकार की भी निंदा की थी और सिर्फ निंदा ही नहीं की बल्कि एक मायने में उसको इतना तंग किया कि उसे हट जाना पडा़। == कर्मवीर == लोहिया जी केवल चिन्तक ही नहीं, एक कर्मवीर भी थे। उन्होने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सन १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के समय [[उषा मेहता]] के साथ मिलकर उन्होने गुप्त रेडियो स्टेशन चलाया। १८ जून १९४६ को [[गोवा|गोआ]] को पुर्तगालियों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाने के लिये उन्होने आन्दोलन आरम्भ किया। अंग्रेजी को भारत से हटाने के लिये उन्होने [[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]] चलाया। == सप्त क्रान्तियाँ == लोहिया अनेक सिद्धान्तों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक हैं। वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे। उन्होंने एक साथ '''सात क्रांतियों''' का आह्वान किया। वे सात क्रान्तियां थी ये थीं- *(१) नर-नारी की समानता के लिए क्रान्ति, *(२) चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ क्रान्ति, *(३) संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए क्रान्ति, *(४) परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए क्रान्ति, *(५) निजी पूँजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए क्रान्ति, *(६) निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए क्रान्ति, *(७) अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिये क्रान्ति। इन सात क्रांतियों के सम्बन्ध में लोहिया ने कहा- : ''मोटे तौर से ये हैं सात क्रांन्तियाँ। सातों क्रांतियां संसार में एक साथ चल रही हैं। अपने देश में भी उनको एक साथ चलाने की कोशिश करना चाहिए। जितने लोगों को भी क्रांति पकड़ में आयी हो उसके पीछे पड़ जाना चाहिए और बढ़ाना चाहिए। बढ़ाते-बढ़ाते शायद ऐसा संयोग हो जाये कि आज का इन्सान सब नाइन्साफियों के खिलाफ लड़ता-जूझता ऐसे समाज और ऐसी दुनिया को बना पाये कि जिसमें आन्तरिक शांति और बाहरी या भौतिक भरा-पूरा समाज बन पाये।''<ref>{{Cite web |url=http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |title=लोहिया के विचार |access-date=16 अक्तूबर 2016 |archive-date=3 मार्च 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170303035145/http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |url-status=dead }}</ref><ref>[https://www.wattpad.com/2897374-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/page/134 डॉ लोहिया की सप्तक्रांति के उद्देश्य]</ref> == भारत-विभाजन पर लोहिया के विचार == उस समय की तमाम ऐसी घटनाओं और स्थितियों का जिनके प्रति एक आम भारतीय नागरिक के मन में बहुत स्पष्ट और तार्किक व्याख्या नहीं है, लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘गिल्टी मैन एंड इंडियाज पार्टीशन’ (भारत विभाजन के गुनहगार) में परत दर परत रहस्यों को खोला है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि उस समय के पूरे आंखों देखे इतिहास को ही नहीं, बल्कि उसके एक सक्रिय, जीवंत पात्र रहे लोहिया की बातों को आजाद भारत में सत्तारूढ़ दल द्वारा एक विपक्षी नेता की ‘खीझ’ से ज्यादा नहीं समझने दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि सत्ता हस्तांतरण के खेल की असलियत संग्रहालयों में दफन दस्तावेजों से ज्यादा लोहिया जैसे नेताओं को भी मालूम थी जिसे होते हुए उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। == लेखन == [[Image:Ram Manohar Lohia 1997 stamp of India.jpg|right|thumb|300px|१९९७ में भारत सरकार ने लोहिया की स्मृति में डाकटिकट निकाला]] डॉ राममनोहर लोहिया ने अनेकों विषयों पर अपने विचार लेख एवं पुस्तकों के रूप में प्रकाशित कीं। उनकी कुछ रचनाएँ हैं- * अंग्रेजी हटाओ * इतिहास चक्र * देश, विदेश नीति-कुछ पहलू * धर्म पर एक दृष्टि * भारतीय शिल्प * भारत विभाजन के गुनहगार * मार्क्सवाद और समाजवाद * राग, जिम्मेदारी की भावना, अनुपात की समझ * समलक्ष्य, समबोध * समदृष्टि * सच, कर्म, प्रतिकार और चरित्र निर्माण आह्‌वान * समाजवादी चिंतन * संसदीय आचरण * संपूर्ण और संभव बराबरी और दूसरे भाषण * हिंदू बनाम हिंदू ; अंग्रेजी में * ''The Caste System'': Hyderabad, Navahind [1964] 147 p. * ''Foreign Policy'': Aligarh, P.C. Dwadash Shreni, [1963?] 381 p. * ''Fragments of World Mind'': Maitrayani Publishers & Booksellers ; Allahabad [1949] 262 p. * ''Fundamentals of a World Mind'': ed. by K.S. Karanth. Bombay, Sindhu Publications, [1987] 130 p. * ''Guilty Men of India’s Partition'': Lohia Samata Vidyalaya Nyas, Publication Dept.,[1970] 103 p. * ''India, China, and Northern Frontiers'': Hyderabad, Navahind [1963] 272 p. * ''Interval During Politics'': Hyderabad, Navahind [1965] 197 p. * ''Marx, Gandhi and Socialism'': Hyderabad, Navahind [1963] 550 p. * ''Collected Works of Dr Lohia'' समाजवादी लेखक डॉ मस्तराम कपूर द्वारा ९ भागों में सम्पादित। ==स्मारक== * अवध विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "[[डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय]]" रखा गया है। * उनके नाम पर भारत के एक प्रमुख विधि स्कूल का नाम [[डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय]], [[लखनऊ]] रखा गया है। * [[पणजी]] के '१८ जून रोड' का नाम डॉ राममनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया है। १८ जून १९४६ को इसी जगह से उन्होने पुर्तगाली शासन के विरुद्ध आन्दोलन आरम्भ किया था। * सन १९७० में दिल्ली के 'विल्लिंगडन हॉस्पिटल' का नाम बदलकर [[राम मनोहर लोहिया अस्पताल]] कर दिया गया। इसी अस्पताल में उन्होने अन्तिम सांस ली थी। * [[लखनऊ]] में [[डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान]] उनके नाम पर ही है। * उनके गृहनगर अकबरपुर में उनके नाम पर एक सामुदायिक भवन बना है, जिसका नाम "डॉ राममनोहर लोहिया भवन" रखा गया है। * [[कर्नाटक]] के [[बल्लारी]] में उनके नाम से "लोहिया प्रकाशन" नामक एक प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान था। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हे भी देखें == * [[जयप्रकाश नारायण]] * [[सप्तक्रांति]] * [[रामायण मेला]] == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote|राममनोहर लोहिया}} * [http://www.socialistpartyindia.blogspot.com/2017/09/blog-post_10.html हिन्दी के सरलीकरण की नीति] हिन्दी शब्द सृजन आदि से सम्बन्धित लोहिया के विचार) * [http://www.lohiavani.com/Default.aspx लोहियावाणी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161019014248/http://www.lohiavani.com/Default.aspx |date=19 अक्तूबर 2016 }} * [http://lohiaphotos.blogspot.com तस्‍वीरों में लोहिया] * [http://issbaar.blogspot.com/2011/02/blog-post_7794.html सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत : लोहिया] (संस्कृति, समाज और भाषा के अन्तःसम्बन्धों की पड़ताल) * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/hindu-banam-hindu.pdf हिन्दू बनाम हिन्दू : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/ram-krishnashiv.pdf राम, कृष्ण और शिव : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/krishna.pdf कृष्ण : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/econ_after_lohia1.pdf अर्थशास्त्र : मार्क्स, लोहिया से आगे /सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/audyogikaran_ka_andhavishvas.pdf औद्योगीकरण का अंधविश्वास : सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/shiksha-sawal-jawab1.pdf शिक्षा पर सवाल जवाब ] * [http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml गांधी-लोहिया का पुनर्पाठ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101021060027/http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml |date=21 अक्तूबर 2010 }} * [http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm लोहिया : एक असमाप्त जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927003229/http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm |date=27 सितंबर 2007 }} * [http://kashivishvavidyalay.wordpress.com/2007/04/24/lohiaramkrishnashiv-2/ लोहिया : मर्यादित, उन्मुक्त और असीमित व्यक्तित्व (२)] * [http://www.indiannationalism.org/pdf/Dr._Rammanohar_Lohiya.pdf गंगा तीरे, सरयू तीरे]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (राममनोहर लोहिया पर विशेष) * [http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 तो इतिहास कुछ और होता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110920031542/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 |date=20 सितंबर 2011 }} (भारतीय पक्ष) * [http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html लोहिया के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305120324/http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html |date=5 मार्च 2016 }} * [http://aarambha.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html स्वर्गीय लोहिया साहब : रामधारी सिंह 'दिनकर'] * [http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2004/04/040415_socialists_ideology.shtml समाजवादी विचारधारा आज कहाँ है ?] (बीबीसी हिन्दी) * [http://books.google.co.in/books?id=sctwuur-nmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false लोहिया के विचार] (गूगल पुस्तक) * [http://books.google.co.in/books?id=n2VV7CQ8Jc4C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false ना रहूँ किसी का दस्तनिगर : मेरा सफरनामा] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैप्टेन अब्बास अली) * [http://www.pravakta.com/?p=8190 यह लोहिया की सदी हो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100325102121/http://www.pravakta.com/?p=8190 |date=25 मार्च 2010 }} (वेदप्रताप वैदिक) * [http://kiransnm.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html लोहिया नें संसद को बनाया लोक सदन] (किरन माहेश्वरी) * [http://www.pravakta.com/?p=8211 डॉ॰ लोहिया का इतिहास चिंतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100326212816/http://www.pravakta.com/?p=8211 |date=26 मार्च 2010 }} – डॉ॰ मनोज चतुर्वेदी * [http://www.nafanuksan.com/DetailNews.aspx?newsid=2538&status=other डॉ॰ लोहिया और सप्त क्रान्ति]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 लोहिया के बिना साहित्य का इतिहास अधूरा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110912200346/http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 |date=12 सितंबर 2011 }} - नामवर सिंह * [http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 लोहिया का अंगरेजी विरोध] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110911141922/http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 |date=11 सितंबर 2011 }} (गंगा सहाय मीणा) * [http://bharatkenayak.blogspot.com/2011/04/blog-post_16.html समाजवादी नायक : श्री राम मनोहर लोहिया] * [http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 अप्रासंगिक हुआ लोहिया का गैर-कांग्रेसवाद?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140201162827/http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 |date=1 फ़रवरी 2014 }} (प्रभासाक्षी) [[श्रेणी:1910 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९६७ में निधन]] ei2ei7mf9zo5z1ngz595cuvwxc0938v 6582657 6582533 2026-07-14T20:46:17Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* देहावसान */ 6582657 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राममनोहर लोहिया | image = Ram Manohar Lohia 1977 stamp of India.jpg | image_size = | alt = | caption = १९७७ के एक डाकटिकट पर लोहिया | birth_date = {{birth date|df=yes|1910|03|23}} | birth_place = [[अकबरपुर, अंबेडकर नगर|अकबरपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] | death_date = {{death date and age|df=yes|1967|10|12|1910|03|23}} | death_place = [[नयी दिल्ली]] | death_cause = | resting_place = | resting_place_coordinates = | nationality = Indian | other_names = | movement = [[भारत छोड़ो आन्दोलन]]<br>[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] | education = | alma_mater = [[कोलकाता विश्वविद्यालय]] (बीए)<br>[[हम्बोल्ट विश्वविद्यालय]], [[बर्लिन]] ([[पीएच डी]]) | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]<br>[[प्रजा समाजवादी पार्टी]]<br>[[संयुक्त समाजवादी दल]] | religion = | spouse = | children = | parents = | awards = | signature = | footnotes = | website = {{URL|www.lohiatoday.com}} }} '''डॉ॰ राममनोहर लोहिया''' (जन्म - [[२३ मार्च]], [[१९१०]] - मृत्यु - [[१२ अक्तूबर|१२ अक्टूबर]], [[१९६७|१९६७]]) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा [[समाजवाद|समाजवादी]] राजनेता थे। == जीवनवृत्त == === आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा === डॉ॰ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या जिला|अयोध्या]] जनपद में वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद नामक स्थान में हुआ था। उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे। ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी (चन्दा देवी) का देहान्त हो गया।। उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला। टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए। उनके पिताजी [[महात्मा गांधी|गाँधीजी]] के अनुयायी थे। जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे। इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। पिताजी के साथ 1918 में [[अहमदाबाद]] कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार शामिल हुए। [[बंबई]] के मारवाड़ी स्कूल में पढ़ाई की। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य गंगाधर तिलक]] की मृत्यु के दिन विद्यालय के लड़कों के साथ 1920 में पहली अगस्त को हड़ताल की। गांधी जी की पुकार पर 10 वर्ष की आयु में स्कूल त्याग दिया। पिताजी को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के आंदोलन के चलते सजा हुई। 1921 में फैजाबाद किसान आंदोलन के दौरान [[जवाहरलाल नेहरू]] से मुलाकात हुई। 1924 में प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस के [[गया]] अधिवेशन में शामिल हुए। 1925 में मैट्रिक की परीक्षा दी। कक्षा में 61 प्रतिशत नंबर लाकर प्रथम आए। इंटर की दो वर्ष की पढ़ाई [[वाराणसी|बनारस]] के [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी विश्वविद्यालय]] में हुई। कॉलेज के दिनों से ही [[खादी|खद्दर्]] पहनना शुरू कर दिया। 1926 में पिताजी के साथ [[गुवाहाटी|गौहाटी]] कांग्रेस अधिवेशन में गए। 1927 में इंटर पास किया तथा आगे की पढ़ाई के लिए [[कोलकाता|कलकत्ता]] जाकर ताराचंद दत्त स्ट्रीट पर स्थित पोद्दार छात्र हॉस्टल में रहने लगे। विद्यासागर कॉलेज में दाखिला लिया। अखिल बंग विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाषचंद्र बोस]] के न पहुंचने पर उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 1928 में कलकता में कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। 1928 से अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन में सक्रिय हुए। [[साइमन कमीशन|साइमन कमिशन]] के बहिष्कार के लिए छात्रों के साथ आंदोलन किया। कलकत्ता में युवकों के सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष तथा सुभाषचंद्र बोस और लोहिया विषय निर्वाचन समिति के सदस्य चुने गए। 1930 में द्वितीय श्रेणी में बीए की परीक्षा पास की। === यूरोप प्रवास === 1930 जुलाई को लोहिया अग्रवाल समाज के कोष से पढ़ाई के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] रवाना हुए। वहाँ से वे [[बर्लिन]] गए। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो॰ बर्नर जेम्बार्ट को अपना प्राध्यापक चुना। 3 महीने में [[जर्मन भाषा]] सीखी। 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने [[दांडी मार्च|दाण्डी यात्रा]] प्रारंभ की। जब नमक कानून तोड़ा गया तब पुलिस अत्याचार से पीड़ित होकर पिता हीरालाल जी ने लोहिया को विस्तृत पत्र लिखा। 23 मार्च को [[लाहौर]] में [[भगत सिंह]] को फांसी दिए जाने के विरोध में [[राष्ट्र संघ|लीग ऑफ नेशन्स]] की बैठक में बर्लिन में पहुंचकर सीटी बजाकर दर्शक दीर्घा से विरोध प्रकट किया। सभागृह से उन्हें निकाल दिया गया। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे [[बीकानेर]] के महाराजा द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर लोहिया ने [[रोमानिया|रूमानिया]] की प्रतिनिधि को खुली चिट्ठी लिखकर उसे अखबारों में छपवाकर उसकी कॉपी बैठक में बंटवाई। [[गांधी-इरविन समझौता|गांधी इर्विन समझौते]] का लोहिया ने [[प्रवासी भारतीय]] विद्यार्थियों की संस्था "मध्य यूरोप हिन्दुस्तानी संघ" की बैठक में संस्था के मंत्री के तौर पर समर्थन किया। [[साम्यवाद|कम्युनिस्टों]] ने विरोध किया। बर्लिन के स्पोटर्स पैलेस में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का भाषण सुना। 1932 में लोहिया ने [[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]] विषय पर अपना [[शोध-प्रबन्ध|शोध प्रबंध]] पूरा कर [[हम्बोल्ट बर्लिन विश्वविद्यालय|बर्लिन विश्वविद्यालय]] से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। === स्वदेश आगमन एवं स्वतंत्रता संग्राम === 1933 में मद्रास पहुंचे। रास्ते में सामान जब्त कर लिया गया। तब समुद्री जहाज से उतरकर [[द हिन्दू|हिन्दु]] अखबार के दफ्तर पहुंचकर दो लेख लिखकर 25 रुपया प्राप्त कर कलकत्ता गए। कलकत्ता से बनारस जाकर [[मदनमोहन मालवीय|मालवीय जी]] से मुलाकात की। उन्होंने रामेश्वर दास बिड़ला से मुलाकात कराई जिन्होंने नौकरी का प्रस्ताव दिया, लेकिन दो हफ्ते साथ रहने के बाद लोहिया ने निजी सचिव बनने से इनकार कर दिया। तब पिता जी के मित्र सेठ [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] लोहिया को गांधी जी के पास ले गए तथा उनसे कहा कि ये लड़का राजनीति करना चाहता है। कुछ दिन तक [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] के साथ रहने के बाद शादी का प्रस्ताव मिलने पर शहर छोड़कर वापस कलकत्ता चले गए। विश्व राजनीति के आगामी 10 वर्ष विषय पर [[ढाका विश्वविद्यालय]] में व्याख्यान देकर कलकत्ता आने-जाने की राशि जुटाई। [[पटना]] में 17 मई 1934 को [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्र देव]] की अध्यक्षता में देश के समाजवादी अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में इकट्ठे हुए, जहां [[समाजवादी पार्टी]] की स्थापना का निर्णय लिया गया। यहां लोहिया ने समाजवादी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी के उद्देश्यों में लोहिया ने पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य जोड़ने का संशोधन पेश किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। 21-22 अक्टूबर 1934 को बम्बई के बर्लि स्थित 'रेडिमनी टेरेस' में 150 समाजवादियों ने इकट्ठा होकर [[कांग्रेस समाजवादी दल|कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी]] की स्थापना की। लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। कांग्रेस सोशलिस्ट सप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बनाए गए। गांधी जी के विरोध में जाकर उन्होंने कांउसिल प्रवेश का विरोध किया। गांधी जी ने लोहिया के लेख पर दो पत्र लिखे। 1936 के [[मेरठ]] अधिवेशन में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के लिए पार्टी का दरवाजा खोल दिया। लोहिया बार-बार कम्युनिस्टों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी [[जयप्रकाश नारायण]] जी एवं अन्य नेताओं को देते रहे। 1935 में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में [[लखनऊ]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जहां लोहिया को परराष्ट्र विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया जिसके चलते उन्हें [[इलाहाबाद]] आना पड़ा। 1938 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी में लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के परराष्ट्र विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1940 में रामगढ़ कांग्रेस के कम्युनिस्टों को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया गया। 1939 में त्रिपुरी कांग्रेस में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] को समाजवादियों ने समर्थन किया। डॉ॰ लोहिया तटस्थ बने रहे। लोहिया ने गांधी जी द्वारा यह कहे जाने पर की बोस का चुनाव मेरी शिकस्त है पर प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव गांधी जी से सम्मानपूर्वक आह्वान करता है कि उनकी शिकस्त नहीं हुई है। गांधी जी की इच्छानुसार सुभाषचंद्र बोस कार्यसमिति बनाने को तैयार नहीं हुए तथा नेहरू सहित अन्य कांग्रेस के नेताओं ने बोस के साथ कार्यसमिति में रहने से इंकार कर दिया तब बोस ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तथा कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। महायुद्ध के समय लोहिया ने युद्धभर्ती का विरोध, देशी रियासतों में आंदोलन, ब्रिटिश माल जहाजों से माल उतारने व लादने वाले मजदूरों का संगठन तथा युद्धकर्ज को मंजूर तथा अदा न करने, जैसे चार सूत्रीय मुद्दों को लेकर युद्ध विरोधी प्रचार शुरू कर दिया। 1939 के मई महीने में दक्षिण कलकता की कांग्रेस कमेटी में युद्ध विरोधी भाषण करने पर उन्हें 24 मई को गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता के चीफ प्रेसीडेन्सी मजिस्टे्रट के सामने लोहिया ने स्वयं अपने मुकदमे की पैरवी और बहस की। 14 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया गया। 9 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस समिति के बैठक [[वर्धा]] में हुई जिसमें लोहिया ने समझौते का विरोध किया। उसी समय उन्होंने '''शस्त्रों का नाश हो''' नामक प्रसिद्ध लेख लिखा। 11 मई 1940 को [[सुल्तानपुर]] के जिला सम्मेलन में लोहिया ने कांग्रेस से 'सत्याग्रह अभी नहीं' नामक लेख लिखा। गांधी जी ने मूल रूप में लोहिया द्वारा दिए गए चार सूत्रों को स्वीकार किया। 7 जून 1940 को डॉ॰ लोहिया को 11 मई को दोस्तपुर ([[सुल्तानपुर]]) में दिए गए भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। उन्हें कोतवाली में सुल्तानपुर में [[इलाहाबाद]] के स्वराज भवन से ले जाकर हथकड़ी पहनाकर रखा गया। 1 जुलाई 1940 को भारत सुरक्षा कानून की धारा 38 के तहत दो साल की सख्त सजा हुई। सजा सुनाने के बाद उन्हें 12 अगस्त को [[बरेली]] जेल भेज दिया गया। 15 जून 1940 को गांधी जी ने '[[हरिजन]]' में लिखा, कि 'मैं युद्ध को गैर कानूनी मानता हूं किन्तु युद्ध के खिलाफ मेरे पास कोई योजना नहीं है इस वास्ते मैं युद्ध से सहमत हूं।' 25 अगस्त को गांधी जी ने लिखा कि 'लोहिया और दूसरे कांग्रेस वालों की सजाएं हिन्दुस्तान को बांधने वाली जंजीर को कमजोर बनाने वाले हथौडे क़े प्रहार हैं। सरकार कांग्रेस को सिविल-नाफरमानी आरंभ करने और आखिरी प्रहार करने के लिए प्रेरित कर रही है। यद्यपि कांग्रेस उसे उस दिन तक के लिए स्थगित करना चाहती है जब तक इंग्लैंड मुसीबत में हो।' गांधी जी ने बंबई में कहा, कि 'जब तक डॉ॰ राममनोहर लोहिया जेल में है तब तक मैं खामोश नहीं बैठ सकता, उनसे ज्यादा बहादुर और सरल आदमी मुझे मालूम नहीं। उन्होंने हिंसा का प्रचार नहीं किया जो कुछ किया है उनसे उनका सम्मान बढ़ता है।' 4 दिसम्बर 1941 को अचानक लोहिया को रिहा कर दिया गया तथा देश के अन्य जेलों में बंद कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। 19 अप्रैल 1942 को हरिजन में लोहिया का लेख 'विश्वासघाती जापान या आत्मसंतुष्ट ब्रिटेन' गांधी जी द्वारा प्रकाशित किया गया। गांधी जी ने टिप्पणी की कि मेरी उम्मीद है कि सभी संबंधित इसके प्रति ध्यान देंगे। सन् 1942 में [[इलाहाबाद]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां लोहिया ने खुलकर नेहरू का विरोध किया। इसके बाद [[अल्मोड़ा]] जिला सम्मेलन में लोहिया ने 'नेहरू को झट पलटने वाला नट' कहा। गांधी जी के साथ एक सप्ताह रहकर लोहिया ने गांधी जी को वाइसराय के नाम पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। जिसमें गांधी जी ने लिखा कि अहिंसानिष्ट सोशलिस्ट डॉ॰ लोहिया ने भारतीय शहरों को बिना पुलिस व फौज के शहर घोषित करने की कल्पना निकाली है। लोहिया जी के द्वारा दुनिया की सभी सरकारों को नई दुनिया की बुनियाद बनाने की योजना की कल्पना गांधी जी के सामने रखी गई, जिसमें एक देश की दूसरे देश में जो पूंजी लगी है उसे जब्त करना, सभी लोगों को संसार में कहीं भी आने-जाने व बसने का अधिकार देना, दुनिया के सभी राष्ट्रों को राजनैतिक आजादी तथा विश्व नागरिकता की बात कही गई थी। गांधी जी ने इसे हरिजन में छापा और अपनी ओर से समर्थन भी किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ जल्दी लड़ाई छेड़ने को लेकर गांधी जी ने दस दिन रूकने के लिए लोहिया को कहा। दस दिन बाद 7 अगस्त 1942 को गांधीजी ने तीन घंटे तक भाषण देकर कहा, कि 'हम अपनी आजादी लड़कर प्राप्त करेंगे।' अगले दिन 8 अगस्त को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव बंबई में बहुमत से स्वीकृत हुआ। गांधी जी ने '''करो या मरो''' का संदेश दिया। ==== भारत छोड़ो आन्दोलन ==== 9 अगस्त १९४२ को जब गांधी जी व अन्य कांग्रेस के नेता गिरफ्तार कर लिए गए, तब लोहिया ने भूमिगत रहकर '[[भारत छोड़ो आन्दोलन|भारत छोड़ो आंदोलन]]' को पूरे देश में फैलाया। लोहिया, [[अच्युत पटवर्धन]], सादिक अली, पुरूषोत्तम टिकरम दास, मोहनलाल सक्सेना, उषा मेहता ,रामनन्दन मिश्रा, सदाशिव महादेव जोशी, साने गुरूजी, [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]], अरूणा आसिफअली, [[सुचेता कृपलानी]] और पूर्णिमा बनर्जी आदि नेताओं का केन्द्रीय संचालन मंडल बनाया गया। लोहिया पर नीति निर्धारण कर विचार देने का कार्यभार सौंपा गया। भूमिगत रहते हुए 'जंग जू आगे बढ़ो, क्रांति की तैयारी करो, आजाद राज्य कैसे बने' जैसी पुस्तिकाएं लिखीं। 20 मई 1944 को लोहिया जी को [[बंबई]] में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद [[लाहौर किला|लाहौर किले]] की एक अंधेरी कोठरी में रखा गया जहां 14 वर्ष पहले [[भगत सिंह]] को [[फांसी]] दी गई थी। पुलिस द्वारा लगातार उन्हें यातनाएँ दी गई, 15-15 दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। किसी से मिलने नहीं दिया गया 4 महीने तक ब्रुश या पेस्ट तक भी नहीं दिया गया। हर समय हथकड़ी बांधे रखी जाती थी। लाहौर के प्रसिद्ध वकील [[जीवनलाल कपूर]] द्वारा [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण]] की याचिका लगाने पर उन्हें तथा [[जयप्रकाश नारायण]] को स्टेट प्रिजनर घोषित कर दिया गया। मुकदमे के चलते सरकार को लोहिया को पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी पड़ी। पहला पत्र लोहिया ने [[ब्रिटिश लेबर पार्टी]] के अध्यक्ष प्रो॰ हेराल्ड जे. लास्की को लिखा जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 1945 में लोहिया को [[लाहौर]] से [[आगरा]] जेल भेज दिया गया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होने पर गांधी जी तथा कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। केवल लोहिया व जयप्रकाश ही जेल में थे। इसी बीच अंग्रेजों की सरकार और कांग्रेस की बीच समझौते की बातचीत शुरू हो गई। [[इंग्लैंड]] में [[लेबर पार्टी (यूके)|लेलेबर पार्टी]] की सरकार बन गई सरकार का प्रतिनिधि मंडल डॉ॰ लोहिया से आगरा जेल में मिलने आया। इस बीच लोहिया के पिता हीरालाल जी की मृत्यु हो गई। किन्तु लोहिया जी ने सरकार की कृपा पर पेरोल पर छूटने से इंकार कर दिया। ====गोवा मुक्ति आन्दोलन==== [[चित्र:Lohia Maidan.jpg|right|thumb|300px|गोवा में राममनोहर लोहिया की प्रतिमा]] 11 अप्रैल 1946 को लोहिया को आगरा जेल से रिहा कर दिया गया। 15 जून को लोहिया ने [[गोवा]] के [[पणजी|पंजिम]] में '[[भारतीय वायुसेना|गोवा मुक्ति आंदोलन]]' की पहली सभा ली। लोहिया को 18 जून को गोवा मुक्ति आंदोलन के शुरूआत के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। 14 अगस्त 1946 को 'हरिजन' में गांधी जी ने लिखा कि, लोहिया को बधाई दी जानी चाहिए। 30 दिसम्बर 1946 को [[नोवाखाली|नवाखली]] में हिन्दु और मुसलमान के बीच के अविश्वास को दूर करने में गांधी जी के साथ विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया। पूरे साल नवाखली, कलकत्ता, बिहार, दिल्ली सभी जगह लोहिया गांधी जी के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता की आग को बुझाने की कोशिश करते रहे। 9 अगस्त 1947 से लगातार हिंसा रोकने का प्रयास चलता रहा। 14 अगस्त की रात को हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई के नारों के साथ लोहिया ने सभा की। 31 अगस्त को वातावरण फिर बिगड़ गया, गांधी जी अनशन पर बैठ गए तब लोहिया ने दंगाईयों के हथियार इकट्ठे कराए। लोहिया के प्रयास से शांति समिति की स्थापना हुई तथा 4 सितम्बर को गांधी जी ने अनशन तोड़ा। 29 सितम्बर को बेलगांव में लोहिया को फिर गिरफ्तार कर लिया गया। 26, 27, 28 फ़रवरी 1947 को सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में तटस्थ रहने का निर्णय लिया गया। === स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद === जनवरी 1947 में लोहिया ने [[नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस]] को स्थापित करने तथा राणाशाही के विरुद्ध सत्याग्रह प्रारंभ करने की पहल की। 25 जनवरी 1948 को बंबई हड़ताल को लेकर लोहिया जी ने गांधी जी से हड़ताल का समर्थन मांगा। 28 जनवरी को गांधी जी ने कहा कि कल आना कल पेट भर की बात होगी। 30 जनवरी को लोहिया जब बिड़ला भवन के लिए निकले तब उन्हें गांधी जी की हत्या की खबर सुनने को मिली। मार्च 1948 में नासिक सम्मेलन में सोशलिस्ट दल ने कांग्रेस से अलग होने का निश्चय किया। लोहिया की प्रेरणा से रियासतों की समाप्ति का आंदोलन 650 रिसासतों में समाजवादी चला रहे थे। 2 जनवरी 1948 को रीवा में 'हमें चुनाव चाहिए विभाजन रद्द करो' के नारे के साथ आंदोलन किया गया जिसमें पुलिस ने गोली चलाई 4 आंदोलनकारी शहीद हुए। 1949 को सोशलिस्ट पार्टी द्वारा लोहिया के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला के आमरण अनशन तथा नेपाल में राणाशाही के अत्याचार के खिलाफ सभा की गई। नेपाली दूतावास की ओर जब जुलूस बढ़ा तब लाठी चार्ज किया गया लोहिया को गिरफ्तार किया गया। 20 जून को देश भर में लोहिया दिवस मनाया गया। मुकदमे में दो महीने की कैद हुई। 3 जुलाई को उन्हें रिहा कर दिया गया। सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसी सम्मेलन में लोहिया ने 'चौखंभा राज्य' की कल्पना प्रस्तुत की। पटना में 'हिन्द किसान पंचायत' की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष लोहिया को चुना गया। 25 नवम्बर 1949 को लखनऊ में एक लाख किसानों ने विशाल प्रदर्शन किया। 26 फ़रवरी 1950 को [[रीवा]] में 'हिन्द किसान पंचायत' का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। दिल्ली में 3 जून 1951 को जनवाणी दिवस पर प्रदर्शन किया गया। 'रोजी-रोटी कपड़ा दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो', प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा था। 14 जून 1951 को सागर स्टेशन में लोहिया को गिरफ्तार कर बेंगलूर के हवालात में बंद कर दिया गया। 3 जुलाई को लोहिया छूटे। 24 जुलाई को वे विश्व सरकार के समर्थकों के सम्मेलन में [[स्वीडन]] की राजधानी स्टॉकहोम गए 17 साल बाद वे पुन: बर्लिन पहुंचे। लोहिया इंग्लैंड, पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण पश्चिम एशिया के कई देशों में गए; [[इज़राइल|इस्रायल]] से होकर 15 नवम्बर को स्वेदश लौटे। 1951 में लोहिया को 3 जुलाई को समाजवादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बुलाया गया। सम्मेलन में जर्मनी, युगोस्लाविया, अमेरिका, हवाई, जापान, हांगकांग, थाईदेश, सिंगापुर मलाया, इंडोनेशिया तथा लंका भी गए। लोहिया विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टन से प्रिंसटन में मिले। [[अल्बर्ट आइंस्टीन|आइंस्टीन]] ने कहा, कि 'किसी मनुष्य से मिलना कितना अच्छा होता है आदमी कितना अकेला पड़ जाता है।' लोहिया ने अमरीका में सैकड़ों स्थानों पर भाषण किए। उस समय उन्होंने एशिया की समस्त सोशलिस्ट पार्टियों का संगठन निर्मित करने का विचार बनाया। 25 मार्च से 29 मार्च 1952 में एशियाई सोशलिस्ट कान्फ्रेंस हुई, लेकिन इसमें लोहिया शामिल नहीं हो सके। जयप्रकाश नरायण भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता बन कर [[यांगून|रंगून]] गए। [[चित्र:Mani Ram Bagri1.jpg|अंगूठाकार|डॉ राममनोहर लोहिया, मणि राम बागरी, मधु लिमये, एस एम जोशी]] मई 1952 में [[पचमढ़ी|पंचमढ़ी]] में सोशलिस्ट पार्टी का सम्मेलन हुआ। आम चुनाव में हार के बाद लोहिया ने चुनावों की पराजय की शव परीक्षा के बदले ठोस विचारों की ओर पार्टी को ले जाने का विचार दिया। गुजरात पार्टी सम्मेलन में इतिहास चक्र की नई व्याख्या लोहिया द्वारा प्रस्तुत की गई। 24-25 सितम्बर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की जनरल कौंसिल बैठक में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी और सोशिलिस्ट पार्टी के विलय का निर्णय लिया गया। इस तरह [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी|प्रजा सोशलिस्ट पार्टी]] का जन्म हुआ। 29 से 31 दिसम्बर 1953 को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का पहला सम्मेलन इलाहाबाद में हुआ। वहां लोहिया ने इलाहाबाद थीसिस प्रस्तुत की। लोहिया को उनके मना करने के बावजूद पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया। 13-14 मई 1954 को उत्तर प्रदेश प्रजा सोशलिस्ट पार्टी द्वारा नहर रेट की बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया गया। 4 जुलाई 1954 को फारूखाबाद में वाणी स्वतंत्रता के संघर्ष को लेकर भाषण दिए जाने के कारण गिरफ्तार किया गया। नागपुर में 26-28 नवम्बर 1954 के बीच [[केरल]] गोली कांड पर विचार करने के लिए सम्मेलन हुआ। लोहिया केरल मंत्रीमंडल से इस्तीफा मांग चुके थे। 31 दिसम्बर 1955 तथा 1 जनवरी 1956 को सोशलिस्ट पार्टी का स्थापना हुई। लखनऊ में लोहिया के नेतृत्व में एक लाख किसानों का प्रदर्शन हुआ। 1956 में लोहिया ने "मैनकाइंड" नामक पत्रिका शुरू की। सोशिलिस्ट पार्टी का प्रथम वार्षिक अधिवेशन भारत के मध्य बिंदु मध्यप्रदेश के ग्राम सिहोरा में 28, 29, 30 दिसम्बर 1956 को हुआ। 2 नवम्बर 1957 को लोहिया क्रिमनल लॉ एमेंडमेंड एक्ट की धारा 7 की तहत डाकिए से कुछ कहने पर अकारण गिरफ्तार कर लिया गया। 12 नवम्बर 1958 को लोहिया पूर्वोतर के दौरे पर निकले, जहां उन्हें दौरा करने से रोक दिया गया। एक साल बाद फिर उसी स्थान उर्वसियम ([[नेफ़ा|नेफा]]) से लोहिया ने पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 17 अप्रैल 1960 को कानुपर के सर्किट हाउस में अनाधिकृत प्रवेश करने के कारण अपराध बताकर उन्हें पुन: गिरफ्तार किया गया। 1961 में '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन]]''' के दौरान लोहिया की सभा पर मद्रास में पत्थर बरसाये गए। 1961 में लोहिया एथेंस, रोम और काहिरा गए। 1962 में चुनाव हुआ लोहिया नेहरू के विरुद्ध [[फूलपुर]] में चुनाव मैदान में उतरे। 11 नवम्बर 1962 को कलकत्ता में सभा कर लोहिया ने [[तिब्बत]] के सवाल को उठाया। 1963 के फारूखाबाद के लोकसभा उपचुनाव में लोहिया 58 हजार मतों से चुनाव जीते। लोकसभा में लोहिया की तीन आना बनाम पन्द्रह आना की बहस अत्यंत चर्चित रही, जिसमें उन्होंने 18 करोड़ आबादी के चार आने पर जिंदगी काटने तथा प्रधानमंत्री पर 25 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च करने का आरोप लगाया। 9 अगस्त 1965 को लोहिया को भारत सुरक्षा कानून के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। ; अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन लोहिया जानते थे कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में अंग्रेजी का प्रयोग आम जनता की प्रजातंत्र में शत प्रतिशत भागीदारी के रास्ते का रोड़ा है। उन्होंने इसे सामंती भाषा बताते हुए इसके प्रयोग के खतरों से बारंबार आगाह किया और बताया कि यह मजदूरों, किसानों और शारीरिक श्रम से जुड़े आम लोगों की भाषा नहीं है। उन्होंने लिखा: : '' यदि सरकारी और सार्वजनिक काम ऐसी भाषा में चलाये जाएं, जिसे देश के करोड़ों आदमी न समझ सकें, तो यह केवल एक प्रकार का जादू-टोना होगा। दुख की बात है कि लोहिया के अंग्रेजी हटाओ आंदोलन (1957) को हिंदी का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा गया, जबकि लोहिया ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अंग्रेजी हटाओ का अर्थ हिंदी लाओ कदापि नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति और उनके प्रयोग की खुल कर वकालत की। उनके अनुसार अंग्रेजी हटाओ का अर्थ 'मातृभाषा लाओ' था। भारतीय राजनीति का बेबाक और बिंदास चेहरा रहे राममनोहर लोहिया ने ५० के दशक में ही भांप लिया था। उन्होंने लोकसभा में बल देकर अपनी बात रखते हुए कहा था: :'' अंग्रेजी को खत्म कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि अंग्रेजी का सार्वजनिक प्रयोग बंद हो, लोकभाषा के बिना लोक राज्य असंभव है। कुछ भी हो अंग्रेजी हटनी ही चाहिये, उसकी जगह कौन सी भाषाएं आती हैं यह प्रश्न नहीं है। हिन्दी और किसी भाषा के साथ आपके मन में जो आए सो करें, लेकिन अंग्रेजी तो हटना ही चाहिये और वह भी जल्दी। अंग्रेज गये तो अंग्रेजी चली जानी चाहिये। === देहावसान === 30 सितम्बर 1967 को लोहिया को नई दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल अब जिसे लोहिया अस्पताल कहा जाता है को पौरूष ग्रंथि के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया जहां 12 अक्टूबर 1967 को उनका देहांत 57 वर्ष की आयु में हो गया। = परिवार = परिवार में उनके पुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया है जो उन्हीं के रूप में उनके सिद्धांतों ,विचारों और उनके त्याग के बताए हुए रास्तों को अपनाकर सादगी पूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं।। == परिवार == डॉ. राम मनोहर लोहिया के सुपुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया ।<ref>{{cite news |title=CM underscores need to bring about revolution in tech, research, startups |url=https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html |work=The Goan |date=19 June 2023}}</ref> == गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी == देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे। == जैसी कथनी वैसी करनी == लोहिया के समाजवादी आंदोलन की संकल्पना के मूल में अनिवार्यत: विचार और कर्म की उभय उपस्थिति थी- जिसके मूर्तिमंत स्वरूप स्वयं डॉ॰ लोहिया थे और आजन्म उन्होंने ‘कर्म और विचार’ की इस संयुक्ति को अपने आचरण से जीवन्त उदाहरण भी प्रस्तत किया। अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम व्यक्तित्वों की भांति लोहिया प्रभावित भी थे। वे जेल भी गए और ऐसी यातनाएं भी सहीं। आजादी से पूर्व ही कांग्रेस के भीतर उनका सोशलिस्ट ग्रुप था, लेकिन पंद्रह अगस्त सैंतालिस को अंग्रेजों से मुक्ति पाने पर वे उल्लसित तो थे लेकिन विभाजन की कीमत पर पाई गई इस स्वतंत्रता के कारण नेहरू और नेहरू की कांग्रेस से उनका रास्ता हमेशा के लिए अलग हो गया। स्वतंत्रता के नाम पर सत्ता की लिप्सा का यह खुला खेल लोहिया ने अपनी नंगी आंखों से देखा था और इसीलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनमें इतना रोष और क्षोभ था कि उन्हें धुर दक्षिणपंथी और वामपंथियों दोनों को साथ लेना भी उन्हें बेहतर विकल्प ही प्रतीत हुआ। == मौलिक एवं ठेठ देसी चिन्तक == स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के राजनेताओं में लोहिया मौलिक विचारक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 मार्च 2009 |archive-date=14 नवंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061114085226/http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |url-status=dead }}</ref> लोहिया के मन में भारतीय गणतंत्र को लेकर ठेठ देसी सोच थी। अपने इतिहास, अपनी भाषा के सन्दर्भ में वे कतई पश्चिम से कोई सिद्धांत उधार लेकर व्याख्या करने को राजी नहीं थे। सन् 1932 में जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में देश से अंग्रेजी हटाने का जो आह्वान किया। '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]]''' की गणना अब तक के कुछ इने गिने आंदोलनों में की जा सकती है। उनके लिए स्वभाषा राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि अपने स्वाभिमान का प्रश्न और लाखों–करोडों को हीन ग्रंथि से उबरकर आत्मविश्वास से भर देने का स्वप्न था– ‘‘मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान के साधारण लोग अपने अंग्रेजी के अज्ञान पर लजाएं नहीं, बल्कि गर्व करें। इस सामंती भाषा को उन्हीं के लिए छोड़ दें जिनके मां बाप अगर शरीर से नहीं तो आत्मा से अंग्रेज रहे हैं।’’ हलांकि लोहिया भी [[जर्मनी]] यानी विदेश से पढा़ई कर के आए थे, लेकिन उन्हें उन प्रतीकों का अहसास था जिनसे इस देश की पहचान है। [[महाशिवरात्रि|शिवरात्रि]] पर चित्रकूट में '''[[रामायण मेला]]''' उन्हीं की संकल्पना थी, जो सौभाग्य से अभी तक अनवरत चला आ रहा है। आज भी जब चित्रकूट के उस मेले में हजारों भारतवासियों की भीड़ स्वयमेव जुटती है तो लगता है कि ये ही हैं जिनकी चिंता लोहिया को थी, लेकिन आज इनकी चिंता करने के लिए लोहिया के लोग कहां हैं? == राजनीतिक शुचिता के पक्षधर == लोहिया ही थे जो राजनीति की गंदी गली में भी शुद्ध आचरण की बात करते थे। वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस सरकार के शासन में आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। ध्यान रहे स्वाधीन भारत में किसी भी राज्य में यह पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी– ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में तब सफाई और भलाई आएगी जब किसी पार्टी के खराब काम की निंदा उसी पार्टी के लोग करें।....और मै यह याद दिला दूं कि मुझे यह कहने का हक है कि हम ही हिंदुस्तान में एक राजनीतिक पार्टी हैं जिन्होंने अपनी सरकार की भी निंदा की थी और सिर्फ निंदा ही नहीं की बल्कि एक मायने में उसको इतना तंग किया कि उसे हट जाना पडा़। == कर्मवीर == लोहिया जी केवल चिन्तक ही नहीं, एक कर्मवीर भी थे। उन्होने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सन १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के समय [[उषा मेहता]] के साथ मिलकर उन्होने गुप्त रेडियो स्टेशन चलाया। १८ जून १९४६ को [[गोवा|गोआ]] को पुर्तगालियों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाने के लिये उन्होने आन्दोलन आरम्भ किया। अंग्रेजी को भारत से हटाने के लिये उन्होने [[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]] चलाया। == सप्त क्रान्तियाँ == लोहिया अनेक सिद्धान्तों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक हैं। वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे। उन्होंने एक साथ '''सात क्रांतियों''' का आह्वान किया। वे सात क्रान्तियां थी ये थीं- *(१) नर-नारी की समानता के लिए क्रान्ति, *(२) चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ क्रान्ति, *(३) संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए क्रान्ति, *(४) परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए क्रान्ति, *(५) निजी पूँजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए क्रान्ति, *(६) निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए क्रान्ति, *(७) अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिये क्रान्ति। इन सात क्रांतियों के सम्बन्ध में लोहिया ने कहा- : ''मोटे तौर से ये हैं सात क्रांन्तियाँ। सातों क्रांतियां संसार में एक साथ चल रही हैं। अपने देश में भी उनको एक साथ चलाने की कोशिश करना चाहिए। जितने लोगों को भी क्रांति पकड़ में आयी हो उसके पीछे पड़ जाना चाहिए और बढ़ाना चाहिए। बढ़ाते-बढ़ाते शायद ऐसा संयोग हो जाये कि आज का इन्सान सब नाइन्साफियों के खिलाफ लड़ता-जूझता ऐसे समाज और ऐसी दुनिया को बना पाये कि जिसमें आन्तरिक शांति और बाहरी या भौतिक भरा-पूरा समाज बन पाये।''<ref>{{Cite web |url=http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |title=लोहिया के विचार |access-date=16 अक्तूबर 2016 |archive-date=3 मार्च 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170303035145/http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |url-status=dead }}</ref><ref>[https://www.wattpad.com/2897374-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/page/134 डॉ लोहिया की सप्तक्रांति के उद्देश्य]</ref> == भारत-विभाजन पर लोहिया के विचार == उस समय की तमाम ऐसी घटनाओं और स्थितियों का जिनके प्रति एक आम भारतीय नागरिक के मन में बहुत स्पष्ट और तार्किक व्याख्या नहीं है, लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘गिल्टी मैन एंड इंडियाज पार्टीशन’ (भारत विभाजन के गुनहगार) में परत दर परत रहस्यों को खोला है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि उस समय के पूरे आंखों देखे इतिहास को ही नहीं, बल्कि उसके एक सक्रिय, जीवंत पात्र रहे लोहिया की बातों को आजाद भारत में सत्तारूढ़ दल द्वारा एक विपक्षी नेता की ‘खीझ’ से ज्यादा नहीं समझने दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि सत्ता हस्तांतरण के खेल की असलियत संग्रहालयों में दफन दस्तावेजों से ज्यादा लोहिया जैसे नेताओं को भी मालूम थी जिसे होते हुए उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। == लेखन == [[Image:Ram Manohar Lohia 1997 stamp of India.jpg|right|thumb|300px|१९९७ में भारत सरकार ने लोहिया की स्मृति में डाकटिकट निकाला]] डॉ राममनोहर लोहिया ने अनेकों विषयों पर अपने विचार लेख एवं पुस्तकों के रूप में प्रकाशित कीं। उनकी कुछ रचनाएँ हैं- * अंग्रेजी हटाओ * इतिहास चक्र * देश, विदेश नीति-कुछ पहलू * धर्म पर एक दृष्टि * भारतीय शिल्प * भारत विभाजन के गुनहगार * मार्क्सवाद और समाजवाद * राग, जिम्मेदारी की भावना, अनुपात की समझ * समलक्ष्य, समबोध * समदृष्टि * सच, कर्म, प्रतिकार और चरित्र निर्माण आह्‌वान * समाजवादी चिंतन * संसदीय आचरण * संपूर्ण और संभव बराबरी और दूसरे भाषण * हिंदू बनाम हिंदू ; अंग्रेजी में * ''The Caste System'': Hyderabad, Navahind [1964] 147 p. * ''Foreign Policy'': Aligarh, P.C. Dwadash Shreni, [1963?] 381 p. * ''Fragments of World Mind'': Maitrayani Publishers & Booksellers ; Allahabad [1949] 262 p. * ''Fundamentals of a World Mind'': ed. by K.S. Karanth. Bombay, Sindhu Publications, [1987] 130 p. * ''Guilty Men of India’s Partition'': Lohia Samata Vidyalaya Nyas, Publication Dept.,[1970] 103 p. * ''India, China, and Northern Frontiers'': Hyderabad, Navahind [1963] 272 p. * ''Interval During Politics'': Hyderabad, Navahind [1965] 197 p. * ''Marx, Gandhi and Socialism'': Hyderabad, Navahind [1963] 550 p. * ''Collected Works of Dr Lohia'' समाजवादी लेखक डॉ मस्तराम कपूर द्वारा ९ भागों में सम्पादित। ==स्मारक== * अवध विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "[[डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय]]" रखा गया है। * उनके नाम पर भारत के एक प्रमुख विधि स्कूल का नाम [[डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय]], [[लखनऊ]] रखा गया है। * [[पणजी]] के '१८ जून रोड' का नाम डॉ राममनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया है। १८ जून १९४६ को इसी जगह से उन्होने पुर्तगाली शासन के विरुद्ध आन्दोलन आरम्भ किया था। * सन १९७० में दिल्ली के 'विल्लिंगडन हॉस्पिटल' का नाम बदलकर [[राम मनोहर लोहिया अस्पताल]] कर दिया गया। इसी अस्पताल में उन्होने अन्तिम सांस ली थी। * [[लखनऊ]] में [[डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान]] उनके नाम पर ही है। * उनके गृहनगर अकबरपुर में उनके नाम पर एक सामुदायिक भवन बना है, जिसका नाम "डॉ राममनोहर लोहिया भवन" रखा गया है। * [[कर्नाटक]] के [[बल्लारी]] में उनके नाम से "लोहिया प्रकाशन" नामक एक प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान था। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हे भी देखें == * [[जयप्रकाश नारायण]] * [[सप्तक्रांति]] * [[रामायण मेला]] == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote|राममनोहर लोहिया}} * [http://www.socialistpartyindia.blogspot.com/2017/09/blog-post_10.html हिन्दी के सरलीकरण की नीति] हिन्दी शब्द सृजन आदि से सम्बन्धित लोहिया के विचार) * [http://www.lohiavani.com/Default.aspx लोहियावाणी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161019014248/http://www.lohiavani.com/Default.aspx |date=19 अक्तूबर 2016 }} * [http://lohiaphotos.blogspot.com तस्‍वीरों में लोहिया] * [http://issbaar.blogspot.com/2011/02/blog-post_7794.html सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत : लोहिया] (संस्कृति, समाज और भाषा के अन्तःसम्बन्धों की पड़ताल) * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/hindu-banam-hindu.pdf हिन्दू बनाम हिन्दू : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/ram-krishnashiv.pdf राम, कृष्ण और शिव : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/krishna.pdf कृष्ण : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/econ_after_lohia1.pdf अर्थशास्त्र : मार्क्स, लोहिया से आगे /सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/audyogikaran_ka_andhavishvas.pdf औद्योगीकरण का अंधविश्वास : सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/shiksha-sawal-jawab1.pdf शिक्षा पर सवाल जवाब ] * [http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml गांधी-लोहिया का पुनर्पाठ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101021060027/http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml |date=21 अक्तूबर 2010 }} * [http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm लोहिया : एक असमाप्त जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927003229/http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm |date=27 सितंबर 2007 }} * [http://kashivishvavidyalay.wordpress.com/2007/04/24/lohiaramkrishnashiv-2/ लोहिया : मर्यादित, उन्मुक्त और असीमित व्यक्तित्व (२)] * [http://www.indiannationalism.org/pdf/Dr._Rammanohar_Lohiya.pdf गंगा तीरे, सरयू तीरे]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (राममनोहर लोहिया पर विशेष) * [http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 तो इतिहास कुछ और होता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110920031542/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 |date=20 सितंबर 2011 }} (भारतीय पक्ष) * [http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html लोहिया के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305120324/http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html |date=5 मार्च 2016 }} * [http://aarambha.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html स्वर्गीय लोहिया साहब : रामधारी सिंह 'दिनकर'] * [http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2004/04/040415_socialists_ideology.shtml समाजवादी विचारधारा आज कहाँ है ?] (बीबीसी हिन्दी) * [http://books.google.co.in/books?id=sctwuur-nmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false लोहिया के विचार] (गूगल पुस्तक) * [http://books.google.co.in/books?id=n2VV7CQ8Jc4C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false ना रहूँ किसी का दस्तनिगर : मेरा सफरनामा] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैप्टेन अब्बास अली) * [http://www.pravakta.com/?p=8190 यह लोहिया की सदी हो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100325102121/http://www.pravakta.com/?p=8190 |date=25 मार्च 2010 }} (वेदप्रताप वैदिक) * [http://kiransnm.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html लोहिया नें संसद को बनाया लोक सदन] (किरन माहेश्वरी) * [http://www.pravakta.com/?p=8211 डॉ॰ लोहिया का इतिहास चिंतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100326212816/http://www.pravakta.com/?p=8211 |date=26 मार्च 2010 }} – डॉ॰ मनोज चतुर्वेदी * [http://www.nafanuksan.com/DetailNews.aspx?newsid=2538&status=other डॉ॰ लोहिया और सप्त क्रान्ति]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 लोहिया के बिना साहित्य का इतिहास अधूरा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110912200346/http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 |date=12 सितंबर 2011 }} - नामवर सिंह * [http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 लोहिया का अंगरेजी विरोध] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110911141922/http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 |date=11 सितंबर 2011 }} (गंगा सहाय मीणा) * [http://bharatkenayak.blogspot.com/2011/04/blog-post_16.html समाजवादी नायक : श्री राम मनोहर लोहिया] * [http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 अप्रासंगिक हुआ लोहिया का गैर-कांग्रेसवाद?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140201162827/http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 |date=1 फ़रवरी 2014 }} (प्रभासाक्षी) [[श्रेणी:1910 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९६७ में निधन]] 77ibchlpp6i42op2dnxzhscktfqni6f 6582658 6582657 2026-07-14T20:50:55Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* देहावसान */ 6582658 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राममनोहर लोहिया | image = Ram Manohar Lohia 1977 stamp of India.jpg | image_size = | alt = | caption = १९७७ के एक डाकटिकट पर लोहिया | birth_date = {{birth date|df=yes|1910|03|23}} | birth_place = [[अकबरपुर, अंबेडकर नगर|अकबरपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] | death_date = {{death date and age|df=yes|1967|10|12|1910|03|23}} | death_place = [[नयी दिल्ली]] | death_cause = | resting_place = | resting_place_coordinates = | nationality = Indian | other_names = | movement = [[भारत छोड़ो आन्दोलन]]<br>[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] | education = | alma_mater = [[कोलकाता विश्वविद्यालय]] (बीए)<br>[[हम्बोल्ट विश्वविद्यालय]], [[बर्लिन]] ([[पीएच डी]]) | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]<br>[[प्रजा समाजवादी पार्टी]]<br>[[संयुक्त समाजवादी दल]] | religion = | spouse = | children = | parents = | awards = | signature = | footnotes = | website = {{URL|www.lohiatoday.com}} }} '''डॉ॰ राममनोहर लोहिया''' (जन्म - [[२३ मार्च]], [[१९१०]] - मृत्यु - [[१२ अक्तूबर|१२ अक्टूबर]], [[१९६७|१९६७]]) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा [[समाजवाद|समाजवादी]] राजनेता थे। == जीवनवृत्त == === आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा === डॉ॰ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या जिला|अयोध्या]] जनपद में वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद नामक स्थान में हुआ था। उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे। ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी (चन्दा देवी) का देहान्त हो गया।। उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला। टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए। उनके पिताजी [[महात्मा गांधी|गाँधीजी]] के अनुयायी थे। जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे। इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। पिताजी के साथ 1918 में [[अहमदाबाद]] कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार शामिल हुए। [[बंबई]] के मारवाड़ी स्कूल में पढ़ाई की। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य गंगाधर तिलक]] की मृत्यु के दिन विद्यालय के लड़कों के साथ 1920 में पहली अगस्त को हड़ताल की। गांधी जी की पुकार पर 10 वर्ष की आयु में स्कूल त्याग दिया। पिताजी को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के आंदोलन के चलते सजा हुई। 1921 में फैजाबाद किसान आंदोलन के दौरान [[जवाहरलाल नेहरू]] से मुलाकात हुई। 1924 में प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस के [[गया]] अधिवेशन में शामिल हुए। 1925 में मैट्रिक की परीक्षा दी। कक्षा में 61 प्रतिशत नंबर लाकर प्रथम आए। इंटर की दो वर्ष की पढ़ाई [[वाराणसी|बनारस]] के [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी विश्वविद्यालय]] में हुई। कॉलेज के दिनों से ही [[खादी|खद्दर्]] पहनना शुरू कर दिया। 1926 में पिताजी के साथ [[गुवाहाटी|गौहाटी]] कांग्रेस अधिवेशन में गए। 1927 में इंटर पास किया तथा आगे की पढ़ाई के लिए [[कोलकाता|कलकत्ता]] जाकर ताराचंद दत्त स्ट्रीट पर स्थित पोद्दार छात्र हॉस्टल में रहने लगे। विद्यासागर कॉलेज में दाखिला लिया। अखिल बंग विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाषचंद्र बोस]] के न पहुंचने पर उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 1928 में कलकता में कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। 1928 से अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन में सक्रिय हुए। [[साइमन कमीशन|साइमन कमिशन]] के बहिष्कार के लिए छात्रों के साथ आंदोलन किया। कलकत्ता में युवकों के सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष तथा सुभाषचंद्र बोस और लोहिया विषय निर्वाचन समिति के सदस्य चुने गए। 1930 में द्वितीय श्रेणी में बीए की परीक्षा पास की। === यूरोप प्रवास === 1930 जुलाई को लोहिया अग्रवाल समाज के कोष से पढ़ाई के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] रवाना हुए। वहाँ से वे [[बर्लिन]] गए। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो॰ बर्नर जेम्बार्ट को अपना प्राध्यापक चुना। 3 महीने में [[जर्मन भाषा]] सीखी। 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने [[दांडी मार्च|दाण्डी यात्रा]] प्रारंभ की। जब नमक कानून तोड़ा गया तब पुलिस अत्याचार से पीड़ित होकर पिता हीरालाल जी ने लोहिया को विस्तृत पत्र लिखा। 23 मार्च को [[लाहौर]] में [[भगत सिंह]] को फांसी दिए जाने के विरोध में [[राष्ट्र संघ|लीग ऑफ नेशन्स]] की बैठक में बर्लिन में पहुंचकर सीटी बजाकर दर्शक दीर्घा से विरोध प्रकट किया। सभागृह से उन्हें निकाल दिया गया। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे [[बीकानेर]] के महाराजा द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर लोहिया ने [[रोमानिया|रूमानिया]] की प्रतिनिधि को खुली चिट्ठी लिखकर उसे अखबारों में छपवाकर उसकी कॉपी बैठक में बंटवाई। [[गांधी-इरविन समझौता|गांधी इर्विन समझौते]] का लोहिया ने [[प्रवासी भारतीय]] विद्यार्थियों की संस्था "मध्य यूरोप हिन्दुस्तानी संघ" की बैठक में संस्था के मंत्री के तौर पर समर्थन किया। [[साम्यवाद|कम्युनिस्टों]] ने विरोध किया। बर्लिन के स्पोटर्स पैलेस में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का भाषण सुना। 1932 में लोहिया ने [[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]] विषय पर अपना [[शोध-प्रबन्ध|शोध प्रबंध]] पूरा कर [[हम्बोल्ट बर्लिन विश्वविद्यालय|बर्लिन विश्वविद्यालय]] से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। === स्वदेश आगमन एवं स्वतंत्रता संग्राम === 1933 में मद्रास पहुंचे। रास्ते में सामान जब्त कर लिया गया। तब समुद्री जहाज से उतरकर [[द हिन्दू|हिन्दु]] अखबार के दफ्तर पहुंचकर दो लेख लिखकर 25 रुपया प्राप्त कर कलकत्ता गए। कलकत्ता से बनारस जाकर [[मदनमोहन मालवीय|मालवीय जी]] से मुलाकात की। उन्होंने रामेश्वर दास बिड़ला से मुलाकात कराई जिन्होंने नौकरी का प्रस्ताव दिया, लेकिन दो हफ्ते साथ रहने के बाद लोहिया ने निजी सचिव बनने से इनकार कर दिया। तब पिता जी के मित्र सेठ [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] लोहिया को गांधी जी के पास ले गए तथा उनसे कहा कि ये लड़का राजनीति करना चाहता है। कुछ दिन तक [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] के साथ रहने के बाद शादी का प्रस्ताव मिलने पर शहर छोड़कर वापस कलकत्ता चले गए। विश्व राजनीति के आगामी 10 वर्ष विषय पर [[ढाका विश्वविद्यालय]] में व्याख्यान देकर कलकत्ता आने-जाने की राशि जुटाई। [[पटना]] में 17 मई 1934 को [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्र देव]] की अध्यक्षता में देश के समाजवादी अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में इकट्ठे हुए, जहां [[समाजवादी पार्टी]] की स्थापना का निर्णय लिया गया। यहां लोहिया ने समाजवादी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी के उद्देश्यों में लोहिया ने पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य जोड़ने का संशोधन पेश किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। 21-22 अक्टूबर 1934 को बम्बई के बर्लि स्थित 'रेडिमनी टेरेस' में 150 समाजवादियों ने इकट्ठा होकर [[कांग्रेस समाजवादी दल|कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी]] की स्थापना की। लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। कांग्रेस सोशलिस्ट सप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बनाए गए। गांधी जी के विरोध में जाकर उन्होंने कांउसिल प्रवेश का विरोध किया। गांधी जी ने लोहिया के लेख पर दो पत्र लिखे। 1936 के [[मेरठ]] अधिवेशन में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के लिए पार्टी का दरवाजा खोल दिया। लोहिया बार-बार कम्युनिस्टों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी [[जयप्रकाश नारायण]] जी एवं अन्य नेताओं को देते रहे। 1935 में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में [[लखनऊ]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जहां लोहिया को परराष्ट्र विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया जिसके चलते उन्हें [[इलाहाबाद]] आना पड़ा। 1938 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी में लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के परराष्ट्र विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1940 में रामगढ़ कांग्रेस के कम्युनिस्टों को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया गया। 1939 में त्रिपुरी कांग्रेस में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] को समाजवादियों ने समर्थन किया। डॉ॰ लोहिया तटस्थ बने रहे। लोहिया ने गांधी जी द्वारा यह कहे जाने पर की बोस का चुनाव मेरी शिकस्त है पर प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव गांधी जी से सम्मानपूर्वक आह्वान करता है कि उनकी शिकस्त नहीं हुई है। गांधी जी की इच्छानुसार सुभाषचंद्र बोस कार्यसमिति बनाने को तैयार नहीं हुए तथा नेहरू सहित अन्य कांग्रेस के नेताओं ने बोस के साथ कार्यसमिति में रहने से इंकार कर दिया तब बोस ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तथा कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। महायुद्ध के समय लोहिया ने युद्धभर्ती का विरोध, देशी रियासतों में आंदोलन, ब्रिटिश माल जहाजों से माल उतारने व लादने वाले मजदूरों का संगठन तथा युद्धकर्ज को मंजूर तथा अदा न करने, जैसे चार सूत्रीय मुद्दों को लेकर युद्ध विरोधी प्रचार शुरू कर दिया। 1939 के मई महीने में दक्षिण कलकता की कांग्रेस कमेटी में युद्ध विरोधी भाषण करने पर उन्हें 24 मई को गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता के चीफ प्रेसीडेन्सी मजिस्टे्रट के सामने लोहिया ने स्वयं अपने मुकदमे की पैरवी और बहस की। 14 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया गया। 9 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस समिति के बैठक [[वर्धा]] में हुई जिसमें लोहिया ने समझौते का विरोध किया। उसी समय उन्होंने '''शस्त्रों का नाश हो''' नामक प्रसिद्ध लेख लिखा। 11 मई 1940 को [[सुल्तानपुर]] के जिला सम्मेलन में लोहिया ने कांग्रेस से 'सत्याग्रह अभी नहीं' नामक लेख लिखा। गांधी जी ने मूल रूप में लोहिया द्वारा दिए गए चार सूत्रों को स्वीकार किया। 7 जून 1940 को डॉ॰ लोहिया को 11 मई को दोस्तपुर ([[सुल्तानपुर]]) में दिए गए भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। उन्हें कोतवाली में सुल्तानपुर में [[इलाहाबाद]] के स्वराज भवन से ले जाकर हथकड़ी पहनाकर रखा गया। 1 जुलाई 1940 को भारत सुरक्षा कानून की धारा 38 के तहत दो साल की सख्त सजा हुई। सजा सुनाने के बाद उन्हें 12 अगस्त को [[बरेली]] जेल भेज दिया गया। 15 जून 1940 को गांधी जी ने '[[हरिजन]]' में लिखा, कि 'मैं युद्ध को गैर कानूनी मानता हूं किन्तु युद्ध के खिलाफ मेरे पास कोई योजना नहीं है इस वास्ते मैं युद्ध से सहमत हूं।' 25 अगस्त को गांधी जी ने लिखा कि 'लोहिया और दूसरे कांग्रेस वालों की सजाएं हिन्दुस्तान को बांधने वाली जंजीर को कमजोर बनाने वाले हथौडे क़े प्रहार हैं। सरकार कांग्रेस को सिविल-नाफरमानी आरंभ करने और आखिरी प्रहार करने के लिए प्रेरित कर रही है। यद्यपि कांग्रेस उसे उस दिन तक के लिए स्थगित करना चाहती है जब तक इंग्लैंड मुसीबत में हो।' गांधी जी ने बंबई में कहा, कि 'जब तक डॉ॰ राममनोहर लोहिया जेल में है तब तक मैं खामोश नहीं बैठ सकता, उनसे ज्यादा बहादुर और सरल आदमी मुझे मालूम नहीं। उन्होंने हिंसा का प्रचार नहीं किया जो कुछ किया है उनसे उनका सम्मान बढ़ता है।' 4 दिसम्बर 1941 को अचानक लोहिया को रिहा कर दिया गया तथा देश के अन्य जेलों में बंद कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। 19 अप्रैल 1942 को हरिजन में लोहिया का लेख 'विश्वासघाती जापान या आत्मसंतुष्ट ब्रिटेन' गांधी जी द्वारा प्रकाशित किया गया। गांधी जी ने टिप्पणी की कि मेरी उम्मीद है कि सभी संबंधित इसके प्रति ध्यान देंगे। सन् 1942 में [[इलाहाबाद]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां लोहिया ने खुलकर नेहरू का विरोध किया। इसके बाद [[अल्मोड़ा]] जिला सम्मेलन में लोहिया ने 'नेहरू को झट पलटने वाला नट' कहा। गांधी जी के साथ एक सप्ताह रहकर लोहिया ने गांधी जी को वाइसराय के नाम पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। जिसमें गांधी जी ने लिखा कि अहिंसानिष्ट सोशलिस्ट डॉ॰ लोहिया ने भारतीय शहरों को बिना पुलिस व फौज के शहर घोषित करने की कल्पना निकाली है। लोहिया जी के द्वारा दुनिया की सभी सरकारों को नई दुनिया की बुनियाद बनाने की योजना की कल्पना गांधी जी के सामने रखी गई, जिसमें एक देश की दूसरे देश में जो पूंजी लगी है उसे जब्त करना, सभी लोगों को संसार में कहीं भी आने-जाने व बसने का अधिकार देना, दुनिया के सभी राष्ट्रों को राजनैतिक आजादी तथा विश्व नागरिकता की बात कही गई थी। गांधी जी ने इसे हरिजन में छापा और अपनी ओर से समर्थन भी किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ जल्दी लड़ाई छेड़ने को लेकर गांधी जी ने दस दिन रूकने के लिए लोहिया को कहा। दस दिन बाद 7 अगस्त 1942 को गांधीजी ने तीन घंटे तक भाषण देकर कहा, कि 'हम अपनी आजादी लड़कर प्राप्त करेंगे।' अगले दिन 8 अगस्त को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव बंबई में बहुमत से स्वीकृत हुआ। गांधी जी ने '''करो या मरो''' का संदेश दिया। ==== भारत छोड़ो आन्दोलन ==== 9 अगस्त १९४२ को जब गांधी जी व अन्य कांग्रेस के नेता गिरफ्तार कर लिए गए, तब लोहिया ने भूमिगत रहकर '[[भारत छोड़ो आन्दोलन|भारत छोड़ो आंदोलन]]' को पूरे देश में फैलाया। लोहिया, [[अच्युत पटवर्धन]], सादिक अली, पुरूषोत्तम टिकरम दास, मोहनलाल सक्सेना, उषा मेहता ,रामनन्दन मिश्रा, सदाशिव महादेव जोशी, साने गुरूजी, [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]], अरूणा आसिफअली, [[सुचेता कृपलानी]] और पूर्णिमा बनर्जी आदि नेताओं का केन्द्रीय संचालन मंडल बनाया गया। लोहिया पर नीति निर्धारण कर विचार देने का कार्यभार सौंपा गया। भूमिगत रहते हुए 'जंग जू आगे बढ़ो, क्रांति की तैयारी करो, आजाद राज्य कैसे बने' जैसी पुस्तिकाएं लिखीं। 20 मई 1944 को लोहिया जी को [[बंबई]] में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद [[लाहौर किला|लाहौर किले]] की एक अंधेरी कोठरी में रखा गया जहां 14 वर्ष पहले [[भगत सिंह]] को [[फांसी]] दी गई थी। पुलिस द्वारा लगातार उन्हें यातनाएँ दी गई, 15-15 दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। किसी से मिलने नहीं दिया गया 4 महीने तक ब्रुश या पेस्ट तक भी नहीं दिया गया। हर समय हथकड़ी बांधे रखी जाती थी। लाहौर के प्रसिद्ध वकील [[जीवनलाल कपूर]] द्वारा [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण]] की याचिका लगाने पर उन्हें तथा [[जयप्रकाश नारायण]] को स्टेट प्रिजनर घोषित कर दिया गया। मुकदमे के चलते सरकार को लोहिया को पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी पड़ी। पहला पत्र लोहिया ने [[ब्रिटिश लेबर पार्टी]] के अध्यक्ष प्रो॰ हेराल्ड जे. लास्की को लिखा जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 1945 में लोहिया को [[लाहौर]] से [[आगरा]] जेल भेज दिया गया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होने पर गांधी जी तथा कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। केवल लोहिया व जयप्रकाश ही जेल में थे। इसी बीच अंग्रेजों की सरकार और कांग्रेस की बीच समझौते की बातचीत शुरू हो गई। [[इंग्लैंड]] में [[लेबर पार्टी (यूके)|लेलेबर पार्टी]] की सरकार बन गई सरकार का प्रतिनिधि मंडल डॉ॰ लोहिया से आगरा जेल में मिलने आया। इस बीच लोहिया के पिता हीरालाल जी की मृत्यु हो गई। किन्तु लोहिया जी ने सरकार की कृपा पर पेरोल पर छूटने से इंकार कर दिया। ====गोवा मुक्ति आन्दोलन==== [[चित्र:Lohia Maidan.jpg|right|thumb|300px|गोवा में राममनोहर लोहिया की प्रतिमा]] 11 अप्रैल 1946 को लोहिया को आगरा जेल से रिहा कर दिया गया। 15 जून को लोहिया ने [[गोवा]] के [[पणजी|पंजिम]] में '[[भारतीय वायुसेना|गोवा मुक्ति आंदोलन]]' की पहली सभा ली। लोहिया को 18 जून को गोवा मुक्ति आंदोलन के शुरूआत के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। 14 अगस्त 1946 को 'हरिजन' में गांधी जी ने लिखा कि, लोहिया को बधाई दी जानी चाहिए। 30 दिसम्बर 1946 को [[नोवाखाली|नवाखली]] में हिन्दु और मुसलमान के बीच के अविश्वास को दूर करने में गांधी जी के साथ विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया। पूरे साल नवाखली, कलकत्ता, बिहार, दिल्ली सभी जगह लोहिया गांधी जी के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता की आग को बुझाने की कोशिश करते रहे। 9 अगस्त 1947 से लगातार हिंसा रोकने का प्रयास चलता रहा। 14 अगस्त की रात को हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई के नारों के साथ लोहिया ने सभा की। 31 अगस्त को वातावरण फिर बिगड़ गया, गांधी जी अनशन पर बैठ गए तब लोहिया ने दंगाईयों के हथियार इकट्ठे कराए। लोहिया के प्रयास से शांति समिति की स्थापना हुई तथा 4 सितम्बर को गांधी जी ने अनशन तोड़ा। 29 सितम्बर को बेलगांव में लोहिया को फिर गिरफ्तार कर लिया गया। 26, 27, 28 फ़रवरी 1947 को सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में तटस्थ रहने का निर्णय लिया गया। === स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद === जनवरी 1947 में लोहिया ने [[नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस]] को स्थापित करने तथा राणाशाही के विरुद्ध सत्याग्रह प्रारंभ करने की पहल की। 25 जनवरी 1948 को बंबई हड़ताल को लेकर लोहिया जी ने गांधी जी से हड़ताल का समर्थन मांगा। 28 जनवरी को गांधी जी ने कहा कि कल आना कल पेट भर की बात होगी। 30 जनवरी को लोहिया जब बिड़ला भवन के लिए निकले तब उन्हें गांधी जी की हत्या की खबर सुनने को मिली। मार्च 1948 में नासिक सम्मेलन में सोशलिस्ट दल ने कांग्रेस से अलग होने का निश्चय किया। लोहिया की प्रेरणा से रियासतों की समाप्ति का आंदोलन 650 रिसासतों में समाजवादी चला रहे थे। 2 जनवरी 1948 को रीवा में 'हमें चुनाव चाहिए विभाजन रद्द करो' के नारे के साथ आंदोलन किया गया जिसमें पुलिस ने गोली चलाई 4 आंदोलनकारी शहीद हुए। 1949 को सोशलिस्ट पार्टी द्वारा लोहिया के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला के आमरण अनशन तथा नेपाल में राणाशाही के अत्याचार के खिलाफ सभा की गई। नेपाली दूतावास की ओर जब जुलूस बढ़ा तब लाठी चार्ज किया गया लोहिया को गिरफ्तार किया गया। 20 जून को देश भर में लोहिया दिवस मनाया गया। मुकदमे में दो महीने की कैद हुई। 3 जुलाई को उन्हें रिहा कर दिया गया। सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसी सम्मेलन में लोहिया ने 'चौखंभा राज्य' की कल्पना प्रस्तुत की। पटना में 'हिन्द किसान पंचायत' की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष लोहिया को चुना गया। 25 नवम्बर 1949 को लखनऊ में एक लाख किसानों ने विशाल प्रदर्शन किया। 26 फ़रवरी 1950 को [[रीवा]] में 'हिन्द किसान पंचायत' का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। दिल्ली में 3 जून 1951 को जनवाणी दिवस पर प्रदर्शन किया गया। 'रोजी-रोटी कपड़ा दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो', प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा था। 14 जून 1951 को सागर स्टेशन में लोहिया को गिरफ्तार कर बेंगलूर के हवालात में बंद कर दिया गया। 3 जुलाई को लोहिया छूटे। 24 जुलाई को वे विश्व सरकार के समर्थकों के सम्मेलन में [[स्वीडन]] की राजधानी स्टॉकहोम गए 17 साल बाद वे पुन: बर्लिन पहुंचे। लोहिया इंग्लैंड, पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण पश्चिम एशिया के कई देशों में गए; [[इज़राइल|इस्रायल]] से होकर 15 नवम्बर को स्वेदश लौटे। 1951 में लोहिया को 3 जुलाई को समाजवादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बुलाया गया। सम्मेलन में जर्मनी, युगोस्लाविया, अमेरिका, हवाई, जापान, हांगकांग, थाईदेश, सिंगापुर मलाया, इंडोनेशिया तथा लंका भी गए। लोहिया विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टन से प्रिंसटन में मिले। [[अल्बर्ट आइंस्टीन|आइंस्टीन]] ने कहा, कि 'किसी मनुष्य से मिलना कितना अच्छा होता है आदमी कितना अकेला पड़ जाता है।' लोहिया ने अमरीका में सैकड़ों स्थानों पर भाषण किए। उस समय उन्होंने एशिया की समस्त सोशलिस्ट पार्टियों का संगठन निर्मित करने का विचार बनाया। 25 मार्च से 29 मार्च 1952 में एशियाई सोशलिस्ट कान्फ्रेंस हुई, लेकिन इसमें लोहिया शामिल नहीं हो सके। जयप्रकाश नरायण भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता बन कर [[यांगून|रंगून]] गए। [[चित्र:Mani Ram Bagri1.jpg|अंगूठाकार|डॉ राममनोहर लोहिया, मणि राम बागरी, मधु लिमये, एस एम जोशी]] मई 1952 में [[पचमढ़ी|पंचमढ़ी]] में सोशलिस्ट पार्टी का सम्मेलन हुआ। आम चुनाव में हार के बाद लोहिया ने चुनावों की पराजय की शव परीक्षा के बदले ठोस विचारों की ओर पार्टी को ले जाने का विचार दिया। गुजरात पार्टी सम्मेलन में इतिहास चक्र की नई व्याख्या लोहिया द्वारा प्रस्तुत की गई। 24-25 सितम्बर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की जनरल कौंसिल बैठक में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी और सोशिलिस्ट पार्टी के विलय का निर्णय लिया गया। इस तरह [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी|प्रजा सोशलिस्ट पार्टी]] का जन्म हुआ। 29 से 31 दिसम्बर 1953 को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का पहला सम्मेलन इलाहाबाद में हुआ। वहां लोहिया ने इलाहाबाद थीसिस प्रस्तुत की। लोहिया को उनके मना करने के बावजूद पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया। 13-14 मई 1954 को उत्तर प्रदेश प्रजा सोशलिस्ट पार्टी द्वारा नहर रेट की बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया गया। 4 जुलाई 1954 को फारूखाबाद में वाणी स्वतंत्रता के संघर्ष को लेकर भाषण दिए जाने के कारण गिरफ्तार किया गया। नागपुर में 26-28 नवम्बर 1954 के बीच [[केरल]] गोली कांड पर विचार करने के लिए सम्मेलन हुआ। लोहिया केरल मंत्रीमंडल से इस्तीफा मांग चुके थे। 31 दिसम्बर 1955 तथा 1 जनवरी 1956 को सोशलिस्ट पार्टी का स्थापना हुई। लखनऊ में लोहिया के नेतृत्व में एक लाख किसानों का प्रदर्शन हुआ। 1956 में लोहिया ने "मैनकाइंड" नामक पत्रिका शुरू की। सोशिलिस्ट पार्टी का प्रथम वार्षिक अधिवेशन भारत के मध्य बिंदु मध्यप्रदेश के ग्राम सिहोरा में 28, 29, 30 दिसम्बर 1956 को हुआ। 2 नवम्बर 1957 को लोहिया क्रिमनल लॉ एमेंडमेंड एक्ट की धारा 7 की तहत डाकिए से कुछ कहने पर अकारण गिरफ्तार कर लिया गया। 12 नवम्बर 1958 को लोहिया पूर्वोतर के दौरे पर निकले, जहां उन्हें दौरा करने से रोक दिया गया। एक साल बाद फिर उसी स्थान उर्वसियम ([[नेफ़ा|नेफा]]) से लोहिया ने पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 17 अप्रैल 1960 को कानुपर के सर्किट हाउस में अनाधिकृत प्रवेश करने के कारण अपराध बताकर उन्हें पुन: गिरफ्तार किया गया। 1961 में '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन]]''' के दौरान लोहिया की सभा पर मद्रास में पत्थर बरसाये गए। 1961 में लोहिया एथेंस, रोम और काहिरा गए। 1962 में चुनाव हुआ लोहिया नेहरू के विरुद्ध [[फूलपुर]] में चुनाव मैदान में उतरे। 11 नवम्बर 1962 को कलकत्ता में सभा कर लोहिया ने [[तिब्बत]] के सवाल को उठाया। 1963 के फारूखाबाद के लोकसभा उपचुनाव में लोहिया 58 हजार मतों से चुनाव जीते। लोकसभा में लोहिया की तीन आना बनाम पन्द्रह आना की बहस अत्यंत चर्चित रही, जिसमें उन्होंने 18 करोड़ आबादी के चार आने पर जिंदगी काटने तथा प्रधानमंत्री पर 25 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च करने का आरोप लगाया। 9 अगस्त 1965 को लोहिया को भारत सुरक्षा कानून के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। ; अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन लोहिया जानते थे कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में अंग्रेजी का प्रयोग आम जनता की प्रजातंत्र में शत प्रतिशत भागीदारी के रास्ते का रोड़ा है। उन्होंने इसे सामंती भाषा बताते हुए इसके प्रयोग के खतरों से बारंबार आगाह किया और बताया कि यह मजदूरों, किसानों और शारीरिक श्रम से जुड़े आम लोगों की भाषा नहीं है। उन्होंने लिखा: : '' यदि सरकारी और सार्वजनिक काम ऐसी भाषा में चलाये जाएं, जिसे देश के करोड़ों आदमी न समझ सकें, तो यह केवल एक प्रकार का जादू-टोना होगा। दुख की बात है कि लोहिया के अंग्रेजी हटाओ आंदोलन (1957) को हिंदी का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा गया, जबकि लोहिया ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अंग्रेजी हटाओ का अर्थ हिंदी लाओ कदापि नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति और उनके प्रयोग की खुल कर वकालत की। उनके अनुसार अंग्रेजी हटाओ का अर्थ 'मातृभाषा लाओ' था। भारतीय राजनीति का बेबाक और बिंदास चेहरा रहे राममनोहर लोहिया ने ५० के दशक में ही भांप लिया था। उन्होंने लोकसभा में बल देकर अपनी बात रखते हुए कहा था: :'' अंग्रेजी को खत्म कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि अंग्रेजी का सार्वजनिक प्रयोग बंद हो, लोकभाषा के बिना लोक राज्य असंभव है। कुछ भी हो अंग्रेजी हटनी ही चाहिये, उसकी जगह कौन सी भाषाएं आती हैं यह प्रश्न नहीं है। हिन्दी और किसी भाषा के साथ आपके मन में जो आए सो करें, लेकिन अंग्रेजी तो हटना ही चाहिये और वह भी जल्दी। अंग्रेज गये तो अंग्रेजी चली जानी चाहिये। === देहावसान === 30 सितम्बर 1967 को लोहिया को नई दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल अब जिसे लोहिया अस्पताल कहा जाता है को पौरूष ग्रंथि के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया जहां 12 अक्टूबर 1967 को उनका देहांत 57 वर्ष की आयु में हो गया। = परिवार = परिवार में उनके पुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया हैं जो उन्हीं के रूप में उनके सिद्धांतों ,विचारों और उनके त्याग के बताए हुए रास्तों को अपनाकर सादगी पूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं।। डॉ. राम मनोहर लोहिया के सुपुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया गोवा के अधिकारिक कार्यक्रम गोवा क्रांति दिवस पर <ref>{{cite news |title=CM underscores need to bring about revolution in tech, research, startups |url=https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html |work=The Goan |date=19 June 2023}}</ref> == गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी == देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे। == जैसी कथनी वैसी करनी == लोहिया के समाजवादी आंदोलन की संकल्पना के मूल में अनिवार्यत: विचार और कर्म की उभय उपस्थिति थी- जिसके मूर्तिमंत स्वरूप स्वयं डॉ॰ लोहिया थे और आजन्म उन्होंने ‘कर्म और विचार’ की इस संयुक्ति को अपने आचरण से जीवन्त उदाहरण भी प्रस्तत किया। अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम व्यक्तित्वों की भांति लोहिया प्रभावित भी थे। वे जेल भी गए और ऐसी यातनाएं भी सहीं। आजादी से पूर्व ही कांग्रेस के भीतर उनका सोशलिस्ट ग्रुप था, लेकिन पंद्रह अगस्त सैंतालिस को अंग्रेजों से मुक्ति पाने पर वे उल्लसित तो थे लेकिन विभाजन की कीमत पर पाई गई इस स्वतंत्रता के कारण नेहरू और नेहरू की कांग्रेस से उनका रास्ता हमेशा के लिए अलग हो गया। स्वतंत्रता के नाम पर सत्ता की लिप्सा का यह खुला खेल लोहिया ने अपनी नंगी आंखों से देखा था और इसीलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनमें इतना रोष और क्षोभ था कि उन्हें धुर दक्षिणपंथी और वामपंथियों दोनों को साथ लेना भी उन्हें बेहतर विकल्प ही प्रतीत हुआ। == मौलिक एवं ठेठ देसी चिन्तक == स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के राजनेताओं में लोहिया मौलिक विचारक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 मार्च 2009 |archive-date=14 नवंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061114085226/http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |url-status=dead }}</ref> लोहिया के मन में भारतीय गणतंत्र को लेकर ठेठ देसी सोच थी। अपने इतिहास, अपनी भाषा के सन्दर्भ में वे कतई पश्चिम से कोई सिद्धांत उधार लेकर व्याख्या करने को राजी नहीं थे। सन् 1932 में जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में देश से अंग्रेजी हटाने का जो आह्वान किया। '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]]''' की गणना अब तक के कुछ इने गिने आंदोलनों में की जा सकती है। उनके लिए स्वभाषा राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि अपने स्वाभिमान का प्रश्न और लाखों–करोडों को हीन ग्रंथि से उबरकर आत्मविश्वास से भर देने का स्वप्न था– ‘‘मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान के साधारण लोग अपने अंग्रेजी के अज्ञान पर लजाएं नहीं, बल्कि गर्व करें। इस सामंती भाषा को उन्हीं के लिए छोड़ दें जिनके मां बाप अगर शरीर से नहीं तो आत्मा से अंग्रेज रहे हैं।’’ हलांकि लोहिया भी [[जर्मनी]] यानी विदेश से पढा़ई कर के आए थे, लेकिन उन्हें उन प्रतीकों का अहसास था जिनसे इस देश की पहचान है। [[महाशिवरात्रि|शिवरात्रि]] पर चित्रकूट में '''[[रामायण मेला]]''' उन्हीं की संकल्पना थी, जो सौभाग्य से अभी तक अनवरत चला आ रहा है। आज भी जब चित्रकूट के उस मेले में हजारों भारतवासियों की भीड़ स्वयमेव जुटती है तो लगता है कि ये ही हैं जिनकी चिंता लोहिया को थी, लेकिन आज इनकी चिंता करने के लिए लोहिया के लोग कहां हैं? == राजनीतिक शुचिता के पक्षधर == लोहिया ही थे जो राजनीति की गंदी गली में भी शुद्ध आचरण की बात करते थे। वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस सरकार के शासन में आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। ध्यान रहे स्वाधीन भारत में किसी भी राज्य में यह पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी– ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में तब सफाई और भलाई आएगी जब किसी पार्टी के खराब काम की निंदा उसी पार्टी के लोग करें।....और मै यह याद दिला दूं कि मुझे यह कहने का हक है कि हम ही हिंदुस्तान में एक राजनीतिक पार्टी हैं जिन्होंने अपनी सरकार की भी निंदा की थी और सिर्फ निंदा ही नहीं की बल्कि एक मायने में उसको इतना तंग किया कि उसे हट जाना पडा़। == कर्मवीर == लोहिया जी केवल चिन्तक ही नहीं, एक कर्मवीर भी थे। उन्होने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सन १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के समय [[उषा मेहता]] के साथ मिलकर उन्होने गुप्त रेडियो स्टेशन चलाया। १८ जून १९४६ को [[गोवा|गोआ]] को पुर्तगालियों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाने के लिये उन्होने आन्दोलन आरम्भ किया। अंग्रेजी को भारत से हटाने के लिये उन्होने [[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]] चलाया। == सप्त क्रान्तियाँ == लोहिया अनेक सिद्धान्तों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक हैं। वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे। उन्होंने एक साथ '''सात क्रांतियों''' का आह्वान किया। वे सात क्रान्तियां थी ये थीं- *(१) नर-नारी की समानता के लिए क्रान्ति, *(२) चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ क्रान्ति, *(३) संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए क्रान्ति, *(४) परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए क्रान्ति, *(५) निजी पूँजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए क्रान्ति, *(६) निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए क्रान्ति, *(७) अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिये क्रान्ति। इन सात क्रांतियों के सम्बन्ध में लोहिया ने कहा- : ''मोटे तौर से ये हैं सात क्रांन्तियाँ। सातों क्रांतियां संसार में एक साथ चल रही हैं। अपने देश में भी उनको एक साथ चलाने की कोशिश करना चाहिए। जितने लोगों को भी क्रांति पकड़ में आयी हो उसके पीछे पड़ जाना चाहिए और बढ़ाना चाहिए। बढ़ाते-बढ़ाते शायद ऐसा संयोग हो जाये कि आज का इन्सान सब नाइन्साफियों के खिलाफ लड़ता-जूझता ऐसे समाज और ऐसी दुनिया को बना पाये कि जिसमें आन्तरिक शांति और बाहरी या भौतिक भरा-पूरा समाज बन पाये।''<ref>{{Cite web |url=http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |title=लोहिया के विचार |access-date=16 अक्तूबर 2016 |archive-date=3 मार्च 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170303035145/http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |url-status=dead }}</ref><ref>[https://www.wattpad.com/2897374-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/page/134 डॉ लोहिया की सप्तक्रांति के उद्देश्य]</ref> == भारत-विभाजन पर लोहिया के विचार == उस समय की तमाम ऐसी घटनाओं और स्थितियों का जिनके प्रति एक आम भारतीय नागरिक के मन में बहुत स्पष्ट और तार्किक व्याख्या नहीं है, लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘गिल्टी मैन एंड इंडियाज पार्टीशन’ (भारत विभाजन के गुनहगार) में परत दर परत रहस्यों को खोला है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि उस समय के पूरे आंखों देखे इतिहास को ही नहीं, बल्कि उसके एक सक्रिय, जीवंत पात्र रहे लोहिया की बातों को आजाद भारत में सत्तारूढ़ दल द्वारा एक विपक्षी नेता की ‘खीझ’ से ज्यादा नहीं समझने दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि सत्ता हस्तांतरण के खेल की असलियत संग्रहालयों में दफन दस्तावेजों से ज्यादा लोहिया जैसे नेताओं को भी मालूम थी जिसे होते हुए उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। == लेखन == [[Image:Ram Manohar Lohia 1997 stamp of India.jpg|right|thumb|300px|१९९७ में भारत सरकार ने लोहिया की स्मृति में डाकटिकट निकाला]] डॉ राममनोहर लोहिया ने अनेकों विषयों पर अपने विचार लेख एवं पुस्तकों के रूप में प्रकाशित कीं। उनकी कुछ रचनाएँ हैं- * अंग्रेजी हटाओ * इतिहास चक्र * देश, विदेश नीति-कुछ पहलू * धर्म पर एक दृष्टि * भारतीय शिल्प * भारत विभाजन के गुनहगार * मार्क्सवाद और समाजवाद * राग, जिम्मेदारी की भावना, अनुपात की समझ * समलक्ष्य, समबोध * समदृष्टि * सच, कर्म, प्रतिकार और चरित्र निर्माण आह्‌वान * समाजवादी चिंतन * संसदीय आचरण * संपूर्ण और संभव बराबरी और दूसरे भाषण * हिंदू बनाम हिंदू ; अंग्रेजी में * ''The Caste System'': Hyderabad, Navahind [1964] 147 p. * ''Foreign Policy'': Aligarh, P.C. Dwadash Shreni, [1963?] 381 p. * ''Fragments of World Mind'': Maitrayani Publishers & Booksellers ; Allahabad [1949] 262 p. * ''Fundamentals of a World Mind'': ed. by K.S. Karanth. Bombay, Sindhu Publications, [1987] 130 p. * ''Guilty Men of India’s Partition'': Lohia Samata Vidyalaya Nyas, Publication Dept.,[1970] 103 p. * ''India, China, and Northern Frontiers'': Hyderabad, Navahind [1963] 272 p. * ''Interval During Politics'': Hyderabad, Navahind [1965] 197 p. * ''Marx, Gandhi and Socialism'': Hyderabad, Navahind [1963] 550 p. * ''Collected Works of Dr Lohia'' समाजवादी लेखक डॉ मस्तराम कपूर द्वारा ९ भागों में सम्पादित। ==स्मारक== * अवध विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "[[डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय]]" रखा गया है। * उनके नाम पर भारत के एक प्रमुख विधि स्कूल का नाम [[डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय]], [[लखनऊ]] रखा गया है। * [[पणजी]] के '१८ जून रोड' का नाम डॉ राममनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया है। १८ जून १९४६ को इसी जगह से उन्होने पुर्तगाली शासन के विरुद्ध आन्दोलन आरम्भ किया था। * सन १९७० में दिल्ली के 'विल्लिंगडन हॉस्पिटल' का नाम बदलकर [[राम मनोहर लोहिया अस्पताल]] कर दिया गया। इसी अस्पताल में उन्होने अन्तिम सांस ली थी। * [[लखनऊ]] में [[डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान]] उनके नाम पर ही है। * उनके गृहनगर अकबरपुर में उनके नाम पर एक सामुदायिक भवन बना है, जिसका नाम "डॉ राममनोहर लोहिया भवन" रखा गया है। * [[कर्नाटक]] के [[बल्लारी]] में उनके नाम से "लोहिया प्रकाशन" नामक एक प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान था। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हे भी देखें == * [[जयप्रकाश नारायण]] * [[सप्तक्रांति]] * [[रामायण मेला]] == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote|राममनोहर लोहिया}} * [http://www.socialistpartyindia.blogspot.com/2017/09/blog-post_10.html हिन्दी के सरलीकरण की नीति] हिन्दी शब्द सृजन आदि से सम्बन्धित लोहिया के विचार) * [http://www.lohiavani.com/Default.aspx लोहियावाणी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161019014248/http://www.lohiavani.com/Default.aspx |date=19 अक्तूबर 2016 }} * [http://lohiaphotos.blogspot.com तस्‍वीरों में लोहिया] * [http://issbaar.blogspot.com/2011/02/blog-post_7794.html सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत : लोहिया] (संस्कृति, समाज और भाषा के अन्तःसम्बन्धों की पड़ताल) * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/hindu-banam-hindu.pdf हिन्दू बनाम हिन्दू : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/ram-krishnashiv.pdf राम, कृष्ण और शिव : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/krishna.pdf कृष्ण : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/econ_after_lohia1.pdf अर्थशास्त्र : मार्क्स, लोहिया से आगे /सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/audyogikaran_ka_andhavishvas.pdf औद्योगीकरण का अंधविश्वास : सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/shiksha-sawal-jawab1.pdf शिक्षा पर सवाल जवाब ] * [http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml गांधी-लोहिया का पुनर्पाठ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101021060027/http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml |date=21 अक्तूबर 2010 }} * [http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm लोहिया : एक असमाप्त जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927003229/http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm |date=27 सितंबर 2007 }} * [http://kashivishvavidyalay.wordpress.com/2007/04/24/lohiaramkrishnashiv-2/ लोहिया : मर्यादित, उन्मुक्त और असीमित व्यक्तित्व (२)] * [http://www.indiannationalism.org/pdf/Dr._Rammanohar_Lohiya.pdf गंगा तीरे, सरयू तीरे]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (राममनोहर लोहिया पर विशेष) * [http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 तो इतिहास कुछ और होता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110920031542/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 |date=20 सितंबर 2011 }} (भारतीय पक्ष) * [http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html लोहिया के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305120324/http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html |date=5 मार्च 2016 }} * [http://aarambha.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html स्वर्गीय लोहिया साहब : रामधारी सिंह 'दिनकर'] * [http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2004/04/040415_socialists_ideology.shtml समाजवादी विचारधारा आज कहाँ है ?] (बीबीसी हिन्दी) * [http://books.google.co.in/books?id=sctwuur-nmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false लोहिया के विचार] (गूगल पुस्तक) * [http://books.google.co.in/books?id=n2VV7CQ8Jc4C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false ना रहूँ किसी का दस्तनिगर : मेरा सफरनामा] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैप्टेन अब्बास अली) * [http://www.pravakta.com/?p=8190 यह लोहिया की सदी हो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100325102121/http://www.pravakta.com/?p=8190 |date=25 मार्च 2010 }} (वेदप्रताप वैदिक) * [http://kiransnm.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html लोहिया नें संसद को बनाया लोक सदन] (किरन माहेश्वरी) * [http://www.pravakta.com/?p=8211 डॉ॰ लोहिया का इतिहास चिंतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100326212816/http://www.pravakta.com/?p=8211 |date=26 मार्च 2010 }} – डॉ॰ मनोज चतुर्वेदी * [http://www.nafanuksan.com/DetailNews.aspx?newsid=2538&status=other डॉ॰ लोहिया और सप्त क्रान्ति]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 लोहिया के बिना साहित्य का इतिहास अधूरा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110912200346/http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 |date=12 सितंबर 2011 }} - नामवर सिंह * [http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 लोहिया का अंगरेजी विरोध] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110911141922/http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 |date=11 सितंबर 2011 }} (गंगा सहाय मीणा) * [http://bharatkenayak.blogspot.com/2011/04/blog-post_16.html समाजवादी नायक : श्री राम मनोहर लोहिया] * [http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 अप्रासंगिक हुआ लोहिया का गैर-कांग्रेसवाद?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140201162827/http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 |date=1 फ़रवरी 2014 }} (प्रभासाक्षी) [[श्रेणी:1910 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९६७ में निधन]] rb240773u7agyu53fz3lgftwr6pmbt4 6582764 6582658 2026-07-15T05:23:11Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 6582764 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राममनोहर लोहिया | image = Ram Manohar Lohia 1977 stamp of India.jpg | image_size = | alt = | caption = १९७७ के एक डाकटिकट पर लोहिया | birth_date = {{birth date|df=yes|1910|03|23}} | birth_place = [[अकबरपुर, अंबेडकर नगर|अकबरपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] | death_date = {{death date and age|df=yes|1967|10|12|1910|03|23}} | death_place = [[नयी दिल्ली]] | death_cause = | resting_place = | resting_place_coordinates = | nationality = Indian | other_names = | movement = [[भारत छोड़ो आन्दोलन]]<br>[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] | education = | alma_mater = [[कोलकाता विश्वविद्यालय]] (बीए)<br>[[हम्बोल्ट विश्वविद्यालय]], [[बर्लिन]] ([[पीएच डी]]) | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]<br>[[प्रजा समाजवादी पार्टी]]<br>[[संयुक्त समाजवादी दल]] | religion = | spouse = | children = | parents = | awards = | signature = | footnotes = | website = {{URL|www.lohiatoday.com}} }} '''डॉ॰ राममनोहर लोहिया''' (जन्म - [[२३ मार्च]], [[१९१०]] - मृत्यु - [[१२ अक्तूबर|१२ अक्टूबर]], [[१९६७|१९६७]]) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा [[समाजवाद|समाजवादी]] राजनेता थे। == जीवनवृत्त == === आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा === डॉ॰ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या जिला|अयोध्या]] जनपद में वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद नामक स्थान में हुआ था। उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे। ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी (चन्दा देवी) का देहान्त हो गया।। उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला। टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए। उनके पिताजी [[महात्मा गांधी|गाँधीजी]] के अनुयायी थे। जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे। इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। पिताजी के साथ 1918 में [[अहमदाबाद]] कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार शामिल हुए। [[बंबई]] के मारवाड़ी स्कूल में पढ़ाई की। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य गंगाधर तिलक]] की मृत्यु के दिन विद्यालय के लड़कों के साथ 1920 में पहली अगस्त को हड़ताल की। गांधी जी की पुकार पर 10 वर्ष की आयु में स्कूल त्याग दिया। पिताजी को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के आंदोलन के चलते सजा हुई। 1921 में फैजाबाद किसान आंदोलन के दौरान [[जवाहरलाल नेहरू]] से मुलाकात हुई। 1924 में प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस के [[गया]] अधिवेशन में शामिल हुए। 1925 में मैट्रिक की परीक्षा दी। कक्षा में 61 प्रतिशत नंबर लाकर प्रथम आए। इंटर की दो वर्ष की पढ़ाई [[वाराणसी|बनारस]] के [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी विश्वविद्यालय]] में हुई। कॉलेज के दिनों से ही [[खादी|खद्दर्]] पहनना शुरू कर दिया। 1926 में पिताजी के साथ [[गुवाहाटी|गौहाटी]] कांग्रेस अधिवेशन में गए। 1927 में इंटर पास किया तथा आगे की पढ़ाई के लिए [[कोलकाता|कलकत्ता]] जाकर ताराचंद दत्त स्ट्रीट पर स्थित पोद्दार छात्र हॉस्टल में रहने लगे। विद्यासागर कॉलेज में दाखिला लिया। अखिल बंग विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाषचंद्र बोस]] के न पहुंचने पर उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 1928 में कलकता में कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। 1928 से अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन में सक्रिय हुए। [[साइमन कमीशन|साइमन कमिशन]] के बहिष्कार के लिए छात्रों के साथ आंदोलन किया। कलकत्ता में युवकों के सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष तथा सुभाषचंद्र बोस और लोहिया विषय निर्वाचन समिति के सदस्य चुने गए। 1930 में द्वितीय श्रेणी में बीए की परीक्षा पास की। =परिवार= परिवार में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया हैं जो अपने परिवार के साथ उनके विचारों सिद्धांतों उनकी सादगी व त्याग के बताए हुए रास्ते रास्ते पर चल सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्य में संलग्न है ।। गोवा की ऐतिहासिक लोहिया मैदान मडगांव के आधिकारिक कार्यक्रम में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र जी और उनके परिवार की उपस्थिति गोवा के प्रसिद्ध न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार.. https://www.republicworld.com/india-news/general-news/goa-would-have-been-liberated-earlier-had-sardar-patel-been-alive-union-min-rajeev-chandrasekhar-articleshow.html === यूरोप प्रवास === 1930 जुलाई को लोहिया अग्रवाल समाज के कोष से पढ़ाई के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] रवाना हुए। वहाँ से वे [[बर्लिन]] गए। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो॰ बर्नर जेम्बार्ट को अपना प्राध्यापक चुना। 3 महीने में [[जर्मन भाषा]] सीखी। 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने [[दांडी मार्च|दाण्डी यात्रा]] प्रारंभ की। जब नमक कानून तोड़ा गया तब पुलिस अत्याचार से पीड़ित होकर पिता हीरालाल जी ने लोहिया को विस्तृत पत्र लिखा। 23 मार्च को [[लाहौर]] में [[भगत सिंह]] को फांसी दिए जाने के विरोध में [[राष्ट्र संघ|लीग ऑफ नेशन्स]] की बैठक में बर्लिन में पहुंचकर सीटी बजाकर दर्शक दीर्घा से विरोध प्रकट किया। सभागृह से उन्हें निकाल दिया गया। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे [[बीकानेर]] के महाराजा द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर लोहिया ने [[रोमानिया|रूमानिया]] की प्रतिनिधि को खुली चिट्ठी लिखकर उसे अखबारों में छपवाकर उसकी कॉपी बैठक में बंटवाई। [[गांधी-इरविन समझौता|गांधी इर्विन समझौते]] का लोहिया ने [[प्रवासी भारतीय]] विद्यार्थियों की संस्था "मध्य यूरोप हिन्दुस्तानी संघ" की बैठक में संस्था के मंत्री के तौर पर समर्थन किया। [[साम्यवाद|कम्युनिस्टों]] ने विरोध किया। बर्लिन के स्पोटर्स पैलेस में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का भाषण सुना। 1932 में लोहिया ने [[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]] विषय पर अपना [[शोध-प्रबन्ध|शोध प्रबंध]] पूरा कर [[हम्बोल्ट बर्लिन विश्वविद्यालय|बर्लिन विश्वविद्यालय]] से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। === स्वदेश आगमन एवं स्वतंत्रता संग्राम === 1933 में मद्रास पहुंचे। रास्ते में सामान जब्त कर लिया गया। तब समुद्री जहाज से उतरकर [[द हिन्दू|हिन्दु]] अखबार के दफ्तर पहुंचकर दो लेख लिखकर 25 रुपया प्राप्त कर कलकत्ता गए। कलकत्ता से बनारस जाकर [[मदनमोहन मालवीय|मालवीय जी]] से मुलाकात की। उन्होंने रामेश्वर दास बिड़ला से मुलाकात कराई जिन्होंने नौकरी का प्रस्ताव दिया, लेकिन दो हफ्ते साथ रहने के बाद लोहिया ने निजी सचिव बनने से इनकार कर दिया। तब पिता जी के मित्र सेठ [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] लोहिया को गांधी जी के पास ले गए तथा उनसे कहा कि ये लड़का राजनीति करना चाहता है। कुछ दिन तक [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] के साथ रहने के बाद शादी का प्रस्ताव मिलने पर शहर छोड़कर वापस कलकत्ता चले गए। विश्व राजनीति के आगामी 10 वर्ष विषय पर [[ढाका विश्वविद्यालय]] में व्याख्यान देकर कलकत्ता आने-जाने की राशि जुटाई। [[पटना]] में 17 मई 1934 को [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्र देव]] की अध्यक्षता में देश के समाजवादी अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में इकट्ठे हुए, जहां [[समाजवादी पार्टी]] की स्थापना का निर्णय लिया गया। यहां लोहिया ने समाजवादी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी के उद्देश्यों में लोहिया ने पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य जोड़ने का संशोधन पेश किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। 21-22 अक्टूबर 1934 को बम्बई के बर्लि स्थित 'रेडिमनी टेरेस' में 150 समाजवादियों ने इकट्ठा होकर [[कांग्रेस समाजवादी दल|कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी]] की स्थापना की। लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। कांग्रेस सोशलिस्ट सप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बनाए गए। गांधी जी के विरोध में जाकर उन्होंने कांउसिल प्रवेश का विरोध किया। गांधी जी ने लोहिया के लेख पर दो पत्र लिखे। 1936 के [[मेरठ]] अधिवेशन में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के लिए पार्टी का दरवाजा खोल दिया। लोहिया बार-बार कम्युनिस्टों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी [[जयप्रकाश नारायण]] जी एवं अन्य नेताओं को देते रहे। 1935 में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में [[लखनऊ]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जहां लोहिया को परराष्ट्र विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया जिसके चलते उन्हें [[इलाहाबाद]] आना पड़ा। 1938 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी में लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के परराष्ट्र विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1940 में रामगढ़ कांग्रेस के कम्युनिस्टों को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया गया। 1939 में त्रिपुरी कांग्रेस में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] को समाजवादियों ने समर्थन किया। डॉ॰ लोहिया तटस्थ बने रहे। लोहिया ने गांधी जी द्वारा यह कहे जाने पर की बोस का चुनाव मेरी शिकस्त है पर प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव गांधी जी से सम्मानपूर्वक आह्वान करता है कि उनकी शिकस्त नहीं हुई है। गांधी जी की इच्छानुसार सुभाषचंद्र बोस कार्यसमिति बनाने को तैयार नहीं हुए तथा नेहरू सहित अन्य कांग्रेस के नेताओं ने बोस के साथ कार्यसमिति में रहने से इंकार कर दिया तब बोस ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तथा कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। महायुद्ध के समय लोहिया ने युद्धभर्ती का विरोध, देशी रियासतों में आंदोलन, ब्रिटिश माल जहाजों से माल उतारने व लादने वाले मजदूरों का संगठन तथा युद्धकर्ज को मंजूर तथा अदा न करने, जैसे चार सूत्रीय मुद्दों को लेकर युद्ध विरोधी प्रचार शुरू कर दिया। 1939 के मई महीने में दक्षिण कलकता की कांग्रेस कमेटी में युद्ध विरोधी भाषण करने पर उन्हें 24 मई को गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता के चीफ प्रेसीडेन्सी मजिस्टे्रट के सामने लोहिया ने स्वयं अपने मुकदमे की पैरवी और बहस की। 14 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया गया। 9 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस समिति के बैठक [[वर्धा]] में हुई जिसमें लोहिया ने समझौते का विरोध किया। उसी समय उन्होंने '''शस्त्रों का नाश हो''' नामक प्रसिद्ध लेख लिखा। 11 मई 1940 को [[सुल्तानपुर]] के जिला सम्मेलन में लोहिया ने कांग्रेस से 'सत्याग्रह अभी नहीं' नामक लेख लिखा। गांधी जी ने मूल रूप में लोहिया द्वारा दिए गए चार सूत्रों को स्वीकार किया। 7 जून 1940 को डॉ॰ लोहिया को 11 मई को दोस्तपुर ([[सुल्तानपुर]]) में दिए गए भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। उन्हें कोतवाली में सुल्तानपुर में [[इलाहाबाद]] के स्वराज भवन से ले जाकर हथकड़ी पहनाकर रखा गया। 1 जुलाई 1940 को भारत सुरक्षा कानून की धारा 38 के तहत दो साल की सख्त सजा हुई। सजा सुनाने के बाद उन्हें 12 अगस्त को [[बरेली]] जेल भेज दिया गया। 15 जून 1940 को गांधी जी ने '[[हरिजन]]' में लिखा, कि 'मैं युद्ध को गैर कानूनी मानता हूं किन्तु युद्ध के खिलाफ मेरे पास कोई योजना नहीं है इस वास्ते मैं युद्ध से सहमत हूं।' 25 अगस्त को गांधी जी ने लिखा कि 'लोहिया और दूसरे कांग्रेस वालों की सजाएं हिन्दुस्तान को बांधने वाली जंजीर को कमजोर बनाने वाले हथौडे क़े प्रहार हैं। सरकार कांग्रेस को सिविल-नाफरमानी आरंभ करने और आखिरी प्रहार करने के लिए प्रेरित कर रही है। यद्यपि कांग्रेस उसे उस दिन तक के लिए स्थगित करना चाहती है जब तक इंग्लैंड मुसीबत में हो।' गांधी जी ने बंबई में कहा, कि 'जब तक डॉ॰ राममनोहर लोहिया जेल में है तब तक मैं खामोश नहीं बैठ सकता, उनसे ज्यादा बहादुर और सरल आदमी मुझे मालूम नहीं। उन्होंने हिंसा का प्रचार नहीं किया जो कुछ किया है उनसे उनका सम्मान बढ़ता है।' 4 दिसम्बर 1941 को अचानक लोहिया को रिहा कर दिया गया तथा देश के अन्य जेलों में बंद कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। 19 अप्रैल 1942 को हरिजन में लोहिया का लेख 'विश्वासघाती जापान या आत्मसंतुष्ट ब्रिटेन' गांधी जी द्वारा प्रकाशित किया गया। गांधी जी ने टिप्पणी की कि मेरी उम्मीद है कि सभी संबंधित इसके प्रति ध्यान देंगे। सन् 1942 में [[इलाहाबाद]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां लोहिया ने खुलकर नेहरू का विरोध किया। इसके बाद [[अल्मोड़ा]] जिला सम्मेलन में लोहिया ने 'नेहरू को झट पलटने वाला नट' कहा। गांधी जी के साथ एक सप्ताह रहकर लोहिया ने गांधी जी को वाइसराय के नाम पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। जिसमें गांधी जी ने लिखा कि अहिंसानिष्ट सोशलिस्ट डॉ॰ लोहिया ने भारतीय शहरों को बिना पुलिस व फौज के शहर घोषित करने की कल्पना निकाली है। लोहिया जी के द्वारा दुनिया की सभी सरकारों को नई दुनिया की बुनियाद बनाने की योजना की कल्पना गांधी जी के सामने रखी गई, जिसमें एक देश की दूसरे देश में जो पूंजी लगी है उसे जब्त करना, सभी लोगों को संसार में कहीं भी आने-जाने व बसने का अधिकार देना, दुनिया के सभी राष्ट्रों को राजनैतिक आजादी तथा विश्व नागरिकता की बात कही गई थी। गांधी जी ने इसे हरिजन में छापा और अपनी ओर से समर्थन भी किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ जल्दी लड़ाई छेड़ने को लेकर गांधी जी ने दस दिन रूकने के लिए लोहिया को कहा। दस दिन बाद 7 अगस्त 1942 को गांधीजी ने तीन घंटे तक भाषण देकर कहा, कि 'हम अपनी आजादी लड़कर प्राप्त करेंगे।' अगले दिन 8 अगस्त को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव बंबई में बहुमत से स्वीकृत हुआ। गांधी जी ने '''करो या मरो''' का संदेश दिया। ==== भारत छोड़ो आन्दोलन ==== 9 अगस्त १९४२ को जब गांधी जी व अन्य कांग्रेस के नेता गिरफ्तार कर लिए गए, तब लोहिया ने भूमिगत रहकर '[[भारत छोड़ो आन्दोलन|भारत छोड़ो आंदोलन]]' को पूरे देश में फैलाया। लोहिया, [[अच्युत पटवर्धन]], सादिक अली, पुरूषोत्तम टिकरम दास, मोहनलाल सक्सेना, उषा मेहता ,रामनन्दन मिश्रा, सदाशिव महादेव जोशी, साने गुरूजी, [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]], अरूणा आसिफअली, [[सुचेता कृपलानी]] और पूर्णिमा बनर्जी आदि नेताओं का केन्द्रीय संचालन मंडल बनाया गया। लोहिया पर नीति निर्धारण कर विचार देने का कार्यभार सौंपा गया। भूमिगत रहते हुए 'जंग जू आगे बढ़ो, क्रांति की तैयारी करो, आजाद राज्य कैसे बने' जैसी पुस्तिकाएं लिखीं। 20 मई 1944 को लोहिया जी को [[बंबई]] में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद [[लाहौर किला|लाहौर किले]] की एक अंधेरी कोठरी में रखा गया जहां 14 वर्ष पहले [[भगत सिंह]] को [[फांसी]] दी गई थी। पुलिस द्वारा लगातार उन्हें यातनाएँ दी गई, 15-15 दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। किसी से मिलने नहीं दिया गया 4 महीने तक ब्रुश या पेस्ट तक भी नहीं दिया गया। हर समय हथकड़ी बांधे रखी जाती थी। लाहौर के प्रसिद्ध वकील [[जीवनलाल कपूर]] द्वारा [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण]] की याचिका लगाने पर उन्हें तथा [[जयप्रकाश नारायण]] को स्टेट प्रिजनर घोषित कर दिया गया। मुकदमे के चलते सरकार को लोहिया को पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी पड़ी। पहला पत्र लोहिया ने [[ब्रिटिश लेबर पार्टी]] के अध्यक्ष प्रो॰ हेराल्ड जे. लास्की को लिखा जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 1945 में लोहिया को [[लाहौर]] से [[आगरा]] जेल भेज दिया गया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होने पर गांधी जी तथा कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। केवल लोहिया व जयप्रकाश ही जेल में थे। इसी बीच अंग्रेजों की सरकार और कांग्रेस की बीच समझौते की बातचीत शुरू हो गई। [[इंग्लैंड]] में [[लेबर पार्टी (यूके)|लेलेबर पार्टी]] की सरकार बन गई सरकार का प्रतिनिधि मंडल डॉ॰ लोहिया से आगरा जेल में मिलने आया। इस बीच लोहिया के पिता हीरालाल जी की मृत्यु हो गई। किन्तु लोहिया जी ने सरकार की कृपा पर पेरोल पर छूटने से इंकार कर दिया। ====गोवा मुक्ति आन्दोलन==== [[चित्र:Lohia Maidan.jpg|right|thumb|300px|गोवा में राममनोहर लोहिया की प्रतिमा]] 11 अप्रैल 1946 को लोहिया को आगरा जेल से रिहा कर दिया गया। 15 जून को लोहिया ने [[गोवा]] के [[पणजी|पंजिम]] में '[[भारतीय वायुसेना|गोवा मुक्ति आंदोलन]]' की पहली सभा ली। लोहिया को 18 जून को गोवा मुक्ति आंदोलन के शुरूआत के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। 14 अगस्त 1946 को 'हरिजन' में गांधी जी ने लिखा कि, लोहिया को बधाई दी जानी चाहिए। 30 दिसम्बर 1946 को [[नोवाखाली|नवाखली]] में हिन्दु और मुसलमान के बीच के अविश्वास को दूर करने में गांधी जी के साथ विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया। पूरे साल नवाखली, कलकत्ता, बिहार, दिल्ली सभी जगह लोहिया गांधी जी के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता की आग को बुझाने की कोशिश करते रहे। 9 अगस्त 1947 से लगातार हिंसा रोकने का प्रयास चलता रहा। 14 अगस्त की रात को हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई के नारों के साथ लोहिया ने सभा की। 31 अगस्त को वातावरण फिर बिगड़ गया, गांधी जी अनशन पर बैठ गए तब लोहिया ने दंगाईयों के हथियार इकट्ठे कराए। लोहिया के प्रयास से शांति समिति की स्थापना हुई तथा 4 सितम्बर को गांधी जी ने अनशन तोड़ा। 29 सितम्बर को बेलगांव में लोहिया को फिर गिरफ्तार कर लिया गया। 26, 27, 28 फ़रवरी 1947 को सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में तटस्थ रहने का निर्णय लिया गया। === स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद === जनवरी 1947 में लोहिया ने [[नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस]] को स्थापित करने तथा राणाशाही के विरुद्ध सत्याग्रह प्रारंभ करने की पहल की। 25 जनवरी 1948 को बंबई हड़ताल को लेकर लोहिया जी ने गांधी जी से हड़ताल का समर्थन मांगा। 28 जनवरी को गांधी जी ने कहा कि कल आना कल पेट भर की बात होगी। 30 जनवरी को लोहिया जब बिड़ला भवन के लिए निकले तब उन्हें गांधी जी की हत्या की खबर सुनने को मिली। मार्च 1948 में नासिक सम्मेलन में सोशलिस्ट दल ने कांग्रेस से अलग होने का निश्चय किया। लोहिया की प्रेरणा से रियासतों की समाप्ति का आंदोलन 650 रिसासतों में समाजवादी चला रहे थे। 2 जनवरी 1948 को रीवा में 'हमें चुनाव चाहिए विभाजन रद्द करो' के नारे के साथ आंदोलन किया गया जिसमें पुलिस ने गोली चलाई 4 आंदोलनकारी शहीद हुए। 1949 को सोशलिस्ट पार्टी द्वारा लोहिया के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला के आमरण अनशन तथा नेपाल में राणाशाही के अत्याचार के खिलाफ सभा की गई। नेपाली दूतावास की ओर जब जुलूस बढ़ा तब लाठी चार्ज किया गया लोहिया को गिरफ्तार किया गया। 20 जून को देश भर में लोहिया दिवस मनाया गया। मुकदमे में दो महीने की कैद हुई। 3 जुलाई को उन्हें रिहा कर दिया गया। सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसी सम्मेलन में लोहिया ने 'चौखंभा राज्य' की कल्पना प्रस्तुत की। पटना में 'हिन्द किसान पंचायत' की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष लोहिया को चुना गया। 25 नवम्बर 1949 को लखनऊ में एक लाख किसानों ने विशाल प्रदर्शन किया। 26 फ़रवरी 1950 को [[रीवा]] में 'हिन्द किसान पंचायत' का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। दिल्ली में 3 जून 1951 को जनवाणी दिवस पर प्रदर्शन किया गया। 'रोजी-रोटी कपड़ा दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो', प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा था। 14 जून 1951 को सागर स्टेशन में लोहिया को गिरफ्तार कर बेंगलूर के हवालात में बंद कर दिया गया। 3 जुलाई को लोहिया छूटे। 24 जुलाई को वे विश्व सरकार के समर्थकों के सम्मेलन में [[स्वीडन]] की राजधानी स्टॉकहोम गए 17 साल बाद वे पुन: बर्लिन पहुंचे। लोहिया इंग्लैंड, पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण पश्चिम एशिया के कई देशों में गए; [[इज़राइल|इस्रायल]] से होकर 15 नवम्बर को स्वेदश लौटे। 1951 में लोहिया को 3 जुलाई को समाजवादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बुलाया गया। सम्मेलन में जर्मनी, युगोस्लाविया, अमेरिका, हवाई, जापान, हांगकांग, थाईदेश, सिंगापुर मलाया, इंडोनेशिया तथा लंका भी गए। लोहिया विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टन से प्रिंसटन में मिले। [[अल्बर्ट आइंस्टीन|आइंस्टीन]] ने कहा, कि 'किसी मनुष्य से मिलना कितना अच्छा होता है आदमी कितना अकेला पड़ जाता है।' लोहिया ने अमरीका में सैकड़ों स्थानों पर भाषण किए। उस समय उन्होंने एशिया की समस्त सोशलिस्ट पार्टियों का संगठन निर्मित करने का विचार बनाया। 25 मार्च से 29 मार्च 1952 में एशियाई सोशलिस्ट कान्फ्रेंस हुई, लेकिन इसमें लोहिया शामिल नहीं हो सके। जयप्रकाश नरायण भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता बन कर [[यांगून|रंगून]] गए। [[चित्र:Mani Ram Bagri1.jpg|अंगूठाकार|डॉ राममनोहर लोहिया, मणि राम बागरी, मधु लिमये, एस एम जोशी]] मई 1952 में [[पचमढ़ी|पंचमढ़ी]] में सोशलिस्ट पार्टी का सम्मेलन हुआ। आम चुनाव में हार के बाद लोहिया ने चुनावों की पराजय की शव परीक्षा के बदले ठोस विचारों की ओर पार्टी को ले जाने का विचार दिया। गुजरात पार्टी सम्मेलन में इतिहास चक्र की नई व्याख्या लोहिया द्वारा प्रस्तुत की गई। 24-25 सितम्बर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की जनरल कौंसिल बैठक में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी और सोशिलिस्ट पार्टी के विलय का निर्णय लिया गया। इस तरह [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी|प्रजा सोशलिस्ट पार्टी]] का जन्म हुआ। 29 से 31 दिसम्बर 1953 को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का पहला सम्मेलन इलाहाबाद में हुआ। वहां लोहिया ने इलाहाबाद थीसिस प्रस्तुत की। लोहिया को उनके मना करने के बावजूद पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया। 13-14 मई 1954 को उत्तर प्रदेश प्रजा सोशलिस्ट पार्टी द्वारा नहर रेट की बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया गया। 4 जुलाई 1954 को फारूखाबाद में वाणी स्वतंत्रता के संघर्ष को लेकर भाषण दिए जाने के कारण गिरफ्तार किया गया। नागपुर में 26-28 नवम्बर 1954 के बीच [[केरल]] गोली कांड पर विचार करने के लिए सम्मेलन हुआ। लोहिया केरल मंत्रीमंडल से इस्तीफा मांग चुके थे। 31 दिसम्बर 1955 तथा 1 जनवरी 1956 को सोशलिस्ट पार्टी का स्थापना हुई। लखनऊ में लोहिया के नेतृत्व में एक लाख किसानों का प्रदर्शन हुआ। 1956 में लोहिया ने "मैनकाइंड" नामक पत्रिका शुरू की। सोशिलिस्ट पार्टी का प्रथम वार्षिक अधिवेशन भारत के मध्य बिंदु मध्यप्रदेश के ग्राम सिहोरा में 28, 29, 30 दिसम्बर 1956 को हुआ। 2 नवम्बर 1957 को लोहिया क्रिमनल लॉ एमेंडमेंड एक्ट की धारा 7 की तहत डाकिए से कुछ कहने पर अकारण गिरफ्तार कर लिया गया। 12 नवम्बर 1958 को लोहिया पूर्वोतर के दौरे पर निकले, जहां उन्हें दौरा करने से रोक दिया गया। एक साल बाद फिर उसी स्थान उर्वसियम ([[नेफ़ा|नेफा]]) से लोहिया ने पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 17 अप्रैल 1960 को कानुपर के सर्किट हाउस में अनाधिकृत प्रवेश करने के कारण अपराध बताकर उन्हें पुन: गिरफ्तार किया गया। 1961 में '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन]]''' के दौरान लोहिया की सभा पर मद्रास में पत्थर बरसाये गए। 1961 में लोहिया एथेंस, रोम और काहिरा गए। 1962 में चुनाव हुआ लोहिया नेहरू के विरुद्ध [[फूलपुर]] में चुनाव मैदान में उतरे। 11 नवम्बर 1962 को कलकत्ता में सभा कर लोहिया ने [[तिब्बत]] के सवाल को उठाया। 1963 के फारूखाबाद के लोकसभा उपचुनाव में लोहिया 58 हजार मतों से चुनाव जीते। लोकसभा में लोहिया की तीन आना बनाम पन्द्रह आना की बहस अत्यंत चर्चित रही, जिसमें उन्होंने 18 करोड़ आबादी के चार आने पर जिंदगी काटने तथा प्रधानमंत्री पर 25 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च करने का आरोप लगाया। 9 अगस्त 1965 को लोहिया को भारत सुरक्षा कानून के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। ; अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन लोहिया जानते थे कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में अंग्रेजी का प्रयोग आम जनता की प्रजातंत्र में शत प्रतिशत भागीदारी के रास्ते का रोड़ा है। उन्होंने इसे सामंती भाषा बताते हुए इसके प्रयोग के खतरों से बारंबार आगाह किया और बताया कि यह मजदूरों, किसानों और शारीरिक श्रम से जुड़े आम लोगों की भाषा नहीं है। उन्होंने लिखा: : '' यदि सरकारी और सार्वजनिक काम ऐसी भाषा में चलाये जाएं, जिसे देश के करोड़ों आदमी न समझ सकें, तो यह केवल एक प्रकार का जादू-टोना होगा। दुख की बात है कि लोहिया के अंग्रेजी हटाओ आंदोलन (1957) को हिंदी का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा गया, जबकि लोहिया ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अंग्रेजी हटाओ का अर्थ हिंदी लाओ कदापि नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति और उनके प्रयोग की खुल कर वकालत की। उनके अनुसार अंग्रेजी हटाओ का अर्थ 'मातृभाषा लाओ' था। भारतीय राजनीति का बेबाक और बिंदास चेहरा रहे राममनोहर लोहिया ने ५० के दशक में ही भांप लिया था। उन्होंने लोकसभा में बल देकर अपनी बात रखते हुए कहा था: :'' अंग्रेजी को खत्म कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि अंग्रेजी का सार्वजनिक प्रयोग बंद हो, लोकभाषा के बिना लोक राज्य असंभव है। कुछ भी हो अंग्रेजी हटनी ही चाहिये, उसकी जगह कौन सी भाषाएं आती हैं यह प्रश्न नहीं है। हिन्दी और किसी भाषा के साथ आपके मन में जो आए सो करें, लेकिन अंग्रेजी तो हटना ही चाहिये और वह भी जल्दी। अंग्रेज गये तो अंग्रेजी चली जानी चाहिये। === देहावसान === 30 सितम्बर 1967 को लोहिया को नई दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल अब जिसे लोहिया अस्पताल कहा जाता है को पौरूष ग्रंथि के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया जहां 12 अक्टूबर 1967 को उनका देहांत 57 वर्ष की आयु में हो गया। = परिवार = परिवार में उनके पुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया हैं जो उन्हीं के रूप में उनके सिद्धांतों ,विचारों और उनके त्याग के बताए हुए रास्तों को अपनाकर सादगी पूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं।। डॉ. राम मनोहर लोहिया के सुपुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया गोवा के अधिकारिक कार्यक्रम गोवा क्रांति दिवस पर <ref>{{cite news |title=CM underscores need to bring about revolution in tech, research, startups |url=https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html |work=The Goan |date=19 June 2023}}</ref> == गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी == देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे। == जैसी कथनी वैसी करनी == लोहिया के समाजवादी आंदोलन की संकल्पना के मूल में अनिवार्यत: विचार और कर्म की उभय उपस्थिति थी- जिसके मूर्तिमंत स्वरूप स्वयं डॉ॰ लोहिया थे और आजन्म उन्होंने ‘कर्म और विचार’ की इस संयुक्ति को अपने आचरण से जीवन्त उदाहरण भी प्रस्तत किया। अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम व्यक्तित्वों की भांति लोहिया प्रभावित भी थे। वे जेल भी गए और ऐसी यातनाएं भी सहीं। आजादी से पूर्व ही कांग्रेस के भीतर उनका सोशलिस्ट ग्रुप था, लेकिन पंद्रह अगस्त सैंतालिस को अंग्रेजों से मुक्ति पाने पर वे उल्लसित तो थे लेकिन विभाजन की कीमत पर पाई गई इस स्वतंत्रता के कारण नेहरू और नेहरू की कांग्रेस से उनका रास्ता हमेशा के लिए अलग हो गया। स्वतंत्रता के नाम पर सत्ता की लिप्सा का यह खुला खेल लोहिया ने अपनी नंगी आंखों से देखा था और इसीलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनमें इतना रोष और क्षोभ था कि उन्हें धुर दक्षिणपंथी और वामपंथियों दोनों को साथ लेना भी उन्हें बेहतर विकल्प ही प्रतीत हुआ। == मौलिक एवं ठेठ देसी चिन्तक == स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के राजनेताओं में लोहिया मौलिक विचारक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 मार्च 2009 |archive-date=14 नवंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061114085226/http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |url-status=dead }}</ref> लोहिया के मन में भारतीय गणतंत्र को लेकर ठेठ देसी सोच थी। अपने इतिहास, अपनी भाषा के सन्दर्भ में वे कतई पश्चिम से कोई सिद्धांत उधार लेकर व्याख्या करने को राजी नहीं थे। सन् 1932 में जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में देश से अंग्रेजी हटाने का जो आह्वान किया। '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]]''' की गणना अब तक के कुछ इने गिने आंदोलनों में की जा सकती है। उनके लिए स्वभाषा राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि अपने स्वाभिमान का प्रश्न और लाखों–करोडों को हीन ग्रंथि से उबरकर आत्मविश्वास से भर देने का स्वप्न था– ‘‘मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान के साधारण लोग अपने अंग्रेजी के अज्ञान पर लजाएं नहीं, बल्कि गर्व करें। इस सामंती भाषा को उन्हीं के लिए छोड़ दें जिनके मां बाप अगर शरीर से नहीं तो आत्मा से अंग्रेज रहे हैं।’’ हलांकि लोहिया भी [[जर्मनी]] यानी विदेश से पढा़ई कर के आए थे, लेकिन उन्हें उन प्रतीकों का अहसास था जिनसे इस देश की पहचान है। [[महाशिवरात्रि|शिवरात्रि]] पर चित्रकूट में '''[[रामायण मेला]]''' उन्हीं की संकल्पना थी, जो सौभाग्य से अभी तक अनवरत चला आ रहा है। आज भी जब चित्रकूट के उस मेले में हजारों भारतवासियों की भीड़ स्वयमेव जुटती है तो लगता है कि ये ही हैं जिनकी चिंता लोहिया को थी, लेकिन आज इनकी चिंता करने के लिए लोहिया के लोग कहां हैं? == राजनीतिक शुचिता के पक्षधर == लोहिया ही थे जो राजनीति की गंदी गली में भी शुद्ध आचरण की बात करते थे। वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस सरकार के शासन में आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। ध्यान रहे स्वाधीन भारत में किसी भी राज्य में यह पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी– ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में तब सफाई और भलाई आएगी जब किसी पार्टी के खराब काम की निंदा उसी पार्टी के लोग करें।....और मै यह याद दिला दूं कि मुझे यह कहने का हक है कि हम ही हिंदुस्तान में एक राजनीतिक पार्टी हैं जिन्होंने अपनी सरकार की भी निंदा की थी और सिर्फ निंदा ही नहीं की बल्कि एक मायने में उसको इतना तंग किया कि उसे हट जाना पडा़। == कर्मवीर == लोहिया जी केवल चिन्तक ही नहीं, एक कर्मवीर भी थे। उन्होने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सन १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के समय [[उषा मेहता]] के साथ मिलकर उन्होने गुप्त रेडियो स्टेशन चलाया। १८ जून १९४६ को [[गोवा|गोआ]] को पुर्तगालियों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाने के लिये उन्होने आन्दोलन आरम्भ किया। अंग्रेजी को भारत से हटाने के लिये उन्होने [[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]] चलाया। == सप्त क्रान्तियाँ == लोहिया अनेक सिद्धान्तों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक हैं। वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे। उन्होंने एक साथ '''सात क्रांतियों''' का आह्वान किया। वे सात क्रान्तियां थी ये थीं- *(१) नर-नारी की समानता के लिए क्रान्ति, *(२) चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ क्रान्ति, *(३) संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए क्रान्ति, *(४) परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए क्रान्ति, *(५) निजी पूँजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए क्रान्ति, *(६) निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए क्रान्ति, *(७) अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिये क्रान्ति। इन सात क्रांतियों के सम्बन्ध में लोहिया ने कहा- : ''मोटे तौर से ये हैं सात क्रांन्तियाँ। सातों क्रांतियां संसार में एक साथ चल रही हैं। अपने देश में भी उनको एक साथ चलाने की कोशिश करना चाहिए। जितने लोगों को भी क्रांति पकड़ में आयी हो उसके पीछे पड़ जाना चाहिए और बढ़ाना चाहिए। बढ़ाते-बढ़ाते शायद ऐसा संयोग हो जाये कि आज का इन्सान सब नाइन्साफियों के खिलाफ लड़ता-जूझता ऐसे समाज और ऐसी दुनिया को बना पाये कि जिसमें आन्तरिक शांति और बाहरी या भौतिक भरा-पूरा समाज बन पाये।''<ref>{{Cite web |url=http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |title=लोहिया के विचार |access-date=16 अक्तूबर 2016 |archive-date=3 मार्च 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170303035145/http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |url-status=dead }}</ref><ref>[https://www.wattpad.com/2897374-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/page/134 डॉ लोहिया की सप्तक्रांति के उद्देश्य]</ref> == भारत-विभाजन पर लोहिया के विचार == उस समय की तमाम ऐसी घटनाओं और स्थितियों का जिनके प्रति एक आम भारतीय नागरिक के मन में बहुत स्पष्ट और तार्किक व्याख्या नहीं है, लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘गिल्टी मैन एंड इंडियाज पार्टीशन’ (भारत विभाजन के गुनहगार) में परत दर परत रहस्यों को खोला है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि उस समय के पूरे आंखों देखे इतिहास को ही नहीं, बल्कि उसके एक सक्रिय, जीवंत पात्र रहे लोहिया की बातों को आजाद भारत में सत्तारूढ़ दल द्वारा एक विपक्षी नेता की ‘खीझ’ से ज्यादा नहीं समझने दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि सत्ता हस्तांतरण के खेल की असलियत संग्रहालयों में दफन दस्तावेजों से ज्यादा लोहिया जैसे नेताओं को भी मालूम थी जिसे होते हुए उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। == लेखन == [[Image:Ram Manohar Lohia 1997 stamp of India.jpg|right|thumb|300px|१९९७ में भारत सरकार ने लोहिया की स्मृति में डाकटिकट निकाला]] डॉ राममनोहर लोहिया ने अनेकों विषयों पर अपने विचार लेख एवं पुस्तकों के रूप में प्रकाशित कीं। उनकी कुछ रचनाएँ हैं- * अंग्रेजी हटाओ * इतिहास चक्र * देश, विदेश नीति-कुछ पहलू * धर्म पर एक दृष्टि * भारतीय शिल्प * भारत विभाजन के गुनहगार * मार्क्सवाद और समाजवाद * राग, जिम्मेदारी की भावना, अनुपात की समझ * समलक्ष्य, समबोध * समदृष्टि * सच, कर्म, प्रतिकार और चरित्र निर्माण आह्‌वान * समाजवादी चिंतन * संसदीय आचरण * संपूर्ण और संभव बराबरी और दूसरे भाषण * हिंदू बनाम हिंदू ; अंग्रेजी में * ''The Caste System'': Hyderabad, Navahind [1964] 147 p. * ''Foreign Policy'': Aligarh, P.C. Dwadash Shreni, [1963?] 381 p. * ''Fragments of World Mind'': Maitrayani Publishers & Booksellers ; Allahabad [1949] 262 p. * ''Fundamentals of a World Mind'': ed. by K.S. Karanth. Bombay, Sindhu Publications, [1987] 130 p. * ''Guilty Men of India’s Partition'': Lohia Samata Vidyalaya Nyas, Publication Dept.,[1970] 103 p. * ''India, China, and Northern Frontiers'': Hyderabad, Navahind [1963] 272 p. * ''Interval During Politics'': Hyderabad, Navahind [1965] 197 p. * ''Marx, Gandhi and Socialism'': Hyderabad, Navahind [1963] 550 p. * ''Collected Works of Dr Lohia'' समाजवादी लेखक डॉ मस्तराम कपूर द्वारा ९ भागों में सम्पादित। ==स्मारक== * अवध विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "[[डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय]]" रखा गया है। * उनके नाम पर भारत के एक प्रमुख विधि स्कूल का नाम [[डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय]], [[लखनऊ]] रखा गया है। * [[पणजी]] के '१८ जून रोड' का नाम डॉ राममनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया है। १८ जून १९४६ को इसी जगह से उन्होने पुर्तगाली शासन के विरुद्ध आन्दोलन आरम्भ किया था। * सन १९७० में दिल्ली के 'विल्लिंगडन हॉस्पिटल' का नाम बदलकर [[राम मनोहर लोहिया अस्पताल]] कर दिया गया। इसी अस्पताल में उन्होने अन्तिम सांस ली थी। * [[लखनऊ]] में [[डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान]] उनके नाम पर ही है। * उनके गृहनगर अकबरपुर में उनके नाम पर एक सामुदायिक भवन बना है, जिसका नाम "डॉ राममनोहर लोहिया भवन" रखा गया है। * [[कर्नाटक]] के [[बल्लारी]] में उनके नाम से "लोहिया प्रकाशन" नामक एक प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान था। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हे भी देखें == * [[जयप्रकाश नारायण]] * [[सप्तक्रांति]] * [[रामायण मेला]] == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote|राममनोहर लोहिया}} * [http://www.socialistpartyindia.blogspot.com/2017/09/blog-post_10.html हिन्दी के सरलीकरण की नीति] हिन्दी शब्द सृजन आदि से सम्बन्धित लोहिया के विचार) * [http://www.lohiavani.com/Default.aspx लोहियावाणी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161019014248/http://www.lohiavani.com/Default.aspx |date=19 अक्तूबर 2016 }} * [http://lohiaphotos.blogspot.com तस्‍वीरों में लोहिया] * [http://issbaar.blogspot.com/2011/02/blog-post_7794.html सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत : लोहिया] (संस्कृति, समाज और भाषा के अन्तःसम्बन्धों की पड़ताल) * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/hindu-banam-hindu.pdf हिन्दू बनाम हिन्दू : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/ram-krishnashiv.pdf राम, कृष्ण और शिव : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/krishna.pdf कृष्ण : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/econ_after_lohia1.pdf अर्थशास्त्र : मार्क्स, लोहिया से आगे /सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/audyogikaran_ka_andhavishvas.pdf औद्योगीकरण का अंधविश्वास : सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/shiksha-sawal-jawab1.pdf शिक्षा पर सवाल जवाब ] * [http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml गांधी-लोहिया का पुनर्पाठ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101021060027/http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml |date=21 अक्तूबर 2010 }} * [http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm लोहिया : एक असमाप्त जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927003229/http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm |date=27 सितंबर 2007 }} * [http://kashivishvavidyalay.wordpress.com/2007/04/24/lohiaramkrishnashiv-2/ लोहिया : मर्यादित, उन्मुक्त और असीमित व्यक्तित्व (२)] * [http://www.indiannationalism.org/pdf/Dr._Rammanohar_Lohiya.pdf गंगा तीरे, सरयू तीरे]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (राममनोहर लोहिया पर विशेष) * [http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 तो इतिहास कुछ और होता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110920031542/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 |date=20 सितंबर 2011 }} (भारतीय पक्ष) * [http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html लोहिया के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305120324/http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html |date=5 मार्च 2016 }} * [http://aarambha.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html स्वर्गीय लोहिया साहब : रामधारी सिंह 'दिनकर'] * [http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2004/04/040415_socialists_ideology.shtml समाजवादी विचारधारा आज कहाँ है ?] (बीबीसी हिन्दी) * [http://books.google.co.in/books?id=sctwuur-nmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false लोहिया के विचार] (गूगल पुस्तक) * [http://books.google.co.in/books?id=n2VV7CQ8Jc4C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false ना रहूँ किसी का दस्तनिगर : मेरा सफरनामा] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैप्टेन अब्बास अली) * [http://www.pravakta.com/?p=8190 यह लोहिया की सदी हो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100325102121/http://www.pravakta.com/?p=8190 |date=25 मार्च 2010 }} (वेदप्रताप वैदिक) * [http://kiransnm.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html लोहिया नें संसद को बनाया लोक सदन] (किरन माहेश्वरी) * [http://www.pravakta.com/?p=8211 डॉ॰ लोहिया का इतिहास चिंतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100326212816/http://www.pravakta.com/?p=8211 |date=26 मार्च 2010 }} – डॉ॰ मनोज चतुर्वेदी * [http://www.nafanuksan.com/DetailNews.aspx?newsid=2538&status=other डॉ॰ लोहिया और सप्त क्रान्ति]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 लोहिया के बिना साहित्य का इतिहास अधूरा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110912200346/http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 |date=12 सितंबर 2011 }} - नामवर सिंह * [http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 लोहिया का अंगरेजी विरोध] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110911141922/http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 |date=11 सितंबर 2011 }} (गंगा सहाय मीणा) * [http://bharatkenayak.blogspot.com/2011/04/blog-post_16.html समाजवादी नायक : श्री राम मनोहर लोहिया] * [http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 अप्रासंगिक हुआ लोहिया का गैर-कांग्रेसवाद?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140201162827/http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 |date=1 फ़रवरी 2014 }} (प्रभासाक्षी) [[श्रेणी:1910 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९६७ में निधन]] 7uw904cons24sgykgbru9k1cixqa8p2 6582765 6582764 2026-07-15T05:24:57Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा */ 6582765 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राममनोहर लोहिया | image = Ram Manohar Lohia 1977 stamp of India.jpg | image_size = | alt = | caption = १९७७ के एक डाकटिकट पर लोहिया | birth_date = {{birth date|df=yes|1910|03|23}} | birth_place = [[अकबरपुर, अंबेडकर नगर|अकबरपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] | death_date = {{death date and age|df=yes|1967|10|12|1910|03|23}} | death_place = [[नयी दिल्ली]] | death_cause = | resting_place = | resting_place_coordinates = | nationality = Indian | other_names = | movement = [[भारत छोड़ो आन्दोलन]]<br>[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] | education = | alma_mater = [[कोलकाता विश्वविद्यालय]] (बीए)<br>[[हम्बोल्ट विश्वविद्यालय]], [[बर्लिन]] ([[पीएच डी]]) | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]<br>[[प्रजा समाजवादी पार्टी]]<br>[[संयुक्त समाजवादी दल]] | religion = | spouse = | children = | parents = | awards = | signature = | footnotes = | website = {{URL|www.lohiatoday.com}} }} '''डॉ॰ राममनोहर लोहिया''' (जन्म - [[२३ मार्च]], [[१९१०]] - मृत्यु - [[१२ अक्तूबर|१२ अक्टूबर]], [[१९६७|१९६७]]) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा [[समाजवाद|समाजवादी]] राजनेता थे। == जीवनवृत्त == === आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा === डॉ॰ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या जिला|अयोध्या]] जनपद में वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद नामक स्थान में हुआ था। उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे। ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी (चन्दा देवी) का देहान्त हो गया।। उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला। टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए। उनके पिताजी [[महात्मा गांधी|गाँधीजी]] के अनुयायी थे। जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे। इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। पिताजी के साथ 1918 में [[अहमदाबाद]] कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार शामिल हुए। [[बंबई]] के मारवाड़ी स्कूल में पढ़ाई की। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य गंगाधर तिलक]] की मृत्यु के दिन विद्यालय के लड़कों के साथ 1920 में पहली अगस्त को हड़ताल की। गांधी जी की पुकार पर 10 वर्ष की आयु में स्कूल त्याग दिया। पिताजी को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के आंदोलन के चलते सजा हुई। 1921 में फैजाबाद किसान आंदोलन के दौरान [[जवाहरलाल नेहरू]] से मुलाकात हुई। 1924 में प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस के [[गया]] अधिवेशन में शामिल हुए। 1925 में मैट्रिक की परीक्षा दी। कक्षा में 61 प्रतिशत नंबर लाकर प्रथम आए। इंटर की दो वर्ष की पढ़ाई [[वाराणसी|बनारस]] के [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी विश्वविद्यालय]] में हुई। कॉलेज के दिनों से ही [[खादी|खद्दर्]] पहनना शुरू कर दिया। 1926 में पिताजी के साथ [[गुवाहाटी|गौहाटी]] कांग्रेस अधिवेशन में गए। 1927 में इंटर पास किया तथा आगे की पढ़ाई के लिए [[कोलकाता|कलकत्ता]] जाकर ताराचंद दत्त स्ट्रीट पर स्थित पोद्दार छात्र हॉस्टल में रहने लगे। विद्यासागर कॉलेज में दाखिला लिया। अखिल बंग विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाषचंद्र बोस]] के न पहुंचने पर उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 1928 में कलकता में कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। 1928 से अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन में सक्रिय हुए। [[साइमन कमीशन|साइमन कमिशन]] के बहिष्कार के लिए छात्रों के साथ आंदोलन किया। कलकत्ता में युवकों के सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष तथा सुभाषचंद्र बोस और लोहिया विषय निर्वाचन समिति के सदस्य चुने गए। 1930 में द्वितीय श्रेणी में बीए की परीक्षा पास की। =परिवार= परिवार में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया हैं जो अपने परिवार के साथ उनके विचारों सिद्धांतों उनकी सादगी व त्याग के बताए हुए रास्ते रास्ते पर चल सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्य में संलग्न है ।। गोवा के ऐतिहासिक लोहिया मैदान मडगांव के आधिकारिक तय सरकारी कार्यक्रम में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया और उनके परिवार की उपस्थिति गोवा के प्रसिद्ध न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार.. https://www.republicworld.com/india-news/general-news/goa-would-have-been-liberated-earlier-had-sardar-patel-been-alive-union-min-rajeev-chandrasekhar-articleshow.html === यूरोप प्रवास === 1930 जुलाई को लोहिया अग्रवाल समाज के कोष से पढ़ाई के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] रवाना हुए। वहाँ से वे [[बर्लिन]] गए। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो॰ बर्नर जेम्बार्ट को अपना प्राध्यापक चुना। 3 महीने में [[जर्मन भाषा]] सीखी। 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने [[दांडी मार्च|दाण्डी यात्रा]] प्रारंभ की। जब नमक कानून तोड़ा गया तब पुलिस अत्याचार से पीड़ित होकर पिता हीरालाल जी ने लोहिया को विस्तृत पत्र लिखा। 23 मार्च को [[लाहौर]] में [[भगत सिंह]] को फांसी दिए जाने के विरोध में [[राष्ट्र संघ|लीग ऑफ नेशन्स]] की बैठक में बर्लिन में पहुंचकर सीटी बजाकर दर्शक दीर्घा से विरोध प्रकट किया। सभागृह से उन्हें निकाल दिया गया। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे [[बीकानेर]] के महाराजा द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर लोहिया ने [[रोमानिया|रूमानिया]] की प्रतिनिधि को खुली चिट्ठी लिखकर उसे अखबारों में छपवाकर उसकी कॉपी बैठक में बंटवाई। [[गांधी-इरविन समझौता|गांधी इर्विन समझौते]] का लोहिया ने [[प्रवासी भारतीय]] विद्यार्थियों की संस्था "मध्य यूरोप हिन्दुस्तानी संघ" की बैठक में संस्था के मंत्री के तौर पर समर्थन किया। [[साम्यवाद|कम्युनिस्टों]] ने विरोध किया। बर्लिन के स्पोटर्स पैलेस में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का भाषण सुना। 1932 में लोहिया ने [[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]] विषय पर अपना [[शोध-प्रबन्ध|शोध प्रबंध]] पूरा कर [[हम्बोल्ट बर्लिन विश्वविद्यालय|बर्लिन विश्वविद्यालय]] से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। === स्वदेश आगमन एवं स्वतंत्रता संग्राम === 1933 में मद्रास पहुंचे। रास्ते में सामान जब्त कर लिया गया। तब समुद्री जहाज से उतरकर [[द हिन्दू|हिन्दु]] अखबार के दफ्तर पहुंचकर दो लेख लिखकर 25 रुपया प्राप्त कर कलकत्ता गए। कलकत्ता से बनारस जाकर [[मदनमोहन मालवीय|मालवीय जी]] से मुलाकात की। उन्होंने रामेश्वर दास बिड़ला से मुलाकात कराई जिन्होंने नौकरी का प्रस्ताव दिया, लेकिन दो हफ्ते साथ रहने के बाद लोहिया ने निजी सचिव बनने से इनकार कर दिया। तब पिता जी के मित्र सेठ [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] लोहिया को गांधी जी के पास ले गए तथा उनसे कहा कि ये लड़का राजनीति करना चाहता है। कुछ दिन तक [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] के साथ रहने के बाद शादी का प्रस्ताव मिलने पर शहर छोड़कर वापस कलकत्ता चले गए। विश्व राजनीति के आगामी 10 वर्ष विषय पर [[ढाका विश्वविद्यालय]] में व्याख्यान देकर कलकत्ता आने-जाने की राशि जुटाई। [[पटना]] में 17 मई 1934 को [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्र देव]] की अध्यक्षता में देश के समाजवादी अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में इकट्ठे हुए, जहां [[समाजवादी पार्टी]] की स्थापना का निर्णय लिया गया। यहां लोहिया ने समाजवादी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी के उद्देश्यों में लोहिया ने पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य जोड़ने का संशोधन पेश किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। 21-22 अक्टूबर 1934 को बम्बई के बर्लि स्थित 'रेडिमनी टेरेस' में 150 समाजवादियों ने इकट्ठा होकर [[कांग्रेस समाजवादी दल|कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी]] की स्थापना की। लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। कांग्रेस सोशलिस्ट सप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बनाए गए। गांधी जी के विरोध में जाकर उन्होंने कांउसिल प्रवेश का विरोध किया। गांधी जी ने लोहिया के लेख पर दो पत्र लिखे। 1936 के [[मेरठ]] अधिवेशन में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के लिए पार्टी का दरवाजा खोल दिया। लोहिया बार-बार कम्युनिस्टों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी [[जयप्रकाश नारायण]] जी एवं अन्य नेताओं को देते रहे। 1935 में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में [[लखनऊ]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जहां लोहिया को परराष्ट्र विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया जिसके चलते उन्हें [[इलाहाबाद]] आना पड़ा। 1938 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी में लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के परराष्ट्र विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1940 में रामगढ़ कांग्रेस के कम्युनिस्टों को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया गया। 1939 में त्रिपुरी कांग्रेस में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] को समाजवादियों ने समर्थन किया। डॉ॰ लोहिया तटस्थ बने रहे। लोहिया ने गांधी जी द्वारा यह कहे जाने पर की बोस का चुनाव मेरी शिकस्त है पर प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव गांधी जी से सम्मानपूर्वक आह्वान करता है कि उनकी शिकस्त नहीं हुई है। गांधी जी की इच्छानुसार सुभाषचंद्र बोस कार्यसमिति बनाने को तैयार नहीं हुए तथा नेहरू सहित अन्य कांग्रेस के नेताओं ने बोस के साथ कार्यसमिति में रहने से इंकार कर दिया तब बोस ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तथा कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। महायुद्ध के समय लोहिया ने युद्धभर्ती का विरोध, देशी रियासतों में आंदोलन, ब्रिटिश माल जहाजों से माल उतारने व लादने वाले मजदूरों का संगठन तथा युद्धकर्ज को मंजूर तथा अदा न करने, जैसे चार सूत्रीय मुद्दों को लेकर युद्ध विरोधी प्रचार शुरू कर दिया। 1939 के मई महीने में दक्षिण कलकता की कांग्रेस कमेटी में युद्ध विरोधी भाषण करने पर उन्हें 24 मई को गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता के चीफ प्रेसीडेन्सी मजिस्टे्रट के सामने लोहिया ने स्वयं अपने मुकदमे की पैरवी और बहस की। 14 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया गया। 9 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस समिति के बैठक [[वर्धा]] में हुई जिसमें लोहिया ने समझौते का विरोध किया। उसी समय उन्होंने '''शस्त्रों का नाश हो''' नामक प्रसिद्ध लेख लिखा। 11 मई 1940 को [[सुल्तानपुर]] के जिला सम्मेलन में लोहिया ने कांग्रेस से 'सत्याग्रह अभी नहीं' नामक लेख लिखा। गांधी जी ने मूल रूप में लोहिया द्वारा दिए गए चार सूत्रों को स्वीकार किया। 7 जून 1940 को डॉ॰ लोहिया को 11 मई को दोस्तपुर ([[सुल्तानपुर]]) में दिए गए भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। उन्हें कोतवाली में सुल्तानपुर में [[इलाहाबाद]] के स्वराज भवन से ले जाकर हथकड़ी पहनाकर रखा गया। 1 जुलाई 1940 को भारत सुरक्षा कानून की धारा 38 के तहत दो साल की सख्त सजा हुई। सजा सुनाने के बाद उन्हें 12 अगस्त को [[बरेली]] जेल भेज दिया गया। 15 जून 1940 को गांधी जी ने '[[हरिजन]]' में लिखा, कि 'मैं युद्ध को गैर कानूनी मानता हूं किन्तु युद्ध के खिलाफ मेरे पास कोई योजना नहीं है इस वास्ते मैं युद्ध से सहमत हूं।' 25 अगस्त को गांधी जी ने लिखा कि 'लोहिया और दूसरे कांग्रेस वालों की सजाएं हिन्दुस्तान को बांधने वाली जंजीर को कमजोर बनाने वाले हथौडे क़े प्रहार हैं। सरकार कांग्रेस को सिविल-नाफरमानी आरंभ करने और आखिरी प्रहार करने के लिए प्रेरित कर रही है। यद्यपि कांग्रेस उसे उस दिन तक के लिए स्थगित करना चाहती है जब तक इंग्लैंड मुसीबत में हो।' गांधी जी ने बंबई में कहा, कि 'जब तक डॉ॰ राममनोहर लोहिया जेल में है तब तक मैं खामोश नहीं बैठ सकता, उनसे ज्यादा बहादुर और सरल आदमी मुझे मालूम नहीं। उन्होंने हिंसा का प्रचार नहीं किया जो कुछ किया है उनसे उनका सम्मान बढ़ता है।' 4 दिसम्बर 1941 को अचानक लोहिया को रिहा कर दिया गया तथा देश के अन्य जेलों में बंद कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। 19 अप्रैल 1942 को हरिजन में लोहिया का लेख 'विश्वासघाती जापान या आत्मसंतुष्ट ब्रिटेन' गांधी जी द्वारा प्रकाशित किया गया। गांधी जी ने टिप्पणी की कि मेरी उम्मीद है कि सभी संबंधित इसके प्रति ध्यान देंगे। सन् 1942 में [[इलाहाबाद]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां लोहिया ने खुलकर नेहरू का विरोध किया। इसके बाद [[अल्मोड़ा]] जिला सम्मेलन में लोहिया ने 'नेहरू को झट पलटने वाला नट' कहा। गांधी जी के साथ एक सप्ताह रहकर लोहिया ने गांधी जी को वाइसराय के नाम पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। जिसमें गांधी जी ने लिखा कि अहिंसानिष्ट सोशलिस्ट डॉ॰ लोहिया ने भारतीय शहरों को बिना पुलिस व फौज के शहर घोषित करने की कल्पना निकाली है। लोहिया जी के द्वारा दुनिया की सभी सरकारों को नई दुनिया की बुनियाद बनाने की योजना की कल्पना गांधी जी के सामने रखी गई, जिसमें एक देश की दूसरे देश में जो पूंजी लगी है उसे जब्त करना, सभी लोगों को संसार में कहीं भी आने-जाने व बसने का अधिकार देना, दुनिया के सभी राष्ट्रों को राजनैतिक आजादी तथा विश्व नागरिकता की बात कही गई थी। गांधी जी ने इसे हरिजन में छापा और अपनी ओर से समर्थन भी किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ जल्दी लड़ाई छेड़ने को लेकर गांधी जी ने दस दिन रूकने के लिए लोहिया को कहा। दस दिन बाद 7 अगस्त 1942 को गांधीजी ने तीन घंटे तक भाषण देकर कहा, कि 'हम अपनी आजादी लड़कर प्राप्त करेंगे।' अगले दिन 8 अगस्त को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव बंबई में बहुमत से स्वीकृत हुआ। गांधी जी ने '''करो या मरो''' का संदेश दिया। ==== भारत छोड़ो आन्दोलन ==== 9 अगस्त १९४२ को जब गांधी जी व अन्य कांग्रेस के नेता गिरफ्तार कर लिए गए, तब लोहिया ने भूमिगत रहकर '[[भारत छोड़ो आन्दोलन|भारत छोड़ो आंदोलन]]' को पूरे देश में फैलाया। लोहिया, [[अच्युत पटवर्धन]], सादिक अली, पुरूषोत्तम टिकरम दास, मोहनलाल सक्सेना, उषा मेहता ,रामनन्दन मिश्रा, सदाशिव महादेव जोशी, साने गुरूजी, [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]], अरूणा आसिफअली, [[सुचेता कृपलानी]] और पूर्णिमा बनर्जी आदि नेताओं का केन्द्रीय संचालन मंडल बनाया गया। लोहिया पर नीति निर्धारण कर विचार देने का कार्यभार सौंपा गया। भूमिगत रहते हुए 'जंग जू आगे बढ़ो, क्रांति की तैयारी करो, आजाद राज्य कैसे बने' जैसी पुस्तिकाएं लिखीं। 20 मई 1944 को लोहिया जी को [[बंबई]] में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद [[लाहौर किला|लाहौर किले]] की एक अंधेरी कोठरी में रखा गया जहां 14 वर्ष पहले [[भगत सिंह]] को [[फांसी]] दी गई थी। पुलिस द्वारा लगातार उन्हें यातनाएँ दी गई, 15-15 दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। किसी से मिलने नहीं दिया गया 4 महीने तक ब्रुश या पेस्ट तक भी नहीं दिया गया। हर समय हथकड़ी बांधे रखी जाती थी। लाहौर के प्रसिद्ध वकील [[जीवनलाल कपूर]] द्वारा [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण]] की याचिका लगाने पर उन्हें तथा [[जयप्रकाश नारायण]] को स्टेट प्रिजनर घोषित कर दिया गया। मुकदमे के चलते सरकार को लोहिया को पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी पड़ी। पहला पत्र लोहिया ने [[ब्रिटिश लेबर पार्टी]] के अध्यक्ष प्रो॰ हेराल्ड जे. लास्की को लिखा जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 1945 में लोहिया को [[लाहौर]] से [[आगरा]] जेल भेज दिया गया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होने पर गांधी जी तथा कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। केवल लोहिया व जयप्रकाश ही जेल में थे। इसी बीच अंग्रेजों की सरकार और कांग्रेस की बीच समझौते की बातचीत शुरू हो गई। [[इंग्लैंड]] में [[लेबर पार्टी (यूके)|लेलेबर पार्टी]] की सरकार बन गई सरकार का प्रतिनिधि मंडल डॉ॰ लोहिया से आगरा जेल में मिलने आया। इस बीच लोहिया के पिता हीरालाल जी की मृत्यु हो गई। किन्तु लोहिया जी ने सरकार की कृपा पर पेरोल पर छूटने से इंकार कर दिया। ====गोवा मुक्ति आन्दोलन==== [[चित्र:Lohia Maidan.jpg|right|thumb|300px|गोवा में राममनोहर लोहिया की प्रतिमा]] 11 अप्रैल 1946 को लोहिया को आगरा जेल से रिहा कर दिया गया। 15 जून को लोहिया ने [[गोवा]] के [[पणजी|पंजिम]] में '[[भारतीय वायुसेना|गोवा मुक्ति आंदोलन]]' की पहली सभा ली। लोहिया को 18 जून को गोवा मुक्ति आंदोलन के शुरूआत के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। 14 अगस्त 1946 को 'हरिजन' में गांधी जी ने लिखा कि, लोहिया को बधाई दी जानी चाहिए। 30 दिसम्बर 1946 को [[नोवाखाली|नवाखली]] में हिन्दु और मुसलमान के बीच के अविश्वास को दूर करने में गांधी जी के साथ विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया। पूरे साल नवाखली, कलकत्ता, बिहार, दिल्ली सभी जगह लोहिया गांधी जी के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता की आग को बुझाने की कोशिश करते रहे। 9 अगस्त 1947 से लगातार हिंसा रोकने का प्रयास चलता रहा। 14 अगस्त की रात को हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई के नारों के साथ लोहिया ने सभा की। 31 अगस्त को वातावरण फिर बिगड़ गया, गांधी जी अनशन पर बैठ गए तब लोहिया ने दंगाईयों के हथियार इकट्ठे कराए। लोहिया के प्रयास से शांति समिति की स्थापना हुई तथा 4 सितम्बर को गांधी जी ने अनशन तोड़ा। 29 सितम्बर को बेलगांव में लोहिया को फिर गिरफ्तार कर लिया गया। 26, 27, 28 फ़रवरी 1947 को सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में तटस्थ रहने का निर्णय लिया गया। === स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद === जनवरी 1947 में लोहिया ने [[नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस]] को स्थापित करने तथा राणाशाही के विरुद्ध सत्याग्रह प्रारंभ करने की पहल की। 25 जनवरी 1948 को बंबई हड़ताल को लेकर लोहिया जी ने गांधी जी से हड़ताल का समर्थन मांगा। 28 जनवरी को गांधी जी ने कहा कि कल आना कल पेट भर की बात होगी। 30 जनवरी को लोहिया जब बिड़ला भवन के लिए निकले तब उन्हें गांधी जी की हत्या की खबर सुनने को मिली। मार्च 1948 में नासिक सम्मेलन में सोशलिस्ट दल ने कांग्रेस से अलग होने का निश्चय किया। लोहिया की प्रेरणा से रियासतों की समाप्ति का आंदोलन 650 रिसासतों में समाजवादी चला रहे थे। 2 जनवरी 1948 को रीवा में 'हमें चुनाव चाहिए विभाजन रद्द करो' के नारे के साथ आंदोलन किया गया जिसमें पुलिस ने गोली चलाई 4 आंदोलनकारी शहीद हुए। 1949 को सोशलिस्ट पार्टी द्वारा लोहिया के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला के आमरण अनशन तथा नेपाल में राणाशाही के अत्याचार के खिलाफ सभा की गई। नेपाली दूतावास की ओर जब जुलूस बढ़ा तब लाठी चार्ज किया गया लोहिया को गिरफ्तार किया गया। 20 जून को देश भर में लोहिया दिवस मनाया गया। मुकदमे में दो महीने की कैद हुई। 3 जुलाई को उन्हें रिहा कर दिया गया। सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसी सम्मेलन में लोहिया ने 'चौखंभा राज्य' की कल्पना प्रस्तुत की। पटना में 'हिन्द किसान पंचायत' की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष लोहिया को चुना गया। 25 नवम्बर 1949 को लखनऊ में एक लाख किसानों ने विशाल प्रदर्शन किया। 26 फ़रवरी 1950 को [[रीवा]] में 'हिन्द किसान पंचायत' का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। दिल्ली में 3 जून 1951 को जनवाणी दिवस पर प्रदर्शन किया गया। 'रोजी-रोटी कपड़ा दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो', प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा था। 14 जून 1951 को सागर स्टेशन में लोहिया को गिरफ्तार कर बेंगलूर के हवालात में बंद कर दिया गया। 3 जुलाई को लोहिया छूटे। 24 जुलाई को वे विश्व सरकार के समर्थकों के सम्मेलन में [[स्वीडन]] की राजधानी स्टॉकहोम गए 17 साल बाद वे पुन: बर्लिन पहुंचे। लोहिया इंग्लैंड, पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण पश्चिम एशिया के कई देशों में गए; [[इज़राइल|इस्रायल]] से होकर 15 नवम्बर को स्वेदश लौटे। 1951 में लोहिया को 3 जुलाई को समाजवादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बुलाया गया। सम्मेलन में जर्मनी, युगोस्लाविया, अमेरिका, हवाई, जापान, हांगकांग, थाईदेश, सिंगापुर मलाया, इंडोनेशिया तथा लंका भी गए। लोहिया विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टन से प्रिंसटन में मिले। [[अल्बर्ट आइंस्टीन|आइंस्टीन]] ने कहा, कि 'किसी मनुष्य से मिलना कितना अच्छा होता है आदमी कितना अकेला पड़ जाता है।' लोहिया ने अमरीका में सैकड़ों स्थानों पर भाषण किए। उस समय उन्होंने एशिया की समस्त सोशलिस्ट पार्टियों का संगठन निर्मित करने का विचार बनाया। 25 मार्च से 29 मार्च 1952 में एशियाई सोशलिस्ट कान्फ्रेंस हुई, लेकिन इसमें लोहिया शामिल नहीं हो सके। जयप्रकाश नरायण भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता बन कर [[यांगून|रंगून]] गए। [[चित्र:Mani Ram Bagri1.jpg|अंगूठाकार|डॉ राममनोहर लोहिया, मणि राम बागरी, मधु लिमये, एस एम जोशी]] मई 1952 में [[पचमढ़ी|पंचमढ़ी]] में सोशलिस्ट पार्टी का सम्मेलन हुआ। आम चुनाव में हार के बाद लोहिया ने चुनावों की पराजय की शव परीक्षा के बदले ठोस विचारों की ओर पार्टी को ले जाने का विचार दिया। गुजरात पार्टी सम्मेलन में इतिहास चक्र की नई व्याख्या लोहिया द्वारा प्रस्तुत की गई। 24-25 सितम्बर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की जनरल कौंसिल बैठक में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी और सोशिलिस्ट पार्टी के विलय का निर्णय लिया गया। इस तरह [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी|प्रजा सोशलिस्ट पार्टी]] का जन्म हुआ। 29 से 31 दिसम्बर 1953 को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का पहला सम्मेलन इलाहाबाद में हुआ। वहां लोहिया ने इलाहाबाद थीसिस प्रस्तुत की। लोहिया को उनके मना करने के बावजूद पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया। 13-14 मई 1954 को उत्तर प्रदेश प्रजा सोशलिस्ट पार्टी द्वारा नहर रेट की बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया गया। 4 जुलाई 1954 को फारूखाबाद में वाणी स्वतंत्रता के संघर्ष को लेकर भाषण दिए जाने के कारण गिरफ्तार किया गया। नागपुर में 26-28 नवम्बर 1954 के बीच [[केरल]] गोली कांड पर विचार करने के लिए सम्मेलन हुआ। लोहिया केरल मंत्रीमंडल से इस्तीफा मांग चुके थे। 31 दिसम्बर 1955 तथा 1 जनवरी 1956 को सोशलिस्ट पार्टी का स्थापना हुई। लखनऊ में लोहिया के नेतृत्व में एक लाख किसानों का प्रदर्शन हुआ। 1956 में लोहिया ने "मैनकाइंड" नामक पत्रिका शुरू की। सोशिलिस्ट पार्टी का प्रथम वार्षिक अधिवेशन भारत के मध्य बिंदु मध्यप्रदेश के ग्राम सिहोरा में 28, 29, 30 दिसम्बर 1956 को हुआ। 2 नवम्बर 1957 को लोहिया क्रिमनल लॉ एमेंडमेंड एक्ट की धारा 7 की तहत डाकिए से कुछ कहने पर अकारण गिरफ्तार कर लिया गया। 12 नवम्बर 1958 को लोहिया पूर्वोतर के दौरे पर निकले, जहां उन्हें दौरा करने से रोक दिया गया। एक साल बाद फिर उसी स्थान उर्वसियम ([[नेफ़ा|नेफा]]) से लोहिया ने पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 17 अप्रैल 1960 को कानुपर के सर्किट हाउस में अनाधिकृत प्रवेश करने के कारण अपराध बताकर उन्हें पुन: गिरफ्तार किया गया। 1961 में '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन]]''' के दौरान लोहिया की सभा पर मद्रास में पत्थर बरसाये गए। 1961 में लोहिया एथेंस, रोम और काहिरा गए। 1962 में चुनाव हुआ लोहिया नेहरू के विरुद्ध [[फूलपुर]] में चुनाव मैदान में उतरे। 11 नवम्बर 1962 को कलकत्ता में सभा कर लोहिया ने [[तिब्बत]] के सवाल को उठाया। 1963 के फारूखाबाद के लोकसभा उपचुनाव में लोहिया 58 हजार मतों से चुनाव जीते। लोकसभा में लोहिया की तीन आना बनाम पन्द्रह आना की बहस अत्यंत चर्चित रही, जिसमें उन्होंने 18 करोड़ आबादी के चार आने पर जिंदगी काटने तथा प्रधानमंत्री पर 25 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च करने का आरोप लगाया। 9 अगस्त 1965 को लोहिया को भारत सुरक्षा कानून के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। ; अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन लोहिया जानते थे कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में अंग्रेजी का प्रयोग आम जनता की प्रजातंत्र में शत प्रतिशत भागीदारी के रास्ते का रोड़ा है। उन्होंने इसे सामंती भाषा बताते हुए इसके प्रयोग के खतरों से बारंबार आगाह किया और बताया कि यह मजदूरों, किसानों और शारीरिक श्रम से जुड़े आम लोगों की भाषा नहीं है। उन्होंने लिखा: : '' यदि सरकारी और सार्वजनिक काम ऐसी भाषा में चलाये जाएं, जिसे देश के करोड़ों आदमी न समझ सकें, तो यह केवल एक प्रकार का जादू-टोना होगा। दुख की बात है कि लोहिया के अंग्रेजी हटाओ आंदोलन (1957) को हिंदी का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा गया, जबकि लोहिया ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अंग्रेजी हटाओ का अर्थ हिंदी लाओ कदापि नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति और उनके प्रयोग की खुल कर वकालत की। उनके अनुसार अंग्रेजी हटाओ का अर्थ 'मातृभाषा लाओ' था। भारतीय राजनीति का बेबाक और बिंदास चेहरा रहे राममनोहर लोहिया ने ५० के दशक में ही भांप लिया था। उन्होंने लोकसभा में बल देकर अपनी बात रखते हुए कहा था: :'' अंग्रेजी को खत्म कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि अंग्रेजी का सार्वजनिक प्रयोग बंद हो, लोकभाषा के बिना लोक राज्य असंभव है। कुछ भी हो अंग्रेजी हटनी ही चाहिये, उसकी जगह कौन सी भाषाएं आती हैं यह प्रश्न नहीं है। हिन्दी और किसी भाषा के साथ आपके मन में जो आए सो करें, लेकिन अंग्रेजी तो हटना ही चाहिये और वह भी जल्दी। अंग्रेज गये तो अंग्रेजी चली जानी चाहिये। === देहावसान === 30 सितम्बर 1967 को लोहिया को नई दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल अब जिसे लोहिया अस्पताल कहा जाता है को पौरूष ग्रंथि के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया जहां 12 अक्टूबर 1967 को उनका देहांत 57 वर्ष की आयु में हो गया। = परिवार = परिवार में उनके पुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया हैं जो उन्हीं के रूप में उनके सिद्धांतों ,विचारों और उनके त्याग के बताए हुए रास्तों को अपनाकर सादगी पूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं।। डॉ. राम मनोहर लोहिया के सुपुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया गोवा के अधिकारिक कार्यक्रम गोवा क्रांति दिवस पर <ref>{{cite news |title=CM underscores need to bring about revolution in tech, research, startups |url=https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html |work=The Goan |date=19 June 2023}}</ref> == गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी == देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे। == जैसी कथनी वैसी करनी == लोहिया के समाजवादी आंदोलन की संकल्पना के मूल में अनिवार्यत: विचार और कर्म की उभय उपस्थिति थी- जिसके मूर्तिमंत स्वरूप स्वयं डॉ॰ लोहिया थे और आजन्म उन्होंने ‘कर्म और विचार’ की इस संयुक्ति को अपने आचरण से जीवन्त उदाहरण भी प्रस्तत किया। अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम व्यक्तित्वों की भांति लोहिया प्रभावित भी थे। वे जेल भी गए और ऐसी यातनाएं भी सहीं। आजादी से पूर्व ही कांग्रेस के भीतर उनका सोशलिस्ट ग्रुप था, लेकिन पंद्रह अगस्त सैंतालिस को अंग्रेजों से मुक्ति पाने पर वे उल्लसित तो थे लेकिन विभाजन की कीमत पर पाई गई इस स्वतंत्रता के कारण नेहरू और नेहरू की कांग्रेस से उनका रास्ता हमेशा के लिए अलग हो गया। स्वतंत्रता के नाम पर सत्ता की लिप्सा का यह खुला खेल लोहिया ने अपनी नंगी आंखों से देखा था और इसीलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनमें इतना रोष और क्षोभ था कि उन्हें धुर दक्षिणपंथी और वामपंथियों दोनों को साथ लेना भी उन्हें बेहतर विकल्प ही प्रतीत हुआ। == मौलिक एवं ठेठ देसी चिन्तक == स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के राजनेताओं में लोहिया मौलिक विचारक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 मार्च 2009 |archive-date=14 नवंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061114085226/http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |url-status=dead }}</ref> लोहिया के मन में भारतीय गणतंत्र को लेकर ठेठ देसी सोच थी। अपने इतिहास, अपनी भाषा के सन्दर्भ में वे कतई पश्चिम से कोई सिद्धांत उधार लेकर व्याख्या करने को राजी नहीं थे। सन् 1932 में जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में देश से अंग्रेजी हटाने का जो आह्वान किया। '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]]''' की गणना अब तक के कुछ इने गिने आंदोलनों में की जा सकती है। उनके लिए स्वभाषा राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि अपने स्वाभिमान का प्रश्न और लाखों–करोडों को हीन ग्रंथि से उबरकर आत्मविश्वास से भर देने का स्वप्न था– ‘‘मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान के साधारण लोग अपने अंग्रेजी के अज्ञान पर लजाएं नहीं, बल्कि गर्व करें। इस सामंती भाषा को उन्हीं के लिए छोड़ दें जिनके मां बाप अगर शरीर से नहीं तो आत्मा से अंग्रेज रहे हैं।’’ हलांकि लोहिया भी [[जर्मनी]] यानी विदेश से पढा़ई कर के आए थे, लेकिन उन्हें उन प्रतीकों का अहसास था जिनसे इस देश की पहचान है। [[महाशिवरात्रि|शिवरात्रि]] पर चित्रकूट में '''[[रामायण मेला]]''' उन्हीं की संकल्पना थी, जो सौभाग्य से अभी तक अनवरत चला आ रहा है। आज भी जब चित्रकूट के उस मेले में हजारों भारतवासियों की भीड़ स्वयमेव जुटती है तो लगता है कि ये ही हैं जिनकी चिंता लोहिया को थी, लेकिन आज इनकी चिंता करने के लिए लोहिया के लोग कहां हैं? == राजनीतिक शुचिता के पक्षधर == लोहिया ही थे जो राजनीति की गंदी गली में भी शुद्ध आचरण की बात करते थे। वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस सरकार के शासन में आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। ध्यान रहे स्वाधीन भारत में किसी भी राज्य में यह पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी– ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में तब सफाई और भलाई आएगी जब किसी पार्टी के खराब काम की निंदा उसी पार्टी के लोग करें।....और मै यह याद दिला दूं कि मुझे यह कहने का हक है कि हम ही हिंदुस्तान में एक राजनीतिक पार्टी हैं जिन्होंने अपनी सरकार की भी निंदा की थी और सिर्फ निंदा ही नहीं की बल्कि एक मायने में उसको इतना तंग किया कि उसे हट जाना पडा़। == कर्मवीर == लोहिया जी केवल चिन्तक ही नहीं, एक कर्मवीर भी थे। उन्होने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सन १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के समय [[उषा मेहता]] के साथ मिलकर उन्होने गुप्त रेडियो स्टेशन चलाया। १८ जून १९४६ को [[गोवा|गोआ]] को पुर्तगालियों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाने के लिये उन्होने आन्दोलन आरम्भ किया। अंग्रेजी को भारत से हटाने के लिये उन्होने [[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]] चलाया। == सप्त क्रान्तियाँ == लोहिया अनेक सिद्धान्तों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक हैं। वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे। उन्होंने एक साथ '''सात क्रांतियों''' का आह्वान किया। वे सात क्रान्तियां थी ये थीं- *(१) नर-नारी की समानता के लिए क्रान्ति, *(२) चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ क्रान्ति, *(३) संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए क्रान्ति, *(४) परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए क्रान्ति, *(५) निजी पूँजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए क्रान्ति, *(६) निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए क्रान्ति, *(७) अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिये क्रान्ति। इन सात क्रांतियों के सम्बन्ध में लोहिया ने कहा- : ''मोटे तौर से ये हैं सात क्रांन्तियाँ। सातों क्रांतियां संसार में एक साथ चल रही हैं। अपने देश में भी उनको एक साथ चलाने की कोशिश करना चाहिए। जितने लोगों को भी क्रांति पकड़ में आयी हो उसके पीछे पड़ जाना चाहिए और बढ़ाना चाहिए। बढ़ाते-बढ़ाते शायद ऐसा संयोग हो जाये कि आज का इन्सान सब नाइन्साफियों के खिलाफ लड़ता-जूझता ऐसे समाज और ऐसी दुनिया को बना पाये कि जिसमें आन्तरिक शांति और बाहरी या भौतिक भरा-पूरा समाज बन पाये।''<ref>{{Cite web |url=http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |title=लोहिया के विचार |access-date=16 अक्तूबर 2016 |archive-date=3 मार्च 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170303035145/http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |url-status=dead }}</ref><ref>[https://www.wattpad.com/2897374-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/page/134 डॉ लोहिया की सप्तक्रांति के उद्देश्य]</ref> == भारत-विभाजन पर लोहिया के विचार == उस समय की तमाम ऐसी घटनाओं और स्थितियों का जिनके प्रति एक आम भारतीय नागरिक के मन में बहुत स्पष्ट और तार्किक व्याख्या नहीं है, लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘गिल्टी मैन एंड इंडियाज पार्टीशन’ (भारत विभाजन के गुनहगार) में परत दर परत रहस्यों को खोला है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि उस समय के पूरे आंखों देखे इतिहास को ही नहीं, बल्कि उसके एक सक्रिय, जीवंत पात्र रहे लोहिया की बातों को आजाद भारत में सत्तारूढ़ दल द्वारा एक विपक्षी नेता की ‘खीझ’ से ज्यादा नहीं समझने दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि सत्ता हस्तांतरण के खेल की असलियत संग्रहालयों में दफन दस्तावेजों से ज्यादा लोहिया जैसे नेताओं को भी मालूम थी जिसे होते हुए उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। == लेखन == [[Image:Ram Manohar Lohia 1997 stamp of India.jpg|right|thumb|300px|१९९७ में भारत सरकार ने लोहिया की स्मृति में डाकटिकट निकाला]] डॉ राममनोहर लोहिया ने अनेकों विषयों पर अपने विचार लेख एवं पुस्तकों के रूप में प्रकाशित कीं। उनकी कुछ रचनाएँ हैं- * अंग्रेजी हटाओ * इतिहास चक्र * देश, विदेश नीति-कुछ पहलू * धर्म पर एक दृष्टि * भारतीय शिल्प * भारत विभाजन के गुनहगार * मार्क्सवाद और समाजवाद * राग, जिम्मेदारी की भावना, अनुपात की समझ * समलक्ष्य, समबोध * समदृष्टि * सच, कर्म, प्रतिकार और चरित्र निर्माण आह्‌वान * समाजवादी चिंतन * संसदीय आचरण * संपूर्ण और संभव बराबरी और दूसरे भाषण * हिंदू बनाम हिंदू ; अंग्रेजी में * ''The Caste System'': Hyderabad, Navahind [1964] 147 p. * ''Foreign Policy'': Aligarh, P.C. Dwadash Shreni, [1963?] 381 p. * ''Fragments of World Mind'': Maitrayani Publishers & Booksellers ; Allahabad [1949] 262 p. * ''Fundamentals of a World Mind'': ed. by K.S. Karanth. Bombay, Sindhu Publications, [1987] 130 p. * ''Guilty Men of India’s Partition'': Lohia Samata Vidyalaya Nyas, Publication Dept.,[1970] 103 p. * ''India, China, and Northern Frontiers'': Hyderabad, Navahind [1963] 272 p. * ''Interval During Politics'': Hyderabad, Navahind [1965] 197 p. * ''Marx, Gandhi and Socialism'': Hyderabad, Navahind [1963] 550 p. * ''Collected Works of Dr Lohia'' समाजवादी लेखक डॉ मस्तराम कपूर द्वारा ९ भागों में सम्पादित। ==स्मारक== * अवध विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "[[डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय]]" रखा गया है। * उनके नाम पर भारत के एक प्रमुख विधि स्कूल का नाम [[डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय]], [[लखनऊ]] रखा गया है। * [[पणजी]] के '१८ जून रोड' का नाम डॉ राममनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया है। १८ जून १९४६ को इसी जगह से उन्होने पुर्तगाली शासन के विरुद्ध आन्दोलन आरम्भ किया था। * सन १९७० में दिल्ली के 'विल्लिंगडन हॉस्पिटल' का नाम बदलकर [[राम मनोहर लोहिया अस्पताल]] कर दिया गया। इसी अस्पताल में उन्होने अन्तिम सांस ली थी। * [[लखनऊ]] में [[डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान]] उनके नाम पर ही है। * उनके गृहनगर अकबरपुर में उनके नाम पर एक सामुदायिक भवन बना है, जिसका नाम "डॉ राममनोहर लोहिया भवन" रखा गया है। * [[कर्नाटक]] के [[बल्लारी]] में उनके नाम से "लोहिया प्रकाशन" नामक एक प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान था। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हे भी देखें == * [[जयप्रकाश नारायण]] * [[सप्तक्रांति]] * [[रामायण मेला]] == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote|राममनोहर लोहिया}} * [http://www.socialistpartyindia.blogspot.com/2017/09/blog-post_10.html हिन्दी के सरलीकरण की नीति] हिन्दी शब्द सृजन आदि से सम्बन्धित लोहिया के विचार) * [http://www.lohiavani.com/Default.aspx लोहियावाणी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161019014248/http://www.lohiavani.com/Default.aspx |date=19 अक्तूबर 2016 }} * [http://lohiaphotos.blogspot.com तस्‍वीरों में लोहिया] * [http://issbaar.blogspot.com/2011/02/blog-post_7794.html सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत : लोहिया] (संस्कृति, समाज और भाषा के अन्तःसम्बन्धों की पड़ताल) * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/hindu-banam-hindu.pdf हिन्दू बनाम हिन्दू : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/ram-krishnashiv.pdf राम, कृष्ण और शिव : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/krishna.pdf कृष्ण : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/econ_after_lohia1.pdf अर्थशास्त्र : मार्क्स, लोहिया से आगे /सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/audyogikaran_ka_andhavishvas.pdf औद्योगीकरण का अंधविश्वास : सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/shiksha-sawal-jawab1.pdf शिक्षा पर सवाल जवाब ] * [http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml गांधी-लोहिया का पुनर्पाठ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101021060027/http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml |date=21 अक्तूबर 2010 }} * [http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm लोहिया : एक असमाप्त जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927003229/http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm |date=27 सितंबर 2007 }} * [http://kashivishvavidyalay.wordpress.com/2007/04/24/lohiaramkrishnashiv-2/ लोहिया : मर्यादित, उन्मुक्त और असीमित व्यक्तित्व (२)] * [http://www.indiannationalism.org/pdf/Dr._Rammanohar_Lohiya.pdf गंगा तीरे, सरयू तीरे]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (राममनोहर लोहिया पर विशेष) * [http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 तो इतिहास कुछ और होता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110920031542/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 |date=20 सितंबर 2011 }} (भारतीय पक्ष) * [http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html लोहिया के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305120324/http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html |date=5 मार्च 2016 }} * [http://aarambha.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html स्वर्गीय लोहिया साहब : रामधारी सिंह 'दिनकर'] * [http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2004/04/040415_socialists_ideology.shtml समाजवादी विचारधारा आज कहाँ है ?] (बीबीसी हिन्दी) * [http://books.google.co.in/books?id=sctwuur-nmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false लोहिया के विचार] (गूगल पुस्तक) * [http://books.google.co.in/books?id=n2VV7CQ8Jc4C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false ना रहूँ किसी का दस्तनिगर : मेरा सफरनामा] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैप्टेन अब्बास अली) * [http://www.pravakta.com/?p=8190 यह लोहिया की सदी हो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100325102121/http://www.pravakta.com/?p=8190 |date=25 मार्च 2010 }} (वेदप्रताप वैदिक) * [http://kiransnm.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html लोहिया नें संसद को बनाया लोक सदन] (किरन माहेश्वरी) * [http://www.pravakta.com/?p=8211 डॉ॰ लोहिया का इतिहास चिंतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100326212816/http://www.pravakta.com/?p=8211 |date=26 मार्च 2010 }} – डॉ॰ मनोज चतुर्वेदी * [http://www.nafanuksan.com/DetailNews.aspx?newsid=2538&status=other डॉ॰ लोहिया और सप्त क्रान्ति]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 लोहिया के बिना साहित्य का इतिहास अधूरा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110912200346/http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 |date=12 सितंबर 2011 }} - नामवर सिंह * [http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 लोहिया का अंगरेजी विरोध] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110911141922/http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 |date=11 सितंबर 2011 }} (गंगा सहाय मीणा) * [http://bharatkenayak.blogspot.com/2011/04/blog-post_16.html समाजवादी नायक : श्री राम मनोहर लोहिया] * [http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 अप्रासंगिक हुआ लोहिया का गैर-कांग्रेसवाद?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140201162827/http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 |date=1 फ़रवरी 2014 }} (प्रभासाक्षी) [[श्रेणी:1910 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९६७ में निधन]] 8r35agqkf9vg5e5jpsjcnli26d1tydl 6582768 6582765 2026-07-15T05:28:10Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा */ 6582768 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राममनोहर लोहिया | image = Ram Manohar Lohia 1977 stamp of India.jpg | image_size = | alt = | caption = १९७७ के एक डाकटिकट पर लोहिया | birth_date = {{birth date|df=yes|1910|03|23}} | birth_place = [[अकबरपुर, अंबेडकर नगर|अकबरपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] | death_date = {{death date and age|df=yes|1967|10|12|1910|03|23}} | death_place = [[नयी दिल्ली]] | death_cause = | resting_place = | resting_place_coordinates = | nationality = Indian | other_names = | movement = [[भारत छोड़ो आन्दोलन]]<br>[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] | education = | alma_mater = [[कोलकाता विश्वविद्यालय]] (बीए)<br>[[हम्बोल्ट विश्वविद्यालय]], [[बर्लिन]] ([[पीएच डी]]) | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]<br>[[प्रजा समाजवादी पार्टी]]<br>[[संयुक्त समाजवादी दल]] | religion = | spouse = | children = | parents = | awards = | signature = | footnotes = | website = {{URL|www.lohiatoday.com}} }} '''डॉ॰ राममनोहर लोहिया''' (जन्म - [[२३ मार्च]], [[१९१०]] - मृत्यु - [[१२ अक्तूबर|१२ अक्टूबर]], [[१९६७|१९६७]]) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा [[समाजवाद|समाजवादी]] राजनेता थे। == जीवनवृत्त == === आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा === डॉ॰ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या जिला|अयोध्या]] जनपद में वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद नामक स्थान में हुआ था। उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे। ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी (चन्दा देवी) का देहान्त हो गया।। उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला। टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए। उनके पिताजी [[महात्मा गांधी|गाँधीजी]] के अनुयायी थे। जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे। इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। पिताजी के साथ 1918 में [[अहमदाबाद]] कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार शामिल हुए। [[बंबई]] के मारवाड़ी स्कूल में पढ़ाई की। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य गंगाधर तिलक]] की मृत्यु के दिन विद्यालय के लड़कों के साथ 1920 में पहली अगस्त को हड़ताल की। गांधी जी की पुकार पर 10 वर्ष की आयु में स्कूल त्याग दिया। पिताजी को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के आंदोलन के चलते सजा हुई। 1921 में फैजाबाद किसान आंदोलन के दौरान [[जवाहरलाल नेहरू]] से मुलाकात हुई। 1924 में प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस के [[गया]] अधिवेशन में शामिल हुए। 1925 में मैट्रिक की परीक्षा दी। कक्षा में 61 प्रतिशत नंबर लाकर प्रथम आए। इंटर की दो वर्ष की पढ़ाई [[वाराणसी|बनारस]] के [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी विश्वविद्यालय]] में हुई। कॉलेज के दिनों से ही [[खादी|खद्दर्]] पहनना शुरू कर दिया। 1926 में पिताजी के साथ [[गुवाहाटी|गौहाटी]] कांग्रेस अधिवेशन में गए। 1927 में इंटर पास किया तथा आगे की पढ़ाई के लिए [[कोलकाता|कलकत्ता]] जाकर ताराचंद दत्त स्ट्रीट पर स्थित पोद्दार छात्र हॉस्टल में रहने लगे। विद्यासागर कॉलेज में दाखिला लिया। अखिल बंग विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाषचंद्र बोस]] के न पहुंचने पर उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 1928 में कलकता में कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। 1928 से अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन में सक्रिय हुए। [[साइमन कमीशन|साइमन कमिशन]] के बहिष्कार के लिए छात्रों के साथ आंदोलन किया। कलकत्ता में युवकों के सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष तथा सुभाषचंद्र बोस और लोहिया विषय निर्वाचन समिति के सदस्य चुने गए। 1930 में द्वितीय श्रेणी में बीए की परीक्षा पास की। =परिवार= परिवार में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया हैं जो अपने परिवार के साथ उनके विचारों, सिद्धांतों उनकी सादगी व त्याग के बताए हुए रास्ते पर चलकर सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्य में संलग्न है ।। गोवा के ऐतिहासिक लोहिया मैदान मडगांव के आधिकारिक तय सरकारी कार्यक्रम में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया और उनके परिवार की उपस्थिति गोवा के प्रसिद्ध न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार.. https://www.republicworld.com/india-news/general-news/goa-would-have-been-liberated-earlier-had-sardar-patel-been-alive-union-min-rajeev-chandrasekhar-articleshow.html === यूरोप प्रवास === 1930 जुलाई को लोहिया अग्रवाल समाज के कोष से पढ़ाई के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] रवाना हुए। वहाँ से वे [[बर्लिन]] गए। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो॰ बर्नर जेम्बार्ट को अपना प्राध्यापक चुना। 3 महीने में [[जर्मन भाषा]] सीखी। 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने [[दांडी मार्च|दाण्डी यात्रा]] प्रारंभ की। जब नमक कानून तोड़ा गया तब पुलिस अत्याचार से पीड़ित होकर पिता हीरालाल जी ने लोहिया को विस्तृत पत्र लिखा। 23 मार्च को [[लाहौर]] में [[भगत सिंह]] को फांसी दिए जाने के विरोध में [[राष्ट्र संघ|लीग ऑफ नेशन्स]] की बैठक में बर्लिन में पहुंचकर सीटी बजाकर दर्शक दीर्घा से विरोध प्रकट किया। सभागृह से उन्हें निकाल दिया गया। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे [[बीकानेर]] के महाराजा द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर लोहिया ने [[रोमानिया|रूमानिया]] की प्रतिनिधि को खुली चिट्ठी लिखकर उसे अखबारों में छपवाकर उसकी कॉपी बैठक में बंटवाई। [[गांधी-इरविन समझौता|गांधी इर्विन समझौते]] का लोहिया ने [[प्रवासी भारतीय]] विद्यार्थियों की संस्था "मध्य यूरोप हिन्दुस्तानी संघ" की बैठक में संस्था के मंत्री के तौर पर समर्थन किया। [[साम्यवाद|कम्युनिस्टों]] ने विरोध किया। बर्लिन के स्पोटर्स पैलेस में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का भाषण सुना। 1932 में लोहिया ने [[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]] विषय पर अपना [[शोध-प्रबन्ध|शोध प्रबंध]] पूरा कर [[हम्बोल्ट बर्लिन विश्वविद्यालय|बर्लिन विश्वविद्यालय]] से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। === स्वदेश आगमन एवं स्वतंत्रता संग्राम === 1933 में मद्रास पहुंचे। रास्ते में सामान जब्त कर लिया गया। तब समुद्री जहाज से उतरकर [[द हिन्दू|हिन्दु]] अखबार के दफ्तर पहुंचकर दो लेख लिखकर 25 रुपया प्राप्त कर कलकत्ता गए। कलकत्ता से बनारस जाकर [[मदनमोहन मालवीय|मालवीय जी]] से मुलाकात की। उन्होंने रामेश्वर दास बिड़ला से मुलाकात कराई जिन्होंने नौकरी का प्रस्ताव दिया, लेकिन दो हफ्ते साथ रहने के बाद लोहिया ने निजी सचिव बनने से इनकार कर दिया। तब पिता जी के मित्र सेठ [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] लोहिया को गांधी जी के पास ले गए तथा उनसे कहा कि ये लड़का राजनीति करना चाहता है। कुछ दिन तक [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] के साथ रहने के बाद शादी का प्रस्ताव मिलने पर शहर छोड़कर वापस कलकत्ता चले गए। विश्व राजनीति के आगामी 10 वर्ष विषय पर [[ढाका विश्वविद्यालय]] में व्याख्यान देकर कलकत्ता आने-जाने की राशि जुटाई। [[पटना]] में 17 मई 1934 को [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्र देव]] की अध्यक्षता में देश के समाजवादी अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में इकट्ठे हुए, जहां [[समाजवादी पार्टी]] की स्थापना का निर्णय लिया गया। यहां लोहिया ने समाजवादी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी के उद्देश्यों में लोहिया ने पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य जोड़ने का संशोधन पेश किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। 21-22 अक्टूबर 1934 को बम्बई के बर्लि स्थित 'रेडिमनी टेरेस' में 150 समाजवादियों ने इकट्ठा होकर [[कांग्रेस समाजवादी दल|कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी]] की स्थापना की। लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। कांग्रेस सोशलिस्ट सप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बनाए गए। गांधी जी के विरोध में जाकर उन्होंने कांउसिल प्रवेश का विरोध किया। गांधी जी ने लोहिया के लेख पर दो पत्र लिखे। 1936 के [[मेरठ]] अधिवेशन में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के लिए पार्टी का दरवाजा खोल दिया। लोहिया बार-बार कम्युनिस्टों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी [[जयप्रकाश नारायण]] जी एवं अन्य नेताओं को देते रहे। 1935 में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में [[लखनऊ]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जहां लोहिया को परराष्ट्र विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया जिसके चलते उन्हें [[इलाहाबाद]] आना पड़ा। 1938 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी में लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के परराष्ट्र विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1940 में रामगढ़ कांग्रेस के कम्युनिस्टों को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया गया। 1939 में त्रिपुरी कांग्रेस में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] को समाजवादियों ने समर्थन किया। डॉ॰ लोहिया तटस्थ बने रहे। लोहिया ने गांधी जी द्वारा यह कहे जाने पर की बोस का चुनाव मेरी शिकस्त है पर प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव गांधी जी से सम्मानपूर्वक आह्वान करता है कि उनकी शिकस्त नहीं हुई है। गांधी जी की इच्छानुसार सुभाषचंद्र बोस कार्यसमिति बनाने को तैयार नहीं हुए तथा नेहरू सहित अन्य कांग्रेस के नेताओं ने बोस के साथ कार्यसमिति में रहने से इंकार कर दिया तब बोस ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तथा कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। महायुद्ध के समय लोहिया ने युद्धभर्ती का विरोध, देशी रियासतों में आंदोलन, ब्रिटिश माल जहाजों से माल उतारने व लादने वाले मजदूरों का संगठन तथा युद्धकर्ज को मंजूर तथा अदा न करने, जैसे चार सूत्रीय मुद्दों को लेकर युद्ध विरोधी प्रचार शुरू कर दिया। 1939 के मई महीने में दक्षिण कलकता की कांग्रेस कमेटी में युद्ध विरोधी भाषण करने पर उन्हें 24 मई को गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता के चीफ प्रेसीडेन्सी मजिस्टे्रट के सामने लोहिया ने स्वयं अपने मुकदमे की पैरवी और बहस की। 14 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया गया। 9 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस समिति के बैठक [[वर्धा]] में हुई जिसमें लोहिया ने समझौते का विरोध किया। उसी समय उन्होंने '''शस्त्रों का नाश हो''' नामक प्रसिद्ध लेख लिखा। 11 मई 1940 को [[सुल्तानपुर]] के जिला सम्मेलन में लोहिया ने कांग्रेस से 'सत्याग्रह अभी नहीं' नामक लेख लिखा। गांधी जी ने मूल रूप में लोहिया द्वारा दिए गए चार सूत्रों को स्वीकार किया। 7 जून 1940 को डॉ॰ लोहिया को 11 मई को दोस्तपुर ([[सुल्तानपुर]]) में दिए गए भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। उन्हें कोतवाली में सुल्तानपुर में [[इलाहाबाद]] के स्वराज भवन से ले जाकर हथकड़ी पहनाकर रखा गया। 1 जुलाई 1940 को भारत सुरक्षा कानून की धारा 38 के तहत दो साल की सख्त सजा हुई। सजा सुनाने के बाद उन्हें 12 अगस्त को [[बरेली]] जेल भेज दिया गया। 15 जून 1940 को गांधी जी ने '[[हरिजन]]' में लिखा, कि 'मैं युद्ध को गैर कानूनी मानता हूं किन्तु युद्ध के खिलाफ मेरे पास कोई योजना नहीं है इस वास्ते मैं युद्ध से सहमत हूं।' 25 अगस्त को गांधी जी ने लिखा कि 'लोहिया और दूसरे कांग्रेस वालों की सजाएं हिन्दुस्तान को बांधने वाली जंजीर को कमजोर बनाने वाले हथौडे क़े प्रहार हैं। सरकार कांग्रेस को सिविल-नाफरमानी आरंभ करने और आखिरी प्रहार करने के लिए प्रेरित कर रही है। यद्यपि कांग्रेस उसे उस दिन तक के लिए स्थगित करना चाहती है जब तक इंग्लैंड मुसीबत में हो।' गांधी जी ने बंबई में कहा, कि 'जब तक डॉ॰ राममनोहर लोहिया जेल में है तब तक मैं खामोश नहीं बैठ सकता, उनसे ज्यादा बहादुर और सरल आदमी मुझे मालूम नहीं। उन्होंने हिंसा का प्रचार नहीं किया जो कुछ किया है उनसे उनका सम्मान बढ़ता है।' 4 दिसम्बर 1941 को अचानक लोहिया को रिहा कर दिया गया तथा देश के अन्य जेलों में बंद कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। 19 अप्रैल 1942 को हरिजन में लोहिया का लेख 'विश्वासघाती जापान या आत्मसंतुष्ट ब्रिटेन' गांधी जी द्वारा प्रकाशित किया गया। गांधी जी ने टिप्पणी की कि मेरी उम्मीद है कि सभी संबंधित इसके प्रति ध्यान देंगे। सन् 1942 में [[इलाहाबाद]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां लोहिया ने खुलकर नेहरू का विरोध किया। इसके बाद [[अल्मोड़ा]] जिला सम्मेलन में लोहिया ने 'नेहरू को झट पलटने वाला नट' कहा। गांधी जी के साथ एक सप्ताह रहकर लोहिया ने गांधी जी को वाइसराय के नाम पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। जिसमें गांधी जी ने लिखा कि अहिंसानिष्ट सोशलिस्ट डॉ॰ लोहिया ने भारतीय शहरों को बिना पुलिस व फौज के शहर घोषित करने की कल्पना निकाली है। लोहिया जी के द्वारा दुनिया की सभी सरकारों को नई दुनिया की बुनियाद बनाने की योजना की कल्पना गांधी जी के सामने रखी गई, जिसमें एक देश की दूसरे देश में जो पूंजी लगी है उसे जब्त करना, सभी लोगों को संसार में कहीं भी आने-जाने व बसने का अधिकार देना, दुनिया के सभी राष्ट्रों को राजनैतिक आजादी तथा विश्व नागरिकता की बात कही गई थी। गांधी जी ने इसे हरिजन में छापा और अपनी ओर से समर्थन भी किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ जल्दी लड़ाई छेड़ने को लेकर गांधी जी ने दस दिन रूकने के लिए लोहिया को कहा। दस दिन बाद 7 अगस्त 1942 को गांधीजी ने तीन घंटे तक भाषण देकर कहा, कि 'हम अपनी आजादी लड़कर प्राप्त करेंगे।' अगले दिन 8 अगस्त को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव बंबई में बहुमत से स्वीकृत हुआ। गांधी जी ने '''करो या मरो''' का संदेश दिया। ==== भारत छोड़ो आन्दोलन ==== 9 अगस्त १९४२ को जब गांधी जी व अन्य कांग्रेस के नेता गिरफ्तार कर लिए गए, तब लोहिया ने भूमिगत रहकर '[[भारत छोड़ो आन्दोलन|भारत छोड़ो आंदोलन]]' को पूरे देश में फैलाया। लोहिया, [[अच्युत पटवर्धन]], सादिक अली, पुरूषोत्तम टिकरम दास, मोहनलाल सक्सेना, उषा मेहता ,रामनन्दन मिश्रा, सदाशिव महादेव जोशी, साने गुरूजी, [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]], अरूणा आसिफअली, [[सुचेता कृपलानी]] और पूर्णिमा बनर्जी आदि नेताओं का केन्द्रीय संचालन मंडल बनाया गया। लोहिया पर नीति निर्धारण कर विचार देने का कार्यभार सौंपा गया। भूमिगत रहते हुए 'जंग जू आगे बढ़ो, क्रांति की तैयारी करो, आजाद राज्य कैसे बने' जैसी पुस्तिकाएं लिखीं। 20 मई 1944 को लोहिया जी को [[बंबई]] में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद [[लाहौर किला|लाहौर किले]] की एक अंधेरी कोठरी में रखा गया जहां 14 वर्ष पहले [[भगत सिंह]] को [[फांसी]] दी गई थी। पुलिस द्वारा लगातार उन्हें यातनाएँ दी गई, 15-15 दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। किसी से मिलने नहीं दिया गया 4 महीने तक ब्रुश या पेस्ट तक भी नहीं दिया गया। हर समय हथकड़ी बांधे रखी जाती थी। लाहौर के प्रसिद्ध वकील [[जीवनलाल कपूर]] द्वारा [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण]] की याचिका लगाने पर उन्हें तथा [[जयप्रकाश नारायण]] को स्टेट प्रिजनर घोषित कर दिया गया। मुकदमे के चलते सरकार को लोहिया को पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी पड़ी। पहला पत्र लोहिया ने [[ब्रिटिश लेबर पार्टी]] के अध्यक्ष प्रो॰ हेराल्ड जे. लास्की को लिखा जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 1945 में लोहिया को [[लाहौर]] से [[आगरा]] जेल भेज दिया गया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होने पर गांधी जी तथा कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। केवल लोहिया व जयप्रकाश ही जेल में थे। इसी बीच अंग्रेजों की सरकार और कांग्रेस की बीच समझौते की बातचीत शुरू हो गई। [[इंग्लैंड]] में [[लेबर पार्टी (यूके)|लेलेबर पार्टी]] की सरकार बन गई सरकार का प्रतिनिधि मंडल डॉ॰ लोहिया से आगरा जेल में मिलने आया। इस बीच लोहिया के पिता हीरालाल जी की मृत्यु हो गई। किन्तु लोहिया जी ने सरकार की कृपा पर पेरोल पर छूटने से इंकार कर दिया। ====गोवा मुक्ति आन्दोलन==== [[चित्र:Lohia Maidan.jpg|right|thumb|300px|गोवा में राममनोहर लोहिया की प्रतिमा]] 11 अप्रैल 1946 को लोहिया को आगरा जेल से रिहा कर दिया गया। 15 जून को लोहिया ने [[गोवा]] के [[पणजी|पंजिम]] में '[[भारतीय वायुसेना|गोवा मुक्ति आंदोलन]]' की पहली सभा ली। लोहिया को 18 जून को गोवा मुक्ति आंदोलन के शुरूआत के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। 14 अगस्त 1946 को 'हरिजन' में गांधी जी ने लिखा कि, लोहिया को बधाई दी जानी चाहिए। 30 दिसम्बर 1946 को [[नोवाखाली|नवाखली]] में हिन्दु और मुसलमान के बीच के अविश्वास को दूर करने में गांधी जी के साथ विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया। पूरे साल नवाखली, कलकत्ता, बिहार, दिल्ली सभी जगह लोहिया गांधी जी के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता की आग को बुझाने की कोशिश करते रहे। 9 अगस्त 1947 से लगातार हिंसा रोकने का प्रयास चलता रहा। 14 अगस्त की रात को हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई के नारों के साथ लोहिया ने सभा की। 31 अगस्त को वातावरण फिर बिगड़ गया, गांधी जी अनशन पर बैठ गए तब लोहिया ने दंगाईयों के हथियार इकट्ठे कराए। लोहिया के प्रयास से शांति समिति की स्थापना हुई तथा 4 सितम्बर को गांधी जी ने अनशन तोड़ा। 29 सितम्बर को बेलगांव में लोहिया को फिर गिरफ्तार कर लिया गया। 26, 27, 28 फ़रवरी 1947 को सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में तटस्थ रहने का निर्णय लिया गया। === स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद === जनवरी 1947 में लोहिया ने [[नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस]] को स्थापित करने तथा राणाशाही के विरुद्ध सत्याग्रह प्रारंभ करने की पहल की। 25 जनवरी 1948 को बंबई हड़ताल को लेकर लोहिया जी ने गांधी जी से हड़ताल का समर्थन मांगा। 28 जनवरी को गांधी जी ने कहा कि कल आना कल पेट भर की बात होगी। 30 जनवरी को लोहिया जब बिड़ला भवन के लिए निकले तब उन्हें गांधी जी की हत्या की खबर सुनने को मिली। मार्च 1948 में नासिक सम्मेलन में सोशलिस्ट दल ने कांग्रेस से अलग होने का निश्चय किया। लोहिया की प्रेरणा से रियासतों की समाप्ति का आंदोलन 650 रिसासतों में समाजवादी चला रहे थे। 2 जनवरी 1948 को रीवा में 'हमें चुनाव चाहिए विभाजन रद्द करो' के नारे के साथ आंदोलन किया गया जिसमें पुलिस ने गोली चलाई 4 आंदोलनकारी शहीद हुए। 1949 को सोशलिस्ट पार्टी द्वारा लोहिया के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला के आमरण अनशन तथा नेपाल में राणाशाही के अत्याचार के खिलाफ सभा की गई। नेपाली दूतावास की ओर जब जुलूस बढ़ा तब लाठी चार्ज किया गया लोहिया को गिरफ्तार किया गया। 20 जून को देश भर में लोहिया दिवस मनाया गया। मुकदमे में दो महीने की कैद हुई। 3 जुलाई को उन्हें रिहा कर दिया गया। सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसी सम्मेलन में लोहिया ने 'चौखंभा राज्य' की कल्पना प्रस्तुत की। पटना में 'हिन्द किसान पंचायत' की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष लोहिया को चुना गया। 25 नवम्बर 1949 को लखनऊ में एक लाख किसानों ने विशाल प्रदर्शन किया। 26 फ़रवरी 1950 को [[रीवा]] में 'हिन्द किसान पंचायत' का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। दिल्ली में 3 जून 1951 को जनवाणी दिवस पर प्रदर्शन किया गया। 'रोजी-रोटी कपड़ा दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो', प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा था। 14 जून 1951 को सागर स्टेशन में लोहिया को गिरफ्तार कर बेंगलूर के हवालात में बंद कर दिया गया। 3 जुलाई को लोहिया छूटे। 24 जुलाई को वे विश्व सरकार के समर्थकों के सम्मेलन में [[स्वीडन]] की राजधानी स्टॉकहोम गए 17 साल बाद वे पुन: बर्लिन पहुंचे। लोहिया इंग्लैंड, पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण पश्चिम एशिया के कई देशों में गए; [[इज़राइल|इस्रायल]] से होकर 15 नवम्बर को स्वेदश लौटे। 1951 में लोहिया को 3 जुलाई को समाजवादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बुलाया गया। सम्मेलन में जर्मनी, युगोस्लाविया, अमेरिका, हवाई, जापान, हांगकांग, थाईदेश, सिंगापुर मलाया, इंडोनेशिया तथा लंका भी गए। लोहिया विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टन से प्रिंसटन में मिले। [[अल्बर्ट आइंस्टीन|आइंस्टीन]] ने कहा, कि 'किसी मनुष्य से मिलना कितना अच्छा होता है आदमी कितना अकेला पड़ जाता है।' लोहिया ने अमरीका में सैकड़ों स्थानों पर भाषण किए। उस समय उन्होंने एशिया की समस्त सोशलिस्ट पार्टियों का संगठन निर्मित करने का विचार बनाया। 25 मार्च से 29 मार्च 1952 में एशियाई सोशलिस्ट कान्फ्रेंस हुई, लेकिन इसमें लोहिया शामिल नहीं हो सके। जयप्रकाश नरायण भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता बन कर [[यांगून|रंगून]] गए। [[चित्र:Mani Ram Bagri1.jpg|अंगूठाकार|डॉ राममनोहर लोहिया, मणि राम बागरी, मधु लिमये, एस एम जोशी]] मई 1952 में [[पचमढ़ी|पंचमढ़ी]] में सोशलिस्ट पार्टी का सम्मेलन हुआ। आम चुनाव में हार के बाद लोहिया ने चुनावों की पराजय की शव परीक्षा के बदले ठोस विचारों की ओर पार्टी को ले जाने का विचार दिया। गुजरात पार्टी सम्मेलन में इतिहास चक्र की नई व्याख्या लोहिया द्वारा प्रस्तुत की गई। 24-25 सितम्बर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की जनरल कौंसिल बैठक में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी और सोशिलिस्ट पार्टी के विलय का निर्णय लिया गया। इस तरह [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी|प्रजा सोशलिस्ट पार्टी]] का जन्म हुआ। 29 से 31 दिसम्बर 1953 को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का पहला सम्मेलन इलाहाबाद में हुआ। वहां लोहिया ने इलाहाबाद थीसिस प्रस्तुत की। लोहिया को उनके मना करने के बावजूद पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया। 13-14 मई 1954 को उत्तर प्रदेश प्रजा सोशलिस्ट पार्टी द्वारा नहर रेट की बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया गया। 4 जुलाई 1954 को फारूखाबाद में वाणी स्वतंत्रता के संघर्ष को लेकर भाषण दिए जाने के कारण गिरफ्तार किया गया। नागपुर में 26-28 नवम्बर 1954 के बीच [[केरल]] गोली कांड पर विचार करने के लिए सम्मेलन हुआ। लोहिया केरल मंत्रीमंडल से इस्तीफा मांग चुके थे। 31 दिसम्बर 1955 तथा 1 जनवरी 1956 को सोशलिस्ट पार्टी का स्थापना हुई। लखनऊ में लोहिया के नेतृत्व में एक लाख किसानों का प्रदर्शन हुआ। 1956 में लोहिया ने "मैनकाइंड" नामक पत्रिका शुरू की। सोशिलिस्ट पार्टी का प्रथम वार्षिक अधिवेशन भारत के मध्य बिंदु मध्यप्रदेश के ग्राम सिहोरा में 28, 29, 30 दिसम्बर 1956 को हुआ। 2 नवम्बर 1957 को लोहिया क्रिमनल लॉ एमेंडमेंड एक्ट की धारा 7 की तहत डाकिए से कुछ कहने पर अकारण गिरफ्तार कर लिया गया। 12 नवम्बर 1958 को लोहिया पूर्वोतर के दौरे पर निकले, जहां उन्हें दौरा करने से रोक दिया गया। एक साल बाद फिर उसी स्थान उर्वसियम ([[नेफ़ा|नेफा]]) से लोहिया ने पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 17 अप्रैल 1960 को कानुपर के सर्किट हाउस में अनाधिकृत प्रवेश करने के कारण अपराध बताकर उन्हें पुन: गिरफ्तार किया गया। 1961 में '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन]]''' के दौरान लोहिया की सभा पर मद्रास में पत्थर बरसाये गए। 1961 में लोहिया एथेंस, रोम और काहिरा गए। 1962 में चुनाव हुआ लोहिया नेहरू के विरुद्ध [[फूलपुर]] में चुनाव मैदान में उतरे। 11 नवम्बर 1962 को कलकत्ता में सभा कर लोहिया ने [[तिब्बत]] के सवाल को उठाया। 1963 के फारूखाबाद के लोकसभा उपचुनाव में लोहिया 58 हजार मतों से चुनाव जीते। लोकसभा में लोहिया की तीन आना बनाम पन्द्रह आना की बहस अत्यंत चर्चित रही, जिसमें उन्होंने 18 करोड़ आबादी के चार आने पर जिंदगी काटने तथा प्रधानमंत्री पर 25 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च करने का आरोप लगाया। 9 अगस्त 1965 को लोहिया को भारत सुरक्षा कानून के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। ; अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन लोहिया जानते थे कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में अंग्रेजी का प्रयोग आम जनता की प्रजातंत्र में शत प्रतिशत भागीदारी के रास्ते का रोड़ा है। उन्होंने इसे सामंती भाषा बताते हुए इसके प्रयोग के खतरों से बारंबार आगाह किया और बताया कि यह मजदूरों, किसानों और शारीरिक श्रम से जुड़े आम लोगों की भाषा नहीं है। उन्होंने लिखा: : '' यदि सरकारी और सार्वजनिक काम ऐसी भाषा में चलाये जाएं, जिसे देश के करोड़ों आदमी न समझ सकें, तो यह केवल एक प्रकार का जादू-टोना होगा। दुख की बात है कि लोहिया के अंग्रेजी हटाओ आंदोलन (1957) को हिंदी का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा गया, जबकि लोहिया ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अंग्रेजी हटाओ का अर्थ हिंदी लाओ कदापि नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति और उनके प्रयोग की खुल कर वकालत की। उनके अनुसार अंग्रेजी हटाओ का अर्थ 'मातृभाषा लाओ' था। भारतीय राजनीति का बेबाक और बिंदास चेहरा रहे राममनोहर लोहिया ने ५० के दशक में ही भांप लिया था। उन्होंने लोकसभा में बल देकर अपनी बात रखते हुए कहा था: :'' अंग्रेजी को खत्म कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि अंग्रेजी का सार्वजनिक प्रयोग बंद हो, लोकभाषा के बिना लोक राज्य असंभव है। कुछ भी हो अंग्रेजी हटनी ही चाहिये, उसकी जगह कौन सी भाषाएं आती हैं यह प्रश्न नहीं है। हिन्दी और किसी भाषा के साथ आपके मन में जो आए सो करें, लेकिन अंग्रेजी तो हटना ही चाहिये और वह भी जल्दी। अंग्रेज गये तो अंग्रेजी चली जानी चाहिये। === देहावसान === 30 सितम्बर 1967 को लोहिया को नई दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल अब जिसे लोहिया अस्पताल कहा जाता है को पौरूष ग्रंथि के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया जहां 12 अक्टूबर 1967 को उनका देहांत 57 वर्ष की आयु में हो गया। = परिवार = परिवार में उनके पुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया हैं जो उन्हीं के रूप में उनके सिद्धांतों ,विचारों और उनके त्याग के बताए हुए रास्तों को अपनाकर सादगी पूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं।। डॉ. राम मनोहर लोहिया के सुपुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया गोवा के अधिकारिक कार्यक्रम गोवा क्रांति दिवस पर <ref>{{cite news |title=CM underscores need to bring about revolution in tech, research, startups |url=https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html |work=The Goan |date=19 June 2023}}</ref> == गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी == देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे। == जैसी कथनी वैसी करनी == लोहिया के समाजवादी आंदोलन की संकल्पना के मूल में अनिवार्यत: विचार और कर्म की उभय उपस्थिति थी- जिसके मूर्तिमंत स्वरूप स्वयं डॉ॰ लोहिया थे और आजन्म उन्होंने ‘कर्म और विचार’ की इस संयुक्ति को अपने आचरण से जीवन्त उदाहरण भी प्रस्तत किया। अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम व्यक्तित्वों की भांति लोहिया प्रभावित भी थे। वे जेल भी गए और ऐसी यातनाएं भी सहीं। आजादी से पूर्व ही कांग्रेस के भीतर उनका सोशलिस्ट ग्रुप था, लेकिन पंद्रह अगस्त सैंतालिस को अंग्रेजों से मुक्ति पाने पर वे उल्लसित तो थे लेकिन विभाजन की कीमत पर पाई गई इस स्वतंत्रता के कारण नेहरू और नेहरू की कांग्रेस से उनका रास्ता हमेशा के लिए अलग हो गया। स्वतंत्रता के नाम पर सत्ता की लिप्सा का यह खुला खेल लोहिया ने अपनी नंगी आंखों से देखा था और इसीलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनमें इतना रोष और क्षोभ था कि उन्हें धुर दक्षिणपंथी और वामपंथियों दोनों को साथ लेना भी उन्हें बेहतर विकल्प ही प्रतीत हुआ। == मौलिक एवं ठेठ देसी चिन्तक == स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के राजनेताओं में लोहिया मौलिक विचारक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 मार्च 2009 |archive-date=14 नवंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061114085226/http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |url-status=dead }}</ref> लोहिया के मन में भारतीय गणतंत्र को लेकर ठेठ देसी सोच थी। अपने इतिहास, अपनी भाषा के सन्दर्भ में वे कतई पश्चिम से कोई सिद्धांत उधार लेकर व्याख्या करने को राजी नहीं थे। सन् 1932 में जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में देश से अंग्रेजी हटाने का जो आह्वान किया। '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]]''' की गणना अब तक के कुछ इने गिने आंदोलनों में की जा सकती है। उनके लिए स्वभाषा राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि अपने स्वाभिमान का प्रश्न और लाखों–करोडों को हीन ग्रंथि से उबरकर आत्मविश्वास से भर देने का स्वप्न था– ‘‘मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान के साधारण लोग अपने अंग्रेजी के अज्ञान पर लजाएं नहीं, बल्कि गर्व करें। इस सामंती भाषा को उन्हीं के लिए छोड़ दें जिनके मां बाप अगर शरीर से नहीं तो आत्मा से अंग्रेज रहे हैं।’’ हलांकि लोहिया भी [[जर्मनी]] यानी विदेश से पढा़ई कर के आए थे, लेकिन उन्हें उन प्रतीकों का अहसास था जिनसे इस देश की पहचान है। [[महाशिवरात्रि|शिवरात्रि]] पर चित्रकूट में '''[[रामायण मेला]]''' उन्हीं की संकल्पना थी, जो सौभाग्य से अभी तक अनवरत चला आ रहा है। आज भी जब चित्रकूट के उस मेले में हजारों भारतवासियों की भीड़ स्वयमेव जुटती है तो लगता है कि ये ही हैं जिनकी चिंता लोहिया को थी, लेकिन आज इनकी चिंता करने के लिए लोहिया के लोग कहां हैं? == राजनीतिक शुचिता के पक्षधर == लोहिया ही थे जो राजनीति की गंदी गली में भी शुद्ध आचरण की बात करते थे। वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस सरकार के शासन में आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। ध्यान रहे स्वाधीन भारत में किसी भी राज्य में यह पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी– ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में तब सफाई और भलाई आएगी जब किसी पार्टी के खराब काम की निंदा उसी पार्टी के लोग करें।....और मै यह याद दिला दूं कि मुझे यह कहने का हक है कि हम ही हिंदुस्तान में एक राजनीतिक पार्टी हैं जिन्होंने अपनी सरकार की भी निंदा की थी और सिर्फ निंदा ही नहीं की बल्कि एक मायने में उसको इतना तंग किया कि उसे हट जाना पडा़। == कर्मवीर == लोहिया जी केवल चिन्तक ही नहीं, एक कर्मवीर भी थे। उन्होने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सन १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के समय [[उषा मेहता]] के साथ मिलकर उन्होने गुप्त रेडियो स्टेशन चलाया। १८ जून १९४६ को [[गोवा|गोआ]] को पुर्तगालियों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाने के लिये उन्होने आन्दोलन आरम्भ किया। अंग्रेजी को भारत से हटाने के लिये उन्होने [[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]] चलाया। == सप्त क्रान्तियाँ == लोहिया अनेक सिद्धान्तों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक हैं। वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे। उन्होंने एक साथ '''सात क्रांतियों''' का आह्वान किया। वे सात क्रान्तियां थी ये थीं- *(१) नर-नारी की समानता के लिए क्रान्ति, *(२) चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ क्रान्ति, *(३) संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए क्रान्ति, *(४) परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए क्रान्ति, *(५) निजी पूँजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए क्रान्ति, *(६) निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए क्रान्ति, *(७) अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिये क्रान्ति। इन सात क्रांतियों के सम्बन्ध में लोहिया ने कहा- : ''मोटे तौर से ये हैं सात क्रांन्तियाँ। सातों क्रांतियां संसार में एक साथ चल रही हैं। अपने देश में भी उनको एक साथ चलाने की कोशिश करना चाहिए। जितने लोगों को भी क्रांति पकड़ में आयी हो उसके पीछे पड़ जाना चाहिए और बढ़ाना चाहिए। बढ़ाते-बढ़ाते शायद ऐसा संयोग हो जाये कि आज का इन्सान सब नाइन्साफियों के खिलाफ लड़ता-जूझता ऐसे समाज और ऐसी दुनिया को बना पाये कि जिसमें आन्तरिक शांति और बाहरी या भौतिक भरा-पूरा समाज बन पाये।''<ref>{{Cite web |url=http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |title=लोहिया के विचार |access-date=16 अक्तूबर 2016 |archive-date=3 मार्च 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170303035145/http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |url-status=dead }}</ref><ref>[https://www.wattpad.com/2897374-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/page/134 डॉ लोहिया की सप्तक्रांति के उद्देश्य]</ref> == भारत-विभाजन पर लोहिया के विचार == उस समय की तमाम ऐसी घटनाओं और स्थितियों का जिनके प्रति एक आम भारतीय नागरिक के मन में बहुत स्पष्ट और तार्किक व्याख्या नहीं है, लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘गिल्टी मैन एंड इंडियाज पार्टीशन’ (भारत विभाजन के गुनहगार) में परत दर परत रहस्यों को खोला है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि उस समय के पूरे आंखों देखे इतिहास को ही नहीं, बल्कि उसके एक सक्रिय, जीवंत पात्र रहे लोहिया की बातों को आजाद भारत में सत्तारूढ़ दल द्वारा एक विपक्षी नेता की ‘खीझ’ से ज्यादा नहीं समझने दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि सत्ता हस्तांतरण के खेल की असलियत संग्रहालयों में दफन दस्तावेजों से ज्यादा लोहिया जैसे नेताओं को भी मालूम थी जिसे होते हुए उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। == लेखन == [[Image:Ram Manohar Lohia 1997 stamp of India.jpg|right|thumb|300px|१९९७ में भारत सरकार ने लोहिया की स्मृति में डाकटिकट निकाला]] डॉ राममनोहर लोहिया ने अनेकों विषयों पर अपने विचार लेख एवं पुस्तकों के रूप में प्रकाशित कीं। उनकी कुछ रचनाएँ हैं- * अंग्रेजी हटाओ * इतिहास चक्र * देश, विदेश नीति-कुछ पहलू * धर्म पर एक दृष्टि * भारतीय शिल्प * भारत विभाजन के गुनहगार * मार्क्सवाद और समाजवाद * राग, जिम्मेदारी की भावना, अनुपात की समझ * समलक्ष्य, समबोध * समदृष्टि * सच, कर्म, प्रतिकार और चरित्र निर्माण आह्‌वान * समाजवादी चिंतन * संसदीय आचरण * संपूर्ण और संभव बराबरी और दूसरे भाषण * हिंदू बनाम हिंदू ; अंग्रेजी में * ''The Caste System'': Hyderabad, Navahind [1964] 147 p. * ''Foreign Policy'': Aligarh, P.C. Dwadash Shreni, [1963?] 381 p. * ''Fragments of World Mind'': Maitrayani Publishers & Booksellers ; Allahabad [1949] 262 p. * ''Fundamentals of a World Mind'': ed. by K.S. Karanth. Bombay, Sindhu Publications, [1987] 130 p. * ''Guilty Men of India’s Partition'': Lohia Samata Vidyalaya Nyas, Publication Dept.,[1970] 103 p. * ''India, China, and Northern Frontiers'': Hyderabad, Navahind [1963] 272 p. * ''Interval During Politics'': Hyderabad, Navahind [1965] 197 p. * ''Marx, Gandhi and Socialism'': Hyderabad, Navahind [1963] 550 p. * ''Collected Works of Dr Lohia'' समाजवादी लेखक डॉ मस्तराम कपूर द्वारा ९ भागों में सम्पादित। ==स्मारक== * अवध विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "[[डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय]]" रखा गया है। * उनके नाम पर भारत के एक प्रमुख विधि स्कूल का नाम [[डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय]], [[लखनऊ]] रखा गया है। * [[पणजी]] के '१८ जून रोड' का नाम डॉ राममनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया है। १८ जून १९४६ को इसी जगह से उन्होने पुर्तगाली शासन के विरुद्ध आन्दोलन आरम्भ किया था। * सन १९७० में दिल्ली के 'विल्लिंगडन हॉस्पिटल' का नाम बदलकर [[राम मनोहर लोहिया अस्पताल]] कर दिया गया। इसी अस्पताल में उन्होने अन्तिम सांस ली थी। * [[लखनऊ]] में [[डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान]] उनके नाम पर ही है। * उनके गृहनगर अकबरपुर में उनके नाम पर एक सामुदायिक भवन बना है, जिसका नाम "डॉ राममनोहर लोहिया भवन" रखा गया है। * [[कर्नाटक]] के [[बल्लारी]] में उनके नाम से "लोहिया प्रकाशन" नामक एक प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान था। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हे भी देखें == * [[जयप्रकाश नारायण]] * [[सप्तक्रांति]] * [[रामायण मेला]] == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote|राममनोहर लोहिया}} * [http://www.socialistpartyindia.blogspot.com/2017/09/blog-post_10.html हिन्दी के सरलीकरण की नीति] हिन्दी शब्द सृजन आदि से सम्बन्धित लोहिया के विचार) * [http://www.lohiavani.com/Default.aspx लोहियावाणी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161019014248/http://www.lohiavani.com/Default.aspx |date=19 अक्तूबर 2016 }} * [http://lohiaphotos.blogspot.com तस्‍वीरों में लोहिया] * [http://issbaar.blogspot.com/2011/02/blog-post_7794.html सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत : लोहिया] (संस्कृति, समाज और भाषा के अन्तःसम्बन्धों की पड़ताल) * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/hindu-banam-hindu.pdf हिन्दू बनाम हिन्दू : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/ram-krishnashiv.pdf राम, कृष्ण और शिव : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/krishna.pdf कृष्ण : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/econ_after_lohia1.pdf अर्थशास्त्र : मार्क्स, लोहिया से आगे /सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/audyogikaran_ka_andhavishvas.pdf औद्योगीकरण का अंधविश्वास : सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/shiksha-sawal-jawab1.pdf शिक्षा पर सवाल जवाब ] * [http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml गांधी-लोहिया का पुनर्पाठ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101021060027/http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml |date=21 अक्तूबर 2010 }} * [http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm लोहिया : एक असमाप्त जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927003229/http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm |date=27 सितंबर 2007 }} * [http://kashivishvavidyalay.wordpress.com/2007/04/24/lohiaramkrishnashiv-2/ लोहिया : मर्यादित, उन्मुक्त और असीमित व्यक्तित्व (२)] * [http://www.indiannationalism.org/pdf/Dr._Rammanohar_Lohiya.pdf गंगा तीरे, सरयू तीरे]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (राममनोहर लोहिया पर विशेष) * [http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 तो इतिहास कुछ और होता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110920031542/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 |date=20 सितंबर 2011 }} (भारतीय पक्ष) * [http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html लोहिया के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305120324/http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html |date=5 मार्च 2016 }} * [http://aarambha.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html स्वर्गीय लोहिया साहब : रामधारी सिंह 'दिनकर'] * [http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2004/04/040415_socialists_ideology.shtml समाजवादी विचारधारा आज कहाँ है ?] (बीबीसी हिन्दी) * [http://books.google.co.in/books?id=sctwuur-nmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false लोहिया के विचार] (गूगल पुस्तक) * [http://books.google.co.in/books?id=n2VV7CQ8Jc4C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false ना रहूँ किसी का दस्तनिगर : मेरा सफरनामा] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैप्टेन अब्बास अली) * [http://www.pravakta.com/?p=8190 यह लोहिया की सदी हो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100325102121/http://www.pravakta.com/?p=8190 |date=25 मार्च 2010 }} (वेदप्रताप वैदिक) * [http://kiransnm.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html लोहिया नें संसद को बनाया लोक सदन] (किरन माहेश्वरी) * [http://www.pravakta.com/?p=8211 डॉ॰ लोहिया का इतिहास चिंतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100326212816/http://www.pravakta.com/?p=8211 |date=26 मार्च 2010 }} – डॉ॰ मनोज चतुर्वेदी * [http://www.nafanuksan.com/DetailNews.aspx?newsid=2538&status=other डॉ॰ लोहिया और सप्त क्रान्ति]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 लोहिया के बिना साहित्य का इतिहास अधूरा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110912200346/http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 |date=12 सितंबर 2011 }} - नामवर सिंह * [http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 लोहिया का अंगरेजी विरोध] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110911141922/http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 |date=11 सितंबर 2011 }} (गंगा सहाय मीणा) * [http://bharatkenayak.blogspot.com/2011/04/blog-post_16.html समाजवादी नायक : श्री राम मनोहर लोहिया] * [http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 अप्रासंगिक हुआ लोहिया का गैर-कांग्रेसवाद?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140201162827/http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 |date=1 फ़रवरी 2014 }} (प्रभासाक्षी) [[श्रेणी:1910 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९६७ में निधन]] r4xun5n562fsasao8yi42v4nz07ra32 6582770 6582768 2026-07-15T06:11:01Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* देहावसान */ 6582770 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राममनोहर लोहिया | image = Ram Manohar Lohia 1977 stamp of India.jpg | image_size = | alt = | caption = १९७७ के एक डाकटिकट पर लोहिया | birth_date = {{birth date|df=yes|1910|03|23}} | birth_place = [[अकबरपुर, अंबेडकर नगर|अकबरपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] | death_date = {{death date and age|df=yes|1967|10|12|1910|03|23}} | death_place = [[नयी दिल्ली]] | death_cause = | resting_place = | resting_place_coordinates = | nationality = Indian | other_names = | movement = [[भारत छोड़ो आन्दोलन]]<br>[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] | education = | alma_mater = [[कोलकाता विश्वविद्यालय]] (बीए)<br>[[हम्बोल्ट विश्वविद्यालय]], [[बर्लिन]] ([[पीएच डी]]) | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]<br>[[प्रजा समाजवादी पार्टी]]<br>[[संयुक्त समाजवादी दल]] | religion = | spouse = | children = | parents = | awards = | signature = | footnotes = | website = {{URL|www.lohiatoday.com}} }} '''डॉ॰ राममनोहर लोहिया''' (जन्म - [[२३ मार्च]], [[१९१०]] - मृत्यु - [[१२ अक्तूबर|१२ अक्टूबर]], [[१९६७|१९६७]]) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा [[समाजवाद|समाजवादी]] राजनेता थे। == जीवनवृत्त == === आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा === डॉ॰ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या जिला|अयोध्या]] जनपद में वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद नामक स्थान में हुआ था। उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे। ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी (चन्दा देवी) का देहान्त हो गया।। उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला। टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए। उनके पिताजी [[महात्मा गांधी|गाँधीजी]] के अनुयायी थे। जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे। इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। पिताजी के साथ 1918 में [[अहमदाबाद]] कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार शामिल हुए। [[बंबई]] के मारवाड़ी स्कूल में पढ़ाई की। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य गंगाधर तिलक]] की मृत्यु के दिन विद्यालय के लड़कों के साथ 1920 में पहली अगस्त को हड़ताल की। गांधी जी की पुकार पर 10 वर्ष की आयु में स्कूल त्याग दिया। पिताजी को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के आंदोलन के चलते सजा हुई। 1921 में फैजाबाद किसान आंदोलन के दौरान [[जवाहरलाल नेहरू]] से मुलाकात हुई। 1924 में प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस के [[गया]] अधिवेशन में शामिल हुए। 1925 में मैट्रिक की परीक्षा दी। कक्षा में 61 प्रतिशत नंबर लाकर प्रथम आए। इंटर की दो वर्ष की पढ़ाई [[वाराणसी|बनारस]] के [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी विश्वविद्यालय]] में हुई। कॉलेज के दिनों से ही [[खादी|खद्दर्]] पहनना शुरू कर दिया। 1926 में पिताजी के साथ [[गुवाहाटी|गौहाटी]] कांग्रेस अधिवेशन में गए। 1927 में इंटर पास किया तथा आगे की पढ़ाई के लिए [[कोलकाता|कलकत्ता]] जाकर ताराचंद दत्त स्ट्रीट पर स्थित पोद्दार छात्र हॉस्टल में रहने लगे। विद्यासागर कॉलेज में दाखिला लिया। अखिल बंग विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाषचंद्र बोस]] के न पहुंचने पर उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 1928 में कलकता में कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। 1928 से अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन में सक्रिय हुए। [[साइमन कमीशन|साइमन कमिशन]] के बहिष्कार के लिए छात्रों के साथ आंदोलन किया। कलकत्ता में युवकों के सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष तथा सुभाषचंद्र बोस और लोहिया विषय निर्वाचन समिति के सदस्य चुने गए। 1930 में द्वितीय श्रेणी में बीए की परीक्षा पास की। =परिवार= परिवार में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया हैं जो अपने परिवार के साथ उनके विचारों, सिद्धांतों उनकी सादगी व त्याग के बताए हुए रास्ते पर चलकर सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्य में संलग्न है ।। गोवा के ऐतिहासिक लोहिया मैदान मडगांव के आधिकारिक तय सरकारी कार्यक्रम में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया और उनके परिवार की उपस्थिति गोवा के प्रसिद्ध न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार.. https://www.republicworld.com/india-news/general-news/goa-would-have-been-liberated-earlier-had-sardar-patel-been-alive-union-min-rajeev-chandrasekhar-articleshow.html === यूरोप प्रवास === 1930 जुलाई को लोहिया अग्रवाल समाज के कोष से पढ़ाई के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] रवाना हुए। वहाँ से वे [[बर्लिन]] गए। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो॰ बर्नर जेम्बार्ट को अपना प्राध्यापक चुना। 3 महीने में [[जर्मन भाषा]] सीखी। 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने [[दांडी मार्च|दाण्डी यात्रा]] प्रारंभ की। जब नमक कानून तोड़ा गया तब पुलिस अत्याचार से पीड़ित होकर पिता हीरालाल जी ने लोहिया को विस्तृत पत्र लिखा। 23 मार्च को [[लाहौर]] में [[भगत सिंह]] को फांसी दिए जाने के विरोध में [[राष्ट्र संघ|लीग ऑफ नेशन्स]] की बैठक में बर्लिन में पहुंचकर सीटी बजाकर दर्शक दीर्घा से विरोध प्रकट किया। सभागृह से उन्हें निकाल दिया गया। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे [[बीकानेर]] के महाराजा द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर लोहिया ने [[रोमानिया|रूमानिया]] की प्रतिनिधि को खुली चिट्ठी लिखकर उसे अखबारों में छपवाकर उसकी कॉपी बैठक में बंटवाई। [[गांधी-इरविन समझौता|गांधी इर्विन समझौते]] का लोहिया ने [[प्रवासी भारतीय]] विद्यार्थियों की संस्था "मध्य यूरोप हिन्दुस्तानी संघ" की बैठक में संस्था के मंत्री के तौर पर समर्थन किया। [[साम्यवाद|कम्युनिस्टों]] ने विरोध किया। बर्लिन के स्पोटर्स पैलेस में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का भाषण सुना। 1932 में लोहिया ने [[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]] विषय पर अपना [[शोध-प्रबन्ध|शोध प्रबंध]] पूरा कर [[हम्बोल्ट बर्लिन विश्वविद्यालय|बर्लिन विश्वविद्यालय]] से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। === स्वदेश आगमन एवं स्वतंत्रता संग्राम === 1933 में मद्रास पहुंचे। रास्ते में सामान जब्त कर लिया गया। तब समुद्री जहाज से उतरकर [[द हिन्दू|हिन्दु]] अखबार के दफ्तर पहुंचकर दो लेख लिखकर 25 रुपया प्राप्त कर कलकत्ता गए। कलकत्ता से बनारस जाकर [[मदनमोहन मालवीय|मालवीय जी]] से मुलाकात की। उन्होंने रामेश्वर दास बिड़ला से मुलाकात कराई जिन्होंने नौकरी का प्रस्ताव दिया, लेकिन दो हफ्ते साथ रहने के बाद लोहिया ने निजी सचिव बनने से इनकार कर दिया। तब पिता जी के मित्र सेठ [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] लोहिया को गांधी जी के पास ले गए तथा उनसे कहा कि ये लड़का राजनीति करना चाहता है। कुछ दिन तक [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] के साथ रहने के बाद शादी का प्रस्ताव मिलने पर शहर छोड़कर वापस कलकत्ता चले गए। विश्व राजनीति के आगामी 10 वर्ष विषय पर [[ढाका विश्वविद्यालय]] में व्याख्यान देकर कलकत्ता आने-जाने की राशि जुटाई। [[पटना]] में 17 मई 1934 को [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्र देव]] की अध्यक्षता में देश के समाजवादी अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में इकट्ठे हुए, जहां [[समाजवादी पार्टी]] की स्थापना का निर्णय लिया गया। यहां लोहिया ने समाजवादी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी के उद्देश्यों में लोहिया ने पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य जोड़ने का संशोधन पेश किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। 21-22 अक्टूबर 1934 को बम्बई के बर्लि स्थित 'रेडिमनी टेरेस' में 150 समाजवादियों ने इकट्ठा होकर [[कांग्रेस समाजवादी दल|कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी]] की स्थापना की। लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। कांग्रेस सोशलिस्ट सप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बनाए गए। गांधी जी के विरोध में जाकर उन्होंने कांउसिल प्रवेश का विरोध किया। गांधी जी ने लोहिया के लेख पर दो पत्र लिखे। 1936 के [[मेरठ]] अधिवेशन में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के लिए पार्टी का दरवाजा खोल दिया। लोहिया बार-बार कम्युनिस्टों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी [[जयप्रकाश नारायण]] जी एवं अन्य नेताओं को देते रहे। 1935 में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में [[लखनऊ]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जहां लोहिया को परराष्ट्र विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया जिसके चलते उन्हें [[इलाहाबाद]] आना पड़ा। 1938 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी में लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के परराष्ट्र विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1940 में रामगढ़ कांग्रेस के कम्युनिस्टों को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया गया। 1939 में त्रिपुरी कांग्रेस में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] को समाजवादियों ने समर्थन किया। डॉ॰ लोहिया तटस्थ बने रहे। लोहिया ने गांधी जी द्वारा यह कहे जाने पर की बोस का चुनाव मेरी शिकस्त है पर प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव गांधी जी से सम्मानपूर्वक आह्वान करता है कि उनकी शिकस्त नहीं हुई है। गांधी जी की इच्छानुसार सुभाषचंद्र बोस कार्यसमिति बनाने को तैयार नहीं हुए तथा नेहरू सहित अन्य कांग्रेस के नेताओं ने बोस के साथ कार्यसमिति में रहने से इंकार कर दिया तब बोस ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तथा कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। महायुद्ध के समय लोहिया ने युद्धभर्ती का विरोध, देशी रियासतों में आंदोलन, ब्रिटिश माल जहाजों से माल उतारने व लादने वाले मजदूरों का संगठन तथा युद्धकर्ज को मंजूर तथा अदा न करने, जैसे चार सूत्रीय मुद्दों को लेकर युद्ध विरोधी प्रचार शुरू कर दिया। 1939 के मई महीने में दक्षिण कलकता की कांग्रेस कमेटी में युद्ध विरोधी भाषण करने पर उन्हें 24 मई को गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता के चीफ प्रेसीडेन्सी मजिस्टे्रट के सामने लोहिया ने स्वयं अपने मुकदमे की पैरवी और बहस की। 14 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया गया। 9 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस समिति के बैठक [[वर्धा]] में हुई जिसमें लोहिया ने समझौते का विरोध किया। उसी समय उन्होंने '''शस्त्रों का नाश हो''' नामक प्रसिद्ध लेख लिखा। 11 मई 1940 को [[सुल्तानपुर]] के जिला सम्मेलन में लोहिया ने कांग्रेस से 'सत्याग्रह अभी नहीं' नामक लेख लिखा। गांधी जी ने मूल रूप में लोहिया द्वारा दिए गए चार सूत्रों को स्वीकार किया। 7 जून 1940 को डॉ॰ लोहिया को 11 मई को दोस्तपुर ([[सुल्तानपुर]]) में दिए गए भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। उन्हें कोतवाली में सुल्तानपुर में [[इलाहाबाद]] के स्वराज भवन से ले जाकर हथकड़ी पहनाकर रखा गया। 1 जुलाई 1940 को भारत सुरक्षा कानून की धारा 38 के तहत दो साल की सख्त सजा हुई। सजा सुनाने के बाद उन्हें 12 अगस्त को [[बरेली]] जेल भेज दिया गया। 15 जून 1940 को गांधी जी ने '[[हरिजन]]' में लिखा, कि 'मैं युद्ध को गैर कानूनी मानता हूं किन्तु युद्ध के खिलाफ मेरे पास कोई योजना नहीं है इस वास्ते मैं युद्ध से सहमत हूं।' 25 अगस्त को गांधी जी ने लिखा कि 'लोहिया और दूसरे कांग्रेस वालों की सजाएं हिन्दुस्तान को बांधने वाली जंजीर को कमजोर बनाने वाले हथौडे क़े प्रहार हैं। सरकार कांग्रेस को सिविल-नाफरमानी आरंभ करने और आखिरी प्रहार करने के लिए प्रेरित कर रही है। यद्यपि कांग्रेस उसे उस दिन तक के लिए स्थगित करना चाहती है जब तक इंग्लैंड मुसीबत में हो।' गांधी जी ने बंबई में कहा, कि 'जब तक डॉ॰ राममनोहर लोहिया जेल में है तब तक मैं खामोश नहीं बैठ सकता, उनसे ज्यादा बहादुर और सरल आदमी मुझे मालूम नहीं। उन्होंने हिंसा का प्रचार नहीं किया जो कुछ किया है उनसे उनका सम्मान बढ़ता है।' 4 दिसम्बर 1941 को अचानक लोहिया को रिहा कर दिया गया तथा देश के अन्य जेलों में बंद कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। 19 अप्रैल 1942 को हरिजन में लोहिया का लेख 'विश्वासघाती जापान या आत्मसंतुष्ट ब्रिटेन' गांधी जी द्वारा प्रकाशित किया गया। गांधी जी ने टिप्पणी की कि मेरी उम्मीद है कि सभी संबंधित इसके प्रति ध्यान देंगे। सन् 1942 में [[इलाहाबाद]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां लोहिया ने खुलकर नेहरू का विरोध किया। इसके बाद [[अल्मोड़ा]] जिला सम्मेलन में लोहिया ने 'नेहरू को झट पलटने वाला नट' कहा। गांधी जी के साथ एक सप्ताह रहकर लोहिया ने गांधी जी को वाइसराय के नाम पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। जिसमें गांधी जी ने लिखा कि अहिंसानिष्ट सोशलिस्ट डॉ॰ लोहिया ने भारतीय शहरों को बिना पुलिस व फौज के शहर घोषित करने की कल्पना निकाली है। लोहिया जी के द्वारा दुनिया की सभी सरकारों को नई दुनिया की बुनियाद बनाने की योजना की कल्पना गांधी जी के सामने रखी गई, जिसमें एक देश की दूसरे देश में जो पूंजी लगी है उसे जब्त करना, सभी लोगों को संसार में कहीं भी आने-जाने व बसने का अधिकार देना, दुनिया के सभी राष्ट्रों को राजनैतिक आजादी तथा विश्व नागरिकता की बात कही गई थी। गांधी जी ने इसे हरिजन में छापा और अपनी ओर से समर्थन भी किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ जल्दी लड़ाई छेड़ने को लेकर गांधी जी ने दस दिन रूकने के लिए लोहिया को कहा। दस दिन बाद 7 अगस्त 1942 को गांधीजी ने तीन घंटे तक भाषण देकर कहा, कि 'हम अपनी आजादी लड़कर प्राप्त करेंगे।' अगले दिन 8 अगस्त को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव बंबई में बहुमत से स्वीकृत हुआ। गांधी जी ने '''करो या मरो''' का संदेश दिया। ==== भारत छोड़ो आन्दोलन ==== 9 अगस्त १९४२ को जब गांधी जी व अन्य कांग्रेस के नेता गिरफ्तार कर लिए गए, तब लोहिया ने भूमिगत रहकर '[[भारत छोड़ो आन्दोलन|भारत छोड़ो आंदोलन]]' को पूरे देश में फैलाया। लोहिया, [[अच्युत पटवर्धन]], सादिक अली, पुरूषोत्तम टिकरम दास, मोहनलाल सक्सेना, उषा मेहता ,रामनन्दन मिश्रा, सदाशिव महादेव जोशी, साने गुरूजी, [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]], अरूणा आसिफअली, [[सुचेता कृपलानी]] और पूर्णिमा बनर्जी आदि नेताओं का केन्द्रीय संचालन मंडल बनाया गया। लोहिया पर नीति निर्धारण कर विचार देने का कार्यभार सौंपा गया। भूमिगत रहते हुए 'जंग जू आगे बढ़ो, क्रांति की तैयारी करो, आजाद राज्य कैसे बने' जैसी पुस्तिकाएं लिखीं। 20 मई 1944 को लोहिया जी को [[बंबई]] में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद [[लाहौर किला|लाहौर किले]] की एक अंधेरी कोठरी में रखा गया जहां 14 वर्ष पहले [[भगत सिंह]] को [[फांसी]] दी गई थी। पुलिस द्वारा लगातार उन्हें यातनाएँ दी गई, 15-15 दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। किसी से मिलने नहीं दिया गया 4 महीने तक ब्रुश या पेस्ट तक भी नहीं दिया गया। हर समय हथकड़ी बांधे रखी जाती थी। लाहौर के प्रसिद्ध वकील [[जीवनलाल कपूर]] द्वारा [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण]] की याचिका लगाने पर उन्हें तथा [[जयप्रकाश नारायण]] को स्टेट प्रिजनर घोषित कर दिया गया। मुकदमे के चलते सरकार को लोहिया को पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी पड़ी। पहला पत्र लोहिया ने [[ब्रिटिश लेबर पार्टी]] के अध्यक्ष प्रो॰ हेराल्ड जे. लास्की को लिखा जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 1945 में लोहिया को [[लाहौर]] से [[आगरा]] जेल भेज दिया गया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होने पर गांधी जी तथा कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। केवल लोहिया व जयप्रकाश ही जेल में थे। इसी बीच अंग्रेजों की सरकार और कांग्रेस की बीच समझौते की बातचीत शुरू हो गई। [[इंग्लैंड]] में [[लेबर पार्टी (यूके)|लेलेबर पार्टी]] की सरकार बन गई सरकार का प्रतिनिधि मंडल डॉ॰ लोहिया से आगरा जेल में मिलने आया। इस बीच लोहिया के पिता हीरालाल जी की मृत्यु हो गई। किन्तु लोहिया जी ने सरकार की कृपा पर पेरोल पर छूटने से इंकार कर दिया। ====गोवा मुक्ति आन्दोलन==== [[चित्र:Lohia Maidan.jpg|right|thumb|300px|गोवा में राममनोहर लोहिया की प्रतिमा]] 11 अप्रैल 1946 को लोहिया को आगरा जेल से रिहा कर दिया गया। 15 जून को लोहिया ने [[गोवा]] के [[पणजी|पंजिम]] में '[[भारतीय वायुसेना|गोवा मुक्ति आंदोलन]]' की पहली सभा ली। लोहिया को 18 जून को गोवा मुक्ति आंदोलन के शुरूआत के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। 14 अगस्त 1946 को 'हरिजन' में गांधी जी ने लिखा कि, लोहिया को बधाई दी जानी चाहिए। 30 दिसम्बर 1946 को [[नोवाखाली|नवाखली]] में हिन्दु और मुसलमान के बीच के अविश्वास को दूर करने में गांधी जी के साथ विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया। पूरे साल नवाखली, कलकत्ता, बिहार, दिल्ली सभी जगह लोहिया गांधी जी के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता की आग को बुझाने की कोशिश करते रहे। 9 अगस्त 1947 से लगातार हिंसा रोकने का प्रयास चलता रहा। 14 अगस्त की रात को हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई के नारों के साथ लोहिया ने सभा की। 31 अगस्त को वातावरण फिर बिगड़ गया, गांधी जी अनशन पर बैठ गए तब लोहिया ने दंगाईयों के हथियार इकट्ठे कराए। लोहिया के प्रयास से शांति समिति की स्थापना हुई तथा 4 सितम्बर को गांधी जी ने अनशन तोड़ा। 29 सितम्बर को बेलगांव में लोहिया को फिर गिरफ्तार कर लिया गया। 26, 27, 28 फ़रवरी 1947 को सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में तटस्थ रहने का निर्णय लिया गया। === स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद === जनवरी 1947 में लोहिया ने [[नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस]] को स्थापित करने तथा राणाशाही के विरुद्ध सत्याग्रह प्रारंभ करने की पहल की। 25 जनवरी 1948 को बंबई हड़ताल को लेकर लोहिया जी ने गांधी जी से हड़ताल का समर्थन मांगा। 28 जनवरी को गांधी जी ने कहा कि कल आना कल पेट भर की बात होगी। 30 जनवरी को लोहिया जब बिड़ला भवन के लिए निकले तब उन्हें गांधी जी की हत्या की खबर सुनने को मिली। मार्च 1948 में नासिक सम्मेलन में सोशलिस्ट दल ने कांग्रेस से अलग होने का निश्चय किया। लोहिया की प्रेरणा से रियासतों की समाप्ति का आंदोलन 650 रिसासतों में समाजवादी चला रहे थे। 2 जनवरी 1948 को रीवा में 'हमें चुनाव चाहिए विभाजन रद्द करो' के नारे के साथ आंदोलन किया गया जिसमें पुलिस ने गोली चलाई 4 आंदोलनकारी शहीद हुए। 1949 को सोशलिस्ट पार्टी द्वारा लोहिया के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला के आमरण अनशन तथा नेपाल में राणाशाही के अत्याचार के खिलाफ सभा की गई। नेपाली दूतावास की ओर जब जुलूस बढ़ा तब लाठी चार्ज किया गया लोहिया को गिरफ्तार किया गया। 20 जून को देश भर में लोहिया दिवस मनाया गया। मुकदमे में दो महीने की कैद हुई। 3 जुलाई को उन्हें रिहा कर दिया गया। सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसी सम्मेलन में लोहिया ने 'चौखंभा राज्य' की कल्पना प्रस्तुत की। पटना में 'हिन्द किसान पंचायत' की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष लोहिया को चुना गया। 25 नवम्बर 1949 को लखनऊ में एक लाख किसानों ने विशाल प्रदर्शन किया। 26 फ़रवरी 1950 को [[रीवा]] में 'हिन्द किसान पंचायत' का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। दिल्ली में 3 जून 1951 को जनवाणी दिवस पर प्रदर्शन किया गया। 'रोजी-रोटी कपड़ा दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो', प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा था। 14 जून 1951 को सागर स्टेशन में लोहिया को गिरफ्तार कर बेंगलूर के हवालात में बंद कर दिया गया। 3 जुलाई को लोहिया छूटे। 24 जुलाई को वे विश्व सरकार के समर्थकों के सम्मेलन में [[स्वीडन]] की राजधानी स्टॉकहोम गए 17 साल बाद वे पुन: बर्लिन पहुंचे। लोहिया इंग्लैंड, पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण पश्चिम एशिया के कई देशों में गए; [[इज़राइल|इस्रायल]] से होकर 15 नवम्बर को स्वेदश लौटे। 1951 में लोहिया को 3 जुलाई को समाजवादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बुलाया गया। सम्मेलन में जर्मनी, युगोस्लाविया, अमेरिका, हवाई, जापान, हांगकांग, थाईदेश, सिंगापुर मलाया, इंडोनेशिया तथा लंका भी गए। लोहिया विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टन से प्रिंसटन में मिले। [[अल्बर्ट आइंस्टीन|आइंस्टीन]] ने कहा, कि 'किसी मनुष्य से मिलना कितना अच्छा होता है आदमी कितना अकेला पड़ जाता है।' लोहिया ने अमरीका में सैकड़ों स्थानों पर भाषण किए। उस समय उन्होंने एशिया की समस्त सोशलिस्ट पार्टियों का संगठन निर्मित करने का विचार बनाया। 25 मार्च से 29 मार्च 1952 में एशियाई सोशलिस्ट कान्फ्रेंस हुई, लेकिन इसमें लोहिया शामिल नहीं हो सके। जयप्रकाश नरायण भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता बन कर [[यांगून|रंगून]] गए। [[चित्र:Mani Ram Bagri1.jpg|अंगूठाकार|डॉ राममनोहर लोहिया, मणि राम बागरी, मधु लिमये, एस एम जोशी]] मई 1952 में [[पचमढ़ी|पंचमढ़ी]] में सोशलिस्ट पार्टी का सम्मेलन हुआ। आम चुनाव में हार के बाद लोहिया ने चुनावों की पराजय की शव परीक्षा के बदले ठोस विचारों की ओर पार्टी को ले जाने का विचार दिया। गुजरात पार्टी सम्मेलन में इतिहास चक्र की नई व्याख्या लोहिया द्वारा प्रस्तुत की गई। 24-25 सितम्बर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की जनरल कौंसिल बैठक में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी और सोशिलिस्ट पार्टी के विलय का निर्णय लिया गया। इस तरह [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी|प्रजा सोशलिस्ट पार्टी]] का जन्म हुआ। 29 से 31 दिसम्बर 1953 को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का पहला सम्मेलन इलाहाबाद में हुआ। वहां लोहिया ने इलाहाबाद थीसिस प्रस्तुत की। लोहिया को उनके मना करने के बावजूद पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया। 13-14 मई 1954 को उत्तर प्रदेश प्रजा सोशलिस्ट पार्टी द्वारा नहर रेट की बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया गया। 4 जुलाई 1954 को फारूखाबाद में वाणी स्वतंत्रता के संघर्ष को लेकर भाषण दिए जाने के कारण गिरफ्तार किया गया। नागपुर में 26-28 नवम्बर 1954 के बीच [[केरल]] गोली कांड पर विचार करने के लिए सम्मेलन हुआ। लोहिया केरल मंत्रीमंडल से इस्तीफा मांग चुके थे। 31 दिसम्बर 1955 तथा 1 जनवरी 1956 को सोशलिस्ट पार्टी का स्थापना हुई। लखनऊ में लोहिया के नेतृत्व में एक लाख किसानों का प्रदर्शन हुआ। 1956 में लोहिया ने "मैनकाइंड" नामक पत्रिका शुरू की। सोशिलिस्ट पार्टी का प्रथम वार्षिक अधिवेशन भारत के मध्य बिंदु मध्यप्रदेश के ग्राम सिहोरा में 28, 29, 30 दिसम्बर 1956 को हुआ। 2 नवम्बर 1957 को लोहिया क्रिमनल लॉ एमेंडमेंड एक्ट की धारा 7 की तहत डाकिए से कुछ कहने पर अकारण गिरफ्तार कर लिया गया। 12 नवम्बर 1958 को लोहिया पूर्वोतर के दौरे पर निकले, जहां उन्हें दौरा करने से रोक दिया गया। एक साल बाद फिर उसी स्थान उर्वसियम ([[नेफ़ा|नेफा]]) से लोहिया ने पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 17 अप्रैल 1960 को कानुपर के सर्किट हाउस में अनाधिकृत प्रवेश करने के कारण अपराध बताकर उन्हें पुन: गिरफ्तार किया गया। 1961 में '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन]]''' के दौरान लोहिया की सभा पर मद्रास में पत्थर बरसाये गए। 1961 में लोहिया एथेंस, रोम और काहिरा गए। 1962 में चुनाव हुआ लोहिया नेहरू के विरुद्ध [[फूलपुर]] में चुनाव मैदान में उतरे। 11 नवम्बर 1962 को कलकत्ता में सभा कर लोहिया ने [[तिब्बत]] के सवाल को उठाया। 1963 के फारूखाबाद के लोकसभा उपचुनाव में लोहिया 58 हजार मतों से चुनाव जीते। लोकसभा में लोहिया की तीन आना बनाम पन्द्रह आना की बहस अत्यंत चर्चित रही, जिसमें उन्होंने 18 करोड़ आबादी के चार आने पर जिंदगी काटने तथा प्रधानमंत्री पर 25 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च करने का आरोप लगाया। 9 अगस्त 1965 को लोहिया को भारत सुरक्षा कानून के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। ; अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन लोहिया जानते थे कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में अंग्रेजी का प्रयोग आम जनता की प्रजातंत्र में शत प्रतिशत भागीदारी के रास्ते का रोड़ा है। उन्होंने इसे सामंती भाषा बताते हुए इसके प्रयोग के खतरों से बारंबार आगाह किया और बताया कि यह मजदूरों, किसानों और शारीरिक श्रम से जुड़े आम लोगों की भाषा नहीं है। उन्होंने लिखा: : '' यदि सरकारी और सार्वजनिक काम ऐसी भाषा में चलाये जाएं, जिसे देश के करोड़ों आदमी न समझ सकें, तो यह केवल एक प्रकार का जादू-टोना होगा। दुख की बात है कि लोहिया के अंग्रेजी हटाओ आंदोलन (1957) को हिंदी का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा गया, जबकि लोहिया ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अंग्रेजी हटाओ का अर्थ हिंदी लाओ कदापि नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति और उनके प्रयोग की खुल कर वकालत की। उनके अनुसार अंग्रेजी हटाओ का अर्थ 'मातृभाषा लाओ' था। भारतीय राजनीति का बेबाक और बिंदास चेहरा रहे राममनोहर लोहिया ने ५० के दशक में ही भांप लिया था। उन्होंने लोकसभा में बल देकर अपनी बात रखते हुए कहा था: :'' अंग्रेजी को खत्म कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि अंग्रेजी का सार्वजनिक प्रयोग बंद हो, लोकभाषा के बिना लोक राज्य असंभव है। कुछ भी हो अंग्रेजी हटनी ही चाहिये, उसकी जगह कौन सी भाषाएं आती हैं यह प्रश्न नहीं है। हिन्दी और किसी भाषा के साथ आपके मन में जो आए सो करें, लेकिन अंग्रेजी तो हटना ही चाहिये और वह भी जल्दी। अंग्रेज गये तो अंग्रेजी चली जानी चाहिये। === देहावसान === 30 सितम्बर 1967 को लोहिया को नई दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल अब जिसे लोहिया अस्पताल कहा जाता है को पौरूष ग्रंथि के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया जहां 12 अक्टूबर 1967 को उनका देहांत 57 वर्ष की आयु में हो गया। परिवार = परिवार में उनके पुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया हैं जो उन्हीं के रूप में उनके सिद्धांतों ,विचारों और उनके त्याग के बताए हुए रास्तों को अपनाकर सादगी पूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं।। डॉ. राम मनोहर लोहिया के सुपुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया गोवा के अधिकारिक कार्यक्रम गोवा क्रांति दिवस पर <ref>{{cite news |title=CM underscores need to bring about revolution in tech, research, startups |url=https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html |work=The Goan |date=19 June 2023}}</ref> == गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी == देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे। == जैसी कथनी वैसी करनी == लोहिया के समाजवादी आंदोलन की संकल्पना के मूल में अनिवार्यत: विचार और कर्म की उभय उपस्थिति थी- जिसके मूर्तिमंत स्वरूप स्वयं डॉ॰ लोहिया थे और आजन्म उन्होंने ‘कर्म और विचार’ की इस संयुक्ति को अपने आचरण से जीवन्त उदाहरण भी प्रस्तत किया। अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम व्यक्तित्वों की भांति लोहिया प्रभावित भी थे। वे जेल भी गए और ऐसी यातनाएं भी सहीं। आजादी से पूर्व ही कांग्रेस के भीतर उनका सोशलिस्ट ग्रुप था, लेकिन पंद्रह अगस्त सैंतालिस को अंग्रेजों से मुक्ति पाने पर वे उल्लसित तो थे लेकिन विभाजन की कीमत पर पाई गई इस स्वतंत्रता के कारण नेहरू और नेहरू की कांग्रेस से उनका रास्ता हमेशा के लिए अलग हो गया। स्वतंत्रता के नाम पर सत्ता की लिप्सा का यह खुला खेल लोहिया ने अपनी नंगी आंखों से देखा था और इसीलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनमें इतना रोष और क्षोभ था कि उन्हें धुर दक्षिणपंथी और वामपंथियों दोनों को साथ लेना भी उन्हें बेहतर विकल्प ही प्रतीत हुआ। == मौलिक एवं ठेठ देसी चिन्तक == स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के राजनेताओं में लोहिया मौलिक विचारक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 मार्च 2009 |archive-date=14 नवंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061114085226/http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |url-status=dead }}</ref> लोहिया के मन में भारतीय गणतंत्र को लेकर ठेठ देसी सोच थी। अपने इतिहास, अपनी भाषा के सन्दर्भ में वे कतई पश्चिम से कोई सिद्धांत उधार लेकर व्याख्या करने को राजी नहीं थे। सन् 1932 में जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में देश से अंग्रेजी हटाने का जो आह्वान किया। '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]]''' की गणना अब तक के कुछ इने गिने आंदोलनों में की जा सकती है। उनके लिए स्वभाषा राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि अपने स्वाभिमान का प्रश्न और लाखों–करोडों को हीन ग्रंथि से उबरकर आत्मविश्वास से भर देने का स्वप्न था– ‘‘मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान के साधारण लोग अपने अंग्रेजी के अज्ञान पर लजाएं नहीं, बल्कि गर्व करें। इस सामंती भाषा को उन्हीं के लिए छोड़ दें जिनके मां बाप अगर शरीर से नहीं तो आत्मा से अंग्रेज रहे हैं।’’ हलांकि लोहिया भी [[जर्मनी]] यानी विदेश से पढा़ई कर के आए थे, लेकिन उन्हें उन प्रतीकों का अहसास था जिनसे इस देश की पहचान है। [[महाशिवरात्रि|शिवरात्रि]] पर चित्रकूट में '''[[रामायण मेला]]''' उन्हीं की संकल्पना थी, जो सौभाग्य से अभी तक अनवरत चला आ रहा है। आज भी जब चित्रकूट के उस मेले में हजारों भारतवासियों की भीड़ स्वयमेव जुटती है तो लगता है कि ये ही हैं जिनकी चिंता लोहिया को थी, लेकिन आज इनकी चिंता करने के लिए लोहिया के लोग कहां हैं? == राजनीतिक शुचिता के पक्षधर == लोहिया ही थे जो राजनीति की गंदी गली में भी शुद्ध आचरण की बात करते थे। वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस सरकार के शासन में आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। ध्यान रहे स्वाधीन भारत में किसी भी राज्य में यह पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी– ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में तब सफाई और भलाई आएगी जब किसी पार्टी के खराब काम की निंदा उसी पार्टी के लोग करें।....और मै यह याद दिला दूं कि मुझे यह कहने का हक है कि हम ही हिंदुस्तान में एक राजनीतिक पार्टी हैं जिन्होंने अपनी सरकार की भी निंदा की थी और सिर्फ निंदा ही नहीं की बल्कि एक मायने में उसको इतना तंग किया कि उसे हट जाना पडा़। == कर्मवीर == लोहिया जी केवल चिन्तक ही नहीं, एक कर्मवीर भी थे। उन्होने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सन १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के समय [[उषा मेहता]] के साथ मिलकर उन्होने गुप्त रेडियो स्टेशन चलाया। १८ जून १९४६ को [[गोवा|गोआ]] को पुर्तगालियों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाने के लिये उन्होने आन्दोलन आरम्भ किया। अंग्रेजी को भारत से हटाने के लिये उन्होने [[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]] चलाया। == सप्त क्रान्तियाँ == लोहिया अनेक सिद्धान्तों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक हैं। वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे। उन्होंने एक साथ '''सात क्रांतियों''' का आह्वान किया। वे सात क्रान्तियां थी ये थीं- *(१) नर-नारी की समानता के लिए क्रान्ति, *(२) चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ क्रान्ति, *(३) संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए क्रान्ति, *(४) परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए क्रान्ति, *(५) निजी पूँजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए क्रान्ति, *(६) निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए क्रान्ति, *(७) अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिये क्रान्ति। इन सात क्रांतियों के सम्बन्ध में लोहिया ने कहा- : ''मोटे तौर से ये हैं सात क्रांन्तियाँ। सातों क्रांतियां संसार में एक साथ चल रही हैं। अपने देश में भी उनको एक साथ चलाने की कोशिश करना चाहिए। जितने लोगों को भी क्रांति पकड़ में आयी हो उसके पीछे पड़ जाना चाहिए और बढ़ाना चाहिए। बढ़ाते-बढ़ाते शायद ऐसा संयोग हो जाये कि आज का इन्सान सब नाइन्साफियों के खिलाफ लड़ता-जूझता ऐसे समाज और ऐसी दुनिया को बना पाये कि जिसमें आन्तरिक शांति और बाहरी या भौतिक भरा-पूरा समाज बन पाये।''<ref>{{Cite web |url=http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |title=लोहिया के विचार |access-date=16 अक्तूबर 2016 |archive-date=3 मार्च 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170303035145/http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |url-status=dead }}</ref><ref>[https://www.wattpad.com/2897374-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/page/134 डॉ लोहिया की सप्तक्रांति के उद्देश्य]</ref> == भारत-विभाजन पर लोहिया के विचार == उस समय की तमाम ऐसी घटनाओं और स्थितियों का जिनके प्रति एक आम भारतीय नागरिक के मन में बहुत स्पष्ट और तार्किक व्याख्या नहीं है, लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘गिल्टी मैन एंड इंडियाज पार्टीशन’ (भारत विभाजन के गुनहगार) में परत दर परत रहस्यों को खोला है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि उस समय के पूरे आंखों देखे इतिहास को ही नहीं, बल्कि उसके एक सक्रिय, जीवंत पात्र रहे लोहिया की बातों को आजाद भारत में सत्तारूढ़ दल द्वारा एक विपक्षी नेता की ‘खीझ’ से ज्यादा नहीं समझने दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि सत्ता हस्तांतरण के खेल की असलियत संग्रहालयों में दफन दस्तावेजों से ज्यादा लोहिया जैसे नेताओं को भी मालूम थी जिसे होते हुए उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। == लेखन == [[Image:Ram Manohar Lohia 1997 stamp of India.jpg|right|thumb|300px|१९९७ में भारत सरकार ने लोहिया की स्मृति में डाकटिकट निकाला]] डॉ राममनोहर लोहिया ने अनेकों विषयों पर अपने विचार लेख एवं पुस्तकों के रूप में प्रकाशित कीं। उनकी कुछ रचनाएँ हैं- * अंग्रेजी हटाओ * इतिहास चक्र * देश, विदेश नीति-कुछ पहलू * धर्म पर एक दृष्टि * भारतीय शिल्प * भारत विभाजन के गुनहगार * मार्क्सवाद और समाजवाद * राग, जिम्मेदारी की भावना, अनुपात की समझ * समलक्ष्य, समबोध * समदृष्टि * सच, कर्म, प्रतिकार और चरित्र निर्माण आह्‌वान * समाजवादी चिंतन * संसदीय आचरण * संपूर्ण और संभव बराबरी और दूसरे भाषण * हिंदू बनाम हिंदू ; अंग्रेजी में * ''The Caste System'': Hyderabad, Navahind [1964] 147 p. * ''Foreign Policy'': Aligarh, P.C. Dwadash Shreni, [1963?] 381 p. * ''Fragments of World Mind'': Maitrayani Publishers & Booksellers ; Allahabad [1949] 262 p. * ''Fundamentals of a World Mind'': ed. by K.S. Karanth. Bombay, Sindhu Publications, [1987] 130 p. * ''Guilty Men of India’s Partition'': Lohia Samata Vidyalaya Nyas, Publication Dept.,[1970] 103 p. * ''India, China, and Northern Frontiers'': Hyderabad, Navahind [1963] 272 p. * ''Interval During Politics'': Hyderabad, Navahind [1965] 197 p. * ''Marx, Gandhi and Socialism'': Hyderabad, Navahind [1963] 550 p. * ''Collected Works of Dr Lohia'' समाजवादी लेखक डॉ मस्तराम कपूर द्वारा ९ भागों में सम्पादित। ==स्मारक== * अवध विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "[[डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय]]" रखा गया है। * उनके नाम पर भारत के एक प्रमुख विधि स्कूल का नाम [[डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय]], [[लखनऊ]] रखा गया है। * [[पणजी]] के '१८ जून रोड' का नाम डॉ राममनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया है। १८ जून १९४६ को इसी जगह से उन्होने पुर्तगाली शासन के विरुद्ध आन्दोलन आरम्भ किया था। * सन १९७० में दिल्ली के 'विल्लिंगडन हॉस्पिटल' का नाम बदलकर [[राम मनोहर लोहिया अस्पताल]] कर दिया गया। इसी अस्पताल में उन्होने अन्तिम सांस ली थी। * [[लखनऊ]] में [[डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान]] उनके नाम पर ही है। * उनके गृहनगर अकबरपुर में उनके नाम पर एक सामुदायिक भवन बना है, जिसका नाम "डॉ राममनोहर लोहिया भवन" रखा गया है। * [[कर्नाटक]] के [[बल्लारी]] में उनके नाम से "लोहिया प्रकाशन" नामक एक प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान था। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हे भी देखें == * [[जयप्रकाश नारायण]] * [[सप्तक्रांति]] * [[रामायण मेला]] == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote|राममनोहर लोहिया}} * [http://www.socialistpartyindia.blogspot.com/2017/09/blog-post_10.html हिन्दी के सरलीकरण की नीति] हिन्दी शब्द सृजन आदि से सम्बन्धित लोहिया के विचार) * [http://www.lohiavani.com/Default.aspx लोहियावाणी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161019014248/http://www.lohiavani.com/Default.aspx |date=19 अक्तूबर 2016 }} * [http://lohiaphotos.blogspot.com तस्‍वीरों में लोहिया] * [http://issbaar.blogspot.com/2011/02/blog-post_7794.html सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत : लोहिया] (संस्कृति, समाज और भाषा के अन्तःसम्बन्धों की पड़ताल) * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/hindu-banam-hindu.pdf हिन्दू बनाम हिन्दू : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/ram-krishnashiv.pdf राम, कृष्ण और शिव : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/krishna.pdf कृष्ण : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/econ_after_lohia1.pdf अर्थशास्त्र : मार्क्स, लोहिया से आगे /सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/audyogikaran_ka_andhavishvas.pdf औद्योगीकरण का अंधविश्वास : सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/shiksha-sawal-jawab1.pdf शिक्षा पर सवाल जवाब ] * [http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml गांधी-लोहिया का पुनर्पाठ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101021060027/http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml |date=21 अक्तूबर 2010 }} * [http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm लोहिया : एक असमाप्त जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927003229/http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm |date=27 सितंबर 2007 }} * [http://kashivishvavidyalay.wordpress.com/2007/04/24/lohiaramkrishnashiv-2/ लोहिया : मर्यादित, उन्मुक्त और असीमित व्यक्तित्व (२)] * [http://www.indiannationalism.org/pdf/Dr._Rammanohar_Lohiya.pdf गंगा तीरे, सरयू तीरे]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (राममनोहर लोहिया पर विशेष) * [http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 तो इतिहास कुछ और होता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110920031542/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 |date=20 सितंबर 2011 }} (भारतीय पक्ष) * [http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html लोहिया के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305120324/http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html |date=5 मार्च 2016 }} * [http://aarambha.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html स्वर्गीय लोहिया साहब : रामधारी सिंह 'दिनकर'] * [http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2004/04/040415_socialists_ideology.shtml समाजवादी विचारधारा आज कहाँ है ?] (बीबीसी हिन्दी) * [http://books.google.co.in/books?id=sctwuur-nmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false लोहिया के विचार] (गूगल पुस्तक) * [http://books.google.co.in/books?id=n2VV7CQ8Jc4C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false ना रहूँ किसी का दस्तनिगर : मेरा सफरनामा] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैप्टेन अब्बास अली) * [http://www.pravakta.com/?p=8190 यह लोहिया की सदी हो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100325102121/http://www.pravakta.com/?p=8190 |date=25 मार्च 2010 }} (वेदप्रताप वैदिक) * [http://kiransnm.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html लोहिया नें संसद को बनाया लोक सदन] (किरन माहेश्वरी) * [http://www.pravakta.com/?p=8211 डॉ॰ लोहिया का इतिहास चिंतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100326212816/http://www.pravakta.com/?p=8211 |date=26 मार्च 2010 }} – डॉ॰ मनोज चतुर्वेदी * [http://www.nafanuksan.com/DetailNews.aspx?newsid=2538&status=other डॉ॰ लोहिया और सप्त क्रान्ति]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 लोहिया के बिना साहित्य का इतिहास अधूरा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110912200346/http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 |date=12 सितंबर 2011 }} - नामवर सिंह * [http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 लोहिया का अंगरेजी विरोध] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110911141922/http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 |date=11 सितंबर 2011 }} (गंगा सहाय मीणा) * [http://bharatkenayak.blogspot.com/2011/04/blog-post_16.html समाजवादी नायक : श्री राम मनोहर लोहिया] * [http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 अप्रासंगिक हुआ लोहिया का गैर-कांग्रेसवाद?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140201162827/http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 |date=1 फ़रवरी 2014 }} (प्रभासाक्षी) [[श्रेणी:1910 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९६७ में निधन]] 2okv0szgnu8xxoq9j5jpe6y93hxaxc1 6582771 6582770 2026-07-15T06:14:08Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* देहावसान */ 6582771 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राममनोहर लोहिया | image = Ram Manohar Lohia 1977 stamp of India.jpg | image_size = | alt = | caption = १९७७ के एक डाकटिकट पर लोहिया | birth_date = {{birth date|df=yes|1910|03|23}} | birth_place = [[अकबरपुर, अंबेडकर नगर|अकबरपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] | death_date = {{death date and age|df=yes|1967|10|12|1910|03|23}} | death_place = [[नयी दिल्ली]] | death_cause = | resting_place = | resting_place_coordinates = | nationality = Indian | other_names = | movement = [[भारत छोड़ो आन्दोलन]]<br>[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] | education = | alma_mater = [[कोलकाता विश्वविद्यालय]] (बीए)<br>[[हम्बोल्ट विश्वविद्यालय]], [[बर्लिन]] ([[पीएच डी]]) | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]<br>[[प्रजा समाजवादी पार्टी]]<br>[[संयुक्त समाजवादी दल]] | religion = | spouse = | children = | parents = | awards = | signature = | footnotes = | website = {{URL|www.lohiatoday.com}} }} '''डॉ॰ राममनोहर लोहिया''' (जन्म - [[२३ मार्च]], [[१९१०]] - मृत्यु - [[१२ अक्तूबर|१२ अक्टूबर]], [[१९६७|१९६७]]) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा [[समाजवाद|समाजवादी]] राजनेता थे। == जीवनवृत्त == === आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा === डॉ॰ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या जिला|अयोध्या]] जनपद में वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद नामक स्थान में हुआ था। उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे। ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी (चन्दा देवी) का देहान्त हो गया।। उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला। टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए। उनके पिताजी [[महात्मा गांधी|गाँधीजी]] के अनुयायी थे। जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे। इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। पिताजी के साथ 1918 में [[अहमदाबाद]] कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार शामिल हुए। [[बंबई]] के मारवाड़ी स्कूल में पढ़ाई की। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य गंगाधर तिलक]] की मृत्यु के दिन विद्यालय के लड़कों के साथ 1920 में पहली अगस्त को हड़ताल की। गांधी जी की पुकार पर 10 वर्ष की आयु में स्कूल त्याग दिया। पिताजी को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के आंदोलन के चलते सजा हुई। 1921 में फैजाबाद किसान आंदोलन के दौरान [[जवाहरलाल नेहरू]] से मुलाकात हुई। 1924 में प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस के [[गया]] अधिवेशन में शामिल हुए। 1925 में मैट्रिक की परीक्षा दी। कक्षा में 61 प्रतिशत नंबर लाकर प्रथम आए। इंटर की दो वर्ष की पढ़ाई [[वाराणसी|बनारस]] के [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी विश्वविद्यालय]] में हुई। कॉलेज के दिनों से ही [[खादी|खद्दर्]] पहनना शुरू कर दिया। 1926 में पिताजी के साथ [[गुवाहाटी|गौहाटी]] कांग्रेस अधिवेशन में गए। 1927 में इंटर पास किया तथा आगे की पढ़ाई के लिए [[कोलकाता|कलकत्ता]] जाकर ताराचंद दत्त स्ट्रीट पर स्थित पोद्दार छात्र हॉस्टल में रहने लगे। विद्यासागर कॉलेज में दाखिला लिया। अखिल बंग विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाषचंद्र बोस]] के न पहुंचने पर उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 1928 में कलकता में कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। 1928 से अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन में सक्रिय हुए। [[साइमन कमीशन|साइमन कमिशन]] के बहिष्कार के लिए छात्रों के साथ आंदोलन किया। कलकत्ता में युवकों के सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष तथा सुभाषचंद्र बोस और लोहिया विषय निर्वाचन समिति के सदस्य चुने गए। 1930 में द्वितीय श्रेणी में बीए की परीक्षा पास की। =परिवार= परिवार में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया हैं जो अपने परिवार के साथ उनके विचारों, सिद्धांतों उनकी सादगी व त्याग के बताए हुए रास्ते पर चलकर सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्य में संलग्न है ।। गोवा के ऐतिहासिक लोहिया मैदान मडगांव के आधिकारिक तय सरकारी कार्यक्रम में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया और उनके परिवार की उपस्थिति गोवा के प्रसिद्ध न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार.. https://www.republicworld.com/india-news/general-news/goa-would-have-been-liberated-earlier-had-sardar-patel-been-alive-union-min-rajeev-chandrasekhar-articleshow.html === यूरोप प्रवास === 1930 जुलाई को लोहिया अग्रवाल समाज के कोष से पढ़ाई के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] रवाना हुए। वहाँ से वे [[बर्लिन]] गए। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो॰ बर्नर जेम्बार्ट को अपना प्राध्यापक चुना। 3 महीने में [[जर्मन भाषा]] सीखी। 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने [[दांडी मार्च|दाण्डी यात्रा]] प्रारंभ की। जब नमक कानून तोड़ा गया तब पुलिस अत्याचार से पीड़ित होकर पिता हीरालाल जी ने लोहिया को विस्तृत पत्र लिखा। 23 मार्च को [[लाहौर]] में [[भगत सिंह]] को फांसी दिए जाने के विरोध में [[राष्ट्र संघ|लीग ऑफ नेशन्स]] की बैठक में बर्लिन में पहुंचकर सीटी बजाकर दर्शक दीर्घा से विरोध प्रकट किया। सभागृह से उन्हें निकाल दिया गया। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे [[बीकानेर]] के महाराजा द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर लोहिया ने [[रोमानिया|रूमानिया]] की प्रतिनिधि को खुली चिट्ठी लिखकर उसे अखबारों में छपवाकर उसकी कॉपी बैठक में बंटवाई। [[गांधी-इरविन समझौता|गांधी इर्विन समझौते]] का लोहिया ने [[प्रवासी भारतीय]] विद्यार्थियों की संस्था "मध्य यूरोप हिन्दुस्तानी संघ" की बैठक में संस्था के मंत्री के तौर पर समर्थन किया। [[साम्यवाद|कम्युनिस्टों]] ने विरोध किया। बर्लिन के स्पोटर्स पैलेस में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का भाषण सुना। 1932 में लोहिया ने [[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]] विषय पर अपना [[शोध-प्रबन्ध|शोध प्रबंध]] पूरा कर [[हम्बोल्ट बर्लिन विश्वविद्यालय|बर्लिन विश्वविद्यालय]] से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। === स्वदेश आगमन एवं स्वतंत्रता संग्राम === 1933 में मद्रास पहुंचे। रास्ते में सामान जब्त कर लिया गया। तब समुद्री जहाज से उतरकर [[द हिन्दू|हिन्दु]] अखबार के दफ्तर पहुंचकर दो लेख लिखकर 25 रुपया प्राप्त कर कलकत्ता गए। कलकत्ता से बनारस जाकर [[मदनमोहन मालवीय|मालवीय जी]] से मुलाकात की। उन्होंने रामेश्वर दास बिड़ला से मुलाकात कराई जिन्होंने नौकरी का प्रस्ताव दिया, लेकिन दो हफ्ते साथ रहने के बाद लोहिया ने निजी सचिव बनने से इनकार कर दिया। तब पिता जी के मित्र सेठ [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] लोहिया को गांधी जी के पास ले गए तथा उनसे कहा कि ये लड़का राजनीति करना चाहता है। कुछ दिन तक [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] के साथ रहने के बाद शादी का प्रस्ताव मिलने पर शहर छोड़कर वापस कलकत्ता चले गए। विश्व राजनीति के आगामी 10 वर्ष विषय पर [[ढाका विश्वविद्यालय]] में व्याख्यान देकर कलकत्ता आने-जाने की राशि जुटाई। [[पटना]] में 17 मई 1934 को [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्र देव]] की अध्यक्षता में देश के समाजवादी अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में इकट्ठे हुए, जहां [[समाजवादी पार्टी]] की स्थापना का निर्णय लिया गया। यहां लोहिया ने समाजवादी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी के उद्देश्यों में लोहिया ने पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य जोड़ने का संशोधन पेश किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। 21-22 अक्टूबर 1934 को बम्बई के बर्लि स्थित 'रेडिमनी टेरेस' में 150 समाजवादियों ने इकट्ठा होकर [[कांग्रेस समाजवादी दल|कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी]] की स्थापना की। लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। कांग्रेस सोशलिस्ट सप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बनाए गए। गांधी जी के विरोध में जाकर उन्होंने कांउसिल प्रवेश का विरोध किया। गांधी जी ने लोहिया के लेख पर दो पत्र लिखे। 1936 के [[मेरठ]] अधिवेशन में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के लिए पार्टी का दरवाजा खोल दिया। लोहिया बार-बार कम्युनिस्टों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी [[जयप्रकाश नारायण]] जी एवं अन्य नेताओं को देते रहे। 1935 में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में [[लखनऊ]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जहां लोहिया को परराष्ट्र विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया जिसके चलते उन्हें [[इलाहाबाद]] आना पड़ा। 1938 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी में लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के परराष्ट्र विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1940 में रामगढ़ कांग्रेस के कम्युनिस्टों को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया गया। 1939 में त्रिपुरी कांग्रेस में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] को समाजवादियों ने समर्थन किया। डॉ॰ लोहिया तटस्थ बने रहे। लोहिया ने गांधी जी द्वारा यह कहे जाने पर की बोस का चुनाव मेरी शिकस्त है पर प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव गांधी जी से सम्मानपूर्वक आह्वान करता है कि उनकी शिकस्त नहीं हुई है। गांधी जी की इच्छानुसार सुभाषचंद्र बोस कार्यसमिति बनाने को तैयार नहीं हुए तथा नेहरू सहित अन्य कांग्रेस के नेताओं ने बोस के साथ कार्यसमिति में रहने से इंकार कर दिया तब बोस ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तथा कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। महायुद्ध के समय लोहिया ने युद्धभर्ती का विरोध, देशी रियासतों में आंदोलन, ब्रिटिश माल जहाजों से माल उतारने व लादने वाले मजदूरों का संगठन तथा युद्धकर्ज को मंजूर तथा अदा न करने, जैसे चार सूत्रीय मुद्दों को लेकर युद्ध विरोधी प्रचार शुरू कर दिया। 1939 के मई महीने में दक्षिण कलकता की कांग्रेस कमेटी में युद्ध विरोधी भाषण करने पर उन्हें 24 मई को गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता के चीफ प्रेसीडेन्सी मजिस्टे्रट के सामने लोहिया ने स्वयं अपने मुकदमे की पैरवी और बहस की। 14 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया गया। 9 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस समिति के बैठक [[वर्धा]] में हुई जिसमें लोहिया ने समझौते का विरोध किया। उसी समय उन्होंने '''शस्त्रों का नाश हो''' नामक प्रसिद्ध लेख लिखा। 11 मई 1940 को [[सुल्तानपुर]] के जिला सम्मेलन में लोहिया ने कांग्रेस से 'सत्याग्रह अभी नहीं' नामक लेख लिखा। गांधी जी ने मूल रूप में लोहिया द्वारा दिए गए चार सूत्रों को स्वीकार किया। 7 जून 1940 को डॉ॰ लोहिया को 11 मई को दोस्तपुर ([[सुल्तानपुर]]) में दिए गए भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। उन्हें कोतवाली में सुल्तानपुर में [[इलाहाबाद]] के स्वराज भवन से ले जाकर हथकड़ी पहनाकर रखा गया। 1 जुलाई 1940 को भारत सुरक्षा कानून की धारा 38 के तहत दो साल की सख्त सजा हुई। सजा सुनाने के बाद उन्हें 12 अगस्त को [[बरेली]] जेल भेज दिया गया। 15 जून 1940 को गांधी जी ने '[[हरिजन]]' में लिखा, कि 'मैं युद्ध को गैर कानूनी मानता हूं किन्तु युद्ध के खिलाफ मेरे पास कोई योजना नहीं है इस वास्ते मैं युद्ध से सहमत हूं।' 25 अगस्त को गांधी जी ने लिखा कि 'लोहिया और दूसरे कांग्रेस वालों की सजाएं हिन्दुस्तान को बांधने वाली जंजीर को कमजोर बनाने वाले हथौडे क़े प्रहार हैं। सरकार कांग्रेस को सिविल-नाफरमानी आरंभ करने और आखिरी प्रहार करने के लिए प्रेरित कर रही है। यद्यपि कांग्रेस उसे उस दिन तक के लिए स्थगित करना चाहती है जब तक इंग्लैंड मुसीबत में हो।' गांधी जी ने बंबई में कहा, कि 'जब तक डॉ॰ राममनोहर लोहिया जेल में है तब तक मैं खामोश नहीं बैठ सकता, उनसे ज्यादा बहादुर और सरल आदमी मुझे मालूम नहीं। उन्होंने हिंसा का प्रचार नहीं किया जो कुछ किया है उनसे उनका सम्मान बढ़ता है।' 4 दिसम्बर 1941 को अचानक लोहिया को रिहा कर दिया गया तथा देश के अन्य जेलों में बंद कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। 19 अप्रैल 1942 को हरिजन में लोहिया का लेख 'विश्वासघाती जापान या आत्मसंतुष्ट ब्रिटेन' गांधी जी द्वारा प्रकाशित किया गया। गांधी जी ने टिप्पणी की कि मेरी उम्मीद है कि सभी संबंधित इसके प्रति ध्यान देंगे। सन् 1942 में [[इलाहाबाद]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां लोहिया ने खुलकर नेहरू का विरोध किया। इसके बाद [[अल्मोड़ा]] जिला सम्मेलन में लोहिया ने 'नेहरू को झट पलटने वाला नट' कहा। गांधी जी के साथ एक सप्ताह रहकर लोहिया ने गांधी जी को वाइसराय के नाम पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। जिसमें गांधी जी ने लिखा कि अहिंसानिष्ट सोशलिस्ट डॉ॰ लोहिया ने भारतीय शहरों को बिना पुलिस व फौज के शहर घोषित करने की कल्पना निकाली है। लोहिया जी के द्वारा दुनिया की सभी सरकारों को नई दुनिया की बुनियाद बनाने की योजना की कल्पना गांधी जी के सामने रखी गई, जिसमें एक देश की दूसरे देश में जो पूंजी लगी है उसे जब्त करना, सभी लोगों को संसार में कहीं भी आने-जाने व बसने का अधिकार देना, दुनिया के सभी राष्ट्रों को राजनैतिक आजादी तथा विश्व नागरिकता की बात कही गई थी। गांधी जी ने इसे हरिजन में छापा और अपनी ओर से समर्थन भी किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ जल्दी लड़ाई छेड़ने को लेकर गांधी जी ने दस दिन रूकने के लिए लोहिया को कहा। दस दिन बाद 7 अगस्त 1942 को गांधीजी ने तीन घंटे तक भाषण देकर कहा, कि 'हम अपनी आजादी लड़कर प्राप्त करेंगे।' अगले दिन 8 अगस्त को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव बंबई में बहुमत से स्वीकृत हुआ। गांधी जी ने '''करो या मरो''' का संदेश दिया। ==== भारत छोड़ो आन्दोलन ==== 9 अगस्त १९४२ को जब गांधी जी व अन्य कांग्रेस के नेता गिरफ्तार कर लिए गए, तब लोहिया ने भूमिगत रहकर '[[भारत छोड़ो आन्दोलन|भारत छोड़ो आंदोलन]]' को पूरे देश में फैलाया। लोहिया, [[अच्युत पटवर्धन]], सादिक अली, पुरूषोत्तम टिकरम दास, मोहनलाल सक्सेना, उषा मेहता ,रामनन्दन मिश्रा, सदाशिव महादेव जोशी, साने गुरूजी, [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]], अरूणा आसिफअली, [[सुचेता कृपलानी]] और पूर्णिमा बनर्जी आदि नेताओं का केन्द्रीय संचालन मंडल बनाया गया। लोहिया पर नीति निर्धारण कर विचार देने का कार्यभार सौंपा गया। भूमिगत रहते हुए 'जंग जू आगे बढ़ो, क्रांति की तैयारी करो, आजाद राज्य कैसे बने' जैसी पुस्तिकाएं लिखीं। 20 मई 1944 को लोहिया जी को [[बंबई]] में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद [[लाहौर किला|लाहौर किले]] की एक अंधेरी कोठरी में रखा गया जहां 14 वर्ष पहले [[भगत सिंह]] को [[फांसी]] दी गई थी। पुलिस द्वारा लगातार उन्हें यातनाएँ दी गई, 15-15 दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। किसी से मिलने नहीं दिया गया 4 महीने तक ब्रुश या पेस्ट तक भी नहीं दिया गया। हर समय हथकड़ी बांधे रखी जाती थी। लाहौर के प्रसिद्ध वकील [[जीवनलाल कपूर]] द्वारा [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण]] की याचिका लगाने पर उन्हें तथा [[जयप्रकाश नारायण]] को स्टेट प्रिजनर घोषित कर दिया गया। मुकदमे के चलते सरकार को लोहिया को पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी पड़ी। पहला पत्र लोहिया ने [[ब्रिटिश लेबर पार्टी]] के अध्यक्ष प्रो॰ हेराल्ड जे. लास्की को लिखा जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 1945 में लोहिया को [[लाहौर]] से [[आगरा]] जेल भेज दिया गया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होने पर गांधी जी तथा कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। केवल लोहिया व जयप्रकाश ही जेल में थे। इसी बीच अंग्रेजों की सरकार और कांग्रेस की बीच समझौते की बातचीत शुरू हो गई। [[इंग्लैंड]] में [[लेबर पार्टी (यूके)|लेलेबर पार्टी]] की सरकार बन गई सरकार का प्रतिनिधि मंडल डॉ॰ लोहिया से आगरा जेल में मिलने आया। इस बीच लोहिया के पिता हीरालाल जी की मृत्यु हो गई। किन्तु लोहिया जी ने सरकार की कृपा पर पेरोल पर छूटने से इंकार कर दिया। ====गोवा मुक्ति आन्दोलन==== [[चित्र:Lohia Maidan.jpg|right|thumb|300px|गोवा में राममनोहर लोहिया की प्रतिमा]] 11 अप्रैल 1946 को लोहिया को आगरा जेल से रिहा कर दिया गया। 15 जून को लोहिया ने [[गोवा]] के [[पणजी|पंजिम]] में '[[भारतीय वायुसेना|गोवा मुक्ति आंदोलन]]' की पहली सभा ली। लोहिया को 18 जून को गोवा मुक्ति आंदोलन के शुरूआत के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। 14 अगस्त 1946 को 'हरिजन' में गांधी जी ने लिखा कि, लोहिया को बधाई दी जानी चाहिए। 30 दिसम्बर 1946 को [[नोवाखाली|नवाखली]] में हिन्दु और मुसलमान के बीच के अविश्वास को दूर करने में गांधी जी के साथ विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया। पूरे साल नवाखली, कलकत्ता, बिहार, दिल्ली सभी जगह लोहिया गांधी जी के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता की आग को बुझाने की कोशिश करते रहे। 9 अगस्त 1947 से लगातार हिंसा रोकने का प्रयास चलता रहा। 14 अगस्त की रात को हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई के नारों के साथ लोहिया ने सभा की। 31 अगस्त को वातावरण फिर बिगड़ गया, गांधी जी अनशन पर बैठ गए तब लोहिया ने दंगाईयों के हथियार इकट्ठे कराए। लोहिया के प्रयास से शांति समिति की स्थापना हुई तथा 4 सितम्बर को गांधी जी ने अनशन तोड़ा। 29 सितम्बर को बेलगांव में लोहिया को फिर गिरफ्तार कर लिया गया। 26, 27, 28 फ़रवरी 1947 को सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में तटस्थ रहने का निर्णय लिया गया। === स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद === जनवरी 1947 में लोहिया ने [[नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस]] को स्थापित करने तथा राणाशाही के विरुद्ध सत्याग्रह प्रारंभ करने की पहल की। 25 जनवरी 1948 को बंबई हड़ताल को लेकर लोहिया जी ने गांधी जी से हड़ताल का समर्थन मांगा। 28 जनवरी को गांधी जी ने कहा कि कल आना कल पेट भर की बात होगी। 30 जनवरी को लोहिया जब बिड़ला भवन के लिए निकले तब उन्हें गांधी जी की हत्या की खबर सुनने को मिली। मार्च 1948 में नासिक सम्मेलन में सोशलिस्ट दल ने कांग्रेस से अलग होने का निश्चय किया। लोहिया की प्रेरणा से रियासतों की समाप्ति का आंदोलन 650 रिसासतों में समाजवादी चला रहे थे। 2 जनवरी 1948 को रीवा में 'हमें चुनाव चाहिए विभाजन रद्द करो' के नारे के साथ आंदोलन किया गया जिसमें पुलिस ने गोली चलाई 4 आंदोलनकारी शहीद हुए। 1949 को सोशलिस्ट पार्टी द्वारा लोहिया के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला के आमरण अनशन तथा नेपाल में राणाशाही के अत्याचार के खिलाफ सभा की गई। नेपाली दूतावास की ओर जब जुलूस बढ़ा तब लाठी चार्ज किया गया लोहिया को गिरफ्तार किया गया। 20 जून को देश भर में लोहिया दिवस मनाया गया। मुकदमे में दो महीने की कैद हुई। 3 जुलाई को उन्हें रिहा कर दिया गया। सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसी सम्मेलन में लोहिया ने 'चौखंभा राज्य' की कल्पना प्रस्तुत की। पटना में 'हिन्द किसान पंचायत' की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष लोहिया को चुना गया। 25 नवम्बर 1949 को लखनऊ में एक लाख किसानों ने विशाल प्रदर्शन किया। 26 फ़रवरी 1950 को [[रीवा]] में 'हिन्द किसान पंचायत' का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। दिल्ली में 3 जून 1951 को जनवाणी दिवस पर प्रदर्शन किया गया। 'रोजी-रोटी कपड़ा दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो', प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा था। 14 जून 1951 को सागर स्टेशन में लोहिया को गिरफ्तार कर बेंगलूर के हवालात में बंद कर दिया गया। 3 जुलाई को लोहिया छूटे। 24 जुलाई को वे विश्व सरकार के समर्थकों के सम्मेलन में [[स्वीडन]] की राजधानी स्टॉकहोम गए 17 साल बाद वे पुन: बर्लिन पहुंचे। लोहिया इंग्लैंड, पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण पश्चिम एशिया के कई देशों में गए; [[इज़राइल|इस्रायल]] से होकर 15 नवम्बर को स्वेदश लौटे। 1951 में लोहिया को 3 जुलाई को समाजवादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बुलाया गया। सम्मेलन में जर्मनी, युगोस्लाविया, अमेरिका, हवाई, जापान, हांगकांग, थाईदेश, सिंगापुर मलाया, इंडोनेशिया तथा लंका भी गए। लोहिया विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टन से प्रिंसटन में मिले। [[अल्बर्ट आइंस्टीन|आइंस्टीन]] ने कहा, कि 'किसी मनुष्य से मिलना कितना अच्छा होता है आदमी कितना अकेला पड़ जाता है।' लोहिया ने अमरीका में सैकड़ों स्थानों पर भाषण किए। उस समय उन्होंने एशिया की समस्त सोशलिस्ट पार्टियों का संगठन निर्मित करने का विचार बनाया। 25 मार्च से 29 मार्च 1952 में एशियाई सोशलिस्ट कान्फ्रेंस हुई, लेकिन इसमें लोहिया शामिल नहीं हो सके। जयप्रकाश नरायण भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता बन कर [[यांगून|रंगून]] गए। [[चित्र:Mani Ram Bagri1.jpg|अंगूठाकार|डॉ राममनोहर लोहिया, मणि राम बागरी, मधु लिमये, एस एम जोशी]] मई 1952 में [[पचमढ़ी|पंचमढ़ी]] में सोशलिस्ट पार्टी का सम्मेलन हुआ। आम चुनाव में हार के बाद लोहिया ने चुनावों की पराजय की शव परीक्षा के बदले ठोस विचारों की ओर पार्टी को ले जाने का विचार दिया। गुजरात पार्टी सम्मेलन में इतिहास चक्र की नई व्याख्या लोहिया द्वारा प्रस्तुत की गई। 24-25 सितम्बर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की जनरल कौंसिल बैठक में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी और सोशिलिस्ट पार्टी के विलय का निर्णय लिया गया। इस तरह [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी|प्रजा सोशलिस्ट पार्टी]] का जन्म हुआ। 29 से 31 दिसम्बर 1953 को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का पहला सम्मेलन इलाहाबाद में हुआ। वहां लोहिया ने इलाहाबाद थीसिस प्रस्तुत की। लोहिया को उनके मना करने के बावजूद पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया। 13-14 मई 1954 को उत्तर प्रदेश प्रजा सोशलिस्ट पार्टी द्वारा नहर रेट की बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया गया। 4 जुलाई 1954 को फारूखाबाद में वाणी स्वतंत्रता के संघर्ष को लेकर भाषण दिए जाने के कारण गिरफ्तार किया गया। नागपुर में 26-28 नवम्बर 1954 के बीच [[केरल]] गोली कांड पर विचार करने के लिए सम्मेलन हुआ। लोहिया केरल मंत्रीमंडल से इस्तीफा मांग चुके थे। 31 दिसम्बर 1955 तथा 1 जनवरी 1956 को सोशलिस्ट पार्टी का स्थापना हुई। लखनऊ में लोहिया के नेतृत्व में एक लाख किसानों का प्रदर्शन हुआ। 1956 में लोहिया ने "मैनकाइंड" नामक पत्रिका शुरू की। सोशिलिस्ट पार्टी का प्रथम वार्षिक अधिवेशन भारत के मध्य बिंदु मध्यप्रदेश के ग्राम सिहोरा में 28, 29, 30 दिसम्बर 1956 को हुआ। 2 नवम्बर 1957 को लोहिया क्रिमनल लॉ एमेंडमेंड एक्ट की धारा 7 की तहत डाकिए से कुछ कहने पर अकारण गिरफ्तार कर लिया गया। 12 नवम्बर 1958 को लोहिया पूर्वोतर के दौरे पर निकले, जहां उन्हें दौरा करने से रोक दिया गया। एक साल बाद फिर उसी स्थान उर्वसियम ([[नेफ़ा|नेफा]]) से लोहिया ने पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 17 अप्रैल 1960 को कानुपर के सर्किट हाउस में अनाधिकृत प्रवेश करने के कारण अपराध बताकर उन्हें पुन: गिरफ्तार किया गया। 1961 में '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन]]''' के दौरान लोहिया की सभा पर मद्रास में पत्थर बरसाये गए। 1961 में लोहिया एथेंस, रोम और काहिरा गए। 1962 में चुनाव हुआ लोहिया नेहरू के विरुद्ध [[फूलपुर]] में चुनाव मैदान में उतरे। 11 नवम्बर 1962 को कलकत्ता में सभा कर लोहिया ने [[तिब्बत]] के सवाल को उठाया। 1963 के फारूखाबाद के लोकसभा उपचुनाव में लोहिया 58 हजार मतों से चुनाव जीते। लोकसभा में लोहिया की तीन आना बनाम पन्द्रह आना की बहस अत्यंत चर्चित रही, जिसमें उन्होंने 18 करोड़ आबादी के चार आने पर जिंदगी काटने तथा प्रधानमंत्री पर 25 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च करने का आरोप लगाया। 9 अगस्त 1965 को लोहिया को भारत सुरक्षा कानून के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। ; अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन लोहिया जानते थे कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में अंग्रेजी का प्रयोग आम जनता की प्रजातंत्र में शत प्रतिशत भागीदारी के रास्ते का रोड़ा है। उन्होंने इसे सामंती भाषा बताते हुए इसके प्रयोग के खतरों से बारंबार आगाह किया और बताया कि यह मजदूरों, किसानों और शारीरिक श्रम से जुड़े आम लोगों की भाषा नहीं है। उन्होंने लिखा: : '' यदि सरकारी और सार्वजनिक काम ऐसी भाषा में चलाये जाएं, जिसे देश के करोड़ों आदमी न समझ सकें, तो यह केवल एक प्रकार का जादू-टोना होगा। दुख की बात है कि लोहिया के अंग्रेजी हटाओ आंदोलन (1957) को हिंदी का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा गया, जबकि लोहिया ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अंग्रेजी हटाओ का अर्थ हिंदी लाओ कदापि नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति और उनके प्रयोग की खुल कर वकालत की। उनके अनुसार अंग्रेजी हटाओ का अर्थ 'मातृभाषा लाओ' था। भारतीय राजनीति का बेबाक और बिंदास चेहरा रहे राममनोहर लोहिया ने ५० के दशक में ही भांप लिया था। उन्होंने लोकसभा में बल देकर अपनी बात रखते हुए कहा था: :'' अंग्रेजी को खत्म कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि अंग्रेजी का सार्वजनिक प्रयोग बंद हो, लोकभाषा के बिना लोक राज्य असंभव है। कुछ भी हो अंग्रेजी हटनी ही चाहिये, उसकी जगह कौन सी भाषाएं आती हैं यह प्रश्न नहीं है। हिन्दी और किसी भाषा के साथ आपके मन में जो आए सो करें, लेकिन अंग्रेजी तो हटना ही चाहिये और वह भी जल्दी। अंग्रेज गये तो अंग्रेजी चली जानी चाहिये। === देहावसान === 30 सितम्बर 1967 को लोहिया को नई दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल अब जिसे लोहिया अस्पताल कहा जाता है को पौरूष ग्रंथि के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया जहां 12 अक्टूबर 1967 को उनका देहांत 57 वर्ष की आयु में हो गया। . परिवार = परिवार में उनके पुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया हैं जो उन्हीं के रूप में उनके सिद्धांतों ,विचारों और उनके त्याग के बताए हुए रास्तों को अपनाकर सादगी पूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं।। डॉ. राम मनोहर लोहिया के सुपुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया गोवा के अधिकारिक कार्यक्रम गोवा क्रांति दिवस पर <ref>{{cite news |title=CM underscores need to bring about revolution in tech, research, startups |url=https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html |work=The Goan |date=19 June 2023}}</ref> == गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी == देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे। == जैसी कथनी वैसी करनी == लोहिया के समाजवादी आंदोलन की संकल्पना के मूल में अनिवार्यत: विचार और कर्म की उभय उपस्थिति थी- जिसके मूर्तिमंत स्वरूप स्वयं डॉ॰ लोहिया थे और आजन्म उन्होंने ‘कर्म और विचार’ की इस संयुक्ति को अपने आचरण से जीवन्त उदाहरण भी प्रस्तत किया। अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम व्यक्तित्वों की भांति लोहिया प्रभावित भी थे। वे जेल भी गए और ऐसी यातनाएं भी सहीं। आजादी से पूर्व ही कांग्रेस के भीतर उनका सोशलिस्ट ग्रुप था, लेकिन पंद्रह अगस्त सैंतालिस को अंग्रेजों से मुक्ति पाने पर वे उल्लसित तो थे लेकिन विभाजन की कीमत पर पाई गई इस स्वतंत्रता के कारण नेहरू और नेहरू की कांग्रेस से उनका रास्ता हमेशा के लिए अलग हो गया। स्वतंत्रता के नाम पर सत्ता की लिप्सा का यह खुला खेल लोहिया ने अपनी नंगी आंखों से देखा था और इसीलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनमें इतना रोष और क्षोभ था कि उन्हें धुर दक्षिणपंथी और वामपंथियों दोनों को साथ लेना भी उन्हें बेहतर विकल्प ही प्रतीत हुआ। == मौलिक एवं ठेठ देसी चिन्तक == स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के राजनेताओं में लोहिया मौलिक विचारक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 मार्च 2009 |archive-date=14 नवंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061114085226/http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |url-status=dead }}</ref> लोहिया के मन में भारतीय गणतंत्र को लेकर ठेठ देसी सोच थी। अपने इतिहास, अपनी भाषा के सन्दर्भ में वे कतई पश्चिम से कोई सिद्धांत उधार लेकर व्याख्या करने को राजी नहीं थे। सन् 1932 में जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में देश से अंग्रेजी हटाने का जो आह्वान किया। '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]]''' की गणना अब तक के कुछ इने गिने आंदोलनों में की जा सकती है। उनके लिए स्वभाषा राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि अपने स्वाभिमान का प्रश्न और लाखों–करोडों को हीन ग्रंथि से उबरकर आत्मविश्वास से भर देने का स्वप्न था– ‘‘मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान के साधारण लोग अपने अंग्रेजी के अज्ञान पर लजाएं नहीं, बल्कि गर्व करें। इस सामंती भाषा को उन्हीं के लिए छोड़ दें जिनके मां बाप अगर शरीर से नहीं तो आत्मा से अंग्रेज रहे हैं।’’ हलांकि लोहिया भी [[जर्मनी]] यानी विदेश से पढा़ई कर के आए थे, लेकिन उन्हें उन प्रतीकों का अहसास था जिनसे इस देश की पहचान है। [[महाशिवरात्रि|शिवरात्रि]] पर चित्रकूट में '''[[रामायण मेला]]''' उन्हीं की संकल्पना थी, जो सौभाग्य से अभी तक अनवरत चला आ रहा है। आज भी जब चित्रकूट के उस मेले में हजारों भारतवासियों की भीड़ स्वयमेव जुटती है तो लगता है कि ये ही हैं जिनकी चिंता लोहिया को थी, लेकिन आज इनकी चिंता करने के लिए लोहिया के लोग कहां हैं? == राजनीतिक शुचिता के पक्षधर == लोहिया ही थे जो राजनीति की गंदी गली में भी शुद्ध आचरण की बात करते थे। वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस सरकार के शासन में आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। ध्यान रहे स्वाधीन भारत में किसी भी राज्य में यह पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी– ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में तब सफाई और भलाई आएगी जब किसी पार्टी के खराब काम की निंदा उसी पार्टी के लोग करें।....और मै यह याद दिला दूं कि मुझे यह कहने का हक है कि हम ही हिंदुस्तान में एक राजनीतिक पार्टी हैं जिन्होंने अपनी सरकार की भी निंदा की थी और सिर्फ निंदा ही नहीं की बल्कि एक मायने में उसको इतना तंग किया कि उसे हट जाना पडा़। == कर्मवीर == लोहिया जी केवल चिन्तक ही नहीं, एक कर्मवीर भी थे। उन्होने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सन १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के समय [[उषा मेहता]] के साथ मिलकर उन्होने गुप्त रेडियो स्टेशन चलाया। १८ जून १९४६ को [[गोवा|गोआ]] को पुर्तगालियों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाने के लिये उन्होने आन्दोलन आरम्भ किया। अंग्रेजी को भारत से हटाने के लिये उन्होने [[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]] चलाया। == सप्त क्रान्तियाँ == लोहिया अनेक सिद्धान्तों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक हैं। वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे। उन्होंने एक साथ '''सात क्रांतियों''' का आह्वान किया। वे सात क्रान्तियां थी ये थीं- *(१) नर-नारी की समानता के लिए क्रान्ति, *(२) चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ क्रान्ति, *(३) संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए क्रान्ति, *(४) परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए क्रान्ति, *(५) निजी पूँजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए क्रान्ति, *(६) निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए क्रान्ति, *(७) अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिये क्रान्ति। इन सात क्रांतियों के सम्बन्ध में लोहिया ने कहा- : ''मोटे तौर से ये हैं सात क्रांन्तियाँ। सातों क्रांतियां संसार में एक साथ चल रही हैं। अपने देश में भी उनको एक साथ चलाने की कोशिश करना चाहिए। जितने लोगों को भी क्रांति पकड़ में आयी हो उसके पीछे पड़ जाना चाहिए और बढ़ाना चाहिए। बढ़ाते-बढ़ाते शायद ऐसा संयोग हो जाये कि आज का इन्सान सब नाइन्साफियों के खिलाफ लड़ता-जूझता ऐसे समाज और ऐसी दुनिया को बना पाये कि जिसमें आन्तरिक शांति और बाहरी या भौतिक भरा-पूरा समाज बन पाये।''<ref>{{Cite web |url=http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |title=लोहिया के विचार |access-date=16 अक्तूबर 2016 |archive-date=3 मार्च 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170303035145/http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |url-status=dead }}</ref><ref>[https://www.wattpad.com/2897374-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/page/134 डॉ लोहिया की सप्तक्रांति के उद्देश्य]</ref> == भारत-विभाजन पर लोहिया के विचार == उस समय की तमाम ऐसी घटनाओं और स्थितियों का जिनके प्रति एक आम भारतीय नागरिक के मन में बहुत स्पष्ट और तार्किक व्याख्या नहीं है, लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘गिल्टी मैन एंड इंडियाज पार्टीशन’ (भारत विभाजन के गुनहगार) में परत दर परत रहस्यों को खोला है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि उस समय के पूरे आंखों देखे इतिहास को ही नहीं, बल्कि उसके एक सक्रिय, जीवंत पात्र रहे लोहिया की बातों को आजाद भारत में सत्तारूढ़ दल द्वारा एक विपक्षी नेता की ‘खीझ’ से ज्यादा नहीं समझने दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि सत्ता हस्तांतरण के खेल की असलियत संग्रहालयों में दफन दस्तावेजों से ज्यादा लोहिया जैसे नेताओं को भी मालूम थी जिसे होते हुए उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। == लेखन == [[Image:Ram Manohar Lohia 1997 stamp of India.jpg|right|thumb|300px|१९९७ में भारत सरकार ने लोहिया की स्मृति में डाकटिकट निकाला]] डॉ राममनोहर लोहिया ने अनेकों विषयों पर अपने विचार लेख एवं पुस्तकों के रूप में प्रकाशित कीं। उनकी कुछ रचनाएँ हैं- * अंग्रेजी हटाओ * इतिहास चक्र * देश, विदेश नीति-कुछ पहलू * धर्म पर एक दृष्टि * भारतीय शिल्प * भारत विभाजन के गुनहगार * मार्क्सवाद और समाजवाद * राग, जिम्मेदारी की भावना, अनुपात की समझ * समलक्ष्य, समबोध * समदृष्टि * सच, कर्म, प्रतिकार और चरित्र निर्माण आह्‌वान * समाजवादी चिंतन * संसदीय आचरण * संपूर्ण और संभव बराबरी और दूसरे भाषण * हिंदू बनाम हिंदू ; अंग्रेजी में * ''The Caste System'': Hyderabad, Navahind [1964] 147 p. * ''Foreign Policy'': Aligarh, P.C. Dwadash Shreni, [1963?] 381 p. * ''Fragments of World Mind'': Maitrayani Publishers & Booksellers ; Allahabad [1949] 262 p. * ''Fundamentals of a World Mind'': ed. by K.S. Karanth. Bombay, Sindhu Publications, [1987] 130 p. * ''Guilty Men of India’s Partition'': Lohia Samata Vidyalaya Nyas, Publication Dept.,[1970] 103 p. * ''India, China, and Northern Frontiers'': Hyderabad, Navahind [1963] 272 p. * ''Interval During Politics'': Hyderabad, Navahind [1965] 197 p. * ''Marx, Gandhi and Socialism'': Hyderabad, Navahind [1963] 550 p. * ''Collected Works of Dr Lohia'' समाजवादी लेखक डॉ मस्तराम कपूर द्वारा ९ भागों में सम्पादित। ==स्मारक== * अवध विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "[[डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय]]" रखा गया है। * उनके नाम पर भारत के एक प्रमुख विधि स्कूल का नाम [[डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय]], [[लखनऊ]] रखा गया है। * [[पणजी]] के '१८ जून रोड' का नाम डॉ राममनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया है। १८ जून १९४६ को इसी जगह से उन्होने पुर्तगाली शासन के विरुद्ध आन्दोलन आरम्भ किया था। * सन १९७० में दिल्ली के 'विल्लिंगडन हॉस्पिटल' का नाम बदलकर [[राम मनोहर लोहिया अस्पताल]] कर दिया गया। इसी अस्पताल में उन्होने अन्तिम सांस ली थी। * [[लखनऊ]] में [[डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान]] उनके नाम पर ही है। * उनके गृहनगर अकबरपुर में उनके नाम पर एक सामुदायिक भवन बना है, जिसका नाम "डॉ राममनोहर लोहिया भवन" रखा गया है। * [[कर्नाटक]] के [[बल्लारी]] में उनके नाम से "लोहिया प्रकाशन" नामक एक प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान था। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हे भी देखें == * [[जयप्रकाश नारायण]] * [[सप्तक्रांति]] * [[रामायण मेला]] == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote|राममनोहर लोहिया}} * [http://www.socialistpartyindia.blogspot.com/2017/09/blog-post_10.html हिन्दी के सरलीकरण की नीति] हिन्दी शब्द सृजन आदि से सम्बन्धित लोहिया के विचार) * [http://www.lohiavani.com/Default.aspx लोहियावाणी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161019014248/http://www.lohiavani.com/Default.aspx |date=19 अक्तूबर 2016 }} * [http://lohiaphotos.blogspot.com तस्‍वीरों में लोहिया] * [http://issbaar.blogspot.com/2011/02/blog-post_7794.html सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत : लोहिया] (संस्कृति, समाज और भाषा के अन्तःसम्बन्धों की पड़ताल) * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/hindu-banam-hindu.pdf हिन्दू बनाम हिन्दू : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/ram-krishnashiv.pdf राम, कृष्ण और शिव : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/krishna.pdf कृष्ण : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/econ_after_lohia1.pdf अर्थशास्त्र : मार्क्स, लोहिया से आगे /सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/audyogikaran_ka_andhavishvas.pdf औद्योगीकरण का अंधविश्वास : सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/shiksha-sawal-jawab1.pdf शिक्षा पर सवाल जवाब ] * [http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml गांधी-लोहिया का पुनर्पाठ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101021060027/http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml |date=21 अक्तूबर 2010 }} * [http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm लोहिया : एक असमाप्त जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927003229/http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm |date=27 सितंबर 2007 }} * [http://kashivishvavidyalay.wordpress.com/2007/04/24/lohiaramkrishnashiv-2/ लोहिया : मर्यादित, उन्मुक्त और असीमित व्यक्तित्व (२)] * [http://www.indiannationalism.org/pdf/Dr._Rammanohar_Lohiya.pdf गंगा तीरे, सरयू तीरे]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (राममनोहर लोहिया पर विशेष) * [http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 तो इतिहास कुछ और होता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110920031542/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 |date=20 सितंबर 2011 }} (भारतीय पक्ष) * [http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html लोहिया के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305120324/http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html |date=5 मार्च 2016 }} * [http://aarambha.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html स्वर्गीय लोहिया साहब : रामधारी सिंह 'दिनकर'] * [http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2004/04/040415_socialists_ideology.shtml समाजवादी विचारधारा आज कहाँ है ?] (बीबीसी हिन्दी) * [http://books.google.co.in/books?id=sctwuur-nmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false लोहिया के विचार] (गूगल पुस्तक) * [http://books.google.co.in/books?id=n2VV7CQ8Jc4C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false ना रहूँ किसी का दस्तनिगर : मेरा सफरनामा] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैप्टेन अब्बास अली) * [http://www.pravakta.com/?p=8190 यह लोहिया की सदी हो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100325102121/http://www.pravakta.com/?p=8190 |date=25 मार्च 2010 }} (वेदप्रताप वैदिक) * [http://kiransnm.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html लोहिया नें संसद को बनाया लोक सदन] (किरन माहेश्वरी) * [http://www.pravakta.com/?p=8211 डॉ॰ लोहिया का इतिहास चिंतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100326212816/http://www.pravakta.com/?p=8211 |date=26 मार्च 2010 }} – डॉ॰ मनोज चतुर्वेदी * [http://www.nafanuksan.com/DetailNews.aspx?newsid=2538&status=other डॉ॰ लोहिया और सप्त क्रान्ति]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 लोहिया के बिना साहित्य का इतिहास अधूरा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110912200346/http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 |date=12 सितंबर 2011 }} - नामवर सिंह * [http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 लोहिया का अंगरेजी विरोध] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110911141922/http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 |date=11 सितंबर 2011 }} (गंगा सहाय मीणा) * [http://bharatkenayak.blogspot.com/2011/04/blog-post_16.html समाजवादी नायक : श्री राम मनोहर लोहिया] * [http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 अप्रासंगिक हुआ लोहिया का गैर-कांग्रेसवाद?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140201162827/http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 |date=1 फ़रवरी 2014 }} (प्रभासाक्षी) [[श्रेणी:1910 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९६७ में निधन]] nnttn5ypjbcn4luqt2coqhp66tbk8gb 6582772 6582771 2026-07-15T06:15:50Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* देहावसान */ 6582772 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राममनोहर लोहिया | image = Ram Manohar Lohia 1977 stamp of India.jpg | image_size = | alt = | caption = १९७७ के एक डाकटिकट पर लोहिया | birth_date = {{birth date|df=yes|1910|03|23}} | birth_place = [[अकबरपुर, अंबेडकर नगर|अकबरपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] | death_date = {{death date and age|df=yes|1967|10|12|1910|03|23}} | death_place = [[नयी दिल्ली]] | death_cause = | resting_place = | resting_place_coordinates = | nationality = Indian | other_names = | movement = [[भारत छोड़ो आन्दोलन]]<br>[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] | education = | alma_mater = [[कोलकाता विश्वविद्यालय]] (बीए)<br>[[हम्बोल्ट विश्वविद्यालय]], [[बर्लिन]] ([[पीएच डी]]) | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]<br>[[प्रजा समाजवादी पार्टी]]<br>[[संयुक्त समाजवादी दल]] | religion = | spouse = | children = | parents = | awards = | signature = | footnotes = | website = {{URL|www.lohiatoday.com}} }} '''डॉ॰ राममनोहर लोहिया''' (जन्म - [[२३ मार्च]], [[१९१०]] - मृत्यु - [[१२ अक्तूबर|१२ अक्टूबर]], [[१९६७|१९६७]]) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा [[समाजवाद|समाजवादी]] राजनेता थे। == जीवनवृत्त == === आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा === डॉ॰ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या जिला|अयोध्या]] जनपद में वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद नामक स्थान में हुआ था। उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे। ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी (चन्दा देवी) का देहान्त हो गया।। उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला। टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए। उनके पिताजी [[महात्मा गांधी|गाँधीजी]] के अनुयायी थे। जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे। इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। पिताजी के साथ 1918 में [[अहमदाबाद]] कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार शामिल हुए। [[बंबई]] के मारवाड़ी स्कूल में पढ़ाई की। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य गंगाधर तिलक]] की मृत्यु के दिन विद्यालय के लड़कों के साथ 1920 में पहली अगस्त को हड़ताल की। गांधी जी की पुकार पर 10 वर्ष की आयु में स्कूल त्याग दिया। पिताजी को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के आंदोलन के चलते सजा हुई। 1921 में फैजाबाद किसान आंदोलन के दौरान [[जवाहरलाल नेहरू]] से मुलाकात हुई। 1924 में प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस के [[गया]] अधिवेशन में शामिल हुए। 1925 में मैट्रिक की परीक्षा दी। कक्षा में 61 प्रतिशत नंबर लाकर प्रथम आए। इंटर की दो वर्ष की पढ़ाई [[वाराणसी|बनारस]] के [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी विश्वविद्यालय]] में हुई। कॉलेज के दिनों से ही [[खादी|खद्दर्]] पहनना शुरू कर दिया। 1926 में पिताजी के साथ [[गुवाहाटी|गौहाटी]] कांग्रेस अधिवेशन में गए। 1927 में इंटर पास किया तथा आगे की पढ़ाई के लिए [[कोलकाता|कलकत्ता]] जाकर ताराचंद दत्त स्ट्रीट पर स्थित पोद्दार छात्र हॉस्टल में रहने लगे। विद्यासागर कॉलेज में दाखिला लिया। अखिल बंग विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाषचंद्र बोस]] के न पहुंचने पर उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 1928 में कलकता में कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। 1928 से अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन में सक्रिय हुए। [[साइमन कमीशन|साइमन कमिशन]] के बहिष्कार के लिए छात्रों के साथ आंदोलन किया। कलकत्ता में युवकों के सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष तथा सुभाषचंद्र बोस और लोहिया विषय निर्वाचन समिति के सदस्य चुने गए। 1930 में द्वितीय श्रेणी में बीए की परीक्षा पास की। =परिवार= परिवार में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया हैं जो अपने परिवार के साथ उनके विचारों, सिद्धांतों उनकी सादगी व त्याग के बताए हुए रास्ते पर चलकर सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्य में संलग्न है ।। गोवा के ऐतिहासिक लोहिया मैदान मडगांव के आधिकारिक तय सरकारी कार्यक्रम में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया और उनके परिवार की उपस्थिति गोवा के प्रसिद्ध न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार.. https://www.republicworld.com/india-news/general-news/goa-would-have-been-liberated-earlier-had-sardar-patel-been-alive-union-min-rajeev-chandrasekhar-articleshow.html === यूरोप प्रवास === 1930 जुलाई को लोहिया अग्रवाल समाज के कोष से पढ़ाई के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] रवाना हुए। वहाँ से वे [[बर्लिन]] गए। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो॰ बर्नर जेम्बार्ट को अपना प्राध्यापक चुना। 3 महीने में [[जर्मन भाषा]] सीखी। 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने [[दांडी मार्च|दाण्डी यात्रा]] प्रारंभ की। जब नमक कानून तोड़ा गया तब पुलिस अत्याचार से पीड़ित होकर पिता हीरालाल जी ने लोहिया को विस्तृत पत्र लिखा। 23 मार्च को [[लाहौर]] में [[भगत सिंह]] को फांसी दिए जाने के विरोध में [[राष्ट्र संघ|लीग ऑफ नेशन्स]] की बैठक में बर्लिन में पहुंचकर सीटी बजाकर दर्शक दीर्घा से विरोध प्रकट किया। सभागृह से उन्हें निकाल दिया गया। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे [[बीकानेर]] के महाराजा द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर लोहिया ने [[रोमानिया|रूमानिया]] की प्रतिनिधि को खुली चिट्ठी लिखकर उसे अखबारों में छपवाकर उसकी कॉपी बैठक में बंटवाई। [[गांधी-इरविन समझौता|गांधी इर्विन समझौते]] का लोहिया ने [[प्रवासी भारतीय]] विद्यार्थियों की संस्था "मध्य यूरोप हिन्दुस्तानी संघ" की बैठक में संस्था के मंत्री के तौर पर समर्थन किया। [[साम्यवाद|कम्युनिस्टों]] ने विरोध किया। बर्लिन के स्पोटर्स पैलेस में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का भाषण सुना। 1932 में लोहिया ने [[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]] विषय पर अपना [[शोध-प्रबन्ध|शोध प्रबंध]] पूरा कर [[हम्बोल्ट बर्लिन विश्वविद्यालय|बर्लिन विश्वविद्यालय]] से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। === स्वदेश आगमन एवं स्वतंत्रता संग्राम === 1933 में मद्रास पहुंचे। रास्ते में सामान जब्त कर लिया गया। तब समुद्री जहाज से उतरकर [[द हिन्दू|हिन्दु]] अखबार के दफ्तर पहुंचकर दो लेख लिखकर 25 रुपया प्राप्त कर कलकत्ता गए। कलकत्ता से बनारस जाकर [[मदनमोहन मालवीय|मालवीय जी]] से मुलाकात की। उन्होंने रामेश्वर दास बिड़ला से मुलाकात कराई जिन्होंने नौकरी का प्रस्ताव दिया, लेकिन दो हफ्ते साथ रहने के बाद लोहिया ने निजी सचिव बनने से इनकार कर दिया। तब पिता जी के मित्र सेठ [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] लोहिया को गांधी जी के पास ले गए तथा उनसे कहा कि ये लड़का राजनीति करना चाहता है। कुछ दिन तक [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] के साथ रहने के बाद शादी का प्रस्ताव मिलने पर शहर छोड़कर वापस कलकत्ता चले गए। विश्व राजनीति के आगामी 10 वर्ष विषय पर [[ढाका विश्वविद्यालय]] में व्याख्यान देकर कलकत्ता आने-जाने की राशि जुटाई। [[पटना]] में 17 मई 1934 को [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्र देव]] की अध्यक्षता में देश के समाजवादी अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में इकट्ठे हुए, जहां [[समाजवादी पार्टी]] की स्थापना का निर्णय लिया गया। यहां लोहिया ने समाजवादी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी के उद्देश्यों में लोहिया ने पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य जोड़ने का संशोधन पेश किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। 21-22 अक्टूबर 1934 को बम्बई के बर्लि स्थित 'रेडिमनी टेरेस' में 150 समाजवादियों ने इकट्ठा होकर [[कांग्रेस समाजवादी दल|कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी]] की स्थापना की। लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। कांग्रेस सोशलिस्ट सप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बनाए गए। गांधी जी के विरोध में जाकर उन्होंने कांउसिल प्रवेश का विरोध किया। गांधी जी ने लोहिया के लेख पर दो पत्र लिखे। 1936 के [[मेरठ]] अधिवेशन में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के लिए पार्टी का दरवाजा खोल दिया। लोहिया बार-बार कम्युनिस्टों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी [[जयप्रकाश नारायण]] जी एवं अन्य नेताओं को देते रहे। 1935 में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में [[लखनऊ]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जहां लोहिया को परराष्ट्र विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया जिसके चलते उन्हें [[इलाहाबाद]] आना पड़ा। 1938 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी में लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के परराष्ट्र विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1940 में रामगढ़ कांग्रेस के कम्युनिस्टों को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया गया। 1939 में त्रिपुरी कांग्रेस में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] को समाजवादियों ने समर्थन किया। डॉ॰ लोहिया तटस्थ बने रहे। लोहिया ने गांधी जी द्वारा यह कहे जाने पर की बोस का चुनाव मेरी शिकस्त है पर प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव गांधी जी से सम्मानपूर्वक आह्वान करता है कि उनकी शिकस्त नहीं हुई है। गांधी जी की इच्छानुसार सुभाषचंद्र बोस कार्यसमिति बनाने को तैयार नहीं हुए तथा नेहरू सहित अन्य कांग्रेस के नेताओं ने बोस के साथ कार्यसमिति में रहने से इंकार कर दिया तब बोस ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तथा कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। महायुद्ध के समय लोहिया ने युद्धभर्ती का विरोध, देशी रियासतों में आंदोलन, ब्रिटिश माल जहाजों से माल उतारने व लादने वाले मजदूरों का संगठन तथा युद्धकर्ज को मंजूर तथा अदा न करने, जैसे चार सूत्रीय मुद्दों को लेकर युद्ध विरोधी प्रचार शुरू कर दिया। 1939 के मई महीने में दक्षिण कलकता की कांग्रेस कमेटी में युद्ध विरोधी भाषण करने पर उन्हें 24 मई को गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता के चीफ प्रेसीडेन्सी मजिस्टे्रट के सामने लोहिया ने स्वयं अपने मुकदमे की पैरवी और बहस की। 14 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया गया। 9 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस समिति के बैठक [[वर्धा]] में हुई जिसमें लोहिया ने समझौते का विरोध किया। उसी समय उन्होंने '''शस्त्रों का नाश हो''' नामक प्रसिद्ध लेख लिखा। 11 मई 1940 को [[सुल्तानपुर]] के जिला सम्मेलन में लोहिया ने कांग्रेस से 'सत्याग्रह अभी नहीं' नामक लेख लिखा। गांधी जी ने मूल रूप में लोहिया द्वारा दिए गए चार सूत्रों को स्वीकार किया। 7 जून 1940 को डॉ॰ लोहिया को 11 मई को दोस्तपुर ([[सुल्तानपुर]]) में दिए गए भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। उन्हें कोतवाली में सुल्तानपुर में [[इलाहाबाद]] के स्वराज भवन से ले जाकर हथकड़ी पहनाकर रखा गया। 1 जुलाई 1940 को भारत सुरक्षा कानून की धारा 38 के तहत दो साल की सख्त सजा हुई। सजा सुनाने के बाद उन्हें 12 अगस्त को [[बरेली]] जेल भेज दिया गया। 15 जून 1940 को गांधी जी ने '[[हरिजन]]' में लिखा, कि 'मैं युद्ध को गैर कानूनी मानता हूं किन्तु युद्ध के खिलाफ मेरे पास कोई योजना नहीं है इस वास्ते मैं युद्ध से सहमत हूं।' 25 अगस्त को गांधी जी ने लिखा कि 'लोहिया और दूसरे कांग्रेस वालों की सजाएं हिन्दुस्तान को बांधने वाली जंजीर को कमजोर बनाने वाले हथौडे क़े प्रहार हैं। सरकार कांग्रेस को सिविल-नाफरमानी आरंभ करने और आखिरी प्रहार करने के लिए प्रेरित कर रही है। यद्यपि कांग्रेस उसे उस दिन तक के लिए स्थगित करना चाहती है जब तक इंग्लैंड मुसीबत में हो।' गांधी जी ने बंबई में कहा, कि 'जब तक डॉ॰ राममनोहर लोहिया जेल में है तब तक मैं खामोश नहीं बैठ सकता, उनसे ज्यादा बहादुर और सरल आदमी मुझे मालूम नहीं। उन्होंने हिंसा का प्रचार नहीं किया जो कुछ किया है उनसे उनका सम्मान बढ़ता है।' 4 दिसम्बर 1941 को अचानक लोहिया को रिहा कर दिया गया तथा देश के अन्य जेलों में बंद कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। 19 अप्रैल 1942 को हरिजन में लोहिया का लेख 'विश्वासघाती जापान या आत्मसंतुष्ट ब्रिटेन' गांधी जी द्वारा प्रकाशित किया गया। गांधी जी ने टिप्पणी की कि मेरी उम्मीद है कि सभी संबंधित इसके प्रति ध्यान देंगे। सन् 1942 में [[इलाहाबाद]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां लोहिया ने खुलकर नेहरू का विरोध किया। इसके बाद [[अल्मोड़ा]] जिला सम्मेलन में लोहिया ने 'नेहरू को झट पलटने वाला नट' कहा। गांधी जी के साथ एक सप्ताह रहकर लोहिया ने गांधी जी को वाइसराय के नाम पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। जिसमें गांधी जी ने लिखा कि अहिंसानिष्ट सोशलिस्ट डॉ॰ लोहिया ने भारतीय शहरों को बिना पुलिस व फौज के शहर घोषित करने की कल्पना निकाली है। लोहिया जी के द्वारा दुनिया की सभी सरकारों को नई दुनिया की बुनियाद बनाने की योजना की कल्पना गांधी जी के सामने रखी गई, जिसमें एक देश की दूसरे देश में जो पूंजी लगी है उसे जब्त करना, सभी लोगों को संसार में कहीं भी आने-जाने व बसने का अधिकार देना, दुनिया के सभी राष्ट्रों को राजनैतिक आजादी तथा विश्व नागरिकता की बात कही गई थी। गांधी जी ने इसे हरिजन में छापा और अपनी ओर से समर्थन भी किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ जल्दी लड़ाई छेड़ने को लेकर गांधी जी ने दस दिन रूकने के लिए लोहिया को कहा। दस दिन बाद 7 अगस्त 1942 को गांधीजी ने तीन घंटे तक भाषण देकर कहा, कि 'हम अपनी आजादी लड़कर प्राप्त करेंगे।' अगले दिन 8 अगस्त को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव बंबई में बहुमत से स्वीकृत हुआ। गांधी जी ने '''करो या मरो''' का संदेश दिया। ==== भारत छोड़ो आन्दोलन ==== 9 अगस्त १९४२ को जब गांधी जी व अन्य कांग्रेस के नेता गिरफ्तार कर लिए गए, तब लोहिया ने भूमिगत रहकर '[[भारत छोड़ो आन्दोलन|भारत छोड़ो आंदोलन]]' को पूरे देश में फैलाया। लोहिया, [[अच्युत पटवर्धन]], सादिक अली, पुरूषोत्तम टिकरम दास, मोहनलाल सक्सेना, उषा मेहता ,रामनन्दन मिश्रा, सदाशिव महादेव जोशी, साने गुरूजी, [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]], अरूणा आसिफअली, [[सुचेता कृपलानी]] और पूर्णिमा बनर्जी आदि नेताओं का केन्द्रीय संचालन मंडल बनाया गया। लोहिया पर नीति निर्धारण कर विचार देने का कार्यभार सौंपा गया। भूमिगत रहते हुए 'जंग जू आगे बढ़ो, क्रांति की तैयारी करो, आजाद राज्य कैसे बने' जैसी पुस्तिकाएं लिखीं। 20 मई 1944 को लोहिया जी को [[बंबई]] में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद [[लाहौर किला|लाहौर किले]] की एक अंधेरी कोठरी में रखा गया जहां 14 वर्ष पहले [[भगत सिंह]] को [[फांसी]] दी गई थी। पुलिस द्वारा लगातार उन्हें यातनाएँ दी गई, 15-15 दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। किसी से मिलने नहीं दिया गया 4 महीने तक ब्रुश या पेस्ट तक भी नहीं दिया गया। हर समय हथकड़ी बांधे रखी जाती थी। लाहौर के प्रसिद्ध वकील [[जीवनलाल कपूर]] द्वारा [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण]] की याचिका लगाने पर उन्हें तथा [[जयप्रकाश नारायण]] को स्टेट प्रिजनर घोषित कर दिया गया। मुकदमे के चलते सरकार को लोहिया को पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी पड़ी। पहला पत्र लोहिया ने [[ब्रिटिश लेबर पार्टी]] के अध्यक्ष प्रो॰ हेराल्ड जे. लास्की को लिखा जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 1945 में लोहिया को [[लाहौर]] से [[आगरा]] जेल भेज दिया गया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होने पर गांधी जी तथा कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। केवल लोहिया व जयप्रकाश ही जेल में थे। इसी बीच अंग्रेजों की सरकार और कांग्रेस की बीच समझौते की बातचीत शुरू हो गई। [[इंग्लैंड]] में [[लेबर पार्टी (यूके)|लेलेबर पार्टी]] की सरकार बन गई सरकार का प्रतिनिधि मंडल डॉ॰ लोहिया से आगरा जेल में मिलने आया। इस बीच लोहिया के पिता हीरालाल जी की मृत्यु हो गई। किन्तु लोहिया जी ने सरकार की कृपा पर पेरोल पर छूटने से इंकार कर दिया। ====गोवा मुक्ति आन्दोलन==== [[चित्र:Lohia Maidan.jpg|right|thumb|300px|गोवा में राममनोहर लोहिया की प्रतिमा]] 11 अप्रैल 1946 को लोहिया को आगरा जेल से रिहा कर दिया गया। 15 जून को लोहिया ने [[गोवा]] के [[पणजी|पंजिम]] में '[[भारतीय वायुसेना|गोवा मुक्ति आंदोलन]]' की पहली सभा ली। लोहिया को 18 जून को गोवा मुक्ति आंदोलन के शुरूआत के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। 14 अगस्त 1946 को 'हरिजन' में गांधी जी ने लिखा कि, लोहिया को बधाई दी जानी चाहिए। 30 दिसम्बर 1946 को [[नोवाखाली|नवाखली]] में हिन्दु और मुसलमान के बीच के अविश्वास को दूर करने में गांधी जी के साथ विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया। पूरे साल नवाखली, कलकत्ता, बिहार, दिल्ली सभी जगह लोहिया गांधी जी के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता की आग को बुझाने की कोशिश करते रहे। 9 अगस्त 1947 से लगातार हिंसा रोकने का प्रयास चलता रहा। 14 अगस्त की रात को हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई के नारों के साथ लोहिया ने सभा की। 31 अगस्त को वातावरण फिर बिगड़ गया, गांधी जी अनशन पर बैठ गए तब लोहिया ने दंगाईयों के हथियार इकट्ठे कराए। लोहिया के प्रयास से शांति समिति की स्थापना हुई तथा 4 सितम्बर को गांधी जी ने अनशन तोड़ा। 29 सितम्बर को बेलगांव में लोहिया को फिर गिरफ्तार कर लिया गया। 26, 27, 28 फ़रवरी 1947 को सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में तटस्थ रहने का निर्णय लिया गया। === स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद === जनवरी 1947 में लोहिया ने [[नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस]] को स्थापित करने तथा राणाशाही के विरुद्ध सत्याग्रह प्रारंभ करने की पहल की। 25 जनवरी 1948 को बंबई हड़ताल को लेकर लोहिया जी ने गांधी जी से हड़ताल का समर्थन मांगा। 28 जनवरी को गांधी जी ने कहा कि कल आना कल पेट भर की बात होगी। 30 जनवरी को लोहिया जब बिड़ला भवन के लिए निकले तब उन्हें गांधी जी की हत्या की खबर सुनने को मिली। मार्च 1948 में नासिक सम्मेलन में सोशलिस्ट दल ने कांग्रेस से अलग होने का निश्चय किया। लोहिया की प्रेरणा से रियासतों की समाप्ति का आंदोलन 650 रिसासतों में समाजवादी चला रहे थे। 2 जनवरी 1948 को रीवा में 'हमें चुनाव चाहिए विभाजन रद्द करो' के नारे के साथ आंदोलन किया गया जिसमें पुलिस ने गोली चलाई 4 आंदोलनकारी शहीद हुए। 1949 को सोशलिस्ट पार्टी द्वारा लोहिया के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला के आमरण अनशन तथा नेपाल में राणाशाही के अत्याचार के खिलाफ सभा की गई। नेपाली दूतावास की ओर जब जुलूस बढ़ा तब लाठी चार्ज किया गया लोहिया को गिरफ्तार किया गया। 20 जून को देश भर में लोहिया दिवस मनाया गया। मुकदमे में दो महीने की कैद हुई। 3 जुलाई को उन्हें रिहा कर दिया गया। सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसी सम्मेलन में लोहिया ने 'चौखंभा राज्य' की कल्पना प्रस्तुत की। पटना में 'हिन्द किसान पंचायत' की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष लोहिया को चुना गया। 25 नवम्बर 1949 को लखनऊ में एक लाख किसानों ने विशाल प्रदर्शन किया। 26 फ़रवरी 1950 को [[रीवा]] में 'हिन्द किसान पंचायत' का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। दिल्ली में 3 जून 1951 को जनवाणी दिवस पर प्रदर्शन किया गया। 'रोजी-रोटी कपड़ा दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो', प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा था। 14 जून 1951 को सागर स्टेशन में लोहिया को गिरफ्तार कर बेंगलूर के हवालात में बंद कर दिया गया। 3 जुलाई को लोहिया छूटे। 24 जुलाई को वे विश्व सरकार के समर्थकों के सम्मेलन में [[स्वीडन]] की राजधानी स्टॉकहोम गए 17 साल बाद वे पुन: बर्लिन पहुंचे। लोहिया इंग्लैंड, पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण पश्चिम एशिया के कई देशों में गए; [[इज़राइल|इस्रायल]] से होकर 15 नवम्बर को स्वेदश लौटे। 1951 में लोहिया को 3 जुलाई को समाजवादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बुलाया गया। सम्मेलन में जर्मनी, युगोस्लाविया, अमेरिका, हवाई, जापान, हांगकांग, थाईदेश, सिंगापुर मलाया, इंडोनेशिया तथा लंका भी गए। लोहिया विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टन से प्रिंसटन में मिले। [[अल्बर्ट आइंस्टीन|आइंस्टीन]] ने कहा, कि 'किसी मनुष्य से मिलना कितना अच्छा होता है आदमी कितना अकेला पड़ जाता है।' लोहिया ने अमरीका में सैकड़ों स्थानों पर भाषण किए। उस समय उन्होंने एशिया की समस्त सोशलिस्ट पार्टियों का संगठन निर्मित करने का विचार बनाया। 25 मार्च से 29 मार्च 1952 में एशियाई सोशलिस्ट कान्फ्रेंस हुई, लेकिन इसमें लोहिया शामिल नहीं हो सके। जयप्रकाश नरायण भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता बन कर [[यांगून|रंगून]] गए। [[चित्र:Mani Ram Bagri1.jpg|अंगूठाकार|डॉ राममनोहर लोहिया, मणि राम बागरी, मधु लिमये, एस एम जोशी]] मई 1952 में [[पचमढ़ी|पंचमढ़ी]] में सोशलिस्ट पार्टी का सम्मेलन हुआ। आम चुनाव में हार के बाद लोहिया ने चुनावों की पराजय की शव परीक्षा के बदले ठोस विचारों की ओर पार्टी को ले जाने का विचार दिया। गुजरात पार्टी सम्मेलन में इतिहास चक्र की नई व्याख्या लोहिया द्वारा प्रस्तुत की गई। 24-25 सितम्बर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की जनरल कौंसिल बैठक में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी और सोशिलिस्ट पार्टी के विलय का निर्णय लिया गया। इस तरह [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी|प्रजा सोशलिस्ट पार्टी]] का जन्म हुआ। 29 से 31 दिसम्बर 1953 को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का पहला सम्मेलन इलाहाबाद में हुआ। वहां लोहिया ने इलाहाबाद थीसिस प्रस्तुत की। लोहिया को उनके मना करने के बावजूद पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया। 13-14 मई 1954 को उत्तर प्रदेश प्रजा सोशलिस्ट पार्टी द्वारा नहर रेट की बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया गया। 4 जुलाई 1954 को फारूखाबाद में वाणी स्वतंत्रता के संघर्ष को लेकर भाषण दिए जाने के कारण गिरफ्तार किया गया। नागपुर में 26-28 नवम्बर 1954 के बीच [[केरल]] गोली कांड पर विचार करने के लिए सम्मेलन हुआ। लोहिया केरल मंत्रीमंडल से इस्तीफा मांग चुके थे। 31 दिसम्बर 1955 तथा 1 जनवरी 1956 को सोशलिस्ट पार्टी का स्थापना हुई। लखनऊ में लोहिया के नेतृत्व में एक लाख किसानों का प्रदर्शन हुआ। 1956 में लोहिया ने "मैनकाइंड" नामक पत्रिका शुरू की। सोशिलिस्ट पार्टी का प्रथम वार्षिक अधिवेशन भारत के मध्य बिंदु मध्यप्रदेश के ग्राम सिहोरा में 28, 29, 30 दिसम्बर 1956 को हुआ। 2 नवम्बर 1957 को लोहिया क्रिमनल लॉ एमेंडमेंड एक्ट की धारा 7 की तहत डाकिए से कुछ कहने पर अकारण गिरफ्तार कर लिया गया। 12 नवम्बर 1958 को लोहिया पूर्वोतर के दौरे पर निकले, जहां उन्हें दौरा करने से रोक दिया गया। एक साल बाद फिर उसी स्थान उर्वसियम ([[नेफ़ा|नेफा]]) से लोहिया ने पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 17 अप्रैल 1960 को कानुपर के सर्किट हाउस में अनाधिकृत प्रवेश करने के कारण अपराध बताकर उन्हें पुन: गिरफ्तार किया गया। 1961 में '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन]]''' के दौरान लोहिया की सभा पर मद्रास में पत्थर बरसाये गए। 1961 में लोहिया एथेंस, रोम और काहिरा गए। 1962 में चुनाव हुआ लोहिया नेहरू के विरुद्ध [[फूलपुर]] में चुनाव मैदान में उतरे। 11 नवम्बर 1962 को कलकत्ता में सभा कर लोहिया ने [[तिब्बत]] के सवाल को उठाया। 1963 के फारूखाबाद के लोकसभा उपचुनाव में लोहिया 58 हजार मतों से चुनाव जीते। लोकसभा में लोहिया की तीन आना बनाम पन्द्रह आना की बहस अत्यंत चर्चित रही, जिसमें उन्होंने 18 करोड़ आबादी के चार आने पर जिंदगी काटने तथा प्रधानमंत्री पर 25 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च करने का आरोप लगाया। 9 अगस्त 1965 को लोहिया को भारत सुरक्षा कानून के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। ; अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन लोहिया जानते थे कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में अंग्रेजी का प्रयोग आम जनता की प्रजातंत्र में शत प्रतिशत भागीदारी के रास्ते का रोड़ा है। उन्होंने इसे सामंती भाषा बताते हुए इसके प्रयोग के खतरों से बारंबार आगाह किया और बताया कि यह मजदूरों, किसानों और शारीरिक श्रम से जुड़े आम लोगों की भाषा नहीं है। उन्होंने लिखा: : '' यदि सरकारी और सार्वजनिक काम ऐसी भाषा में चलाये जाएं, जिसे देश के करोड़ों आदमी न समझ सकें, तो यह केवल एक प्रकार का जादू-टोना होगा। दुख की बात है कि लोहिया के अंग्रेजी हटाओ आंदोलन (1957) को हिंदी का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा गया, जबकि लोहिया ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अंग्रेजी हटाओ का अर्थ हिंदी लाओ कदापि नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति और उनके प्रयोग की खुल कर वकालत की। उनके अनुसार अंग्रेजी हटाओ का अर्थ 'मातृभाषा लाओ' था। भारतीय राजनीति का बेबाक और बिंदास चेहरा रहे राममनोहर लोहिया ने ५० के दशक में ही भांप लिया था। उन्होंने लोकसभा में बल देकर अपनी बात रखते हुए कहा था: :'' अंग्रेजी को खत्म कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि अंग्रेजी का सार्वजनिक प्रयोग बंद हो, लोकभाषा के बिना लोक राज्य असंभव है। कुछ भी हो अंग्रेजी हटनी ही चाहिये, उसकी जगह कौन सी भाषाएं आती हैं यह प्रश्न नहीं है। हिन्दी और किसी भाषा के साथ आपके मन में जो आए सो करें, लेकिन अंग्रेजी तो हटना ही चाहिये और वह भी जल्दी। अंग्रेज गये तो अंग्रेजी चली जानी चाहिये। === देहावसान === 30 सितम्बर 1967 को लोहिया को नई दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल अब जिसे लोहिया अस्पताल कहा जाता है को पौरूष ग्रंथि के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया जहां 12 अक्टूबर 1967 को उनका देहांत 57 वर्ष की आयु में हो गया। ..... ....... ......................... . परिवार = परिवार में उनके पुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया हैं जो उन्हीं के रूप में उनके सिद्धांतों ,विचारों और उनके त्याग के बताए हुए रास्तों को अपनाकर सादगी पूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं।। डॉ. राम मनोहर लोहिया के सुपुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया गोवा के अधिकारिक कार्यक्रम गोवा क्रांति दिवस पर <ref>{{cite news |title=CM underscores need to bring about revolution in tech, research, startups |url=https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html |work=The Goan |date=19 June 2023}}</ref> == गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी == देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे। == जैसी कथनी वैसी करनी == लोहिया के समाजवादी आंदोलन की संकल्पना के मूल में अनिवार्यत: विचार और कर्म की उभय उपस्थिति थी- जिसके मूर्तिमंत स्वरूप स्वयं डॉ॰ लोहिया थे और आजन्म उन्होंने ‘कर्म और विचार’ की इस संयुक्ति को अपने आचरण से जीवन्त उदाहरण भी प्रस्तत किया। अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम व्यक्तित्वों की भांति लोहिया प्रभावित भी थे। वे जेल भी गए और ऐसी यातनाएं भी सहीं। आजादी से पूर्व ही कांग्रेस के भीतर उनका सोशलिस्ट ग्रुप था, लेकिन पंद्रह अगस्त सैंतालिस को अंग्रेजों से मुक्ति पाने पर वे उल्लसित तो थे लेकिन विभाजन की कीमत पर पाई गई इस स्वतंत्रता के कारण नेहरू और नेहरू की कांग्रेस से उनका रास्ता हमेशा के लिए अलग हो गया। स्वतंत्रता के नाम पर सत्ता की लिप्सा का यह खुला खेल लोहिया ने अपनी नंगी आंखों से देखा था और इसीलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनमें इतना रोष और क्षोभ था कि उन्हें धुर दक्षिणपंथी और वामपंथियों दोनों को साथ लेना भी उन्हें बेहतर विकल्प ही प्रतीत हुआ। == मौलिक एवं ठेठ देसी चिन्तक == स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के राजनेताओं में लोहिया मौलिक विचारक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 मार्च 2009 |archive-date=14 नवंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061114085226/http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |url-status=dead }}</ref> लोहिया के मन में भारतीय गणतंत्र को लेकर ठेठ देसी सोच थी। अपने इतिहास, अपनी भाषा के सन्दर्भ में वे कतई पश्चिम से कोई सिद्धांत उधार लेकर व्याख्या करने को राजी नहीं थे। सन् 1932 में जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में देश से अंग्रेजी हटाने का जो आह्वान किया। '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]]''' की गणना अब तक के कुछ इने गिने आंदोलनों में की जा सकती है। उनके लिए स्वभाषा राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि अपने स्वाभिमान का प्रश्न और लाखों–करोडों को हीन ग्रंथि से उबरकर आत्मविश्वास से भर देने का स्वप्न था– ‘‘मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान के साधारण लोग अपने अंग्रेजी के अज्ञान पर लजाएं नहीं, बल्कि गर्व करें। इस सामंती भाषा को उन्हीं के लिए छोड़ दें जिनके मां बाप अगर शरीर से नहीं तो आत्मा से अंग्रेज रहे हैं।’’ हलांकि लोहिया भी [[जर्मनी]] यानी विदेश से पढा़ई कर के आए थे, लेकिन उन्हें उन प्रतीकों का अहसास था जिनसे इस देश की पहचान है। [[महाशिवरात्रि|शिवरात्रि]] पर चित्रकूट में '''[[रामायण मेला]]''' उन्हीं की संकल्पना थी, जो सौभाग्य से अभी तक अनवरत चला आ रहा है। आज भी जब चित्रकूट के उस मेले में हजारों भारतवासियों की भीड़ स्वयमेव जुटती है तो लगता है कि ये ही हैं जिनकी चिंता लोहिया को थी, लेकिन आज इनकी चिंता करने के लिए लोहिया के लोग कहां हैं? == राजनीतिक शुचिता के पक्षधर == लोहिया ही थे जो राजनीति की गंदी गली में भी शुद्ध आचरण की बात करते थे। वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस सरकार के शासन में आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। ध्यान रहे स्वाधीन भारत में किसी भी राज्य में यह पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी– ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में तब सफाई और भलाई आएगी जब किसी पार्टी के खराब काम की निंदा उसी पार्टी के लोग करें।....और मै यह याद दिला दूं कि मुझे यह कहने का हक है कि हम ही हिंदुस्तान में एक राजनीतिक पार्टी हैं जिन्होंने अपनी सरकार की भी निंदा की थी और सिर्फ निंदा ही नहीं की बल्कि एक मायने में उसको इतना तंग किया कि उसे हट जाना पडा़। == कर्मवीर == लोहिया जी केवल चिन्तक ही नहीं, एक कर्मवीर भी थे। उन्होने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सन १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के समय [[उषा मेहता]] के साथ मिलकर उन्होने गुप्त रेडियो स्टेशन चलाया। १८ जून १९४६ को [[गोवा|गोआ]] को पुर्तगालियों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाने के लिये उन्होने आन्दोलन आरम्भ किया। अंग्रेजी को भारत से हटाने के लिये उन्होने [[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]] चलाया। == सप्त क्रान्तियाँ == लोहिया अनेक सिद्धान्तों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक हैं। वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे। उन्होंने एक साथ '''सात क्रांतियों''' का आह्वान किया। वे सात क्रान्तियां थी ये थीं- *(१) नर-नारी की समानता के लिए क्रान्ति, *(२) चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ क्रान्ति, *(३) संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए क्रान्ति, *(४) परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए क्रान्ति, *(५) निजी पूँजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए क्रान्ति, *(६) निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए क्रान्ति, *(७) अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिये क्रान्ति। इन सात क्रांतियों के सम्बन्ध में लोहिया ने कहा- : ''मोटे तौर से ये हैं सात क्रांन्तियाँ। सातों क्रांतियां संसार में एक साथ चल रही हैं। अपने देश में भी उनको एक साथ चलाने की कोशिश करना चाहिए। जितने लोगों को भी क्रांति पकड़ में आयी हो उसके पीछे पड़ जाना चाहिए और बढ़ाना चाहिए। बढ़ाते-बढ़ाते शायद ऐसा संयोग हो जाये कि आज का इन्सान सब नाइन्साफियों के खिलाफ लड़ता-जूझता ऐसे समाज और ऐसी दुनिया को बना पाये कि जिसमें आन्तरिक शांति और बाहरी या भौतिक भरा-पूरा समाज बन पाये।''<ref>{{Cite web |url=http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |title=लोहिया के विचार |access-date=16 अक्तूबर 2016 |archive-date=3 मार्च 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170303035145/http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |url-status=dead }}</ref><ref>[https://www.wattpad.com/2897374-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/page/134 डॉ लोहिया की सप्तक्रांति के उद्देश्य]</ref> == भारत-विभाजन पर लोहिया के विचार == उस समय की तमाम ऐसी घटनाओं और स्थितियों का जिनके प्रति एक आम भारतीय नागरिक के मन में बहुत स्पष्ट और तार्किक व्याख्या नहीं है, लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘गिल्टी मैन एंड इंडियाज पार्टीशन’ (भारत विभाजन के गुनहगार) में परत दर परत रहस्यों को खोला है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि उस समय के पूरे आंखों देखे इतिहास को ही नहीं, बल्कि उसके एक सक्रिय, जीवंत पात्र रहे लोहिया की बातों को आजाद भारत में सत्तारूढ़ दल द्वारा एक विपक्षी नेता की ‘खीझ’ से ज्यादा नहीं समझने दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि सत्ता हस्तांतरण के खेल की असलियत संग्रहालयों में दफन दस्तावेजों से ज्यादा लोहिया जैसे नेताओं को भी मालूम थी जिसे होते हुए उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। == लेखन == [[Image:Ram Manohar Lohia 1997 stamp of India.jpg|right|thumb|300px|१९९७ में भारत सरकार ने लोहिया की स्मृति में डाकटिकट निकाला]] डॉ राममनोहर लोहिया ने अनेकों विषयों पर अपने विचार लेख एवं पुस्तकों के रूप में प्रकाशित कीं। उनकी कुछ रचनाएँ हैं- * अंग्रेजी हटाओ * इतिहास चक्र * देश, विदेश नीति-कुछ पहलू * धर्म पर एक दृष्टि * भारतीय शिल्प * भारत विभाजन के गुनहगार * मार्क्सवाद और समाजवाद * राग, जिम्मेदारी की भावना, अनुपात की समझ * समलक्ष्य, समबोध * समदृष्टि * सच, कर्म, प्रतिकार और चरित्र निर्माण आह्‌वान * समाजवादी चिंतन * संसदीय आचरण * संपूर्ण और संभव बराबरी और दूसरे भाषण * हिंदू बनाम हिंदू ; अंग्रेजी में * ''The Caste System'': Hyderabad, Navahind [1964] 147 p. * ''Foreign Policy'': Aligarh, P.C. Dwadash Shreni, [1963?] 381 p. * ''Fragments of World Mind'': Maitrayani Publishers & Booksellers ; Allahabad [1949] 262 p. * ''Fundamentals of a World Mind'': ed. by K.S. Karanth. Bombay, Sindhu Publications, [1987] 130 p. * ''Guilty Men of India’s Partition'': Lohia Samata Vidyalaya Nyas, Publication Dept.,[1970] 103 p. * ''India, China, and Northern Frontiers'': Hyderabad, Navahind [1963] 272 p. * ''Interval During Politics'': Hyderabad, Navahind [1965] 197 p. * ''Marx, Gandhi and Socialism'': Hyderabad, Navahind [1963] 550 p. * ''Collected Works of Dr Lohia'' समाजवादी लेखक डॉ मस्तराम कपूर द्वारा ९ भागों में सम्पादित। ==स्मारक== * अवध विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "[[डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय]]" रखा गया है। * उनके नाम पर भारत के एक प्रमुख विधि स्कूल का नाम [[डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय]], [[लखनऊ]] रखा गया है। * [[पणजी]] के '१८ जून रोड' का नाम डॉ राममनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया है। १८ जून १९४६ को इसी जगह से उन्होने पुर्तगाली शासन के विरुद्ध आन्दोलन आरम्भ किया था। * सन १९७० में दिल्ली के 'विल्लिंगडन हॉस्पिटल' का नाम बदलकर [[राम मनोहर लोहिया अस्पताल]] कर दिया गया। इसी अस्पताल में उन्होने अन्तिम सांस ली थी। * [[लखनऊ]] में [[डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान]] उनके नाम पर ही है। * उनके गृहनगर अकबरपुर में उनके नाम पर एक सामुदायिक भवन बना है, जिसका नाम "डॉ राममनोहर लोहिया भवन" रखा गया है। * [[कर्नाटक]] के [[बल्लारी]] में उनके नाम से "लोहिया प्रकाशन" नामक एक प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान था। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हे भी देखें == * [[जयप्रकाश नारायण]] * [[सप्तक्रांति]] * [[रामायण मेला]] == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote|राममनोहर लोहिया}} * [http://www.socialistpartyindia.blogspot.com/2017/09/blog-post_10.html हिन्दी के सरलीकरण की नीति] हिन्दी शब्द सृजन आदि से सम्बन्धित लोहिया के विचार) * [http://www.lohiavani.com/Default.aspx लोहियावाणी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161019014248/http://www.lohiavani.com/Default.aspx |date=19 अक्तूबर 2016 }} * [http://lohiaphotos.blogspot.com तस्‍वीरों में लोहिया] * [http://issbaar.blogspot.com/2011/02/blog-post_7794.html सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत : लोहिया] (संस्कृति, समाज और भाषा के अन्तःसम्बन्धों की पड़ताल) * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/hindu-banam-hindu.pdf हिन्दू बनाम हिन्दू : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/ram-krishnashiv.pdf राम, कृष्ण और शिव : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/krishna.pdf कृष्ण : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/econ_after_lohia1.pdf अर्थशास्त्र : मार्क्स, लोहिया से आगे /सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/audyogikaran_ka_andhavishvas.pdf औद्योगीकरण का अंधविश्वास : सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/shiksha-sawal-jawab1.pdf शिक्षा पर सवाल जवाब ] * [http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml गांधी-लोहिया का पुनर्पाठ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101021060027/http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml |date=21 अक्तूबर 2010 }} * [http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm लोहिया : एक असमाप्त जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927003229/http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm |date=27 सितंबर 2007 }} * [http://kashivishvavidyalay.wordpress.com/2007/04/24/lohiaramkrishnashiv-2/ लोहिया : मर्यादित, उन्मुक्त और असीमित व्यक्तित्व (२)] * [http://www.indiannationalism.org/pdf/Dr._Rammanohar_Lohiya.pdf गंगा तीरे, सरयू तीरे]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (राममनोहर लोहिया पर विशेष) * [http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 तो इतिहास कुछ और होता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110920031542/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 |date=20 सितंबर 2011 }} (भारतीय पक्ष) * [http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html लोहिया के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305120324/http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html |date=5 मार्च 2016 }} * [http://aarambha.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html स्वर्गीय लोहिया साहब : रामधारी सिंह 'दिनकर'] * [http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2004/04/040415_socialists_ideology.shtml समाजवादी विचारधारा आज कहाँ है ?] (बीबीसी हिन्दी) * [http://books.google.co.in/books?id=sctwuur-nmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false लोहिया के विचार] (गूगल पुस्तक) * [http://books.google.co.in/books?id=n2VV7CQ8Jc4C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false ना रहूँ किसी का दस्तनिगर : मेरा सफरनामा] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैप्टेन अब्बास अली) * [http://www.pravakta.com/?p=8190 यह लोहिया की सदी हो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100325102121/http://www.pravakta.com/?p=8190 |date=25 मार्च 2010 }} (वेदप्रताप वैदिक) * [http://kiransnm.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html लोहिया नें संसद को बनाया लोक सदन] (किरन माहेश्वरी) * [http://www.pravakta.com/?p=8211 डॉ॰ लोहिया का इतिहास चिंतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100326212816/http://www.pravakta.com/?p=8211 |date=26 मार्च 2010 }} – डॉ॰ मनोज चतुर्वेदी * [http://www.nafanuksan.com/DetailNews.aspx?newsid=2538&status=other डॉ॰ लोहिया और सप्त क्रान्ति]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 लोहिया के बिना साहित्य का इतिहास अधूरा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110912200346/http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 |date=12 सितंबर 2011 }} - नामवर सिंह * [http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 लोहिया का अंगरेजी विरोध] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110911141922/http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 |date=11 सितंबर 2011 }} (गंगा सहाय मीणा) * [http://bharatkenayak.blogspot.com/2011/04/blog-post_16.html समाजवादी नायक : श्री राम मनोहर लोहिया] * [http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 अप्रासंगिक हुआ लोहिया का गैर-कांग्रेसवाद?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140201162827/http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 |date=1 फ़रवरी 2014 }} (प्रभासाक्षी) [[श्रेणी:1910 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९६७ में निधन]] i2rqthu7xwpw9alx6hnhkmn73xgg75q 6582773 6582772 2026-07-15T06:16:55Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* देहावसान */ 6582773 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राममनोहर लोहिया | image = Ram Manohar Lohia 1977 stamp of India.jpg | image_size = | alt = | caption = १९७७ के एक डाकटिकट पर लोहिया | birth_date = {{birth date|df=yes|1910|03|23}} | birth_place = [[अकबरपुर, अंबेडकर नगर|अकबरपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] | death_date = {{death date and age|df=yes|1967|10|12|1910|03|23}} | death_place = [[नयी दिल्ली]] | death_cause = | resting_place = | resting_place_coordinates = | nationality = Indian | other_names = | movement = [[भारत छोड़ो आन्दोलन]]<br>[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] | education = | alma_mater = [[कोलकाता विश्वविद्यालय]] (बीए)<br>[[हम्बोल्ट विश्वविद्यालय]], [[बर्लिन]] ([[पीएच डी]]) | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]<br>[[प्रजा समाजवादी पार्टी]]<br>[[संयुक्त समाजवादी दल]] | religion = | spouse = | children = | parents = | awards = | signature = | footnotes = | website = {{URL|www.lohiatoday.com}} }} '''डॉ॰ राममनोहर लोहिया''' (जन्म - [[२३ मार्च]], [[१९१०]] - मृत्यु - [[१२ अक्तूबर|१२ अक्टूबर]], [[१९६७|१९६७]]) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा [[समाजवाद|समाजवादी]] राजनेता थे। == जीवनवृत्त == === आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा === डॉ॰ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या जिला|अयोध्या]] जनपद में वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद नामक स्थान में हुआ था। उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे। ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी (चन्दा देवी) का देहान्त हो गया।। उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला। टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए। उनके पिताजी [[महात्मा गांधी|गाँधीजी]] के अनुयायी थे। जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे। इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। पिताजी के साथ 1918 में [[अहमदाबाद]] कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार शामिल हुए। [[बंबई]] के मारवाड़ी स्कूल में पढ़ाई की। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य गंगाधर तिलक]] की मृत्यु के दिन विद्यालय के लड़कों के साथ 1920 में पहली अगस्त को हड़ताल की। गांधी जी की पुकार पर 10 वर्ष की आयु में स्कूल त्याग दिया। पिताजी को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के आंदोलन के चलते सजा हुई। 1921 में फैजाबाद किसान आंदोलन के दौरान [[जवाहरलाल नेहरू]] से मुलाकात हुई। 1924 में प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस के [[गया]] अधिवेशन में शामिल हुए। 1925 में मैट्रिक की परीक्षा दी। कक्षा में 61 प्रतिशत नंबर लाकर प्रथम आए। इंटर की दो वर्ष की पढ़ाई [[वाराणसी|बनारस]] के [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी विश्वविद्यालय]] में हुई। कॉलेज के दिनों से ही [[खादी|खद्दर्]] पहनना शुरू कर दिया। 1926 में पिताजी के साथ [[गुवाहाटी|गौहाटी]] कांग्रेस अधिवेशन में गए। 1927 में इंटर पास किया तथा आगे की पढ़ाई के लिए [[कोलकाता|कलकत्ता]] जाकर ताराचंद दत्त स्ट्रीट पर स्थित पोद्दार छात्र हॉस्टल में रहने लगे। विद्यासागर कॉलेज में दाखिला लिया। अखिल बंग विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाषचंद्र बोस]] के न पहुंचने पर उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 1928 में कलकता में कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। 1928 से अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन में सक्रिय हुए। [[साइमन कमीशन|साइमन कमिशन]] के बहिष्कार के लिए छात्रों के साथ आंदोलन किया। कलकत्ता में युवकों के सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष तथा सुभाषचंद्र बोस और लोहिया विषय निर्वाचन समिति के सदस्य चुने गए। 1930 में द्वितीय श्रेणी में बीए की परीक्षा पास की। =परिवार= परिवार में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया हैं जो अपने परिवार के साथ उनके विचारों, सिद्धांतों उनकी सादगी व त्याग के बताए हुए रास्ते पर चलकर सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्य में संलग्न है ।। गोवा के ऐतिहासिक लोहिया मैदान मडगांव के आधिकारिक तय सरकारी कार्यक्रम में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया और उनके परिवार की उपस्थिति गोवा के प्रसिद्ध न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार.. https://www.republicworld.com/india-news/general-news/goa-would-have-been-liberated-earlier-had-sardar-patel-been-alive-union-min-rajeev-chandrasekhar-articleshow.html === यूरोप प्रवास === 1930 जुलाई को लोहिया अग्रवाल समाज के कोष से पढ़ाई के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] रवाना हुए। वहाँ से वे [[बर्लिन]] गए। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो॰ बर्नर जेम्बार्ट को अपना प्राध्यापक चुना। 3 महीने में [[जर्मन भाषा]] सीखी। 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने [[दांडी मार्च|दाण्डी यात्रा]] प्रारंभ की। जब नमक कानून तोड़ा गया तब पुलिस अत्याचार से पीड़ित होकर पिता हीरालाल जी ने लोहिया को विस्तृत पत्र लिखा। 23 मार्च को [[लाहौर]] में [[भगत सिंह]] को फांसी दिए जाने के विरोध में [[राष्ट्र संघ|लीग ऑफ नेशन्स]] की बैठक में बर्लिन में पहुंचकर सीटी बजाकर दर्शक दीर्घा से विरोध प्रकट किया। सभागृह से उन्हें निकाल दिया गया। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे [[बीकानेर]] के महाराजा द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर लोहिया ने [[रोमानिया|रूमानिया]] की प्रतिनिधि को खुली चिट्ठी लिखकर उसे अखबारों में छपवाकर उसकी कॉपी बैठक में बंटवाई। [[गांधी-इरविन समझौता|गांधी इर्विन समझौते]] का लोहिया ने [[प्रवासी भारतीय]] विद्यार्थियों की संस्था "मध्य यूरोप हिन्दुस्तानी संघ" की बैठक में संस्था के मंत्री के तौर पर समर्थन किया। [[साम्यवाद|कम्युनिस्टों]] ने विरोध किया। बर्लिन के स्पोटर्स पैलेस में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का भाषण सुना। 1932 में लोहिया ने [[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]] विषय पर अपना [[शोध-प्रबन्ध|शोध प्रबंध]] पूरा कर [[हम्बोल्ट बर्लिन विश्वविद्यालय|बर्लिन विश्वविद्यालय]] से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। === स्वदेश आगमन एवं स्वतंत्रता संग्राम === 1933 में मद्रास पहुंचे। रास्ते में सामान जब्त कर लिया गया। तब समुद्री जहाज से उतरकर [[द हिन्दू|हिन्दु]] अखबार के दफ्तर पहुंचकर दो लेख लिखकर 25 रुपया प्राप्त कर कलकत्ता गए। कलकत्ता से बनारस जाकर [[मदनमोहन मालवीय|मालवीय जी]] से मुलाकात की। उन्होंने रामेश्वर दास बिड़ला से मुलाकात कराई जिन्होंने नौकरी का प्रस्ताव दिया, लेकिन दो हफ्ते साथ रहने के बाद लोहिया ने निजी सचिव बनने से इनकार कर दिया। तब पिता जी के मित्र सेठ [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] लोहिया को गांधी जी के पास ले गए तथा उनसे कहा कि ये लड़का राजनीति करना चाहता है। कुछ दिन तक [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] के साथ रहने के बाद शादी का प्रस्ताव मिलने पर शहर छोड़कर वापस कलकत्ता चले गए। विश्व राजनीति के आगामी 10 वर्ष विषय पर [[ढाका विश्वविद्यालय]] में व्याख्यान देकर कलकत्ता आने-जाने की राशि जुटाई। [[पटना]] में 17 मई 1934 को [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्र देव]] की अध्यक्षता में देश के समाजवादी अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में इकट्ठे हुए, जहां [[समाजवादी पार्टी]] की स्थापना का निर्णय लिया गया। यहां लोहिया ने समाजवादी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी के उद्देश्यों में लोहिया ने पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य जोड़ने का संशोधन पेश किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। 21-22 अक्टूबर 1934 को बम्बई के बर्लि स्थित 'रेडिमनी टेरेस' में 150 समाजवादियों ने इकट्ठा होकर [[कांग्रेस समाजवादी दल|कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी]] की स्थापना की। लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। कांग्रेस सोशलिस्ट सप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बनाए गए। गांधी जी के विरोध में जाकर उन्होंने कांउसिल प्रवेश का विरोध किया। गांधी जी ने लोहिया के लेख पर दो पत्र लिखे। 1936 के [[मेरठ]] अधिवेशन में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के लिए पार्टी का दरवाजा खोल दिया। लोहिया बार-बार कम्युनिस्टों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी [[जयप्रकाश नारायण]] जी एवं अन्य नेताओं को देते रहे। 1935 में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में [[लखनऊ]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जहां लोहिया को परराष्ट्र विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया जिसके चलते उन्हें [[इलाहाबाद]] आना पड़ा। 1938 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी में लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के परराष्ट्र विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1940 में रामगढ़ कांग्रेस के कम्युनिस्टों को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया गया। 1939 में त्रिपुरी कांग्रेस में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] को समाजवादियों ने समर्थन किया। डॉ॰ लोहिया तटस्थ बने रहे। लोहिया ने गांधी जी द्वारा यह कहे जाने पर की बोस का चुनाव मेरी शिकस्त है पर प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव गांधी जी से सम्मानपूर्वक आह्वान करता है कि उनकी शिकस्त नहीं हुई है। गांधी जी की इच्छानुसार सुभाषचंद्र बोस कार्यसमिति बनाने को तैयार नहीं हुए तथा नेहरू सहित अन्य कांग्रेस के नेताओं ने बोस के साथ कार्यसमिति में रहने से इंकार कर दिया तब बोस ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तथा कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। महायुद्ध के समय लोहिया ने युद्धभर्ती का विरोध, देशी रियासतों में आंदोलन, ब्रिटिश माल जहाजों से माल उतारने व लादने वाले मजदूरों का संगठन तथा युद्धकर्ज को मंजूर तथा अदा न करने, जैसे चार सूत्रीय मुद्दों को लेकर युद्ध विरोधी प्रचार शुरू कर दिया। 1939 के मई महीने में दक्षिण कलकता की कांग्रेस कमेटी में युद्ध विरोधी भाषण करने पर उन्हें 24 मई को गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता के चीफ प्रेसीडेन्सी मजिस्टे्रट के सामने लोहिया ने स्वयं अपने मुकदमे की पैरवी और बहस की। 14 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया गया। 9 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस समिति के बैठक [[वर्धा]] में हुई जिसमें लोहिया ने समझौते का विरोध किया। उसी समय उन्होंने '''शस्त्रों का नाश हो''' नामक प्रसिद्ध लेख लिखा। 11 मई 1940 को [[सुल्तानपुर]] के जिला सम्मेलन में लोहिया ने कांग्रेस से 'सत्याग्रह अभी नहीं' नामक लेख लिखा। गांधी जी ने मूल रूप में लोहिया द्वारा दिए गए चार सूत्रों को स्वीकार किया। 7 जून 1940 को डॉ॰ लोहिया को 11 मई को दोस्तपुर ([[सुल्तानपुर]]) में दिए गए भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। उन्हें कोतवाली में सुल्तानपुर में [[इलाहाबाद]] के स्वराज भवन से ले जाकर हथकड़ी पहनाकर रखा गया। 1 जुलाई 1940 को भारत सुरक्षा कानून की धारा 38 के तहत दो साल की सख्त सजा हुई। सजा सुनाने के बाद उन्हें 12 अगस्त को [[बरेली]] जेल भेज दिया गया। 15 जून 1940 को गांधी जी ने '[[हरिजन]]' में लिखा, कि 'मैं युद्ध को गैर कानूनी मानता हूं किन्तु युद्ध के खिलाफ मेरे पास कोई योजना नहीं है इस वास्ते मैं युद्ध से सहमत हूं।' 25 अगस्त को गांधी जी ने लिखा कि 'लोहिया और दूसरे कांग्रेस वालों की सजाएं हिन्दुस्तान को बांधने वाली जंजीर को कमजोर बनाने वाले हथौडे क़े प्रहार हैं। सरकार कांग्रेस को सिविल-नाफरमानी आरंभ करने और आखिरी प्रहार करने के लिए प्रेरित कर रही है। यद्यपि कांग्रेस उसे उस दिन तक के लिए स्थगित करना चाहती है जब तक इंग्लैंड मुसीबत में हो।' गांधी जी ने बंबई में कहा, कि 'जब तक डॉ॰ राममनोहर लोहिया जेल में है तब तक मैं खामोश नहीं बैठ सकता, उनसे ज्यादा बहादुर और सरल आदमी मुझे मालूम नहीं। उन्होंने हिंसा का प्रचार नहीं किया जो कुछ किया है उनसे उनका सम्मान बढ़ता है।' 4 दिसम्बर 1941 को अचानक लोहिया को रिहा कर दिया गया तथा देश के अन्य जेलों में बंद कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। 19 अप्रैल 1942 को हरिजन में लोहिया का लेख 'विश्वासघाती जापान या आत्मसंतुष्ट ब्रिटेन' गांधी जी द्वारा प्रकाशित किया गया। गांधी जी ने टिप्पणी की कि मेरी उम्मीद है कि सभी संबंधित इसके प्रति ध्यान देंगे। सन् 1942 में [[इलाहाबाद]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां लोहिया ने खुलकर नेहरू का विरोध किया। इसके बाद [[अल्मोड़ा]] जिला सम्मेलन में लोहिया ने 'नेहरू को झट पलटने वाला नट' कहा। गांधी जी के साथ एक सप्ताह रहकर लोहिया ने गांधी जी को वाइसराय के नाम पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। जिसमें गांधी जी ने लिखा कि अहिंसानिष्ट सोशलिस्ट डॉ॰ लोहिया ने भारतीय शहरों को बिना पुलिस व फौज के शहर घोषित करने की कल्पना निकाली है। लोहिया जी के द्वारा दुनिया की सभी सरकारों को नई दुनिया की बुनियाद बनाने की योजना की कल्पना गांधी जी के सामने रखी गई, जिसमें एक देश की दूसरे देश में जो पूंजी लगी है उसे जब्त करना, सभी लोगों को संसार में कहीं भी आने-जाने व बसने का अधिकार देना, दुनिया के सभी राष्ट्रों को राजनैतिक आजादी तथा विश्व नागरिकता की बात कही गई थी। गांधी जी ने इसे हरिजन में छापा और अपनी ओर से समर्थन भी किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ जल्दी लड़ाई छेड़ने को लेकर गांधी जी ने दस दिन रूकने के लिए लोहिया को कहा। दस दिन बाद 7 अगस्त 1942 को गांधीजी ने तीन घंटे तक भाषण देकर कहा, कि 'हम अपनी आजादी लड़कर प्राप्त करेंगे।' अगले दिन 8 अगस्त को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव बंबई में बहुमत से स्वीकृत हुआ। गांधी जी ने '''करो या मरो''' का संदेश दिया। ==== भारत छोड़ो आन्दोलन ==== 9 अगस्त १९४२ को जब गांधी जी व अन्य कांग्रेस के नेता गिरफ्तार कर लिए गए, तब लोहिया ने भूमिगत रहकर '[[भारत छोड़ो आन्दोलन|भारत छोड़ो आंदोलन]]' को पूरे देश में फैलाया। लोहिया, [[अच्युत पटवर्धन]], सादिक अली, पुरूषोत्तम टिकरम दास, मोहनलाल सक्सेना, उषा मेहता ,रामनन्दन मिश्रा, सदाशिव महादेव जोशी, साने गुरूजी, [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]], अरूणा आसिफअली, [[सुचेता कृपलानी]] और पूर्णिमा बनर्जी आदि नेताओं का केन्द्रीय संचालन मंडल बनाया गया। लोहिया पर नीति निर्धारण कर विचार देने का कार्यभार सौंपा गया। भूमिगत रहते हुए 'जंग जू आगे बढ़ो, क्रांति की तैयारी करो, आजाद राज्य कैसे बने' जैसी पुस्तिकाएं लिखीं। 20 मई 1944 को लोहिया जी को [[बंबई]] में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद [[लाहौर किला|लाहौर किले]] की एक अंधेरी कोठरी में रखा गया जहां 14 वर्ष पहले [[भगत सिंह]] को [[फांसी]] दी गई थी। पुलिस द्वारा लगातार उन्हें यातनाएँ दी गई, 15-15 दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। किसी से मिलने नहीं दिया गया 4 महीने तक ब्रुश या पेस्ट तक भी नहीं दिया गया। हर समय हथकड़ी बांधे रखी जाती थी। लाहौर के प्रसिद्ध वकील [[जीवनलाल कपूर]] द्वारा [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण]] की याचिका लगाने पर उन्हें तथा [[जयप्रकाश नारायण]] को स्टेट प्रिजनर घोषित कर दिया गया। मुकदमे के चलते सरकार को लोहिया को पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी पड़ी। पहला पत्र लोहिया ने [[ब्रिटिश लेबर पार्टी]] के अध्यक्ष प्रो॰ हेराल्ड जे. लास्की को लिखा जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 1945 में लोहिया को [[लाहौर]] से [[आगरा]] जेल भेज दिया गया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होने पर गांधी जी तथा कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। केवल लोहिया व जयप्रकाश ही जेल में थे। इसी बीच अंग्रेजों की सरकार और कांग्रेस की बीच समझौते की बातचीत शुरू हो गई। [[इंग्लैंड]] में [[लेबर पार्टी (यूके)|लेलेबर पार्टी]] की सरकार बन गई सरकार का प्रतिनिधि मंडल डॉ॰ लोहिया से आगरा जेल में मिलने आया। इस बीच लोहिया के पिता हीरालाल जी की मृत्यु हो गई। किन्तु लोहिया जी ने सरकार की कृपा पर पेरोल पर छूटने से इंकार कर दिया। ====गोवा मुक्ति आन्दोलन==== [[चित्र:Lohia Maidan.jpg|right|thumb|300px|गोवा में राममनोहर लोहिया की प्रतिमा]] 11 अप्रैल 1946 को लोहिया को आगरा जेल से रिहा कर दिया गया। 15 जून को लोहिया ने [[गोवा]] के [[पणजी|पंजिम]] में '[[भारतीय वायुसेना|गोवा मुक्ति आंदोलन]]' की पहली सभा ली। लोहिया को 18 जून को गोवा मुक्ति आंदोलन के शुरूआत के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। 14 अगस्त 1946 को 'हरिजन' में गांधी जी ने लिखा कि, लोहिया को बधाई दी जानी चाहिए। 30 दिसम्बर 1946 को [[नोवाखाली|नवाखली]] में हिन्दु और मुसलमान के बीच के अविश्वास को दूर करने में गांधी जी के साथ विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया। पूरे साल नवाखली, कलकत्ता, बिहार, दिल्ली सभी जगह लोहिया गांधी जी के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता की आग को बुझाने की कोशिश करते रहे। 9 अगस्त 1947 से लगातार हिंसा रोकने का प्रयास चलता रहा। 14 अगस्त की रात को हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई के नारों के साथ लोहिया ने सभा की। 31 अगस्त को वातावरण फिर बिगड़ गया, गांधी जी अनशन पर बैठ गए तब लोहिया ने दंगाईयों के हथियार इकट्ठे कराए। लोहिया के प्रयास से शांति समिति की स्थापना हुई तथा 4 सितम्बर को गांधी जी ने अनशन तोड़ा। 29 सितम्बर को बेलगांव में लोहिया को फिर गिरफ्तार कर लिया गया। 26, 27, 28 फ़रवरी 1947 को सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में तटस्थ रहने का निर्णय लिया गया। === स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद === जनवरी 1947 में लोहिया ने [[नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस]] को स्थापित करने तथा राणाशाही के विरुद्ध सत्याग्रह प्रारंभ करने की पहल की। 25 जनवरी 1948 को बंबई हड़ताल को लेकर लोहिया जी ने गांधी जी से हड़ताल का समर्थन मांगा। 28 जनवरी को गांधी जी ने कहा कि कल आना कल पेट भर की बात होगी। 30 जनवरी को लोहिया जब बिड़ला भवन के लिए निकले तब उन्हें गांधी जी की हत्या की खबर सुनने को मिली। मार्च 1948 में नासिक सम्मेलन में सोशलिस्ट दल ने कांग्रेस से अलग होने का निश्चय किया। लोहिया की प्रेरणा से रियासतों की समाप्ति का आंदोलन 650 रिसासतों में समाजवादी चला रहे थे। 2 जनवरी 1948 को रीवा में 'हमें चुनाव चाहिए विभाजन रद्द करो' के नारे के साथ आंदोलन किया गया जिसमें पुलिस ने गोली चलाई 4 आंदोलनकारी शहीद हुए। 1949 को सोशलिस्ट पार्टी द्वारा लोहिया के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला के आमरण अनशन तथा नेपाल में राणाशाही के अत्याचार के खिलाफ सभा की गई। नेपाली दूतावास की ओर जब जुलूस बढ़ा तब लाठी चार्ज किया गया लोहिया को गिरफ्तार किया गया। 20 जून को देश भर में लोहिया दिवस मनाया गया। मुकदमे में दो महीने की कैद हुई। 3 जुलाई को उन्हें रिहा कर दिया गया। सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसी सम्मेलन में लोहिया ने 'चौखंभा राज्य' की कल्पना प्रस्तुत की। पटना में 'हिन्द किसान पंचायत' की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष लोहिया को चुना गया। 25 नवम्बर 1949 को लखनऊ में एक लाख किसानों ने विशाल प्रदर्शन किया। 26 फ़रवरी 1950 को [[रीवा]] में 'हिन्द किसान पंचायत' का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। दिल्ली में 3 जून 1951 को जनवाणी दिवस पर प्रदर्शन किया गया। 'रोजी-रोटी कपड़ा दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो', प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा था। 14 जून 1951 को सागर स्टेशन में लोहिया को गिरफ्तार कर बेंगलूर के हवालात में बंद कर दिया गया। 3 जुलाई को लोहिया छूटे। 24 जुलाई को वे विश्व सरकार के समर्थकों के सम्मेलन में [[स्वीडन]] की राजधानी स्टॉकहोम गए 17 साल बाद वे पुन: बर्लिन पहुंचे। लोहिया इंग्लैंड, पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण पश्चिम एशिया के कई देशों में गए; [[इज़राइल|इस्रायल]] से होकर 15 नवम्बर को स्वेदश लौटे। 1951 में लोहिया को 3 जुलाई को समाजवादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बुलाया गया। सम्मेलन में जर्मनी, युगोस्लाविया, अमेरिका, हवाई, जापान, हांगकांग, थाईदेश, सिंगापुर मलाया, इंडोनेशिया तथा लंका भी गए। लोहिया विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टन से प्रिंसटन में मिले। [[अल्बर्ट आइंस्टीन|आइंस्टीन]] ने कहा, कि 'किसी मनुष्य से मिलना कितना अच्छा होता है आदमी कितना अकेला पड़ जाता है।' लोहिया ने अमरीका में सैकड़ों स्थानों पर भाषण किए। उस समय उन्होंने एशिया की समस्त सोशलिस्ट पार्टियों का संगठन निर्मित करने का विचार बनाया। 25 मार्च से 29 मार्च 1952 में एशियाई सोशलिस्ट कान्फ्रेंस हुई, लेकिन इसमें लोहिया शामिल नहीं हो सके। जयप्रकाश नरायण भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता बन कर [[यांगून|रंगून]] गए। [[चित्र:Mani Ram Bagri1.jpg|अंगूठाकार|डॉ राममनोहर लोहिया, मणि राम बागरी, मधु लिमये, एस एम जोशी]] मई 1952 में [[पचमढ़ी|पंचमढ़ी]] में सोशलिस्ट पार्टी का सम्मेलन हुआ। आम चुनाव में हार के बाद लोहिया ने चुनावों की पराजय की शव परीक्षा के बदले ठोस विचारों की ओर पार्टी को ले जाने का विचार दिया। गुजरात पार्टी सम्मेलन में इतिहास चक्र की नई व्याख्या लोहिया द्वारा प्रस्तुत की गई। 24-25 सितम्बर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की जनरल कौंसिल बैठक में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी और सोशिलिस्ट पार्टी के विलय का निर्णय लिया गया। इस तरह [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी|प्रजा सोशलिस्ट पार्टी]] का जन्म हुआ। 29 से 31 दिसम्बर 1953 को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का पहला सम्मेलन इलाहाबाद में हुआ। वहां लोहिया ने इलाहाबाद थीसिस प्रस्तुत की। लोहिया को उनके मना करने के बावजूद पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया। 13-14 मई 1954 को उत्तर प्रदेश प्रजा सोशलिस्ट पार्टी द्वारा नहर रेट की बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया गया। 4 जुलाई 1954 को फारूखाबाद में वाणी स्वतंत्रता के संघर्ष को लेकर भाषण दिए जाने के कारण गिरफ्तार किया गया। नागपुर में 26-28 नवम्बर 1954 के बीच [[केरल]] गोली कांड पर विचार करने के लिए सम्मेलन हुआ। लोहिया केरल मंत्रीमंडल से इस्तीफा मांग चुके थे। 31 दिसम्बर 1955 तथा 1 जनवरी 1956 को सोशलिस्ट पार्टी का स्थापना हुई। लखनऊ में लोहिया के नेतृत्व में एक लाख किसानों का प्रदर्शन हुआ। 1956 में लोहिया ने "मैनकाइंड" नामक पत्रिका शुरू की। सोशिलिस्ट पार्टी का प्रथम वार्षिक अधिवेशन भारत के मध्य बिंदु मध्यप्रदेश के ग्राम सिहोरा में 28, 29, 30 दिसम्बर 1956 को हुआ। 2 नवम्बर 1957 को लोहिया क्रिमनल लॉ एमेंडमेंड एक्ट की धारा 7 की तहत डाकिए से कुछ कहने पर अकारण गिरफ्तार कर लिया गया। 12 नवम्बर 1958 को लोहिया पूर्वोतर के दौरे पर निकले, जहां उन्हें दौरा करने से रोक दिया गया। एक साल बाद फिर उसी स्थान उर्वसियम ([[नेफ़ा|नेफा]]) से लोहिया ने पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 17 अप्रैल 1960 को कानुपर के सर्किट हाउस में अनाधिकृत प्रवेश करने के कारण अपराध बताकर उन्हें पुन: गिरफ्तार किया गया। 1961 में '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन]]''' के दौरान लोहिया की सभा पर मद्रास में पत्थर बरसाये गए। 1961 में लोहिया एथेंस, रोम और काहिरा गए। 1962 में चुनाव हुआ लोहिया नेहरू के विरुद्ध [[फूलपुर]] में चुनाव मैदान में उतरे। 11 नवम्बर 1962 को कलकत्ता में सभा कर लोहिया ने [[तिब्बत]] के सवाल को उठाया। 1963 के फारूखाबाद के लोकसभा उपचुनाव में लोहिया 58 हजार मतों से चुनाव जीते। लोकसभा में लोहिया की तीन आना बनाम पन्द्रह आना की बहस अत्यंत चर्चित रही, जिसमें उन्होंने 18 करोड़ आबादी के चार आने पर जिंदगी काटने तथा प्रधानमंत्री पर 25 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च करने का आरोप लगाया। 9 अगस्त 1965 को लोहिया को भारत सुरक्षा कानून के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। ; अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन लोहिया जानते थे कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में अंग्रेजी का प्रयोग आम जनता की प्रजातंत्र में शत प्रतिशत भागीदारी के रास्ते का रोड़ा है। उन्होंने इसे सामंती भाषा बताते हुए इसके प्रयोग के खतरों से बारंबार आगाह किया और बताया कि यह मजदूरों, किसानों और शारीरिक श्रम से जुड़े आम लोगों की भाषा नहीं है। उन्होंने लिखा: : '' यदि सरकारी और सार्वजनिक काम ऐसी भाषा में चलाये जाएं, जिसे देश के करोड़ों आदमी न समझ सकें, तो यह केवल एक प्रकार का जादू-टोना होगा। दुख की बात है कि लोहिया के अंग्रेजी हटाओ आंदोलन (1957) को हिंदी का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा गया, जबकि लोहिया ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अंग्रेजी हटाओ का अर्थ हिंदी लाओ कदापि नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति और उनके प्रयोग की खुल कर वकालत की। उनके अनुसार अंग्रेजी हटाओ का अर्थ 'मातृभाषा लाओ' था। भारतीय राजनीति का बेबाक और बिंदास चेहरा रहे राममनोहर लोहिया ने ५० के दशक में ही भांप लिया था। उन्होंने लोकसभा में बल देकर अपनी बात रखते हुए कहा था: :'' अंग्रेजी को खत्म कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि अंग्रेजी का सार्वजनिक प्रयोग बंद हो, लोकभाषा के बिना लोक राज्य असंभव है। कुछ भी हो अंग्रेजी हटनी ही चाहिये, उसकी जगह कौन सी भाषाएं आती हैं यह प्रश्न नहीं है। हिन्दी और किसी भाषा के साथ आपके मन में जो आए सो करें, लेकिन अंग्रेजी तो हटना ही चाहिये और वह भी जल्दी। अंग्रेज गये तो अंग्रेजी चली जानी चाहिये। === देहावसान === 30 सितम्बर 1967 को लोहिया को नई दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल अब जिसे लोहिया अस्पताल कहा जाता है को पौरूष ग्रंथि के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया जहां 12 अक्टूबर 1967 को उनका देहांत 57 वर्ष की आयु ......................... . परिवार = परिवार में उनके पुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया हैं जो उन्हीं के रूप में उनके सिद्धांतों ,विचारों और उनके त्याग के बताए हुए रास्तों को अपनाकर सादगी पूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं।। डॉ. राम मनोहर लोहिया के सुपुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया गोवा के अधिकारिक कार्यक्रम गोवा क्रांति दिवस पर <ref>{{cite news |title=CM underscores need to bring about revolution in tech, research, startups |url=https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html |work=The Goan |date=19 June 2023}}</ref> == गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी == देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे। == जैसी कथनी वैसी करनी == लोहिया के समाजवादी आंदोलन की संकल्पना के मूल में अनिवार्यत: विचार और कर्म की उभय उपस्थिति थी- जिसके मूर्तिमंत स्वरूप स्वयं डॉ॰ लोहिया थे और आजन्म उन्होंने ‘कर्म और विचार’ की इस संयुक्ति को अपने आचरण से जीवन्त उदाहरण भी प्रस्तत किया। अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम व्यक्तित्वों की भांति लोहिया प्रभावित भी थे। वे जेल भी गए और ऐसी यातनाएं भी सहीं। आजादी से पूर्व ही कांग्रेस के भीतर उनका सोशलिस्ट ग्रुप था, लेकिन पंद्रह अगस्त सैंतालिस को अंग्रेजों से मुक्ति पाने पर वे उल्लसित तो थे लेकिन विभाजन की कीमत पर पाई गई इस स्वतंत्रता के कारण नेहरू और नेहरू की कांग्रेस से उनका रास्ता हमेशा के लिए अलग हो गया। स्वतंत्रता के नाम पर सत्ता की लिप्सा का यह खुला खेल लोहिया ने अपनी नंगी आंखों से देखा था और इसीलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनमें इतना रोष और क्षोभ था कि उन्हें धुर दक्षिणपंथी और वामपंथियों दोनों को साथ लेना भी उन्हें बेहतर विकल्प ही प्रतीत हुआ। == मौलिक एवं ठेठ देसी चिन्तक == स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के राजनेताओं में लोहिया मौलिक विचारक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 मार्च 2009 |archive-date=14 नवंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061114085226/http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |url-status=dead }}</ref> लोहिया के मन में भारतीय गणतंत्र को लेकर ठेठ देसी सोच थी। अपने इतिहास, अपनी भाषा के सन्दर्भ में वे कतई पश्चिम से कोई सिद्धांत उधार लेकर व्याख्या करने को राजी नहीं थे। सन् 1932 में जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में देश से अंग्रेजी हटाने का जो आह्वान किया। '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]]''' की गणना अब तक के कुछ इने गिने आंदोलनों में की जा सकती है। उनके लिए स्वभाषा राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि अपने स्वाभिमान का प्रश्न और लाखों–करोडों को हीन ग्रंथि से उबरकर आत्मविश्वास से भर देने का स्वप्न था– ‘‘मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान के साधारण लोग अपने अंग्रेजी के अज्ञान पर लजाएं नहीं, बल्कि गर्व करें। इस सामंती भाषा को उन्हीं के लिए छोड़ दें जिनके मां बाप अगर शरीर से नहीं तो आत्मा से अंग्रेज रहे हैं।’’ हलांकि लोहिया भी [[जर्मनी]] यानी विदेश से पढा़ई कर के आए थे, लेकिन उन्हें उन प्रतीकों का अहसास था जिनसे इस देश की पहचान है। [[महाशिवरात्रि|शिवरात्रि]] पर चित्रकूट में '''[[रामायण मेला]]''' उन्हीं की संकल्पना थी, जो सौभाग्य से अभी तक अनवरत चला आ रहा है। आज भी जब चित्रकूट के उस मेले में हजारों भारतवासियों की भीड़ स्वयमेव जुटती है तो लगता है कि ये ही हैं जिनकी चिंता लोहिया को थी, लेकिन आज इनकी चिंता करने के लिए लोहिया के लोग कहां हैं? == राजनीतिक शुचिता के पक्षधर == लोहिया ही थे जो राजनीति की गंदी गली में भी शुद्ध आचरण की बात करते थे। वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस सरकार के शासन में आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। ध्यान रहे स्वाधीन भारत में किसी भी राज्य में यह पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी– ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में तब सफाई और भलाई आएगी जब किसी पार्टी के खराब काम की निंदा उसी पार्टी के लोग करें।....और मै यह याद दिला दूं कि मुझे यह कहने का हक है कि हम ही हिंदुस्तान में एक राजनीतिक पार्टी हैं जिन्होंने अपनी सरकार की भी निंदा की थी और सिर्फ निंदा ही नहीं की बल्कि एक मायने में उसको इतना तंग किया कि उसे हट जाना पडा़। == कर्मवीर == लोहिया जी केवल चिन्तक ही नहीं, एक कर्मवीर भी थे। उन्होने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सन १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के समय [[उषा मेहता]] के साथ मिलकर उन्होने गुप्त रेडियो स्टेशन चलाया। १८ जून १९४६ को [[गोवा|गोआ]] को पुर्तगालियों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाने के लिये उन्होने आन्दोलन आरम्भ किया। अंग्रेजी को भारत से हटाने के लिये उन्होने [[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]] चलाया। == सप्त क्रान्तियाँ == लोहिया अनेक सिद्धान्तों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक हैं। वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे। उन्होंने एक साथ '''सात क्रांतियों''' का आह्वान किया। वे सात क्रान्तियां थी ये थीं- *(१) नर-नारी की समानता के लिए क्रान्ति, *(२) चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ क्रान्ति, *(३) संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए क्रान्ति, *(४) परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए क्रान्ति, *(५) निजी पूँजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए क्रान्ति, *(६) निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए क्रान्ति, *(७) अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिये क्रान्ति। इन सात क्रांतियों के सम्बन्ध में लोहिया ने कहा- : ''मोटे तौर से ये हैं सात क्रांन्तियाँ। सातों क्रांतियां संसार में एक साथ चल रही हैं। अपने देश में भी उनको एक साथ चलाने की कोशिश करना चाहिए। जितने लोगों को भी क्रांति पकड़ में आयी हो उसके पीछे पड़ जाना चाहिए और बढ़ाना चाहिए। बढ़ाते-बढ़ाते शायद ऐसा संयोग हो जाये कि आज का इन्सान सब नाइन्साफियों के खिलाफ लड़ता-जूझता ऐसे समाज और ऐसी दुनिया को बना पाये कि जिसमें आन्तरिक शांति और बाहरी या भौतिक भरा-पूरा समाज बन पाये।''<ref>{{Cite web |url=http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |title=लोहिया के विचार |access-date=16 अक्तूबर 2016 |archive-date=3 मार्च 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170303035145/http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |url-status=dead }}</ref><ref>[https://www.wattpad.com/2897374-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/page/134 डॉ लोहिया की सप्तक्रांति के उद्देश्य]</ref> == भारत-विभाजन पर लोहिया के विचार == उस समय की तमाम ऐसी घटनाओं और स्थितियों का जिनके प्रति एक आम भारतीय नागरिक के मन में बहुत स्पष्ट और तार्किक व्याख्या नहीं है, लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘गिल्टी मैन एंड इंडियाज पार्टीशन’ (भारत विभाजन के गुनहगार) में परत दर परत रहस्यों को खोला है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि उस समय के पूरे आंखों देखे इतिहास को ही नहीं, बल्कि उसके एक सक्रिय, जीवंत पात्र रहे लोहिया की बातों को आजाद भारत में सत्तारूढ़ दल द्वारा एक विपक्षी नेता की ‘खीझ’ से ज्यादा नहीं समझने दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि सत्ता हस्तांतरण के खेल की असलियत संग्रहालयों में दफन दस्तावेजों से ज्यादा लोहिया जैसे नेताओं को भी मालूम थी जिसे होते हुए उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। == लेखन == [[Image:Ram Manohar Lohia 1997 stamp of India.jpg|right|thumb|300px|१९९७ में भारत सरकार ने लोहिया की स्मृति में डाकटिकट निकाला]] डॉ राममनोहर लोहिया ने अनेकों विषयों पर अपने विचार लेख एवं पुस्तकों के रूप में प्रकाशित कीं। उनकी कुछ रचनाएँ हैं- * अंग्रेजी हटाओ * इतिहास चक्र * देश, विदेश नीति-कुछ पहलू * धर्म पर एक दृष्टि * भारतीय शिल्प * भारत विभाजन के गुनहगार * मार्क्सवाद और समाजवाद * राग, जिम्मेदारी की भावना, अनुपात की समझ * समलक्ष्य, समबोध * समदृष्टि * सच, कर्म, प्रतिकार और चरित्र निर्माण आह्‌वान * समाजवादी चिंतन * संसदीय आचरण * संपूर्ण और संभव बराबरी और दूसरे भाषण * हिंदू बनाम हिंदू ; अंग्रेजी में * ''The Caste System'': Hyderabad, Navahind [1964] 147 p. * ''Foreign Policy'': Aligarh, P.C. Dwadash Shreni, [1963?] 381 p. * ''Fragments of World Mind'': Maitrayani Publishers & Booksellers ; Allahabad [1949] 262 p. * ''Fundamentals of a World Mind'': ed. by K.S. Karanth. Bombay, Sindhu Publications, [1987] 130 p. * ''Guilty Men of India’s Partition'': Lohia Samata Vidyalaya Nyas, Publication Dept.,[1970] 103 p. * ''India, China, and Northern Frontiers'': Hyderabad, Navahind [1963] 272 p. * ''Interval During Politics'': Hyderabad, Navahind [1965] 197 p. * ''Marx, Gandhi and Socialism'': Hyderabad, Navahind [1963] 550 p. * ''Collected Works of Dr Lohia'' समाजवादी लेखक डॉ मस्तराम कपूर द्वारा ९ भागों में सम्पादित। ==स्मारक== * अवध विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "[[डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय]]" रखा गया है। * उनके नाम पर भारत के एक प्रमुख विधि स्कूल का नाम [[डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय]], [[लखनऊ]] रखा गया है। * [[पणजी]] के '१८ जून रोड' का नाम डॉ राममनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया है। १८ जून १९४६ को इसी जगह से उन्होने पुर्तगाली शासन के विरुद्ध आन्दोलन आरम्भ किया था। * सन १९७० में दिल्ली के 'विल्लिंगडन हॉस्पिटल' का नाम बदलकर [[राम मनोहर लोहिया अस्पताल]] कर दिया गया। इसी अस्पताल में उन्होने अन्तिम सांस ली थी। * [[लखनऊ]] में [[डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान]] उनके नाम पर ही है। * उनके गृहनगर अकबरपुर में उनके नाम पर एक सामुदायिक भवन बना है, जिसका नाम "डॉ राममनोहर लोहिया भवन" रखा गया है। * [[कर्नाटक]] के [[बल्लारी]] में उनके नाम से "लोहिया प्रकाशन" नामक एक प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान था। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हे भी देखें == * [[जयप्रकाश नारायण]] * [[सप्तक्रांति]] * [[रामायण मेला]] == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote|राममनोहर लोहिया}} * [http://www.socialistpartyindia.blogspot.com/2017/09/blog-post_10.html हिन्दी के सरलीकरण की नीति] हिन्दी शब्द सृजन आदि से सम्बन्धित लोहिया के विचार) * [http://www.lohiavani.com/Default.aspx लोहियावाणी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161019014248/http://www.lohiavani.com/Default.aspx |date=19 अक्तूबर 2016 }} * [http://lohiaphotos.blogspot.com तस्‍वीरों में लोहिया] * [http://issbaar.blogspot.com/2011/02/blog-post_7794.html सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत : लोहिया] (संस्कृति, समाज और भाषा के अन्तःसम्बन्धों की पड़ताल) * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/hindu-banam-hindu.pdf हिन्दू बनाम हिन्दू : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/ram-krishnashiv.pdf राम, कृष्ण और शिव : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/krishna.pdf कृष्ण : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/econ_after_lohia1.pdf अर्थशास्त्र : मार्क्स, लोहिया से आगे /सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/audyogikaran_ka_andhavishvas.pdf औद्योगीकरण का अंधविश्वास : सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/shiksha-sawal-jawab1.pdf शिक्षा पर सवाल जवाब ] * [http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml गांधी-लोहिया का पुनर्पाठ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101021060027/http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml |date=21 अक्तूबर 2010 }} * [http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm लोहिया : एक असमाप्त जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927003229/http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm |date=27 सितंबर 2007 }} * [http://kashivishvavidyalay.wordpress.com/2007/04/24/lohiaramkrishnashiv-2/ लोहिया : मर्यादित, उन्मुक्त और असीमित व्यक्तित्व (२)] * [http://www.indiannationalism.org/pdf/Dr._Rammanohar_Lohiya.pdf गंगा तीरे, सरयू तीरे]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (राममनोहर लोहिया पर विशेष) * [http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 तो इतिहास कुछ और होता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110920031542/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 |date=20 सितंबर 2011 }} (भारतीय पक्ष) * [http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html लोहिया के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305120324/http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html |date=5 मार्च 2016 }} * [http://aarambha.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html स्वर्गीय लोहिया साहब : रामधारी सिंह 'दिनकर'] * [http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2004/04/040415_socialists_ideology.shtml समाजवादी विचारधारा आज कहाँ है ?] (बीबीसी हिन्दी) * [http://books.google.co.in/books?id=sctwuur-nmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false लोहिया के विचार] (गूगल पुस्तक) * [http://books.google.co.in/books?id=n2VV7CQ8Jc4C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false ना रहूँ किसी का दस्तनिगर : मेरा सफरनामा] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैप्टेन अब्बास अली) * [http://www.pravakta.com/?p=8190 यह लोहिया की सदी हो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100325102121/http://www.pravakta.com/?p=8190 |date=25 मार्च 2010 }} (वेदप्रताप वैदिक) * [http://kiransnm.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html लोहिया नें संसद को बनाया लोक सदन] (किरन माहेश्वरी) * [http://www.pravakta.com/?p=8211 डॉ॰ लोहिया का इतिहास चिंतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100326212816/http://www.pravakta.com/?p=8211 |date=26 मार्च 2010 }} – डॉ॰ मनोज चतुर्वेदी * [http://www.nafanuksan.com/DetailNews.aspx?newsid=2538&status=other डॉ॰ लोहिया और सप्त क्रान्ति]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 लोहिया के बिना साहित्य का इतिहास अधूरा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110912200346/http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 |date=12 सितंबर 2011 }} - नामवर सिंह * [http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 लोहिया का अंगरेजी विरोध] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110911141922/http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 |date=11 सितंबर 2011 }} (गंगा सहाय मीणा) * [http://bharatkenayak.blogspot.com/2011/04/blog-post_16.html समाजवादी नायक : श्री राम मनोहर लोहिया] * [http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 अप्रासंगिक हुआ लोहिया का गैर-कांग्रेसवाद?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140201162827/http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 |date=1 फ़रवरी 2014 }} (प्रभासाक्षी) [[श्रेणी:1910 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९६७ में निधन]] oh2uxnax0grwn85mm7t6ird6xe0bqg5 6582774 6582773 2026-07-15T06:21:56Z अनुनाद सिंह 1634 /* देहावसान */ 6582774 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राममनोहर लोहिया | image = Ram Manohar Lohia 1977 stamp of India.jpg | image_size = | alt = | caption = १९७७ के एक डाकटिकट पर लोहिया | birth_date = {{birth date|df=yes|1910|03|23}} | birth_place = [[अकबरपुर, अंबेडकर नगर|अकबरपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] | death_date = {{death date and age|df=yes|1967|10|12|1910|03|23}} | death_place = [[नयी दिल्ली]] | death_cause = | resting_place = | resting_place_coordinates = | nationality = Indian | other_names = | movement = [[भारत छोड़ो आन्दोलन]]<br>[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] | education = | alma_mater = [[कोलकाता विश्वविद्यालय]] (बीए)<br>[[हम्बोल्ट विश्वविद्यालय]], [[बर्लिन]] ([[पीएच डी]]) | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]<br>[[प्रजा समाजवादी पार्टी]]<br>[[संयुक्त समाजवादी दल]] | religion = | spouse = | children = | parents = | awards = | signature = | footnotes = | website = {{URL|www.lohiatoday.com}} }} '''डॉ॰ राममनोहर लोहिया''' (जन्म - [[२३ मार्च]], [[१९१०]] - मृत्यु - [[१२ अक्तूबर|१२ अक्टूबर]], [[१९६७|१९६७]]) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा [[समाजवाद|समाजवादी]] राजनेता थे। == जीवनवृत्त == === आरम्भिक जीवन एवं शिक्षा === डॉ॰ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या जिला|अयोध्या]] जनपद में वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद नामक स्थान में हुआ था। उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे। ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी (चन्दा देवी) का देहान्त हो गया।। उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला। टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए। उनके पिताजी [[महात्मा गांधी|गाँधीजी]] के अनुयायी थे। जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे। इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। पिताजी के साथ 1918 में [[अहमदाबाद]] कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार शामिल हुए। [[बंबई]] के मारवाड़ी स्कूल में पढ़ाई की। [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य गंगाधर तिलक]] की मृत्यु के दिन विद्यालय के लड़कों के साथ 1920 में पहली अगस्त को हड़ताल की। गांधी जी की पुकार पर 10 वर्ष की आयु में स्कूल त्याग दिया। पिताजी को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के आंदोलन के चलते सजा हुई। 1921 में फैजाबाद किसान आंदोलन के दौरान [[जवाहरलाल नेहरू]] से मुलाकात हुई। 1924 में प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस के [[गया]] अधिवेशन में शामिल हुए। 1925 में मैट्रिक की परीक्षा दी। कक्षा में 61 प्रतिशत नंबर लाकर प्रथम आए। इंटर की दो वर्ष की पढ़ाई [[वाराणसी|बनारस]] के [[काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय|काशी विश्वविद्यालय]] में हुई। कॉलेज के दिनों से ही [[खादी|खद्दर्]] पहनना शुरू कर दिया। 1926 में पिताजी के साथ [[गुवाहाटी|गौहाटी]] कांग्रेस अधिवेशन में गए। 1927 में इंटर पास किया तथा आगे की पढ़ाई के लिए [[कोलकाता|कलकत्ता]] जाकर ताराचंद दत्त स्ट्रीट पर स्थित पोद्दार छात्र हॉस्टल में रहने लगे। विद्यासागर कॉलेज में दाखिला लिया। अखिल बंग विद्यार्थी परिषद के सम्मेलन में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाषचंद्र बोस]] के न पहुंचने पर उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 1928 में कलकता में कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। 1928 से अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन में सक्रिय हुए। [[साइमन कमीशन|साइमन कमिशन]] के बहिष्कार के लिए छात्रों के साथ आंदोलन किया। कलकत्ता में युवकों के सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष तथा सुभाषचंद्र बोस और लोहिया विषय निर्वाचन समिति के सदस्य चुने गए। 1930 में द्वितीय श्रेणी में बीए की परीक्षा पास की। =परिवार= परिवार में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया हैं जो अपने परिवार के साथ उनके विचारों, सिद्धांतों उनकी सादगी व त्याग के बताए हुए रास्ते पर चलकर सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्य में संलग्न है ।। गोवा के ऐतिहासिक लोहिया मैदान मडगांव के आधिकारिक तय सरकारी कार्यक्रम में डॉ राम मनोहर लोहिया जी के पुत्र रमेश चंद्र लोहिया और उनके परिवार की उपस्थिति गोवा के प्रसिद्ध न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार.. https://www.republicworld.com/india-news/general-news/goa-would-have-been-liberated-earlier-had-sardar-patel-been-alive-union-min-rajeev-chandrasekhar-articleshow.html === यूरोप प्रवास === 1930 जुलाई को लोहिया अग्रवाल समाज के कोष से पढ़ाई के लिए [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] रवाना हुए। वहाँ से वे [[बर्लिन]] गए। विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो॰ बर्नर जेम्बार्ट को अपना प्राध्यापक चुना। 3 महीने में [[जर्मन भाषा]] सीखी। 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने [[दांडी मार्च|दाण्डी यात्रा]] प्रारंभ की। जब नमक कानून तोड़ा गया तब पुलिस अत्याचार से पीड़ित होकर पिता हीरालाल जी ने लोहिया को विस्तृत पत्र लिखा। 23 मार्च को [[लाहौर]] में [[भगत सिंह]] को फांसी दिए जाने के विरोध में [[राष्ट्र संघ|लीग ऑफ नेशन्स]] की बैठक में बर्लिन में पहुंचकर सीटी बजाकर दर्शक दीर्घा से विरोध प्रकट किया। सभागृह से उन्हें निकाल दिया गया। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे [[बीकानेर]] के महाराजा द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर लोहिया ने [[रोमानिया|रूमानिया]] की प्रतिनिधि को खुली चिट्ठी लिखकर उसे अखबारों में छपवाकर उसकी कॉपी बैठक में बंटवाई। [[गांधी-इरविन समझौता|गांधी इर्विन समझौते]] का लोहिया ने [[प्रवासी भारतीय]] विद्यार्थियों की संस्था "मध्य यूरोप हिन्दुस्तानी संघ" की बैठक में संस्था के मंत्री के तौर पर समर्थन किया। [[साम्यवाद|कम्युनिस्टों]] ने विरोध किया। बर्लिन के स्पोटर्स पैलेस में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का भाषण सुना। 1932 में लोहिया ने [[दांडी मार्च|नमक सत्याग्रह]] विषय पर अपना [[शोध-प्रबन्ध|शोध प्रबंध]] पूरा कर [[हम्बोल्ट बर्लिन विश्वविद्यालय|बर्लिन विश्वविद्यालय]] से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। === स्वदेश आगमन एवं स्वतंत्रता संग्राम === 1933 में मद्रास पहुंचे। रास्ते में सामान जब्त कर लिया गया। तब समुद्री जहाज से उतरकर [[द हिन्दू|हिन्दु]] अखबार के दफ्तर पहुंचकर दो लेख लिखकर 25 रुपया प्राप्त कर कलकत्ता गए। कलकत्ता से बनारस जाकर [[मदनमोहन मालवीय|मालवीय जी]] से मुलाकात की। उन्होंने रामेश्वर दास बिड़ला से मुलाकात कराई जिन्होंने नौकरी का प्रस्ताव दिया, लेकिन दो हफ्ते साथ रहने के बाद लोहिया ने निजी सचिव बनने से इनकार कर दिया। तब पिता जी के मित्र सेठ [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] लोहिया को गांधी जी के पास ले गए तथा उनसे कहा कि ये लड़का राजनीति करना चाहता है। कुछ दिन तक [[जमनालाल बजाज|जमुनालाल बजाज]] के साथ रहने के बाद शादी का प्रस्ताव मिलने पर शहर छोड़कर वापस कलकत्ता चले गए। विश्व राजनीति के आगामी 10 वर्ष विषय पर [[ढाका विश्वविद्यालय]] में व्याख्यान देकर कलकत्ता आने-जाने की राशि जुटाई। [[पटना]] में 17 मई 1934 को [[नरेन्द्र देव|आचार्य नरेन्द्र देव]] की अध्यक्षता में देश के समाजवादी अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में इकट्ठे हुए, जहां [[समाजवादी पार्टी]] की स्थापना का निर्णय लिया गया। यहां लोहिया ने समाजवादी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पार्टी के उद्देश्यों में लोहिया ने पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य जोड़ने का संशोधन पेश किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। 21-22 अक्टूबर 1934 को बम्बई के बर्लि स्थित 'रेडिमनी टेरेस' में 150 समाजवादियों ने इकट्ठा होकर [[कांग्रेस समाजवादी दल|कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी]] की स्थापना की। लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। कांग्रेस सोशलिस्ट सप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बनाए गए। गांधी जी के विरोध में जाकर उन्होंने कांउसिल प्रवेश का विरोध किया। गांधी जी ने लोहिया के लेख पर दो पत्र लिखे। 1936 के [[मेरठ]] अधिवेशन में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के लिए पार्टी का दरवाजा खोल दिया। लोहिया बार-बार कम्युनिस्टों के प्रति सचेत रहने की चेतावनी [[जयप्रकाश नारायण]] जी एवं अन्य नेताओं को देते रहे। 1935 में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में [[लखनऊ]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ जहां लोहिया को परराष्ट्र विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया जिसके चलते उन्हें [[इलाहाबाद]] आना पड़ा। 1938 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी में लोहिया राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के परराष्ट्र विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 1940 में रामगढ़ कांग्रेस के कम्युनिस्टों को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया गया। 1939 में त्रिपुरी कांग्रेस में [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]] को समाजवादियों ने समर्थन किया। डॉ॰ लोहिया तटस्थ बने रहे। लोहिया ने गांधी जी द्वारा यह कहे जाने पर की बोस का चुनाव मेरी शिकस्त है पर प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव गांधी जी से सम्मानपूर्वक आह्वान करता है कि उनकी शिकस्त नहीं हुई है। गांधी जी की इच्छानुसार सुभाषचंद्र बोस कार्यसमिति बनाने को तैयार नहीं हुए तथा नेहरू सहित अन्य कांग्रेस के नेताओं ने बोस के साथ कार्यसमिति में रहने से इंकार कर दिया तब बोस ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तथा कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। महायुद्ध के समय लोहिया ने युद्धभर्ती का विरोध, देशी रियासतों में आंदोलन, ब्रिटिश माल जहाजों से माल उतारने व लादने वाले मजदूरों का संगठन तथा युद्धकर्ज को मंजूर तथा अदा न करने, जैसे चार सूत्रीय मुद्दों को लेकर युद्ध विरोधी प्रचार शुरू कर दिया। 1939 के मई महीने में दक्षिण कलकता की कांग्रेस कमेटी में युद्ध विरोधी भाषण करने पर उन्हें 24 मई को गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता के चीफ प्रेसीडेन्सी मजिस्टे्रट के सामने लोहिया ने स्वयं अपने मुकदमे की पैरवी और बहस की। 14 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया गया। 9 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस समिति के बैठक [[वर्धा]] में हुई जिसमें लोहिया ने समझौते का विरोध किया। उसी समय उन्होंने '''शस्त्रों का नाश हो''' नामक प्रसिद्ध लेख लिखा। 11 मई 1940 को [[सुल्तानपुर]] के जिला सम्मेलन में लोहिया ने कांग्रेस से 'सत्याग्रह अभी नहीं' नामक लेख लिखा। गांधी जी ने मूल रूप में लोहिया द्वारा दिए गए चार सूत्रों को स्वीकार किया। 7 जून 1940 को डॉ॰ लोहिया को 11 मई को दोस्तपुर ([[सुल्तानपुर]]) में दिए गए भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। उन्हें कोतवाली में सुल्तानपुर में [[इलाहाबाद]] के स्वराज भवन से ले जाकर हथकड़ी पहनाकर रखा गया। 1 जुलाई 1940 को भारत सुरक्षा कानून की धारा 38 के तहत दो साल की सख्त सजा हुई। सजा सुनाने के बाद उन्हें 12 अगस्त को [[बरेली]] जेल भेज दिया गया। 15 जून 1940 को गांधी जी ने '[[हरिजन]]' में लिखा, कि 'मैं युद्ध को गैर कानूनी मानता हूं किन्तु युद्ध के खिलाफ मेरे पास कोई योजना नहीं है इस वास्ते मैं युद्ध से सहमत हूं।' 25 अगस्त को गांधी जी ने लिखा कि 'लोहिया और दूसरे कांग्रेस वालों की सजाएं हिन्दुस्तान को बांधने वाली जंजीर को कमजोर बनाने वाले हथौडे क़े प्रहार हैं। सरकार कांग्रेस को सिविल-नाफरमानी आरंभ करने और आखिरी प्रहार करने के लिए प्रेरित कर रही है। यद्यपि कांग्रेस उसे उस दिन तक के लिए स्थगित करना चाहती है जब तक इंग्लैंड मुसीबत में हो।' गांधी जी ने बंबई में कहा, कि 'जब तक डॉ॰ राममनोहर लोहिया जेल में है तब तक मैं खामोश नहीं बैठ सकता, उनसे ज्यादा बहादुर और सरल आदमी मुझे मालूम नहीं। उन्होंने हिंसा का प्रचार नहीं किया जो कुछ किया है उनसे उनका सम्मान बढ़ता है।' 4 दिसम्बर 1941 को अचानक लोहिया को रिहा कर दिया गया तथा देश के अन्य जेलों में बंद कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। 19 अप्रैल 1942 को हरिजन में लोहिया का लेख 'विश्वासघाती जापान या आत्मसंतुष्ट ब्रिटेन' गांधी जी द्वारा प्रकाशित किया गया। गांधी जी ने टिप्पणी की कि मेरी उम्मीद है कि सभी संबंधित इसके प्रति ध्यान देंगे। सन् 1942 में [[इलाहाबाद]] में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जहां लोहिया ने खुलकर नेहरू का विरोध किया। इसके बाद [[अल्मोड़ा]] जिला सम्मेलन में लोहिया ने 'नेहरू को झट पलटने वाला नट' कहा। गांधी जी के साथ एक सप्ताह रहकर लोहिया ने गांधी जी को वाइसराय के नाम पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। जिसमें गांधी जी ने लिखा कि अहिंसानिष्ट सोशलिस्ट डॉ॰ लोहिया ने भारतीय शहरों को बिना पुलिस व फौज के शहर घोषित करने की कल्पना निकाली है। लोहिया जी के द्वारा दुनिया की सभी सरकारों को नई दुनिया की बुनियाद बनाने की योजना की कल्पना गांधी जी के सामने रखी गई, जिसमें एक देश की दूसरे देश में जो पूंजी लगी है उसे जब्त करना, सभी लोगों को संसार में कहीं भी आने-जाने व बसने का अधिकार देना, दुनिया के सभी राष्ट्रों को राजनैतिक आजादी तथा विश्व नागरिकता की बात कही गई थी। गांधी जी ने इसे हरिजन में छापा और अपनी ओर से समर्थन भी किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ जल्दी लड़ाई छेड़ने को लेकर गांधी जी ने दस दिन रूकने के लिए लोहिया को कहा। दस दिन बाद 7 अगस्त 1942 को गांधीजी ने तीन घंटे तक भाषण देकर कहा, कि 'हम अपनी आजादी लड़कर प्राप्त करेंगे।' अगले दिन 8 अगस्त को 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव बंबई में बहुमत से स्वीकृत हुआ। गांधी जी ने '''करो या मरो''' का संदेश दिया। ==== भारत छोड़ो आन्दोलन ==== 9 अगस्त १९४२ को जब गांधी जी व अन्य कांग्रेस के नेता गिरफ्तार कर लिए गए, तब लोहिया ने भूमिगत रहकर '[[भारत छोड़ो आन्दोलन|भारत छोड़ो आंदोलन]]' को पूरे देश में फैलाया। लोहिया, [[अच्युत पटवर्धन]], सादिक अली, पुरूषोत्तम टिकरम दास, मोहनलाल सक्सेना, उषा मेहता ,रामनन्दन मिश्रा, सदाशिव महादेव जोशी, साने गुरूजी, [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]], अरूणा आसिफअली, [[सुचेता कृपलानी]] और पूर्णिमा बनर्जी आदि नेताओं का केन्द्रीय संचालन मंडल बनाया गया। लोहिया पर नीति निर्धारण कर विचार देने का कार्यभार सौंपा गया। भूमिगत रहते हुए 'जंग जू आगे बढ़ो, क्रांति की तैयारी करो, आजाद राज्य कैसे बने' जैसी पुस्तिकाएं लिखीं। 20 मई 1944 को लोहिया जी को [[बंबई]] में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद [[लाहौर किला|लाहौर किले]] की एक अंधेरी कोठरी में रखा गया जहां 14 वर्ष पहले [[भगत सिंह]] को [[फांसी]] दी गई थी। पुलिस द्वारा लगातार उन्हें यातनाएँ दी गई, 15-15 दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। किसी से मिलने नहीं दिया गया 4 महीने तक ब्रुश या पेस्ट तक भी नहीं दिया गया। हर समय हथकड़ी बांधे रखी जाती थी। लाहौर के प्रसिद्ध वकील [[जीवनलाल कपूर]] द्वारा [[बन्दी प्रत्यक्षीकरण]] की याचिका लगाने पर उन्हें तथा [[जयप्रकाश नारायण]] को स्टेट प्रिजनर घोषित कर दिया गया। मुकदमे के चलते सरकार को लोहिया को पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी पड़ी। पहला पत्र लोहिया ने [[ब्रिटिश लेबर पार्टी]] के अध्यक्ष प्रो॰ हेराल्ड जे. लास्की को लिखा जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया। 1945 में लोहिया को [[लाहौर]] से [[आगरा]] जेल भेज दिया गया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] समाप्त होने पर गांधी जी तथा कांग्रेस के नेताओं को छोड़ दिया गया। केवल लोहिया व जयप्रकाश ही जेल में थे। इसी बीच अंग्रेजों की सरकार और कांग्रेस की बीच समझौते की बातचीत शुरू हो गई। [[इंग्लैंड]] में [[लेबर पार्टी (यूके)|लेलेबर पार्टी]] की सरकार बन गई सरकार का प्रतिनिधि मंडल डॉ॰ लोहिया से आगरा जेल में मिलने आया। इस बीच लोहिया के पिता हीरालाल जी की मृत्यु हो गई। किन्तु लोहिया जी ने सरकार की कृपा पर पेरोल पर छूटने से इंकार कर दिया। ====गोवा मुक्ति आन्दोलन==== [[चित्र:Lohia Maidan.jpg|right|thumb|300px|गोवा में राममनोहर लोहिया की प्रतिमा]] 11 अप्रैल 1946 को लोहिया को आगरा जेल से रिहा कर दिया गया। 15 जून को लोहिया ने [[गोवा]] के [[पणजी|पंजिम]] में '[[भारतीय वायुसेना|गोवा मुक्ति आंदोलन]]' की पहली सभा ली। लोहिया को 18 जून को गोवा मुक्ति आंदोलन के शुरूआत के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। 14 अगस्त 1946 को 'हरिजन' में गांधी जी ने लिखा कि, लोहिया को बधाई दी जानी चाहिए। 30 दिसम्बर 1946 को [[नोवाखाली|नवाखली]] में हिन्दु और मुसलमान के बीच के अविश्वास को दूर करने में गांधी जी के साथ विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया। पूरे साल नवाखली, कलकत्ता, बिहार, दिल्ली सभी जगह लोहिया गांधी जी के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता की आग को बुझाने की कोशिश करते रहे। 9 अगस्त 1947 से लगातार हिंसा रोकने का प्रयास चलता रहा। 14 अगस्त की रात को हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई के नारों के साथ लोहिया ने सभा की। 31 अगस्त को वातावरण फिर बिगड़ गया, गांधी जी अनशन पर बैठ गए तब लोहिया ने दंगाईयों के हथियार इकट्ठे कराए। लोहिया के प्रयास से शांति समिति की स्थापना हुई तथा 4 सितम्बर को गांधी जी ने अनशन तोड़ा। 29 सितम्बर को बेलगांव में लोहिया को फिर गिरफ्तार कर लिया गया। 26, 27, 28 फ़रवरी 1947 को सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में तटस्थ रहने का निर्णय लिया गया। === स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद === जनवरी 1947 में लोहिया ने [[नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस]] को स्थापित करने तथा राणाशाही के विरुद्ध सत्याग्रह प्रारंभ करने की पहल की। 25 जनवरी 1948 को बंबई हड़ताल को लेकर लोहिया जी ने गांधी जी से हड़ताल का समर्थन मांगा। 28 जनवरी को गांधी जी ने कहा कि कल आना कल पेट भर की बात होगी। 30 जनवरी को लोहिया जब बिड़ला भवन के लिए निकले तब उन्हें गांधी जी की हत्या की खबर सुनने को मिली। मार्च 1948 में नासिक सम्मेलन में सोशलिस्ट दल ने कांग्रेस से अलग होने का निश्चय किया। लोहिया की प्रेरणा से रियासतों की समाप्ति का आंदोलन 650 रिसासतों में समाजवादी चला रहे थे। 2 जनवरी 1948 को रीवा में 'हमें चुनाव चाहिए विभाजन रद्द करो' के नारे के साथ आंदोलन किया गया जिसमें पुलिस ने गोली चलाई 4 आंदोलनकारी शहीद हुए। 1949 को सोशलिस्ट पार्टी द्वारा लोहिया के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला के आमरण अनशन तथा नेपाल में राणाशाही के अत्याचार के खिलाफ सभा की गई। नेपाली दूतावास की ओर जब जुलूस बढ़ा तब लाठी चार्ज किया गया लोहिया को गिरफ्तार किया गया। 20 जून को देश भर में लोहिया दिवस मनाया गया। मुकदमे में दो महीने की कैद हुई। 3 जुलाई को उन्हें रिहा कर दिया गया। सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसी सम्मेलन में लोहिया ने 'चौखंभा राज्य' की कल्पना प्रस्तुत की। पटना में 'हिन्द किसान पंचायत' की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष लोहिया को चुना गया। 25 नवम्बर 1949 को लखनऊ में एक लाख किसानों ने विशाल प्रदर्शन किया। 26 फ़रवरी 1950 को [[रीवा]] में 'हिन्द किसान पंचायत' का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। दिल्ली में 3 जून 1951 को जनवाणी दिवस पर प्रदर्शन किया गया। 'रोजी-रोटी कपड़ा दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो', प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा था। 14 जून 1951 को सागर स्टेशन में लोहिया को गिरफ्तार कर बेंगलूर के हवालात में बंद कर दिया गया। 3 जुलाई को लोहिया छूटे। 24 जुलाई को वे विश्व सरकार के समर्थकों के सम्मेलन में [[स्वीडन]] की राजधानी स्टॉकहोम गए 17 साल बाद वे पुन: बर्लिन पहुंचे। लोहिया इंग्लैंड, पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण पश्चिम एशिया के कई देशों में गए; [[इज़राइल|इस्रायल]] से होकर 15 नवम्बर को स्वेदश लौटे। 1951 में लोहिया को 3 जुलाई को समाजवादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बुलाया गया। सम्मेलन में जर्मनी, युगोस्लाविया, अमेरिका, हवाई, जापान, हांगकांग, थाईदेश, सिंगापुर मलाया, इंडोनेशिया तथा लंका भी गए। लोहिया विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टन से प्रिंसटन में मिले। [[अल्बर्ट आइंस्टीन|आइंस्टीन]] ने कहा, कि 'किसी मनुष्य से मिलना कितना अच्छा होता है आदमी कितना अकेला पड़ जाता है।' लोहिया ने अमरीका में सैकड़ों स्थानों पर भाषण किए। उस समय उन्होंने एशिया की समस्त सोशलिस्ट पार्टियों का संगठन निर्मित करने का विचार बनाया। 25 मार्च से 29 मार्च 1952 में एशियाई सोशलिस्ट कान्फ्रेंस हुई, लेकिन इसमें लोहिया शामिल नहीं हो सके। जयप्रकाश नरायण भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता बन कर [[यांगून|रंगून]] गए। [[चित्र:Mani Ram Bagri1.jpg|अंगूठाकार|डॉ राममनोहर लोहिया, मणि राम बागरी, मधु लिमये, एस एम जोशी]] मई 1952 में [[पचमढ़ी|पंचमढ़ी]] में सोशलिस्ट पार्टी का सम्मेलन हुआ। आम चुनाव में हार के बाद लोहिया ने चुनावों की पराजय की शव परीक्षा के बदले ठोस विचारों की ओर पार्टी को ले जाने का विचार दिया। गुजरात पार्टी सम्मेलन में इतिहास चक्र की नई व्याख्या लोहिया द्वारा प्रस्तुत की गई। 24-25 सितम्बर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की जनरल कौंसिल बैठक में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी और सोशिलिस्ट पार्टी के विलय का निर्णय लिया गया। इस तरह [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी|प्रजा सोशलिस्ट पार्टी]] का जन्म हुआ। 29 से 31 दिसम्बर 1953 को प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का पहला सम्मेलन इलाहाबाद में हुआ। वहां लोहिया ने इलाहाबाद थीसिस प्रस्तुत की। लोहिया को उनके मना करने के बावजूद पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया। 13-14 मई 1954 को उत्तर प्रदेश प्रजा सोशलिस्ट पार्टी द्वारा नहर रेट की बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया गया। 4 जुलाई 1954 को फारूखाबाद में वाणी स्वतंत्रता के संघर्ष को लेकर भाषण दिए जाने के कारण गिरफ्तार किया गया। नागपुर में 26-28 नवम्बर 1954 के बीच [[केरल]] गोली कांड पर विचार करने के लिए सम्मेलन हुआ। लोहिया केरल मंत्रीमंडल से इस्तीफा मांग चुके थे। 31 दिसम्बर 1955 तथा 1 जनवरी 1956 को सोशलिस्ट पार्टी का स्थापना हुई। लखनऊ में लोहिया के नेतृत्व में एक लाख किसानों का प्रदर्शन हुआ। 1956 में लोहिया ने "मैनकाइंड" नामक पत्रिका शुरू की। सोशिलिस्ट पार्टी का प्रथम वार्षिक अधिवेशन भारत के मध्य बिंदु मध्यप्रदेश के ग्राम सिहोरा में 28, 29, 30 दिसम्बर 1956 को हुआ। 2 नवम्बर 1957 को लोहिया क्रिमनल लॉ एमेंडमेंड एक्ट की धारा 7 की तहत डाकिए से कुछ कहने पर अकारण गिरफ्तार कर लिया गया। 12 नवम्बर 1958 को लोहिया पूर्वोतर के दौरे पर निकले, जहां उन्हें दौरा करने से रोक दिया गया। एक साल बाद फिर उसी स्थान उर्वसियम ([[नेफ़ा|नेफा]]) से लोहिया ने पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 17 अप्रैल 1960 को कानुपर के सर्किट हाउस में अनाधिकृत प्रवेश करने के कारण अपराध बताकर उन्हें पुन: गिरफ्तार किया गया। 1961 में '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन]]''' के दौरान लोहिया की सभा पर मद्रास में पत्थर बरसाये गए। 1961 में लोहिया एथेंस, रोम और काहिरा गए। 1962 में चुनाव हुआ लोहिया नेहरू के विरुद्ध [[फूलपुर]] में चुनाव मैदान में उतरे। 11 नवम्बर 1962 को कलकत्ता में सभा कर लोहिया ने [[तिब्बत]] के सवाल को उठाया। 1963 के फारूखाबाद के लोकसभा उपचुनाव में लोहिया 58 हजार मतों से चुनाव जीते। लोकसभा में लोहिया की तीन आना बनाम पन्द्रह आना की बहस अत्यंत चर्चित रही, जिसमें उन्होंने 18 करोड़ आबादी के चार आने पर जिंदगी काटने तथा प्रधानमंत्री पर 25 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च करने का आरोप लगाया। 9 अगस्त 1965 को लोहिया को भारत सुरक्षा कानून के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। ; अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन लोहिया जानते थे कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में अंग्रेजी का प्रयोग आम जनता की प्रजातंत्र में शत प्रतिशत भागीदारी के रास्ते का रोड़ा है। उन्होंने इसे सामंती भाषा बताते हुए इसके प्रयोग के खतरों से बारंबार आगाह किया और बताया कि यह मजदूरों, किसानों और शारीरिक श्रम से जुड़े आम लोगों की भाषा नहीं है। उन्होंने लिखा: : '' यदि सरकारी और सार्वजनिक काम ऐसी भाषा में चलाये जाएं, जिसे देश के करोड़ों आदमी न समझ सकें, तो यह केवल एक प्रकार का जादू-टोना होगा। दुख की बात है कि लोहिया के अंग्रेजी हटाओ आंदोलन (1957) को हिंदी का वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा गया, जबकि लोहिया ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अंग्रेजी हटाओ का अर्थ हिंदी लाओ कदापि नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति और उनके प्रयोग की खुल कर वकालत की। उनके अनुसार अंग्रेजी हटाओ का अर्थ 'मातृभाषा लाओ' था। भारतीय राजनीति का बेबाक और बिंदास चेहरा रहे राममनोहर लोहिया ने ५० के दशक में ही भांप लिया था। उन्होंने लोकसभा में बल देकर अपनी बात रखते हुए कहा था: :'' अंग्रेजी को खत्म कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि अंग्रेजी का सार्वजनिक प्रयोग बंद हो, लोकभाषा के बिना लोक राज्य असंभव है। कुछ भी हो अंग्रेजी हटनी ही चाहिये, उसकी जगह कौन सी भाषाएं आती हैं यह प्रश्न नहीं है। हिन्दी और किसी भाषा के साथ आपके मन में जो आए सो करें, लेकिन अंग्रेजी तो हटना ही चाहिये और वह भी जल्दी। अंग्रेज गये तो अंग्रेजी चली जानी चाहिये। === देहावसान === 30 सितम्बर 1967 को लोहिया को नई दिल्ली के विलिंग्डन अस्पताल अब जिसे लोहिया अस्पताल कहा जाता है को पौरुष ग्रंथि के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया जहां 12 अक्टूबर 1967 को 57 वर्ष की आयु में उनका देहान्त हो गया। परिवार में उनके पुत्र श्री रमेश चंद्र लोहिया हैं जो उन्हीं के रूप में उनके सिद्धांतों ,विचारों और उनके त्याग के बताए हुए रास्तों को अपनाकर सादगी पूर्ण जीवन व्यतीत कर देश सेवा के कार्यों में लगे हुए हैं।<ref>{{cite news |title=CM underscores need to bring about revolution in tech, research, startups |url=https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html |work=The Goan |date=19 June 2023}}</ref> == गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी == देश में गैर-कांग्रेसवाद की अलख जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया चाहते थे कि दुनियाभर के सोशलिस्ट एकजुट होकर मजबूत मंच बनाए। लोहिया भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेसवाद के शिल्पी थे और उनके अथक प्रयासों का फल था कि 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस की पराजय हुई, हालांकि केंद्र में कांग्रेस जैसे-तैसे सत्ता पर काबिज हो पायी। हालांकि लोहिया 1967 में ही चल बसे लेकिन उन्होंने गैर कांग्रेसवाद की जो विचारधारा चलायी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकारी बनी। लोहिया मानते थे कि अधिक समय तक सत्ता में रहकर कांग्रेस अधिनायकवादी हो गयी थी और वह उसके खिलाफ संघर्ष करते रहे। == जैसी कथनी वैसी करनी == लोहिया के समाजवादी आंदोलन की संकल्पना के मूल में अनिवार्यत: विचार और कर्म की उभय उपस्थिति थी- जिसके मूर्तिमंत स्वरूप स्वयं डॉ॰ लोहिया थे और आजन्म उन्होंने ‘कर्म और विचार’ की इस संयुक्ति को अपने आचरण से जीवन्त उदाहरण भी प्रस्तत किया। अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वाधीनता आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम व्यक्तित्वों की भांति लोहिया प्रभावित भी थे। वे जेल भी गए और ऐसी यातनाएं भी सहीं। आजादी से पूर्व ही कांग्रेस के भीतर उनका सोशलिस्ट ग्रुप था, लेकिन पंद्रह अगस्त सैंतालिस को अंग्रेजों से मुक्ति पाने पर वे उल्लसित तो थे लेकिन विभाजन की कीमत पर पाई गई इस स्वतंत्रता के कारण नेहरू और नेहरू की कांग्रेस से उनका रास्ता हमेशा के लिए अलग हो गया। स्वतंत्रता के नाम पर सत्ता की लिप्सा का यह खुला खेल लोहिया ने अपनी नंगी आंखों से देखा था और इसीलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनमें इतना रोष और क्षोभ था कि उन्हें धुर दक्षिणपंथी और वामपंथियों दोनों को साथ लेना भी उन्हें बेहतर विकल्प ही प्रतीत हुआ। == मौलिक एवं ठेठ देसी चिन्तक == स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के राजनेताओं में लोहिया मौलिक विचारक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 मार्च 2009 |archive-date=14 नवंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061114085226/http://www.theshillongtimes.com/c-27-aprl.htm#top |url-status=dead }}</ref> लोहिया के मन में भारतीय गणतंत्र को लेकर ठेठ देसी सोच थी। अपने इतिहास, अपनी भाषा के सन्दर्भ में वे कतई पश्चिम से कोई सिद्धांत उधार लेकर व्याख्या करने को राजी नहीं थे। सन् 1932 में जर्मनी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में देश से अंग्रेजी हटाने का जो आह्वान किया। '''[[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]]''' की गणना अब तक के कुछ इने गिने आंदोलनों में की जा सकती है। उनके लिए स्वभाषा राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि अपने स्वाभिमान का प्रश्न और लाखों–करोडों को हीन ग्रंथि से उबरकर आत्मविश्वास से भर देने का स्वप्न था– ‘‘मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान के साधारण लोग अपने अंग्रेजी के अज्ञान पर लजाएं नहीं, बल्कि गर्व करें। इस सामंती भाषा को उन्हीं के लिए छोड़ दें जिनके मां बाप अगर शरीर से नहीं तो आत्मा से अंग्रेज रहे हैं।’’ हलांकि लोहिया भी [[जर्मनी]] यानी विदेश से पढा़ई कर के आए थे, लेकिन उन्हें उन प्रतीकों का अहसास था जिनसे इस देश की पहचान है। [[महाशिवरात्रि|शिवरात्रि]] पर चित्रकूट में '''[[रामायण मेला]]''' उन्हीं की संकल्पना थी, जो सौभाग्य से अभी तक अनवरत चला आ रहा है। आज भी जब चित्रकूट के उस मेले में हजारों भारतवासियों की भीड़ स्वयमेव जुटती है तो लगता है कि ये ही हैं जिनकी चिंता लोहिया को थी, लेकिन आज इनकी चिंता करने के लिए लोहिया के लोग कहां हैं? == राजनीतिक शुचिता के पक्षधर == लोहिया ही थे जो राजनीति की गंदी गली में भी शुद्ध आचरण की बात करते थे। वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस सरकार के शासन में आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। ध्यान रहे स्वाधीन भारत में किसी भी राज्य में यह पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी– ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में तब सफाई और भलाई आएगी जब किसी पार्टी के खराब काम की निंदा उसी पार्टी के लोग करें।....और मै यह याद दिला दूं कि मुझे यह कहने का हक है कि हम ही हिंदुस्तान में एक राजनीतिक पार्टी हैं जिन्होंने अपनी सरकार की भी निंदा की थी और सिर्फ निंदा ही नहीं की बल्कि एक मायने में उसको इतना तंग किया कि उसे हट जाना पडा़। == कर्मवीर == लोहिया जी केवल चिन्तक ही नहीं, एक कर्मवीर भी थे। उन्होने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सन १९४२ में [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के समय [[उषा मेहता]] के साथ मिलकर उन्होने गुप्त रेडियो स्टेशन चलाया। १८ जून १९४६ को [[गोवा|गोआ]] को पुर्तगालियों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाने के लिये उन्होने आन्दोलन आरम्भ किया। अंग्रेजी को भारत से हटाने के लिये उन्होने [[अंग्रेजी हटाओ आंदोलन|अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन]] चलाया। == सप्त क्रान्तियाँ == लोहिया अनेक सिद्धान्तों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक हैं। वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे। उन्होंने एक साथ '''सात क्रांतियों''' का आह्वान किया। वे सात क्रान्तियां थी ये थीं- *(१) नर-नारी की समानता के लिए क्रान्ति, *(२) चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ क्रान्ति, *(३) संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए क्रान्ति, *(४) परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए क्रान्ति, *(५) निजी पूँजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए क्रान्ति, *(६) निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए क्रान्ति, *(७) अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिये क्रान्ति। इन सात क्रांतियों के सम्बन्ध में लोहिया ने कहा- : ''मोटे तौर से ये हैं सात क्रांन्तियाँ। सातों क्रांतियां संसार में एक साथ चल रही हैं। अपने देश में भी उनको एक साथ चलाने की कोशिश करना चाहिए। जितने लोगों को भी क्रांति पकड़ में आयी हो उसके पीछे पड़ जाना चाहिए और बढ़ाना चाहिए। बढ़ाते-बढ़ाते शायद ऐसा संयोग हो जाये कि आज का इन्सान सब नाइन्साफियों के खिलाफ लड़ता-जूझता ऐसे समाज और ऐसी दुनिया को बना पाये कि जिसमें आन्तरिक शांति और बाहरी या भौतिक भरा-पूरा समाज बन पाये।''<ref>{{Cite web |url=http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |title=लोहिया के विचार |access-date=16 अक्तूबर 2016 |archive-date=3 मार्च 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170303035145/http://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/7008/Lohiya+Ke+Vichar |url-status=dead }}</ref><ref>[https://www.wattpad.com/2897374-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/page/134 डॉ लोहिया की सप्तक्रांति के उद्देश्य]</ref> == भारत-विभाजन पर लोहिया के विचार == उस समय की तमाम ऐसी घटनाओं और स्थितियों का जिनके प्रति एक आम भारतीय नागरिक के मन में बहुत स्पष्ट और तार्किक व्याख्या नहीं है, लोहिया ने अपनी पुस्तक ‘गिल्टी मैन एंड इंडियाज पार्टीशन’ (भारत विभाजन के गुनहगार) में परत दर परत रहस्यों को खोला है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि उस समय के पूरे आंखों देखे इतिहास को ही नहीं, बल्कि उसके एक सक्रिय, जीवंत पात्र रहे लोहिया की बातों को आजाद भारत में सत्तारूढ़ दल द्वारा एक विपक्षी नेता की ‘खीझ’ से ज्यादा नहीं समझने दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि सत्ता हस्तांतरण के खेल की असलियत संग्रहालयों में दफन दस्तावेजों से ज्यादा लोहिया जैसे नेताओं को भी मालूम थी जिसे होते हुए उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। == लेखन == [[Image:Ram Manohar Lohia 1997 stamp of India.jpg|right|thumb|300px|१९९७ में भारत सरकार ने लोहिया की स्मृति में डाकटिकट निकाला]] डॉ राममनोहर लोहिया ने अनेकों विषयों पर अपने विचार लेख एवं पुस्तकों के रूप में प्रकाशित कीं। उनकी कुछ रचनाएँ हैं- * अंग्रेजी हटाओ * इतिहास चक्र * देश, विदेश नीति-कुछ पहलू * धर्म पर एक दृष्टि * भारतीय शिल्प * भारत विभाजन के गुनहगार * मार्क्सवाद और समाजवाद * राग, जिम्मेदारी की भावना, अनुपात की समझ * समलक्ष्य, समबोध * समदृष्टि * सच, कर्म, प्रतिकार और चरित्र निर्माण आह्‌वान * समाजवादी चिंतन * संसदीय आचरण * संपूर्ण और संभव बराबरी और दूसरे भाषण * हिंदू बनाम हिंदू ; अंग्रेजी में * ''The Caste System'': Hyderabad, Navahind [1964] 147 p. * ''Foreign Policy'': Aligarh, P.C. Dwadash Shreni, [1963?] 381 p. * ''Fragments of World Mind'': Maitrayani Publishers & Booksellers ; Allahabad [1949] 262 p. * ''Fundamentals of a World Mind'': ed. by K.S. Karanth. Bombay, Sindhu Publications, [1987] 130 p. * ''Guilty Men of India’s Partition'': Lohia Samata Vidyalaya Nyas, Publication Dept.,[1970] 103 p. * ''India, China, and Northern Frontiers'': Hyderabad, Navahind [1963] 272 p. * ''Interval During Politics'': Hyderabad, Navahind [1965] 197 p. * ''Marx, Gandhi and Socialism'': Hyderabad, Navahind [1963] 550 p. * ''Collected Works of Dr Lohia'' समाजवादी लेखक डॉ मस्तराम कपूर द्वारा ९ भागों में सम्पादित। ==स्मारक== * अवध विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "[[डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय]]" रखा गया है। * उनके नाम पर भारत के एक प्रमुख विधि स्कूल का नाम [[डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय]], [[लखनऊ]] रखा गया है। * [[पणजी]] के '१८ जून रोड' का नाम डॉ राममनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया है। १८ जून १९४६ को इसी जगह से उन्होने पुर्तगाली शासन के विरुद्ध आन्दोलन आरम्भ किया था। * सन १९७० में दिल्ली के 'विल्लिंगडन हॉस्पिटल' का नाम बदलकर [[राम मनोहर लोहिया अस्पताल]] कर दिया गया। इसी अस्पताल में उन्होने अन्तिम सांस ली थी। * [[लखनऊ]] में [[डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान]] उनके नाम पर ही है। * उनके गृहनगर अकबरपुर में उनके नाम पर एक सामुदायिक भवन बना है, जिसका नाम "डॉ राममनोहर लोहिया भवन" रखा गया है। * [[कर्नाटक]] के [[बल्लारी]] में उनके नाम से "लोहिया प्रकाशन" नामक एक प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान था। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == इन्हे भी देखें == * [[जयप्रकाश नारायण]] * [[सप्तक्रांति]] * [[रामायण मेला]] == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote|राममनोहर लोहिया}} * [http://www.socialistpartyindia.blogspot.com/2017/09/blog-post_10.html हिन्दी के सरलीकरण की नीति] हिन्दी शब्द सृजन आदि से सम्बन्धित लोहिया के विचार) * [http://www.lohiavani.com/Default.aspx लोहियावाणी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161019014248/http://www.lohiavani.com/Default.aspx |date=19 अक्तूबर 2016 }} * [http://lohiaphotos.blogspot.com तस्‍वीरों में लोहिया] * [http://issbaar.blogspot.com/2011/02/blog-post_7794.html सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत : लोहिया] (संस्कृति, समाज और भाषा के अन्तःसम्बन्धों की पड़ताल) * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/hindu-banam-hindu.pdf हिन्दू बनाम हिन्दू : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/ram-krishnashiv.pdf राम, कृष्ण और शिव : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/krishna.pdf कृष्ण : लोहिया] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/econ_after_lohia1.pdf अर्थशास्त्र : मार्क्स, लोहिया से आगे /सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/audyogikaran_ka_andhavishvas.pdf औद्योगीकरण का अंधविश्वास : सुनील] * [http://samatavadi.files.wordpress.com/2008/02/shiksha-sawal-jawab1.pdf शिक्षा पर सवाल जवाब ] * [http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml गांधी-लोहिया का पुनर्पाठ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101021060027/http://raviwar.com/news/416_lohia-and-gandhi-raghu-thakur.shtml |date=21 अक्तूबर 2010 }} * [http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm लोहिया : एक असमाप्त जीवनी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927003229/http://www.kalpana.it/hindi/lekhan/omprakashdeepak/lohia1.htm |date=27 सितंबर 2007 }} * [http://kashivishvavidyalay.wordpress.com/2007/04/24/lohiaramkrishnashiv-2/ लोहिया : मर्यादित, उन्मुक्त और असीमित व्यक्तित्व (२)] * [http://www.indiannationalism.org/pdf/Dr._Rammanohar_Lohiya.pdf गंगा तीरे, सरयू तीरे]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (राममनोहर लोहिया पर विशेष) * [http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 तो इतिहास कुछ और होता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110920031542/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4204 |date=20 सितंबर 2011 }} (भारतीय पक्ष) * [http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html लोहिया के विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305120324/http://upendrasatyarthi.blogspot.com/2009/06/blog-post_07.html |date=5 मार्च 2016 }} * [http://aarambha.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html स्वर्गीय लोहिया साहब : रामधारी सिंह 'दिनकर'] * [http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2004/04/040415_socialists_ideology.shtml समाजवादी विचारधारा आज कहाँ है ?] (बीबीसी हिन्दी) * [http://books.google.co.in/books?id=sctwuur-nmAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false लोहिया के विचार] (गूगल पुस्तक) * [http://books.google.co.in/books?id=n2VV7CQ8Jc4C&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false ना रहूँ किसी का दस्तनिगर : मेरा सफरनामा] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कैप्टेन अब्बास अली) * [http://www.pravakta.com/?p=8190 यह लोहिया की सदी हो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100325102121/http://www.pravakta.com/?p=8190 |date=25 मार्च 2010 }} (वेदप्रताप वैदिक) * [http://kiransnm.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html लोहिया नें संसद को बनाया लोक सदन] (किरन माहेश्वरी) * [http://www.pravakta.com/?p=8211 डॉ॰ लोहिया का इतिहास चिंतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100326212816/http://www.pravakta.com/?p=8211 |date=26 मार्च 2010 }} – डॉ॰ मनोज चतुर्वेदी * [http://www.nafanuksan.com/DetailNews.aspx?newsid=2538&status=other डॉ॰ लोहिया और सप्त क्रान्ति]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 लोहिया के बिना साहित्य का इतिहास अधूरा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110912200346/http://www.srijangatha.com/?pagename=Halchal2-11Mar_2k10 |date=12 सितंबर 2011 }} - नामवर सिंह * [http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 लोहिया का अंगरेजी विरोध] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110911141922/http://www.amarujala.com/Vichaar/VichaarDetail.aspx?nid=944&tp=b&Secid=4&SubSecid=6 |date=11 सितंबर 2011 }} (गंगा सहाय मीणा) * [http://bharatkenayak.blogspot.com/2011/04/blog-post_16.html समाजवादी नायक : श्री राम मनोहर लोहिया] * [http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 अप्रासंगिक हुआ लोहिया का गैर-कांग्रेसवाद?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140201162827/http://www.prabhasakshi.com/ShowArticle.aspx?ArticleId=131022-113801-470010 |date=1 फ़रवरी 2014 }} (प्रभासाक्षी) [[श्रेणी:1910 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१९६७ में निधन]] cv1h8tvjidrextxcdfjf7szyixkmmn0 अंगारे (1998 फ़िल्म) 0 40168 6582543 6433893 2026-07-14T12:35:49Z ~2026-39873-82 936247 /* */ 6582543 wikitext text/x-wiki {{Infobox Film | name = अंगारे | image =अंगारे.jpg | caption = '''अंगारे''' का पोस्टर | producer = साजिद नाडियाडवाला | director = [[महेश भट्ट]] | music = | writer = अनीस बज़्मी | starring = [[अक्षय कुमार (अभिनेता)|अक्षय कुमार]], <br />[[नागार्जुन अक्कीनेनी]], <br />[[पूजा भट्ट]], <br />[[सोनाली बेंद्रे]], <br />[[परेश रावल]], <br />इरफ़ान कमल, <br />[[गुलशन ग्रोवर]], <br />मोहन कपूर, <br />[[रज़ाक ख़ान]], <br />[[अनंत जोग]], <br />प्रभा माथुर, <br />उपेन्द्र, <br />[[कुणाल खेमू]], <br /> | screenplay = | released ={{film date|df=y|1998|7|24}} | country = [[भारत]] | language = हिन्दी | budget = }} '''अंगारे''' 1998 में रिलीज़ हुई एक हिन्दी एक्शन-थ्रिलर फिल्म है, जिसका निर्देशन [[अनिल शर्मा]] ने किया था और निर्माण [[साजिद नाडियाडवाला]] ने किया था। इस फिल्म में [[अक्षय कुमार]], सोनाली बेंद्रे [[नागार्जुन]], पूजा भट्ट [[परेश रावल]], और [[ओम पुरी]] प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म की पटकथा [[अनीस बज़्मी]] द्वारा लिखी गई थी। == कथानक == फिल्म की कहानी चार दोस्तों पर आधारित है जो बचपन से साथ हैं — राजा (अक्षय कुमार), सूरज (नागार्जुन), अली (परेश रावल) और शंकर (ओम पुरी)। ये सभी गरीबी में पले-बढ़े हैं और गलत संगत में फँस जाते हैं। लेकिन एक हादसे के बाद उनमें से कुछ सुधरने का निर्णय लेते हैं जबकि कुछ अपराध के दलदल में और गहरे उतर जाते हैं। राजा एक ईमानदार जीवन जीने की कोशिश करता है लेकिन उसका अतीत उसका पीछा नहीं छोड़ता। सूरज, जो उसका सबसे अच्छा दोस्त है, अपराध की दुनिया में डूबता चला जाता है। इस द्वंद्व, दोस्ती और धोखे की कहानी में पुलिस, गैंगस्टर, और समाज की सच्चाई को भी दिखाया गया है। == मुख्य कलाकार == * [[अक्षय कुमार (अभिनेता)|अक्षय कुमार]] - अमर * [[नागार्जुन अक्कीनेनी]] * [[पूजा भट्ट]] - पूजा * [[सोनाली बेंद्रे]] - रोमा * [[परेश रावल]] - जग्गू * इरफ़ान कमल * [[गुलशन ग्रोवर]] * मोहन कपूर * [[रज़ाक ख़ान]] * [[अनंत जोग]] * प्रभा माथुर * उपेन्द्र * [[कुणाल खेमू]] - अमर (बचपन में) == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * {{imdb title|0288427|अंगारे}} [[श्रेणी:1998 में बनी हिन्दी फ़िल्म]] sbmuf0s8hd82oc4jof2kkgicpkoilj7 ऊँचाई (विमानन) 0 42241 6582854 5228379 2026-07-15T09:43:11Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 2 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582854 wikitext text/x-wiki {{for|'''वायु परिवाहन''' में जहाज की ऊँचाई|'''धरातलीय ऊँचाइयों'''|ऊँचाई}} '''ऊँचाई''' <small>(Altitude)</small> किसी बिंदु या वस्तु का समुद्र तट से उत्थापन होता है। [[विमानन]] में यह [[फ़ीट]] में नापा जाता है। [[वातावरण दबाव]] ऊँचाई बढ़ने के साथ घटता है। यही सिद्धांत ऊँचाई नापने वाले उपकरण [[अल्टीमीटर]] में प्रयोग होता है। यह मूलतः एक [[बैरोमीटर]] होत है, यानी दबाव मापी उपकरण, जिस पर दबाव के बजाय ऊँचाई का अंकन किया होता है, दबाव के सापेक्ष ऊँचाई के बराबर। ऊँचाई पर दबाव कम होने के कारण ही वहां आक्सीजन की कमी होती है। == विमानन में प्रयोग == [[चित्र:Vertical distances.png|thumb|300px|अभिलम्ब दूरियां]]उड्डयन में, शब्द की ऊँचाई के कई अर्थ हो सकते हैं, और हमेशा स्पष्ट रूप से एक संशोधक (जैसे "सच्ची ऊँचाई") जोड़कर या संचार के संदर्भ में स्पष्ट रूप से योग्य होता है। ऊंचाई की जानकारी का आदान-प्रदान करने वाली पार्टियों को स्पष्ट होना चाहिए कि किस परिभाषा का उपयोग किया जा रहा है। संदर्भ ऊंचाई के रूप में समुद्र की ऊंचाई (एमएसएल) या स्थानीय जमीनी स्तर (जमीन के स्तर से ऊपर, या एजीएल) का उपयोग करके विमानन ऊंचाई को मापा जाता है। 100 फीट (30 मीटर) से विभाजित दबाव की ऊंचाई उड़ान स्तर है, और अमेरिका में संक्रमण ऊंचाई (18,000 फीट (5,500 मीटर) से ऊपर) का उपयोग किया जाता है, लेकिन अन्य न्यायालयों में 3,000 फीट (910 मीटर) जितना कम हो सकता है;  इसलिए जब विमान मानक दबाव पर 18,000 फीट की ऊंचाई तक पढ़ता है, तो विमान को "उड़ान स्तर 180" पर कहा जाता है।  जब उड़ान के स्तर पर उड़ान होती है, तो अल्टीमीटर हमेशा मानक दबाव (29.92 inHg या 1013.25 hPa) पर सेट होता है। उड़ान डेक पर, ऊंचाई को मापने के लिए निश्चित साधन दबाव अल्टीमीटर है, जो वायुमंडलीय दबाव के बजाय दूरी (पैर या मीटर) का संकेत देने वाले सामने वाले चेहरे के साथ एक एरोइड बैरोमीटर है। उड्डयन में कई प्रकार की ऊँचाई होती है: इंडिकेट की गई ऊँचाई पर रीडिंग ऊँचाई पर होती है जब यह समुद्र तल पर स्थानीय बैरोमीटर के दबाव पर सेट होती है।  यूके एविएशन रेडियोटेलेफोनी उपयोग में, एक स्तर की ऊर्ध्वाधर दूरी, एक बिंदु या एक बिंदु के रूप में माना जाने वाला ऑब्जेक्ट, जो समुद्र के स्तर से मापा जाता है इसे रेडियो पर ऊंचाई के रूप में संदर्भित किया जाता है। निरपेक्ष ऊँचाई उस इलाके के ऊपर विमान की ऊर्ध्वाधर दूरी है जिस पर वह उड़ रहा है। इसे एक रडार अल्टीमीटर (या "पूर्ण ऊंचाई") का उपयोग करके मापा जा सकता है। इसे "रडार की ऊंचाई" या जमीनी स्तर (एजीएल) से ऊपर / फीट मीटर के रूप में जाना जाता है। सही ऊंचाई समुद्र तल से ऊपर की वास्तविक ऊंचाई है। यह इंगित किया जाता है कि ऊंचाई गैर-मानक तापमान और दबाव के लिए सही है। ऊंचाई एक संदर्भ बिंदु से ऊपर की ऊर्ध्वाधर दूरी है, आमतौर पर इलाके का उत्थान, राडियोलेफोनी उपयोग, एक स्तर की ऊर्ध्वाधर दूरी, एक बिंदु या एक वस्तु जिसे बिंदु के रूप में माना जाता है, एक निर्दिष्ट डेटा से मापा जाता है इसे रेडियो पर ऊंचाई के रूप में संदर्भित किया जाता है, जहां निर्दिष्ट डेटम में एयरफील्ड ऊंचाई है | दबाव की ऊँचाई एक मानक डेटम एयर-प्रेशर प्लेन माना जाता है (आमतौर पर, 1013.25 मिलीबार या 29.92 "Hg) से ऊपर की ऊँचाई है। दबाव ऊँचाई का उपयोग" उड़ान स्तर "को इंगित करने के लिए किया जाता है, जो क्लास एयरस्पेस (लगभग 18,000 से ऊपर) में ऊँचाई रिपोर्टिंग के लिए मानक है ) इसकी दबाव की ऊँचाई और संकेतित ऊँचाई समान होती है जब ऊँचाई की सेटिंग 29.92 "Hg या 1013.25 मिलीमीटर होती है। घनत्व ऊंचाई गैर-आईएसए अंतर्राष्ट्रीय मानक वायुमंडलीय वायुमंडलीय स्थितियों के लिए सही की गई ऊंचाई है। विमान का प्रदर्शन घनत्व की ऊँचाई पर निर्भर करता है, जो बैरोमीटर के दबाव, आर्द्रता और तापमान से प्रभावित होता है। बहुत गर्म दिन, एक हवाई अड्डे पर घनत्व (विशेष रूप से एक उच्च ऊंचाई पर) टेकऑफ़ के लिए विशेष रूप से हेलिकॉप्टरों या भारी भार वाले विमानों को रोकने के लिए इतना अधिक हो सकता है। ऊंचाई को मापने के विभिन्न तरीकों के रूप में ऊंचाई के इन प्रकारों को और अधिक सरल रूप से समझाया जा सकता है: प्रेरित ऊंचाई - ऊंचाई पर दिखाई गई ऊंचाई। पूर्ण ऊंचाई - सीधे नीचे जमीन से ऊपर की दूरी के संदर्भ में ऊंचाई। सच्ची ऊँचाई - समुद्र तल से ऊँचाई के संदर्भ में ऊँचाई। ऊँचाई - एक निश्चित बिंदु के ऊपर ऊर्ध्वाधर दूरी। दबाव की ऊँचाई - अंतर्राष्ट्रीय मानक वायुमंडल में ऊँचाई के संदर्भ में हवा का दबाव। घनत्व की ऊँचाई - हवा में अंतर्राष्ट्रीय मानक वायुमंडल में ऊँचाई के संदर्भ में हवा का घनत्व। == ऊँचाई के क्षेत्र == {{मुख्य|ऊँचाई}} भूगोल में ऊंचाई शब्द का प्रयोग अंग्रेजी के elevation के अर्थों में होता है न कि altitude के। altitude को भूगोल में कभी-कभी तुंगता के नाम से पुकारा जाता है। पहाडी़ क्षेत्रों को तीन उंचाइयों में बांटा जाता है:<ref>{{cite web | title=Non-Physician Altitude Tutorial | publisher=International Society for Mountain Medicine | url=http://www.ismmed.org/np_altitude_tutorial.htm | access-date=22 दिसम्बर 2005 | archive-url=https://web.archive.org/web/20110719194849/http://www.ismmed.org/np_altitude_tutorial.htm | archive-date=19 जुलाई 2011 | url-status=dead }}</ref> * ऊंचाई = 1500 m – 3500 m (5000 – 11,500 ft) * अत्यधिक ऊंचाई = 3500 m – 5500 m (11,500 – 18,000 ft) * अत्यंत ऊंचाई = 5500 m – या अधिक == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कडि़याँ == * {{cite web | title=Altitude pressure calculator | publisher=Apex (altitude physiology expeditions) | url=http://www.altitude.org/calculators/airpressure.htm | accessdate=8th August 2006 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090227092410/http://altitude.org/calculators/airpressure.htm | archive-date=27 फ़रवरी 2009 | url-status=dead }} * * {{cite web | title=The Race to the Stratosphere | publisher=U.S. Centennial of Flight Commission | url=http://www.centennialofflight.gov/essay/Lighter_than_air/race_to_strato/LTA11.htm | access-date=25 जनवरी 2006 | archive-url=https://web.archive.org/web/20120329115445/http://www.centennialofflight.gov/essay/Lighter_than_air/race_to_strato/LTA11.htm | archive-date=29 मार्च 2012 | url-status=dead }} * [https://web.archive.org/web/20011109004014/http://www.ngdc.noaa.gov/mgg/fliers/01mgg04.html Downloadable ETOPO2 Raw Data Database (2 minute grid)] * [https://web.archive.org/web/19970705075458/http://www.ngdc.noaa.gov/mgg/fliers/93mgg01.html Downloadable ETOPO5 Raw Data Database (5 minute grid)] == इन्हें भी देखें== * [[उन्नतांश]] [[श्रेणी:भौतिक भूगोल]] [[श्रेणी:स्थलाकॄति विज्ञान]] ihr1ofcjpsapczza54duiutrtl3o6h3 गोआ क्रान्ति दिवस 0 42896 6582544 6582504 2026-07-14T12:36:03Z SM7 89247 [[Special:Contributions/Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar|Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar]] ([[User talk:Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:DreamRimmer bot III|DreamRimmer bot III]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6202895 wikitext text/x-wiki {{निबंध|date=जून, 2021}} १८ जून को प्रति वर्ष '''गोवा क्रांति दिवस''' (Goa revolution day) के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि १८-०६-१९४६ को डॉक्टर [[राममनोहर लोहिया|राम मनोहर लोहिया]] ने [[गोवा]] के लोगों को पुर्तगालियों के ख़िलाफ़ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। १८ जून गोवा की आजादी की लडाई के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा गया है। १८ जून १९४६ को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया जी ने गोवा के लोगों को एकजुट होने और पुर्तगाली शासन के ख़िलाफ़ लड़ने का संदेश दिया था। १८ जून को हुई इस क्रांति के जोशीले भाषण ने आजादी की लड़ाई को मजबूत किया और आगे बढाया। गोवा की मुक्ति के लिये एक लम्बा आन्दोलन चला। अन्ततः19 दिसम्बर 1961 को [[भारतीय सशस्‍त्र सेनाएँ|भारतीय सेना]] ने यहाँ आक्रमण कर इस क्षेत्र को पुर्तगाली आधिपत्य से मुक्त करवाया और गोवा को [[भारत]] में शामिल कर लिया गया। [[श्रेणी:इतिहास]] [[श्रेणी:गोवा]] {{Stub}} 4eiabx4zxfdli5apt2ogowz9oel40il 6582644 6582544 2026-07-14T19:22:46Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582644 wikitext text/x-wiki {{निबंध|date=जून, 2021}} १८ जून को प्रति वर्ष '''गोवा क्रांति दिवस''' (Goa revolution day) के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि १८-०६-१९४६ को डॉक्टर [[राममनोहर लोहिया|राम मनोहर लोहिया]] ने [[गोवा]] के लोगों को पुर्तगालियों के ख़िलाफ़ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। १८ जून गोवा की आजादी की लडाई के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा गया है। १८ जून १९४६ को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया जी ने गोवा के लोगों को एकजुट होने और पुर्तगाली शासन के ख़िलाफ़ लड़ने का संदेश दिया था। १८ जून को हुई इस क्रांति के जोशीले भाषण ने आजादी की लड़ाई को मजबूत किया और आगे बढाया। गोवा की मुक्ति के लिये एक लम्बा आन्दोलन चला। अन्ततः19 दिसम्बर 1961 को [[भारतीय सशस्‍त्र सेनाएँ|भारतीय सेना]] ने यहाँ आक्रमण कर इस क्षेत्र को पुर्तगाली आधिपत्य से मुक्त करवाया और गोवा को [[भारत]] में शामिल कर लिया ` 18 जून 2023 गोवा क्रांति दिवस - गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के परिवार का सम्मान`- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। इसे भारतीय इतिहास में गोवा क्रांति दिवस के नाम से जाना जाता है।। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया।। इस अवसर पर उपस्थित थे: डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं उनका पौत्र नारायण लोहिया जी एवं पूरा परिवार।। *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- [[श्रेणी:इतिहास]] [[श्रेणी:गोवा]] {{Stub}} frfnh3w55aljzxtts4wypzbykitgn9i 6582645 6582644 2026-07-14T19:24:57Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582645 wikitext text/x-wiki {{निबंध|date=जून, 2021}} १८ जून को प्रति वर्ष '''गोवा क्रांति दिवस''' (Goa revolution day) के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि १८-०६-१९४६ को डॉक्टर [[राममनोहर लोहिया|राम मनोहर लोहिया]] ने [[गोवा]] के लोगों को पुर्तगालियों के ख़िलाफ़ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। १८ जून गोवा की आजादी की लडाई के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा गया है। १८ जून १९४६ को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया जी ने गोवा के लोगों को एकजुट होने और पुर्तगाली शासन के ख़िलाफ़ लड़ने का संदेश दिया था। १८ जून को हुई इस क्रांति के जोशीले भाषण ने आजादी की लड़ाई को मजबूत किया और आगे बढाया। गोवा की मुक्ति के लिये एक लम्बा आन्दोलन चला। अन्ततः19 दिसम्बर 1961 को [[भारतीय सशस्‍त्र सेनाएँ|भारतीय सेना]] ने यहाँ आक्रमण कर इस क्षेत्र को पुर्तगाली आधिपत्य से मुक्त करवाया और गोवा को [[भारत]] में शामिल कर लिया ।।।। ` 18 जून 2023 गोवा क्रांति दिवस - गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के परिवार का सम्मान`- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। इसे भारतीय इतिहास में गोवा क्रांति दिवस के नाम से जाना जाता है।। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया।। इस अवसर पर उपस्थित थे: डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं उनका पौत्र नारायण लोहिया जी एवं पूरा परिवार।। *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- [[श्रेणी:इतिहास]] [[श्रेणी:गोवा]] {{Stub}} drqhjnb12h0oauw7no4qekhtn2a87bv 6582649 6582645 2026-07-14T19:29:05Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582649 wikitext text/x-wiki {{निबंध|date=जून, 2021}} १८ जून को प्रति वर्ष '''गोवा क्रांति दिवस''' (Goa revolution day) के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि १८-०६-१९४६ को डॉक्टर [[राममनोहर लोहिया|राम मनोहर लोहिया]] ने [[गोवा]] के लोगों को पुर्तगालियों के ख़िलाफ़ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। १८ जून गोवा की आजादी की लडाई के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा गया है। १८ जून १९४६ को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया जी ने गोवा के लोगों को एकजुट होने और पुर्तगाली शासन के ख़िलाफ़ लड़ने का संदेश दिया था। १८ जून को हुई इस क्रांति के जोशीले भाषण ने आजादी की लड़ाई को मजबूत किया और आगे बढाया। गोवा की मुक्ति के लिये एक लम्बा आन्दोलन चला। अन्ततः19 दिसम्बर 1961 को [[भारतीय सशस्‍त्र सेनाएँ|भारतीय सेना]] ने यहाँ आक्रमण कर इस क्षेत्र को पुर्तगाली आधिपत्य से मुक्त करवाया और गोवा को [[भारत]] में शामिल कर लिया ।।।। ` 18 जून 2023 गोवा क्रांति दिवस - गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के परिवार का सम्मान`- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। इसे भारतीय इतिहास में गोवा क्रांति दिवस के नाम से जाना जाता है।। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया।। इस अवसर पर उपस्थित थे: डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं उनका पौत्र नारायण लोहिया जी एवं पूरा परिवार।। *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- [[श्रेणी:इतिहास]] [[श्रेणी:गोवा]] {{Stub}} 81199q0a9rsex3vvm54l6zq750xnsix 6582650 6582649 2026-07-14T19:30:09Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582650 wikitext text/x-wiki {{निबंध|date=जून, 2021}} १८ जून को प्रति वर्ष '''गोवा क्रांति दिवस''' (Goa revolution day) के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि १८-०६-१९४६ को डॉक्टर [[राममनोहर लोहिया|राम मनोहर लोहिया]] ने [[गोवा]] के लोगों को पुर्तगालियों के ख़िलाफ़ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। १८ जून गोवा की आजादी की लडाई के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा गया है। १८ जून १९४६ को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया जी ने गोवा के लोगों को एकजुट होने और पुर्तगाली शासन के ख़िलाफ़ लड़ने का संदेश दिया था। १८ जून को हुई इस क्रांति के जोशीले भाषण ने आजादी की लड़ाई को मजबूत किया और आगे बढाया। गोवा की मुक्ति के लिये एक लम्बा आन्दोलन चला। अन्ततः19 दिसम्बर 1961 को [[भारतीय सशस्‍त्र सेनाएँ|भारतीय सेना]] ने यहाँ आक्रमण कर इस क्षेत्र को पुर्तगाली आधिपत्य से मुक्त करवाया और गोवा को [[भारत]] में शामिल कर लिया ।।।। ` 18 जून 2023 गोवा क्रांति दिवस - गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के परिवार का सम्मान`- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। इसे भारतीय इतिहास में गोवा क्रांति दिवस के नाम से जाना जाता है।। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया।। इस अवसर पर उपस्थित थे: डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं उनके पौत्र नारायण लोहिया एवं पूरा परिवार।। *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- [[श्रेणी:इतिहास]] [[श्रेणी:गोवा]] {{Stub}} 5i0fm25bo47emgyax8w6vmh12y7sncq उपदंश 0 45586 6582794 5955023 2026-07-15T07:15:58Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 2 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582794 wikitext text/x-wiki {{स्रोतहीन|date=अप्रैल 2017}} '''उपदंश''' (Syphilis) एक प्रकार का [[गुह्य रोग]] है जो मुख्यतः लैंगिक संपर्क के द्वारा फैलता है। इसका कारक रोगाणु एक [[जीवाणु]], 'ट्रीपोनीमा पैलिडम' है। इसके लक्षण अनेक हैं एंव बिना सही परीक्षा के इसका सही पता करना कठिन है। इसे [[सीरोलोजिकल परीक्षण]] द्वारा चिन्हित किया जाता है। इसका इलाज [[पेनिसिलिन|पेन्सिलिन]] नामक [[प्रतिजैविक|एण्टीबायोटिक]] से किया जाता है। यह सबसे प्राचीन और कारगर इलाज है। यदि बिना चिकित्सा के छोड़ दिया जाये तो यह रोग [[हृदय]], [[मस्तिष्क]], आंखों एंव हड्डियों को क्षति पहुंचा सकता है। <ref>{{Cite web |url=https://www.cdc.gov/std/syphilis/stdfact-syphilis-detailed.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अगस्त 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180730092959/https://www.cdc.gov/std/syphilis/stdfact-syphilis-detailed.htm |archive-date=30 जुलाई 2018 |url-status=live }}</ref> इसकी उत्पत्ति के कारणों के मुख्य रूप से आघात, अशौच तथा प्रदुष्ट योनिवाली स्त्री के साथ संसर्ग बताया गया है। इस प्रकार यह एक [[औपसर्गिक व्याधि]] है जिसमें [[शिश्न]] पर [[ब्रण]] (sore) पाए जाते हैं। दोषभेद से इनके लक्षणों में भेद मिलता है। उचित चिकित्सा न करने पर संपूर्ण लिंग सड़-गलकर गिर सकता है और बिना शिश्न के [[वृषण|अंडकोष]] रह जाते हैं। [[आयर्वेद]] में उपदंश के पाँच भेद बताए गए हैं जिन्हें क्रमश:, वात, पित्त, कफ, त्रिदोष एवं रक्त की विकृति के कारण होना बताया गया है। वातज उपदंश में सूई चुभने या शस्त्रभेदन सरीखी पीड़ा होती है।<ref>{{Cite web |url=https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5055577/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अगस्त 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170910181816/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5055577/ |archive-date=10 सितंबर 2017 |url-status=live }}</ref> पैत्तिक उपदंश में शीघ्र ही पीला पूय पड़ जाता है और उसमें क्लेद, दाह एवं लालिमा रहती है। कफज उपदंश में खुजली होती है पर पीड़ा और पाक का सर्वथा अभाव रहता है। यह सफेद, घन तथा जलीय स्रावयुक्त होता है। त्रिदोषज में नाना प्रकार की व्यथा होती है और मिश्रित लक्षण मिलते हैं। रक्तज उपदंश में व्रण से रक्तस्राव बहुत अधिक होता रहता है और रोगी बहुत दुर्बल हो जाता है। इसमें पैत्तिक लक्षण भी मिलते हैं। इस प्रकार आयुर्वेद में उपदंश शिश्न की अनेक व्याधियों का समूह मालूम पड़ता है जिसमें सिफ़िलिस, सॉफ्ट शैंकर (soft chanchre) एवं शिश्न के कैंसर सभी सम्मिलित हैं। एक विशेष प्रकार का उपदंश जो फिरंग देश में बहुत अधिक प्रचलित था और जब भारतवर्ष में वे लोग आए तो उनके संपर्क से यहाँ भी गंध के समान वह फैलने लगा तो उस समय के वैद्यों ने, जिनमें भाव मिश्र प्रधान हैं, उसका नाम 'फिरंग रोग' रखा दिया। इसे आगंतुज व्याधि बताया गया अर्थात् इसका कारण हेतु जीवाणु बाहर से प्रवेश करता है। निदान में कहा गया है कि फिरंग देश के मनुष्यों के संसर्ग से तथा विशेषकर फिरंग देश की स्त्रियों के साथ प्रसंग करने से यह रोग उत्पन्न होता है। यह दो प्रकार का होता है एक बाह्य एवं दूसरा अभ्यंतर। बाह्य में शिश्न पर और कालांतर में त्वचा पर विस्फोट होता है। अभ्यंतर में संधियों, अस्थियों तथा अन्य अवयवों में विकृति हो जाती है। जब यह बीमारी बढ़ जाती है तो दौर्बल्य, नासाभंग, अग्निमांद्य, अस्थिशोष एवं अस्थिवक्रता आदि लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं। वस्तुत: फिरंग रोग उपदंश से भिन्न व्याधि नहीं है बल्कि उसी का एक भेद मात्र है। बहुत लोग इसे पर्याय भी मानने लगे हैं। == परिचय == आधुनिक दृष्टि से शिश्न के व्रणों के दो मुख्य भेद हैं-हार्ड शैंकर (hard chanchre) एवं साफ़्ट शैंकर। इसमें प्रथम तो ट्रिपोनिमा पैलिडम (treponema pallidum) जीवाणु से तथा द्वितीय हिमोफ़िलसड्यूकी (haemothilusducreyi) के कारण होता है। इसमें पहले को फिरंग और दूसरे को उपदंश मान सकते हैं। [[सिफ़िलिस]] (syphlilis) तीन अवस्थाएँ होती हैं। प्रदुष्ट स्त्री के साथ संभोग करने पर दस दिन से दस सप्ताह के अंदर शिश्न पर एक छोटे बटन के आकार का कठिन, स्रावयुक्त, वेदनारहित शोथ हो जाता है जो बिना किसी चिकित्सा के भी शांत हो जाता है। तत्संबंधी लसिका ग्रंथियों में भी शोथ हो जाता है; परंतु उसमें भी पाक नहीं होता है। यह रोग की प्रथम अवस्था है। द्वितीय अवस्था उपसर्ग के तीन से छह माह बाद उत्पन्न होती है जिसमें दौर्बल्य, शिर:शूल तथा सामान्य खाँसी के साथ-साथ निम्नांकित चार प्रकार की विकृतियाँ होती हैं : १. '''त्वचा विस्फोट'''-ताम्र वर्ण के विस्फोट पूरे शरीर में पाए जाते हैं जिनमें न वेदना होती है न कंडू। २. '''ग्रंथि'''-नम स्थान में, विशेषकर गुदा के किनारे, एक ग्रंथि बन जाती है। यह भी लगभग वेदनारहित होती है। ३. '''श्लेष्मिक-कला-विस्फोट'''-यह विशेषकर मुख में पाया जाता है। इसमें लाल रंग के अनेक व्रण मुख की श्लेष्मिक कला में हो जाते हैं जो सफेद झिल्ली से ढके रहते हैं। ४. '''लसिका-ग्रंथि-शोथ'''-शरीर की सभी लसिका ग्रंथियों में शोथ हो जाता है। इसमें चारों प्रकार की विकृतियों का होना आवश्यक नहीं है। कोई एक या एक से अधिक एक साथ पाई जा सकती है। कुछ मास पश्चात् इन विकृतियों का शमन हो जाता है और दो वर्ष से ३० वर्ष के पश्चात् उत्पन्न हो सकता है, जैसे त्वचा, अस्थि, संधि, जिह्वा, स्नायु। प्रभावित अवयव में ग्रैन्यूलेशन टिशू का एकत्रीकरण हो जाता है और गाँठें बन जाती हैं जिससे अवयव के कार्य में बाधा उत्पन्न हो जाती है। ये गाँठें भी वेदनारहित होती हैं। यह रोग आनुवंशिक भी होता है। माता पिता में होने से इसके जीवाणु गर्भावस्था में ही गर्भ में प्रविष्ट हो जाते हैं और जन्मजात शिशु में तथा कालांतर में इस रोग के लक्षण उसके अंदर पाए जाते हैं। बच्चा उत्पन्न होते ही बहुत दुर्बल, शुष्क हो सकता है जो शीघ्र ही मर जाता है। जीवित रहने पर त्वचा पर तथा आल्यंतर अवयव में, दाँत, आँख तथा स्नायुओं में विकृति उत्पन्न होती है। == निदान एवं चिकित्सा == इस रोग का निदान लक्षणों से तथा विभिन्न स्रावों से जीवाणु के प्रत्यक्षीकरण से, वासरमैन तथा कान विधि से रक्त की परीक्षा करके की जाती है। इसकी चिकित्सा में [[पारद]] का सर्वप्रथम प्रयोग भारतवर्ष में हुआ, तदनंतर [[संखिया]] का प्रयोग सफल पाया गया। आजकल इसकी चिकित्सा [[पेनिसिलीन]] से की जाती है। इस औषधि के आविष्कार से इसके हृदय रोग पक्षबध तथा आनुवंशिक होना आदि भयंकर परिणाम आजकल कम मिलते हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.unboundmedicine.com/redbook/ub/view/RedBook/187389/all/Table_6_5__Infectious_Diseases_Designated_as_Notifiable_at_the_National_Level_United_States__2009_%5Ba%5D |title=संग्रहीत प्रति |access-date=13 सितंबर 2012 |archive-date=27 मार्च 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120327124549/http://www.unboundmedicine.com/redbook/ub/view/RedBook/187389/all/Table_6_5__Infectious_Diseases_Designated_as_Notifiable_at_the_National_Level_United_States__2009_%5Ba%5D |url-status=dead }}</ref> इसमें प्रदुष्ट स्त्री से संसर्ग करने से, दो तीन दिन के अंदर लाल रक्तवर्ण का शोथ शिश्न पर हो जाता है। इसमें वेदना, पाक, [[पूय]]निर्माण बहुतायत से होता है। व्रणों की संख्या बहुधा अनेक हो जाती है और वंक्षण प्रदेश (inguinal region) की [[लसीका तंत्र|लसिका ग्रंथियों]] में भी शोथ हो जाता है जिसमें पूय पड़ जाता है। इस प्रकार के लक्षण सिफ़िलिस से बिल्कुल विपरीत होते हैं। इसकी चिकित्सा टेट्रासाइक्लीन, स्ट्रेप्टोमाइसीन एवं क्लोरोफेनिकाल के द्वारा सफलतापूर्वक की जा सकती है। == निवारण == === टीका === 2018 तक, रोकथाम के लिए कोई टीका प्रभावी नहीं है। ट्रेपोनेमल प्रोटीन पर आधारित कई टीके एक पशु मॉडल में घाव के विकास को कम करते हैं लेकिन शोध जारी है।<ref>{{Cite journal|last=Cameron|first=Caroline E.|last2=Lukehart|first2=Sheila A.|date=2014-03-20|title=Current Status of Syphilis Vaccine Development: Need, Challenges, Prospects|url=https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3951677/|journal=Vaccine|volume=32|issue=14|pages=1602–1609|doi=10.1016/j.vaccine.2013.09.053|issn=0264-410X|pmc=3951677|pmid=24135571}}</ref> === लिंग === कंडोम का उपयोग सेक्स के दौरान संचरण की संभावना को कम करता है, लेकिन जोखिम को पूरी तरह से समाप्त नहीं करता है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) कहता है, "लेटेक्स कंडोम का सही और लगातार उपयोग सिफलिस के जोखिम को तभी कम कर सकता है जब संक्रमित क्षेत्र या संभावित जोखिम की साइट सुरक्षित हो। हालांकि, क्षेत्र के बाहर एक उपदंश घाव द्वारा कवर किया गया है एक लेटेक्स कंडोम अभी भी संचरण की अनुमति दे सकता है, इसलिए कंडोम का उपयोग करते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए।"<ref>{{Cite web|url=https://www.cdc.gov/std/syphilis/stdfact-syphilis-detailed.htm|title=STD Facts - Syphilis (Detailed)|date=2021-07-20|website=www.cdc.gov|language=en-us|access-date=2021-08-01}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ineedmedic.com/health/syphilis/|title=Syphilis FAQs - Everything about this STDs|website=I Need Medic|language=en-US|access-date=2021-08-01|archive-date=1 अगस्त 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210801162113/https://ineedmedic.com/health/syphilis/|url-status=dead}}</ref> === जन्मजात रोग === नवजात शिशु में जन्मजात उपदंश को प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान माताओं की जांच करके और संक्रमित लोगों का इलाज करके रोका जा सकता है।[44] युनाइटेड स्टेट्स प्रिवेंटिव सर्विसेज टास्क फोर्स (USPSTF) सभी गर्भवती महिलाओं की सार्वभौमिक जांच की जोरदार सिफारिश करता है, [45] जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सभी महिलाओं को उनकी पहली प्रसवपूर्व यात्रा और फिर तीसरी तिमाही में परीक्षण करने की सलाह देता है। [46] [47] यदि वे सकारात्मक हैं, तो यह अनुशंसा की जाती है कि उनके सहयोगियों का भी इलाज किया जाए। [46] विकासशील देशों में जन्मजात उपदंश अभी भी आम है, क्योंकि कई महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल बिल्कुल नहीं मिलती है, और दूसरों को प्राप्त होने वाली प्रसवपूर्व देखभाल में स्क्रीनिंग शामिल नहीं होती है।<ref>{{Cite journal|last=Schmid|first=George|date=2004-6|title=Economic and programmatic aspects of congenital syphilis prevention.|url=https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2622861/|journal=Bulletin of the World Health Organization|volume=82|issue=6|pages=402–409|issn=0042-9686|pmc=2622861|pmid=15356931}}</ref><br /> {{बीमारियाँ}} [[श्रेणी:रोग]] [[श्रेणी:स्पाइरोकीट]] imznsocpe5angw8l4vdo6hl3er4wxj2 पटाया 0 51719 6582660 6568146 2026-07-14T21:58:45Z Dhee Dheeraj 936299 /* growthexperiments-addlink-summary-summary:2|0|1 */ 6582660 wikitext text/x-wiki {{Infobox Settlement <!--See Template:Infobox Settlement for additional fields that may be available--> <!--See the Table at Infobox Settlement for all fields and descriptions of usage--> <!-- Basic info ---------------->| name = पटाया | official_name = पटाया शहर | other_name = | native_name = พัทยา | nickname = | settlement_type = <!-- e.g. Town, Village, City, etc.--> | total_type = <!-- to set a non-standard label for total area and population rows --> | motto = <!-- images and maps -----------> | image_skyline = พัทยา.jpg‎ | imagesize = | image_caption = पटाया बीच | image_flag = | flag_size = | image_seal = Pattaya_seal.png | seal_size = | image_shield = | shield_size = | image_blank_emblem = | blank_emblem_type = | blank_emblem_size = | image_map = | mapsize = | map_caption = | image_map1 = | mapsize1 = | map_caption1 = | image_dot_map = Bay of Bangkok.svg | dot_mapsize = 250px | dot_map_caption = पटाया की थाईलैंड की खाड़ी में स्थिति | dot_x = 150 | dot_y = 87 | pushpin_map = Thailand<!-- the name of a location map as per http://en.wikipedia.org/wiki/Template:Location_map --> | pushpin_label_position = <!-- the position of the pushpin label: left, right, top, bottom, none --> | pushpin_map_caption = | pushpin_mapsize = <!-- Location ------------------> | subdivision_type = देश | subdivision_name = {{THA}} | subdivision_type1 = प्रांत | subdivision_name1 = [[चोनबुरी प्रांत|चोनबुरी]] | subdivision_type2 = | subdivision_name2 = <!-- Smaller parts (e.g. boroughs of a city) and seat of government --> | seat_type = | seat = | parts_type = | parts_style = <!-- =list (for list), coll (for collapsed list), para (for paragraph format) Default is list if up to 5 items, coll if more than 5--> | parts = <!-- parts text, or header for parts list --> | p1 = | p2 = <!-- etc. up to p50: for separate parts to be listed--> <!-- Politics ----------------->| government_footnotes = | government_type = Self-administrating municipality | leader_title = महापौर | leader_name = [[Ittipol Khunplome]] | leader_title1 = <!-- for places with, say, both a mayor and a city manager --> | leader_name1 = | established_title = <!-- Settled --> | established_date = <!-- Area ---------------------> | area_magnitude = | unit_pref = <!--Enter: Imperial, to display imperial before metric--> | area_footnotes = | area_total_km2 = 22.2<!-- ALL fields with measurements are subject to automatic unit conversion--> | area_land_km2 = <!--See table @ Template:Infobox Settlement for details on unit conversion--> | area_water_km2 = | area_total_sq_mi = | area_land_sq_mi = | area_water_sq_mi = | area_water_percent = <!-- Elevation --------------------------> | elevation_footnotes = <!--for references: use<ref> </ref> tags--> | elevation_m = | elevation_ft = | elevation_max_m = | elevation_max_ft = | elevation_min_m = | elevation_min_ft = <!-- Population -----------------------> | population_as_of = 2007 | population_footnotes = <ref name="2007 population">{{cite web |url=http://www.pattaya.go.th/app/thai/webportal/index.php?option=com_content&task=view&id=117&Itemid=51 |title=Pattaya population statistic according to residents registration 1997-2007 (Thai only) |accessdate=2007-11-29 |format=HTML |publisher=Pattaya City Registrar Office |archiveurl=https://archive.today/20120605045209/http://www.pattaya.go.th/app/thai/webportal/?option=com_content&task=view&id=117&Itemid=51 |archivedate=5 जून 2012 |url-status=live }}</ref> | population_note = Registered residents only | population_total = 104318 | population_density_km2 = auto<!--For automatic calculation, any density field may contain: auto --> | population_density_sq_mi = <!-- General information ---------------> | timezone = Thailand | utc_offset = +7 | timezone_DST = | utc_offset_DST = | coor_type = <!-- can be used to specify what the coordinates refer to --> | latd = 12 | latm = 55 | lats = 39 | latNS = N | longd = 100 | longm = 52 | longs = 31 | longEW = E <!-- Area/postal codes & others -------->| postal_code_type = <!-- enter ZIP code, Postcode, Post code, Postal code... --> | postal_code = | area_code = | blank_name = [[ISO 3166-2:TH|ISO 3166-2]] | blank_info = TH-S | website = http://www.pattaya.go.th/ | footnotes = | native_name_lang = th }} '''पटाया''' ({{Langx|th|พัทยา}}) [[थाईलैंड]] की राजधानी [[बैंकॉक]] के बाद दूसरा प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह [[थाईलैण्ड की खाड़ी|थाईलैंड की खाड़ी]] की पूर्वी तट पर ({{coord|12|55|39|N|100|52|31|E|region:TH|display=inline,title}}), [[बैंकाक]] से लगभग 165 कि॰मी॰ दक्षिण पूर्व में स्थित है। यह थाईलैंड के ऍम्फो बंग लामुंग, चोन बुरी प्रांत में स्थित है, परंतु उसका भाग नहीं है। बैंकॉक के बाद पट्टया थाइलैंड का सबसे प्रमुख पर्यटक स्थल है। यहां भी घूमने-फिरने लायक अनेक खूबसूरत जगह हैं। इसमें सबसे पहले नंबर आता है रिप्लेज बिलीव इट और नॉट संग्रहालय का। यहां का इन्फिनिटी मेज और 4डी मोशन थिएटर की सैर बहुत ही रोमांचक है। यहां की भूतिया सुरंग लोगों को भूतों का अहसास कराती है फिर भी सैलानी बड़ी संख्या में यहां आते हैं। == प्रशासन == पटाया ({{lang-th| พัทยา, พัทยา}}_ (· जानकारी की मदद), आरटीजीएस: थाई Phatthaya, थाई उच्चारण: [पी ʰ át.t ʰ ː a.ja]) थाईलैंड में एक शहर, थाईलैंड की खाड़ी, के बारे में 165 किमी के दक्षिण पूर्व के पूर्वी तट पर स्थित है बैंकाक चोनबुरी प्रांत में भीतर नहीं बल्कि Amphoe बैंग Lamung (Banglamung) के भाग में स्थित है। पटाया के सिटी (थाई: เมือง พัทยา; आरटीजीएस: Mueang Phatthaya) एक स्वशासी नगरपालिका क्षेत्र है जो पूरे tambon Nong Prue और ना Kluea और Huai Yai और Nong Pla Lai के कुछ हिस्सों को शामिल किया है। सिटी भारी औद्योगिक पूर्वी समुद्र तट क्षेत्र में स्थित है, साथ Si Racha, Laem Chabang और चोनबुरी साथ. यह एक 100,000 (2007) से अधिक आबादी है। पटाया भी एक कुल जनसंख्या 1000000 (2010) से अधिक के साथ पटाया चोनबुरी-मेट्रोपोलिटन एरिया, चोनबुरी प्रांत में महानगर के केंद्र है। सामग्री [छिपाने] 1 इतिहास 2 जनसांख्यिकी 3 भौतिक भूगोल 4 प्रशासन 5 जलवायु 6 समुद्र तटों और द्वीपों 7 परिवहन 8 मुख्य जगहें 9 त्योहारों और घटनाओं 10 कला 11 नाइटलाइफ़ 12 संपत्ति 13 स्वास्थ्य देखभाल 14 मीडिया और संचार 15 इन्हें भी देखें 16 सन्दर्भ 17 बाहरी कड़ियाँ == इतिहास == नाम पटाया Phraya (बाद में राजा Taksin) तक और उसके अयूथया से Chanthaburi, जो पूर्व राजधानी की 1767 में बर्मी आक्रमणकारियों को गिरने से पहले जगह ले ली को सेना के मार्च से विकसित. जब उसकी सेना अब क्या है पटाया के आसपास के क्षेत्र में आ गया, Phraya तक नई Klom की सेना, जो उसे पकड़ करने की कोशिश की सामना करना पड़ा. जब दोनों नेता आमने सामने से मुलाकात की, नई Klom Phraya तक सम्मानजनक ढंग है और उसकी सेना की सख्त अनुशासन द्वारा awed था। वह तो एक लड़ाई के बिना आत्मसमर्पण कर दिया। जगह दोनों सेनाओं का सामना किया था प्रत्येक Thap Phraya, जो Phraya की सेना का मतलब है बुलाया अन्य. यह बाद में Phatthaya, जो दक्षिण पश्चिम से बरसात के मौसम की शुरुआत में पूर्वोत्तर के लिए हवा बह मतलब बदल गया था। शहर अंतरराष्ट्रीय स्तर के रूप में "पटाया" ज्ञात है जबकि अभी भी लिप्यंतरण सही और सरकारी "Phatthaya" कई roadsigns पर देखा जाता है आज. सदियों के लिए, पटाया एक छोटी मछली पकड़ने गांव गया था। लेकिन एक बदलाव 26 अप्रैल 1961, जब अमेरिकी सैनिकों के बारे में 100 जो [[वियतनाम युद्ध]] में लड़ रहे थे के पहले समूह विश्राम के लिए पटाया में पहुंचे पर हुई। इस शुरुआत से, पटाया एक लोकप्रिय बीच रिसोर्ट जो अब एक वर्ष 4 लाख आगंतुकों से अधिक आकर्षित हो गया [2] [3] समुद्र तट के साथ फिशरमेन्स झोपडि़याँ. रिसोर्ट होटल और एशिया के सबसे बड़े समुद्र तट शॉपिंग मॉल सहित खुदरा स्टोर, द्वारा प्रतिस्थापित किया गया, [4] CentralFestival पटाया Beach मॉल. == जनसांख्यिकी == शहर (Mueang) 2007 में 104318 पंजीकृत निवासी था। बैंकॉक महानगर क्षेत्र के रूप में, यह आंकड़ा जो लोग शहर में काम करते हैं लेकिन उनके hometowns में पंजीकृत बने हुए हैं और कई लंबी अवधि के प्रवासी आगंतुकों के बड़ी संख्या में शामिल नहीं है। किसी भी समय में गैर पंजीकृत निवासियों, 300.000 आसपास आबादी की संख्या भी शामिल है। अन्य का अनुमान है उच्च के रूप में 500,000 आंकड़ा. रखा [1] सरकारी तौर पर पंजीकृत पटाया निवासियों के अधिकांश चीनी थाई वंश के हैं। पर्यटन उद्योग के कारण पूर्वोत्तर (Isan, थाईलैंड के सबसे गरीब क्षेत्र के रूप में जाना जाता है) से कई लोगों के लिए पटाया में काम आए हैं और उनके गृहनगर में जनगणना प्रयोजनों के लिए गिनी. वहाँ विदेशी पटाया में रहने वाले सेवानिवृत्त लोगों की एक तेजी से बढ़ती समुदाय है। थाई आप्रवास 50 साल की उम्र से अधिक विदेशियों को जो थाईलैंड में रिटायर इच्छा के लिए एक विशेष वीजा श्रेणी है। == जलवायु == पटाया यूरोप से कई सेवानिवृत्त और न केवल अपने जलवायु और विदेशी, आसान, जीवनशैली की वजह से अन्य पश्चिमी देशों के लिए आकर्षक है, लेकिन इसलिए भी कि रहने की लागत यूरोप, फिक्स्ड या पेंशन आय वाले लोगों के लिए एक प्रमुख विचार में उन लोगों का एक अंश है। == भौतिक भूगोल == Mueang पटाया Chon Buri प्रांत में Amphoe बैंग Lamung से घिरा हुआ। पटाया, थाईलैंड की खाड़ी से स्थित, 145 लगभग बैंकॉक के नगर, बैंग Lamung जिले से घिरा हुआ किमी दक्षिण है। पटाया के शहर में एक विशेष नगरपालिका क्षेत्र है जो पूरे tambon Nong (Nongprue) Prue और ना Kluea (Naklua) और Huai Yai और Nong Pla Lai के कुछ हिस्सों को शामिल किया है। धमाके Lamung बस्ती जो पटाया के उत्तरी सीमा रूपों tambon बैंग (Banglamung) Lamung, Nong Pla Lai और Takhian Tia के कुछ हिस्सों को शामिल किया। धमाके Sali पटाया की दक्षिणी सीमा पर है। "ग्रेटर पटाया" Banglamung के समुद्र तट के (एक ग्यारह जिलों कि चोनबुरी प्रांत शामिल की) के अधिकांश पर है। यह एक बड़ा उत्तरी भाग में विभाजित है Naklua (सबसे उत्तरी समुद्र तट) Beach और पटाया Beach (मुख्य समुद्र तट) से अधिक Pratamnak हिल (अक्सर "बुद्ध पहाड़ी" बुलाया के पूर्व क्षेत्र spans की वजह से शीर्ष पर मंदिरों में से एक है जो पहाड़ी) (तुरंत पटाया Beach के दक्षिण में) रास और एक छोटे दक्षिणी Jomtien समुद्र तट के पूर्व करने के लिए क्षेत्र को कवर खंड (जो सीधे Pratamnak हिल के दक्षिण में) निहित है। == समुद्र तटों और द्वीपों == खाड़ी क्षेत्र के मुख्य झाड़ू दो प्रमुख beachfronts में विभाजित है। पटाया Beach शहर के केंद्र के समांतर है और पटाया दक्षिण स्ट्रीट चलना करने के लिए Nuea से चलाता है। समुद्र तट सड़क के साथ रेस्तरां, खरीदारी क्षेत्रों और रात आकर्षण हैं। खाड़ी क्षेत्र के दक्षिणी भाग में Jomtien समुद्र तट पटाया समुद्र तट से Pratumnak हिल के रास से विभाजित है। यह उच्च वृद्धि condominiums, beachside होटल, बंगला परिसर, दुकानों, सलाखों और रेस्तरां के होते हैं। सप्ताहांत पर, यह तेजी से कई थाई बैंकॉक से आने वाले आगंतुकों के साथ भीड़ हो जाती है। यह जेट स्की, पैरासेलिंग और छोटे पाल नाव किराया जैसे watersport गतिविधियों प्रदान करता है। अपतटीय द्वीपों शामिल है "के पास द्वीप", को (मुख्य द्वीप) Larn, को Sak और को Krok पटाया को Larn के पश्चिमी तट से 7 किमी, या "कोरल द्वीप", म्यू को Phai, "सुदूर द्वीप", को स्थित (मुख्य द्वीप) Phai, को मनुष्य Wichai, को हू चांग और को Klung बदन, अपतटीय "द्वीप समूह के पास" आगे के पश्चिम में स्थित है और को Rin, दक्षिण पश्चिम में स्थित अपतटीय, म्यू को Phai के दक्षिण में. समूह में द्वीपों में से कुछ कम से कम 15 मिनट में speedboat द्वारा और के बारे में 45 मिनट ले नौका द्वारा पहुँच रहे हैं। "द्वीप समूह के पास" नाम "सुदूर द्वीप" और "कोरल द्वीप" touristic प्रयोजनों के लिए उपयोग किया जाता है केवल और द्वीप समूह के किसी भी नामकरण सम्मेलनों के अनुरूप नहीं है और समुद्री रायल थाई की जल सर्वेक्षण सेवा द्वारा प्रकाशित चार्ट पर दिखाए जाते हैं नहीं नौसेना. द्वीपों के कई सार्वजनिक समुद्र तटों और प्रस्ताव [[स्कूबा डाइविंग]] गतिविधियों है। == परिवहन == सूर्यास्त में पटाया Beach. पटाया पार्क टॉवर, पटाया शहर से पक्षी नेत्र देखें. सड़क बैंकॉक-चोनबुरी-पटाया Motorway (No.7 राजमार्ग) से motorway बैंकॉक के आउटर रिंग रोड के साथ जुड़ा हुआ है, (राजमार्ग 9 वें) और वहाँ भी Si Nakharin और राम IX जंक्शन पर एक और प्रवेश द्वार है।. बैंग बैंग ना से ना-Trat (राजमार्ग 34 नहीं) राजमार्ग, बंग Phli, बंग Pakong नदी पार करने के लिए चोनबुरी तक वहाँ एक चोनबुरी बाईपास कि Sukhumvit रोड से मिलती है। (राजमार्ग नंबर 3, गुजर बैंग Saen Beach, बैंग Phra पटाया करने के लिए। केंद्रीय शहर की सड़कों पटाया 1 (बीच रोड) सड़क: समुद्र तट के साथ चलाता है। पटाया 2 रोड: (दूसरा रोड) लगभग 400 पटाया एक रोड के समानांतर मीटर चलाता है। पटाया रोड 3: (तृतीय रोड) इस पटाया बाहरी रिंग रोड जो उत्तर, दक्षिण और मध्य पटाया जोड़ता है। पटाया ताई: (दक्षिण पटाया रोड) बीच रोड से Sukhumvit राजमार्ग तक चलता है। पटाया Klang: (सेंट्रल पटाया रोड) बीच रोड से Sukhumvit राजमार्ग तक चलता है। पटाया Nuea: (उत्तर पटाया रोड) बीच रोड से Sukhumvit राजमार्ग तक चलता है। Tappraya रोड: Jomtien Beach रोड से 2 पटाया जोड़ता है। Thepprasit रोड: Sukhumvit राजमार्ग को Tappraya रोड से जोड़ता है। रेल एक दैनिक सेवा पटाया और बैंकॉक में Hualumphong स्टेशन के बीच चल रही है। बस पटाया अक्सर बस सेवा से बैंकॉक के उत्तरी बस (Morchit) टर्मिनल और पूर्वी बस टर्मिनल (Ekamai) से सेवा की है। पटाया Klang पास Sukhumvit राजमार्ग पर एक टर्मिनल से बसें पूर्वोत्तर (Isan) में कई गंतव्य के साथ पटाया कनेक्ट. शहर और उपनगरीय सेवाओं मुख्यतः Songthaew (सार्वजनिक यात्री पिकअप वाहन) द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं, लोकप्रिय "baht-बसों या" "टैक्सियों" का उपनाम. एक नई बस सेवा है जो Suvarnabhumi हवाई अड्डे के साथ जोड़ता है Tappraya पटाया रोड पर Thepprasit रोड के मिलन बिंदु के पास स्थित है। लागत Bt.110 के आसपास है और आधुनिक वातानुकूलित बसों सुविधाएँ. यह लगभग 1 आधा घंटे लगते हवाई अड्डे तक पहुँचते हैं। टैक्सियों वहाँ कुछ मीटर के जरिए टैक्सियों रहे हैं और वातानुकूलित वैन कुछ होटल के कार पार्क से निजी भाड़े के लिए कार्य करते हैं। पटाया में लोकप्रिय उपनाम 'baht-बसों', songthaews सार्वजनिक परिवहन का सबसे लोकप्रिय साधन है। लागत एक नियमित मार्ग पर किसी भी दूरी के लिए 10 baht है, लेकिन बहुत अधिक अगर एक निर्दिष्ट गंतव्य के लिए जाने को कहा. मोटरसाइकिल आम तौर पर शहर और उपनगरों में संचालित टैक्सियों और मुख्य रूप से कम दूरी के लिए स्थानीय लोगों द्वारा इस्तेमाल किया। हालांकि टैक्सी मीटर कानून द्वारा करना चाहिए वे, वास्तव में कर रहे हैं, शायद ही कभी इस्तेमाल किया। हवा पटाया के बारे में 1 आधा घंटे, या Suvarnabhumi हवाई अड्डा, बैंकॉक अंतरराष्ट्रीय हब से सड़क मार्ग से 120 किमी है। सड़क तक, यह Sukhumvit रोड और बैंकॉक से 7 motorway से पहुँचा है। पटाया भी U-Tapao अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जो 45 शहर से मिनट ड्राइव है के माध्यम से कार्य किया है (बहुत सीमित). इसके अतिरिक्त, बैंकॉक, हवाई अड्डों और पटाया के बीच यात्रा के लिए अग्रिम बुकिंग पर आधारित निजी ट्रांसफर सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। ऐसी सेवाएँ मुख्यतः लंबी दूरी और एयरपोर्ट ट्रांसफर के लिए उपयोग की जाती हैं। उदाहरण के रूप में [https://soitaxi.com SoiTaxi] नामक सेवा बैंकॉक–पटाया मार्ग पर लगभग 1,000 बाट की निश्चित दर (टोल आदि सहित) पर निजी परिवहन उपलब्ध कराने की जानकारी देती है। यह सेवा सामान्य मीटर टैक्सी से अलग, पूर्व-आरक्षण आधारित प्रणाली पर संचालित होती है।<ref>{{Cite web|url=https://soitaxi.com/|title=SoiTaxi – Airport Taxi from 1000 THB {{!}} Bangkok to Pattaya|website=SoiTaxi Pattaya|language=en|access-date=2026-02-20}}</ref> == मुख्य जगहें == पटाया पार्क टॉवर. Wat Phra चमगादड़ खाओ पटाया खाड़ी अनदेखी मंदिर बुद्ध से अधिक 18 मीटर लंबा मूर्ति सुविधाएँ. सत्य का अभयारण्य. Nong Nooch उष्णकटिबंधीय वानस्पतिक उद्यान.<ref>{{Cite web|url=https://www.rishavapps.com/best-places-pattaya-thailand/#2_Nong_Nooch_Tropical_Garden|title=Nong Nooch Tropical Garden - Information and Tour Guide|date=20th February, 2020|website=Rishav Apps|access-date=20 फ़रवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200130155848/https://www.rishavapps.com/best-places-pattaya-thailand/#2_Nong_Nooch_Tropical_Garden|archive-date=30 जनवरी 2020|url-status=dead}}</ref> माइम स्ट्रीट चलना पर मनोरंजक. एक मछली पकड़ने शहर एक बार, पटाया पहले वियतनाम युद्ध के दौरान एक आर एंड आर गंतव्य के रूप में boomed और एक परिवार केंद्रित के रूप में विकसित समुद्र तटीय गंतव्य [प्रशस्ति पत्र की जरूरत]. 2007 में एक पूरे के रूप में थाईलैंड के लिए विदेशी पर्यटन 14500000 आगंतुकों की राशि. [6] क्रियाएँ (21 पटाया के 1 घंटे के भीतर गोल्फ कोर्स,) जाओ-kart रेसिंग गोल्फ खेल में शामिल हैं और हाथी गांव, जहां प्रशिक्षण के तरीकों और प्राचीन औपचारिक पुनः अधिनियमितियों के प्रदर्शनों दैनिक प्रदर्शन कर रहे हैं के रूप में अलग थीम पार्क और चिड़ियाघर का दौरा. निजी श्री Racha टाइगर चिड़ियाघर बाघ, alligators और दैनिक शो में अन्य जानवरों सुविधाएँ. Vimantaitalay पर्यटक पनडुब्बी 30 मिनट के लिए कोरल और समुद्री जीवन बस कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर अपतटीय देखने के पानी के नीचे यात्राएं प्रदान करता है। Nong Nooch उष्णकटिबंधीय वानस्पतिक उद्यान के दक्षिण पटाया के बारे में 15 किलोमीटर की दूरी पर एक 500 एकड़ वनस्पति उद्यान का (2.0 km2) साइट और एक आर्किड नर्सरी जहां प्रशिक्षित चिंपांजियों और हाथियों के साथ सांस्कृतिक शो प्रस्तुत कर रहे है। पटाया में अन्य आकर्षण लाख स्टोन पार्क, पटाया मगरमच्छ फार्म, पटाया पार्क बीच रिज़ॉर्ट पानी पार्क, अजीब भूमि मनोरंजन पार्क, Siriporn आर्किड फार्म, Silverlake वाइनरी, पानी के नीचे विश्व पटाया (विश्व स्तरीय मछलीघर), थाई Alangkarn थियेटर पटाया वर्ष शामिल हैं (सांस्कृतिक) दिखाने के लिए, बोतल कला संग्रहालय, Ripley है विश्वास करो या नहीं संग्रहालय और पानी के नीचे विश्व, एक मछलीघर जहां शार्क और stingrays सहित थाईलैंड की खाड़ी में समुद्री प्रजातियों में से एक संग्रह है। Khao Phra Tamnak या Khao Phra चमगादड़ एक छोटे से दक्षिण पटाया और Jomtien समुद्र तट कि पटाया के शहर और इसके वर्धमान खाड़ी के एक Panoramic दृश्य प्रदान करता है के बीच स्थित पहाड़ी है। पहाड़ी Wat Khao Phra चमगादड़, एक मंदिर है और Kromluang Chomphonkhetudomsak, जो माना जाता है के स्मारक द्वारा topped है "आधुनिक थाई नौसेना के संस्थापक पिता." सत्य का अभयारण्य एक बड़े लकड़ी Laem Ratchawet में समुद्र, कि सपना है कि मानव सभ्यता हासिल किया गया है और धार्मिक और दार्शनिक सच द्वारा पोषित से कल्पना की थी द्वारा 1981 में निर्मित संरचना है। मिनी Siam एक लघु मॉडल गांव जो सबसे प्रसिद्ध स्मारकों की प्रतिकृतियां और Emerald बुद्ध के मंदिर, लोकतंत्र स्मारक, पुल नदी Kwai पर और Prasat हिन Phimai सहित ऐतिहासिक स्थलों के साथ थाईलैंड की विरासत मनाता है। [[लंदन]] के [[टावर ब्रिज]], [[एफिल टॉवर]], लिबर्टी और Trevi Fountain की प्रतिमा के मॉडल भी "मिनी दुनिया" कहा जाता है अनुभाग में प्रदर्शित होता है। वाट Yanasangwararam Woramahawihan एक Somdet Phra Yanasangwon, वर्तमान सुप्रीम पैट्रिआर्क के लिए 1976 में निर्माण किया और बाद में महामहिम राजा द्वारा समर्थित मंदिर है। मंदिर के परिसर के भीतर बुद्ध के पदचिह्न की एक प्रतिकृति और एक बड़ा Chedi भगवान बुद्ध के अवशेष शामिल हैं। == त्योहारों और घटनाओं == पटाया इंटरनेशनल बिस्तर रेस (देर जनवरी से फरवरी के शुरू में भिन्न होता है) एक बहुत बड़ा मज़ा और दान घटना पटाया सिटी हॉल और पटाया के रोटरी क्लब द्वारा आयोजित. पिछले घटना उपस्थिति में 30,000 से ज्यादा लोग थे, www.पटायाbedrace.com. [[चीनी नववर्ष|चीनी नव वर्ष]] (जनवरी के अंत से फरवरी के शुरू में भिन्न होता है) है पटाया अजगर परेड, शेर नृत्य और आतिशबाजी के साथ बड़े थाई, चीनी समुदाय द्वारा मनाया जाता है। Burapa पटाया Bike सप्ताह थाइलैंड की है और [[दक्षिण पूर्व एशिया]] में दक्षिण पूर्व एशिया, सबसे बड़ी मोटरसाइकिल पटाया में आयोजित की प्रत्येक घटना फ़रवरी, सब से मोटरसाइकिल उत्साही ड्राइंग में से एक है और आगे विदेश में. 2010 के आयोजन स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय रहते संगीत कृत्यों के साथ दो दिनों में [7] आयोजित किया गया। पटाया अंतरराष्ट्रीय संगीत महोत्सव हर वर्ष मार्च के महीने में आयोजित होता है। यह बीच रोड और बाली हैं पियर साथ विभिन्न चरणों के लिए भारी भीड़ को आकर्षित करती है और संगीत की कई शैलियों थाई और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों द्वारा प्रदर्शन प्रस्तुत करता है। पटाया Songkran त्यौहार, स्थानीय वान लाइ कहा जाता है, प्रत्येक वर्ष जगह लेता मध्य अप्रैल में. यह सबसे कई पहलुओं में अन्य Songkran थाईलैंड के त्योहारों से अलग है। यह पिछले कई दिनों और अब, पानी फेंकने के अलावा, इस घटना सौंदर्य प्रतियोगिताओं, संगीत प्रदर्शन, सांस्कृतिक शो, आतिशबाजी और पानी के खेल प्रतियोगिता भी शामिल है। खाड़ी रेगाटा के ऊपर एक सप्ताह लंबे नौकायन अप्रैल के अंत में आयोजित किया और मई की शुरुआत घटना है। [8] मिस यूनिवर्स टिफ़नी सौंदर्य प्रतियोगिता के मध्य प्रत्येक वर्ष मई आयोजित किया जाता है। 4 दिन तमाशा के दौरान, थाईलैंड के सबसे खूबसूरत transgender व्यक्तियों और ट्रांससेक्सुअल अंतिम शाम की एक दर्शकों के लिए थाई टी वी पर रहते औसत पर, प्रसारण, 15 लाख. [9] [10] [11] [12] के साथ पहले स्थान के लिए होड़ करना पटाया मैराथन, हर साल कई श्रेणियों दौड़ की विशेषता है, जुलाई में आयोजित किया जाता है। [13] Loi Krathong, एक प्रकाश पारंपरिक थाई चंद्र कैलेंडर में बारहवें महीने के पूर्णिमा के दौरान आयोजित त्योहार है और जो आमतौर पर नवंबर में गिर जाता है, पटाया में मनाया जाता है, देश के बाकी के रूप में, krathongs (छोटे लोगों के साथ चल उस शाम, मोमबत्ती की रोशनी में अलंकृत जोड़ केले के पत्तों से बनाया गया तैरता) जल पर, जारी है और साथ ही loi रात आसमान में khom (मोमबत्ती निकाल गर्म हवा के गुब्बारे). हर नवम्बर पटाया मिस इंटरनेशनल क्वीन चुनाव, transgender व्यक्तियों और ट्रांससेक्सुअल के लिए एक वार्षिक अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा मेजबान. 2007 में घटना राष्ट्रीय टीवी पर एक अनुमानित 25 लाख दर्शकों को आकर्षित किया। [14] [15] पटाया शान है, पटाया समलैंगिक गर्व त्योहार, हर साल दलों और घटनाओं की एक श्रृंखला के साथ नवंबर के अंत में आयोजित किया है, 1 दिसम्बर को एक नाव विश्व एड्स दिवस के अवसर पर परेड के साथ culminating. सभी आय एचआईवी / एड्स से संबंधित दान करने के लिए चलते हैं। [16] [17] इन के अलावा, पटाया नियमित रूप से विश्व प्रसिद्ध डीजे Tiesto साथ एक नृत्य पार्टी, 2010. [18] चौथा Bangsaen Speedfestival, Hat बैंग Saen में एक सड़क सर्किट लगभग 50 किमी उत्तर पटाया की दौड़ फरवरी में आयोजित रूप में अन्य संगीत की घटनाओं के चरणों, था 10-14 नवम्बर 2010 को आयोजित. [19] == कला == अंतरराष्ट्रीय रचनात्मक कला कई कला दीर्घाओं में शामिल हैं। पूर्वी समुद्र तट पर आधुनिक कला परिदृश्य का केंद्र है Liam गैलरी, जो थाई और पश्चिमी कलाकारों द्वारा मूल artworks की विशेषताएं है। [20] पटाया प्लेयर, शौकिया thespians की एक मंडली, नाट्य प्रस्तुतियों की एक किस्म पैदा करता है। == नाइटलाइफ़ == पटाया एक पर्यटक यौन उद्योग की वजह से गंतव्य के रूप में अपनी प्रतिष्ठा का हिस्सा प्राप्त किया गया है [21] [22] और जिसके परिणामस्वरूप नाइटलाइफ़ और कई मायनों में शहर बन गया है अब यह क्या इस वजह से है। थाईलैंड में [23] वेश्यावृत्ति है तकनीकी रूप से अवैध लेकिन वास्तविकता दिखाता है कि यह रूप में पटाया [24] के लिए इस मामले में जहां यह मेजबान सलाखों, gogo सलाखों, मसाज पार्लर, saunas और प्रति घंटा होटलों की विशाल संख्या के साथ कुछ क्षेत्रों में पाया जाता है, साथ ही विदेशी पर्यटकों की सेवा है बर्दाश्त है स्थानीय लोगों को। इस चलना और साथ ही स्ट्रीट शहर भर के अन्य क्षेत्रों में प्रचलित है [25] के प्रयास. है की देर तक शहर की छवि स्वच्छ [26] बनाया गया है। वहाँ विशेष रूसी, अंग्रेजी और मध्य पूर्वी सहित अंतरराष्ट्रीय स्वाद के लिए उन खानपान में कई रेस्तरां हैं। पटाया भी एशिया का सबसे बड़ा समलैंगिक दृश्य [27] Boyztown और Sunee प्लाजा के आसपास आधारित है। शहर भी अपनी तेजतर्रार katheoy नाच के लिए प्रसिद्ध दिखाता है, जहां ट्रांससेक्सुअल और transvestites भरे घरों के लिए प्रदर्शन 28 [. [[चित्र:Jomtien Beach.jpg|250px|thumb|left|समुद्री तट]] [[चित्र:Pattaya seawall view.jpg|250px|thumb|left|तट के साथ साथ पटाया|कड़ी=Special:FilePath/Pattaya_seawall_view.jpg]] यहां के कोरल आइलैंड पर पैरासेलिंग और वॉटर स्पोट्स का आनंद उठाया जा सकता है। यहां पर कांच के तले वाली नाव भी उपलब्ध होती हैं जिससे जलीय जीवों और कोरल को देखा जा सकता है। कोरल आइलैंड में एक रत्न दीर्घा भी है जहां बहुमूल्य से रत्नों के बार में जानकारी ली जा सकती है। लेकिन इस आइलैंड में आने से पहले यह जान लें कि यहां का एक ड्रेस कोड है जिसका पालन करना आवश्यक है। कोई पर्यटक पट्टया आए और अलकाजर कैबरट न जाए ऐसा नहीं हो सकता। यहां पर नृत्य, संगीत व अन्य कार्यक्रमों का आनंद उठाया जा सकता है। यहां होने वाले कार्यक्रमों की खास बात यह है कि इसमें काम करने वाली खूबसूरत अभिनेत्रियां वास्तव में पुरुष होते हैं। == चित्र दीर्घा == Image:पटाया sunset-KayEss-1.jpeg|सूर्यास्त में पटाया बीच Image:पटाया Beach.jpg| Image:Jomtien Tower.jpg|पटाया पार्क टावर Image:เมืองพัทยา (3).jpg|पटाया पार्क टावर से शहर का एक दृश्य Image:Koh Lan पटाया.jpg‎|को-लान बीच, साफ जल में श्वेत रेत Image:पटाया buddha.jpg|वात खाओ फ्रा में बुद्ध की प्रतिमा == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == <!-- Wikipedia is not a web directory. Please consider adding your website to DMOZ instead of listing it here.--> {{sisterlinks|Pattaya}} * [https://web.archive.org/web/20061205054631/http://pattaya.go.th/ पटाया आधिकारिक वेबसाइट] * [https://web.archive.org/web/20081010023256/http://www.pattayacityhall.go.th/ पटाया City Hall] (Thai only) * [https://web.archive.org/web/20181020034235/http://www.pattayaphotoguide.com/ पटाया Photo Guide] - street level panoramic walkthrough * [https://web.archive.org/web/20090103144307/http://www.ethailandmap.com/pattaya_map.html Map of पटाया City] - from ''ethailandmap.com'' * [https://web.archive.org/web/20190905181052/http://www.allpattaya.com/ पटाया Business Directory] - from ''allपटाया.com'' * {{dmoz|Regional/Asia/Thailand/Provinces/Chon_Buri/Pattaya/}} * [https://web.archive.org/web/20081201130252/http://www.wikimapia.org/5875984/Pattaya पटाया map] at Wikimapia [[श्रेणी:पटाया]] [[श्रेणी:थाईलैंड के शहर]] [[श्रेणी:थाईलैंड के तट]] suvqauevl7x4nq33uokoq6c35tre4p2 प्रद्युम्न 0 54664 6582714 6141900 2026-07-15T03:18:21Z Pushkar Singh 415569 /* */ 6582714 wikitext text/x-wiki [[File:Pradyuman.jpg|thumb|नारद, कृष्ण प्रद्युम्न का स्वागत करते हुए]] '''प्रद्युम्न''' श्री [[कृष्ण]] के [[बेटा|पुत्र]] थे। वे पूर्व जन्म में ये काम देव थे, जो भगवान [[शिव|शंकर]] की तपस्या में [[विघ्न]] डालने के कारण उनके द्वारा भस्म कर दिये गये थे। तब काम देव की पत्नी के प्रार्थना करने पर भगवान शंकर ने प्रसन्न होकर [[कामदेव]] को जीवित तो कर दिया परन्तु शरीर नहीं दिया। इस अवस्था को काम देव ने कृष्ण जी का पुत्र बनकर समाप्त किया। [[श्रेणी:विष्णु अवतार]] [[श्रेणी:भागवत पुराण के पात्र]] rhxcg0o0u1qnqhd3lcu2y9ij535wd7l 6582715 6582714 2026-07-15T03:22:52Z Pushkar Singh 415569 /* */ 6582715 wikitext text/x-wiki [[File:Pradyuman.jpg|thumb|नारद, कृष्ण प्रद्युम्न का स्वागत करते हुए]] '''प्रद्युम्न''' ([[अंग्रेज़ी]]: '''Pradyumna''') श्री [[कृष्ण]] के [[बेटा|पुत्र]] थे। वे पूर्व जन्म में ये '''कामदेव''' थे, जो भगवान [[शिव|शंकर]] की तपस्या में [[विघ्न]] डालने के कारण उनके द्वारा भस्म कर दिये गये थे। तब कामदेव की पत्नी के प्रार्थना करने पर भगवान शंकर ने प्रसन्न होकर [[कामदेव]] को जीवित तो कर दिया परन्तु शरीर नहीं दिया। इस अवस्था को काम देव ने कृष्ण जी का पुत्र बनकर समाप्त किया। ==जन्म और प्रारम्भिक जीवन== [[श्रेणी:विष्णु अवतार]] [[श्रेणी:भागवत पुराण के पात्र]] o4xn69rzlyoncxzt1qzz03ypl4fub08 6582716 6582715 2026-07-15T03:25:02Z Pushkar Singh 415569 /* जन्म और प्रारम्भिक जीवन */ अनुभाग जोड़े 6582716 wikitext text/x-wiki [[File:Pradyuman.jpg|thumb|नारद, कृष्ण प्रद्युम्न का स्वागत करते हुए]] '''प्रद्युम्न''' ([[अंग्रेज़ी]]: '''Pradyumna''') श्री [[कृष्ण]] के [[बेटा|पुत्र]] थे। वे पूर्व जन्म में ये '''कामदेव''' थे, जो भगवान [[शिव|शंकर]] की तपस्या में [[विघ्न]] डालने के कारण उनके द्वारा भस्म कर दिये गये थे। तब कामदेव की पत्नी के प्रार्थना करने पर भगवान शंकर ने प्रसन्न होकर [[कामदेव]] को जीवित तो कर दिया परन्तु शरीर नहीं दिया। इस अवस्था को काम देव ने कृष्ण जी का पुत्र बनकर समाप्त किया। ==जन्म और प्रारम्भिक जीवन== ==विवाह== ==द्वारिका में भूमिका== ==मृत्यु== ==इन्हें भी देखें== [[श्रेणी:विष्णु अवतार]] [[श्रेणी:भागवत पुराण के पात्र]] sdxyjr1m3hp5y7auhiyr65wex2ywpgd 6582718 6582716 2026-07-15T03:26:01Z Pushkar Singh 415569 6582718 wikitext text/x-wiki [[File:Pradyuman.jpg|thumb|नारद, कृष्ण प्रद्युम्न का स्वागत करते हुए]] '''प्रद्युम्न''' ([[अंग्रेज़ी]]: '''Pradyumna''') श्री [[कृष्ण]] के [[बेटा|पुत्र]] थे। वे पूर्व जन्म में ये '''कामदेव''' थे, जो भगवान [[शिव|शंकर]] की तपस्या में [[विघ्न]] डालने के कारण उनके द्वारा भस्म कर दिये गये थे। तब कामदेव की पत्नी के प्रार्थना करने पर भगवान शंकर ने प्रसन्न होकर [[कामदेव]] को जीवित तो कर दिया परन्तु शरीर नहीं दिया। इस अवस्था को काम देव ने कृष्ण जी का पुत्र बनकर समाप्त किया। ==जन्म और प्रारम्भिक जीवन== ==विवाह== ==द्वारिका में भूमिका== ==मृत्यु== ==इन्हें भी देखें== [[सात्यकि]] [[कृतवर्मा]] [[अनिरुद्ध]] [[श्रेणी:विष्णु अवतार]] [[श्रेणी:भागवत पुराण के पात्र]] 1gqmo6ghylmzktbz5prj7aby1h7wkhb 6582719 6582718 2026-07-15T03:26:14Z Pushkar Singh 415569 /* इन्हें भी देखें */ 6582719 wikitext text/x-wiki [[File:Pradyuman.jpg|thumb|नारद, कृष्ण प्रद्युम्न का स्वागत करते हुए]] '''प्रद्युम्न''' ([[अंग्रेज़ी]]: '''Pradyumna''') श्री [[कृष्ण]] के [[बेटा|पुत्र]] थे। वे पूर्व जन्म में ये '''कामदेव''' थे, जो भगवान [[शिव|शंकर]] की तपस्या में [[विघ्न]] डालने के कारण उनके द्वारा भस्म कर दिये गये थे। तब कामदेव की पत्नी के प्रार्थना करने पर भगवान शंकर ने प्रसन्न होकर [[कामदेव]] को जीवित तो कर दिया परन्तु शरीर नहीं दिया। इस अवस्था को काम देव ने कृष्ण जी का पुत्र बनकर समाप्त किया। ==जन्म और प्रारम्भिक जीवन== ==विवाह== ==द्वारिका में भूमिका== ==मृत्यु== ==इन्हें भी देखें== [[सात्यकि]] [[कृतवर्मा]] [[अनिरुद्ध]] [[श्रेणी:विष्णु अवतार]] [[श्रेणी:भागवत पुराण के पात्र]] etjift5ui4158dme8ogfrr8betd865h प्राकृतिक आपदा 0 62397 6582814 6568209 2026-07-15T08:12:41Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582814 wikitext text/x-wiki '''Nath प्राकृतिक आपदा''' एक [[प्राकृतिक जोखिम]] का परिणाम है जैसे की [[ज्वालामुखी विस्फोट]], [[भूकंप]] जो कि मानव गतिविधियों को प्रभावित करता है। मानव दुर्बलताओं को उचित योजना और [[आपातकालीन प्रबंधन]] का अभाव और बढ़ा देता है, जिसकी वजह से आर्थिक, मानवीय और पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है। परिणाम स्वरुप होने वाली हानि निर्भर करती है जनसँख्या की आपदा को बढ़ावा देने या विरोध करने की क्षमता पर, अर्थात उनके लचीलेपन पर<ref>{{cite book|title=Mapping Vulnerability: Disasters, Development and People|url=https://archive.org/details/mappingvulnerabi0000unse|author=G. Bankoff, G. Frerks, D. Hilhorst (''eds.'')|date=2003|isbn=ISBN 1-85383-964-7}}</ref> ये समझ केंद्रित है इस विचार में: "जब जोखिम और [[दुर्बलता]] का मिलन होता है तब दुर्घटनाएं घटती हैं".<ref>{{cite book|title=At Risk - Natural hazards, people's vulnerability and disasters|url=https://archive.org/details/atrisknaturalhaz0000unse_u1a0|author=B. Wisner, P. Blaikie, T. Cannon, and I. Davis|publisher=Wiltshire: Routledge|year=2004|isbn=ISBN 0-415-25216-4}}</ref> जिन इलाकों में दुर्बलताएं निहित न हों वहां पर एक पर भी एक प्राकृतिक आपदा में तब्दील नहीं हो सकता है, उदहारण स्वरुप, निर्जन प्रदेश में एक प्रबल भूकंप का आना-बाना मानव की भागीदारी के घटनाएँ अपने आप जोखिम या आपदा नहीं बनती हैं, इसके फलस्वरूप ''प्राकृतिक'' शब्द को विवादित बताया गया है।<ref>{{cite book|title=Principles of Emergency planning and Management|author=D. Alexander|date=2002|publisher=Harpended: Terra publishing|isbn=ISBN 1-903544-10-6}}</ref> घटने की सम्भावना को कहते हैं जिससे मनुष्यों अथवा पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कई प्राकृतिक खतरे आपस में सम्बंधित हैं, जैसे की [[भूकंप]] या [[सूनामी]] ला सकते हैं, [[सूखा]] सीधे तौर पर [[अकाल]] और [[रोग]] पैदा करता है। खतरे और आपदा के बीच के विभाजान का एक ठोस उदहारण ये है की [[1906 सैन फ्रांसिस्को का भूकंप|1906 में सैन फ्रांसिस्को में आया भूकंप]] एक आपदा थी, जबकि कोई भी भूकंप एक तरह का खतरा है। फलस्वरूप भविष्य में घट सकने वाली घटना को खतरा कहते हैं और घट चुकी या घट रही घटना को आपदा कहते है। == प्राकृतिक आपदा == === भूमि चालन से होने वाली आपदाएं === ==== हिमस्खलन ==== [[चित्र:Timpavalanche.jpg|thumb|माउन्ट टिम्पानोगोस, यूटा, एस्पेन ग्रोव ट्रेल के पृष्ठभाग (पूर्व) में आया हिमस्खलन]]. उल्लेखनीय [[हिमप्रपात|हिम्स्खालनों]] में शामिल हैं: ==== भूकंप ==== हाल के दिनों के कुछ सबसे महत्वपूर्ण [[भूकंप|भूकम्पों]] में शामिल हैं: * [[हिंद महासागर सूनामी चेतावनी प्रणाली तंत्र|2004 में हिंद महासागर में आया भूकंप]] इतिहास में दर्ज भूकम्पों में दूसरा सबसे बड़ा है, जिसका परिमाण 9.3 दर्ज है। इस भूकंप के कारण आई भीषण [[सूनामी]] में कम से कम 229000 की जानें गयीं थीं। * [[2005 कश्मीर का भूकंप|2005 में कश्मीर में आये भूकंप]] (2005 Kashmir earthquake) का माप 7.7-7.6 था और इसके कारण [[पाकिस्तान]] में 79000 जानें गयीं थीं। * 7.7 परिमाण वाला [[17 जुलाई 2006 जावा भुकंप|जुलाई 2006 में आया जावा भूकंप]], जिसके कारण भी [[सूनामी]] आई थी। [[चित्र:US Navy 050102-N-9593M-040 A village near the coast of Sumatra lays in ruin after the Tsunami that struck South East Asia.jpg|thumb||[[हिंद महासागर सूनामी चेतावनी प्रणाली तंत्र|2004 में हिंद महासागर में आए भूकंप]] के कारण आयी [[सूनामी]] में [[सुमात्रा]] का एक पूरा गाँव तबाह हो गया था।]] * मई 12, [[२००८ सिचुआन भूकंप|2008 सिचुआन भूकंप]], जिसका परिमाण 7.9 था, चीन के सिचुआन प्रान्त में आया था। मई 27, 2008 तक मरने वालों की संख्या 61150 थी। * जुलाई 29, [[2008 चिनो हिल्स भूकंप]] (2008 Chino Hills Earthquake), जिसका परिमाण 5.4 था, चिनो हिल्स, कैलिफोर्निया में आया था। ==== लहर==== [[टाँगिवाई आपदा]] (Tangiwai disaster) [[लहर]] (lahar) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, ऐसा की एक था जिसने अर्मेरो, [[कोलंबिया]] (Colombia) में लगभग 23000 लोगों को 1985 के [[नेवादो डेल रुइज़]] (Nevado del Ruiz) के विस्फोट के दौरान मौत के घाट उतार दिया था। ==== भूस्खलन एंवं मिटटी का बहाव ==== [[कैलिफोर्निया]] में भारी बारिश के बाद ये काफ़ी नियमित रूप से होते हैं। ==== ज्वालामुखीय विस्फोट ==== [[चित्र:Puu Oo cropped.jpg|thumb|100px|right|[[Pu'u 'Ō'ō]] (Pu'u 'Ō'ō)]] * ज्वालामुखी के फटने या पत्थरों के गिरने से होने वाला '''ईरप्शन''' अपने आप में एक आपदा हो सकते हैं, लेकिन इनके कई सारे प्रभाव जो की ईरप्शन के बाद हो सकते हैं वो भी मानव जीवन के लिए हानिकारक हैं। * '''[[लावा]] (Lava)''', जिसके अन्दर अत्यन्त गरम पत्थरों का समावेश होता है, किसी [[ज्वालामुखी]] के ईरप्शन के दौरान उत्पन्न होता है। इसके कई अलग प्रकार हैं, जो की या तो भुरभुरे (जैसे की [[a`a]] (a`a) या चिपचिपे (जैसे की [[pahoehoe]] (pahoehoe)) हो सकते हैं। ज्वालामुखी से निकलने के बाद ये रास्ते में आने वाले भवनों और पौधों को नष्ट कर देता है। * '''[[ज्वालामुखीय राख]] (Volcanic ash)''' - आमतौर पर जिसका अर्थ है ठंडी राख - आस पास के वातावरण में एक घना कोहरा बन कर बस सकती है। जल के साथ मिश्रण करने पर ये एक ठोस पदार्थ में तब्दील हो सकती है। उचित मात्रl में इकठ्ठा होने पर इसके वजन से छतें ढह सकती हैं, लेकिन कम मात्रा में भी यदि साँस के साथ अन्दर लिया जाए तो ये बीमारी पैदा कर सकती है। चूँकि इस राख में ग्राउंड ग्लास जैसी विशेषताएं होती हैं, इसलिए ये चलते पुर्जों जैसे की इंजन में घर्षण से होने वाले नुकसान पैदा कर सकती है। * '''[[विशालकाय ज्वालामुखी]] (Supervolcano)''': [[टोबा तबाही का सिद्धांत|टोबा तबाही के सिद्धांत]] (Toba catastrophe theory) के अनुसार 70 से 75 हजार वर्ष पहले [[टोबा झील]] (Lake Toba) में एक विशालकाय ज्वालामुखीय घटना घटित हुई थी जिसने मानव जनसँख्या को घटा कर 10000 अथव 1000 प्रजनन लायक जोडों तक ही सीमित कर दिया था, इसकी वजह से [[मानव का विकास|मानव विकास]] में अड़चन पैदा हो गई थी। विशालकाय जलामुखी से मुख्य खतरा उसके द्वारा उत्पन्न रख के विशाल बदल से होता है, जो कई वर्षों तक जलवायु और तापमान पर विनाशकारी वैश्विक असर डालते हैं। * '''[[पाय्रोक्लास्टिक प्रवाह]] (Pyroclastic flows)''' गर्म ज्वालामुखीय राख से बने होते हैं जो ज्वालामुखी के ऊपर एकत्र होती रहती है, जब तक की स्वंयम के बोझ तले ये गिर नहीं जाती है, उसके बाद ये बहुत तेज़ी से पर्वत से नीचे आती है और अपने मार्ग में आने वाली प्रत्येक वस्तु को जला देती है। ऐसा मन जाता है की [[पोम्पेइ|पोम्पी]] एक पाय्रोक्लास्टिक प्रवाह के कारण ही तबाह हुआ था। * '''लहर''', जिनका की ऊपर वर्णन किया जा चुका है, ज्वालामुखीय ईरप्शन के कारण पैदा हो सकती हैं। === जलीय आपदाएं === ==== बाढ़ ==== <!--Translate this template and uncomment {{main|List of floods}} --> [[चित्र:Limpopo.jpg|thumb|[[लिम्पोपो नदी]] (Limpopo River), जो की दक्षिण [[मोस़ाम्बीक|मोज़ाम्बिक]] में है, दौरान [[2000 मोज़ाम्बिक बाढ़]] (2000 Mozambique flood).]] कुछ सबसे उल्लेखनीय की [[बाढ़|बाढ़ों]] में शामिल हैं | * [[चीन]] की [[ह्वांगहो|ह्वांग ही]] (पीली नदी) में अक्सर बाढ़ आती है।[[1931 की ह्वांग ही बाढ़|1931 में आई भीषण बाढ़]] (1931 Huang He flood) में 800000 से 4000000 के बीच मौतें हुईं थीं। * [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमरीका]] के इतिहास में [[1993 की भीषण बाढ़]] (Great Flood of 1993) अब तक की सबसे महँगी बाढ़, आर्थिक दृष्टि से रही है। * [[1998 यांग जी नदी बाढ़|1998 यांग जी नदी की बाढ़]] (1998 Yangtze River Floods), ये भी [[चीन]] में ही, नें 140 लाख लोगों को बेघर कर दिया था। * [[2000 मोज़ाम्बिक बाढ़]] (2000 Mozambique flood) नें देश के अधिकांश हिस्से को तीन हफ्ते तक ढक के रक्खा था, जिसकी वजह से हजारों मौतें हुईं और वर्षों के लिए देश तबाह हो गया। [[ट्रोपिकल (उष्णकटिबंधीय) चक्रवात|ट्रोपिकल चक्रवात]] (Tropical cyclone) अत्यधिक बाढ़ और [[तूफान वृद्धि]] (storm surge) ला सकते हैं, जैसा की इनके साथ हुआ: * [[भोला चक्रवात]] (Bhola Cyclone) जो [[पूर्वी पाकिस्तान]] (East Pakistan) से टकराया था (जो की आज का [[बांग्लादेश]] है) * [[नीना तूफ़ान (1975)|नीना तूफ़ान]] (Typhoon Nina (1975)) जो [[चीन]] से 1975 में टकराया था। * [[ट्रोपिकल आंधी एलिसन]] (Tropical Storm Allis * on) जो [[ह्युस्टन|हूस्टन]], टैक्सस से 2001 में टकराई थी। *[[हरिकेन कट्रीना|कैटरिना तूफ़ान]], जिसने [[न्यू आर्लीन्स|न्यू ओरलेंस]] के अधिकांश भाग को पानी में डुबो दिया था, 2005 में आया था। ==== लिम्निक ईरप्शन ==== [[न्योस झील]] (Lake Nyos) के लिम्निक ईरप्शन से निकलने वाली गैसों से एक गाय का दम घुंट गया]]। [[लिम्निक ईरप्शन]] (limnic eruption) तब होते हैं जब अचानक ही एक गहरे पानी की झील से [[कार्बन डाइआक्साइड गैस निकलने लगती है, इससे वन्य जीवन, पशुओं और मनुष्यों के दम घुटने का खतरा बढ़ जाता है। इस प्रकार का रिसाव से झील में [[सूनामी]] भी आ सकती है क्योंकि उठती हुई <sub>CO2</sub> गैस जल को विस्थापित करती है। वैज्ञानिकों का मानना है की [[भूस्खलन]] (landslides), [[ज्वालामुखी|ज्वालामुखीय]] गतिविधि या विस्फोट एक रिसाव का कारण हो सकते हैं। आज तक केवल दो लिम्निक रिसाव देखे और दर्ज किए गए हैं। * 1984 में [[कैमरून]] (Cameroon) में [[मोनोउन झील]] (Lake Monoun) के लिम्निक रिसाव में आसपास के ३७ लोग मरे गए थे। * [[न्योस झील]] (Lake Nyos) के करीब 1986 में एक काफी बड़े रिसाव से 1700 और 1800 के बीच लोग [[श्वास रुकना|श्वास रुकने]] (asphyxiation) से मर गए थे। ==== सूनामी ==== [[चित्र:2004-tsunami.jpg|thumb|[[26 दिसंबर|२६ दिसम्बर]] [[2004]] को आय [[भूकंप]] के कारण पैदा हुई [[सूनामी]] [[आओ नांग]] (Ao Nang), [[थाईलैंड]] से टकराई.]] सूनामी समुद्र के अंदर आये भूकंप के द्वारा भी पैदा हो सकती है, जैसी की [[आओ नांग]] (Ao Nang), थाईलैंड में आई थी [[हिंद महासागर सूनामी चेतावनी प्रणाली तंत्र|हिंद महासागर में 2004 आए भूकम्प]] के कारण, या फ़िर भूस्खलन के द्वारा भी जैसी की [[अलास्का]] की [[लिटूया खाडी|लीतुया खाडी]] (Lituya Bay) में आयी थी। * [[आओ नांग|आओ नैंग]] (Ao Nang), थाईलैंड (2004).[[हिंद महासागर सूनामी चेतावनी प्रणाली तंत्र|2004 के हिंद महासागर के भूकंप]] ने इस स्थान पर सूनामी और तबाही लायी थी। * [[लीतुया खाडी]] (Lituya Bay), अलास्का (१९५३).लिखावट में पैरा तीन (3) को देखें एक [[अति विशाल सूनामी]] (mega-tsunami) यहाँ आई थी, अब तक दर्ज की गई सबसे बड़ी. * इसको भी भूमि चालन की श्रेणी में डाला जा सकता है क्योंकि ये एक भूकंप के कारण शुरू हुई थी। === मौसमी आपदायें === <!--Translate this template and uncomment {{main|Weather disasters}} --> [[चित्र:Young steer after blizzard - NOAA.jpg|thumb|यंग स्टीयर एक बर्फानी तूफ़ान के बाद, मार्च 1966.]] ==== बर्फानी तूफ़ान ==== [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] के महत्त्वपूर्ण [[बर्फानी तूफ़ान]] (blizzard) हैं: * [[1888 का महान बर्फानी तूफ़ान]] (Great Blizzard of 1888) * [[स्कूलहॉउस बर्फानी तूफ़ान]] (Schoolhouse Blizzard) [[1888|उसी वर्ष]] पहले का * इस [[युद्धविराम दिवस बर्फ़ीला तूफ़ान|युद्धविराम दिवस बर्फानी तूफान]] (Armistice Day Blizzard) 1940 में * [[1993 उत्तरी अमेरिकी तूफान जटिल|इस सदी का तूफान]] (1993 North American storm complex) 1993 में ==== सूखा ==== सर्वविदित ऐतिहासिक [[सूखा|सूखे]] (drought) इस प्रकार हैं: * 1900 [[भारत]], 250000 और 325 लाख के बीच की मौत हो गई। * 1921-22, [[सोवियत संघ]] (Soviet Union), जिसमें 50 लाख से अधिक सूखे की वजह से हुई भुखमरी से मर गए।<ref>{{Cite web |url=http://www.cbc.ca/news/background/forcesofnature/natural-disasters.html |title=1900 के बाद से विश्व की सबसे बुरी प्राकृतिक आपदाएं |access-date=14 जनवरी 2005 |archive-url=https://web.archive.org/web/20050114005929/http://www.cbc.ca/news/background/forcesofnature/natural-disasters.html |archive-date=14 जनवरी 2005 |url-status=live }}</ref> * 1928-30, उत्तर पश्चिम [[चीन]], अकाल से 30 लाख से अधिक लोगों की मौत का कारण बनी. * 1936 और 1941, [[सीश्वान|सिचुआन]] प्रांत, [[चीन]], क्रमशः 50 लाख और 25 लाख की मौत हुई. * 2006 तक [[वेर्स्टन आस्ट्रेलिया|पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया]], [[न्यू साउथ वेल्स]], [[विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया)|विक्टोरिया]] और [[क्वीन्सलैण्ड|क्वींसलैंड]] ([[ऑस्ट्रेलिया]] के राज्य) लगभग पाँच से दस वर्षों से सूखे की स्थिति से गुजर रहे हैं। पहली बार सूखे नें [[शहरी क्षेत्र|शहरी]] (urban area) आबादी को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। * 2006 में, [[सीश्वान|सिचुआन]] प्रांत, [[चीन]], ने आधुनिक समय के अपने सबसे बुरे सूखे का अनुभव किया, जहाँ लगभग 80 लाख लोग और ७० लाख पशु पानी की कमी झेल रहे हैं। ==== ओलावृष्टि ==== एक विशेष रूप से हानिकारक ओलावृष्टि [[म्यूनिख]] (Munich), [[जर्मनी]] में [[अगस्त 31]] (August 31), [[1986]] को आई जिसने हजारों पेंड़ गिरा दिए और लाखों डॉलर के [[बीमा|बीमे]] (insurance) के दावे करवाए. ==== ताप लहर ==== हाल के इतिहास में सबसे बुरी गर्मी की लहर [[यूरोप की 2003 की ताप लहर]] (European Heat Wave of 2003) थी। [[चित्र:Katrina 2005-08-28 1702Z.jpg|thumb|[[कट्रीना (चक्रवात)|तूफान कैटरीना]]]] ==== चक्रवाती तूफ़ान ==== <!--Translate this template and uncomment {{main|List of tropical cyclones}} --> [[तूफ़ान|तूफान]] (Hurricane), [[उष्णकटिबंधीय चक्रवात]] (tropical cyclone) और [[प्रचंड तूफ़ान|आँधी]] (typhoon) एक ही तरह की घटना के लिए अलग अलग नाम हैं: एक चक्रवाती [[तूफ़ान|तूफान]] (storm) व्यवस्था जो महासागरों के ऊपर बनती है। अब तक का सबसे भीषण हरिकेन तूफ़ान था [[१९७० का भोला चक्रवात]] (1970 Bhola cyclone); एटलांटिक का सबसे भीषण हरिकेन था [[1780 के महान तूफ़ान|१९७० का महान हरिकेन तूफ़ान]] (Great Hurricane of 1780), जिसने [[मार्तिनीक|मार्टीनिक]], [[सेंट युस्तेतियुस]] (St. Eustatius) और [[बारबाडोस]] को तबाह कर दिया था। एक और उल्लेखनीय तूफान है [[हरिकेन कट्रीना|तूफान कैटरीना]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका का खाडी तट.|संयुक्त राज्य अमेरिका के खाड़ी तट]] (Gulf Coast of the United States) को 2005 में तबाह कर दिया था। === आग === <!--Translate this template and uncomment {{main|List of forest fires}} --> [[जंगल की आग]] (Wildfire) एक ऐसी अनियंत्रित आग को कहते हैं जो [[वन प्रदेश|वन्य प्रदेश]] (wildland) को जला देती है। इसके सामान्य कारण तो हैं [[बिजली|बिजली गिरना]] (lightning) और [[सूखा]] (drought) परन्तु इसे मानव की लापरवाही और [[आगजनी]] (arson) द्वारा भी शुरू किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और [[वन्य जीवन]] (wildlife) के लिए ये खतरा उत्पन्न करती हैं। === स्वास्थ्य और रोग === ==== महामारी ==== <!--Translate this template and uncomment {{main|List of epidemics}} --> [[चित्र:Colorized transmission electron micrograph of Avian influenza A H5N1 viruses.jpg|thumb|A H5N1 वायरस, जिसके कारण [[बर्ड फ़्लू|एवियन इन्फ्लूएंजा]] होता है।]] [[महामारी]] (epidemic) एक छूत की [[रोग|बीमारी]] के फैलने को कहते हैं जोकि मानव आबादी में बहुत तेजी से फैलती है। यदि महामारी विश्वभर में फ़ैल जाए तो उसे [[विश्वमारी]] (pandemic) कहते हैं। इतिहास भर में महामारियों के अनेकों वर्णन आते रहे हैं, जैसे की [[काली मौत]] (Black Death).पिछले सौ वर्षों की महत्त्वपूर्ण विश्व्मारियों में शामिल हैं: * 1918 की [[स्पैनिश फ्लू]] (Spanish flu) विश्वमारी जिससे दुनिया भर में अनुमानतः 5 करोड़ लोग मर गए थे। * 1957-58 [[एशियाई फ्लू]] (Asian flu) विश्वमारी जिसमें लगभग 10 लाख लोग मर गेर थे। * 968-69 [[हांगकांग फ्लू]] (Hong Kong flu) विश्वमारी * २००२-3 [[सार्स]] (SARS) महामारीविश्वमारी * 2019-20 [[कोरोना वायरस]] [[Covid 19]] * [[एड्स]] महामारी, 1959 में शुरू अन्य बीमारियाँ जो धीरे धीरे फैलती हैं लेकिन अभी भी जिन्हें [[विश्व स्वास्थ्य संगठन का द्वारा वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थिति ही माना जाता है: * [[एक्सडीआर (क्स्द्र) टीबी|एक्सडीआर (XDR) टीबी]] (XDR TB), [[तपेदिक]] का एक प्रकार है जिसपे की दवाईयों का इलाज का कोई प्रभाव नहीं है। * [[मलेरिया]] जो अनुमानतः प्रति वर्ष 15 लाख लोगों की मौत का कारण बनता है। * [[एबोला रक्तस्रावी ज्वर]] (Ebola hemorrhagic fever) है, जिसने अनन्य [[प्रकोप|प्रकोपों]] (outbreak) में [[अफ़्रीका|अफ्रीका]] में सैकडों जानें ली हैं। ==== अकाल ==== <!--Translate this template and uncomment {{main|List of famines}} --> आधुनिक काल में अकाल नें सबसे अधिक [[उप सहारा अफ्रीका]] (Sub-Saharan Africa) को चपेट में लिया है, हालाँकि मरने वालों की संख्या 20वीं शताब्दी का एशियायी अकालों की तुलना में काफी कम है। === अंतरिक्ष === ==== प्रभाव डालने वाली घटनाएँ ==== आधुनिक समय की अत्यधिक प्रभावी घटनाओं में जून 1908 की [[तुंगुस्का घटना]] (Tunguska event). ==== सौर भड़काव ==== जब [[सूर्य|सूरज]] अचानक सामान्य से अधिक [[सौर विकिरण]] (solar radiation) छोड़ने लगे तो इस घटना को [[सौर भड़काव]] (solar flare) कहते हैं। कुछ ज्ञात सौर भड़कावों में शामिल हैं: * एक [[X20]] (X20) घटना [[अगस्त 16]] (August 16)[[1989]] * इसी तरह की एक और चमक [[2 अप्रैल|अप्रैल 2]][[2001]] * सबसे शक्तिशाली सौर चमक [[4 नवंबर|4 नवम्बर]] [[2003]] को दर्ज की गई थी, अनुमानतः X40 और X50 का बीच में. * ऐसा माना जाता है की पिछले 500 वर्षों की सबसे शक्तिशाली चमक सितम्बर 1859 में हुई थी। वर्तमान में इसे प्राकृतिक आपदा नहीं माना गया है क्योंकि मानव संरचनाओं को इसने क्षतिग्रस्त नहीं किया है; हालाँकि इसमें प्राकृतिक आपदा बनने की क्षमता है क्योंकि अन्तरिक्ष अन्वेषण में हमारे कदम बढ़ते जा रहे हैं। == स्रोत == <references/> == इन्हें भी देखें == * [[सूनामी]] * [[तूफान]] == बाहरी कडियाँ == * [https://web.archive.org/web/20120922174213/http://scientistkinjalk.blogspot.in/2012/03/disaster-management.html '''क्या है आपदा और आपदा प्रबंधन ?''] - आपदा प्रबंधन सीखना समय की मांग * [https://web.archive.org/web/20110914141246/http://www.ready.gov/america/translations/hindi/beinformedindex.html '''तैयार अमेरिका'''] - विभिन्न आपदाओं से बचने के उपायों की जानकारी * {{cite web | url=http://www.em-dat.net | title=EM-DAT International Disaster Database | accessdate=2006-11-05 | archive-url=https://web.archive.org/web/20070621052601/http://www.em-dat.net/ | archive-date=21 जून 2007 | url-status=dead }} (इसमें शामिल होती हैं देश की जानकारी, आपदाओं की जानकारी और एक आपदा सूचि.) * {{cite web | url=http://www.projectarcix.com | title=ProjectArcix: Global Disaster Information Portal | access-date=15 जून 2020 | archive-url=https://web.archive.org/web/20140518022121/http://projectarcix.com/ | archive-date=18 मई 2014 | url-status=dead }} (समीक्षाएं, परिणाम, सरकारी और नागरिक प्रतिक्रियां और अनेकों प्राकृतिक आपदाओं के विषयों का अध्ययन) * {{cite web | url=http://gridca.grid.unep.ch/undp/ | title=Pioneering Disaster Risk Index (DRI) Tool (दुनिया के सभी देशों पर महत्वपूर्ण जानकारी) | publisher=संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) | access-date=27 फ़रवरी 2009 | archive-url=https://web.archive.org/web/20140618224910/http://gridca.grid.unep.ch/undp/ | archive-date=18 जून 2014 | url-status=dead }} {{प्राकृतिक आपदा}} [[श्रेणी:प्राकृतिक आपदाएँ|*]] 4k1980ts0togegb3xqne10c7ej5g00y धनगर 0 66192 6582769 6578864 2026-07-15T05:48:26Z QueerEcofeminist 132431 Reverted 3 edits by [[Special:Contributions/Dhangar history|Dhangar history]] ([[User talk:Dhangar history|talk]]): Vandalism([[m:User:Xiplus/TwinkleGlobal|TwinkleGlobal]]) 6582769 wikitext text/x-wiki '''धनगर''' एक भारतीय जाति है जो मुख्यतः [[महाराष्ट्र]] में निवास करती है। परंपरागत रूप से यह [[गड़रिया]] समुदाय का हिस्सा हैं, जिसका मुख्य व्यवसाय भेड़ बकरियों को पालना और भेड़ की ऊन से कंबल बनाकर बेचना रहा है। ==इन्हें भी देखे == * [[गड़रिया]] * [[गायरी]] * [[कुरुबा]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|2}} 2vhtcvy9siavl3q5d75i4vjetoc8jnz गोवा मुक्ति संग्राम 0 66972 6582545 6582511 2026-07-14T12:56:11Z SM7 89247 [[Special:Contributions/Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar|Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar]] ([[User talk:Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:Saroj|Saroj]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 5462451 wikitext text/x-wiki '''गोवा मुक्ति संग्राम''', '''गोवा मुक्ति आन्दोलन''' या '''गोवा मुक्ति संघर्ष''' से आशय उस सम्पूर्ण संघर्ष से है जो गोवा को पुर्तगाल से मुक्त कराने के लिये किया गया था। जब भारत के बड़े क्षेत्र पर अंग्रेज शासन कर रहे थे तब गोवा, दमन और दीव पर पुर्तगाल का शासन था। यह संघर्ष १९वीं शताब्दी में ही छोटे स्तर पर आरम्भ हो चुका था लेकिन १९४० से १९६१ के बीच बहुत प्रबल आन्दोलन के रूप में आ गया। अन्ततः दिसम्बर १९६१ में भारतीय सेना के तीनों अंगों ने मिलकर गोवा को मुक्त करा लिया। 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में पुर्तगालियों के खिलाफ पहला विद्रोह हुआ। इसके बाद तो 1788 में [[पिंटो विद्रोह]] और [[राणे विद्रोह]] आदि ने गोवा मुक्ति आंदोलन में अहम भूमिका निभायी। इसी क्रम में गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी [[टीबी कुन्हा]] ने साल 1928 में गोवा एक्शन कमेटी बनायी जिसने गोवा की आजादी के लिए सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से जन जागरण किया। गोवा मुक्ति आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक वीरांगना हैं। ;कुंकली विद्रोह पुर्तगालियों के विरुद्ध पहला विद्रोह 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में हुआ जब [[धर्म-परिवर्तन]] कराने आए पांच पादरियों पर स्थानीय लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया और उनकी हत्या कर दी। स्थानीय लोगों के लिए अब ये अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई बन गई थी। इस घटना का बदला पुर्तगालियों ने धोखे से लिया। उन्होंने बातचीत के लिये कुंकली इलाके से 15 लोगों को बुलाया और उन्हें घेरकर धोखे से हमला कर दिया। जिसमें सभी की मौत हो गई। माना जाता है कि ये गोवा के स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद थे। ;पिन्टो विद्रोह 1788 में पिन्टो विद्रोह हुआ। वितोरिनो फारिया और जोस गोंसाल्वेज़जो उस समय पुर्तगाल में थे। दोनों यूरोप में लोकतंत्र के आगमन को देख रहे थे। ये दोनों गोवा लौटे और आज़ादी व लोकतंत्र के विचार को गोवा में पोषित किया। पिंटो परिवार की मदद से 1788 में विद्रोह हुआ जिसे कुचल दिया गया। 13 दिसंबर 1788 को 47 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनमें से कई को फांसी दी गई। ;राणे विद्रोह गोवा के स्वतंत्रता आंदोलन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है राणे सशस्त्र विद्रोह। 1755 से लेकर 1912 तक [[राणे समुदाय]] ने अनेकों बार शासकों से सशस्त्र संघर्ष किया। शासकों ने बार-बार इस संघर्ष को बर्बर तरीके से कुचला दिया। बंदूक, तलवार आदि स्थानीय हथियारों के साथ सत्तरी इलाके के राणों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और पुर्तगाली शासन के दिल में खौफ भर दिया। पहाड़ी इलाकों और अंदरूनी जंगलों में तकरीबन 150 साल तक गुरिल्ला लड़ाई चलती रही। ;गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन 1926 में तरिस्ताव दे ब्रागांझा कुन्हा भारत लौटे और उन्होंने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर 1928 में गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन किया जिसने गोवा की मुक्ति के लिये सत्याग्रह और अहिंसा को अपना हथियार बनाया। वो अपनी कलम के जरिये लगातार गोवा की आजादी का मसला पूरी दुनिया के सामने रखते रहे। टीबी कुन्हा के ही एक सम्बन्धी रहे लुईस दे मिनेझिस ब्रागांझा जो एक पत्रकार और उपनिवेशवादी कार्यकर्ता थे, लगातार पुर्तगाली शासन के खिलाफ सक्रिय रहे। मिनेझिस ब्रागांझा, द हेराल्ड, द डिबेट, द इवनिंग न्यूज़ डेली आदि के संस्थापकों में शामिल रहे। द हेराल्ड में आप व्यंग्यात्मक कॉलम लिखते थे। जिसमें विचार की आज़ादी, बोलने की आज़ादी, शोषण से आज़ादी और धर्मनिरपेक्षता आदि मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे। आप भारत में चल रहे आज़ादी के आंदोलन और रणनीतियों से भी गोवा की जनता को सजग करते रहे। मिनेझिस ब्रागांझा विभिन्न संगठनों और एजेंसियों में मुख्य भूमिका में रहे और हर मंच से गोवा की आज़ादी का नारा बुलंद करते रहे। ;गोवा में सेंसरशिप और कोलोनियल एक्ट का आदेश 1930 में पुर्तगाल में कोलोनियल एक्ट पास किया गया जिसके अनुसार पुर्तगाल के किसी भी उपनिवेश में रैली, मीटिंग और अन्य कोई सरकार विरोधी सभा और गतिविधि पर प्रतिबन्ध लगा दिया। 'जयहिन्द' तक बोलने पर जेल में डाला जाने लगा। 1932 में जब अतोनियो द ओलिवीरा सालाज़ार पुर्तगाल के शासक बनें तब गोवा में दमन अपने इंतिहां पर पहुंच गया। भयानक सेंसरशिप थोप दी गई। यहां तक कि शादी के कार्ड भी सेंसर किये जाने लगे कि कहीं आज़ादी का कोई गुप्त संदेश तो नहीं फैलाया जा रहा। ; महिलाओं की भागेदारी महिलाओं ने भी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक विरांगना हैं। सुधाताई ने 1955 में [[मापसा]] में महलाओं की एक सभा का आयोजन किया। जैसे ही सुधाताई ने भाषण देना शुरू किया एक पुलिसकर्मी ने सीधे सुधाताई के मुंह की तरफ बंदूक तान दी। सुधाताई बिना डरे बोलती रहीं। सभा में शामिल महिलाओं ने तिरंगा लहराते हुए जयहिंद के नारे लगाने शुरू कर दिये। सुधाताई को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। मात्र सुधाताई ही नहीं बल्कि [[वत्सला किर्तानी]], [[शारदा साव]], सिंधू देसपांडे, लिबिया लोबो, अंबिका दांडेकर, मित्रा बीर, सेलिना मोनिझ, शालिनी लोलयेकर, किशोरी हरमलकर ऐसी अनेक महिलाएं थीं जिन्होनें स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और कुर्बानियां दी। ये सूची बहुत लम्बी है। ; डॉ राममनोहर लोहिया का योगदान १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों ने भारत को स्वतंत्र घोषित कर दिया। लेकिन गोवा, दमन और दीव में पुर्तगाली जमे रहे। पुर्गताली गोवा को किसी भी कीमत पर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विद्रोह किया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरित होकर १९४० के दशक तक गोवा के स्वतंत्रता आन्दोलन ने गति प्राप्त कर ली थी। पूरे देश में जिस तरह अंग्रेजी शासन समाप्त करने के लिये आन्दोलन चल रहे थे, उसी तरह गोवा में भी पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों का निरन्तर और स्वतःस्फूर्त प्रतिरोध हुआ था। पुर्तगाली शासन द्वारा समय-समय पर गोवावासियों को अपने पूर्ण नियंत्रण में लाने के लिए जो उपाय किए गए, उनका हमेशा कड़ा विरोध हुआ। [[गोवा कांग्रेस]] बनी और आजादी का आन्दोलन चलाया गया। भारत में जो कांग्रेस थी उसे उसका साथ मिला। गोवा को मुक्त कराने में [[राममनोहर लोहिया|डॉक्टर राममनोहर लोहिया]] का बहुत बड़ा योगदान था। 1946 में वह गोवा गए थे, जहां उन्होंने देखा कि पुर्तगाली तो अंग्रजों से भी बदतर थे। 18 जून 1946 को बीमार राम मनोहर लोहिया ने पुर्तगाली प्रतिबंध को पहली बार चुनौती दी। वहां नागरिकों को सभा सम्बोधन का भी अधिकार नहीं था। लोहिया से ये सब देखा नहीं गया और उन्होंने तुरन्त 200 लोगों की एक सभा बुलाई। तेज बारिश के बावजूद उन्होंने पहली बार एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने पुर्तगाली दमन के विरोध में आवाज उठाई। उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और [[मड़गांव]] की जेल में रखा गया। लेकिन जनता के भारी आक्रोश के कारण बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। पुर्तगालियों ने लोहिया के गोवा आने पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी गोवा की आजादी की लड़ाई लगातार जारी रही। 11 जून 1953 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भारत ने अपने दूतावास बन्द किए। फिर पुर्तगाल पर दबाव डालना शुरू किया। गोवा, दमन और दीव के बीच आने जाने पर बंदिशे लग गईं। 15 अगस्त 1955 को तीन से पांच हजार आम लोगों ने गोवा में घुसने की कोशिश की। लोग निहत्थे थे और पुर्तगाल की पुलिस ने गोली चला दी। 30 लोगों की जान चली गई। तनाव बढ़ने के बाद गोवा पर सेना की चढ़ाई की तैयारी की गई। 1 नवम्बर 1961 में भारतीय सेना के तीनों अंगों को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा। भारतीय सेना ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ आखिरकार दो दिसंबर को गोवा मुक्ति का अभियान शुरू कर दिया। बहुत से लोगों का विचार है कि नेहरू ने अपनी अन्तरराष्ट्रीय छबि चमकाने के लिये गोवा को समय से आजाद नहीं कराया।<ref>[https://www.prabhatkhabar.com/election/pandit-nehru-refused-to-send-army-for-liberation-of-goa-pm-narendra-modi-hits-congress-mtj नेहरू की वजह से देश की आजादी के बाद 15 साल तक गोवा को झेलनी पड़ी गुलामी, कांग्रेस पर बरसे मोदी ]</ref> जमीन से सेना, समुद्र से नौसेना और हवा से वायुसेना गई। इसे 'ऑपरेशन विजय' का नाम दिया गया। दिसंबर 1961 को गोवा की तरफ सेना पहली बार बढ़ी। सेना जैसे-जैसे आगे बढ़ती लोग स्वागत करते। कुछ जगह पुर्तगाल की सेना लड़ी। लेकिन हर तरफ से घिरे होने की वजह से पराजय तय थी। वायु सेना ने आठ और नौ दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की, थल सेना और वायुसेना के हमलों से पुर्तगाली तिलमिला गए। आखिर में 19 दिसंबर 1961 की रात साढ़े आठ बजे भारत में पुर्तगाल के गवर्नर जनरल मैन्यु आंतोनियो सिल्वा ने समर्पण सन्धि पर हस्ताक्षर किये। इसी के साथ गोवा पर 451 साल का पुर्तगाली राज समाप्त हुआ। ==चित्रावली== <gallery class="center" caption="गोवा की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष करने वाले कुछ सेनानी ; [[गोवा राज्य संग्रहालय]] में प्रदर्शित जानकारी के अनुसार" widths="200px" heights="200px" perrow="6"> File:Key Figures in Goa Independence Anthony D'Souza.jpg|एन्थोनी डी सूजा File:Key Figures in Goa Independence Mark Fernandes.jpg|मार्क फर्नान्डीज File:Key Figures in Goa Independence Alfred Afonso.jpg|अल्फ्रेड अफोन्सो File:Key Figures in Goa Independence Mitra Bir.jpg|मित्र बीर </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[गोवा]] * [[गोवा की मुक्ति]] * [[गोवा मुक्ति दिवस]] * [[दादरा नगर हवेली मुक्ति संग्राम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20090306203426/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,827139,00.html] Time Magazine Coverage of the conflict * [https://web.archive.org/web/20071012221443/http://bharat-rakshak.com/LAND-FORCES/Army/Images-1961.html] Photo gallery of the Liberation of Goa * [https://web.archive.org/web/20071130122710/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16333.jpg Image: Ram Manohar Lohia] * [https://web.archive.org/web/20071130070445/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16334.jpg Image: The Protests of 18 June 1946] * [https://web.archive.org/web/20070902030916/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16338.jpg Image: Foreign journalists rescue a protestor shot by Portuguese police officers] * [https://web.archive.org/web/20090619092549/http://meaindia.nic.in/foreignrelation/portugal.pdf Portugal-India relations]. Ministry of External Affairs, Government of India [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] a72j2wwpiujkzjcx1qgq450bitylqbx 6582634 6582545 2026-07-14T18:59:18Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582634 wikitext text/x-wiki '''गोवा मुक्ति संग्राम''', '''गोवा मुक्ति आन्दोलन''' या '''गोवा मुक्ति संघर्ष''' से आशय उस सम्पूर्ण संघर्ष से है जो गोवा को पुर्तगाल से मुक्त कराने के लिये किया गया था। जब भारत के बड़े क्षेत्र पर अंग्रेज शासन कर रहे थे तब गोवा, दमन और दीव पर पुर्तगाल का शासन था। यह संघर्ष १९वीं शताब्दी में ही छोटे स्तर पर आरम्भ हो चुका था लेकिन १९४० से १९६१ के बीच बहुत प्रबल आन्दोलन के रूप में आ गया। अन्ततः दिसम्बर १९६१ में भारतीय सेना के तीनों अंगों ने मिलकर गोवा को मुक्त करा लिया। 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में पुर्तगालियों के खिलाफ पहला विद्रोह हुआ। इसके बाद तो 1788 में [[पिंटो विद्रोह]] और [[राणे विद्रोह]] आदि ने गोवा मुक्ति आंदोलन में अहम भूमिका निभायी। इसी क्रम में गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी [[टीबी कुन्हा]] ने साल 1928 में गोवा एक्शन कमेटी बनायी जिसने गोवा की आजादी के लिए सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से जन जागरण किया। गोवा मुक्ति आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक वीरांगना हैं। ;कुंकली विद्रोह पुर्तगालियों के विरुद्ध पहला विद्रोह 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में हुआ जब [[धर्म-परिवर्तन]] कराने आए पांच पादरियों पर स्थानीय लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया और उनकी हत्या कर दी। स्थानीय लोगों के लिए अब ये अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई बन गई थी। इस घटना का बदला पुर्तगालियों ने धोखे से लिया। उन्होंने बातचीत के लिये कुंकली इलाके से 15 लोगों को बुलाया और उन्हें घेरकर धोखे से हमला कर दिया। जिसमें सभी की मौत हो गई। माना जाता है कि ये गोवा के स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद थे। ;पिन्टो विद्रोह 1788 में पिन्टो विद्रोह हुआ। वितोरिनो फारिया और जोस गोंसाल्वेज़जो उस समय पुर्तगाल में थे। दोनों यूरोप में लोकतंत्र के आगमन को देख रहे थे। ये दोनों गोवा लौटे और आज़ादी व लोकतंत्र के विचार को गोवा में पोषित किया। पिंटो परिवार की मदद से 1788 में विद्रोह हुआ जिसे कुचल दिया गया। 13 दिसंबर 1788 को 47 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनमें से कई को फांसी दी गई। ;राणे विद्रोह गोवा के स्वतंत्रता आंदोलन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है राणे सशस्त्र विद्रोह। 1755 से लेकर 1912 तक [[राणे समुदाय]] ने अनेकों बार शासकों से सशस्त्र संघर्ष किया। शासकों ने बार-बार इस संघर्ष को बर्बर तरीके से कुचला दिया। बंदूक, तलवार आदि स्थानीय हथियारों के साथ सत्तरी इलाके के राणों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और पुर्तगाली शासन के दिल में खौफ भर दिया। पहाड़ी इलाकों और अंदरूनी जंगलों में तकरीबन 150 साल तक गुरिल्ला लड़ाई चलती रही। ;गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन 1926 में तरिस्ताव दे ब्रागांझा कुन्हा भारत लौटे और उन्होंने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर 1928 में गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन किया जिसने गोवा की मुक्ति के लिये सत्याग्रह और अहिंसा को अपना हथियार बनाया। वो अपनी कलम के जरिये लगातार गोवा की आजादी का मसला पूरी दुनिया के सामने रखते रहे। टीबी कुन्हा के ही एक सम्बन्धी रहे लुईस दे मिनेझिस ब्रागांझा जो एक पत्रकार और उपनिवेशवादी कार्यकर्ता थे, लगातार पुर्तगाली शासन के खिलाफ सक्रिय रहे। मिनेझिस ब्रागांझा, द हेराल्ड, द डिबेट, द इवनिंग न्यूज़ डेली आदि के संस्थापकों में शामिल रहे। द हेराल्ड में आप व्यंग्यात्मक कॉलम लिखते थे। जिसमें विचार की आज़ादी, बोलने की आज़ादी, शोषण से आज़ादी और धर्मनिरपेक्षता आदि मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे। आप भारत में चल रहे आज़ादी के आंदोलन और रणनीतियों से भी गोवा की जनता को सजग करते रहे। मिनेझिस ब्रागांझा विभिन्न संगठनों और एजेंसियों में मुख्य भूमिका में रहे और हर मंच से गोवा की आज़ादी का नारा बुलंद करते रहे। ;गोवा में सेंसरशिप और कोलोनियल एक्ट का आदेश 1930 में पुर्तगाल में कोलोनियल एक्ट पास किया गया जिसके अनुसार पुर्तगाल के किसी भी उपनिवेश में रैली, मीटिंग और अन्य कोई सरकार विरोधी सभा और गतिविधि पर प्रतिबन्ध लगा दिया। 'जयहिन्द' तक बोलने पर जेल में डाला जाने लगा। 1932 में जब अतोनियो द ओलिवीरा सालाज़ार पुर्तगाल के शासक बनें तब गोवा में दमन अपने इंतिहां पर पहुंच गया। भयानक सेंसरशिप थोप दी गई। यहां तक कि शादी के कार्ड भी सेंसर किये जाने लगे कि कहीं आज़ादी का कोई गुप्त संदेश तो नहीं फैलाया जा रहा। ; महिलाओं की भागेदारी महिलाओं ने भी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक विरांगना हैं। सुधाताई ने 1955 में [[मापसा]] में महलाओं की एक सभा का आयोजन किया। जैसे ही सुधाताई ने भाषण देना शुरू किया एक पुलिसकर्मी ने सीधे सुधाताई के मुंह की तरफ बंदूक तान दी। सुधाताई बिना डरे बोलती रहीं। सभा में शामिल महिलाओं ने तिरंगा लहराते हुए जयहिंद के नारे लगाने शुरू कर दिये। सुधाताई को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। मात्र सुधाताई ही नहीं बल्कि [[वत्सला किर्तानी]], [[शारदा साव]], सिंधू देसपांडे, लिबिया लोबो, अंबिका दांडेकर, मित्रा बीर, सेलिना मोनिझ, शालिनी लोलयेकर, किशोरी हरमलकर ऐसी अनेक महिलाएं थीं जिन्होनें स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और कुर्बानियां दी। ये सूची बहुत लम्बी है। ; डॉ राममनोहर लोहिया का योगदान १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों ने भारत को स्वतंत्र घोषित कर दिया। लेकिन गोवा, दमन और दीव में पुर्तगाली जमे रहे। पुर्गताली गोवा को किसी भी कीमत पर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विद्रोह किया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरित होकर १९४० के दशक तक गोवा के स्वतंत्रता आन्दोलन ने गति प्राप्त कर ली थी। पूरे देश में जिस तरह अंग्रेजी शासन समाप्त करने के लिये आन्दोलन चल रहे थे, उसी तरह गोवा में भी पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों का निरन्तर और स्वतःस्फूर्त प्रतिरोध हुआ था। पुर्तगाली शासन द्वारा समय-समय पर गोवावासियों को अपने पूर्ण नियंत्रण में लाने के लिए जो उपाय किए गए, उनका हमेशा कड़ा विरोध हुआ। [[गोवा कांग्रेस]] बनी और आजादी का आन्दोलन चलाया गया। भारत में जो कांग्रेस थी उसे उसका साथ मिला। गोवा को मुक्त कराने में [[राममनोहर लोहिया|डॉक्टर राममनोहर लोहिया]] का बहुत बड़ा योगदान था। 1946 में वह गोवा गए थे, जहां उन्होंने देखा कि पुर्तगाली तो अंग्रजों से भी बदतर थे। 18 जून 1946 को बीमार राम मनोहर लोहिया ने पुर्तगाली प्रतिबंध को पहली बार चुनौती दी। वहां नागरिकों को सभा सम्बोधन का भी अधिकार नहीं था। लोहिया से ये सब देखा नहीं गया और उन्होंने तुरन्त 200 लोगों की एक सभा बुलाई। तेज बारिश के बावजूद उन्होंने पहली बार एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने पुर्तगाली दमन के विरोध में आवाज उठाई। उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और [[मड़गांव]] की जेल में रखा गया। लेकिन जनता के भारी आक्रोश के कारण बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। पुर्तगालियों ने लोहिया के गोवा आने पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी गोवा की आजादी की लड़ाई लगातार जारी रही। 11 जून 1953 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भारत ने अपने दूतावास बन्द किए। फिर पुर्तगाल पर दबाव डालना शुरू किया। गोवा, दमन और दीव के बीच आने जाने पर बंदिशे लग गईं। 15 अगस्त 1955 को तीन से पांच हजार आम लोगों ने गोवा में घुसने की कोशिश की। लोग निहत्थे थे और पुर्तगाल की पुलिस ने गोली चला दी। 30 लोगों की जान चली गई। तनाव बढ़ने के बाद गोवा पर सेना की चढ़ाई की तैयारी की गई। 1 नवम्बर 1961 में भारतीय सेना के तीनों अंगों को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा। भारतीय सेना ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ आखिरकार दो दिसंबर को गोवा मुक्ति का अभियान शुरू कर दिया। बहुत से लोगों का विचार है कि नेहरू ने अपनी अन्तरराष्ट्रीय छबि चमकाने के लिये गोवा को समय से आजाद नहीं कराया।<ref>[https://www.prabhatkhabar.com/election/pandit-nehru-refused-to-send-army-for-liberation-of-goa-pm-narendra-modi-hits-congress-mtj नेहरू की वजह से देश की आजादी के बाद 15 साल तक गोवा को झेलनी पड़ी गुलामी, कांग्रेस पर बरसे मोदी ]</ref> जमीन से सेना, समुद्र से नौसेना और हवा से वायुसेना गई। इसे 'ऑपरेशन विजय' का नाम दिया गया। दिसंबर 1961 को गोवा की तरफ सेना पहली बार बढ़ी। सेना जैसे-जैसे आगे बढ़ती लोग स्वागत करते। कुछ जगह पुर्तगाल की सेना लड़ी। लेकिन हर तरफ से घिरे होने की वजह से पराजय तय थी। वायु सेना ने आठ और नौ दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की, थल सेना और वायुसेना के हमलों से पुर्तगाली तिलमिला गए। आखिर में 19 दिसंबर 1961 की रात साढ़े आठ बजे भारत में पुर्तगाल के गवर्नर जनरल मैन्यु आंतोनियो सिल्वा ने समर्पण सन्धि पर हस्ताक्षर किये। इसी के साथ गोवा पर 451 साल का पुर्तगाली राज समाप्त हुआ।* ` 18 जून 2023 - गोवा क्रांति दिवस` `गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया के परिवार का सम्मान- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित थे: डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं परिवार *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- ==चित्रावली== <gallery class="center" caption="गोवा की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष करने वाले कुछ सेनानी ; [[गोवा राज्य संग्रहालय]] में प्रदर्शित जानकारी के अनुसार" widths="200px" heights="200px" perrow="6"> File:Key Figures in Goa Independence Anthony D'Souza.jpg|एन्थोनी डी सूजा File:Key Figures in Goa Independence Mark Fernandes.jpg|मार्क फर्नान्डीज File:Key Figures in Goa Independence Alfred Afonso.jpg|अल्फ्रेड अफोन्सो File:Key Figures in Goa Independence Mitra Bir.jpg|मित्र बीर </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[गोवा]] * [[गोवा की मुक्ति]] * [[गोवा मुक्ति दिवस]] * [[दादरा नगर हवेली मुक्ति संग्राम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20090306203426/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,827139,00.html] Time Magazine Coverage of the conflict * [https://web.archive.org/web/20071012221443/http://bharat-rakshak.com/LAND-FORCES/Army/Images-1961.html] Photo gallery of the Liberation of Goa * [https://web.archive.org/web/20071130122710/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16333.jpg Image: Ram Manohar Lohia] * [https://web.archive.org/web/20071130070445/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16334.jpg Image: The Protests of 18 June 1946] * [https://web.archive.org/web/20070902030916/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16338.jpg Image: Foreign journalists rescue a protestor shot by Portuguese police officers] * [https://web.archive.org/web/20090619092549/http://meaindia.nic.in/foreignrelation/portugal.pdf Portugal-India relations]. Ministry of External Affairs, Government of India [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] 9vjherale3c7iwd45om9x2vghxjudd7 6582636 6582634 2026-07-14T19:00:58Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582636 wikitext text/x-wiki '''गोवा मुक्ति संग्राम''', '''गोवा मुक्ति आन्दोलन''' या '''गोवा मुक्ति संघर्ष''' से आशय उस सम्पूर्ण संघर्ष से है जो गोवा को पुर्तगाल से मुक्त कराने के लिये किया गया था। जब भारत के बड़े क्षेत्र पर अंग्रेज शासन कर रहे थे तब गोवा, दमन और दीव पर पुर्तगाल का शासन था। यह संघर्ष १९वीं शताब्दी में ही छोटे स्तर पर आरम्भ हो चुका था लेकिन १९४० से १९६१ के बीच बहुत प्रबल आन्दोलन के रूप में आ गया। अन्ततः दिसम्बर १९६१ में भारतीय सेना के तीनों अंगों ने मिलकर गोवा को मुक्त करा लिया। 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में पुर्तगालियों के खिलाफ पहला विद्रोह हुआ। इसके बाद तो 1788 में [[पिंटो विद्रोह]] और [[राणे विद्रोह]] आदि ने गोवा मुक्ति आंदोलन में अहम भूमिका निभायी। इसी क्रम में गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी [[टीबी कुन्हा]] ने साल 1928 में गोवा एक्शन कमेटी बनायी जिसने गोवा की आजादी के लिए सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से जन जागरण किया। गोवा मुक्ति आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक वीरांगना हैं। ;कुंकली विद्रोह पुर्तगालियों के विरुद्ध पहला विद्रोह 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में हुआ जब [[धर्म-परिवर्तन]] कराने आए पांच पादरियों पर स्थानीय लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया और उनकी हत्या कर दी। स्थानीय लोगों के लिए अब ये अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई बन गई थी। इस घटना का बदला पुर्तगालियों ने धोखे से लिया। उन्होंने बातचीत के लिये कुंकली इलाके से 15 लोगों को बुलाया और उन्हें घेरकर धोखे से हमला कर दिया। जिसमें सभी की मौत हो गई। माना जाता है कि ये गोवा के स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद थे। ;पिन्टो विद्रोह 1788 में पिन्टो विद्रोह हुआ। वितोरिनो फारिया और जोस गोंसाल्वेज़जो उस समय पुर्तगाल में थे। दोनों यूरोप में लोकतंत्र के आगमन को देख रहे थे। ये दोनों गोवा लौटे और आज़ादी व लोकतंत्र के विचार को गोवा में पोषित किया। पिंटो परिवार की मदद से 1788 में विद्रोह हुआ जिसे कुचल दिया गया। 13 दिसंबर 1788 को 47 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनमें से कई को फांसी दी गई। ;राणे विद्रोह गोवा के स्वतंत्रता आंदोलन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है राणे सशस्त्र विद्रोह। 1755 से लेकर 1912 तक [[राणे समुदाय]] ने अनेकों बार शासकों से सशस्त्र संघर्ष किया। शासकों ने बार-बार इस संघर्ष को बर्बर तरीके से कुचला दिया। बंदूक, तलवार आदि स्थानीय हथियारों के साथ सत्तरी इलाके के राणों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और पुर्तगाली शासन के दिल में खौफ भर दिया। पहाड़ी इलाकों और अंदरूनी जंगलों में तकरीबन 150 साल तक गुरिल्ला लड़ाई चलती रही। ;गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन 1926 में तरिस्ताव दे ब्रागांझा कुन्हा भारत लौटे और उन्होंने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर 1928 में गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन किया जिसने गोवा की मुक्ति के लिये सत्याग्रह और अहिंसा को अपना हथियार बनाया। वो अपनी कलम के जरिये लगातार गोवा की आजादी का मसला पूरी दुनिया के सामने रखते रहे। टीबी कुन्हा के ही एक सम्बन्धी रहे लुईस दे मिनेझिस ब्रागांझा जो एक पत्रकार और उपनिवेशवादी कार्यकर्ता थे, लगातार पुर्तगाली शासन के खिलाफ सक्रिय रहे। मिनेझिस ब्रागांझा, द हेराल्ड, द डिबेट, द इवनिंग न्यूज़ डेली आदि के संस्थापकों में शामिल रहे। द हेराल्ड में आप व्यंग्यात्मक कॉलम लिखते थे। जिसमें विचार की आज़ादी, बोलने की आज़ादी, शोषण से आज़ादी और धर्मनिरपेक्षता आदि मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे। आप भारत में चल रहे आज़ादी के आंदोलन और रणनीतियों से भी गोवा की जनता को सजग करते रहे। मिनेझिस ब्रागांझा विभिन्न संगठनों और एजेंसियों में मुख्य भूमिका में रहे और हर मंच से गोवा की आज़ादी का नारा बुलंद करते रहे। ;गोवा में सेंसरशिप और कोलोनियल एक्ट का आदेश 1930 में पुर्तगाल में कोलोनियल एक्ट पास किया गया जिसके अनुसार पुर्तगाल के किसी भी उपनिवेश में रैली, मीटिंग और अन्य कोई सरकार विरोधी सभा और गतिविधि पर प्रतिबन्ध लगा दिया। 'जयहिन्द' तक बोलने पर जेल में डाला जाने लगा। 1932 में जब अतोनियो द ओलिवीरा सालाज़ार पुर्तगाल के शासक बनें तब गोवा में दमन अपने इंतिहां पर पहुंच गया। भयानक सेंसरशिप थोप दी गई। यहां तक कि शादी के कार्ड भी सेंसर किये जाने लगे कि कहीं आज़ादी का कोई गुप्त संदेश तो नहीं फैलाया जा रहा। ; महिलाओं की भागेदारी महिलाओं ने भी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक विरांगना हैं। सुधाताई ने 1955 में [[मापसा]] में महलाओं की एक सभा का आयोजन किया। जैसे ही सुधाताई ने भाषण देना शुरू किया एक पुलिसकर्मी ने सीधे सुधाताई के मुंह की तरफ बंदूक तान दी। सुधाताई बिना डरे बोलती रहीं। सभा में शामिल महिलाओं ने तिरंगा लहराते हुए जयहिंद के नारे लगाने शुरू कर दिये। सुधाताई को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। मात्र सुधाताई ही नहीं बल्कि [[वत्सला किर्तानी]], [[शारदा साव]], सिंधू देसपांडे, लिबिया लोबो, अंबिका दांडेकर, मित्रा बीर, सेलिना मोनिझ, शालिनी लोलयेकर, किशोरी हरमलकर ऐसी अनेक महिलाएं थीं जिन्होनें स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और कुर्बानियां दी। ये सूची बहुत लम्बी है। ; डॉ राममनोहर लोहिया का योगदान १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों ने भारत को स्वतंत्र घोषित कर दिया। लेकिन गोवा, दमन और दीव में पुर्तगाली जमे रहे। पुर्गताली गोवा को किसी भी कीमत पर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विद्रोह किया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरित होकर १९४० के दशक तक गोवा के स्वतंत्रता आन्दोलन ने गति प्राप्त कर ली थी। पूरे देश में जिस तरह अंग्रेजी शासन समाप्त करने के लिये आन्दोलन चल रहे थे, उसी तरह गोवा में भी पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों का निरन्तर और स्वतःस्फूर्त प्रतिरोध हुआ था। पुर्तगाली शासन द्वारा समय-समय पर गोवावासियों को अपने पूर्ण नियंत्रण में लाने के लिए जो उपाय किए गए, उनका हमेशा कड़ा विरोध हुआ। [[गोवा कांग्रेस]] बनी और आजादी का आन्दोलन चलाया गया। भारत में जो कांग्रेस थी उसे उसका साथ मिला। गोवा को मुक्त कराने में [[राममनोहर लोहिया|डॉक्टर राममनोहर लोहिया]] का बहुत बड़ा योगदान था। 1946 में वह गोवा गए थे, जहां उन्होंने देखा कि पुर्तगाली तो अंग्रजों से भी बदतर थे। 18 जून 1946 को बीमार राम मनोहर लोहिया ने पुर्तगाली प्रतिबंध को पहली बार चुनौती दी। वहां नागरिकों को सभा सम्बोधन का भी अधिकार नहीं था। लोहिया से ये सब देखा नहीं गया और उन्होंने तुरन्त 200 लोगों की एक सभा बुलाई। तेज बारिश के बावजूद उन्होंने पहली बार एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने पुर्तगाली दमन के विरोध में आवाज उठाई। उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और [[मड़गांव]] की जेल में रखा गया। लेकिन जनता के भारी आक्रोश के कारण बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। पुर्तगालियों ने लोहिया के गोवा आने पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी गोवा की आजादी की लड़ाई लगातार जारी रही। 11 जून 1953 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भारत ने अपने दूतावास बन्द किए। फिर पुर्तगाल पर दबाव डालना शुरू किया। गोवा, दमन और दीव के बीच आने जाने पर बंदिशे लग गईं। 15 अगस्त 1955 को तीन से पांच हजार आम लोगों ने गोवा में घुसने की कोशिश की। लोग निहत्थे थे और पुर्तगाल की पुलिस ने गोली चला दी। 30 लोगों की जान चली गई। तनाव बढ़ने के बाद गोवा पर सेना की चढ़ाई की तैयारी की गई। 1 नवम्बर 1961 में भारतीय सेना के तीनों अंगों को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा। भारतीय सेना ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ आखिरकार दो दिसंबर को गोवा मुक्ति का अभियान शुरू कर दिया। बहुत से लोगों का विचार है कि नेहरू ने अपनी अन्तरराष्ट्रीय छबि चमकाने के लिये गोवा को समय से आजाद नहीं कराया।<ref>[https://www.prabhatkhabar.com/election/pandit-nehru-refused-to-send-army-for-liberation-of-goa-pm-narendra-modi-hits-congress-mtj नेहरू की वजह से देश की आजादी के बाद 15 साल तक गोवा को झेलनी पड़ी गुलामी, कांग्रेस पर बरसे मोदी ]</ref> जमीन से सेना, समुद्र से नौसेना और हवा से वायुसेना गई। इसे 'ऑपरेशन विजय' का नाम दिया गया। दिसंबर 1961 को गोवा की तरफ सेना पहली बार बढ़ी। सेना जैसे-जैसे आगे बढ़ती लोग स्वागत करते। कुछ जगह पुर्तगाल की सेना लड़ी। लेकिन हर तरफ से घिरे होने की वजह से पराजय तय थी। वायु सेना ने आठ और नौ दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की, थल सेना और वायुसेना के हमलों से पुर्तगाली तिलमिला गए। आखिर में 19 दिसंबर 1961 की रात साढ़े आठ बजे भारत में पुर्तगाल के गवर्नर जनरल मैन्यु आंतोनियो सिल्वा ने समर्पण सन्धि पर हस्ताक्षर किये। इसी के साथ गोवा पर 451 साल का पुर्तगाली राज समाप्त हुआ।* ` 18 जून 2023 - गोवा क्रांति दिवस` `गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया के परिवार का सम्मान- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित थे: डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं परिवार *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- ==चित्रावली== <gallery class="center" caption="गोवा की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष करने वाले कुछ सेनानी ; [[गोवा राज्य संग्रहालय]] में प्रदर्शित जानकारी के अनुसार" widths="200px" heights="200px" perrow="6"> File:Key Figures in Goa Independence Anthony D'Souza.jpg|एन्थोनी डी सूजा File:Key Figures in Goa Independence Mark Fernandes.jpg|मार्क फर्नान्डीज File:Key Figures in Goa Independence Alfred Afonso.jpg|अल्फ्रेड अफोन्सो File:Key Figures in Goa Independence Mitra Bir.jpg|मित्र बीर </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[गोवा]] * [[गोवा की मुक्ति]] * [[गोवा मुक्ति दिवस]] * [[दादरा नगर हवेली मुक्ति संग्राम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20090306203426/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,827139,00.html] Time Magazine Coverage of the conflict * [https://web.archive.org/web/20071012221443/http://bharat-rakshak.com/LAND-FORCES/Army/Images-1961.html] Photo gallery of the Liberation of Goa * [https://web.archive.org/web/20071130122710/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16333.jpg Image: Ram Manohar Lohia] * [https://web.archive.org/web/20071130070445/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16334.jpg Image: The Protests of 18 June 1946] * [https://web.archive.org/web/20070902030916/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16338.jpg Image: Foreign journalists rescue a protestor shot by Portuguese police officers] * [https://web.archive.org/web/20090619092549/http://meaindia.nic.in/foreignrelation/portugal.pdf Portugal-India relations]. Ministry of External Affairs, Government of India [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] 3gmsbjrk2068v4g9enux8ihtlwwoeev 6582638 6582636 2026-07-14T19:08:11Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582638 wikitext text/x-wiki '''गोवा मुक्ति संग्राम''', '''गोवा मुक्ति आन्दोलन''' या '''गोवा मुक्ति संघर्ष''' से आशय उस सम्पूर्ण संघर्ष से है जो गोवा को पुर्तगाल से मुक्त कराने के लिये किया गया था। जब भारत के बड़े क्षेत्र पर अंग्रेज शासन कर रहे थे तब गोवा, दमन और दीव पर पुर्तगाल का शासन था। यह संघर्ष १९वीं शताब्दी में ही छोटे स्तर पर आरम्भ हो चुका था लेकिन १९४० से १९६१ के बीच बहुत प्रबल आन्दोलन के रूप में आ गया। अन्ततः दिसम्बर १९६१ में भारतीय सेना के तीनों अंगों ने मिलकर गोवा को मुक्त करा लिया। 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में पुर्तगालियों के खिलाफ पहला विद्रोह हुआ। इसके बाद तो 1788 में [[पिंटो विद्रोह]] और [[राणे विद्रोह]] आदि ने गोवा मुक्ति आंदोलन में अहम भूमिका निभायी। इसी क्रम में गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी [[टीबी कुन्हा]] ने साल 1928 में गोवा एक्शन कमेटी बनायी जिसने गोवा की आजादी के लिए सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से जन जागरण किया। गोवा मुक्ति आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक वीरांगना हैं। ;कुंकली विद्रोह पुर्तगालियों के विरुद्ध पहला विद्रोह 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में हुआ जब [[धर्म-परिवर्तन]] कराने आए पांच पादरियों पर स्थानीय लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया और उनकी हत्या कर दी। स्थानीय लोगों के लिए अब ये अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई बन गई थी। इस घटना का बदला पुर्तगालियों ने धोखे से लिया। उन्होंने बातचीत के लिये कुंकली इलाके से 15 लोगों को बुलाया और उन्हें घेरकर धोखे से हमला कर दिया। जिसमें सभी की मौत हो गई। माना जाता है कि ये गोवा के स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद थे। ;पिन्टो विद्रोह 1788 में पिन्टो विद्रोह हुआ। वितोरिनो फारिया और जोस गोंसाल्वेज़जो उस समय पुर्तगाल में थे। दोनों यूरोप में लोकतंत्र के आगमन को देख रहे थे। ये दोनों गोवा लौटे और आज़ादी व लोकतंत्र के विचार को गोवा में पोषित किया। पिंटो परिवार की मदद से 1788 में विद्रोह हुआ जिसे कुचल दिया गया। 13 दिसंबर 1788 को 47 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनमें से कई को फांसी दी गई। ;राणे विद्रोह गोवा के स्वतंत्रता आंदोलन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है राणे सशस्त्र विद्रोह। 1755 से लेकर 1912 तक [[राणे समुदाय]] ने अनेकों बार शासकों से सशस्त्र संघर्ष किया। शासकों ने बार-बार इस संघर्ष को बर्बर तरीके से कुचला दिया। बंदूक, तलवार आदि स्थानीय हथियारों के साथ सत्तरी इलाके के राणों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और पुर्तगाली शासन के दिल में खौफ भर दिया। पहाड़ी इलाकों और अंदरूनी जंगलों में तकरीबन 150 साल तक गुरिल्ला लड़ाई चलती रही। ;गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन 1926 में तरिस्ताव दे ब्रागांझा कुन्हा भारत लौटे और उन्होंने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर 1928 में गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन किया जिसने गोवा की मुक्ति के लिये सत्याग्रह और अहिंसा को अपना हथियार बनाया। वो अपनी कलम के जरिये लगातार गोवा की आजादी का मसला पूरी दुनिया के सामने रखते रहे। टीबी कुन्हा के ही एक सम्बन्धी रहे लुईस दे मिनेझिस ब्रागांझा जो एक पत्रकार और उपनिवेशवादी कार्यकर्ता थे, लगातार पुर्तगाली शासन के खिलाफ सक्रिय रहे। मिनेझिस ब्रागांझा, द हेराल्ड, द डिबेट, द इवनिंग न्यूज़ डेली आदि के संस्थापकों में शामिल रहे। द हेराल्ड में आप व्यंग्यात्मक कॉलम लिखते थे। जिसमें विचार की आज़ादी, बोलने की आज़ादी, शोषण से आज़ादी और धर्मनिरपेक्षता आदि मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे। आप भारत में चल रहे आज़ादी के आंदोलन और रणनीतियों से भी गोवा की जनता को सजग करते रहे। मिनेझिस ब्रागांझा विभिन्न संगठनों और एजेंसियों में मुख्य भूमिका में रहे और हर मंच से गोवा की आज़ादी का नारा बुलंद करते रहे। ;गोवा में सेंसरशिप और कोलोनियल एक्ट का आदेश 1930 में पुर्तगाल में कोलोनियल एक्ट पास किया गया जिसके अनुसार पुर्तगाल के किसी भी उपनिवेश में रैली, मीटिंग और अन्य कोई सरकार विरोधी सभा और गतिविधि पर प्रतिबन्ध लगा दिया। 'जयहिन्द' तक बोलने पर जेल में डाला जाने लगा। 1932 में जब अतोनियो द ओलिवीरा सालाज़ार पुर्तगाल के शासक बनें तब गोवा में दमन अपने इंतिहां पर पहुंच गया। भयानक सेंसरशिप थोप दी गई। यहां तक कि शादी के कार्ड भी सेंसर किये जाने लगे कि कहीं आज़ादी का कोई गुप्त संदेश तो नहीं फैलाया जा रहा। ; महिलाओं की भागेदारी महिलाओं ने भी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक विरांगना हैं। सुधाताई ने 1955 में [[मापसा]] में महलाओं की एक सभा का आयोजन किया। जैसे ही सुधाताई ने भाषण देना शुरू किया एक पुलिसकर्मी ने सीधे सुधाताई के मुंह की तरफ बंदूक तान दी। सुधाताई बिना डरे बोलती रहीं। सभा में शामिल महिलाओं ने तिरंगा लहराते हुए जयहिंद के नारे लगाने शुरू कर दिये। सुधाताई को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। मात्र सुधाताई ही नहीं बल्कि [[वत्सला किर्तानी]], [[शारदा साव]], सिंधू देसपांडे, लिबिया लोबो, अंबिका दांडेकर, मित्रा बीर, सेलिना मोनिझ, शालिनी लोलयेकर, किशोरी हरमलकर ऐसी अनेक महिलाएं थीं जिन्होनें स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और कुर्बानियां दी। ये सूची बहुत लम्बी है। ; डॉ राममनोहर लोहिया का योगदान १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों ने भारत को स्वतंत्र घोषित कर दिया। लेकिन गोवा, दमन और दीव में पुर्तगाली जमे रहे। पुर्गताली गोवा को किसी भी कीमत पर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विद्रोह किया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरित होकर १९४० के दशक तक गोवा के स्वतंत्रता आन्दोलन ने गति प्राप्त कर ली थी। पूरे देश में जिस तरह अंग्रेजी शासन समाप्त करने के लिये आन्दोलन चल रहे थे, उसी तरह गोवा में भी पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों का निरन्तर और स्वतःस्फूर्त प्रतिरोध हुआ था। पुर्तगाली शासन द्वारा समय-समय पर गोवावासियों को अपने पूर्ण नियंत्रण में लाने के लिए जो उपाय किए गए, उनका हमेशा कड़ा विरोध हुआ। [[गोवा कांग्रेस]] बनी और आजादी का आन्दोलन चलाया गया। भारत में जो कांग्रेस थी उसे उसका साथ मिला। गोवा को मुक्त कराने में [[राममनोहर लोहिया|डॉक्टर राममनोहर लोहिया]] का बहुत बड़ा योगदान था। 1946 में वह गोवा गए थे, जहां उन्होंने देखा कि पुर्तगाली तो अंग्रजों से भी बदतर थे। 18 जून 1946 को बीमार राम मनोहर लोहिया ने पुर्तगाली प्रतिबंध को पहली बार चुनौती दी। वहां नागरिकों को सभा सम्बोधन का भी अधिकार नहीं था। लोहिया से ये सब देखा नहीं गया और उन्होंने तुरन्त 200 लोगों की एक सभा बुलाई। तेज बारिश के बावजूद उन्होंने पहली बार एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने पुर्तगाली दमन के विरोध में आवाज उठाई। उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और [[मड़गांव]] की जेल में रखा गया। लेकिन जनता के भारी आक्रोश के कारण बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। पुर्तगालियों ने लोहिया के गोवा आने पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी गोवा की आजादी की लड़ाई लगातार जारी रही। 11 जून 1953 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भारत ने अपने दूतावास बन्द किए। फिर पुर्तगाल पर दबाव डालना शुरू किया। गोवा, दमन और दीव के बीच आने जाने पर बंदिशे लग गईं। 15 अगस्त 1955 को तीन से पांच हजार आम लोगों ने गोवा में घुसने की कोशिश की। लोग निहत्थे थे और पुर्तगाल की पुलिस ने गोली चला दी। 30 लोगों की जान चली गई। तनाव बढ़ने के बाद गोवा पर सेना की चढ़ाई की तैयारी की गई। 1 नवम्बर 1961 में भारतीय सेना के तीनों अंगों को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा। भारतीय सेना ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ आखिरकार दो दिसंबर को गोवा मुक्ति का अभियान शुरू कर दिया। बहुत से लोगों का विचार है कि नेहरू ने अपनी अन्तरराष्ट्रीय छबि चमकाने के लिये गोवा को समय से आजाद नहीं कराया।<ref>[https://www.prabhatkhabar.com/election/pandit-nehru-refused-to-send-army-for-liberation-of-goa-pm-narendra-modi-hits-congress-mtj नेहरू की वजह से देश की आजादी के बाद 15 साल तक गोवा को झेलनी पड़ी गुलामी, कांग्रेस पर बरसे मोदी ]</ref> जमीन से सेना, समुद्र से नौसेना और हवा से वायुसेना गई। इसे 'ऑपरेशन विजय' का नाम दिया गया। दिसंबर 1961 को गोवा की तरफ सेना पहली बार बढ़ी। सेना जैसे-जैसे आगे बढ़ती लोग स्वागत करते। कुछ जगह पुर्तगाल की सेना लड़ी। लेकिन हर तरफ से घिरे होने की वजह से पराजय तय थी। वायु सेना ने आठ और नौ दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की, थल सेना और वायुसेना के हमलों से पुर्तगाली तिलमिला गए। आखिर में 19 दिसंबर 1961 की रात साढ़े आठ बजे भारत में पुर्तगाल के गवर्नर जनरल मैन्यु आंतोनियो सिल्वा ने समर्पण सन्धि पर हस्ताक्षर किये। इसी के साथ गोवा पर 451 साल का पुर्तगाली राज समाप्त हुआ।।।।* 18 जून 2023- गोवा क्रांति दिवस गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया परिवार का सम्मान`- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित थे: डॉ. लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं परिवार *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- ==चित्रावली== <gallery class="center" caption="गोवा की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष करने वाले कुछ सेनानी ; [[गोवा राज्य संग्रहालय]] में प्रदर्शित जानकारी के अनुसार" widths="200px" heights="200px" perrow="6"> File:Key Figures in Goa Independence Anthony D'Souza.jpg|एन्थोनी डी सूजा File:Key Figures in Goa Independence Mark Fernandes.jpg|मार्क फर्नान्डीज File:Key Figures in Goa Independence Alfred Afonso.jpg|अल्फ्रेड अफोन्सो File:Key Figures in Goa Independence Mitra Bir.jpg|मित्र बीर </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[गोवा]] * [[गोवा की मुक्ति]] * [[गोवा मुक्ति दिवस]] * [[दादरा नगर हवेली मुक्ति संग्राम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20090306203426/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,827139,00.html] Time Magazine Coverage of the conflict * [https://web.archive.org/web/20071012221443/http://bharat-rakshak.com/LAND-FORCES/Army/Images-1961.html] Photo gallery of the Liberation of Goa * [https://web.archive.org/web/20071130122710/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16333.jpg Image: Ram Manohar Lohia] * [https://web.archive.org/web/20071130070445/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16334.jpg Image: The Protests of 18 June 1946] * [https://web.archive.org/web/20070902030916/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16338.jpg Image: Foreign journalists rescue a protestor shot by Portuguese police officers] * [https://web.archive.org/web/20090619092549/http://meaindia.nic.in/foreignrelation/portugal.pdf Portugal-India relations]. Ministry of External Affairs, Government of India [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] koyiitehcgi92i5xb02sm00x36jb9op 6582639 6582638 2026-07-14T19:11:39Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582639 wikitext text/x-wiki '''गोवा मुक्ति संग्राम''', '''गोवा मुक्ति आन्दोलन''' या '''गोवा मुक्ति संघर्ष''' से आशय उस सम्पूर्ण संघर्ष से है जो गोवा को पुर्तगाल से मुक्त कराने के लिये किया गया था। जब भारत के बड़े क्षेत्र पर अंग्रेज शासन कर रहे थे तब गोवा, दमन और दीव पर पुर्तगाल का शासन था। यह संघर्ष १९वीं शताब्दी में ही छोटे स्तर पर आरम्भ हो चुका था लेकिन १९४० से १९६१ के बीच बहुत प्रबल आन्दोलन के रूप में आ गया। अन्ततः दिसम्बर १९६१ में भारतीय सेना के तीनों अंगों ने मिलकर गोवा को मुक्त करा लिया। 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में पुर्तगालियों के खिलाफ पहला विद्रोह हुआ। इसके बाद तो 1788 में [[पिंटो विद्रोह]] और [[राणे विद्रोह]] आदि ने गोवा मुक्ति आंदोलन में अहम भूमिका निभायी। इसी क्रम में गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी [[टीबी कुन्हा]] ने साल 1928 में गोवा एक्शन कमेटी बनायी जिसने गोवा की आजादी के लिए सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से जन जागरण किया। गोवा मुक्ति आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक वीरांगना हैं। ;कुंकली विद्रोह पुर्तगालियों के विरुद्ध पहला विद्रोह 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में हुआ जब [[धर्म-परिवर्तन]] कराने आए पांच पादरियों पर स्थानीय लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया और उनकी हत्या कर दी। स्थानीय लोगों के लिए अब ये अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई बन गई थी। इस घटना का बदला पुर्तगालियों ने धोखे से लिया। उन्होंने बातचीत के लिये कुंकली इलाके से 15 लोगों को बुलाया और उन्हें घेरकर धोखे से हमला कर दिया। जिसमें सभी की मौत हो गई। माना जाता है कि ये गोवा के स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद थे। ;पिन्टो विद्रोह 1788 में पिन्टो विद्रोह हुआ। वितोरिनो फारिया और जोस गोंसाल्वेज़जो उस समय पुर्तगाल में थे। दोनों यूरोप में लोकतंत्र के आगमन को देख रहे थे। ये दोनों गोवा लौटे और आज़ादी व लोकतंत्र के विचार को गोवा में पोषित किया। पिंटो परिवार की मदद से 1788 में विद्रोह हुआ जिसे कुचल दिया गया। 13 दिसंबर 1788 को 47 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनमें से कई को फांसी दी गई। ;राणे विद्रोह गोवा के स्वतंत्रता आंदोलन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है राणे सशस्त्र विद्रोह। 1755 से लेकर 1912 तक [[राणे समुदाय]] ने अनेकों बार शासकों से सशस्त्र संघर्ष किया। शासकों ने बार-बार इस संघर्ष को बर्बर तरीके से कुचला दिया। बंदूक, तलवार आदि स्थानीय हथियारों के साथ सत्तरी इलाके के राणों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और पुर्तगाली शासन के दिल में खौफ भर दिया। पहाड़ी इलाकों और अंदरूनी जंगलों में तकरीबन 150 साल तक गुरिल्ला लड़ाई चलती रही। ;गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन 1926 में तरिस्ताव दे ब्रागांझा कुन्हा भारत लौटे और उन्होंने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर 1928 में गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन किया जिसने गोवा की मुक्ति के लिये सत्याग्रह और अहिंसा को अपना हथियार बनाया। वो अपनी कलम के जरिये लगातार गोवा की आजादी का मसला पूरी दुनिया के सामने रखते रहे। टीबी कुन्हा के ही एक सम्बन्धी रहे लुईस दे मिनेझिस ब्रागांझा जो एक पत्रकार और उपनिवेशवादी कार्यकर्ता थे, लगातार पुर्तगाली शासन के खिलाफ सक्रिय रहे। मिनेझिस ब्रागांझा, द हेराल्ड, द डिबेट, द इवनिंग न्यूज़ डेली आदि के संस्थापकों में शामिल रहे। द हेराल्ड में आप व्यंग्यात्मक कॉलम लिखते थे। जिसमें विचार की आज़ादी, बोलने की आज़ादी, शोषण से आज़ादी और धर्मनिरपेक्षता आदि मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे। आप भारत में चल रहे आज़ादी के आंदोलन और रणनीतियों से भी गोवा की जनता को सजग करते रहे। मिनेझिस ब्रागांझा विभिन्न संगठनों और एजेंसियों में मुख्य भूमिका में रहे और हर मंच से गोवा की आज़ादी का नारा बुलंद करते रहे। ;गोवा में सेंसरशिप और कोलोनियल एक्ट का आदेश 1930 में पुर्तगाल में कोलोनियल एक्ट पास किया गया जिसके अनुसार पुर्तगाल के किसी भी उपनिवेश में रैली, मीटिंग और अन्य कोई सरकार विरोधी सभा और गतिविधि पर प्रतिबन्ध लगा दिया। 'जयहिन्द' तक बोलने पर जेल में डाला जाने लगा। 1932 में जब अतोनियो द ओलिवीरा सालाज़ार पुर्तगाल के शासक बनें तब गोवा में दमन अपने इंतिहां पर पहुंच गया। भयानक सेंसरशिप थोप दी गई। यहां तक कि शादी के कार्ड भी सेंसर किये जाने लगे कि कहीं आज़ादी का कोई गुप्त संदेश तो नहीं फैलाया जा रहा। ; महिलाओं की भागेदारी महिलाओं ने भी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक विरांगना हैं। सुधाताई ने 1955 में [[मापसा]] में महलाओं की एक सभा का आयोजन किया। जैसे ही सुधाताई ने भाषण देना शुरू किया एक पुलिसकर्मी ने सीधे सुधाताई के मुंह की तरफ बंदूक तान दी। सुधाताई बिना डरे बोलती रहीं। सभा में शामिल महिलाओं ने तिरंगा लहराते हुए जयहिंद के नारे लगाने शुरू कर दिये। सुधाताई को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। मात्र सुधाताई ही नहीं बल्कि [[वत्सला किर्तानी]], [[शारदा साव]], सिंधू देसपांडे, लिबिया लोबो, अंबिका दांडेकर, मित्रा बीर, सेलिना मोनिझ, शालिनी लोलयेकर, किशोरी हरमलकर ऐसी अनेक महिलाएं थीं जिन्होनें स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और कुर्बानियां दी। ये सूची बहुत लम्बी है। ; डॉ राममनोहर लोहिया का योगदान १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों ने भारत को स्वतंत्र घोषित कर दिया। लेकिन गोवा, दमन और दीव में पुर्तगाली जमे रहे। पुर्गताली गोवा को किसी भी कीमत पर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विद्रोह किया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरित होकर १९४० के दशक तक गोवा के स्वतंत्रता आन्दोलन ने गति प्राप्त कर ली थी। पूरे देश में जिस तरह अंग्रेजी शासन समाप्त करने के लिये आन्दोलन चल रहे थे, उसी तरह गोवा में भी पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों का निरन्तर और स्वतःस्फूर्त प्रतिरोध हुआ था। पुर्तगाली शासन द्वारा समय-समय पर गोवावासियों को अपने पूर्ण नियंत्रण में लाने के लिए जो उपाय किए गए, उनका हमेशा कड़ा विरोध हुआ। [[गोवा कांग्रेस]] बनी और आजादी का आन्दोलन चलाया गया। भारत में जो कांग्रेस थी उसे उसका साथ मिला। गोवा को मुक्त कराने में [[राममनोहर लोहिया|डॉक्टर राममनोहर लोहिया]] का बहुत बड़ा योगदान था। 1946 में वह गोवा गए थे, जहां उन्होंने देखा कि पुर्तगाली तो अंग्रजों से भी बदतर थे। 18 जून 1946 को बीमार राम मनोहर लोहिया ने पुर्तगाली प्रतिबंध को पहली बार चुनौती दी। वहां नागरिकों को सभा सम्बोधन का भी अधिकार नहीं था। लोहिया से ये सब देखा नहीं गया और उन्होंने तुरन्त 200 लोगों की एक सभा बुलाई। तेज बारिश के बावजूद उन्होंने पहली बार एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने पुर्तगाली दमन के विरोध में आवाज उठाई। उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और [[मड़गांव]] की जेल में रखा गया। लेकिन जनता के भारी आक्रोश के कारण बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। पुर्तगालियों ने लोहिया के गोवा आने पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी गोवा की आजादी की लड़ाई लगातार जारी रही। 11 जून 1953 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भारत ने अपने दूतावास बन्द किए। फिर पुर्तगाल पर दबाव डालना शुरू किया। गोवा, दमन और दीव के बीच आने जाने पर बंदिशे लग गईं। 15 अगस्त 1955 को तीन से पांच हजार आम लोगों ने गोवा में घुसने की कोशिश की। लोग निहत्थे थे और पुर्तगाल की पुलिस ने गोली चला दी। 30 लोगों की जान चली गई। तनाव बढ़ने के बाद गोवा पर सेना की चढ़ाई की तैयारी की गई। 1 नवम्बर 1961 में भारतीय सेना के तीनों अंगों को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा। भारतीय सेना ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ आखिरकार दो दिसंबर को गोवा मुक्ति का अभियान शुरू कर दिया। बहुत से लोगों का विचार है कि नेहरू ने अपनी अन्तरराष्ट्रीय छबि चमकाने के लिये गोवा को समय से आजाद नहीं कराया।<ref>[https://www.prabhatkhabar.com/election/pandit-nehru-refused-to-send-army-for-liberation-of-goa-pm-narendra-modi-hits-congress-mtj नेहरू की वजह से देश की आजादी के बाद 15 साल तक गोवा को झेलनी पड़ी गुलामी, कांग्रेस पर बरसे मोदी ]</ref> जमीन से सेना, समुद्र से नौसेना और हवा से वायुसेना गई। इसे 'ऑपरेशन विजय' का नाम दिया गया। दिसंबर 1961 को गोवा की तरफ सेना पहली बार बढ़ी। सेना जैसे-जैसे आगे बढ़ती लोग स्वागत करते। कुछ जगह पुर्तगाल की सेना लड़ी। लेकिन हर तरफ से घिरे होने की वजह से पराजय तय थी। वायु सेना ने आठ और नौ दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की, थल सेना और वायुसेना के हमलों से पुर्तगाली तिलमिला गए। आखिर में 19 दिसंबर 1961 की रात साढ़े आठ बजे भारत में पुर्तगाल के गवर्नर जनरल मैन्यु आंतोनियो सिल्वा ने समर्पण सन्धि पर हस्ताक्षर किये। इसी के साथ गोवा पर 451 साल का पुर्तगाली राज समाप्त हुआ।।।।* 18 जून 2023- गोवा क्रांति दिवस गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया के परिवार का सम्मान`- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित थे: डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं उनका पूरा परिवार *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- ==चित्रावली== <gallery class="center" caption="गोवा की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष करने वाले कुछ सेनानी ; [[गोवा राज्य संग्रहालय]] में प्रदर्शित जानकारी के अनुसार" widths="200px" heights="200px" perrow="6"> File:Key Figures in Goa Independence Anthony D'Souza.jpg|एन्थोनी डी सूजा File:Key Figures in Goa Independence Mark Fernandes.jpg|मार्क फर्नान्डीज File:Key Figures in Goa Independence Alfred Afonso.jpg|अल्फ्रेड अफोन्सो File:Key Figures in Goa Independence Mitra Bir.jpg|मित्र बीर </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[गोवा]] * [[गोवा की मुक्ति]] * [[गोवा मुक्ति दिवस]] * [[दादरा नगर हवेली मुक्ति संग्राम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20090306203426/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,827139,00.html] Time Magazine Coverage of the conflict * [https://web.archive.org/web/20071012221443/http://bharat-rakshak.com/LAND-FORCES/Army/Images-1961.html] Photo gallery of the Liberation of Goa * [https://web.archive.org/web/20071130122710/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16333.jpg Image: Ram Manohar Lohia] * [https://web.archive.org/web/20071130070445/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16334.jpg Image: The Protests of 18 June 1946] * [https://web.archive.org/web/20070902030916/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16338.jpg Image: Foreign journalists rescue a protestor shot by Portuguese police officers] * [https://web.archive.org/web/20090619092549/http://meaindia.nic.in/foreignrelation/portugal.pdf Portugal-India relations]. Ministry of External Affairs, Government of India [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] 6lm8us5xemvvbcewgc66icplqdtnq6q 6582640 6582639 2026-07-14T19:12:13Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582640 wikitext text/x-wiki '''गोवा मुक्ति संग्राम''', '''गोवा मुक्ति आन्दोलन''' या '''गोवा मुक्ति संघर्ष''' से आशय उस सम्पूर्ण संघर्ष से है जो गोवा को पुर्तगाल से मुक्त कराने के लिये किया गया था। जब भारत के बड़े क्षेत्र पर अंग्रेज शासन कर रहे थे तब गोवा, दमन और दीव पर पुर्तगाल का शासन था। यह संघर्ष १९वीं शताब्दी में ही छोटे स्तर पर आरम्भ हो चुका था लेकिन १९४० से १९६१ के बीच बहुत प्रबल आन्दोलन के रूप में आ गया। अन्ततः दिसम्बर १९६१ में भारतीय सेना के तीनों अंगों ने मिलकर गोवा को मुक्त करा लिया। 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में पुर्तगालियों के खिलाफ पहला विद्रोह हुआ। इसके बाद तो 1788 में [[पिंटो विद्रोह]] और [[राणे विद्रोह]] आदि ने गोवा मुक्ति आंदोलन में अहम भूमिका निभायी। इसी क्रम में गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी [[टीबी कुन्हा]] ने साल 1928 में गोवा एक्शन कमेटी बनायी जिसने गोवा की आजादी के लिए सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से जन जागरण किया। गोवा मुक्ति आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक वीरांगना हैं। ;कुंकली विद्रोह पुर्तगालियों के विरुद्ध पहला विद्रोह 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में हुआ जब [[धर्म-परिवर्तन]] कराने आए पांच पादरियों पर स्थानीय लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया और उनकी हत्या कर दी। स्थानीय लोगों के लिए अब ये अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई बन गई थी। इस घटना का बदला पुर्तगालियों ने धोखे से लिया। उन्होंने बातचीत के लिये कुंकली इलाके से 15 लोगों को बुलाया और उन्हें घेरकर धोखे से हमला कर दिया। जिसमें सभी की मौत हो गई। माना जाता है कि ये गोवा के स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद थे। ;पिन्टो विद्रोह 1788 में पिन्टो विद्रोह हुआ। वितोरिनो फारिया और जोस गोंसाल्वेज़जो उस समय पुर्तगाल में थे। दोनों यूरोप में लोकतंत्र के आगमन को देख रहे थे। ये दोनों गोवा लौटे और आज़ादी व लोकतंत्र के विचार को गोवा में पोषित किया। पिंटो परिवार की मदद से 1788 में विद्रोह हुआ जिसे कुचल दिया गया। 13 दिसंबर 1788 को 47 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनमें से कई को फांसी दी गई। ;राणे विद्रोह गोवा के स्वतंत्रता आंदोलन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है राणे सशस्त्र विद्रोह। 1755 से लेकर 1912 तक [[राणे समुदाय]] ने अनेकों बार शासकों से सशस्त्र संघर्ष किया। शासकों ने बार-बार इस संघर्ष को बर्बर तरीके से कुचला दिया। बंदूक, तलवार आदि स्थानीय हथियारों के साथ सत्तरी इलाके के राणों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और पुर्तगाली शासन के दिल में खौफ भर दिया। पहाड़ी इलाकों और अंदरूनी जंगलों में तकरीबन 150 साल तक गुरिल्ला लड़ाई चलती रही। ;गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन 1926 में तरिस्ताव दे ब्रागांझा कुन्हा भारत लौटे और उन्होंने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर 1928 में गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन किया जिसने गोवा की मुक्ति के लिये सत्याग्रह और अहिंसा को अपना हथियार बनाया। वो अपनी कलम के जरिये लगातार गोवा की आजादी का मसला पूरी दुनिया के सामने रखते रहे। टीबी कुन्हा के ही एक सम्बन्धी रहे लुईस दे मिनेझिस ब्रागांझा जो एक पत्रकार और उपनिवेशवादी कार्यकर्ता थे, लगातार पुर्तगाली शासन के खिलाफ सक्रिय रहे। मिनेझिस ब्रागांझा, द हेराल्ड, द डिबेट, द इवनिंग न्यूज़ डेली आदि के संस्थापकों में शामिल रहे। द हेराल्ड में आप व्यंग्यात्मक कॉलम लिखते थे। जिसमें विचार की आज़ादी, बोलने की आज़ादी, शोषण से आज़ादी और धर्मनिरपेक्षता आदि मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे। आप भारत में चल रहे आज़ादी के आंदोलन और रणनीतियों से भी गोवा की जनता को सजग करते रहे। मिनेझिस ब्रागांझा विभिन्न संगठनों और एजेंसियों में मुख्य भूमिका में रहे और हर मंच से गोवा की आज़ादी का नारा बुलंद करते रहे। ;गोवा में सेंसरशिप और कोलोनियल एक्ट का आदेश 1930 में पुर्तगाल में कोलोनियल एक्ट पास किया गया जिसके अनुसार पुर्तगाल के किसी भी उपनिवेश में रैली, मीटिंग और अन्य कोई सरकार विरोधी सभा और गतिविधि पर प्रतिबन्ध लगा दिया। 'जयहिन्द' तक बोलने पर जेल में डाला जाने लगा। 1932 में जब अतोनियो द ओलिवीरा सालाज़ार पुर्तगाल के शासक बनें तब गोवा में दमन अपने इंतिहां पर पहुंच गया। भयानक सेंसरशिप थोप दी गई। यहां तक कि शादी के कार्ड भी सेंसर किये जाने लगे कि कहीं आज़ादी का कोई गुप्त संदेश तो नहीं फैलाया जा रहा। ; महिलाओं की भागेदारी महिलाओं ने भी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक विरांगना हैं। सुधाताई ने 1955 में [[मापसा]] में महलाओं की एक सभा का आयोजन किया। जैसे ही सुधाताई ने भाषण देना शुरू किया एक पुलिसकर्मी ने सीधे सुधाताई के मुंह की तरफ बंदूक तान दी। सुधाताई बिना डरे बोलती रहीं। सभा में शामिल महिलाओं ने तिरंगा लहराते हुए जयहिंद के नारे लगाने शुरू कर दिये। सुधाताई को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। मात्र सुधाताई ही नहीं बल्कि [[वत्सला किर्तानी]], [[शारदा साव]], सिंधू देसपांडे, लिबिया लोबो, अंबिका दांडेकर, मित्रा बीर, सेलिना मोनिझ, शालिनी लोलयेकर, किशोरी हरमलकर ऐसी अनेक महिलाएं थीं जिन्होनें स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और कुर्बानियां दी। ये सूची बहुत लम्बी है। ; डॉ राममनोहर लोहिया का योगदान १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों ने भारत को स्वतंत्र घोषित कर दिया। लेकिन गोवा, दमन और दीव में पुर्तगाली जमे रहे। पुर्गताली गोवा को किसी भी कीमत पर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विद्रोह किया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरित होकर १९४० के दशक तक गोवा के स्वतंत्रता आन्दोलन ने गति प्राप्त कर ली थी। पूरे देश में जिस तरह अंग्रेजी शासन समाप्त करने के लिये आन्दोलन चल रहे थे, उसी तरह गोवा में भी पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों का निरन्तर और स्वतःस्फूर्त प्रतिरोध हुआ था। पुर्तगाली शासन द्वारा समय-समय पर गोवावासियों को अपने पूर्ण नियंत्रण में लाने के लिए जो उपाय किए गए, उनका हमेशा कड़ा विरोध हुआ। [[गोवा कांग्रेस]] बनी और आजादी का आन्दोलन चलाया गया। भारत में जो कांग्रेस थी उसे उसका साथ मिला। गोवा को मुक्त कराने में [[राममनोहर लोहिया|डॉक्टर राममनोहर लोहिया]] का बहुत बड़ा योगदान था। 1946 में वह गोवा गए थे, जहां उन्होंने देखा कि पुर्तगाली तो अंग्रजों से भी बदतर थे। 18 जून 1946 को बीमार राम मनोहर लोहिया ने पुर्तगाली प्रतिबंध को पहली बार चुनौती दी। वहां नागरिकों को सभा सम्बोधन का भी अधिकार नहीं था। लोहिया से ये सब देखा नहीं गया और उन्होंने तुरन्त 200 लोगों की एक सभा बुलाई। तेज बारिश के बावजूद उन्होंने पहली बार एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने पुर्तगाली दमन के विरोध में आवाज उठाई। उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और [[मड़गांव]] की जेल में रखा गया। लेकिन जनता के भारी आक्रोश के कारण बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। पुर्तगालियों ने लोहिया के गोवा आने पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी गोवा की आजादी की लड़ाई लगातार जारी रही। 11 जून 1953 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भारत ने अपने दूतावास बन्द किए। फिर पुर्तगाल पर दबाव डालना शुरू किया। गोवा, दमन और दीव के बीच आने जाने पर बंदिशे लग गईं। 15 अगस्त 1955 को तीन से पांच हजार आम लोगों ने गोवा में घुसने की कोशिश की। लोग निहत्थे थे और पुर्तगाल की पुलिस ने गोली चला दी। 30 लोगों की जान चली गई। तनाव बढ़ने के बाद गोवा पर सेना की चढ़ाई की तैयारी की गई। 1 नवम्बर 1961 में भारतीय सेना के तीनों अंगों को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा। भारतीय सेना ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ आखिरकार दो दिसंबर को गोवा मुक्ति का अभियान शुरू कर दिया। बहुत से लोगों का विचार है कि नेहरू ने अपनी अन्तरराष्ट्रीय छबि चमकाने के लिये गोवा को समय से आजाद नहीं कराया।<ref>[https://www.prabhatkhabar.com/election/pandit-nehru-refused-to-send-army-for-liberation-of-goa-pm-narendra-modi-hits-congress-mtj नेहरू की वजह से देश की आजादी के बाद 15 साल तक गोवा को झेलनी पड़ी गुलामी, कांग्रेस पर बरसे मोदी ]</ref> जमीन से सेना, समुद्र से नौसेना और हवा से वायुसेना गई। इसे 'ऑपरेशन विजय' का नाम दिया गया। दिसंबर 1961 को गोवा की तरफ सेना पहली बार बढ़ी। सेना जैसे-जैसे आगे बढ़ती लोग स्वागत करते। कुछ जगह पुर्तगाल की सेना लड़ी। लेकिन हर तरफ से घिरे होने की वजह से पराजय तय थी। वायु सेना ने आठ और नौ दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की, थल सेना और वायुसेना के हमलों से पुर्तगाली तिलमिला गए। आखिर में 19 दिसंबर 1961 की रात साढ़े आठ बजे भारत में पुर्तगाल के गवर्नर जनरल मैन्यु आंतोनियो सिल्वा ने समर्पण सन्धि पर हस्ताक्षर किये। इसी के साथ गोवा पर 451 साल का पुर्तगाली राज समाप्त हुआ।।।।* 18 जून 2023- गोवा क्रांति दिवस - गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया के परिवार का सम्मान`- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित थे: डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं उनका पूरा परिवार *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- ==चित्रावली== <gallery class="center" caption="गोवा की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष करने वाले कुछ सेनानी ; [[गोवा राज्य संग्रहालय]] में प्रदर्शित जानकारी के अनुसार" widths="200px" heights="200px" perrow="6"> File:Key Figures in Goa Independence Anthony D'Souza.jpg|एन्थोनी डी सूजा File:Key Figures in Goa Independence Mark Fernandes.jpg|मार्क फर्नान्डीज File:Key Figures in Goa Independence Alfred Afonso.jpg|अल्फ्रेड अफोन्सो File:Key Figures in Goa Independence Mitra Bir.jpg|मित्र बीर </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[गोवा]] * [[गोवा की मुक्ति]] * [[गोवा मुक्ति दिवस]] * [[दादरा नगर हवेली मुक्ति संग्राम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20090306203426/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,827139,00.html] Time Magazine Coverage of the conflict * [https://web.archive.org/web/20071012221443/http://bharat-rakshak.com/LAND-FORCES/Army/Images-1961.html] Photo gallery of the Liberation of Goa * [https://web.archive.org/web/20071130122710/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16333.jpg Image: Ram Manohar Lohia] * [https://web.archive.org/web/20071130070445/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16334.jpg Image: The Protests of 18 June 1946] * [https://web.archive.org/web/20070902030916/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16338.jpg Image: Foreign journalists rescue a protestor shot by Portuguese police officers] * [https://web.archive.org/web/20090619092549/http://meaindia.nic.in/foreignrelation/portugal.pdf Portugal-India relations]. Ministry of External Affairs, Government of India [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] ne7arnr4erpas3v3q6839yh1t1otvsl 6582748 6582640 2026-07-15T04:43:31Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582748 wikitext text/x-wiki '''गोवा मुक्ति संग्राम''', '''गोवा मुक्ति आन्दोलन''' या '''गोवा मुक्ति संघर्ष''' से आशय उस सम्पूर्ण संघर्ष से है जो गोवा को पुर्तगाल से मुक्त कराने के लिये किया गया था। जब भारत के बड़े क्षेत्र पर अंग्रेज शासन कर रहे थे तब गोवा, दमन और दीव पर पुर्तगाल का शासन था। यह संघर्ष १९वीं शताब्दी में ही छोटे स्तर पर आरम्भ हो चुका था लेकिन १९४० से १९६१ के बीच बहुत प्रबल आन्दोलन के रूप में आ गया। अन्ततः दिसम्बर १९६१ में भारतीय सेना के तीनों अंगों ने मिलकर गोवा को मुक्त करा लिया। 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में पुर्तगालियों के खिलाफ पहला विद्रोह हुआ। इसके बाद तो 1788 में [[पिंटो विद्रोह]] और [[राणे विद्रोह]] आदि ने गोवा मुक्ति आंदोलन में अहम भूमिका निभायी। इसी क्रम में गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी [[टीबी कुन्हा]] ने साल 1928 में गोवा एक्शन कमेटी बनायी जिसने गोवा की आजादी के लिए सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से जन जागरण किया। गोवा मुक्ति आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक वीरांगना हैं। ;कुंकली विद्रोह पुर्तगालियों के विरुद्ध पहला विद्रोह 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में हुआ जब [[धर्म-परिवर्तन]] कराने आए पांच पादरियों पर स्थानीय लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया और उनकी हत्या कर दी। स्थानीय लोगों के लिए अब ये अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई बन गई थी। इस घटना का बदला पुर्तगालियों ने धोखे से लिया। उन्होंने बातचीत के लिये कुंकली इलाके से 15 लोगों को बुलाया और उन्हें घेरकर धोखे से हमला कर दिया। जिसमें सभी की मौत हो गई। माना जाता है कि ये गोवा के स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद थे। ;पिन्टो विद्रोह 1788 में पिन्टो विद्रोह हुआ। वितोरिनो फारिया और जोस गोंसाल्वेज़जो उस समय पुर्तगाल में थे। दोनों यूरोप में लोकतंत्र के आगमन को देख रहे थे। ये दोनों गोवा लौटे और आज़ादी व लोकतंत्र के विचार को गोवा में पोषित किया। पिंटो परिवार की मदद से 1788 में विद्रोह हुआ जिसे कुचल दिया गया। 13 दिसंबर 1788 को 47 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनमें से कई को फांसी दी गई। ;राणे विद्रोह गोवा के स्वतंत्रता आंदोलन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है राणे सशस्त्र विद्रोह। 1755 से लेकर 1912 तक [[राणे समुदाय]] ने अनेकों बार शासकों से सशस्त्र संघर्ष किया। शासकों ने बार-बार इस संघर्ष को बर्बर तरीके से कुचला दिया। बंदूक, तलवार आदि स्थानीय हथियारों के साथ सत्तरी इलाके के राणों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और पुर्तगाली शासन के दिल में खौफ भर दिया। पहाड़ी इलाकों और अंदरूनी जंगलों में तकरीबन 150 साल तक गुरिल्ला लड़ाई चलती रही। ;गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन 1926 में तरिस्ताव दे ब्रागांझा कुन्हा भारत लौटे और उन्होंने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर 1928 में गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन किया जिसने गोवा की मुक्ति के लिये सत्याग्रह और अहिंसा को अपना हथियार बनाया। वो अपनी कलम के जरिये लगातार गोवा की आजादी का मसला पूरी दुनिया के सामने रखते रहे। टीबी कुन्हा के ही एक सम्बन्धी रहे लुईस दे मिनेझिस ब्रागांझा जो एक पत्रकार और उपनिवेशवादी कार्यकर्ता थे, लगातार पुर्तगाली शासन के खिलाफ सक्रिय रहे। मिनेझिस ब्रागांझा, द हेराल्ड, द डिबेट, द इवनिंग न्यूज़ डेली आदि के संस्थापकों में शामिल रहे। द हेराल्ड में आप व्यंग्यात्मक कॉलम लिखते थे। जिसमें विचार की आज़ादी, बोलने की आज़ादी, शोषण से आज़ादी और धर्मनिरपेक्षता आदि मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे। आप भारत में चल रहे आज़ादी के आंदोलन और रणनीतियों से भी गोवा की जनता को सजग करते रहे। मिनेझिस ब्रागांझा विभिन्न संगठनों और एजेंसियों में मुख्य भूमिका में रहे और हर मंच से गोवा की आज़ादी का नारा बुलंद करते रहे। ;गोवा में सेंसरशिप और कोलोनियल एक्ट का आदेश 1930 में पुर्तगाल में कोलोनियल एक्ट पास किया गया जिसके अनुसार पुर्तगाल के किसी भी उपनिवेश में रैली, मीटिंग और अन्य कोई सरकार विरोधी सभा और गतिविधि पर प्रतिबन्ध लगा दिया। 'जयहिन्द' तक बोलने पर जेल में डाला जाने लगा। 1932 में जब अतोनियो द ओलिवीरा सालाज़ार पुर्तगाल के शासक बनें तब गोवा में दमन अपने इंतिहां पर पहुंच गया। भयानक सेंसरशिप थोप दी गई। यहां तक कि शादी के कार्ड भी सेंसर किये जाने लगे कि कहीं आज़ादी का कोई गुप्त संदेश तो नहीं फैलाया जा रहा। ; महिलाओं की भागेदारी महिलाओं ने भी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक विरांगना हैं। सुधाताई ने 1955 में [[मापसा]] में महलाओं की एक सभा का आयोजन किया। जैसे ही सुधाताई ने भाषण देना शुरू किया एक पुलिसकर्मी ने सीधे सुधाताई के मुंह की तरफ बंदूक तान दी। सुधाताई बिना डरे बोलती रहीं। सभा में शामिल महिलाओं ने तिरंगा लहराते हुए जयहिंद के नारे लगाने शुरू कर दिये। सुधाताई को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। मात्र सुधाताई ही नहीं बल्कि [[वत्सला किर्तानी]], [[शारदा साव]], सिंधू देसपांडे, लिबिया लोबो, अंबिका दांडेकर, मित्रा बीर, सेलिना मोनिझ, शालिनी लोलयेकर, किशोरी हरमलकर ऐसी अनेक महिलाएं थीं जिन्होनें स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और कुर्बानियां दी। ये सूची बहुत लम्बी है। ; डॉ राममनोहर लोहिया का योगदान १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों ने भारत को स्वतंत्र घोषित कर दिया। लेकिन गोवा, दमन और दीव में पुर्तगाली जमे रहे। पुर्गताली गोवा को किसी भी कीमत पर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विद्रोह किया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरित होकर १९४० के दशक तक गोवा के स्वतंत्रता आन्दोलन ने गति प्राप्त कर ली थी। पूरे देश में जिस तरह अंग्रेजी शासन समाप्त करने के लिये आन्दोलन चल रहे थे, उसी तरह गोवा में भी पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों का निरन्तर और स्वतःस्फूर्त प्रतिरोध हुआ था। पुर्तगाली शासन द्वारा समय-समय पर गोवावासियों को अपने पूर्ण नियंत्रण में लाने के लिए जो उपाय किए गए, उनका हमेशा कड़ा विरोध हुआ। [[गोवा कांग्रेस]] बनी और आजादी का आन्दोलन चलाया गया। भारत में जो कांग्रेस थी उसे उसका साथ मिला। गोवा को मुक्त कराने में [[राममनोहर लोहिया|डॉक्टर राममनोहर लोहिया]] का बहुत बड़ा योगदान था। 1946 में वह गोवा गए थे, जहां उन्होंने देखा कि पुर्तगाली तो अंग्रजों से भी बदतर थे। 18 जून 1946 को बीमार राम मनोहर लोहिया ने पुर्तगाली प्रतिबंध को पहली बार चुनौती दी। वहां नागरिकों को सभा सम्बोधन का भी अधिकार नहीं था। लोहिया से ये सब देखा नहीं गया और उन्होंने तुरन्त 200 लोगों की एक सभा बुलाई। तेज बारिश के बावजूद उन्होंने पहली बार एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने पुर्तगाली दमन के विरोध में आवाज उठाई। उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और [[मड़गांव]] की जेल में रखा गया। लेकिन जनता के भारी आक्रोश के कारण बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। पुर्तगालियों ने लोहिया के गोवा आने पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी गोवा की आजादी की लड़ाई लगातार जारी रही। 11 जून 1953 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भारत ने अपने दूतावास बन्द किए। फिर पुर्तगाल पर दबाव डालना शुरू किया। गोवा, दमन और दीव के बीच आने जाने पर बंदिशे लग गईं। 15 अगस्त 1955 को तीन से पांच हजार आम लोगों ने गोवा में घुसने की कोशिश की। लोग निहत्थे थे और पुर्तगाल की पुलिस ने गोली चला दी। 30 लोगों की जान चली गई। तनाव बढ़ने के बाद गोवा पर सेना की चढ़ाई की तैयारी की गई। 1 नवम्बर 1961 में भारतीय सेना के तीनों अंगों को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा। भारतीय सेना ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ आखिरकार दो दिसंबर को गोवा मुक्ति का अभियान शुरू कर दिया। बहुत से लोगों का विचार है कि नेहरू ने अपनी अन्तरराष्ट्रीय छबि चमकाने के लिये गोवा को समय से आजाद नहीं कराया।<ref>[https://www.prabhatkhabar.com/election/pandit-nehru-refused-to-send-army-for-liberation-of-goa-pm-narendra-modi-hits-congress-mtj नेहरू की वजह से देश की आजादी के बाद 15 साल तक गोवा को झेलनी पड़ी गुलामी, कांग्रेस पर बरसे मोदी ]</ref> जमीन से सेना, समुद्र से नौसेना और हवा से वायुसेना गई। इसे 'ऑपरेशन विजय' का नाम दिया गया। दिसंबर 1961 को गोवा की तरफ सेना पहली बार बढ़ी। सेना जैसे-जैसे आगे बढ़ती लोग स्वागत करते। कुछ जगह पुर्तगाल की सेना लड़ी। लेकिन हर तरफ से घिरे होने की वजह से पराजय तय थी। वायु सेना ने आठ और नौ दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की, थल सेना और वायुसेना के हमलों से पुर्तगाली तिलमिला गए। आखिर में 19 दिसंबर 1961 की रात साढ़े आठ बजे भारत में पुर्तगाल के गवर्नर जनरल मैन्यु आंतोनियो सिल्वा ने समर्पण सन्धि पर हस्ताक्षर किये। इसी के साथ गोवा पर 451 साल का पुर्तगाली राज समाप्त हुआ।।।।* 18 जून 2023- गोवा क्रांति दिवस - गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया के परिवार का सम्मान`- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित थे: डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं उनका पूरा परिवार गोवा की आधिकारिक राजकीय कार्यक्रम में *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- ==चित्रावली== <gallery class="center" caption="गोवा की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष करने वाले कुछ सेनानी ; [[गोवा राज्य संग्रहालय]] में प्रदर्शित जानकारी के अनुसार" widths="200px" heights="200px" perrow="6"> File:Key Figures in Goa Independence Anthony D'Souza.jpg|एन्थोनी डी सूजा File:Key Figures in Goa Independence Mark Fernandes.jpg|मार्क फर्नान्डीज File:Key Figures in Goa Independence Alfred Afonso.jpg|अल्फ्रेड अफोन्सो File:Key Figures in Goa Independence Mitra Bir.jpg|मित्र बीर </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[गोवा]] * [[गोवा की मुक्ति]] * [[गोवा मुक्ति दिवस]] * [[दादरा नगर हवेली मुक्ति संग्राम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20090306203426/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,827139,00.html] Time Magazine Coverage of the conflict * [https://web.archive.org/web/20071012221443/http://bharat-rakshak.com/LAND-FORCES/Army/Images-1961.html] Photo gallery of the Liberation of Goa * [https://web.archive.org/web/20071130122710/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16333.jpg Image: Ram Manohar Lohia] * [https://web.archive.org/web/20071130070445/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16334.jpg Image: The Protests of 18 June 1946] * [https://web.archive.org/web/20070902030916/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16338.jpg Image: Foreign journalists rescue a protestor shot by Portuguese police officers] * [https://web.archive.org/web/20090619092549/http://meaindia.nic.in/foreignrelation/portugal.pdf Portugal-India relations]. Ministry of External Affairs, Government of India [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] gkuvjpnw5royldhhsvbe3baxpqefpkw 6582749 6582748 2026-07-15T04:44:18Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582749 wikitext text/x-wiki '''गोवा मुक्ति संग्राम''', '''गोवा मुक्ति आन्दोलन''' या '''गोवा मुक्ति संघर्ष''' से आशय उस सम्पूर्ण संघर्ष से है जो गोवा को पुर्तगाल से मुक्त कराने के लिये किया गया था। जब भारत के बड़े क्षेत्र पर अंग्रेज शासन कर रहे थे तब गोवा, दमन और दीव पर पुर्तगाल का शासन था। यह संघर्ष १९वीं शताब्दी में ही छोटे स्तर पर आरम्भ हो चुका था लेकिन १९४० से १९६१ के बीच बहुत प्रबल आन्दोलन के रूप में आ गया। अन्ततः दिसम्बर १९६१ में भारतीय सेना के तीनों अंगों ने मिलकर गोवा को मुक्त करा लिया। 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में पुर्तगालियों के खिलाफ पहला विद्रोह हुआ। इसके बाद तो 1788 में [[पिंटो विद्रोह]] और [[राणे विद्रोह]] आदि ने गोवा मुक्ति आंदोलन में अहम भूमिका निभायी। इसी क्रम में गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी [[टीबी कुन्हा]] ने साल 1928 में गोवा एक्शन कमेटी बनायी जिसने गोवा की आजादी के लिए सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से जन जागरण किया। गोवा मुक्ति आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक वीरांगना हैं। ;कुंकली विद्रोह पुर्तगालियों के विरुद्ध पहला विद्रोह 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में हुआ जब [[धर्म-परिवर्तन]] कराने आए पांच पादरियों पर स्थानीय लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया और उनकी हत्या कर दी। स्थानीय लोगों के लिए अब ये अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई बन गई थी। इस घटना का बदला पुर्तगालियों ने धोखे से लिया। उन्होंने बातचीत के लिये कुंकली इलाके से 15 लोगों को बुलाया और उन्हें घेरकर धोखे से हमला कर दिया। जिसमें सभी की मौत हो गई। माना जाता है कि ये गोवा के स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद थे। ;पिन्टो विद्रोह 1788 में पिन्टो विद्रोह हुआ। वितोरिनो फारिया और जोस गोंसाल्वेज़जो उस समय पुर्तगाल में थे। दोनों यूरोप में लोकतंत्र के आगमन को देख रहे थे। ये दोनों गोवा लौटे और आज़ादी व लोकतंत्र के विचार को गोवा में पोषित किया। पिंटो परिवार की मदद से 1788 में विद्रोह हुआ जिसे कुचल दिया गया। 13 दिसंबर 1788 को 47 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनमें से कई को फांसी दी गई। ;राणे विद्रोह गोवा के स्वतंत्रता आंदोलन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है राणे सशस्त्र विद्रोह। 1755 से लेकर 1912 तक [[राणे समुदाय]] ने अनेकों बार शासकों से सशस्त्र संघर्ष किया। शासकों ने बार-बार इस संघर्ष को बर्बर तरीके से कुचला दिया। बंदूक, तलवार आदि स्थानीय हथियारों के साथ सत्तरी इलाके के राणों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और पुर्तगाली शासन के दिल में खौफ भर दिया। पहाड़ी इलाकों और अंदरूनी जंगलों में तकरीबन 150 साल तक गुरिल्ला लड़ाई चलती रही। ;गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन 1926 में तरिस्ताव दे ब्रागांझा कुन्हा भारत लौटे और उन्होंने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर 1928 में गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन किया जिसने गोवा की मुक्ति के लिये सत्याग्रह और अहिंसा को अपना हथियार बनाया। वो अपनी कलम के जरिये लगातार गोवा की आजादी का मसला पूरी दुनिया के सामने रखते रहे। टीबी कुन्हा के ही एक सम्बन्धी रहे लुईस दे मिनेझिस ब्रागांझा जो एक पत्रकार और उपनिवेशवादी कार्यकर्ता थे, लगातार पुर्तगाली शासन के खिलाफ सक्रिय रहे। मिनेझिस ब्रागांझा, द हेराल्ड, द डिबेट, द इवनिंग न्यूज़ डेली आदि के संस्थापकों में शामिल रहे। द हेराल्ड में आप व्यंग्यात्मक कॉलम लिखते थे। जिसमें विचार की आज़ादी, बोलने की आज़ादी, शोषण से आज़ादी और धर्मनिरपेक्षता आदि मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे। आप भारत में चल रहे आज़ादी के आंदोलन और रणनीतियों से भी गोवा की जनता को सजग करते रहे। मिनेझिस ब्रागांझा विभिन्न संगठनों और एजेंसियों में मुख्य भूमिका में रहे और हर मंच से गोवा की आज़ादी का नारा बुलंद करते रहे। ;गोवा में सेंसरशिप और कोलोनियल एक्ट का आदेश 1930 में पुर्तगाल में कोलोनियल एक्ट पास किया गया जिसके अनुसार पुर्तगाल के किसी भी उपनिवेश में रैली, मीटिंग और अन्य कोई सरकार विरोधी सभा और गतिविधि पर प्रतिबन्ध लगा दिया। 'जयहिन्द' तक बोलने पर जेल में डाला जाने लगा। 1932 में जब अतोनियो द ओलिवीरा सालाज़ार पुर्तगाल के शासक बनें तब गोवा में दमन अपने इंतिहां पर पहुंच गया। भयानक सेंसरशिप थोप दी गई। यहां तक कि शादी के कार्ड भी सेंसर किये जाने लगे कि कहीं आज़ादी का कोई गुप्त संदेश तो नहीं फैलाया जा रहा। ; महिलाओं की भागेदारी महिलाओं ने भी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक विरांगना हैं। सुधाताई ने 1955 में [[मापसा]] में महलाओं की एक सभा का आयोजन किया। जैसे ही सुधाताई ने भाषण देना शुरू किया एक पुलिसकर्मी ने सीधे सुधाताई के मुंह की तरफ बंदूक तान दी। सुधाताई बिना डरे बोलती रहीं। सभा में शामिल महिलाओं ने तिरंगा लहराते हुए जयहिंद के नारे लगाने शुरू कर दिये। सुधाताई को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। मात्र सुधाताई ही नहीं बल्कि [[वत्सला किर्तानी]], [[शारदा साव]], सिंधू देसपांडे, लिबिया लोबो, अंबिका दांडेकर, मित्रा बीर, सेलिना मोनिझ, शालिनी लोलयेकर, किशोरी हरमलकर ऐसी अनेक महिलाएं थीं जिन्होनें स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और कुर्बानियां दी। ये सूची बहुत लम्बी है। ; डॉ राममनोहर लोहिया का योगदान १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों ने भारत को स्वतंत्र घोषित कर दिया। लेकिन गोवा, दमन और दीव में पुर्तगाली जमे रहे। पुर्गताली गोवा को किसी भी कीमत पर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विद्रोह किया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरित होकर १९४० के दशक तक गोवा के स्वतंत्रता आन्दोलन ने गति प्राप्त कर ली थी। पूरे देश में जिस तरह अंग्रेजी शासन समाप्त करने के लिये आन्दोलन चल रहे थे, उसी तरह गोवा में भी पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों का निरन्तर और स्वतःस्फूर्त प्रतिरोध हुआ था। पुर्तगाली शासन द्वारा समय-समय पर गोवावासियों को अपने पूर्ण नियंत्रण में लाने के लिए जो उपाय किए गए, उनका हमेशा कड़ा विरोध हुआ। [[गोवा कांग्रेस]] बनी और आजादी का आन्दोलन चलाया गया। भारत में जो कांग्रेस थी उसे उसका साथ मिला। गोवा को मुक्त कराने में [[राममनोहर लोहिया|डॉक्टर राममनोहर लोहिया]] का बहुत बड़ा योगदान था। 1946 में वह गोवा गए थे, जहां उन्होंने देखा कि पुर्तगाली तो अंग्रजों से भी बदतर थे। 18 जून 1946 को बीमार राम मनोहर लोहिया ने पुर्तगाली प्रतिबंध को पहली बार चुनौती दी। वहां नागरिकों को सभा सम्बोधन का भी अधिकार नहीं था। लोहिया से ये सब देखा नहीं गया और उन्होंने तुरन्त 200 लोगों की एक सभा बुलाई। तेज बारिश के बावजूद उन्होंने पहली बार एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने पुर्तगाली दमन के विरोध में आवाज उठाई। उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और [[मड़गांव]] की जेल में रखा गया। लेकिन जनता के भारी आक्रोश के कारण बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। पुर्तगालियों ने लोहिया के गोवा आने पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी गोवा की आजादी की लड़ाई लगातार जारी रही। 11 जून 1953 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भारत ने अपने दूतावास बन्द किए। फिर पुर्तगाल पर दबाव डालना शुरू किया। गोवा, दमन और दीव के बीच आने जाने पर बंदिशे लग गईं। 15 अगस्त 1955 को तीन से पांच हजार आम लोगों ने गोवा में घुसने की कोशिश की। लोग निहत्थे थे और पुर्तगाल की पुलिस ने गोली चला दी। 30 लोगों की जान चली गई। तनाव बढ़ने के बाद गोवा पर सेना की चढ़ाई की तैयारी की गई। 1 नवम्बर 1961 में भारतीय सेना के तीनों अंगों को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा। भारतीय सेना ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ आखिरकार दो दिसंबर को गोवा मुक्ति का अभियान शुरू कर दिया। बहुत से लोगों का विचार है कि नेहरू ने अपनी अन्तरराष्ट्रीय छबि चमकाने के लिये गोवा को समय से आजाद नहीं कराया।<ref>[https://www.prabhatkhabar.com/election/pandit-nehru-refused-to-send-army-for-liberation-of-goa-pm-narendra-modi-hits-congress-mtj नेहरू की वजह से देश की आजादी के बाद 15 साल तक गोवा को झेलनी पड़ी गुलामी, कांग्रेस पर बरसे मोदी ]</ref> जमीन से सेना, समुद्र से नौसेना और हवा से वायुसेना गई। इसे 'ऑपरेशन विजय' का नाम दिया गया। दिसंबर 1961 को गोवा की तरफ सेना पहली बार बढ़ी। सेना जैसे-जैसे आगे बढ़ती लोग स्वागत करते। कुछ जगह पुर्तगाल की सेना लड़ी। लेकिन हर तरफ से घिरे होने की वजह से पराजय तय थी। वायु सेना ने आठ और नौ दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की, थल सेना और वायुसेना के हमलों से पुर्तगाली तिलमिला गए। आखिर में 19 दिसंबर 1961 की रात साढ़े आठ बजे भारत में पुर्तगाल के गवर्नर जनरल मैन्यु आंतोनियो सिल्वा ने समर्पण सन्धि पर हस्ताक्षर किये। इसी के साथ गोवा पर 451 साल का पुर्तगाली राज समाप्त हुआ।।।।* 18 जून 2023- गोवा क्रांति दिवस - गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया के परिवार का सम्मान`- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित थे: डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं उनका पूरा परिवार गोवा के आधिकारिक राजकीय कार्यक्रम में *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- ==चित्रावली== <gallery class="center" caption="गोवा की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष करने वाले कुछ सेनानी ; [[गोवा राज्य संग्रहालय]] में प्रदर्शित जानकारी के अनुसार" widths="200px" heights="200px" perrow="6"> File:Key Figures in Goa Independence Anthony D'Souza.jpg|एन्थोनी डी सूजा File:Key Figures in Goa Independence Mark Fernandes.jpg|मार्क फर्नान्डीज File:Key Figures in Goa Independence Alfred Afonso.jpg|अल्फ्रेड अफोन्सो File:Key Figures in Goa Independence Mitra Bir.jpg|मित्र बीर </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[गोवा]] * [[गोवा की मुक्ति]] * [[गोवा मुक्ति दिवस]] * [[दादरा नगर हवेली मुक्ति संग्राम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20090306203426/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,827139,00.html] Time Magazine Coverage of the conflict * [https://web.archive.org/web/20071012221443/http://bharat-rakshak.com/LAND-FORCES/Army/Images-1961.html] Photo gallery of the Liberation of Goa * [https://web.archive.org/web/20071130122710/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16333.jpg Image: Ram Manohar Lohia] * [https://web.archive.org/web/20071130070445/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16334.jpg Image: The Protests of 18 June 1946] * [https://web.archive.org/web/20070902030916/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16338.jpg Image: Foreign journalists rescue a protestor shot by Portuguese police officers] * [https://web.archive.org/web/20090619092549/http://meaindia.nic.in/foreignrelation/portugal.pdf Portugal-India relations]. Ministry of External Affairs, Government of India [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] iz64hesnu7k4p1wsf0ju3s7yocnxy27 6582751 6582749 2026-07-15T04:50:03Z Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 934785 /* */ 6582751 wikitext text/x-wiki '''गोवा मुक्ति संग्राम''', '''गोवा मुक्ति आन्दोलन''' या '''गोवा मुक्ति संघर्ष''' से आशय उस सम्पूर्ण संघर्ष से है जो गोवा को पुर्तगाल से मुक्त कराने के लिये किया गया था। जब भारत के बड़े क्षेत्र पर अंग्रेज शासन कर रहे थे तब गोवा, दमन और दीव पर पुर्तगाल का शासन था। यह संघर्ष १९वीं शताब्दी में ही छोटे स्तर पर आरम्भ हो चुका था लेकिन १९४० से १९६१ के बीच बहुत प्रबल आन्दोलन के रूप में आ गया। अन्ततः दिसम्बर १९६१ में भारतीय सेना के तीनों अंगों ने मिलकर गोवा को मुक्त करा लिया। 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में पुर्तगालियों के खिलाफ पहला विद्रोह हुआ। इसके बाद तो 1788 में [[पिंटो विद्रोह]] और [[राणे विद्रोह]] आदि ने गोवा मुक्ति आंदोलन में अहम भूमिका निभायी। इसी क्रम में गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी [[टीबी कुन्हा]] ने साल 1928 में गोवा एक्शन कमेटी बनायी जिसने गोवा की आजादी के लिए सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से जन जागरण किया। गोवा मुक्ति आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक वीरांगना हैं। ;कुंकली विद्रोह पुर्तगालियों के विरुद्ध पहला विद्रोह 15 जुलाई 1583 को [[कुंकली]] में हुआ जब [[धर्म-परिवर्तन]] कराने आए पांच पादरियों पर स्थानीय लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया और उनकी हत्या कर दी। स्थानीय लोगों के लिए अब ये अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई बन गई थी। इस घटना का बदला पुर्तगालियों ने धोखे से लिया। उन्होंने बातचीत के लिये कुंकली इलाके से 15 लोगों को बुलाया और उन्हें घेरकर धोखे से हमला कर दिया। जिसमें सभी की मौत हो गई। माना जाता है कि ये गोवा के स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद थे। ;पिन्टो विद्रोह 1788 में पिन्टो विद्रोह हुआ। वितोरिनो फारिया और जोस गोंसाल्वेज़जो उस समय पुर्तगाल में थे। दोनों यूरोप में लोकतंत्र के आगमन को देख रहे थे। ये दोनों गोवा लौटे और आज़ादी व लोकतंत्र के विचार को गोवा में पोषित किया। पिंटो परिवार की मदद से 1788 में विद्रोह हुआ जिसे कुचल दिया गया। 13 दिसंबर 1788 को 47 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनमें से कई को फांसी दी गई। ;राणे विद्रोह गोवा के स्वतंत्रता आंदोलन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है राणे सशस्त्र विद्रोह। 1755 से लेकर 1912 तक [[राणे समुदाय]] ने अनेकों बार शासकों से सशस्त्र संघर्ष किया। शासकों ने बार-बार इस संघर्ष को बर्बर तरीके से कुचला दिया। बंदूक, तलवार आदि स्थानीय हथियारों के साथ सत्तरी इलाके के राणों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और पुर्तगाली शासन के दिल में खौफ भर दिया। पहाड़ी इलाकों और अंदरूनी जंगलों में तकरीबन 150 साल तक गुरिल्ला लड़ाई चलती रही। ;गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन 1926 में तरिस्ताव दे ब्रागांझा कुन्हा भारत लौटे और उन्होंने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर 1928 में गोवा कांग्रेस कमेटी का गठन किया जिसने गोवा की मुक्ति के लिये सत्याग्रह और अहिंसा को अपना हथियार बनाया। वो अपनी कलम के जरिये लगातार गोवा की आजादी का मसला पूरी दुनिया के सामने रखते रहे। टीबी कुन्हा के ही एक सम्बन्धी रहे लुईस दे मिनेझिस ब्रागांझा जो एक पत्रकार और उपनिवेशवादी कार्यकर्ता थे, लगातार पुर्तगाली शासन के खिलाफ सक्रिय रहे। मिनेझिस ब्रागांझा, द हेराल्ड, द डिबेट, द इवनिंग न्यूज़ डेली आदि के संस्थापकों में शामिल रहे। द हेराल्ड में आप व्यंग्यात्मक कॉलम लिखते थे। जिसमें विचार की आज़ादी, बोलने की आज़ादी, शोषण से आज़ादी और धर्मनिरपेक्षता आदि मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे। आप भारत में चल रहे आज़ादी के आंदोलन और रणनीतियों से भी गोवा की जनता को सजग करते रहे। मिनेझिस ब्रागांझा विभिन्न संगठनों और एजेंसियों में मुख्य भूमिका में रहे और हर मंच से गोवा की आज़ादी का नारा बुलंद करते रहे। ;गोवा में सेंसरशिप और कोलोनियल एक्ट का आदेश 1930 में पुर्तगाल में कोलोनियल एक्ट पास किया गया जिसके अनुसार पुर्तगाल के किसी भी उपनिवेश में रैली, मीटिंग और अन्य कोई सरकार विरोधी सभा और गतिविधि पर प्रतिबन्ध लगा दिया। 'जयहिन्द' तक बोलने पर जेल में डाला जाने लगा। 1932 में जब अतोनियो द ओलिवीरा सालाज़ार पुर्तगाल के शासक बनें तब गोवा में दमन अपने इंतिहां पर पहुंच गया। भयानक सेंसरशिप थोप दी गई। यहां तक कि शादी के कार्ड भी सेंसर किये जाने लगे कि कहीं आज़ादी का कोई गुप्त संदेश तो नहीं फैलाया जा रहा। ; महिलाओं की भागेदारी महिलाओं ने भी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लिया। [[सुधाताई जोशी]] ऐसी ही एक विरांगना हैं। सुधाताई ने 1955 में [[मापसा]] में महलाओं की एक सभा का आयोजन किया। जैसे ही सुधाताई ने भाषण देना शुरू किया एक पुलिसकर्मी ने सीधे सुधाताई के मुंह की तरफ बंदूक तान दी। सुधाताई बिना डरे बोलती रहीं। सभा में शामिल महिलाओं ने तिरंगा लहराते हुए जयहिंद के नारे लगाने शुरू कर दिये। सुधाताई को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। मात्र सुधाताई ही नहीं बल्कि [[वत्सला किर्तानी]], [[शारदा साव]], सिंधू देसपांडे, लिबिया लोबो, अंबिका दांडेकर, मित्रा बीर, सेलिना मोनिझ, शालिनी लोलयेकर, किशोरी हरमलकर ऐसी अनेक महिलाएं थीं जिन्होनें स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और कुर्बानियां दी। ये सूची बहुत लम्बी है। ; डॉ राममनोहर लोहिया का योगदान १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों ने भारत को स्वतंत्र घोषित कर दिया। लेकिन गोवा, दमन और दीव में पुर्तगाली जमे रहे। पुर्गताली गोवा को किसी भी कीमत पर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विद्रोह किया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरित होकर १९४० के दशक तक गोवा के स्वतंत्रता आन्दोलन ने गति प्राप्त कर ली थी। पूरे देश में जिस तरह अंग्रेजी शासन समाप्त करने के लिये आन्दोलन चल रहे थे, उसी तरह गोवा में भी पुर्तगालियों के खिलाफ स्थानीय लोगों का निरन्तर और स्वतःस्फूर्त प्रतिरोध हुआ था। पुर्तगाली शासन द्वारा समय-समय पर गोवावासियों को अपने पूर्ण नियंत्रण में लाने के लिए जो उपाय किए गए, उनका हमेशा कड़ा विरोध हुआ। [[गोवा कांग्रेस]] बनी और आजादी का आन्दोलन चलाया गया। भारत में जो कांग्रेस थी उसे उसका साथ मिला। गोवा को मुक्त कराने में [[राममनोहर लोहिया|डॉक्टर राममनोहर लोहिया]] का बहुत बड़ा योगदान था। 1946 में वह गोवा गए थे, जहां उन्होंने देखा कि पुर्तगाली तो अंग्रजों से भी बदतर थे। 18 जून 1946 को बीमार राम मनोहर लोहिया ने पुर्तगाली प्रतिबंध को पहली बार चुनौती दी। वहां नागरिकों को सभा सम्बोधन का भी अधिकार नहीं था। लोहिया से ये सब देखा नहीं गया और उन्होंने तुरन्त 200 लोगों की एक सभा बुलाई। तेज बारिश के बावजूद उन्होंने पहली बार एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने पुर्तगाली दमन के विरोध में आवाज उठाई। उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और [[मड़गांव]] की जेल में रखा गया। लेकिन जनता के भारी आक्रोश के कारण बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। पुर्तगालियों ने लोहिया के गोवा आने पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी गोवा की आजादी की लड़ाई लगातार जारी रही। 11 जून 1953 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भारत ने अपने दूतावास बन्द किए। फिर पुर्तगाल पर दबाव डालना शुरू किया। गोवा, दमन और दीव के बीच आने जाने पर बंदिशे लग गईं। 15 अगस्त 1955 को तीन से पांच हजार आम लोगों ने गोवा में घुसने की कोशिश की। लोग निहत्थे थे और पुर्तगाल की पुलिस ने गोली चला दी। 30 लोगों की जान चली गई। तनाव बढ़ने के बाद गोवा पर सेना की चढ़ाई की तैयारी की गई। 1 नवम्बर 1961 में भारतीय सेना के तीनों अंगों को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा। भारतीय सेना ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ आखिरकार दो दिसंबर को गोवा मुक्ति का अभियान शुरू कर दिया। बहुत से लोगों का विचार है कि नेहरू ने अपनी अन्तरराष्ट्रीय छबि चमकाने के लिये गोवा को समय से आजाद नहीं कराया।<ref>[https://www.prabhatkhabar.com/election/pandit-nehru-refused-to-send-army-for-liberation-of-goa-pm-narendra-modi-hits-congress-mtj नेहरू की वजह से देश की आजादी के बाद 15 साल तक गोवा को झेलनी पड़ी गुलामी, कांग्रेस पर बरसे मोदी ]</ref> जमीन से सेना, समुद्र से नौसेना और हवा से वायुसेना गई। इसे 'ऑपरेशन विजय' का नाम दिया गया। दिसंबर 1961 को गोवा की तरफ सेना पहली बार बढ़ी। सेना जैसे-जैसे आगे बढ़ती लोग स्वागत करते। कुछ जगह पुर्तगाल की सेना लड़ी। लेकिन हर तरफ से घिरे होने की वजह से पराजय तय थी। वायु सेना ने आठ और नौ दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की, थल सेना और वायुसेना के हमलों से पुर्तगाली तिलमिला गए। आखिर में 19 दिसंबर 1961 की रात साढ़े आठ बजे भारत में पुर्तगाल के गवर्नर जनरल मैन्यु आंतोनियो सिल्वा ने समर्पण सन्धि पर हस्ताक्षर किये। इसी के साथ गोवा पर 451 साल का पुर्तगाली राज समाप्त हुआ।।।।* 18 जून 2023- गोवा क्रांति दिवस - गोवा सरकार ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया के परिवार का सम्मान`- 18 जून 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने जुलियो मेनेजेस के साथ मिलकर गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। 77 साल बाद, 18 जून 2023 को गोवा सरकार ने डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के त्याग को याद करते हुए उनके परिवार को राजकीय समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया। लोहिया मैदान मडगांव में इस अवसर पर उपस्थित थे गोवा के तय सरकारी कार्यक्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के सुपुत्र *श्री रमेश चंद्र लोहिया जी* एवं उनके पौत्र नारायण लोहिया एवंउनका पूरा परिवार गोवा के आधिकारिक राजकीय कार्यक्रम में *स्रोत:* The Goan, 19 June 2023 *लिंक:* https://www.thegoan.net/goa-news/cm-underscores-need-to-bring-about-revolution-in-tech-research-startups/100366.html `#GoaKrantiDiwas #DrRamManoharLohia #LohiaParivar` --- ==चित्रावली== <gallery class="center" caption="गोवा की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष करने वाले कुछ सेनानी ; [[गोवा राज्य संग्रहालय]] में प्रदर्शित जानकारी के अनुसार" widths="200px" heights="200px" perrow="6"> File:Key Figures in Goa Independence Anthony D'Souza.jpg|एन्थोनी डी सूजा File:Key Figures in Goa Independence Mark Fernandes.jpg|मार्क फर्नान्डीज File:Key Figures in Goa Independence Alfred Afonso.jpg|अल्फ्रेड अफोन्सो File:Key Figures in Goa Independence Mitra Bir.jpg|मित्र बीर </gallery> == इन्हें भी देखें == * [[गोवा]] * [[गोवा की मुक्ति]] * [[गोवा मुक्ति दिवस]] * [[दादरा नगर हवेली मुक्ति संग्राम]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20090306203426/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,827139,00.html] Time Magazine Coverage of the conflict * [https://web.archive.org/web/20071012221443/http://bharat-rakshak.com/LAND-FORCES/Army/Images-1961.html] Photo gallery of the Liberation of Goa * [https://web.archive.org/web/20071130122710/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16333.jpg Image: Ram Manohar Lohia] * [https://web.archive.org/web/20071130070445/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16334.jpg Image: The Protests of 18 June 1946] * [https://web.archive.org/web/20070902030916/http://www.kamat.org/picture.asp?Name=16338.jpg Image: Foreign journalists rescue a protestor shot by Portuguese police officers] * [https://web.archive.org/web/20090619092549/http://meaindia.nic.in/foreignrelation/portugal.pdf Portugal-India relations]. Ministry of External Affairs, Government of India [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] dijfj0xexdzn6ecsj00juywrilucd9m उदाकिशनगंज प्रखण्ड (मधेपुरा) 0 104221 6582679 6079746 2026-07-15T02:01:38Z ~2026-39630-91 936310 /* */ 6582679 wikitext text/x-wiki {{noref}} '''[[उदाकिशुनगंज|21]] मई 1983''' को अनुमंडल का दर्जा प्राप्त करने वाला '''[[उदाकिशुनगंज]]''' अनुमंडल का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गाथा गौरवशाली रहा है। बताया जाता है कि 16वीं सदी में तत्कालीन छय परगना के अधीन यह इलाका घनघोर जंगल, [[कोसी नदी]] और उसकी छाड़न नदियों से आच्छादित था। 16वीं सदी में '''छोटानागपुर''' से एक परिवार आकर यहां बसे और विभिन्न जातियों के लोगों को इस क्षेत्र में लाकर बसाया। 1703 ई में उदय सिंह नामक सरदार ने इस क्षेत्र पर आक्रमण कर दिया और अपने कब्जे में ले लिया। उदय सिंह के उत्तराधिकारी ने शाह शुजा से अपने राजस्व का वैधानिक फरमान प्राप्त कर लिया। कालांतर में राजपूत सरदार के बंशज राजा देव सिंह के पुत्रों में जमींदारी का बंटवारा हुआ। बंटवारे में छोटे पुत्र सरदार हसौल सिंह को मौजा शाह आलमनगर प्राप्त हुआ। शाह आलमनगर के तत्कालीन शासक चंदैल वंशजों द्वारा निर्मित दुर्ग और जलाशय आज भी दर्शनीय है। चंदैल शासकों के उत्तराधिकारी आज भी यहां मौजूद है। सहरसा गजेटियर के मुताबिक छय तिरहुत परगना से अलग कर शाह आलमनगर को भागलपुर में मिला दिया गया। 19 मई 1798 को भागलपुर के कलक्टर के कार्यालय से प्राप्त पत्र के मुताबिक 5000 एकड़ जमीन यहां के राजा किशुन सिंह से तत्कालीन सरकार ने जागीरदारों के लिए खरीदी थी। कहा जाता है कि राजा उदय सिंह और राजा किशुन सिंह दोनों भाई के नाम पर ही इस अनुमंडल का नाम [[उदाकिशुनगंज]] पड़ा। '''[[उदाकिशुनगंज]]''' क्षेत्र ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि आजादी के दीवानों की भी धरती रही है। भोला पासवान शास्त्री [इंटर और डिग्री] कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा मधेपुरा जिले का एक लोकप्रिय कॉलेज है। यह B.S.E.B (63023), B.B.O.S.E [बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन PATNA] (CZ19200001), N.I.O.S दिल्ली (030049) और [030050] से संबद्ध है। प्रिंसिपल-अतुलेश वर्मा (बाबुल) जी)[बिहार में शिक्षक प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव] संपर्क नंबर-9934024657,8789680104।संयोजक-अखिलेश कुमार,रत्नेश कुमार,सुनील देवी,नागेश्वर लाल दास,मदन मोहन आदि। निदेशक-दीनानाथ प्रबोध[1980]।गांधी ज्ञान मंदिर बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा एवं आर्य समाज रजनी बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा से संबद्ध है। के.के.पी.के हाईस्कूल बभनगामा और लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत उच्च विद्यालय बभनगामा से संबद्ध है। मधेपुरा जिला के ऐतिहासिक सर्वेक्षण के मुताबिक मधेपुरा सहित '''[[उदाकिशुनगंज]]''' अनुमंडल के तीन दर्जन से अधिक ऐतिहासिक स्थलों को चिन्हित किया गया है। इसमें खुरहान, आसिनपुर अखरी, करामा, पचरासी, मधुकरचक, रजनी, बभनगामा, गमैल आदि ऐतिहासिक स्थल हैं जो [[उदाकिशुनगंज]] अनुमंडल के गौरवशाली अतीत को रेखाकित करता है। {{मधेपुरा जिला के प्रखण्ड}} [[श्रेणी:बिहार के प्रखण्ड]] [[श्रेणी:बिहार]] k2u577ugn9h7zobxqkned0otk3jqedf 6582720 6582679 2026-07-15T03:32:37Z चाहर धर्मेंद्र 703114 [[Special:Contributions/~2026-39630-91|~2026-39630-91]] ([[User talk:~2026-39630-91|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6582679|6582679]] को पूर्ववत किया 6582720 wikitext text/x-wiki {{noref}} '''[[उदाकिशुनगंज|21]] मई 1983''' को अनुमंडल का दर्जा प्राप्त करने वाला '''[[उदाकिशुनगंज]]''' अनुमंडल का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गाथा गौरवशाली रहा है। बताया जाता है कि 16वीं सदी में तत्कालीन छय परगना के अधीन यह इलाका घनघोर जंगल, [[कोसी नदी]] और उसकी छाड़न नदियों से आच्छादित था। 16वीं सदी में '''छोटानागपुर''' से एक परिवार आकर यहां बसे और विभिन्न जातियों के लोगों को इस क्षेत्र में लाकर बसाया। 1703 ई में उदय सिंह नामक सरदार ने इस क्षेत्र पर आक्रमण कर दिया और अपने कब्जे में ले लिया। उदय सिंह के उत्तराधिकारी ने शाह शुजा से अपने राजस्व का वैधानिक फरमान प्राप्त कर लिया। कालांतर में राजपूत सरदार के बंशज राजा देव सिंह के पुत्रों में जमींदारी का बंटवारा हुआ। बंटवारे में छोटे पुत्र सरदार हसौल सिंह को मौजा शाह आलमनगर प्राप्त हुआ। शाह आलमनगर के तत्कालीन शासक चंदैल वंशजों द्वारा निर्मित दुर्ग और जलाशय आज भी दर्शनीय है। चंदैल शासकों के उत्तराधिकारी आज भी यहां मौजूद है। सहरसा गजेटियर के मुताबिक छय तिरहुत परगना से अलग कर शाह आलमनगर को भागलपुर में मिला दिया गया। 19 मई 1798 को भागलपुर के कलक्टर के कार्यालय से प्राप्त पत्र के मुताबिक 5000 एकड़ जमीन यहां के राजा किशुन सिंह से तत्कालीन सरकार ने जागीरदारों के लिए खरीदी थी। कहा जाता है कि राजा उदय सिंह और राजा किशुन सिंह दोनों भाई के नाम पर ही इस अनुमंडल का नाम [[उदाकिशुनगंज]] पड़ा। '''[[उदाकिशुनगंज]]''' क्षेत्र ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि आजादी के दीवानों की भी धरती रही है। मधेपुरा जिला के ऐतिहासिक सर्वेक्षण के मुताबिक मधेपुरा सहित '''[[उदाकिशुनगंज]]''' अनुमंडल के तीन दर्जन से अधिक ऐतिहासिक स्थलों को चिन्हित किया गया है। इसमें खुरहान, आसिनपुर अखरी, करामा, पचरासी, मधुकरचक, रजनी, बभनगामा, गमैल आदि ऐतिहासिक स्थल हैं जो [[उदाकिशुनगंज]] अनुमंडल के गौरवशाली अतीत को रेखाकित करता है। {{मधेपुरा जिला के प्रखण्ड}} [[श्रेणी:बिहार के प्रखण्ड]] [[श्रेणी:बिहार]] 2zoji79chn6nc5nyzn88am7ymowecjw सिक्स सिग्मा 0 105993 6582868 6076991 2026-07-15T10:11:20Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582868 wikitext text/x-wiki {{Translation/Ref|en|Six Sigma|oldid=301850246}} {{Distinguish|Sigma 6}} [[चित्र:Six sigma-2.svg|thumb|206px|अक्सर प्रयोग किये जाने वाले सिक्स सिग्मा प्रतीक.]] {{Manufacturing}} '''सिक्स सिग्मा''' एक [[रणनीतिक प्रबंधन|व्यवसाय प्रबंधन रणनीति]] है, जिसे शुरू में [[मोटरोला|मोटोरोला]] द्वारा लागू किया गया था, पर आज उद्योग के कई क्षेत्रों में इसका व्यापक प्रयोग होता है। सिक्स सिग्मा [[विनिर्माण]] और [[व्यापार प्रक्रिया]] में अभावों (ग़लतियों) और भेदों और उनके कारणों की पहचान और निवारण द्वारा प्रक्रिया उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास करता है।<ref name="proscons"/> यह [[सांख्यिकी|सांख्यिकीय तरीक़ों]] सहित [[गुणवत्ता प्रबंधन]] पद्धतियों के समुच्चय का उपयोग करता है और संगठन के अंदर लोगों का एक विशेष आधार-तंत्र ("ब्लैक बेल्ट" आदि) तैयार करता है, जो इन पद्धतियों के विशेषज्ञ होते हैं।<ref name="proscons"/> किसी संगठन के अंदर चलाई जाने वाली हर सिक्स सिग्मा परियोजना एक परिभाषित अनुक्रम का पालन करती है और एक परिमाणित वित्तीय लक्ष्यों को (लागत में कमी या लाभ में वृद्धि) सामने रखती है।<ref name="proscons"/> == ऐतिहासिक सिंहावलोकन == सिक्स सिग्मा को मूलतः विनिर्माण [[औद्योगिक प्रक्रिया|प्रक्रियाओं]] में सुधार और त्रुटियों को दूर करने के लिए कार्य-प्रणालियों के सेट के रूप में विकसित किया गया था, पर बाद में अन्य प्रकार के व्यावसायिक प्रक्रियाओं पर भी उसे लागू किया गया.<ref name="ssdefnfin">{{cite web| title=Motorola University - What is Six Sigma?| url=http://www.motorola.com/content/0, 3088,00.html| dateformat=mdy| accessdate=January 29, 2006}}{{Dead link|date=जून 2023 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> सिक्स सिग्मा में, ग्राहक की असंतुष्टि का कारण बनने वाले किसी भी कारक को त्रुटि के रूप में परिभाषित किया गया है।<ref name="proscons">{{cite web| author=Jiju Antony| title=Pros and cons of Six Sigma: an academic perspective| url=http://www.onesixsigma.com/node/7630| dateformat=mdy| accessdate=May 1, 2008| archive-url=https://web.archive.org/web/20080723015058/http://www.onesixsigma.com/node/7630| archive-date=23 जुलाई 2008| url-status=live}}</ref> 1986 में सर्वप्रथम [[बिल स्मिथ (मोटोरोला इंजीनियर)|बिल स्मिथ]] द्वारा इस कार्य-प्रणाली के ब्यौरे [[मोटरोला|मोटोरोला]] में तैयार किए गए थे।<ref name="ssorigin">{{cite web| title=The Inventors of Six Sigma| url=http://www.motorola.com/content/0, 3079,00.html| dateformat=mdy| accessdate=January 29, 2006}}{{Dead link|date=जून 2023 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> सिक्स सिग्मा, [[वाल्टर ए शेव्हार्ट|श्यूहार्ट]], [[डब्ल्यू एडवर्ड्स डेमिंग|डेमिंग]], [[यूसुफ एम. जुरन|जूरान]], [[कोरु इशिकावा|इशिकावा]], [[गेनिची तागुची|तागुची]] और अन्य प्रवर्तकों के कार्य पर आधारित पिछले छह दशकों की गुणवत्ता सुधार प्रक्रिया, यथा [[गुणवत्ता नियंत्रण]], [[कुल गुणवत्ता प्रबंधन|TQM]] और [[शून्य दोष]] से अत्यधिक प्रभावित हुआ है। अपने पूर्ववर्तियों की भांति सिक्स सिग्मा निश्चयपूर्वक कहता है कि -- * कारोबार की सफलता के लिए सुव्यवस्थित और पूर्वानुमेय प्रक्रिया परिणाम (अर्थात् प्रक्रिया की [[सांख्यिकीय फैलाव|भिन्नता़]] में कमी) के लिए सतत प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण है। * विनिर्माण और व्यापार प्रक्रियाओं में ऐसे गुण हैं, जिन्हें मापना, विश्लेषित करना, सुधारना और नियंत्रित करना संभव है। * निरंतर गुणवत्ता सुधार हासिल करने के लिए पूरे संगठन की, ख़ास तौर से उच्च स्तर के प्रबंधन की प्रतिबद्धता आवश्यक है। पिछले गुणवत्ता सुधार प्रवर्तनों से सिक्स सिग्मा को अलग करने वाली विशेषताओं में शामिल हैं - * किसी भी सिक्स सिग्मा परियोजना से, मापने योग्य और परिमाण व्यक्त करने योग्य वित्तीय प्रतिफल हासिल करने पर सुस्पष्ट ध्यान केंद्रित करना.<ref name="proscons"/> * दृढ़ और जोशिले प्रबंधन नेतृत्व और समर्थन पर ज़्यादा ज़ोर देना.<ref name="proscons"/> * सिक्स सिग्मा दृष्टिकोण के नेतृत्व और कार्यान्वयन के लिए "चैंपियन्स," "मास्टर ब्लैक बेल्ट," "ब्लैक बेल्ट," आदि विशिष्ट आधार-तंत्र का होना.<ref name="proscons"/> * पूर्वानुमानों और अटकलों के बदले प्रमाण-योग्य आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेने के प्रति सुस्पष्ट प्रतिबद्धता.<ref name="proscons"/> शब्द "सिक्स सिग्मा", [[प्रक्रिया क्षमता]] अध्ययन के रूप में विदित सांख्यिकी के एक क्षेत्र से व्युत्पन्न है। मूलतः इसका आशय विनिर्देशों के अधीन विनिर्माण प्रक्रियाओं द्वारा अत्यधिक मात्रा में उत्पाद तैयार करने की क्षमता से था। माना गया कि "सिक्स सिग्मा गुणवत्ता" सहित अल्पावधि के लिए परिचालित प्रक्रियाओं से, 3.4 [[दोष प्रति दस लाख अवसर|अभाव प्रति दस लाख अवसर]](DPMO) से नीचे के दीर्घकालिक अभाव स्तर प्रतिफलित होते हैं।<ref name="ssdefn">{{cite web| title=Motorola University Six Sigma Dictionary| url=http://www.motorola.com/content/0, 3074-5804,00.html#ss| dateformat=mdy| accessdate=January 29, 2006}}{{Dead link|date=जून 2023 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref name="Tennant"/> सिक्स सिग्मा का अंतर्निहित लक्ष्य सभी प्रक्रियाओं की गुणवत्ता को उस स्तर तक सुधारने या उससे भी बेहतर बनाना है। सिक्स सिग्मा, Motorola, Inc. का पंजीकृत [[सेवा चिह्न]] और व्यापर-चिह्न है।<ref name="ssmoto">{{cite web| title=Motorola Inc. - Motorola University| url=http://www.motorola.com/motorolauniversity| dateformat=mdy| accessdate=January 29, 2006| archive-url=https://web.archive.org/web/20080907085935/http://motorola.com/motorolauniversity/| archive-date=7 सितंबर 2008| url-status=live}}</ref> [[2006|यथा 2006]], [[मोटरोला|मोटोरोला]] ने सिक्स सिग्मा से $17 अरब अमेरिकी डॉलर के बचत<ref name="motsaving">{{cite web| title=About Motorola University| url=http://www.motorola.com/content/0, 3071-5801,00.html| dateformat=mdy| accessdate=January 29, 2006}}{{Dead link|date=जून 2023 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> की सूचना दी है। सिक्स सिग्मा को शुरूआती दौर में ही अपनाकर अपनी उल्लेखनीय सफलता के लिए चर्चित होने वाली कंपनियों में शामिल हैं, [[हनीवेल]] (पहले बतौर [[एलयेड सिग्नल|अलाइड सिग्नल]] विदित) और [[जनरल इलेक्ट्रिक]], जहाँ [[जैक वेल्च|जैक वेल्श]] ने इस पद्धति का प्रवर्तन किया।<ref>{{cite web| title=Six Sigma: Where is it now?| url=http://scm.ncsu.edu/public/facts/facs030624.html| dateformat=mdy| accessdate=May 22, 2008| archive-url=https://web.archive.org/web/20090819033606/http://scm.ncsu.edu/public/facts/facs030624.html| archive-date=19 अगस्त 2009| url-status=dead}}</ref> 1990 दशक के अंत में [[फॉर्च्यून 500|फ़ार्चुन 500]] की दो तिहाई संस्थाओं ने अपनी लागत को कम करने तथा गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से सिक्स सिग्मा पहल की शुरूआत कर दी थी।<ref name="juran"/> हाल के वर्षों में, सिक्स सिग्मा को कभी-कभी [[अनुत्पादक निर्माण|अनुत्पादक विनिर्माण]] के साथ जोड़ा जाता रहा है, ताकि अनुत्पादक सिक्स सिग्मा नामक प्रक्रिया प्रतिफलित हो सके. === "सिक्स सिग्मा प्रक्रिया" शब्द की उत्पत्ति और तात्पर्य === [[चित्र:Normal Distribution PDF.svg|thumb|400px|right|सामान्य वितरण के ग्राफ़, जो छह सिग्मा मॉडल के सांख्यिकीय मान्यताओं के आधार हैं। ग्रीक अक्षर σ क्षैतिज अक्ष पर माध्य, μ और वक्र के अन्तःकुंचन बिंदु के बीच दूरी को अंकित करता है। जितनी अधिक दूरी होगी, उतना ही अधिक मान का विस्तार होगा.ऊपर दिखाए गए लाल रंग के वक्र, [25] और [26] के लिए. अन्य वक्र μ और σ के विभिन्न मान की व्याख्या करते हैं। ]] [[सिग्मा]] (ग्रीक वर्णमाला का अक्षर σ) का प्रयोग, [[सांख्यिकीय जनसंख्या]] के [[मानक विचलन]] (घट-बढ़ का मान) का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है। शब्द "सिक्स सिग्मा प्रक्रिया" इस धारणा से उत्पन्न हुआ है कि यदि किसी के पास निर्माण-[[माध्य|औसत]] और निकटतम विनिर्दिष्ट सीमा के बीच छह मानक विचलन हैं, तो व्यावहारिक रूप से ऐसा कोई मद नहीं होगा जो विनिर्देशों के अनुकूल ना हो.<ref name="Tennant"/> यह [[प्रक्रिया सक्षमता|प्रक्रिया सक्षमता अध्ययन]] में प्रयुक्त गणना पद्धति पर आधारित है। सक्षमता अध्ययन में, प्रक्रिया औसत और निकटतम विनिर्दिष्ट सीमा के बीच के इन मानक विचलनों की संख्या को सिग्मा इकाइयों में दिया जाता है। जैसे ही प्रक्रिया मानक विचलन ऊपर जाए, या प्रक्रिया औसत गुंजाइश के केंद्र से दूर जाए, सिग्मा संख्या को कम करते हुए और विनिर्देश के बाहर मदों की संभावनाओं को बढ़ाते हुए, बहुत कम मानक विचलन औसत और निकटतम विनिर्दिष्ट सीमा के बीच में बैठेंगे.<ref name="Tennant"/> ==== 1.5 सिग्मा शिफ़्ट की भूमिका ==== अनुभव यह कहता है कि आम तौर पर प्रक्रियाएं लंबे समय में उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती हैं, जितना कि वे कम समय में करती हैं।<ref name="Tennant"/> परिणामस्वरूप, प्रारंभिक अल्पावधि-अध्ययन की तुलना में, प्रक्रिया औसत और निकटतम विनिर्देशन सीमा के बीच ठीक बैठने वाली सिग्माओं की संख्या में समय के साथ गिरावट की संभावना है।<ref name="Tennant"/> समय के साथ-साथ प्रक्रिया घट-बढ़ में विशुद्ध वृद्धि को दर्शाने के लिए, प्रायोगिक आधार पर परिकलन में 1.5 सिग्मा शिफ़्ट का प्रवर्तन किया जाता है।<ref>{{cite book| last = Harry| first = Mikel J.| title = The Nature of six sigma quality| url = https://archive.org/details/natureofsixsigma0000mike| publisher = Motorola University Press| year = 1988| location = Rolling Meadows, Illinois| page = [https://archive.org/details/natureofsixsigma0000mike/page/25 25]| isbn = 9781569460092}}</ref><ref name="Tennant"/> इस विचार के अनुसार, प्रक्रिया, जो अल्पावधि अध्ययन के दौरान, प्रक्रिया औसत और निकटतम विनिर्दिष्ट सीमा के बीच छह सिग्मा को बैठाती है, वह दीर्घ-काल में केवल 4.5 सिग्मा ही बैठा पाएगी - क्योंकि या तो समय के साथ प्रक्रिया औसत में बदलाव आएगा, या अल्पावधि के दौरान पाए गए प्रक्रिया के मानक विचलन से दीर्घकालिक मानक विचलन अधिक होगा, या दोनों संभव है।<ref name="Tennant">{{cite book| last = Tennant| first = Geoff| title = SIX SIGMA: SPC and TQM in Manufacturing and Services| publisher = Gower Publishing, Ltd.| year = 2001| pages = 25| url = http://books.google.com/books?id=O6276jidG3IC&printsec=frontcover#PPA25,M1| isbn = 0566083744| access-date = 19 अगस्त 2009| archive-url = https://web.archive.org/web/20110725041739/http://books.google.com/books?id=O6276jidG3IC&printsec=frontcover#PPA25,M1| archive-date = 25 जुलाई 2011| url-status = live}}</ref> अतः सिक्स सिग्मा प्रक्रिया की व्यापक रूप से स्वीकृत परिभाषा वह है, जो 3.4 अभावग्रस्त भाग प्रति दस लाख अवसर (DPMO) प्रस्तुत करती है। यह इस तथ्य पर आधारित है कि [[सामान्य वितरण|सामान्य रूप से वितरित]] प्रक्रिया में एक सीमा के बाद 3.4 भाग प्रति दस लाख होंगे, जो कि औसत से ऊपर या नीचे 4.5 मानक विचलन (एक-पक्षीय सक्षमता अध्ययन) होगी.<ref name="Tennant"/> अतः "सिक्स सिग्मा" प्रक्रिया का 3.4 DPMO वास्तव में 4.5 सिग्मा के सदृश होता है, यानी दीर्घावधिक घट-बढ़ को दर्शाने के लिए 6 सिग्मा से 1.5 सिग्मा घटा कर.<ref name="Tennant"/> इसकी अभिकल्पना विशुद्ध परिचालन में संभाव्य अभाव स्तरों को कम आंकने से रोकना है।<ref name="Tennant"/> ==== सिग्मा स्तर ==== {{also|Three sigma rule}} अल्पावधि सिग्मा स्तर निम्नलिखित दीर्घकालिक DPMO मूल्यों (एकतरफ़ा) के अनुरूप हैं: * 1 सिग्मा = 690,000 DPMO = 31% कार्य-दक्षता * 2 सिग्मा = 308,000 DPMO = 25.2% कार्य-दक्षता * 3 सिग्मा = 66,800 DPMO = 93.32% कार्य-दक्षता * 4 सिग्मा = 6,210 DPMO = 99.379% कार्य-दक्षता * 5 सिग्मा = 230 DPMO = 99.977% कार्य-दक्षता * 6 सिग्मा = 3.4 DPMO = 99.9997% कार्य-दक्षता ये आंकड़े कल्पना करते हैं कि अल्पावधि सिग्मा स्तर को निर्धारित करते हुए प्रारंभिक अध्ययन के कुछ समय बाद प्रक्रिया औसत 1.5 सिग्मा द्वारा गंभीर विनिर्देश सीमा वाले हिस्से की ओर शिफ़्ट होगा. उदाहरणार्थ 1 सिग्मा के लिए दिए गए आंकड़े यह मान कर चलते हैं कि अल्पकालिक प्रक्रिया औसत, विनिर्देश सीमा के 0.5 सिग्मा बाहर होगा, ना कि 1 सिग्मा ''अंदर'', क्योंकि यह अल्पावधि अध्ययन था। == विधियां == सिक्स सिग्मा की दो प्रधान विधियां हैं: DMAIC और DMADV, दोनों [[डब्ल्यू. एडवर्ड्स डेमिंग|डेमिंग]] के [[PDCA|योजना बनाओ-कार्रवाई करो-जाँचो-पूरा करो चक्र]] से प्रेरित है।<ref name="juran"> ^ जोसेफ़ ए. डी फ़ियो और विलियम बर्नार्ड. ''JURAN संस्थान'' के ''सिक्स सिग्मा ब्रेकथ्रू एंड बियांड - क्वालिटी परफ़ार्मेन्स ब्रेकथ्रू मेथड्स,'' टाटा McGraw-Hill प्रकाशन कंपनी लिमिटेड, 2005. ISBN 0-07-059881-9</ref> DMAIC एक मौजूदा व्यापार की प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए प्रयोग किया जाता है; DMADV नए उत्पाद या प्रक्रिया को परिकल्पित करने के लिए इस्तेमाल होता है।<ref name="juran"/> === DMAIC === बुनियादी विधि निम्नलिखित पांच चरणों से बनी है: * उच्च स्तरीय परियोजना लक्ष्यों और वर्तमान प्रक्रिया को '''''D'' ''' ''efine'' (परिभाषित) करें. * मौजूदा प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलुओं को '''''M'' ''' ''easure'' करें (मापें) और प्रासंगिक आंकड़े संग्रहित करें. * कारण-और-प्रभाव संबंधों को सत्यापित करने के लिए आंकड़ों को '''''A'' ''' ''nalyze'' (विश्लेषित) करें. निर्धारित करें कि संबंध क्या है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करें कि सभी कारकों पर विचार किया गया है। * [[प्रयोगों की रूप-रेखा|प्रयोगों की डिज़ाइन]] जैसे तकनीकों का प्रयोग करते हुए डाटा विश्लेषण पर आधारित प्रक्रिया को '''''I'' ''' ''mprove'' करें (सुधारें) या अनुकूल बनाएं. * अभावों में परिणत होने से पहले लक्ष्य से कोई विचलन हो, तो उनका सुधार सुनिश्चित करने के लिए '''''C'' ''' ''ontrol'' (नियंत्रण) करें.[[प्रक्रिया क्षमता|प्रक्रिया सक्षमता]] को प्रमाणित करने के लिए प्रायोगिक परीक्षण करें, उत्पादन की ओर बढ़ें, नियंत्रण तंत्र को व्यवस्थित करें और लगातार प्रक्रिया की निगरानी करें. === DMADV === बुनियादी विधि निम्नलिखित पांच चरणों से बनी है : * ग्राहकों की मांग तथा उद्यम-रणनीति के अनुरूप लक्ष्यों की डिज़ाइन को '''''D'' ''' ''efine'' (परिभाषित) करें. * '''C''' '''T''' '''Q''' (गुणवत्ता के लिए जोख़िम से भरी विशेषताएं), उत्पाद सक्षमता, उत्पादन प्रक्रिया क्षमता और जोख़िम को '''''M'' ''' ''easure'' करें (मापें) और पहचानें. * विकल्प के विकास और डिज़ाइन के लिए '''''A'' ''' ''nalyze'' (विश्लेषण) करें, उच्च-स्तरीय डिज़ाइन तैयार करें और उत्तम डिज़ाइन को चुनने के लिए परिकल्पना-क्षमता का मूल्यांकन करें. * ब्यौरों को '''''D'' ''' ''esign'' (परिकल्पित) करें, डिज़ाइन को उपयुक्त बनाएं और डिज़ाइन के सत्यापन के लिए योजना बनाएं. इस चरण में अनुकरण की आवश्यकता हो सकती है। * नमूने को '''''V'' ''' ''erify'' (सत्यापन) करें, प्रायोगिक परीक्षण की व्यवस्था करें, उत्पादन प्रक्रिया को लागू करें और उसे प्रक्रिया के मालिकों के सुपुर्द करें. DMADV को "'''D''' esign '''F''' or '''S''' ix '''S''' igma" के संकेताक्षर [[DFSS]] के रूप में भी जाना जाता है।<ref name="juran"/> == कार्यान्वयन भूमिकाएं == सिक्स सिग्मा के प्रमुख नवप्रवर्तनों में से एक है गुणवत्ता प्रबंधन कार्यों का व्यवसायीकरण. सिक्स सिग्मा से पहले, गुणवत्ता प्रबंधन का चलन अधिकांशतः उत्पादन विभाग और एक अलग गुणवत्ता विभाग में [[सांख्यिकीविद|सांख्यिकीविदों]] को हस्तांतरित कर दिया गया था। सिक्स सिग्मा ने [[मार्शल आर्ट]] के ओहदों की शब्दावली का अनुकरण एक पदानुक्रम (और जीविका-पथ) को परिभाषित करने के लिए किया, जो सभी व्यापारिक कार्यों और पदोन्नति पथ को चीरते हुए सीधे कार्यपालकों के समूह में पहुंचती है। सिक्स सिग्मा अपने सफल कार्यान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं की पहचान करता है।<ref name="mikel"> ^ मैकेल हैरी एंड रिचर्ड श्रोएडर. ''सिक्स सिग्मा,'' रैंडम हाउस, इंक, 2000. ISBN 0-385-49437-8</ref> * ''कार्यपालक नेतृत्व'' में शामिल हैं CEO और अन्य शीर्ष प्रबंधन-वर्ग के सदस्य. वे सिक्स सिग्मा के कार्यान्वयन के लिए एक दृष्टिकोण की स्थापना के लिए ज़िम्मेदार हैं। वे अन्य भूमिका-धारकों को प्रगतिशील सुधारों के लिए नए विचारों की तलाश करने हेतु स्वतंत्रता और संसाधनों से सशक्त बनाते हैं। * ''चैंपियन'', एकीकृत रूप में पूरे संगठन में सिक्स सिग्मा को लागू करने के लिए ज़िम्मेदार हैं। कार्यपालक नेतृत्व उन्हें उच्च-प्रबंधन वर्ग से चुनता है। चैंपियन भी ब्लैक बेल्ट के लिए सलाहकार के रूप में कार्य करते हैं। * चैंपियन के द्वारा चुने गए ''मास्टर ब्लैक बेल्ट'', सिक्स सिग्मा के लिए आतंरिक प्रशिक्षक के रूप में कार्य करते हैं। वे सिक्स सिग्मा के लिए अपना 100% समय समर्पित करते हैं। वे चैंपियन की सहायता करते हैं और ब्लैक बेल्ट और ग्रीन बेल्ट का मार्गदर्शन करते हैं। सांख्यिकीय कार्यों के अतिरिक्त, उनका समय विभिन्न कार्यों और विभागों में सिक्स सिग्मा के समनुरूप प्रयोज्यता को सुनिश्चित करने में व्यतीत होता है। * ''ब्लैक बेल्ट'', मास्टर ब्लैक बेल्ट के अधीन सिक्स सिग्मा की कार्य -प्रणाली को विशेष परियोजनाओं पर लागू करने के लिए कार्य करते हैं। वे सिक्स सिग्मा के लिए अपना 100% समय समर्पित करते हैं। वे मुख्यतः सिक्स सिग्मा परियोजना के निष्पादन पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि चैंपियन और मास्टर ब्लैक बेल्ट, सिक्स सिग्मा की परियोजनाओं/कार्य को पहचानने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। * ''ग्रीन बेल्ट'' वे कर्मचारी हैं, जो अपने अन्य कार्यों के साथ-साथ सिक्स सिग्मा कार्यान्वयन की ज़िम्मेदारियों को भी लेते हैं। वे ब्लैक बेल्ट के मार्गदर्शन के तहत कार्य करते हैं। == गुणवत्ता प्रबंधन उपकरण और सिक्स सिग्मा में प्रयुक्त कार्य-प्रणाली == सिक्स सिग्मा बड़ी संख्या में स्थापित गुणवत्ता प्रबंधन के तरीक़ों का उपयोग करता है, जो सिक्स सिग्मा के बाहर भी प्रयुक्त होते हैं। निम्नलिखित सारणी प्रमुख प्रयुक्त विधियों को दर्शाती है। {{col-begin}} {{col-2}} * [[5 व्हाईस]] * [[भिन्नता का विश्लेषण|अनैलिसिस ऑफ़ वेरियन्स]] * [[ANOVA गोज R&amp;R|ANOVA गेज R&amp;R]] * [[एक्सियोमैटिक डिजाइन|एक्सियोमैटिक डिज़ाइन]] * [[व्यापार प्रक्रिया चित्रण|बिज़नेस प्रोसेस मैपिंग]] * केटापुल्ट एक्सरसाईस ऑन वेरियबिलिटी * कॉज़ एंड इफ़ेक्ट डायग्राम (फिशबोन या [[इशिकावा चित्र]]के नाम से भी जाना जाता है) * [[ची-वर्गीय परीक्षण|ची-स्क्वायर टेस्ट]]ऑफ़ इंडीपेनडेंस एंड फिट्स * [[नियंत्रण चार्ट|कंट्रोल चार्ट]] * [[सह-संबंध|कोरिलेशन]] * [[मूल्य लाभ सर्वेक्षण|कॉस्ट-बेनिफ़िट एनैलिसिस]] * [[CTQ श्रेणी|CTQ ट्री]] * [[परिमाणात्मक विपणन अनुसन्धान|क्वान्टिटेटिव मार्केटिंग रिसर्च]] थ्रू यूस ऑफ़ [[उद्यम प्रतिपुष्टि व्यवस्था|एंटरप्राइस फ़ीडबैक मैनेजमेंट]] (EFM) सिस्टम्स * [[प्रयोगों का डिज़ाइन|डिज़ाइन ऑफ़ एक्स्पेरिमेंट्स]] * [[असफलता विधा और प्रभाव का सर्वेक्षण|फेल्युअर मोड एंड इफेक्ट एनैलिसिस]] * [[सामान्य रैखिक प्रतिरूप|जनरल लीनिअर मॉडल]] {{col-2}} * [[हिस्टोग्राम]] * [[होमोस्केडास्टिसिटी|होमोसेडैस्टीसिटी]] * [[गुणवत्ता प्रकार्य विस्तार|क्वालिटी फ़ंक्शन डिप्लॉयमेंट]](QFD) * [[परेटो चार्ट|परेतो चार्ट]] * [[पिक चार्ट]] * [[प्रक्रिया क्षमता|प्रोसेस कैपेबिलिटी]] * [[प्रतिगमन विश्लेषण|रिग्रेशन एनैलिसिस]] * [[मूल कारण विश्लेषण|रूट कॉज़ एनैलिसिस]] * [[रन चार्ट]] * [[SIPOC]] एनैलिसिस ('''S''' uppliers,'''I''' nputs,'''P''' rocess,'''O''' utputs,'''C''' ustomers) * स्ट्रेटीफ़िकेशन * [[तागुची पद्धति|तागुची मेथड्स]] * [[तागुची हानि प्रक्रिया|तागुची लॉस फ़ंक्शन]] * [[सोच प्रक्रिया मानचित्र|थॉट प्रोसेस मैप]] * [[TRIZ]] {{col-end}} == सिक्स सिग्मा के लिए प्रयुक्त सॉफ्टवेयर == {{main|List of Six Sigma softwae packages}} == सिक्स सिग्मा कंपनियों की सूची == {{main|List of Six Sigma companies}} == स्वीकार्यता == सिक्स सिग्मा ने उद्योग पर भारी प्रभाव डाला है और सेवा तथा परिचालन उत्कृष्टता प्राप्त करने और संपोषित करने के लिए, एक व्यापार रणनीति के रूप में व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है।<ref name="proscons"/> हालांकि, सिक्स सिग्मा की कई आलोचनाएं भी हैं। === मौलिकता का अभाव === प्रसिद्ध गुणवत्ता विशेषज्ञ [[जोसफ़ एम.जुरन|जोसेफ़ एम.जुरन]] ने सिक्स सिग्मा को "गुणवत्ता सुधार का बुनियादी संस्करण," कहा है, यह बतलाते हुए कि "यहाँ कुछ भी नया नहीं है। इसमे वह शामिल है जिसे हम सहायक कहा करते थे। उन्होंने अधिक अलंकृत शब्दों को अपनाया है, जैसे विभिन्न रंगों की बेल्ट. मुझे लगता है कि अवधारणा में कुछ लीक से हट कर करने की ख़ूबी शामिल है, जिससे ऐसे विशेषज्ञ तैयार हों, जो बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। फिर भी, यह कोई नया विचार नहीं है। [[अमेरिकन सोसायटी फॉर क्वालिटी|अमेरिकन सोसाइटी फॉर क्वालिटी]] ने काफ़ी समय पहले ही प्रमाण-पत्रों का सृजन किया, जैसे कि विश्वसनीय इंजीनियरों के लिए."<ref>{{cite journal |last=Paton |first=Scott M. |year=2002 |month=August |title=Juran: A Lifetime of Quality |journal= |volume=22 |issue=8 |pages=19-23 |url=http://www.qualitydigest.com/aug02/articles/01_article.shtml |accessdate=2009-04-01 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181216032059/https://www.qualitydigest.com/aug02/articles/01_article.shtml |archive-date=16 दिसंबर 2018 |url-status=live }}</ref> === सलाहकारों की भूमिका === भ्रमणशील परिवर्तक एजेंट के रूप में "ब्लैक बेल्ट" का उपयोग विवादास्पद है, क्योंकि इसने प्रशिक्षण और प्रमाणन का एक [[प्रणाली # कुटीर उद्योग को समाप्त करना|कुटीर उद्योग]] खड़ा किया है। आलोचक बहस करते हैं कि अधिकांश सलाहकार फ़र्मों द्वारा सिक्स सिग्मा का अधिविक्रय हो रहा है, जिनमें अधिकांश सिक्स सिग्मा में विशेषज्ञता का दावा करते हैं, जबकि उन्हें केवल प्रयुक्त उपकरण और तकनीक की प्रारंभिक समझ होती है।<ref name="proscons"/> "ग्रीन बेल्ट", "मास्टर ब्लैक बेल्ट" और "गोल्ड बेल्ट" जैसे विभिन्न "बेल्ट" के विस्तार को आम तौर पर मार्शल आर्ट में मौजूद विभिन्न "[[मेक दोजो|बेल्ट कारखानों]]" के समानांतर देखा जाता है।{{Fact|date=May 2008}} === संभावित नकारात्मक प्रभाव === ''[[फोर्च्यून (पत्रिका)|फॉर्च्यून]]'' के एक लेख ने विवरण दिया कि "सिक्स सिग्मा कार्यक्रम की घोषणा करने वाली 58 बड़ी कंपनियों में से 91 प्रतिशत ने [[S&amp;P 500|S&amp;P500]] को पीछे छोड़ दिया है।" वक्तव्य का श्रेय दिया गया है "क्वाल्प्रो परामर्शी फर्म के चार्ल्स हॉलैंड के विश्लेषण को (जो एक प्रतिस्पर्धी गुणवत्ता सुधार प्रक्रिया को ग्रहण करता है)."<ref>{{cite web |url=http://money.cnn.com/2006/07/10/magazines/fortune/rule4.fortune/index.htm |title=Tearing up the Jack Welch playbook |last=Morris |first=Betsy |publisher=Fortune |date=2006-07-11 |accessdate=2006-11-26 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090201141608/http://money.cnn.com/2006/07/10/magazines/fortune/rule4.fortune/index.htm |archive-date=1 फ़रवरी 2009 |url-status=live }}</ref> लेख का सार है कि सिक्स सिग्मा जो करने का इरादा रखता है, उसमें वह प्रभावी है, पर यह "मौजूदा प्रक्रिया को ठीक करने के लिए बारीक़ी से डिज़ाइन किया गया है" और यह "नए उत्पादों या विघटनकारी प्रौद्योगिकियों को तैयार करने में" मदद नहीं करता. इनमें से कई दावों के ग़लत या त्रुटिपूर्ण सूचना पर आधारित होने की दलीलें दी जाती हैं।<ref>{{cite web|url=http://online.wsj.com/article/SB116787666577566679.html|title=The 'Six Sigma' Factor for Home Depot|author=Richardson, Karen|publisher=Wall Street Journal Online|date=2007-01-07|dateformat=mdy|accessdate=October 15, 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20090221141959/http://online.wsj.com/article/SB116787666577566679.html|archive-date=21 फ़रवरी 2009|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.sbtionline.com/files/Wall_Street_Journal_SBTI_Rebuttal.pdf|format=PDF|title=Wall Street Journal SBTI Rebuttal|author=Joe Ficalora & Joe Costello|publisher=Sigma Breakthrough Technologies, Inc.|dateformat=mdy|accessdate=October 15, 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20071025205122/http://www.sbtionline.com/files/Wall_Street_Journal_SBTI_Rebuttal.pdf|archive-date=25 अक्तूबर 2007|url-status=dead}}</ref> बिज़नेस वीक के एक लेख में कहा गया है कि [[जेम्स म्क्नेर्नी|जेम्स मेकनेर्नी]] द्वारा सिक्स सिग्मा के [[3M]] पर परिचय ने संभवतः रचनात्मकता का गला घोंटा है। यह [[पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय का व्हार्टन स्कूल|व्हार्टन स्कूल]] के दो प्रोफ़ेसरों का दृष्टांत देता है, जो यह बताते हैं कि सिक्स सिग्मा, ब्लू-स्काई कार्य की क़ीमत पर वृद्धिशील नवरचना करता है।[62] आगे चल कर इस घटना की गवेषणा ''गोइंग लीन'' क़िताब में की गई है, जो यह दिखाने के लिए डाटा पेश करती है कि [[फ़ोर्ड]] के "6 सिग्मा" कार्यक्रम ने उसकी क़िस्मत बदलने के लिए कुछ नहीं किया।<ref>रफ़्फ़ा, स्टीफ़न ए. ([http://books.google.com/books?id=_Q7OGDd61hkC 2008),''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170302041151/https://books.google.com/books?id=_Q7OGDd61hkC |date=2 मार्च 2017 }}[http://books.google.com/books?id=_Q7OGDd61hkC गोइंग लीन: हाउ दी बेस्ट कंपनीस अप्लै लीन मैन्यूफ़ैक्चरिंग प्रिंसिपल्स टू शैटर अनसर्टनिटी, ड्राइव इन्नोवेशन, एंड मैक्सीमाइस प्राफ़िट्स] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170302041151/https://books.google.com/books?id=_Q7OGDd61hkC |date=2 मार्च 2017 }}'' अमकोम ([[अमेरिकी प्रबंधन संघ]] का एक प्रभाग), आईएसबीएन 0-8144-1057-X</ref> === मनमाने मानकों पर आधारित === हालांकि 3.4 अभाव प्रति दस लाख अवसर कुछ उत्पादों/प्रक्रियाओं के लिए अच्छा काम कर सकते हैं, पर दूसरों के लिए यह आदर्श या फ़ायदेमंद नहीं भी हो सकते हैं। उदाहरण के लिए एक [[कृत्रिम पेसमकर|पेसमेकर]] प्रक्रिया के लिए उच्च मानकों की आवश्यकता हो सकती है, जबकि एक [[प्रत्यक्ष डाक|डायरेक्ट मेल]] विज्ञापन अभियान को उतनी नहीं.मानक विचलन के रूप में 6 को चुनने के आधार और औचित्य के लिए स्पष्ट रूप से व्याख्या नहीं की गई है। इसके अलावा, सिक्स सिग्मा मॉडल मानता है कि प्रक्रिया डाटा हमेशा [[सामान्य वितरण]] के अनुरूप होगा. जहां सामान्य वितरण मॉडल लागू नहीं होता है, उन परिस्थितियों के लिए अभाव दर की गणना को प्रचलित सिक्स सिग्मा साहित्य में ठीक से अभिव्यक्त नहीं किया गया है।<ref name="proscons"/> === 1.5 सिग्मा शिफ़्ट की आलोचना === अपनी मनमानी प्रकृति के कारण, 1.5 सिग्मा शिफ़्ट को "बेहूदा" के रूप में सांख्यिकीविद [[डोनाल्ड जे व्हीलर]] द्वारा खारिज कर दिया गया है।<ref>{{cite book |title=The Six Sigma Practitioner's Guide to Data Analysis |url=https://archive.org/details/sixsigmapractiti0000whee |last=Wheeler |first=Donald J. |authorlink=Donald J. Wheeler |year=2004 |publisher=SPC Press |location= |isbn=9780945320623 |page=[https://archive.org/details/sixsigmapractiti0000whee/page/307 307] }}</ref> इसकी सार्वभौम प्रयोज्यता संदिग्ध रूप में देखी जाती है।<ref name="proscons"></ref> 1.5 सिग्मा शिफ़्ट इसलिए भी विवादास्पद है कि यह एक निश्चित "सिग्मा स्तर" में परिणत होता है, जो दीर्घावधिक के बदले अल्पावधि के नतीजे को प्रतिबिंबित करता है: एक प्रक्रिया जिसमें 4.5 सिग्मा निष्पादन के कारण दीर्घकालिक अभाव स्तर हैं, सिक्स सिग्मा की प्रथा के अनुसार, वह "6 सिग्मा प्रक्रिया" के रूप में परिभाषित किया जाता है।<ref name="Tennant"/><ref name="Pande229"> * {{cite book | last =Pande | first =Peter S. | coauthors = Neuman, Robert P.; Cavanagh, Roland R. | title =The Six Sigma Way: How GE, Motorola, and Other Top Companies are Honing Their Performance | publisher =McGraw-Hill Professional | year =2001 | location =New York | page =229 | url =http://books.google.co.uk/books?id=ybOuvzvcqTAC&pg=PA229&lpg=PA229&dq=%22key+bones+of+contention+amongst+the+statistical+experts+about+how+Six+Sigma+measures+are+defined%22&source=web&ots=jRU19KJVwd&sig=M7jGXg3KoWD7CjUs-ZTNyAjSZls&hl=en&sa=X&oi=book_result&resnum=1&ct=result | isbn =0071358064}}</ref> अतः स्वीकृत सिक्स सिग्मा परिकलन प्रणाली मानक विचलन की घोषित संख्या के लिए वास्तविक सामान्य वितरण संभावनाओं के बराबर नहीं मानी जा सकती और विवाद का यह एक मुख्य मुद्दा रहा है कि सिक्स सिग्मा उपायों को कैसे परिभाषित किया जाता है।<ref name="Pande229"/> यह तथ्य कि कदाचित ही विश्लेषित किया जाता है कि वास्तविक 6 सिग्मा निष्पादन के बजाय 4.5 सिग्मा के निष्पादन के कारण "6 सिग्मा" प्रणाली में दीर्घावधिक अभाव दर रहेगा, इसने कई टीकाकारों को यह कहने पर मजबूर किया कि सिक्स सिग्मा एक [[गोपनीय चाल]] है।<ref name="Tennant"/> == इन्हें भी देखें == * [[68-95-99.7 नियम]] * [[व्यवसाय प्रक्रिया|व्यापार प्रक्रिया]] * [[व्यवसाय प्रक्रिया सुधार|व्यापार प्रक्रिया सुधार]] * [[व्यवसाय प्रक्रिया प्रबंधन]] * [[सुधारात्मक और निवारक कार्रवाई|सुधारात्मक और निवारक कार्यवाही]] * [[विशेष घटना अनुकरण|खंडित घटना अनुकरण]] * [[सिक्स सिग्मा की डिज़ाइन|सिक्स सिग्मा के लिए डिज़ाइन]] * [[अधिक उपलब्धता|उच्च उपलब्धता]] * [[Kaizen]] * [[अनुत्पादक विनिर्माण]] * [[कमज़ोर गति-सिद्धांत|अनुत्पादक गति-सिद्धांत]] * [[MIL-STD-105]] * [[समग्र उपकरण प्रभावशीलता]] * [[प्रक्रिया में सुधार]] * [[विनिर्माण में उत्कृष्टता के लिए शिंगो पुरस्कार]] * [[सांख्यिकीय प्रक्रिया नियंत्रण]] * [[सिस्टम की सोच|सिस्टम सोच]] * [[शून्य दोष]] == सन्दर्भ == {{reflist|colwidth=40em}} == आगे पठनार्थ == * {{cite book | last =Adams | first =Cary W. | coauthors =Gupta, Praveen; Wilson, Charles E. | title =Six Sigma Deployment | publisher =Butterworth-Heinemann | year =2003 | location =Burlington, MA | url =http://books.google.com/books?id=0lY_bhMBzLwC&printsec=frontcover&dq=Adams+Gupta&sig=1KnCHjJxuJyILxW3X3oih3hqg1I | isbn =0750675233}} * {{cite book | last =Breyfogle | first =Forrest W. III | title =Implementing Six Sigma: Smarter Solutions Using Statistical Methods | publisher =John Wiley & Sons | year =1999 | location =New York, NY | url =http://books.google.com/books?id=leQvoUXM9L0C&printsec=frontcover&dq=Breyfogle+Implementing&sig=1pi8SXcu_AhGdGibrTgIIGy67OM | isbn =0471265721}} * {{cite book | last =De Feo | first =Joseph A. | coauthors =Barnard, William | title =JURAN Institute's Six Sigma Breakthrough and Beyond - Quality Performance Breakthrough Methods | publisher =McGraw-Hill Professional | year =2005 | location =New York, NY | url =http://books.google.com/books?id=0VHaTb6LJ4QC&printsec=frontcover&dq=%22six+sigma%22&source=gbs_summary_r&cad=0 | isbn =0071422277}} * {{cite book | last =Harry | first =Mikel J. | coauthors =Schroeder, Richard | title =Six Sigma: The Breakthrough Management Strategy Revolutionizing the World’s Top Corporations | publisher =Doubleday | year =1999 | location =New York, NY | url =http://books.google.com/books?id=FOHKAQAACAAJ&dq=Harry+Schroeder+Sigma | isbn =0385494378}} * {{cite book | last =Keller | first =Paul A. | title =Six Sigma Deployment: A Guide for Implementing Six Sigma in Your Organization | publisher =Quality Publishing | year =2001 | location =Tucson, AZ | url =http://books.google.com/books?id=izjUAAAACAAJ&dq=Keller+Six+Sigma | isbn =0930011848 | access-date =19 अगस्त 2009 | archive-url =https://web.archive.org/web/20170304161600/https://books.google.com/books?id=izjUAAAACAAJ&dq=Keller+Six+Sigma | archive-date =4 मार्च 2017 | url-status =live }} * {{cite book | last =Pande | first =Peter S. | coauthors = Neuman, Robert P.; Cavanagh, Roland R. | title =The Six Sigma Way: How GE, Motorola, and Other Top Companies are Honing Their Performance | publisher =McGraw-Hill Professional | year =2001 | location =New York, NY | url =http://books.google.com/books?id=ybOuvzvcqTAC&pg=PP1&dq=Pande+Six+Sigma+Way&sig=v4iM9qs3FrI-DT5fwtLzk5rmSi4 | isbn =0071358064}} * {{cite book | last =Pyzdek | title =The Six Sigma Handbook: A Complete Guide for Green Belts, Black Belts and Managers at All Levels | publisher =McGraw-Hill Professional | year =2003 | location =New York, NY | url =http://books.google.com/books?id=ly7iBGNVGe8C&printsec=frontcover&dq=Pyzdek+Six+Sigma&sig=6MxUjKInvKvJUeUZEkfD8RnQLcI | isbn =0071410155}} * {{cite book | last =Snee | first =Ronald D. | coauthors =Hoerl, Roger W. | title =Leading Six Sigma: A Step-by-Step Guide Based on Experience with GE and Other Six Sigma Companies | publisher =FT Press | year =2002 | location =Upper Saddle River, NJ | url =http://books.google.com/books?id=_BRYIS31iwUC&printsec=frontcover&dq=Snee+Hoerl&sig=LFCYGBWi0dxoUdsh8uP5sE6pG7g | isbn =0130084573}} * {{cite book | last =Taylor | first =Gerald | title =Lean Six Sigma Service Excellence: A Guide to Green Belt Certification and Bottom Line Improvement | publisher =J. Ross Publishing | year =2008 | location =New York, NY | url =http://books.google.co.uk/books?id=1VdYNwAACAAJ&dq | isbn =978-1604270068 | access-date =19 अगस्त 2009 | archive-url =https://web.archive.org/web/20110725031752/http://books.google.co.uk/books?id=1VdYNwAACAAJ&dq | archive-date =25 जुलाई 2011 | url-status =live }} * {{cite book| last = Tennant| first = Geoff| title = SIX SIGMA: SPC and TQM in Manufacturing and Services| publisher = Gower Publishing, Ltd| year = 2001| location = Aldershot, UK| url = http://books.google.com/books?id=O6276jidG3IC&printsec=frontcover#PPP1,M1| isbn = 0566083744| access-date = 19 अगस्त 2009| archive-url = https://web.archive.org/web/20110725041739/http://books.google.com/books?id=O6276jidG3IC&printsec=frontcover#PPP1,M1| archive-date = 25 जुलाई 2011| url-status = live}} == बाहरी कड़ियाँ == [[श्रेणी:व्यावसायिक शब्द]] [[श्रेणी:मूल्यांकन विधि]] [[श्रेणी:जनरल इलेक्ट्रिक]] [[श्रेणी:मोटरोला]] [[श्रेणी:प्रक्रिया प्रबंधन]] [[श्रेणी:उत्पादन और विनिर्माण]] [[श्रेणी:गुणवत्ता]] 6szfwwsmq4clxz1f4ir4mpxplw8h9jq दम आलू 0 106067 6582844 6492450 2026-07-15T09:22:26Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582844 wikitext text/x-wiki {{Infobox prepared food|veg=veg|image=Kashmiri Dum aloo.jpeg|country=[[कश्मीर]]|main_ingredient=[[आलू]], [[मसाले]], [[अदरक]], [[लहसुन]], [[प्याज़]], [[जड़ी-बूटियाँ]]}} '''दम आलू''' ({{Langx|ks|{{unq|دَم ٲلو}}}}) [[कश्मीर]] से एक आलू का पकवान है। यह [[कश्मीरी पंडित]] का पारंपरिक खाना है।<ref>{{Cite web |url=http://food.ndtv.com/opinions/beyond-wazwan-a-peek-into-the-cuisine-of-kashmiri-pandits-1275847 |title=Beyond Wazwan: A Peek into the Cuisine of Kashmiri Pandits |access-date=16 अगस्त 2025 |archive-date=21 दिसंबर 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20161221233759/http://food.ndtv.com/opinions/beyond-wazwan-a-peek-into-the-cuisine-of-kashmiri-pandits-1275847 |url-status=dead }}</ref><ref>[http://www.rollingpin.me/single-post/2015/10/02/The-Dum-Aloo-trail-from-Kashmir-to-Kolkata The Dum Aloo trail from Kashmir to Kolkata]</ref> इसे [[भारत]] और [[पाकिस्तान]] के अन्य भागों में भी बनाया जाता है।<ref>{{cite book|title=Indian Slow Cooker:Getting to Know the Basics of Slow Cooked Indian Kitchen Delicacies|author=Martha Stone|year=2015|url=https://books.google.com/books?id=KywYBgAAQBAJ&pg=PP16}}</ref> दम आलू के [[बंगाली खाना|बंगाली]] और [[वाराणसी|बनारसी]] रूप भी हैं।<ref name=":0">{{Cite book|last=Punjabi|first=Camellia|title=The Great Curries of India|url=https://archive.org/details/greatcurriesofin00panj|publisher=Simon & Schuster|year=1995|pages=[https://archive.org/details/greatcurriesofin00panj/page/148 148]}}</ref> ==संदर्भ== {{reflist}} {{भारतीय खाना}} [[श्रेणी:कश्मीरी खाना]] l1f6h4ilhcrltz14cavrpjspzyeatbr वार्ता:विष्णु 1 135815 6582766 6400672 2026-07-15T05:25:37Z Pushkar Singh 415569 [[Special:Diff/2944394|2944394]] से [[Special:Diff/6400672|6400672]] तक 4 अवतरण पूर्ववत किए 6582766 wikitext text/x-wiki {{साँचा:वार्ता शीर्षक}} qscvnnuwgnrv78yzp4z1dvufemal9qe भोला पासवान शास्त्री 0 146048 6582674 6546480 2026-07-15T01:48:35Z ~2026-39630-91 936310 /* */ 6582674 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = भोला पासवान शास्त्री | image = | birth_date = 21 सितंबर 1914 और मृत्यु 10 सितंबर 1984 को दिल्ली में हुआ | birth_place = [[बैरगाछी]], [[पूर्णिया जिला]], बिहार पोश पुत्र -स्व बेचन पासवान | office = [[बिहार के मुख्यमंत्री]] | term = जून 1971 - जनवरी 1972 | term1 = जून 1969 - जुलाई 1969 | term2 = फरवरी 1968 - जून 1968 | nationality = [[भारतीय]] | religion = | residance = [[शास्त्री चौक पूर्णिया]] | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] | Children = बेचन पासवान (दत्तक पुत्र) | परिवार = शांति सोरेन (बहू) मेघा कुमारी (पोती) }} '''भोला पासवान शास्त्री''' (21 सितंबर 1914-10 सितंबर 1984) एक स्वतन्त्रता सेनानी और [[भारत|भारतीय]] राजनेता थे जो १९६८ और १९७१ के बीच तीन बार [[बिहार]] के [[मुख्यमंत्री]] रहे।<ref>{{वेब सन्दर्भ|title=बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री |url=http://cm.bih.nic.in/formercm-bihar.htm|website=cm.bih.nic.in |accessdate=9 नवंबर 2015 |language=en |archive-url=https://web.archive.org/web/20110319084817/http://cm.bih.nic.in/formercm-bihar.htm|archive-date=19 मार्च 2011|url-status=dead}}</ref> [[महात्मा गांधी]] से प्रभावित होकर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राजनीति में सक्रिय हुए थे। बहुत ही गरीब परिवार में जन्म होने के बावजूद वे सुशिक्षित एवं बौद्धिक रूप से काफी सशक्त थे। कांग्रेस ने उन्हें तीन बार अपना नेता चुना और वह तीन बार अविभाजित बिहार के मुख्यमंत्री बनाये गये। उनका कार्यकाल निर्विवाद था और उनका राजनीतिक व व्यक्तिगत जीवन पारदर्शी था। वे बिहार के प्रथम मुख्यमन्त्री थे जो [[अनुसूचित जाति]] के थे।उनके सम्मान में 1980 में भोला पासवान शास्त्री कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा की स्थापना गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता दीनानाथ प्रबोध के द्वारा की गई। == जीवन == भोला पासवान शास्त्री का जन्म [[पूर्णिया जिला|पूर्णिया जिले]] के बैरगाछी गाँव में पासवान समाज में हुआ था। उनके पिता निलहे अंग्रेजों के हरकारे थे। [[कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय|दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय]] से उन्होंने 'शास्त्री' की उपाधि प्राप्त की थी। == राजनीतिक कैरियर == चौथी बिहार विधानसभा (1967-1968) में 100 दिनों के लिए वे बिहार के मुख्यमंत्री बने, लेकिन कांग्रेस ने बहुमत खो दिया और मध्यावधि चुनाव बुलाया गया। जून 1969 में जब कांग्रेस का विभाजन हुआ तो हरिहर सिंह की कांग्रेस सरकार गिर गई। भोला पासवान शास्त्री ने कांग्रेस (संगठन) गुट का साथ दिया और 13 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने। लेकिन उनका गठबंधन अस्थिर साबित हुआ। जून 1971 तक वह कांग्रेस में वापस आ गए और 1972 के विधान सभा चुनावों के दौरान 7 महीने के लिए मुख्यमंत्री बने। 1973 में वो केंद्र की इंदिरा गांधी सरकार में मंत्री भी रहे। == स्मृतिशेष == भोला पासवान शास्त्री के गाँव पूर्णिया के बैरगाछी में आज भी उनका परिवार छप्पर के एक घर में रहता है।<ref>[https://navbharattimes.indiatimes.com/state/bihar/patna/know-the-story-of-bihar-former-cm-bhola-paswan-shastri/articleshow/86417812.cms भोला पासवान शास्त्री]</ref> सरकार की ओर से शास्त्री जी के परिजन को एक या दो इंदिरा आवास मिला है, हालाँकि उन्होंने कभी कुछ माँगा नहीं। उनके सम्मान मे भोला पासवान शास्त्री कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा की स्थापना 1980 में हुई, यह बी॰एस॰ई॰बी॰, एन॰आई॰ओ॰एस॰ दिल्ली, बी॰बी॰ओ॰एस॰ई॰ पटना से संबद्ध है। इसके अलावा भोला पासवान शास्त्री डिग्री कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा संबद्ध है, यह भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय बी॰एन॰एम॰यू॰ से है। भोला पासवान शास्त्री की जयंती [[पूर्णिया]] में और [[पटना]] में राजकीय स्तर पर मनाई जाती है। जयन्ती के अवसर पर शास्त्री जी के गाँव बैरगाछी और उनके स्मारक स्थल में माल्यार्पण और सर्वधर्म प्रार्थना सभा की जाती है। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ== {{बिहार के मुख्यमंत्री}} [[श्रेणी:बिहार के मुख्यमंत्री]] [[श्रेणी:1914 में जन्मे लोग]] {{जीवनी-आधार}} dtk9vp9dk2shciwnp4df4qcxmiw62e5 6582723 6582674 2026-07-15T03:37:34Z चाहर धर्मेंद्र 703114 सन्दर्भ रहित जानकारी 6582723 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = भोला पासवान शास्त्री | image = | birth_date = 21 सितंबर 1914 और मृत्यु 10 सितंबर 1984 को दिल्ली में हुआ | birth_place = [[बैरगाछी]], [[पूर्णिया जिला]], बिहार पोश पुत्र -स्व बेचन पासवान | office = [[बिहार के मुख्यमंत्री]] | term = जून 1971 - जनवरी 1972 | term1 = जून 1969 - जुलाई 1969 | term2 = फरवरी 1968 - जून 1968 | nationality = [[भारतीय]] | religion = | residance = [[शास्त्री चौक पूर्णिया]] | party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] | Children = बेचन पासवान (दत्तक पुत्र) | परिवार = शांति सोरेन (बहू) मेघा कुमारी (पोती) }} '''भोला पासवान शास्त्री''' (21 सितंबर 1914-10 सितंबर 1984) एक स्वतन्त्रता सेनानी और [[भारत|भारतीय]] राजनेता थे जो १९६८ और १९७१ के बीच तीन बार [[बिहार]] के [[मुख्यमंत्री]] रहे।<ref>{{वेब सन्दर्भ|title=बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री |url=http://cm.bih.nic.in/formercm-bihar.htm|website=cm.bih.nic.in |accessdate=9 नवंबर 2015 |language=en |archive-url=https://web.archive.org/web/20110319084817/http://cm.bih.nic.in/formercm-bihar.htm|archive-date=19 मार्च 2011|url-status=dead}}</ref> [[महात्मा गांधी]] से प्रभावित होकर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राजनीति में सक्रिय हुए थे। बहुत ही गरीब परिवार में जन्म होने के बावजूद वे सुशिक्षित एवं बौद्धिक रूप से काफी सशक्त थे। कांग्रेस ने उन्हें तीन बार अपना नेता चुना और वह तीन बार अविभाजित बिहार के मुख्यमंत्री बनाये गये। उनका कार्यकाल निर्विवाद था और उनका राजनीतिक व व्यक्तिगत जीवन पारदर्शी था। वे बिहार के प्रथम मुख्यमन्त्री थे जो [[अनुसूचित जाति]] के थे। == जीवन == भोला पासवान शास्त्री का जन्म [[पूर्णिया जिला|पूर्णिया जिले]] के बैरगाछी गाँव में पासवान समाज में हुआ था। उनके पिता निलहे अंग्रेजों के हरकारे थे। [[कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय|दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय]] से उन्होंने 'शास्त्री' की उपाधि प्राप्त की थी। == राजनीतिक कैरियर == चौथी बिहार विधानसभा (1967-1968) में 100 दिनों के लिए वे बिहार के मुख्यमंत्री बने, लेकिन कांग्रेस ने बहुमत खो दिया और मध्यावधि चुनाव बुलाया गया। जून 1969 में जब कांग्रेस का विभाजन हुआ तो हरिहर सिंह की कांग्रेस सरकार गिर गई। भोला पासवान शास्त्री ने कांग्रेस (संगठन) गुट का साथ दिया और 13 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने। लेकिन उनका गठबंधन अस्थिर साबित हुआ। जून 1971 तक वह कांग्रेस में वापस आ गए और 1972 के विधान सभा चुनावों के दौरान 7 महीने के लिए मुख्यमंत्री बने। 1973 में वो केंद्र की इंदिरा गांधी सरकार में मंत्री भी रहे। == स्मृतिशेष == भोला पासवान शास्त्री के गाँव पूर्णिया के बैरगाछी में आज भी उनका परिवार छप्पर के एक घर में रहता है।<ref>[https://navbharattimes.indiatimes.com/state/bihar/patna/know-the-story-of-bihar-former-cm-bhola-paswan-shastri/articleshow/86417812.cms भोला पासवान शास्त्री]</ref> सरकार की ओर से शास्त्री जी के परिजन को एक या दो इंदिरा आवास मिला है, हालाँकि उन्होंने कभी कुछ माँगा नहीं। उनके सम्मान मे भोला पासवान शास्त्री कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा की स्थापना 1980 में हुई, यह बी॰एस॰ई॰बी॰, एन॰आई॰ओ॰एस॰ दिल्ली, बी॰बी॰ओ॰एस॰ई॰ पटना से संबद्ध है। इसके अलावा भोला पासवान शास्त्री डिग्री कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा संबद्ध है, यह भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय बी॰एन॰एम॰यू॰ से है। भोला पासवान शास्त्री की जयंती [[पूर्णिया]] में और [[पटना]] में राजकीय स्तर पर मनाई जाती है। जयन्ती के अवसर पर शास्त्री जी के गाँव बैरगाछी और उनके स्मारक स्थल में माल्यार्पण और सर्वधर्म प्रार्थना सभा की जाती है। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ== {{बिहार के मुख्यमंत्री}} [[श्रेणी:बिहार के मुख्यमंत्री]] [[श्रेणी:1914 में जन्मे लोग]] {{जीवनी-आधार}} 5c8vc10dzdz4ty4mslts5nfu5qgwbyp मुम्बई उत्तर पूर्व (लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र) 0 147398 6582739 6015690 2026-07-15T04:33:27Z Armadillo Jack 936233 6582739 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = टेक्सास निर्वाचन क्षेत्र |native_name = मुम्बई उत्तर-पूर्व लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र |state_name = टेक्सास |district = टेक्सास |latd = |latm = |lats = |longd= |longm= |longs= |area_total = |area_magnitude = |altitude = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |leader_title_2 = |leader_name_2 = |footnotes = }} '''मुम्बई उत्तर-पूर्व लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र''' [[भारत]] के [[महाराष्ट्र]] राज्य का एक [[लोक सभा]] निर्वाचन क्षेत्र है। ==सांसद सदस्य== '''Key''' {{Party index link|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{Party index link|जनता पार्टी}} {{Party index link|भारतीय जनता पार्टी}} {{Party index link|राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी}} {| class="wikitable" |- !colspan="2"|चुनाव!! सदस्य!!दल |- | rowspan="3" style="background-color: {{party color|Indian National Congress}}" | | [[आम चुनाव, 1967|1967]] | एस. जी. वरवे | rowspan="3" | [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |- | 1967 | [[तारा गोबिंद सप्रे]] |- | [[आम चुनाव, 1971|1971]] | राजाराम गोपाल कुलकर्णी |- | rowspan="2" style="background-color: {{party color|जनता पार्टी}}" | | [[आम चुनाव, 1977|1977]] | rowspan="2" | [[सुब्रह्मण्यम स्वामी]] | rowspan="2" | [[जनता पार्टी]] |- | [[आम चुनाव, 1980|1980]] |- |style="background-color: {{party color|Indian National Congress}}" | | [[आम चुनाव, 1984|1984]] | [[गुरुदास कामत]] | [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |- |style="background-color: {{party color|Bharatiya Janata Party}}" | | [[आम चुनाव, 1989|1989]] | [[जयवन्तीवेन मेहता]] | [[भारतीय जनता पार्टी]] |- |style="background-color: {{party color|Indian National Congress}}" | | [[आम चुनाव, 1991|1991]] | [[गुरुदास कामत]] | [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |- |style="background-color: {{party color|Bharatiya Janata Party}}" | | [[आम चुनाव, 1996|1996]] | [[प्रमोद महाजन]] | [[भारतीय जनता पार्टी]] |- |style="background-color: {{party color|Indian National Congress}}" | | [[आम चुनाव, 1998|1998]] | [[गुरुदास कामत]] | [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |- |style="background-color: {{party color|Bharatiya Janata Party}}" | | [[Indian general election, 1999|1999]] | [[कीरीट सोमेया]] | [[भारतीय जनता पार्टी]] |- |style="background-color: {{party color|Indian National Congress}}" | | [[Indian general election, 2004|2004]] | [[गुरुदास कामत]] | [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |- | colspan=4 align=center|<small>''सीमा परिवर्तन''</small> |- |style="background-color: {{party color|Nationalist Congress Party}}" | | [[आम चुनाव, 2009|2009]] | [[संजय दीना पाटिल]] | [[राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी]] |- |style="background-color: {{party color|Bharatiya Janata Party}}" | | [[आम चुनाव, 2014|2014]] | [[कीरीट सोमेया]] | [[भारतीय जनता पार्टी]] |} ===आम चुनाव 2009=== {{Election box begin | title=[[आम चुनाव, 2009]]: [[Mumbai North East (Lok Sabha Constituency)|Mumbai North East]]}} {{Election box candidate with party link| |party = राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी |candidate = [[संजय दीना पाटिल]] |votes = 2,13,505 |percentage = 31.97 |change = ''N/A'' }} {{Election box candidate with party link| |party = भारतीय जनता पार्टी |candidate = [[कीरीट सोमेया]] |votes = 2,10,572 |percentage = 31.53 |change = -10.32 }} {{Election box candidate with party link| |party = महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना |candidate = [[शिशिर शिंदे]] |votes = 1,95,148 |percentage = 29.22 |change = n/a }} {{Election box candidate with party link | party = बहुजन समाज पार्टी | candidate = अशोक चंन्द्रपाल सिंह | votes = 24,934 | percentage = 3.73 | change = }} {{Election box majority| |votes = 2,933 |percentage = 0.44 |change = -10.29 }} {{Election box turnout| |votes = 6,67,904 |percentage = 42.46 |change = }} {{Election box hold with party link| |winner = संयुक्त प्रगतशील गठबंधन |loser = भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |swing = +21.57 }} {{Election box end}} ===आम चुनाव2014=== {{Election box begin | title=[[आम चुनाव, 2014]]: उत्तर पुर्व मुम्बई <ref>{{cite web|url=http://eciresults.nic.in/ConstituencywiseS1328.htm?ac=28|title=Mumbai North East (Lok Sabha Election 2014)|publisher=ELECTION COMMISSION OF INDIA|access-date=31 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20141219023053/http://eciresults.nic.in/ConstituencywiseS1328.htm?ac=28|archive-date=19 दिसंबर 2014|url-status=live}}</ref>}} {{Election box candidate with party link| |party = भारतीय जनता पार्टी |candidate = [[डा कीरीट सोमेया]] |votes = 5,25,285 |percentage = 60.90 |change = +29.37 }} {{Election box candidate with party link| |party = राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी |candidate = [[संजय दीना पाटिल]] |votes = 2,08,163 |percentage = 24.13 |change = -7.84 }} {{Election box candidate with party link| |party = आम आदमी पार्टी |candidate = [[मेधा पाटकर]] |votes = 76,451 |percentage = 8.86 |change = ''N/A'' }} {{Election box candidate with party link| |party = बहुजन समाज पार्टी |candidate = मतछिन्द्र छाते |votes = 17,427 |percentage = 2.02 |change = -1.71 }} {{Election box candidate with party link| |party = भारीपा बहुजन महासंघ |candidate = प्रो. [[अविनाश दोला]] |votes = 8,833 |percentage = 1.02 |change = +0.18 }} {{Election box candidate with party link| |party = नोटा |candidate = नोटा |votes = 7,114 |percentage = 0.82 |change = ''N/A'' }} {{Election box majority| |votes = 3,17,122 |percentage = 36.77 |change = +36.33 }} {{Election box turnout| |votes = 8,61,761 |percentage = 51.66 |change = +9.20 }} {{Election box gain with party link| |winner = भारतीय जनता पार्टी |loser = राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी |swing = +18.61 }} {{Election box end}} ===आम चुनाव 2019=== {{Election box begin | title=[[आम चुनाव, 2019]]: [[मुम्बई|उत्तर पुर्व मुम्बई]]}} {{Election box candidate with party link| |party = भारतीय जनता पार्टी |candidate = [[डा कीरीट सोमेया]] |votes = |percentage = |change = }} {{Election box candidate with party link| |candidate = [[संजय दीना पाटिल]] |party = राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी |votes = |percentage = |change = }} {{Election box candidate with party link| |candidate = Not Declared |party = समाजवादी पार्टी |votes = |percentage = |change = }} {{Election box candidate with party link| |party = आम आदमी पार्टी |candidate = Not Declared |votes = |percentage = |change = }} {{Election box candidate with party link| |party = नोटा |candidate = [[नोटा]] |votes = |percentage = |change = }} {{Election box majority| |votes = |percentage = |change = }} {{Election box turnout| |votes = |percentage = |change = }} {{Election box gain with party link| |winner = |loser = |swing = }} {{Election box end}} == बाहरी कड़ियाँ== {{भारत निर्वाचन आयोग||S13/partycomp07.htm}} {{महाराष्ट्र के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र}} [[श्रेणी:महाराष्ट्र के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र]] s77gyvpym8kh7ngv7j0ucdbaa5ying8 6582741 6582739 2026-07-15T04:34:58Z Armadillo Jack 936233 sorry wrong page 6582741 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र |native_name = मुम्बई उत्तर-पूर्व लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र |state_name = महाराष्ट्र |district = मुम्बई |latd = |latm = |lats = |longd= |longm= |longs= |area_total = |area_magnitude = |altitude = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |leader_title_2 = |leader_name_2 = |footnotes = }} '''मुम्बई उत्तर-पूर्व लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र''' [[भारत]] के [[महाराष्ट्र]] राज्य का एक [[लोक सभा]] निर्वाचन क्षेत्र है। ==सांसद सदस्य== '''Key''' {{Party index link|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस}} {{Party index link|जनता पार्टी}} {{Party index link|भारतीय जनता पार्टी}} {{Party index link|राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी}} {| class="wikitable" |- !colspan="2"|चुनाव!! सदस्य!!दल |- | rowspan="3" style="background-color: {{party color|Indian National Congress}}" | | [[आम चुनाव, 1967|1967]] | एस. जी. वरवे | rowspan="3" | [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |- | 1967 | [[तारा गोबिंद सप्रे]] |- | [[आम चुनाव, 1971|1971]] | राजाराम गोपाल कुलकर्णी |- | rowspan="2" style="background-color: {{party color|जनता पार्टी}}" | | [[आम चुनाव, 1977|1977]] | rowspan="2" | [[सुब्रह्मण्यम स्वामी]] | rowspan="2" | [[जनता पार्टी]] |- | [[आम चुनाव, 1980|1980]] |- |style="background-color: {{party color|Indian National Congress}}" | | [[आम चुनाव, 1984|1984]] | [[गुरुदास कामत]] | [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |- |style="background-color: {{party color|Bharatiya Janata Party}}" | | [[आम चुनाव, 1989|1989]] | [[जयवन्तीवेन मेहता]] | [[भारतीय जनता पार्टी]] |- |style="background-color: {{party color|Indian National Congress}}" | | [[आम चुनाव, 1991|1991]] | [[गुरुदास कामत]] | [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |- |style="background-color: {{party color|Bharatiya Janata Party}}" | | [[आम चुनाव, 1996|1996]] | [[प्रमोद महाजन]] | [[भारतीय जनता पार्टी]] |- |style="background-color: {{party color|Indian National Congress}}" | | [[आम चुनाव, 1998|1998]] | [[गुरुदास कामत]] | [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |- |style="background-color: {{party color|Bharatiya Janata Party}}" | | [[Indian general election, 1999|1999]] | [[कीरीट सोमेया]] | [[भारतीय जनता पार्टी]] |- |style="background-color: {{party color|Indian National Congress}}" | | [[Indian general election, 2004|2004]] | [[गुरुदास कामत]] | [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] |- | colspan=4 align=center|<small>''सीमा परिवर्तन''</small> |- |style="background-color: {{party color|Nationalist Congress Party}}" | | [[आम चुनाव, 2009|2009]] | [[संजय दीना पाटिल]] | [[राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी]] |- |style="background-color: {{party color|Bharatiya Janata Party}}" | | [[आम चुनाव, 2014|2014]] | [[कीरीट सोमेया]] | [[भारतीय जनता पार्टी]] |} ===आम चुनाव 2009=== {{Election box begin | title=[[आम चुनाव, 2009]]: [[Mumbai North East (Lok Sabha Constituency)|Mumbai North East]]}} {{Election box candidate with party link| |party = राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी |candidate = [[संजय दीना पाटिल]] |votes = 2,13,505 |percentage = 31.97 |change = ''N/A'' }} {{Election box candidate with party link| |party = भारतीय जनता पार्टी |candidate = [[कीरीट सोमेया]] |votes = 2,10,572 |percentage = 31.53 |change = -10.32 }} {{Election box candidate with party link| |party = महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना |candidate = [[शिशिर शिंदे]] |votes = 1,95,148 |percentage = 29.22 |change = n/a }} {{Election box candidate with party link | party = बहुजन समाज पार्टी | candidate = अशोक चंन्द्रपाल सिंह | votes = 24,934 | percentage = 3.73 | change = }} {{Election box majority| |votes = 2,933 |percentage = 0.44 |change = -10.29 }} {{Election box turnout| |votes = 6,67,904 |percentage = 42.46 |change = }} {{Election box hold with party link| |winner = संयुक्त प्रगतशील गठबंधन |loser = भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |swing = +21.57 }} {{Election box end}} ===आम चुनाव2014=== {{Election box begin | title=[[आम चुनाव, 2014]]: उत्तर पुर्व मुम्बई <ref>{{cite web|url=http://eciresults.nic.in/ConstituencywiseS1328.htm?ac=28|title=Mumbai North East (Lok Sabha Election 2014)|publisher=ELECTION COMMISSION OF INDIA|access-date=31 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20141219023053/http://eciresults.nic.in/ConstituencywiseS1328.htm?ac=28|archive-date=19 दिसंबर 2014|url-status=live}}</ref>}} {{Election box candidate with party link| |party = भारतीय जनता पार्टी |candidate = [[डा कीरीट सोमेया]] |votes = 5,25,285 |percentage = 60.90 |change = +29.37 }} {{Election box candidate with party link| |party = राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी |candidate = [[संजय दीना पाटिल]] |votes = 2,08,163 |percentage = 24.13 |change = -7.84 }} {{Election box candidate with party link| |party = आम आदमी पार्टी |candidate = [[मेधा पाटकर]] |votes = 76,451 |percentage = 8.86 |change = ''N/A'' }} {{Election box candidate with party link| |party = बहुजन समाज पार्टी |candidate = मतछिन्द्र छाते |votes = 17,427 |percentage = 2.02 |change = -1.71 }} {{Election box candidate with party link| |party = भारीपा बहुजन महासंघ |candidate = प्रो. [[अविनाश दोला]] |votes = 8,833 |percentage = 1.02 |change = +0.18 }} {{Election box candidate with party link| |party = नोटा |candidate = नोटा |votes = 7,114 |percentage = 0.82 |change = ''N/A'' }} {{Election box majority| |votes = 3,17,122 |percentage = 36.77 |change = +36.33 }} {{Election box turnout| |votes = 8,61,761 |percentage = 51.66 |change = +9.20 }} {{Election box gain with party link| |winner = भारतीय जनता पार्टी |loser = राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी |swing = +18.61 }} {{Election box end}} ===आम चुनाव 2019=== {{Election box begin | title=[[आम चुनाव, 2019]]: [[मुम्बई|उत्तर पुर्व मुम्बई]]}} {{Election box candidate with party link| |party = भारतीय जनता पार्टी |candidate = [[डा कीरीट सोमेया]] |votes = |percentage = |change = }} {{Election box candidate with party link| |candidate = [[संजय दीना पाटिल]] |party = राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी |votes = |percentage = |change = }} {{Election box candidate with party link| |candidate = Not Declared |party = समाजवादी पार्टी |votes = |percentage = |change = }} {{Election box candidate with party link| |party = आम आदमी पार्टी |candidate = Not Declared |votes = |percentage = |change = }} {{Election box candidate with party link| |party = नोटा |candidate = [[नोटा]] |votes = |percentage = |change = }} {{Election box majority| |votes = |percentage = |change = }} {{Election box turnout| |votes = |percentage = |change = }} {{Election box gain with party link| |winner = |loser = |swing = }} {{Election box end}} == बाहरी कड़ियाँ== {{भारत निर्वाचन आयोग||S13/partycomp07.htm}} {{महाराष्ट्र के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र}} [[श्रेणी:महाराष्ट्र के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र]] 39mq1rlon8ebw2lntpabtn3b44uag01 इसुफा गाँव, नवकोथी (बेगूसराय) 0 148023 6582623 6444072 2026-07-14T17:29:08Z Saif Lukmani 936275 /* भूगोल */ इसफा 6582623 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = गाँव |native_name = इसुफा इस्फा |state_name = बिहार |district = बेगूसराय |official_languages = अंगिका और उर्दू |vehicle_code_range = BR |website = begusarai.bih.nic.in |website_caption = http://begusarai.bih.nic.in |area_telephone = |postal_code =851130 |latd = 25.15 |longd= 85.45 |locator_position = right |inset_map_marker = yes |area_total =3km/square |area_magnitude = |altitude = |sex_ratio = |literacy =76.4 |literacy_male =84.4 |literacy_female =65.4 |climate = |precip = |temp_annual = |temp_winter = |temp_summer = |population_total =592 |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |established_date = |coord_title = yes }} '''इसुफा''' [[नवकोथी प्रखण्ड (बेगूसराय)|नवकोथी]], [[बेगूसराय जिला|बेगूसराय]], [[बिहार]] स्थित एक गाँव है। == भूगोल == == इस्फा गांव बेगूसराय जिला के नावकोठी प्रखंड के अंतर्गत आता है ये मात्र 3 km/square में फैला है । ये नावकोठी प्रखंड से 3 km की दूरी पर और बेगूसराय जिला मुख्यालय से 16km की दूरी पर एवं बलिया लखमिनीय से 16km तथा बखरी अनुमंडल मुख्यालय से 13km की दूरी पर और मंझौल से 15km पर स्थित है । इस्फा में एक पुल भी है जिसका नाम इस्फा पुल है । यहां हर सप्ताह के रविवार और बुधवार एवं शुक्रवार को हटिया लगता है। जो इस इलाके के नीमा, चांदपुरा, कटरमाला, सिसौनी, चकमुजफ्फर, हसनपुर बागर, राजोपुर, विष्णुपुर इत्यादि के लोग यहां घूमने आते हैं। == == जनसांख्यिकी == == यहां की पूरी आबादी 592 है जिसमें 367 मुस्लिम आबादी और 225 हिन्दू आबादी है। यहां दलित की भी अच्छी आबादी है जो 50 है। यहां मुस्लिम प्रतिशत में बाहुल्य इलाका माना जाता जो कि बिहार की मुस्लिम प्रतिशत से अधिक है । यहां मुस्लिम प्रतिशत 65% है हो बाहुल्य है और हिन्दू आबादी 35% जो बिहार प्रतिशत के आधार पर कम है है। == == यातायात == == यह नावकोठी प्रखंड से 3 km दूरी पर और बेगूसराय जिला मुख्यालय से 16km और बलिया से 16km, बखरी से 13km, और मंझौल से 15km की दूरी पर स्थित है। == == आदर्श स्थल == == यूसुफ बाबा मजार जो कि यहां प्रसिद्ध है यहां माना जाता है कि यूसुफ बाबा जब बंगाल से दिल्ली की ओर जा रहे थे तो यही आराम फरमाये थे जिसके याद में यहाँ यूसुफ बाबा का मजार है इन्हीं के नाम पर यूसुफा गांव का नाम इस इस्फा या इसूफ़ा या इसपा या इसूफबाद कहा जाता है। == == शिक्षा == == यहां की साक्षरता दर बिहार के साक्षरता दर से अधिक है यहां की साक्षरतादर 76.5 प्रतिशत है जो बिहार की तुलना में अधिक है == == सन्दर्भ == == बाहरी कड़ियाँ == {{नवकोथी प्रखण्ड (बेगूसराय) के गाँव}} {{ बेगूसराय जिला के प्रखण्ड}} {{ बिहार के जिले}} [[श्रेणी:बेगूसराय जिला के गाँव]] 2n0ewn3mdlam6qn5p07oiysm346xfkg रति 0 160613 6582808 6474255 2026-07-15T07:44:09Z Pushkar Singh 415569 /* */ स्रोतहीन सांचा जोड़ा 6582808 wikitext text/x-wiki {{स्रोतहीन}} [[चित्र:Kama Rati sculpture at the group of monuments at Belur, Hassan, Karnataka, India (2009).jpg|thumb|300px|कामदेव तथा रति]] '''रति''' देवी का उल्लेख प्राचीन काल से ही [[वेद]], [[शतपथ ब्राह्मण]], एवं [[उपनिषद्|उपनिषदों]] में होता चला आ रहा है। इन परंपराओं में इसे सौंदर्य की अधिष्ठात्री देवी एवं उषा के समकक्ष कहा गया है। पौराणिक परंपरा में [[दक्ष प्रजापति|दक्ष]] की पुत्री एवं शतपथ ब्राह्मण के अनुसार [[गन्धर्व|गंधर्व]] कन्या के रूप में इनका उल्लेख मिलता है। [[दक्ष प्रजापति|दक्ष]] एवं गंधर्व वस्तुतः विलासी जातियाँ रही हैं। इन्हें विष्णुपुत्र [[कामदेव]] की अर्धांगिनी और ॠतुराज वसंत की माता भी कहा जाता है। [[श्रेणी:हिन्दू देवियाँ]] [[श्रेणी:पौराणिक/साहित्यिक चरित्र]] 7vz79h670dj60nuwbw1izmzc0ta6bz4 पचरूखी गाँव, खिज़िरसराय (गया) 0 161475 6582641 6444587 2026-07-14T19:15:18Z ~2026-39810-51 936290 /* शिक्षा */ 6582641 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = गाँव |native_name = पचरूखी |state_name = बिहार |district = गया |official_languages = [[हिन्दी]], [[मगही भाषा|मगही]], [[मैथिली भाषा|मैथिली]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]], [[अंगिका भाषा|अंगिका]], [[उर्दू भाषा|उर्दु]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |vehicle_code_range = BR |website = gaya.bih.nic.in/ |website_caption = gaya.bih.nic.in/ |area_telephone = |postal_code = |latd = 24.81 |longd= 85 |locator_position = right |inset_map_marker = yes |area_total = |area_magnitude = |altitude = |sex_ratio = |literacy = |literacy_male = |literacy_female = |climate = |precip = |temp_annual = |temp_winter = |temp_summer = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |established_date = |coord_title = yes }} '''पचरूखी''' [[खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया)|खिज़िरसराय]], [[गया जिला|गया]], [[बिहार]] स्थित एक गाँव है। == भूगोल == == जनसांख्यिकी == == यातायात == == आदर्श स्थल == == शिक्षा == MSME Technology centre pachrukhi gaya == सन्दर्भ == == बाहरी कड़ियाँ == {{खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया) के गाँव}} {{ गया जिला के प्रखण्ड}} {{ बिहार के जिले}} [[श्रेणी:गया जिला के गाँव]] {{आधार}} {{भारत के गाँव आधार}} kd16th5fonzhhr3flw6g899ryjxbfrs 6582647 6582641 2026-07-14T19:26:12Z ~2026-39810-51 936290 /* भूगोल */ 6582647 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = गाँव |native_name = पचरूखी |state_name = बिहार |district = गया |official_languages = [[हिन्दी]], [[मगही भाषा|मगही]], [[मैथिली भाषा|मैथिली]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]], [[अंगिका भाषा|अंगिका]], [[उर्दू भाषा|उर्दु]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |vehicle_code_range = BR |website = gaya.bih.nic.in/ |website_caption = gaya.bih.nic.in/ |area_telephone = |postal_code = |latd = 24.81 |longd= 85 |locator_position = right |inset_map_marker = yes |area_total = |area_magnitude = |altitude = |sex_ratio = |literacy = |literacy_male = |literacy_female = |climate = |precip = |temp_annual = |temp_winter = |temp_summer = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |established_date = |coord_title = yes }} '''पचरूखी''' [[खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया)|खिज़िरसराय]], [[गया जिला|गया]], [[बिहार]] स्थित एक गाँव है। == भूगोल == पचरुखी बिहार के गया ज़िले के खिजरसराय प्रखंड का एक प्रमुख गाँव है। यह गाँव पवित्र फल्गु नदी के समीप स्थित है और प्राकृतिक तथा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पचरुखी से प्रसिद्ध बराबर गुफाएँ (Barabar Caves) बहुत निकट हैं, जो भारत की सबसे प्राचीन शैल-कट (Rock-cut) गुफाओं में गिनी जाती हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक बराबर गुफाओं के साथ-साथ फल्गु नदी के शांत वातावरण का भी आनंद लेते हैं। == जनसांख्यिकी == == यातायात == == आदर्श स्थल == == शिक्षा == MSME Technology centre pachrukhi gaya == सन्दर्भ == == बाहरी कड़ियाँ == {{खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया) के गाँव}} {{ गया जिला के प्रखण्ड}} {{ बिहार के जिले}} [[श्रेणी:गया जिला के गाँव]] {{आधार}} {{भारत के गाँव आधार}} d0fmjmyukv7lqtj3labb1cbcxr3opws 6582648 6582647 2026-07-14T19:28:40Z ~2026-39810-51 936290 /* आदर्श स्थल */ 6582648 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = गाँव |native_name = पचरूखी |state_name = बिहार |district = गया |official_languages = [[हिन्दी]], [[मगही भाषा|मगही]], [[मैथिली भाषा|मैथिली]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]], [[अंगिका भाषा|अंगिका]], [[उर्दू भाषा|उर्दु]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |vehicle_code_range = BR |website = gaya.bih.nic.in/ |website_caption = gaya.bih.nic.in/ |area_telephone = |postal_code = |latd = 24.81 |longd= 85 |locator_position = right |inset_map_marker = yes |area_total = |area_magnitude = |altitude = |sex_ratio = |literacy = |literacy_male = |literacy_female = |climate = |precip = |temp_annual = |temp_winter = |temp_summer = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |established_date = |coord_title = yes }} '''पचरूखी''' [[खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया)|खिज़िरसराय]], [[गया जिला|गया]], [[बिहार]] स्थित एक गाँव है। == भूगोल == पचरुखी बिहार के गया ज़िले के खिजरसराय प्रखंड का एक प्रमुख गाँव है। यह गाँव पवित्र फल्गु नदी के समीप स्थित है और प्राकृतिक तथा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पचरुखी से प्रसिद्ध बराबर गुफाएँ (Barabar Caves) बहुत निकट हैं, जो भारत की सबसे प्राचीन शैल-कट (Rock-cut) गुफाओं में गिनी जाती हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक बराबर गुफाओं के साथ-साथ फल्गु नदी के शांत वातावरण का भी आनंद लेते हैं। == जनसांख्यिकी == == यातायात == == आदर्श स्थल == Barabar ke guffaye Vishnu pad Sita kund Bodhgaya Falgu river == शिक्षा == MSME Technology centre pachrukhi gaya == सन्दर्भ == == बाहरी कड़ियाँ == {{खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया) के गाँव}} {{ गया जिला के प्रखण्ड}} {{ बिहार के जिले}} [[श्रेणी:गया जिला के गाँव]] {{आधार}} {{भारत के गाँव आधार}} 7mux96rx6ioko4qhfb1lwvxrx50ycor 6582651 6582648 2026-07-14T19:34:41Z ~2026-39810-51 936290 /* शिक्षा */ 6582651 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = गाँव |native_name = पचरूखी |state_name = बिहार |district = गया |official_languages = [[हिन्दी]], [[मगही भाषा|मगही]], [[मैथिली भाषा|मैथिली]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]], [[अंगिका भाषा|अंगिका]], [[उर्दू भाषा|उर्दु]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |vehicle_code_range = BR |website = gaya.bih.nic.in/ |website_caption = gaya.bih.nic.in/ |area_telephone = |postal_code = |latd = 24.81 |longd= 85 |locator_position = right |inset_map_marker = yes |area_total = |area_magnitude = |altitude = |sex_ratio = |literacy = |literacy_male = |literacy_female = |climate = |precip = |temp_annual = |temp_winter = |temp_summer = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |established_date = |coord_title = yes }} '''पचरूखी''' [[खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया)|खिज़िरसराय]], [[गया जिला|गया]], [[बिहार]] स्थित एक गाँव है। == भूगोल == पचरुखी बिहार के गया ज़िले के खिजरसराय प्रखंड का एक प्रमुख गाँव है। यह गाँव पवित्र फल्गु नदी के समीप स्थित है और प्राकृतिक तथा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पचरुखी से प्रसिद्ध बराबर गुफाएँ (Barabar Caves) बहुत निकट हैं, जो भारत की सबसे प्राचीन शैल-कट (Rock-cut) गुफाओं में गिनी जाती हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक बराबर गुफाओं के साथ-साथ फल्गु नदी के शांत वातावरण का भी आनंद लेते हैं। == जनसांख्यिकी == == यातायात == == आदर्श स्थल == Barabar ke guffaye Vishnu pad Sita kund Bodhgaya Falgu river == शिक्षा == MSME TECHNOLOGY CENTRE, PACHRUKHI, KHIZARSARAI GAYA JI (0KM) GOVERNMENT POLYTECHNIC COLLEGE JEHANABAD (7KM) GAYA ENGINEERING COLLEGE GAYA JI (6KM) == सन्दर्भ == == बाहरी कड़ियाँ == {{खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया) के गाँव}} {{ गया जिला के प्रखण्ड}} {{ बिहार के जिले}} [[श्रेणी:गया जिला के गाँव]] {{आधार}} {{भारत के गाँव आधार}} 4i10lg54f2l5yo00pg6abmuky84qrxb 6582652 6582651 2026-07-14T19:37:44Z ~2026-39810-51 936290 /* यातायात */ 6582652 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = गाँव |native_name = पचरूखी |state_name = बिहार |district = गया |official_languages = [[हिन्दी]], [[मगही भाषा|मगही]], [[मैथिली भाषा|मैथिली]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]], [[अंगिका भाषा|अंगिका]], [[उर्दू भाषा|उर्दु]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |vehicle_code_range = BR |website = gaya.bih.nic.in/ |website_caption = gaya.bih.nic.in/ |area_telephone = |postal_code = |latd = 24.81 |longd= 85 |locator_position = right |inset_map_marker = yes |area_total = |area_magnitude = |altitude = |sex_ratio = |literacy = |literacy_male = |literacy_female = |climate = |precip = |temp_annual = |temp_winter = |temp_summer = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |established_date = |coord_title = yes }} '''पचरूखी''' [[खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया)|खिज़िरसराय]], [[गया जिला|गया]], [[बिहार]] स्थित एक गाँव है। == भूगोल == पचरुखी बिहार के गया ज़िले के खिजरसराय प्रखंड का एक प्रमुख गाँव है। यह गाँव पवित्र फल्गु नदी के समीप स्थित है और प्राकृतिक तथा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पचरुखी से प्रसिद्ध बराबर गुफाएँ (Barabar Caves) बहुत निकट हैं, जो भारत की सबसे प्राचीन शैल-कट (Rock-cut) गुफाओं में गिनी जाती हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक बराबर गुफाओं के साथ-साथ फल्गु नदी के शांत वातावरण का भी आनंद लेते हैं। == जनसांख्यिकी == == यातायात == सड़क मार्ग: पचरुखी से खिजरसराय और गया के लिए पक्की सड़क उपलब्ध है। निजी वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा और स्थानीय बसों के माध्यम से आवागमन किया जाता है। निकटतम रेलवे स्टेशन: गया जंक्शन, जो लगभग 25–30 किमी की दूरी पर है। निकटतम हवाई अड्डा: गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो लगभग 30–35 किमी दूर स्थित है। निकटवर्ती प्रमुख स्थल: खिजरसराय, बेलागंज, गया शहर तथा बराबर गुफाएँ सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। इस कारण पचरुखी गाँव धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों तक पहुँचने के लिए एक सुविधाजनक स्थान माना जाता है। == आदर्श स्थल == Barabar ke guffaye Vishnu pad Sita kund Bodhgaya Falgu river == शिक्षा == MSME TECHNOLOGY CENTRE, PACHRUKHI, KHIZARSARAI GAYA JI (0KM) GOVERNMENT POLYTECHNIC COLLEGE JEHANABAD (7KM) GAYA ENGINEERING COLLEGE GAYA JI (6KM) == सन्दर्भ == == बाहरी कड़ियाँ == {{खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया) के गाँव}} {{ गया जिला के प्रखण्ड}} {{ बिहार के जिले}} [[श्रेणी:गया जिला के गाँव]] {{आधार}} {{भारत के गाँव आधार}} 43xoq24qqfh4y5g1birm9jmhts48wpj 6582653 6582652 2026-07-14T19:42:23Z ~2026-39810-51 936290 /* सन्दर्भ */ 6582653 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = गाँव |native_name = पचरूखी |state_name = बिहार |district = गया |official_languages = [[हिन्दी]], [[मगही भाषा|मगही]], [[मैथिली भाषा|मैथिली]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]], [[अंगिका भाषा|अंगिका]], [[उर्दू भाषा|उर्दु]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |vehicle_code_range = BR |website = gaya.bih.nic.in/ |website_caption = gaya.bih.nic.in/ |area_telephone = |postal_code = |latd = 24.81 |longd= 85 |locator_position = right |inset_map_marker = yes |area_total = |area_magnitude = |altitude = |sex_ratio = |literacy = |literacy_male = |literacy_female = |climate = |precip = |temp_annual = |temp_winter = |temp_summer = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |established_date = |coord_title = yes }} '''पचरूखी''' [[खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया)|खिज़िरसराय]], [[गया जिला|गया]], [[बिहार]] स्थित एक गाँव है। == भूगोल == पचरुखी बिहार के गया ज़िले के खिजरसराय प्रखंड का एक प्रमुख गाँव है। यह गाँव पवित्र फल्गु नदी के समीप स्थित है और प्राकृतिक तथा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पचरुखी से प्रसिद्ध बराबर गुफाएँ (Barabar Caves) बहुत निकट हैं, जो भारत की सबसे प्राचीन शैल-कट (Rock-cut) गुफाओं में गिनी जाती हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक बराबर गुफाओं के साथ-साथ फल्गु नदी के शांत वातावरण का भी आनंद लेते हैं। == जनसांख्यिकी == == यातायात == सड़क मार्ग: पचरुखी से खिजरसराय और गया के लिए पक्की सड़क उपलब्ध है। निजी वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा और स्थानीय बसों के माध्यम से आवागमन किया जाता है। निकटतम रेलवे स्टेशन: गया जंक्शन, जो लगभग 25–30 किमी की दूरी पर है। निकटतम हवाई अड्डा: गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो लगभग 30–35 किमी दूर स्थित है। निकटवर्ती प्रमुख स्थल: खिजरसराय, बेलागंज, गया शहर तथा बराबर गुफाएँ सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। इस कारण पचरुखी गाँव धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों तक पहुँचने के लिए एक सुविधाजनक स्थान माना जाता है। == आदर्श स्थल == Barabar ke guffaye Vishnu pad Sita kund Bodhgaya Falgu river == शिक्षा == MSME TECHNOLOGY CENTRE, PACHRUKHI, KHIZARSARAI GAYA JI (0KM) GOVERNMENT POLYTECHNIC COLLEGE JEHANABAD (7KM) GAYA ENGINEERING COLLEGE GAYA JI (6KM) == सन्दर्भ == पचरुखी बिहार के गया ज़िले के खिजरसराय प्रखंड का एक प्रमुख गाँव है। यह पवित्र फल्गु नदी के समीप स्थित है तथा प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। गाँव के निकट विश्व प्रसिद्ध बराबर गुफाएँ स्थित हैं, जो देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। पचरुखी कृषि प्रधान गाँव है, जहाँ अधिकांश लोग खेती और उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। सड़क मार्ग से यह खिजरसराय, गया शहर तथा आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। निकट स्थित एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, खिजरसराय के विकसित होने से क्षेत्र में कौशल विकास, रोजगार और औद्योगिक अवसरों की संभावनाएँ बढ़ रही हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व, ऐतिहासिक विरासत तथा विकास की संभावनाओं के कारण पचरुखी गाँव मगध क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण ग्रामीण केंद्र के रूप में उभर रहा है। == बाहरी कड़ियाँ == {{खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया) के गाँव}} {{ गया जिला के प्रखण्ड}} {{ बिहार के जिले}} [[श्रेणी:गया जिला के गाँव]] {{आधार}} {{भारत के गाँव आधार}} qi50k648snwwezioqxm0k67467fcq5x 6582654 6582653 2026-07-14T19:44:12Z ~2026-39810-51 936290 /* जनसांख्यिकी */ 6582654 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = गाँव |native_name = पचरूखी |state_name = बिहार |district = गया |official_languages = [[हिन्दी]], [[मगही भाषा|मगही]], [[मैथिली भाषा|मैथिली]], [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]], [[अंगिका भाषा|अंगिका]], [[उर्दू भाषा|उर्दु]], [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] |vehicle_code_range = BR |website = gaya.bih.nic.in/ |website_caption = gaya.bih.nic.in/ |area_telephone = |postal_code = |latd = 24.81 |longd= 85 |locator_position = right |inset_map_marker = yes |area_total = |area_magnitude = |altitude = |sex_ratio = |literacy = |literacy_male = |literacy_female = |climate = |precip = |temp_annual = |temp_winter = |temp_summer = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |established_date = |coord_title = yes }} '''पचरूखी''' [[खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया)|खिज़िरसराय]], [[गया जिला|गया]], [[बिहार]] स्थित एक गाँव है। == भूगोल == पचरुखी बिहार के गया ज़िले के खिजरसराय प्रखंड का एक प्रमुख गाँव है। यह गाँव पवित्र फल्गु नदी के समीप स्थित है और प्राकृतिक तथा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पचरुखी से प्रसिद्ध बराबर गुफाएँ (Barabar Caves) बहुत निकट हैं, जो भारत की सबसे प्राचीन शैल-कट (Rock-cut) गुफाओं में गिनी जाती हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक बराबर गुफाओं के साथ-साथ फल्गु नदी के शांत वातावरण का भी आनंद लेते हैं। == जनसांख्यिकी == 5000 == यातायात == सड़क मार्ग: पचरुखी से खिजरसराय और गया के लिए पक्की सड़क उपलब्ध है। निजी वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा और स्थानीय बसों के माध्यम से आवागमन किया जाता है। निकटतम रेलवे स्टेशन: गया जंक्शन, जो लगभग 25–30 किमी की दूरी पर है। निकटतम हवाई अड्डा: गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो लगभग 30–35 किमी दूर स्थित है। निकटवर्ती प्रमुख स्थल: खिजरसराय, बेलागंज, गया शहर तथा बराबर गुफाएँ सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। इस कारण पचरुखी गाँव धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों तक पहुँचने के लिए एक सुविधाजनक स्थान माना जाता है। == आदर्श स्थल == Barabar ke guffaye Vishnu pad Sita kund Bodhgaya Falgu river == शिक्षा == MSME TECHNOLOGY CENTRE, PACHRUKHI, KHIZARSARAI GAYA JI (0KM) GOVERNMENT POLYTECHNIC COLLEGE JEHANABAD (7KM) GAYA ENGINEERING COLLEGE GAYA JI (6KM) == सन्दर्भ == पचरुखी बिहार के गया ज़िले के खिजरसराय प्रखंड का एक प्रमुख गाँव है। यह पवित्र फल्गु नदी के समीप स्थित है तथा प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। गाँव के निकट विश्व प्रसिद्ध बराबर गुफाएँ स्थित हैं, जो देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। पचरुखी कृषि प्रधान गाँव है, जहाँ अधिकांश लोग खेती और उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। सड़क मार्ग से यह खिजरसराय, गया शहर तथा आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। निकट स्थित एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, खिजरसराय के विकसित होने से क्षेत्र में कौशल विकास, रोजगार और औद्योगिक अवसरों की संभावनाएँ बढ़ रही हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व, ऐतिहासिक विरासत तथा विकास की संभावनाओं के कारण पचरुखी गाँव मगध क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण ग्रामीण केंद्र के रूप में उभर रहा है। == बाहरी कड़ियाँ == {{खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया) के गाँव}} {{ गया जिला के प्रखण्ड}} {{ बिहार के जिले}} [[श्रेणी:गया जिला के गाँव]] {{आधार}} {{भारत के गाँव आधार}} 1tnhzmnedf9qro7efav3eawhxsg1vu7 6582655 6582654 2026-07-14T20:05:45Z ~2026-39810-51 936290 6582655 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type =आदर्श ग्राम |native_name = पचरूखी |state_name = बिहार |district = गया |official_languages = [[हिन्दी]], [[मगही भाषा|मगही]],[[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी] |vehicle_code_range = BR 02 |website = gaya.bih.nic.in/ |website_caption = gaya.bih.nic.in/ |area_telephone = +91 |postal_code = 824233 |latd = 24.81 |longd= 85 |locator_position = right |inset_map_marker = yes |area_total = |area_magnitude = |altitude = |sex_ratio = |literacy = |literacy_male = |literacy_female = |climate = |precip = |temp_annual = |temp_winter = |temp_summer = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |established_date = |coord_title = yes }} '''पचरूखी''' [[खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया)|खिज़िरसराय]], [[गया जिला|गया]], [[बिहार]] स्थित एक गाँव है। == भूगोल == पचरुखी बिहार के गया ज़िले के खिजरसराय प्रखंड का एक प्रमुख गाँव है। यह गाँव पवित्र फल्गु नदी के समीप स्थित है और प्राकृतिक तथा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पचरुखी से प्रसिद्ध बराबर गुफाएँ (Barabar Caves) बहुत निकट हैं, जो भारत की सबसे प्राचीन शैल-कट (Rock-cut) गुफाओं में गिनी जाती हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक बराबर गुफाओं के साथ-साथ फल्गु नदी के शांत वातावरण का भी आनंद लेते हैं। == जनसांख्यिकी == 5000 == यातायात == सड़क मार्ग: पचरुखी से खिजरसराय और गया के लिए पक्की सड़क उपलब्ध है। निजी वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा और स्थानीय बसों के माध्यम से आवागमन किया जाता है। निकटतम रेलवे स्टेशन: गया जंक्शन, जो लगभग 25–30 किमी की दूरी पर है। निकटतम हवाई अड्डा: गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो लगभग 30–35 किमी दूर स्थित है। निकटवर्ती प्रमुख स्थल: खिजरसराय, बेलागंज, गया शहर तथा बराबर गुफाएँ सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। इस कारण पचरुखी गाँव धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों तक पहुँचने के लिए एक सुविधाजनक स्थान माना जाता है। == आदर्श स्थल == Barabar ke guffaye Vishnu pad Sita kund Bodhgaya Falgu river == शिक्षा == MSME TECHNOLOGY CENTRE, PACHRUKHI, KHIZARSARAI GAYA JI (0KM) GOVERNMENT POLYTECHNIC COLLEGE JEHANABAD (7KM) GAYA ENGINEERING COLLEGE GAYA JI (6KM) == सन्दर्भ == पचरुखी बिहार के गया ज़िले के खिजरसराय प्रखंड का एक प्रमुख गाँव है। यह पवित्र फल्गु नदी के समीप स्थित है तथा प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। गाँव के निकट विश्व प्रसिद्ध बराबर गुफाएँ स्थित हैं, जो देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। पचरुखी कृषि प्रधान गाँव है, जहाँ अधिकांश लोग खेती और उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। सड़क मार्ग से यह खिजरसराय, गया शहर तथा आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। निकट स्थित एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, खिजरसराय के विकसित होने से क्षेत्र में कौशल विकास, रोजगार और औद्योगिक अवसरों की संभावनाएँ बढ़ रही हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व, ऐतिहासिक विरासत तथा विकास की संभावनाओं के कारण पचरुखी गाँव मगध क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण ग्रामीण केंद्र के रूप में उभर रहा है। == बाहरी कड़ियाँ == {{खिज़िरसराय प्रखण्ड (गया) के गाँव}} {{ गया जिला के प्रखण्ड}} {{ बिहार के जिले}} [[श्रेणी:गया जिला के गाँव]] {{आधार}} {{भारत के गाँव आधार}} mwx4zqn3iflppfdkml2pz272jnzbf27 इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी 0 161801 6582671 6561974 2026-07-15T00:14:46Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582671 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Elektronenmikroskop.jpg|right|thumb|300px|सीमेन्स कम्पनी द्वारा निर्मित '''Elmiskop 1A''' इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी]] '''इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी''' एक विशेष प्रकार का [[सूक्ष्मदर्शी]] है जो नमूने (specimen) को देखने के लिये [[आवेशित कण-पुंज|एलेक्ट्रॉन किरण पुंज]] का उपयोग करता है और उच्च प्रवर्धिक छबि प्राप्त कराता है। इसकी [[विभेदन क्षमता]] (resolving power) [[प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी]] से बहुत अच्छी होती है। ==कुछ उल्लेखनीय सूक्ष्मदर्शी == * [[फ़िलिप्स]] का EM100 (1940 का दशक) * [[RCA]] का EMU-2 (1940 का दशक) * [[सीमेंस]] का एल्मिस्कोप 1 (1952 ई०) <ref>[http://micro.magnet.fsu.edu/primer/museum/siemenselmiskop.html Antique Electron Microscope]</ref> * सीमेंस का एल्मिस्कोप 1A (1964 ई०) <ref>[http://micro.magnet.fsu.edu/primer/museum/siemenselmiskop.html Siemens Elmiskop IA Transmission Electron Microscope]</ref> * [[फ़िलिप्स]] का EM300 (~1965 ई०) * जेऑल (JEOL) का 120CX (~1969 ई०) * जेऑल का 200CX (~1975 ई०) <ref>{{Cite web |url=http://www.materials.leeds.ac.uk/LEMAS%20website/MAIN_HTM/HISTORY.htm |title=A History of Electron Microscopy in Leeds |access-date=17 मई 2026 |archive-date=15 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090815033455/http://www.materials.leeds.ac.uk/LEMAS%20website/MAIN_HTM/HISTORY.htm |url-status=dead }}</ref><ref>[http://www.uga.edu/caur/museum.htm The Jerome J. Paulin Electron Microscopy Museum]</ref> [[चित्र:Onchocerca volvulus emerging from a black fly.jpg|300px|thumb|center|इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा १०० गुना आवर्धित करने पर एक वयस्क ''''काली मक्खी''' (Simulium yahense)। इस मक्खी शृंगिका (एंटीना) पर जो परजीवी दिखायी दे रहा है वह Onchocerca volvulus है जो नदी अंधापन (रिवर ब्लाइंडनेस) का कारण है।]] [[चित्र:Ant SEM.jpg|center|thumb|300px|[[स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी]] द्वारा ली गई एक [[चींटी]] की छवि]] [[चित्र:Electron Microscope.png|center|upright|thumb|250px|'''ट्रान्समिशन एलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी''' का योजनामूलक (स्कीमैटिक) आरेख]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20090730205837/http://scienceaid.co.uk/biology/cell/analysingcells.html Science Aid: Electron Microscopy] High School (GCSE, A Level) resource * [https://web.archive.org/web/20111007110902/http://ccdb.ucsd.edu/sand/main?typeid=4&event=showMPByType&start=1 Cell Centered Database - Electron microscopy data] === सामान्य === * [https://web.archive.org/web/20071029054934/http://www.nanohedron.com/ Nanohedron.com|Nano image gallery] beautiful images generated with electron microscopes. * [https://web.archive.org/web/20180814142130/http://www.microscopy.ethz.ch/ electron microscopy] Website of the ETH Zurich: Very good graphics and images, which illustrate various procedures. * [https://web.archive.org/web/20190105142044/http://www.danilatos.com/ Environmental Scanning Electron Microscope (ESEM)] * [https://web.archive.org/web/20081201083229/http://www.microanalyst.net/index_e.phtml X-ray element analysis in electron microscope] – Information portal with X-ray microanalysis and EDX contents === इतिहास === * [https://web.archive.org/web/20090922173439/http://www.physics.utoronto.ca/overview/history/microsco John H.L. Watson: Very early Electron Microscopy in the Department of Physics, the University of Toronto – A personal recollection] * [https://web.archive.org/web/20051215144944/http://americanhistory.si.edu/archives/d8452.htm Rubin Borasky Electron Microscopy Collection, 1930-1988] Archives Center, National Museum of American History, Smithsonian Institution. === अन्य === * [https://web.archive.org/web/20080719130538/http://www.rms.org.uk/em.shtml The Royal Microscopical Society, Electron Microscopy Section (UK)] * [https://web.archive.org/web/20090924194547/http://www.albertlleal.com/microphotography.html Albert Lleal microphotography. Scanning Electron Microphotography Coloured SEM] {{इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन}} [[श्रेणी:वैज्ञानिक तकनीकें]] [[श्रेणी:विकृतिविज्ञान]] 3lyh9cyjl2p5yuqbda1wbl7htrkvq8x उच्च रक्तचाप 0 164019 6582793 6578121 2026-07-15T07:13:12Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582793 wikitext text/x-wiki = उच्च रक्तचाप = == उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) क्या है? == उच्च रक्तचाप को उच्च रक्तचाप भी कहा जाता है। जब आपका दिल धड़कता है, तो यह आपके शरीर को पोषण देने के लिए आपके दिल से रक्त को बाहर निकालता है और आपकी रक्त वाहिकाओं में पहुंचाता है। आपका रक्तचाप रीडिंग आपके रक्त के उस बल को मापता है जो हृदय के सिकुड़ने और आराम करने के दौरान आपकी धमनी की दीवारों पर दबाव डालता है। सिस्टोलिक दबाव (ऊपरी संख्या) उस दबाव को दर्शाता है जब आपका दिल धड़कता है और मांसपेशियां सिकुड़ती हैं, और डायस्टोलिक दबाव (नीचे की संख्या) दिल की धड़कनों के बीच आपकी धमनियों में दबाव को दर्शाता है, जब हृदय आराम करता है और रक्त से भर जाता है। जब आपका सिस्टोलिक रीडिंग 140 या उससे अधिक और डायस्टोलिक रीडिंग 90 और उससे अधिक होती है, तो आपको उच्च रक्तचाप होता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.pennmedicine.org/for-patients-and-visitors/patient-information/conditions-treated-a-to-z/hypertension|website=www.pennmedicine.org|access-date=2025-03-09}}</ref>{{Infobox disease | Name = उच्च रक्तचाप | other_name = हाईपरटेंशन | Image = Grade 1 hypertension.jpg | Caption = स्वचालितभुजा [[स्फाइगनोमैनोमीटर|रक्तचापमापी]], जिसमें सिस्टोलिक रक्तचाप 158mmHg, डायस्टोलिक रक्तचाप 99&nbsp;mmHg एवं हृदय-गति 80प्रति मिनट दर्शित है। | DiseasesDB = 6330 |hg,vbv b nn,ftcggcxfsare ICD10 = {{ICD10|I|10||i|10}},{{ICD10|I|11||i|10}},{{ICD10|I|12||i|10}},<br />{{ICD10|I|13||i|10}},{{ICD10|I|15||i|10}} | ICD9 = {{ICD9|401.x}} | ICDO = | OMIM = 145500 | MedlinePlus = 000468 | eMedicineSubj = med | eMedicineTopic = 1106 | eMedicine_mult = {{eMedicine2|ped|1097}} {{eMedicine2|emerg|267}} | MeshID = D006973 }} '''हाइपरटेंशन''' या '''उच्च रक्तचाप,''' जिसे कभी कभी '''धमनी उच्च रक्तचाप भी कहते हैं,''' एक पुरानी [[रोग|चिकित्सीय स्थिति है]] जिसमें [[धमनी|धमनियों]] में [[रक्तचाप|रक्त का दबाव]] बढ़ जाता है। दबाव की इस वृद्धि के कारण, रक्त की धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाये रखने के लिये दिल को सामान्य से अधिक काम करने की आवश्यकता पड़ती है। रक्तचाप में दो माप शामिल होती हैं, सिस्टोलिक और डायस्टोलिक, जो इस बात पर निर्भर करती है कि हृदय की मांसपेशियों में संकुचन (सिस्टोल) हो रहा है या धड़कनों के बीच में तनाव मुक्तता (डायस्टोल) हो रही है। आराम के समय पर सामान्य रक्तचाप 100-140 mmHg सिस्टोलिक (उच्चतम-रीडिंग) और 60-90 mmHg डायस्टोलिक (निचली-रीडिंग) की सीमा के भीतर होता है। उच्च रक्तचाप तब उपस्थित होता है यदि यह 90/140 mmHg पर या इसके ऊपर लगातार बना रहता है। हाइपरटेंशन प्राथमिक (मूलभूत) उच्च रक्तचाप तथा द्वितीयक उच्च रक्तचाप के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। 90-95% मामले "प्राथमिक उच्च रक्तचाप" के रूप में वर्गीकृत किये जाते हैं, जिसका अर्थ है स्पष्ट अंतर्निहित चिकित्सीय कारण के बिना उच्च रक्तचाप।<ref name="pmid10645931">{{cite journal |author=Carretero OA, Oparil S |title=Essential hypertension. Part I: Definition and etiology |journal=Circulation |volume=101 |issue=3 |pages=329–35 |year=2000 |month=January |pmid=10645931 |url=http://circ.ahajournals.org/content/101/3/329.long |doi=10.1161/01.CIR.101.3.329 |access-date=12 अगस्त 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180616153359/http://circ.ahajournals.org/content/101/3/329.long |archive-date=16 जून 2018 |url-status=live | issn=0009-7322}}</ref> अन्य परिस्थितियां जो गुर्दे, धमनियों, दिल, या अंतःस्रावी प्रणाली को प्रभावित करती हैं, शेष 5-10% मामलों (द्वितीयक उच्च रक्तचाप) का कारण होतीं हैं। हाइपरटेंशन [[पक्षाघात|स्ट्रोक,]] मायोकार्डियल रोधगलन (दिल के दौरे), [[हृदयाघात|दिल की विफलता,]] धमनियों की धमनी विस्फार (उदाहरण के लिए, महाधमनी धमनी विस्फार), परिधीय धमनी रोग जैसे जोखिमों का कारक है और पुराने किडनी रोग का एक कारण है। धमनियों से रक्त के दबाव में मध्यम दर्जे की वृद्धि भी [[जीवन प्रत्याशा]] में कमी के साथ जुड़ी हुई है। आहार और जीवन शैली में परिवर्तन रक्तचाप नियंत्रण में सुधार और संबंधित स्वास्थ्य जटिलताओं के जोखिम को कम कर सकते हैं। हालांकि, दवा के माध्यम से उपचार अक्सर उन लोगों के लिये जरूरी हो जाता है जिनमें जीवन शैली में परिवर्तन अप्रभावी या अपर्याप्त हैं। {{TOC limit|3}} == वर्गीकरण == {| class="wikitable" style="float:right;margin-left:15px;text-align:center" |- ! rowspan="2"| वर्गीकरण (JNC7)<ref name="JNC7">{{cite journal |author=Chobanian AV, Bakris GL, Black HR, ''et al.'' |title=Seventh report of the Joint National Committee on Prevention, Detection, Evaluation, and Treatment of High Blood Pressure |journal=Hypertension |volume=42 |issue=6 |pages=1206–52 |year=2003 |month=December |pmid=14656957 |doi=10.1161/01.HYP.0000107251.49515.c2 |url=http://hyper.ahajournals.org/content/42/6/1206.long |access-date=12 अगस्त 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120520105829/http://hyper.ahajournals.org/content/42/6/1206.long |archive-date=20 मई 2012 |url-status=dead }}</ref> ! colspan="2"| सिस्टोलिक दबाव ! colspan="2"| डायस्टोलिक दबाव |- ! mmHg ! [[पास्कल (इकाई)|kPa]] ! mmHg ! kPa |- | सामान्य | 90–119 | 12–15.9 | 60–79 | 8.0–10.5 |- | हाइपरटेंशन-पूर्व | 120–139 | 16.0–18.5 | 80–89 | 10.7–11.9 |- | चरण 1 हाइपरटेँशन | 140–159 | 18.7–21.2 | 90–99 | 12.0–13.2 |- | चरण 2 हाइपरटेंशन | ≥160 | ≥21.3 | ≥100 | ≥13.3 |- | पृथक सिस्टोलिक<br />हाइपरटेंशन | ≥140 | ≥18.7 | <90 | <12.0 |} === वयस्क === 18 वर्ष या पुराने आयु वर्ग के लोगों में उच्च रक्तचाप को, स्वीकृत सामान्य मान से सिस्टोलिक और/या डायस्टोलिक रक्तचाप माप से लगातार उच्च रहने से (वर्तमान में 139 mmHg सिस्टोलिक, 89 mmHg डायस्टोलिक: तालिका देखें - वर्गीकरण (JNC7)) से परिभाषित किया जाता है। यदि मापांक 24 घंटे एम्ब्युलेंस या घर की निगरानी से लिये गये हैं, तो कम सीमांतर (135 mmHg सिस्टोलिक या 85 mmHg डायस्टोलिक) का उपयोग किया जाता है।<ref name="NICE127 full">{{cite book |author=National Clinical Guidance Centre |title=Hypertension (NICE CG 127) |publisher=[[National Institute for Health and Clinical Excellence]] |chapter=7 Diagnosis of Hypertension, 7.5 Link from evidence to recommendations |page=102 |date=अगस्त 2011 |url=http://www.nice.org.uk/nicemedia/live/13561/56007/56007.pdf |accessdate=22 दिसंबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130723014309/http://www.nice.org.uk/nicemedia/live/13561/56007/56007.pdf |archive-date=23 जुलाई 2013 |url-status=dead }}</ref> सामान्य सीमा में उच्च रक्तचाप के साथ जोखिम के सातत्य को दर्शाने के लिये, हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय उच्च रक्तचाप दिशानिर्देश बनाये गये हैं जो उच्च रक्तचाप सीमा के नीचे बनाये गये हैं। JNC7 (2003)<ref name="JNC7"/> हाइपरटेंशन शब्द को 120-139 mmHg सिस्टोलिक और/या 80-89 mmHg डायस्टोलिक रक्तचाप की परास के लिए उपयोग करता है, जबकि 140 mmHg सिस्टोलिक और 90 mmHg डायस्टोलिक दबाव को प्रतिभाग करने के लिये ESH - ECS (2007) के दिशा निर्देशों<ref name="ESH-ESC">{{cite journal |author=Mancia G, De Backer G, Dominiczak A, ''et al.'' |title=2007 ESH-ESC Practice Guidelines for the Management of Arterial Hypertension: ESH-ESC Task Force on the Management of Arterial Hypertension |journal=J. Hypertens. |volume=25 |issue=9 |pages=1751–62 |year=2007 |month=September |pmid=17762635 |doi=10.1097/HJH.0b013e3282f0580f |url=}}</ref> और BHS IV (2004)<ref name="BHSIV">{{cite journal |author=Williams B, Poulter NR, Brown MJ, ''et al.'' |title=Guidelines for management of hypertension: report of the fourth working party of the British Hypertension Society, 2004-BHS IV |journal=J Hum Hypertens |volume=18 |issue=3 |pages=139–85 |year=2004 |month=March |pmid=14973512 |doi=10.1038/sj.jhh.1001683 |url=}}</ref> इष्टतम, सामान्य और उच्च सामान्य श्रेणियों का उपयोग करता है। उच्च रक्तचाप को निम्न रूप में भी उपवर्गीकृत करते हैं: JNC7 उच्च रक्तचाप चरण I, उच्च रक्तचाप चरण II और पृथक सिस्टोलिक रक्तचाप के रूप में भेद करता है। पृथक सिस्टोलिक रक्तचाप सामान्य डायस्टोलिक दबाव के साथ ऊंचे सिस्टोलिक दबाव के रूप में जाना जाता है और बुजुर्गों में आम है।<ref name="JNC7"/> ESH - ESC (2007) के दिशा निर्देश<ref name="ESH-ESC"/> और BHS IV (2004),<ref name="BHSIV"/> उन लोगों के लिये एक तीसरे चरण (चरण III) का निर्धारण करते हैं जिनका सिस्टोलिक रक्तचाप 179mmHg या डायस्टोलिक दबाव 109 mmHg होता है। अगर दवाएं रक्तचाप को कम करके सामान्य स्तर तक नहीं लाती हैं तो उच्च रक्तचाप "प्रतिरोधी" के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।<ref name="JNC7"/> === नवजात शिशु तथा शिशु === नवजात शिशुओं में उच्च रक्तचाप दुर्लभ है और यह 0.2 से 3% तक नवजात शिशुओं में होता है। स्वस्थ नवजात में रक्तचाप नियमित रूप से नहीं मापा जाता है।<ref name="Dionne">{{cite journal |author=Dionne JM, Abitbol CL, Flynn JT |title=Hypertension in infancy: diagnosis, management and outcome |journal=Pediatr. Nephrol. |volume=27 |issue=1 |pages=17–32 |year=2012 |month=January |pmid=21258818 |doi=10.1007/s00467-010-1755-z |url=}}</ref> उच्च रक्तचाप, उच्च जोखिम वाले नवजात शिशुओं में अधिक आम है। गेस्टिटेशनल उम्र, पोस्टकॉन्सेप्शनल उम्र और जन्म के समय वज़न जैसे कारकों को ध्यान में रख कर यह तय किया जाता है कि किसी नवजात शिशु में रक्तचाप सामान्य है अथवा नहीं।<ref name="Dionne"/> === बच्चे और किशोर === बच्चों और किशोरों (उम्र, लिंग और जातीयता के आधार पर 2-9%) में उच्च रक्तचाप काफी सामान्य रूप में होता है<ref>{{cite journal |author=Din-Dzietham R, Liu Y, Bielo MV, Shamsa F |title=High blood pressure trends in children and adolescents in national surveys, 1963 to 2002 |journal=Circulation |volume=116 |issue=13 |pages=1488–96 |year=2007 |month=September |pmid=17846287 |doi=10.1161/CIRCULATIONAHA.106.683243 |url=https://archive.org/details/sim_circulation_2007-09-25_116_13/page/1488}}</ref> तथा खराब स्वास्थ्य की लंबी अवधि के जोखिम के साथ जुड़ा हुआ होता है।<ref name="fourth">{{cite journal |author= |title=The fourth report on the diagnosis, evaluation, and treatment of high blood pressure in children and adolescents |journal=Pediatrics |volume=114 |issue=2 Suppl 4th Report |pages=555–76 |year=2004 |month=August |pmid=15286277 |doi= |url=https://archive.org/details/sim_pediatrics_2004-08_114_2/page/n294}}</ref> अब यह सिफारिश की जाती है कि तीन साल की उम्र से अधिक बच्चों में नियमित चिकित्सा देखभाल के समय रक्तचाप की जांच की जानी चाहिये। कई दौरों के पश्चात इस बात की पुष्टि की जाती है कि किसी बच्चे में उच्च रक्तचाप के लक्षण हैं।<ref name="fourth"/> बचपन में उम्र के साथ रक्तचाप बढ़ जाता है और बच्चों में उच्च रक्तचाप को औसत सिस्टोलिक या डायस्टोलिक रक्तचाप की तीन या चार बार की माप के औसत के हिसाब से तथा बच्चे के लिंग, उम्र व ऊंचाई के लिये उपयुक्त मान की 95 प्रतिशतता के बराबर या उच्चतर निर्धारित किया जाता है। बच्चों में पूर्व-हाइपरटेंशन को सिस्टोलिक या डायस्टोलिक रक्तचाप की 90 प्रतिशतता के बराबर या अधिक लेकिन 95 प्रतिशतता से कम पर माना जाता है।<ref name="fourth"/> किशोरों में, आम तौर पर उच्च रक्तचाप और पूर्व-उच्चरक्तचाप का निदान वयस्क मापदंड का उपयोग कर वर्गीकृत किया जाता हैं।<ref name="fourth"/> == संकेत एवं लक्षण == उच्च रक्तचाप शायद ही कभी कोई लक्षण दिखाता है और आमतौर पर इसकी पहचान स्क्रीनिंग के माध्यम से होती है या जब इससे असंबंधित स्वास्थ्य समस्या के लिए देखभाल जरूरत पड़ती है। उच्च रक्तचाप से पीड़ित कुछ लोग [[सिरदर्द]] (विशेष रूप से सिर के पिछले हिस्से में और सुबह) तथा साथ ही चक्कर आने की, वर्टिगो टिनिटस (कान में गूँज या फुसफुसाहट की आवाज़), दृष्टि परिवर्तन तथा बेहोशी की शिकायत करते हैं।<ref name="Fisher2005">{{cite book |author=Fisher ND, Williams GH |editor=Kasper DL, Braunwald E, Fauci AS, ''et al.'' |title=Harrison's Principles of Internal Medicine|edition=16th |year=2005 |publisher=McGraw-Hill |location=New York, NY |isbn=0-07-139140-1 |pages=1463–81 |chapter=Hypertensive vascular disease}}</ref> शारीरिक परीक्षण में, उच्च रक्तचाप का शक तब होता है जब ऑप्थेल्मोस्कोपी का उपयोग करते हुए आंखों के पीछे की ओर ऑप्टिक फंडस की जांच के समय हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी का पता चलता है।<ref name="Wong2007">{{cite journal |author=Wong T, Mitchell P |title=The eye in hypertension |url=https://archive.org/details/sim_the-lancet_february-3-9-2007_369_9559/page/425 |journal=Lancet |volume=369 |issue=9559 |pages=425–35 |year=2007 |month=February |pmid=17276782 |doi=10.1016/S0140-6736(07)60198-6}}</ref> प्रतिष्ठित रूप से, उच्च रक्तचाप से ग्रस्त रेटिनोपैथी में परिवर्तन की गंभीरता को I से IV तक की श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है, हालांकि इसके अधिक हल्के प्रकारों का एक दूसरे से भेद करना मुश्किल हो सकता है।<ref name="Wong2007"/> ऑप्थेल्मोस्कोपी के निष्कर्ष यह संकेत भी दे सकते हैं कि कोई व्यक्ति कितने लंबे समय तक उच्च रक्तचाप से ग्रस्त रहा है।<ref name="Fisher2005"/> === द्वितियक उच्च-रक्तचाप === कुछ अतिरिक्त संकेत और लक्षण द्वितियक उच्च-रक्तचाप, का संकेत दे सकते हैं जो किसी पहचान योग्य कारणों जैसे गुर्दे की बीमारियों या अंतःस्रावी रोग के के कारण होने वाला उच्च-रक्तचाप है। उदाहरण के लिए, छाती और पेट का फूलना, ग्लूकोज असहिष्णुता, चाँद मुखाकृति, "बफैलो हंप" और बैंगनी धारियां कुशिंग सिंड्रोम का संकेत देते हैं।<ref name="ABC">{{cite book |author=O'Brien, Eoin; Beevers, D. G.; Lip, Gregory Y. H. |title=ABC of hypertension |publisher=BMJ Books |location=London |year=2007 |pages= |isbn=1-4051-3061-X |oclc= |doi= |accessdate= |url-access=registration |url=https://archive.org/details/abcofhypertensio0000unse }}</ref> थायराइड रोग और अतिकायता भी उच्च रक्तचाप का कारण हो सकते हैं और इनके विशिष्ट लक्षण और संकेत होते हैं।<ref name="ABC"/> पेट की आवाज़ वृक्क धमनी का रोग (गुर्दे की आपूर्ति धमनियों का संकुचन) का संकेत हो सकता है। पैरों में रक्तचाप में कमी या जांघ की धमनियों के स्पंदन में विलंब या अनुपस्थिति, महाधमनी निसंकुचन (हृदय से बाहर निकलते ही महाधमनी का संकुचन) का संकेत हो सकती है। वह उच्च रक्तचाप जो सिर दर्द, धुकधुकी, पीलापन और पसीने के साथ व्यापक रूप से घटता बढ़ता है फियोक्रोमोसाइटोमा (अधिवृक्क ग्रंथि के एक संवहनी ट्यूमर) के संदेह का संकेत माना जाना चाहिए।<ref name="ABC"/> === उच्च रक्तचाप संबंधित संकट === गंभीर रूप से उच्च रक्तचाप (180 सिस्टोलिक या 110 डायास्टोलिक के बराबर या अधिक, कभी कभी घातक या त्वरित उच्च रक्तचाप कहा जाता है) "उच्च रक्तचाप संबंधी संकट" के रूप में सन्दर्भित किया जाता है। इन स्तरों से ऊपर का रक्तचाप, जटिलताओं के उच्च जोखिम का संकेत देता है। इस श्रेणी में रक्तचाप से ग्रस्त लोगों के साथ कोई लक्षण नहीं भी हो सकता है, लेकिन ऐसे लोगों को सिरदर्द (22% मामलो में)<ref>{{cite journal |author=Papadopoulos DP, Mourouzis I, Thomopoulos C, Makris T, Papademetriou V |title=Hypertension crisis |journal=Blood Press. |volume=19 |issue=6 |pages=328–36 |year=2010 |month=December |pmid=20504242 |doi=10.3109/08037051.2010.488052 |url=}}</ref> या चक्कर आने की शिकायत किये जाने की संभावना आम लोगों से अधिक होती है।<ref name="Fisher2005"/> उच्च रक्तचाप से ग्रस्त संकट के अन्य लक्षणों में, देखने की क्षमता में गिरावट या हृदय की विफलता के कारण सांसो का फूलना या गुर्दे की विफलता के कारण सामान्य बेचैनी का एहसास शामिल हो सकते हैं।<ref name="ABC"/> उच्च रक्तचाप से ग्रस्त संकट से ग्रस्त अधिकांश लोगों का रक्तचाप ऊंचा होता है, लेकिन अचानक वृद्धि के लिए अतिरिक्त कारण भी हो सकते हैं।<ref name="Marik2007">{{cite journal |author=Marik PE, Varon J |title=Hypertensive crises: challenges and management |journal=Chest |volume=131 |issue=6 |pages=1949–62 |year=2007 |month=June |pmid=17565029 |doi=10.1378/chest.06-2490 |url=http://chestjournal.chestpubs.org/content/131/6/1949.long |access-date=12 अगस्त 2012 |archive-url=https://archive.today/20121204174126/http://chestjournal.chestpubs.org/content/131/6/1949.long |archive-date=4 दिसंबर 2012 |url-status=dead }}</ref> "उच्च रक्तचाप संबंधी आपात स्थिति", जिसको पहले "घातक उच्च रक्तचाप" कहा जाता था, तब होती है जब गंभीर रूप से ऊंचे रक्तचाप के परिणाम स्वरूप एक या एक से अधिक अंगों में प्रत्यक्ष क्षति के प्रमाण मिलते हैं। इस क्षति में मस्तिष्क में सूजन और शिथिलता के कारण होने वाला उच्च रक्तचाप से ग्रस्त एन्सेफोलोपेथी, शामिल हो सकता है जो सिर दर्द और चेतना के परिवर्तित स्तर द्वारा इसे पहचाना जाता है। रेटिना के पापेलोडेमा और बुध्न संबंधी हेमरेज और धीमा स्राव लक्ष्य अंग क्षति के अन्य संकेत हैं। सीने में दर्द हृदय की मांसपेशीय क्षति (जो रोधगलन को बढ़ावा दे सकता है) या कभी-कभी महाधमनी विच्छेदन, महाधमनी की भीतरी दीवार में फटन का संकेत हो सकता है। श्वास की कमी, खाँसी, कफ और खून से सने हुए थूक की समस्या फेफड़े की एडीमा के लक्षण हैं। यह स्थिति, दिल के बाएं वेंट्रिकल की अक्षमता के कारण फेफड़े के ऊतकों में सूजन की है जो हृदय के बाएं वेंट्रिकल द्वारा फेफड़ों से धमनियों की प्रणाली में पर्याप्त रूप से रक्त पंप करने की अक्षमता है।<ref name="Marik2007"/> गुर्दे की कार्य प्रणाली में तेजी से ह्रास (गुर्दे की तीव्र चोट) और माइक्रोएंजियोपैथिक हीमोलिटिक एनीमिया (रक्त कोशिकाओं का विनाश) भी हो सकती है।<ref name="Marik2007"/> इन स्थितियों में, अंगों की क्षति को रोकने के लिये रक्तचाप में तेजी से कमी आवश्यक होती है।<ref name="Marik2007"/> इसके विपरीत, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उच्च रक्तचाप संबंधी अत्यावश्कताओं में जहां पर लक्षित अंगों में क्षति के कोई साक्ष्य न मिले हों वहां पर रक्तचाप को तेजी से कम करने की आवश्यकता होती है। रक्तचाप की कमी में अति-आक्रामकता किसी जोखिम के बिना नहीं होती है।<ref name="ABC"/> उच्च रक्तचाप से संबंधित अत्यावश्कताओं में मुंह से खायी जाने वाली दवाओं के उपयोग से रक्तचाप को 24 से 48 घंटे में धीरे-धीरे कम करने की वकालत की जाती है।<ref name="Marik2007"/> === गर्भावस्था === गर्भधारण के लगभग 8-10% मामलों में उच्च रक्तचाप की समस्या होती है।<ref name="ABC"/> गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप की समस्या वाली महिलाओं में प्राथमिक उच्च रक्तचाप पहले से मौजूद होता है। गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप पूर्व-एक्लंपशिया, का पहला संकेत हो सकता है जो कि गर्भावस्था की दूसरे आधे भाग की तथा प्रसव के कुछ हफ्तो बाद की गंभीर स्थिति है।<ref name="ABC"/> पूर्व एक्लंपशिया के निदान में बढ़ा रक्तचाप तथा मूत्र में प्रोटीन की उपस्थिति शामिल है।<ref name="ABC"/> पूर्व-एक्लंपशिया गर्भधारण के लगभग 5% मामलों में होता है और विश्व स्तर पर सभी मातृ मृत्यु के लगभग 16% मामलों के लिए जिम्मेदार होता है।<ref name="ABC"/> पूर्व-एक्लंपशिया बच्चों की मृत्यु का भी खतरा दोगुना कर देता है।<ref name="ABC"/> आमतौर पर पूर्व-एक्लंपशिया का कोई लक्षण नहीं होता हैं और यह नियमित जांच से ही पता चलता है। जब पूर्व-एक्लंपशिया के लक्षण होते हैं तो उनमें सबसे आम सिरदर्द, दृश्यता संबंधी गड़बड़ी (अक्सर "चमकती रोशनी"), उल्टी, अधिजठर (पेट के ऊपरी-मध्य भाग में) दर्द और एडेमा (सूजन) हैं। पूर्व-एक्लंपशिया कभी-कभी जीवन के लिए एक खतरनाक स्थिति एक्लंपशिया तक पहुंच जाती है। एक्लंपशिया एक उच्च रक्तचाप से संबंधित आपात स्थिति है इसमें कई गंभीर जटिलताएं शामिल हैं। इन जटिलताओं में दृष्टि का खोना, मस्तिष्क में सूजन दौरे या कंपकपी, गुर्दे की विफलता, फेफड़े का एडेमा और एक या अधिक रक्त वाहिकाओं में खून का जमना (रक्त के थक्के का विकार) शामिल हैं।<ref name="ABC"/><ref name="urlHypertension and Pregnancy: eMedicine Obstetrics and Gynecology">{{cite web |url=http://emedicine.medscape.com/article/261435-overview |title=Hypertension and Pregnancy |author=Gibson, Paul |author2= |date=जुलाई 30, 2009 |work=eMedicine Obstetrics and Gynecology |publisher=Medscape |pages= |accessdate=16 जून 2009 |archive-url=https://www.webcitation.org/6Hef84nlD?url=http://emedicine.medscape.com/article/261435-overview |archive-date=26 जून 2013 |url-status=live }}</ref> === शिशु और बच्चे === नवजात शिशुओं और युवा शिशुओं में बढ़त में कमी, दौरे, चिड़चिड़ापन, ऊर्जा में कमी और साँस लेने में कठिनाई<ref name="urlHypertension: eMedicine Pediatrics: Cardiac Disease and Critical Care Medicine">{{cite web |url=http://emedicine.medscape.com/article/889877-overview |title=Hypertension |author=Rodriguez-Cruz, Edwin |author2=Ettinger, Leigh M |date=अप्रैल 6, 2010 |work=eMedicine Pediatrics: Cardiac Disease and Critical Care Medicine |publisher=Medscape |pages= |accessdate=16 जून 2009 |archive-url=https://www.webcitation.org/6Hef8iyxf?url=http://emedicine.medscape.com/article/889877-overview |archive-date=26 जून 2013 |url-status=live }}</ref> को उच्च रक्तचाप के साथ जोड़ कर देखा जा सकता है। बड़े शिशुओं और बच्चों में, उच्च रक्तचाप, सिरदर्द, अस्पष्ट चिड़चिड़ापन, थकान, बढ़त में कमी धुंधली दृष्टि, [[नकसीर फूटना|नकसीर फूटना,]] और चेहरे का पक्षाघात हो सकता है।<ref name="Dionne"/><ref name="urlHypertension: eMedicine Pediatrics: Cardiac Disease and Critical Care Medicine"/> == जटिलताएं == [[चित्र:Main complications of persistent high blood pressure.svg|thumb|दीर्घस्थायी उच्च रक्तचाप की मुख्य जटिलताओं को दर्शाता चित्र।]] दुनिया भर में उच्च रक्तचाप, समय से पूर्व मृत्यु हेतु, रोका जा सकने वाला सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारक है।<ref>{{cite web|title=Global health risks: mortality and burden of disease attributable to selected major risks.|url=http://www.who.int/healthinfo/global_burden_disease/GlobalHealthRisks_report_full.pdf|work=World Health Organization|year=2009|accessdate=10 फ़रवरी 2012|archive-url=https://www.webcitation.org/6Hef9L5DK?url=http://www.who.int/healthinfo/global_burden_disease/GlobalHealthRisks_report_full.pdf|archive-date=26 जून 2013|url-status=live}}</ref> यह इस्केमिक हृदय रोग<ref name="pmid12493255">{{cite journal |author=Lewington S, Clarke R, Qizilbash N, Peto R, Collins R |title=Age-specific relevance of usual blood pressure to vascular mortality: a meta-analysis of individual data for one million adults in 61 prospective studies |journal=Lancet |volume=360 |issue=9349 |pages=1903–13 |year=2002 |month=December |pmid=12493255 |doi= 10.1016/S0140-6736(02)11911-8|url=https://archive.org/details/sim_the-lancet_2002-12-14_360_9349/page/1902}}</ref> स्ट्रोक,<ref name="ABC"/> [[परिधीय संवहिनी रोग|परिधीय संवहनी रोग,]]<ref name="pmid18375152">{{cite journal |author=Singer DR, Kite A |title=Management of hypertension in peripheral arterial disease: does the choice of drugs matter? |journal=European Journal of Vascular and Endovascular Surgery |volume=35 |issue=6 |pages=701–8 |year=2008 |month=June |pmid=18375152 |doi=10.1016/j.ejvs.2008.01.007}}</ref> और अन्य हृदय रोगों जिसमें [[हृदयाघात|दिल की विफलता,]] महाधमनी धमनीविस्फार, ड्फ्यूस एथएरॉसक्लिरॉसेस और फुफ्फुसीय अन्त: शल्यता शामिल है, के जोखिम को बढ़ावा देता है।<ref name="ABC"/> उच्च रक्तचाप संज्ञानात्मक हानि, पागलपन और जटिल किडनी रोग के लिए एक जोखिम कारक है।<ref name="ABC"/> अन्य जटिलताओं में शामिल हैं: * उच्च रक्तचापग्रस्त दृष्टि पटल विकृति * उच्च रक्तचाप से ग्रस्त अपवृक्कता<ref name="pmid19330604">{{cite journal |author=Zeng C, Villar VA, Yu P, Zhou L, Jose PA |title=Reactive oxygen species and dopamine receptor function in essential hypertension |journal=Clinical and Experimental Hypertension |volume=31 |issue=2 |pages=156–78 |year=2009 |month=April |pmid=19330604 |doi=10.1080/10641960802621283}}</ref> == कारण == === प्राथमिक उच्च रक्तचाप === प्राथमिक (आवश्यक) उच्च रक्तचाप, उच्च रक्तचाप का सबसे आम रूप है, उच्च रक्तचाप के सभी मामलों में 90-95% यही होता है।<ref name="pmid10645931"/> लगभग सभी समकालीन समाजों में, उम्र बढ़ने के साथ रक्तचाप बढ़ता है तथा बाद के जीवन में उच्च रक्तचाप से ग्रस्त होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।<ref>{{cite journal|last=Vasan|first=RS|author2=Beiser, A, Seshadri, S, Larson, MG, Kannel, WB, D'Agostino, RB, Levy, D|title=Residual lifetime risk for developing hypertension in middle-aged women and men: The Framingham Heart Study.|url=https://archive.org/details/sim_jama_2002-02-27_287_8/page/1003|journal=JAMA : the journal of the American Medical Association|date=2002 Feb 27|volume=287|issue=8|pages=1003-10|pmid=11866648}}</ref> जीन और पर्यावरणीय कारकों के एक जटिल मिलाप से उच्च रक्तचाप होता है। रक्तचाप पर हल्का प्रभाव डालने वाली कई आम जीनों की पहचान की गयी है<ref>The International Consortium for Blood Pressure Genome-Wide Association Studies. Genetic variants in novel pathways influence blood pressure and cardiovascular disease risk. Nature 2011; 478: 103–109 doi:10.1038/nature10405</ref> साथ ही रक्तचाप पर अधिक प्रभाव डालने वाली कुछ दुर्लभ जीन भी पता चली हैं<ref>{{cite journal|last=Lifton|first=RP|author2=Gharavi, AG, Geller, DS|title=Molecular mechanisms of human hypertension.|url=https://archive.org/details/cell_2001-02-23_104_4/page/545|journal=Cell|date=2001 Feb 23|volume=104|issue=4|pages=545-56|pmid=11239411}}</ref> लेकिन उच्च रक्तचाप का आनुवंशिक आधार अभी भी बेहद कम समझा गया है। कई पर्यावरणीय कारक रक्तचाप को प्रभावित करते हैं। जीवन शैली से संबंधित कुछ कारक हैं जो रक्तचाप कम करते हैं जिनमें आहार में [[नमक|नमक की]] मात्रा कम करना,<ref>{{cite journal|last=He|first=FJ|author2=MacGregor, GA|title=A comprehensive review on salt and health and current experience of worldwide salt reduction programmes.|journal=Journal of human hypertension|date=2009 Jun|volume=23|issue=6|pages=363-84|pmid=19110538}}</ref> फल और कम वसा वाले उत्पादों को आहार में बढ़ाना (उच्च रक्तचाप को रोकने के लिये आहार संबंधी दृष्टिकोण (DASH आहार) शामिल हैं। व्यायाम,<ref name="ReferenceA">Dickinson HO, Mason JM, Nicolson DJ, Campbell F, Beyer FR, Cook JV, Williams B, Ford GA. Lifestyle interventions to reduce raised blood pressure: a systematic review of randomized controlled trials. J Hypertens. 2006; 24:215-33.</ref> वज़न घटाना<ref name="HaslamJames">{{cite journal |author=Haslam DW, James WP |title=Obesity |url=https://archive.org/details/sim_the-lancet_october-1-7-2005_366_9492/page/1197 |journal=Lancet |volume=366 |issue=9492 |pages=1197–209 |year=2005 |pmid=16198769 |doi=10.1016/S0140-6736(05)67483-1}}</ref> और शराब का कम सेवन भी रक्तचाप कम करने में मदद करते हैं।<ref>{{cite journal | author = Whelton PK, He J, Appel LJ, Cutler JA, Havas S, Kotchen TA ''et al.'' | year = 2002 | title = Primary prevention of hypertension:Clinical and public health advisory from The National High Blood Pressure Education Program | url = | journal = JAMA | volume = 288 | issue = 15| pages = 1882–8 | doi = 10.1001/jama.288.15.1882 | pmid = 12377087 }}</ref> अन्य कारकों जैसे तनाव,<ref name="ReferenceA"/> कैफीन की खपत,<ref>Mesas AE, Leon-Muñoz LM, Rodriguez-Artalejo F, Lopez-Garcia E. The effect of coffee on blood pressure and cardiovascular disease in hypertensive individuals: A systematic review and meta-analysis. Am J Clin Nutr. 2011, 94:1113-26.</ref> और विटामिन डी की कमी<ref>{{cite journal |author=Vaidya A, Forman JP |title=Vitamin D and hypertension: current evidence and future directions |journal=Hypertension |volume=56 |issue=5 |pages=774–9 |year=2010 |month=November |pmid=20937970 |doi=10.1161/HYPERTENSIONAHA.109.140160 |url=}}</ref> की संभावित भूमिका, कम स्पष्ट है। इंसुलिन प्रतिरोध, जो मोटापे में आम है और सिंड्रोम एक्स (या उपापचयी सिंड्रोम) का एक घटक है, भी उच्च रक्तचाप के लिए योगदान देने वाला माना जाता है।<ref name="pmid12364344">{{cite journal |author=Sorof J, Daniels S |title=Obesity hypertension in children: a problem of epidemic proportions |journal=Hypertension |volume=40 |issue=4 |pages=441–447 |year=2002 |month=October |pmid=12364344 |doi=10.1161/01.HYP.0000032940.33466.12 |url=http://hyper.ahajournals.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=12364344 |accessdate=3 जून 2009 |archive-url=https://archive.today/20121205010228/http://hyper.ahajournals.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=12364344 |archive-date=5 दिसंबर 2012 |url-status=dead }}</ref> हाल के अध्ययनों से यह भी पता चला है कि प्रारंभिक जीवन की घटनाएं (उदाहरण के लिए, जन्म के समय कम वज़न, धूम्रपान करने वाली माँ तथा स्तनपान की कमी) आवश्यक उच्च-रक्तचाप के लिये जोखिम कारक होती हैं।<ref name="Lawlor 2005">{{cite journal|last=Lawlor|first=DA|author2=Smith, GD|title=Early life determinants of adult blood pressure.|journal=Current opinion in nephrology and hypertension|date=2005 May|volume=14|issue=3|pages=259-64|pmid=15821420}}</ref> हालांकि, इन जोखिमों को वयस्कों में उच्च रक्तचाप की समस्या से जोड़ने वाले तंत्र अस्पष्ट हैं।<ref name="Lawlor 2005"/> === द्वितीयक उच्च-रक्तचाप === द्वितीयक उच्च रक्तचाप किसी पहचाने जा सकने वाले कारण का परिणाम है। गुर्दे का रोग उच्च रक्तचाप के द्वितीयक कारणों में सबसे आम है।<ref name="ABC"/> उच्च रक्तचाप, अंतःस्रावी स्थितियों जैसे कुशिंग सिन्ड्रोम, [[हाइपरथाइरॉयडिज़्म|हाइपरथायराडिज्म]] (अतिगलग्रंथिता), [[हाइपोथाइरॉयडिज़्म|हाइपोथायराडिज्म]](अल्पगलग्रंथिता), एक्रोमिगेली, कॉन सिन्ड्रोम (अतिकायता) या हाइपरएल्डोस्टरोनिज्म (रक्त में एल्डोस्टरोन हार्मोन की अधिकता) तथा हाइपरपैराथायराइरॉडिज्म (अतिपरजीविता) या फियोक्रोमोसाइटोमा (एपाफ्राइन के अतिस्राव के कारण सतत उच्च रक्तचाप) के कारण भी हो सकता है।<ref name="ABC"/><ref>Dluhy RG, Williams GH. Endocrine hypertension. In: Wilson JD, Foster DW, Kronenberg HM, eds. Williams Textbook of Endocrinology. 9th ed. Philadelphia, Pa: WB Saunders; 1998:729-49.</ref> द्वितीयक उच्च रक्तचाप के अन्य कारणों में [[मोटापा|मोटापा,]] नींद के समय अल्पश्वसन, [[गर्भावस्था|गर्भावस्था,]] महाधमनी का निसंकुचन, अत्यधिक लिकोरिस खपत और कुछ पर्चे वाली दवाएं, हर्बल उपचार और अवैध दवाएं शामिल हैं।<ref name="ABC"/><ref>{{cite journal |author=Grossman E, Messerli FH |title=Drug-induced Hypertension: An Unappreciated Cause of Secondary Hypertension |journal=Am. J. Med. |volume=125 |issue=1 |pages=14–22 |year=2012 |month=January |pmid=22195528 |doi=10.1016/j.amjmed.2011.05.024 |url=https://archive.org/details/sim_american-journal-of-medicine_2012-01_125_1/page/14}}</ref> == पैथोफिज़ियोलॉजी (रोग के कारण पैदा हुए क्रियात्मक परिवर्तन) == [[चित्र:Arterial pressure diagram.png|thumb|right|350px|धमनीय दाब को प्रभावित करने वाले कारकों को दर्शाता चित्र।]] स्थापित मूलभूत उच्च रक्तचाप (प्राथमिक) वाले ज्यादातर लोगों में, कार्डियक आउटपुट सामान्य रहते हुए रक्त प्रवाह का बढ़ा हुआ प्रतिरोध (कुल परिधीय प्रतिरोध) उच्च दबाव के लिए जिम्मेदार होता है।<ref>{{cite journal |author=Conway J |title=Hemodynamic aspects of essential hypertension in humans |journal=Physiol. Rev. |volume=64 |issue=2 |pages=617–60 |year=1984 |month=April |pmid=6369352 |doi= |url=https://archive.org/details/sim_physiological-reviews_1984-04_64_2/page/617}}</ref> इस बात के साक्ष्य है कि पूर्व-उच्चरक्तचाप या "सीमावर्ती उच्च रक्तचाप वाले कुछ युवा लोगों को उच्च कार्डियक आउटपुट, उच्च हृदय गति दर और सामान्य परिधीय प्रतिरोध होता है। इस स्थिति को हाइपरकाइनेटिक सीमावर्ती उच्च रक्तचाप कहा जाता है।<ref name="Palatini">{{cite journal |author=Palatini P, Julius S |title=The role of cardiac autonomic function in hypertension and cardiovascular disease |journal=Curr. Hypertens. Rep. |volume=11 |issue=3 |pages=199–205 |year=2009 |month=June |pmid=19442329 |doi= |url=}}</ref> इन व्यक्तियों के बाद के जीवन में स्थापित मूलभूत उच्च रक्तचाप के विशिष्ट लक्षणों का विकास हो जाता है क्योंकि उम्र के बढ़ने के साथ उनका कार्डियक आउटपुट गिर जाता है तथा परिधीय प्रतिरोध बढ़ जाता है।<ref name="Palatini"/> यह विवाद का विषय है कि यह पैटर्न उन सभी लोगों पर लागू होता है नहीं जिनमें अंततः उच्च रक्तचाप का विकास हो जाता है।<ref>{{cite journal |author=Andersson OK, Lingman M, Himmelmann A, Sivertsson R, Widgren BR |title=Prediction of future hypertension by casual blood pressure or invasive hemodynamics? A 30-year follow-up study |journal=Blood Press. |volume=13 |issue=6 |pages=350–4 |year=2004 |pmid=15771219 |doi= |url=}}</ref> स्थापित उच्च रक्तचाप में बढ़ा हुआ परिधीय प्रतिरोध मुख्य रूप से छोटी धमनियों और धमनिकाओं के संरचनात्मक संकुचन के कारण होता है।<ref>{{cite journal |author=Folkow B |title=Physiological aspects of primary hypertension |journal=Physiol. Rev. |volume=62 |issue=2 |pages=347–504 |year=1982 |month=April |pmid=6461865 |doi= |url=https://archive.org/details/sim_physiological-reviews_1982-04_62_2/page/n2}}</ref> केशिकाओं की संख्या या घनत्व में कमी भी परिधीय प्रतिरोध में योगदान कर सकती है।<ref>{{cite journal |author=Struijker Boudier HA, le Noble JL, Messing MW, Huijberts MS, le Noble FA, van Essen H |title=The microcirculation and hypertension |journal=J Hypertens Suppl |volume=10 |issue=7 |pages=S147–56 |year=1992 |month=December |pmid=1291649 |doi= |url=}}</ref> उच्च रक्तचाप परिधीय नसों में लचीलेपन की कमी के साथ भी जुड़ा हुआ है,<ref>{{cite journal |author=Safar ME, London GM |title=Arterial and venous compliance in sustained essential hypertension |journal=Hypertension |volume=10 |issue=2 |pages=133–9 |year=1987 |month=August |pmid=3301662 |doi= |url=https://archive.org/details/sim_hypertension_1987-08_10_2/page/133}}</ref>जो हृदय में रक्त की वापसी को बढ़ाने, हृदय प्रीलोड में वृद्धि कर सकता है और अंततः डायस्टोलिक असमान्यता का कारण बन सकता है। रक्त वाहिकाओं का सक्रिय संकुचन स्थापित मूलभूत उच्च रक्तचाप में भूमिका निभाता है या नहीं यह स्पष्ट नहीं है।<ref>{{cite journal |author=Schiffrin EL |title=Reactivity of small blood vessels in hypertension: relation with structural changes. State of the art lecture |journal=Hypertension |volume=19 |issue=2 Suppl |pages=II1–9 |year=1992 |month=February |pmid=1735561 |doi= |url=}}</ref> नाड़ी दबाव (सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप के बीच अंतर) उच्च रक्तचाप वाले बुजुर्गों में अक्सर बढ़ जाता है। इस स्थिति में ऐसा सिस्टोलिक दबाव हो सकता है जो कि असामान्य रूप से उच्च हो, लेकिन डायस्टोलिक दबाव सामान्य या कम हो सकता है। इस स्थिति को पृथक सिस्टोलिक रक्तचाप कहा जाता है।<ref>{{cite journal |author=Chobanian AV |title=Clinical practice. Isolated systolic hypertension in the elderly |journal=N. Engl. J. Med. |volume=357 |issue=8 |pages=789–96 |year=2007 |month=August |pmid=17715411 |doi=10.1056/NEJMcp071137 |url=https://archive.org/details/sim_new-england-journal-of-medicine_2007-08-23_357_8/page/788}}</ref> बुजुर्ग लोगों में उच्च रक्तचाप या पृथक सिस्टोलिक उच्च रक्तचाप के साथ उच्च नाड़ी दबाव को बढ़ी हुयी धमनीय कठोरता द्वारा समझा जा सकता है जो आम तौर पर उम्र बढ़ने के साथ जुडा हुआ है और उच्च रक्तचाप के द्वारा और बिगड़ सकता है।<ref>{{cite journal |author=Zieman SJ, Melenovsky V, Kass DA |title=Mechanisms, pathophysiology, and therapy of arterial stiffness |journal=Arterioscler. Thromb. Vasc. Biol. |volume=25 |issue=5 |pages=932–43 |year=2005 |month=May |pmid=15731494 |doi=10.1161/01.ATV.0000160548.78317.29 |url=https://archive.org/details/sim_arteriosclerosis-thrombosis-and-vascular-biology_2005-05_25_5/page/932}}</ref> उच्च रक्तचाप में धमनियों की प्रणाली के भीतर देखे गये प्रतिरोध में वृद्धि के लिये कई तंत्रों को प्रस्ताविक किया गया है। अधिकांश साक्ष्य इन कारणों में से एक या दोनों की ओर इशारा करते हैं: * गुर्दे द्वारा नमक और पानी से निपटने में अनियमितता, विशेष रूप से अंतः गुर्दा रेनिन - एंजियोटेनसिन प्रणाली की गड़बड़ियां।<ref>{{cite journal |author=Navar LG |title=Counterpoint: Activation of the intrarenal renin-angiotensin system is the dominant contributor to systemic hypertension |journal=J. Appl. Physiol. |volume=109 |issue=6 |pages=1998–2000; discussion 2015 |year=2010 |month=December |pmid=21148349 |pmc=3006411 |doi=10.1152/japplphysiol.00182.2010a |url=}}</ref> * सहानुभूति तंत्रिका तंत्र की अनियमितताएं<ref>{{cite journal |author=Esler M, Lambert E, Schlaich M |title=Point: Chronic activation of the sympathetic nervous system is the dominant contributor to systemic hypertension |journal=J. Appl. Physiol. |volume=109 |issue=6 |pages=1996–8; discussion 2016 |year=2010 |month=December |pmid=20185633 |doi=10.1152/japplphysiol.00182.2010 |url=https://archive.org/details/sim_journal-of-applied-physiology_2010-12_109_6/page/1996}}</ref> ये तंत्र परस्पर अनन्य नहीं हैं और यह संभावना है कि मूलभूत उच्च रक्तचाप के ज्यादातर मामलों में दोनों कुछ हद तक जिम्मेदार हों। यह भी सुझाया गया है कि एंडोथेलियल असमान्यता (रक्त वाहिकाओं के अस्तर की शिथिलता) और संवहनी [[सूजन]] भी बढ़े हुए परिधीय प्रतिरोध और उच्च रक्तचाप में संवहनी क्षति के लिए योगदान कर सकते हैं।<ref>{{cite journal |author=Versari D, Daghini E, Virdis A, Ghiadoni L, Taddei S |title=Endothelium-dependent contractions and endothelial dysfunction in human hypertension |journal=Br. J. Pharmacol. |volume=157 |issue=4 |pages=527–36 |year=2009 |month=June |pmid=19630832 |pmc=2707964 |doi=10.1111/j.1476-5381.2009.00240.x |url=}}</ref><ref>{{cite journal |author=Marchesi C, Paradis P, Schiffrin EL |title=Role of the renin-angiotensin system in vascular inflammation |journal=Trends Pharmacol. Sci. |volume=29 |issue=7 |pages=367–74 |year=2008 |month=July |pmid=18579222 |doi=10.1016/j.tips.2008.05.003 |url=}}</ref> == रोग के लक्षण == {| class="wikitable" style="float:right;margin-left:15px;text-align:center" |- |+ उच्च रक्तचाप में किये जाने वाले आम परीक्षण ! प्रणाली ! परीक्षण |- | गुर्दे संबंधी | सूक्ष्म मूत्र विश्लेषण, (प्रोटीनुरिया) प्रोटीनमेह, सीरम BUN <small>(रक्त यूरिया नाइट्रोजन)</small> और/या क्रेटनाइन |- | [[अंतःस्रावी तंत्र|अंत: स्राव (एन्डोक्राइन)]] | सीरम [[सोडियम]], [[पोटैशियम|पोटेशियम]], [[कैल्शियम]], TSH <small>(थायराइड-उत्तेजक हॉर्मोन)</small>। |- | मेटाबोलिक (चयापचयी) | निराहार रक्त ग्लूकोज, कुल कोलेस्ट्रॉल, HDL और LDL कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स |- | अन्य | हेमाटॉक्रिट, इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम और छाती का रेडियोग्राफ़ |- | colspan="2"| सूत्र: ''आंतरिक चिकित्सा के हैरिसन के सिद्धांत''<ref name="isbn0-07-147691-1">{{cite book |author=Loscalzo, Joseph; Fauci, Anthony S.; Braunwald, Eugene; Dennis L. Kasper; Hauser, Stephen L; Longo, Dan L. |editor= |others= |title=Harrison's principles of internal medicine |edition= |publisher=McGraw-Hill Medical |year=2008 |pages= |isbn=0-07-147691-1 |doi= |url=https://archive.org/details/harrisonsprincip0000unse_b7u9|accessdate=}}</ref> ''अन्य''<ref name="pmid19417858">{{cite journal |author=Padwal RS |title=The 2009 Canadian Hypertension Education Program recommendations for the management of hypertension: Part 1 – blood pressure measurement, diagnosis and assessment of risk |journal=Canadian Journal of Cardiology |volume=25 |issue=5 |pages=279–86 |year=2009 |month=May |pmid=19417858 |doi= 10.1016/S0828-282X(09)70491-X|url= |pmc=2707176 |author-separator=, |author2=Hemmelgarn BR |author3=Khan NA |display-authors=3 |last4=Grover |first4=S |last5=McKay |first5=DW |last6=Wilson |first6=T |last7=Penner |first7=B |last8=Burgess |first8=E |last9=McAlister |first9=FA}}</ref><ref name="pmid18548142">{{cite journal |author=Padwal RJ |title=The 2008 Canadian Hypertension Education Program recommendations for the management of hypertension: Part 1 – blood pressure measurement, diagnosis and assessment of risk |journal=Canadian Journal of Cardiology |volume=24 |issue=6 |pages=455–63 |year=2008 |month=June |pmid=18548142 |pmc=2643189 |doi= 10.1016/S0828-282X(08)70619-6|url= |author-separator=, |author2=Hemmelgarn BR |author3=Khan NA |display-authors=3 |last4=Grover |first4=S |last5=McAlister |first5=FA |last6=McKay |first6=DW |last7=Wilson |first7=T |last8=Penner |first8=B |last9=Burgess |first9=E}}</ref><ref name="pmid17534459">{{cite journal |author=Padwal RS |title=The 2007 Canadian Hypertension Education Program recommendations for the management of hypertension: Part 1 – blood pressure measurement, diagnosis and assessment of risk |journal=Canadian Journal of Cardiology |volume=23 |issue=7 |pages=529–38 |year=2007 |month=May |pmid=17534459 |pmc=2650756 |doi= 10.1016/S0828-282X(07)70797-3|url= |author-separator=, |author2=Hemmelgarn BR |author3=McAlister FA |display-authors=3 |last4=McKay |first4=DW |last5=Grover |first5=S |last6=Wilson |first6=T |last7=Penner |first7=B |last8=Burgess |first8=E |last9=Bolli |first9=P}}</ref><ref name="pmid16755312">{{cite journal |author=Hemmelgarn BR |title=The 2006 Canadian Hypertension Education Program recommendations for the management of hypertension: Part I – Blood pressure measurement, diagnosis and assessment of risk |journal=Canadian Journal of Cardiology |volume=22 |issue=7 |pages=573–81 |year=2006 |month=May |pmid=16755312 |pmc=2560864 |doi= 10.1016/S0828-282X(06)70279-3|url= |author-separator=, |author2=McAlister FA |author3=Grover S |display-authors=3 |last4=Myers |first4=MG |last5=McKay |first5=DW |last6=Bolli |first6=P |last7=Abbott |first7=C |last8=Schiffrin |first8=EL |last9=Honos |first9=G}}</ref><ref name="pmid16003448">{{cite journal |author=Hemmelgarn BR |title=The 2005 Canadian Hypertension Education Program recommendations for the management of hypertension: part 1- blood pressure measurement, diagnosis and assessment of risk |journal=Canadian Journal of Cardiology |volume=21 |issue=8 |pages=645–56 |year=2005 |month=June |pmid=16003448 |doi= |url= |author-separator=, |author2=McAllister FA |author3=Myers MG |display-authors=3 |last4=McKay |first4=DW |last5=Bolli |first5=P |last6=Abbott |first6=C |last7=Schiffrin |first7=EL |last8=Grover |first8=S |last9=Honos |first9=G}}</ref> |} उच्च रक्तचाप का निदान तब होता है जब रोगी लगातार उच्च रक्तचाप से पीड़ित होता है। परंपरागत रूप से,<ref name="NICE127 full"/> निदान के लिये एक महीने के अंतराल पर तीन अलग रक्तदाबमापी माप की आवश्यकता होती है।<ref>{{cite book |author=North of England Hypertension Guideline Development Group |chapter=Frequency of measurements |page=53 |title=Essential hypertension (NICE CG18) |publisher=[[National Institute for Health and Clinical Excellence]] |date=1 अगस्त 2004 |url=http://guidance.nice.org.uk/index.jsp?action=download&o=48384 |accessdate=22 दिसंबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120714085714/http://guidance.nice.org.uk/index.jsp?action=download&o=48384 |archive-date=14 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref> उच्च रक्तचाप से ग्रस्त मरीजों के प्रारंभिक मूल्यांकन में पूर्ण इतिहास और शारीरिक परीक्षा शामिल है। 24 घंटे चल रक्तचाप मॉनीटर और घर पर रक्तचाप नापने वाली मशीनों की उपलब्धता के साथ, व्हाइट कोट उच्च रक्तचाप (व्हाइट कोट सिंड्रोम) वाले रोगियों के गलत निदान से बचने के महत्त्व ने प्रोटोकॉल में परिवर्तन कर दिया है। यूनाइटेड किंगडम में, वर्तमान में सबसे अच्छा अभ्यास चल माप के साथ एकल क्लीनिक पठन का फॉलोअप है। सात दिन की अवधि में घर पर रक्तचाप नापने वाली मशीनों के माध्यम से भी कम आदर्श रूप से फॉलोअप का पालन किया जा सकता है।<ref name="NICE127 full"/> जब एक बार उच्च रक्तचाप का निदान निश्चित हो जाता है, तो चिकित्सक, यदि उपस्थित हो तो जोखिम वाले कारकों और अन्य लक्षणों के आधार पर अंतर्निहित कारण की पहचान करने का प्रयास करते हैं। किशोरावस्था से पूर्व बच्चों में आमतौर द्वितीयक उच्च रक्तचाप अधिक होता है तथा अधिकतर मामले गुर्दे की बीमारियों से संबंधित होते हैं। किशोरों में प्राथमिक या मूलभूत उच्च रक्तचाप अधिक आम है इसके कई कारक है जिनमें मोटापा और उच्चरक्तचाप का पारिवारिक इतिहास शामिल हैं।<ref name="pmid16719248">{{cite journal | author = Luma GB, Spiotta RT | title = Hypertension in children and adolescents | url = https://archive.org/details/sim_american-family-physician_2006-05-01_73_9/page/1558 | journal = Am Fam Physician | volume = 73 | issue = 9 | pages = 1558–68 | month = may | year = 2006 | pmid = 16719248}}</ref> द्वितीयक उच्च रक्तचाप के संभावित कारणों की पहचान करने के लिए तथा यह निर्धारित करने के लिये कि क्या उच्च रक्तचाप ने हृदय, आँखों तथा गुर्दे को क्षति पहुंचायी है, प्रयोगशाला परीक्षण भी किये जा सकते हैं। [[मधुमेह]] और उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर के लिए अतिरिक्त परीक्षण किये जाते हैं क्योंकि ये स्थितियां [[हृदय रोग]] के विकास के जोखिम का कारक हैं और इनके उपचार की आवश्यकता हो सकती है।<ref name="pmid10645931"/> सीरम क्रेटनाइन की माप गुर्दे की बीमारी की उपस्थिति का आंकलन करने के लिये की जाती है, जो या तो उच्च रक्तचाप का कारण या परिणाम हो सकता है। सीरम क्रेटनाइन अकेले ही ग्लोमेरूलर छनन दर को वास्तविकता से अधिक कर सकता हैं। हाल के दिशा निर्देश ग्लोमेरूलर छनन दर (eGFR) के आंकलन के लिये गुर्दा रोग में खुराक में संशोधन (MDRD) सूत्र जैसे भविष्यसूचक समीकरणों के उपयोग की वकालत करते हैं।<ref name="JNC7"/> eGFR गुर्दे के प्रकार्य की एक ऐसी आधारभूत माप प्रदान कर सकता है जिसे गुर्दे के प्रकार्य पर कुछ उच्चरक्तचापरोधी दवाओं के दुष्प्रभावों पर नज़र रखने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रोटीन के लिए मूत्र के नमूनों का परीक्षण भी गुर्दे की बीमारी के एक द्वितीयक सूचक के रूप में प्रयोग किया जाता है। इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम परीक्षण (EKG/ECG) इस साक्ष्य को प्राप्त करने के लिये किया जाता है कि हृदय, उच्च रक्तचाप के कारण तनाव में है। यह हृदय की मांसपेशी (बाएं निलय में अतिवृद्धि) का मोटा होना भी दिखा सकता हैं या यह बता सकता है कि क्या हृदय को पहले कोई मामूली गड़बड़ी जैसे मूक दिल का दौरा हुआ है। हृदय की वृद्धि या हृदय की क्षति देखने के लिये छाती का एक्स-रे या इकोकार्डियोग्राम किया जा सकता है।<ref name="ABC"/> == रोकथाम == बहुत से लोग उच्च रक्तचाप से ग्रस्त हैं, लेकिन उनको इसका एहसास नहीं है।<ref name="ReferenceB">{{cite journal|last=Williams|first=B|author2=Poulter, NR, Brown, MJ, Davis, M, McInnes, GT, Potter, JF, Sever, PS, McG Thom, S, British Hypertension, Society|title=Guidelines for management of hypertension: report of the fourth working party of the British Hypertension Society, 2004-BHS IV.|journal=Journal of human hypertension|date=2004 Mar|volume=18|issue=3|pages=139-85|pmid=14973512}}</ref> पूरी जनसंख्या के उच्च रक्तचाप के परिणामों को कम करने के लिए तथा उच्चरक्तचापरोधी दवा चिकित्सा की आवश्यकता को कम करने के लिये उपायों पर ध्यान देने की जरूरत है। रक्तचाप कम करने के लिए, दवाओं के माध्यम से उपचार शुरू करने से पहले जीवन शैली में परिवर्तन की सिफारिश की जाती हैं। उच्चरक्तचाप की प्राथमिक रोकथाम के लिये, ब्रिटिश उच्च रक्तचाप सोसायटी के 2004 के दिशानिर्देश<ref name="ReferenceB"/> निम्नलिखित जीवन शैली का प्रस्ताव करते हैं जो कि 2002 में अमेरिका के नेशनल हाई बीपी शिक्षा कार्यक्रम के द्वारा उल्लिखित निर्देशों के अनुरूप है:<ref>{{cite journal | author = Whelton PK ''et al.'' | year = 2002 | title = Primary prevention of hypertension. Clinical and public health advisory from the National High Blood Pressure Education Program | url = | journal = JAMA | volume = 288 | issue = 15| pages = 1882–1888 | doi = 10.1001/jama.288.15.1882 | pmid = 12377087 }}</ref> * शरीर के वज़न को सामान्य बनाये रखें (उदाहरण के लिए, शरीर वज़न सूचकांक 20-25 किग्रा/मीटर<sup>2</sup>)। * आहार में शामिल सोडियम की मात्रा <100 mmol / दिन तक सीमित रखें (<6 ग्राम [[सोडियम क्लोराइड]] या <2.6 ग्राम सोडियम प्रति दिन)। * एरोबिक शारीरिक गतिविधि जैसे तेज चलना (≥ 30 मिनट प्रति दिन, सप्ताह में ज्यादातर दिनों में) नियमित रूप से अपनायें। * शराब की खपत सीमित करें, पुरुषों के लिये अधिकतम 3 इकाई/दिन और महिलाओं के लिये अधिकतम 2 इकाई/दिन। * आहार फलों और सब्जियों को अधिक से अधिक शामिल करें (जैसे, प्रति दिन कम से कम पांच भाग)। प्रभावी जीवन शैली संशोधन भी रक्तचाप को उतना ही कम कर सकती है जितनी कि कोई रक्तचापरोधी दवा। दो या दो से अधिक जीवन शैली संशोधनों के संयोजन भी बेहतर परिणाम दे सकते हैं।<ref name="ReferenceB"/> == प्रबंधन == === जीवन शैली में संशोधन === उच्च रक्तचाप के लिए इलाज का पहला प्रकार अनुमोदित बचाव जीवन शैली परिवर्तनों के समान ही हैं<ref name="npsppr">{{cite web |url=http://www.nps.org.au/health_professionals/publications/prescribing_practice_review/current/prescribing_practice_review_52 |title=NPS Prescribing Practice Review 52: Treating hypertension |date=सितम्बर 1, 2010 |publisher=NPS Medicines Wise |accessdate=नवम्बर 5, 2010 |archive-url=https://www.webcitation.org/6HefAmPDs?url=http://www.nps.org.au/publications/health-professional/prescribing-practice-review |archive-date=26 जून 2013 |url-status=dead }}</ref> तथा इनमें आहार संबंधी परिवर्तन<ref>{{cite journal|last=Siebenhofer|first=A|author2=Jeitler, K, Berghold, A, Waltering, A, Hemkens, LG, Semlitsch, T, Pachler, C, Strametz, R, Horvath, K|title=Long-term effects of weight-reducing diets in hypertensive patients|journal=Cochrane database of systematic reviews (Online)|date=7 सितंबर 2011|volume=9|pages=CD008274|pmid=21901719|doi=10.1002/14651858.CD008274.pub2|editor1-last=Siebenhofer|editor1-first=Andrea}}</ref>, शारीरिक व्यायाम तथा वज़न में कमीं शामिल हैं। इन परिवर्तनों ने उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों में महत्वपूर्ण तरीके से उच्च रक्तचाप को कम करके दिखाया है।<ref>{{cite journal |author=Blumenthal JA |title=Effects of the DASH diet alone and in combination with exercise and weight loss on blood pressure and cardiovascular biomarkers in men and women with high blood pressure: the ENCORE study |journal=Arch. Intern. Med. |volume=170 |issue=2 |pages=126–35 |year=2010 |month=January |pmid=20101007 |doi=10.1001/archinternmed.2009.470 |url= |author-separator=, |author2=Babyak MA |author3=Hinderliter A |display-authors=3 |last4=Watkins |first4=L. L. |last5=Craighead |first5=L. |last6=Lin |first6=P.-H. |last7=Caccia |first7=C. |last8=Johnson |first8=J. |last9=Waugh |first9=R.}}</ref> अगर उच्च रक्तचाप इतना अधिक है कि औषध उपचार तुरंत करना सही होगा, तो भी जीवनशैली में परिवर्तन अनुमोदित है। उच्च रक्तचाप को कम करने के लिये बायोफीडबैक, तनाव मुक्ति या ध्यान जैसे मनोवैज्ञानिक तनाव को कम करने के लिये डिजाइन किये गये विभिन्न कार्यक्रमों का विज्ञापन किया जाता है। हालांकि, आम तौर पर वैज्ञानिक अध्ययन, इनके प्रभाव का समर्थन नहीं करते हैं क्योंकि अध्ययन आमतौर पर कम गुणवत्ता वाले हैं।<ref name="pmid19822104">{{cite journal |author=Greenhalgh J, Dickson R, Dundar Y |title=The effects of biofeedback for the treatment of essential hypertension: a systematic review |journal=Health Technol Assess |volume=13 |issue=46 |pages=1–104 |year=2009 |month=October |pmid=19822104 |doi=10.3310/hta13460 |url= |doi_brokendate=21 अगस्त 2010}}</ref><ref name="pmid18350109">{{cite journal |author=Rainforth MV, Schneider RH, Nidich SI, Gaylord-King C, Salerno JW, Anderson JW |title=Stress Reduction Programs in Patients with Elevated Blood Pressure: A Systematic Review and Meta-analysis |journal=Curr. Hypertens. Rep. |volume=9 |issue=6 |pages=520–8 |year=2007 |month=December |pmid=18350109 |pmc=2268875 |doi= 10.1007/s11906-007-0094-3|url=}}</ref><ref>{{cite journal |author=Ospina MB |title=Meditation practices for health: state of the research |journal=Evid Rep Technol Assess (Full Rep) |volume= |issue=155 |pages=1–263 |year=2007 |month=June |pmid=17764203 |doi= |url= |author-separator=, |author2=Bond K |author3=Karkhaneh M |display-authors=3 |last4=Tjosvold |first4=L |last5=Vandermeer |first5=B |last6=Liang |first6=Y |last7=Bialy |first7=L |last8=Hooton |first8=N |last9=Buscemi |first9=N}}</ref> आहार परिवर्तन जैसे कम सोडियम आहार लाभदायक है। उच्च रक्तचाप वाले लोगों में और सामान्य रक्तचाप वाले लोगों में कॉकेशियन्स में एक लंबी अवधि (4 चार सप्ताह से अधिक) तक कम सोडियम आहार रक्तचाप को कम करने में प्रभावी है।<ref name="cochrane2008">{{cite journal|last=He|first=FJ|author2=MacGregor, GA|title=Effect of longer-term modest salt reduction on blood pressure.|journal=Cochrane database of systematic reviews (Online)|date=2004|issue=3|pages=CD004937|pmid=15266549|url=http://onlinelibrary.wiley.com/o/cochrane/clsysrev/articles/CD004937/frame.html|access-date=12 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20110715200059/http://onlinelibrary.wiley.com/o/cochrane/clsysrev/articles/CD004937/frame.html|archive-date=15 जुलाई 2011|url-status=live}}</ref> इसके अलावा, DASH आहार, एक आहार जो बादाम आदि, साबुत अनाज, मछली, अंडा, फल और सब्जियों से भरपूर है, जिसे राष्ट्रीय हृदय, फेफड़े और रक्त संस्थान द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है रक्तचाप कम करता है। योजना की एक प्रमुख विशेषता [[सोडियम]] की मात्रा सीमित करना है, हालांकि आहार [[पोटैशियम|पोटेशियम]], [[मैग्नेशियम|मैग्नीशियम]], [[कैल्शियम]] और [[प्रोटीन]] में भी समृद्ध है।<ref name="dashguide">{{cite web|url=http://www.nhlbi.nih.gov/health/public/heart/hbp/dash/new_dash.pdf|title=Your Guide To Lowering Your Blood Pressure With DASH|format=PDF|accessdate=8 जून 2009|archive-url=https://www.webcitation.org/6HefC74t4?url=http://www.nhlbi.nih.gov/health/public/heart/hbp/dash/new_dash.pdf|archive-date=26 जून 2013|url-status=live}}</ref> === औषधियां === दवाओं के कई वर्ग, जिनको सामूहिक रूप से उच्चरक्तचापरोधी दवा के रूप में जाना जाता है, वर्तमान में उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए उपलब्ध हैं। व्यक्ति के हृदय संबंधी (रोधगलन और स्ट्रोक के खतरे सहित) जोखिम और रक्तचाप पाठ का ध्यान रखते हुए दवाएं लिखी जाती है।<ref name="nps01">{{cite journal |url=http://www.australianprescriber.com/magazine/33/4/108/12 |title=Drug treatment of elevated blood pressure |author=Nelson, Mark |journal=Australian Prescriber |issue=33 |pages=108–112 |accessdate=अगस्त 11, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100826074015/http://www.australianprescriber.com/magazine/33/4/108/12 |archive-date=26 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> यदि दवा से उपचार शुरू किया जाता है, तो राष्ट्रीय हृदय, फेफड़े और रक्त संस्थान के सातवें उच्च रक्तचाप (JNC-7) पर संयुक्त राष्ट्रीय समिति<ref name="JNC7"/> की सिफारिश है कि चिकित्सक उपचार की प्रतिक्रिया पर निगरानी रखे तथा दवाओं से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों का आंकलन करें। 5 mmHg [[रक्तचाप]] की कमी दौरे के खतरे को 34% से कम कर देती है तथा इस्केमिक हृदय रोग के जोखिम को 21% तक कम कर देता है। रक्तचाप में कमी पागलपन, [[हृदयाघात|दिल की विफलता]] और हृदय रोग से [[मृत्यु]] की संभावना को कम कर सकती हैं।<ref>{{cite journal |author=Law M, Wald N, Morris J |title=Lowering blood pressure to prevent myocardial infarction and stroke: a new preventive strategy |journal=Health Technol Assess |volume=7 |issue=31 |pages=1–94 |year=2003 |pmid=14604498 |url=http://www.hta.ac.uk/fullmono/mon731.pdf |access-date=12 अगस्त 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110304150457/http://www.hta.ac.uk/fullmono/mon731.pdf |archive-date=4 मार्च 2011 |url-status=dead }}</ref> अधिकतर लोगों के लिये उपचार का उद्देश्य रक्तचाप को 140/90 mmHg से कम करने का होना चाहिये तथा मधुमेह या गुर्दे की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिये और कम होना चाहिये। कुछ चिकित्सा पेशेवर स्तरों को 120/80 mmHg के नीचे रखने की सलाह देते हैं।<ref name="nps01"/><ref>{{cite web |first=Gina |last=Shaw |url=http://www.webmd.com/content/article/73/88927.htm |title=Prehypertension: Early-stage High Blood Pressure |publisher=WebMD |date=7 मार्च 2009 |accessdate=3 जुलाई 2009 |archive-url=https://www.webcitation.org/6HefChHdy?url=http://www.webmd.com/hypertension-high-blood-pressure/features/new-low-for-high-blood-pressure |archive-date=26 जून 2013 |url-status=live }}</ref> यदि रक्तचाप लक्ष्य नहीं हासिल हो पाते हैं तो और अधिक उपचार की जरूरत होती है।<ref>{{cite journal|doi=10.1161/01.HYP.0000200702.76436.4b|url=http://hyper.ahajournals.org/cgi/content/abstract/47/3/345|title=Therapeutic Inertia Is an Impediment to Achieving the Healthy People 2010 Blood Pressure Control Goals|author=Eni C. Okonofua; Kit N. Simpson; Ammar Jesri; Shakaib U. Rehman; Valerie L. Durkalski; Brent M. Egan|journal=Hypertension|volume=47|issue=2006;47:345|pages=345–51|date=जनवरी 23, 2006|accessdate=22 नवंबर 2009|pmid=16432045|archive-url=https://web.archive.org/web/20110629114555/http://hyper.ahajournals.org/cgi/content/abstract/47/3/345|archive-date=29 जून 2011|url-status=dead}}</ref> विभिन्न उपसमूहों के लिये दवा के चयन तथा उपचार के सर्वश्रेष्ठ निर्धारण पर दिशानिर्देश समय के साथ तथा देशों के आधार पर बदले हैं। सर्वश्रेष्ठ दवा पर विशेषज्ञों में सहमति नहीं है।<ref name="Compare10">{{cite journal|last=Klarenbach|first=SW|author2=McAlister, FA, Johansen, H, Tu, K, Hazel, M, Walker, R, Zarnke, KB, Campbell, NR, Canadian Hypertension Education, Program|title=Identification of factors driving differences in cost effectiveness of first-line pharmacological therapy for uncomplicated hypertension.|journal=The Canadian journal of cardiology|date=2010 May|volume=26|issue=5|pages=e158-63|pmid=20485695}}</ref> आरंभिक उपचार के लिये कॉक्रन सहयोग, [[विश्व स्वास्थ्य संगठन]] और संयुक्त राज्य अमेरिका के दिशा निर्देश एक कम-खुराक वाली थियाज़ाइड आधारित डायूरेटिक को बेहतर मानते हैं।<ref name="Compare10"/><ref>{{cite journal |author=Wright JM, Musini VM |title=First-line drugs for hypertension |journal=Cochrane Database Syst Rev |volume= |issue=3 |pages=CD001841 |year=2009 |pmid=19588327 |doi=10.1002/14651858.CD001841.pub2 |url= |editor1-last=Wright |editor1-first=James M}}</ref> ब्रिटेन के दिशानिर्देश 55 या अधिक उम्र के लोगों के लिये या तथा अफ्रीकी या कैरेबियन मूल के लिये कैल्शियम चैनल ब्लॉकर (CCB) पर जोर देते हैं। ये दिशानिर्देश एंजियोटेनसिन - परिवर्ती एंजाइम अवरोध (ACEI) को युवाओं के लिये वरीय प्रारंभिक उपचार के रूप में उपयोग किये जाने की सलाह देते हैं।<ref name="NICE127-drug"/> जापान में, शुरुआत में निम्न दवाओं के छह वर्गों में से किसी एक के साथ: CCB, ACEI/ARB, थियाजिड डाइयूरेटिक्स, बीटा ब्लॉकर्स और अल्फा ब्लॉकर्स को उचित समझा जाता है। कनाडा में, पहले संभव विकल्प के रूप में अल्फा ब्लॉकर्स को छोड़कर इन सभी दवाओं की सिफारिश की गयी हैं।<ref name="Compare10"/> ==== दवाओं के संयोजन ==== बहुत से लोगों को उनके उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिये एक से अधिक दवा की आवश्यकता होती है। JNC7<ref name="JNC7"/> और ESH-ESC दिशा निर्देश<ref name="ESH-ESC"/>, दो दवाओं के साथ इलाज शुरू करने की वकालत तब करते हैं जब रक्तचाप सिस्टोलिक 20 mmHg से अधिक या डायस्टोलिक लक्ष्य से 10 mmHg से अधिक है। पसंदीदा संयोजन रेनिन - एंजियोटेनसिन प्रणाली अवरोधक तथा कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स, या रेनिन - एंजियोटेनसिन प्रणाली प्रतिरोधक और डाइयूरेटिक्स के हैं।<ref name="sever">{{cite journal |author=Sever PS, Messerli FH |title=Hypertension management 2011: optimal combination therapy |journal=Eur. Heart J. |volume=32 |issue=20 |pages=2499–506 |year=2011 |month=October |pmid=21697169 |doi=10.1093/eurheartj/ehr177 |url=}}</ref> स्वीकार्य संयोजन में निम्नलिखित शामिल हैं: * कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स तथा डाइयूरेटिक्स * बीटा ब्लॉकर्स तथा डाइयूरेटिक्स * डाईहाइड्रोपाइरिडाइन कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स और बीटा ब्लॉकर्स * वेरापेमिल या डिल्शियाज़ेम साथ डाईहाइड्रोपाइरिडाइन कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स अस्वीकार्य संयोजन निम्नलिखित हैं: * गैर-डाईहाइड्रोपाइरिडाइन कैल्शियम (जैसे वेरापेमिल या डिल्शियाज़ेम) ब्लॉकर्स तथा बीटा ब्लॉकर्स * दोहरी रेनिन एंजियोटेनसिन-प्रणाली (जैसे, एंजाइम प्रतिरोध रूपांतरण करने वाले एंजियोटेनसिन + एंजियोटेनसिन रिसेप्टर ब्लॉकर्स) * रेनिन - एंजियोटेनसिन प्रणाली ब्लॉकर्स और बीटा ब्लॉकर्स * बीटा ब्लॉकर्स और एड्रीनर्जिक-विरोधी दवाएं।<ref name="sever"/> गुर्दे की गंभीर विफलता के एक उच्च जोखिम की संभावना के कारण, ACE अवरोधक या एंजियोटेनसिन II रिसेप्टर प्रतिपक्षी, एक डाइयूरेटिक और एक NSAID (चयनात्मक COX -2 प्रतिरोधक तथा गैर-निर्धारित दवाएं जैसे आइब्यूप्रोफेन सहित) के संयोजन से बचें। ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य साहित्य में इस संयोजन को बोलचाल की भाषा में "ट्रिपल व्हैमी" के रूप में जाना जाता है।<ref name="npsppr"/> दवाओं के दो वर्गों के निश्चित संयोजनों से युक्त गोलियाँ उपलब्ध हैं। जबकि वे सुविधाजनक हैं, वे उन लोगों के लिये सबसे अच्छी तरह से आरक्षित हैं जो लोग व्यक्तिगत घटकों पर स्थापित किये जाते हैं।<ref>{{cite book |title=British National Formulary |volume=No. 62 |date=सितम्बर 2011 |chapter=2.5.5.1 Angiotensin-converting enzyme inhibitors |chapterurl=http://bnf.org/bnf/bnf/current/2578.htm |accessdate=22 दिसंबर 2011 |archive-date=23 दिसंबर 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211223201747/https://about.medicinescomplete.com/ |url-status=dead }}</ref> === बुजुर्ग === 60 और पुराने के आयु वर्ग के लोगों में मध्यम से गंभीर उच्च रक्तचाप का इलाज मृत्यु दर और हृदय संबंधी दुष्प्रभावों को कम करता है।<ref name="Cochrane09"/> 80 साल से अधिक उम्र के लोगों में उपचार संपूर्ण मृत्यु दर को महत्वपूर्ण रूप से कम नहीं प्रकट करता है, लेकिन हृदय रोग का खतरा कम कर देता है।<ref name="Cochrane09">{{cite journal |author=Musini VM, Tejani AM, Bassett K, Wright JM |title=Pharmacotherapy for hypertension in the elderly |journal=Cochrane Database Syst Rev |volume= |issue=4 |pages=CD000028 |year=2009 |pmid=19821263 |doi=10.1002/14651858.CD000028.pub2 |url= |editor1-last=Musini |editor1-first=Vijaya M}}</ref> अमरीका में थियाजिड डाईयूरेट पसंदीदा दवा है तथा अनुशंसित रक्त दाब लक्ष्य 140/90 मिमी Hg से कम है।<ref>{{cite journal |author=Aronow WS, Fleg JL, Pepine CJ, ''et al.'' |title=ACCF/AHA 2011 expert consensus document on hypertension in the elderly: a report of the American College of Cardiology Foundation Task Force on Clinical Expert Consensus documents developed in collaboration with the American Academy of Neurology, American Geriatrics Society, American Society for Preventive Cardiology, American Society of Hypertension, American Society of Nephrology, Association of Black Cardiologists, and European Society of Hypertension |journal=J. Am. Coll. Cardiol. |volume=57 |issue=20 |pages=2037–114 |year=2011 |month=May |pmid=21524875 |doi=10.1016/j.jacc.2011.01.008 |url=}}</ref> संशोधित ब्रिटिश दिशा निर्देशों में, कैल्शियम चैनल ब्लॉकर पसंदीदा उपचार है जिसमें लक्ष्य क्लीनिक रीडिंग 150/90 mmHg से कम अथवा चल या घर रक्तचाप की निगरानी में 145/85 mmHg से कम है।<ref name="NICE127-drug">{{cite web |author=National Institute Clinical Excellence |title=1.5 Initiating and monitoring antihypertensive drug treatment, including blood pressure targets |work=GC127 Hypertension: Clinical management of primary hypertension in adults |url=http://publications.nice.org.uk/hypertension-cg127/guidance#initiating-and-monitoring-antihypertensive-drug-treatment-including-blood-pressure-targets-2 |date=अगस्त 2011 |accessdate=23 दिसंबर 2011 |archive-url=https://www.webcitation.org/6HefEbMNE?url=http://publications.nice.org.uk/hypertension-cg127/guidance#initiating-and-monitoring-antihypertensive-drug-treatment-including-blood-pressure-targets-2 |archive-date=26 जून 2013 |url-status=dead }}</ref> === प्रतिरोधी उच्च रक्तचाप === प्रतिरोधी उच्च रक्तचाप वह उच्च रक्तचाप है जो कि एक साथ भिन्न उच्चरक्तचापरोधी दवा वर्गों से संबंधित तीन उच्चरक्तचापरोधी एजेंटों के उपयोग के बावजूद लक्षित रक्त दाब के ऊपर बना रहता है। प्रतिरोधी उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए दिशानिर्देश ब्रिटेन<ref name="NICE-BP">{{cite web |title=CG34 Hypertension - quick reference guide |publisher=[[National Institute for Health and Clinical Excellence]] |date=28 जून 2006 |url=http://www.nice.org.uk/nicemedia/pdf/cg034quickrefguide.pdf |format=PDF |accessdate=4 मार्च 2009 |archive-url=https://www.webcitation.org/6HefFQsaa?url=http://www.nice.org.uk/nicemedia/pdf/cg034quickrefguide.pdf |archive-date=26 जून 2013 |url-status=live }}</ref> और अमेरिका<ref name="pmid18391085">{{cite journal |author=Calhoun DA |title=Resistant hypertension: diagnosis, evaluation, and treatment. A scientific statement from the American Heart Association Professional Education Committee of the Council for High Blood Pressure Research |url=https://archive.org/details/sim_hypertension_2008-06_51_6/page/1403 |journal=Hypertension |volume=51 |issue=6 |pages=1403–19 |year=2008 |month=June |pmid=18391085 |doi=10.1161/HYPERTENSIONAHA.108.189141 |author-separator=, |author2=Jones D |author3=Textor S |display-authors=3 |last4=Goff |first4=D. C. |last5=Murphy |first5=T. P. |last6=Toto |first6=R. D. |last7=White |first7=A. |last8=Cushman |first8=W. C. |last9=White |first9=W.}}</ref> में प्रकाशित किया गया है। == संभावना == सन 2000 में, लगभग एक अरब लोगों को या दुनिया की वयस्क आबादी के लगभग 26% लोगों को उच्च रक्तचाप था।<ref name="pmid15652604">{{cite journal |author=Kearney PM, Whelton M, Reynolds K, Muntner P, Whelton PK, He J |title=Global burden of hypertension: analysis of worldwide data |journal=[[The Lancet|Lancet]] |volume=365 |issue=9455 |pages=217–23 |year=2005 |pmid=15652604 |doi=10.1016/S0140-6736(05)17741-1}}</ref> यह विकसित (333 मिलियन) और अविकसित (639 करोड़) दोनों प्रकार के देशों में आम था।<ref name="pmid15652604"/> हालांकि, क्षेत्रों के साथ इसकी दर भिन्न है जैसे ग्रामीण भारत में में 3.4% (पुरुष) और 6.8% (महिलाएं) की दर के साथ न्यूनतम और पोलैंड में 68.9% (पुरुष) और 72.5% (महिलाएं) की दर के साथ अधिकतम है।<ref>{{cite journal |author=Kearney PM, Whelton M, Reynolds K, Whelton PK, He J |title=Worldwide prevalence of hypertension: a systematic review |journal=J. Hypertens. |volume=22 |issue=1 |pages=11–9 |year=2004 |month=January |pmid=15106785 |doi= |url=}}</ref> सन 1995 में यह अनुमान लगाया गया था कि संयुक्त राज्य अमेरिका में 43 लाख लोगों को उच्च रक्तचाप था या वे उच्चरक्तचापरोधी दवा ले रहे थे। यह आंकड़ा लगभग 24 प्रतिशत वयस्क अमेरिकी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।<ref name="pmid7875754">{{cite journal |author=Burt VL |title=Prevalence of hypertension in the US adult population. Results from the Third National Health and Nutrition Examination Survey, 1988–1991 |journal=Hypertension |volume=25 |issue=3 |pages=305–13 |year=1995 |month=March |pmid=7875754 |doi= |url=http://hyper.ahajournals.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=7875754 |accessdate=5 जून 2009 |author-separator=, |author2=Whelton P |author3=Roccella EJ |display-authors=3 |last4=Brown |first4=C |last5=Cutler |first5=JA |last6=Higgins |first6=M |last7=Horan |first7=MJ |last8=Labarthe |first8=D |archive-url=https://archive.today/20121205091508/http://hyper.ahajournals.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=7875754 |archive-date=5 दिसंबर 2012 |url-status=dead }}</ref> संयुक्त राज्य अमेरिका में उच्च रक्तचाप की दरें बढ़ रहीं थीं और 2004 में 29% तक पहुंच गयीं।<ref name="pmid7607734"/><ref name="pmid17608879">{{cite journal |author=Ostchega Y, Dillon CF, Hughes JP, Carroll M, Yoon S |title=Trends in hypertension prevalence, awareness, treatment, and control in older U.S. adults: data from the National Health and Nutrition Examination Survey 1988 to 2004 |url=https://archive.org/details/sim_journal-of-the-american-geriatrics-society_2007-07_55_7/page/1056 |journal=Journal of the American Geriatrics Society |volume=55 |issue=7 |pages=1056–65 |year=2007 |month=July |pmid=17608879 |doi=10.1111/j.1532-5415.2007.01215.x}}</ref> सन 2006 में उच्च रक्तचाप ने 76 मिलियन अमरीकी वयस्कों (जनसंख्या का 34%) को प्रभावित किया हुआ था तथा अफ्रीकी अमेरिकी वयस्कों के 44% पर उच्च रक्तचाप दुनिया में उच्चतम दरों में से है।<ref name="AHA2010"/> यह स्थानीय अमेरीकियों में आम और गोरे तथा मैक्सिकन अमरीकियों में कम आम है। दरें उम्र के साथ बढ़ रही हैं और दक्षिणपूर्वी अमरीका में अधिक हैं। उच्च रक्तचाप महिलाओं तथा कमजोर सामाजिक आर्थिक स्थिति वालों की तुलना में पुरुषों में अधिक आम है (हालांकि रजोनिवृत्ति इस अंतर को कम करती है)।<ref name="pmid10645931"/> === बच्चे === बच्चों में उच्च रक्तचाप की दर बढ़ रही है।<ref name="pmid19421783">{{cite journal |author=Falkner B |title=Hypertension in children and adolescents: epidemiology and natural history |journal=Pediatr. Nephrol. |volume= 25|issue= 7|pages= 1219–24|year=2009 |month=May |pmid=19421783 |pmc=2874036 |doi=10.1007/s00467-009-1200-3 }}</ref> विशेष रूप से किशोरावस्था से पहले के बचपन के उच्चरक्तचाप द्वितीयक होते हैं, जो एक अंतर्निहित विकार के कारण हुआ करते हैं। बच्चों में उच्च रक्तचाप का सबसे आम (60-70%) कारण मोटापा, गुर्दे की बीमारी है। किशोरों में आमतौर पर प्राथमिक या मूलभूत उच्च रक्तचाप होता है, जो कुल मामलों का 85-95% के लिए जिम्मेदार है।<ref name="aafp">{{cite journal |author=Luma GB, Spiotta RT |title=Hypertension in children and adolescents |journal=Am Fam Physician |volume=73 |issue=9 |pages=1558–68 |year=2006 |month=May |pmid=16719248 |url=http://www.aafp.org/afp/20060501/1558.html |access-date=12 अगस्त 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080724131757/http://www.aafp.org/afp/20060501/1558.html |archive-date=24 जुलाई 2008 |url-status=live }}</ref> == इतिहास == [[चित्र:William Harvey (1578-1657) Venenbild.jpg|right|thumb|Harvey's Exercitatio anatomica de motu cordis et sanguinis in animalibus से नसों की छवि ("प्राणियों में दिल और रक्त की गति पर एक शारीरिक अभ्यास") ]] हृदय प्रणाली की आधुनिक समझ चिकित्सक विलियम हार्वे (1578-1657) के काम के साथ शुरू हुई। हार्वे ने अपनी पुस्तक ''De motu cordis'' ("दिल और रक्त की गति पर") में रक्त के परिसंचरण का वर्णन किया है। अंग्रेज पादरी स्टीफन हेल्स ने 1733 में पहली बार रक्तचाप की माप को तैयार किया तथा प्रकाशित किया।<ref name="pmid1744849"/><ref name="Kotchen2011">{{cite journal |author=Kotchen TA |title=Historical trends and milestones in hypertension research: a model of the process of translational research |journal=Hypertension |volume=58 |issue=4 |pages=522–38 |year=2011 |month=October |pmid=21859967 |doi=10.1161/HYPERTENSIONAHA.111.177766}}</ref> उच्च रक्तचाप का बीमारी के रूप में वर्णन अन्य लोगों के साथ, 1808 में थॉमस यंग तथा 1836 में रिचर्ड ब्राइट ने किया था।<ref name="pmid1744849"/> गुर्दे की बीमारी के साक्ष्य के बिना किसी व्यक्ति में उच्च रक्तचाप की पहली रिपोर्ट में फ्रेडरिक अकबर माहोमेद (1849-1884) द्वारा बनायी गयी थी।<ref>{{cite book |editor=Swales JD|title=Manual of hypertension |url=https://archive.org/details/manualofhyperten0000unse|publisher=Blackwell Science |location=Oxford |year=1995 |pages=xiii |isbn=0-86542-861-1}}</ref> हालांकि, एक नैदानिक इकाई के रूप में उच्च रक्तचाप 1896 में अस्तित्व में आया जब रीवा - रोक्की स्किपयोने द्वारा कफ आधारित रक्तदाबमापी का 1896 में आविष्कार किया गया था।<ref>{{cite book | title=A century of arterial hypertension 1896–1996 | url=https://archive.org/details/centuryofarteria0000unse | editor=Postel-Vinay N | page=213 | location=Chichester | publisher=Wiley | year=1996 | isbn=0-471-96788-2}}</ref> इस आविष्कार ने रक्तचाप को क्लिनिक में मापने में सक्षम किया था। सन् 1905 में, निकोलाई कोराटकॉफ ने कोराटकॉफ ध्वनियों की व्याख्या करके इस तकनीक को बेहतर किया, ये ध्वनियां वे हैं जिनको धमनी में स्टेथोस्कोप साथ उस समय परिश्रवित किया गया था, जबकि रक्तदाबमापी कफ पिचकाकर रखा गया था।<ref name="Kotchen2011"/> ऐतिहासिक रूप से "कठिन नाड़ी रोग" कहे जाने वाले रोग के उपचार में [[जोंक|जोंकों]] के माध्यम से रक्त की मात्रा निकाल कर रक्त को कम किया जाता था।<ref name="pmid1744849">{{cite journal |author=Esunge PM |title=From blood pressure to hypertension: the history of research |journal=J R Soc Med |volume=84 |issue=10 |pages=621 |year=1991 |month=October |pmid=1744849 |pmc=1295564}}</ref> चीन के पीले सम्राट, कुरनेलियुस सेल्सस, गैलेन और [[हिपोक्रेटिस|हिप्पोक्रेट्स]] ने रक्त निकाले जाने की वकालत की।<ref name="pmid1744849"/> 19 वीं और 20 वीं शताब्दियों में, उच्च रक्तचाप के लिए प्रभावी औषधीय उपचार के संभव होने से पहले, तीन उपचार तौर तरीकों को कई दुष्प्रभावों के साथ इस्तेमाल किया जाता था। इन तौर तरीकों में सख्त सोडियम प्रतिबंध (उदाहरण के लिए, चावल आहार<ref name="pmid1744849"/>), सिम्पेथेक्टॉमी (सहानुभूति तंत्रिका तंत्र के कुछ हिस्सों का शल्य क्रिया द्वारा हटाना) और ज्वरोत्पादक चिकित्सा (किसी ऐसे पदार्थ को शरीर में दाखिल करना जो ज्वर पैदा करे, अप्रत्यक्ष रूप से रक्त दबाव को कम करना) शामिल है।<ref name="pmid1744849"/><ref name="Dustan"/> उच्च रक्तचाप के लिए पहला रसायन, सोडियम थायोसाइनेट, 1900 में इस्तेमाल किया गया था, लेकिन इसके कई दुष्प्रभाव थे और यह अलोकप्रिय था।<ref name="pmid1744849"/> [[द्वितीय विश्वयुद्ध|द्वितीय विश्व युद्ध के]] बाद कई अन्य एजेंट विकसित किये गये। टेट्रामेथाइलअमोनियम क्लोराइड और उसके व्युत्पन्न हेक्सामेथोनियम, हाइड्रालज़ाइन और रेसरपाइन (औषधीय पौधे ''[[सर्पगन्धा|Rauwolfia serpentina]]'' से प्राप्त) सबसे लोकप्रिय और यथोचित रूप से प्रभावी थे। सबसे पहले और अच्छी तरह से सहन करने योग्य उपलब्ध मौखिक एजेंटों की खोज के साथ एक बड़ी सफलता हासिल हुयी थी। इनमें क्लोरोथियाज़ाइड, पहली थी, पहली थियाजाइड डाइयूरेट, जो एंटीबायोटिक सल्फेनिलामाइड से विकसित की गयी थी और 1958 में उपलब्ध हो गयी थी।<ref name="pmid1744849"/><ref>{{cite journal|author=Novello FC, Sprague JM | title=Benzothiadiazine dioxides as novel diuretics | journal=J. Am. Chem. Soc. | year=1957 | volume=79 | pages=2028 | doi=10.1021/ja01565a079|issue=8}}</ref> यह नमक उत्सर्जन में वृद्धि के साथ द्रव संचय को रोकने में सक्षम थी। अनुभवी प्रशासन द्वारा एक यादृच्छिक नियंत्रित परीक्षण प्रायोजित किया गया जिसने हाइड्रोक्लोरोथियाज़ाइड के साथ रेसरपाइन तथा हाइड्रालज़ाइन बनाम प्लासेबो की तुलना की गयी। अध्ययन जल्दी बंद कर दिया गया था क्योंकि एक उच्च रक्तचाप समूह जो उपचार नहीं प्राप्त कर रहा था उसमें उपचार प्राप्त कर रहे रोगियों की तुलना में कई जटिलताओं का विकास हो गया था और यह उनके उपचार को रोका जाना अनैतिक समझा गया था। यह अध्ययन कम रक्तचाप वाले लोगों के साथ जारी रखा गया पता चला कि इलाज से कम उच्च रक्तचाप वाले लोगों में भी हृदय संबंधी कारणों से मौत का खतरे में आधे से अधिक की कटौती हुयी।<ref>{{cite journal | author=Freis ED | title=The Veterans Administration Cooperative Study on Antihypertensive Agents. Implications for Stroke Prevention | journal=Stroke | year=1974 | volume=5 | pages=76–77 | pmid=4811316 | url=http://stroke.ahajournals.org/content/5/1/76.long | format=PDF | issue=1 | doi=10.1161/01.STR.5.1.76 | access-date=12 अगस्त 2012 | archive-url=https://web.archive.org/web/20120817101209/http://stroke.ahajournals.org/content/5/1/76.long | archive-date=17 अगस्त 2012 | url-status=live }}</ref> 1975 में, उस टीम को लस्कर विशेष लोक स्वास्थ्य पुरस्कार दिया गया था जिसने क्लोरोथियाज़ाइड विकसित किया था।<ref name="Dustan"/> इन अध्ययनों के परिणाम ने उच्च रक्तचाप के बारे में जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए और उच्च रक्तचाप के माप और इलाज को बढ़ावा देने के लिये सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों के लिए प्रेरित किया। इन उपायों ने कम से कम टुकड़ों में ही सही लेकिन योगदान दिया और 1972 और 1994 के बीच स्ट्रोक और हृदय रोग में 50% गिरावट दिखायी दी।<ref name="Dustan"/> == समाज और संस्कृति == === जागरूकता === [[चित्र:HTNstudyupd.png|thumb|right|NHANES के चार अध्ययनों के मध्य जागरूकता, इलाज़ और उच्च रक्तचाप के नियंत्रण की प्रबलता का प्रदर्शनमूलक रेखाचित्र &amp;lt;ref name="pmid7607734"&amp;gt;[454]&amp;lt;/ref&amp;gt;]] विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उच्च रक्तचाप को हृदय संबंधी मृत्यु के लिये मुख्य रूप से जिम्मेदार माना है। विश्व उच्च रक्तचाप लीग (WHL) जो कि 85 राष्ट्रीय उच्च रक्तचाप समाजों और लीगों का एक संघीय संगठन है, इस बात को मान्यता प्रदान करता है कि पूरी दुनिया के 50% से अधिक उच्च रक्त चाप से पीड़ित लोग उनकी स्थिति से अनजान हैं।<ref name="pmid17534457">{{cite journal |author=Chockalingam A |title=Impact of World Hypertension Day |journal=Canadian Journal of Cardiology |volume=23 |issue=7 |pages=517–9 |year=2007 |month=May |pmid=17534457 |pmc=2650754 |doi= 10.1016/S0828-282X(07)70795-X|url= }}</ref> इस समस्या के समाधान के लिए, WHL ने 2005 में उच्च रक्तचाप पर एक वैश्विक जागरूकता अभियान शुरू किया और प्रत्येक वर्ष 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (WHD) मनाया जाना निर्धारित किया। पिछले तीन वर्षों में, WHD में और भी कई राष्ट्रीय सोसायटी शामिल हुईं और लोगों तक संदेश पहुंचाने की गतिविधियों में उन्होंने अभिनव प्रयास किये हैं। 2007 में, WHL में 47 सदस्य देशों की रिकॉर्ड भागीदारी थी। WHD के सप्ताह के दौरान, कई [[संचार माध्यम|मीडिया]] और सार्वजनिक रैलियों के माध्यम से उच्च रक्तचाप के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिये इन सभी देशों की स्थानीय सरकारों, पेशेवर समाजों, गैर सरकारी संगठनों और निजी उद्योगों के साथ भागीदारी की थी। [[अंतरजाल|इंटरनेट]] और [[दूरदर्शन|टेलीविजन]] जैसे [[संचार माध्यम|जन माध्यमों]] के उपयोग से 250 मिलियन से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंचाया गया। वर्ष दर वर्ष जैसे जैसे गति बढ़ रही है, WHL को विश्वास है कि लगभग अनुमानित उच्च रक्तचाप से पीड़ित सभी 1.5 अरब लोगों तक पहुँचा जा सकता है।<ref name="pmid18548140">{{cite journal |author=Chockalingam A |title=World Hypertension Day and global awareness |journal=Canadian Journal of Cardiology |volume=24 |issue=6 |pages=441–4 |year=2008 |month=June |pmid=18548140 |pmc=2643187 |doi= 10.1016/S0828-282X(08)70617-2|url= }}</ref> === अर्थशास्त्र === उच्च रक्तचाप सबसे आम पुरानी चिकित्सा समस्या है जो संयुक्त राज्य अमेरिका में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं के पास जाने का कारण है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुमान के अनुसार 2010 में उच्च रक्तचाप की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लागत 76.6 अरब डॉलर थी।<ref name="AHA2010">{{cite journal |author=Lloyd-Jones D, Adams RJ, Brown TM, ''et al.'' |title=Heart disease and stroke statistics--2010 update: a report from the American Heart Association |journal=Circulation |volume=121 |issue=7 |pages=e46–e215 |year=2010 |month=February |pmid=20019324 |doi=10.1161/CIRCULATIONAHA.109.192667 |url=}}</ref> संयुक्त राज्य अमेरिका में, उच्च रक्तचाप वाले लोगों में से 80% अपनी स्थिति के जानकार हैं और 71% कोई न कोई उच्चरक्तचापरोधी दवा ले रहे हैं। हालांकि, जानने वालों में से केवल 48% लोग उच्च रक्तचाप पर पर्याप्त रूप से अपनी स्थिति पर नियंत्रण रखते हैं।<ref name="AHA2010"/> निदान, उपचार या उच्च रक्तचाप के नियंत्रण में अपर्याप्तता उच्च रक्तचाप के प्रबंधन के साथ समझौता कर सकती है।<ref name="pmid19124418">{{cite journal |author=Alcocer L, Cueto L |title=Hypertension, a health economics perspective |journal=Therapeutic Advances in Cardiovascular Disease |volume=2 |issue=3 |pages=147–55 |year=2008 |month=June |pmid=19124418 |doi=10.1177/1753944708090572 |url=http://tak.sagepub.com/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=19124418 |accessdate=20 जून 2009 |archive-url=https://archive.today/20121204191320/http://tak.sagepub.com/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=19124418 |archive-date=4 दिसंबर 2012 |url-status=dead }}</ref> स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता रक्तचाप पर नियंत्रण प्राप्त करने में कई बाधाओं का सामना करते हैं जिनमें रक्तचाप लक्ष्य को हासिल करने के लिये कई दवाएँ लेने में प्रतिरोध शामिल है। लोगों को दवा संबंधी समय-सारणी का पालन करने और जीवनशैली में परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बहरहाल, रक्तचाप लक्ष्यों की प्राप्ति संभव है। रक्तचाप कम करना उन्नत चिकित्सा देखभाल के साथ जुड़ी लागत को महत्वपूर्ण रूप से कम कर देता है।<ref name="The Economic Impact of Hypertension">{{cite journal |author=William J. Elliott |title=The Economic Impact of Hypertension |journal=The Journal of Clinical Hypertension |volume=5 |issue=4 |pages=3–13 |year=2003 |month=October |doi= 10.1111/j.1524-6175.2003.02463.x |pmid=12826765}}</ref><ref name="pmid18345711">{{cite journal |author=Coca A |title=Economic benefits of treating high-risk hypertension with angiotensin II receptor antagonists (blockers) |journal=Clinical Drug Investigation |volume=28 |issue=4 |pages=211–20 |year=2008 |pmid=18345711 |doi= 10.2165/00044011-200828040-00002|url= }}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist|2}} [[श्रेणी:रोग]] ry96hb32av4jgzz7vr7x74p9imnozff उत्तर अमेरिका का भूगोल 0 164809 6582737 5955905 2026-07-15T04:28:52Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582737 wikitext text/x-wiki [[उत्तर अमेरिका]], [[अफ़्रीका]] और [[एशिया]] के बाद विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है। यह महाद्वीप पश्चिम में [[प्रशान्त महासागर|प्रशांत महासागर]], पूर्व और दक्षिण में [[अटलांटिक महासागर]] और उत्तर में [[उत्तरध्रुवीय महासागर|आर्कटिक महासागर]] से घिरा हुआ है। उत्तर पश्चिम यह एशिया से लगभग लगता हुआ है जहाँ पर ८०० किमी की [[बेरिंग जलसन्धि|बेरिंग की खाड़ी]] इसे एशिया से पृथक करती है। उत्तरपूर्व में [[ग्रीनलैण्ड|ग्रीनलैंड]] है और [[आइसलैण्ड|आइसलैंड]] जो ४८० किमी की दूरी पर है। अफ़्रीका से उत्तर अमेरिका की निकटतम दूरी १,६०० किमी है और [[ओशिआनिया|एशिया-प्रशान्त]] की दूरी ९,६०० किमी है। उत्तर अमेरिका की प्रमुख नदी-घाटियाँ [[मिसिसिप्पी नदी|मिसिसिपी]] और [[मिसोरी नदी|मिसोरी]] नदियों से मिलकर बनी है और इन दोनों नदियों की संयुक्त लम्बाई [[अमेज़न नदी]] के बराबर है। नदी-घाटी का क्षेत्रफल ३१,६०,००० वर्ग किलोमीटर है। वनस्पति-जीवन इस क्षेत्र में विशेष है। उदाहरण के लिए, उत्तरी वनस्पति में आर्कटिक लिचेन्स, मोसेस और निम्न जड़ी बूटियाँ विशिष्ट हैं। [[कनाडा]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] के पश्चिमी विस्तार में कोनिफ़र, विशेष रूप से लाल-लकड़ी, पाइन और देवदार सम्मिलित हैं। == रूपरेखा == उत्तर अमेरिका भौगोलिक रूप से पाँच मुख्य क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है: '''(१)''' कनाडियाई शील्ड, जो भूवैज्ञानिक रूप से एक स्थिर क्षेत्र है जो प्राचीन पत्थरों से मिलकर बना है और यह [[ग्रीनलैण्ड]] सहित महाद्वीप का अधिकतर उत्तर पश्चिमी भाग घेरे हुए है। '''(२)''' अप्पालचिआन्स, एक भूवैज्ञानिक रूप से पुराना और घिसी प्रणाली जो गास्पे प्रायद्वीप से [[अलाबामा|अलबामा]] तक फैली हुई है। '''(३)''' [[मेक्सिको की खाड़ी]], जिसमें निम्न भूमियों की एक शृंखला है जो दक्षिणी न्यू इंग्लैण्ड से लेकर [[मेक्सिको]] तक फैला हुआ है। '''(४)''' भीतरी मैदान, जो महाद्वीप के मध्य में, मेकेन्ज़ी घाटी से लेकर मेक्सिको की खाड़ी के मैदानो तक फैला हुआ है और इसमें पश्चिम के विशाल मैदान और पूर्वी भाग के ग्रामीण क्षेत्र भी आते हैं। '''(५)''' अन्ततः अमेरिकी कोर्डिल्लेरा, जो पर्वतों और नदी-घाटियों की एक जटिल शृंखला है जो [[अलास्का]] से लेकर मेक्सिको तक फैली हुई है और जिसके अन्तर्गत [[रॉकी पर्वत श्रेणी]] भी आती है। सीनोज़ोइक काल के अन्तिम हिमयुग के दौरान, बर्फ़ ने [[हडसन जलसन्धि|हडसन खाड़ी]] से लेकर अधिकान्श महाद्वीप को ढ़क लिया। हिमनद रॉकी पर्वत माला और सिएरा प्रशान्त तक फैल गए। हिम के खिसकने के चिह्न कई हिमयुगी झीलों पर रह गए, जैसे विशाल साल्ट झील और विशाल झीलें। == तटीय क्षेत्र == उत्तर अमेरिका का पूर्वी तट अटलान्टिक से लगता हुआ है। अधिकान्श महाद्वीप उत्तर अमेरिकी प्लेट पर स्थित है। हालांकि कुछ क्षेत्र जैसे [[कैलिफ़ोर्निया|कैलीफ़ोर्निया]] और पश्चिमी मेक्सिको प्रशान्त प्लेट में स्थित हैं जो अमेरिका के साथ सान एन्द्रियास फ़ॉल्ट से सटा हुआ है। स रा अमेरिका का महाद्वीपीय भौगोलिक सेवा केन्द्र बाल्टा कस्बे ([[नॉर्थ डकोटा|उत्तर डकोटा]]) से ९.६ किमी की दूरी पर स्थित है। == क्षेत्र और जलवायु == === जलालेख === अमेरिकी नदियां दो प्रकार की हैं। एक वे जो प्रशान्त महासागर में गिरती हैं और छोटी, तेज़ और बहुत कटाव पूर्ण हैं। इसके विपरीत अटलान्टिक महासागर में गिरने वाली नदियां लम्बी, बहावदार और विशाल जलविभाजन वाली हैं। इनमें से कुछ संसार की सबसे लम्बी नदियां हैं। इन दो प्रकार की नदियों के अतिरिक्त आर्कटिक महासागर में गिरने वाली नदियां इस रूप में असामान्य है कि वे सर्दियों में जम जाती हैं। उत्तर अमेरिका विश्व की कुछ विशाल झीलों का घर भी है। इनमें से अधिकतर हिमयुगीन हैं और मुख्यतः कनाडा में पाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त [[कनाडा]] में हजारों छोटी-२ झीलें भी हैं। === नदी प्रणाली === उत्तर अमेरिका में विश्व की सबसे अधिक झीलें पाई जाती हैं। मिसिसिपी नदी महाद्वीप की सबसे लम्बी नदी है और इसका नदी क्षेत्र ३१.६ लाख वर्ग किलोमीटर का है। अन्य महत्वपूर्ण नदी है [[संत ल्वेरन्स नदी]], जिसका जलनिकास क्षेत्र १६ लाख वर्ग किमी में फैला हुआ है। अन्य प्रमुख नदियां हैं मेकिन्ज़ी नदी और कॉपर नदी जो [[उत्तरध्रुवीय महासागर|आर्कटिक महासागर]] में गिरती हैं। इसके अतिरिक्त चर्चिल नदी, नेल्सन नदी, सेवर्न नदी और अल्बानो नदी जो अटलान्टिक महासागर में गिरतीं हैं और युकौन नदी, फ़्रासर नदी, कोलम्बिया नदी, सेक्रामेन्टो नदी, सान जो॑उकुइन नदी और कोलोरेडो नदी प्रशान्त महासागर में गिरतीं हैं। === जलवायु तथा वनस्पति === उत्तर अमेरिका की जलवायु प्रारूपिक रूप से ठंडी और गीली है। गीला क्षेत्र असंगत रूप से पूरे महाद्वीप में फैला हुआ है। वनस्पति प्रत्येक मौसमी क्षेत्र के अनुसार बदलती रहती है। जैसे-जैसे [[भूमध्य रेखा]] के क्षेत्र से निकटता बढ़ती है, वैसे-वैसे मौसम में परिवर्तन आता है। मेक्सिको और दक्षिणी स रा अमेरिका में उष्णकटिबंधीय जतवायु से लेकर कनाडा और उत्तरी स रा अमेरिका में टुन्ड्रा जलवायु पाई जाती है। == इन्हें भी देखें == * [[उत्तर अमेरिका]] * [[उत्तर अमेरिका का इतिहास]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20100210204641/http://www.geographicguide.com/north-america-map.htm उत्तर अमेरिका का मानचित्र] * [https://web.archive.org/web/20100104230901/http://geographicguide.com/north-america-image.htm भौतिक मानचित्र] * [https://web.archive.org/web/20090903201105/http://www.geographicguide.com/planet/lakes.htm विशाल झीलों का मानचित्र] * [https://web.archive.org/web/20130218142012/http://www.globe-images.net/north-america.htm उत्तर अमेरिका का मानचित्र] * [https://web.archive.org/web/20100210204641/http://www.geographicguide.com/north-america-map.htm उत्तर अमेरिका राजनैतिक मानचित्र] [[श्रेणी:उत्तर अमेरिका]] pc4ahl6lgcuyfrodyi6y68itrh0t4gc फिदेल कास्त्रो 0 180029 6582785 6495583 2026-07-15T06:55:01Z InternetArchiveBot 500600 Adding 3 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582785 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder |birth_name = फिदेल एलेजांद्रो कास्त्रो रुज़ |image = Fidel Castro - MATS Terminal Washington 1959.jpg |imagesize = 250px |caption = वर्ष १९५९ में संयुक्त राज्य अमेरिका में कास्त्रो |office = [[क्यूबा के राष्ट्रपति|क्यूबा के १७वें राष्ट्रपति]] |primeminister = ''स्वयं'' |term_start = दिसम्बर २, १९७६ |term_end = फ़रवरी २४, २००८ |vicepresident = [[राउल कास्त्रो]] |predecessor = [[ओस्वाल्डो डोर्तिकोस तोर्रादो]] |successor = [[राउल कास्त्रो]] |office2 = [[कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ क्यूबा]] की केन्द्रिय समिति के प्रथम सचिव |deputy2 = [[राउल कास्त्रो]] |term_start2 = जून २४, १९६१ |term_end2 = अप्रैल १९, २०११ |predecessor2 = [[ब्लास रोका कल्देरियो]] |successor2 = [[राउल कास्त्रो]] |office3 = क्यूबा मंत्रि-परिषद् के अध्यक्ष |president3 = ''स्वयं'' |term_start3 = दिसम्बर २, १९७६ |term_end3 = फ़रवरी २४, २००८ |predecessor3 = ''स्वयं'' (प्रधानमंत्री के रूप में) |successor3 = [[राउल कास्त्रो]] |office4 = [[क्यूबा के राष्ट्रपति|क्यूबा के १६वें राष्ट्रपति]] |president4 = [[मैनुअल उर्रुतिया लियो]]<br/>[[ओस्वाल्डो डोर्तिकोस तोर्रादो]] |term_start4 = फ़रवरी १६, १९५९ |term_end4 = दिसम्बर २, १९७६ |predecessor4 = [[जोस मिरो कादोना]] |successor4 = ''स्वयं'' (मंत्रि-परिषद् के अध्यक्ष के रूप में) |office5 = [[गुट निरपेक्ष आंदोलन|गुट निरपेक्ष आंदोलन के ७वें और २३वें महासचिव]] |term_start5 = सितम्बर १६, २००६ |term_end5 = फ़रवरी २४, २००८ |predecessor5 = [[अब्दुल्लाह अहमद बदावी]] |successor5 = [[राउल कास्त्रो]] |term_start6 = सितम्बर १०, १९७९ |term_end6 = मार्च ६, १९८३ |predecessor6 = [[जूनिअस रिचर्ड जयवर्धने]] |successor6 = [[नीलम संजीव रेड्डी]] |birth_date = अगस्त १३, १९२६ |birth_place = [[बिरान]], होल्गुइन प्रोविन्स, [[रिपब्लिक ऑफ़ क्यूबा (१९०२-१९५९)|क्यूबा]] |death_date = {{Death date and age|2016|11|25|1926|8|13}} |death_place = [[हवाना]], Cuba |party = [[पार्तिदो ओर्थोदोक्सो]]<br/>{{small|(१९४६–५२)}}<br/>[[एम-२६-७|२६ जुलाई का आन्दोलन]]<br/>{{small|(१९५३–६५)}}<br/>[[कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ क्यूबा]]<br/>{{small|(१९६५–२०१६)}} |relations = [[राउल कास्त्रो|राउल]], [[रेमन कास्त्रो रुज़|रेमन]], [[जुयनिता कास्त्रो|जुयनिता]] |spouse = [[मिर्ता डियाज़ बालार्ट]] {{small|(१९४८–५५)}}<br/>डालिया सोटो डेल वेले {{small|(१९८०–२०१६; मृत्यु पर्यन्त)}} |children = ९, [[एलिना फर्नांडीज]] सहित |alma_mater = [[हवाना विश्वविद्यालय]] |residence = [[सैंटियागो डे क्यूबा प्रांत|सैंटियागो डे क्यूबा]] |profession = वकील |signature = Fidel Castro Signature.svg |footnotes = *जुलाई ३१ से राष्ट्रपति अधिकार राउल कास्त्रो को स्थानान्तरित किये। }} [[File:Fidel Castro.jpg|thumb|फिदेल कास्त्रो]] '''फिदेल ऐलेजैंड्रो कास्त्रो रूज़''' (जन्म: 13 अगस्त 1926 - मृत्यु: 25 नवंबर 2016) [[क्यूबा]] के एक [[राजनीतिज्ञ]] और [[क्यूबा की क्रांति]] के प्राथमिक नेताओं में से एक थे , जो फ़रवरी 1959 से दिसम्बर 1976 तक [[क्यूबा]] के [[क्यूबा के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] और फिर ''[[क्यूबा की राज्य परिषद के अध्यक्ष (राष्ट्रपति)]]'' रहे, उन्होंने फरवरी 2008 में अपने पद से इस्तीफा दिया। फ़िलहाल वे [[क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी]] के प्रथम सचिव थे। 25 नवंबर 2016 को उनका निधन हो गया। वे एक अमीर परिवार में पैदा हुए और कानून की डिग्री प्राप्त की। जबकि हवाना विश्वविद्यालय में अध्ययन करते हुए उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की और क्यूबा की राजनीति में एक मान्यता प्राप्त व्यक्ति बन गए।<ref name="Leonard" /> उनका राजनीतिक जीवन [[फुल्गेंकियो बतिस्ता]] शासन और [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] का क्यूबा के [[राष्ट्रहित]] में राजनीतिक और कारपोरेट कंपनियों के प्रभाव के आलोचक रहा है। उन्हें एक उत्साही, लेकिन सीमित, समर्थक मिले और उन्होंने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।<ref>{{cite book | last =DePalma | first =Anthony | year = 2006 | month = | url =https://archive.org/details/manwhoinventedfi00depa| url-access =registration | title =The Man Who Invented Fidel | publisher =Public Affairs}}</ref> उन्होंने [[मोंकाडा बैरकों]] पर 1953 में असफल हमले का नेतृत्व किया जिसके बाद वे गिरफ्तार हो गए, उन पर मुकदमा चला, वे जेल में रहे और बाद में रिहा कर दिए गए। इसके बाद बतिस्ता के क्यूबा पर हमले के लिए लोगों को संगठित और प्रशिक्षित करने के लिए वे मैक्सिको<ref name="The Spirit Of Moncada">{{cite web | last =Bockman | first =Larry James | authorlink = | author2 = | date = | year =1984 | month =अप्रैल 1 | url =http://www.globalsecurity.org/military/library/report/1984/BLJ.htm | title =The Spirit Of Moncada: Fidel Castro's Rise To Power, 1953 - 1959 | work = | pages = | publisher = | language = | accessdate =13 जून 2006 | archive-url =https://web.archive.org/web/20060610124814/http://www.globalsecurity.org/military/library/report/1984/BLJ.htm | archive-date =10 जून 2006 | url-status =live }}</ref><ref name="Sweig">{{cite book |first=Julia E. |last=Sweig |year=2002 | title=Inside the Cuban Revolution |url=https://archive.org/details/insidecubanrevol00juli |publisher= Harvard University Press |isbn=0-674-00848-0}}</ref> के लिए रवाना हुए. वे और उनके क्रांतिकारी साथियों ने दिसम्बर 1956 में मेक्सिको छोड़ दिया और पूर्वी क्यूबा के लिए चल गये। कास्त्रो [[क्यूबा की क्रांति]] के जरिये [[अमेरिका]]<ref>ऑडियो: [http://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=98937598 क्यूबा मार्क्स 50 इयर्स सिंस 'ट्रियम्फैंट रिवोल्यूशन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100123151304/http://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=98937598 |date=23 जनवरी 2010 }}', जेसन ब्युबिएन द्वारा, ''NPR ऑल थिंग्स कॉन्सिडर्ड'', 1 जनवरी 2009</ref> समर्थित [[फुल्गेंकियो बतिस्ता]] की तानाशाही को उखाड़ फेंक सत्ता में आये थे। <ref>फुलजेंसियो बतिस्ता के लिए "[http://www.britannica.com/EBchecked/topic/56027/Fulgencio-Batista इनसाइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100503202727/http://www.britannica.com/EBchecked/topic/56027/Fulgencio-Batista |date=3 मई 2010 }}" में प्रविष्टि</ref> और उसके बाद शीघ्र ही [[क्यूबा के प्रधानमंत्री]] बने। <ref name="Castro sworn in as Cuban PM">{{cite web | url=http://news.bbc.co.uk/onthisday/hi/dates/stories/february/16/newsid_2544000/2544431.stm | title=1959: Castro sworn in as Cuban PM | publisher=बीबीसी न्यूज़ | accessdate=6 जून 2006 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060624055120/http://news.bbc.co.uk/onthisday/hi/dates/stories/february/16/newsid_2544000/2544431.stm | archive-date=24 जून 2006 | url-status=live }}</ref> 1965 में वे [[क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी]] के [[व्यापक सचिव|प्रथम सचिव]] बन गए और क्यूबा को [[एक-दलीय]] [[समाजवादी गणतंत्र]] बनाने में नेतृत्व दिया। 1976 में वे [[क्यूबा के राज्य परिषद|राज्य परिषद]] और [[क्यूबा के मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष|मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष]] (राष्ट्रपति) बन गए। उन्होंने [[क्यूबा की सेना|क्यूबा के सशस्त्र बलों]] के ''[[क्यूबा के क्रांतिकारी सशस्त्र बलों के रैंक और प्रतीक चिन्ह|Comandante en jefe]]'' (कमांडर इन चीफ) का पद भी अपने पास ही रखा। कास्त्रो द्वारा तानाशाही की आलोचना के बावजूद उन्हें एक तानाशाह के रूप में ही चित्रित किया गया। पाचन क्रिया में एक अज्ञात पाचन बीमारी के लिए आंतों की सर्जरी से [[डाईवरटीकलटिस]]<ref name="Castro's Surgery">{{cite web | url=http://www.cnn.com/2007/WORLD/americas/01/17/castro.condition/index.html | title=Spanish newspaper gives more details on Castro condition | publisher=CNN | accessdate=17 जनवरी 2007 | archive-url=https://web.archive.org/web/20070119075555/http://www.cnn.com/2007/WORLD/americas/01/17/castro.condition/index.html | archive-date=19 जनवरी 2007 | url-status=live }}</ref> हो जाने से कास्त्रो ने अपने पहले उपराष्ट्रपति [[राउल कास्त्रो]], जो उनके छोटे भाई थे। , को 31 जुलाई 2006 के दिन [[2006 क्यूबा के राष्ट्रपति पद के कर्तव्यों का स्थानांतरण|अपनी जिम्मेदारियां हस्तांतरित]] कर दीं। अपने जनादेश के समाप्त होने के पांच दिन पहले 19 फ़रवरी 2008 को उन्होंने घोषणा की थी कि वे फिर से राष्ट्रपति और कमांडर इन चीफ नहीं बनना चाहते।<ref>{{cite news | first = Fidel | last = Castro | url = http://www.granma.cubaweb.cu/pdf/pagina1.pdf | title = Mensaje del Comandante en Jefe | work = [[Granma (newspaper)|Granma]] | date = फ़रवरी 19, 2008 | accessdate = 19 फरवरी 2008 | language = es | format = PDF | archiveurl = https://web.archive.org/web/20061124123016/http://www.granma.cubaweb.cu/pdf/pagina1.pdf | archivedate = 24 नवंबर 2006 | url-status = dead }}</ref><ref>{{cite news | first = Fidel | last = Castro | url = http://granma.cu/ingles/2008/febrero/mar19/mensaje-i.html | title = Message from the Commander in Chief | work = [[Granma (newspaper)|Granma]] | date = फ़रवरी 19, 2008 | accessdate = 24 फरवरी 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20090105033419/http://granma.cu/ingles/2008/febrero/mar19/mensaje-i.html | archive-date = 5 जनवरी 2009 | url-status = dead }}</ref> 24 फ़रवरी 2008 को नेशनल असेंब्ली ने [[राउल कास्त्रो]] को क्यूबा के राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित किया।<ref name="BBC">{{cite news | title = Raul Castro named Cuban president | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/7261204.stm | work = [[बीबीसी]] | date = 24 फरवरी 2008 | accessdate = 24 फरवरी 2008 | quote = Raul, 76, has in effect been president since and the National Assembly vote was seen as formalising his position. | archive-url = https://web.archive.org/web/20180622045408/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/7261204.stm | archive-date = 22 जून 2018 | url-status = live }}</ref> == बचपन और शिक्षा == [[चित्र:FCR to FDR letter complete.jpg|thumb|left| 12 वर्षीय कास्त्रो द्वारा U.S. राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट की प्रशंसा करते हुए और 10 डॉलर का बिल मांगते हुए लिखा गया , "अगर आप चाहें, तो मुझे दस डॉलर का हरे रंग वाला अमेरिकी बिल दीजिए, क्योंकि दस डॉलर का बिल मैंने कभी नहीं देखा है," पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए, "आपको बहुत बहुत धन्यवाद. गुड बाई [22]. आपका मित्र, फिदेल कास्त्रो."]] फिदेल ऐलेजैंड्रो वित्तोरे कास्त्रो रूज़ वर्तमान आधुनिक [[होल्गुंइन प्रान्त|प्रान्त होल्गुंइन]] के [[मयारी]] के करीब [[बीरन]] के चीनी उत्पादक एक परिवार में पैदा हुए थे। यह क्षेत्र तब [[ओरिएंटे|ओरिएंटे प्रान्त]] में था, फिलहाल जिसकी हालत बदतर थी। वे [[एंजेल कास्त्रो वाय अर्गिज़]] की तीसरी संतान थे। उनके पिता [[स्पेन]] के गरीब इलाके से आये [[गलिसिंअन लोग|गलिसिंअन]] अप्रवासी थे, जो चीनी उद्योग में काम करके और सफल निवेश के माध्यम से अपेक्षाकृत समृद्ध बने। <ref>[http://www.belfasttelegraph.co.uk/features/article2160566.ece?A=2160566 द कास्त्रोपीडिया: फिदेल्स क्यूबा इन फैक्ट्स एंड फिगर्स] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080504063743/http://www.belfasttelegraph.co.uk/features/article2160566.ece?A=2160566 |date=4 मई 2008 }}, बेलफास्ट टेलेग्राफ</ref> उनकी मां, लीना रूज़ गोंजालेज, एक घरेलू नौकर थी। एंजेल कास्त्रो ने मारिया लुइसा अर्गोता<ref name="Confidential">बर्दाच, ऐन लुइसे : क्यूबा कॉन्फिडेंसियल. पृष्ठ 57-59</ref> नामक एक दूसरी औरत से शादी की। 15 साल की उम्र तक फिदेल को अपनी अवैधता और अपने पिता के घर से दूर विभिन्न पालक घरों से आ रही चुनौतियों का सामना करना पड़ा. कास्त्रो के दो भाई, [[रेमन कास्त्रो (क्यूबा के क्रांतिकारी)|रेमन]] और [[राउल कास्त्रो|राउल]] और चार बहनें, एंजिलीटा, [[जूआनिटा कास्त्रो|जूआनिटा]], इनमा और अगस्तिना हैं, जो सभी विवाह पूर्व पैदा हुए. उनके दो सौतेले भाई बहन, लीडिया और पेद्रो एमिलियो भी है, जिन्हें एंजेल कास्त्रो की पहली पत्नी ने पाला-पोसा. फिदेल का बप्तिस्मा 8 साल की उम्र तक नहीं हुआ था, जो बहुत असामान्य बात थी, जिस कारण भी अन्य बच्चों के सामने उन्हें शर्मिंदगी उठानी पड़ी और उपहास का पात्र बनना पड़ा.<ref name="Raffy">रैफी, सर्ज. 2004 कास्त्रो एल देस्लील. सैन्तिलाना एडिसिओनेस जेनेराल्स, एस.एल. मैड्रिड. ISBN 84-03-09508-2</ref><ref name="Fuentes">फुएंतेस, नोर्बर्तो 2005 ला ऑटोबायोग्राफिया डी फिदेल कास्त्रो. देस्तिनो एडिसिओनेस. ISBN 970-749-001-2</ref> एंजेल कास्त्रो ने आखिरकार अपनी पहली से तलाक ले लिया और फिदेल की मां से शादी कर ली, तब फिदेल 15 साल के थे। जब वे 17 के थे, तब कास्त्रो को औपचारिक रूप से अपने पिता की पहचान मिली और उनका उपनाम कानूनी तौर पर रुज़, जो उनकी मां का उपनाम था, से कास्त्रो हुआ।<ref name="Raffy" /><ref name="Fuentes" /> हालांकि उनकी शिक्षा के मामले में मतभेद है, ज्यादातर सूत्र सहमत हैं कि वे एक बौद्धिक रूप से प्रतिभाशाली छात्र थे, शिक्षा के बजाय खेलों में वे अधिक रुचि रखते थे। और उनके कई साल एक निजी कैथोलिक बोर्डिंग स्कूल में बीते. हाई स्कूल की पढ़ाई उन्होंने 1945 में हवाना के एक [[जेसुइट]] स्कूल [[बेलेन जेसुइट प्रिपैरेटरी स्कूल|El Colegio de Belén]] से पूरी की। <ref name="From Student to Revolutionary">{{cite web | last = | first = | date = | year = | month = | url = http://www.history.ca/content/ContentDetail.aspx?ContentId=41 | title = Fidel Castro: From Student to Revolutionary | work = [[History Television]] | publisher = [[Alliance Atlantis Communications]] Inc. | accessdate = 11 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060528170148/http://www.history.ca/content/ContentDetail.aspx?ContentId=41 | archive-date = 28 मई 2006 | url-status = dead }}</ref> बेलेन में कास्त्रो ने स्कूल में एक बेसबॉल टीम बनाया। वहां लगातार अफवाहें फैलती रही कि कास्त्रो को अमेरिका की विभिन्न बेसबाल टीम द्वारा खोजा जा रहा था, <ref>{{cite web |url=http://www.jamescampion.com/chekcuba.html |title=CASTRO, BASEBALL, AND THE GREAT DIVIDE |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091227182820/http://www.jamescampion.com/chekcuba.html |archive-date=27 दिसंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है।<ref>{{cite web |url=http://www.snopes.com/sports/baseball/castro.asp |title=Fidel Castro }}</ref> == राजनीतिक जीवन की शुरुआत == 1945 के आखिरी चरण में, कास्त्रो ने [[हवाना विश्वविद्यालय]] में कानून की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया। वह जल्द ही विश्वविद्यालय के राजनीतिक माहौल में उलझ गए, जो कि उस दौरान क्यूबा की एक अस्थिर राजनीति का केंद्र था। 1930 के दशक में राष्ट्रपति [[गेरार्डो मचाडो]] के पतन के बाद छात्र राजनीति विकृत हो कर विभिन्न गुटों में बंट कर ''गुंडागर्दी'' में तब्दील हो गई और कास्त्रो ने महसूस किया कि यह गुंडागर्दी उनकी आकांक्षाओं के लिए एक वास्तविक खतरा बन गई है। बाद में उन्होंने अपने इस अनुभव को "निर्णय का महान क्षण"<ref name="Masferrer" /> बताया। एक संक्षिप्त अंतराल के बाद वे विश्वविद्यालय लौट आये और विश्वविद्यालय के चुनावों के मद्देनजर उन्होंने खुद को पूरी तरह से विभिन्न हिंसक संग्राम और विवादों में झोंक दिया और वे [[रोलैंडो मास्फेर्रेर|रोनाल्डो मास्फेर्रेर]] के MSR एक्सन ग्रुप से जुड़ी कई गोलिबरियों की घटनाओं में फंस गए। बाद में कास्त्रो ने कहा कि "वापस नहीं लौटने से गुंडों को छुट्टा छोड़ देने जैसी बात होती, जो मेरे सिद्धांत के खिलाफ होता".<ref name="Masferrer">[[ह्यूग थॉमस, स्वाइनर्टन के बेरोन थॉमस|थॉमस, ह्यूग]] : क्यूबा द पर्सुइट ऑफ़ फ्रीडम पृष्ठ 523-524</ref> इस दौरान प्रतिद्वंद्विता इतनी तगडी थी कि मास्फेर्रेर पर एक जानलेवा हमले में जाहिर तौर पर कास्त्रो शामिल हुए.<ref name="Masferrer" /> मास्फेर्रेर का अर्द्धसैनिक गुट ''लेस टाईग्रास'' बाद में बातीस्ता<ref>{{Harvnb|Sweig|2002}}</ref> शासन के अर्न्तगत सरकारी हिंसा फैलाने का एक यंत्र बन गया था, जो हिंसक प्रतिशोध के लिए बराबर नौजवान विद्याथियों कि खोज में रहता.<ref>बर्दाच, ऐन लुइसे : क्यूबा कॉन्फिडेंसियल. पृष्ठ 40</ref> 1947 में सामाजिक न्याय{{Citation needed|date=मार्च 2009}} के लिए बेताबी के कारण कास्त्रो [[पार्टीडो ओर्टोडॉक्स]] में शामिल हो गए, जो कि [[एडुआर्डो चिबास]] द्वारा नया-नया गठित किया गया था। एक करिश्माई व्यक्तित्व चिबास राष्ट्रपति पद के लिए वर्तमान राष्ट्रपति [[रेमन ग्रौ सान मार्टिन]] के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। मार्टिन ने अपने कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार पनपने दिया था। {{Citation needed|date=नवम्बर 2007}} पार्टीडो ओर्टोडॉक्स ने सार्वजनिक रूप से भ्रष्टाचार को उजागर किया और सरकारी और सामाजिक सुधार की मांग की। इसने क्यूबाइयों में राष्ट्रीय भावना पैदा करने को लक्ष्य बनाया, क्यूबा को संयुक्त राज्य अमेरिका से आर्थिक रूप से आजाद किया और स्वतंत्रता की स्थापना की। साथ ही क्यूबा की राजनीति में अभिजात वर्ग की शक्ति को नष्ट किया।{{Citation needed|date=मार्च 2009}}हालांकि चिबास चुनाव हार गए, मगर कास्त्रो ने उनके कामों को पूरी उग्रता के साथ जारी रखा। वे चिबास को अपना गुरु मानते थे। 1951 में, जब चिबास राष्ट्रपति चुनाव दुबारा लड़ रहे थे, तब एक रेडियो प्रसारण के दौरान उन्होंने अपने पेट में खुद गोली मार ली। वहां कास्त्रो मौजूद थे और वे उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उनकी मृत्यु हो गयी।<ref name="From Student to Revolutionary" /> 1948 के दौरान, कास्त्रो का नाम तीन बार राजनैतिक हत्या से जुड़ा.<ref name="Leonard" /> 22 फ़रवरी को हुई मानोलो कास्त्रो की हत्या के लिए उन पर शक किया गया।<ref name="Leonard" /> विश्वविद्यालय पुलिस ऑस्कर फर्नांडीज अपने घर के सामने 6 जून को मारा गया था। अंतिम सांस लेते ऑस्कर फर्नांडीज और अन्य गवाहों ने हत्यारे के रूप में कास्त्रो की पहचान की। <ref name="Leonard" /> घटना आयी-गयी हो गयी।<ref name="Leonard" /> 1948 में, कास्त्रो एक अमेरिका विरोधी प्रदर्शन यात्रा में शामिल होने के लिए कास्त्रो [[बोगोटा|बोगोटा, कोलम्बिया]] गए, अर्जेंटीना सेना के कर्नल और राष्ट्रपति [[जूआन पेरोन]] ने इसका खर्च उठाया.<ref name="Leonard" /> कास्त्रो भीड़ की हिंसा और संपत्ति के विनाश में कास्त्रो शामिल हुए और बाद में अर्जेंटीना दूतावास में शरण मांगी.<ref name="Leonard" /> === क्रांति का फैसला === 1948 में, कास्त्रो ने [[मिरता डाएज बलार्ट]] नामक छात्रा से, जो क्यूबा के एक धनी परिवार की बेटी थी, शादी की और उनके माध्यम से वे क्यूबा के कुलीन वर्ग की जीवन शैली से अवगत हुए. मिरता के पिता ने न्यूयॉर्क में तीन महीने हनीमून मनाने के लिए दसियों हज़ार दिए थे।<ref name="geyer" /> पूर्व राष्ट्रपति फुल्गेंकियो बतिस्ता ने भी उन्हें शादी का तोहफा में 1,000 डॉलर दिए, जो दोनों परिवारों के दोस्त थे।<ref name="Leonard" /><ref name="geyer" /> हालांकि कास्त्रो ने मैनहट्टन के एक निजी विश्वविद्यालय [[कोलंबिया विश्वविद्यालय]] में दाखिला ले लिया था, मगर वे अपनी डिग्री पूरी करने के लिए क्यूबा वापस लौट गए।<ref name="Leonard" /> कास्त्रो ने रूपये-पैसे की समस्याएं शुरू कर दी। उन्होंने काम पर जाने से इनकार कर दिया। उनके परिवार का खर्च दूसरों को चलाना पड़ता.<ref name="Leonard" /><ref name="geyer" /> अपनी पत्नी के साथ भी उनका संबंध तनावपूर्ण था। 1950 में उन्होंने डॉक्टर ऑफ लॉ करके कानून की डिग्री प्राप्त की और हवाना में एक छोटी-सी साझेदारी के साथ कानून की प्रक्टिस शुरू की। <ref name="geyer" /> अब तक वे अपने उत्कट [[राष्ट्रवादी]] विचारों और संयुक्त राज्य अमेरिका के तीव्र विरोध के कारण विख्यात हो चुके थे। [[कोरियाई युद्ध]] में दक्षिण कोरिया का पक्ष लेने के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कास्त्रो बोलते रहे। <ref name="Leonard" /> 1951 में फिदेल कास्त्रो ने बतिस्ता से कहा "मुझे यहां एक खास किताब नहीं दिखाई देती." बतिस्ता द्वारा पूछे जाने पर कि कौन सी किताब, कास्त्रो ने कहा, "कर्जियो मलापरते की द टेक्निक ऑफ़ द कूप डी'एतेट".<ref name="geyer">{{cite book|title=Guerrilla Prince|year=1993|url=https://archive.org/details/guerrillaprince00geye|author=Georgie Anne Geyer}}</ref> राफेल डाएज बल्लार्ट के मुताबिक, फिदेल कास्त्रो ने महसूस किया कि बतिस्ता अब एक 'क्रांतिकारी' नेता नहीं रहा बावजूद इसके दोनों एक दूसरे को आदर की नजरों से देखा करते.<ref name="geyer" /> राजनीति में रुचि बढ़ने के कारण 1952 के चुनाव में कास्त्रो क्यूबा की [[संसद]] में सदस्यता के लिए उम्मीदवार बने जब पूर्व राष्ट्रपति जनरल फुल्गेंकियो बतिस्ता ने राष्ट्रपति [[कार्लोस प्रीओ सोकार्रास]] का [[तख्तापलट]] किया, चुनाव रद्द कर दिया; और सरकार में "अस्थायी राष्ट्रपति" बन गए। बतिस्ता को क्यूबा समाज के संस्थागत तत्वों, शक्तिशाली क्यूबाई एजेंसियों और और श्रमिक यूनियनों का समर्थन मिला। कास्त्रो अब पार्तिदो ओर्टोडोक्सो से अलग हो गए और 1940 में बने [[संविधान]] के पर आधार पर औपचारिक रूप से बतिस्ता पर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. उनकी याचिका ''ज़र्पजो'' को संवैधानिक प्रत्याभूत कोर्ट ने खारिज कर दिया और उन्हें सुनवाई की अनुमति नहीं दी। <ref>ह्यूग थॉमस. ''क्यूबा : द पर्सुइट ऑफ़ फ्रीडम'' पृष्ठ 532.</ref> इस घटनाक्रम ने कास्त्रो के मन में बतिस्ता सरकार के खिलाफ बीज बो दिया और उनके मन में यह बात घर कर गयी कि बतिस्ता को सत्ताच्युत करने का क्रांति ही एकमात्र रास्ता है।<ref>{{cite book | first= Jules | last= Duboise | authorlink= |author2= | year= 1959 | title= Fidel Castro: Rebel-Liberator or Dictator? | url= https://archive.org/details/fidelcastrorebel0000dubo | edition= | publisher= Bobbs-Merrill Company, Inc | location= Indianapolis | id= }}</ref> == क्यूबाई क्रांति == {{Main|Cuban revolution}} === मोंकाडा बैरकों पर हमला === {{Main|Moncada Barracks}} बतिस्ता द्वारा किये गए तख्तापलट से लोगों में असंतोष बढ़ता गया, तब कास्त्रो ने कानून की प्रक्टिस छोड़ दी और अपने भाई [[राउल कास्त्रो|राउल]] और [[मारियो चांस डे आर्म्स]] समेत समर्थकों को लेकर एक भूमिगत संगठन का गठन किया। इन सबके साथ वे सक्रिय रूप से बतिस्ता को उखाड़ फेंकने के लिए योजना बनाई। उन्होंने बंदूकें और गोला बारूद इकट्ठा किया और बतिस्ता [[संतिअगो दे क्यूबा]] के बाहर सबसे बड़ी चौकी [[मोंकाडा बैरकों]] पर एक सशस्त्र हमले के लिए अपनी योजनाओं को अंतिम रूप दिया। 26 जुलाई 1953 के दिन उन्होंने [[मोंकाडा बैरकों]] पर हमला किया। बायामो में सेस्पेदेस चौकी पर भी ध्यान हटाने के लिए हमला किया गया।<ref name="The Spirit Of Moncada" /> हमला विनाशकारी साबित हुआ और इसमें शामिल 'एक सौ पैंतीस [[गुर्रिल्लों]] में से साठ से अधिक मारे गए थे। कास्त्रो और टीम के अन्य जीवित सदस्य सैंटियागो के पूर्वी पहाड़ के बीहड़ [[सिएरा मेस्त्रा]]<ref>{{cite web | last = Sierra | first = J. A. | authorlink = | author2 = | date = | year = | month = | url = http://www.historyofcuba.com/history/funfacts/maestra.htm | title = The Sierra Maestra | work = | pages = | publisher = historyofcuba.com | language = | accessdate = 19 मई 2006 | accessyear = | archive-url = https://web.archive.org/web/20060617153213/http://www.historyofcuba.com/history/funfacts/maestra.htm | archive-date = 17 जून 2006 | url-status = dead }}</ref> के एक हिस्से में जा छिपे, लेकिन वे अंततः और पकड़े गए। यद्यपि इस पर मतभेद है कि आखिर कास्त्रो और उनके भाई [[राउल कास्त्रो|राउल]] को फांसी क्यों नहीं दी गयी, जबकि उनके अनेक साथियों को बख्शा नहीं गया। इसके सबूत है कि एक अधिकारी अपने विश्वविद्यालय के दिनों से कास्त्रो को जानता था और वह उनके साथ रहमदिली से पेश आया, जबकि 'गैरकानूनी' अनधिकृत आदेश था कि उन्हें मार डाला जाये.<ref name="The Spirit Of Moncada" /> 26 जुलाई आंदोलन के सैन्य कमांडर अन्गेल प्राडो का कहना है कि हमले की रात कास्त्रो का चालक गुम हो गया और वह कभी वापस नहीं लौटा. वो रात "एल कार्नवाल दे संतियागो" की रात थी और संतियागो दे क्यूबा की सड़कें पार्टी जाने वालों से भरी हुई थी। 1953 में कास्त्रो पर मुकदमा चला और उन्हें पंद्रह साल की सजा हुई। मुकदमे के दौरान कास्त्रो ने अपना प्रसिद्ध भाषण दिया ''[[हिस्ट्री विल ऐबज़ॉल्भ मी]]''<ref name="History Will Absolve Me">{{cite web | last = Tabío | first = Pedro Álvarez | year = 1975 | month = | url = http://www.marxists.org/history/cuba/archive/castro/1953/10/16.htm | title = History Will Absolve Me | work = | publisher = Editorial de Ciencias Sociales, La Habana, Cuba | accessdate = 11 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060421192549/http://www.marxists.org/history/cuba/archive/castro/1953/10/16.htm | archive-date = 21 अप्रैल 2006 | url-status = live }}</ref>. उन्होंने अपने विद्रोही कार्यों का बचाव किया और जोरदार तरीके से अपने राजनैतिक विचारों की घोषणा की : {{quotation|I warn you, I am just beginning! If there is in your hearts a vestige of love for your country, love for humanity, love for justice, listen carefully... I know that the [[regime]] will try to suppress the truth by all possible means; I know that there will be a conspiracy to bury me in oblivion. But my voice will not be stifled – it will rise from my breast even when I feel most alone, and my heart will give it all the fire that callous cowards deny it... Condemn me. It does not matter. History will absolve me.}} जब वे [[इस्ला दे पिनोस]] में राजनैतिक गतिविधियों के लिए जेल में थे, वे बतिस्ता को उखाड़ फेंकने की तैयारी में लगे रहे। मुक्ति के बाद फिर से संगठन बनाने और लोगों को प्रशिक्षण देने की योजना बनाते रहे। <ref name="The Spirit Of Moncada" /> दो साल से कम सजा काटने के बाद राजनैतिक दबाव में बतिस्ता द्वारा दी आम [[माफ़ी]] में वे मई 1955 को रिहा हुए और योजना के मुताबिक [[मेक्सिको]] चले गए।<ref name="Sweig" /> === 26 जुलाई का आंदोलन === {{Main|26th of जुलाई Movement}} मैक्सिको में कास्त्रो की मुलाकात क्यूबा के अन्य निर्वासित बंधुओं से हुई और उन्होंने [[26 जुलाई आंदोलन की नींव]] डाली। मोंकाडा बैरकों पर विफल हमले की याद में यह नाम दिया गया। लक्ष्य वही [[फुल्गेंकियो बतिस्ता]] को अपदस्थ करना ही रहा। कास्त्रो ने मोंकाडा अनुभव से सीखा कि बतिस्ता की सेना को हराना है तो नई रणनीति अपनानी होगी। इस बार, भूमिगत गुरिल्ला रणनीति अपनाने का फैसला किया गया। पिछली बार क्युबाईयों ने एक साम्राज्यवादी शासन को जन उभार द्वारा उखाड़ फेंकने के लिए इसी नीति का प्रयोग किया था। स्पैनिश शासन से आजादी के लिए क्यूबा में गुरिल्ला युद्ध प्रणाली का आरंभ हुआ था, जिसके बारे में क्यूबा अभियान खत्म हो जाने के बाद वे एक बार पढ़ पाए, लेकिन वो पुस्तक [[एमिलियो एगुइनाल्दो]] फिलीपींस ले गए। एक बार फिर, सरकार गिराने के लिए गुरिल्ला युद्ध किया गया। मेक्सिको में कास्त्रो की मुलाकात [[चे ग्वेरा|एर्नेस्तो "चे" ग्वेरा]] से हुई, जो [[गुरिल्ला युद्ध]] प्रणाली के समर्थक थे। ग्वेरा विद्रोहियों के गुट में शामिल हो गए और उन्होंने कास्त्रो के राजनैतिक मान्यताओं को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.लैटिन अमेरिका में गरीबों के दुख-दर्द पर ग्वेरा की टिप्पणियों से उन्हें यकीन हो गया कि केवल समाधान हिंसक क्रांति से ही इसका समाधान संभव है। एक केजीबी एजेंट [[निकोलाई लेओनोव|निकोलाई सेर्गीविच लेओनोव]] जो [[मेक्सिको सिटी]] में था, के साथ उनके नियमित संपर्क के बाद भी हथियार आपूर्ति की आशा पूरी नहीं हुई<ref name="Andrew" />, तब वे [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] जाकर वहां के क्यूबाइयों से रहने से कर्मी और धन जुटाने का फैसला किया। इनमे [[कार्लोस प्रियो सोकार्रस]] भी थे, जिन्हें 1952 में बतिस्ता ने अपदस्थ राष्ट्रपति पद से अपदस्थ किया था। मेक्सिको वापस आकर, [[स्पेनिश नागरिक युद्ध]] के दिग्गज, क्यूबा में जन्मे [[अलबर्टो बायो]]<ref name="History Will Absolve Me" /> के मातहत अपने गुट को प्रशिक्षित किया। [[स्पेन]] में [[फ्रांसिस्को 'फ्रेंको]] की जीत के बाद अलबर्टो बायो मेक्सिको भाग आये थे। 26 नवम्बर 1956 को कास्त्रो और उनके 81 अनुयायी, ज्यादातर निर्वासित क्यूबाइ, [[टक्स्पन]], [[वेराक्रुज़]], से एक नौका ''[[ग्रानमा (नौका)|ग्रानमा]]'' पर सवार होकर क्यूबा में विद्रोह शुरू करने के लिए निकल पड़े.<ref name="History Will Absolve Me" /> 2 दिसम्बर 1956 को [[मंज़निल्लो, क्यूबा|मंज़निल्लो]] के पूर्वी शहर के निकट लास कोलोरैदास से सटे पलाया [[लॉस कायुएलोस]] में वे उतरे.ज़ल्द ही, कास्त्रो पुरुषों के अधिकांश गुर्रिल्ले बतिस्ता सेना द्वारा मार डाले गए, या भगाए गए या कैद कर लिए गए।<ref name="The Landing of the Granma" /> हालांकि सही संख्या विवाद में है, लेकिन इस पर सहमति है कि 82 में से सिर्फ 20 लोग ही इस मुठभेड़ में बच पाए और [[सियरा मेस्त्रा|सिएरा मेस्त्रा]] के पहाड़ों में भागने में सफल रहे। <ref>{{cite book | last = Thomas | first = Hugh | authorlink = |author2= | year = 1998 | title = Cuba or The Pursuit of Freedom (Updated Edition) | url = https://archive.org/details/cubaorpursuitoff0000thom | publisher = Da Capo Press|location = New York|isbn = 0-306-80827-7}}</ref> बच निकलने वालों में फिदेल कास्त्रो, [[चे ग्वेरा]], [[राउल कास्त्रो]] और [[कैमिलो इएन्फ़ुएगोस]] शामिल थे। बचने वालों को गांववालों की सहायता मिली। वे ओरिएंटे प्रांत में [[सियरा मेस्त्रा|सिएरा मेस्त्रा]] में फिर से संगठित हुए और फिदेल कास्त्रो की कमान में एक फौजी टुकड़ी बना ली। [[सियरा मेस्त्रा|सिएरा मेस्त्रा]] पहाड़ों में अपने [[सैन्य शिविर|पड़ाव]] से 26 जुलाई आंदोलन ने बतिस्ता सरकार के खिलाफ एक गुरिल्ला युद्ध छेड़ा. नगरों और बड़े शहरों में भी, विरोध समूह संगठित किये गए, जब तक कि भूमिगत समूह हर जगह छा गए। इनमे सबसे मजबूत [[फ्रैंक पेस]] द्वारा गठित सैंटियागो में था।<ref>{{cite book | last = Cannon | first = Terrance | authorlink = |author2= | year = 1981 | title = Revolutionary Cuba | url = https://archive.org/details/revolutionarycub0000cann | publisher = Thomas Y. Crowell | location = New York | id = }}</ref><ref>{{cite web | last = Cannon | first = Terrance | authorlink = | author2 = | date = | year = 1981 | month = | url = http://www.historyofcuba.com/history/pais.htm | title = Frank País and the Underground Movement in the cities | work = | pages = | publisher = historyofcuba.com | language = | accessdate = 19 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060618211454/http://historyofcuba.com/history/pais.htm | archive-date = 18 जून 2006 | url-status = dead }}</ref> 1957 की गर्मियों में, पेस का संगठन कास्त्रो के 26 जुलाई आंदोलन के साथ मिला दिया गया। कास्त्रो आंदोलन को शहरों और ग्रामीण इलाकों में लोगों का समर्थन प्राप्त होता गया, तब इसमें आठ सौ से ज्यादा लोग शामिल हो गए। 1957 के मध्य में कास्त्रो ने [[चे ग्वेरा]] को एक दूसरी टुकड़ी का जिम्मा सौंपा. ''[[न्यूयॉर्क टाइम्स]]'' का एक [[पत्रकार]], [[हरबर्ट मैथ्यूज|हर्बर्ट मैथ्यूज]], सिएरा मेस्त्रा में उनसे साक्षात्कार करने आया, जिससे संयुक्त राज्य अमेरिका में कास्त्रो के आन्दोलन के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ। ''न्यूयॉर्क टाइम्स'' के पहले पन्ने पर मैथ्यूज ने कास्त्रो को दाढ़ी वाले और अस्त-व्यस्त वर्दी वाले एक रोमांटिक और आकर्षक क्रांतिकारी के रूप में प्रस्तुत किया।<ref>{{cite web | last = Alter | first = James | authorlink = | author2 = | date = | year = 2006 | month = अप्रैल | url = http://www.iht.com/articles/2006/04/21/arts/idbriefs22d.php | title = Review: The Man Who Invented Fidel | format = | work = | pages = | publisher = The International Herald Tribune | language = | accessdate = 14 मई 2006 | archiveurl = https://web.archive.org/web/20060509125144/http://www.iht.com/articles/2006/04/21/arts/idbriefs22d.php | archivedate = 9 मई 2006 | url-status = dead }}</ref><ref>{{cite web | last = De Palma | first = Anthony | authorlink = | author2 = | date = | year = | month = | url = http://www.historyofcuba.com/history/havana/Fidel-1.htm | title = Book Excerpt: The Man Who Invented Fidel: Castro, Cuba, and Herbert L. Matthews of the New York Times | work = | pages = | publisher = historyofcuba.com | language = | accessdate = 16 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060617221959/http://www.historyofcuba.com/history/havana/Fidel-1.htm | archive-date = 17 जून 2006 | url-status = dead }}</ref> कास्त्रो और मैथ्यूज का एंड्रयू सेंट जॉर्ज टीवी के कर्मचारी द्वारा पीछा किया गया। कहा जाता है कि वह एक [[CIA]] का एक संपर्क व्यक्ति था।<ref>{{cite web | last = St George | first = Andrew | date = [[12 अप्रैल 1963]] | url = http://www.spartacus.schoolnet.co.uk/JFKstgeorge.htm | title = Biography: Andrew St George | publisher = Spartacus Educational | accessdate = 11 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20121023165422/http://www.spartacus.schoolnet.co.uk/JFKstgeorge.htm | archive-date = 23 अक्तूबर 2012 | url-status = dead }}</ref> कास्त्रो की प्रारंभिक [[अंग्रेजी भाषा]] और करिश्माई व्यक्तित्व ने टेलीविजन के माध्यम से उन्हें सीधे अमेरिकी दर्शकों को अपील करने के लिए सक्षम बनाया। 1957 में, [[कास्त्रो ने सिएरा मेस्त्रा के घोषणापत्र]] पर हस्ताक्षर किए<ref>{{Cite web |url=http://www.chibas.org/raul_chibas_manifiesto.php |title=फैमिलिया शिबास > राउल एंटोनीयों शिबास > मैनिफिएस्तो सिएरा माएस्त्रा |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130117013342/http://www.chibas.org/raul_chibas_manifiesto.php |archive-date=17 जनवरी 2013 |url-status=dead }}</ref>, जिसमें [[1943 के चुनाव संहिता]] के तहत सत्ता में आने के पहले 18 महीने के भीतर चुनाव कराने और [[1940 के संविधान]] के उन सभी प्रावधानों को फिर से बहाल करने घोषणा की, जिन्हें बतिस्ता शासन के तहत निलंबित कर दिया गया था। हालांकी घोषणापत्र की कुछ घोषणाओं को सत्ता में आने पर लागू किया गया, लेकिन घोषित समय पर वे क्यूबा में चुनाव कराने में विफल रहे, जो उनके कार्यक्रम का सबसे सबसे महत्वपूर्ण भाग था। 1958 फ़रवरी में कोरोनेट पत्रिका में आंदोलन के लक्ष्यों पर कास्त्रो का एक प्रसिद्ध बयान प्रकाशित हुआ।<ref>{{Cite web |url=http://www.latinamericanstudies.org/cuban-rebels/coronet.htm |title=व्हाई वी फाइट |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110131085052/http://www.latinamericanstudies.org/cuban-rebels/coronet.htm |archive-date=31 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref> उन्होंने कहा कि "हम क्यूबा में तानाशाही को खत्म करने और एक वास्तविक प्रतिनिधि सरकार की नींव की स्थापना के लिए लड़ रहे हैं" और उन्होंने "सफलता पाने के बारह महीने के भीतर सही मायने में ईमानदार आम चुनाव कराने" का वादा किया। उन्होंने यह भी कहा, "विदेशी निवेश को ज़ब्त करने या राष्ट्रीयकरण की हमारी कोई योजना नहीं है।" उन्होंने क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर अपने हमले को जायज बताते हुए बतिस्ता तानाशाही को गिराने का इसे एकमात्र रास्ता करार दिया। तानाशाही को उनके द्वारा खारिज करने के बावजूद खुद कास्त्रो को एक तानाशाह के रूप में वर्णित किया गया है।<ref>{{cite web |date= 15 अगस्त 2001 |url= http://www.mysanantonio.com/news/special_reports/The_Cuban_dictators_birthday_is_a_reminder_that_its_time_to_get_ready_for_the_post-Castro_era.html |title= The Cuban dictator's birthday is a reminder that it's time to get ready for the post-Castro era |publisher= ''[[San Antonio Express-News]]'' |accessdate= 22 अगस्त 2009 }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{cite web |date= 19 फरवरी 2008 |url= http://www.usatoday.com/money/world/2008-02-19-cuba-economy_N.htm |title= Cuba trade gets 'new opportunity' |publisher= ''[[USA Today]]'' |accessdate= 22 अगस्त 2009 |archive-url= https://web.archive.org/web/20100304152351/http://www.usatoday.com/money/world/2008-02-19-cuba-economy_N.htm |archive-date= 4 मार्च 2010 |url-status= live }}</ref><ref>{{cite web |date= 12 अप्रैल 2008 |url= http://www.postandcourier.com/news/2008/apr/12/changing_castros_cuba36977/ |title= Changing Castro's Cuba |publisher= ''[[The Post and Courier]]'' |accessdate= 22 अगस्त 2009 |archive-url= https://web.archive.org/web/20110430015037/http://www.postandcourier.com/news/2008/apr/12/changing_castros_cuba36977/ |archive-date= 30 अप्रैल 2011 |url-status= dead }}</ref> === ऑपरेशन वेरानो === {{Main|Operation Verano}} [[चित्र:FidelGuerilla.JPG|thumb|left|फिदेल कास्त्रो एक गुरिल्ला के रूप में अपने दिनों में.]] 1958 मई में, बतिस्ता ने कास्त्रो और अन्य सरकार विरोधी गुटों को कुचलने के लिए ''[[ऑपरेशन वेरानो]]'' शुरू किया। बागियों (अलार्कोंन रामीरेज़, 1997) द्वारा इसे ''ला ओफेंसिवा'' (आक्रमण) कहा जाता था। हालांकि कागज में बतिस्ता की सेना से कम तादाद में होने के बावजूद कास्त्रो की छापामार सेना जीत हासिल करती गयी। बतिस्ता सेना के कम प्रशिक्षित और अवचनबद्ध युवा सैनिक बतिस्ता सेना छोड़कर उनके साथ मिलते गए। [[ला पलटा युद्घ]] के दौरान कास्त्रो सेना ने एक पूरी बटालियन को हरा दिया। हालांकि समर्थक कास्त्रो समर्थक क्यूबा के सूत्रों ने बाद में इन लड़ाइयों में कास्त्रो [[छापामार]] सेना की भूमिका पर खास जोर दिया, मगर दूसरे संगठन और अन्य नेता भी इसमें शामिल थे, जैसे कि [[एस्कोपेतेरोस]] (जो अल्प प्रशिक्षित अनियमित सैनिक थे). ''[[लास मर्सिडीज युद्ध]]'' के दौरान, कास्त्रो की छोटी सेना हार के करीब थी, लेकिन जनरल कान्तिल्लो के साथ समझौता बातचीत शुरू करके अपने सैनिकों को चुपके से जाल से बाहर निकालने में वे सफल रहे। जब ''ऑपरेशन वेरानो'' खत्म हो गया, तब कास्त्रो ने ग्वेरा, जैमे वेगा और [[कैमिलो इएन्फ़ुएगोस]] की कमान की तीन टुकडियों को केंद्रीय क्यूबा पर आक्रमण करने का आदेश दिया, जहां उन्हें इस क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे विद्रोही तत्वों द्वारा तगड़ा समर्थन मिला। कास्त्रो की एक टुकडी काउटो प्लेन्स चली गयी। यहां, उन्हें [[ह्यूबर मातोस]], [[राउल कास्त्रो]] और प्रान्त अति पूर्वी भाग में सक्रिय दुसरे लोगों का समर्थन मिला। मैदानी इलाकों में, कास्त्रो सेना ने पहले [[ग्रानमा प्रांत]] में गुइसा शहर को घेर लिया और दुश्मन को खदेड़ भगाया. उसके बाद उन शहरों की ओर बढ़े, जिन पर 1895-1898 में [[क्यूबा की आजादी के युद्ध]] में [[कालिक्स्तो गार्सिया]] ने कब्जा जमा लिया था। === यागुआजय का युद्ध === {{Main|Battle of Yaguajay}} 1958 दिसम्बर में, [[चे ग्वेरा]] और [[कैमिलो इएन्फ़ुएगोस]] की टुकडी ने लास विल्लाज़ प्रांत में लगातार आगे बढ़ते रहे। वे कई शहरों पर कब्जा करने में सफल रहे और फिर प्रांतीय राजधानी [[सांता क्लारा, क्यूबा|सांता क्लारा]] पर [[सांता क्लारा का युद्ध|हमले]] के लिए तैयारी शुरू की। ग्वेरा सेनानियों ने क्यूबा के सांता क्लारा चारों ओर क्यूबा की सेना पर एक भयंकर हमला शुरू किया और एक खतरनाक घर-घर में एक खतरनाक लड़ाई शुरू की। उन्होंने एक हथियारबंद ट्रेन पटरी से उतार दी, जो बतिस्ता ने शहर में अपने सैनिकों की सहायता के लिए भेजी थी जबकि इएन्फ़ुएगोस ने [[यागुअजय की लड़ाई]] जीत ली थी। हर ओर की हार से बतिस्ता की सेना का मनोबल टूट गया। दिसम्बर 31,1958 को प्रांतीय राजधानी पर एक दिन से भी कम समय में कब्जा हो गया। [[सांता क्लारा का युद्ध|सांता क्लारा के युद्ध]] में हार के बाद और अपनी सेना द्वारा विश्वासघात की आशंका के कारण, बतिस्ता (निर्वाचित [[राष्ट्रपति चुनाव]] [[एन्ड्रेस रिवेरो अगुएरो]] के साथ) एक विमान से 1 जनवरी 1959 को तड़के [[डोमिनिकन गणराज्य]] भाग गए। निर्वासन में बतिस्ता अपने साथ से अधिक 300,000,000 डॉलर से अधिक की राशि ले गए, जो उन्होंने "भ्रष्टाचार और रिश्वत" के जरिये जमा कर रखे थे।<ref>''एर्नेस्तो "चे" ग्वारा (वर्ल्ड लीडर्स पास्ट एंड प्रेजेंट)'', डगलस केलनर द्वारा, 1989, चेल्सिया हाउस पब्लिशर्स, SBN 1555468357, पृष्ठ 48</ref> बतिस्ता अपने पीछे एक सैनिक शासक जनरल एउलोगियो कान्तिल्लो छोड़ गया जो हाल ही में ओरिएंटे प्रांत का कमांडर था और जो कास्त्रो के विद्रोह का केंद्र था। सैनिक शासकों ने 1940 के संविधान की धारा के तहत तत्काल क्यूबा के अस्थायी राष्ट्रपति के रूप में [[क्यूबा का सुप्रीम कोर्ट|सुप्रीम कोर्ट]] के सबसे पुराने न्यायाधीश डॉ॰[[कार्लोस पिएद्र]], का चयन किया। कास्त्रो ने अस्थायी राष्ट्रपति के लिए पिएद्र के चयन को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उच्चतम न्यायालय ने न्यायाधीश को पद की शपथ दिलाने से मना कर दिया। <ref name="How the NYT presented day-one of the Cuban Revolution">{{cite web | last = | first = | authorlink = | author2 = | date = | year = 1959 | month = जनवरी 2 | url = http://www.cubanow.net/global/loader.php?secc=5&cont=stories/num8/3cHnyt59.htm | title = How the NYT presented day-one of the Cuban Revolution | work = | pages = | publisher = CubaNow.net | language = | accessdate = 16 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060105153019/http://www.cubanow.net/global/loader.php?secc=5&cont=stories%2Fnum8%2F3cHnyt59.htm | archive-date = 5 जनवरी 2006 | url-status = dead }}</ref> फिदेल कास्त्रो की विद्रोही सेना ने तेजी से पूरे द्वीप पर कब्जा जमा लिया।<ref name="How the NYT presented day-one of the Cuban Revolution" /> 32 की उम्र में, कास्त्रो ने सफलतापूर्वक सिएरा मेस्त्रा के अपने मुख्यालय से एक क्लासिक छापामार अभियान सफलता से चलाया और बतिस्ता को खदेड़ भगाया. === नई सरकार === [[चित्र:Fidel Castro - MATS Terminal Washington 1959.jpg|thumb|right| 15 अप्रैल 1959 को कास्त्रो वाशिंगटन, डी.सी पहुंचते है।]] 8 जनवरी 1959 को कास्त्रो की थलसेना [[हवाना]] में विजयी भाव के साथ दाखिल हुई। <ref name="Castro: The Great Survivor">{{cite web | date = | year = 2000 | month = अक्टूबर | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/244974.stm | title = Castro: The Great Survivor | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 15 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060218105057/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/244974.stm | archive-date = 18 फ़रवरी 2006 | url-status = live }}</ref> बतिस्ता सरकार के पतन की खबर जैसे ही हवाना में फैली, ''[[द न्यूयॉर्क टाइम्स]]'' ने सड़कों पर ख़ुशी मनाते और गाड़ियों के हार्न बजाती भीड़ के दृश्य का वर्णन किया। 26 जुलाई आंदोलन के काले और लाल झंडे गाड़ियों और इमारतों पर लहराये गए। माहौल अराजक था।<ref name="How the NYT presented day-one of the Cuban Revolution" /> कास्त्रो ने पिएद्र सरकार के विरोध में आम हड़ताल का आह्वान किया। उसने मांग की है कि डॉ॰उर्रुटिया संतियागो दे क्यूबा के अरजेंसी कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश डॉ॰उर्रुटिया को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया जाय. इस द्वीप के महत्वपूर्ण चीनी उद्योग की ओर से क्यूबा के चीनी मिल संघ ने कास्त्रो और उनके आंदोलन को समर्थन दिया। {{Citation needed|date=मार्च 2009}} 5 जनवरी को कानून के [[प्रोफेसर]] [[जोस मिरो कार्डोना]] ने [[प्रधानमंत्री]] और [[मैनुअल उर्रुटिया लिएओ]] ने राष्ट्रपति बनकर एक नई सरकार बनाई। संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर नई सरकार को दो दिन बाद मान्यता दी। <ref>{{cite web | date = | year = | month = | url = http://www.gwu.edu/~nsarchiv/bayofpigs/chron.html | title = Chronology | work = | pages = | publisher = The National Security Archive | language = | accessdate = 19 मई 2006 | accessyear = | archive-url = https://www.webcitation.org/6AnhNj2Zx?url=http://www.gwu.edu/~nsarchiv/bayofpigs/chron.html | archive-date = 19 सितंबर 2012 | url-status = live }}</ref> खुद कास्त्रो ने हवाना पहुंचकर उत्साही भीड़ का अभिनन्दन किया और 8 जनवरी को सशस्त्र बलों के [[कमांडर-इन-चीफ]] का पद ग्रहण किया। === सत्ता पर कास्त्रो की मजबूत पकड़ === {{quotation|"Until Castro, the U.S. was so overwhelmingly influential in Cuba that the American ambassador was the second most important man, sometimes even more important than the Cuban president."| [[Earl T. Smith]], former American Ambassador to Cuba, during 1960 testimony to the U.S. Senate<ref>''Ernesto "Che" Guevara (World Leaders Past & Present)'', by Douglas Kellner, 1989, Chelsea House Publishers, ISBN 1-55546-835-7, pg 66</ref>}} फिदेल कास्त्रो ने जोस मिरो कार्डोना और मैनुअल उर्रुटिया लिएओ जैसे उदारवादी और डेमोक्रेट्स को हटाने कि मांग की। <ref name="geyer" /> फ़रवरी में प्रोफेसर जोस कार्डोना को कास्त्रो के हमलों के कारण इस्तीफा देना पड़ा. 16 फ़रवरी 1959 को कास्त्रो ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। <ref name="Castro sworn in as Cuban PM" /> प्रोफेसर मिरो जल्द ही निर्वासन में संयुक्त राज्य अमेरिका चले गए और बाद में कास्त्रो सरकार के खिलाफ [[बे ऑफ़ पिग्स इन्वेसन]] में शामिल हुए. राष्ट्रपति मैनुअल उर्रुटिया लिएओ चुनाव बहाल करना चाहते थे, लेकिन कास्त्रो ने स्वतंत्र चुनाव का विरोध किया।<ref name="Quirk">[http://www.fiu.edu/~fcf/castro_year1/urrutia.dorticos.html द पोलिटिकल एंड ऑफ़ प्रेसिडेंट उर्रुटिया] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20061017180028/http://www.fiu.edu/~fcf/castro_year1/urrutia.dorticos.html |date=17 अक्तूबर 2006 }}. फिदेल कास्त्रो, रॉबर्ट ई.कुइर्क के द्वारा 1993. 8 अक्टूबर को अभिगमन 2006.</ref> कास्त्रो का नारा था "क्रांति पहले, चुनाव बाद में".<ref>{{cite book|title=Latin America in the era of the Cuban Revolution|year=1991|url=https://archive.org/details/latinamericainer0000wrig|author=Thomas C. Wright}}</ref> नई सरकार ने संपत्ति [[जब्त]] करना शुरू किया और कंपनियों द्वारा कृत्रिम रूप से अपनी संपत्ति का असली मूल्य कम करके दिखाए जाने को ही आधार बनाकर मुआवजा देना घोषित किया। नगण्य कर देने के लिए कंपनियां ऐसा करती. {{Citation needed|date=मार्च 2009}} इस दौरान कास्त्रो बार बार खुद कम्युनिस्ट होने से इंकार करते रहे। <ref>इरविंग लुईस होरोविज़ एंड जेइम सुश्लिकी ''क्यूबन कम्युनलिज्म'' ट्रांजैक्शन पब्लिशर्स, 1998, पृष्ठ 725.</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.trivia-library.com/c/biography-of-famous-cuban-leader-fidel-castro-part-3.htm |title=डेविड वालेशिन्सकी एंड इरविंग वालेस बायोग्राफी ऑफ़ फेमस क्यूबन लीडर फिदेल कास्त्रो पार्ट 3 |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110426052717/http://www.trivia-library.com/c/biography-of-famous-cuban-leader-fidel-castro-part-3.htm |archive-date=26 अप्रैल 2011 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.latinamericanstudies.org/cuban-rebels/voices.htm |title=रसेल जे. हैम्प्से "वोइसेस फ्रॉम द सिएरा माएस्त्रा : फिदेल कास्त्रोस रिवोल्यूशनरी प्रोपेगेंडा" |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091227092240/http://www.latinamericanstudies.org/cuban-rebels/voices.htm |archive-date=27 दिसंबर 2009 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://msgboard.snopes.com/cgi-bin/ultimatebb.cgi?ubb=get_topic;f=36;t=000785;p=1 |title=snopes.com: चे ग्वेरा, अर्थशास्त्री |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090104022239/http://msgboard.snopes.com/cgi-bin/ultimatebb.cgi?ubb=get_topic;f=36;t=000785;p=1 |archive-date=4 जनवरी 2009 |url-status=dead }}</ref><ref>फिदेल कास्त्रो के अपने साम्यवाद के समर्थन से इन्कार का एक वीडियो टेप को 25 नवम्बर 2007 को NBC "मीट द प्रेस" पर फिर से प्रसारित किया गया।</ref> उदाहरण के लिए न्यूयॉर्क में 25 अप्रैल को उन्होंने कहा कि "...[ कम्युनिस्ट] प्रभाव कुछ नहीं है। मैं साम्यवादी विचारों से सहमत नहीं हूं. हम लोकतंत्र हैं। हम सभी प्रकार के तानाशाहों के खिलाफ हैं ... यही कारण है कि हम साम्यवाद का विरोध करते हैं।<ref>[http://select.nytimes.com/mem/archive/pdf?res=FA0E10F8355C1A7B93C4AB178FD85F4D8585F9 "कास्त्रोस व्हर्ल."]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}[http://select.nytimes.com/mem/archive/pdf?res=FA0E10F8355C1A7B93C4AB178FD85F4D8585F9 न्यूयॉर्क टाइम्स, 26 अप्रैल 1959.]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> 15 अप्रैल और 26 अप्रैल के बीच कास्त्रो और औद्योगिक तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस क्लब के मेहमान के रूप में अमेरिका का दौरा किया। कास्त्रो ने अपने और उनकी हाल ही में शुरू हुई सरकार के प्रति लोगों में आकर्षण पैदा करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे अच्छी [[जनसंपर्क]] कंपनी को नियुक्त किया। कास्त्रो ने धृष्ट सवालो का जवाब मजाक में दिया और हॉट डॉग्स तथा हैम्बर्गर खाया. अपनी अस्त-व्यस्त वर्दी और गंदी दाढ़ी के करण वे आसानी से एक प्रामाणिक नायक के रूप में लोकप्रिय हो गए।<ref>{{cite web | last = Franqui | first = Carlos | authorlink = | author2 = | date = | year = | month = | url = http://www.historyofcuba.com/history/franqui3.htm | title = Fidel Castro's Trip to the United States | work = | pages = | publisher = historyof Cuba.com | language = | accessdate = 16 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060617115522/http://historyofcuba.com/history/franqui3.htm | archive-date = 17 जून 2006 | url-status = dead }}</ref> उन्होंने राष्ट्रपति [[ड्वाइट डी.एइसेन्होवेर|एइसेन्होवेर]] के साथ एक बैठक से इनकार कर दिया था। संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी यात्रा के बाद, वे सोवियत नेता [[निकिता ख्रुश्चेव]] के साथ मिलने गए।<ref name="Castro: The Great Survivor" /> 17 मई 1959 को कास्त्रो ने [[पहले कृषि सुधार कानून|पहले कृषि सुधार]] कानून पर हस्ताक्षर किया, जिससे मालिकाना हक 993 एकड़ (4 प्रति किमी²) तक सीमित हुआ और विदेशी भूमि के स्वामित्व निषेध किया गया।<ref>{{cite web | last = Sierra | first = J.A. | authorlink = | author2 = | date = | year = | month = | url = http://www.historyofcuba.com/history/time/timetbl4.htm | title = Timetable History of Cuba - After The Revolution | work = | pages = | publisher = historyof Cuba.com | language = | accessdate = 15 मई 2006 | archive-url = https://archive.today/20120920/http://www.historyofcuba.com/history/time/timetbl4.htm | archive-date = 20 सितंबर 2012 | url-status = dead }}</ref><ref>{{cite web |url=http://revolutions.truman.edu/cuba/aboutme.htm |title=First Agrarian Reform Law (1959) |publisher= |accessdate=29 अगस्त 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071011133515/http://revolutions.truman.edu/cuba/aboutme.htm |archive-date=11 अक्तूबर 2007 |url-status=dead }}</ref> कास्त्रो ने राष्ट्रपति मैनुअल उर्रुटिया लिएओ पर हमले शुरू कर दिया. कास्त्रो ने [[क्यूबा के प्रधानमंत्री]] पद से इस्तीफा दे दिया और बाद में उस दिन टेलीविजन पर उर्रुटिया के खिलाफ एक लम्बा भाषण देते हुए कहा कि उर्रुटिया ने सरकार कि स्थिति "जटिल" बना दी है और उनके "अति-व्याकुल साम्यवाद विरोध" का एक हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है। कास्त्रो की भावनाओं को व्यापक समर्थन मिला। संगठित लोगों ने राष्ट्रपति भवन को घेर लिया और उर्रुटिया से इस्तीफे की मांग की, जो उन्हें मिल भी गया। [[23 जुलाई]] को, कास्त्रो फिर से प्रधानमंत्री बने और नए राष्ट्रपति के रूप में [[ओसवाल्डो डोर्तिकोस टोराडो|ओसवाल्डो डोर्तिकोस]] को नियुक्त किया।<ref name="thomas">[[ह्यूग थॉमस, स्वाइनर्टन के बेरोन थॉमस|ह्यूग थॉमस]], ''क्यूबा'' . ''द पर्सुइट फॉर फ्रीडम'' . पृष्ठ 830-832</ref> == सत्ता के वर्ष == 1959 जुलाई की शुरुआत में कास्त्रो के खुफिया प्रमुख [[रेमिरो वाल्डेज]] ने KGB से मेक्सिको सिटी में संपर्क किया।<ref name="Andrew">{{cite book |last=Andrew |first=Christopher |author2=Gordievsky, Oleg |year=1991 |title=Instructions from the Centre: Top Secret Files from the KGB's Foreign Operations |publisher=Hodder & Stoughton General Division |isbn=0-340-56650-7}}</ref> इसके बाद USSR ने [[एनरिक लिस्टर|एनरिक लिस्टर फ़ोर्जेन]] समेत एक सौ से अधिक स्पैनिश बोलनेवाले [[क्रांति की रक्षा के लिए समितियों|सलाहकारों को क्रांति की रक्षा के लिए समितियों]] का निर्माण करने के लिए भेजा. फरवरी 1960 में क्यूबा ने USSR से तेल खरीदने के समझौते पर हस्ताक्षर किया। जब क्यूबा में अमरीकी स्वामित्व वाले तेल शोधनागारों ने तेल का शोधन करने से इनकार कर दिया, तब उन तेल शोधनागारों का स्वामित्व छीन लिया गया। तब संयुक्त राज्य अमेरिका ने कास्त्रो की सरकार के साथ कूटनीतिक संबंधों को तोड़ लिया। एइसेन्होवेर प्रशासन की ओर से चिंतित होकर क्यूबा ने सोवियत संघ के साथ घनिष्ठ संबंध स्थापित करना शुरू किया। कास्त्रो और [[सोवियत संघ के प्रीमियर|सोवियत राष्ट्रपति]] [[निकिता ख्रुश्चेव]] के बीच हुए कई समझौतों की वजह से क्यूबा को USSR से आर्थिक और सैन्य सहायता मिलने लगी। उनके बीच संबंध आकार लेने लगा। क्यूबा पर अमरीकी पकड़ ढीला पड़ते जाने से अमेरिका की निराशा से कास्त्रो का भय बढ़ता चला गया। इसी के साथ USSR पर क्यूबा की निर्भरता बढ़ती चली गयी। {{Citation needed|अप्रैल 2009|date=अप्रैल 2009}} 1 मई 1961 को कास्त्रो ने क्यूबा को [[समाजवादी राज्य]] घोषित किया और सरकारी तौर पर बहुदलीय चुनाव समाप्त कर दिया। <ref name="Leonard">{{Cite book |url=Fidel Castro|author=Thomas M. Leonard |ISBN=0-313-32301-1}}</ref> आलोचकों ने कहा कि कास्त्रो को इस बात का डर था कि चुनाव उन्हें सत्ता से बेदखल कर देगा। <ref name="Leonard" /> जून 1960 में एइसेन्होवेर द्वारा क्यूबा के चीनी आयात का कोटा 7,000,000 टन से कम कर दिया गया और इसके जवाब में क्यूबा ने लगभग 850 लाख डॉलर मूल्य की अमरीकी संपत्ति और कारोबार का [[राष्ट्रीयकरण]] कर लिया। स्वास्थ्य और शिक्षा मामले का समाजीकरण कर दिया गया। इससे दोनों ही क्षेत्रों में नाटकीय रूप से सुधार हुआ। {{Citation needed|date=अगस्त 2009}}नई सरकार ने देश के तमाम उद्योगों का राष्ट्रीयकरण, संपत्ति का पुनर्वितरण, कृषि को सामूहिक कर और नीतियों का निर्माण सब अपने नियंत्रण में ले लिया। इससे गरीबों को लाभ हुआ। गरीबों के बीच लोकप्रिय होने के बावजूद इन नीतियों ने क्रांति के कई पूर्व समर्थकों को क्यूबा मध्यम और उच्च वर्गों से विमुख कर दिया। बाद में [[मियामी, फ्लोरिडा|मियामी]], [[फ्लोरिडा]] में कास्त्रो-विरोधी एक मुखर समुदाय का गठन करने के लिए दस लाख से अधिक क्यूबाइ अमेरिका चले गए, जहां उन्हें अमेरिकी प्रशासन द्वारा सक्रिय रूप से समर्थन और वित्तीय मदद मिली। {{Citation needed|अप्रैल 2009|date=अप्रैल 2009}} [[चित्र:Bundesarchiv Bild 183-L0614-040, Berlin, Fidel Castro an der Grenze.jpg|thumb|300px|1972 में फिदेल कास्त्रो और पूर्वी जर्मनी के पोलितब्यूरो के सदस्य.]] 1960 में शरद ऋतु के प्रारंभ में अमेरिकी सरकार कास्त्रो को सत्ता से हटाने के लिए एक अर्द्ध-खुफिया अभियान में लग गयी।<ref>{{cite web | date = | year = | month = | url = http://www.gwu.edu/~nsarchiv/bayofpigs/chron.html | title = Bay of Pigs Chronology | work = | pages = | publisher = The National Security Archives | language = | accessdate = 12 नवंबर 2006 | archive-url = https://www.webcitation.org/6AnhNj2Zx?url=http://www.gwu.edu/~nsarchiv/bayofpigs/chron.html | archive-date = 19 सितंबर 2012 | url-status = live }}</ref> 1960 सितम्बर में कास्त्रो ने [[क्रांति की रक्षा के लिए समितियां]] बनायीं. इन समितियों का काम "जवाबी क्रांतिकारी" गतिविधियों को उखाड़ फेंकने के लिए पड़ोसी जासूसी को कार्यान्वित करना था।<ref name="Lewis" /> 1960 के अंत तक सभी विरोधी अखबारों को बंद किया गया था और रेडियो और टीवी स्टेशनों को राज्य के नियंत्रण में ले लिया गया और इन्हें [[लेनिनवादी]] सिद्धांत के तहत सिद्धांत के तहत [[लोकतान्त्रिक केंद्रवाद]] से चलाया जाने लगा। <ref name="Lewis" /> नरमपंथी, शिक्षकों और प्रोफेसरों का शुद्धिकरण किया गया।<ref name="Lewis" /> उन्हें अपने 20,000 विरोधियों को अमानवीय परिस्थितियों में बंदी बनाये रखने और उन्हें यातना देने का आरोप लगाया गया।<ref name="Lewis" /> 1960 के दशक में कुछ ग्रुप को जैसे समलैंगिकों को नए सिरे से चिकित्सकीय और राजनैतिक "[[:पुन:शिक्षा|पुन:शिक्षा]]" के लिए एकाग्रता शिविरों में बंद कर दिया गया।<ref name="Hirschfeld-since1898">{{cite book|title=Health, politics, and revolution in Cuba since 1898|year=2007|url=https://archive.org/details/healthpoliticsre0000hirs|author=Katherine Hirschfeld}}</ref> कास्त्रो ने क्यूबा के ग्रामीण जीवन का वर्णन (देशी में कोई समलैंगिकों<ref name="Tatchell">"[http://www.galha.org/glh/213/cuba.html गे राइट्स एंड रॉन्ग्स इन क्यूबा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20020821192118/http://www.galha.org/glh/213/cuba.html |date=21 अगस्त 2002 }},", पीटर तशेल (2002), "गे एंड लेस्बियन ह्युमनिस्ट" में प्रकाशित, स्प्रिंग 2002 [[8 जून]] [[2001]] को [[द गार्जियन]], फ्राइडे रिव्यू में [http://www.guardian.co.uk/cuba/story/0,11983,712621,00.html द डेफिएंट वन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20071128074611/http://www.guardian.co.uk/cuba/story/0,11983,712621,00.html |date=28 नवंबर 2007 }} के रूप में एक प्रारंभिक संस्करण को एक थोड़ी संपादित रूप में प्रकाशित किया गया।</ref> नहीं था") करने के दौरान प्रशंसा में कास्त्रो ने जो कुछ कहा है उससे साफ़ हो जाता है कि उनकी नजर में समलैंगिकता एक बुर्जुआ अपसंस्कृति है और उन्होंने इसे "maricones" ([[समलिंगी (कठबोली)|समलिंगी]]) और साम्राज्यवाद का "एजेंट" घोषित किया।<ref>लोवियो-मेनेंदेज़, जोस लुइस. ''इन्साइडर: माई हिडेन लाइफ एज ए रिवोल्यूशनरी इन क्यूबा'', (न्यूयॉर्क: बन्तम बुक्स, 1988), पृष्ठ 156-158, 172-174.</ref> कास्त्रो ने कहा कि "समलैंगिकता की किसी भी हालत में अनुमति नहीं दी जायेगी, क्योंकि इससे युवाओं पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा."<ref>लुकवुड, ली (1967), ''कास्त्रोस क्यूबा, क्यूबास फिदेल'' . पृष्ठ 124. संशोधित संस्करण (अक्टूबर 1990) ISBN 0-8133-1086-5</ref> देश में सभी नियुक्तियां कास्त्रो के प्रति वफादारी का प्राथमिक मानदंड बन गई।<ref name="Staten-Cuba" /> एक पार्टी के शासन में कास्त्रो के प्रधानमंत्री बनने से कम्युनिस्ट पार्टी मजबूती मिली। <ref name="Lewis">{{cite book|title=Authoritarian regimes in Latin America|year=2006|url=https://archive.org/details/authoritarianreg0000lewi|author=Paul H. Lewis}}</ref> 1961 में नव वर्ष के परेड में कास्त्रो ने सोवियत संघ के टैंक और अन्य हथियारों का प्रदर्शन किया।<ref name="Staten-Cuba">{{cite book|title=The history of Cuba|year=2003|url=https://archive.org/details/historyofcuba00stat|author=Clifford L. Staten}}</ref> === बे ऑफ़ पिग्स आक्रमण === {{Main|Bay of Pigs Invasion}} बे ऑफ़ पिग्स आक्रमण (क्यूबा में La Batalla de Girón, या Playa Girón के रूप में जाना जाता है), [[निर्वासित क्यूबाइयों]] द्वारा फिदेल कास्त्रो की सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए दक्षिणी [[क्यूबा]] पर असफल हमला किया था, जिन्हें अमरीकी सेना ने प्रशिक्षित किया था और हमले के समय मदद भी दी थी। [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में राष्ट्रपति पद पर [[जॉन एफ कैनेडी]] के आने के बाद तीन महीने से कम समय में 1961 अप्रैल में योजना शुरू की गयी।[[पूर्वी ब्लॉक]] देशों से प्रशिक्षित और सुसज्जित, क्यूबा के सशस्त्र बलों ने तीन दिनों में निर्वासित लड़ाकों को हरा दिया। ख़राब [[क्यूबा-अमेरिकी संबंध]] 1962 के [[क्यूबा का मिसाइल संकटकाल|क्यूबा मिसाइल संकट]] से बदतर हो गए। आक्रमण का नाम [[बे ऑफ़ पिग्स]] पड़ा, क्योंकि स्पेनिश ''Bahia de Cochinos'' का यही एक संभव अनुवाद है। बे ऑफ़ पिग्स में मुख्य लैंडिंग प्लाया गिरों नामक समुद्र तट पर हुई। 1 मई 1961 को कास्त्रो ने अपने लाखों श्रोताओं के सामने घोषणा की थी कि {{quotation|The revolution has no time for elections. There is no more democratic government in Latin America than the revolutionary government. ... If Mr. Kennedy does not like Socialism, we do not like imperialism. We do not like capitalism.<ref>{{cite web | date = | year = 1961 | month = मई 1 | url = http://news.bbc.co.uk/onthisday/hi/dates/stories/may/1/newsid_2479000/2479867.stm | title = Victorious Castro bans elections | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 19 मई 2006 | accessyear = | archive-url = https://web.archive.org/web/20071022211744/http://news.bbc.co.uk/onthisday/hi/dates/stories/may/1/newsid_2479000/2479867.stm | archive-date = 22 अक्तूबर 2007 | url-status = live }}</ref>}} 2 दिसम्बर 1961 को एक राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित भाषण में कास्त्रो ने घोषणा की थी कि वे एक [[मार्क्सवादी-लेनिनवादी]] हैं और क्यूबा [[साम्यवाद]] अपना रहा है। 7 फ़रवरी 1962 को अमेरिका ने [[क्यूबा के खिलाफ एक प्रतिबंध]] लगा दिया। यह प्रतिबंध 1962 और 1963 के दौरान बढ़ता गया, जिसमे अमेरिकी पर्यटकों के लिए एक सामान्य यात्रा पर भी प्रतिबंध शामिल था।<ref>{{cite web | last = Sierra | first = J.A. | authorlink = | author2 = | date = | year = 1961 | month = मई 1 | url = http://www.historyofcuba.com/history/funfacts/embargo.htm | title = Economic Embargo Timeline | work = | pages = | publisher = historyofcuba.com | language = | accessdate = 28 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060603185623/http://www.historyofcuba.com/history/funfacts/embargo.htm | archive-date = 3 जून 2006 | url-status = dead }}</ref> === क्यूबा का मिसाइल संकट === {{Main|Cuban Missile Crisis}} 1962 मिसाइल संकट के दौरान क्यूबा और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया, जिससे अमेरिका और सोवियत संघ परमाणु संघर्ष के करीब आ गए। संभावित अमेरिकी हमले के एक निवारक के रूप में क्यूबा में मिसाइल रखने का विचार ख्रुश्चेव का था और तुर्की में अमेरिकी मिसाइल तैनाती के जवाब में उन्होंने इसे एक उचित कदम बताया। सैन्य सलाहकारों के साथ बातचीत के बाद उन्होंने संबंध बनाने के मुद्दे तय करने के लिए जुलाई में राउल कास्त्रो के नेतृत्व में आये क्यूबा के विशेष प्रतिनिधि मंडल के साथ मुलाकात की। क्यूबा की धरती पर सोवियत [[R-12 (मिसाइल)|R-12]] [[MRBM]] तैनात करने पर सहमति बनी। लेकिन अमेरिकी [[लॉकहीड U-2]] टोही विमान ने 15 अक्टूबर 1962 को वह ठिकाना देख लिया जहां मिसाइल लगाये जाने थे। अमेरिकी सरकार ने [[की वेस्ट]] के दक्षिण में सोवियत संघ के परमाणु हथियारों{{convert|90|mi|km|0}} की तैनाती को अमेरिका की सुरक्षा के लिए एक आक्रामक कार्रवाई के रूप में देखा. परिणामस्वरुप, अमेरिका के सार्वजनिक रूप से 22 अक्टूबर 1962 को अपनी इस खोज की घोषणा की और क्यूबा के आसपास एक [[संगरोध]] बना दिया और क्यूबा की ओ़र जानेवाले जहाजों की जांच शुरू हुई। इस दौरान रूसियों के साथ कास्त्रो के सम्पर्क के लिए [[निकोलाई लेओनोव|निकोलाई सेर्गेविच लेओनोव]], जो केजीबी खुफिया<ref>{{cite paper |author= |date= 1995 -1998 |url= http://www.kcl.ac.uk/lhcma/cats/coldwar/xc70-28-.htm |title= The Cold War, television documentary archive |publisher= King's College London, Liddell Hart Centre for Military Archives |version= | accessdate = 11 मई 2006 }}</ref> निदेशालय जनरल और वॉर्सा में केजीबी के उप प्रमुख बने, अनुवादक का काम किया करते थे। ख्रुश्चेव को एक व्यक्तिगत पत्र में 27 अक्टूबर 1962 को कास्त्रो ने आग्रह किया कि अमरीका अगर क्यूबा पर हमला करता है तो उस पर परमाणु हमला करने में सोवियत संघ पहलकदमी करे, मगर ख्रुश्चेव ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। <ref>{{cite web | last = Khrushchev | first = Nikita Sergeyevich | date = [[27 अक्टूबर 1962]] | url = http://www.gwu.edu/~nsarchiv/nsa/cuba_mis_cri/621030%20Letter%20to%20Castro.pdf | title = Letter to Castro | format = PDF | publisher = The George Washington University | accessdate = 11 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060510171618/http://www.gwu.edu/~nsarchiv/nsa/cuba_mis_cri/621030%20Letter%20to%20Castro.pdf | archive-date = 10 मई 2006 | url-status = live }}</ref> हालांकि, क्यूबा में सोवियत के फील्ड कमांडरों को अमेरिका द्वारा हमले की स्थिति में [[रणनीतिक परमाणु हथियारों]] का उपयोग करने के लिए अधिकृत किया गया। अमेरिका द्वारा क्यूबा पर आक्रमण नहीं करने की शर्त पर ख्रुश्चेव मिसाइलें हटाने पर सहमत हुए और एक समझदारी यह भी बनी कि अमरिका [[तुर्की]] और [[इटली]], से [[सोवियत संघ]] को निशाना बनाये हुए अमेरिकी [[MRBM]] चुपचाप हटा ले. कुछ महीने बाद अमरिका ने इस पर अमल किया। दोनों ओर की मिसाइलें हटाने का प्रचार नहीं किया गया, क्योंकि कैनेडी प्रशासन ने गोपनीयता की मांग की, ताकि नाटो संबंधों को बनाए रखा जा सके और आगामी अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार पर कोई आंच नहीं आये। === हत्या का प्रयास === लंबे समय से कास्त्रो की रक्षा में रहे फबियन एस्कालान्ते के हिसाब से [[CIA]] ने कास्त्रो की हत्या के लिए 638 बार प्रयास किये या योजनाएं बनाईं. [[विस्फोटक सिगार]], एक फफूंद-संक्रमित स्कूबा-डाइविंग सूट और माफिया शैली की शूटिंग कुछ ऐसे कथित प्रयास हैं। ''[[कास्त्रो को मारने के लिए 638 तरीके|638 वेस टू कील कास्त्रो]]'' शीर्षक से एक वृत्तचित्र में कास्त्रो को मार डालने के कुछ षड़यंत्र दिखाए गए हैं।<ref>{{cite web | year = 2006 | month = अप्रैल 3 | url =http://www.guardian.co.uk/cuba/story/0, 1835930,00.html | title =638 ways to kill Castro | publisher =द गार्डियन Unlimited | accessdate =16 अगस्त 2006 }}</ref> इन प्रयासों में से एक उनकी पूर्व प्रेमिका [[मारिता लोरेन्ज]] द्वारा किया गया, जिनसे 1959 में उनकी मुलाकात हुई थी। वह कथित तौर पर CIA की सहायता पर सहमत हुई और उनके कमरे में जहर की गोलियों वाली [[कोल्ड क्रीम]] का जार पहुंचने की कोशिश की। जब कास्त्रो को इसका पता चला तो कहते है कि उन्होंने उसे एक बंदूक दे दी और उससे कहा कि वह उन्हें मार डाले, लेकिन उसकी हिम्मत जवाब दे गयी।<ref>{{cite news | first = Martin | last = Aston | title = The Man Who Wouldn't Die | work = [[Radio Times]] |date= 25 नवम्बर - 1 दिसम्बर 2006 }}</ref> अपने जीवन पर हुए हमलों के प्रयास पर कास्त्रो ने एक बार कहा था, "हत्या के प्रयास में बचने पर अगर एक [[ओलंपिक खेल|ओलंपिक]] आयोजन होता तो मैं स्वर्ण पदक जीत जाता." CIA द्वारा 2007 में विवर्गीकृत किये गए [[परिवार के महत्वपूर्ण (केंद्रीय खुफिया एजेंसी)|परिवार के महत्वपूर्ण]] दस्तावेजों के अनुसार बे ऑफ़ पिग्स आक्रमण से पहले हत्या के प्रयास में [[जॉनी रोसेल्ली]] और [[अल कपोन]] के [[शिकागो के उत्तराधिकारी]] [[सल्वातोरे गिंकाना]] और उसका दाहिना हाथ [[सैंटोस त्रफ्फिकान्ते]] शामिल रहे। उन्हें व्यक्तिगत रूप से तत्कालिन [[अमेरिका के अटॉर्नी जनरल]] [[रॉबर्ट कैनेडी]] द्वारा अधिकृत किया गया था।<ref>राष्ट्रपति [[जेराल्ड फोर्ड]] और [[हेनरी किसिंजर]] के बीच [http://www.gwu.edu/~nsarchiv/NSAEBB/NSAEBB222/family_jewels_wh2.pdf बातचीत के 4 जनवरी 1975 के ज्ञापन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090805194326/http://www.gwu.edu/~nsarchiv/NSAEBB/NSAEBB222/family_jewels_wh2.pdf|date=5 अगस्त 2009}}, [[नेशनल सिक्यूरिटी आर्किव]] द्वारा उपलब्ध, जून 2007</ref> CIA के मध्यस्थ रॉबर्ट महेऊ[[रॉबर्ट महेऊ]] द्वारा एक हत्या के प्रयास की संभावना के बारे में गिंकाना और मियामी सिंडीकेट नेता सैंटोस त्रफ्फिकान्ते को संपर्क किया गया, इससे पहले लॉस वेगास सिंडीकेट के सदस्य और गिंकाना के दूसरे नंबर के सरगना जॉनी रोसेल्ली से महेऊ ने इस सिलसिले में संपर्क किया था। महेऊ खुद को क्यूबा में कई अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक फर्मों के एक प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत कर चुके थे, कास्त्रो ने जिनकी संपत्ति ज़ब्त कर ली। उसने कास्त्रो को "हटाने" के इस ऑपरेशन के लिए $150,000 डॉलर का प्रस्ताव रखा था। (लेकिन दस्तावेजों के अनुसार न तो रोसेल्ली ने और न गिंकाना और त्रफ्फिकान्ते ने इस काम के लिए कोई भुगतान स्वीकार किया). फाइल के मुताबिक, यह गिंकाना ही था जिसने कास्त्रो के भोजन और पेय में जहर की गोलियों की एक श्रृंखला के इस्तेमाल का सुझाव दिया था। ये गोलियां CIA द्वारा गिंकाना के उम्मीदवार जुआन ओर्ता को दी गई थी, जिसे गिंकाना ने क्यूबा सरकार में एक अधिकारी के रूप में प्रस्तुत किया था, जो जुए के धंधे में लगे लोगो से भी वेतन लिया करता था। उसकी पहुंच कास्त्रो तक थी। कास्त्रो के भोजन में जहर मिलाने के छह बार किये प्रयास के बाद ओर्ता ने अचानक मिशन छोड़ देने की मांग की। उसने यह काम किसी अनाम व्यक्ति को सौंप दिया। बाद में, [[डॉ॰एंथनी वेरोना]] के माध्यम से गिंकाना और त्रफ्फिकानते ने एक दूसरा प्रयास किया। डॉ॰एंथनीबी [[क्यूबा के निर्वासन सैनिक|क्यूबा के निर्वासित सैनिकों]] (जुंटा) के नेता थे। त्रफ्फिकान्ते के अनुसार वे "जुंटा की निष्प्रभावी प्रगति से असन्तुष्ट थे". वेरोना ने खर्च के लिए 10,000 डॉलर और संचार उपकरणों के लिए 1,000 डॉलर का अनुरोध किया। बहरहाल, यह पता नहीं की दूसरा प्रयास कहां तक पहुंच पाया, क्योंकि शीघ्र ही [[बे ऑफ़ पिग्स इन्वेसन|बे ऑफ़ पिग्स आक्रमण]] के शुरू हो जाने से पूरा कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।<ref>[https://web.archive.org/web/20070628212616/http://news.yahoo.com/s/nm/20070626/us_nm/cia_secrets_dc_4 http://news.yahoo.com/s/nm/20070626/us_nm/cia_secrets_dc_4] हॉलैंड, स्टीव और एंडी सुलिवान. "CIA ने कास्त्रो को मारने के माफिया को पकड़ने की कोशिश की : दस्तावेज". रॉयटर्स न्यूज़ सर्विस, 26 जून 2007.</ref><ref>[http://www.foia.cia.gov http://www.foia.cia.gov] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100527211431/http://www.foia.cia.gov/ |date=27 मई 2010 }} "फैमिली जेवेल्स" आर्किव, पृष्ठ 12-19</ref><ref>[http://www.msnbc.msn.com/id/19438161/page/2/ http://www.msnbc.msn.com/id/19438161/page/2/] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110501121330/http://www.msnbc.msn.com/id/19438161/page/2/ |date=1 मई 2011 }} जॉनसन, एलेक्स. "CIA संदिग्ध अतीत पर की किताब खोल देती है।" MSNBC, 26 जून 2007</ref> कास्त्रो को उनके विरोधियों ने 600 से अधिक बार मारने की नाकाम कोशिश की थी। इसमें से एक कोशिश खुद उनकी गर्ल फ्रेंड ने भी की थी। लेकिन उसके मंसूबों का उन्हें पता चल गया और वह कुछ न कर सकी। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/news/world-fidel-castro-was-the-revolutionary-who-defied-us-for-50-years-15101161.html?src=p1 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 नवंबर 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20161127155718/http://www.jagran.com/news/world-fidel-castro-was-the-revolutionary-who-defied-us-for-50-years-15101161.html?src=p1 |archive-date=27 नवंबर 2016 |url-status=live }}</ref> === संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रतिबन्ध === {{Main|United States embargo against Cuba}} स्पेन के पूर्व प्रधानमंत्री [[जोस मारिया अजनर]] ने लिखा कि प्रतिबंध कास्त्रो का सबसे बड़ा मददगार बन गया है, अगर प्रतिबंध हटा लिया जाय तो तीन महीने के अन्दर कास्त्रो का राष्ट्रपतित्व चला जाएगा.<ref>{{cite web | date = | year = 2005 | month = अप्रैल 21 | url = http://www.caribbeannetnews.com/2005/04/21/embargo.shtml | title = US embargo of Cuba is Castro's 'great ally', says former Spanish PM | format = | work = | pages = | publisher = Caribbean Net News | language = | accessdate = 20 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070526090946/http://www.caribbeannetnews.com/2005/04/21/embargo.shtml | archive-date = 26 मई 2007 | url-status = dead }}</ref> 1991 में [[सोवियत संघ के पतन]] के बाद दिवालिया हो चुके और अलग-थलग पड़ चुके क्यूबा पर कास्त्रो का नियंत्रण बना रहा। क्यूबा की अर्थव्यवस्था के समन्वित संकुचन से उसका पचासी फीसदी बाज़ार गायब हो गया। साथ ही इसे मदद देने वाली सब्सिडी और व्यापार समझौते भी ख़त्म हो गए। इससे गैस और पानी की आपूर्ति में कमी, गंभीर बिजली संकट और भोजन आपूर्ति की डांवाडोल स्थिति पैदा हो गयी।<ref>{{cite web| last = Brandford| first = Becky| authorlink = | author2 = | date = | year = 2003| month = जून 8| url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/2961320.stm| title = Cuba's hardships fuel discontent| format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़| language = | accessdate = 20 मई 2006| accessyear = | archive-url = https://web.archive.org/web/20051124072814/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/2961320.stm| archive-date = 24 नवंबर 2005| url-status = live}}</ref> 1994 में इस द्वीप की अर्थव्यवस्था, जिसे "विशेष अवधि" कहा गया, में फंस गयी और ढहने के कगार पर जा पहुंची. क्यूबा ने अमेरिकी डॉलर के वैधता प्रदान की, पर्यटन पर ध्यान दिया और संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने वाले क्युबाईयों को द्वीप में रहनेवाले अपने रिश्तेदारों से अमेरिकी डॉलर के हस्तांतरण को प्रोत्साहित किया। 2001 में [[मिशेल तूफान]] की वजह से बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के बाद, कास्त्रो ने अमेरिका से सिर्फ एक बार भोजन की नकद खरीद का फैसला किया, जबकि अमेरिका का मानवीय सहायता का प्रस्ताव उन्होंने खारिज कर दिया। <ref>{{cite web |date=17 नवंबर 2001 |url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1662346.stm |title=Castro welcomes one-off US trade |publisher=बीबीसी न्यूज़ |accessdate=19 मई 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071221112312/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1662346.stm |archive-date=21 दिसंबर 2007 |url-status=live }}</ref> प्रतिबंध लगाने के बाद पहली बार 2001 में अमेरिका ने खाद्यान्न के जहाज जाने की अनुमति दी। <ref>{{cite web | date = 16 दिसंबर 2001 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1714776.stm | title = US food arrives in Cuba | publisher = बीबीसी न्यूज़ | accessdate = 19 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060625160852/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1714776.stm | archive-date = 25 जून 2006 | url-status = live }}</ref> 2004 के दौरान, कास्त्रो ने ईंधन की कमी के कारण इस्पात संयंत्र, चीनी मिलों और कागज मिलों सहित 118 कारखाने बंद कर दिए<ref>{{cite web |date=30 सितंबर 2004 |url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/3702784.stm |title=Cuba to shut plants to save power |publisher=[[बीबीसी न्यूज़]] |accessdate=20 मई 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080226193908/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/3702784.stm |archive-date=26 फ़रवरी 2008 |url-status=live }}</ref> और 2005 में वेनेजुएला से तेल के आयात के बदले क्यूबा के हजारों डॉक्टरों को वहां जाने का निर्देश दिया। <ref>{{cite news | last = Morris | first = Ruth | year = 2005 | month = दिसम्बर 18 | url = http://pqasb.pqarchiver.com/sun_sentinel/access/943180711.html?dids=943180711:943180711&FMT=ABS&FMTS=ABS:FT&date=Dec+18%2C+2005&author=Ruth+Morris+Havana+Bureau&pub=South+Florida+Sun+-+Sentinel&edition=&startpage=1.A&desc=CUBA%27S+DOCTORS+RESUSCITATE+ECONOMY+AID+MISSIONS+MAKE+MONEY%2C+NOT+JUST+ALLIES | title = Cuba's Doctors Resuscitate Economy Aid Missions Make Money, Not Just Allies | publisher = Sun-Sentinel.com | accessdate = 28 दिसंबर 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20110430025253/http://pqasb.pqarchiver.com/sun_sentinel/access/943180711.html?dids=943180711:943180711&FMT=ABS&FMTS=ABS:FT&date=Dec+18%2C+2005&author=Ruth+Morris+Havana+Bureau&pub=South+Florida+Sun+-+Sentinel&edition=&startpage=1.A&desc=CUBA%27S+DOCTORS+RESUSCITATE+ECONOMY+AID+MISSIONS+MAKE+MONEY%2C+NOT+JUST+ALLIES | archive-date = 30 अप्रैल 2011 | url-status = live }}</ref> === विदेश संबंध === {{Main|Foreign relations of Cuba}} ==== सोवियत संघ ==== [[चित्र:Castro Khrushchev.jpg|thumb|right|275px|फिदेल कास्त्रो पूर्व सोवियत प्रधानमंत्री निकिता ख्रुश्चेव से गले मिलते हुए.]] सोवियत संघ के साथ राजनयिक संबंधों की स्थापना और मिसाइल संकट के बाद, क्यूबा सोवियत बाजार और सैन्य तथा आर्थिक सहायता पर अधिकाधिक निर्भर होता गया। सोवियत सैन्य सलाहकारों और उपकरणों के जरिए कास्त्रो एक मजबूत सैन्य बल तैयार करने में सक्षम हुए. [[KGB]] ने हवाना के साथ निकट संपर्क रखा और कास्त्रो ने सरकार, मीडिया और शिक्षा प्रणाली पर सभी स्तर पर कम्युनिस्ट पार्टी के नियंत्रण को और कड़ा किया। जबकि सोवियत शैली का आंतरिक पुलिस बल विकसित किया गया। सोवियत संघ के साथ कास्त्रो का गठबंधन भी चे ग्वेरा के साथ उनके विच्छेद का एक कारण बना। 1966 में, ग्वेरा [[बोलीविया|बोलिविया]] में वहां की सरकार के खिलाफ क्रांति के लिए चले गए। यह प्रयास असफल रहा। 23 अगस्त 1968 को, कास्त्रो ने सोवियत संघ के प्रति अपनी निष्ठां का प्रदर्शन किया, जिससे सोवियत संघ के नेतृत्व ने उन्हें अपने समर्थन की पुन: पुष्टि की। [[चेकोस्लोवाकिया]] में [[प्राग स्प्रिंग]] नामक आन्दोलन को कुचलने के लिए [[चेकोस्लोवाकिया की वर्साव संधि आक्रमण|सोवियत संघ के आक्रमण]] के दो दिन बाद कास्त्रो ने रेडियो के जरिए सार्वजनिक तौर पर चेक विद्रोहियों की निंदा की। कास्त्रो ने क्यूबा के लोगों को "चेकोस्लोवाकिया के प्रतिक्रांतिकारियों" से आगाह करते हुए कहा कि वे लोग "चेकोस्लोवाकिया को पूंजीवाद की ओर और [[साम्राज्यवादि|साम्राज्यवादियों]] की गो़द में बिठाने जा रहे थे।"उन्होंने विद्रोहियो को "[[पश्चिम जर्मनी]] के एजेंट और [[फासीवादी]] प्रतिक्रियावादी भीड़ करार दिया। "<ref>{{cite web | last = Castro | first = Fidel | authorlink = | author2 = | date = | year = 1968 | month = अगस्त | url = http://lanic.utexas.edu/la/cb/cuba/castro/1968/19680824 | title = Castro comments on Czechoslovakia crisis | format = | work = | pages = | publisher = FBIS | accessdate = | archive-url = https://web.archive.org/web/20110515022952/http://lanic.utexas.edu/la/cb/cuba/castro/1968/19680824 | archive-date = 15 मई 2011 | url-status = dead }}</ref> जब सोवियत संघ के कई सहयोगी देश इस आक्रमण को चेकोस्लोवाकिया की संप्रभुता का उल्लंघन बता रहे थे, तब कास्त्रो के इस खुले समर्थन के बदले में सोवियत संघ ने अतिरिक्त ऋण और तेल का निर्यात करके क्यूबा की अर्थव्यवस्था को मज़बूत किया। 1971 में, कास्त्रो ने चिली की एक महीने लंबी यात्रा की. इसके बाद चिली और क्यूबा के बीच फिर से राजनयिक संबंधों की स्थापना हुई. [[अमेरिकी राज्यों के सम्मेलन]] (American States convention) के संगठन में होने के बावजूद चिली ने ऐसा किया। संगठन का कोई भी [[पश्चिमी गोलार्ध]] का सदस्य देश [[क्यूबा]] के साथ रिश्ता नहीं रख सकता था। (सिर्फ [[मैक्सिको]] अपवाद रहा, क्योंकि उसने संगठन की यह बात मानने से इंकार कर दिया था). यात्रा के दौरान कास्त्रो ने देश की आंतरिक राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लिया और विशाल रैली आयोजित की और [[सल्वादोर अल्लेंदे]] को सार्वजनिक सलाह दी. इन बातों को राजनीतिक विरोधियों ने अपने दृष्टिकोण के समर्थन में एक सबूत के तौर पर पेश करते हुए कहा कि "समाजवाद का चिली का रास्ता" दरअसल चिली को क्यूबा के पथ पर ले जाने का प्रयास है।<ref>{{cite book | last = Quirk | first = Robert | authorlink = |author2= |date= | year = 1995 | month = अगस्त | url = | title = Fidel Castro | work = | pages = | publisher = W. W. Norton & Company }}</ref> जब सोवियत नेता [[मिखाइल गोर्बाचेव]] ने 1989 में क्यूबा की यात्रा की, तब गोर्बाचेव के आर्थिक और राजनीतिक सुधारों के कार्यान्वयन की वजह से हवाना और मॉस्को के बीच के दोस्ताना रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे।" 1989 नवम्बर में कास्त्रो ने कहा कि "हम अन्य समाजवादी देशों में अफसोसजनक बाते देख रहे है, बहुत ही अफसोसनाक बातें" वे सोवियत संघ सहित [[पूर्वी जर्मनी]], [[हंगरी]] और [[पोलैंड]] में आ रहे बदलावों के सिलसिले में ऐसा कह रहे थे।<ref>{{cite web | date = 9 नवंबर 1989 | url = http://thomas.loc.gov/cgi-bin/query/z?r101:S17NO9-1592: | title = Castro Laments 'Very Sad Things' in Bloc | publisher = Washington Post | accessdate = 22 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20130821085547/http://thomas.loc.gov/cgi-bin/query/z?r101:S17NO9-1592: | archive-date = 21 अगस्त 2013 | url-status = live }}</ref> 1991 में [[सोवियत संघ के पतन]] के बाद क्यूबा पर तत्काल और विनाशकारी प्रभाव पड़ा. ==== अन्य देश ==== {{quotation|As I have said before, the ever more sophisticated weapons piling up in the arsenals of the wealthiest and the mightiest can kill the illiterate, the ill, the poor and the hungry, but they cannot kill ignorance, illness, poverty or hunger.|Fidel Castro, 2002<ref>{{Cite web |url=http://www.cuba.cu/gobierno/discursos/2002/ing/f210302i.html |title=मार्च 21, 2002 Speech by Fidel Castro at the international conference on financing for development. |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090620022049/http://www.cuba.cu/gobierno/discursos/2002/ing/f210302i.html |archive-date=20 जून 2009 |url-status=dead }}</ref>}} 4 नवम्बर 1975 को, कास्त्रो ने [[Popular Movement for the Liberation of Angola|दक्षिण अफ्रीका]] समर्थित [[अंगोला की पूर्ण आजादी के लिए राष्ट्रीय संघ|UNITA]] विपक्षी सेना के खिलाफ [[अंगोला]] में मार्क्सवादी [[अंगोला की मुक्ति के लिए लोकप्रिय आंदोलन|MPLA]] सरकार की मदद के लिए, क्यूबा के सैनिकों की तैनाती के आदेश दिए। मास्को ने अंगोला में क्यूबा के सैनिकों को बड़े पैमाने पर विमानों से उतारकर क्यूबा की सहायता की। अंगोला में क्यूबा की भूमिका पर [[नेल्सन मंडेला]] ने टिप्पणी की कि "क्यूबा के अंतरराष्ट्रवादियों ने अफ्रीकियों की आजादी, स्वतंत्रता और न्याय के लिए बहुत कुछ किया।"<ref>{{cite web | last = Mandela | first = Nelson | url = http://en.wikiquote.org/wiki/Nelson_Mandela | title = Attributed quotes of Nelson Mandela | publisher = Wikiquote.org | accessdate = 11 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060716114430/http://en.wikiquote.org/wiki/Nelson_Mandela | archive-date = 16 जुलाई 2006 | url-status = live }}</ref> क्यूबा के सैनिकों को इथियोपियाई सेना की सहायता के लिए 1977 में मार्क्सवादी [[इथियोपिया]] भेजा गया। इथियोपियाई सेना तब सोमालिया से ओगाडेन युद्ध में लगी हुई थी। इसके अतिरिक्त, कास्त्रो पूरे लैटिन अमेरिका में मार्क्सवादी क्रांतिकारी आंदोलनों को समर्थन देने में जुटे हुए थे। इसी सिलसिले में उन्होंने 1979 में [[निकारागुआ]] की [[एनेस्टेसियो सोमोजा देबय्ले|सोमोजा]] सरकार को उखाड़ फेंकने में [[सान्दिनिस्ता]] की सहायता की। मुक्त क्यूबा<ref>{{cite web | date = 25 अगस्त 2006 | url = http://www.mediatransparency.org/recipientgrants.php?recipientID=1892 | title = Recipient Grants: Center for a Free Cuba | accessdate = 25 अगस्त 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070828125037/http://www.mediatransparency.org/recipientgrants.php?recipientID=1892 | archive-date = 28 अगस्त 2007 | url-status = dead }}</ref> के लिए धन मुहैया करानेवाली संस्था [[कार्थेज फाउंडेशन]] द्वारा दावा किया गया है एक अनुमान के अनुसार विदेश में सैन्य कार्रवाई में क्यूबा के 14,000 सैनिक मारे गए थे।<ref>{{cite web |last=O'Grady |first=Mary Anastasia |date=30 अक्टूबर 2005 |url=http://www.cubacenter.org/media/news_articles/countingcastrosvictims.php |title=Counting Castro's Victims |publisher=Wallstreet Journal, Center for a Free Cuba |accessdate=11 मई 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060418094333/http://www.cubacenter.org/media/news_articles/countingcastrosvictims.php |archive-date=18 अप्रैल 2006 |url-status=dead }}</ref> कास्त्रो ने इसका खुलासा कभी नहीं किया कि सोवियत अफ्रीकी युद्धों में कितने हताहत हुए, लेकिन एक अनुमान के मुताबिक एक छोटे देश के लिए 14,000, की संख्या काफी बड़ी है।<ref>मॉरिस हल्पेरिन द्वारा ''रिटर्न टु हवाना ''</ref> क्यूबा के एक पूर्व खुफिया मेजर जुआन एंटोनियो रोड्रीगेज़ मेर्निएर ने बताया कि 1970 के दशक में क्यूबा ने नशीले पदार्थों की तस्करी करके बहुत कमाया. जुआन एंटोनियो 1987 में क्यूबा से भाग गए थे। नकदी फिदेल के स्विस बैंक के खातों में जमा की गई। कहा गया कि इनसे "मुक्ति आंदोलनो को आर्थिक मदद दी जानी है".<ref name="castroinc" /> कास्त्रो परिवार से टूटे एक भाई [[नोर्बेर्तो फुएंतेस]] ने इन आपरेशनों के बारे में जानकारी प्रदान की है। उनके अनुसार, [[फिलिस्तीन की मुक्ति के डेमोक्रेटिक फ्रंट के सहयोग]] से क्यूबा के खुफिया विभाग ने लेबनान में 1975-76 गृह युद्ध के दौरान एक बैंक डकैती करके एक अरब डॉलर की सम्पत्ति लूट ली। सोने की ईंटे, गहने, रत्न और संग्रहालय के सामान [[राजनयिक थैलों]] में भरकर हवाई मार्ग से बेरूत-मास्को-हवाना भेज दिए गए। कास्त्रो ने व्यक्तिगत तौर पर नायक के रूप में लुटेरों का अभिनन्दन किया।<ref name="castroinc">{{cite web|url=http://lanic.utexas.edu/project/asce/pdfs/volume15/pdfs/werlau.pdf|title=Fidel Castro, Inc.: A global conglomerate|author=Maria C. Werlau|access-date=16 दिसंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090325205056/http://lanic.utexas.edu/project/asce/pdfs/volume15/pdfs/werlau.pdf|archive-date=25 मार्च 2009|url-status=dead}}</ref> क्यूबा और पनामा ने 2005 में अपने कूटनीतिक संबंध बहाल किये, जो एक साल पहले टूट गए थे, क्योंकि 2000 में क्यूबा के राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो की हत्या के प्रयास में शामिल चार निर्वासित क्यूबाइयों को पनामा के पूर्व राष्ट्रपति ने माफ़ कर दिया था। दोनों देशों के विदेश मंत्रियो ने हवाना में दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये। दस्तावेज में दोनों देशों के बीच की लम्बी बिरादरी की भावना पर जोर दिया गया।<ref name="Cuba and Panama restore relations">{{cite web | date = 21 अगस्त 2005 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/4170374.stm | title = Cuba and Panama restore relations | publisher = बीबीसी न्यूज़ | accessdate = 21 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20051123040728/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/4170374.stm | archive-date = 23 नवंबर 2005 | url-status = live }}</ref> लैटिन अमेरिकी पड़ोसियों द्वारा कभी त्याग दिए गए क्यूबा के कोस्टारिका और एल सल्वाडोर को छोड़ अधिकांश देशों से संबंध बन गए।<ref name="Cuba and Panama restore relations" /> [[चित्र:Castro-Trudeau 1976 - LAC PA136976.jpg|thumb|left|175px|कास्त्रो और कनाडा के प्रधानमंत्री पिएर्रे त्रुदौ]] हालांकि क्यूबा और मेक्सिको के बीच संबंधों में तनाव बना हुआ है, लेकिन दोनों पक्ष इसमें सुधार लाने के लिए प्रयासरत हैं। 1998 में, फिदेल कास्त्रो ने मिकी माउस पर की गयी अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगी. उन टिप्पणियों के कारण मेक्सिको ने हवाना से अपने राजदूत को वापस बुला लिया। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा गलत नहीं रही थी, जब उन्होंने कहा था कि मेक्सिको के ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बजाय मैक्सिकन बच्चों को डिज्नी चरित्रों से नाम चुनना आसान होगा। बल्कि उन्होंने कहा, उनकी बाते अमेरिका के सांस्कृतिक वर्चस्व के खिलाफ थी। <ref>{{cite web |date=19 दिसंबर 1998 |url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/americas/238827.stm |title=Castro says sorry to Mexico |publisher=बीबीसी न्यूज़ |accessdate=21 मई 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090115142753/http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/americas/238827.stm |archive-date=15 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref> मैक्सिकन राष्ट्रपति [[विसेंट फॉक्स]] ने 2002 में कास्त्रो से माफी मांगी, जिन्होंने दोनों की टेलेफोन बातचीत टेप की थी, जब फॉक्स कास्त्रो को मेक्सिको में हो रहे संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में भाग लेने से मना कर रहे थे, क्योंकि वहां राष्ट्रपति बुश भी आने वाले थे। कास्त्रो ने इस पर बयान देकर आपत्ति जतायी थी।<ref>{{cite web | date = 25 अप्रैल 2002 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1946089.stm | title = Mexico's Fox apologises to Castro | publisher = बीबीसी न्यूज़ | accessdate = 21 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080225220907/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1946089.stm | archive-date = 25 फ़रवरी 2008 | url-status = live }}</ref> 1998 में सोलह कैरेबियाई देशों के शिखर सम्मेलन में कास्त्रो ने क्षेत्रीय एकता का आह्वान करते हुए कहा कि कैरेबियाई देशों के बीच सहयोग मजबूत होने से ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमीर देशों के वर्चस्व को रोका जा सकेगा। <ref>{{cite web | date = 21 अगस्त 1998 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/156312.stm | title = Castro calls for Caribbean unity | publisher = बीबीसी न्यूज़ | accessdate = 21 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080226193936/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/156312.stm | archive-date = 26 फ़रवरी 2008 | url-status = live }}</ref> कैरेबियन देशों ने क्यूबा के फिदेल कास्त्रो को अपना लिया, जबकि व्यापार वादो को तोड़ने के लिए अमेरिका की आलोचना की। हाल तक कैरेबियाई देशों के लिए अछूत रहे कास्त्रो ने कैरेबियाई देशों के लिए अनुदान और छात्रवृत्ति बढ़ा दी, जबकि पिछले पांच वर्षों में अमेरिका की सहायता में 25 फीसदी की गिरावट आयी है।<ref>{{cite web | date = | year = 1998 | month = अगस्त 25 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/156756.stm | title = Castro finds new friends | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 21 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080226193900/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/156756.stm | archive-date = 26 फ़रवरी 2008 | url-status = live }}</ref> क्यूबा ने [[कैरिबियाई समुदाय]] में चार अतिरिक्त दूतावास खोले: [[अंटीगुआ और बारबूडा]], [[डोमिनिका]], [[सूरीनाम]], [[सेंट विंसेंट और द ग्रेनाडाइन्स]]. इस कदम से क्यूबा एकमात्र ऐसा देश बन गया, जिसके दूतावास सभी कैरिबियाई समुदाय के स्वतंत्र देशों में है।<ref>{{cite news | last = | first = | month = मार्च | year = 2006 | url = http://www.caribbeannetnews.com/cgi-script/csArticles/articles/000008/000823.htm | title = Cuba opens more Caribbean embassies | publisher = Caribbean Net News | accessdate = 11 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20090415220746/http://www.caribbeannetnews.com/cgi-script/csArticles/articles/000008/000823.htm | archive-date = 15 अप्रैल 2009 | url-status = dead }}</ref> [[उत्तर कोरिया]] ने कास्त्रो को "स्वर्ण पदक (हंसुआ और हथौडा) और राष्ट्रीय ध्वज का प्रथम श्रेणी का सम्मान प्रदान किया।<ref>{{cite web|url=http://granmai.co.cu/ingles/2006/diciembre/mar12/51conde.html|title=Democratic Korea decorates President Fidel Castro|publisher=Granma|archiveurl=https://archive.today/20120709212040/http://granmai.co.cu/ingles/2006/diciembre/mar12/51conde.html|archivedate=9 जुलाई 2012|access-date=16 दिसंबर 2009|url-status=live}}</ref> लीबिया ''[[डी फेक्टो|डी फैक्टो]]'' के वास्तविक नेता [[मुअम्मर अल-गद्दाफीने]] कास्त्रो को "लीबिया का मानवाधिकार पुरस्कार" प्रदान किया।<ref>{{cite web | last = | first = | year =1998 | month =अगस्त 11 | url =http://news.bbc.co.uk/2/hi/middle_east/149414.stm | title =Libyan human rights prize awarded to Fidel Castro of Cuba | publisher =बीबीसी न्यूज़ | accessdate =13 जून 2006 | archive-url =https://web.archive.org/web/20090115183158/http://news.bbc.co.uk/2/hi/middle_east/149414.stm | archive-date =15 जनवरी 2009 | url-status =live }}</ref> 1998 में दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर गए कास्त्रो का राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने गर्मजोशी से स्वागत किया।<ref>{{cite web | date = | year = 1998 | month = सितंबर 4 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/164687.stm | title = Castro's state visit to South Africa | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 21 मई 2000 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100122050855/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/164687.stm | archive-date = 22 जनवरी 2010 | url-status = live }}</ref> राष्ट्रपति मंडेला ने कास्त्रो को विदेशियों के लिए दक्षिण अफ्रीका का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, आर्डर ऑफ़ गुड होप प्रदान किया।<ref>{{cite web | date = | year = 1998 | month = सितंबर 6 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/africa/165566.stm | title = Castro ends state-visit to South Africa | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 21 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20090115180134/http://news.bbc.co.uk/2/hi/africa/165566.stm | archive-date = 15 जनवरी 2009 | url-status = live }}</ref> बोत्सवाना राष्ट्रपति के अनुसार, पिछले दिसम्बर को कास्त्रो ने बोट्सवाना के लिए 100 चिकित्सा कार्यकर्ताओं को भेजकर अपना वादा निभाया। इन चिकित्सा कार्यकर्ताओं ने बोत्सवाना में HIV/AIDS के खिलाफ युद्ध में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. बोत्सवाना में क्यूबा की सबसे पहली राजदूत अन्ना वल्लेजेरा के अनुसार HIV/AIDS के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में उनके देश की प्रतिबद्धता और लड़ाई का एक हिस्सा है उनके स्वास्थ्य कार्यकर्ता.<ref>{{cite web | date = | year = 2005 | month = दिसम्बर 16 | url = http://www.afrol.com/articles/15034 | title = Fidel Castro's "promise to Botswana fulfilled" | format = | work = | pages = | publisher = afrol News | language = | accessdate = 21 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060508025913/http://www.afrol.com/articles/15034 | archive-date = 8 मई 2006 | url-status = dead }}</ref> 1960 में [[मैल्कम X]] के साथ [[होटल थेरेसा]] में उनकी ऐतिहासिक यात्रा के कारण [[हार्लेम]] में उन्हें एक प्रतीक के रूप में देखा गया।<ref>{{cite web | last = | first = | authorlink = | author2 = | date = | year = | month = | url = http://www.columbia.edu/cu/ccbh/mxp/ministermalcolm.html | title = Malcolm X Chronology | work = | pages = | publisher = Columbia University | language = | accessdate = | archive-url = https://web.archive.org/web/20070716112121/http://www.columbia.edu/cu/ccbh/mxp/ministermalcolm.html | archive-date = 16 जुलाई 2007 | url-status = dead }}</ref> कास्त्रो को [[कनाडा]] के पूर्व [[प्रधानमंत्री]] [[पिएर्रे त्रुदौ]] का एक दोस्त माना जाता है। अक्टूबर 2000 में त्रुदौ के अंतिम संस्कार में कास्त्रो मानद कोफीन वाहक थे। त्रुदौ के कार्यालय छोड़ने के बाद भी त्रुदौ की मृत्यु तक दोनों की दोस्ती जारी रही। [[कनाडा]] क्यूबा के साथ खुलेआम व्यापार शुरू करने वाला पहला [[अमेरिकी]] सहयोगी देश बना। क्यूबा का अभी भी कनाडा के साथ एक अच्छा रिश्ता है। 1998 में कनाडा के प्रधानमंत्री [[जेअन चरेतिएन]] क्यूबा गए और राष्ट्रपति कास्त्रो से मिलने के बाद दोनों के घनिष्ठ संबंध पर प्रकाश डाला। 1976 में पिएर्रे त्रुदौ की हवाना यात्रा के बाद वह कनाडा सरकार के पहले नेता बने जिन्होंने द्वीप की यात्रा की। <ref>{{cite web | last = | first = | authorlink = | author2 = | date = | year = 1998 | month = अप्रैल 20 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/80546.stm | title = Canadian PM visits Fidel in अप्रैल | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 21 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080226193952/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/80546.stm | archive-date = 26 फ़रवरी 2008 | url-status = live }}</ref> [[चित्र:Vladimir Putin in Cuba 14-17 दिसम्बर 2000-5.jpg|thumb|300px|2000 में व्लादिमीर पुतिन और कास्त्रो.]] यूरोपीय संघ ने कास्त्रो शासन पर "मानव अधिकारों तथा बुनियादी स्वतन्त्रताओ के सतत खुला उल्लंघन" का आरोप लगाया.<ref>{{cite web|url=http://eur-lex.europa.eu/LexUriServ/LexUriServ.do?uri=OJ:C:2004:076E:0384:0386:EN:PDF|title=EU-Cuba relations|access-date=16 दिसंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090905060853/http://eur-lex.europa.eu/LexUriServ/LexUriServ.do?uri=OJ:C:2004:076E:0384:0386:EN:PDF|archive-date=5 सितंबर 2009|url-status=live}}</ref> दिसम्बर 2001 में, [[यूरोपीय संघ]] के प्रतिनिधियों ने हवाना में वार्ता के एक सप्ताह की वार्ता के अंत में कहा कि क्यूबा के साथ उनकी राजनीतिक बातचीत पटरी पर लौट रही है। यूरोपीय संघ ने मानव अधिकारों के सवाल पर चर्चा करने की क्यूबा कि इच्छा की प्रशंसा की। क्यूबा ही एकमात्र लैटिन अमेरिकी देश है, जिसका यूरोपीय संघ के साथ आर्थिक सहयोग समझौता नहीं है। हालांकि, अमेरिकी [[व्यापार प्रतिबंध]] के बाद से अमेरिकी प्रतिद्वंद्विओं से मुक्त क्यूबा के साथ कई यूरोपीय देशों का व्यापार संबंध मज़बूत हुआ।<ref>{{cite web | date = 3 दिसंबर 2001 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1689710.stm | title = EU and Cuba bury the hatchet | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 21 मई 2000 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100122050859/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1689710.stm | archive-date = 22 जनवरी 2010 | url-status = live }}</ref> 2005 में, यूरोपीय संघ के विकास आयुक्त [[लुईस मिशेल]] की क्यूबा यात्रा इस उम्मीद के साथ समाप्त हुई कि कम्युनिस्ट देश के साथ उनके रिश्ते मजबूत होंगे। यूरोपीय संघ क्यूबा का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। क्यूबा द्वारा 75 असंतुष्टों को कारावास और तीन अपहर्ताओं को फांसी देने से कूटनीतिक संबंध तनावपूर्ण हुए.हालांकि, यूरोपीय संघ आयुक्त फिदेल कास्त्रो की इन सब विषयों पर चर्चा करने की इच्छा से प्रभावित हुए, लेकिन कास्त्रो ने कोई वादा नहीं किया। क्यूबा ने उन्हें राजनीतिक कैदी मानने से इनकार कर दिया। उसके अनुसार वे संयुक्त राज्य अमेरिका के भाड़े के सैनिक है।<ref>{{cite web | last = Gibbs | first = Stephen | authorlink = | author2 = | date = 28 मार्च 2005 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/4385657.stm | title = EU 'optimistic' after Cuba visit | publisher = बीबीसी न्यूज़ | accessdate = 21 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080226193854/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/4385657.stm | archive-date = 26 फ़रवरी 2008 | url-status = live }}</ref> लैटिन अमेरिका में हाल ही में बनी समाजवादी सरकारों द्वारा कास्त्रो को एक प्रतीक के रूप में देखा जाता है। [[वेनेजुएला]] के [[ह्यूगो शावेज़]] उनके पुराने प्रशंसक है और क्यूबा के साथ एक समझौते के तहत चिकित्सा सहायता के बदले रियायती दर पर पेट्रोलियम देने पर सहमत हुए. [[बोलीविया]] के [[एवो मोरालेस]] ने उन्हें "सभी लैटिन अमेरिकी क्रांतिकारियों का दादा" (दादाजी) बताया। <ref>{{cite news|publisher=[[Der Spiegel]]|url=http://www.spiegel.de/international/spiegel/0,1518,434272,00.html|title=Spiegel interview with Bolivia's Evo Morales|date=28 अगस्त 2006|accessdate=12 अगस्त 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090930235804/http://www.spiegel.de/international/spiegel/0,1518,434272,00.html|archive-date=30 सितंबर 2009|url-status=live}}</ref> == उत्तराधिकार के मुद्दे == क्यूबा के संविधान के अनुच्छेद 94 के अनुसार, राष्ट्रपति की बीमारी या मौत पर पहले उप-राष्ट्रपति राष्ट्रपति पद के कर्तव्यों को पूरा करेंगे। फिदेल कास्त्रो के राष्ट्रपति पद पर रहते हुए [[राउल कास्त्रो]] पिछले 32 वर्षों से उस पद पर रहे। राष्ट्रपति के उत्तराधिकार और कास्त्रो की लंबी उम्र के मुद्दे पर, वहां कास्त्रो के स्वास्थ्य और निधन को लेकर अफवाहें, अटकलें और छल-कपट का दौर लम्बे समय तक चलता रहा। 1998 में खबरें आयी कि वे एक गंभीर मस्तिष्क रोग से पीड़ित हैं, मगर बाद में इसका खंडन हो गया।<ref>{{cite web | date = 24 जुलाई 1998 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/138452.stm | title = Castro says he feels fine | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = | archive-url = https://web.archive.org/web/20100122050909/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/138452.stm | archive-date = 22 जनवरी 2010 | url-status = live }}</ref> जून 2001 में, कैरेबियाई धूप में लगातार सात घंटे तक भाषण देते हुए वे बेहोश हो गए।<ref>{{cite web | date = 23 जून 2001 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1404497.stm | title = Castro collapses during speech | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 16 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080226193912/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1404497.stm | archive-date = 26 फ़रवरी 2008 | url-status = live }}</ref> बाद में उस दिन भाषण समाप्त करने के बाद वे सेना की वर्दी में खुशमिजाजी के साथ टेलीविजन स्टूडियो में घूमते और पत्रकारों से मजाक करते नज़र आये। <ref>{{cite web | date = | year = 2001 | month = जून 23 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1404511.stm | title = Castro finishes speech after collapse | format = | work = | pages = | publisher = BBC New | language = | accessdate = 5 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20040722073013/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/1404511.stm | archive-date = 22 जुलाई 2004 | url-status = live }}</ref> जनवरी 2004 में, [[बोगोटा]] के महापौर [[लुईस एडुआर्डो गर्जोंन]] ने कहा कि "कास्त्रो बहुत बीमार लग रहे थे". क्यूबा में छुट्टी बिताने के दौरान कास्त्रो के साथ एक बैठक के बाद उन्होंने ऐसा कहा.<ref>{{cite web | last = | first = | date = [[14 जनवरी 2004]] | url = http://www.cnn.com/2004/WORLD/americas/01/14/castro.health.ap | title = Bogota mayor: Castro health deteriorating | publisher = CNN.com | accessdate = 11 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060529041326/http://www.cnn.com/2004/WORLD/americas/01/14/castro.health.ap/ | archive-date = 29 मई 2006 | url-status = live }}</ref> मई 2004 में, कास्त्रो के चिकित्सक ने खंडन किया कि उनका स्वास्थ्य ख़राब चल रहा है। उन्होंने अनुमान लगाया कि कास्त्रो 140 साल तक जीने वाले है। डॉ॰एउगेनियो सलमान हौसें ने कहा कि "प्रेस हमेशा कुछ न कुछ उनके बारे में अटकलें लगाता रहता है। एक बार दिल का दौरा पड़ने का, तो कभी [[कैंसर]] का, तो कभी कुछ न्यूरोलॉजिकल समस्या होने की अटकलें लगायी गयी।" लेकिन उनका दावा रहा कि कास्त्रो का स्वास्थ्य अच्छा है।<ref>{{cite news | last = | first = | date = [[24 सितंबर 2004]] | url = http://www.smh.com.au/articles/2004/05/18/1084783511071.html | title = Fidel Castro can live to 140, doctor says | publisher = The Sydney Morning Herald | accessdate = 11 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060107172110/http://www.smh.com.au/articles/2004/05/18/1084783511071.html | archive-date = 7 जनवरी 2006 | url-status = live }}</ref> 20 अक्टूबर 2004 को एक रैली में भाषण देते हुए कास्त्रो फिसल गये और उनका घुटना और दाहिना हाथ टूट गया।<ref>{{cite news | last = | first = | date = [[19 मई 2004]] | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/3761748.stm | title = Castro breaks knee, arm in fall | publisher = बीबीसी न्यूज़ | accessdate = 14 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060317105205/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/3761748.stm | archive-date = 17 मार्च 2006 | url-status = live }}</ref> वे दो महीने बाद ही चलने-फिरने और सार्वजनिक तौर पर उपस्थित हो पाने में समर्थ हो पाए.<ref>{{cite web | date = | year = 2004 | month = दिसम्बर 23 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/4122531.stm | title = First walk for Castro after fall | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 13 जून 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060527182234/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/4122531.stm | archive-date = 27 मई 2006 | url-status = live }}</ref> क्यूबा में उनकी बड़ी भूमिका के कारण देश-विदेश में उनकी बढ़ती उम्र के साथ उनकी सेहत को लेकर अटकले लगायी जाती रही। कास्त्रो के स्वास्थ्यको लेकर CIA की खास दिलचस्पी है।<ref>{{cite web | last = Westcott | first = Kathryn | authorlink = | author2 = | date = | year = 2005 | month = नवम्बर 18 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/4445484.stm | title = Why health matters for CIA | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 15 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20051201045340/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/4445484.stm | archive-date = 1 दिसंबर 2005 | url-status = live }}</ref> 2005 में, CIA ने कहा कि उन्हें लगता है कि कास्त्रो को [[पार्किंसंस रोग]] है।<ref>{{cite web | last = Nordqvist | first = Christian | authorlink = | author2 = | date = | year = 2005 | month = नवम्बर | url = http://www.medicalnewstoday.com/healthnews.php?newsid=33663 | title = Fidel Castro has Parkinson's Disease, thinks the CIA | format = | work = | pages = | publisher = Medical News Today | language = | accessdate = 14 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060903003225/http://www.medicalnewstoday.com/healthnews.php?newsid=33663 | archive-date = 3 सितंबर 2006 | url-status = live }}</ref><ref>{{cite web | date = | year = 2005 | month = नवम्बर 17 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/4444454.stm | title = Castro has Parkinson's says CIA | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 16 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060427015743/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/4444454.stm | archive-date = 27 अप्रैल 2006 | url-status = live }}</ref> कास्त्रो ने इसका खंडन करते हुए और [[पोप जॉन पॉल II]] की मिसाल देते हुए यह भी कहा कि वे बीमारी से नहीं डरते.<ref>{{cite web | last = Nordqvist | first = Christian | authorlink = | author2 = | date = | year = 2005 | month = नवम्बर | url = http://www.medicalnewstoday.com/healthnews.php?newsid=33746 | title = Parkinson's disease a CIA fabrication, says Fidel Castro | format = | work = | pages = | publisher = Medical News Today | language = | accessdate = 14 मई 2006 }}{{Dead link|date=नवंबर 2025 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> === बीमारी और कर्तव्यों का हस्तांतरण === {{See also|2006 Cuban transfer of presidential duties}} 31 जुलाई 2006 को कास्त्रो ने अपने भाई [[राउल कास्त्रो]] को [[क्यूबा के राज्य परिषद का अध्यक्ष|राज्य परिषद का अध्यक्ष]], [[क्यूबा के मंत्रिपरिषद् का अध्यक्ष|मंत्रिपरिषद् का अध्यक्ष]], [[क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी का प्रथम सचिव]] और सशस्त्र बलों का [[प्रमुख कमांडर]] के रूप में नियुक्त किया। कर्तव्यों के इस हस्तांतरण को अस्थाई बताया गया। कहा गया कि फिदेल जब तक ठीक नहीं हो जाते, तब तक के लिए यह व्यवस्था है। "आंतो में लगातार हो रहे रक्त स्राव" के कारण उनकी सर्जरी हुई थी।<ref>http://news.yahoo.com/s/nm/20060801/ts_nm/cuba_dc_2{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> 2 दिसम्बर 2006 को [[ग्रानमा (नौका)|ग्रानमा]] बोट लैंडिंग की 50वीं वर्षगांठ के राष्ट्रीय समारोह में भी वे हिस्सा नहीं ले सके। वो समारोह उनका विलंबित 80वां जन्मदिन समारोह बन गया। कास्त्रो की अनुपस्थिति से अफवाह जोर हुई कि कास्त्रो को जानलेवा [[अग्नाशयी कैंसर]] है और वे इलाज से इनकार कर रहे है<ref>{{cite news|url=http://news.sky.com/skynews/article/0, 30200-1243432,00.html|title=Casto in Cancer Battle|publisher=Sky News|date=दिसम्बर 8, 2006}}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>. लेकिन 17 दिसम्बर 2006 को क्यूबा प्रशासन ने कहा कि उन्हें कोई लाइलाज बीमारी नहीं है और वे अपने सार्वजनिक कार्य करने लगेंगे.<ref>{{cite news|url=http://www.cnn.com/2006/WORLD/americas/12/17/castro.ap/index.html?eref=rss_topstories|publisher=CNN|date=दिसम्बर 17, 2006|title=Castro has no terminal illness, officials tell congressman|access-date=16 दिसंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20061218225224/http://www.cnn.com/2006/WORLD/americas/12/17/castro.ap/index.html?eref=rss_topstories|archive-date=18 दिसंबर 2006|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://today.reuters.com/news/articlenews.aspx?type=topNews&storyid=2006-12-17T222317Z_01_N18357550_RTRUKOC_0_US-CUBA-CASTRO.xml&src=rss.|publisher=Reuters|date=दिसम्बर 17, 2006|title=U.S. lawmakers told Castro not dying, no cancer|access-date=16 दिसंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20070922102302/http://today.reuters.com/news/articlenews.aspx?type=topNews|archive-date=22 सितंबर 2007|url-status=dead}}</ref> === कास्त्रो के स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें === जब क्यूबा यह दावा कर रहा था कि कास्त्रो को लाइलाज कैंसर नहीं है, तब 24 दिसम्बर 2006 को स्पेनिश अखबार ''El Periódico de Catalunya'' ने खबर दी कि स्पेनिश सर्जन जोस लुइस गार्सिया सब्रिदो क्यूबा सरकार के एक सनदी जहाज से क्यूबा के लिए रवाना हुए है। डॉ॰ गार्सिया सब्रिदो आंतों के विशेषज्ञ है, जिन्होंने बाद में कैंसर के इलाज में भी महारत हासिल की। जिस हवाई जहाज से डॉ॰ गार्सिया सब्रिदो यात्रा कर रहे थे, उसमें बताया गया कि बड़ी मात्रा में आधुनिक चिकित्सा उपकरण भी ले जाये गए।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/6208451.stm|publisher=BBC|date=दिसम्बर 25, 2006|title=Surgeon 'flew in to treat Castro'|access-date=16 दिसंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100122050840/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/6208451.stm|archive-date=22 जनवरी 2010|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.nytimes.com/2006/12/25/world/americas/25cuba.html?ref=americas|publisher=दि न्यू यॉर्क टाइम्स|date=दिसम्बर 25, 2006|title=Spanish Doctor is Said to Be Aiding Castro|access-date=16 दिसंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090416015256/http://www.nytimes.com/2006/12/25/world/americas/25cuba.html?ref=americas|archive-date=16 अप्रैल 2009|url-status=live}}</ref> मैड्रिड लौटने के बाद ज़ल्द ही 26 दिसम्बर 2006 को डॉ॰ गार्सिया सब्रिदो ने एक संवाददाता सम्मेलन करके कास्त्रो के स्वास्थ्य के बारे में प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि "उन्हें कैंसर नहीं है, वे अपने पाचनतंत्र की समस्या से पीड़ित है।" और कहा कि "उनकी हालत स्थिर है। एक बहुत गंभीर ऑपरेशन के बाद अब वे ठीक हो रहे हैं। इस वक़्त उनका एक और ऑपरेशन करवाने की कोई योजना नहीं है".<ref>{{cite web | url = http://www.timesonline.co.uk/article/0, | title = Castro does not have cancer, says Spanish doctor | work = | pages = | publisher = Times Online | language = | accessdate = 26 दिसंबर 2006 | archive-date = 24 जुलाई 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080724151913/http://www.timesonline.co.uk/article/0 | url-status = dead }}</ref> हालांकि अधिकांश क्यूबाई यह मानते रहे कि कास्त्रो गंभीर रूप से बीमार हैं और अनेक लोग बिना कास्त्रो के भविष्य के बारे में चिंतित दिखे.<ref>{{cite web | last =Gonzalez-Torres | first =Fernan | year =2006 | month =दिसम्बर 30 | url =http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/6215229.stm | title =Cubans look to future with trepidation | publisher =बीबीसी न्यूज़ | accessdate =1 जनवरी 2007 | archive-url =https://web.archive.org/web/20080226193927/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/6215229.stm | archive-date =26 फ़रवरी 2008 | url-status =live }}</ref> 16 जनवरी 2007 को स्पेन के अखबार ''[[अल पेस]]'' ने ग्रेगोरियो मारनॉन अस्पताल के दो अनाम सूत्रों के हवाले से बताया कि कास्त्रो की हालत 'काफी गंभीर' है। [[मैड्रिड]] के इसी अस्पताल में डॉ॰गार्सिया सब्रिदो कार्यरत है। अख़बार के अनुसार कास्त्रो तीन असफल ऑपरेशन होने के बाद उन्हें [[साईंकेट्रीजिंग]] की समस्या हो गयी और [[डाईवरटीकुलिटिस]] के एक गंभीर मामले की वजह से आंतों में संक्रमण से जटिलताएं पैदा हुई। बहरहाल, डॉ॰गार्सिया सिब्रिदो ने सीएनएन को बताया कि उस रिपोर्ट के स्रोत वे नहीं है। उन्होंने कहा कि "कोई भी बयांन, जो चिकित्सा दल [कास्त्रो की] की ओर से सीधे न आया हो आधारहीन है।"<ref>{{cite web | year =2007 | month =जनवरी 16 | url =http://www.cnn.com/2007/WORLD/americas/01/15/castro.condition/index.html | title =Spanish newspaper: Castro prognosis 'very grave' | publisher =CNN | accessdate =16 जनवरी 2007 | archive-url =https://web.archive.org/web/20070117154609/http://www.cnn.com/2007/WORLD/americas/01/15/castro.condition/index.html | archive-date =17 जनवरी 2007 | url-status =live }}</ref> इसके अलावा, मैड्रिड में क्यूबा के एक राजनयिक ने कहा कि खबरें झूठी है और उन्होंने इस पर टिप्पणी से इंकार कर दिया। जबकि व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव [[टोनी स्नो]] ने कहा कि "रिपोर्ट पिछले स्वास्थ्य रिपोर्टो का महज एकत्रीकरण भर लगता है। इसमें हमें कोई नयी बात नहीं मिली."<ref>{{cite web | last =Roman | first =Mar | year =2007 | month =जनवरी 16 | url =http://hosted.ap.org/dynamic/stories/S/SPAIN_CUBA_CASTRO?SITE=FLROC&SECTION=HOME&TEMPLATE=DEFAULT | title =Castro reportedly in 'grave' condition | publisher =Associated Press | accessdate =16 जनवरी 2007 | archive-url =https://web.archive.org/web/20181216031947/http://hosted.ap.org/dynamic/stories/S/SPAIN_CUBA_CASTRO?SITE=FLROC&SECTION=HOME&TEMPLATE=DEFAULT | archive-date =16 दिसंबर 2018 | url-status =dead }}</ref><ref>{{cite web | year =2007 | month =जनवरी 16 | url =http://www.elpais.com/articulo/internacional/cadena/actuaciones/medicas/fallidas/agravo/estado/Castro/elpepuint/20070116elpepiint_16/Tes | title =Una cadena de actuaciones médicas fallidas agravó el estado de Castro | publisher =El Pais | accessdate =16 जनवरी 2007 | archive-url =https://web.archive.org/web/20070117133358/http://www.elpais.com/articulo/internacional/cadena/actuaciones/medicas/fallidas/agravo/estado/Castro/elpepuint/20070116elpepiint_16/Tes | archive-date =17 जनवरी 2007 | url-status =live }}</ref><ref>{{cite web | last =Boadle | first =Anthony | year =2007 | month =जनवरी 16 | url =http://news.yahoo.com/s/nm/20070116/wl_nm/cuba_castro_monday_dc_5 | title =Castro had 3 failed surgeries, paper says | publisher =Reuters | accessdate =16 जनवरी 2007 }}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> 30 जनवरी 2007 को क्यूबा के टीवी और ''जुवेंतुद रेबेल्दे'' नामक अखबार ने कास्त्रो और हूगो चावेज़ के बीच एक बैठक के ताजा वीडियो और तस्वीरे दिखाई, जिन्हें एक दिन पहले का बताया गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.juventudrebelde.cu/cuba/2007-01-30/fidel-y-chavez-se-abrazan-de-nuevo-en-la-habana/ |title=जुवेंतुद रिबेल्द की रिपोर्ट (स्पेनिश में) |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090105091033/http://www.juventudrebelde.cu/cuba/2007-01-30/fidel-y-chavez-se-abrazan-de-nuevo-en-la-habana/ |archive-date=5 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.miami.com/mld/miamiherald/16584601.htm |title=मियामी हेराल्ड - नए वीडियो में कमज़ोर कास्त्रो |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070202034453/http://www.miami.com/mld/miamiherald/16584601.htm |archive-date=2 फ़रवरी 2007 |url-status=live }}</ref> मध्य फरवरी 2007 में [[एसोसिएटेड प्रेस]] ने खबर दी कि कार्यवाहक राष्ट्रपति राउल कास्त्रो ने कहा है कि फिदेल कास्त्रो के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और वे सरकार के सभी महत्वपूर्ण मामलो में भाग ले रहे हैं। राउल कास्त्रो ने कहा कि "सभी महत्वपूर्ण विषयों पर सलाह ली जा रही है". "वे हस्तक्षेप नहीं करते, मगर उन्हें सब चीजों की जानकारी है।"<ref name="NewsMax">"[http://newsmax.com/archives/articles/2007/2/9/220202.shtml राउल कास्त्रो थिंक्स फिदेल इम्प्रूविंग] {{Webarchive|url=https://archive.today/20121206014800/http://newsmax.com/archives/articles/2007/2/9/220202.shtml |date=6 दिसंबर 2012 }}". [[एसोसिएटेड प्रेस]] 10 फ़रवरी 2007.</ref> 27 फ़रवरी 2007 को, [[रायटर्स]] ने बताया कि [[हूगो चावेज़]] द्वारा आयोजित ''[[आलो प्रेसिदेंते]]'', नामक लाइव रेडियो टॉक शो में फिदेल कास्त्रो को आमंत्रित किया गया, जहां वे तीस मिनट की बातचीत में "बहुत स्वस्थ और अधिक स्पष्ट" दिखे. जुलाई में हुई सर्जरी के बाद जारी किसी भी ऑडियो और वीडियो में वे ऐसे नहीं लगे थे। कास्त्रो ने चावेज़ से बार-बार कहा कि, "मैं बेहतर महसूस कर रहा हूं. मैं महसूस कर रहा हूं कि मुझमे और अधिक ऊर्जा और अधिक शक्ति है तथा अध्ययन के लिए और अधिक समय है", हंसते हुए उन्होंने कहा, "मैं फिर से एक छात्र बन गया।" बातचीत के दौरान ([https://archive.today/20120803012644/www.granma.cu/espanol/2007/febrero/mier28/conversa.html स्पेनिश की प्रतिलिपि], [https://web.archive.org/web/20090815104321/http://www.juventudrebelde.cu/cuba/2007-02-27/conversacion-telefonica-entre-fidel-castro-y-hugo-chavez-audio ऑडियो]) विश्व के शेयर बाजार में उस दिन आई गिरावट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यह उनके विचार का सबूत है कि विश्व पूंजीवादी व्यवस्था संकट में है।<ref>{{cite web | last =Pretel | first =Enrique Andres | year =2007 | month =फ़रवरी 28 | url =http://www.alertnet.org/thenews/newsdesk/N27428997.htm | title =Cuba's Castro says recovering, sounds stronger | publisher =Reuters AlertNet | accessdate =28 फरवरी 2007 | archive-url =https://web.archive.org/web/20100402223508/http://www.alertnet.org/thenews/newsdesk/N27428997.htm | archive-date =2 अप्रैल 2010 | url-status =live }}</ref> उनकी हालत में सुधार की रिपोर्ट मार्च और अप्रैल की शुरुआत में बराबर प्रसारित होती रही। 13 अप्रैल 2007 को, एसोसिएटेड प्रेस ने चावेज़ के हवाले से बताया कि कास्त्रो "लगभग पूरी तरह से स्वस्थ" हो चुके हैं। उसी दिन, क्यूबा के विदेश मंत्री फेलिप रोक (Felipe Roque) ने वियतनाम में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पुष्टि की कि कास्त्रो की सेहत में तेजी से सुधार हुआ है और वे अपनी कुछ जिम्मेदारियां भी पूरी करने लगे हैं।<ref>{{cite web | last =Pearson | first =Natalie Obiko | year =2007 | month =अप्रैल 13 | url =http://www.breitbart.com/article.php?id=D8OFU0O80&show_article=1 | title =Venezuela: Ally Castro Recovering | publisher =Associated Press | accessdate =13 अप्रैल 2007 | archive-url =https://web.archive.org/web/20110513084559/http://www.breitbart.com/article.php?id=D8OFU0O80&show_article=1 | archive-date =13 मई 2011 | url-status =dead }}</ref> 21 अप्रैल 2007 को सरकारी अखबार ''ग्रानमा'' ने बताया कि हवाना दौरे पर आये चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य [[वू वान्जेंग]] से कास्त्रो ने एक घंटे से अधिक बातचीत की। उनकी बैठक की तस्वीरों में कास्त्रो का स्वास्थ्य पहले से बेहतर दिखा.<ref>{{cite web | year =2007 | month =अप्रैल 21 | url =http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/6578539.stm | title =Castro resumes official business | publisher =बीबीसी न्यूज़ | accessdate =21 अप्रैल 2007 | archive-url =https://web.archive.org/web/20100122050927/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/6578539.stm | archive-date =22 जनवरी 2010 | url-status =live }}</ref> कास्त्रो की सेहत में आ रहे सुधार की ख़बरों पर एक टिप्पणी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति [[जॉर्ज डब्ल्यू बुश]] ने कहा: "एक दिन ईश्वर फिदेल कास्त्रो को ले जाएगा". इसे सुनकर कास्त्रो, जो एक नास्तिक हैं, ने व्यंग्य में कहा: "अब मैं समझा, मैं बुश तथा अन्य राष्ट्रपतियों की योजना से कैसे बच गया, जिन्होंने मेरी हत्या का आदेश दिया था: ईश्वर ने मेरी रक्षा की."<ref>{{cite web | last = | first = | year =2007 | month =जून 28 | url =http://www.reuters.com/article/topNews/idUSN2834938420070629 | title =Bush wishes Cuba's Castro would disappear | publisher =Reuters | accessdate =1 जुलाई 2007 | archive-url =https://web.archive.org/web/20080110103131/http://www.reuters.com/article/topNews/idUSN2834938420070629 | archive-date =10 जनवरी 2008 | url-status =live }}</ref> जनवरी 2009 में कास्त्रो ने क्यूबाइयों से कहा कि वे हाल में उनके खबरिया स्तम्भ की कमी, उनके गिरते स्वास्थ्य की चिंता न करें और न ही उनकी भविष्य में होनेवाली मौत को लेकर परेशान हों.<ref>{{cite web|url=http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/centralamericaandthecaribbean/cuba/4324128/Fidel-Castro-sends-farewell-message-to-his-people.html|title=Fidel Castro sends farewell message to his people|last=Govan|first=Fiona|date=23 जनवरी 2009|publisher=[[डेली टेलीग्राफ]]|accessdate=28 जनवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090227173914/http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/centralamericaandthecaribbean/cuba/4324128/Fidel-Castro-sends-farewell-message-to-his-people.html|archive-date=27 फ़रवरी 2009|url-status=live}}</ref> ठीक उसी समय 21 जनवरी 2009 को [[अर्जेंटीना]] के राष्ट्रपति [[क्रिस्टीना फर्नांडीज]] के साथ कास्त्रो की बैठक की तस्वीरें जारी की गयीं। <ref name="BBC 23Jan9">{{cite web|url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/americas/7846670.stm|title=Fidel contemplates his mortality|date=23 जनवरी 2009|publisher=[[बीबीसी]]|accessdate=28 जनवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090127033641/http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/americas/7846670.stm|archive-date=27 जनवरी 2009|url-status=live}}</ref> === सेवानिवृत्ति === {{wikinews|Fidel Castro resigns as Cuban president}} {{quote|"I'm really happy to reach 80. I never expected it, not least having a neighbor - the greatest power in the world - trying to kill me every day."| Fidel Castro, जुलाई 21, 2006<ref>[http://www.globalexchange.org/countries/americas/cuba/5436.html Fidel Castro, 20th Century Revolutionary] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100717034814/http://www.globalexchange.org/countries/americas/cuba/5436.html |date=17 जुलाई 2010 }} by Anthony Boadle, ''Reuters'', फ़रवरी 19, 2008</ref>}} 18 फ़रवरी 2008 को लिखे एक पत्र में कास्त्रो ने घोषणा की कि वे 24 फ़रवरी 2008 की नेशनल असेंब्ली की बैठक में राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ का पद स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा "मैं राज्य परिषद् का अध्यक्ष और कमांडर-इन-चीफ न बनना चाहता हूं और न ही ये पद स्वीकार करूंगा - दुबारा कहता हूं कि न बनना चाहता हूं और न ही ये पद स्वीकार करूंगा",<ref>{{cite news|author=Castro, Fidel|title=Message from the Commander in Chief|url=http://www.granma.cubaweb.cu/2008/02/19/nacional/artic10.html|work=Diario Granma|publisher=Comité Central del Partido Comunista de Cuba|date=फ़रवरी 18, 2008|accessdate=19 फरवरी 2008|archiveurl=https://web.archive.org/web/20080220100817/http://www.granma.cubaweb.cu/2008/02/19/nacional/artic10.html|archivedate=20 फ़रवरी 2008|url-status=dead}}</ref> उन्होंने प्रभावी ढंग से औपचारिक सार्वजनिक जीवन से अपने संन्यास की घोषणा की। <ref>{{cite web | date = [[18 फरवरी 2008]] | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/7252109.stm | title = Fidel Castro announces retirement | publisher = बीबीसी न्यूज़ | accessdate = 18 फरवरी 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20081122101026/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/7252109.stm | archive-date = 22 नवंबर 2008 | url-status = live }}</ref><ref>{{cite web |date =[[19 फरवरी 2008]] |url= http://www.miamiherald.com/news/americas/story/424291.html|title = Fidel Castro will step down after 50 years at Cuba's helm |publisher= miamiherald.com|accessdate=19 फरवरी 2008}}</ref><ref>{{cite web | date = [[18 फरवरी 2008]] | url = http://africa.reuters.com/top/news/usnBAN929511.html | title = Fidel Castro stepping down as Cuba's leader | publisher = Reuters | accessdate = 18 फरवरी 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20090103110711/http://africa.reuters.com/top/news/usnBAN929511.html | archive-date = 3 जनवरी 2009 | url-status = dead }}</ref> उनका पत्र कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार ''[[ग्रानमा (अखबार)|ग्रानमा]]'' द्वारा ऑनलाइन प्रकाशित किया गया। इसमें कास्त्रो ने कहा कि उनके निर्णय के लिए स्वास्थ्य ही मुख्य वजह है। उन्होंने कहा कि "मेरी अंतरात्मा के साथ यह धोखा करना होगा, अगर मैं ऐसी जिम्मेदारी लेता हूं, जिसमे गतिशीलता और पूरी निष्ठा की आवश्यकता पड़ती है, जो कि मैं अपनी शारीरिक हालत के कारण प्रदान नहीं कर सकता."<ref>{{cite web|date=[[19 फरवरी 2008]]|url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/americas/7252109.stm|title=Fidel Castro announces retirement|publisher=[[बीबीसी न्यूज़]]|accessdate=19 फरवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20090115044622/http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/americas/7252109.stm|archive-date=15 जनवरी 2009|url-status=live}}</ref> === उत्तराधिकार === [[चित्र:Dmitry Medvedev in Cuba 28 नवम्बर 2008-4.jpg|thumbnail|300px|right|फिदेल कास्त्रो के भाई राउल कास्त्रो और दिमित्री मेदवेदेव.]] {{wikinews|Raúl Castro chosen new President of Cuba}} 24 फ़रवरी 2008 को [[नेशनल असेम्बली ऑफ़ पीपुल्स पॉवर|पीपुल्स पावर की नेशनल असेम्बली]] ने सर्वसम्मति से उनके भाई [[राउल कास्त्रो]] को फिदेल के उत्तराधिकारी के रूप में [[क्यूबा के राष्ट्रपति|क्यूबा का राष्ट्रपति]] चुना। <ref name="BBC" /> फिदेल के उत्तराधिकारी के रूप में अपने पहले भाषण में उन्होंने नेशनल असेंबली के सामने प्रस्ताव रखा कि रक्षा, विदेश नीति और "देश के सामाजिक आर्थिक विकास के मामलों" में फिदेल से सलाह ली जाती रहेगी. नेशनल असेंबली के 597 सदस्यों ने तुरंत और सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया। राउल ने कहा कि फिदेल का कोई विकल्प नहीं हो सकता.<ref>{{Cite web |url=http://ipsnews.net/news.asp?idnews=41321 |title=CUBA: राउल फिदेल के साथ अपना स्थान शेयर करते हैं |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110511102235/http://ipsnews.net/news.asp?idnews=41321 |archive-date=11 मई 2011 |url-status=dead }}</ref> फिदेल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रथम सचिव बने हुए हैं।<ref>{{cite web|date=24 फरवरी 2008|url=http://www.voanews.com/english/2008-02-24-voa16.cfm|title=Raul Castro Chosen to Lead Cuba|publisher=Voice of America|accessdate=24 फरवरी 2008|archiveurl=https://web.archive.org/web/20080226111529/http://www.voanews.com/english/2008-02-24-voa16.cfm|archivedate=26 फ़रवरी 2008|url-status=live}}</ref> == धार्मिक आस्था == कास्त्रो बचपन से एक [[रोमन कैथोलिक]] के रूप में पले-बढ़े, लेकिन इस पर उन्होंने अमल नहीं किया। [[ओलिवर स्टोन]] के वृत्तचित्र ''[[कमांडेंट]]'' में कास्त्रो कहते हैं, "मैं कभी भी आस्तिक इन्सान नहीं रहा" और उन्हें इस बात का दृढ़ विश्वास है कि जीवन केवल एक ही बार मिलता है।<ref>{{YouTube|WLUcOqeoKck|Comandante - Fidel Castro & Oliver Stone}}</ref> 1962 में [[पोप जॉन XXIII]] ने कास्त्रो को [[पोप पीउस XII]] के [[साम्यवाद के खिलाफ फरमान]] के आधार पर [[जाति से बहिष्कृत]] कर दिया था। यह फरमान 1949 का एक फरमान था जिसमें कैथोलिको को साम्यवादी सरकारो का समर्थन करने से मना किया गया था। 1992 में कास्त्रो धर्म पर प्रतिबंधों को शिथिल करने पर राजी हुए और साथ ही चर्च जानेवाले कैथोलिकों को क्यूबा के कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल होने देने के लिए भी सहमत हुए. उन्होंने अपने देश को "नास्तिक" कहने के बजाय "धर्मनिरपेक्ष" कहना शुरू किया।<ref>{{cite web | author= | title= Pope John Paul II's visit to Cuba | journal= दि न्यू यॉर्क टाइम्स -on the Web | year= | volume= | issue= | pages= | url= http://www.nytimes.com/library/world/cuba-pope-index.html | access-date= 16 दिसंबर 2009 | archive-url= https://web.archive.org/web/20080726145136/http://www.nytimes.com/library/world/cuba-pope-index.html | archive-date= 26 जुलाई 2008 | url-status= live }}</ref> 1998 में [[पोप जॉन पॉल II]] ने क्यूबा का दौरा किया, यह किसी भी पोप की पहली यात्रा थी। यात्रा के दौरान ऐसे कई अवसर भी आये जब सार्वजनिक रूप से कास्त्रो और पोप अगल-बगल नजर आएं. सार्वजनिक बैठकों में पोप के साथ कास्त्रो अपनी वर्दी के बजाय गहरे नीले बिजनेस सूट में नजर आएं और श्रद्धा और सम्मान के साथ उनसे पेश आएं.<ref name="Pope Condemns Embargo">{{cite web | first= Larry | last= Rother | authorlink= | author2= | date= जनवरी 28, 1998 | title= Pope Condemns Embargo; Castro Attends Mass | edition= | publisher= दि न्यू यॉर्क टाइम्स | url= http://www.nytimes.com/library/world/012698pope-cuba-rdp.html | id= | access-date= 16 दिसंबर 2009 | archive-url= https://web.archive.org/web/20130821223911/http://www.nytimes.com/library/world/012698pope-cuba-rdp.html | archive-date= 21 अगस्त 2013 | url-status= live }}</ref> 1969 में कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा आधिकारिक रूप से खत्म कर दिए गए [[क्रिसमस दिवस]] के उत्सव को दिसम्बर 1998 में कास्त्रो ने औपचारिक रूप से पुनर्बहाल किया।<ref>{{cite web | date = | year = 1998 | month = दिसम्बर 5 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/228764.stm | title = Castro ratifies Christmas holiday | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 20 मई 2006 | accessyear = | archive-url = https://web.archive.org/web/20080226194040/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/228764.stm | archive-date = 26 फ़रवरी 2008 | url-status = live }}</ref> क्यूबा के लोगों को फिर से [[क्रिसमस]] की छुट्टी मनाने की अनुमति मिल गई और साथ में खुलेआम धार्मिक जुलूस निकालने की भी अनुमति दे दी गई। पोप ने कास्त्रो को एक टेलीग्राम भेजकर क्रिसमस का दिन सार्वजनिक अवकाश के रूप में बहाल करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। <ref>{{cite web | date = | year = 1998 | month = दिसम्बर 28 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/243705.stm | title = Pope's Christmas message for Castro | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 20 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070110105703/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/243705.stm | archive-date = 10 जनवरी 2007 | url-status = live }}</ref> 2003 में कास्त्रो ने एक रोमन कैथोलिक कॉन्वेंट आशीर्वाद समारोह में भाग लिया। क्यूबा में पोप की यात्रा की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर पुराने हवाना में एक कॉन्वेंट के नवीकरण में मदद देने के लिहाज से इस अप्रत्याशित घटना का आयोजन किया गया था।<ref>{{cite web | date = | year = 2003 | month = मार्च 9 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/2833699.stm | title = Castro attends convent blessing | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 20 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080226194015/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/2833699.stm | archive-date = 26 फ़रवरी 2008 | url-status = live }}</ref> 2004 में [[ईस्टर्न ऑर्थोडॉक्स चर्च|ऑर्थोडॉक्स क्रिश्चियन]] के वरिष्ठ आध्यात्मिक नेता क्यूबा पहुंचे। यह पहला मौका था जब चर्च के इतिहास में किसी ऑर्थोडॉक्स क्रिश्चियन के प्रधान ने लैटिन अमेरिका का दौरा किया। [[कांस्टेंटिनोपल की सार्वभौम प्रधान बर्थोलोम्युइ I|सार्वभौम प्रधान बर्थोलोम्युइ]] ने हवाना में एक कैथेड्रल की स्थापना की और फिदेल कास्त्रो को एक सम्मान प्रदान किया।<ref>[http://www.wcc-coe.org/wcc/what/mission/evlet1-2004.html क्यूबा के हवाना में एक नए ग्रीक ऑर्थोडॉक्स कैथेड्रल का प्रतिष्ठापन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090806230712/http://www.wcc-coe.org/wcc/what/mission/evlet1-2004.html |date=6 अगस्त 2009 }} www.wcc-coe.org मार्च 2004.</ref> उनके सहयोगियों का कहना है कि हवाना के प्राणकेंद्र में रूढ़िवादी ईसाइयों के लिए एक छोटा-सा ऑर्थोडॉक्स कैथेड्रल बनाकर दान देने के क्यूबा के सरकारी फैसले के पीछे उन्हीं का हाथ था।<ref>{{cite web | last = Gibbs | first = Stephen | authorlink = | author2 = | date = | year = 2004 | month = जनवरी 22 | url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/3418733.stm | title = Castro greets Orthodox patriarch | format = | work = | pages = | publisher = बीबीसी न्यूज़ | language = | accessdate = 20 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080226193953/http://news.bbc.co.uk/2/hi/americas/3418733.stm | archive-date = 26 फ़रवरी 2008 | url-status = live }}</ref> अप्रैल 2005 में [[पोप जॉन पॉल II]] की मृत्यु के बाद भावुक कास्त्रो ने उनके सम्मान में हवाना के कैथेड्रल चर्च में उनके [[अंतिम संस्कार सामूहिक|शोक सभा]] में भाग लिया और वेटिकन दूतावास में पोप की शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किया।<ref>{{cite web | last = Newman | first = Lucia | date = अप्रैल 6, 2005 | url = http://www.cnn.com/2005/WORLD/americas/04/04/pope.castro/ | title = Castro signs pope's condolence book | publisher = CNN.com | access-date = 16 दिसंबर 2009 | archive-url = https://web.archive.org/web/20090423163852/http://www.cnn.com/2005/WORLD/americas/04/04/pope.castro/ | archive-date = 23 अप्रैल 2009 | url-status = live }}</ref> 46 साल की उम्र में अपनी एक बहन की शादी के मौके पर 1959 में कैथेड्रल में उन्होंने आखिरी दौरा किया था। कार्डिनल [[जैमे लुकास ओर्टेगा वाई अलामिनो]] ने इस शोकसभा की अध्यक्षता की और कास्त्रो का स्वागत किया, जो काले सूट में इस शोकसभा में शामिल हुए थे। उन्होंने पूरे क्यूबा की ओर से अपनी सदभावना जताते हुए यह कहा कि "फादर जॉन पॉल द्वितीय की मृत्यु से हम मर्माहत है।"<ref>{{cite web | last = Batista | first = Carlos | date = [[5 अप्रैल 2005]] | url = http://www.caribbeannetnews.com/2005/04/05/mourns.shtml | title = Fidel Castro mourns pope at Havana cathedral | publisher = Caribbean Net News | accessdate = 11 मई 2006 | archive-url = https://web.archive.org/web/20060415093725/http://www.caribbeannetnews.com/2005/04/05/mourns.shtml | archive-date = 15 अप्रैल 2006 | url-status = dead }}</ref> == सार्वजनिक छवि == सैनिक वर्दी में आम प्रदर्शनों की अगुवाई करते हुए कास्त्रो की छवि हमेशा एक सर्वकालिक क्रांतिकारी की रही है। वे ज्यादातर सैनिक पोशाक में देखे जाते रहे हैं, लेकिन उनके निजी दर्जी, मेरेल [[वान'टी वाआउट]] ने उन्हें कभी-कभी बिजनेस सूट भी पहनने के लिए मना लिया।<ref>{{cite web |url=http://secure-wildcat.arizona.edu//papers/old-wildcats/spring95/फ़रवरी/फ़रवरी10,1995/01_5_m.html |title=In brief |accessdate=12 अगस्त 2006 |access-date= |author= |last= |first= |authorlink= |author2= |date=10 फरवरी 1995 |publisher=Arizona Daily Wildcat }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> कास्त्रो को अक्सर "कमांडेंट" के रूप में उल्लेखित किया गया है, साथ में उन्हें, उपनाम "''एल काबल्लो'' ", जिसका अर्थ है "हार्स" यानि घोड़ा कहकर भी पुकारा जाता रहा है। पहले पहल क्यूबा में लोगों का मनोरंजन करनेवाले [[बैनी मोरे]] को यह उपनाम दिया गया था। इस उपनाम से प्रभावित कास्त्रो जब अपने लोगो के साथ रात में हवाना की सड़कों पर घूमते, तब जोर से चिल्लाते कि "लो आ गया घोड़ा".<ref>रिचर्ड ग़ाट, ''क्यूबा : ए न्यू हिस्ट्री'' . पृष्ठ 175. येल प्रेस.</ref> क्रांतिकारी अभियान के दौरान कास्त्रो के बागी साथी उन्हें "द जाइंट" के नाम से बुलाते थे।<ref>जॉन ली एंडरसन. चे ग्वेरा : ए रिवोल्यूशनरी लाइफ. पृष्ठ 317.</ref> आम तौर पर घंटों चलनेवाले कास्त्रो के जोशीले भाषण को सुनने के लिए लोगों का बड़ा हुजूम इकट्ठा हो जाता. कास्त्रो के निजी जीवन के अनेक तथ्यों के बारे में, विशेष रूप से उनके परिवार के सदस्यों के बारे में, मीडिया को प्रचार करने से मना कर दिया गया था।<ref>{{Cite web |url=http://www.latinamericanstudies.org/fidel/castro-family.htm |title=फिदेल कास्त्रोस फैमिली |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170925195101/http://www.latinamericanstudies.org/fidel/castro-family.htm |archive-date=25 सितंबर 2017 |url-status=live }}</ref> क्यूबा की दुकानों, कक्षाओं, टैक्सीकैब और राष्ट्रीय टेलीविजन में कास्त्रो की तस्वीर अक्सर दिखाई देती है।<ref>{{Cite web |url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/americas/4779529.stm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061020122142/http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/americas/4779529.stm |archive-date=20 अक्तूबर 2006 |url-status=live }}</ref> कास्त्रो ने कहा है कि [[व्यक्तिपूजा]] को उन्होंने कभी बढ़ावा नहीं दिया। <ref>"[http://www.pbs.org/newshour/bb/latin_america/cuba/castro_2-12-85.html फिदेल कास्त्रो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131218201330/http://www.pbs.org/newshour/bb/latin_america/cuba/castro_2-12-85.html |date=18 दिसंबर 2013 }}" ''PBS ऑनलाइन न्यूज़आवर'' 12 फ़रवरी 1985.</ref> == परिवार == उनकी पहली पत्नी [[मीरटा डाएज बलार्ट]], जिनसे उन्होंने 11 अक्टूबर 1948 को शादी की थी, से फिदेल कास्त्रो के एक बेटे फिदेल एंजेल "फिदेलीटो" कास्त्रो दायेज़ बलार्ट का जन्म 1 सितंबर 1949 को हुआ था। 1955 में डाएज बलार्ट और कास्त्रो का तलाक हो गया और उन्होंने एमिलियो नुनेज ब्लांको से दोबारा शादी की। [[मैड्रिड]] में कुछ दिन बिताने के बाद बताया जाता है कि डाएज "फिदेलीटो" और अपने परिवार के साथ रहने के लिए हवाना लौट आयीं। <ref>ऐन लुइसे बर्दाच : ''क्यूबा कॉन्फिडेंसियल'' . पृष्ठ 67. "एक जानकारीयोग्य स्रोत दावा करता है कि मिर्ता 2002 के प्रारंभ में क्यूबा लौट आया और अब फिदेलीअटो व उसके परिवार के साथ रह रहा है।"</ref> फिदेलीटो [[क्यूबा]] में बड़े हुए. कुछ समय तक वे परमाणु ऊर्जा आयोग को चलाते रहे, जब तक कि उनके पिता ने उन्हें वहां से हटा नहीं दिया। <ref name="anderson">जॉन ली एंडरसन, "कास्त्रोस लास्ट बैटल: कैन द रिवोल्यूशन आउटलिव इट्स लीडर?" द न्यू योर्कर, 31 जुलाई 2006. 51.</ref> डाएज बलार्ट के दो भतीजे, [[लिंकन डाएज बलार्ट]] और [[मारियो डियाज़-बलार्ट|मारियो डाएज बलार्ट]] अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी से हैं और कास्त्रो सरकार के मुखर आलोचक हैं। फिदेल कास्त्रो की दूसरी पत्नी डालिया सोटों डेल वाल्ले से उनके पांच बेटे हैं, जिनके नाम - एंटोनियो, ऐलेकजैंड्रो, अलेक्सिस, अलेक्जेंडर "एलेक्स" और एंजेल कास्त्रो सोटों डेल वाल्ले हैं।<ref name="anderson" /> फिदेल ने जब मीरटा से शादी की थी, तब उनका प्रेम संबंध नतालिया "नैटी " रेवुएल्टा क्लेवस से था, जिनका जन्म 1925 में हवाना में हुआ था और बाद में उन्होंने ऑरलैंडो फर्नांडीज से शादी की। उनकी एक बेटी [[ए़लिना फर्नांडीज|ए़लिना फर्नांडीज रेवुएल्टा]] है।<ref name="anderson" /> 1993 में ए़लिना ने एक स्पैनिश पर्यटक के छद्मवेश में क्यूबा छोड़ दिया और संयुक्त राज्य अमेरिका में शरण ली। <ref>{{cite web |url=http://www.canada.com/topics/news/world/story.html?id=2ef037b4-5f82-4283-b1fb-2cc9e2442977 |title=Cuba's first family not immune to political rift |accessdate=10 अगस्त 2006 |access-date= |author= |last=Boadle |first=Anthony |authorlink= |author2= |date=8 अगस्त 2006 |year= |month= |format= |work= |publisher=Reuters |pages= |language= |archiveurl=https://web.archive.org/web/20071011191626/http://canada.com/topics/news/world/story.html?id=2ef037b4-5f82-4283-b1fb-2cc9e2442977 |archivedate=11 अक्तूबर 2007 |url-status=live }}</ref> वे अपने पिता की नीतियों की मुखर आलोचक रही है। एक बेनाम महिला से उनका एक और बेटा हुआ, जिसका नाम जॉर्ज एंजिल कास्त्रो है। उनकी बहन [[ज्ञुअनिटा कास्त्रो]] 1960 के दशक के शुरुआत से संयुक्त राज्य अमेरिका में रह रहीं हैं। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने कहा, "मेरे अपने देश में जो कुछ चल रहा है उससे मैं अब उदासीन नहीं रह सकती हूं. मेरे भाई फिदेल और राउल ने इसे पानी से घिरा हुआ जेल बना दिया है। लोगों पर अंतरराष्ट्रीय साम्यवाद थोप दिया गया है, यह एक यंत्रणा हैं।"<ref>{{cite web| url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,871241-1,00.html| title=The Bitter Family (page 1 of 2)| publisher=[[Time (magazine)|Time Magazine]]| date=10 जुलाई 1964| accessdate=19 फरवरी 2008| archive-url=https://web.archive.org/web/20130821224354/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,871241-1,00.html| archive-date=21 अगस्त 2013| url-status=live}}</ref> == विवाद और आलोचना == === मानवाधिकार से संबंधित रिकॉर्ड === {{Main|Human rights in Cuba|Censorship in Cuba}} कास्त्रो के कई आलोचकों ने उन्हें एक [[तानाशाह]]<ref name="Mallin">{{cite book|title=Covering Castro: rise and decline of Cuba's communist dictator|year=1994|url=https://archive.org/details/coveringcastrori0000mall|author=Jay Mallin|publisher=Transaction Publishers|isbn=9781560001560}}</ref><ref name="idiotsguide">{{cite book|title=The complete idiot's guide to Latino history and culture|year=2002|url=https://archive.org/details/completeidiotsgu0000figu_d3a4|author=D. H. Figueredo}}</ref><ref name="dailymail">{{cite web|url=http://www.dailymail.co.uk/news/article-516539/Farewell-Fidel-The-man-nearly-started-World-War-III.html|title=Farewell Fidel: The man who nearly started World War III|publisher=Daily Mail|access-date=16 दिसंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20110221204956/http://www.dailymail.co.uk/news/article-516539/Farewell-Fidel-The-man-nearly-started-World-War-III.html|archive-date=21 फ़रवरी 2011|url-status=live}}</ref><ref name="timesonline">{{cite web |url=http://www.timesonline.co.uk/tol/news/world/us_and_americas/article3399819.ece |title=Fidel Castro bows to illness and age as he quits centre stage after 50 years - Times Online |publisher=www.timesonline.co.uk |accessdate=22 अप्रैल 2009 |last=Catan |first=Thomas |archive-url=https://web.archive.org/web/20100601050708/http://www.timesonline.co.uk/tol/news/world/us_and_americas/article3399819.ece |archive-date=1 जून 2010 |url-status=live }}</ref><ref name="fade-out">{{cite web|url=http://www.washingtontimes.com/news/2008/feb/24/fidels-fade-out/|title=Fidel's fade-out|access-date=16 दिसंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20110427024147/http://www.washingtontimes.com/news/2008/feb/24/fidels-fade-out/|archive-date=27 अप्रैल 2011|url-status=live}}</ref> कहा है और आधुनिक [[लैटिन अमेरिका]] के इतिहास में उनका शासन सबसे लंबे समय तक रहा। <ref name="idiotsguide" /><ref name="dailymail" /><ref name="timesonline" /><ref name="fade-out" /> [[ह्यूमन राइट्स वॉच]] संगठन ने कास्त्रो को 'दमनकारी मशीनरी" कहते हुए कहा कि वे "क्यूबा के लोगों को उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित कर रहे हैं".<ref name="HRW-Castro">{{cite web|title=Cuba: Fidel Castro’s Abusive Machinery Remains Intact|publisher=Human Rights Watch|url=http://www.hrw.org/en/news/2008/02/18/cuba-fidel-castro-s-abusive-machinery-remains-intact|date=18 फरवरी 2008|accessdate=7 अक्टूबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20091006175535/http://www.hrw.org/en/news/2008/02/18/cuba-fidel-castro-s-abusive-machinery-remains-intact|archive-date=6 अक्तूबर 2009|url-status=live}}</ref> === कुप्रबंध का आरोप === सर्जियो दयेज़-ब्रीकुएट्स और जॉर्ज एफ पेरेज़ लोपेज़ सेर्वान्दो ने अपनी पुस्तक ''क्यूबा में भ्रष्टाचार'' में लिखा है कि कास्त्रो ने भ्रष्टाचार को "संस्थागत" किया और यह भी कि "कास्त्रो ने राज्य द्वारा संचालित एकाधिकार, स्वजन पोषण चलाने और जवाबदेही के अभाव ने क्यूबा को दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में से एक बना दिया है".<ref name="corruption">{{cite book|title=Corruption in Cuba|year=1983|url=https://archive.org/details/healthrevolution00diaz|author=Sergio Diaz-Briquets, Jorge F. Pérez-López}}</ref> सेर्वान्दो गोंजालेज ने अपनी पुस्तक ''द सीक्रेट फिदेल कास्त्रो'' में उन्हें "भ्रष्ट तानाशाह" बताया है।<ref name="secretlife" /> गोंजालेज के मुताबिक, 1959 में कास्त्रो ने "फिदेल चेकिंग ए़काउंट" की स्थापना, ताकि वे मनमर्जी से पैसे निकाल सकें.<ref name="secretlife">{{cite book|title=The Secret Fidel Castro|year=2003|url=https://archive.org/details/calacsp_000015|author=Servando Gonzalez}}</ref> कास्त्रो पर आरोप है कि 1970 में उन्होंने "कमांडेंट आरक्षित निधि" बनाया, जिससे उन्होंने अपने देशी-विदेशी कई अंतरंग मित्रों को उपहार दिया। <ref name="secretlife" /> गोंजालेज का दावा है कि कमांडेंट आरक्षित निधि का सम्बन्ध व्यावसायिक साम्राज्य के साथ जालसाजी करने और काले धन को सफ़ेद बनाने में है।<ref name="secretlife" /> 1968 के शुरुआत में उनके एक करीबी दोस्त ने लिखा है कि स्विस बैंकों में कास्त्रो के कई बड़े खाते हैं।<ref name="secretlife" /> आरोप है कि कास्त्रो के सचिव को भी ज्यूरिख बैंकों का इस्तेमाल करते हुए देखा गया है।<ref name="secretlife" /> गोंजालेज का मानना है कि स्विट्जरलैंड के साथ क्यूबा का व्यापार बहुत न होने के बावजूद ज्यूरिख में क्यूबा का अपेक्षाकृत बड़ा राष्ट्रीय कार्यालय होना अजीब तरह से विरोधाभासों है।<ref name="secretlife" /> कास्त्रो ने किसी विदेशी बैंक के खाते में एक डॉलर भी पैसा रखने की बात से इंकार किया है।<ref name="BBC wealth" /> कास्त्रो विरोधी और कवि [[जॉर्ज वाल्स]] ने खुले तौर पर कहा है कि प्रेम कैसे किया जाता है, कास्त्रो कभी नहीं जान सकें और यह भी कहा कि "फिदेल ने ब्याह को सम्मान प्रदान करने कि कोशिश की लेकिन विफल रहें; राजनीति को भी सम्मान देने की कोशिश की पर असफल रहें".<ref name="geyer" /> === सम्पत्ति बनाने का आरोप === एक केजीबी अधिकारी अलेक्सई नोविकोव का कहना है कि कास्त्रो की निजी जिंदगी दूसरे संभ्रांत कम्युनिस्टों के जीवन की तरह ही "गोपनीयता का एक अभेद्य दुर्ग" रही है। दूसरी कई बातों के अलावा उन्होंने यह भी कहा कि कास्त्रो के 9,700 से अधिक निजी गार्डों सहित तीन शानदार पाल नौकाएं भी हैं।<ref name="secretlife" /> अमेरिकी व्यापार और वित्तीय पत्रिका ''[[फोर्ब्स]]'' ने 2005 में कास्त्रो को कुल 550 मिलियन अमरीकी डालर मूल्य की संपत्ति के साथ दुनिया के सबसे अमीर लोगों में सूचीबद्ध किया। पत्रिका का दावा है कि क्यूबा के नेता की निजी संपत्ति ब्रिटेन की महारानी [[यूनाइटेड किंगडम की एलिजाबेथ II|एलिजाबेथ II]] से करीब दोगुना है, जबकि [[राजनयिक]] और व्यवसायियों से मिली उनकी संपत्ति के घोषित सबूत के आधार पर कहा जा सकता है कि क्यूबा के नेता की निजी जिंदगी बहुत ही सीधी-सादी थी।<ref name="BBC wealth">[http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/americas/4985510.stm कास्त्रो अधिक धन के दावे से इनकार करते हैं] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090115142834/http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/americas/4985510.stm |date=15 जनवरी 2009 }}. BBC न्यूज़.</ref> यह आकलन क्यूबा की [[सरकारी कंपनियों]] की कुल मूल्य की आर्थिक स्थिति के आधार पर आंकी गयी है और अनुमान लगाया गया है कि कास्त्रो का उन पर व्यक्तिगत आर्थिक नियंत्रण था।<ref name="wealth">http://www.msnbc.msn.com/id/12807201/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110501121333/http://www.msnbc.msn.com/id/12807201/ |date=1 मई 2011 }} कास्त्रो ब्लास्ट्स फोर्ब्स ओवर वेल्थ रिपोर्ट. एसोसिएटेड प्रेस. 13 दिसम्बर को आकलित. 2006</ref> बाद में फोर्ब्स पत्रिका ने उनकी संपत्ति का अनुमान बढा कर 900 मिलियन डॉलर किया। इससे अफवाह को बल मिला कि [[स्विट्जरलैंड]] में बड़ी रकम छिपा कर रखी गयी है।<ref name="BBC wealth" /> पत्रिका ने इस तथ्य का कोई सबूत नहीं पेश किया है<ref name="CBS wealth" /> और दूसरी तरफ CBS न्यूज के अनुसार, अमीरों की सूची में कास्त्रो का नाम शामिल करने के लिए जो तथ्य उपलब्ध कराये गए हैं, वो बहुत ही कम हैं।<ref name="CBS wealth" /> कास्त्रो ने पत्रिका पर मुकदमा ठोंकते हुए कहा कि उसमे दावा किये गए तथ्य "झूठे और [[बदनीयत]]" हैं जो उन्हें बदनाम करने के लिए अमेरिकी अभियान के तहत किया गया है।<ref name="BBC wealth" /> उन्होंने घोषणा कि "अगर वे साबित कर सकें कि किसी एक विदेशी बैंक में मेरे खाते में 900 मिलियन डॉलर, एक मिलियन डॉलर या 500,000 डॉलर, या 100,000 डॉलर या एक भी डॉलर है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा."<ref name="BBC wealth" /> क्यूबा के सेंट्रल बैंक के अध्यक्ष फ्रांसिस्को सोबेरोन ने पत्रिका के दावे को 'हास्यास्पद कलंक' बताते हुए कहा कि क्यूबा की सरकारी स्वामित्ववाली विभिन्न कंपनियों से आया पैसा देश की अर्थव्यवस्था "स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान, आंतरिक व राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य देशों के साथ सद्भावना बनाने समेत "देश को मजबूती प्रदान करने में लगाया जाता है।"<ref name="wealth" /> == विरासत == फिदेल कास्त्रो हमेशा से एक बहुत ही विवादास्पद शख्स रहे। उनकी विरासत के पहलुओं की व्याख्या सकारात्मक या नकारात्मक रोशनी में जाएगी, इस पर राजनैतिक हलकों में बराबर बहस होती रहती है। जो लोग आम तौर पर उनकी सरकार का समर्थन करते , वे कई खूबियों को गिनाते ; मसलन उनका कहना था कि क्यूबा दुनिया के सबसे ज्यादा साक्षरता वाले देशों में से एक है और यहां सेहत और उसकी देखभाल सम्बन्धी व्यवस्था बहुत प्रभावी है, आर्थिक असमानता बहुत कम, स्थिर सरकार और अफ्रीका में जनवादी संघर्ष का समर्थन करने का उनका एक अच्छा-खासा रिकॉर्ड है। {{Citation needed|date=सितंबर 2009}}उनके आलोचक क्यूबा में मानवाधिकार का मामला बड़ा ख़राब होने, सत्तावादी सरकार होने, खस्ताहाल अर्थव्यवस्था, राजनीतिक और दमन जैसे नकारात्मक पहलुओं को गिनाते थे। {{Citation needed|date=सितंबर 2009}} == लेखकीय कार्य == <small>'''फिदेल कास्त्रो द्वारा पूरी तरह या आंशिक रूप से लिखित''' </small> * ''कैपीटलिसम इन क्राइसिस: ग्लोबलाइजेशन एंड वर्ल्ड पोलिटिक्स टुडे'', ऑसियन प्रेस, 2000, ISBN 1-876175-18-4 * ''चे: ए मेमोइर'', ऑसियन प्रेस, 2005, ISBN 1-920888-25-X * ''क्यूबा एट द क्रॉसरोड्स'', ऑसियन प्रेस, 1997, ISBN 1-875284-94-X * ''फिदेल कास्त्रो: माई लाइफ: अ स्पोकेन ऑटोबायोग्राफी'', स्क्रिब्नर, 2008, ISBN 1-4165-5328-2 * ''फिदेल कास्त्रो रीडर'', ऑसियन प्रेस, 2007, ISBN 1-920888-88-8 * ''फिदेल माई अर्ली इयर्स'', ऑसियन प्रेस, 2004, ISBN 1-920888-09-8 * ''फिदेल एंड रिलिजियन: कन्वर्सेशन्स विथ फ़्रेइ बेट्टो ओन मर्क्सिस्म एंड लिबरेशन टेक्नोलोजी'', ऑसियन प्रेस, 2006, ISBN 1-920888-45-4 * ''प्लाया ग़िरोन: बे ऑफ़ पिग्स: वाशिंगटंस फर्स्ट मिलिट्री डिफीट इन द अमेरिकास'', पाथफाइंडर प्रेस, 2001, ISBN 0-87348-925-X * ''पोलिटिकल पोर्ट्रेट्स: फिदेल कास्त्रो रिफ्लेक्ट्स ओन फेमस फिगर्स इन हिस्ट्री'', ऑसियन प्रेस, 2008, ISBN 1-920888-94-2 * ''द डिकलेरेशन ऑफ़ हवाना'', वर्सो, 2008, ISBN 1-84467-156-9 * ''द प्रिसन लेटर्स ऑफ़ फिदेल कास्त्रो'', 2007, ISBN 1-56025-983-3 * ''वार, रसिस्म एंड इकोनोमिक जस्टिस: द ग्लोबल रैवेजेस ऑफ़ कैपीटलिसम'', ऑसियन प्रेस, 2002, ISBN 1-876175-47-8 == इन्हें भी देखें == {{Multicol}} * [[26 जुलाई का आंदोलन]] * [[कृषि सुधार क्यूबा के कानून]] * [[क्यूबा की राजनीति]] * [[फिदेल कास्त्रो के विपक्ष]] * [[2006-2008 क्यूबा के राष्ट्रपति पद के कर्तव्यों का हस्तांतरण]] {{Multicol-break}} * [[कोमंदंते]] * [[फिदेल (फिल्म)]] * [[फिदेल (2001 दस्तावेजी)]] * [[माई लाइफ (फिदेल कास्त्रो की आत्मकथा)|माई लाइफ (फिदेल कास्त्रो आत्मकथा)]] * [[कास्त्रो को मारने के लिए 638 तरीके]] {{Multicol-end}} == सन्दर्भ व फ़ुटनोट्स == {{Reflist|3}} == बाहरी कड़ियाँ == {{sisterlinks|author=yes|wikt=no|b=no|v=no}} ;फिदेल कास्त्रो द्वारा * [https://web.archive.org/web/20100110053717/http://www.cuba.cu/gobierno/discursos/ 6 भाषाओं में फिदेल कास्त्रो के भाषणों का पुरालेख] * [[मार्क्सवादी इंटरनेट पुरालेख]] पर [https://web.archive.org/web/20100107093919/http://www.marxists.org/history/cuba/archive/castro/ फिदेल कास्त्रो के इतिहास का पुरालेख] * [https://web.archive.org/web/20090815183749/http://www1.lanic.utexas.edu/la/cb/cuba/castro.html कास्त्रो के भाषणों का संग्रह] * [https://web.archive.org/web/20091209090814/http://www.counterpunch.org/castro09042007.html "वी डोंट होप फॉर फेवर्स फ्रॉम द वर्स्ट ऑफ़ एम्पायर" ] * [https://web.archive.org/web/20100218135525/http://www.counterpunch.org/castro04072007.html "वेयर हैव ऑल द बीज़ गोन ?"] * [https://web.archive.org/web/20091201221400/http://www.counterpunch.org/castro07312007.html "इन स्पाईट ऑफ़ एवरीथिंग: रिफ्लेक्शंस ऑन द पैन - अमेरिकन गेम्स" ] * [https://web.archive.org/web/20091201232238/http://www.counterpunch.org/castro08062007.html "टाइम फॉर ऐन अलायन्स ऑफ़ सिविलाईजेशंस अगेंस्ट अम्पायर" ] ;फिदेल कास्त्रो के बारे में * [https://web.archive.org/web/20090923010654/http://www.life.com/image/first/in-gallery/22998/castro-early-years-19531961 कास्त्रो: प्रारंभिक काल (1953-1961)] - ''[[लाइफ (पत्रिका)|LIFE]]'' पत्रिका द्वारा स्लाइडशो * [[आर्थर मिलर]]: [https://web.archive.org/web/20091223035511/http://www.thenation.com/doc/20040112/miller अ विज़िट विथ कास्त्रो] (''[[द नेशन (U.S. पिरिओडीकल)|द नेशन]]'') 24 दिसम्बर 2003 * BBC: [https://web.archive.org/web/20090929213642/http://news.bbc.co.uk/2/hi/in_pictures/4392634.stm फिदेल कास्त्रो: अ लाइफ इन पिक्चर्स] * BBC वीडियो: [http://news.bbc.co.uk/player/nol/newsid_5200000/newsid_5207200/5207264.stm?bw=nb&amp;mp=rm&amp;news=1&amp;nol_storyid=5207264&amp;bbcws=1 फिदेल कास्त्रो चे ग्वेरा के बचपन के घर का दौरा करते हैं] * [https://web.archive.org/web/20161204081746/http://www.pbs.org/wgbh/amex/castro/ टीचर्स गाइड के साथ फिदेल कास्त्रो पर PBS अमेरिकन एक्सपेरिएंस की संवादात्मक साइट] * [http://mssa.library.yale.edu/findaids/eadHTML/mssa.ms.0650.html क्यूबन रेवोल्यूशन का गाइड, मैनुस्क्रिप्ट्स एंड आर्किव्स]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}, [[येल यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी]] * [https://web.archive.org/web/20160224063257/http://library.duke.edu/digitalcollections/stryker/ क्यूबा के दीना स्ट्राइकर फोटोग्राफ्स, 1963-1964, ड्यूक यूनिवर्सिटी लाइब्रेरीज के डिजीटल संग्रह ] * {{imdb name|0004242|Fidel Castro}} * ''न्यूयॉर्क टाइम्स'' --- इंटरएक्टिव फ़ीचर: [https://web.archive.org/web/20090423015018/http://www.nytimes.com/interactive/2008/02/24/weekinreview/20080224_CASTRO_FEATURE.html#section1 थ्री डेज़ विथ फिदेल] * ''न्यूयॉर्क टाइम्स'' --- स्लाइडशो: [https://web.archive.org/web/20090423015017/http://www.nytimes.com/slideshow/2008/02/19/world/0219-CASTRO_index.html फिदेल कास्त्रो का राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा] * NPR ऑडियो: [https://web.archive.org/web/20091212065646/http://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=6083227 क्यूबा का कास्त्रो एक प्रेरणा, न कि एक भूमिका मॉडल], टॉम जेल्टन द्वारा, 15 सितम्बर 2006 * ''द गार्जियन'' : [https://web.archive.org/web/20081026163203/http://www.guardian.co.uk/world/gallery/2007/may/02/2?picture=329804391 इन पिक्चर्स - फिदेल कास्त्रो] * ''द गार्जियन'' : [[गेब्रियल गार्सिया मार्कुएज़]] द्वारा "[https://web.archive.org/web/20100906033556/http://www.guardian.co.uk/commentisfree/2006/aug/12/comment.cuba द फिदेल आई थिंक आई नो]" * ''वॉशिंगटन पोस्ट'' : [https://web.archive.org/web/20081010122034/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2008/02/21/AR2008022102788.html स्थानीय लोगों का कहना है, फिदेल कास्त्रो ही क्यूबा का सदैव नेतृत्व करते रहेंगे] 22 फ़रवरी 2008 {{s-start}} {{s-off}} |- {{s-bef|before=[[José Miró Cardona]]}} {{s-ttl|title=[[Prime Minister of Cuba]]|years=1959 &ndash; 1976}} {{s-aft|after=''Merged with office of President''}} |- {{s-bef|before=[[ओस्वाल्डो डोर्तिकोस तोर्रादो]]<br /><small>[[क्यूबा के राष्ट्रपति]]</small>}} {{s-ttl|title=[[क्यूबा के राष्ट्रपति|President of the State Council of Cuba]]<br /><small>[[Raúl Castro]] acting from 2006 to 2008</small>|years=1976 &ndash; 2008}} {{s-aft|after=[[Raúl Castro]]}} |- {{s-ppo}} |- {{s-bef|before=New title}} {{s-ttl|title=[[Communist Party of Cuba|First Secretary of Integrated Revolutionary Organizations]]|years=1961 &ndash; 1962}} {{s-aft|after=Himself<br /><small>First Secretary of UPCSR</small>}} |- {{s-bef|before=Himself<br /><small>First Secretary of IRO</small>}} {{s-ttl|title=[[Communist Party of Cuba|First Secretary of the United Party of Cuban Socialist Revolution]]|years=1962 &ndash; 1965}} {{s-aft|after=Himself<br /><small>First Secretary of CPC</small>}} |- {{s-bef|before=Himself<br /><small>First Secretary of UPCSR</small>}} {{s-ttl|title=[[Communist Party of Cuba|First Secretary of the Communist Party of Cuba]]<br /><small>[[Raúl Castro]] acting from 2006</small>|years=1965 &ndash; present}} {{s-aft|after=Incumbent}} {{s-mil}} {{s-bef|before=None}} {{s-ttl|title=[[Military of Cuba|Commander-in-Chief of the Revolutionary Armed Forces]]<br /><small>[[Raúl Castro]] acting from 2006 to 2008</small>|years=1959 &ndash; 2008}} {{s-aft|after=[[Raúl Castro]]}} |- {{s-dip}} {{s-bef|before=[[Junius Richard Jayewardene]]<br /><small>[[Sri Lanka]]</small>}} {{s-ttl|title=[[Non-Aligned Movement#Secretaries General|Secretary General of Non-Aligned Movement]]|years=1979 &ndash; 1983}} {{s-aft|after=[[Abdullah Ahmad Badawi]]<br /><small>[[Malaysia]]</small>}} |- {{s-bef|before=[[Neelam Sanjiva Reddy]]<br /><small>[[भारत]]</small>}} {{s-ttl|title=[[Non-Aligned Movement#Secretaries General|Secretary General of Non-Aligned Movement]]|years=2005 &ndash; 2008}} {{s-aft|after=[[Raúl Castro]]}} {{s-end}} {{Cold War}} {{Cold War figures}} {{CubanPres}} {{CubanPMs}} {{NAMSecretary-General}} {{Authority control}} [[श्रेणी:1926 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:साम्यवाद]] [[श्रेणी:क्यूबा की राजनीति]] [[श्रेणी:क्यूबा के राष्ट्रपति]] [[श्रेणी:राजनीतिज्ञ]] [[श्रेणी:२०१६ में निधन]] [[श्रेणी:साम्राज्यवाद-विरोध]] d8pz7jrovczo278oa5y6nx9r47fk8ft व्यवसाय-नीति 0 180030 6582889 6379834 2026-07-15T10:55:25Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582889 wikitext text/x-wiki बिजनेस एथिक्स या कारपोरेट एथिक्स) नैतिकता का वह रूप है, जो कारोबारी माहौल में पैदा हए नैतिक सिद्धांतों और नैतिक समस्याओं की जांच करता रहता है और उनके सन्दर्भ में कुछ मानदण्डों की स्थापना करता है। यह व्यवसाय के आचरण से जुड़े सभी पहलुओं पर लागू होता है और यह व्यक्तियों और व्यापार संगठनों क आचरण पर समग्र रूप से प्रासंगिक है। व्यावहारिक आचार नीति एक ऐसा क्षेत्र है जिसका सम्बंध कई क्षेत्रों में पैदा हुए नैतिक सवालों से है जैसे चिकित्सीय, तकनीकी, कानूनी और व्यावसायिक नैतिकता। २१वीं सदी में तेजी से अंतरात्मा केंद्रित बाजारों के बढ़ने के बाद और अधिक नैतिक व्यवसाय प्रक्रिया और कार्रवाई (जिसे [[नैतिकतावाद]] कहते हैं) की मांग बढ़ी.<ref>{{cite web|accessdate=2008-05-21|url=http://www.hero.ac.uk/uk/business/archives/2003/ethicफ्द्स्फ्स्द्फ्स्s_the_easy_way5043.cfm|title=Ethics the easy way|publisher=[[H.E.R.O. (Higher Education and Research Opportunities in the UK)|H.E.R.O.]]}}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>इसके साथ ही साथ, उद्योग पर यह दबाव पड़ा कि वह नए सार्वजनिक पहल और कानून के जरिये व्यवसायिक आचार नीति का विकास करे (उदाहरण के तौर पर अधिक उच्च-उत्सर्जन वाहनों पर अधिक ब्रिटेन का सड़क कर).<ref>{{cite web|accessdate=2008-05-21|url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/uk/6095680.stm|title=Miliband draws up green tax plan|publisher=[[बीबीसी|BBC]]|date=2006-10-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20090122082035/http://news.bbc.co.uk/1/hi/uk/6095680.stm|archive-date=22 जनवरी 2009|url-status=live}}</ref>कारोबार में अक्सर अनैतिक तरीके अपनाकर अल्पकालिक लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं, लेकिन इस तरह के व्यवहार आगे चलकर अर्थव्यवस्था को कमजोर करते हैं। व्यावसायिक नैतिकता [[आदर्श (दर्शनशास्त्र)|प्रामाणिक]] और [[वर्णनात्मक]] अनुशासन दोनों प्रकार की हो सकती है। एक कंपनी के कामकाज में और पेशेगत विशेषज्ञता के सम्बंध में यह क्षेत्र मुख्य रूप से प्रामाणिक है। शिक्षा में वर्णनात्मक दृष्टिकोण को भी स्थान दिया जा रहा है। व्यावसायिक नैतिकता के मुद्दों की मात्रा और सीमा इस बात से प्रदर्शित होती है कि व्यवसाय में कथित तौर पर बाधक माने जाने वाले गैर-आर्थिक सामाजिक मूल्यों को वह किस हद तक अपनाता है। ऐतिहासिक तौर पर व्यावसायिक नैतिकता के प्रति रुझान नाटकीय रूप से 1980 और 1990 के दशक में प्रमुख कम्पनियों और शिक्षाविदों दोनों के बीच बढ़ा.उदाहरण के लिए, आज की ज्यादातर प्रमुख कंपनियों की वेबसाइटें विभिन्न हेडलाइन्स के साथ गैर-आर्थिक, सामाजिक मूल्यों के प्रति वचनबद्धता पर जोर दे रही हैं (जैसे आचार संहिता, सामाजिक दायित्व घोषणापत्र). कुछ मामलों में, कम्पनियां अपने बुनियादी मूल्यों को व्यावसायिक नैतिकता की सिफारिशों के आलोक में परिभाषित करती हैं (जैसे [[BP]]का "पेट्रोलियम से परे" जो पर्यावरण के प्रति झुकाव को दर्शाता है). == व्यवसाय में नैतिकता के मुद्दों का अवलोकन == === सामान्य व्यापार नीतिशास्त्र === * व्यावसायिक नैतिकता को [[कारोबार का दर्शन|कारोबार के दर्शन]] के साथ इस प्रकार परस्पर मिला देना कि वह कंपनी के मूलभूत उद्देश्यों के निर्धारण में एक हो.यदि किसी कंपनी का मुख्य उद्देश्य अपने शेयरधारकों को अधिकतम लाभ देना है, तो यह कंपनी के लिए अनैतिक होगा कि वह किसी और के हितों और अधिकारों के बारे में सोचे।<ref>{{cite news |first=Milton |last=Friedman |title=The Social Responsibility of Business is to Increase Its Profits |date=1970-09-13 |work=[[दि न्यू यॉर्क टाइम्स Magazine]] |url=http://www-rohan.sdsu.edu/faculty/dunnweb/rprnts.friedman.html |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110317042848/http://www-rohan.sdsu.edu/faculty/dunnweb/rprnts.friedman.html |archive-date=17 मार्च 2011 |url-status=dead }}</ref> * [[कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी]] या CSR: एक ऐसा साझा तंत्र है जिसमें कंपनियों और समाज के नैतिक अधिकार और कर्तव्य पर बहस जारी है। * कंपनी और उसके अंशधारकों के नैतिक अधिकार और कर्तव्य के मुद्देः [[प्रत्ययी]] जिम्मेदारी, [[हितधारक अवधारणा]], [[शेयरधारक अवधारणा]]. * विभिन्न कंपनियों के बीच आचार संबन्धी मुद्दे: उदा. [[टेकओवर|शत्रुतापूर्ण टेकओवर]], [[औद्योगिक जासूसी]]. * नेतृत्व के मुद्दे: [[कंपनी प्रशासन]]. * कंपनियों की ओर से [[वित्त सुधार अभियान|राजनीतिक योगदान]]. * कानूनी सुधार, मसलन [[कॉर्पोरेट हत्या]] जैसे अपराध पर नैतिक बहस की शुरूआत. * विपणन उपकरणों के रूप में कॉर्पोरेट आचार नीतियों का दुरुपयोग. इन्हें भी देखें: [[कॉर्पोरेट दुरुपयोग]], [[कॉर्पोरेट अपराध]]. ==== लेखांकन जानकारी का नीतिशास्त्र ==== {{main|accounting ethics}} * [[रचनात्मक लेखांकन]], [[आय प्रबंधन]], [[भ्रामक वित्तीय विश्लेषण]]. * [[अंतरंगी लेनदेन|इनसाइडर ट्रेडिंग]], [[प्रतिभूति धोखाधड़ी|प्रतिभूतियों में धोखाधड़ी]], [[बकेट शाप (शेयर बाजार)|बकेट शाप्स]], [[विदेशी मुद्रा घोटाले|विदेशी मुद्रा घोटालेः]] वित्तीय बाजारों में हराफेरी के अपराध. * [[कार्यकारी मुआवजा]]: प्रतिष्ठान में कंपनी के सीईओ और शीर्ष प्रबंधन द्वारा किया गया अत्यधिक भुगतान. * [[घूस|रिश्वत]], [[दलाली]], [[सुविधा भुगतान]] :जबकि यह सब कंपनी और उसके अंशधारकों के हितों को अल्पकालिक फायदा ही पहुंचा सकते हैं, यह पद्धतियां गैर-प्रतिस्पर्धी या समाज के मूल्यों के खिलाफ हैं। मुकदमे: [[लेखांकन घोटाले]], [[एनरॉन]], [[वर्ल्डकॉम]] ==== मानव संसाधन प्रबंधन का नीतिशास्त्र ==== [[मानव संसाधन प्रबंधन]] (HRM) में आचार के वह मुद्दे आते हैं, जो नियोक्ता और कर्मचारी के बीच के सम्बंध से जुड़े होते हैं, जैसे नियोक्ता और कर्मचारी के अधिकार और कर्तव्य. * [[भेदभाव]] के मुद्दे जिसमें उम्र ([[एजेस्म|एजिस्म]]), लिंग, जाति, धर्म, [[निर्योग्यता|विकलांगता]], वजन और आकर्षकता के आधार पर भेदभाव शामिल है। इन्हें भी देखें: [[सकारात्मक कार्रवाई]], [[यौन उत्पीड़न]]. * नियोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच संबंधों के परंपरागत दृष्टिकोण से उत्पन्न होने वाले मुद्दे, जिन्हें [[एट-विल एम्प्लायमेंट]] के रूप में जाना जाता है। * कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व और कार्यस्थल के लोकतंत्रीकरण से सम्बंधित मुद्दे: [[संगठनों का पर्दाफाश]], [[हड़ताल तोड़ना]]. * कर्मचारी की [[गोपनीयता]] को प्रभावित करने वाले मुद्देः [[कार्यस्थल निगरानी|कार्यस्थल की निगरानी]], [[नशा परीक्षण]].इन्हें भी देखें: [[गोपनीयता]]. * ''नियोक्ता'' की गोपनीयता प्रभावित करने वाले मुद्दे: [[अफवाह फैलाना]]. * रोजगार अनुबंध की निष्पक्षता से संबंधित मुद्दे तथा नियोक्ता और कर्मचारी के बीच शक्ति संतुलन: [[दासप्रथा (पाश्चात्य)|गुलामी]],<ref>{{cite journal | author=Hare, R. M. | title=What is wrong with slavery | url=https://archive.org/details/sim_philosophy-and-public-affairs_winter-1979_8_2/page/103 | journal=Philosophy and Public Affairs | year=1979 | volume=8 | pages= 103–121 }}</ref> [[अनुबंधित दासता की हालत]], [[रोजगार कानून]]. * [[व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य]] सब के सब से बढ़कर यह कर्मचारियों को मनचाहे ढंग से काम पर रखने और उन्हें निकालने से सम्बंधित है। एक कर्मचारी या भावी कर्मचारी को मनचाहे ढंग से जाति, उम्र, लिंग, धर्म अथवा ऐसे किसी अन्य आधार पर मनचाहे ढंग से काम पर रखा और निकाला नहीं जा सकता. ==== बिक्री और विपणन का नीतिशास्त्र ==== {{main|marketing ethics}} विपणन, जो उत्पाद के सम्बंध में सूचना मात्र के प्रावधान (और पहुंच) के पार ही नहीं चला गया है, बल्कि वह हमारे मूल्यों और व्यवहार तक में हेरफेर कर रहा है। कुछ हद तक समाज इसे स्वीकार्य मानता है, लेकिन नैतिकता की रेखा कहां खींची जा सकती है? विपणन की नैतिकता [[मीडिया नैतिकता|मीडिया की नैतिकता]] के साथ दृढ़ता से मिल गयी है, क्योंकि विपणन मीडिया का व्यापक तौर पर उपयोग करता है। हालांकि, [[मीडिया नैतिकता|मीडिया की नैतिकता]] एक बहुत बड़ा विषय है और व्यावसायिक नैतिकता के बाहर उसका विस्तार है। * मूल्य निर्धारण: [[मूल्य निर्धारित करना]], [[मूल्य में भेदभाव]], [[मूल्य में उतारचढ़ाव]]. * गैर-प्रतिस्पर्धी व्यवहार: लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मूल्य निर्धारण की रणनीति से परे जाकर वफादारी और आपूर्ति शृंखला में हेरफेर करना भी इनमें शामिल है। देखें: [[गैर-प्रतिस्पर्धी व्यवहार]], [[विश्वासघात कानून]] * विशिष्ट विपणन रणनीतियां: [[ग्रीनवाश|ग्रीन्वाश]], [[चारा और स्विच]], [[शील]], [[वायरल विपणन]], [[स्पैम (इलेक्ट्रॉनिक)]], [[पिरामिड योजना]], [[अप्रचलित योजना (व्यापार)|अप्रचलित योजना]]. * विज्ञापन की सामग्री: [[अटैक एड|आक्रामक विज्ञापन]], [[सब्लीमिनल मैसेज्स|अचेतन संदेश]], [[सेक्स सम्बंधी विज्ञापन]], ऐसे उत्पाद, जो अनैतिक या हानिकारक माने जाते हैं। * बच्चे और विपणन: [[स्कूलों में विपणन]]. * [[काला बाजार]], [[ग्रे मार्केट्स]] इन्हें भी देखें: [[मेमेस्पेस]], [[अधिप्रचार|दुष्प्रचार]], [[विज्ञापन]] की तकनीक, [[झूठे विज्ञापन]], [[विज्ञापन विनियमन]] मुकदमे: [[बेनेट्टोन समूह|बेनेट्टोन]]. ==== उत्पादन का नीतिशास्त्र ==== व्यावसायिक नैतिकता के इस क्षेत्र का संबंध कंपनी के उन कर्तव्यों से है जिसमें यह सुनिश्चत किया जाता है कि उत्पाद और उत्पादन प्रक्रिया नुकसानदेह नहीं है। इस क्षेत्र की कुछ तीव्र दुविधाओं का एक सच यह है कि आमतौर पर किसी भी उत्पाद या उत्पादन प्रक्रिया में खतरे की हद पार होने का जोखिम होता है और उसकी स्वीकार्यता की सीमा को परिभाषित करना मुश्किल होता है अथवा स्वीकार्यता का स्तर निवारक प्रौद्योगिकियों की बदलती स्थिति पर निर्भर होता है या स्वीकार्य जोखिम सामाजिक दृष्टिकोण के बदलाव पर. * दोषपूर्ण, नशायुक्त और स्वाभाविक खतरनाक उत्पादों और सेवाओं (तम्बाकू, शराब, हथियार, मोटर वाहन, रसायन निर्माण जैसे, [[बंजी जंपिंग]]). * कंपनी और पर्यावरण के बीच नैतिक सम्बंध: [[प्रदूषण]], [[पर्यावरण नैतिकता]], [[कार्बन उत्सर्जन व्यापार]] * नयी प्रौद्योगिकियों से उत्पन्न नैतिक समस्याएं: [[आनुवांशिक रूप से परिष्कृत खाद्य|आनुवांशिक रूप से संशोधित खाद्य]], [[मोबाइल फोन का विकिरण और स्वास्थ्य]]. * उत्पाद परीक्षण नैतिकता: [[पशुओं के अधिकार]] और [[पशु परीक्षण]], आर्थिक रूप से वंचित समूहों (जैसे छात्र) का परीक्षण की वस्तुओं के रूप में इस्तेमाल. इन्हें भी देखें: [[उत्पाद दायित्व]] मामले: [[फोर्ड पिंटो]] घोटाला, [[भोपाल आपदा|भोपाल दुर्घटना]], [[अभ्रक|एसबेस्टोस]] / [[अभ्रक और कानून|एसबेस्टोस और कानून]], [[अमरीकी मूंगफली दाना निगम]]. ==== बौद्धिक संपदा, ज्ञान और कौशल का नीतिशास्त्र ==== ज्ञान और कौशल मूल्यवान हैं लेकिन उसका 'स्वामित्व' वस्तुओं की तरह आसानी से तय नहीं किया जा सकता.न ही यह स्पष्ट किया जा सकता है कि किसी एक विचार पर किसका अधिक अधिकार है, कंपनी जिसने कर्मचारी को प्रशिक्षित किया है या स्वयं कर्मचारी का.उस देश का जिसमें पौधे पनपे, या कंपनी, जिसने औषधीय पौधे की क्षमता की खोज की और विकसित किया? परिणामस्वरूप, स्वामित्व की दावेदारी और उस पर मतभेद को लेकर नैतिक विवाद पैदा होते हैं। * [[पेटेंट उल्लंघन]], [[कॉपीराइट का उल्लंघन]], [[ट्रेडमार्क उल्लंघन]]. * प्रतियोगिता में पछाड़ने के लिए बौद्धिक संपदा प्रणालियों के दुरुपयोग: [[पेटेंट दुरुपयोग]], [[कॉपीराइट दुरुपयोग|कॉपीराइट का दुरुपयोग]], [[पेटेंट में टालमटोल]], [[पनडुब्बी पेटेंट]]. * यहां तक कि स्वयं बौद्धिक संपदा की अवधारणा की ही नैतिक आधार पर आलोचना की गयी है: देखें [[बौद्धिक संपदा]]. * [[एम्प्लाई राइडिंग]]: प्रमुख कर्मचारियों को प्रतियोगिता से परे अनुचित लाभ देकर उनके ज्ञान या कौशल का लाभ उठाना. * बिना किसी आवश्यकता के भी सभी प्रतिभाशाली लोगों को एक क्षेत्र विशेष में लगा देने की प्रवृत्ति ताकि कोई और प्रतियोगी उन्हें काम पर न रख ले. * [[बिओप्रोस्पेक्टिंग]] (नैतिक) और [[बियोपायरेसी]] (अनैतिक). * [[व्यापार आसूचना]] और [[औद्योगिक जासूसी]]. मुकदमे: निजी बनाम जनहित में [[ह्यू जीनोम परियोजना]] '''नैतिकता और प्रौद्योगिकी ''' कंप्यूटर और विश्व व्यापी वेब बीसवीं सदी के दो सबसे महत्वपूर्ण आविष्कार हैं।&nbsp;कई नैतिक मुद्दे हैं, जो इस तकनीक से पैदा हुए हैं। जानकारी तक पहुंच अब आसान हो गयी है। इसके कारण आंकड़ों की खोज, कार्यस्थल की निगरानी और गोपनीयता का अतिक्रमण संभव हो गया है।<ref> नैतिक सिद्धांत और व्यापार (बेऔचंप)</ref> चिकित्सा प्रौद्योगिकी में पर्याप्त सुधार हुआ है। दवा कंपनियों ने इस तकनीक से जीवन रक्षक दवाओं का उत्पादन किया है। यह दवाएं पेटेंट द्वारा संरक्षित हैं तथा और कोई सामान्य दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। यह कई नैतिक सवाल उठाए. === अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नैतिकता और आर्थिक प्रणाली की नैतिकता === यहां मुद्दे एक साथ समूहीकृत हो जाते हैं क्योंकि इसमें व्यापार नैतिकता के मुद्दों पर बहुत व्यापक वैश्विक दृष्टिकोण शामिल हो जाते हैं। ==== अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नीतिशास्त्र ==== यदि हम पीछे पलट कर सम्बद्ध दशकों के अंतर्राष्ट्रीय विकासक्रम को देखें, व्यापार नैतिकता 1970 के दशक में एक क्षेत्र के रूप में उभरी, [[अंतर्राष्ट्रीय व्यापार]] नैतिकता 1990 के दशक तक सामने नहीं आयी थी।<ref>{{cite book | first=Georges | last=Enderle | year=1999 | title=International Business Ethics | pages=1| publisher=[[University of Notre Press]] | isbn= 0-268-01214-8}}</ref>व्यापार के अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ में कई नये व्यावहारिक मुद्दे उभर कर सामने आये.इस क्षेत्र में सैद्धांतिक मुद्दे, जैसे संस्कृति से जुड़े नैतिक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार लेनदेन से उत्पन्न नैतिक मुद्दे; उदा. दवा उद्योग में [[जैविकता की खोज]] और [[जैविकता की चोरी]], [[निष्पक्ष व्यापार]] संचार; [[हस्तांतरण मूल्य]]. * [[वैश्वीकरण|भूमंडलीकरण]] और [[सांस्कृतिक साम्राज्यवाद]] जैसे मुद्दे. * वैश्विक मानकों में अन्तर-उदा. [[बाल-श्रम|<span class="goog-gtc-fnr-highlight">बाल श्रम</span>]] का उपयोग. * बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अंतर्राष्ट्रीय अन्तर का लाभ लेने के तरीके, जैसे उत्पादन (उदा.कपड़े) और सेवाएं (उदा. कॉल सेंटर) कम मजदूरी वाले देशों से आउटसोर्सिंग कराना. * प्रतिबंधित राज्यों के साथ अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्य स्वीकार्यता. विदेशी देश अक्सर एक प्रतियोगी खतरे के रूप में डंपिंग का उपयोग करते हैं और उत्पादों की बिक्री उनकी सामान्य कीमत से कम पर करते हैं। यह घरेलू बाजार में समस्याएं पैदा कर सकता है। इससे इन बाजारों में विदेशी बाजार द्वारा निर्धारित मूल्य से प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाता है। 2009 में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आयोग ने डंपिंग विरोधी कानून पर शोध शुरू किया है। डंपिंग को अक्सर एक नैतिक मुद्दे के रूप में देखा जाता है और बड़ी कंपनियां आर्थिक दृष्टि से कम उन्नत कंपनियों से लाभ ले रही हैं। ==== आर्थिक प्रणाली का नीतिशास्त्र ==== इस क्षेत्र की परिभाषा अभी अस्पष्ट है और शायद यह उसका हिस्सा भी नहीं है किन्तु यह केवल व्यावसायिक नैतिकता से सम्बंधित है,<ref>{{cite book | first=Richard de | last=George | year=1999 | title=Business Ethics }}</ref> जहां व्यावसायिक नैतिकता [[राजनीतिक अर्थव्यवस्था]] और [[राजनीतिक दर्शन]] को प्रभावित करती है और आर्थिक लाभ के वितरण के लिए विभिन्न प्रणालियों में सही-गलत का निर्धारण करती है। इसमें [[जॉन रावल्स]] और [[रॉबर्ट नोज़िक्क]] दोनों का उल्लेखनीय योगदान हैं। == व्यवसायिक नैतिकता में सैद्धांतिक मुद्दे == === परस्पर विरोधी हित === व्यावसायिक नैतिकता की जांच विभिन्न परिप्रेक्ष्य में की जा सकती है जिसमें कर्मचारी के परिप्रेक्ष्य, व्यावसायिक उद्यम और पूरे समाज को भी शामिल किया जा सकता है। अक्सर ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है जिसमें एक या उससे अधिक पार्टियां में हितपोषण को लेकर संघर्ष होता है और एक के कारण दूसरे की क्षति होती है। उदाहरण के लिए, एक विशेष परिणाम कर्मचारी के लिए अच्छा हो सकता है जबकि वह कंपनी व समाज अथवा दोनों के लिए बुरा हो.कुछ नैतिकताएं (जैसे, [[हेनरी सिद्गविच्क]]) नैतिकता के क्षेत्र में मुख्य भूमिका का निर्वाह करती हुई परस्पर विरोधी हितों के बीच सामंजस्य स्थापित कर उनका समाधान प्रस्तुत करती हैं। === नैतिक मुद्दे और दृष्टिकोण === दार्शनिक और अन्य लोग समाज में व्यापारिक नैतिकता के उद्देश्यों से सहमत नहीं हैं। उदाहरण के लिए, कुछ लोगों का सुझाव है कि व्यवसाय का प्रमुख उद्देश्य अपने मालिकों अथवा सार्वजनिक व्यापार कंपनी में अपने शेयरधारकों को अधिकतम लाभ देना होता है। इस प्रकार, इस नजरिये के तहत केवल उन गतिविधियों में वृद्धि की जानी चाहिए जो लाभप्रदता और शेयरधारकों के मूल्य को प्रोत्साहित करे क्योंकि कोई भी अन्य कार्य लाभ पर कर की तरह होगा.कुछ का मानना है कि केवल उन्हीं कंपनियों में एक प्रतिस्पर्धी बाजार में टिके रहने की संभावना है, जो सबसे बढ़कर लाभ में वृद्धि को सर्वोपरि मानती हैं। हालांकि कुछ का कहना है कि व्यवसाय में कानून को मानने और बुनियादी नैतिक नियमों का पालन करने में स्वयं की रुचि होनी चाहिए क्योंकि ऐसा नहीं करने पर जुर्माना भरने, प्रतिष्ठा में कमी आने और कंपनी की साख घटने जैसे दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं। प्रख्यात अर्थशास्त्री [[मिल्टन फ्रीडमैन]] इस दृष्टिकोण के एक प्रमुख समर्थक थे। कुछ का रुख यह है कि संगठनों में नैतिक एजेंसी बनने की काबिलियत नहीं होती.उनके अनुसार व्यक्ति के आचरण में नैतिकता होनी चाहिए ना कि व्यवसाय या कंपनी में. अन्य सिद्धांतकारों का तर्क है कि एक व्यवसाय का नैतिक कर्तव्य है कि वह अपने मालिक या स्टाकहोल्डर्स के हितों की सेवा तक ही अपने को सीमित न रखे और वह सिर्फ कानून का पालन ही न करे.उनका मानना है कि एक व्यवसाय की नैतिक जिम्मेदारियां अपने तथाकथित [[हितधारक (कंपनी)|हितधारकों]], व्यवसाय के संचालन में दिलचस्पी रखने वाले व्यक्तियों, इसमें कर्मचारियों को भी शामिल किया जा सकता है, ग्राहकों, विक्रेताओं, स्थानीय समुदाय या पूरे समाज के प्रति होती है। हितधारकों को भी प्राथमिक और माध्यमिक हितधारकों में बांटा जा सकता है। प्राथमिक हितधारक वह लोग हैं, जो सीधे स्टाकहोल्डर्स को प्रभावित करते हैं जबकि, माध्यमिक हितधारक वह लोग हैं, जो सीधे प्रभावित नहीं होते, जैसे सरकार.उनका कहना है कि हितधारकों के पास व्यवसाय संचालन के संबंध में कुछ अधिकार होते हैं वहीं कुछ और का मानना है कि उनके पास शासन का भी अधिकार है। कुछ सिद्धांतकारों ने [[सामाजिक अनुबंध]] सिद्धांत को व्यापार के लिए भी अपनाया है, जिसके तहत कंपनियां अर्ध लोकतांत्रिक संगठन हो जाती हैं और कर्मचारी और अन्य हितधारक कंपनी के संचालन में अपना योगदान देते हैं।[[राजनीतिक दर्शन]] में अनुबंध के सिद्धांत का पुनरुद्धार अपने रुख के कारण आगे चलकर विशेष तौर पर लोकप्रिय हुआ, उसमें एक बड़ा योगदान [[जॉन रावेल्स]] की '''ए थ्योरी औफ जस्टिस'' ' का रहा और व्यावसायिक समस्याओं को सुलझाने में अंतरात्मा पर आधारित दृष्टिकोण के आगमन के कारण एक "[[गुणवत्ता (व्यापार)|गुणवत्ता]] आंदोलन" 1980 के दशक में उभरा. प्रोफेसर [[थॉमस डोनाल्डसन]] और [[थॉमस डंफी]] ने व्यवसाय के लिए अनुबंध के सिद्धांत का एक संस्करण प्रस्ताव दिया, जिसे उन्होंने एकीकृत सामाजिक संविदा सिद्धांत नाम दिया. उन्होंने प्रतिपादित है किया कि परस्पर विरोधी हितों को सुलझाने का सबसे अच्छा तरीका दोनों पक्षों के बीच एक निष्पक्ष समझौता है, जिसमें इन बातों का समन्वय होना चाहिए i) सामान्य सिद्धांत, जिसके व्यापक सिद्धांत होने पर सभी बौद्धिक व्यक्ति सहमत हों और ii) सामान्य सिद्धांतों को वास्तविक समझौतों द्वारा इच्छुक पार्टियों के बीच सूत्रबद्ध करना.आलोचकों का कहना है कि अनुबंध सिद्धांतों के समर्थक एक केंद्रीय मुद्दे को भूल जाते हैं, वह यह कि एक व्यवसाय किसी की संपत्ति है, कोई एक छोटा राज्य या सामाजिक न्याय वितरण का केन्द्र नहीं. नैतिक मुद्दे तब खड़े होते हैं जब कंपनियां कानूनी या सांस्कृतिक मामलों में परस्पर विरोधी मानक अपनाती हैं, जैसा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां विभिन्न देशों में अलग-अलग तरीकों से काम करती हैं। उदाहरण के लिए यह सवाल उठता है कि एक कंपनी को अपने देश के कानूनों का पालन करना चाहिए या उस विकासशील देश के कानून का, जहां वह काम करती है तथा जहां उसे कम कड़े कानूनों का पालन करना होगा? स्पष्ट करने के लिए यह उदाहरण लें कि संयुक्त राज्य अमरीका का कानून रिश्वत देने के मामले में कंपनियों को वर्जित कर देता है चाहे वह देश की कंपनी हो या विदेशी लेकिन दुनिया के अन्य भागों में रिश्वत व्यापार करने का स्वीकार्य परंपरागत रास्ता है। इसी प्रकार की समस्याएं बाल श्रमिकों, कर्मचारी की सुरक्षा, काम के घंटे, मजदूरी, भेदभाव और [[पर्यावरण संरक्षण]] कानून के पालन को लेकर पैदा होती हैं। कभी-कभी यह दावा किया जाता है कि नैतिकता सम्बंधी [[ग्रेशम का कानून]] लागू तो होता है मगर अच्छे नैतिक आचार को बुरा नैतिक आचार प्रचलन से बाहर कर देता है। यह दावा किया जाता है कि एक प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल में लोग उन्हीं कंपनियों को जीवित समझते हैं जिनकी भूमिका अधिकतम लाभ अर्जित करने की रहती है। == क्षेत्र में व्यावसायिक नैतिकता == === कॉरर्पोरेट नैतिकता की नीतियां === अधिक [[व्यापक अनुपालन और नैतिकता कार्यक्रम]] के रूप में कई कंपनियों ने आंतरिक मामलों में कर्मचारियों के नैतिक आचरण से संबंधित नीतियां तैयार की हैं। यह नीतियों बोर्ड में सामान्य सम्बोधन के रूप में हो सकती हैं जिन्हें अत्यंत सामान्यीकृत भाषा में प्रस्तुत किया जाता है (आमतौर पर इसे व्यावसायिक नैतिकता का बयान कहा जाता है), अथवा यह विस्तृत नीतियां भी हो सकती हैं, जो विशेष व्यावाहरिक आवश्यकताओं हो (आमतौर पर कॉर्पोरेट नैतिकता कोड कहा जाता है). वे आमतौर पर श्रमिकों की कंपनी की उम्मीदों को पहचानने के लिए और व्यापार करने में पेश आ रही कुछ अथवा अधिक नैतिक समस्याओं को हल करने में मार्गदर्शन देने के लिए होती हैं। आशा की जाती है कि ऐसी नीति के कारण व्यापक नैतिक जागरुकता पैदा होगी, उनके उपयोग में स्थिरता आयेगी और नैतिक आपदाओं से दूर रहने में मदद मिलेगी. कंपनियों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ कर्मचारियों की भी आवश्यकता है जो कारोबार संचालन से सम्बंधित सेमिनार में हिस्सा लें, जिसमें अक्सर कंपनी की नीतियों, विशेष मामले का अध्ययन और कानूनी आवश्यकताओं की चर्चा होती है। कुछ कंपनियां यहां तक चाहती हैं कि उनके कर्मचारी इस बात के करार पर हस्ताक्षर करें कि वे कंपनी के आचार सम्बंधी नियमों का पालन करेंगे. कई कंपनियां पर्यावरणीय कारकों का आकलन करती हैं जो कर्मचारियों को अनैतिक आचरण में संलग्न कर सकते हैं। एक प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल अनैतिक आचरण के लिए प्रेरित कर सकता है। झूठ बोलने की उम्मीद व्यापार जैसे क्षेत्र में की जा सकती है। इसका एक उदाहरण सलोमन ब्रदर्स के आसपास के अनैतिक कार्यों का हो सकता है। हर कोई कंपनी की नीतियों का समर्थन करता है, जिससे नैतिक आचरण संचालित होता है। कुछ का दावा है कि नैतिक समस्याओं का बेहतर आधार कर्मचारियों को अपने फैसले का उपयोग करने देना हो सकता है। अन्य लोगों का विश्वास है कि कॉरर्पोरेट नैतिकता की नीतियां मुख्य रूप से उपयोगी चिंताओं में निहित हैं और वे मुख्य रूप से कंपनी के कानूनी दायित्व हैं या एक भला कॉरर्पोरेट नागरिक बनकर उसका दिखावा कर सार्वजनिक समर्थन पाया जा सकता है। आदर्श रूप में कंपनी एक मुकदमे से बचना चाहेगी क्योंकि उसके कर्मचारी नियमों का पालन करेंगे. यदि कोई मुकदमा हो जाये तो कंपनी दावा कर सकती है कि यह समस्या पैदा ही नहीं होती अगर कर्मचारी ठीक से केवल कोड भी का पालन करते. कभी-कभी कंपनी की नैतिकता के कोड का सम्बंध कंपनी की वास्तविक प्रथाओं से टूट जाता है। इस प्रकार, इस तरह का आचरण प्रबंधन द्वारा स्पष्ट तौर पर अपनाया जाता है, जिसका बुरा नतीज़ा यह निकलता है कि इससे धोखा देने वाली नीतियां बनती हैं, जबकि यह एक सबसे अच्छा विपणन उपकरण है। ज्यादातर नीतिकार सफल होने के लिए एक आचार नीति का सुझाव देते हैं, जो इस प्रकार हो: * शीर्ष प्रबंधन को मौखिक और उदाहरण के जरिये स्पष्ट समर्थन देना. * मौखिक और लिखित रूप में दृढ़ता के साथ आवधिक सुदृढीकरण स्पष्ट करना. * कार्यान्वित होने योग्य.... कुछ कर्मचारियों को समझना और उन्हें कार्य प्रदर्शित करने देना. * अनुपानल और सुधार के लिए शीर्ष प्रबंधन की नियमित निगरानी में रहना. * अवज्ञा के मामले में स्पष्ट रूप से परिणाम बताकर समर्थन करना. * पक्षपातरहित और अविद्यमान रहना. === आचार अधिकारी === आचार अधिकारियों (कभी-कभी "अनुपालन" या "व्यावसायिक संचालन अधिकारी" भी कहा जाता) की संगठनों द्वारा औपचारिक रूप से नियुक्ति 1980 के दशक के मध्य में की गयी। इस नयी भूमिका एक उत्प्रेरक वह धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और दुरुपयोग से जुड़े घोटालों की एक शृंखला है जिससे तत्कालीन समय में अमरीका का रक्षा उद्योग पीड़ित था। इसके कारण रक्षा उद्योग पहल (DII) का गठन हुआ, जो सभी उद्योगों में नैतिक व्यवसाय प्रथाओं को बढ़ावा देने और उन्हें सुनिश्चित करने की पहल थी।DII ने आरम्भ में कंपनियों के लिए नैतिकता प्रबंधन के मानक तय किये.1991 में [https://web.archive.org/web/20120224072344/http://www.theecoa.org/ नीतिशास्त्र एवं अनुपालन अधिकारी एसोसिएशन] (ECOA) - मूलतः नीतिशास्त्र अधिकारी संघ (EOA) -की स्थापना [https://web.archive.org/web/20100412141627/http://www.bentley.edu/cbe/ व्यवसाय नीतिशास्त्र केन्द्र] (बेंटले कॉलेज, वाल्थम, MA) में प्रबंधन के लिए जिम्मेदार लोगों के लिए एक पेशेवर संगठन के रूप में स्थापित किया गया था ताकि वे नैतिक सर्वोत्तम प्रथाओं को जान सकें.सदस्यता तेजी से बढ़ी (अब ECOA के 1,100 से अधिक सदस्य हैं) और उसे जल्द ही एक स्वतंत्र संगठन के रूप में स्थापित किया गया। कंपनियों के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण कार्य नैतिकता/अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति करने का फैसला था, जिसके लिए संगठनों के लिए संघीय दंड दिशानिर्देश 1991 की मंजूरी आवश्यक थी, जो उस प्रतिष्ठान के लिए मानक तय करता था (बड़ा या लघु, वाणिज्यिक अथवा गैर-वाणिज्यिक) तथा जिसके पास संघीय अपराध का दोषी पाये जाने पर सजा में छूट के लिए आवेदन करना पड़ता था। हालांकि सजा देने में न्यायाधीशों की सहायता करने और अपने प्रभाव से सर्वोत्तम प्रथाओं की स्थापना करने में मदद करने के महत्त्वपूर्ण नतीजे पानेवाला रहा. 2001-04 के बीच कई कंपनियों के घोटालों के मद्देनज़र (एनरॉन, वर्ल्डकॉम और टीको जैसी बड़ी कपंनियों को प्रभावित किया), यहां तक कि छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों ने नैतिकता अधिकारियों की नियुक्ति शुरू कर दी.वे अक्सर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को रिपोर्ट करते हैं और कंपनी की गतिविधियों के नैतिक प्रभाव का आकलन करने के लिए जिम्मेदार हैं, वे कंपनी की नैतिक नीतियों के बारे में अनुशंसा करते हैं और कर्मचारियों को उसकी सूचना प्रदान करते हैं। वे विशेष रूप से अनैतिक और अवैध कार्य को उजागर करने या उन कार्यों को रोकने में रुचि रखते हैं। इस प्रवृत्ति आंशिक रूप से संयुक्त राज्य अमरीका के [[सर्बनेस-ओक्स्ले अधिनियम|सर्बनेस-ओक्सले अधिनियम]] के कारण है, जो इन घोटालों की प्रतिक्रिया में लागू किया गया। इसी प्रकार इस प्रवृत्ति से जुडे़ एक और मामले में जोखिम मूल्यांकन अधिकारियों की नियुक्ति की शुरूआत की गयी, जो इस बात की निगरानी करता है कि कैसे शेयरधारक का निवेश कंपनी के फैसले से प्रभावित हो सकता है। बाजार में नैतिक अधिकारियों का प्रभाव स्पष्ट नहीं है। यदि नियुक्ति मुख्य रूप से कानूनी आवश्यकताओं की एक प्रतिक्रिया के रूप में की जाती है तो यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि उसका प्रभाव न्यूनतम होगा, कम से कम, अल्पावधि के लिए. संक्षेप में नैतिक व्यवसाय के व्यवहार का नतीजा एक कॉर्पोरेट संस्कृति में लगातार नैतिक व्यवहार के महत्व, एक संस्कृति और वातावरण से निकलता है, जो आम तौर पर प्रतिष्ठान में ऊपर से उत्पन्न होता है। केवल नैतिकता की स्थिति की निगरानी की स्थापना नैतिक व्यवहार के लिए प्रेरित करने लिए अपर्याप्त है, उसके लिए प्रमुख प्रबंधन से लगातार समर्थन प्राप्त प्रणालीगत कार्यक्रम आवश्यक है। नैतिक आचरण की स्थापना एक कॉर्पोरेट संस्कृति और किसी निश्चित कंपनी के परे भी संभव है, जो किसी व्यक्ति के आरंभिक नैतिक प्रशिक्षण पर बहुत निर्भर करता है, अन्य संस्थाएं जो किसी व्यक्ति को प्रभावित करती हैं, वह है जिस कंपनी में वह काम करता है उसका प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल और वास्तव में पूरा समाज. == व्यावसायिक नैतिकता पर धार्मिक विचार == {{main|Religious views on business ethics}} व्यावसायिक नैतिकता पर ऐतिहासिक और वैश्विक महत्व के धार्मिक विचार कभी-कभी व्यावसायिक नैतिकता को कम करके आंकते हैं। विशेष रूप से एशिया और मध्य पूर्व में धार्मिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य ने व्यवसाय के आचरण पर एक मजबूत प्रभाव छोड़ा है और व्यापार मूल्यों का सृजन किया है। उदाहरणों में शामिल हैं: * [[इस्लामी बैंकिंग]], ऋणों पर ब्याज वर्जित करने के साथ जुड़े. * पारंपरिक लोकलाज के कारण लाभ के मकसद की अस्वीकृति.<ref>{{Cite web |url=http://www.stthom.edu/academics/centers/cbes/jonachan.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=16 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060427023145/http://www.stthom.edu/academics/centers/cbes/jonachan.html |archive-date=27 अप्रैल 2006 |url-status=dead }}</ref> * [[पंचायत#शपथ-और-निष्पक्ष-निपटारा|निष्पक्ष व्यवहार]] के लिए [[पंचों]] की गवाही. == संबंधित विषय == [[व्यवसाय|व्यावसायिक]] नैतिकता को [[व्यवसाय के दर्शन]] से प्रतिष्ठित किया जाना चाहिए, यह [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] की वह शाखा है, जिसका सम्बंध व्यवसाय और [[अर्थशास्त्र]] के दार्शनिक, राजनैतिक और [[नैतिक]] आधार से है। व्यावसायिक नैतिकता आधार पर संचालित होती है, उदाहरण के लिए, एक निजी व्यवसाय में नैतिक संचालन संभव है-जिन लोगों का आधार पर विवाद है, जैसे [[मुक्तिवादी समाजवादी]], (जिनका तर्क है कि "व्यापार नैतिकता" [[विरोधाभास]] है) उन्होंने व्यावसायिक नैतिकता की उपयुक्त विचार-सीमा के बाहर जाकर उसकी परिभाषा दी है। कारोबार का दर्शन भी सवालों से जुड़ा होता हैं जैसे व्यवसाय की [[सामाजिक जिम्मेदारियां]] क्या-क्या होती हैं, [[व्यवसाय प्रबंधन]] [[सिद्धांत (थिअरी)|सिद्धांत]], [[व्यक्तिवाद]] के सिद्धांत बनाम [[समष्टिवाद]]; [[बाज़ार|बाजार]] में प्रतिभागियों के बीच [[मुक्त इच्छा]] शक्ति, [[स्व-हित]] की भूमिका; [[अदृश्य हाथ]] सिद्धांत, [[सामाजिक न्याय]] की आवश्यकताओं और [[प्राकृतिक और विधिक अधिकार|प्राकृतिक अधिकार]] है, खासकर व्यापार उद्यम के संबंध में [[संपदा अधिकार]]. व्यावसायिक नैतिकता भी [[राजनीतिक अर्थव्यवस्था|'''राजनीतिक अर्थव्यवस्था''']] से संबंधित है, जो राजनीतिक और [[आर्थिक इतिहास|ऐतिहासिक]] दृष्टिकोण से [[अर्थशास्त्र|आर्थिक विश्लेषण]] है। राजनीतिक अर्थव्यवस्था का सम्बंध आर्थिक कार्यों के वितरण परिणाम से है। वह यह पूछता है कि [[आर्थिक गतिविधि]] से कौन फायदे में है और किसकी हानि हुई है, [[धन का वितरण|वितरण]] का परिणाम ही उचित है या नहीं, यह केन्द्रीय नैतिक मुद्दा है। == इन्हें भी देखें == {{multicol}} * [[घूस|रिश्वत]] * [[व्यापार संस्कृति]] * [[व्यापार कानून]] * [[कॉर्पोरेट व्यवहार|कार्पोरेट व्यवहार]] * [[कॉर्पोरेट अपराध|कार्पोरेट अपराध]] * [[कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी|कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी]] * [[राजनीतिक भ्रष्टाचार|भ्रष्टाचार]] * [[नैतिकतावाद]] * [[आचार नीति]] {{multicol-break}} * [[ठेके में नैतिक निहितार्थ]] * [[नैतिक उपभोक्तावाद]] * [[नैतिक संहिता]] * [[नैतिक कार्य]] * [[प्रत्ययी]] * [[जर्नल ऑफ बिजनेस एथिक्स]] * [[प्रबन्धन|प्रबंधन]] * [[आशावाद पूर्वाग्रह]] * [[राजनीतिक अर्थव्यवस्था]] * [[सामरिक गलत बयानी]] * [[सामरिक योजना]] {{multicol-end}} == सन्दर्भ == {{reflist}} == आगे पढ़ें == * {{cite book|title=The Gods of Business: The Intersection of Faith and the Marketplace|url=https://archive.org/details/godsofbusinessin0000albe|author= Albertson, Todd.|location=[[Los Angeles, CA]]|publisher=Trinity Alumni Press|year=2007}} * {{cite book|title=Essays on Ethics in Business and the Professions|author= Behrman, Jack N.|location=[[Englewood Cliffs, New Jersey|Englewood Cliffs, NJ]]|publisher=[[Prentice Hall]]|year=1988}} * {{cite book|title=Business Ethics, A Kantian Perspective|url=https://archive.org/details/businessethicska0000bowi|author=[[Norman E. Bowie|Bowie, Norman E.]]|publisher=[[Blackwell Publishing]]|year=1999}} * {{cite book | first=Richard T. de | last=George | year=1999 | title=Business Ethics | publisher=[[Prentice Hall]] | isbn=0-13-079772-3 | url-access=registration | url=https://archive.org/details/bolsheviktraditi00mcne }} * {{cite book|title=Perspectives in Business Ethics|author= Hartman, Laura|location=[[Burr Ridge, Illinois|Burr Ridge, IL]]|publisher=[[McGraw-Hill]]|year=2004}} * {{cite book|title=Business as Ethical and Business as Usual|author= Harwood, Sterling|location=[[Belmont, California|Belmont, CA]]|publisher=[[The Thomson Corporation]]|year=1996}} * {{cite book|title=Building Reputational Capital|author= Jackson, Kevin|location=[[New York, NY]]|publisher=[[ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस]]|year=2004}} * {{cite book | first=Frank | last=Knight | year=1980 | title=The Ethics of Competition and Other Essays | publisher=[[University of Chicago Press]]| isbn=0-226-44687-5 }} * {{cite book|title=Companies With A Conscience|author= Rothman, Howard; Scott, Mary|location=[[Denver, Colorado|Denver, CO]]|publisher=MyersTempleton|year=2004}} * {{cite book|title=The Right Thing: Conscience, Profit and Personal Responsibility in Today's Business|url=https://archive.org/details/rightthing00jeff|author=[[Jeffrey L. Seglin|Seglin, Jeffrey L.]]|publisher=Spiro Press|year=2003}} * {{cite book|title=Above the Bottom Line: An Introduction to Business Ethics|url=https://archive.org/details/abovebottomlinei00solo|author=[[Robert C. Solomon|Solomon, Robert C.]]|publisher=[[Harcourt Trade Publishers]]|year=1983}} * {{cite book|title=The excellence of the efficiency of the learning organisation that is the Hellenic features of current economics moral|author=Virághalmy, Lea B.|location=[[Budapest]]|year=2003|url=http://www.digitoll.hu/nyomtat.asp?id=17118}}{{Dead link|date=फ़रवरी 2021 |bot=InternetArchiveBot }} == बाहरी कड़ियाँ == {{Ethics}} [[श्रेणी:गूगल परियोजना]] [[श्रेणी:व्यापारिक नैतिकता|*]] 03m35ie2ndvwl36is0eaejsmbea8f9v एंजेलिना जोली 0 182224 6582909 6543176 2026-07-15T11:37:31Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 5 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582909 wikitext text/x-wiki {{update}} {{ज्ञानसन्दूक अभिनेता | name = एंजेलिना जोली | image = JolieMariaBFILFF181024 (18 of 28) (54081064591) (cropped).jpg | caption = जोली 2024 में | birthname = एंजेलीना जोली वॉइट | birthdate = {{birth date and age|mf=yes|1975|6|4}} | birthplace = [[लॉस एंजिल्स]], [[कैलिफोर्निया]], संयुक्त राज्य | occupation = अभिनेत्री, निर्देशक, मानवतावादी | yearsactive = 1982; 1993–वर्तमान | spouse = [[जॉनी ली मिलर]] <small>(1996–1999)</small><br />{{nowrap|बिली बॉब थोर्नटन <small>(2000–2003)}}</small> | domesticpartner = [[ब्रैड पिट]] <small>(2005–वर्तमान)</small> | height = {{height|ft=5|in=7}} <ref>{{cite web|url=http://www.celebsheight.com/angelina-jolie-weight-height-bra-size-shoe-size-body-measurements-waist-hips/|title=Angelina Jolie Weight, Height, Bra Size, Shoe Size, Body, Measurements, Waist, Hips|publisher=Celebrities Measurement|date= |accessdate=2015-11-12}}</ref> }} '''एंजेलीना जोली''' ({{lang-en|Angelina Jolie}}) (जन्म '''एंजेलीना जोली वॉइट'''; जून 4, 1975) एक अमेरिकी [[अभिनेत्री]] और [[शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त|संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी]] के लिए [[सद्भावना राजदूत]] हैं। इन्होंने तीन [[गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]], दो [[स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड्स]] और एक [[अकादमी पुरस्कार]] प्राप्त किए हैं। जोली दुनिया भर में मानवीय मामलों को बढ़ावा देने और शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के माध्यम से शरणार्थियों के साथ अपने काम के लिए विख्यात हैं। वे दुनिया की "सबसे सुंदर" महिलाओं में से एक मानी जाती हैं और उनकी परदे के पीछे की ज़िंदगी को मीडिया ने व्यापक रूप से उद्धृत किया गया है।<ref name="Most Beautiful"/> हालांकि वे अपने पिता [[जॉन वोइट]] के साथ 1982 की फ़िल्म ''[[लूकिंग टु गेट आउट]]'' में बतौर बाल कलाकार परदे पर पहली बार नज़र आईं, तथापि वास्तविक रूप से एक दशक बाद जोली का अभिनय कैरियर कम बजट के निर्माण ''[[साइबोर्ग 2]]'' (1993) के साथ शुरू हुआ। किसी बड़ी फ़िल्म में उनकी पहली मुख्य भूमिका साइबर-थ्रिलर ''[[हैकर (फ़िल्म)]]'' (1995) में थी। उन्होंने समीक्षकों की प्रशंसा पाने वाली जीवनीक टेलीविजन फिल्मों ''[[जॉर्ज वालेस]]'' (1997) और ''[[जिया]]'' (1998) में अभिनय किया और ड्रामा ''[[गर्ल, इंटरप्टेड]]'' (1999) में अपने अभिनय के लिए [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार]] जीता। जोली ने ''लारा क्राफ्ट: टूम्ब रैडर'' (2001) में अपनी वीडियो गेम नायिका लारा क्राफ्ट की भूमिका के लिए व्यापक प्रसिद्धि प्राप्त की और इसकी उत्तरकथा ''लारा क्राफ्ट टूम्ब रैडर: द क्रेडल आँफ लाइफ'' (2003) के साथ ख़ुद को प्रख्यात और अत्यधिक पारिश्रमिक पाने वाली हॉलीवुड की अभिनेत्रियों के बीच स्थापित किया।<ref>ग्रेबिकी, मिशेल. [http://www.reuters.com/article/peopleNews/idUSN3030609020071130 Witherspoon is Hollywood's highest-paid actress.] रॉयटर्स 30 नवम्बर 2007 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> इन्होने एक्शन कॉमेडी ''[[मिस्टर एंड मिसेज़ स्मित]]'' (2005) और ''[[वांटेड (2008 फ़िल्म)|वांटेड]]'' (2008) में निभाई गई भूमिकाओं से अपनी एक अग्रणी एक्शन स्टार के रूप में प्रतिष्ठा प्रबलित की है, ये दो इनकी अबतक कि सर्वाधिक गैर एनिमेटेड व्यावसायिक रूप से सफल फिल्में भी हैं। जोली ने पुनः ड्रामा फ़िल्मों ''अ माइटी हार्ट'' (2007) और ''[[चेंजलिंग]]'' (2008) में अपने अभिनय के लिए आलोचकों की प्रशंसा और ''चेंजलिंग'' के लिए [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार]] का नामांकन अर्जित किया।<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results">[http://www.boxofficemojo.com/people/chart/?view=Actor&amp;id=angelinajolie.htm Angelina Jolie Movie Box Office Results]. बॉक्स ऑफिस मोजो. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> अभिनेता [[जॉनी ली मिलर]] और बिली बॉब थोर्नटन से तलाकशुदा, जोली इस समय अभिनेता [[ब्रैड पिट]] के साथ रहती हैं, इस रिश्ते ने विश्व भर में मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है। जोली और पिट ने तीन बच्चों को गोद लिया है, मैडॉक्स, पैक्स और ज़हारा, साथ ही, उनके तीन जैविक बच्चे हैं, शीलोह, नॉक्स और विवियन। == प्रारंभिक जीवन और परिवार == [[लॉस एंजिल्स]], [[कैलिफ़ोर्निया]] में जन्मी जोली, कलाकार जोड़ी [[जॉन वोइट]] और [[मार्शलीन बर्ट्रेंड]] की बेटी हैं। वह [[चिप टेलर]] की भतीजी, [[जेम्स हैवन]] की बहन और [[जैक्विलीन बिसेट]] और [[मैक्सीमिलियन शेल]] की धर्म-बेटी हैं। पिता की ओर से, जोली [[स्लोवाक]] और [[जर्मन]] मूल की हैं,<ref>[https://web.archive.org/web/20100217233404/http://www.accessmylibrary.com/coms2/summary_0286-15078417_ITM Will the real Jon Voight please stand up?.] ''साक्षात्कार.'' 1 मई 2006 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref><ref>जोसेफ़ कैंप. ''[[न्यूयॉर्क टाइम्स.]]'' 20 जून 1944. पृ. 19.</ref> और माता की ओर से [[फ़्रेंच कनाडाई]], [[डच]] और जर्मन वंश की हैं। यह अपनी माता की ओर से अंशतः इरोक्योई होने का दावा भी कर चुकी हैं।<ref>नेविन, चार्ल्स. [http://www.findarticles.com/p/articles/mi_qn4158/is_20050718/ai_n14783035 The glamour of Swindon: Billie Piper, Melinda.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081218045213/http://findarticles.com/p/articles/mi_qn4158/is_20050718/ai_n14783035 |date=18 दिसंबर 2008 }} ''द इंडिपेंडेंट.'' 18 जुलाई 2005 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref><ref name="Wild at heart">Wild at heart. ''एल्यूर.'' नवंबर 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> हालांकि, वाइट ने दावा किया है कि बर्ट्रेंड "वास्तविक तौर पर इरोक्योई नहीं" थीं और उन्होंने केवल अपनी पूर्व पत्नी की विदेशी पृष्ठभूमि को बढ़ाने के लिए कहा था।<ref>[http://www.telegraph.co.uk/health/main.jhtml?xml=/health/2001/10/02/fmjoli02.xml Telegraph interview with Jon Voight.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080605074113/http://www.telegraph.co.uk/health/main.jhtml?xml=%2Fhealth%2F2001%2F10%2F02%2Ffmjoli02.xml |date=5 जून 2008 }} ''टेलीग्राफ़.'' 2 अक्टूबर 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 1976 में अपने माता-पिता के अलगाव के बाद, जोली और उसके भाई को उनकी मां ने ही पाला, जिसने अपनी अभिनय महत्वाकांक्षाओं को अपने बच्चों की परवरिश पर ध्यान केंद्रित करने के लिए त्याग दिया।<ref name="Angelina Jolie: Body Beautiful">Van Meter, Jonathan. [https://web.archive.org/web/20071209202602/http://www.style.com/vogue/feature/032602/page2.html Angelina Jolie: Body Beautiful]. ''वोग.'' अप्रैल 2002. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> बचपन में जोली नियमित रूप से अपनी मां के साथ फ़िल्में देखती थी और बाद में इन्होने स्पष्ट किया कि इसकी वजह से ही अभिनय में उनकी दिलचस्पी बढ़ी; उनके पिता ने उन्हें प्रभावित नहीं किया था।<ref name="Angelina Jolie Biography">विल्स, डोमिनिक. [http://www.tiscali.co.uk/entertainment/film/biographies/angelina_jolie_biog.html Angelina Jolie Biography.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090228194045/http://www.tiscali.co.uk/entertainment/film/biographies/angelina_jolie_biog.html |date=28 फ़रवरी 2009 }} टिस्कली.co.uk. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जब वे छह साल की थी तब इनकी माता व सौतेला पिता, फिल्मकार बिल डे, अपने परिवार के साथ पैलिसेड्स, [[न्यूयॉर्क]] चले गये थे। पांच साल बाद परिवार लॉस एंजिल्स वापस चला गया और जोली ने अभिनय का फ़ैसला किया और [[ली स्ट्रेसबर्ग थिएटर एन्ड फ़िल्म इंस्टीट्यूट]] में दाखिला लिया, जहां उन्होंने दो साल के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया और अनेक मंच प्रस्तुतियों में भाग लिया। 14 की उम्र में, उन्होंने अभिनय कक्षाओं को छोड़ दिया और अंतिम-संस्कार निर्देशक बनने का सपना देखा।<ref>हीथ, क्रिस. [http://www.rollingstone.com/news/story/5938014/blood_sugar_sex_magic Blood, Sugar, Sex, Magic.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090423015714/http://www.rollingstone.com/news/story/5938014/blood_sugar_sex_magic |date=23 अप्रैल 2009 }} ''रोलिंग स्टोन.'' जुलाई 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> इन्होने फैशन मॉडल के रूप में काम करना शुरू कर दिया, मुख्य रूप से लॉस एंजिल्स, न्यूयॉर्क और लंदन में। इस अवधि के दौरान, वे काले कपड़े पहनने लगीं, चाकू खेलने के साथ प्रयोग करें और अपने साथ रहने वाले बॉयफ़्रेंड के साथ मोशिंग के लिए बाहर जाने लगी।<ref name="Angelina Jolie Biography"/> दो साल बाद, जब यह रिश्ता ख़त्म हो गया, उन्होंने अपनी मां के घर से कुछ भवन-खंडों बाद, किराए पर एक गैरेज के ऊपर का अपार्टमेंट लिया।<ref name="Angelina Jolie: Body Beautiful"/> वह रंगमंच अध्ययन के लिए लौटीं और हाई स्कूल की उपाधि हासिल की, हालांकि हाल के समय में उस अवधि के बारे में उन्होंने कहा कि, "मैं दिल में अब भी—और हमेशा ही—टैटू वाली बदमाश बच्ची रहूंगी।"<ref>स्ट्रेजेक, जिंजर. [http://www.seasonmagazine.com/Profiles/angelinaj.htm Attracting the Eyes of the World.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110716030044/http://www.seasonmagazine.com/Profiles/angelinaj.htm |date=16 जुलाई 2011 }} ''सीज़न मैगज़ीन.'' 2005 ग्रीष्मकाल. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली को अपनी किशोर और शुरुआती बिसवां दशा के दौरान आत्मघाती अवसाद के प्रकरणों का सामना करना पड़ा। अपने [[बेवर्ली हिल्स हाई स्कूल]] के विद्यार्थी काल के दौरान क्षेत्र के कुछ संपन्न परिवारों के बच्चों के बीच जोली को एकाकीपन महसूस होता था, चूंकि इनकी मां एक मामूली आय पर जीवन-निर्वाह करती थीं, इन्हें अन्य छात्र बहुत पतली होने और चश्मा तथा ब्रेसस पहनने के लिए छेड़ते थे।<ref name="Angelina Jolie Biography"/> इन्हें अन्य लोगों के साथ भावनात्मक रूप से जुडनें में मुश्किल होती थी, जिसका परिणाम यह हुआ कि इन्होने अपने को आत्म हानि पहुंचानी शुरु कर दी; जिस पर बाद की टिप्पणी में कहा, "मैं चाकू इकट्ठा करती थी और हमेशा ही अपने आस-पास कुछ चीज़ें रखती थीं। किसी कारणवश, ख़ुद को काटना और दर्द महसूस करना, शायद ज़िंदा महसूस करना था, जिससे एक तरह की शांति मिलती और यह मेरे लिए काफ़ी उपचारात्मक था।"<ref>Paula Zahn Now. CNN.com. 9 जून 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> इन्होने ड्रग्स के साथ भी प्रयोग शुरू किया था; 20 वर्ष की उम्र तक, हेरोइन सहित इन्होने "लगभग हर संभव नशीली दवा" का परीक्षण कर लिया था। [[चित्र:Jon Voight 1988.jpg|right|thumb|upright|जॉन वोइट 1988 ऑस्कर समारोह में, उनके दाहिने कंधे के पीछे जोली देखी जा सकती हैं।]] जोली लंबे समय से अपने पिता से अलग हैं। दोनों ने मेल-मिलाप की कोशिश की और वे जोली के साथ [20] में (2001) नज़र आए। <ref name="Angelina Jolie: Body Beautiful"/> जुलाई 2002 में, जोली ने वाइट उपनाम को छोड़ते हुए, क़ानूनी तौर पर अपना नाम "एंजेलीना जोली" के रूप में बदलने के लिए अनुरोध दायर किया; आधिकारिक तौर पर उनका नाम 12 सितंबर 2002 को बदला गया।<ref name="Angelina Jolie's Name Interrupted">ग्रॉसबर्ग, जोश. [http://de.eonline.com/print/index.jsp?uuid=71ee1ce0-30ab-41c1-b600-eb381d91d427&amp;contentType=newsStory Angelina Jolie's Name Interrupted.] E! ऑनलाइन. 17 सितंबर 2002. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उसी वर्ष अगस्त के दौरान, वाइट ने ''एक्सेस हॉलीवुड'' में दावा किया कि उनकी बेटी "गंभीर मानसिक समस्याओं" से पीड़ित हैं। जोली ने बाद में संकेत दिया कि वह अब अपने पिता के साथ संबंध आगे बढ़ाने की कामना नहीं रखती और कहा, "मैं और मेरे पिता आपस में बात नहीं करते हैं। मुझे उनसे कोई नाराज़गी नहीं है। मैं नहीं मानती कि किसी का परिवार उनका ख़ून बन जाता है। क्योंकि मैंने बेटे गोद लिए हैं और परिवारों को अर्जित किया है।" उसने कहा कि वह पिता के साथ अपने मनमुटाव के कारणों को प्रचारित नहीं करना चाहती, पर चूंकि उसने अपने बेटे को गोद लिया था, इसीलिए उसे नहीं लगता था कि वाइट के साथ ख़ुद को जोड़ना उसके लिए स्वास्थ्यकर था।<ref>श्रुअर्स, फ्रेड. [http://www.premiere.com/features/1894/angelina-jolie.html?print_page=y Angelina Jolie.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080604233523/http://www.premiere.com/features/1894/angelina-jolie.html?print_page=y |date=4 जून 2008 }} ''प्रीमियर मैगज़ीन.'' अक्टूबर 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> == प्रारंभिक कार्य, 1993-1997 == जोली जब 14 साल की थीं, तब से बतौर एक फैशन मॉडल काम करना शुरू किया, मुख्य रूप से लॉस एंजिल्स, न्यूयॉर्क और लंदन में। उस समय वे कई संगीत वीडियो में भी नज़र आईं, जिनमें शामिल हैं मीट लोफ़ ("रॉक एंड रोल ड्रीम्स कम थ्रू"), एंटोनेलो वेनडिटी ("अल्टा मारिया"), लेनी क्रेविट्ज़ ("स्टैंड बाइ माई वुमन") और द लेमनहेड्स ("इट्स अबाउट टाइम")। 16 की उम्र में, जोली रंगमंच पर लौटीं और जर्मन डॉमिनट्रिक्स के रूप में अपनी पहली भूमिका निभाई। उसने अपने पिता से सीखना शुरू किया, क्योंकि उसने उनके तरीक़े पर ग़ौर किया कि वे लोगों को बारीक़ी से देखते थे, ताकि उन जैसा अभिनय कर सकें। इस समय उनके संबंध कम तनावपूर्ण थे और जोली ने महसूस किया कि दोनों ही "अभिनय के शहंशाह हैं।"<ref name="Angelina Jolie Biography"/> जोली ने USC स्कूल ऑफ़ सिनेमाटिक आर्ट्स में अध्ययन कर रहे अपने भाई की पांच छात्र फ़िल्मों में अभिनय किया, पर व्यावसायिक तौर पर उनके फ़िल्म कैरियर की शुरूआत 1993 में हुई, जब उन्होंने कम बजट की फिल्म ''[[साइबोर्ग 2]]'' में बतौर कैसेला "कैश" रीज़ अपनी पहली प्रमुख भूमिका निभाई, जो अपने प्रतिद्वंद्वी विनिर्माता के मुख्यालय में बहकाते हुए प्रवेश करने और आत्म-विस्फोट के लिए बना एक मानवीय [[रोबोट]] है। बाद में ''विदाउट एविडेंसा'' नामक एक स्वतंत्र फ़िल्म में एक सहायक भूमिका निभाते हुए, जोली ने हॉलीवुड की अपनी पहली फ़िल्म ''[[हैकर]]'' (1995) में केट "एसिड बर्न" लिब्बी के किरदार को निभाया, जहां उन्होंने अपने पहले पति [[जॉनी ली मिलर]] से मुलाकात की। ''न्यूयॉर्क टाइम्स'' ने लिखा, "केट (एंजेलीना जोली) का अभिनय शानदार है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे [अपने सह सितारों] से ज़्यादा तेवर दिखाती हैं और एक दुर्लभ महिला हैकर हैं जो अपने सी-थ्रू टॉप को पहने की-बोर्ड पर स्थिरता से विराजमान ह। अपने उदास रुख़ के बावजूद, जो इस भूमिका की एकमात्र ज़रूरत है, मिस जोली के पास उनके पिता जॉन वोइट का सुंदर और भोला चेहरा है।"<ref>मसलिन, जेनेट. [http://movies2.nytimes.com/mem/movies/review.html?title1=&amp;title2=HACKERS%20%28MOVIE%29&amp;reviewer=Janet%20Maslin&amp;v_id=135760&amp;partner=Rotten%20Tomatoes Hackers - Review. ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151104055820/http://movies2.nytimes.com/mem/movies/review.html?title1=&title2=HACKERS%20%28MOVIE%29&reviewer=Janet%20Maslin&v_id=135760&partner=Rotten%20Tomatoes |date=4 नवंबर 2015 }} ''न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 15 सितंबर 1995. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर लाभ कमाने में नाकाम रही, लेकिन वीडियो जारी होने के बाद उसने एक रीत बनाई।<ref>ब्रैंड्ट, एंड्रयू. [http://archives.cnn.com/2001/TECH/internet/04/05/hacking.hollywood.idg/index.html?related How Hollywood portrays hackers.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20060510124043/http://archives.cnn.com/2001/TECH/internet/04/05/hacking.hollywood.idg/index.html?related |date=10 मई 2006 }} ''पीसी वर्ल्ड.'' 4 मई 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उन्होंने 1996 की कॉमेडी फ़िल्म ''लव इज़ ऑल देयर इज़'' में जीना मालासिसि की भूमिका निभाई, जो कुछ हद तक ''रोमियो और जूलियट'' के आधुनिक रूपांतरण पर आधारित, न्यूयॉर्क के ब्रांक्स में अवस्थित दो प्रतिद्वंद्वी इतालवी रेस्तरां मालिक को लेकर बनी थी। रोड मूवी ''मोजावो मून'' (1996) में वे इलियनोर रिग्बी नामक युवा थीं, जिसे डैनी एइलो के किरदार से प्यार हो जाता है, जबकि वह उसकी मां को चाहता है, जो भूमिका एनी आर्चर ने निभाई। 1996 में, जोली ने मार्गरेट "लेग्स" सदोवस्की का किरदार निभाया, जो उन पांच किशोर लड़कियों में से एक थीं, जो फ़िल्म ''फॉक्सफ़ायर'' में, उन्हें प्रताड़ित करने वाले कामुक शिक्षक को मारने के बाद, एक अप्रत्याशित बंधन में बंध जाते हैं। ''[[लॉस एंजिल्स टाइम्स]]'' ने उनके प्रदर्शन के बारे में लिखा था "यह किरदार बड़े बेतुके ढर्रे पर विकसित है, लेकिन जोली, जॉन वोइट की शानदार बेटी ने, अपनी उपस्थिति से घिसी-पिटी भूमिका को बख़ूबी उभारा. हालांकि कहानी मैडी ने सुनाई है, वस्तुतः लेग्स ही मूल किरदार और उत्प्रेरक है।"<ref>मैथ्यूज, जैक. [http://www.calendarlive.com/movies/reviews/cl-movie961028-38,0,1420921.story Movie Review - Foxfire.] ''द लॉस एंजिल्स टाइम्स.'' 23 अगस्त 1996. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 1997 में, जोली ने लॉस एंजिल्स के अपराध जगत पर आधारित ''प्लेइंग गॉड'' नामक रोमांचक फ़िल्म में, डेविड डचोवनी के साथ अभिनय किया। आलोचकों ने फ़िल्म को सकारात्मक रूप से नहीं लिया और रोजर एबर्ट ने नोट किया कि "एंजेलीना जोली ऐसी भूमिका में नरम दिखती हैं, जो आम तौर पर सख्त और आक्रामक है; वह एक अपराधी की भूमिका में बहुत ही नाज़ुक लगती हैं और संभवतः वे ऐसी ही हैं।"<ref>एबर्ट, रोजर. [http://rogerebert.suntimes.com/apps/pbcs.dll/article?AID=/19971017/REVIEWS/710170306/1023 Reviews: Playing God.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130127164500/http://rogerebert.suntimes.com/apps/pbcs.dll/article?AID=%2F19971017%2FREVIEWS%2F710170306%2F1023 |date=27 जनवरी 2013 }} ''शिकागो सन-टाइम्स.'' 17 अक्टूबर 1997. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उसके बाद वे टेलीविज़न फ़िल्म ''ट्रू वुमेन'' में नज़र आईं, जो जेनिस वुड्स विंडल की पुस्तक पर आधारित, अमेरिकी पश्चिम में अवस्थित एक ऐतिहासिक रोमांटिक ड्रामा है। उस वर्ष वे म्युज़िक वीडियो "एनीबडी सीन माइ बेबी" में भी नज़र आईं, जो रोलिंग स्टोन्स द्वारा तैयार की गई थी। == सफलता, 1997-2000 == 1997 की आत्मकथात्मक फ़िल्म ''[[जॉर्ज वालेस]]'' में कार्नीलिया वालेस के रूप में अभिनय के बाद, जोली के कैरियर की संभावनाओं में सुधार होने लगा, जिसके लिए उन्होंने [[गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]] जीता और [[एम्मी अवार्ड]] के लिए नामित की गईं। गैरी सिनिस ने [[अलबामा]] के राज्यपाल [[जॉर्ज वालेस]] के रूप में अभिनय किया। जॉन फ़्रैंकेनहेमर द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म की आलोचकों ने ख़ूब प्रशंसा की और अन्य पुरस्कारों के अलावा, टी.वी. के लिए निर्मित सर्वोत्कृष्ट लघु-श्रृंखला/मोशन पिक्चर की श्रेणी में गोल्डन ग्लोब हासिल किया। उन्होंने पूर्व अलगाववादी राज्यपाल की दूसरी पत्नी की भूमिका निभाई, जिन्हें 1972 में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के लिए लड़ते समय गोली मारी गई और जो लकवाग्रस्त रहे। 1998 में, जोली ने [[एचबीओ]] की [[जिया]] में सुपर मॉडल जिया कारंगी की भूमिका निभाई। फ़िल्म में सेक्स, ड्रग्स की दुनिया और भावनात्मक नाटक को दिखाया गया और उसमें मादक पदार्थों की लत के कारण कारंगी के जीवन और कैरियर के विनाश और उसके पतन और [[एड्स]] से मौत का चित्रण किया गया था। रील डॉट कॉम से वैनेसा वान्स ने लिखा, "एंजेलीना जोली को जिया नामधारी की भूमिका के लिए व्यापक मान्यता मिली है और ऐसा क्यों है, यह जानना आसान है। जोली अपने अभिनय में ज़बरदस्त हैं - अपने किरदार में हिम्मत, आकर्षण और हताशा को भरने में - और इस फ़िल्म में उनकी भूमिका संभवतः अब तक फ़िल्माया गया सबसे सुंदर ट्रेन मलबा है।<ref>वैन्स, वैनेसा. [http://reel.com/movie.asp?MID=42045&amp;PID=10086013&amp;Tab=reviews&amp;CID=18 Gia (1998).] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151117032705/http://reel.com/movie.asp?MID=42045&PID=10086013&Tab=reviews&CID=18 |date=17 नवंबर 2015 }} Reel.com. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> लगातार दूसरे वर्ष के लिए, जोली ने [[गोल्डेन ग्लोब पुरस्कार]] जीता और एम्मी पुरस्कार के लिए नामित की गईं। उसने अपना पहला [[स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड्स]] भी जीता। ली स्टैसबर्ग के मेथड एक्टिंग के अनुसार, जोली ने कथित रूप से अपनी कई प्रारंभिक फ़िल्मों में दृश्यों के दौरान किरदारों में ही रहना पसंद किया और इसके परिणामस्वरूप नाम कमाया कि उनके साथ काम करना मुश्किल है। ''जिया'' की शूटिंग के दौरान, उन्होंने अपने तत्कालीन पति जॉनी ली मिलर को बताया कि वे उन्हें फ़ोन नहीं कर पाएंगी: "मैं उनसे कहती; मैं अकेली हूँ, मैं मर रही हूँ, मैं समलैंगिक हूँ, मैं तुम्हें हफ़्तों नहीं देखूंगी"।<ref name="Angelina Jolie interviews featuring Jonny Lee Miller">[http://www.jonnyleemiller.co.uk/angelinajolie.html Angelina Jolie interviews featuring Jonny Lee Miller.] JonnyLeeMiller.co.uk. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref><ref name="Angelina Jolie interviews featuring Jonny Lee Miller"/> ''जिया'' के बाद, जोली [[न्यूयॉर्क]] चली गईं और एक छोटी अवधि के लिए अभिनय बंद कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि उनके पास "देने के लिए कुछ नहीं था।" उन्होंने [[न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय]] में दाखिला लिया और फ़िल्म निर्माण का अध्ययन करने लगीं और लेखन कक्षाओं में भाग लिया। इसका ज़िक्र करते हुए वे कहती हैं कि ''अभिनेताओं के स्टूडियो के भीतर'' यह मेरे लिए "ख़ुद को संभालने का अच्छा अवसर था"।<ref name="Inside the Actors Studio">[http://www.tv.com/inside-the-actors-studio/angelina-jolie/episode/425020/summary.html?tag=ep_list;title;15 Inside the Actors Studio, Episode 169.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100814163211/http://www.tv.com/inside-the-actors-studio/angelina-jolie/episode/425020/summary.html?tag=ep_list;title;15 |date=14 अगस्त 2010 }} ब्रेवो. 5 जून 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने 1998 की गैंगस्टर मूवी ''हेल इज़ किचन'' में ग्लोरिया मॅकनियरी की भूमिका में लौटीं और बाद में उस वर्ष अन्य कलाकारों के साथ ''प्लेइंग बाय हार्ट'' में नज़र आईं, जिसमें शामिल थे [[शॉन कॉनरी]], जिलियन एंडरसन, रयान फिलिप और जॉन स्टीवर्ट। फ़िल्म को मुख्य रूप से सकारात्मक समीक्षाएं मिलीं और जोली ने विशेष रूप से प्रशंसा हासिल की। ''सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल'' ने लिखा, "जोली, एक बढ़-चढ़ कर लिखी गई भूमिका में काम करते हुए, हताश क्लब क्रॉलर के रूप में, वह क्या दांव पर लगना चाहती है जैसी सच्चाइयों के गुर सीखती हुई, अपने ज़बरदस्त अभिनय से आकर्षित करती है।<ref>स्टैक, पीटर. [http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?f=/c/a/1999/01/22/DD83092.DTL `Heart' Barely Misses a Beat.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120306185732/http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?f=%2Fc%2Fa%2F1999%2F01%2F22%2FDD83092.DTL |date=6 मार्च 2012 }} ''सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल.'' 22 जनवरी 1999. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने नेशनल बोर्ड ऑफ़ रिव्यू द्वारा निर्णायक प्रदर्शन पुरस्कार जीता। 1999 में, उन्होंने माइक निवेल के कॉमेडी-ड्रामा ''पुशिंग टिन'' में अभिनय किया, जिसमें उनके सह कलाकार थे जॉन क्युसैक, बिली बॉब थार्नटन और [[केट ब्लैंचेट]]। जोली ने थार्नटन की मोहक पत्नी की भूमिका निभाई। फ़िल्म के आलोचकों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलीं और जोली के किरदार की विशेष रूप से आलोचना की गई। ''[[द वाशिंगटन पोस्ट]]'' ने लिखा, "मेरी (एंजेलीना जोली), पूरी तरह ऊटपटांग लेखक द्वारा रची गई एक आज़ाद ख़यालों की औरत जो एक मरे हुए हाइबिस्कस पौधों को देख कर रोती है, मरकत के कई छल्ले पहनती है और असल में अकेली पड़ जाती है, जब रसेल पूरी रात घर से दूर बिताता है।"<ref>होव, डेसन. [http://www.washingtonpost.com/wp-srv/style/movies/reviews/pushingtinhowe.htm 'Pushing Tin'. ] ''द वाशिंगटन पोस्ट.'' 23 अप्रैल 1999. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उसके बाद उन्होंने [[डेंज़ल वॉशिंगटन]] के साथ ''[[द बोन कलेक्टर]]'' (1999) में काम किया जो जेफ़री डीवर द्वारा लिखित अपराध उपन्यास पर आधारित थी। जोली ने एक पुलिस अफ़सर अमेलिया डोनोघी का किरदार निभाया, जो अपने पुलिस पिता की [[आत्महत्या]] से प्रेतबाधित रहती है और अनिच्छा से वाशिंगटन को एक सीरियल किलर का पता लगाने में मदद करती है। फ़िल्म ने दुनिया भर में $151 मिलियन की कमाई की,<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> पर एक ज़बरदस्त विफलता थी। ''डेट्राइट फ्री प्रेस'' ने निष्कर्ष निकाला, "जोली, जोकि हमेशा ही देखने में मोहक लगती है, इस फ़िल्म के लिए बहुत ही ग़लत चुनाव रही हैं।"<ref>लॉसन, टेरी. [http://www.rottentomatoes.com/m/bone_collector/ The Bone Collector.] ''डेट्रायट फ्री प्रेस.'' अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> {{quote box|width=35%|quote="जोली एक वर्तमान फ़िल्मों में एक जंगली आत्मा जैसे उभर रही है, एक ऐसी बेलगाम तोप जिसका निशाना अचूक है।"|source=रॉजर एल्बर्ट ''[[गर्ल इंटरप्टेड]]'' (1999) में जोली की भूमिका पर।<ref>Ebert, Roger. [http://rogerebert.suntimes.com/apps/pbcs.dll/article?AID=/20000114/REVIEWS/1140301/1023 Reviews : Girl, Interrupted]. ''Chicago Sun-Times''. जनवरी 14, 2000. Accessed सितंबर 8, 2008.</ref>}} जोली ने अगली बार सोशियोपथिक लिसा रोव की सहायक भूमिका में फ़िल्म ''[[गर्ल इंटरप्टेड]]'' (1999) में काम किया, जो एक मानसिक रोगी सुज़ाना केसन की कहानी सुनाती है और जिसे केसन के मूल संस्मरण ''[[गर्ल, इंटरप्टेड]]'' से रूपांतरित किया गया था। जहां विनोना राइडर ने मुख्य भूमिका निभाई थी इस आशा के साथ कि यह उनके लिए एक वापसी होगी, अप्रत्याशित रूप से यह उनकी जगह अंततः हॉलीवुड में जोली की सफलता के रूप में अंकित हुई।<ref>[http://imdb.com/MotDArchive/2003/motd.20030307 IMDb Movie of the Day.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20041220191524/http://imdb.com/MotDArchive/2003/motd.20030307 |date=20 दिसंबर 2004 }} IMDb.com. 7 मार्च 2003. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उन्होंने अपने तीसरे गोल्डन ग्लोब पुरस्कार, दूसरे स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ [[सहायक अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार]] हासिल किए। ''वेराइटी'' ने लिखा, "जोली तेजतर्रार, लापरवाह लड़की के रूप में उत्कृष्ट हैं, जो सुज़ाना के पुनर्वास में डॉक्टरों से भी अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।"<ref>लेवी, इमानुअल. [http://www.variety.com/review/VE1117759846.html?categoryid=31&amp;cs=1 Variety.com - Reviews - Girl, Interrupted.] ''वेराइटी.'' 10 दिसम्बर 1999. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> सन् 2000 में जोली ने गर्मियों की अपनी पहली सफल फ़िल्म ''[[गॉन इन 60 सेकंड]]'' में सारा "स्वे" वेलैंड की भूमिका निभाई, जो कार-चोर [[निकोलस केज]] की पूर्व प्रेमिका है। भूमिका छोटी थी और ''वॉशिंगटन पोस्ट'' ने आलोचना की कि "पूरी फ़िल्म में बस वे साथ खड़ी रहती हैं, आराम करते हुए, अपने दांतों के आस-पास उत्तेजना से भरे मांसल, स्पंदित होने वाली मांसपेशियों को दिखाते हुए।"<ref>हंटर, स्टीफन. [http://www.washingtonpost.com/wp-srv/entertainment/movies/reviews/gonein60secondshunter.htm 'Gone in 60 Seconds': Lost in the Exhaust.] ''द वाशिंगटन पोस्ट'' 9 जून 2000. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> बाद में उन्होंने बताया कि लिसा रो की गंभीर भूमिका के बाद यह फ़िल्म एक स्वागत योग्य राहत थी और वह तब तक की उनकी सर्वाधिक मुनाफ़ा कमाने वाली फ़िल्म थी, जिसने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर $237 मिलियन की कमाई की।<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> == अंतर्राष्ट्रीय सफलता, 2001-अब तक == हालांकि अपनी उच्च अभिनय क्षमता के लिए प्रशंसित, अब तक जोली की फ़िल्मों ने व्यापक स्तर पर दर्शकों को नहीं लुभाया था, लेकिन ''[[लारा क्रॉफ्ट: टॉम्ब रेडर]]'' (2001) ने उन्हें एक अंतर्राष्ट्रीय सुपर स्टार बना दिया। लोकप्रिय ''[[टॉम्ब रेडर]]'' के वीडियोगेम अनुकूलन के लिए, लारा क्रॉफ्ट की शीर्षक भूमिका निभाने हेतु जोली को ब्रिटिश उच्चारण सीखने और व्यापक [[मार्शल आर्ट]] प्रशिक्षण की ज़रूरत पड़ी। आम तौर पर उन्हें अपने शारीरिक प्रदर्शन के लिए सराहना मिली, लेकिन फ़िल्म को ज्यादातर नकारात्मक समीक्षाएं हासिल हुईं। ''स्लैंट मैगज़ीन'' ने टिप्पणी की, "एंजेलीना जोली, लारा क्राफ्ट की भूमिका निभाने के लिए ही पैदा हुई थीं, लेकिन [निर्देशक] साइमन वेस्ट ने [[गोताखोरी|ग़ोताखोर]] के एक खेल में उनकी यात्रा करवाते हैं।"<ref>गोंज़ालेज़, सं. [http://www.slantmagazine.com/film/film_review.asp?ID=425 Film Review - Lara Croft: Tomb Raider.] ''स्लैंट मैगज़ीन.'' 2001 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> बहरहाल, फ़िल्म अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफल रही, जिसने दुनिया भर में $275 मिलियन का मुनाफ़ा कमाया,<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> और एक महिला एक्शन स्टार के रूप में उनकी वैश्विक प्रतिष्ठा का शुभारंभ किया। जोली ने बाद में [[एंटोनियो बैंडेराज़]] के साथ, कॉर्नेल वूलरिच के उपन्यास ''वाल्ट्ज़ इनटू डार्कनेस'' पर आधारित रोमांचक फ़िल्म ''[[ऑरिजिनल सीन]]'' (2001) में मेल-ऑर्डर दुल्हन जूलिया रसेल के रूप में अभिनय किया। फ़िल्म बड़ी प्रमुख विफलता थी, जिसके बारे में ''न्यूयॉर्क टाइम्स'' ने टिप्पणी की, "कहानी मिस जोली के गले की रेखा से भी गहरे ग़ोता खाती है।"<ref>मिशेल, एल्विस. [http://movies2.nytimes.com/mem/movies/review.html?title1=&amp;title2=Original%20Sin%20%28Movie%29%20%20&amp;reviewer=Elvis%20Mitchell&amp;v_id=214078&amp;partner=Rotten%20Tomatoes Original Sin - Review.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151104055937/http://movies2.nytimes.com/mem/movies/review.html?title1=&title2=Original%20Sin%20(Movie)%20%20&reviewer=Elvis%20Mitchell&v_id=214078&partner=Rotten%20Tomatoes |date=4 नवंबर 2015 }} ''द न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 3 अगस्त 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2002 में, उन्होंने ''[[लाइफ़ ऑर समथिंग लाइक इट]]'' में लेनी केरिगन की भूमिका निभाई, जो फ़िल्म में एक महत्वाकांक्षी टी.वी. पत्रकार है, जिसे बताया जाता है कि वह एक सप्ताह में मर जाएगी। फ़िल्म को आलोचकों की प्रशंसा नहीं मिली, हालांकि जोली के अभिनय के प्रति सकारात्मक समीक्षाएं हासिल हुईं। [[सीएनएन]] के पॉल क्लिंटन ने लिखा, "जोली अपनी भूमिका में उत्कृष्ट रहीं। फ़िल्म के बीच में कुछ ऊटपटांग कथानक अंशों के बावजूद, यह अकादमी पुरस्कार विजेता अभिनेत्री अपने आत्मान्वेषण और जीवन को सही मायने में पूरी तरह जीने की यात्रा में बेहद विश्वसनीय है।"<ref>क्लिंटन, पॉल [http://archives.cnn.com/2002/SHOWBIZ/Movies/04/25/review.life/ Jolie shines in up-and-down 'Life'.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100113064153/http://archives.cnn.com/2002/SHOWBIZ/Movies/04/25/review.life/ |date=13 जनवरी 2010 }} CNN.com. 25 अप्रैल 2002 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2003 में जोली ने ''[[लारा क्रॉफ्ट टॉम्ब रेडर: द क्रेडल ऑफ़ लाइफ़]]'' में लारा क्रॉफ्ट के रूप में अपनी भूमिका को दोहराया। अगली कड़ी ने, जोकि मूल जितना आकर्षक नहीं था, अंतर्राष्ट्रीय बॉक्स-ऑफ़िस स्तर पर $156 करोड़ डॉलर की कमाई की।<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> बाद में उस वर्ष जोली ने अफ्रीका में एड कार्यकर्ताओं से जुड़ी एक फ़िल्म ''[[बियॉन्ड बॉर्डर्स]]'' में अभिनय किया। हालांकि फ़िल्म मानवीय राहत को बढ़ावा देने में जोली के वास्तविक जीवन की रुचि को दर्शाती है, फ़िल्म आलोचनात्मक और आर्थिक रूप से असफल रही। ''लॉस एंजिल्स टाइम्स'' ने लिखा, "जोली, जैसा कि उसने ऑस्कर-विजेता भूमिका ''गर्ल, इंटरप्टेड'' में किया, उस रोमांच और विश्वसनीयता को अपनी उन भूमिकाओं में पैदा कर सकती है, जिनकी वास्तविकता को वे समझती हैं। वे ''लारा क्रॉफ्ट'' फ़िल्मों को देख सकती हैं, कार्टूनों का समर्थन कर सकती हैं। लेकिन उनका यह संकर किरदार, जो भिनभिनाते कीडों, ख़ून और नालों की दुनिया में फंसा, बुरी तरह से लिखा गया एक कार्डबोर्ड व्यक्ति है, उन्हें पूरी तरह परास्त करता है।"<ref>तुरन, केनेथ. [http://www.calendarlive.com/movies/reviews/cl-et-borders24oct24,2,3041228.story?coll=cl-mreview "Beyond Borders" turns out to be an unreal film about a too-real situation.] ''लॉस एंजिल्स टाइम्स'' . 24 अक्टूबर 2003. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2004 में, जोली ने इथन हॉक के साथ एक थ्रिलर ''[[टेकिंग लाइफ़]]'' में अभिनय किया। उन्होंने एक [[एफ बी आई|एफ़बीआई]] प्रोफ़ाइलर इलियाना स्कॉट की भूमिका निभाई, जिसे एक शृंखला हत्यारे को खोजने में [[मॉन्ट्रियल]] लॉ एन्फ़ोर्समेंट की मदद के लिए बुलाया जाता है। फ़िल्म को मिश्रित समीक्षाएं मिलीं और ''हॉलीवुड रिपोर्टर'' ने निष्कर्ष निकाला, "एंजेलीना जोली ने एक ऐसी भूमिका निभाई, जो निश्चित रूप से उनके द्वारा पहले से निभाए किरदारों जैसा ही लगता है, लेकिन उन्होंने उसमें रोमांच और ग्लैमर का एक अचूक पुट जोड़ा है।"<ref>हनीकट, कर्क. [http://hollywoodreporter.printthis.clickability.com/pt/cpt?action=cpt&amp;title=Taking+Lives&amp;expire=&amp;urlID=30869587&amp;fb=Y&amp;url=http%3A%2F%2Fweb.archive.org%2Fweb%2F20071011080057%2Fwww.hollywoodreporter.com%2Fhr%2Fsearch%2Farticle_display.jsp%3Fvnu_content_id%3D1000462115&amp;partnerID=3690 Taking Lives.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151117031855/http://hollywoodreporter.printthis.clickability.com/pt/cpt?action=cpt&title=Taking+Lives&expire=&urlID=30869587&fb=Y&url=http%3A%2F%2Fweb.archive.org%2Fweb%2F20071011080057%2Fwww.hollywoodreporter.com%2Fhr%2Fsearch%2Farticle_display.jsp%3Fvnu_content_id%3D1000462115&partnerID=3690 |date=17 नवंबर 2015 }} ''द हॉलीवुड रिपोर्टर'' 15 मार्च 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उन्होंने एनिमेटेड [[ड्रीमवर्क्स]] फ़िल्म ''[[शार्क टेल]]'' (2004) में ''परीमछली'' लोला के लिए आवाज़ भी दी है और केरी कॉनरैन की एक [[विज्ञान पर आधारित फ़िल्म|विज्ञान पर आधारित]] रोमांचक फ़िल्म ''[[स्काई कैप्टन एंड द वर्ल्ड ऑफ़ टुमारो]]'' (2004) में छोटी भूमिका निभाई, जिसे अभिनेताओं को लेकर पूरी तरह नीले परदे के सामने फ़िल्माया गया। इसके अलावा 2004 में, जोली ने [[अलेक्ज़ांडर महान]] के बारे में ऑलिवर स्टोन की जीवनी फ़िल्म [[अलेक्ज़ांडर]] में, ऑलिम्पियास की भूमिका निभाई। फ़िल्म घरेलू तौर पर विफल रही, जिसके ख़राब प्रदर्शन का श्रेय स्टोन ने अलेक्जांडर के उभयलिंगी चित्रण की अस्वीकृति को दिया,<ref>[http://www.guardian.co.uk/film/2005/jan/06/news1 Stone blames 'moral fundamentalism' for US box office flop.] ''द गार्जियन.'' 15 जनवरी 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> लेकिन यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफल हुई, जहां संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के बाहर $139 मिलियन का राजस्व उसकी झोली में आया।<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> 2005 में जोली की एकमात्र फ़िल्म एक्शन-कॉमेडी ''[[मिस्टर एंड मिसेज़ स्मिथ]]'' थी। [[डो लिमन]] द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म, एक ऊबे हुए विवाहित दंपत्ति की कहानी है, जिन्हें यह पता है कि वे दोनों ही रहस्यमय हत्यारे हैं। जोली ने [[ब्रैड पिट]] के साथ जेन स्मिथ की भूमिका निभाई। फ़िल्म को मिश्रित समीक्षाएं हासिल हुईं, लेकिन दोनों के बीच मौजूद आपसी ताल-मेल के लिए उनको सराहना मिली। ''[[स्टार ट्रिब्यून]]'' ने कहा, "हालांकि कहानी बेतरतीब लगती है, फ़िल्म मिलनसार आकर्षण, सरपट ऊर्जा और परदे पर सितारों के आपसी आकर्षण के बल पर आगे बढ़ती है।"<ref>कोवर्ट, कॉलिन [http://www.rottentomatoes.com/m/mr_and_mrs_smith/ Mr. &amp; Mrs. Smith.] ''मिनियापोलिस स्टार ट्रिब्यून.'' अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> फ़िल्म ने दुनिया भर में $478 मिलियन कमाए, जो 2005 की सबसे बड़ी हिट फ़िल्मों में से थी।<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> इसके बाद वे [[रॉबर्ट डि नीरो]] की फ़िल्म ''[[द गुड शेफ़र्ड]]'' (2006) में नज़र आईं, जो [[मैट डेमन]] द्वारा निभाए गए एडवर्ड विल्सन के किरदार की नज़रों से [[CIA]] के प्रारंभिक इतिहास से जुड़ा है। जोली ने मार्गरेट रसेल की सहायक भूमिका निभाई, जो विल्सन की उपेक्षित पत्नी है। ''[[शिकागो ट्रिब्यून]]'' के अनुसार, "जोली विश्वसनीय रूप से बूढ़ी होती हैं, इस बात से लापरवाह कि कैसे उनका भंगुर किरदार दर्शकों की सहानुभूति को उकेर रहा है।"<ref>फिलिप्स, माइकल. [http://chicago.metromix.com/movies/review/movie-review-the-good/162975/content Movie review: 'The Good Shepherd'.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110430162441/http://chicago.metromix.com/movies/review/movie-review-the-good/162975/content |date=30 अप्रैल 2011 }} ''शिकागो ट्रिब्यून.'' अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> [[चित्र:Angelina Jolie on the set of Changeling by Monique Autrey (cropped).jpg|thumb|जोली बतौर क्रिस्टीन कॉलिन्स, चेंजलिंग के सेट पर, नवंबर 2007]] सन् 2007 में जोली ने वृत्तचित्र ''ए प्लेस इन टाइम'' के ज़रिए निर्देशन की दुनिया में अपना पहला क़दम रखा, जो एक सप्ताह के दौरान विश्व भर में 27 स्थानों पर जीवन को कैमरे में क़ैद करता है। फ़िल्म को [[ट्रिबेका फ़िल्म समारोह]] में दिखाया गया और इसे मुख्यतः उच्च विद्यालयों में [[राष्ट्रीय शिक्षा संघ]] के माध्यम से वितरित करने का इरादा है।<ref>[http://www.truveo.com/Angelina-Jolie-Screens-Documentary-at-Tribeca/id/1534836040 Angelina Jolie screens her film at the Tribeca Film Festival.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110623164610/http://www.truveo.com/Angelina-Jolie-Screens-Documentary-at-Tribeca/id/1534836040 |date=23 जून 2011 }} Eitb24.com. 29 अप्रैल 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने [[माइकल विंटरबॉटम]] की वृत्तचित्र शैली के ड्रामा ''[[ए माइटी हार्ट]]'' (2007) में [[मरियन पर्ल]] की भूमिका निभाई, जो पाकिस्तान में ''[[वॉल स्ट्रीट जर्नल]]'' के रिपोर्टर [[डेनियल पर्ल]] के अपहरण और हत्या के बारे में है। फ़िल्म मरियन पर्ल के संस्मरण ''[[ए माइटी हार्ट]]'' पर आधारित है और [[कान फ़िल्म महोत्सव]] में इसका प्रीमियर आयोजित हुआ था। ''हॉलीवुड रिपोर्टर'' ने जोली के प्रदर्शन को "अच्छी तरह से नपा-तुला और मर्म को छूने वाला", जिसे "सम्मान और मुश्किल लहजे पर मज़बूत पकड़ के साथ निभाया" कहा।<ref>बेनेट, रे. [http://hollywoodreporter.printthis.clickability.com/pt/cpt?action=cpt&amp;title=Review%3A+%27A+Mighty+Heart%27&amp;expire=&amp;urlID=30869544&amp;fb=Y&amp;url=http%3A%2F%2Fweb.archive.org%2Fweb%2F20071011093503rn_1%2Fwww.hollywoodreporter.com%2Fhr%2Fcontent_display%2Fnews%2Fe3i3e0cd5c8b61cf5ddde642ec54897986c%3Fimw%3DY&amp;partnerID=3690 Review: 'A Mighty Heart'.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180402234139/http://hollywoodreporter.printthis.clickability.com/pt/cpt?action=cpt&title=Review%3A+%27A+Mighty+Heart%27&expire=&urlID=30869544&fb=Y&url=http%3A%2F%2Fweb.archive.org%2Fweb%2F20071011093503rn_1%2Fwww.hollywoodreporter.com%2Fhr%2Fcontent_display%2Fnews%2Fe3i3e0cd5c8b61cf5ddde642ec54897986c%3Fimw%3DY&partnerID=3690 |date=2 अप्रैल 2018 }} ''द हॉलीवुड रिपोर्टर.'' 22 मई 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> फ़िल्म ने उन्हें चौथे गोल्डन ग्लोब पुरस्कार और तीसरे स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार के लिए नामांकन दिलवाया। जोली ने [[रॉबर्ट ज़ेमेकिस]] के एनिमेटेड महाकाव्य ''[[बियोवुल्फ़]]'' (2007) में ग्रैन्डल की मां का किरदार निभाया, जिसे [[मोशन कैप्चर]] तकनीक के ज़रिए निर्मित किया गया था। जोली ने [[मार्क मिल्लर]] के [[ग्राफ़िक उपन्यास]] के रूपांतरण, 2008 की एक्शन फ़िल्म ''[[वान्टेड]]'' में [[जेम्स मॅकवाय]] और [[मॉर्गन फ़्रीमैन]] के साथ अभिनय किया। फ़िल्म को मुख्य रूप से अनुकूल समीक्षाएं प्राप्त हुईं और दुनिया भर में $342 मिलियन अर्जित करते हुए, यह एक अंतर्राष्ट्रीय सफल फ़िल्म साबित हुई। <ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> उन्होंने ड्रीमवर्क्स एनिमेटेड फ़िल्म ''[[कुंग फ़ू पांडा]]'' (2008) में [[मास्टर टाइग्रेस]] के लिए आवाज़ दी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर $632 मिलियन राजस्व के साथ, यह उनकी अब तक की सर्वोच्च मुनाफ़ा कमाने वाली फ़िल्म बनी। <ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> उसी वर्ष, जोली ने [[क्लिंट ईस्टवुड]] के ड्रामा ''[[चेंजलिंग]]'' (2008) में क्रिस्टिन कॉलिन्स की भूमिका निभाई, जिसका प्रीमियर कान फ़िल्म महोत्सव में आयोजित हुआ।<ref>फाउंडस, स्कॉट. [http://www.laweekly.com/2007-12-20/film-tv/clint-eastwood-the-set-whisperer/ Clint Eastwood: The Set Whisperer.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141006123022/http://www.laweekly.com/2007-12-20/film-tv/clint-eastwood-the-set-whisperer/ |date=6 अक्तूबर 2014 }} ''ला वीकली.'' 19 दिसम्बर 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> यह 1928 में लॉस एंजिल्स की एक महिला की सच्ची कहानी पर आधारित है, जिसका अपने अपहृत बेटे के साथ मिलन होता है, पर बाद में वह जान जाती है कि वह एक कपटी है। जोली को अकादमी पुरस्कार के लिए उनका दूसरा नामांकन प्राप्त हुआ और वे [[बाफ्टा पुरस्कार]] गोल्डन ग्लोब पुरस्कार और स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड के लिए भी नामांकित हुईं.<ref name="oscar">[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/oscars/7837579.stm "Oscar nominations 2009."] BBC समाचार. 23 फ़रवरी 2009. अभिगम 9 मार्च 2009.</ref> शिकागो ट्रिब्यून ने लिखा, "जोली वास्तव में तूफान से पहले की शांति में चमकती है, दृश्य [...] जब संकट की घड़ी में, एक के बाद एक सत्ताधारी पुरुष हस्तियां उसे नीचा दिखाती हैं।"<ref>फिलिप्स, माइकल. [http://archives.chicagotribune.com/2008/oct/24/entertainment/chi-changeling-review-1024oct24 ‘Changeling’ stars Angelina Jolie, John Malkovich, Jeffrey Donovan.]{{Dead link|date=मई 2022 |bot=InternetArchiveBot }} ''शिकागो ट्रिब्यून.'' 24 अक्टूबर 2008. अभिगम 26 मार्च 2009.</ref> == मानवीय कार्य == जोली को पहली बार [[कंबोडिया]] में ''टूंब राइडर'' के फ़िल्मांकन के समय विश्वव्यापी मानवीय संकट की व्यक्तिगत जानकारी हासिल हुई। अंततः उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समस्या स्थलों के बारे में अधिक जानकारी के लिए [[UNHCR]] से संपर्क किया।<ref name="Angelina Jolie named UNHCR Goodwill Ambassador for refugees"/> आगामी महीनों में उन्होंने इन क्षेत्रों की स्थिति के बारे में जानने के लिए, दुनिया भर के शरणार्थी शिविरों का दौरा किया। फरवरी 2001 में, जोली ने 18 दिवसीय [[सियरा लियोन]] और [[तंजानिया]] के मिशन पर, अपनी पहली क्षेत्रीय यात्रा की; बाद में उन्होंने वस्तुस्थिति को देख कर सदमा पहुंचने की बात ज़ाहिर की। <ref name="Angelina Jolie named UNHCR Goodwill Ambassador for refugees">UNHCR.[http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&amp;id=3b85044b10 Angelina Jolie named UNHCR Goodwill Ambassador for refugees, ] 23 अगस्त 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> आने वाले महीनों में वे दो सप्ताह के लिए कंबोडिया लौटीं और बाद में, पाकिस्तान में [[अफ़गान शरणार्थियों]] के साथ मुलाकात की, जहां एक अंतर्राष्ट्रीय UNHCR आपातकालीन अपील के जवाब में उन्होंने अफ़गान शरणार्थियों के लिए $1 मिलियन का दान दिया।<ref>UNHCR.[http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&amp;id=3bb2f8be16 Angelina Jolie responds to UNHCR emergency appeal.] UNHCR.org. 27 सितंबर 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उन्होंने अपने मिशन से संबंधित सभी लागत को स्वयं चुकाने पर जोर दिया और अपने सभी दौरों में UNHCR फ़ील्ड स्टाफ़ की प्राथमिक कार्य और जीवन शैली को साझा किया।<ref name="Angelina Jolie named UNHCR Goodwill Ambassador for refugees"/> 27 अगस्त 2001 को UNHCR मुख्यालय, [[जेनिवा]] में जोली [[UNHCR सद्भावना राजदूत]] के रूप में नामित की गईं। <ref name="Bad Girl Interrupted">स्विबेल, मैथ्यू. [http://www.forbes.com/forbes/2006/0703/118_print.html Bad Girl Interrupted.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090912170926/http://www.forbes.com/forbes/2006/0703/118_print.html |date=12 सितंबर 2009 }} ''फोर्ब्स.'' 12 जून 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> {{quote box|width=35%|quote="We cannot close ourselves off to information and ignore the fact that millions of people are out there suffering. I honestly want to help. I don't believe I feel differently from other people. I think we all want justice and equality, a chance for a life with meaning. All of us would like to believe that if we were in a bad situation someone would help us."|source=Jolie on her motives for joining [[UNHCR]] in 2001<ref name="Angelina Jolie named UNHCR Goodwill Ambassador for refugees"/>}} जोली दुनिया भर में क्षेत्रीय मिशन पर रहीं और 20 से अधिक देशों में शरणार्थियों और [[आंतरिक रूप से विस्थापित]] लोगों के साथ मुलाकात की। <ref>UNHCR.[http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/help/opendoc.pdf?tbl=HELP&amp;id=439d41052 Angelina Jolie UNHCR Goodwill Ambassador Fact Sheet.] UNHCR.org. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> यह पूछने पर कि वह क्या हासिल करना चाहती हैं, उन्होंने कहा, "इन लोगों की दुर्दशा के बारे में जागरूकता. मुझे लगता है कि उन पर जो गुज़री है, उससे उभरने के लिए उनकी सराहना की जानी चाहिए, उन्हें नीची दृष्टि से नहीं देखना चाहिए."<ref>UNHCR [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&amp;id=3db3f99b5 Interview with Angelina Jolie.] UNHCR.org. 21 अक्टूबर 2002. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2002 में, जोली ने [[थाईलैंड]] में थाम हिन शरणार्थी शिविर और [[इक्वाडोर]] में [[कोलंबियाई]] शरणार्थियों का दौरा किया।<ref>UNHCR. [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&amp;id=3d04d46e4 Goodwill Ambassador Angelina Jolie ends Ecuador mission.] UNHCR.org. 10 जून २००२. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> इसके बाद जोली [[कोसोवो]] में विभिन्न UNHCR सुविधा स्थलों पर गईं और [[केन्या]] में मुख्य रूप से [[सूडान]] के शरणार्थियों के साथ [[काकुमा]] शरणार्थी शिविर की यात्रा की। [[नामीबिया]] में ''बियॉन्ड बार्डर्स'' की शूटिंग के दौरान उन्होंने [[अंगोलाई]] शरणार्थियों के साथ भेंट की। 2003 में, जोली छह दिन के मिशन पर [[तंजानिया]] गईं, जहां उन्होंने [[कांगोलीस]] शरणार्थी शिविर की मेजबानी करने वाले पश्चिमी सीमा की यात्रा की और वे एक सप्ताह के लिए [[श्रीलंका]] के दौरे पर रहीं। बाद में उन्होंने रूस में एक चार दिवसीय अभियान के समापन के रूप में [[उत्तर काकेशस]] का दौरा किया। अपनी फ़िल्म ''बियॉन्ड बार्डर्स'' के समवर्ती उन्होंने ''[[नोट्स फ़्राम माइ ट्रैवल्स]]'' प्रकाशित किया, जो उनकी दैनिक प्रविष्टियों का एक संग्रह है जिसमें उनके प्रारंभिक फ़ील्ड मिशन (2001-2002) की प्रविष्टियां दर्ज हैं। दिसम्बर 2003 में, [[जॉर्डन]] में एक निजी वास के दौरान उन्होंने जॉर्डन के पूर्वी रेगिस्तान में इराकी शरणार्थियों से मिलने की इच्छा ज़ाहिर की और बाद में उस महीने वे सूडानी शरणार्थियों से मिलने मिस्र की यात्रा पर गईं। संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर अपनी पहली U.N यात्रा पर, जोली 2004 में [[एरिजोना]] गईं, जहां तीन सुविधा स्थलों पर हिरासत में बंद शरण चाहने वालों से भेंट की और दक्षिण-पश्चिमी मुख्य कार्यक्रम [[फीनिक्स]] का दौरा किया, जो बिना साथी वाले बच्चों के लिए एक सुविधा स्थल है। वे जून 2004 में [[छाड]] गईं और सीमावर्ती प्रांतों और शरणार्थी शिविरों का दौरा किया, जो पश्चिमी सूडान [[दरफ़र]] क्षेत्र में लड़ाई से भाग आए थे। चार महीने बाद वे क्षेत्र में लौटीं और इस बार सीधे पश्चिम दरफ़र गईं। इसके अलावा 2004 में, जोली थाईलैंड में अफगान शरणार्थियों से मिलीं और क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान [[लेबनान]] में एक निजी प्रवास के दौरान, [[बेरूत]] में अवस्थित UNHCR के क्षेत्रीय कार्यालय का दौरा किया, साथ ही, कुछ युवा शरणार्थी और लेबनान की राजधानी में कैंसर रोगियों से भेंट की। <ref>UNHCR. [http://www.unhcr.org/news/NEWS/41d2b32f4.html Jolie shares festive cheer with refugees in Lebanon, UNHCR.org.] 29 दिसम्बर 2004. अभिगम 22 नवम्बर 2008.</ref> 2005 में, जोली ने अफ़गानी शरणार्थियों वाले पाकिस्तानी शिविरों का दौरा किया और पाकिस्तान के राष्ट्रपति [[परवेज़ मुशर्रफ़]] और प्रधानमंत्री [[शौक़त अजीज]] के साथ भी मुलाकात की; नवंबर में धन्यवाद सप्ताहांत के दौरान, [[2005 कश्मीर भूकंप]] के प्रभाव को देखने के लिए वे [[ब्रैड पिट]] के साथ पाकिस्तान लौटीं। 2006 में, जोली और पिट ने [[हैती]] के लिए उड़ान भरी और हाईतियन-हिप हॉप संगीतकार [[वाइक्लेफ़ जीन]] द्वारा स्थापित चैरिटी येले हैती द्वारा सहायता प्राप्त स्कूल का दौरा किया। भारत में ''ए माइटी हार्ट'' के फ़िल्मांकन के दौरान, [[नई दिल्ली]] में जोली ने अफ़गानिस्तान और [[बर्मी]] शरणार्थियों के साथ मुलाकात की। उन्होंने [[सैन जोस, कोस्टा रिका]] में कोलंबियन शरणार्थियों के साथ क्रिसमस दिवस 2006 बिताया, जहां उन्होंने उपहार बांटे। सन् 2007 में जोली दो दिन के मिशन पर [[छाड]] लौटीं, ताकि [[दरफ़र]] से शरणार्थियों की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का आकलन कर सकें; जोली और पिट ने बाद में छाड और दरफ़र में तीन राहत संगठनों को $1 मिलियन का दान दिया। <ref>UNHCR. [http://www.alertnet.org/thenews/newsdesk/UNHCR/dc35790f8bdb81d4b2df69046a0af36b.htm Jolie-Pitt Foundation donates US$1 million to groups working in Darfur.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080614214107/http://www.alertnet.org/thenews/newsdesk/UNHCR/dc35790f8bdb81d4b2df69046a0af36b.htm |date=14 जून 2008 }} रॉयटर्स आल्टरनेट. 10 मई 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने पहली बार [[सीरिया]] की यात्रा की और दो बार इराक गईं, जहां उन्होंने इराकी शरणार्थियों और साथ ही, बहु राष्ट्रीय बलों और अमेरिकी सैनिकों के साथ मुलाकात की। <ref>[http://edition.cnn.com/2008/WORLD/meast/02/07/iraq.jolie/?iref=mpstoryview Jolie in Iraq: 2M refugees need help,] CNN.com. 7 फ़रवरी 2008. अभिगम 3 दिसम्बर 2008.</ref> [[चित्र:2005 06 15 rice-jolie 600.jpg|left|thumb|upright|जोली और कोंडोलीज़ा राइस, विश्व शरणार्थी दिवस जून 2005 में]] समय के साथ, जोली राजनीतिक स्तर पर मानवीय कारणों को बढ़ावा देने में शरीक़ होने लगीं। उन्होंने नियमित रूप से वाशिंगटन डी.सी। में [[विश्व शरणार्थी दिवस]] में भाग लिया है और वह 2005 और 2006 में वे देवास में [[विश्व आर्थिक मंच]] पर एक आमंत्रित वक्ता थीं। जोली ने अमेरिका की राजधानी में मानवीय हितों की पैरवी भी शुरू कर दी है, जहां उन्होंने 2003 से कम से कम 20 बार कांग्रेस के सदस्यों के साथ मुलाकात की। <ref name="Bad Girl Interrupted"/> उन्होंने ''[[फोर्ब्स]]'' में स्पष्ट किया, "भले ही मैं वॉशिंगटन की यात्रा नहीं करना चाहूं, पर काम कराने का यही तरीक़ा है।"<ref name="Bad Girl Interrupted"/> 2005 में, जोली ने [[राष्ट्रीय प्रेस क्लब]] के उपाहार में भाग लिया, जहां उन्होंने ''नेशनल सेंटर फ़ॉर रिफ्यूजी एंड इमिग्रेंट चिल्ड्रन'' की स्थापना की घोषणा की, जो एक ऐसा संगठन है, जहां बिना क़ानूनी प्रतिनिधित्व वाले, शरण की याचना करने वाले बच्चों को मुफ़्त क़ानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिसके प्रारंभ के दो वर्षों के लिए स्वयं जोली ने $500,000 का दान दिया। <ref>UNHCR. [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&amp;id=422f33944 Angelina Jolie launches centre for unaccompanied children.] UNHCR.org. 9 मार्च 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने तीसरी दुनिया में शरणार्थी और कमज़ोर बच्चों की सहायता के लिए कई पैसे दिए। <ref name="Bad Girl Interrupted"/> अपनी राजनैतिक भागीदारी के अतिरिक्त, जोली जन-संचार के ज़रिए लोकोपकारी कार्यों को बढ़ावा देने के लिए अपने सार्वजनिक प्रोफ़ाइल का भी उपयोग करने लगी हैं। उन्होंने [[MTV]] के लिए [[द डायरी ऑफ़ एंजेलीना जोली एंड डॉ॰ जेफ़री सैक्स]] इन अफ़्रीका नामक विशेष फ़िल्म बनवाया, जिसमें वे और प्रख्यात अर्थशास्त्री [[डॉ॰ जेफ़री सैक्स]] द्वारा पश्चिमी केन्या के सुदूर ग्राम समूहों का दौरा शामिल है। 2006 में, जोली ने जोली/पिट फाउंडेशन की स्थापना की घोषणा की, जिसमें प्रत्येक ने $1 मिलियन का प्रारंभिक दान दिया, जो [[बच्चों के लिए वैश्विक आंदोलन]] और [[सीमारहित डॉक्टरों]] के लिए है।<ref>ग्रीन, मेरी. [http://www.people.com/people/article/0,26334,1537302,00.html Brad &amp; Angelina Start Charitable Group.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070307112930/http://www.people.com/people/article/0%2C26334%2C1537302%2C00.html |date=7 मार्च 2007 }} ''पीपल.'' 20 सितंबर 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2006 में स्थापित [[क्लिंटन ग्लोबल इनिशिएटिव]] में स्थापित ''एज्युकेशन पार्टनरशिप फ़ॉर चिल्ड्रन ऑफ़ कॉन्फ्लिक्ट'' की सह-अध्यक्षा भी हैं, जो संघर्ष से प्रभावित बच्चों के लिए शिक्षा कार्यक्रमों में कोष सहायता उपलब्ध कराता है।<ref>[http://www.educationpartnership.org/about-founders About the Founders.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081123052444/http://educationpartnership.org/about-founders |date=23 नवंबर 2008 }} संघर्ष के बच्चों के लिए शिक्षा भागीदारी. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली को अपने मानवीय कार्यों के लिए व्यापक मान्यता मिली है। 2003 में, [[यूनाइटेड नेशन्स करेसपॉन्डेंट एसोसिएशन]] द्वारा संस्थापित [[सिटिज़न ऑफ़ द वर्ल्ड अवार्ड]] की वे सर्वप्रथम प्राप्तकर्ता थीं और 2005 में, [[UNA-USA]] द्वारा उन्हें ''ग्लोबल मानवतावादी पुरस्कार'' से सम्मानित किया गया।<ref>[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/4333544.stm Jolie honoured for refugee role.] BBC समाचार. 12 अक्टूबर 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> [[कंबोडिया]] के राजा [[नोरोडम सिहमोनी]] ने 12 अगस्त 2005 को देश में जोली द्वारा संरक्षण कार्य के लिए, उन्हें कंबोडिया की नागरिकता से सम्मानित किया; जोली ने [[बट्टमबैंग]] के उत्तर-पश्चिमी प्रांत में वन्य जीव अभयारण्य की स्थापना के लिए $5 मिलियन का वचन दिया और वहां उनकी संपत्ति भी है।<ref>[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/4144518.stm Jolie given Cambodian citizenship.] BBC समाचार. 12 अगस्त 2000. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> सन् 2007 में जोली [[विदेशी संबंध परिषद]] की सदस्या बनीं,<ref>ग्रीन, मेरी. [http://www.people.com/people/article/0, 20041839,00.html?xid=rss-topheadlines Angelina Jolie Joins Council on Foreign Relations.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''पीपल'' 7 जून 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और उन्हें [[अंतर्राष्ट्रीय बचाव समिति]] द्वारा [[स्वतंत्रता पुरस्कार]] प्रदान किया गया।<ref>UNHCR. [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&amp;id=473055832 High Commissioner and Angelina Jolie to receive IRC Freedom Award.] UNHCR.org. 10 नवम्बर 2007 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> == रिश्ते == 28 मार्च 1996 को, जोली ने अपनी फ़िल्म ''[[हैकर]]'' (1995) के सह-कलाकार ब्रिटिश अभिनेता [[जॉनी ली मिलर]] से शादी की। उन्होंने अपने विवाह में रबर का काला पैंट और सफ़ेद शर्ट पहन रखी थी, जिस पर अपने ख़ून से उन्होंने दूल्हे का नाम लिखा था।<ref>* बैंडन, एलैक्ज़ांड्रा. [http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C07E7DF1230F936A1575BC0A960958260&amp;sec=&amp;spon=&amp;pagewanted=all Following, Ambivalently, in Mom or Dad's Footsteps.] ''दी न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 25 अगस्त 1996 अभिगम 25 फ़रवरी 2006.</ref> अगले साल जोली और मिलर में संबंध विच्छेद हो गया और बाद में 3 फ़रवरी 1999 को तलाक़ हुआ। उनके बीच बाद में भी संबंध अच्छे रहे, जिसके बारे में जोली ने स्पष्टीकरण दिया कि "यह बस समय की बात थी। मुझे लगता है कि वे बहुत ही अच्छे एक ऐसे पति हैं, जैसा हर लड़की चाहती है। मैं उनसे हमेशा प्यार करती रहूंगी, हम बस युवा थे।"<ref name="Angelina Jolie interviews featuring Jonny Lee Miller"/> ''[[पुशिंग टिन]]'' (1999) की शूटिंग के दौरान वे अमेरिकी अभिनेता [[बिली बॉब थार्नटन]] से मिलीं और बाद में 5 मई 2000 को उनसे शादी कर ली। अपने जुनून और प्यार के संकेतों की अक्सर सार्वजनिक घोषणा की वजह से - जिनमें सर्वाधिक मशहूर है अपने गले में एक दूसरे के ख़ून की शीशियों को लटकाए घूमना - उनका रिश्ता मनोरंजन मीडिया का पसंदीदा विषय बन गया।<ref name="News for Angelina Jolie">WENN. [http://www.imdb.com/name/nm0001401/news News for Angelina Jolie.] IMDb.com. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली और थार्नटन के बीच 27 मई 2003 को तलाक हुआ। उनकी शादी के अचानक भंग करने के बारे में पूछे जाने पर जोली ने कहा, "मुझे भी इसने चौंका दिया, क्योंकि रातों रात हम पूरी तरह बदल चुके थे। मुझे लगता है कि अचानक एक दिन हम में कुछ भी आम नहीं था। और यह डरावना है, लेकिन ... मुझे लगता है कि ऐसा हो सकता है कि जब किसी और में आपकी दिलचस्पी बढ़ रही हो और आप खुद अभी इस बात को नहीं जानते."<ref name="Learning To Fly">Van Meter, Jonathan. [https://web.archive.org/web/20071221225830/http://www.style.com/vogue/feature/022304/page2.html Learning To Fly]. ''वोग.'' मार्च 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> [[चित्र:Angelina Jolie Brad Pitt Cannes.jpg|thumb|left|upright|जोली और ब्रैड पिट, डिओविले अमेरिकी फ़िल्म समारोह 2007 में]] जोली ने साक्षात्कार में कहा है कि वह [[उभयलिंगी]] है और लंबे समय पहले ही स्वीकार किया है कि उनके और ''[[फ़ॉक्सफ़ायर]]'' (1996) की सह अभिनेत्री [[जेनी शिमिज़ु]] के बीच लैंगिक संबंध थे, "मैं शायद जेनी के साथ शादी कर लेती, यदि मैंने अपने पति से शादी नहीं की होती तो. जिस पल मेरी नज़र उस पर पड़ी, उसी पल मुझे उससे प्यार हो गया था।"<ref>'Tis the Season to Be Jolie. ''गर्लफ्रेंड मैगज़ीन.'' दिसम्बर 1997.</ref> 2003 में जब उनसे पूछा गया कि क्या वे उभयलिंगी हैं, तो जोली ने कहा, "बेशक. अगर कल मुझे किसी महिला से प्यार हो जाए, तो क्या मुझे उसका चुंबन लेना और उसे छूना ठीक लगेगा? अगर मुझे उसके साथ प्यार हो जाए? बिल्कुल! हां!<ref name="Angelina, saint vs. sinner">केसनर, जूलियन एंड मेगना मिशेल. [https://web.archive.org/web/20060207100110/http://www.nydailynews.com/front/story/387860p-329048c.html Angelina, saint vs. sinner]. ''न्यूयॉर्क डेली न्यूज़'' 2 फ़रवरी 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2005 की शुरूआत में, जोली एक बेहद प्रचारित हॉलीवुड लोकापवाद में शामिल हुईं, जब उन पर अभिनेता [[ब्रैड पिट]] और [[जेनिफर एनिस्टन]] के बीच तलाक का कारण बनने का आरोप लगाया गया था। आरोप था कि उनके और पिट के बीच ''[[मिस्टर एंड मिसेज़ स्मिथ]]'' (2005) के फ़िल्मांकन के दौरान प्रेम-संबंध शुरू हुआ था। उन्होंने कई अवसरों पर इसका खंडन किया, लेकिन स्वीकार किया कि उनके बीच सेट पर "प्यार हो गया" था।<ref>हैरिस, मार्क. [http://www.nytimes.com/2008/10/19/movies/19harr.html?_r=2&amp;pagewanted=all The Mommy Track.] ''द न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 15 अक्टूबर 2008. अभिगम 18 अक्टूबर 2008.</ref> 2005 के एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया, "एक शादीशुदा आदमी के साथ नज़दीकियां, जब मेरे अपने पिता ने मेरी मां के साथ धोखा दिया, कुछ ऐसी बात है, जिसे मैं खुद माफ़ नहीं कर सकती हूं. सुबह मैं खुद अपनी सूरत नहीं देख पाती, यदि मैंने वह किया। मैं एक ऐसे आदमी के प्रति आकर्षित नहीं हो सकती, जो अपनी पत्नी को धोखा देता है।"<ref name="Angelina, saint vs. sinner"/> जहां जोली और पिट ने अपने रिश्ते की प्रकृति पर सार्वजनिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं कीं, वहीं 2005 के दौरान अटकलबाजियां जारी रहीं। पहली अंतरंग [[फ़ोटो पत्रकार]] तस्वीरें अप्रैल में उभरीं, एनिस्टन द्वारा तलाक़ के लिए अर्जी दायर करने के एक महीने बाद; जिसमें पिट और जोली, उनके बेटे मैडक्स के साथ केन्या में समुद्र तट पर दिखे। गर्मियों के दौरान जोली और पिट बारंबार एक साथ देखे जाने लगे और मनोरंजन मीडिया ने उन्हें एक युगल जोड़ी माना और उन्हें नाम दिया [["ब्रैंजलिना".]] 11 जनवरी 2006 को, जोली ने ''[[पीपल]]'' में पुष्टि की कि वे पिट के बच्चे की मां बनने वाली हैं और इस तरह पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने संबंध की पुष्टि की। <ref name="News for Angelina Jolie"/> == बच्चे == <div style="margin:0 0 1.5em 1em;background:#f9f9f9;float:right;width:250px;font-size:95%" class="NavFrame"><div class="NavHead" style="background:#B0C4DE;font-size:90%">जोली के बच्चे</div> <div class="NavContent" style="font-size:normal;text-align:left"> * मैडॉक्स शिवान जोली-पिट<br />{{small|(born अगस्त 5, 2001 in [[Cambodia]]; adopted मार्च 10, 2002)}} * पैक्स थीयन जोली-पिट<br />{{small|(born नवम्बर 29, 2003 in [[Vietnam]]; adopted मार्च 15, 2007)}} * ज़हारा मार्ले जोली-पिट<br />{{small|(born जनवरी 8, 2005 in [[Ethiopia]]; adopted जुलाई 6, 2005)}} * शीलोह नाउवेल जोली-पिट<br />{{small|(born मई 27, 2006 in [[Swakopmund]], [[Namibia]])}} * नॉक्स-लियॉन जोली पिट<br />{{small|(born जुलाई 12, 2008 in [[Nice]], France)}} * विवियन मार्शलीन जोली-पिट<br />{{small|(born जुलाई 12, 2008 in Nice, France)}} </div></div> 10 मार्च 2002 को जोली ने अपने पहले बच्चे, सात महीने के मैडॉक्स शिवान को गोद लिया।<ref name="Angelina Jolie's Name Interrupted"/> उसका जन्म 5 अगस्त 2001 को [[कंबोडिया]] में रथ वाइबॉल के रूप में हुआ था और वह शुरूआत में [[बैटमबैंग]] के एक स्थानीय अनाथालय में रहता था। जोली ने ''[[Lara Croft: Tomb Raider|टूंब रैडर]]'' फ़िल्माते समय और 2001 में [[UNHCR]] क्षेत्र की यात्रा पर, दो बार कंबोडिया का दौरा करने के बाद, गोद लेने के लिए आवेदन का फ़ैसला किया। अपने दूसरे पति [[बिली बॉब थोर्नटन]] से तलाक के बाद, जोली को मैडॉक्स की एकल अभिरक्षा हासिल हुई। जोली के अन्य बच्चों की तरह, मैडॉक्स ने काफ़ी लोकप्रियता प्राप्त की है और नियमित रूप से अख़बार मीडिया में दिखाई देता रहता है।<ref>BANG मीडिया इंटरनेशनल. [http://www.lifestyleextra.com/ShowbizNews.asp?Code=EQ203331T&amp;headline=maddox_cutest_kid_ Maddox cutest kid.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120119165934/http://www.lifestyleextra.com/ShowbizNews.asp?Code=EQ203331T&headline=maddox_cutest_kid_ |date=19 जनवरी 2012 }} ''लाइफ़ स्टाइल एक्स्ट्रा.'' 20 जुलाई 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने 6 जुलाई 2005 को [[इथियोपिया]] से छह महीने की लड़की, ज़हारा मार्ले को गोद लिया। ज़हारा का जन्म 8 जनवरी 2005 को हुआ था। मूल रूप से उसकी मां ने उसका नाम येम्सरच रखा था,<ref name="pflanz1120">फ़्लांज़, माइक. [http://www.telegraph.co.uk/news/uknews/1569961/Angelina-Jolie%27s-adopted-baby-%27result-of-rape%27.html Angelina Jolie's adopted baby 'result of rape'.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090210131117/http://www.telegraph.co.uk/news/uknews/1569961/Angelina-Jolie%27s-adopted-baby-%27result-of-rape%27.html |date=10 फ़रवरी 2009 }} ''टेलीग्राफ़.'' 20 नवम्बर 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और बाद में एक अनाथालय में क़ानूनी नाम टीना एडम दिया गया था।<ref>बेल, जॉन.[https://web.archive.org/web/20070329045625/http://movies.yahoo.com/mv/news/st/20050714/112135320003.html Angelina's Baby Zahara: Her touching family story]. Yahoo मूवीज़. 14 जुलाई 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने उसे [[अदीस अबाबा]] में वाइड होराइजंस फ़ॉर चिल्ड्रन्स अनाथालय से अपनाया। संयुक्त राज्य अमेरिका को लौटने के कुछ ही समय बाद, ज़हारा को निर्जलीकरण और कुपोषण के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया। सन् 2007 में, मीडिया आउटलेट ने रिपोर्ट किया कि ज़हारा की जैविक मां, मेन्टेवेब डविट, अभी भी जीवित है और अपनी बेटी वापस चाहती हैं, लेकिन बाद में उन्होंने इन खबरों का यह कहते हुए खंडन किया कि उनके विचार में ज़हारा जोली द्वारा गोद लिए जाने के लिए "बहुत भाग्यशाली" है।<ref name="pflanz1120"/> [[ब्रैड पिट]] कथित तौर पर उपस्थित थे, जब जोली ने गोद लेने के दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए और अपनी बेटी को संभाला;<ref name="News for Angelina Jolie"/> बाद में जोली ने संकेत दिया कि उसने और पिट ने एक साथ ज़हारा को अपनाने का फैसला किया।<ref>[http://transcripts.cnn.com/TRANSCRIPTS/0606/20/acd.01.html Anderson Cooper 360 - Angelina Jolie: Her Mission and Motherhood. ] CNN.com. 20 जून 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 19 जनवरी 2006 को, कैलिफ़ोर्निया में एक न्यायाधीश ने क़ानूनी रूप से जोली के दो बच्चों को गोद लेने के पिट के अनुरोध को मंजूरी दे दी। उनके उपनामों को औपचारिक रूप से बदल दिया गया "जोली-पिट".<ref>[http://www.msnbc.msn.com/id/10927183/ Judge says Jolie's children can take Pitt's name.] एसोसिएटेड प्रेस. 19 जनवरी 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने 27 मई 2006 को [[स्वाकोपमुंड]], [[नामीबिया]] में नियत [[शल्य प्रसव]] द्वारा एक बेटी शीलोह नाउवेल को जन्म दिया। पिट ने पुष्टि की कि उनकी नवजात बेटी के पास नामीबिया का पासपोर्ट होगा,<ref>रोशलाउ, फ़्राउक. [https://web.archive.org/web/20121107125423/http://www.monstersandcritics.com/people/news/article_1170812.php Little Shiloh will be Namibian: Angelina and Brad.] Deutsche Presse-Agentur. 7 जून 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और जोली ने फ़ैसला किया है कि वे ख़ुद अपने वितरक [[गेट्टी इमेजस]] के माध्यम से शिलोह की पहली तस्वीरें बेचेंगी, बजाय फ़ोटो पत्रकारों द्वारा इन्हें कीमती बनाने के। ''पीपल'' ने $4.1 मिलियन से ज़्यादा में उत्तर अमेरिकी अधिकारों को खरीदा, जबकि ब्रिटिश पत्रिका ''[[हेलो!]]'' ने मोटे तौर पर $3.5 मिलियन में अंतर्राष्ट्रीय अधिकार प्राप्त किए।<ref>[http://www.thetimes.co.za/PrintEdition/News/Article.aspx?id=780852 Jolie's twins to set new record.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090722124712/http://www.thetimes.co.za/PrintEdition/News/Article.aspx?id=780852 |date=22 जुलाई 2009 }} ''द टाइम्स.'' 8 जून 2008. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली और पिट ने सभी लाभ एक अज्ञात चैरिटी को दान कर दिए। न्यूयॉर्क में [[मैडम तुसाद्स]] ने दो महीने की शिलोह के [[मोम के पुतले]] का अनावरण किया, यह मैडम तुसाद्स द्वारा तैयार पहला शिशु पुतला है।<ref>[http://www.usatoday.com/life/people/2006-07-27-shiloh_x.htm NYC Wax Museum Shows Off Jolie-Pitt Baby.] ''USA टुडे.'' 27 जुलाई 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 15 मार्च 2007 को जोली ने [[वियतनाम]] से एक तीन साल के लड़के पैक्स थीन को गोद लिया,<ref>केन ली. [http://www.people.com/people/article/0, 20040831,00.html Angelina Jolie's Son Legally Named Pax Thien Jolie-Pitt] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''पीपल.'' 31 मई 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जो 29 नवम्बर 2003 को पैदा हुआ था और एक स्थानीय अस्पताल में छोड़ दिया गया था, जहां उसका शुरूआती नाम था फाम क्वांग सैंग.<ref name="Jolie sorry to throw media spotlight on adopted boy">AFP. [https://web.archive.org/web/20120928203130/http://news.ninemsn.com.au/article.aspx?id=255199 Jolie sorry to throw media spotlight on adopted boy.] [[नाइन न्यूज़.]] 17 मार्च 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने [[हो ची मिन्ह सिटी]] में टैम बिन्ह अनाथालय से लड़के को अपनाया था।<ref>[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/6452741.stm Angelina Jolie adopts Vietnam boy.] BBC समाचार. 15 मार्च 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उसने ज़ाहिर किया है कि उसका पहला नाम पैक्स, उसकी मां ने अपनी मौत से पहले सुझाया था।<ref>नॉर्मन, पीट. [http://www.people.com/people/article/0, 20042763,00.html Angelina Jolie: Brad and I मई Want Up to 14 Kids.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''पीपल.'' 15 जून 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> मीडिया द्वारा महीनों अटकलें लगाये जाने के बाद, जोली ने [[2008 कान फ़िल्म समारोह]] में पुष्टि की कि वे जुड़वां बच्चों की उम्मीद कर रहीं हैं। उसने एक बेटे नॉक्स लियोन और एक बेटी विवियन मार्शलीन को शल्य प्रसव द्वारा 12 जुलाई 2008 को फ़्रान्स के [[नाइस]] में लेनवल अस्पताल में जन्म दिया। <ref>AP. [http://www.msnbc.msn.com/id/25657370/ It's a boy and a girl for Jolie and Pitt.] MSNBC.com. 13 जुलाई 2008. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> नॉक्स और विवियन की पहली छवियों के संयुक्त अधिकार'' पीपल'' और ''हेलो!'' को $14 मिलियन में बेचे गए - जो किसी भी सेलिब्रिटी की सबसे महंगी तस्वीरें हैं। पैसे जोली/पिट फाउंडेशन में पहुंचे।<ref>कार्लसन, एरिन. [http://abcnews.go.com/Entertainment/wireStory?id=5496001 Person close to deal: Jolie-Pitt pix for $14 mil.] एसोसिएटेड प्रेस. 1 अगस्त 2008. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> == मीडिया में == [[चित्र:Angelina jolie lugar.jpg|thumb|upright|जोली एक फ़ोटो सेशन में, वाशिंगटन, D.C. 2005 में]] जोली अपने लोकप्रिय पिता [[जॉन वोइट]] के कारण छोटी उम्र में ही मीडिया में प्रकट हुईं। सात वर्ष की उम्र में उनके पिता द्वारा सह-लिखित और अभिनीत ''[[लुकिंग टु गेट आउट]]'' में उन्होंने एक छोटी भूमिका निभाई और 1986 और 1988 में उनके साथ किशोरी के रूप में [[अकादमी पुरस्कार]] में भाग लिया। लेकिन, जब उन्होंने अपने अभिनय कैरियर की शुरूआत की, तो अपने मंच नाम के तौर पर जोली ने "वाइट" का उपयोग न करने का फ़ैसला किया, क्योंकि वह एक अभिनेत्री के रूप में ख़ुद अपनी पहचान स्थापित करना चाहती थीं।<ref name="News for Angelina Jolie"/> जोली ने विवाद से कभी शर्म महसूस नहीं किया और अपने कैरियर के प्रारंभिक दिनों में किशोरी के रूप में बतौर "जंगली लड़की" अपनी छवि को सार्वजनिक व्यक्तित्व में एकीकृत किया। [[2000 अकादमी पुरस्कार]] में अपने स्वीकृति भाषण के दौरान जोली ने घोषणा की, "मैं अपने भाई से प्रेम करती हूं", जिसने उस रात उनके भाई [[जेम्स हेवन]] के प्रति प्रेमपूर्ण व्यवहार के कारण, कौटुंबिक अनैतिक संबंध को लेकर अख़बार मीडिया में अटकलों को मौक़ा दिया। उन्होंने ज़ोरदार तरीक़े से उन अफवाहों का खंडन किया और जोली और हेवन ने अपने बाद के साक्षात्कारों बताया कि उनके माता-पिता के तलाक बाद वे एक दूसरे पर भरोसा करने लगे थे और यही वजह है कि वे भावनात्मक समर्थन के एक साधन के रूप में एक दूसरे से जुड़े हैं।<ref name="News for Angelina Jolie"/> जोली ने किसी प्रचारक या एजेंट को नियुक्त नहीं किया है।<ref>बार्न्स, ब्रूक्स. [http://www.nytimes.com/2008/11/21/business/media/21angelina.html Angelina Jolie’s Carefully Orchestrated Image .] ''द न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 20 नवम्बर 2008. अभिगम 24 नवम्बर 2008.</ref> वह जल्दी ही अख़बारों की चहेती बन गई, क्योंकि वह साक्षात्कारों में ख़ुद को मुखर रूप में प्रस्तुत करती थीं, जहां वे अपनी प्रेम जीवन और [[BDSM]] में रुचि की खुले आम चर्चा करती थीं,<ref name="Wild at heart"/> और एक बार "एक महिला प्रशंसक के साथ सोने की संभावना" का दावा किया।<ref name="Angelina, saint vs. sinner"/> सबसे विशिष्ट शारीरिक विशेषताओं के रूप में, जोली के होंठों ने उल्लेखनीय रूप से मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है और उनके रूप-सौंदर्य को कॉस्मेटिक सर्जरी की शौक़ीन महिलाओं के बीच "पश्चिम में मौजूदा सोने के मानक" के तौर पर वर्णित किया गया है।<ref>आप [http://www.smh.com.au/news/beauty/jolie-good/2007/04/12/1175971251818.html Everyone wants to look like Jolie.] ''द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड.'' 12 अप्रैल 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> वे [[बिली बॉब थार्नटन]] के साथ अपने काफ़ी प्रचार पाने वाली शादी पर और उसके बाद वैश्विक मानवीय समस्याओं के समर्थन की वजह से सुर्खियों में बनी रहीं। जब उन्होंने [[UNHCR सद्भावना राजदूत]] की भूमिका को ग्रहण किया, तब से अपनी लोकप्रिय हस्ती का, दुनिया भर में मानवीय कारणों पर प्रकाश डालने के लिए उपयोग करना शुरू कर दिया। जोली 2004 के बाद से विमान उड़ाने का प्रशिक्षण ले रही हैं और उनके पास एक निजी पायलट लाइसेंस ([[उपकरण दर्जे]] के साथ) है और वे एक [[सिरस SR22]] हवाई जहाज की मालिक हैं।<ref>नॉर्मन, पीट. [http://www.people.com/people/article/0, 20039712,00.html Angelina Jolie Taking a Year Off Work.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''पीपल.'' 22 मई 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> मीडिया ने अटकलें लगाईं कि जोली एक बौद्ध है, लेकिन उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे को मैडोक्स को [[बौद्ध धर्म]] सिखाती हैं, क्योंकि वह उसे बेटे की संस्कृति का हिस्सा मानती हैं। जोली ने निश्चित रूप से यह नहीं बताया कि वह भगवान में विश्वास करती हैं या नहीं। जब 2000 में उनसे पूछा गया कि क्या कोई परमेश्वर है, तो उन्होंने कहा, "जो लोग उन पर विश्वास करते हैं, उनके लिए ऐसा हो सकता है। मुझे अपने लिए भगवान की ज़रूरत नहीं है।<ref>थांपसन, स्टीफन. [http://www.avclub.com/content/node/24504 Is there a God?.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070305184837/http://www.avclub.com/content/node/24504 |date=5 मार्च 2007 }} ''द ए.वी. क्लब.'' 6 सितंबर 2000. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> [[चित्र:AngelinaJolieBradPittAAFeb09.jpg|thumb|left|जोली और पिट, 81वें अकादमी पुरस्कार फरवरी 2009 में]] 2005 में प्रारंभ होते हुए, [[ब्रैड पिट]] के साथ उनका रिश्ता, दुनिया भर में बहु चर्चित क़िस्सों में से एक बन गया। 2006 के प्रारंभ में जोली द्वारा अपने गर्भावस्था की पुष्टि के बाद, उनको लेकर अभूतपूर्व मीडिया प्रचार "पागलपन की हद तक" पहुंच गया, जैसा कि [[रॉयटर्स]] ने उनकी कहानी "ब्रैंजलीना बुख़ार" में वर्णित किया है।<ref name="The Brangelina fever">[http://www.theage.com.au/articles/2006/02/06/1139074140202.html The Brangelina fever.] रॉयटर्स. 6 फ़रवरी 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> मीडिया के ध्यान से बचने की कोशिश में, यह युगल जोड़ी शीलोह के जन्म के लिए [[नामीबिया]] पहुंची, "यीशु मसीह के बाद सबसे प्रत्याशित बच्चे" के रूप में जिसको वर्णित किया गया है।<ref>लियोनार्ड, टेरी. [http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2006/05/25/AR2006052501187.html Namibia Shielding Pitt and Jolie.] एसोसिएटेड प्रेस. 25 मई 2006 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> दो साल बाद, जोली की दूसरी गर्भावस्था ने दुबारा मीडिया उन्माद को जन्म दिया। [[नाइस]] में समुंदर के किनारे स्थित अस्पताल में उनके द्वारा गुज़ारे दो सप्ताह में, पत्रकार और फ़ोटोग्राफ़रों ने जन्म की रिपोर्ट देने के लिए विहार-स्थल के बाहर डेरा जमाया.<ref>ग्रुबेर, बेन. [http://www.reuters.com/article/entertainmentNews/idUSL1322562520080715 Jolie twins doctor admits to pre-birth pressure.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100126223354/http://www.reuters.com/article/entertainmentNews/idUSL1322562520080715 |date=26 जनवरी 2010 }} रॉयटर्स 15 जुलाई 2008. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> आज, जोली दुनिया भर की प्रसिद्ध हस्तियों में से एक हैं। [[क्यू स्कोर]] के अनुसार, 2000 में, ऑस्कर जीतने के बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका में उत्तर देने वालों में से 31% ने कहा कि वे जोली से परिचित हैं, जबकि 2006 तक आते-आते अमेरिका के 81% लोग उनसे परिचित थे।<ref name="Bad Girl Interrupted"/> 2006 में [[ACNielsen]] उद्योग द्वारा 42 अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में किए गए वैश्विक सर्वेक्षण में जोली, ब्रैड पिट के साथ, ब्रांड और उत्पादों के लिए दुनिया भर में पसंदीदा सेलिब्रिटी समर्थक पाए गए।<ref>ACNielsen. [http://www.afaqs.com/news/company_news/Corporate/9263.html Angelina Jolie, Brad Pitt top the charts, as favourite celebrity endorsers.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090722062354/http://www.afaqs.com/news/company_news/Corporate/9263.html |date=22 जुलाई 2009 }} ''एजेंसी फ़ैक्ट्स.'' अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2006 और 2008 में जोली, दुनिया में सबसे प्रभावशाली 100 लोगों की सूची [[टाइम 100]] में शामिल थीं।<ref>ब्राउन, मैलोच. [http://www.time.com/time/2006/time100/ The Time 100.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20060502231929/http://www.time.com/time/2006/time100/ |date=2 मई 2006 }} ''टाइम.'' 30 अप्रैल 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref><ref>क्लूनी, जॉर्ज. [http://www.time.com/time/specials/2007/article/0,28804,1733748_1733756,00.html समय 100.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090513000938/http://www.time.com/time/specials/2007/article/0,28804,1733748_1733756,00.html |date=13 मई 2009 }} ''टाइम.'' अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2006 में वे ''[[पीपल]]'' के "100 सबसे सुंदर" अंक में, उन्हें दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला के रूप में वर्णित किया गया,<ref name="Most Beautiful">[http://www.people.com/people/article/0, 20034523_1187416,00.html 2006's Most Beautiful Star: Angelina Jolie.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''पीपल.'' 26 अप्रैल 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और 2007 में ब्रिटेन के [[चैनल 4]] टेलीविज़न शो ''द 100 ग्रेटेस्ट सेक्स सिंबल्स'' में सर्वकालिक सबसे महान सेक्स प्रतीक के रूप में वे चुनी गईं। <ref name="Jolie named sexiest person ever">[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/6390647.stm Jolie named 'sexiest person ever'.] BBC समाचार. 24 फ़रवरी 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> ''[[हॉलीवुड रिपोर्टर]]'' ने जोली को 2008 की सर्वाधिक पारिश्रमिक पाने वाली अभिनेत्री के रूप में नामित किया, जो $15 मिलियन प्रति फ़िल्म कमाती थीं।<ref>[https://web.archive.org/web/20080705043657/http://www.hollywoodreporter.com/hr/features/womeninentertainment/celebrity-gallery.jsp Women In Entertainment.] ''द हॉलीवुड रिपोर्टर.'' अभिगम 26 मार्च 2009.</ref> 2009 में उन्होंने [[फ़ोर्ब्स]] की वार्षिक [[सेलिब्रिटी 100]] की सूची में भी अव्वल दर्जे पर रहीं;<ref>[http://www.forbes.com/2009/06/03/forbes-100-celebrity-09-jolie-oprah-madonna-intro.html The World's Most Powerful Celebrities.] ''फ़ोर्ब्स.'' 3 जून 2009 अभिगम 18 जून 2006.</ref> इससे पहले 2007 में 14वें स्थान पर,<ref>[http://www.forbes.com/2007/06/14/best-paid-celebrities-07celebrities_cz_lg_0614celeb_land.html The Celebrity 100.] ''फ़ोर्ब्स.'' 14 जून 2009 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और 2008 में 3रे स्थान पर रही थीं।<ref>[http://www.forbes.com/lists/2008/53/celebrities08_Angelina-Jolie_T5SH.html The Celebrity 100.] ''फ़ोर्ब्स.'' 30 जून 2008 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> == टैटू == [[चित्र:Jolietattoo.png|thumb|जोली न्यूयॉर्क में, अपने कई दृश्यमान टैटू के साथ, जून 2007]] जोली के कई टैटू मीडिया का ज़्यादा ध्यान आकर्षित करते रहे हैं और अक्सर साक्षात्कारकर्ताओं द्वारा इस विषय को संबोधित किया गया है। जोली ने कहा कि, जहां वे फ़िल्म नग्नता के खिलाफ़ नहीं है, वहीं उनके शरीर पर टैटू की बड़ी संख्या ने नग्न या प्रेम दृश्यों की योजना बनाते समय, फ़िल्म निर्माताओं को अधिक रचनात्मक होने पर मजबूर कर दिया है।<ref>कर्कलैंड, ब्रुस. [http://jam.canoe.ca/Movies/Artists/J/Jolie_Angelina/2003/10/19/759420.html The new Angelina Jolie.] जैम! शोबिज़. 19 अक्टूबर 2003 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उनकी अनेक फ़िल्मों में टैटू को ढकने के लिए मेकअप का उपयोग किया गया है। इस समय जानकारी के अनुसार जोली के शरीर पर तेरह टैटू हैं, उनमें शामिल हैं [[टेनेसी विलियम्स]] के उद्धरण "जंगली दिल के लिए एक प्रार्थना, जिसे पिंजरे में बंद रखा है", जो उसने अपनी माँ के साथ मिल कर बनवाया, अरबी भाषा के वाक्यांश "العزيمة" (इच्छा शक्ति), लैटिन कहावत "''quod me nutrit me destruit'' " (जो मेरा पोषण करता है, मुझे नष्ट करता है),<ref>थॉमस, करेन. [http://www.usatoday.com/life/2003-07-17-jolie-side_x.htm Angelina Jolie, tattoo diarist.] ''USA टुडे.'' 7 जुलाई 2003. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और एक [[यंत्र]] प्रार्थना जो उनके बेटे मैडॉक्स के लिए प्राचीन [[खमेर लिपि]] में लिखी है।<ref>[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2972855.stm Jolie adds Thai tattoo.] BBC समाचार. 24 अप्रैल 2003 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उनकी बाईं बांह में ऊपर छह भौगोलिक निर्देशांक भी हैं, जो उनके बच्चों के जन्म स्थलों को सूचित करते हैं।<ref>[http://www.smh.com.au/news/web/angelinas-new-geotattoos/2008/10/07/1223145273346.html Angelina shows off her new geo-tattoos.] ''द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड.'' 7 अक्टूबर 2008. अभिगम 22 अक्टूबर 2008.</ref> समय के साथ-साथ उन्होंने अपने कई टैटू ढक दिए या लेसर करवाया, जिनमें शामिल हैं उनके पूर्व पति [[बिली बॉब थार्नटन]] का नाम "बिली बॉब", मृत्यु के लिए चीनी अक्षर (死), उनकी पीठ में नीचे एक खिड़की; बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि खिड़की को इसलिए हटाया कि पहले वे हमेशा बाहर रहने की तमन्ना लिए खिड़की के बाहर देखा करती थीं, लेकिन अब अधिकांश समय वे बाहर ही रहती हैं।<ref name="Inside the Actors Studio"/> == फ़िल्मोग्राफ़ी == {|class="wikitable" style="font-size: 90%;" border="2" cellpadding="4" background: #f9f9f9; |- align="center" ! style="background:#B0C4DE;" | वर्ष ! style="background:#B0C4DE;" | फ़िल्म ! style="background:#B0C4DE;" | भूमिका ! style="background:#B0C4DE;" | नोट |- |1982 | ''[[लुकिंग टू गेट आउट]]'' | टॉश | |- |rowspan="3"| 1993 | "एंजेला एंड विरिल" | एंजेला | 2 मिनट लघु फ़िल्म |- | "एलिस एंड विरिल" | एलिस | 2 मिनट लघु फ़िल्म |- | ''[[साइबोर्ग 2]]'' | कैसेला "कैश" रीज़ | |- |rowspan="2"|1995 | ''[[विदाउट एविडेन्स]]'' | जोडी स्वेरिनजेन | |- | ''[[हैकर्स]]'' | केट "एसिड बर्न" लिब्बी | |- |rowspan="3"|1996 | ''[[मोजेव मून]]'' | इलिनॉर "इली" रिग्बी | |- | ''[[लव इज़ ऑल देयर इज़]]'' | जीना मालसिसी | |- | ''[[फ़ॉक्सफ़ायर]]'' | मार्गरेट "लेग्स" सैडोवस्की | |- |rowspan="3"| 1997 | ''[[ट्रू विमेन]]'' (टी.वी.) | जॉर्जिया वर्जीनिया लॉश वुड्स | |- | ''[[जॉर्ज वालेस]]'' (टी.वी.) | [[कॉर्नेलिया वालेस]] | [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए गोल्डन ग्लोब पुरस्कार - श्रृंखला/लघु-श्रृंखला/टी.वी. मूवी]]<br />नामांकित - [[लघु-श्रृंखला या मूवी में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए एम्मी पुरस्कार]] |- | ''[[प्लेयिंग गॉड]]'' | क्लेयर | |- | rowspan="4"| 1998 | ''[[जिया]]'' (टी.वी.) | [[जिया मेरी कारंगी]] | [[टी.वी. के लिए निर्मित लघु-श्रृंखला या मोशन पिक्चर में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]]<br />[[टी.वी.मूवी या लघु-श्रृंखला में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[लघु-श्रृंखला या मूवी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए एम्मी पुरस्कार]] |- | ''[[हेल्स किचन]]'' | ग्लोरिया मॅकनियरी | |- | ''[[प्लेइंग बाइ हार्ट]]'' | जोआन | [[नेशनल बोर्ड ऑफ़ रिव्यू पुरस्कार - निर्णायक अभिनय]] |- | ''[[पुशिंग टिन]]'' | मेरी बेल | |- | rowspan="2"| 1999 | ''[[द बोन कलेक्टर]]'' | अमेलिया डोनाघी | |- | ''[[गर्ल, इंटरप्टेड]]'' | लीज़ा रोव | [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार]]<br />[[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए ब्रॉडकास्ट फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन पुरस्कार]]<br />[[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - मोशन पिक्चर के लिए गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]]<br />[[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - मोशन पिक्चर के लिए स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कार के लिए शिकागो फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन]] |- | 2000 | ''[[गॉन इन सिक्सटी सेकंड्स]]'' | सारा "स्वे" वेलैंड | |- | rowspan="2"| 2001 | ''[[लारा क्रॉफ्ट: टॉम्ब रेडर]]'' | लारा क्रॉफ्ट | नामांकित - सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार<br />नामांकित - सर्वश्रेष्ठ मारधाड़ के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार |- | ''[[ओरिजिनल सिन]]'' | जूलिया रसेल | |- | 2002 | ''[[लाइफ़ ऑर समथिंग लाइक इट]]'' | लेनी केरिगन | |- | rowspan="2"| 2003 | ''[[लारा क्रॉफ्ट टॉम्ब रेडर: द क्रेडल ऑफ़ लाइफ़]] '' | लारा क्रॉफ्ट | |- | ''[[बियॉन्ड बार्डर्स]]'' | सारा जॉर्डन | |- | rowspan="5"| 2004 | ''[[टेकिंग लाइव्स]]'' | इलियाना स्कॉट | |- | ''[[शार्क टेल]]'' | लोला | वाइस |- | ''[[स्काई कैप्टन एंड दी वर्ल्ड ऑफ़ टुमारो]]'' | फ़्रैन्सेस्का "फ़्रैन्की" कुक | पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - फ़ेवरेट फ़ीमेल एक्शन स्टार |- | ''[[द फ़ीवर]]'' (टी. वी.) | क्रांतिकारी | लघु पात्र |- | ''[[अलेक्जांडर]]'' | ऑलंपियास | |- | 2005 | ''[[मिस्टर एंड मिसेज़ स्मिथ]]'' | जेन स्मिथ | [[सर्वश्रेष्ठ मारधाड़ के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ चुंबन के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - पसंदीदा महिला मूवी स्टार]]<br />नामांकित - [[पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - पसंदीदा महिला एक्शन स्टार]]<br />नामांकित - [[पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - पसंदीदा परदे पर जोड़ी]] ([[ब्रैड पिट]] के साथ) |- | 2006 | ''[[गुड शेफ़र्ड]]'' | मार्गरेट रसेल | |- | rowspan="2"| 2007 | ''[[ए माइटी हार्ट]]'' | [[मेरीयन पर्ल]] | नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए ब्रॉडकास्ट फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए शिकागो फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - मोशन पिक्चर ड्रामा के लिए गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ प्रमुख महिला भूमिका के लिए इंडिपेंडेन्ट स्पिरिट पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए लंडन फ़िल्म क्रिटिक्स सर्कल पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए ऑन-लाइन फ़िल्म क्रिटिक्स सोसाइटी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - मोशन पिक्चर के लिए स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार]] |- | ''[[बियोवुल्फ़]]'' | [[ग्रेन्डेल की मां]] | नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ खलनायक के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]] |- |rowspan="3"| 2008 | ''[[कुंग फ़ू पांडा]]'' | [[मास्टर टाइग्रेस]] | आवाज़ |- | ''[[वांटेड]]'' | फ़ॉक्स | [[पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - पसंदीदा महिला एक्शन स्टार]]<br />नामांकित - [[पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - पसंदीदा महिला मूवी स्टार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ महिला प्रदर्शन के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ चुंबन के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ WTF पल के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]] |- | ''[[चेंजलिंग]]'' | [[क्रिस्टीन कॉलिन्स]] | [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए सैटर्न पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[प्रमुख भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए BAFTA पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए ब्रॉडकास्ट फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए शिकागो फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - मोशन पिक्चर ड्रामा के लिए गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए लंदन फ़िल्म क्रिटिक्स सर्कल पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - मोशन पिक्चर के लिए स्क्रीन अभिनेता गिल्ड पुरस्कार]] |- | 2010 | ''[[साल्ट]]'' | एवलिन साल्ट | (निर्माणाधीन) |} == पुरस्कार == {| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin:1em 1em 1em 0;background:#f9f9f9;border:1px #aaa solid;border-collapse:collapse;font-size:90%" |- bgcolor="#B0C4DE" align="center" !वर्ष !पुरस्कार !श्रेणी !फ़िल्म !परिणाम |- | rowspan="4"| 1998 | [[एम्मी पुरस्कार]] | [[लघु-श्रृंखला या फ़िल्म में उत्कृष्ट सहायक अभिनेत्री]] | rowspan="2"| ''[[जॉर्ज वालेस]]'' | {{award-nom}} |- | [[गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]] | [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - श्रृंखला/ लघु-श्रृंखला/टी.वी. मूवी]] | {{award-won}} |- | [[नेशनल बोर्ड ऑफ़ रिव्यू पुरस्कार]] | सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन - महिला | ''[[प्लेइंग बाइ हर्ट]]'' | {{award-won}} |- | एम्मी पुरस्कार | [[लघु-श्रृंखला या फ़िल्म में सर्वश्रेष्ठ प्रमुख अभिनेत्री]] | rowspan="3"| ''[[जिया]]'' | {{award-nom}} |- | rowspan="2"| (1999) | गोल्डन ग्लोब पुरस्कार | [[लघु-श्रृंखला या टी.वी. के लिए निर्मित मोशन पिक्चर में अभिनेत्री द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन]] | {{award-won}} |- | [[स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार]] | [[टी.वी. मूवी या लघु-श्रृंखला में अभिनेत्री द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन]] | {{award-won}} |- | rowspan="3"| 2000 | गोल्डन ग्लोब पुरस्कार | [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - (मोशन पिक्चर)]] | rowspan="3"| ''[[गर्ल, इंटरप्टेड]]'' | {{award-won}} |- | स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार | [[सहायक भूमिका में अभिनेत्री द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन]] | {{award-won}} |- | [[अकादमी पुरस्कार]] | [[सहायक भूमिका में अभिनेत्री द्वारा प्रदर्शन]] | {{award-won}} |- | rowspan="1"| 2004 | [[पीपुल्स च्वाइस पुरस्कार]] | पसंदीदा महिला एक्शन स्टार | rowspan="1"| ''[[स्काई कैप्टन एंड द वर्ल्ड ऑफ़ टुमारो]]'' | {{award-won}} |- | rowspan="2"| 2008 | गोल्डन ग्लोब पुरस्कार | [[मोशन पिक्चर - ड्रामा में एक अभिनेत्री द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन]] | rowspan="2"| ''[[ए माइटी हार्ट]]'' | {{award-nom}} |- | स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार | [[प्रमुख भूमिका में अभिनेत्री द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन]] | {{award-nom}} |- | rowspan="4"| 2009 | गोल्डन ग्लोब पुरस्कार | [[मोशन पिक्चर - ड्रामा में एक अभिनेत्री द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन]] | rowspan="4"| ''[[चेंजलिंग]]'' | {{award-nom}} |- | स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार | [[प्रमुख भूमिका में अभिनेत्री द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन]] | {{award-nom}} |- | [[बाफ्टा पुरस्कार]] | [[प्रमुख भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री]] | {{award-nom}} |- | अकादमी पुरस्कार | [[प्रमुख भूमिका में एक अभिनेत्री द्वारा प्रदर्शन]] | {{award-nom}} |- | align="center" colspan="5"| {{small|(Source: [http://www.imdb.com/name/nm0001401/awards IMDb.com])}} |} == सन्दर्भ == === नोट === {{reflist|colwidth=30em}} === अतिरिक्त पठन === * मॅकफ़े, एडगर. ''एंजेलीना जोली: एंजल इन डिसगाइस.'' आइकन प्रेस, 2005. इस्बं 1-894864-25-5 * जोली, एंजेलीना. ''[[नोट्स फ़्राम माई ट्रैवल्स.]]'' पॉकेट बुक्स, 2003. ISBN 0-7434-7023-0. * विल्स, डोमिनिक. [http://www.tiscali.co.uk/entertainment/film/biographies/angelina_jolie_biog.html Angelina Jolie biography.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090228194045/http://www.tiscali.co.uk/entertainment/film/biographies/angelina_jolie_biog.html |date=28 फ़रवरी 2009 }} टिस्कली.co.uk. अभिगम 8 सितंबर 2008. * UNHCR. [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/help/opendoc.pdf?tbl=HELP&amp;id=439d41052 Angelina Jolie UNHCR Goodwill Ambassador Fact Sheet.] UNHCR.org. अभिगम 8 सितंबर 2008. * UNHCR. [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/help/opendoc.htm?tbl=HELP&amp;id=4399624c2 Field Missions.] UNHCR.org. अभिगम 8 सितंबर 2008. * बैंडन, एलेक्ज़ांड्रा. [http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C07E7DF1230F936A1575BC0A960958260&amp;sec=&amp;spon=&amp;pagewanted=all Following, Ambivalently, in Mom or Dad's Footsteps.] दी न्यूयॉर्क टाइम्स. 25 अगस्त 2007 अभिगम 25 फ़रवरी 2006. * रोशलिन, मार्गी. [http://www.nytimes.com/2001/06/17/arts/17ROCH.html?ex=1232254800&amp;en=000201710cccb8e3&amp;ei=5070 Angelina Jolie: For a Fighting Machine, a 'Bad Girl' Image Is Good.] दी न्यूयॉर्क टाइम्स. 17 जून 2008. अभिगम ६ जनवरी 2009. * हीथ, क्रिस. [http://www.rollingstone.com/news/story/5938014/blood_sugar_sex_magic Blood, Sugar, Sex, Magic.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090423015714/http://www.rollingstone.com/news/story/5938014/blood_sugar_sex_magic |date=23 अप्रैल 2009 }} रोलिंग स्टोन जुलाई 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008. * वैन मीटर, जोनाथन. [https://web.archive.org/web/20071209202602/http://www.style.com/vogue/feature/032602/page2.html बॉडी व्युटिफ़ुल]. ''वोग.'' अप्रैल 2002. अभिगम 8 सितंबर 2008. * वैन मीटर, जोनाथन. [https://web.archive.org/web/20071221225830/http://www.style.com/vogue/feature/022304/page2.html लर्निंग टु फ़्लाई]. ''वोग.'' मार्च 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008. * श्रुअर्स, फ्रेड. Angelina Jolie. ''प्रीमियर पत्रिका.'' अक्टूबर 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008. * सीसम्स, केविन [https://web.archive.org/web/20070503044807/http://fansites.hollywood.com/~ajolie/int34.html Wild at heart.] ''एल्यूर.'' नवंबर 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008. * स्विबेल, मैथ्यू. [http://www.forbes.com/forbes/2006/0703/118_print.html Bad Girl Interrupted.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090912170926/http://www.forbes.com/forbes/2006/0703/118_print.html |date=12 सितंबर 2009 }} फ़ोर्ब्स. 12 जून 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008. * वैन मीटर, जोनाथन. [https://web.archive.org/web/20071209202628/http://www.style.com/vogue/feature/121206/page2.html द बोल्ड एंड द ब्युटिफ़ुल]. ''वोग.'' जनवरी 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008. * पामर, मार्टिन. [http://entertainment.timesonline.co.uk/tol/arts_and_entertainment/film/article2378287.ece Angelina Almighty.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110616111808/http://entertainment.timesonline.co.uk/tol/arts_and_entertainment/film/article2378287.ece |date=16 जून 2011 }} ''द टाइम्स.'' 8 सितंबर 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008. * हैरिस, मार्क. [http://www.nytimes.com/2008/10/19/movies/19harr.html?partner=rssnyt The Mommy Track.] ''न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 15 अक्टूबर 2008. अभिगम 16 जनवरी 2009. * बार्न्स, ब्रूक्स. [http://www.nytimes.com/2008/11/21/business/media/21angelina.html Angelina Jolie’s Carefully Orchestrated Image.] ''द न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 20 नवम्बर 2008. अभिगम 24 नवम्बर 2008. == बाहरी कड़ियाँ == *{{Commons-inline|Angelina Jolie}} * {{imdb|0001401}} * {{ymovies name|1800019275}} * {{people.com}} * [http://www.unhcr.org/pages/49c3646c56.html UNHCR Goodwill Ambassador Angelina Jolie,] UNHCR.org में आधिकारिक मुखपृष्ठ * [https://web.archive.org/web/20200629001936/https://www.unhcr.org/pages/49c3646c56.html Angelina Jolie's Refugee Journals,] जोली की पत्रिकाएं (2002-2005) UNHCR.org पर * [http://www.ushmm.org/museum/exhibit/online/congojournal/ Journey Through Eastern Congo,] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070810020220/http://www.ushmm.org/museum/exhibit/online/congojournal/ |date=10 अगस्त 2007 }} मल्टीमीडिया पत्रिका, जोली द्वारा सुनाई गई, U.S. {{DEFAULTSORT:Jolie, Angelina}} [[श्रेणी:1975 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:अमेरिकी अभिनेत्री]] h1von69j3glkuaukyhx0el12w001oqo टेलर स्विफ्ट 0 188521 6582664 6490355 2026-07-14T23:50:33Z Sequencesolved 173771 एक चित्र जोड़ा। 6582664 wikitext text/x-wiki {{सफ़ाई|date=फरवरी 2015}}{{semiprotected|small=yes}} {{About|the musician|her self-titled debut album|Taylor Swift (album)}} {{Infobox musical artist |Name = wift |Img = Swift performs in St. Louis, Missouri in 2013.jpg |Img_capt = Swift at the Hollywood premiere of ''[[Hannah Montana: The Movie]]'' in अप्रैल 2009. |Img_size = 170px |Background = solo_singer |Birth_name = Taylor Alison Swift |Born = {{birth date and age|mf=yes|1989|12|13}}<br />[[Wyomissing, Pennsylvania|Wyomissing]], [[Pennsylvania]], [[United States]] |Origin = |Instrument = Vocals, Guitar, Piano,<ref>{{cite web|url=http://news.prnewswire.com/DisplayReleaseContent.aspx?ACCT=104&STORY=/www/story/01-30-2009/0004963493&EDATE=|title=Taylor Swift, Billboard's Best-Selling Artist of 2008, Announces 'Fearless 2009' Headlining Tour|date=30 जनवरी 2009|publisher=Big Machine Records|accessdate=30 जनवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090606151121/http://news.prnewswire.com/DisplayReleaseContent.aspx?ACCT=104&STORY=%2Fwww%2Fstory%2F01-30-2009%2F0004963493&EDATE=|archive-date=6 जून 2009|url-status=dead}}</ref> [[ukulele]],<ref>{{cite web|url=http://www.bbc.co.uk/blogs/chartblog/2009/02/taylor_swift_the_interview.shtml|title=Taylor Swift... The Interview!|date=17 फरवरी 2009|publisher=BBC Radio One|accessdate=17 फरवरी 2009|archive-url=https://www.webcitation.org/68FS9Dy1f?url=http://www.bbc.co.uk/blogs/chartblog/2009/02/taylor_swift_the_interview.shtml|archive-date=7 जून 2012|url-status=live}}</ref> 12-string guitar |Genre = [[country music|Country]],<ref name="allmusicgenre">{{cite web|url=http://www.allmusic.com/artist/p816977|title=(((Taylor Swift > Overview)))|last=Leahey|first=Andrew|author2=Frye, Megan|work=[[Allmusic]]|publisher=[[Rovi Corporation]]|accessdate=25 अक्टूबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20110217224049/http://www.allmusic.com/artist/p816977|archive-date=17 फ़रवरी 2011|url-status=live}}</ref> [[pop music|pop]]<ref>{{cite web|url=http://www.dailymail.co.uk/home/you/article-1222172/Taylor-Swift--meteoric-rise-pops-brightest-new-star.html?ITO=1490|title=Taylor Swift - the meteoric rise of pop's brightest new star|last=Wilson|first=Benji|work=[[Daily Mail]]|publisher=Associated Newspapers Ltd|accessdate=25 अक्टूबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20121102132841/http://www.dailymail.co.uk/home/you/article-1222172/Taylor-Swift--meteoric-rise-pops-brightest-new-star.html?ITO=1490|archive-date=2 नवंबर 2012|url-status=live}}</ref> |Occupation = Singer-songwriter, guitarist, actress |Years_active = 2006–present |height = ५ फिट १० इन्च <ref name="Celebrity Measurements">{{cite web|url=http://www.celebritiesheight.com/taylor-swift-height-and-weight/|title=Taylor Swift Height, Weight, Age, Measurements, Net Worth|publisher=Celebrity Measurements|date=|accessdate=1 फरवरी 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150201191129/http://www.celebritiesheight.com/taylor-swift-height-and-weight/|archive-date=1 फ़रवरी 2015|url-status=dead}}</ref>| height = ५ फिट १० इन्च <ref name="Celebrity Measurements"/> |Label = [[Big Machine Records]] |URL = [http://www.taylorswift.com Official Website] }} [[चित्र:Taylor Swift at the 2023 MTV Video Music Awards (3).png]] '''टेलर एलिसन स्विफ्ट''' जन्म 13 दिसम्बर 1989 एक अमरीकी [[पॉप]] [[गायिका-गीतकार]], [[रिकार्ड निर्माता]] और [[अभिनेत्री]] है।<ref name="allmusicgenre" /> 2008 में उनकी एल्बम की संयुक्त चालीस लाख प्रतियाँ बिकी और [[नीलसन साउंड स्केन]] के अनुसार वह उस वर्ष की सर्व श्रेष्ठ संगीतकार बनी।टेलर अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में गाने के लिए जानी जाती है। 2006 में उसने पहली एकल [[टीम मेक ग्रा]] जारी की फिर उसकी [[स्वयं शीर्षक पहली एल्बम]], जो कि बाद में कई बार [[रेकार्डिंग उद्योग असोसिअशन ऑफ अमरीका]] द्वारा [[प्लेटिनम]] प्रमाणित की गयी। नवम्बर 2008 में स्विफ्ट ने अपना दूसरा एल्बम ''[[फिअरलेस]]'' जारी किया। ''फिअरलेस'' और ''टेलर स्विफ्ट'' 2008 के अंत तक 2.1 और 1.5 लाख की बिक्री के साथ क्रमश तीसरे और छठे स्थान पर रहे। <ref name="Market Watch">{{cite web|url=http://www.marketwatch.com/news/story/2008-us-music-purchases-exceed/story.aspx?guid=%7B6335B083-3284-461F-A0C7-C018F0997DBA%7D&dist=msr_3|title=2008 U.S. Music Purchases Exceed 1.5 Billion; Growth in Overall Music Purchases Exceeds 10%|date=31 दिसंबर 2008|publisher=Market Watch|accessdate=1 जनवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20200320003156/https://www.marketwatch.com/story/guid/6335b083-3284-461f-a0c7-c018f0997dba?dist=msr_3|archive-date=20 मार्च 2020|url-status=live}}</ref> ''फिअरलेस/0} लगातार 11 सप्ताह ''[[बिलबोर्ड]]'' 200 में सबसे ऊपर रही. 2000 के बाद से किसी भी एल्बम ने 1 नंबर पर इतना समय नहीं बिताया है।<ref>{{cite web |author=Up for DiscussionPost Comment |url=http://www.billboard.com/bbcom/news/taylor-swift-continues-billboard-200-dominance-1003947378.story |title=Billboard.com |publisher=Billboard.com |date=14 सितंबर 2009 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090526071921/http://www.billboard.com/bbcom/news/taylor-swift-continues-billboard-200-dominance-1003947378.story |archive-date=26 मई 2009 |url-status=live }}</ref>'' ''[[फ़ोर्ब्स]]'' ने स्विफ्ट को 69वी सबसे ताकतवर सेलिब्रेटी बताया है जिसकी कमाई 18 करोढ़ डालर है।<ref>{{cite web |url=http://www.forbes.com/lists/2009/53/celebrity-09_Taylor-Swift_2OIN.html |title=Forbes.com |publisher=Forbes.com |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100328233224/http://www.forbes.com/lists/2009/53/celebrity-09_Taylor-Swift_2OIN.html |archive-date=28 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref> [[बिलबोर्ड पत्रिका|<span class="goog-gtc-fnr-highlight">बिलबोर्ड</span> पत्रिका]] में 2009 की कलाकार के रूप में उसका नाम था। <ref>[10]^ [http://www.billboard.com/#/features/2009-artist-of-the-year-1004052641.story 2009 वर्ष का कलाकार | <span class="goog-gtc-fnr-highlight">Billboard</span>.com] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091020115513/http://www.billboard.com/#/features/2009-artist-of-the-year-1004052641.story |date=20 अक्तूबर 2009 }}</ref> जनवरी 2010 में [[नेल्सन साउंड स्कैन]] ने उन्हें संगीत के इतिहास में सबसे अधिक बिकने वाली कलाकार बताया जिसके 24.3 मिलियन रिकार्ड बिके.<ref name="PR Newswire">{{cite web|url=http://www.prnewswire.com/news-releases/nielsen-soundscan-lists-taylor-swift-as-the-top-selling-digital-artist-in-history-80965892.html|title=Nielsen SoundScan Lists Taylor Swift as the Top-Selling Digital Artist in History|publisher=PR Newswire|date=7 जनवरी 2010|accessdate=11 जनवरी 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100111093955/http://www.prnewswire.com/news-releases/nielsen-soundscan-lists-taylor-swift-as-the-top-selling-digital-artist-in-history-80965892.html|archive-date=11 जनवरी 2010|url-status=live}}</ref> == प्रारम्भिक जीवन == स्विफ्ट [[वयोमिसिंग]] पेंसिलवानिया के बोरो में पैदा हुई थी। वह स्कॉट स्विफ्ट, एक [[शेयर दलाल]] और उसकी पत्नी अंद्रेया, एक [[गृहणी]] की बेटी हैं। उनका एक छोटा भाई है, ऑस्टीन.<ref>{{cite web |url=http://www.tvguide.com/celebrities/taylor-swift/bio/285271 |title=Taylor Swift Biography TVGuide.com |publisher=Tvguide.com |date=13 दिसंबर 1989 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171118224101/http://www.tvguide.com/celebrities/taylor-swift/bio/285271/ |archive-date=18 नवंबर 2017 |url-status=live }}</ref> जब वह चौथी कक्षा में थी तो उन्होंने 'मोंस्टर इन माई क्लोजेट' शीर्षक से एक तीन पृष्ठ की कविता के साथ राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता जीती थी।<ref>{{cite web|url=http://www.rollingstone.com/blogs/smokingsection/2008/12/the-unabridged-taylor-swift.php#more|title=The Unabridged Taylor Swift|date=2 दिसंबर 2008|publisher=Rolling Stone|accessdate=17 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20090124152347/http://www.rollingstone.com/blogs/smokingsection/2008/12/the-unabridged-taylor-swift.php#more|archive-date=24 जनवरी 2009|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.readingeagle.com/article.aspx?id=116460|title=Taylor Swift: Growing into superstardom|date=8 दिसंबर 2008|publisher=Reading Eagle|accessdate=17 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20090829143446/http://www.readingeagle.com/article.aspx?id=116460|archive-date=29 अगस्त 2009|url-status=live}}</ref> 10 वर्ष की आयु में स्विफ्ट ने गीत लिखना, काराओके प्रतियोगिता, समारोहों और शहर के आसपास के मेलों में गाना शुरू कर दिया। एक गर्मी के मौसम में उन्होंने स्वयं को 350 पृष्ठ का उपन्यास लिखने के लिए समर्पित कर दिय, जो कि अभी तक अप्रकाशित है।<ref>{{cite web|url=http://entertainment.timesonline.co.uk/tol/arts_and_entertainment/music/article5765608.ece|title=Taylor Swift is already queen of country pop|date=22 फरवरी 2009|publisher=The Sunday Times|accessdate=2009-022-26|archive-url=https://web.archive.org/web/20200304212721/http://entertainment.timesonline.co.uk/tol/arts_and_entertainment/music/article5765608.ece|archive-date=4 मार्च 2020|url-status=dead}}</ref> वह एक स्थानीय [[SNL]]-प्रेरित बच्चों के स्केच हास्य समूह की सदस्य थी, जहा वह एक स्वभाविक हास्य प्रतिभा थी। एक कास्ट पार्टी में उसका [[कराओके]] प्रदर्शन देखने के बाद, समूह-निर्माता किर्क क्रिमेर की माँ ने सुझाव दिया कि स्विफ्ट नाटकीय प्रदर्शन के बजाय <span class="goog-gtc-fnr-highlight">कंट्री संगीत</span> प्रदर्शन को करिअर बनाने के लिए ज्यादा संतुलित लगती है। क्रिमेर ने जल्द ही एक स्थानीय मॉल में किराये पर स्थान लिया और कराओके समर्थन गीतों सहित कंट्री गीतों के वीक्नाईट प्रदर्शन में अपनी नवोदित प्रोटिजी का प्रदर्शन करना आरम्भ कर दिया। बढ़ते प्रदर्शन और बढ़ती दर्शकों की संख्यां से उन्होंने [[खुले माइक]] और कराओके रातों में प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका पहला बढ़ा शो [[ब्लूम्बुर्ग मेले]] में एक स्थानीय कलाकार पेटग्रेट द्वारा आयोजित किया गया।<ref>{{cite web |url=http://www.24-7pressrelease.com/press-release-rss/the-early-years-of-the-taylor-swift-story-85822.php |title=24-7pressrelease.com |publisher=24-7pressrelease.com |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090606173049/http://www.24-7pressrelease.com/press-release-rss/the-early-years-of-the-taylor-swift-story-85822.php |archive-date=6 जून 2009 |url-status=dead }}</ref> == गीत लेखन में दिलचस्पी == स्विफ्ट एक कम्प्यूटर ठीक करने वाले से गिटार बजाना सीखने लगे जिसने उसे बताया कि तीन तारों को कैसे बजाते हैं। उसने तीन तार बजानी सीखने के बाद अपना पहला गीत 'लकी यु'लिखा.<ref>{{cite web |url=http://www.digitalspy.com/showbiz/news/a185076/computer-repairman-taught-swift-guitar.html |title=Showbiz - News - Computer repairman taught Swift guitar |publisher=Digital Spy |date=3 नवंबर 2009 |accessdate=30 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101226122538/http://www.digitalspy.com/showbiz/news/a185076/computer-repairman-taught-swift-guitar.html |archive-date=26 दिसंबर 2010 |url-status=live }}</ref> फिर उसने नियमित रूप से गीत लिखने शुरू कर दिए और उन्हें स्कूल न जा सकने के दर्द को उभारने के रूप में प्रयोग किया। अन्य बच्चों की प्रतिक्रिया भी बुरी थी इसलिए उसने उनके बारे मैं भी गीत लिखे.<ref>{{cite web |last=Messer |first=Lesley |url=http://www.people.com/people/article/0, 20255247,00.html |title=Taylor Swift Suffered Bullying in School - Taylor Swift |publisher=People.com |date=27 जनवरी 2009 |accessdate=30 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |archive-date=7 अप्रैल 2019 |url-status=live }}</ref> === प्रारंभिक कार्य === स्विफ्ट गायन के लिए सबसे ज्यादा [[शानिया ट्वेन]] से प्रभावित हुई। <ref name="swiftshania">{{cite web |url=http://www.timeforkids.com/TFK/kids/news/story/0,28277,1894626,00.html |title=Catching Up With Taylor Swift |publisher=Timeforkids.com |date=28 अप्रैल 2009 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110724021710/http://www.timeforkids.com/TFK/kids/news/story/0,28277,1894626,00.html |archive-date=24 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref> इसके इलावा [[लीनं रीमस]], [[टीना टर्नर]], [[डॉली पर्तन]] और स्विफ्ट की दादी ने भी उन्हें प्रभावित किया। हालांकि उसकी दादी माँ एक पेशेवर ओपेरा गायक थी,<ref name="gacbio">{{cite web |url=http://www.gactv.com/gac/ar_artists_a-z/article/0, |title=Taylor Swift Biography at GAC |publisher=Gactv.com |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-date=25 अप्रैल 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230425232051/http://www.gactv.com/gac/ar_artists_a-z/article/0, |url-status=dead }}</ref> मगर टेलर की दिल्चस्बी हमेशा से ही कंट्री म्यूजिक की तरफ रही और छोटी आयु में ही उसके मन में [[पास्ती क्लाइन]] और डोली पार्टन के लिए एक रुझाव बन गया।<ref name="Taylor Swift">[31]^ [http://www.askmen.com/women/singer_300/364_taylor_swift.html टेलर स्विफ्ट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080725101109/http://www.askmen.com/women/singer_300/364_taylor_swift.html |date=25 जुलाई 2008 }} Men.com पर चर्चा</ref> यह दिखाने के लिए की "सीमा बढाने" से कितना फरक पड़ता है, वह [[डिक्सी चिक्स]] और शानिया ट्वैन को श्रेय भी देती है।<ref>{{cite news |first=Dennis |last=McCafferty |title=Taylor's swift rise |url=http://usaweekend.com/08_issues/080413/080413taylor-swift-cmt.html |publisher=[[USA WEEKEND]] |date=13 अप्रैल 2008 }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> 11 साल की आयु में, स्विफ्ट अपनी पहली यात्रा के लिए [[नाशविले]] गयी, इस आशा के साथ कि वहाँ पर वह अपने गायन की एक डेमो टेप, जिसमें की कराओके गाने थे, उसे बाँट कर एक रिकार्ड सौदा प्राप्त कर सकेगी. उसने शहर के हर लेबल को एक कॉपी दी। <ref>{{cite web |url=http://www.gactv.com/gac/ar_artists_a-z/article/0, |title=Taylor Swift Biography |publisher=Gactv.com |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-date=25 अप्रैल 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230425232051/http://www.gactv.com/gac/ar_artists_a-z/article/0, |url-status=dead }}</ref> स्विफ्ट को रिकॉर्ड लेबलज और उसके साथियों ने नामंजूर कर दिया। <ref>{{cite web |url=http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0, |title=GACTV.com |publisher=GACTV.com |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-date=25 अप्रैल 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230425232051/http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0, |url-status=dead }}</ref> जब वह वापिस [[पेन्न्स्यल्वानिया]] आई, तब उसे [[U.S. ओपन टेनिस टूर्नामेंट]] में गाने के लिए कहा गया, जहाँ उसके [[राष्ट्रीय गान]] के प्रस्तुतीकरण को काफी सत्कार मिला। <ref>{{cite web |author= |url=http://www.cbsnews.com/stories/2008/05/16/earlyshow/saturday/secondcup/main4103339.shtml |title=CBSnews.com |publisher=CBSnews.com |date=17 मई 2008 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101116090004/http://www.cbsnews.com/stories/2008/05/16/earlyshow/saturday/secondcup/main4103339.shtml |archive-date=16 नवंबर 2010 |url-status=live }}</ref> स्विफ्ट ने 12 साल की आयु से गाने लिखना और 12 तार वाला गिटार बजाना शुरू किया। स्विफ्ट ने नियमित रूप से नाशविले जाना और वहाँ के स्थानीय संगीतकारों के साथ गाने लिखना शुरू कर दिया। जब तक वह 14 साल की हुई, उसके परिवार ने नाशविले के एक बाहरी उपनगर में रहने का निर्णय लिया।<ref>{{cite web|url=http://www.allmusic.com/cg/amg.dll?p=ammg&searchlink=TAYLOR|SWIFT&sql=11:09fuxqtdldte~T1|title=Taylor Swift biography at Allmusic|accessdate=30 अप्रैल 2007}}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> जब स्विफ्ट 15 साल की हुई तब उसने [[RCA रेकोड्स]] का प्रस्ताव ठुकराया क्यूंकि वह कंपनी उसे [[विकासात्मक डील]] पर रखना चाहती थी।<ref>{{Dead link|date=सितंबर 2009}} [http://www.dailyrecord.com/article/20081111/ENT01/811110317/1005/NEWS01 Dailyrecord.com] {{Dead link|date=सितंबर 2009}}</ref> उसके बाद स्विफ्ट ने नाशविला के संगीत लेखकों के स्थान, [[द ब्लु बर्ड]] कैफे पर गाना बजाना शुरू कर दिया, जहा स्कोट बोर्चेटा<ref>{{cite web |url=http://www.songwriteruniverse.com/taylorswift123.htm |title=Songwriteuniverse.com |publisher=Songwriteruniverse.com |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181011205444/http://www.songwriteruniverse.com/taylorswift123.htm |archive-date=11 अक्तूबर 2018 |url-status=dead }}</ref> का ध्यान उस पर पड़ा, जिसने उसे अपने हाल ही में बने रकार्ड लेबल, [[बिग मशीन रिकॉर्डज]] के लिए साइन कर लिया। 14 साल की आयु में, वह [[सोनी/ATV टरी पब्लिशिंग]] द्वारा भर्ती की गयी सबसे कम उम्र की संगीत लेखक कर्मचारियी बनी। <ref>{{Dead link|date=सितंबर 2009}} [https://web.archive.org/web/20081112014931/http://www.philly.com/inquirer/columnists/dan_deluca/20081111_Taylor_Swift__focused_on__great_songs_.html Philly.com]</ref> == संगीत करियर == === 2006-2008: ''टेलर स्विफ्ट'' === [[चित्र:taylor Swift.jpg|thumb|left|जून 2006 में कोया लकड़ी गिटार के साथ एक कैफे में प्रदर्शन करती हुई स्विफ्ट]] स्विफ्ट ने अपनी पहली एकल, "[[टीम मकगरा]]" 2006 के मध्य में निकाली, जिससे कि वह [[बिलबोर्ड मैगज़ीन]] के [[हॉट कंट्री सोंग्स]] चार्ट<ref name="billboard charts">{{cite web |url=http://www.billboard.com/bbcom/retrieve_chart_history.do?model.vnuArtistId=766101&model.vnuAlbumId=800385 |title=Artist Chart History – Taylor Swift |accessdate=29 मार्च 2009 |work=Billboard |archiveurl=https://web.archive.org/web/20071223040151/http://www.billboard.com/bbcom/retrieve_chart_history.do?model.vnuArtistId=766101&model.vnuAlbumId=800385 |archivedate=23 दिसंबर 2007 |url-status=live }}</ref> के छठवें नंबर पर पहुँच गई। उसकी [[स्वयं अभिजात पहली एलबम]] 24 अकतूबर 2006 को निकाली गई।<ref name="billboard debut">{{cite web |url=http://www.billboard.com/bbcom/discography/index.jsp?pid=766101&aid=800385 |title=Taylor Swift – Discography |work=Billboard |accessdate=29 मार्च 2009 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20070817022906/http://www.billboard.com/bbcom/discography/index.jsp?pid=766101&aid=800385 |archivedate=17 अगस्त 2007 |url-status=live }}</ref> स्विफ्ट ने अपनी एल्बम के गाने या तो स्वय लिखे या किसी के साथ लिखवाये, इस एल्बम को [[बिलबोर्ड 200|''<span class="goog-gtc-fnr-highlight">बिलबोर्ड</span>'' 200]] में उन्नीसवां नंबर मिला और इसकी 39000 कापियां पहले ही हफ्ते में बिक गई।<ref>{{cite web|url=http://www.mtv.com/news/articles/1599721/20081119/swift__taylor.jhtml|title=Taylor Swift Scores First Chart-Topping Debut With Fearless|date=19 नवंबर 2008|publisher=MTV.com|accessdate=20 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20101028054409/http://www.mtv.com/news/articles/1599721/20081119/swift__taylor.jhtml|archive-date=28 अक्तूबर 2010|url-status=live}}</ref> बाद में यह <span class="goog-gtc-fnr-highlight">बिलबोर्ड</span> [[टॉप कंट्री एलबम्ज]] के पहले नंबर पर और ''बिलबोर्ड 200'' के पांचवे नंबर पर पहुँच गया।<ref>[55] ^ {{Dead link|date=सितंबर 2009}} [https://web.archive.org/web/20081227014159/http://www.billboard.com/bbcom/retrieve_chart_history.do?model.chartFormatGroupName=Albums&model.vnuArtistId=766101&model.vnuAlbumId=1183852 <span class="goog-gtc-fnr-highlight">Billboard</span>.com]</ref> यह आठ हफ्ते लगातार [[टॉप कंट्री एल्बमज]] चार्टस<ref>{{cite web |url=http://www.countrymusiconline.net/acmawards43_2.html |title=Countrymusiconline.net |publisher=Countrymusiconline.net |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110124121133/http://countrymusiconline.net/acmawards43_2.html |archive-date=24 जनवरी 2011 |url-status=dead }}</ref> में उच्चतम स्थान पर रहा और 91में से 24 हफ्ते उच्चतम स्थान पर रहा। <ref>{{cite web|url=http://www.cmt.com/news/country-music/1591603/taylor-swift-bumps-herself-out-of-no-1-slot.jhtml|title=Taylor Swift Bumps Herself Out of No. 1 Slot|date=26 जुलाई 2008|publisher=CMT|accessdate=20 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20100819050922/http://www.cmt.com/news/country-music/1591603/taylor-swift-bumps-herself-out-of-no-1-slot.jhtml|archive-date=19 अगस्त 2010|url-status=live}}</ref> इस दशक के अन्य कंट्री कलाकार जिन्होंने बिक्री में 20 सप्ताह या उससे अधिक के लिए पहला स्थान पाया, वे थे [[द डिक्सी चिक्स]] और [[कैर्री अन्दर्वुद]]<ref>{{cite web|url=http://www.universalmusic.com/artist-news/taylor-swift-tops-50-million-myspace-streams-has-countrys-1-selling-cd-for-20th-week|title=Taylor Swift Tops 50 Million MySpace Streams & Has Country's #1 Selling CD for 20th Week|date=24 जून 2008|publisher=Universal Music Group|accessdate=20 दिसंबर 2008|archiveurl=https://web.archive.org/web/20080820060555/http://www.universalmusic.com/artist-news/taylor-swift-tops-50-million-myspace-streams-has-countrys-1-selling-cd-for-20th-week|archivedate=20 अगस्त 2008|url-status=dead}}</ref> नवम्बर 2008 से टेलर स्विफ्ट ने तीन मिलियन से अधिक कापियां और 7.5 मिलियन एकल डाउनलोड बेचे हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.billboard.com/bbcom/hotprod/taylor-swift-fearless-1003896048.story|title=Taylor Swift, "Fearless"|date=16 नवंबर 2008|work=Billboard|publisher=Nielsen Business Media, Inc|accessdate=2 जनवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090124055619/http://www.billboard.com/bbcom/hotprod/taylor-swift-fearless-1003896048.story|archive-date=24 जनवरी 2009|url-status=live}}</ref> स्विफ्ट ने [[माईस्पेस]] पर म्यूजिक स्ट्रीम्स के 200 मिलियन के अंक को मात दी है। आजकल संगीत की सभी शैलियों के लिए सबसे ज्यादा माईस्पेस विसिट्स पाने के लिए उनका स्थान टॉप 10 में है और वह माईस्पेस की उच्चतम कोटि की कंट्री कलाकार हैं।<ref>[64]^ [http://www.fox51.com/fiftyonefeeds/entertainment/8714182.html{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} [http://www.fox51.com/fiftyonefeeds/entertainment/8714182.html टेलर स्विफ्ट]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} टॉप कंट्री एलबम्स चार्ट में नंबर 1 पर पहुंची. {{Dead link|date= जनवरी 2009}}</ref> स्विफ्ट 2008 में माइस्पेस पर सबसे ज्यादा खोजे जाने वाली संगीतकार हैं।<ref>{{cite web|url=http://thesocialmediabible.com/2008/12/16/myspace-announces-%E2%80%9Cmyspace-top-8%E2%80%99s-of-2008%E2%80%9D-awards/|title=MySpace Announces “MYSPACE TOP 8’S OF 2008” Awards|date=16 दिसंबर 2008|publisher=The Social Media Bible|accessdate=20 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20090123181635/http://thesocialmediabible.com/2008/12/16/myspace-announces-%E2%80%9Cmyspace-top-8%E2%80%99s-of-2008%E2%80%9D-awards/|archive-date=23 जनवरी 2009|url-status=dead}}</ref> "टीम मकग्रा म्यूजिक विडियो ने [[GAC's]] फेन-वोटीड वीकली टॉप 20 म्यूजिक काउंटडाउन शो में लगातार 30 हफ्ते प्रतीत हो कर एक रिकॉर्ड बनाया और [[CMT's]] विडियो चार्ट्स में नंबर एक की पोजीशन पर पहुँच गया। इस विडियो ने स्विफ्ट को 2007 CMT म्यूजिक अवार्डज में ब्रेकथ्रू विडियो ऑफ़ द इयर का पुरुस्कार भी जीताया.<ref>{{cite web |url=http://beasley.wsu.edu/calendar/event.aspx?event=147 |title=Taylor Swift at Beasley Performing Arts Coliseum |publisher=Beasley.wsu.edu |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081205195155/http://beasley.wsu.edu/calendar/event.aspx?event=147 |archive-date=5 दिसंबर 2008 |url-status=dead }}</ref> उनकी <span class="goog-gtc-fnr-highlight">कंट्री संगीत</span> की तलाश "GAC शोर्ट कट्स, का विषय थी, जिसका कुछ अंश प्रलेखी और कुछ संगीत वीडियो है, यह शृंखला, 2006 कि गरमियों से कंट्री संगीत चैनल पर दर्शाया जा रहा है।<ref>{{cite web|url=http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0,|title=GAC Debuts Short Cuts Series with Rising Star Taylor Swift|date=10 मई 2006|publisher=GACTV.com|accessdate=1 जनवरी 2009|archive-date=25 अप्रैल 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230425232051/http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0,|url-status=dead}}</ref> 15 मई 2007 को स्विफ्ट ने [[अकादमी ऑफ़ कंट्री संगीत अवार्ड्स|अकादमी ऑफ़ <span class="goog-gtc-fnr-highlight">कंट्री संगीत</span> अवार्ड्स]] में "टीम मकग्रा" प्रदर्शित किया। उसने श्रोतागण में [[टीम मकग्रा]] के लिए गाना गाया और पहली बार उसे अपना परिचय दिया। स्विफ्ट सौल2सोल 2007 दौरे पर टिम मकग्रा और [[फेथ हिल]] के लिए एक प्रारंभिक चरित रही। इससे पहले वह जोर्ज स्ट्रेट, ब्रेड पेसले और रास्कल फ्लेट्स के साथ भी काम कर चुकी थी। 21 अगस्त 2007 को स्विफ्ट ने ''[[अमेरिकाज गोट टेलेंट]]'' के समापन के अवसर पर अभिनय प्रदर्शन किया।<ref name="AGT">[74]^ "अमेरिकाज गोट टेलेंट" में [http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0, GAC_26063_5678371,00.html टेलर स्विफ्ट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230425232051/http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0, |date=25 अप्रैल 2023 }} का प्रदर्शन</ref> ''टेलर स्विफ्ट'' की एल्बम का दूसरा एकल, "[[टीयरद्रोप्स ओंन माई गिटार]]", फ़रवरी 24, 2007 को निकाला गया। इस गीत ने 2007 मध्य में पहले अपना चोटी का स्थान बनाया, यह ''बिलबोर्डज'' '''[[हॉट कंट्री]]''' सोंग्स चार्ट में नंबर [[2]] और '''बिलबोर्ड ''हॉट 100'' ''' में नंबर 33 पर पहुंचा। '''''इस गाने को पॉप रीमिक्स के साथ 2007 के अंत में हॉट 100 और [[पॉप]] 100 पर फिर से रिलीज़ किया गया; जिसने "टीयरद्रोप्स ओंन माई गिटार" को हॉट 100 पर तेरहवां और पॉप 100 पर ग्यारहवां स्थान दिलवाया. '' ''' '''''अक्टूबर 2007 में, स्विफ्ट के नाशविला सोंगराईटर्ज़ एसोसिएशन इंटरनेशनल के साथियों ने उसे सोंगराईटर/आर्टिस्ट ऑफ़ द इयर पुरस्कार से सम्मानित किया, वह सबसे कम आयु की कलाकार हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है।<ref>{{cite news |first=Peter |last=Cooper |author2=Aronin, Ivan |title=It's writers' turn to be honored for songs |url=http://tennessean.com/apps/pbcs.dll/article?AID=/20071015/ENTERTAINMENT01/710150367 |publisher=[[The Tennessean]] |date=15 अक्टूबर 2007 |accessdate=24 नवंबर 2007 }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>'' ''' 7 नवम्बर 2007 को, स्विफ्ट ने 2007 [[CMA होराईज़न अवार्ड]] पुरस्कार जीता और "आवर सोंग" जो कि इनकी एल्बम का तीसरा एकल गाना है, उस पर अभिनय भी किया। यह गाना आगे जा कर इनका पहला नंबर 1 गीत बना, 22 दिसम्बर 2007 को यह नंबर 6 के स्थान से ऊपर पहुंचा। यह जनवरी 1998 से नंबर एक स्थान के लिए सबसे बड़ी छलांग थी, जब [[टिम मकग्रा]] का "[[जस्ट टू सी यु स्माइल]]" भी नंबर 6 से नंबर 1 पर पहुंचा।<ref>{{cite web |url=http://www.billboard.com/bbcom/news/article_display.jsp?vnu_content_id=1003685079 |title=Keys Still The "One" Atop Billboard Charts |accessdate=13 जून 2008 |last=Cohen |first=Jonathan |date=13 दिसंबर 2007 |work=Billboard.com |archive-url=https://web.archive.org/web/20080505042523/http://www.billboard.com/bbcom/news/article_display.jsp?vnu_content_id=1003685079 |archive-date=5 मई 2008 |url-status=live }}</ref> "आवर सोंग" छह हफ़्तों तक कंट्री चार्ट्स में नंबर 1 पर रहा, <span class="goog-gtc-fnr-highlight">बिलबोर्ड</span> हॉट 100 पर भी यह नंबर 16 पर पहुंचा और बिलबोर्ड पॉप 100 में नंबर 24 पर रहा। स्विफ्ट ने एक होलीडे एल्बम[[Sounds of the Season: The Taylor Swift Holiday Collection]]'''' भी रिकॉर्ड की, जो अक्टूबर 16, 2007 को निकाली गई, यह केवल [[टार्गेट]] स्टोर्स पर उपलब्ध थी। यह एल्बम, जो कि उसकी स्वयम अभिजात पहली एल्बम जितनी सफल नहीं रही, इसमें दोनों होलीडे क्लासिक्स जैसे कि "[[लास्ट क्रिसमस]]" और स्विफ्ट के अपने लिखे हुए गाने थे। स्विफ्ट 2008 [[ग्रेमी पुरुस्कार]] में सर्व श्रेष्ठ नया कलाकार की श्रेणी में मनोनीत हुई पर [[अमी वाईनहॉउस]] से हार गई। स्विफ्ट का सफल एकल, "[[पिक्चर टू बर्न]]" उनकी पहली एल्बम का चौथा एकल गाना था। यह गाना 2008 के शुरू में आया और 2008 की बसंत ऋतु आने तक बिलबोर्ड कंट्री चार्ट में नंबर 3 पर पहुँच गया। [[चित्र:Taylor Swift at Yahoo crop.jpg|right|upright|thumb|2007 में याहू HQ में प्रदर्शन करती हुई स्विफ्ट]] बिग मशीन रिकॉर्डस ने "[[शुड हेव सैड नो]]" को 19 मई सोमवार को निकालने की घोषणा की। यह स्विफ्ट की पहली एल्बम का पांचवा और आखिरी एकल गाना है। उसने <span class="goog-gtc-fnr-highlight">कंट्री संगीत</span> पुरुस्कार की तियालीसवी एनुअल अकादमी पर इस गाने पर प्रदर्शन किया।<ref>{{cite web |url=http://www.countryondemand.com/news/2008/05/taylor-swift-offers-new-single-to-radio.shtml |title=Taylor Swift offers new single to radio, ACMs |publisher=Countryondemand.com |date=12 मई 2008 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081120063801/http://www.countryondemand.com/news/2008/05/taylor-swift-offers-new-single-to-radio.shtml |archive-date=20 नवंबर 2008 |url-status=dead }}</ref> उसने प्रदर्शन एक टोपीदार स्वेटशर्ट और जीन्स में शुरू किया, पर कुछ ही देर में वह एक छोटी काले रंग की हाल्टर ड्रेस में नज़र आई. गीत के अंतिम मिनट में, वह मंच के पीछे चली और वहाँ उसने आखिरी छंद का प्रदर्शन एक व्यापक झरने के नीचे किया। स्विफ्ट स्टेज पर कपड़े बदलने का और पानी के साथ यह प्रदर्शन दस वर्ष की आयु से ही करना चाहती थी।<ref>{{cite web |url=http://video.msn.com/video.aspx?mkt=en-US&brand=&vid=ca382df3-e941-480b-a827-ecee164f75f0 |title=Taylor Swift Interview, ACMs |publisher=Video.msn.com |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091109093425/http://video.msn.com/video.aspx?mkt=en-us |archive-date=9 नवंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> "शुड हेव सैड नो" 23, अगस्त 2008 के चार्ट के लिए उसका दूसरा नंबर एक एकल बन गया। जून 2008 में, नाशविला में आयोजित किये गए CMA संगीत समारोह में स्विफ्ट ने लगभग आठ घंटे औटोग्राफस दिए। यह [[गार्थ ब्रुक्स]] के 1996 के 23 घंटे के मेर्थान के बाद, सबसे लम्बा औटोग्राफ साईन करने का सत्र था।<ref>{{cite web|url=http://www.usatoday.com/life/music/news/2008-06-08-cma-roundup_N.htm|title=A hot time at country music's fan festival|date=2008-06-099|publisher=USA Today|accessdate=16 मार्च 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090301175433/http://www.usatoday.com/life/music/news/2008-06-08-cma-roundup_N.htm|archive-date=1 मार्च 2009|url-status=live}}</ref> 2008 की गर्मियों में स्विफ्ट ने ''[[बीयुटिफुल आइज़]]'' जारी की, जो कि केवल [[वाल मार्ट]] में बेचे जाने वाली EP थी।<ref name="gac">{{cite web |url=http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0,3034,GAC_26063_5903580_,00.html |title=Wal-Mart "Eyes" New Taylor Swift Project |accessdate=24 जुलाई 2008 |work=[[Great American Country]] |archive-url=https://archive.today/20150316173034/http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0,3034,GAC_26063_5903580_,00.html |archive-date=16 मार्च 2015 |url-status=dead }}</ref> रिलीज के पहले हफ्ते में, इस एल्बम की 45,000 कापियां बिक गई और यह <span class="goog-gtc-fnr-highlight">बिलबोर्ड</span> टॉप काउंट्री एलबम्स चार्ट में नंबर 1 और बिलबोर्ड 200 में नंबर 9 पे रहा। इसी सप्ताह उसकी स्वयं अभिजात एल्बम नंबर 2 पर रही। स्विफ्ट, टॉप कंट्री एल्बम चार्टस में पहले 2 स्थान लेने वाली पहली कलाकार थी, इससे पहले लींनं राईम्स ने 1997 में यह 2 स्थान पाए थे।<ref name="cst">{{cite web |url=http://www.countrystandardtime.com/news/newsitem.asp?xid=1947 |title=Taylor Swift owns top of country chart |accessdate=26 दिसंबर 2008 |work=Country Standard Time |archive-url=https://web.archive.org/web/20080731160355/http://www.countrystandardtime.com/news/newsitem.asp?xid=1947 |archive-date=31 जुलाई 2008 |url-status=dead }}</ref> स्विफ्ट [[कोअ]] लकड़ी से बना, एक विशेष रूप से निर्मित [[टेलर]] [[ध्वनिक गिटार]] बजाती है।<ref>{{cite web |url=http://www.taylorguitars.com/news/music.html |title=Taylorguitars.com |publisher=Taylorguitars.com |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100213002114/http://www.taylorguitars.com/news/music.html |archive-date=13 फ़रवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> ===2008-2009: ''<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span>'' === स्विफ्ट की नई एल्बम ''[[फिअरलेस|<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span>]]'' संयुक्त राष्ट्र अमरीका मैं 11 नवम्बर 2008 में जारी की गई।<ref name="usat">{{cite web |url=http://www.usatoday.com/life/2008-08-07-coming-attractions_N.htm |title=Coming attractions: Not all boys make Taylor Swift cry |accessdate=7 अगस्त 2008 |work=USA Today |archive-url=https://web.archive.org/web/20111018080145/http://www.usatoday.com/life/2008-08-07-coming-attractions_N.htm |archive-date=18 अक्तूबर 2011 |url-status=live }}</ref> एल्बम ने बिलबोर्ड 200 एल्बम चार्ट पर शुरुआत में ही #1 का स्थान पाया। इसकी 592304 प्रतियों की बिक्री देश के किसी भी कलाकार की सर्वोच्च पहली एल्बम थी। यह 2008 में अमरीका की किसी भी महिला कलाकार की सबसे बढ़ी शुरुआत थी और [[लिल वेन]] [[AC/DC]] और [[कोल्डप्ले]] में चौथे स्थान पर थी।<ref>{{cite web|url=http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0,|title=Taylor Swift's Fearless Makes History With No 1 Debut On Billboard's Top 200 All-Genre Album Sales Chart|date=20 नवंबर 2008|publisher=TOP 40 Charts|accessdate=24 दिसंबर 2008|archive-date=25 अप्रैल 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230425232051/http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0,|url-status=dead}}</ref> इसकी एकल [[लव स्टोरी]] देश भर में और पॉप चार्ट में हिट रही। रिलीज़ के पहले सप्ताह में129000 से अधिक स्विफ्ट की बिक्री डिजिटल से हो गयी। यह किसी भी देश के एल्बम के इतिहास का सबसे अच्छा ऑनलाइन शुरुआत है।<ref>{{cite web|url=http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0,|title=No Surprise: Taylor Swift Debuts No. 1|date=20 नवंबर 2008|publisher=GAC|accessdate=24 दिसंबर 2008|archive-date=25 अप्रैल 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230425232051/http://www.gactv.com/gac/nw_headlines/article/0,|url-status=dead}}</ref> यह स्विफ्ट को चौथी सबसे बढ़ी एल्बम बनाता है,2004 में नेल्सन सौन्द्स्कन के इसकी ट्रेकिंग शुरू करने तक.<ref name="billboard.com">{{cite web|url=http://www.billboard.com/bbcom/news/article_display.jsp?vnu_content_id=1003892753|title=Taylor Swift Soars to No.1|date=19 नवंबर 2008|publisher=Billboard|accessdate=24 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20121023191652/http://www.billboard.com/bbcom/news/article_display.jsp?vnu_content_id=1003892753|archive-date=23 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> इसके जारी होने के आठवें सप्ताह तक ''<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span>'' ने 334876 से भी अधिक डाउनलोड भुगतान कर दिया था। यह डिजिटल इतिहास में सर्वोच्च बिकने वाली एल्बम बनी। स्विफ्ट की प्रथम एल्बम ''टेलर स्विफ्ट'' 236046 डाऊनलोड बिक्री के साथ दुसरे स्थान पर रही। <ref>{{cite web|url=http://new.music.yahoo.com/blogs/chart_watch/26331/week-ending-jan-4-2009-its-taylor-swifts-world/;_ylt=AtJw4qxeVtllEuMR3mdD9IbasyUv|title=Week Ending Jan. 4, 2009: It's Taylor Swift's World...|date=7 जनवरी 2009|publisher=Yahoo Music Blog (written by Paul Grein)|accessdate=8 जनवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090119202314/http://new.music.yahoo.com/blogs/chart_watch/26331/week-ending-jan-4-2009-its-taylor-swifts-world|archive-date=19 जनवरी 2009|url-status=live}}</ref> [[चित्र:Swift, Taylor (2007) cropped.jpg|thumb|left|स्विफ्ट का 2007 का लाइव प्रदर्शन]] अपने पहले सप्ताह मैं [[फिअरलेस]] के कुल सात गाने बिलबोर्ड हॉट 100 पर सनदी थे। जिसने एक महिला कलाकार को [[हन्ना मोनाटा]] के साथ केवल एक सप्ताह मैं बांध दिया। [[वाईट होर्से]] #13 में सनदी ने स्विफ्ट को 2008 की प्रथम 20 की श्रेणी मैं छठे स्थान पर कर दिया, जो कि बिलबोर्ड के इतिहास मैं किसी का कलेंडर वर्ष का रिकार्ड है। ''<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span>'' के 13 गीतों मैं से 11 हॉट 100 में समय बिता चुके है।<ref name="billboard.com" /> एल्बम का एक गीत 'चेंज' संयुक्त राष्ट्र अमरीका के प्रयासों से साऊन्द्त्रेक समर्थन टीम के भाग के रूप में 2008 की [[ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक]] के लिए चुना गया है।<ref name="cst"/> यह गीत ओलम्पिक खेलों के प्रसारण के साऊन्द्त्रेक के [[NBC]] पैकेज के भाग के रूप में चित्रित किया गया है। उसने सितम्बर 12, 2008 में अपनी एल्बम लव स्टोरी में से एक एकल गीत जारी किया। गीत,''[[रोमियो एंड जूलियट]]'' संगीत वीडियो पर आधारित गीत के साथ है। यह गीत आई त्युन्ज़ स्टोर टॉप डाऊनलोड सोंग्ज़ में 2 नम्बर पर और <span class="goog-gtc-fnr-highlight">बिलबोर्ड</span> हॉट 100 में चौथे नम्बर पर पहुँच गया है। यह गीत टेलर स्विफ्ट का [[हस्ताक्षर गीत]] भी कहा जाता है। यह पंद्रह सप्ताह के बाद पॉप रेडियो में जोड़ा जा रहा है। [[लव स्टोरी]] भी पहली अंतर राष्ट्रिय रेकॉर्डिंग के लिए नेल्सन बी डी एस चार्ट पर, सोलह साल के इतिहास में नंबर एक पर और मिडिया बेस चार्ट 40 में नंबर एक पर पहुँच गयी।<ref>{{cite web|url=http://www.earthtimes.org/articles/show/taylor-swift-sets-historic-top-40-radio-milestone-for-country-artist,719640.shtml|title=Taylor Swift Sets Historic Top 40 Radio Milestone for Country Artist|date=17 फरवरी 2009|publisher=Universal Republic Records|accessdate=23 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20120706215445/http://www.earthtimes.org/articles/show/taylor-swift-sets-historic-top-40-radio-milestone-for-country-artist,719640.shtml|archive-date=6 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref> ''<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span>'' का दूसरा एकल "[[वाईट होर्स]]" 8 दिसम्बर 2008 को जारी किया गया। 7 फ़रवरी 2009 को इस संगीत वीडियो का [[CMT]] पर प्रीमियर हुआ। हालाँकि यह 11 अप्रैल 2009 के सप्ताह के <span class="goog-gtc-fnr-highlight">बिलबोर्ड</span> [[हॉट कंट्री गीतों]] में पहले नंबर का स्थान न पा सका। [[वाईट होर्स]] ने USA टूडे और कंट्री एयर चेक चार्ट में उस सप्ताह पहले नम्बर का दावा किया।<ref name="The Cleveland Leader">{{cite web|url=http://www.clevelandleader.com/node/9529|title=Taylor Swift's latest single "White Horse" helps make her triple-platinum|publisher=The Cleveland Leader|accessdate=4 अप्रैल 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090403080917/http://www.clevelandleader.com/node/9529|archive-date=3 अप्रैल 2009|url-status=live}}</ref> एल्बम का एक अन्य फोरेवर एंड आलवेज़ स्विफ्ट के गायक [[जो जोनस]] के साथ रिश्ते पर आधारित है।<ref>{{cite web |url=http://www.okmagazine.com/news/view/10255 |title=Taylor Swift on Joe Jonas: "We Don't Talk" |publisher=Okmagazine.com |date=12 नवंबर 2008 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090308165210/http://www.okmagazine.com/news/view/10255 |archive-date=8 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref> वह [[नेल्सन साउंड स्केन]] के इतहास की पहली कलाकार थी जिसकी दो एल्ब्म्ज़ को उस वर्ष की टॉप दस एल्ब्म्ज़ चार्ट में शामिल किया गया।<ref name="Market Watch" /> यह कंट्री संगीत के इतिहास में एक महिला कलाकार की पहली एल्बम थी जो द <span class="goog-gtc-fnr-highlight">बिलबोर्ड</span> 200 पर आठ हफ्ते नंबर 1 पर रही। 2009 मध्य जनवरी में स्विफ्ट पहली कंट्री कलाकार बनी जिसने तीन अलग गानो के साथ प्रदत्त डाउनलोडज में 2 मिलियन का अंक प्राप्त किया।<ref>{{cite web|url=http://new.music.yahoo.com/blogs/chart_watch/26539/week-ending-jan-11-2009-eat-your-heart-out-loretta-lynn/;_ylt=AjYc3Quc8Qq2YNOKdIEacz_zvSUv|title=Week Ending Jan. 11, 2009: Eat Your Heart Out, Loretta Lynn|date=14 जनवरी 2009|publisher=Yahoo Music Blog (written by Paul Grein)|accessdate=15 जनवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090119135101/http://new.music.yahoo.com/blogs/chart_watch/26539/week-ending-jan-11-2009-eat-your-heart-out-loretta-lynn|archive-date=19 जनवरी 2009|url-status=live}}</ref> स्विफ्ट 2008 <span class="goog-gtc-fnr-highlight">बिलबोर्ड</span> की टॉप कंट्री आर्टिस्ट और हॉट कंट्री सोंग राईटर है; वह 2008 कंट्री संगीत की सर्वश्रेष्ठ बिक्री की कलाकार भी हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.countrystandardtime.com/news/newsitem.asp?xid=2402|title=Taylor Swift reaches 5 million in sales, tops Billboard|date=17 दिसंबर 2008|publisher=Country Standard Time|accessdate=18 दिसंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20160307100557/http://countrystandardtime.com/news/newsitem.asp?xid=2402|archive-date=7 मार्च 2016|url-status=dead}}</ref> स्विफ्ट 2008 नीलसन साउंड सकेंन कनाडा के सभी शैलियों में 10 उच्चतम बिक्री वाले कलाकारों में सातवे नंबर पर रही। 2008 ईअर-एंड कनाडियन कंट्री एल्बम्ज़ चार्ट में ''[[फिअरलेस]]'' एंड ''टेलर स्विफ्ट'' ने नंबर 1 और 2 का स्थान लिया।<ref>{{cite web|url=http://www.bigmachinerecords.com/index.cfm?id=6&viewStory=206|title=Taylor Swift Tops 2008 Year-End Canadian Country Albums Chart With #1 and #2 CDs|date=14 जनवरी 2009|publisher=Big Machine Records|accessdate=15 जनवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090606165911/http://www.bigmachinerecords.com/index.cfm?id=6&viewStory=206|archive-date=6 जून 2009|url-status=dead}}</ref> स्विफ्ट ने 25 अक्टूबर 2008 को [[फिलाडेलफिया]] में [[विश्व श्रृंखला]] के तीसरे खेल में [[स्टार स्पेंगल्ड बेन्नर]] गाया. 2009 जनवरी में, स्विफ्ट ने अपने पहले शीर्षक दौरे की घोषणा की। वह 6 महीने के अंतराल में अपने 2009 उत्तर अमेरिकी <span class="goog-gtc-fnr-highlight">[[फिअरलेस]]</span> दौरे को 52 शहरों और 38 राज्यों में ले कर गई। प्रारंभिक प्रदर्शन में [[केल्ली पिक्लेर]] और [[ग्लोरिआना]] (जो <span class="goog-gtc-fnr-highlight">कंट्री संगीत</span> का एक नया समूह है) शामिल हैं। यह दौरा स्विफ्ट द्वारा डिज़ाइन किये गए चित्रालेख, सेटस और दृश्य अव्यव का एक नाटकीय व्याख्यान पेश करता है। स्विफ्ट गिटार और पिआनो दोनों बजाती है। एकाधिक पोशाक परिवर्तन और परी-कथा महल इस तीन-अभिनय शो के तत्वो में से कुछ हैं।<ref>{{cite web|url=http://taylorswift.com/020609-2.html|title=Taylor Swift, Billboard's Best-selling Artist of 2008 announces "FEARLESS 2009" Headlining Tour|date=30 जनवरी 2009|publisher=Taylor Swift Press Releases|accessdate=16 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090618223535/http://taylorswift.com/020609-2.html|archive-date=18 जून 2009|url-status=dead}}</ref> 10 जनवरी 2009 को, स्विफ्ट ने ''[[सेटरडे नाईट लाइव]]'' में मेहमान के रूप में अपनी पहली संगीतात्मक पेशी दी। इस शो के 33 साल के सफ़र में वह सबसे कम उम्र की कंट्री संगीतकार थी जो संगीतात्मक मेहमान के रूप में वहाँ आई.<ref>{{cite web|url=http://blog.cmt.com/2009-01-06/taylor-swift-makes-saturday-night-live-history/|title=Taylor Swift Makes Saturday Night Live History|date=6 जनवरी 2009|publisher=CMT|accessdate=8 जनवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090118161248/http://blog.cmt.com/2009-01-06/taylor-swift-makes-saturday-night-live-history/|archive-date=18 जनवरी 2009|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.mtv.com/news/articles/1602347/20090108/swift__taylor.jhtml|title=Taylor Swift Still 'Can't Believe' That She'll Be On 'SNL'|date=8 जनवरी 2009|publisher=MTV|accessdate=8 जनवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20091230130110/http://www.mtv.com/news/articles/1602347/20090108/swift__taylor.jhtml|archive-date=30 दिसंबर 2009|url-status=live}}</ref> 2008 के नवंबर चुनाव के बाद से स्विफ्ट के शो को SNL का सबसे अधिक बालिग 18-49 मूल्यांकन और समग्र दर्शक कुल प्राप्त हुआ। इसे सभी तंत्र के कार्यक्रमों और मनोरंजक केबल प्रोग्रामों में नंबर 7 का मूल्यांक मिला और इसने अपने पिछले मौसम के सभी प्रसारण को 18-49 और कुल दर्शक मूल्यांक में पीछे छोड़ दिया। <ref>{{cite web|url=http://tvbythenumbers.com/2009/01/16/saturday-night-live-scores-its-top-numbers-since-the-november-election/10990|title=‘Saturday Night Live’ Scores Its Top Numbers Since The नवम्बर Election|date=16 जनवरी 2009|publisher=NBC press release|accessdate=1 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090330145942/http://tvbythenumbers.com/2009/01/16/saturday-night-live-scores-its-top-numbers-since-the-november-election/10990|archive-date=30 मार्च 2009|url-status=dead}}</ref> 8 फ़रवरी 2009 को, स्विफ्ट ने इक्यावनवे [[ग्रैमी पुरस्कारों]] में, [[मिले साइरस]] के साथ अपने गीत "[[फिफ्टीन]]" पर प्रदर्शन किया। 8 फ़रवरी 2009 को समाप्त हुए सप्ताह में, स्विफ्ट का एकल "[[लव स्टोरी]]" देश गीत बन गया, इतिहास में इसके सबसे ज्यादा प्रदत्त डाउनलोड हुए और यह [[मेनस्ट्रीम टॉप 40]] चार्ट में उच्चतम स्थान पर आने वाला देश का पहला गीत बना। <ref>{{cite web|url=http://new.music.yahoo.com/blogs/chart_watch/28616/week-ending-feb-8-2009-shadys-back-tell-a-friend/;_ylt=AiacmGGJ0IQmdWNGj9txZWzzvSUv|title=Week Ending Feb. 8, 2009: Shady's Back (Tell A Friend)|date=11 फरवरी 2009|publisher=Yahoo Music Blog (written by Paul Grein)|accessdate=12 फरवरी 2009}}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.billboard.com/bbcom/chart-beat-bonus/chart-beat-flo-rida-atlantic-mac-mcanally-1003943129.story|title='Love' Joins the Club|date=19 फरवरी 2009|publisher=Billboard|accessdate=28 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100125111813/http://www.billboard.com/bbcom/chart-beat-bonus/chart-beat-flo-rida-atlantic-mac-mcanally-1003943129.story|archive-date=25 जनवरी 2010|url-status=live}}</ref> इसके पश्चात स्विफ्ट फिर इस अद्भुत कर्म को दोहराने निकली, सितम्बर 2009 को "[[यू बिलोंग विद मी|<span class="goog-gtc-fnr-highlight">यू बिलोंग विद मी</span>]]" के साथ वह फिर मेनस्ट्रीम टॉप 40 में नंबर 1 के स्थान पर पहुंची, यह चार्ट के इतिहास में दूसरा कंट्री सोंग था जो चोटी पर पहुंचा। [[चित्र:Keithtaylor 049.JPG|thumb|right|अगस्त 2009 में अपने फिअरलेस दौरे के दौरान प्रदर्शन करते हुए स्विफ्ट.]] स्विफ्ट की दूसरी एल्बम [[फिअरलेस]] का विमोचन होने के बाद, उसने फिल्म के [[Hannah Montana: The Movie (soundtrack)|साउंडट्रैक]] के लिए एक नया गाना, "[[क्रेज़िअर]]" निकाला है।''[[Hannah Montana: The Movie]]'' ''[[फिअरलेस]]'' की कलाकार और निर्माता होने के लिए चौवालीसवे अन्नुअल [[अकादेमी ऑफ़ कंट्री संगीत अवार्ड्स]] में स्विफ्ट को ''साल की सर्वश्रेष्ठ एल्बम'' के सम्मान के लिए चुना गया। स्विफ्ट इतिहास में सबसे कम उम्र की कलाकार है जिसने ''साल की सर्वश्रेष्ठ एल्बम'' का पुरस्कार जीता। स्विफ्ट को कंट्री संगीत में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए अकादमी का ''क्रिस्टल माइलस्टोन पुरस्कार'' भी दिया गया। अकादमी ने कैरियर उपलब्धिओं के लिए उसकी प्रशंसा की, जिसमें 2008 में अपनी शेली के संगीत में सभी कलाकारों में सबसे ज्यादा एल्बम विक्रयण, उसकी पहली एल्बम की भेदन सफलता (जो 5 टॉप 10 गानों की लिस्ट में रही, इतिहास में पहली बार किसी महिला कलाकार की पहली सीडी को यह स्थान मिला) और उसके नंबर 1 एकल "[[लव स्टोरी]]" के लिए दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय सफलता, जैसे कार्य शामिल थे। अकादमी ने यह भी उल्लेख किया की स्विफ्ट ने युवा श्रोताओं को <span class="goog-gtc-fnr-highlight">कंट्री संगीत</span> की तरफ आकर्षित करने में योगदान दिया है।<ref>{{cite web|url=http://sev.prnewswire.com/music/20090406/CL9518106042009-1.html|title=Taylor Swift Wins Album of the Year at Academy of Country Music Awards|date=6 अप्रैल 2009|publisher=Big Machine Press Release|accessdate=7 अप्रैल 2009|archive-url=https://archive.today/20090416165833/http://sev.prnewswire.com/music/20090406/CL9518106042009-1.html|archive-date=16 अप्रैल 2009|url-status=dead}}</ref> अप्रेल 2009 से स्विफ्ट ने 14 मिलियन से अधिक डाउनलोड और 3 सवर्ण मोबाइल रिंगटोन भी बेचीं हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.fiercemobilecontent.com/story/verizon-wireless-inks-taylor-swift-content-exclusive/2009-04-29|title=Verizon Wireless inks Taylor Swift content exclusive|date=29 अप्रैल 2009|publisher=Fierce Mobile Content|accessdate=29 अप्रैल 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090502162002/http://www.fiercemobilecontent.com/story/verizon-wireless-inks-taylor-swift-content-exclusive/2009-04-29|archive-date=2 मई 2009|url-status=dead}}</ref> [[चित्र:Taylor Swift St. Louis 04.25.09.JPG|thumb|left|25 अप्रैल 2009 स्कॉटट्रेड केंद्र के सेंट लुईस में प्रदर्शन करते हुए स्विफ्ट]] जून 2009 में स्विफ्ट ने [[CMT संगीत पुरुस्कार]] में [[टी-पैन]] के साथ थग स्टोरी का प्रदर्शन किया। उसे दो पुरस्कार मिले, ''साल की सर्वश्रेष्ठ महिला विडियो'' और ''साल की सर्वश्रेष्ठ विडियो'' का.<ref>{{cite web|url=http://www.tvguide.com/News/Taylor-Swift-Brad-1006975.aspx|title=Taylor Swift, Brad Paisley Win Big at CMT Awards|publisher=TVGuide.com|accessdate=जून 17, 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090724004018/http://www.tvguide.com/News/Taylor-Swift-Brad-1006975.aspx|archive-date=24 जुलाई 2009|url-status=live}}</ref> अपने तीन गाने प्रदर्शित करने के अलावा, स्विफ्ट बैंड हीरो में एक प्लेएबल किरदार में भी दिखाई दी। सितम्बर 6 को स्विफ्ट ने अपने [[माइस्पेस]] ब्लॉग में घोषणा की कि फिअरलेस छः नए गानों के साथ 27 अक्टूबर को फिर से निकाला जाएगा. उसमें एक डीवीडी भी शामिल थी जिसमें उसके दौरे के कुछ दृश्य और चित्र थे।<ref>{{cite web |url=http://blogs.myspace.com/index.cfm?fuseaction=blog.view&friendId=27612962&blogId=508937979 |title=Myspace.com |publisher=Blogs.myspace.com |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090909083156/http://blogs.myspace.com/index.cfm?fuseaction=blog.view&friendId=27612962&blogId=508937979 |archive-date=9 सितंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> यह दौरा 23 अप्रैल को [[एवेंस्विले]], इंडियाना से शुरू हुआ। 6 फ़रवरी 2009 को 22 मई के लोस एंजलिस [[स्टेपल्स सेंटर]] में होने वाले शो की टिकटें बिक्री के लिए दी गई और 2 मिनट में बिक गई।<ref>{{cite web|url=http://sev.prnewswire.com/entertainment/20090206/CL6790006022009-1.html|title=Taylor Swift Sells Out LA's Staples Center in 2 Minutes|date=6 फरवरी 2009|publisher=Big Machine Records|accessdate=16 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090211170930/http://sev.prnewswire.com/entertainment/20090206/CL6790006022009-1.html|archive-date=11 फ़रवरी 2009|url-status=dead}}</ref> इसके अगले सप्ताह कई तिथियों और स्थलों की टिकटें बिक्री के लिए दी गई, इनमें [[मेडिसन सकेर गारडन]] भी शामिल था, यह सब 1 ही मिनट में बिक गई।<ref>{{cite web|url=http://tristatehomepage.com/content/fulltext/?cid=56162|title=Swift Tickets Gone before Many Have a Chance to Buy|date=13 फरवरी 2009|publisher=Tristate Homepage|accessdate=16 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090214093643/http://tristatehomepage.com/content/fulltext/?cid=56162|archive-date=14 फ़रवरी 2009|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.courierpress.com/news/2009/feb/13/taylor-swift-tickets-gone-flash/|title=Taylor Swift tickets gone in a flash|date=13 फरवरी 2009|publisher=Courier Press|accessdate=16 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090216001026/http://www.courierpress.com/news/2009/feb/13/taylor-swift-tickets-gone-flash/|archive-date=16 फ़रवरी 2009|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.kait8.com/Global/story.asp?S=9844040&nav=0jsh|title=Taylor Swift Concert Tickets Sell Swiftly (Jonesboro, AR)|date=14 फरवरी 2009|publisher=KAIT 8|accessdate=16 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090608022517/http://www.kait8.com/Global/story.asp?S=9844040&nav=0jsh|archive-date=8 जून 2009|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.sunherald.com/news/local/story/1138964.html|title=Tickets go Swiftly into waiting hands|date=13 फरवरी 2009|publisher=Sun Herald|accessdate=16 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090217110642/http://www.sunherald.com/news/local/story/1138964.html|archive-date=17 फ़रवरी 2009|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.cjbk.com/news/music/87/894735|title=Taylor Swift Show A Fast Sellout In Nyc|date=17 मार्च 2009|publisher=CJBK|accessdate=19 मार्च 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090615033712/http://www.cjbk.com/news/music/87/894735|archive-date=15 जून 2009|url-status=dead}}</ref> 28 अप्रैल 2009 को, स्विफ्ट ने [[अलेग्जेंन्द्रीया]], वर्जिनिया में स्थित एक छोटे से कैथोलिक स्कूल, [[बिशप आइर्तन हाई]] के लिए मुफ्त में एक स्वकीय संगीत-समारोह किया। इसका आयोजन तब किया गया जब इस स्कूल ने [[वरिज़ं वायरलेस]] से एक राष्ट्रीय "TXT2WIN प्रतियोगिता जीती.<ref>{{cite web|url=http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2009/04/28/AR2009042803919.html|title=Taylor Swift Wows the Students at Bishop Ireton High School, Alexandria|access-date=25 मार्च 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20170812141555/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2009/04/28/AR2009042803919.html|archive-date=12 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref> छात्रों ने लगभग एक महीना चलने वाली इस प्रतियोगिता में वेरिज़ंन को 19,000 हजार से अधिक संदेश भेजे. स्विफ्ट ने स्कूल के फिल्ड दिवस (एक वार्षिक दिवस जिसमें लंबा अवकाश एंव खेल और गतिविधियों होती हैं) के दौरान करीब एक घंटे का प्रदर्शन किया। 8 अक्टूबर 2009 को स्विफ्ट ने अपनी ऑफिसियल वेबसाइट पर घोषणा की कि उसका बिका हुआ <span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span> दौरा 2010 में 37 अतिरिक्त तारीखों के लिए उत्तर अमरीका में वापस आएगा. 14 नवम्बर 2009 वाले हफ्ते विवरणपट पर, स्विफ्ट ने [[बिलबोर्ड हॉट 100]] में एक महिला कलाकार द्वारा एक साथ अधिकतम गाने होने का रिकॉर्ड कायम किया। इसमें उसकी 2008 की दौबारा निकाले जाने वाली एलबम ''<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span>'' में से आठ एकल थे, जिनमें टॉप 30 में पांच पहली बार आने वाले नए गाने थे जिनके नाम हैं: "जम्प देंन फाल" नंबर 10 पर, "अनटचेबल" नंबर 19 पर, द "अदर साइड ऑफ़ डोर" नंबर 22 पर, "सुपरस्टार" नंबर 27 पर और "कम इन विद द रेन" नंबर 30 पर एंव पहले से विवरणपट पर मोजूद गाने जो एकल के रूप में निकाले गए थे- "[[यू बिलोंग विद मी]]" नंबर 14 पर, "फोरेवर एंड आलवेज़" जो नंबर 34 पर विवरणपट में वापिस आया और "[[फिफ्टीन]]" नंबर 46 पर.<ref>{{cite web |last=Anderson |first=Kyle |url=http://www.mtv.com/news/articles/1625567/20091105/story.jhtml |title=Taylor Swift Breaks Another Chart Record With New Fearless Tracks - News Story &#124; Music, Celebrity, Artist News &#124; MTV News |publisher=Mtv.com |date=5 नवंबर 2009 |accessdate=30 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100109102442/http://www.mtv.com/news/articles/1625567/20091105/story.jhtml |archive-date=9 जनवरी 2010 |url-status=live }}</ref> इसके अतिरिक्त, [[बोयस लाइक गर्ल्ज़]] का गीत "[[टू इस बेटर देंन वन]]" जिसमें स्विफ्ट दिखाई जाती हैं, इसी सूची में नंबर 80 पर रहा। इससे स्विफ्ट के छ: प्रारंभिक गाने एक ही हफ्ते में पेश किया गए, यह आजतक किसी भी महिला कलाकार के सबसे ज्यादा संख्या के प्रारंभिक गाने रहे हैं। यह उसके एकसाथ-विवरणपट पर बजते हुए गानों की संख्या बढ़ा कर 9 कर देता है, जिससे एक ही हफ्ते में, एक ही महिला कलाकार के सबसे ज्यादा संख्या के गाने विवरणपट पर आने का रिकॉर्ड भी कायम हो गया।<ref>[157] ^ http://www {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200603081249/https://www/ |date=3 जून 2020 }}.<span class="goog-gtc-fnr-highlight">billboard</span>.com/ # / news/derulo-tops-hot-100-but-swift-swoops-in-1004033394.story</ref> जब "फिफ्टीन" 21 नवम्बर 2009 वाले हफ्ते के विवरणपट पर नंबर 38 पर पहुंचा तब स्विफ्ट दशक के सबसे ज्यादा उच्चतम 40 एकल वाली महिला कलाकार बन गई। उन्होंने [[बियोन्से क्नोव्लेस|<span class="goog-gtc-fnr-highlight">बियोन्से</span> क्नोव्लेस]] को मात दे दी, जिनके अभी उच्चतम 40 में 19 एकल हैं।<ref>{{cite web |author=Česky |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Beyonc%C3%A9_Knowles_discography#Singles |title=Beyoncé Knowles discography - Wikipedia, the free encyclopedia |publisher=En.wikipedia.org |date= |accessdate=30 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100304150452/http://en.wikipedia.org/wiki/Beyonc%C3%A9_Knowles_discography#Singles |archive-date=4 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |author=Česky |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Beyonc%C3%A9_Knowles_discography#As_featured_artist |title=Beyoncé Knowles discography - Wikipedia, the free encyclopedia |publisher=En.wikipedia.org |date= |accessdate=30 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100304150452/http://en.wikipedia.org/wiki/Beyonc%C3%A9_Knowles_discography#As_featured_artist |archive-date=4 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref> "फिफ्टीन" स्विफ्ट का ''<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span>'' में तेरहवां उच्चतम 40 एकल बन गया और समस्त रूप से उसका बीसवां.<ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Taylor_Swift_discography#Singles |title=Taylor Swift discography - Wikipedia, the free encyclopedia |publisher=En.wikipedia.org |date= |accessdate=30 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100410003908/http://en.wikipedia.org/wiki/Taylor_Swift_discography#Singles |archive-date=10 अप्रैल 2010 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=http://en.wikipedia.org/wiki/Taylor_Swift_discography#Digital_songs |title=Taylor Swift discography - Wikipedia, the free encyclopedia |publisher=En.wikipedia.org |date= |accessdate=30 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100410003908/http://en.wikipedia.org/wiki/Taylor_Swift_discography#Digital_songs |archive-date=10 अप्रैल 2010 |url-status=live }}</ref> जैसे 5 दिसम्बर [[हॉट 100]] सूची की घोषणा हुई, टेलर के ऐतिहासिक कदम और बदने लगे, : बोयज़ लाईक गिर्ल्स का "टू इज बेटर दें वन" नंबर 40 पर पहुँच गया और [[जॉन मेयर]] का "हाफ ऑफ़ माय हार्ट" नंबर 25 पर पेश हुआ, इन दोनों ही गानों में स्विफ्ट थी। इससे स्विफ्ट को उसका इक्कीसवां और बाईसवां उच्चतम 40एकल मिला। 11 नवम्बर 2009 को, स्विफ्ट ने चार [[CMA पुरस्कार]] जीते: "[[फिअरलेस|<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span>]]" के लिए ''वर्ष की श्रेष्ठ एलबम'', "[[लव स्टोरी]]" के लिए ''वर्ष की श्रेष्ठ संगीत विडियो'', ''वर्ष की श्रेष्ठ गायिका'' और ''वर्ष की श्रेष्ठ एनटरटेनर'' .<ref>[166]^ [http://www.people.com/people/package/article/0, 20316530_20319235,00.html टेलर स्विफ्ट CMAs]{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }} को ध्वंस करती हुई</ref> स्विफ्ट को पांच 2009 [[अमेरिकी संगीत पुरस्कार]] भी मिले: ''वर्ष का श्रेष्ठ कलाकार'', ''पसंदीदा पोप/रोक महिला कलाकार'', ''पसंदीदा कंट्री महिला कलाकार'', "[[फिअरलेस|<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span>]]" के लिए ''पसंदीदा कंट्री एलबम'' और ''पसंदीदा बालिग समकालीन कलाकार'' .<ref>[167]^ 2009 अमेरिकी संगीत पुरस्कारों के [http://www.buzzsugar.com/6349388 विजेताओं की घोषणा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100106130109/http://www.buzzsugar.com/6349388 |date=6 जनवरी 2010 }}</ref> दिसम्बर 2 2009 को उसे "[[यू बिलोंग विद मी]]" के लिए ''[[वर्ष का रिकार्ड]]'', ''[[वर्ष का गीत]]'' और ''[[श्रेष्ठ महिला पोप गीत प्रदर्शन]]'', "[[वाईट होर्स]]" के लिए ''[[श्रेष्ठ महिला कंट्री गीत प्रदर्शन]]'', ''[[श्रेष्ठ कंट्री गीत]]'', "ब्रेथ" के लिए ''[[श्रेष्ठ पॉप सांगीतिक सहयोग]]'' और "[[फिअरलेस]]" के लिए ''[[वर्ष की एलबम]]'' और ''[[श्रेष्ठ कंट्री एलबम]]'' के लिए [[ग्रेमी अवार्ड]] नामांकन मिले। <ref>[168]^ [http://news-briefs.ew.com/2009/12/02/grammy-nominations/ बेयोंसे, टेलर स्विफ्ट ग्रेमी नामांकन का नेतृत्व] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100106070640/http://news-briefs.ew.com/2009/12/02/grammy-nominations/ |date=6 जनवरी 2010 }}</ref> 2009 के अंत में ''[[एसोसिएटेड प्रेस]]'' ने स्विफ्ट को "वर्ष की एंटरटेनर" का नाम दिया। <ref>{{cite web|url=http://news.yahoo.com/s/ap/20091221/ap_en_mu/us_ap_entertainer_of_the_year|title=Taylor Swift voted AP entertainer of the year|publisher=Associated Press|date=21 दिसंबर 2009|accessdate=11 जनवरी 2010|archiveurl=https://web.archive.org/web/20091225010201/http://news.yahoo.com/s/ap/20091221/ap_en_mu/us_ap_entertainer_of_the_year|archivedate=25 दिसंबर 2009|url-status=live}}</ref> "[[फिअरलेस|<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span>]]" U.S. में 2009 की सर्वश्रेष्ठ बिकने वाली एल्बम रही, जिसकी उस साल 3.2 मिलियन कापियां बिकी. निल्सन के BDS Top 10 मोस्ट प्लेड सोंग्स चार्ट (सभी शेली) में स्विफ्ट ने "<span class="goog-gtc-fnr-highlight">यू बिलोंग विद मी</span>" और "लव स्टोरी" के लिए क्रमानुसार नंबर 1 और नंबर 2 का स्थान पाया। उसने सभी प्रारूप 2009 टॉप 10 आर्टिस्ट एरप्ले चार्ट पर 1.29 मिल्लियन गाने अभिज्ञान करने और टॉप 10 आर्टिस्ट इंटरनेट स्ट्रिम्ज़ चार्ट में 46 मिल्लियन से अधिक गाने बजाने पर भी उच्चतम स्थान पाया है। <ref name="PR Newswire"/> ==== एमटीवी VMA विवाद ==== {{More|2009 MTV Video Music Awards#Kanye West controversy and debated incidents}} [[चित्र:Kanye-West-grabs-the-mic-2009-vma.jpg|right|thumb|वेस्ट 2009 एमटीवी वीडियो संगीत पुरस्कार में स्विफ्ट से माइक्रोफोन लेता हुआ।]] 14 जुलाई 2009 को यह निश्चित हुआ कि स्विफ्ट 2009 [[MTV वीडियो संगीत पुरस्कार]] में प्रदर्शन करेंगी। "मैं बहुत उत्साहित हूँ कि MTV और VMAs ने मुझे प्रदर्शन करने के लिए आमंत्रित किया है क्योंकि मुझे लगता है, कि इस साल का शो पहले उन्होंने जितने भी शो किए हैं, उन सब से बिलकुल अलग होगा" स्विफ्ट ने कहा. "मुझे अपने प्रदर्शन में नाटकीयता शामिल करना बेहद पसंद है और VMAs ने हमेशा कलाकारों को ऐसा करने की अनुमति दी है," उसने कहा. MTV मेरे लिए बहुत अच्छा रहा है और मैं इस साल के VMAs के बारे में इससे अधिक उत्साहित नहीं हो सकती है।" यह स्विफ्ट का VMAs पर पहला प्रदर्शन था, जहाँ वह MTV वीडियो संगीत पुरस्कार जीतने वाली पहली <span class="goog-gtc-fnr-highlight">कंट्री संगीत</span>कार बनी। <ref name="msnbc.msn.com">{{cite web|title=Kanye calls Taylor Swift after ‘View’ appearance|publisher=''[[The Associated Press]]''/MSNBC|date=15 सितंबर 2009|accessdate=16 सितंबर 2009|url=http://www.msnbc.msn.com/id/32861800/ns/entertainment-music/|archive-url=https://web.archive.org/web/20100208054425/http://www.msnbc.msn.com/id/32861800/ns/entertainment-music/|archive-date=8 फ़रवरी 2010|url-status=live}}</ref> यह शो MTV पर सितम्बर 13 को प्रसारित हुआ, इसमें लगातार दूसरी बार ब्रिटिश हास्य अभिनेता [[रसेल ब्रांड]] ने मेज़बानी की। <ref>{{cite web |author=Beville Darden |url=http://www.theboot.com/2009/07/14/taylor-swift-to-perform-at-vmas/ |title=Taylor Swift to Perform at VMAs |publisher=Theboot.com |date=14 जुलाई 2009 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100402203653/http://www.theboot.com/2009/07/14/taylor-swift-to-perform-at-vmas |archive-date=2 अप्रैल 2010 |url-status=dead }}</ref> पुरस्कार समारोह के दौरान, जब स्विफ्ट "[[यू बिलोंग विद मी]]" के लिए ''सर्वश्रेष्ठ महिला विडियो'' का पुरस्कार लेते समय स्वीकार भाषण दे रही थी, तभी गायक [[कन्ये वेस्ट]] ने स्टेज पर आ कर स्विफ्ट से मिक्रोफोने ले लिया और कहा कि [[बियोन्से]] का विडियो "[[सिंगल लेडीस (पुट अ रिंग ओंन ईट]])", की उसी पुरस्कार के लिए नियुक्त किया गया था, वह अभी तक का एक सर्वश्रेष्ठ विडियो है। इस बात पर वहाँ उपस्थित सभी दर्शकों ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई.<ref name="rollingstone.com">{{cite web|url=http://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/09/13/kanye-west-storms-the-vmas-stage-during-taylor-swifts-speech/?rand=84857|title=Kanye West Storms the VMAs Stage During Taylor Swift's Speech|date=13 सितंबर 2009|publisher=Rolling Stone|accessdate=13 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090922170945/http://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/09/13/kanye-west-storms-the-vmas-stage-during-taylor-swifts-speech/?rand=84857|archive-date=22 सितंबर 2009|url-status=live}}</ref><ref name="latfallout">{{cite news|url=http://www.latimes.com/entertainment/news/music/la-et-kanye-fallout15-2009sep15,0,4346169.story|title=Kanye West expresses Swift regret on blog and 'The Jay Leno Show'|date=15 सितंबर 2009|work=Los Angeles Times|accessdate=15 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090923143310/http://www.latimes.com/entertainment/news/music/la-et-kanye-fallout15-2009sep15,0,4346169.story|archive-date=23 सितंबर 2009|url-status=live}}</ref> उसने दंग और परेशान स्विफ्ट को माइक्रोफ़ोन वापिस दे दिया, जिसने अपना स्वीकार भाषण खत्म नहीं किया।<ref name="rollingstone.com" /><ref>{{cite news|url=http://www.mtv.com/news/articles/1621389/20090913/west_kanye.jhtml|title=Kanye West Crashes VMA Stage During Taylor Swift's Award Speech|last=Rodriguez|first=Jayson|date=13 सितंबर 2009|publisher=MTV News|accessdate=14 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101213065632/http://www.mtv.com/news/articles/1621389/20090913/west_kanye.jhtml|archive-date=13 दिसंबर 2010|url-status=live}}</ref> उसके बाद वेस्ट को शो से निकाल दिया गया।<ref name="rollingstone.com" /> जब बाद में बियोन्से को सिंगल लेडीस (पुट अ रिंग ओंन ईट) के लिए वर्ष की सर्व श्रेष्ठ वीडियो का पुरस्कार मिला, तब उसने स्विफ्ट को स्टेज पर बुलाया जिसे कि वह अपना सकार भाषण खत्म कर सके। <ref name="rollingstone.com" /><ref>{{cite news|url=http://www.hollywoodreporter.com/hr/content_display/news/e3idc1bbdb02d3e92062c423efbf6ec0c48|title=Kanye West causes VMA controversy|last=Szalai|first=Georg|date=13 सितंबर 2009|publisher=[[Hollywood Reporter]]|accessdate=14 सितंबर 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20090922191846/http://www.hollywoodreporter.com/hr/content_display/news/e3idc1bbdb02d3e92062c423efbf6ec0c48|archivedate=22 सितंबर 2009|url-status=live}}</ref> पुरस्कार समारोह के बाद, वेस्ट ने एक ब्लॉग (जो बाद में हटा दिया गया) के द्वारा अपने वाचिक आवेग के लिए क्षमा मांगी.<ref name="rollingstone.com" /> उसके आवेग के लिए कई हस्तियों ने उसकी निंदा की<ref name="latfallout" /><ref>{{cite web|url=http://www.mtv.com/ontv/vma/2009/best-female-video/|title=2009 MTV Video Music Awards - Best Female Video|publisher=MTV.com|accessdate=15 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20100303052537/http://www.mtv.com/ontv/vma/2009/best-female-video/|archive-date=3 मार्च 2010|url-status=live}}</ref><ref name="Cnn.com">{{cite news|first=Lisa|last=Respers|title=Anger over West's disruption at MTV awards|date=14 सितंबर 2009|accessdate=15 सितंबर 2009|publisher=CNN|url=http://www.cnn.com/2009/SHOWBIZ/09/14/kanye.west.reaction/index.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20181017080013/http://www.cnn.com/2009/SHOWBIZ/09/14/kanye.west.reaction/index.html|archive-date=17 अक्तूबर 2018|url-status=live}}</ref><ref name="MTV">{{cite web|title=Adam Lambert, Donald Trump, Joe Jackson Slam Kanye West's VMA Stunt|publisher=MTV|date=13 सितंबर 2009|accessdate=13 सितंबर 2009|url=http://www.mtv.com/news/articles/1621475/.../swift__taylor.jhtml|archive-url=https://web.archive.org/web/20100207040009/http://www.mtv.com/news/articles/1621475/.../swift__taylor.jhtml|archive-date=7 फ़रवरी 2010|url-status=live}}</ref><ref name="MTV.Com">{{cite web|authors=Shaheem Reid and Rahman Dukes|title=50 Cent Slams Kanye West For VMA Outburst|date=15 सितंबर 2009|publisher=MTV|accessdate=15 सितंबर 2009|url=http://www.mtv.com/news/articles/1621544/20090915/50_cent.jhtml|archive-url=https://web.archive.org/web/20091004085107/http://www.mtv.com/news/articles/1621544/20090915/50_cent.jhtml|archive-date=4 अक्तूबर 2009|url-status=live}}</ref> और राष्ट्रपति, [[बराक ओबामा]] ने भी एक [[गोपनीय]] टिप्पणी दे कर उसकी आलोचना की। <ref name="politico.com">{{cite web|first=Patrick|last=Gavin|title=Obama calls Kayne 'jackass'|publisher=[[The Politico]]|date=15 सितंबर 2009|accessdate=15 सितंबर 2009|url=http://www.politico.com/click/stories/0909/did_obama_call_kanye_a_jackass.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20100209044435/http://www.politico.com/click/stories/0909/did_obama_call_kanye_a_jackass.html|archive-date=9 फ़रवरी 2010|url-status=live}}</ref><ref name="people.com">{{cite web|title=Audio: President Obama Calls Kanye West a 'Jackass'|date=15 सितंबर 2009|accessdate=16 सितंबर 2009|publisher=''[[People (magazine)|People]]''|url=http://www.people.com/package/article/0, 20302940_20304704,00.html|archive-date=26 सितंबर 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200926211528/https://people.com/package/article/0,|url-status=dead}}</ref><ref name="www.foxnews.com">{{cite web|title=Obama Calls Kanye West a 'Jackass'|date=15 सितंबर 2009|accessdate=16 सितंबर 2009|publisher=[[Fox News Channel|Fox News]]|url=http://www.foxnews.com/politics/2009/09/15/obama-calls-kanye-west-jackass/|archive-url=https://web.archive.org/web/20181106160707/https://www.foxnews.com/politics/2009/09/15/obama-calls-kanye-west-jackass/|archive-date=6 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=Obama Calls Kanye a 'Jackass' -- The Audio|publisher=[[TMZ]]|date=15 सितंबर 2009|accessdate=15 सितंबर 2009|url=http://www.tmz.com/2009/09/15/obama-calls-kanye-a-jackass/|archive-url=https://web.archive.org/web/20100317165250/http://www.tmz.com/2009/09/15/obama-calls-kanye-a-jackass/|archive-date=17 मार्च 2010|url-status=dead}}</ref> बाद में उसने अपने ब्लॉग पर एक दूसरी क्षमा याचना डाली और इस घटना के अगले ही दिन ''[[द जय लीनो शो]]'' पर आ कर सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगी.[207] [[चित्र:Taylor Swift 2009 MTV VMA.jpg|thumb|left|upright|स्विफ्ट अपने पुरस्कार के साथ, 2009 एमटीवी वीडियो संगीत पुरस्कार में.]] 15 सितम्बर 2009 को, स्विफ्ट ने ''[[द वियु]]'' पर इस मामले के बारे में बात की। उनसे पूछा की जिस पल यह वाकया हुआ, उस समय वह क्या सोच रही थी, तब उन्होंने कहा:<blockquote>मुझे लगता है कि मेरी कुल सोच प्रक्रिया कुछ ऐसी थी, 'वाह, मैं विश्वास नहीं कर पा रही कि में जीत गई हूँ, कमाल हो गया, लड़खड़ाना यां गिरना मत्त, मुझे अपने प्रशंसकों को धन्यवाद देने का मौका मिलेगा, यह कितना अछा है। ओह, कन्या वेस्ट यहाँ है। सुंदर बाल कटवाए हैं तुम वहाँ क्या कर रहे हो? और फिर, 'आउच.' और फिर, मुझे लगता है मैं प्रशंसकों को धन्यवाद नहीं कह पाउंगी.<ref name="MTV.com">{{cite web|first=Jocelyn|last=Vena|title=Taylor Swift Tells 'The View' Kanye West Hasn't Contacted Her. The country star discusses her reaction to the VMA incident.|date=15 सितंबर 2009|publisher=MTV|accessdate=15 सितंबर 2009|url=http://www.mtv.com/news/articles/1621550/2009915/swift__taylor.jhtml|archive-url=https://web.archive.org/web/20100328130534/http://www.mtv.com/news/articles/1621550/2009915/swift__taylor.jhtml|archive-date=28 मार्च 2010|url-status=live}}</ref><ref name="nypost.com">{{cite web|title=Taylor Swift visits 'The View,' accepts Kanye apology|publisher=New York Post|date=15 मई 2009|accessdate=15 सितंबर 2009|url=http://www.nypost.com/p/blogs/tvblogs/taylor_swift_visits_the_view_accepts_iW7OOuj6BQpLe1oX8TVFNM|archiveurl=https://archive.today/20121205044335/http://www.nypost.com/p/blogs/tvblogs/taylor_swift_visits_the_view_accepts_iW7OOuj6BQpLe1oX8TVFNM%23axzz2E9KT3xdd|archivedate=5 दिसंबर 2012|url-status=live}}</ref> </blockquote> स्विफ्ट ने कहा कि इस घटना के बाद वेस्ट ने उनसे कोई बात नहीं की। <ref name="nypost.com" /> ''द वियु'', पर उसकी उपस्थिति के बाद, वेस्ट ने उससे व्यक्तिगत रूप से माफ़ी माँगने के लिए संपर्क किया, स्विफ्ट ने कहा कि उसने वेस्ट की माफ़ी स्वीकार कर ली। <ref name="msnbc.msn.com" /><ref name="nypost.com" /> 2009 CMA पुरस्कारों के दौरान, [[ब्राड पैसले]] और [[लि्टल जिम्मी डिकन्स]] ने स्टेज पर कन्ये वेस्ट के इस कांड की निंदा की, जिसमें डिकन्स ने पैसले के भाषण के दोरान उससे मिक्रोफोने चुरा लिया और कहा की स्विफ्ट का विडियो बेहतर था। === 2010-आजकल === स्विफ्ट ने 2010 ''[[पीपलस चोइस अवार्ड]]'' में पसंदीदा महिला कलाकार का पुरस्कार जीता। <ref>[215]^ [http://www.people.com/people/article/0, 20334860,00.html सैंड्रा बुलक, टेलर स्विफ्ट पीपल्स च्वाइस अवार्डस में काफी कुछ जीती] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }}</ref> 2010 फ़रवरी में, वह अपने [[फिअरलेस भ्रमण|<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिअरलेस</span> भ्रमण]] को [[ऑस्ट्रेलिया]] के 5 शहरों में ले जाने वाली है। उनके शुरुवाती कार्य में [[ग्लोरिआना]] होगा। <ref>{{cite news| title = Taylor Swift FEARLESS TOUR 2010| work = | publisher = Ticketek| date = | url = http://premier.ticketek.com.au/shows/show.aspx?sh=TAYLORSW10&searchId=464a7869-8d63-4190-a249-e63b830df60d| accessdate = 8 जनवरी 2010| archive-url = https://web.archive.org/web/20140908122756/http://premier.ticketek.com.au/shows/show.aspx?sh=TAYLORSW10&searchId=464a7869-8d63-4190-a249-e63b830df60d| archive-date = 8 सितंबर 2014| url-status = dead}}</ref> स्विफ्ट वर्तमान में अपने तीसरे एलबम के लिए गाने रिकॉर्ड कर रही है। उसने विषय अभी से प्लान कर लिया है। यह एलबम 2010 के अंत में रिलीज़ कि जाएगी.{{Citation needed|date= जनवरी 2010}} स्विफ्ट ने ''[[टुडे वाज अ फेयरी टेल]]'' गाना [[आईट्यून्स]] पर 19, जनवरी 2010 को रिलीज़ किया। यह गाना फिल्म ''[[वेलेन्ताइन्ज़ डे]]'' के आगामी साउंडट्रैक पर दिखाया जाने वाला है; यह पहली फिल्म है जिसमें स्विफ्ट अभिनय कर रही है। == संगीत लेखन शैली == स्विफ्ट के गीतकाव्य काफी हद तक आत्मकथात्मक हैं, उसने कहा है कि "यदि तुम मेरी एल्बमों के गाने सुनोगे, वह मेरी डायरी पढ़ने की तरह है।"<ref name="LittleSunshine">{{cite news|url= http://www.nytimes.com/2009/12/06/t-magazine/womens-fashion/06well-swift.html?hp|title= Little Miss Sunshine|author= Lynn Hirschberg|date= 3 दिसंबर 2009|publisher= New York Times|access-date= 25 मार्च 2010|archive-url= https://web.archive.org/web/20190122195513/https://www.nytimes.com/2009/12/06/t-magazine/womens-fashion/06well-swift.html?hp|archive-date= 22 जनवरी 2019|url-status= live}}</ref> उदाहरण के लिए, गीत "फॉरएवर एंड आलवेज़" उनके और जोए जोनस<ref name="youtube1">[221]^ [http://www.youtube.com/watch?v=AMouCSGVhOs टेलर स्विफ्ट रेडियो स्टेशन साक्षात्कार पर गीत "फोरेवर एंड अल्वेय्ज़" की चर्चा करती है (यौ ट्यूब विडियो)] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130303105122/http://www.youtube.com/watch?v=AMouCSGVhOs |date=3 मार्च 2013 }}</ref> के रिश्ते से प्रेरित था, जबकि गीत "हे स्टीफन" उस आदमी के बारे में लिखा गया था जिसने स्विफ्ट के लिए कुछ काम शुरू करवाया.<ref name="LittleSunshine" /> "<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिफ्टीन</span>" उनके हाई स्कूल के फ्रेश्मे्न साल के बारे में लिखा गया था। यह कहा गया है कि उसके गीत 'खटाई कि झलक देते हैं: चीयर्लीडार्ज़ से मुकाबला करती हुई एक शांत एकाकी लड़की, यां जिस लड़के ने उसे छोड़ दिया उसकी वजह से कठोर भुगतान करती हुई.<ref>{{cite web|url= http://www.dailymail.co.uk/home/you/article-1222172/Taylor-Swift--meteoric-rise-pops-brightest-new-star.html|title= Taylor Swift - the meteoric rise of pop's brightest new star|author= Benji Wilson|date= 25 अक्टूबर 2009|publisher= Daily Mail|accessdate= 5 दिसंबर 2009|archive-url= https://web.archive.org/web/20190331091029/https://www.dailymail.co.uk/home/you/article-1222172/Taylor-Swift--meteoric-rise-pops-brightest-new-star.html|archive-date= 31 मार्च 2019|url-status= live}}</ref> उसने यह भी संकेत किया है कि वह ऐसा लिखने कि कोशिश करती हैं जिससे कि उसके प्रशंसक नाता रख सकें, उसने कहा, "मेरा लक्ष्य कभी भी ऐसे गाने लिखने का नहीं है जिससे कि मेरे प्रशंसक नाता न रख सकें.<ref>{{cite web|url= http://www.cmt.com/news/country-music/1591866/why-taylor-swifts-songwriting-sings.jhtml|title= CMT : News : Why Taylor Swift's Songwriting Sings|publisher= www.cmt.com|accessdate= 24 दिसंबर 2009|date= 30 जुलाई 2008|author= Alison Bonaguro|archive-url= https://archive.today/20130325212847/http://www.cmt.com/news/country-music/1591866/why-taylor-swifts-songwriting-sings.jhtml|archive-date= 25 मार्च 2013|url-status= live}}</ref> निजी प्रकृति के गीतों ने उसकी तरफ सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करवाया है। स्विफ्ट ने एक बार कहा कि, "मैंने सोचा था कि लोगों को उन से संबंध जोड़ने में कठिनाई होगी, लेकिन ऐसा हुआ कि जितने अधिक व्यक्तिगत मेरे गाने थे और अधिक निकटता से लोग उन से सम्बन्ध जोड़ सके.<ref>{{cite web|url= http://www.digitalspy.com/music/interviews/a145563/taylor-swift.html|title= Interview: Taylor Swift|author= Nick Levine|date= 6 फरवरी 2009|publisher= Digital Spy|accessdate= 5 दिसंबर 2009|archive-url= https://web.archive.org/web/20101206105314/http://www.digitalspy.com/music/interviews/a145563/taylor-swift.html|archive-date= 6 दिसंबर 2010|url-status= live}}</ref> यह तथ्य कि उसके गाने इतने स्पष्ट रूप से आत्मकथात्मक हैं, इसकी वजह से उसके प्रशंसक उन्हें तलाशते हैं। स्विफ्ट ने एक बार कहा कि, "प्रत्येक वह लड़का जिसके बारे में मैंने अपने गानों में लिखा है, माइस्पेस पर मेरे प्रशंसकों द्वारा खोज लिया गया है।"<ref>{{cite news |url=http://www.nytimes.com/2008/11/09/arts/music/09cara.html?_r=1&adxnnl=1&pagewanted=print&adxnnlx=1261714625-cL2NnjvPlJDJSFtD7FqrAA |title=Music - Taylor Swift, Nashville’s One-Woman Youth Movement - NYTimes.com |publisher=www.nytimes.com |accessdate=24 दिसंबर 2009 |author=Jon Caramanica |date=9 नवंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102201806/http://www.nytimes.com/2008/11/09/arts/music/09cara.html?_r=1&adxnnl=1&pagewanted=print&adxnnlx=1261714625-cL2NnjvPlJDJSFtD7FqrAA |archive-date=2 नवंबर 2015 |url-status=live }}</ref> == अभिनय कॅरिअर == 2008 में स्विफ्ट ने [[ब्राड पैसले]] के म्यूजिक विडियो "[[ऑनलाइन]]" में अपना पहला अभिनय किया। इसी साल स्विफ्ट ने एक प्रलेखी [[MTV]] के लिए बनाई, जिसका नाम ''MTV's वंस अपोन अ प्रोम'' रखा गया और एक प्रलेखी [[डेफ लेप्पर्ड]] के साथ मिल कर [[CMT]] के लिए बनाई जिसका नाम था, ''CMT क्रोसरोडज'', यह प्रथम बार 7 नवम्बर 2007, को दिखाई गई और इसके पहले चार कथांश 4.5 मिलियन दर्शकों ने देखे.<ref>{{cite web|url=http://www.cmtpress.com/pressreleases/details.cfm?PressReleaseID=1000465|title=CMT Crossroads: Def Leppard and Taylor Swift Score on CMT|author=|publisher=CMT Press Release|date=11 नवंबर 2008|accessdate=16 मार्च 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20120225024456/http://www.cmtpress.com/pressreleases/details.cfm?PressReleaseID=1000465|archive-date=25 फ़रवरी 2012|url-status=dead}}</ref> स्विफ्ट ने 3 डी कॉन्सर्ट फिल्म के लिए [[जोनास ब्रदर्स]] के साथ काम किया।''[[Jonas Brothers: The 3D Concert Experience]]'' यह फिल्म 27 फ़रवरी 2009 को उत्तरी अमेरिका में निकाली गई। कॉन्सर्ट फिल्म ने अपने पहले सप्ताहांत पर ही 12,700,000$ कमा लिए। <ref>{{cite web|url=http://www.comingsoon.net/news/movienews.php?id=53352|title=Madea Holds Off the Jonas Brothers|publisher=ComingSoon.net|date=मार्च 2, 2009|access-date=25 मार्च 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20090306102221/http://www.comingsoon.net/news/movienews.php?id=53352|archive-date=6 मार्च 2009|url-status=live}}</ref> स्विफ्ट ने अपना पहला प्राइमटाइम टेलीविजन अभिनय CBS's[[CSI: Crime Scene Investigation]] के [[टर्न, टर्न, टर्न]] से 5 मार्च 2009 को अमेरिका और कनाडा में किया। यह कथांश 20.8 मिलियन दर्शकों ने देखा था।<ref>{{cite web|url=http://www.eonline.com/uberblog/b103119_wild_card_american_idol_holds_off.html|title=Wild Card American Idol Holds Off Taylor Swift CSI|publisher=E! Online|date=मार्च 6, 2009|author=Joal Ryan|access-date=25 मार्च 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20110629154626/http://www.eonline.com/uberblog/b103119_wild_card_american_idol_holds_off.html|archive-date=29 जून 2011|url-status=live}}</ref> स्विफ्ट ने [[केल्ली पिकलर]] के संगीत विडियो, "[[बेस्ट डेज़ ऑफ़ यौर लाईफ]]" में एक छोटा किरदार निभाया। स्विफ्ट "वोमन सिंगिंग इन द बार्न" में भी दिखाई दी। ''[[Hannah Montana: The Movie]]'' फिल्म 10 अप्रैल 2009 को उत्तर अमेरिका में निकाली गई।<ref name="HM release date">{{cite web|url=http://www.variety.com/article/VR1117981211.html?categoryid=13&cs=1|title=Disney unveils 2009 schedule|author=|publisher=Variety|date=24 फरवरी 2008|accessdate=24 फरवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080226195151/http://www.variety.com/article/VR1117981211.html?categoryid=13&cs=1|archive-date=26 फ़रवरी 2008|url-status=live}}</ref> टेलीविजन शो [[डेटलाइन NBC]] ने 31 मई 2009 को स्विफ्ट के लिए एक घंटे का प्रदर्शन किया। ''डेटलाइन NBC: ओंन टूर विद टेलर स्विफ्ट'' नामक इस कड़ी में उसकी भ्रमण बस, कन्सर्ट फुटमाप और पूर्वाभ्यास के कुछ दृश्य दिखाए गए। इस शो के लिए उसका साक्षात्कार भी लिया गया और उसकी कुछ विशिष्ट विडियो डायरी भी दिखाई गई।<ref>{{cite web |author=6:24 p.m. ET |url=http://www.msnbc.msn.com/id/31032270/ |title=On tour with Taylor Swift - Newsmakers- msnbc.com |publisher=MSNBC |date=31 मई 2009 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100210054259/http://www.msnbc.msn.com/id/31032270/ |archive-date=10 फ़रवरी 2010 |url-status=live }}</ref> टेलर ने नवंबर 7, 2009 को ''[[सटरडे नाईट लाइव]]'' कथांश में संगीतात्मक अतिथि बन के प्रदर्शन भी दिया और मेजबानी भी की। <ref>[244]^ [http://www.nbc.com/saturday-night-live/video/clips/taylor-swift-monologue/1173589/ NBC.com पर 7 नवम्बर 2009 के ''सेटरडे नाइट लाइव'' कथांश के क्लिप्स] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091110225626/http://www.nbc.com/saturday-night-live/video/clips/taylor-swift-monologue/1173589/ |date=10 नवंबर 2009 }}</ref> 2010 में, स्विफ्ट अपनी पहली फीचर फिल्म में अभिनय करेंगी, ''[[वेलेंटाइन डे]]'' नामक इस फिल्म में वह सामन्था केनी का किरदार निभाएंगी. == परोपकारी कार्य == 21 सितम्बर 2007 को, स्विफ्ट ने बच्चों को ऑनलाइन हिंस्त्र से बचाने के लिए एक मुहिम की शुरुवात की। <ref name="swift">{{cite web|url=http://www.starpulse.com/news/index.php/2007/09/21/taylor_swift_warns_kids_about_internet_c|title=Taylor Swift Warns Kids About Internet Crime|access-date=25 मार्च 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20080115171510/http://www.starpulse.com/news/index.php/2007/09/21/taylor_swift_warns_kids_about_internet_c|archive-date=15 जनवरी 2008|url-status=live}}</ref> इंटरनेट यौन क्रिया अपराधों से निपटने के लिए वह [[टेनेसी]] राज्यपाल, [[फिल ब्रेदेसन]] के साथ मिलकर काम कर रही है।<ref name="swift" /> यह साल भर लम्बी मुहिम, जो कि टेनेसी एसोसिएशन ऑफ़ चीफ्स ऑफ़ पुलिस के साथ साझेदारी में शुरू की गई, राज्य भर में माता पिता और छात्रों को इंटरनेट सुरक्षा की जानकारी और सामान वितरित करेगी। <ref name="swift" /> 2008 के शुरुआत में स्विफ्ट ने अपना पिंक चेवी पिक-अप ट्रक, जो उसे अपने रिकॉर्ड लेबल से मिला था, ''विक्टरी जंक्शन गेंग'' नामक बच्चों की संस्था को दान कर दिया। 2008 कंट्री संगीत फेस्टिवल में स्विफ्ट को अपनी वस्तुओं की सेल से जो भी आमदनी मिली, वह उसने [[रेड क्रोस]], द ''नाशवि्ले एरिया रेड क्रोस डिजास्टर रीलिफ फंड'' और द ''नैशनल अमेरिकन [[रेड क्रोस]] डिजास्टर रीलिफ फंड'' को दान कर दिया। <ref>{{cite web|url=http://www.looktothestars.org/news/863-taylor-swift-gives-her-vote-to-charity|title=Taylor Swift Gives Her Vote To Charity|date=4 जून 2009|publisher=Look to the Stars|accessdate=27 मार्च 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090207101536/http://www.looktothestars.org/news/863-taylor-swift-gives-her-vote-to-charity|archive-date=7 फ़रवरी 2009|url-status=dead}}</ref> स्विफ्ट ने 2008 [[CMT म्यूजिक अवार्ड्स]] में "विडियो ऑफ़ द इयर" और "फिमेल विडियो ऑफ़ द इयर" पुरस्कार जीतने पर [[सत. जुड़े चिल्ड्रेनस रिसर्च अस्पताल]] को 10,000$ का दान दिया, यह CMT वन कंट्री के द्वारा निधिबद्ध थे।<ref>{{cite web|url=http://www.cmtmusicawardspress.com/2008/pressreleases/details.cfm?PressReleaseID=1000077|title=Artists’ Charities Win Big At The “2008 CMT MUSIC AWARDS”|date=15 अप्रैल 2008|publisher=CMT Music Awards Press Release|accessdate=27 मार्च 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090328025957/http://www.cmtmusicawardspress.com/2008/pressreleases/details.cfm?PressReleaseID=1000077|archive-date=28 मार्च 2009|url-status=dead}}</ref> 2009 में स्विफ्ट ने 2009 [[CMT म्यूजिक विडियो अवार्ड्स]] में "विडियो ऑफ़ द इयर" और "फिमेल विडियो ऑफ़ द इयर" का पुरस्कार जीता। उसने ''अमेरिकेन रेड क्रोस'' को, CMT द्वारा निधिबद्ध, 5000$ का दान दिया। <ref>{{cite web|url=http://www.cmt.com/cmt-music-awards/nominees.jhtml|title=2008 CMT Music Awards Winners|date=17 जून 2009|publisher=CMT|accessdate=28 जुलाई 2009|archive-url=https://www.webcitation.org/66NiQXrpj?url=http://www.cmt.com/cmt-music-awards/nominees.jhtml|archive-date=23 मार्च 2012|url-status=live}}</ref> स्विफ्ट ने [[2008 लोवा बाढ़]] पीड़ितों की मदद के लिए [[सीडर रेपिडज]], लोवा में स्थित रेड क्रोस को 100,000$ दान किये। <ref>{{cite web|url=http://www.people.com/people/article/0, 20218079,00.html|title=Taylor Swift donates $100,000 to victims of Iowa Flood|date=9 अगस्त 2009|work=[[People (magazine)|People]]|accessdate=12 सितंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0,|archive-date=7 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref> स्विफ्ट ने श्रोताओं को सुनने की "[[जिम्मेदारी]]" के बारे में सचेत करने के लिए साऔन्द मेटर्ज़ के साथ साझेदारी की है।<ref>{{cite web|url=http://www.soundmatters.org/taylorswift.php|title=Sound Matters: Celebrity Profile-Taylor Swift|accessdate=8 फरवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20120820005821/http://www.soundmatters.org/taylorswift.php|archive-date=20 अगस्त 2012|url-status=dead}}</ref> स्विफ्ट, @15, युवाओं द्वारा नेतृत्व सामाजिक परिवर्तन मंच, का समर्थन करती है। यह बेस्ट बाये की हामीदारी से बनाया गया है, इसमें युवाओं को, हाल ही में बने @15 फंड से, कंपनी के परोपकारी कार्य करने के अवसर दिए जाते हैं। स्विफ्ट का गीत "[[फिफ्टीन|<span class="goog-gtc-fnr-highlight">फिफ्टीन</span>]]", इस मुहिम में प्रदर्शित किया जाता है।<ref>{{cite web|url=http://online.wsj.com/article/PR-CO-20090209-905412.html?mod=wsjcrmain|title=Taylor Swift Lends Support to @15|date=9 फरवरी 2009|publisher=The Wall Street Jornal|accessdate=10 फरवरी 2009}}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> स्विफ्ट ने सिडनीस सोउन्द रिलीफ कंसर्ट<ref>{{cite web |last=Writer |first=Entertainment |url=http://www.news.com.au/dailytelegraph/story/0,22049,25153741-5001026,00.html |title=Kylie to play at Sound Relief with Coldplay, Midnight Oil &#124; The Daily Telegraph |publisher=News.com.au |date=8 मार्च 2009 |accessdate=30 दिसंबर 2009 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20090310172027/http://www.news.com.au/dailytelegraph/story/0,22049,25153741-5001026,00.html |archivedate=10 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref> लाइन अप में शामिल हो कर [[विक्टोरियन बुश्फायर की अपील]] का समर्थन किया है। खबर के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया [[रेड क्रोस]] के लिए [[सोउन्द रिलीफ]] में बजाने वाले सभी संगीतकारों में से सबसे बड़ा योगदान स्विफ्ट का रहा। <ref>{{cite web|url=http://www.tunebinder.com.au/2009/03/14/new-taylor-swift-love-story-live-at-sound-relief-sydney/|title=New Taylor Swift|date=14 मार्च 2009|publisher=Tune Binder|accessdate=15 मार्च 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090606150614/http://www.tunebinder.com.au/2009/03/14/new-taylor-swift-love-story-live-at-sound-relief-sydney/|archive-date=6 जून 2009|url-status=dead}}</ref> स्विफ्ट ने अपनी प्रोम पोशाक दान में दी जिसे कि [https://web.archive.org/web/20110304054952/http://donatemydress.org/ DonateMyDress.org] को 1,200$ मिले। <ref>{{cite web|url=http://www.looktothestars.org/news/2353-taylor-swift-donates-prom-dress|title=Taylor Swift Donates Prom Dress|date=14 अप्रैल 2009|publisher=Look to the Stars|accessdate=28 अप्रैल 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090509185722/http://www.looktothestars.org/news/2353-taylor-swift-donates-prom-dress|archive-date=9 मई 2009|url-status=dead}}</ref> 20 नवम्बर 2009 की रात [[बीबीसी]]'s [[चिल्ड्रन इन नीड]] में अपने गायन और अभिनय का सीधा प्रसारण देने के बाद, स्विफ्ट ने सर [[तेर्री वोगन]] को सूचना दी कि वह इस अभियान में 13,000 $ का दान करेगी। <ref>{{cite web |author=Charlotte Spratt |url=http://www.dailymail.co.uk/tvshowbiz/article-1229635/Children-In-Need-Taylor-Swift-donates-13-000-JLS-perform-fans-Doctor-Who-sneak-peek.html |title=Children In Need: Taylor Swift donates £13,000, JLS perform and fans get Doctor Who sneak peek &#124; Mail Online |publisher=Dailymail.co.uk |date=20 नवंबर 2009 |accessdate=30 दिसंबर 2009 |archive-url=https://archive.today/20120729004906/http://www.dailymail.co.uk/tvshowbiz/article-1229635/Children-In-Need-Taylor-Swift-donates-13-000-JLS-perform-fans-Doctor-Who-sneak-peek.html |archive-date=29 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref> स्विफ्ट ने अपने जन्मदिन, दिसम्बर 13 को, देश के कई स्कूल जिनमें वह गई थी या किसी तरह से जुडी हुई थी, उन्हें 250,000 का दान दिया। <ref>{{cite web |url=http://hollywoodcrush.mtv.com/2009/12/14/taylor-swifts-best-birthday-gift-donating-money-to-education/ |title=Taylor Swift’s Best Birthday Gift? Donating Money To Education » Hollywood Crush |publisher=Hollywoodcrush.mtv.com |date=14 दिसंबर 2009 |accessdate=30 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100106231742/http://hollywoodcrush.mtv.com/2009/12/14/taylor-swifts-best-birthday-gift-donating-money-to-education/ |archive-date=6 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> == सार्वजनिक छवि और अन्य काम == स्विफ्ट कई पत्रिकाओं के आवरण पर चित्रित हुई हैं। 2008 की सूची में ''[[ब्लेंडर]]'', ''[[सेवेंतीन]]''<ref>{{cite web |url=http://www.seventeen.com/magazine/in-this-issue/taylor-swift-hub-0608 |title=Taylor Swift - जून 2008 Cover of Seventeen Magazine |publisher=Seventeen.com |date=3 मार्च 2009 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081222155827/http://www.seventeen.com/magazine/in-this-issue/taylor-swift-hub-0608 |archive-date=22 दिसंबर 2008 |url-status=dead }}</ref>, ''[[बिलबोर्ड]]'', '''' ''[[गर्लज लाइफ]]'',<ref>[275]^ https://web.archive.org/web/20100304190344/http://j.bdbphotos.com/pictures/P/1L/P1P9F1P_large.jpg</ref><ref>{{cite web|url=http://www.amazon.com/GI-Girls-दिसम्बर-जनवरी-Issue/dp/B001LNP3R0 |title=GI - Girls Life, दिसम्बर/जनवरी 2009 Issue: Editors of GI - GIRLS LIFE Magazine: Books |publisher=Amazon.com |date=1 दिसंबर 2008 |accessdate=20 सितंबर 2009}}</ref> ''वोमेनज हेल्थ '' और ''[[कोस्मो गर्ल]]''<ref>{{cite web |url=http://justjaredjr.buzznet.com/2008/11/24/taylor-swift-final-cosmogirl-cover/ |title=Taylor Swift Takes Final CosmoGirl Cover! &#124; Taylor Swift &#124; Just Jared Jr. - JJJ |publisher=Justjaredjr.buzznet.com |date=24 नवंबर 2008 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090525215813/http://justjaredjr.buzznet.com/2008/11/24/taylor-swift-final-cosmogirl-cover/ |archive-date=25 मई 2009 |url-status=dead }}</ref> शामिल हैं। 2009 में, स्विफ्ट ने ''[[टीन वोग]]''<ref>{{cite web |last=Waterman |first=Lauren |url=http://www.teenvogue.com/industry/coverlook/2009/01/teen-vogue-cover-girl-taylor-swift_090126 |title=Teen Vogue Cover Girl Taylor Swift: Industry Insider |publisher=teenvogue.com |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120118152112/http://www.teenvogue.com/industry/coverlook/2009/01/teen-vogue-cover-girl-taylor-swift_090126 |archive-date=18 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref>, सेल्फ मैगज़ीन<ref>{{cite web |url=http://www.celebritymound.com/?p=15045 |title=Taylor Swift–SELF Magazine मार्च Cover Star |publisher=Celebrity Mound |date=18 फरवरी 2009 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090224030418/http://www.celebritymound.com/?p=15045 |archive-date=24 फ़रवरी 2009 |url-status=dead }}</ref>, ''[[रोल्लिंग स्टोन|रोल्लिंग स्टोन'''']] '', ''[[अल्लुर]]''<ref>{{cite web|url=http://www.examiner.com/x-4826-SF-Beauty-Examiner~y2009m3d25-Bringing-red-lips-to-Spring-Taylor-Swifts-Allure-cover|title=Taylor Swift's Allure cover brings red lips back for spring|date=25 मार्च 2009|publisher=SF Beauty Examiner|accessdate=27 मार्च 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090328112544/http://www.examiner.com/x-4826-SF-Beauty-Examiner~y2009m3d25-Bringing-red-lips-to-Spring-Taylor-Swifts-Allure-cover|archive-date=28 मार्च 2009|url-status=live}}</ref>, ''[[ग्लेमर]]''<ref>{{cite web|url=http://www.glamour.com/magazine/2009/07/taylor-swift-bomb-shell-in-blue-jeans|title=Taylor Swift Bomb Shell in Blue Jeans|publisher=Glamour Magazine|accessdate=3 जुलाई 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090704065204/http://www.glamour.com/magazine/2009/07/taylor-swift-bomb-shell-in-blue-jeans|archive-date=4 जुलाई 2009|url-status=dead}}</ref> और ''[[ब्लिस]]''<ref>{{cite web|url=http://www.mybliss.co.uk/interviews/detail?id=21356|title=At home with Taylor Swift|publisher=Bliss Magazine|accessdate=13 अगस्त 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090816080409/http://www.mybliss.co.uk/interviews/detail?id=21356|archive-date=16 अगस्त 2009|url-status=dead}}</ref> के आवरण की शोभा बड़ाई. वह ''[[ब्लेंडर]]'' के लिए भी [[आवरण लड़की]] बनी, इस पत्रिका के कवर का विषय बनने के <span class="goog-gtc-fnr-highlight">पन्द्रह</span> वर्ष के सफ़र में, यह दो कंट्री कलाकारों में से एक थी।<ref>{{cite web|url=http://wsocfm.com/Taylor-Swift-Featured-In-Blender-Magazine/1744381|title=Taylor Swift Featured In Blender Magazine|date=2008-मार्च|publisher=WSOC-103.7|accessdate=27 मार्च 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090606164908/http://wsocfm.com/Taylor-Swift-Featured-In-Blender-Magazine/1744381|archive-date=6 जून 2009|url-status=dead}}</ref> इसके अतिरिक्त, इसका नाम ''[[मेक्सिम]]'' की 2008 की सबसे आकर्षक औरत की लिस्ट में नंबर 57 पर रहा। <ref>{{cite web|url=http://sparklestarnews.blogspot.com/2008/05/amanda-bynestaylor-swiftfergie-and-more.html|title=Amanda Bynes, Taylor Swift, Fergie and more on Maxim's Hot 100|date=21 मई 2008|work=Sparkle Star News|access-date=25 मार्च 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100510002007/http://sparklestarnews.blogspot.com/2008/05/amanda-bynestaylor-swiftfergie-and-more.html|archive-date=10 मई 2010|url-status=dead}}</ref> कोस्मो गर्ल ने स्विफ्ट को "2008 गर्ल ऑफ़ द इयर" वोट दिया। ''[[रॉलिंग स्टोन]]'' मैगज़ीन ने स्विफ्ट को एक "द RS 100: एजेंटस ऑफ़ चेंज" का नाम दिया। <ref>{{cite web|url=http://www.rollingstone.com/news/story/26754176/the_rs_100_agents_of_change/2|title=The 100 People Who Are Changing America|date=18 मार्च 2009|publisher=Rolling Stone|accessdate=23 मार्च 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323162045/http://www.rollingstone.com/news/story/26754176/the_rs_100_agents_of_change/2|archive-date=23 मार्च 2009|url-status=live}}</ref> उसको [[टाइम]]ज, "2009 द टाइम 100 फाईनालिस्टस" की सूची, जो ऑनलाइन मतदान द्वारा निर्धारित की जाती है, के लिए एक उम्मीदवार के रूप में मनोनीत किया गया।<ref>{{cite news|url=http://www.time.com/time/specials/packages/article/0,28804,1883644_1883653_1885480,00.html|title=2009 The Time 100 Finalists|date=20 मार्च 2009|publisher=TIME Magazine|accessdate=23 मार्च 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090322022556/http://www.time.com/time/specials/packages/article/0,28804,1883644_1883653_1885480,00.html|archive-date=22 मार्च 2009|url-status=live}}</ref> पीपल मग मैगज़ीन ने स्विफ्ट को 2009 के 25 सबसे पहेलीनुमा लोगों में से एक का नाम दिया। <ref>{{cite news|url=http://www.people.com/people/article/0, 20331128,00.html|title=Taylor Swift Makes Cover of PEOPLE's 25 Most Intriguing People of 2009|date=16 दिसंबर 2009|publisher=PEOPLE Magazine|accessdate=11 जनवरी 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0,|archive-date=7 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref> [[जेक्स पसिफिक]] ने स्विफ्ट की एक [[सेलिब्रिटी गुड़िया]] का विमोचन किया।<ref>{{cite web |url=http://www.eonline.com/uberblog/b66141_taylor_swift_gets_all_dolled_up.html |title=Taylor Swift Gets All Dolled Up |publisher=E! Online |date=29 अक्टूबर 2008 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110305182030/http://www.eonline.com/uberblog/b66141_taylor_swift_gets_all_dolled_up.html |archive-date=5 मार्च 2011 |url-status=live }}</ref> टेलर स्विफ्ट 2008 से [[LEI]] जीन्स (लाइफ एनर्जी इंटेलिजेंस) का चेहरा हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.leijeans.com/ |title=L.e.i |publisher=Leijeans.com |date= |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111010160434/http://www.leijeans.com/ |archive-date=10 अक्तूबर 2011 |url-status=dead }}</ref> स्विफ्ट एंड द [[l.e.i.]] क्लोदिंग लाइन ने स्विफ्ट के पहनावे के स्टाइल पर आधारित एक लाइन बनाने के बारे में काफी प्रचार किया है। यह आने वाले कुछ महीनों में [[वाल-मार्ट]] में दिखाई देगी.<ref>{{cite web |url=http://www.countrystandardtime.com/news/newsitem.asp?xid=1708 |title=Taylor Swift heads to CBS Early Show Saturday, announces deal with clothing line |publisher=Countrystandardtime.com |date=23 अक्टूबर 2007 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120406202855/http://www.countrystandardtime.com/news/newsitem.asp?xid=1708 |archive-date=6 अप्रैल 2012 |url-status=dead }}</ref> हालांकि, स्विफ्ट ने कहा कि वह एक डिजाइनर नहीं कहलाना चाहती. वे कहती हैं, इसके बजाय, वह उस आवरण कंपनी की पोशाकों को अपनी शैली से प्रेरित करेंगी। "मैं ऐसा नहीं देखती कि मै एक डिजाइनर के रूप में उभर के आ रही हू". यह टेलर स्विफ्ट डिजाइनर लाइन नहीं है।<ref>{{cite web |url=http://www.usmagazine.com/news/taylor-swift-launch-line-14-dresses |title=US Weekly's Latest Celebrity News from |publisher=Usmagazine.com |date=25 अगस्त 2009 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090826142839/http://www.usmagazine.com/news/taylor-swift-launch-line-14-dresses |archive-date=26 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref> 2009 में, स्विफ्ट [[राष्ट्रीय हॉकी लीग]] की नवीनतम सेलिब्रिटी प्रवक्ता बन गई। वह [[नैशविले हिंस्त्र]] के लिए विज्ञापनॉ में दिखाई देती हैं।<ref>{{cite web |author=RSS feed |url=http://nhl.fanhouse.com/2009/02/03/taylor-swift-is-the-newest-nhl-celebrity-spokesperson/ |title=Taylor Swift: NHL's New Spokesperson |publisher=NHL FanHouse |date=3 फरवरी 2009 |accessdate=20 सितंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090207070135/http://nhl.fanhouse.com/2009/02/03/taylor-swift-is-the-newest-nhl-celebrity-spokesperson |archive-date=7 फ़रवरी 2009 |url-status=dead }}</ref> == निजी जीवन == 2008 में, स्विफ्ट पॉप गायक, [[जो जोन्स]] के साथ एक उच्च प्रोफ़ाइल संबंध में थी। 11 नवम्बर 2008 को, द ''[[एलन डेजेनेरेस शो]]'' में इन्तार्वियु के दौरान स्विफ्ट ने कहा कि जोन्स ने एक 27-सेकंड की फ़ोन कॉल में उनसे रिश्ता तोड़ दिया। <ref>[314]^ टेलर स्विफ्ट ने 11 नवम्बर 2008 के ''द <span class="goog-gtc-fnr-highlight">एलन डेजेनेरेस</span> शो'' के कथांश में कहा,"जब मैं उस आदमी को देखूंगी [जो मेरे लिए सही है], मुझे वह लड़का याद भी नहीं रहेगा जिसने मुझसे फ़ोन पर 27 सेकंड में रिश्ता तोड़ दिया था जब मैं अठारह साल की थी". [http://www.youtube.com/watch?v=ZU_XImyTKy8 यूट्यूब वीडियो पर देखिएँ टेलर स्विफ्ट, ''द <span class="goog-gtc-fnr-highlight">एलन डेजेनेरेस</span> शो'' पर] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100614062746/http://www.youtube.com/watch?v=ZU_XImyTKy8 |date=14 जून 2010 }}. 31 दिसम्बर 2008 को लिया गया।</ref> इसकी सफ़ाई देते हुए जोनास ने अपने माईस्पेस ब्लॉग पर लिखा (वह पोस्ट फिर वहाँ से हटा दी गई) कि "मैंने दूसरे व्यक्ति से अपनी भावनाओं पर विचार करने के लिए फ़ोन किया था और यह स्पष्टः है कि मेरी भावनाओं को ठीक तरह से समझा नहीं गया। मैंने फोन कॉल बंद नहीं किया। मेरे लिए किसी और ने उसे बंद कर दिया. फोन कॉल तभी तक जारी रहती है जब तक दूसरा इंसान बात करने के लिए तैयार हो. इसके इलावा, जोनास का कहना है कि उसने अलग होने के बाद भी, सुलह करने के लिए, उसे कॉल करने की कोशिश की है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.<ref>[315]^ [http://www.tvguide.com/News/Teen-Heartthrob-Joe-58441.aspx युवाओं के चाहिते जो जोनास की नई प्रेमिका] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090728130901/http://www.tvguide.com/News/Teen-Heartthrob-Joe-58441.aspx|date=28 जुलाई 2009}}" ''[[टी वी गाइड]]'' . 12 नवम्बर 2008 12 नवम्बर 2008 को लिया गया।</ref><ref>{{cite web |last=Garcia |first=Jennifer |url=http://www.people.com/people/article/0, 20239285,00.html |title=Joe Jonas Has a New Girlfriend - Couples, Joe Jonas |publisher=People.com |date=12 नवंबर 2008 |accessdate=30 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |archive-date=7 अप्रैल 2019 |url-status=live }}</ref> एलन डेजेनेरेस के साथ उसी इण्टरव्यू के दौरान स्विफ्ट ने बताया कि उनकी एल्बम, [[फिअरलेस]] का [[दिल टूटने]] वाला गाना, "फोरेवर एंड आलवेज़" जो सितम्बर अंत/अक्टूबर प्रारंभ 2008 में रिकॉर्ड किया गया था, वह जोन्स से प्रेरित था।<ref name="youtube1" /> अबीगैल एंडरसन, स्विफ्ट की सबसे अच्छी दोस्त रही है, जिससे वह नौवीं कक्षा से जानती थी। अंग्रेजी की कक्षा में एक बार [[शेक्सपियर]] पर चर्चा करते हुए उन्हें पता चला कि उन दोनों में क्या समानता थी। "हम वे थे जो कक्षा में सबसे पीछे बैठ कर रोमियो और जूलियट के बारे में नकारात्मक बातें बोल रहे थे क्यूंकि तब हम उस भावना के प्रति बहुत कटु थे," एंडरसन ने कहा. "हम वास्तव में संयुक्त हो गए।..और उसके बाद से कभी अलग नहीं हुए"<ref>{{cite web |url=http://www.washburnreview.org/2.5500/swift-friendship-1.838430 |title=Washburn Review |publisher=Washburn Review |date=16 सितंबर 2009 |accessdate=22 दिसंबर 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100407080644/http://www.washburnreview.org/2.5500/swift-friendship-1.838430 |archive-date=7 अप्रैल 2010 |url-status=live }}</ref> एंडरसन, स्विफ्ट को चकित करने ''[[द एलन डेजेनेरेस शो]]'' पर भी आई. एंडरसन का जिक्र स्विफ्ट के एकल ''[[फिफ्टीन]]'' में भी हुआ था। स्विफ्ट की [[केल्ली पिकलर]] के साथ भी करीबी दोस्ती है, उसने पिकलर के साथ, उसकी स्वयं अभिजात एलबम, ''[[केल्ली पिकलर]]'' का दूसरा एकल "[[बेस्ट डेज़ ऑफ़ यौर लाइफ]]" भी लिखा.<ref>{{cite web |last=Willman |first=Chris |url=http://www.ew.com/ew/article/0, 20175230,00.html |title=Four stages of Taylor Swift's career &#124; Taylor Swift &#124; Music Commentary &#124; Music &#124; Entertainment Weekly |publisher=Ew.com |date=8 फरवरी 2008 |accessdate=20 सितंबर 2009 }}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> जुलाई 2008 में, स्विफ्ट एरन अकादमी, एक [[क्रिस्चियन स्कूल]]जो [[हेंडरसनविले, तेंनेस्सी]] में [[होम-स्कूलिंग]] कार्यक्रम चलता है, से स्नातक बनी। <ref>{{cite web |url=http://www.theinsider.com/news/1094250_Taylor_Swift_receives_her_high_school_diploma |title=Swift receives her high school diploma |accessdate=22 दिसंबर 2009 |publisher=The Insider, CBS |date=26 जुलाई 2008 }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> इस से पहले, वह [[हेंडरसनविले]] हाई स्कूल जाती थी।<ref>[325]^ [https://web.archive.org/web/20091129191427/http://www.fox17.com/newsroom/top_stories/wztv_vid_1964.shtml हेन्देर्सोंविल्ले एच.एस. टेलर स्विफ्ट के साथ उत्सव मनाता हुआ।]</ref> == डिस्कोग्राफ़ी == {{Main|Taylor Swift discography}} ;<big> एल्बम </big> * ''टेलर स्विफ्ट'' (2006) * ''[[फिअरलेस]]'' (2008) * ''स्पीक नाओ'' (2010) * ''रैड'' (2012) * 1989 (2014) * ''रैप्यूटेशन'' (2017) * ''लवर'' (2019) * ''फोल्कलोर'' (2020) * ''ऐवरमोर'' (2020) * ''मिडनाइट्स'' (2022) * ''द टॉर्चरड पोएट्स डिपार्टमेंट'' (2024) '''<big>EPs</big>''' * ''[[Sounds of the Season: The Taylor Swift Holiday Collection]]'' (2007) * ''[[ब्युटिफुल आइज़]]'' (2008) ;<big> वीडियो एल्बम </big> * CMT क्रोसरोड्ज़: टेलर स्विफ्ट और डेफ लेपर्ड (2008) == फिल्मोग्राफी == {| class="wikitable" style="font-size:95%" |- style="text-align:center" ! style="background:#B0C4DE"| वर्ष ! style="background:#B0C4DE"| फिल्म ! style="background:#B0C4DE"| भूमिका ! style="background:#B0C4DE"| नोट्स |- | rowspan="4"| 2009 | ''[[Jonas Brothers: The 3D Concert Experience]]'' | स्वयं | छोटा किरदार |- | ''[[CSI: Crime Scene Investigation]]'' | हेली जोन्स | कड़ी: "[[टर्न, टर्न, टर्न]]" |- | ''[[Hannah Montana: The Movie]]'' | गर्ल सिंगिंग एट द बार्न | <span class="goog-gtc-fnr-highlight">छोटा किरदार</span> |- | ''[[सेटरडे नाइट लाइव]]'' | स्वयं | मेजबान / संगीत अतिथि |- | 2010 | ''[[वेलेंटाइनस डे]]'' | सामन्था केनी | पहला फिल्म अभिनय |} == पुरस्कार और नामांकन == {{Main|List of awards and nominations received by Taylor Swift}} == सन्दर्भ == {{reflist|colwidth=30em}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Commons category|Taylor Swift}} * [https://web.archive.org/web/20191002193847/https://www.taylorswift.com/ आधिकारिक वेबसाइट] * [[इंटरनेट मूवी डेटाबेस]] पर [https://web.archive.org/web/20100327192909/http://www.imdb.com/name/nm2357847/ टेलर स्विफ्ट] * [https://web.archive.org/web/20100424111612/http://www.myspace.com/taylorswift टेलर माइस्पेस पर] * [https://web.archive.org/web/20100409032508/http://twitter.com/TaylorSWift13 टेलर ट्विट्रर पर] {{Taylor Swift}} {{DEFAULTSORT:Swift, Taylor}} [[श्रेणी:1989 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:बरक्स काउंटी, पेनसिल्वेनिया के लोग]] [[श्रेणी:अमेरिकी बाल गायक]] [[श्रेणी:अमेरिकी देश गायक]] [[श्रेणी:अमेरिकी देश गायक-संगीत लेखक]] [[श्रेणी:अमेरिकी महिला गिटारवादक]] [[श्रेणी:अमेरिकी गायिका]] [[श्रेणी:अमेरिकी टी.वी. कलाकार]] [[श्रेणी:अमेरिकी फिल्म अभिनेता]] [[श्रेणी:बड़ी मशीन रिकॉर्ड्स कलाकारों]] [[श्रेणी:अंग्रेज़ी-भाषा के गायक]] [[श्रेणी:पेंसिल्वेनिया से संगीतकार]] 7rn4ez25qes9xxhzupg335riv04ff7h हिग्स बोसॉन 0 189056 6582875 6581767 2026-07-15T10:29:50Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582875 wikitext text/x-wiki [[चित्र:CMS Higgs-event.jpg|right|thumb|300px|एक सिमुलेट की गयी घटना जो हिग्स बोसान की उत्पत्ति को दर्शा रही है।]] '''हिग्स बोसॉन''' (Higgs boson) एक [[मूलकण|मूल कण]] है जिसकी प्रथम परिकल्पना 1964 में दी गई<ref>{{cite web|title=Chasing the Higgs Boson|url=http://www.nytimes.com/2013/03/05/science/chasing-the-higgs-boson-how-2-teams-of-rivals-at-CERN-searched-for-physics-most-elusive-particle.html?_r=0|date=5 मार्च 2013|accessdate=10 अक्टूबर 2013|publisher=द न्यूयॉर्क टाइम्स|archive-url=https://web.archive.org/web/20131010185923/http://www.nytimes.com/2013/03/05/science/chasing-the-higgs-boson-how-2-teams-of-rivals-at-CERN-searched-for-physics-most-elusive-particle.html?_r=0|archive-date=10 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=Particle confirmed as a Higgs boson|url=http://www.nbcnews.com/science/particle-confirmed-higgs-boson-1C8866809?franchiseSlug=sciencemain|publisher=एनबीसी न्यूज़|date=14 मार्च 2013|accessdate=10 अक्टूबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130814153736/http://www.nbcnews.com/science/particle-confirmed-higgs-boson-1C8866809?franchiseSlug=sciencemain|archive-date=14 अगस्त 2013|url-status=live}}</ref> और इसका प्रायोगिक सत्यापन 14 मार्च 2013 को किया गया।<ref>{{cite web|title=New results indicate that new particle is a Higgs boson|trans-title=नये परिणामों इसका संकेत हैं कि नया कण हिग्स बोसॉन है।|url=http://home.web.cern.ch/about/updates/2013/03/new-results-indicate-new-particle-higgs-boson|publisher=[[यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संगठन|सर्न]]|date=|accessdate=10 अक्टूबर 2013|language=अंग्रेज़ी|archive-url=https://web.archive.org/web/20151020000722/http://home.web.cern.ch/about/updates/2013/03/new-results-indicate-new-particle-higgs-boson|archive-date=20 अक्तूबर 2015|url-status=live}}</ref> इस आविष्कार को एक 'यादगार'<ref>{{cite web|title=Higgs hysteria|trans-title=हिग्स हिस्टीरिया|url=https://www.sciencenews.org/blog/deleted-scenes/higgs-hysteria|publisher=सांईंस न्यूज़|date=20 जुलाई 2012|accessdate=10 अक्टूबर 2013|language=अंग्रेज़ी|archive-url=https://web.archive.org/web/20131013133211/https://www.sciencenews.org/blog/deleted-scenes/higgs-hysteria|archive-date=13 अक्तूबर 2013|url-status=dead}}</ref> कहा गया क्योंकि इससे '''हिग्स क्षेत्र''' की पुष्टि हो गई।<ref>{{cite web|title=Higgs boson FAQ|trans-title=हिग्स बोसॉन पर पूछे जाने वाले प्रश्न|url=https://wikis.utexas.edu/display/utatlas/Higgs+boson+FAQ|publisher=यूटी एटलस समूह|date=23 अक्टूबर 2012|author=पीटर ओरियसी|accessdate=10 अक्टूबर 2013|language=अंग्रेज़ी|archive-url=https://web.archive.org/web/20131012130340/https://wikis.utexas.edu/display/utatlas/Higgs+boson+FAQ|archive-date=12 अक्तूबर 2013|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|title=The Higgs FAQ 2.0|url=http://profmattstrassler.com/articles-and-posts/the-higgs-particle/the-higgs-faq-2-0/|publisher=|date=12 अक्टूबर 2012|accessdate=10 अक्टूबर 2013|language=अंग्रेज़ी|author=मैट्ट स्ट्रासलर|8=|archive-url=https://web.archive.org/web/20131012042637/http://profmattstrassler.com/articles-and-posts/the-higgs-particle/the-higgs-faq-2-0/|archive-date=12 अक्तूबर 2013|url-status=dead}}</ref> [[कण भौतिकी]] के [[मानक प्रतिमान|मानक मॉडल]] द्वारा इसके अस्तित्व का अनुमान लगाया गया है। वर्तमान समय तक इस प्रकार के किसी भी कण के विद्यमान होने का ज्ञान नहीं है। हिग्स बोसॉन को कणो के द्रव्यमान या भार के लिये जिम्मेदार माना जाता है। प्रायः इसे अंतिम [[मूलकण|मूलभूत कण]] माना जाता है।<ref>{{cite web|url=http://www.bbc.com/hindi/science/2012/07/120704_god_particle_cern_skj|title=हिग्स बोसोन यानी ईश्वर कण की खोज का दावा|access-date=6 नवंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171107071658/http://www.bbc.com/hindi/science/2012/07/120704_god_particle_cern_skj|archive-date=7 नवंबर 2017|url-status=live}}</ref><ref name=higgs-missing-fnal>{{cite web|title=Higgs Missing Report|url=http://www-cdf.fnal.gov/physics/new/hdg/Plain_English.html|publisher=Fermi National Accelerator Laboratory|accessdate=10 अक्टूबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130320101020/http://www-cdf.fnal.gov/physics/new/hdg/Plain_English.html|archive-date=20 मार्च 2013|url-status=dead}}</ref> == नामकरण और पुरस्कार == === भौतिक विज्ञानियों द्वारा प्रयुक्त === इस मूलभूत कण का नाम मुख्यतः हिग्स बोसॉन नामक कण और हिग्स क्षेत्र नामक क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।<ref name="frank_close_infinity_puzzle" /> कुछ समय के लिए इस कण को तीन वैज्ञानिकों के नाम को संयुक्त करके बनाया गया था जो इस कण से सम्बंधित प्रथम पीआरएल (भौतिकी पत्र प्रकाशन पत्रिका) पत्र के लेखक (एंडरसन सहित) हैं, उदाहरण के लिए ब्रूट-आंगलेया-हिग्स कण, एंडरसन-हिग्स कण या आंगलेया-ब्रूट-हिग्स-गुरालनिक-किब्बले प्रक्रिया अथवा "एंडरसन-हिग्स" प्रक्रिया,<ref>{{cite doi|10.1103/PhysRevB.65.132513|noedit}}</ref> "हिग्स-किब्बले" प्रक्रिया (अब्दुस सलाम द्वारा प्रदत)<ref name="frank_close_infinity_puzzle">{{cite book|last=Close|first=Frank|title=The Infinity Puzzle: Quantum Field Theory and the Hunt for an Orderly Universe|url=https://archive.org/details/infinitypuzzle0000clos|year=2011|publisher=Oxford University Press|location=Oxford|isbn=978-0-19-959350-7}}</ref> और "एबीईजीएचएचके'टीएच" (ABEGHHK'tH) प्रक्रिया [एंडरसन, ब्रूट, गुरालनिक, हैगन, हिग्स, किब्बले और टी हूफ़ के नाम पर] (पीटर हिग्स द्वारा प्रयुक्त)<ref name="Nature-Higgs name">{{cite journal|last=Editorial|title=Mass appeal: As physicists close in on the Higgs boson, they should resist calls to change its name|journal=Nature|date=2012-03-21|volume=483, 374|doi=10.1038/483374a|url=http://www.nature.com/nature/journal/v483/n7390/full/483374a.html|accessdate=10 अक्टूबर 2013|issue=7390|page=374|ref=harv|bibcode=2012Natur.483..374.|archive-url=https://web.archive.org/web/20131114221632/http://www.nature.com/nature/journal/v483/n7390/full/483374a.html|archive-date=14 नवंबर 2013|url-status=live}}</ref> === उपनाम === हिग्स कण को वैज्ञानिक समुदाय के बाहर और मीडिया द्वारा अक्सर "ईश्वरीय कण" से सन्दर्भित किया जाता है। यह उपनाम [[फर्मीलैब]] के पूर्व निर्देशक, नोबल पुरस्कार विजेता लियोन लेडरमान की १९९३ में हिग्स कण और कण भौतिकी पर प्रकाशित पुस्तक से व्युत्पन्न हुआ<ref name="L&T">{{cite book| title = The God Particle: If the Universe is the Answer, What is the Question | url = https://archive.org/details/godparticleifthe00lede | year = 1993| publisher = Houghton Mifflin Company| author = Leon M. Lederman and Dick Teresi}}</ref> जो उन्होंने सुपरकंडकटिंग सुपर कोलाइडर के निर्माण को अमेरिकी सरकार द्वारा रोके जाने के प्रसंग में लिखा था,<ref name="SSC LA Times" /> जिसका लगभग निर्माण हो चुका था।<ref>{{cite news|title=A Supercompetition For Illinois|url=http://articles.chicagotribune.com/1986-10-31/news/8603220012_1_illinois-electron-volts-high-energy|accessdate=10 अक्टूबर 2013|date=1986-10-31|quote=The SSC, proposed by the U.S. Department of Energy in 1983, is a mind-bending project ... this gigantic laboratory ... this titanic project|work=Chicago Tribune|archive-url=https://web.archive.org/web/20130515065951/http://articles.chicagotribune.com/1986-10-31/news/8603220012_1_illinois-electron-volts-high-energy|archive-date=15 मई 2013|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|last=Diaz|first=Jesus|title=This Is [The] World's Largest Super Collider That Never Was|url=http://gizmodo.com/5968784/this-is-worlds-largest-super-collider-that-never-was|accessdate=10 अक्टूबर 2013|newspaper=Gizmodo|date=2012-12-15|quote=...this titanic complex...|archive-url=https://web.archive.org/web/20131104055204/http://gizmodo.com/5968784/this-is-worlds-largest-super-collider-that-never-was|archive-date=4 नवंबर 2013|url-status=live}}</ref> और वह [[लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर|लार्ज हैड्रान कोलाइडर]] का प्रतियोगी था एवं अनुमानित प्रोटोन ऊर्जा 2 × 20 TeV थी।<ref name="SSC LA Times">{{cite news|last=ASCHENBACH|first=JOY|title=No Resurrection in Sight for Moribund Super Collider : Science: Global financial partnerships could be the only way to salvage such a project. But some feel that Congress delivered a fatal blow|url=http://articles.latimes.com/1993-12-05/news/mn-64100_1_superconducting-super-collider|accessdate=10 अक्टूबर 2013|newspaper=[[लॉस एंजिल्स टाइम्स]]|date=1993-12-05|quote='We have to keep the momentum and optimism and start thinking about international collaboration,' said Leon M. Lederman, the Nobel Prize-winning physicist who was the architect of the super collider plan|archive-url=https://web.archive.org/web/20150630011346/http://articles.latimes.com/1993-12-05/news/mn-64100_1_superconducting-super-collider|archive-date=30 जून 2015|url-status=live}}</ref><ref name="Illinois Issues 1987">{{cite news|last=Abbott|first=Charles|title=Illinois Issues journal, June 1987|url=http://www.lib.niu.edu/1987/ii8706tc.html|date=June 1987|page=18|quote=Lederman, who considers himself an unofficial propagandist for the super collider, said the SSC could reverse the physics brain drain in which bright young physicists have left America to work in Europe and elsewhere.|access-date=9 अक्तूबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131101223228/http://www.lib.niu.edu/1987/ii8706tc.html|archive-date=1 नवंबर 2013|url-status=dead}} (direct link to article: [http://www.lib.niu.edu/1987/ii870618.html] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130615090926/http://www.lib.niu.edu/1987/ii870618.html |date=15 जून 2013 }}</ref><ref name="Caltech">{{cite journal|last=Kevles|first=Dan|journal=[[California Institute of Technology]]: "Engineering & Science"|volume=58 no. 2|issue=Winter 1995|pages=16–25|url=http://calteches.library.caltech.edu/568/1/ES58.2.1995.pdf|title=Good-bye to the SSC: On the Life and Death of the Superconducting Super Collider|accessdate=10 अक्टूबर 2013|quote=Lederman, one of the principal spokesmen for the SSC, was an accomplished high-energy experimentalist who had made Nobel Prize-winning contributions to the development of the Standard Model during the 1960s (although the prize itself did not come until 1988). He was a fixture at congressional hearings on the collider, an unbridled advocate of its merits []|ref=harv|archive-url=https://web.archive.org/web/20130511120537/http://calteches.library.caltech.edu/568/1/ES58.2.1995.pdf|archive-date=11 मई 2013|url-status=dead}}</ref> और इसे 1993 में बन्द कर दिया गया; यह पुस्तक इस पर कटाक्ष करते हुए लिखी गयी थी।<ref name="Calder 2005">{{cite book|last=Calder|first=Nigel|title=Magic Universe:A Grand Tour of Modern Science|year=2005|pages=369–370|url=http://books.google.com/?id=E4NfZ9FDcc8C&pg=PA370&lpg=PA370#v=onepage&q=title%20of%20a%20book&f=false|quote=The possibility that the next big machine would create the Higgs became a carrot to dangle in front of funding agencies and politicians. A prominent American physicist, Leon lederman ''[sic]'', advertised the Higgs as The God Particle in the title of a book published in 1993 ...Lederman was involved in a campaign to persuade the US government to continue funding the Superconducting Super Collider... the ink was not dry on Lederman's book before the US Congress decided to write off the billions of dollars already spent|isbn=9780191622359}}</ref> इस शब्द का मीडिया द्वारा उपयोग व्यापक जागरूकता और रूचि में योगदान के लिए हो सकता है,<ref>Alister McGrath, [http://www.telegraph.co.uk/science/8956938/Higgs-boson-the-particle-of-faith.html Higgs boson: the particle of faith] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140911204643/http://www.telegraph.co.uk/science/8956938/Higgs-boson-the-particle-of-faith.html |date=11 सितंबर 2014 }}, ''[[डेली टेलीग्राफ]]'', Published 15 दिसम्बर 2011. Retrieved 15 दिसम्बर 2011.</ref> लेकिन कईं वैज्ञानिकों को ये नाम अनुचित लगता है,<ref name="ISample29052009">{{cite news |first=Ian |last=Sample |date=29 मई 2009 |title=Anything but the God particle |url=http://www.guardian.co.uk/science/blog/2009/may/29/why-call-it-the-god-particle-higgs-boson-cern-lhc |publisher=द गार्डियन |location=London |accessdate=24 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090615050956/http://www.guardian.co.uk/science/blog/2009/may/29/why-call-it-the-god-particle-higgs-boson-cern-lhc |archive-date=15 जून 2009 |url-status=live }}</ref><ref name="NatPost">{{cite web|url=http://news.nationalpost.com/2011/12/14/the-higgs-boson-why-scientists-hate-that-you-call-it-the-god-particle/|title=The Higgs boson: Why scientists hate that you call it the 'God particle'|publisher=National Post|date=14 दिसम्बर 2011|access-date=11 सितंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140905074039/http://news.nationalpost.com/2011/12/14/the-higgs-boson-why-scientists-hate-that-you-call-it-the-god-particle/|archive-date=5 सितंबर 2014|url-status=live}}</ref><ref name="ISample03032009">{{cite news |first=Ian |last=Sample |date=3 मार्च 2009 |title=Father of the God particle: Portrait of Peter Higgs unveiled |url=http://www.guardian.co.uk/science/blog/2009/mar/02/god-particle-peter-higgs-portrait-lhc |publisher=द गार्डियन |location=London |accessdate=24 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090306183009/http://www.guardian.co.uk/science/blog/2009/mar/02/god-particle-peter-higgs-portrait-lhc |archive-date=6 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref> क्योंकि ये एक सनसनीखेज़ अतिशयोक्ति है और पाठकों को गुमराह करती है,<ref name="nickname-telegraph">{{cite news|last=Chivers|first=Tom|title=How the 'God particle' got its name|url=http://blogs.telegraph.co.uk/news/tomchiversscience/100123765/how-the-god-particle-got-its-name/|accessdate=2012-12-03|newspaper=The Telegraph|date=2011-12-13|location=London|archive-url=https://web.archive.org/web/20160410134826/http://blogs.telegraph.co.uk/news/tomchiversscience/100123765/how-the-god-particle-got-its-name/|archive-date=10 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> इस कण का ईश्वर से कुछ लेना देना नहीं है,<ref name="nickname-telegraph" /> यह मौलिक भौतिकी में कईं खुले सवाल छोड़ देता है और ब्रह्मांड की परम उत्पत्ति की व्याख्या नहीं करता। हिग्स, जो एक नास्तिक हैं, ने इसे "ईश्वरीय कण कहने पर इसे "शर्मनाक" पाया और नाखुशी ज़ाहिर करते हुए एक २००८ के साक्षात्कार में कहा की, "यह इसका दुरुपयोग है" और कहा की, "....इससे बहुत लोग नाराज़ हो सकतें हैं"<ref name="nickname-telegraph" /><ref name="nickname-reuters">[http://www.reuters.com/article/scienceNews/idUSL0765287220080407?sp=true Key scientist sure "God particle" will be found soon] Reuters news story. 7 अप्रैल 2008.</ref><ref name=NS>"[http://www.newscientist.com/channel/opinion/mg19926732.100-interview-the-man-behind-the-god-particle.html Interview: the man behind the 'God particle'] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080913214154/http://www.newscientist.com/channel/opinion/mg19926732.100-interview-the-man-behind-the-god-particle.html |date=13 सितंबर 2008 }}", [[New Scientist]] 13 सितंबर 2008, pp. 44–5 (original interview in the Guardian: [http://www.guardian.co.uk/science/2008/jun/30/higgs.boson.cern Father of the 'God Particle'] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130320035212/http://www.guardian.co.uk/science/2008/jun/30/higgs.boson.cern |date=20 मार्च 2013 }}, June 30, 2008)</ref> === पहचान एवं पुरस्कार === * भौतिकी का नोबेल पुरस्कार (1979) – वाइनबर्ग एवं [[अब्दुस सलाम|सलाम]]।<ref>[http://www.nobelprize.org/nobel_prizes/physics/laureates/1979 The Nobel Prize in Physics 1979] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131009192837/http://www.nobelprize.org/nobel_prizes/physics/laureates/1979/ |date=9 अक्तूबर 2013 }} – official Nobel Prize website.</ref> * भौतिकी का नोबेल पुरस्कार (1999) – [[गेरार्डस 'टी हूफ्ट|'टी हूफ्ट]] एवं वेटमान<ref>[http://www.nobelprize.org/nobel_prizes/physics/laureates/1999 The Nobel Prize in Physics 1999] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131009192556/http://www.nobelprize.org/nobel_prizes/physics/laureates/1999/ |date=9 अक्तूबर 2013 }} – official Nobel Prize website.</ref> * भौतिकी का नोबेल पुरस्कार (2008) – नाम्बू (साझा)<ref name="nambu nobel">[http://www.nobelprize.org/nobel_prizes/physics/laureates/2008 The Nobel Prize in Physics 2008] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131009192420/http://www.nobelprize.org/nobel_prizes/physics/laureates/2008/ |date=9 अक्तूबर 2013 }} – आधिकारिक नोबेल पुरस्कार वेबसाईट।</ref> * सैद्धान्तिक भौतिकी के लिए सकुराई पुरस्कार (2010) – हैगन, आंगलेया, गुरालनिक, हिग्स, ब्रूट और किब्बले<ref name="sakuraiprize">American Physical Society – {{cite web|url=http://www.aps.org/units/dpf/awards/sakurai.cfm|title=J. J. Sakurai Prize for Theoretical Particle Physics|access-date=9 अक्तूबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20170701230750/http://www.aps.org/units/dpf/awards/sakurai.cfm|archive-date=1 जुलाई 2017|url-status=dead}}</ref> (1964 पत्र के लिए जिसमें यह वर्णित है।) * वूफ़ पुरस्कार (2004) – आंगलेया, ब्रूट और हिग्स * भौतिकी का नोबेल पुरस्कार (2013) - [[पीटर हिग्स]] और [[फ्रांसोवा आंगलेया]], "अपरमाण्विक कणों में द्रव्यमान के मूल की सैद्धान्तिक व्याख्या करने के लिए, जिसकी कुछ ही समय पूर्व सर्न के एटलस और [[सीएमएस प्रयोग]] ने प्रायोगिक पुष्टि कर दी।<ref>[http://www.nobelprize.org/nobel_prizes/physics/laureates/2013/] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150404112934/http://www.nobelprize.org/nobel_prizes/physics/laureates/2013/ |date=4 अप्रैल 2015 }} – आधिकारिक नोबेल पुरस्कार वेबसाईट।</ref> == इन्हें भी देखें == * [[महाविस्फोट सिद्धान्त|बिग बैंग सिद्धांत]] * [[कण त्वरक]] * [[यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संगठन|सर्न]] (नाभिकीय शोध का यूरोपिय केन्द्र) == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20130320101303/http://www.jansatta.com/index.php/component/content/article/2485-2011-10-10-06-25-33 ईश्वर कण का अस्तित्व] (जनसत्ता) * [http://prabhatkhabar.com/node/38576 गॉड पार्टिकल के राज में उलझा [[यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संगठन|सर्न]] ]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} * [https://web.archive.org/web/20100410174930/http://cms.web.cern.ch/cms/Physics/HuntingHiggs/index.html Explanation for beginners] * [https://web.archive.org/web/20110511231843/http://www.nytimes.com/2007/07/24/science/24ferm.html At Fermilab, the Race Is on for the 'God Particle'] * [https://web.archive.org/web/20100117124900/http://physicsworld.com/cws/article/print/11353 Physics World, Introducing the little Higgs] * [https://web.archive.org/web/20100315103707/http://www.hep.ucl.ac.uk/~djm/higgsa.html A quasi-political Explanation of the Higgs Boson] * [https://web.archive.org/web/20110811115415/http://cerncourier.com/cws/article/cern/32522 In CERN Courier, Steven Weinberg reflects on spontaneous symmetry breaking] * [https://web.archive.org/web/20080416064136/http://www.pas.rochester.edu/urpas/news/Hagen_030708 Steven Weinberg Praises Teams for Higgs Boson Theory] * [https://web.archive.org/web/20120825142710/http://www.youtube.com/watch?v=Zl4W3DYTIKw Steven Weinberg on LHC] * [https://web.archive.org/web/20100110134128/http://prl.aps.org/50years/milestones#1964 Physical Review Letters - 50th Anniversary Milestone Papers] * [https://web.archive.org/web/20110517193329/http://www3.imperial.ac.uk/newsandeventspggrp/imperialcollege/newssummary/news_13-6-2008-12-42-20?newsid=38514 Imperial College London on PRL 50th Anniversary Milestone Papers] * [https://web.archive.org/web/20180331075715/http://ngm.nationalgeographic.com/2008/03/god-particle/achenbach-text ''The God Particle'', from National Geographic Magazine] * [https://web.archive.org/web/20090112215940/http://www.physorg.com/news137076565.html "Tevatron experiments double-team Higgs boson", sets lower bound at 170GeV] * [https://web.archive.org/web/20160714230151/https://arxiv.org/abs/0907.3466 The History of the Guralnik, Hagen and Kibble development of the Theory of Spontaneous Symmetry Breaking and Gauge Particles] * [http://lanl.arxiv.org/PS_cache/arxiv/pdf/0907/0907.3466v1.pdf The History of the Guralnik, Hagen and Kibble development of the Theory of Spontaneous Symmetry Breaking and Gauge Particles (PDF)]{{Dead link|date=अक्तूबर 2024 |bot=InternetArchiveBot }} * [https://web.archive.org/web/20110128115535/http://www.godparticle.com/ God Particle Overview] * [https://web.archive.org/web/20100205174906/http://www.newscientist.com/article/dn16618-fermilab-closing-in-on-the-god-particle.html Fermilab 'closing in' on the God particle] * [https://web.archive.org/web/20110811153246/http://apps3.aps.org/aps/meetings/april10/roser.pdf The Hunt for the Higgs at Tevatron] * [https://web.archive.org/web/20130406112225/https://cms-docdb.cern.ch/cgi-bin/PublicDocDB/RetrieveFile?docid=6116&filename=CMShiggs2012_Hindi.pdf 125 GeV द्रव्यमान के वाले नए कण का अवलोकन], [[सीएमएस प्रयोग]], [[यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संगठन|सर्न]] {{कण}} [[श्रेणी:कण भौतिकी]] [[श्रेणी:बोसोन]] p1cxgu29o5oe5w763yi5qxn3lk9jnq3 ईसाई धर्म का इतिहास 0 189349 6582717 5954943 2026-07-15T03:25:37Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582717 wikitext text/x-wiki '''चर्च''' (Church) शब्द [[यूनानी]] विशेषण का अपभ्रंश है जिसका शाब्दिक अर्थ है "प्रभु का"। वास्तव में चर्च (और गिरजा भी) दो अर्थों में प्रयुक्त है; एक तो प्रभु का भवन अर्थात् गिरजाघर तथा दूसरा, ईसाइयों का संगठन। चर्च के अतिरिक्त 'कलीसिया' शब्द भी चलता है। यह यूनानी [[बाइबिल]] के 'एक्लेसिया' शब्द का विकृत रूप है; बाइबिल में इसका अर्थ है - किसी स्थानविशेष अथवा विश्व भर के ईसाइयों का समुदाय। बाद में यह शब्द गिरजाघर के लिये भी प्रयुक्त होने लगा। यहाँ पर संस्था के अर्थ में चर्च पर विचार किया जायगा। == प्रमुख प्रकार == सभी ईसाई प्राय: इस बात से सहमत हैं कि ईसा ने केवल एक ही चर्च की स्थापना की थी, किंतु अनेक कारणों से ईसाइयों की एकता अक्षुण्ण नहीं रह सकी। फलस्वरूप आजकल उनके बहुत से चर्च अथवा संगठन वर्तमान हैं जो एक दूसरे से पूर्णतया स्वतंत्र हैं। उनका वर्गीकरण इस प्रकार किया जा सकता है : : 1. '''[[कैथोलिक कलीसिया|रोमन काथलिक चर्च]]''' - इसका संगठन सबसे सुदृढ़ है एवं विश्व भर के अधिकांश ईसाई इसके सदस्य हैं। : 2. '''[[प्राच्य कलीसिया|प्राच्य चर्च]]''' - पूर्व यूरोप के प्राय: सभी ईसाई जो शताब्दियों पहले [[रोम]] से अलग हो गए हैं, अधिकांश आर्थोदोक्स (Orthodox) कहलाते हैं। : 3. '''[[प्रोटेस्टेंट संप्रदाय|प्रोटेस्टैंट धर्म]]''' - यह 16वीं शताब्दी में प्रारंभ हुआ था। : 4. '''[[आंग्लिकाई ऐक्य|ऐंग्लिकन समुदाय]]''' - यद्यपि प्रारंभ ही से ऐंग्लिकन चर्च पर प्रोटेस्टैंट धर्म का प्रभाव पड़ा, फिर भी अधिकांश ऐंग्लिकन ईसाई अपने को प्रोटेस्टैंट नहीं मानते। ईसाई धर्म की प्रारंभिक शताब्दियों में चर्च की परिभाषा तथा उसके स्वरूप के विषय में अपेक्षाकृत कम चिंतन किया गया है। बाइबिल में ईसा की जीवनी तथा शिक्षा का जो वर्णन है उससे स्पष्ट है कि प्रारंभ ही से ईसाइयों का विश्वास था कि इस ने समस्त मानव जाति के लिये मुक्ति के साधनों को सुलभ कर दिया और इस उद्देश्य से पृथ्वी पर "ईश्वर का राज्य" स्थापित किया। "ईश्वर का राज्य" उन लोगों का समुदाय है जो ईसा के ईश्वरत्व पर विश्वास कर उनकी शिक्षा ग्रहण करते हैं। बाइबिल में उस समुदाय को "ईश्वर को प्रजा" कहा गया है। उसके संगठन तथा शासन के लिये ईसा ने 12 शिष्यों को चुनकर उन्हें विशेष शिक्षण तथा अधिकार दिए और आदेश दिया कि वे दुनिया भर में जाकर उनकी शिक्षा का प्रचार करें तथा विश्वास करनेवालों को बपतिस्मा संस्कार (दीक्षा स्नान) करके चर्च में सम्मिलित कर लें। इस प्रकार बाइबिल में ईसा के अनुयायियों के समुदाय को चर्च (कलीसिया), "ईश्वर का राज्य" तथा "ईश्वर की प्रजा" कहा गया है। इन पदों से ऐसा प्रतीत हो सकता है कि प्रारंभ में चर्च के वास्तविक रूप को बाहरी संगठन तक सीमित माना गया है, किंतु ऐसी बात नहीं है। ईसा ने अपनी शिक्षा में इसपर बल दिया है कि उनमें तथा उनके सच्चे अनुयायियों में अदृश्य एवं रहस्यात्मक एकता है। उन्होंने अपने शिष्यों से कहा- "मैं द्राक्षा लता हूँ और तुम डालियाँ हो।" इससे स्पष्ट हो जाता है कि चर्च का सबसे महत्वपूर्ण तत्त्व आध्यात्मिक ही है। संत पौलुस ने चर्च के इस आध्यात्मिक तथा रहस्यात्मक पक्ष पर बहुत बल दिया है। ईसा तथा उनके सच्चे अनुयायियों का आध्यात्मिक संबंध और ईसा के सभी अनुयायियों की रहस्यमय एकता को स्पष्ट करने के लिये उन्होंने अपने पत्रों में बारंबार चर्च को "ईसा का आध्यात्मिक शरीर" कहा है (दे. बाइबिल का उत्तरार्ध)। अत: प्रारंभ ही से चर्च के बाहरी संगठन तथा उसके आध्यात्मिक स्वरूप, दोनां का ध्यान रखा गया है। [[प्रोटेस्टेंट संप्रदाय|प्रोटेस्टैंट धर्म]] के कारण चर्च में फूट पड़ी तो धर्माचार्य चर्च के स्वरूप पर अधिक चिंतन करने लगे। प्रोटेस्टैंट विद्वान् चर्च के अदृश्य स्वरूप पर और प्रतिक्रियास्वरूप काथलिक धर्मपंडित चर्च के बाहरी संगठन, उसकी दृश्य सदस्यता आदि पर अधिक बल देने लगे। इस विवाद में उन्होंने चर्च के चार बाहरी लक्षणों का अपेक्षाकृत अधिक महत्त्व दिया है। ईसा का सच्चा चर्च (1) काथलिक है (अर्थात् विश्वजनीन, यह युगयुगांतर तक सब मनुष्यों के लिये खुला रहता है); (2) एक है, प्रेम के बंधन में एक होकर उसके सभी सदस्य एक से धर्मसिद्धांतों पर विश्वास करते हैं। एक संस्कार, एक सी पूजनपद्धति और एक ही परमाधिकारी का शासन स्वीकार करते हैं; (3) पवित्र है (वह सबों के लिये मुक्ति के साधन सुलभ कर देता है और उसके बहुत से सदस्य पवित्र जीवन बिताते हैं); (4) एपोज़ेल्स है (वह ईसा के मुख्य शिष्य एपोज़ल्स के समय से चला आ रहा है, उस प्रारंभिक चर्च से उसका अटूट संबंध है और उस संबंध पर उसका अधिकार आधारित है।) चर्च के दृश्य संगठन में कुछ ऐसे लोग भी सम्मिलित हो सकते हैं जो पाखंडी हैं, जिनका ईसा के साथ कोई आध्यात्मिक संबंध नहीं है, जो ईसा के आध्यात्मिक शरीर के अंग नहीं हैं। ईश्वर ही जानता है कि कौन चर्च का सच्चा सदस्य है और इस कारण यह माना जा सकता है कि वास्तविक चर्च अदृश्य ही है। फिर भी उस अदृश्य वास्तविक चर्च की पूर्ण सदस्यता की अनिवार्य शर्त बाहरी संस्कार ही हैं, अत: अदृश्य चर्च से अलग नहीं किया जा सकता है। आजकल प्राय: सभी प्रोटेटैंस्ट भी इस बात को मानते हैं। मुक्ति के लिये चर्च की पूर्ण सदस्यता अपेक्षित होते हुए भी अनिवार्य नहीं है। ईश्वर सभी लोगों की मुक्ति चाहता है और सब मनुष्यों के अंत:करण में सत्प्रेरणा उत्पन्न करता है। जो ईश्वर की प्रेरणा पर चलते हैं वे अनजाने ही अदृश्य रूप से चर्च के अपूर्ण सदस्य बन जाते हैं और ईसा द्वारा प्रदत्त मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। [[द्वितीय विश्वयुद्ध|द्वितीय महायुद्ध]] के पश्चात् ईसाई संसार में चर्च की एकता के आंदोलन को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा। फलस्वरूप खंडन-मंडन को छोड़कर बाइबिल में विद्यमान तत्वों के आधार पर चर्च के वास्तविक रूप को निर्धारित करने के प्रयास में इसपर अपेक्षाकृत अधिक बल दिया जाने लगा कि चर्च ईसा का आध्यात्मिक शरीर है। ईसा उसका शीर्ष है और सच्चे ईसाई उस शरीर के अंग हैं। == चर्च का इतिहास == === रोमन साम्राज्य में प्रसार (30 - 313 ई.) === 1. ईसा की मृत्यु के बाद उनके शिष्य [[यहूदी|यहूदियों]] तथा गैर यहूदियों में ईसाई धर्म का प्रचार करने लगे। प्रथम मिशनरियों में से सबसे सफल थे संत पौलुस; उनकी यात्राओं का वर्णन तथा उनके पत्र बाईबिल के उत्तरार्ध में सुरक्षित हैं। उस समय अंतिओक (Antioch) रोमन साम्राज्य का तीसरा शहर था, इस का उत्तराधिकारी संत पेत्रुस यहीं चले आए और उस केंद्र से संत पौलुस ने एशिया माइनर, मासेदोनिया तथा यूनान में ईसाई धर्म का प्रचार किया। बाद में राजधानी [[रोम]] ईसाई धर्म का प्रधान केंद्र बना। वहीं [[संत पेत्रुस]] (67 ई.) और [[संत पौलुस]] शहीद हो गए। बाइबिल का उत्तरार्ध प्रथम शताब्दी ई. के उत्तरार्ध में लिखा गया। सन् 100 ई. तक [[भूमध्य सागर|भूमध्यसागर]] के सभी निकटवर्ती देशों और नगरों में, विशेषकर [[आनातोलिया|एशिया माइनर]] तथा उत्तर अफ्रीका में ईसाई समुदाय विद्यमान थे। तीसरी शताब्दी के अंत तक ईसाई धर्म विशाल रोमन साम्राज्य के सभी नगरों में फैल गया था; इसी समय फारस तथा दक्षिण रूस में भी बहुत से लोग ईसाई बन गए। इस सफलता के कई कारण हैं। एक तो उस समय लोगों में प्रबल धर्मजिज्ञासा थी, दूसरे ईसाई धर्म प्रत्येक मानव का महत्त्व सिखलाता था, चाहे वह दास अथवा स्त्री ही क्यों न हो। इसके अतिरिक्त ईसाइयों में जो भातृभाव था उससे लोग प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। 2. प्रथम तीन शताब्दियों के इतिहास की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि समय पर शासकों द्वारा ईसाइयों पर अत्याचार किया गया और वे बड़ी संख्या में अपना धर्म छोड़ देने की अपेक्षा सानंद यंत्रणा एवं मृत्यु स्वीकार करते थे। यद्यपि रोमन शासक प्रारंभ ही से उस नए धर्म को संदेह की दृष्टि से देख्ते थे और उसके अनुयायियों को सताते थे, फिर भी केवल तीसरी शताब्दी में ईसई धर्म को पूर्ण रूप से मिटाने का ध्यापक प्रयत्न किया गया था, विशेष रूप से देसियस, डाइयोक्लीशन (Diocletian), मस्किमिनियन और गालेरियस के शासनकाल में (तीसरी के उत्तरार्ध तथा चतुर्थ शताब्दी के प्रारंभ में)। 3. संगठन इस प्रकार था : हर शहर में स्थानीय गिरजे का परमाधिकारी धर्माध्यक्ष (बिशप) कहलाता था, उनके शासन में पुरोहित (याजक) और उपपुरोहित (उपयाजक या डीकन) धर्म कार्यो में लगे रहते थे। रोम, सिकंदरिय, अंतिओक (और बाद में कुछ और महत्वपूर्ण शहरों) में बिशपों को पेत्रिआर्क (Patriarch) की उपाधि दी जाती थी किंतु सर्वत्र रोम के बिशप का विशेष अधिकार माना जाता था। 4. प्रारंभिक ईसाई साहित्य प्रधानतया यूनानी भाषा में लिखा गया है। [[ओरिजेन]] और संत इरेनेयस विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इरेनेयस (130-202 ई.) ने तत्कालीन भ्रामक धारणाओं का विरोध करते हुए रोमन चर्च की शिक्षा को सच्ची ईसाई शिक्षा की कसौटी घोषित किया। उन्होंने अधिकतर ईसाई गूढ़ज्ञानवाद (Gnosticism) का खंडन किया। गूढ़ज्ञानवाद ईसा के पूर्व ही से चला आ रहा था किंतु बाद में इसमें ईसाई तत्वें का समावेश किया गया था। उस वाद का मूलभूत सिद्धांत है कि समस्त भौतिक जगत् और मानवशरीर भी दूषित है। किसी न किसी रूप में यह सिद्धांत शताब्दियों तक जीवित रहा। उत्तरी अफ्रीका के निवासी तेरतुलियन (Tertullian 160-220 ई.) [[लातिन भाषा|लैटिन भाषा]] के प्रथम विख्यात ईसाई लेखक हैं। दूसरी शताब्दी के अंत तक एदेस्सा के आसपास सिरियक भाषा में ईसाई साहित्य की रचना प्रारंभ हो गई थी। === रोमन साम्राज्य के संरक्षण में (313-750 ई.) === 5. डाइयोक्लीशन के पदत्याग के बाद उत्तराधिकारी के लिये जो गृहयुद्ध हुआ उसमें कोंस्तांतीन विजयी हुआ और उसने 313 ई. में मिलान की राजाज्ञा (Edict of Milan) निकालकर सभी धर्मो को स्वतंत्रता प्रदान कर दी। उस समय आरियस के मत के कारण ईसाई संसार में अशांति फैलने लगी थी। उसे दूर करने के उद्देश्य से कोंस्तांतीन ने कॉथलिक चर्च की प्रथम विश्वसभा का आयोजन किया; नीकिया (315 ई.) की इस सभा ने ऑरियस के मत के विरोध में घोषित किया कि ईसा वास्तविक अर्थ में ईश्वर हैं। कोंस्तांतीन के उत्तराधिकारियों ने आरियस के अनुयायियों का पक्ष लिया, फलस्वरूप लगभग 50 वर्ष तक पूर्वी काथलिक चर्च में इतनी अव्यवस्था रही कि वहाँ का चर्च उस कुप्रभाव से कभी मुक्त नहीं हो पाया। उस शताब्दी के अंत में प्रथम वास्तविक ईसाई सम्राट् थेओदोसियस (Theodosius) ने ईसाई धर्म को राजधर्म के रूप में घोषित किया; उन्होंने ऑरियस के अनुयायियों का नियंत्रण भी किया और उस उद्देश्य से कुंस्तुंतुनिआ (381 ई.) में काथलिक चर्च की द्वितीय विश्वसभा का आयोजन किया। पाँचवीं शताब्दी में और दो बार विश्वसभा बुलाई गई। कुंस्तुंतुनिआ का बिशप नेस्तोरियस एक नए सिद्धांत का प्रचार करने लगा जिसके अनुसार ईसा में ईश्वरीय और मानवीय दो व्यक्ति विद्यमान थे। एफेसस (431 ई.) की विश्वसभा ने नेस्तोरियस को पदच्युत किया और उसके अनुयायियों को चर्च से बहिष्कृत घोषित किया, इसके फलस्वरूप फारस का चर्च अलग हो गया। बाद में युतिकेस ने मोनोफिजितिज्म (एकस्वभाववाद) का प्रवर्तन किया जिसके अनुसार ईसा में एक ही व्यक्ति और एक ही स्वभाव है। इस मत के विरोध में कालसेदोन (451 ई.) की विश्वसभा ने ईसा में ईश्वरत्व तथा मनुष्यत्व दोनों को वास्तविक माना है। सीरिया, आरमीनिया और मिस्त्र के बिशपों ने कालसेदोन के निर्णय को अस्वीकार किया और उन देशों के ईसाई समुदाय भी काथलिक चर्च से अलग हो गए (आजकल भी एथियोपिया के ईसाई और दक्षिण भारत के जैकोबाइट मोनोफीसाइट हैं)। बाद में इस्लाम ने सीरिया और मिस्त्र को साम्राज्य से छीन लिया और वहाँ के अधिकांश लोग उस नए धर्म से सम्मिलित हुए। 6. इस युग के प्रारंभ में ईसाई सहित्य का अपूर्व विकास हुआ। यूनानी भाषा के लेखकों में अथानासियस (295-273 ई.), संत बासिल (321-379 ई.) और उनके भाई निस्सा के [[संत ग्रेगोरी]] (335-395 ई.), नाजिअंसस के संत ग्रेगोरी (330-390), [[कुंस्तुंतुनिया]] के बिशप संत योहन क्रिसोस्तेमस (347-404) और सिकंदरिया के संत सीरिलस (380-444) विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। 6. इस युग के प्रारंभ में ईसाई सहित्य का अपूर्व विकास हुआ। यूनानी भाषा के लेखकों में अथानासियस (295-273 ई.), संत बासिल (321-379 ई.) और उनके भाई निस्सा के [[संत ग्रेगोरी]] (335-395 ई.), नाजिअंसस के संत ग्रेगोरी (330-390), [[कुंस्तुंतुनिया]] के बिशप संत योहन क्रिसोस्तेमस (347-404) और [[सिकंदरिया]] के संत सीरिलस (380-444) विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। पश्चिम में [[लातिन भाषा|लैटिन भाषा]] के मुख्य ईसाई लेखक इस प्रकार हैं : मिलान के बिशप संत अंब्रोसियस (340-399 ई.), संत अगस्तिन (354-430 ई.) और सत जेरोम (347-420)। संत जेरोम ने समस्त बाइबिल का लैटिन भाषा में अनुवाद किया और उनका अनुवाद आज तक रोमन चर्च की पूजापद्धति में प्रयुक्त है। 7. [[ईसाई धर्म]] के प्रारंभ से ही कुछ लोग आजीवन [[ब्रह्मचारी]] रहने का व्रत लेते थे, वे बहुधा निर्जन स्थानों में रहकर एकांतवासी होते थे किंतु धीरे-धीरे उनके पड़ोस में उनके शिष्य भी उनके निर्देश के अनुसार साधना करने लगे। इसका परिणाम यह हुआ कि एक ही स्थान में रहनेवाले साधकों ने एक ही अधिकारी का शासन स्वीकार कर लिया। इस प्रकार के प्रथम मठ की स्थापना लगभग 320 ई. में संत पाकोमियस द्वारा मिस्त्र में हुई थी। इसके अनुकरण पर फिलिस्तीन, सीरिया और एशिया माइनर में बड़ी संख्या में पुरुषों और स्त्रियों के मठों की स्थापना हुई थी और पाँचवीं शताब्दी में सिकंदरिया, आंतिओक, कुंस्तुंतनिया आदि शहरों में भी ऐसे मठ स्थापित हो चुके थे। उनमें प्राय: संत बासिल की नियमावली स्वीकृत थी। पश्चिम में संत मारतिन ने पहले पहल 360 ई. में फ्रांस के दक्षिण में एक मठ स्थापित किया गया और उसी केंद्र से फ्रांस के सभी देहातों में ईसाई धर्म का प्रचार हुआ क्योंकि उस समय तक केवल इटली तथा उत्तर अफ्रीका का देहात ईसाई बन गया था। संत पैतृक (392-461 ई.) पहले फ्रांस में मठवासी थे, उन्होंने अपने शिष्यों के साथ आयरलैंड को ईसाई धर्म में मिला लिया और बाद में वहाँ के संन्यासियों ने बड़ी संख्या में पश्चिम यूरोप के देशों (विशेषकर दक्षिण जर्मनी, स्विट्जरलैंड, दक्षिण बेलजियम) में ईसाई धर्म का प्रचार किया। संत बेनेदिक्त (480-547) ने भी एक धर्मसंघ की स्थापना की और मठवासी जीवन के लिये एक नियमावली लिखी जिसे यूरोप के प्राय: सभी मठों ने स्वीकार कर लिया। बेनेदिक्ताइन संघ के संन्यासी ईसा की छठी शताब्दी में इंग्लैंड भेजे गए (जहाँ बर्बर जातियों के आगमन से कम ईसाई रह गए थे)। उन्होंने वहाँ की जातियों को ईसाई धर्म में मिला लिया और अपने संघ के मठ भी स्थापित किए। संत बीड (672-735 ई.) एक अंग्रेज बेनेदिक्ताइन थे जिन्होंने इंग्लैंड का सर्वप्रथम इतिहास लिखा। एक समकालीन अंग्रेज बेनेदिक्ताइन संत बोनिफास (675-755) ने पहले हालैंड में धर्मप्रचार किया और बाद में जर्मनी के अधिकांश भाग को ईसाई धर्म में मिलाया। पश्चिम में ईसाई धर्म के इस प्रचार का श्रेय मुख्य रूप से मठवासियों को ही है। 8. पाँचवीं शताब्दी से पश्चिम रोमन साम्राज्य तथा उत्तर अफ्रीका में बर्बर जातियों का आगमन प्रारंभ हुआ था ओर उस शताब्दी के अंत में इटली के बाहर सर्वत्र उन बर्बर राजाओं का शासन स्थापित हो चुका था। उनमें से एक भी काथलिक नहीं था। 496 ई. में फ्रैंक (Frank) जाति के राजा क्लोविस ने ईसाई धर्म स्वीकार किया। छठी शताब्दी के अंत में काथलिक फ्रैंक जाति ने समस्त वर्तमान फ्रांस देश पर अधिकार कर लिया। पुर्तगाल की सुएवी (Suevi) जाति भी छठी शताब्दी के मध्य काथलिक धर्म में सम्मिलित हो गई और स्पेन के विजीगोथ (Visigoth) 589 ई. में ऑरियस का मत त्याग कर काथलिक बन गए। अगली शताब्दी में स्पेन के सबसे महत्वपूर्ण् ऐतिहासिक व्यक्ति संत इसीदोर (Isidore) हैं जो 36 वर्ष तक (600-636 ई.) सेविल के बिशप थे। 9. संत ग्रेगोरी 590 ई. में रोम के बिशप ([[पोप]]) चुने गए। उनके शासनकाल में इटली पर लोंबार्द जाति का आक्रमण हुआ। सम्राट् उनका विरोध करने में असमर्थ था और संत ग्रेगारी ने लोंबार्द नेताओं से भेंट कर रोम की रक्षा की। वास्तव में वह उस समय रोम के वास्तविक शासक थे। उन्हीं को कॉथलिक चर्च के राज्य (पेपल स्टेट्स) का संस्थापक माना जा सकता है। संत ग्रेगोरी के जीवनकाल में हजरत मुहम्मद का जन्म हुआ था; उनके अनुयायी 695 ई. में उत्तर अफ्रीका तथा 711 ई. में स्पेन पर अधिकार कर लिया। यद्यपि पूर्व में कुंस्तुंतुनिया का अवरोध (717 ई.) असफल हुआ तथा पश्चिम में फ्रैक जाति के चार्ल्स मारतेल ने मुसलमान सेनाओं को फ्रांस के दक्षिण में (Poitiers; 732 ई.) हरा दिया था, तथापि उस समय से लेकर 900 वर्ष तक ईसाई तथा [[मुसलमान]] सेनाओं का संघर्ष चलता रहा। चार्ल्स मारतेल का पुत्र पेपीन [[फ्रैंक जाति]] का राजा बन गया। कुछ समय बाद इटली पर लोंबार्द जाति का नया आक्रमण हुआ। सम्राट् को असमर्थ देखकर पोप ने पेपीन की सहायता माँगी और उसने अपनी फ्रैंक सेना से लोंबार्द जाति को हराकर इटली का मध्य भाग पोप के अधिकार में दे दिया। उस दिन से काथोलिक चर्च का राज्य विधिवत् प्रारंभ हुआ और 1870 ई. तक बना रहा। === पूर्व मध्यकाल (750-1050) === 10. पेपीन के पुत्र चार्लमेन (Charlemagne) ने अपने दीर्घ राज्यकाल (768-814 ई.) में यूरोप की राजनीतिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक एकता के लिये सफल प्रयास किया। उन्होंने स्पेन में इस्लाम का विरोध किया तथा उत्तर में सैक्सन (Saxon) जातियों को हराकर उनको ईसाई बनने के लिये बाध्य किया। उनके जीवनकाल में सर्वत्र शिक्षा का प्रचार तथा धार्मिक उन्नति हुई। किंतु उनकी मृत्यु के बाद उनके साम्राज्य का विघटन हुआ और समस्त यूरोप में अशांति फैल गई। इसका कुप्रभाव चर्च के संगठन पर भी पड़ा। उस युग को पश्चिम के अध्यात्मिक पतन का युग कहा गया है। साधारण पुरोहितों में अनुशासनहीनता बढ़ गई और उसमें से बहुतों ने विवाह किया यद्यपि पाँचवीं शताब्दी से पुरोहितों के अविवाहित रहने का नियम चला आ रहा था। बिशप तथा मठाध्यक्ष सामंत भी थे और उनके चुनाव में बहुधा घूसखोरी का हाथ रहा करता था। पोप अब राजा भी थे तथा पेपल स्टेट्स के शासन के लिये बहुत से पुरोहित राजनीतिक मात्र ही रह गए थे। पोपों के चुनाव में रोमन सामंतों की प्रतियोगिता भी होने लगी तथा राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा बहुत से पोपों की हत्या भी कर दी गई थी। इस कारण 886 ई. से 1043 ई. तक 37 पोप हो गए। उस पतन के प्रतिक्रियास्वरूप 10वीं शताब्दी में फ्रांस के क्लुनी (Cluny) मठ नेतृत्व में पश्चिम यूरोप में मठवासी जीवन का अपूर्व पुनर्विकास हुआ। सैकड़ों दूसरे उपमठ क्लुनी के मठाध्यक्ष का अनुशासन स्वीकार करते थे जिससे पोप के बाद क्लुनी का मठाध्यक्ष उस समय ईसाई संसार का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गया था। 11. कुंस्तुंतुनिया के नेतृत्व में नवीं शताब्दी में [[बालकन]] की [[स्लाव लोग|स्लाव]] (Slav) जातियों का धर्मपरिवर्तन हुआ और उसके बाद [[रूस]] में भी ईसाई धर्म का विशेष विस्तार हुआ। ईसाई धर्म का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि यूनानी भाषा बोलनेवाले प्राच्य काथोलिकों तथा लैटिन भाषा बोलनेवाले पाश्चात्य कॉथोलिकों का अलगाव उस युग में बढ़ने लगा। उसके कई कारण हैं। यूनानी संस्कृति लैटिन संस्कृति से कहीं अधिक परिष्कृत थी। एक ओर प्राच्य चर्च तथा बीजैंटाइन (Byzantine) साम्राज्य का एकीकरण हुआ था और दूसरी ओर पश्चिम में रहनेवाले पोप को वहाँ के शासकों से सहायता मिला करती थी। राजधानी कुंस्तुंतुनिया के बिशप को पेत्रिआर्क की उपाधि मिली थी और उनका महत्त्व इतना बढ़ गया कि वह समस्त प्राच्य चर्च के अध्यक्ष माने जाते थे। इन सब कारणों से पूर्व में रोम के पोप के अधिकार की उपेक्षा होने लगी। नवीं शताब्दी में फोतियस (Photius) ने कुछ समय तक प्राच्य चर्चों को रोम से अलगकर दिया था और अपनी रचनाओं में रोम के विरुद्ध इतना कटु प्रचार किया था कि, यद्यपि उसने बाद में रोम का अधिकार पुन: स्वीकार कर लिया, फिर भी उसकी रचनाओं का कुप्रभाव नहीं मिट सका और बाद में पेत्रिआर्क माइकल सेरुलारियस के समय में कुंस्तुंतुनिया का चर्च रोम से अलग हो गया (1054 ई.)। [[इस्लाम]] ने [[काथॉलिक चर्च]] को [[यूरोप]] तक सीमित कर दिया था, अब वह पश्चिम यूरोप तक ही सीमित रहा। === उत्तर मध्यकाल (1050-1500) === 12. 11वीं तथा 12वीं शताब्दियों में चर्च ने बिशपों की नियुक्ति तथा पोप के चुनाव में राजाओं के हस्तक्षेप का तीव्र विरोध किया। पोप संत लेओं नवम ने (1041-1054) चर्च के अनुशासन में बहुत सुधार किया। 1059 ई. में एक कानून घोषित किया गया कि भविष्य में कार्डिनल मात्र पोप का चुनाव करेंगे; बिशपों की नियुक्ति के विषय में जर्मन सम्राट् हेनरी चतुर्थ और पोप संत ग्रेगोरी सप्तम में जो संघर्ष हुआ, उसमें सम्राट् को झुकना पड़ा (1077 ई.)। अगली शताब्दी में जर्मन सम्राट् तथा कॉथोलिक चर्च में समझौता हुआ। [[बोर्म्स की धर्मसंधि]] (1123) के अनुसार बिशपों तथा मठाधीशों की नियुक्ति में शासकों का हस्तक्षेप रुक गया। उस समय से रोमन काथोलिक चर्च का संगठन रोम में केंद्रीभूत हुआ। रोम के प्रतिनिधि स्थायी रूप से सभी देशों में रहने लगे तथा चर्च का एक नया कानून संग्रह सर्वत्र लागू होने लगा। 11वीं शताब्दी के उत्तरार्ध् में उत्तर [[स्पेन]] के इस्लाम-विरोधी अभियान को पर्याप्त सफलता मिली और ईसाई सेनाओं ने 1085 ई. में तोलेदो (Toledo) को मुक्त किया। पूर्व में 1071 ई. में बीजैंटाइन सम्राट् की हार हुई। इससे चिंतित हाकर पोप ने ईसाई राजाओं से निवेदन किया कि वे एशिया माइनर तथा फिलिस्तीन को इस्लाम से मुक्त कर दें। फलस्वरूप प्रथम [[क्रूसेड|क्रूसयुद्ध]] (क्रूसेड) का आयोजन किया गया। 1099 ई. में [[यरुशलम|येरूसलेम]] पर ईसाई सेनाओं का अधिकार हुआ, जो अधिक समय तक नहीं रह सका। 13. 12वीं श्ताब्दी को पाश्चात्य चर्च का उत्थान काल माना जा सकता है। [[पेरिस]] के पीटर [[लोंबार्ड]] की रचना से [[धर्मविज्ञान]] (Theology) को नया उत्साह मिला तथा स्पेन के पुरोहितों ने [[अरबी भाषा]] से [[अरस्तु|अरस्तू]] के ग्रंथों तथा उसको अरबी व्यख्याओं का लैटिन भाषा में अनुवाद किया, जिससे सर्वत्र [[दर्शनशास्त्र]] में अभिरुचि जाग्रत होने लगी। उस शताब्दी में अनेक नए धर्मसंघों की उत्पत्ति हुई जिनमें से दो अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सीतौ (Citeaux) के धर्मसंघ की स्थापना 1098 ई. में हुई थी। उस सिस्तर्सियन (Cistercian) संघ के मठ पश्चिम यूरोप के जंगलों में सर्वंत्र कृषि का प्रचार करने लगे। 12वीं शताब्दी के अंत तक इस प्रकार के 530 मठों की स्थापना हो चुकी थ। संत बर्नाडं उस संघ के सदस्य थे, उनकी रचनाओं के द्वारा ईसा और उनकी माता मरिया के प्रति कोमल भक्ति का सर्वत्र प्रचार हुआ। [[संत नोर्बर्ट]] (Norbert) ने 1120 ई. में प्रेमोंस्त्राटेंशन (Premonstratensian) धर्मसंघ का प्रवर्तन किया। उसके सदस्य उपदेश दिया करते थे तथा ईसाई जनसाधारण के लिय पुरोहितों का कार्य भी करते थे। वह संघ भी शीघ्र ही फैल गया। उस शताब्दी में स्कैंडिनेविया, मध्य जर्मनी, बोहेमिया, प्रशा और पोलैंड में जो धर्मप्रचार का कार्य संपन्न हुआ वह मुख्य रूप से इन दो धर्मसंघों के माध्यम से ही संभव हो सका। 12वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में सम्राट् फ्रेड्रिक बरबारोस्सा (1152-1190) ने फिर चर्च पर अधिकार जताने का प्रयास किया किंतु पोप अलैक्जेंडर तृतीय (1159-1191) ने उनका सफलतापूर्वक विरोध किया। इसके अतिरिक्त पोप अलेक्जैंडर तृतीय ने चर्च का संगठन भी सुदृढ़ बनाया जिससे वह दस सर्वोत्तम पोपों में गिने जाते हैं। 14. 13वीं शताब्दी के प्रारंभ में दक्षिण फ्रांस तथा उत्तर इटली में प्रोवांस के शासकों के नेतृत्व में एलबीजेंसस नामक संप्रदाय के प्रचार से जनता में अत्यधिक अशांति फैल गई। एलबीजेंसस भौतिक जगत् तथा मानव शरीर को दूषित मानते थे इसलिये संततिनिरोध के उद्देश्य से विवाह का विरोध तथा उन्मुक्त प्रेम का समर्थन करते थे। उस संप्रदाय के उन्मूलन के लिये [[एनक्विजिशन]] की स्थापना हुई थी। उस शताब्दी में दो अत्यंत महत्वपूर्ण धर्मसंघों की स्थापना हुई थी, फ्रांसिस्की संघ तथा दोमिनिकी संघ। इटली निवासी संत फ्रांसिस द्वारा स्थापित धर्मसंघ में निर्धनता पर विशेष बल दिया जाता था। प्रारंभ में उस संघ के सदस्यों में एक भी पुरोहित नहीं था; फ्रांसिस्की संन्यासी उपदेश द्वारा जनता में भक्ति तथा अन्य धार्मिक भाव उत्पन्न करते थे। इस संघ को अपूर्व सफलता मिली। 10 वर्ष के अंदर सदस्यों की संख्या 5000 हो गई थी और 1221 ई. में उनकी प्रथम सामान्य सभा के अवसर पर 500 नए उम्मेदवार भरती होने के लिये आए। संत दोमिनिक स्पेनिश थे। उन्होंने समझ लिया कि एलबीजेंसस का विरोध करने के लिये ऐसे पुरोहितों की आवश्यकता है जो तपस्वी हैं और विद्वान् भी। अत: उन्होंने अपने दोमिनिकी संघ में तप तथा विद्वत्ता पर विशेष ध्यान दिया। यह संघ फ्रांसिस्कों संघ से कम लोकप्रिय रहा, फिर भी वह शीघ्र ही समस्त यूरोप में फैल गया। यद्यपि पोप इन्नासेंट तृतीय (1168-1215) के समय में ईसाई संसार में पोप का प्रभाव अपनी चरम सीमा तक पहुँच गया था, फिर भी 13वीं शताब्दी में पोप और जर्मन सम्राट का संघर्ष होता रहा। उदाहरणार्थ 1241 ई. में पोप के मरते समय 11 कार्डिनल जीवित थे; सम्राट् ने दो को कैद में डाल दिया, दूसरे भाग गए और दो वर्ष तक चर्च का केई परमाधिकारी नहीं रहा। अंत में फ्रांस के राजा के अनुरोध से सम्राट् ने चुनाव होने दिया। 13वीं शताब्दी में यूरोप के विश्वविद्ययालयों में कुछ समय तक अरस्तू के अरबी व्याख्याता अवेरोएस (1126-1198 ई.) के मत तथा स्कोलैस्टिक फिलोसोफी का द्वद्वंयुद्ध हुआ, जिसमें अंततोगत्वा संत एलबेर्ट (1193-1280), संत बाना वेंच्यर (1221-1274 ई.) तथा संत थोमस अक्वाइनस (1225-1274 ई.) के नेतृत्व में स्कालैस्टिक फिलोसोफी की विजय हुई और अरस्तू की ईसाई व्याख्या द्वारा ईसाई धर्मसिद्धांतों का युक्तिसंगत प्रतिपादन हुआ। उस समय समस्त यूरोप में कला और विशेषकर वास्तुकला का विकास हुआ और विशाल भव्य गौदिक गिरजाघरों का निर्माण प्रारंभ हुआ। 15. 13वीं शताब्दी के अंत में पश्चिम यूरोप में चर्च का अपकर्ष प्रारंभ हुआ और प्रोटेस्टैंट विद्रोह तक उत्तरोत्तर बढ़ता गया। उस समय से जर्मन सम्राट् के अतिरिक्त फ्रांस के राजा भी चर्च के मामलों में अधिकाधिक हस्तक्षेप करने लगे। 1305 ई. में एक फ्रेंच पोप का चुनाव हुआ, वह जीवन भर फ्रांस में ही रहे और उनके फ्रेंच उत्तराधिकारी भी 1367 ई. तक अविज्ञोन (Avignon) नामक फ्रेंच नगर में निवास करते थे। उनमें से एक रोम लौटे किंतु वह एकाध वर्ष बाद फिर फ्रांस चले गए; उनके उत्तराधिकारी ग्रेगोरी नवम सिएना की संत कैथरीन का अनुरोध मानकर 1376 ई. में रोम लौटे। उनकी मृत्यु के बाद एक इटालियन डर्बन षष्ठ को चुना गया, क्योंकि जनता ने कार्डिनलों को धमकी दी थी कि ऐसा न करने पर उनकी हत्या की जाएगी। डर्बन के चुनाव के बाद कार्डिनल रोम से भाग गए और उन्होंने चार महीने बाद एक नए पोप को चुन लिया जो अविज्ञोन में निवास करने लगे। अब पश्चिम यूरोप में दो पोप थे, एक राम में और एक अविज्ञोन में जिससे समस्त काथलिक संसर 40 वर्ष तक दो भागों में विभक्त रहा। उस समस्या का हल करने के प्रयास में 1409 ई. में एक तीसरे पोप का भी चुनाव हुआ किंतु 1417 ई. में सबों ने नवनिर्वाचित मारतीन पंचम को सच्चे पोप के रूप में स्वीकार किया और इस तरह पाश्चात्य विच्छेद (Western schism) का अंत हुआ। इतने में अंग्रेज [[वोक्लिफ]] (Wycliffe) सिखलाने लगा कि चर्च का संगठन (पोप, पुरोहित (प्रिस्ट)), उसके [[संस्कार]] आदि यह सब मनुष्य का आविष्कार है; ईसाइयों के लिय बाइबिल ही पर्याप्त है। यह मत बोहेमिया तक फैल गया जहाँ जॉन हुस (Hus) उसका प्रचारक और शहीद भी बन गया (1415 ई.)। [[लूथर]] पर उन सिद्धांतों का प्रभाव स्पष्ट है। चर्च के अपकर्ष का मुख्य कारण 15वीं शताब्दी उत्तरार्ध के नितांत अयोग्य पोप ही हैं। यूरोप में उस समय सर्वत्र प्राचीन यूनानी तथा लैटिन साहित्य की अपूर्व लोकप्रियता के साथ-साथ एक नवीन सांस्कृतिक आंदोलन प्रांरभ हुआ जिसे रिनेसाँ अथवा नवजागरण कहा गया है। [[बीजैंटाइन साम्राज्य]] का अंत निकट देखकर बहुत से यूनानी विद्वान् पश्चिम में आकर बसने लगे। उनकी संख्या और बढ़ गई जब 1453 ई. में [[क़ुस्तुंतुनिया|कुस्तुंतुनिया]] इस्लाम के अधिकार में आया। उन यूनानी विद्वानों से नवजागरण आंदोलन को और प्रोत्साहन मिला। रोम के पोप उस आंदोलन के संरक्षक बन गए और उन्होंने रोम को [[नवजागरण]] का एक मुख्य केंद्र बना लिया। नैतिकता और धर्म की उपेक्षा होने लगी और 15वीं शताब्दी के अंत तक रोम का दरबार व्यभिचारव्याप्त रहा। इसके अतिरिक्त पोपों के चुनाव में राजनीति के हस्तक्षेप तथा [[इटली]] के अभिजात वर्ग की प्रतियोगिता ने भी रोम के प्रति ईसाई संसार की श्रद्धा को बहुत ही घटा दिया। असंतोष का एक और कारण यह था कि समस्त चर्च की संस्थाओं पर उनकी संपत्ति के अनुसार कर लगाया जाता था और रोम के प्रतिनिधि सर्वत्र घूमकर यह रुपया वसूल करते थे। === आधुनिक काल (1500 ई. से) === 16. लूथर ने 1517 ई. में काथलिक चर्च की बुराइयों के विरुद्ध आवज उठाई किंतु वह शीघ्र ही कुछ परंपरागत ईसाई धर्मसिद्धांतों का भी विरोध करने लगा। इस प्रकार एक नए संप्रदाय की उत्पत्ति हुई। लूथर को जर्मन शासकों का संरक्षण मिला और जर्मनी के अतिरिक्त स्कैंडिनेविया के समस्त ईसाई उनके संप्रदाय में सम्मिलित हुए। बाद में कालविन ने लूथर के सिद्धांतों का विकसित करते हुए एक दूसरे प्रोटेस्टैंट संप्रदाय का प्रवर्तन किया जो [[स्विट्ज़रलैण्ड|स्विट्जरलैंड]], [[स्कॉट्लैण्ड|स्काटलैंड]], [[नीदरलैण्ड|हालैंड]] तथा [[फ़्रान्स|फ्रांस]] के कुछ भागों में फैल गया। अंत में हेनरी अष्टम ने भी इंग्लैड को रोम के अधिकार से अलग कर दिया जिससे [[ऐंग्लिकन चर्च]] प्रारंभ हुआ। 17. प्रोटेस्टैंट विद्रोह के प्रतिक्रिया स्वरूप कैथलिक चर्च में "काउंटर रिफॉर्मेशन" (प्रतिसुधारांदोलन) का प्रवर्तन हुआ। 16वीं शताब्दी के महान पोपों के नेतृत्व में चर्च के शासन में अध्यात्म को फिर प्राथमिकता मिल गई; बहुत से नए धर्मसंघों की स्थापना हुई जिसमें थिआटाइन तथा जेसुइट प्रमुख हैं। प्राची धर्मसंघों में, विशेषकर फ्रांसिस्की तथा कार्मेलाइट धर्मसंघ में सुधार लाया गया; बहुत से संत उत्पन्न हुए जिनमें संत तेरेसा (1515-1582 ई.) तथा संत जॉन ऑव दि क्तोस (1542-1591) अपनी रहस्यवादी रचनाओं के कारण अमर हो गए हैं। धर्मप्रचार (मिशन) का कार्य नवीन उत्साह से अमरीका तथा एशिया में फैलने लगा। ट्रेंट में चर्च की 19वीं विश्वसभा का आयोजन किया गया किंतु प्रोटेस्टैंटों ने इसमें भाग लेने से इनकार कर दिया। इस विश्वसभा को कई बार स्थगित कर दिया गया जिससे वह 1545 ई. में प्रारंभ होकर केवल 1563 ई. में समाप्त हो गई। पुराहितों के शिक्षण तथा चर्च के संगठन के नए नियमों के अतिरिक्त प्रोटेस्टैंट संप्रदाय के विरोध में परंपरागत कॉथलिक धर्मसिद्धांतों का सूत्रीकरण भी हुआ। उस समय से पश्चिम यूरोप के ईसाई संसार में एकता लाने की आशा बहुत क्षीण हो गई। परवर्ती शताब्दियों में समस्त पश्चिम यूरोप में नास्तिकता तथा अविश्वास व्यापक रूप से फैल गया। [[फ़्रान्सीसी क्रान्ति|फ्रेंच क्रांति]] के फलस्वरूप चर्च की अधिकांश जायदाद जब्त हुई और चर्च तथा सरकार का गहरा संबंध सर्वदा के लिये टूट गया। 1870 ई. में [[इटालियन क्रांति]] ने पेपल स्टेट्स पर भी अधिकार कर लिया, इस कारण जो समस्या उत्पनन हुई वह 1929 ई. में हल हो गई। 18. 20वीं शताब्दी के प्रारंभ में ईसाई एकता का आंदोलन (एकूमेनिकल मूवमेंट) प्रारंभ हुआ। उस समय तक प्रोटेस्टैंट धर्म बहुत से संप्रदायें में विभक्त हो गया था और इस कारण धर्मप्रचार के कर्य में कठिनाई का अनुभव हुआ। 1910 में [[एडिनबर्ग]] में प्रथम वर्ल्ड मिशनरी कॉनफरेंस का अधिवेशन हुआ। इस आंदोलन के फलस्वरूप [[वर्ल्ड कौंसिल ऑव चर्चेंज]] का संगठन हुआ। सभी मुख्य प्रोटेस्टैंट संप्रदाय तथा प्राच्य ओर्थोदोक्स चर्च उस संस्था के सदस्य हैं और र्कांथलिक ऑबजर्वर (पर्यवेक्षक) उसकी सभाओं में उपस्थित रहते हैं। उसी प्रकार 1962 ई. में रोम में कॉथलिक चर्च की जो 21वीं विश्वसभा प्रारंभ हुई उसके लिये मुख्य प्रोटेंस्टैंट संप्रदायों ने तथा प्राच्य आथदोक्स चर्च ने अपने लिये मुख्य प्रोटेस्टैंट संप्रदायों ने तथा प्राच्य आथदोक्स चर्च ने अपने प्रतिनिधि भेजे। ==इन्हें भी देखें== *[[कलीसिया]] *[[यीशु|यीशु मसीह]] *[[गिरजाघर]] *[[चर्च ]] == बाहरी कड़ियाँ == The following links give an overview of the history of Christianity: * [https://web.archive.org/web/20100521085530/http://www.tyndale.ca/sem/mtsmodular/viewpage.php?pid=66 History of Christianity Reading Room:] Extensive online resources for the study of global church history (Tyndale Seminary). * [https://web.archive.org/web/20071016200443/http://etext.lib.virginia.edu/cgi-local/DHI/dhi.cgi?id=dv1%E2%80%9349 ''Dictionary of the History of Ideas'':] Christianity in History * [https://web.archive.org/web/20120111152750/http://etext.lib.virginia.edu/cgi-local/DHI/dhi.cgi?id=dv1%E2%80%9350 ''Dictionary of the History of Ideas'':] Church as an Institution * [https://web.archive.org/web/20090211034759/http://www.wikichristian.org/index.php?title=Church_history_and_denominations Church history at WikiChristian] * [https://web.archive.org/web/20071022205846/http://bible.christianity.com/History/AD/SketchesofChurchHistory/ Sketches of Church History] From AD&nbsp;33 to the Reformation by Rev. J. C Robertson, M.A.,Canon of Canterbury * [https://web.archive.org/web/20060521210204/http://11.1911encyclopedia.org/C/CH/CHURCH_HISTORY.htm Church History] in the 1911 [[ब्रिटैनिका विश्वकोष]] {{Col-2-of-2}} The following links provide quantitative data related to Christianity and other major religions, including rates of adherence at different points in time: * [https://web.archive.org/web/20110306000753/http://www.thearda.com/ American Religion Data Archive] * [https://web.archive.org/web/20150924085906/http://www.religiousbook.net/Books/Online_books/Sh/Heart_20.html Early Stages of the Establishment of Christianity] * [https://web.archive.org/web/20100724191531/http://www.theandros.com/ Theandros], a journal of Orthodox theology and philosophy, containing articles on early Christianity and patristic studies. * [https://web.archive.org/web/20070202101418/http://baptistpillar.com/bd0547.htm Historical Christianity], A time line with references to the descendants of the early church. * [https://web.archive.org/web/20150924101404/http://www.shol.com/featheredprop/Timeline.htm Reformation Timeline], A short timeline of the Protestant Reformation. [[श्रेणी:ईसाई धर्म]] [[श्रेणी:इतिहास]] kbs07mtda5nlko9f6tq21luaqv5x6jy विकिपीडिया वार्ता:नया लेख कैसे बनायें 5 190167 6582624 6582528 2026-07-14T17:52:11Z चाहर धर्मेंद्र 703114 प्रचार सामग्री को हटाया 6582624 wikitext text/x-wiki {{वार्ता शीर्षक}} == वास्तानेश्वर महादेव मंदिर ईसरा सिरोही == वास्थानेश्वर महादेव मंदिर राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित एक प्राचीन और पावन स्थल है। यह स्वरूपगंज से कृष्णगंज रोड पर स्थित उबेरा गाँव से होकर आबू पर्वत की तलहटी में स्थित है। प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति के कारण यह स्थान श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। भोलेनाथ का यह मंदिर अद्वितीय है, जहाँ पर कल-कल बहते झरने, हरियाली से भरे पहाड़ और आबू का पहाड़ी वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता और प्रकृति की अनुपम सुंदरता का अद्भुत अनुभव कराते हैं। यह स्थान आबू पर्वत के मनोरम दृश्यों का परिचायक है, जिसे यहाँ आने वाले श्रद्धालु विशेष रूप से “आबू की तरोहर” कहते हैं। वास्थानेश्वर महादेव मंदिर में श्री श्री 1008 मुनिजी महाराज का भी मंदिर है। यह पवित्र स्थल मुनिजी महाराज की गहन तपस्या का स्थान है, जहाँ उन्होंने कई वर्षों तक साधना की थी। उनकी तपस्या और त्याग के कारण यह स्थल एक तीर्थ के रूप में प्रसिद्ध है। मुनिजी महाराज की साधना ने इस स्थान को विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्त्व प्रदान किया है। उनके त्याग और तपस्या की पवित्रता को महसूस करने के लिए दूर-दूर से भक्त और साधु यहाँ आते हैं। [[सदस्य:Aasurabari|Aasurabari]] ([[सदस्य वार्ता:Aasurabari|वार्ता]]) 11:58, 14 जुलाई 2026 (UTC) juwayrj8rupel08pgw9ww2rjv19z7ie एरिक क्लैप्टन 0 193643 6582878 6571580 2026-07-15T10:33:48Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582878 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = Eric Clapton | honorific_suffix = {{post-nominals|size=100%|country=GBR|CBE}} | image = JeffBeckTribute1RAH220523 (106 of 136) (52920038844) (Eric Clapton).jpg | caption = Clapton in 2023 | birth_name = Eric Patrick Clapton | birth_date = {{Birth date and age|1945|3|30|df=y}} | birth_place = Ripley, Surrey, England | occupation = {{flatlist| * Musician * singer * songwriter }} | years_active = 1962–present | spouse = {{plainlist| * {{marriage|Pattie Boyd|1979|1989|end=div.}}<ref>{{cite book|last1=Womack|first1=Kenneth|title=The Beatles Encyclopedia: Everything Fab Four [2 volumes]: Everything Fab Four|date=2014|publisher=ABC-CLIO|page=158|quote= The couple were formally divorced in 1989.}}</ref> * {{marriage|Melia McEnery|2002}} }} | children = 5 | module = {{Infobox musical artist <!-- See Wikipedia:WikiProject_Musicians --> | embed = yes | background = solo_singer | genre = {{flatlist| * Rock music|Rock * blues }} | instrument = {{flatlist| * Guitar * vocals }} | label = {{flatlist| * Polydor * Atco Records|Atco * RSO Records|RSO * Warner Bros. Records|Warner Bros. * Duck Records|Duck * Reprise Records|Reprise * Surfdog }} | past_member_of = {{flatlist| * The Yardbirds * John Mayall & the Bluesbreakers * Cream (band) * The Dirty Mac * Plastic Ono Band * Blind Faith * Delaney & Bonnie * Derek and the Dominos }} }} | website = {{URL|ericclapton.com}} | signature = Eric Clapton sig.svg }} '''एरिक पैट्रिक क्लैप्टन''' ({{Lang-en|Eric Patrick Clapton}}, जन्म 30 मार्च 1945) एक अंग्रेज़ [[रॉक संगीत|रॉक]] और [[ब्लूज़]] गिटारवादक, गायक तथा गीतकार हैं। उन्हें रॉक संगीत के इतिहास के सबसे सफल और प्रभावशाली गिटारवादकों में गिना जाता है। क्लैप्टन को ''रॉलिंग स्टोन'' पत्रिका की "सर्वकालिक 100 महानतम गिटारवादकों" की सूची में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ, जबकि गिब्सन (गिटार कंपनी) की "टॉप 50 गिटारिस्ट्स ऑफ ऑल टाइम" सूची में उन्हें चौथा स्थान मिला। वर्ष 2009 में ''[[टाइम (पत्रिका)|टाइम]]'' पत्रिका ने उन्हें "10 सर्वश्रेष्ठ इलेक्ट्रिक गिटार वादकों" की सूची में पाँचवाँ स्थान दिया। कई स्थानीय बैंडों के साथ प्रदर्शन करने के बाद क्लैप्टन वर्ष 1963 में द यार्डबर्ड्स से जुड़े और 1965 तक उसके सदस्य रहे। इसके बाद 1965 से 1966 तक उन्होंने जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ कार्य किया। बाद में उन्होंने ड्रमर जिंजर बेकर और बास वादक-गायक जैक ब्रूस के साथ मिलकर प्रसिद्ध पावर ट्रायो बैंड [[क्रीम]] का गठन किया। इस बैंड में क्लैप्टन ने लंबे ब्लूज़ इम्प्रोवाइज़ेशन और ब्लूज़-आधारित साइकेडेलिक पॉप शैली प्रस्तुत की। चार सफल एल्बमों के बाद 1968 में क्रीम बैंड अलग हो गया। इसके बाद क्लैप्टन ने बेकर, स्टीव विनवुड और रिक ग्रेच के साथ मिलकर ब्लूज़ रॉक बैंड ब्लाइंड फेथ बनाया। इस बैंड ने केवल एक एल्बम जारी किया और एक दौरे के बाद भंग हो गया। बाद में क्लैप्टन ने डिलेनी एंड बॉनी के साथ यात्रा की और 1970 में अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton (album)|Eric Clapton'' जारी किया। इसके बाद उन्होंने डेरेक एंड द डोमिनोज़ बैंड का गठन किया, जिसमें बॉबी व्हिटलॉक, कार्ल रैडल और जिम गॉर्डन शामिल थे। इस बैंड का सबसे प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' था, जिसमें क्लैप्टन का प्रसिद्ध गीत "[[लैला]]" सम्मिलित है। अगले कई दशकों तक क्लैप्टन ने अनेक सफल एकल एल्बम और गीत जारी किए। 1974 में उन्होंने [[बॉब मार्ले]] के गीत "I Shot the Sheriff" का संस्करण प्रस्तुत किया, जिसने रेगे संगीत को व्यापक लोकप्रियता दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1977 का उनका एल्बम ''Slowhand'' कण्ट्री संगीत से प्रभावित था, जबकि 1986 का ''August (album)|August'' पॉप रॉक शैली पर आधारित था। 1991 में अपने पुत्र कॉनर की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने अपने दुःख को "Tears in Heaven" गीत के माध्यम से व्यक्त किया। यह गीत ''Billboard Hot 100'' में दूसरे स्थान तक पहुँचा और उनके ''Unplugged (Eric Clapton album)|'' एल्बम में भी शामिल किया गया। 1996 में उनका गीत "Change the World" भी अत्यधिक लोकप्रिय हुआ। 1998 में उन्होंने ग्रैमी पुरस्कार विजेता गीत "My Father's Eyes (song)" जारी किया। 1999 के बाद उन्होंने कई पारंपरिक ब्लूज़ और ब्लूज़ रॉक एल्बम रिकॉर्ड किए तथा समय-समय पर का आयोजन किया। उनका नवीनतम स्टूडियो एल्बम ''Meanwhile (Eric Clapton album)|Meanwhile'' वर्ष 2024 में जारी हुआ। क्लैप्टन को अब तक 18 [[ग्रैमी पुरस्कार]] प्राप्त हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें संगीत में उत्कृष्ट योगदान के लिए ब्रिट पुरस्कार।तथा वर्ष 2004 में संगीत सेवाओं के लिए CBE सम्मान प्रदान किया गया। उन्हें ब्रिटिश अकादमी ऑफ सॉन्गराइटर्स, कम्पोज़र्स एंड ऑथर्स द्वारा चार आइवर नोवेलो पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल है। वे रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किए जाने वाले एकमात्र कलाकार हैं — एक बार एकल कलाकार के रूप में तथा अलग-अलग द यार्डबर्ड्स और [[क्रीम]] के सदस्य के रूप में। अपने एकल संगीत करियर में उन्होंने विश्वभर में लगभग 10 करोड़ रिकॉर्ड बेचे हैं, जिससे वे विश्व के सर्वाधिक बिकने वाले संगीत कलाकारों में गिने जाते हैं। वर्ष 1998 में नशे की लत से उबरने के बाद क्लैप्टन ने [[एंटीगुआ]] में Crossroads Centre की स्थापना की, जो नशीले पदार्थों की लत से उबरने वाले लोगों के उपचार हेतु एक चिकित्सीय केंद्र है। == प्रारम्भिक जीवन == क्लैप्टन का जन्म 30 मार्च 1945 को इंग्लैंड के रिप्ली सरे में हुआ था। उनकी माता पैट्रिशिया मॉली क्लैप्टन उस समय केवल 16 वर्ष की थीं, जबकि उनके पिता एडवर्ड वॉल्टर फ्रायर कनाडा के [[मॉन्ट्रियल]], क्यूबेक से संबंध रखने वाले 25 वर्षीय सैनिक थे। क्लैप्टन के जन्म से पहले ही फ्रायर युद्ध के लिए भेज दिए गए थे और बाद में कनाडा लौट गए। बचपन में क्लैप्टन को यह बताया गया कि उनकी नानी रोज़ और उनके दूसरे पति जैक क्लैप, जो वास्तव में उनकी माता के सौतेले पिता थे, ही उनके वास्तविक माता-पिता हैं। उनकी वास्तविक माँ पैट्रिशिया को परिवार में उनकी बड़ी बहन के रूप में प्रस्तुत किया गया। उपनामों की समानता के कारण लंबे समय तक यह भ्रम बना रहा कि क्लैप्टन का वास्तविक उपनाम “क्लैप” है। बाद में उनकी माँ ने एक अन्य कनाडाई सैनिक से विवाह कर लिया और जर्मनी चली गईं, जबकि एरिक अपने नाना-नानी के साथ सरे में ही रहे। तेरहवें जन्मदिन पर क्लैप्टन को जर्मनी में निर्मित एक [होयर गिटार्स ध्वनिक गिटार उपहार में मिला। यह सस्ता स्टील-स्ट्रिंग गिटार बजाने में कठिन था, जिसके कारण कुछ समय के लिए उनकी रुचि कम हो गई। लगभग दो वर्ष बाद उन्होंने फिर से गिटार बजाना शुरू किया और नियमित अभ्यास करने लगे। कम आयु से ही वे ब्लूज़ संगीत से प्रभावित थे। वे घंटों तक रिकॉर्ड सुनकर ब्लूज़ संगीत के कॉर्ड सीखने का अभ्यास करते थे। अपने अभ्यास सत्रों को वे एक पोर्टेबल ग्रुंडिग टेप रिकॉर्डर में रिकॉर्ड करते और बार-बार सुनते थे, जब तक कि स्वयं संतुष्ट न हो जाएँ। 1961 में [[सर्बिटन]] के हॉलीफील्ड स्कूल को छोड़ने के बाद उन्होंने किंग्स्टन कॉलेज ऑफ आर्ट में अध्ययन किया, किन्तु वर्ष के अंत में उन्हें निष्कासित कर दिया गया क्योंकि उनका ध्यान कला की अपेक्षा संगीत पर अधिक केंद्रित था। उस समय तक उनकी गिटार वादन क्षमता इतनी विकसित हो चुकी थी कि लोग उन्हें पहचानने लगे थे। इसी दौरान उन्होंने किंग्स्टन अपॉन थेम्स, [[रिचमंड, लंदन|रिचमंड]] और वेस्ट एंड ऑफ लंदन क्षेत्रों में सड़क किनारे संगीत प्रस्तुत करना शुरू किया। 1962 में उन्होंने ब्लूज़ संगीत प्रेमी डेव ब्रॉक के साथ मिलकर सरे के विभिन्न पबों में युगल प्रस्तुतियाँ देना प्रारम्भ किया। 17 वर्ष की आयु में क्लैप्टन अपने पहले बैंड “द रूस्टर्स” से जुड़े, जो एक प्रारम्भिक ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ (R&B) समूह था। इस बैंड में टॉम मैकगिनेस भी गिटारवादक थे। क्लैप्टन जनवरी 1963 से अगस्त 1963 तक इस समूह के सदस्य रहे। उसी वर्ष अक्टूबर में उन्होंने केसी जोन्स एंड द इंजीनियर्स के साथ सात कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रदर्शन किया। == करियर == === द यार्डबर्ड्स और द ब्लूज़ब्रेकर्स === [[File:The Yardbirds on ad 1965.jpg|thumb|1965 में द यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन (बाएँ से दूसरे)]] अक्टूबर 1963 में क्लैप्टन ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ बैंड “द यार्डबर्ड्स” से जुड़े और मार्च 1965 तक उसके सदस्य रहे। शिकागो ब्लूज़ तथा बडी गाय, फ्रेडी किंग और बी॰ बी॰ किंग जैसे प्रसिद्ध ब्लूज़ गिटारवादकों से प्रेरणा लेकर क्लैप्टन ने अपनी एक विशिष्ट शैली विकसित की। शीघ्र ही वे ब्रिटिश संगीत जगत के सबसे चर्चित गिटारवादकों में गिने जाने लगे। प्रारम्भ में यह बैंड चेस रिकॉर्ड्स, चेकर रिकॉर्ड्स और वी-जे रिकॉर्ड्स से जुड़े ब्लूज़ गीत प्रस्तुत करता था। लंदन के रिचमंड स्थित क्रॉडैडी क्लब में द रोलिंग स्टोन्स के स्थान पर नियमित प्रस्तुतियाँ देने के बाद बैंड की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उनका एक समर्पित श्रोता वर्ग तैयार हो गया। द यार्डबर्ड्स ने अमेरिकी ब्लूज़ गायक सॉनी बॉय विलियमसन द्वितीय के साथ इंग्लैंड का दौरा भी किया। दिसंबर 1963 में रिकॉर्ड किया गया उनका संयुक्त LP एल्बम वर्ष 1965 में जारी किया गया। [[File:Royal Albert Hall.001 - London.JPG|thumb|left|upright=1.1|क्लैप्टन 1964 में अपनी पहली प्रस्तुति के बाद से लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में 200 से अधिक बार प्रदर्शन कर चुके हैं।<ref name="Royal Albert Hall">{{cite news|title=Exclusive pictures: Eric Clapton hits 200 Royal Albert Hall shows|url=http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|issue=24 May 2015|publisher=Royal Albert Hall.com|date=12 July 2015|access-date=12 July 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150909172857/http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|archive-date=9 September 2015|url-status=dead}}</ref>]] यार्डबर्ड्स के रिदम गिटारवादक क्रिस ड्रेजा के अनुसार, जब भी किसी कार्यक्रम के दौरान क्लैप्टन के गिटार की तार टूट जाती थी, तो वे मंच पर ही रुककर उसे बदलते थे। इस दौरान दर्शक “स्लो हैंडक्लैप” शैली में धीरे-धीरे ताली बजाकर प्रतीक्षा करते थे। क्लैप्टन का प्रसिद्ध उपनाम “स्लोहैंड” जॉर्जियो गोमेल्स्की ने इसी घटना से प्रेरित होकर दिया था।<ref>{{cite book|last1=Welch|first1=Chris|title=Clapton|year=2014|url=https://archive.org/details/claptonultimatei0000welc|publisher=Voyageur Press|page=38}}</ref> दिसंबर 1964 में क्लैप्टन ने यार्डबर्ड्स के साथ लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में पहली बार प्रस्तुति दी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इसके बाद उन्होंने इस सभागार में 200 से अधिक बार प्रदर्शन किया। क्लैप्टन ने एक बार कहा था कि इस स्थान पर प्रस्तुति देना उन्हें “अपने बैठक कक्ष में बजाने” जैसा महसूस होता है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518|title=Eric Clapton Starts Royal Albert Hall Run With Classics and Covers|magazine=Rolling Stone|date=18 May 2009|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20180109235404/https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518#ixzz2HFkFECoM|archive-date=9 January 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |title=Eric Clapton celebrates 50 years as a professional musician |publisher=Life.royalalberthall.com |access-date=22 September 2014 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20131010062802/http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |archive-date=10 October 2013 }}</ref> मार्च 1965 में क्लैप्टन और यार्डबर्ड्स को अपना पहला बड़ा लोकप्रिय गीत “फ़ॉर योर लव” मिला। यह गीत गीतकार ग्राहम गोल्डमैन द्वारा लिखा गया था, जिन्होंने बाद में हरमन्स हर्मिट्स, द हॉलीज़ और 10cc के लिए भी सफल गीत लिखे। इस गीत की सफलता के बाद यार्डबर्ड्स ने अधिक पॉप-प्रधान संगीत शैली अपनाने का निर्णय लिया, जिससे क्लैप्टन असंतुष्ट हो गए क्योंकि वे व्यावसायिक सफलता की तुलना में ब्लूज़ संगीत को अधिक महत्व देते थे। “फ़ॉर योर लव” के सार्वजनिक होने वाले दिन ही क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया। उनके जाने से बैंड अपने मुख्य गिटारवादक और सबसे अनुभवी सदस्य से वंचित हो गया। क्लैप्टन ने अपने स्थान पर जिमी पेज का नाम सुझाया, लेकिन पेज ने मित्रता और निष्ठा के कारण यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया<ref>{{cite web |url=http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |title=Trouser Press : Jimmy Page interview transcript |publisher=Iem.ac.ru |access-date=17 April 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110820054853/http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |archive-date=20 August 2011 |url-status=live }}</ref> और इसके बजाय जेफ़ बेक को आगे बढ़ाया।<ref name="unuhsh">Romanowski, Patricia (2003)</ref> कुछ समय तक जेफ़ बेक और जिमी पेज ने यार्डबर्ड्स में साथ काम किया, लेकिन बेक, पेज और क्लैप्टन तीनों कभी एक साथ इस समूह का हिस्सा नहीं रहे। वे पहली बार 1983 में मल्टीपल स्क्लेरोसिस पर अनुसंधान के लिए आयोजित “एक्शन फ़ॉर रिसर्च” नामक चैरिटी दौरे में एक साथ मंच पर दिखाई दिए। इस दौरे का पहला कार्यक्रम 23 सितंबर को रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित हुआ था।<ref>{{cite magazine |last=Greene |first=Andy |date=16 January 2017 |title=Jeff Beck Opens Up About Rock and Roll Hall of Fame Gigs with Clapton Jeff Beck Group Reunion Prospects |url=https://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090719164046/http://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |archive-date=19 July 2009 |access-date=5 December 2017 |magazine=Rolling Stone}}</ref> क्लैप्टन अप्रैल 1965 में जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल हुए, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उन्होंने यह समूह छोड़ दिया। जून में जिमी पेज ने उन्हें साथ में संगीत प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया, जहाँ उन्होंने कई गीत रिकॉर्ड किए। बाद में इन रिकॉर्डिंग्स को “द इमीडियेट ऑल-स्टार्स” के नाम से जारी किया गया। 1965 की गर्मियों में क्लैप्टन “द ग्लैंड्स” नामक बैंड के साथ ग्रीस चले गए। इस समूह में उनके पुराने मित्र बेन पाल्मर पियानो बजाते थे। 17 अक्टूबर 1965 को एक सड़क दुर्घटना में यूनानी बैंड “जूनियर्स” के बास वादक की मृत्यु हो गई और गिटारवादक घायल हो गया। इसके बाद आयोजित स्मृति कार्यक्रमों में क्लैप्टन ने उस बैंड के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web|url = https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|title = Το καλοκαίρι που ο Έρικ Κλάπτον έπαιξε ροκ στην Αθήνα. Ήταν απένταρος και αντικατέστησε τον κιθαρίστα στο ελληνικό συγκρότημα "Juniors". Το συγκρότημα είχε αποδεκατιστεί πριν από λίγες μέρες σε ένα τρομερό τροχαίο (βίντεο)|date = 30 March 2015|access-date = 5 April 2021|archive-date = 16 August 2021|archive-url = https://web.archive.org/web/20210816163727/https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|url-status = live}}</ref> अक्टूबर 1965 में क्लैप्टन ने पुनः जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में वापसी की। मार्च 1966 में, ब्लूज़ब्रेकर्स के सदस्य रहते हुए, उन्होंने जैक ब्रूस, स्टीव विनवुड और अन्य संगीतकारों के साथ एक अल्पकालिक साइड प्रोजेक्ट पर कार्य किया। इस परियोजना के अंतर्गत “एरिक क्लैप्टन एंड द पावरहाउस” नाम से कुछ गीत रिकॉर्ड किए गए। ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान क्लैप्टन ने क्लब संगीत जगत में सर्वश्रेष्ठ ब्लूज़ गिटारवादकों में अपनी पहचान बना ली। यद्यपि क्लैप्टन को प्रभावशाली एल्बम ''ब्लूज़ ब्रेकर्स – जॉन मायाल – विथ एरिक क्लैप्टन'' में अपने वादन के कारण प्रसिद्धि मिली, लेकिन यह एल्बम जुलाई 1966 में उनके अंतिम बार समूह छोड़ने के बाद जारी हुआ। प्रशंसक इस एल्बम को प्रायः “द बीनो एल्बम” कहते हैं, क्योंकि इसके आवरण चित्र में क्लैप्टन ब्रिटिश बाल कॉमिक ''द बीनो'' पढ़ते दिखाई देते हैं।<ref>Clapton, Eric (2007). ''Clapton: The Autobiography''. New York City: Broadway Books. pp. 72, 73.</ref> क्लैप्टन ने अपनी फेंडर टेलीकास्टर गिटार और वॉक्स AC30 ऐम्प्लीफायर को बदलकर 1960 की गिब्सन लेस पॉल स्टैंडर्ड गिटार और मार्शल ऐम्प्लीफायर का उपयोग शुरू किया। उनके विशिष्ट वादन और ध्वनि शैली ने “क्लैप्टन इज़ गॉड” नामक प्रसिद्ध नारे को जन्म दिया, जिसे 1967 में उत्तरी लंदन के इस्लिंगटन क्षेत्र की एक दीवार पर किसी अज्ञात प्रशंसक ने स्प्रे पेंट से लिखा था।<ref>{{cite news| first= Neil| last= McCormick| title= Just how good is Eric Clapton?| date= 24 July 2015| work= The Telegraph| location= London| url= https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| access-date= 3 April 2018| archive-url= https://web.archive.org/web/20171124071909/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| archive-date= 24 November 2017| url-status= live}}</ref> यह भित्तिलेख एक प्रसिद्ध चित्र में भी दिखाई दिया, जिसमें एक कुत्ता उसी दीवार पर पेशाब करता हुआ दिखाया गया है। क्लैप्टन ने बाद में स्वीकार किया कि वे इस नारे से असहज महसूस करते थे। 1987 में ''द साउथ बैंक शो'' में उन्होंने कहा था, “मैंने कभी यह स्वीकार नहीं किया कि मैं दुनिया का सबसे महान गिटारवादक हूँ। मैं हमेशा दुनिया का सबसे महान गिटारवादक बनना चाहता था, लेकिन वह केवल एक आदर्श है, और मैं उसे एक आदर्श के रूप में ही स्वीकार करता हूँ।”<ref>Clapton Documentary (1987). ''South Bank Show''. ITV.</ref> === क्रीम === क्लैप्टन ने जुलाई 1966 में ब्लूज़ब्रेकर्स छोड़ दिया, जहाँ उनकी जगह पीटर ग्रीन ने ली। इसके बाद ड्रमर जिंजर बेकर ने उन्हें अपने नए बैंड ‘क्रीम’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया। यह आरंभिक सुपरग्रुपों में से एक था, जिसमें जैक ब्रूस बास गिटार और गायन संभालते थे। क्रीम के गठन से पहले क्लैप्टन संयुक्त राज्य अमेरिका में बहुत अधिक प्रसिद्ध नहीं थे; उन्होंने ‘फ़ॉर योर लव’ के अमेरिकी शीर्ष दस में पहुँचने से पहले ही यार्डबर्ड्स छोड़ दिया था और वहाँ अभी तक प्रस्तुति भी नहीं दी थी।<ref>{{cite web |last=Unterberger |first=Richie |url=https://www.allmusic.com/artist/p3983 |title=Cream |publisher=AllMusic |access-date=22 August 2010 |archive-date=29 October 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101029043512/http://www.allmusic.com/artist/p3983 |url-status=live }}</ref> क्रीम के साथ रहते हुए क्लैप्टन ने गायक, गीतकार और गिटारवादक के रूप में स्वयं को और विकसित किया, यद्यपि अधिकांश मुख्य गायन जैक ब्रूस करते थे और गीतों की रचना भी मुख्यतः उन्हीं द्वारा गीतकार पीट ब्राउन के साथ मिलकर की जाती थी।<ref name="unuhsh"/> क्रीम की पहली प्रस्तुति 29 जुलाई 1966 को मैनचेस्टर के ट्विस्टेड व्हील क्लब में एक अनौपचारिक कार्यक्रम के रूप में हुई, जबकि दो दिन बाद विंडसर में नेशनल जैज़ एंड ब्लूज़ फ़ेस्टिवल में उनका औपचारिक पदार्पण हुआ। क्रीम ने अपने ऊँचे ध्वनि स्तर वाले ब्लूज़ जैम, विस्तृत एकल वादन और मंचीय प्रस्तुतियों के कारण शीघ्र ही प्रसिद्धि प्राप्त कर ली। 1967 की शुरुआत तक ब्रिटेन में उभरती ब्लूज़-रॉक शैली के प्रशंसक क्लैप्टन को देश का सर्वश्रेष्ठ गिटारवादक मानने लगे थे। हालांकि इसी समय जिमी हेंड्रिक्स के आगमन ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। हेंड्रिक्स ने फीडबैक और इफ़ेक्ट्स पैडल का प्रयोग करके गिटार से बिल्कुल नई ध्वनियाँ उत्पन्न कीं।<ref name="Jam">{{cite news|title=Hendrix jams with Cream|url=https://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|publisher=BBC|date=24 April 2016|access-date=13 February 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20171220045148/http://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|archive-date=20 December 2017|url-status=live}}</ref> 1 अक्टूबर 1966 को हेंड्रिक्स ने सेंट्रल लंदन पॉलिटेक्निक में क्रीम के कार्यक्रम में भाग लिया और ‘किलिंग फ़्लोर’ के एक तीव्र संस्करण में उनके साथ प्रस्तुति भी दी।<ref name="Jam"/> क्लैप्टन सहित पीट टाउनशेंड, रोलिंग स्टोन्स और बीटल्स के सदस्य भी हेंड्रिक्स के शुरुआती क्लब कार्यक्रमों को उत्साहपूर्वक देखने जाते थे। हेंड्रिक्स के आगमन का क्लैप्टन के आगामी संगीत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।<ref>Shadwick, Keith (2003). Jimi Hendrix: Musician. P. 84. Backbeat Books</ref> क्लैप्टन ने क्रीम के साथ दौरे के दौरान पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की। मार्च 1967 में क्रीम ने न्यूयॉर्क के आरकेओ थिएटर में नौ कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसी दौरान क्लैप्टन ने अपनी प्रसिद्ध चित्रित गिब्सन एसजी गिटार ‘द फूल’ का उपयोग शुरू किया, जो साइकेडेलिक युग का प्रतीक मानी जाती है।<ref>{{cite book|last=Welch|first=Chris|title=Clapton: The Ultimate Illustrated History|url=https://books.google.com/books?id=M-BMCFL_c3AC&pg=PA87|access-date=2 January 2012|year=2011|publisher=Voyageur|isbn=978-0-7603-4046-2|page=87}}</ref><ref name="fool">{{cite news|title=Clapton's Fool: History's Greatest Guitar?|last=Oxman|first=J. Craig|date=December 2011|work=Vintage Guitar|pages=62–66}}</ref> उन्होंने ‘फ़्रेश क्रीम’ के बाद अधिकांश रिकॉर्डिंगों में इसी गिटार का प्रयोग किया, विशेषकर ‘डिज़रायली गियर्स’ में।<ref name="fool"/> ‘डिज़रायली गियर्स’ का रिकॉर्डिंग कार्य मई 1967 में न्यूयॉर्क में हुआ। इस एल्बम में क्लैप्टन के तीखे गिटार वादन, जैक ब्रूस के ऊँचे स्वर और जिंजर बेकर की जैज़-प्रभावित ड्रमिंग ने बैंड को एक प्रभावशाली पावर ट्रायो के रूप में स्थापित कर दिया। क्रीम की संगीत शैली में हार्ड रॉक गीतों से लेकर लंबे ब्लूज़-आधारित वाद्य जैम तक शामिल थे। क्लैप्टन की आवाज़ फ्रैंक ज़ैप्पा के एल्बम ‘वी आर ओनली इन इट फ़ॉर द मनी’ के कुछ गीतों में भी सुनी जा सकती है। केवल 28 महीनों के भीतर क्रीम एक अत्यंत सफल बैंड बन गया। उन्होंने लाखों रिकॉर्ड बेचे और अमेरिका तथा यूरोप में व्यापक दौरे किए। उन्होंने रॉक संगीत में वाद्य कलाकारों की भूमिका को नए रूप में प्रस्तुत किया और लंबे जैज़-शैली के इम्प्रोवाइज़ेशन को लोकप्रिय बनाया। उनके प्रमुख अमेरिकी हिट गीतों में ‘सनशाइन ऑफ़ योर लव’, ‘व्हाइट रूम’ और ‘क्रॉसरोड्स’ शामिल हैं, जो रॉबर्ट जॉनसन के गीत ‘क्रॉस रोड ब्लूज़’ का जीवंत संस्करण था। यद्यपि क्रीम को अपने समय के महानतम बैंडों में गिना गया, लेकिन समूह लंबे समय तक नहीं चल सका। नशीले पदार्थों और शराब के बढ़ते उपयोग के कारण सदस्यों के बीच तनाव बढ़ने लगा। विशेष रूप से जैक ब्रूस और जिंजर बेकर के बीच मतभेदों ने अंततः बैंड को विघटित कर दिया। इसके अतिरिक्त ‘रॉलिंग स्टोन’ पत्रिका में प्रकाशित एक आलोचनात्मक समीक्षा ने भी क्लैप्टन को गहराई से प्रभावित किया।<ref>Welch, Chris: "Cream" (2000), page 131</ref> क्लैप्टन ने बाद में यह भी स्वीकार किया कि ‘द बैंड’ के एल्बम ‘म्यूज़िक फ़्रॉम बिग पिंक’ की अमेरिकी लोक-प्रभावित ध्वनि ने भी उन्हें क्रीम छोड़ने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/the-bands-music-from-big-pink-10-things-you-didnt-know-666161/|title=The Band's 'Music From Big Pink': 10 Things You Didn't Know|magazine=Rolling Stone|access-date=15 April 2020}}</ref><ref>{{cite web|url=https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|title=Music from Big Pink|publisher=Pitchfork|access-date=15 April 2020|archive-date=20 February 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200220225710/https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|url-status=live}}</ref> क्रीम का विदाई एल्बम ‘गुडबाय’ 1968 में जारी हुआ, जिसमें लॉस एंजेलिस के फ़ोरम में रिकॉर्ड किए गए जीवंत प्रदर्शन सम्मिलित थे। इसी एल्बम में ‘बैज’ गीत भी शामिल था, जिसे क्लैप्टन और जॉर्ज हैरिसन ने मिलकर लिखा था। क्लैप्टन और हैरिसन की मित्रता बीटल्स और यार्डबर्ड्स के साथ एक ही मंच साझा करने के समय से गहरी हो गई थी। 1968 में क्लैप्टन ने बीटल्स के प्रसिद्ध ‘व्हाइट एल्बम’ में शामिल हैरिसन के गीत ‘व्हाइल माई गिटार जेंटली वीप्स’ में मुख्य गिटार वादन किया। बाद में भी वे हैरिसन के कई एकल एल्बमों में सहयोग करते रहे। 2001 में जॉर्ज हैरिसन की मृत्यु के बाद आयोजित ‘कॉन्सर्ट फ़ॉर जॉर्ज’ में क्लैप्टन संगीत निर्देशक रहे।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3138096.stm|title=Ex-Beatles at Harrison film tribute|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=25 September 2003|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230635/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3138096.stm|url-status=live}}</ref> जनवरी 1969 में जब बीटल्स ‘लेट इट बी’ की रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तब समूह के भीतर तनाव इतना बढ़ गया कि जॉर्ज हैरिसन कुछ दिनों के लिए बैंड छोड़कर चले गए। इस दौरान जॉन लेनन ने सुझाव दिया था कि यदि हैरिसन वापस नहीं लौटते तो क्लैप्टन को समूह में शामिल कर लिया जाए।<ref>Elliot J. Huntley (2004). ''Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles''. p. 25. Guernica Editions, 2004.</ref> हालांकि ऐसा नहीं हुआ और हैरिसन बाद में वापस लौट आए। क्लैप्टन के चारों बीटल्स सदस्यों के साथ अच्छे संबंध थे। दिसंबर 1968 में उन्होंने जॉन लेनन के साथ ‘द रोलिंग स्टोन्स रॉक एंड रोल सर्कस’ कार्यक्रम में ‘द डर्टी मैक’ नामक समूह के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite book|last1=Urish|first1=Ben|title=The Words and Music of John Lennon|url=https://archive.org/details/wordsmusicofjohn0000uris|date=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|page=[https://archive.org/details/wordsmusicofjohn0000uris/page/7 7]}}</ref> 1993 में क्रीम के सदस्य पुनः एकत्र हुए और रॉक एंड रोल हॉल ऑफ़ फ़ेम में शामिल किए जाने के अवसर पर प्रस्तुति दी। इसके बाद मई 2005 में क्लैप्टन, जैक ब्रूस और जिंजर बेकर ने लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में चार सफल पुनर्मिलन कार्यक्रम किए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Michael|last=Paoletta|title=Inside Track|url=https://books.google.com/books?id=rRQEAAAAMBAJ&pg=PA62|date=23 July 2005|page=62}}</ref> उसी वर्ष अक्टूबर में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भी तीन कार्यक्रम आयोजित किए गए।<ref>{{cite news|url=https://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|title=Cream, Rising to the Occasion at Madison Square Garden|publisher=Washingpost.com|access-date=22 September 2014|first=Peter|last=Eisner|date=26 October 2005|archive-url=https://web.archive.org/web/20140406213420/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|archive-date=6 April 2014|url-status=live}}</ref> इन प्रस्तुतियों की रिकॉर्डिंग बाद में ‘रॉयल अल्बर्ट हॉल लंदन मे 2-3-5-6, 2005’ नाम से सीडी, एलपी और डीवीडी के रूप में जारी की गई।<ref>{{cite web|url={{AllMusic|class=album|id=royal-albert-hall-london-may-2-3-5-6-2005-main-entry-r794100|pure_url=yes}} |title=Royal Albert Hall: London May 2–3–5–6 2005 |author=Stephen Thomas Erlewine |publisher=AllMusic |access-date=30 December 2010 |url-status=dead |archive-url=https://www.webcitation.org/628q51XQN?url=http://www.billboard.com/#/artist/Rihanna/chart-history/658897?f=793&g=Singles |archive-date=2 October 2011 }}</ref> === ब्लाइंड फ़ेथ === 1969 में क्लैप्टन ने अपना अगला समूह '''ब्लाइंड फ़ेथ''' बनाया, जिसमें क्रीम के ड्रमर जिंजर बेकर, ट्रैफ़िक बैंड के स्टीव विनवुड और फैमिली बैंड के रिक ग्रेच शामिल थे। इस सुपरग्रुप ने एक एलपी एल्बम जारी किया और एक बड़े संगीत दौरे पर प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इस समूह ने 7 जून 1969 को लंदन के हाइड पार्क में लगभग 1,00,000 दर्शकों के सामने अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इसके बाद बैंड ने स्कैंडिनेविया में कई कार्यक्रम किए और फिर जुलाई में अमेरिका का एक सफल दौरा आरम्भ किया, जबकि उस समय तक उनका एल्बम भी जारी नहीं हुआ था। एल्बम ''ब्लाइंड फ़ेथ'' में कुल छह गीत थे, जिनमें “Can't Find My Way Home” विशेष रूप से लोकप्रिय हुआ। “Presence of the Lord” वह पहला गीत था जिसका श्रेय पूरी तरह क्लैप्टन को दिया गया।<ref>{{cite book| last = Turner| first = Steve| author-link = Steve Turner (writer)| year = 1976| title = Conversations with Eric Clapton| url = https://archive.org/details/conversationswit0000turn| location = New York City| publisher = Abacus| isbn = 978-0349134024| page = [https://archive.org/details/conversationswit0000turn/page/94 94]}}</ref> एल्बम के आवरण पर एक अर्धनग्न किशोरी की तस्वीर होने के कारण अमेरिका में इसे विवादास्पद माना गया और वहाँ इसके स्थान पर बैंड की सामूहिक तस्वीर का उपयोग किया गया।<ref>{{cite news |title=Dylan Jones: 'In the film of 'London Hyde Park 1969', Steve Winwood is a revelation; a genuine pop icon |url=https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |access-date=24 October 2018 |work=The Independent |archive-url=https://web.archive.org/web/20181024195144/https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |archive-date=24 October 2018 |url-status=live }}</ref> ब्लाइंड फ़ेथ का अस्तित्व बहुत कम समय तक रहा और गठन के सात महीने के भीतर ही यह समूह विघटित हो गया। === डेलाने एंड बोनी और पहला एकल एल्बम === ब्लाइंड फ़ेथ के विघटन के बाद क्लैप्टन ने उस संगीत समूह के साथ सहयोगी कलाकार (साइडमैन) के रूप में दौरा किया, जिसने पहले ब्लाइंड फ़ेथ के कार्यक्रमों की शुरुआत की थी। यह समूह '''डेलाने एंड बोनी एंड फ्रेंड्स''' था। इसी दौरान सितंबर 1969 में उन्होंने जॉन लेनन के '''प्लास्टिक ओनो बैंड''' के सदस्य के रूप में टोरंटो रॉक एंड रोल रिवाइवल समारोह में भी प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग बाद में ''Live Peace in Toronto 1969'' नामक एल्बम के रूप में जारी की गई।<ref name=lenn>{{cite book|first1=Ben|last1=Urish|first2=Kenneth G.|last2=Bielen|title=The Words and Music of John Lennon|url=https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|year=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|isbn=978-0-275-99180-7|page=15|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|url-status=live}}</ref> 30 सितंबर 1969 को क्लैप्टन ने लेनन के दूसरे एकल गीत “Cold Turkey” में लीड गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last=Noyer|first=Paul Du|title=John Lennon: The Stories Behind Every Song 1970–1980|url=https://archive.org/details/johnlennonstorie0000duno|year=2010|publisher=Carlton Books Ltd.|location=London|isbn=978-1-84732-665-2|edition=Rev.|pages=[https://archive.org/details/johnlennonstorie0000duno/page/25 25]–26|chapter=John Lennon/Plastic Ono Band}}</ref> उसी वर्ष 15 दिसंबर को उन्होंने लेनन, जॉर्ज हैरिसन और अन्य कलाकारों के साथ लंदन में यूनिसेफ़ के लिए आयोजित एक धन-संग्रह कार्यक्रम में “प्लास्टिक ओनो सुपरग्रुप” के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref name=lenn/> डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन को गायन और गीत-लेखन के लिए प्रोत्साहित किया। ब्रैमलेट दम्पति के सहयोगी बैंड और कई प्रसिद्ध सत्र कलाकारों, जिनमें लियोन रसेल और स्टीफ़न स्टिल्स शामिल थे, की सहायता से क्लैप्टन ने अपने दौरे के बीच अवकाश के दौरान अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton'' रिकॉर्ड किया। डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन के साथ मिलकर एल्बम के छह गीत लिखे तथा एल्बम का निर्माण भी किया,<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/album/r4028| title=allmusic ((( Eric Clapton > Overview )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=10 August 2023| archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043554/https://www.allmusic.com/album/eric-clapton-mw0000624369| url-status=live}}</ref> जबकि बोनी ब्रैमलेट ने “Let It Rain” गीत के लेखन में सहयोग किया।<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/song/t2546826| title=allmusic ((( Let It Rain )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=4 March 2012| archive-url=https://web.archive.org/web/20120304171712/http://www.allmusic.com/song/t2546826| url-status=live}}</ref> इस एल्बम का “After Midnight” गीत, जिसे जे. जे. केल ने लिखा था, अमेरिका में अप्रत्याशित रूप से 18वें स्थान तक पहुँचा। इसी समय क्लैप्टन ने डेलाने एंड बोनी के कई संगीतकारों के साथ मिलकर 1970 में जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''All Things Must Pass'' की रिकॉर्डिंग में भी भाग लिया। इस अवधि में क्लैप्टन ने डॉ. जॉन, लियोन रसेल, बिली प्रेस्टन, रिंगो स्टार और डेव मेसन जैसे कलाकारों के साथ भी रिकॉर्डिंग की। उन्होंने शिकागो ब्लूज़ कलाकार हाउलिन वुल्फ के साथ ''The London Howlin' Wolf Sessions'' एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसमें ह्यूबर्ट सम्लिन, स्टीव विनवुड, रिंगो स्टार तथा रोलिंग स्टोन्स के सदस्य भी शामिल थे।<ref name="Koda">{{cite web | url = https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | title = The London Howlin' Wolf Sessions – Review | last = Koda | first = Cub | author-link = Cub Koda | publisher = AllMusic | access-date = 23 July 2018 | archive-url = https://web.archive.org/web/20180723003650/https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | archive-date = 23 July 2018 | url-status = live }}</ref> हालाँकि इस एल्बम में कई प्रसिद्ध कलाकार शामिल थे, फिर भी संगीत समीक्षक क्यूब कोडा ने उल्लेख किया कि स्वयं क्लैप्टन ने भी बाद के साक्षात्कारों में इस एल्बम की आलोचना की थी।<ref name="Koda"/> इस दौर की अन्य उल्लेखनीय रिकॉर्डिंगों में स्टीफ़न स्टिल्स के प्रथम एकल एल्बम के गीत “Go Back Home” में क्लैप्टन द्वारा बजाया गया गिटार भी शामिल है।<ref>{{cite web |publisher=Robert Christgau |first=Robert |last=Christgau |title=Stephen Stills > Consumer Guide Reviews |url=http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |access-date=16 December 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180713073931/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |archive-date=13 July 2018 |url-status=dead }}</ref> === डेरेक एंड द डोमिनोज़ === अपने चारों ओर बन रही “सुपरस्टार” छवि को कम करने के उद्देश्य से क्लैप्टन ने एक नया बैंड बनाया, जिसमें डेलाने एंड बोनी के पूर्व संगीतकार शामिल थे। इस समूह में बॉबी व्हिटलॉक कीबोर्ड व गायक के रूप में, कार्ल रैडल बास वादक के रूप में और जिम गॉर्डन ड्रमर के रूप में शामिल हुए, जबकि क्लैप्टन स्वयं गिटार बजाते थे। उनका उद्देश्य यह दिखाना था कि वे केवल मुख्य आकर्षण बनकर नहीं, बल्कि एक समूह के सदस्य के रूप में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 4.</ref> इस समय क्लैप्टन पर द बैंड और उनके 1968 के एल्बम ''Music from Big Pink'' का गहरा प्रभाव पड़ा। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि उन्हें द बैंड की यह बात बहुत पसंद थी कि वे लंबे और दिखावटी गिटार एकल प्रस्तुतियों के बजाय गीत और सामूहिक गायन को अधिक महत्व देते थे।<ref>{{cite magazine|last=Fox|first=Darrin|title=Eric Clapton: Right here, right now |magazine=Guitar Player |volume=35 |issue=377 |date=June 2001|page=108}}</ref> आरम्भ में इस समूह का नाम “Eric Clapton and Friends” रखा गया था, किन्तु बाद में एक त्रुटि के कारण इसका नाम “Derek and the Dominos” पड़ गया। अस्थायी नाम “Del and the Dynamos” को गलत पढ़ लिया गया और वही आगे चलकर “Derek and the Dominos” बन गया।<ref>{{cite web|url=http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|work=Artistfacts|title=Derek And The Dominoes|access-date=17 February 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070202112652/http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|archive-date=2 February 2007|url-status=live}}</ref><ref name="nxfddy">Schumacher, Michael (1992)</ref> इस अवधि में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन की पत्नी पैटी बॉयड से गहरी हो गई और वे उनसे प्रेम करने लगे। पैटी द्वारा उनके प्रेम को स्वीकार न किए जाने की भावना ने बैंड के प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' (1970) की अधिकांश सामग्री को प्रेरित किया। यह एल्बम ब्लूज़ संगीत से अत्यधिक प्रभावित था और इसमें क्लैप्टन तथा डुएन ऑलमैन की दोहरी लीड गिटार शैली विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |url=https://archive.org/details/rockrollishereto00mcke |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=[https://archive.org/details/rockrollishereto00mcke/page/127 127]}}</ref><ref>{{Cite book |first=Gene |last=Santoro |title=Dancing in Your Head: Jazz, Blues, Rock, and Beyond |url=https://archive.org/details/dancinginyourhea00sant |publisher=Oxford University Press US |year=1995 |page=[https://archive.org/details/dancinginyourhea00sant/page/62 62]}}</ref> मियामी के क्राइटीरिया स्टूडियो में निर्माता टॉम डाउड के साथ रिकॉर्ड किए गए इस डबल एल्बम में “Layla” गीत सबसे प्रसिद्ध बना। यह गीत फ़ारसी कवि निज़ामी गंजवी की प्रेमकथा ''Layla and Majnun'' से प्रेरित था। क्लैप्टन इस कहानी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी भावनाओं को गीत के रूप में व्यक्त किया।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |url=https://archive.org/details/rockrollishereto00mcke |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=[https://archive.org/details/rockrollishereto00mcke/page/127 127]}}</ref> एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान ऑलमैन ब्रदर्स बैंड के गिटारवादक डुएन ऑलमैन भी समूह से जुड़ गए। टॉम डाउड ने क्लैप्टन को ऑलमैन ब्रदर्स के एक कार्यक्रम में आमंत्रित किया, जहाँ दोनों गिटारवादकों की पहली मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों ने स्टूडियो में साथ काम किया और घनिष्ठ मित्र बन गए।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref> समूह ने “Key to the Highway”, “Bell Bottom Blues”, “Anyday”, “Little Wing” और “Layla” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। जिमी हेंड्रिक्स के सम्मान में “Little Wing” का संस्करण भी रिकॉर्ड किया गया था।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref> हालाँकि इस बैंड का जीवनकाल बहुत छोटा रहा, लेकिन इसके साथ अनेक दुखद घटनाएँ भी जुड़ी रहीं। रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन को जिमी हेंड्रिक्स की मृत्यु का समाचार मिला, जिससे वे अत्यंत दुखी हो गए। हेंड्रिक्स की मृत्यु से एक दिन पहले ही क्लैप्टन ने उनके लिए उपहार स्वरूप एक बाएँ हाथ वाला फ़ेंडर स्ट्रैटोकास्टर गिटार खरीदा था।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref> एल्बम ''Layla'' को आरम्भ में बहुत अधिक प्रशंसा नहीं मिली, लेकिन बाद में इसे रॉक संगीत के महानतम एल्बमों में गिना जाने लगा। समूह ने अमेरिका का दौरा किया, किन्तु उस समय क्लैप्टन नशीले पदार्थों और शराब की समस्या से जूझ रहे थे। इसी दौरे की रिकॉर्डिंग बाद में ''In Concert'' नामक लाइव एल्बम के रूप में जारी हुई।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref> दूसरे स्टूडियो एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान समूह में मतभेद बढ़ गए और क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया, जिसके साथ ही डेरेक एंड द डोमिनोज़ का अंत हो गया। 29 अक्टूबर 1971 को डुएन ऑलमैन की मोटरसाइकिल दुर्घटना में मृत्यु हो गई। क्लैप्टन ने बाद में अपनी आत्मकथा में लिखा कि फ्लोरिडा में ''Layla'' की रिकॉर्डिंग के दौरान वे और ऑलमैन लगभग अविभाज्य थे और वे उन्हें उस “संगीतमय भाई” की तरह मानते थे जो उन्हें कभी नहीं मिला।<ref>Clapton, ''The Autobiography'', p. 128.</ref> कार्ल रैडल 1979 तक क्लैप्टन के साथ जुड़े रहे, जबकि बॉबी व्हिटलॉक और क्लैप्टन कई वर्षों बाद 2003 में फिर एक साथ दिखाई दिए। ड्रमर जिम गॉर्डन का जीवन भी दुखद मोड़ पर समाप्त हुआ; वे मानसिक रोग स्किज़ोफ़्रेनिया से पीड़ित थे और बाद में एक मानसिक विक्षिप्त अवस्था में उन्होंने अपनी माँ की हत्या कर दी। इसके बाद उन्हें आजीवन मानसिक चिकित्सालय में रखा गया।<ref name="unuhsh"/> ===व्यक्तिगत समस्याएँ और शुरुआती एकल सफलता=== 1970 के दशक में क्लैप्टन के करियर को बड़ी सफलताएँ मिलीं, लेकिन उनका निजी जीवन प्रेम संबंधों, नशीली दवाओं और शराब की लत जैसी समस्याओं से घिरा रहा।<ref>Marc Roberty, Chris Charlesworth (1995) [https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 The complete guide to the music of Eric Clapton] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 |date=10 August 2023 }} p.67. Omnibus Press, 1995</ref> पैटी बॉयड के प्रति उनका आकर्षण बना रहा और जॉर्ज हैरिसन के साथ मित्रता के कारण वे मानसिक रूप से उलझन में थे। डोमिनोज़ के टूटने के बाद उन्होंने अपने सरे स्थित घर में खुद को लगभग अलग-थलग कर लिया। इसी दौरान वे हेरोइन की लत से भी जूझते रहे, जिसके कारण उनके करियर में लंबा विराम आ गया। इस दौरान उन्होंने केवल अगस्त 1971 में न्यूयॉर्क में आयोजित जॉर्ज हैरिसन के चैरिटी कार्यक्रम “कॉन्सर्ट फ़ॉर बांग्लादेश” में प्रस्तुति दी। वहाँ मंच पर वे बेहोश हो गए थे, लेकिन बाद में संभलकर उन्होंने अपना प्रदर्शन पूरा किया।<ref name="unuhsh"/> जनवरी 1973 में द हू के पीट टाउनशेंड ने लंदन के रेनबो थिएटर में क्लैप्टन की वापसी के लिए “रेनबो कॉन्सर्ट” आयोजित किया, ताकि वे अपनी लत से उबर सकें। बाद में क्लैप्टन ने 1975 में रिलीज़ हुई केन रसेल की फ़िल्म ''टॉमी'' में “द प्रीचर” की भूमिका निभाकर इसका बदला चुकाया। फ़िल्म में उनका अभिनय इस वजह से भी चर्चित रहा क्योंकि कुछ दृश्यों में उन्होंने नकली दाढ़ी लगाई थी। दरअसल शुरुआती शूटिंग के बाद उन्होंने अपनी असली दाढ़ी मुंडवा ली थी ताकि निर्देशक पुराने दृश्य हटाने पर मजबूर हो जाए और वे फ़िल्म छोड़ सकें।<ref name="nxfddy"/> [[File:Clapton and Elliman.jpg|thumb|यवोन एलिमन के साथ क्लैप्टन, 1974 में ''461 Ocean Boulevard'' के प्रचार के दौरान]] 1974 में क्लैप्टन पैटी बॉयड के साथ रहने लगे, जिनसे उन्होंने बाद में 1979 में विवाह किया। इस समय तक उन्होंने हेरोइन छोड़ दी थी, हालांकि शराब का सेवन धीरे-धीरे बढ़ने लगा। उन्होंने एक साधारण टूरिंग बैंड तैयार किया जिसमें कार्ल रैडल, मियामी के गिटारवादक जॉर्ज टेरी, कीबोर्ड वादक डिक सिम्स, ड्रमर जेमी ओल्डेकर तथा गायिकाएँ यवोन एलिमन और मार्सी लेवी शामिल थीं। इसी बैंड के साथ क्लैप्टन ने ''461 Ocean Boulevard'' (1974) रिकॉर्ड किया। इस एल्बम में छोटे और सरल गीतों पर ज़ोर दिया गया तथा लंबे गिटार सोलो कम कर दिए गए। बॉब मार्ले के गीत “I Shot the Sheriff” का कवर संस्करण क्लैप्टन का पहला नंबर-वन हिट बना। 1975 में जारी एल्बम ''There's One in Every Crowd'' में भी यही शैली जारी रही। एल्बम का मूल नाम ''The World's Greatest Guitar Player (There's One in Every Crowd)'' रखा गया था, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया क्योंकि आशंका थी कि लोग इसके व्यंग्यात्मक अर्थ को नहीं समझ पाएँगे। इसके बाद बैंड ने विश्वभर में दौरा किया और 1975 का लाइव एल्बम ''E. C. Was Here'' जारी किया।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=70|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|url-status=live}}</ref> इसके बाद क्लैप्टन लगातार एल्बम जारी करते रहे और नियमित रूप से मंचीय प्रस्तुतियाँ देते रहे। इस दौर की प्रमुख उपलब्धियों में ''No Reason to Cry'' शामिल है, जिसमें बॉब डिलन और द बैंड के साथ सहयोग किया गया था। इसके अलावा ''Slowhand'' एल्बम भी बेहद सफल रहा, जिसमें “Wonderful Tonight” और जे. जे. केल के गीत “Cocaine” का कवर संस्करण शामिल था। 1976 में उन्होंने द बैंड के विदाई कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम को बाद में मार्टिन स्कॉर्सेसी की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ''The Last Waltz'' में दिखाया गया।<ref>{{cite web | last = Christgau | first = Robert | author-link = Robert Christgau | title = Robert Christgau Consumer Guide: The Band | url = http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | access-date = 7 January 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20071001000639/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | archive-date = 1 October 2007 | url-status = dead }}</ref> ===लगातार सफलता=== [[File:RIAAEric ClaptonTimepiecesTheBestOfEricClapton7xPlatinum.jpg|thumb|''Timepieces: The Best of Eric Clapton'' (1982) एल्बम के लिए सात बार प्लेटिनम RIAA प्रमाणन]] 1981 में निर्माता मार्टिन लुईस ने क्लैप्टन को लंदन में आयोजित एमनेस्टी इंटरनेशनल के चैरिटी कार्यक्रम ''The Secret Policeman's Other Ball'' में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। क्लैप्टन ने यह निमंत्रण स्वीकार किया और जेफ बेक के साथ मिलकर कई युगल प्रस्तुतियाँ दीं। बताया जाता है कि यह दोनों की पहली औपचारिक मंचीय साझेदारी थी। इन प्रस्तुतियों में से तीन को कार्यक्रम के एल्बम में जारी किया गया, जबकि एक गीत फ़िल्म में भी शामिल किया गया। लंदन के ड्रूरी लेन थिएटर में हुई इन प्रस्तुतियों ने नए दशक में क्लैप्टन की लोकप्रियता और प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित किया। उनकी वापसी के पीछे कई कारण थे, जिनमें [[ईसाई धर्म]] के प्रति उनकी बढ़ती आस्था भी शामिल थी। उन्होंने हेरोइन की लत लगने से पहले ही ईसाई धर्म अपना लिया था।<ref>Conversations with Eric Clapton, Steve Turner</ref><ref>{{cite book |editor-last= Moritz |editor-first= Charles |year= 1987 |title= Current Biography Yearbook 1987 |url= https://archive.org/details/currentbiography0000unse_h1p1 |publisher= H. W. Wilson |location= New York |isbn= 978-9-9973-7702-9 |page= [https://archive.org/details/currentbiography0000unse_h1p1/page/100 100] }}</ref><ref name="amg">{{cite web | url=https://www.allmusic.com/artist/p64692 | publisher=AllMusic | access-date=17 February 2007 | title=Eric Clapton | first=William | last=Ruhlmann | archive-date=13 October 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20101013094312/http://www.allmusic.com/artist/p64692 | url-status=live }}</ref> जब क्लैप्टन ने अपने मैनेजर को स्वीकार किया कि वे शराब की लत से जूझ रहे हैं, तब जनवरी 1982 में वे मिनियापोलिस–सेंट पॉल गए और मिनेसोटा के सेंटर सिटी स्थित हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर में भर्ती हुए। वहाँ जाते समय विमान यात्रा के दौरान उन्होंने बहुत अधिक शराब पी, क्योंकि उन्हें डर था कि अब वे दोबारा कभी शराब नहीं पी पाएँगे। अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने लिखा: {{Blockquote|मेरे जीवन के सबसे बुरे दौर में मैंने केवल इसलिए आत्महत्या नहीं की, क्योंकि मुझे पता था कि मरने के बाद मैं शराब नहीं पी सकूँगा। वही एक चीज़ थी जिसके लिए मुझे जीना सार्थक लगता था, और यह विचार कि लोग मुझे शराब से दूर करने वाले हैं, इतना भयावह था कि मैं लगातार पीता रहा। अंततः मुझे लगभग उठाकर क्लिनिक तक ले जाना पड़ा।}} इलाज के बाद डॉक्टरों ने क्लैप्टन को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी जो उनके तनाव या शराब की लत को फिर से बढ़ा सकती थीं। इसके बावजूद नवंबर 1987 में वे दोबारा हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर गए। तब से वे पूरी तरह संयमित जीवन जी रहे हैं। पहले पुनर्वास केंद्र से लौटने के कुछ महीनों बाद ही क्लैप्टन ने डॉक्टरों की सलाह के विरुद्ध अपना अगला एल्बम तैयार करना शुरू कर दिया। टॉम डाउड के साथ मिलकर उन्होंने ''Money and Cigarettes'' बनाया, जिसे वे अपने करियर का “सबसे ज़बरदस्ती बनाया गया” एल्बम मानते थे। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि इस एल्बम का नाम इसलिए रखा गया क्योंकि शराब की लत से उबरने के बाद उन्हें लगा कि उनके पास “सिर्फ पैसे और सिगरेट ही बची हैं।”<ref>{{cite book|title=Clapton: The Autobiography|url=https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access=registration|first=Eric|last=Clapton|year=2007|publisher=Broadway Books |isbn=978-0-385-51851-2}}</ref> 1984 में उन्होंने पिंक फ़्लॉयड के पूर्व सदस्य रोजर वॉटर्स के एकल एल्बम ''The Pros and Cons of Hitch Hiking'' में भाग लिया और उसके समर्थन दौरे में भी प्रस्तुति दी। इसके बाद वॉटर्स और क्लैप्टन के बीच घनिष्ठ संबंध बने रहे। 2005 में दोनों ने सुनामी राहत कोष के लिए साथ प्रस्तुति दी। 2006 में उन्होंने हाईक्लेयर कैसल में काउंसाइड अलायंस की सहायता के लिए आयोजित कार्यक्रम में “Wish You Were Here” और “Comfortably Numb” प्रस्तुत किए। अब तक क्लैप्टन नियमित रूप से चैरिटी कार्यक्रमों में भाग लेने लगे थे। 13 जुलाई 1985 को उन्होंने फिलाडेल्फिया के जॉन एफ. कैनेडी स्टेडियम में आयोजित लाइव एड कॉन्सर्ट में प्रस्तुति दी। इस दौरान उनके साथ फिल कॉलिन्स, टिम रेनविक, क्रिस स्टेंटन, जेमी ओल्डेकर, मार्सी लेवी, शॉन मर्फी और डोनाल्ड “डक” डन भी थे।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=69|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044612/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|url-status=live}}</ref> उन्हें मुख्य प्रसारण समय के निकट प्रस्तुति देने का अवसर मिला, जिससे वे काफी सम्मानित महसूस कर रहे थे। 1980 के दशक में भी उनके एल्बम लगातार आते रहे। इनमें से दो एल्बम फिल कॉलिन्स के साथ बनाए गए — 1985 का ''Behind the Sun'', जिसमें “Forever Man” और “She's Waiting” जैसे लोकप्रिय गीत थे, तथा 1986 का ''August''।<ref>{{cite magazine | url = https://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | title = Eric Clapton August | access-date = 15 August 2017 | last = DeCurtis | first = Anthony | date = 12 February 1987 | magazine = Rolling Stone | archive-url = https://web.archive.org/web/20170829190802/http://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | archive-date = 29 August 2017 | url-status = live }}</ref> ''August'' में फिल कॉलिन्स की विशिष्ट ड्रम और हॉर्न शैली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। यह उस समय तक ब्रिटेन में क्लैप्टन का सबसे अधिक बिकने वाला एल्बम बना और चार्ट में तीसरे स्थान तक पहुँचा। एल्बम का पहला गीत “It's in the Way That You Use It” टॉम क्रूज़ और पॉल न्यूमैन की फ़िल्म ''The Color of Money'' में इस्तेमाल किया गया। “Tearing Us Apart” (टीना टर्नर के साथ) और “Miss You” जैसे गीतों में क्लैप्टन की अधिक आक्रामक शैली दिखाई दी। इस सफलता के बाद क्लैप्टन ने फिल कॉलिन्स और ''August'' एल्बम के अन्य कलाकारों — बेस वादक नाथन ईस्ट तथा कीबोर्ड वादक और गीतकार ग्रेग फिलिंगेन्स — के साथ दो वर्षों तक लगातार दौरे किए। इसी दौर में चार सदस्यीय बैंड के दो कॉन्सर्ट वीडियो ''Eric Clapton Live from Montreux'' और ''Eric Clapton and Friends'' रिकॉर्ड किए गए। बाद में क्लैप्टन ने “After Midnight” को दोबारा रिकॉर्ड किया, जिसे मिशेलोब बीयर ब्रांड के प्रचार गीत के रूप में इस्तेमाल किया गया। इससे पहले यह ब्रांड फिल कॉलिन्स और स्टीव विनवुड के गीतों का भी उपयोग कर चुका था। 1985 में बीबीसी की थ्रिलर शृंखला ''Edge of Darkness'' के संगीत में माइकल केमेन के साथ सहयोग के लिए क्लैप्टन को ब्रिटिश अकादमी टेलीविज़न पुरस्कार मिला। 1987 के ब्रिट अवॉर्ड्स में उन्हें “संगीत में उत्कृष्ट योगदान” सम्मान प्रदान किया गया।<ref name=Brits>{{cite web|url= https://www.brits.co.uk/history/the-brits-1987/|title=Brit Awards 1987|publisher=Brit Awards|access-date=1 May 2026|url-status=live}}</ref> 1987 में उन्होंने जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''Cloud Nine'' में भी योगदान दिया और “Cloud 9”, “That's What It Takes”, “Devil's Radio” तथा “Wreck of the Hesperus” गीतों में गिटार बजाया।<ref>Huntley, Elliot J. (2006). Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles. Toronto, ON: Guernica Editions. p. 205. ISBN 1-55071-197-0.</ref> क्लैप्टन ने बाद में बी गीज़ के साथ मिलकर एक चैरिटी परियोजना में भाग लिया। इस सुपरग्रुप ने स्वयं को “द बनबरीज़” नाम दिया और एक चैरिटी एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसकी आय इंग्लैंड के चेशायर स्थित बनबरी क्रिकेट क्लब को दी गई। यह क्लब विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के लिए धन जुटाने हेतु प्रदर्शनी क्रिकेट मैच आयोजित करता था। द बनबरीज़ ने ''The Bunbury Tails'' के लिए “We're the Bunburys”, “Bunbury Afternoon” और “Fight (No Matter How Long)” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। अंतिम गीत ''The 1988 Summer Olympics Album'' में भी शामिल किया गया और रॉक संगीत चार्ट में आठवें स्थान तक पहुँचा।<ref name="Bunburys">{{cite web | url=https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | title=The Bee Gees Meet Eric Clapton | work=Uncle John's Bathroom Reader | date=27 June 2014 | access-date=29 July 2017 | archive-url=https://web.archive.org/web/20170729221353/https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | archive-date=29 July 2017 | url-status=dead }}</ref> 1988 में क्लैप्टन ने डायर स्ट्रेट्स और एल्टन जॉन के साथ वेम्बली स्टेडियम में आयोजित नेल्सन मंडेला 70वें जन्मदिन श्रद्धांजलि कार्यक्रम तथा रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित प्रिंस ट्रस्ट रॉक गाला में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news|title=Eric Clapton on stage at Nelson Mandela 70th Birthday Tribute ..|url=http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272?#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|agency=Getty Images|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171221224336/http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|archive-date=21 December 2017|url-status=live}}</ref> 1989 में क्लैप्टन ने ''Journeyman'' जारी किया, जिसमें ब्लूज़, जैज़, सोल और पॉप जैसी कई संगीत शैलियों का मिश्रण था। इस एल्बम में जॉर्ज हैरिसन, फिल कॉलिन्स, डैरिल हॉल, चाका खान, मिक जोन्स, डेविड सैनबोर्न और रॉबर्ट क्रे जैसे कलाकारों ने सहयोग किया। “Bad Love” गीत को एकल रूप में जारी किया गया और बाद में इसे सर्वश्रेष्ठ पुरुष रॉक गायन प्रदर्शन के लिए ग्रैमी पुरस्कार मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|title=Past Winners Search | GRAMMY.com|publisher=Grammy Awards|access-date=22 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20130730052705/http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|archive-date=30 July 2013|url-status=live}}</ref> ===पुत्र की मृत्यु और "टियर्स इन हेवन"=== मुझे याद है कि मैंने फोन रखा और अपने होटल (न्यूयॉर्क शहर) से शांतिपूर्वक उस जगह तक चला गया, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। मैं सड़क के पास से गुज़रा और यह मेरे लिए शर्म की बात है, जिससे शायद मैं कभी उबर नहीं पाऊँगा। मैंने भीड़ और पैरामेडिक वैन देखी और समझ गया कि वह वहीं था, उसे बचाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन मैं वहाँ जाकर उससे मिलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। मैं खुद को हमेशा इसके लिए दोष दूँगा… सच तो यह है कि मैं बहुत डर गया था। 1990 के दशक में क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में 32 कॉन्सर्ट किए, जिनमें 24 Nights श्रृंखला भी शामिल थी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref> 30 जून 1990 को Dire Straits, क्लैप्टन और Elton John ने इंग्लैंड के Knebworth House में आयोजित Nordoff-Robbins चैरिटी कार्यक्रम में विशेष प्रस्तुति दी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref> 27 अगस्त 1990 को ब्लूज़ गिटारवादक Stevie Ray Vaughan, जो उस समय क्लैप्टन के साथ दौरे पर थे, और उनके रोड क्रू के तीन सदस्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए।<ref>{{cite news|title=Stevie Ray Vaughan killed in helicopter crash|publisher=Associated Press}}</ref> इसके बाद 20 मार्च 1991 को क्लैप्टन के चार वर्षीय पुत्र कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क शहर में 53वीं मंजिल की खिड़की से गिरने के कारण हो गई।<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref> उस समय क्लैप्टन पास के होटल में ठहरे हुए थे और अपने पुत्र को दोपहर के भोजन तथा Central Park Zoo ले जाने की तैयारी कर रहे थे। कॉनर की माँ Lory Del Santo ने उन्हें फोन पर इस दुर्घटना की जानकारी दी। बाद में क्लैप्टन ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा मानो “दुनिया उनके पैरों के नीचे से खिसक गई हो।”<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref> क्लैप्टन को सबसे पहले संवेदना व्यक्त करने वालों में उनके मित्र और गिटारवादक Keith Richards थे, जिन्होंने स्वयं 1976 में अपने छोटे पुत्र Tara Richards को खो दिया था।<ref name=RS2>{{Cite magazine |url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/eric-clapton-the-rolling-stone-interview-2-100276/2/ |title=Eric Clapton: The Rolling Stone Interview. Part 2 |date=17 October 1991 |access-date=13 July 2024 |magazine=Rolling Stone |last=Henke |first=James}}</ref> कॉनर का अंतिम संस्कार 28 मार्च को Ripley, Surrey स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में हुआ।<ref>{{cite magazine|url=http://www.people.com/people/archive/article/0,,20114903,00.html|title=In An English Country Churchyard, Eric Clapton and Friends Mourn the Death of His Son, Conor, 4|magazine=People}}</ref> अपने पुत्र की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने Alcoholics Anonymous की बैठकों में जाना शुरू किया।<ref name=RS2/> 1991 में उन्होंने Richie Sambora के एल्बम ''Stranger in This Town'' में “Mr. Bluesman” गीत पर योगदान दिया। अगले वर्ष उन्होंने Elton John के एल्बम ''The One'' में “Runaway Train” गीत पर गिटार और स्वर प्रदान किए।<ref>{{cite web |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1992-07-12-ca-4218-story.html |last=Boehm |first=Mike |work=Los Angeles Times |title=ELTON JOHN "The One" MCA |date=12 July 1992}}</ref> क्लैप्टन के शोक और पीड़ा को “Tears in Heaven” गीत में व्यक्त किया गया, जिसे उन्होंने Will Jennings के साथ मिलकर लिखा।<ref>{{cite magazine|date=7 December 2000|title=Eric Clapton: 'Tears In Heaven'|magazine=Rolling Stone|issue=88}}</ref><ref>{{cite magazine|last=Leerhsen|first=Charles|date=22 March 1992|title=His Saddest Song|magazine=Newsweek|volume=119|issue=12|page=52}}</ref> 35th Annual Grammy Awards में क्लैप्टन को “Tears in Heaven” और उनके ''Unplugged'' एल्बम के लिए छह ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त हुए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Craig|last=Rosen|title=Clapton Grabs Key Grammys; 'Beauty' is Belle Of The Ball|url=https://books.google.com/books?id=rw8EAAAAMBAJ&pg=PA1|date=6 March 1993|page=1}}</ref> ''Unplugged'' एल्बम Billboard 200 पर प्रथम स्थान पर पहुँचा और अमेरिका में 1 करोड़ से अधिक प्रतियाँ बिकने पर RIAA द्वारा डायमंड प्रमाणित किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.riaa.com/gold-platinum/?tab_active=default-award&ar=ERIC+CLAPTON&ti=UNPLUGGED|title=Eric Clapton – Unplugged (Certifications)|website=RIAA}}</ref> 1992 में क्लैप्टन को British Academy of Songwriters, Composers and Authors द्वारा Ivor Novello Award से सम्मानित किया गया।<ref name="Ivors Lifetime">{{cite web|url=http://theivors.com/archive/1990-1999/the-ivors-1992/|title=1992 Ivor Novello Awards|publisher=The Ivors|access-date=17 मई 2026|archive-date=4 जनवरी 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180104013937/http://theivors.com/archive/1990-1999/the-ivors-1992/|url-status=dead}}</ref> अक्टूबर 1992 में क्लैप्टन Bob Dylan के 30th Anniversary Concert Celebration में शामिल हुए, जो न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में आयोजित हुआ था।<ref>SPIN magazine. Nov 1993. p. 32</ref> 1995 में क्लैप्टन ने पहली और एकमात्र बार ब्रिटेन के नंबर-1 सिंगल में भाग लिया, जब उन्होंने Cher, Chrissie Hynde और Neneh Cherry के साथ “Love Can Build a Bridge” के चैरिटी संस्करण में गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last1=Kutner|first1=Jon|title=1000 UK Number One Hits|date=2010|publisher=Omnibus Press|isbn=9780857123602}}</ref> 1997 में फिल्म ''Phenomenon'' के लिए रिकॉर्ड किया गया गीत “Change the World” Grammy Award for Song of the Year जीतने में सफल रहा। उसी वर्ष क्लैप्टन ने Simon Climie के साथ TDF नाम से इलेक्ट्रॉनिक संगीत एल्बम ''Retail Therapy'' भी रिकॉर्ड किया।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/clapton-chronicles-the-best-of-eric-clapton-r431814/review|title=Clapton Chronicles: The Best of Eric Clapton|publisher=AllMusic}}</ref> 15 सितम्बर 1997 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित ''Music for Montserrat'' कार्यक्रम में “Layla” और “Same Old Blues” प्रस्तुत किए तथा अंत में Paul McCartney, Elton John, Phil Collins, Mark Knopfler और Sting के साथ “Hey Jude” गाया।<ref>{{cite web|url=https://books.google.com/books?id=BwoEAAAAMBAJ&q=Music+for+Montserrat+-+concert&pg=PA59|title=Billboard 6 September 1997}}</ref> 1999 में क्लैप्टन को “My Father's Eyes” के लिए तीसरा Grammy Award for Best Male Pop Vocal Performance मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=eric+clapton|title=Past Winners Search: Eric Clapton|work=The GRAMMYs}}</ref> 20वीं सदी के अंत में क्लैप्टन ने Carlos Santana और B.B. King के साथ सहयोग किया। B.B. King ने क्लैप्टन के बारे में कहा, “मेरे अनुसार वह रॉक एन रोल के सर्वश्रेष्ठ गिटारवादकों में से एक हैं।”<ref name="SarasotaHerald">{{cite web | url = https://news.google.com/newspapers?id=r28fAAAAIBAJ&pg=6362,12083 | title = Clapton recruits B.B. King for a vintage blues session | work = Sarasota Herald-Tribune | date = 1 June 2000 }}</ref> ===सहयोगी एल्बम=== [[File:Eclapton cardiff.jpg|thumb|upright|22 जनवरी 2005 को वेल्स के कार्डिफ़ स्थित Millennium Stadium में Tsunami Relief Cardiff के लिए प्रस्तुति देते क्लैप्टन]] क्लैप्टन ने मार्च 2001 में ''Reptile'' एल्बम जारी किया। 11 सितंबर हमलों के एक महीने बाद क्लैप्टन ने the Concert for New York City में Buddy Guy के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news |last= Watson |first= Guy |date= 7 December 2012 |title= The Night The Who Saved New York |work= Forbes |url=https://www.forbes.com/sites/tomwatson/2012/12/07/the-night-the-who-saved-new-york/?sh=7ac6eadb28c3 |access-date= 30 April 2024 }}</ref><ref>[https://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 "Concert for New York City – Various Artists"] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160820211416/http://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 |date=20 August 2016 }}. AllMusic. Retrieved 28 May 2019</ref> जून 2002 में Golden Jubilee of Queen Elizabeth II के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में क्लैप्टन ने Buckingham Palace परिसर में आयोजित Party at the Palace संगीत समारोह में "Layla" और "While My Guitar Gently Weeps" प्रस्तुत किए।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|title=Palace party draws 15m viewers|work=BBC News|access-date=22 September 2014|date=4 June 2002|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230704/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|url-status=live}}</ref> 29 नवंबर 2002 को Royal Albert Hall में Concert for George आयोजित किया गया, जो एक वर्ष पूर्व फेफड़ों के कैंसर से निधन हुए जॉर्ज हैरिसन को श्रद्धांजलि देने के लिए था।<ref name="2002concert">Stephen Thomas Erlewine. [https://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 "Concert for George"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111218233039/http://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 |date=18 December 2011 }}. AllMusic. Retrieved 15 May 2012</ref> क्लैप्टन इस कार्यक्रम में कलाकार और संगीत निर्देशक दोनों थे। इस समारोह में Paul McCartney, Ringo Starr, Jeff Lynne, Tom Petty and the Heartbreakers, Ravi Shankar, Gary Brooker, Billy Preston, Joe Brown तथा Dhani Harrison ने भी भाग लिया।<ref name="2002concert"/> 2004 में क्लैप्टन ने ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson के गीतों पर आधारित दो कवर एल्बम ''Me and Mr. Johnson'' और ''Sessions for Robert J'' जारी किए। गिटारवादक Doyle Bramhall II ने इस एल्बम पर क्लैप्टन के साथ कार्य किया और बाद में उनके 2004 के दौरे में भी शामिल हुए। उसी वर्ष ''Rolling Stone'' पत्रिका ने क्लैप्टन को अपनी “100 Greatest Artists of All Time” सूची में 53वाँ स्थान दिया।<ref>{{cite magazine| title = The Immortals| magazine=Rolling Stone |issue=946 | url =https://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | url-status = dead| archive-url = https://web.archive.org/web/20061017054537/http://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | archive-date = 17 October 2006 }}</ref> अन्य प्रस्तुतियों में Toots & the Maytals के ग्रैमी पुरस्कार विजेता एल्बम ''True Love'' में उनका योगदान शामिल था, जिसमें उन्होंने "Pressure Drop" गीत में गिटार बजाया।<ref>{{cite web |url=http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |title=Frederick "Toots" Hibbert Biography |publisher=biography.com |access-date=2 July 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160809204903/http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |archive-date=9 August 2016 |url-status=live }}</ref> [[File:Clapton2342.jpg|thumb|upright|left|1 जून 2006 को रॉटरडैम के Ahoy Arena में प्रस्तुति देते क्लैप्टन]] 22 जनवरी 2005 को क्लैप्टन ने Cardiff स्थित Millennium Stadium में आयोजित Tsunami Relief Concert में प्रस्तुति दी, जिसका उद्देश्य 2004 Indian Ocean earthquake के पीड़ितों की सहायता करना था। मई 2005 में क्लैप्टन, Jack Bruce और Ginger Baker ने Cream बैंड के रूप में पुनर्मिलन किया और लंदन के Royal Albert Hall में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इन कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग बाद में CD और DVD के रूप में जारी की गई। इसके बाद Cream ने न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में भी प्रस्तुति दी। लगभग पाँच वर्षों बाद क्लैप्टन का पहला मौलिक सामग्री वाला एल्बम ''Back Home'' Reprise Records द्वारा 30 August को जारी किया गया। गिटारवादक J. J. Cale के साथ सहयोग में बना एल्बम ''The Road to Escondido'' 7 November 2006 को जारी हुआ, जिसमें Derek Trucks और Billy Preston भी शामिल थे। क्लैप्टन ने Trucks को अपने 2006–2007 विश्व दौरे के लिए अपने बैंड में शामिल किया। Bramhall भी बैंड में बने रहे, जिससे क्लैप्टन के बैंड में तीन प्रमुख गिटारवादक हो गए और उन्हें Derek and the Dominos के कई पुराने गीत पुनः प्रस्तुत करने का अवसर मिला। Trucks, Allman Brothers Band के तीसरे सदस्य बने जिन्होंने क्लैप्टन के साथ दौरा किया; दूसरे सदस्य कीबोर्ड वादक Chuck Leavell थे, जो ''MTV Unplugged'' और ''24 Nights'' प्रस्तुतियों में भी दिखाई दिए थे।<ref name="Music Legends">{{cite web|publisher=Music Legends|url=http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|title=Chuck Leavell Interview|access-date=6 May 2013|date=8 April 2010|last=Saulnier|first=Jason|archive-url=https://web.archive.org/web/20131216075205/http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|archive-date=16 December 2013|url-status=dead}}</ref> 20 मई 2006 को क्लैप्टन ने Queen के ड्रमर Roger Taylor और पूर्व Pink Floyd बासवादक तथा गीतकार Roger Waters के साथ Hampshire के Highclere Castle में प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम Countryside Alliance के समर्थन में आयोजित किया गया था।<ref>Glenn Povey (2007). [https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton%2C+waters&pg=RA4-PT52 Echoes: the complete history of Pink Floyd] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230415015309/https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton,+waters&pg=RA4-PT52 |date=15 April 2023 }} Mind Head Publishing. Retrieved 29 December 2011</ref> 13 August 2006 को क्लैप्टन ने Columbus, Ohio में Bob Dylan के कार्यक्रम में अतिथि प्रस्तुति दी और Jimmie Vaughan के उद्घाटन कार्यक्रम में तीन गीतों पर गिटार बजाया।<ref>{{cite web|url=http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |title=God has a summer home in Columbus |work=UWeekly |date=15 August 2005 |access-date=30 March 2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20070927042854/http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |archive-date=27 September 2007 }}</ref> 2007 में क्लैप्टन ने अपने पिता के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त की, जो एक कनाडाई सैनिक थे और युद्ध के बाद ब्रिटेन छोड़ गए थे। यद्यपि क्लैप्टन के दादा-दादी ने अंततः उन्हें उनके जन्म की सच्चाई बता दी थी, परंतु वे केवल इतना जानते थे कि उनके पिता का नाम Edward Fryer था। यह विषय क्लैप्टन के लिए मानसिक अस्थिरता का कारण बना रहा, जिसका उल्लेख उनके 1998 के गीत "My Father's Eyes" में मिलता है।<ref>{{cite news | work = Ottawa Citizen | url = http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | title = His Father's Eyes | first = Michael | last = Woloschuk |date= 26 March 1998 |page= A1 | access-date = 17 February 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070129210214/http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | archive-date = 29 January 2007 | url-status = dead }}</ref> 26 फ़रवरी 2008 को यह समाचार आया कि क्लैप्टन को उत्तर कोरिया में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था।<ref>{{cite news|url=http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |title=Eric Clapton 'receives North Korean invite' |work=CNN|date=26 February 2008 |access-date=26 February 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080303060303/http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |archive-date=3 March 2008 |url-status=dead }}</ref> क्लैप्टन ने सिद्धांततः सहमति जताई और सुझाव दिया कि कार्यक्रम 2009 में आयोजित हो सकता है।<ref>{{cite news | url = https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/7265467.stm | title = Clapton asked to play in North Korea | work = BBC News | date = 26 February 2008 | access-date = 26 February 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080302045018/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/7265467.stm | archive-date = 2 March 2008 | url-status = live }}</ref> फ़रवरी 2008 में क्लैप्टन ने अपने पुराने मित्र Steve Winwood के साथ Madison Square Garden में प्रस्तुति दी तथा Winwood के एल्बम ''Nine Lives'' के गीत "Dirty City" में अतिथि कलाकार के रूप में भाग लिया। जून 2009 में Blind Faith के ये दोनों पूर्व सदस्य संयुक्त राज्य अमेरिका में 14 कार्यक्रमों की श्रृंखला में फिर साथ दिखाई दिए।<ref>{{cite news |url=http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316200910/http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |url-status=dead |archive-date=16 March 2010 |title=Hard Rock Calling |work=Live Nation (Music) UK Limited |publisher=Hard Rock Calling |access-date=7 May 2010 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |title=Hard Rock Calling, Hyde Park, London Saturday 28 June 2008 |publisher=Eric Clapton Online |access-date=7 May 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110710195435/http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |archive-date=10 July 2011 }}</ref> [[File:Layla and Other Assorted Love Songs.jpg|thumb|left|मार्च 2009 में न्यूयॉर्क सिटी के Beacon Theatre में the Allman Brothers Band के साथ प्रस्तुति देते क्लैप्टन (दाएँ)]] मार्च 2009 में ऑलमैन ब्रदर्स बैंड ने (कई अन्य प्रसिद्ध अतिथि कलाकारों के साथ) अपनी 40वीं वर्षगांठ मनाई और अपने वार्षिक बीकन थिएटर कार्यक्रमों की श्रृंखला को दिवंगत डुएन ऑलमैन को समर्पित किया। एरिक क्लैप्टन भी प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में शामिल थे। ड्रमर Butch Trucks ने कहा कि इतने अधिक अतिथि कलाकारों और विभिन्न संगीत शैलियों के कारण यह प्रस्तुति सामान्य ऑलमैन ब्रदर्स अनुभव जैसी नहीं थी। "In Memory of Elizabeth Reed" जैसे गीतों के साथ अन्य प्रस्तुतियाँ भी हुईं, जिनमें Levon Helm के साथ "The Weight", Johnny Winter द्वारा हेंड्रिक्स के "Red House" का प्रदर्शन, तथा "Layla" शामिल थे। 4 मई 2009 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में Joe Bonamassa के साथ "Further on Up the Road" प्रस्तुत किया। क्लैप्टन को 30 अक्टूबर 2009 को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित Rock and Roll Hall of Fame की 25वीं वर्षगांठ संगीत सभा में प्रस्तुति देनी थी, लेकिन gallstone सर्जरी के कारण उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया।<ref>{{cite web|url=https://www.filmibeat.com/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|title=Eric Clapton pulls out of rock and roll gig|date=28 October 2009|publisher=Oneindia|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20130515171531/http://entertainment.oneindia.in/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|archive-date=15 May 2013|url-status=live}}</ref> Van Morrison (जिन्होंने भी कार्यक्रम रद्द किया था)<ref>{{cite web|url=http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|title=Leonard Cohen and Van Morrison at MSG this weekend but Van will not be back for Rock Hall of Fame|publisher=brooklynvegan.com|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20091028132710/http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|archive-date=28 October 2009|url-status=dead}}</ref> ने एक साक्षात्कार में कहा कि वे और क्लैप्टन “कुछ गीत” साथ में प्रस्तुत करने वाले थे, लेकिन भविष्य में किसी अन्य अवसर पर वे फिर साथ काम करेंगे।<ref>{{cite web|url=http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|title=Imus in the morning: highlights and interviews|publisher=wabcradio.com|access-date=30 October 2009|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20090516023944/http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|archive-date=16 May 2009}}</ref> ===''क्लैप्टन'', ''ओल्ड सॉक'', ''आई स्टिल डू'' और ''हैप्पी एक्समस''=== क्लैप्टन ने {{nowrap|13–14 फरवरी}} 2010 को लंदन के O<sub>2</sub> एरीना में [[Jeff Beck]] के साथ दो रात्रियों के कार्यक्रम में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> यार्डबर्ड्स के ये दोनों पूर्व सदस्य 2010 के अपने दौरे को बढ़ाते हुए मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो के Air Canada Centre और मॉन्ट्रियल के Bell Centre तक पहुँचे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने {{nowrap|25 फरवरी}} से {{nowrap|13 मार्च}} 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें [[Roger Daltrey]] उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। [[Steve Winwood]] के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा {{nowrap|18 मई}} से शुरू होकर {{nowrap|13 जून}} तक चला, जिसमें [[Tom Norris (musician)|Tom Norris]] उद्घाटन कलाकार थे। इसके बाद उन्होंने {{nowrap|26 जून}} से {{nowrap|3 जुलाई}} तक एक संक्षिप्त उत्तर अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत {{nowrap|26 जून}} को इलिनॉय के ब्रिजव्यू स्थित टोयोटा पार्क में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''[[Clapton (2010 album)|Clapton]]'' {{nowrap|27 सितंबर}} 2010 को यूनाइटेड किंगडम और {{nowrap|28 सितंबर}} 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। {{nowrap|17 नवंबर}} 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहाँ उस शाम के हाउस बैंड में [[Jools Holland]], [[Midge Ure]] और [[Mark King (musician)|Mark King]] शामिल थे।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref> [[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|26 जून 2010 को Crossroads Guitar Festival में क्लैप्टन, [[Keb' Mo']] और [[Buddy Guy]]]] 24 जून 2011 को क्लैप्टन ने [[Pino Daniele]] के साथ [[Cava de' Tirreni]] स्टेडियम में प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने {{nowrap|6–16 अक्टूबर}} 2011 तक दक्षिण अमेरिका में कई कार्यक्रम किए। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने [[Steve Winwood]] के साथ जापान का दौरा किया और देश के विभिन्न शहरों में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, [[Keith Richards]], [[Gary Clark Jr.]], Derek Trucks, [[Doyle Bramhall II]], [[Kim Wilson]] और अन्य कलाकार न्यूयॉर्क सिटी के Apollo Theater में आयोजित Howlin' For Hubert Tribute कार्यक्रम में एक साथ दिखाई दिए। यह कार्यक्रम ब्लूज़ गिटारवादक [[Hubert Sumlin]] के सम्मान में आयोजित किया गया था, जिनका 4 दिसंबर 2011 को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन लंदन के O2 एरीना में [[the Rolling Stones]] के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दूसरे कार्यक्रम में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को क्लैप्टन ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित [[The Concert for Sandy Relief]] में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण टेलीविज़न, रेडियो, सिनेमाघरों और इंटरनेट के माध्यम से छह महाद्वीपों में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref> जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''[[Old Sock]]'' {{nowrap|12 मार्च}} को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में सीमित संस्करण Eric Clapton Artist Spotlight merchandise कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जिससे उन्होंने एक पेशेवर संगीतकार के रूप में अपने 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने यात्रा संबंधी कठिनाइयों के कारण 2015 में दौरे बंद करने की अपनी इच्छा व्यक्त की।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref> ===''Clapton'', ''Old Sock'', ''I Still Do'', और ''Happy Xmas''=== क्लैप्टन ने 13–14 फ़रवरी 2010 को लंदन के The O<sub>2</sub> Arena में Jeff Beck के साथ दो रातों का शो किया।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> पूर्व Yardbirds सदस्यों की इस 2010 यात्रा में मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो का Air Canada Centre तथा मॉन्ट्रियल का Bell Centre शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने 25 फ़रवरी से 13 मार्च 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में संगीत कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत की, जिसमें Roger Daltrey उद्घाटन कलाकार थे। Steve Winwood के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा 18 मई से 13 जून तक चला, जिसमें Tom Norris उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। इसके बाद उन्होंने 26 जून से 3 जुलाई तक एक छोटा उत्तरी अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत 26 जून को Bridgeview, Illinois के Toyota Park में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''Clapton'' 27 सितंबर 2010 को यूनाइटेड किंगडम और 28 सितंबर 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। 17 नवंबर 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहां Jools Holland, Midge Ure और Mark King सहित कई कलाकारों ने उनका साथ दिया।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref> [[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|क्लैप्टन, Keb' Mo' और Buddy Guy, Crossroads Guitar Festival में, 26 जून 2010]] 24 जून 2011 को क्लैप्टन ने Cava de' Tirreni स्टेडियम में Pino Daniele के साथ प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने 6 से 16 अक्टूबर 2011 तक दक्षिण अमेरिका का दौरा किया। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने Steve Winwood के साथ जापान में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, Keith Richards, Gary Clark Jr., Derek Trucks, Doyle Bramhall II, Kim Wilson और अन्य कलाकारों ने न्यूयॉर्क के Apollo Theater में आयोजित “Howlin' For Hubert Tribute” कार्यक्रम में भाग लिया, जो दिवंगत ब्लूज़ गिटारवादक Hubert Sumlin को समर्पित था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन ने लंदन के O2 Arena में The Rolling Stones के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दौरान प्रस्तुति दी।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को उन्होंने “The Concert for Sandy Relief” में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण विश्वभर में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref> जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''Old Sock'' 12 मार्च को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric Clapton और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में विशेष “Artist Spotlight” कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जो उनके पेशेवर संगीत जीवन के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में था।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने घोषणा की कि यात्रा की कठिनाइयों के कारण वे 2015 में दौरा करना बंद कर सकते हैं।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref> [[File:ECPrague2013.jpg|thumb|left|प्राग में क्लैप्टन, जून 2013, उनके “50th Celebration World Tour” के दौरान]] 15 अक्टूबर 2013 को क्लैप्टन के लोकप्रिय एल्बम और कॉन्सर्ट DVD ''Unplugged'' को ''Unplugged: Expanded & Remastered'' शीर्षक से पुनः जारी किया गया। इस एल्बम में मूल 14 गीतों के रीमास्टर्ड संस्करणों के साथ 6 अतिरिक्त ट्रैक भी शामिल थे, जिनमें “My Father's Eyes” के 2 संस्करण शामिल थे। DVD में कॉन्सर्ट का पुनर्स्थापित संस्करण तथा रिहर्सल की 60 मिनट से अधिक अप्रकाशित फुटेज शामिल थी। 13 और 14 नवंबर 2013 को क्लैप्टन ने स्विट्ज़रलैंड के Basel में आयोजित वार्षिक संगीत समारोह “Baloise Session” की अंतिम दो शामों में मुख्य प्रस्तुति दी। 20 नवंबर 2013 को Warner Bros ने ''Crossroads Guitar Festival 2013'' को CD/DVD/Blu-ray प्रारूप में जारी किया। 30 अप्रैल 2014 को क्लैप्टन ने ''The Breeze: An Appreciation of JJ Cale'' जारी करने की घोषणा की, जो J. J. Cale को श्रद्धांजलि थी, जिनका 26 जुलाई 2013 को निधन हो गया था। इस श्रद्धांजलि एल्बम का नाम 1972 के गीत “Call Me the Breeze” पर रखा गया था और इसमें Clapton, Mark Knopfler, John Mayer, Willie Nelson, Tom Petty तथा अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत 16 गीत शामिल थे।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton and Friends Honor JJ Cale With New Tribute LP|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|magazine=Rolling Stone|date=30 April 2014|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140622012700/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|archive-date=22 June 2014|url-status=live}}</ref> 21 जून 2014 को Glasgow Hydro में एक कॉन्सर्ट के दौरान क्लैप्टन अचानक मंच छोड़कर चले गए। हालांकि वे एक अंतिम गीत प्रस्तुत करने के लिए लौटे, लेकिन कार्यक्रम निर्धारित समय से लगभग 40 मिनट पहले समाप्त हो जाने के कारण दर्शकों में नाराज़गी फैल गई। अगले दिन क्लैप्टन और आयोजन स्थल दोनों ने माफ़ी मांगी और “तकनीकी समस्याओं” को इसका कारण बताया, जिससे मंच पर ध्वनि की स्थिति क्लैप्टन के लिए “असहनीय” हो गई थी।<ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|title=Fans' anger as Eric Clapton strops off stage at SSE Hydro|date=21 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625025210/http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|title=Eric Clapton cuts short concert after 'technical issue'|date=22 June 2014|work=BBC News|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140624063428/http://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|archive-date=24 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|title=Clapton apologises for concert exit|date=23 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=23 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625032330/http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref> एक सप्ताह बाद उन्होंने अपने सेवानिवृत्ति के विचार की पुष्टि की और कहा कि लगातार यात्रा करना उनके लिए “असहनीय” हो गया है तथा कुछ शारीरिक समस्याएँ उन्हें स्थायी रूप से गिटार छोड़ने पर मजबूर कर सकती हैं।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton Says Touring Has Become 'Unbearable,' Confirms Retirement Plans|date=27 June 2014 |url=http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|work=Ultimate Classic Rock|access-date=27 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140630011725/http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|archive-date=30 June 2014|url-status=live}}</ref> 2016 में ''Classic Rock'' पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने बताया कि 2013 में उन्हें peripheral neuropathy नामक बीमारी का निदान हुआ था, जिसमें नसों को क्षति पहुँचती है और हाथों-पैरों में जलन, दर्द या झनझनाहट होती है।<ref>[https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ "Eric Clapton reveals nerve damage that makes playing guitar 'hard work'"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160621163134/https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ |date=21 June 2016 }}. Washington Post.</ref> [[File:Eric Clapton - Royal Albert Hall - Wednesday 24th May 2017 EricClaptonRAH240517-23 (34823535392).jpg|thumb|2017 में Royal Albert Hall में क्लैप्टन]] क्लैप्टन ने 1 और 3 मई 2015 को न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में दो कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसके बाद उन्होंने 14 से 23 मई 2015 तक लंदन के Royal Albert Hall में सात रातों की विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। यह कार्यक्रम उनके 70वें जन्मदिन तथा Royal Albert Hall में पहली प्रस्तुति के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए थे।<ref name="Royal Albert Hall"/> उनकी पहली प्रस्तुति 7 दिसंबर 1964 को The Yardbirds के सदस्य के रूप में BBC के ''Top Beat Show'' में हुई थी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इन प्रस्तुतियों पर आधारित कॉन्सर्ट फ़िल्म ''Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall'' 13 नवंबर 2015 को DVD, CD, Blu-ray और LP प्रारूपों में जारी की गई।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton "Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall"|url=http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|access-date=17 November 2015|ref=Eagle Rock|archive-url=https://web.archive.org/web/20151118171608/http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|archive-date=18 November 2015|url-status=usurped}}</ref> Madison Square Garden में आयोजित ये कार्यक्रम उस ऐतिहासिक अवसर की 46वीं वर्षगांठ भी थे जब Clapton ने Cream के साथ 2 नवंबर 1968 को “नए” Madison Square Garden का उद्घाटन किया था। क्लैप्टन ने किसी भी अन्य अमेरिकी स्थल की तुलना में Madison Square Garden में सबसे अधिक, कुल 45 बार, प्रस्तुति दी है।<ref name="MSG">{{cite magazine|title=Eric Clapton to Celebrate 70th Birthday With Two Shows at Madison Square Garden|url=https://www.billboard.com/music/rock/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows-6501911/|magazine=Billboard|date=23 April 2016|access-date=23 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160513101700/http://www.billboard.com/articles/columns/rock/6501911/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows|archive-date=13 May 2016|url-status=live}}</ref> 20 मई 2016 को क्लैप्टन ने अपना तेईसवाँ स्टूडियो एल्बम ''I Still Do'' जारी किया। 30 सितंबर 2016 को लाइव एल्बम ''Live in San Diego'' जारी किया गया।<ref>{{cite web|first=George|last=Varga|url=http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album|title=Eric Clapton & JJ Cale's 'Live in San Diego' album announced|work=U-T San Diego|date=5 August 2016|access-date=5 August 2016|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160806170101/http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album/|archive-date=6 August 2016}}</ref> अगस्त 2018 में क्लैप्टन ने घोषणा की कि उन्होंने अपना चौबीसवाँ स्टूडियो एल्बम ''Happy Xmas'' रिकॉर्ड किया है, जिसमें क्रिसमस गीतों की ब्लूज़ शैली में प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। यह एल्बम 12 अक्टूबर 2018 को जारी किया गया।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton Readies First Christmas Album 'Happy Xmas'|url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|magazine=Rolling Stone|date=18 August 2018|access-date=18 August 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180818110429/https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|archive-date=18 August 2018|url-status=live}}</ref> अप्रैल से सितंबर 2019 के बीच उन्होंने जापान, यूरोप और दक्षिण-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका में 17 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सितंबर 2021 में उन्होंने दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका में आठ कार्यक्रमों के साथ पुनः मंच पर वापसी की।<ref>{{cite web |last1=DeRiso |first1=Nick |title=Eric Clapton Sets Only 2021 North American Shows |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |website=ultimateclassicrock.com |date=14 June 2021 |access-date=9 June 2022 |archive-date=9 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220609033051/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |url-status=live }}</ref> मई 2022 में क्लैप्टन ने Jimmie Vaughan के साथ सितंबर में सात अमेरिकी कार्यक्रमों की घोषणा की।<ref>{{cite web |last1=Levy |first1=Matt |title=Eric Clapton mini-tour 2022: How to buy tickets, schedule, dates |url=https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |website=nj.com |date=22 May 2022 |publisher=Advance Local Media, LLC. |access-date=9 June 2022 |archive-date=31 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220531163644/https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |url-status=live }}</ref> मई 2023 में क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Jeff Beck श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी, जहाँ उन्होंने Rod Stewart, Ronnie Wood, Kirk Hammett और Johnny Depp सहित कई कलाकारों के साथ मंच साझा किया।<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Leads Jeff Beck Tribute Concerts in London |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |access-date=23 May 2023 |work=Ultimate Classic Rock |archive-date=23 May 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230523161340/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |url-status=live }}</ref> 2024 में क्लैप्टन ने Mark Knopfler के गीत “Going Home: Theme of the Local Hero” के पुनः जारी संस्करण में गिटार बजाया, जो Teenage Cancer Trust के समर्थन में जारी किया गया था।<ref>{{cite web | url= https://www.nme.com/news/music/mark-knopfler-recruits-bruce-springsteen-brian-may-ronnie-wood-teenage-cancer-trust-single-3584338 | title= Mark Knopfler recruits Bruce Springsteen, Brian May, Ronnie Wood and more for Teenage Cancer Trust single | work=NME | first=Liberty | last=Dunworth | date=8 February 2024 | access-date=4 March 2024}}</ref> ===''इस दौरान''=== मई 2024 में क्लैप्टन ने ''The Real Music Observer'' को दिए एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि वे ''Meanwhile'' शीर्षक वाले एक नए स्टूडियो एल्बम पर कार्य कर रहे हैं।<ref>{{Cite news |last=Francis |first=Pete |date=May 24, 2024 |title=Eric Clapton reveals title of expected 2024 studio album |url=https://bluesrockreview.com/2024/05/eric-clapton-reveals-title-of-expected-2024-studio-album.html |access-date=March 8, 2026 |work=Blues Rock Review}}</ref> यह एल्बम 4 अक्टूबर 2024 को डिजिटल रूप में जारी किया गया, जबकि CD और विनाइल संस्करण 24 जनवरी 2025 को जारी किए गए।<ref>{{Cite news |last=Gallucci |first=Michael |date=September 20, 2024 |title=Eric Clapton Announces New Album, ''Meanwhile'' |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-meanwhile-album/ |access-date=March 8, 2026 |work=Ultimate Classic Rock}}</ref> ==प्रभाव== [[File:Eric Clapton & B.B. King (4776991214).jpg|thumb|right|Clapton and B. B. King in 2010]] क्लैप्टन ने Muddy Waters, Freddie King, B.B. King, Albert King, Buddy Guy और Hubert Sumlin को अपने गिटार वादन की प्रमुख प्रेरणाएँ बताया है। अपनी 2007 की आत्मकथा में क्लैप्टन ने Muddy Waters को "वह पिता समान व्यक्ति, जो मुझे वास्तव में कभी नहीं मिला" कहा था। 1983 में Waters की मृत्यु तक वे क्लैप्टन के जीवन का हिस्सा रहे। क्लैप्टन ने कहा, "जब मैं Muddy को जानने लगा, दुर्भाग्यवश तब तक मेरी शराब पीने की आदत बहुत बढ़ चुकी थी।"<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Looks Back at His Blues Roots |url=https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |access-date=23 May 2020 |publisher=NPR |archive-date=3 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200403104401/https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |url-status=live }}</ref> वर्ष 2000 में क्लैप्टन ने B.B. King के साथ ''Riding with the King'' एल्बम पर सहयोग किया। इसके शीर्षक गीत के संगीत वीडियो में क्लैप्टन एक चालक की भूमिका में दिखाई देते हैं, जबकि उनके आदर्श B.B. King पीछे की सीट पर बैठे हैं।<ref>{{cite book |last1=Dean |first1=Maury |title=Rock N Roll Gold Rush: A Singles Un-Cyclopedia |url=https://archive.org/details/rocknrollgoldrus0000dean |date=2003 |publisher=Algora Publishing |page=[https://archive.org/details/rocknrollgoldrus0000dean/page/239 239]}}</ref> क्लैप्टन ने कहा है कि ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson उनके सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव रहे हैं। 2004 में क्लैप्टन ने ''Sessions for Robert Johnson'' जारी किया, जिसमें Johnson के गीतों के इलेक्ट्रिक और अकूस्टिक गिटार संस्करण शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|title=Eric Clapton: Me and Mr. Johnson|publisher=AllMusic|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20110816035036/http://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|archive-date=16 August 2011|url-status=live}}</ref> Robert Johnson की रिकॉर्डिंग्स के 1990 के बॉक्स सेट के लिए लिखे गए एक निबंध में क्लैप्टन ने लिखा: {{blockquote|''मेरे लिए Robert Johnson अब तक के सबसे महत्वपूर्ण ब्लूज़ संगीतकार हैं। वे अपनी दृष्टि के प्रति पूरी तरह सच्चे थे, और पिछले 30 वर्षों में संगीत में जितनी भी गहराई तक मैं गया हूँ, मुझे Robert Johnson से अधिक आत्मीय कुछ नहीं मिला। उनका संगीत मानव आवाज़ में मिलने वाली सबसे शक्तिशाली पुकार जैसा है ... ऐसा लगता था मानो वह किसी ऐसी भावना की प्रतिध्वनि हो जिसे मैं हमेशा से महसूस करता आया हूँ।''<ref>{{Cite AV media notes| title = [[The Complete Recordings (Robert Johnson album)|The Complete Recordings]]| others = [[Robert Johnson]]| section = Discovering Robert Johnson| first = Eric| last = Clapton| type = Boxed set booklet| year = 1990| location = New York City| publisher = [[Columbia Records]]| id = C2K 46222| oclc = 24547399}}</ref>}} क्लैप्टन ने Buddy Holly को भी अपनी प्रेरणा बताया। ''The "Chirping" Crickets'' वह पहला एल्बम था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था; बाद में उन्होंने Holly को ''Sunday Night at the London Palladium'' में देखा।<ref name="Holly"/> अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने पहली बार Holly और उनके Fender गिटार को देखने का अनुभव बताते हुए लिखा, "मुझे लगा जैसे मैं मरकर स्वर्ग पहुँच गया हूँ ... यह किसी दूसरे ग्रह के वाद्य यंत्र जैसा लग रहा था, और मैंने खुद से कहा: 'यही भविष्य है – मुझे यही चाहिए।'"<ref name="Holly">Clapton, Eric (2010). ''Eric Clapton: The Autobiography''. p. 19. Random House.</ref> 2017 की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' में क्लैप्टन ने Bismillah Khan को भी अपनी प्रेरणा बताया और कहा, "मैं चाहता था कि मेरा गिटार उनके रीड वाद्य यंत्र जैसा सुनाई दे।"<ref name="RollingStone 2017"/> इसी डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने हारमोनिका वादक Little Walter को भी प्रभाव के रूप में उल्लेखित किया। क्लैप्टन ने कहा, "एम्प्लीफायर के माध्यम से हारमोनिका बजाते हुए जो ध्वनि वे निकालते थे, वह भारी, गहरी और बेहद मधुर होती थी।"<ref name="RollingStone 2017">{{cite magazine |title=10 Things We Learned From 'Eric Clapton: Life in 12 Bars' Doc |url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |access-date=14 April 2019 |magazine=Rolling Stone |archive-url=https://web.archive.org/web/20190414212223/https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |archive-date=14 April 2019 |url-status=live }}</ref> ==Legacy== [[File:The Yardbirds (1998) - Rock and Roll Hall of Fame handprints (2014 photograph).jpg|thumb|right|क्लैप्टन के हस्तचिह्न (सबसे दाएं) अन्य सदस्यों के साथ, द यार्डबर्ड्स, रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में]] क्लैप्टन को अब तक के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली गिटारवादकों में से एक माना जाता है।<ref name=AST/><ref name="Meisel">[[Perry Meisel|Meisel, Perry]] (2010) [https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 The myth of popular culture from Dante to Dylan] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 |date=10 August 2023 }} p.143. Retrieved 30 December 2010</ref><ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3356959.stm|title=Eric Clapton: Blues guitar legend|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=31 December 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20170809002346/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3356959.stm|archive-date=9 August 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |title=Real Blues Guitar |first=Kenn |last=Chipkin |page=58 |publisher=Alfred Music Publishing, 1998 |access-date=15 January 2011 |isbn=978-0-89898-579-5 |date=March 1998 |archive-date=10 August 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |url-status=live }}</ref> क्लैप्टन एकमात्र ऐसे कलाकार हैं जिन्हें रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किया गया है: एक बार एकल कलाकार के रूप में और अलग-अलग द यार्डबर्ड्स तथा क्रीम बैंड के सदस्य के रूप में।<ref name="Rock Hall">{{cite web|url=http://rockhall.com/inductees/eric-clapton/|title=Eric Clapton Biography – The Rock and Roll Hall of Fame and Museum|publisher=Rockhall.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141012231539/http://www.rockhall.com/inductees/eric-clapton/|archive-date=12 October 2014|url-status=live}}</ref> वे ''Rolling Stone'' पत्रिका की "100 Greatest Guitarists of All Time" सूची में दूसरे स्थान पर रहे<ref name="RS">{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|title=100 Greatest Guitarists of All Time – 2. Eric Clapton|magazine=Rolling Stone|access-date=30 November 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20121021001507/http://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|archive-date=21 October 2012|url-status=live}}</ref> तथा ''Gibson'' की "Top 50 Guitarists of All Time" सूची में चौथे स्थान पर रहे।<ref name="Gibson">{{cite web|url=http://www.gibson.com/en-us/lifestyle/Features/Top-50-Guitarists-528/|title=Top 50 Guitarists of All Time – 10 to 1|publisher=Gibson Guitar Company|access-date=22 July 2011|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110708022758/http://www.gibson.com/en%2Dus/Lifestyle/Features/Top%2D50%2DGuitarists%2D528/|archive-date=8 July 2011}}</ref> 2011 में ''The Guardian'' ने गिटार हीरो की संस्कृति को लोकप्रिय बनाने का श्रेय क्लैप्टन को दिया और उन्हें रॉक संगीत इतिहास की 50 प्रमुख घटनाओं की सूची में सातवें स्थान पर रखा: {{blockquote|लीड गिटारवादक की लोकप्रिय छवि से अधिक रॉक मिथक में कुछ भी केंद्रीय नहीं है। और इस छवि को स्थापित करने में एरिक क्लैप्टन से अधिक किसी ने योगदान नहीं दिया। अप्रैल 1965 में जॉन मेयाल के ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल होने से पहले वे यार्डबर्ड्स के सदस्य रह चुके थे। मेयाल के साथ उनके दो कार्यकालों के दौरान उनकी प्रसिद्धि इतनी बढ़ गई कि एक प्रसिद्ध ग्रैफिटी ने रॉक प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता को व्यक्त किया: "Clapton is God".<ref>{{cite news|last1=Hann|first1=Michael|title=Eric Clapton creates the cult of the guitar hero|url=https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|work=The Guardian|date=12 June 2011|access-date=16 December 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170311172627/https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|archive-date=11 March 2017|url-status=live}}</ref>}} ''Rolling Stone'' के एलियास लेइट के अनुसार, क्लैप्टन ने न केवल गिटार बजाने की शैली बल्कि रिकॉर्डिंग तकनीकों को भी प्रभावित किया।<ref name="RollingStone 2017"/> जॉन मेयाल के समूह के साथ रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन उन तकनीशियनों से परेशान हो जाते थे जो “एम्पलीफायर के सामने माइक्रोफोन को केवल दो इंच दूर रख देते थे।” क्लैप्टन का मानना था कि यदि क्लब जैसा माहौल रिकॉर्ड करना है, तो ध्वनि ऐसी लगनी चाहिए जैसे श्रोता लगभग 10 फीट दूर बैठा हो। बाद में क्लैप्टन ने स्वयं माइक्रोफोन की स्थिति बदलनी शुरू की। पिंक फ़्लॉइड के रोजर वॉटर्स ने कहा, “इससे सब कुछ बदल गया। एरिक से पहले इंग्लैंड में गिटार बजाना हैंक मार्विन जैसा सीधा-सादा हुआ करता था। अचानक हमने कुछ बिल्कुल अलग सुना। रिकॉर्डिंग ऐसी लगती थी जैसी हमने पहले कभी नहीं सुनी थी।”<ref name="RollingStone 2017"/> 2012 में क्लैप्टन उन ब्रिटिश सांस्कृतिक प्रतीकों में शामिल थे जिन्हें कलाकार सर पीटर ब्लेक ने अपनी प्रसिद्ध कलाकृति – बीटल्स के ''Sgt. Pepper's Lonely Hearts Club Band'' एल्बम कवर – के नए संस्करण में शामिल किया। यह संस्करण उनके 80वें जन्मदिन के अवसर पर उन सांस्कृतिक हस्तियों को सम्मानित करने के लिए बनाया गया था जिन्हें वे सबसे अधिक प्रशंसा करते थे।<ref>{{cite news|title=New faces on Sgt Pepper album cover for artist Peter Blake's 80th birthday|url=https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|work=The Guardian|date=5 October 2016|access-date=5 November 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161105095109/https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|archive-date=5 November 2016|url-status=live}}</ref> लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल से गहराई से जुड़े क्लैप्टन, जहाँ उन्होंने अपने 50 वर्षों से अधिक लंबे करियर में सबसे अधिक प्रदर्शन किए, 2018 में रॉयल अल्बर्ट हॉल के “Walk of Fame” में शामिल किए गए। वे इस सम्मान को पाने वाले शुरुआती ग्यारह व्यक्तियों में से एक थे, जिनमें मुहम्मद अली, विंस्टन चर्चिल, सफ़्रजेट आंदोलन और अल्बर्ट आइंस्टीन जैसी हस्तियाँ भी शामिल थीं।<ref>{{cite news |title=Clapton, Churchill among those honoured by Royal Albert Hall 'Walk of Fame' |url=https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |access-date=20 June 2022 |work=Yahoo |archive-date=7 April 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230407115635/https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |url-status=live }}</ref> रॉबर्ट क्रिस्टगाउ ने क्लैप्टन की विरासत की आलोचनात्मक समीक्षा करते हुए लिखा: {{blockquote|एक ऐसे सत्र संगीतकार के रूप में, जिसकी संन्यासी जैसी छवि उसकी विलासी आदतों को कभी कम नहीं कर पाई, क्लैप्टन को अच्छी कमाई पसंद थी और उन्होंने एक विशाल डिस्कोग्राफी तैयार की, जो उनके स्तर के कलाकार के लिए आश्चर्यजनक रूप से असमान मानी जाती है। आत्म-आलोचना करते हुए वे अक्सर इसका कारण अपनी आलस्य या प्रेरणा की आवश्यकता को बताते हैं, लेकिन यह “गिटार हीरो बीमारी” भी है: कई अन्य कलाकारों की तरह जिनकी हाथ और कान की तालमेल असाधारण होती है, वे एक साधारण धुनकार और कमजोर गीतकार भी हैं, और उनके बैंड संबंधी विचार अक्सर सफल या असफल होते रहते हैं।<ref>{{cite web|last=Christgau|first=Robert|author-link=Robert Christgau|date=15 April 2020|url=https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|title=Xgau Sez|website=And It Don't Stop|publisher=Substack|access-date=17 April 2020|archive-date=13 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200513061546/https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|url-status=live}}</ref>}} संगीत उद्योग पर क्लैप्टन के प्रभाव के कारण उनका उल्लेख कई गीतों में भी किया गया है। "[[She's Leaving You]]" में एमजे लेंडरमैन गाते हैं, “Believe that Clapton is the second coming”, जो “Clapton is God” का संदर्भ है।<ref>{{Cite web |date=24 June 2024 |title=MJ Lenderman Announces New Album 'Manning Fireworks': Hear "She's Leaving You" |url=https://www.stereogum.com/2269295/mj-lenderman-shes-leaving-you/music/ |access-date=6 December 2024 |website=Stereogum |language=en}}</ref> फोएबे ब्रिजर्स ने "[[Moon Song (Phoebe Bridgers song)|Moon Song]]" में क्लैप्टन का उल्लेख करते हुए लिखा, “We hate 'Tears in Heaven' / But it's sad that his baby died”, जो क्लैप्टन के पुत्र कॉनर की मृत्यु का संदर्भ है। हालांकि, मूल पंक्ति जिसे वह कभी-कभी लाइव प्रस्तुतियों में गाती हैं, “We hate Eric Clapton” है।<ref name=":2">{{Cite web |last=Lavin |first=Will |date=13 August 2020 |title=Phoebe Bridgers says Eric Clapton makes "extremely mediocre music" |url=https://www.nme.com/news/music/phoebe-bridgers-says-eric-clapton-makes-extremely-mediocre-music-2727105 |access-date=6 December 2024 |website=NME |language=en-GB}}</ref><ref>{{Citation |title=Phoebe Bridgers – Moon Song (Live at Electric Lady) |url=https://genius.com/Phoebe-bridgers-moon-song-live-at-electric-lady-lyrics |access-date=6 December 2024}}</ref> ब्रिजर्स ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके अनुसार क्लैप्टन “एक प्रसिद्ध नस्लवादी” हैं और “बेहद औसत संगीत” बनाते हैं।<ref name=":2" /> ==Guitars== [[File:Eric Clapton 1978.jpg|thumb|upright|क्लैप्टन 1978 में "Blackie" के साथ। उन्होंने "Cocaine", "I Shot the Sheriff", "Wonderful Tonight", "Further On Up the Road" और "Lay Down Sally" जैसे प्रसिद्ध गीत Blackie पर रिकॉर्ड किए।]] हैंक मार्विन, द बीटल्स और जिमी हेंड्रिक्स की तरह, क्लैप्टन ने भी इलेक्ट्रिक गिटार के विशेष मॉडलों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण और व्यापक प्रभाव डाला।<ref>{{cite web |url=http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |title=Clapton – The early years |publisher=Legendarytones.com |date=31 July 1966 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091213035059/http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |archive-date=13 December 2009 |url-status=dead }}</ref> यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन ने Fender Telecaster, Fender Jazzmaster, double-cutaway Gretsch 6120 और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 बजाया। 1965 के मध्य से वे लगभग पूरी तरह Gibson गिटार बजाने लगे, जब उन्होंने लंदन की एक दुकान से एक इस्तेमाल किया हुआ sunburst Gibson Les Paul खरीदा। क्लैप्टन ने उसकी पतली neck profile की प्रशंसा की, जिससे संकेत मिलता है कि वह 1960 मॉडल था।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |title=Clapton's Bluesbreakers Guitar Was A 1960 Gibson Les Paul Standard |publisher=Xs4all.nl |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090716053139/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |archive-date=16 July 2009 }}</ref> Cream बैंड के शुरुआती दौर में क्लैप्टन का पहला Les Paul Standard चोरी हो गया। इसके बाद भी उन्होंने Cream के साथ केवल Les Paul गिटार बजाना जारी रखा (उनमें से एक उन्होंने Andy Summers से खरीदा था, जो चोरी हुए गिटार से लगभग समान था)<ref>{{cite web |url=http://www.guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |title=Andy Summers |publisher=Guitarplayer.com |access-date=23 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090508121213/http://guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |archive-date=8 May 2009 |url-status=live }}</ref> जब तक कि 1967 में उन्होंने अपना सबसे प्रसिद्ध गिटार, 1964 Gibson SG, प्राप्त नहीं कर लिया, जिसे "the Fool" नाम दिया गया।<ref name=GIBS>Bob Gulla (2008) ''Guitar Gods: The 25 Players Who Made Rock History'' p.45. Retrieved 30 December 2010</ref> क्लैप्टन ने Les Paul और SG दोनों का उपयोग अपनी प्रसिद्ध "woman tone" ध्वनि बनाने के लिए किया।<ref name="Oxman">{{cite magazine | last = Oxman | first = J. Craig | date = December 2011 | title = Clapton's Fool: History's Greatest Guitar? | magazine = Vintage Guitar | publisher = Alan Greenwood | access-date = 8 May 2015 | url = http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/ | archive-url = https://web.archive.org/web/20150419065246/http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/ | archive-date = 19 April 2015 | url-status = dead }}</ref> 1967 के एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “अब मैं अधिक smoothly बजाता हूँ। मैं वह विकसित कर रहा हूँ जिसे मैं अपना ‘woman tone’ कहता हूँ। यह एक मीठी ध्वनि है, कुछ वैसी जैसे ‘I Feel Free’ के solo में सुनाई देती है।”<ref name="Oxman"/> लेखक माइकल ड्रेग्नी ने इसे “गहरी लेकिन तेज, overdriven लेकिन smooth, distorted लेकिन creamy” ध्वनि बताया।<ref name="Dregni">{{cite news|title=The Dallas Rangemaster|last=Dregni|first=Michael|date=September 2014|work=Vintage Guitar|pages=46–49}}</ref> यह tone गिटार के tone-control settings और क्लैप्टन के Marshall JTM45 amplifier के संयोजन से बनती थी।<ref>{{cite web|title=How to Get Clapton's Classic 'Woman Tone'|first=Ted|last=Drozdowski|date=9 January 2009|work=Lifestyle|publisher=Gibson.com|access-date=6 August 2010|url=http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20101202054456/http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|archive-date=2 December 2010}}</ref> ''Vintage Guitar'' पत्रिका के अनुसार, "Sunshine of Your Love" का शुरुआती riff और solo woman tone का सबसे अच्छा उदाहरण माना जाता है।<ref name="Oxman"/> क्लैप्टन के "Fool" गिटार का नाम उसकी psychedelic paint design से पड़ा, जिसे कला समूह “the Fool” ने बनाया था। 1967 में Cream के पहले अमेरिकी दौरे से ठीक पहले Clapton के SG, Bruce के Fender VI और Baker के drum head पर psychedelic designs पेंट किए गए थे। [[File:Eric Clapton 1.jpg|thumb|left|क्लैप्टन 2008 में लंदन के Hyde Park में Hard Rock Calling concert के दौरान Fender Eric Clapton Stratocaster बजाते हुए]] 1968 में क्लैप्टन ने Gibson Firebird खरीदा और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 का उपयोग फिर से शुरू किया।<ref name=GIBS/> इस 1964 ES-335 का एक लंबा और प्रसिद्ध इतिहास रहा। क्लैप्टन ने इसे नवंबर 1968 के अंतिम Cream शो में, Blind Faith के साथ, 1970 के दशक में slide guitar pieces में, ''Journeyman'' एल्बम के "Hard Times" गीत में, 1996 के Hyde Park live concert में और 1994–95 के ''From the Cradle'' sessions तथा tour में इस्तेमाल किया। 2004 की एक नीलामी में इसे US$847,500 में बेचा गया।<ref name="cdqimo">{{cite web |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |title=Eric Clapton Guitar Auction, 24&nbsp;June&nbsp;2004: More Information and Images |publisher=Stratcollector.com |date=18 March 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090219104222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |archive-date=19 February 2009 }}</ref> Gibson ने बाद में “Crossroads 335” नाम से इसकी केवल 250 प्रतिकृतियाँ बनाईं। ES-335 केवल दूसरा electric guitar था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था।<ref>{{cite web |last=Ochoa |first=Hugh |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |title=2004 Eric Clapton Crossroads Guitar Auction: the Auction, the Burst Brothers, and Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=27 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090215035939/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |archive-date=15 February 2009 }}</ref> जुलाई 1968 में क्लैप्टन ने George Harrison को 1957 का “goldtop” Gibson Les Paul उपहार में दिया, जिसे लाल रंग में refinished किया गया था और “Lucy” नाम दिया गया। अगले सितंबर में क्लैप्टन ने इसी गिटार का उपयोग Beatles के गीत "While My Guitar Gently Weeps" की रिकॉर्डिंग में किया। बाद में यह गिटार चोरी हो गया, लेकिन फिर खोजकर Harrison को वापस लौटा दिया गया। Harrison ने इसे क्लैप्टन को उनके 1973 के Rainbow concert के लिए उधार दिया। उनका SG “The Fool” बाद में George Harrison के मित्र Jackie Lomax के पास पहुँचा, जिन्होंने इसे 1972 में संगीतकार Todd Rundgren को US$500 में बेच दिया। Rundgren ने इसे restore किया और "Sunshine of Your Love" के आधार पर इसका नाम “Sunny” रखा। उन्होंने इसे 2000 तक अपने पास रखा, फिर इसे US$150,000 में नीलाम कर दिया।<ref name =GIBS/> 1969 के Blind Faith concert में, जो लंदन के Hyde Park में हुआ, क्लैप्टन ने Fender Custom Telecaster बजाया, जिसमें “Brownie” का neck लगाया गया था। [[File:Hard Rock Cafe London Clapton's guitar Fender.JPG|thumb|right|क्लैप्टन का Lead II Fender, जिसे 1979 में लंदन के Hard Rock Cafe को दान किया गया पहला memorabilia माना जाता है]] 1969 के अंत में क्लैप्टन ने Fender Stratocaster बजाना शुरू किया। उन्होंने कहा, “जब मैंने Strat उठाया तो मुझ पर कई प्रभाव थे। सबसे पहले Buddy Holly और Buddy Guy। इंग्लैंड में Hank Marvin पहला प्रसिद्ध व्यक्ति था जो इसे इस्तेमाल करता था, लेकिन वह वास्तव में मेरे प्रकार का संगीत नहीं था। Steve Winwood की बहुत प्रतिष्ठा थी, और जब उन्होंने इसे बजाना शुरू किया, तो मैंने सोचा—अगर वह ऐसा कर सकता है, तो मैं भी कर सकता हूँ।”<ref>{{cite book|first=Tom|last=Wheeler|title=The Stratocaster Chronicles: Celebrating 50 Years of the Fender Strat|url=https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|year=2004|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-634-05678-9|page=8|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044803/https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|url-status=live}}</ref> उनका पहला Stratocaster “Brownie” था, जिसका उपयोग ''Eric Clapton'' एल्बम की रिकॉर्डिंग में हुआ। बाद में 1973 में यह उनके सबसे प्रसिद्ध गिटार “Blackie” का backup बना। नवंबर 1970 में Eric ने Nashville, Tennessee के Sho-bud guitar shop से छह Fender Stratocasters खरीदे। उन्होंने इनमें से एक-एक George Harrison, Steve Winwood और Pete Townshend को उपहार में दिया। उनका पहला Stratocaster “Brownie” 7 मई 1967 को खरीदा गया था<ref>{{Cite web|url=https://www.groundguitar.com/eric-clapton-gear/eric-claptons-1956-fender-stratocaster-brownie/|title=Eric Clapton's 1956 Fender Stratocaster "Brownie"|first=Dan|last=Kopilovic|date=16 July 2018|website=Ground Guitar}}</ref> और 1970 में उनके पहले solo album, Derek and the Dominos के concerts तथा ''Layla and Other Assorted Love Songs'' एल्बम में उपयोग हुआ। <ref>{{Cite web|url=https://www.guitarplayer.com/gear/the-guitar-gear-behind-derek-and-the-dominos-layla/|title=The Guitar Gear Behind Derek & the Dominos' 'Layla'|author1=Christopher Scapelliti|date=22 July 2020|website=Guitar Player}}</ref> <ref>{{cite book|author = Clapton, Eric|title = Clapton, The Autobiography|url = https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access = registration|date = 2007|publisher = Broadway Books|page = [https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap/page/544 544]|isbn = 9780385518512}}</ref> क्लैप्टन ने बाकी तीन Stratocasters के सर्वोत्तम हिस्सों को मिलाकर “Blackie” तैयार किया, जो 1985 तक उनका पसंदीदा stage guitar रहा। इसे पहली बार 13 जनवरी 1973 को Rainbow Concert में लाइव बजाया गया।<ref>{{cite web |last=Landers |first=Rick |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |title=Strat Collector News Desk: An Interview with Eric Clapton Guitar Technician Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=28 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090327094222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |archive-date=27 March 2009 }}</ref> क्लैप्टन ने 1956/57 Strat को “mongrel” कहा।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |title=The Eric Clapton FAQ – Guitars |publisher=Xs4all.nl |date=3 September 2001 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090823121845/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |archive-date=23 August 2009 }}</ref> 24 जून 2004 को क्लैप्टन ने “Blackie” को New York के Christie's Auction House में US$959,500 में बेच दिया, ताकि उनके Crossroads Centre के लिए धन जुटाया जा सके।<ref name=":0">{{cite web|url=http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |title=Christie's – Eric Clapton Guitars |date=14 June 2004 |access-date=30 March 2016 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20040614191019/http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |archive-date=14 June 2004 }}</ref> “Brownie” अब Experience Music Project में प्रदर्शित है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |title=Rock Memorabilia Market Booms: Eric Clapton |magazine=Rolling Stone |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090715090305/http://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |archive-date=15 July 2009 }}</ref> Fender Custom Shop ने बाद में “Blackie” की 275 सीमित प्रतिकृतियाँ बनाईं, जिनमें हर विवरण मूल जैसा रखा गया, यहाँ तक कि “Duck Brothers” flight case भी। Fender की “Relic” प्रक्रिया द्वारा उन्हें कृत्रिम रूप से पुराना दिखाया गया ताकि वर्षों के उपयोग जैसा प्रभाव मिले। मॉडल के लॉन्च पर इनमें से एक गिटार क्लैप्टन को भेंट किया गया, जिसे उन्होंने 17 मई 2006 को Royal Albert Hall concert में तीन गीतों के दौरान बजाया।<ref>{{cite web |url=http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |archive-url=https://web.archive.org/web/20071023062709/http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |url-status=dead |archive-date=23 October 2007 |title=Eric Clapton's Blackie – Guitar Center |publisher=Gc.guitarcenter.com |access-date=22 August 2010 }}</ref> 1979 में क्लैप्टन ने अपना signed Fender Lead II guitar लंदन के Hard Rock Cafe को भेंट किया ताकि उनकी पसंदीदा bar stool को चिह्नित किया जा सके। Pete Townshend ने भी अपना Gibson Les Paul वहाँ दान किया, साथ में एक नोट लिखा: “Mine's as good as his! Love, Pete”.<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|title=Clapton's guitar: watching Wayne Henderson build the perfect instrument|isbn=9780743281980|last1=John|first1=Allen St|date=2005|publisher=Simon and Schuster |access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन के सम्मान में Fender और C.F. Martin & Company ने signature guitars तैयार किए। 1988 में Fender ने उनका signature Eric Clapton Stratocaster प्रस्तुत किया।<ref>{{cite book|title=Heritage Music and Entertainment Dallas Signature Auction Catalog #634|date=2006|publisher=Ivy Press Heritage Capital Corporation|page=181}}</ref> Martin द्वारा बनाए गए कई signature-model 000-size acoustic guitars भी प्रसिद्ध हुए। इनमें पहला 1995 में जारी सीमित संस्करण 000-42EC Eric Clapton signature model था, जिसकी केवल 461 इकाइयाँ बनाई गईं। "Change the World" (1996) और ''Pilgrim'' (1998) एल्बम में उन्होंने Martin 000-28 EC signature model का उपयोग किया, जिसे बाद में उन्होंने guitarist Paul Wassif को दे दिया।<ref name="Bonhams Auction Clapton Guitar">{{cite web|url=https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|title=Bonhams Auction|publisher=Bonhams.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141119042846/https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|archive-date=19 November 2014|url-status=live}}</ref> उनका 1939 का 000-42 Martin, जिसे उन्होंने ''Unplugged'' album में बजाया था, नीलामी में US$791,500 में बिका।<ref name = "cdqimo"/> क्लैप्टन Ernie Ball Slinky और Super Slinky strings का उपयोग करते हैं, जिनका gauge .10 से .46 तक होता है।<ref>{{cite web |title=Ernie Ball – Artists |publisher=Ernie Ball |url=http://www.ernieball.com/artists.php |access-date=21 August 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080805040814/http://www.ernieball.com/artists.php |archive-date=5 August 2008 |url-status=live }}</ref> उनके guitar technician तीस वर्षों से अधिक समय तक Lee Dickson रहे हैं।<ref>{{cite news|title=Lee Dickson: Three Decades with Clapton|pages=44–48|last=Kelly|first=Will|newspaper=Vintage Guitar}}</ref> ==अन्य मीडिया प्रस्तुतियाँ== [[File:EricClaptonRockWalkHollywood.jpg|thumb|upright=0.9|कैलिफ़ोर्निया के हॉलीवुड में क्लैप्टन के हस्तचिह्न]] क्लैप्टन फ़िल्म ''Tommy'' के फ़िल्म संस्करण में दिखाई दिए, जो द हू द्वारा लिखित पहली पूर्ण लंबाई की [[रॉक ओपेरा]] थी। फ़िल्म में क्लैप्टन ने “Preacher” की भूमिका निभाई और [[Sonny Boy Williamson II]] के गीत "Eyesight to the Blind" का प्रदर्शन किया। वे ''Blues Brothers 2000'' में Louisiana Gator Boys के एक सदस्य के रूप में भी दिखाई दिए। बैंड का हिस्सा होने के अलावा उनकी एक छोटी संवाद भूमिका भी थी। क्लैप्टन [[Mercedes-Benz G-Class|Mercedes-Benz G-Wagen]] के एक विज्ञापन में भी दिखाई दिए। मार्च 2007 में क्लैप्टन [[RealNetworks|RealNetwork's]] की [[Rhapsody (online music service)|Rhapsody ऑनलाइन संगीत सेवा]] के एक विज्ञापन में दिखाई दिए।<ref>{{cite web |url=http://play.rbn.com/?url=realguide/music/ads/clapton.smi |title=Rhapsody.com Eric Clapton advert |access-date=23 March 2007 |year=2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20130814134552/http://play.rbn.com/?url=realguide%2Fmusic%2Fads%2Fclapton.smi |archive-date=14 August 2013 }}</ref> 2010 में क्लैप्टन [[T-Mobile International AG|T-Mobile]] के प्रवक्ता के रूप में दिखाई देने लगे, जहाँ उन्होंने उनके [[HTC Magic|MyTouch Fender]] मोबाइल फ़ोन का प्रचार किया। क्लैप्टन 2011 की BBC डॉक्यूमेंट्री ''Reggae Got Soul: The Story of Toots and the Maytals'' में भी दिखाई दिए, जिसे जमैका से निकले सबसे प्रभावशाली कलाकारों में से एक की अनकही कहानी बताया गया था।<ref>[https://www.bbc.co.uk/programmes/b00ymljb "Toots and the Maytals: Reggae Got Soul"] . BBC Four (documentary). Directed by George Scott. UK. 2011. 59 min. Retrieved 15 December 2016.</ref> जब पात्रों से उनके पादरी ने भगवान का वर्णन करने के लिए कहा, तब ''That '70s Show'' के दूसरे सीज़न के एपिसोड "Holy Crap!" में [[Eric Forman (That '70s Show)|Eric Forman]] और [[Steven Hyde]] दोनों ने क्लैप्टन की तस्वीर बनाई।<ref>{{cite news|title=That '70s Show. Series 2. Episode "Holy Crap"|url=http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|agency=ABC|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20150122212435/http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|archive-date=22 January 2015|url-status=dead}}</ref> क्लैप्टन 2013 में BBC के ''Top Gear'' कार्यक्रम में [[Top Gear (series 19)|सीरीज़ 19 एपिसोड 4]] में दिखाई दिए, जहाँ उन्होंने नई [[Kia Ceed]] का परीक्षण किया। उनसे कार के ऑक्सिलरी इनपुट का परीक्षण करने के लिए कहा गया, जिसके लिए उन्होंने अपनी गिटार को जोड़कर अपने प्रसिद्ध गीतों के कुछ हिस्से बजाए। ''Top Gear'' के प्रस्तोता [[Jeremy Clarkson]] ने उन्हें “स्थानीय गिटारवादक” कहकर परिचित कराया।<ref>{{cite AV media|url=https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|title=Eric Clapton plays guitar on a KIA Cee'd|date=18 February 2013|via=YouTube|access-date=27 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20151015223238/https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|archive-date=15 October 2015|url-status=live}}</ref> 2017 में ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' नामक एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का निर्देशन [[Lili Fini Zanuck]] ने किया।<ref name="Jones">{{cite news|title=Lili Fini Zanuck: Director says 2017 'wasn't a turning point' for Hollywood|url=https://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|last=Jones|first=Emma|author-link=Emma Jones (journalist)|access-date=6 January 2018|work=BBC News|date=4 January 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180105130621/http://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|archive-date=5 January 2018|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने ज़ैनक की 1991 की फ़िल्म ''Rush'' के लिए संगीत भी तैयार किया था और दोनों लंबे समय तक मित्र रहे।<ref name="Jones"/> BBC News को दिए एक साक्षात्कार में ज़ैनक ने कहा कि क्लैप्टन ने केवल इस शर्त पर भाग लेने के लिए सहमति दी कि निर्देशन वही करें: {{blockquote|मुझे लगता है कि यह फ़िल्म इसलिए बन सकी क्योंकि एरिक सही मनःस्थिति में थे। वह बेहद निजी स्वभाव के व्यक्ति हैं और अपनी अपार सफलता के बावजूद उन्होंने कभी प्रचार की परवाह नहीं की; उन्हें सिर्फ़ अपना संगीत प्रिय है ... मुझे लगता है कि यह उनकी उम्र से भी जुड़ा हो सकता है, क्योंकि कुछ वर्ष पहले वह 70 वर्ष के हुए थे। उन्होंने मुझसे कहा, “मैं नहीं चाहता था कि यह मेरे मरने के बाद बने और फिर ग़लत तरीके से प्रस्तुत किया जाए।” शायद उन्हें लगा कि अब समय आ गया है कि सब कुछ खुलकर सामने रखा जाए।<ref name="Jones"/>}} ''Nothing but the Blues'' 1995 की एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म है, जो क्लैप्टन की संगीत यात्रा और ब्लूज़ संगीत के प्रति उनके प्रेम पर आधारित है। इसके कार्यकारी निर्माताओं में [[Martin Scorsese]] भी शामिल थे। == व्यक्तिगत जीवन == === संबंध === 1960 के दशक के अंत से 1974 तक क्लैप्टन की साथी ब्रिटिश अभिजात वर्ग से संबंधित ऐलिस ऑर्म्सबी-गोर थीं। वे लगभग तीन वर्षों तक साथ रहे और दोनों ही हेरोइन की लत से जूझ रहे थे।<ref>{{cite book |last1=Coleman |first1=Ray |title=Survivor: The Authorised Biography of Eric Clapton |date=1986 |publisher=Sphere Books |location=London}}</ref><ref>{{cite news |last1=Neal |first1=Toby |title=How Shropshire aristocrat kept Eric Clapton company during his darkest days |url=https://www.shropshirestar.com/news/features/2021/09/01/how-love-made-peers-daughter-a-rock-casualty/ |access-date=7 September 2022 |work=Shropshire Star |date=1 September 2021 |language=en}}</ref> इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए फंक गायिका बेट्टी डेविस को भी डेट किया।<ref>{{Cite web|url=https://jazztimes.com/features/eric-clapton-extra-cream/|title=Eric Clapton: Extra Cream|last=Varga|first=George|date=1 July 2006|website=JazzTimes}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.dazeddigital.com/music/article/20269/1/nasty-gal-betty-davis|title=The singer, whose sexually potent 70s funk blueprint virtually created its own genre, talks about her personal soul revolution|last=Hundley|first=Jessica|date=15 June 2014|website=Dazed}}</ref> 1960 के दशक के अंत में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन से हुई और दोनों ने साथ में संगीत लिखना और रिकॉर्ड करना शुरू किया। इसी दौरान क्लैप्टन को पैटी बॉयड से प्रेम हो गया, जो उस समय हैरिसन की पत्नी थीं।<ref>Tillery, Gary (2011). Working Class Mystic: A Spiritual Biography of George Harrison. p.92. Wheaton, IL: Quest Books.</ref> हैरिसन और बॉयड का 1977 में तलाक हो गया और 27 मार्च 1979 को बॉयड ने एरिज़ोना के टक्सन में क्लैप्टन से विवाह कर लिया।<ref>{{cite news |last1=Brean |first1=Henry |title=Get back, Jo Jo: New documentary captures moment Tucson landed in Beatles hit song |url=https://tucson.com/news/local/get-back-jo-jo-new-documentary-captures-moment-tucson-landed-in-beatles-hit-song/article_9c89c8f0-53e8-11ec-9485-fb56fd5479b1.html |access-date=26 December 2021 |date=24 December 2021}}</ref> उनका वैवाहिक जीवन क्लैप्टन की बेवफाई और घरेलू हिंसा के कारण प्रभावित रहा। 1999 में ''द संडे टाइम्स'' को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने स्वीकार किया कि विवाह के दौरान उन्होंने बॉयड के साथ दुर्व्यवहार किया था और उस समय वे गंभीर शराब की लत से पीड़ित थे।<ref>{{Cite news|url=https://apnews.com/article/314a3a689dd3e15ebbc8d567dfadb06f|title=Clapton Admits Abusing Wife|date=27 June 1999|publisher=Associated Press|access-date=26 July 2021}}</ref> 1984 में ''Behind the Sun'' की रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन का संबंध एयर स्टूडियोज़ मॉन्टसेराट की प्रबंधक यवोन केली से हुआ। उस समय दोनों अन्य लोगों से विवाहित थे, फिर भी जनवरी 1985 में उनकी बेटी रूथ केली क्लैप्टन का जन्म हुआ। रूथ के अस्तित्व को कई वर्षों तक सार्वजनिक नहीं किया गया और 1991 में मीडिया के माध्यम से यह जानकारी सामने आई कि वह क्लैप्टन की पुत्री हैं।<ref>Schumacher, Michael (1992), p. 263.</ref><ref>Sandford, Christopher (1994). ''Clapton: Edge of Darkness'', Victor Gollancz, p. 210.</ref> क्लैप्टन और बॉयड ने संतान प्राप्ति के लिए कई प्रयास किए, जिनमें 1984 में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन भी शामिल था, लेकिन उन्हें गर्भपात का सामना करना पड़ा।<ref>{{cite book |last1=Boyd |first1=Pattie |last2=Junor |first2=Penny |title=Wonderful Tonight: George Harrison, Eric Clapton, and Me |url=https://archive.org/details/wonderfultonight00boyd_0 |publisher=Random House |year=2008 |page=[https://archive.org/details/wonderfultonight00boyd_0/page/234 233] |isbn=978-0307450227}}</ref> बाद में क्लैप्टन का इतालवी मॉडल लॉरी डेल सैंटो के साथ संबंध बना, जिनसे 21 अगस्त 1986 को उनके पुत्र कॉनर का जन्म हुआ। इसके बाद क्लैप्टन और बॉयड का 1989 में तलाक हो गया।<ref>Details on Del Santo and their son: *{{cite news|first=Steve|last=Halvonik|url=https://www.post-gazette.com/ae/books/2018/12/21/Slowhand-Life-Music-Eric-Clapton-Philip-Norman/stories/201812230009|newspaper=Pittsburgh Post-Gazette|title='Slowhand' uncovers the traumas, tragedies and triumphs of Eric Clapton|date=21 December 2018|access-date=28 August 2021}} *{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}} *{{cite magazine|url=https://www.vanityfair.com/style/2007/11/clapton200711|title=Eric Clapton's Salvation Road|first=Eric|last=Clapton|magazine=Vanity Fair|date=22 October 2007}}</ref> 20 मार्च 1991 को कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित गैलेरिया अपार्टमेंट की 53वीं मंज़िल की खुली खिड़की से गिरने के कारण हो गई। उस समय उसकी आयु चार वर्ष थी।<ref>{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}}</ref> 1998 में 53 वर्षीय क्लैप्टन की मुलाकात 22 वर्षीय प्रशासनिक सहायक मेलिया मैकएनरी से ओहायो के कोलंबस शहर में एक कार्यक्रम के बाद आयोजित पार्टी में हुई। दोनों ने लगभग एक वर्ष तक निजी रूप से संबंध बनाए रखा और 1999 में सार्वजनिक रूप से साथ दिखाई दिए। 1 जनवरी 2002 को इंग्लैंड के रिप्ली स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में उनका विवाह हुआ। इस दंपति की तीन बेटियाँ हैं। === स्वास्थ्य === क्लैप्टन ने लंबे समय तक नशे की लत से जूझने के बाद 1982 में शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन छोड़ दिया।<ref>{{cite news|title=Eric Clapton: Blues guitar legend|website=BBC News|date=3 November 2004|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3978109.stm|access-date=5 June 2024}}</ref> वे पहले अत्यधिक धूम्रपान करते थे, लेकिन 1994 में उन्होंने धूम्रपान भी छोड़ दिया।<ref>{{cite web | url=http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/frostinterview.htm | title=David Frost Interviews Eric Clapton }}</ref> == राजनीतिक विचार == === "कीप ब्रिटेन व्हाइट" === 5 अगस्त 1976 को बर्मिंघम में आयोजित एक संगीत कार्यक्रम के दौरान क्लैप्टन ने बढ़ते आप्रवासन के विरोध में बयान दिया।<ref>{{cite web|first=David|last=Stubbs|url=https://thequietus.com/articles/20701-eric-clapton-racism-morrissey|title=Eric Clapton & Enoch Powell to Morrissey: Race in British Music Since '76|website=The Quietus|date=9 August 2016|access-date=3 July 2021}}</ref> मंच पर स्पष्ट रूप से नशे की हालत में दिखाई दे रहे क्लैप्टन ने दक्षिणपंथी ब्रिटिश राजनेता इनॉक पॉवेल के समर्थन में टिप्पणी की।<ref>{{cite news |url=http://microsites.virgin.net/music/pictures/profiles/when-popstars-get-political.php?ssid=6 |title=When popstars talk politics: Clapton's shocking rant |publisher=Virgin Media |access-date=17 मई 2026 |archive-date=18 फ़रवरी 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090218181949/http://microsites.virgin.net/music/pictures/profiles/when-popstars-get-political.php?ssid=6 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite news |url=https://www.theguardian.com/music/2007/oct/14/popandrock2 |work=The Guardian |title=The ten right-wing rockers |first=Luke |last=Bainbridge |date=14 October 2007}}</ref><ref>{{cite book|first=Barry|last=Miles|title=London Calling: A Countercultural History of London since 1945|url=https://books.google.com/books?id=gYn87V36p5AC&pg=PT238|publisher=Atlantic Books|location=London|year=2010|isbn=978-1-848875548}}</ref> उस समय "Keep Britain White" ब्रिटेन के दूर-दक्षिणपंथी संगठन नेशनल फ्रंट का एक प्रमुख नारा था।<ref>{{cite news |work=The Independent |location=London |access-date=18 January 2010 |title=Dabbling in right wing politics – David Bowie, Brian Ferry and Eric Clapton |url=https://www.independent.co.uk/arts-entertainment/music/features/the-ten-worst-rocknroll-career-moves-1774270.html?action=Popup&ino=3 |first=John |last=Hall |date=19 August 2009 }}</ref><ref>''Rebel Rock'' by J. Street. First Edition (1986). Oxford Press Basil Blackwell.pp.74–75.</ref> क्लैप्टन की इस घटना तथा उसी समय डेविड बॉवी द्वारा दिए गए कुछ विवादित बयानों को बाद में "रॉक अगेंस्ट रेसिज़्म" आंदोलन की स्थापना का मुख्य कारण माना गया, जिसका पहला प्रमुख कार्यक्रम 30 अप्रैल 1978 को आयोजित हुआ।<ref name=racism>{{cite news |url=https://www.theguardian.com/music/2008/apr/20/popandrock.race |first=Sarfraz |last=Manzoor |date=20 April 2008 |access-date=18 January 2010 |work=The Observer |title=The year rock found the power to unite }}</ref> अक्टूबर 1976 में ''Sounds'' पत्रिका को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने कहा कि उन्हें राजनीति की अधिक जानकारी नहीं थी और अपने आप्रवासन संबंधी भाषण के बारे में उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता उस रात मुझे क्या हो गया था। शायद दिन में कुछ हुआ होगा, जो उस अव्यवस्थित रूप में बाहर आ गया।"<ref name="Farther On">{{cite web|url=http://theband.hiof.no/articles/clapton_interview_sounds_oct_1976.html|title = Eric Clapton: Farther On Up The Road|last=Charone|first=Barbara|date=October 1976|work = Reprint for the web, article from Sounds Magazine}}</ref> 2004 में ''Uncut'' पत्रिका को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने इनॉक पॉवेल को "अत्यंत साहसी" बताया।<ref>{{cite news | url=https://www.theguardian.com/music/musicblog/2007/dec/01/ericclaptonisnotgod | title=Eric Clapton is not God | work=The Guardian | location=London | first=Kieron | last=Tyler | date=1 December 2007 }}</ref> उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन "सस्ते श्रमिकों के रूप में लोगों को बुला रहा था और फिर उन्हें अलग-थलग बस्तियों में रख रहा था।"<ref>{{cite news | url=https://www.irishtimes.com/culture/eric-s-old-post-colonial-blues-1.426495 | title=Eric's old post-colonial blues | newspaper=The Irish Times | first=Brian | last=Boyd | date=25 March 2005 }}</ref> हालांकि उसी वर्ष ''Scotland on Sunday'' को दिए गए एक अन्य साक्षात्कार में क्लैप्टन ने कहा कि वे नस्लवादी नहीं हो सकते क्योंकि "उसका कोई अर्थ ही नहीं बनता।"<ref>{{cite web |url=http://scotlandonsunday.scotsman.com/review.cfm?id=408192004 |title=A sentimental journey |work=The Scotsman }}</ref> अपनी 2007 की आत्मकथा में क्लैप्टन ने लिखा कि वे नस्लीय संघर्षों के प्रति "जानबूझकर उदासीन" बने रहे थे।<ref>{{cite news|url=https://www.theguardian.com/books/2007/oct/21/biography.ericclapton|work=The Guardian|location=London|title=The gospel according to God|date=21 October 2007}}</ref> दिसंबर 2007 में ''The South Bank Show'' में मेल्विन ब्रैग के साथ बातचीत के दौरान क्लैप्टन ने कहा कि वे नस्लवादी नहीं थे, लेकिन उनका मानना था कि पॉवेल की कुछ बातें अब भी प्रासंगिक थीं।<ref>{{cite web|work=The Week|url=http://www.theweek.co.uk/people/37315/night-eric-wasn%E2%80%99t-so-wonderful|title=The night Eric wasn't so wonderful|date=10 March 2008|access-date=17 मई 2026|archive-date=10 अगस्त 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180810204925/http://www.theweek.co.uk/people/37315/night-eric-wasn%E2%80%99t-so-wonderful|url-status=dead}}</ref> 2018 में क्लैप्टन ने कहा कि वे अपने पुराने "अंधराष्ट्रवादी" और "फासीवादी" मंचीय बयानों पर स्वयं से घृणा महसूस करते हैं। उन्होंने कहा, "मैंने हर उस चीज़ को नुकसान पहुँचाया जिसमें मैं शामिल था। मुझे अपने ऊपर शर्म आती थी। मैं एक तरह का आधा नस्लवादी बन गया था, जबकि उसका कोई तर्क नहीं था। मेरे आधे दोस्त अश्वेत थे, मैंने एक अश्वेत महिला को डेट किया था और मैं अश्वेत संगीत का समर्थक था।"<ref>{{cite web|first=Tom|last=Sykes|url=https://www.thedailybeast.com/eric-clapton-apologizes-for-racist-past-i-sabotaged-everything|title=Eric Clapton Apologizes for Racist Past: 'I Sabotaged Everything'|website=The Daily Beast|date=12 January 2018|access-date=3 July 2021}}</ref> === लोमड़ी शिकार प्रतिबंध का विरोध === क्लैप्टन ने Countryside Alliance का समर्थन किया, जो ब्रिटिश ग्रामीण क्षेत्रों और पारंपरिक फील्ड स्पोर्ट्स से जुड़े मुद्दों को बढ़ावा देने वाला संगठन है। उन्होंने इस संगठन के लिए धन जुटाने हेतु आयोजित संगीत कार्यक्रमों में भाग लिया तथा लेबर पार्टी द्वारा लागू किए गए लोमड़ी शिकार प्रतिबंध (Hunting Act 2004) का सार्वजनिक रूप से विरोध किया। क्लैप्टन के प्रवक्ता ने कहा, "एरिक Countryside Alliance का समर्थन करते हैं। वे स्वयं शिकार नहीं करते, लेकिन मछली पकड़ने और शूटिंग जैसी ग्रामीण गतिविधियों का आनंद लेते हैं। वे इस प्रतिबंध को हटाने के पक्ष में हैं क्योंकि उनका मानना है कि लोगों की निजी गतिविधियों में राज्य को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।"<ref>{{cite web | url= http://www.contactmusic.com/new/xmlfeed.nsf/story/clapton-headlines-pro-hunt-concert_30_04_2006 | title= Clapton Headlines Pro-Hunt Concert | work= Contact Music | date= 30 April 2006 | access-date= 9 June 2014 }}</ref> === कोविड-19 === नवंबर 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान क्लैप्टन और वैन मॉरिसन ने मिलकर "Stand and Deliver" नामक एक गीत जारी किया, जिसे मास्क और लॉकडाउन विरोधी गीत के रूप में देखा गया। इस गीत से हुई आय मॉरिसन के "Lockdown Financial Hardship Fund" को दान की गई।<ref>{{Cite web|title=Eric Clapton, Van Morrison to release new single Dec. 4|url=https://www.upi.com/Entertainment_News/Music/2020/11/28/Eric-Clapton-Van-Morrison-to-release-new-single-Dec-4/8641606569592/|access-date=3 December 2020|work=United Press International|language=en}}</ref> मॉरिसन के इस रुख की उत्तरी आयरलैंड के स्वास्थ्य मंत्री रॉबिन स्वान ने आलोचना की।<ref>{{Cite web|date=22 September 2020|title=Northern Ireland health minister criticises Van Morrison anti-lockdown songs|url=http://www.theguardian.com/music/2020/sep/22/northern-ireland-health-minister-criticises-van-morrison-anti-lockdown-songs|access-date=27 May 2021|website=The Guardian|language=en}}</ref> जुलाई 2021 में क्लैप्टन ने कहा कि वे "ऐसे किसी भी मंच पर प्रस्तुति नहीं देंगे जहाँ दर्शकों के साथ भेदभाव किया जाए", यह बयान ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा संगीत कार्यक्रमों में वैक्सीनेशन अनिवार्य किए जाने की घोषणा के बाद आया था।<ref>{{cite news|last=Tsioulcas|first=Anastasia|title=Eric Clapton Says He Won't Play Venues That Require COVID Vaccines|url=https://www.npr.org/2021/07/22/1019210021/eric-clapton-covid-vaccine-requirement-shows|access-date=22 July 2021|work=NPR}}</ref> उस समय तक क्लैप्टन AstraZeneca वैक्सीन की दोनों खुराकें ले चुके थे और उन्होंने दावा किया कि उन्हें दोनों इंजेक्शन के बाद गंभीर दुष्प्रभाव हुए।<ref>{{cite news|last=Hernandez|first=Angie Orellana|url=https://www.latimes.com/entertainment-arts/music/story/2021-05-17/eric-clapton-astrazeneca-vaccine|title=Eric Clapton feared he would 'never play again after 'disastrous' time with vaccine|work=Los Angeles Times|date=17 May 2021}}</ref> हालांकि NBC News के एक संपादकीय में इस बात पर संदेह जताया गया कि उनके बताए गए लक्षण वास्तव में वैक्सीन से जुड़े थे, क्योंकि क्लैप्टन 2013 में भी नसों की समस्या के कारण इसी प्रकार के लक्षण होने की बात कह चुके थे।<ref>{{cite news|last=Slate|first=Jeff|url=https://www.nbcnews.com/think/opinion/eric-clapton-s-covid-vaccine-conspiracies-mark-sad-final-act-ncna1281619|title=Eric Clapton's Covid vaccine conspiracies mark a sad final act|work=NBC News|date=15 October 2021}}</ref> अगस्त 2021 में क्लैप्टन ने "This Has Gotta Stop" नामक गीत और उसका संगीत वीडियो जारी किया। इसे COVID-19 लॉकडाउन और टीकाकरण नीतियों के विरोध में बनाया गया गीत बताया गया, जिसमें नागरिक स्वतंत्रताओं के हनन संबंधी संदेश भी शामिल थे।<ref>{{Cite news|date=27 August 2021|first=Melissa|last=Ruggieri|title=Eric Clapton sings 'enough is enough' on new COVID policy protest song 'This Has Gotta Stop'|url=https://www.usatoday.com/story/entertainment/music/2021/08/27/eric-clapton-releases-covid-policy-protest-song-this-has-gotta-stop/5622559001/|access-date=29 August 2021|newspaper=USA Today}}</ref><ref>{{Cite magazine|date=27 August 2021|first=David|last=Browne|title=Eric Clapton Appears Frustrated With Covid-19 Vaccine on New Song 'This Has Gotta Stop'|url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-new-song-this-has-gotta-stop-1217935/|access-date=29 August 2021|magazine=Rolling Stone}}</ref><ref>{{Cite web|date=27 August 2021|title=Eric Clapton Releases Politically-Charged "This Has Gotta Stop"|website=Jambands.com|url=https://jambands.com/news/2021/08/27/eric-clapton-releases-new-song-this-has-gotta-stop-accompanying-video/|access-date=29 August 2021}}</ref> मई 2022 में क्लैप्टन COVID-19 से संक्रमित पाए गए, जिसके कारण उन्हें अपने संगीत दौरे के कुछ कार्यक्रम रद्द करने पड़े।<ref>{{cite news|last=Andrew|first=Scottie|url=https://edition.cnn.com/2022/05/17/entertainment/eric-clapton-covid-tour-postponed-cec/index.html|title=Eric Clapton postpones some concert dates after testing positive for Covid-19|work=CNN|date=17 May 2022}}</ref> === गाज़ा युद्ध === नवंबर 2023 में गाज़ा युद्ध के दौरान क्लैप्टन ने "Voice of a Child" नामक गीत जारी किया। इसके साथ जारी किए गए वीडियो में गाज़ा पट्टी में हुए विनाश की तस्वीरें दिखाई गई थीं।<ref>{{Cite news|date=18 November 2023|title=Guitar icon Eric Clapton releases new song accompanied by Gaza imagery|newspaper=Ynetnews|url=https://www.ynetnews.com/culture/article/sjoddmle6|access-date=28 November 2023}}</ref> दिसंबर 2023 में क्लैप्टन ने गाज़ा पट्टी के बच्चों की सहायता के लिए धन जुटाने हेतु एक चैरिटी कॉन्सर्ट आयोजित किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फ़िलिस्तीनी ध्वज के रंगों से रंगा हुआ गिटार बजाया।<ref>{{Cite web |date=17 January 2024 |title=Eric Clapton releases fundraising concert for Gaza kids, ignores hostages |url=https://www.jpost.com/israel-hamas-war/article-782583 |access-date=19 February 2024 |website=The Jerusalem Post |language=en |issn=0792-822X}}</ref> == संपत्ति और परोपकार == === धन-संपत्ति और संपत्तियाँ === 2009 में, ''Surrey Life Magazine'' ने Eric Clapton को सरे (Surrey) के सबसे धनी निवासियों की सूची में 17वें स्थान पर रखा और उनकी कुल संपत्ति लगभग £120 मिलियन आँकी। इसमें उनकी आय, संपत्तियाँ, £9 मिलियन की यॉट ''Va Bene'' (जो पहले Bernie Ecclestone के स्वामित्व में थी), उनका संगीत कैटलॉग, टूरिंग आय तथा उनकी होल्डिंग कंपनी Marshbrook Ltd की कमाई शामिल थी।<ref>{{cite web|url=http://surrey.greatbritishlife.co.uk/article/surreys-richest-50-the-top-ten-2497/|title=Surrey's Richest 50; The Top Ten|last=Beresford|first=Philip|date=June 2009|work=Surrey Life Magazine|access-date=27 August 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20120130225722/http://surrey.greatbritishlife.co.uk/article/surreys-richest-50-the-top-ten-2497/|archive-date=30 January 2012|url-status=dead}}</ref> 2003 में उन्होंने पुरुष परिधानों की प्रसिद्ध दुकान Cordings Piccadilly में 50% हिस्सेदारी खरीदी। उस समय उसके मालिक Noll Uloth दुकान को बंद होने से बचाने की कोशिश कर रहे थे और उन्होंने Clapton से संपर्क किया, जिन्हें वे अपना “सबसे अच्छा ग्राहक” मानते थे।<ref name="Clapton rescues gentlemen's shop">{{cite news |url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/england/london/3528296.stm |title=Clapton rescues gentlemen's shop |publisher=BBC |date=2 August 2004 |access-date=25 February 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080214225813/http://news.bbc.co.uk/1/hi/england/london/3528296.stm |archive-date=14 February 2008 |url-status=live }}</ref> === कार संग्रह === [[File:FerrariSP12EC.jpg|thumb|right|[[Ferrari SP12 EC]], जिसे Ferrari के Special Projects कार्यक्रम के अंतर्गत Clapton के लिए बनाया गया था]] 1970 के दशक से Clapton स्वयं को “कार प्रेमी” मानते रहे हैं और उन्होंने कई बार [[Ferrari]] ब्रांड के प्रति अपना लगाव व्यक्त किया है।<ref>{{cite web|url=http://www.thisweekinmotors.com/the-many-cars-of-eric-slowhand-clapton|title=The Many Cars of Eric 'Slowhand' Clapton|publisher=This Week in Motors|access-date=20 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160902014806/http://www.thisweekinmotors.com/the-many-cars-of-eric-slowhand-clapton/|archive-date=2 September 2016|url-status=dead}}</ref> उनके पास कई Ferrari कारें रही हैं। 1989 में उन्होंने कहा था कि यदि उनके पास अधिक जगह होती तो वे एक बहुत बड़ा कार संग्रह रखते।<ref>{{cite web|url=https://www.youtube.com/watch?v=cqUH4Ylfkqw| archive-url=https://ghostarchive.org/varchive/youtube/20211027/cqUH4Ylfkqw| archive-date=27 October 2021|title=Desert Island Discs 1989 – Eric Clapton & Sue Lawley| date=23 July 2016|publisher=YouTube Network|access-date=20 August 2016}}{{cbignore}}</ref> 2010 में उन्होंने कहा कि Ferrari हमेशा से उनकी पसंदीदा कार कंपनी रही है और वे सड़क तथा Formula One रेसिंग दोनों में Ferrari का समर्थन करते हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.youtube.com/watch?v=0BaJF1ED3XE|title=Eric Clapton interview on Ferrari.com|publisher=YouTube Network|access-date=20 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170101004120/https://www.youtube.com/watch?v=0BaJF1ED3XE|archive-date=1 January 2017|url-status=live}}</ref> 2012 में Ferrari ने उनके सम्मान में विशेष कार [[Ferrari SP12 EC]] तैयार की। 2013 में Clapton ने इसे इंग्लैंड के [[Goodwood Festival of Speed]] में प्रदर्शित किया।<ref>[https://www.autocar.co.uk/car-news/goodwood-festival-speed/eric-clapton-displays-one-ferrari-sp12-ec-goodwood "Eric Clapton displays one-off Ferrari SP12 EC at Goodwood"]</ref> उनकी अन्य कारों में एक पुरानी [[Mini]] Cooper Radford भी शामिल रही, जो उन्हें [[George Harrison]] द्वारा उपहार में दी गई थी।<ref>{{cite web|url=http://equipboard.com/items/vintage-mini-cooper-radford-harrison-clapton|archive-url=https://web.archive.org/web/20160820101701/http://equipboard.com/items/vintage-mini-cooper-radford-harrison-clapton|url-status=dead|archive-date=20 August 2016|title=Vintage Mini Cooper Radford Harrison/Clapton|publisher=Equipboard, Inc.|access-date=20 August 2016}}</ref> === परोपकारी कार्य === 1993 में Clapton को ब्रिटेन के नशा मुक्ति केंद्र [[Clouds House]] का निदेशक नियुक्त किया गया और वे 1997 तक इसके बोर्ड में रहे।<ref>{{cite web|url=http://companycheck.co.uk/director/906976436/MR-ERIC-PATRICK-CLAPTON#anchor-resigned-02116410|title=Company Check, List of Directors of UK Companies and Organizations: Eric Patrick Clapton, Director, Clouds House|work=Company Check|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20150903223202/http://companycheck.co.uk/director/906976436/MR-ERIC-PATRICK-CLAPTON#anchor-resigned-02116410|archive-date=3 September 2015|url-status=dead}}</ref> वे 1994 से 1999 तक The Chemical Dependency Centre के निदेशक मंडल में भी रहे।<ref>{{cite web|url=http://companycheck.co.uk/director/906976436/MR-ERIC-PATRICK-CLAPTON#anchor-resigned-01880505|title=Company Check, List of Directors of UK Companies and Organizations, Eric Patrick Clapton, Director, The Chemical Dependency Centre|work=Company Check|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20150903223202/http://companycheck.co.uk/director/906976436/MR-ERIC-PATRICK-CLAPTON#anchor-resigned-01880505|archive-date=3 September 2015|url-status=dead}}</ref> 1998 में उन्होंने एंटीगुआ में [[Crossroads Centre]] की स्थापना की, जो नशे और शराब की लत से पीड़ित लोगों की सहायता करता है।<ref>{{cite web|url=http://crossroadsantigua.org/ |title=Crossroads Centre Antigua, Official website |publisher=Crossroadsantigua.org |access-date=3 October 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110422215845/http://crossroadsantigua.org/ |archive-date=22 April 2011 |url-status=dead }}</ref> इसके लिए धन जुटाने हेतु उन्होंने [[Crossroads Guitar Festival]] का आयोजन 1999, 2004, 2007, 2010, 2013, 2019 और 2023 में किया।<ref>{{cite web |url=http://crossroadsguitarfestival.com/ |title=Crossroads Guitar Festival, Official website |publisher=Crossroadsguitarfestival.com |date=8 April 2013 |access-date=3 October 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110708205032/http://www.crossroadsguitarfestival.com/ |archive-date=8 July 2011 |url-status=dead }}</ref> 1999 में उन्होंने अपनी कई गिटारों की नीलामी कर लगभग 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए।<ref name=":0" /> 2004 में Christie's में आयोजित दूसरी नीलामी में 7.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक राशि जुटाई गई।<ref name="cdqimo" /> 2011 में उन्होंने न्यूयॉर्क में 150 से अधिक वस्तुओं की नीलामी की, जिनकी आय Crossroads Centre को दी गई। इनमें उनके प्रसिद्ध गिटार, एम्प्लीफायर तथा अन्य संगीत उपकरण शामिल थे।<ref>{{cite web |url=http://iknowjack.radio.com/2010/12/10/eric-clapton-will-auction-vintage-guitars-amps-for-his-crossroads-centre/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20101213164850/http://iknowjack.radio.com/2010/12/10/eric-clapton-will-auction-vintage-guitars-amps-for-his-crossroads-centre/ |url-status=dead |archive-date=13 December 2010 |title=Eric Clapton Will Auction Vintage Guitars & Amps For His Crossroads Centre }}</ref> Clapton ने मानवाधिकार संगठन [[Amnesty International]] के समर्थन में आयोजित ''The Secret Policeman's Ball'' कार्यक्रमों में भी प्रदर्शन किया।<ref name="performers">{{cite news |title=Remember the Secret Policeman's Ball? |url=https://www.bbc.co.uk/programmes/b0074qw2 |access-date=21 August 2019 |publisher=BBC |archive-url=https://web.archive.org/web/20190822115518/https://www.bbc.co.uk/programmes/b0074qw2 |archive-date=22 August 2019 |url-status=live }}</ref> वे [[The Prince's Trust]] नामक ब्रिटिश युवा सहायता संस्था के साथ भी जुड़े रहे हैं और उसके चैरिटी कॉन्सर्ट्स में कई बार भाग ले चुके हैं।<ref>{{cite news|title=Queen rock Prince's Trust charity gala |date=18 November 2010 |url=https://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-11765976 |work= BBC News |access-date= 30 April 2024 }}</ref> === फुटबॉल === Clapton अंग्रेज़ी फुटबॉल क्लब [[West Bromwich Albion]] के समर्थक हैं।<ref name="West Brom"/> 1982 में उन्होंने क्लब खिलाड़ी [[John Wile]] के सम्मान समारोह से पहले एक संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया। 1970 के दशक के अंत में उन्होंने अपने एल्बम ''[[Backless]]'' के पीछे West Bromwich Albion का स्कार्फ भी प्रदर्शित किया था।<ref>{{cite web|url=http://www.birminghammail.co.uk/sport/football/football-news/revealed-west-bromwich-albions-most-7817282/|title=West Bromwich Albion's famous supporters|work=Birmingham Mail|date=23 June 2015|access-date=26 October 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170505071908/http://www.birminghammail.co.uk/sport/football/football-news/revealed-west-bromwich-albions-most-7817282|archive-date=5 May 2017|url-status=live}}</ref> 1978–79 सत्र में उन्होंने West Brom के UEFA Cup मैच को भी प्रायोजित किया था।<ref name="West Brom">{{cite magazine|title=Throwback Thursday: The West Brom Match Sponsored By Eric Clapton (September 27, 1978)|url=https://www.pastemagazine.com/articles/2015/10/throwback-thursday-the-west-brom-match-sponsored-b.html|magazine=Paste Magazine|date=26 October 2016|access-date=26 October 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161026233457/https://www.pastemagazine.com/articles/2015/10/throwback-thursday-the-west-brom-match-sponsored-b.html|archive-date=26 October 2016|url-status=live}}</ref> == पुरस्कार और सम्मान == ==Awards and honours== {| class="wikitable" |- ! Year ! Award / Recognition |- |align=center|'''1983''' | Presented the [[Silver Clef Award]] from [[Princess Michael of Kent]] for outstanding contribution to British music.<ref name="crossroads">Michael Schumacher, [https://books.google.com/books?id=rrFJmTceXX4C&pg=PA145 ''Crossroads: The Life and Music of Eric Clapton''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810045109/https://books.google.com/books?id=rrFJmTceXX4C&pg=PA145 |date=10 August 2023 }}. Consulted on 12 August 2007.</ref> |- |align=center|'''1985''' | Presented the [[BAFTA]] for Best Original Television Music for Score of ''[[Edge of Darkness]]'' with [[Michael Kamen]].<ref>{{cite web | title = Awards Database – The BAFTA site | work = [[BAFTA]] | url = http://www.bafta.org/awards-database.html?year=1985&category=Television&award=Original+Television+Music | access-date = 10 October 2009 | archive-url = https://web.archive.org/web/20120127125152/http://www.bafta.org/awards-database.html?year=1985&category=Television&award=Original+Television+Music | archive-date = 27 January 2012 | url-status = live }}</ref> |- |align=center|'''1992''' | Presented the [[Ivor Novello Award]] for Lifetime Achievement from the [[British Academy of Songwriters, Composers and Authors]].<ref name="Ivors Lifetime"/> |- |align=center|'''1993''' | "Tears in Heaven" won three Grammy Awards for Song of the Year, Record of the Year, and Male Pop Vocal Performance. Clapton also won Album of the Year and Best Rock Vocal Performance for ''Unplugged'' and Best Rock Song for "Layla".<ref>{{cite news | title = 1993 Grammy Winners | work = The New York Times | date = 26 February 1993 | url = https://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9F0CE3DB133CF935A15751C0A965958260 | access-date = 20 August 2008 | archive-date = 10 August 2023 | archive-url = https://web.archive.org/web/20230810045058/https://www.nytimes.com/1993/02/26/arts/1993-grammy-winners.html | url-status = live }}</ref> |- |align=center|'''1995''' | Made an [[Officer of the Order of the British Empire]] (OBE) for services to music, as part of the 1995 New Year Honours list.<ref>{{cite news |author=<!--Staff writer(s); no by-line.--> |title=Supplement to The London Gazette: 1995 New Year Honours list |url=https://www.thegazette.co.uk/London/issue/53893/supplement/11 |work=The Gazette |location=London |date=30 December 1994 |access-date=17 September 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151015223238/https://www.thegazette.co.uk/London/issue/53893/supplement/11 |archive-date=15 October 2015 |url-status=live }}</ref> |- | align=center|'''2000''' | Inducted into the Rock and Roll Hall of Fame for the third time, this time as a solo artist. He was earlier inducted as a member of the bands Cream and the Yardbirds.<ref>{{cite news |url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/555396.stm |title=Clapton's Hall of Fame hat-trick |work=BBC News |date=8 December 1999 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20040326073501/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/555396.stm |archive-date=26 March 2004 |url-status=live }}</ref> |- |align=center|'''2004''' | Promoted to [[Commander of the Order of the British Empire]] (CBE), receiving the award from the [[Anne, Princess Royal|Princess Royal]] at Buckingham Palace as part of the 2004 New Year Honours list.<ref>{{cite news |url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/uk_news/3357011.stm |title=CBEs – full list |work=BBC News |date=31 December 2003 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070124230614/http://news.bbc.co.uk/1/hi/uk/3357011.stm |archive-date=24 January 2007 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite news |url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3977571.stm |title=Musician Clapton delighted by CBE |work=BBC News |date=3 November 2004 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111105013120/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3977571.stm |archive-date=5 November 2011 |url-status=live }}</ref> |- |align=center|'''2006''' | Awarded the [[Grammy Lifetime Achievement Award]] as a member of Cream.<ref name="Lifetime Achievement Award1">{{cite web|url=http://www.grammy.org/recording-academy/awards/lifetime-awards|title=Lifetime Achievement Award|year=2012|publisher=The Recording Academy. National Academy of Recording Arts and Sciences|access-date=27 September 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20170703201633/https://www.grammy.org/recording-academy/awards/lifetime-awards|archive-date=3 July 2017|url-status=live}}</ref> |- |align=center|'''2015''' | An asteroid, [[4305 Clapton]], is named after him. |- |align=center|'''2017''' | Made a {{lang|fr|Commandeur}} of the {{Lang|fr|[[Ordre des Arts et des Lettres]]|italic=no}} of France<ref>{{cite web | url=http://www.whereseric.com/eric-clapton-news/303-france-honors-eric-clapton | title=France Honors Eric Clapton | work=Where's Eric! The Eric Clapton Fan Club Magazine | date=27 May 2017 | access-date=2 June 2017 | archive-url=https://web.archive.org/web/20170531024401/http://www.whereseric.com/eric-clapton-news/303-france-honors-eric-clapton | archive-date=31 May 2017 | url-status=dead }}</ref> |} ==डिस्कोग्राफी== ===सोलो स्टूडियो एल्बम=== {{columns-list|colwidth=30em| *''Eric Clapton'' (1970) *''461 Ocean Boulevard'' (1974) *''There's One in Every Crowd'' (1975) *''No Reason to Cry'' (1976) *''Slowhand'' (1977) *''Backless'' (1978) *''Another Ticket'' (1981) *''Money and Cigarettes'' (1983) *''Behind the Sun'' (1985) *''August'' (1986) *''Journeyman'' (1989) *''From the Cradle'' (1994) *''Pilgrim'' (1998) *''Reptile'' (2001) *''Me and Mr. Johnson'' (2004) *''Sessions for Robert J'' (2004) *''Back Home'' (2005) *''Clapton'' (2010) *''Old Sock'' (2013) *''I Still Do'' (2016) *''Happy Xmas'' (2018) *''Meanwhile'' (2024) }} ===सहयोगात्मक स्टूडियो एल्बम=== *''[[राइ hu lडिंग विद द किंग (बी.बी. किंग और एरिक क्लैप्टन एल्बम)|राइडिंग विद द in seकिंग]]'' (बी.बी. किंग के साथ) (2000) *''[[द रोड टू एस्कोन्डिडो]]'' ([[जे. जे. केल]] के साथ) (2006) *''[[द ब्रीज़: एन एप्रिसिएशन ऑफ जे. जे. केल]]'' (एरिक क्लैप्टन और दोस्तों द्वारा) (2014) == यह भी देखें == [[कॉर्डिंग्स]], एक कपड़ों की कंपनी जिसके वे मालिक रहे हैं [[ब्रिटिश ग्रैमी विजेताओं और नामांकित व्यक्तियों की सूची]] o0d88ln2ja1ts01i4usuw0aw8ey4r3c जैविक खाद्य पदार्थ 0 193672 6582902 6577544 2026-07-15T11:26:26Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582902 wikitext text/x-wiki {{POV-check|date=जुलाई 2009}} [[चित्र:pepperseggplants.jpg|right|thumb|200px|अर्जेंटीना के एक किसान बाजार में जैव सब्जियां]] '''जैविक खाद्य पदार्थ''' इस तरीके से बनाये जाते हैं कि उत्पादन के दौरान सिंथेटिक सामग्री के उपयोग को सीमित किया जा सके अथवा बाहर निकाला जा सके. मानव इतिहास के अधिकांश हिस्से में कृषि का वर्णन जैव के रूप में किया जा सकता है; केवल 20वीं सदी के दौरान भोजन आपूर्ति के लिए अधिक मात्रा में कृत्रिम रसायनों की आपूर्ति की गई थी। उत्पादन की इस नवीनतम शैली को "परमाणु रहित" कहा जाता है। जैविक उत्पादन के तहत, परमाणु रहित अजैविक [[कीटनाशकों]], कीटनाशक दवाईयों और औषधियों का प्रयोग प्रतिबंधित हैं और यह अंतिम उपाय के रूप में सुरक्षित है। हालांकि, आम धारणा के विपरीत कुछ अजैविक उर्वरकों का उपयोग अभी भी किया जाता है।{{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}} अगर पशुओं को शामिल किया जाये तो एंटीबायोटिक दवाओं और [[वृद्धि हार्मोन]] के नित्य इस्तेमाल के बिना उनका पालन-पोषण किया जाना चाहिए और आमतौर पर उन्हें स्वस्थ आहार खिलाना चाहिए.{{Citation needed|date=अगस्त 2009}} अधिकांश देशों में, जैविक उत्पादन [[आनुवांशिक रूप से संशोधित]] नहीं होता है। यह सुझाव दिया गया है कि कृषि और खाद्य में [[नैनोप्रौद्योगिकी]] का अनुप्रयोग एक और प्रौद्योगिकी है जिसे प्रमाणित जैविक खाद्य पदार्थ से बाहर निकालने की आवश्यकता है।<ref name="orgprints.org">पॉल, जे. और लायंस, के. (2008), [http://orgprints.org/13569/01/13569.pdf नैनोतकनीकी: जैविक पदार्थों के लिए अगली चुनौती] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081202034549/http://orgprints.org/13569/01/13569.pdf |date=2 दिसंबर 2008 }}, जर्नल ऑफ़ ऑर्गनिक सिस्टम्स, 3(1) 3–22</ref> [[द सॉयल एसोसिएशन]] (यूके (UK)) नैनो-अपवर्जन लागू करने वाला पहला जैविक प्रमाणकर्ता है।<ref name="orgprints.org"/> '''त्यापैकी पहिल्या गटातील पदार्थ हे सजीवांपासून जैविक खाद्य पदार्थ''' इस तरीके से बनाये जाते हैं कि उत्पादन के दौरान सिंथेटिक सामग्री के उपयोग को सीमित किया जा सके अथवा बाहर निकाला जा सके. मानव इतिहास के अधिकांश हिस्से में कृषि का वर्णन जैव के रूप में किया जा सकता है; केवल 20वीं सदी के दौरान भोजन आपूर्ति के लिए अधिक मात्रा में कृत्रिम रसायनों की आपूर्ति की गई थी। उत्पादन की इस नवीनतम शैली को "परमाणु रहित" कहा जाता है। जैविक उत्पादन के तहत, परमाणु रहित अजैविक [[कीटनाशकों]], कीटनाशक दवाईयों और औषधियों का प्रयोग प्रतिबंधित हैं और यह अंतिम उपाय के रूप में सुरक्षित है। हालांकि, आम धारणा के विपरीत कुछ अजैविक उर्वरकों का उपयोग अभी भी किया जाता है।{{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}} अगर पशुओं को शामिल किया जाये तो एंटीबायोटिक दवाओं और [[वृद्धि हार्मोन]] के नित्य इस्तेमाल के बिना उनका पालन-पोषण किया जाना चाहिए और आमतौर पर उन्हें स्वस्थ आहार खिलाना चाहिए.{{Citation needed|date=अगस्त 2009}} अधिकांश देशों में, जैविक उत्पादन [[आनुवांशिक रूप से संशोधित]] नहीं होता है। यह सुझाव दिया गया है कि कृषि और खाद्य में [[नैनोप्रौद्योगिकी]] का अनुप्रयोग एक और प्रौद्योगिकी है जिसे प्रमाणित जैविक खाद्य पदार्थ से बाहर निकालने की आवश्यकता है।<ref name="orgprints.org"/> [[द सॉयल एसोसिएशन]] (यूके (UK)) नैनो-अपवर्जन लागू करने वाला पहला जैविक प्रमाणकर्ता है।<ref name="orgprints.org" /> जैविक खाद्य उत्पादन अत्यंत विनियमित उद्योग है, जो [[निजी बागवानी]] से भिन्न है। वर्तमान में, [[यूरोपीय संघ]], संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, जापान और कई अन्य देशों में [[विशेष प्रमाणीकरण]] प्राप्त करने के लिए निर्माताओं की आवश्यकता होती है जिससे वे अपनी सीमाओं के भीतर आहार को "जैविक" रूप में बेच सके. अधिकांश प्रमाणपत्र कुछ रसायनों और कीटनाशकों के इस्तेमाल की अनुमति देते हैं{{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}}, इसलिए उपभोक्ताओं को अपने संबंधित स्थलों में उन मानकों के बारे में पता होना चाहिए जिनके आधार पर खाद्य पदार्थ को "जैविक" माना जायेगा. ऐतिहासिक रूप से, for historical use [[जैविक कृषि]] अपेक्षाकृत छोटे परिवार द्वारा चलाये जाने वाले कार्य है, इसलिए एक समय जैविक खाना केवल छोटे भंडारों और छोटे [[किसानों के बाज़ार]] में ही उपलब्ध था।{{Citation needed|date=नवम्बर 2009}} हालांकि, 1990 के दशक के बाद से जैविक खाद्य उत्पादन का वृद्धि दर एक वर्ष मे लगभग 20% हैं, जो विकसित और विकासशील देशों दोनों में बाकी के खाद्य उद्योग से बहुत ज्यादा है। अप्रैल 2008 में जैविक खाद्य पदार्थ की बिक्री दुनिया भर में खाद्य पदार्थ की बिक्री की तुलना में 01-02% है।{{Citation needed|date=नवम्बर 2009}} == शब्द का अर्थ और इसकी उत्पत्ति == 1939 में [[लॉर्ड नॉर्थबॉर्न]] ने अपनी पुस्तक ''लुक टू द लैंड'' (1940) में कृषि के लिए पूर्णतावादी, पारिस्थितिक रूप से संतुलित पद्धति का वर्णन करने के लिए "खेत को एक जीव" समझने की अवधारणा से बाहर ''जैविक कृषि'' शब्द को गढ़ा है - उसके विपरीत जिसे वह ''रासायनिक खेती'' कहता है, जो "आयात प्रजनन" पर निर्भर है और "कभी भी न तो आत्मनिर्भर हो सकती है और न ही पूर्ण रूप से जैविक हो सकती है।"<ref>जॉन पॉल, [http://orgprints.org/10138/01/10138.pdf] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090325020228/http://orgprints.org/10138/01/10138.pdf|date=25 मार्च 2009}}[http://orgprints.org/10138/01/10138.pdf "जीवधारी के रूप में खेत: जैविक कृषि का मूल विचार"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090325020228/http://orgprints.org/10138/01/10138.pdf|date=25 मार्च 2009}}, ''एलिमेंटल्स: जर्नल ऑफ़ बायो-डाइनामिक्स तस्मानिया'', खंड 80 (2006): पीपी. 14–18.</ref> यह "जैविक" शब्द के वैज्ञानिक प्रयोग से अलग है, जिसका आशय [[कार्बनयुक्त अणुओं के एक वर्ग]] से है विशेष रूप से जो जीवन के रसायन शास्त्र में शामिल है। == जैविक खाद्य की पहचान करना == [[चित्र:Organic mixed beans shoots.jpg|thumb|150px|right|मिश्रित जैविक अंकुरित फलियां]] * ''जैविक खाद्य के उत्पादन की जानकारी के लिए इसे भी देखें: [[जैविक कृषि]].'' परिष्कृत जैविक खाद्य में आमतौर पर केवल जैविक सामग्री शामिल होते हैं। अगर अजैविक सामग्री मौजूद हैं तो खाद्य पदार्थ में शामिल संपूर्ण पौधों और पशु सामग्री का कुछ प्रतिशत जैविक होना चाहिए (संयुक्त राज्य<ref>{{Cite web |url=http://www.ams.usda.gov/AMSv1.0/getfile?dDocName=STELDEV3004323&acct=nopgeninfo |title=लेबलिंग: प्रस्तावना |access-date=14 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130514000319/http://www.ams.usda.gov/AMSv1.0/getfile?dDocName=STELDEV3004323&acct=nopgeninfo |archive-date=14 मई 2013 |url-status=live }}</ref>, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में 95%) और किसी भी अजैविक रूप से उत्पन्न सामग्री विभिन्न कृषि आवश्यकताओं के अधीन होनी चाहिए. जैविक होने का दावा करने वाले खाद्य पदार्थ कृत्रिम [[खाद्य योज्य]] से मुक्त होने चाहिए और अक्सर कृत्रिम तरीकों, सामग्रियों और स्थितियों जैसे [[रासायनिक विधि से पकाना]], [[खाद्य किरणन]] और [[आनुवांशिक रूप से परिष्कृत]] सामग्री के साथ संसाधित होने चाहिए. कीटनाशकों के उपयोग की अनुमति तब तक ही दी जाती है जब तक कि वे सिंथेटिक नहीं हैं। जैविक खाद्य में दिलचस्पी लेने वाले पूर्व उपभोक्ता गैर-रासायनिक रूप से पोषित, ताजा या कम संसाधित खाद्य पसंद करते है। उन्हें ज्यादातर सीधे उत्पादकों से खरीदना पड़ता था: "अपने किसान को जानो, अपने खाद्य को पहचानो" उनका आदर्श था। "जैविक" के निर्माण में भाग लेने वाले तत्वों की निजी परिभाषाओं का विकास प्रत्यक्ष अनुभव: किसानों से बात करके, खेतों की दशा देखकर और खेती की गतिविधियों, के माध्यम से हुआ। प्रमाणीकरण प्राप्त कर या प्रमाणीकरण के बिना [[जैविक खेती]] की प्रथाओं का उपयोग कर छोटे-छोटे खेतों में सब्जियां उगाई गई (और पशुओं का पालन-पोषण किया गया) और व्यक्तिगत उपभोक्ता की निगरानी की गई। जैसे-जैसे जैविक खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ती गई, वैसे-वैसे सुपरमार्केट जैसी बड़ी-बड़ी दुकानों के माध्यम से होने वाली अधिकाधिक बिक्रियों ने बड़ी तेज़ी से किसानों के साथ होने वाले प्रत्यक्ष संपर्क की जगह लेना शुरू कर दिया. आजकल जैविक खेतों के लिए कोई सीमा नहीं है और वर्तमान में कई बड़ी कंपनियों के पास एक जैविक विभाग है। हालांकि, सुपरमार्केट उपभोक्ताओं के लिए, खाद्य उत्पादन आसानी से दिखाई देने योग्य नहीं है और उत्पाद लेबलिंग जैसे "प्रमाणित जैव" पर निर्भर है। इन सभी बातों के आश्वासन के लिए यह सरकारी विनियमों और तृतीय-पक्ष निरीक्षकों पर निर्भर होता है। एक "प्रमाणित जैविक" लेबल आम तौर पर उपभोक्ताओं के पास यह पता करने के लिए एकमात्र तरीका है कि संसाधित उत्पाद "जैविक" है या नहीं. यूएसडीए (USDA) जैविक किसानों का निरीक्षण नहीं करता है।<ref>{{Cite web |url=http://www.alternet.org/environment/94146/is_your_organic_food_really_organic/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100627055642/http://www.alternet.org/environment/94146/is_your_organic_food_really_organic/ |archive-date=27 जून 2010 |url-status=live }}</ref> 30 तीसरी पार्टी निरीक्षकों में से 15 निरीक्षकों को अंकेक्षण के बाद परिवीक्षा के तहत रखा जाता है। 20 अप्रैल 2010 को कृषि विभाग ने कहा कि यह लेखा परीक्षक के जैविक खाद्य उद्योग के परस्पर स्वीकृत निरीक्षण में प्रमुख अंतराल उजागर होने के बाद कीटनाशकों की खोज के लिए जैविक रूप से उत्पन्न खाद्य पदार्थों के परीक्षण की आवश्यकता के चलते नियमों को लागू करना शुरू करेगा.<ref>{{Cite web |url=http://www.organicconsumers.org/articles/article_20459.cfm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100325165041/http://www.organicconsumers.org/articles/article_20459.cfm |archive-date=25 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref> === कानूनी परिभाषा === [[चित्र:National Organic Program.jpg|thumb|200px|राष्ट्रीय जैव कार्यक्रम (यूएसडीए/USDA द्वारा संचालित) संयुक्त राज्य अमेरिका में जैव की कानूनी परिभाषा का प्रभारी (इन चार्ज) है और जैविक प्रमाणीकरण करता है।]] {{Main|Organic certification}} {{See also|List of countries with organic agriculture regulation}} '''प्रमाणित जैविक''' होने के लिए, उत्पादों को इस तरह विकसित और निर्मित किया जाना चाहिए जिससे वे उस देश के निर्धारित मानकों का पालन कर सके जिसके तहत उन्हें बेचा जाता है: * ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलियाई जैव मानक और नासा (NASAA) जैव मानक * कनाडा: [https://web.archive.org/web/20120726092427/http://canadagazette.gc.ca/archives/p2/2006/2006-12-21-x6/html/extra-eng.html कनाडा राजपत्र, कनाडा की सरकार] * यूरोपीय संघ: [[ईयू (EU)-ईको-रेगुलेशन]] ** स्वीडन: [https://web.archive.org/web/20121012022127/http://www.krav.se/sv/System/Spraklankar/In-English/ क्राव (KRAV) ] ** यूनाइटेड किंगडम: [https://web.archive.org/web/20100619051019/http://www.defra.gov.uk/ पर्यावरण, खाद्य एवं ग्रामीण कार्य विभाग (डेफ्रा)(DEFRA)] * नॉर्वे: [https://web.archive.org/web/20121007124556/http://www.debio.no/ देबिओ जैविक प्रमाणन] * भारत: [https://web.archive.org/web/20080325140449/http://www.apeda.com/organic/ एनपीओपी (NPOP), (राष्ट्रीय जैविक पदार्थ उत्पादन कार्यक्रम)] * जापान: [https://web.archive.org/web/20090805224209/http://www.maff.go.jp/soshiki/syokuhin/hinshitu/e_label/specificJAS-organic.htm जास (JAS) मानक]. * संयुक्त राज्य अमेरिका: [[राष्ट्रीय जैव कार्यक्रम नोप (NOP)]] मानक == पर्यावरणीय प्रभाव == खेती की पारंपरिक और जैविक प्रणालियों की तुलना और जांच करने के लिए कई सर्वेक्षण और अध्ययन किये गए हैं। इन सर्वेक्षणों में सामान्य सर्वसम्मति यह है<ref>स्टोल्ज़, एम.; पायोर, ए.; हेयरिंग, ए.एम. और डैबर्ट, एस. (2000) यूरोप में जैविक कृषि के पर्यावरणीय प्रभाव. यूरोप में जैविक कृषि: अर्थशास्त्र और नीति खंड 6. Universität Hohenheim, Stuttgart-Hohenheim (यूनिवर्सिटैट होहेन्हीम, स्टुटगार्ट-होहेन्हीम).</ref><ref>{{cite journal | last = Hansen | first = Birgitt |author2= Alrøe, H. J. & Kristensen, E. S. | title = Approaches to assess the environmental impact of organic farming with particular regard to Denmark | journal = Agriculture, Ecosystems & Environment | volume = 83 | issue = | pages = 11–26 | publisher = | month= January | year= 2001 | url = | doi = 10.1016/S0167-8809(00)00257-7 | accessdate = }}</ref> कि जैविक कृषि निम्नलिखित कारणों के कारण कम हानिकारक हैं: * जैविक खेत पर्यावरण में सिंथेटिक कीटनाशकों का उपभोग या रिलीज़ नहीं करते हैं जिनमें से कुछ में मिट्टी, पानी और स्थानीय स्थलीय और जलीय वन्य जीवन को नुकसान पहुंचाने की क्षमता होती है। * परंपरागत खेतों की तुलना में जैविक खेत विविध पारितंत्रों ''अर्थात्'' कीड़े और पौधों, साथ ही पशुओं की आबादी को बनाए रखने में बेहतर हैं। * या तो प्रति इकाई क्षेत्र या प्रति इकाई उपज/पैदावार की गणना करने के समय जैविक खेत कम ऊर्जा का उपयोग करते हैं और कम अपशिष्ट का उत्पादन करते हैं, ''उदाहरणार्थ'', रसायनों के लिए पैकेजिंग सामग्री जैसे अपशिष्ट हालांकि, जैविक कृषि के तरीकों के कुछ आलोचकों का मानना है कि एक ही मात्रा में खाद्य के उत्पादन के लिए परंपरागत खेतों की तुलना में जैविक खेतों के लिए अधिक भूमि की आवश्यकता होती है (नीचे 'उपज' अनुभाग देखें). उनका तर्क है कि अगर यह सच है तो जैविक खेत संभावित रूप से वर्षावनों को नष्ट कर सकते है और कई पारितंत्रों का सफाया कर सकते है।<ref name="Bob Goldberg">{{cite web | author= Bob Goldberg | title= The Hypocrisy of Organic Farmers | work= AgBioWorld | url= http://www.agbioworld.org/biotech-info/articles/biotech-art/hypocrisy.html | accessdate= 10 अक्टूबर 2007 | archive-url= https://web.archive.org/web/20071013071704/http://agbioworld.org/biotech-info/articles/biotech-art/hypocrisy.html | archive-date= 13 अक्तूबर 2007 | url-status= dead }}</ref><ref name="Andrew Leonard">{{cite web | author= Andrew Leonard | title= Save the rain forest – boycott organic? | work= How The World Works | url= http://www.salon.com/tech/htww/2006/12/11/borlaug/ | accessdate= 10 अक्टूबर 2007 | archive-url= https://web.archive.org/web/20071013081136/http://salon.com/tech/htww/2006/12/11/borlaug/ | archive-date= 13 अक्तूबर 2007 | url-status= live }}</ref> अन्य रिपोर्टों के समान ब्रिटेन में 2003 में पर्यावरण खाद्य और ग्रामीण मामलों के विभाग द्वारा जांच में पाया गया कि जैविक कृषि "सकारात्मक पर्यावरणीय लाभ का उत्पादन कर सकती है", लेकिन अगर क्षेत्र के बजाय उत्पादन इकाई के आधार पर तुलना की जाती है तो कुछ लाभ कम हो जाते हैं या खो जाते हैं।<ref>{{cite web | author= Department for Environment Food and Rural Affairs | title= Assessment of the enviromnmental impacts of organic farming | url= http://www.defra.gov.uk/foodfarm/growing/organic/policy/research/pdf/env-impacts2.pdf | accessdate= 29 सितंबर 2009 | archive-url= https://web.archive.org/web/20101109172640/http://www.defra.gov.uk/foodfarm/growing/organic/policy/research/pdf/env-impacts2.pdf | archive-date= 9 नवंबर 2010 | url-status= dead }}</ref> === Yield === एक अध्ययन में पता चला है कि 50% कम उर्वरक और 97% कम कीटनाशक का प्रयोग करके जैविक खेतों की उपज 20% कम हो गयी हैं।<ref>{{cite journal | author=Mader, et al. | title=Soil Fertility and Biodiversity in Organic Farming | journal=Science | year=2002 | volume=296 | issue=5573 | pages=1694–1697 | url=http://www.sciencemag.org/cgi/content/full/296/5573/1694 | doi=10.1126/science.1071148 | pmid=12040197 | last2=Fliessbach | first2=A | last3=Dubois | first3=D | last4=Gunst | first4=L | last5=Fried | first5=P | last6=Niggli | first6=U | access-date=17 जून 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20091001202028/http://www.sciencemag.org/cgi/content/full/296/5573/1694 | archive-date=1 अक्तूबर 2009 | url-status=live }}</ref> पैदावार की तुलना करने वाले अध्ययनों के परिणाम मिश्रित है।<ref>{{cite journal | author=Welsh, Rick | title=[http://www.winrock.org/wallacecenter/documents/pspr13.pdf Economics of Organic Grain and Soybean Production in the Midwestern United States] | journal=Henry A. Wallace Institute for Alternative Agriculture | year=1999 | volume= | pages=}}</ref> समर्थकों का दावा है कि जैविक रूप से प्रबंधित मिट्टी की गुणवत्ता उच्च होती है<ref>{{cite journal | author=Johnston, A. E. | title=Soil organic-matter, effects on soils and crops | journal=Soil Use Management | year=1986 | volume=2 | pages=97–105 | doi=10.1111/j.1475-2743.1986.tb00690.x}}</ref> और इसमें पानी प्रतिधारण अधिक होता है। यह सूखे के समय में जैविक खेतों के लिए पैदावार बढ़ाने में मदद कर सकता है। डेनमार्क की पर्यावरण संरक्षण एजेंसी द्वारा किये गए एक अध्ययन से पता चला है कि क्षेत्र दर क्षेत्र आलू, चुकंदर और बीज घास के जैविक खेतों का उत्पादन पारंपरिक खेती के उत्पादन का आधा है।<ref>द बिचेल कमिटी. 1999. मुख्य समिति से रिपोर्ट. डेनिश पर्यावरण संरक्षण एजेंसी. निष्कर्ष और समिति की सिफारिशें: 8.7.1 कुल चरण से बाहर. प्रिंट रूप में रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है, लेकिन ऑनलाइन पोस्ट किया गया है:http://www.mst.dk/udgiv/Publications/1998/87-7909-445-7/html/kap08_eng.htm#8.7.1 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140119114059/http://www2.mst.dk/udgiv/Publications/1998/87-7909-445-7/html/kap08_eng.htm#8.7.1 |date=19 जनवरी 2014 }}. [मुख्य अंश] "खेत के स्तर पर, कीटनाशकों के उपयोग को पूरी तरह से समाप्त कर देने के परिणामस्वरूप कृषि उपज में औसतन 10 से 25 प्रतिशत की गिरावट आएगी; पशुपालन में सबसे कम नुकसान होगा. आलू, चुकंदर और बीज घास जैसे विशेष फसलों के एक बहुत बड़े हिस्से की कृषि होने वाले खेतों के उत्पादन में परिमाण की दृष्टि से होने वाला नुकसान लगभग 50 प्रतिशत के आसपास होगा. इन फसलों को शायद अन्य फसलों द्वारा बेदखल कर दिया जाएगा."</ref> इस तरह के निष्कर्ष और कम उपज वाले मवेशियों से खाद पर जैविक खाने की निर्भरता ने वैज्ञानिकों द्वारा की जा रही आलोचना को प्रोत्साहित किया है कि जैविक कृषि पर्यावरण की दृष्टि से अस्वस्थ है और पूरे विश्व को खिलाने में असमर्थ है।<ref name="Bob Goldberg" /> इन आलोचकों में [[नोर्मन बोर्लौग]], [["हरित क्रांति"]] (Green Revolution) के उत्पादक और [[नोबेल शांति पुरस्कार]] विजेता है जो यह दावा करते है कि जैविक कृषि प्रथाएं नाटकीय रूप से क्रोपलैंड का विस्तार करके और प्रक्रिया में पारितंत्रों को नष्ट करने के बाद कम से कम 4 अरब लोगों का पालन-पोषण करती है।<ref name="Andrew Leonard" /> [[माइकल पोलन]], ''[[ओम्निवोर'स डिलिमा]]'' के लेखक, ने इस बात पर यह प्रतिक्रिया दी है कि दुनिया की कृषि की औसत पैदावार आधुनिक दीर्घकालिक खेती उपज की तुलना में काफी कम है। औसत वैश्विक पैदावार को आधुनिक जैव स्तरों के अनुसार करने से दुनियाभर की खाद्य पदार्थ आपूर्ति में 50% तक की वृद्धि की जा सकती है।<ref>{{cite web| author=Michael Pollan| title=Chief farmer| work=New York Times| url=http://www.nytimes.com/2008/10/12/magazine/12policy-t.html?pagewanted=5&ei=5070&emc=eta1| accessdate=15 नवंबर 2008| archive-url=https://web.archive.org/web/20120306185820/http://www.nytimes.com/2008/10/12/magazine/12policy-t.html?pagewanted=5| archive-date=6 मार्च 2012| url-status=live}}</ref> 2007 के एक अध्ययन,<ref>परफेक्टो और अन्य, रिन्यूएबल एग्रीकल्चर एण्ड फूड सिस्टम्स (अक्षय कृषि एवं खाद्य तंत्र) (2007), 22: 86–108 कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस: न्यू साइंटिस्ट में उद्धृत 13:46 12 जुलाई 2007</ref> जिसमें दो कृषि प्रणालियों की समग्र दक्षता का आकलन करने के लिए 293 विभिन्न तुलनाओं से प्राप्त शोध को एक अध्ययन में संकलित किया गया है, से यह निष्कर्ष निकाला गया है कि <blockquote> ...जैविक विधियां वर्तमान मानव आबादी को बनाए रखने और संभवतः कृषि भूमि के अंश में वृद्धि के बिना भी एक बड़ी आबादी के लिए प्रति व्यक्ति वैश्विक आधार पर पर्याप्त खाद्य का उत्पादन कर सकती है। (सार से) </blockquote>शोधकर्ताओं ने यह पाया है कि विकसित देशों में औसतन जैविक प्रणाली परंपरागत कृषि द्वारा उत्पादित उपज का 92% उत्पादन करती है, विकासशील देशों में जैविक प्रणाली पारंपरिक खेतों की तुलना में 80% अधिक उत्पादन करती है क्योंकि कुछ गरीब देशों में सिंथेटिक सामग्री की तुलना में जैविक कृषि के लिए आवश्यक सामग्री किसानों को ज्यादा आसानी से उपलब्ध हो जाती है। दूसरी ओर, वे समुदाय जिनके पास मिट्टी भरने के लिए पर्याप्त खाद की कमी है जैविक कृषि के साथ संघर्ष करते है और मिट्टी तेजी से घटती जाती है।<ref>{{Cite web |url=http://www.economist.com/daily/columns/greenview/displayStory.cfm?story_id=11911706 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090627163246/http://www.economist.com/daily/columns/greenview/displayStory.cfm?story_id=11911706 |archive-date=27 जून 2009 |url-status=live }}</ref> === ऊर्जा दक्षता === सेब उत्पादन प्रणालियों की निरंतरता का एक अध्ययन यह प्रदर्शित करता है कि अगर परंपरागत खेती प्रणाली की तुलना जैविक विधि से की जाये तो जैविक प्रणाली अधिक [[ऊर्जा कुशल]] है।<ref>{{cite journal | author=Reganold et al. | title=Sustainability of three apple production systems | url=https://archive.org/details/sim_nature-uk_2001-04-19_410_6831/page/n110 | journal=Nature | month=April | year=2001 | volume=410 | pages=926–930 | doi=10.1038/35073574 | pmid=11309616 | last2=Glover | first2=JD | last3=Andrews | first3=PK | last4=Hinman | first4=HR | issue=6831}}</ref> बहरहाल, अपतृण नियंत्रण के लिए जुताई हेतु जैविक कृषि का व्यापक उपयोग इसी कारण से बहस का मुद्दा है। साथ ही कम पोषक तत्व वाले घने उर्वरकों को शामिल करने से ईंधन के उपयोग में वृद्धि का परिणाम ईंधन की खपत दर में वृद्धि होती है। सामान्य विश्लेषण यह है कि जैविक उत्पादन विधियां आमतौर पर अधिक ऊर्जा कुशल हैं क्योंकि वे रासायनिक संश्लेषित नाइट्रोजन का उपयोग नहीं करती है। लेकिन आम तौर पर अपतृण नियंत्रण और अधिक गहन [[भूमि प्रबंधन]] प्रथाओं के लिए अन्य विकल्पों की कमी से वजह से वे पेट्रोलियम का अधिक उपभोग करते हैं।{{Citation needed|date=नवम्बर 2009}} ऊर्जा दक्षता निर्धारित करना कठिन है; उपरोक्त मामले में लेखक 1976 में लिखी गयी एक पुस्तक का उल्लेख करता है। जैविक खेतों के संबंध में दक्षता और ऊर्जा की खपत का सही मूल्य अभी निर्धारित किया जाना है। === कीटनाशक और किसान === बहुत से ऐसे अध्ययन है जिनमें खेत मजदूरों के स्वास्थ्य पर कीटनाशकों के दुष्प्रभाव और प्रभाव का विवरण दिया गया है।<ref>{{cite journal | author=Linda A. McCauley, et al. | title=Studying Health Outcomes in Farmworker Populations Exposed to Pesticides | journal=Environmental Health Perspectives | year=2006 | volume=114 | issue= | pages= | url=http://www.ehponline.org/members/2006/8526/8526.html | access-date=17 जून 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20070927002755/http://www.ehponline.org/members/2006/8526/8526.html | archive-date=27 सितंबर 2007 | url-status=dead }}</ref> यहां तक कि जब कीटनाशकों का उपयोग सही ढंग से किया जाता है तब भी वे हवा और खेत मजदूरों के शरीर में प्रविष्ट हो जाते हैं। इन अध्ययनों के माध्यम से ऑर्गनोफॉस्फेट कीटनाशकों को [[पेट दर्द]], चक्कर आना, सिर दर्द, उल्टी, साथ ही आंख और त्वचा समस्याओं जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ दिया गया है।<ref>इकोबिचोन डी.जे. 1996. कीटनाशकों के जहरीले प्रभाव. कैसरेट एण्ड डौल्स टॉक्सिकोलॉजी: द बेसिक साइंस ऑफ़ पॉयज़न में, (क्लासेन सी.डी., डौल जे., संस्करण). पांचवां संस्करण. न्यूयॉर्क: मैकमिलन, 643-689.</ref> इसके अलावा, कई अन्य अध्ययनों से पता चला है कि कीटनाशकों से अनावरण श्वास प्रश्वास सम्बन्धी समस्याओं, स्मृति विकार, त्वचा सम्बन्धी समस्याओं,<ref> {{cite journal | author=Arcury TA, Quandt SA, Mellen BG | title=An exploratory analysis of occupational skin disease among Latino migrant and seasonal farmworkers in North Carolina | journal=Journal of Agricultural Safety and Health | year=2003 | volume=9 | issue=3 | pages=221–32 | pmid=12970952 }}</ref><ref>{{cite journal | author=O'Malley MA | authorlink= | title=Skin reactions to pesticides | journal=Occupational Medicine | year=1997 | volume=12 | pages=327–345 | pmid=9220489 | issue=2 }}</ref> कैंसर, अवसाद, तंत्रिका विज्ञान घाटा,<ref>{{cite journal | author=Kamel F, et al. | title=[http://dir.niehs.nih.gov/direb/studies/fwhs/pubs.htm Neurobehavioral performance and work experience in Florida farmworkers] | url=https://archive.org/details/sim_environmental-health-perspectives_2003-11_111_14/page/1765 | journal=Environmental Health Perspectives | year=2003 | volume=111 | pages=1765–1772 | pmid=14594629 | issue=14 | pmc=1241721}}</ref><ref> {{cite journal | author=Firestone JA, Smith-Weller T, Franklin G, Swanson P, Longsteth WT, Checkoway H. | title=Pesticides and risk of Parkinson disease: a population-based case-control study | journal=Archives of Neurology | year=2005 | volume=62 | issue= 1| pages=91–95 | url= | doi=10.1001/archneur.62.1.91 | pmid=15642854}}</ref> गर्भपात और [[जन्म दोष]] जैसी अधिक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हुआ है।<ref>{{cite journal | author=Engel LS, O'Meara ES, Schwartz SM. | title=Maternal occupation in agriculture and risk of limb defects in Washington State, 1980–1993 | url=https://archive.org/details/sim_scandinavian-journal-of-work-environment-health_2000-06_26_3/page/193 | journal=Scandinavian Journal of Work, Environment & Health | year=2000 | volume=26 | issue=3 | pages=193–198 | pmid=10901110 }} {{cite journal | author=Cordes DH, Rea DF. | title=Health hazards of farming | url=https://archive.org/details/sim_american-family-physician_1988-10_38_4/page/233 | journal=American Family Physician | year=1988 | volume=38 | issue= 4| pages=233–243 | pmid=3051979 }} {{cite journal | author=Das R, Steege A, Baron S, Beckman J, Harrison R | title=Pesticide-related illness among migrant farm workers in the United States | journal=International Journal of Occupational and Environmental Health | year=2001 | volume=7 | issue=4 | pages=303–312 | url=http://www.dhs.ca.gov/ohb/ohsep/migrantfarmworkers.pdf | format=PDF | pmid=11783860 | access-date=17 जून 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080528100952/http://www.dhs.ca.gov/ohb/ohsep/migrantfarmworkers.pdf | archive-date=28 मई 2008 | url-status=dead }} {{cite journal | author=Eskenazi B, Bradman A, Castorina R. | title=Exposures of children to organophosphate pesticides and their potential adverse health effects | journal=Environmental Health Perspectives | year=1999 | volume=107 | issue= | pages=409–419 | url=http://www.ehponline.org/members/1999/suppl-3/409-419eskenazi/eskenazi-full.html | pmid=10346990 | pmc=1566222 | access-date=17 जून 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20081005124946/http://www.ehponline.org/members/1999/suppl-3/409-419eskenazi/eskenazi-full.html | archive-date=5 अक्तूबर 2008 | url-status=dead }} {{cite journal | author=Garcia AM | title=Pesticide exposure and women's health | journal=American Journal of Industrial Medicine | year=2003 | volume=44 | issue=6 | pages=584–594 | doi=10.1002/ajim.10256 | pmid=14635235}} {{cite journal | author=Moses M. | title=Pesticide-related health problems and farmworkers | journal=American Association of Occupational Health Nurses | year=1989 | volume=37 | issue= 3| pages=115–130 | pmid=2647086 }} {{cite journal | author=Schwartz DA, Newsum LA, Heifetz RM. | title=Parental occupation and birth outcome in an agricultural community | journal=Scandinavian Journal of Work, Environment & Health | year=1986 | volume=12 | issue= 1| pages=51–54 | pmid=3485819 }} {{cite journal | author=Stallones L, Beseler C. | title=Pesticide illness, farm practices, and neurological symptoms among farm residents in Colorado | url=https://archive.org/details/environmental-research_2002-10_90_2/page/89 | journal=Environ Res | year=2002 | volume=90 | issue= 2| pages=89–97 | doi=10.1006/enrs.2002.4398 | pmid=12483798}} {{cite journal | author=Strong, LL, Thompson B, Coronado GD, Griffith WC, Vigoren EM, Islas I. | title=Health symptoms and exposure to organophosphate pesticides in farmworkers | journal=American Journal of Industrial Medicine | year=2004 | volume=46 | issue= 6| pages=599–606 | doi=10.1002/ajim.20095 | pmid=15551369}} {{cite journal | author=Van Maele-Fabry G, Willems JL. | title=Occupation related pesticide exposure and cancer of the prostate: a meta-analysis | journal=Occupational and Environmental Medicine | year=2003 | volume=60 | issue=9 | pages=634–642 | url=http://oem.bmjjournals.com/cgi/content/abstract/60/9/634 | doi=10.1136/oem.60.9.634 | pmid=12937183 | pmc=1740608 | access-date=17 जून 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060711065358/http://oem.bmjjournals.com/cgi/content/abstract/60/9/634 | archive-date=11 जुलाई 2006 | url-status=dead }}</ref> अनुसंधान की सहकर्मी-समीक्षा का सारांश कीटनाशक अनावरण और स्नायविक परिणाम के बीच की कड़ी और ऑर्गनोफॉस्फेट अनावरण कार्यकर्ताओं में कैंसर की जांच करता है।<ref>{{cite journal | author=Alavanja MC, Hoppin JA, Kamel F. | title=Health effects of chronic pesticide exposure: cancer and neurotoxicity | journal=Annual Review of Public Health | year=2004 | volume=25 | issue= | pages=155–197 | doi= 10.1146/annurev.publhealth.25.101802.123020 | pmid=15015917 }}</ref><ref>{{cite journal | author=Kamel F, Hoppin JA | title=Association of pesticide exposure with neurological dysfunction and disease | journal=Environmental Health Perspectives | year=2004 | volume=112 | issue=9 | pages=950–958 | url=http://www.medscape.com/viewarticle/481984 | pmid=15198914 | pmc=1247187 | access-date=17 जून 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20160823062040/http://www.medscape.com/viewarticle/481984 | archive-date=23 अगस्त 2016 | url-status=live }}</ref> दक्षिण अमेरिका से आयातित फलों और सब्जियों में अधिक मात्रा में कीटनाशक होने की संभावना है,<ref>{{cite news | last = | first = | author2 = | title = Pesticide levels 'high in fruit' | work = | pages = | publisher = BBC | date = 30 जुलाई 2004 | url = http://news.bbc.co.uk/1/hi/sci/tech/3936463.stm | accessdate = 30 मार्च 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070910170342/http://news.bbc.co.uk/1/hi/sci/tech/3936463.stm | archive-date = 10 सितंबर 2007 | url-status = live }}</ref> और उनमें कीटनाशकों का उपयोग भी हो सकता है जिनका उपयोग संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रतिबंधित है।<ref>{{cite news | last = STUTCHBURY | first = BRIDGET | author2 = | title = Did Your Shopping List Kill a Songbird? | work = | pages = | publisher = New York Times | date = 30 मार्च 2008 | url = http://www.nytimes.com/2008/03/30/opinion/30stutchbury.html | accessdate = 30 मार्च 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080401211640/http://www.nytimes.com/2008/03/30/opinion/30stutchbury.html | archive-date = 1 अप्रैल 2008 | url-status = live }}</ref> स्वैन्सन हाक जैसे प्रवासी पक्षियों के लिए अर्जेंटीना शीतकालीन प्रवास है जहां मोनोक्रोटोफोस कीटनाशक की विषाक्तता के कारण उनमें से हजारों पक्षी मृत पाए गए थे। === कीटनाशक के अवशेष === 2002 में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि "पारंपरिक रूप से उत्पन्न खाद्य पदार्थों की तरह जैविक खाद्य पदार्थों में लगातार एक तिहाई अवशेष होते है।"<ref>{{cite journal | last = Baker | first = Brian | authorlink = | author2 = Charles M. Benbrook, Edward Groth III, and Karen Lutz Benbrook | title = Pesticide residues in conventional, IPM-grown and organic foods: Insights from three U.S. data sets. | journal = Food Additives and Contaminants | volume = 19 | issue = 5 | pages = 427–446 | publisher = | date = | url = http://www.consumersunion.org/food/organicsumm.htm | doi = 10.1080/02652030110113799 | id = | accessdate = 28 जनवरी 2007 | pmid = 12028642 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070203102541/http://www.consumersunion.org/food/organicsumm.htm | archive-date = 3 फ़रवरी 2007 | url-status = dead }}</ref><ref>{{cite web | last = Goldberg | first = Adam | authorlink = | author2 = | title = Consumers Union Research Team Shows: Organic Foods Really DO Have Less Pesticides | work = | publisher = Consumers Union | date = 8 मई 2002 | url = http://www.consumersunion.org/food/organicpr.htm | doi = | accessdate = 27 जनवरी 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20101228063346/http://www.consumersunion.org/food/organicpr.htm | archive-date = 28 दिसंबर 2010 | url-status = dead }}</ref> संयुक्त राज्य अमेरिका में [[कीटनाशक अवशेषों]] की निगरानी कीटनाशक डेटा प्रोग्राम ([[यूएसडीए (USDA)]] का एक हिस्सा जो 1990 में निर्मित किया गया था) द्वारा की जाती है। तब से इसने खपत के स्थान के नजदीक से नमूनों को एकत्रित करके 400 से अधिक विभिन्न प्रकार के कीटनाशकों के लिए 60 अलग अलग प्रकार के खाद्य का परीक्षण किया है। 2005 में उनके सबसे नवीनतम परिणामों में पाया गया है कि: {{cquote|These data indicate that 29.5 percent of all samples tested contained no detectable pesticides [parent compound and metabolite(s) combined], 30 percent contained 1 pesticide, and slightly over 40 percent contained more than 1 pesticide.|20px|20px|[[USDA]]|[[Pesticide Data Program]]<ref>Page 34 of <br />{{cite paper | author = Pesticide Data Program | title = Annual Summary Calendar Year 2005 | version = | publisher = USDA | date = February 2006 | url = http://www.ams.usda.gov/science/pdp/Summary2005.pdf | format = pdf | accessdate = 24 जुलाई 2006 }} {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20061228115418/http://www.ams.usda.gov/science/pdp/Summary2005.pdf |date=28 दिसंबर 2006 }}</ref>}} कई अध्ययनों ने इस खोज की पुष्टि यह पता करके की है कि 77 प्रतिशत पारंपरिक खाद्य की तुलना में 25 प्रतिशत जैविक खाद्य में सिंथेटिक कीटनाशक अवशेष होते है।<ref>कंज्यूमर्स यूनियन. 15 दिसम्बर 1997. क्या जैविक खाद्य पदार्थ उतने ही अच्छे होते हैं जितने कि वे पैदा होने के समय होते हैं? उपभोक्ता के रिपोर्टों का एक युगांतकारी अध्ययन. उपभोक्ता संघ प्रेस विज्ञप्ति. "पारमोपरिक नमूनों के 77 प्रतिशत की तुलना में कंज्यूमर रिपोर्ट्स द्वारा जांच की गई जैविक नमूनों के एक-चौथाई हिस्से में कीटनाशकों के कुछ अवशेष थे।"</ref><ref>कंज्यूमर्स यूनियन. जनवरी 1998. ग्रीनर ग्रीन्स: द ट्रुथ अबाउट ऑर्गनिक फ़ूड. कंज्यूमर्स रिपोर्ट्स 63(1) पृष्ठ 12-18.</ref><ref>बेकर और अन्य. मई 2002. पारंपरिक, आईपीएम (IPM)-विकसित और जैविक खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों के अवशेष: तीन अमेरिकी डेटा सेट की अंतर्दृष्टि. सारांश: विश्लेषण और परिणाम: सकारात्मक नमूनों की आवृत्ति. फ़ूड एक्टिविटीज़ एण्ड कॉन्टैमिनैन्ट्स: खंड 19, अंक 5, पृष्ठ 427-446. "सकारात्मक नमूनों की आवृत्ति: कीटनाशकों की बहुत कम प्रतिशत वाले अवशेषों वाले जैविक पद्धति से विकसित पदार्थों के नमूने: यूएसडीए (USDA), डीपीआर (DPR) और सीयू (CU) डेटा में क्रमशः 23, 6.5 और 27 प्रतिशत."</ref><ref>एनवायरनमेंटल साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी ऑनलाइन. 11 जनवरी 2006. जैविक सब्जियां कीटनाशक मुक्त नहीं. साइंस न्यूज़.</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.inspection.gc.ca/english/fssa/microchem/resid/2004-2005/plaveg_ffe.shtml |title=ताज़ा फल और सब्जी सामग्रियों का अनुपालन सारांश |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100730124502/http://www.inspection.gc.ca/english/fssa/microchem/resid/2004-2005/plaveg_ffe.shtml |archive-date=30 जुलाई 2010 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.inspection.gc.ca/english/fssa/microchem/resid/2004-2005/plaveg_ptimpe.shtml |title=विशिष्ट वस्तु, देश और परीक्षणों द्वारा आयातित संसाधित फल और सब्जी उत्पादों की निगरानी |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100730140403/http://www.inspection.gc.ca/english/fssa/microchem/resid/2004-2005/plaveg_ptimpe.shtml |archive-date=30 जुलाई 2010 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.inspection.gc.ca/english/fssa/microchem/resid/2003-2004/plaveg_e.shtml#frefra |title=ताज़े फल और सब्जियां |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100730205953/http://www.inspection.gc.ca/english/fssa/microchem/resid/2003-2004/plaveg_e.shtml#frefra |archive-date=30 जुलाई 2010 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.inspection.gc.ca/english/fssa/microchem/resid/2003-2004/plaveg_pte.shtml |title=पादप मूल की कृषि-खाद्य वस्तुओं में कीटनाशकों, कृषिगत रसायनों, पर्यावरणीय प्रदूषकों और अन्य अशुद्धियों पर एक रिपोर्ट |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100730193316/http://www.inspection.gc.ca/english/fssa/microchem/resid/2003-2004/plaveg_pte.shtml |archive-date=30 जुलाई 2010 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.inspection.gc.ca/english/fssa/microchem/resid/2004-2005/anima_e.shtml#dailai |title=डेयरी उत्पाद |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100730130019/http://www.inspection.gc.ca/english/fssa/microchem/resid/2004-2005/anima_e.shtml#dailai |archive-date=30 जुलाई 2010 |url-status=live }}</ref><ref>कनाडाई खाद्य निरीक्षण एजेंसी. 2003. शिशु खाद्य 2002 – 2003 में कीटनाशकों के अवशेष पर एक रिपोर्ट. इनफैंट एण्ड जूनियर बेबी फ़ूड केमिकल रेसिड्यूज़ प्रोजेक्ट (शिशु एवं बाल खाद्य रासायनिक अवशेष परियोजना).</ref> 1993 में [[राष्ट्रीय अनुसंधान परिषद]] द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन ने यह निर्धारित किया है कि शिशुओं और बच्चों का आहार ही कीटनाशकों के खतरे का प्रमुख स्रोत है।<ref>{{cite book | first= | last=National Research Council | authorlink= |author2= | year=1993 | title=[http://www.nap.edu/books/0309048753/html/ Pesticides in the Diets of Infants and Children] | edition=1st | publisher=National Academies Press | location= | isbn=0-309-04875-3 }}</ref> 2006 में किए गए हाल ही के एक अध्ययन के तहत 23 स्कूली बच्चों के आहार की जगह जैविक खाद्य देने से पहले और देने के बाद उनमें [[ऑर्गनोफॉस्फोरस]] कीटनाशक के खतरे का स्तर ज्ञात किया गया। इस अध्ययन में पाया गया कि जब बच्चों को जैविक आहार की तरफ स्विच किया गया तो ओर्गनोफोस्फोरस कीटनाशक अनावरण का स्तर नाटकीय रूप से तुरंत गिर गया।<ref>{{cite journal | author=Lu, Chensheng, et al. | title=[http://www.ehponline.org/members/2005/8418/8418.pdf Organic Diets Significantly Lower Children’s Dietary Exposure to Organophosphorus Pesticides] | url=https://archive.org/details/sim_environmental-health-perspectives_2006-02_114_2/page/260 | journal=Environmental Health Perspectives | year=2006 | volume=114 | pages=260–263 | doi=10.1289/ehp.8418 | pmid=16451864 | issue=2 | pmc=1367841}}</ref> कानून द्वारा स्थापित खाद्य अवशेष सीमा बच्चों के साथ विशेष रूप से सेट है और प्रत्येक कीटनाशक के लिए बच्चे के जीवनकालिक अन्तर्ग्रहण पर विचार किया जाता है।<ref>{{cite web |url=http://www.kosmix.com/Health/atkins_diet-Alternative_Treatments-Raw_Food/-od-definition_wiki_organic_food-s |title=Raw Food |accessdate=6 मार्च 2008 |format=APA |work= }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुछ कीटनाशकों के प्रभाव पर प्राप्त डेटा विवादस्पद हैं। उदाहरण के लिए, कुछ प्रयोगों में हर्बीसाइड [[एट्राजीन]] को [[टेराटोजन]] प्रदर्शित किया गया है जो कम सांद्रता अनावृत नर [[मेंढ़कों]] में नामर्दानगी का कारण बनता है। एट्राजीन के प्रभाव के तहत, नर मेंढ़कों में या तो विकृत जननग्रन्थि अथवा वृषण जननग्रन्थि, जिसमे अंडे अविकृत होते है, की घटनायें अत्यधिक मात्रा में पाई गयी है।<ref>{{cite journal | author= Tyrone Hayes, Kelly Haston, Mable Tsui, Anhthu Hoang, Cathryn Haeffele, and Aaron Vonk | title=[http://www.ehponline.org/members/2003/5932/5932.html Atrazine-Induced Hermaphroditism at 0.1 ppb in American Leopard Frogs] | journal=Environmental Health Perspectives | year=2003 | volume=111 | pages=}}</ref> लेकिन प्रभाव उच्च सांद्रता में काफी कम थे क्योंकि ये [[एस्ट्राडाअल]] जैसे अंतःस्त्रावी तंत्र को प्रभावित करने वाले अन्य टेराटोजन के साथ अनुकूल है। जैविक कृषि के मानक सिंथेटिक [[कीटनाशकों]] का उपयोग करने की अनुमति नहीं देते है लेकिन वे पौधों से व्युत्पन्न विशिष्ट कीटनाशकों के उपयोग की अनुमति देते है। सबसे आम जैविक कीटनाशकों, ''प्रतिबंधित'' उपयोग के लिए ज्यादातर जैविक मानकों द्वारा स्वीकृत, में [[Bt]], [[पैरीथ्रम]] और [[रोटेनोन]] शामिल है। [[रोटेनोन]] में जलीय जीव और मछली के लिए उच्च विषाक्तता होती है, अगर चूहों में इसका इंजेक्शन लगाया जाये तो यह [[पार्किंसंस रोग]] का कारण बनता है और स्तनधारियों में अन्य विषाक्तता प्रदर्शित करता है।<ref>कीटनाशक सूचना प्रोफाइल: रोटनन. जून 1996. कॉर्नेल विश्वविद्यालय, ऑरेगन राज्य विश्वविद्यालय, आयडाहो विश्वविद्यालय, डेविस का कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, पर्यावरणीय विषविज्ञान संस्थान, मिशिगन राज्य विश्वविद्यालय के सहकारी विस्तार कार्यालयों का कीटनाशक सूचना परियोजना. http://extoxnet.orst.edu/pips/rotenone.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100615140940/http://extoxnet.orst.edu/pips/rotenone.htm |date=15 जून 2010 }}</ref> [[संयुक्त राज्य अमेरिका पर्यावरण संरक्षण एजेंसी]] और राज्य की एजेंसियां समय-समय पर संदेहास्पद कीटनाशकों के लाइसेंस की समीक्षा करती है लेकिन डी-लिस्टिंग प्रक्रिया धीमी है। इस धीमी प्रक्रिया का एक उदाहरण कीटनाशक [[दिक्लोर्वोस]] या डीडीवीपी (DDVP) का उदाहरण दे कर समझाया गया है जिसकी हाल ही में 2006 वर्ष में ईपीए (EPA) ने निरंतर बिक्री प्रस्तावित की है। इपीए (EPA) ने 1970 के दशक के बाद से विभिन्न अवसरों पर इस कीटनाशक पर लगभग प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन इसने काफी सबूत जो यह सुझाव देते है कि डीडीवीपी (DDVP) विशेष रूप से बच्चों में केवल कैंसरकारी ही नहीं बल्कि मानव [[तंत्रिका तंत्र]] के लिए खतरनाक भी है, के बावजूद ऐसा कभी नहीं किया है।<ref>{{cite journal | author=Raeburn, Paul | title=[http://www.sciam.com/article.cfm?chanID=sa004&articleID=000EDC34-3CC0-14C0-AFE483414B7F4945 Slow-Acting: After 25 years the EPA still won't ban a risky pesticide] | url=https://archive.org/details/sim_scientific-american_2006-09_295_3/page/n27 | journal=Scientific American | year=2006 | volume=295 | pages=26}}</ref> इपीए (EPA) ने "यह निर्धारित किया है कि जोखिम चिंता के स्तर को पार नहीं करते है"<ref>रिरजिस्ट्रेशन एलिजिबिलिटी डिसीज़न फॉर डिक्लोर्वोस (हिंदी - डिक्लोर्वोस पुनर्पंजीकरण योग्यता निर्णय, संक्षेप में - डीडीवीपी या DDVP) http://www.epa.gov/oppsrrd1/reregistration/REDs/ddvp_red.pdf {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090325020220/http://www.epa.gov/oppsrrd1/reregistration/REDs/ddvp_red.pdf |date=25 मार्च 2009 }} (Reregistration पात्रता निर्णय के लिए Dichlorvos</ref>, चूहों में डीडीवीपी (DDVP) के दीर्घकालिक अनावरण के अध्ययन ने कोई जहरीला प्रभाव नहीं दिखाया है।<ref>नर चूहों में डीडीवीपी (DDVP) की 90 दिवसीय त्वचीय विषाक्तता, पर्यावरणीय संदूषण एवं विषविज्ञान विज्ञप्ति http://www.springerlink.com/content/g067605h75k730t2/{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> == पोषण का महत्व और स्वाद == अप्रैल 2009 में क्वालिटी लो इनपुट फ़ूड (क्यूएलआइऍफ़ (QLIF)), यूरोपीय आयोग द्वारा वित्त पोषित पंचवर्षीय एकीकृत अध्ययन<ref>{{cite web |url=http://ec.europa.eu/research/research-for-europe/agriculture-quality-low-input-food_en.html |title=Quality Low Input Food Project |accessdate=23 नवंबर 2009 |format=APA |work= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100415045832/http://ec.europa.eu/research/research-for-europe/agriculture-quality-low-input-food_en.html |archive-date=15 अप्रैल 2010 |url-status=live }}</ref>, के परिणाम ने यह पुष्टि की है कि "जैविक और परंपरागत खेती प्रणालियों से प्राप्त फसलों और पशु उत्पादों की गुणवत्ता काफी अलग है।"<ref>निगली, उर्स और अन्य (2009). "क्यूएलआईएफ़ (QLIF) एकीकृत अनुसन्धान परियोजना: जविक एवं न्यून-निविष्ट खाद्य पदार्थों का उन्नयन." [http://www.qlif.org/Library/leaflets/folder_0_small.pdf] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924083553/http://www.qlif.org/Library/leaflets/folder_0_small.pdf|date=24 सितंबर 2015}} 23 नवम्बर 2009 को लिया गया</ref> विशेष रूप से, फसल और पशुओं के पोषण की गुणवत्ता पर जैविक और कम इनपुट खेती के प्रभाव का अध्ययन करने वाली क्यूएलआइऍफ़ (QLIF) परियोजना के परिणामों से "पता चला है कि जैविक खाद्य उत्पादन विधियों के परिणाम: (क) पोषण की दृष्टि से वांछनीय यौगिक (जैसे, विटामिन/एंटीऑक्सिडेंट और बहु-संतृप्त वसा अम्ल जैसे ओमेगा-3 और सीएलए (CLA)); (ख) फसलों और/या दूध की सीमा में कम स्तर के पोषण की दृष्टि से अवांछनीय यौगिक जैसे भारी धातु, माइकोटोक्सिंस, कीटनाशकों के अवशेष और ग्लाईको-एल्कलोइद्स ; (ग) सूअरों में विष्ठा संबंधी साल्मोनेला सायबान का कम जोखिम" होते हैं। क्यूएलआइऍफ़ (QLIF) अध्ययन से यह भी निष्कर्ष निकला है कि "मानव और जानवर स्वास्थ्य पर जैविक आहार के सकारात्मक स्वास्थ्य प्रभाव के लिए आवश्यक सबूत प्रदान करने हेतु आगे और अधिक विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता होती है।"<ref>निगली, उर्स और अन्य (2009). "क्यूएलआईएफ़ (QLIF) एकीकृत अनुसंधान परियोजना: जैविक और न्यून-निविष्ट खाद्य उन्नयन." [http://www.qlif.org/Library/leaflets/folder_0_small.pdf] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924083553/http://www.qlif.org/Library/leaflets/folder_0_small.pdf|date=24 सितंबर 2015}} 23 नवम्बर 2009 को लिया गया</ref> वैकल्पिक रूप से, यूके (उक) के [[खाद्य मानक एजेंसी]] के अनुसार "उपभोक्ता जैविक फल, सब्जिया और मांस खरीदना पसंद कर सकते हैं क्योंकि उनका मानना है कि अन्य खाद्य की तुलना में वे अधिक पौष्टिक होते है। हालांकि, वर्तमान वैज्ञानिक सबूत के शेष भाग इस दृष्टिकोण का समर्थन नहीं करते है।"<ref>{{Cite web |url=http://extras.timesonline.co.uk/organicfood2.pdf |title=खाद्य मानक एजेंसी का वर्तमान रुख |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100331234955/http://extras.timesonline.co.uk/organicfood2.pdf |archive-date=31 मार्च 2010 |url-status=dead }}</ref> 2009 में ऍफ़एसए (FSA) द्वारा कमीशन 50 साल के एकत्र सबूतों के आधार पर लंदन स्कूल ऑफ़ हाइजीन एण्ड ट्रोपिकल मेडिसिन में आयोजित एक 12-महीने की व्यवस्थित समीक्षा से निष्कर्ष निकाला गया है कि "इस बात का कोई अच्छा सबूत नहीं है कि पोषक तत्व सामग्री के सापेक्ष में जैविक आहार की खपत स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।"<ref>{{cite web |url=http://www.thisislondon.co.uk/standard/article-23725592-details/article.do |title=Organic food 'no healthier' blow |author=Sophie Goodchild |date=2009-07- |accessdate=29 जुलाई 2009 |publisher=[[London Evening Standard]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20090801124722/http://www.thisislondon.co.uk/standard/article-23725592-details/article.do |archive-date=1 अगस्त 2009 |url-status=dead }}</ref> अन्य अध्ययनों से पता चला है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि जैविक खाद्य अधिक से अधिक पोषण मूल्य, अधिक उपभोक्ता सुरक्षा या स्वाद में कोई विशिष्ट अंतर प्रदान करता है।<ref>बॉर्न डी., प्रेसकॉट जे. जनवरी 2002. [http://www.misa.umn.edu/vd/bourn.pdf जैविक और पारंपरिक तरीके से उत्पादित खाद्य पदार्थों के पोषण मूल्य, संवेदी गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा की एक तुलना] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100609230653/http://www.misa.umn.edu/vd/bourn.pdf |date=9 जून 2010 }}, खाद्य विज्ञान पोषण में गंभीर समीक्षा. 42 (1): 1-34.</ref><ref>विलियम्स, सी.एम. फरवरी 2002. जैविक खाद्य की पोषक गुणवत्ता: धूसर रंग या हरे रंग? न्यूट्रीशन सोसायटी की कार्यवाही. 61 (1): 19-24</ref><ref>कैनेडियन प्रोड्यूस मार्केटिंग एसोसिएशन (हिंदी - कनाडियाई उत्पाद विपणन संघ, संक्षेप में - सीपीएमए या CPMA). जैविक तरीके से विकसित उत्पाद: क्या जैविक उत्पाद का स्वाद बेहतर है? और क्या जैविक उत्पाद अधिक पौष्टिक है?</ref><ref>सर जॉन क्रेब्स. 5 जून 2003. क्या जैविक खाद्य आप के लिए बेहतर है? 5 जून 2005 को चेल्टनहम साइंस फेयर में [[खाद्य मानक एजेंसी]] (ब्रिटेन) के तत्कालीन अध्यक्ष, सर जॉन क्रेब्स द्वारा दिया गया भाषण. खाद्य मानक एजेंसी की वेबसाइट में प्रविष्ट: http://www.food.gov.uk/news/newsarchive/2003/jun/cheltenham {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101014151032/http://www.food.gov.uk/news/newsarchive/2003/jun/cheltenham|date=14 अक्तूबर 2010}}</ref> स्वाद के बारे में, 2001 के एक अध्ययन से निष्कर्ष निकला है कि जैविक [[सेब]] गुप्त स्वाद परीक्षण से मीठे थे। सेब की दृढ़ता को पारंपरिक रूप से उत्पन्न सेबों की तुलना में अधिक दर्ज़ा दिया गया है।<ref>{{cite journal | author=Reganold, John | title=[http://www.plantmanagementnetwork.org/pub/cm/symposium/organics/Reganold/ Sustainability of Organic, Conventional, and Integrated Apple Orchards] | year=2001 }}</ref> [[खाद्य परिरक्षकों]] का सीमित उपयोग तेजी से जैविक खाद्य पदार्थ की विकृति का कारण हो सकता है। वहीं दूसरी ओर दुकानों में इस बात की गारंटी दी जाती है कि इस तरह के खाद्य पदार्थ अधिक विस्तारित समय के लिए जमा नहीं किये जाते हैं, तब भी पोषक तत्व जिन्हें खाद्य परिरक्षक सुरक्षित रखने में असफल है जल्दी ही नष्ट हो जाते है। संभवत जैविक खाद्य में उच्च मात्रा के प्राकृतिक [[बाओटोक्सिन]] भी हो सकतें हैं, जैसे आलू में [[सोलानिन]]<ref name=nfa>[http://www.slv.se/sv/grupp1/Markning-av-mat/Ekologisk-mat/#eko Swedish National Food Administration --> Ekologisk mat] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091118023618/http://www.slv.se/sv/grupp1/Markning-av-mat/Ekologisk-mat/#eko |date=18 नवंबर 2009 }} ''I studierna går det heller inte att påvisa några skillnader mellan ekologiskt och konventionellt odlade produkter när det gäller halter av naturliga gifter, till exempel mögelgifter, i spannmål eller solanin i potatis'' :से अनुवादित. 11 जून 2009 को प्राप्त</ref>, बाहरी रूप से प्रयुक्त हर्बीसाइड्स और फफूंदीनाशी आदि की कमी की क्षतिपूर्ति के लिए. हालांकि वर्तमान पढ़ाई में, पारंपरिक और जैविक खाद्य पदार्थों के बीच प्राकृतिक बाओटोक्सिन की मात्रा में अंतर का कोई संकेत नहीं है।<ref name="nfa" /> == लागत == आम तौर पर जैविक उत्पादों की लागत समान पारंपरिक उत्पादों की तुलना में 10 से 40% अधिक है।<ref>विंटर, सी.के. और एस.एफ. डेविस, 2006 "ऑर्गनिक फूड्स" जर्नल ऑफ फ़ूड साइंस 71(9):R117–R124.</ref> यूएसडीए (USDA) के अनुसार, औसतम अमेरिकी व्यक्तियों ने 2004 में किराने के सामान पर 1,347 डॉलर खर्च किये हैं<ref>{{Cite web |url=http://www.ers.usda.gov/Publications/EIB23/ |title=अमेरिकी परिवारों में खाद्य खर्च, 2003-04 |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100603083452/http://www.ers.usda.gov/Publications/EIB23/ |archive-date=3 जून 2010 |url-status=dead }}</ref>; इस प्रकार पूरी तरह से जैविक की तरफ स्विच करने से किराने के सामान पर उनकी लागत $538.80 प्रति वर्ष ($44.90/मास) तक पहुंच जाएगी और आधे समान के लिए जैविक की तरफ स्विच करने से किराने के सामान पर उनकी लागत $269.40 प्रति वर्ष ($22.45/मास) तक बढ जाएगी. संसाधित जैविक खाद्य पदार्थों की कीमत परंपरागत समकक्षों की तुलना में भिन्न हो सकती है। 2004 में [[च्वाइस पत्रिका]] द्वारा एक ऑस्ट्रेलियाई अध्ययन में यह पता चला है कि सुपरमार्केट में संसाधित जैविक खाद्य पदार्थ 65% अधिक महंगा हो सकते हैं, लेकिन यह अनुरूप नहीं था। कीमतें अधिक हो सकती है क्योंकि जैविक उत्पाद का उत्पादन एक छोटे पैमाने पर किया जाता है और इन्हें पृथक रूप से पीसने और संसाधित करने की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा, क्षेत्रीय बाजारों में ज्यादा केंद्रीकृत उत्पादन से शिपिंग लागत में वृद्धि हुई है। डेयरी और अंडे के मामले में, पशुओं की आवश्यकताऐ जैसे पशुओं की संख्या जिन्हें प्रति एकड़ उत्थित किया जा सकता है, या पशुओं की नस्ल और उनका [[फ़ीड रूपान्तरण अनुपात]] लागत को प्रभावित करता है। == संबंधित आंदोलन == [[जीवगतिकी कृषि]], [[जैविक कृषि]] की विधि, जैविक खाद्य आंदोलन से अत्यधिक संबंधित है। == तथ्य और आंकड़े == <div style="float:right;width:250px"></div> {| border="1" cellpadding="5" cellspacing="0" align="center" ! style="background:#ffdead;" | जैविक मोहर |- | align="center" | [[चित्र:Logo organic.png]]<br /> [[अंतर्राष्ट्रीय]] |- | align="center" | [[चित्र:USDA organic seal.svg|130px]]<br /> [[यूनाईटिड स्टेट्स]] |- | align="center" | [[चित्र:Agriculture biologique-logo.png]]<br /> [[France]] |- | align="center" |[[चित्र:Australian organic seal.jpg|130px|कड़ी=Special:FilePath/Australian_organic_seal.jpg]]<br /> [[आस्ट्रेलिया]] |- |} जबकि जैविक खाद्य दुनिया भर के खाद्य पदार्थ की कुल बिक्री का 1-2% है, विकसित और विकासशील दोनों देशों में बाकी के खाद्य उद्योग को छोड़कर जैविक खाद्य का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। * दुनियाभर में जैविक खाद्य की बिक्री 2002 में यूएस (US) $23<ref>{{cite web | author= | year=2002 | title=The Global Market for Organic Food & Drink | work=Organic Monitor | url=http://www.organicmonitor.com/700140.htm | accessdate=20 जून 2006 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060626082413/http://www.organicmonitor.com/700140.htm | archive-date=26 जून 2006 | url-status=dead }}</ref> बिलियन से 2008 में $52 तक पहुंच गयी है।<ref>{{cite web | author= | year=2009 | title=Food: Global Industry Guide | work=Datamonitor | url=http://www.researchandmarkets.com/research/18f9c2/food_global_indus | accessdate=28 अगस्त 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090911021348/http://www.researchandmarkets.com/research/18f9c2/food_global_indus | archive-date=11 सितंबर 2009 | url-status=live }}</ref> * 1990 के दशक के बाद से विश्व जैविक बाजार प्रति वर्ष 20% बढ़ रहा है, ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि भविष्य वृद्धि दर देश के अनुसार प्रतिवर्ष 10% -50% रेंज के भीतर है। === उत्तर अमेरिका === : '''[[संयुक्त राज्य अमेरिका]]:''' :* जैविक खाद्य अमेरिकी [[खाद्य बाजारक्षेत्र]] का तेजी से बढ़ता क्षेत्र है।<ref>{{Cite web |url=http://www.barackobama.com/issues/pdf/EnvironmentFactSheet.pdf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080821091210/http://www.barackobama.com/issues/pdf/EnvironmentFactSheet.pdf |archive-date=21 अगस्त 2008 |url-status=dead }}</ref> :* जैविक खाद्य की बिक्री पिछले कुछ वर्षों से एक वर्ष के लिए 17 से 20 प्रतिशत हो गई है,<ref>{{cite web | author=Hansen, Nanette | year=2004 | title=Organic food sales see healthy growth | work=MSNBC | url=http://www.msnbc.msn.com/id/6638417/ | accessdate=20 जून 2006 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060622172817/http://msnbc.msn.com/id/6638417 | archive-date=22 जून 2006 | url-status=live }}</ref> जबकि परंपरागत खाद्य की बिक्री एक वर्ष में केवल 2 से 3 प्रतिशत बढ़ीं है।<ref>वार्नर, मेलानी. [http://www.nytimes.com/2005/11/01/business/01organic.html?hp&amp;ex=1130907600&amp;en=1a66fec0344c8870&amp;ei=5094&amp;partner=homepage "जैविक क्या है? ][http://www.nytimes.com/2005/11/01/business/01organic.html?hp&amp;ex=1130907600&amp;en=1a66fec0344c8870&amp;ei=5094&amp;partner=homepage सशक्त खिलाड़ी इसकी एक व्याख्या सुनना चाहते हैं"]. ''[[न्यूयॉर्क टाइम्स]]'' 1 नवम्बर 2005.</ref> : :* 2003 में प्राकृतिक खाद्य भंडारों और 73 प्रतिशत परंपरागत किराने की दुकानों में लगभग 20,000 जैविक उत्पाद उपलब्ध थे।<ref>{{cite web | author=Catherine Greene and Carolyn Dimitri | year=2003 | title=Organic Agriculture: Gaining Ground | work=USDA Economic Research Service | url=http://www.ers.usda.gov/publications/aib777/ | accessdate=20 जून 2006 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060615204459/http://www.ers.usda.gov/publications/aib777/ | archive-date=15 जून 2006 | url-status=dead }}</ref> :* 2005 में जैविक उत्पादों की बिक्री कुल खाद्य पदार्थ बिक्री की 2.6% है।<ref>{{cite web | author=Forschungsinstitut für biologischen Landbau | year=2006 | title=US-Biomarkt wächst wiederholt zweistellig | work=Ökolandbau.de | url=http://www.oekolandbau.de/haendler/marktinformationen/biomarkt-weltweit/usa-stand-102006/ | accessdate=12 अक्टूबर 2007 | archive-url=https://web.archive.org/web/20071013130935/http://oekolandbau.de/haendler/marktinformationen/biomarkt-weltweit/usa-stand-102006/ | archive-date=13 अक्तूबर 2007 | url-status=dead }}</ref> : :* दो तिहाई [[जैविक दूध]] और [[क्रीम]] और आधा जैविक पनीर और [[दही]] परम्परागत सुपरमार्केट के माध्यम से बिकता है।<ref>{{cite web | author=Dryer, Jerry | year=2003 | title=Market Trends: Organic Lessons | work=Prepared Foods | url=http://www.preparedfoods.com/CDA/Archives/d403da4af1788010VgnVCM100000f932a8c0____ | accessdate=20 जून 2006 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060325182912/http://www.preparedfoods.com/CDA/Archives/d403da4af1788010VgnVCM100000f932a8c0____ | archive-date=25 मार्च 2006 | url-status=dead }}</ref> : '''[[कनाडा]]:''' :* जैविक खाद्य की बिक्री 2006 में $1 बिलियन से ऊपर पहुच गयी, कनाडा में खाद्य की बिक्री 0.9% थी।<ref name="Macey, Anne 2007">{{cite web | author=Macey, Anne | year=2007 | title=Retail Sales of Certified Organic Food Products in Canada in 2006 | format=pdf | work=Organic Agriculture Center of Canada | url=http://www.organicagcentre.ca/Docs/RetailSalesOrganic_Canada2006.pdf | accessdate=9 अप्रैल 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080528100953/http://www.organicagcentre.ca/Docs/RetailSalesOrganic_Canada2006.pdf | archive-date=28 मई 2008 | url-status=dead }}</ref> :* किराने की दुकानों से जैविक खाद्य की बिक्री 2006 में 2005 की तुलना में 28% उच्चतर थी।<ref name="Macey, Anne 2007" /> :* कनाडा की आबादी में 13% ब्रिटिश कोलंबियन है लेकिन 2006 में कनाडा में बेचे गए जैविक खाद्य का 26 प्रतिशत उन्होंने ख़रीदा है।<ref>{{cite web | author=Macey, Anne | year=2007 | title=Retail Sales of Certified Organic Food Products in Canada in 2006. Organic food is not all organic. only food labeled with a 100% organic sticker are pesticide-free/ | format=pdf | work=Organic Agriculture Center of Canada | url=http://www.organicagcentre.ca/Docs/RetailSalesOrganic_Canada2006.pdf | accessdate=9 अप्रैल 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080528100953/http://www.organicagcentre.ca/Docs/RetailSalesOrganic_Canada2006.pdf | archive-date=28 मई 2008 | url-status=dead }}</ref> === यूरोप === यूरोपीय संघ इयू25 ([[EU25]]) में उपयोगी कृषि क्षेत्र का 3.9% भाग जैविक उत्पादन के लिए प्रयोग किया जाता है। ऑस्ट्रिया (11%) और इटली (8.4) और उसके बाद चेक गणराज्य और ग्रीस (दोनों के पास 7.2%) ऐसे देश है जिनके पास जैविक भूमि उच्चतम अनुपात में है। सबसे कम आंकड़े माल्टा (0.1%), पोलैंड (0.8%) और आयरलैंड (0.6%) के लिए दिखाए गए है।<ref>{{cite web | title=Eurostat press release 80/2007 | url=http://epp.eurostat.ec.europa.eu/pls/portal/docs/PAGE/PGP_PRD_CAT_PREREL/PGE_CAT_PREREL_YEAR_2007/PGE_CAT_PREREL_YEAR_2007_MONTH_06/5-12062007-EN-BP.PDF | accessdate=7 अक्टूबर 2007 | author=European Commission – Eurostat | pages=1 | format=PDF | archive-url=https://web.archive.org/web/20071129051841/http://epp.eurostat.ec.europa.eu/pls/portal/docs/PAGE/PGP_PRD_CAT_PREREL/PGE_CAT_PREREL_YEAR_2007/PGE_CAT_PREREL_YEAR_2007_MONTH_06/5-12062007-EN-BP.PDF | archive-date=29 नवंबर 2007 | url-status=live }}</ref> : '''[[ऑस्ट्रिया]]:''' :* 2007 में 11.6% किसानों ने जैविक रूप से उत्पादन किया।<ref>{{cite web | title=FAQ | url=http://www.biolebensmittel.at/article/archive/12548 | accessdate=13 नवंबर 2007 | author=Austrian Ministry of Agriculture | pages= | archive-url=https://web.archive.org/web/20100710075016/http://www.biolebensmittel.at/article/archive/12548 | archive-date=10 जुलाई 2010 | url-status=dead }}</ref> सरकार ने इस आंकड़े को 2010 तक 20 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया है।<ref>{{cite web | title=Obmann-Wechsel bei Bio Austria | url=http://www.agrarnet.info/netautor/napro4/appl/na_professional/parse.php?id=20000%2C%2C900161%2C | accessdate=26 अप्रैल 2007 | author=Austrian chamber of agriculture | pages= | archive-url=https://web.archive.org/web/20110721183717/http://www.agrarnet.info/netautor/napro4/appl/na_professional/parse.php?id=20000,,900161, | archive-date=21 जुलाई 2011 | url-status=dead }}</ref> : :* 2006 में ऑस्ट्रिया के सुपरमार्केट (डिस्काउंट स्टोर सहित) में बिकने वाले सभी खाद्य उत्पादों में 4.9 प्रतिशत जैविक थे।<ref>{{cite web | title=RollAMA Bioanteile LEH 2003–2006 | url=http://www.biolebensmittel.at/filemanager/download/20165/ | accessdate=7 अक्टूबर 2007 | author=Agrarmarkt Austria | pages=2 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090301074557/http://www.biolebensmittel.at/filemanager/download/20165/ | archive-date=1 मार्च 2009 | url-status=dead }}</ref> 8000 विभिन्न जैविक उसी साल ही उत्पाद उपलब्ध थे।<ref>{{cite web | title=Wirtschaftlicher Durchbruch für Bio-Fachhandel im Jubiläumsjahr | url=http://www.bio-austria.at/presse/presseinfo_archiv/pressemeldung__4 | accessdate=13 नवंबर 2007 | author=BIO AUSTRIA | pages= | archive-url=https://archive.today/20121230101520/http://www.bio-austria.at/presse/presseinfo_archiv/pressemeldung__4 | archive-date=30 दिसंबर 2012 | url-status=dead }}</ref> : '''[[इटली]]:''' :* कानून के अनुसार 2005 के बाद से सभी स्कूलों का खाद्य जैविक होना चाहिए.<ref>{{cite web | title=Italian Law Calls for All Organic Foods in Nation's Schools | url=http://www.organicconsumers.org/organic/italy062804.cfm | accessdate=13 नवंबर 2007 | author=Organic Consumers Association | pages= | archive-url=https://web.archive.org/web/20120315151005/http://www.organicconsumers.org/organic/italy062804.cfm | archive-date=15 मार्च 2012 | url-status=live }}</ref> : '''[[पोलैंड]]:''' :* 2005 में 168000 हेक्टेयर भूमि जैविक प्रबंधन के तहत राखी गयी थी। 7 प्रतिशत पोलिश उपभोक्ता वो खाना खरीदते हैं जो यूरोपीय संघ और पारिस्थितिकी के विनियमन के अनुसार उत्पन्न किया गया था। जैविक बाजार का मूल्य 50 लाख यूरो (2006) अनुमानित है।<ref>{{cite web | title=The organic food market in Poland: Ready for take-off | url=http://www.sixtytwo.biz/en/__organicfood1.htm | accessdate=8 अक्टूबर 2007 | author=SixtyTwo International Consultants | pages= | archive-url=https://web.archive.org/web/20070927035437/http://www.sixtytwo.biz/en/__organicfood1.htm | archive-date=27 सितंबर 2007 | url-status=dead }}</ref> : '''[[यूके (UK)]]:''' :* जैविक खाद्य की बिक्री 1993/94 में 100 मिलियन पाउंड से 2004 में 1.21 बिलियन पाउंड तक बढ़ी है (2003 में 11% की बढत).<ref>{{cite web | title=Organic statistics – the shape of organic food and farming | url=http://www.organic.aber.ac.uk/statistics/index.shtml | accessdate=8 अक्टूबर 2007 | author=Organic Centre Wales | pages= | archive-url=https://web.archive.org/web/20071007024319/http://www.organic.aber.ac.uk/statistics/index.shtml | archive-date=7 अक्तूबर 2007 | url-status=dead }}</ref> === कैरिबियन === : '''[[क्यूबा]]:''' :* 1990 में [[सोवियत संघ]] के पतन के बाद, कृषि निवेश जो [[पूर्वी ब्लॉक]] से ख़रीदे गए थे अब क्यूबा में उपलब्ध नहीं है और कई क्यूबा खेत आवश्यकता के चलते जैविक विधियों में परिवर्तित हो गए है।<ref>{{cite web | title=Farming with Fidel | url=http://www.sustainabletimes.ca/articles/cubanfarms.htm | accessdate=8 अक्टूबर 2007 | author=Alison Auld | pages= | archive-url=https://web.archive.org/web/20090304033343/http://www.sustainabletimes.ca/articles/cubanfarms.htm | archive-date=4 मार्च 2009 | url-status=dead }}</ref> नतीजतन, जैविक कृषि क्यूबा में एक मुख्यधारा प्रथा है, जबकि यह अन्य ज्यादातर देशों में एक वैकल्पिक प्रथा बनी हुई है। हालांकि क्यूबा में जैविक कहे जाने वाले कुछ उत्पाद अन्य देशों में प्रमाणीकरण जरूरतों को संतुष्ट नहीं कर पाएंगे (उदाहरण के लिए, फसलों को [[आनुवंशिक रूप से संशोधित]] किया जा सकता है<ref>{{cite web | title=Cuban GMO Vision | url=http://www.pugwash.org/reports/ees/cuba2004/03%20Pugwash/02_Rebecca.pdf | accessdate=8 अक्टूबर 2007 | author=Center for Genetic Engineering and Biotechnology | pages= | format=PDF | archive-url=https://web.archive.org/web/20131105150758/http://www.pugwash.org/reports/ees/cuba2004/03%20Pugwash/02_Rebecca.pdf | archive-date=5 नवंबर 2013 | url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web | title=DirecciÓn de Investigaciones Agropecuarias | url=http://www.cigb.edu.cu/pages/iap.htm | accessdate=8 अक्टूबर 2007 | author=Centro de Ingeniería Genética y Biotecnología de Cuba | pages= | archive-url=https://web.archive.org/web/20070927170658/http://www.cigb.edu.cu/pages/iap.htm | archive-date=27 सितंबर 2007 | url-status=dead }}</ref>), क्यूबा यूरोपीय संघ बाजारों को जैविक नींबू और खट्टे रस जो जैविक मानकों को पूरा करते है निर्यात करता है। क्यूबा का जैविक तरीकों की तरफ रूपांतरण देश को जैविक उत्पादों का वैश्विक सप्लायर बना सकता है।<ref>{{cite web | title=Cuba’s Food & Agriculture Situation Report | url=http://www.fas.usda.gov/itp/cuba/CubaSituation0308.pdf | accessdate=4 सितंबर 2008 | author=Office of Global Analysis, FAS, USDA | pages= | format=PDF | archive-url=https://web.archive.org/web/20131105/http://www.fas.usda.gov/itp/cuba/cubasituation0308.pdf | archive-date=5 नवंबर 2013 | url-status=dead }}</ref> === जैविक ओलंपियाड === : '''जैविक ओलंपियाड 2007 से जैविक नेतृत्व के बारह उपायों के आधार पर देशों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक से सम्मानित करता है।<ref>पॉल, जॉन [http://orgprints.org/12892/01/12892.pdf "ऑर्गनिक्स ओलंपियाड 2007 - वैश्विक जैव कृषि स्थिति पर परिप्रेक्ष्य] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090325020221/http://orgprints.org/12892/01/12892.pdf |date=25 मार्च 2009 }}, ''एकर्स ऑस्ट्रेलिया'', (2008) 16 (1): 36–38.</ref>''' . स्वर्ण पदक विजेता थे: :* 11.8 मिलियन जैविक हेक्टेयर के साथ [[ऑस्ट्रेलिया]]. :* 83,174 जैविक खेतों के साथ [[मैक्सिको]]. :* 15.9 मिलियन प्रमाणित जंगली जैविक हेक्टेयर के साथ [[रोमानिया]]. :* 135 हजार टन जैविक जंगली फसल उत्पादन के साथ [[चीन]]. :* 1805 जैविक अनुसंधान प्रकाशनों के साथ [[डेनमार्क]]. :* आइऍफ़ओएएम् (IFOAM) के 69 सदस्यों के साथ [[जर्मनी]]. :* 1,998,705 जैविक हेक्टेयर की वृद्धि के साथ [[चीन]]. :* 27.9% जैविक प्रमाणित कृषि भूमि के साथ [[लिचेंस्टीन]]. :* हेक्टेयर जैविक में 8488% वार्षिक वृद्धि के साथ [[माली]]. :* अपनी कृषि भूमि में वार्षिक 3.01% की जैविक वृद्धि के साथ [[लाटविया]]. :* कुल कृषि में जैविक साझा की 4-वार्षिक वृद्धि के10.9% के साथ [[लिचेंस्टीन]]. :* 103 यूरो के जैविक उत्पादन पर प्रति व्यक्ति वार्षिक खर्च के साथ [[स्विट्ज़रलैंड]]. == इन्हें भी देखें == <div></div> * [[ऑस्ट्रेलियाई जैविक कृषि एवं बागवानी सोसायटी]] * [[चीन हरित खाद्य विकास केंद्र]] * [[समुदाय-समर्थित कृषि]] * [[इकोलेबल]] * [[आनुवंशिक रूप से संशोधित खाद्य]] * [[कोषेर खाद्य पदार्थ]] * [[प्राकृतिक खाद्य पदार्थ]] * [[जैविक वस्त्र]] * [[जैविक कृषि]] * [[जैविक कृषि सार-संग्रह (ऑर्गनिक फार्मिंग डाइजेस्ट)]] * [[जोखिम प्रबंधन एजेंसी]] * [[मौसमी खाद्य]] * [[स्थायी कृषि]] * [[स्थायी खाद्य तंत्र]] * [[स्थायी जीवन-यापन]] * ''[[द फ्यूचर ऑफ़ फ़ूड]]'' (जैविक खाद्य पर एक खंड के साथ आनुवंशिक रूप से संशोधित खाद्य के बारे में एक वृत्तचित्र फ़िल्म) * [[सम्पूर्ण खाद्य पदार्थ]] == सन्दर्भ == {{reflist|2}} == आगे पढ़ें == <div style="clear:both;width:100%;padding:0;text-align:left;border:none" class="NavFrame"> <div class="NavHead" style="background:#eeffee;text-align:center;border:1px solid #667766">जैविक तत्वों पर</div> <div class="NavContent"></div></div> * {{cite book | author=PAN ''U''K | title=Pesticides on a Plate | publisher=PAN-UK (UK) | year=2008 | isbn=13 978-0-9549542-6-0 | url=http://www.pan-uk.org | access-date=14 जून 2020 | archive-url=https://web.archive.org/web/20190923193400/https://www.pan-uk.org/ | archive-date=23 सितंबर 2019 | url-status=dead }} * {{cite book | author=Environmental Magazine | title=Green Living | url=https://archive.org/details/greenliving00emag | publisher=Penguin Group (USA) | year=2005 | isbn=0-452-28574-7}} * {{cite book | author=Gussow, Joan Dye | title=This Organic Life: Confessions of a Suburban Homesteader | url=https://archive.org/details/thisorganiclifec0000guss | publisher=Chelsea Green Publishing | year=2002 | isbn=1-931498-24-5}} * {{cite book | author=Nancarrow, Loren; Taylor, Janet Hogan | title=Dead Daisies Make Me Crazy: Garden Solutions without Chemical Pollution | publisher=Ten Speed Press | year=2000 | isbn=1-58008-156-8 | url-access=registration | url=https://archive.org/details/deaddaisiesmakem00lore }} * {{cite journal | author=Pretty, J. N., et al. | title=[http://pubs.acs.org/subscribe/journals/esthag/40/i04/html/021506news2.html Resource-Conserving Agriculture Increases Yields in Developing Countries] | journal=Environmental Science and Technology | year=2006 | volume=40 | pages=1114–1119 | doi=10.1021/es051670d | pmid=16572763 | issue=4}} * {{cite book | author=Phillips, Michael | title=The Apple Grower: A Guide for the Organic Orchardist | url=https://archive.org/details/applegrowerguide0000phil | publisher=Chelsea Green Publishing | year=1998 | isbn=1-890132-04-7}} * {{cite book | author=Rubin, Carole | title=How to Get Your Lawn & Garden Off Drugs: A Basic Guide to Pesticide-Free Gardening in North America | url=https://archive.org/details/howtogetyourlawn0000rubi | publisher=Harbour Publishing Company | year=2003 | isbn=1-55017-320-0}} * {{cite journal | author=Stokstad, Erik | title=Organic Farms Reap Many Benefits | journal=Science | month=May | year=2002 | volume=296 | pages=1589 | url=http://sciencenow.sciencemag.org/cgi/content/full/2002/530/1 | doi=10.1126/science.296.5573.1589a | format={{dead link|date=मार्च 2010}} | access-date=17 जून 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090304034420/http://sciencenow.sciencemag.org/cgi/content/full/2002/530/1 | archive-date=4 मार्च 2009 | url-status=dead }} * {{cite book | author=Kingsolver, Barbara; Kngsolver, Camille; Hopp, Steven L. | title=Animal, Vegetable, Miracle | url=https://archive.org/details/animalvegetablem0000king_j0n2 | publisher=HarperCollins | year=2007 | isbn=0060852550}} <div style="clear:both;width:100%;padding:0;text-align:left;border:none" class="NavFrame"> <div class="NavHead" style="text-align:center;border:1px solid #667766">पारंपरिक बनाम जैविक कृषि पर</div> <div class="NavContent"></div></div> * {{cite book | author=Guthman, Julie | title=Agrarian Dreams: The Paradox of Organic Farming in California | url=https://archive.org/details/agrariandreamspa0000guth_s4p6 | publisher=University of California Press | year=2004 | isbn=0-520-24095-2}} * {{cite book | author=Hamilton, Denis; Crossley, Stephen (editors) | title=Pesticide residues in food and drinking water | url=https://archive.org/details/pesticideresidue0000unse_i9b5 | publisher=J. Wiley | year=2004 | isbn=0-471-48991-3}} * {{cite book | author=Hond, Frank et al. | title=Pesticides: problems, improvements, alternatives | url=https://archive.org/details/pesticidesproble0000unse | publisher=Blackwell Science | year=2003 | isbn=0-632-05659-2}} * {{cite book | author=Watson, David H. (editor) | title=Pesticide, veterinary and other residues in food | publisher=Woodhead Publishing | year=2004 | isbn=1-85573-734-5}} * {{cite book | author=Wargo, John | title=Our Children's Toxic Legacy: How Science and Law Fail to Protect Us from Pesticides | url=https://archive.org/details/ourchildrenstoxi0000warg_b4u7 | publisher=Yale University Press | year=1998 | isbn=0-300-07446-8}} * {{cite conference | first = Christine | last = Williams | authorlink = |author2= | title = Nutritional quality of organic food: shades of grey or shades of green? | booktitle = Proceedings of the Nutrition Society | pages = 19–24 | publisher = | year= 2002 | location = | url = | doi = | id = | accessdate = }} <div style="clear:both;width:100%;padding:0;text-align:left;border:none" class="NavFrame"> <div class="NavHead" style="text-align:center;border:1px solid #667766">कीटनाशक और खाद्य</div> <div class="NavContent"> * ओंटारियो कॉलेज ऑफ़ फैमिली फिज़िसियंस से [https://web.archive.org/web/20090329064025/http://www.ocfp.on.ca/English/OCFP/Communications/CurrentIssues/Pesticides/default.asp?s=1 कीटनाशकों पर व्यापक प्रेस विज्ञप्ति] * Nutrition.gov से [https://web.archive.org/web/20061008025956/http://www.epa.gov/pesticides/food/brochure.pdf कीटनाशक और खाद्य] (पीडीएफ (PDF)) पुस्तिका * पर्यावरण संरक्षण एजेंसी से [https://web.archive.org/web/20150928135900/http://www.epa.gov/pesticides/food/viewtols.htm खाद्य पर कीटनाशक के अवशेष की सीमाएं] * पूर्वोत्तर जैविक कृषि एसोसिएशन से [https://web.archive.org/web/20090801105957/http://www.nofany.org/hottopics/pesticidesinfood.html खाद्य में कीटनाशक] * कार्सिनोजेनिक पोटेंसी प्रॉजेक्ट से [https://web.archive.org/web/20100712113006/http://potency.berkeley.edu/text/fdatestimony.html अन्य प्राकृतिक एवं कृत्रिम पदार्थों की तुलना में आहार पूरकों के संभावित विषाक्त खतरों के श्रेणीकरण पर एफडीए (FDA) की गवाही] * प्राकृतिक बनाम कृत्रिम रसायनों पर, द एनवायरनमेंटल कैंसर डिस्ट्रैक्शन के डॉ ब्रूस एम्स और डॉ लोइस स्विस्की-गोल्ड से [https://web.archive.org/web/20090304223727/http://www.marshall.org/article.php?id=73 पैरासेल्सस टु पैरासाइंस - द एनवायरनमेंटल कैंसर डिस्ट्रैक्शन] * [https://web.archive.org/web/20100706054547/http://www.acsh.org/publications/pubID.103/pub_detail.asp एसीएसएच (ACSH) अवकाश रात्रिभोज सूची]. अमेरिकी विज्ञान एवं स्वास्थ्य परिषद्, हमारे खाद्य में विषाक्त पदार्थों पर. </div></div> == बाहरी कड़ियाँ == *[https://ayurvedicforhealth.blogspot.com Organic Nutrition] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20191211073817/https://ayurvedicforhealth.blogspot.com/ |date=11 दिसंबर 2019 }} * [https://web.archive.org/web/20110930002232/http://www.prakritik.com/ '''प्राकृतिक''''] - बेहतर स्वास्थ्य के लिये * [http://www.pan-uk.org.org पेस्टिसाइड एक्शन नेटवर्क]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} विषाक्त कीटनाशकों के खतरों, उनसे हमारे संपर्क या उनसे हमें होने वाले खतरों और हमारे निवास एवं कार्य पर्यावरण में उनकी उपस्थिति को समाप्त करने के लिए कार्यरत. * [https://web.archive.org/web/20190310081535/http://www.sustainabletable.org/ सस्टेनेबल टेबल (स्थायी तालिका)] स्थायी खाद्य मुद्दों पर शैक्षिक संसाधन * [https://web.archive.org/web/20100618144524/http://www.organicconsumers.org/ ऑर्गनिक कंज्यूमर्स एसोसिएशन (जैव उपभोक्ता एसोसिएशन)] जैविक खाद्य में उपभोक्ताओं की रुचि को प्रोत्साहित करने वाला प्रमुख अमेरिका-आधारित लाभ-निरपेक्ष संगठन * [https://web.archive.org/web/20190127190358/http://organic.com.ua/ ऑर्गनिक फेडरेशन ऑफ़ यूक्रेन (यूक्रेन जैविक संघ)] जैविकता को प्रोत्साहन देने वाला यूक्रेनियन अम्ब्रेला लाभ-निरपेक्ष संगठन * [http://www.ams.usda.gov/AMSv1.0/ams.fetchTemplateData.do?template=TemplateA&amp;navID=NationalOrganicProgram&amp;leftNav=NationalOrganicProgram&amp;page=NOPNationalOrganicProgramHome&amp;acct=nop USDA नैशनल ऑर्गनिक प्रोग्राम (यूएसडीए राष्ट्रीय जैविक कार्यक्रम)] संयुक्त राज्य अमेरिका में जैविक खाद्य के उत्पादन एवं लेबलिंक मानकों के प्रशासन के लिए जिम्मेदार * [https://web.archive.org/web/20100830085307/http://www.bl.uk/reshelp/findhelpindustry/organicfood/organicfood.html द ब्रिटिश लाइब्रेरी - ऑर्गनिक फ़ूड इंडस्ट्री गाइड (ब्रिटिश पुस्तकालय - जैविक खाद्य उद्योग मार्गदर्शिका)] ब्रिटेन के सूत्रों की सूचना * [https://web.archive.org/web/20120111015444/http://s104030255.websitehome.co.uk/organic_food_meanings_full.htm प्रभाव का न्यूनीकरण? ][https://web.archive.org/web/20120111015444/http://s104030255.websitehome.co.uk/organic_food_meanings_full.htm जैविक खाद्य के अर्थ.] जैविक खाद्य के अर्थ पर शैक्षणिक अनुसंधान. * [http://naturesorganicmarket.com/page.html?chapter=0&amp;id=9 जैविक खाद्य के लाभ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120707075249/http://www.naturesorganicmarket.com/page.html?chapter=0&id=9 |date=7 जुलाई 2012 }} समझाता है कि क्यों जैविक खाद्य एक बेहतर विकल्प है [[श्रेणी:जैविक खाद्य]] [[श्रेणी:स्थायी खाद्य तंत्र]] [[श्रेणी:गूगल परियोजना]] 4g0lf645hb8veos6xdj80n6jg3diknc नायर 0 194818 6582827 6546031 2026-07-15T08:34:19Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582827 wikitext text/x-wiki {{ख़राब अनुवाद|1=अंग्रेज़ी|date=जून 2025}} {{About|a Hindu caste|other uses|Nair (disambiguation)}} {{Infobox caste |image = [[चित्र:Veera Kerala Varma Pazhassi Raja.jpg|84px]][[चित्र:Raja Ravi Varma, Lady Playing the Swarabat.jpg|95px]][[चित्र:Zamorin of Calicut (1868-1892).jpg|96px]][[चित्र:Shobana perfomence (cropped).jpg|103px]] [[चित्र:Mohanlal Viswanathan BNC.jpg|93px]] [[चित्र:Jayabharathi kollam.png|92px]] [[चित्र:Nithya Menen at the trailer launch of her film 'Mission Mangal'.jpg|92px]] [[चित्र:Krishna Menon.jpg|91px]] [[चित्र:Shashi Tharoor 3 -crop-.jpg|82px]] |caption = नायर समुदाय के कुछ प्रमुख लोग |group = Nair<br />''നായര്‍'' |pop = '''5,000,000''' ('''14.89%''' of [[Kerala]] population)<ref>http://www.jstor.org/pss/4367366 Table 3:Percentage distribution of total land owned by communities - Proportion of households (1968)</ref> |country = [[भारत]] |region = [[केरल]] |languages = [[मलयालम]] |religions = [[हिन्दू धर्म]] |related = [[बन्त (समुदाय)|बन्त]],[[क्षत्रिय]] }} '''नायर''' (मलयालम: നായര്, {{pronounced|naːjar}}, जो '''[[नैयर]]''' '''[3]''' और '''[[मलयाला क्षत्रिय]]'''<ref>http://books.google.co.in/books?id=AXN1Mq2WuYsC {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120421095857/http://books.google.co.in/books?id=AXN1Mq2WuYsC |date=21 अप्रैल 2012 }} पृष्ठ 5, पंक्ति 25</ref><ref>http://books.google.co.in/books?id=NBG2AAAAIAAJ&amp;pg=PA40 पृष्ठ 40, पंक्ति 16</ref> के रूप में भी विख्यात है), भारतीय राज्य [[केरल]] के हिन्दू [[उन्नत जाति]] का नाम है। 1792 में ब्रिटिश विजय से पहले, केरल [[राज्य]] में छोटे, सामंती क्षेत्र शामिल थे, जिनमें से प्रत्येक शाही और कुलीन वंश में, नागरिक सेना और अधिकांश भू प्रबंधकों के लिए नायर और संबंधित जातियों से जुड़े व्यक्ति चुने जाते थे।<ref>"नायर." एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका. 2008. एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका ऑनलाइन. 5 जून 2008</ref> नायर राजनीति, सरकारी सेवा, चिकित्सा, शिक्षा और क़ानून में प्रमुख थे।<ref>एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका</ref> नायर शासक, योद्धा और केरल के भू-स्वामी कुलीन वर्गों में संस्थापित थे (भारतीय स्वतंत्रता से पूर्व). नायर परिवार पारंपरिक रूप से [[मातृवंशीय]] था, जिसका अर्थ है कि परिवार अपने मूल के निशान महिलाओं के माध्यम से खोजता है। बच्चों को अपने माता के परिवार की संपत्ति विरासत में मिलती है। उनकी पारिवारिक इकाई में, जिसके सदस्यों को संयुक्त रूप से संपत्ति पर स्वामित्व हासिल था, भाइयों और बहनों, बहन के बच्चों और उनकी बेटियों के बच्चे शामिल थे। सबसे बूढ़ा आदमी समूह का क़ानूनी मुखिया था और उसको परिवार के [[कर्नवार]] या [[तरवाडु]] के रूप में सम्मान दिया जाता था। साम्राज्यों के बीच कुछ हद तक शादी और निवास के नियमों में भिन्नता थी।<ref>"नायर." एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका. अल्टीमेट रेफ़रेन्स स्वीट. शिकागो: एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका, 2008.</ref> नायर अपने सामरिक इतिहास के लिए विख्यात हैं, जिसमें [[कलरीपायट्टु]] में उनकी भागीदारी और [[मामनकम]] धार्मिक अनुष्ठान में नायर योद्धाओं की भूमिका शामिल है। नायरों को [[अंग्रेज़ों]] द्वारा [[योद्धा वंश]]<ref>{{cite book | title = Asia: Asian Quarterly of Culture and Synthesis | author = American Asiatic Association | publisher = Asia Magazine | year = 1942 | page = 22}}</ref><ref>{{cite book | title = The Mass Media and Village Life: An Indian Study | author = Paul Hartmann, B. R. Patil, Anita Dighe | publisher = Sage Publications | year = 1989 | page = 224}}</ref><ref>{{cite book | title = Many Worlds: An Autobiography | url = https://archive.org/details/manyworldsautobi0000meno | author = Kumara Padmanabha Sivasankara Menon | publisher = Oxford University Press | year = 1965 | page = [https://archive.org/details/manyworldsautobi0000meno/page/2 2]}}</ref><ref>{{cite book | title = Imprint | author = Hugh Gantzer | publisher = Business Press | date = April 1975-March 1976 | page = 80}}</ref> के रूप में वर्गीकृत किया गया था, लेकिन [[वेलु तंपी दलवा]] के अधीन उनके विरुद्ध बग़ावत करने के बाद उन्हें सूची से हटा दिया गया और उसके बाद [[ब्रिटिश भारतीय फ़ौज]] में निम्न संख्या में भर्ती किए जाने लगे.<ref name="keralapolicehistory.com">{{Cite web |url=http://www.keralapolicehistory.com/trvpol1.html |title=http://www.keralapolicehistory.com/trvpol1.html |access-date=30 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100322225528/http://keralapolicehistory.com/trvpol1.html |archive-date=22 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref> 1935 तक [[तिरुवितमकूर]] [[नायर पट्टालम]] (त्रावणकोर राज्य नायर फ़ौज) में केवल नायरों की भर्ती की जाती थी, जिसके बाद से ग़ैर-नायरों को भी शामिल किया गया।<ref name="keralapolicehistory.com" /> इस राज्य बल का (जो [[नायर ब्रिगेड]] के रूप में भी जाना जाता है), आज़ादी के बाद भारतीय सेना में विलय हो गया और वह [[भारतीय सेना]] का सबसे पुराना बटालियन, [[9वां बटालियन मद्रास रेजिमेंट]] बना. [[सामंत क्षत्रिय]] [[कोलतिरी]] और [[त्रावणकोर]] साम्राज्यों<ref name="autogenerated1">{{Cite web |url=http://www.everyculture.com/South-Asia/Nayar-History-and-Cultural-Relations.html |title=Nayar History and Cultural Relations |access-date=30 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110520052501/http://www.everyculture.com/South-Asia/Nayar-History-and-Cultural-Relations.html |archive-date=20 मई 2011 |url-status=dead }}</ref> की नायर विरासत है<ref>पूर्वी मानव विज्ञानी, नृवंशविज्ञान और लोक-संस्कृति सोसायटी (उत्तर प्रदेश, भारत), लखनऊ विश्वविद्यालय की मानव विज्ञान प्रयोगशाला, 1958, पृ 108</ref>. [[ज़मोरिन]] राजा एक [[सामंतन]] नायर थे<ref name="autogenerated1" /> और [[कन्नूर]] के [[अरक्कल]] साम्राज्य में भी, जो केरल क्षेत्र का एकमात्र [[मुस्लिम]] साम्राज्य था, नायर मूल पाया गया<ref>{{cite book | title = A Survey of Kerala History | author = A. Sreedhara Menon | publisher = Sahitya Pravarthaka Co-operative Society | year = 1967 | page = 204}}</ref><ref>{{cite book | title = Lakshadweep| author = N. S. Mannadiar | publisher = Administration of the Union Territory of Lakshadweep | year = 1977 | page = 52}}</ref><ref>{{cite book | title = Reminiscences| author = Ke. Si. Māmmanmāppiḷa | publisher = Malayala Manorama Pub. House | year = 1980 | page = 75}}</ref>. [[त्रावणकोर]] के [[एट्टुवीटिल पिल्लमार]] और [[कोची]] के [[पलियात अचन]] जैसे नायर सामंती परिवार अतीत में अत्यंत प्रभावशाली थे और सत्तारूढ़ दल पर काफ़ी असर डालते थे। == व्युत्पत्ति == ''नायर'' शब्द की व्युत्पत्ति-विषयक दो व्याख्याएं मौजूद हैं। पहली व्याख्या यह है कि शब्द ''नायर'' [[संस्कृत]] शब्द ''[[नायक]]'' से व्युत्पन्न है, जिसका अर्थ है नेता. संस्कृत शब्द ''नायक'' दक्षिण भारत में विभिन्न रूपों में दिखाई देता है (तमिलनाडु में ''[[नायकन]]/[[नायकर]]'', कर्नाटक और महाराष्ट्र में ''''[[नायक]]'' '', आंध्र प्रदेश में ''[[नायुडू]]'') और सुझाया गया है कि शब्द ''नायर'' मलयालम में ''नायक'' का विकृत रूप हो सकता है।<ref>{{cite book | title = Matrilineal System in Malabar| author = P. V. Balakrishnan | year = 1981 | page = 27}}</ref><ref>{{cite book | title = Manual of the Administration of the Madras Presidency | url = https://archive.org/details/manualadministr00pregoog | author = Madras (Presidency) | year = 1885 | page = [https://archive.org/details/manualadministr00pregoog/page/100 100]}}</ref><ref>द साइक्लोपीडिया ऑफ़ इंडिया एंड ऑफ़ ईस्टर्न एंड सदर्न एशिया, एडवर्ड बल्फोर, 1885, पृ 249</ref> दूसरी व्याख्या यह है कि शब्द नायर शब्द [[नागर]] (नाग लोग) का विकृत रूप है। == उत्पत्ति के सिद्धांत == [[चित्र:Radha Devi.png|thumbnail|शाही नायर महिला ( Nair Pillai Amma )]] [[चित्र:EttuveettilPillas.jpg|thumbnail|एट्टुवीटिल पिल्लमार से जुड़े नायर सामंत मुखिया]] नायरों के बारे में प्रारंभिक विवरणों में उल्लेख है कि नायर (नागर) [[नागा साम्राज्य]] द्वारा [[महाभारत]] काल में [[कुरुक्षेत्र]] युद्ध में भाग लेने के लिए भेजे गए नागर ब्राह्मण/ नेवार ब्राह्मणों/ नागर योद्धाओं की संतान हैं (स्रोत आठ सर्पों को गिनाते हैं - [[वासुकी]], [[अनंत]], [[तक्षक]], संगपाल, गुलिका, [[महापद्म]], सरकोटा और [[कर्कोटका]]. नायरों के लिए [[श्री पद्मनाभ मंदिर]] का विशेष महत्व है, चूंकि उसे [[अनंत]] का निवास माना जाता है और नायरों का दावा है कि मंदिर में विशेष शक्तियां हैं<ref>भारत इम्पीरियल गजट: प्रांतीय श्रृंखला, खंड 18 पृ.436</ref><ref>केरल के मंदिर, एस. जयशंकर, भारत द्वारा. जनगणना संचालन, केरल निदेशालय. पृ.322</ref>). युद्ध के बाद, उनका सामना [[परशुराम]] से हुआ, जिन्होंने नागों के विनाश की शपथ ली थी, क्योंकि वे [[क्षत्रिय]] थे। नागों ने खुद को [[मानव]] रूप में बदल लिया, अपने पवित्र धागों को काट डाला और युद्ध के मैदान से भाग गए। ईसा पूर्व दूसरी सदी में जब [[शक]] या [[इंडो-स्काइथियन]] ने भारत पर हमला किया, उत्तरी भारत में कुछ नागा [[स्काइथियन]] में मिल गए। उन्होंने मातृ-सत्ता, बहुपतित्व और अन्य स्काइथियन रिवाजों को अपनाया.<ref>एल. ए. कृष्ण अय्यर द्वारा सोशल हिस्ट्री ऑफ़ केरला: द द्रविडियन्स</ref> [[उत्तर प्रदेश]] में [[नैनीताल]] के निकट [[अहिछत्र]] का नागा-स्काइथियन जनजाति को 345 ई. में [[कदंब]] राजवंश के राजा [[मयूरवर्मा]] ने उनके अन्य [[ब्राह्मण]] पुजारियों के साथ उत्तरी [[कर्नाटक]] के [[शिमोगा]] में बसने के लिए आमंत्रित किया।<ref>कदंबास, फ़णिकंठ मिश्र पृ.14 द्वारा</ref><ref>हिंदू धर्म के विश्वकोश, खंड 7 एन.के. सिंह द्वारा पृ.2715</ref><ref>न्यू लाइट थ्रोन ऑन द हिस्टरी ऑफ़ इंडिया: द हिस्टॉरिकल नागा किंग्स ऑफ़ इंडिया, नारायण गोपाल तवकर द्वारा</ref> वे दक्षिण की ओर स्थानांतरित हुए और [[मालाबार]] पहुंचे, जहां उन्होंने [[विल्लवरों]] के साथ लड़ाई की और उन्हें हराया. बाद में उन्होंने [[मालाबार]] और [[तुलु नाडू]] में [[अपने साम्राज्य]] स्थापित किए<ref>एन इन्ट्रोडक्शन टु द स्टडी ऑफ़ इंडियन हिस्ट्री में डॉ॰ डी. डी. कोसांबी, (बंबई, 1956), पृ.113 - नायर: 1959: 11</ref>. अंततः नागर [[त्रावणकोर]] पहुंचे, जोकि [[भारत]] का सबसे दक्षिणी छोर है। अभी भी मन्नारसाला (त्रावणकोर) में पवित्र ''[[सर्पकावु]]'' (सांप की बांबी) मौजूद है, जो एक नायर परिवार के स्वामित्व में है, जिनके पूर्वजों के बारे में मान्यता है कि ये वही नाग सर्प हैं जिन्हें [[भगवान कृष्ण]] और [[अर्जुन]] द्वारा [[खांडव वन]] (वर्तमान [[पंजाब (भारत)|पंजाब]]) के दहन के समय छोड़ दिया था।<ref>एल.ए. कृष्ण अय्यर द्वारा सोशल हिस्ट्री ऑफ़ केरला: द द्रविडियन्स पृ.003</ref> पौराणिक कथाओं के अलावा, नायरों को [[नागवंशी]] [[क्षत्रियों]] की संतान माना जाता है, जो आगे उत्तर से [[केरल]] की ओर स्थानांतरित हुए.<ref>किशोरी लाल फ़ौज़दार: ''उत्तर प्रदेश के मध्यकालीन जाटवंश और राज्य'', जाट समाज, मासिक पत्रिका, आगरा, सितंबर-अक्तूबर 1999</ref> डॉ॰ के.के. पिल्लै के अनुसार, नायरों के बारे में पहला संदर्भ, 9वीं सदी के एक शिलालेख में मौजूद है।<ref>{{cite book | title = In Quest of Kerala | author = K. Balachandran Nair | publisher = Accent Publications | year = 1974| page = 117}}</ref> नायरों को इस प्रकार वर्णित किया गया है: {{cquote|A race caste who do not owe their origin to function, although, by force of example, their organization is almost equally rigid, and they are generally identified with particular trades or occupations. These race caste communities were originally tribes, but on entering the fold of Hinduism, they imitated the Hindu social organization, and have thus gradually hardened to castes.<ref>{{cite book | title = Encyclopedia of Religion and Ethics Part 5 | author = James Hastings | publisher = Kessinger Publishing | year = 2003 | page = 231}}</ref>}} अनेक समाजशास्त्रियों का विचार है कि नायर [[केरल]] देशी नहीं हैं, क्योंकि उनके अनेक रिवाज और परंपराएं अन्य केरलवासियों से उन्हें अलग करती है। पौराणिक कथाओं के आधार पर एक परिकल्पना है कि नायर लोग [[नागा]] हैं, जो नाग राजवंश ([[नागवंश]]) से जुड़े ''[[क्षत्रिय]]'' हैं<ref>डाउनफ़ॉल ऑफ़ हिन्दू इंडिया, चिंतांमन विनायक वैद्य, 1986, पृ 278</ref><ref>{{cite book | title = The Modern Review | author = Ramananda Chatterjee | publisher = Prabasi Press Private, Ltd. | year = 1922| page = 675}}</ref>, जिन्होंने अपना पवित्र धागा निकाल दिया और प्रतिशोधी [[परशुराम]] के क्रोध से बचने के लिए दक्षिण की ओर पलायन कर गए। [[रोहिलखंड]] से नागा मूल का एक सुझाव दिया गया है।<ref>जेरोवाइस एथल्स्टेन बेइनस (1893), भारत की जनगणना पर सामान्य रिपोर्ट, 1891, लंदन महारानी स्टेशनरी कार्यालय, पृ 184</ref> नाग की पूजा के संबंध में नायर समुदाय का लगाव, योद्धा होने का उनका अतीत और पवित्र धागे की अनुपस्थिति इस सिद्धांत का समर्थन करती है। इसके अलावा, [[त्रावणकोर]] राज्य मैनुअल में उल्लेख है कि केरल में नाग की पूजा करने वाले नागा ज़रूर मौजूद थे जिन्होंने समझौता होने तक नंबूद्रियों के साथ लड़ाई की. नायरों को इंडो-स्काइथियन ([[शक]]) मूल के रूप में वर्गीकृत किया गया है और साथ ही नागाओं के साथ उन्हें जोड़ा गया है।<ref>{{cite book | title = The Modern Review | author = Ramananda Chatterjee | publisher = Prabasi Press Private, Ltd | year = 1907 | page = 695}}</ref><ref>रामन मेनन, के."द स्काइथियन ऑरिजिन ऑफ़ द नायर्स", मालाबार त्रैमासिक समीक्षा, खंड 1, अंक 2, जून 1902</ref><ref>{{cite book | title = The Travancore State Manual | author = V. Nagam Aiya | publisher = Princely State of Travancore | year = 1906 | page = 348}}</ref> तमिल ग्रंथों की व्याख्या करने वाले [[चट्टंपी स्वामीकल]] के अनुसार, नायर नाका (नाग या सांप) स्वामी थे, जिन्होंने [[चेरा]] (चेरा = सांप) साम्राज्य के सामंती शासकों के रूप में शासन किया। इसलिए यह सिद्धांत प्रस्तावित करता है कि नायर ब्राह्मण-पूर्व केरल के शासकों और सामरिक कुलीनों के वंशज हैं। लेकिन सबसे व्यापक रूप से स्वीकृत सिद्धांत है कि जातीय समूह केरल के मूल निवासी नहीं हैं और केरल के नायर और उसी तरह मातृवंशीय [[तुलु नाडू]] के [[बंट]] [[क्षत्रियों]] के वंशज हैं, जो ब्राह्मणों के साथ दक्षिण पांचाल के अहिछत्र/अहिक्षेत्र से क्रमशः केरल और तुलु नाडू आए.<ref>http://nairsofkerala.blog.co.uk/2008/03/12/theories-of-origin-3860390/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080612060531/http://nairsofkerala.blog.co.uk/2008/03/12/theories-of-origin-3860390 |date=12 जून 2008 }} Theory of origin</ref> द्वितीय चेरा राजवंश के राजा राम वर्मा [[कुलशेखर]] के शासन-काल के दौरान नायरों के बारे में उल्लेख मिलता है, जब चोलों द्वारा चेरा साम्राज्य पर हमला किया गया। नायर चढ़ाई करने वाले बल के खिलाफ़ आत्मघाती दस्ते (चेवर) का गठन कर लड़े.{{Citation needed|date=अगस्त 2009}} यह स्पष्ट नहीं है कि चेरा ख़ुद नायर थे, या चेराओं ने नायरों को योद्धा वर्ग के रूप में नियुक्त किया था।<ref name="ZachariasThundy">[http://www.shelterbelt.com/KJ/khnairs.html The Nair heritage of Kerala: People and culture] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100521043819/http://www.shelterbelt.com/KJ/khnairs.html |date=21 मई 2010 }}, ''keralaonlinetourism.com''</ref> == तुलु नाडू के बंटों के साथ संबंध == 17वीं सदी के [[ब्राह्मण]]-[[मलयाली]] [[ब्राह्मणों]] से प्रेरित [[केरलोलपति]] और [[तुलु]] [[ब्राह्मणों]] के पधती, केरल के नायरों और इसी तरह तुलु नाडू के मातृवंशीय [[बंटों]] का क्षत्रियों के वंशज के रूप में वर्णन करते हैं, जो क्रमशः उत्तरी [[पांचाल]] के [[अहिछत्र]]/अहिक्षेत्र से ब्राह्मणों के साथ केरल और तुलु नाडू पहुंचे।<ref>http://books.google.com/books?id=K0RHOwAACAAJ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120420041304/http://books.google.com/books?id=K0RHOwAACAAJ |date=20 अप्रैल 2012 }} मैक्लीन द्वारा मद्रास प्रेसीडेंसी का प्रशासन मैनुअल</ref> इस शहर के अवशेष वर्तमान भारतीय राज्य [[उत्तर प्रदेश]] के [[बरेली जिले]] में [[आओनला]] तहसिल में बसे [[रामनगर]] ग्राम में पाए गए।<ref>लाहिड़ी बेला (1972). ''इनडाइजीनस स्टेट्स ऑफ़ नॉर्थर्न इंडिया (ई.पू. 200 से 320 ई. तक)'', कलकत्ता: कलकत्ता विश्वविद्यालय, पृ. 170-88</ref> ''द मैनुअल ऑफ़ मद्रास अडमिनिस्ट्रेशन खंड दो'' (1885 में मुद्रित) नोट करता है कि [[कुंदगन्नदा]] (कन्नड़ भाषा) बोलने वाले नडवा या नाडा बंट और मलयालम बोलने वाले मालाबार के नायर तथा दक्षिणी तुलु नाडू के तुलु बोलने वाले बंट एक जैसे लोग ही हैं:<blockquote> {{cquote|They appear to have entered Malabar from the North rather than the South and to have peopled first the Tulu, and then the Malayalam country. They were probably the off-shoot of some colony in the Konkan or the Deccan. In Malabar and south of Kanara as far as Kasargod, they are called Nayars and their language is Malayalam. From Kasargod to Brahmavar, they are termed as [[Bunt]]s and speak Tulu. To the north of Brahmavar, they are called Nadavars, and they speak Kanarese.}} </blockquote> तुलु नाडू से नायरों का अस्तित्व ग़ायब हो गया है लेकिन मध्ययुगीन [[बरकुर]] में पाए गए शिलालेखों और ग्राम पडती में, जो तुलु नाडू के ब्राह्मण परिवारों का इतिहास देता है, नायरों के बारे में कई संदर्भ हैं। लगता है कि ब्राह्मणों के साथ उनके घनिष्ठ संबंध थे और वे उनके संरक्षकों के रूप में कार्य करते थे, संभवतः वे 8वीं शताब्दी में [[कदंबा]] राजाओं द्वारा तुलु नाडू लाए गए थे। कदंब राजा [[मयूरवर्मा]] ने, जिन्हें अहिछत्र (उत्तर से) ब्राह्मणों को लाने का श्रेय दिया जाता है, नायरों को तुलु नाडू में बसाया और शिलालेखों में तुलु नाडू में नायरों की उपस्थिति का उल्लेख अलुपा काल (14वीं शताब्दी का प्रारंभिक अंश) के बाद आता है। केरल के राजाओं की तरह तुलु नाडू के बंट राजाओं के पुरखे भी नायर वंश के थे। उदाहरण के लिए, [[उडुपी जिले]] के [[कनजर]] के अंतिम बंट शासक को नायर हेग्गडे कहा जाता था। उनका महल कनजर दो़ड्डमने हालांकि अंशतः जीर्णावस्था में है, उसकी बहाली की जा रही है।<ref>{{Cite web |url=http://www.daijiworld.com/news/news_disp.asp?n_id=76466 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=30 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110708220404/http://www.daijiworld.com/news/news_disp.asp?n_id=76466 |archive-date=8 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.mangalorean.com/news.php?newstype=local&newsid=178348 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=15 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160303184919/http://www.mangalorean.com/news.php?newstype=local&newsid=178348 |archive-date=3 मार्च 2016 |url-status=dead }}</ref> काउडूर (कनजर के समीप) में बंटों का शाही घर ''नायर बेट्टु'' कहलाता है। इसके अलावा बंटों में "नायर" उपनाम भी प्रचलित है। ऐसा माना जाता है कि तुलु नाडू में नायरों को बाद में बंट समुदाय के सामाजिक स्तर में समाविष्ट कर लिया गया। यह भी माना जाता है कि मालाबार के नायर मूलतः तुलु नाडू से स्थानांतरित होकर बसे थे<sup>[2]</sup> उल्लेखनीय है कि बहुत हद तक नायरों और बंटों की परंपराएं और संस्कृतियां एकसमान है। संप्रति जो नायर अपने वंश को तुलु नाडू में खोज सकते हैं वे मालाबार क्षेत्र में केंद्रित हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.nairs.in/classifications.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=30 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100516040843/http://www.nairs.in/classifications.htm |archive-date=16 मई 2010 |url-status=dead }}</ref> == उपजातियां == {{Main|Nair subcastes}} कुछ दशक पहले तक, नायर कई उपजातियों में विभाजित थे और उनके बीच अंतर-भोजन और अंतर-विवाह व्यावहारिक रूप से विद्यमान नहीं था। अंग्रेज़ों द्वारा संपन्न [[1891 भारत की जनगणना]] में [[मालाबार]] क्षेत्र में कुल 138, [[त्रावणकोर]] क्षेत्र में 44 और [[कोचीन]] क्षेत्र में कुल 55 नायर उपजातियां सूचिबद्ध हैं।<ref name="jstor.org">http://www.jstor.org/stable/3629883 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160216210829/http://www.jstor.org/stable/3629883 |date=16 फ़रवरी 2016 }}, द इन्टर्नल स्ट्रक्चर ऑफ़ द नायर कास्ट, सी.जे. फुलर</ref> == उपनाम == [[चित्र:Irayimman thampi1.jpg|thumb|right|200px|इकाइम्मन थंपी]] अधिकांश नायरों के नामों के साथ उनका मातृक ''[[तरवाडु]]'' जुड़ा हुआ है। उसके साथ, वंश की आगे पहचान के लिए नामों के साथ उपनाम जोड़े जाते हैं। नायरों के बीच कई उपनाम पाए गए हैं। कुछ उपनाम उनके वीरतापूर्ण कार्य और सेवाओं के लिए राजाओं द्वारा प्रदत्त हैं। कोचीन के राजाओं ने नायरों को [[अचन]], [[कर्ता]], [[कैमाल]] और [[मन्नडियार]] जैसे श्रेष्ठता के खिताब प्रदान किए. मालाबार और कोचीन क्षेत्र के नायरों द्वारा [[मेनन]] खिताब का प्रयोग किया जाता है। वेनाड के दक्षिणी साम्राज्य (बाद में त्रावणकोर के रूप में विस्तारित), कायमाकुलम, तेक्कुमकुर और वेदक्कुमकुर ने प्रतिष्ठित नायर परिवारों को [[पिल्लै]], [[तंपी]], [[उन्निदन]] और [[वलियदन]] जैसे खिताबों से सम्मानित किया। ''कलरी'' जैसे सामरिक विद्यालयों को चलाने वाले नायरों के खिताब थे [[पणिक्कर]] और [[कुरुप]]. [[नांबियार]], [[नयनार]], [[किटवु]] और [[मिनोकी]] जैसे उपनाम केवल उत्तर केरल में देखे जा सकते हैं, जहां "नायर" उपनाम है जो पूरे केरल में सर्वव्यापी है। == इतिहास == {{See also|Captivity of Nairs at Seringapatam}} [[चित्र:Urmi-Payattu.jpg|left|thumb|नायरों द्वारा कलरीपायट्टु का अभ्यास किया जाता था]] मध्यम युगीन दक्षिण भारतीय इतिहास, इतिहासकार और विदेशी यात्रियों ने नायरों का उल्लेख सम्मानजनक सामरिक सामंतों के रूप में किया। नायरों के बारे में प्रारंभिक संदर्भ [[यूनानी]] [[राजदूत]] [[मेगस्थनीस]] का मिलता है। प्राचीन भारत के उनके वृत्तांतों में, वे "मालाबार के नायरों" और "चेरा साम्राज्य" का उल्लेख करते हैं।<ref name="TSM">अय्या, वी. नागम: "त्रावणकोर राज्य मैनुअल", पृष्ठ 232, 238</ref>. नायरों की उत्पत्ति की व्याख्या करने वाले विभिन्न सिद्धांतों का लिहाज किए बिना, यह स्पष्ट है कि प्रारंभिक 20वीं सदी तक, नायरों ने मध्ययुगीन केरल समाज पर सामंती अधिपतियों के रूप में अपना प्रभाव जमाए रखा और उनके स्वामित्व में विशाल संपदाएं मौजूद रही हैं। मध्ययुगीन केरल में सामरिक सामंतों के रूप में समाज में नायरों की स्थिति की तुलना मध्ययुगीन जापानी समाज के [[समुराई]] के साथ की गई है। ब्रिटिश युग के केरल में नायरों ने नागरिक, प्रशासनिक और सैन्य अभिजात वर्ग पर प्रभुत्व जमाए रखा.<ref>{{cite book | title = Mysore and Kerala | author = Indian Department of Tourism | publisher = Indian Department of Tourism | year = 1966| page = 4}}</ref><ref>[http://www.canisius.edu/topos/archives/rajeev6.pdf Neither Newton nor Leibniz] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070927010230/http://www.canisius.edu/topos/archives/rajeev6.pdf |date=27 सितंबर 2007 }}, ''canisius.edu''</ref><ref>[http://www.veda.harekrsna.cz/encyclopedia/aikido.htm From Vedic Martial Arts to Aikido] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110519025458/http://www.veda.harekrsna.cz/encyclopedia/aikido.htm |date=19 मई 2011 }}, ''veda.harekrsna.cz''</ref><ref>[http://www.rediff.com/travel/1998/apr/30kala1.htm A travel feature on the ancient Kerala art of Kalaripayattu] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101117042459/http://www.rediff.com/travel/1998/apr/30kala1.htm |date=17 नवंबर 2010 }}, ''rediff.com''</ref><ref>[http://www.enskalari.org.in/kalari.htm Kalaripayattu, the traditional martial art] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070812200215/http://www.enskalari.org.in/kalari.htm |date=12 अगस्त 2007 }}, ''enskalari.org.in''</ref><ref>{{cite book | title = Into India | author = John Keay | publisher = University of Michigan Press | year = 1999| page = 75 | isbn = 0472086359}}</ref><ref>{{cite book | title = Storm Over Seringapatam: The Incredible Story of Hyder Ali & Tippu Sultan | author = Praxy Fernandes | publisher = Thackers | year = 1969| page = 35}}</ref><ref>{{cite book | title = The Tigers of Mysore: A Biography of Hyder Ali & Tipu Sultan | author = Praxy Fernandes | publisher = Viking | year = 1991| page = 29 | isbn = 0670839876}}</ref> === नायर प्रभुत्व का पतन === नायर प्रभुत्व का पतन कई चरणों में घटित हुआ। औपनिवेशिक काल के दौरान, ब्रिटिशों ने माना कि नायर क्षेत्र में उनके नेतृत्व के लिए अंतर्निहित ख़तरा है और इसलिए उनके द्वारा हथियारों को रखने के हक को ग़ैर क़ानूनी घोषित किया और केरल की सामरिक कला [[कलरिपायट्टु]] पर प्रतिबंध लगाया.<ref name="Findarticles">[http://findarticles.com/p/articles/mi_m0WDP/is_2003_Jan_6/ai_96212029 Ancient martial art fights for survival in India] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101119050719/http://findarticles.com/p/articles/mi_m0WDP/is_2003_Jan_6/ai_96212029/ |date=19 नवंबर 2010 }}, ''findarticles.com''</ref><ref name="usadojo">[http://www.usadojo.com/styles/about-kalari.htm Kalari] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110107062816/http://www.usadojo.com/styles/about-kalari.htm |date=7 जनवरी 2011 }}, ''usadojo.com''</ref> हथियार नायर मानसिकता और सत्ता का अभिन्न अंग थे और दमनकारी क़ानून के साथ संयुक्त होने पर नायरों की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुक्सान पहुंचा, हालांकि कतिपय सामाजिक विधान स्वयं नायरों द्वारा प्रेरित थे, जैसे कि कर्नवन को तारावाड के अपने नेतृत्व का कुछ (और बाद में पूरा) फल अपने बच्चों को देना अनुमत करते हुए उत्तराधिकार क़ानून में परिवर्तन. उपनिवेशवादी के बाद के वर्षों में, 1950 के [[भू सुधार अध्यादेश]] की वजह से नायर [[सामंत प्रभु]]ओं को बड़े पैमाने पर भू-स्वामित्व खोना पड़ा और कुछ नायर कुलीन लोग रातों रात ग़रीबी की चपेट में आ गए। === नायर ब्रिगेड === {{See also|Nair Brigade}} [[चित्र:Tvm legmuseum.jpg|thumb|250px|right|त्रावणकोर के नायर ब्रिगेड का मुख्यालय. इमारत अब केरल विधान संग्रहालय है]] '''नायर ब्रिगेड''' [[भारत]] का तत्कालीन साम्राज्य [[त्रावणकोर]] की सेना थी। क्षेत्र में नायर योद्धा समुदाय के थे, जो त्रावणकोर और अन्य स्थानीय राज्यों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार थे। राजा [[मार्तांड वर्मा]] (1706-1758) के निजी अंगरक्षक को 'तिरुवित्तमकूर नायर पट्टलम' (त्रावणकोर नायर सेना) कहा जाता था। त्रावणकोर सेना को आधिकारिक तौर पर 1818 में त्रावणकोर नायर ब्रिगेड के रूप में संदर्भित किया गया। आजादी के बाद से, [[मद्रास रेजिमेंट]] के लिए [[मालाबार]] सबसे महत्वपूर्ण भर्ती क्षेत्र रहा है और नायर इस इलाके से भर्ती किए जाने वाले रंगरूटों के विशाल अनुपात का गठन करते हैं।<ref>द बुक ऑफ़ ड्यार्टे बारबोसा: एन अकाउंट ऑफ़ द कंट्रीज़ बॉर्डरिंग ऑन द ... ड्यार्टे बारबोसा द्वारा, मैनसेल लॉन्गवर्थ डेम्स पृ.38</ref> हालांकि मालाबार नायरों जितने प्रसिद्ध नहीं, पर [[त्रावणकोर]] और [[कोचीन]] से नायर भी मद्रास रेजिमेंट के महत्वपूर्ण हिस्से का गठन करते हैं। दो पूर्व त्रावणकोर राज्य सेना प्रभाग, प्रथम त्रावणकोर नायर इन्फैंट्री और द्वितीय त्रावणकोर नायर इन्फैंट्री को आजादी के बाद मद्रास रेजिमेंट के क्रमशः 9वें और 16वें बटालियन के रूप में परिवर्तित किया गया। कोचीन से नायर सेना को 17वीं बटालियन में फिर से शामिल किया गया था।<ref>वेलर एंड सैक्रीफ़ाइस: फ़ेमस रेजिमेंट्स ऑफ़ द इंडियन आर्मी, द्वारा गौतम शर्मा पृ.59</ref> == जनसांख्यिकी == {{Main|Demography of Nair community}} [[1891 की भारत जनगणना]] के अनुसार, नायरों की कुल जनसंख्या 980,860 थी (जिसमें [[मारन]] और [[सामंतन नायर]] जैसी उपजातियां शामिल नहीं हैं). इनमें से, 483,725 (49.3%) [[त्रावणकोर]] में, 101,691 (10.4%) [[कोचीन]] में और 377,828 (38.5%) [[मालाबार]] में बसे थे। शेष अधिकांशतः मद्रास प्रेसिडेंसी (15,939) और ब्रिटिश भारत के अन्य भागों में (1,677) पाए गए।<ref>द इंटर्नल स्ट्रक्चर ऑफ़ द नायर कास्ट, सी.जे. फुलर</ref> केरल सरकार द्वारा कराए गए 1968 सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में राज्य की कुल जनसंख्या के 14.41% के रूप में नायर समुदाय उभरा, जोकि राज्य के [[प्रगतिशील जाति]] की जनसंख्या का 89% बनता है। == सीमा शुल्क और परंपराएं == {{Main|Nair ceremonies and customs}} == धर्म == [[नंबूद्री]] और [[अंबालावासियों]] के मिल कर, नायर [[केरल]] में [[हिंदू धर्म]] की रीढ़ का गठन करते हैं। [[आर्यों]] की परंपराओं से पूरी तरह प्रभावित होने के बावजूद, [[नागा]] रिवाजों के अवशेष अभी भी नायरों में देखे जा सकते हैं, जैसे कि [[सर्प की पूजा]]. पवित्र जंगल, जहां नाग देवताओं की पूजा की जाती है, कई नागा [[तरवाडाओं]] में पाए जा सकते हैं। ये पवित्र जंगल [[सर्प कावु]] के रूप में जाने जाते हैं (अर्थात् सर्प देवता का घर). पुराने ज़माने में किसी भी समृद्धशाली नायर तरवाडु की विशेषताएं थीं कावु और कुलम (पत्थर से बनी सीढ़ियां और चौहद्दी सहित जलाशय). नायर व्यक्तिगत स्वच्छता पर जोर देते थे और इसलिए तालाब आवश्यक थे। वे कावु के भीतर नागतारा पर दीप प्रज्वलित करते हुए दैनिक पूजा करते थे। निला विलक्कु (पवित्र दीपक) के सामने हर शाम देवताओं और स्तोत्र-पाठ करना प्रत्येक नायर तरवाडु द्वारा धार्मिक रूप से अनुसरण किया जाता था। नायर संबंधित कारा (क्षेत्र) के मंदिरों के संरक्षक थे और वे मंदिरों में भी नियमित रूप से पूजा करते थे। नायरों द्वारा हिंदू धर्म का कट्टरता से पालन करने की वजह से, असंख्य नायर-[[मुस्लिम]] संघर्ष फलित हुए, ख़ास कर [[मालाबार]] क्षेत्र में. इनमें सबसे उल्लेखनीय है [[सेरिंगपट्टम में नायरों की क़ैद]]<ref>{{cite book |title=Sarasvati's Children: A History of the Mangalorean Christians |url=https://archive.org/details/sarasvatischildr0000mach |last=Prabhu |first=Alan Machado |year=1999 |publisher=I.J.A. Publications |page=[https://archive.org/details/sarasvatischildr0000mach/page/250 250] |isbn=9788186778258 |ref=mac}}</ref>, जहां हजारों नायरों को [[टीपू सुल्तान]] के अधीन मुसलमानों द्वारा बलि चढ़ाया गया। सेरिंगपट्टम में नायरों की पराजय के परिणामस्वरूप दक्षिणी मैसूर क्षेत्र में [[हिंदू धर्म]] का विनाश हुआ। तथापि, [[त्रावणकोर]] के नायर, [[ब्रिटिश]] की मदद से 1792 में [[तीसरे आंग्ल-मैसूर युद्ध]] के दौरान मुस्लिम बलों को परास्त करने में सफल रहे<ref>{{Cite web |url=http://books.google.com/books?id=QIyz79F3Nn0C&pg=PA392&dq=Seringapatam&lr=&as_brr=3&client=firefox-a&sig=l_6_DAL_wD-FFzcOXZ8YQ8o4KBs |title=संग्रहीत प्रति |access-date=15 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190526175214/https://books.google.com/books?id=QIyz79F3Nn0C&pg=PA392&dq=Seringapatam&lr=&as_brr=3&client=firefox-a&sig=l_6_DAL_wD-FFzcOXZ8YQ8o4KBs |archive-date=26 मई 2019 |url-status=live }}</ref>. [[मोप्ला दंगों]] के रूप में विख्यात, 1920 दशक के दौरान जो दूसरा संघर्ष हुआ, उसमें मुसलमानों द्वारा लगभग 30,000 नायरों<ref>{{cite book | title = Encyclopaedia of Political Parties: India, Pakistan, Bangladesh : National, Regional, Local | author = O P Ralhan | publisher = Anmol Publications PVT . LTD. | year = 1996 | page = 297}}</ref> की सामूहिक हत्या हुई और [[मालाबार]] से लगभग पूरी तरह हिंदुओं के पलायन में परिणत हुआ।<ref>{{Cite web |url=http://www.keepmilitarymuseum.org/malabar.php?&dx=1&ob=3 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=15 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131110184023/http://www.keepmilitarymuseum.org/malabar.php?&dx=1&ob=3 |archive-date=10 नवंबर 2013 |url-status=dead }}</ref> तथापि, अपनी संख्यात्मक श्रेष्ठता के कारण, [[त्रावणकोर]] में नायर हिंदू प्रभुत्व हिंदू को जमाए रखने में सक्षम रहे. [[त्रावणकोर]] समस्त भारत के बहुत कम ऐसे क्षेत्रों में से एक है, जहां [[मुस्लिम शासन]] कभी भी स्थापित नहीं किया जा सका. नायरों द्वारा [[ईसाई]] [[धर्म-प्रचार]] गतिविधियों के विरोध के परिणामस्वरूप [[त्रावणकोर]] क्षेत्र में [[इंजीली ईसाइयों]] के साथ मामूली झगड़े हुए हैं। [[चट्टंपी स्वामीकल]] जैसे नायर कार्यकर्ताओं ने [[ईसाई]] मिशनरी की गतिविधियों का जोरदार विरोध किया और [[ईसाई धर्म]] की आलोचना की.<ref>{{cite book |title=Kristumata Chedanam |last=Chattambi Swamikal |first=H.H.Vidhyadhiraja Parama Bhattaraka |year=1890 |publisher=Open Source Books |page=Chapter 1–4 |isbn= |ref=mac}}</ref> == पोशाक == {{Main|Nair Attire}} नायर समुदाय की पोशाक [[केरल]] के अन्य [[अग्रगामी जातियों]] के समान ही थी। == पाक शैली == जैसा कि मलयालियों के मामले में आम है, नायरों का मुख्य भोजन सेला चावल है। परोसा गया चावल चोरू (पानी में उबाला और छाना गया) या ''[[कंजी]]'' के रूप में ज्ञात चावल का दलिया के रूप में होता है{{pron-en|ˈkɒndʒiː}}. नारियल, [[कटहल]], केला, आम और अन्य फल और सब्जियों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। नारियल के तेल का भी व्यापक प्रयोग किया जाता है। उत्सवों के अवसर पर ''घी'' का इस्तेमाल किया जाता है। पहले ज़माने में, 'कंजी' या 'चोरू' के रूप में चावल, सब्ज़ी और अन्य अतिरिक्त व्यंजनों के साथ भोजन के समय दिन में तीन बार परोसा जाता था। आजकल, नाश्ते में इडली या डोसा, जो वास्तव में केरल से बाहर के दक्षिण भारतीय प्रांतों का व्यंजन है या उत्तर भारतीय चपाती और सब्ज़ी या यूरोपीय ब्रेड टोस्ट लिया जाता है। परंपरागत रूप से, अधिकांश नायर, विशेषकर सबसे बड़े दो उपप्रभागों से संबंध रखने वाले ([[किरयती नायर]] और [[इल्लतु नायर]]) शाकाहारी नहीं थे, क्योंकि मछली का सेवन अनुमत था। लेकिन [[स्वरूपतिल नायर]], [[मारर]], अकतु चर्ना नायर, अकतु चर्ना नायर, पूरतु चर्न नायर और [[पदमंगलम नायर]] जैसी उपजातियां सख्त शाकाहारी हैं।<ref name="jstor.org" /> आजकल कई घरों में [[चिकन]] और [[मटन]] व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं, लेकिन पहले वे निषिद्ध थे। [[मांस]] और [[शराब]] का सेवन सख्त वर्जित है और स्वतंत्रता-पूर्व युग के दौरान ऐसा करना अक्सर हिंसा या बहिष्कार में परिणत होता था। शाकाहारी व्यंजनों में, अवियल, तोरन और तीयल विशेष रूप से नायर व्यंजन हैं। आनुष्ठानिक दावतें सख्त शाकाहारी होती हैं। आनुष्ठानिक समारोहों और उत्सव के मौक़ों पर पलपायसम और अडा प्रथमन जैसे मीठे व्यंजन तैयार किए जाते हैं। अन्य विशेष व्यंजनों में शामिल हैं कोलकट्टे, चिवडास एलयप्पम (मीठा), ओट्टाडा, कलियोडक्का, आदि<ref>ट्रैवनकोर स्टेट मैनुअल 1906 द्वारा वी. नागम अय्या, खंड दो, पृष्ठ 352</ref>. == जाति व्यवस्था == केरल के जाति पदानुक्रम में नायरों को [[नंबूद्री]] से ठीक नीचे का दर्जा प्राप्त है और तीन या चार प्रमुख नायर उपजातियां (जैसे [[किरयतिल]], [[इलक्कार]] और [[स्वरूपतिल]]) [[केरल]] के सामरिक वंश का गठन करते हैं। केरल में, जिसे [[स्वामी विवेकानंद]] ने '''"जातियों का पागलखाना"''' के रूप में संदर्भित किया है, [[अस्पृश्यता]] और जातिगत भेदभाव की प्रणाली मौजूद थी जो 20वीं सदी के मध्य तक प्रचलित था। भारत में 19वीं और 20वीं सदी के दौरान, [[स्वामी विवेकानंद]], [[नारायण गुरु]], [[चट्टंबी स्वामीकल]] आदि जैसे समाज सुधारकों और आध्यात्मिक नेताओं द्वारा कई सामाजिक आंदोलनों ने अन्यों के साथ-साथ, केरल में नायरों द्वारा समर्थित सख्त जातिगत बाधाओं को ध्वस्त किया गया। :'''''"एक नायर से अपेक्षा की जाती थी कि वह [[तियार]], या [[मुकुआ]] को तुरंत काट डालें, जो उनके शरीर को छूकर उन्हें अपवित्र कर दे; ऐसा ही व्यवहार उस ग़ुलाम के साथ होता, जो उस सड़क से ना हटे, जिस पर से एक नायर गुज़रता हो.'' '''<ref>http://books.google.com/books?id=FnB3k8fx5oEC&amp;pg=PA291 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140724093859/http://books.google.com/books?id=FnB3k8fx5oEC&pg=PA291 |date=24 जुलाई 2014 }} दक्षिण भारत की जातियां और जनजातियां, खंड 7 एड्गर थर्स्टन, के. रंगाचारी पृ.251</ref> केरल की परंपरा के अनुसार [[दलितों]] को मजबूरन [[नंबूद्रियों]] से 96 फ़ीट की दूरी, [[नायरों]] से 64 फ़ीट की दूरी और अन्य ऊंची जातियों से (जैसे कि मारन और आर्य वैश्य) से 48 फ़ीट की दूरी बनाए रखना पड़ता, चूंकि मान्यता थी कि वे उन्हें दूषित करते हैं।<ref>http://sih.sagepub.com/cgi/reprint/9/2/187.pdf?ck=nck</ref> अन्य जातियां जैसे कि नायडी, कनिसन और मुकुवन को [[नायरों]] से क्रमशः 72 फीट, 32 फुट और 24 फीट तक मनाही थी।<ref>{{Cite web |url=http://www.nairs.in/acha_a.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=30 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316045940/http://www.nairs.in/acha_a.htm |archive-date=16 मार्च 2010 |url-status=dead }}</ref> == सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन == [[चित्र:Chattampi Swamikal 2014 stamp of India.jpg|thumbnail|right|thumb|श्री चट्टंपी स्वामीकल]] 1800 के अंत से असंख्य सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों ने आकार लिया, जो केरल के प्रारंभिक लोकतांत्रिक जन आंदोलन भी थे। नायरों ने भी इस तरह के परिवर्तनों की प्रतिक्रिया में सुधार की जरूरत महसूस की. संपूर्ण मध्ययुगीन काल में और 19वीं सदी तक, नायरों की केरल में उत्कृष्ठ भूमिका थी। 19वीं सदी के मध्य तक, तथापि, इस प्रभुत्व का क्षीण होना शुरू हो गया। [[संबंधम]] जैसी संस्थाएं और मातृवंशीय संयुक्त परिवार प्रणाली, जिसने पहले नायर समुदाय की शक्ति को सुनिश्चित किया था, अब केरल के बदलते सामाजिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि में कई बुराइयों का उत्पादक बन गया। बाजार अर्थव्यवस्था का प्रभाव, पारंपरिक सैन्य प्रशिक्षण का समापन, शिक्षा की नई प्रणाली के माध्यम से नए मूल्यों का अवशोषण, निम्न जातियों में स्व-चेतना जागृत होना और समानता और विशेषाधिकारों के लिए उनकी याचना का प्रभाव - इन सभी कारकों की वजह से नायर प्रभुत्व का ह्रास प्रारंभ हुआ। पतन की अनुभूति ने सुधार की चेतना को प्रोत्साहित किया जिसने चट्टंबी स्वामीकल जैसे धार्मिक व्यक्ति, साहित्य, प्रेस और मंचों पर अभिव्यक्ति पाई और बाद में विवाह, विरासत, संपत्ति का अधिकार जैसे विधायी क़ानून बने. अंततः, 1914 में आंदोलन [[नायर सेवा सोसाइटी]] की नींव के रूप में निश्चित रूप धारण किया। विद्याधिराज चट्टंपी स्वामीकल ने कोल्लम जिले के पनमन आश्रम में समाधि ग्रहण की[https://web.archive.org/web/20190904204443/http://panmanaashram.com/]. नायर सेवा सोसाइटी (NSS), नायर समुदाय के हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए निर्मित संगठन है। इसका मुख्यालय भारत के केरल राज्य के [[कोट्टायम]] जिले में [[चंगनशेरी]] नगर में [[पेरुन्ना]] में स्थित है। इसकी स्थापना [[मन्नतु पद्मनाभन]] के नेतृत्व में की गई<ref>[[वी. बालकृष्णन]] और [[आर. लीला देवी]], 1982, मन्नदु पद्मनाभन: एंड द रिवाइवल ऑफ़ नायर्स इन केरला, विकास पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली</ref>. NSS तीन स्तरीय संगठन है जिसके आधार स्तर पर करयोगम, मध्यवर्ती स्तर पर तालुक यूनियन और शीर्ष स्तर पर मुख्यालय है। सोसाइटी के स्वामित्व में असंख्य शिक्षण संस्थान और अस्पतालों का प्रबंधन है। इनमें शामिल हैं पलक्काड में NSS इंजीनियरिंग कॉलेज, चंगनशेरी में NSS हिंदू कॉलेज, पंडालम में NSS कॉलेज, तिरूवनंतपुरम में महात्मा गांधी कॉलेज, वलूर में SVRVNSS कॉलेज, कन्नूर, मट्टनूर में पलसी राजा NSS कॉलेज और निर्मानकारा, तिरुवनन्तपुरम में महिला कॉलेज. N.S.S. 150 से अधिक स्कूल, 18 आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज, 3 ट्रेनिंग कॉलेज, 1 इंजीनियरिंग कॉलेज, 1 होमियो मेडिकल कॉलेज, कई नर्सिंग कालेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, T.T.C स्कूलों, कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल और तकनीकी संस्थान चलाता है। मन्नतु पद्मनाभन द्वारा दिए गए नेतृत्व में, भारत के अन्य राज्यों और विदेशों में बसे प्रवासी नायरों ने अपने अधिवास राज्यों और देशों में नायर सेवा सोसाइटियों का गठन किया है। उदाहरण हैं बेंगलूर में 21 करयोगमों के साथ कर्नाटक नायर सेवा समाज और कोलकाता में कलकत्ता नायर सेवा समाज. "नायर समाजों का अंतर्राष्ट्रीय महासंघ" की छत्र-छाया में विश्व भर के समस्त नायर समूहों को लाने के प्रयास जारी हैं।{{Citation needed|date=नवम्बर 2009}} == इन्हें भी देखें == * [https://en.m.wikipedia.org/wiki/List_of_Nairs List of Nairs] * [https://en.m.wikipedia.org/wiki/Pillai_(Kerala_title) Pillai (Nairs)] * [https://en.m.wikipedia.org/wiki/Kurup_of_Travancore Kurup (Nairs)] * [https://en.m.wikipedia.org/wiki/Nair_Brigade Nair Brigade] * [https://en.m.wikipedia.org/wiki/Kaimal Kaimal] * [https://en.m.wikipedia.org/wiki/Nambiar_(Nair_subcaste) Nambiar (Nairs)] * [https://en.m.wikipedia.org/wiki/Menon_(title) Menon (title)] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20140208073616/http://www.nss.org.in/] नायर सेवा समाज - वेबसाइट * [https://web.archive.org/web/20100608102828/http://www.nairs.in/] नायर सूचना और अनुसंधान वेबसाइट * [https://web.archive.org/web/20070901154501/http://www.chaf.lib.latrobe.edu.au/dcd/main.htm] डिजिटल औपनिवेशिक दस्तावेज़ (भारत) * [https://web.archive.org/web/20081007113620/http://www.familytreedna.com/public/nair/ Nair DNA Project] * [https://web.archive.org/web/20110202161921/http://chennaikarayogam.com/] चेन्नई नायर सेवा समाज * [https://web.archive.org/web/20190520052010/http://www.anss.org/] अडयार नायर सेवा समाज * [https://web.archive.org/web/20190510204936/http://knss.com/] कर्नाटक नायर सेवा समाज * [https://web.archive.org/web/20190417183019/http://www.nsscanada.org/] कनाडा नायर सेवा समाज * [https://web.archive.org/web/20100623175708/http://www.ernakulamkarayogam.com/] एर्नाकुलम करयोगम * [https://web.archive.org/web/20110727133108/http://nssdelhi.org/] दिल्ली NSS करयोगम * [https://web.archive.org/web/20100830193655/http://www.abhedashramam.org/99birthday.htm] अभेदाश्रमम, तिरुवनन्तपुरम == टिप्पणियां और संदर्भ == {{reflist|2}} [[श्रेणी:भारत के सामाजिक समुदाय]] [[श्रेणी:भारतीय परिवार के नाम]] [[श्रेणी:भारतीय जाति]] [[श्रेणी:केरल समाज]] [[श्रेणी:केरल के सामाजिक समूह]] [[श्रेणी:गूगल परियोजना]] 1cym58mnpu1yvo7ucra7gqij4ya4ivp हार्ले-डेविडसन 0 213207 6582838 6324776 2026-07-15T09:03:40Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582838 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक कम्पनी | name = हार्ले-डेविडसन | logo = {{wikidata|property|raw|P154}} | logo_caption = हार्ले-डेविडसन का लोगो | image = {{wikidata|property|raw|P18}} | trading_name = | native_name = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P1448}} | former_names = | former type = | type = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P1454}} | traded_as = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P249}} {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P414}} | industry = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P452}} | fate = {{#if:{{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P576}}| बन्द है | सक्रिय }} | predecessor = | successor = | foundation = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P159}} {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P571}} | founder = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P112}} | defunct = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P576}} | location_city = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P159}} | location_country = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P17}} | locations = <!-- Number of locations, stores, offices, etc. --> | key_people = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P169}} {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P488}} | products = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P1056}} | production = | services = | revenue = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P2139}} | operating_income = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P3362}} | assets = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P2403}} | equity = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P2137}} | owner = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P127}} | num_employees = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P1128}} | parent = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P749}} | divisions = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P199}} | subsid = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P355}} | homepage = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P856}} }} '''हार्ले-डेविडसन''' ({{nyse|HOG}}, पूर्व में HDI<ref>{{cite web| title=Harley-Davidson to get new ticker| author=The Business Journal of Milwaukee| work=The Business Journal of Milwaukee| month=August| year=2006| url=http://www.bizjournals.com/milwaukee/stories/2006/08/07/daily37.html| accessdate=1 मार्च 2008| archive-url=https://web.archive.org/web/20170620155947/http://www.bizjournals.com/milwaukee/stories/2006/08/07/daily37.html| archive-date=20 जून 2017| url-status=live}}</ref>), जिसे संक्षिप्त में अक्सर '''H-D''' या '''हार्ले''' कहते हैं, एक अमेरिकी [[मोटरसाइकिल]] निर्माता है। 20 वीं सदी के पहले Arvind ko lo [[मिलवॉकी, विस्कॉन्सिन]] में स्थापित यह उन दो बड़े अमेरिकी मोटर साइकिल निर्माताओं में एक है जो [[भयावह मंदी]] के दौर में भी बचा रहा। <ref name="PopMechP2">{{Cite web |url=http://www.popularmechanics.com/automotive/new_cars/1268626.html?page=2 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100117125419/http://www.popularmechanics.com/automotive/new_cars/1268626.html?page=2 |archive-date=17 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> घटिया [[गुणवत्ता नियंत्रण]] और जापानी निर्माताओं से प्रतिस्पर्धा के एक दौर में भी हार्ले-डेविडसन बचा रहा। <ref>{{cite web|url=http://www.hotbikeweb.com/features/0701_hbkp_american_machine_foundry/index.html|title=American Machine Foundry - Journey Into History - Hot Bike Magazine|publisher=www.hotbikeweb.com|accessdate=27 अप्रैल 2008|last=|first=|archive-url=https://web.archive.org/web/20101231030238/http://www.hotbikeweb.com/features/0701_hbkp_american_machine_foundry/index.html|archive-date=31 दिसंबर 2010|url-status=dead}}</ref> कंपनी [[राजमार्ग]] पर क्रुजिंग अर्थात परिभ्रमण के लिए बनायीं हैवीवेट (750 [[cc]] से ऊपर) मोटरसाइकिलें बेचती है। हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों (लोकप्रिय नाम "हार्लेस") की एक विशिष्ट डिजाइन और निकास नोट हुआ करते हैं। वे विशेष रूप से भारी अनुकूलन की परंपरा के लिए उल्लेखनीय हैं, जो उन्हें [[हेलिकॉप्टर]]-ढंग की मोटरसाइकिल का दर्जा देता है।<ref name="wfwvmg">{{cite web|url=http://appft1.uspto.gov/netacgi/nph-Parser?Sect1=PTO2&Sect2=HITOFF&p=1&u=%2Fnetahtml%2FPTO%2Fsearch-bool.html&r=1&f=G&l=50&co1=AND&d=PG01&s1=11136081&OS=11136081&RS=11136081|title=United States Patent Application: 0060260569|publisher=appft1.uspto.gov|accessdate=27 अप्रैल 2008|last=Nelson|first=Gregory J.|archive-url=https://web.archive.org/web/20150903231430/http://appft1.uspto.gov/netacgi/nph-Parser?Sect1=PTO2&Sect2=HITOFF&p=1&u=%2Fnetahtml%2FPTO%2Fsearch-bool.html&r=1&f=G&l=50&co1=AND&d=PG01&s1=11136081&OS=11136081&RS=11136081|archive-date=3 सितंबर 2015|url-status=live}}</ref> आधुनिक VRSC मॉडल परिवार को छोड़कर, वर्तमान हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिले आदर्श हार्ले डिजाइन की शैली को प्रतिबिंबित करती हैं। हल्की मोटरसाइकिल बाजार में खुद को स्थापित करने के हार्ले-डेविडसन के प्रयास को सीमित सफलता मिली और अपने इतालवी एरमाची (Aermacchi) अनुषंगी की 1978 में हुई बिक्री के बाद से मुख्य रूप से इसे त्याग दिया गया। हार्ले-डेविडसन एक वफादार [[ब्रांड समुदाय]] का पोषण करता है, जो क्लब, समारोहों और एक संग्रहालय के माध्यम से सक्रिय रहता है। हार्ले-डेविडसन लोगो खातों की लाइसेंसिंग कंपनी के कुल आय का लगभग 5% है। == इतिहास == === शुरूआत === [[चित्र:Harley Davidson founders.jpg|thumb|ऊपर से दक्षिणावर्त: विलियम एस. हर्ले, विलियम ए. डेविडसन, वॉल्टर डेविडसन, सीनियर ऑर्थर डेविडसन]] 1901 में, 21 वर्षीय [[विलियम एस हार्ले]] ने एक {{convert|7.07|cuin|cc|0}} के विस्थापन और चार- इंच (102 मिमी) के फ्लाईव्हील्स के साथ एक छोटे से इंजन की योजना बनायी। एक नियमित पैडल-साइकिल फ्रेम में इस्तेमाल के लिए इंजन डिजाइन की गयी थी। अगले दो वर्षों तक हार्ले और उनके बचपन के दोस्त [[आर्थर-डेविडसन]] ने अपनी मोटर-बायसाईकिल पर मेहनत की, इसके लिए उन्होंने अपने दोस्त हेनरी मेल्क के घर स्थित नॉर्थसाइड मिल्वौकी मशीन शॉप का उपयोग किया। आर्थर के भाई वाल्टर डेविडसन की मदद से यह काम 1903 में समाप्त हुआ। पूरा होने पर लड़कों ने पाया कि उनकी पावर-साइकिल बिना पैडल चलाये मिलवॉकी की साधारण पहाड़ियों पर चढ़ने में अक्षम है। विल हार्ले और डेविडसंस ने अपनी पहली मोटर-बायसाइकिल को मूल्यवान अभ्यास प्रयोग मानकर जल्दी ही बंद कर दिया। <ref>वैग्नर हरबर्ट, 2003. ''ऐट द क्रिएशन: मिथ, रिएलिटी, एण्ड द ओरिजिन ऑफ़ द हर्ले-डेविडसन मोटरसाइकल, 1901-1909'' (मैडिसन: विसकौन्सिन हिसटॉरिकल सोसाइटी प्रेस), पीपी 22-28, 42-44.</ref> दूसरी पीढ़ी की एक नयी और उन्नत मशीन पर काम तुरंत शुरू हो गया। इस पहली "असली" हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल में {{convert|24.74|cuin|cc|0}} का एक बड़ा इंजन था, साथ में {{convert|9.75|in|cm|0}} फ्लाईव्हील्स जिनका वजन {{convert|28|lb|kg|abbr=on}} था। मशीन का उन्नत लूप-फ्रेम पैटर्न 1903 की मिलवॉकी मार्केल मोटरसाइकिल के समान था (यूसुफ मार्केल द्वारा डिजाइन, बाद में फ्लाइंग मार्केल नाम से ख्यात हुआ). बड़ा इंजन और लूप-फ्रेम डिजाइन के कारण यह मोटर-बायसाइकिल की श्रेणी से बाहर हो गयी और आने वाले वर्षों में एक आधुनिक मोटरसाइकिल कैसी होनी चाहिए, इसे परिभाषित करने में इसने मदद की। लड़कों को अपने बड़े इंजन के लिए आउटबोर्ड मोटर प्रवर्तक [[ओले एविनरूड]] से भी मदद मिली, जो उस समय मिलवॉकी की स्ट्रीट झील पर मोटर उपयोग के लिए अपनी डिजाइन की गैस इंजन बना रहे थे। हार्ले-डेविडसन ने डेविडसन परिवार के घर के पिछवाड़े एक शेड में{{convert|10|x|15|ft|m|abbr=on}} नए लूप-फ्रेम के नमूने के पुर्जे जोड़े थे। हालांकि, अधिकांश प्रमुख भाग कहीं और बनाये गए, इनमें से कुछ संभवतः पश्चिम मिलवॉकी रेलवे की कार्यशाला में बनाये गए, जहां उस समय सबसे बड़े भाई विलियम ए. डेविडसन [[टूलरूम]] फोरमैन थे। यह नमूना अर्थात प्रोटोटाइप मशीन 8 सितंबर 1904 से क्रियाशील हो गयी, जब इसने स्टेट फेयर पार्क में आयोजित एक मिलवॉकी मोटरसाइकिल रेस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इस पर एडवर्ड हिल्डब्रांड ने सवारी की थी और चौथा स्थान पाया था। ऐतिहासिक रिकॉर्ड में हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल की यह पहली दस्तावेजी उपस्थिति है।<ref>वैग्नर, 2003. पीपी 45-62.</ref> जनवरी 1905 में, "ऑटोमोबाइल एंड साइकिल ट्रेड जर्नल" में छोटे विज्ञापन आये, जिसके जरिये केवल हार्ले-डेविडसन इंजन के डु-इट-योरसेल्फ ट्रेड की पेशकश की गयी थी। अप्रैल तक, एक बहुत ही सीमित आधार पर पूरी मोटरसाइकिलों का उत्पादन शुरू हो गया। उस वर्ष पहले हार्ले-डेविडसन डीलर, शिकागो के कार्ल एच. लैंग ने डेविडसन पिछवाड़े के शेड में बनी लगभग दर्जन भर में से तीन बाइक बेच डाली। (कुछ साल बाद मूल शेड को जुनौ एवेन्यू कारखाने ले जाया गया, जहां यह मोटर कंपनी के मूल के एक सम्मान के रूप में कई दशकों तक खड़ा रहा। दुर्भाग्यवश, 1970 के दशक के आरंभ में कारखाना यार्ड की सफाई के दौरान ठेकेदारों की गलती से पहली शेड दुर्घटनावश नष्ट कर दी गयी।) 1906 में, हार्ले और डेविडसन भाइयों ने अपना पहला कारखाना चेस्टनट स्ट्रीट (बाद में जुनौ एवेन्यू) में बनाया। यह स्थान आज हार्ले-डेविडसन का कार्पोरेट [[मुख्यालय]] है। पहला जुनौ एवेन्यू कारखाना एक {{convert|40|x|60|ft|m|abbr=on}} एक-मंजिली लकड़ी की इमारत थी। उस साल कंपनी ने करीब 50 मोटरसाइकिलों का उत्पादन किया। [[चित्र:1907 Harley Davidson.jpg|thumb|left|1907 मॉडल.]] [[चित्र:Harley-Davidson 1000 cc HT 1916.jpg|thumb|left|हार्ले-डेविडसन 1000 सीसी एचटी 1916]] 1907 में, विलियम एस. हार्ले ने [[मैकेनिकल इंजीनियरिंग]] की डिग्री के साथ [[विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय]] से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उस वर्ष एक दूसरी मंजिल के साथ कारखाने का अतिरिक्त विस्तार हुआ और बाद में उसकी साज-सजावट भी हुई और साथ ही फीकी पीली ("क्रीम") मिल्वौकी ईंटें भी लगायी गयीं। नई सुविधाओं के साथ 1907 में उत्पादन बढ़कर 150 मोटरसाइकिलें हो गयीं। उसी साल सितंबर में कंपनी आधिकारिक तौर पर समाविष्ट हो गयी। इसी दौरान उन्होंने अपनी मोटरसाइकिलें पुलिस विभागों को बेचनी शुरू की, यह बाजार उनके लिए हरदम के लिए ख़ास हो गया। <ref>वैग्नर, 2003. पीपी 68-81, 118.</ref> 1905 और 1906 के उत्पादन {{convert|26.84|cuin|cc}} इंजन के साथ सभी एकल-सिलेंडर मॉडल के थे। फरवरी 1907 में एक 45-डिग्री वी-ट्विन इंजन के साथ एक प्रोटोटाइप मॉडल [[शिकागो]] ऑटोमोबाइल शो में प्रदर्शित किया गया था। हालांकि प्रदर्शित और विज्ञापित किये गये, लेकिन 1907 और 1910 के बीच बहुत ही कम वी-ट्विन मॉडल बनाये गये। ये पहले वी-ट्विन विस्थापित {{convert|53.68|cuin|cc}} और उत्पादित किये गये लगभग {{convert|7|hp|kW|abbr=off}}. इसने पहले एकल को करीब दोहरी शक्ति प्रदान की। सर्वोच्च गति क्रमानुसार थी।{{convert|60|mph|km/h|abbr=on}} उत्पादन बढ़कर 1908 में 450 मोटरसाइकिल से 1909 में 1,149 मशीनों तक जा पहुंचा।<ref>वैग्नर, 2003. पीपी 124-25.</ref> 1911 तक, संयुक्त राज्य अमेरिका में कुछ 150 प्रकार की मोटरसाइकिलों का निर्माण हो चुका था - हालांकि 1910 के दशक में मुट्ठी भर ही बच पाए. 1911 में, एक उन्नत वी-ट्विन मॉडल लाया गया। नए इंजन में ग्रहण वाल्व यंत्रवत ढंग से संचालित था, जो कि "स्वचालित" ग्रहण वाल्व के विपरीत था, पहले के वी-ट्विन के ग्रहण वाल्व इंजन वैक्यूम द्वारा खोल दिए जाते थे। {{convert|49.48|cuin|cc}} के एक विस्थापन के साथ, 1911 वी-ट्विन पहले के ट्विन से छोटा था, लेकिन इसने बेहतर प्रदर्शन दिया। 1913 के बाद हार्ले-डेविडसन द्वारा उत्पादित अधिकांश बाइक वी-ट्विन मॉडल की हुई। 1913 तक, पीली ईंट फैक्ट्री ध्वस्त कर दी गयी और उस स्थान पर सुदृढ़ कंक्रीट और लाल ईंट की एक नई पांच-मंजिली इमारत खड़ी कर दी गयी। 1910 में शुरू हुए, लाल ईंट कारखाने में कई परिवर्धन के साथ जुनौ एवेन्यू से लगे दो ब्लॉकों तथा 38वें स्ट्रीट के आस-पास की जगह को ले लिया। प्रतिस्पर्धा के बावजूद, हार्ले-डेविडसन पहले ही इंडियन से आगे निकल चुका था और 1914 के बाद मोटरसाइकिल रेसिंग में हावी हो गया। उस साल उत्पादन बढ़कर 16,284 मशीनों तक जा पहुंचा। [[चित्र:RalphHepburn1922.jpg|thumb|right|upright|1919 के तस्वीर में हर्ले रेसिंग बाइक पर राल्फ हेपबर्न.]] === प्रथम विश्वयुद्ध === 1917 में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने [[प्रथम विश्वयुद्ध]] में प्रवेश किया और सेना ने युद्ध के लिए मोटरसाइकिलों की मांग की। <ref>{{cite web |title = The National World War One Museum - Recent Acquisitions - Model J 1917 Harley-Davidson Army Motorcycle |url = http://www.theworldwar.org/s/110/display.aspx?sid=110&gid=1&pgid=967 |work = [http://www.theworldwar.org/s/110/index.aspx The National World War One Museum] |accessdate = 13 जून 2009 |archive-url = https://web.archive.org/web/20081224180234/http://www.theworldwar.org/s/110/display.aspx?sid=110&gid=1&pgid=967 |archive-date = 24 दिसंबर 2008 |url-status = dead }}</ref> हार्लेस का इस्तेमाल सेना द्वारा पहले से ही [[पांचो विल्ला अभियान]] में किया जाता रहा था<ref>{{cite book|last=Sterling|first=Christopher H.|title=Military Communications: From Ancient Times to the 21st Century|year=2007|publisher=ABC-CLIO|isbn=9781851097326|page=493|chapter=V: Vehicles and Transport}}</ref><ref>{{cite book|first1=Philip S.,last1=Jowett,first2=A. M.,last2=De Quesada,first3=Stephen,last3=Walsh|title=The Mexican Revolution, 1910-20|url=https://archive.org/details/mexicanrevolutio00jowe|year=2006|publisher=Osprey Publishing|isbn=9781841769899|page=[https://archive.org/details/mexicanrevolutio00jowe/page/n31 61]}}</ref>, लेकिन प्रथम विश्वयुद्ध में पहली बार युद्ध सेवा के लिए मोटरसाइकिल को अंगीकृत किया गया। {{Citation needed|date=जून 2009}} हार्ले-डेविडसन ने प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान सैन्य बलों को करीब 15000 मशीनें प्रदान की। <ref name="PBS_HD_9_2006">{{cite web |first = Tukufu |last = Zuberi |title = History Detectives - Episode 9, 2006: Harley-Davidson Motorcycle, Flemington, New Jersey |url = http://www.pbs.org/opb/historydetectives/pdf/409_harley.pdf |publisher = Oregon Public Broadcasting |format = PDF |year = 2006 |accessdate = 13 जून 2009 |archive-url = https://web.archive.org/web/20081201081032/http://www.pbs.org/opb/historydetectives/pdf/409_harley.pdf |archive-date = 1 दिसंबर 2008 |url-status = live }}</ref> === 1920 का दशक === [[चित्र:Harley-Davidson 1000 cc HT 1923.jpg|thumb|left|हार्ले-डेविडसन 1000 सीसी एचटी 1923]] 1920 तक हार्ले-डेविडसन दुनिया में सबसे बड़ा मोटरसाइकिल निर्माता था। उनकी मोटरसाइकिल 67 देशों में डीलरों द्वारा बेचे गए। उत्पादन 28,189 मशीनों का था।<ref>{{cite web |url=http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/H-D_History/history_1920s.jsp?locale=en_US |title=Harley Davidson History Timeline |publisher=Harley Davidson Motorcycle Company |accessdate=March 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110930052726/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/H-D_History/history_1920s.jsp?locale=en_US |archive-date=30 सितंबर 2011 |url-status=dead }}</ref> 1921 में, एक हार्ले-डेविडसन एक औसत गति से ऊपर {{convert|100|mph|km/h|abbr=on}} की रेस जीतने वाली पहली मोटरसाइकिल बनी, इसकी सवारी ओट्टो वाकर ने की थी।<ref>{{cite web|url=http://home.ama-cycle.org/forms/museum/biopage.asp?id=57|title=Otto Walker|publisher=home.ama-cycle.org|accessdate=26 अप्रैल 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20100908103659/http://home.ama-cycle.org/forms/museum/biopage.asp?id=57|archive-date=8 सितंबर 2010|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.statnekov.com/motorcycles/lives19.html|title=Pioneers of American Motorcycle Racing, Chapter 19|work=[http://www.statnekov.com/motorcycles/index.html American Vintage Racing Motorcycles 1900 - 1933]|publisher=Daniel K. Statnekov|accessdate=26 अप्रैल 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20100806185338/http://www.statnekov.com/motorcycles/lives19.html|archive-date=6 अगस्त 2010|url-status=dead}}</ref> 1920 के दशक के दौरान कई सुधार किये गये, जैसे कि 1922 में एक नया 74 घन इंच (1200cc) वी-ट्विन शुरू किया गया और 1925 में "टियरड्रॉप" गैस टैंक. 1928 में एक सामने का ब्रेक जोड़ा गया। {{Citation needed|date=जून 2009}} 1929 की गर्मियों के आखिर में, [[इंडियन 101 स्काउट]] और [[एक्सेलसियर सुपर एक्स]] के साथ प्रतिस्पर्धा में हार्ले-डेविडसन ने 45 घन इंच फ्लैटहेड वी-ट्विन का आरंभ किया।<ref name="Chronicle68">{{cite book|author=Mitchel, D.|title=Harley-Davidson Chronicle - An American Original|url=https://archive.org/details/harleydavidsonch0000mitc_u3q3|pages=[https://archive.org/details/harleydavidsonch0000mitc_u3q3/page/68 68]–69|publisher=Publications International Limited|year=1997|isbn=0-7853-2514-X}}</ref> यह "डी" मॉडल था, जिसका उत्पादन 1929 से 1931 तक किया गया। <ref>{{cite web |first = Andy |last = Hornsby |title = American V - A Potted History of Harley-Davidson: Part 1 1903-1954 |url = http://www.american-v.co.uk/heritage/timeline/pottedhist1/index.html |work = [http://www.american-v.co.uk/index.html American V] |publisher = American-V |location = Crewe, England |accessdate = 13 जून 2009 |archive-url = https://web.archive.org/web/20070928094348/http://www.american-v.co.uk/heritage/timeline/pottedhist1/index.html |archive-date = 28 सितंबर 2007 |url-status = dead }}</ref> इंडियन मोटरसाइकिल के राइडर्स उपहासपूर्ण ढंग से इस मॉडल का उल्लेख "थ्री सिलेंडर हार्ले" के रूप में किया करते थे, क्योंकि जेनेरेटर उर्ध्वाधर (अपराईट) था और सामने के सिलेंडर के समानांतर था।<ref>मिट्चेल, पृष्ठ 70</ref> {{convert|2.745|in|mm|1|abbr=on}} बोर और {{convert|3.8125|in|mm|1|abbr=on}} स्ट्रोक 750 इंजन के अधिकांश संस्करण में जारी रहे; XA और XR750 अपवादों में शामिल हैं।{{Citation needed|date=जून 2009}} === महामंदी === [[चित्र:Harley-Davidson 1200 cc SV 1931.jpg|thumb|हार्ले-डेविडसन 1200 सीसी एसवी 1931]] 45 घन इंच मॉडल के आरंभ के कुछ महीने के बाद ही [[महामंदी]] शुरू हुई। हार्ले-डेविडसन की बिक्री 1929 की 21,000 से तेजी से गिरकर 1933 में 3,703 रह गयी। इन निराशाजनक अंकों के बावजूद, हार्ले-डेविडसन ने गर्व के साथ1934 में अपनी नई पंक्ति का अनावरण किया, जिसमें [[आर्ट डेको]] स्टाइल के साथ एक फ्लैटहेड शामिल था।<ref>{{cite web|url=http://www.motorcycleclassics.com/harley-davidson/1934-harley-davidson-vld.aspx|title=1934 Harley-Davidson VLD|publisher=Motorcycle Classics|accessdate=5 अगस्त 2009|date=मार्च/April 2009|author=Margie Siegal|archive-url=https://web.archive.org/web/20090902132746/http://www.motorcycleclassics.com/harley-davidson/1934-harley-davidson-vld.aspx|archive-date=2 सितंबर 2009|url-status=dead}}</ref> मंदी के अवशेष से बचे रहने के लिए कंपनी ने अपनी मोटरसाइकिल इंजन पर आधारित औद्योगिक पावरप्लांट्स बनाए। उन्होंने [[सर्वी-कार]] नामक एक तीन चक्का डिलीवरी वाहन भी बनाया, जिसका उत्पादन 1973 तक होता रहा। <ref name="Chronicle68"/> [[चित्र:Harley-Davidson 10.jpg|left|thumb|हार्ले-डेविडसन डब्ल्यूएल]] 30 के दशक के मध्य में, अल्फ्रेड रिच चाइल्ड ने 74ci VL के साथ [[जापान]] में एक उत्पादन पंक्ति शुरू की। जापानी लाइसेंस-धारक ने 1936 में हार्ले-डेविडसन के साथ अपने व्यापार संबंधों को तोड़ दिया और [[रिकुओ]] नाम के तहत VL का निर्माण जारी किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.motorcyclemuseum.org/classics/bike.asp?id=81 |title=द मोटरसाइकल हॉल ऑफ़ फेम म्युज़ियम - 1958 रिकुओ RT2: हर्ले-डेविडसन'स जापानीज़ कनेक्शन |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100612215715/http://motorcyclemuseum.org/classics/bike.asp?id=81 |archive-date=12 जून 2010 |url-status=dead }}</ref> 1935 में एक 80 घन इंच फ्लैटहेड इंजन पंक्ति में जोड़ी गयी, तब तक एकल-सिलेंडर मोटरसाइकिल बंद की जा चुकी थी।<ref name="Chronicle92">मिट्चेल, पृष्ठ 92</ref> 1936 में, "नक्कलहेड" OHV इंजन के साथ 61E और 61EL मॉडलें शुरू की गयीं। <ref name="Chronicle94">मिट्चेल, पीपी 94-95</ref> आरंभिक नक्कलहेड (Knucklehead) इंजनों में वाल्वट्रेन (Valvetrain) समस्याओं के कारण इसके पहले वर्ष के उत्पादन के बीच में ही इसे फिर से डिजाइन करने की जरुरत आ पड़ी और पहले की इंजन में नए वाल्वट्रेन की नयी तकनीक लगाई गयी।<ref name="ClassicMotorcycles53">{{cite book|last=Johnstone|first=Gary|title=Classic Motorcycles|url=https://archive.org/details/classicmotorcycl0000gary|origyear=First published 1993 by Boxtree Ltd.|year=1995|publisher=Tiger Books International|location=Twickenham|isbn=1-85501-731-8|page=[https://archive.org/details/classicmotorcycl0000gary/page/n56 53]|chapter=Union Pacific Meets Roy Rogers}}</ref> 1937 तक, हार्ले-डेविडसन की सभी फ्लैटहेड इंजन को सूखे-नाबदान तेल पुनःपरिसंचरण प्रणाली से लैस कर दिया गया, जो "नक्कलहेड" OHV इंजन में पेश की गयी प्रणाली के सदृश थी। संशोधित 74 घन इंच V और VL मॉडलों के नाम बदलकर U और UL रखे गये, 80 घन इंच VH और VLH के नाम बदलकर UH और ULH रखे गये, तथा 45 घन इंच R का नाम W पड़ा.<ref name="Chronicle94"/> 1941 में, 74 घन इंच "नक्कलहेड" को F और [[FL]] के रूप में पेश किया गया। 80 घन इंच फ्लैटहेड UH और ULH मॉडलों को 1941 के बाद बंद कर दिया गया, जबकि 74" U और UL फ्लैटहेड मॉडलों का उत्पादन 1948 तक होता रहा। <ref name="Chronicle94"/> === द्वितीय विश्वयुद्ध === [[चित्र:xa-600.jpg|thumb|एक्सए मॉडेल के उत्पादन के लिए हर्ले कॉपिड द बीएम्डब्ल्यू (BMW)]] [[महामंदी]] में बचे रहनेवाले सिर्फ दो अमेरिकी साइकिल निर्माताओं में एक,<ref name="PopMechP2"/><ref name="UltiMoto17">{{cite book|last=Wilson|first=Hugo|title=The Ultimate Motorcycle Book|url=https://archive.org/details/ultimatemotorcyc0000wils|year=1993|publisher=Dorling Kindersley|location=London|language = en-UK|isbn=0 7513 0043 8|page=[https://archive.org/details/ultimatemotorcyc0000wils/page/17 17]|chapter=The World's Motorcycles: America}}</ref> हार्ले-डेविडसन ने [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] में US सेना के लिए फिर से बड़ी संख्या में मोटरसाइकिल का उत्पादन किया और उसके बाद असैनिक उत्पादन की फिर शुरुआत की, बड़ी वी-ट्विन मोटरसाइकिलों की एक श्रृंखला का उत्पादन किया जो रेसट्रैक और निजी खरीददारों दोनों में ही सफल रहे। द्वितीय विश्वयुद्ध के पहले ही हार्ले-डेविडसन ने सेना को अपना सैन्य-विशेष संस्करण 45" WL पंक्ति, जिसे [[WLA]] कहा जाता, की आपूर्ति कर दी थी। (इस मामले में A सन्दर्भित है "आर्मी" के लिए। ) युद्ध शुरू होने पर, अन्य अधिकांश निर्माण कंपनियों के साथ-साथ यह कंपनी भी युद्ध संबंधी कार्यों में शिफ्ट कर गयी। 90,000 से ज्यादा सैन्य मोटरसाइकिलों, ज्यादातर WLAs और WLCs (कनाडा संस्करण), का उत्पादन किया गया, उनमें से अनेक सहयोगियों को प्रदान की गयीं। <ref name="wildthing">''स्मिथसोनियन'' पत्रिका, अगस्त 2003, पेज 34 - "वाइल्ड थिंग", रॉबर्ट एफ. होवे</ref> हार्ले-डेविडसन ने दो बार [[आर्मी-नेवी का 'E' अवार्ड]] प्राप्त किया, एक 1943 में और दूसरा 1945 में; उत्पादन में उत्कृष्टता के लिए ये अवार्ड दिए गये। [[चित्र:HD Liberator.jpg|left|thumb|कनाडियन मिलिट्री के लिए हर्ले डब्लूएलसी (WLC) का उत्पादन करता है।]] [[उधार]] कार्यक्रम के तहत [[सोवियत संघ]] को कम से कम 30,000 का निर्यात किया गया। {{Citation needed|date=अप्रैल 2010}} युद्ध के चार वर्षों के दौरान उत्पादित WLAs में आम तौर पर 1942 के सीरियल नंबर हुआ करते. WLA का उत्पादन द्वितीय विश्व युद्ध के अंत के बाद बंद कर दिया गया, लेकिन [[कोरियाई युद्ध]] में इस्तेमाल के लिए 1950 से 1952 तक इसका उत्पादन फिर हुआ। अमेरिकी सेना ने हार्ले-डेविडसन से साइड-वाल्व और [[शाफ्ट-चालित]] R71 जैसी [[बीएमडब्ल्यू की]] कई विशेषताओं के साथ एक नई मोटरसाइकिल के उत्पादन के लिए कहा. हार्ले ने मुख्य रूप से बीएमडब्ल्यू इंजन और ड्राइव ट्रेन की नकल की और शाफ्ट-चालित 750 cc 1942 [[हार्ले-डेविडसन XA]] बना डाला। पहले की किसी हार्ले-डेविडसन इंजन के साथ इसके आयाम, पुर्जे और डिजाइन अवधारणाओं (साइड वाल्व्स को छोड़कर) का कोई मिलान नहीं था। फ्रेम के सामने सिलेंडरों सहित [[फ्लैट-ट्विन]] इंजन के उत्कृष्ट शीतलन के कारण हार्ले के सिलेंडर हेड इसके वी-ट्विन्स की अपेक्षा 100&nbsp;°F (56&nbsp;°C) ठंडे रहते.<ref>{{cite web |url=http://www.motorcyclemuseum.org/classics/bike.asp?id=71 |title=Motorcycle Hall of Fame Museum: 1942 Harley-Davidson XA |publisher=Motorcyclemuseum.org |date= |accessdate=5 जनवरी 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101022021322/http://motorcyclemuseum.org/classics/bike.asp?id=71 |archive-date=22 अक्तूबर 2010 |url-status=dead }}</ref> XA का कभी भी अधिक उत्पादन नहीं हुआ: उस समय तक सेना का आम प्रयोजनीय वाहन बन चुकी [[जीप]] मोटरसाइकिल पर हावी हो चुकी थी और पहले से ही उत्पादित हो रहा WLA सीमित पुलिस, मार्गरक्षण और कूरियर भूमिका के लिए पर्याप्त था। केवल 1000 ही बनाये गये और XA कभी भी उत्पादन की पूर्ण दशा में नहीं पहुंचा। यह हार्ले-डेविडसन का एकमात्र शाफ्ट-चालित उत्पादन रहा। === छोटे हार्ले - हमर्स और एयरमचिस (Small Harleys - Hummers and Aermacchis) === [[चित्र:Harley-Davidson Hummer.jpg|thumb|हार्ले-डेविडसन हमार]] {{See also|Harley-Davidson Hummer}} {{See also|Harley-Davidson Topper}} [[युद्ध मुआवजे]] के हिस्सा के रूप में, हार्ले-डेविडसन को एक छोटी जर्मन मोटरसाइकिल की डिजाइन प्राप्त हुई, इस [[DKW]] [[RT125]] डिजाइन को उन्होंने रूपांतरित करने के बाद उसका निर्माण करके 1947 से 1966 तक बेचा।<ref name="HummerClub">{{Cite web |url=http://www.harleyhummerclub.org/history |title=हार्ले हमार क्लब - इतिहास |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131102222838/http://www.harleyhummerclub.org/history/ |archive-date=2 नवंबर 2013 |url-status=dead }}</ref> 1955 से 1959 तक [[हमर]] सहित विभिन्न मॉडल बनाये गए, मगर आज तक बोलचाल की भाषा में उन सबको "हमर्स" ही कहा जाता है।<ref name="HummerDotCom">हार्ले [http://www.harleyhummer.com/ Huमिमीer.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170613031801/http://harleyhummer.com/ |date=13 जून 2017 }}[http://www.harleyhummer.com/ Com] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170613031801/http://harleyhummer.com/ |date=13 जून 2017 }}</ref> [[यूनाइटेड किंगडम]] में [[BSA]] ने अपने [[BSA बैनटैम]] की नींव के रूप में उसी डिजाइन को अपनाया.<ref name="EncycMoto37">विल्सन, एच. ""मोटरसाइकिल का विश्वकोश" पृष्ठ 37-डोरलिंग किंडरस्ले लिमिटेड, 1995 ISBN 0-7513-0206-6</ref> [[चित्र:Aermacchi Turismo Veloce 1971 crop.jpg|thumb|left|1971 एमर्ची हर्ले-डेविडसन टुरिस्मो वेलोस]] 1960 में, हार्ले-डेविडसन ने सुपर-10 में मॉडल 165 और हमर पंक्तियों पर ध्यान केन्द्रित किया, टॉपर स्कूटर की शुरुआत की और [[एयरोनौटिका मची]] के मोटरसाइकिल डिवीजन के पचास प्रतिशत खरीद लिए। <ref name="EncycMoto252">विल्सन, पृष्ठ 252</ref> एयरमच्ची के 250cc के समस्तरीय एकल का आयात अगले वर्ष शुरू किया। बाइक में हार्ले-डेविडसन बैज लगे और उनका विपणन हार्ले-डेविडसन स्प्रिंट के रूप में किया गया। <ref name="EncycMoto74">विल्सन, पृष्ठ 74</ref><ref name="Chronicle187">मिट्चेल, पृष्ठ 187</ref> 1969 में स्प्रिंट का इंजन बढ़ाकर 350 cc कर दिया गया और 1974 तक उसी आकार में रहा, जब तक कि फॉर-स्ट्रोक स्प्रिंट बंद नहीं कर दिया गया। <ref name="Chronicle215">मिट्चेल, पृष्ठ 215</ref> 1965 के अंत में पेसर और स्कैट मॉडलों के बंद हो जाने के बाद, बॉबकैट हार्ले- डेविडसन की अमेरिका-निर्मित अंतिम[[टू-स्ट्रोक]] मोटरसाइकिल बनी। बॉबकैट सिर्फ 1966 मॉडल वर्ष में ही निर्मित की गयी।<ref name="Chronicle193">मिट्चेल, पृष्ठ 193</ref> हार्ले-डेविडसन ने अपनी अमेरिका-निर्मित हलकी टू-स्ट्रोक मोटरसाइकिलों की जगह एयरमाची-निर्मित टू-स्ट्रोक शातिशाली M-65, M-65S और रैपिडो को लाया। M-65 में एक सेमी-स्टेप-थ्रू फ्रेम और टैंक था। M-65S एक M-65 था, लेकिन एक बड़े टैंक के साथ जो स्टेप-थ्रू विशेषता को हटा देता था। रैपिडो एक 125 cc इंजन के साथ एक बड़ी बाइक थी।<ref name="Chronicle218">मिट्चेल, पृष्ठ 218</ref> एयरमाच्ची-निर्मित हार्ले-डेविडसंस पूरे तौर पर टू-स्ट्रोक शक्तिशाली बन गयीं, जब 250 cc टू-स्ट्रोक SS-250 ने 1974 में फोर-स्ट्रोक 350 cc स्प्रिंट की जगह ले ली। <ref name="Chronicle247">मिट्चेल, पृष्ठ 247, पृष्ठ 250</ref> हार्ले-डेविडसन ने 1974 में एयरमाच्ची के उत्पादन का पूरा नियंत्रण खरीद लिया और 1978 तक टू-स्ट्रोक मोटरसाइकिलों का निर्माण जारी रखा, उसके बाद उन्होंने यह सुविधा [[कागिवा]] को बेच दी। <ref name="EncycMoto252"/> === कलंकित प्रतिष्ठा === [[चित्र:ZweiRadMuseumNSU EasyRider.JPG|thumb|right|upright|फिल्म एसे राइडर से रेप्लिका ऑफ़ द "कैप्टेन अमेरिका" बाइक]] 1952 में, आयातित मोटरसाइकिलों पर 40% कर के [[अमेरिकी सीमा-शुल्क आयोग]] के उनके प्रयोग के बाद, हार्ले-डेविडसन पर प्रतिबंधक चलन का आरोप लगाया गया। <ref>{{cite web |author=Ian Chadwick, ichadwick@sympatico.ca |url=http://www.ianchadwick.com/motorcycles/triumph/time03.html |title=Triumph Motorcycles Timeline: Recovery and Growth 1946–1962 |publisher=Ianchadwick.com |date= |accessdate=5 जनवरी 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081211143318/http://www.ianchadwick.com/motorcycles/triumph/time03.html |archive-date=11 दिसंबर 2008 |url-status=dead }}</ref> 4 जुलाई 1947 को [[होलिस्टर रौएट (Hollister riot)]] के बाद, 1950 के दशक से 1870 के दशक तक अपराधी बाइकर गैंग पर अनेक फिल्में बनाकर [[हॉलीवुड]] ने भी हार्ले की छवि को नुकसान पहुंचाया. एक लंबे तक "हार्ले-डेविडसन" का नाम [[हेल्स एंजेल्स]] और अन्य [[अपराधी मोटरसाइकिल सवारों]] के नाम का पर्यायवाची बन गया था।{{Citation needed|date=अगस्त 2009}} [[चित्र:Harley-Davidson 6.jpg|thumb|left|एम्ऍफ़ एच-डी इलेक्ट्रा ग्लाइड]] 1969 में, [[अमेरिकी मशीनरी एंड फाउंड्री]] (AMF) ने यह कंपनी खरीद ली, उत्पादन सरल किया गया और कर्मचारियों की संख्या घटा दी गयी। इस नीति के कारण [[मजदूर हड़ताल]] हुई और बाइकों की किस्म घटिया हुई। [[जापानी]] मोटरसाइकिलों की तुलना में ये बाइक महंगी और प्रदर्शन, संचालन तथा गुणवत्ता में घटिया थीं। बिक्री घट गयी, गुणवत्ता में अचानक गिरावट आई और कंपनी लगभग [[दिवालिया]] हो गयी।<ref>{{cite web |url=http://www.hotbikeweb.com/features/0701_hbkp_american_machine_foundry/index.html |title=American Machine Foundry - Journey Into History - Hot Bike Magazine |publisher=www.hotbikeweb.com |accessdate=27 अप्रैल 2008 |last= |first= |archive-url=https://web.archive.org/web/20101231030238/http://www.hotbikeweb.com/features/0701_hbkp_american_machine_foundry/index.html |archive-date=31 दिसंबर 2010 |url-status=dead }}</ref> "हार्ले-डेविडसन" के नाम का मजाक उड़ाते हुए इसे "हार्डली एबलसम" ("Hardly Ableson"), "हार्डली ड्राइवेबल" ("Hardly Driveable") और "होगली फर्ग्युसन" ("Hogly Ferguson") कहा जाने लगा,<ref>{{cite web |url=http://www.totalmotorcycle.com/dictionary/H.htm |title=The Motorcycle Bikers Dictionary - H |publisher=www.totalmotorcycle.com |accessdate=27 अप्रैल 2008 |last= |first= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100803151848/http://www.totalmotorcycle.com/dictionary/H.htm |archive-date=3 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.isnare.com/?aid=243636&ca=Automotive |title=William Harley, Arthur Davidson & Soichiro Honda Didn't Like Bikes! – Isnare.com Articles |publisher=www.isnare.com |accessdate=27 अप्रैल 2008 |last= |first= |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805212526/https://www.isnare.com/?aid=243636&ca=Automotive |archive-date=5 अगस्त 2016 |url-status=dead }}</ref> और उपनाम "होग" ("Hog") [[अपमानजनक]] शब्द बन गया। {{Citation needed|date=अगस्त 2009}} 1977 में, हार्ले-डेविडसन द्वारा कंफेडेरेट संस्करण का उत्पादन इसके सबसे विवादास्पद मॉडलों में एक बन गया। विशेष रंग और विस्तृत सूचनाओं के साथ बाइक निश्चित रूप से हार्ले के ही घराने का था।<ref>{{cite web|url=http://www.motorcycleclassics.com/motorcycle-reviews/harley-davidson.aspx|title=1977 Harley-Davidson Confederate Edition|publisher=Motorcycle Classics|accessdate=5 अगस्त 2009|date=जनवरी/February 2009|author=Chris MacMahan|archive-url=https://web.archive.org/web/20090810072516/http://www.motorcycleclassics.com/motorcycle-reviews/harley-davidson.aspx|archive-date=10 अगस्त 2009|url-status=dead}}</ref> === पुनर्गठन और पुनरुद्धार === 1981 में, AMF ने $80 मिलियन में वॉघन बिल्स और [[विली जी. डेविडसन]] के नेतृत्व के तेरह निवेशकों के एक समूह के हाथों कंपनी बेच दी। <ref name="wild_thing">''स्मिथसोनियन'' पत्रिका, अगस्त 2003, पेज 36 - "वाइल्ड थिंग्स", रॉबर्ट एफ. होव</ref> '[[ठीक समय पर]]' प्रणाली का उपयोग कर वस्तु-सूची पर कड़ाई से नियंत्रण किया गया। अस्सी के दशक के प्रारंभ में, हार्ले-डेविडसन ने दावा किया कि जापानी निर्माता अमेरिका में मोटरसाइकिलों का आयात इतनी बड़ी तादाद में कर रहे हैं, ताकि घरेलू उत्पादकों को नुकसान पहुंचे या वे उन्हें नुकसान का खतरा हो। अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग द्वारा की गयी एक जांच के बाद, राष्ट्रपति रीगन ने 1983 में आयातित बाइक और 700 cc से अधिक क्षमता वाली इंजन पर 45% सीमा-शुल्क लगा दी। बाद में हार्ले डेविडसन ने जापानी मोटरसाइकिल निर्माताओं की सहायता प्रदान करने की पेशकश को ठुकरा दिया। <ref name="7/83 US IMPOSES 45% TARIFF ON IMPORTED MOTORCYCLES">[http://www.japanlaw.info/lawletter/july83/ase.htm] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080308143411/http://www.japanlaw.info/lawletter/july83/ase.htm|date=8 मार्च 2008}} - 7/83 आयातित मोटरसाइकिल पर टैरिफ पर आयातित 45%</ref><ref name="Two American Legends: Ford and Harley-Davidson">[http://www.prnewswire.com/cgi-bin/stories.pl?ACCT=104&STORY=/www/story/01-06-2000/0001109273&EDATE=] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090214101200/http://www.prnewswire.com/cgi-bin/stories.pl?ACCT=104&STORY=%2Fwww%2Fstory%2F01-06-2000%2F0001109273&EDATE=|date=14 फ़रवरी 2009}} - दो अमेरिकी महापुरूष: फोर्ड और हार्ले-डेविडसन</ref> जापानियों के साथ बराबरी की कोशिश करने के बजाय नए प्रबंधन ने जानबूझ कर मशीन की "रेट्रो" अर्थात पुराने जमाने की अपील का दोहन किया, ऎसी मोटरसाइकिले बनायी गयीं जो जानबूझ कर उनकी पहले की मशीनों जैसी लगें और महसूस की जाएं और उस युग के मालिकों के लिए उत्तरवर्ती अनुकूलन किये गये। ब्रेक, फोर्क, शॉक्स, कारबोरेटर, विद्युतीय और पहिये जैसे अनेक अवयव विदेशी निर्माताओं के जरिये आउटसोर्स किये गये अर्थात आयातित किये गये; और गुणवत्ता में वृद्धि की गयी, तकनीकी सुधार किए गए, इन सब कारणों से धीरे-धीरे खरीददार वापस आने लगे। [[चित्र:Ford-F150-Harley.jpg|thumb|left|फोर्ड एफ-150 सुपर क्रू हार्ले-डेविडसन संस्करण]] एक दोहरी बेल्ट-ड्राइव की गर्वोक्ति के साथ "[[स्टर्गिस]]" ("Sturgis") मॉडल, पेश किया गया। 1990 तक, "फैट ब्वॉय" की शुरूआत के साथ हार्ले एक बार फिर हैवीवेट (750 cc से अधिक) बाजार में बिक्री में अगुवा बन गया। फैट ब्वॉय की शुरुआत के समय एक कहानी तेजी से फैली कि इसके सिल्वर रंग के कार्य और अन्य विशेषताएं द्वितीय विश्वयुद्ध के अमेरिकी बमवर्षक बी-29 से प्रेरित हैं; और [[नागासाकी]] तथा [[हिरोशिमा]] पर क्रमानुसार गिराए गये परमाणु बमों ([[फैट मैन]] और [[लिटल ब्वॉय]]) के नामों का संयोजन है। हालाँकि, [[शहरी पौराणिक कथा सन्दर्भ पेज]] ने इस कहानी को एक [[शहरी कथा]] के रूप में सूचीबद्ध किया।<ref>{{cite web | title = Urban Legends Reference Pages: Harley-Davidson Fat Boy | publisher = Snopes | url = http://www.snopes.com/business/market/fatboy.asp | accessdate = 14 दिसंबर 2007}}</ref><ref>{{cite news | title = Road Test: Harley-Davidson FLSTF Fat Boy | publisher = The Independent | url = http://www.independent.co.uk/living/motoring/road_tests/article1978866.ece | accessdate = 14 दिसंबर 2007 | location = London | date = 14 नवंबर 2006 | archive-date = 14 फ़रवरी 2009 | archive-url = https://archive.today/20090214055127/http://www.independent.co.uk/living/motoring/road_tests/article1978866.ece | url-status = dead }}</ref> 1993 में FXR फ्रेम की जगह डायना (Dyna) को लाया गया, हालांकि विशेष सीमित संस्करणों (FXR2, FXR3 और FXR4) के लिए 1999 से 2000 तक इसे पुनर्जीवित किया गया था। 2000 में, [[फोर्ड मोटर कंपनी]] ने [[फोर्ड F सीरीज]] F-150 पंक्ति में एक हार्ले-डेविडसन संस्करण को जोड़ा, हार्ले-डेविडसन लोगो (logo) के साथ इसे पूरा किया। मॉडल वर्ष 2000 के लिए यह ट्रक एक सुपर कैब था। 2001 में, फोर्ड ने इस ट्रक को सुपर क्रू (Super Crew) में बदल दिया और 2002 में एक सुपर चार्ज इंजन (5.4 L) जोड़ा, जो 2003 तक जारी रहा। 2003 के मॉडल बैज लगाये दोनों कंपनियों की 100वीं वर्षगांठ मनाई गयी। 2004 में, फोर्ड/हार्ले ने एक सुपर ड्यूटी शुरू की, जो 2009 तक जारी रही। साथ ही, फोर्ड ने अपने 2006 मॉडल वर्ष के लिए फिर से एक हार्ले-डेविडसन संस्करण F-150 का उत्पादन किया। 1 जून 2006 को 130,000 वर्ग-फीट (12,000 m<sup>2</sup>) के क्षेत्र में $75 मिलियन के खर्च से [[मेनोमोनी नदी घाटी]] स्थित [[हार्ले-डेविडसन संग्रहालय]] की इमारत बननी शुरू हुई। 2008 को इसे खोल दिया गया। इसमें कंपनी की ऐतिहासिक मोटरसाइकिलों का विशाल संग्रह तथा कॉर्पोरेट अभिलेखागार है, साथ ही एक रेस्तरां, कैफे और बैठक स्थल भी हैं।<ref name="museum">[http://milwaukee.bizjournals.com/milwaukee/stories/2006/05/29/daily31.html द बिज़नेस जर्नल (मिल्वौके)] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160915121911/http://milwaukee.bizjournals.com/milwaukee/stories/2006/05/29/daily31.html |date=15 सितंबर 2016 }} - हार्ले-डेविडसन किक शुरू $75M संग्रहालय परियोजना</ref> === बुएल (Buell) मोटरसाइकिल कंपनी === {{Main|Buell Motorcycle Company}} [[स्पोर्टबाइक]] निर्माता [[बुएल मोटरसाइकिल कंपनी]] के साथ हार्ले-डेविडसन का संबंध 1987 में तब शुरू हुआ जब उन्होंने बुएल को पचास अधिशेष XR1000 इंजन की आपूर्ति की। बुएल ने 1993 तक हार्ले-डेविडसन से इंजन खरीदना जारी रखा, तब तक हार्ले-डेविडसन ने बुएल मोटरसाइकिल कंपनी की उनचास प्रतिशत की भागीदारी खरीद ली। <ref name="MCJuly08">{{cite journal |last= Frank|first= Aaron|author= |authorlink= |coauthors= |date= |year= 2008|month= July|day= |title= 25 Years of Buellishness: American Genius or America's Fool?|journal= Motorcyclist|volume= |series= |issue= |page= |pages= 82–94|publisher= Source Interlink Magazines|location= |issn= |pmid= |pmc= |doi= |bibcode= |oclc= |id= |url= |language= |format= |accessdate= |laysummary= |laysource= |laydate= |quote=}}</ref> 1998 में हार्ले-डेविडसन ने बुएल के अपने शेयर में अंठानबे प्रतिशत तक की वृद्धि कर ली और 2003 में पूरा स्वामित्व ले लिया।<ref>{{cite web | title = Buell Motorcycle Co. - Two Wheel Innovation | publisher = Industry Today | url = http://www.industrytoday.com/article_view.asp?ArticleID=1485 | accessdate = 13 जून 2009 | archive-url = https://web.archive.org/web/20110713025945/http://www.industrytoday.com/article_view.asp?ArticleID=1485 | archive-date = 13 जुलाई 2011 | url-status = dead }}</ref> सामान्य रूप से मोटरसाइकिलिंग में तथा विशेष रूप से हार्ले-डेविडसन की ओर नए लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए बुएल ने एक कम लागत, कम रखरखाव खर्च की मोटरसाइकिल विकसित की। जिसके परिणामस्वरूप 2000 में एकल-सिलेंडर [[बुएल ब्लास्ट]] शुरू की गई,<ref name="MOBlast">{{cite web| title = Buell Blast - A Better Beginner's Bike?| url = http://www.motorcycle.com/manufacturer/buell/buell-blast-13968.html| work = [http://www.motorcycle.com/index.html Motorcycle.com]| publisher = [http://www.verticalscope.com/ VerticaScope Inc.]| date = 15 जनवरी 2000| accessdate = 16 मई 2009| archive-url = https://web.archive.org/web/20110714121243/http://www.motorcycle.com/manufacturer/buell/buell-blast-13968.html| archive-date = 14 जुलाई 2011| url-status = dead}}</ref> और उसका उत्पादन 2009 तक होता रहा, बुएल के अनुसार, जो उत्पादन का अंतिम साल रहा। <ref name="Procter2009">{{Cite news |url=http://www.motorcyclenews.com/MCN/News/newsresults/General-news/2009/July/jul3109-Buell-derides-and-crushes-regrettable-Blast/?R=EPI-117242 |title=Buell derides and crushes 'regrettable' Blast |first=Guy |last=Procter |date=31 जुलाई 2009 |periodical=Motorcycle News |publisher=Bauer }}</ref> 15 अक्टूबर 2009 को, कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी किया कि यह बुएल पंक्ति को रोक रही है और इसके उत्पादन को तुरंत बंद कर रही है।<ref name="Harley-Davidson.com Oct 15">{{cite news| url=http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/HD_News/Company/newsarticle.jsp?locale=en_US&articleLink=News/0581_press_release.hdnews&newsYear=2009&history=news| title=Harley-Davidson announces 3rd quarter results, Unveils long-term business strategy| publisher=Harley-Davidson.com| accessdate=19 अक्टूबर 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20120325235556/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/HD_News/Company/newsarticle.jsp?locale=en_US&articleLink=News%2F0581_press_release.hdnews&newsYear=2009&history=news| archive-date=25 मार्च 2012| url-status=dead}}</ref> === स्टॉक मूल्य हेरफेर के दावे === [[चित्र:HOG 5years.PNG|frame|right|हार्ले डेविडसन इंक (न्यसे: हॉग) शेयर की कीमत (स्रोत: ZenoBank.com)|कड़ी=Special:FilePath/HOG 5years.PNG]] 1990 के दशक के अंत और 2000 दशक के आरंभ में, अपनी अधिकतम मांग की अवधि के दौरान, हार्ले-डेविडसन ने देश भर में डीलरशिप की संख्या में विस्तार का एक कार्यक्रम शुरू किया। इसी समय, इसके मौजूदा डीलर खासतौर पर कुछ सबसे लोकप्रिय मॉडलों के लिए प्रतीक्षा सूची को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया करते थे। ऑटो निर्माताओं की तरह, हार्ले-डेविडसन उपभोक्ता द्वारा उनके उत्पाद खरीदने पर नहीं, बल्कि डीलर को दे दिए जाने पर ही बिक्री का रिकॉर्ड दर्ज कर लिया करते हैं। इसलिए, निर्माता के लिए यह संभव है कि [[चैनल स्टफिंग]] से ज्ञात आवश्यकता से अधिक माल-सूची स्वीकार करने की डीलरों से मांग करके बिक्री संख्या को फूला हुआ दिखाया जाय. अपूर्व 2003 मॉडल वर्ष के बाद जब मांग में कमी आयी, तब इस खबर से शेयर मूल्य में एक नाटकीय गिरावट आयी। अप्रैल 2004 में अकेले, हॉग (HOG) शेयरों की कीमत 60 डॉलर से गिरकर 40 डॉलर के नीचे आ गयी। इस गिरावट से तुरंत पहले, सेवानिवृत्त सीईओ (CEO) जेफरी ब्लूस्टीन ने [[कर्मचारी स्टॉक विकल्प]] का इस्तेमाल करके 42 मिलियन डॉलर का फायदा कमाया था।<ref>{{cite web|url=http://www.sec.gov/Archives/edgar/data/793952/000122520804000684/xslF345X02/doc4.xml|title=SEC Form 4|publisher=EDGAR|date=अप्रैल 15, 2004|access-date=29 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20110604121353/http://www.sec.gov/Archives/edgar/data/793952/000122520804000684/xslF345X02/doc4.xml|archive-date=4 जून 2011|url-status=live}}</ref> अनेक [[क्लास एक्शन]] मुकदमों में हार्ले-डेविडसन का नाम एक प्रतिवादी के रूप में आया है, ये मुकदमे उन निवेशकों द्वारा दायर किये गये जिनका दावा रहा कि हार्ले-डेविडसन के प्रबंधन और निदेशकों ने जानबूझकर उनके साथ धोखाधड़ी की। <ref>{{cite web |url=http://www.glancylaw.com/amazing_case.php?caseid=125 |title=Glancy Binkow & Goldberg LLP - Attorneys at Law |publisher=Glancylaw.com |date=21 जनवरी 2004 |accessdate=5 जनवरी 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080621221725/http://www.glancylaw.com/amazing_case.php?caseid=125 |archive-date=21 जून 2008 |url-status=dead }}</ref> जनवरी 2007 तक, हार्ले-डेविडसन के शेयरों की कीमत 70 डॉलर पर पहुंच गयी। === 2007 में मजदूरों की हड़ताल === 2 फ़रवरी 2007 को, अपने यूनियन समझौते की समाप्ति पर, वेतन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सहमति नहीं बनने के बाद [[यॉर्क, PA]] स्थित हार्ले-डेविडसन इंक. के सबसे बड़े प्लांट के 2700 कर्मचारी हड़ताल पर चले गये।<ref>{{cite news|title=2,700 union workers strike Harley-Davidson|publisher=United Press International|date=फ़रवरी 2, 2007|url=http://www.newsdaily.com/Business/UPI-1-20070202-12373100-bc-us-harleydavidson.xml|access-date=29 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20080219232206/http://www.newsdaily.com/Business/UPI-1-20070202-12373100-bc-us-harleydavidson.xml|archive-date=19 फ़रवरी 2008|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|title=Strike shuts down Harley-Davidson plant, Company suspends production of motorcycles amid contract dispute|publisher=Associated Press via MSNBC|date=फ़रवरी 2, 2007|url=http://www.msnbc.msn.com/id/16941254/|access-date=29 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20121105121333/http://www.msnbc.msn.com/id/16941254/|archive-date=5 नवंबर 2012|url-status=live}}</ref> हड़ताल अवधि के दौरान, कंपनी ने कर्मचारियों की स्वास्थ्य देखभाल का किसी भी हिस्से का भुगतान करने से इंकार कर दिया। <ref>{{cite news|title=Striking Harley workers take hits in the pocketbook|publisher=The York Dispatch|date=फ़रवरी 12, 2007|url=http://www.yorkdispatch.com/local/ci_5211461|access-date=29 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20151015233709/http://www.yorkdispatch.com/local/ci_5211461|archive-date=15 अक्तूबर 2015|url-status=dead}}</ref> हड़ताल के पहले, प्रस्तावित करार के खिलाफ यूनियन के वोट करने और हड़ताल के लिए अधिकृत करने के बाद, कंपनी ने प्लांट के सभी उत्पादन बंद कर दिए। योर्क प्लांट में यूनियन और गैर-यूनियन दोनों तरह के 3,200 श्रमिक कार्यरत रहे। <ref>{{cite news|title=Harley closes big plant on strike threat|publisher=United Press International|date=फ़रवरी 1, 2007|url=http://www.newsdaily.com/Business/UPI-1-20070201-18094300-bc-us-harley.xml|access-date=29 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20080219232200/http://www.newsdaily.com/Business/UPI-1-20070201-18094300-bc-us-harley.xml|archive-date=19 फ़रवरी 2008|url-status=live}}</ref> 16 फ़रवरी 2007 को हार्ले-डेविडसन ने घोषणा की कि उसके सबसे बड़े निर्माण प्लांट के यूनियन श्रमिकों के साथ उसका समझौता हो गया है, यह दो-सप्ताहव्यापी हड़ताल में एक मोड़ था।<ref>{{cite news|title=Deal ends Harley-Davidson strike|year=2007|publisher=The Associated Press|url=http://www.msnbc.msn.com/id/17192748/|access-date=29 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20121109052446/http://www.msnbc.msn.com/id/17192748|archive-date=9 नवंबर 2012|url-status=live}}</ref> हड़ताल ने हार्ले डेविडसन के राष्ट्रीय उत्पादन को बाधित कर दिया और जहां तक विन्कोंसिन की बात है इस पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा, जहां के 440 कर्मचारियों की छंटनी हो गयी और हार्ले के अनेक आपूर्तिकर्ताओं के श्रमिकों की भी छंटनी हो गयी।<ref>{{cite news|title=Tentative deal in Harley-Davidson strike - 2,800 workers out since February 2; rank-and-file still must vote on deal|publisher=Associated Press via MSNBC|date=फ़रवरी 16, 2007|url=http://www.msnbc.msn.com/id/17192748/|access-date=29 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20121109052446/http://www.msnbc.msn.com/id/17192748|archive-date=9 नवंबर 2012|url-status=live}}</ref> === MV अगस्टा (Agusta) समूह अधिग्रहण === 11 जुलाई 2008 को हार्ले-डेविडसन ने घोषणा की कि उन्होंने 109 मिलियन USD (€70M) की कीमत पर एमवी ऑगस्ता (MV Agusta) समूह के निर्णायक अधिग्रहण के समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। एमवी ऑगस्ता समूह में मोटरसाइकिलों की दो पंक्तियां शामिल हैं: उच्च प्रदर्शन वाली [[एमवी ऑगस्ता (MV Agusta)]] ब्रांड और हलकी [[कागिवा (Cagiva)]] ब्रांड.<ref name="SuperbikePlanet.com July 11">{{cite news | url=http://www.superbikeplanet.com/2008/Jul/080711b.htm | title=Harley-Davidson Acquires Both MV Agusta & Cagiva! | publisher=SuperbikePlanet.com | accessdate=11 जुलाई 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20161002060944/http://www.superbikeplanet.com/2008/Jul/080711b.htm | archive-date=2 अक्तूबर 2016 | url-status=dead }}</ref><ref name="Harley-Davidson.com July 11">{{cite news | url=http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/HD_News/Company/newsarticle.jsp?locale=en_US&articleLink=News/0292_press_release.hdnews&newsYear=2008&history=news | title=Harley-Davidson to acquire Mv Agusta Group expanding presence in Europe | publisher=Harley-Davidson.com | accessdate=11 जुलाई 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20120809082414/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/HD_News/Company/newsarticle.jsp?locale=en_US&articleLink=News%2F0292_press_release.hdnews&newsYear=2008&history=news | archive-date=9 अगस्त 2012 | url-status=dead }}</ref> 8 अगस्त को अधिग्रहण पूरा हुआ।<ref>{{cite web | title = Harley-Davidson Completes Acquisition of MV Agusta | publisher = Motorcycle Daily.com | url = http://www.motorcycledaily.com/080808pressrelease1.htm | accessdate = 14 सितंबर 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20090503053454/http://www.motorcycledaily.com/080808pressrelease1.htm | archive-date = 3 मई 2009 | url-status = dead }}</ref> 15 अक्टूबर 2009 को, हार्ले-डेविडसन ने घोषणा की कि वह एमवी ऑगस्ता में अपने हित विनिहित करेगा। <ref name="Harley-Davidson.com Oct 15"/> === भारत में निर्यात की दिशा में कदम === अगस्त 2009 में, हार्ले-डेविडसन भारत के बाजार में प्रवेश करने की योजना की घोषणा की, प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जहां उसे 2010 में अपनी मोटरसाइकिलों की बिक्री शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी ने दिल्ली के पास गुड़गांव में एक सहायक कंपनी स्थापित की और डीलरों की तलाश की प्रक्रिया शुरू कर दी। <ref>{{cite news | title = Harley to Ride Indian Growth | publisher = [[Wall Street Journal]] | url = http://online.wsj.com/article/SB125135162394762877.html | date = August 28, 2009 | first = Eric | last = Bellman | accessdate = 28 अगस्त 2009 | archive-url = https://web.archive.org/web/20090828035308/http://online.wsj.com/article/SB125135162394762877.html | archive-date = 28 अगस्त 2009 | url-status = live }}</ref> उच्च सीमा शुल्क दरों और [[उत्सर्जन विनियमों]] के कारण भारतीय बाजार में प्रवेश करने की योजनाओं में कई वर्षों की देरी हुई। प्रदूषण विनियमों में हाल ही में बदलाव किये गये, लेकिन सीमा शुल्क समस्या अभी तक अनसुलझी है।<ref name="Strumph2009">{{cite news |title=Harley-Davidson to sell motorcycles in India |last=Strumph |first=Dan |publisher=[[The Associated Press]] |url=http://www.google.com/hostednews/ap/article/ALeqM5hWzmxqlnUjGk28uKnovEO75fdWZwD9ABBDC01 |date=27 अगस्त 2009 }}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> 2007 में, [[अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि]] [[सुजन श्वाब]] और [[भारत के उद्योग व वाणिज्य मंत्री]] [[कमलनाथ]] सहमत हुए थे कि भारतीय आमों के निर्यात के विनिमय में हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों को भारतीय बाजार में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी.<ref>{{cite news|title=India will export mangoes, import motorbikes from US|publisher=द हिन्दू बिज़नस लाइन|date=अप्रैल 13, 2007|url=http://www.thehindubusinessline.com/2007/04/14/stories/2007041403971000.htm|access-date=29 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100124163229/http://www.thehindubusinessline.com/2007/04/14/stories/2007041403971000.htm|archive-date=24 जनवरी 2010|url-status=live}}</ref> हालांकि, भारत ने 500 cc से अधिक विस्थापन के मोटरसाइकिलों के लिए उत्सर्जन मानक निर्दिष्ट नहीं किये थे, सो उसने अन्य निर्माताओं के अधिकांश मॉडलों के साथ- साथ हार्ले-डेविडसन के आयात पर प्रभावी रोक लगा दी। <ref>{{cite news|title=India Swaps Mangoes for Harley-Davidson Motorcycles|publisher=World Press|date=मई 10, 2007|url=http://www.worldpress.org/Asia/2785.cfm|access-date=29 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100811140809/http://worldpress.org/Asia/2785.cfm|archive-date=11 अगस्त 2010|url-status=live}}</ref> 60% आयात शुल्क और 30% करों, जिनसे बिक्री की कीमत दुगुनी हो जाती है, के कारण भारत को निर्यात करने की योजनाएं भी रोक दी गयीं। <ref>{{cite news|title=Harley shelves India plans, citing duties|publisher=Mint|date=मई 1, 2007|url=http://www.livemint.com/2007/05/01000418/Harley-shelves-India-plans-ci.html|access-date=29 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20090426134558/http://www.livemint.com/2007/05/01000418/Harley-shelves-India-plans-ci.html|archive-date=26 अप्रैल 2009|url-status=live}}</ref> हार्ले-डेविडसन के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी सोचती है कि दर की भरपाई के लिए मांग काफी ऊंची है और मुख्य परिचालन अधिकारी मैट लेवाटिच ने कहा कि वे दरें कम करने के लिए प्रयास जारी रखेंगे.<ref name="Strumph2009"/> हार्ले डेविडसन पांच मोटरसाइकिल परिवारों की श्रृंखला के 12 मॉडलों को भारत में शुरू कर रहे हैं, उनके नाम हैं स्पोर्टस्टर, डायना, VRSC, सोफ्टेल और CVO. मोटरसाइकिलें पूरी तरह से निर्मित इकाईयां हैं और भारत में इनका आयात किया जाएगा, इस तरह एक्स- शोरूम 6.95 लाख (695,000) रुपये और 34.95 (3,495,000) लाख रुपये की कीमत श्रेणी में 100% से अधिक कर आकर्षित करेगा। अप्रैल 2010 से बुकिंग शुरू हो जा सकती है और मोटरसाइकिल की डिलीवरी जून 2010 से शुरू होगी। आरंभ में, हार्ले डेविडसन के पांच डीलरशिप (दिल्ली, मुंबई, बंगलूर, हैदराबाद और चंडीगढ़) होंगे, इस लक्ष्य के साथ कि अगले पांच वर्षों में डीलरशिप की संख्या 20 तक पहुंच जाय.<ref>[http://www.motorcycle-usa.com/568/5429/Motorcycle-Article/Harley-Davidson-India-Intros-Motorcycle-Lineup.aspx हार्ले-डेविडसन इण्डिया इंट्रोस मोटरसाइकिल लाइनअप] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100530054808/http://www.motorcycle-usa.com/568/5429/Motorcycle-Article/Harley-Davidson-India-Intros-Motorcycle-Lineup.aspx |date=30 मई 2010 }} MotorcycleUSA.com</ref> === वित्तीय संकट === [[इंटरब्रांड]] (Interbrand) के अनुसार 2009 में हार्ले-डेविडसन के ब्रांड की कीमत 43% तक गिर 4.34 बिलियन डॉलर हो गयी। समझा जाता है कि कीमत में गिरावट का संबंध पिछले साल के दो चौथाई हिस्से में कंपनी के मुनाफे में 66% की कमी से है।<ref>{{cite web|url=http://english.pravda.ru/business/companies/23-09-2009/109454-harley_davidson-0|title=Harley-Davidson, Toyota and Porsche Brands Lose Value|accessdate=1 अक्टूबर 2009|date=21 सितंबर 2009|publisher=Pravda.ru|archive-url=https://web.archive.org/web/20090926074555/http://english.pravda.ru/business/companies/23-09-2009/109454-harley_davidson-0|archive-date=26 सितंबर 2009|url-status=dead}}</ref> 29 अप्रैल 2010 को हार्ले-डेविडसन ने कहा कि उन्हें विंस्कॉन्सिन में इसकी उत्पादन सुविधा से 54 मिलियन डॉलर निर्माण लागत में कटौती करनी ही होगी और इसे पूरा करने के लिए उन्हें वैकल्पिक U.S. स्थान ढूंढ़ने होंगे। व्यापक कंपनी-स्तरीय पुनर्गठन के समय यह घोषणा हुई, पुनर्गठन कार्य 2009 के आरंभ में शुरू हुई थी और इस सिलसिले में दो कारखानों, एक वितरण केंद्र को बंद कर दिया गया और कुल कार्य बल के करीब 25% (करीब 3,500 कर्मचारी) की योजनाबद्ध रूप से छंटनी कर दी गयी। विस्कोंसिन उत्पादन सुविधाओं को कहीं और ले जाया जाय या नहीं, इस पर अंतिम फैसला 2010 के अंत में लिया गया। <ref>{{Cite web |url=http://www.jsonline.com/business/92418964.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100810162311/http://www.jsonline.com/business/92418964.html |archive-date=10 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref> == हार्ले-डेविडसन इंजन == [[चित्र:Harley Davidson.jpg|thumb|upright|HD रोड किंग में वी-ट्वैन]] {{Main|Harley-Davidson engine timeline}} क्लासिक हार्ले-डेविडसन इंजन टू-[[सिलेंडर]], एक 45° "V" में लगे पिस्टन सहित [[वी-ट्विन]] होते हैं। [[क्रैंकशाफ्ट]] को एक पिन होता है और दोनों [[पिस्टन]] अपने [[संयोजक रॉड्स]] के माध्यम से इस पिन से जुड़े होते हैं।<ref name="wfwvmg"/> इस डिजाइन के कारण असमान अंतराल पर पिस्टन प्रज्वलित होते हैं। एक छोटी सी जगह में एक बड़ी, उच्च-कंठा इंजन बनाने के लिए यह एक इंजीनियरिंग समन्वयन है। इंजीनियरिंग दृष्टि से यह डिजाइन पूरी तरह अवशेषी है, लेकिन विशिष्ट ध्वनि और हार्ले-डेविडसन ब्रांड के बीच मजबूत संपर्क की वजह से यह बचा हुआ है। यह डिजाइन, जो अनेक [[युनाइटेड स्टेट्स पेटेंट]] के अंतर्गत आती है, हार्ले-डेविडसन वी-ट्विन को एक अनूठी तरंगित "पोटेटो-पोटेटो" ध्वनि देती है। इंजन को सरल बनाने और लागत को कम करने के लिए, वी-ट्विन्स इग्निशन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि एक एकल बिंदु से और बगैर [[वितरक]] के इसे संचालित किया जा सके। यह डुएल फायर इग्निशन प्रणाली के रूप में जाना जाता है, कौन-सा सिलेंडर इसके कंप्रेशन स्ट्रोक पर है इस पर ध्यान दिए बिना इसके दोनों स्पार्क प्लग प्रज्वलित होते हैं, जबकि अन्य स्पार्क प्लग इसके सिलेंडर के निकास स्ट्रोक को प्रज्वलित करता है, असल में "[[स्पार्क का अपक्षय]]" करता है। निकासी ध्वनि आमौतर पर जोर की आवाज के साथ भारी [[गुर्राहट]] है। इसलिए 45° की इंजन की डिजाइन प्लग में चिंगारी उठाने का सिलसिला शुरू होता है जैसा कि पहले सिलेंडर में और बाद में दूसरे (पिछले) सिलेंडर में 315° पर जलता है; इसके बाद 405° अतंर के बाद पहला सिलेंडर फिर से जल उठता है, इससे इंजन से एकदम अलग किस्म की आवाज आती है।<ref>{{cite web |url=http://auto.howstuffworks.com/harley3.htm |title=Howstuffworks "The Harley Sound and Mystique" |publisher=auto.howstuffworks.com |accessdate=27 अप्रैल 2008 |last= |first= |archive-url=https://web.archive.org/web/20080223115625/http://auto.howstuffworks.com/harley3.htm |archive-date=23 फ़रवरी 2008 |url-status=dead }}</ref> हार्ले-डेविडसन ने अपने पूरे ऐतिहासिक काल में विभिन्न तरह की प्रज्वलन प्रणाली का इस्तेमाल किया है और यह शुरूआती जगहों/भाप को द्रव में बदलने की प्रणाली हो जाती है, (1978 तक बिग ट्विन में और 1970-1978 तक स्पोर्ट्सटर में), 1958 से 1969 तक स्पोर्ट्सटर में चुंबकीय प्रज्वलन प्रणाली का उपयोग किया गया, इससे पहले विकसित वजन के अपकेंद्री यांत्रिक के साथ इलेक्ट्रॉनिक का, (1978 के सभी मॉडलों में और 1979 के आधे में), अथवा बाद के ट्रांसटर से चालित प्रज्वलन प्रणाली मॉडुल के इलेक्ट्रॉनिक का उपयोग किया, ऽ1980 से लेकर वर्तमान समय में सभी मॉडलों में) यह ब्लैक बॉक्स अथवा ब्रेन के नाम से कहीं ज्यादा जाता जाता है। 1995 में शुरू, कंपनी 30 वीं वर्षगांठ में [[इलेक्ट्रा ग्लाइड]] संस्करण में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल इंजेक्शन (EFI) को विकल्प के रूप में लेकर आयी।<ref>{{cite web |url=http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/H-D_History/history_1990s.jsp?locale=en_US |title=Harley-Davidson - Timeline 1990's |publisher=www.harley-davidson.com |accessdate=27 अप्रैल 2008 |last= |first= |archive-url=https://web.archive.org/web/20081003125510/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/H-D_History/history_1990s.jsp?locale=en_US |archive-date=3 अक्तूबर 2008 |url-status=dead }}</ref> 2007 उत्पाद लाइन की शुरुआत के साथ, EFI अब स्पोर्ट्सटर समेत सभी मॉडलों का मानक हो गया है।<ref>{{cite web |url=http://www.nightrider.com/biketech/motorcycle_efi_basics.htm |title=Harley-Davidson Motorcycle Fuel Injection Explained |publisher=www.nightrider.com |accessdate=27 अप्रैल 2008 |last= |first= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100909203549/http://www.nightrider.com/biketech/motorcycle_efi_basics.htm |archive-date=9 सितंबर 2010 |url-status=dead }}</ref> 1991 में, हार्ले-डेविडसन ने ओर्फिल्ड लैब्स (Orfield Labs), ब्रुएल एंड क्जेर (Bruel and Kjaer), [[TEAC]] (टीईएसी), [[यामाहा]] (Yamaha), [[सेनहेजर]] (Sennheiser), SMS (एसएमएस) और कोरटेक्स (Cortex) द्वारा स्थापित साउंड क्यालिटी वर्किंग ग्रुप में भागीदारी शुरू की। यह देश का पहला समूह था जिसने मनोवैज्ञानिक ध्वनि-विज्ञान पर शोध में हिस्सेदारी की। उस वर्ष बाद में, हार्ले-डेविडसन ने ओर्फिल्ड प्रयोगशाला में ध्वनि गुणवत्ता अध्ययन की एक श्रृंखला में भाग लिया, जो [[टल्लाडेगा सुपरस्पीडवे]] में की गयी रिकॉर्डिंग पर आधारित रहा, जिसका उद्देश्य "हार्ले साउंड" के विश्लेषणात्मक अभिग्रहण के साथ EU मानकों के लिए ध्वनि स्तर को कम करना था।{{Citation needed|date=जुलाई 2007}} इस शोध के फलस्वरूप बननेवाले बाइक यूरोपीय संघ के मानकों के अनुपालन में 1998 में पेश किए गए। 1 फ़रवरी 1994 को, कंपनी ने हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल इंजन की एक विशिष्ट ध्वनि के लिए एक [[ध्वनि ट्रेडमार्क]] का आवेदन का दायर किया: "जब माल उपयोग में हों तब वी-ट्विन द्वारा उत्पादित आम क्रैंकपिन मोटरसाइकिल इंजन की निकास ध्वनि में एक खास छाप हुआ करती है". हार्ले-डेविडसन के नौ प्रतियोगियों ने इस आवेदन का विरोध करते हुए टिप्पणी की कि विभिन्न ब्रांडों की क्रूजर-स्टाइल मोटरसाइकिलों में एकल-क्रैंकपिन वी-ट्विन इंजन का उपयोग किया जाता है, जो एक जैसी ध्वनि पैदा करती हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.bc.edu/bc_org/avp/law/st_org/iptf/articles/content/1998101101.html |title=The Trademark Registrability of the Harley-Davidson Roar: A Multimedia Analysis |publisher=www.bc.edu |accessdate=27 अप्रैल 2008 |last= |first= |archive-url=https://web.archive.org/web/20100604001508/http://www.bc.edu/bc_org/avp/law/st_org/iptf/articles/content/1998101101.html |archive-date=4 जून 2010 |url-status=dead }}</ref> इन आपत्तियों के कारण मुकदमेबाजी शुरू हुई। अगस्त 2001 में, कंपनी ने अपने ट्रेडमार्क को संघीय रजिस्टर कराने के प्रयास छोड़ दिया। हालांकि, कंपनी के वकील ने दावा किया कि बिना पंजीकरण के भी हार्ले-डेविडसन ट्रेडमार्क पर अधिकार रखता है।<ref>{{cite web |url=http://www.themabreys.com/northtexashog/history.htm |title=Chuck Mabrey - Harley History |publisher=www.themabreys.com |accessdate=27 अप्रैल 2008 |last= |first= |archive-url=https://web.archive.org/web/20091127081008/http://www.themabreys.com/northtexashog/history.htm |archive-date=27 नवंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> [[चित्र:harley.electraglide.750pix.jpg|thumb|ब्रिस्टल में इलेक्ट्रा गाइड "अल्ट्रा क्लासिक"]] === बिग वी-ट्विन्स === * [[F-हेड]], JD, पॉकेट वल्व और IOE (इनटेक ओवर इग्जॉस्ट) के नाम से भी जाना जाता है, 1914-1929 (1000 cc) और 1922-1929 (1200 cc) * [[फ्लैटहेड]], 1930-1948 (1200 cc) और 1935-1941 (1300 cc). * [[नक्कलहेड]], 1936-1947 61 घन इंच (1000 cc) और 1941-1947 में 74 घन इंच (1200 cc) * [[पैनहेड]], 1948-1965 61 घन इंच (1000 cc) और 1948-1965, 74 घन इंच (1200 cc) * [[शवलहेड]], 1966-1984, 74 घन इंच (1200 cc) और 80 घन इंच (1345 cc) 1978 के अंतिम चरण से * [[ईवोलूशन]] (उर्फ "इवो" और "ब्लॉकहेड"), 1984-2000, 80 घन इंच (1340 cc) * [[ट्विन कैम 88]] (उर्फ "फैटहेड") 1999-2006, 88 घन इंच (1450 cc) * [[ट्विन कैम 88B]] (काउंटर बैलेंस वर्सन ऑफ ट्विन कैम 88) 2000-2006, 88 घन इंच (1450 cc) * [[ट्विन कैम 95]], 2000 के बाद से, 95 घन इंच (1550 cc) (इंजन पुराने C.V.O. मॉडल के लिए) * [[ट्विन कैम 96]], 2007 के बाद से, 96 घन इंच (1584 cc) * [[ट्विन कैम 103]], 2003-2006, 2009, 103 घन इंच (1690 cc) मॉडल (सीवीओ इंजन के लिए) * [[ट्विन कैम 110]], 2007 के बाद, 110 क्यूबिक इंच (1802 सीसी) (इंजन C.V.O. मॉडल के लिए) [[चित्र:Sportster moving.jpg|thumb|एवोल्यूशन स्पोर्ट्सटर क्रुइज़िन्ग अराउंड डाउनटाउन ब्यूनॉस एरिज़]] === स्मॉल वी-ट्विन्स === * D मॉडल, 1929-1931, 750 cc * R मॉडल, 1932-1936, 750 cc * W मॉडल, 1937-1952, 750 cc, एकल (2 पहिया, केवल फ्रेम) * G (सर्वी कार) मॉडल, 1932-1973, 750 cc * K मॉडल, 1952-1953, 750 cc * KH मॉडल, 1954-1956, 900 cc * आयरनहेड, 1957-1971, 900 cc, 1971-1985, 1000 cc * [[ईवोलूशन]] 1986 के बाद से, 883 cc, 1100 cc और 1200 cc [[चित्र:Vrod.jpg|thumb|शो रूम के फर्श पर वी-रॉड]] === रेवलूशन इंजन === रेवोल्युशन इंजन VR -1000 [[सुपरबाइक]] रेस कार्यक्रम पर आधारित है जो जर्मनी के [[स्टुटगार्ट]] में हार्ले-डेविडसन के पॉवरट्रेन टीम और [[पॉर्श]] इंजीनियरिंग द्वारा विकसित है। यह लिक्विड कूल्ड, डूएल ओवरहेड कैम है, जो आंतरिक तौर पर 69 घन इंज (1130 cc) विस्थापन के साथ 60 डिग्री वी-ट्विन इंजन प्रति-संतुलित है और 9000 rpm रेडलाइन के साथ धुरी के छोर पर 8250 rpm का उत्पादन करता है।{{convert|115|hp|abbr=on}}<ref>{{cite web | title = First Ride: 2002 Harley-Davidson VRSCA V-Rod | publisher = motorcycle.com | url = http://www.motorcycle.com/manufacturer/harley-davidson/first-ride-2002-harleydavidson-vrsca-vrod-13245.html | accessdate = 14 दिसंबर 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100112233954/http://www.motorcycle.com/manufacturer/harley-davidson/first-ride-2002-harleydavidson-vrsca-vrod-13245.html | archive-date = 12 जनवरी 2010 | url-status = dead }}</ref><ref>{{cite web | title = Harley-davidson v-rod - jeckyl or hyde! | publisher = Motorbikes Today | url = http://www.motorbikestoday.com/reviews/Articles/harley_vrod.htm | accessdate = 14 दिसंबर 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20101126104247/http://motorbikestoday.com/reviews/Articles/harley_vrod.htm | archive-date = 26 नवंबर 2010 | url-status = live }}</ref> 2001 में 2002 मॉडल साल के लिए वी-रॉड लाइन मॉडल लाया गया, जो एकल VRSCA मॉडल (वी-ट्विन रेसिंग कस्टम) से शुरू होता था।<ref>{{cite web | title = Harley-Davidson Company History Timeline 2000 | publisher = Harley-Davidson Motor Company Website | url = http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/H-D_History/history_2000s.jsp?locale=en_US | accessdate = 14 दिसंबर 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20071224224528/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/H-D_History/history_2000s.jsp?locale=en_US | archive-date = 24 दिसंबर 2007 | url-status = dead }}</ref><ref>{{cite web | title = Motor Company History | publisher = North Texas Harley Owners Group | url = http://www.nthog.com/html/motor_company_history.html | accessdate = 14 दिसंबर 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080227145357/http://www.nthog.com/html/motor_company_history.html | archive-date = 27 फ़रवरी 2008 | url-status = dead }}</ref> 1250 cc स्क्रेमिन ईगल इंजन संस्करण 2005 और 2006 के लिए उपलब्ध कराया गया और इसके बाद 2005 से 2007 तक एकल उत्पादन में मॉडल को लाया गया। 2008 में, 1250 cc रेवलूशन इंजन VRSC लाइन के लिए पूरी तरह से एक मानक बन गया। 2008 VRSCAW मॉडल के क्रैंक पर हार्ले-डेविडसन दावा{{convert|123|hp|abbr=on}} है। VRXSE ''डिस्ट्रॉइअर'' को एक स्ट्रोकर (75 मिमी क्रैंक) स्क्रेमिन ईगल इंजन 79 घन इंज (1300 cc) रेवलूशन इंजन से सुसज्जित किया गया। {{convert|165|hp|abbr=on}} == मॉडल के नाम == {{Multiple issues| {{section|date=April 2010}} {{unreferenced|date=January 2009}} {{cleanup|date=January 2009}} }} हार्ले मॉडल का नामकारण अक्षर और संख्या का एक अनुक्रम है, जिसे परिसीमित तरीके में संयुक्त किया गया हैं। अनुक्रम लंबे हो सकते हैं, जैसा कि 2006 में मॉडल FLHTCUSE के नामकरण में हुआ। पहला अक्षर निम्न में से कोई एक हो सकता है: :K ('50s फ्लैटहेड स्मॉल ट्विन), E, F (1936 -* सिंगल कैम OHV बिग ट्विन), U, V (1930-48 चार कैम फ्लैटहेड बिग ट्विन), D, G, R, W, (फ्लैटहेड स्मॉल ट्विन), X (स्पोर्ट्सटर OHV), अथवा V (VRSC) 1984 के बाद से ही F (बिग ट्विन), X(स्पोर्ट्सटर) और V (V_ROD) नियमित रूप से इस्तेमाल किया गया है। अक्षर अकेले या जोड़ों में संलग्न हैं, जो निम्न हैं: :ब्लैकेड आउट दूसरे शब्द में स्ट्रीट बॉब, नाइट ट्रेन और क्रॉस बोन्स मॉडल्स), C (क्लासिक अथवा कस्टम), CW (कस्टम वाइड (2008 [[सॉफ्टेल]] रॉकर)) D (डायना चेसिस अथवा सॉफ्टेल ड्यूस), E (इलेक्ट्रिक स्टार्ट), F (फैट ब्वॉय (1990-अब तक) अथवा फूट-शिफ्ट (1972 और इससे पहले)), H (हैंडल बार/फ्रंट एन्ड माउंटेड फेयरिंग, दूसरे शब्दों में चमकादड़ के पंखों जैसा खूबसूरत/क्विक रिलीज विंडशील्डर्, आई (फ्यूल इंजेक्शन), L (लो राइडर)), N {(नास्टैल्जिया जैसा कि सॉफ्टेल डिलक्स/ नास्टैल्जिया/स्पेशल) और नाइटस्टर स्पोर्ट्सटर परिवार में} P (पुलिस), R (रेस, रोड किंग, अथवा रबर माऊंट), S (स्पोर्ट्स, स्प्रिंगर), ST (सॉफ्टेल), T (फ्‍रेम माउंटेड फेयरिंग), WG (वाइड ग्लाइड), SE (स्क्रेमिन ईगल), U (अल्ट्रा) X (FLHX स्ट्रीट ग्लाइड), डायना मॉडल्स में स्पोटर्स, टूरिंग मॉडल्स में स्ट्रीट ग्लाइड.) XT (T-स्पोटर्स डायना मॉडल). कस्टम व्हीकल ऑपरेशन मॉडल में संख्या (2,3,4) भी जुड़े हो सकते हैं। ध्यान रहे कि मॉडल के नामकारण में कंपनी द्वारा परंपराएं हमेशा से तोड़ी जाती रही हैं। === मौजूदा मॉडल के नाम === [[चित्र:HD 883 Hugger.JPG|thumb|2001 883 स्पोर्ट्सटर हग्गर]] * 1980 के दशक के XR1000 '''स्पोटर्सटर''' और XR1200 को छोड़कर सड़क पर उपयोग के लिए बने ज्यादातर '''स्पोर्ट्सटर''' के मॉडल के नाम के साथ XL प्रत्यय हुआ करता है। 1980 के दशक के मध्य से स्पोर्ट्सटर के लिए ईवोलूशन इंजन का उपयोग किया गया, इसमें इंजन दो आकर का डाला गया है। छोटे इंजनवाले मोटरसाइकिलों का नाम XL883 दिया गया है, जबकि जिनमें बड़े इंजन हैं शुरू में उनका नाम XL1100 दिया गया था। जब बड़े इंजन का आकार 1,100cc से 1,200cc बढ़ाया गया तो नाम भी इसके अनुरूप XL1100 से XL1200 कर दिया गया। नाम के बाद में आनेवाला अक्षर स्पोर्ट्सटर रेंज के मॉडल के विभिन्न रूपों को दर्शाता है। जैसे, XL883C 883cc स्पोर्ट्सटर कस्टम बताता है, जबकि XL1200S अब बंद हो चुके 1200 स्पोट्सटर स्पोर्ट का नाम है। * '''डायना''' मॉडल्स में बिग ट्विन इंजन (F) छोटे व्यासवाला टेलीस्कोपनुमा फॉर्क्स का उपयोग किया गया है, जैसा कि स्पोर्ट्सटर (X) और डायना चेसिस (D) में किया गया है। इसीलिए डायना मॉडल के सभी नाम FXD से शुरू हैं; ''जैसे'', FXDWG (डायना वाइड ग्लाइड) और FXDL (डायना लो राइडर). * '''सॉफ्टेल''' मॉडल्स में बिग ट्विन इंजन (F) और सॉफ्टेल चेसिस (ST) का उपयोग किया गया। ** सॉफ्टेल मॉडल्स जिसमें स्पोर्ट्सटर (X) की तरह छोटे व्यासवाले टेलीस्कोपनुमा फॉर्कस का उपयोग किया गया उसका नाम FXST से शुरू हुआ है। ''जैसे'', FXSTD (नाइट ट्रेन), (ड्यूश) और FXSTS (स्प्रिंगर) ** सॉफ्टेल मॉडल्स जिसमें टूरिंग बाइक (F) की तरह बड़े व्यासवाले टेलीस्कोपनुमा फॉर्क्स का उपयोग किया गया उनका नाम FLST से शुरू हुआ है, ''जैसे'', (फैट ब्वॉय), FLSTC हेरीटेज सॉफ्टेल क्लासिक) और FLSTN (सॉफ्टेल डिलक्स). ** सॉफ्टेल मॉडल्स जिसमें एक पहिया के साथ{{convert|21|in|mm|sing=on}} स्प्रिंगर फॉर्क्स का उपयोग हुआ, जिनका नाम FXSTS से शुरू होता है, ''जैसे'', FXSTS (स्प्रिंगर सॉफ्टेल) और FXSTSB (बैड ब्वॉय). ** सॉफ्टेल मॉडल्स जिसमें एक पहिया के साथ{{convert|16|in|mm|sing=on}} स्प्रिंगर फॉर्क्स का उपयोग हुआ, जिनका नाम FLSTS से शुरू होता है ''जैसे'', FLSTSC (स्प्रिंगर क्लासिक) और FLSTSB (क्रॉस बोन्स). * '''टूरिंग''' मॉडल्स में बिग-ट्विन इंजनों और बड़े-व्यासवाले टेलीस्कोपनुमा फॉर्क्स का उपयोग किया गया है। सभी टूरिंग का नाम FL अक्षरों से शुरू होता है, ''जैसे,'' FLHR (रोड किंग) और FLTR (रोड ग्लाइड). * '''रेवलूशन''' मॉडल्स रेवलूशन इंजन (VR) का उपयोग किया गया है और स्ट्रीट संस्करणों का नाम स्ट्रीट कस्टम (SC) दिया गया है। सभी स्ट्रीट रेवलूशन बाइकों में VRSC प्रत्यय आम है, इसके बादवाला अक्षर मॉडल का नाम बताता है, यह या तो A (बेस V-रॉड: बंद हो चुका), AW (240मिमी रियर टायर के साथ बेस V-रॉड + W फॉर वाइड), D (नाइट रॉड: बंद हो चुका), R (स्ट्रीट रॉड: बंद हो चुका, SE और SEII(CVO स्पेशल एडिशन), अथवा X (स्पेशल एडिशन). इसके बाद मॉडलों में अंतर अतिरिक्त अक्षर से किया गया है, ''जैसे'', VRSCDX नाइट रॉड स्पेशल बताता है। ** VRXSE डिस्ट्रॉइयर, जिसे कारखाने में कम बनता है, में SC, जो इसे नॉन-स्ट्रीट बाइक बताता है और SE जो इसे CVO स्पेशल एडिशन बताता है; के बदले X का उपयोग करता है। == मॉडल घराने == आधुनिक हार्ले-ब्रांडेड मोटरसाइकिल पांच मॉडल परिवारों में से एक है: टूरिंग, सॉफ्टेल, डायना, स्पोर्ट्सटर और VRSC. मॉडल परिवारों में अंतर फ्रेम, इंजन, सस्पेन्शन और अन्य विशेषताओं के द्वारा किया गया हैं। === टूरिंग === [[चित्र:PolizeiHarley.JPG|thumb|हैम्बर्ग पुलिस इलेक्ट्रा ग्लाइड.]] {{See also|Harley-Davidson FL}} टूरिंग परिवार, जिसमें विभिन्न ट्रिम में तीन रोड किंग मॉडल और इलेक्ट्रा ग्लाइड मॉडल भी शामिल हैं, "ड्रेसर्स" के नाम से भी जाने जाते हैं। रोड किंग दिखने में "रेट्रो क्रूजर"-सा है और यह बहुत बड़े-से पारदर्शी विंडशील्ड से सुसज्जित है। रोड किंग्स 1940 और '50 के दशक के बिग ट्विन मॉडलों की याद को ताजा करता है। इलेक्ट्रा ग्लाइड्स को सामने से इसकी खूबसूरती से पहचाना जा सकता है। ज्यादातर इलेक्ट्रॉ ग्लाइड में फॉर्क-माउंटेड लगा होता और इसके आकर को देखते हुए यह "बैटविंग" कहलाता है। रोड ग्लाइड फ्रेम-माउंटेड होता है और "शार्कनोज" कहलाता है। शार्कनोज के सामने के आवरण में दोहरी हेडलाइट होती है। इसके बड़े शैडलबैगों, रियर क्वाइल-ओवर एयर ससपेंशन के जरिए टूरिंग मॉडलों को अलग किया जाता हैं और ये अकेले मॉडल हैं जिन्हें रेडियो/CBs के साथ बखूबी सजाया गया है। सभी टूरिंग मॉडल में एक ही तरह के फ्रेम का उपयोग किया गया है, पहला 1980 में शोवलहेड मोटर के साथ लाया गया और बड़े पैमाने पर इसे रिडिजाइन किया गया तो मामूली सुधार के साथ 2009 तक यह चलता रहा। फ्रेम को फॉर्क के सामने स्टेयरिंग हेड के स्थान के जरिए फ्रेम को अलग किया गया है और बिग वी-ट्विन के कंपन से राइडर को अलग करने के लिए ड्राइवट्रेन में रबर लगा हुआ यह पहला H-D फ्रेम है। 1994 साल के मॉडल में जब तेल की टंकी ट्रांसमिशन के अंदर चली गयी औरसीट के नीचे दाहिने शैडलबैग के भीतर से बैटरी को बाइक के पटरे में लगा गया तो फ्रेम में सुधार किया गया है। 1997 में बड़ी बैटरी को सीट के भीतर लाने और कम ऊंचाईवाले सीट को ऊंचा करने के लिए फ्रेम में फिर से सुधार किया गया। 2007 में, सवार को हाईवे में अच्छी गति मुहैया कराने के लिए हार्ले 96 घन इंज का मोटर और साथ ही 6 की गति का ट्रांसमिशन लेकर आए। पिछले इन सलों में टूरिंग मॉडल विभिन्न स्थानीय और राज्य पुलिस एजेंसियों जैसे [[शिकागो पुलिस डिपार्टमेंट]], [[लॉस एंजेल्स पुलिस डिपार्टमेंट]], [[लोवा स्टेट पेट्रोल]] और अन्य दूसरी एजेंसियों में बहुत लोकप्रिय हुआ। 2006 में, हार्ले टूरिंग की कड़ी में FLHX नाम का बाइक लेकर आए, जिसे विली जी. डेविडसन ने अपनी निजी सवारी के लिए डिजाइन किया था।<ref>{{cite web |url=http://www.brainbucketmag.com/News/article/sid=408.html |last=Newbern |first=Michael |title=First Ride: 2007 FLHX |date=8 अगस्त 2006 |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070929090553/http://www.brainbucketmag.com/News/article/sid=408.html |archive-date=29 सितंबर 2007 |url-status=dead }}</ref> 2008 में, हार्ले ने एंटी-लॉकिंग ब्रेकिंग प्रणाली और क्रूज नियंत्रण को जोड़ा, क्योंकि कारखाने ने सभी टूरिंग मॉडलों में इस विकल्प को मुहैया कराया था।<ref name="ABS">{{cite press release |title=ABS OPTION ON ALL HARLEY-DAVIDSON TOURING AND VRSC MODELS |publisher=Harley-Davidson |date=9 जुलाई 2007 |url=http://www.harley-davidson.com/CO/NEW/en/PressRelease_date.asp?locale=en_US&bmLocale=en_US&HDCWPSession=vHLgG6cQLh81Jl9BDmTDST1frXYC02vTcXyzfQGn090yRDvTJyQb!-1996869500!400212047&id_in=1244&dspmm=7&dspyy=2007&FROM=NewsARCHIVE |accessdate=26 सितंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080220062801/http://www.harley-davidson.com/CO/NEW/en/PressRelease_date.asp?locale=en_US&bmLocale=en_US&HDCWPSession=vHLgG6cQLh81Jl9BDmTDST1frXYC02vTcXyzfQGn090yRDvTJyQb!-1996869500!400212047&id_in=1244&dspmm=7&dspyy=2007&FROM=NewsARCHIVE |archive-date=20 फ़रवरी 2008 |url-status=dead |archivedate=20 फ़रवरी 2008 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20080220062801/http://www.harley-davidson.com/CO/NEW/en/PressRelease_date.asp?locale=en_US&bmLocale=en_US&HDCWPSession=vHLgG6cQLh81Jl9BDmTDST1frXYC02vTcXyzfQGn090yRDvTJyQb!-1996869500!400212047&id_in=1244&dspmm=7&dspyy=2007&FROM=NewsARCHIVE }}</ref> इसके अलावा 2008 के सभी टूरिंग मॉडल में नया 6 गैलन का ईंधन टैंक भी है। 2009 साल के मॉडल के लिए, हार्ले-डेविडसन विभिन्न बदलाव के साथ सभी टूरिंग मॉडल को फिर से डिजाइन किया, इसमें नया फ्रेम, नया स्विंग्राम और पूरी तरह नया संशोधित इंजन-माउंटिंग स्सिटम,{{convert|17|in|mm|adj=on}} और 2-1-2 इग्जॉस्ट, सामने के पहियों समेत कई बदलाव किए गए, लेकिन FLHRC को छोड़ कर. इस बदलाव का नतीजा यह रहा कि सवार और यात्री के लिए इसकी वजन उठाने की बेहतर क्षमता, बेहतर हैंडलिंग, सुगम इंजन, लंबी रेंज और कम गर्मी निकालनेवाला बन गया। <ref>{{Cite web |url=http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/2009_Motorcycles/2009_Motorcycles.jsp?locale=en_US#/family/to |title=2009 हार्ले-डेविडसन 2009 मॉडल लाइन |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140209133329/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/2009_Motorcycles/2009_Motorcycles.jsp?locale=en_US#/family/to |archive-date=9 फ़रवरी 2014 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.motorcycledaily.com/04august08_2009hd_vrod&touring.htm|last=Edge|first=Dirck|title=2009 Harley-Davidson Touring Models and V-Rod Muscle - MD First Rides|date=4 अगस्त 2008|access-date=15 जून 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20090511121725/http://www.motorcycledaily.com/04august08_2009hd_vrod%26touring.htm|archive-date=11 मई 2009|url-status=dead}}</ref> इसके अलावा 2009 साल के लिए FLHTCUTG ट्रा-ग्लाइड अल्ट्रा क्लासिक मॉडल जारी किया गया, पहला तीन पहियों वाला हार्ले 1973 में सर्वी-कार के बाद बंद कर दिया गया। मॉडल में एक बहुत ही अनोखा फ्रेम लगाया गया और 103 ci इंजन खासतौर पर ट्राइक में लगाया गया। <ref>{{Cite web |url=http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/2009_Motorcycles/2009_Motorcycles.jsp?locale=en_US#/model/flhtcutg |title=2009 हार्ले-डेविडसन ट्राई-ग्लाइड अल्ट्रा क्लासिक |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140209133329/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/2009_Motorcycles/2009_Motorcycles.jsp?locale=en_US#/model/flhtcutg |archive-date=9 फ़रवरी 2014 |url-status=dead }}</ref> === सॉफ्टेल === [[चित्र:Evb-my hog.jpg|thumb|2002 सोफ्टेल हेरिटेज क्लासिक.]] {{Main|Softail}} इन बिग-ट्विन मोटासाइकिलों में हार्ले परंपरा की सुदृढ़ उपयोगिता को शामिल किया गया। ट्रांसमिशन के भीतर छिपे रियर-व्हील सस्पेंशन के साथ, ये 1960 और 1970 के दशक में लोकप्रिय "हार्डटेल" [[हेलीकॉप्टर]] की तरह; साथ में उनके अपने ही पुराने समय की तरह दिखता है उस परंपरा को बरकरार रखते हुए हार्ले ने सामने की ओर "स्प्रिंगर" के साथ सॉफ्टेल मॉडल में पेश किया और उसमें "हेरीटेज" स्टाइल को भी शामिल किया जो उनके पूरे इतिहास की ओर इशारा करता है। === डायना === {{Main|Harley-Davidson Super Glide}} [[चित्र:Harley-Davidson 18.jpg|thumb|2005 डायन सुपर ग्लाइड कस्टम.]] डायना मोटरसाइकिलों की खासियत इनका बिग-ट्विन इंजन और परंपरागत स्टाइल है। सॉफ्टेल से इन्हें पारंपरिक क्वॉइल-ओवर सस्पेंशन, जो फ्रेम के स्विंग्राम से जाकर जुड़ता है और स्पोर्ट्सटर से इसकी इंजनों के जरिए अलग किया जा सकता है। इन मॉडलों में ट्रांसमिशन को इंजन के तेल रिजर्वर में भी होता है। 2006 में हार्ले-‍डेविडसन ने डायना मॉडल के पांच सिरीज को रिलीज किया: सुपर ग्लाइड, सुपर ग्लाइड कस्टम, स्ट्रीट बॉब, लो राइडर और वाइड ग्लाइड. 2008 में, डायना की कड़ी में डायना फैट बॉब की स्टाइल बहुत ही उग्र थी, इसमें 2-1-2 इग्जॉस्ट, ट्विन हेडलैंप, पीछे एक 180 मिमी टायर और सामने एक 130 मिमी टायर भी शामिल है। डायना घराना में 99-06 से 88 घन इंज का ट्विन कैम का उपयोग किया गया है। 2007 से विस्थापन को बढ़ाकर 96 घन इंज कर दिया गया। इसके कारण कारखाने ने स्ट्रोक को 4 3/8" इंज तक बढ़ा दिया गया। === स्पोर्ट्सटर === {{Main|Harley-Davidson Sportster}} [[चित्र:200501DIRTYDEBBIE 003a.jpg|thumb|2002 स्पोर्ट्सटर 883 कस्टम]] [[चित्र:2003 HD XL1200C Anniversary Edition.jpg|thumb|2003 हार्ले डेविडसन XL1200 कस्टम वर्षगांठ संस्करण]] मॉडल घराने में हार्ले-डेविडसन की कडि़यों में सबसे लंबा चला 1957 में लाया गया स्पोर्ट्सटर.{{Citation needed|date=जून 2009}} इन्हें रेसिंग मोटरसाइकिल मान लिया गया और 1960 तथा 1970 के दशक में गंदगी और फ्लैट ट्रैक रेस कोर्स में बहुत लोकप्रिय थे। हार्ले के अन्य मॉडलों की तुलना में छोटे और हलके समकालीन स्पोर्ट्सटर में 883 या 1,200 इवोलूशन इंजन का उपयोग किया गया औरल हालांकि बार-बार इसमें सुधार किया गया, लेकिन दिखने में यह उनके रेसिंग के पुराने दूसरे मॉडल जैसा ही रहा। <ref>{{cite web|url=http://www.motorcycleclassics.com/motorcycle-reviews/harley-davidson-sportster-1000.aspx|title=1972-1985 Harley-Davidson Sportster 1000|publisher=Motorcycle Classics|accessdate=21 मई 2010|date=मार्च/April 2010|author=Richard Backus|archive-url=https://web.archive.org/web/20100522134006/http://www.motorcycleclassics.com/motorcycle-reviews/harley-davidson-sportster-1000.aspx|archive-date=22 मई 2010|url-status=dead}}</ref> 2003 मॉडल साल ‍तक स्पोर्ट्सटर में इंजन को जरूर फ्रेम में मढ़ दिया गया। 2004 के स्पोर्ट्सटर में रबर से मढ़ा इंजन के लिए एक नया फ्रेम लगाया गया। हालांकि इससे इस मॉडल का बाइक वजनदार हो गया और इससे उपलब्ध खाली जगह और कम हो गयी, साथ में इससे सवार और फ्रेम में होनेवाला कंपन भी कम हो गया। <ref>''[http://www.motorcyclecruiser.com/roadtests/2004_harley_davidson_sportster/ मोटरसाइकिल क्रूज़र] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081201115222/http://www.motorcyclecruiser.com/roadtests/2004_harley_davidson_sportster/ |date=1 दिसंबर 2008 }}'' की पहले सवारी: 2004 हार्ले-डेविडसन स्पोर्ट्सटर मोटरसाइकिल</ref> रबर लगा इंजन सवार और यात्री को उल्लेखनीय रूप से सुविधाजनक सवारी मुहैया करता है, इससे लंबी यात्रा की जा सकती है। 2007 मॉडल साल में, हार्ले-डेविडसन ने स्पोर्ट्सटर की 50 वीं सालगिरह मनायी और XL50 नाम के संस्करण का सीमित उत्पादन किया, दुनिया भर में बेचने के लिए जो केवल 2000 बनाया गया। प्रत्येक मोटरसाइकिल को अलग और नंबर दिया गया और ये दो रंगों मीराज पर्ल ऑरेंज या गहरे काले में से एक में आया। 2007 में, स्पोर्ट्सटर घराने में इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल इंजेक्शन पहली बार लाया गया और इसी साल के मध्य में नाइटस्टर मॉडल में इसे डाला गया। 2009 में, हार्ले-डेविडसन ने स्पोर्ट्सटर की पंक्ति, नवीनतम डार्क कस्टम श्रृंखला में आयरन 883 को जोड़ा. 2008 मॉडल साल में, हार्ले-डेविडसन ने यूरोप, अफ्रीका और मध्य-पूर्व के देशों में XR1200 स्पोर्ट्सटर रिलीज किया। XR1200 में चार पिस्टनवाला दोहरा फ्रंट डिस्क ब्रेक और एक एल्युमिनियम स्विंग आर्म उत्पादन{{convert|91|bhp|abbr=on}} के लिए ईवोलूशन इंजन लगाया गया था। ''[[मोटरसाइकिलिस्ट]]'' ने XR1200 को अपने जुलाई 2008 के आवरण पर लिया था और सामान्य तौर पर इसके बारे में "फर्स्ट राइड" आलेख सकारात्मक रहा, जिसमें हार्ले-डेविडसन से इसे बार-बार संयुक्त राज्य अमेरिका में बेचने को कहा गया था।<ref>{{cite journal |last= Cathcart|first= Alan|coauthors= |date= |year= 2008|month= July|title= First Ride: 2008 Harley-Davidson XR1200 - Get Sporty!|journal= Motorcyclist|volume= |series= |issue= |page= |pages= 49–53|publisher= Source Interlink Magazines|location= |issn= |pmid= |pmc= |doi= |bibcode= |oclc= |id= |url= |language= |format= |accessdate= |laysummary= |laysource= |laydate= |quote=}}</ref> संयुक्त राज्य अमेरिका में इसका उपलब्धता में देर होने की एक संभाव्य वजह यह थी कि हार्ले-डेविडसन ने "XR1200" के नामकरण का अधिकार स्टोर्ज पाफॉमेंशन से हासिल किया था, जो कि हार्ले का कैलिफ के वेंचुरा का दुकान है।<ref>{{cite web|url=http://www.motorcycleclassics.com/motorcycle-reviews/2009-harley-davidson-xr1200.aspx|title=2009 Harley-Davidson XR1200|publisher=Motorcycle Classics|accessdate=20 अगस्त 2009|date=सितंबर/October 2009|author=Richard Backus|archive-url=https://web.archive.org/web/20091020111135/http://www.motorcycleclassics.com/motorcycle-reviews/2009-harley-davidson-xr1200.aspx|archive-date=20 अक्तूबर 2009|url-status=dead}}</ref> XR1200 को इसके डर्ट-ट्रैकर को मिराज ऑरेज से विशिष्ट रूप से दर्शाते हुए नए रंग के स्कीम के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका में 2009 को रिलीज किया गया। 2009 में पहला 750 XR1200 पहले से ही खरीदे का ॲर्डर दे दिया गया था और बाइक के समाने नंबर 1 के टैग के साथ [[केनी कूलबेथ]] और [[स्कॉट पार्कर]] का ऑटोग्राफ और कंपनी की ओर से ध्यनवाद/स्वागत पत्र के साथ आया, जिस पर बिल डेविडसन का हस्ताक्षर था।{{Citation needed|date=जुलाई 2009}} === VRSC (वीआरएससी) === {{Main|Harley-Davidson VRSC}} [[चित्र:Harley 5-06.jpg|thumb|एक ग्रेवेल ड्राइववे में वि-रॉड..|कड़ी=Special:FilePath/Harley 5-06.jpg]] 2001 में आया VRSC (वीआरएससी) घराना हार्ले के पारंपरिक पंक्ति से बहुत-कुछ मिलता-जुलता था। हार्ले के इतिहास में यह पहला मौका था जब जापानी और अमेरिकी मसल बाइक से प्रतिस्पर्धा और बाजार में इसकी मांग में वृद्धि करने के लिए [[पॉर्श]] के साथ संयुक्त रूप से विकसित इंजन "वी-रॉड" का उपयोग किया गया, इसमें [[ओवरहेड कैम]] और लिक्विड कूलिंग व्यस्था को भी जोड़ा गया। दिखने में वी-रॉड बिल्कुल अलग किस्म का है और इसे 60 डिग्री वी-ट्विन इंजन, रेडिएटर और [[हाइड्रोफॉर्मड]] फ्रेम, जो कि हवा को साफ करनेवाले गोलाईवाले कवर की सुरक्षा करते हैं; से आसानी पहचाना जाता है। VR 1000-रेसिंग पर आधारित मोटरसाइकिल, आज भी यह एक मंच है, जिस मशीन को हार्ले-डेविडसन ने ड्रैग-रेसिंग प्रतिस्पर्धा बनाया है। U.S., यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के प्रशंसक इकट्ठा होने पर वी-रॉड की ओर से कैनसस सिटी में सालाना रैली होती है, इसमें मैक्स मिलेंडर द्वारा उत्पादन सुविधा का आयोजन किया जाता है और 21,000 सदस्यों के साथ + [https://web.archive.org/web/20190506200205/https://www.1130cc.com/ www.1130cc.com] फोरम में सदस्य इस पर जोरदार बहस करते हैं। बिल डेविडसन ने मि. मिलेंडर को फोरम में VRSC को मंच देने में, जो आज भी नाइट रॉड स्पेशल (VRSCDX) जैसे कुछ मॉडलों के लिए आज भी काम कर रहा है, उनके अवदान को मान्यता प्रदान करने के लिए हस्ताक्षरयुक्त एवरबॉक्स उपहार में दिया। 2008 में, चूंकि कंपनी ने सभी VRSC मॉडलों में विकल्प रखा था, इसीलिए हार्ले ने इसमें एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम जोड़ा.<ref name="ABS"/> हार्ले ने स्टॉक इंजन के विस्थापन में भी वृद्धि की, जो इससे पहले केवल स्क्रेमिन ईगल में उपलब्ध था,{{convert|1130|to|1250|cc|cuin|abbr=on}} और एक मानक उपकरण के तौर पर इसमें स्लीपर क्लाच जोड़ा. VRSC (वीआरएसए) मॉडल निम्न शामिल हैं: VRSCA (वीआरएसए): वी-रॉड (2002-2006), VRSCAW (वीआरएससीडब्लू): वी-रॉड (2007-2010), VRSCB (वीआरएसबी): वी-रॉड (2004-2005), VRSCD (वीआरएससीडी): नाइट रॉड (2006-2008), VRSCDX (वीआरएससीडीएक्स): नाइट रॉड स्पेशल (2007-2010), VRSCSE (वीआरएससीएसई): स्क्रेमिन ईगल CVO वी-रॉड (2005), VRSCSE2 (वीआरएससीएसई2): स्क्रेमिन ईगल CVO वी-रॉड (2006), VRSCR (वीआरएससीआर): स्ट्रीट रॉड (2006-2007), VRSCX (वीआरएससीएक्स): स्क्रेमिन ईगल ट्रिब्यूट वी-रॉड (2007), VRSCF (वीआरएससीएफ): वी-रॉड मसल (2009-2010). ==== VRXSE (वीआरएक्सएससी) ==== VRXSE (वीआरएक्सएससी) वी-रॉड डिस्ट्रॉयर हार्ले-डेविडसन का ड्रैग रेसिंग मोटरसाइकिल उत्पादन है जो दस सेकंड में चौथाई मील चलाने के लिए तैयार किया गया है। यह उसी रेवोलूशन इंजन पर आधारित है जिसने VRSC (वीआरएससी) श्रृंखला को मजबूती प्रदान की है, लेकिन VRXSE (वीआरएक्सएसई) "स्ट्रोक्ड" की तरह दिखनेवाले स्क्रेमिन ईगल 1,300 cc का उपयोग करता है और इसमें 75 मिमी क्रैनसैफ्ट, 105 मिमी पिस्टन और 58 एमएम का चिपटा ढांचा है। वी-रॉड डिस्ट्रॉयर सड़क पर चलाये जाने के लिए वैध मोटरसाइकिल नहीं है। == पर्यावरण से संबंधित रिकॉर्ड == 2005 में [[एन्वाइरन्मेन्टल प्रोटेक्शन एजेंसी]] ने मिशिगन के एन आरबॉर में उत्सर्जन-प्रमाणीकरण और इससे जुड़े उत्सर्जन का परीक्षण किया। इसके बाद, हार्ले-डेविडसन ने एक "पर्यावरणीय वारंटी" प्रस्तुत किया। पहले और इसके बाद के मालिकों को यह वारंटी प्रदान करता है कि सामग्री और कारीगरी के मामले में ये दोष मुक्त है, प्रत्येक वाहन को इस तरह डिज़ाइन और निर्मित किया गया है कि इसके कारण ये EPA मानकों को पूरा नहीं करते.<ref>[http://epa.gov/otaq/regs/roadbike/21-harley-pres.pdf प्रतिनिधि उत्सर्जन टेस्ट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090127003227/http://epa.gov/otaq/regs/roadbike/21-harley-pres.pdf |date=27 जनवरी 2009 }} 9 मार्च 2005, 14 मई 2008 को पुनःप्राप्त</ref> 2005 में, EPA और [[पेंसिल्वेनिया डिपार्टमेंट ऑफ एन्वाइरन्मेन्टल प्रोटेक्शन]] ने पुष्टि कर दी कि हार्ले-डेविडसन पहला निगम है जिसने स्वेच्छा से सफाई कार्यक्रम में नाम लिखाया है। पूर्व न्यूयॉर्क नेवल ऑर्ड्नन्स प्लांट में प्रभावित मिट्टी और भूमिगत जल की सफाई के लिए इस कार्यक्रम को डिजाइन किया गया है। संगठनों और नगमों में भाग लेकर इस कार्यक्रम को राज्य और स्थानीय स। रकार द्वारा प्रोत्साहित किया गया। <ref name="vupxae">[http://www.yorksiteremedy.com/ न्यूयॉर्क के पूर्व नौसेना आयुध संयंत्र] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101129044601/http://www.yorksiteremedy.com/ |date=29 नवंबर 2010 }} 2005. 14 मई 2008 को पुनःप्राप्त.</ref> EPA के संचालक निदेशक पॉल गोटहोल्ड ने मोटर कंपनी को बधाई दी: {{cquote| “Harley-Davidson has taken their environmental responsibilities very seriously and has already made substantial progress in the investigation and cleanup of past contamination. Proof of Harley's efforts can be found in the recent EPA determination that designates the Harley property as ‘under control’ for cleanup purposes. This determination means that there are no serious contamination problems at the facility. Under the new One Cleanup Program, Harley, EPA, and PADEP will expedite the completion of the property investigation and reach a final solution that will permanently protect human health and the environment.”<ref name = "vupxae"/>}} हार्ले-डेविडसन ने ज्यादातर कास्ट अलॉइ को भी खरीद लिया, जो कि मोटरसाइकिल पहियों का दक्षिण ऑस्ट्रेलियाई उत्पादक और केंद्र है। दक्षिण ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने चौथे आसन पर पर्यावरण जोखिम से बचाव के लिए संरक्षण क्रेता (हार्ले-डेविडसन) को बिठाया.<ref>[http://www.minterellison.com/public/connect/Internet/Home/Expertise/Track+Records/TR-Harley-Davidson कास्टअलॉय एसेट्स की हर्ले-डेविडसन की परिसंपतियां] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110807072632/http://www.minterellison.com/public/connect/Internet/Home/Expertise/Track+Records/TR-Harley-Davidson/ |date=7 अगस्त 2011 }} 2008. 14 मई 2008 को पुनःप्राप्त.</ref> == कारखान पर्यटन और संग्रहालय == {{Wide image|HD museum panorama.jpg|1000px|Harley-Davidson Museum in Milwaukee|35%|right|alt=}} हार्ले-डेविडसन इसके चार निर्माण स्थल में कारखाना पर्यटन कराते हैं और [[हार्ले-डेविडसन म्युजियम]], जो 2008 में खुला, यहां हार्ले-डेविडसन के इतिहास, संस्कृति और वाहन के साथ मोटर कंपनी के कॉर्पोरेट से संबंधित अभिलेखागार का प्रदर्शन किया गया है।<ref>{{Cite web |url=http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/Factory_Tours/factory_tours.jsp?locale=en_US |title=हार्ले-डेविडसन अमरीका: ''द ग्रेट अमेरिकन फैक्ट्री टूर'' |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100105182827/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/Factory_Tours/factory_tours.jsp?locale=en_US |archive-date=5 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/HD_Museum/visit_the_museum.jsp?locale=en_US |title=हार्ले-डेविडसन अमरीका: ''म्युज़ियम कस्टमाइज्ड बाई हर्ले-डेविडसन'' |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120131184321/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/HD_Museum/visit_the_museum.jsp?locale=en_US |archive-date=31 जनवरी 2012 |url-status=dead }}</ref> * [[यॉर्क, पेंसिल्वेनिया]] - वीहिकल ऑपरेशन: टूरिंग वर्ग, सॉफ्टेल और कस्टम वाहन का निर्माण स्थल. * [[टोमहॉक, विसकॉन्सिन]] - टोमहॉक ऑपरेशन: साइडकार, शैडलबैग, विंडशील्ड तथा अन्य समान बनाने की सुविधा * [[कैनसस सिटी, मिशौरी]] – वीहिकल एंड पावरट्रेन ऑपरेशन: स्पोर्ट्सटर और अन्य वाहन का निर्माण स्थल. * [[मेनोमोनी फॉल्स, विंसकौंसिन]] – पिलग्रिम रोड पावरट्रेन ऑपरेशन्स प्लांट, दो तरह का टूर है। * [[मिलवॉकी, विसकॉन्सिन]] - हार्ले-डेविडसन म्युजियम आर्काइव; शख्सियतों, उत्पादों, संस्कृति और इतिहास का प्रदर्शनी है, रेस्त्रां और कैफे तथा म्युजियम स्टोर. ऑपरेशन को दृढ़ करने के लिए [[विस्कॉन्सिन में वॉवटोसा]] का कैप्टिल ड्राइव टूर सेंटर 2009 में बंद हो गया। == हार्ले-डेविडसन संस्कृति == [[चित्र:HarleyDavidsonCafeLV.jpg|thumb|लास वेगास में स्थित हार्ले डेविडसन कैफे थीम रेसटॉरेंट|कड़ी=Special:FilePath/HarleyDavidsonCafeLV.jpg]] हार्ले-डेविडसन पर हाल ही में किये गए अध्ययन के अनुसारम 1987 में हार्ले के सभी सवारों में से आधे 35 से कम आयु के थे।<ref name="age35"/> अब, केवल 15% हार्ले के खरीददार 35 से कम आयु के हैं,<ref name="age35">{{Cite web |url=http://www.businessweek.com/magazine/content/06_45/b4008069.htm |title=बिज़नेस वीक - हार्ले जस्ट कीप्स ऑन क्रुइसिन' |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100715214414/http://www.businessweek.com/magazine/content/06_45/b4008069.htm |archive-date=15 जुलाई 2010 |url-status=live }}</ref> और 2005 के हिसाब से मध्य आयु के 46.7 तक पहुंच गए हैं।<ref name="age46.7">{{Cite web |url=http://www.timescommunity.com/site/tab2.cfm?newsid=14245896&BRD=2553&PAG=461&dept_id=506066&rfi=6 |title=मध्य आयु में हार्ले-डेविडसन राइडर्स सेटल, टाइम्स कम्युनिटी न्यूज़पेपर्स |access-date=15 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080220105508/http://www.timescommunity.com/site/tab2.cfm?newsid=14245896&BRD=2553&PAG=461&dept_id=506066&rfi=6 |archive-date=20 फ़रवरी 2008 |url-status=dead }}</ref><ref name="age47">{{Cite web |url=http://new.savannahnow.com/node/280591 |title=बम्पी राइड फॉर हर्ले ऐज़ कम्पीटेटर्स इम्प्रूव, कस्टमर्स एज, सवानानॉओ |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090803223335/http://new.savannahnow.com/node/280591 |archive-date=3 अगस्त 2009 |url-status=dead }}</ref><ref name="seniors">{{Cite web |url=http://www.coastalsenior.com/archives/march2003/SNReasyriders.html |title=पैक्स ऑफ़ इज़ी राइडर्स ऐट्रैक्ट मोर गोल्डेन एजर्स, कोस्टल सीनियर |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090516065753/http://www.coastalsenior.com/archives/march2003/SNReasyriders.html |archive-date=16 मई 2009 |url-status=live }}</ref><ref name="chart">[http://reporting.journalism.ku.edu/fall06/fred-musser/jn-median-age-21.html चार्ट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120313000844/http://reporting.journalism.ku.edu/fall06/fred-musser/jn-median-age-21.html |date=13 मार्च 2012 }}, स्रोत: हार्ले-डेविडसन</ref> हार्ले-डेविडसन राइडर की औसत आय भी बढ़ी है। 1987 में, हार्ले-डेविडसन राइडर की [[अंतःस्थल]] घरेलू आय 38,000 डॉलर थी। 1997 तक, उन राइडरों [[अंतःस्थल घरेलू आय]] दोगुनी से भी अधिक 83,000 डॉलर थी।<ref name="age35"/>{{Clarify|date= जनवरी 2009}} निष्ठावान ब्रांड समुदाय को हार्ले-डेविडसन लोगो के लाइसेंस के साथ कंपनी के कुल आय से लगभग 5 के हिसाब से हार्ले-डेविडसन आकर्षित करता है (41 मिलियन डॉलर 2004).<ref>{{cite book | title = The Standard & Poor's 500 Guide | publisher = McGraw-Hill Professional | author = Standard & Poor's | isbn = 0071468234 | accessdate = 22 दिसंबर 2007 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/standardpoors50000stan_1 }}</ref> हार्ले-डेविडसन बड़ी तादाद में अमेरिकी [[पुलिस बल]] को मोटरसाइकिल की आपूर्ति करता है।<ref name="On Patrol">{{cite web | title = On Patrol | work = 2005 Harley-Davidson Police Motorcycles | url = http://www.mapc.org/services/GBPC/Harley/On%20Patrol%202005%20Harley-Davidson%20Police%20Motorcycles%20Catalog.pdf | format = PDF | accessdate = 18 जून 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070927190348/http://www.mapc.org/services/GBPC/Harley/On%20Patrol%202005%20Harley-Davidson%20Police%20Motorcycles%20Catalog.pdf | archive-date = 27 सितंबर 2007 | url-status = dead }}</ref> हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल लंबे समय के निम्नं उप-संस्कृतियों के साथ संबद्ध हैं: * [[बाइकर]] * [[मोटरसाइकिल क्लब]] * [[निर्वासित मोटरसाइकिल क्लब, बाइकर, वन पर्सेन्सेंटर्स]] === "हॉग" उपनाम की उत्पत्ति === 1920 की शुरूआत में, कृषि श्रमिकों के एक दल ने, जिसमें [[रे विशार]] भी शामिल था और जो "हॉग ब्वॉय" कहलाया, लगातार रेस को ‍जीता. इस दल के पास एक [[हॉग]] या [[सूअर]] उनका [[शुंभकर]] था। जीत के बाद उनलोगों ने सूअर (बिल्कुल असली) को अपने हार्ले पर बिठाया और [[विजयी चक्कर]] लगाया.<ref name="history">[http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/H-D_History/history_1920s.jsp?locale=en_US हार्ले-डेविडसन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110930052726/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/H-D_History/history_1920s.jsp?locale=en_US |date=30 सितंबर 2011 }} - इतिहास</ref> 1983 में, मोटर कंपनी ने लंबे समय से चले आ रहे उपनाम "hog" (हॉग) को संक्षिप्त परिवर्णीय शब्द द्वारा HOG में तब्दील करके अपने उत्पाद को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मालिकों के लिए एक क्लब बनाया, जो हार्ले ओनर्स ग्रुप कहलाया। हार्ले-डेविडसन ने "हॉग" को अपना [[ट्रेडमार्क]] बनाने की कोशिश की, लेकिन न्यूयॉर्क के एक स्वतंत्र हार्ले-डेविडसन विशेषज्ञ द हॉग फॉर्म ऑफ वेस्ट सेनेका, मामला हार गया;<ref>{{cite web |url=http://www.the-hog-farm.com/another-victory.html |title=Decision at the U.S. Second Circuit Federal Court of Appeals N.Y.C.: Corporate Harley Davidson LOST the Hog Trademark |publisher=The-hog-farm |date=15 जनवरी 1999 |accessdate=5 जनवरी 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090116220842/http://www.the-hog-farm.com/another-victory.html |archive-date=16 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref> 1999 में जब [[अपीलीय पैनल]] ने फैला सुनाया कि "हॉग" बड़े मोटरसाइकिल के लिए एक [[सामान्य शब्द]] हो गया और इसलिए ट्रेडमार्क के लिए यह असुरक्षित है।<ref>{{cite web | title = Motorcycle manufacturer has no trademark right in 'hog' | publisher = News Media Update | url = http://www.rcfp.org/news/1999/0208k.html | accessdate = 13 दिसंबर 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080221004252/http://www.rcfp.org/news/1999/0208k.html | archive-date = 21 फ़रवरी 2008 | url-status = dead }}</ref> 15 अगस्त 2006 पर, हार्ले-डेविडसन इंक ने अपने NYSE टिकर प्रतीक एचडिआई को हॉग में बदल दिया है।<ref>{{cite web | title = Harley-Davidson: High on the Hog | publisher = BusinessWeek | url = http://www.businessweek.com/investor/content/aug2006/pi20060825_905406.htm?campaign_id=rss_null | accessdate = 13 दिसंबर 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080412102755/http://www.businessweek.com/investor/content/aug2006/pi20060825_905406.htm?campaign_id=rss_null | archive-date = 12 अप्रैल 2008 | url-status = live }}</ref> [[WHQG]] एक मुख्यधारा का रॉक रेडियो स्टेशन है, जो मिलवॉकी महानगरीय क्षेत्र में चलता है, अपने आधिकारिक परिचय संकेत (102.9 द हॉग) का उपयोग अपने गृह शहर के मोटर साइकिल निर्माता के लिए एक श्रद्धांजलि के रूप में करता है, इसी तरह इसके प्रशंसकों और राइडर भी. === ग्रेट ब्रिटेन की हार्ले-डेविडसन राइडर्स क्लब === [https://web.archive.org/web/20100629062428/http://www.harley-davidson-hangout.com/ ग्रेट ब्रिटेन की हार्ले-डेविडसन राइडर्स क्लब] (स्थापना 1949) पहला ब्रिटिश राइडर क्लब था (मोटरसाइकिल क्लब के उलट) और यह राष्ट्रीय रैलियों का आयोजन करता और शुरू से ही इसे जारी रखा। 1982 में रैली के साथ लोकप्रिय आयोजनों की शुरूआत हुई तो संभवतया सौभाग्य ही था कि विलियम जी. डेविडसन यूएस के बाहर ब्रिटेन में अपनी पहली रैली में भाग ले सके। ऐसा समझा जाता है कि वे जानने को कहीं ज्यादा उत्सुक थे कि "ईवोलूशन मोटर" का राज किस तरह अपनी दुनिया मिल जाती है, विशेष रूप से HDRCGB पत्रिका हार्लेक्वीन के बसंत के संस्करण के आवरण पृष्ठ पर; लेकिन क्षमा कर देने के अपने स्वभाव के कारण विली जी. दूसरे ब्राइटन इंटरनेशनल सुपर रैली में, जो [https://web.archive.org/web/20190415040624/http://www.hdrcgb.org.uk/ H.D.R.C.G.B.] द्वारा चलाया जाता है; बड़ी तादाद में गाड़ियों का समूह के टेस्ट राइड के जरिए आधिकारिक रूप से ईवोलूशन इंजन के प्रदर्शन के लिए 1984 में वॉघ्न बील्स और लेन थॉमसन के साथ वापस लौट आए। किसी भी यूरोपियन रैली में यह पहली प्रदर्शन सवारी थी। अब क्लब में लगभग 1800 सदस्य हैं, पूरे U. K., U.S.A. और ऑस्ट्रेलिया में उनके संस्थापक सदस्य को यूरोप नहीं भूला है। क्लब क्षेत्रों में विभाजित है और ज्यादातर क्लब गर्मी में रैलियां करते हैं, जो अंत में [https://web.archive.org/web/20090715143922/http://www.harley-davidson-hangout.com/pages/oz2008/index.htm अंतर्राष्ट्रीय रैली] हो जाती हैं।[[चित्र:Harley Rider.JPG|thumb|right|हार्ले-डेविडसन 2004 विरासत]] === हार्ले ओनर्स ग्रुप === 1983 में हार्ले-डेविडसन ने न केवल एक उपभोक्ता उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए बल्कि जीवन शैली के साधन के रूप में हार्ले-डेविडसन के प्रसंशकों के बीच दृढ़ निष्ठा और भ्रातृत्व की स्थापना के उद्देश्य से [[हार्ले ओनर्स ग्रुप]] (हॉग) की स्थापना की। HOG (हॉग) ने क्लब सदस्यों, जिनकी संख्या एक मिलियन से भी अधिक है, को व्यापारिक प्रचार का हिस्सा बनाकर कंपनी के लिए नए आय का स्रोत खोलकर भी मदद की हैं। अन्य मोटरसाइकिल ब्रांडों,<ref>{{Cite book |publisher=Global Co-Operation in the New Millennium The 9th European Conference on Information Systems |location=Bled, Slovenia |date=जून 27–29, 2001 |title=EMBARKING ON E-BUSINESS AT DUCATI MOTORCYCLES (ITALY) <nowiki>[CASE STUDY]</nowiki> |first1=Tawfik |last1=Jelassi |first2=Stefanie |last2=Leenen |url=http://is2.lse.ac.uk/Support/ECIS2001/pdf/040_Jelassi.pdf |format=PDF |quote= |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110221173802/http://is2.lse.ac.uk/Support/ECIS2001/pdf/040_Jelassi.pdf |archive-date=21 फ़रवरी 2011 |url-status=dead }}</ref> और दूसरे तथा मोटरसाइकिल कारोबार से बाहर वाले अन्य उपभोक्ता ब्रांडों ने उनके अपने कारखाना-प्रायोजित समुदाय का [[विपणन]] क्लब बनाकर हार्ले-डेविडसन की सफलता की नकल करने की कोशिश की। <ref>{{Cite book |title=Satisfaction: How Every Great Company Listens to the Voice of the Customer |first1=Chris |last1=Denove |first2=James D. |last2=Power, IV |publisher=Portfolio |year=2007 |isbn=159184164X, 9781591841647 |url=http://books.google.com/books?id=PzSnr1xjOpUC&pg=PA195 |page=195}}</ref> हार्ले के दूसरे मालिक की तुलना में HOG (हॉग) ने पोशाक जैसे आइटमों और हार्ले-डेविडसन प्रायोजति आयोजनों में सामान्य रूप से 30% से अधिक व्यय किया।<ref>{{Cite book |title=Brands and branding; The economist series |first1=Rita |last1= Clifton |first2=John |last2=Simmons |first3=Sameena |last3=Ahmad |edition=2nd |publisher=Bloomberg Press |year=2004 |isbn=1576601471, 9781576601471 |url=http://books.google.com/books?id=ykUGuV3ncaEC&pg=PA106 }}</ref> 1991 में, [[इंग्लैंड]] के चेलटेनह्म में पहले यूरोपियन HOG (हॉग) रैली के साथ HOG अंतरराष्ट्रीय हो गया। <ref>{{cite web | title = H.O.G. History | publisher = Windsor Harley Owners Group | url = http://www.windsorhog.com/about.php | accessdate = 13 दिसंबर 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20051109164711/http://www.windsorhog.com/about.php | archive-date = 9 नवंबर 2005 | url-status = dead }}</ref> आज दुनिया भर में कारखाना-प्रयोजित सबसे बड़े मोटरसाइकिल संगठन HOG (हॉग) ने एक लाख से भी अधिक सदस्यों और दुनिया भर में 1400 से भी अधिक अध्यायों का निर्माण किया है।<ref>{{cite web | title = Harley Owners Group Members Ready To Rendezvous In Adirondacks | publisher = Motorcyclist | url = http://www.motorcyclistonline.com/calendar/122_0709_hog_members_adirondacks/ | accessdate = 13 दिसंबर 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20120716111552/http://www.motorcyclistonline.com/calendar/122_0709_hog_members_adirondacks/ | archive-date = 16 जुलाई 2012 | url-status = live }}</ref> ग्रुप सवारी के आयोजन, विशिष्ट उत्पाद और उत्पाद छूट, वीमा प्रीमियम छूट और हॉग टेल (Hog Tales) न्यूजलेटर से HOG लाभ उठाता है। एक नए अपंजीकृत हार्ले-डेविडसन की खरीददारी पर एक साल की पूर्ण सदस्य‍ता शामिल है।<ref>{{cite web | title = H.O.G. Membership | publisher = Harley-Davidson Motor Company | url = http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/HOG/HOG.jsp?locale=en_US | accessdate = 13 दिसंबर 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20071213084554/http://www.harley-davidson.com/wcm/content/pages/hog/hog.jsp?locale=en_us | archive-date = 13 दिसंबर 2007 | url-status = dead }}</ref> 2008 में, HOG (हॉग) ने अपनी 25 वीं सालगिरह मिलवॉकी विस्कॉन्सिन में हार्ले की 105 वीं सालगिरह एक साथ मनाई. === सालाना समारोह === 1993 में हार्ले-डेविडसन की 90 वीं सालगिरह के शुरुआत के साथ, हार्ले-डेविडसन ने जश्न मनाने के लिए [[मिलवॉकी]] जो "होम राइड" कहलाया, की सवारी की। <ref>{{Cite web |url=http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/Events/105th_Coverage/ride_home.jsp?locale=en_US |title=राइड होम |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140414115657/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/Events/105th_Coverage/ride_home.jsp?locale=en_US |archive-date=14 अप्रैल 2014 |url-status=dead }}</ref> इस नई परंपरा को हर 5 साल में जारी रखा गया है और मिलवॉकी के अन्य त्योहारों (समरफिस्ट, जर्मन फिस्ट, फिस्टा इटैलियाना, आदि) की तरह अनधिकृत रूप से इसे "हार्ले फिस्ट" कहा गया। इस इवेंट ने दुनिया भर के सभी हार्ले सवारों को जमा किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/Events/105th_Coverage/blog_detail.jsp?locale=en_US&postID=54879120&postAuthor=MikeMorgan |title=हार्लेफेस्ट उदाहरण |access-date=15 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080904175043/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/Events/105th_Coverage/blog_detail.jsp?locale=en_US&postID=54879120&postAuthor=MikeMorgan |archive-date=4 सितंबर 2008 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite news | url=http://www.myfoxmilwaukee.com/myfox/pages/Home/Detail?contentId=7152483&version=1&locale=EN-US&layoutCode=VSTY&pageId=1.1.1 | title=Milwaukee Area Homes Rented To Harley Fest Bikers | publisher=[[WITI (TV)|WITI]] | date=6 अगस्त 2008 | access-date=29 जुलाई 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20131102180119/http://www.myfoxmilwaukee.com/myfox/pages/Home/Detail?contentId=7152483&version=1&locale=EN-US&layoutCode=VSTY&pageId=1.1.1 | archive-date=2 नवंबर 2013 | url-status=dead }}</ref> 105 वें सालाना समारोह 28-31 अगस्त 2008 को आयोजित किया गया था,<ref>{{Cite web |url=http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/Events/105th_Coverage/landing.jsp?camp_id=16&source_cd=SEM_entertainment&locale=en_US&GCID=S18577x001&KEYWORD=anniversary+harley |title=द 105थ |access-date=15 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090214112330/http://www.harley-davidson.com/wcm/Content/Pages/Events/105th_Coverage/landing.jsp?camp_id=16&source_cd=SEM_entertainment&locale=en_US&GCID=S18577x001&KEYWORD=anniversary+harley |archive-date=14 फ़रवरी 2009 |url-status=dead }}</ref> और इसमें मिलवॉकी, वॉकेशा, रैसीन और केनोशा काउंटी, सदर्नइस्ट विस्कॉन्सिन के इवेंट शामिल हैं। === लेबर हॉल ऑफ फेम === क्योंकि विलियम एस हार्ले, आर्थर डेविडसन, विलियम ए डेविडसन और वरिष्ठ वाल्टर डेविडसन ने HD उत्पादों को इस्तेमाल किया और इसका भरोसा किया तथा अच्छी गुणवत्ता वाले मोटरसाइकिल बनाने के लिए अपने कर्मचारियों के समर्पण के भरोसा थे, इसलिए चार लोगों को [[:Category:Labor Hall of Fame Honorees|हॉल ऑफ फ़ेम]] में नियुक्त किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.dol.gov/oasam/programs/laborhall/2004_davidson.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=29 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070930180954/http://www.dol.gov/oasam/programs/laborhall/2004_davidson.htm |archive-date=30 सितंबर 2007 |url-status=dead }}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल की सूची]] * [[:Category:Harley-Davidson engines|श्रेणी:हार्ले-डेविडसन इंजन]] == नोट्स == {{reflist|2}} == सन्दर्भ == * बाच, शैरॉन और ऑस्टरमैन, केन, एड्स. 1993. ''द लेजेंड्स बिगिन्स: हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलें 1903-1969'' (हार्ले-डेविडसन, इंक.) * {{cite book|author=Mitchel, D.|title=Harley-Davidson Chronicle - An American Original|url=https://archive.org/details/harleydavidsonch0000mitc_u3q3|page=|publisher=Publications International Limited|year=1997|isbn=0-7853-2514-X}} * वैग्नर, हरबर्ट, 2003. ''ऐट द क्रिएशन: मिथ, रिएलिटी एण्ड द ओरिजिन ऑफ़ द हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकल, 1901-1909'' ([[विसकॉनसिन हिसटॉरिकल सोसाइटी]] प्रेस) * विल्सन, एच. "मोटरसाइकिल की विश्वकोश" डोरलिंग-किंडरस्ले लिमिटेड, 1995 ISBN 0-7513-0206-6 == बाहरी कड़ियाँ == {{Commons category|Harley-Davidson motorcycles}} * [https://web.archive.org/web/20100425031804/http://www.harley-davidson.com/ आधिकारिक हार्ले-डेविडसन इंक कंपनी की वेबसाइट] * {{dmoz|/Recreation/Motorcycles/Makes_and_Models/Harley-Davidson/|Harley-Davidson}} [[श्रेणी:अमेरिकी कम्पनियाँ]] 84fsxrs4lfbz5d23impbldvlfjdaymj एचआइवी 0 215044 6582913 6578080 2026-07-15T11:50:31Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582913 wikitext text/x-wiki {{Taxobox | color = violet | name = ''मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (मा॰प्र॰अ॰स॰)'' | image = HIV-budding-Color.jpg | image_width = 190px | image_caption = मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु १ का [[इलेक्ट्रॉन|विद्युदणु]] [[सूक्ष्मचित्र]] क्रमवीक्षण (हरे में) सुसंस्कृत लिम्फोसाइट से उभरना। कोशिका की सतह पर कई गोल धक्कों असेंबली की साइटों और विषाणुओं के नवोदित होने का प्रतिनिधित्व करते हैं। | virus_group = vi | familia = [[रेट्रोविरिडाए]]<small>(Retroviridae)</small> | genus = [[लेंटीवायरस]]<small>(Lentivirus)</small> | subdivision_ranks = [[जाति (जीवविज्ञान)|जाति]] | subdivision = * '''''मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु १''''' * '''''मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु २'''''}} {| style="float: right; clear:right; margin: 0 0 0.5em 1em; padding: 0.5em; background: #fffff4; border: 1px solid #ddb; width: 250px; font-size:90%;" |- |मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु संबंधित लघुनाम<br /> '''AIDS''': [[एड्स|उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण]]<br /> '''HIV''': मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाण<br /> '''CD4+''': [[टी सहायक कोशिका|CD4+ टी सहायक कोशिकाएं]] <br /> '''CCR5''': [[CCR5|चेमोकिन (C-C मोटिफ़) रिसेप्टर ५]]<br /> '''CDC''': [[रोग रोकथाम एवं निवारण केंद्र]]<br /> '''WHO''': [[विश्व स्वास्थ्य संगठन]]<br /> '''PCP''': [[न्यूमोसिस्टिस निमोनिया]]<br /> '''TB''': [[तपेदिक]]<br /> '''MTCT''': मां-से-संतान प्रसार<br /> '''HAART''': [[एंटीरिट्रोवियल ड्रग|उच्च सक्रिय एंटीरिट्रोवियल चिकित्सा]]<br /> '''STI/STD''': [[यौन संक्रमित रोग|यौन प्रसारित संक्रमण]]/रोग |} '''मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (मा॰प्र॰अ॰वि॰)''' एक लेंटिवायरस (रेट्रोवायरस परिवार का एक सदस्य) है, जो ''[[एड्स|उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण]]'' (एड्स) का कारण बनता है,<ref name="pmid8493571">{{cite journal |author=Weiss RA |title=How does HIV cause AIDS? |journal=Science |volume=260 |issue=5112 |pages=1273–9 |year=1993 |month=May |pmid=8493571 |doi= 10.1126/science.8493571|url=https://archive.org/details/sim_science_1993-05-28_260_5112/page/n67 | issn=0036-8075}}</ref><ref name="pmid18947296">{{cite journal |author=Douek DC, Roederer M, Koup RA |title=Emerging concepts in the immunopathogenesis of AIDS |journal=Annu. Rev. Med. |volume=60 |issue= |pages=471–84 |year=2009 |pmid=18947296 |pmc=2716400 |doi=10.1146/annurev.med.60.041807.123549 |url=}}</ref> जो कि मनुष्यों में एक अवस्था है, जिसमें प्रतिरक्षा तंत्र विफल होने लगता है और इसके परिणामस्वरूप ऐसे अवसरवादी संक्रमण हो जाते हैं, जिनसे मृत्यु का खतरा होता है। एचआईवी (HIV) का संक्रमण रक्त के अंतरण, वीर्य, योनिक-द्रव, स्खलन-पूर्व द्रव या मां के दूध से होता है। इन शारीरिक द्रवों में, एचआईवी (HIV) मुक्त जीवाणु कणों और [[श्वेत रक्त कोशिका|प्रतिरक्षा कोशिकाओं]] के भीतर उपस्थित जीवाणु, दोनों के रूप में उपस्थित होता है। इसके संचरण के चार मुख्य मार्ग असुरक्षित यौन-संबंध, संक्रमित सुई, मां का दूध और किसी संक्रमित मां से उसके बच्चे को जन्म के समय होने वाला संचरण (ऊर्ध्व संचरण) हैं। एचआईवी (HIV) की उपस्थिति का पता लगाने के लिये रक्त-उत्पादों की जांच करने के कारण रक्ताधान अथवा संक्रमित रक्त-उत्पादों के माध्यम से होने वाला संचरण विकसित विश्व में बड़े पैमाने पर कम हो गया है। [[चित्र:Kaposis_sarcoma_01.jpg|right|thumb|एचआइवी अथवा कपोसी सार्कोमा प्रभावित महिला की नाक का चित्र]] '''ह्युमन इम्युनडिफिशिएंशी वायरस (एच॰आई॰वी॰) या मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (मा॰प्र॰अ॰स॰)''' एक [[विषाणु]] है जो [[शरीर]] की [[रोग-प्रतिरक्षा प्रणाली]] पर प्रहार करता है और संक्रमणों के प्रति उसकी प्रतिरोध क्षमता को धीरे-धीरे कम करता जाता है। यह लाइलाज बीमारी [[एड्स]] का कारण है। मुख्यतः यौण संबंध तथा रक्त के जरिए फैलने वाला यह विषाणु शरीर की [[श्वेत रक्त कणिका|श्वेत रक्त कणिकाओं]] का भक्षण कर लेता है। इसमें उच्च आनुवंशिक परिवर्तनशीलता का गुण है। यह विशेषता इसके उपचार में बहुत बड़ी बाधा उत्पन्न करता है।<ref name="pmid7723052">{{cite journal|author = Robertson DL, Hahn BH, Sharp PM|title = Recombination in AIDS viruses|journal = J. Mol. Evol.|volume = 40|issue = 3|pages = 249–59|year = 1995|month = March|pmid = 7723052|doi = 10.1007/BF00163230|url =https://archive.org/details/sim_journal-of-molecular-evolution_1995-03_40_3/page/249}}</ref> मनुष्यों में होने वाले एचआईवी (HIV) संक्रमण को [[विश्व स्वास्थ्य संगठन]] (डब्ल्यूएचओ) द्वारा महामारी माना गया है। इसके बावजूद, एचआईवी (HIV) के बारे में व्याप्त परितोष एचआईवी (HIV) के जोखिम में एक मुख्य भूमिका निभा सकता है।<ref name="cdc1">{{cite web |url=http://www.cdc.gov/hiv/resources/reports/hiv_prev_us.htm |title=CDC - HIV/AIDS - Resources - HIV Prevention in the United States at a Critical Crossroads |publisher=Cdc.gov |date= |accessdate=2010-07-28 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100528232619/http://www.cdc.gov/hiv/resources/reports/hiv_prev_us.htm |archive-date=28 मई 2010 |url-status=live }}</ref><ref name="cdc2">{{cite web |url=http://www.cdc.gov/nchhstp/newsroom/docs/FastFacts-MSM-FINAL508COMP.pdf|title=HIV and AIDS among Gay and Bisexual Men|format=PDF|date=|accessdate=2010-07-28 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110905064759/http://www.cdc.gov/nchhstp/newsroom/docs/FastFacts-MSM-FINAL508COMP.pdf|archive-date=5 सितंबर 2011|url-status=live}}</ref> १९८१ में इसकी खोज से लेकर २००६ तक, एड्स (AIDS) 2.5 करोड़ से अधिक लोगों की जान ले चुका है।<ref name="UNAIDS2006" /> विश्व की लगभग ०.६%(६‰) जनसंख्या एचआईवी (HIV) से संक्रमित है।<ref name="UNAIDS2006">{{cite book | author =[[Joint संयुक्त राष्ट्र Programme on HIV/AIDS]] | year = 2006 | title = 2006 Report on the global AIDS epidemic | chapter = Overview of the global AIDS epidemic | chapterurl = http://data.unaids.org/pub/GlobalReport/2006/2006_GR_CH02_en.pdf | accessdate = 2006-06-08 | format= PDF | isbn =9291734799 }}</ref> एक अनुमान के मुताबिक केवल 2005 में ही, एड्स (AIDS) ने लगभग 24–33 लाख लोगों की जान ले ली, जिनमें 5,70,000 से अधिक बच्चे थे। इनमें से एक-तिहाई मौतें [[उप-सहारा अफ़्रीका|उप-सहाराई अफ्रीका]] में हुईं, जिससे आर्थिक विकास की गति धीमी पड़ गई और गरीबी में वृद्धि हुई। <ref name="Greener">{{cite book | author = Greener, R. | year = 2002 | title = State of The Art: AIDS and Economics | chapter = AIDS and macroeconomic impact | chapterurl = http://db.jhuccp.org/ics-wpd/exec/icswppro.dll?BU=http://db.jhuccp.org/ics-wpd/exec/icswppro.dll&QF0=DocNo&QI0=285428&TN=Popline&AC=QBE_QUERY&MR=30%25DL=1&&RL=1&&RF=LongRecordDisplay&DF=LongRecordDisplay | editor = S, Forsyth (ed.) | edition = | pages = 49–55 | publisher = IAEN | access-date = 19 सितंबर 2020 | archive-date = 31 जनवरी 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100131090753/http://db.jhuccp.org/ics-wpd/exec/icswppro.dll?BU=http%3A%2F%2Fdb.jhuccp.org%2Fics-wpd%2Fexec%2Ficswppro.dll&QF0=DocNo&QI0=285428&TN=Popline&AC=QBE_QUERY&MR=30%25DL%3D1&&RL=1&&RF=LongRecordDisplay&DF=LongRecordDisplay | url-status = dead }}</ref> वर्तमान अनुमानों के अनुसार, एचआईवी (HIV) [[अफ़्रीका|अफ्रीका]] में ९ करोड़ लोगों को संक्रमित करने को तैयार है, जिसके चलते अनुमानित रूप से कम से कम 1.8 करोड़ लोग अनाथ हो जाएंगे.<ref name="UNAIDS">{{cite web | author=[[Joint संयुक्त राष्ट्र Programme on HIV/AIDS]] | publisher= | publishyear=2005 | url=http://www.unaids.org/epi/2005/doc/EPIupdate2005_pdf_en/epi-update2005_en.pdf | title=AIDS epidemic update, 2005 | accessdate=2006-02-28 | format=PDF | archive-url=https://web.archive.org/web/20060404190457/http://www.unaids.org/epi/2005/doc/EPIupdate2005_pdf_en/epi-update2005_en.pdf | archive-date=4 अप्रैल 2006 | url-status=live }}</ref> एंटीरेट्रोवायरल उपचार एचआईवी (HIV) की मृत्यु-दर और रुग्णता-दर दोनों को कम करता है, लेकिन सभी देशों में एंटिरेट्रोवायरल दवाओं तक नियमित पहुंच उपलब्ध नहीं है।<ref name="Palella">{{cite journal | author=Palella, F. J. Jr, Delaney, K. M., Moorman, A. C., Loveless, M. O., Fuhrer, J., Satten, G. A., Aschman and D. J., Holmberg, S. D. | title=Declining morbidity and mortality among patients with advanced human immunodeficiency virus infection. HIV Outpatient Study Investigators | url=https://archive.org/details/sim_new-england-journal-of-medicine_1998-03-26_338_13/page/n37 | journal=N. Engl. J. Med | year=1998 | pages=853–860 | volume=338 | issue=13 | pmid=9516219 | doi=10.1056/NEJM199803263381301 }}</ref> प्राथमिक रूप से एचआईवी (HIV) मानवीय प्रतिरोधक प्रणाली की आवश्यक कोशिकाओं, जैसे सहायक टी-कोशिकाएं (helper T cells) (विशिष्ट रूप से, सीडी4<sup>+</sup> टी कोशिकाएं), मैक्रोफेज और डेंड्राइटिक कोशिका को संक्रमित करता है।<ref>{{cite pmid | 20598938 }}</ref> एचआईवी (HIV) संक्रमण के परिणामस्वरूप सीडी4<sup>+</sup> टी (CD4<sup>+</sup> T) के स्तरों में कमी आने की तीन मुख्य कार्यविधियां हैं: सबसे पहले, संक्रमित कोशिकाओं की प्रत्यक्ष जीवाण्विक समाप्ति; दूसरी, संक्रमित कोशिका में एपोप्टॉसिस की बढ़ी हुई दर; और तीसरी संक्रमित कोशिका की पहचान करने वाले सीडी8 (CD8) साइटोटॉक्सिक लिम्फोसाइट द्वारा संक्रमित सीडी4<sup>+</sup> टी कोशिकाओं (CD4<sup>+</sup> T cells) की समाप्ति. जब सीडी4<sup>+</sup> टी (CD4<sup>+</sup> T) कोशिकाओं की संख्या एक आवश्यक स्तर से नीचे गिर जाती है, तो कोशिका की मध्यस्थता से होने वाली प्रतिरक्षा समाप्त हो जाता है और शरीर के अवसरवादी संक्रमणों से ग्रस्त होने की संभावना बढ़ने लगती है। एच॰आई॰वी-१ (मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु १) के द्वारा संक्रमित अधिकांश अनुपचारित लोगों में अंततः एड्स (AIDS) विकसित हो जाता है।<ref>{{cite pmid | 20628133 }}</ref> इनमें से अधिकांश लोगों की मौत अवसरवादी संक्रमणों से या प्रतिरोध तंत्र की बढ़ती विफलता से जुड़ी असाध्यताओं के कारण होती है।<ref name="Lawn">{{ cite journal | author=Lawn SD | title=AIDS in Africa: the impact of coinfections on the pathogenesis of HIV-1 infection | journal=J. Infect. Dis. | year=2004 | pages=1–12 | volume=48 | issue=1 | pmid=14667787 | doi=10.1016/j.jinf.2003.09.001}}</ref> एचआईवी (HIV) का एड्स (AIDS) में विकास होने की दर भिन्न-भिन्न होती है और इस पर जीवाण्विक, मेज़बान और वातावरणीय कारकों का प्रभाव पड़ता है; अधिकांश लोगों में एचआईवी (HIV) संक्रमण के १० वर्षों के भीतर एड्स (AIDS) विकसित हो जाएगा: कुछ लोगों में यह बहुत ही शीघ्र होगा और कुछ लोग बहुत अधिक लंबा समय लेंगे.<ref name="Buchbinder">{{cite journal | author=Buchbinder SP, Katz MH, Hessol NA, O'Malley PM, Holmberg SD. | title=Long-term HIV-1 infection without immunologic progression | journal=AIDS | year=1994 | pages=1123–8 | volume=8 | issue=8 | pmid=7986410 | doi=10.1097/00002030-199408000-00014 }}</ref><ref name="CGAIHS">{{cite journal | title=Time from HIV-1 seroconversion to AIDS and death before widespread use of highly active antiretroviral therapy: a collaborative re-analysis. Collaborative Group on AIDS Incubation and HIV Survival including the CASCADE EU Concerted Action. Concerted Action on SeroConversion to AIDS and Death in Europe | url=https://archive.org/details/sim_the-lancet_2000-04-01_355_9210/page/n27 | journal=Lancet | volume=355 | issue=9210 | pages=1131–7 | year=2000 | month=April | pmid=10791375 | doi=10.1016/S0140-6736(00)02061-4 }}</ref> एंटी-रेट्रोवायरल के द्वारा उपचार किये जाने पर एचआईवी (HIV) संक्रमित लोगों के जीवित रहने की संभावना बढ़ जाती है। २००५ तक की जानकारी के अनुसार, निदान किये जा सकने योग्य एड्स (AIDS) के रूप में एचआईवी (HIV) का विकास हो जाने के बाद भी एंटीरेट्रोवायरल उपचार के बाद व्यक्ति का औसत उत्तरजीविता-काल ५ वर्षों से अधिक होता है।<ref name="Schneider">{{cite journal | author=Schneider MF, Gange SJ, Williams CM, Anastos K, Greenblatt RM, Kingsley L, Detels R, Munoz A | title=Patterns of the hazard of death after AIDS through the evolution of antiretroviral therapy: 1984–2004 | journal=AIDS | year=2005 | pages=2009–18 | volume=19 | issue=17 | pmid=16260908 | doi=10.1097/01.aids.0000189864.90053.22 }}</ref> एंटीरेट्रोवायरल उपचार के बिना, एड्स (AIDS) से ग्रस्त किसी व्यक्ति की मृत्यु विशिष्ट रूप से एक वर्ष की भीतर ही हो जाती है।<ref name="Morgan2">{{ cite journal | author=Morgan D, Mahe C, Mayanja B, Okongo JM, Lubega R, Whitworth JA | title=HIV-1 infection in rural Africa: is there a difference in median time to AIDS and survival compared with that in industrialized countries? | journal=AIDS | year=2002 | pages=597–632 | volume=16 | issue=4 | pmid=11873003 | doi=10.1097/00002030-200203080-00011 }}</ref> == प्रमुख प्रकार == इसके दो प्रमुख प्रकारहैं- एच॰आई॰वी॰-१ और एच॰आई॰वी॰-२। एच॰आई॰वी॰-१ चिम्पांजी और पश्चिमी अफ्रीका में रहने वाले गोरिला में पाए जानेवाले विषाणु हैं, जबकि एच॰आई॰वी॰-२ साँवले मंगबेयों में पाए जाने वाले विषाणु हैं।<ref name="doi10.1101/cshperspect.a006841">{{cite doi|10.1101/cshperspect.a006841}}</ref> एचआईवी -1 को और समूहों में विभाजित किया जा सकता है। एच॰आई॰वी॰-१ एम ग्रुप विषाणु प्रबल होता है और एड्स के लिए जिम्मेदार है। आनुवंशिक अनुक्रम ब्यौरे के हिसाब से ग्रुप एम और कई रूपों में उब्विभाजित हो सकता है। उपप्रकारों में से कुछ अधिक उग्र होते हैं या अलग दवाओं से प्रतिरोधी रहे हैं। इसी तरह, एच॰आई॰वी॰-२ वायरस कम उग्र और एचआईवी -1 कम संक्रामक माना गया है, हालांकि २ एच॰आई॰वी॰-२ भी एड्स का कारण माना गया है। === एच॰आई॰वी॰-१ === एच॰आई॰वी॰-१ विषाणु आम और सर्वाधिक रोगजनक है। इसे (समूह एम) और दो या दो से अधिक साधारण समूहों में रखा जाता है। प्रत्येक समूह के बारे में माना जाता है कि वह मानव जाती में एचआइवी के स्वतंत्र प्रसार (एक ग्रुप के भीतर उपप्रकार को छोड़कर) का प्रतिनिधित्व करते हैं।<ref name="doi10.1101/cshperspect.a006841"/> ==== समूह एम ==== यह एचआइवी-१ की तरह आम तौर पर पाया जाने वाला प्रकार नहीं है। यह एचाइवी-१ के पुनर्संयोजन से विकसित रूप है। ==== समूह एन ==== 'एन' का मतलब "गैर - एम, गैर - ओ" समूह से है। इस समूह की खोज [[१९९८]] में हुई और यह केवल [[कैमरुन]] में ही पाया गया है। [[२००६]] ई. तक ग्रुप एन के केवल १० संक्रमण पाए गए हैं। ==== समूह ओ ==== ओ समूह आम तौर पर [[अफ्रीका|पश्चिम - मध्य अफ्रीका]] के बाहर नहीं देखा गया है। यह [[कैमरून]] में सबसे आम है। [[१९९७]]ई. में वहाँ किए गए एक सर्वेक्षण में एचआईवी धनात्मक नमूनों में लगभग २% समूह ओ समूह से सम्बंधित पाए गए थे। इस समूह से संबंधित विषाणु एचआईवी -1 परीक्षण की प्रारंभिक प्रक्रिया के द्वारा चिन्हित नहीं किए जा सकते हैं। हालाँकि अधिक विकसित एचआईवी परीक्षण द्वारा अब ओ और एन दोनों समूहों के विषाणुओं का पता लगाया जा सकता है। ==== समूह पी ==== [[२००९]]ई॰ में, एक नए प्रकार की एचआइवी पाई गयी जो लगभग उसी समय जंगली गोरिलों में पाए गए एचआइवी विषाणु के समान था। यह चिंपांजियों में पाए जाने वाले एचआइवी से भिन्न था। यह विषाणु केवल फ्रांस में रहनेवाली कैमरूनी महिला में [[२००४]] ई॰ में एचआईवी -1 संक्रमण के तौर पर पाया गया था। === एचआईवी -२ === एच॰आई॰वी॰-२ अफ्रीका के बाहर व्यापक रूप से नहीं देखा गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका में यह विषाणु पहली बार [[१९८७]] में पाया गया था। [[२०१०]] ई. तक एचआईवी-२ (के समूह ए से एच) तक से संबंधित कुल ८ मामले सामने आए हैं। इनमे से केवल ए और बी महामारी हैं। एचआईवी-२ मुख्यतः पश्चिम अफ्रीका से फैला है। इस के छह उपप्रकार हैं जिनके कम-से-कम एक एक व्यक्तियों में पाए जाने की पुष्टि हो चुकी है। === प्रसार क्षेत्र === एचआइवी-१ का उपप्रकार ए पश्चिम अफ्रीका में आम है<ref name="pmid15332265">{{cite journal | author = Bobkov AF, Kazennova EV, Selimova LM, ''et al.'' | title = Temporal trends in the HIV-1 epidemic in Russia: predominance of subtype A | journal = J. Med. Virol. | volume = 74 | issue = 2 | pages = 191–6 | year = 2004 | month = October | pmid = 15332265 | doi = 10.1002/jmv.20177}}</ref>. * उपप्रकार बी यूरोप, अमेरिका, जापान, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया में प्रमुख रूप है<ref name="Goudsmit">Goudsmit, Jaap. Viral Sex; The Nature of AIDS. Oxford University Press. New York, New York, 1997. Pg. 51-58. Retrieved May 25, 2008.</ref>। * उपप्रकार सी दक्षिणी अफ्रीका, [[भारत]] और नेपाल में प्रमुख रूप है<ref name="Goudsmit"/>। * आम तौर पर केवल उपप्रकार डी से पूर्वी और मध्य अफ्रीका में देखी गयी है<ref name="Goudsmit"/>। * (उप ई) न घुल-मिल पानेवाले रूप में केवल CRF01_AE के रूप में उप प्रकार एक साथ दोबारा मिलादी गयी है<ref name="Goudsmit"/>। * उपप्रकार एफ मध्य अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और पूर्वी यूरोप में है। * उपप्रकार जी (और CRF02_AG) अफ्रीका और मध्य यूरोप में है। * उपप्रकार एच केंद्रीय अफ्रीका तक ही सीमित है। * (उपप्रकार आई) मूल रूप से है कि अब CRF04_cpx के रूप के लिए जिम्मेदार है कई उपप्रकारों में से एक "जटिल" है। * उपप्रकार जे मुख्य रूप से उत्तर, मध्य और पश्चिम अफ्रीका में और कैरिबियन में है। * उपप्रकार के लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो और कैमरून तक सीमित है। इन उपप्रकारों कभी कभी और भी विभाजन जैसे A1 और A2 या F1 और F2 उप-उपप्रकारों में विभाजित किया जाता है। यह एक पूर्ण या अंतिम सूची के रूप में नहीं है और आगे प्रकार के पाए जाने की संभावना है<ref>{{Cite web |url=http://www.avert.org/hivtypes.htm |title=HIV types, subtypes, groups & strains |access-date=27 जून 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090215010551/http://www.avert.org/hivtypes.htm |archive-date=15 फ़रवरी 2009 |url-status=dead }}</ref>। [[चित्र:HIV-1 subtype prevalence in 2002.png|thumb|300px|left|२००२ में मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु-१ उप प्रकार प्रसार]] एचआइवी-२ का समूह ए मुख्य रूप से पश्चिम अफ्रीका में फैले होने के साथ ही अंगोला, मोजाम्बिक, ब्राजील, भारत और बहुत सिमित रूप से यूरोप तथा अमेरिका में भी पाया गया है। समूह बी मुख्य रूप से पश्चिम अफ्रीका तक ही सीमित है। == उपचार == '''एचआईवी''' अभी तक एक लाइलाज बीमारी मानी जाती है।<ref name="तिल1">{{cite web|url=http://www.thebody.com/content/art2301.html|title=Is HIV the Only Incurable Sexually Transmitted Disease?|format=web|publisher=Thebody Website|date=|accessdate=2012-05-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20111214081959/http://www.thebody.com/content/art2301.html|archive-date=14 दिसंबर 2011|url-status=dead}}</ref> शोध चल रहे हैं, हालांकि अभी तक पूर्णतः इलाज विकसित कर पाने में सफलता नहीं मिल पायी है। वर्तमान में बाजार कुछ उपचार एचआईवी रोगियों के लिए उपलब्ध हैं जो आंशिक रूप से उनकी पीड़ा को कम करने तथा उनके जीवन को स्वस्थ, उत्पादक और दीर्घ करने में सहायक हो सकते हैं। === आयुर्वेदिक === एचआइवी के दुष्प्रभाव को कम करने वाली एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता तंत्र को मजबूत करने वाली अनेक औषधियाँ हैं। ये एचआईवी विषाणु को मिटा तो नहीं सकती हैं लेकिन उसके मरीज को अधीक लंबी अवधी तक जीवित रखने में सहायक हैं। == वर्गीकरण == एचआईवी (HIV) ''लेंटिवायरस (Lentivirus)'' श्रेणी,<ref name="ICTV61.0.6">{{cite web | author=[[International Committee on Taxonomy of Viruses]] | publisher=[[National Institutes of Health]] | publishyear=2002 | url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/ICTVdb/ICTVdB/61060000.htm | title=61.0.6. Lentivirus | accessdate=2006-02-28 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060418135608/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/ICTVdb/ICTVdB/61060000.htm | archive-date=18 अप्रैल 2006 | url-status=live }}</ref> जो कि रेट्रोवायरिडी (Retroviridae) परिवार का एक भाग है, का एक सदस्य है।<ref name="ICTV61.">{{cite web | author=[[International Committee on Taxonomy of Viruses]] | publisher=[[National Institutes of Health]] | publishyear=2002 | url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/ICTVdb/ICTVdB/61000000.htm | title=61. Retroviridae | accessdate=2006-02-28 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060629180810/http://ncbi.nlm.nih.gov/ICTVdb/ICTVdB/61000000.htm | archive-date=29 जून 2006 | url-status=live }}</ref> लेंटिवायरसों की अनेक सामान्य शब्द संरचनाएं व जैविक विशेषताएं हैं। अनेक प्रजातियां लेंटिवायरसों द्वारा संक्रमित हैं, जो विशेष रूप से लंबी-अवधि की ऐसी बीमारियों के लिये जिम्मेदार होते हैं, जिनका उष्मायन काल लंबा होता है।<ref name="Levy">{{cite journal | author=Lévy, J. A. | title=HIV pathogenesis and long-term survival | journal=AIDS | year=1993 | pages=1401–10 | volume=7 | issue=11 | pmid=8280406 | doi=10.1097/00002030-199311000-00001 }}</ref> लेंटिवायरस एकल-तंतु, सकारात्मक-दिशा व आवरण युक्त आरएनए (RNA) जीवाणुओं के रूप में संचरित होते हैं। लक्ष्य कोशिका में प्रवेश करने पर, जीवाण्विक [[राइबोज़ न्यूक्लिक अम्ल|आरएनए (RNA)]] जीनोम को जीवाणु कण में मौजूद एक जीवाण्विक रूप से कूटबद्ध रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेस के द्वारा दोहरे-तंतु युक्त [[डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल|डीएनए (DNA)]] में रूपांतरित कर दिया जाता है। इसके बाद यह जीवाण्विक डीएनए (DNA) एक जीवाण्विक रूप से कूटबद्ध इंटीग्रेस के द्वारा मेजबान कोशिका के सह-कारकों के साथ एक कोशिकीय डीएनए (DNA) में एकीकृत किया जाता है,<ref name="JASmith">{{cite journal | author= Smith, Johanna A.; Daniel, René (Division of Infectious Diseases, Center for Human Virology, Thomas Jefferson University, Philadelphia) |title= Following the path of the virus: the exploitation of host DNA repair mechanisms by retroviruses |journal=ACS Chem Biol|volume=1|issue=4 |pages= 217–26 | year= 2006 |pmid= 17163676 |doi=10.1021/cb600131q |url= }}</ref> ताकि इस जीनोम की प्रतिलिपि बनाई जा सके। एक बार जब यह जीवाणु कोशिका को संक्रमित कर देता है, तो दो परिणाम हो सकते हैं: या तो जीवाणु अदृश्य हो जाता है और संक्रमित कोशिका अपना कार्य करना जारी रखती है, या फिर जीवाणु सक्रिय हो जाता है और प्रतिलिपित होता जाता है और तब जीवाणु कणों की एक बड़ी संख्या अन्य मुक्त कोशिकाओं को संक्रमित कर सकती है। एचआईवी (HIV) की दो प्रजातियां ज्ञात हैं: एचआईवी-1 (HIV-1) और एचआईवी (HIV-2). एचआईवी-1 (HIV-1) वह वायरस है, जिसे प्रारंभ में खोजा गया था और एलएवी (LAV) और एचटीएलवी-III (HTLV-III) दोनों के रूप में चिह्नित किया गया था। यह अधिक उग्र, अधिक संक्रामक है और यह पूरे विश्व में एचआईवी (HIV) अधिकांश संक्रमणों का कारण है।<ref>{{cite journal | title=Comparison of HIV-1 and HIV-2 infectivity from a prospective cohort study in Senegal | url=https://archive.org/details/sim_statistics-in-medicine_2003-02-28_22_4/page/573 | last=Gilbert | first=PB et al | journal=Statistics in Medicine | date=28 फ़रवरी 2003| volume=22 | issue=4 | pages=573–593 | pmid=12590415 | doi=10.1002/sim.1342 | last2=McKeague | first2=IW | last3=Eisen | first3=G | last4=Mullins | first4=C | last5=Guéye-Ndiaye | first5=A | last6=Mboup | first6=S | last7=Kanki | first7=PJ}}</ref> एचआईवी-1 (HIV-1) की तुलना में एचआईवी-2 (HIV-2) की संक्रामकता कम होने का अर्थ यह है कि एचआईवी-2 (HIV-2) संपर्क में आने वाले लोगों में संक्रमण की प्रति संपर्क दर अपेक्षाकृत कम होगी। इसकी अपेक्षाकृत कमज़ोर संचरण क्षमता के कारण एचआईवी-2 (HIV-2) बड़े पैमाने पर पश्चिम अफ्रीका तक ही सीमित है।<ref name="Reeves">{{cite journal | author=Reeves, J. D. and Doms, R. W | title=Human Immunodeficiency Virus Type 2 | journal=J. Gen. Virol. | year=2002 | pages=1253–65 | volume=83 | issue=Pt 6 | pmid=12029140 }}</ref> {| class="wikitable" |+एचआईवी (HIV) की प्रजातियों की तुलना |- ! प्रजाति ! उग्रता ! संक्रामकता ! प्रसार ! अनुमानित मूल |- ! एचआईवी-1 (HIV-1) | उच्च | उच्च | वैश्विक | आम चिंपांज़ी |- ! एचआईवी-2 (HIV-2) | निम्न | निम्न | पश्चिमी अफ्रीका | सूटी मैंगेबी |} == संकेत व लक्षण == [[चित्र:Hiv-timecourse.png|300px|thumb|right|एचआईवी (HIV) प्रतियां (वायरल लोड) और अनुपचारित एचआईवी (HIV) संक्रमण का औसत पाठ्यक्रम पर CD4 गिनती का एक सामान्यीकृत ग्राफ, किसी विशेष व्यक्ति के रोग स्तर काफी भिन्न हो सकते हैं।[45][46]]] एचआईवी-1 (HIV-1) से होने वाले संक्रमण को सीडीटी<sup>+</sup>4 टी (CD4<sup>+</sup> T) कोशिकाओं की संख्या में लगातार आती गिरावट और जीवाण्विक भार में वृद्धि से जोड़ा जाता है। संक्रमण के चरण का निर्धारण मरीज की सीडीटी<sup>+</sup>4 टी (CD4<sup>+</sup> T) कोशिकाओं की संख्या और रक्त में एचआईवी (HIV) के स्तर से किया जा सकता है। मूलतः एचआईवी (HIV) संक्रमण के चार चरण होते हैं: उष्मायन काल, तीव्र संक्रमण, विलंब चरण और एड्स (AIDS). संक्रमण के बाद के प्रारंभिक उष्मायन काल लक्षणविहीन होता है और इसकी अवधि सामान्यतः दो से चार सप्ताहों तक होती है। दूसरा चरण, तीव्र संक्रमण, औसतन 28 दिनों तक चलता है और इसमें बुखार, लिंफैडेनोपैथी (lymphadenopathy) (लसिका ग्रंथि में सूजन), फैरिंजाइटिस (pharyngitis) (गले में खराश), फुंसी, पेशीशूल (मांसपेशियों में दर्द), बेचैनी और मुंह तथा भोजन-नली में घाव जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं। विलंबता चरण, जो कि तीसरा चरण है, में या तो बहुत थोड़े लक्षण प्रदर्शित होते हैं या कोई लक्षण दिखाई नहीं देता और यह चरण दो सप्ताहों से लेकर बीस वर्षों या उससे भी अधिक समय तक चल सकता है। एचआईवी (HIV) संक्रमण का चौथा और अंतिम चरण एड्स (AIDS) विभिन्न अवसरवादी संक्रमणों के लक्षणों जैसे ही लक्षण प्रदर्शित करता है। फ्रांसीसी अस्पताल के मरीज़ों के अध्ययन में यह पाया गया कि एचआईवी-1 (HIV-1) से संक्रमित व्यक्तियों में से लगभग 0.5% व्यक्ति किसी एंटी-रेट्रोवायरल उपचार के बिना भी सीडीआर4 टी-कोशिकाओं (CD4 T-cells) के उच्च स्तर और एक निम्न अथवा चिकित्सीय रूप से न पहचाना जा सकने वाला जीवाण्विक भार बनाए रखते हैं। इन व्यक्तियों को एचआईवी (HIV) नियंत्रकों या लंबी-अवधि के गैरविकासकों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।<ref name="Grabar">{{cite journal | author=Grabar, S., Selinger-Leneman, H., Abgrall, S., Pialoux, G., Weiss, L., Costagliola, D. | title=Prevalence and comparative characteristics of long-term nonprogressors and HIV controller patients in the French Hospital Database on HIV |journal=AIDS | year=2009 | pages=1163–1169 | volume=23 | issue=9 | pmid=19444075 |doi=10.1097/QAD.0b013e32832b44c8}} </ref> === एचआईवी (HIV) का तीव्र संक्रमण === {{Main|Acute HIV infection}} [[चित्र:Symptoms of acute HIV infection.png|thumb|right|300px|तीव्र एचआईवी (HIV) संक्रमण के मुख्य लक्षण.]] सामान्यतः एचआईवी (HIV) के साथ प्रारंभिक संक्रमण एक संक्रमित व्यक्ति से किसी असंक्रमित व्यक्ति में शारीरिक द्रवों के स्थानांतरण के साथ होता है। संक्रमण का पहला चरण, प्राथमिक या तीव्र संक्रमण, तीव्र जीवाण्विक प्रतिलिपि निर्माण का चरण है, जो किसी व्यक्ति के एचआईवी (HIV) के संपर्क में आने के तुरंत बाद आता है, जिसके परिणामस्वरूप परिधीय रक्त में जीवाणुओं की अधिकता हो जाती है और एचआईवी (HIV) के स्तर आम तौर पर अनेक लाख जीवाणु प्रति मि॰ली॰ (mL) तक पहुंच जाते हैं।<ref name="Piatak"> {{cite journal | author=Piatak, M., Jr, Saag, M. S., Yang, L. C., Clark, S. J., Kappes, J. C., Luk, K. C., Hahn, B. H., Shaw, G. M. and Lifson, J.D. | title=High levels of HIV-1 in plasma during all stages of infection determined by competitive PCR | url=https://archive.org/details/sim_science_1993-03-19_259_5102/page/1748 | journal=Science | year=1993 | pages=1749–1754 |volume=259 | issue=5102 | pmid=8096089 | doi=10.1126/science.8096089}} </ref> इस प्रतिक्रिया के साथ ही गश्ती सीडी4<sup>+</sup> टी (CD4<sup>+</sup> T) कोशिकाओं की संख्या में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी जाती है। लगभग सभी मरीजों में रक्त में जीवाणुओं की यह तीव्र उपस्थिति सीडी8<sup>+</sup> टी कोशिकाओं (CD8<sup>+</sup> T Cells), जो एचआईवी (HIV) संक्रमित कोशिकाओं को नष्ट करती हैं, के सक्रियण और इसके बाद प्रतिरक्षी के निर्माण या सीरोकन्वर्जन (seroconversion) से जुड़ी होती है। ऐसा माना जाता है कि सीडी8<sup>+</sup> टी (CD8<sup>+</sup> T) कोशिकाओं की प्रतिक्रिया जीवाणुओं के स्तरों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण है, जो कि पहले बढ़ते हैं lऔर फिर सीडी4<sup>+</sup> टी (CD4<sup>+</sup> T) कोशिकाओं की वापसी के साथ ही पुनः घट जाते हैं। सीडी8<sup>+</sup> टी (CD8<sup>+</sup> T) कोशिकाओं की एक अच्छी प्रतिक्रिया को बीमारी के विकास की गति में कमी और एक बेहतर रोगनिदान से जोड़ा जाता रहा है, हालांकि यह जीवाणु को खत्म नहीं करती.<ref name="Pantaleo1998"> {{cite journal | author=Pantaleo G, Demarest JF, Schacker T, Vaccarezza M, Cohen OJ, Daucher M, Graziosi C, Schnittman SS, Quinn TC, Shaw GM, Perrin L, Tambussi G, Lazzarin A, Sekaly RP, Soudeyns H, Corey L, Fauci AS. | title=The qualitative nature of the primary immune response to HIV infection is a prognosticator of disease progression independent of the initial level of plasma viremia | journal=Proc Natl Acad Sci U S A. | year=1997 | pages=254–258 | volume=94 | issue=1 | pmid=8990195 | doi=10.1073/pnas.94.1.254 | pmc=19306 }}</ref> इस अवधि के दौरान (सामान्यतः संपर्क के 2–4 सप्ताहों बाद) अधिकांश (80 से 90%) व्यक्तियों में इंफ्लुएंज़ा या मोनोन्यूक्लिऑसिस (mononucleosis)-जैसी कोई बीमारी विकसित हो जाती है, जिसे तीव्र एचआईवी (HIV) संक्रमण कहते हैं और इसके सबसे आम लक्षणों में बुखार, लिंफैडेनोपैथी, फैरिंजाइटिस, फुंसी, पेशीशूल, मुंह और भोजन नली में घाव आदि लक्षण शामिल हो सकते हैं और इनके अलावा इसमें सिरदर्द, मिचली और उल्टी, यकृत/प्लीहा के आकार में वृद्धि, भार में कमी, छाले और तंत्रिका संबंधी लक्षण भी शामिल हो सकते हैं, आमतौर पर कम ही मिलते हैं। संक्रमित व्यक्तियों में इनमें से सभी या कुछ लक्षण देखे जा सकते हैं या इनमें से सभी लक्षण अनुपस्थित भी हो सकते हैं। लक्षणों की अवधि में अंतर होता है और औसतन यह 28 दिनों तक तथा सामान्यतः कम से कम एक सप्ताह तक दिखाई देते हैं। इन लक्षणों के अनिश्चित स्वरूप के कारण, अक्सर उन्हें एचआईवी (HIV) संक्रमण के संकेतों के रूप में मान्यता नहीं दी जाती.<ref name="Kahn"> {{cite journal | author=Kahn, J. O. and Walker, B. D. | title=Acute Human Immunodeficiency Virus type 1 infection | journal=N. Engl. J. Med. | year=1998 | pages=33–39 | volume=331 | issue=1 | pmid=9647878 | doi=10.1056/NEJM199807023390107 }}</ref> इन लक्षणों के अनिश्चित स्वरूप के कारण, अक्सर उन्हें एचआईवी (HIV) संक्रमण के संकेतों के रूप में मान्यता नहीं दी जाती. भले ही मरीज अपने चिकित्सक के पास या किसी अस्पताल में जाएं, लेकिन अक्सर यह मानकर उनका गलत निदान कर दिया जाएगा कि उन्हें वे उन अधिक आम संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त हैं, जिनमें यही लक्षण देखे जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप, एचआईवी (HIV) संक्रमण का निदान करने के लिये इन प्राथमिक लक्षणों का प्रयोग नहीं किया जाता क्योंकि वे सभी मरीज़ों में विकसित नहीं होते और इनमें से अनेक लक्षण अन्य अधिक आम बीमारियों के कारण भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, इस सिंड्रोम की पहचान महत्वपूर्ण हो सकती है क्योंकि इसी अवधि के दौरान मरीज बहुत अधिक संक्रमित होता है।<ref name="pmid11187417">{{cite journal |author=Daar ES, Little S, Pitt J, ''et al.'' |title=Diagnosis of primary HIV-1 infection. Los Angeles County Primary HIV Infection Recruitment Network |journal=Ann. Intern. Med. |volume=134 |issue=1 |pages=25–9 |year=2001 |pmid=11187417 |doi=}}</ref> === विलंबता चरण === एक मज़बूत प्रतिरोध प्रतिरक्षा रक्त के प्रवाह में जीवाण्विक कणों की संख्या को कम करती है, जिससे संक्रमण के ''चिकित्सीय विलंबिता'' चरण की शुरुआत चिह्नित की जाती है। चिकित्सीय विलंबता में दो सप्ताहों और 20 वर्षों तक का अंतर हो सकता है। संक्रमण के इस प्रारंभिक चरण के दौरान, एचआईवी (HIV) [[लसीका तंत्र|लसीका से जुड़े अंगों (lymphoid organs)]] के अंतर्गत सक्रिय होता है, जहां जीवाणुओं की बड़ी मात्राएं रोमकूपों की द्रुमाश्म कोशिकाओं (dendritic cells) (एफडीसी) (FDC) के नेटवर्क में फंस जाते हैं।<ref name="burton"> {{cite journal | author=Burton GF, Keele BF, Estes JD, Thacker TC, Gartner S. | title=Follicular dendritic cell contributions to HIV pathogenesis | journal=Semin Immunol. | year=2002 | pages=275–284 | volume=14 | issue=4 | pmid=12163303 | doi=10.1016/S1044-5323(02)00060-X }}</ref> आस-पास के जिन ऊतकों में सीडी4<sup>+</sup> टी (CD4<sup>+</sup> T) कोशिकाओं की पर्याप्त मात्रा उपस्थित हो, वे भी संक्रमित हो सकते हैं और जीवाण्विक कण असंक्रमित कोशिकाओं में तथा मुक्त जीवाणुओं के रूप में, दोनों ही प्रकार से एकत्रित हो सकते हैं। इस चरण में जो व्यक्ति हैं, वे अभी भी संक्रामक हैं। इस समय के दौरान, सीडी4<sup>+</sup> सीडी45आरओ<sup>+</sup> टी कोशिकाएं (CD4<sup>+</sup> CD45RO<sup>+</sup> T cells) अधिकांश जीवाण्विक भार वहन करती हैं।<ref name="clapham"> {{cite journal | author=Clapham PR, McKnight A. | title=HIV-1 receptors and cell tropism | journal=Br Med Bull. | year=2001 | pages=43–59 | volume=58 | issue=4 | pmid=11714623 | doi=10.1093/bmb/58.1.43 }}</ref> === एड्स === {{Main|एड्स}} :''इस विषय पर अधिक जानकारी के लिये एड्स (AIDS) का निदान, एड्स (AIDS) के लक्षण और एचआईवी (HIV) संक्रमण एवं बीमारियों के लिये [[विश्व स्वास्थ्य संगठन]] (डब्ल्यूएचओ) की बीमारी चरण प्रणाली देखें'' जब सीडी4<sup>+</sup> टी (CD4<sup>+</sup> T) कोशिकाओं की संख्या 200 कोशिकाएं प्रति µL के आवश्यक स्तर से नीचे गिर जाती है, तो कोशिकाओं की मध्यस्थता से प्राप्त प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है और अनेक प्रकार के अवसरवादी रोगाणुओं से होने वाले संक्रमण दिखाई देने लगते हैं। प्रारंभिक संक्रमणों में अक्सर भार में मध्यम और अस्पष्ट कमी, [[श्वसन तंत्र]] के प्रतिवर्ती संक्रमण (जैसे साइनसाइटिस (sinusitis), ब्रॉन्काइटिस (bronchitis), ओटाइटिस मीडिया (otitis media), फैरीन्जाइटिस (pharyngitis)), प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis), त्वचा पर फुन्सियां और मुंह के छाले शामिल होते हैं। ऐसे आम अवसरवादी संक्रमण और ट्यूमर, जिनमें से अधिकांश को सामान्यतः दृढ़ सीडी4<sup>+</sup> टी (CD4<sup>+</sup> T) कोशिकाओं की मध्यस्थता से प्राप्त प्रतिरोध द्वारा नियंत्रित किया जाता है, अब मरीज को प्रभावित करने लगते हैं। विशिष्ट रूप से, प्रारंभिक प्रतिरोध मौखिक कैंडिडा प्रजातियों और ''माइकोबैक्टेरियम ट्युबरक्युलॉसिस (Mycobacterium tuberculosis)'' के कारण समाप्त हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप मौखिक कैंडियासिस (छाला) और ट्युबरक्युलॉसिस के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है। इसके बाद, अदृश्य हर्पस विषाणुओं के पुनर्सक्रियण के कारण हर्पस सिम्प्लेक्स की बढ़ती हुई फुन्सियों, शिंगल (Shingle), एप्सटीन-बैर विषाणु-प्रवृत्त बी-कोशिका लिंफोमा (Epstein-Barr virus-induced B-cell lymphomas) अथवा कापोसी के सार्कोमा (Kaposi's sarcoma) की बिगड़ती हुई स्थिति के साथ इनकी पुनरावृत्ति हो सकती है। ''न्युमोसिस्टिस जिरोवेकी (Pneumocystis jirovecii)'' के कारण होने वाले न्युमोनिया आम है और अक्सर यह जानलेवा भी होता है। एड्स (AIDS) के अंतिम चरणों में, साइटोमेगैलोवायरस (cytomegalovirus) (एक अन्य हर्पस विषाणु) या माइकोबैक्टेरियम एवियम कॉम्प्लेक्स (Mycobacterium avium complex) के द्वारा होने वाले संक्रमण अधिक विशिष्ट हैं। एड्स (AIDS) के सभी रोगियों में ये सभी संक्रमण या ट्यूमर नहीं होते और कुछ ऐसे ट्यूमर और संक्रमण भी हैं, जो कम विशिष्ट हैं, लेकिन फिर भी महत्वपूर्ण हैं। == रोगात्मक-शरीरविज्ञान == === संचरण === {| class="wikitable" style="float:right;font-size:85%;margin-left:15px" |- style="background:#efefef" |+ संपर्क मार्ग द्वारा एचआईवी (HIV) के<td><br />अभिग्रहण का प्रति-कृत्य अनुमानित जोखिम<ref name="MMWR3">{{cite journal |author=Smith DK, Grohskopf LA, Black RJ, ''et al.'' |title=Antiretroviral postexposure prophylaxis after sexual, injection-drug use, or other nonoccupational exposure to HIV in the United States: recommendations from the U.S. Department of Health and Human Services |journal=MMWR Recomm Rep |volume=54 |issue=RR-2 |pages=1–20 |year=2005 |month=January |pmid=15660015 |doi= |url=http://www.cdc.gov/mmwr/preview/mmwrhtml/rr5402a1.htm#tab1 |accessdate=2009-03-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090402105301/http://www.cdc.gov/mmwr/preview/mmwrhtml/rr5402a1.htm#tab1 |archive-date=2 अप्रैल 2009 |url-status=live }}</ref><ref name="Jin_et_al">{{ cite journal |author=Jin F ''et al.'' |title=Per-contact probability of HIV transmission in homosexual men in Sydney in the era of HAART|journal=AIDS |volume=24 |issue=6 |pages=907–913 |year=2010 |month=March |pmid=20139750 |doi= 10.1097/QAD.0b013e3283372d90 | accessdate=2010-04-11 |pmc=2852627 }}</ref> (ध्यान दें कि वाणिज्यिक यौन संपर्कों, एचआईवी (HIV) संक्रमण के चरण, जननांग में छालों की उपस्थिति या इतिहास और राष्ट्रीय आय स्तरों जैसे अन्य कारकों के कारण जोखिम की दरें बदल सकती हैं। <br /><ref name="Boily_et_al">{{ cite journal |author=Boily MC, Baggaley RF, Wang L, Masse B, White RG, Hayes RJ, Alary M |title=Heterosexual risk of HIV-1 infection per sexual act: systematic review and meta-analysis of observational studies|journal=The Lancet Infectious Diseases |volume=9 |issue=2 |pages=118–129 |year=2009 |month=February |pmid=19179227 |doi=10.1016/S1473-3099(09)70021-0 | accessdate=2010-04-11 }}</ref>)</td> |- style="background:#efefef" ! style="width:100px"| संपर्क मार्ग ! style="width:130px"| किसी संक्रमित स्रोत के साथ<br />प्रति 10,000 संपर्कों में<br />अनुमानित संक्रमण |- ! style="text-align:left"| रक्ताधान | 9000<ref name="Donegan">{{ cite journal | author=Donegan E, Stuart M, Niland JC, et al. | title=Infection with human immunodeficiency virus type 1 (HIV-1) among recipients of antibody-positive blood donations | url=https://archive.org/details/sim_annals-of-internal-medicine_1990-11-15_113_10/page/732 | journal=Ann. Intern. Med. | year=1990 | pages=733–739 | volume=113 | issue=10 | pmid=2240875 }}</ref> |- ! style="text-align:left"| प्रसव | 2500<ref name="Coovadia">{{ cite journal | author=Coovadia H | title=Antiretroviral agents—how best to protect infants from HIV and save their mothers from AIDS | url=https://archive.org/details/sim_new-england-journal-of-medicine_2004-07-15_351_3/page/n111 | journal=N. Engl. J. Med. | year=2004 | pages=289–292 | volume=351 | issue=3 | pmid=15247337 | doi=10.1056/NEJMe048128 }}</ref> |- ! style="text-align:left"| दवाओं का इंजेक्शन लेने के लिये साझा सुई का प्रयोग | 67<ref name="Kaplan">{{ cite journal | author=Kaplan EH, Heimer R | title=HIV incidence among New Haven needle exchange participants: updated estimates from syringe tracking and testing data | journal=J. Acquir. Immune Defic. Syndr. Hum. Retrovirol. | year=1995 | pages=175–176 | volume=10 | issue=2 | pmid=7552482 }}</ref> |- ! style="text-align:left"| त्वचीय सुई छड़ | 30<ref name="Bell">{{ cite journal | author=Bell DM | title=Occupational risk of human immunodeficiency virus infection in healthcare workers: an overview. | url=https://archive.org/details/sim_american-journal-of-medicine_1997-05-19_102_5b/page/n20 | journal=Am. J. Med. | year=1997 | pages=9–15 | volume=102 | issue=5B | pmid=9845490 | doi=10.1016/S0002-9343(97)89441-7 }}</ref> |- ! style="text-align:left"| ग्रहणशील गुदा मैथुन (2009 और 2010 के अध्ययन) | 170<sup>‡</sup> (95% विश्वास अंतराल 30-890)<ref name="Boily_et_al" /> / 143 <sup>*</sup> (95% विश्वास अंतराल 48-285)<ref name="Jin_et_al" /> |- ! style="text-align:left"| ग्रहणशील गुदा मैथुन (1992 के अध्ययन से प्राप्त डेटा पर आधारित)<sup>*</sup> | 50<ref name="ESG">{{ cite journal | author=European Study Group on Heterosexual Transmission of HIV | title=Comparison of female to male and male to female transmission of HIV in 563 stable couples | journal=BMJ. | year=1992 | pages=809–813 | volume=304 | issue=6830 | pmid=1392708 | pmc=1881672 | doi=10.1136/bmj.304.6830.809 }}</ref><ref name="Varghese">{{ cite journal | author=Varghese B, Maher JE, Peterman TA, Branson BM,Steketee RW | title=Reducing the risk of sexual HIV transmission: quantifying the per-act risk for HIV on the basis of choice of partner, sex act, and condom use | url=https://archive.org/details/sim_sexually-transmitted-diseases_2002-01_29_1/page/38 | journal=Sex. Transm. Dis. | year=2002 | pages=38–43 | volume=29 | issue=1 | pmid=11773877 }}</ref> |- ! style="text-align:left"| खतना न किये हुए पुरुषों के लिये प्रवेशात्मक गुदा मैथुन (2010 का अध्ययन)<sup>*</sup> | 62<sup>a</sup> (95% विश्वास अंतराल 7-168)<ref name="Jin_et_al" /> |- ! style="text-align:left"| खतना किये हुए पुरुषों के लिये प्रवेशात्मक गुदा मैथुन (2010 का अध्ययन)<sup>*</sup> | 11<sup>a</sup> (95% विश्वास अंतराल 2-24)<ref name="Jin_et_al" /> |- ! style="text-align:left"| प्रवेशामक गुदा मैथुन (1992 के अध्ययन से प्राप्त डेटा पर आधारित)<sup>*</sup> | 6.5<ref name="ESG" /><ref name="Varghese" /> |- ! style="text-align:left"| निम्न आय वाले देशों में महिला-से-पुरुष<sup>‡</sup> | 38 (95% विश्वास अंतराल 13-110)<ref name="Boily_et_al" /> |- ! style="text-align:left"| निम्न आय वाले देशों में पुरुष-से-महिला<sup>‡</sup> | 30 (95% विश्वास अंतराल 14-63)<ref name="Boily_et_al" /> |- ! style="text-align:left"| ग्रहणशील शिश्न-योनि मैथुन<sup>*</sup> | 10<ref name="ESG"/><ref name="Leynaert">{{ cite journal | author=Leynaert B, Downs AM, de Vincenzi I | title=Heterosexual transmission of human immunodeficiency virus: variability of infectivity throughout the course of infection. European Study Group on Heterosexual Transmission of HIV | journal=Am. J. Epidemiol. | year=1998 | pages=88–96 | volume=148 | issue=1 | pmid=9663408 }}</ref> |- ! style="text-align:left"| प्रवेशात्मक शिश्न-योनि मैथुन<sup>*</sup> | 5<ref name="ESG"/> |- ! style="text-align:left"| ग्रहणशील मुख-मैथुन<sup>*§</sup> | 1<sup>†</sup><sup>b</sup><ref name="Varghese" /> |- ! style="text-align:left"| प्रवेशात्मक मुख-मैथुन<sup>*§</sup> | 0.5<sup>†</sup><sup>b</sup><ref name="Varghese" /> |- style="background:#efefef" ! colspan="5" style="border-right:0"| <sup>*</sup>यह मानते हुए कि कंडोम का प्रयोग नहीं किया गया है <br /> <sup>‡</sup>एकत्रित संचरण संभाव्यता आकलन <br /> <sup>§</sup>स्रोत किसी पुरुष पर किये गए मुख-मैथुन<br />को संदर्भित करता है |- style="background:#efefef" ! colspan="5" style="border-right:0"| <sup>a</sup>ध्यान दें कि अन्य अध्ययनों को इस बात के अपर्याप्त प्रमाण मिले हैं कि नर खतना<br /> पुरुषों के साथ यौन-क्रिया करने वाले पुरुषों में एचआईवी (HIV) संक्रमण या यौन रूप से संचरित होने वाले अन्य संक्रमणों के विरुद्ध रक्षा करता है<ref name="Millett_et_al">{{cite journal |author=Millett GA, Flores SA, Marks G, Reed JB, Herbst JH |title=Circumcision status and risk of HIV and sexually transmitted infections among men who have sex with men: a meta-analysis |journal=The Journal of American Medical Association |volume=300 |issue=14 |pages=1674–1684 |year=2009 |month=October |pmid=18840841 |doi=10.1001/jama.300.14.1674 |url=http://jama.ama-assn.org/cgi/content/short/300/14/1674 |accessdate=2010-04-11 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100116001005/http://jama.ama-assn.org/cgi/content/short/300/14/1674 |archive-date=16 जनवरी 2010 |url-status=live }}</ref><ref name="Millett_et_al2">मूल्यों के सुधार हालाँकि "गैर-सूचक निष्कर्षों के पैटर्न स्पष्टतः प्रकाशित लेख के साथ अनुरूप है" [http://jama.ama-assn.org/cgi/content/full/jama;301/11/1126] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070515011914/http://jama.ama-assn.org/cgi/content/full/jama|date=15 मई 2007}}</ref> <br /> |- ! colspan="5" style="border-right:0"| <sup>†</sup>"सर्वश्रेष्ठ अनुमानित आकलन " |- ! colspan="5" style="border-right:0"| <sup>b</sup>ध्यान दें कि संभावित सह-कारक, जैसे मौखिक चोट, घाव, सूजन, यौन रूप से संचरित होने वाले संलग्न संक्रमण,<br /> मुंह में स्खलित होना और व्यवस्थित प्रतिरोध को दबाना, एचआईवी (HIV) संचरण की दर में वृद्धि कर सकते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.phac-aspc.gc.ca/publicat/epiu-aepi/epi_update_may_04/13-eng.php |title=Public Health Agency of Canada |publisher=Phac-aspc.gc.ca |date=2004-12-01 |accessdate=2010-07-28 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120623172006/http://www.phac-aspc.gc.ca/publicat/epiu-aepi/epi_update_may_04/13-eng.php |archive-date=23 जून 2012 |url-status=dead }}</ref> |} एचआईवी (HIV) के लिये तीन मुख्य संचरण मार्गों की पहचान की गई है। एचआईवी-1 (HIV-1) की तुलना में मां-से-संतान में और यौन-क्रिया मार्ग के द्वारा एचआईवी-2 (HIV-2) का संचरण होने की दर बहुत कम है। ==== यौन-क्रिया संबंधी ==== अधिकांश एचआईवी (HIV) संक्रमण असुरक्षित यौन संबंधों के कारण प्राप्त होते हैं। एचआईवी (HIV) के बारे में फैला परितोष एचआईवी (HIV) के जोखिम में एक मुख्य भूमिका निभाता है।<ref name="cdc1" /><ref name="cdc2" /> जब एक साथी के संक्रमित यौन-स्राव दूसरे के लैंगिक, मौखिक या गुदा की श्लेष्म झिल्ली के संपर्क में आते हैं, तब यौन-संचरण हो सकता है। उच्च-आय वाले देशों में, महिला-से-पुरुष में होने वाले संचरण की दर 0.04% प्रति कृत्य और पुरुष-से-महिला संचरण की दर 0.08% प्रति कृत्य है। विभिन्न कारणों से, निम्न-आय वाले देशों में ये दरें 4 से 10 गुना अधिक हैं।<ref name="Boily_et_al" /> ग्रहणशील गुदा-मैथुन की दर अत्यधिक उच्च है, 1.7% प्रति कृत्य.<ref name="Boily_et_al" /> लैटेक्स कंडोम का सही और नियमित प्रयोग एचआईवी (HIV) के यौन संचरण के जोखिम को लगभग 85% तक कम कर देता है।<ref name="workshop">{{cite conference |last=National Institute of Allergy and Infectious Diseases |authorlink=National Institute of Allergy and Infectious Diseases |author2=National Institutes of Health, Department of Health and Human Services |title=Workshop Summary: Scientific Evidence on Condom Effectiveness for Sexually Transmitted Disease (STD) Prevention |pages=13–15 |date=2001-07-20 |location=Hyatt Dulles Airport, Herndon, Virginia |url=http://www3.niaid.nih.gov/about/organization/dmid/PDF/condomReport.pdf |format=PDF |accessdate=2009-01-08 |archiveurl=https://www.webcitation.org/5oFAVQUhH?url=http://www3.niaid.nih.gov/about/organization/dmid/PDF/condomReport.pdf |archivedate=15 मार्च 2010 |url-status=dead }}</ref> हालांकि, स्पर्मीसाइड (Spermicide) वास्तव में संचरण दर को बढ़ा सकता है।<ref name="spermicide">{{cite web|url=http://www.fda.gov/ForConsumers/byAudience/ForPatientAdvocates/HIVandAIDSActivities/ucm126372.htm|title=Should spermicides be used with condoms?|publisher=[[United States Food and Drug Administration]]|date=2009-04-30|accessdate=2009-07-23|work=Condoms and Sexually Transmitted Diseases, Brochure|archive-url=https://web.archive.org/web/20130213061836/http://www.fda.gov/ForConsumers/byAudience/ForPatientAdvocates/HIVandAIDSActivities/ucm126372.htm|archive-date=13 फ़रवरी 2013|url-status=live}}</ref><ref>[http://www.global-campaign.org/rectalN9.htm#rectal रोगाणुनाशक औषधियों के लिए वैश्विक अभियान: N-9 वृक्क संबंधी उपयोग] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120821185718/http://www.global-campaign.org/rectalN9.htm#rectal |date=21 अगस्त 2012 }} की जांच 22-07-2009</ref><ref>[http://www.global-campaign.org/clientfiles/GFN.pdf एचआईवी (HIV) जोखिम सूची पर नानॉक्सिनॉल-9 शुक्राणुनाशक] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120821194706/http://www.global-campaign.org/clientfiles/GFN.pdf |date=21 अगस्त 2012 }} की जांच 22-07-2009</ref> [[दक्षिण अफ़्रीका|दक्षिण अफ्रीका]],<ref name="Williams">{{cite journal | author=Williams BG, Lloyd-Smith JO, Gouws E, Hankins C, Getz WM, Hargrove J, de Zoysa I, Dye C, Auvert B. | title=The Potential Impact of Male Circumcision on HIV in Sub-Saharan Africa. | journal=PLoS Med | year=2006 | pages=e262 | volume=3 | issue=7 | pmid=16822094 | doi=10.1371/journal.pmed.0030262 | pmc=1489185 }}</ref> [[कीनिया|केन्या]],<ref>{{cite journal |author=Bailey RC, Moses S, Parker CB, ''et al.'' |title=Male circumcision for HIV prevention in young men in Kisumu, Kenya: a randomised controlled trial|url=https://archive.org/details/sim_the-lancet_february-24-march-2-2007_369_9562/page/643 |journal=Lancet |volume=369 |issue=9562 |pages=643–56 |year=2007 |pmid=17321310|doi=10.1016/S0140-6736(07)60312-2}}</ref> और [[युगांडा]]<ref>{{cite journal | quotes = | author = Gray RH et al. | date = February 24, 2007 | title = Male circumcision for HIV prevention in men in Rakai, Uganda: a randomised trial | url =https://archive.org/details/sim_the-lancet_february-24-march-2-2007_369_9562/page/657 | journal = Lancet | volume = 369 | issue = 9562 | pages = 657–66 | pmid = 17321311 | doi = 10.1016/S0140-6736(07)60313-4 | quote = }}</ref> में ऐसे यादृच्छिकृत नियंत्रित परीक्षण किये जाते रहे हैं, जिनमें खतना न किये हुए पुरुषों को रोगाणुहीन स्थितियों में उनका चिकित्सीय खतना करने के लिये यादृच्छिक रूप से चुना गया और उन्हें परामर्श दिया गया, जबकि अन्य पुरुषों का खतना नहीं किया गया, इनसे महिला-से-पुरुष में यौन एचआईवी (HIV) संचरण की दर में क्रमशः 60%, 53% और 51% की गिरावट देखी गई। इसके परिणामस्वरूप, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) तथा यूएनएड्स (UNAIDS) सचिवालय द्वारा स्थापित एक विशेषज्ञ समिति ने “पुरुषों में विषमलिंगकामी रूप से अभिग्रहित एचआईवी (HIV) संक्रमण के जोखिम को कम करने के एक अतिरिक्त महत्वपूर्ण हस्तक्षेप के रूप में अब पुरुष खतने को भी मान्यता दिये जाने की अनुशंसा की है।"<ref name="WHOUNAIDScircum">{{cite web | author=WHO | publisher=WHO.int | year=2007 | url=http://www.who.int/hiv/mediacentre/news68/en/index.html | title=WHO and UNAIDS announce recommendations from expert consultation on male circumcision for HIV prevention | accessdate=2007-07-13 | archive-url=https://web.archive.org/web/20130312062808/http://www.who.int/hiv/mediacentre/news68/en/index.html | archive-date=12 मार्च 2013 | url-status=live }}</ref> पुरुषों के साथ यौन-क्रिया करने वाले पुरुषों में, इस बात के प्रमाण अपर्याप्त हैं कि नर खतना एचआईवी (HIV) संक्रमण या अन्य यौन रूप से संचरित होने वाले संक्रमणों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।<ref name="Millett_et_al" /> जिन महिलाओं में मादा जननांग कर्तन (female genital cutting) (एफजीसी) (FGC) प्रक्रिया हुई है, उनमें एचआईवी (HIV) के अध्ययनों के मिश्रित परिणाम प्राप्त हुए हैं; विवरणों के लिये मादा जननांग कर्तन#एचआईवी (HIV) देखें. ==== रक्त अथवा रक्त उत्पाद ==== सामान्यतः यदि संक्रमित रक्त किसी भी [[घाव|खुले घाव]] के संपर्क में आ जाए, तो एचआईवी (HIV) संचरित हो सकता है। इस संचरण मार्ग के कारण अंतःशिरा में नशीली दवाएं लेने वाले प्रयोक्ताओं, हीमोफीलिया से ग्रस्त लोगों और रक्ताधान (हालांकि विकसित विश्व में अधिकांश रक्ताधानों को एचआईवी (HIV) की अनुपस्थिति सुनिश्चित करने के लिये जांचा जाता है) और रक्त उत्पादों के प्राप्त कर्ताओं में संक्रमण हो सकता है। यह उन लोगों के लिये भी चिंता का विषय है, जो ऐसे क्षेत्रों में चिकित्सीय देखभाल प्राप्त कर रहे हों, जहां इंजेक्शन उपकरण के प्रयोग में स्वच्छता के घटिया स्तर प्रचलित हैं, जैसे तृतीय विश्व के देश. स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ताओं, जैसे परिचारिकाएं, प्रयोगशाला सहायक और चिकित्सक भी संक्रमित होते रहे हैं, हालांकि ऐसा बहुत दुर्लभ मामलों में ही होता है। जब से रक्त के द्वारा एचआईवी (HIV) का संक्रमण ज्ञात हुआ है, तब से वैश्विक सावधानियों के द्वारा रक्त के संपर्क में आने से स्वयं का बचाव करना चिकित्सीय पेशेवरों के लिये आवश्यक बना दिया गया है। जो लोग गोदने, छेदन करवाने और खुरचने की विधियां करते या करवाते हैं, उन्हें भी संक्रमण का जोखिम हो सकता है। संक्रमित व्यक्तियों की लार, आंसू और मूत्र में एचआईवी (HIV) की मात्रा कम पाई गई है, लेकिन इन स्रावों के द्वारा संक्रमण होने का कोई भी मामला दर्ज नहीं हुआ है और इनके द्वारा संचरण होने का संभावित जोखिम नगण्य है।<ref name="pmid2963151">{{cite journal |author=Lifson AR |title=Do alternate modes for transmission of human immunodeficiency virus exist? A review |url=https://archive.org/details/sim_jama_1988-03-04_259_9/page/n78 |journal=JAMA |volume=259 |issue=9 |pages=1353–6 |year=1988 |pmid=2963151 |doi=10.1001/jama.259.9.1353 }}</ref> मच्छरों द्वारा एचआईवी (HIV) का संचरण किया जाना संभव नहीं है।<ref>{{cite web |url=http://www.rci.rutgers.edu/%7Einsects/aids.htm |title=Why Mosquitoes Cannot Transmit AIDS [HIV virus&#93; |publisher=Rci.rutgers.edu |date= |accessdate=2010-07-28 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140329183346/http://www.rci.rutgers.edu/~insects/aids.htm |archive-date=29 मार्च 2014 |url-status=dead }}</ref> ==== मां-से-संतान को ==== एक मां से उसकी संतान में एचआईवी (HIV) का संक्रमण ''यूटेरो में (in utero)'' (गर्भावस्था के दौरान), इंट्रापार्टम (intrapartum) (बच्चे के जन्म के समय), अथवा स्तनपान के द्वारा हो सकता है। उपचार के अभाव में, माता और पुत्र के बीच जन्म तक संचरण की दर लगभग 25% है।<ref name="Coovadia" /> हालांकि, जहां संयोजनात्मक एंटीरेट्रोवियल दवाओं से उपचार और सीज़ेरियन सेक्शन उपलब्ध हों, वहां इस जोखिम को कम करके एक प्रतिशत तक किया जा सकता है।<ref name="Coovadia" /> जन्म के बाद मां-से-संतान में होने वाले संचरण को स्तनपान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर बड़े पैमाने पर रोका जा सकता है; हालांकि इसके साथ रुग्णता महत्वपूर्ण रूप से जुड़ी हुई है। अनन्य स्तनपान और नवजात शिशुओं में विस्तारित एंटीरेट्रोवियल प्रोफिलेक्सिस का प्रावधान भी इस संचरण से बचने में प्रभावी होते हैं।<ref>कोकरेन सिस्टेमटिक रिवियु ऑन इंटरवेंशन फॉर प्रिवेंशन ऑफ़ लेट पोस्टनटल मदर टू चाइल्ड ट्रांसमिशन ऑफ़ एचआईवी (HIV) http://www.cochrane.org/reviews/en/ab006734.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111104195014/http://www2.cochrane.org/reviews/en/ab006734.html |date=4 नवंबर 2011 }}</ref> ==== बहु-संक्रमण ==== {{Main|HIV superinfection}} कुछ अन्य जीवाणुओं के विपरीत, एचआईवी (HIV) का संक्रमण अतिरिक्त संक्रमणों के खिलाफ प्रतिरोध प्रदान नहीं करता, विशिष्टतः जेनेटिक रूप से अधिक दूरस्थ जीवाणुओं की स्थिति में. अंतः- तथा आंतर-क्लेड (inter- and intra-clade) दोनों के ही अनेक संक्रमणों,<ref name="pmid15995957">{{cite journal |author=Smith D, Richman D, Little S |title=HIV Superinfection |url=https://archive.org/details/sim_journal-of-infectious-diseases_2005-08-01_192_3/page/n89 |journal=Journal of Infectious Diseases |volume=192 |pages=438–44 |year=2005 |pmid=15995957 |doi=10.1086/431682 |issue=3 }}</ref> और यहां तक कि बीमारी के अधिक तीव्र विकास से जुड़े संक्रमणों की भी जानकारी मिली है।<ref> {{cite journal |pmid=14987889 |title=Dual HIV-1 infection associated with rapid disease progression |author=Gottlieb, et al. |journal=Lancet |year=2004 |volume=363 |issue=9049 |pages=619–22 |doi=10.1016/S0140-6736(04)15596-7 |last2=Nickle |first2=DC |last3=Jensen |first3=MA |last4=Wong |first4=KG |last5=Grobler |first5=J |last6=Li |first6=F |last7=Liu |first7=SL |last8=Rademeyer |first8=C |last9=Learn |first9=GH }} </ref> बहु-संक्रमणों को दूसरे निष्पीड़न के अभिग्रहण के समय के आधार पर दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। ''सहसंक्रमण (Coinfection)'' का प्रयोग दो ऐसे निष्पीड़नों को संदर्भित करने के लिये किया जाता है, जो एक ही समय अभिग्रहित प्रतीत होते हैं (या जो इतने पास हों कि उन्हें अलग-अलग पहचाना न जा सकता हो). ''पुनर्संक्रमण (Reinfection)'' (या ''अतिसंक्रमण (superinfection)'') दूसरे निष्पीड़न के साथ होने वाले वह संक्रमण है, जो पहले निष्पीड़न के इतने समय बाद होता है कि उसे मापा जा सके। पूरे विश्व में तीव्र तथा दीर्घकालीन संक्रमण दोनों में एचआईवी (HIV) के दोहरे संक्रमणों के दोनों रूपों की जानकारी मिली है।<ref>{{cite journal |url=https://archive.org/details/sim_jama_2004-09-08_292_10/page/1176 |pmid=15353529 |title=Incidence of HIV superinfection following primary infection |author=Smith et al. |journal=JAMA |volume=292 |issue=10 |pages=1177–8 |year=2004 |doi=10.1001/jama.292.10.1177 |last2=Wong |first2=JK |last3=Hightower |first3=GK |last4=Ignacio |first4=CC |last5=Koelsch |first5=KK |last6=Daar |first6=ES |last7=Richman |first7=DD |last8=Little |first8=SJ }}</ref><ref>{{cite journal |author=Chohan B, Lavreys L, Rainwater SM, Overbaugh J |title=Evidence for frequent reinfection with human immunodeficiency virus type 1 of a different subtype |journal=J. Virol. |volume=79 |issue=16 |pages=10701–8 |year=2005 |month=August |pmid=16051862 |pmc=1182664 |doi=10.1128/JVI.79.16.10701-10708.2005 }}</ref><ref>{{cite journal |author=Piantadosi A, Chohan B, Chohan V, McClelland RS, Overbaugh J |title=Chronic HIV-1 infection frequently fails to protect against superinfection |journal=PLoS Pathog. |volume=3 |issue=11 |pages=e177 |year=2007 |month=November |pmid=18020705 |pmc=2077901 |doi=10.1371/journal.ppat.0030177 }}</ref><ref>{{cite journal |author=Hu DJ, Subbarao S, Vanichseni S, ''et al.'' |title=Frequency of HIV-1 dual subtype infections, including intersubtype superinfections, among injection drug users in Bangkok, Thailand |journal=AIDS |volume=19 |issue=3 |pages=303–8 |year=2005 |month=February |pmid=15718841 |doi= |url=http://meta.wkhealth.com/pt/pt-core/template-journal/lwwgateway/media/landingpage.htm?an=00002030-200502180-00009 |accessdate=2009-03-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130916123825/http://meta.wkhealth.com/pt/pt-core/template-journal/lwwgateway/media/landingpage.htm?an=00002030-200502180-00009 |archive-date=16 सितंबर 2013 |url-status=dead }}</ref> === संरचना व जीनोम === {{Main|Structure and genome of HIV}} [[चित्र:HI-Virion-en-2.png|thumb|300px|एचआईवी (HIV) के आरेख]] एचआईवी (HIV) की संरचना अन्य रेट्रोवायरसों से भिन्न होती है। मोटे तौर पर यह वृत्ताकार होता है<ref name="McGovern">{{ cite journal | author=McGovern SL, Caselli E, Grigorieff N, Shoichet BK | title=A common mechanism underlying promiscuous inhibitors from virtual and high-throughput screening | journal=J Med Chem | year=2002 | pages=1712–22 | volume=45 | issue=8 | pmid=11931626 | doi=10.1021/jm010533y }}</ref> और इसका व्यास लगभग 120 नैनोमीटर (nm) होता है, जो कि एक [[लाल रक्त कोशिका]] से लगभग 60 गुना छोटा होता है, लेकिन फिर भी किसी जीवाणु के संदर्भ में यह काफी बड़ा आकार है।<ref name="Microbiology3">{{cite book|author=Fisher, Bruce; Harvey, Richard P.; Champe, Pamela C. |title=Lippincott's Illustrated Reviews: Microbiology (Lippincott's Illustrated Reviews Series) |url=https://archive.org/details/microbiology0000harv |publisher=Lippincott Williams & Wilkins |location=Hagerstown, MD |year= 2007|pages= |isbn=0-7817-8215-5 |oclc= |doi=}}में सिंहावलोकन के साथ तुलना: पृष्ठ 3</ref> यह धनात्मक एकल-रेशे वाले [[राइबोज़ न्यूक्लिक अम्ल|आरएनए]] (Single-Stranded RNA) की दो प्रतियों से मिलकर बना होता है, जो कि जीवाण्विक प्रोटीन पी24 (p24) की 2,000 प्रतियों से मिलकर बने एक शंक्वाकार कैप्सिड से घिरे जीवाणु के नौ जीनों को कूटबद्ध करता है।<ref name="compendia">{{cite book |author = Various |year = 2008 |title = HIV Sequence Compendium 2008 Introduction |url = http://www.hiv.lanl.gov/content/sequence/HIV/COMPENDIUM/2008/frontmatter.pdf |format = PDF |accessdate = 2009-03-31 |archive-url = https://web.archive.org/web/20130225212823/http://www.hiv.lanl.gov/content/sequence/HIV/COMPENDIUM/2008/frontmatter.pdf |archive-date = 25 फ़रवरी 2013 |url-status = dead }}</ref> एकल-रेशे वाला आरएनए (RNA) न्युक्लियोकैप्सिड प्रोटीन पी7 (p7) और रिवर्स ट्रान्स्क्रिप्टेस (reverse transcriptase), प्रोटीसेस (proteases), राइबोन्युक्लीएस (ribonuclease) और इन्टीग्रेस (integrase) जैसे वायरिऑन (virion) के विकास के लिये आवश्यक किण्वकों के साथ दृढ़तापूर्वक बंधा होता है। जीवाण्विक प्रोटीन पी17 (p17) से मिलकर बना एक मैट्रिक्स कैप्सिड के चारों ओर एक घेरा बनाकर वायरिऑन कण की अखंडता को सुनिश्चित करता है।<ref name="compendia" /> पुनः यह एक जीवाण्विक आवरण से ढ़ंका होता है, जो कि वसायुक्त अणुओं, जिन्हें फॉस्फोलिपिड कहा जाता है और जिसे एक मानव कोशिका के मेम्ब्रेन से उस समय लिया जाता है, जब एक नवनिर्मित जीवाणु कण कोशिका से निकलता है, के दो स्तरों से मिलकर बना होता है। जीवाण्विक आवरण में मेजबान कोशिका के प्रोटीन और जटिल एचआईवी (HIV) प्रोटीन की लगभग 70 प्रतियां होती हैं, जो जीवाणु कण की सतह से होकर बाहर निकलती हैं।<ref name="compendia" /> यह प्रोटीन, जिसे एन्व (Env) कहते हैं, ग्लाइकोप्रोटीन (जीपी) (gp) 120 नामक तीन कणों तथा तीन जीपी41 (gp41) कणों से मिलकर बने एक तने, जो संरचना को जीवाण्विक आवरण में स्थिर रखती है, से मिलकर बना होता है।<ref name="Chan">{{cite journal | author=Chan, DC., Fass, D., Berger, JM., Kim, PS. | title=Core Structure of gp41 from the HIV Envelope Glycoprotein | journal=Cell | year=1997 | pages=263–73 | volume=89 | pmid=9108481 | format=PDF | url=http://www.its.caltech.edu/~chanlab/PDFs/Chan_Cell_1997.pdf | accessdate=2009-03-31 | doi=10.1016/S0092-8674(00)80205-6 | issue=2 | archive-url=https://web.archive.org/web/20120916085811/http://www.its.caltech.edu/~chanlab/PDFs/Chan_Cell_1997.pdf | archive-date=16 सितंबर 2012 | url-status=dead }}</ref> यह ग्लाइकोप्रोटीन कॉम्प्लेक्स जीवाणु को लक्ष्यित कोशिकाओं से जुड़ने और मिल जाने की क्षमता प्रदान करता है, ताकि संक्रामक चक्र को प्रारंभ किया जा सके। <ref name="Chan" /> इन दोनों सतह प्रोटीनों, विशेषतः जीपी120 (gp120) को एचआईवी (HIV) के खिलाफ भावी उपचार या टीकों का लक्ष्य माना जाता रहा है।<ref name="nih1998">{{cite news | author=National Institute of Health | title=Crystal Structure of Key HIV Protein Reveals New Prevention, Treatment Targets | date=June 17, 1998 | url=http://www3.niaid.nih.gov/news/newsreleases/1998/hivprotein.htm | accessdate=2006-09-14 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060219112450/http://www3.niaid.nih.gov/news/newsreleases/1998/hivprotein.htm | archive-date=19 फ़रवरी 2006 | url-status=dead }}</ref> आरएनए (RNA) जीनोम कम से कम सात संरचनात्मक चिह्नों (एलटीआर (LTR), टीएआर (TAR), आरआरई (RRE), पीई (PE), एसएलआईपी (SLIP), सीआरएस (CRS) और आईएनएस (INS)) और नौ जीन (''जीएजी (gag)'', ''पीओएल (pol)'', और ''ईएनवी (env)'', ''टीएटी (tat)'', ''आरईवी (rev)'', ''एनईएफ (nef)'', ''वीआईएफ (vif)'', ''वीपीआर (vpr)'', ''वीपीयू (vpu)'', और कभी-कभी दसवां ''टीईवी (tev)'', जो कि टीएटी (tat), ईएनवी (env) और आरईवी (rev) का गलन होता है) से मिलकर बना होता है, जो 19 प्रोटीनों को कूटबद्ध करते हैं। इनमें से तीन जीन, ''जीएजी (gag)'', ''पीओएल (pol)'', और ''ईएनवी (env)'', में नए जीवाणु कणों के लिये संरचनात्मक प्रोटीन बनाने के लिये आवश्यक जानकारी होती है।<ref name="compendia" /> उदाहरण के लिये, ''ईएनवी (env)'' द्वारा जीपी160 (gp160) नामक एक प्रोटीन को कूटबद्ध किया जाता है, जिसका विघटन करके एक जीवाण्विक किण्वक जीपी120 (gp120) व जीपी41 (gp41) की रचना करता है। शेष छः जीन, ''टीएटी (tat)'', ''आरईवी (rev)'', ''एनईएफ (nef)'', ''वीआईएफ (vif)'', ''वीपीआर (vpr)'', और ''वीपीयू (vpu)'' (या एचआईवी-2 (HIV-2) की स्थिति में ''वीपीएक्स (vpx)''), कोशिकाओं को संक्रमित करने, जीवाणु की नई प्रतिलिपियां बनाने (दोहराने) अथवा बीमारी उत्पन्न करने की एचआईवी (HIV) की क्षमता को नियंत्रित करने वाले प्रोटीन के लिये नियामक जीन हैं।<ref name="compendia" /> दो टीएटी (Tat) प्रोटीन (पी16 (p16) और पी14 (p14)) टीएआर (TAR) आरएनए (RNA) बंध के द्वारा कार्य करने वाले एएलटीआर (LTR) प्रचारक के लिये ट्रांस्क्रिप्शनल ट्रांसैक्टिवेटर हैं। टीएआर (TAR) को उन माइक्रोआरएनए (microRNAs) में भी प्रसंस्करित किया जा सकता है, जो ईआरसीसीआई1 (ERCC1) और आईईआर3 (IER3) एपोप्टॉसिस जीनों का नियमन करते है।<ref name="pmid18299284">{{cite journal |author=Ouellet DL, Plante I, Landry P, ''et al.'' |title=Identification of functional microRNAs released through asymmetrical processing of HIV-1 TAR element |journal=Nucleic Acids Res. |volume=36 |issue=7 |pages=2353–65 |year=2008 |month=April |pmid=18299284 |pmc=2367715 |doi=10.1093/nar/gkn076 |url=http://nar.oxfordjournals.org/cgi/content/full/36/7/2353 |access-date=31 अगस्त 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190919075621/https://academic.oup.com/nar/article/36/7/2353/2410239 |archive-date=19 सितंबर 2019 |url-status=live }}</ref><ref name="pmid19220914">{{cite journal |author=Klase Z, Winograd R, Davis J, ''et al.'' |title=HIV-1 TAR miRNA protects against apoptosis by altering cellular gene expression |journal=Retrovirology |volume=6 |issue= |page=18 |year=2009 |pmid=19220914 |pmc=2654423 |doi=10.1186/1742-4690-6-18 |url=http://www.retrovirology.com/content/6/1/18 |access-date=31 अगस्त 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130404030636/http://www.retrovirology.com/content/6/1/18 |archive-date=4 अप्रैल 2013 |url-status=dead }}</ref> आरईवी (Rev) प्रोटीन (पी19) (p19) आरआरई (RRE) आरएनए (RNA) तत्व के साथ बांधकर आरएनए (RNA) को इसके केंद्र तथा कोशिकाद्रव्य से ले जाने में शामिल होता है। वीआईएफ (Vif) प्रोटीन (पी23) (p23) एपीओबीईसी3जी (APOBEC3G) (एक कोशिका प्रोटीन, जो डीएनए:आरएनए (DNA:RNA) संकरों को डीमिनेट करता है और/या पीओएल (Pol) प्रोटीन के साथ हस्तक्षेप करता है) के कार्य को रोकता है। वीपीआर (Vpr) प्रोटीन (पी14) (p14) जी2/एम (G2/M) पर कोशिका-विभाजन को रोकता है। एनईएफ (Nef) प्रोटीन (पी27) (p27) सीडी4 (CD4) (मुख्य जीवाण्विक अभिग्राहक), तथा साथ ही एमएचसी श्रेणी I (class I) व श्रेणी II (class II) अणुओं का शीघ्र-नियनम करता है।<ref name="pmid2014052">{{cite journal |author=Garcia JV, Miller AD |title=Serine phosphorylation-independent downregulation of cell-surface CD4 by nef |journal=Nature |volume=350|issue=6318 |pages=508–11 |year=1991 |month=April |pmid=2014052 |doi=10.1038/350508a0|url=https://archive.org/details/sim_nature-uk_1991-04-11_350_6318/page/508}}</ref><ref name="pmid8612235">{{cite journal |author=Schwartz O, Maréchal V, Le Gall S, Lemonnier F, Heard JM |title=Endocytosis of major histocompatibility complex class I molecules is induced by the HIV-1 Nef protein |journal=Nat. Med. |volume=2 |issue=3 |pages=338–42 |year=1996|month=March |pmid=8612235 |doi= 10.1038/nm0396-338|url=}}</ref><ref name="pmid11593029">{{cite journal |author=Stumptner-Cuvelette P, Morchoisne S, Dugast M, ''et al.'' |title=HIV-1 Nef impairs MHC class II antigen presentation and surface expression |journal=Proc. Natl. Acad. Sci. U.S.A.|volume=98 |issue=21 |pages=12144–9 |year=2001 |month=October |pmid=11593029 |pmc=59782|doi=10.1073/pnas.221256498 |url=}}</ref> एनईएफ (Nef) एसएच3 (SH3) डोमेन के साथ भी अंतःक्रिया करता है। वीपीयू (Vpu) प्रोटीन (पी16) (p16) संक्रमित कोशिकाओं से नए जीवाणु कणों की मुक्ति को प्रभावित करता है।<ref name="compendia" /> एचआईवी (HIV) आरएनए (RNA) की प्रत्येक श्रृंखला के छोर पर एक आरएनए (RNA) क्रम होता है, जिसे लॉन्ग टर्मिलन रीपीट (long terminal repeat) (एलटीआर) (LTR) कहते हैं। एलटीआर (LTR) वाले क्षेत्र नए जीवाणुओं के उत्पादन को नियंत्रित करने वाले परिवर्तकों की तरह कार्य करते हैं और उन्हें एचआईवी (HIV) के या मेजबान कोशिका के प्रोटीनों के द्वारा सक्रिय किया जा सकता है। पीएसआई (Psi) तत्व जीवाण्विक जीनोम पैकेजिंग में शामिल होता है और इसकी पहचान जीएजी (Gag) और आरईवी (Rev) प्रोटीनों द्वारा की जाती है। स्लिप (SLIP) तत्व (टीटीटीटीटी) (TTTTTT) कार्यात्मक पीओएल (Pol) बनाने के लिये आवश्यक जीएजी (Gag)-पीओएल (Pol) वाचन फ्रेम में फ्रेम परिवर्तन में शामिल होता है।<ref name="compendia" /> === अनुवर्तन === {{Main|HIV tropism}} जीवाण्विक अनुवर्तन शब्दावली इस बात का उल्लेख करती है कि एचआईवी (HIV) किन कोशिका प्रकारों को संक्रमित करता है। एचआईवी (HIV) अनेक प्रकार की प्रतिरोधी कोशिकाओं को संक्रमित कर सकता है, जैसे सीडी4<sup>+</sup> टी कोशिकाएं (CD4<sup>+</sup> T cells), मैक्रोफेजेस (macrophages) और माइक्रोग्लायल (microglial) कोशिकाएं. मैक्रोफेजेस (macrophages) और सीडी4<sup>+</sup> टी (CD4<sup>+</sup> T) में एचआईवी-1 (HIV-1) के प्रवेश के लिये लक्ष्यित कोशिका पर वायरिऑन आवरण ग्लाइकोप्रोटीन (जीपी120) की सीडी4 (CD4) अणुओं के साथ तथा केमोकाइन सहाभिग्राहकों के साथ होने वाली अंतःक्रिया के द्वारा मध्यस्थता की जाती है।<ref name="Chan" /> एचआईवी-1 (HIV-1) के मैक्रोफेज (एम-अनुवर्ती) (M-tropic) खिंचाव (strains) या नॉन-सिंसिटा-इंड्यूसिंग खिंचाव (non-syncitia-inducing strains) (एनएसआई) (NSI) प्रवेश के लिये ''β'' -केमोकाइन अभिग्राहक सीसीआर5 (CCR5) का प्रयोग करते हैं और इस प्रकार मैक्रोफेजों में तथा सीडीआर4<sup>+</sup> टी कोशिकाओं (CDR4<sup>+</sup> T cells) में प्रतिलिपि बना पाने में सक्षम हो जाते हैं।<ref name="Coakley">{{ cite journal | author=Coakley, E., Petropoulos, C. J. and Whitcomb, J. M. | title=Assessing ch vbgemokine co-receptor usage in HIV | journal=Curr. Opin. Infect. Dis. | year=2005 | pages=9–15 | volume=18 | issue=1 | pmid=15647694 |format= | doi=10.1097/00001432-200502000-00003 }}</ref> इस सीसीआर5 (CCR5) सहाभिग्राहक का प्रयोग लगभग सभी प्रथामिक एचआईवी-1 विलगों (isolates) द्वारा जीवाण्विक जेनेटिक उप-प्रकार से निरपेक्ष रहते हुए किया जाता है। वस्तुतः मैक्रोफेज एचआईवी (HIV) संक्रमण के अनेक पहलुओं में एक मुख्य भूमिका निभाते हैं। वे एचआईवी (HIV) द्वारा संक्रमित की जाने वाली पहली कोशिकाएं प्रतीत होते हैं और संभवतः वे मरीज में सीडी4<sup>+</sup> कोशिकाओं (CDR4<sup>+</sup> T cells) की कमी हो जाने पर एचआईवी (HIV) के उत्पादन का स्रोत भी हैं। मैक्रोफेज और माइक्रोग्लायल कोशिकाएं एचआईवी (HIV) द्वारा केंद्रीय स्नायु तंत्र में संक्रमित की जाने वाली कोशिकाएं हैं। एचआईवी (HIV) संक्रमित मरीजों की गलतुण्डिकाओं (tonsils) तथा ग्रंथ्याभों (adenoids) में, मैक्रोफेज बहु-केंद्रीकृत विशाल कोशिकाओं में संगलित हो जाता है, जो जीवाणु की बड़ी मात्राएं उत्पन्न करती हैं। टी-अनुवर्ती विलग (T-tropic isolates), या सिंसिटा-इंड्यूसिंग (syncitia-inducing) (एसआई) (SI) खिंचाव (strains) प्राथमिक सीडी4<sup>+</sup> टी (CD4<sup>+</sup> T) कोशिकाओं तथा साथ ही मैक्रोफेजों में प्रतिलिपि बनाते हैं और प्रवेश के लिये ''α'' -केमोकाइन अभिग्राहक, सीएक्ससीआर4 (CXCR4), का प्रयोग करते हैं।<ref name="Coakley" /><ref name="Deng"> {{cite journal | author=Deng H, Liu R, Ellmeier W, Choe S, Unutmaz D, Burkhart M, Di Marzio P, Marmon S, Sutton RE, Hill CM, Davis CB, Peiper SC, Schall TJ, Littman DR, Landau NR. | title=Identification of a major co-receptor for primary isolates of HIV-1 | url=https://archive.org/details/sim_nature-uk_1996-06-20_381_6584/page/n45 | journal=Nature | year=1996 | pages=661–6 | volume=381 | issue=6584 | pmid=8649511 | doi=10.1038/381661a0 }}</ref><ref name="Feng"> {{cite journal | author=Feng Y, Broder CC, Kennedy PE, Berger EA. | title=HIV-1 entry cofactor: functional cDNA cloning of a seven-transmembrane, G protein-coupled receptor | url=https://archive.org/details/sim_science_1996-05-10_272_5263/page/872 | journal=Science | year=1996 | pages=872–7 | volume=272 | issue=5263 | pmid=8629022 | doi=10.1126/science.272.5263.872 }}</ref> एचआईवी-1 (HIV-1) के दोहरे-अनुवर्ती खिंचावों को एचआईवी-1 (HIV-1) के पारगमन खिंचाव माना जाता है और इस प्रकार वे जीवाण्विक प्रवेश के लिये सीसीआर5 (CCR5) और सीएक्ससीआर4 (CXCR4) दोनों का प्रयोग सहाभिग्राहकों के रूप में कर पाने में सक्षम होते हैं। ''α'' -केमोकाइन एसडीएफ-1 (SDF-1), सीएक्ससीआर4 (CXCR4) के लिये एक बंध (ligand), टी-अनुवर्ती (T-tropic) एचआईवी-1 (HIV-1) विलगों की प्रतिलिपि को रोकता है। ऐसा वह इन कोशिकाओं की सतह पर सीएक्ससीआर4 (CXCR4) की अभिव्यक्ति के शीघ्र-नियमन द्वारा करता है। केवल सीसीआर5 (CCR5) अभिग्राहक का प्रयोग करनेवाले एचआईवी (HIV) को आर5 (R5) कहा जाता है; जो केवल सीएक्ससीआर4 (CXCR4) का प्रयोग करते हैं, उन्हें एक्स4 (X4) कहा जाता है और जो दोनों का प्रयोग करते हैं, वे एक्स4आर5 (X4R5) कहलाते हैं। हालांकि, केवल सहाभिग्राहकों का प्रयोग जीवाण्विक अनुवर्तन की व्याख्या नहीं करता क्योंकि सभी आर5 (R5) जीवाणु एक उत्पादक संक्रमण के लिये मैक्रोफेक पर सीसीआर5 (CCR5) का प्रयोग कर पाने में सक्षम नहीं होते<ref name="Coakley" /> और एचआईवी (HIV) मायलॉइड डेंड्राइटिक कोशिकाओं (myeloid dendritic cells) के एक उप-प्रकार को भी संक्रमित कर सकता है,<ref name="Knight"> {{cite journal | author=Knight, S. C., Macatonia, S. E. and Patterson, S. | title=HIV I infection of dendritic cells | journal=Int. Rev. Immunol. | year=1990 | pages=163–75 | volume=6 | issue=2-3 | pmid=2152500 | doi=10.3109/08830189009056627 }}</ref> जो संभवतः एक भण्डार का निर्माण करती है, जो सीडीआर4<sup>+</sup> टी (CD4<sup>+</sup> T) कोशिकाओं की संख्या अत्यधिक निम्न स्तरों पर पहुंच जाने पर संक्रमण को बनाए रखता है। कुछ लोग एचआईवी (HIV) के विशिष्ट खिंचावों के प्रति प्रतिरोधी होते हैं।<ref name="Tang">{{ cite journal | author=Tang, J. and Kaslow, R. A. | title=The impact of host genetics on HIV infection and disease progression in the era of highly active antiretroviral therapy | journal=AIDS | year=2003 | pages=S51–S60 | volume=17 | issue=Suppl 4 | pmid=15080180 | doi=10.1097/00002030-200317004-00006 }}</ref> उदाहरण के लिये सीसीआर5-Δ32 (CCR5-Δ32) परिवर्तन वाले लोग आर5 जीवाणु के साथ संक्रमण के प्रति प्रतिरोधी होते हैं क्योंकि यह परिवर्तन एचआईवी (HIV) को इस सहाभिग्राहक से बंधने से रोकता है, जिससे लक्ष्य कोशिकाओं को संक्रमित करने की इसकी क्षमता घटती है। [[मैथुन|यौन-संपर्क]] एचआईवी (HIV) के संचरण का मुख्य माध्यम है। एक्स4 (X4) और आर5 (R5) दोनों ही एचआईवी (HIV) वीर्य के द्रव में उपस्थित होते हैं, जो पुरुष से उसके यौन-साथी में भेजा जाता है। इसके बाद वायरिऑन अनेक कोशिकामय लक्ष्यों को संक्रमित कर सकता है और पूरे जीव में बिखर जाता है। हालांकि इसके मार्ग से आर5 (R5) जीवाणु का प्रबल संचरण एक चयन प्रक्रिया के परिणामस्वरूप होता है।<ref name="Zhu1993"> {{cite journal | author=Zhu T, Mo H, Wang N, Nam DS, Cao Y, Koup RA, Ho DD. | title=Genotypic and phenotypic characterization of HIV-1 patients with primary infection | url=https://archive.org/details/sim_science_1993-08-27_261_5125/page/n93 | journal=Science | year=1993 | pages=1179–81 | volume=261 | issue=5125 | pmid=8356453 | doi=10.1126/science.8356453 }}</ref><ref name="Wout"> {{cite journal | author=van’t Wout AB, Kootstra NA, Mulder-Kampinga GA, Albrecht-van Lent N, Scherpbier HJ, Veenstra J, Boer K, Coutinho RA, Miedema F, Schuitemaker H. | title=Macrophage-tropic variants initiate human immunodeficiency virus type 1 infection after sexual, parenteral, and vertical transmission | journal=J Clin Invest | year=1994 | pages=2060–7 | volume=94 | issue=5 | pmid=7962552 | doi=10.1172/JCI117560 | pmc=294642 }}</ref><ref name="Zhu1996"> {{cite journal | author=Zhu T, Wang N, Carr A, Nam DS, Moor-Jankowski R, Cooper DA, Ho DD. | title=Genetic characterization of human immunodeficiency virus type 1 in blood and genital secretions: evidence for viral compartmentalization and selection during sexual transmission | journal=J Virol | year=1996 | pages=3098–107 | volume=70 | issue=5 | pmid=8627789 | pmc=190172 }}</ref> यह अभी भी शोध का विषय है कि यह चयन प्रक्रिया किस प्रकार कार्य करती है, लेकिन एक मॉडल यह है कि शुक्राणु चयनात्मक रूप से आर5 एचआईवी को वहन कर सकते हैं क्योंकि वे अपनी सतह पर सीसीआर3 (CCR3) और सीसीआर5 (CCR5) दोनों पर प्रक्रिया करते हैं, लेकिन सीएक्सआर4 (CXCR4) पर नहीं<ref name="Muciaccia"> {{cite journal | author=Muciaccia B, Padula F, Vicini E, Gandini L, Lenzi A, Stefanini M. | title=Beta-chemokine receptors 5 and 3 are expressed on the head region of human spermatozoon | url=https://archive.org/details/sim_faseb-journal_2005-12_19_14/page/2048 | journal=FASEB J | year=2005 | pages=2048–50 | volume=19 | issue=14 | pmid=16174786 | doi=10.1096/fj.05-3962fje }}</ref> और जननांग की उपकला की कोशिकाएं एक्स4 (X4) जीवाणु को प्रमुखता से अलग करती हैं।<ref name="Berlier"> {{cite journal | author=Berlier W, Bourlet T, Lawrence P, Hamzeh H, Lambert C, Genin C, Verrier B, Dieu-Nosjean MC, Pozzetto B, Delezay O. | title=Selective sequestration of X4 isolates by human genital epithelial cells: Implication for virus tropism selection process during sexual transmission of HIV | journal=J Med Virol. | year=2005 | pages=465–74 | volume=77 | issue=4 | pmid=16254974 | doi=10.1002/jmv.20478 }}</ref> उप-प्रकार बी एचआईवी-1 (B HIV-1) से संक्रमित मरीजों में, अक्सर बीमारी के अनुवर्ती-चरण में सहाभिग्राहक में एक परिवर्तन देखा जाता है और टी-अनुवर्ती (T-tropic) संस्करण दिखाई देते हैं, जो सीएक्ससीआर4 (CXCR4) के माध्यम से अनेक प्रकार की टी (T) कोशिकाओं को संक्रमित कर सकते हैं।<ref name="Clevestig"> {{cite journal | author=Clevestig P, Maljkovic I, Casper C, Carlenor E, Lindgren S, Naver L, Bohlin AB, Fenyo EM, Leitner T, Ehrnst A. | title=The X4 phenotype of HIV type 1 evolves from R5 in two children of mothers, carrying X4, and is not linked to transmission | journal=AIDS Res Hum Retroviruses | year=2005 | pages=371–8 | volume=5 | issue=21 | pmid=15929699 | doi=10.1089/aid.2005.21.371 }}</ref> अब ये संस्करण उच्च विषाक्तता के साथ अधिक आक्रामक रूप से प्रतिलिपि बनाते हैं, जिससे टी (T) कोशिकाओं की संख्या में तीव्र गिरावट आती है, प्रतिरोध तंत्र ध्वस्त हो जाता है और अवसरवादी संक्रमण उत्पन्न होते हैं, जो एड्स (AIDS) के आगमन का संकेत हैं।<ref name="Moore"> {{cite journal | author=Moore JP.| title=Coreceptors: implications for HIV pathogenesis and therapy | url=https://archive.org/details/sim_science_1997-04-04_276_5309/page/50| journal=Science | year=1997 | pages=51–2 | volume=276 | issue=5309 | pmid=9122710 | doi=10.1126/science.276.5309.51 }}</ref> इस प्रकार, संक्रमण की इस यात्रा में, सीसीआर5 (CCR) की बजाय सीएक्ससीआर4 (CXCR4) के प्रयोग का जीवाण्विक अनुकूलन एड्स (AIDS) तक प्रगति में एक मुख्य चरण हो सकता है। उप-प्रकार बी (B) से संक्रमित व्यक्तियों पर किये गये अनेक अध्ययनों ने यह निर्धारित किया है कि एड्स (AIDS) के 40 से 50% मरीज़ एसआई (SI) और संभवतः एक्स4 (X4) फेनोटाइप के जीवाणुओं को आश्रय दे सकते हैं।<ref name="Karlsson"> {{cite journal | author=Karlsson A, Parsmyr K, Aperia K, Sandstrom E, Fenyo EM, Albert J.| title=MT-2 cell tropism of human immunodeficiency virus type 1 isolates as a marker for response to treatment and development of drug resistance | url=https://archive.org/details/sim_journal-of-infectious-diseases_1994-12_170_6/page/1367| journal=J Infect Dis. | year=1994 | pages=1367–75 | volume=170 | issue=6 | pmid=7995974 }}</ref><ref name="Koot"> {{cite journal | author=Koot M, van 't Wout AB, Kootstra NA, de Goede RE, Tersmette M, Schuitemaker H.| title=Relation between changes in cellular load, evolution of viral phenotype, and the clonal composition of virus populations in the course of human immunodeficiency virus type 1 infection | url=https://archive.org/details/sim_journal-of-infectious-diseases_1996-02_173_2/page/349| journal=J Infect Dis. | year=1996 | pages=349–54 | volume=173 | issue=2 | pmid=8568295 }}</ref> एचआईवी-1 (HIV-1) की तुलना में एचआईवी-2 (HIV-2) बहुत कम रोगजनक होता है और इसका विश्वव्यापी वितरण सीमित है। एचआईवी-2 (HIV-2) द्वारा “सहायक जीनों” का अनुकूलन और सहाभिग्राहकों के प्रयोग का इसका अधिक प्रकीर्ण पैटर्न (सीडी4 (CD4)-स्वतंत्रता सहित) जीवाणु की सहायता इसके अनुकूलन में कर सकता है, ताकि मेजबान कोशिका में उपस्थित अंतर्जात कारकों से बचा जा सके। संचरण और उत्पादक संक्रमण को सक्षम बनाने के लिये सामान्य कोशिकामय यांत्रिकी के प्रयोग के अनुकूलन ने भी मनुष्यों में एचआईवी-2 (HIV-2) के दोहराव की स्थापना में सहायता की है। किसी भी संक्रामक दूत के लिये बचाव रणनीति अपने मेजबान मारना नहीं, बल्कि अंततः एक सहभोजी जीव बन जाना होती है। समय के साथ-साथ निम्न रोगात्मकता प्राप्त कर लेने पर, संचरण में अधिक सफल संस्करण को चुना जाएगा.<ref name="CheneyandMcKnight">{{cite book |author= Cheney, K and McKnight, A|chapter=HIV-2 Tropism and Disease | year=2010 |title=Lentiviruses and Macrophages: Molecular and Cellular Interactions |url= https://archive.org/details/lentivirusesmacr0000unse| publisher=[[Caister Academic Press]] | isbn= 978-1-904455-60-8}}</ref> === प्रतिलिपि चक्र === [[चित्र:HIV gross cycle only.png|right|thumb|220px|एचआईवी (HIV) के नकल चक्र]] ==== कोशिका में प्रवेश ==== एचआईवी (HIV) अभिग्राहकों की ओर स्थित इसकी सतह पर ग्लाइकोप्रोटीनों के अधिशोषण के द्वारा मैक्रोफेजों (macrophages) और सीडी4<sup>+</sup> टी कोशिकाओं (CD4<sup>+</sup> T cells) में प्रवेश करता है और इसके बाद जीवाण्विक आवरण कोशिका के मेम्ब्रेन के साथ संगलित हो जाता है तथा एचआईवी (HIV) कैप्सिड को कोशिका में छोड़ दिया जाता है।<ref name="Chan2">{{cite journal |author=Chan D, Kim P |title=HIV entry and its inhibition |url=https://archive.org/details/cell_1998-05-29_93_5/page/681 |journal=Cell |volume=93 |issue=5 |pages=681–4 |year=1998 |pmid=9630213 |doi=10.1016/S0092-8674(00)81430-0}}</ref><ref name="Wyatt">{{cite journal |author=Wyatt R, Sodroski J |title=The HIV-1 envelope glycoproteins: fusogens, antigens, and immunogens |url=https://archive.org/details/sim_science_1998-06-19_280_5371/page/n82 |journal=Science |volume=280 |issue=5371 |pages=1884–8 |year=1998 | doi=10.1126/science.280.5371.1884 |pmid=9632381}}</ref> कोशिका में प्रवेश की शुरुआत कोशिका की सतह पर सीडी4 (CD4) और एक केमोकाइन अभिग्राहक (सामान्यतः सीसीआर5 (CCR5) या सीएक्ससीआर4 (CXCR4), लेकिन अन्य द्वारा प्रतिक्रिया किया जाना भी ज्ञात हुआ है) दोनों के साथ ट्राइमेरिक आवरण कॉम्प्लेक्स (जीपी160 स्पाइक) (gp160 spike) की अंतःक्रिया के माध्यम से शुरु होती है।<ref name="Chan2" /><ref name="Wyatt" /> जीपी120 (gp120) इंटेग्रिन α<sub>4</sub>β<sub>7</sub> का सक्रियण करने वाले एलएफए-1 (LFA-1), जीवाण्विक सुत्रयुग्मनों की स्थापना में शामिल केंद्रीय इंटेग्रिन, से बंधता है, जो कोशिका-से-कोशिका में एचआईवी-1 (HIV-1) के दक्षतापूर्वक फैलाव को सरल बनाता है।<ref name="Arthos">{{cite journal |author=Arthos J, Cicala C, Martinelli E, Macleod K, Van Ryk D, Wei D, Xiao Z, Veenstra TD, Conrad TP, Lempicki RA, McLaughlin S, Pascuccio M, Gopaul R, McNally J, Cruz CC, Censoplano N, Chung E, Reitano KN, Kottilil S, Goode DJ, Fauci AS. |title=HIV-1 envelope protein binds to and signals through integrin alpha(4)beta(7), the gut mucosal homing receptor for peripheral T cells |journal=Nature Immunol. |volume=In Press |issue= 3|page= 301|year=2008|pmid=18264102 |doi=10.1038/ni1566}}</ref> जीपी160 (gp160) स्पाइक में सीडी4 तथा केमोकाइन अभिग्राहकों, दोनों के लिये बंधक डोमेन होते हैं।<ref name="Chan2" /><ref name="Wyatt" /> संगलन के पहले चरण में जीपी120 (gp120) के सीडी4 (CD4) बंधक डोमेनों का सीडी4 (CD4) के साथ उच्च-सादृश्य युक्त जुड़ाव शामिल होता है। एक बार जब जीपी120 (gp120) सीडी4 (CD4) प्रोटीन के साथ बंध जाता है, तो आवरण कॉम्प्लेक्स में एक संरचनात्मक परिवर्तन होता है, जिसके द्वारा जीपी120 (gp120) के केमोकाइन बंधक डोमेन उजागर हो जाते हैं और उन्हें लक्ष्य के केमोकाइन अभिग्राहकों के साथ अंतःक्रिया करने का मौका मिलता है।<ref name="Chan2" /><ref name="Wyatt" /> इस कारण एक अधिक स्थिर दो-कांटों वाले जुड़ाव का निर्माण होता है, जो एन (N) -टर्मिनल संगलन पेप्टाइड जीपी41 (gp41) को कोशिका के मेम्ब्रेन का भेदन करने की अनुमति देता है।<ref name="Chan2" /><ref name="Wyatt" /> इसके बाद जीपी41 (gp41) में मौजूद दोहराव क्रम, एचआर1 (HR1) और एचआर2 (HR2) अंतःक्रिया करते हैं, जिससे जीपी41 (gp41) का कोशिकाबाह्य भाग एक हेयरपिन के आकार में सिकुड़ जाता है। यह चक्राकार संरचना जीवाणु और कोशिका मेम्ब्रेन को एक दूसरे के निकट ले आती है, जिससे मेम्ब्रेनों के संगलन और परिणामित जीवाण्विक कैप्सिड के प्रवेश का मौका मिलता है।<ref name="Chan2" /><ref name="Wyatt" /> एक बार जब एचआईवी (HIV) लक्ष्य कोशिका से बंध जाता है, तो एचआईवी (HIV) [[राइबोज़ न्यूक्लिक अम्ल|आरएनए (RNA)]] और विभिन्न किण्वक, रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेस (reverse transcriptase), इंटीग्रेस (integrase), राइबोन्यूक्लियेस (ribonuclease) और प्रोटिएस (protease) सहित, कोशिका में प्रविष्ट किये जाते हैं।<ref name="Chan2" /> केंद्र की ओर माइक्रोट्युब्युल (microtubule) आधारित परिवहन के दौरान, एकल-तंतु वाले जीवाण्विक आरएनए (RNA) जीनोम को दोहरे-तंतु वाले डीएनए (DNA) में ट्रांस्क्राइब कर दिया जाता है, जिसे आगे मेजबान गुणसूत्र में एकीकृत किया जाता है। एचआईवी (HIV) इस सीडी4 (CD4)- सीसीआर5 (CCR5) मार्ग के द्वारा द्रुमाश्म की कोशिकाओं (dendritic cells) (डीसी) (DCs) को संक्रमित कर सकता है, लेकिन मैननोस–विशिष्ट सी (C)-प्रकार के लैक्टिन अभिग्राहकों, जैसे डीसी-साइन (DC-SIGN) का प्रयोग करते हुए एक अन्य मार्ग का प्रयोग भी किया जा सकता है।<ref name="Pope_2003">{{cite journal |author=Pope M, Haase A |title=Transmission, acute HIV-1 infection and the quest for strategies to prevent infection |journal=Nat Med |volume=9 |issue=7 |pages=847–52 |year=2003 |pmid=12835704 |doi=10.1038/nm0703-847}}</ref> (डीसी) (DCs) उन शुरुआती कोशिकाओं में से हैं, जिनसे किसी यौन संचरण के दौरान जीवाणु का सामना होता है। वर्तमान में ऐसा माना जाता है कि (डीसी) (DCs) द्वारा जब जीवाणु को श्लेष्मक में जकड़ लिया जाता है, तो वे टी (T)-कोशिकाओं में एचआईवी (HIV) का संचरण करके एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।<ref name="Pope_2003" /> ऐसा विश्वास है कि एफईज़ेड-1 (FEZ-1) की उपस्थिति, जो प्राकृतिक रूप से तंत्रिकाकोशिकाओं (neurons) में होती है, एचआईवी (HIV) द्वारा कोशिका के संक्रमण को रोकती है।<ref>{{cite doi|10.1073/pnas.0900502106}}</ref> ==== दोहराव और ट्रांस्क्रिप्शन ==== जीवाण्विक कैप्सिड द्वारा कोशिका में प्रवेश करने के कुछ ही समय बाद, ''रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेस (reverse transcriptase)'' नामक एक किण्वक एकल-रेशे वाले (+)[[राइबोज़ न्यूक्लिक अम्ल|आरएनए (RNA)]] जीनोम को संबंधित जीवाण्विक प्रोटीनों से मुक्त करता है और एक पूरक डीएनए (सीडीएनए) (cDNA) अणु में इसकी प्रतिलिपि बनाता है।<ref name="Zheng">{{cite journal | author=Zheng, Y. H., Lovsin, N. and Peterlin, B. M. | title=Newly identified host factors modulate HIV replication | journal=Immunol. Lett. | year=2005 | pages=225–34 | volume=97 | issue=2 | pmid=15752562 | doi=10.1016/j.imlet.2004.11.026}}</ref> रिवर्स ट्रांस्क्रिप्शन की प्रक्रिया में त्रुटि उत्पन्न होने की बहुत अधिक संभावना होती है और परिणामस्वरूप प्राप्त होने वाला परिवर्तन दवाओं के विरुद्ध प्रतिरोध उत्पन्न कर सकता है या जीवाणु को शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र से बच निकलने का मौका दे सकता है। रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेस में राइबोन्युक्लियस गतिविधि, जो सीडीएनए (cDNA) के संश्लेषण के दौरान जीवाण्विक डीएनए (DNA) का स्तर घटा देती है, तथा साथ ही डीएनए (DNA) पर निर्भर डीएनए (DNA) बहुलक गतिविधि, जो ''एंटीसेन्स'' सीडीएनए (antisense cDNA) से एक सेन्स डीएनए (sense DNA) का निर्माण करती है, भी होती है।<ref>[http://student.ccbcmd.edu/courses/bio141/lecguide/unit3/viruses/hivlc.html डॉक्टर कैसर का सूक्ष्मजैविकी गृह पृष्ठ > चतुर्थ. वाईरसेस > एफ अनिमल वाइरस लाईफ साईकल > 3] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100726222939/http://student.ccbcmd.edu/courses/bio141/lecguide/unit3/viruses/hivlc.html |date=26 जुलाई 2010 }}.[http://student.ccbcmd.edu/courses/bio141/lecguide/unit3/viruses/hivlc.html द लाइफ साइकल ऑफ़ एचआईवी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100726222939/http://student.ccbcmd.edu/courses/bio141/lecguide/unit3/viruses/hivlc.html |date=26 जुलाई 2010 }} बाल्टीमोर काउंटी के सामुदायिक कॉलेज. अद्यतन: जनवरी 2008</ref> सीडीएनए (cDNA) और इसका पूरक एक साथ मिलकर एक दोहरे-रेशे वाले जीवाण्विक डीएनए (DNA) का निर्माण करते हैं, जिसे इसके बाद कोशिका के केंद्र में भेजा जाता है। मेजबान कोशिका के जीनोम में जीवाण्विक डीएनए (DNA) का एकीकरण एक अन्य जीवाण्विक किण्वक द्वारा होता है, जिसे ''इंटीग्रेस (integrase)'' कहते हैं।<ref name="Zheng" /> [[चित्र:Reverse Transcription.png|thumb|right|220px|डबल भूग्रस्त डीएनए (DNA) में एचआईवी (HIV) के जीनोम के रिवर्स प्रतिलेखन]] अब यह एकीकृत जीवाण्विक डीएनए (DNA) एचआईवी (HIV) संक्रमण के दीर्घकालिक चरण में निष्क्रिय पड़ा रह सकता है।<ref name="Zheng" /> सक्रिय रूप से जीवाणु को उत्पन्न करने के लिये विशिष्ट कोशिकीय ट्रांस्क्रिप्शन कारकों का उपस्थित होना आवश्यक होता है, जिनमें से सर्वाधिक महत्वपूर्ण एनएफ़केबी (NF-''κ'' B) (एनएफ काप्पा बी) (NF kappa B) है, जिसका उच्च-नियमन टी (T)-कोशिका के सक्रिय होने पर किया जाता है।<ref name="Hiscott">{{cite journal | author=Hiscott J, Kwon H, Genin P. | title=Hostile takeovers: viral appropriation of the NF-kappaB pathway | journal=J Clin Invest. | year=2001 | pages=143–151 | volume=107 | issue=2 | pmid=11160127 | doi=10.1172/JCI11918 | pmc=199181 }}</ref> इसका अर्थ यह है कि वर्तमान में जो कोशिकाएं संक्रमण का मुकाबला कर रही हैं, उन्हें एचआईवी (HIV) द्वारा नष्ट किये जाने की सर्वाधिक संभावना है। जीवाण्विक दोहराव के दौरान, एकीकृत डीएनए (DNA) प्रोवायरस (provirus) एमआरएनए (mRNA) में ट्रांस्क्राइब होता है, जिसे इसके बाद छोटे-छोटे टुकड़ों में जोड़ा जाता है। ये छोटे टुकड़े केंद्र से कोशिकाद्रव्य में भेजे जाते हैं, जहां उन्हें नियामक प्रोटीन टीएटी (Tat) (जो नए जीवाणुओं के उत्पादन को प्रोत्साहित करता है) और आरईवी (Rev) में अनुवादित किया जाता है। जब यह नवनिर्मित आरईवी (Rev) प्रोटीन केंद्र में एकत्रित हो जाता है, तो यह जीवाण्विक एमआरएनए (mRNAs) से जुड़ता है और टुकड़ों में न जोड़े गए (unspliced) आरएनए (RNAs) को केंद्र से चले जाने की अनुमति देता है, जहां वे अन्यथा टुकड़ों में जोड़े जाने तक बने रहते हैं।<ref name="Pollard"> {{cite journal | author=Pollard, V. W. and Malim, M. H. | title=The HIV-1 Rev protein | url=https://archive.org/details/sim_annual-review-of-microbiology_1998_52/page/491 | journal=Annu. Rev. Microbiol. | year=1998 | pages=491–532 | volume=52 | issue= | pmid=9891806 | doi=10.1146/annurev.micro.52.1.491 }}</ref> इस चरण में, पूर्ण-लंबाई वाले एमआरएनए (mRNA) से संरचनात्मक प्रोटीन जीएजी (Gag) और ईएनवी (Env) उत्पन्न किये जाते हैं। पूर्ण-लंबाई वाला आरएनए (RNA) वस्तुतः जीवाणु जीनोम होता है; यह जीएजी (Gag) प्रोटीन से बंधता है और इसे नए जीवाणु कणों में रखा जाता है। ऐसा प्रतीत होता है कि एचआईवी-1 (HIV-1) और एचआईवी-2 (HIV-2) अपने आरएनए (RNA) को अलग-अलग ढंग से भरते हैं; एचआईवी-1 (HIV-1) किसी भी उपयुक्त आरएनए (RNA) से बंध जाएगा, जबकि एचआईवी-2 (HIV-2) मुख्यतः उस एमआरएनए (mRNA) से बंधेगा, जिसका प्रयोग स्वतः जीएजी (Gag) प्रोटीन के निर्माण के लिये किया गया था। इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि एचआईवी-1 (HIV-1) परिवर्तित हो पाने में बेहतर ढंग से सक्षम होता है (एचआईवी-1 (HIV-1) संक्रमण एचआईवी-2 (HIV-2) की तुलना में तेज़ी से एड्स (AIDS) की ओर बढ़ता है और यह अधिकांश वैश्विक संक्रमणों के लिये जिम्मेदार होता है). ==== संयोजन व मुक्ति ==== जीवाण्विक चक्र का अंतिम चरण, नए एचआईवी-1 (HIV-1) वायरनों (virons) का संयोजन, मेजबान कोशिका की प्लाज़्मा झिल्ली पर प्रारंभ होता है। ईएनवी (Env) बहु-प्रोटीन (जीपी160) (gp160) एंडोप्लास्मिक रेटिक्युलम (endoplasmic reticulum) से होकर गुज़रता है और इसे [[गॉल्जीकाय|गॉल्गी]] कॉम्प्लेक्स में भेजा जाता है, जहां इसे प्रोटीएस द्वारा चीरकर दो एचआईवी (HIV) आवरण ग्लाइकोप्रोटीनों जीपी41 (gp41) और जीपी120 (gp120) में इसका प्रसंस्करण किया जाता है। इन्हें मेजबान कोशिका की प्लाज़्मा झिल्ली में भेजा जाता है, जहां जीपी41 (gp41) जीपी120 (gp120) को संक्रमित कोशिका की झिल्ली से जोड़ देता है। जब निर्मित हो रहा वायरिऑन मेजबान कोशिका उगना प्रारंभ करता है, तो जीएजी (पी55) (p55) और जीएजी-पीओल (Gag-Pol) (पी160) (p160) बहु-प्रोटीन भी एचआईवी (HIV) जीनोमिक आरएनए (RNA) के साथ प्लाज़्मा झिल्ली की आंतरिक सतह से जुड़े होते हैं। परिवर्तन या तो निर्मित हो रही कली में होता है, या मेजबान कोशिका से उगने पर अपरिपक्व वायरिऑन में. परिपक्वता के दौरान एचआईवी (HIV) प्रोटीस बहुप्रोटीनों को एकल कार्यात्मक एचआईवी (HIV) प्रोटीनों और किण्वकों में विखण्डित करते हैं। इसके बाद विभिन्न संरचनात्मक घटक संयोजित होकर एक वयस्क एचआईवी (HIV) वायरिऑन की रचना करते हैं।<ref name="Gelderblom">{{cite book | last = Gelderblom | first = H. R | year = 1997 | title = '''HIV Sequence Compendium''' | chapter = Fine structure of HIV and SIV | chapterurl = http://www.hiv.lanl.gov/content/sequence/HIV/COMPENDIUM/1997/partIII/Gelderblom.pdf | editor = Los Alamos National Laboratory (ed.) | edition = | pages = 31–44 | publisher = [[Los Alamos National Laboratory]] | location = [[Los Alamos, New Mexico]] | format = PDF}}</ref> इस विखंडन चरण प्रोटीस निषेधकों द्वारा रोका जा सकता है। इसके बाद परिपक्व जीवाणु अन्य कोशिकाओं को संक्रमित कर पाने में सक्षम होता है। === आनुवंशिक परिवर्तिता === {{See|Subtypes of HIV}} [[चित्र:HIV-SIV-phylogenetic-tree.svg|thumb|300px|एसआईवी (SIV) और एचआईवी (HIV) के जातिवृत्तीय वृक्ष.]] एचआईवी (HIV) अनेक जीवाणुओं से इस रूप में भिन्न है कि इसमें अति-उच्च आनुवांशिक परिवर्तिता होती है। यह विविधता इसके तीव्र दोहराव चक्र, जिसमें यह प्रतिदिन 10<sup><sup>9</sup></sup> से 10<sup>10</sup> वायरिऑन उत्पन्न करता है, के साथ दोहराव के प्रत्येक चक्र में लगभग 3 x 10<sup>−5</sup> प्रति न्युक्लिओटाइड आधार की उच्च परिवर्तन दर और रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेस के पुनर्संयोजनात्मक गुणों के परिणामस्वरूप प्राप्त होती है।<ref name="RobertsonDL">{{cite journal | author=Robertson DL, Hahn BH, Sharp PM. | title=Recombination in AIDS viruses | url=https://archive.org/details/sim_journal-of-molecular-evolution_1995-03_40_3/page/249 | journal=J Mol Evol. | year=1995 | pages=249–59 | volume=40 | issue=3 | pmid=7723052 | doi=10.1007/BF00163230}}</ref><ref name="Rambaut_2004">{{cite journal | title=The causes and consequences of HIV evolution | last=Rambaut | first=A et al | journal=Nature Reviews Genetics | volume=5 | year=2004 | month=January | doi=10.1038/nrg1246 | pmid=14708016 | url=http://tree.bio.ed.ac.uk/downloadPaper.php?id=242 | issue=52-61 | last2=Posada | first2=D | last3=Crandall | first3=KA | last4=Holmes | first4=EC | pages=52–61 | access-date=31 अगस्त 2014 | archive-url=https://web.archive.org/web/20130916092349/http://tree.bio.ed.ac.uk/downloadPaper.php?id=242 | archive-date=16 सितंबर 2013 | url-status=dead }}</ref> इस जटिल परिदृश्य के परिणामस्वरूप एक अकेले संक्रमित मरीज में एक ही दिन में एचआईवी (HIV) के अनेक संस्करण निर्मित हो जाते हैं।<ref name="RobertsonDL" /> यह विविधता तब और अधिक बढ़ जाती है, जब किसी कोशिका को एक ही समय पर एचआईवी (HIV) के दो या दो से अधिक भिन्न खिंचावों द्वारा एक साथ संक्रमित किया जाता है। जब समकालिक संक्रमण होता है, तो इसके फलस्वरूप उत्पन्न होने वाले वायरिऑन का जीनोम में दो भिन्न खिंचावों से प्राप्त आरएनए (RNA) से मिलकर बना हो सकता है। अब यह संकर वायरिऑन एक नई कोशिका को संक्रमित करता है, जहां यह दोहराव से गुजरता है। जब ऐसा होता है, तो रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेस, दो भिन्न आरएनए (RNA) सांचों के बीच में कूदते हुए, एक नव-संश्लेषित रेट्रोवायरल डीएनए (DNA) अनुक्रम उत्पन्न करेगा, जो दो अभिभावक जीनोमों के बीच का एक पुनर्संयोजन होता है।<ref name="RobertsonDL" /> यह पुनर्संयोजन तब सबसे स्वाभाविक होता है, जब यह उप-प्रकारों के बीच हो रहा हो। <ref name="RobertsonDL" /> अनेक खिंचावों में निकट-संबंध रखने वाला सीमियन इम्युनोडेफिशियन्सी वायरस (simian immunodeficiency virus) (एसआईवी) (SIV) उत्पन्न हुआ है, जिसे प्राकृतिक मेजबान प्रजातियों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि अफ्रीकी हरे बंदर ((एसआईवीएजीएम) (SIVagm)) और सूटी मैंगेबी के ((एसआईवीएसएमएम) (SIVsmm)) के (एसआईवी) (SIV) खिंचावों के विकास का उनके मेजबानों के साथ एक लंबा विकासपरक इतिहास रहा है। इन मेजबानों से इस जीवाणु की उपस्थिति को अनुकूलोत कर लिया है,<ref name="pmid19661993">{{Cite pmid|19661993}}</ref> जो कि मेजबान के रक्त में उच्च स्तरों पर उपस्थित होता है, लेकिन केवल हल्की प्रतिरोध प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है,<ref>{{cite journal |author=Holzammer S, Holznagel E, Kaul A, Kurth R, Norley S |title=High virus loads in naturally and experimentally SIVagm-infected African green monkeys |url=https://archive.org/details/virology_2001-05-10_283_2/page/324 |journal=Virology |volume=283 |issue=2 |pages=324–31 |year=2001 |pmid=11336557 |doi=10.1006/viro.2001.0870}}</ref> बंदरों जैसे एड्स (AIDS) के विकास का कारण नहीं बनता,<ref>कुर्थ, आर. और नोर्ली, एस. (1996) एसआईवी (SIV) के प्राकृतिक पोषद वानर एड्स क्यों नहीं विकसित करते है?, ''जे. एनआईएच (NIH) रेस (Res)'' . '''8''', 33-37.</ref> और मनुष्यों में एचआईवी (HIV) संक्रमण के विशिष्ट पुनर्संयोजन और गहन परिवर्तन से नहीं गुजरता.<ref>{{cite journal |author=Baier M, Dittmar MT, Cichutek K, Kurth R |title=Development of vivo of genetic variability of simian immunodeficiency virus |journal=Proc. Natl. Acad. Sci. U.S.A. |volume=88 |issue=18 |pages=8126–30 |year=1991 |pmid=1896460 |doi=10.1073/pnas.88.18.8126 |pmc=52459}}</ref> इसके विपरीत, जब ये खिंचाव उन प्रजातियों को संक्रमित करते हैं, जो एसआईवी (SIV) के प्रति अनुकूलित नहीं हैं (ह्रीसस (rhesus) या साइनोमोलोगस मकैक (cynomologus macaques) जैसे “विषम” मेजबान), तो इन पशुओं में एड्स (AIDS) विकसित हो जाता है और यह जीवाणु आनुवांशिक विविधता उत्पन्न करता है, जो कि मानव एचआईवी (HIV) संक्रमण के समान होती है।<ref>{{cite journal |author=Daniel MD, King NW, Letvin NL, Hunt RD, Sehgal PK, Desrosiers RC |title=A new type D retrovirus isolated from macaques with an immunodeficiency syndrome |url=https://archive.org/details/sim_science_1984-02-10_223_4636/page/n76 |journal=Science |volume=223 |issue=4636 |pages=602–5 |year=1984 |pmid=6695172 |doi=10.1126/science.6695172}}</ref> चिंपांज़ी एसआईवी (Chimpanzee SIV) (एसआईवीसीपीज़ेड) (SIVcpz), एचआईवी-1 (HIV-1) का निकटतम आनुवांशिक संबंधी, अपने प्राकृतिक मेजबान में बढ़ी हुई मृत्यु-दर और एड्स (AIDS) जैसे लक्षणों से जुड़ा होता है।<ref name="pmid19626114">{{Cite pmid|19626114}}</ref> ऐसा प्रतीत होता है कि एसआईवीसीपीज़ेड (SIVcpz) और एचआईवी-1 (HIV-1) दोनों ही चिंपांज़ियों और मनुष्यों की जनसंख्या में अपेक्षाकृत हालिया समय में संचरित हुए हैं। इसलिये उनके मेजबान अभी तक इस जीवाणु के प्रति अनुकूलित नहीं हो सके हैं।<ref name="pmid19661993" /> दोनों जीवाणुओं ने अधिकांश एसआईवी (SIV) में उपस्थित एनईएफ (Nef) जीन का एक कार्य भी गंवा दिया है; इस कार्य के बिना, टी (T) कोशिका अवक्षय की संभावना बढ़ जाती है, जिससे प्रतिरक्षा में कमी (immunodeficiency) उत्पन्न होती है।<ref name="pmid19626114" /> आवरण ''(ईएनवी) (env)'' क्षेत्र में अंतरों के आधार पर एचआईवी-1 (HIV-1) के तीन समूहों की पहचान की गई है: एम (M), एन (N) व ओ (O).<ref name="Thomson"> {{cite journal | author=Thomson, M. M., Perez-Alvarez, L. and Najera, R. | title=Molecular epidemiology of HIV-1 genetic forms and its significance for vaccine development and therapy | journal=Lancet Infect. Dis. | year=2002 | pages=461–471 | volume=2 | issue=8 | pmid=12150845 | doi=10.1016/S1473-3099(02)00343-2 }}</ref> समूह एम (M) सर्वाधिक प्रचलित है और इसे पूरे जीनोम के आधार पर आठ उप-प्रकारों (या क्लेड) में बांटा गया है, जो कि भौगोलोक रूप से भिन्न होते हैं।<ref name="Carr">{{cite book | last = Carr | first = J. K. | author2 = Foley, B. T., Leitner, T., Salminen, M., Korber, B. and McCutchan, F. | year = 1998 | title = '''HIV Sequence Compendium''' | chapter = Reference Sequences Representing the Principal Genetic Diversity of HIV-1 in the Pandemic | chapterurl = http://www.hiv.lanl.gov/content/sequence/HIV/COMPENDIUM/1998/III/Carr.pdf | editor = Los Alamos National Laboratory (ed.) | edition = | pages = 10–19 | publisher = [[Los Alamos National Laboratory]] | location = [[Los Alamos, New Mexico]] | format = PDF | access-date = 28 अप्रैल 2014 | archive-date = 5 दिसंबर 2021 | archive-url = https://web.archive.org/web/20211205021433/https://www.hiv.lanl.gov/content/sequence/HIV/COMPENDIUM/1998/III/Carr.pdf | url-status = dead }}</ref> इनमें उप-प्रकार बी (B) (उत्तरी अमरीका और यूरोप में पाया जाता है), ए (A) और डी (D) (मुख्यतः अफ्रीका में पाए जाते हैं) और सी (C) (मुख्यतः अफ्रीका और एशिया में पाया जाता है) सर्वाधिक प्रचलित हैं; ये उप-प्रकार बहु-आनुवांशिक वृक्ष में शाखाओं का निर्माण करते हैं, जो कि एचआईवी-1 (HIV-1) के एम (M) समूह के वंश का प्रतिनिधित्व करती हैं। भिन्न उप-प्रकारों के साथ सह-संक्रमण के कारण परिवाही रिकॉम्बिनेन्ट रूप (circulating recombinant forms) (सीआरएफ) (CRFs) उत्पन्न होते हैं। वर्ष 2000, जब उप-प्रकारों के वैश्विक प्रचलन का अंतिम विश्लेषण किया गया था, में वैश्विक स्तर पर 47.2% संक्रमण उप-प्रकार सी (C), 26.7% उप-प्रकार ए/सीआरएफ02_एजी (A/CRF02_AG), 12.3% उप-प्रकार बी (B), 5.3% उप-प्रकार डी (D), 3.2% सीआरएफ_एई (CRF_AE) और शेष 5.3% अन्य उप-प्रकारों तथा सीआरएफ (CRFs) से मिलकर बने थे।<ref name="Osmanov"> {{cite journal | author=Osmanov S, Pattou C, Walker N, Schwardlander B, Esparza J; WHO-UNAIDS Network for HIV Isolation and Characterization. | title=Estimated global distribution and regional spread of HIV-1 genetic subtypes in the year 2000 | journal=Acquir. Immune. Defic. Syndr. | year=2002 | pages=184–190 | volume=29 | issue=2 | pmid=11832690 }}</ref> अधिकांश एचआईवी-1 (HIV-1) अनुसंधान उप-प्रकार बी (B) पर केंद्रित होता है; कुछ पर्योगशालाएं अन्य उप-प्रकारों पर ध्यान केंद्रित करती हैं।<ref name="Perrin"> {{cite journal | author=Perrin L, Kaiser L, Yerly S. | title=Travel and the spread of HIV-1 genetic variants | journal=Lancet Infect Dis. | year=2003 | pages=22–27 | volume=3 | issue=1 | pmid=12505029 | doi=10.1016/S1473-3099(03)00484-5 }}</ref> वर्ष 2009 में पृथक किये गये एक जीवाणु के आधार पर एक चौथे समूह, “पी (P)” के अस्तित्व की कल्पना की गई है।<ref name="Plantier_2009">{{cite journal |author=Plantier JC, Leoz M, Dickerson JE, ''et al.'' |title=A new human immunodeficiency virus derived from gorillas |journal=Nat. Med. |volume=15 |issue=8 |pages=871–2 |year=2009 |month=August |pmid=19648927 |doi=10.1038/nm.2016 |url= }}</ref><ref name="Smith_2009">{{cite news | url=http://www.independent.co.uk/life-style/health-and-families/health-news/woman-found-carrying-new-strain-of-hiv-from-gorillas-1766627.html | title=Woman found carrying new strain of HIV from gorillas | last=Smith | first=L | date=2009-08-03 | accessdate=2009-08-04 | publisher=The Independent | location=London | archive-url=https://web.archive.org/web/20121224174120/http://www.independent.co.uk/life-style/health-and-families/health-news/woman-found-carrying-new-strain-of-hiv-from-gorillas-1766627.html | archive-date=24 दिसंबर 2012 | url-status=live }}</ref><ref name="Reuters_2009">{{cite web | url=http://in.reuters.com/article/worldNews/idINIndia-41490620090803 | title=Gorillas may be a source of AIDS, researchers find | date=2009-08-03 | accessdate=2009-08-04 | publisher=Reuters India | archive-url=https://web.archive.org/web/20090909195051/http://in.reuters.com/article/worldNews/idINIndia-41490620090803 | archive-date=9 सितंबर 2009 | url-status=live }}</ref> ऐसा प्रतीत होता है कि यह खिंचाव गुरिल्ला एसआईवी (SIV) (एसआईवीजीओआर) (SIVgor) से प्राप्त किया गया है, जिसे सबसे पहले वर्ष 2006 में पश्चिमी तराई वाले गुरिल्लों से अलग किया गया था।<ref name="Plantier_2009" /> एचआईवी-2 (HIV-2) का आनुवांशिक क्रम केवल आंशिक रूप से ही एचआईवी-1 (HIV-1) के समान है और यह एसआईवीएसएसएम (SIVsmm) के अधिक निकट दिखाई देता है। == निदान == {{Main|HIV test}} अनेक एचआईवी-पॉज़िटिव (HIV-positive) लोग इस बात से अनभिज्ञ होते हैं कि वे जीवाणु द्वारा संक्रमित हो चुके हैं।<ref name="Kumaranayake"> {{cite journal | author=Kumaranayake, L. and Watts, C. | title=Resource allocation and priority setting of HIV/AIDS interventions: addressing the generalized epidemic in sub-Saharan Africa | journal=J. Int. Dev. | year=2001 | pages=451–466 | volume=13 | issue=4 | doi = 10.1002/jid.797 }}</ref> उदाहरण के लिये, अफ्रीका की यौन-रूप से सक्रिय शहरी जनसंख्या में से 1% से भी कम की जांच की गई है और ग्रामीण जनसंख्या में तो यह अनुपात और भी कम है।<ref name="Kumaranayake" /> इसके अतिरिक्त, शहरी स्वास्थ्य सु्विधाओं का लाभ ले रहीं केवल 0.5% [[गर्भावस्था|गर्भवती महिलाओं]] को ही परामर्श दिया गया है, उनका परीक्षण किया गया है या उन्हें उनके परीक्षणों के परिणाम प्राप्त हुए हैं।<ref name="Kumaranayake" /> पुनः ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं में यह अनुपात और भी कम है।<ref name="Kumaranayake" /> अतः चूंकि दाता अपने संक्रमण के प्रति अनभिज्ञ हो सकते हैं, अतः चिकित्सीय अनुसंधान में प्रयुक्त दाता के रक्त या रक्त उत्पादों की एचआईवी (HIV) जांच नियमित रूप से की जाती है।<ref name="Kleinman">{{cite web | author=Kleinman, S. | publisher=Uptodate | year=2004 | url=http://www.uptodate.com/patients/content/topic.do?topicKey=blod_dis/2419 | title=Patient information: Blood donation and transfusion | accessdate=2008-04-03 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080412115832/http://www.uptodate.com/patients/content/topic.do?topicKey=blod_dis%2F2419 | archive-date=12 अप्रैल 2008 | url-status=live }}</ref> एचआईवी-1 (HIV-1) परीक्षण में एक किण्वक-संबंधी इम्युनोसॉर्बेन्ट परीक्षण (enzyme-linked immunosorbent assay) (एलिसा) (ELISA) के साथ एक प्रारंभिक जांच के द्वारा एचआईवी-1 (HIV-1) की एंटिबॉडी की पहचान की जाती है। प्रारंभिक एलिसा (ELISA) से प्राप्त गैर-प्रतिक्रियात्मक परिणाम के नमूनों को तब तक एचआईवी-निगेटिव (HIV-Negative) माना जाता है, जब तक कि किसी संक्रमित साथी के साथ या अज्ञात एचआईवी (HIV) अवस्था वाले साथी के साथ कोई नया संपर्क न हुआ हो। प्रतिक्रियात्मक एलिसा (ELISA) वाले नमूनों का प्रतिलिपि में पुनर्परीक्षण किया जाता है।<ref name="CDC2001"> {{cite journal | author=Centers for Disease Control and Prevention. | title=Revised guidelines for HIV counseling, testing, and referral | journal=MMWR Recomm Rep. | year=2001 | pages=1–57 | volume=50 | issue=RR-19 | pmid=11718472 }}</ref> यदि किसी भी प्रतिलिपि परीक्षण का परिणाम प्रतिक्रियात्मक हो, तो नमूने को दोहरावपूर्ण रूप से प्रतिक्रियात्मक कहा जाता है और एक अधिक विशिष्ट सहायक परीक्षण (उदा. वेस्टर्न ब्लॉट (Western blot) या कम प्रचलित रूप से, एक इन्म्युनोफ्लोरासेंस परीक्षण (immunofluorescence assay) (आईएफए) (IFA)) के साथ पुष्टि परीक्षण किया जाता है। केवल उन्हीं नमूनों को एचआईवी-पॉज़िटिव (HIV-Positive) और एचआईवी (HIV) संक्रमण के सूचक माना जाता है, जो दोहरावपूर्ण रूप से एलिसा (ELISA) के द्वारा प्रतिक्रियात्मक और आईएफए (IFA) द्वारा सकारात्मक या वेस्टर्न ब्लॉट (Western blot) द्वारा प्रतिक्रियात्मक हों. जो नमूने दोहरावपूर्ण रूप से एलिसा (ELISA)-प्रतिक्रियात्मक हों, वे कभी-कभी एक अनिश्चित वेस्टर्न ब्लॉट (Western blot) परिणाम प्रदान करते हैं, जो कि किसी संक्रमित व्यक्ति में एचआईवी (HIV) के प्रति एक अपूर्ण एंटीबॉडी प्रतिक्रिया, या किसी असंक्रमित व्यक्ति में गैर-विशिष्ट प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं।<ref name="celum"> {{cite journal | author=Celum CL, Coombs RW, Lafferty W, Inui TS, Louie PH, Gates CA, McCreedy BJ, Egan R, Grove T, Alexander S, et al. | title=Indeterminate human immunodeficiency virus type 1 western blots: seroconversion risk, specificity of supplemental tests, and an algorithm for evaluation | url=https://archive.org/details/sim_journal-of-infectious-diseases_1991-10_164_4/page/656 | journal=J Infect Dis. | year=1991 | pages=656–664 | volume=164 | issue=4 | pmid=1894929 }}</ref> हालांकि इन अस्पष्ट मामलों में संक्रमण की पुष्टि करने के लिये आईएफए (IFA) का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन इस परीक्षण का प्रयोग व्यापक तौर पर नहीं किया जाता. सामान्यतः एक महीने से अधिक समय बाद एक और नमूना लिया जाना चाहिये और अनिर्धारित वेस्टर्न ब्लॉट (Western blot) परिणामों वाले व्यक्तियों का पुनर्परीक्षण किया जाना चाहिए। हालांकि यह आम तौर पर बहुत कम उपलब्ध है, लेकिन न्युक्लिक अम्ल (nucleic acid) परीक्षण (उदा., जीवाण्विक आरएनए (RNA) या प्रो-जीवाण्विक डीएनए (DNA) विस्तारण विधि) भी कुछ विशिष्ट मामलों में निदान में सहायक हो सकती है।<ref name="CDC2001" /> इसके अतिरिक्त, नमूनों की निम्न गुणवत्ता के कारण कुछ जांचे गये नमूने भी अनिर्णायक परिणाम प्रदान कर सकते हैं। ऐसी स्थितियों में, एक दूसरा नमूना एकत्रित किया जाता है और एचआईवी (HIV) संक्रमण के लिये उसका परीक्षण किया जाता है। आधुनिक एचआईवी (HIV) अत्यधिक अचूक हैं। ऐसा अनुमान है कि सामान्य अमरीकी जनसंख्या में दो-चरणों वाले परीक्षण प्रोटोकॉल में गलत-ढंग से पॉज़िटिव परिणाम मिलने की संभावना लगभग 0.0004% से 0.0007% होती है।<ref>{{cite journal |author=Chou R, Huffman LH, Fu R, Smits AK, Korthuis PT |title=Screening for HIV: a review of the evidence for the U.S. Preventive Services Task Force |journal=Ann. Intern. Med. |volume=143 |issue=1 |pages=55–73 |year=2005 |month=July |pmid=15998755 |doi= |url=http://www.annals.org/cgi/content/full/143/1/55 |access-date=31 अगस्त 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091016035838/http://www.annals.org/cgi/content/full/143/1/55 |archive-date=16 अक्तूबर 2009 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite journal|author=Kleinman S, Busch MP, Hall L, ''et al.'' for the Retrovirus Epidemiology Donor Study|title=False-positive HIV-1 test results in a low-risk screening setting of voluntary blood donation|url=https://archive.org/details/sim_jama_september-23-30-1998_280_12/page/1080|journal=JAMA|year=1998|volume=280|pages=1080–1085|doi=10.1001/jama.280.12.1080|pmid=9757856|issue=12}}</ref><ref>{{cite journal|author=Wood RW, Dunphy C, Okita K, Swenson P|journal=Arch Intern Med|year=2003|volume=163|pages=1857–1859|doi=10.1001/archinte.163.15.1857|title=Two "HIV-Infected" Persons Not Really Infected|pmid=12912724|issue=15}}</ref><ref>{{cite journal|author=Padeh YC, Rubinstein A, Shliozberg J|title=Common variable immunodeficiency and testing for HIV-1|url=https://archive.org/details/sim_new-england-journal-of-medicine_2005-09-08_353_10/page/n140|journal=N Engl J Med|year=2005|volume=353|pages=1074–1075|doi=10.1056/NEJMc051339|pmid=16148302|issue=10}}</ref> दवाओं की नई श्रेणियां, जैसे प्रवेश निषेधक (entry inhibitors) उन मरीजों के लिये उपचार के विकल्प प्रदान करती हैं, जो आम उपचारों के प्रति पहले प्रतिरोध-क्षम हो चुके विषाणुओं के कारण संक्रमित हुए हों, हालांकि वे व्यापक रूप से उपलब्ध तथा सीमित-संसाधनों वाली स्थापना में विशिष्ट रूप से अभिगम्य नहीं हैं। चूंकि बच्चों, विशिष्टतः नवजात शिशुओं, में एड्स (AIDS) का विकास वयस्कों की तुलना अधिक तीव्र और कम पूर्वानुमेय होता है, अतः वयस्कों की तुलना में बच्चों में अधिक आक्रामक उपचार की अनुशंसा की गई है।<ref name="2005dhhsHivChildren">{{cite web | author=[[Department of Health and Human Services]] Working Group on Antiretroviral Therapy and Medical Management of HIV-Infected Children | publisher= | date=November 3, 2005 | url=http://www.aidsinfo.nih.gov/ContentFiles/PediatricGuidelines_PDA.pdf | title=Guidelines for the Use of Antiretroviral Agents in Pediatric HIV Infection | format=PDF | accessdate=2006-01-17 | archive-url=https://web.archive.org/web/20120515110458/http://www.aidsinfo.nih.gov/ContentFiles/PediatricGuidelines_PDA.pdf | archive-date=15 मई 2012 | url-status=dead }}</ref> जिन विकसित देशों में हार्ट (HAART) उपलब्ध है, वहां चिकित्सक अपने मरीजों का पूर्णता से विश्लेषण करते हैं: उनके जीवाण्विक भार का, कितनी गति से सीडी4 (CD4) घटता है और मरीज इच्छुक है या नहीं, इन बातों का मापन करते हैं। इसके बाद वे इस बात का निर्णय लेते हैं कि उपचार कब शुरु करने की अनुशंसा करनी है।<ref name="2005DhhsHivTreatment"><nowiki>{{cite web | author=</nowiki>[[Department of Health and Human Services]] Panel on Clinical Practices for Treatment of HIV Infection | publisher= | date=October 6, 2005 | url=http://aidsinfo.nih.gov/ContentFiles/AdultandAdolescentGL.pdf {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120403214446/http://www.aidsinfo.nih.gov/ContentFiles/AdultandAdolescentGL.pdf|date=3 अप्रैल 2012}} | title=Guidelines for the Use of Antiretroviral Agents in HIV-== उपचार == {{See|Antiretroviral drug|Post-exposure prophylaxis}} [[चित्र:Abacavir_(Ziagen)_300mg.jpg|दाएँ|अंगूठाकार|अबाकावीर - एक न्‍यूक्‍लियोसाइड रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस अवरोधक (NARTIs or NRTIs)]] वर्तमान में एचआईवी (HIV) या एड्स (AIDS) के लिये कोई टीका या उपचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।<nowiki><ref></nowiki>{{cite web|url=http://www.lanl.gov/discover/curing_aids {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101203034757/http://lanl.gov/discover/curing_aids |date=3 दिसंबर 2010 }}|title=Fighting the world’s most dangerous disease::Los Alamos Lab|author=Los Alamos National Laboratory • Established 1943|date=|publisher=Lanl.gov|accessdate=2010-07-28}}</ref><ref>{{cite journal|author=Robb ML|title=Failure of the Merck HIV vaccine: an uncertain step forward|journal=Lancet|volume=372|issue=9653|pages=1857–1858|doi=10.1016/S0140-6736(08)61593-7|year=2008}}</ref> हालांकि, पिछले दो असफल उम्मीदवार टीकों के संयोजन से बने एक टीके के बारे में सितंबर 2009 में यह जानकारी मिली थी कि थाईलैंड में किये गये एक परीक्षण में इसके प्रयोग के कारण संक्रमणों में 30% की कमी आई थी।<ref>{{cite news | url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/health/8272113.stm | work=बीबीसी न्यूज़ | title=HIV vaccine 'reduces infection' | date=September 24, 2009 | accessdate=March 30, 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20130119032836/http://news.bbc.co.uk/2/hi/health/8272113.stm | archive-date=19 जनवरी 2013 | url-status=live }}</ref> ऐसा माना जाता है कि इसके अतिरिक्त उजागर होने के तुरंत बाद किये जाने वाले एंटीरेट्रोवायरल उपचार, जिसे पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलेक्सिस (post-exposure prophylaxis) कहते हैं, के एक कोर्स यदि यथाशीघ्र प्रारंभ कर दिया जाए, तो यह संक्रमण के जोखिम को कम कर देता है।<ref name="Fan">{{cite book | author = | year = 2005 | title = '''AIDS : science and society''' | url =https://archive.org/details/aidssciencesocie0000fanh_t0s5| chapter = | chapterurl = | editor = Fan, H., Conner, R. F. and Villarreal, L. P. eds | edition = 4th | pages = | publisher = Jones and Bartlett Publishers | location = [[Boston|Boston, MA]] | isbn = 0-7637-0086-X}}</ref> जुलाई 2010 में, यह देखा गया कि टेनोफोविर (tenofovir), एक रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेस निषेधक (reverse transcriptase inhibitor) युक्त एक योनिक जेल (vaginal gel) ने दक्षिण अफ्रीका में किये गये एक परीक्षण में एचआईवी (HIV) संक्रमण की दरों को 39 प्रतिशत तक घटा दिया.<ref name="Karim">{{cite journal | author=Karim, Q. A., Karim, S. S. A., Frolich, J. A., Grobler, A. C., Baxter, C., Mansoor, L. E., Kharsany, A. B. M., Sibeko, S., Mlisana, K. P., Omar, Z., Gengiah, T. N., Maarschalk, S., Arulappan, N., Mlotshwa, M., Morris, L., and Taylor, D. | title=Effectiveness and Safety of Tenofovir Gel, an Antiretroviral Microbicide, for the Prevention of HIV Infection in Women | url=https://archive.org/details/academictorrents_fbc36d04e1e08af271246388ad643055d11d75c1 | journal=Science | date=19 जुलाई 2010| doi=10.1126/science.1193748}}</ref> हालांकि, टीके तथा/या पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलेक्सिस द्वारा प्रदान की जाने वाली अपूर्ण सुरक्षा के कारण, आगामी कुछ समय तक विषाणु के संपर्क से बचाव ही संक्रमण से बचने का एकमात्र उपाय होना अपेक्षित है। एचआईवी (HIV) संक्रमण के वर्तमान उपचार उच्च रूप से सक्रिय एंटीरेट्रोवायरल उपचार (highly active antiretroviral therapy), या हार्ट (HAART) से मिलकर बना होता है।<ref name="DhhsHivTreatment">{{cite web | author=[[Department of Health and Human Services]] | publisher= | month=January | year=2005 | url=http://www.hab.hrsa.gov/tools/HIVpocketguide05/PktGARTtables.htm | title=A Pocket Guide to Adult HIV/AIDS Treatment January 2005 edition | accessdate=2006-01-17 | archive-url=https://web.archive.org/web/20051223214304/http://www.hab.hrsa.gov/tools/HIVpocketguide05/PktGARTtables.htm | archive-date=23 दिसंबर 2005 | url-status=dead }}</ref> 1996 में, जब प्रोटीएस निषेधक-आधारित हार्ट (HAART) पहली बार प्रस्तुत किया गया था, तभी से यह अनेक एचआईवी (HIV)-संक्रमित लोगों के लिये अत्यधिक लाभदायक रहा है।<ref name="Pallelal">{{ cite journal | author=Palella, F. J., Delaney, K. M., Moorman, A. C., Loveless, M. O., Fuhrer, J., Satten, G. A., Aschman, D. J. and Holmberg, S. D. | title=Declining morbidity and mortality among patients with advanced human immunodeficiency virus infection | url=https://archive.org/details/sim_new-england-journal-of-medicine_1998-03-26_338_13/page/n37 | journal=N. Engl. J. Med. | year=1998 | pages=853–860 | volume=338 | issue=13 | pmid=9516219 | doi=10.1056/NEJM199803263381301}}</ref> वर्तमान हार्ट (HAART) विकल्प संयोजन (या “कॉकटेल”) होते हैं, जिनमें एंटीरेट्रोवायरल एजेंटों के कम से कम दो प्रकारों, या “श्रेणियों”, से ली गईं कम से कम तीन दवाएं होती हैं। विशिष्ट रूप से, ये श्रेणियां दो न्युक्लियोसाइड एनालॉग रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेस इन्हीबिटर्स (nucleoside analogue reverse transcriptase inhibitors) (नार्टी (NARTIs) या एनआरटी (NRTIs)) तथा एक प्रोटीस इन्हीबिटर (protease inhibitor) अथवा एक गैर-न्युक्लियोसाइड रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेस इन्हीबिटर (non-nucleoside reverse transcriptase inhibitor) (एनएनआरटीआई) (NNRTI) होती हैं। 1-Infected Adults and Adolescents | format= PDF | accessdate=2006-01-17}}</ref> हार्ट (HAART) न तो मरीज का उपचार करता है और न ही एक समान रूप से सभी लक्षणों को हटाता है; यदि उपचार को रोक दिया जाए, तो एचआईवी-1 (HIV-1) के उच्च स्तर, जो अक्सर हार्ट (HAART) के प्रति प्रतिरोधी होते हैं, लौट आते हैं।<ref name="martinez">{{ cite journal | author=Martinez-Picado, J., DePasquale, M. P., Kartsonis, N., Hanna, G. J., Wong, J., Finzi, D., Rosenberg, E., Gunthard, H.F., Sutton, L., Savara, A., Petropoulos, C. J., Hellmann, N., Walker, B. D., Richman, D. D., Siliciano, R. and D'Aquila, R. T. | title=Antiretroviral resistance during successful therapy of human immunodeficiency virus type 1 infection | journal=Proc. Natl. Acad. Sci. U. S. A. | year=2000 | pages=10948–10953 | volume=97 | issue=20 | pmid=11005867 | doi=10.1073/pnas.97.20.10948 | pmc=27129}}</ref><ref name="Dybul">{{ cite journal | author=Dybul, M., Fauci, A. S., Bartlett, J. G., Kaplan, J. E., Pau, A. K.; Panel on Clinical Practices for Treatment of HIV. | title=Guidelines for using antiretroviral agents among HIV-infected adults and adolescents | journal=Ann. Intern. Med. | year=2002 | pages=381–433 | volume=137 | issue=5 Pt 2 | pmid=12617573}}</ref> इसके अतिरिक्त हार्ट (HAART) का प्रयोग करके एचआईवी (HIV) संक्रमण को हटाने के लिये पूरे जीवन-काल से अधिक समय लगेगा। <ref name="blankson">{{ cite journal | author=Blankson, J. N., Persaud, D., Siliciano, R. F. | title=The challenge of viral reservoirs in HIV-1 infection |journal=Annu. Rev. Med. | year=2002 | pages=557–593 | volume=53 | issue= | pmid=11818490 | doi=10.1146/annurev.med.53.082901.104024}}</ref> इसके बावजूद, अनेक एचआईवी (HIV)-संक्रमित व्यक्तियों ने अपने सामान्य स्वास्थ्य और [[जीवन की गुणवत्ता]] में उल्लेखनीय सुधार का अनुभव किया है, जिसके कारण विकसित विश्व में एचआईवी (HIV) से जुड़ी रुग्णता और मृत्यु दर में बड़ी गिरावट आई है।<ref name="Pallelal"/><ref name="Wood">{{ cite journal | author=Wood, E., Hogg, R. S., Yip, B., Harrigan, P. R., O'Shaughnessy, M. V. and Montaner, J. S. | title=Is there a baseline CD4 cell count that precludes a survival response to modern antiretroviral therapy? | journal=AIDS | year=2003 | pages=711–720 | volume=17 | issue=5 | pmid=12646794 | doi=10.1097/01.aids.0000050854.71999.d8 | doi_brokendate=2010-07-07 }}</ref><ref name="Chene">{{ cite journal | author=Chene, G., Sterne, J. A., May, M., Costagliola, D., Ledergerber, B., Phillips, A. N., Dabis, F., Lundgren, J., D'Arminio Monforte, A., de Wolf, F., Hogg, R., Reiss, P., Justice, A., Leport, C., Staszewski, S., Gill, J., Fatkenheuer, G., Egger, M. E. and the Antiretroviral Therapy Cohort Collaboration. | title=Prognostic importance of initial response in HIV-1 infected patients starting potent antiretroviral therapy: analysis of prospective studies | url=https://archive.org/details/sim_the-lancet_2003-08-30_362_9385/page/678 | journal=Lancet | year=2003 | pages=679–686 | volume=362 | issue=9385 | pmid=12957089 | doi=10.1016/S0140-6736(03)14229-8 }}</ref> एक अध्ययन ने सुझाव दिया कि यदि उपचार तभी से शुरु कर दिया जाए, जब सीडी4 (CD4) की संख्या 350/µL हो, तो एक एचआईवी (HIV) संक्रमित व्यक्ति का औसत संभावित जीवन-काल संक्रमण के समय से लेकर 32 वर्षों का होता है।<ref name="schack">अ कम्प्यूटर बेस्ड स्टडी इन 2006, फोलोइंग द 2004 यूनाइटेड स्टेट्स ट्रीटमेंट गाईडलाइंस:{{ cite journal | author=Schackman BR, Gebo KA, Walensky RP, Losina E, Muccio T, Sax PE, Weinstein MC, Seage GR 3rd, Moore RD, Freedberg KA. | title=The lifetime cost of current HIV care in the United States | url=https://archive.org/details/sim_medical-care_2006-11_44_11/page/990 | journal=Med Care | year=2006 | pages=990–997 | volume=44 | issue=11 | pmid=17063130 | doi=10.1097/01.mlr.0000228021.89490.2a }}</ref> यह देखा गया है कि हार्ट (HAART) की अनुपस्थिति में, एचआईवी (HIV) संक्रमण के एड्स (AIDS) में विकसित होने का मध्यमान नौ से दस वर्षों के बीच होता है, जबकि एड्स (AIDS) का विकास हो जाने पर उत्तरजीविता का मध्यमान केवल 9.2 माह होता है।<ref name="Morgan2" /> हालांकि, कभी-कभी हार्ट (HAART) इष्टतम परिणामों से बहुत कम परिणाम प्राप्त करता है, कुछ स्थितियों में यह मरीजों की संख्या के पचास प्रतिशत से भी कम में प्रभावी रहा है। ऐसा अनेक कारणों से है, जैसे औषधि के प्रति असहनशीलता/दुष्प्रभाव, पूर्व में अप्रभावी रहा एंटीरेट्रोवायरल उपचार और एचआईवी (HIV) के किसी दवा-प्रतिरोधी खिंचाव के द्वारा हुआ संक्रमण. हालांकि, एंटीरेट्रोवायरल उपचार का गैर-अवलम्बन व गैर-सातत्य ही अधिकांश व्यक्तियों में हार्ट (HAART) के लाभों की प्राप्ति में विफलता का प्रमुख कारण है।<ref name="becker">{{ cite journal | author=Becker SL, Dezii CM, Burtcel B, Kawabata H, Hodder S. | title=Young HIV-infected adults are at greater risk for medication nonadherence | journal=MedGenMed. | year=2002 | page=21 | volume=4| issue=3 | pmid=12466764 }}</ref> हार्ट (HAART) के गैर-अवलम्बन व गैर-सातत्य के कारण भिन्न-भिन्न तथा अतिव्यापी हैं। मुख्य मनोवैज्ञानिक कारण, जैसे चिकित्सा देखभाल तक अच्छा अभिगमन न होना, अपर्याप्त सामाजिक समर्थन, मनोविकारी रोग और नशीली दवाओं की लत मिलकर गैर-अवलम्बन में योगदान करते हैं। इन हार्ट (HAART) परहेजों की जटिलता, चाहे गोलियों की संख्या के कारण हो, खुराक की आवृत्ति के कारण हो, भोजन में प्रतिबंधों के कारण हो या दुष्प्रभावों सहित इरादतन गैर-अवलम्बन का निर्माण करने वाले अन्य मुद्दों के कारण हो, भी इस समस्या में योगदान करती है।<ref name="Nieuwkerk">{{ cite journal | author=Nieuwkerk, P., Sprangers, M., Burger, D., Hoetelmans, R. M., Hugen, P. W., Danner, S. A., van Der Ende, M. E., Schneider, M. M., Schrey, G., Meenhorst, P. L., Sprenger, H. G., Kauffmann, R. H., Jambroes, M., Chesney, M. A., de Wolf, F., Lange, J. M. and the ATHENA Project. | title=Limited Patient Adherence to Highly Active Antiretroviral Therapy for HIV-1 Infection in an Observational Cohort Study | journal=Arch. Intern. Med. | year=2001 | pages=1962–1968 | volume=161 | issue=16 | pmid=11525698 | doi=10.1001/archinte.161.16.1962 }}</ref><ref name="Kleeberger">{{ cite journal | author=Kleeberger, C., Phair, J., Strathdee, S., Detels, R., Kingsley, L. and Jacobson, L. P. | title=Determinants of Heterogeneous Adherence to HIV-Antiretroviral Therapies in the Multicenter AIDS Cohort Study| url=https://archive.org/details/sim_journal-of-acquired-immune-deficiency-syndromes_2001-01-01_26_1/page/n117 | journal=J. Acquir. Immune Defic. Syndr. | year=2001 | pages=82–92 | volume=26 | issue=1 | pmid=11176272 }}</ref><ref name="heath">{{ cite journal | author=Heath, K. V., Singer, J., O'Shaughnessy, M. V., Montaner, J. S. and Hogg, R. S. | title=Intentional Nonadherence Due to Adverse Symptoms Associated With Antiretroviral Therapy | url=https://archive.org/details/sim_journal-of-acquired-immune-deficiency-syndromes_2002-10-01_31_2/page/n120 | journal=J. Acquir. Immune Defic. Syndr. | year=2002 | pages=211–217 | volume=31 | issue=2 | pmid=12394800 }}</ref> दुष्प्रभावों में लाइपोडिस्ट्रॉफी (lipodystrophy), डिस्लिपिडेमिया (dyslipidemia), इंसुलिन प्रतिरोध, हृदयवाहिनी से जुड़े जोखिमों में वृद्धि और जन्म-दोष शामिल हैं।<ref name="Montessori">{{ cite journal | author=Montessori, V., Press, N., Harris, M., Akagi, L., Montaner, J. S. | title=Adverse effects of antiretroviral therapy for HIV infection. | journal=CMAJ | year=2004 | pages=229–238 | volume=170 | issue=2 | pmid=14734438 | pmc=315530 }}</ref><ref name="Saitoh">{{ cite journal | author=Saitoh, A., Hull, A. D., Franklin, P. and Spector, S. A. | title=Myelomeningocele in an infant with intrauterine exposure to efavirenz | journal=J. Perinatol. | year=2005 | pages=555–556 | volume=25 | issue=8 | pmid=16047034 | doi=10.1038/sj.jp.7211343 }}</ref> एचआईवी (HIV) का उपचार शुरु करने के समय को लेकर अभी भी बहस की जाती है। इस बात पर कोई विवाद नहीं है कि मरीज की सीडी4 (CD4) संख्या 200 से नीचे गिरने से पूर्व उपचार प्रारंभ कर दिया जाना चाहिये और अधिकांश राष्ट्रीय दिशानिर्देश सीडी4 (CD4) संख्या 350 से नीचे गिरने से पूर्व उपचार शुरु कर देने को कहते हैं; लेकिन सबंधित अध्ययनों कुछ ऐसे प्रमाण मिले हैं कि उपचार को सीडी4 (CD4) संख्या 350 से नीचे गिरने से पूर्व शुरु कर देना चाहिये। <ref name="Wood"/><ref name="Wang2004">{{ cite journal | author=Wang C, Vlahov D, Galai N, ''et al.'' | title=Mortality in HIV-seropositive versus seronegative persons in the era of highly active antiretroviral therapy. | url=https://archive.org/details/sim_journal-of-infectious-diseases_2004-09-15_190_6/page/n21 | journal=J. Infect. Dis. | year=2004 | volume=190 | pages=1046–54 | pmid=15319852 | doi=10.1086/422848 | issue=6 }}</ref> जिन देशों में सीडी4 (CD4) संख्या उपलब्ध न हो, वहां डबल्यूएचओ (WHO) चरण III या IV बीमारी<ref name="WHO">{{cite web | author=World Health Organisation | title=WHO case definitions of HIV for surveillance and revised clinical staging and immunological classification | year=2006 | url=http://www.who.int/hiv/pub/guidelines/WHO%20HIV%20Staging.pdf | accessdate=2006-12-27 | format=PDF | archive-url=https://web.archive.org/web/20121107102256/http://www.who.int/hiv/pub/guidelines/WHO%20HIV%20Staging.pdf | archive-date=7 नवंबर 2012 | url-status=live }}</ref> वाले मरीजों का उपचार किया जाना चाहिये। एंटी-रेट्रोवायरल दवाएं महंगी होती हैं और विश्व के अधिकांश संक्रमित व्यक्तियों के पास एचआईवी (HIV) और एड्स (AIDS) की चिकित्सा और उपचार तक अभिगमन उपलब्ध नहीं है।<ref name="Ferrantelli">{{ cite journal |author=Ferrantelli F, Cafaro A, Ensoli B |title=Nonstructural HIV proteins as targets for prophylactic or therapeutic vaccines |journal=Curr. Opin. Biotechnol. |volume=15 |issue=6 |pages=543–56 |year=2004 |month=December |pmid=15560981 |doi=10.1016/j.copbio.2004.10.008 }}</ref> वर्तमान उपचारों में सुधार के लिये किये जा रहे अनुसंधानों में, वर्तमान दवाओं के दुष्प्रभावों को कम करना, अवलम्बन को बढ़ाने के लिये दवा के परहेजों को और सरल बनाना और दवा के प्रतिरोध का प्रबंधन करने के लिये परहेजों के सर्वश्रेष्ठ क्रम का निर्धारण करना शामिल है। दुर्भाग्य से, ऐसा माना जाता है कि केवल कोई टीका ही इस महामारी को रोक पाने में सक्षम हो सकता है। ऐसा इसलिये हैं क्योंकि टीके की लागत कम होगी और इस प्रकार यह विकासशील देशों के लिये भी वहनीय होगा और इसमें दैनिक उपचार की आवश्यकता नहीं होगी। <ref name="Ferrantelli" /> हालांकि, 20 वर्षों के अनुसंधान के बाद भी, एचआईवी (HIV-1) टीके के लिये एक कठिन लक्ष्य बना हुआ है।<ref name="Ferrantelli" /> === विकसित हो रहे उपचार === 2008 की मीडिया रिपोर्टों और 2009 में ''न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन (New England Journal of Medicine)'' ने बर्लिन के एक चिकित्सक, गेरो हटर (Gero Hütter) के एक एचआईवी (HIV)-पॉजिटिव मरीज के उपाख्यानात्मक मामले का वर्णन किया। मरीज, जिसे एक्युट माइलोजीनस ल्युकेमिया (acute myelogenous leukemia) (एएमएल) (AML) और एचआईवी (HIV) संक्रमण दोनों था, एएमएल (AML) के लिये किये गये उसके अस्थि-मज्जा प्रतिरोपण के बाद कुछ लोगों ने उसे “कार्यात्मक रूप से उपचारित” करार दिया। अस्थि-मज्जा दाता का चुनाव एक सीसीआर5(CCR5)-Δ32 परिवर्तन (जो “एचआईवी (HIV) के लगभग सभी खिंचावों के लिये प्रतिरोध प्रदान करता है) के लिये होमोज़ाइगस (homozygous) के रूप में किया गया था।<ref name="Wall Street Journal 2008">{{cite web | author=Mark Schoofs | title=A Doctor, a Mutation and a Potential Cure for AIDS | year=2008 | url=http://online.wsj.com/article/SB122602394113507555.html | accessdate=2008-11-09 | publisher=The Wall Street Journal | archive-url=https://web.archive.org/web/20090703083130/http://online.wsj.com/article/SB122602394113507555.html | archive-date=3 जुलाई 2009 | url-status=live }}</ref><ref>{{cite journal |author=Hütter G, Nowak D, Mossner M, Ganepola S, Ganepola A, Allers K, Schneider T, Hofmann J, Kücherer C, Blau O, Blau IW, Hofmann WK, Thiel E |title=Long-Term Control of HIV by CCR5 Delta32/Delta32 Stem-Cell Transplantation |journal=N Engl J Med |volume=360 |issue=7 |pages=692–698 |year=2009 |pmid=19213682 |doi=10.1056/NEJMoa0802905 |url=http://content.nejm.org/cgi/content/abstract/360/7/692 |accessdate=2009-03-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090213112056/http://content.nejm.org/cgi/content/abstract/360/7/692 |archive-date=13 फ़रवरी 2009 |url-status=live }}</ref> 600 दिनों तक एंटीरेट्रोवायरल दवाओं के उपचार के बिना रहने के बाद मरीज के रक्त, अस्थि-मज्जा और आंत में एचआईवी (HIV) के स्तर पहचान की सीमा से नीचे थे, हालांकि लेखकों ने अन्य ऊतकों में विषाणु की उपस्थिति की संभावना का उल्लेख किया। अनुसंधानकर्ताओं ने चेतावनी दी कि इस उपचार के उपाख्यानात्मक स्वरूप, अस्थि-मज्जा प्रतिरोपण से जुड़े मृत्यु जोखिम और अन्य चिंताओं के कारण इसे एक संभावित इलाज मान लेना अभी जल्दबाजी होगी। <ref name="NEJMLevy">{{cite journal |author=Levy JA |title=Not an HIV Cure, but Encouraging New Directions |journal=N Engl J Med |volume=360 |issue=7 |pages=724–725 |year=2009 |doi=10.1056/NEJMe0810248 |url=http://content.nejm.org/cgi/content/full/360/7/724 |accessdate=2009-03-31 |pmid=19213687 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090215235206/http://content.nejm.org/cgi/content/full/360/7/724 |archive-date=15 फ़रवरी 2009 |url-status=live }}</ref><ref name="pmid16418398">{{cite journal |author=Glass WG, McDermott DH, Lim JK, ''et al.'' |title=CCR5 deficiency increases risk of symptomatic West Nile virus infection |journal=J. Exp. Med. |volume=203 |issue=1 |pages=35–40 |year=2006 |month=January |pmid=16418398 |pmc=2118086 |doi=10.1084/jem.20051970 |url=}}</ref> 2010 में, यह कहा गया कि बैनलेक (BanLec) नामक एक रसायन एचआईवी (HIV) के दोहराव का एक प्रभावी निषेधक है।<ref name="HIV">{{cite journal |author=Swanson MD, Winter HC, Goldstein IJ, Markovitz DM |title=A Lectin Isolated from Bananas Is a Potent Inhibitor of HIV Replication |journal=J. Biol. Chem. |volume=285 |issue=12 |pages=8646–55 |year=2010 |month=March |pmid=20080975 |doi=10.1074/jbc.M109.034926 |url= |pmc=2838287}}</ref><ref name="FoxNews">[http://www.foxnews.com/story/0,2933,589483,00.html "अध्ययन: केले में मौजूद रासायनिक एचआईवी से लड़ने में मदद कर सकता है"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121024171300/http://www.foxnews.com/story/0,2933,589483,00.html |date=24 अक्तूबर 2012 }}, ''फोक्स नियुज़'', 16 मार्च 2010</ref> यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (University of Michigan) के अनुसंधानकर्ताओं ने इस बात का निर्धारण किया कि बैनलेक (BanLec) एचआईवी-1 (HIV-1) के आवरण प्रोटीन जीपी120 (gp120), जिसमें उच्च शर्करा होती है, से जुड़ता है, जिससे मानव कोशिकाओं में विषाणु का प्रवेश निषिद्ध हो जाता है।<ref name="HIV" /><ref name="FoxNews" /> अनुसंधानकर्ताओं का सुझाव है कि एचआईवी (HIV) का ऐसा निषेधक किसी स्थानिक उपचार, जैसे योनिक माइक्रोबिसाइड (vaginal microbicide) के रूप में उपयोगी हो सकता है और इसका उत्पादन करना वर्तमान एंटीवायरल स्थानिक उपचारों से सस्ता भी हो सकता है।<ref>[http://www.annarbor.com/health/chemical-derived-from-bananas-could-help-create-hiv-prevention-university-of-michigan-researchers-sa/ "मीशीगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का कहना है केले में मौजूद प्रोटिन एचआईवी के ब्लोक स्प्रेड में मदद करता है"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130325152500/http://www.annarbor.com/health/chemical-derived-from-bananas-could-help-create-hiv-prevention-university-of-michigan-researchers-sa/ |date=25 मार्च 2013 }}, AnnArbor.com, 15 मार्च 2010</ref> एचआईवी-1 (HIV-1) संक्रमण के उपचार के लिये बैनलेक (BanLec) एफडीए (FDA) द्वारा अनुमोदित उपचार नहीं है और एचआईवी-1 (HIV-1) संक्रमण का उपचार करने या उसे रोकने के लिये इसका प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। === एचआईवी के अप्रकट भण्डार === एचआईवी (HIV) के संक्रमण को नियंत्रित करने और एचआईवी (HIV) संक्रमण से जुड़ी मृत्यु-दर को घटाने में अत्यधिक सक्रिय एंटीरेट्रोवायरल उपचार (हार्ट) (HAART) की सफलता के बावजूद, वर्तमान दवा परहेज एचआईवी (HIV) के संक्रमण का पूरी तरह उन्मूलन कर पाने में असमर्थ हैं। हार्ट (HAART) का प्रयोग करने वाले कई लोग एचआईवी (HIV) अनेक वर्षों तक मानक चिकित्सीय परीक्षणों की पहचान के स्तर से नीचे बनाये रखने में सफल हुए हैं। हालांकि हार्ट (HAART) का प्रयोग बंद कर देने पर, एचआईवी (HIV) विषाणु-भार सीडी4+ टी-कोशिकाओं (CD4+ T-Cells) में एक सहवर्ती कमी के साथ तीव्रता से वापस लौटता है, जो अधिकांश मामलों में, उपचार के पुनर्ग्रहण को रोकते हैं, जिसका परिणाम [[एड्स|एड्स (AIDS)]] के रूप में मिलता है। स्वयं को सफलतापूर्वक पुनरुत्पन्न करने के लिये, एचआईवी (HIV) के लिये अपने आरएनए (RNA) जीनोम को [[डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल|डीएनए (DNA)]] में रूपांतरित करना अनिवार्य होता है, जिसे इसके बाद मेजबान कोशिका के केंद्र में आयात किया जाता है और एचआईवी (HIV) इंटीग्रेस के कार्य के माध्यम से मेजबान जीनोम में प्रविष्ट किया जाता है। चूंकि एचआईवी (HIV) का मुख्य कोशिकीय लक्ष्य, सीडी4+टी कोशिकाएं (CD4+ T-Cells), प्रतिरक्षा प्रणाली की स्मृति कोशिकाओं के रूप में कार्य करतीं हैं, अतः एकीकृत एचआईवी (HIV) इन कोशिकाओं के जीवनकाल तक निष्क्रिय बना रह सकता है। स्मृति टी कोशिकाएं (Memory T-Cells) अनेक वर्षों और संभावित रूप से दशकों तक जीवित रह सकती हैं। एचआईवी (HIV) के अप्रकट भण्डार का मापन संक्रमित मरीजों की सीडी4+ टी-कोशिकाओं (CD4+ T-Cells) को असंक्रमित दाताओं की सीडी4+ टी-कोशिकाओं (CD4+ T-Cells) के साथ उगाकर और एचआईवी (HIV) या आरएनए (RNA) का मापन करके किया जा सकता है।<ref name="Archin">{{ cite journal | author=Archin NM, Eron JJ, Palmer S, Hartmann-Duff A, Martinson JA, Wiegand A, Bandarenko N, Schmitz JL, Bosch RJ, Landay AL, Coffin JM, Margolis DM. | title=Valproic acid without intensified antiviral therapy has limited impact on persistent HIV infection of resting CD4+ T cells. | journal=AIDS | year=2008| pages=1131–1135 | volume=22 | issue=10 | pmid=18525258 | doi=10.1097/QAD.0b013e3282fd6df4 }}</ref> एचआईवी (HIV) संक्रमण और एड्स (AIDS) के विकास के खिलाफ सुरक्षा प्रदान कर पाने में उम्मीदवार टीके की विफलता के परिणामस्वरूप एक बार फिर एचआईवी (HIV) की अव्यक्तता के लिये जिम्मेदार जैव-क्रियाविधि पर ध्यान केंद्रित हुआ है। संभव है कि एंटी-रेट्रोवायरलों को अप्रकट भंडार पर लक्ष्यित दवाओं के साथ संयोजित करके निर्मित सीमित अवधि का एक उपचार दिन एचआईवी (HIV) संक्रमण के पूर्ण उन्मूलन को संभव बना दे। <ref name="Bowman">{{ cite journal | author=Bowman MC, Archin NM, Margolis DM. | title=Pharmaceutical approaches to eradication of persistent HIV infection. | journal=Expert Reviews in Molecular Medicine | year=2009| volume=11 | issue=e6 | pmid= 19208267 | doi=10.1017/S1462399409000970 | pages=e6 }}</ref> == पूर्वानुमान == ऐसा अनुमान है कि उपचार के बिना, एचआईवी (HIV) के साथ संक्रमण के बाद उत्तरजीविता का शुद्ध मध्यमान समय एचआईवी (HIV) उप-प्रकार के आधार पर 9 से 11 वर्ष होता है,<ref name="UNAIDS2007" /> और अध्ययन के आधार पर, सीमित संसाधनों वाले जिन स्थानों पर उपचार उपलब्ध न हो, उनमें एड्स (AIDS) के निदान के बाद उत्तरजीविता दर का मध्यमान 6 और 9 माह के बीच होता है।<ref>{{cite paper |title= Progression and mortality of untreated HIV-positive individuals living in resource-limited settings: update of literature review and evidence synthesis |author= Zwahlen M, Egger M |url=http://data.unaids.org/pub/Periodical/2006/zwahlen_unaids_hq_05_422204_2007_en.pdf |format=PDF |year=2006 |accessdate=2008-03-19 |version= UNAIDS Obligation HQ/05/422204}}</ref> जिन क्षेत्रों में यह व्यापक रूप से उपलब्ध हो, वहां एचआईवी (HIV) संक्रमण और एड्स (AIDS) के लिये एक प्रभावी उपचार के रूप में हार्ट (HAART) के विकास ने इस बीमारी की मृत्यु-दर को 80% तक कम कर दिया है और जिन एचआईवी (HIV)-संक्रमित व्यक्तियों में निदान हाल ही में हुआ हो, उनमें जीवन की संभावना को 20-50 वर्षों तक बढ़ा दिया है।<ref>{{cite journal |journal= Int J Dermatol |year=2007 |volume=46 |issue=12 |pages=1219–28 |title= Current status of HIV infection: a review for non-HIV-treating physicians |author= Knoll B, Lassmann B, Temesgen Z |pmid=18173512 |doi=10.1111/j.1365-4632.2007.03520.x |doi_brokendate= 2009-08-10}}</ref><ref>{{cite journal |journal= Lancet|year=2008 |volume=372 |issue=9635 |pages=293–9 |title=Life expectancy of individuals on combination antiretroviral therapy in high-income countries: a collaborative analysis of 14 cohort studies | author= Antiretroviral Therapy Cohort Collaboration |pmid=18657708 |doi=10.1016/S0140-6736(08)61113-7 }}</ref> चूंकि नये उपचारों का विकास जारी है और चूंकि एचआईवी (HIV) भी इन उपचारों के विरुद्ध प्रतिरोध [[क्रम-विकास|विकसित]] करना जारी रखता है, अतः उत्तरजीविता काल संबंधी आकलनों में परिवर्तन जारी रहना संभावित है। एंटी-रेट्रोवायरल उपचार के बिना, व्यक्ति में एड्स (AIDS) का विकास होने के सामान्यतः एक वर्ष के भीतर मृत्यु हो जाती है।<ref name="Morgan2" /> अधिकांश मरीजों की मृत्यु अवसरवादी संक्रमणों या प्रतिरक्षा-तंत्र की बढ़ती हुई विफलता से जुड़ी असाध्यताओं के कारण होती है।<ref name="Lawn"/> बीमारी के चिकित्सीय विकास की दर व्यक्ति-दर-व्यक्ति व्यापक रूप से भिन्न होती है और ऐसा देखा गया है कि यह अनेक कारकों, जैसे मेजबान की संवेदनशीलता और प्रतिरक्षा कार्य,<ref name="Tang" /><ref name="Clerici">{{ cite journal | author=Clerici M, Balotta C, Meroni L, et al. | title=Type 1 cytokine production and low prevalence of viral isolation correlate with long-term non progression in HIV infection | journal=AIDS Res. Hum. Retroviruses. | year=1996 | pages=1053–1061 | volume=12 | issue=11 | pmid=8827221 | doi=10.1089/aid.1996.12.1053 }}</ref><ref name="Morgan">{{ cite journal | author=Morgan D, Mahe C, Mayanja B, Whitworth JA | title=Progression to symptomatic disease in people infected with HIV-1 in rural Uganda: prospective cohort study | journal=BMJ | year=2002 | pages=193–196 | volume=324 | issue=7331 | pmid=11809639 | doi=10.1136/bmj.324.7331.193 | pmc=64788 }}</ref> स्वास्थ की देखभाल और सह-संक्रमणों, आदि से<ref name="Lawn" /><ref name="Morgan2" /> तथा साथ ही इस बात से प्रभावित होती है कि विषाणु का कौन-सा विशिष्ट खिंचाव विकसित हुआ है।<ref name="Campbell">{{ cite journal | author=Campbell GR, Pasquier E, Watkins J, et al. | title=The glutamine-rich region of the HIV-1 Tat protein is involved in T-cell apoptosis | url=https://archive.org/details/sim_journal-of-biological-chemistry_2004-11-12_279_46/page/n806 | journal=J. Biol. Chem. | year=2004 | pages=48197–48204 | volume=279 | issue=46 | pmid=15331610 | doi=10.1074/jbc.M406195200 }}</ref><ref name="Campbell2">{{ cite journal | author=Campbell GR, Watkins JD, Esquieu D, Pasquier E, Loret EP, Spector SA | title=The C terminus of HIV-1 Tat modulates the extent of CD178-mediated apoptosis of T cells | url=https://archive.org/details/sim_journal-of-biological-chemistry_2005-11-18_280_46/page/n275 | journal=J. Biol. Chem. | year=2005 | pages=38376–39382 | volume=280 | issue=46 | pmid=16155003 | doi=10.1074/jbc.M506630200 }}</ref><ref name="Senkaali">{{ cite journal | author=Senkaali D, Muwonge R, Morgan D, Yirrell D, Whitworth J, Kaleebu P | title=The relationship between HIV type 1 disease progression and V3 serotype in a rural Ugandan cohort | journal=AIDS Res. Hum. Retroviruses. | year=2005 | pages=932–937 | volume=20 | issue=9 | pmid=15585080 | doi=10.1089/aid.2004.20.932 }}</ref> == महामारी-विज्ञान == {{Main|AIDS pandemic}} [[चित्र:HIV Epidem.png|thumb|300px|right|2005 के अंत में युवा वयस्कों (15-49) में एचआईवी (HIV) के अनुमानित व्याप्ति]] [[चित्र:HIV-AIDS world map - DALY - WHO2002.svg|thumb|300px|right|प्रति 100,000 निवासियों के लिए विकलांगता से समायोजित एचआईवी (HIV) और एड्स (AIDS). [393][394][395][396][397][398][399][400][401]]] यूएनएड्स (UNAIDS) और डब्ल्यूएचओ (WHO) का अनुमान है कि 1981 में पहली बार पहचाने जाने के समय से लेकर आज तक एड्स (AIDS) ने 2.5 करोड़ से अधिक लोगों की जान ली है, जिसके कारण यह इतिहास में दर्ज सर्वाधिक विनाशकारी महामारियों में से एक बन गया है। एक अनुमान के मुताबिक, विश्व के अनेक क्षेत्रों में एंटी-रेट्रोवायरल उपचार और देखभाल तक अभिगम में हालिया सुधार के बावजूद, एड्स (AIDS) की महामारी ने 2005 में लगभग 28 लाख (24 और 33 लाख मैंने क्या किया के बीच) जानें लीं, जिनमें से ५ लाख से अधिक (5,70,000) बच्चे थे।<ref name="UNAIDS2006" /> 2007 में, यह माना जाता था कि 3.06 और 3.61 करोड़ के बीच लोग एचआईवी (HIV) के साथ जी रहे थे और इसने उस वर्ष लगभग 21 लाख लोगों की जान ली, जिसमें 3,30,000 बच्चे शामिल थे; 25 लाख नए संक्रमण मिले। <ref name="UNAIDS2007">{{cite web | author = [[Joint संयुक्त राष्ट्र Programme on HIV/AIDS|UNAIDS]], [[World Health Organization|WHO]] | month = December | year = 2007 | title = 2007 AIDS epidemic update | url = http://data.unaids.org/pub/EPISlides/2007/2007_epiupdate_en.pdf | accessdate = 2008-03-12 | format = PDF | archive-url = https://web.archive.org/web/20081122010229/http://data.unaids.org/pub/EPISlides/2007/2007_epiupdate_en.pdf | archive-date = 22 नवंबर 2008 | url-status = dead }}</ref> उप-सहाराई अफ्रीका अभी तक सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है और एक अनुमान के मुताबिक वर्तमान में वहां 2.16 से 2.74 करोड़ लोग एचआईवी (HIV) के साथ जी रहे हैं। उनमें से २० लाख (15–30 लाख) 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे हैं। एचआईवी (HIV) के साथ जी रहे लोगों की कुल संख्या में से 64% लोग और एचआईवी (HIV) के साथ जी रही महिलाओं में से तीन-चौथाई से अधिक महिलाएं उप-सहाराई अफ्रीका में हैं। 2005 में, उप-सहाराई अफ्रीका 2005 में एड्स (AIDS) के कारण अनाथ हो चुके 1.20 करोड़ (1.06–1.36 करोड़) लोग रह रहे थे।<ref name="UNAIDS2006" /> कुल संख्या के १५% के साथ दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी एशिया दूसरे सबसे-बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र हैं। एड्स (AIDS) इस क्षेत्र में ५ लाख बच्चों की मृत्यु का कारण बनता है। [[दक्षिण अफ़्रीका|दक्षिण अफ्रीका]] में विश्व के एचआईवी (HIV) मरीजों की सबसे बड़ी संख्या रहती है, जिसके बाद [[नाईजीरिया|नाइजीरिया]] का स्थान है।<ref>{{cite news |first=Donald |last=McNeil, Jr. |authorlink= |author2= |title=U.N. Agency to Say It Overstated Extent of H.I.V. Cases by Millions |url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C01EEDF103BF933A15752C1A9619C8B63&n |work= |publisher=दि न्यू यॉर्क टाइम्स |date=November 20, 2007 |accessdate=2008-01-16 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130405110813/http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C01EEDF103BF933A15752C1A9619C8B63&n |archive-date=5 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref> अन्य उप-सहाराई देशों, जैसे सुडान में इसके 1.6% के निम्न प्रसार की जानकारी मिली है, हालांकि यह डेटा खराब ढंग से प्रलेखित है।<ref name="SSMJ">हाकीम, जेम्ज़ (अगस्त 2009). [http://www.southernsudanmedicaljournal.com/archive/2009-08/untitled-resource.html एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS): जानपदिक रोग-विज्ञान, निवारक और चिकित्सा पर एक अद्यतन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110312032025/http://www.southernsudanmedicaljournal.com/archive/2009-08/untitled-resource.html |date=12 मार्च 2011 }}. ''[दक्षिणी सूडान मेडिकल जर्नल]'' .</ref> एक अनुमान के मुताबिक भारत में लगभग २५ लाख संक्रमण हैं (जनसंख्या का 0.23%), जिससे भारत एचआईवी (HIV) मरीजों की तीसरी बड़ी जनसंख्या वाला देश बन गया है। सर्वाधिक प्रसार वाले 35 अफ्रीकी देशों में, औसत जीवन प्रत्याशा 48.3 वर्ष है—बीमारी की अनुपस्थिति में जीवन प्रत्याशा से 6.5 वर्ष कम.<ref name="UNAIDS2001">{{cite web | author=UNAIDS | publisher= | year=2001 | url=http://data.unaids.org/Publications/External-Documents/GAS26-rt3_en.pdf | title=Special Session of the General Assembly on HIV/AIDS Round table 3 Socio-economic impact of the epidemic and the strengthening of national capacities to combat HIV/AIDS | accessdate=2006-06-15 | format=PDF | archive-url=https://web.archive.org/web/20121114185112/http://data.unaids.org/Publications/External-Documents/GAS26-rt3_en.pdf | archive-date=14 नवंबर 2012 | url-status=dead }}</ref> [[विश्व बैंक]] का कार्य मूल्यांकन विभाग (World Bank's Operations Evaluation Department) की नवीनतम रिपोर्ट विश्व-बैंक द्वारा देश-स्तर पर दी जा रही एचआईवी (HIV)/ एड्स (AIDS) सहायता की विकास प्रभावकारिता, जिसे नीति चर्चा के रूप में परिभाषित किया गया है, का मूल्यांकन, विश्लेषण और उधार देने का कार्य एड्स (AIDS) की महामारी के प्रभाव या दायरे को कम करने के स्पष्ट उद्देश्य के साथ करती है।<ref name="Worldbank">{{cite web | author=[[World Bank Group|World Bank]] | publisher= | year=2005 | url=http://www.worldbank.org/oed/aids/main_report.html | title=Evaluating the World Bank's Assistance for Fighting the HIV/AIDS Epidemic | accessdate=2006-01-17 | archive-url=https://web.archive.org/web/20130520021803/http://www.worldbank.org/oed/aids/main_report.html | archive-date=20 मई 2013 | url-status=live }}</ref> यह 2004 के मध्य में इस महामारी की शुरुआत से अभी तक यह विश्व बैंक द्वारा देशों को दिये जा रहे एचआईवी (HIV)/एड्स (AIDS) समर्थन का पहला व्यापक मूल्यांकन है। चूंकि बैंक का लक्ष्य राष्ट्रीय सरकार के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सहायता करना है, अतः उनका अनुभव इस बारे में महत्वपूर्ण ज्ञान प्रदान करता है कि राष्ट्रीय एड्स कार्यक्रमों (National AIDS programmes) को किस प्रकार अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। एचआईवी (HIV) संक्रमण के एक प्रभावी उपचार के रूप में हार्ट (HAART) के विकास ने इस बीमारी से होने वाली मौतों की दर को उन क्षेत्रों में काफी हद तक कम कर दिया है, जहां ये दवाएं व्यापक रूप से उपलब्ध हैं।<ref name="Pallelal"/> जिन देशों में हार्ट (HAART) का प्रयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है, उनमें एचआईवी (HIV) युक्त लोगों के जीवन की संभावित अवधि बढ़ी है, अतः इस बीमारी के लगातार हो रहे प्रसार के कारण एचआईवी (HIV) के साथ जी रहे लोगों की संख्या में भी लक्षणीय वृद्धि हुई है। अफ्रीका में, माता-से-संतान को होने वाले संचरण (mother-to-child-transmission) (एमटीसीटी) (MTCT) के मामलों की संख्या और एड्स (AIDS) के प्रसार ने बच्चों के जीवित बचने के मामलों में दशकों से जारी स्थिर प्रगति को उलटना शुरु कर दिया है। युगांडा जैसे देश वीसीटी (VCT) (स्वैच्छिक परामर्श व परीक्षण (voluntary counselling and testing)), पीएमटीसीटी (PMTCT) (माता-से-संतान में होने वाले संचरण की रोकथाम (prevention of mother-to-child transmission)) और एएनसी (ANC) (मृत्यु-पूर्व देखभाल (ante-natal care)) सेवाओं, जिनमें एंटी-रेट्रोवायरल उपचार का वितरण शामिल है, के द्वारा एमटीसीटी (MTCT) महामारी को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं। == इतिहास == === उत्पत्तियां === {{Main|Origin of AIDS}} :''एचआईवी (HIV)/एड्स (AIDS) के शुरुआती मामलों के लिये ज्ञात मामलों का इतिहास व प्रसार देखें'' ऐसा माना जाता है कि एचआईवी (HIV) की उत्पत्ति उप-सहाराई अफ्रीका के गैर-मानवीय वानरों में हुई और 19वीं सदी के अंत में या 20वीं सदी के प्रारंभ में यह मनुष्यों में स्थानांतरित हुआ।<ref name="pmid18833279">{{cite journal |author=Worobey M, Gemmel M, Teuwen DE, ''et al.'' |title=Direct evidence of extensive diversity of HIV-1 in Kinshasa by 1960|journal=Nature |volume=455 |issue=7213 |pages=661–4 |year=2008 |month=October |pmid=18833279|doi=10.1038/nature07390 |url=https://archive.org/details/sim_nature-uk_2008-10-02_455_7213/page/660}}</ref> एड्स (AIDS) के अवसरवादी संक्रमणों के लक्षणों के एक पैटर्न की पहचान करने वाला पहला शोध-पत्र 1981 में प्रकाशित हुआ।<ref name="MMWR2">{{cite web |url=http://www.cdc.gov/MMWR/preview/mmwrhtml/00043494.htm |title=Pneumocystis Pneumonia -- Los Angeles |work= |accessdate=2008-05-05 |archive-url=https://www.webcitation.org/67yHfzGkG?url=http://www.cdc.gov/MMWR/preview/mmwrhtml/00043494.htm |archive-date=27 मई 2012 |url-status=live }}</ref> ऐसा माना जाता है कि एचआईवी-१ (HIV-1) और एचआईवी-२ (HIV-2) दोनों की उत्पत्ति मध्य-पश्चिमी अफ्रीका में हुई और उन्होंने गैर-मानवीय नर-वानरों से मनुष्यों में प्रजातियों के बीच छलांग लगाकर (एक प्रक्रिया जिसे ज़ूनॉसिस (zoonosis) कहा जाता है) प्रवेश किया है। ऐसा प्रतीत होता है कि एचआईवी-1 (HIV-1) की उत्पत्ति दक्षिणी [[कैमरुन]] में एसआईवी (सीपीज़ेड) (SIV(cpz)), जंगली चिंपांज़ी (''पैन ट्रॉग्लोडाइट्स ट्रॉग्लोडाइट्स (Pan troglodytes troglodytes)'') को संक्रमित करनेवाले एक सिमियन इम्युनोडेफिशियेंसी वायरस (एसआईवी (SIV)), की उत्पत्ति के माध्यम से हुई। <ref name="pmid9989410">{{cite journal |author=Gao F, Bailes E, Robertson DL, ''et al.'' |title=Origin of HIV-1 in the chimpanzee Pan troglodytes troglodytes |journal=Nature |volume=397 |issue=6718|pages=436–41 |year=1999 |month=February |pmid=9989410 |doi=10.1038/17130 |url=https://archive.org/details/sim_nature-uk_1999-02-04_397_6718/page/436}}</ref><ref name="Keele">{{cite journal | author=Keele, B. F., van Heuverswyn, F., Li, Y. Y., Bailes, E., Takehisa, J., Santiago, M. L., Bibollet-Ruche, F., Chen, Y., Wain, L. V., Liegois, F., Loul, S., Mpoudi Ngole, E., Bienvenue, Y., Delaporte, E., Brookfield, J. F. Y., Sharp, P. M., Shaw, G. M., Peeters, M., and Hahn, B. H. | title=Chimpanzee Reservoirs of Pandemic and Nonpandemic HIV-1 | journal=Science | date=28 जुलाई 2006| volume=313 | issue=5786 pages=523–526 | doi = 10.1126/science.1126531 | pmc=PMC2442710 | pmid=16728595 | pages=523–6}}</ref> [[गिनी-बिसाऊ|गिनी-बिसाउ]], [[गबोन|गैबन]] और [[कैमरुन|कैमरून]] में पाये जाने वाले पुराने विश्व के एक बंदर, सूटी मैंगेबी (''सेर्कोसेबस एटिस (Cercocebus atys)''), का एक विषाणु एसआईवी (एजीएम) SIV(agm) एचआईवी-2 (HIV-2) का निकटतम संबंधी है।<ref name="Reeves"/> नये विश्व (New World) के बंदर, जैसे आउल मंकी (owl monkey) एचआईवी-1 (HIV-1) के प्रति प्रतिरोधी हैं, संभवतः दो विषाण्विक प्रतिरोधी जीनों के संगलन के कारण.<ref name="Goodier">{{cite journal | author=Goodier, J., and Kazazian, H. | title=Retrotransposons Revisited: The Restraint and Rehabilitation of Parasites | url=https://archive.org/details/cell_2008-10-03_135_1/page/23 | journal=Cell | year=2008 | pages=23–35 | volume=135 | issue=1 | doi = 10.1016/j.cell.2008.09.022 | pmid=18854152}}</ref> === खोज === वर्ष 1980 के अंत और 1981 के प्रारंभ में पहली बार एड्स (AIDS) का चिकित्सीय रूप से अवलोकन किया गया। पांच पुरुषों के एक समूह ने ''न्युमोसाइटिस कैरिनी (Pneumocystis carinii)'' [[न्यूमोनिया|निमोनिया]] (पीसीपी) के लक्षण प्रदर्शित किये, जो एक दुर्लभ अवसरवादी संक्रमण है, जिसके बारे में यह ज्ञात था कि वह बहुत संवेदनशील प्रतिरक्षा तंत्रों वाले लोगों में स्वयं को प्रस्तुत करता है। इसके शीघ्र बाद पुरुषों के एक अन्य समूह में कैपोसी’स सार्कोमा (Kaposi’s sarcoma) (केपी) (KP) नामक एक दुर्लभ त्वचा कैंसर विकसित हुआ। शीघ्र ही पीसीपी (PCP) और केपी (KP) के बहुत सारे अन्य मामले उभरे, जिसने अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिसीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेन्शन (Centers for Disease Control and Prevention) (सीडीसी) (CDC) को सतर्क कर दिया। इस प्रकोप पर नज़र रखने के लिये एक सीडीसी (CDC) कार्य-बल का निर्माण किया गया। मरीजों में स्वयं को प्रस्तुत कर रहे असामान्य लक्षणों के एक पैटर्न की पहचान कर लेने पर, इस कार्य-बल ने इस स्थिति को एक्वायर्ड इम्युनोडेफिशियेंसी सिंड्रोम (एड्स) (AIDS) का नाम दिया। <ref name="Basavapathruni_2007">{{cite journal | title=Reverse transcription of the HIV-1 pandemic | url=https://archive.org/details/sim_faseb-journal_2007-12_21_14/page/3795 | last1=Basavapathruni | first1=A | last2=Anderson | first2=KS | journal=The FASEB Journal | year=2007 | month=December | volume=21 | issue=14 | pages=3795–3808 | doi=10.1096/fj.07-8697rev | pmid=17639073}}</ref> 1983 में, रॉबर्ट गैलो (Robert Gallo) और ल्युक मॉन्टैग्नियर (Luc Montagnier) के नेतृत्व वाले दो प्रृथक अनुसंधान समूहों ने स्वतंत्र रूप से यह घोषित किया कि संभवतः एक नया रेट्रोवायरस एड्स (AIDS) के मरीजों को संक्रमित करता रहा था और उन्होंने ''साइंस (Science)'' जर्नल के एक ही संस्करण में अपनी खोज प्रकाशित की। <ref name="Gallo">{{cite journal | author=RC Gallo, PS Sarin, EP Gelmann, M Robert-Guroff, E Richardson, VS Kalyanaraman, D Mann, GD Sidhu, RE Stahl, S Zolla-Pazner, J Leibowitch, and M Popovic | journal=Science | title=Isolation of human T-cell leukemia virus in acquired immune deficiency syndrome (AIDS) | url=https://archive.org/details/sim_science_1983-05-20_220_4599/page/864 | year=1983 | pages=865–867 | volume=220 | doi=10.1126/science.6189183 | pmid=6601823 | issue=4599}}</ref><ref name="Montagnier">{{cite journal | author=F Barre-Sinoussi, JC Chermann, F Rey, MT Nugeyre, S Chamaret, J Gruest, C Dauguet, C Axler-Blin, F Vezinet-Brun, C Rouzioux, W Rozenbaum, and L Montagnier | journal=Science | title=Isolation of a T-lymphotropic retrovirus from a patient at risk for acquired immune deficiency syndrome (AIDS) | url=https://archive.org/details/sim_science_1983-05-20_220_4599/page/868 | year=1983 | pages=868–870 | volume=220 | doi=10.1126/science.6601823}}</ref> गैलो (Gallo) ने दावा किया कि उनके समूह द्वारा एड्स (AIDS) के एक मरीज के शरीर से एक विषाणु को अलग किया है, जिसका आकार आश्चर्यजनक रूप से अन्य ह्युमन टी-लिम्फोट्रॉपिक वायरस (human T-lymphotropic viruses) (एचटीएलवी) (HTLVs) के समान है, जिसे उनके समूह ने ही सबसे पहल अलग किया था। गैलो के समूह के उनके द्वारा अलग किये गये इस नये विषाणु को एचटीएलवी-III (HTLV-III) नाम दिया। उसी समय, मॉन्टैग्नियर के समूह ने गरदन की लिंफैडेनोपैथी (लसीका-ग्रंथि (lymph node) में सूजन) और शारीरिक कमजोरी, एड्स (AIDS) के दो पारंपरिक लक्षण, प्रदर्शित कर रहे एक मरीज के शरीर से एक विषाणु को अलग किया। गैलो के समूह की रिपोर्ट का विरोध करते हुए मॉन्टैग्नियर और उनके साथियों ने यह प्रदर्शित किया कि इस विषाणु के मूल प्रोटीन एचटीएलवी-I (HTLV-I) के मूल प्रोटीन से प्रतिरक्षा-विज्ञान की दृष्टि से भिन्न थे। मॉन्टैग्नियर के समूह ने उनके द्वारा अलग किये गये इस विषाणु को लिंफैडेनोपैथी-एसोसियेटेड वायरस (lymphadenopathy-associated virus) (एलएवी) (LAV) नाम दिया। <ref name="Basavapathruni_2007" /> यह अत्यधिक बहस का विषय रहा है कि एड्स (AIDS) का कारण बननेवाले विषाणु की खोज का अधिक श्रेय गैलो या मॉन्टैग्नियर में से किसे मिलना चाहिये। अपने साथी फ्रैंकॉइसे बैरे-साइनॉसी (Françoise Barré-Sinoussi) के साथ, मॉन्टैग्नियर (Montagnier) को उनकी “ह्युमन डेफेशियेंसी वायरस की खोज के लिये” 2008 में शरीर-क्रिया विज्ञान या चिकित्सा के क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार का आधा भाग दिया गया।<ref name="Nobel_2008">{{cite web | url=http://nobelprize.org/nobel_prizes/medicine/laureates/2008/index.html | title=The Nobel Prize in Physiology or Medicine 2008 | accessdate=October 28, 2009 | publisher=नोबेल संस्थान | archive-url=https://web.archive.org/web/20081009040944/http://nobelprize.org/nobel_prizes/medicine/laureates/2008/index.html | archive-date=9 अक्तूबर 2008 | url-status=live }}</ref> हैराल्ड ज़ुर हॉसेन (Harald zur Hausen) ने भी अपनी इस खोज के लिये यह पुरस्कार साझा किया कि ह्युमन पैपीलोमा वायरस ग्रीवा के कैंसर का कारण है, लेकिन गैलो को छोड़ दिया गया।<ref name="science nobel" /> गैलो ने कहा कि सह-प्राप्तकर्ता के रूप में उन्हें नामित न किया जाना “निराशाजनक” है।<ref name="nytimes-nobel">{{cite news | publisher = New York Times | date = 2008-10-06 | accessdate = 2008-10-06 | last = Altman | first = Lawrence | title = Three Europeans Win the 2008 Nobel for Medicine | url = http://www.nytimes.com/2008/10/07/health/07nobel.html | archive-url = https://web.archive.org/web/20130210082400/http://www.nytimes.com/2008/10/07/health/07nobel.html | archive-date = 10 फ़रवरी 2013 | url-status = live }}</ref> मॉन्टैग्नियर ने कहा कि वे “हैरान” थे कि नोबेल समिति द्वारा गैलो को मान्यता नहीं दी गई: "यह साबित करना महत्वपूर्ण था कि एचआईवी (HIV) ही एड्स (AIDS) का कारण था और इसमें गैलो की एक महत्वपूर्ण भूमिका थी। मुझे रॉबर्ट गैलो से पूरी हमदर्दी है।"<ref name="science nobel">{{cite journal | title=Nobel Prize in Physiology or Medicine: HIV, HPV researchers honored, but one scientist is left out | journal=Science | last1=Cohen | first1=J | last2=Enserink | first2=Martin | date=10 अक्टूबर 2008| volume=322 |issue=5899 | pages=149–175 | doi=10.1126/science.322.5899.174 | pmid=18845715}}</ref> == एड्स अस्वीकृतिवाद == {{Main|AIDS denialism}} कुछ लोग, कुछ ऐसे वैज्ञानिकों सहित, जो एचआईवी (HIV) के मान्यता-प्राप्त विशेषज्ञ नहीं हैं,<ref name="Kalichman" /> एचआईवी (HIV) और एड्स (AIDS) के बीच संबंध,<ref name="Duesberg">{{cite journal | author=Duesberg, P. H. | title=HIV is not the cause of AIDS | url=https://archive.org/details/sim_science_1988-07-29_241_4865/page/514 | journal=Science | year=1988 | pages=514, 517 | volume=241 | issue=4865 | pmid=3399880 | doi=10.1126/science.3399880 }}</ref> स्वतः एचआईवी (HIV) के ही अस्तित्व, अथवा एचआईवी (HIV) के परीक्षण और उपचार की विधियों पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं।<ref name="Kalichman">{{cite book |author=Kalichman, Seth |authorlink=Seth Kalichman |title=Denying AIDS: Conspiracy Theories, Pseudoscience, and Human Tragedy |publisher=Copernicus Books ([[स्प्रिंगर Science+Business Media]]) |location=New York |year=2009 |pages= |isbn=978-0-387-79475-4 | url = http://books.google.com/?id=_mtDBCDwxugC&printsec=frontcover&q= }}</ref><ref name="SmithNovella">{{cite journal |author=Smith TC, Novella SP |title=HIV denial in the Internet era |journal=PLoS Med. |volume=4 |issue=8 |pages=e256 |year=2007 |month=August |pmid=17713982 |doi=10.1371/journal.pmed.0040256 |url=http://medicine.plosjournals.org/perlserv/?request=get-document&doi=10.1371/journal.pmed.0040256&ct=1&SESSID=3d4baa1a64e57d8ff33e9d41eb2335a1 |accessdate=2009-11-07 |pmc=1949841 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080506012410/http://medicine.plosjournals.org/perlserv/?request=get-document&doi=10.1371%2Fjournal.pmed.0040256&ct=1&SESSID=3d4baa1a64e57d8ff33e9d41eb2335a1 |archive-date=6 मई 2008 |url-status=live }}</ref> विश्व के वैज्ञानिक समुदाय द्वारा इन दावों, जिन्हें एड्स अस्वीकृतिवाद (AIDS denialism) के रूप में जाना जाता है, की जांच की गई है और इन्हें निरस्त कर दिया गया है,<ref name=consensus>इस बात के प्रमाण के लिये कि एचआईवी (HIV) ही एड्स (AIDS) का कारण है, (उदाहरण के लिये) देखें: * {{cite journal |author=, |title=The Durban Declaration |url=https://archive.org/details/sim_nature-uk_2000-07-06_406_6791/page/14 |journal=Nature |volume=406 |issue=6791 |pages=15–6 |year=2000 |pmid=10894520 |doi=10.1038/35017662}} * {{cite journal | author=Cohen, J. | title=The Controversy over HIV and AIDS | journal=Science | year=1994 | pages=1642–1649 | volume=266 | issue=5191 | url=http://www.sciencemag.org/feature/data/cohen/266-5191-1642a.pdf | format=PDF | doi=10.1126/science.7992043 | pmid=7992043 | accessdate=2009-03-31 | archive-url=https://web.archive.org/web/20040106005809/http://www.sciencemag.org/feature/data/cohen/266-5191-1642a.pdf | archive-date=6 जनवरी 2004 | url-status=live }} * {{cite web | author=Various | publisher=[[National Institute of Allergy and Infectious Diseases]] | year= | url=http://www3.niaid.nih.gov/topics/HIVAIDS/Understanding/How+HIV+Causes+AIDS/connection.htm | title=Resources and Links, HIV-AIDS Connection | accessdate=2009-02-22 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090425234137/http://www3.niaid.nih.gov/topics/HIVAIDS/Understanding/How+HIV+Causes+AIDS/connection.htm | archive-date=25 अप्रैल 2009 | url-status=dead }} * {{cite journal |author=O'Brien SJ, Goedert JJ |title=HIV causes AIDS: Koch's postulates fulfilled |journal=Curr. Opin. Immunol. |volume=8 |issue=5 |pages=613–8 |year=1996 |pmid=8902385 |doi=10.1016/S0952-7915(96)80075-6}} * {{cite journal |author=Galéa P, Chermann JC |title=HIV as the cause of AIDS and associated diseases |url=https://archive.org/details/sim_genetica_1998_104_2/page/133 |journal=Genetica |volume=104 |issue=2 |pages=133–42 |year=1998 |pmid=10220906 |doi=10.1023/A:1003432603348}}</ref> हालांकि उन पर एक राजनैतिक प्रभाव रहा है, विशिष्ट रूप से [[दक्षिण अफ़्रीका|दक्षिण अफ्रीका]] में, जहां सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से किया गया एड्स अस्वीकृतिवाद (AIDS denialism) का प्रचार उस देश की एड्स (AIDS) महामारी के प्रति अप्रभावी प्रतिक्रिया के लिये जिम्मेदार था।<ref>{{cite journal |author=Watson J |title=Scientists, activists sue South Africa's AIDS 'denialists' |journal=Nat. Med. |volume=12 |issue=1 |page=6 |year=2006 |pmid=16397537 |doi=10.1038/nm0106-6a}}</ref><ref>{{cite journal |author=Baleta A |title=S Africa's AIDS activists accuse government of murder |url=https://archive.org/details/sim_the-lancet_2003-03-29_361_9363/page/1104 |journal=Lancet |volume=361 |issue=9363 |page=1105 |year=2003 |pmid=12672319 |doi=10.1016/S0140-6736(03)12909-1}}</ref><ref>{{cite journal |author=Cohen J |title=South Africa's new enemy |url=https://archive.org/details/sim_science_2000-06-23_288_5474/page/2168 |journal=Science |volume=288 |issue=5474 |pages=2168–70 |year=2000 |pmid=10896606 |doi=10.1126/science.288.5474.2168}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist|colwidth=30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{Sisterlinks|b=Sexual Health/Sexually Transmitted Diseases#HIV|commons=Category:HIV|n=Category:AIDS}}• [https://giptar.blogspot.com/2023/06/diagnosis-and-treatment-of-aids-in-hindi.html HIV /AIDS Diagnosis &treatment in hindi] * {{Dmoz|Health/Conditions_and_Diseases/Immune_Disorders/Immune_Deficiency/AIDS/|HIV/AIDS}} * {{cite web |url=http://aidsinfo.nih.gov/ |title=AIDSinfo - HIV/AIDS Treatment Information |accessdate=2008-03-21 |publisher=US Department of Health and Human Services |format= |work= |archive-url=https://web.archive.org/web/20110225133251/http://www.aidsinfo.nih.gov/ |archive-date=25 फ़रवरी 2011 |url-status=dead }} * {{cite web |url=http://www.unaids.org/en/ |title=UNAIDS: The Joint संयुक्त राष्ट्र Programme on HIV/AIDS |accessdate=2008-03-21 |publisher=UNAIDS |format= |work= |archive-url=https://web.archive.org/web/20130210215850/http://www.unaids.org/en/ |archive-date=10 फ़रवरी 2013 |url-status=live }} * {{cite web |url=http://www.AIDS.gov |title=AIDS.gov: Portal to all Federal HIV/AIDS information |accessdate=2008-05-20 |publisher=AIDS.gov |format= |work= |archive-url=https://web.archive.org/web/20170602120207/https://www.aids.gov/ |archive-date=2 जून 2017 |url-status=dead }} * {{cite web |url=http://www.thebody.com/ |title=HIV News and Resources |accessdate=2008-07-18 |publisher=The Body |format= |work= |archive-url=https://web.archive.org/web/20101109083959/http://www.thebody.com/ |archive-date=9 नवंबर 2010 |url-status=dead }} * [https://web.archive.org/web/20130122053331/http://www.apa.org/pi/aids/index.aspx एड्स पर अमेर] [[श्रेणी:एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS)]] [[श्रेणी:लेंटीवायरस]] [[श्रेणी:रोग और संक्रमण से संचारित यौन]] [[श्रेणी:रोगक्षम अपर्याप्तता]] [[श्रेणी:खोज और आविष्कार विवाद]] [[श्रेणी:प्रारंभिक वर्ण]] [[श्रेणी:मृत्यु के कारण]] [[श्रेणी:गूगल परियोजना]] [[श्रेणी:आयुर्विज्ञान]] [[श्रेणी:विषाणु]] [[श्रेणी:एचआइवी]] [[श्रेणी:रोग]] [[श्रेणी:यौन रोग]] [[श्रेणी:ऍचआइवी-सम्बंधित जानकारी]] [https://web.archive.org/web/20130122053331/http://www.apa.org/pi/aids/index.aspx िकन मनोवैज्ञानिक संघ के कार्यालय] {{DEFAULTSORT:Hiv}} suy0z25txy9cvwab3v6xm6fuppmidf7 क्रिया विभव 0 217254 6582866 6578021 2026-07-15T10:08:01Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582866 wikitext text/x-wiki {{ख़राब अनुवाद|1=अंग्रेज़ी|date=जून 2025}} {{pp-move-vandalism|small=yes}} [[शरीरक्रियाविज्ञान]] में '''क्रिया विभव''' (ऐक्शन पोटेंशिअल) एक अल्प-जीवी घटना होती है जिसमें [[कोशिका]] की विद्युतीय झिल्ली क्षमता, रूढ़ प्रारूप पथ का अनुगमन करते हुए तेजी से चढ़ती और गिरती है। क्रिया विभव, कई प्रकार की जन्तु कोशिकाओं में होती है, जिसे उत्तेजनीय कोशिका कहा जाता है, जिसमें शामिल हैं न्यूरॉन, मांसपेशी कोशिका और अंतःस्रावी कोशिका। न्यूरॉन्स में, कोशिका से कोशिका संचार में वे एक केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। अन्य प्रकार की कोशिकाओं में, उनका मुख्य कार्य अंतर-कोशिकीय प्रक्रियाओं को सक्रिय करना है। मांसपेशी कोशिकाओं में, उदाहरण के लिए, एक ऐक्शन पोटेंशिअल, संकुचन में फलित होने वाली घटनाओं की श्रृंखला में पहला कदम है। {{Citation needed|date=March 2010}} अग्न्याशय की बीटा कोशिका में, वे इंसुलिन के स्राव को प्रेरित करते हैं।<ref name="pmid16464129">{{ cite journal | author = MacDonald PE, Rorsman P | title = Oscillations, intercellular coupling, and insulin secretion in pancreatic beta cells | journal = PLoS Biol. | volume = 4 | issue = 2 | pages = e49 | year = 2006 | month = February | pmid = 16464129 | pmc = 1363709 | doi = 10.1371/journal.pbio.0040049 | url = | issn = }}</ref> न्यूरॉन्स में ऐक्शन पोटेंशिअल को "तंत्रिका आवेग" या "स्पाइक्स" के रूप में भी जाना जाता है और न्यूरॉन द्वारा उत्पन्न ऐक्शन पोटेंशिअल का अस्थायी अनुक्रम उसका "स्पाइक ट्रेन" कहलाता है। एक न्यूरॉन जो एक ऐक्शन पोटेंशिअल उत्सर्जन करता है उसे अक्सर "फायर" करता हुआ कहा जाता है। क्रिया विभव को कोशिका की प्लाज़्मा झिल्ली में सन्निहित विशेष प्रकार के वोल्टेज-गेटेड आयन चैनल द्वारा उत्पन्न किया जाता है।<ref name="pmid17515599">{{cite journal | author = Barnett MW, Larkman PM | title = The action potential | journal = Pract Neurol | volume = 7 | issue = 3 | pages = 192–7 | year = 2007 | month = June | pmid = 17515599 | doi = | url = http://pn.bmj.com/content/7/3/192.short | issn = | access-date = 17 सितंबर 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20110708074452/http://pn.bmj.com/content/7/3/192.short | archive-date = 8 जुलाई 2011 | url-status = dead }}</ref> इन चैनलों को तब बंद कर दिया जाता है जब झिल्ली क्षमता, कोशिका की विश्राम क्षमता के करीब होती है, लेकिन वे तेजी से खुलना शुरू हो जाते हैं जब यदि झिल्ली क्षमता सटीक रूप से परिभाषित आरंभिक मूल्य तक बढ़ जाती है। जब चैनल खुलते हैं, तो वे सोडियम आयनों के आवक की अनुमति देते हैं, जो झिल्ली क्षमता में एक आवक के प्रवाह की वृद्धि, जो परिवर्तन विद्युत-रासायनिक प्रवणता को परिवर्तित करता है, जो बदले में झिल्ली क्षमता में और वृद्धि करते हैं। इस क्रिया के परिणामस्वरूप और अधिक चैनल खुलते हैं, जो और अधिक विद्युत् धारा का उत्पादन करते हैं और इसी तरह आगे होता रहता है। यह प्रक्रिया विस्फोटक रूप से तब तक आगे बढ़ती रहती है जब तक कि सभी उपलब्ध आयन चैनल खुल नहीं जाते, जिसके फलस्वरूप झिल्ली क्षमता में एक विशाल उछाल आता है। सोडियम आयनों की तीव्र आमद, प्लाज्मा झिल्ली की ध्रुवाभिसारिता को पलट देती है और उसके बाद आयन चैनल तेज़ी से निष्क्रिय हो जाते हैं। सोडियम चैनलों के बंद होने पर, सोडियम आयन अब न्यूरॉन में प्रवेश नहीं कर सकते और वे सक्रिय रूप से प्लाज्मा झिल्ली पहुँचाया जाता है। [[पोटैशियम|पोटेशियम]] चैनल तब सक्रिय हो जाते हैं और वहां पोटेशियम आयनों की एक बाह्य धारा होती है, जो विद्युत्-रासायनिक प्रवणता को विश्राम स्थिति में वापस लाती है। एक ऐक्शन पोटेंशिअल के हो जाने के बाद, वहां एक क्षणिक नकारात्मक बदलाव होता है, जिसे अतिरिक्त पोटेशियम धाराओं के कारण आफ्टरहाइपरपोलराईजेशन या दु:साध्य अवधि कहा जाता है। यही वह क्रियावली है जो एक ऐक्शन पोटेंशिअल को उस तरीके से वापस यात्रा करने से रोकती है जिस तरीके से वह आया होता है। पशु कोशिकाओं में, ऐक्शन पोटेंशिअल के दो मुख्य प्रकार हैं, पहला प्रकार वोल्टेज-गेटेड सोडियम चैनलों द्वारा उत्पन्न होता है और दूसरा प्रकार वोल्टेज-गेटेड कैल्शियम चैनलों द्वारा. सोडियम-आधारित ऐक्शन पोटेंशिअल आम तौर पर एक मिलीसेकंड से कम समय तक चलते हैं, जबकि कैल्शियम-आधारित ऐक्शन पोटेंशिअल 100 मिलीसेकंड या ज्यादा समय तक चल सकते हैं। कुछ प्रकार के न्यूरॉन्स में, धीमे कैल्शियम स्पाइक, तेज़ी से उत्सर्जित सोडियम स्पाइक के लम्बे विस्फोट के लिए प्रेरणा शक्ति प्रदान करते हैं। दूसरी तरफ, हृदय की मांसपेशी कोशिकाओं में, एक आरंभिक तीव्र सोडियम स्पाइक, एक कैल्शियम स्पाइक की तीव्र शुरुआत को उकसाने के लिए एक "प्राइमर" प्रदान करता है, जो तब मांसपेशी संकुचन को उत्पन्न करता है। {{TOC limit}} == एक विशिष्ट न्यूरॉन के लिए अवलोकन == [[चित्र:Action potential vert.png|thumb|300px|Figure 1. A. view of an idealized action potential shows its various phases as the action potential passes a point on a cell membrane. B. Recordings of action potentials are often distorted compared to the schematic view because of variations in electrophysiological techniques used to make the recording.|alt = मेम्ब्रेन पोटेंशिअल के दो चित्रण (mV में मापन) बनाम समय (ms). ऊपर: आदर्श नक्शा जहां झिल्ली क्षमता शून्य समय पर - 70 mV से शुरू होती है एक उद्दीपन को samay = 1 ms पर लागू किया जाता है, जो झिल्ली क्षमता को -55 mV (थ्रेशहोल्ड पोटेंशिअल) के ऊपर बढ़ा देता है। उद्दीपन को लागू किये जाने के बाद, झिल्ली क्षमता तेजी से + 40 mV की एक चरम क्षमता तक बढ़ जाती है टाइम = 2 ms पर. बड़ी जल्दी ही, क्षमता तब गिर जाती है और टाइम = 3 ms पर -90 mV तक ऊछल जाती है और अंततः -70 mV की विश्राम क्षमता टाइम = 5 ms पर पुनः स्थापित हो जाती है। नीचे: प्रयोगात्मक रूप से निर्धारित ऐक्शन पोटेंशिअल की एक रूप-रेखा जो एक आदर्शीकृत रूप-रेखा के समान है, सिवाय इसके कि चरम अपेक्षाकृत ज्यादा तीव्र होता है और प्रारंभिक गिरावट -50 mV तक है जो - 70 mV के विश्राम क्षमता में वापस गिरने से पहले -30 mV तक बढ़ती है।]] पशु शरीर के ऊतकों में सभी कोशिकाएं विद्युतीय रूप से ध्रुवीय होती हैं - दूसरे शब्दों में, वे कोशिका की प्लाज्मा झिल्ली के चारों ओर एक वोल्टेज भिन्नता बनाए रखती हैं, जिसे झिल्ली क्षमता (मेम्ब्रेन पोटेंशिअल) के रूप में जाना जाता है। यह विद्युतीय ध्रुवीकरण, आयन पम्प नामक झिल्ली में सन्निहित प्रोटीन संरचनाओं और आयन चैनल के बीच जटिल परस्पर क्रिया से फलित होता है। न्यूरॉन्स में, झिल्ली में आयन चैनलों के प्रकार आमतौर पर, कोशिका के विभिन्न भागों में अलग-अलग होते हैं, जो डेन्ड्राईट, अक्षतंतु और कोशिका शरीर को विभिन्न विद्युतीय गुण प्रदान करते हैं। एक परिणाम के रूप में, न्यूरॉन के झिल्ली के कुछ भाग उत्तेजनीय (ऐक्शन पोटेंशिअल पैदा करने में सक्षम) हो सकते हैं, जबकि अन्य नहीं होते हैं। न्यूरॉन का सबसे उत्तेजनीय हिस्सा आमतौर पर अक्षतंतु पहाड़ी है (बिंदु जहां अक्षतंतु कोशिका शरीर को छोड़ देता है), लेकिन अक्षतंतु और कोशिका शरीर भी अधिकांश मामलों में उत्तेजनीय होते हैं। झिल्ली के प्रत्येक उत्तेजनीय पैच में झिल्ली क्षमता का दो महत्वपूर्ण स्तर होता है: विश्राम क्षमता, जो वह मान है जिसे झिल्ली क्षमता तब तक बनाए रखती है जब तक कोशिका को कोई चीज़ परेशान नहीं करती और एक उच्च मान जो आरंभिक क्षमता कहलाता है। एक विशिष्ट न्यूरॉन के अक्षतंतु पहाड़ी पर, विश्राम क्षमता -70 मिलीवोल्ट (mV) के आसपास होती है और आरंभिक क्षमता -55 mV के आसपास होती है। एक न्यूरॉन में सिनेप्टिक इनपुट के कारण झिल्ली विध्रुवीय या अति-ध्रुवीय हो जाती है; अर्थात वे झिल्ली क्षमता को बढ़ने या घटने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐक्शन पोटेंशिअल तब चालू होता है जब झिल्ली क्षमता को सीमा तक लाने के लिए पर्याप्त विध्रुवण जमा हो जाता है। जब एक ऐक्शन पोटेंशिअल चालु होता है, तब झिल्ली क्षमता अचानक ऊपर की ओर उठती है, जो अक्सर +100 mV तक पहुंचती है और फिर समान रूप से अचानक वापस नीचे गिरती है, जो अक्सर विश्राम स्तर से नीचे समाप्त होती है, जहां यह कुछ समय के लिए रहती है। ऐक्शन पोटेंशिअल का आकार रूढ़िबद्ध है; अर्थात, एक दी गई कोशिका में सभी ऐक्शन पोटेंशिअल के लिए वृद्धि और गिरावट का आयाम और समयावधि, आमतौर पर लगभग समान होती है। (अपवादों की चर्चा आलेख में आगे की गई है।) अधिकांश न्यूरॉन्स में, पूरी प्रक्रिया एक सेकेण्ड के हजारवें भाग में घटती है। न्यूरॉन्स के कई रूप, प्रति सेकंड 10-100 तक की दरों से लगातार ऐक्शन पोटेंशिअल उत्सर्जित करते रहते हैं; कुछ प्रकार, हालांकि शांत होते हैं और बिना किसी ऐक्शन पोटेंशिअल के उत्सर्जन के एक मिनट या ज्यादा समय तक चल सकते हैं। जैव-भौतिक स्तर पर, ऐक्शन पोटेंशिअल, विशेष प्रकार के वोल्टेज-गेटेड आयन चैनल से परिणामित होते हैं। झिल्ली क्षमता के बढ़ने के साथ, सोडियम आयन चैनल खुलता है, जो सोडियम आयनों को कोशिका में प्रविष्टि की अनुमति देता है। इसके बाद पोटेशियम आयन चैनल खुलते हैं जो कोशिका से पोटेशियम आयनों को बाहर निकलने की अनुमति देते हैं। सोडियम आयनों का अन्दर की ओर प्रवाह, कोशिका में धनात्मक रूप से चार्ज धनायन के संकेन्द्रण को बढ़ा देता है और विध्रुवण को प्रेरित करता है, जहां कोशिका की क्षमता, कोशिका की विश्राम क्षमता से अधिक होती है। सोडियम चैनल, ऐक्शन पोटेंशिअल के चरम पर बंद हो जाते हैं, जबकि पोटेशियम का कोशिका को छोड़ना जारी रहता है। पोटेशियम आयनों की समाप्ति, झिल्ली क्षमता को कम कर देती है या कोशिका को अति-ध्रुवीय कर देती है। विश्राम से अल्प वोल्टेज वृद्धि के लिए, पोटेशियम धारा, सोडियम धारा से अधिक हो जाती है और वोल्टेज अपने सामान्य विश्राम मान पर लौट आता है, आमतौर पर -70 mV.<ref name="failed_initiations">बुलोक ओर्कंड और ग्रीनल, पीपी 150-151.; जुंग, पीपी 89-90.; श्मिद-नीलसन, पी. 484.</ref> हालांकि, अगर वोल्टेज एक महत्वपूर्ण सीमा से आगे बढ़ जाता है, आम तौर पर विश्राम मान से 15 mV अधिक, तो सोडियम धारा हावी हो जाती है। यह एक सहज स्थिति को फलित करता है जहां सोडियम धारा से आने वाली धनात्मक प्रतिक्रिया और अधिक सोडियम चैनल को सक्रिय करती है। इस प्रकार, वह कोशिका एक ऐक्शन पोटेंशिअल को उत्पन्न करते हुए "फायर" करती है।<ref name="positive_feedback" /><ref>सामान्य में, जबकि ऐक्शन पोटेंशिअल का यह सरल वर्णन सटीक है, यह बड़ा कदम है वर्तमान के साथ उन्हें समझा नहीं घटनाएं ऐसी प्रेरक के रूप में ऐक्शन पोटेंशिअल को (न्यूरॉन्स को रोकने की क्षमता) के लिए उत्तेजना को ब्लॉक करता है और क्षमता को प्रकाश में लाना संक्षिप्त झिल्ली उच्च विध्रुवन द्वारा ऐक्शन पोटेंशिअल होता है। हालांकि झिल्ली में एक चैनल सोडियम और पोटेशियम की एक प्रणाली की गतिशीलता का विश्लेषण करके पैच का उपयोग कम्प्यूटेशनल मॉडल में किया जाता है, इन घटनाओं को http://www.scholarpedia.org/article/FitzHugh-Nagumo_model {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100821060715/http://www.scholarpedia.org/article/FitzHugh-Nagumo_model |date=21 अगस्त 2010 }}) में समझाया गया है।</ref> एक ऐक्शन पोटेंशिअल के क्रम में वोल्टेज-गेटेड चैनल के खुलने से उत्पादित होने वाली धाराएं आम तौर पर महत्वपूर्ण रूप से प्रारंभिक उत्तेजक धाराओं से बड़ी होती हैं। इस प्रकार आयाम, अवधि और ऐक्शन पोटेंशिअल का आकार काफी हद तक उत्तेजनीय झिल्ली के गुण द्वारा निर्धारित होते हैं और न कि उत्तेजना के आयाम या अवधि द्वारा. ऐक्शन पोटेंशिअल का यह ऑल-और-नथिंग गुण उसे सेट इसे क्रमिक क्षमता से अलग करता है जैसे रिसेप्टर क्षमता, इलेक्ट्रोटोनिक क्षमता और सिनेप्टिक क्षमता, जो उत्तेजना की तीव्रता के साथ बढ़ती है। विभिन्न कोशिका प्रकार और कोशिका खानों में ऐक्शन पोटेंशिअल के नाना प्रकार मौजूद होते हैं, जो वोल्टेज-गेटेड चैनलों के प्रकार, रिसाव चैनल, चैनल वितरण, आयन संकेन्द्रण, झिल्ली संधारित्र, तापमान और अन्य कारकों द्वारा निर्धारित होते हैं। ऐक्शन पोटेंशिअल में शामिल मुख्य आयन हैं सोडियम और पोटेशियम धनायन; सोडियम आयन कोशिका में प्रवेश करते हैं और पोटेशियम आयन बाहर निकल जाते हैं और संतुलन बना रहता है। मेम्ब्रेन वोल्टेज के तीव्र बदलाव के लिए, अपेक्षाकृत कुछ आयनों को झिल्ली को पार करने की जरूरत होती है। एक ऐक्शन पोटेंशिअल के दौरान विनिमय हुए आयन, इसलिए, आंतरिक और बाह्य आयन संकेन्द्रण में एक नगण्य बदलाव करते हैं। कुछ आयन, जो वास्तव में पार कर जाते हैं वे सोडियम-पोटेशियम पंप की निरंतर क्रिया द्वारा बाहर फेंक दिए जाते हैं, जो अन्य आयन ट्रांसपोर्टर के साथ सम्पूर्ण झिल्ली में आयन संकेन्द्रण के सामान्य अनुपात को बनाए रखता है। [[कैल्शियम]] धनायन और क्लोराइड ऋणायन, ऐक्शन पोटेंशिअल के कुछ प्रकारों में शामिल हैं, उदाहरण के लिए क्रमशः हृदय संबंधी ऐक्शन पोटेंशिअल और एकल कोशिका अल्गा, ''एसेटाबुलारिया'' में ऐक्शन पोटेंशिअल. हालांकि ऐक्शन पोटेंशिअल को स्थानीय स्तर पर उत्तेजनीय झिल्ली के पैच पर उत्पन्न किया जाता हैं, फलित होने वाली धाराएं, झिल्ली के आस-पास के फैलाव पर ऐक्शन पोटेंशिअल शुरू कर सकती हैं, जो डोमिनो के समान प्रसरण उत्पन्न कर सकते हैं। विद्युत् क्षमता (इलेक्ट्रोटोनिक पोटेंशिअल) के निष्क्रिय प्रसार के विपरीत, ऐक्शन पोटेंशिअल, झिल्ली के उत्तेजनीय फैलाव के पास नए सिरे से उत्पन्न होते हैं और बिना क्षय के फैलते हैं।<ref name="no_decrement">श्मिट-नीलसन, पी. 484.</ref> अक्षतंतु के मेलिन लेपित खंड उत्तेजनीय नहीं होते और वे ऐक्शन पोटेंशिअल उत्पन्न नहीं करते और संकेत, इलेक्ट्रोटोनिक पोटेंशिअल के रूप में निष्क्रिय रूप से प्रसारित होता है। नियमित अंतराल पर बिना मेलिन लेपित पैच, जिसे नोड्स ऑफ़ रैनविअर कहा जाता है, संकेत को बढ़ाने के लिए ऐक्शन पोटेंशिअल उत्पन्न करते हैं। अस्थिर संवाहन के रूप में ज्ञात, इस प्रकार का संकेत प्रसार, संकेत वेग और अक्षतंतु व्यास का एक अनुकूल समझौताकारी तालमेल प्रदान करता है। सामान्य तौर पर, अक्षतंतु टर्मिनल का विध्रुवण, सिनेप्टिक क्लेफ्ट में न्यूरोट्रांसमीटर के स्राव को प्रेरित करता है। इसके अलावा, पश्च-प्रसरण ऐक्शन पोटेंशिअल को पिरामिडीय न्यूरॉन्स के डेंड्राइट में दर्ज किया गया है, जो नियोकोर्टेक्स में सर्वत्र हैं।<ref name="backpropagation_in_pyramidal_cells">{{cite journal | author = Golding NL, Kath WL, Spruston N | title = Dichotomy of action-potential backpropagation in CA1 pyramidal neuron dendrites | journal = J. Neurophysiol. | volume = 86 | issue = 6 | pages = 2998–3010 | year = 2001 | month = December | pmid = 11731556 | doi = | url = http://jn.physiology.org/cgi/content/abstract/86/6/2998 | issn = | access-date = 17 सितंबर 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20081122094807/http://jn.physiology.org/cgi/content/abstract/86/6/2998 | archive-date = 22 नवंबर 2008 | url-status = live }}</ref> माना जाता है कि स्पाइक-टाइमिंग-डिपेंडेंट प्लास्टिसिटी में इनकी एक भूमिका होती है। == जैव-भौतिकी और कोशिकीय सन्दर्भ == === उनकी गति को प्रेरित करने वाले आयन और बल === {{Main|Ion|Diffusion|Electrochemical gradient|Electrophoretic mobility}} [[चित्र:Diffusion.en.svg|thumb|right|250px|Ions (pink circles) will flow across a membrane from the higher concentration to the lower concentration (down a concentration gradient), causing a current. However, this creates a voltage across the membrane that opposes the ions' motion. When this voltage reaches the equilibrium value, the two balance and the flow of ions stops.<ref>Campbell Biology, 6th edition</ref>|alt = दो बीकर का एक योजनाबद्ध आरेख, प्रत्येक पानी से भरा हुआ (हल्का नीला) और एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली जिसे एक डैश अनुलंब रेखा द्वारा दर्शाया गया है जो बीकर के भीतर जाते हुए बीकर के अन्दर की तरल सामग्री को दो बराबर भागों में बांटती है। बाएं हाथ बीकर शून्य समय में एक प्रारंभिक अवस्था का प्रतिनिधित्व करता है जहाँ आयनों (गुलाबी हलकों) अधिक अन्य की तुलना में झिल्ली के एक तरफ अधिक है की संख्या. दाईं तरफ का बीकर एक बाद के समय बिंदु की स्थिति दर्शाता है, जिसके बाद आयन झिल्ली भर में उच्च से बीकर के प्रत्येक पक्ष पर आयनों की संख्या अब करीब बराबर की संकेन्द्रण है, कम खण्डों को प्रवाहित किया है।]] जैविक जीवों के भीतर विद्युत संकेत, सामान्यतः, आयन द्वारा संचालित होते हैं।<ref>जॉनसन और वू, पी. 9.</ref> ऐक्शन पोटेंशिअल के लिए सबसे महत्वपूर्ण धनायन, सोडियम (Na<sup>+</sup>) और पोटेशियम (K<sup>+</sup>) है।<ref name="bullock_140_141">बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 140-41..</ref> दोनों ही ''मोनोवैलेन्ट'' फैटायन हैं, जो एक एकल धनात्मक चार्ज वहन करते हैं। ऐक्शन पोटेंशिअल में कैल्शियम (Ca<sup>2+</sup>)<ref>बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 153-54..</ref> भी शामिल हो सकता है, जो एक ''द्विसंयोजक'' फैटायन है जो दोहरा सकारात्मक चार्ज वहन करता है। क्लोराइड एनायन (Cl<sup>-</sup>) कुछ शैवाल के ऐक्शन पोटेंशिअल में एक बड़ी भूमिका निभाता है,<ref name="mummert_1991">{{cite journal | author = Mummert H, Gradmann D | year = 1991 | title = Action potentials in Acetabularia: measurement and simulation of voltage-gated fluxes | url = https://archive.org/details/sim_journal-of-membrane-biology_1991-12_124_3/page/265 | journal = Journal of Membrane Biology | volume = 124 | pages = 265–73 | pmid = 1664861 | doi = 10.1007/BF01994359 | issue = 3}}</ref> लेकिन अधिकांश जानवरों के ऐक्शन पोटेंशिअल में एक नगण्य भूमिका निभाता है।<ref>श्मिट-नीलसन, पी. 483.</ref> आयन दो प्रभाव के तहत कोशिका झिल्ली को पार करते हैं: विसरण और विद्युत् क्षेत्र. एक सरल उदाहरण जिसमें दो विलय -A और B- को एक छिद्रदार बाधा से अलग करना यह व्याख्या करता है कि विसरण यह सुनिश्चित करेगा कि वे अंततः समान विलय में मिश्रित हो जायेंगे. यह मिश्रण, उनके संकेन्द्रण में अंतर की वजह से होता है। उच्च संकेन्द्रण वाला क्षेत्र, निम्न संकेन्द्रण वाले क्षेत्र की ओर विसरित हो जायेगा. उदाहरण का विस्तार करने के लिए, मान लेते हैं कि विलय A में 30 सोडियम आयन और 30 क्लोराइड आयन हैं। इसके अलावा, मान लेते हैं कि विलय B में केवल 20 सोडियम आयन और 20 क्लोराइड आयन हैं। यह मान कर कि बाधा, दोनों प्रकार के आयनों को गुज़रने देती है, तब एक स्थिर स्थिति पर पहुंचा जाता है जहां दोनों विलय के पास 25 सोडियम आयन और 25 क्लोराइड आयन होते हैं। हालांकि, अगर छिद्रदार बाधा इस बात पर चयनात्मक हो कि किस आयन को गुजरने दिया जाए, तो अकेले विसरण, फलित विलय को निर्धारित नहीं करेगा। पिछले उदाहरण पर लौटते हुए, एक ऐसी बाधा बनाते हैं जो केवल सोडियम आयनों द्वारा पारगम्य हैं। चूंकि विलय B में सोडियम और क्लोराइड, दोनों का न्यून संकेन्द्रण है, वह बाधा विलय से दोनों आयनों को आकर्षित करेगी। हालांकि, केवल सोडियम बाधा के माध्यम से यात्रा करेंगे। इससे विलय B में सोडियम का एक संचय फलित होगा। चूंकि सोडियम में एक धनात्मक चार्ज है, यह संचय विलय B को विलय A की अपेक्षा अधिक धनात्मक बनाएगा. धनात्मक सोडियम आयन के, अब अधिक-धनात्मक बन चुके विलय B तक यात्रा करने की संभावना कम होगी। इससे आयन प्रवाह को नियंत्रित करने वाले दूसरे कारक का निर्माण होता है, अर्थात् विद्युत् क्षेत्र. वह बिंदु जहां यह विद्युत् क्षेत्र विसरण के कारण बल का पूरी तरह से विरोध करता है उसे संतुलन क्षमता कहा जाता है। इस बिंदु पर, इस विशिष्ट आयन (इस मामले में सोडियम) का शुद्ध प्रवाह शून्य है। [[चित्र:Cell membrane drawing-en.svg|thumb|upright=1.2|left|The hydrophobic cell membrane prevents charged molecules from easily diffusing through it, permitting a potential difference to exist across the membrane.|alt= एक कार्टून आरेख एक सेल झिल्ली के एक क्रॉस अनुभागीय दृश्य चित्रण को दर्शाते हुए. कोशिका झिल्ली प्रोटीन के साथ एक सन्निहित फोस्फोलिपिड बाईलेयर है। प्रतिक्रिया में बाईलेयर, फोस्फोलिपिड के दो परतों से बना है जहां हाइड्रोफोबिक लिपिड भाग एक दूसरे के सामने की दो परतों से बना है जबकि हाइड्रोफिलिक फॉस्फेट भाग पानी की तरफ होता है। इसलिए बाईलेयर तीन क्षेत्रों में विभाजित है एक हाइड्रोफोबिक इंटीरियर द्वारा अलग पानी के साथ संपर्क में ध्रुवीय बाह्य सतहों में विभाजित है।]] === कोशिका झिल्ली === प्रत्येक न्यूरॉन एक कोशिका झिल्ली में लिपटा होता है जो एक फोस्फोलिपिड बाइलेयर से बनी होती है। यह झिल्ली आयन के लिए लगभग अभेद्य होती है।<ref name="lieb_1986">{{cite book | author = Lieb WR, Stein WD | year = 1986 | chapter = Chapter 2. Simple Diffusion across the Membrane Barrier | title = Transport and Diffusion across Cell Membranes | publisher = Academic Press | location = San Diego | isbn = 0-12-664661-9 | pages = [https://archive.org/details//page/69 69–112] | url = https://archive.org/details//page/69 }}</ref> आयनों को न्यूरॉन के बाहर और अन्दर अंतरण के लिए, झिल्ली दो संरचनाओं को प्रदान करती है। आयन पंप, आयनों को लगातार अन्दर और बाहर करने के लिए कोशिका की ऊर्जा का उपयोग करते हैं। वे आयनों को अपने संकेन्द्रण प्रवणता के खिलाफ भेजकर (न्यून संकेन्द्रण के क्षेत्रों से उच्च संकेन्द्रण के क्षेत्रों के लिए), संकेन्द्रण भिन्नता का निर्माण करते हैं (न्यूरॉन के अंदर और बाहर)। आयन चैनल तब इस संकेन्द्रण भिन्नता का उपयोग आयानों को अपने संकेन्द्रण प्रवणता के नीचे भेजने के लिए करते हैं (उच्च संकेन्द्रण के क्षेत्रों से न्यून संकेन्द्रण के क्षेत्रों की तरफ)। हालांकि, आयन पंपों द्वारा सतत परिवहन के विपरीत, आयन चैनलों द्वारा परिवहन असतत है। वे सिर्फ अपने परिवेश के संकेतों की प्रतिक्रिया में खुलते और बंद होते हैं। आयन चैनलों के माध्यम से आयनों का यह परिवहन तब कोशिका झिल्ली के वोल्टेज को बदलता है। यही परिवर्तन हैं जो एक ऐक्शन पोटेंशिअल को लाते हैं। एक सादृश्य के रूप में, आयन पंप उस बैटरी की भूमिका निभाते हैं जो एक रेडियो सर्किट (आयन चैनलों) को एक संकेत (ऐक्शन पोटेंशिअल) संचारित करने के लिए अनुमति देते हैं।<ref name="Purves">{{cite book | author = D Purves, GJ Augustine, D Fitzpatrick, WC Hall, A-S LaMantia, JO McNamara, LE White | title = [http://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/bv.fcgi?rid=neurosci.chapter.227 Neuroscience] | edition = 4th | publisher = Sinauer Associates | location = Sunderland, MA | isbn = 978-0-87893-697-7 | year = 2007 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }}</ref> [[चित्र:Action potential ion sizes.svg|thumb|left|Despite the small differences in their radii,<ref>CRC Handbook of Chemistry and Physics, 83rd edition, ISBN 0-8493-0483-0, pp. 12–14 to 12–16.</ref> ions rarely go through the "wrong" channel. For example, sodium or calcium ions rarely pass through a potassium channel.|alt = सात क्षेत्र जिनकी त्रिज्या मोनो वेलेंट लिथियम, सोडियम, पोटेशियम, रूबिडीयाम, सीज़ियम (0.76, 1.02, 1.38, 1.52 और 1.67, क्रमशः) फैटायनों की त्रिज्या के आनुपातिक है), कैल्शियम द्विसंयोजक कटियन (1.00 क) और मोनो valent-क्लोराइड (1.81 एक).]] ==== झिल्ली क्षमता (मेम्ब्रेन पोटेंशिअल) ==== कोशिका झिल्ली उस बाधा के रूप में कार्य करती है जो अंदर के विलय (अंतरकोशिकीय द्रव) को बाहर के विलय (बाह्यकोशिकीय द्रव) से मिश्रित होने से रोकती है। इन दो विलयों में उनके आयनों का भिन्न संकेन्द्रण है। इसके अलावा, संकेन्द्रण में यह अंतर, विलय के चार्ज में भिन्नता को फलित करता है। इससे एक ऐसी परिस्थिति पनपती है जहां एक विलय दूसरे विलय से अधिक धनात्मक होता है। इसलिए, धनात्मक आयन, ऋणात्मक विलय की दिशा में खिंचने लगते हैं। इसी तरह, ऋणात्मक आयन, धनात्मक विलय की दिशा में खिंचने लगते हैं। इस गुण के मापन के लिए, एक व्यक्ति किसी भी तरह इस सापेक्ष धनात्मकता (या ऋणात्मकता) को पकड़ना चाहेगा. यह करने के लिए, बाहर के विलय को शून्य वोल्टेज के रूप में सेट किया जाता है। तब अंदरूनी वोल्टेज और शून्य वोल्टेज के बीच अंतर निर्धारित होता है। उदाहरण के लिए, यदि बाहरी वोल्टेज 100 mV है और अंदरूनी वोल्टेज 30 mV है, तो अंतर -70 mV है। यही अंतर है जिसे सामान्यतः झिल्ली क्षमता के रूप में सन्दर्भित किया जाता है। === आयन चैनल === {{Main|Ion channel|Passive transport}} आयन चैनल, अभिन्न झिल्ली प्रोटीन होते हैं जिसमें एक छेद होता है जिसमें से आयन, बाह्य कोशिकीय स्थान और आंतरिक कोशिका के बीच यात्रा कर सकते हैं। ज्यादातर चैनल एक आयन के लिए विशिष्ट (चयनात्मक) होते हैं; उदाहरण के लिए, सोडियम की तुलना में पोटेशियम के लिए अधिकांश पोटेशियम चैनल 1000:1 चयनात्मकता अनुपात से चरितार्थ होते हैं, हालांकि पोटेशियम और सोडियम आयनों में एक ही चार्ज होता है और वे केवल अपनी त्रिज्या में थोड़ा भिन्न होते हैं। चैनल छिद्र आम तौर पर इतना छोटा होता है कि आयनों को इसमें से एकल-फ़ाइल क्रम के अनुसार गुजरना आवश्यक होता है।<ref name="doyle_1998" /><ref name="eisenman_theory">{{cite book | author = Eisenman G | year = 1961 | chapter = On the elementary atomic origin of equilibrium ionic specificity | title = Symposium on Membrane Transport and Metabolism | editors = A Kleinzeller, A Kotyk, eds. | publisher = Academic Press | location = New York | pages = 163–79}}{{cite book | author = Eisenman G | year = 1965 | chapter = Some elementary factors involved in specific ion permeation | title = Proc. 23rd Int. Congr. Physiol. Sci., Tokyo | publisher = Excerta Med. Found. | location = Amsterdam | pages = 489–506}}<br />{{cite journal | author = Diamond JM, Wright EM | year = 1969 | title = Biological membranes: the physical basis of ion and nonekectrolyte selectivity | url = https://archive.org/details/sim_annual-review-of-physiology_1969_31/page/581 | journal = Annual Review of Physiology | volume = 31 | pages = 581–646 | doi = 10.1146/annurev.ph.31.030169.003053 | pmid = 4885777}}</ref> आयन मार्ग के लिए चैनल छिद्र या तो खुले या बंद हो सकते हैं, हालांकि कई चैनल, विभिन्न उप चालकता स्तर को प्रदर्शित करते हैं। जब एक चैनल खुला होता है, तो आयन, उस विशेष आयन के लिए चैनल छिद्र के माध्यम से नीचे ट्रांसमेम्ब्रेन संकेन्द्रण प्रवणता में घुस जाते हैं। चैनल के माध्यम से आयन प्रवाह दर, अर्थात्, एकल-चैनल विद्युत् आयाम, अधिकतम चैनल चालकता और उस आयन के लिए विद्युत्-रासायनिक प्रेरण बल द्वारा निर्धारित होता है, जो झिल्ली क्षमता के तात्कालिक मान और विपरीत क्षमता के मान के बीच का अंतर है।<ref name="junge_33_37">जुंग, पीपी 33-37..</ref> ऐक्शन पोटेंशिअल, विभिन्न समय पर खुलते और बंद होते विभिन्न आयन चैनलों का प्रकटीकरण है।<ref name="bullock_132">बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पी. 132.</ref> [[चित्र:Potassium channel1.png|thumb|right|Depiction of the open potassium channel, with the potassium ion shown in purple in the middle, and hydrogen atoms omitted. When the channel is closed, the passage is blocked.|alt = एक टेट्रामेरिक पोटेशियम चैनल का योजनाबद्ध आरेख जहां प्रत्येक मोनोमेरिक सब यूनिटों में से हर एक केंद्रीय सिमेट्रिक आयन प्रवाहकत्त्व के आसपास की व्यवस्था को दर्शाता है। पोर अक्ष को स्क्रीन के लम्बवत प्रदर्शित किया गया है। कार्बन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन परमाणु को क्रमशः स्लेटी, लाल और नीले द्वारा प्रदर्शित किया गया हैं। एक एकल पोटेशियम कटियन को चैनल के बीच में एक बैंगनी क्षेत्र के रूप में दर्शाया है।]] एक चैनल की कई विभिन्न अवस्थाएं हो सकती हैं (प्रोटीन की विभिन्न रचना के अनुसार), लेकिन प्रत्येक ऐसी अवस्था या तो बंद है या खुली. सामान्य रूप से, बंद अवस्था या तो छिद्र के एक संकुचन के अनुरूप होगी - इसे आयन के लिए अगम्य बनाते हुए - या छिद्र को रोकते हुए प्रोटीन के एक अलग हिस्से के अनुरूप. उदाहरण के लिए, वोल्टेज-निर्भर सोडियम चैनल ''निष्क्रियता'' से गुज़रता है, जिसमें प्रोटीन का एक भाग छिद्र में सरक जाता है और उसे बंद कर देता है।<ref>{{cite journal |author=Cai SQ, Li W, Sesti F |title=Multiple modes of a-type potassium current regulation |journal=Curr. Pharm. Des. |volume=13 |issue=31 |pages=3178–84 |year=2007 |pmid=18045167 |doi=10.2174/138161207782341286}}</ref> यह निष्क्रियता, सोडियम धरा को बंद कर देती है और ऐक्शन पोटेंशिअल में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आयन चैनलों को इस बात के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है कि वे अपने परिवेश के खिलाफ कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।<ref name="goldin_2007">{{cite book | author = Goldin AL | year = 2007 | chapter = Neuronal Channels and Receptors | title = Molecular Neurology | editor = Waxman SG | publisher = Elsevier Academic Press | location = Burlington, MA | isbn = 978-0-12-369509-3 | pages = [https://archive.org/details//page/43 43–58] | url = https://archive.org/details//page/43 }}</ref> उदाहरण के लिए, ऐक्शन पोटेंशिअल में शामिल आयन चैनल हैं ''वोल्टेज-सेंसिटिव चैनल'' ; वे सम्पूर्ण झिल्ली में वोल्टेज के खिलाफ प्रतिक्रिया में खुलते और बंद होते हैं। ''लिगेंड-गेटेड चैनल'' एक अन्य महत्वपूर्ण वर्ग का निर्माण करते हैं; ये आयन चैनल लिगेंड अणु के बंधन के लिए प्रतिक्रियास्वरूप खुलते और बंद होते हैं, जैसे न्यूरोट्रांसमीटर. अन्य आयन चैनल, यांत्रिक बलों के साथ खुलते और बंद होते हैं। अभी भी अन्य आयन चैनल - जैसे कि संवेदी न्यूरॉन वाले - अन्य उद्दीपनों के खिलाफ प्रतिक्रिया में खुलते और बंद होते हैं, जैसे प्रकाश, तापमान या दबाव. === आयन पंप === {{Main|Ion transporter|Active transport}} ऐक्शन पोटेंशिअल की आयनिक धारा, सम्पूर्ण कोशिका झिल्ली में आयन के संकेन्द्रण भिन्नता की प्रतिक्रिया में प्रवाहित होती है। ये संकेन्द्रण भिन्नताएं आयन पंपों द्वारा स्थापित की जाती हैं, जो अभिन्न झिल्ली प्रोटीन हैं जो सक्रिय परिवहन संचालित करती हैं, अर्थात आयन को उनके संकेन्द्रण प्रवणता के खिलाफ पम्प करने के लिए कोशिकीय ऊर्जा (ATP) का उपयोग करती हैं।<ref name="hodgkin_1955">{{cite journal | author = [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]], [[Richard Keynes|Keynes RD]] | year = 1955 | title = Active transport of cations in giant axons from ''Sepia'' and ''Loligo'' | journal = J. Physiol. | volume = 128 | pages = 28–60 | pmid = 14368574 | issue = 1 | pmc = 1365754}}</ref> ऐसे आयन पंप, आयनों को झिल्ली के एक पक्ष से लेते हैं (उनके संकेन्द्रण को वहां कम करते हुए) और उन्हें दूसरे पक्ष में छोड़ते हैं (वहां उनके संकेन्द्रण को बढ़ाते हुए)। ऐक्शन पोटेंशिअल के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक आयन पंप है सोडियम-पोटेशियम पंप, जो कोशिका से तीन सोडियम आयनों को बाहर करता है दो पोटेशियम आयनों को अन्दर करता है।<ref name="caldwell_1960">{{cite journal | author = Caldwell PC, [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]], [[Richard Keynes|Keynes RD]], Shaw TI | year = 1960 | title = The effects of injecting energy-rich phosphate compounds on the active transport of ions in the giant axons of ''Loligo'' | url = https://archive.org/details/sim_journal-of-physiology_1960-07_152_3/page/561 | journal = J. Physiol. | volume = 152 | pages = 561–90 | pmid = 13806926 | pmc = 1363339}}</ref> परिणामस्वरूप, न्यूरॉन के अंदर पोटेशियम आयनों K<sup>+</sup> का संकेन्द्रण बाहर के संकेन्द्रण की तुलना में मोटे तौर पर 20 गुना अधिक होता है, जबकि बाहर का सोडियम संकेन्द्रण अन्दर की अपेक्षा लगभग नौ गुना बड़ा होता है।<ref name="steinbach_1943">{{cite journal | author = Steinbach HB, Spiegelman S | year = 1943 | title = The sodium and potassium balance in squid nerve axoplasm | journal = J. Cell. Comp. Physiol. | volume = 22 | pages = 187–96 | doi = 10.1002/jcp.1030220209}}</ref><ref name="hodgkin_1951">{{cite journal | author = [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]] | year = 1951 | title = The ionic basis of electrical activity in nerve and muscle | journal = Biol. Rev. | volume = 26 | pages = 339–409 | doi = 10.1111/j.1469-185X.1951.tb01204.x}}</ref> ठीक इसी तरीके से, अन्य आयनों में न्यूरॉन के अन्दर और बाहर भिन्न संकेन्द्रण होता है, जैसे कैल्शियम, क्लोराइड और मैग्नीशियम.<ref name="hodgkin_1951" /> आयन पंप, अंतरकोशिकीय और बाह्य कोशिकीय आयन संकेन्द्रण के सापेक्ष अनुपात की स्थापना द्वारा ही ऐक्शन पोटेंशिअल क्षमता प्रभावित करते हैं। ऐक्शन पोटेंशिअल में मुख्य रूप से आयन चैनलों का, न कि आयन पंपों का खुलना और बंद होना शामिल होता है। अगर आयन पंपों को बंद करने के लिए उनके ऊर्जा स्रोत को हटा दिया जाए, या वाबेन जैसे अवरोध को जोड़ दिया जाए, तो उस स्थिति में भी अक्षतंतु अपने आयाम के तेज़ी से क्षय होने से पहले सैकड़ों हज़ार ऐक्शन पोटेंशिअल को फायर कर सकता है।<ref name="hodgkin_1955" /> विशेष रूप से, आयन पंप, एक ऐक्शन पोटेंशिअल के बाद झिल्ली के पुनः ध्रुवीकरण में कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाते। <ref name="bullock_140_141" /> === विश्राम क्षमता (रेस्टिंग पोटेंशिअल) === {{Main|Resting potential|Membrane potential|Reversal potential}} जैसा कि उनकी गति को प्रेरित करने वाले आयन और बल खंड में वर्णित है, एक आयन की संतुलन या उलटाव क्षमता ट्रांसमेम्ब्रेन वोल्टेज का वह मान है जिस पर आयन के विसरण गतिविधि द्वारा उत्पन्न विद्युत् बल, उसके संकेन्द्रण प्रवणता के नीचे उस विसरण के आणविक बल के बराबर हो जाते हैं। किसी भी आयन के लिए संतुलन क्षमता को नर्न्स्ट समीकरण का उपयोग करते हुए परिकलित किया जा सकता है।<ref name="nernst">पूर्वेस ''एट अल.,'' 28-32. पीपी, बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 133-134.; श्मिट-नीलसन, पीपी. 478-480, 596-597, जुंग पीपी. 33-35</ref><ref name="bernstein_1902_1912" /> उदाहरण के लिए, पोटेशियम आयनों के लिए पलटाव क्षमता निम्नानुसार होगा :<math> E_{eq,K^+} = \frac{RT}{zF} \ln \frac{[K^+]_{o}}{[K^+]_{i}}, </math> जहां: * ''E'' <sub>eq,K<sup>+</sup></sub> पोटेशियम के लिए संतुलन क्षमता है जिसे वोल्ट में मापा जाता है * ''R'' सार्वभौमिक गैस कौनस्टेन्ट, जो 8.314 J·K<sup>−1</sup>·mol<sup>−1</sup> के बराबर है * ''T'' निरपेक्ष तापमान है, जिसे केल्विन में मापा जाता है (केल्विन में तापमान डिग्री सेल्सिअस + 273.15 के बराबर होता है) * ''z'' अभिक्रिया में शामिल प्रश्न में आयन के प्राथमिक चार्ज की संख्या है * ''F'' फैराडे कौनस्टेन्ट है, जो 96,485 C·mol<sup>−1</sup> या J·V<sup>−1</sup>·mol<sup>−1</sup> * [K<sup>+</sup>]<sub>o</sub> पोटेशियम का बाह्यकोशिकीय संकेन्द्रण है, जिसे [[मोल (इकाई)|mol]]·m<sup>−3</sup> या mmol·l<sup>−1</sup> में मापा जाता है * [K<sup>+</sup>]<sub>i</sub> पोटेशियम का अंतरकोशिकीय संकेन्द्रण है। भले ही दो भिन्न आयनों में एक ही चार्ज है (अर्थात् K<sup>+</sup> और Na<sup>+</sup>), उनमें फिर भी बिलकुल भिन्न संतुलन क्षमता हो सकती है, बशर्ते कि उनका बाह्य और/या प्रदान की संकेन्द्रण के बाहर उनके और / या अंदर अलग. उदाहरण के लिए, न्यूरॉन्स में पोटेशियम और सोडियम की संतुलन क्षमता. पोटेशियम संतुलन क्षमता ''E'' <sub>k</sub>, -84 mV है जहां 5&nbsp;mmol/L पोटेशियम बाहर और 140&nbsp;mmol/L अंदर है। दूसरी ओर, सोडियम संतुलन क्षमता ''E'' <sub>Na</sub> लगभग +40 mV है जहां 1-2&nbsp;mmol/L सोडियम अंदर और 120&nbsp;mmol/L बाहर है।<ref group="note">झिल्ली क्षमता को कोशिका के बाह्य के सापेक्ष परिभाषित किया गया है, इस प्रकार, -70 mV का एक पोटेंशिअल का तात्पर्य है कि सेल अपने बाह्य की तुलना में ऋणात्मक है।</ref> हालांकि, वहां एक संतुलन झिल्ली क्षमता ''E'' m होती है जिस पर सम्पूर्ण झिल्ली पर सभी आयनों का ''शुद्ध'' प्रवाह शून्य होता है। इस क्षमता की गणना गोल्डमैन समीकरण के द्वारा की जाती है।<ref name="Goldman">पूर्वेस ''एट अल.,'' 32-33. पीपी, बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 138-140.; श्मिट-नीलसन, पीपी 480.; जुंग, पीपी. 35-37</ref><ref name="goldman_1943" /> संक्षेप में, यह नर्न्स्ट समीकरण है, इस मायने में कि यह सवाल वाले आयन के चार्ज पर आधारित है, साथ ही साथ उनके बाहर और अन्दर के संकेन्द्रण के बीच की भिन्नता पर भी. हालांकि, यह प्रश्न में प्रत्येक आयन के लिए प्लाज्मा झिल्ली की सापेक्ष पारगम्यता पर भी विचार करता है। :<math> E_{m} = \frac{RT}{F} \ln{ \left(\frac{ P_{\mathrm{K}}[\mathrm{K}^{+}]_\mathrm{out} + P_{\mathrm{Na}}[\mathrm{Na}^{+}]_\mathrm{out} + P_{\mathrm{Cl}}[\mathrm{Cl}^{-}]_\mathrm{in}}{ P_{\mathrm{K}}[\mathrm{K}^{+}]_\mathrm{in} + P_{\mathrm{Na}}[\mathrm{Na}^{+}]_\mathrm{in} + P_{\mathrm{Cl}}[\mathrm{Cl}^{-}]_\mathrm{out}} \right) } </math> ऐक्शन पोटेंशिअल के सबसे महत्वपूर्ण तीन मोनोवैलेन्ट आयन के लिए: पोटेशियम (K<sup>+</sup>), सोडियम (Na<sup>+</sup>) और क्लोराइड (Cl<sup>-</sup>)। एक एनायन होने के नाते, क्लोराइड पदों के साथ फैटियन पदों से अलग व्यवहार किया जाता है; अंदर का संकेन्द्रण अंश है और बाहर का संकेन्द्रण हर है, जो फैटियन शब्दों से उलट है। ''P'' <sub>''i'' </sub>, ''i'' प्रकार के आयन के पारगम्यता के लिए है। अगर कैल्शियम आयनों पर भी विचार किया जाए, जो मांसपेशियों में ऐक्शन पोटेंशिअल के लिए महत्वपूर्ण हैं, तो संतुलन क्षमता के लिए सूत्र और अधिक जटिल हो जाता है।<ref name="goldman_calcium">{{cite journal | author = Spangler SG | year = 1972 | title = Expansion of the constant field equation to include both divalent and monovalent ions | journal = Ala J Med Sci | volume = 9 | pages = 218–23|pmid=5045041 | issue = 2 }}</ref> विश्राम झिल्ली क्षमता की उत्पत्ति को स्पष्ट रूप से गोल्डमैन समीकरण द्वारा समझाया जा सकता है। अधिकांश पशु कोशिकाओं की विश्राम प्लाज्मा झिल्ली K<sup>+</sup> के प्रति अधिक पारगम्य है, जो विश्राम क्षमता ''V'' <sub>rest</sub> को पोटेशियम संतुलन क्षमता के नज़दीक करता है।<ref name="resting_potential">पूर्वेस ''एट अल.,'' पी 34, बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पी. 134; श्मिट-नीलसन, पीपी 478-480..</ref><ref name="hodgkin_1949" /><ref>पूर्वेस ''एट अल.,'' 33-36. पीपी, बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पी. 131.</ref> यह जानना महत्वपूर्ण है कि शुद्ध लिपिड द्विपरत की आयनिक और जल पारगम्यता बहुत न्यून है और यह समान तरीके से, तुलनीय आकार का आयनों के लिए नगण्य हैं, जैसे Na<sup>+</sup> K<sup>+</sup>। हालांकि, कोशिका झिल्लियां, बड़ी संख्या में आयन चैनल, जल चैनल (एक्वापोरीन) और विभिन्न आयनिक पंपों, एक्सचेंजर और ट्रांसपोर्टरों को धारण करती हैं जो नाटकीय और चुनिंदा रूप से विभिन्न आयनों के लिए झिल्ली की पारगम्यता को बढ़ाती हैं। विश्राम क्षमता पर पोटेशियम आयन के लिए अपेक्षाकृत उच्च झिल्ली पारगम्यता, अंदरूनी-संशोधक पोटाशियम आयन चैनल से फलित होती है, जो ऋणात्मक वोल्टेज पर खुली होती है, तथाकथित लीक पोटेशियम कंडक्टेन्सेस जैसे मुक्त संशोधक K<sup>+</sup> चैनल (ORK<sup>+</sup>) जो खुली स्थिति में बंद किये गए होते हैं। इन पोटेशियम चैनलों को वोल्टेज-सक्रिय K<sup>+</sup> से भिन्न समझा जाना चाहिए जो ऐक्शन पोटेंशिअल के दौरान झिल्ली पुनर्ध्रुविकरण के लिए जिम्मेदार होते हैं। [[चित्र:Neurons big1.jpg|thumb|left|250px|Action potentials arriving at the synapses of the upper right neuron stimulate currents in its dendrites; these currents depolarize the membrane at its axon hillock, provoking an action potential that propagates down the axon to its synaptic knobs, releasing neurotransmitter and stimulating the post-synaptic neuron (lower left).|alt= दो न्यूरॉन्स का चित्रण जहां पहला ऊपरी न्यूरॉन दूसरे निचले डेन्ड्राइट न्यूरॉन के रूप में जाना जाता है और यह न्यूरॉन सेल की सतह से एक्सटेंशन के माध्यम से जुड़ा हुआ है। न्यूरॉन के मुख्य शरीर लगभग गोलाकार है जहां डेन्ड्राइट का आकार पेड़ की शाखाओं से मिलता है जो न्यूरोन के केंद्रीय पिंड (या "वृक्ष तना") से निकलता है। पहले कोशिका के मध्य शरीर से एक ऐक्शन पोटेंशिअल दूसरी ओर अपने सेल डेन्ड्राइट की सतह के साथ यात्रा करता है। आकृति में एक विस्फोट दूसरे कक्ष की सतह पर पहले कक्ष के बीच के संबंध को दर्शाता है। डेन्ड्राइट का सिरा वेसिकल्स न्यूरोट्रांसमीटर में संग्रहीत होता है। ये न्यूरोट्रांसमीटर डेन्ड्राइट से एक संभावित ऐक्शन पोटेंशिअल के द्वारा जारी कर रहे हैं। तब न्यूरोट्रांसमीटर दो कोशिका के बीच विसरित हो जाते हैं जहां वे कोशिका की सतह रिसेप्टर्स के साथ बंधन करते हैं दूसरी कोशिकाओं पर.]] === न्यूरॉन की रचना === कई प्रकार की कोशिकाएं ऐक्शन पोटेंशिअल का समर्थन करती हैं, जैसै पौध कोशिका, मांसपेशिय कोशिका और हृदय की विशेष कोशिकाएं (जिसमें हृद्जन्‍य ऐक्शन पोटेंशिअल घटित होता है)। हालांकि, मुख्य उत्तेजनीय कोशिका न्यूरॉन है, जिसमें ऐक्शन पोटेंशिअल के लिए सबसे आसान तंत्र भी है। न्यूरॉन्स, विद्युतीय रूप से उत्तेजनीय कोशिका हैं जो अक्षतंतु अधिक सामान्य, के एक या एक से अधिक डेन्ड्राईट, एक एकल सोमा, एक एकल अक्षतंतु और एक या अधिक अक्षतंतु टर्मिनलों से बना होता है। डेन्ड्राइट, दो प्रकार के सिनैप्सेस में से एक है, दूसरा प्रकार अक्षतंतु टर्मिनल बोटंस है। डेन्ड्राइट, अक्षतंतु टर्मिनल बोटंस के प्रतिक्रिया में उत्‍क्षेपण का गठन करते हैं। इन उत्‍क्षेपण, या शूल को, प्रीसिनेप्टिक न्यूरॉन द्वारा जारी न्यूरोट्रांसमीटर पर कब्जा करने के लिए डिजाइन किया गया है। उनमें लिगेंड द्वारा सक्रिय चैनल का एक उच्च संकेन्द्रण होता है। इसलिए यही वह जगह है जहां पर दो न्यूरॉन्स से सिनेप्सेस एक दूसरे के साथ संवाद करते हैं। इन शूलों में एक पतली गर्दन होती है जो एक बल्बनुमा उत्क्षेपण को मुख्य डेन्ड्राइट से जोड़ती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि जो परिवर्तन रीढ़ के अंदर हो रहे हैं उनके द्वारा आस-पास की रीढ़ को प्रभावित करने की कम संभावना है। इसलिए दुर्लभ अपवाद (LTP देखें) के साथ डेन्ड्राइट के समान रीढ़, एक स्वतंत्र इकाई के रूप में कार्य करती है। इसके बाद डेन्ड्राइट, सोमा से जुड़ता है। सोमा, [[केन्द्रक]] को धारण करता है, जो न्यूरॉन के लिए नियामक के रूप में काम करता है। रीढ़ के विपरीत, सोमा की सतह वोल्टेज द्वारा सक्रिय आयन चैनलों से व्याप्त है। ये चैनल, डेन्ड्राइट द्वारा उत्पन्न संकेतों को संचारित करने में मदद करते हैं। सोमा से अक्षतंतु गिरिका बाहर निकलती है। यह क्षेत्र, वोल्टेज द्वारा सक्रिय सोडियम चैनल के एक अविश्वसनीय उच्च संकेन्द्रण धारण करने से चरितार्थ होता है। सामान्य रूप में, ऐक्शन पोटेंशिअल के लिए इसे स्पाइक आरम्भ क्षेत्र माना जाता है।<ref name="bullock_p11">बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पी. 11.</ref> रीढ़ पर उत्पन्न और सोमा द्वारा संचरित एकाधिक संकेत, सभी यहां अभिसरित होते हैं। अक्षतंतु गिरिका के तुरंत बाद अक्षतंतु है। यह एक पतली बेलनाकार उत्क्षेपण है जो सोमा से दूर यात्रा करती है। यह अक्षतंतु एक मेलिन खोल द्वारा पृथक होता है। मेलिन, श्वान कोशिका से बना है जो अक्षतन्तु खंड के इर्द-गिर्द कई बार खुद को लपेटती है। इससे एक मोटी वसा की परत बनती है जो आयनों को अक्षतंतु में प्रवेश करने या भागने से रोकता है। यह अलगाव दोनों कार्य करता है, महत्वपूर्ण संकेत क्षय को रोकता है और साथ ही साथ तीव्र संकेत गति को सुनिश्चित करता है। हालांकि, इस अलगाव में यह प्रतिबंध है कि अक्षतंतु की सतह पर कोई भी चैनल उपस्थित नहीं हो सकता है। इसलिए, झिल्ली के नियमित धब्बे हैं, जिनमें कोई अलगाव नहीं है। इन रैनविअर के नोड्स को 'लघु अक्षतंतु गिरिका' माना जा सकता है क्योंकि उनका उद्देश्य अत्यधिक संकेत क्षय को रोकने के लिए संकेत को बढ़ाना है। अंतिम छोर पर, अक्षतंतु अपने रोधन को खो देता है और कई अक्षतंतु टर्मिनलों में फ़ैलने लगता है। ये अक्षतंतु टर्मिनल तब दूसरे वर्ग के सिनेप्सेस, अक्षतंतु टर्मिनल बटन के गठन के लिए समाप्त होता है। इन बटन में वोल्टेज द्वारा सक्रिय कैल्शियम चैनल होते हैं, जो अन्य न्यूरॉन्स को संकेत देने के समय भूमिका निभाते हैं। {{Neuron map|Neuron}} == आरम्भ == अक्षतंतु के आस-पास ऐक्शन पोटेंशिअल का प्रसार और सिनेप्टिक नौब में समाप्ति पर विचार करने से पहले, उन तरीकों पर विचार करना लाभदायक होता है जिनके द्वारा अक्षतंतु गिरिका पर ऐक्शन पोटेंशिअल को आरंभ किया जा सकता है। बुनियादी आवश्यकता यह है कि गिरिका पर झिल्ली वोल्टेज को फायरिंग के लिए सीमा से ऊपर उठाया जाना चाहिए। <ref name="rising_phase" /> ऐसे कई तरीके हैं जिसमें यह विध्रुवण हो सकता है। [[चित्र:Synapse Illustration2 tweaked.svg|thumb|left|300px|When an action potential arrives at the end of the pre-synaptic axon (yellow), it causes the release of neurotransmitter molecules that open ion channels in the post-synaptic neuron (green). The combined excitatory and inhibitory postsynaptic potentials of such inputs can begin a new action potential in the post-synaptic neuron.|alt= प्री और पोस्ट सिनेप्टिक अक्षतंतु एक छोटी सिनेप्टिक फांक द्वारा अलग किये जाते हैं। पूर्व सिनेप्टिक अक्षतंतु द्वारा जारी करने के लिए बाध्य तंत्रिकासंचारक और बाद सिनेप्टिक अक्षतंतु में खुला आयन चैनल सिनेप्टिक कुंजी के माध्यम से विसरित होता है।]] === तंत्रिकासंचरण === {{Main|Neurotransmission}} ऐक्शन पोटेंशिअल, सबसे आम रूप से प्रीसिनेप्टिक न्यूरॉन से उत्तेजक पोस्टसिनेप्टिक पोटेंशिअल द्वारा शुरू किये जाते हैं।<ref name="neurotransmission">बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 177-240.; श्मिट-नीलसन, पीपी 490-499.; स्टीवेंस, पीपी. 47-68.</ref> आमतौर पर, तंत्रिकासंचारक अणु, प्रीसिनेप्टिक न्यूरॉन द्वारा जारी किये जाते हैं। ये तंत्रिकासंचारक इसके बाद पोस्टसिनेप्टिक कोशिका पर रिसेप्टर्स से बंध जाते है। यह बाइंडिंग, विभिन्न प्रकार के आयन चैनल को खोलती है। खोलने की इस प्रक्रिया के चलते कोशिका झिल्ली की स्थानीय पारगम्यता में परिवर्तन का प्रभाव फलित होता है और जिससे झिल्ली क्षमता में बदलाव आता है। यदि बाइंडिंग से वोल्टेज बढ़ जाता है (झिल्ली का विध्रुवण होता है) तो सिनेप्स उत्तेजक होता है। हालांकि, अगर यह बंधन वोल्टेज को कम कर देता है (झिल्ली का उच्च ध्रुवण होता है) तो यह निरोधात्मक होता है। वोल्टेज कम हो या बढ़े, यह परिवर्तन झिल्ली के आस-पास के क्षेत्रों में निष्क्रिय रूप से प्रसारित होता है (जैसा कि केबल समीकरण और इसके शोधन द्वारा वर्णित है)। आमतौर पर, वोल्टेज उद्दीपन, सिनेप्स से दूर होते हुए और तंत्रिकासंचारक के बंधन से समय के साथ घातांकीय रूप से क्षय होता है। उद्दीपन वोल्टेज का कुछ अंश अक्षतंतु गिरिका तक पहुंच सकता है और (दुर्लभ मामलों में) झिल्ली का इतना विध्रुवण करता है कि एक नया ऐक्शन पोटेंशिअल प्रेरित होता है। आम तौर पर कई सिनेप्सेस की उत्तेजक क्षमता को एक नए ऐक्शन पोटेंशिअल को प्रेरित करने के लिए एक ही समय में एक साथ काम करना चाहिए। उनके संयुक्त प्रयास को काउंटर-एक्टिंग निरोधात्मक पोस्टसिनेप्टिक पोटेंशिअल द्वारा नाकाम किया जा सकता है। तंत्रिकासंचरण विद्युतीय सिनेप्सेस के माध्यम से भी हो सकता है।<ref name="electrical_synapses">बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 178-180.; श्मिट-नीलसन, पीपी. 490-491.</ref> गैप जंक्शन के रूप में एक उत्तेजनीय कोशिका के बीच सम्बन्ध के कारण, एक ऐक्शन पोटेंशिअल को एक कोशिका से दूसरी कोशिका में सीधे प्रसारित किया जा सकता है। कोशिकाओं के बीच आयनों का मुक्त प्रवाह, तीव्र गैर-रासायनिक मध्यस्थता संचरण को सक्षम बनाता है। सुधार चैनल यह सुनिश्चित करते हैं कि ऐक्शन पोटेंशिअल एक विद्युत सिनेप्स के माध्यम से एक ही दिशा में चलते हैं। मानव तंत्रिका प्रणाली में इस प्रकार का सिनेप्स हालांकि असामान्य है। {{Citation needed|date= जनवरी 2009}} === "ऑल-और-नन" सिद्धांत === ऐक्शन पोटेंशिअल का आयाम, उसे उत्पन्न करने वाले विद्युत् की राशि से स्वतन्त्र होता है। दूसरे शब्दों में, बड़ी धारा बड़ा ऐक्शन पोटेंशिअल पैदा नहीं करती. इसलिए ऐक्शन पोटेंशिअल को ''ऑल-और-नन'' (या बुलियन) कहा जाता है, क्योंकि वे या तो पूरी तरह मौजूद होते हैं या बिल्कुल मौजूद नहीं होते. इसके बजाय, ऐक्शन पोटेंशिअल की आवृत्ति ही एक उद्दीपन की तीव्रता के लिए कूटीत करता है। यह रिसेप्टर पोटेंशियल के विपरीत है जिसका आयाम एक उद्दीपन की तीव्रता पर निर्भर होता है।<ref name="Purves"/> === संवेदी न्यूरॉन्स === {{Main|Sensory neuron}} संवेदी न्यूरॉन्स में एक बाहरी सिग्नल जैसे दबाव, तापमान, प्रकाश या ध्वनि आयन चैनल के खुलने और बंद होने के साथ सम्मिलित होता है, जो बदले में झिल्ली और उसके वोल्टेज की आयनिक पारगम्यता को कम करता है।<ref name="sensory_neurons">श्मिट-नीलसन, पीपी 535-580.; बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 49-56., 76-93, 247-255, स्टीवेंस, 69-79</ref> यह वोल्टेज परिवर्तन फिर उत्तेजक (विध्रुवण) या निरोधमय (उच्चध्रुवण) हो सकता है और कुछ संवेदी न्यूरॉन्स में, उनका संयुक्त प्रभाव अक्षतंतु गिरिका को ऐक्शन पोटेंशिअल को प्रेरित करने के लिए पर्याप्त विध्रुवित कर सकता है। मानवों में उदाहरण के रूप में शामिल है ओलफैक्टरी रिसेप्टर न्यूरॉन और माइस्नर कणिका जो क्रमशः गंध और स्पर्श की भावना के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, सभी संवेदी न्यूरॉन्स अपने बाह्य संकेतों को ऐक्शन पोटेंशिअल में नहीं बदलते; कुछ में यहां तक कि अक्षतंतु भी नहीं होता!<ref name="amacrine_cells">बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 53., 122-124.</ref> इसके बजाय, वे संकेत को एक तंत्रिकासंचारक को जारी करने में या सतत वर्गीकृत क्षमता में परिवर्तित कर सकते हैं, दोनों में कोई भी बाद के न्यूरॉन को एक ऐक्शन पोटेंशिअल को फायर करने के लिए प्रेरित कर सकता है। उदाहरण के लिए, मानव कान में, केश कोशिका के अणु, आवक ध्वनि को यांत्रिक रूप से चालित आयन चैनल के खुलने और बंद होने में परिवर्तित करते हैं, जो तंत्रिकासंचारक अणु के जारी होने का कारण बन सकता है। ऐसे ही समान तरीके से, मानव रेटिना में, प्रारंभिक फोटोरिसेप्टर कोशिका और कोशिका की अगली दो परत (द्विध्रुवी कोशिका और क्षैतिज कोशिका) ऐक्शन पोटेंशिअल का उत्पादन नहीं करती; केवल कुछ अमेक्रीन कोशिका और तीसरी परत, नाड़ीग्रन्थि कोशिका, ऐक्शन पोटेंशिअल का उत्पादन करती है, जो ऑप्टिक तंत्रिका तक यात्रा करती है। === पेसमेकर पोटेंशियल === {{Main|Pacemaker potential}} [[चित्र:Pacemaker potential.svg|thumb|right|In pacemaker potentials, the cell spontaneously depolarizes (straight line with upward slope) until it fires an action potential.|alt = ऐक्शन पोटेंशिअल (mV) का एक नक्शा बनाम समय. झिल्ली क्षमता शुरू में -60 mV होती है, जो -40 mV की दहलीज क्षमता के अपेक्षाकृत धीरे-धीरे बढ़ती है और फिर जल्दी की क्षमता में स्पाइक +10 mV हो जाती है जिसके बाद वह तेजी से शुरूआत के -60 mV पोटेंशिअल पर आता है। चक्र फिर दोहराया जाता है।]] संवेदी न्यूरॉन्स में, ऐक्शन पोटेंशिअल एक बाह्य प्रेरणा से फलित होते हैं। हालांकि, कुछ उत्तेजनीय कोशिकाओं को फायर करने के लिए ऐसी किसी प्रेरणा की कोई आवश्यकता नहीं होती है: वे अपने अक्षतंतु गिरिका को स्वतः ही विध्रुवित करते हैं और एक नियमित दर से एक आंतरिक लॉक की तरह ऐक्शन पोटेंशिअल फायर करते हैं।<ref name="pacemakers">जुंग, पीपी 115-132.</ref> ऐसी कोशिकाओं के वोल्टेज निशान को पेसमेकर पोटेंशिअल के रूप में जाना जाता है।<ref name="pacemaker_potentials">बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 152-153..</ref> ह्रदय में सीनोंएट्रिअल नोड की कार्डियक पेसमेकर कोशिका एक अच्छा उदाहरण प्रदान करती है।<ref name="noble_1960">{{cite journal | author = Noble D | year=1960 | title = Cardiac action and pacemaker potentials based on the Hodgkin-Huxley equations | url = https://archive.org/details/sim_nature-uk_1960-11-05_188_4749/page/n66 | journal = Nature | volume = 188 | pages = 495–497 | doi = 10.1038/188495b0 | pmid = 13729365}}</ref> हालांकि ऐसे पेसमेकर पोटेंशिअल में एक प्राकृतिक लय होती है, इसे बाहरी प्रेरक द्वारा समायोजित किया जा सकता है; उदाहरण के लिए, हृदय दर को फार्मास्यूटिकल्स द्वारा बदला जा सकता है और साथ ही साथ सिम्पेथेटिक और पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिकाओं के संकेतों से भी.<ref name="parasympathetic">बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 444-445..</ref> बाह्य प्रेरक, कोशिका की दोहरावदार फायरिंग को परिणामित नहीं करते बल्कि केवल उसके समय को बदल देते हैं।<ref name="pacemaker_potentials" /> कुछ मामलों में, फ्रीक्वेंसी का विनियमन अधिक जटिल हो सकता है, जो ऐक्शन पोटेंशिअल के पैटर्न को सामने लाता है, जैसे बर्स्टिंग. == चरण == ऐक्शन पोटेंशिअल के पथ को पांच भागों में विभाजित किया जा सकता है: विकास चरण, चरम चरण, पतन चरण, अंडरशूट चरण और अंत में दु:साध्य अवधि. विकास चरण में झिल्ली क्षमता विध्रुवित होती है (अधिक धनात्मक हो जाती है)। जिस बिंदु पर विध्रुवण बंद हो जाता है वह चरम चरण (पीक फेज़) कहलाता है। इस स्तर पर, झिल्ली क्षमता अधिकतम हो जाती है। इसके बाद, एक गिरावट का चरण आता है। इस चरण में झिल्ली क्षमता उच्च विध्रुवित होती है (अधिक ऋणात्मक हो जाती है)। अंडरशूट चरण वह बिंदु है जिसके दौरान झिल्ली क्षमता, विश्राम के समय की तुलना में अस्थायी रूप से अधिक ऋणात्मक चार्ज हो जाती है। अंत में, वह समय जिसके दौरान एक बाद के ऐक्शन पोटेंशिअल को फायर करना असंभव या मुश्किल हो जाता है उसे दु:साध्य अवधि कहा जाता है, जो अन्य चरणों के साथ अतिव्याप्त हो सकता है।<ref name="phase_nomenclature">पूर्वेस ''एट अल.,'' पी 38.</ref> ऐक्शन पोटेंशिअल का पथ, दो युग्मित प्रभावों द्वारा निर्धारित होता है।<ref name="coupling">स्टीवेंस, पीपी 127-128..</ref> वोल्टेज के प्रति संवेदनशील प्रथम आयन चैनल, झिल्ली वोल्टेज ''V'' <sub>''m'' </sub> में होने वाले परिवर्तन की प्रतिक्रिया में खुलते और बंद होते हैं। इससे उन आयनों के प्रति झिल्ली की पारगम्यता बदल जाती है।<ref name="permeability_channels">पूर्वेस ''एट अल.,'' पीपी. 61-65.</ref> दूसरा, गोल्डमैन समीकरण के अनुसार, पारगम्यता में यह परिवर्तन संतुलन क्षमता ''E'' <sub>''m'' </sub> में बदल जाता है और इस प्रकार, झिल्ली वोल्टेज ''V'' <sub>''m'' </sub> में.<ref name="goldman_1943" /> इस प्रकार, झिल्ली क्षमता, पारगम्यता को प्रभावित करती है, जो फिर आगे की झिल्ली क्षमता को प्रभावित करता है। इससे सकारात्मक प्रतिक्रिया की संभावना निर्धारित होती है, जो ऐक्शन पोटेंशिअल के विकास चरण का एक मुख्य हिस्सा है।<ref name="positive_feedback">पूर्वेस ''एट अल.,'' 48-49. पीपी, बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 141., 150-151, श्मिट-नीलसन, पी. 483; जुंग, पी. 89; स्टीवेंस, पी. 127</ref> एक जटिल पहलू यह है कि एक एकल आयन चैनल में बहु आंतरिक "गेट" हो सकते हैं जो विपरीत तरीकों से ''V'' <sub>''m'' </sub> में परिवर्तन की प्रतिक्रिया करते हैं।<ref name="multiple_gates">पूर्वेस ''एट अल.,'' 64-74. पीपी, बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 149-150.; जुंग, पीपी 84-85.; स्टीवेंस, पीपी 152-158..</ref><ref name="hodgkin_1952" /> उदाहरण के लिए, यद्यपि बढ़ता ''V'' <sub>''m'' </sub>, वोल्टेज के प्रति संवेदनशील ''सोडियम'' चैनल में अधिकांश गेट को खोलता है, वह, चैनल के निष्क्रियता गेट को भी बंद करता है, हालाँकि थोड़ा धीरे करता है।<ref name="sodium inactivation">''पूर्वेस'' एट ''अल., पीपी. 47, 65, बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 147-148.; स्टीवेंस, पी. 128.''</ref> इसलिए, जब Vm को ''अचानक उठाया जाता है, तो सोडियम चैनल शुरू में खुल जाते हैं, लेकिन फिर धीमी निष्क्रियता के कारण बंद हो जाते हैं।'' ऐक्शन पोटेंशिअल के वोल्टेज और करेंट को उसके सभी चरणों में एलन लॉयड हौज्गिन और एंड्रयू हक्सले द्वारा 1952 में सटीक रूप से चित्रित किया गया था,<ref name="hodgkin_1952" /> जिसके लिए उन्हें 1963 में फिजियोलॉजी या चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।<ref name="Nobel_1963">{{cite press release | url = http://nobelprize.org/nobel_prizes/medicine/laureates/1963/index.html | title = The Nobel Prize in Physiology or Medicine 1963 | publisher = The Royal Swedish Academy of Science | year = 1963 | accessdate = 2010-02-21 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070716195411/http://nobelprize.org/nobel_prizes/medicine/laureates/1963/index.html | archive-date = 16 जुलाई 2007 | url-status = live }}</ref> हालांकि, उनका मॉडल केवल दो प्रकार के वोल्टेज संवेदनशील आयन चैनलों पर विचार करता है और उनके बारे में कई धारणाएं बनाता है, जैसे कि उनके आंतरिक द्वार एक दूसरे से स्वतंत्र रूप में खुलते और बंद होते हैं। वास्तविकता में, आयन चैनलों के कई प्रकार होते हैं,<ref name="goldin_2007" /> और वे एक दूसरे से स्वतंत्र रूप में हमेशा खुलते और बंद नहीं होते हैं।<ref>{{cite journal|author=Naundorf B, Wolf F, Volgushev M|url=http://www.nature.com/nature/journal/v440/n7087/abs/nature04610.html|title=Unique features of action potential initiation in cortical neurons|journal=Nature|volume=440|pages=1060–1063|year=2006|month=April|format=Letter|accessdate=2008-03-27|doi=10.1038/nature04610|pmid=16625198|issue=7087|archive-url=https://web.archive.org/web/20170703191225/http://www.nature.com/nature/journal/v440/n7087/abs/nature04610.html|archive-date=3 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref> === उद्दीपन और विकास चरण === एक ठेठ ऐक्शन पोटेंशिअल, एक पर्याप्त मजबूत विध्रुवण के साथ अक्षतंतु गिरिका<ref name="axon_hillock_origin">स्टीवेंस, पी. 49.</ref> पर शुरू होती है, जैसे एक प्रेरक जो बढ़ जाता है। यह विध्रुवण, कोशिका में अक्सर अतिरिक्त सोडियम कटियन के इंजेक्शन के कारण पैदा होता है; ये फैटायन एक व्यापक किस्म के स्रोतों से आ सकते हैं, जैसे रासायनिक सिनेप्सेस, संवेदी न्यूरॉन या पेसमेकर पोटेंशिअल से. पोटेशियम के लिए प्रारंभिक झिल्ली पारगम्यता कम होती है, लेकिन अन्य आयनों से अधिक होती है, जो रेस्टिंग पोटेंशिअल को ''E'' <sub>K</sub>≈-75 mV के नज़दीक बना देती है।<ref name="resting_potential" /> यह विध्रुवण, झिल्ली में सोडियम और पोटेशियम, दोनों चैनलों को खोलता है और आयनों को क्रमशः अक्षतंतु के अन्दर और बाहर प्रवाहित होने की अनुमति देता है। अगर विध्रुवण छोटा है (मान लीजिये, ''V'' <sub>''m'' </sub> को -70 mV से बढ़ाते हुए -60 mV करना) बाहर जाती पोटेशियम धारा आवक सोडियम धरा को अभिभूत कर देती है और झिल्ली अपने सामान्य रेस्टिंग पोटेंशिअल, -70 mV के आसपास विध्रुवित हो जाती है।<ref name="failed_initiations" /> हालांकि, अगर विध्रुवण काफी बड़ा है, तो आवक सोडियम धारा, जावक पोटेशियम धारा से अधिक हो जाती है और एक भगोड़ा स्थिति (धनात्मक प्रतिक्रिया) उत्पन्न होती है: जितना ज्यादा आवक धारा होगी उतना ही अधिक ''V'' <sub>''m'' </sub> बढ़ जाता है, जो बदले में आवक धारा को और अधिक बढ़ा देता है।<ref name="positive_feedback" /> एक पर्याप्त मजबूत विध्रुवण (''V'' <sub>''m'' </sub> में वृद्धि) वोल्टेज के प्रति संवेदनशील सोडियम चैनलों को खोलता है; सोडियम के प्रति बढ़ती पारगम्यता ''V'' <sub>''m'' </sub> को सोडियम संतुलन वोल्टेज ''E'' <sub>Na</sub>≈ +55 mV के करीब ले जाती है। बदले में बढ़ता वोल्टेज और अधिक सोडियम चैनलों को खोलता है, जो ''V'' <sub>m</sub> को ''E'' <sub>Na</sub> की दिशा में और अधिक धकेलता है। यह धनात्मक प्रतिक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक कि सोडियम चैनल पूरी तरह नहीं खुलते हैं और ''V'' <sub>m</sub>, E<sub>Na</sub> के नज़दीक नहीं हो जाता.<ref name="rising phase">पूर्वेस ''एट अल.,'' 49-50. पीपी, बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 140-141., 150-151, श्मिट-नीलसन पीपी. 480-481, 483-484, पीपी जुंग. 89-90.</ref> ''V'' <sub>''m'' </sub> और सोडियम पारगम्यता में तेज वृद्धि ऐक्शन पोटेंशिअल के ''विकास चरण'' के अनुरूप होती है।<ref name="rising_phase" /> इस तीव्र हालत के लिए महत्वपूर्ण थ्रेशहोल्ड वोल्टेज आमतौर पर -45 mV के आसपास होता है, लेकिन यह अक्षतंतु की हाल की गतिविधि पर निर्भर करता है। एक झिल्ली जिसने अभी-अभी एक ऐक्शन पोटेंशिअल फायर किया है वह तुरंत दूसरा फायर नहीं कर सकती, क्योंकि आयन चैनल अपनी सामान्य स्थिति में वापस नहीं आए होते हैं। वह अवधि जिसके दौरान कोई नया ऐक्शन पोटेंशिअल फायर नहीं किया जा सकता है उसे ''एब्सोल्यूट रिफ्रैक्टरी पीरिअड'' कहा जाता है।<ref name="refractory" /> लम्बे समय में, कुछ आयन चैनलों के पुनर्स्थापित हो जाने के बाद, अक्षतंतु को अन्य ऐक्शन पोटेंशिअल उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा सकता है, लेकिन केवल एक बहुत मजबूत विध्रुवण के साथ, जैसे, -30 mV. वह अवधि जिसके दौरान ऐक्शन पोटेंशिअल को प्रेरित करना असामान्य रूप से कठिन होता है उसे ''रिलेटिव रेफ्रैक्टरी पीरिअड'' कहा जाता है।<ref name="refractory" /> === चरम और गिरावट चरण === विकास चरण की सकारात्मक प्रतिक्रिया धीमी हो जाती है और जब सोडियम आयन चैनल अधिकतम खुलते हैं तो वह रुक जाती है। ऐक्शन पोटेंशिअल के चरम पर, सोडियम पारगम्यता अधिकतम होती है और झिल्ली वोल्टेज ''V'' <sub>m</sub>, सोडियम संतुलन वोल्टेज ''E'' <sub>Na</sub> के लगभग बराबर होता है। हालांकि, वही वर्धित वोल्टेज जिसने शुरू में सोडियम चैनल को खोला था, वही उनके पोरों को बंद करते हुए उन्हें धीरे-धीरे बन्द कर देता है; सोडियम चैनल ''निष्क्रिय'' हो जाते हैं।<ref name="sodium inactivation" /> इससे सोडियम के लिए झिल्ली की पारगम्यता कम हो जाती है, जो झिल्ली वोल्टेज वापस नीचे कर देती है। उसी समय, वर्धित वोल्टेज, वोल्टेज के प्रति संवेदनशील पोटेशियम चैनल को खोलता है; झिल्ली की पोटेशियम पारगम्यता में वृद्धि ''V'' <sub>m</sub> को ''E'' <sub>K</sub> की ओर ले जाती है।<ref name="sodium inactivation" /> संयुक्त रूप से, सोडियम और पोटेशियम पारगम्यता में इन परिवर्तनों के कारण Vm तेज़ी से नीचे गिर जाता है और झिल्ली को पुनर्ध्रुवित करता है और ऐक्शन पोटेंशिअल के "पतन चरण" को उत्पन्न करता है।<ref name="repolarization" /><ref name="repolarization">पूर्वेस ''एट अल.,'' पी 49, बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 147-149., 152, श्मिट-नीलसन, पीपी. 483-484; स्टीवेंस, पीपी. 126-127.</ref> === उच्च-ध्रुवीकरण के पश्चात === वर्धित वोल्टेज ने सामान्य से कई अधिक पोटेशियम चैनल खोल दिए और इनमें से कुछ तुरंत उस वक्त बंद नहीं हो गए जब झिल्ली अपने सामान्य विश्राम वोल्टेज में वापस आ गई। इसके अलावा, ऐक्शन पोटेंशिअल के दौरान, कैल्शियम आयनों के प्रवाह की प्रतिक्रिया में अन्य पोटेशियम चैनल खुल गए। झिल्ली की पोटेशियम पारगम्यता, क्षणिक रूप से असामान्य रूप से अधिक होती है, जो झिल्ली वोल्टेज ''V'' <sub>m</sub> को पोटेशियम संतुलन वोल्टेज ''E'' <sub>K</sub> के नज़दीक ले आती है। इसलिए, वहां एक अंडरशूट या उच्चध्रुवीकरण होता है, जिसे तकनीकी भाषा में आफ्टरहाइपरपोलराईज़ेशन कहा जाता है, जो तब तक चलता है जब तक कि झिल्ली की पोटेशियम पारगम्यता अपने सामान्य मूल्य पर नहीं आ जाती.<ref name="hyperpolarization">पूर्वेस ''एट अल.,'' पी 37, बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पी. 152.</ref> === दु:साध्य अवधि === प्रत्येक ऐक्शन पोटेंशिअल के बाद एक दु:साध्य अवधि होती है, जिसे ''एब्सोल्यूट रिफ्रैक्टरी पीरिअड'', जिसके दौरान एक अन्य ऐक्शन पोटेंशिअल को प्रेरित करना असंभव होता है और ''रिलेटिव रेफ्रैक्टरी पीरिअड'', जिसके दौरान एक सामान्य-से-मजबूत प्रेरक की आवश्यकता होती है में विभाजित किया जा सकता है।<ref name="refractory">पूर्वेस ''एट अल.,'' पी 49, बुलोक, ओर्कंड, ग्रिनेल, पी. 151; स्टीवेंस, पीपी 19-20.; जुंग, पीपी. 4-5.</ref> ये दो दु:साध्य अवधियां, सोडियम और पोटेशियम चैनल अणुओं की स्थिति में परिवर्तन के कारण होती हैं। सोडियम चैनल, जब ऐक्शन पोटेंशिअल के बाद बंद होते हैं, तो वे एक "निष्क्रिय" अवस्था में प्रवेश करते हैं, जिसमें उन्हें झिल्ली पोटेंशिअल के होते हुए भी खोला नहीं जा सकता - इससे निरपेक्ष दु:साध्य अवधि का जन्म होता है। सोडियम चैनल की एक पर्याप्त संख्या के अपने विश्राम स्थिति में परिवर्तन के बाद भी, ऐसा अक्सर होता है कि पोटेशियम चैनलों का एक अंश खुला रहता है, जिससे झिल्ली पोटेंशिअल के लिए विध्रुवण मुश्किल होता है और इससे सापेक्ष दु:साध्य अवधि की उत्पत्ति होती है। क्योंकि पोटेशियम चैनलों का घनत्व और उपप्रकार, भिन्न प्रकार के न्यूरॉन्स के बीच भिन्न हो सकता है, सापेक्ष दु:साध्य अवधि उच्च रूप से अस्थिर होती है। निरपेक्ष दु:साध्य अवधि, अक्षतन्तु के इर्द-गिर्द ऐक्शन पोटेंशिअल के दिशाहीन प्रसार के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है।<ref name="unidirectional">पूर्वेस ''एट अल.,'' पी 56.</ref> किसी भी समय, सक्रिय रूप छेदित भाग के पीछे अक्षतंतु का पैच दुहसाध्य है, लेकिन सामने का पैच, हाल ही में सक्रिय नहीं किये जाने के कारण ऐक्शन पोटेंशिअल से विध्रुवण से प्रेरित होने में सक्षम है। == प्रसार == {{Main|Conduction velocity}} अक्षतंतु गिरिका पर जनित ऐक्शन पोटेंशिअल अक्षतंतु पर एक लहर के रूप में फैलता है।<ref>बुलोक, ओर्कलैंड और ग्रिनेल, पीपी 160-64..</ref> एक ऐक्शन पोटेंशिअल के दौरान अक्षतंतु पर एक बिंदु पर अंदर की ओर बहती धाराएं अक्षतंतु पर फ़ैल जाती हैं और अपने झिल्ली के आसन्न वर्गों को विध्रुवित कर देती हैं। यदि पर्याप्त मजबूत है, तो यह विध्रुवण पड़ोसी झिल्ली पैच में एक समान ऐक्शन पोटेंशिअल प्रेरित करता है। इस बुनियादी तंत्र को 1937 में एलन लॉयड हौज्किन द्वारा प्रदर्शित किया गया था। तंत्रिका खंडो को कुचलने या ठंडा करने और इस प्रकार ऐक्शन पोटेंशिअल को ब्लॉक करने के बाद, उन्होंने दिखाया कि खंड के एक तरफ पहुंचने वाला ऐक्शन पोटेंशिअल दूसरी तरफ एक अन्य ऐक्शन पोटेंशिअल को उभार सकता था, बशर्ते कि अवरोधित खंड पर्याप्त रूप से छोटा हो। <ref>{{cite journal | author = [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]] | year = 1937 | title = Evidence for electrical transmission in nerve, Part I | journal = Journal of Physiology | volume = 90 | pages = 183–210 | pmid = 16994885 | issue = 2 | pmc = 1395060}}<br />* {{cite journal | author = [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]] | year = 1937 | title = Evidence for electrical transmission in nerve, Part II | journal = Journal of Physiology | volume = 90 | pages = 211–32 | pmid = 16994886 | issue = 2 | pmc = 1395062}}</ref> एक बार झिल्ली के एक पैच पर एक ऐक्शन पोटेंशिअल के होने पर, झिल्ली पैच को फिर से फायर करने के लिए ठीक होने की जरूरत होती है। आणविक स्तर पर, यह ''निरपेक्ष दुहसाध्य अवधि'' उस समय के अनुरूप होती है जो वोल्टेज-सक्रिय सोडियम चैनल को निष्क्रियता से ठीक होने में लगती है, यानी अपने बंद रूप में लौटने में.<ref>स्टीवेंस, पीपी 19-20..</ref> न्यूरॉन्स में वोल्टेज-सक्रिय पोटेशियम चैनलों के कई प्रकार हैं, उनमें से कई तेजी से निष्क्रिय होते हैं (A-टाइप करेंट) और उनमें से कुछ धीरे-धीरे निष्क्रिय होते हैं या निष्क्रिय होते ही नहीं; यह परिवर्तनशीलता इस बात की गारंटी देती है कि पुनःध्रुवण के लिए वहां हमेशा करेंट का एक उपलब्ध स्रोत होगा, तब भी जब पूर्ववर्ती विध्रुवण की वजह से पोटेशियम चैनल निष्क्रिय हैं। दूसरी ओर, सभी न्यूरोनल वोल्टेज-सक्रिय सोडियम चैनल, मजबूत विध्रुवण के दौरान कई मिलीसेकंड के भीतर निष्क्रिय हो जाते हैं, इस प्रकार अगले विध्रुवण को असंभव बना देते हैं जब तक कि सोडियम चैनल का एक महत्वपूर्ण अंश अपनी बंद स्थिति में वापस नहीं लौट आता. हालांकि, यह फायरिंग की सीमा को सीमित करता है,<ref frequency_coding">स्टीवेंस, pp. 21-23.</ref> निरपेक्ष दुहसाध्य अवधि यह सुनिश्चित करती है कि ऐक्शन पोटेंशिअल एक अक्षतंतु से लगे हुए केवल एक ही दिशा में चले.<ref name="unidirectional" /> एक ऐक्शन पोटेंशिअल की वजह से अंदर प्रवाहित होने वाला करेंट, अक्षतंतु के आस-पास दोनों दिशाओं में फैलता है।<ref name="internal_currents">बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पीपी 161-164..</ref> हालांकि, अक्षतंतु का केवल बिना फायर वाला भाग, एक ऐक्शन पोटेंशिअल के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है; वह हिस्सा जिसने अभी-अभी फायर किया है वह तब तक निष्क्रिय होता है जब तक कि ऐक्शन पोटेंशिअल सुरक्षित रूप से सीमा से बाहर नहीं हो जाता और उस हिस्से को पुनः उत्तेजित नहीं करता. सामान्य ओर्थोड्रोमिक चालन में ऐक्शन पोटेंशिअल अक्षतंतु गिरिका से सिनेप्टिक नौब (एक्सनल टर्मिनी) की ओर प्रसारित होता है; विपरीत दिशा में प्रसार - जिसे एंटीड्रोमिक चालन के रूप में जाना जाता है - अत्यंत दुर्लभ है।<ref name="orthodromic">बुलोक, ओर्कंड और ग्रिनेल, पी. 509.</ref> हालांकि, अगर एक प्रयोगशाला अक्षतंतु को इसके बीच में प्रेरित किया जाता है तो अक्षतंतु के दोनों भाग "फ्रेश" होते हैं, अर्थात बिना फायर के; तब दो ऐक्शन पोटेंशिअल उत्पन्न होते हैं, जिसमें से एक अक्षतंतु गिरिका की ओर यात्रा करता है और दूसरा सिनेप्टिक नौब की दिशा में यात्रा करता है। [[चित्र:Neuron1.jpg|thumb|left|In saltatory conduction, an action potential at one node of Ranvier causes inwards currents that depolarize the membrane at the next node, provoking a new action potential there; the action potential appears to "hop" from node to node.|alt = न्यूरॉन्स के अक्षतंतु कई मेलिन शीथ द्वारा लिपटे होते हैं, जो एक्स्ट्रासेल्युलर द्रव से अक्षतंतु को ढकता है। वहां मेलिन शीथ के बीच कम अंतराल है जिसे नोड्स ऑफ़ रैन्विअर कहा जाता है जहां अक्षतंतु सीधे आसपास के बाह्य तरल पदार्थ के संपर्क में रहता है।]] === मेलिन और नाटकीय चालन === {{Main|Myelination|Saltatory conduction}} तंत्रिका तंत्र में विद्युत् संकेतों के तीव्र और असरकारी ट्रांन्सडक्सन की विकासवादी जरूरत ने न्यूरोनल अक्षतन्तु के आसपास मेलिन शीथ की उपस्थिति को परिणामित किया। मेलिन एक बहु लामेलर झिल्ली है जो अक्षतन्तु को, नोड्स ऑफ़ रैन्विअर कहे जाने वाले अंतराल द्वारा अलग क्षेत्रों में लपेटती है, वह विशेष कोशिकाओं, श्वान कोशिकाओं द्वारा उत्पन्न होती है, विशेष रूप से [[परिधीय तंत्रिका तंत्र]] में और विशेष रूप से [[केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र]] में ओलिगोडेन्ड्रोसाईट द्वारा. मेलिन शीथ, इंटर-नोड अंतराल में झिल्ली क्षमता को कम कर देता है और झिल्ली प्रतिरोध को बढ़ा देता है और इस प्रकार एक नोड से दूसरे नोड में ऐक्शन पोटेंशिअल के एक तेज़, नाटकीय गतिविधि की अनुमति देता है।<ref name="Zalc">{{cite journal |author=Zalc B |title=The acquisition of myelin: a success story |journal=Novartis Found. Symp. |volume=276 |issue= |pages=15–21; discussion 21–5, 54–7, 275–81 |year=2006 |pmid=16805421 |doi=10.1002/9780470032244.ch3}}</ref><ref name="S. Poliak & E. Peles">{{cite journal |author=S. Poliak & E. Peles |title=The local differentiation of myelinated axons at nodes of Ranvier|journal=Nature Reviews Neuroscience |volume=12 |issue=4 |pages=968–80 |year=2006 |pmid=14682359 |doi=10.1038/nrn1253}}</ref><ref>{{cite journal |author=Simons M, Trotter J |title=Wrapping it up: the cell biology of myelination |journal=Curr. Opin. Neurobiol. |volume=17 |issue=5 |pages=533–40 |year=2007 |month=October |pmid=17923405 |doi=10.1016/j.conb.2007.08.003}}</ref> मेलिन क्रिया मुख्य रूप से रीढ़वाले प्राणियों में पाई जाती है, लेकिन बिना रीढ़ वाले प्राणियों में से कुछ में एक अनुरूप प्रणाली पाई गई है, जैसे चिंराट प्रजातियों में से कुछ में.<ref>{{cite journal |author=Xu K, Terakawa S |title=Fenestration nodes and the wide submyelinic space form the basis for the unusually fast impulse conduction of shrimp myelinated axons |journal=J. Exp. Biol. |volume=202 |issue=Pt 15 |pages=1979–89 |date=1 अगस्त 1999 |pmid=10395528 |url=http://jeb.biologists.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=10395528 |access-date=17 सितंबर 2010 |archive-date=24 मार्च 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200324025722/http://jeb.biologists.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=10395528 |url-status=dead }}</ref>. रीढ़ वाले प्राणी में सभी न्यूरॉन्स मेलिनकृत नहीं होते; उदाहरण के लिए, स्वायत्त (वनस्पति) तंत्रिका तंत्र वाले न्यूरॉन्स के अक्षतन्तु, सामान्य रूप में मेलिनकृत नहीं होते. मेलिन, आयनों को मेलिनकृत क्षेत्रों में अक्षतंतु से जाने या आने से बचाता है। एक सामान्य नियम के रूप में, मेलिन क्रिया ऐक्शन पोटेंशिअल के चालन गति को बढ़ा देता है और उन्हें और अधिक ऊर्जा कुशल बनाता है। चाहे ऊबड़-खाबड़ हो या ना हो, एक ऐक्शन पोटेंशिअल की औसत चालन गति 1&nbsp;m/s से 100&nbsp;m/s के ऊपर तक होती है और सामान्य रूप में अक्षतन्तु व्यास से अधिक होती है।<ref name="hursh_1939">{{cite journal | author = Hursh JB | year = 1939 | title = Conduction velocity and diameter of nerve fibers | url = https://archive.org/details/sim_american-journal-of-physiology_1939-08-01_127_1/page/n129 | journal = American Journal of Physiology | volume = 127 | pages = 131–39}}</ref> ऐक्शन पोटेंशिअल झिल्ली के माध्यम से अक्षतंतु के मेलिनकृत क्षेत्रों में प्रसार नहीं कर सकते हैं। हालांकि, करेंट को साइटोप्लाज्म द्वारा ले जाया जाता है, जो अगले 1 या 2 नोड ऑफ़ रैनविअर को विध्रुवित करने के लिए पर्याप्त हैं। इसके बजाय, एक ऐक्शन पोटेंशिअल से एक नोड ऑफ़ रेनविअर पर आयनिक करेंट एक दूसरे ऐक्शन पोटेंशिअल को अगले नोड पर भड़काती है; एक नोड से दूसरे नोड पर ऐक्शन पोटेंशिअल की यह स्पष्ट कूद, नाटकीय चालन कहलाती है। हालांकि नाटकीय चालन के तंत्र को राल्फ लिली द्वारा 1925 में सुझाया गया था,<ref>{{cite journal | author = Lillie RS | year = 1925 | title = Factors affecting transmission and recovery in passive iron nerve model | journal = J. Gen. Physiol. | volume = 7 | pages = 473–507 | doi = 10.1085/jgp.7.4.473 | pmid = 19872151 | issue = 4 | pmc = 2140733}} यह भी देखें कीन्स और एडले, पी. 78.</ref> नाटकीय चालन का पहला प्रयोगात्मक सबूत तसाकी इचिजी<ref name="tasaki_1939">{{cite journal | author = Tasaki I | year = 1939 | title = Electro-saltatory transmission of nerve impulse and effect of narcosis upon nerve fiber | journal = Amer. J. Physiol. | volume = 127 | pages = 211–27}}</ref> और ताईजी टेकेउची<ref name="tasaki_1941_1942_1959">{{cite journal | author = Tasaki I, Takeuchi T | year = 1941 | title = Der am Ranvierschen Knoten entstehende Aktionsstrom und seine Bedeutung für die Erregungsleitung | journal = Pflüger's Arch. Ges. Physiol. | volume = 244 | pages = 696–711 | doi = 10.1007/BF01755414}}<br />* {{cite journal | author = Tasaki I, Takeuchi T | year = 1942 | title = Weitere Studien über den Aktionsstrom der markhaltigen Nervenfaser und über die elektrosaltatorische Übertragung des nervenimpulses | journal = Pflüger's Arch. Ges. Physiol. | volume = 245 | pages = 764–82 | doi = 10.1007/BF01755237}}<br />* {{cite book | author = Tasaki I | year = 1959 | title = Handbook of Physiology: Neurophysiology | edition = (sect. 1, vol. 1) | editor = J Field, HW Magoun, VC Hall | publisher = American Physiological Society | location = Washington, D.C. | pages = 75–121}}</ref> ने प्रस्तुत किया और एंड्रयू हक्सले और रॉबर्ट स्टेमफ्ली ने.<ref name="huxley_staempfli_1949_1951">{{cite journal | author = [[Andrew Huxley|Huxley A]], Stämpfli R | year = 1949 | title = Evidence for saltatory conduction in peripheral myelinated nerve-fibers | url = https://archive.org/details/sim_journal-of-physiology_the-journal-of-physiology_1949_108/page/315 | journal = Journal of Physiology | volume = 108 | pages = 315–39}}<br />* {{cite journal | author = [[Andrew Huxley|Huxley A]], Stämpfli R | year = 1949 | title = Direct determination of membrane resting potential and action potential in single myelinated nerve fibers | journal = Journal of Physiology | volume = 112 | pages = 476–95 | pmid = 14825228 | issue = 3-4 | pmc = 1393015}}</ref> विरोधाभास स्वरूप, बिना मेलिनकृत अक्षतन्तु में, ऐक्शन पोटेंशिअल ठीक बगल की झिल्ली में एक अन्य को भड़काता है और लगातार एक लहर की तरह अक्षतंतु में नीचे जाता है। [[चित्र:Conduction velocity and myelination.png|thumb|right|300px|Comparison of the conduction velocities of myelinated and unmyelinated axons in the cat.<ref>Schmidt-Nielsen, Figure 12.13.</ref> The conduction velocity v of myelinated neurons varies roughly linearly with axon diameter d (that is, v ∝ d),<ref name="hursh_1939" /> whereas the speed of unmyelinated neurons varies roughly as the square root (v ∝√ d)। <ref name="rushton_1951">[138]</ref> The red and blue curves are fits of experimental data, whereas the dotted lines are their theoretical extrapolations.|alt= चालन वेग (m/s) बनाम अक्षतंतु व्यास (μm) के एक लॉग-लॉग नक्शा.]] मेलिन में दो महत्वपूर्ण लाभ है: तेज़ चालन गति और ऊर्जा क्षमता. न्यूनतम व्यास से बड़े अक्षतन्तु के लिए (मोटे तौर पर 1 माइक्रोमीटर), मेलिनक्रिया, ऐक्शन पोटेंशिअल के चालन वेग को आम तौर पर दस गुना बढ़ा देती है।<ref name="hartline_2007" /> इसके विपरीत, एक दिये गए चालन वेग के लिए, मेलिनकृत फाइबर अपने बिना मेलिनकृत समकक्षों की तुलना में छोटे होते हैं। उदाहरण के लिए, ऐक्शन पोटेंशिअल एक मेलिनकृत फ्रोग अक्षतंतु में और एक बिना मेलिनकृत विशाल स्क्विड अक्षतंतु में मोटे तौर पर उसी गति (25&nbsp;m/s) से चलते हैं, लेकिन फ्रोग अक्षतंतु का लगभग 30 गुना छोटा व्यास होता है और 1000 गुना छोटा पार-अनुभागीय क्षेत्र होता है। इसके अलावा, चूंकि आयनिक करेंट, नोड्स ऑफ़ रेनविअर में सीमित होती हैं, बहुत कम आयनों का "रिसाव" झिल्ली के पार होता है, जिससे चयापचय ऊर्जा की बचत होती है। यह बचत एक महत्वपूर्ण चयनात्मक लाभ है, क्योंकि मानव तंत्रिका तंत्र शरीर की चयापचय ऊर्जा का 20% का उपयोग करता है।<ref name="hartline_2007">{{cite journal |author=Hartline DK, Colman DR |title=Rapid conduction and the evolution of giant axons and myelinated fibers |journal=Curr. Biol. |volume=17 |issue=1 |pages=R29–R35 |year=2007 |pmid=17208176 |doi=10.1016/j.cub.2006.11.042}}</ref> अक्षतन्तु के मेलिनकृत सेगमेंट की लंबाई, नाटकीय प्रवाहकत्त्व की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। चालन की गति को अधिकतम करने के लिए उन्हें जितना संभव हो सके लंबा होना चाहिए, लेकिन इतना लम्बा नहीं होना चाहिए कि आने वाला संकेत इतना कमज़ोर हो कि वह अगले नोड ऑफ़ रेनविअर पर एक ऐक्शन पोटेंशिअल को उत्पन्न करने में असमर्थ हो। प्रकृति में, मेलिनकृत क्षेत्र आम तौर पर निष्क्रिय रूप से प्रसारित संकेत के लिए यह काफी होता है कम से कम दो नोड्स के लिए यात्रा करते समय और पर्याप्त आयाम बनाए रखता है ताकि दूसरे या तीसरे नोड पर एक ऐक्शन पोटेंशिअल को फायर किया जा सके। इस प्रकार, नाटकीय प्रवाहकत्त्व का सुरक्षा कारक उच्च है, जो चोट के मामले में प्रसारण को नोड को बायपास करने की अनुमति देता है। हालांकि, ऐक्शन पोटेंशिअल, कुछ स्थानों पर समय से पहले ही समाप्त हो सकता है जहां सुरक्षा कारक कम है, यहां तक कि बिना मेलिनकृत न्यूरॉन्स में भी; एक सामान्य उदाहरण है, अक्षतंतु का विभाजन बिंदु जहां यह दो अक्षतंतु में विभाजित होता है।<ref>बुलोक, ओर्कलैंड और ग्रिनेल, पी. 163.</ref> कुछ बीमारियां मेलिन को ख़राब कर देती हैं और नाटकीय प्रवाहकत्त्व को क्षीण कर देती हैं और ऐक्शन पोटेंशिअल के प्रवाह वेग को कम कर देती हैं।<ref>{{cite journal |author=Miller RH, Mi S |title=Dissecting demyelination |journal=Nat. Neurosci. |volume=10 |issue=11 |pages=1351–54 |year=2007 |pmid=17965654 |doi=10.1038/nn1995}}</ref> इसका सबसे अच्छा ज्ञात रूप है एकाधिक काठिन्य, जिसमें मेलिन का टूटन समन्वित गतिविधियों को बिगाड़ता है।<ref>{{cite book | author = Waxman SG | year = 2007 | chapter = Multiple Sclerosis as a Neurodegenerative Disease | title=Molecular Neurology |editor = Waxman SG | publisher = Elsevier Academic Press | location = Burlington, MA | isbn = 978-0-12-369509-3 | pages = 333–46}}</ref> === केबल सिद्धांत === {{Main|Cable theory}} [[चित्र:NeuronResistanceCapacitanceRev.jpg|thumb|300px|right|Schematic of resistance and capacitance in an abstract neuronal fiber|Figure.1: Cable theory's simplified view of a neuronal fiber. The connected RC circuits correspond to adjacent segments of a passive neurite. The extracellular resistances re (the counterparts of the intracellular resistances ri) are not shown, since they are usually negligibly small; the extracellular medium may be assumed to have the same voltage everywhere.|alt= एक अक्षतंतु की कोशिका झिल्ली में प्रतिरोध और धारिता को दिखाता एक आरेख. कोशिका झिल्ली को आसन्न क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, प्रत्येक झिल्ली भर में अपने स्वयं के प्रतिरोध और सिस्टोसल और बाह्य तरल पदार्थ के बीच समाई होने में विभाजित है। बदले में इन क्षेत्रों में से प्रत्येक में एक प्रतिरोध के साथ एक इंट्रासेल्युलर सर्किट से जुड़ा है।]] एक अक्षतंतु के भीतर धाराओं का प्रवाह, केबल सिद्धांत द्वारा मात्रात्मक रूप से वर्णित किया जा सकता है<ref name="rall_1989">{{cite book | author = [[Wilfrid Rall|Rall W]] | year = 1989 | title = Methods in Neuronal Modeling: From Synapses to Networks | chapter = Cable Theory for Dendritic Neurons | editor = [[Christof Koch|C. Koch]] and I. Segev | publisher = Bradford Books, MIT Press | location = Cambridge MA | isbn = 0-262-11133-0 | pages = [https://archive.org/details//page/9 9–62] | url = https://archive.org/details//page/9 }}</ref> और उसकी व्याख्या द्वारा, जैसे पूरक मॉडल.<ref name="segev_1989">{{cite book | author = Segev I, Fleshman JW, Burke RE | year = 1989 | title = Methods in Neuronal Modeling: From Synapses to Networks | url = https://archive.org/details/methodsinneurona0000unse | chapter = Compartmental Models of Complex Neurons | editor = [[Christof Koch|C. Koch]] and I. Segev | publisher = Bradford Books, MIT Press | location = Cambridge MA | isbn = 0-262-11133-0 | pages = [https://archive.org/details/methodsinneurona0000unse/page/n63 63]–96}}</ref> केबल सिद्धांत को ट्रान्साटलांटिक टेलीग्राफ केबल को स्वरूपित करने के लिए 1855 में लोर्ड केल्विन द्वारा विकसित किया गया था<ref name="kelvin_1855">{{cite journal | author = [[William Thomson, 1st Baron Kelvin|Kelvin WT]] | year = 1855 | title = On the theory of the electric telegraph | journal = Proceedings of the Royal Society | volume = 7 | pages = 382–99 | doi = 10.1098/rspl.1854.0093}}</ref> और 1946 में होज्किन और रुष्टोन द्वारा न्यूरॉन्स के लिए प्रासंगिक दिखाया गया।<ref name="hodgkin_1946">{{cite journal | author = [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]], [[W. A. H. Rushton|Rushton WAH]] | year = 1946 | title = The electrical constants of a crustacean nerve fibre | journal = Proceedings of the Royal Society B | volume = 133 | pages = 444–79 | doi = 10.1098/rspb.1946.0024}}</ref> साधारण केबल सिद्धांत में, न्यूरॉन को विद्युत् रूप से निष्क्रिय माना जाता है, बिलकुल बेलनाकार संचरण केबल, जिसे एक आंशिक अंतर समीकरण द्वारा वर्णित किया जा सकता है।<ref name="rall_1989" /> :<math> \tau \frac{\partial V}{\partial t} = \lambda^{2} \frac{\partial^{2} V}{\partial x^{2}} - V </math> जहां ''V(x,t)'', ''t'' समय और ''x'' स्थिति में एक न्यूरॉन की लंबाई के साथ झिल्ली में व्याप्त वोल्टेज है और जहां λ और τ विशेषता लंबाई और समय है जिस पर प्रेरक के लिए प्रतिक्रिया में वोल्टेज क्षय होता है। उपरोक्त सर्किट आरेख के सन्दर्भ में, इन पैमानों को प्रति यूनिट प्रतिरोध और संधारित्र से निर्धारित किया जा सकता है।<ref name="space_time_constants">पूर्वेस ''एट अल.,'' पीपी. 52-53.</ref> :<math> \tau =\ r_{m} c_{m} \, </math> :<math> \lambda = \sqrt \frac{r_m}{r_l} </math> इन समय और लंबाई को बिना मेलिन फाइबर में न्यूरॉन के व्यास पर चालन वेग की निर्भरता समझने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, समय पैमाना τ, झिल्ली प्रतिरोध ''r'' <sub>''m'' </sub> और धारिता ''c'' <sub>''m'' </sub>, दोनों के साथ बढ़ता है। जैसे-जैसे धारिता बढ़ती है, तो एक दिये गए ट्रांसमेम्ब्रेन वोल्टेज को उत्पन्न करने के लिए और अधिक चार्ज को स्थानांतरित करने की आवश्यकता होती है, (समीकरण ''Q'' =''CV'' द्वारा)। इसी तरह के तरीके में, यदि प्रतिरोध प्रति यूनिट आंतरिक लंबाई ''r'' <sub>''i'' </sub>, किसी अन्य की तुलना में एक अक्षतंतु से कम है, (क्योंकि पूर्व की त्रिज्या लम्बी है), स्थानिक क्षय लंबाई λ लम्बी हो जाती है और एक ऐक्शन पोटेंशिअल का प्रवाह वेग बढ़ना चाहिए। अगर ट्रांसमेम्ब्रेन प्रतिरोध ''r'' <sub>''m'' </sub> में वृद्धि होती है, तो वह सम्पूर्ण झिल्ली में औसत "रिसाव" को कम कर देता है, वैसे ही ''λ'' को लम्बा कर देता है, जिससे प्रवाह वेग बढ़ जाता है। == समाप्ति == === रासायनिक सिनेप्सेस === {{Main|Chemical synapse|Neurotransmitter|Excitatory postsynaptic potential|Inhibitory postsynaptic potential}} सामान्य रूप से, जो ऐक्शन पोटेंशिअल सिनेप्टिक नौब तक पहुंचते हैं वे एक तंत्रिकासंचारक को सिनेप्टिक क्लेफ्ट में स्रावित होने को प्रेरित करते हैं।<ref>{{cite journal |author=Süudhof TC |title=Neurotransmitter release |journal=Handb Exp Pharmacol |volume= 184|issue=184 |pages=1–21 |year=2008 |pmid=18064409 |doi=10.1007/978-3-540-74805-2_1}}</ref> न्यूरोट्रांसमीटर छोटे अणु हैं जो पोस्टसिनेप्टिक कोशिका में आयन चैनल को खोल सकते हैं, अधिकांश अक्षतंतु में उनके सभी टर्मिनी पर समान तंत्रिकासंचारक होता है। ऐक्शन पोटेंशिअल का आगमन वोल्टेज-संवेदनशील कैल्शियम चैनलों को प्रीसिनेप्टिक मेम्ब्रेन में, कैल्शियम के आने से तंत्रिकासंचारक वेसिकल्स से भर जाता है जो कोशिका की सतह पर विस्थापित हो जाता है और अपनी सामग्री सिनेप्टिक क्लेफ्ट में जरी करता है।<ref>{{cite journal |author=Rusakov DA |title=Ca2+-dependent mechanisms of presynaptic control at central synapses |journal=Neuroscientist |volume=12 |issue=4 |pages=317–26 |year=2006 |month=August |pmid=16840708 |doi=10.1177/1073858405284672 |pmc=2684670}}</ref> इस जटिल प्रक्रिया को न्यूरोटोक्सिन टेटानोस्पाज्मिन और बोटुलिनम टोक्सिन द्वारा अवरोधन किया जाता है जो क्रमश: टेटनस और बोटुलिज़्म के लिए जिम्मेदार हैं।<ref>{{cite journal |author=Humeau Y, Doussau F, Grant NJ, Poulain B |title=How botulinum and tetanus neurotoxins block neurotransmitter release |url=https://archive.org/details/sim_biochimie_2000-05_82_5/page/427 |journal=Biochimie |volume=82 |issue=5 |pages=427–46 |year=2000 |month=May |pmid=10865130 |doi=10.1016/S0300-9084(00)00216-9}}</ref> [[चित्र:Gap_cell_junction-en.svg|thumb|left|Electrical synapses between excitable cells allow ions to pass directly from one cell to another, and are much faster than chemical synapses.|alt = विद्युत सिनेप्सेस, प्रोटीन परिसरों से बने होते हैं जो आसन्न न्यूरॉन्स के दोनों झिल्लियों में सन्निहित होते हैं और इस तरह आयनों के लिए एक सीधा चैनल प्रदान करने के लिए वे एक सन्निकट कोशिका में साइटोप्लाज्म से प्रवाह शुरू करते हैं।]] === विद्युत सिनेप्सेस === {{Main|Electrical synapse|Gap junction|Connexin}} कुछ सिनेप्सेस, तंत्रिकासंचारक "बिचौलिया" को हटा देते हैं और प्रीसिनेप्टिक और पोस्टसिनेप्टिक कोशिकाओं को जोड़ देते हैं।<ref>{{cite journal |author=Zoidl G, Dermietzel R |title=On the search for the electrical synapse: a glimpse at the future |url=https://archive.org/details/cell-and-tissue-research_2002-11_310_2/page/137 |journal=Cell Tissue Res. |volume=310 |issue=2 |pages=137–42 |year=2002 |pmid=12397368 |doi=10.1007/s00441-002-0632-x}}</ref> जब एक ऐक्शन पोटेंशिअल ऐसे सिनेप्सेस तक पहुंचता है, आयनिक धाराएं जो प्रीसिनेप्टिक सेल में बहती हैं वे बाधा झिल्लियों के माध्यम से पार कर सकते हैं और कोनेक्सिन कहे जाने वाले पोरों से पोस्टसिनेप्टिक कक्ष में प्रवेश कर सकती हैं।<ref>{{cite journal |author=Brink PR, Cronin K, Ramanan SV |title=Gap junctions in excitable cells |url=https://archive.org/details/journal-of-bioenergetics-and-biomembranes_1996-08_28_4/page/351 |journal=J. Bioenerg. Biomembr. |volume=28 |issue=4 |pages=351–8 |year=1996 |pmid=8844332 |doi=10.1007/BF02110111}}</ref> इस प्रकार, प्रीसिनेप्टिक ऐक्शन पोटेंशिअल की क्षमता का आयनिक धाराएं, सीधे पोस्टसिनेप्टिक सेल को प्रोत्साहित कर सकती हैं। विद्युत सिनेप्सेस तेज़ प्रसारण की अनुमति देते हैं क्योंकि उन्हें सिनेप्टिक क्लेफ्ट में तंत्रिकासंचारक के धीमे प्रसार की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए, विद्युत सिनेप्सेस का तब उपयोग किया जाता है जब तेज प्रतिक्रिया और समय का समन्वय महत्वपूर्ण हो, जैसा कि इस्केप रिफ्लेक्स में होता है, रीढ़वाले प्राणी की रेटिना और हृदय में. === तंत्रिकापेशीय जोड़ === {{Main|Neuromuscular junction|Acetylcholine receptor|Cholinesterase enzyme}} रासायनिक सिनेप्स का एक विशेष मामला है तंत्रिकापेशीय जोड़, जिसमें एक मोटर न्यूरोन का अक्षतंतु पेशी फाइबर पर समाप्त होता है।<ref>{{cite journal |author=Hirsch NP |title=Neuromuscular junction in health and disease |journal=Br J Anaesth |volume=99 |issue=1 |pages=132–8 |year=2007 |month=July |pmid=17573397 |doi=10.1093/bja/aem144 |url=http://bja.oxfordjournals.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=17573397 |access-date=17 सितंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200521042536/http://bja.oxfordjournals.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=17573397%2F |archive-date=21 मई 2020 |url-status=dead }}</ref> ऐसे मामलों में, जारी तंत्रिकासंचारक एसीटीकोलीन है, जो एसीटी कोलीन रिसेप्टर से आबद्ध होता है, पेशी फाइबर का मेम्ब्रेन में एक अभिन्न मेम्ब्रेन प्रोटीन है (''सरकोलेम्मा'')। <ref>{{cite journal |author=Hughes BW, Kusner LL, Kaminski HJ |title=Molecular architecture of the neuromuscular junction |url=https://archive.org/details/sim_muscle-nerve_2006-04_33_4/page/445 |journal=Muscle Nerve |volume=33 |issue=4 |pages=445–61 |year=2006 |month=April |pmid=16228970 |doi=10.1002/mus.20440}}</ref> हालांकि, एसीटीकोलीन बंधा नहीं रहता है बल्कि अलग हो जाता है और सिनेप्स में स्थित इन्जाइम, एसीटीकोलीनस्टेरेज़ द्वारा हाइड्रोलाइज होता है। यह एंजाइम जल्दी से मांसपेशियों की उत्तेजना को कम कर देता है, जो मांसपेशियों में संकुचन के स्तर और समय को नाजुक रूप से विनियमित करने की अनुमति देता है। इस नियंत्रण को रोकने के लिए कुछ ज़हर एसीटीकोलीनस्टेरेज़ को निष्क्रिय कर देते हैं, जैसे नर्व एजेंट सरीन और टबून,<ref name="Newmark">{{cite journal |author=Newmark J |title=Nerve agents |journal=Neurologist |volume=13 |issue=1 |pages=20–32 |year=2007 |pmid=17215724 |doi=10.1097/01.nrl.0000252923.04894.53}}</ref> और कीटनाशक डायज़ीनोन और मेलाथियान.<ref>{{cite journal |author=Costa LG |title=Current issues in organophosphate toxicology |journal=Clin. Chim. Acta |volume=366 |issue=1-2 |pages=1–13 |year=2006 |pmid=16337171 |doi=10.1016/j.cca.2005.10.008}}</ref> == अन्य कोशिका प्रकार == === कार्डियक ऐक्शन पोटेंशिअल === {{Main|Cardiac action potential|Electrical conduction system of the heart|Cardiac pacemaker|Arrhythmia}} [[चित्र:Ventricular_myocyte_action_potential.svg|thumb|right|220px|Phases of a cardiac action potential. The sharp rise in voltage ("0") corresponds to the influx of sodium ions, whereas the two decays ("1" and "3", respectively) correspond to the sodium-channel inactivation and the repolarizing eflux of potassium ions. The characteristic plateau ("2") results from the opening of voltage-sensitive calcium channels.|alt= झिल्ली क्षमता बनाम समय का नक्शा. प्रारंभिक रेस्टिंग चरण (क्षेत्र 4) ऋणात्मक है और चरम (1) तक एक तेजी से वृद्धि (0) द्वारा निरंतर प्रवाहित होती है। प्लैटू चरण (2) चरम से थोड़ा नीचे है। प्लैटू चरण के बाद एक काफी तेजी से वापसी (3) होती है जो वापस रेस्टिंग पोटेंशिअल में आती है (4).]] कार्डियक ऐक्शन पोटेंशिअल, एक न्यूरोनल ऐक्शन पोटेंशिअल से एक वर्धित प्लेटू के मामले में भिन्न होता है, जिसमें मेम्ब्रेन को, पोटेशियम धारा द्वारा पुनः विध्रुवण से पहले कुछ सौ मिलीसेकंड के लिए उच्च वोल्टेज पर रखा जाता है।<ref name="Kleber" /> यह प्लेटू, धीमे कैल्शियम चैनल की वजह से होता है जो सोडियम चैनलों के निष्क्रिय होने के बाद भी संतुलन पोटेंशिअल धारण किया जाता है। कार्डियक ऐक्शन पोटेंशिअल हृदय संकुचन के समन्वय में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।<ref name="Kleber">{{cite journal |author=Kléber AG, Rudy Y |title=Basic mechanisms of cardiac impulse propagation and associated arrhythmias |url=https://archive.org/details/sim_physiological-reviews_2004-04_84_2/page/430 |journal=Physiol. Rev. |volume=84 |issue=2 |pages=431–88 |year=2004 |month=April |pmid=15044680 |doi=10.1152/physrev.00025.2003 }}</ref> सीनोएट्रिअल नोड की हृदय कोशिकाएं पेसमेकर पोटेंशिअल प्रदान करती हैं जो हृदय को समक्रमिक करता है। उन कोशिका का ऐक्शन पोटेंशिअल, एट्रियोवेंट्रिक्युलर नोड (AV नोड) के माध्यम से फैलता है, जो एट्रियल और वेट्रिकल्स के बीच सामान्य प्रवाह पथ है। ए वी नोड से एक्शन पोटेंशिअल, हिस के माध्यम से यात्रा करता है और फिर पुर्किन्जे फाइबर जाता है।<ref group="note">ध्यान दें कि ये पुर्किन्जे फाइबर मांसपेशी फाइबर होते हैं और ये पुर्किन्जे कोशिका से संबंधित नहीं होते जो न्यूरॉन होते हैं जो सेरिबुलोकम में पाए जाते हैं।</ref> इसके विपरीत, विसंगतियां कार्डियक ऐक्शन पोटेंशिअल में अतालता है, एक जन्मजात विकृतियों के कारण परिवर्तन कर सकते हैं विशेष रूप से मानव निदान में.<ref name="Kleber" /> कई अतालता-विरोधी दवा कार्डिएक ऐक्शन पोटेंशिअल पर काम करती है, जैसे क्विनडाइन, लिडोकेन, बीटा ब्लोकर्स और वेरापामिल.<ref>{{cite journal |author=Tamargo J, Caballero R, Delpón E |title=Pharmacological approaches in the treatment of atrial fibrillation |journal=Curr. Med. Chem. |volume=11 |issue=1 |pages=13–28 |year=2004 |month=January |pmid=14754423 |doi=10.2174/0929867043456241}}</ref> === पेशीय ऐक्शन पोटेंशिअल === {{Main|Neuromuscular junction|Muscle contraction}} एक सामान्य कंकाल की मांसपेशी कोशिका में ऐक्शन पोटेंशिअल, न्यूरॉन्स में होने वाले ऐक्शन पोटेंशिअल के समान है।<ref name="ganong_1991">{{cite book | author = Ganong W | year = 1991 | title = Review of Medical Physiology | edition = 15th | publisher = Appleton and Lange | location = Norwalk CT | isbn = 0-8385-8418-7 | pages = [https://archive.org/details//page/59 59–60] | url = https://archive.org/details//page/59 }}</ref> ऐक्शन पोटेंशिअल, कोशिका झिल्ली (सरकोलेम्मा) के विध्रुवण से फलित होते हैं, जो वोल्टेज-संवेदनशील सोडियम चैनल को खोलता है; ये निष्क्रिय हो जाते हैं और झिल्ली, पोटेशियम आयनों के जावक धरा से पुनः विध्रुववित होती है। ऐक्शन पोटेंशिअल से पहले रेस्टिंग पोटेंशिअल आमतौर पर -90mV है, जो विशिष्ट न्यूरॉन्स की तुलना में कुछ अधिक ऋणात्मक है। मांसपेशी ऐक्शन पोटेंशिअल लगभग 2-4 ms रहती है, निरपेक्ष अवधि लगभग 1-3 ms होती है और मांसपेशियों के साथ चालन वेग लगभग 5&nbsp;m/s होता है। ऐक्शन पोटेंशिअल, कैल्शियम आयनों को जारी करता है जो ट्रोपोमायोसिन को मुक्त करता है और मांसपेशियों के संकुचन को अनुमति देता है। मांसपेशियों का ऐक्शन पोटेंशिअल, तंत्रिकापेशीय जोड़ पर प्रीसिनेप्टिक न्यूरोनल ऐक्शन पोटेंशिअल के पहुंचने से प्रेरित होता है, जो न्यूरोटोक्सिन का एक आम लक्ष्य है।<ref name="Newmark" /> === प्लांट ऐक्शन पोटेंशिअल === पौधों और फंगल कोशिकाओं<ref name="Slayman_1976">{{cite journal | author = Slayman CL, Long WS, Gradmann D | year = 1976 | title = Action potentials in ''[[Neurospora crassa]]'', a mycelial fungus | journal = Biochimica et biophysica acta | volume = 426 | pages = 737–744 | pmid = 130926 | doi = 10.1016/0005-2736(76)90138-3 | issue = 4}}</ref> में भी विद्युतीय रूप से उत्तेजना होती है। पशु ऐक्शन पोटेंशिअल का मौलिक अंतर है, कि पौधे की कोशिकाओं में विध्रुवण, धनात्मक सोडियम आयनों से पूरा नहीं होता बल्कि ऋणात्मक ''क्लोराइड'' आयनों द्वारा होता है।<ref name="Mummert_1991">{{cite journal | author = Mummert H, Gradmann D | year = 1991 | title = Action potentials in ''[[Acetabularia]]'': measurement and simulation of voltage-gated fluxes | journal = Journal of Membrane Biology | volume = 124 | pages = 265–273 | pmid = 1664861 | doi = 10.1007/BF01994359 | issue = 3}}</ref><ref name="Gradmann_2001">{{cite journal | author = Gradmann D | year = 2001 | title = Models for oscillations in plants | journal = Austr. J. Plant Physiol. | volume = 28 | pages = 577–590}}</ref><ref name="Beilby_2007">{{cite journal | author = Beilby MJ | year = 2007 | title = Action potentials in charophytes | journal = Int. Rev. Cytol. | volume = 257 | pages = 43–82 | doi = 10.1016/S0074-7696(07)57002-6 | pmid = 17280895}}</ref> ऐक्शन पोटेंशिअल जो पशु और पौधों के ऐक्शन पोटेंशिअल में आम है वह है धनात्मक पोटेशियम आयनों का एक साथ जारी होना, इसलिए नमक की आसमाटिक हानि (केसीआई), जबकि पशु ऐक्शन पोटेंशिअल ओस्मोटिक आधार पर तटस्थ है, जब आवक सोडियम और बाहर जाने वाले पोटेशियम की बराबर राशि एक दूसरे को ओस्मोटिक आधार पर रद्द करती है। पौधों की कोशिकाओं में विद्युतीय और आसमाटिक संबंध<ref name="Gradmann_1998">{{cite journal | author = Gradmann D, Hoffstadt J | year = 1998 | title = Electrocoupling of ion transporters in plants: Interaction with internal ion concentrations | url = https://archive.org/details/journal-of-membrane-biology_1998-11-01_166_1/page/53 | journal = Journal of Membrane Biology | volume = 166 | pages = 51–59 | pmid = 9784585 | doi = 10.1007/s002329900446 | issue = 1}}</ref> आम रूप से एक छोटी उपलब्धि आसमाटिक का संकेत देते हैं, पौधों के एक कोशिकीय पूर्वजों में आम लवणता की स्थिति बदलती है जबकि तीव्र संकेत संचारण की मौजूदा क्रिया को पशुओं के तहत देखा जाता है, एक स्थिर मेटाजोआ पर्यावरण में.<ref name="Gradmann_1980">{{cite book | author = Gradmann D, Mummert H | year = 1980 | chapter = Plant action potentials | title = Plant Membrane Transport: Current Conceptual Issues | editor = Spanswick RM, Lucas WJ, Dainty J | publisher = Elsevier Biomedical Press | location = Amsterdam | pages = [https://archive.org/details//page/333 333–344] | isbn = 0444801928 | url = https://archive.org/details//page/333 }}</ref> यह माना जाना चाहिए कि कोशिकाओं को ग्रहण किया जाना चाहिए, कुछ उदाहरण संवहनी पौधे ''[[छुईमुई|मिमोसा पुडिका (छुईमुई)]]'' में ऐक्शन पोटेंशिअल की क्रिया, उत्तेजनीय मेटाजोआ कोशिका से स्वतंत्र रूप से उत्पन्न होती है। == वर्गीकरण वितरण और विकासवादी लाभ == ऐक्शन पोटेंशिअल, सम्पूर्ण बहुकोशिकीय जीवों में पाए जाते हैं, जिसमें शामिल हैं पौधे, गैर-रीढ़धारी जैसे कीट और रीढ़धारी जैसे सर्प और स्तनपायी.<ref name="Fromm">{{cite journal |author=Fromm J, Lautner S |title=Electrical signals and their physiological significance in plants |journal=Plant Cell Environ. |volume=30 |issue=3 |pages=249–257 |year=2007 |pmid=17263772 |doi=10.1111/j.1365-3040.2006.01614.x}}</ref> [[स्पंज]], बहु-कोशिकीय युकेरिओट का मुख्य समुदाय लगते हैं, जो ऐक्शन पोटेंशिअल संचारित नहीं करते, हालांकि कुछ अध्ययनों ने सुझाव दिया है कि इन जीवों में विद्युतीय संकेत के कुछ रूप हैं।<ref>{{cite journal |author=Leys SP, Mackie GO, Meech RW |title=Impulse conduction in a sponge |journal=J. Exp. Biol. |volume=202 (Pt 9) |issue=9 |pages=1139–50 |date=1 मई 1999 |pmid=10101111 |url=http://jeb.biologists.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=10101111 |access-date=17 सितंबर 2010 |archive-date=13 फ़रवरी 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220213075256/https://journals.biologists.com/jeb/cgi/pmidlookup |url-status=dead }}</ref> रेस्टिंग पोटेंशिअल, साथ ही साथ ऐक्शन पोटेंशिअल का आकार और अवधि में विकास के साथ बहुत भिन्नता नहीं आई है, हालांकि चालन वेग, मेलिनक्रिया और अक्षतंतु व्यास के साथ नाटकीय रूप से भिन्न हुआ है। <div style="text-align: center;"> {| class="wikitable" id="action_potential_texonomic_comparison" border="2" cellpadding="5" cellspacing="1" align="center" |+ पशुओं के क्रॉस-सेक्शन प्रतिनिधि से ऐक्शन पोटेंशिअल (APs) की तुलना<td><ref name="bullock_1965">{{cite book | author = [[Theodore Holmes Bullock|Bullock TH]], Horridge GA | year = 1965 | title = Structure and Function in the Nervous Systems of Invertebrates | url = https://archive.org/details/structurefunctio0000bull| publisher = W. H. Freeman | location = San Francisco}}</ref></td> ! पशु ! कोशिका प्रकार ! रेस्टिंग पोटेंशिअल (mV) ! एपी वृद्धि (mV) ! एपी अवधि (ms) ! प्रवाह गति (m/s) |- | स्क्विड ''(लोलिगो)'' | विशाल अक्षतंतु | -60 | 120 | 0.75 | 35 |- | केंचुआ ''(लुम्ब्रिकस)'' | माध्यम विशाल फाइबर | -70 | 100 | 1.0 | 30 |- | तिलचट्टा ''(पेरीप्लानेटा)'' | विशाल फाइबर | -70 | 80-104 | 0.4 | 10 |- | मेंढक ''(राना)'' | सिएटिक तंत्रिका अक्षतंतु | -60 से -80 | 110-130 | 1.0 | 7-30 |- | बिल्ली ''(फेलिस)'' | स्पाइनल मोटर न्यूरॉन | -55 से -80 | 80-110 | 1-1.5 | 30-120 |} </div> सम्पूर्ण विकास के दौरान इसके संरक्षण को देखते हुए ऐक्शन पोटेंशिअल विकासवादी लाभ प्रदान करने लगता है। ऐक्शन पोटेंशिअल का एक काम है तेजी से, लंबे समय से जीव के भीतर संकेतन; चालन वेग, 110&nbsp;m/s से अधिक हो सकता है, जो ध्वनि की गति का एक-तिहाई है। कोई भौतिक वस्तु पूरे शरीर भर में उतनी तेज़ी से संकेत नहीं दे सकती; तुलना के लिए, एक हार्मोन अणु, मोटे तौर पर बड़े धमनियों में 8&nbsp;m/s की गति से चलता है। इस क्रिया का हिस्सा है हृदय के संकुचन जैसे यांत्रिक घटनाएं, के तंग समन्वय है। एक दूसरी क्रिया गणना है जो इसकी पीढ़ी के साथ जुड़े है। ऑल-और-नन संकेत होने के नाते सभी संचरण नष्ट नहीं हो जाते, क्षय कि कोई भी संकेत, ऐक्शन पोटेंशिअल के लिए [[अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी|डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स]] के समान फायदे हैं। अक्षतंतु गिरिका पर इसके विभिन्न डेन्ड्रिटिक संकेतों का एकीकरण और ऐक्शन पोटेंशिअल की एक जटिल ट्रेन बनाने के लिए इसकी थ्रेशहोल्डिंग, परिकलन का एक अन्य रूप है, जिसका उपयोग [[कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क]] में जैविक रूप से सेन्ट्रल पैटर्न जनरेटर के लिए किया जाता है। == प्रयोगात्मक विधियां == {{See also|Electrophysiology}} [[चित्र:Loligo vulgaris.jpg|thumb|right|250px|The giant axons of the European squid (Loligo vulgaris) were crucial for scientists to understand the action potential.|alt= एक विशाल स्क्विड की तस्वीर.]] ऐक्शन पोटेंशिअल के अध्ययन के लिए नई प्रयोगात्मक विधियों के विकास की आवश्यकता है। 1955 के पहले के प्रारंभिक कार्यों ने तीन लक्ष्यों पर ध्यान केन्द्रित किया: एकल न्यूरॉन्स या अक्षतंतु से संकेतों को अलग करना, तेज़, संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक्स का विकास करना और इलेक्ट्रोड का इतना संकुचन ताकि एक एकल कोशिका के अंदर वोल्टेज को रिकॉर्ड किया जा सके। पहली समस्या को स्क्विड जीनस ''लोलिगो'' के न्यूरॉन्स अक्षतंतु के अध्ययन से हल किया गया था।<ref name="keynes_1989">{{cite journal | author = Keynes RD | year = 1989 | title = The role of giant axons in studies of the nerve impulse | journal = BioEssays | volume = 10 | pages = 90–93|pmid=2541698 | doi = 10.1002/bies.950100213 | issue = 2-3}}</ref> इन अक्षतंतु का व्यास काफी बड़ा होता है (लगभग 1 मिमी, या एक ठेठ न्यूरॉन से 100 गुना बड़ा) और उन्हें नग्न आंखों से देखा जा सकता है, उन्हें निकालने के लिए बनाने के लिए आसान है।<ref name="hodgkin_1952" /><ref name="Meunier">{{cite journal |author=Meunier C, Segev I |title=Playing the devil's advocate: is the Hodgkin-Huxley model useful? |url=https://archive.org/details/sim_trends-in-neurosciences_2002-11_25_11/page/558 |journal=Trends Neurosci. |volume=25 |issue=11 |pages=558–63 |year=2002 |pmid=12392930 |doi=10.1016/S0166-2236(02)02278-6}}</ref> हालांकि, ''लोलिगो'' अक्षतंतु, सभी उत्तेजनीय कोशिकाओं के प्रतिनिधि नहीं हैं और ऐक्शन पोटेंशिअल की कई अन्य प्रणालियों का अध्ययन किया गया है। दूसरी समस्या को क्लैंप वोल्टेज के महत्वपूर्ण विकास के साथ संबोधित किया गया था,<ref name="cole_1949">{{cite journal | author = [[Kenneth Stewart Cole|Cole KS]] | year = 1949 | title = Dynamic electrical characteristics of the squid axon membrane | journal = Arch. Sci. Physiol. | volume = 3 | pages = 253–8}}</ref> जिसने ऐक्शन पोटेंशिअल में अलग से अंतर्निहित आयनिक करेंट के अध्ययन की अनुमति दी और इलेक्ट्रॉनिक शोर के एक मुख्य स्रोत को समाप्त किया, करेंट ''I'' ''C'' जो संधारित्र <sub>''C'' </sub> के साथ जुडा है।<ref name="junge_63_82">जुंग, पीपी 63-82..</ref> चूंकि धरा ट्रांसमेम्ब्रेन वोल्टेज V<sub>''m'' </sub> के बदलाव के ''C'' समय दर के समान होती है, समाधान एक ऐसा सर्किट डिजाइन करना था जो ''V'' <sub>''m'' </sub> को स्थिर रखे (बदलाव का शून्य दर), चाहे झिल्ली में कोई भी धारा बह रही हो। इस प्रकार, ''V'' <sub>''m'' </sub> को स्थिर रखने के लिए आवश्यक धारा झिल्ली के माध्यम से बहते करेंट का मूल्य निर्धारित रखने के लिए सीधा प्रतिबिंब है। अन्य इलेक्ट्रॉनिक अग्रिम उच्च वोल्टेज इनपुट के साथ शामिल है उपयोग के उच्च प्रतिबाधा वाले इलेक्ट्रॉनिक्स और फैराडे केज, इसलिए माप वाले वोल्टेज को खुद मापन प्रभावित नहीं करता.<ref name="kettenmann_1992">{{cite book | author = Kettenmann H, Grantyn R | year = 1992 | title = Practical Electrophysiological Methods | publisher = Wiley | location = New York | isbn = 978-0471562009 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }}</ref> तीसरी समस्या है, एक छोटे से इलेक्ट्रोड को प्राप्त करना जो इतना छोटा हो जो वोल्टेज को रिकॉर्ड कर सके, एक एकल अक्षतंतु में बिना उसे परेशान किये हुए, इसे 1949 में ग्लास माइक्रोपेप्टाइड इलेक्ट्रोड के आविष्कार के साथ सुलझाया गया था,<ref name="ling_1949">{{cite journal | author = Ling G, Gerard RW | year = 1949 | title = The normal membrane potential of frog sartorius fibers | journal = J. Cell. Comp. Physiol. | volume = 34 | pages = 383–396 |pmid=15410483 | doi = 10.1002/jcp.1030340304 | issue = 3}}</ref> जो अन्य शोधकर्ताओं द्वारा जल्दी अपना लिया गया।<ref name="nastuk_1950">{{cite journal | author = Nastuk WL, [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]] | year = 1950 | title = The electrical activity of single muscle fibers | journal = J. Cell. Comp. Physiol. | volume = 35 | pages = 39–73 | doi = 10.1002/jcp.1030350105}}</ref><ref name="brock_1952">{{cite journal | author = Brock LG, Coombs JS, Eccles JC | year = 1952 | title = The recording of potentials from motoneurones with an intracellular electrode | journal = J. Physiol. (London) | volume = 117 | pages = 431–460}}</ref> इस विधि के शोधन के रूप में ठीक करने में सक्षम निर्माण करने के लिए सुझाव है कि इलेक्ट्रोड के टिप जो 100 [[आंग्स्ट्रॉम|Å]] (10&nbsp;nm) हैं, जो उच्च प्रतिबाधा इनपुट देते हैं उनका प्रयोग किया जाना चाहिए। <ref>{{cite book | author = Snell FM | year = 1969 | chapter = Some Electrical Properties of Fine-Tipped Pipette Microelectrodes | title = Glass Microelectrodes | editor = M. Lavallée, OF Schanne, NC Hébert | publisher = John Wiley and Sons | location = New York | id = {{LCCN|68|00|9252}}}}</ref> ऐक्शन पोटेंशिअल को छोटे इलेक्ट्रोड धातु के साथ रिकॉर्ड किया जा सकता है जिसे न्यूरॉन के बस बगल में रखा जाता है। वोल्टेज के साथ न्यूरोचिप युक्त EOSFET या रंजक के साथ ऑप्टिकल रूप से जो Ca<sup>2+</sup> के साथ संवेदनशील हैं।<ref name="dyes">{{cite journal | author = Ross WN, Salzberg BM, Cohen LB, Davila HV | year = 1974 | title = A large change in dye absorption during the action potential | journal = Biophysical Journal | volume = 14 | pages = 983–986 | doi = 10.1016/S0006-3495(74)85963-1 | pmid = 4429774 | issue = 12 | pmc = 1334592}}<br />* {{cite journal | author = Grynkiewicz G, Poenie M, Tsien RY | year = 1985 | title = A new generation of Ca<sup>2+</sup> indicators with greatly improved fluorescence properties | url = https://archive.org/details/sim_journal-of-biological-chemistry_1985-03-25_260_6/page/3440 | journal = J. Biol. Chem. | volume = 260 | pages = 3440–3450 | pmid = 3838314 | issue = 6}}</ref> [[चित्र:Single channel.png|thumb|left|As revealed by a patch clamp electrode, an ion channel has two states: open (high conductance) and closed (low conductance).|alt= झिल्ली क्षमता बनाम समय का नक्शा. यह चैनल एक उच्च चालकता स्थिति में है जो यादृच्छिक और अपेक्षाकृत संक्षिप्त संक्रमण से एक कम प्रवाहकत्त्व की स्थिति की ओर अग्रसर है।]] जबकि ग्लास माइक्रोपिपेट इलेक्ट्रोड आयन चैनलों के माध्यम से कई धाराओं को मापने के लिए राशि से गुज़रता है, चैनल एक एकल आयन के विद्युत गुणों का अध्ययन बर्ट सक्मन और इरविन नेहर द्वारा पैच क्लैंप विकास के लिए 1970 में किया गया। इसके लिए उन्हें 1991 में फिजियोलॉजी या चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।<ref name="Nobel_1991">{{cite press release | url = http://nobelprize.org/nobel_prizes/medicine/laureates/1991/press.html | title = The Nobel Prize in Physiology or Medicine 1991 | publisher = The Royal Swedish Academy of Science | year = 1991 | accessdate = 2010-02-21 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100324031907/http://nobelprize.org/nobel_prizes/medicine/laureates/1991/press.html | archive-date = 24 मार्च 2010 | url-status = live }}</ref> पैच-क्लेम्पिंग ने पुष्टि की कि आयनिक चैनल में असतात प्रवाहकत्त्व होता है जैसे खुलना, बंद होना और निष्क्रिय. ऑप्टिकल इमेजिंग प्रौद्योगिकी हाल के वर्षों में विकसित की गई है ताकि ऐक्शन पोटेंशिअल को मापा जा सके, चाहे अल्ट्रा स्पेशल रेजोल्यूशन द्वारा या समकालिक बहुसाईट रिकॉर्डिंग के माध्यम से. वोल्टेज के प्रति संवेदनशील रंजक के उपयोग से ऐक्शन पोटेंशिअल को ऑप्टिकली किया गया है, जिसे ऐसा कार्डियोमायोसाईट मेम्ब्रेन छोटे पैच से दर्ज होता है।<ref name="pmid19289075">{{cite journal | author = Bu G, Adams H, Berbari EJ, Rubart M | title = Uniform action potential repolarization within the sarcolemma of in situ ventricular cardiomyocytes | journal = Biophys. J. | volume = 96 | issue = 6 | pages = 2532–46 | year = 2009 | month = March | pmid = 19289075 | pmc = 2907679 | doi = 10.1016/j.bpj.2008.12.3896 | url = | issn = }}</ref> == न्यूरोटोक्सिन == [[चित्र:Puffer Fish DSC01257.JPG|thumb|right|Tetrodotoxin is a lethal toxin found in pufferfish that inhibits the voltage-sensitive sodium channel, halting action potentials.|alt= एक पुफेरफिश की तस्वीर.]] कई न्यूरोटोक्सिन, प्राकृतिक और सिंथेटिक, दोनों को ऐक्शन पोटेंशिअल को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। पुफेरफिश से टेट्रोडोटोक्सिन और सेक्सीटोक्सिन से ''गोनीऔलाक्स'' (रेड टाइड के लिए जिम्मेदार डिनोफ्लैजलेट) ऐक्शन पोटेंशिअल को ब्लॉक करते हैं,<ref name="TTX_refs">{{cite journal | author = Nakamura Y, Nakajima S, Grundfest H | year = 1965 | title = The effect of tetrodotoxin on electrogenic components of squid giant axons | url = https://archive.org/details/sim_journal-of-general-physiology_1965-07_48_6/page/985 | journal = J. Gen. Physiol. | volume = 48 | pages = 985–996 | doi = 10.1085/jgp.48.6.975}}<br />* {{cite journal | author = Ritchie JM, Rogart RB | year = 1977 | title = The binding of saxitoxin and tetrodotoxin to excitable tissue | journal = Rev. Physiol. Biochem. Pharmacol. | volume = 79 | pages = 1–50 | doi = 10.1007/BFb0037088 | pmid = 335473}}<br />* {{cite journal | author = Keynes RD, Ritchie JM | year = 1984 | title = On the binding of labelled saxitoxin to the squid giant axon | journal = Proc. R. Soc. Lond. | volume = 239 | pages = 393–434}}</ref>, इसी प्रकार काले अफ्रिकन सर्प से ड्रेन्ड्रोटोक्सिन वोल्टेज के प्रति संवेदनशील पोटेशियम चैनल को रोकता है। आयन चैनलों के इस तरह के अवरोधक, एक महत्वपूर्ण अनुसंधान कार्य करते हैं, पर चैनलों द्वारा करने के लिए वैज्ञानिकों को अनुमति देते हैं से विशिष्ट योगदान है, इस प्रकार वे अन्य चैनलों को अलग कर सकते हैं और आयन चैनलों की सफ़ाई को उनके संकेन्द्रण क्रिया द्वारा या एफिनिटी क्रोमैटोग्राफी द्वारा भी किया जा सकता है। हालांकि, इस तरह के अवरोधक प्रभावी न्यूरोटोक्सिन भी बनाते हैं और रासायनिक हथियार के रूप में उपयोग किया गया है। कीड़ों की आयन चैनलों के उद्देश्य से किया गया न्यूरोटोक्सिन प्रभावी कीटनाशक, रहा है, एक उदाहरण है सिंथेटिक पर्मेथ्रिन ऐक्शन पोटेंशिअल में शामिल सोडियम चैनलों को सक्रिय कर देता है। कीड़ों के आयन चैनल पर्याप्त उनके मानव समकक्षों से अलग हैं कि मानव में कुछ दुष्प्रभाव होते हैं। कई अन्य न्यूरोटोक्सिन ऐक्शन पोटेंशिअल के संचरण के साथ सिनेप्सेस, पर हस्तक्षेप करते हैं, विशेष रूप से न्यूरोमस्कुलर जंक्शन पर. == इतिहास == [[चित्र:PurkinjeCell.jpg|thumb|left|Image of two Purkinje cells (labeled as A) drawn by Santiago Ramón y Cajal. Large trees of dendrites feed into the soma, from which a single axon emerges and moves generally downwards with a few branch points. The smaller cells labeled B are granule cells.|alt= डेन्ड्राइट के बगल में ऊपर की तरफ जाता पुर्किन्जे कोशिकाओं का हाथ से बना चित्र जो पेड़ की शाखाओं के समान है और कुछ अक्षतंतु नीचे की तरफ हैं जो चित्र में नीचे कुछ ग्रेन्युल कोशिकाओं से जुड़ रहे हैं।]] जानवरों की तंत्रिका प्रणाली में विद्युत की भूमिका को पहली बार विच्छेदित मेंढक में लुइगी गलवानी द्वारा पहचाना गया था, जिन्होंने इसका अध्ययन 1791-1797 तक किया।<ref name="piccolino_1997">{{cite journal | author = Piccolino M | year = 1997 | title = Luigi Galvani and animal electricity: two centuries after the foundation of electrophysiology | journal = Trends in Neuroscience | volume = 20 | pages = 443–448 | doi = 10.1016/S0166-2236(97)01101-6}}</ref> गलवानी के परिणाम ने [[वोल्टा|अलेसांद्रो वोल्टा]] को वोल्टिक पाइल विकसित करने के लिए प्रेरित किया - सबसे पहली ज्ञात बिजली बैटरी -जिसके साथ उन्होंने पशु विद्युत् का अध्ययन किया (जैसे विद्युत् ईल) डाइरेक्ट करेंट वोल्टेज के प्रयोग की भौतिक प्रतिक्रियाओं को। <ref name="piccolino_2000">{{cite journal | author = Piccolino M | year = 2000 | title = The bicentennial of the Voltaic battery (1800–2000): the artificial electric organ | journal = Trends in Neuroscience | volume = 23 | pages = 147–151 | doi = 10.1016/S0166-2236(99)01544-1}}</ref> 19वीं सदी के वैज्ञानिकों ने विद्युत संकेतों के प्रसार का तंत्रिका में अध्ययन किया (यानी न्यूरॉन के बंडलों में) और प्रदर्शन किया कि तंत्रिका ऊतक के ऊपर बनाया गया था कोशिका बजाय जुड़े नेटवर्क का एक की नलियों में (एक ''जालिका'' .<ref name="history">{{cite book | author = Brazier MAB | year = 1961 | title = A History of the Electrical Activity of the Brain | publisher = Pitman | location = London}}<br />* {{cite book | author = McHenry LC | year = 1969 | title = Garrison's History of Neurology | publisher = Charles C. Thomas | location = Springfield, IL}}<br />* {{cite book | author = Swazey J, Worden FG | year = 1975 | title = Paths of Discovery in the Neurosciences | url = https://archive.org/details/isbn_0262230720 | publisher = The MIT Press | location = Cambridge, MA}}</ref> कार्लो मटयूसी ने गलवानी के अध्ययन को आगे बढ़ाया और प्रदर्शन किया कि कोशिका झिल्ली उन्हें भर में एक वोल्टेज की थी और वह डाइरेक्ट करेंट का उत्पादन कर सकती है। मटयूसी के कार्यों ने जर्मन फिसियोलोजिस्ट एमिल डु बोइस-रेमंड को प्रेरित किया जिन्होंने ऐक्शन पोटेंशिअल की खोज की। ऐक्शन पोटेंशिअल का प्रवाह वेग को पहली बार बोइस-रेमंड के मित्र [[हेल्महोल्ज़|हरमन वॉन हेल्मोत्ज़]] ने 1850 में मापा. यह स्थापित करने के लिए कि ऊतक तंत्रिका कोशिकाओं से बना है, स्पेनिश चिकित्सक सैंटियागो रेमोन कजल और उनके छात्रों ने एक दाग का इस्तेमाल किया जिसे न्यूरॉन्स के विभिन्न आकारों को दिखाने के लिए कैमिलो गोल्गी द्वारा विकसित किया गया था, जिसे उन्होंने परिश्रम के साथ दर्शाया. अपनी खोज के लिए, गोल्गी और रेमोन वाई कजल को 1906 में फिजियोलॉजी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।<ref name="Nobel_1906">{{cite press release | url = http://nobelprize.org/medicine/laureates/1906/index.html | title = The Nobel Prize in Physiology or Medicine 1906 | publisher = The Royal Swedish Academy of Science | year = 1906 | accessdate = 2010-02-21 | archive-url = https://web.archive.org/web/20081204190959/http://nobelprize.org/medicine/laureates/1906/index.html | archive-date = 4 दिसंबर 2008 | url-status = live }}</ref> उनके काम ने 19वीं सदी के न्यूरोअनाटोमी के एक लम्बे विवाद को हल कर दिया; गोल्गी ने खुद तंत्रिका प्रणाली के नेटवर्क मॉडल के लिए तर्क दिया था। [[चित्र:3b8e.png|thumb|right|Ribbon diagram of the sodium–potassium pump in its E2-Pi state. The estimated boundaries of the lipid bilayer are shown as blue (intracellular) and red (extracellular) planes.|alt= सोडियम-पोटेशियम पम्प का कार्टून चित्र जिसे समानांतर बनाया गया है और एक लिपिड बाईलेयर में योजनाबद्ध आरेख में सन्निहित है जिसे दो क्षैतिज लाइनों द्वारा दर्शाया गया है। प्रोटीन का वह हिस्सा जो लिपिड बाईलेयर में सन्निहित है, वह विरोधी समानांतर बीटा पत्रकों द्वारा बड़े पैमाने पर बना हुआ है। वहां एक मिश्रित अल्फा-हेलिक्स/बीटा-शीट संरचना के साथ प्रोटीन का एक बड़ा इंट्रासेल्युलर डोमेन है।]] 20वीं सदी, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी के लिए एक स्वर्ण युग थी। 1902 में और फिर 1912 में, जूलियस बर्नस्टेन ने परिकल्पना को विकसित किया कि ऐक्शन पोटेंशिअल, आयनों के लिए अक्षतंतु की पारगम्यता के परिवर्तन के चलते फलित होता है।<ref name="bernstein_1902_1912">{{cite journal | author = [[Julius Bernstein|Bernstein J]] | year = 1902 | title = Untersuchungen zur Thermodynamik der bioelektrischen Ströme | journal = Pflüger's Arch. Ges. Physiol. | volume = 92 | pages = 521–562 | doi = 10.1007/BF01790181}}<br />* {{cite book | author = [[Julius Bernstein|Bernstein J]] | year = 1912 | title = Elektrobiologie | publisher = Vieweg und Sohn | location = Braunschweig}}</ref> बर्नस्टेन की परिकल्पना की पुष्टि केन कोल और हावर्ड कर्टिस द्वारा की गई जिन्होंने दिखाया कि एक ऐक्शन पोटेंशिअल के दौरान झिल्ली प्रवाहकत्त्व बढ़ जाती है।<ref>{{cite journal | author = [[Kenneth Stewart Cole|Cole KS]], Curtis HJ | year = 1939 | title = Electrical impedance of the squid giant axon during activity | journal = J. Gen. Physiol. | volume = 22 | pages = 649–670 | doi = 10.1085/jgp.22.5.649 | pmid = 19873125 | issue = 5 | pmc = 2142006}}</ref> 1907 में, लुई लापिकु ने सुझाव दिया कि ऐक्शन पोटेंशिअल जिसे एक सीमा के रूप में उत्पन्न किया गया था वह क्रॉस था<ref>{{cite journal | author = [[Lapicque L]] | year = 1907 | title = Recherches quantitatives sur l’excitationelectrique des nerfs traitee comme une polarisation | journal = J. Physiol. Pathol. Gen | volume = 9| pages = 620– 635}}</ref>, जिसे बाद में आयनिक चालन के डाइनेमिक प्रणाली के एक उत्पाद के रूप में दिखाया गया। 1949 में, एलन होज्किन और बर्नार्ड काट्ज़ ने बर्नस्टेन की परिकल्पना को आगे सुधारा और यह माना कि भिन्न आयन में अक्षीय झिल्ली में भिन्न पारगम्यता होती है; विशेष रूप से उन्होंने ऐक्शन पोटेंशिअल में सोडियम पारगम्यता के महत्व का प्रदर्शन किया।<ref name="hodgkin_1949">{{cite journal | author = [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]], [[Bernard Katz|Katz B]] | year = 1949 | title = The effect of sodium ions on the electrical activity of the giant axon of the squid | journal = J. Physiology | volume = 108 | pages = 37–77}}</ref> यह अनुसंधान होज्किन, काट्ज़ और एंड्रयू हक्सले के 1952 के पांच प्रपत्रों में फलित हुआ, जिसमें उन्होंने वोल्टेज क्लैम्प तकनीक का उपयोग किया और पोटेशियम और सोडियम के लिए अक्षीय मेम्ब्रेन की पारगम्यता को दर्शाया, जहां से उन्होंने ऐक्शन पोटेंशिअल को मात्रात्मक रूप से फिर से संगठित किया।<ref name="hodgkin_1952">{{cite journal | author = [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]], [[Andrew Huxley|Huxley AF]], [[Bernard Katz|Katz B]] |title = Measurements of current-voltage relations in the membrane of the giant axon of ''Loligo'' | journal = Journal of Physiology | year = 1952 | volume = 116 | pages = 424–448 | pmid = 14946713 | issue = 4 | pmc = 1392213}}<br />* {{cite journal | author = [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]], [[Andrew Huxley|Huxley AF]] |title = Currents carried by sodium and potassium ions through the membrane of the giant axon of ''Loligo''|journal=Journal of Physiology | year = 1952 | volume = 116 | pages = 449–472 | pmid = 14946713 | issue = 4 | pmc = 1392213}}<br />* {{cite journal | author = [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]], [[Andrew Huxley|Huxley AF]] | title = The components of membrane conductance in the giant axon of ''Loligo'' | journal = J Physiol | year = 1952 | volume = 116 | pages= 473–496 | pmid = 14946714 | issue = 4 | pmc = 1392209}}<br />* {{cite journal | author=[[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]], [[Andrew Huxley|Huxley AF]] | title = The dual effect of membrane potential on sodium conductance in the giant axon of ''Loligo'' | journal = J Physiol | year = 1952 | volume = 116 | pages = 497–506 | pmid = 14946715 | issue=4 | pmc=1392212}}<br />* {{cite journal | author = [[Alan Lloyd Hodgkin|Hodgkin AL]], [[Andrew Huxley|Huxley AF]] | title = A quantitative description of membrane current and its application to conduction and excitation in nerve | journal = J Physiol | year = 1952 | volume = 117 | pages = 500–544 | pmid = 12991237 | issue = 4 | pmc = 1392413}}</ref> होज्किन और हक्सले ने अपने गणितीय मॉडल के गुणों को असतत आयन चैनल के साथ सहसंबद्ध किया जो कई स्थितियों में मौजूद रहता था, जिसमें शामिल था "खुला", "बंद" और "निष्क्रिय". उनकी परिकल्पनाओं की पुष्टि 1970 के दशक के मध्य और 1980 के दशक में इरविन नेहर और बर्ट साक्मन ने की, जिन्होंने पैच क्लेम्पिंग तकनीक का विकास व्यक्तिगत एकल प्रवाह चैनलों की जांच के लिए किया।<ref name="patch_clamp">{{cite journal | author = [[Erwin Neher|Neher E]], [[Bert Sakmann|Sakmann B]] | year = 1976 | title = Single-channel currents recorded from membrane of denervated frog muscle fibres | url = https://archive.org/details/sim_nature-uk_1976-04-29_260_5554/page/778 | journal = Nature | volume = 260 | pages = 779–802}}<br />* {{cite journal | author = Hamill OP, Marty A, [[Erwin Neher|Neher E]], [[Bert Sakmann|Sakmann B]], Sigworth FJ | year = 1981 | title = Improved patch-clamp techniques for high-resolution current recording from cells and cell-free membrane patches | url = https://archive.org/details/sim_pfl-gers-archiv-european-journal-of-physiology_1981-08_391_2/page/85 | journal = Pflugers Arch. | volume = 391 | pages = 85–100 | doi = 10.1007/BF00656997 | pmid = 6270629 | issue = 2}}<br />* {{cite journal | doi = 10.1038/scientificamerican0392-44 | author = [[Erwin Neher|Neher E]], [[Bert Sakmann|Sakmann B]] | year = 1992 | title = The patch clamp technique | url = https://archive.org/details/sim_scientific-american_1992-03_266_3/page/44 | journal = Scientific American | volume = 266 | pages = 44–51 | pmid = 1374932 | issue = 3}}</ref> 21वीं सदी में, शोधकर्ताओं ने प्रवाह की इन स्थितियों के संरचनात्मक आधार के लिए खोज शुरू की, आयन प्रजातियों के लिए उनकी चयनात्मकता,<ref name="yellen_2002">{{cite journal | author = Yellen G | year = 2002 | title = The voltage-gated potassium channels and their relatives | url = https://archive.org/details/sim_nature-uk_2002-09-05_419_6902/page/n62 | journal = Nature | volume = 419 | pages = 35–42 | doi = 10.1038/nature00978 | pmid = 12214225 | issue = 6902}}</ref> एटम-रिजोल्यूशन क्रिस्टल संरचना<ref name="doyle_1998">{{cite journal | author = Doyle DA, Morais Cabral J, Pfuetzner RA, Kuo A, Gulbis JM, Cohen SL, ''et al.'' | year = 1998 | title = The structure of the potassium channel, molecular basis of K<sup>+</sup> conduction and selectivity | url = https://archive.org/details/sim_science_1998-04-03_280_5360/page/n67 | journal = Science | volume = 280 | pages = 69–77 | doi = 10.1126/science.280.5360.69 | pmid = 9525859 | issue = 5360}}<br />* {{cite journal | author = Zhou Y, Morias-Cabrak JH, Kaufman A, MacKinnon R | year = 2001 | title = Chemistry of ion coordination and hydration revealed by a K<sup>+</sup>-Fab complex at 2.0 A resolution | url = https://archive.org/details/sim_nature-uk_2001-11-01_414_6859/page/42 | journal = Nature | volume = 414 | pages = 43–48 | doi = 10.1038/35102009 | pmid = 11689936 | issue = 6859}}<br />* {{cite journal | author = Jiang Y, Lee A, Chen J, Ruta V, Cadene M, Chait BT, MacKinnon R | year = 2003 | title = X-ray structure of a voltage-dependent K<sup>+</sup> channel | url = https://archive.org/details/sim_nature-uk_2003-05-01_423_6935/page/n51 | journal = Nature | volume = 423 | pages = 33–41 | doi = 10.1038/nature01580 | pmid = 12721618 | issue = 6935}}</ref> के माध्यम से प्रतिदीप्ति दूरी मापन<ref name="FRET">{{cite journal | author = Cha A, Snyder GE, Selvin PR, Bezanilla F | year = 1999 | title = Atomic-scale movement of the voltage-sensing region in a potassium channel measured via spectroscopy | url = https://archive.org/details/sim_nature-uk_1999-12-16_402_6763/page/808 | journal = Nature | volume = 402 | pages = 809–813 | doi = 10.1038/45552 | pmid = 10617201 | issue = 6763}}<br />* {{cite journal | author = Glauner KS, Mannuzzu LM, Gandhi CS, Isacoff E | year = 1999 | title = Spectroscopic mapping of voltage sensor movement in the ''Shaker'' potassium channel | url = https://archive.org/details/sim_nature-uk_1999-12-16_402_6763/page/812 | journal = Nature | volume = 402 | pages = 813–817 | doi = 10.1038/45561 | pmid = 10617202 | issue = 6763}}<br />* {{cite journal | author = Bezanilla F | year = 2000 | title = The voltage sensor in voltage-dependent ion channels | url = https://archive.org/details/sim_physiological-reviews_2000-04_80_2/page/555 | journal = Physiol. Rev. | volume = 80 | pages = 555–592 | pmid = 10747201 | issue = 2}}</ref> और क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी अध्ययन करता है।<ref name="cryoEM">{{cite journal | author = Catterall WA | year = 2001 | title = A 3D view of sodium channels | journal = Nature | volume = 409 | pages = 988–999 | doi = 10.1038/35059188 | pmid = 11234048 | issue = 6823}}<br />* {{cite journal | author = Sato C, Ueno Y, Asai K, Takahashi K, Sato M, Engel A, ''et al.'' | year = 2001 | title = The voltage-sensitive sodium channel is a bell-shaped molecule with several cavities | url = https://archive.org/details/sim_nature-uk_2001-02-22_409_6823/page/1046 | journal = Nature | volume = 409 | pages = 1047–1051 | doi = 10.1038/35059098 | pmid = 11234014 | issue = 6823}}</ref> जूलियस बर्नस्टेन ने ही पहली बार रेस्टिंग पोटेंशिअल के लिए नार्न्स्त समीकरण पेश किया था, यह 1943 में डेविड ई गोल्डमन द्वारा गोल्डमन समीकरण के रूप में सामान्यीकृत किया गया।<ref name="goldman_1943">{{cite journal | author = Goldman DE | year = 1943 | title = Potential, impedance and rectification in membranes | journal = J. Gen. Physiol. | volume = 27 | pages = 37–60 | doi = 10.1085/jgp.27.1.37 | pmid = 19873371 | issue = 1 | pmc = 2142582}}</ref> सोडियम पोटेशियम-पंप 1957 में पहचाना गया<ref>{{cite journal | author = Skou J | title = The influence of some cations on an adenosine triphosphatase from peripheral nerves | journal = Biochim Biophys Acta | volume = 23 | issue = 2 | pages = 394–401 | year = 1957 | pmid = 13412736 | doi = 10.1016/0006-3002(57)90343-8}}, {{cite press release | url = http://nobelprize.org/nobel_prizes/medicine/laureates/1997/press.html | title = The Nobel Prize in Chemistry 1997 | publisher = The Royal Swedish Academy of Science | year = 1997 | accessdate = 2010-02-21 | archive-url = https://web.archive.org/web/20091023003257/http://nobelprize.org/nobel_prizes/medicine/laureates/1997/press.html | archive-date = 23 अक्तूबर 2009 | url-status = live }}</ref> और उसके गुण को धीरे-धीरे विस्तारित किया गया,<ref name="hodgkin_1955" /><ref name="caldwell_1960" /><ref name="caldwell_1957">{{cite journal | author = Caldwell PC, Keynes RD | year = 1957 | title = The utilization of phosphate bond energy for sodium extrusion from giant axons | journal = J. Physiol. (London) | volume = 137 | pages = 12–13P}}</ref> जो एक्स-रे क्रिस्टलोग्राफी द्वारा परमाणु संकल्प संरचना के निर्धारण में फलित हुआ।<ref name="Na_K_pump_structure">{{cite journal | author = Morth JP, Pedersen PB, Toustrup-Jensen MS, Soerensen TLM, Petersen J, Andersen JP, Vilsen B, Nissen P | year = 2007 | title = Crystal structure of the sodium–potassium pump | url = https://archive.org/details/sim_nature-uk_2007-12-13_450_7172/page/1042 | journal = Nature | volume = 450 | pages = 1043–1049 | doi = 10.1038/nature06419 | pmid = 18075585 | issue = 7172}}</ref> संबंधित आयनिक पंपों के क्रिस्टल संरचनाओं का हल भी कर दिया गया, एक व्यापक विवरण देते हुए कि ये आणविक मशीनें कैसे काम करती हैं।<ref>{{cite journal | author = Lee AG, East JM | year = 2001 | title = What the structure of a calcium pump tells us about its mechanism | journal = Biochemical Journal | volume = 356 | pages = 665–683|pmid= 11389676 | doi = 10.1042/0264-6021:3560665 | issue = Pt 3 | pmc = 1221895}}</ref> == मात्रात्मक मॉडल == {{Main|Quantitative models of the action potential}} [[चित्र:MembraneCircuit.svg|thumb|right|448px|Equivalent electrical circuit for the Hodgkin–Huxley model of the action potential. Im and Vm represent the current through, and the voltage across, a small patch of membrane, respectively. The Cm represents the capacitance of the membrane patch, whereas the four gs represent the conductances of four types of ions. The two conductances on the left, for potassium (K) and sodium (Na), are shown with arrows to indicate that they can vary with the applied voltage, corresponding to the voltage-sensitive ion channels. The two conductances on the right help determine the resting membrane potential.|alt= सर्किट आरेख, जिसमें पांच समानांतर सर्किट को दर्शाया गया है जो बाह्य विलय के साथ शीर्ष पर जुड़े हुए हैं और नीचे इंट्रासेल्युलर विलय के साथ.]] गणितीय और कम्प्यूटेशनल मॉडल ऐक्शन पोटेंशिअल को समझने के लिए आवश्यक हैं और ऐसे पूर्वानुमान प्रस्तुत करते हैं जो कि प्रयोगात्मक डेटा के खिलाफ परीक्षण किया जा सकता है, एक सिद्धांत का एक कठोर परीक्षण प्रदान करना। इन मॉडलों में सबसे सही और सबसे महत्वपूर्ण होज्किन-हक्सले मॉडल) है जो चार साधारण अंतर समीकरण (ODEs) द्वारा ऐक्शन पोटेंशिअल का वर्णन करता है।<ref name="hodgkin_1952" /> हालांकि होज्किन-हक्सले मॉडल यथार्थवादी तंत्रिका मेम्ब्रेन का एक सरलीकरण हो सकता है क्योंकि यह प्रकृति में मौजूद है, इसकी जटिलता को प्रेरित किया है भी कई और अधिक मॉडल सरलीकृत मॉडल हैं, जैसे मॉरिस-लेकार<ref name="morris_1981">{{cite journal | author = Morris C, Lecar H | year = 1981 | title = Voltage oscillations in the barnacle giant muscle fiber | journal = Biophysical Journal | volume = 35 | pages = 193–213 | doi = 10.1016/S0006-3495(81)84782-0 | pmid = 7260316 | issue = 1 | pmc = 1327511}}</ref> और फिट्ज़ह्यू-नागुमो मॉडल,<ref name="fitzhugh">{{cite journal | author = FitzHugh R | year = 1961 | title = Impulses and physiological states in theoretical models of nerve membrane | journal = Biophysical Journal | volume = 1 | pages = 445–466 | doi = 10.1016/S0006-3495(61)86902-6 | pmid = 19431309 | issue = 6 | pmc = 1366333}}<br />* {{cite journal | author = Nagumo J, Arimoto S, Yoshizawa S | year = 1962 | title = An active pulse transmission line simulating nerve axon | journal = Proceedings of the IRE | volume = 50 | pages = 2061–2070 | doi = 10.1109/JRPROC.1962.288235}}</ref> जिनमें से दोनों में केवल दो युग्मित ODEs हैं। होज्किन-हक्सले और नागुमो मॉडल और उनके सम्बन्धियों, जैसे बोन्होफर-वैन डेर पोल मॉडल<ref name="bonhoeffer_vanderPol">{{cite journal | author = Bonhoeffer KF | year = 1948 | title = Activation of Passive Iron as a Model for the Excitation of Nerve | journal = J. Gen. Physiol. | volume = 32 | pages = 69–91 | doi = 10.1085/jgp.32.1.69 | pmid = 18885679 | issue = 1 | pmc = 2213747}}<br />* {{cite journal | author = Bonhoeffer KF | year = 1953 | title = Modelle der Nervenerregung | url = https://archive.org/details/sim_naturwissenschaften_1953_40_10/page/n26 | journal = Naturwissenschaften | volume = 40 | pages = 301–311 | doi = 10.1007/BF00632438}}<br />* {{cite journal | author = [[Balthasar van der Pol|van der Pol B]] | year = 1926 | title = On relaxation-oscillations | journal = Philosophical Magazine | volume = 2 | pages = 977–992}}<br />* {{cite journal | author = [[Balthasar van der Pol|van der Pol B]], van der Mark J | year = 1928 | title = The heartbeat considered as a relaxation oscillation, and an electrical model of the heart | journal = Philosophical Magazine | volume = 6 | pages = 763–775}}<br />* {{cite journal | author = [[Balthasar van der Pol|van der Pol B]], van der Mark J | year = 1929 | title = The heartbeat considered as a relaxation oscillation, and an electrical model of the heart | journal = Arch. Neerl. Physiol. | volume = 14 | pages = 418–443}}</ref> के गुणों का गणित के भीतर अच्छा अध्ययन किया गया है,<ref name="math_studies">{{cite book | author = Sato S, Fukai H, Nomura T, Doi S | year = 2005 | chapter = Bifurcation Analysis of the Hodgkin-Huxley Equations | title = Modeling in the Neurosciences: From Biological Systems to Neuromimetic Robotics | edition = 2nd | editor = Reeke GN, Poznanski RR, Lindsay KA, Rosenberg JR, Sporns O | publisher = CRC Press | location = Boca Raton | isbn = 978-0415328685 | pages = [https://archive.org/details//page/459 459–478] | url = https://archive.org/details//page/459 }}<br />* {{cite journal | author = Evans JW | year = 1972 | title = Nerve axon equations. I. Linear approximations | journal = Indiana U. Math. Journal | volume = 21 | pages = 877–885 | doi = 10.1512/iumj.1972.21.21071}}<br />* {{cite journal | author = Evans JW, Feroe J | year = 1977 | title = Local stability theory of the nerve impulse | journal = Math. Biosci. | volume = 37 | pages = 23–50 | doi = 10.1016/0025-5564(77)90076-1}}<br />* {{cite book | author = FitzHugh R | year = 1969 | chapter = Mathematical models of axcitation and propagation in nerve | title = Biological Engineering | url = https://archive.org/details/biologicalengine0000unse_u8g8 | editor = HP Schwann | publisher = McGraw-Hill | location = New York | pages = [https://archive.org/details/biologicalengine0000unse_u8g8/page/1 1]–85}}<br />* {{cite book | author = [[John Guckenheimer|Guckenheimer J]], [[Philip Holmes|Holmes P]] | year = 1986 | title = Nonlinear Oscillations, Dynamical Systems and Bifurcations of Vector Fields | edition = 2nd printing, revised and corrected | publisher = Springer Verlag | location = New York | isbn = 0-387-90819-6 | pages = [https://archive.org/details//page/12 12–16] | url = https://archive.org/details//page/12 }}</ref> अभिकलन<ref name="computational_studies">{{cite book | author = Nelson ME, Rinzel J| year= 1994|chapter= The Hodgkin-Huxley Model|title=The Book of GENESIS: Exploring Realistic Neural Models with the GEneral NEural SImulation System| editor= Bower J, Beeman D | publisher = Springer Verlag | location = New York|pages= 29–49 | chapterurl=http://www.genesis-sim.org/GENESIS/iBoG/iBoGpdf/chapt4.pdf}}<br />{{cite book | author = Rinzel J, Ermentrout GB | year = 1989 | chapter = Analysis of Neural Excitability and Oscillations | title = Methods in Neuronal Modeling: From Synapses to Networks | url = https://archive.org/details/methodsinneurona0000unse | editor = [[Christof Koch|C. Koch]], I Segev | publisher = Bradford Book, The MIT Press | location = Cambridge, MA | isbn = 0-262-11133-0 | pages = [https://archive.org/details/methodsinneurona0000unse/page/n135 135]–169}}</ref> और इलेक्ट्रॉनिक्स में भी.<ref name="keener_1983">{{cite journal | author = Keener JP | year = 1983 | title = Analogue circuitry for the van der Pol and FitzHugh-Nagumo equations | journal = IEEE Trans. on Systems, Man and Cybernetics | volume = 13 | pages = 1010–1014}}</ref> अधिक आधुनिक अनुसंधानों ने बड़े और एकीकृत प्रणालियों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है और जिसके तहत उन्होंने तंत्रिका प्रणाली के अन्य भागों के साथ ऐक्शन पोटेंशिअल को जोड़ा है (जैसे डेन्ड्राइट और सिनेप्सेस) और इस तरह शोध से अभिकलन तंत्रिका का अध्ययन कर सकते हैं<ref>{{cite book | author = [[Warren Sturgis McCulloch|McCulloch WS]] | year = 1988 | title = Embodiments of Mind | publisher = The MIT Press | location = Cambridge MA | isbn = 0-262-63114-8 | pages = [https://archive.org/details//page/19 19–39, 46–66, 72–141] | url = https://archive.org/details//page/19 }}<br />* {{cite book | title = Neurocomputing:Foundations of Research | editors = JA Anderson, E Rosenfeld | publisher = The MIT Press | location = Cambridge, MA | isbn = 0-262-01097-6 | pages = [https://archive.org/details/neurocomputingfo0000unse/page/15 15–41] | author = edited by James A. Anderson and Edward Rosenfeld. | year = 1988 | url = https://archive.org/details/neurocomputingfo0000unse/page/15 }}</ref> और सरल रिफ्लेक्स का भी, जैसे इस्केप रिफ्लेक्सेस जो सेन्ट्रल पैटर्न जनरेटर द्वारा नियंत्रित होता है।<ref name="cpg">{{cite book | author = Getting PA | year = 1989 | chapter = Reconstruction of Small Neural Networks | title = Methods in Neuronal Modeling: From Synapses to Networks | url = https://archive.org/details/methodsinneurona0000unse | editor = [[Christof Koch|C Koch]] and I Segev | publisher = Bradford Book, The MIT Press | location = Cambridge, MA | isbn = 0-262-11133-0 | pages = [https://archive.org/details/methodsinneurona0000unse/page/n171 171]–194}}</ref><ref name="pmid10713861">{{cite journal | author = Hooper SL | title = Central pattern generators | journal = Curr. Biol. | volume = 10 | issue = 5 | pages = R176 | year = 2000 | month = March | pmid = 10713861 | doi = 10.1016/S0960-9822(00)00367-5 | url = http://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.133.3378&rep=rep1&type=pdf | issn = | access-date = 17 सितंबर 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20110720034511/http://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.133.3378&rep=rep1&type=pdf | archive-date = 20 जुलाई 2011 | url-status = live }}</ref> {{Clear}} == इन्हें भी देखें == {{Portal|Neuroscience}} * बर्स्टिंग * सिग्नल (जीव विज्ञान) * केंद्रीय पैटर्न जनरेटर == टिप्पणियां == <references group="note"></references> == सन्दर्भ == {{Reflist|2}} == सन्दर्भग्रंथ सूची == * {{cite book | author = Aidley DJ, Stanfield PR | year = 1996 | title = Ion Channels: Molecules in Action | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 978-0521498821 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }} * {{cite book | author = Bear MF, Connors BW, Paradiso MA | year = 2001 | title = Neuroscience: Exploring the Brain | publisher = Lippincott | location = Baltimore | isbn = 0781739446 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }} * {{cite book | author = [[Theodore Holmes Bullock|Bullock TH]], Orkand R, Grinnell A | year = 1977 | title = Introduction to Nervous Systems | publisher = W. H. Freeman | location = New York | isbn = 0-7167-0030-1 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }} * {{cite journal|author=Clay JR|title= Axonal excitability revisited|url=https://archive.org/details/sim_progress-in-biophysics-and-molecular-biology_2005-05_88_1/page/59|journal=Prog Biophys Mol Biol|year= 2005|month= May|volume=88|issue=1|pages=59–90|pmid=15561301|doi=10.1016/j.pbiomolbio.2003.12.004}} * {{cite book | author = Deutsch S, [[Evangelia Micheli-Tzanakou|Micheli-Tzanakou E]] | year = 1987 | title = Neuroelectric Systems | publisher = New York University Press | location = New York | isbn = 0-8147-1782-9 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }} * {{cite book | author = [[Bertil Hille|Hille B]] | year = 2001 | title = Ion Channels of Excitable Membranes | edition = 3rd | publisher = Sinauer Associates | location = Sunderland, MA | isbn = 978-0878933211 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }} * {{cite book | author = Hoppensteadt FC | year = 1986 | title = An Introduction to the Mathematics of Neurons | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 0-521-31574-3 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }} * {{cite book | author = Johnston D, Wu SM-S | year = 1995 | title = Foundations of Cellular Neurophysiology | publisher = Bradford Book, The MIT Press | location = Cambridge, MA | isbn = 0-262-10053-3 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }} * {{cite book | author = Junge D | year = 1981 | title = Nerve and Muscle Excitation | edition = 2nd | publisher = Sinauer Associates | location = Sunderland MA | isbn = 0-87893-410-3 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/nervemuscleexcit00jung }} * {{cite book | author = [[Eric R. Kandel|Kandel ER]], Schwartz JH, Jessell TM | year = 2000 | title = [[Principles of Neural Science]] | edition = 4th | publisher = McGraw-Hill | location = New York | isbn = 0-8385-7701-6}} * {{cite book | author = [[Richard Keynes|Keynes RD]], Aidley DJ | year = 1991 | title = Nerve and Muscle | edition = 2nd | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 0-521-41042-8 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }} * {{cite book | author = Miller C | year = 1987 | chapter = How ion channel proteins work | title = Neuromodulation: The Biochemical Control of Neuronal Excitability | editor = LK Kaczmarek, IB Levitan | publisher = Oxford University Press | location = New York | isbn = 978-0195040975 | pages = [https://archive.org/details//page/39 39–63] | url = https://archive.org/details//page/39 }} * {{cite book | author = Nelson DL, Cox MM | year = 2008 | title = Lehninger Principles of Biochemistry | edition = 5th | publisher = W. H. Freeman | location = New York | isbn = 978-0-7167-7108-1 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/lehningerprincip00lehn_1 | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20150319004938/http://bcs.whfreeman.com/lehninger5e/ | archive-date = 19 मार्च 2015 | url-status = live }} * {{cite book | author = Purves D, Augustine GJ, Fitzpatrick D, Hall WC, Lamantia A-S, McNamara JO, Williams SM | title = Neuroscience | edition = 2nd | year = 2001 | publisher = Sinauer Associates | location = Sunderland, MA | chapter = Release of Transmitters from Synaptic Vesicles | isbn = 0878937250 | chapterurl = http://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/bv.fcgi?rid=neurosci.section.326 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }} * {{cite book | author = Purves D, Augustine GJ, Fitzpatrick D, Hall WC, Lamantia A-S, McNamara JO, White LE | title = Neuroscience | edition= 4th | year = 2008 | publisher = Sinauer Associates | location = Sunderland, MA | isbn = 978-0-87893-697-7}} * {{cite book | author = [[Knut Schmidt-Nielsen|Schmidt-Nielsen K]] | year = 1997 | title = Animal Physiology: Adaptation and Environment | edition = 5th | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 978-0521570985 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/ | access-date = 23 अक्तूबर 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20191002040748/https://archive.org/details/ | archive-date = 2 अक्तूबर 2019 | url-status = live }} * {{cite book | author = Stevens CF | year = 1966 | title = Neurophysiology: A Primer | publisher = John Wiley and Sons | location = New York}} {{LCCN|66|0|15872}} . == बाहरी कड़ियाँ == {{Spoken Wikipedia|Action_potential.ogg|2005-06-22}} ;एनिमेशन * ब्लैकवेल प्रकाशन पर [https://web.archive.org/web/20050625075706/http://www.blackwellpublishing.com/matthews/channel.html आयनिक फ्लो इन एक्शन पोटेंशिअल] * ब्लैकवेल प्रकाशन पर [https://web.archive.org/web/20070615135508/http://www.blackwellpublishing.com/matthews/actionp.html एक्शन पोटेंशिअल प्रोपोगेशन इन मेलिनेटेड एंड अनमेलिनेटेड ऐक्सन] * [https://web.archive.org/web/20100906112243/http://thevirtualheart.org/CAPindex.html जनरेशन ऑफ़ एपी इन कार्डिएक सेल] और [https://web.archive.org/web/20110727112807/http://thevirtualheart.org/java/neuron/apneuron.html जनरेशन ऑफ़ एपी इन न्यूरॉन सेल] * [https://web.archive.org/web/20080414190744/http://bcs.whfreeman.com/thelifewire/content/chp44/4402001.html रेस्टिग मेम्ब्रेन पोटेन्शियल] ''लाइफ: द साइंस ऑफ़ बायोलोजी'' द्वारा डब्लूके पूर्वेस, फ्रीमन, डी सदवा, जीएच ओरिंस और एचसी हेलर, 8 संस्करण, न्यूयॉर्क, ISBN 978-0-7167-7671-0. * [https://web.archive.org/web/20100808191814/http://www.nernstgoldman.physiology.arizona.edu/ आयनिक मोशन एंड गोल्डमन वोल्टेज फॉर अर्बित्रारी आयनिक कंसंट्रेशन] एरिजोना विश्वविद्यालय में * [https://web.archive.org/web/20081216233745/http://www.brainu.org/files/movies/action_potential_cartoon.swf एक्शन पोटेंशिअल को दर्शाता एक चित्र ] * [https://web.archive.org/web/20110707060426/http://www.1lecture.com/Biochemistry/Action%20Potential/index.html ऐक्शन पोटेंशिअल प्रसार] * [https://web.archive.org/web/20060427004351/http://cese.sourceforge.net/ ओपन-सोर्स सॉफ्टवेर टु सिमुलेट नयूरोनल एंड कार्डिअक एक्शन पोटेंशिअल] SourceForge.net पर * [https://web.archive.org/web/20100702184029/http://nba.uth.tmc.edu/neuroscience/s1/i1-1.html इंट्रोडक्शन टु एक्शन पोटेंशिअल], ''न्यूरोसाइंस ऑनलाइन'' (ह्यूस्टन मेडिकल स्कूल केन्द्र शासित प्रदेशों के इलेक्ट्रॉनिक तंत्रिका विज्ञान की पाठ्यपुस्तक द्वारा) {{DEFAULTSORT:Action Potential}} [[श्रेणी:तंत्रिका कोडन]] [[श्रेणी:इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी]] [[श्रेणी:कम्प्यूटेशनल तंत्रिका विज्ञान]] [[श्रेणी:सेलुलर तंत्रिका विज्ञान]] [[श्रेणी:गूगल परियोजना]] 19g8moghowrv0dw26l26cpqssmadxvy डेविल मे क्राई 0 219316 6582811 6217508 2026-07-15T08:07:14Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582811 wikitext text/x-wiki {{About|वीडियो गेम शृंखला|शृंखला की पहली गेम|डेविल मे क्राई (गेम)}} {{Infobox VG series | width = | title = Devil May Cry | creator = | collapsible = | state = | show image = | image = [[चित्र:DMClogo.jpg|256px]] | caption = | developer = [[Capcom]], [[Ninja Theory]], [[Ubisoft]] | publisher=Capcom | genre = [[Hack and slash]], [[Action game|Action]], [[Survival Horror]] | website = [http://www.devilmaycry.com/ devilmaycry.com] | platforms = [[PlayStation 2]], [[PlayStation 3]], [[एक्सबॉक्स 360|Xbox 360]], [[Microsoft Windows 98]] | first release version = ''[[Devil May Cry (video game)|Devil May Cry]]'' | first release date = October 17, 2001 | latest release version = ''[[Devil May Cry 4]]'' | latest release date = February 5, 2008 }} '''''डेविल मे क्राई'' ''' (デビル メイ クライ) आधुनिक समय के हिसाब से बनाये गए 5 हैक एंड स्लैश वीडियो गेम्स की एक श्रृंखला है। इस श्रृंखला को कैपकोम द्वारा विकसित और हिदेकी कामिया द्वारा निर्मित किया गया था। मूलतः इसको कैपकोम की ''रेज़िडन्ट एविल'' सीरीज के एक सीक्वेल के तौर पर बनाया गया था, लेकिन ''डेविल मे क्राई'' की शैली उस सीरीज की शैली से इतनी अधिक हटकर थी कि इसे एक पूर्णतया नए तरीके से विकसित किया गया। ''डेविल मे क्राई'' को वीडियो गेम्स की 3डी हैक एंड स्लैश शैली की उत्पत्ति के रूप में माना जाता है; वीडियो गेम्स की ''निंजा गाईदेन'', ''शिनोबी'', ''गॉड ऑफ वार'' सीरीज का नंबर इसके बाद आता है। यह सीरीज इसके नायक दांते द्वारा राक्षसों का सफाया करके अपनी मां की हत्या का बदला लेने के इर्द-गिर्द घूमती है। इस खेल में भीषण लड़ाई के दृश्य शामिल हैं जिनमें खिलाड़ी को लंबे हमलों को और अधिक लंबा करने की कोशिश करते हुए अपने नुकसान से बचना होता है ताकि अपनी बेहतर युद्ध शैली का प्रदर्शन किया जा सके; खिलाड़ी के प्रदर्शन का आंकलन करते समय इस बात के अलावा उसके द्वारा एकत्र और इस्तेमाल की जाने वाली चीजों की मात्रा को भी ध्यान में रखा जाता है। अपने पहले तीन गेम्स की लाखों प्रतियों की बिक्री के साथ यह सीरीज काफी सफल रही है और कैपकोम द्वारा इसे "प्लैटिनम टाइटल" अवार्ड भी दिया गया है। इस वीडियो गेम सीरीज की सफलता के परिणामस्वरूप कई कॉमिक बुक्स, उपन्यास, एक एनिमे सीरीज, गाइड, संग्रहणीय वस्तुएं, प्रकाशन सामग्री, तथा विभिन्न प्रकार के एक्शन नायकों की रचना की गयी है। == सीरीज की उत्पत्ति == 1998 में ''रेज़िडन्ट एविल'' 2 की समाप्ति के बाद, प्लेस्टेशन 2 के लिए ''रेज़िडन्ट एविल'' सीरीज पर "टीम लिटिल डेविल" नाम से हिदेकी कामिया के निर्देशन के तहत प्रारंभिक काम शुरू किया गया।<ref name="OkamiTree">{{cite web|last= Mielke|first= James|publisher= 1UP.com|date= August 18, 2006|title= The Okami Family Tree|url= http://www.1up.com/do/feature?cId=3152913|accessdate= March 29, 2007|archive-url= https://web.archive.org/web/20070927202000/http://www.1up.com/do/feature?cId=3152913|archive-date= 27 सितंबर 2007|url-status= live}}</ref> प्रारंभिक शोध और विकास कार्य के तहत इस खेल की पृष्ठभूमि के आधार के रूप में [[स्पेन]] के कई किलों का दौरा किया गया। हालांकि, इसकी शुरुआती स्थिति में ही यह साबित हो गया कि यह ''रेज़िडन्ट एविल'' के स्थापित फॉर्मूला तथा पूरी सर्वाइवल हॉरर शैली से काफी हटकर है। इस पूरी परियोजना को बंद करने की बजाय इसके आधार को ही बदल दिया गया और अंततः इसका नाम पड़ा ''डेविल मे क्राई'' .<ref>{{cite web| url=http://ps2.ign.com/articles/094/094860p1.html| title=E3 2001: Interview with Shinji Mikami| publisher=IGN| date=May 17, 2001| accessdate=May 25, 2007| archive-url=https://web.archive.org/web/20061229181518/http://ps2.ign.com/articles/094/094860p1.html| archive-date=29 दिसंबर 2006| url-status=dead}}</ref> == सीरीज के गेम्स == {| class="wikitable" width="600px" |- !शीर्षक !वर्ष !प्लेटफ़ार्म |- | ''[[डेविल मे क्राई (गेम)|डेविल मे क्राई]]'' | 2001 | प्लेस्टेशन 2 |- | ''डेविल मे क्राई 2'' | 2003 | प्लेस्टेशन 2 |- | ''[[डेविल मे क्राई ३: दांतेज़ अवेकनिंग]]'' | 2005 | प्लेस्टेशन 2, [[माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़|माइक्रोसॉफ्ट विंडोज]] |- | ''डेविल मे क्राई 4'' | 2008 | प्लेस्टेशन 3, एक्सबॉक्स 360, [[माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़|माइक्रोसॉफ्ट विंडोज]] |- | ''डीएमसी'' (''डेविल मे क्राई'') | टीबीए | प्लेस्टेशन 3, एक्सबॉक्स 360<ref>{{cite web|url=http://www.incgamers.com/News/25182/dmc-devil-may-cry-announced|title=DmC (Devil May Cry) Announced|author=James Chalmers|access-date=28 सितंबर 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100918214504/http://www.incgamers.com/News/25182/dmc-devil-may-cry-announced|archive-date=18 सितंबर 2010|url-status=dead}}</ref> |- |} ==== भविष्य ==== ''DmC'' ''डेविल मे क्राई'' सीरीज का अगला गेम है। इसमें दांते को और अधिक जवान दिखाया जायेगा. सीरीज के पिछले गेम्स के विपरीत इस गेम को कैपकोम द्वारा नहीं बल्कि ब्रिटिश डेवलपर निंजा थ्योरी द्वारा विकसित किया जायेगा. == खेल के सामान्य तत्व == इस खेल में मुख्यतः तीव्र गति और उच्च शैली की लड़ाई पर ध्यान दिया जाता है; उच्च शैली की रैंकिंग प्राप्त करने के लिए अपनी क्षति को कम से कम रखते हुए लंबे हमलों और स्वयं को बचाने के तरीकों का इस्तेमाल करने की आवश्यकता होती है। बाद में गेम्स में सिस्टम को थोड़ा संशोधित कर दिया गया ताकि खिलाड़ी को अपनी स्टाइल रैंक बनाये रखने के लिए अपने द्वारा प्रयोग किये जाने वाले हमलों को लगातार बदलते रहना पड़े. स्टाइल रैंक की श्रेणी को खेल के दौरान अक्षरों द्वारा दर्शाया जाता है; क्रमशः सबसे खराब से सबसे अच्छे के लिए: डी, सी, बी, ए, एस. उन्हें श्रेणी के प्रथम अक्षर से शुरू होने वाले शब्दों द्वारा भी दर्शाया जाता है, उदाहरण के लिए, डी के लिए "डल". तीसरे गेम में "एसएस" और "एसएसएस" रैंकों की भी शुरुआत की गयी जो चौथे गेम में भी जारी है। प्रत्येक स्तर पर खिलाड़ी के प्रदर्शन को इन अक्षरों द्वारा भी रैंक प्रदान की जाती है।<ref name="booklet" /> इस गेम में सर्वाइवल हॉरर के पहेलियों को सुलझाने तथा खोजबीन करने के कुछ तत्वों को भी शामिल किया गया है, हालांकि इन्हें अधिक महत्त्व नहीं दिया गया है; ''डेविल मे क्राई'' गेम्स में एक्शन पर ज्यादा जोर दिया गया है। ''डेविल ट्रिगर'' क्षमता खिलाड़ी के चरित्र को उसके वर्तमान हथियारों के आधार पर अतिरिक्त शक्तियों वाला एक शैतानी रूप धारण करने में सक्षम बनाती है और चरित्र की शक्ति और गति बढ़ने के साथ-साथ उसका स्वास्थ्य भी धीरे-धीरे बेहतर होता जाता है।<ref name="booklet" /> इस सीरीज के उल्लेखनीय हथियारों में शामिल हैं, ''डेविल मे क्राई''<ref>"डेमंस लिगेसी: फ़ोर्स एज/स्पार्दा," ''गेमइन्फोर्मर'' 179 (मार्च 2008): 112.</ref> का स्वोर्ड्स फ़ोर्स एज/स्पर्डा, ''डेविल मे क्राई 2''<ref>"डेमंस लिगेसी: दांते," ''गेमइन्फोर्मर'' 179 (मार्च 2008): 113.</ref> में रिबेलियन, ''डेविल मे क्राई 3''<ref>"डेमंस लिगेसी: यामातो," ''गेमइन्फोर्मर'' 179 (मार्च 2008): 113.</ref> में यामातो. पहले तीन गेम गोला-बारूद को रीलोड अथवा सुरक्षित करने की आवश्यकता को भी समाप्त कर देते हैं। दांते आमतौर पर गेम्स का नायक होता है, हालांकि दूसरे गेम में ट्रिश भी खेलने के लिए उपलब्ध थी; ''डेविल मे क्राई 2'' में एक और चरित्र था जिसे उसके बदले चुना जा सकता था (लूसिया); ''[[Devil May Cry 3: Dante's Awakening]]'' के ''विशेष संस्करण'' में खिलाड़ी को वेरगिल का इस्तेमाल करने की अनुमति थी और ''डेविल मे क्राई 4'' में नीरो नामक एक नए नायक को पेश किया गया है। === सीरीज की नयी चीजें === सीरीज के प्रत्येक खेल में नए तत्वों को जोड़ा गया है। ''डेविल मे क्राई'' में 'स्टाइल 1' मीटर तथा रैंकिंग को पेश किया गया जिसके तहत खिलाड़ियों को क्षति से बचते हुए लगातार हमला करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।<ref name="booklet">{{cite book|title = Devil May Cry Instruction Booklet|publisher=[[Capcom]]| year = 2001}}</ref> ''डेविल मे क्राई 2'' में हवा में उड़ते हुए मिश्रित हमला करने की क्षमता तथा बचाव के एक बटन को पेश किया गया। इसमें हथियार बदलने के एक बटन को भी पेश किया गया ताकि खिलाड़ी इन्वेंटरी स्क्रीन पर गए बिना ही कई हथियारों में से अपने हथियार को चुन सके. ''डेविल मे क्राई 3: दांतेज अवेकनिंग'' में खेल की कुछ चुनिंदा शैलियों को जोड़ा गया जिनकी मदद से खिलाड़ी तलवारों, बंदूकों और बचने तथा रक्षण जैसी अपनी पसंदीदा तकनीक अथवा हथियारों पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। चारों बुनियादी शैलियों में अनुभव के अंक मिलते हैं जो इस सीरीज की सामान्य मुद्रा 'रेड ऑर्ब' को खर्च किये बिना ही अतिरिक्त तकनीकों तथा क्षमताओं को प्राप्त करने में सक्षम बनाते हैं। हथियार बदलने के एक दूसरे बटन को भी जोड़ा गया था जिसकी सहायता से खिलाड़ी 'डेविल आर्म्स' नामक हाथापाई के हथियारों को चुन सकता है।<ref>{{cite web | url=http://www.devilmaycry.org/devil-may-cry-3/styles | title=List of styles in Devil May Cry 3 | publisher=devilmaycry.org | accessdate=April 3, 2007 | archive-url=https://web.archive.org/web/20070917091001/http://www.devilmaycry.org/devil-may-cry-3/styles/ | archive-date=17 सितंबर 2007 | url-status=dead }}</ref> ''डेविल मे क्राई 4'' में इसके नायक नीरो की "डेविल ब्रिंगर" बांह के रूप में एक प्रमुख नवीनीकरण किया गया है जो खिलाड़ियों को दूर खड़े दुश्मनों को पास लाकर हमला करने या जमीन पर पटक देने की क्षमता प्रदान करता है। नीरो के पास एक तलवार भी है जिसे एक थ्रौटल हैंडल की मदद से घुमाया जा सकता है; यह खिलाड़ियों को अपने अगले हमले में अधिक क्षति पहुंचाने के लिए तलवार को प्रीचार्ज करने में सक्षम बनाती है, या और अधिक क्षति तथा स्टाइल प्राप्त करने के लिए इसे प्रत्येक हमले के बाद सटीक टाइमिंग द्वारा चार्ज भी किया जा सकता है। दांते की ही तरह खिलाड़ी लड़ाई के बीच में अपनी शैली को आसानी से बदल सकते हैं।<ref name="dmccapcom">{{cite web| url=http://www.capcom.co.jp/devil4/eng/main.html| title=Official English language DMC4 site from Capcom Japan| accessdate=January 31, 2007| archive-url=https://web.archive.org/web/20070406193031/http://www.capcom.co.jp/devil4/eng/main.html| archive-date=6 अप्रैल 2007| url-status=dead}}</ref> == सीरीज का कथानक (प्लॉट) == {{Devil May Cry chronology}} ''डेविल मे क्राई'' सीरीज का कालानुक्रम गेम्स के रिलीज किये जाने के क्रम से भिन्न है। समय के हिसाब से पहला गेम था ''डेविल मे क्राई 3'', उसके बाद आये ''डेविल मे क्राई'', ''डेविल मे क्राई 4'' तथा ''डेविल मे क्राई 2'' . ''डेविल मे क्राई'' एनिमे सीरीज को ''डेविल मे क्राई'' तथा ''डेविल मे क्राई 4'' के बीच के किसी समय सेट किया गया है। मांगा डेविल मे क्राई 3 की घटनाओं की तरफ बढ़ने वाले एक प्रिक्वेल के तौर पर कार्य करता है। उपन्यासों को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि गेम्स के कथानक तथा उनमे भिन्नता के कारण उन्हें आधिकारिक तौर पर नॉन-कैनन घोषित कर दिया गया है।{{Citation needed|date=November 2009}} ''डेविल मे क्राई 3'' में इस सीरीज के कथानक की शुरुआत में दांते की अनामित दुकान पर अरखाम नामक एक रहस्यमयी व्यक्ति दांते के भाई विरगिल का निमंत्रण प्रदान करने के लिए आता है।<ref>'''अरखाम:''' क्या तुम्हारा नाम दांते है? स्पार्दा के बेटे? '''दांते:''' यह तुमने कहां सुना? '''अरखाम:''' तुम्हारे भाई से. उसने तुम्हारे लिए यह निमंत्रण भेजा है। कृपया इसे स्वीकार करो. '''दांते:''' कैसा निमंत्रण? (''डेविल मे क्राई 3'') कैपकोम, 2005</ref> दुकान से थोड़ी ही दूर पर एक विशाल टावर जमीन से निकलता है और दांते इस परिस्थिति को एक चुनौती के रूप में स्वीकार कर लेता है।<ref>'''दांते:''' हमको पिछली बार मिले हुए लगभग पूरा साल हो चुका है। यह समय कहां चला जाता है? निश्चय ही तुमने मेरे लिए कुछ मजेदार योजना बनाई होगी. ऐसा ही है न वेरगिल? (''डेविल मे क्राई 3'') कैपकोम, 2005</ref> कई लड़ाइयों के बाद दांते टावर की तेमेन्-नी-ग्रू नामक चोटी पर पहुंचता है और वेरगिल के साथ लड़ाई करता है। वेरगिल दांते को हराकर चला जाता है। लेकिन वह उसका पीछा करता है और अंततः उसे टावर के बेसमेंट में स्थित कंट्रोल रूम में पकड़ लेता है। दोनों भाइयों में फिर लड़ाई शुरू होती है। उसके बाद एक महिला आती है और उसके बाद अरखाम आता है जो टावर को पुनः सक्रिय करने के लिए उन सबका इस्तेमाल कर रहा था। अरखाम का इरादा स्पार्दा की तलवार फ़ोर्स एज को चुराने का है।<ref>'''जेस्टर:''' यह सफर काफी रोमांचक रहा, पता है! यदि तुममे से कोई भी यहां पहुंचने से पहले मर जाता तो हमारी पूरी योजना बेकार चली जाती. इसलिए, मेरा काम था तुम सबको आपस मे लड़ाना ताकि तुम्हे कमजोर किया जा सके. लेकिन साथ ही मेरे लिए यह भी आवश्यक था कि मैं तुम सबको यहां तक लाऊं और जिन्दा भी रखूं. इसके लिए मुझे एक निरे बेवकूफ के समान वेशभूषा तक बनानी पड़ी. (''डेविल मे क्राई 3'') कैपकोम, 2005</ref><ref>'''अरखाम:''' वह तार छेड़ता है और हमें सिर से लेकर पांव तक नाचना पड़ता है। सबसे निकृष्ट श्रेणी के व्यक्ति के सामने हम खुशी खुशी समर्पण कर देते हैं। घंटे दर घंटे हम धीरे धीरे नीचे नरक की तरफ गिरते जा रहे हैं। अब, दुनिया को भी इसका पता चलना चाहिए. सुस्ती! लोलुपता! लालच! ईर्ष्या! वासना! क्रोध! और गर्व! अराजकता के एक ध्वनि जो मानवी इच्छाओं को जागृत करती है! दो हजार साल के लंबे इंतजार के बाद शैतानी दुनिया के बंद दरवाजे फिर से खुलेंगे. विनाश! नरसंहार और हताशा! अपनी सहज प्रवृत्ति को अपने ऊपर हावी होने दो! पूरी दुनिया को भयभीत कर दो! मानवता के दिलों मे आतंक व्याप्त करने के लिए तेमेन-नी-ग्रू का नाम ही काफी है। और अंत मे इस कोलाहल भारी बंजर धरती का मैं शासक बन जाऊंगा. जो शैतानी शक्तियां किसी समय स्पार्दा की अधीन थीं। .. मेरी हो जाएंगी! (''डेविल मे क्राई 3'') कैपकोम, 2005</ref> दांते शैतानों की दुनिया में पहुंचकर अरखाम का सामना करता है और वेरगिल के साथ मिलकर उसे हरा देता है। दांते और वेरगिल की लड़ाई होती है और अंततः दांते विजयी होता है। इंसानों की दुनिया में लौटकर टावर के बाहर दांते की मुलाकात महिला से होती है, जो दांते के भाई की मृत्यु के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट करते हुए कहती है "डेविल मे क्राई". उनके बीच मित्रता हो जाती है और राक्षसों का सफाया करने वाली एक साझेदारी की शुरुआत होती है। उसके बाद दांते अपनी दुकान का नाम रखता है "डेविल मे क्राई".<ref>'''महिला:''' क्या तुम रो रहे हो? '''दांते:''' यह तो बारिश का पानी है। '''महिला:''' लेकिन बारिश तो रुक चुकी है। '''दांते:''' शैतान कभी नहीं रोते. '''महिला:''' ऐसा है! संभवतः कोई तो शैतान ऐसा होगा जो अपने किसी करीबी को खोने के बाद रो दे. तुम्हें ऐसा नहीं लगता? '''दांते:''' हो सकता है। (''डेविल मे क्राई 3'') कैपकोम, 2005</ref><ref>'''महिला:''' एक उदार दिल शैतान की बात करो, उसने अंततः अपनी दुकान का नाम तय कर लिया है। उसे नाम चुनने मे काफी समय लगा. नाम जानना चाहोगे? डेविल मे क्राई (शैतान भी रो सकता है). (''डेविल मे क्राई 3'') कैपकोम, 2005</ref> ''डेविल मे क्राई'' की शुरुआत में ट्रिश दांते के ऑफिस में उसपर हमला करती है। वह उसके हमले को नाकाम कर देता है और वह दावा करती है कि शैतानों का सम्राट मुन्दुस वापसी की योजना बना रहा है।<ref>'''ट्रिश:''' हां, उसकी शक्तियों को स्पार्दा ने बंधक बना लिया था, वह फिर से मानवी दुनिया का नियंत्रण हथियाने की कोशिश कर रहा है। वह दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहा है।.. मैलेट द्वीप पर. (''डेविल मे क्राई'') कैपकोम, 2005</ref> दांते मालेट द्वीप पर खोजबीन करता है जहां उसका सामना कई प्रकार के शैतानों से होता है, जिनमे से एक है नीलो एंजिलो.<ref>'''दांते:''' मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस घटिया जगह पर मुझे कोई जिगर वाला व्यक्ति मिलेगा. (''डेविल मे क्राई'') कैपकोम, 2005</ref> दांते हार जाता है लेकिन नीलो एंजिलो भाग जाता है। मुन्दुस के अन्य सेनापतियों के साथ लड़ाई से पता चलता है कि दांते डेविल मे क्राई 3 में जागने के बाद अपने पिता से भी अधिक शक्तिशाली हो गया है।<ref>'''ग्रिफोन:''' तुम्हारी शक्तियां निश्चित रूप से स्पार्दा के समान हैं ... नहीं, बल्कि उससे भी अधिक हैं। (''डेविल मे क्राई'') कैपकोम, 2005</ref> नीलो एंजिलो बाद के अन्य अभियानों में भी दो बार हमला करता है और अंत में पता चलता है कि वह दांते का जुड़वा भाई वेरगिल ही है। दांते मुन्दुस की खोज में अंडरवर्ल्ड में प्रवेश करता है जहां ट्रिश उसे बचाने के लिए अपना बलिदान दे देती है। दांते डेविल मे क्राई 3 में वेरगिल द्वारा प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले स्पार्दा की शक्ति को जागृत कर देता है।<ref>'''दांते:''' कितनी देर तक तुम छुपकर प्रहार करते रहोगे? मुन्दुस, बाहर निकलो और अपना दम दिखाओ. (''डेविल मे क्राई'') कैपकोम, 2005</ref> उसके बाद दांते और मुन्दुस की लड़ाई अस्तित्व के एक नए आयाम पर होती है। ट्रिश लौटती है और दांते को अपनी शक्तियां दे देती है। दांते मुन्दुस को पराजित कर देता है।<ref>'''ट्रिश:''' दांते, मेरी शक्तियों का इस्तेमाल करो! '''दांते:''' ट्रिश! ठीक है! (''डेविल मे क्राई'') कैपकोम, 2005</ref> उसके बाद पूरा द्वीप नष्ट हो जाता है लेकिन दांते और ट्रिश बचकर निकल जाते हैं और अपनी नयी नामित दुकान "डेविल नेवर क्राई" में साथ मिलकर काम करते हैं। ''डेविल मे क्राई'' एनिमे सीरीज में दांते को पैटी नामक एक किशोरी के अंगरक्षक के रूप में काम पर रखा जाता है। हालांकि शुरू में पैटी दांते को शक की निगाह से देखती थी, बाद में वह उसे पसंद करने लगी और अपना अधिकांश समय उसकी दुकान को साफ करने या लड़कियों की भांति सजाने में व्यतीत करने लगी; दांते के लिए यह सब काफी विस्मयकारी था। हालांकि इस सीरीज में दांते का मुख्य काम पैटी की रक्षा करना है, उसका ज्यादातर समय अपनी दुकान (जिसका नाम डेविल मे क्राई की घटनाओं के बाद फिर से "''डेविल मे क्राई'' " रख दिया गया है) पर मिलने वाले छोटे-मोटे कामों में ही व्यतीत होता है जिनका अंत अक्सर उसके द्वारा शहर को परेशान करने वाले राक्षसों के सफाए के साथ होता है। डेविल हंटर के रूप में महिला की भी वापसी होती है और वे दांते के एक विशाल ऋण को चुकाने के लिए उसको काम पर रखती है। ट्रिश भी जल्द ही सामने आती है और यह पता चलता है कि डेविल हंटर के रूप में अपना स्वयं का करियर स्थापित करने के लिए वह कुछ समय के लिए दांते से अलग होकर काम कर रही थी। महिला और ट्रिश पहली बार मिलते हैं लेकिन उनमे मित्रता स्थापित नहीं हो पाती है। इसके बावजूद वे तीनों कुछ कठिन कार्यों को अंजाम देने के लिए मिलकर काम करते हैं। सीरीज के अंत में यह पता चलता है कि पैटी मां एक जादूगर की वंशज है जिसने एक बार एक प्राचीन शैतानी भगवन एबिगेल की शक्तियों को बंधक बना लिया था। अंततः सिड नामक शैतान खलनायक के रूप में सामने आता है और एबिगेल की बंधक शक्तियों से संबंधित अपनी कुटिल योजना का खुलासा करता है। जहां महिला और ट्रिश सिड के राक्षसों का सफाया करती हैं और वहीं दांते सिड से स्वयं लड़ता है और उसे मार गिराता है। कुछ समय बाद दांते, ट्रिश और महिला को एक ही जगह काम मिल जाता है और वे भावी विजेता के संबंध में शर्त लगाते हैं। पैटी साफ-सफाई के लिए दांते की दुकान पर आती है जो यह दर्शाता है कि उनके बीच पिता-पुत्री जैसा संबंध अभी भी कायम है। ''डेविल मे क्राई 4'' में महिला, स्पार्दा के उपासक और डेविल आर्म्स को एकत्र करने वाले एक कट्टर समूह 'दी ऑर्डर ऑफ दी स्वोर्ड' की जांच करने के लिए दांते की दुकान (जिसका नाम अभी भी "डेविल मे क्राई" है, "डेविल नेवर क्राई" नहीं) पर आती है। शुरुआत में दांते इसमें कोई रूचि नहीं लेता है लेकिन ट्रिश (जिसने संभवतः अपने अकेले के करियर को छोड़ दिया है और फिर से दांते के साथ काम करने लगी है) आगे आती है और स्पार्दा तलवार को अपने साथ ले जाती है। बाद में दांते नीरो की उपस्थिति में ऑर्डर की एक बैठक में घुसकर उनके नेता सैन्क्ट्स को मार देता है। नीरो दांते पर हमला करता है और अपनी डेविल ब्रिंगर आर्म को जागृत करता है लेकिन पाता है कि दांते उनकी लड़ाई को गंभीरता से नहीं ले रहा है। नीरो और अधिक जोर लगाता है लेकिन उसे एहसास होता है कि ऑर्डर के लोग शैतानी दुनिया के दरवाजे को खोल रहे हैं ताकि उनकी शक्तियों का इस्तेमाल किया जा सके. शैतानी शक्तियों की मदद से सैन्क्ट्स को पुनर्जीवित किया जाता है और वह नीरो की प्रेमिका काइरी का अपहरण करने की एक योजना को अंजाम देना शुरू करता है। नीरो सैन्क्ट्स के खिलाफ लड़ाई जारी रखता है लेकिन वह उसे पकड़ लेता है और उसका तथा काइरी का इस्तेमाल करके भगवान के रूप में दी सेवियर नामक एक विशालकाय शैतान का निर्माण करता है। दांते आगे आता है और ऑर्डर द्वारा खोले गए नर्क के सभी दरवाजों को नष्ट कर देता है और फिर सेवियर से लड़ता है। बाहर से उसका विनाश करने में असफल रहने के बाद वह भीतर से उसका विनाश करने के कार्य को नीरो पर छोड़ देता है। नीरो सैन्क्ट्स को मारकर काइरी को बचाता है और अंततः सेवियर का भी विनाश कर देता है। दांते नीरो को यामातो नामक तलवार देता है जो पहले वेरगिल के पास थी (ऑर्डर को वह टूटी अवस्था में मिली थी और नीरो ने उसको ठीक किया और अपनी लड़ाइयों में उसको स्वयं के डेविल ट्रिगर के रूप में इस्तेमाल किया). बाद में डेविल मे क्राई दुकान पर महिला दांते और ट्रिश को उनके काम का पैसा देती है, हालांकि ट्रिश उस राशि से संतुष्ट नहीं है। दांते इस स्थिति से बचने की कोशिश करता है और पासवर्ड वाले एक ग्राहक द्वारा फोन करने पर वे तीनों एक अन्य अभियान को अंजाम देने के कार्य में जुट जाते हैं। ''डेविल मे क्राई 2'' की शुरुआत में दांते एक संग्रहालय में जाता है जहां मेदाग्लिया नामक एक महत्त्वपूर्ण सामान रखा गया है और जहां लूसिया दांते को डूमरी द्वीप पर आमंत्रित करती है। लूसिया की मां मेटियर दांते से एक व्यापारी और शैतानी शक्तियों के मालिक एरियस के खिलाफ लड़ाई में मदद के लिए कहती है।<ref>'''मेटियर:''' हे स्पार्दा के पुत्र ... हमें आपसे यह मदद मांगनी ही होगी ... देखिये, एक व्यक्ति है जिसने हमारी धरती को शैतानों का गढ़ बना दिया है; उसका नाम है एरियस. और हालांकि वह एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी का अध्यक्ष है।.. लेकिन शैतानी शक्तियों का उपयोग करता है। कृपया हमारी खातिर एरियस और उसके स्वामी का सामना कीजिये. (''डेविल मे क्राई 2'') कैपकोम, 2005</ref> दांते तैयार हो जाता है।<ref>''(एक सिक्का उछालने और यह देखने के बाद कि हेड्स आया है।)'' '''दांते:''' ... लगता है तुम आज भाग्यशाली हो. (''डेविल मे क्राई 2'') कैपकोम, 2005</ref> लूसिया एरियस का सामना करती है जो बताता है कि वह उसकी ही रचना है।<ref>'''एरियस:''' तुम मेरी ही रचना हो. '''लूसिया:''' झूठे! मेरी मां मेटियर है। ''एरियस की सेक्रेटरी उसका नकाब हटाती है, जिससे पता चलता है कि उसका चेहरा लूसिया के ही समान है।'' '''एरियस:''' उसे तो तुम केवल तब मिली जब तुम्हे फेंका जाने वाला था और फिर उसने तुम्हे एक सैनिक के रूप में पाला. क्या इसी को तुम मां कहती हो? (''डेविल मे क्राई 2'') कैपकोम, 2005</ref> कुछ ही समय बाद लूसिया जाने से पहले दांते को अंतिम अरकाना प्रदान करती है।<ref>'''लूसिया:''' लेकिन ... असल में ... मैं इस शक्ति के लायक नहीं हूं ... '''लूसिया:''' कृपया मेरी खातिर इसे मेटियर के पास लाओ ... मेरे पास कुछ है जिसको मुझे निपटना है।.. (''डेविल मे क्राई 2'') कैपकोम, 2005</ref> फिर दांते की मुलाकात मेटियर से होती है जो उससे अरकाना को लेकर एरियस से लूसिया को बचने के लिए कहती है।<ref>'''मेटियर:''' हे स्पार्दा के पुत्र, मुझे तुमसे एक और चीज पूछनी है। मेरी बेटी अकेले ही एरियस का मुकाबला करने चली गयी है।.. कृपया इन्हें लो और लूसिया को बचाओ. (''डेविल मे क्राई 2'') कैपकोम, 2005</ref> लूसिया एरियस पर हमला करती है लेकिन वह उसे बंदी बना लेता है। दांते आता है और अरकाना के बदले लूसिया को लेने के बाद एरियस पर हमला करता है, हालांकि वह बचकर निकल जाता है।<ref>'''एरियस:''' तुम जीत नहीं सकते ... कोई तुम्हे रोके हुए है।.. '''लूसिया:''' मुझे छोड़ो और एरियस को मारो! '''दांते:''' चिंता मत करो. मैंने तुम्हे संभाल लिया है।.. (''डेविल मे क्राई 2'') कैपकोम, 2005</ref> उर्जा की एक विशाल धारा यूरोब्युरोस (रेज़िडन्ट एविल 5 से इसका कोई संबंध नहीं है, बल्कि सर्प तथा ड्रैगन वाला एक प्राचीन प्रतीक है) टावर पर गिरती है और शैतानी दुनिया का एक पोर्टल खुल जाता है। अंदर प्रविष्टि को लेकर दांते और लूसिया में बहस होती है और अर्गोसाक्स का सामना करने के लिए दांते पोर्टल में प्रवेश करता है।<ref>'''लूसिया:''' लेकिन ...! '''दांते:''' इसे भाग्य पर छोड़ दो. हेड्स आया तो मैं जाऊंगा, टेल्स आया तो तुम. (''वह सिक्का उछालता है और फिर से हेड्स आता है'') '''दांते:''' फिर मिलते हैं। '''लूसिया:''' क्या तुम मेटियर की जबानी स्पार्दा की कहानी नहीं सुनना चाहोगे? '''दांते:''' मुझे पता है।.. उसने भी ऐसा ही किया था। .. लूसिया, मेरे सिक्के को संभालना. (''डेविल मे क्राई 2'') कैपकोम, 2005</ref> दांते के जाने के बाद एरियस भी लौटता है, हालांकि लूसिया उसे हरा देती है।<ref>'''एरियस:''' तुम इंसान नहीं हो. तुम सिर्फ एक राक्षस हो ... मेरे द्वारा बनाया गया एक राक्षस! '''लूसिया:''' दांते ने मुझसे कहा था। .. शैतान कभी नहीं रोते! (''डेविल मे क्राई 2'') कैपकोम, 2005</ref> पोर्टल के भीतर दांते आंशिक रूप से जागृत अर्गोसाक्स से लड़ता है और उसे हरा देता है। पोर्टल को बंद पाकर दांते एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर शैतानी दुनिया के और अंदर प्रवेश करता है। लड़ाई के बाद मेटियर लूसिया से जोर देकर कहती है कि स्पार्दा भी समान परिस्थितियों से लौटकर वापस आया था। कुछ समय बाद दांते की दुकान में लूसिया दांते के बारे में सोचती है और उसके द्वारा दिए गए एक सिक्के की जांच करती है। वह सिक्का दो सिर वाला निकलता है। बाहर एक मोटरसाइकिल की आवाज़ सुनाई देती है और लूसिया पता करने के लिए बाहर जाती है। खिलाड़ी को दिखाया नहीं गया है और यह पता नहीं चलता है कि वह दांते है या नहीं. == सांस्कृतिक प्रभाव == ''डेविल मे क्राई'' सीरीज की दुनिया भर में दस मिलियन से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं<ref>{{cite web| url=http://ir.capcom.co.jp/english/news/html/e080220.html| title=Smokin'! Capcom's "Devil May Cry 4" Ships over 2&nbsp;Million Stylish Units - Making it the fastest game in the DMC series to reach that milestone| author=Haruhiro Tsujimoto| publisher=Capcom| date=February 20, 2008| accessdate=February 21, 2008| archive-url=https://web.archive.org/web/20080228012611/http://ir.capcom.co.jp/english/news/html/e080220.html| archive-date=28 फ़रवरी 2008| url-status=dead}}</ref> और प्रत्येक को प्लैटिनम टाइटल मिला है।<ref name="capcomplatinum">{{cite web | url=http://ir.capcom.co.jp/english/data/million.html | title=Platinum Titles | publisher=[[Capcom]] | accessdate=April 4, 2007 | date=January 17, 2007 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080116224723/http://ir.capcom.co.jp/english/data/million.html | archive-date=16 जनवरी 2008 | url-status=live }}</ref> ''डेविल मे क्राई'' को एक्शन गेम्स की "एक्सट्रीम कॉम्बेट" नामक उप-शैली की शुरुआत के रूप में माना जाता है जिसमे शक्तिशाली नायक बेहतरीन शैली वाले एक्शन की मदद से दुश्मनों की भीड़ का सामना करते हैं।<ref>{{cite book | last= Bateman | first= Chris |author2= Richard Boon | title = [[21st Century Game Design]] | publisher=Charles River Media | pages = [https://archive.org/details/21stcenturygamed0000bate/page/246 246]–247 | date = August 29, 2005 | isbn = 978-1-58-450429-0 }}</ref> इस खेल को ऐसे प्रथम खेल के रूप में भी वर्णित किया जाता है जिसने "कई उत्कृष्ट 2डी एक्शन गेम्स की ट्विच-आधारित, उन्मुक्त खेल शैली का सफलतापूर्वक अनुकरण किया है".<ref name="Review1">{{cite web|last= Ahmed|first= Shahed|date= अक्टूबर 17, 2001|title= Gamespot Devil May Cry review|url= http://www.gamespot.com/ps2/action/devilmaycry/review.html|accessdate= March 29, 2007|publisher= [[GameSpot]]|archive-url= https://web.archive.org/web/20070318093212/http://www.gamespot.com/ps2/action/devilmaycry/review.html|archive-date= 18 मार्च 2007|url-status= live}}</ref> इस सीरीज के खेलों ने इतनी ख्याति अर्जित कर ली है कि अन्य 3डी एक्शन गेम्स का आंकलन इनकी तुलना में ही किया जाता है; अन्य तुलनात्मक खेलों में शामिल हैं, ''गॉड ऑफ वार'',<ref>{{cite web|title= God of War|publisher= [[IGN]]|url= http://ps2.ign.com/objects/661/661321.html#previews|accessdate= April 3, 2007|archive-url= https://web.archive.org/web/20080914173536/http://ps2.ign.com/objects/661/661321.html#previews|archive-date= 14 सितंबर 2008|url-status= dead}}</ref><ref>{{cite web| date= June 16, 2005| publisher= Playstation World| title= God of War Review| url= http://www.computerandvideogames.com/article.php?id=120641&site=psw&skip=yes| accessdate= April 3, 2003| archive-url= https://web.archive.org/web/20080629102145/http://www.computerandvideogames.com/article.php?id=120641&site=psw&skip=yes| archive-date= 29 जून 2008| url-status= live}}</ref> ''केओस लीजन'',<ref>{{cite web| last= Varanini| first= Giancarlo| publisher= [[Gamespot]]| date= August 4, 2003| title= Chaos Legion review| url= http://www.gamespot.com/ps2/action/chaoslegion/review.html?om_act=convert&om_clk=gssummary&tag=summary;review| accessdate= April 3, 2007| archive-url= https://web.archive.org/web/20070930160819/http://www.gamespot.com/ps2/action/chaoslegion/review.html?om_act=convert&om_clk=gssummary&tag=summary%3Breview| archive-date= 30 सितंबर 2007| url-status= live}}</ref> तथा ''ब्लड विल टेल'' .<ref>{{cite web| last= Bedigian| first= Louis| publisher= Gamezone| date= September 29, 2004| title= Blood Will Tell review| url= http://ps2.gamezone.com/gzreviews/r22035.htm| accessdate= April 3, 2007| archive-url= https://web.archive.org/web/20080617143442/http://ps2.gamezone.com/gzreviews/r22035.htm| archive-date= 17 जून 2008| url-status= dead}}</ref> दांते के आत्मविश्वास और निडर रवैये के कारण उसे व्यापक लोकप्रियता प्राप्त हुई है। उसे 'गेम क्रश' की "टॉप 10: मोस्ट बैडऐस वीडियो गेम कैरेक्टर" सूची में सातवां,<ref name="Gamecrush">{{cite web|author=Rocco Inzauto, Edward|url=http://gamecrush.blogspot.com/2007/02/top-10-most-badass-video-game-charaters.html|title=Top 10: Most Badass Video Game Characters|date=फ़रवरी 25, 2007|accessdate=April 20, 2007|archiveurl=https://web.archive.org/web/20090129042015/http://gamecrush.blogspot.com/2007/02/top-10-most-badass-video-game-charaters.html|archivedate=29 जनवरी 2009|url-status=dead}}</ref> और ''स्क्रूअटैक'' की "टॉप टेन कूलेस्ट वीडियो गेम कैरेक्टर्स" सूची में तीसरा स्थान मिला था।<ref name="Screwattack">{{cite web|url=http://www.thelastboss.com/post.phtml?pk=2160|title=Top ten coolest games|accessdate=April 20, 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070809013318/http://www.thelastboss.com/post.phtml?pk=2160|archive-date=9 अगस्त 2007|url-status=dead}}</ref> ''डेविल मे क्राई'' सीरीज की लोकप्रियता से प्ररित होकर टॉयकॉम द्वारा कई प्रकार के ''डेविल मे क्राई'' एक्शन नायकों का निर्माण किया गया है।<ref name="Actionfigures">{{cite web|author=Borst, Brian|url=http://www.popcultureshock.com/reviews.php?id=2243|title=Devil May Cry Action Figures review|date=June 1, 2003|accessdate=April 20, 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20060516220713/http://www.popcultureshock.com/reviews.php?id=2243|archive-date=16 मई 2006|url-status=dead}}</ref> जापानी कंपनी काईयोडो ने डेविल मे क्राई 2 के लिए समान प्रकार के नायकों तथा डेविल मे क्राई 3 दांते एक्शन नायक का निर्माण किया है।<ref name="AmazonDMC2">{{cite web| title = Amazon.com Listing for Devil May Cry 2 Action Figures| url = http://www.amazon.com/Devil-May-Cry-Action-Figure/dp/B000HX7YTK| accessdate = April 23, 2007| archive-url = https://web.archive.org/web/20071111174310/http://www.amazon.com/Devil-May-Cry-Action-Figure/dp/B000HX7YTK| archive-date = 11 नवंबर 2007| url-status = live}}</ref><ref name="AmazonDMC3">{{cite web| title = Amazon.com Listing for Devil May Cry 3 Dante Revoltech action figure| url = http://www.amazon.com/Devil-Revoltech-Joints-Action-Figure/dp/B000GBN2Y4| accessdate = April 23, 2007| archive-url = https://web.archive.org/web/20070913044258/http://www.amazon.com/Devil-Revoltech-Joints-Action-Figure/dp/B000GBN2Y4| archive-date = 13 सितंबर 2007| url-status = live}}</ref> == अन्य मीडिया == ''डेविल मे क्राई'' की शिन्या गोइकेदा द्वारा लिखित और शिरो मिवा द्वारा चित्रित दो लघु उपन्यासों को प्रकाशित किया गया है; इनका प्रकाशन पहली बार [[जापान]] में 2002 में किया गया बाद में इनका अनुदित संस्करण अमेरिका में 2006 में जारी किया गया। पहली वाली का शीर्षक है ''डेविल मे क्राई वॉल्यूम 1'' और इसे जापान में पहले गेम की रिलीज के साथ ही प्रकाशित किया गया; इसमें दांते को प्रथम खेल के पहले के एक साहसिक अभियान में दिखाया गया है। दूसरे उपन्यास (जिसका अमेरिका में शीर्षक था ''डेविल मे क्राई वॉल्यूम 2'') को जापान में दूसरे गेम की रिलीज के साथ ही प्रकाशित किया गया और इसमें प्रथम खेल के बाद की घटनाओं को दिखाया गया है। प्रकाशक टोक्योपॉप ने इन उपन्यासों को अमेरिका में क्रमशः जून तथा नवंबर 2006 में जारी किया। 3 भागों वाली डेविल मे क्राई 3 मंगा सीरीज के दो संस्करणों को जापान तथा अमेरिका में प्रकाशित किया जा चुका है। ''''डेविल मे क्राई 3'' '' की घटनाओं के लगभग एक साल पहले मंगा यह कहानी सुनाता है कि इसके चरित्र अपनी शुरुआती स्थिति तक कैसे पहुंचे। पहले गेम के एक कॉमिक स्वरूपण के तीन संस्करणों को कनाडा के प्रकाशक ड्रीमवेव प्रोडक्शंस द्वारा 2004 में प्रकाशित किया गया, लेकिन 2005 में कंपनी के दिवालिया हो जाने के कारण उसे अधूरा ही छोड़ दिया गया।<ref>{{cite web | url=http://www.comicbookresources.com/news/newsitem.cgi?id=4625 | title=Dreamwave Productions closes up shop | accessdate=April 23, 2007 | archive-url=https://web.archive.org/web/20071011095857/http://comicbookresources.com/news/newsitem.cgi?id=4625 | archive-date=11 अक्तूबर 2007 | url-status=dead }}</ref> दांते की ''डेविल मे क्राई'' शीर्षक वाली एक [[Devil May Cry: The Animated Series|एनिमे]] सीरीज को 12 जून 2007 को जापान के वोवो टीवी नेटवर्क पर पहली बार दिखाया गया। यह सीरीज 12 एपिसोड तक चली.<ref>{{cite web | url=http://activeanime.com/html/modules.php?op=modload&name=News&file=article&sid=3851 | title=ActiveAnime:Devil May Cry Anime and Pre Site Opening | accessdate=January 23, 2007 | archive-url=https://web.archive.org/web/20070417100910/http://activeanime.com/html/modules.php?op=modload&name=News&file=article&sid=3851 | archive-date=17 अप्रैल 2007 | url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web | url=http://dmc-tv.com | title=Devil May Cry anime official site (in Japanese) | accessdate=January 23, 2007 | archive-url=https://web.archive.org/web/20070123010651/http://www.dmc-tv.com/ | archive-date=23 जनवरी 2007 | url-status=dead }}</ref> इस शो को एनिमे स्टूडियो मैडहाउस द्वारा निर्मित तथा शिन इतागाकी द्वारा निर्देशित किया गया था। तीसरे और चौथे खेलों के एक लेखक बिंगो मोरिहाशी इसके लेखकों में से एक थे। प्रथम पूर्ण ट्रेलर में दांते को पहले गेम की उसकी पोशाक पहने दिखाया गया है और चरित्रों में गेम के उसके दो साथियों (महिला तथा ट्रिश) के अलावा दो नए चरित्र भी शामिल हैं। 25 जुलाई 2008 को वाइल्डस्टोर्म (डीसी कॉमिक्स का एक हिस्सा) तथा कैपकोम दोनों ने घोषणा की कि वे मिलकर ''डेविल मे क्राई'' की एक नयी कॉमिक बुक की रचना करने जा रहे हैं। इस कॉमिक सीरीज की रचनात्मक टीम तथा इसकी शुरुआत करने के महीने जैसे विवरणों की घोषणा बाद में की जायेगी.<ref>{{cite web |url=http://kotaku.com/5030369/resident-evil-and-devil-may-cry-comics-on-the-way |title=Resident Evil And Devil May Cry Comics On The Way |author=Mike Fahey |publisher=Kotaku |date=July 29, 2008 |accessdate=August 31, 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100304180032/http://kotaku.com/5030369/resident-evil-and-devil-may-cry-comics-on-the-way |archive-date=4 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref> == अन्य खेलों में == * हिदेकी कामिये द्वारा रचित एक अन्य कैपकोम सीरीज ''व्यूटीफुल जो'' गेम्स के प्लेस्टेशन संस्करण में ''डेविल मे क्राई'' के चरित्रों को दिखाया गया है। दांते प्रथम ''व्यूटीफुल जो'' के पीएस2 संस्करण में एक खिलाड़ी चरित्र के रूप में है और ''[[Viewtiful Joe: Red Hot Rumble]]'' के पीएसपी संस्करण में दांते के अतिरिक्त वेरगिल, ट्रिश, स्पार्दा, मेरियोनेट, तथा प्लास्मा भी शामिल हैं। * दांते का ''सोलकैलिबर III'' में शामिल किया जाना तय था, लेकिन अंत में ऐसा हो न सका.<ref name="soulcaliIII">{{cite web| author=James Ransom-Wiley| url=http://www.joystiq.com/2005/02/09/dante-joins-the-soul-calibur-3-lineup| title=Joystiq's report on Dante's inclusion on the Soul Calibur III roster| date=फ़रवरी 9, 2005| accessdate=April 4, 2007| archive-url=https://web.archive.org/web/20061031174023/http://www.joystiq.com/2005/02/09/dante-joins-the-soul-calibur-3-lineup/| archive-date=31 अक्तूबर 2006| url-status=live}}</ref> * कैपकोम तथा एल्ट्स के बीच एक समझौते के तहत ''[[Devil May Cry 3: Dante's Awakening]]'' दांते तथा वेरगिल के शैतानी स्वरूपों का डिजाइन ''मेगामी तेंसी'' के कैरेक्टर डिज़ाईनर काजुमा कानेको द्वारा किया गया। इसके बदले एल्ट्स ने दांते (''डेविल मे क्राई 2'' के उसके रूप को) को जापान में ''मानियाक्स'' शीर्षक से मशहूर ''[[Shin Megami Tensei III: Nocturne]]'' की अगली व्यापक रिलीज में एक चरित्र के रूप में शामिल किया। ''नॉक्टर्न'' का बाद का अंग्रेजी स्थानीकरण ''मानियाक्स'' के इसी संस्करण पर आधारित था।<ref>{{cite web|url=http://www.atlus.com/smt/faqs.html|title=Atlus USA presents Shin Megami Tensei: Nocturne|publisher=[[Atlus]]|accessdate=April 16, 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20121031070005/http://www.atlus.com/smt/faqs.html|archive-date=31 अक्तूबर 2012|url-status=dead}}</ref> * दांते और ट्रिश का ''[[Marvel vs. Capcom 3: Fate of Two Worlds]]'' में प्रकट होना तय है। == अभिग्रहण == {{Expand section|date= जनवरी 2010}} {{VG Series Reviews |updated = January 5, 2010 |game1 = [[Devil May Cry (video game)|Devil May Cry]] |gr1 = 89.31%<ref>{{cite web |url=http://www.gamerankings.com/ps2/445101-devil-may-cry/index.html |title=Devil May Cry - GameRankings |author= |date= |work= |publisher=[[GameRankings]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090307134714/http://www.gamerankings.com/ps2/445101-devil-may-cry/index.html |archive-date=7 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref> |mc1 = 94%<ref>{{cite web |url=http://www.metacritic.com/games/platforms/ps2/devilmaycry |title=Devil May Cry reviews at Metacritic.com |author= |date= |work= |publisher=[[Metacritic]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100628041353/http://www.metacritic.com/games/platforms/ps2/devilmaycry |archive-date=28 जून 2010 |url-status=live }}</ref> |game2 = [[Devil May Cry 2]] |gr2 = 72.90%<ref>{{cite web |url=http://www.gamerankings.com/ps2/561241-devil-may-cry-2/index.html |title=Devil May Cry 2 - GameRankings |author= |date= |work= |publisher=[[GameRankings]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100813014841/http://www.gamerankings.com/ps2/561241-devil-may-cry-2/index.html |archive-date=13 अगस्त 2010 |url-status=live }}</ref> |mc2 = 68%<ref>{{cite web |url=http://www.metacritic.com/games/platforms/ps2/devilmaycry2 |title=Devil May Cry 2 reviews at Metacritic.com |author= |date= |work= |publisher=[[Metacritic]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090426223120/http://www.metacritic.com/games/platforms/ps2/devilmaycry2 |archive-date=26 अप्रैल 2009 |url-status=live }}</ref> |game3 = [[Devil May Cry 3: Dante's Awakening]] |gr3 = 84.34%<ref>{{cite web |url=http://www.gamerankings.com/ps2/920607-devil-may-cry-3-dantes-awakening/index.html |title=Devil May Cry 3: Dante's Awakening - GameRankings |author= |date= |work= |publisher=[[GameRankings]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160709114519/http://www.gamerankings.com/ps2/920607-devil-may-cry-3-dantes-awakening/index.html |archive-date=9 जुलाई 2016 |url-status=live }}</ref> |mc3 = 84%<ref>{{cite web |url=http://www.metacritic.com/games/platforms/ps2/devilmaycry3 |title=Devil May Cry 3: Dante's Awakening reviews at Metacritic.com |author= |date= |work= |publisher=[[Metacritic]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100112113245/http://www.metacritic.com/games/platforms/ps2/devilmaycry3 |archive-date=12 जनवरी 2010 |url-status=live }}</ref> |game4 = [[Devil May Cry 3: Dante's Awakening#Devil May Cry 3: Special Edition|Devil May Cry 3: Special Edition]] |gr4 = 87.83% (PS2)<ref>{{cite web |url=http://www.gamerankings.com/ps2/930014-devil-may-cry-3-special-edition/index.html |title=Devil May Cry 3: Special Edition - GameRankings |author= |date= |work= |publisher=[[GameRankings]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20161211184352/http://www.gamerankings.com/ps2/930014-devil-may-cry-3-special-edition/index.html |archive-date=11 दिसंबर 2016 |url-status=live }}</ref> <br />70.87% (PC)<ref>{{cite web |url=http://www.gamerankings.com/pc/931852-devil-may-cry-3-special-edition/index.html |title=Devil May Cry 3: Special Edition (PC) - GameRankings |author= |date= |work= |publisher=[[GameRankings]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://www.webcitation.org/6GDIdAjuU?url=http://www.gamerankings.com/pc/931852-devil-may-cry-3-special-edition/index.html |archive-date=28 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref> |mc4 = 87% (PS2)<ref>{{cite web |url=http://www.metacritic.com/games/platforms/ps2/devilmaycry3se |title=Devil May Cry 3: Special Edition reviews at Metacritic.com |author= |date= |work= |publisher=[[Metacritic]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100112113250/http://www.metacritic.com/games/platforms/ps2/devilmaycry3se |archive-date=12 जनवरी 2010 |url-status=live }}</ref> <br />66% (PC)<ref>{{cite web |url=http://www.metacritic.com/games/platforms/pc/devilmaycry3se |title=Devil May Cry 3: Special Edition (PC) reviews at Metacritic.com |author= |date= |work= |publisher=[[Metacritic]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100716200230/http://www.metacritic.com/games/platforms/pc/devilmaycry3se |archive-date=16 जुलाई 2010 |url-status=live }}</ref> |game5 = [[Devil May Cry 4]] |gr5 = 84.48% (PS3)<ref>{{cite web |url=http://www.gamerankings.com/ps3/928376-devil-may-cry-4/index.html |title=Devil May Cry 4 (PS3) - GameRankings |author= |date= |work= |publisher=[[GameRankings]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101003222742/http://www.gamerankings.com/ps3/928376-devil-may-cry-4/index.html |archive-date=3 अक्तूबर 2010 |url-status=live }}</ref> <br />83.88% (360)<ref>{{cite web |url=http://www.gamerankings.com/xbox360/938686-devil-may-cry-4/index.html |title=Devil May Cry 4 (360) - GameRankings |author= |date= |work= |publisher=[[GameRankings]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100920025201/http://www.gamerankings.com/xbox360/938686-devil-may-cry-4/index.html |archive-date=20 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> <br />80.26% (PC)<ref>{{cite web |url=http://www.gamerankings.com/pc/938687-devil-may-cry-4/index.html |title=Devil May Cry 4 (PC) - GameRankings |author= |date= |work= |publisher=[[GameRankings]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100920025052/http://www.gamerankings.com/pc/938687-devil-may-cry-4/index.html |archive-date=20 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> |mc5 = 84% (PS3)<ref>{{cite web |url=http://www.metacritic.com/games/platforms/ps3/devilmaycry4 |title=Devil May Cry 4 (PS3) reviews at Metacritic.com |author= |date= |work= |publisher=[[Metacritic]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100315162104/http://www.metacritic.com/games/platforms/ps3/devilmaycry4 |archive-date=15 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref> <br />84% (360)<ref>{{cite web |url=http://www.metacritic.com/games/platforms/xbox360/devilmaycry4 |title=Devil May Cry 4 (360) reviews at Metacritic.com |author= |date= |work= |publisher=[[Metacritic]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://www.webcitation.org/65p8zIoVT?url=http://www.metacritic.com/game/xbox-360/devil-may-cry-4 |archive-date=29 फ़रवरी 2012 |url-status=live }}</ref> <br />78% (PC)<ref>{{cite web |url=http://www.metacritic.com/games/platforms/pc/devilmaycry4 |title=Devil May Cry 4 (PC) reviews at Metacritic.com |author= |date= |work= |publisher=[[Metacritic]] |accessdate=January 5, 2010 |archive-url=https://www.webcitation.org/65p8zypOz?url=http://www.metacritic.com/game/pc/devil-may-cry-4 |archive-date=29 फ़रवरी 2012 |url-status=live }}</ref> }} पूरी ''डेविल मे क्राई'' सीरीज और विशेषकर इसके हालिया शीर्षकों को कुल मिलाकर काफी सकारात्मक समीक्षाएं प्राप्त हुई हैं, हालांकि इसके पीसी संस्करण की काफी आलोचना की गयी है क्योंकि मूल कंसोल संस्करण की तुलना में इसमें कम स्कोर प्राप्त करने के कारण इसे निम्न श्रेणी का माना गया है। {{Clear}} == इन्हें भी देखें == * बेयोनेटा {{Wikipedia-Books|Devil May Cry series}} {{-}} == सन्दर्भ == {{Reflist|colwidth=30em}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20080209223920/http://www.devilmaycry.com/ कैपकोम यूएसए का आधिकारिक "डेविल मे क्राई" पोर्टल] * [https://web.archive.org/web/20110718044909/http://devilmaycry.wikia.com/wiki/Main_Page डेविल मे क्राई विकी] * [http://vicesandvirtues.proboards.com/index.cgi अनौपचारिक रोलप्लेयिंग साइट]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} === जापानी भाषा === * [https://web.archive.org/web/20090223113914/http://www3.capcom.co.jp/devil/index2.html मूल ''डेविल मे क्राई'' वेबसाइट] {{ja icon}} * [https://web.archive.org/web/20060404060314/http://www.capcom.co.jp/devil2/ आधिकारिक डेविल मे क्राई 2 वेबसाइट] {{ja icon}} * [https://web.archive.org/web/20080201031751/http://www3.capcom.co.jp/devil3/ आधिकारिक डेविल मे क्राई 3 वेबसाइट] {{ja icon}} ** [https://web.archive.org/web/20080201025121/http://www3.capcom.co.jp/devil3_se/ आधिकारिक DMC3 स्पेशल एडीशन वेबसाइट] {{ja icon}} * [https://web.archive.org/web/20101021065358/http://www.capcom.co.jp/devil4/ आधिकारिक डेविल मे क्राई 4 वेबसाइट] {{ja icon}} {{Devil May Cry series}} {{Franchises by Capcom}} [[श्रेणी:वीडियो गेम शृंखला]] hfxmo61hbk5ju16jr5s289cksgjhnu6 वैवाहिक रस्मों में भाग लेने वाले प्रतिभागी 0 220871 6582887 6466752 2026-07-15T10:51:33Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582887 wikitext text/x-wiki {{about|the participants in a wedding ceremony|other uses of "bride"|Bride (disambiguation)|other uses of "best man"|Best man (disambiguation)|the 2006 film "The Groomsmen"|The Groomsmen}} '''विवाह समारोह के प्रतिभागी''', जिनकी ओर '''वेडिंग पार्टी''' के रूप में भी संदर्भित किया जाता है, वह लोग होते हैं जो स्वयं प्रत्यक्ष रूप से विवाह समारोह में भाग लेते हैं। स्थान, धर्म और विवाह की शैली के आधार पर, इस समूह में केवल विवाह करने वाले व्यक्ति भी शामिल हो सकते हैं, या इसमें एक या एक से अधिक ''दुल्हनें'', ''दूल्हे'' (या ''वर''), ''मेड्स ऑफ ऑनर'', ''ब्राइड्समेड्स'', ''बेस्टमेन'', ''ग्रूम्समेन'', ''फ्लावर गर्ल्स'', ''पेज ब्वायज़'' और ''रिंगबियरर्स'' शामिल हो सकते हैं। ''वधू पक्ष'' का अर्थ उन लोगों से होता है जो वधू की ओर से विवाह समारोह में शामिल होते हैं। जो वर की ओर से होते हैं उन्हें ''वर-पक्ष'' कहा जाता है। == दुल्हन == [[चित्र:HinduBrideIndia.jpg|thumb|left|भारत में एक पारंपरिक हिंदू शादी समारोह के दौरान एक दुल्हन.]] [[चित्र:Traditional chinese wedding.jpg|thumb|upright|पारंपरिक चीनी कपड़ों में दुल्हा और दुल्हन.चीनी संस्कृति में दूल्हा और दुल्हन लाल या लाल सजावट के कपड़े, जो साहस, निष्ठा, सम्मान, सफलता, भाग्य, प्रजनन, खुशी और जुनून के साथ जुड़े हुए पहनते हैं।]] [[चित्र:1929wedding.jpg|thumb|upright|1929 से महिला जो एकदम दाहिने तरफ है वह एक ठेठ शादी की पोशाक पहनी हुई है। 1930 के उत्तरार्द्ध तक विवाह की पोशाक तत्कालीन प्रचलित शैलियों की झलक होती थी। उस समय के बाद से, शादी के कपड़े विक्टोरियन बॉलगाउंस पर आधारित होते हैं।]] [[चित्र:Bride1929.jpg|thumb|upright|1929 से एक विस्तृत पोशाक]] '''दुल्हन''' शब्द उस युवती के लिए प्रयोग किया जाता है जिसका विवाह होने वाला है या जो नवविवाहित है। इस शब्द की उत्पत्ति "[[पाकशास्त्र|भोजन पकाने]]" के लिए प्रयोग किये जाने वाले [[त्यूतन जातियाँ|ट्युटॉनिक]] (जर्मन) शब्द से हुई है।<ref>{{Cite web |url=http://www.etymonline.com/index.php?search=bride |title=ऑनलाइन व्युत्पत्ति विज्ञान शब्दकोश |access-date=18 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111108055638/http://www.etymonline.com/index.php?search=bride |archive-date=8 नवंबर 2011 |url-status=live }}</ref> पश्चिमी सभ्यता में, एक दुल्हन के साथ एक या एक से अधिक ब्राइड्स मेड्स या मेड ऑफ ऑनर हो सकती हैं। उसके साथी, जो विवाह के बाद उसका [[विवाह|पति]] बन जायेगा, यदि वह पुरुष है तो दूल्हा (या वर) कहलाता है। === पहनावा === [[यूरोप]] और [[उत्तर अमेरिका|उत्तरी अमेरिका]] में, दुल्हन के लिए आदर्श पहनावा एक औपचारिक पोशाक और एक घूंघट होता है। आम तौर पर, "श्वेत विवाह" शैलियों में, दुल्हन की पोशाक विशेष रूप से विवाह के लिए ही खरीदी जाती है और इस प्रकार की नहीं होती जिसे बाद में किसी अन्य अवसर पर पहना जा सके. पूर्व में, कम से कम 19 वीं शताब्दी के मध्य तक, दुल्हन विवाह के अवसर पर अपनी सबसे अच्छी पोशाक पहनती थी चाहे वह जिस भी रंग की हो और यदि दुल्हन धनीवर्ग से होती थी तो, वह अपने मनपसंद रंग में एक नयी पोशाक बनवाती थी और यह आशा करती थी कि वह उसे आगे भी पहनेगी.<ref>{{Harv|Monger|2004|p=107}}</ref> पश्चिमी देशों में, पहले विवाह के लिए आम तौर पर श्वेत विवाह पोशाक पहनी जाती थी, यह परंपरा [[विक्टोरिया|महारानी विक्टोरिया]] के विवाह के साथ शुरू हुई थी। 20 वीं शताब्दी के प्रारंभिक वर्षों में, पश्चिमी सभ्यता के नियमानुसार यह माना जाता था कि श्वेत पोशाक को पहले विवाह के बाद नहीं पहना जाना चाहिए, हालांकि विवाह समारोह में दुल्हन द्वारा सफ़ेद पोशाक पहना जाना एक अत्यंत नवीन प्रचालन था लेकिन इस तथ्य के बावजूद भी कुछ लोग गलती से श्वेत पोशाक पहनने को कौमार्य का एक प्राचीन संकेत मानते थे।<ref name="isbn1-85973-388-3">{{cite book |author=Maura Banim; Ali Guy; Green, Eileen|title=Through the Wardrobe: Women's Relationship with Their Clothes (Dress, Body, Culture)|url=https://archive.org/details/throughwardrobew0000unse|publisher=Berg Publishers|location=Oxford, UK|year=2003|pages=[https://archive.org/details/throughwardrobew0000unse/page/61 61]–62|isbn=1-85973-388-3}}</ref><ref name="isbn0-393-05874-3">{{cite book|author=Martin, Judith|authorlink=Judith Martin|others=Kamen, Gloria|title=Miss Manners' Guide to Excruciatingly Correct Behavior, Freshly Updated|url=https://archive.org/details/missmannersguide0000mart_n3x0|publisher=W. W. Norton & Company|location=New York|year=2005|pages=[https://archive.org/details/missmannersguide0000mart_n3x0/page/408 408]–411|isbn=0-393-05874-3}}</ref> आज, पश्चिमी दुल्हने पहले या किसी भी विवाह के लिए प्रायः श्वेत, क्रीम या हाथी दांत के रंग की पोशाक ही पहनती हैं; पोशाक के रंग के आधार पर दुल्हन के यौन जीवन के इतिहास पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती. चीनी, हिन्दू, [[वियतनाम|वियतनामी]], कोरियाई और जापानी परम्पराओं में लोगों में श्वेत विवाह पोशाक का प्रचलन नहीं है, क्यूंकि इन संस्कृतियों में श्वेत को शोक व [[मृत्यु]] का सूचक माना जाता है। कई एशियाई सभ्यताओं में आम तौर पर दुल्हन लाल रंग की पोशाक पहनती है, क्यूंकि यह रंग जीवन्तता और स्वास्थ का सूचक है और कई वर्षों से इसे दुल्हन से ही सम्बंधित माना जाता है। यद्यपि आधुनिक दौर में अन्य रंग भी पहने जा सकते हैं, या पश्चिमी शैली को प्राथमिकता दी जा सकती है। अधिकतर एशियाई संस्कृतियों में रंग की परवाह ना करते हुए दुल्हन के लिए बनायी गई पोशाक अत्यंत सजावटी होती हैं, जो प्रायः कढ़ाई, उभरी हुई किनारियों और स्वर्ण द्वारा की गई सजावट से भरी होती हैं। कुछ परम्पराओं के अनुसार दुल्हन एक से अधिक पोशाक पहन सकती है, यह उदाहरण जापान, भारत के कुछ भागों और प्राचीन जानकारी के अनुसार अरब देशों के कुछ भागों के लिए सत्य है। आभूषणों की कुछ विशेष शैलियां प्रायः दुल्हन की पोशाक से सम्बद्ध होती हैं, उदाहरण के तौर पर, अधिकतर पश्चिमी सभ्यताओं मे विवाह की अंगूठी, या पंजाबी सिख संस्कृति में चूड़ा (लाल, सफ़ेद रंग की चूड़ियां). पारंपरिक तौर पर वैवाहिक आभूषणों का प्रयोग दुल्हन के दहेज़ की कीमत के प्रदर्शन के लिए किया जाता था। गाउन के अतिरिक्त, दुल्हन प्रायः एक घूंघट भी पहनती है और फूलों का एक गुलदस्ता, एक छोटी [[wikt:heirloom|विरासत में मिली निशानी]] जैसे कोई भाग्यशाली सिक्का, प्रार्थना पुस्तक या कोई अन्य छोटा सा प्रतीक लिए रहती है। पश्चिमी देशों में, दुल्हन कुछ भी "पुराना, नया, किसी से मांगा हुआ या नीले रंग की कोई पोशाक" पहन सकती है; दुल्हन के द्वारा लिया गया बटुआ (पैसे रखने की थैली) भी प्रचलित है।<ref>[http://www.bridesvillage.com/purses.html#history शादी के बटुआ का संक्षिप्त इतिहास] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100927112626/http://www.bridesvillage.com/purses.html#history |date=27 सितंबर 2010 }}, दुल्हन का गांव, 28 मार्च 2010 को पुनःप्राप्त</ref> === इतिहास === ब्राइड शब्द कई शब्दों के साथ संयोजन में प्रयुक्त पाया जाता है, उनमे से अधिकांश अब प्रयोग नहीं किये जाते. इसलिए "ब्राइडग्रूम" का अर्थ नवविवाहित पुरुष होता है और "ब्राइड-बेल," "ब्राइड-बैंक्वेट" वे प्राचीन शब्द हैं जो पहले वेडिंग बेल्स व वेडिंग ब्रेकफास्ट के लिए प्रयोग किये जाते थे। "''ब्राइडल'' " (जोकि ''ब्राइड-एल'' से लिया गया है), जिसका मूल अर्थ वेडिंग फीस्ट (विवाह भोज) है, वह अब एक सामान्य वर्णनात्मक विशेषण, द ब्राइडल सेरेमनी (विवाह समारोह) के रूप में प्रयोग होने लगा है। ''ब्राइड-केक'' की उत्पत्ति रोमन शब्द ''कौन्फेरेतियो'' (confarreatio) से हुई है, जोकि एक विवाह शैली है, जिसकी विशेषताएं यह है कि इसमें नवविवाहित जोड़े को नमक, पानी और एक विशेष प्रकार के गेहूं के आटे द्वारा बना केक खाना होता था और दुल्हन को समृद्धता के प्रतीक के रूप में गेहूं की तीन बालियां पकड़नी होती थी। [[चित्र:Queen Victoria Albert 1854.JPG|thumb|upright|left|फोटोग्राफी के नव विकसित कला के लिए रानी विक्टोरिया और अल्बर्ट प्रिंस ने 1840 शादी के लिए एक शादी का मुद्रा दिखाया.(1854)]] केक खाने का प्रचलन तो अब समाप्त हो गया है, लेकिन गेहूं की बालियां पकड़ने की प्रथा अब भी जीवित है। मध्य युग में गेहूं की बालियां या तो दुल्हन पहनती थी या इन्हें पकड़े रहती थी। अंततः चर्च के बरामदे के बाहर एकत्र होकर दुल्हन के ऊपर गेहूं के दाने फेंकना, युवतियों के लिए एक रिवाज़ बन गया और बाद में इन दानो को पाने के लिए संघर्ष होने लगा. समय के साथ, गेहूं के दानों को पतले सूखे बिस्कुट के रूप में बनाया जाने लगा, जिन्हें दुल्हन के सर के ऊपर करके तोड़ दिया जाता था, स्कॉटलैंड की एक परंपरा के अनुसार वहां पर इसके लिए जौ के आटे से बने केक का प्रयोग होता है। [[एलिज़ाबेथ प्रथम|एलिज़ाबेथ]] के शासन के दौरान इन बिस्कुटों के स्थान पर अंडे, दूध, चीनी, किशमिश और कुछ मसालों से बने छोटे आयताकार केक के प्रयोग का प्रचलन हो गया। विवाह में उपस्थित प्रत्येक अतिथि के पास कम से कम एक केक अवश्य ही होता था और जैसे ही दुल्हन दहलीज पार करती थी यह सभी छोटे केक उस पर फेंक दिये जाते थे। इनमे से वह, जो दुल्हन के सर या कंधे पर गिरते थे, उन्हे पाने के लिए लोग आपस में बहुत संघर्ष करते थे और वह इन्हें बहुत कीमती मानते थे। अंततः [[चार्ल्स द्वितीय|चार्ल्स II]] के समय में, इन सभी केक के मिश्रण के रूप में एक बड़ा केक बनाया जाने लगा जोकि सजावटी सामग्रियों और बादाम के मिश्रण के द्वारा बहुत ही भव्यता के साथ सजाया जाता था। लेकिन आज भी ग्रामीण इलाकों जैसे, उत्तरी नॉट्स में, नवविवाहित जोड़े के ऊपर गेहूं फेंका जाता है और ऊंची आवाज़ में यह कहा जाता है कि "ब्रेड फॉर लाइफ एंड पुडिंग फॉर एवर," यह वाक्यांश इस भाव को व्यक्त करता है कि नवविवाहित जोड़ा सदैव समृद्ध रहे. एक प्राचीन प्रथा के अनुसार दुल्हन पर चावल फेंका जाता है जो इस इच्छा का प्रतीक होता है कि दुल्हन सौभाग्यशाली हो, लेकिन यह प्रथा गेहूं फेंकने की प्रथा से अधिक प्राचीन नहीं है।<ref>{{Harv|Monger|2004|p49-52}}</ref><ref>{{Harv|Monger|2004|p=232}}</ref> ''ब्राइड-कप'', प्राचीन बाउल या लविंग-कप होता था, जिसमे दूल्हा, दुल्हन के लिए और दुल्हन, दूल्हे के लिए वैवाहिक वचन लेती थी। इस वाइन कप में रखे पेय को विवाहित जोड़े द्वारा पी लेने के बाद उसे तोड़ देने की प्रथा यहूदी धर्म को मानने वालों के बीच प्रचलित है। इसे पैर के नीचे कुचल दिया जाता है। "ब्राइड-कप" शब्द का प्रयोग कभी-कभी मसालों द्वारा निर्मित उस वाइन के बाउल के लिए भी किया जाता था जोकि रात में नवविवाहित जोड़े के लिए बनायी जाती थी। ''ब्राइड-फेवर्स'', जिसे प्राचीन समय में ब्राइड-लेस कहते थे, वह प्रारंभ में स्वर्ण, सिल्क या अन्य लेस के कुछ टुकड़े होते थे जिनका प्रयोग पूर्व में विवाह के दौरान पहने जाने वाले रोजमेरी के फूलों के गुच्छों को बांधने के लिए किया जाता था। बाद में इन्होने रिबन के गुच्छों का रूप ले लिया, जो अंततः रिबन के बने फूलों में रूपांतरित हो गए। ''ब्राइड-वेन'', वह सवारी जिसमे बैठकर दुल्हन अपने नए घर जाती है, के नाम पर कुछ गरीब, योग्य जोड़ों के विवाहों को नाम दिया गया, जोकि गांव में चारों और "वेन" द्वारा भ्रमण करते थे और अपनी गृहस्थी के लिए कुछ धन या अन्य ज़रूरी सामान इकठ्ठा करते थे। इन विवाहों को बिडिंग-वेडिंग, या बिड-एल्स कहा जाता था, जो "परोपकार" भोज के रूप में होती थीं। वेल्स में "बिडिंग-वेडिंग्स" की प्रथा इतनी प्रचलित है कि छपाई करने वाले इसका आमंत्रण पहले से ही छाप कर रखते हैं। इसलिए कभी-कभी काफी अधिक, लगभग छह सौ जोड़े वैवाहिक मंडल में चलते हैं। ''ब्राइड्स-रीथ'', सभी यहूदी दुल्हनों द्वारा पहने जाने वाले, सोना चढ़े छोटे मुकुट का एक ईसाई स्थानापन्न (किसी वस्तु के स्थान पर प्रयोग की जाने वाली वस्तु) है। रूसी लोग और हौलैंड व स्विटज़रलैंड के कैल्विनिस्टो द्वारा अभी भी दुल्हन का अभिषेक समापन किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि नारंगी फूलों का पहना जाना साराकेंस के समय से प्रारंभ हुआ जो इन्हें उच्च प्रजनन क्षमता का प्रतीक मानता था। यूरोप में इसकी शुरुआत क्रुसेडर्स द्वारा करायी गयी। ''ब्राइड्स वेल'', ''फ्लेमेनम'' या बड़े पीले घूंघट का जोकि यूनानी और रोम की दुल्हनों को विवाह कार्यक्रम के दौरान पूरी तरह से ढक लेता था, का एक आधुनिक रूप है। यहूदी और पारसी लोगों में इस प्रकार के घूंघट का प्रयोग अब भी किया जाता है।<ref>ब्रांड, ''ऐन्टिक्वटीज़ ऑफ़ ग्रेट ब्रिटेन'' (हैज़लिट एड., 1905)</ref><ref>रेव जे एडवर्ड वौक्स, ''चर्च फोकलोर'' (1894)</ref> == दूल्हा == [[चित्र:Indian groom and elder.jpg|thumb|left|भारत में एक दूल्हा जो रेशमी कपड़े और फूलों की माला पहने है।]] [[चित्र:Wedding-1942.png|thumb|upright|1942 में अपने दुल्हन के साथ दूल्हा सैन्य वर्दी पहने हुए है]] एक '''ब्राइडग्रूम''' (दूल्हा) (जिसे प्रायः संक्षेप में '''''ग्रूम'' ''' कहते हैं) वह व्यक्ति है जो [[विवाह|विवाहित]] होने वाला है, या जिसका विवाह तुरंत (हाल ही में) हुआ हो. ''ब्राइडग्रूम'' शब्द का प्रयोग 1604 से माना जाता है, जोकि ''ब्राइड'' और प्राचीन शब्द ''गूम'' से लिया गया है, गूम शब्द प्राचीन अंग्रेजी शब्द ''गुमा'' से लिया गया है, जिसका अर्थ "लड़का" होता है।<ref>*क्लीन, अर्नेस्ट, डॉ॰, अंग्रेजी भाषा का एक व्यापक व्युत्पत्ति विज्ञान शब्दकोश जो शब्दों के मूल और उसके इन्द्रिय विकास के साथ सम्पर्क रखता है और सभ्यता और संस्कृति के इतिहास का सचित्र व्याख्या करता है, एल्सिवियर (विज्ञान बी.वी.), ऑक्सफोर्ड, 1971, पृष्ठ 324</ref> आमतौर पर ब्राइडग्रूम (दूल्हे) के साथ बेस्टमैन और ग्रूम्समेन होते हैं। दूल्हे की पोशाक शैली दिन के प्रहर, समारोह के स्थान, कार्यक्रम की शैली और इस बात पर निर्भर करती है कि वह सशस्त्र सेना का सदस्य है या नहीं. संसार के अधिकांश भागों में, सेना और कुछ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सक्रिय तैनात सदस्य असैनिक वस्त्रों के स्थान पर अपनी फौजी वर्दी ही पहनते हैं। पश्चिमी सभ्यता में दूल्हा आम तौर पर कार्यक्रम की औपचारिकता के स्तर के अनुकूल और दिन के प्रहर के अनुसार सूट पहनता है। अमेरिका में, दूल्हा आम तौर पर विवाह समारोह के दौरान गहरे रंग का सूट (दिन में) या टक्सीडो सूट (शाम को) पहनता है। ब्रिटिश परंपरा के अनुसार दूल्हे, पुरुष प्रवेशक (मेल अशर्स या भेंट करने वाला पुरुष) और दूल्हे के परिवार के नजदीकी पुरुषों को मॉर्निंग सूट पहनना होता है।<ref>{{Cite web |url=http://www.groompower.com/grooms_outfit.html |title=GroomPower.com |access-date=18 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100125161627/http://www.groompower.com/grooms_outfit.html |archive-date=25 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> स्कॉटलैंड में, शाम को होने वाले समारोह के लिए पूर्ण ईवनिंग सूट पहनना आवश्यक होता है, जिसमे प्रायः किल्ट (स्कॉटलैंड में पहना जाने वाला स्कर्ट) भी शामिल होती है। दूल्हा आमतौर पर कोई ऐसा नेकवियर (गले में पहनी जाने वाली वस्तु) पहनते हैं जो उनके द्वारा पहनी गयी पोशाक पर फबती हो. अधिकांश दूल्हे अपने सूट या टक्सीडो से मेल करती हुई बो-टाई पहनते हैं, क्यूंकि यह इस श्रंखला में सर्वाधिक औपचारिक नेकवियर माना जाता है।<ref>{{Cite web |url=http://www.singaporegrooms.com/wedding-neckwear-for-man |title=शादी के लिए नेकवेयर |access-date=18 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101104002754/http://www.singaporegrooms.com/wedding-neckwear-for-man/ |archive-date=4 नवंबर 2010 |url-status=dead }}</ref> एक गुलुबन्द साधारणतया कम औपचारिक व अधिक भड़कीला माना जाता है और मॉर्निंग सूट के साथ पहना जाता है। सरल उपलब्धता व विविधता के कारण फोर इन हैंड टाई भी काफी प्रचलित होती जा रही है। == ब्राइड्समेड्स == [[चित्र:1bridesmaids crop.jpg|thumb|left|275px|कपड़े मिलाने में दुल्हन के साथ उसकी सात वधू-सखी]] एक विवाह में '''ब्राइड्समेड्स''' वधू पक्ष के वैवाहिक दल की सदस्य होती हैं। एक ब्राइड्समेड आमतौर पर एक युवती होती है और प्रायः करीबी मित्र या बहन होती है। वह [[विवाह]] के दिन या वैवाहिक समारोह के दौरान दुल्हन के साथ रहती है। परंपरागत रूप से, ब्राइड्समेड्स का चुनाव विवाह योग्य आयु की अविवाहित युवतियों में से किया जाता है। प्रमुख ब्राइड्समेड, यदि किसी को यह उपाधि दी जाती है तो, को अविवाहित होने की स्थिति में ''चीफ ब्राइड्समेड'' या ''मेड ऑफ ऑनर'' कहा जाता है और विवाहित होने कि स्थिति में उसे ''मेट्रन ऑफ ऑनर'' कहा जाता है। ''कनिष्ठ ब्राइड्समेड'' वह युवती होती है जो स्पष्टतया विवाह योग्य आयु से बहुत छोटी होती है, लेकिन जिसे सम्मानार्थ ब्राइड्समेड के रूप में शामिल कर लिया गया है। प्रायः एक से अधिक ब्राइड्समेड्स होती हैं: आधुनिक समय में दुल्हन यह तय करती है कि कितनी ब्राइड्समेड्स होनी चाहिए. इतिहास के अनुसार, किसी भी सम्मानित व्यक्ति ने बिना ब्राइड्समेड्स के विवाह नहीं किया और परिजनों की संख्या बहुत ध्यानपूर्वक इतनी रखी जाती थी कि वह परिवार के सामाजिक स्तर के अनुकूल हो. फिर, जैसा कि अब होता है, ब्राइड्समेड्स का एक विशाल समूह परिवार की प्रतिष्ठा और संपत्ति के प्रदर्शन का एक अवसर माना जाने लगा. ब्राइड्समेड्स के द्वारा निभाए जाने वाले कर्त्तव्य अत्यंत सीमित हैं।<ref name="isbn0-393-05874-3 pg 383">{{cite book|author=Martin, Judith|authorlink=Judith Martin|others=Kamen, Gloria|title=Miss Manners' Guide to Excruciatingly Correct Behavior, Freshly Updated|url=https://archive.org/details/missmannersguide0000mart_n3x0|publisher=W. W. Norton & Company|location=New York|year=2005|pages=[https://archive.org/details/missmannersguide0000mart_n3x0/page/383 383]|quote=[I]n polite society...the bridesmaids' only duties are to make a special fuss over the bride by gathering around her at the wedding and, in the weeks before, by pretending to be interested in all the wedding details. It is also nice, but not obligatory, for them to plan a girlishly informal gathering—a luncheon or shower—for her beforehand.|isbn=0-393-05874-3}}</ref> उनसे यही अपेक्षा की जाती है कि वह विवाह समारोह में उपस्थित रहें और विवाह के दिन दुल्हन के साथ रहें. यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में प्रायः ब्राइड्समेड्स से कहा जाता है कि वह विवाह और विवाह के स्वागत समारोह की योजना में दुल्हन की सहायता करें. आधुनिक समय में, आदर्श रूप में एक ब्राइड्समेड से विवाह संबंधी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए भी कहा जाता है, जैसे कि दुल्हन का स्नान या बैचलरेट पार्टी, यदि कोई ऐसा आयोजन होने वाला है तो. हालांकि यह सब वैकल्पिक कार्यक्रम हैं; शिष्टाचार विशेषज्ञ जुडिथ मार्टिन के अनुसार, "लोकवाद के विपरीत, ब्राइड्समेड्स, दुल्हन के सम्मान में उसके साथ रहने के लिए विवश नहीं हैं, ना ही उन्हें उन पोशाकों को पहनने की कोई विवशता होती है जिसका खर्च वह नहीं उठा सकतीं."<ref name="isbn0-609-60431-7">{{cite book|author=Martin, Judith|title=Miss Manners on weddings|publisher=Crown Publishers|location=New York|year=1999|pages=[https://archive.org/details/missmannersonwed00mart/page/136 136–137]|isbn=0-609-60431-7|oclc=|doi=|url=https://archive.org/details/missmannersonwed00mart/page/136}}</ref> यदि दुल्हन के निवास क्षेत्र के अनुसार ब्राइड्समेड्स लंच का आयोजन आवश्यक है, तो इसका आयोजन किया जाता है, इसलिए इसके आयोजन व खर्च दोनों की जिम्मेदारी दुल्हन द्वारा ली जाती है।<ref name="1922 Post">{{cite book|author=Post, Emily|authorlink=Emily Post|title=Etiquette in Society, in Business, in Politics and at Home'|url=https://archive.org/details/etiquetteinsoci00postgoog|publisher= Funk & Wagnalls Company|year=1922|pages=[https://archive.org/details/etiquetteinsoci00postgoog/page/n383 335]–337}}</ref> एक कनिष्ठ ब्राइड्समेड पर विवाह समारोह में उपस्थित रहने के अतिरिक्त अन्य कोई जिम्मेदारी नहीं होती है। चूंकि प्राचीन ब्राइड्समेड्स की तरह आधुनिक ब्राइड्समेड्स, इस बात पर आश्रित नहीं रह सकती कि उनके वस्त्रों और यात्रा तथा कभी कभी उन समारोहों का अनुमानित खर्च भी, जो कि दुल्हन विवाह से पहले आयोजित करना चाहती है, दुल्हन का परिवार उठाये, अतः अब दुल्हन के लिए यह रिवाज़ हो गया है कि वह ब्राइड्समेड्स को उनकी भूमिका के साथ जुड़ी सहायता और वित्तीय प्रतिबद्धता के आभार के रूप में कुछ उपहार प्रदान करे. उन सजग युवतियों के लिए भी, जिन्हें ब्राइड्समेड्स बनने के लिए आमंत्रित किया गया है, यह सामान रूप से आवश्यक है कि वह इस आमंत्रण को स्वीकार करने से पहले यह अवश्य जान लें कि दुल्हन उनसे कितने समय, सहभागिता और धन की अपेक्षा रखती है। === मेड ऑफ ऑनर{{Anchor|Matron of Honor}} === [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|यूनाइटेड किंगडम]] में, वाक्यांश "मेड ऑफ ऑनर" मूलतः रानी की महिला सेविकाओं की ओर संकेत करता है। यूके में शब्द ''ब्राइड्समेड'' सामान्यतया दुल्हन की सभी साथियों के लिए प्रयोग किया जाता है। हालांकि, यदि कोई साथी विवाहित या प्रौढ़ महिला हो तो, वाक्यांश ''मेट्रन ऑफ ऑनर'' का प्रयोग किया जाता है। अमेरिकी अंग्रेजी के प्रभाव के कारण कभी कभी चीफ ब्राइड्समेड को मेड ऑफ ऑनर कहा जाता है। नॉर्थ अमेरिका में, एक वैवाहिक समारोह में कई ब्राइड्समेड्स हो सकती हैं, लेकिन मेड ऑफ ऑनर वह उपाधि है जो दुल्हन की प्रमुख साथी को ही दी जाएगी, आम तौर पर दुल्हन की नजदीकी सखी या बहन. आधुनिक विवाहों में कुछ दुल्हनें अपने पुराने पुरुष मित्र या भाई को अपने प्रमुख साथी के रूप में चुनती हैं, जिसके लिए उपाधि ''बेस्ट मैन'' या ''मैन ऑफ ऑनर'' का प्रयोग किया जाता है। प्रमुख ब्राइड्समेड की जिम्मेदारियों की गिनती और विविधता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह दुल्हन को स्वयं पर कितनी जिम्मेदारियां डालने की अनुमति देती है। उसका एक मात्र आवश्यक कर्तव्य विवाह समारोह में हिस्सा लेना है। आदर्शतः, हालांकि, एक कार्यक्रम के रूप में विवाह की तैयारियों में सहायता के लिए उससे अवश्य ही पूछा जाता है, जैसे कि आमंत्रणों के संबोधन और एक मित्र के रूप में उसकी सहायता के लिए, जैसे वैवाहिक पोशाक की खरीदारी के दौरान दुल्हन के साथ रहना. पारंपरिक रूप से, दुल्हन स्नान के आयोजन की जिम्मेदारी दुल्हन की मां की होती है। जो दुल्हन स्नान के कार्यक्रम में शामिल होते हैं उनसे उपहार की अपेक्षा नहीं होती, हालांकि उपहार लाना ही उचित शिष्टता है। स्नान का यह कार्यक्रम आम तौर पर, विवाह के 4 से 6 सप्ताह पहले आयोजित किया जाता है।<ref>ओट्नेस, सेले सी.; प्लेक, एलिज़ाबेथ एच.. "द इंगेजमेंट कॉम्प्लेक्स". सिंड्रेला ड्रीम्ज़: द एल्युर ऑफ़ द लेविश वेडिंग. कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय प्रेस. ISBN 0-520-24008-1.पृष्ठ 74</ref> विवाह के दिन, उसकी प्रमुख जिम्मेदारी दुल्हन को व्यवहारिक और भावनात्मक संबल प्रदान करना है। वह तैयार होने में दुल्हन की सहायता कर सकती है और यदि आवश्यक हो तो, दिन के दौरान दुल्हन को उसका घूंघट, फूलों का गुलदस्ता, एक प्रार्थना पुस्तक या विवाह पोशाक का घेर संभालने में उसकी सहायता कर सकती है। दोहरी अंगूठी (डबल रिंग) वाले विवाह में, दूल्हे की विवाह वाली अंगूठी चीफ ब्राइड्समेड के भरोसे ही छोड़ दी जाती है जबतक कि कार्यक्रम के दौरान इसकी आवश्यकता ना पड़े. कई दुल्हने ब्राइड्समेड्स से पूछती हैं कि, यदि वह बालिग हों तो, विवाह के बाद विवाह लाइसेंस पर हस्ताक्षर करने के लिए कानूनी गवाह बन जायें. यदि विवाह के बाद एक स्वागत समारोह का भी आयोजन है तो, मेड और ऑनर से नवविवाहित जोड़े के लिए मदिरापान सहित शुभकामना की अपेक्षा की जा सकती है। === उत्पत्ति और इतिहास === ऐसा माना जाता है कि पश्चिमी ब्राइड्समेड की परंपरा रोमन कानून से पैदा हुई है, जिसमे एक विवाह में 10 गवाहों की आवश्यकता होती थी जिससे कि सभी दूल्हा और दुल्हन जैसे कपड़े पहनकर बुरी आत्माओं को मात दे सकें (ऐसा माना जाता था कि वह वैवाहिक समारोह में शामिल होती हैं) और बुरी आत्माएं यह नहीं जान सकें कि वास्तव में किसका विवाह होने वाला है।{{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}} काफी बाद तक, यहां तक कि 19 वीं शताब्दी के दौरान इंग्लैंड में ऐसी मान्यता थी कि बुरा चाहने वाले बद्दुयाएं दे सकते और विवाह को कलंकित कर सकते हैं।{{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}} उदाहरण के लिये, विक्टोरियन काल की वैवाहिक तस्वीरों में, दूल्हा और दुल्हन प्रायः उसी तरह की पोशाक में होते थे जैसी कि विवाह समारोह के अन्य सदस्यों ने पहनी होती थी।{{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}} अन्य लोग जैकब और उसकी दो पत्नियों लेह व रैचल की किताबी कहानी का उदाहरण देते हैं, जो दोनों ही अपने विवाह के दौरान वास्तव में अपनी सेविकाओं के साथ उपस्थित हुई थीं, जैसा कि ब्राइड्समेड्स की उत्पत्ति के सम्बन्ध में बुक ऑफ जेनेसिस (29:24, 46:18) में वर्णित है। यह युवतियां सामाजिक समकक्ष होने के स्थान पर नौकरानियां (सेविका या दासी) थीं। {{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}} == ग्रूम्समेन == एक '''ग्रूम्समैन''' विवाह समारोह में दूल्हे के पुरुष साथियों में से एक होता है। यूके में '''अशर''' (प्रवेशक) शब्द अधिक प्रचलित है, लेकिन यूएस में ऐसे शब्द का प्रयोग यह संकेत देगा कि दूल्हे के मित्र, दुल्हन के मित्र से कम महत्त्वपूर्ण या कम सम्माननीय हैं। आम तौर पर दूल्हा ग्रूम्समैन हेतु अपने नजदीकी मित्रों और/या रिश्तेदारों का चुनाव करता है और इसके लिए चुना जाना एक सम्मान की बात मानी जाती है। अपने द्वारा चुने गए ग्रूम्समेन में से एक का चुनाव दूल्हा बेस्टमैन के रूप में करता है। ग्रूम्समेन का कर्त्तव्य समारोह शुरू होने से पूर्व अतिथियों की अपने स्थान पर बैठने में सहायता करना और विवाह समारोह में भाग लेना होता है। इसके अतिरिक्त, दूल्हा उनसे अन्य प्रकार की सहायता के लिए भी अनुरोध कर सकता है, जैसे कि उत्सवी कार्यक्रमों का आयोजन उदाहरण के लिए, बैचलर पार्टी, जिसे कि स्टैग नाईट या बक्स नाईट भी कहते हैं; और वह अकेले बैठे लोगों से बातचीत के द्वारा या अकेले ही नृत्य कर रहे अतिथियों अथवा ब्राइड्समेड्स का साथ दे कर अतिथियों के लिए विवाह को आनंददायक भी बना सकते हैं, यदि विवाह के स्वागत समारोह में नृत्य कार्यक्रम शामिल किया गया है तो; या वह उपहारों, सामान अथवा अप्रत्याशित जटिलताओं में व्यवहारिक सहायता भी प्रदान कर सकते हैं। ग्रूम्समेन स्थानीय या क्षेत्रीय परम्पराओं में भी भाग ले सकते हैं, जैसे कि नवविवाहित जोड़े की कार को सजाना. ऐसे विवाह के लिए जिसमे अतिथियों की संख्या बहुत अधिक हो, दूल्हा अपने अन्य पुरुष मित्रों और रिश्तेदारों से बिना वैवाहिक कार्यक्रमों में भाग लिए भी '''अशर्स''' (प्रवेशक) के रूप में कार्य करने के लिए कह सकता है; उनका एक मात्र कार्य समारोह से पूर्व अतिथियों को अपने निर्धारित स्थान पर बैठाना होगा. बहुत विशाल स्तर के विवाहों के लिए अशर्स (प्रवेशकों) को किराये पर भी बुलाया जा सकता है। एक सैन्य अधिकारी के विवाह में, ग्रूम्समेन की भूमिका सोर्ड ऑनर गार्ड के सोर्डमेन द्वारा प्रतिस्थापित हो जाती है। आम तौर पर यह दूल्हे के ऐसे करीबी निजी मित्रों में से चुने जाते हैं जिन्होंने उसके साथ कार्य किया हो. उनकी जिम्मेदारी विवाहित जोड़े और अतिथियों के चलने के लिए पारंपरिक सेबर आर्क बनाना होता है। पहले ''ब्राइडग्रूम-मेन'' और ''ब्राइड्समेड्स'' को दी जाने वाली जिम्मेदारियां महत्त्वपूर्ण होती थीं। पुरुषों को ब्राइड-नाइट्स कहा जाता था और वह प्रारंभिक दिनों की जबरन अधिकार द्वारा विवाह की प्रथा का प्रतिनिधित्व करते थे, जिसमे कि एक व्यक्ति अपनी दुल्हन के अपहरण में सहायता के लिए अपने मित्रों को बुलाता है। === बेस्ट मैन === [[चित्र:Kep wedding crop.jpg|thumb|right|275px|कैम्पोट[30], कम्बोडिया में शादी में तीन वर-मित्र दूल्हे के दाहिने तरफ खड़ें है और तीन वधु-सखी दुल्हन के बाएं तरफ खड़ी हैं।]] '''बेस्ट मैन''' विवाह में दूल्हे का प्रमुख पुरुष साथी होता है। नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में, दूल्हा यह सम्मान अपने किसी नजदीकी व्यक्ति को देता है, आम तौर पर अपने सबसे करीबी मित्र पुरुष या अपने भाई को. जब दूल्हा यह सम्मान किसी महिला को देने की इच्छा करता है तो, उस महिला को ''बेस्ट वुमेन'' या ''बेस्ट पर्सन'' कहा जा सकता है, या उसे भी 'बेस्ट मैन' कहा जा सकता है। दुल्हन की ओर से बेस्ट मैन के समकक्ष मेड या मेट्रन ऑफ ऑनर होती हैं। एक लिंग उदासीन शब्द होता है, ''ऑनर अटेंडेंट'' . जहां बेस्ट मैन की आवश्यक जिम्मेदारियों में मित्रवत जिम्मेदारियां ही शामिल होती हैं, वही पश्चिमी श्वेत विवाह के सन्दर्भ में, बेस्ट मैन को आदर्शतः * विवाह के दिन दूल्हे के साथ रहना होता है, * समारोह के दौरान विवाह की अंगूठी की आवश्यकता पड़ने तक उसे संभाल कर रखना होता है, * विवाह के एक कानूनी गवाह के रूप में कार्य करना होता है और * स्वागत समारोह में दूल्हा और दुल्हन की शुभकामना हेतु मदिरापान का प्रस्ताव देना होता है। (पूर्व में, बेस्ट मैन उन लोगों द्वारा भेजे गए टेलीग्राम भी पढ़ता था जो विवाह में उपस्थित नहीं हो सके). इसे बेस्ट मैन के भाषण या मदिरापान प्रस्ताव (टोस्ट) के नाम से भी जाना जाता है। पूर्व में, बैचलर पार्टी का आयोजन आम तौर पर विवाह के एक सप्ताह पूर्व किसी सुविधाजनक संध्या को किया जाता था। यह एक प्रकार का विदाई भोज होता था, इसका आयोजन, मेजबानी और खर्च का वहन सदैव दूल्हे द्वारा ही किया जाता था।<ref name="1922 Post"/> इसके लिए प्रचलित खास शब्द संसार के विभिन्न भागों में ''बैचलर पार्टी, स्टैग डू'' या ''बक्स नाईट'' हैं। कई क्षेत्रों में, इस भोज का आयोजन आम तौर पर बेस्ट मैन द्वारा किया जाता है और इसका खर्च सभी प्रतिभागियों द्वारा बांट लिया जाता है।<ref name="isbn0-06-074504-5">{{cite book|author=Post, Peggy|authorlink=Peggy Post|title=Emily Post's wedding etiquette|edition=5|publisher=Collins|location=London|year=2006|pages=[https://archive.org/details/emilypostsweddin00pegg/page/183 183–184]|isbn=0-06-074504-5|url=https://archive.org/details/emilypostsweddin00pegg/page/183}}</ref> आम तौर पर बेस्ट मैन, या ऑनर अटेंडेंट्स, सार्वभौम प्रथा नहीं है।<ref name="urlInternational Wedding Customs"/> उन स्थानों पर भी जहां बेस्ट मैन का होना आवश्यक है, अन्य स्थानों व समयों की तुलना में इनकी भूमिका काफी भिन्न हो सकती है। अधिकांश आधुनिक, अंग्रेजी भाषी देशों में, बेस्ट मैन प्रायः दूल्हे का सबसे नजदीकी पुरुष मित्र होता है। कुछ लेखकों का मानना है कि बेस्ट मैन की उत्पत्ति अपहरण द्वारा विवाह की प्राचीन प्रथा या फिर भावी अपहरणकर्ताओं से दुल्हन की रक्षा करने से हुई है।<ref name="isbn1-60506-458-0">{{cite book|author=T. Sharper Knowlson|title=The Origins of Popular Superstitions and Customs (Forgotten Books)|publisher=Forgotten Books|location=|year=2008|origyear=1910|pages=100–102|isbn=1-60506-4580|url=http://forgottenbooks.org/info/The_Origins_of_Popular_Superstitions_and_Customs|accessdate=|archive-url=https://web.archive.org/web/20101111173135/http://forgottenbooks.org/info/The_Origins_of_Popular_Superstitions_and_Customs|archive-date=11 नवंबर 2010|url-status=dead}}</ref><ref name="isbn1-55888-186-7">{{cite book|author=Leopold Wagner|title=Manners, Customs and Observances|publisher=Omnigraphics Inc|year=1995|pages=61–62|isbn= 978-1605067988}}</ref> [[यूनान]] के पूर्वीय रूढ़िवादी विवाहों में, बेस्ट मैन प्रायः कौम्बरोस या धार्मिक प्रायोजक होता है और परंपरागत रूप से दूल्हे का धर्म शिक्षक होता है।<ref name="urlInternational Wedding Customs">{{cite web|url=http://www.hudsonvalleyweddings.com/guide/internat.htm|title=International Wedding Customs|accessdate=20 जून 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080503055607/http://www.hudsonvalleyweddings.com/guide/internat.htm|archive-date=3 मई 2008|url-status=dead}}</ref> कौम्बरोस (या कौम्बारा, यदि एक महिला हो तो) एक सम्मानित प्रतिभागी होता है जो जोड़े को मुकुट धारण करवाता है और वेदी के तीन गोल चक्कर लगाने में भाग लेता है। कुछ क्षेत्रों में, यह व्यक्ति विवाह के सभी खर्च भी वहन करता है। [[युक्रेन]] में एक बेस्ट मैन वैवाहिक उत्सवों के दौरान दुल्हन की रक्षा करने के लिए भी जिम्मेदार होता है। जब वह या दूल्हा दूर जाते हैं, तो दुल्हन का "अपहरण" कर लिया जाता है या एक जूता चुरा लिया जाता है। तब फिर दूल्हे या बेस्ट मैन को दुल्हन को वापस पाने के बदले में फिरौती देनी पड़ती है, आमतौर पर धन के रूप में (जोकि दुल्हन को दे दिया जाता है) या फिर उन्हें कुछ लज्जाजनक कार्य करना पड़ता है।<ref>{{cite web |url=http://www.whatson-kiev.com/index.php?go=News&in=view&id=2381 |title=Essential Guide to Ukrainian Wedding Traditions! |work=What's On Kiev |accessdate=2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150606094319/http://www.whatson-kiev.com/index.php?go=News&in=view&id=2381 |archive-date=6 जून 2015 |url-status=dead }}</ref> [[युगांडा]] में बेस्ट मैन से अपेक्षा की जाती है कि वह नवविवाहित जोड़े को वैवाहिक जीवन के लिए निर्देशित करे. इसका अर्थ यह है कि आदर्शतः एक बेस्ट मैन को अवश्य ही विवाहित होना चाहिए, अच्छा होगा कि उसकी एक ही पत्नी हो और वह इस अवस्था में होना चाहिए कि वह ठोस, विश्वसनीय और परखी हुई सलाह दे सके. एक बेस्ट मैन अवश्य ही एक विश्वसनीय व्यक्ति होना चाहिए और उसे नवविवाहित जोड़े के साथ बांटे गए रहस्यों के सम्बन्ध में भी सावधान रहना होगा.{{Citation needed|date= फ़रवरी 2007}} [[भूटान]] में बेस्ट मैन विवाह के अवसर पर स्वयं को दूल्हा और दुल्हन दोनों के औपचारिक अभिभावक के रूप में प्रस्तुत करता है। इसके बाद वह अतिथियों का मनोरंजन करता है, कभी-कभी कई घंटों तक. == फ्लावर गर्ल्स == [[चित्र:Flower girl (wedding).jpg|thumb|फूल ली हुई लड़की]] एक '''फ्लावर गर्ल''' विवाह दल में भाग लेने वाली एक प्रतिभागी होती है। रिंग बियरर और पेज ब्वायज की तरह ही, फ्लावर गर्ल भी दुल्हन या दूल्हे के विस्तृत परिवार की एक सदस्य होती है, लेकिन वह एक मित्र भी हो सकती है।<ref name="isbn0-06-074504-5 pg 85">{{cite book|author=Post, Peggy|title=Emily Post's Wedding Etiquette, 5e|publisher=Collins|location=London|year=|pages=[https://archive.org/details/emilypostsweddin00pegg/page/85 85]|isbn=0-06-074504-5|oclc=|doi=|url=https://archive.org/details/emilypostsweddin00pegg/page/85}}</ref> आम तौर पर, फ्लावर गर्ल प्रवेश सम्बन्धी धार्मिक गीत के दौरान दुल्हन के सामने चलती है। वह दुल्हन के रास्ते में फूलों की [[दल चक्र|पंखुड़ियां]] बिछा सकती है या कांटे रहित [[गुलाब|गुलाबों]] अथवा फूलों का एक गुलदस्ता लेते हुए चल सकती है। धार्मिक गीत समाप्त हो जाने पर, युवा फ्लावर गर्ल अपने माता-पिता के साथ बैठ जाएगी. यदि समारोह विशेष रूप से लम्बा नहीं है तो, अधिक आयु की लड़की अन्य सम्मानित लोगों के साथ वही पर शांतिपूर्वक खड़े रहना पसंद करेगी. क्यूंकि बहुत छोटे बच्चे जिम्मेदारियों से अभिभूत हो जाते हैं और बड़ी लड़कियां बच्चे जैसे कार्य की जिम्मेदारी दिए जाने के कारण अपमानित अनुभव कर सकती हैं, इसलिए इस कार्य हेतु 4 से 8 वर्ष तक की आयु के बच्चों को लेने की सलाह दी गयी है,<ref>{{Cite web |url=http://www.aweddingministers.com/wedding/attendants_responsibilities.htm |title=aweddingministers.com |access-date=18 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070930055454/http://www.aweddingministers.com/wedding/attendants_responsibilities.htm |archive-date=30 सितंबर 2007 |url-status=dead }}</ref> या इससे अधिक आयु के, यदि यह उस युवती की भावनाओं के लिए अपमानजनक ना हो तो. एक से अधिक फ्लावर गर्ल भी हो सकती हैं, विशेषतः तब जब कि सम्मान करने के लिए दुल्हन के अनेक युवा रिश्तेदार हों. ब्रिटेन के शाही विवाहों में, शाही विवाहों के सामान विस्तृत विवाहों में, या विक्टोरियन शैली पर आधारित विवाहों में यह प्रथा बहुत प्रचलित है। इतिहास के अनुसार, उनके वस्त्र दुल्हन या दूल्हे के परिवार वालों की ओर से दिए जाते थे, लेकिन अधिकांश आधुनिक जोड़े यह अपेक्षा करते हैं कि फ्लावर गर्ल के माता-पिता उसके वस्त्रों का मूल्य दें और प्रतिभागिता से सम्बंधित उसके अन्य खर्चे भी वहन करें.<ref name="isbn0-06-074504-5 pg 85"/> उसका पुरुष समकक्ष रिंगबियरर या पेज ब्वाय होता है। प्रायः रिंग बियरर और फ्लावर गर्ल एक जोड़े के रूप में प्रस्तुत किये जाते हैं और उनके वस्त्र भी दूल्हा और दुल्हन के वस्त्रों के बिलकुल सामान ही होते हैं, बस उनकी नाप छोटी होती है। == पेज ब्वायज, क्वायन बियरर्स और रिंग बियरर्स == विवाह समारोह या कोटिलियन (लड़कियों को लड़कों हेतु प्रस्तुत करने का एक औपचारिक समारोह) में एक '''पेज ब्वाय''' एक युवा पुरुष अटेंडेंट होता है। इस प्रकार के विवाह अटेंडेंट का प्रचालन पहले की अपेक्षा काफी कम हो गया है, लेकिन अब भी यह युवा रिश्तेदारों या रिश्तेदारों व मित्रों के बच्चों को विवाह में शामिल करने का एक माध्यम है। ब्रिटेन के शाही विवाहों में पेज ब्वाय प्रायः ही दिखायी पड़ते हैं। कोटिलियन (लड़कियों को लड़कों हेतु प्रस्तुत करने का एक औपचारिक समारोह) समारोहों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए वहां कई पेज ब्वाय उपस्थित होते हैं। पारंपरिक रूप से, पेज ब्वाय दुल्हन की पोशाक के पिछले घेर को संभालता है, विशेष रूप से, यदि दुल्हन द्वारा पहनी गयी पोशाक का पिछला घेर काफी अधिक है तो. घेर को संभालने में होने वाली कठिनाई के कारण, पेज ब्वाय की आयु सात वर्ष से कम नहीं रखी जाती और इससे अधिक आयु के बच्चों को अन्य जटिल कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।<ref name="isbn0-688-12768-1">{{cite book|author=Stewart, Arlene Hamilton|title=A bride's book of wedding traditions|publisher=Hearst Books|location=New York|year=1995|pages=[https://archive.org/details/bridesbookofwedd00stew/page/106 106]|isbn=0-688-12768-1|oclc=|doi=|url=https://archive.org/details/bridesbookofwedd00stew/page/106}}</ref> [[चित्र:Boy-carrying-rings.jpg|thumb|एक तकिया एक शादी की अंगूठी को पकड़े एक रिंग धारक.]] औपचारिक विवाह में, '''रिंग बियरर''' एक विशेष पेज ब्वाय होता है जो वधू पक्ष के लिए विवाह की अंगूठी लेकर आता है। यह लगभग सदैव ही प्रतीकात्मक होता है, जिसमे रिंग बियरर एक विशाल सफ़ेद सैटिन कपड़े की तकिया लेकर आता है जिसपर कि नकली अंगूठियां जड़ी होती हैं, जबकि विवाह की असली अंगूठियां बेस्ट मैन की सुरक्षा में रखवायी जाती हैं। यदि वास्तविक अंगूठियों का प्रयोग किया जाता है तो, उन्हें धागे की सहायता से तकिये पर [[सिलाई|टांक दिया]] जाता है जिससे कि वह दुर्घटनापूर्वक खो न जायें. रिंग बियरर की एक अलग भूमिका अपेक्षाकृत आधुनिक रीति है। आज के सामान्य वैवाहिक समाराहों में, बेस्ट मैन ही अंगूठियां लेकर जाता है। रिंग बियरर्स प्रायः छोटे भाई या भतीजे होते हैं (हालांकि छोटी बहनें या भतीजियां भी हो सकती हैं) और उनकी आयु की सीमा भी फ्लावर गर्ल्स के ही सामान होती है, जिसका आशय यह है कि वह 5 वर्ष से कम और 10 वर्ष से अधिक आयु के नहीं होते.<ref name="isbn0-688-12768-1"/> यदि विवाह करने वाले जोड़े के विवाह पूर्व भी बच्चे हैं तो, उनका अपना बच्चा (बच्चे) रिंग बियरर बन सकता हैं। '''क्वायन बियरर''' भी रिंग बियरर के ही सामान होता है। क्वायन बियरर एक युवा लड़का होता है जो विवाह के सिक्के लाने के लिए विवाह पथ पर चलता है। विवाह के सिक्के यां क्वायंस आम तौर पर वेडिंग एरे के नाम से जाने जाते हैं।<ref>{{Cite web |url=http://lovelywed.com/blog/2006/12/coin-bearer-explained.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110713234345/http://lovelywed.com/blog/2006/12/coin-bearer-explained.html |archive-date=13 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref>{{Verify credibility|date=दिसम्बर 2009}}. सिक्के आशीर्वाद के रूप में उत्सवकर्ता को दे दिए जाते हैं। सिक्कों में आमतौर पर 13 सोने और चांदी के सिक्के होते हैं, जो ईसा मसीह और उनके धर्मदूतों के प्रतीक होते हैं।{{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}} इतिहास के अनुसार, स्पेन के औपनिवेशिक शासकों ने यह परंपरा आरम्भ की थी।{{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}} == अनुष्ठानकर्ता/उत्सवकर्ता == [[चित्र:V08p346a01 Marriage.jpg|thumb|350px|यहूदी दुल्हन चुप्पाह तक पहुंची]] {{see|Celebrant (United States)|Marriage officiant|Officiant|Humanist officiant}} संयुक्त राज्य, कनाडा और विश्व के अन्य कई देशों में, एक '''अनुष्ठानकर्ता''' वह व्यक्ति होता है जो विवाह, अंत्येष्टि, नामकरण, वयस्कता और अन्य रिवाजों की धार्मिक या धर्म निरपेक्ष अनुष्ठान सम्बन्धी रीतियों का निष्पादन करता है। अधिकांश अनुष्ठानकर्ता विधिवत रूप से नियुक्त पादरी होते हैं, जबकी कुछ अन्य कानूनी अधिकारी (साधारणतया न्यायाधीश) होते हैं और इसके आलावा अन्य अनुष्ठानकर्ता विश्व की मानवीय संस्थाओं द्वारा अधिकृत होते हैं। अनुष्ठानकर्ता ऐसे स्थानों व समय पर वैकल्पिक और गैर परंपरागत अनुष्ठान कर सकते हैं जो एक मुख्य धारा का पादरी नहीं कर सकता. कुछ अनुष्ठानकर्ता समलैंगिक विवाह और प्रतिबद्धता अनुष्ठान भी करवाते हैं। इन्हें उत्सवकर्ता भी कहा जाता है, ये प्रायः बगीचों, समुद्र तटों, पर्वतों पर, नावों में, लम्बी पैदल यात्रा के दौरान, होटल में, उत्सव गृहों में, निजी भवनों में और अन्य कई स्थानों पर समारोहों का आयोजन करते हैं। संयुक्त राज्य के प्रत्येक राज्य में इस सन्दर्भ में अलग कानून है कि किसे विवाह समारोह करवाने के अधिकार है, लेकिन अनुष्ठानकर्ता या उत्सवकर्ता प्रायः पादरी के रूप में श्रेणीबद्ध होते हैं और उनके पास एक विधिवत नियुक्त पादरी के सम्मान ही अधिकार एवं जिम्मेदारियां होती हैं। [[कनाडा]] और [[मैसाचूसिट्स|मेसाचुसेट्स]], [[कनाटीकट|कनेक्टिकट]], डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया, [[आयोवा|इयोवा]], [[नया हेम्पशायर|न्यू हेम्पशायर]] और [[वर्मांट|वरमॉन्ट]] के यूएस राज्य, [[उत्तर अमेरिका|उत्तरी अमेरिका]] के उन कुछ मात्र स्थानों में से हैं जहां समलैंगिक विवाह वैध है, यहां अनुष्ठानकर्ता और उत्सवकर्ता अनेक एलजीबीटी (LGBT) विवाह संपन्न करवाते हैं। 2010 के अनुसार, यूरोप के भी सात देशों में [[समलैंगिक विवाह]] कानूनी रूप से वैध है, इन देशों में [[बेल्जियम]], [[आइसलैंड]], नीदरलैंड, [[नॉर्वे|नौर्वे]], [[पुर्तगाल]], [[स्पेन]], [[स्वीडन|स्वीडेन]], दक्षिणी अमेरिका का एक देश, [[अर्जेन्टीना|अर्जेन्टाइना]] और अफ्रीका का एक देश, [[दक्षिण अफ़्रीका|दक्षिणी अफ्रीका]] आदि शामिल हैं। [[स्कॉटलैंड]] में, रजिस्ट्रार जनरल द्वारा 2005 में जारी नियम के समय से, मानवीय विवाह अब वैधानिक माने जाते हैं, किन्तु इसकी शर्त यह है कि वह स्कॉटलैंड की मानवीय संस्था द्वारा अधिकृत अनुष्ठानकर्ता द्वारा करवाया जाये, यह घटना स्कॉटलैंड को विश्व के मात्र उन तीन देशों में से एक बनाती है जहां ऐसा मामला अस्तित्व में है। (अन्य दो देश संयुक्त राज्य अमेरिका और नॉर्वे हैं।) अनुष्ठानकर्ता पादरी से इस प्रकार भिन्न होते हैं कि वह व्यापक रूप से असम्बद्ध जनता की सेवा करते हैं, जबकि पादरी आम तौर पर किसी संस्था जैसे अस्पताल या अन्य स्वस्थ्य सुरक्षा केंद्र, सेना आदि के द्वारा नियुक्त होते हैं। ऑस्ट्रेलिया में, अनुष्ठानकर्ताओं की भूमिका थोड़ी भिन्न होती है, जोकि स्थानीय व राष्ट्रीय कानून द्वारा नियमित होती है। अधिक जानकारी के लिए देखें ''अनुष्ठानकर्ता (ऑस्ट्रेलिया)'' . संयुक्त राज्य में, अनुष्ठानकर्ता व्यवसायिक समारोह संपादक होते हैं जो समाज व व्यक्ति विशेष की मूल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अनुष्ठान और रिवाजों की शक्ति व प्रभाव में आस्था रखते हैं। वह ऐसे व्यक्तिगत अनुष्ठानों के निर्माण और निष्पादन के लिए अपने ग्राहक के साथ मिलकर काम करते हैं, जिनसे उनके ग्राहक की आस्था, जीवन दर्शन और व्यक्तित्व की एक झलक मिलती हो, ना कि स्वयं अनुष्ठानकर्ता के व्यक्तिगत विचारों की. अधिक जानकारी के लिए देखें ''अनुष्ठानकर्ता (संयुक्त राज्य)'' . क्वेकर मतानुयायियों में विवाहों के जोड़े बिना किसी अन्य पक्ष के हस्तक्षेप के ही विवाह कर लेते हैं। == चित्रशाला == === आधुनिक काल के विवाह === <gallery> File:Shinto married couple.jpg|शिंटो शादी में एक दुल्हन File:Muslim wedding in India.jpg|भारतीय मुसलमान दुल्हन File:Wedding ceremony of Jason Cianciotto and Courter Simmons - 01.jpg|दो दूल्हे और उनकी शादी की पार्टी के कुछ File:White-wedding-dress.jpg|अपने दुल्हन गाउन में एक दुल्हन File:First-kiss-as-bride-and-groom.jpg|दुल्हन को चूमना </gallery> === ऐतिहासिक विवाह === <gallery> File:Wed-dress-001.jpg|19 वीं सदी के समय में एक दुल्हन File:Brauysegen im Bett.gif|एक मध्ययुगीन शादी समारोह के जर्मन लकड़ी का सांचा (बिस्तर पर एक बिशप खड़ा है) File:Scandinavia EthnicCostumes.jpg|स्कैंडिनेवियाई दूल्हे और नौकरानी (एकदम दाहिने) File:Lodewijk XIV-Marriage.jpg|फ्रेंच रॉयल्टी </gallery> == इन्हें भी देखें == * औफ्रुफ़, दूल्हे के लिए एक यहूदी समारोह * अन्य शादी के शब्दों के परिभाषा के लिए शादी के शब्द का शब्दकोष == सन्दर्भ == {{sisterlinks| wikt = no| b = no| q = Bride | s = Bride | commons = Bride | n = no| v = no| species = no| display = Bride | author = no }} {{1911}} {{reflist}} [[श्रेणी:विवाह]] [[श्रेणी:शादी]] 7xetg9f10az38uve9del5tptvgars6n ईए स्पोर्ट्स 0 221196 6582686 6107009 2026-07-15T02:25:34Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582686 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक कम्पनी |company_name=ईए स्पोर्ट्स |company_logo=[[File:EA Sports logo.png|150px]] |company_type=[[इलेक्ट्रॉनिक आर्ट्स]] की व्यवसायिक अनुषंगी |foundation=1982 (इलेक्ट्रॉनिक आर्ट्स खेल नेटवर्क के रूप में) |location=[[वैन्कुअर]], [[ब्रिटिश कोलम्बिया|ब्रिटिश कोलंबिया]], कनाडा <br /> [[रेडवुड सिटी, कैलिफोर्निया]], संयुक्त राज्य अमेरिका |key_people=[[जॉन रिक्कीटिएलो]], सीईओ<br />फ्रैंक गिबेउ, अध्यक्ष, ईए गेम्स लेबल<br />[[पीटर मूर (व्यापारी)|पीटर मूर]], अध्यक्ष, ईए स्पोर्ट्स<br />कैथी व्राबेक, अध्यक्ष, ईए कैज़ुअल इंटरटेनमेंट<br />नैन्सी स्मिथ, अध्यक्ष, द सिम्स लेबल<br />[[लैरी प्रोब्स्ट]], पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (1991-2007)<br />[[ट्रिप हॉकिन्स]], संस्थापक और पूर्व सीईओ (1982-1991) |industry=[[वीडिओ गेम उद्योग|इंटर ऐक्टिव इंटरटेनमेंट]] |products= |parent=[[इलेक्ट्रॉनिक आर्ट्स]] |owner=[[इलेक्ट्रॉनिक आर्ट्स]] |revenue={{profit}}$4.02 अरब [[अमेरिकी डॉलर|यूएसडी]] (2008)<ref name="Q4 report">[http://media.corporate-ir.net/media_files/IROL/88/88189/Q4Release.pdf EA Reports Fourth Quarter And Fiscal Year 2008 Results] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120105154121/http://media.corporate-ir.net/media_files/IROL/88/88189/Q4Release.pdf |date=5 जनवरी 2012 }} ([[पोर्टेबल डॉक्यूमेंट फॉर्मेट|पीडीएफ]]) [[थॉमसन र्युटर्स]] से</ref> |net_income={{profit}}$3390 लाख यूएसडी (2008) |EPS={{profit}}$1.06 यूएसडी (2008) |num_employees=8,000 (2010)<ref>[http://library.corporate-ir.net/library/88/881/88189/items/250822/2007AnnualReport.pdf Electronic Arts 2007 Proxy Statement and Annual Report] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130401183714/http://library.corporate-ir.net/library/88/881/88189/items/250822/2007AnnualReport.pdf |date=1 अप्रैल 2013 }} ([[पोर्टेबल डॉक्यूमेंट फॉर्मेट|पीडीएफ]]) [[थॉमसन र्युटर्स]] से</ref> |homepage=[http://www.easports.com/ ईए स्पोर्ट्स की आधिकारिक वेबसाईट] }} '''ईए स्पोर्ट्स''', इलेक्ट्रॉनिक आर्ट्स द्वारा स्पोर्ट्स पर आधारित खेलों को वितरित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक ब्रांड नाम है। इसकी शुरुआत इलेक्ट्रॉनिक आर्ट्स स्पोर्ट्स गेम्स द्वारा मजाक के तौर पर वास्तविक स्पोर्ट्स नेटवर्कों की नकल के रूप में की गयी और नाम रखा गया "ईए स्पोर्ट्स नेटवर्क" (ईएएसएन)। पहले इसमें जॉन मैडेन जैसे वास्तविक कमेंटेटर की तस्वीरों तथा विज्ञापनों को दिखाया जाता था लेकिन जल्दी ही यह बढ़कर स्वयं का एक उप-लेबल बन गया और ''एनबीए लाइव'', फीफा, एनएचएल, ''मैडेन एनएफएल'' तथा नासकार जैसी गेम सीरीज को रिलीज़ करने लगा। इस ब्रांड के तहत अधिकांश खेलों को इलेक्ट्रोनिक आर्ट्स के बुर्नाबी, ब्रिटिश कोलंबिया स्थित स्टूडियो ईए कनाडा, तथा वैंकूवर, ब्रिटिश कोलंबिया स्थित ईए ब्लैकबॉक्स एवं मेटलैंड, फ्लोरिडा स्थित ईए टिब्यूरोन में विकसित किया जाता है। ईए स्पोर्ट्स का शुरुआती [[ध्येयवाक्य|मोटो]] था '''इफ इट्स इन दी गेम, इट्स इन दी गेम'', जिसे बाद में बदलकर ''"इट्स इन दी गेम!"'' कर दिया गया। डॉन ट्रांसेथ द्वारा रचित, जेफ़ ओडिओर्न द्वारा लिखित और वॉईस ऑफ ईए स्पोर्ट्स, एंथोनी एंड्रयू द्वारा प्रदान की गयी यह टैग लाइन पूरे खेल जगत में एक अनुकरणीय सांस्कृतिक कथन बन चुकी है।<ref>{{Cite web |url=http://www.gamedaily.com/articles/features/eas-bing-gordon-honored-at-nite-to-unite/?biz= |title=संग्रहीत प्रति |access-date=26 अक्तूबर 2010 |archive-date=17 फ़रवरी 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210217110411/http://www.gamedaily.com/articles/features/eas-bing-gordon-honored-at-nite-to-unite/?biz= |url-status=dead }}</ref> कुछ अन्य कंपनियों के विपरीत, ईए स्पोर्ट्स का किसी एक प्लेटफोर्म से कोई विशेष संबंध नहीं है, जिसका अर्थ है सभी खेलों को कई बार अन्य कंपनियों द्वारा उन्हें छोड़ने के काफी समय बाद तक भी बेस्ट-सेलिंग सक्रिय प्लेटफार्मों के लिए जारी किया जाता है। उदाहरण के लिए, ''फीफा 98'', ''मैडेन एनएफएल 98'', ''एनबीए लाइव 98'', और ''एनएचएल 98'' को सेगा जेनेसिस तथा सुपर एनईएस के लिए पूरे 1997 में जारी किया गया था; 2004 में मैडेन एनएफएल 2005 और फीफा 2005 के प्लेस्टेशन संस्करण भी रिलीज़ किये गए थे (फीफा 2005 प्लेस्टेशन द्वारा रिलीज़ किया जाने वाला अंतिम शीर्षक था); और एनसीएए फुटबॉल 08 के एक एक्सबॉक्स संस्करण को 2007 में जारी किया गया था। मैडेन एनएफएल 08 को 2007 में एक्सबॉक्स तथा गेमक्यूब पर भी जारी किया गया था। यह गेमक्यूब द्वारा जारी किया गया अंतिम शीर्षक था, जबकि मैडेन एनएफएल 09 एक्सबॉक्स का अंतिम शीर्षक था। इसके अतिरिक्त, नासकार थंडर 2003 तथा नासकार थंडर 2004 को केवल प्लेस्टेशन 2 ही नहीं बल्कि मूल प्लेस्टेशन के लिए भी जारी किया गया था। ईए स्पोर्ट्स ब्रांड के नाम को 2009-10 सीजन में इंग्लिश फुटबॉल लीग की एक टीम स्विंडन टाउन के प्रचार के लिए इस्तेमाल किया गया है। == सीरीज तथा गेम्स == ईए स्पोर्ट्स के अधिकांश खेलों को वर्ष के अनुसार पहचाना जाता है, क्योंकि अधिकांश खेलों को वार्षिक आधार पर जारी किया जाता है। चूँकि ईए स्पोर्ट्स आधिकारिक लाइसेंसों का प्रमुख खरीदार है, एक छोटी अवधि में एक ही खेल के अलग अलग लाइसेंस वाले कई गेम्स का रिलीज़ किया जाना कोई असामान्य बात नहीं है: ''फीफा 98'' के कुछ ही समय बाद ''वर्ल्ड कप 98'' को जारी किया गया (क्योंकि ईए के पास प्रत्येक चार वर्ष के अंतराल में नियमित रूप से होने वाले [[फीफा विश्व कप|फीफा वर्ल्ड कप]] तथा यूरोपियन फुटबॉल चैम्पियनशिप के लाइसेंस हैं) और क्रमशः मैडेन एनफएल तथा एनबीए लाइव पर आधारित कॉलेज फुटबॉल एवं बास्केटबॉल गेम्स को रिलीज़ किया गया। * फीफा सीरीज, 1993 (ईए स्पोर्ट्स ने अन्य कई खेलों को रिलीज़ किया, वर्ल्ड कप, जिनमे सबसे उल्लेखनीय हैं [[फीफा विश्व कप|वर्ल्ड कप]], यूईएफए यूरोपियन चैंपियनशिप्स और यूईएफए चैंपियन्स लीग के लाइसेंस वाले गेम्स) * ''मैडेन एनएफएल सीरीज,'' 1988 (1993 के पहले के गेम्स के पास एनफएल लाइसेंस नहीं था) * ''एनसीएए फुटबॉल सीरीज'', 1993 (1996 से पूर्व इस फ्रेंचाइज़ का नाम ''बिल वॉल्श कॉलेज फुटबॉल'' एंड ''कॉलेज फुटबॉल यूएसए'' था) * ''ईए स्पोर्ट्स गेमशो'', 2008 - यह एक राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन ट्रिविया गेमशो है जिसकी एक ऑन-एयर डीजे द्वारा लाइव मेजबानी की जाती है। * ''एनबीए एलीट सीरीज'', 2011 से पहले आने वाले ''दी एनबीए प्लेओफ्स'' (1989-1993), ''एनबीए शोडाउन'' (1994) और ''एनबीए लाइव'' (1995-2010). ''एनबीए लाइव 08'' के साथ शुरुआत करके, इन खेलों में अब फीबा द्वारा स्वीकृत राष्ट्रीय टीमों को भी शामिल किया जाता है। * ''एनसीएए बास्केटबॉल सीरीज'', (2008-2009), के पहले आने वाला ''एनसीएए मार्च मेडनेस सीरीज'' (1995-2007)<ref>{{cite web|url=http://www.pastapadre.com/2010/02/10/ncaa-basketball-series-officially-canceled#more-$id|title=NCAA Basketball Series Officially Canceled|accessdate=10 फ़रवरी 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100214210806/http://www.pastapadre.com/2010/02/10/ncaa-basketball-series-officially-canceled#more-$id|archive-date=14 फ़रवरी 2010|url-status=dead}}</ref> * एमवीपी [[बेसबॉल]] सीरीज और एमवीपी एनसीएए बेसबॉल सीरीज, 2003, के पहले आने वाला ''ट्रिपल प्ले सीरीज'' (1996-2002) * एनएचएल सीरीज, 1991 : स्वीडन में तीन एलिट्सेरियन टाइटल्स को भी जारी किया गया था :: फिनलैंड में तीन एसएम-लिगा टाइटल्स को जारी किया गया ::: ''एनएचएल प्रो हॉकी '94'' नामक एक जापानी संस्करण को सुपर फेमिकॉम पर जारी किया गया * पीजीए टूर सीरीज, 1990 को 1999 में दोबारा नाम दिया गया ''टाइगर वुड्स पीजीए टूर'' * 2003-2010 तक नासकार (एनएएससीएआर) सीरीज का अनन्य (एक्सक्लूसिव) लाइसेंस; नासकार कार्ट रेसिंग के बाद इस सीरीज का संभव रद्दीकरण. * नॉकआउट किंग्स (मुक्केबाजी), जिसमें पांच टाइटल (1998 से 2002 के मध्य) शामिल हैं और जिसे ''फाईट नाईट 2004'' के रिलीज़ होने पर बंद कर दिया गया पूर्व में ''टफमैन कंटेस्ट'' को भी जारी किया गया था। * फीफा मैनेजर, 2006 : जिसके पहले ''फीफा सॉकर मैनेजर'' (1996), ''प्रीमियर लीग मैनेजर'' सीरीज (2001) और ''टोटल क्लब मैनेजर'' सीरीज (2004) आये. * ''एएफएल'' सीरीज (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल लीग, ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल) (इसको एएफएल - एरिना फुटबॉल के साथ भ्रमित नहीं करना चाहिए, जो अमेरिकन फुटबॉल है) : [[व्यक्तिगत संगणक|पीसी]] पर ''एएफएल फाइनल्स फीवर'' के रूप में शुरुआत करके यह पीसी तथा प्लेस्टेशन पर ''एएफएल 98'' तथा ''एएफएल 99'' तक पहुंचा। * ''रग्बी'' ([[रग्बी यूनियन]]) सीरीज : सेगा मेगा ड्राइव पर ''रग्बी वर्ल्ड कप 1995'' से शुरुआत करके यह ''रग्बी 2001'' (रग्बी वर्ल्ड कप 1999 का एक बाद का संस्करण, केवल पीसी), रग्बी (2002), ''रग्बी 2004'', ''रग्बी 2005'', ''रग्बी 06'' और ''रग्बी 08'' तक गया; इन सभी को प्लेस्टेशन 2 और एक्सबॉक्स के साथ-साथ [[व्यक्तिगत संगणक|पीसी]] पर भी रिलीज़ किया गया। * ''रग्बी लीग'' सीरीज : खिलाड़ियों द्वारा 1995 एआरएल सीजन में खेले जाने के दौरान ऑस्ट्रेलियाई [[रग्बी लीग]] को सेगा जेनेसिस पर रिलीज़ किया गया; और एआरएल के 1996 के सीजन को एआरएल 96 के रूप में पीसी पर रिलीज़ किया गया। * ''एरिना फुटबॉल''। : फरवरी 2006 में पहला संस्करण जारी किया गया। * ''[[क्रिकेट]]'' सीरीज। : [[क्रिकेट]] की शुरुआत इयान बॉथम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट 1996 (जिसे ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट 96 कहा गया) के साथ हुई; इसके सीक्वेल का नाम था [[क्रिकेट 97]] और इसके साथ ही क्रिकेट 97: एशेज टूर एडीशन को भी जारी किया गया। इसके बाद क्रिकेट एशेज टूर (1998), क्रिकेट वर्ल्ड कप 99 (1999) तथा क्रिकेट 2000 को रिलीज़ किया गया। क्रिकेट 2002 तथा 2004 को रिलीज़ किये जाने के बाद से यह शृंखला द्विवार्षिक होने लगी। बाद में इसे क्रिकेट 2005 तथा क्रिकेट 07 की रिलीज़ के साथ पुनः वार्षिक रूप से रिलीज़ किया जाने लगा। क्रिकेट 07 की रिलीज़ के बाद से ईए ने क्रिकेट के किसी भी खेल पर काम नहीं किया है। * फाईट नाईट सीरीज। : आपके द्वारा निर्मित एक बॉक्सर या एक [[आख्यान|लिजेंड]] के रूप में आपके करियर का अनुसरण करता है। * अन्य सीरीज भी हैं, जैसे कि ''एफ1 चैम्पियनशिप'' (सोनी द्वारा [[फ़ॉर्मूला वन|फार्मूला वन]] चैम्पियनशिप का अनन्य लाइसेंस प्राप्त करने के बाद इसे बंद कर दिया गया), ''सुपरबाइक्स'' तथा अन्य जिनका वितरण सीमित है जैसे कि ''एएफएल''। * ''ग्रैंड स्लैम टेनिस:'', जिसको जून 2009 में Wii के लिए जारी किया गया * ''[[ईए स्पोर्ट्स ऐक्टिव: व्यक्तिगत प्रशिक्षक]]'' : व्यायाम का एक खेल जिसको मार्च 2009 में Wii के लिए जारी किया गया * एसएसएक्स सीरीज - एसएसएक्स को सुपरबोर्ड के नाम से भी जाना जाता है और इस सीरीज के प्रथम गेम को 6 अक्टूबर 2000 को रिलीज़ किया गया। Wii के लिए जारी किया जाने वाले एसएसएक्स ब्लर को छोड़कर इस सीरीज के सभी 4 गेम्स को पीएस2 के लिए रिलीज़ किया गया था। == अनन्यता सौदे == {{POV-check-section|date=May 2008}} 2002 में ईए ने छह वर्षों के लिए नासकार के लाइसेंस को ख़रीदा और पेपाइरस तथा इन्फोग्रेम्स की प्रतियोगिता को समाप्त कर दिया। 13 दिसम्बर 2004 को ईए ने [[नेशनल फुटबॉल लीग]] तथा उसके खिलाड़ियों की यूनियन के साथ पांच वर्षों के लिए एक अनन्यता सौदे पर हस्ताक्षर किया। 12 फ़रवरी 2008 को ईए स्पोर्ट्स ने अपने अनन्यता सौदे को 2012 सीजन तक के लिए बढ़ाने की घोषणा की। एनएफएल अनन्यता सौदे एक महीने भीतर ही ईए स्पोर्ट्स ने एरिना फुटबॉल लीग (एएफएल) के साथ एक चार-वर्षीय अनन्यता सौदे पर हस्ताक्षर किये। 11 अप्रैल 2005 को नेशनल कॉलेजिएट एथलेटिक एसोसिएशन (एनसीएए) तथा ईए स्पोर्ट्स ने एक सौदे पर हस्ताक्षर किये जिसके तहत ईए स्पोर्ट्स को छह वर्षों के लिए कॉलेज फुटबॉल गेम्स का निर्माण करने का एकमात्र अधिकार प्रदान किया गया। 2005 में मेजर लीग बास्केटबॉल (एमएलबी) के अधिकार ईए स्पोर्ट्स के हाथ से निकलकर 2के स्पोर्ट्स के पास चले गए और ईए की एमवीपी सीरीज का समापन हो गया; हालाँकि, एमएलबी लाइसेंस को खोने के बाद ईए ने 2006 तथा 2007 में एनसीएए बेसबॉल गेम्स को प्राप्त किया। जनवरी 2008 में ईए स्पोर्ट्स ने तय किया कि वे अपने एमवीपी स्पोर्ट्स इंजन का मूल्यांकन करने के दौरान अपने एनसीएए कॉलेज बेसबॉल लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करेंगे।<ref>{{cite news|title=EA Benches MVP|date=2008-01-11|publisher=gametap.com|url=http://www.gametap.com/home/read/article/3048|work=Jon Robinson|accessdate=2008-03-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20080216194931/http://www.gametap.com/home/read/article/3048|archive-date=16 फ़रवरी 2008|url-status=dead}}</ref> 2005 में ईए स्पोर्ट्स तथा ईएसपीएन ने ईएसपीएन को ईए स्पोर्ट्स वीडियो गेम्स के साथ जोड़ने के लिए एक भारी-भरकम 15 वर्षीय सौदे पर हस्ताक्षर किये. इस सौदे के शुरुआती काल में ईए द्वारा ईएसपीएन लाइसेंस के उपयोग में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। ईए द्वारा ईएसपीएन लाइसेंस के शुरुआती उपयोग में शामिल है, ईएसपीएन रेडियो और मैडेन एनएफएल, एनबीए लाइव, [[टाइगर वुड्स]] पीजीए टूर, तथा एनसीएए बेसबॉल और फुटबॉल जैसे शीर्षकों के लिए एक स्पोर्ट्स टिकर. ईएसपीएन के एकीकरण में अब स्ट्रीमिंग पॉडकास्ट्स, लेख (इसमें वह सामग्री भी शामिल है जो पहले केवल ईएसपीएन के अंदरूनी ग्राहकों के लिए ही उपलब्ध थी), तथा ईएसपीएन मोशन वीडियो (''पार्डन दी इंटरप्शन'' जैसे कार्यक्रमों सहित) भी शामिल हैं। == विंडोज़ गेम्स == जून 2009 में, ईए स्पोर्ट्स ने घोषणा की कि 2010 के लिए मैडेन एनएफएल, एनसीएए फुटबॉल, नासकार, एनएचएल, एनबीए लाइव, तथा टाइगर वुड्स पीजीए टूर जैसे खेलों को [[माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़|माइक्रोसॉफ्ट विंडोज]] के पास नहीं भेजा जायेगा.<ref name="autogenerated1">{{Cite web |url=http://itsinthegame.ea.com/archive/2008/06/14/sports-on-the-pc.aspx |title=स्पोर्ट्स ऑन दी पीसी - पीटर मूर ब्लॉग |access-date=26 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080615043410/http://itsinthegame.ea.com/archive/2008/06/14/sports-on-the-pc.aspx |archive-date=15 जून 2008 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.computerandvideogames.com/article.php?id=192214 |title=पीसी न्यूज़: पीटर मूर कम्स क्लीन ऑन ईए स्पोर्ट्स पीसी - ComputerAndVideoGames.com |access-date=26 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080704130006/http://www.computerandvideogames.com/article.php?id=192214 |archive-date=4 जुलाई 2008 |url-status=live }}</ref> एनसीएए फुटबॉल सीरीज को 90 के दशक के बाद से पीसी पर रिलीज़ नहीं किया गया है, 2008 का संस्करण टाइगर वुड्स सीरीज का आखिरी पीसी गेम था, नासकार सिम रेसिंग के बाद से नासकार सीरीज का कोई पीसी संस्करण नहीं आया है और मैडेन सीरीज का अंतिम पीसी गेम इसका 2008 का एडीशन ही था। एनएचएल सीरीज का अंतिम पीसी गेम इसका 2009 का संस्करण था। ईए स्पोर्ट्स के तत्कालीन अध्यक्ष पीटर मूर इसके लिए पाइरेसी तथा इस तथ्य को जिम्मेदार ठहराया कि ''"कंसोल्स की अगली पीढ़ी के आने और उसके द्वारा लाखों ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने के कारण एक प्रामाणिक, पूर्ण लाइसेंसी, सिमुलेशन स्पोर्ट्स गेम्स के रूप में पीसी प्लेटफार्म के उपयोग में पिछले तीन वर्षों में भारी कमी आई है।''<ref>{{Cite web |url=http://www.custompc.co.uk/news/602895/sports-games-not-viable-on-the-pc-says-ea.html |title=स्पोर्ट्स गेम्स नॉट विएबल ऑन दी पीसी, सेज़ ईए {{!}} न्यूज़ {{!}} कस्टम पीसी |access-date=26 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080705093447/http://www.custompc.co.uk/news/602895/sports-games-not-viable-on-the-pc-says-ea.html |archive-date=5 जुलाई 2008 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://itsinthegame.ea.com/archive/2008/07/01/addressing-the-core-issues.aspx |title=एड्रेसिंग दी कोर इश्यूज - पीटर मूर ब्लॉग |access-date=26 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080706101130/http://itsinthegame.ea.com/archive/2008/07/01/addressing-the-core-issues.aspx |archive-date=6 जुलाई 2008 |url-status=dead }}</ref> कंपनी ने कहा कि यह होने के बावजूद फीफा तथा फीफा मैनेजर सीरीज को पीसी प्लेटफार्म पर रिलीज़ किया जायेगा। == प्लेस्टेशन होम == 23 अप्रैल 2009 ईए स्पोर्ट्स ने प्लेस्टेशन3 की ऑनलाइन कम्युनिटी आधारित सर्विस प्लेस्टेशन होम के यूरोपीय तथा उत्तरी अमेरिकी संस्करणों के लिए अपने चिर प्रतीक्षित "ईए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स" स्पेस को रिलीज़ किया।<ref>{{cite web|url=http://blog.us.playstation.com/2009/04/23/ea-sports-complex-now-live-in-playstation-home/|title=EA SPORTS Complex Now Live in PlayStation Home|publisher=[[Sony Computer Entertainment|SCE]]|access-date=26 अक्तूबर 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20091212120103/http://blog.us.playstation.com/2009/04/ea-sports-complex-now-live-in-playstation-home/|archive-date=12 दिसंबर 2009|url-status=live}}</ref> इस कॉम्प्लेक्स में उपयोगकर्ता पोकर, कार्ट रेसिंग, गोल्फ जैसे कई मिनी-गेम्स को खेल सकते हैं और साथ ही इसमें एक वर्चुअल ईए शॉप भी मौजूद है। ईए स्पोर्ट्स के आगामी खेलों के संबंध में कई विज्ञापनों को भी वहां दिखाया जाता है। इस कॉम्प्लेक्स के प्रत्येक मिनी गेम में कोई न कोई पुरस्कार अवश्य दिया जाता है। ईए स्पोर्ट्स के इस कॉम्प्लेक्स को घरों को विकसित करने के लिए समर्पित एक कंपनी, हेवी वॉटर द्वारा विकसित किया गया है।<ref>{{cite web|url=http://www.heavyh2o.com/Clients.htm|title=Heavy Water|publisher=Heavy Water|accessdate=2009-12-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20091212180336/http://www.heavyh2o.com/Clients.htm|archive-date=12 दिसंबर 2009|url-status=dead}}</ref> मूलतः, इस कॉम्प्लेक्स में सिर्फ दो कमरे थे: ईए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा ईए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अपस्टेयर्स. ईए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रेसिंग तथा एक गोल्फिंग रेंज थी जो खेलने के लिए उपलब्ध नहीं थी। अपस्टेयर्स में पोकर की चार टेबलें उपलब्ध थीं और उपयोगकर्ता किसी भी समय उनका इस्तेमाल कर सकते थे। 18 जून 2009 को किये गए नवीनीकरण के बाद इस कॉम्प्लेक्स का नाम बदलकर ईए स्पोर्ट्स रेसिंग कॉम्प्लेक्स रख दिया गया और उपरी हिस्से का नाम ईए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ग्रीन पोकर रूम कर दिया गया।<ref>{{cite web|url=http://blog.us.playstation.com/2009/06/17/coming-to-playstation-home-new-socom-space-ghostbusters-apartment-ea-sports-complex-update-more/|title=Coming to PlayStation Home: New SOCOM Space, Ghostbusters Apartment, EA SPORTS Complex Update + More!|publisher=SCE|access-date=26 अक्तूबर 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20090821062510/http://blog.us.playstation.com/2009/06/17/coming-to-playstation-home-new-socom-space-ghostbusters-apartment-ea-sports-complex-update-more/|archive-date=21 अगस्त 2009|url-status=live}}</ref> नाम बदलने के अलावा, इस नवीनीकरण में गोल्फिंग रेंज को हटा दिया गया और चार अतिरिक्त कार्ट्स को जोड़ दिया गया ताकि उपयोगकर्ता रेसिंग कर सकें; इसके अतिरिक्त पोकर रूम में लाल रंग की एक पोकर टेबल को भी जोड़ दिया गया। 2 जुलाई 2009 को किये गए नवीनीकरण में गोल्फ तथा पोकर के एक अन्य कमरे को जोड़ दिया गया और इस प्रकार इस कॉम्प्लेक्स में चार कमरे हो गए: ईए स्पोर्ट्स रेसिंग कॉम्प्लेक्स, ईए स्पोर्ट्स गोल्फ कॉम्प्लेक्स, ईए स्पोर्ट्स ग्रीन पोकर रूम, तथा ईए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रेड पोकर रूम. रेसिंग कॉम्प्लेक्स में रेसिंग के लिए कुल आठ कार्ट्स हैं; कॉम्प्लेक्स के दोनों तरफ चार-चार. गोल्फ कॉम्प्लेक्स में अभ्यास के लिए दो प्रैक्टिस रेंज उपलब्ध हैं; कॉम्प्लेक्स के दोनों तरफ एक-एक. गोल्फ कॉम्प्लेक्स में जल्द ही एक गोल्फ प्रो-शॉप आने वाली है। ग्रीन पोकर रूम में पोकर की चार हरे रंग की टेबलें हैं और उपयोगकर्ता किसी भी समय उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। रेड पोकर रूम में पोकर की चार लाल रंग की टेबलें हैं लेकिन उनपर खेलने के लिए उपयोगकर्ताओं के पास 2000 अंक होना आवश्यक है। 16 जुलाई 2009 ईए स्पोर्ट्स द्वारा रिलीज़ किये गए एक अन्य कमरे के साथ इस कॉम्प्लेक्स के कुल कमरों की संख्या पांच हो गयी। इस कमरे में "क्लब फाईट नाईट" नामक ''फाईट नाईट राउंड 4'' के क्लब डीजे नामक एक मिनी-गेम, तथा जल्द ही आने वाले रोबोट बॉक्सिंग को खेलने की जगह है।<ref>{{cite web|url=http://blog.us.playstation.com/2009/07/15/this-week-in-playstation-home-buzz-and-fight-night-space-launches-and-more/|title=This Week in PlayStation Home: BUZZ! and Fight Night Space Launches, and More!|publisher=SCE|access-date=26 अक्तूबर 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20090920153530/http://blog.us.playstation.com/2009/07/this-week-in-playstation-home-buzz-and-fight-night-space-launches-and-more/|archive-date=20 सितंबर 2009|url-status=live}}</ref> 30 जुलाई 2009 ईए स्पोर्ट्स ने सबसे उच्च स्तरीय खिलाड़ियों के लिए ईए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रेड पोकर रूम में एक काले रंग की टेबल को जोड़ा. समय के साथ ग्रीन और रेड पोकर रूम की ही तरह इस टेबल के लिए भी एक कमरे को समर्पित कर दिया जायेगा। उन्होंने ग्रीन पोकर रूम में एक पांचवीं ग्रीन टेबल को भी जोड़ा। इस नवीनीकरण में ईए स्पोर्ट्स शॉप को भी जोड़ा गया है जहाँ उपयोगकर्ता ''फाईट नाईट राउंड 4'' की पूर्ण बॉक्सिंग पोशाकों तथा फर्नीचर को खरीद सकते हैं। यह प्रो शॉप रेसिंग कॉम्प्लेक्स में है।<ref>{{cite web|url=http://insideblog.easports.com/default.aspx?Sort=MostRecent&PageIndex=1|title=EA SPORTS Complex: The Poker Scene|publisher=EA Sports|access-date=26 अक्तूबर 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20111206214724/http://insideblog.easports.com/default.aspx?Sort=MostRecent&PageIndex=1|archive-date=6 दिसंबर 2011|url-status=dead}}</ref> 16 अगस्त 2009 को किये जाने वाले नवीनीकरण में ग्रीन पोकर रूम की पांचवीं हरी टेबल के स्थान पर एक लाल टेबल को जोड़ दिया गया। उन्होंने काली टेबल के लिए आवश्यक अंकों को 20,000 से घटाकर 10,000 कर दिया। 27 अगस्त 2009 के नवीनीकरण में खेल के प्रत्येक स्तर - हरे, लाल, तथा काले - के स्कोर्बोर्ड्स को अलग-अलग करके दैनिक तथा सीजन बोर्ड्स कर दिया गया, कार्ड की पठनीयता को बेहतर कर दिया गया, पोकर टेबल के पास बैठने की अतिरिक्त व्यवस्था कर दी गयी, पोकर खेलते समय लॉक-अप पर प्लेयर रिमूवल तथा रिमूवल होने पर रिफंड बाय-इन की सुविधाएँ प्रदान कर दी गयीं।<ref>{{cite web|url=http://boardsus.playstation.com/playstation/board/message?board.id=ps3home&thread.id=758275|title=EA SPORTS Poker Update Today|publisher=SCE|access-date=26 अक्तूबर 2010|archive-url=https://archive.today/20120707174841/http://boardsus.playstation.com/playstation/board/message?board.id=ps3home&thread.id=758275|archive-date=7 जुलाई 2012|url-status=dead}}</ref> 9 अक्टूबर 2009 ईए स्पोर्ट्स ने होम के जापानी संस्करण के लिए ईए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को रिलीज़ किया। उन्होंने लीग की प्रत्येक टीम द्वारा ईए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा होम के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में खरीदारी पर एनएफएल जर्सी को भी प्रदान किया। ईए स्पोर्ट्स होम टीम के साथ मिलकर [[ब्रेस्ट कैंसर]] के राष्ट्रीय जागरूकता महीने के समर्थन हेतु चुनिंदा वर्चुअल सामग्रियों का निर्माण तथा वितरण भी करती है। इनसे प्राप्त होने वाली सम्पूर्ण राशि को ब्रेस्ट कैंसर शोध तथा जागरूकता कार्यक्रमों के समर्थन हेतु ब्रीज ड्रीम फाउन्डेशन को प्रदान कर दिया जाता है। इन सामग्रियों में काले रंग की जर्सी शामिल होती है जिसपर सामने की तरफ गुलाबी रंग से 9 नंबर और पीछे की तरफ भी गुलाबी रंग से ब्रीज नाम लिखा होता है। ये जर्सियाँ 15 अक्टूबर 2009 से लेकर 25 नवम्बर 2009 तक उपलब्ध रहेंगी।<ref>{{cite web|url=http://blog.us.playstation.com/2009/10/nfl-comes-to-playstation-home-dethklok-pixeljunk-museum-and-motorstorm-personal-space/|title=NFL Comes to PlayStation Home + Dethklok, PixelJunk Museum and MotorStorm Personal Space|publisher=SCE|access-date=26 अक्तूबर 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20091212075931/http://blog.us.playstation.com/2009/10/nfl-comes-to-playstation-home-dethklok-pixeljunk-museum-and-motorstorm-personal-space/|archive-date=12 दिसंबर 2009|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://eaus.gamespress.com/release.asp?i=1239|title=Think Pink! EA SPORTS Complex Supports Breast Cancer Awareness Cause|publisher=EA Sports|access-date=26 अक्तूबर 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20110815104408/http://eaus.gamespress.com/release.asp?i=1239|archive-date=15 अगस्त 2011|url-status=dead}}</ref> 5 नवम्बर 2009 को ब्रीज ब्रेस्ट कैंसर जर्सी खरीदने वालों को 5 नवम्बर 2009 से 25 नवम्बर 2009 के बीच, दोनों ईए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में से किसी एक में प्रवेश करने पर क्लब नाईट फाईट में इस्तेमाल की गयी एक डीजे किट निःशुल्क प्रदान की जायेगी। 25 नवम्बर 2009 को ''फाईट नाईट राउंड 4'' के निर्माता माइक महार और ब्रायन हेस, प्लेस्टेशन होम कम्युनिटी के साथ लाइव चैट करने के लिए शाम 4 से 5 (ईएसटी के अनुसार शाम 7 से 8) के बीच होम में मौजूद थे।<ref>{{cite web|url=http://blog.us.playstation.com/2009/11/this-week-in-playstation-home-new-red-bull-space-event-fight-night-producer-chat-more/|title=This Week in PlayStation Home: New Red Bull Space + Event, Fight Night Producer Chat & More|date=2009-11-25|publisher=एससीई|accessdate=2009-11-25|author=लोकस्ट स्टॉर|archive-url=https://web.archive.org/web/20091128060854/http://blog.us.playstation.com/2009/11/this-week-in-playstation-home-new-red-bull-space-event-fight-night-producer-chat-more|archive-date=28 नवंबर 2009|url-status=live}}</ref> 7 जनवरी 2010 को ईए स्पोर्ट्स ने ईए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा होम के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में एनसीएए कॉलेज फुटबॉल जर्सियों को रिलीज़ किया।<ref>{{cite web|url=http://blog.us.playstation.com/2010/01/this-week-in-playstation-home-waterfall-terrace-personal-space-ncaa-football-jerseys-loads-more/|title=This Week in PlayStation Home: Waterfall Terrace Personal Space, NCAA Football Jerseys, + Loads More!|date=2010-01-06|author=लोकस्ट स्टॉर|publisher=एससीई|accessdate=2010-01-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20100109140659/http://blog.us.playstation.com/2010/01/this-week-in-playstation-home-waterfall-terrace-personal-space-ncaa-football-jerseys-loads-more/|archive-date=9 जनवरी 2010|url-status=live}}</ref> == 2004 के गेम्स == * '' मैडेन 04'' * '' एनबीए लाइव 2004'' * '' एनएचएल 04'' * '' फीफा 04 '' * '' एनसीएए मार्च मैडनेस 2004'' * '' नासकार (एनएएससीएआर) थंडर 2004'' == 2005 के गेम्स == * '' मैडेन 05'' * '' एनबीए लाइव 2005'' * '' एनएचएल 05'' * '' टाइगर वुड्स पीजीए टूर 05'' * '' फीफा 05'' * '' रग्बी 05 '' * '' एनसीएए मार्च मैडनेस 2005'' * '' नासकार 05'' * '' नासकार 2005 चेस फॉर दी कप'' * '' एमवीपी बेसबॉल 2005'' == 2006 के गेम्स == * '' मैडेन 06'' * '' एनसीएए फुटबॉल 06'' * '' एनबीए लाइव 06'' * '' एनएचएल 06'' * '' टाइगर वुड्स पीजीए टूर 06'' * '' फीफा 06'' * '' फीफा मैनेजर 06'' * '' नासकार 06'' * '' नासकार 06 टोटल टीम कंट्रोल'' * '' रग्बी 06'' * '' एनसीएए मार्च मैडनेस 6'' * '' एमवीपी एनसीएए बेसबॉल 2006'' * '' ग्रेज्की एनएचएल 06'' == 2007 के गेम्स == * '' मैडेन 07'' * '' एनसीएए फुटबॉल 07'' * '' एनबीए लाइव 07'' * '' एनएचएल 07'' * '' टाइगर वुड्स पीजीए टूर 07'' * '' फीफा 07'' * '' फीफा मैनेजर 07'' * '' नासकार 07'' * '' एनसीएए मार्च मैडनेस 07'' * '' क्रिकेट 07'' * '' एमवीपी एनसीएए बेसबॉल 2007 '' == 2008 के गेम्स == * ''मैडेन एनएफएल 08'' * ''एनसीएए फुटबॉल 08'' * ''एनबीए लाइव 08'' * ''एनएफएल टूर'' * ''एनएचएल 08'' * ''टाइगर वुड्स पीजीए टूर 08'' * ''फीफा 08'' * ''फीफा मैनेजर 08'' * ''नासकार 08'' * ''रग्बी 08'' * ''एनसीएए मार्च मैडनेस 08'' * ''यूईएफए यूरो 2008'' == 2009 के गेम्स == * ''फीफा मैनेजर 09'' * ''नासकार 09'' * ''एनसीएए फुटबॉल 09'' * ''एनएफएल हेड कोच 09'' * ''एनएचएल 09'' * ''मैडेन एनएफएल 09'' * ''टाइगर वुड्स पीजीए टूर 09'' * ''फीफा 09'' * ''एनबीए लाइव 09'' * ''एनसीएए बास्केटबॉल 09'' == 2010 के गेम्स == * ''मैडेन एनएफएल 10'' * ''एनसीएए फुटबॉल 10'' * ''एनएचएल 10'' * ''टाइगर वुड्स पीजीए टूर 10'' * ''फीफा 10'' * ''फीफा मैनेजर 10'' * ''2010 फीफा वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका'' * ''ग्रैंड स्लैम टेनिस'' * ''एनबीए लाइव 10'' * ''एनसीएए बास्केटबॉल 10''<ref>{{Cite web |url=http://www.ea.com/games/ncaa-basketball |title=E.com |access-date=26 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100914205320/http://www.ea.com/games/ncaa-basketball |archive-date=14 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> * ''ईए स्पोर्ट्स एक्टिव'' * ''[[EA Sports Active: More Workouts]]'' * '' नासकार कार्ट रेसिंग'' * ''फाईट नाईट राउंड 4'' == 2011 के गेम्स == * ''मैडेन एनएफएल 11'' * ''एनसीएए फुटबॉल 11'' * ''फीफा 11'' * ''फीफा मैनेजर 11'' * ''एनएचएल 11'' * ''एनएचएल स्लेपशूट'' * ''टाइगर वुड्स पीजीए टूर 11'' * ''एनबीए एलिट 11'' * ''एनबीए जैम (जेएएम)'' * ''ईए स्पोर्ट्स एमएमए''<ref>[https://web.archive.org/web/20121015022800/http://mmajunkie.com/news/15059/ea-sports-to-release-mma-videogame-ea-sports-mma-in-2010.mma/ ईए स्पोर्ट्स टू रिलीज़ एमएमए-थीम्ड वीडियोगेम, "ईए स्पोर्ट्स एमएमए," इन 2010], mmajunkie.com</ref> * ''ग्रैंड स्लैम टेनिस 11'' * ''ईए स्पोर्ट्स एक्टिव 2.0'' == इन्हें भी देखें == * ईए स्पोर्ट्स बिग - ईए स्पोर्ट्स की सब्सिडरी == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20081201121435/http://www.easports.com/ ईए स्पोर्ट्स] * {{moby game|id=-group/ea-sports-games|name=''EA Sports'' series}} * [https://web.archive.org/web/20071030084155/http://www.eagameshow.com/ ईए स्पोर्ट्स गेमशो] * [https://web.archive.org/web/20180904174625/http://www.nhldepot.net/ ईए एनएचएल एड-ऑन साइट] * [https://web.archive.org/web/20190330192607/http://www.tonybrunoshow.com/ वॉइस ऑफ मैडेन एनएफएल, टोनी ब्रूनो] * [https://web.archive.org/web/20081025140138/http://www.gamesindustry.biz/news.php?aid=5928 न्यूज़ ऑन दी एनएफएल एक्सक्लूसिव] * [https://web.archive.org/web/20071211154314/http://www.gamesindustry.biz/content_page.php?aid=6064 न्यूज़ ऑन दी एनबीए रिजेक्शन ऑफ दी एक्सक्यूसिविटी प्रपोज़ल] * [http://www.gamesindustry.biz/content_page.php?section_name=pub&amp;aid=6210 न्यूज़ ऑन दी एएफएल एक्सक्लूसिव] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20071211154347/http://www.gamesindustry.biz/content_page.php?section_name=pub&aid=6210 |date=11 दिसंबर 2007 }} * [https://web.archive.org/web/20081025140144/http://www.gamesindustry.biz/news.php?aid=6320 न्यूज़ ऑन दी ईएसपीएन डील] * [https://web.archive.org/web/20080125164154/http://www.gamesindustry.biz/content_page.php?aid=30116 ईए साइन हैमिल्टन फॉर एफ1 टाइटल प्रोमोशन?] {{DEFAULTSORT:Ea Sports}} [[श्रेणी:इलेक्ट्रॉनिक आर्ट्स]] [[श्रेणी:1993 के प्रतिष्ठान]] [[श्रेणी:इंटरटेंमेंट सॉफ्टवेयर एसोसिएशन]] [[श्रेणी:वैंकूअर स्थित कंपनियाँ]] po0jxg8qh3g28984ojxxdirsci8xrnk एबरडीन 0 222867 6582800 6567181 2026-07-15T07:22:35Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582800 wikitext text/x-wiki {{Infobox UK place | official_name = <big>एबऱ्डीन</big><br>Aberdeen | gaelic_name = Obar Dheathain | scots_name = Aiberdeen | local_name = <small>Granite City, Oil Capital of Europe,<br />Silver City, Grey City</small> | country = {{पताका|स्कॉटलैण्ड}} | population = | population_ref = [[शहर|शहरी क्षेत्र]] -<br /> 184,788<ref>{{Cite web |url=http://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Population&mainArea=aberdeen&mainLevel=Locality |title=Browser Population |publisher=Scrol.gov.uk |date= |accessdate=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070927212403/http://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Population&mainArea=Aberdeen&mainLevel=Locality |archive-date=27 सितंबर 2007 |url-status=dead }}</ref> ([[United Kingdom Census 2001|2001 census]])<br /> est. 192,080<ref>{{Cite web |url=http://www.gro-scotland.gov.uk/statistics/publications-and-data |title=General Register Office for Scotland - Statistics - Publications and Data |publisher=Gro-scotland.gov.uk |date=2008-07-31 |accessdate=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090916182939/http://www.gro-scotland.gov.uk/statistics/publications-and-data/ |archive-date=16 सितंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> (2006)<br /> inc. [[Cove Bay]] & [[Dyce]]<br /> [[Local government in Scotland|Local Authority]] -<br /> est. {{Scottish council populations|POP=00QA}}<ref name="population">{{Scottish council populations|TXT=Cite}}</ref> ({{Scottish council populations|TXT=Year}}) | population_density_sqmi=2819 | population_density_km2=1089 | population_density=<ref name="dbjrij"/> | os_grid_reference = NJ925065 | edinburgh_distance_mi =94 | edinburgh_distance_km =151 | edinburgh_distance =<ref name="indo">{{Cite web|url=http://www.indo.com/distance/index.html|title=How Far Is It?|author=Indo.com|accessdate=2007-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20070316145240/http://www.indo.com/distance/index.html|archive-date=16 मार्च 2007|url-status=live}}</ref> | london_distance_mi =403 | london_distance_km =649 | london_distance =<ref name="indo" /> | language = अंग्रेज़ी | language1 = [[स्कॉट भाषा|स्कॉट्स]] ([[डोरिक बोली|डोरिक]]) | latitude = 57.1526 | longitude = -2.1100 | post_town = ABERDEEN | postcode_area = AB | postcode_district = AB10-AB13 (भाग), AB15, AB16, AB22-AB25 | dial_code = 01224 | constituency_westminster = एबर्डीन दक्षिण | constituency_westminster1 = एबर्डीन उत्तर | constituency_westminster2 = गोर्डन | unitary_scotland = एबर्डीन नगर | lieutenancy_scotland = एबर्डीन | constituency_scottish_parliament = उत्तर पूर्व स्काॅटलैंड | constituency_scottish_parliament1 = एबर्डीन केन्द्रीय | constituency_scottish_parliament2 = एबर्डीन उत्तर | constituency_scottish_parliament3 = एबर्डीन दक्षिण | website = [http://www.aberdeencity.gov.uk/ aberdeencity.gov.uk] | static_image_name=UnionStreet-287149-Lyn Mcleod.jpg | static_image_width=240 | static_image_caption= <small>यूनियन स्ट्रीट, एबरडीन सिटी सेंटर</small> | static_image_alt=<!-- see [[WP:ALT]] --> | static_image_2_name= Aberdeen-arms.png | static_image_2_width=240 | static_image_2_caption= <small>एबरडीन का पूर्ण कुलचिन्ह</small> | static_image_2_alt=<!-- see [[WP:ALT]] --> }} '''एबरडीन''' ({{pron-en|æbərˈdiːn|En-uk-Aberdeen (Scottish).oga}}; स्कॉटलैंड का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला शहर, [[स्कॉटलैंड]] के 32 स्थानीय सरकार परिषद क्षेत्रों में से एक और [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|ब्रिटेन]] का 29वां सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। इसकी आधिकारिक आबादी गणना है।<ref name="population"/> इसके उपनामों में शामिल हैं ''ग्रेनाईट सिटी'', ''ग्रे सिटी'' और ''सिल्वर सिटी विथ द गोल्डेन सैंड्स'' . मध्य 18वीं और मध्य 20वीं सदियों के दौरान, एबरडीन की इमारतों में स्थानीय रूप से उत्खनित ग्रे ग्रेनाइट का समावेश हुआ करता था, जिसके अभ्रक चांदी की तरह चमका करते हैं।<ref name="agtb">{{Cite web|url=http://www.agtb.org/aberdeen-scotland.htm|publisher=Aberdeen and Grampian Tourist Board|title=The Granite City|accessdate=2007-02-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20080509185556/http://www.agtb.org/aberdeen-scotland.htm|archive-date=9 मई 2008|url-status=dead}}</ref> शहर में एक लंबा रेतीला समुद्र तट है। 1970 के दशक में उत्तरी सागर तेल की खोज के बाद से, इसका एक अन्य उपनाम ''ऑयल कैपिटल ऑफ़ यूरोप'' या ''एनर्जी कैपिटल ऑफ़ यूरोप'' रखा गया।<ref name="uni-abdn">{{Cite web|url=http://www.abdn.ac.uk/central/abdn/|title=About Aberdeen|publisher=University of Aberdeen|accessdate=2007-02-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20070205025539/http://www.abdn.ac.uk/central/abdn/|archive-date=5 फ़रवरी 2007|url-status=live}}</ref> कम से कम 8000 साल पहले एबरडीन के आसपास के क्षेत्र बसने लगे,<ref name="prehistory">{{Cite web|url=http://www.scottishaccommodationindex.com/aberdeenpics.htm|title=Welcome to Aberdeen|publisher=Aberdeen Accommodation Index|accessdate=2007-02-19|archive-url=https://web.archive.org/web/20061231140217/http://www.scottishaccommodationindex.com/aberdeenpics.htm|archive-date=31 दिसंबर 2006|url-status=dead}}</ref> जब डी और डोन नदियों के मुहानों के आसपास प्रागैतिहासिक गांव स्थापित हुए। 1319 में, रॉबर्ट द ब्रूस द्वारा एबरडीन को राजकीय नगर का दर्जा प्राप्त होने से{{Citation needed|date=जून 2009}} आर्थिक रूप से शहर पूरी तरह बदल गया। 1495 में स्थापित एबरडीन विश्वविद्यालय और 1992 में विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त करने वाले रॉबर्ट गोर्डन विश्वविद्यालय, शहर के इन दो विश्वविद्यालयों के कारण एबरडीन उत्तर-पूर्व का शैक्षणिक केंद्र बना। मछली पकड़ने, कागज़ बनाने, जहाज निर्माण और वस्त्र जैसे उद्योगों से तेल उद्योग तथा एबरडीन बंदरगाह आगे निकल गये। एबरडीन हेलीपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्ततम वाणिज्यिक हेलीपोर्ट में से एक है<ref name="BAA">{{Cite web|url=http://www.aberdeenairport.com/portal/site/default/menuitem.25db388ed11fced74aafa810c02865a0|title=BAA Aberdeen Airport|accessdate=2007-07-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20070817172238/http://www.aberdeenairport.com/portal/site/default/menuitem.25db388ed11fced74aafa810c02865a0/|archive-date=17 अगस्त 2007|url-status=dead}}</ref> और वहां का बंदरगाह स्कॉटलैंड के उत्तर-पूर्व में सबसे बड़ा है।<ref name="seaport">{{Cite web|url=http://uk.archiseek.com/scotland/aberdeen/index.html|archiveurl=https://web.archive.org/web/20070609221650/http://uk.archiseek.com/scotland/aberdeen/index.html|archivedate=9 जून 2007|title=Architecture of Aberdeen, Scotland|accessdate=2007-05-23|url-status=dead}}</ref> एबरडीन ने ब्रिटेन इन ब्लूम प्रतियोगिता में दस बार रिकार्ड-तोड़ जीत हासिल की है,<ref name="floral"/> और एबरडीन अंतर्राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन किया है, जो एक बड़ा अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसमे लगभग 1000 सबसे प्रतिभाशाली युवा प्रदर्शनकारी कला कंपनियां भाग लेती हैं। == इतिहास == [[चित्र:Aberdeen Market Cross.jpg|left|thumb|एबरडीन मेरकैट क्रॉस]] [[चित्र:Aberdeen1.jpg|thumb|left|कॉसेलगेट और यूनियन स्ट्रीट (c.1900)]] {{Main|एबर्डीन का इतिहास}} एबरडीन क्षेत्र ने कम से कम 8000 साल से मानव बस्तियों को देखा है।<ref name="prehistory"/> इस नगर की शुरुआत दो अलग-अलग बर्ग (शहर) के रूप में हुई: डोन नदी के मुहाने पर पुराना एबरडीन; और मछली पकड़ने तथा व्यापारिक केंद्र के रूप में नया एबरडीन, जहां डी नदी के मुहाने अर्थात खाड़ी में डेनबर्न जलमार्ग समाहित होता है। 1179 में विलियम द लॉयन द्वारा सबसे पहला राजपत्र दिया गया था और डेविड प्रथम द्वारा इसके कॉर्पोरेट अधिकारों की पुष्टि की गयी। 1319 में, रॉबर्ट द ब्रुस के महान राजपत्र से एबरडीन संपत्ति-स्वामित्व तथा आर्थिक रूप से एक स्वतंत्र समुदाय में तब्दील हो गया। इसे करीब का स्टौकेट जंगल दे दिया गया, जिसकी आय से नगर के कॉमन गुड फंड के आधार का निर्माण हुआ, जिसका लाभ आज भी एबरडीन को मिल रहा है।<ref name="keith">{{Cite book|author=Keith, Alexander|year=1987|title=A Thousand Years of Aberdeen |publisher=Aberdeen University Press}}</ref><ref name="fraser">{{Cite book|first=W. Hamish|last=Fraser|title=Aberdeen, 1800 to 2000: A New History |year=2000 |publisher=Tuckwell Press |location=Edinburgh}}</ref> स्कॉटिश आजादी के युद्धों के दौरान, एबरडीन अंग्रेजी शासन के अधीन था, इसीलिए 1308 में इसे नष्ट कर दिए जाने से पहले रॉबर्ट द ब्रुस ने एबरडीन किले की घेराबंदी कर दी थी, उसके बाद अंग्रेज सेना का कत्लेआम हुआ और शहर की जनता के लिए एबरडीन पर फिर से कब्जा कर लिया गया। 1336 में [[इंग्लैंड]] के एडवर्ड तृतीय द्वारा शहर को जला दिया गया था, लेकिन इसे फिर से बनाया गया और विस्तारित किया गया और इसे नया एबरडीन कहा जाने लगा। पड़ोसी सरदारों (लॉर्ड) के हमलों से शहर को बचाने के लिए इसकी मजबूत किलेबंदी की गयी थी, लेकिन 1770 तक दरवाजों को हटा दिया गया। 1644-1647 के दौरान तीन राजशाहियों के बीच हुए युद्धों में दोनों पक्षों द्वारा शहर को आंशिक रूप से लूटा गया। 1644 में, एबरडीन के युद्ध के बाद राजशाही सेनाओं द्वारा इस पर कब्जा कर लिया गया और तोड़फोड़ की गयी।<ref>{{Cite book|first=Chris |last=Brown |title=The Battle of Aberdeen 1644|url=https://archive.org/details/battleforaberdee0000brow |year=2002|publisher=Tempus Publishing |location=Stroud, Gloucestershire}}</ref> 1647 में बुबोनिक प्लेग से एक चौथाई आबादी की मृत्यु हो गयी। अठारहवीं सदी में, एक नया टाउन हॉल बनाया गया और 1742 में वूलमैनहिल में एक अस्पताल और 1779 में पागलखाने की स्थापना के साथ पहली सामाजिक सेवाओं की शुरुआत हुई। सदी के अंतिम चरण में परिषद् ने जॉर्ज स्ट्रीट, किंग स्ट्रीट और यूनियन स्ट्रीट जैसी मुख्य सड़कों का निर्माण करना शुरू किया, जिनका काम अगली सदी के आरंभ में समाप्त हुआ। एक सदी बाद, एबरडीन के बढ़ते आर्थिक महत्व और जहाज निर्माण और मछली पकड़ने के उद्योगों के विकास के कारण मौजूदा बंदरगाह को दक्षिणी बांध के विक्टोरिया डॉक ले जाया गया और उत्तरी घाट का विस्तार किया गया। महंगे आधारभूत संरचना कार्यक्रम के परिणामस्वरूप 1817 में शहर दिवालिया हो गया था। हालांकि, आम संपन्नता से आर्थिक सेहत में सुधार आया, जिसके बाद नेपोलियन युद्ध शुरू हुए. 1824 में सड़कों पर गैस बत्तियां लगनी शुरू हुईं और 1830 में डी नदी से पम्प द्वारा यूनियन प्लेस के जलाशय में पानी पहुंचाने से परिष्कृत जलापूर्ति की जाने लगी। 1865 में खुली हुई नाली की जगह एक ढंकी हुई भूमिगत निकासी व्यवस्था का आरंभ हुआ।<ref name="fraser"/> 1891 में यह शहर पहली बार निगमित हुआ। हालांकि पुराने एबरडीन का एक अलग राजपत्र और इतिहास है, लेकिन इसमें और नए एबरडीन में दरअसल अब कोई फर्क नहीं रहा। डी नदी के दक्षिण में टोरी के रॉयल बर्ग और जंगल के साथ-साथ ये दोनों ही शहर के भाग हैं। === नामावली === {{Main|एबर्डीन का नामकरण}} एबरडीन की पहली बस्ती ''एबरडोन'' के स्थल के लगभग करीब है पुराना एबरडीन; अक्षरशः जिसका अर्थ है "डोन के संगम [अर्थात समुद्र के साथ] पर", यह स्थानीय नदी के संबंध में है। आधुनिक नाम एबरडीन का अक्षरशः अर्थ हुआ डी (अन्य स्थानीय नदी) और डोन के बीच में. केल्टिक उपसर्ग: 'एबर-" का मतलब हुआ "का संगम", यह भी नदी से संबंधित है।<ref name="Charnock">{{Cite book|first=Richard Stephen |last=Charnock|title=Local Etymology: A Derivative Dictionary of Geographical Names|year=1859 |url=https://archive.org/details/localetymologya00chargoog |published= 1859|publisher=Houlston and Wright}}</ref> गेलिक विद्वानों का मानना है कि नाम उपसर्ग ''एबर'' - और ''डा-आएवी'' (Aber- and da-aevi) (प्रकारांतर: ''डा-अभुइन'', ''डा-अविन'') (Aber- and da-aevi (variation;Da-abhuin, Da-awin)) - जिसका अर्थ हुआ "दो नदियों का मुहाना". गेलिक में नाम है ''ओबार धेअथैन'' (Obar Dheathain) (प्रकारांतर: ''ओबैरेअधैन'') ((variation; Obairreadhain)) और [[लातिन भाषा|लैटिन]] में, [[प्राचीन रोम सभ्यता|रोमन]] ''देवाना'' (Devana) के रूप में इसका उल्लेख करते हैं। मध्यकालीन (या चर्च संबंधी) लैटिन में इसे ''एबरडोनिया'' कहा जाता है। == शासन प्रणाली == {{Main|एबर्डीन की राजनीती}} {{See also|एबर्डीन के प्रोवोस्ट और लाॅर्ड प्रोवोस्टों की सूची}} [[चित्र:CoA of Aberdeen.svg|thumb|right|"सिम्पलीफाइड" कोट ऑफ़ आर्म्स के साथ एबरडीन सिटी परिषदों के लोगो.]] एबरडीन स्थानीय रूप से एबरडीन नगर परिषद् द्वारा संचालित होता है, जो शहर के वार्डों का प्रतिनिधित्व करने वाले तैंतालीस पार्षदों द्वारा गठित होता है और जिसके प्रधान होते हैं परिषद् अध्यक्ष (लॉर्ड प्रोवोस्ट), फिलहाल प्रोवोस्ट पीटर स्टीफन इस पद पर आसीन हैं। मई 2003 से मई 2007 तक लिबरल डेमोक्रेट और कंजरवेटिव्स गठबंधन द्वारा परिषद् चलायी जा रही थी। मई 2007 के चुनाव के बाद लिबरल डेमोक्रेट ने [[स्कॉटिश नैशनलिस्ट पार्टी|स्कॉटिश नेशनल पार्टी]] के साथ एक नया गठबंधन बनाया। <ref>{{Cite news |url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/scotland/north_east/6654023.stm |title=Lib Dems and SNP in Aberdeen deal |work=बीबीसी न्यूज़ Online |date=14 मई 2007 |access-date=9 दिसंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090111160548/http://news.bbc.co.uk/1/hi/scotland/north_east/6654023.stm |archive-date=11 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref> परिषद में 15 लिबरल डेमोक्रेट, 13 एसएनपी, 10 लेबर, 4 कंजरवेटिव्स और एक स्वतंत्र पार्षद शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.aberdeencity.gov.uk/acci/web/site/xac_Councillor.asp?s=3|title=Aberdeen City Councillors|publisher=Aberdeen City Council|accessdate=2007-02-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20070211004932/http://www.aberdeencity.gov.uk/acci/web/site/xac_Councillor.asp?s=3|archive-date=11 फ़रवरी 2007|url-status=dead}}</ref> ब्रिटेन की लोकसभा में एबरडीन का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन निर्वाचन क्षेत्र हैं: एबरडीन उत्तर, एबरडीन दक्षिण और गॉर्डन, इनमे से शुरू के दो क्षेत्र पूरी तरह से एबरडीन नगर परिषद में पड़ते हैं जबकि बाद के क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा एबरडीनशायर में शामिल है। स्कॉटिश संसद में भी तीन निर्वाचन क्षेत्र इस शहर का प्रतिनिधित्व करते हैं, ये सभी पूरी तरह से परिषद् क्षेत्र में ही पड़ते हैं: एबरडीन उत्तर, एबरडीन मध्य और एबरडीन दक्षिण और इसके अलावा ऊत्तर-पूर्व स्कॉटलैंड चुनावी क्षेत्र के हिस्से के रूप में सात एमएसपी (MSPs) भी चुने जाते हैं। यूरोपीय संसद में सर्व-सम्मिलित स्कॉटलैंड क्षेत्र के हिस्से के रूप में छः एमईपी (MEPs) शहर का प्रतिनिधित्व करते हैं। == वंशावली शास्त्र == [[चित्र:Aberdeen City from Docks.JPG|thumb|left|280px|जहाज गोदाम से एबरडीन सिटी]] {{Main|एबर्डीन का कुलचिन्ह}} [[चित्र:City Flag of Aberdeen.svg|250px|thumb|right|एबरडीन की ध्वज]] शहर का प्रतीक आमतौर पर तीन किलों को दर्शाता है, जैसा कि झंडा और कुल-चिह्न के मामले में है। प्रतिकृति रॉबर्ट द ब्रुस के समय के आसपास की है और एबरडीन के तीन पहाड़ों पर स्थित इमारतों का प्रतिनिधित्व करती है: कैसल हिल पर एबरडीन किला (आजकल का कैसल गेट); विंडमिल हिल पर एक अज्ञात इमारत और सेंट कैथेरिन हिल पर एक गिरजाघर (अब नष्ट).<ref>{{Cite web|url=http://www.scottish-places.info/councils/councilfirst1.html|title=Aberdeen City|accessdate=2007-05-15|author=Gazetter for Scotland|archive-url=https://web.archive.org/web/20100613171026/http://www.scottish-places.info/councils/councilfirst1.html|archive-date=13 जून 2010|url-status=dead}}</ref> "बॉन समझौता" शहर का [[ध्येयवाक्य|आदर्श वाक्य]] है और फ्रांसिसी में इसका अर्थ "अच्छा समझौता" होता है। पौराणिक कथा कहती है कि स्कॉटिश स्वतंत्रता के युद्धों के दौरान चौदहवीं सदी से इसका उपयोग रॉबर्ट द ब्रुस द्वारा कूट शब्द के रूप में किया जाता रहा है, जब उसके लोगों ने 1308 में नष्ट करने से पहले एबरडीन किले की घेराबंदी की थी।<ref name="keith"/> परंपरागत रूप से तेंदुआ शहर के साथ जुड़ा रहा है और इसका प्रतीक शहर के शीर्ष पर देखा जा सकता है। स्थानीय पत्रिका का नाम "लेपर्ड" है और उन्नीसवीं शताब्दी में जब यूनियन पुल बनाया गया तब इस प्राणी की बैठी हुई मुद्रा में एक मूर्ति तैयार की गयी और पुल की रेलिंग स्तंभ के शीर्ष पर उसे लगा दिया गया। शहर की शुभकामना "हैप्पी टु मीट, सॉरी टु पार्ट, हैप्पी टु मीट अगेन" (मिलकर ख़ुशी हुई, बिछड़कर दुःख हुआ, फिर से मिलकर ख़ुशी हुई) है; जिसे आम तौर पर बॉन समझौते के अनुवाद के रूप में समझने की भूल की जाती है।<ref>{{Cite web|url=http://www.british-publishing.com/Pages/AberdeenOG/introducing.html|title=Aberdeen Official Guide|publisher=Aberdeen City Council|accessdate=2007-02-17|archive-url=https://web.archive.org/web/20070218082352/http://www.british-publishing.com/Pages/AberdeenOG/introducing.html|archive-date=18 फ़रवरी 2007|url-status=dead}}</ref> == भूगोल == {{Main|एबर्डीन का भुगोल}} दो नदी के मुहाने के बीच स्थित होने के कारण शहर में प्राकृतिक तलशिला अर्थात मिट्टी के नीचे की चट्टानों की कमी है। इससे स्थानीय भूवैज्ञानिकों को थोड़ी उलझन होती है: इस क्षेत्र में भूवैज्ञानिकों की बड़ी भीड़ (तेल उद्योग की वजह से) के बावजूद शहर के नीचे की ज़मीन में क्या कुछ है इसकी एक अस्पष्ट जानकारी भर ही है। शहर के दक्षिण की ओर, तटीय टीलों पर ग्रेम्पियन समूह के उच्च कोटि के कायांतरित चट्टानें पायी जाती हैं; दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम में उसी तरह की उच्च कोटि की परतदार ग्रेनाइट चट्टानें बड़ी तादाद में पायी जाती हैं; उत्तर में गैब्रोइक मिश्रित चट्टानें हैं। और खुद शहर के नीचे? शहर में बहुत कम भूभौतिकी के काम हुए हैं और कभी-कभार इमारत संबंधी और डोन नदी के तटों पर हुए थोड़े-बहुत काम से यह पता चलता है कि यह दरअसल डेवोनियन जमाने के "पुराने लाल" बलुआ पत्थर और गाद के एक आंतरक (इंलियर) पर स्थित है। शहर के बाहर डलरेडियन काल (लगभग 480-600 मिलियन साल पहले) में बनी कायांतरित/आग्नेय समष्टियां हद से अधिक फैली हुई हैं, साथ ही छिटपुट क्षेत्रों में आग्नेय डायोराइट ग्रेनाईट भी पाए गए, जैसे कि रुबिस्लाव खदान में, जिसका शहर के विक्टोरियाई हिस्से के निर्माण के समय इस्तेमाल किया गया था।<ref>{{Cite web |url=http://www.scottish-places.info/councils/councildetails1.html |title=Details of Aberdeen City |author=Gazetter for Scotland |accessdate=2007-04-10 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101124035411/http://www.scottish-places.info/councils/councildetails1.html |archive-date=24 नवंबर 2010 |url-status=dead }}</ref> तट पर, दो नदियों डी तथा डोन के बीच एबरडीन का एक लंबा रेतीला तट है, जो फ्रेजरबर्ग तक डोन के फैलाव के उत्तर में बालू के ऊंचे टीलों में बदलता चला गया है; डी नदी के दक्षिण में गहरी खाड़ी के बिल्लौरी और गोल-गोल छोटे पत्थरों के तट के सामने सीधी खड़ी चट्टानें हैं। दक्षिणी तट पर बाहर निकले हुए अनेक ग्रेनाइट हैं जहां पहले खनन कार्य किया गया था, जिनसे शानदार दृश्य बनते हैं और जो चट्टान-आरोहण के लिए एक अच्छी जगह है। शहर 184.46 वर्ग किमी (71.22 वर्ग मील) में फैला हुआ है<ref name="dbjrij">{{Cite web|url=http://www.gro-scotland.gov.uk/files/05mype-cahb-t9.pdf|title=Land Area and Population Density|author=General Register for Scotland|accessdate=2007-03-12|format=PDF|archive-url=https://web.archive.org/web/20070614184703/https://www.gro-scotland.gov.uk/files/05mype-cahb-t9.pdf|archive-date=14 जून 2007|url-status=dead}}</ref> और इसमें पुराने एबरडीन का पूर्व शहर, नया एबरडीन, जंगल और डी नदी के दक्षिण में स्थित टोरी का रॉयल बर्ग भी शामिल है। इससे {{Scottish council populations|TXT=Year}} में शहर का जनसंख्या घनत्व {{Scottish council populations|DEN=00QA}} हो गया।<ref name="population"/> कैसल हिल, सेंट कैथरीन हिल और विंडमिल हिल से मूलतः शुरू करके शहर का निर्माण अनेक पहाड़ियों पर हुआ है।<ref>{{Cite web |url=http://www.scottish-places.info/councils/councilfirst1.html |title=Aberdeen City |publisher=The Gazetteer for Scotland |accessdate=2007-02-20 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100613171026/http://www.scottish-places.info/councils/councilfirst1.html |archive-date=13 जून 2010 |url-status=dead }}</ref> === अवस्थिति === {{Geographic location |title = '''Destinations from Aberdeen''' |Northwest = [[इनव्युरी]], [[कीथ, मोरेऽ|कीथ]], [[एल्गिन]] |North = [[एल्लन, ऐबर्डीनशायर|एलन]], [[फ़रेज़र्बर्ग]] |Northeast = '''[[पीटरहेड]]''' |West = [[वेस्टहिल, ऐबर्डीनशायर|वेस्टहिल]], [[ग्रैन्टाउन-ऑन-स्पेऽ]] |Centre = एबर्डीन |East = '''[[आल्बोर्ग]]''' ([[डेन्मार्क]]) |Southwest = [[पीटर्कल्टर]], [[बैंक़ाॅरी]], [[फ़ौर्फ़ार]] |South = [[पाॅर्टेल्थेन]], [[कोव बेऽ]], '''[[स्टोनहैवेन]]''' |Southeast = '''[[गारोनिनजेन]]''', '''[[ऐम्स्टर्डैम]]''' ([[नेदर्लैंड्स]]) }} === जलवायु === एबरडीन की समुद्री जलवायु ([[कोप्पेन जलवायु वर्गीकरण|कोपेन]] ''सीएफबी (cfb)'') है। इसकी उत्तरी अवस्थिति की तुलना में एबरडीन का मौसम कहीं अधिक सुहावना है। जाड़े के मौसम में, विशेषकर दिसंबर भर, दिन बहुत ही छोटा होता है, जाड़े के दक्षिणायन के समय सूर्योदय तथा सूर्यास्त के बीच दिन औसतन छः घंटे और 40 मिनट का होता है। जाड़ा जैसे-जैसे बढ़ता जाता है, तेजी से दिन की लंबाई भी बढती जाती है, जो जनवरी के अंत तक बढ़कर 8 घंटे और 20 मिनट हो जाया करती है। गर्मी शुरू होने पर दिन लगभग 18 घंटों के हो जाते हैं, सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच 17 घंटे और 57 मिनट के, जबकि रात भर समुद्री धुंधलका छाया रहता है। साल के इस समय दिन में तापमान 17 डिग्री सेंटीग्रेड के आसपास बना रहता है। {{-}} {{Weather box |location = एबर्डीन, यूके |metric first = Yes |single line = Yes |Jan record high C = 17 |Feb record high C = 17 |Mar record high C = 20 |Apr record high C = 23 |May record high C = 24 |Jun record high C = 26 |Jul record high C = 29.8 |Aug record high C = 29.7 |Sep record high C = 24 |Oct record high C = 21 |Nov record high C = 16 |Dec record high C = 15 |Jan record high F = 63 |Feb record high F = 63 |Mar record high F = 68 |Apr record high F = 74 |May record high F = 76 |Jun record high F = 79 |Jul record high F = 85 |Aug record high F = 85 |Sep record high F = 76 |Oct record high F = 70 |Nov record high F = 62 |Dec record high F = 60 |year record high C = 29.8 |year record high F = 85 |Jan high C = 6 |Feb high C = 6 |Mar high C = 8 |Apr high C = 10 |May high C = 13 |Jun high C = 15 |Jul high C = 18 |Aug high C = 18 |Sep high C = 15 |Oct high C = 12 |Nov high C = 8 |Dec high C = 6 |Jan high F = 42 |Feb high F = 43 |Mar high F = 46 |Apr high F = 50 |May high F = 55 |Jun high F = 60 |Jul high F = 64 |Aug high F = 64 |Sep high F = 59 |Oct high F = 53 |Nov high F = 47 |Dec high F = 44 |year high C = 11 |year high F = 52 |Jan low C = 0 |Feb low C = 1 |Mar low C = 2 |Apr low C = 3 |May low C = 5 |Jun low C = 8 |Jul low C = 10 |Aug low C = 10 |Sep low C = 8 |Oct low C = 6 |Nov low C = 3 |Dec low C = 1 |Jan low F = 32 |Feb low F = 33 |Mar low F = 35 |Apr low F = 37 |May low F = 42 |Jun low F = 47 |Jul low F = 51 |Aug low F = 50 |Sep low F = 46 |Oct low F = 42 |Nov low F = 37 |Dec low F = 35 |year low C = 5 |year low F = 41 |Jan record low C = -18 |Feb record low C = -15 |Mar record low C = -11 |Apr record low C = -3 |May record low C = -3 |Jun record low C = 0 |Jul record low C = 2 |Aug record low C = 0 |Sep record low C = -2 |Oct record low C = -3 |Nov record low C = -15 |Dec record low C = -14 |Jan record low F = -2 |Feb record low F = 5 |Mar record low F = 12 |Apr record low F = 25 |May record low F = 26 |Jun record low F = 33 |Jul record low F = 37 |Aug record low F = 32 |Sep record low F = 28 |Oct record low F = 25 |Nov record low F = 5 |Dec record low F = 7 |year record low C = -18 |year record low F = -2 |Jan precipitation cm = 6.3 |Feb precipitation cm = 5.0 |Mar precipitation cm = 5.3 |Apr precipitation cm = 4.8 |May precipitation cm = 5.3 |Jun precipitation cm = 5.0 |Jul precipitation cm = 7.1 |Aug precipitation cm = 7.1 |Sep precipitation cm = 6.3 |Oct precipitation cm = 7.6 |Nov precipitation cm = 7.8 |Dec precipitation cm = 7.3 |Jan precipitation mm = 63 |Feb precipitation mm = 50 |Mar precipitation mm = 53 |Apr precipitation mm = 48 |May precipitation mm = 53 |Jun precipitation mm = 50 |Jul precipitation mm = 71 |Aug precipitation mm = 71 |Sep precipitation mm = 63 |Oct precipitation mm = 76 |Nov precipitation mm = 78 |Dec precipitation mm = 73 |Jan precipitation inch = 2.5 |Feb precipitation inch = 2.0 |Mar precipitation inch = 2.1 |Apr precipitation inch = 1.9 |May precipitation inch = 2.1 |Jun precipitation inch = 2.0 |Jul precipitation inch = 2.8 |Aug precipitation inch = 2.8 |Sep precipitation inch = 2.5 |Oct precipitation inch = 3.0 |Nov precipitation inch = 3.1 |Dec precipitation inch = 2.9 |year precipitation cm = 75.4 |year precipitation mm = 754 |year precipitation inch = 29.7 |source 1 = Weatherbook<ref>{{Cite web | url = http://www.weatherbase.com/weather/weather.php3?s=19030 | title = Historical Weather for Aberdeen, Scotland, United Kingdom | publisher = Weatherbase | accessdate = 2009-01-11 | archive-url = https://web.archive.org/web/20120213180549/http://www.weatherbase.com/weather/weather.php3?s=19030 | archive-date = 13 फ़रवरी 2012 | url-status = live }}</ref> Met Office<ref>{{Cite web|url = http://www.metoffice.gov.uk/climate/uk/interesting/july2006|title = Met Office July 2006|publisher = Met Office|accessdate = 2010-10-31|archive-url = https://web.archive.org/web/20101209163150/http://www.metoffice.gov.uk/climate/uk/interesting/july2006/|archive-date = 9 दिसंबर 2010|url-status = live}}</ref> |date=अक्टूबर 2010}} == जनसांख्यिकी == [[चित्र:AberdeenDemographic.gif|right|thumb|एबरडीन जनसांख्यिकीय<ref>[58]</ref>]] 1396 में जनसंख्या लगभग 3,000 थी। 1801 तक यह 26,992; (1901) 153,503; (1941) 182,467 हो गयी।<ref>{{Cite web|url=http://www.visionofbritain.org.uk/data_cube_table_page.jsp?data_theme=T_POP&data_cube=N_TPop&u_id=10192985&c_id=10090283&add=N|archiveurl=https://web.archive.org/web/20080120201443/http://www.visionofbritain.org.uk/data_cube_table_page.jsp?data_theme=T_POP&data_cube=N_TPop&u_id=10192985&c_id=10090283&add=N|archivedate=20 जनवरी 2008|title=Aberdeen Population|accessdate=2007-02-19|url-status=live}}</ref> 2001 में ब्रिटेन की [[जनगणना]] के अनुसार एबरडीन नगर परिषद क्षेत्र की जनसंख्या 212,125 दर्ज की गयी,<ref name="councilpop">{{Cite web|url=http://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Population&mainArea=Aberdeen+City&mainLevel=CouncilArea|title=Comparative Population Profile: Aberdeen City Council Area, Scotland|accessdate=2007-02-21|archive-url=https://web.archive.org/web/20070927212535/http://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Population&mainArea=Aberdeen+City&mainLevel=CouncilArea|archive-date=27 सितंबर 2007|url-status=dead}}</ref> लेकिन एबरडीन इलाके की जनसंख्या 184,788 थी।<ref>{{Cite web|url=http://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Population&mainArea=Aberdeen&mainLevel=Locality|title=Comparative Population Profile: Aberdeen Locality, Scotland|accessdate=2007-02-21|archive-url=https://web.archive.org/web/20070927212403/http://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Population&mainArea=Aberdeen&mainLevel=Locality|archive-date=27 सितंबर 2007|url-status=dead}}</ref> {{Scottish council populations|TXT=Year}} के लिए, नवीनतम आधिकारिक आबादी का अनुमान {{Scottish council populations|POP=00QA}} है।<ref name="population"/> 2001 में हुई एबरडीन के विशिष्ट इलाके की ब्रिटेन जनगणना से पता चलता है कि जनसांख्यिकीय में 35 वर्षीय पुरुष और 38 वर्षीय महिलाएं मध्य आयु में शामिल हैं, जो कि स्कॉटलैंड के औसत की तुलना में युवा हैं और पुरुष-महिला अनुपात में 49% से 51% है।<ref name="councilpop"/> जनगणना से पता चला कि एबरडीन में युवाओं की संख्या कम है, 16 से कम आयु के सिर्फ 16.4 प्रतिशत युवा हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 19.2 प्रतिशत है।<ref name="citycensusreview"/> जातीय आधार पर 15.7% लोग स्कॉटलैंड के बाहर पैदा हुए हैं, जो 12.9% के राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इस जनसंख्या का 8.4% इंग्लैंड में पैदा हुआ था।<ref name="citycensusreview"/> 2001 की जनगणना के अनुसार एबरडीन का 3% जातीय अल्पसंख्यक (गैर-गोरा) समूह का है, जिसमे भारतीय उप-महादेश के 0.7% और एशिया के 0.6% शामिल हैं, जबकि स्कॉटलैंड की कुल आबादी में गैर-गोरों की संख्या 2% है। स्कॉटलैंड के दूसरे तीन मुख्य शहरों [[ग्लासगो]], [[एडिनबरा|एडिनबर्ग]] और ड्यूंडी की तुलना में यह प्रतिशत कम है।<ref name="citycensusreview"/> शहर का सबसे अधिक बहुसांस्कृतिक भाग जॉर्ज स्ट्रीट है, जहां कई जातीय रेस्तरां, सुपरमार्केट और हेयरड्रेसर हैं। घर-गृहस्थी के मामले में, शहर में 97,013 अलग-अलग घरों को दर्ज किया गया, जिनमे से 61% निजी स्वामित्व वाले, 9% निजी रूप से किराए के और 23% परिषद् द्वारा दिए गये किराए वाले थे। सबसे लोकप्रिय प्रकार के घरों में अपार्टमेंट हैं, जो 49% हैं, उसके बाद 22% घर एक तरफ से जुड़े हुए प्रकार के हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Household&mainLevel=CouncilArea&mainArea=Aberdeen+City&mainText=&mainTextExplicitMatch=null&compLevel=CountryProfile&compArea=Scotland&compText=&compTextExplicitMatch=null|title=Comparative Household Profile: Aberdeen City Council Area, Scotland|accessdate=2007-02-21|archive-url=https://web.archive.org/web/20070927212346/https://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Household&mainLevel=CouncilArea&mainArea=Aberdeen+City&mainText=&mainTextExplicitMatch=null&compLevel=CountryProfile&compArea=Scotland&compText=&compTextExplicitMatch=null|archive-date=27 सितंबर 2007|url-status=dead}}</ref> शहर में परिवार की अन्तःस्थ आय 16,813 पाउंड है (औसत आय 20,292 पाउंड है)<ref>{{Cite web|url=http://www.aberdeencity.gov.uk/ACCI/nmsruntime/saveasdialog.asp?lID=1726&sID=332|archiveurl=https://web.archive.org/web/20070927031848/http://www.aberdeencity.gov.uk/ACCI/nmsruntime/saveasdialog.asp?lID=1726&sID=332|archivedate=27 सितंबर 2007|title=Low Income Households in Aberdeen|author=Aberdeen City Council|accessdate=2007-03-12|url-status=dead}}</ref> (2005), जिससे शहर की करीब 18% आबादी गरीबी रेखा से नीचे है (औसत आय के 60% के रूप में निर्धारित). इसके विपरीत, ब्रिटेन के किसी भी क्षेत्र में एबरडीन क्षेत्र करोड़पतियों के मामले में दूसरे स्थान पर है।<ref>{{Cite news | url=http://property.timesonline.co.uk/tol/life_and_style/property/buying_and_selling/article4833999.ece | title=Scottish homes market view 2008 | newspaper=The Times | date=28 सितंबर 2008 | location=London | access-date=9 दिसंबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20110716023915/http://property.timesonline.co.uk/tol/life_and_style/property/buying_and_selling/article4833999.ece | archive-date=16 जुलाई 2011 | url-status=live }}</ref> === धर्म === [[चित्र:St. Machar's Cathedral tower, Aberdeen.jpg|thumb|left|सेंट मचर कैथेड्रल]] {{Main|एबर्डीन का धर्भ}} एबरडीन के सबसे बड़े संप्रदायों में परंपरागत रूप से [[ईसाई|ईसाइयों]] के चर्च ऑफ़ स्कॉटलैंड (एबरडीन के प्रेज्बीटेरी के माध्यम से) और कैथोलिक चर्च हैं। आखिरी जनगणना से पता चला कि स्कॉटलैंड में एबरडीन बहुत कम धार्मिक शहर है, करीब 43% लोग किसी भी धर्म से जुड़े हुए नहीं हैं<ref name="citycensusreview">{{Cite web|url=http://www.aberdeencity.gov.uk/nmsruntime/saveasdialog.asp?lID=1726&sID=332|title=2001 Census: Key Statistics - Aberdeen City|author=Aberdeen City Council|accessdate=2007-02-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20100428132455/http://www.aberdeencity.gov.uk/nmsruntime/saveasdialog.asp?lID=1726&sID=332|archive-date=28 अप्रैल 2010|url-status=dead}}</ref> और अनेक पूर्व गिरजाघरों को बार तथा रेस्तरां में बदल दिया गया है।<ref>{{Cite news| url=http://web.archive.org/web/20080120092254rn_1/thescotsman.scotsman.com/ViewArticle.aspx?articleid=2777998 |title=Minister thrown out of trendy nightclub that used to be his church |newspaper=The Scotsman |location=Edinburgh |date=24 मई 2006}}</ref> [[मध्ययुग|मध्य युग]] में, सेंट निकोलस का गिरजा शहर का एकमात्र गिरजा और स्कॉटलैंड के सबसे बड़े गिरजों में से एक था। स्कॉटलैंड के अन्य गिरजो की तरह, सुधार आंदोलन के बाद इसका विभाजन हो गया, इस मामले में पूर्वी और पश्चिमी गिरजा में विभाजन हुआ। इस समय, शहर कार्मलाइट (रोमन कैथोलिक तपस्वी) (सफ़ेद लबादा वाले) और फ़्रांसीकन्स (भूरे लबादे वाले तपस्वी) का भी घर था और बीसवीं सदी के अंतिम चरण तक चैपल ऑफ़ मेरीस्चल कॉलेज के संशोधित रूप में फ़्रांसीकन्स का अस्तित्व बना रहा। डेविड प्रथम (1124–53) द्वारा सुधार आंदोलन-पूर्व के बन्फशायर के मोर्ट्लाक के धर्मप्रदेश को 1137 में पुराने एबरडीन को स्थानांतरित करने के बीस साल बाद सेंट माइकल कैथेड्रल का निर्माण किया गया था। विलियम एल्फिंस्टन की धर्माध्यक्षता (1484-1511) के अपवाद के साथ इमारत का बनना धीरे-धीरे जारी रहा। उनके बाद आये गेविन डनबर ने 1518 में इमारत के निर्माण को पूरा किया, उन्होंने इसमें दो पश्चिमी मीनार और दक्षिणी अनुप्रस्थ भाग को जोड़ा। सेंट मैरी कैथेड्रल गोथिक शैली में एक रोमन कैथोलिक कैथेड्रल है, जिसे 1859 में बनाया गया। सेंट एंड्रयू कैथेड्रल स्कॉटिश धर्माध्यक्षीय कैथेड्रल है, जिसका निर्माण आर्चीबाल्ड सिम्पसन की पहली नियुक्ति के समय 1817 में हुआ। संयुक्त राज्य अमेरिका में धर्माध्यक्षीय गिरजाघर के पहले बिशप को प्रतिष्ठित करने के लिए यह मशहूर है। द साल्वेशन आर्मी किला यूनियन स्ट्रीट के पूर्वी छोर के अंत तक फैला हुआ है। यूनियन स्ट्रीट के पास एक युनिटेरीयन गिरजा है, जिसे स्केन टेरेंस में 1833 में स्थापित किया गया था। [[क्रिस्ताडेल्फियन|क्रिस्टाडेल्फियाई]] कम से कम 1844 से एबरडीन में मौजूद रहे हैं। वर्षों से, उन्होंने वेस्ट रूम ऑफ़ म्यूजिक हॉल (120 साल से ज्यादा समय से), काऊड्राई क्लब, बॉन एकॉर्ड क्रिसेंट में वाईडब्ल्यूसीए (YWCA) जैसे के लिए किराये पर जगह दे रखी है।<ref>{{Cite web |url=http://home.freeuk.net/snichp/ecclesial/aberdeen.htm |title=एबरडीन क्रिस्टाडेल्फियंस |access-date=9 दिसंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20050122214515/http://home.freeuk.net/snichp/ecclesial/aberdeen.htm |archive-date=22 जनवरी 2005 |url-status=dead }}</ref> इन दिनों वे गार्थडी स्थित इंचगार्थ सामुदायिक केंद्र में जुटा करते हैं।<ref>''फाइन योर लोकल क्रिस्टाडेल्फियंस'' पर '[http://ukchristadelphians.org.uk/info.asp?act=ecc&amp;id=3 एबरडीन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110716012540/http://ukchristadelphians.org.uk/info.asp?act=ecc&id=3 |date=16 जुलाई 2011 }}'</ref> लैटर डे सेंट्स के द चर्च ऑफ़ जीसस क्राइस्ट के दो सभागृह हैं। पुराने एबरडीन में एक [[इस्लाम|इस्लामी]] मस्जिद और 1945 में स्थापित एक रूढ़िवादी यहूदी उपासनागृह भी है। कोई औपचारिक [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] या [[हिन्दू धर्म|हिंदू]] भवन नहीं हैं। एबरडीन विश्वविद्यालय में एक छोटा-सा [[बहाई धर्म|बहाई]] समाज है। क्राउन स्ट्रीट में क्वेकरों का एक सभास्थल भी है, स्कॉटलैंड में बनाए गये इस क्वेकर भवन का उपयोग आज भी होता है। == अर्थव्यवस्था == [[चित्र:Donside Paper Mill under demolition 2006.jpg|thumb|right|200px|विध्वंस में डॉनसाइड पेपर मिल, 15 फ़रवरी 2006]] [[चित्र:Oil platform in the North Sea.jpg|thumb|200px|तेल और गैस ड्रिलिंग रिग]] [[चित्र:Aberdeen coast.JPG|thumb|200px|एबरडीन कोस्ट]] [[चित्र:BelmontStreetMarket-81625-Peter Ward.jpg|thumb|200px|right|बेलमोन्ट स्ट्रीट किसान बाजार]] {{Main|एबरडीन की अर्थव्यवस्था|एबरडीन का तेल उद्योग}} परंपरागत रूप से, एबरडीन में मछली पकड़ने, कपड़ा मिलों, जहाज निर्माण और कागज बनाने के काम होते रहे हैं। इन उद्योगों का बड़े पैमाने पर प्रतिस्थापन किया जा चुका है। पिछले तीन दशकों से एबरडीन के आर्थिक विकास में आयी जबर्दस्त तेजी के लिए काफी हद तक जिम्मेदार इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन और विकास उद्योग में उच्च प्रौद्योगिकी विकास, कृषि व मछली पकड़ने के क्षेत्र में अनुसंधान तथा तेल उद्योग अब एबरडीन की अर्थव्यवस्था के प्रमुख हिस्सा बन चुके हैं। 1970 के दशक तक, एबरडीन के अधिकांश प्रमुख उद्योग अठारहवीं सदी के थे; इनमें मुख्य रूप से कपड़ा उद्योग, ढलाई कार्य, जहाज निर्माण और शहर का सबसे पुराना उद्योग [[कागज|कागज़]] निर्माण शामिल हैं, कागज़ सबसे पहले 1694 में बनाया गया था। 2001 में डोनसाइड कागज़ कारखाना और 2005 में डेविडसन मिल के बंद हो जाने से कागज-निर्माण का महत्व कम हो गया, अपने 500 कर्मचारियों के साथ स्टोनीवुड पेपर मिल बाक़ी बचा रहा। रिचर्ड्स ऑफ़ एबरडीन के 2004 में बंद हो जाने से वस्त्र उत्पादन समाप्त हो गया। रुबिस्लाव खदान में 300 साल से भी अधिक समय से ग्रे ग्रेनाइट का खनन हुआ करता था, फर्श के चौकोर टुकड़ों, सड़क व फुटपाथ की पत्थर की पटरी और इमारत के पत्थर के रूप में तथा स्मारक और अन्य सजावटी काम में उनका उपयोग हुआ करता था। लंदन में संसद भवन तथा वाटरलू पुल के निर्माण में एबरडीन ग्रेनाइट का इस्तेमाल किया गया। 1971 में उत्खनन बंद हो गया। मछली पकड़ना किसी समय प्रमुख उद्योग हुआ करता था, लेकिन गहरे समुद्र में मत्स्य पालन इससे आगे निकल गया, जिसे बीसवीं सदी में उन्नत प्रौद्योगिकियों से बहुत अधिक प्रोत्साहन मिला। बहुत अधिक मछली पकड़ने और तेल उद्योग के सहायक जहाजों के बंदरगाह में आने-जाने से मछलियों की संख्या में गिरावट आ गयी,<ref name="harbour">{{Cite web|url=http://www.aberdeen-harbour.co.uk/history.html|title=Aberdeen Harbour: A History of Service|publisher=Aberdeen Harbour Board|accessdate=2007-02-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20070403194640/http://www.aberdeen-harbour.co.uk/history.html|archive-date=3 अप्रैल 2007|url-status=dead}}</ref> हालांकि यह अब भी मछली पकड़ने का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है लेकिन पीटरहेड और फ्रेजरबर्ग जैसे अधिक उत्तरी बंदरगाह इससे अधिक महत्वपूर्ण बन गये हैं। मत्स्य शोध सेवाओं का मुख्यालय एबरडीन में है और एक समुद्री अनुसंधान प्रयोगशाला टोरी में है। मैकाले संस्थान में होने वाले कृषि और मिट्टी अनुसंधान के लिए एबरडीन विश्वविद्यालय की अच्छी प्रतिष्ठा है, जो शहर के दो विश्वविद्यालयों के घनिष्ठ संपर्क में है। एबरडीन स्थित रोवेट अनुसंधान संस्थान खाद्य व पोषण के अध्ययन का विश्व विख्यात शोध केंद्र है। तीन नोबेल पुरस्कार विजेता यहीं से निकले और इस शहर में जीव वैज्ञानिक बड़ी तादाद में कार्यरत हैं।<ref name="rowett">{{Cite web|url=http://www.rowett.ac.uk/institute/history.html|title=History and Background|publisher=Rowett Research Institute|accessdate=2007-02-01|archive-url=https://web.archive.org/web/20061229125832/http://www.rowett.ac.uk/institute/history.html|archive-date=29 दिसंबर 2006|url-status=dead}}</ref><ref name="newscientist">{{Cite web|url=http://www.sciencejobs.com/insider/article.action?article.id=insider126&focusId=scotland|title=A Scientist's guide to Scotland|publisher=New Scientist|accessdate=2007-02-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20070104040105/http://www.sciencejobs.com/insider/article.action?article.id=insider126&focusId=scotland|archive-date=4 जनवरी 2007|url-status=dead}}</ref> गतिशील और तेजी से बढ़ रहा इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन और विकास उद्योग भी है। {{Citation needed|date=मार्च 2008}} बीसवीं सदी के अंतिम चरण में [[उत्तरी सागर]] में महत्वपूर्ण तेल भंडार की खोज के बाद से एबरडीन यूरोप के [[पेट्रोलियम]] उद्योग का केंद्र बन गया। विश्व में दूसरे सबसे बड़े हेलीपोर्ट और समुद्र में तेल निकालने के लिए एक महत्वपूर्ण जहाज बंदरगाह सेवा के कारण एबरडीन को अक्सर ''ऑयल कैपिटल ऑफ़ यूरोप'' भी कहा जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.talentscotland.com/view_item.aspx?item_id=912|title=Aberdeen - Introduction to the city|publisher=Scottish Enterprise|accessdate=2007-02-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20081206173133/http://www.talentscotland.com/view_item.aspx?item_id=912|archive-date=6 दिसंबर 2008|url-status=dead}}</ref> आने वाले वर्षों में तेल आपूर्ति के कम होते जाने की संभावना को देखते हुए एबरडीन को {0ऑयल कैपिटल ऑफ़ यूरोप{/0} से ''एनर्जी कैपिटल ऑफ़ यूरोप'' बनाने के संयुक्त प्रयास चल रहे हैं और नयी ऊर्जा स्रोतों के विकास पर ख़ास दिलचस्पी ली जाने लगी है; और तेल उद्योग से नयी ऊर्जा तथा अन्य उद्योगों की ओर प्रौद्योगिकी का स्थानांतरण शुरू हो चुका है। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए स्कॉटिश इंटरप्राइज के नेतृत्व में "एनर्जेटिका" की शुरुआत हो चुकी है।<ref>{{Cite news |url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/business/3236703.stm |title=A burst of energy in Europe's oil capital |work=बीबीसी न्यूज़ Online |date=12 नवम्बर 2003 |access-date=9 दिसंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171125122938/http://news.bbc.co.uk/1/hi/business/3236703.stm |archive-date=25 नवंबर 2017 |url-status=live }}</ref> खरीदारी के मामले में स्कॉटलैंड में यह शहर तीसरे स्थान पर है। यूनियन स्ट्रीट और जॉर्ज स्ट्रीट पारंपरिक खरीदारी के इलाके हैं, अब अन्य शॉपिंग केंद्र भी बनाये गये हैं, इनमें सेंट निकोलस एंड बॉन एकॉर्ड तथा ट्रिनिटी शॉपिंग सेंटर उल्लेखनीय हैं। यूनियन स्क्वायर नामक [https://web.archive.org/web/20070927031735/http://www.aberdeencity.gov.uk/acci/web/site/CouncilNews/pr/pr_hammer_280706.asp £ 190 मिलियन] का एक नया खुदरा केंद्र अक्टूबर 2009 के सितंबर के अंतिम चरण तथा अक्टूबर के प्रारंभ में पूरा हो गया। प्रमुख खुदरा पार्क शहर से दूर हैं, जिनमे बेरीडेन रिटेल पार्क, किटीब्र्युस्टर रिटेल पार्क और बीच बुलवार्ड रिटेल पार्क शामिल हैं। मार्च 2004 में, एबरडीन को फेयरट्रेड फाउंडेशन की ओर से फेयरट्रेड नगर का अवार्ड मिला।<ref>{{Cite web |url=http://aberdeenfairtrade.website.orange.co.uk/ |publisher=Aberdeenfairtrade.org.uk |title=Aberdeen Fairtrade |accessdate=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091225172708/http://aberdeenfairtrade.website.orange.co.uk/ |archive-date=25 दिसंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> ड्यूंडी के साथ, यह अवार्ड पाने वाला स्कॉटलैंड का पहला शहर बना।{{Citation needed|date=दिसम्बर 2008}} == प्रसिद्ध स्थल == {{Main|एबर्डीन की वास्तुकला}} विक्टोरियन युग के दौरान [[ग्रेनाइट]] के प्रयोग से एबरडीन की [[वास्तुशास्त्र|वास्तुकला]] को जाना जाता है, जिस कारण इसका उपनाम ''ग्रेनाइट सिटी'' या कहीं अधिक रोमांटिक नाम ''सिल्वर सिटी'' पड़ा, क्योंकि पत्थर के अभ्रक धूप में चमका करते हैं। कड़े भूरे पत्थर बहुत ही टिकाऊ उपलब्ध सामग्रियों में एक हैं, जो यह बताने में मदद करते हैं कि शहर की इमारतें साफ़-सफाई तथा सीमेंट करने के बाद बिल्कुल नयी क्यों लगती हैं। रेतीले पत्थर इस्तेमाल किये गए अन्य स्कॉटिश शहरों के विपरीत इस शहर की इमारतों पर मौसमों को झेलने में सक्षम हैं और उन्हें बहुत कम रखरखाव की जरुरत पड़ती है। [[चित्र:Granite terrace in Aberdeen.jpg|thumb|center|600px|केंद्रीय एबरडीन में ग्रेनाइट छत]] शहर की मुख्य सड़क यूनियन स्ट्रीट पर उल्लेखनीय इमारतों में टाउन और काउंटी बैंक, म्यूजिक हॉल, ट्रिनिटी हॉल ऑफ द इनकार्पोरेटेड ट्रेड्स (1398 और 1527 के बीच आरंभ), अब एक शॉपिंग मॉल, नॉर्दर्न एश्योरेंस कंपनी के पूर्व कार्यालय और नेशनल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड शामिल हैं। पूरब की ओर यूनियन स्ट्रीट के विस्तार, कैसल स्ट्रीट में, एबरडीन का एक बहुत ही प्रमुख स्थान न्यू टाउन हाउस है, जिसका निर्माण 1868 और 1873 के बीच पेडी और किनीयर की डिजाइन पर हुआ था।<ref>{{Cite web |url=http://www.scottish-places.info/features/featurefirst6629.html |title=Overview of Town House |publisher=Geo.ed.ac.uk |date= |accessdate=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110714032327/http://www.scottish-places.info/features/featurefirst6629.html |archive-date=14 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref>[[चित्र:Town House, top of West Tower, Aberdeen, Peddie and Kinnear, 1868-74, photo Jane Cartney 2010.jpg|thumb|left|नई टाउन हाउस के पश्चिम टॉवर, 1868-73]] अलेक्जेंडर मार्शल मैकेंज़ी का विस्तार मेरीस्चल कॉलेज ब्रॉड स्ट्रीट पर है, जिसका उदघाटन किंग एडवर्ड सप्तम ने 1906 में किया था, जो विश्व का दूसरा सबसे बड़ा ग्रेनाइट भवन है ([[मैड्रिड]] के एस्कोरियल के बाद).<ref>{{Cite web |url=http://www.scottish-places.info/features/featurefirst1482.html |title=Overview of Marischal College |publisher=Geo.ed.ac.uk |date= |accessdate=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100607084956/http://www.scottish-places.info/features/featurefirst1482.html |archive-date=7 जून 2010 |url-status=dead }}</ref> [[चित्र:Union Terrace Gardens.jpg|thumb|200px|right|संघ टैरेस गार्डन]] [[चित्र:Robert Burns, Union Terrace, Aberdeen, 1892 Henry Bain Smith, bronze, photo Jane Cartney 2010.jpg|right|thumb|संघ छत, रॉबर्ट बर्न्स, पर हेनरी बैन स्मिथ द्वारा 1892 ब्रौन्ज़]]अनेक उत्कृष्ट प्रसिद्ध इमारतों के अलावा, एबरडीन में अनेक विख्यात लोगों की मूर्तियां भी हैं। इनमे से दो सबसे अधिक मशहूर मूर्तियों में से एक [[विलियम वालेस]] की मूर्ति यूनियन टेरेस और रोजमाउन्ट वायडक्ट के बीच में है और रॉबर्ट बर्न्स की मूर्ति यूनियन टेरेस बगीचे के ऊपर यूनियन टेरेस पर है। === पार्क, बगीचे और खुले स्थान === [[चित्र:Duthie Park - Winter Gardens.jpg|thumb|200px|right|दुथी पार्क विंटर गार्डन]] [[चित्र:Aberdeen Beach 2006.jpg|thumb|200px|right|एबरडीन समुद्रतट]] {{Main|एबर्डीन के हरित क्षेत्र}} एबरडीन लंबे समय से अपने 45<ref name="floral"/> पार्कों और बगीचों के लिए प्रसिद्ध रहा है। साथ ही, शहर भर में फूलों की बहार के लिए भी यह मशहूर है। शहर में बीस लाख गुलाब, एक करोड दस लाख डैफोडिल्स और तीस लाख क्रोकस के पौधे हैं। शहर ने रॉयल हौर्टीकल्चर सोसायटी का ब्रिटेन इन ब्लूम 'सर्वश्रेष्ठ शहर' अवार्ड दस बार जीता है,<ref name="floral">{{Cite web| url=http://www.british-publishing.com/Pages/AberdeenOG/floral.html| title=Floral Capital of Scotland| publisher=British Publishing| date=2007-02-20| access-date=9 दिसंबर 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20070401110049/http://www.british-publishing.com/Pages/AberdeenOG/floral.html| archive-date=1 अप्रैल 2007| url-status=dead}}</ref> समग्र स्कॉटलैंड में ब्लूम प्रतियोगिता बीस बार<ref name="floral"/> और 1968 से हरेक साल बड़ा शहर श्रेणी का पुरस्कार जीता है।<ref name="floral"/> नौ साल तक लगातार जीतने के बाद, दूसरे शहरों को मौका देने के लिए, एबरडीन को ब्रिटेन इन ब्लूम प्रतियोगिता से प्रतिबंधित कर दिया गया।<ref>{{Cite news| first=Maureen| last=Simpson| url=http://www.rhs.org.uk/britaininbloom/scotland/aberdeen2006.asp| archiveurl=https://web.archive.org/web/20070929103259/http://www.rhs.org.uk/britaininbloom/scotland/aberdeen2006.asp| archivedate=29 सितंबर 2007| title=We're top of Brit parade| publisher=Press and Journal| date=2006-09-22| access-date=9 दिसंबर 2010| url-status=dead}}</ref> इस शहर ने 2006 में स्कॉटलैंड इन ब्लूम "सर्वश्रेष्ठ शहर" पुरस्कार के साथ-साथ इंटरनेशनल सिटीज इन ब्लूम अवार्ड भी जीता। उपनगर डाइस ने भी स्मॉल टाउन्स पुरस्कार जीता। <ref>{{Cite web| url=http://www.rhs.org.uk/britaininbloom/scotland/aberdeen2006.asp| archiveurl=https://web.archive.org/web/20070929103259/http://www.rhs.org.uk/britaininbloom/scotland/aberdeen2006.asp| archivedate=29 सितंबर 2007| title=2006 winners| publisher=Royal Horticultural Society| accessdate=2007-02-08| url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite news| url=http://www.pressandjournal.co.uk/displayNode.jsp?nodeId=149235&command=displayContent&sourceNode=149218&contentPK=16277782&moduleName=InternalSearch&formname=sidebarsearch| title=Aberdeen's blooming success goes worldwide| publisher=Press and Journal| date=2006-12-28| access-date=9 दिसंबर 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20041222032252/http://www.pressandjournal.co.uk/displayNode.jsp?nodeId=149235| archive-date=22 दिसंबर 2004| url-status=dead}}</ref> डी नदी के उत्तरी तट पर 1899 में डुथी पार्क खोला गया था। इसे 1881 में सुश्री एलिजाबेथ क्रोम्बी डुथी ने उपहार में दिया था और उन्हीं के नाम पर इसका नाम रखा गया। इसका बहुत बड़ा बगीचा है, एक गुलाब का टीला, नौका विहार सरोवर, बैंडस्टैंड और खेलने का मैदान है। साथ ही, यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा संलग्न डेविड वेल्च विंटर गार्डन भी है। शहर से बाहर स्थित वनाच्छादित हैजलहेड पार्क बड़ा और वनाच्छादित है, वनों में सैर करने वालों, प्रकृतिवादियों और पिकनिक के शौकीनों के बीच यह पार्क लोकप्रिय है। यहां फुटबॉल मैदान, दो गोल्फ कोर्स, एक पिच और पुट कोर्स और एक घुड़सवारी स्कूल भी हैं। ब्रिटेन इन ब्लूम प्रतियोगिताओं में एबरडीन की सफलता का श्रेय अक्सर जॉन्स्टन गार्डेन्स को दिया जाता है, जो शहर के पश्चिमी छोर पर एक हेक्टेयर क्षेत्र में फैला एक छोटा-सा पार्क है, जिसमें विभिन्न प्रकार के अनेक फूल तथा पौधे लगे है, जिनकी खूबसूरती मशहूर है। 2002 में इसे ब्रिटिश द्वीपसमूह में सर्वश्रेष्ठ बगीचे का खिताब मिला। <ref name="floral"/> कभी एक निजी घर के मैदान पर बना सीटन पार्क सेंट माचर गिरजाघर के मैदान के छोर पर स्थित है। गिरजे के रास्ते को अनेक प्रकार के पौधों से एक औपचारिक शैली में लोकप्रिय ढंग से सजाया गया है। तुलनात्मक शैलियों के साथ इस पार्क में अन्य अनेक क्षेत्र भी शामिल हैं। यूनियन टैरेस गार्डन 1879 में खोला गया, जो शहर के केंद्र में स्थित है। एबरडीन के केंद्र में यूनियन स्ट्रीट को तीन तरफ से घेरते हुए यह {{convert|2.5|acre|m2}} क्षेत्र में फैला हुआ है। पार्क डेनबर्न घाटी में एक प्राकृतिक गोलाकार रंगभूमि का निर्माण करता है और यह शहर के केंद्र में शांति व सुकून का एक नखलिस्तान है। इस बगीचे के स्थान पर एक तीन मंजिली कंक्रीट और इस्पात की इमारत खड़ी करने के हाल का प्रस्ताव अत्यधिक विवादास्पद साबित हुआ, जिसमें एक व्यावसायिक केंद्र भी बनाने का प्रस्ताव शामिल था। एक-दूसरे के आसपास विक्टोरिया पार्क और वेस्टबर्न पार्क दोनों {{convert|26|acre|m2}} क्षेत्र में फैले हुए हैं। विक्टोरिया पार्क 1871 में खोला गया था। वनस्पति-रक्षागृह बैठने के काम आता है और चौदह प्रकार के ग्रेनाइट से एक फव्वारा बनाया गया है, जिसे ग्रेनाइट पॉलिशरों तथा एबरडीन के प्रमुख निर्माताओं ने जनता को भेंट में दिया है। उसके उत्तर की ओर वेस्टबर्न पार्क है जिसे 1901 में खोला गया। घास के बड़े मैदान भी हैं, जिनका व्यापक रूप से खेल के लिए प्रयोग किया जाता है। इनडोर और आउटडोर कोर्ट वाले बड़े टेनिस केंद्र हैं, बच्चों का एक साइकिल रास्ता, खेल क्षेत्र और एक घास बाउल्स लॉन भी है। == परिवहन == [[चित्र:Aberdeenconcourse.jpg|thumb|left|200px|एबरडीन रेलवे स्टेशन]] {{Main|एबर्डीन में परिवहन}} शहर के उत्तर में डाइस में एबरडीन हवाई अड्डा है, जहां से फ्रांस, नीदरलैंड, स्पेन, बेल्जियम, आस्ट्रिया, आयरलैंड और स्कैंडिनेवियाई देशों सहित अनेक घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय स्थलों के लिए उड़ान भरी जाती है। तेल उद्योग और बचाव कार्यों में लगा हेलीपोर्ट विश्व का दूसरा व्यस्ततम हेलीपोर्ट है।<ref name="BAA"/> एबरडीन रेलवे स्टेशन ब्रिटेन के मुख्य रेल नेटवर्क पर है और [[एडिनबरा|एडिनबर्ग]], ग्लासगो तथा लंदन जैसे बड़े शहरों के लिए यहां से सीधी ट्रेन है, साथ ही रात भर की कैलेडोनियन स्लीपर ट्रेन भी है। फिलहाल स्टेशन का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। 2007 में यहां विकास के काम किये गये और एक नए टिकट कार्यालय का निर्माण किया गया था। 2007 तक, 1950 के दशक की शैली का कंक्रीट का बस स्टेशन गिल्ड स्ट्रीट में था, जहां से शहर के बाहर बसें जाया करती थीं; अब इसका स्थानांतरण यूनियन स्क्वायर विकास के एक हिस्से के रूप में बने मार्केट स्ट्रीट के उत्तर में 100 मीटर की दूरी पर एक नए तथा सुव्यवस्थित बस स्टेशन में कर दिया गया है। शहर के अंदर-बाहर आने-जाने के लिए छह प्रमुख सड़कें हैं। ए90 उत्तर और दक्षिण से शहर में आने वाली मुख्य सड़क है, जो एबरडीन को दक्षिण में एडिनबर्ग, ड्यूंडी, ब्रेचिन और पर्थ तथा उत्तर में एलोन, पीटरहेड और फ्रेजरबर्ग से जोडती है। A96 एल्गिन और इन्वरनेस और उत्तर-पश्चिम से जोडती है। A93 पश्चिम की मुख्य सड़क है, जो रॉयल डीसाइड और कैर्नगोर्म्स को जाती है। ब्रीमर के बाद, यह दक्षिण की ओर मुड़ जाती है, जो पर्थ के लिए वैकल्पिक पर्यटक मार्ग है। A944 भी पश्चिम की ओर जाती है, वेस्टहिल होते हुए और अल्फोर्ड का यह रास्ता है। A90 के बनने से पहले एबरडीन के लिए A92 ही मूल दक्षिणी सड़क थी और अब इसका उपयोग पर्यटक रास्ते के रूप में होता है, यह सड़क मोंटरोज और आर्ब्रोथ तथा पूर्वी तट को जाती है। A947 डाइस शहर में है और यह न्यूमाचर, ओल्डमेल्ड्रम और टुरिफ जाती है और बनिफ और मैकडफ जाकर समाप्त हो जाती है। एबरडीन बंदरगाह स्कॉटलैंड के उत्तर में सबसे बड़ा होने और ओर्कनेय तथा शेटलैंड का नौका मार्ग होने के कारण महत्वपूर्ण है। इसकी स्थापना 1136 में हुई, इसका उल्लेख ब्रिटेन के सबसे पुराने व्यवसाय के रूप में किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.british-publishing.com/Pages/AberdeenOG/fact.html|title=It's a fact: 50 things you may not have known about Aberdeen|publisher=Aberdeen Official Guide|accessdate=2007-02-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20061207054314/http://www.british-publishing.com/Pages/AberdeenOG/fact.html|archive-date=7 दिसंबर 2006|url-status=dead}}</ref> ग्रैमपियन रिजनल ट्रांसपोर्ट (जीआरटी) और एबरडीन कारपोरेशन ट्रामवेज के उत्तराधिकारी के रूप में फर्स्ट एबरडीन के नाम से फर्स्टग्रुप शहर की बसों का संचालन करता है। एबरडीन फर्स्ट ग्रुप पीएलसी (plc) का वैश्विक मुख्यालय है, जो जीआरटी ग्रुप से पैदा हुआ है। फर्स्ट ग्रुप अभी भी किंग स्ट्रीट के पूर्व एबरडीन ट्रामवेज डिपो में ही स्थित है,<ref>{{Cite web |url=http://www.firstgroup.com/corporate/our_company/hq_history.php |title=www.firstgroup.com The History of 395 King Street 1862–2007 |publisher=FirstGroup |date=20 जनवरी 1989 |accessdate=2009-06-25 |archive-date=25 जुलाई 2008 |archive-url=https://archive.today/20080725052708/http://www.firstgroup.com/corporate/our_company/hq_history.php |url-status=dead }}</ref> जो जल्द ही एक नए अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय और एबरडीन बस डिपो में विकसित किया जाने वाला है। स्टेजकोच ब्ल्यूबर्ड ब्रांड के तहत स्टेजकोच ग्रुप भी एबरडीन और एबरडीनशायर में बसें चलाया करता है। अन्य बस कंपनियां (जैसे कि मेगाबस) भी बस स्टेशन से शहर के उत्तर और दक्षिण के स्थानों के लिए बसें चलाती हैं। एबरडीन ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइकिल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। दक्षिण में एक रास्ता है जो ड्यूंडी और एडिनबर्ग जैसे शहरों को जोड़ता है और उत्तर का रास्ता शहर से करीब <span style="white-space:nowrap">10 मील</span> बाद इन्वरनेस और फ्रेजरबर्ग की ओर दो अलग मार्गों में बंट जाता है। पुरानी रेलवे पटरियों के किनारे खासकर दो लोकप्रिय फुटपाथ हैं, जिनमे से एक डीसाइड पथ है जो बैंचोरी की ओर जाता है (जो कि बैलेटर से जा मिलता है) और फौर्मरटाइन व बुचान पथ एलोन की ओर जाता है। दोनों ही रास्तों पर साइकिल चलाने वाले, पैदल यात्री और कभी-कभी घुड़सवार भी चला करते हैं। शहर में चार पार्क व सवारी स्थल हैं: स्टोनहैवेन और एलोन (शहर के केंद्र से लगभग 12-17 मील की दूरी पर) और किंग्सवेल्स और डॉन पुल (लगभग 3-4 मील दूर)। == शिक्षा == [[चित्र:Elphinstone Hall2.jpg|thumb|left|एबरडीन विश्वविद्यालय, एल्फिसटन हॉल]] [[चित्र:Oldkingsaberdeen.jpg|thumb|left|किंग्स कॉलेज, पुराने एबरडीन]] {{Main|एबरडीन में शिक्षा}} === विश्वविद्यालय और महाविद्यालय === एबरडीन में दो विश्वविद्यालय हैं, एबरडीन विश्वविद्यालय और रॉबर्ट गॉर्डन विश्वविद्यालय. एबरडीन की विद्यार्थी दर 11.5% है, जो 7% की औसत राष्ट्रीय दर से अधिक है।<ref>{{Cite web|url=http://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Education&mainLevel=CouncilArea&mainArea=Aberdeen+City&mainText=&mainTextExplicitMatch=null&compLevel=CountryProfile&compArea=Scotland&compText=&compTextExplicitMatch=null|title=Comparative Education Profile: Aberdeen City Council Area, Scotland|accessdate=2007-02-21|archive-url=https://web.archive.org/web/20070927213314/https://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Education&mainLevel=CouncilArea&mainArea=Aberdeen+City&mainText=&mainTextExplicitMatch=null&compLevel=CountryProfile&compArea=Scotland&compText=&compTextExplicitMatch=null|archive-date=27 सितंबर 2007|url-status=dead}}</ref> एबरडीन विश्वविद्यालय की शुरुआत किंग'स कॉलेज, एबरडीन के नाम से हुई थी, जिसकी स्थापना 1495 में एबरडीन के बिशप और स्कॉटलैंड के चांसलर विलियम एल्फिंस्टन (1431-1514) द्वारा की गयी थी। एक अलग संस्थान मेरीस्चल कॉलेज की स्थापना "न्यू" एबरडीन में स्कॉटलैंड के पंचम अर्ल मेरीस्चल जॉर्ज कीथ द्वारा 1593 में की गयी थी। इन संस्थाओं को 1860 में वर्तमान एबरडीन विश्वविद्यालय के रूप में एक किया गया। यह अंग्रेजी बोलने वाली दुनिया में पांचवां सबसे पुराना विश्वविद्यालय है।<ref name="university">{{Cite book|first=Jennifer|last=Carter|title=Crown and Gown: Illustrated History of the University of Aberdeen, 1495-1995|url=https://archive.org/details/crowngown14951990000cart|year=1994|location=Aberdeen|publisher=Aberdeen University Press}}</ref> रॉबर्ट गॉर्डन कॉलेज (मूलतः रॉबर्ट गॉर्डन अस्पताल) की स्थापना 1729 में मानचित्र निर्माता स्ट्रालोच के रॉबर्ट गॉर्डन के व्यापारी पोते रॉबर्ट गॉर्डन द्वारा की गयी थी, जिसे बाद में कोलीहिल के अलेक्जेंडर सिम्पसन द्वारा 1816 में और भी धन प्रदान किया गया। मूल रूप से शहर के समाज और व्यापार के गरीब नागरिकों के बच्चों के शिक्षण व पोषण के लिए यह समर्पित था, बाद में 1881 में माध्यमिक और तकनीकी शिक्षा के लिए दिन-रात के विद्यालय के रूप में इसे पुनर्गठित किया गया। 1903 में, कॉलेज के व्यावसायिक शिक्षा घटक को केंद्रीय संस्थान नामित किया गया और 1965 में इसका नाम बदलकर रॉबर्ट गॉर्डन प्रौद्योगिकी संस्थान कर दिया गया। 1992 में इसे विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ और यह रॉबर्ट गॉर्डन विश्वविद्यालय बन गया। एबरडीन में दो कला विद्यालय भी हैं: एक है ग्रे'स स्कूल ऑफ़ आर्ट्स, जिसकी स्थापना 1886 में हुई, जो कि ब्रिटेन में स्थापित सबसे पुराने कला विद्यालयों में से एक है और जिसे अब रॉबर्ट गॉर्डन विश्वविद्यालय में शामिल कर लिया गया है; दूसरा है द स्कॉट सुथरलैंड स्कूल ऑफ़ आर्किटेक्चर एंड द बिल्ट एनवायरमेंट, जो ग्रे स्कूल ऑफ़ आर्ट के पास रॉबर्ट गॉर्डन विश्वविद्यालय के गार्थडी परिसर में स्थित है। एबरडीन कॉलेज के शहर में अनेक परिसर हैं और जहां विभिन्न प्रकार के अनेक विज्ञान विषयों की अंशकालिक और पूर्णकालिक पढाई होती है। यह आगे की पढाई के लिए स्कॉटलैंड का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान है।<ref>[http://www.abdn.ac.uk/mediareleases/release.php?id=62 एबरडीन विश्वविद्यालय के द्वारा श्रेष्ठ स्कॉटिश आंकड़े सम्मानित हुए] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161220164502/https://www.abdn.ac.uk/mediareleases/release.php?id=62 |date=20 दिसंबर 2016 }}, एबरडीन विश्वविद्यालय मीडिया रिलीज, 19 नवम्बर 2004</ref> स्कॉटिश कृषि कॉलेज एबरडीन के बाहर क्रैबस्टोन एस्टेट पर स्थित है। यह A96 पर एबरडीन हवाई अड्डे के यातायात परिपथ के पास स्थित है। कॉलेज तीन सेवाएं प्रदान करता है - अध्ययन, शोध और परामर्श कार्य. कॉलेज में अनेक भूमि संबंधी पाठ्यक्रम हैं, जैसे कि कृषि, ग्रामीण प्रबंधन, सतत पर्यावरण प्रबंधन और ग्रामीण व्यवसाय प्रबंधन. यहां डिप्लोमा से लेकर स्नातकोत्तर तक के अनेक प्रकार के पाठ्यक्रम हैं। === विद्यालय === फिलहाल यहां 12 माध्यमिक विद्यालय और 54 प्राथमिक विद्यालय हैं, जिन्हें नगर परिषद द्वारा चलाया जाता है। इनमें सबसे उल्लेखनीय हैं एबरडीन ग्रामर स्कूल (1257 में स्थापित), हारलौ एकाडेमी, कल्ट्स एकाडेमी और ओल्डमाचर एकाडेमी ये सभी 2005 में ''द टाइम्स'' द्वारा प्रकाशित 50 शीर्ष स्कॉटिश माध्यमिक विद्यालयों की सूची में शामिल थे। कुछ दिनों बाद हारलौ एकाडेमी को सूची से हटा दिया गया, फिर भी यह एक लोकप्रिय स्कूल बना हुआ है।<ref>{{cite news | url = http://extras.timesonline.co.uk/pdfs/top50statescotland.pdf | title = Times newspaper Scottish state schools league table | accessdate = 2007-01-24 | year = 2005 | format = PDF | location = London | work = The Times | archive-url = https://web.archive.org/web/20110716162958/http://extras.timesonline.co.uk/pdfs/top50statescotland.pdf | archive-date = 16 जुलाई 2011 | url-status = dead }}</ref> एबरडीन में अनेक निजी विद्यालय हैं: रॉबर्ट गॉर्डन कॉलेज, अल्बिन स्कूल फॉर गर्ल्स (2005 से सह-शिक्षा), सेंट मार्गरेट स्कूल फॉर गर्ल्स, हैमिल्टन स्कूल (मोंटेसरी स्कूल), टोटल फ्रेंच स्कूल (फ्रांसीसी तेल उद्योग परिवार के लिए), इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एबरडीन और वालद्रोफ़/स्टेनर स्कूल। एबरडीन में प्राथमिक विद्यालयों में शामिल हैं: ऐयरीहॉल प्राइमरी स्कूल, अल्बिन स्कूल, ऐशले रोड प्राइमरी स्कूल, कोर्न हिल प्राइमरी स्कूल (शहर में सबसे बड़ा), कल्टर प्राइमरी स्कूल, डेनस्टोन प्राइमरी स्कूल, फेरीहिल प्राइमरी स्कूल, गिलोम्सटाउन प्राइमरी स्कूल, ग्लेशीबर्न प्राइमरी स्कूल, हैमिल्टन स्कूल, किंगफोर्ड प्राइमरी स्कूल, माइल-एंड स्कूल, रॉबर्ट गॉर्डन कॉलेज, स्केन स्क्वायर प्राइमरी स्कूल, सेंट जोसफ प्राइमरी स्कूल और सेंट मार्गरेट स्कूल फॉर गर्ल्स। == संस्कृति == {{Main|एबरडीन की संस्कृती}} [[चित्र:Playhouseaberdeen.jpg|thumb|left|200px|महामहिम के रंगमंच]] [[चित्र:RossHouse-117156-Richard Slessor.jpg|thumb|200px|left|दाहिने ओर में प्रोवोस्ट रॉस के घर के साथ शिप्रो निचे देखते हुए.]] [[चित्र:Aberdeen buildings grey.JPG|thumb|left|200px]] शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों, सुख-सुविधाओं और संग्रहालयों की एक विस्तृत श्रृंखला है। स्कॉटलैंड की राष्ट्रीय कला कंपनियां नियमित रूप से शहर का दौरा किया करती हैं। एबरडीन आर्ट गैलरी में चांदी और कांच के संग्रहों के साथ-साथ इंप्रेशनिस्ट, विक्टोरियन, स्कॉटिश और बीसवीं सदी की ब्रिटिश पेंटिंग्स के संग्रह हैं। इसमें अलेक्जेंडर मैकडोनाल्ड बिक्वेस्ट भी शामिल है, इस उन्नीसवीं सदी के संग्रह को संग्रहालय के पहले संरक्षक ने दान में दिया था; इसके अलावा निरंतर बदलते समकालीन कार्य के संग्रह हैं और यहां नियमित रूप से प्रदर्शनियां लगा करती हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.aagm.co.uk/code/emuseum.asp?page=buildings_art_gallery|title=Aberdeen Art Gallery|publisher=Aberdeen Art Galleries and Museums|accessdate=2007-02-18|archiveurl=https://web.archive.org/web/20061206030716/http://www.aagm.co.uk/code/emuseum.asp?page=buildings_art_gallery|archivedate=6 दिसंबर 2006|url-status=dead}}</ref> === संग्रहालय और दीर्घाएं === शिपरो में स्थित एबरडीन समुद्री संग्रहालय एबरडीन के समुद्री संपर्क की कहानी बयान करता है, पाल नौका और क्लिपर जहाज़ों के जमाने से लेकर आधुनिक तेल और गैस अन्वेषण प्रौद्योगिकी के समय तक की कहानी. इसमें एक <span style="white-space:nowrap">8.5 मीटर</span> (<span style="white-space:nowrap">28 फीट</span>) ऊंचा मर्चीसन तेल उत्पादन प्लेटफार्म का मॉडल और रेटरे हेड लाईटहाउस से लाया हुआ एक उन्नीसवीं सदी का संयोजन भी है।<ref>{{Cite web|url=http://www.aagm.co.uk/code/emuseum.asp?page=buildings_maritime_museum|title=Aberdeen Maritime Museum|publisher=Aberdeen Art Galleries and Museums|accessdate=2007-02-18|archiveurl=https://web.archive.org/web/20070202182001/http://www.aagm.co.uk/code/emuseum.asp?page=buildings_maritime_museum|archivedate=2 फ़रवरी 2007|url-status=dead}}</ref> प्रोवोस्ट रोस का घर शहर का दूसरा सबसे पुराना निवासस्थान है। यह 1593 में बनाया गया था और 1702 में आर्नेज के प्रोवोस्ट जॉन रॉस का आवास बना। रसोईघर, फायर प्लेस और बरगे व पटरे की छतों सहित घर में अब भी कुछ मौलिक मध्ययुगीन विशेषताएं बची हुई हैं।<ref>{{Cite web| url=http://www.scottish-places.info/features/featurefirst1498.html| title=Provost Ross' House| publisher=The Gazetteer for Scotland| accessdate=2007-02-18| archive-url=https://web.archive.org/web/20110714032323/http://www.scottish-places.info/features/featurefirst1498.html| archive-date=14 जुलाई 2011| url-status=dead}}</ref> गॉर्डन हाईलैंडर्स संग्रहालय, स्कॉटलैंड के सर्वश्रेष्ठ ज्ञात रेजिमेंटों की कहानी बताता है।<ref>{{Cite web| url=http://www.armymuseums.org.uk/amot-search/default.asp?Category=Amot&Service=Museum-Display&reference=0000000037| title=The Gordon Highlanders Museum| publisher=Army Museums Ogilby Trust| accessdate=2007-02-18| archive-url=https://web.archive.org/web/20060926170944/http://www.armymuseums.org.uk/amot-search/default.asp?Category=Amot&Service=Museum-Display&reference=0000000037| archive-date=26 सितंबर 2006| url-status=dead}}</ref> मेरीस्चल संग्रहालय में एबरडीन विश्वविद्यालय के प्रमुख संग्रह हैं, जिसमें ललित कला, स्कॉटलैंड का इतिहास और पुरातत्व तथा यूरोपीय, भूमध्य और पूरब के करीब के पुरातत्व संबंधी लगभग 80,000 सामग्री है। नियमित अस्थायी प्रदर्शनियों से यहां के स्थायी प्रदर्शन और संदर्भ संग्रह संवर्धित होते हैं।<ref>{{Cite web| url=http://www.abdn.ac.uk/historic/museum/| title=Marischal Museum: Introduction| publisher=University of Aberdeen| accessdate=2007-02-18| archive-url=https://web.archive.org/web/20070207094529/http://www.abdn.ac.uk/historic/museum/| archive-date=7 फ़रवरी 2007| url-status=live}}</ref> === परफॉर्मिंग आर्ट === एबरडीन में कार्यक्रमों और उत्सवों सहित एबरडीन अंतर्राष्ट्रीय युवा महोत्सव (युवा प्रदर्शनकारियों का विश्व का सबसे बड़ा कला उत्सव), एबरडीन जाज़ उत्सव, ''रूटीन' एबूट'' (निम्बू वृक्ष पर आधारित लोक व मूल संगीत कार्यक्रम), ''ट्रिपटीच'' और एबरडीन विश्वविद्यालय का साहित्य उत्सव ''वर्ड'' जैसे अनेक उत्सव हुआ करते हैं। [https://web.archive.org/web/20110910060028/http://www.ausa.org.uk/charities%20accessed%20Aug%203,%202010 एबरडीन स्टुडेंट्स चैरिटीज कैम्पेन] के तत्वावधान में 1921 से बिना व्यवधान के एबरडीन स्टुडेंट शो होता आ रहा है, जो ब्रिटेन में अपनी तरह का सबसे लंबे समय से चला आ रहा कार्यक्रम है। एबरडीन इंस्टीच्यूट्स ऑफ़ टेरिटरी एजुकेशन के विद्यार्थियों और स्नातकों द्वारा इसका लेखन, निर्माण और इसमें प्रदर्शन किया जाता है। कुछ अवसरों को छोड़कर 1929 से इसका मंचन हिज मैजेस्टी'स थिएटर में होता आ रहा है। उत्तर-पूर्व की डोरिक बोली और हास्य से प्रेरित स्टुडेंट शो परंपरागत रूप से कॉमेडी और संगीत का मिश्रण है। === संगीत और फिल्म === एबरडीन के संगीत दृश्य में पब, क्लब और चर्च गायक-वृंद जैसे विभिन्न प्रकार के लाइव संगीत स्थान शामिल हैं। बेल्मोंट स्ट्रीट के बार विशेष रूप से लाइव संगीत के लिए जाने जाते हैं। सीलिध (Cèilidhs) भी शहर के हॉलों में आम हैं। अनेक लोकप्रिय स्थानों में शामिल हैं द मूरिंग्स, द लेमन ट्री, द्रुमंड्स, मोशुलू (अब बारफ्लाई का स्वामित्व), स्नाफु, द टनल्स, द एबरडीन एक्जीबिशन एंड कांफ्रेंस सेंटर तथा एबरडीन म्यूजिक हॉल। उल्लेखनीय एबर्डीनियाई संगीतकारों में एवलिन ग्लेनी, रोनी मैकलेयोड़ (तुरहीवादक और बैंडलीडर), कल्ट बैंड पल्लास, रिचर्ड हेड बैंड (रॉक), अब्बा एलाईट (ट्रिब्यूट बैंड) एनी लेनोक्स शामिल हैं। समकालीन संगीतकार जॉन मैकलेयोड़ और मार्टिन डेल्बी एबरडीन के भी हैं। स्टीयरटन प्रोडक्शंस और कैनी फिल्म्स की पहली और एकमात्र डोरिक बोली की फीचर फिल्म 2008 में जारी हुई थी। पैट्रिक वाईट और स्कॉट आयरनसाइड अभिनीत 'वन डे रिमुवल्स' दो ऐसे हटाये गये अभागे लोगों की कहानी है जिनके दिन बद से बदतर होते जाते हैं। एबर्डीनशायर के स्थलों में 60000 पाउंड के एक बजट के साथ इसे फिल्माया गया, यह एक दुखद हास्य/वयस्क कहानी है। सांस्कृतिक सिनेमा, शिक्षा कार्य और स्थानीय फिल्म कार्यक्रम द बेल्मोंट पिक्चरहाउस जो कि बेल्मोंट स्ट्रीट पर है तथा पीकॉक विजुअल आर्ट्स और द फोयर में हुआ करते हैं। === बोली === {{Main|मध्य उत्तरी स्काॅट्स}} [https://web.archive.org/web/20110716051940/http://www.lel.ed.ac.uk/dialects/nis.html एबरडीन से स्कॉट्स के एक वक्ता की रिकॉर्डिंग को सुनें] तराई के स्कॉट्स की स्थानीय बोली को आमतौर पर ''डोरिक'' कहा जाता है और इसे न सिर्फ शहर में बल्कि पूरे उत्तर-पूर्व स्कॉटलैंड में बोला जाता है। यह अन्य स्कॉट्स बोलियों से थोड़ा अलग है, सबसे ध्यान देने योग्य बात है ''एफ (f)'' का उच्चारण, जिसके लिए आमतौर पर ''व्ह (wh)'' लिखा जाता है; ''ईई (ee)'' के लिए अग्रेजी में आमतौर पर ''ओओ (oo)'' (स्कॉट्स में ''युआई (ui)'') लिखते हैं। उत्तर-पूर्व की भाषा के इतिहास के कीर्तिगान के लिए एबर्डीनशायर में हर साल वार्षिक डोरिक महोत्सव<ref>{{Cite web |url=http://www.thedoricfestival.com |title=The Doric Festival |publisher=The Doric Festival |date= |accessdate=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090701091235/http://www.thedoricfestival.com/ |archive-date=1 जुलाई 2009 |url-status=dead }}</ref> मनाया जाता है। जैसा कि शहरी क्षेत्रों में सभी स्कॉट्स बोलियों के साथ होता है, इसका उपयोग उतने व्यापक रूप से नहीं होता जितना कि एबरडीन में हुआ करता है। === मीडिया === {{Main|एबरडीन में पत्रकारिता}} एबरडीन में स्कॉटलैंड का सबसे पुराना अखबार द प्रेस एंड जर्नल 1747 में प्रकाशित हुआ। ''प्रेस एंड जर्नल'' और उसका सहयोगी अखबार ''इवनिंग एक्सप्रेस'' सप्ताह में छः दिन एबरडीन जर्नल्स द्वारा प्रकाशित होते हैं। ''एबरडीन रिकॉर्ड पीएम'' और ''एबरडीन सिटीजन'' नामक दो स्वतंत्र अखबार भी हैं{{Citation needed|date=अक्टूबर 2008}}. एबरडीन के बीचग्रोव क्षेत्र में बीबीसी स्कॉटलैंड का नेटवर्क स्टूडियो प्रोडक्शन स्थित है और बीबीसी एबरडीन ने रेडियो के लिए ''द बीचग्रोव पॉटिंग शेड'' का निर्माण किया और टर्न टेलीविजन ने टेलीविजन कार्यक्रम ''द बीचग्रोव गार्डेन'' का निर्माण किया।<ref>{{Cite web|url=http://www.beechgrove.co.uk/home/Default.asp|title=The Beechgrove Garden|publisher=Tern Television|accessdate=|archive-url=https://web.archive.org/web/20120309101130/http://www.beechgrove.co.uk/home/Default.asp|archive-date=9 मार्च 2012|url-status=dead}}</ref> शहर में एसटीवी नॉर्थ (पहले ''ग्रैम्पियन टेलीविजन'') भी है जो रात्रि क्षेत्रीय समाचार कार्यक्रम, ''एसटीवी न्यूज ऐट सिक्स'' और स्थानीय विज्ञापनों का निर्माण करता है। इसका स्टेशन टुलोस के क्रैगशा बिजनेस पार्क में स्थित है, जो पहले सितंबर 1961 से जून 2003 तक क्वींस क्रॉस के बड़े स्टूडियों में स्थित था। शहर के अंदर परिचालित होने वाले तीन व्यावसायिक रेडियो स्टेशन भी हैं, इनमें एक नॉर्थसाउंड रेडियो है जो नॉर्थसाउंड वन और नॉर्थसाउंड टू चलाता है और स्वतंत्र स्टेशन ओरिजिनल 106 है। अन्य रेडियो स्टेशनों में शामिल हैं एनईसीआर एफएम (''नॉर्थ-ईस्ट कम्युनिटी रेडियो एफएम'') डीएबी (DAB) स्टेशन,<ref name="radio">{{Cite web|url=http://www.digitalradionow.com/statl.php|archiveurl=https://web.archive.org/web/20071026031231/http://www.digitalradionow.com/statl.php|archivedate=26 अक्तूबर 2007|title=Digital Radio Now, Station List|accessdate=|url-status=dead}}</ref> और श्मु एफएम<ref>{{Cite web |url=http://www.shmufm.net |title=Shmu community media productions |publisher=Shmufm.net |date= |accessdate=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080725080516/http://www.shmufm.net/ |archive-date=25 जुलाई 2008 |url-status=dead }}</ref> जिसे ''स्टेशन हाउस मीडिया यूनिट''<ref>{{Cite web |url=http://www.shmu.org.uk |title=Shmu community media productions |publisher=Shmu.org.uk |date= |accessdate=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090619133757/http://www.shmu.org.uk/ |archive-date=19 जून 2009 |url-status=dead }}</ref> प्रबंधित करता है, जो <span style="white-space:nowrap">99.8 मेगाह्र्स्ट</span> एफएम पर एबरडीन के पहले (और एकमात्र) पूर्णकालिक सामुदायिक रेडियो स्टेशन पर प्रसारण के लिए सामुदायिक सदस्यों की मदद करता है। == खेल-कूद == [[चित्र:Richard Donald Stand.jpg|thumb|200px|right|पीटोड्री के डिक डोनाल्ड स्टैंड]] {{Main|एबरडीन में खेल}} === फुटबॉल === स्कॉटिश प्रीमियर लीग फुटबॉल क्लब, एबरडीन एफ.सी. पिट्टोड्री में खेलता है। क्लब ने 1983 में यूरोपीय कप विनर्स कप और यूरोपीय सुपर कप में विजय प्राप्त की और स्कॉटिश प्रीमियर लीग चैम्पियनशिप में चार बार जीत (1955, 1980 1984 और 1985) हासिल की और स्कॉटिश कप सात बार (1947, 1970, 1982, 1983, 1984, 1986 और 1990) जीता। सर [[एलेक्स फर्ग्यूसन]] के मातहत 1980 के दशक में वे ब्रिटिश फुटबॉल की एक बड़ी ताकत थे। अन्य सीनियर टीम है हाईलैंड फुटबॉल लीग (एचएफएल) का कोव रेंजर्स एफ.सी., जो कोव बे उपनगर के अलान पार्क में खेलती है, हालांकि वे काल्डर पार्क के बन जाने के बाद वहां चले जाएंगे, इससे स्कॉटिश फुटबॉल लीग में उन्हें एक मौक़ा मिलने की बड़ी संभावना है।<ref>{{Cite web| url=http://www.highlandfootballleague.com/clubs/showclub.php?id=4| title=Cove Rangers FC| publisher=Highland Football League| accessdate=2007-02-16| archive-url=https://web.archive.org/web/20070503205630/http://www.highlandfootballleague.com/clubs/showclub.php?id=4| archive-date=3 मई 2007| url-status=dead}}</ref> 2001 और 2008 में कोव ने एचएफएल चैम्पियनशिप में जीत हासिल की है। एक ऐतिहासिक वरिष्ठ टीम बॉन अकॉर्ड एफ.सी. भी है, जो अब नहीं खेलती. स्थानीय कनिष्ठ टीमों में शामिल हैं बैंक्स ओ' डी एफ.सी., कटलर एफ.सी., एफ.सी. स्टोनीवुड, ग्लेंटनर एफ.सी. और हरमेस एफ.सी.। एक समलैंगिक फुटबॉल क्लब, ग्रेनाइट सिटी स्टॉर्मर्स की स्थापना एबरडीन में 2008 में एबरडीन की गयी थी।<ref>{{Cite web| url=http://www.stormersfc.co.uk/aboutus.html| title=Granite City Stormers FC| accessdate=2010-05-25| archive-url=https://web.archive.org/web/20100306005119/http://www.stormersfc.co.uk/aboutus.html| archive-date=6 मार्च 2010| url-status=dead}}</ref> === रग्बी यूनियन === 1998 में ग्लासगो वारियर्स में विलय से पहले एबरडीन ने स्कॉटिश रग्बी टीम कैलेडोनिया रेड्स की मेजबानी की थी। शहर में बीटी प्रीमियरशिप डिविजन टू रग्बी क्लब एबरडीन जीएसएफपी आरएफसी, जो रुबिस्लाव प्लेइंग फिल्ड में है और एबरडीनशायर आरएफसी, जिसकी स्थापना 1875 में हुई थी और वुडसाइड स्पोटर्स कॉमप्लेक्स<ref>{{Cite web |url=http://www.aberdeenshirerfc.org.uk/ |title=Aberdeenshire Rugby Football Club - The Community Club |publisher=Aberdeenshirerfc.org.uk |date= |accessdate=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090512055822/http://www.aberdeenshirerfc.org.uk/ |archive-date=12 मई 2009 |url-status=dead }}</ref> और और एबरडीन वंडर्रस आरएफसी से कनिष्ठ, वरिष्ठ पुरुषों, वरिष्ठ महिलाओं और नौसिखुआ वर्ग का संचालन होता है। पूर्व वंडर्रस के खिलाड़ी जैसॉन ह्वाइट स्कॉटलैंड नेशनल रग्बी यूनियन टीम में कप्तान थे। 2005 में एसआरयू (SRU) के राष्ट्रपति ने कहा कि अंततः एबरडीन में एक पेशेवर टीम की स्थापना की आशा व्यक्त की जाती थी।<ref>{{Cite news |url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/rugby_union/scottish/4241554.stm |title=BBC SPORT &#124; Rugby Union &#124; Scottish &#124; Irvine wants an Aberdeen pro-team |publisher=बीबीसी न्यूज़ |date=2005-09-13 |accessdate=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20050914163331/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/rugby_union/scottish/4241554.stm |archive-date=14 सितंबर 2005 |url-status=live }}</ref> नवंबर 2008 में शहर ने पिट्टोड्री में स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच अंतर्राष्ट्रीय रग्बी की मेजबानी की, जिसमें 41-0 से स्कॉटलैंड की जीत हुई। <ref>[http://www.guardian.co.uk/sport/feedarticle/8059892 ]{{Dead link|date=जून 2009}}</ref> === गोल्फ === रॉयल एबरडीन गोल्फ क्लब की स्थापना 1780 में हुई और यह एबरडीन का सबसे पुराना गोल्फ क्लब है, 2005 में इसने सीनियर ब्रिटिश ओपन की मेजबानी की। <ref>{{Cite news| url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/scotland/north_east/4750395.stm| title=Golf event to swing into Aberdeen| date=2006-05-08| publisher=British Broadcasting Corporation| access-date=9 दिसंबर 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20090111225011/http://news.bbc.co.uk/1/hi/scotland/north_east/4750395.stm| archive-date=11 जनवरी 2009| url-status=live}}</ref> क्लब का दूसरा कोर्स भी है और ऑच्मिल्ल, बलनगास्क, हैजलहेड और किंग्स लिंक्स में सार्वजनिक गोल्फ कोर्स हैं।<ref>{{Cite web| url=http://www.aberdeencity.gov.uk/ACCI/web/site/Sports/spr_GolfHomepage.asp?menuid=m101603| title=Aberdeen City Golf Homepage| publisher=Aberdeen City Council| accessdate=2007-02-16}}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> 1999 के ओपन चैंपियनशिप के विजेता पॉल लॉरी का शहर ने अभिवादन किया। विश्व स्तर की सुविधाओं और पुख्ता वित्तीय सहयोग के साथ क्षेत्र के लिए नए कोर्स की योजना बनाई गई है, इससे शहर और प्रांत गोल्फ पर्यटन स्थल बन गया है। बाल्मेडी के अलावा डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी गोल्फ कोर्स की एक नई जीवनशैली का निर्माण किया।{{Citation needed|date= जनवरी 2010}} === तैराकी === ''सिटी ऑफ एबरडीन स्वीम टीम'' (कोस्ट) नॉर्थफिल्ड स्वीमिंग पुल पर आधारित है और 1996 से इसके परिचालन में हैं। टीम में कई छोटे तैराकी क्लब शामिल हैं, तथा पूरे स्कॉटलैंड और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसे सफलता मिली है। इस टीम के तीन तैराकों को 2006 के [[राष्ट्रमण्डल खेल|राष्ट्रमंडल खेलों]] के लिए चुना गया।<ref name="COAST">{{Cite web| url=http://www.coastswimming.org.uk/| title=City of Aberdeen Swim Team| accessdate=2009-04-16| archive-url=https://web.archive.org/web/20090331111244/http://www.coastswimming.org.uk/| archive-date=31 मार्च 2009| url-status=dead}}</ref> === नौकायन === शहर के केंद्र के दक्षिण में डी नदी पर नौकायन होता है। नदी के तट पर चार क्लब स्थित हैं: एबरडीन बोट क्लब (एबीसी (ABC)), एबरडीन स्कूल्स रोइंग एसोसिएशन (एएसआरए (ASRA)), एबरडीन यूनिवर्सिटी बोट क्लब (एयूबीसी (AUBC)) और रॉबर्ट गॉर्डन यूनिवर्सिटी बोट क्लब (आरजीयूबीसी RGUBC)). === क्रिकेट === 4 स्थानीय लीगों के साथ कुल 25 क्लब की 36 टीमों का एक बड़ा [[क्रिकेट]] समुदाय एबरडीन के गौरव को बढ़ाता है। शहर में दो राष्ट्रीय लीग हैं: एबरडीनशायर और स्टोनीवुड-डाइस. 1884 से एबरडीन में स्थानीय 'ग्रेड'<ref name="GRADES">{{Cite web| url=http://acagrades.org.uk/| title=Aberdeen Grades Association| access-date=9 दिसंबर 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20180922191018/http://www.acagrades.org.uk/| archive-date=22 सितंबर 2018| url-status=dead}}</ref> का क्रिकेट खेला जाता है। हाल ही में एबरडीनशायर 2009 का स्कॉटिश नेशनल प्रीमियर लीग और स्कॉटिश कप चैम्पियन बना। <ref name="Cricketscotland">{{Cite web| url=http://cricketscotland.com/ScottishCupFinal09| title=CricketScotland| access-date=9 दिसंबर 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20120303033951/http://cricketscotland.com/ScottishCupFinal09| archive-date=3 मार्च 2012| url-status=dead}}</ref> === फ्लोरबॉल === एबरडीन ऑयलर्स फ्लोरबॉल क्लब की स्थापना 2007 में हुई। शुरू में क्लब में अनुभवी स्कैंडिनेवियाई और अन्य यूरोपीय खिलाड़ी आकर्षित हुए, जो एबरडीन में पढ़ रहे थे। उनके गठन के बाद से, एबरडीन ऑइलर्स ने ब्रिटिश फ्लोरबॉल नॉर्दन लीग खेला और 2008/09 सत्र में लीग जीत लिया। स्कॉटलैंड में एक महिला लीग की स्थापना में क्लब ने एक प्रमुख भूमिका निभाई. ऑयलर महिलाओं की टीम ने 2008/09 की पहली महिला लीग सीजन में दूसरा स्थान प्राप्त किया।<ref name="Aberdeen Oilers Floorball Club">{{Cite web| url=http://www.aberdeenfloorball.org.uk/| title=Aberdeen Oilers Floorball Club| access-date=9 दिसंबर 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20141218150024/http://aberdeenfloorball.org.uk/| archive-date=18 दिसंबर 2014| url-status=dead}}</ref> === अन्य खेल === नगर परिषद वेस्टबर्न पार्क में एक इंडोर टेनिस सेंटर समेत विभिन्न पार्कों में सार्वजनिक टेनिस कोर्ट का संचालन करता है। बीच लेजर सेंटर में क्लाइम्बिंग वाल, जिमखाना और एक स्विमिंग पूल है। शहर के आसपास कई स्वीमिंग पुल हैं, जो उल्लेखनीय रूप से बड़े हैं, इनमें से बॉन-एकॉर्ड बाथ्स 2006 में बंद हो गया। एबरडीन में बहुत सारे स्केट्स पार्क हैं जो वेस्टबर्न के टोरी शहर में और ट्रांजिशन एक्सट्रीम के आसपास भरे पड़े हैं। ट्रांजीशन एक्सट्रीम एक इंडोर स्केट पार्क हैं, जिसका निर्माण 2007 में हुआ, इसका डिजाइन एबरडीन के स्केट किंवदंती एंडी डॉब्सन ने किया। एबरडीन सिटी काउंसिल का आउटडोर एडुकेशन सेवा भी हैं, जो '''''एडवेंचर एबरडीन'' ''' के नाम से जाना जाता है, यह आप्ज़ाइलिंग, सर्फिंग, ह्वाइट वाटर राफ्टिंग, गॉर्ज वॉकिंग, काइऐकिंग और ओपन कनॉइंग, माउंटेनियरिंग, सेलिंग, माउंटेन बाइकिंग और रॉक क्लाइम्बिंग की सुविधा प्रदान करता है। वे एडवेंचर के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करते हैं और इनके वयस्कों और बच्चों के लिए भी कई कार्यक्रमों होते हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.aberdeencity.gov.uk/adventureaberdeen |title=Adventure Aberdeen |publisher=Aberdeencity.gov.uk |date=2010-01-07 |accessdate=2010-09-07}}</ref> {{Citation needed|date=अगस्त 2009}} == सार्वजनिक सेवाएं == एवरडीन की स्वास्थय सेवाएं एनएचएस (NHS) स्कॉटलैंड द्वारा एनएचएस (NHS) ग्रैम्पियन स्वास्थ्य बोर्ड के माध्यम से ज्यादातर लोगों को प्रदान की जाती है। बच्चों के लिए रॉयल एबरडीन चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल, मानसिक स्वास्थ्य के लिए रॉयल कॉर्नहिल हॉस्पिटल और वुडेंड हॉस्पिटल और वुलमैनहिल हॉस्पिटल के साथ एबरडीन रॉयल इनफर्मरी शहर का मुख्य अस्पताल है। निजी तौर पर यहां एल्बाइन प्लेस में एल्बाइन हॉस्पिटल है, जिसका मालिकाना बीएमआई हेल्थकेयर का है और वही इसका संचालन करता है। एबरडीन सिटी काउंसिल शहर के अपने स्वामित्व के लिए जिम्मेदार है, जिसके लिए भुगतान परिषद के कर और एचएम ट्रेजरी से हुई आय को मिला-जुला कर किया जाता है। परिषद द्वारा चलायी जानेवाली आधारभूत सुविधाओं और सेवाओं में सर्दियों में बर्फ की सफ़ाई, पार्कों का रख-रखाव, कूड़े-कचरे का संग्रह, निकासी व्यवस्था, सड़कों की सफ़ाई और सड़कों की बत्तियां आदि शामिल है। निजी आधारभूत सुविधाओं में बिजली, गैस और दूरसंचार शामिल हैं। पानी की आपूर्ति वाटर स्कॉटिश द्वारा प्रदान की जाती है। * '''पुलिस:''' एबरडीन में पुलिस प्रशासन की जिम्मेवारी ग्रैम्पियन पुलिस पर है (रेलवे की जिमएवारी ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस पर है). ग्रैम्पियन पुलिस का मुख्यालय (और एबरडीन प्रखंड मुख्यालय) क्वीन स्ट्रीट, एबरडीन में स्थित है। * '''एम्बुलेंस:''' स्कॉटिश एम्बुलेंस सेवा का उत्तरी-पूर्वी प्रखंड मुख्यालय एबरडीन में स्थित है।<ref>{{Cite web |url=http://www.scottishambulance.com/about/northeast.asp |title=संग्रहीत प्रति |access-date=9 दिसंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20030921085544/http://www.scottishambulance.com/about/northeast.asp |archive-date=21 सितंबर 2003 |url-status=dead }}</ref> * '''आग और बचाव:''' यह ग्रैपिम्यन फायर एंड रेस्क्यू सर्विस की जिम्मेवारी है; सफेद रंग से पेंट की गई विशिष्ट अग्निशमन इंजन से इस सेवा का संचालन होता है (यूके (UK) के अन्य अग्निशमन दल लाल रंग के वाहन का उपयोग करते हैं)। * '''जीवनरक्षक नौका:''' रॉयल नेशनल लाइफबोट इंस्टीट्यूशन एबरडीन जीवन रक्षक नौका स्टेशन का संचालन करती है। यह यॉर्क प्लेस में विक्टोरिया डॉक एंट्रेंस में स्थित है।<ref>{{Cite web |url=http://www.aberdeen-lifeboat.org.uk/ |title=Aberdeen Lifeboat |publisher=RNLI Aberdeen |date= |accessdate=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090605011903/http://www.aberdeen-lifeboat.org.uk/ |archive-date=5 जून 2009 |url-status=dead }}</ref> इसका वर्तमान भवन 1997 में खोला गया था। == जुड़वां शहर == एबरडीन के समरूपी शहर निम्नलिखित हैं: * {{Flag icon|Germany}} - रेगेन्सबर्ग, जर्मनी (1955)<ref name="twin">{{Cite web|url=http://www.aberdeencity.gov.uk/ACCI/web/site/Tourism/SL/tur_TownTwinning.asp|title=Twinning|publisher=Aberdeen City Council|accessdate=2007-02-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20081123103433/http://www.aberdeencity.gov.uk/ACCI/web/site/Tourism/SL/tur_TownTwinning.asp|archive-date=23 नवंबर 2008|url-status=live}}</ref> * {{Flag icon|France}} - क्लेरमोंट-फेररांड फ्रांस (1983)<ref name="twin"/> * {{Flag icon|Zimbabwe}} - बुलावायो, [[ज़िम्बाबवे|जिम्बाब्वे]] (1986)<ref name="twin"/> * {{Flag icon|Norway}} - स्टवैंगर नॉर्वे (1990)<ref name="twin"/> * {{Flag icon|Belarus}} - गोमेल [[बेलारूस]] (1990)<ref name="twin"/> == उल्लेखनीय शख्सियत == {| |- |valign="top"| * पॉल लॉरी, ओपन जीतनेवाले गोल्फर * एनी लेंनोक्स शहर के पास एलॉन नामक जगह के एक संगीतकार * साइमन फ़रकुहार, लेखक * डेनिस लॉ फुटबॉल खिलाड़ी * निकोल स्टीफन, स्कॉटिश लिबरल डेमोक्रेट के पूर्व नेता, पूर्व स्कॉटलैंड के प्रथम पूर्व उपमंत्री * माइकल गोवे कैबिनेट मंत्री * एंड्रयू क्रूइकशैंक, ''डॉ॰ फिनले कैशबुक'' में अपनी भूमिका के लिए मशहूर हुए अभिनेता * थॉमस ब्लेक ग्लोवर * जॉर्ज जेमसोन स्कॉटलैंड के पहले प्रख्यात चित्रकार * बर्टी चार्ल्स फोर्ब्स (एबर्डीनशायर से), जिन्होंने फोर्ब्स की स्थापना की * स्टेनली रॉबर्टसन गायक और कथाकार * आर्चीबैल्ड सिम्पसन, वास्तुकार, एबरडीन के आधुनिक केंद्र की डिजाइन में प्रभावशाली * स्कॉट बूथ एबरडीन एफ.सी. और स्कॉटलैंड के राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के पूर्व स्ट्राइकर * प्रोफेसर सर सी. डंकन राइस इतिहासकार और एबरडीन विश्वविद्यालय के प्राचार्य * जॉन रैटट्रे स्केट बोर्डर, पेशेवर, जो 2007 के वीडियो गेम ''स्केट'' में नजर आए। * केल्विन गोल्डस्पिंक अभिनेता और गायक; एस क्लब जूनियर्स के पूर्व सदस्य; कल्टस एकाडमी में भाग लिया * स्कॉट स्टुअर्ट, आईटी प्रबंधक और जन हितैषी * कॉलिन एंगस संगीतकार और द शैमेन बैंड के संस्थापक, जिसने नब्बे के दशक में यूके (UK) चार्ट में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की। |} == काल्पनिक संदर्भ == * स्टुअर्ट मैकब्राइड के अपराध उपन्यास, ''कोल्ड ग्रेनाइट'', ''डाइंग लाइट'', ''ब्रोकन स्किन'', ''फ्लेश हाउस'', ''ब्लाइंड आई'' और ''डार्क ब्लड'' (मुख्य नायक डीएस लोगान मैकरे के साथ एक श्रृंखला) एबरडीन में ही लिखे गये। डीएस (DS) लोगान मैकरे एक ग्रैम्पियन पुलिस अधिकारी हैं और पुस्तक में पाए जाने वाले स्थानों को एबरडीन तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पाया जा सकता है। * [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] संबंधी जासूसी कथा ''आई ऑफ़ द नीडल'' के कथानक का बड़ा भाग युद्धरत एबरडीन का है, जहां से एक जर्मन जासूस समुद्र में प्रतीक्षारत एक पनडुब्बी के जरिये भागने की कोशिश करता है। * स्टुवअर्ट होम का सेक्स और साहित्यिक आसक्ति का समकालीन उपन्यास ''69 थिंग्स टु डु विद ए डेड प्रिंसेस'' एबरडीन में ही लिखा गया था। * इयान रैनकिन के उपन्यास ''ब्लैक एंड ब्ल्यू'' (1997) का एक भाग एबरडीन में लिखा गया था। * लोकप्रिय विज्ञान कथा कार्यक्रम [[डॉक्टर हू]] की सारा जेन स्मिथ डॉक्टर के चौथे अवतार तक दुर्घटनावश अपने घर दक्षिण क्रॉयडोन जाने के बजाय एबरडीन चली आती हैं। * सफल चैनल 4 सिटकॉम के पीप शो (टीवी श्रृंखला) में कभी-कभी एबरडीन का जिक्र आ जाया करता है, क्योंकि मुख्य चरित्रों में एक मालिक का एबरडीन में एक दफ्तर है। एक कड़ी में मार्क कोरिगन अपनी प्रेमिका सोफी के साथ कुछ समय बिताने के लिए अस्थायी रूप से एबरडीन में अपनी नियुक्ति चाहता है, जबकि अन्य कड़ी में मार्क का बॉस अलान जॉनस्टन बताता है कि वह "अभी-अभी एबरडीन से वापस आया है।" * अमेरिकी टीवी शो "[[सिम्प्सोन्स|द सिम्पसंस]]" की एक कड़ी 'स्क्यूज मी व्हाइल आई मिस द स्काई में काल्पनिक चरित्र ग्राउंडकीपर विली, जो एक आवर्ती चरित्र है, को सपने से जागकर "एबरडीन आगे बढ़ो" कहते हुए सुना जाता है। साथ में इस कड़ी में जब होमर और श्री बर्न्स, लोच नेस में लोच नेस दानव की खोज के लिए जाते हैं, तो उन्हें भित्तिचित्र में एक नकली दानव का पता चलता है, जिसे 'स्टॉम एबरडीन' कहा गया है। तब होमर घोषणा करता है कि 'एबरडीन राज करता है। !'. * स्टार ट्रेक के मुख्य इंजीनियर, श्री स्कॉट "वुल्फ इन द फोल्ड" कड़ी में अपने-आपको "एक पुराने एबरडीन पब का केंचुआ" बताता है। == इन्हें भी देखें == {{Portal|स्कॉटलैण्ड}} * एबरडीन में भविष्य के विकास * एबरडीन बेसटिअरी * एबरडीन की व्युत्पत्ति * एबरडीन सिटी यूथ काउंसिल * विलियम वालेस प्रतिमा, एबरडीन * विलियम वालेस प्रतिमा, बेमेरसाइड * एबरडीन में स्थानों की सूची * स्कॉटलैंड में स्थानों की सूची * एबर्डोनिया (बहुविकल्पी) == सन्दर्भ == {{Reflist|2}} == आगे पढ़ें == * {{Cite book| title= Crown and Gown: Illustrated History of the University of Aberdeen, 1495-1995 | url= https://archive.org/details/crowngown14951990000cart | publisher= Aberdeen University Press | first= Jennifer |last= Carter| isbn= 1857522400 | year= 1994}} * {{Cite book| title= Aberdeen, 1800 to 2000: A New History | url= https://archive.org/details/aberdeen180020000000unse | publisher= Tuckwell Press | first= W. Hamish | last= Fraser| isbn= 1862321752 | year= 2000}} * {{Cite book| title=A Thousand Years of Aberdeen | url=https://archive.org/details/thousandyearsofa0000keit | publisher=Aberdeen University Press | first= Alexander | last= Keith, | isbn= 0900015292 | year= 1987}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Commons category|Aberdeen}} * [https://web.archive.org/web/20051029005635/http://www.aberdeencity.gov.uk/acc/default.asp एबरडीन सिटी काउंसिल] * {{dmoz|Regional/Europe/United_Kingdom/Scotland/Aberdeen,_City_of}} * {{wikivoyage|Aberdeen}} * [http://web.archive.org/web/20080120085059/http://business.scotsman.com/topics.cfm?tid=897&amp;id=669152003/ एबरडीन फैक्ट्स] * {{Wikisource-inline|list= ** {{Cite EB1911|Aberdeen (burgh)|noicon=x}} ** {{Cite Collier's|Aberdeen (Scotland)|noicon=x}} }} {{स्कॉटिश शहर}} {{UK cities}} [[श्रेणी:स्कॉटलैण्ड]] [[श्रेणी:एबरडीन]] [[श्रेणी:स्कॉटलैण्ड के नगर]] otsa5sdwsgd64ss6nmwwgof9znmwbdv मानव श्वेताणु प्रतिजन 0 246999 6582882 6577338 2026-07-15T10:40:28Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582882 wikitext text/x-wiki [[चित्र:HLA.svg|right|क्रोमोज़ोम 6 का एचएलए (HLA) क्षेत्र.]] '''मानव श्वेताणु प्रतिजन''' प्रणाली ('''एचएलए (HLA)''') मनुष्यों में मुख्य ऊतक-संयोज्यता संकुल (एमएचसी (MHC)) का नाम है। सुपर स्थल में मनुष्यों के [[प्रतिरक्षा प्रणाली|प्रतिरक्षी तंत्र]] की कार्यप्रणाली से संबंधित जीन बड़ी संख्या में विद्यमान रहते हैं। यह जीन-समूह गुणसूत्र 6 पर स्थित रहता है और कोशिका-सतह प्रतिजन को प्रस्तुत करने वाले प्रोटीनों और कई अन्य जीनों को अनुकूटित करता है। एचएलए (HLA)) जीन एमएचसी (MHC)) जीन का मानव संस्करण हैं जो अधिकतर पृषठवंशियों में पाए जाते हैं (और इस प्रकार सर्वाधिक अध्ययन किए गए एमएचसी (MHC)) जीन हैं). अवयव प्रत्यारोपणों में कारकों के रूप में उनकी ऐतिहासिक खोज के परिणामस्वरूप कतिपय जीनों द्वारा अनुकूटित प्रोटीनों को ''प्रतिजन'' का नाम भी दिया जाता है। प्रतिरक्षी प्रकार्यों के लिये मुख्य एचएलए (HLA)) प्रतिजन आवश्यक तत्व हैं। विभिन्न वर्गों के भिन्न कार्य होते हैं। एमएचसी (MHC)) वर्ग I ('''ए''', '''बी''' और '''सी''') से संबधित एचएलए (HLA)) प्रतिजन कोशिका के भीतर के पेप्टाइडों (विषाणुज पेप्टाइड सहित, यदि उपस्थित हों) को प्रस्तुत करते हैं। ये पेप्टाइड पचे हुए उन प्रोटीनों से उत्पन्न होते हैं, जो प्रोटियासोम में विघटित हो जाते हैं। पेप्टाइड सामान्यतः छोटे बहुलक होते हैं और लंबाई में लगभग 9 अमीनो अम्लों जितने होते हैं। बाह्य प्रतिजन संहारक टी-कोशिकाओं (जो सीडी8 (CD8) सकारात्मक- या कोशिकाविषी टी-कोशिकाएं भी कहलाती हैं) को आकर्षित करते हैं, जो कोशिकाओं को नष्ट करते हैं। एमएचसी (MHC) वर्ग II ('''डीपी (DP)''', '''डीएम (DM)''', '''डीओए (DOA)''', '''डीओबी (DOB)''', '''डीक्यू (DQ)''' और '''डीआर (DR)''') से संबंधित एचएलए (HLA) प्रतिजन टी-लिम्फोसाइटों के लिये कोशिका के बाहर से प्रतिजन प्रस्तुत करते हैं। ये विशेष प्रतिजन टी-हेल्पर कोशिकाओं के विभाजन को प्रोत्साहित करते हैं और तब ये टी-सहायक कोशिकाएं प्रतिरक्षी-उत्पादक बी-कोशिकाओं को उस विशिष्ट प्रतिजन के प्रति प्रतिरक्षकों का उत्पादन करने के लिये उत्प्रेरित करती हैं। स्वतः-प्रतिजनों का शमन शामक टी-कोशिकाओं द्वारा किया जाता है। एमएचसी (MHC) वर्ग III से संबंधित एचएलए (HLA) प्रतिजन पूरक प्रणाली के घटकों को अनुकूटित करते हैं। एचएलए (HLA) की अन्य भूमिकाएं भी होती हैं। वे रोग से रक्षा के लिये महत्वपूर्ण हैं। वे अवयव प्रत्यारोपण के अस्वीकरण का कारण हो सकते हैं। वे [[कर्कट रोग|कैंसर]] से रक्षा कर सकते हैं या रक्षा करने में असमर्थ (यदि वे किसी संक्रमण द्वारा अवनियमित हो जाएं तो) हो सकते हैं।<ref>{{cite journal | last1 = Galbraith | first1 = W | last2 = Wagner | first2 = MC | last3 = Chao | first3 = J | last4 = Abaza | first4 = M | last5 = Ernst | first5 = LA | last6 = Nederlof | first6 = MA | last7 = Hartsock | first7 = RJ | last8 = Taylor | first8 = DL | last9 = Waggoner | first9 = AS | title = Imaging cytometry by multiparameter fluorescence. | journal = Cytometry | volume = 12 | issue = 7 | pages = 579–96 | year = 1991 | pmid = 1782829 | doi = 10.1002/cyto.990120702 }}</ref> वे रोग से स्वतःप्रतिरक्षित होने में मध्यस्थता कर सकते हैं (उदाहरण: प्रकार। मधुमेह, उदरगुहा रोग). प्रजनन में भी, एचएलए (HLA) लोगों की व्यक्तिगत गंध से संबंध रख सकते हैं और सहवासी के चुनाव में शामिल हो सकते हैं।<ref>{{cite journal | doi = 10.1098/rstb.2006.1931 | last1 = Brennan | first1 = P | last2 = Kendrick | first2 = K | year = 2006 | title = Mammalian social odours: attraction and individual recognition | url = | journal = Philos Trans R Soc Lond B Biol Sci | volume = 361 | issue = 1476| pages = 2061–78 | pmid = 17118924 | pmc = 1764843 }}</ref> 6 मुख्य प्रतिजनों को अनुकूटित करने वाले जीनों के अलावा, एचएलए (HLA) समूह पर बड़ी संख्या में अन्य जीन स्थित होते है, जिनमें से कई प्रतिरक्षा के कार्य में हिस्सा लेते हैं। मानव आबादी में एचएलए (HLA) की विविधता रोग से रक्षा का एक पहलू है और इसके परिणामस्वरूप सभी स्थानों पर दो असंबंधित व्यक्तियों में एक समान एचएलए (HLA) अणुओं के पाए जाने की संभावना बहुत कम होती है। ऐतिहासिक रूप से, एचएलए (HLA) जीनों की पहचान समान एचएलए (HLA) वाले व्यक्तियों के बीच अवयवों के सफलतापूर्ण प्रतिरोपण की क्षमता का परिणाम थी। == प्रकार्य == एचएलए (HLA) द्वारा अनुकूटित [[प्रोटीन]] शरीर की कोशिकाओं के बाह्य भाग पर स्थित होते हैं, जो उस व्यक्ति के लिये (प्रभावी रूप से) अद्वित्तीय होते हैं। [[प्रतिरक्षा प्रणाली|प्रतिरक्षित तंत्र]] एचएलए (HLA) का प्रयोग स्वकोशिकाओं और गैर-स्वकोशिकाओं में अंतर करने के लिये करता है। किसी भी व्यक्ति के एचएलए (HLA) का प्रकार दर्शाने वाली कोई भी कोशिका उसी व्यक्ति की अपनी होती है (और इसलिये आक्रामक नहीं होती). [[चित्र:DR beta 1 SEI topdown.JPG|left|बंधीकृत स्टैफिलोकॉकल आंत्रविष लाइगैंड (उपइकाई1-सी) के साथ डीआर प्रोटीन (डीआर:एडीआरबी1*0101 जीन उत्पादन), दृष्य ऊपर से नीचे की ओर एसईआई पेप्टाइड के 5 ऐग्स्ट्रॉमों के भीतर सभी डीआर अमाइनो अम्ल अवशेषों को दर्शा रहा है।[4]]] '''संक्रामक रोग में''' . जब कोई बाह्य रोगाणु शरीर में प्रवेश करता है तो प्रतिजन-प्रस्तोता [[कोशिकाएं]] (एपीसी (APC)) भक्षककोशिकाक्रिया नामक एक प्रक्रिया द्वारा रोगाणु को निगल लेती हैं। रोगाणु के प्रोटीन को छोटे-छोटे टुकड़ों ([[पेप्टाइड|पेप्टाइडों]]) में पचाए जाते हैं और एचएलए (HLA) प्रतिजनों (विशेषकर एमएचसी (MHC) वर्ग II) पर अधिभारित हो जाते हैं। फिर उन्हें प्रतिजन-प्रस्तोता कोशिकाओं द्वारा टी कोशिका नामक प्रतिरक्षित तंत्र की कतिपय कोशिकाओं के लिये प्रदर्शित किया जाता है, जो फिर रोगाणु को खत्म करने के लिये विविध प्रकार के प्रभाव उत्पन्न करते हैं। इसी तरह की एक प्रक्रिया के जरिये, अधिकांश कोशिकाओं के भीतर उत्पन्न प्रोटीन (मूल और बाह्य, जैसे [[विषाणु|विषाणुओं]] के प्रोटीन, दोनों), जैसे कोशिका सतह पर एचएलए (HLA) प्रतिजनों (विशेष रूप से एमएचसी (MHC) वर्ग I) पर प्रदर्शित किये जाते हैं। संक्रमित कोशिकाओं को प्रतिरक्षित तंत्र के घटकों (विशेषकर सीडी8+ टी कोशिकाएं) द्वारा पहचाना और नष्ट किया जा सकता है। बगल में दिया गया चित्र एचएलए-डीआर1 (HLA-DR1)- अणु के बंधनकारक फटे हुए भाग के भीतर बंधे हुए एक विषैले जीवाणु प्रोटीन (एसईआई (SEI) पेप्टाइड) के एक अंश को दर्शाता है। दूर नीचे दिये गए चित्र में, जो एक भिन्न दृश्य है, ऐसी ही एक दरार में बंधे हुए एक पेप्टाइड के साथ एक संपूर्ण डीक्यू (DQ) को देखा जा सकता है, जैसा कि बगल से दिखता है। रोग-संबंधित पेप्टाइड इन 'खांचों' में ऐसे फिट हो जाते हैं जैसे दस्ताने में हाथ फिट हो जाता है या ताले में चाबी फिट हो जाती है। इन संरचनाओं में पेप्टाइड टी-कोशिकाओं के सम्मुख प्रस्तुत किये जाते हैं। जब कतिपय पेप्टाइड बंधक दरार के भीतर होते हैं, तब एचएलए (HLA) अणुओं द्वारा टी-कोशिकाओं को प्रतिबंधित किया जाता है। इन कोशिकाओं पर ऐसे ग्राहक होते हैं जो प्रतिरक्षकों की तरह होते हैं और प्रत्येक कोशिका केवल कुछ वर्ग II-पेप्टाइड संयोजनों को पहचानती है। जब एक बार कोई टी-कोशिका किसी एमएचसी (MHC) वर्ग II अणु के भीतर किसी पेप्टाइड को पहचान लेती है, तो यह उन बी-कोशिकाओं को उत्तेजित करती हैं, जो उनके एसआईजीएम प्रतिरक्षकों में उसी अणु को पहचानती हैं। इसलिये ये टी-कोशिकाएं बी-कोशिकाओं को ऐसे प्रोटीनों के लिए प्रतिरक्षक बनाने में मदद करती हैं, जिन्हें वे दोनों पहचानती हैं। हर व्यक्ति में ऐसे करोड़ों भिन्न टी-कोशिका संयोजन संभव हैं, जिन्हें प्रतिजनों को पहचानने के लिये प्रयोग किया जा सकता है, जिनमें से अनेक सृष्टि के समय निकाल दिये जाते हैं क्योंकि वे स्वतःप्रतिजनों को पहचानते हैं। प्रत्येक एचएलए (HLA) कई पेप्टाइडों को बांध सकता है और प्रत्येक व्यक्ति में तीन एचएलए (HLA) प्रकार होते हैं और कुल 12 समप्रकारों के लिये डीपी (DP) के 4 समप्रकार, डीक्यू (DQ) के 4 समप्रकार और डीआर (DR) के 4 समप्रकार (डीआरबी1 (DRB1) के 2 और डीआरबी3 (DRB3), डीआरबी4 (DRB4) और डीआरबी5 (DRB5) के 2) होते हैं। इस तरह के विषमयुग्मजों में रोग-संबंधित प्रोटीनों का पहचाने जाने से बचना कठिन होता है। '''निरोप अस्वीकरण में''' . कोई और एचएलए (HLA) प्रकार दर्शाने वाली कोई भी कोशिका “गैर-स्वयं” और आक्रामक होती है, जिसके फलस्वरूप उन कोशिकाओं से युक्त अवयव अस्वीकृत हो जाता है। प्रतिरोपण में एचएलए (HLA) के महत्व के कारण, एचएलए (HLA) स्थल अन्य किसी स्वतःसूत्री युग्मविकल्पियों के मुकाबले सीरम विज्ञान या पीसीआर द्वारा सबसे अधिक वर्गनिर्धारित किये गए स्थलों में शामिल हैं। {| class="wikitable" style="float:right" |+ एचएलए (HLA) और ऑटोइम्यून रोग |- ! एचएलए (HLA) विकल्‍पी !! बढ़े हुए जोखिम के साथ रोग !! [[सापेक्ष जोखिम]] |- |rowspan=3| [[एचएलए (HLA)-बी (B)27]] | [[एंकीलोसिंग स्पौंडीलाइटिस]] | 12 |- | [[पोस्ट गोनोकोकल आर्थ्राइटिस]] | 14 |-[[पोस्ट-सैल्मोनेला आर्थ्राइटिस]] | तीव्र अग्रभाग युविटिस |15 |- |rowspan=3| एचएलए (HLA)-डीआर (DR)3 | ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस | 14 |- | प्राथमिक सोग्रेन सिंड्रोम | 10 |- | डाइबिटीज मेलिटस टाइप 1 | 5 |- |rowspan=2| एचएलए (HLA)-डीआर (DR)4 | [[गठिया संधि शोथ|रूमेटोइड आर्थ्राइटिस]] | 4 |- |डाइबिटीज मेलिटस टाइप 1 | 6 |- | एचएलए (HLA)-डीआर (DR)3 और डीआर (DR)4 संयुक्त | डाइबिटीज मेलिटस टाइप 1 | 15 |- | एचएलए (HLA)-बी (B)47 | 21-हाइड्रोक्सिलेस का अभाव | 15 |- |colspan=3| <font size="1">जब तक बॉक्स में अन्यथा न दिया गया हो, तब तक संदर्भ है</font>:<ref name="Kumar5-7">तालिका 5-7 में: {{cite book |author=Mitchell, Richard Sheppard; Kumar, Vinay; Abbas, Abul K.; Fausto, Nelson |title=Robbins Basic Pathology|url=https://archive.org/details/robbinsbasicpath0000unse_q0t1 |publisher=Saunders |location=Philadelphia |year= 2007|pages= |isbn=1-4160-2973-7 |oclc= |doi=}} 8 संस्करण.</ref> <font size="1">|}</font> <font size="1">'''स्वप्रतिरक्षा में''' . </font><font size="1">एचएलए (HLA) वर्ग आनुवंशिक होते हैं, और उनमें से कुछ का संबंध स्वप्रतिरक्षित विकारों और अन्य रोगों से होता है। </font><font size="1">कतिपय एचएलए (HLA) प्रतिजनों से युक्त लोगों में कुछ स्वप्रतिरक्षित रोगों के विकसित होने की अधिक संभावना होती है, जैसे, मधुमेह प्रकार I, [[अचलताकारक कशेरूकाशोथ|अचलताजनक कशेरूकाशोथ]], सीलियाक रोग, एसएलई (SLE) (सिस्टेमिक लूपस एरिथमेटोसस), माइएस्थीनिया ग्रैविस, इनक्लूजन बॉडी मांसपेशीशोथ और जोग्रेन्स रोगसमूह. </font><font size="1">एचएलए (HLA) वर्गनिर्धारण से सीलियाक रोग और मधुमेह प्रकार I के निदान में कुछ सुधार और तेजी आई है; फिर भी डीक्यू2 (DQ2) वर्गनिर्धारण के उपयोगी होने के लिये उच्च समाधान बी1* वर्गनिर्धारण (*0202 से *0201 तक समाधान करने वाली), डीक्यूए1* (DQA1*) वर्गनिर्धारण, या डीआर (DR) सीरोवर्गनिर्धारण की आवश्यकता होती है। </font><font size="1">चालू सीरोवर्गनिर्धारण एक पायदान में डीक्यू8 (DQ8) का समाधान कर सकती है। </font><font size="1">स्वप्रतिरक्षा में एचएलए (HLA) वर्गनिर्धारण का प्रयोग निदान के एक औजार के रूप में बढ़ता जा रहा है। </font><font size="1">सीलियाक रोग में, अचल लक्षणों, जैसे प्रत्युर्जता और द्वितीयक स्वप्रतिरक्षित रोग के प्रकट होने के पहले प्रथम दर्जे के संबंधियों में से अधिक जोखिम वाले लोगों और बिना जोखिम वाले लोगों की पहचान करने के लिये यह एकमात्र प्रभावशाली जरिया है। </font> '''कैंसर में''' . कुछ एचएलए (HLA) मध्यस्थ रोग कैंसर को उकसाने में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होते हैं। ग्लुटेन संवेदक आंत्ररोग का संबंध टी-कोशिका लसीकाग्रंथिअर्बुद से संबंधित आंत्ररोग की घटना की वृद्धि से होता है और डीआर3-डीक्यू2 (DR3-DQ2) समयुग्मज सर्वाधिक जोखिम वाले समूह में आते हैं जिनमें लगभग 80 प्रतिशत ग्लुटेन संवेदक ईएटीएल (EATL) के मामले होते हैं। लेकिन अकसर एचएलए (HLA) अणु, यह जानते हुए कि ऐसे प्रतिजनों की संख्या में वृद्धि होती है जो सामान्य अवस्था में कम स्तरों के कारण सहन नहीं किये जाते हैं, एक रक्षात्मक भूमिका निभाते हैं। असामान्य कोशिकाएं एपोटोसिस के लिये लक्ष्य बन सकती हैं जो निदान के पहले कई कैंसरों की मध्यस्थता कर सकती हैं। भिन्नयुग्मक चुनाव के एक भाग के एचएलए (HLA) पर प्रभाव द्वारा कैंसर की रोकथाम हो सकती है। == वर्गीकरण == [[चित्र:MHC Class 1.svg|thumb|150px|left|एमएचसी (MHC) वर्ग I योजनाबद्ध प्रतिनिधित्व]] '''एमएचसी (MHC) वर्ग I''' प्रोटीन शरीर की अधिकांश नाभिकयुक्त कोशिकाओं पर कार्यात्मक ग्राहक का निर्माण करते हैं। एचएलए (HLA) में 3 मुख्य और 3 गौण जीन होते हैं - * एचएलए-ए (HLA-A) * एचएलए-बी (HLA-B) * एचएलए-सी (HLA-C) * गौण जीन हैं – एचएलए-ई (HLA-E), एचएलए-एफ (HLA-F) और एचएलए-जी (HLA-G). * β<sub>2</sub>-माइक्रोग्लॉब्युलिन मुख्य और गौण जीन उपइकाइयों से जुड़ कर एक हेटेरोडाइमर का उत्पादन करता है। [[चित्र:DQ Illustration.PNG|thumb|100px|right|कोशिका की प्लाज्मा झिल्ली पर तैरते हुए बंधीकृत लाइगैंड (पीले) के साथ एक एचएलए-डीक्यू अणु (लाल-बैंगनी और नीला) का चित्र]] एचएलए (HLA) द्वारा अनुकूटित 3 मुख्य और 2 गौण '''एमएचसी (MHC) वर्ग II''' प्रोटीन होते हैं। वर्ग II के जीन संयुक्त होकर हेटेरोडाइमरिक (αβ) प्रोटीन ग्राहक बनाते हैं जो प्रतिजन प्रस्तोता कोशिकाओं की सतह पर व्यक्त होते हैं। मुख्य एमएचसी (MHC) वर्ग II * एचएलए-डीपी (HLA-DP) ** एचएलए (HLA)-'''डीपीए1 (DPA1)''' स्थल द्वारा अनुकूटित '''α''' -श्रृंखला ** एचएलए (HLA)-'''डीपीबी1 (DPB1)''' स्थल द्वारा अनुकूटित '''β''' -श्रृंखला * एचएलए (HLA)-डीक्यू (DQ) ** एचएलए (HLA)-'''डीक्यूए1 (DQA1)''' स्थल द्वारा अनुकूटित '''α''' -श्रृंखला ** एचएलए (HLA)-'''डीक्यूबी1 (DQB1)''' स्थल द्वारा अनुकूटित '''β''' -श्रृंखला * एचएलए (HLA)-डीआर (DR) ** एचएलए (HLA)-'''डीआरए (DRA)''' स्थल द्वारा अनुकूटित '''α''' -श्रृंखला ** एचएलए (HLA)-'''डीआरबी1 (DRB1)''', '''डीआरबी3 (DRB3)''', '''डीआरबी4 (DRB4)''', '''डीआरबी5 (DRB5)''' स्थल द्वारा अनुकूटित '''4 β-श्रृंखलाएं''' (प्रति व्यक्ति केवल 3 संभव) एमएचसी (MHC) वर्ग II वाले अन्य प्रोटीन, डीएम (DM) और डीओ (DO), का प्रयोग प्रतिजनों की आंतरिक तैयारी के लिये किया जाता है, जिसमें रोगाणुओं से उत्पन्न प्रतिजनीय पेप्टाइडों को प्रतिजन-प्रस्तोता कोशिका के एचएलए (HLA) अणुओं पर चढ़ाया जाता है। === नामावली === आधुनिक एचएलए (HLA) युग्मविकल्पी विस्तार के विविध स्तरों के साथ लिखे जाते हैं। अधिकांश नामांकन एचएलए (HLA)- और स्थल के नाम से शुरू होते हैं, फिर * और युग्मविकल्पी को इंगित करने वाले कुछ (सम) अंक लिखे जाते हैं। पहले दो अंक युग्मविकल्पी के समूह को दर्शाते हैं। पुरानी वर्गीकरण प्रणालियां अक्सर युग्मविकल्पियों को पूरी तरह पहचान नहीं पाती थीं और इसलिये इसी स्तर पर रूक जाती थीं। तीसरे से चौथे अंक एक समाननाम वाले युग्मविकल्पी को दर्शाते हैं। अंक पांच से अंक छह जीन के कूट फ्रेम के भीतर किसी भी समाननामी विकृतियों को दर्शाते हैं। सातवें और आठवें अंक कूटलेखन क्षेत्र से बाहर के परिवर्तनों में भेद करते हैं। एल (L), एन (N), क्यू (Q) या एस (S) जैसे अक्षर युग्मविकल्पी के नाम के बाद आकर उसके बारे में ज्ञात अभिव्यक्ति स्तर या अन्य गैर-जीनोमी जानकारी को दर्शा सकते हैं। इस प्रकार, कोई पूरी तरह से वर्णित युग्मविकल्पी 9 अंकों तक लंबा हो सकता है, जिसमें एचएलए (HLA)-उपसर्ग और स्थल-संकेतन शामिल नहीं हैं। {{further|[[History and naming of human leukocyte antigens]]}} === विविधजन्यता === [[चित्र:MHC expression.svg|thumb|right|300px|एचएलए (HLA) जीन की सहप्रभावी अभिव्यक्ति]] स्तनपायियों में एमएचसी (MHC) स्थल आनुवंशिकतः सबसे अधिक परिवर्तनशील कूट स्थल में शामिल हैं और मानव एचएलए (HLA) स्थल भी कोई अपवाद नहीं हैं। इस सबूत के बाद भी कि मानव जनसंख्या 150000 वर्षों से भी पहले एक संकुचन से गुजरी थी जो कई स्थलों को तय करने में समर्थ था, एचएलए (HLA) स्थल ऐसे संकुचन से बड़ी मात्रा में भिन्नता के साथ बच निकले प्रतीत होते हैं।<ref>{{cite book |title=Evolution and the Spiral of Technology |last=Shennan |first=Douglas H |year=2006 |publisher=Trafford Publishing |isbn=1552125181 }}</ref> उपर्लिखित 9 स्थल में से, अधिकांश ने प्रत्येक स्थल के लिये एक दर्जन या उससे अधिक युग्मविकल्पी-समूहों को संभाले रखा है, जो मानव स्थलों के विशाल समुदाय की अपेक्षा काफी अधिक परिरक्षित परिवर्तन है। यह इन स्थलों के लिये भिन्नयुग्मक या संतुलनकारक चुनाव के गुणक के अनुकूल है। उसके अलावा, कुछ एचएलए (HLA) स्थल मानव जीनोम में सबसे अधिक तेजी से क्रमविकास कर रहे कूट क्षेत्रों में शामिल हैं। विविधीकरण की एक विधि के बारे में दक्षिण अमेरिका की अमेजोनियन जातियों के एक अध्ययन में पता चला है, जिनमें प्रत्येक जीन वर्ग में परिवर्तनशील युग्मविकल्पियों और स्थलों के बीच तीव्र जीन परिवर्तन हुआ लगता है।<ref name="Parham">{{cite journal | author = P. Parham and T. Ohta | title = Population Biology of Antigen Presentation by MHC class I Molecules | url = https://archive.org/details/sim_science_1996-04-05_272_5258/page/67 | journal = Science | volume = 272 | issue = 5258 pages = 67–74 | year = 1996 | pmid = 8600539 | doi = 10.1126/science.272.5258.67 | pages = 67–74}}.</ref> कम संख्या में एचएलए (HLA) जीनों के जरिये लंबे दायरे के उत्पादक पुनर्संयोजन देखे गए हैं, जिनसे द्विदेहांशी जीनों का उत्पादन होता है। पांच स्थलों के 100 से अधिक युग्मविकल्पी हैं जो मानव आबादी में पाए गए हैं, जिनमें से सबसे अधिक परिवर्तनशील हैं, एचएलए (HLA) बी (B) और एचएलए (HLA) डीआरबी1 (DRB1). 2004 तक निश्चित किये गए युग्मविकल्पियों को नीचे दी गई तालिका में अनुसूचित किया गया है। इस तालिका को समझने के लिये यह मानना जरूरी है कि युग्मविकल्पी किसी स्थल पर न्यूक्लियोटाइड (डीएनए (DNA)) क्रम का एक भिन्न रूप होता है, इस तरह कि प्रत्येक युग्मविकल्पी अन्य सभी युग्मविकल्पियों से कम से कम एक स्थिति (एकल न्यूक्लियोटाइड पालिमार्फिज्म, एसएनपी (SNP)) में भिन्न होता है। ये परिवर्तन अधिकतर अमीनो एसिड सीक्वेंसों में एक परिवर्तन लाते हैं जिसके फलस्वरूप प्रोटीन में हल्की से लेकर बड़ी कार्यात्मक भिन्नताएं हो सकती हैं। कुछ बाते हैं जो इस परिवर्तन को सीमित करती हैं। कुछ युग्मविकल्पी जैसे डीक्यूए1*0501 (DQA1*0505) और डीक्यूए1*0505 (DQA1*0505) समान रूप से तैयार किये गए उत्पादनों वाले प्रोटीनों को अनुकूटित करते हैं। अन्य युग्मविकल्पी जैसे डीक्यूबी1*0201 (DQB1*0201) और डीक्यूबी1*0202 (DQB1*0202) ऐसे प्रोटीनों का उत्पादन करते हैं जो कार्यात्मक रूप से समान होते हैं। वर्ग II (डीआर (DR), डीपी (DP) और डीक्यू (DQ)) के लिये, ग्राहक के पेप्टाइड बाइंडिंग फांक के भीतर के अमीनो एसिड भिन्नरूप भिन्न बाइंडिंग क्षमता वाले अणुओं का उत्पादन करते हैं। ==== भिन्नरूपी युग्मविकल्पियों की तालिकाएं ==== आईएमजीटी-एचएलए (IMGT-HLA) आंकडों के अनुसार वर्ग I स्थल पर स्थित भिन्नरूपी युग्मविकल्पियों की संख्या, जनवरी 2009 तक: {| border="0" cellspacing="0" cellpadding="0" align="center" style="text-align:center;margin-left:1em;border:1px #bbbbff solid;background:#f8f8ff" |+ align="left" style="font-size:90%"| |- style="background:#fafaff;font-size:130%" ! style="height:30px" colspan="2" align="center"| एमएचसी (MHC) वर्ग I |- style="background:#eeeeff;font-size:110%" ! width="135"| लोकस | width="85"| '''#'''<ref name="Marsh">{{cite journal | author = Marsh SG, Albert ED, Bodmer WF, Bontrop RE, Dupont B, Erlich HA, Geraghty DE, Hansen JA, Hurley CK, Mach B, Mayr WR, Parham P, Petersdorf EW, Sasazuki T, Schreuder GM, Strominger JL, Svejgaard A, Terasaki PI, and Trowsdale J. | title = Nomenclature for factors of the HLA System, 2004 | journal = [[Tissue Antigens]] | volume = 65 | pages = 301–369 | year = 2005 | pmid = 15787720 | doi = 10.1111/j.1399-0039.2005.00379.x | issue = 4 }}</ref><ref name="imgt">{{Cite web |url=http://www.ebi.ac.uk/imgt/hla/stats.html |title=आईएमजीटी (IMGT) / एचएलए (HLA) (HLA) डेटाबेस |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120920083942/http://www.ebi.ac.uk/imgt/hla/stats.html |archive-date=20 सितंबर 2012 |url-status=dead }}</ref> |- style="background:#f4f4ff" ! style="color:#aaaadd"| प्रमुख एंटीजन |- style="background:#f4f4ff" ! एचएलए (HLA) ए | style="background:#f8f8ff"| 767 |- style="background:#f4f4ff" ! एचएलए (HLA) बी | style="background:#f8f8ff"| 1,178 |- style="background:#f4f4ff" ! एचएलए (HLA) सी | style="background:#f8f8ff"| 439 |- style="background:#f4f4ff" | style="color:#aaaadd"| अवयस्क एंटीजन |- style="background:#f4f4ff" | एचएलए (HLA) ई | style="background:#f8f8ff"| 9 |- style="background:#f4f4ff" | एचएलए (HLA) एफ | style="background:#f8f8ff"| 21 |- style="background:#f4f4ff" | एचएलए (HLA) जी | style="background:#f8f8ff"| 43 |- style="background:#f4f4ff" |} वर्ग II स्थल (डीएम (DM), डीओ (DO), डीपी (DP), डीक्यू (DQ) और डीआर (DR)) पर भिन्नरूपी युग्मविकल्पियों की संख्या: {| border="0" cellspacing="0" cellpadding="0" align="center" style="text-align:center;margin-left:1em;border:1px #bbbbff solid;background:#f8f8ff" |+ align="left" style="font-size:90%"| |- style="background:#fafaff;font-size:130%" ! style="height:30px" colspan="5" align="center"| एमएचसी (MHC) वर्ग II |- style="background:#eeeeff;font-size:100%" ! width="60"| एचएलए (HLA) | width="60"| -'''A1''' | width="60"| -'''बी1''' | width="85" style="font-size:90%"| '''-बी3 से -बी5''' <sup>1</sup> | width="60" style="font-size:80%"| संभावना |- style="background:#eeeeff;font-size:100%" ! लोकस | '''#'''<ref name="imgt"/> | '''#'''<ref name="imgt"/> | '''#'''<ref name="imgt"/> | width="60" style="font-size:80%"| संयोजन |- style="background:#f8f8ff" ! style="background:#f4f4ff"| डीएम (DM)- | 4 | 7 | | style="background:#fefeff"| 28 |- style="background:#f8f8ff" ! style="background:#f4f4ff"| डीओ (DO)- | 12 | 9 | | style="background:#fefeff"| 72 |- style="background:#f8f8ff" ! style="background:#f4f4ff"| डीपी (DP)- | 27 | 133 | | style="background:#fefeff"| 3,591 |- style="background:#f8f8ff" ! style="background:#f4f4ff"| डीक्यू (DQ)- | 34 | 96 | | style="background:#fefeff"| 3,264 |- style="background:#f8f8ff" ! style="background:#f4f4ff"| डीआर (DR)- | 3 | 618 | 82 | style="background:#fefeff"| 2,121 |- style="background:#f8f8ff" | colspan="5" style="font-size:80%"| मानव में <sup>1</sup>डीआरबी (DRB)3, डीआरबी (DRB)4, डीआरबी (DRB)5 परिवर्तनीय उपस्थिति है |} ==== अनुक्रम फ़ीचर संस्करण प्रकार (SFVT) ==== एचएलए (HLA) जीनों की बड़ी हद तक परिवर्तनशीलता रोगों में एचएलए (HLA) जीनसंबंधी परिवर्तनों की भूमिका की जांच करने में काफी चुनौतियां खड़ी करती है। आदर्श रूप से रोग संबंध अध्ययन प्रत्येक एचएलए (HLA) युग्मविकल्पी को एक एकल पूर्ण इकाई मानते हैं, जो रोग से संबंधित अणु के भागों को प्रकाशित नहीं करती. कार्प डी आर और अन्य ने एचएलए (HLA) जीनसंबंधी विश्लेषण के लिये एक नवीन क्रम रूप भिन्नरूपी वर्ग (एसएफवीटी) का वर्णन किया है, जो एचएलए (HLA) प्रोटीनों को जीववैज्ञानिक रूप से अर्थपूर्ण छोटे क्रम रूपों (एसएफ) और उनके भिन्न प्रकारों में श्रेणीकृत करता है।<ref name="Karp">{{cite journal | author = Karp DR, Marthandan N, Marsh SG, Ahn C, Arnett FC, Deluca DS, Diehl AD, Dunivin R, Eilbeck K, Feolo M, Guidry PA, Helmberg W, Lewis S, Mayes MD, Mungall C, Natale DA, Peters B, Petersdorf E, Reveille JD, Smith B, Thomson G, Waller MJ, and Scheuermann RH.| title = Novel sequence feature variant type analysis of the HLA genetic association in systemic sclerosis. 2010 | journal = Human Molecular Genetics | volume = 19 | pages = 707–719| year = 2010 | pmid = 19933168 | doi=10.1093/hmg/ddp521 | issue = 4 | pmc = 2807365 }}</ref> क्रम रूपी रचनात्मक जानकारी (उदाहरण, बीटा-शीट 1), क्रियात्मक जानकारी (उदाहरण, पेप्टाइड प्रतिजन बंधन) और बहुरूपता के आधार पर परिभाषित अमीनो अम्लों के संयोजन होते हैं। ये क्रम रूप आच्छादन और रेखीय क्रम में विरामयुक्त या अनवरत हो सकते हैं। प्रत्येक क्रम के रूप के लिये भिन्न वर्ग वर्णित एचएलए (HLA) स्थल की सभी ज्ञात बहुरूपकताओं के आधार पर परिभाषित किये जाते हैं। एचएलए (HLA) का एसएफवीटी (SFVT) वर्गीकरण जेनेटिक संबंध विश्लेषण में इस तरह से प्रयुक्त किया जाता है कि विभिन्न एचएलए (HLA) युग्मविकल्पियों द्वारा साझा किये गए एपीटोपों के प्रभाव व भूमिकाओं को पहचाना जा सके. सभी संस्थापित एचएलए (HLA) प्रोटीनों के लिये क्रम रूप और उनके भिन्न प्रकारों का विवरण दिया गया है;एचएलए (HLA) एसएफवीटी (SFVT) का अंतर्राष्ट्रीय संग्रह आईएमजीटी (IMGT)/एचएलए (HLA) आंकड़ों पर अवलंबित किया जाएगा.<ref>{{cite web|url= http://www.ebi.ac.uk/imgt/hla/|title= IMGT/HLA Database|access-date= 17 जनवरी 2011|archive-url= https://web.archive.org/web/20060924011839/http://www.ebi.ac.uk/imgt/hla/|archive-date= 24 सितंबर 2006|url-status= dead}}</ref> एचएलए (HLA) युग्मविकल्पियों को उनके आंशिक एसएफवीटी (SFVT) में बदलने के लिये एक औजार प्रतिरक्षितविज्ञान डेटाबेस और विश्लेषण पोर्टल (ImmPort) वेबसाइट पर पाया जा सकता है।<ref>{{cite web |url= https://www.immport.org/immportWeb/home/home.do?loginType=full |title= Immunology Database and Analysis Portal (ImmPort) |access-date= 17 जनवरी 2011 |archive-url= https://web.archive.org/web/20110726174823/https://www.immport.org/immportWeb/home/home.do?loginType=full |archive-date= 26 जुलाई 2011 |url-status= dead }}</ref> === एचएलए (HLA) प्रकारों का परीक्षण === ==== सीरोवर्ग और युग्मविकल्पियों के नाम ==== एचएलए (HLA) के लिये नामावली की दो समानांतर प्रणालियां उपलब्ध हैं। पहली और सबसे पुरानी प्रणाली सीरमवैज्ञानिक (प्रतिरक्षी पर आधारित) पहचान पर आधारित है। इस प्रणाली में प्रतिजनों को अंततः अक्षर और संख्याएं दी गईं.(उदाहरण के लिए, एचएलए (HLA)-बी27 (B27) या संक्षेप में, बी27 (B27)). एक समानांतर प्रणाली का विकास किया गया, जिससे युग्मविकल्पियों की अधिक सुघड़ परिभाषा संभव हुई, इस प्रणाली में एचएलए (HLA) को एक अक्षर* और चार या अधिक अंकों वाली संख्या के साथ (उदाहरण के लिए, एचएलए (HLA)-बी*0801, ए*68011, ए*240201एन एन=शून्य) प्रयोग किया जाता है, जिससे किसी दिये गए एचएलए (HLA) स्थल पर विशिष्ट युग्मविकल्पी का नामकरण किया जा सके. एचएलए (HLA) स्थल को आगे एमएचसी (MHC) वर्ग I और एमएचसी (MHC) वर्ग II (या विरल रूप से, डी स्थल) में वर्गीकृत किया जा सकता है। हर दो वर्षों पर शोधकर्ताओं को युग्मविकल्पियों के प्रति सीरोवर्गों को समझने में मदद करने के लिये एक नामावली प्रस्तुत की जाती है।<ref name="Marsh">{{cite journal | author = Marsh SG, Albert ED, Bodmer WF, Bontrop RE, Dupont B, Erlich HA, Geraghty DE, Hansen JA, Hurley CK, Mach B, Mayr WR, Parham P, Petersdorf EW, Sasazuki T, Schreuder GM, Strominger JL, Svejgaard A, Terasaki PI, and Trowsdale J. | title = Nomenclature for factors of the HLA System, 2004 | journal = Tissue antigens | volume = 65 | pages = 301–369 | year = 2005 | pmid = 15787720 | doi = 10.1111/j.1399-0039.2005.00379.x | issue = 4}}</ref> ==== सीरोवर्गनिर्धारण ==== {{See|Serotype}} वर्गनिर्धारण अभिकर्मक बनाने के लिये, पशुओं या मनुष्यों का रक्त लेकर रक्त कोशिकाओं को सीरम से अलग होने दिया जाता है और सीरम को उसकी अनुकूलतम संवेदनशीलता तक पतला किया जाता है और अन्य व्यक्तियों या पशुओं की कोशिकाओं को वर्गीकृत करने के लिये प्रयोग में लाया जाता है। इस तरह सीरोवर्गनिर्धारण एचएलए (HLA) ग्राहकों और ग्राहक समरूपों को पहचानने का एक अपरिष्कृत तरीका बन गया। आगे के वर्षों में प्रतिरक्षकों का सीरोवर्गनिर्धारण और सुघड़ हो गया, जैसे-जैसे संवेदनशीलता बढ़ाने की तकनीकें सुधरीं और नए सीरोवर्गनिर्धारित प्रतिरक्षक प्रकट होने लगे. सीरोवर्ग विश्लेषण का एक लक्ष्य है, विश्लेषण के अंतरालों को भरना. वर्गमूल, अधिकतम संभावना विधि या पारिवारिक हैप्लोवर्गों के विश्लेषण द्वारा पर्याप्त रूप से वर्गनिर्धारित किये हुए युग्मविकल्पियों को समझने के आधार पर पूर्वानुमान करना संभव है। सीरोवर्गनिर्धारण तकनीकों का प्रयोग करने वाले इन अध्ययनों द्वारा, विशेषकर गैर-यूरोपियन या उत्तर-पश्चिम एशियन जनता के लिये, शून्य या रिक्त सीरोवर्गों की एक बड़ी संख्या का पता चला है। यह बात सीडबल्यू (Cw) स्थल के लिये अभी हाल तक खास तौर पर समस्यापूर्ण रही और लगभग आधे सीडबल्यू (Cw) सीरोवर्ग 1991 के मानव आबादी के सर्वे में बिना वर्ग किये रह गए। सीरोवर्ग कई प्रकार के होते हैं। एक बड़ा प्रतिजन सीरोवर्ग कोशिकाओं की पहचान का एक अपरिष्कृत तरीका है। उदाहरण के लिए, एचएलए (HLA) ए9 (A9) सीरोवर्ग ए23 (A23) और ए24 (A24) वाले व्यक्तियों की कोशिकाओं की पहचान कर सकता है, साथ ही यह ऐसी कोशिकाओं की भी पहचान कर सकता है जिन्हें ए23 (A23) और ए24 (A24) छोटी भिन्नताओं के कारण पहचान न पाए हों. ए23 (A23) और ए24 (A24) बंटे हुए प्रतिजन हैं, लेकिन उनके विशिष्ट प्रतिरक्षक बड़े प्रतिजनों के प्रतिरक्षकों की अपेक्षा अधिक बार प्रयोग में लाए जाते हैं। ==== सेलुलर टाइपिंग ==== {| class="wikitable" style="float:right" ! एचएलए (HLA)- डीआर (DR) ! कोशिकीय विशिष्टता |- ! डीआर (DR)1 | डीडब्ल्यू (Dw)1, डीडब्ल्यू (Dw)20 |- ! डीआर (DR)2 | डीडब्ल्यू (Dw)2, डीडब्ल्यू (Dw)12, डीडब्ल्यू (Dw)21, डीडब्ल्यू (Dw)22 |- ! डीआर (DR)3 | डीडब्ल्यू (Dw)3 |- ! डीआर (DR)4 | डीडब्ल्यू (Dw)4, डीडब्ल्यू (Dw)10, डीडब्ल्यू (Dw)13, डीडब्ल्यू (Dw)14, डीडब्ल्यू (Dw)15 |- ! डीआर (DR)11(5) | डीडब्ल्यू (Dw)5 |- ! डीआर (DR)13(6) | डीडब्ल्यू (Dw), डीडब्ल्यू (Dw)18(डब्ल्यू (w)6), डीडब्ल्यू (Dw)19(डब्ल्यू (w)6) |- ! डीआर (DR)14(6) | डीडब्ल्यू (Dw)9, डीडब्ल्यू (Dw)16 |- ! डीआर (DR)7 | डीडब्ल्यू (Dw)7, डीडब्ल्यू (Dw)11 (डब्ल्यू7), डीडब्ल्यू (Dw)17 |- ! डीआर (DR)8 | डीडब्ल्यू (Dw)8 |- ! डीआर (DR)9 | डीडब्ल्यू (Dw)23 |- ! डीआर (DR)52 | डीडब्ल्यू (Dw)24, डीडब्ल्यू (Dw)25, डीडब्ल्यू (Dw)26 |} एक प्रतिनिधि कोशिकीय विश्लेषण मिश्रित लसीकाकोशिका सम्वर्ध (एमएलसी) होता है और एचएलए (HLA) वर्ग II प्रकारों को निर्धारित करने के काम में लाया जाता है।<ref name="Hurley">हर्ले सीके (CK) (1997). "प्रत्यारोपण के लिए एचएलए (HLA) (HLA) का डीएनए (DNA) आधारित टाइपिंग." ''इन'' लेफेल एमएस (MS), डोनेंबर्ग एडी (AD), रोज़ एनआर (NR), एड्स. (1997) ''हैंडबुक ऑफ़ ह्युमन इम्यूनोलॉजी'' . पीपी. 521-55, बोका रेटन: सीआरसी (CRC) प्रेस, ISBN 0-8493-0134-3.</ref> कोशिकीय विश्लेषण सीरोवर्गनिर्धारण की तुलना में एचएलए (HLA) की भिन्नताओं का पता लगाने में अधिक संवेदनशील होता है। ऐसा इसलिये होता है क्यौंकि एलोएंटीसीरा द्वारा न पहचानी गई छोटी-मोटी भिन्नताएं टी कोशिकाओं को प्रोत्साहित कर सकती हैं। इस वर्गनिर्धारण को डीडबल्यू (DW) वर्ग का नाम दिया गया है। सीरोवर्ग डीआर1 (DR1) को कोशिकीय रूप से डीडबल्यू1 (DW1) या डीडबल्यू20 (DW2) नाम से और अन्य सीरोटाइपीकृत डीआर (DR) इस प्रकार परिभाषित किये गए हैं। तालिका<ref name="Bodmer">{{cite journal | doi = 10.1016/0198-8859(92)90079-3 | last1 = Bodmer | first1 = JG | last2 = Marsh | first2 = SG | last3 = Albert | first3 = ED | last4 = Bodmer | first4 = WF | last5 = Dupont | first5 = B | last6 = Erlich | first6 = HA | last7 = Mach | first7 = B | last8 = Mayr | first8 = WR | last9 = Parham | first9 = P | title = Nomenclature for factors of the HLA system, 1991. | url = https://archive.org/details/human-immunology_1992-05_34_1/page/4 | journal = Human immunology | volume = 34 | issue = 1 | pages = 4–18 | year = 1992 | pmid = 1399721 }}</ref> डीआर (DR) युग्मविकल्पियों के लिये संबंधित कोशिकीय विशिष्टताएं दर्शाती है। फिर भी, कोशिकीय वर्गनिर्धारण में कोशिकीय व्यक्तियों के बीच प्रतिक्रिया में असामंजस्य होता है, जिससे कभी-कभी पूर्वानुमान से भिन्न परिणाम प्राप्त होते हैं। कोशिकीय वर्गनिर्धारण अभिकर्मकों को बनाने और संभालने में कोशिकीय विश्लेषण की कठिनाई के साथ, कोशिकीय विश्लेषण को डीएनए (DNA)-आधारित वर्गनिर्धारण विधि द्वारा विस्थापित किया जा रहा है।<ref name="Hurley"/> ==== जीन क्रमीकरण ==== सीरोवर्ग समूह के युग्मविकल्पियों के जीन उत्पादनों में अन्य प्रकारों से समानता लिये हुए उपप्रदेशों के प्रति हल्की प्रतिक्रियाएं देखी जा सकती हैं। प्रतिजनों का क्रम प्रतिरक्षकों की प्रतिक्रियात्मकताओं को निश्चित कर सकता है और इसलिये अच्छी क्रमीकरण क्षमता (या क्रम पर आधारित वर्गनिर्धारण) सीरोवैज्ञानिक प्रतिक्रियाओं की जरूरत को टाल सकती है। इसलिये भिन्न सीरोवर्ग प्रतिक्रियाएं नए '''जीन क्रम''' को निश्चित करने के लिये व्यक्ति के एचएलए (HLA) को क्रम में रखने की आवश्यकता का संकेत दे सकती है। बड़े प्रतिजन प्रकार अभी भी उपयोगी हैं जैसे कई अनजान एचएलए (HLA) युग्मविकल्पियों वाली बहुत विविध आबादियों का वर्गनिर्धारण करने के लिये (अफ्रीका, अरब,<ref name="Valluri">{{cite journal | author = Valluri V, Mustafa M, Santhosh A, Middleton D, Alvares M, El Haj E, Gumama O, and Abdel-Wareth L | title = Frequencies of HLA-A, HLA-B, HLA-DR, and HLA-DQ phenotypes in the United Arab Emirates population | journal = Tissue Antigens | volume = 66 | issue = 2 | pages = 107–113 | year = 2005 | pmid = 16029430 | doi = 10.1111/j.1399-0039.2005.00441.x}}</ref> दक्षिणपूर्व ईरान<ref name="Farjadin">{{cite journal | author = Farjadian S, Naruse T, Kawata H, Ghaderi A, Bahram S, and Inoko H | title = Molecular analysis of HLA allele frequencies and haplotypes in Baloch of Iran compared with related populations of Pakistan | journal = Tissue Antigens | volume = 64 | issue = 5 | pages = 581–587 | year = 2004 | pmid = 15496201 | doi = 10.1111/j.1399-0039.2004.00302.x}}</ref> और पाकिस्तान, भारत<ref name="Shankarkumar">{{cite journal | author = Shankarkumar U, Prasanavar D, Ghosh K, and Mohanty D | title = HLA A*02 allele frequencies and B haplotype associations in Western Indians | journal = Hum Immunol. | volume = 64 | issue = 5 | pages = 562–566 | year = 2003 | pmid = 12691707 | doi = 10.1016/S0198-8859(03)00032-6}}</ref>). अफ्रीका, दक्षिण ईरान और अरब दर्शाते हैं कि जिन क्षेत्रों पर पहले कब्जा हुआ उनका वर्गनिर्धारण करना कठिन है। युग्मविकल्पीय विविधता बड़े प्रतिजन वर्गनिर्धारण के प्रयोग और उसके बाद '''जीन क्रमीकरण''' को आवश्यक बनाती है क्यौंकि सीरोवर्गनिर्धारण तकनीकों द्वारा गलत पहचान किये जाने का जोखिम बढ़ जाता है। अंत में, क्रम पर आधारित एक कार्यशिविर यह निश्चय करता है कि कौन सा नया युग्मविकल्पी कौन से सीरोसमूह में क्रम या प्रतिक्रियात्मकता के अनुसार जाएगा. एक बार क्रम का सत्यापन होने के बाद उसे एक संख्या आवंटित कर दी जाती है। उदाहरण के लिए, बी44 (B44) के नये युग्मविकल्पी को सीरोवर्ग बी*4465 (B*4465) कहा जाएगा क्यौंकि 65वां बी44 (B44) युग्मविकल्पी है। मार्श और अन्य.(2005)<ref name="Marsh"/> को एचएलए (HLA) सीरोवर्गों और जीनोवर्गों की एक कूटपुस्तक कहा जा सकता है और ''ऊतक प्रतिजन'' में मासिक अद्यतन के साथ द्वैवार्षिक नई पुस्तक निकाली जाती है। ==== समलक्षणीनिर्धारण ==== जीन वर्गनिर्धारण जीन क्रमीकरण और सीरोवर्गनिर्धारण से अलग होता है। इस तरीके से डीएनए (DNA) के भिन्न प्रकार वाले क्षेत्र के लिये खास पीसीआर प्राइमरों ('''एसएसपी (SSP)-पीसीआर (PCR)''') का प्रयोग किया जाता है, यदि सही आकार का उत्पादन उपलब्ध होता है, तो यह समझा जाता है कि एचएलए (HLA) युग्मविकल्पी की पहचान हो गई है। नए जीन क्रमों के कारण अकसर बढ़ती हुई अस्पष्टता देखी जाती है। चूंकि जीन वर्गनिर्धारण एसएसपी (SSP)-पीसीआर (PCR) पर आधारित होता है, इसलिये यह संभव है कि नए प्रकार, विशेषकर वर्ग I और डीआरबी1 (DRB1) स्थल ध्यान में आने से रह जाएं. नैदानिक स्थिति में एसएसपी (SSP)-पीसीआर (PCR) अकसर एचएलए (HLA) '''समलक्षणियों''' को पहचानने के काम में लाया जाता है। किसी भी व्यक्ति के लिये विस्तारित फीनोलक्षणी का एक उदाहरण निम्न हो सकता है: ए (A)<font color="Purple">*0101</font>/<font color="Purple">*0301</font>, सीडब्लू (Cw)*<font color="Green">0701</font>/<font color="Green">*0702</font>, बी (B)<font color="Magenta">*0702</font>/<font color="Magenta">*0801</font>, डीआरबी1 (DRB1)<font color="Brown">*0301</font>/<font color="Brown">*1501</font>, डीक्यूए1 (DQA1)*<font color="DarkOrchid">0501</font>/*<font color="DarkOrchid">0102</font>, डीक्यूबी (DQB1)*<font color="DarkGreen">0201</font>/*<font color="DarkGreen">0602</font> यह सामान्यतः विस्तारित सीरोवर्ग के समान होता है: ए (A)1, ए (A)3, बी (B)7, बी (B)8, डीआर (DR)3, डीआर (DR)15(2), डीक्यू (DQ)2, डीक्यू (DQ)6(1) कई आबादियों जैसे जापानी या यूरोपियन आबादियों के लिये इतने रोगियों का वर्गनिर्धारण किया जा चुका है कि नए युग्मविकल्पी अपेक्षाकृत नगण्य हैं और इस तरह युग्मविकल्पियों के समाधान के लिये एसएसपी-पीसीआर (SSP-PCR) पर्याप्त है। हैप्लोवर्ग परिवार के सदस्यों का वर्गनिर्धारण कर के प्राप्त किये जा सकते हैं। विश्व के उन भागों में जहां एसएसपी-पीसीआर (SSP-PCR) युग्मविकल्पियों को पहचानने में असमर्थ होता है, वहां वर्गनिर्धारण के लिये नए युग्मविकल्पियों के क्रमीकरण की जरूरत पड़ती है। विश्व के ऐसे इलाके जहां एसएसपी-पीसीआर (SSP-PCR) या सीरोवर्गनिर्धारण अपर्याप्त हो सकता है, उनमें केंद्रीय अफ्रीका, पूर्वी अफ्रीका, दक्षिणी अफ्रीका के कुछ भाग, अरेबिया और द.ईरान, पाकिस्तान और भारत शामिल हैं। ==== हैप्लोवर्ग ==== एचएलए (HLA) हैप्लोवर्ग गुणसूत्रों के आधार पर एचएलए (HLA) “जीनों” (स्थल-युग्मविकल्पी) की एक श्रृंखला होती है, जिनमें से एक माता और दूसरा पिता से आता है। ऊपर दिया गया समलक्षणी का उदाहरण आयरलैंड में अधिक सामान्य समलक्षणियों में से एक है और यह दो आम आनुवंशिक ''हैप्लोवर्गों'' का परिणाम है: ए (A)<font color="Purple">*0101</font> : सीडबल्यू (CW)<font color="Green">*0701</font> : बी (B)<font color="Magenta">*0801</font> : डीआरबी (DRB)1<font color="Brown">*0301</font> : डीक्यूए (DQA)1<font color="DarkOrchid">*0501</font> : डीक्यूबी (DQB)1<font color="DarkGreen">*0201</font> (ए (A)1-सीडब्लू (Cw)7-बी (B)8-डीआर (DR)3-डीक्यू (DQ)2 के सीरोवर्गनिर्धारण द्वारा) जिसे “सुपर बी (B)8” या “पुश्तैनी” हैप्लोवर्ग कहते हैं और ए (A)<font color="Purple">*0301</font> : सीडबल्यू (CW)<font color="Green">*0702</font> : बी (B)<font color="Magenta">*0702</font> : डीआरबी (DRB)1<font color="Brown">*1501</font> : डीक्यूए (DQA)1<font color="DarkOrchid">*0102</font> : डीक्यूबी (DQB)1<font color="DarkGreen">*0602</font> (ए (A)3-सीडब्लू (Cw)7-बी (B)7-डीआर (DR)15-डीक्यू (DQ)6 या पुराने रूप "ए (A)3-बी (B)7-डीआर (DR)2-डीक्यू (DQ)1" के सीरोवर्गनिर्धारण द्वारा) इन हैप्लोवर्गों का प्रयोग मानव आबादी के स्थानांतरण का पता लगाने के लिये किया जा सकता है, क्यौंकि वे क्रमविकास के दौरान हुई किसी भी घटना के उंगलियों के निशानों के समान होते हैं। सुपर-बी (B)8 हैप्लोवर्ग को पश्चिमी आयरिश में प्रचुर मात्रा में होता है, और उस क्षेत्र से दूर प्रवणताओं के साथ गिरता है तथा विश्व के केवल उन भागों में पाया जाता है जहां पश्चिमी यूरोपियन लोग स्थानांतरित हुए थे। ”ए (A)3-बी (B)7-डीआर (DR)2-डीक्यू (DQ)1” पूर्वी एशिया से आइबेरिया तक फैला हुआ है, सुपर-बी (B)8 का संबंध कई आहार संबंधित स्वतःप्रतिरक्षिती रोगों से है। मानव आबादी में लाखों विस्तारित हैप्लोवर्ग हैं लेकिन कुछ ही दर्शनीय और पार्विक गुण दर्शाते हैं। 100000 विस्तारित हैप्लोवर्ग हैं लेकिन केवल कुछ ही मानव आबादी में एक दृश्य और केंद्रीय चरित्र दिखाते हैं। == युग्मवैकल्पिक भिन्नता की भूमिका == मानवों और अन्य पशुओं के अध्ययन इस अपवादपूर्ण परिवर्तनशीलता की व्याख्या के रूप में इन स्थलों पर एक विषमयुग्मजी चुनाव प्रक्रिया होने की बात कहते हैं।<ref name="Apanius">{{cite journal | author = V. Apanius, D. Penn, P.R. Slev, L.R. Ruff, and W.K. Potts | title = The nature of selection on the major histocompatibility complex | journal = Critical Reviews in Immunology | volume = 17 | pages = 179–224 | year = 1997 | pmid = 9094452 | issue = 2}}.</ref> एक विश्वसनीय प्रक्रिया है, लैंगिक चुनाव जिसमें मादाएं अपने स्वयं के वर्ग से भिन्न एचएलए (HLA) वाले नरों को पहचान सकती हैं।<ref name="Wedekind">{{cite journal | author = Wedekind C, Seebeck T, Bettens F, and Paepke AJ | title = MHC-dependent mate preferences in humans | journal = Proc Biol Sci. | volume = 260 | issue = 1359 | pages = 245–249 | year = 1995 | pmid = 7630893 | doi = 10.1098/rspb.1995.0087}}</ref> जबकि डीक्यू (DQ) और डीपी (DP) का अनुकूटन करने वाले स्थल में ए (A)1:बी (B)1 के कम युग्मविकल्पी संयोजन होते हैं, वे सैद्धांतिक रूप से क्रमशः 1586 डीक्यू (DQ) और 2552 डीपी (DP)αβ हेटेरोडाइमर, उत्पन्न कर सकते हैं। हालांकि मानव आबादी में इतनी बड़ी संख्या में समरूप नहीं पाए जाते हैं, प्रत्येक व्यक्ति में 4 परिवर्तनयोग्य डीक्यू और डीपी समरूप होते हैं, जो व्यक्तिगत रोगनिरोधक प्रणाली में इन ग्राहकों द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले प्रतिजनों की संभावित संख्या को बढ़ा सकते हैं। डीपी, डीआर और डीक्यू की परिवर्तनशील स्थितियों के अध्ययन बतलाते हैं कि वर्ग II अणुओं पर स्थित पेप्टाइड प्रतिजन संपर्क अवशेष सबसे अधिक बार प्रोटीन की प्राथमिक रचना में परिवर्तन का स्थल होते हैं। इसलिये, तीव्र युग्मवैकल्पिक परिवर्तन और/या उपइकाई युग्मन द्वारा वर्ग II “ पेप्टाइड” ग्राहक 9 या अधिक अमीनो अम्लों वाले पेप्टाइडों के लगभग अंतहीन परिवर्तन को बांधने की क्षमता रखते हैं और अंतर्प्रजनन कर रही उपआबादियों की नवजात रोगों या महामारियों से रक्षा करते हैं। एक आबादी के व्यक्तियों में भिन्न हैप्लोवर्ग होते हैं और इसके परिणामस्वरूप छोटे समूहों में भी कई संयोग बनते हैं। यह विविधता ऐसे समूहों में उत्तरजीविता को बढ़ाती है और रोगाणुओं में एपिटोपों के प्रादुर्भाव को रोकती है, जो अन्यथा प्रतिरक्षित प्रणाली से बच सकते हैं। == प्रतिरक्षक == एचएलए (HLA) प्रतिरक्षक सामान्यतः प्राकृतिक रूप से नहीं पाए जाते हैं और इसके कुछ अपवाद हैं, जो रक्त चढ़ाने, गर्भावस्था (पिता से प्राप्त प्रतिजनें), या अवयव या ऊतक प्रतिरोपण के जरिये विदेशी पदार्थ के प्रतिरक्षिती चुनौती के परिणामस्वरूप बनते हैं। रोग से संबंधित एचएलए (HLA) हैप्लोवर्गों के विरूद्ध प्रतिरक्षकों को तीव्र स्वप्रतिरक्षित रोगों के उपचार के लिये प्रस्तुत किया जा रहा है।<ref name="MHCpeptide_immunize">{{cite journal | author = Oshima M, Deitiker P, Ashizawa T, Atassi M | title = Vaccination with a MHC class II peptide attenuates cellular and humoral responses against tAChR and suppresses clinical EAMG | journal = Autoimmunity | volume = 35 | issue = 3 | pages = 183–90 | year = 2002 | pmid = 12389643 | doi = 10.1080/08916930290022270}}</ref> दानी-विशिष्ट एचएलए (HLA) प्रतिरक्षकों का संबंध गुर्दे, हृदय, फेफड़े और प्रतिरोपण में निरोप की असफलता से पाया गया है। == बीमार भाई बहन के लिए एचएलए (HLA) मिलान == {{Main|Savior sibling}} रक्तजनक स्टेम सेल प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले रोगों में, प्रत्यारोपणपूर्व आनुवंशिक निदान का उपयोग मिलानवाले एचएलए (HLA) के साथ भाई/बहिन की उत्पत्ति के लिए किया जा सकता है।<ref>{{cite journal |author=Verlinsky Y, Rechitsky S, Schoolcraft W, Strom C, Kuliev A |title=Preimplantation diagnosis for Fanconi anemia combined with HLA matching |journal=JAMA |volume=285 |issue=24 |pages=3130–3 |year=2001 |month=Jun |pmid=11427142 |doi=10.1001/jama.285.24.3130 |url=http://jama.ama-assn.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=11427142 |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-date=21 मई 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200521131552/http://jama.ama-assn.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=11427142%2F |url-status=dead }}</ref> == इन्हें भी देखें == * एचसीपी5 (HCP5) == आगे पढ़ें == * {{Cite document |date=1982 |last=Harsanyi |first=Zsolt |last2=Hutton |first2=Richard |title=Genetic Prophecy: Beyond the Double Helix |place=London |publisher=Granada |isbn=0-246-11760-5 |postscript=<!--None-->}} == बाहरी कड़ियाँ == * यूरोपीय बायोइनफॉरमैटिक्स इंस्टिट्यूट पर [https://web.archive.org/web/20060924011839/http://www.ebi.ac.uk/imgt/hla/ आईएमजीटी (IMGT)/ एचएलए (HLA) (HLA) अनुक्रम डेटाबेस] * [https://web.archive.org/web/20180905013121/http://hla.alleles.org/ hla.alleles.org] * एंथोनी नोलन ट्रस्ट पर [https://web.archive.org/web/20031203131321/http://www.anthonynolan.org.uk/HIG/ एचएलए (HLA) (HLA) सूचना समूह] * [https://web.archive.org/web/20001206211800/http://ashi-hla.org/ उतक अनुरूपता और इम्यूनोजेनेटिक्स के लिए अमेरिकी सोसाइटी] * [https://web.archive.org/web/20050202233013/http://www.efiweb.org/ इम्यूनोजेनेटिक्स के लिए यूरोपीय संघ] * [https://web.archive.org/web/20190301040245/http://www.histocheck.org/ उपकरण और स्टेम सेल प्रत्यारोपण के लिए हिस्टोचेक एचएलए (HLA) (HLA) मैचिंग टूल] * [https://web.archive.org/web/20090828074156/http://www.allelefrequencies.net/ परिवर्तनीय इम्यून संबंधित लोकी पर विकल्पी आवृत्तियां] * [https://web.archive.org/web/20190523035503/http://gmatch.cc/ एचएलए (HLA) (HLA)- एनालिसिसी पर आनुवंशिक मैचमेकिंग] * {{MeshName|Human+leukocyte+antigens}} == सन्दर्भ == {{Reflist|2}} {{Surface antigens}} [[श्रेणी:उन्मुक्त प्रणाली]] [[श्रेणी:प्रतिरक्षा विज्ञान]] [[श्रेणी:मानव एमएचसी (MHC) (MHC) हैप्लोग्रुप्स]] [[श्रेणी:क्रोमोज़ोम 6 पर जीन]] ewgch07kf3vpbr1dicakaj01w4zww1u आस्क डॉट कॉम 0 248234 6582622 6553179 2026-07-14T17:14:12Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582622 wikitext text/x-wiki {{Infobox Dotcom company | company_name = ask.com | company_logo = [[चित्र:AskLogoNew07.PNG|126px]] | Ask Jeeves Homepage = [[चित्र:aks.PNG|250px]] | company_type = [[Web search engine|Search Engine]] | foundation = 1996 | parent = [[IAC (company)|InterActiveCorp]] | location = [[Oakland, California]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका|US]] | industry = [[अंतरजाल|Internet]] | revenue = {{profit}} [[अमेरिकी डॉलर|$]]227 million | Employees = 527 | key_people = [[Garrett Gruener]]<br />[[David Warthen]] <small>(Founders)</small><br />Scott Garell <small>(President, Ask Networks)</small><br />Doug Leeds <small>(President, Ask US)</small> | url = [http://www.ask.com Ask.com]|registration=Optional | current status = Active | type = [[Web search engine|Search Engine]] | alexa = {{down}}51<ref>{{cite web| url=http://www.alexa.com/siteinfo/ask.com| title=ask.com - Traffic Details from Alexa| publisher=[[Alexa Internet]], Inc| accessdate=2009-10-17| archive-url=https://web.archive.org/web/20171128163356/https://www.alexa.com/siteinfo/ask.com| archive-date=28 नवंबर 2017| url-status=live}}</ref> }} [[चित्र:Ask with wikipedia.png|thumb|विकिपीडिया के लिए एक Ask.com सर्च]] '''आस्क''' (जिसे यूके में '''आस्क जीव्स''' के नाम से जाना जाता है) एक [[खोज इंजन|सर्च इंजन]] था जिसकी स्थापना 1996 में गैरेट ग्रुएनर और डेविड वार्थेन द्वारा कैलिफोर्निया के बर्कले में की गयी थी। मूल सर्च इंजन सॉफ्टवेयर को गैरी चेवस्की द्वारा उनकी अपनी ही डिजाइन से कार्यान्वित किया गया। वार्थेन, चेवस्की, जस्टिन ग्रांट और अन्य ने आरंभिक AskJeeves.com वेबसाइट का निर्माण उस कोर इंजन के आधार पर ही किया था। तीन उद्यम पूँजी कंपनियां - हाईलैंड कैपिटल पार्टनर्स, इंस्टिट्यूशनल वेंचर पार्टनर्स और द रोडा ग्रुप - आरंभिक निवेशक थीं।<ref>{{Cite web |url=http://www.sec.gov/Archives/edgar/data/1054298/0000950149-99-001225.txt |title=आस्क जीव्स, इंक. इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग प्रोस्पेक्टस |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://www.webcitation.org/6Bk1w7e3k?url=http://www.sec.gov/Archives/edgar/data/1054298/0000950149-99-001225.txt |archive-date=28 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref> Ask.com का स्वामित्व वर्तमान में इंटरएक्टिवकॉर्प के पास है; [[नैस्डैक|नास्डाक]] में यह आईएसीआई नाम से सूचीबद्ध है। 2010 के अंतिम दौर में [[गूगल]] के साथ प्रतिस्पर्धा कर पाने में असमर्थ होने के बाद कंपनी ने एक प्रश्नोत्तरी साइट बनने के लिए अपने सर्च इंजन मूल को त्याग दिया। <ref>{{Cite web |url=http://www.nytimes.com/2010/11/10/technology/internet/10ask.html?src=busln |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180612182825/https://www.nytimes.com/2010/11/10/technology/internet/10ask.html?src=busln |archive-date=12 जून 2018 |url-status=live }}</ref> == इतिहास == Ask.com को मूलतः '''आस्क जीव्स''' के नाम से जाना जाता था जहाँ "जीव्स" पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब बताने वाले "जेंटलमैन्स पर्सनल जेंटलमैन" या निजी सेवक का नाम है। यह पात्र पी. जी. वोडेहाउस की रचनाओं के एक चरित्र बर्टी वूस्टर के जीव्स नामक काल्पनिक निजी सेवक पर आधारित था। आस्क जीव्स नाम के चयन के पीछे का मूल विचार प्रतिदिन उठ खड़े होने वाले सवालों का [[प्राकृतिक भाषा|स्वाभाविक भाषा]] में जवाब हासिल करने में उपयोगकर्ताओं को सक्षम बनाने के साथ-साथ पारंपरिक कीवर्ड सर्चिंग भी प्रदान करना था। वर्तमान Ask.com गणित, शब्दकोश और रूपांतरण सवालों के लिए अतिरिक्त समर्थन के साथ आज भी यह सेवा प्रदान करता है। [[चित्र:Askcomheadquarters.jpg|thumb|right|ऑकलैंड, कैलिफोर्निया में Ask.com का मुख्यालय]] 2005 में कंपनी ने जीव्स को हटाने की योजनाओं की घोषणा की। 27 फ़रवरी 2006 को Ask.com से यह शब्द गायब हो गया और इसके बारे में यह कहा गया कि यह "सेवानिवृत्त हो गया है।" यूके और आयरलैंड की वेबसाइट संस्करण में 2009 में यह शब्द प्रमुख रूप से फिर से दिखाई देने लगा; हालाँकि अमेरिकी विजिटर (आगंतुक) 'uk.ask.com' यूआरएल में जाकर नए जीव्स को एक 'स्किन' या पृष्ठभूमि छवि के रूप में देख सकते हैं। इंटरएक्टिवकॉर्प के स्वामित्व में कई तरह की साइट हैं जिनमें [https://web.archive.org/web/20161231003835/http://www.askkids.com/ आस्क किड्स], टीयोमा (अब एक्सपर्टरैंक)<ref>[http://about.ask.com/en/docs/about/webmasters.shtml Ask.com सर्च टेक्नोलॉजी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110313174135/http://about.ask.com/en/docs/about/webmasters.shtml |date=13 मार्च 2011 }}. 11 मई 2009 को प्राप्त किया गया।</ref> और कई अन्य साइटों के साथ यूके, [[जर्मनी]], [[इटली]], [[जापान]], [[नीदरलैण्ड|नीदरलैंड]] और [[स्पेन]] की देश विशिष्ट साइटें भी शामिल हैं (एक सम्पूर्ण सूची के लिए इस पृष्ठ को देखें). 5 जून 2007 को Ask.com को 3डी लुक के साथ फिर से लॉन्च किया गया।<ref>[http://www.techcrunch.com/2007/06/04/major-relaunch-for-ask-ask3d/ मेजर रिलॉन्च फॉर आस्क: आस्क3डी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080225021651/http://www.techcrunch.com/2007/06/04/major-relaunch-for-ask-ask3d/ |date=25 फ़रवरी 2008 }} टेकक्रुंच, 2006-06-04. 5 जून 2007 को प्राप्त किया गया।</ref> 16 मई 2006 को आस्क ने अपने खोज परिणामों में एक "बाईनोक्यूलर्स साइट प्रीव्यू" (दूरबीन साइट पूर्वावलोकन) लागू किया। खोज परिणाम पृष्ठों पर "दूरबीन" से खोजकर्ता चुपके से उस पृष्ठ की झलक हासिल कर सकते हैं जिसे वे एक माउस-ओवर सक्रियशील स्क्रीनशॉट पॉप-अप के साथ देख सकते हैं।<ref>[http://patft1.uspto.gov/netacgi/nph-Parser?Sect1=PTO1&amp;Sect2=HITOFF&amp;d=PALL&amp;p=1&amp;u=%2Fnetahtml%2FPTO%2Fsrchnum.htm&amp;r=1&amp;f=G&amp;l=50&amp;s1=7,047,502.PN.&amp;OS=PN/7,047,502&amp;RS=PN/7,047,502 यूनाइटेड स्टेट्स पेटेंट डेटाबेस]{{Dead link|date=जुलाई 2023 |bot=InternetArchiveBot }}, यूएस पेटेंट्स, 2006-06-16. 16 मई 2006 को प्राप्त किया गया।</ref> दिसंबर 2007 में आस्क ने आस्कइरेज़र (AskEraser) फीचर को रिलीज़ किया<ref>[http://www.eff.org/deeplinks/2007/07/ask-com-takes-lead-log-retention-microsoft-and-yahoo-follow Ask.com टेक्स दी लीड ऑन लॉग रिटेन्शन; माइक्रोसॉफ्ट एंड याहू! फॉलो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110213123603/https://www.eff.org/deeplinks/2007/07/ask-com-takes-lead-log-retention-microsoft-and-yahoo-follow |date=13 फ़रवरी 2011 }}, eff.org, 2008-01-03 को प्राप्त किया गया।</ref> जो उपयोगकर्ताओं को खोज प्रश्नों और [[IP ऐड्रेस|आईपी]] और कुकी वैल्यू की ट्रैकिंग से बचने की अनुमति देता था। उन्होंने वादा किया कि यदि आस्कइरेज़र विकल्प को सेट नहीं किया गया है तो 18 महीनों के बाद वे इस डेटा को मिटा देंगे। आस्कइरेज़र को कार्य करने के लिए एचटीटीपी कुकीज को सक्रिय करना आवश्यक है।<ref>{{cite web|title=Does AskEraser Really Erase?|url=http://epic.org/privacy/ask/default.html|publisher=Electronic Privacy Information Center|accessdate=2008-03-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20080308235509/http://epic.org/privacy/ask/default.html|archive-date=8 मार्च 2008|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|title=Letter to U.S. Federal Trade Commission|url=http://www.cdt.org/privacy/20080123_FTC_Ask.pdf|publisher=Center for Democracy and Technology|format=PDF|date=जनवरी 23, 2008|accessdate=2008-03-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20110725151646/http://www.cdt.org/privacy/20080123_FTC_Ask.pdf|archive-date=25 जुलाई 2011|url-status=dead}}</ref> 4 जुलाई 2008 को इंटरएक्टिवकॉर्प ने लेक्सिको पब्लिशिंग ग्रुप के अधिग्रहण की घोषणा की जो Dictionary.com (डिक्शनरी डॉट कॉम), Thesaurus.com (थिसॉरस डॉट कॉम) और Reference.com (रेफरंस डॉट कॉम) का मालिक है।<ref>{{cite news|url=http://www.reuters.com/article/internetNews/idUSN0337985120080703?feedType=RSS&feedName=internetNews|title=Ask.com closes acquisition of Dictionary.com|publisher=[[रॉयटर्स]]|date=3 जुलाई 2008 | first=Eric | last=Auchard}}</ref><ref>{{cite web|url=http://news.cnet.com/8300-10784_3-7-0.html?keyword=Dictionary.com|title=Ask.com closes Dictionary.com deal|publisher=[[CNet]]|date=4 जुलाई 2008}}</ref> 26 जुलाई 2010 को, Ask.com ने एक क्लोज्ड-बीटा प्रश्नोत्तरी सेवा चालू की। इस सेवा को जनता के लिए 29 जुलाई 2010 को चालू किया गया।<ref>{{cite web|url=http://news.softpedia.com/news/Ask-com-Q-A-Service-Drops-July-29th-149176.shtml|title=Ask.com Q&A Service Drops July 29th|publisher=[[Softpedia]]|date=27 जुलाई 2010|access-date=11 फ़रवरी 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110716102307/http://news.softpedia.com/news/Ask-com-Q-A-Service-Drops-July-29th-149176.shtml|archive-date=16 जुलाई 2011|url-status=live}}</ref> [[चित्र:Jeeves-in-2009.jpg|thumb|right|जीव्स, वर्तमान में उपयोगकर्ताओं द्वारा uk.ask.com पर जाकर देखा जा सकता है]] == अन्तर्राष्ट्रीय == कंपनी विभिन्न वेबसाइटों का उपयोग करके कुछ देशों और उनसे संबद्ध भाषाओं के लिए स्थानीयकृत सेवाओं की पेशकश करती है, जिनमें शामिल हैं: * [https://web.archive.org/web/20160908044324/http://pl.ask.com/ pl.ask.com] (पोलैंड) * [https://web.archive.org/web/20190526114044/https://fr.ask.com/ fr.ask.com] (फ्रांस) * [http://jp.ask.com jp.ask.com] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160922101418/http://jp.ask.com/ |date=22 सितंबर 2016 }} (जापान) * [https://web.archive.org/web/20190930150953/https://uk.ask.com/ uk.ask.com] (यूनाइटेड किंगडम, आस्क जीव्स के नाम से जाना जाता है) * [https://web.archive.org/web/20160922101410/http://ru.ask.com/ ru.ask.com] (रूस) * [https://web.archive.org/web/20051014235739/http://es.ask.com/ es.ask.com] (स्पेन) * [https://web.archive.org/web/20191009191201/https://de.ask.com/ de.ask.com] (जर्मनी) * [https://web.archive.org/web/20190129032745/https://it.ask.com/ it.ask.com] (इटली) * [https://web.archive.org/web/20190220010755/https://nl.ask.com/ nl.ask.com] (नीदरलैंड) * [https://web.archive.org/web/20190113043900/https://br.ask.com/ br.ask.com] ([[ब्राज़ील|ब्राजील]]) * [https://web.archive.org/web/20160922101409/http://au.ask.com/ au.ask.com] (ऑस्ट्रेलिया) * [https://web.archive.org/web/20190511193528/https://mx.ask.com/ mx.ask.com] (मेक्सिको) * [https://web.archive.org/web/20120807211050/http://ca.ask.com/ ca.ask.com] (कनाडा) * [https://web.archive.org/web/20190124072701/https://dk.ask.com/ dk.ask.com] (डेनमार्क) == कॉर्पोरेट विवरण == [[नैस्डैक|नास्डाक]] स्टॉक एक्सचेंज पर आस्क जीव्स, इंक. स्टॉक की ट्रेडिंग जुलाई 1999 से जुलाई 2005 के बीच टिकर सिम्बल एएसकेजे (ASKJ) के तहत की जाती थी। जुलाई 2005 में इंटरएक्टिवकॉर्प द्वारा अधिग्रहण किये जाने के बाद एएसकेजे टिकर को समाप्त कर दिया गया; उस समय एएसकेजे का मूल्य [[अमेरिकी डॉलर|$]]1.85 बिलियन लगाया गया था। == आस्क स्पोंसर्ड लिस्टिंग्स == आस्क स्पोंसर्ड लिस्टिंग्स, अधिक प्रमुख और नियमित सर्च इंजन लिस्टिंग प्रदान करके विज्ञापनदाताओं की वेबसाइटों (और उनके व्यवसायों, सेवाओं और उत्पादों) की दृश्यता में वृद्धि करने के लिए उन्हें प्रदान किया जाने वाला एक [[सर्च इंजन मार्केटिंग]] टूल है। == विपणन और प्रचार == === Information-revolution.org (इन्फॉर्मेशन-रिवोल्यूशन डॉट ऑर्ग) अभियान === 2007 के आरम्भ में [[लंदन अंडरग्राउंड|लन्दन अंडरग्राउंड]] ट्रेनों पर www.information-revolution.org यूआरएल के साथ कई विज्ञापन दिखाई दिए जो यात्रियों को यह चेतावनी देते था कि वेब पर उपलब्ध सभी जानकारियों में से 75% जानकारी एक साइट (जिसका मतलब [[गूगल]] था) के माध्यम से प्रवाहित होती हैं।<ref>https://web.archive.org/web/20070313223519/http://information-revolution.org/ - इन्फॉर्मेशन रिवोल्यूशन</ref> === विज्ञापन === आस्क की टीयोमा एल्गोरिथ्मिक सर्च तकनीक के सह-रचयिता एपोस्टोलोस गेरासाउलिस ने 2007 में चार टीवी विज्ञापनों में अभिनय किया जिनमें उन्होंने जानकारी की प्रासंगिकता के लिए Ask.com की उपयोगिता के गुणों का गुणगान किया।<ref>{{cite web|url=http://about.ask.com/docs/about/televisionads.shtml|title=About Ask.com: TV Spots|accessdate=2007-04-25|archive-url=https://archive.today/20070410132033/http://about.ask.com/docs/about/televisionads.shtml|archive-date=10 अप्रैल 2007|url-status=dead}}</ref> [[२००१|2001]] में मैसीज थैंक्सगिविंग डे परेड में एक जीव्स बैलून भी दिखाई दिया। === नास्कार (NASCAR) प्रायोजन === 14 जनवरी 2009 को Ask.com, नास्कार के ड्राइवर बॉबी लैबोंट की #96 कार का आधिकारिक प्रायोजक बना। आस्क, नास्कार का आधिकारिक सर्च इंजन भी बनेगा.<ref>{{Cite web |url=http://www.nascar.com/2009/news/headlines/cup/01/14/ask.com.partnerships/index.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110628181843/http://www.nascar.com/2009/news/headlines/cup/01/14/ask.com.partnerships/index.html |archive-date=28 जून 2011 |url-status=live }}</ref> Ask.com पहली 21 दौड़ों में से 18 दौड़ों के लिए नंबर 96 का प्रमुख प्रायोजक होगा और उसके पास इस सत्र में इस संख्या को बढ़ाकर कुल 29 दौड़ तक करने का भी अधिकार है।<ref>{{Cite web |url=http://bbs.cid.cn.nascar.com/2009/news/headlines/cup/01/13/blabonte.hof.racing/index.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://www.webcitation.org/6Bk1ymjWG?url=http://bbs.cid.cn.nascar.com/2009/news/headlines/cup/01/13/blabonte.hof.racing/index.html |archive-date=28 अक्तूबर 2012 |url-status=dead }}</ref> 2009 बड शूटआउट में Ask.com की कार पहली बार दौड़ में शामिल हुई जहाँ यह दौड़ पूरा करने में विफल रही लेकिन उसके बाद इसने लास वेगास मोटर स्पीडवे में 1 मार्च 2009 को शेल्बी 427 दौड़ में पांचवें स्थान पर आकार अपनी मजबूत वापसी का प्रदर्शन किया है।<ref>{{Cite web |url=http://www.ask.com/nascar/2009-Shelby-427-race#results |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090331204759/http://www.ask.com/nascar/2009-Shelby-427-race#results |archive-date=31 मार्च 2009 |url-status=dead }}</ref> Ask.com द्वारा नास्कार में प्रवेश को, इसके द्वारा कहे जाने वाले सुपर वर्टिकल्स में इसका पहला कदम है।<ref>{{Cite web |url=http://searchengineland.com/askcom-partners-with-nascar-says-super-vertical-will-put-it-back-in-search-race-16143 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110703063751/http://searchengineland.com/askcom-partners-with-nascar-says-super-vertical-will-put-it-back-in-search-race-16143 |archive-date=3 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref> == टूलबार == '''Ask.com टूलबार''', Ask.com का एक मुफ्त ब्राउज़र एक्सटेंशन है जो [[इण्टरनेट ऍक्सप्लोरर|इंटरनेट एक्सप्लोरर]]<ref>{{Cite web |url=http://sp.ask.com/toolbar/install/web/ask/download.php |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110616023535/http://sp.ask.com/toolbar/install/web/ask/download.php |archive-date=16 जून 2011 |url-status=dead }}</ref> और [[मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स|फायरफॉक्स]]<ref name="cnet1">http://download.cnet.com/Ask-com-Toolbar-for-Firefox/3010-11745_4-10744694.html{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> [[वेब ब्राउज़र|वेब ब्राउज़र्स]] दोनों के लिए उपलब्ध है। इसके फीचर (सुविधाओं/विशेषताओं) में पूरे वेब, छवि, समाचार और शब्दकोश में लम्बवत खोज, विजेट्स में दी जाने वाली तरह-तरह की अमेरिकी और अंतर्राष्ट्रीय सामग्रियां, मौसम पूर्वानुमान, आरएसएस/एटीओएम फ़ीड्स और संबंधित सेवाएँ शामिल हैं। गूगल या याहू! टूलबार्स के विपरीत, आस्क के मंच पर अक्सर इन टूलबारों को वितरित करने वाले पार्टनरों के साथ सामग्रियों, विजेट और सॉफ्टवेयर एकीकरण को प्रदर्शित किया जाता है। कई सोशल गेमिंग कंपनियां टूलबार में ही विजेट्स या 'इन-लाइन' विन्डोज़ में अपनी गेमिंग सामग्रियों को प्रदान करती हैं। आस्क टूलबार को toolbar.ask.com वेबसाइट से इंस्टाल किया जा सकता है लेकिन यह कुछ थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर के साथ भी समूह में रहता है। आस्क टूलबार का इंस्टालेशन उपयोगकर्ता के लिए वैकल्पिक होता है और इसके लिए हमेशा अंतिम उपयोगकर्ता की सहमति (एक "ऑप्ट-आउट" चेक बॉक्स के रूप में) की जरूरत पड़ती है जब यह अन्य थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर के साथ समूह में होता है। टूलबार के लिए कोई सक्रिय वायरस/मैलवेयर चेतावनी नहीं है। आस्क टूलबार को [[माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़|विन्डोज़]] कंट्रोल पैनल के माध्यम से इंटरनेट एक्सप्लोरर से और ऐड-ऑन्स मेनू और अधिक हाल के संस्करणों में एक अनइंस्टाल लिंक के माध्यम से फायरफॉक्स से अनइंस्टाल किया जा सकता है। टूलबार के लिए यहाँ [https://web.archive.org/web/20110616022833/http://about.ask.com/apn/toolbar/docs/default/faq/en/ff/index.html एक सहायता पृष्ठ] दिया गया है जिसमें अनइंस्टाल संबंधी निर्देश भी दिए गए हैं। == सन्दर्भ == {{Reflist|3}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20110210233339/http://www.ask.com/ ऑफिशियल वेबसाइट] {{DEFAULTSORT:Ask.Com}} [[श्रेणी:ऑकलैंड, कैलिफोर्निया में स्थापित कंपनियां]] [[श्रेणी:संयुक्त राज्य अमेरिका की इंटरनेट कंपनियां]] [[श्रेणी:इंटरनेट सर्च इंजन]] [[श्रेणी:डेस्कटॉप सर्च इंजन]] [[श्रेणी:एलएसी/इंटरएक्टिवकॉर्प]] [[श्रेणी:डॉट-कॉम]] [[श्रेणी:1996 में स्थापित इंटरनेट प्रॉपर्टीज]] [[श्रेणी:पे पर क्लिक सर्च इंजन]] gpdksb5kvsz7lin0f3p5h07nyjqhorq आर्टेसियन कुएं 0 263758 6582593 5955029 2026-07-14T14:49:55Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582593 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Grube Messel fg15.jpg|thumbnail|right|300px|मेसल पिट पर आर्टेसियन कुआँ.]] [[चित्र:Artesian Well.png|thumb|right|300px|भूवैज्ञानिक स्तर आर्टेसियन कुएं को ऊपर की तरफ उठाता है।]] [[चित्र:Artesian Well (PSF).png|thumb|right|300px|एक आर्टेसियन कुएं की स्किमैटिक]] [[चित्र:Artesianwell.jpg|thumb|right|225px|ड्रम भरने के लिए सड़क किनारे पाइप सहित आर्टेसियन कुआँ.]] :''ऑस्ट्रेलिया के जल स्रोत के लिए ग्रेट आर्टेसियन बेसिन को देखें'' '''आर्टेसियन जलभृत (एक्विफर)''', भूमिगत पानी वाला एक सीमित जलभृत होता है जिसका जल [[पम्प|पंप]] किये बिना ही एक [[कुआँ|कुएं]] के माध्यम से ऊपर की तरफ प्रवाहित होता है; ऐसे कुओं को '''आर्टेसियन कुआं''' कहा जाता है। प्राकृतिक दबाव की मात्रा उचित होने पर पानी जमीन की सतह तक भी पहुंच सकता है, ऐसी स्थिति में इस कुएं को '''बहता हुआ आर्टेसियन कुआं''' कहा जाता है। जलभृत, चूना पत्थर या रेतीले पत्थर की तरह नरम चट्टान की एक परत होती है, जो अंतर्गमन मार्ग से पानी को अवशोषित करती है। छिद्रपूर्ण पत्थर अभेद्य चट्टान या मिट्टी के बीच ही सीमित होते हैं। यही दबाव को अधिक रखता है, इसलिए जब पानी को कोई रास्ता मिलता है तो यह गुरुत्वाकर्षण बल को काबू कर नीचे जाने की बजाए ऊपर चढ़ने लगता है। जलभृतों का रिचार्ज तब होता है जब उसके रिचार्ज जोन का जल स्तर [[कुआँ|कुएं]] के मुहाने से ज्यादा [[ऊँचाई (विमानन)|ऊंचाई]] पर होता है। अगर आसपास की चट्टानों का दबाव पर्याप्त है तो जीवाश्म जलभृत भी आर्टेसियन हो सकते हैं। कई नए तेल के कुओं को दबावक्रित करने की प्रक्रिया भी इसी प्रकार की होती है। == उत्पत्ति == '''आर्टसियन कुओं''' का नामकरण [[फ़्रान्स|फ्रांस]] के पूर्व प्रांत आर्टोइस के नाम पर किया गया है, जहां 1126 से कार्थुसियन भिक्षुओं द्वारा कई आर्टेसियन कुओं की खुदाई की गई थी।<ref> फ्रांसिस गिएस और जोसेफ़ गिएस, ''कैथेड्रल, फोर्ज और वाटरव्हील'' सबटाइटल "टेक्नोलॉजी एंड इन्वेन्शन इन दी मिडिल एज़". हार्पर परेनीअल, 1995 आईएसबीएन 0-06-016590-1, पृष्ठ 112.</ref> == आर्टेसियन कुओं के उदाहरण == === ऑस्ट्रेलिया === * ग्रेट आर्टेसियन बेसिन दुनिया का सबसे विशाल और सबसे गहरा आर्टेसियन बेसिन है जो ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप के 23% हिस्से पर फैला हुआ है। === संयुक्त राज्य अमेरिका === आसपास आर्टेसियन कुओं की मौजूदगी के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ शहरों को आर्टेसिया नाम से बुलाया जाता था। आर्टेसियन कुओं वाली अन्य जगहों में शामिल हैं: * ऐशलैंड, विस्कॉन्सिन * बेवर क्रीक पार्क, हिल काउंटी, हाव्रे, मोंटाना * ब्लैक बेल्ट (क्षेत्र), अलबामा * बॉइलिन्ग स्प्रिंग्स, पेंसिल्वेनिया * ब्राउन पैलेस होटल, डेनवर, कोलोराडो * कैम्प लुईस, न्यू जर्सी * कैर्मल, इंडियाना * शटावा, मिसिसिपी * चेस्टरटाउन, न्यूयॉर्क * डालास, ऑरेगन * डो रन, मिसौरी * एवामोर गुड्बी, लुइसियाना * फाउंटेन प्वाइंट, मिशिगन * गेज़, ओकलाहोमा * गिल्लिस स्प्रिंग्स, ट्रुटलेन काउंटी, जॉर्जिया * हिक्सविले, ओहायो * जेरोम, मिसौरी * केंटवुड, लूसियाना * ला क्रोस, विस्कॉन्सिन * लेक्सिंगटन, केंटुकी * लांग आइलैंड, न्यूयॉर्क * लिनवुड, वाशिंगटन * [[मेम्फिस, टेनेसी]] * मोन्यूमेंट वैली, यूटा * ओलंपिया, वाशिंगटन * पहरुम्प, नेवादा * पाल्म स्प्रिंग्स, कैलिफोर्निया * पोटोमैक, इलिनोइस * प्रटविले, अलबामा * सैंडविच, मैसाचुसेट्स * सॉल्ट लेक सिटी, यूटा * सिएरा माद्रे, कैलिफोर्निया * सिल्वर स्प्रिंग्स, फ्लोरिडा, दुनिया के सबसे बड़े आर्टेसियन स्प्रिंग स्थलों में से एक * सिट्का, अलास्का * स्मोक होल कैवर्न, सेनेका रॉक्स, पश्चिम वर्जीनिया * साउथ डकोटा ([[मिसोरी नदी|मिसौरी नदी]] के पूर्व का अधिकांश क्षेत्र) * टेलफेयर काउंटी, जॉर्जिया (कम से कम 50 कुएं हैं) * वाशबर्न विस्कॉन्सिन * वाटरव्लियेट मिशिगन * विलियम्सटाउन, मैसाचुसेट्स * वुडवर्ड, ओकलाहोमा === कनाडा === * व्हाईट रॉक, ब्रिटिश कोलंबिया * वाटरशेड पार्क, ब्रिटिश कोलंबिया * पेम्बेरटन ब्रिटिश कोलंबिया * अर्नेस, मनिटोबा * टिनी, ओंटारियो * वासागा बीच, ओंटारियो * ब्रोक्कटन, ओंटारियो; वॉकरटन त्रासदी के बाद से वॉकरटन में पानी का वर्तमान और अधिक सुरक्षित स्रोत * टीज़वॉटर, ओंटारियो * स्ट्रैटफ़ोर्ड, ओंटारियो * आर्डोईस, नोवा स्कोटिया * वेमाउथ, नोवा स्कोटिया === इटली === * एक्विलेनिया, फ्रिउली-वेनेज़िया गिउलिया === फिजी === * यकारा वैली, विटी लेवु<ref>http://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=131656523{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> === स्पेन === * सेल्ला, टेरवेल, आरागॉन === युनाइटेड किंगडम === * ट्राफलगार स्क्वायर फव्वारे, [[लंदन]] (1844 से करीब 1890); ये कुएं करीब 130 मीटर गहरे हैं। === फ्रांस === * [[पेरिस|पैरिस]] का ग्रेनेल वेल (1841 में खोला गया) जो कि करीब 600 मीटर गहरा है। * पैसी वेल, फ्रांस (1860 में खोला गया) कई वर्षों तक ओलंपिया बीयर (ट्यूमवाटर, वाशिंगटन) आर्टेसियन कुएं से प्राप्त पानी से ही बनती थी। कंपनी द्वारा अपने प्रचार में भी शराब बनाने में आर्टेसियन से प्राप्त पानी के इस्तेमाल का खूब जमकर उपयोग किया गया। हालांकि विज्ञापनों में ये कभी नहीं बताया गया कि आर्टेसियन का पानी क्या होता है, हमेशा ये दावा किया जाता रहा कि यह पानी आर्टेसियन की पौराणिक आबादी द्वारा नियंत्रित किया जाता है।<ref>केल्ली विज्ञापन एवं विपणन: [http://www.kelleyad.com/mktcasehist.htm ओलंपिया बीयर: ए गुड कैम्पेन ऐक्सेलरैट्स दी डैथ ऑफ ए ब्रांड] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110113024523/http://www.kelleyad.com/mktcasehist.htm |date=13 जनवरी 2011 }} . 2008.11.07 को एक्सेस किया गया।</ref> एक बार जब इस शराब कंपनी को एक अन्य बड़ी कंपनी द्वारा अधिगृहित कर लिया गया, तो आर्टेसियन जल का इस्तेमाल रोक दिया गया और इसी तरह विज्ञापन अभियान को भी रोक दिया गया।<ref>बीयर एड्वोकेट: [http://beeradvocate.com/beer/profile/447/3906/?sort=high&amp;start=10 ओलंपिया बीयर] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304062450/http://www.beeradvocate.com/beer/profile/447/3906/?sort=high&start=10 |date=4 मार्च 2016 }}. 2008.11.07 को एक्सेस किया गया।</ref> कनाडा के ओंटारियो के क्रीमोर शहर की क्रीमोर स्पिंग्स ब्रीवरी भी शराब बनाने में खासतौर पर एक आर्टेसियन कुएं के पानी का ही इस्तेमाल करती है। यह पानी क्रीमोर स्प्रिंग से आता है जो कि मालिकों में से एक की संपत्ति में स्थित है। इस पानी को हर रोज 10,000 लीटर तक पानी ढोने वाले ट्रक से ब्रीवरी तक पहुंचाया जाता है; प्रत्येक ट्रक में इतना पानी होता है जिससे कि एक बैच की शराब तैयार हो जाती है। 'एच2ओलंपिया (H2Olympia): आर्टेसियन वेल एडवोकेट्स' नामक अभियान के तहत ओलंपिया शहर में फिलहाल बचे एकमात्र सार्वजनिक कुएं के आर्टेसियन जल के इस्तेमाल को बचाए रखने के लिए कोशिशें की जा रही हैं।<ref>"इट्स स्टिल दी वॉटर" थर्सटन काउंटी पीयूडी रिपोर्ट - कनेक्शन्स, समर 2009, वॉल्यूम 3, संख्या 3 - http://www.wpuda.org/PDF_files/Connections/Summer2009final.pdf {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111008232343/http://www.wpuda.org/PDF_files/Connections/Summer2009final.pdf |date=8 अक्तूबर 2011 }}</ref> == इन्हें भी देखें == * पीने का पानी * [[तरल यांत्रिकी|द्रव यांत्रिकी]] * ग्रेट आर्टेसियन बेसिन * हाइड्रोजीओलॉजी * कानात * एल्फ्रेडिनो राम्पी == टिप्पणियां == {{reflist}} {{DEFAULTSORT:Artesian Aquifer}} [[श्रेणी:जलभृत]] [[श्रेणी:जल आपूर्ति]] [[श्रेणी:जल-विज्ञान]] [[श्रेणी:पानी के कुएं]] hdkyrhhwqb5o3jlnvz5m3ks7674m4mz विकिपीडिया वार्ता:उल्लेखनीयता 5 290104 6582536 6582481 2026-07-14T12:24:02Z SM7 89247 [[Special:Contributions/AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] ([[User talk:AMAN KUMAR|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:Anand2308|Anand2308]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6582440 wikitext text/x-wiki {{वार्ता शीर्षक}} == Dhananjay Tiwari == जन्म- गाजीपुर (उ॰प्र॰) जाति- ब्राह्मण शिक्षा- B.sc & B.ed शौक- समाज सेवा ,यूथ मोटिवेशन और काव्य लेखन (कवि) कार्य क्षेत्र-बेसिक हेल्थ वर्कर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हैं। [[सदस्य:Anand2308|Anand2308]] ([[सदस्य वार्ता:Anand2308|वार्ता]]) 04:24, 14 जुलाई 2026 (UTC) 8oy567idq51fjz20mdzw6vc8mp24v8b 6582558 6582536 2026-07-14T13:27:06Z SM7 89247 [[Special:Contributions/SM7|SM7]] ([[User talk:SM7|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6567929 wikitext text/x-wiki {{वार्ता शीर्षक}} gpfqtvs6ipx5lqjhtgasmr80u6e2dmv रामशरण शर्मा 0 324399 6582801 6386448 2026-07-15T07:24:46Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582801 wikitext text/x-wiki {{स्रोत कम|date=अप्रैल 2020}} {{Infobox scientist | fields = [[भारत|भारतीय]] [[इतिहास]] | image = Ram sharan sharma.jpg | caption = | name = राम शरण शर्मा | birth_date = {{birth date|df=yes|1919|11|26}} | birth_place = बरौनी, [[बेगूसराय]], [[बिहार]], [[ब्रिटिश भारत]] | death_date = {{Death date and age|df=yes|2011|8|20|1919|11|26}} | death_place = [[पटना]], भारत | main_interests = [[Historiography]], [[Ancient Indian Administration]], [[Indian Feudalism]], [[Linguistics]], [[Shudras]], Society, [[Economic relations]], [[Communalism]], Economy }} '''राम शरण शर्मा''' (जन्म 26 नवम्बर 1919 - 20 अगस्त 2011<ref>{{cite news | url = http://www.indianexpress.com/news/noted-historian-r-s-sharma-passes-away/834972 | title = Noted historian R S Sharma passes away | publisher = [[द इंडियन एक्सप्रेस]] | date = 21 अगस्त 2011 | accessdate = 27 अगस्त 2011 }}</ref><ref>{{cite news | url = http://www.hindustantimes.com/Historian-Sharma-dead/Article1-735936.aspx | title = Historian Sharma dead | publisher = [[हिन्दुस्तान टाईम्स]] | author = [[प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया]] | date = 21 अगस्त 2011 | accessdate = 27 अगस्त 2011 | archive-url = https://web.archive.org/web/20110824205718/http://www.hindustantimes.com/Historian-Sharma-dead/Article1-735936.aspx | archive-date = 24 अगस्त 2011 | url-status = live }}</ref><ref>{{cite news | url = http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-08-22/india/29914658_1_r-s-sharma-ram-sharan-sharma-gifted-historians | title = R S Sharma, authority on ancient India, dead | publisher = [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] | author = Akshaya Mukul | date = 22 अगस्त 2011 | accessdate = 27 अगस्त 2011 | archive-url = https://web.archive.org/web/20120412100747/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-08-22/india/29914658_1_r-s-sharma-ram-sharan-sharma-gifted-historians | archive-date = 12 अप्रैल 2012 | url-status = live }}</ref>) एक [[भारत|भारतीय]] [[वामपंथी]] इतिहासकार हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (1973-85) और टोरंटो विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य किया है और साथ ही लंदन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज में एक सीनियर फेलो, [[विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (भारत)|विश्वविद्यालय अनुदान आयोग]] के नेशनल फेलो (1958-81) और 1975 में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 1970 के दशक में दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के डीन के रूप में प्रोफेसर आर.एस. शर्मा के कार्यकाल के दौरान विभाग का व्यापक विस्तार किया गया था।<ref name="du.ac.in">{{cite news | url = http://www.du.ac.in/show_department.html?department_id=History | title = History of Department of History | author = History Department | publisher = [[दिल्ली विश्‍वविद्यालय]] | date = 13 अगस्त 2008 | accessdate = 13 अगस्त 2008 | archiveurl = https://web.archive.org/web/20080226115840/http://www.du.ac.in/show_department.html?department_id=History | archivedate = 26 फ़रवरी 2008 | url-status = dead }}</ref> विभाग में अधिकांश पदों की रचना का श्रेय प्रोफेसर शर्मा के प्रयासों को दिया जाता है।<ref name="du.ac.in" /> वे भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च) (आईसीएचआर) के संस्थापक अध्यक्ष भी थे। उन्होंने अब तक पंद्रह भाषाओं में प्रकाशित 115 पुस्तकें<ref name="tribuneindia.com">{{cite news | url = http://www.tribuneindia.com/2007/20071231/delhi.htm#3 | title = Ram lives beyond history: Historians | author = Prashant K. Nanda | publisher = [[द ट्रिब्यून]] | date = 31 दिसंबर 2007 | accessdate = 13 अगस्त 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080829104223/http://www.tribuneindia.com/2007/20071231/delhi.htm#3 | archive-date = 29 अगस्त 2008 | url-status = live }}</ref> लिखी हैं। शर्मा भारतीय इतिहास लेखन के "मार्क्सवादी मत" से संबद्ध रहे हैं। == प्रारंभिक जीवन == शर्मा का जन्म [[बिहार]] के बरौनी, [[बेगूसराय]] में [[भूमिहार|भूमिहार ब्राह्मण]] में हुआ था।<ref>{{cite news | url = http://www.pucl.org/reports/Bihar/2001/begusarai.htm | title = PUCL Begusarai Second District Conference Report | publisher = [[सिविल लिबर्टीज फॉर पीपुल्स यूनियन]] | date = जुलाई 2001 | accessdate = 13 अगस्त 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080808143740/http://www.pucl.org/reports/Bihar/2001/begusarai.htm | archive-date = 8 अगस्त 2008 | url-status = dead }}</ref> वास्तव में उनके पिता को अपनी रोजी-रोटी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था और बड़ी मुश्किल से वे मैट्रिक तक उनकी शिक्षा की व्यवस्था कर पाये. उसके बाद वे लगातार छात्रवृत्ति प्राप्त करते रहे और यहाँ तक कि अपनी शिक्षा में सहयोग के लिए उन्होंने निजी ट्यूशन भी पढ़ायी।<ref>{{cite book | first = D.N. | last = Jha | authorlink = Dwijendra Narayan Jha | title = Society and Ideology in India: Essays in Honour of Prof. [[R.S. Sharma]] | publisher = [[Munshiram Manoharlal]] Publishers Pvt. Ltd. | location = [[नई दिल्ली]], [[भारत]] | year = [[1996]] | isbn = 978-8121506397 }}</ref> == शिक्षा और उपलब्धियां == उन्होंने 1937 में मैट्रिक पास किया और पटना कॉलेज में दाखिला लिया जहां उन्होंने इंटरमीडिएट से लेकर स्नातकोत्तर कक्षाओं में छः वर्षों तक अध्ययन किया।<ref name="Srivastava 2005">{{cite book | first = N.M.P. | last = Srivastava | title = Professor R.S. Sharma: The Man With Mission; Prajna-Bharati Vol XI, In honour of Professor Ram Sharan Sharma | publisher = [[K.P. Jayaswal Research Institute]] | location = Patna, India | year = 2005 }}</ref> उन्होंने अपनी पीएचडी लंदन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज से प्रोफेसर आर्थर लेवेलिन बैशम के अधीन पूरी की.<ref>{{cite news | url = http://www.hinduonnet.com/fline/fl1918/19180720.htm | title = The making of an Indologist | author = K. M. Shrimali | publisher = [[फ्रंटलाइन (पत्रिका)|फ्रंटलाइन]] | date = Volume 19 - Issue 18, अगस्त 31 - सितंबर 13, 2002 | accessdate = 5 अप्रैल 2009 | archive-url = https://web.archive.org/web/20050104214447/http://www.hinduonnet.com/fline/fl1918/19180720.htm | archive-date = 4 जनवरी 2005 | url-status = dead }}</ref> 1946 में पटना विश्वविद्यालय के पटना कॉलेज में आने से पहले उन्होंने आरा (1943) और [[भागलपुर]] (जुलाई 1944 से नवंबर 1946 तक) के कॉलेजों में अध्यापन कार्य किया।<ref name="Srivastava 2005" /> 1958-1973 तक वे पटना विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रमुख बने.<ref name="Srivastava 2005" /> 1958 में वे एक यूनिवर्सिटी प्रोफेसर बन गए। 1973-1978 तक उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग के प्रोफ़ेसर और डीन के रूप में कार्य किया। 1969 में उन्हें जवाहरलाल फैलोशिप मिल गयी। 1972-1977 तक वे भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च) के संस्थापक चेयरमैन रहे. वे लंदन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज (1959-64) में एक अतिथि फैलो; [[विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (भारत)|विश्वविद्यालय अनुदान आयोग]] के राष्ट्रीय फैलो (1958-81); टोरंटो विश्वविद्यालय में [[इतिहास]] के अतिथि [[प्रोफ़ेसर]] (1965-1966); 1975 में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के अध्यक्ष और 1989 में जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार के प्राप्तकर्ता भी रहे.<ref name="Srivastava 2005" /> 1973-1978 तक वे मध्य एशिया के अध्ययन के लिए [[युनेस्को|यूनेस्को (UNESCO)]] के डिप्टी-चेयरपर्सन बने; उन्होंने नेशनल कमीशन ऑफ हिस्ट्री ऑफ साइंसेस इन इंडिया के एक महत्वपूर्ण सदस्य और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के एक सदस्य के रूप में सेवा की है।<ref name="Srivastava 2005" /> शर्मा ने नवंबर 1987 में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बॉम्बे द्वारा प्रदान किया जाने वाला 1983 का कैम्पबेल मेमोरियल गोल्ड मेडल (उत्कृष्ट इंडोलॉजिस्ट के लिए) प्राप्त किया; 1992 में उन्हें ''अर्बन डिके इन इंडिया'' के लिए भारतीय इतिहास कांग्रेस द्वारा एच.के. बरपुजारी बाइनियल नेशनल अवार्ड मिला और उन्होंने भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (1988-91) के एक नेशनल फेलो के रूप में भी कार्य किया।<ref name="Srivastava 2005" /> वे कई शैक्षिक समितियों और संघों के सदस्य भी हैं। उन्होंने पटना के के.पी. जायसवाल अनुसंधान संस्थान (1992-1994) का के.पी. जायसवाल फैलोशिप प्राप्त किया है; अगस्त 2001 में उन्हें एशियाटिक सोसाइटी की ओर से उत्कृष्ट इतिहासकार के लिए हेमचंद्र रायचौधरी जन्म शताब्दी स्वर्ण पदक प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया गया था; और 2002 में भारतीय इतिहास कांग्रेस ने आजीवन सेवा और भारतीय इतिहास में उनके योगदान के लिए उन्हें विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े पुरस्कार प्रदान किया।<ref name="Srivastava 2005" /> उन्हें बर्दवान विश्वविद्यालय से डी.लिट ''ओनोरिस कॉसा (Honoris Causa)'' की उपाधि और इसी के समकक्ष डिग्री [[सारनाथ]], [[वाराणसी]] के [[सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइयर टिबेटियन स्टडीज़|उच्चस्तरीय तिब्बती अध्ययन के केन्द्रीय संस्थान]] से प्राप्त हुई है।<ref name="Srivastava 2005" /> वे शैक्षिक पत्रिका सोशल साइंस प्रोबिंग्स के संपादकीय समूह के अध्यक्ष भी हैं। वे खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी की समिति के एक सदस्य हैं। [[हिन्दी|हिंदी]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] में लिखे जाने के अलावा उनकी रचनाओं का कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है। उनकी पंद्रह रचनाओं का अनुवाद [[बांग्ला भाषा|बंगाली]] भाषा में किया गया है। भारतीय भाषाओं के अलावा उनकी कई रचनाओं का अनुवाद अनेकों विदेशी भाषाओं में किया गया है जैसे कि [[जापानी भाषा|जापानी]], [[फ़्रांसीसी भाषा|फ्रेंच]], [[जर्मन भाषा|जर्मन]], [[रूसी भाषा|रूसी]] आदि साथी इतिहासकार प्रोफेसर [[इरफान हबीब]] की राय में "डी.डी. कोसांबी और आर.एस. शर्मा के साथ-साथ डैनियल थॉर्नर पहली बार किसानों को भारतीय इतिहास के अध्ययन के दायरे में लेकर आए.<ref>{{cite book | first = Irfan | last = Habib | authorlink = Irfan Habib | title = Essays in Indian History | publisher = [[Tulika]] | year = Seventh reprint 2007 | isbn = 978-8185229003 | page = 381 (at p 109) }}</ref> प्रोफ़ेसर द्विजेन्द्र नारायण झा ने 1996 में उनके सम्मान में एक पुस्तक प्रकाशित की थी जिसका शीर्षक था: "सोसायटी एंड आइडियोलॉजी इन इंडिया: एड. एसेज इन ऑनर ऑफ प्रोफेसर आर.एस. शर्मा (मुंशीराम मनोहरलाल, दिल्ली, 1996). के.पी. जायसवाल शोध संस्थान, पटना द्वारा उनके सम्मान में निबंधों का एक संकलन 2005 में प्रकाशित किया गया था। [[पत्रकार]] शाम लाल उनके बारे में लिखते हैं "आर.एस. शर्मा [[भारतीय इतिहास|प्राचीन भारत]] के एक बोधगम्य इतिहासकार हैं जिनके ह्रदय में 1500 ई.पू. से लेकर 500 ई. तक की दो हजार वर्षों की अवधि के दौरान भारत में घटित होने वाले सामाजिक विकास के प्रति असीम सम्मान की भावना है, अतः वे काल्पनिक दुनिया का सहारा कतई नहीं लेंगे."<ref>{{cite book | first = Sham | last = Lal | authorlink = Sham Lal | title = Indian Realities in bits and pieces | url = https://archive.org/details/liang.indianrealitiesi0000sham | publisher = Rupa & Co. | date = Published 2003, initially published in ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]'' on जुलाई 23, 1983 | isbn = 978-81-291-1117-3 | page = [https://archive.org/details/liang.indianrealitiesi0000sham/page/524 524] (at p 14) }}</ref> प्रोफ़ेसर सुमित सरकार की राय है: "भारतीय इतिहास लेखन, जिसकी शुरुआत 1950 के दशक में डी.डी. कोसांबी से हुई, इसे दुनिया भर में - जहां भी दक्षिण एशियाई इतिहास पढ़ाया या अध्ययन किया जाता है - काफी हद तक विदेशों में रचित समस्त रचनाओं के साथ या यहां तक कि उन सभी से बेहतर रूप में स्वीकार किया जाता है। और यही वजह है कि [[इरफान हबीब]] या रोमिला थापर या आर.एस. शर्मा सबसे कट्टर कम्युनिस्ट विरोधी अमेरिकी विश्वविद्यालयों में भी काफी सम्मानित चेहरे हैं। अगर आप दक्षिण एशियाई इतिहास का अध्ययन कर रहे हैं तो उन्हें कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।"<ref>{{cite news | url = http://www.hinduonnet.com/thehindu/fline/fl1705/17050260.htm | title = 'Not a question of bias' | publisher = [[फ्रंटलाइन (पत्रिका)|फ्रंटलाइन]] | date = Volume 17 - Issue 05, Mar. 04 - 17, 2000 | accessdate = 23 जून 2009 }}{{Dead link|date=सितंबर 2022 |bot=InternetArchiveBot }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> == प्रमुख रचनाएं == {{non-free|section|date= जनवरी 2011}} === ''प्राचीन भारत में राजनीतिक विचार एवं संस्थाएँ'' === ''प्राचीन भारत में राजनीतिक विचार एवं संस्थाएँ'' (हिन्दी में - राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली, संशोधित संस्करण-1989, पेपरबैक की सातवीं आवृत्ति 2007; अंग्रेजी में - ''आस्पेक्ट्स ऑफ पॉलिटिकल आइडियाज एंड इंस्टिट्यूशंस इन एंशिएंट इंडिया'' [[मोतीलाल बनारसीदास|(मोतीलाल बनारसीदास]], पाँचवाँ संशोधित संस्करण, दिल्ली, 2005) यह पुस्तक [[भारतीय इतिहास|प्राचीन भारत]] में राज्य के मूल और प्रकृति के विभिन्न दृष्टिकोणों पर चर्चा करती है। यह राज्य के गठन के चरणों और प्रक्रियाओं की बात भी करती है और राज्य व्यवस्था के निर्माण में जाति एवं वंश आधारित समष्टियों की प्रासंगिकता की भी जांच करती है। वैदिक सम्मेलनों का अध्ययन कुछ विस्तार में किया गया है और राजनीतिक संगठन में प्रगतियों को उनकी बदलती सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक यह भी दिखाती है कि किस तरह धर्म और अनुष्ठानों को शासक वर्ग की सेवा में लाया गया था। ;समीक्षाओं से उद्धरण "यह एक सबसे उपयोगी पुस्तिका होने के साथ-साथ प्राचीन भारतीयों के राजनीतिक सिद्धांतों और कुछ मुख्य राजनीतिक संस्थाओं पर अनुसंधान की एक सबसे मौलिक और सतर्क रचना है।" ए.के. वार्डर, स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज का बुलेटिन. "... प्राचीन भारत के विचारों और प्रथाओं के कई रोचक पहलुओं का ताजा और कभी-कभी आश्चर्यजनक रूप से वास्तविक लाइनों पर कुशलतापूर्वक सर्वेक्षण करता है। प्रासंगिक स्रोतों पर लेखक की पूरी पकड़ है और उनका प्रयोग वे बताने वाले प्रभाव के साथ करते हैं।" के.ए. नीलकांत शास्त्री, जर्नल ऑफ इंडियन हिस्ट्री "संशोधित संस्करण... व्याख्या में स्पष्ट है, विधि में नवीनतम है और बहुत सी सामग्रियों को संभालने की उल्लेखनीय क्षमता का प्रदर्शन करता है। यह प्राचीन भारतीय सोच और संस्थाओं के हमारे ज्ञान की वर्तमान स्थिति का अब तक का सबसे अच्छा सारांश है जो अब उपलब्ध है,... यह एक पहले दर्जे की पुस्तक है जो उतना ही दिलचस्प है जितना अध्ययनशील है।" टाइम्स लिटरेरी सप्लीमेंट "यह रचना बेहतर शोधित और प्रलेखित है और प्राचीन भारतीय राजनीति के ऐतिहासिक विकास के संदर्भ में विशेष रूप से उपयोगी है। इस विषय पर मौजूद ज्यादातर पुस्तकों की तुलना में डॉक्टर शर्मा की पुस्तक में सिद्धांत और व्यवहार के बीच एक बेहतर संतुलन है। हालांकि इस बात पर कोई सवाल नहीं हो सकता है कि यह इस क्षेत्र में प्रमुख प्रकाशनों में से एक है जिसे प्राचीन भारतीय राजनीति का कोई भी गंभीर छात्र नजरअंदाज नहीं कर सकता है।" जे.डब्ल्यू. स्पेलमैन, विंडसर विश्वविद्यालय === शूद्रों का प्राचीन इतिहास (शूद्राज इन एंशिएंट इंडिया)'' === ''शूद्राज इन एंशिएंट इंडिया: ए सोशल हिस्ट्री ऑफ द लोअर ऑर्डर डाउन टू सिरका एडी 600'' ([[मोतीलाल बनारसीदास]], तीसरा संशोधित संस्करण, दिल्ली, 1990; पुनर्मुद्रण, दिल्ली, 2002 हिन्दी में ''शूद्रों का प्राचीन इतिहास'', राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली) पहले संस्करण के लिए प्रोफेसर शर्मा की (आंशिक) प्रस्तावना: "मैंने इस विषय का अध्ययन लगभग दस वर्ष पहले आरंभ किया किंतु भारतीय विश्वविद्यालय के शिक्षक की कार्यव्यस्तता और पुस्तकालय की समुचित सुविधा के अभाव के कारण कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं कर सका। इस ग्रंथ का अधिकांश ''स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज़'' में दो शिक्षासत्रों (1954-56) में पूरा किया गया, जहाँ जाने के लिए पटना विश्वविद्यालय ने मुझे उदारतापूर्वक अययन-अवकाश प्रदान किया। यह पुस्तक मुख्यतया मेरे उस शोधप्रबंध पर आधारित है जो लंदन विश्वविद्यालय में 1956 ई. में पी-एचडी. की उपाधि के लिए स्वीकृत हुआ था।"<ref>''शूद्रों का प्राचीन इतिहास'', रामशरण शर्मा, राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली, पेपरबैक संस्करण-2000, पृष्ठ-7.</ref> ;समीक्षाओं से उद्धरण "यह अनुसंधान का एक उत्कृष्ट उदाहरण और प्राचीन भारत में सूद्रों का एक प्रामाणिक इतिहास है। प्रोफेसर शर्मा ने सूद्रों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर असर डालने वाले साहित्यिक के साथ-साथ पुरातात्विक, सभी प्रकाशित स्रोतों का उपयोग किया है। यह शूद्र समुदाय के दुखमय जीवन के सभी पहलुओं का एक स्पष्ट और व्यापक विवरण देता है। एल.एम. जोशी, जर्नल ऑफ रिलीजियस स्टडीज, अंक 10, नंबर I और II, 1982. === ''भारत का प्राचीन इतिहास (इंडियाज एंशिएंट पास्ट)'' === ''इंडियाज एंशिएंट पास्ट'' (ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2005; ''प्रारंभिक भारत का परिचय'' नाम से हिन्दी अनुवाद ओरियंट ब्लैकस्वान, नयी दिल्ली से प्रकाशित एवं इससे कुछ भिन्न शैली में देवशंकर नवीन तथा धर्मराज कुमार द्वारा किया गया हिन्दी अनुवाद ''भारत का प्राचीन इतिहास'' नाम से ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, नयी दिल्ली से प्रकाशित, 2018) इस आकर्षक कथा में लेखक प्रारंभिक भारत के इतिहास का एक व्यापक और सुलभ विवरण प्रस्तुत करता है। इतिहास के लेखन के ढांचे पर एक चर्चा के साथ शुरू करते हुए यह पुस्तक सभ्यताओं, साम्राज्यों और धर्मों के मूलों और विकास पर प्रकाश डालती है। यह भौगोलिक, पारिस्थितिकीय और भाषाई पृष्ठभूमियों को कवर करता है और निओलिथिक, कैलकोलिथिक और वैदिक कालों के साथ-साथ हड़प्पा सभ्यता की विशिष्ट संस्कृतियों पर नजर डालता है। लेखक जैन धर्म और बौद्ध धर्म, मगध के उदय और क्षेत्रीय राज्यों की शुरुआत की चर्चा करते हैं। मौर्यों, मध्य एशियाई देशों, सातवाहनों, गुप्तों और हर्षवर्धन के काल का भी विश्लेषण किया गया है। वे वर्ण व्यवस्था, शहरीकरण, वाणिज्य और व्यापार, विज्ञान और दर्शन में विकास और सांस्कृतिक विरासत जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं पर प्रकाश डाला गया है। वे प्राचीन से मध्यकालीन भारत में परिवर्तन की प्रक्रिया की भी जांच करते हैं और आर्य संस्कृति के मूल जैसे सामयिक मुद्दों पर भी ध्यान देते हैं। === ''आर्यों की खोज (लुकिंग फॉर द आर्यन्स)'' === ''लुकिंग फॉर द आर्यन्स'' (ओरिएंट लांगमैन पब्लिशर्स, 1995, दिल्ली) आर्य कौन थे? वे कहां से आये थे? क्या वे हमेशा से भारत में रहे थे? आर्य समस्या ने शैक्षिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में नए सिरे से ध्यान आकर्षित किया है। यह पुस्तक आर्य संस्कृति की मुख्य विशेषताओं की पहचान करती है और उनके सांस्कृतिक लक्षणों के प्रसार का अनुसरण करती है। नवीनतम पुरातात्विक साक्ष्य और आर्य समाज की सामाजिक और आर्थिक विशेषताओं पर सबसे पहले ज्ञात भारत-यूरोपीय अभिलेखों का प्रयोग कर डॉ॰ शर्मा इस वर्तमान बहस पर कि क्या आर्य भारत के स्वदेशी निवासी थे या नहीं, नये सिरे से प्रकाश डालते हैं। यह पुस्तक भारत के इतिहास और इसकी संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए आवश्यक पाठ्य सामग्री है। इस पुस्तक की कई मान्यताओं में डॉ॰ शर्मा ने बाद में स्वयं परिवर्तन किया और एक साक्षात्कार में स्पष्ट स्वीकार किया कि उनकी यह पुस्तक अब पुरानी पड़ गयी है और इस विषय पर उनकी नयी किताब आयी है- '''भारत में आर्यों का आगमन'''।<ref>''[[आलोचना (पत्रिका)|आलोचना]]'', सहस्राब्दी अंक-5, अप्रैल-जून 2001, संपादक- परमानन्द श्रीवातव, राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली, पृष्ठ-194.</ref> === ''भारतीय सामंतवाद (इंडियन फ्यूडलिज्म)'' === ''इंडियन फ्यूडलिज्म'' (मैकमिलन पब्लिशर्स इंडिया लिमिटेड, तीसरा संशोधित संस्करण, दिल्ली, 2005) यह पुस्तक भूमि अनुदान की प्रथा का विश्लेषण करती है जो गुप्त काल में विचारणीय बनी और गुप्त काल के बाद दूर-दूर तक फ़ैल गयी। यह दिखाता है कि यह किस प्रकार जमींदारों के एक वर्ग के उदय का कारण बनी जिसने अपने वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को किसानों के एक वर्ग पर आरोपित किया था जिन्हें सामुदायिक कृषि अधिकार से वंचित कर दिया गया था। अपनी पुस्तक ''भारतीय सामंतवाद (इंडियन फ्यूडलिज्म)'' (1965) में आर.एस. शर्मा ने घोरियन विजय अभियानों के समय तक प्रारंभिक मध्ययुगीन समाज में बुनियादी संबंधों का विस्तार से अध्ययन किया है।<ref name="Irfan Habib">{{cite news | url = http://www.hinduonnet.com/fline/fl1416/14160600.htm | title = History and interpretation | author = [[Irfan Habib]] | publisher = [[फ्रंटलाइन (पत्रिका)|फ्रंटलाइन]] | date = Vol. 14 :: No. 16 :: Aug. 9-22, 1997 | accessdate = 5 अप्रैल 2009 | archive-url = https://web.archive.org/web/20090422150140/http://www.hinduonnet.com/fline/fl1416/14160600.htm | archive-date = 22 अप्रैल 2009 | url-status = dead }}</ref> उन्होंने ''एक ऐसे सामंतवाद के पक्ष में तर्क दिया जो अपनी जमीन में उच्चतंम अधिकारों के जरिये और जबरदस्ती के श्रम के जरिये मुख्य रूप से उदार किसानों से प्राप्त अधिशेष को काफी हद तक रुपयों में परिवर्तित कर लेता था, जो किसी भी विचारणीय पैमाने पर नहीं पाया जाता है।.. भारत के तुर्की विजय अभियान के बाद'' .<ref name="Irfan Habib" /> === पूर्व मध्यकालीन भारत का सामंती समाज और संस्कृति === (हिन्दी में - राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली, प्रथम संस्करण-1996; अंग्रेजी में- ''अर्ली मेरी मेडिएवेल इंडियन सोसाइटी: ए स्टडी इन फ्यूडलाइजेशन)'' (ओरिएंट लांगमैन पब्लिशर्स प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली, 2003) प्रारंभिक मध्ययुगीन काल आर.एस. शर्मा के विश्लेषण का केंद्र है। इस पुस्तक में शर्मा प्रारंभिक मध्ययुगीन काल में भारत के सामाजिक-आर्थिक ढांचे के सामंतीकरण को रेखांकित करते हैं और भूमि अनुदानों का प्रचलन बढ़ने के लिए वर्ण संघर्ष और व्यापार में गिरावट को जिम्मेदार बताते हैं। उनका विशालदर्शी विस्तार किसानों की स्थिति पर ध्यान देता है और वे जमींदारों के प्रभुत्व के कारण उत्पादन पर उनके नियंत्रण के नुकसान को रेखांकित करते हैं। शर्मा पारंपरिक वर्ण व्यवस्था की भी जाँच करते हैं और यह पता लगाते हैं कि किस प्रकार इसे जमींदारी पदानुक्रम के लिए समायोजित किया गया था। ब्राह्मणवाद पर आदिवासियों के प्रभाव और शूद्र तथा अन्य जातियों के प्रसार की एक दिलचस्प चर्चा इसमें शामिल है। शर्मा का तर्क है कि जमींदार पूंजीपतियों की उपस्थिति ने कानूनी, सामाजिक और धार्मिक मामलों में सोच के तरीकों को बदल दिया. आर.एस. शर्मा की सम्मोहक शैली और दृष्टिकोण की व्यापकता और गहराई इस पुस्तक को पेशेवर इतिहासकारों और समाजशास्त्री के साथ-साथ हमारे कई सामाजिक और सांस्कृतिक विचारधाराओं एवं संस्थाओं के मध्ययुगीन जड़ों में रुचि रखने वालों के लिए सुलभ बनाता है। === ''प्रारंभिक भारत का आर्थिक और सामाजिक इतिहास (पर्सपेक्टिव इन सोशल एंड इकोनोमिक हिस्ट्री ऑफ एंशिएंट इंडिया)'' === ''पर्सपेक्टिव इन सोशल एंड इकोनोमिक हिस्ट्री ऑफ एंशिएंट इंडिया'' (मुंशीराम मनोहरलाल, दिल्ली, 2003; हिन्दी में - ''प्रारंभिक भारत का आर्थिक और सामाजिक इतिहास'', हिंदी माध्यम कार्यान्वयन निदेशालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, प्रथम संस्करण 1992, तृतीय संशोधित संस्करण 2008) इस पुस्तक की शुरुआत प्रारंभिक भारत के सामाजिक और आर्थिक इतिहास के सूत्रों के एक सर्वेक्षण के साथ होती है और यह सामाजिक इतिहास पर उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से लेकर बीसवीं सदी के मध्य तक की रचनाओं की समीक्षा करती है। यह जाति और लिंग संबंधों की समस्याओं पर चर्चा करते है और सामाजिक नियंत्रण एवं सामंजस्य को बढ़ावा देने में भविष्यवाणी और संचार की भूमिका को दर्शाती है। आर्थिक पहलुओं पर ध्यान देने के क्रम में यह उत्पादन की प्रणाली के चरणों पर ध्यान केंद्रित करती है; यह सूदखोरी, शहरी इतिहास और सिंचाई के बारे में बात करती है। लेखक सामाजिक इतिहास के अध्ययन के लिए हिन्दू सुधारवादी दृष्टिकोण की वैधता पर सवाल उठाते हैं। वे भारतीय सामाजिक और आर्थिक संस्थानों की नित्यता के बारे में पारंपरिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोणों को छोड़ देते हैं। परिवर्तन और अलगाव की प्रवृत्ति की पहचान की जाती है और सामाजिक एवं आर्थिक विकासों के बीच पारस्परिक संबंध देखा जाता है। अंत में यह पुस्तक धातु धन और भूमि अनुदान के इतिहास के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाती है। === ''भारत के प्राचीन नगरों का पतन (अर्बन डिके इन इंडिया)'' === ''अर्बन डिके इन इंडिया'' सी. 300- सी. 1000 (मुंशीराम मनोहरलाल, दिल्ली, 1987; हिन्दी में - ''भारत के प्राचीन नगरों का पतन'', लगभग 300 ई. से लगभग 1000 ई., राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली, छठा संस्करण 2016) यह पुस्तक शहरों के पतन और प्राचीन काल के उत्तरार्द्ध एवं प्रारंभिक मध्यकालीन भारत में उनके परित्याग पर पुरातात्विक साक्ष्य के आधार पर ध्यान केंद्रित करती है। लेखक के पास शिल्प, वाणिज्य और सिक्कों के अध्ययन के लिए सामग्रियों के अवशेष मौजूद हैं और वे 130 से अधिक खुदाई स्थलों के लिए विकास और क्षय के लक्षणों की पहचान और वर्णन करते हैं। मामूली अवशेषों की परतों को निर्माण, विनिर्माण और वाणिज्यिक गतिविधियों में कमी को दर्शाने के लिए लिया गया है और इस प्रकार ये गैर-शहरीकरण के साथ जुड़े हुए हैं। शहरी प्रभावहीनता के कारणों की मांग ना केवल साम्राज्यों के पतन में बल्कि सामाजिक अव्यवस्था और लंबी दूरी के व्यापार के नुकसान में भी की गयी है। शहर जीवन के विघटन को सामाजिक प्रतिगमन रूप में नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के भाग के रूप में देखा जाता है जिसने उत्कृष्ट सामंतवाद को जन्म दिया और ग्रामीण विस्तार को बढ़ावा दिया. यह पुस्तक शहरी क्षय और अधिकारियों, पुजारियों, मंदिरों और मठों को भूमि अनुदान के बीच की कड़ी की पड़ताल करती है। यह दिखाती है कि कैसे जमींदार संबंधी तत्वों ने सीधे तौर पर किसानों से अधिशेष और सेवाएं एकत्र कीं और कारीगर के रूप में सेवा करने वाली जातियों को मेहनताने के रूप में भूमि अनुदान दिया और अनाज की आपूर्ति की. मोनोग्राफ को आधुनिकता पूर्व के शहरी इतिहास के छात्रों और गुप्त काल एवं गुप्त काल के बाद अर्थव्यवस्था और समाज में परिवर्तन की प्रक्रियाओं का अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए रुचिकर होना चाहिए. इसे ईसा पूर्व पहली सहस्राब्दी के उत्तरार्द्ध और अगली छह सदी एडी के दौरान खुदाई स्थलों के शहरी क्षितिज पर बुनियादी जानकारी उपलब्ध कराने वाला होना चाहिए. == सांप्रदायिकता का दृष्टिकोण == शर्मा ने सभी प्रकार की सांप्रदायिकता की निंदा की है। अपनी पुस्तक ''कम्युनल हिस्ट्री एंड रामा'ज अयोध्या'' में वे लिखते हैं, "ऐसा लगता है कि मध्ययुगीन काल में [[अयोध्या]] का उदय धार्मिक तीर्थ यात्रा स्थल के रूप में हुआ था। हालांकि [[विष्णु]] [[स्मृति]] के अध्याय 85 में तीर्थ यात्रा के अधिक से अधिक 52 स्थलों को सूचीबद्ध किया गया है जिनमें शहर, झीलें, नदियां, पहाड़ आदि शामिल हैं, [[अयोध्या]] को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है।"<ref name="countercurrents.org">{{cite news | url = http://www.countercurrents.org/comm-sikand050806.htm | title = Ayodhya's Forgotten Muslim Past | first = Yoginder | last = Sikand | authorlink = Yoginder Sikand | publisher = Counter Currents | date = 5 अगस्त 2006 | accessdate = 12 जनवरी 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20071221032934/http://www.countercurrents.org/comm-sikand050806.htm | archive-date = 21 दिसंबर 2007 | url-status = dead }}</ref> शर्मा यह भी टिप्पणी करते हैं कि [[तुलसीदास]], जिन्होंने 1574 में अयोध्या में रामचरितमानस की रचना की थी, वे एक तीर्थ स्थल के रूप में इसका उल्लेख नहीं करते हैं।<ref name="countercurrents.org" /> बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद वे इतिहासकार सूरज भान, एम. अतहर अली और द्विजेन्द्र नारायण झा के साथ मिलकर ''हिस्टोरियन रिपोर्ट टू द नेशन'' लेकर आए जो इस विषय पर है कि किस प्रकार संप्रदायवादियों ने अपनी धारणाओं में यह गलती की थी कि विवादित स्थल पर एक मंदिर मौजूद था और किस प्रकार मस्जिद को गिराने में यह एक सरासर बर्बरता थी, इस पुस्तक का सभी [[भारत|भारतीय]] भाषाओं में अनुवाद किया गया है।<ref>{{cite book | first = M.Athar | last = Ali (preface by [[Irfan Habib]]) | title = [[Mughal India]] | publisher = [[Oxford University Press]] | location = New Delhi, India | year = [[2008]] | isbn = 978-0195696615 }}</ref> उन्होंने 2004 में [[भांडारकर प्राच्य शोध संस्थान|भंडारकर ओरिएंटल अनुसंधान संस्थान]] की दादागिरी की निंदा की थी।<ref>{{cite news | url = http://www.hinduonnet.com/2004/01/18/stories/2004011802911000.htm | title = Historians protest ban on book | publisher = [[द हिन्दू]] | date = 18 जनवरी 2004 | accessdate = 5 अप्रैल 2009 | archive-url = https://web.archive.org/web/20040504233200/http://www.hinduonnet.com/2004/01/18/stories/2004011802911000.htm | archive-date = 4 मई 2004 | url-status = dead }}</ref> == राजनीतिक विवाद == 1977 की उनकी रचना ''प्राचीन भारत'' को अन्य बातों के अलावा [[श्रीकृष्ण|कृष्ण]] की ऐतिहासिकता और [[महाभारत]] महाकाव्य की घटनाओं की आलोचना के लिए 1978 में [[जनता पार्टी]] सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था, इसमें ऐतिहासिक स्थिति की रिपोर्टिंग इस प्रकार की गयी थी :"हालांकि कृष्ण महाभारत में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, मथुरा में पाए जाने वाले शिलालेख और मूर्तिकला के उदाहरण 200 ई.पू. और 300 ई. के बीच के हैं जो उनकी उपस्थिति को सत्यापित नहीं करते हैं। इसी वजह से रामायण और महाभारत पर आधारित एक महाकाव्य युग के विचारों को त्याग दिया जाना चाहिए..."<ref>{{cite news | url = http://www.hinduonnet.com/thehindu/thscrip/print.pl?file=2005071315360300.htm&date=2005/07/13/&prd=th& | title = BJP angry over "twisted" Ayodhya history | publisher = [[द हिन्दू]] | date = 13 जुलाई 2005 | accessdate = 25 जून 2009 }}{{Dead link|date=सितंबर 2022 |bot=InternetArchiveBot }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> उन्होंने [[राम जन्मभूमि|अयोध्या विवाद]] और 2002 के गुजरात दंगों को युवाओं की समझ के क्षितिज को विस्तृत करने के लिए 'सामाजिक रूप से प्रासंगिक विषय' बताते हुए उन्हें विद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल करने का समर्थन किया है।<ref name="The Times of India">{{cite news | url = http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1906378.cms | title = Historian sees no wrong in NCERT move | publisher = [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] | date = 19 अगस्त 2006 | accessdate = 25 जून 2009 | archive-url = https://web.archive.org/web/20090201043438/http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1906378.cms | archive-date = 1 फ़रवरी 2009 | url-status = live }}</ref> यह उनकी टिप्पणी ही थी जब एनसीईआरटी ने गुजरात के दंगों और अयोध्या विवाद को 1984 के सिख विरोधी दंगों के साथ बारहवी कक्षा की राजनीति विज्ञान की पुस्तकों में शामिल करने का फैसला किया, जिसका तर्क यह दिया गया कि इन घटनाओं ने आजादी के बाद देश में राजनीतिक प्रक्रिया को प्रभावित किया था।<ref name="The Times of India" /> == आलोचना == विस्कोंसिन-मैडिसन विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर आंद्रे विंक, ''अल-हिंद: द मेकिंग ऑफ द इंडो-इस्लामिक वर्ल्ड'' (खंड 1) में यूरोपीय और भारतीय सामंतवाद के बीच अत्यंत करीबी समानताओं का चित्रण करने के लिए शर्मा की आलोचना करते हैं। == हिन्दी में प्रकाशित प्रमुख पुस्तकें == # '''विश्व इतिहास की भूमिका''', पटना, 1951-52. # '''शूद्रों का प्राचीन इतिहास'''-1958 (राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली). # '''प्राचीन भारत में राजनितिक विचार एवं संस्थाएँ'''-1959 (राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली). # '''मध्य-गंगाक्षेत्र में राज्य की संरचना'''-1960 (ग्रंथ शिल्पी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, लक्ष्मी नगर, दिल्ली). # '''भारतीय सामंतवाद'''-1965 (राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली). # '''प्रारंभिक भारत का आर्थिक और सामाजिक इतिहास'''-1966 (हिंदी माध्यम कार्यान्वय निदेशालय, दिल्ली विश्वविद्यालय). # '''प्रारंभिक भारत का परिचय''', ओरिएंट ब्लैकस्वान, दिल्ली, आईएसबीएन 978-81-250-2651-8. यही पुस्तक '''भारत का प्राचीन इतिहास''' नाम से देवशंकर नवीन एवं धर्मराज कुमार द्वारा कुछ भिन्न शैली में अनूदित, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (भारत), नयी दिल्ली, 2018 (एनसीईआरटी से प्रकाशित '''प्राचीन भारत''' (1977) का अनुक्रमणिकायुक्त नवीन संशोधित एवं परिवर्धित संस्करण<ref>''भारत का प्राचीन इतिहास'', रामशरण शर्मा, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, नयी दिल्ली, संस्करण-2018, पृष्ठ-XIII (प्रस्तावना).</ref>). # ''' 'प्राचीन भारत' के पक्ष में'''(लघु पुस्तिका)-1979 (पीपुल्स पब्लिशिंग हाउस, दिल्ली). # '''प्राचीन भारत में भौतिक प्रगति एवं सामाजिक संरचनाएँ'''-1985 (राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली). # '''भारत के प्राचीन नगरों का पतन'''-1987 (राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली). # '''भारत में आर्यों का आगमन'''-1999 हिंदी माध्यम कार्यान्वय निदेशालय, दिल्ली विश्वविद्यालय. # '''पूर्व मध्यकालीन भारत का सामंती समाज और संस्कृति'''-2001 (राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली). # '''आर्य एवं हड़प्पा संस्कृतियों की भिन्नता'''-2007 (राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली). # '''भारतीय इतिहास : एक पुनर्विचार'''-2011 (हिंदी माध्यम कार्यान्वय निदेशालय, दिल्ली विश्वविद्यालय). == इन्हें भी देखें == * [[मार्क्सवादी इतिहास लेखन]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20120916185737/http://www.friendsofsouthasia.org/textbook/NCERT_Delhi_Historians__Group.pdf "डेल्ही हिस्टोरियंस ग्रुप्स पब्लिकेशन " ''कम्यूनिलाइज़ेशन ऑफ एजुकेशन: दी हिस्ट्री टेक्सबुक्स कंट्रोवर्सी'' ", ए रिपोर्ट इन 2002, न्यू डेल्ही: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, इंडिया] ==सन्दर्भ में उल्लिखित पुस्तकें== * द्विजेन्द्र नारायण झा, भारत में सोसायटी और विचारधारा: प्रोफेसर आर.एस. शर्मा के सम्मान में लेख, [[नई दिल्ली (प्रशासनिक राजधानी क्षेत्र)|नई दिल्ली]], मुंशीराम मनोहरलाल, 1996, आईएसबीएन-978-8121506397 * एन.एम.पी.श्रीवास्तव, "प्रोफेसर आर.एस. शर्मा: दी मैन विथ मिशन", प्रजना-भारती, वॉल्यूम XI, 2005, प्रोफेसर राम शरण शर्मा के सम्मान में, के.पी. जायसवाल अनुसंधान संस्थान, पटना, भारत, 2005. * विनय लाल, ''दी हिस्ट्री ऑफ हिस्ट्री: पॉलिटिक्स एंड स्कॉलरशिप इन मॉडर्न इंडिया'', 2005, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, आईएसबीएन 978-0195672442. * ई. श्रीधरन, ''ए टेक्स्टबुक ऑफ हिस्ट्रीयोग्राफी, 500 बी.सी. टू ए.डी. 2000'', 2004, ओरिएंट ब्लैकस्वान. * ब्रजदुलाल चट्टोपाध्याय, ''स्टडिंग अर्ली इंडिया: आर्कियोलॉजी, टेक्स्ट्स एंड हिस्टोरिकल इश्यूज'', 2006, एन्थेम प्रेस. * कंचा इल्इह, ''गॉड एज़ पॉलिटिकल फिलोस्फर: बुद्धाज़ चैलेन्ज टू ब्रह्मिनिस्म'', 2001, पॉपुलर प्रकाशन. * फ्रैंक रेमंड अल्ल्चिन, दी आर्कियोलॉजी ऑफ अर्ली हिस्टोरिक साउथ एशिया: दी इमरजेंस ऑफ सिटिज एंड स्टेट्स (पेपरबैक), 1995, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस. * एंटून डे बीट्स, सेंसरशिप ऑफ हिस्टोरिकल थॉट्स: ए वर्ल्ड गाइड, 1945-2000 (हार्डकवर), 2001, ग्रीनवुड प्रेस. {{Ram Sharan Sharma}} {{Persondata <!-- मेटाडाटा: [[विकिपीडिया:व्यक्तिगत आँकड़े]] देखें। --> | NAME = Sharma, Ram Sharan | ALTERNATIVE NAMES = | SHORT DESCRIPTION = | DATE OF BIRTH = | PLACE OF BIRTH = | DATE OF DEATH = | PLACE OF DEATH = }} {{DEFAULTSORT:शर्मा, राम}} [[श्रेणी:भारतीय इतिहासकार]] [[श्रेणी:भारत के इतिहासकार]] [[श्रेणी:दक्षिण एशिया के इतिहासकार]] [[श्रेणी:इतिहास लेखनकार]] [[श्रेणी:भारतीय इंडोलॉजिस्ट]] [[श्रेणी:इतिहास के दार्शनिक]] [[श्रेणी:२०११ में निधन]] [[श्रेणी:बेगूसराय के लोग]] [[श्रेणी:भागलपुर के लोग]] [[श्रेणी:पटना के लोग]] [[श्रेणी:बिहार के लोग]] [[श्रेणी:ओरिएंटल और अफ्रीकी अध्ययन स्कूल के पूर्व छात्र]] [[श्रेणी:ओरिएंटल और अफ्रीकी अध्ययन स्कूल की एकेडमी]] [[श्रेणी:टोरंटो विश्वविद्यालय के संकाय]] [[श्रेणी:दिल्ली विश्वविद्यालय के संकाय]] [[श्रेणी:पटना विश्वविद्यालय के भूतपूर्व छात्र]] [[श्रेणी:मार्क्सवादी इतिहासकार]] [[श्रेणी:1919 में जन्मे लोग]] 2uap89kcv5ng1op7yex5htyrzloihpy न्यूट्रोपेनिया 0 363839 6582904 5396165 2026-07-15T11:29:16Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582904 wikitext text/x-wiki {{Infobox disease | Name = Neutropenia | Image = Neutropenia.JPG | Caption = [[Blood film]] with a striking absence of neutrophils, leaving only red blood cells and platelets | DiseasesDB = 8994 | ICD10 = {{ICD10|D|70||d|70}} | ICD9 = {{ICD9|288.0}} | ICDO = | OMIM = | MedlinePlus = | eMedicineSubj = med | eMedicineTopic = 1640 | MeshID = D009503 }} '''न्यूट्रोपेनिया ''', लैटिन के उपसर्ग ''नयूट्रो'' -(कोई भी नहीं, निष्पक्ष अभिरंजन के लिए) और [[यूनानी भाषा|ग्रीक]] [[प्रत्यय]] -''πενία'' (कमी), एक रुधिर संबंधित विकार है जिसके तहत रक्त में सबसे महत्वपूर्ण [[श्वेत रक्त कोशिका]] 'न्यूट्रोफिल' की असामान्य रूप से कमी हो जाती है। नयूट्रोफिल आमतौर पर संचारित श्वेत रक्त कोशिकाओं का 50-70% हिस्सा बनाते हैं और [[रक्त|रुधिर]] में उपस्थित [[जीवाणु|बैक्टीरिया]] को नष्ट करके [[संक्रमण]] के खिलाफ शरीर के प्राथमिक रोग प्रतिरोधक के रूप में काम करते हैं। इसलिए, न्यूट्रोपेनिया के रोगियों को बैक्टीरियल संक्रमणों की ज्यादा आशंका रहती है और यदि शीघ्र चिकित्सकीय सुविधा न मिले तो यह रोग जानलेवा हो सकता है (नयूट्रोपेनिक सेप्सिस). बीमारी की अवधि के आधार पर न्यूट्रोपेनिया गंभीर अथवा दीर्घकालिक हो सकता है। यदि यह स्थिति 3 महीने से अधिक समय तक बनी रहे तो मरीज को दीर्घकालिक न्यूट्रोपेनिया से ग्रस्त माना जाता है। कभी-कभी इसे ल्यूकोपेनिया ("श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी") शब्द के स्थान पर भी प्रयुक्त किया जाता है, क्योंकि नयूट्रोफिल सर्वाधिक मात्रा में पाए जाने वाले ल्यूकोसाइट होते हैं, परन्तु न्यूट्रोपेनिया को ल्यूकोपेनिया का एक उपवर्ग मानना अधिक उचित रहेगा. न्यूट्रोपेनिया के कई कारक हो सकते हैं जिन्हें मोटे तौर पर दो भागों में बांटा जा सकता है, अस्थि मज्जा द्वारा कोशिका के उत्पादन में समस्या अथवा शरीर के अन्य हिस्सों में कोशिकाओं का नष्ट होना. उपचार कारक की प्रकृति पर निर्भर करता है और उपचार के दौरान संक्रमण को रोकने और उसके इलाज पर जोर दिया जाता है। == वर्गीकरण == प्रति माइक्रोलीटर रुधिर में सम्पूर्ण नयूट्रोफिल गणना (एएनसी) के आधार पर न्यूट्रोपेनिया की गंभीरता को वर्गीकृत करने के लिए तीन सामान्य दिशा-निर्देशों का उपयोग किया जाता है:<ref name="pmid17404350">{{cite journal |author=Hsieh MM, Everhart JE, Byrd-Holt DD, Tisdale JF, Rodgers GP |title=Prevalence of neutropenia in the U.S. population: age, sex, smoking status, and ethnic differences |journal=Ann. Intern. Med. |volume=146 |issue=7 |pages=486–92 |year=2007 |pmid=17404350 |doi= |url=http://www.annals.org/cgi/content/abstract/146/7/486 |month=Apr |issn=0003-4819 |access-date=15 अप्रैल 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081016015917/http://www.annals.org/cgi/content/abstract/146/7/486 |archive-date=16 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> * हल्की न्यूट्रोपेनिया (1000 <= एएनसी 1500 <) - संक्रमण का न्यूनतम जोखिम * मध्यम न्यूट्रोपेनिया (500 <= एएनसी 1000 <)- संक्रमण का मध्यम जोखिम * गंभीर न्यूट्रोपेनिया (एएनसी < 500)- संक्रमण का गंभीर खतरा. == संकेत व रोग लक्षण == संभव है कि न्यूट्रोपेनिया का पता ना चल पाए, परन्तु सामान्यतः किसी रोगी को गंभीर [[संक्रमण]] अथवा सेप्सिस हो जाने पर यह पकड़ में आ जाता है। न्यूट्रोपेनिया के रोगियों में कुछ सामान्य संक्रमण अप्रत्याशित रूप धारण कर सकते हैं; उदाहरण के लिए, [[पूय|मवाद]] का बनना उल्लेखनीय रूप से अनुपस्थित हो सकता है, क्योंकि इसके लिए नयूट्रोफिल ग्रैनुलोसाईट के संचरण की आवश्यकता होती है। न्यूट्रोपेनिया के सामान्य लक्षणों में [[ज्वर|बुखार]] और बार-बार संक्रमण होना शामिल है। ये संक्रमण मुंह के अल्सर, [[अतिसार|दस्त]], पेशाब करते समय जलन, घाव के आस पास असामान्य लालिमा, दर्द और सूजन, अथवा गले की खराश जैसी स्थितियां उत्पन्न कर सकते हैं। == निदान == कम न्यूट्रोफिल की गिनती, सम्पूर्ण रक्त की गिनती होने पर ही पता लगती है। आम तौर पर, सही निदान तक पहुँचने के लिए अन्य परीक्षणों की भी आवश्यकता पड़ती है। जब निदान अनिश्चित होता है, या गंभीर कारकों की संभावना होती है, तब अक्सर अस्थिमज्जा बायोप्सी आवश्यक हो जाती है। अन्य परीक्षण जिन्हें आम तौर पर किया जाता है, वे हैं: यदि चक्रीय न्यूट्रोपेनिया का संदेह होता है तो क्रमिक नयूट्रोफिल गणना, एंटीनयूट्रोफिल प्रतिरक्षी के लिए जांच, ऑटोएंटीबॉडी स्क्रीन और सिस्टेमिक ल्यूपस एरीथीमेटोसस, विटामिन बी12 और फोलेट एसेज के लिए जांच और ऐसीडीफाइड सीरम (हैम'स) परीक्षण.<ref>{{cite book |author=Levene, Malcolm I.; Lewis, S. M.; Bain, Barbara J.; Imelda Bates |title=Dacie & Lewis Practical Haematology |url=https://archive.org/details/dacielewispracti0000unse |publisher=W B Saunders |location=London |year= 2001|pages=[https://archive.org/details/dacielewispracti0000unse/page/586 586]|isbn=0-443-06377-X |oclc= }}</ref> == कारक == कारकों को निम्नलिखित समूहों में विभाजित किया जा सकता है: * अस्थि मज्जा के उत्पादन में निम्न कारणों से कमी आ जाना: ** अविकासी (एप्लास्टिक) अरक्तता ** आर्सेनिक विषाक्तता<ref> अमेरिकन सोसायटी ऑफ हीमेटॉलोजी ट्राईसेनॉक्स® (आर्सेनिक ट्राईऑक्साइड) इन पेशेंट्स विथ माइलोडिसप्लास्टिक सिन्ड्रोमस (एमडीएस): फेज I/II अध्ययन के प्रारम्भिक परिणाम नौर्बेर्ट वे, एमडी1,*, एग्नेस गुएरकी, एम् डी1*, पियरे फिनौक्स, एम् डी1, हर्वे डोमब्रैट, एम् डी1, एलन के. बर्नेट, एम् डी2, आंद्रे बोस्ली, एम् डी 3, वाल्टर फेरेमंस, एम् डी 4, डेविड टी.बोवेन, एम् डी5 और मर्जा हीस्काला, एम् डी6</ref> ** [[कर्कट रोग|कैंसर,]] विशेष रूप से रक्त कैंसर ** कुछ दवाएँ ** वंशानुगत विकार (जैसे जन्मजात न्यूट्रोपेनिया, चक्रीय न्यूट्रोपेनिया) ** [[विकिरण]] ** विटामिन बी <sub>12</sub>, फोलेट या तांबे की कमी. * विनाश में वृद्धि: ** स्व-प्रतिरक्षित (ऑटोइम्यून) न्यूट्रोपेनिया. ** [[कीमोथेरेपी]] चिकित्सा, जैसे कि कैंसर और स्व-प्रतिरक्षित रोगों के लिए. * मार्जिनलाइजेशन और सीक्वेस्ट्रेशन ** [[डायलिसिस|हेमोडायलिसिस]] वायरल संक्रमण के दौरान अक्सर हल्का न्यूट्रोपेनिया हो सकता है। इसके अतिरिक्त, मॉर्निंग स्यूडोन्यूट्रोपेनिया नामक एक स्थिति है जो संभवतः कुछ मनोविकार-रोधी दवाओं के पार्श्व प्रभाव के कारण उत्पन्न होती है। == चिकित्सा == न्यूट्रोपेनिया के लिए कोई आदर्श उपचार नहीं है, परन्तु रिकॉम्बिनेंट जी-सीएसएफ (ग्रैंयूलोसाईट-कॉलोनी स्टिमुलेटिंग फैक्टर) कीमोथेरेपी के रोगियों और न्यूट्रोपेनिया के जन्मजात प्रकारों (गंभीर जन्मजात न्यूट्रोपेनिया, ऑटोसोमल रिसेसिव कोस्टमांस सिंड्रोम, चक्रीय न्यूट्रोपेनिया और मायलोकेथेक्सिस) से ग्रस्त रोगियों में प्रभावी हो सकता है। == इतिहास == {{Expand section|date= फ़रवरी 2008}} कम नयूट्रोफिल गणना और संक्रमण के बढ़े हुए जोखिम के बीच के संबंध को सर्वप्रथम [[रक्त का कैंसर (ल्यूकेमिया)|ल्यूकेमिया]] के मरीजों में प्रदर्शित किया गया था।<ref name="pmid5216294">{{cite journal |author=Bodey GP, Buckley M, Sathe YS, Freireich EJ |title=Quantitative relationships between circulating leukocytes and infection in patients with acute leukemia |url=https://archive.org/details/sim_annals-of-internal-medicine_1966-02_64_2/page/328 |journal=Ann. Intern. Med. |volume=64 |issue=2 |pages=328–40 |year=1966 |pmid=5216294 |doi= |month=Feb |issn=0003-4819}}</ref> == इन्हें भी देखें == * अविकासी अरक्तता * पैंकीटोपेनिया * थ्रोम्बोसाइटोपेनिया == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20190118103049/https://www.neutropenianet.org/ राष्ट्रीय न्यूट्रोपेनिया नेटवर्क] * [https://web.archive.org/web/20110604101318/http://depts.washington.edu/registry/ गंभीर दीर्घकालिक न्यूट्रोपेनिया अंतर्राष्ट्रीय रजिस्ट्री] {{Monocyte and granulocyte disease}} [[श्रेणी:रक्त विकार]] 2u0qnbbcl8tgfpn6iognwwudshdm4zq शृंगारिक साहित्य 0 439614 6582790 6552284 2026-07-15T07:11:03Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582790 wikitext text/x-wiki [[File:Édouard-Henri Avril (3) crop.JPG|thumb|[[एदुआर्-हेनरी एवरिल]] द्वारा कामुक उपन्यास ''फनी हिल'' (1748) का एक चित्रण]] '''कामुक साहित्य''' (Erotic literature) उन काल्पनिक या तथ्यात्मक कहानियों और वृत्तांतों को कहा जाता है, जो रोमांटिक या यौन संबंधों पर आधारित होते हैं और जिनका उद्देश्य पाठकों में यौन उत्तेजना उत्पन्न करना होता है।<ref>Hyde (1964) p. 1</ref> यह विधा 'इरोटिका' से मिलती-जुलती है, लेकिन इसमें अक्सर व्यंग्य और सामाजिक आलोचना जैसे साहित्यिक तत्व भी शामिल होते हैं। यद्यपि कामुक साहित्य को ऐतिहासिक रूप से सांस्कृतिक अस्वीकृति का सामना करना पड़ा है, लेकिन छपाई (Printing) के आविष्कार से पहले इसके प्रसार को एक बड़ी समस्या नहीं माना जाता था क्योंकि पांडुलिपियों की उच्च लागत इसे केवल धनी और साक्षर वर्ग तक सीमित रखती थी। 15वीं शताब्दी में छपाई के आविष्कार के साथ इसके बाजार का विस्तार हुआ, लेकिन इसके साथ ही सेंसरशिप और अश्लीलता (Obscenity) के आधार पर कानूनी प्रतिबंध भी बढ़ गए।<ref name="Hyde 1964; pp. 1-26">Hyde (1964); pp. 1–26</ref> इस कारण ऐसी सामग्री का उत्पादन गुप्त (Clandestine) रूप से होने लगा।<ref>Patrick J. Kearney (1982)'' A History of Erotic Literature''. Parragon: 7–18</ref> == इतिहास == === प्रारंभिक काल === [[File:A Love Song of Shu-Sin (Shu-Suen B) – Istanbul 2461 cropped.jpg|thumb|left|तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व की सुमेरियन प्रेम कविता वाली पट्टिका]] [[File:KamaSutra24.jpg|thumb|''[[कामसूत्र]]'' पर आधारित चित्रण]] सबसे पुरानी ज्ञात प्रेम कविता 'इस्तांबुल 2461' (लगभग 2000 ईसा पूर्व) है, जो राजा शू-सिन (Shu-Sin) को निर्देशित एक महिला का कामुक एकालाप है।<ref>{{Cite web|url=https://www.guinnessworldrecords.com/world-records/oldest-love-poem|title=Oldest love poem|website=Guinness World Records|language=en-GB|access-date=2019-09-15}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=Dj6zVQJz7zYC&q=Cuneiform+tablets+of+istanbul+2461&pg=PA247|title=Lost Treasures of the Bible: Understanding the Bible Through Archaeological Artifacts in World Museums|last1=Fant|first1=Clyde E.|last2=Reddish|first2=Mitchell G.|date=2008-10-15|publisher=Wm. B. Eerdmans Publishing|isbn=9780802828811|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=kE2k36XAkv4C&q=drawing%20heavily%20imagery%20related%20%20honey%20%20sweetness&pg=PA756|title=Dictionary of the Old Testament: Wisdom, Poetry & Writings: A Compendium of Contemporary Biblical Scholarship|last1=Longman III|first1=Tremper |last2=Enns|first2=Peter|date=2008-06-06|publisher=InterVarsity Press|isbn=9780830817832|language=en}}</ref> प्राचीन सुमेर में देवी इनन्ना और दुमुज़िद के बीच कामुक प्रेम पर कविताएं लिखी गई थीं।<ref>{{cite book|last1=Wolkstein|first1=Diane|last2=Kramer|first2=Samuel Noah|title=Inanna: Queen of Heaven and Earth: Her Stories and Hymns from Sumer|url=https://archive.org/details/inannaqueenofhea00wolk|date=1983|publisher=Harper&Row Publishers|location=New York City, New York|isbn=0-06-090854-8|pages=[https://archive.org/details/inannaqueenofhea00wolk/page/150 150]–155}}</ref><ref>{{citation|last=Leick|first=Gwendolyn|title=Sex and Eroticism in Mesopotamian Literature|publisher=Routledge|year=2013|isbn=978-1-134-92074-7|location=New York City, New York|pages=64–79, 90–96|orig-year=1994|url=https://books.google.com/books?id=WKoWblE4pd0C&pg=PA64}}</ref> इब्रानी बाइबिल के 'सॉन्ग ऑफ सॉन्ग्स' में भी यौन प्रेम का उत्सव मनाया गया है।<ref>{{Cite book |last=Garrett |first=Duane |title=Proverbs, Ecclesiastes, Song of Songs |publisher=B&H Publishing Group |year=1993 |page=366 |url=https://books.google.com/books?id=p88xjLZQXP8C&q=Duane+Garrett+Proverbs,+Ecclesiastes,+Song+of+Songs |isbn=9780805401141}}</ref> प्राचीन ग्रीस और रोम से भी कई कविताएं बची हैं (जैसे ओविड, मार्शल और कैटुलस की रचनाएँ)।<ref name="ReferenceA">[[Derek Parker|Derek Parker <span class="CMY_Response">404</span>]], ed. (1980) ''An Anthology of Erotic Verse''. London: Constable {{ISBN|0-09-463500-5}}</ref><ref>{{cite book|last1=Cahill|first1=Thomas|title=Sailing the Wine-Dark Sea: Why the Greeks Matter|date=2003|publisher=Anchor Books|location=New York City, New York|isbn=978-0-385-49554-7|pages=[https://archive.org/details/sailingwinedarks00thom/page/96 96–97]|url=https://archive.org/details/sailingwinedarks00thom/page/96}}</ref> [[फ़ारसी भाषा|फारसी]] कवि निज़ामी गंजवी का ''हफ्त पैकर'' (1197) भी एक नैतिक लेकिन कामुक उत्कृष्ट कृति है।<ref name="Blois">François de Blois. [http://www.iranicaonline.org/articles/haft-peykar Haft Peykar] // [[Encyclopædia Iranica|Encyclopædia Iranica <span class="CMY_Response">404</span>]]. — December 15, 2002. — V. XI. — pp. 522–524.</ref> पुनर्जागरण के दौरान ऐसी रचनाएं मुख्य रूप से पांडुलिपियों के रूप में सीमित पाठकों तक पहुंचती थीं।<ref>Derek Parker, ed. (1980) ''An Anthology of Erotic Verse''; pp. 88–96</ref> 15वीं सदी की अरबी यौन मार्गदर्शिका ''द परफ्यूमड गार्डन'' इसी काल की एक प्रसिद्ध रचना है। === 17वीं से 19वीं सदी === 17वीं शताब्दी में, जॉन विल्मॉट (रोचेस्टर के अर्ल) अपनी अश्लील और कामुक कविताओं के लिए जाने जाते थे।<ref>Patrick J. Kearney (1982) ''A History of Erotic Literature''. Parragon Books: 22, 40–41</ref><ref>Parker, Derek, ed. (1980) ''An Anthology of Erotic Verse''. London: Constable</ref> इसके अलावा [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] और फ्रांसीसी भाषाओं में कई अन्य कामुक कविता संग्रह भी प्रकाशित हुए।<ref>Clifford J. Scheiner (1996)'' The Essential Guide to Erotic Literature, Part Two: After 1920''. Ware: Wordsworth: 26–27</ref><ref>Patrick J. Kearney (1982) ''A History of Erotic Literature''. Parragon Books: 65</ref> 18वीं शताब्दी में इंग्लैंड में 'एन एस्से ऑन वुमन' (1763) जैसी कविताएं प्रकाशित हुईं, जिन्हें बाद में हाउस ऑफ लॉर्ड्स द्वारा अश्लील और ईशनिंदापूर्ण घोषित किया गया था।<ref>Patrick J. Kearney (1982) ''A History of Erotic Literature''. Parragon Books: 71-4</ref> 19वीं सदी में, एल्गर्नन चार्ल्स स्विनबर्न जैसे प्रमुख कवियों ने फ्लैगेलेशन (कोड़े मारने) पर रचनाएं लिखीं।<ref>Derek Parker, ed. (1980) ''An Anthology of Erotic Verse'': 22</ref><ref>Bragman, L. J. (1934). "The Case of Algernon Charles Swinburne: a study in Sadism". ''[[The Psychoanalytic Review|Psychoanal. Rev. <span class="CMY_Response">404</span>]]'', '''21''':59–74.</ref><ref>{{cite book | title=Canada exposed | volume=20 | series=Canadian Studies | first=Faye | last=Hammill | editor1-first=Pierre | editor1-last=Anctil | editor2-first=Andre | editor2-last=Loiselle | editor3-first=Christopher | editor3-last=Rolfe | publisher=Peter Lang | year=2009 | isbn=978-90-5201-548-4 | chapter=John Glassco, Canadian erotica and the 'Lying Chronicle' | page=286 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.uwo.ca/english/canadianpoetry/cpjrn/vol13/darling.htm |title=John Glassco's Squire Hardman: a Poem and its Contexts |publisher=Uwo.ca |date=July 9, 1954 |access-date=January 21, 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120305160052/http://www.uwo.ca/english/canadianpoetry/cpjrn/vol13/darling.htm |archive-date=March 5, 2012 |url-status=dead }}</ref><ref name="prins152">{{cite book | title=Victorian Sappho | url=https://archive.org/details/victoriansappho0000prin | first=Yopie | last=Prins | publisher=Princeton University Press | year=1999 | isbn=0-691-05919-5 | page=[https://archive.org/details/victoriansappho0000prin/page/152 152] }}</ref> वहीं, पियरे लूयस (Pierre Louÿs) की ''सॉन्ग्स ऑफ बिलिटिस'' (1894) में समलैंगिक विषयों को प्रमुखता से शामिल किया गया था।<ref>Rosemary Lloyd, ''Mallarmé: the Poet and His Circle'', Ithaca, NY: [[Cornell University Press|Cornell University Press <span class="CMY_Response">404</span>]], 2005, {{ISBN|0-8014-8993-8}}, pp. 195-197</ref> === 20वीं सदी === डी. एच. लॉरेंस ने अपनी रचनाओं में प्रेम के कम रोमांटिक पहलुओं (जैसे यौन हताशा) पर लिखा। उनके संग्रह ''पैन्सीज़'' (Pansies) की कुछ कविताओं को अश्लीलता के आधार पर सेंसर कर दिया गया था।20वीं सदी के कामुक साहित्य में गेविन एवर्ट और जॉन ग्लास्को जैसे कवियों ने भी अपनी विशेष पहचान बनाई।<ref>{{cite book | title=Canada Exposed | volume=20 | series=Canadian Studies | first=Faye | last=Hammill | editor1-first=Pierre | editor1-last=Anctil | editor2-first=Andre | editor2-last=Loiselle | editor3-first=Christopher | editor3-last=Rolfe | publisher=Peter Lang | year=2009 | isbn=978-90-5201-548-4 | chapter=John Glassco, Canadian erotica and the 'Lying Chronicle' | pages=279–296 }}</ref> == अन्य वृत्तांत और उप-विधाएँ == === वेश्यावृत्ति पर आधारित साहित्य === वेश्यावृत्ति शुरुआती कामुक कार्यों का एक प्रमुख विषय था। 'पोर्नोग्राफी' शब्द का मूल अर्थ "वेश्याओं के बारे में लिखने वाला" है।<ref>Hyde (1964); pp. 34–44</ref><ref>{{cite web|last1=Lucian|title=The Mimes of the Courtesans|url=http://www.sacred-texts.com/cla/luc/motc/index.htm|website=sacredtexts.org|access-date=June 5, 2017}}</ref> 19वीं सदी में डब्ल्यू. टी. स्टेड की ''द मेडेन ट्रिब्यूट ऑफ मॉडर्न बेबीलोन'' (1885) जैसी रचनाओं ने इसे बढ़ावा दिया।<ref>Mario Praz (1970) ''The Romantic Agony''. Oxford University Press: 443–451</ref> इसके हालिया उदाहरणों में ज़ेविएरा हॉलैंडर की ''द हैप्पी हुकर'' (1971) और बेले डी जूर की आत्मकथाएँ शामिल हैं। === छात्रों के लेख === 21वीं सदी में, अमेरिकी विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा कई कामुक पत्रिकाएँ प्रकाशित की गईं,<ref name="chapatimystery">{{cite web | author = sepoy| url = https://www.chapatimystery.com/archives/erotic_vita.html| title = Erotic Vita| access-date = 2005-09-13| date = 2004-12-01}}</ref> जिनमें बार्ड कॉलेज की ''द मॉडरेटर'',<ref name="Moderator">{{cite web |title=The Moderator |url=https://bardmoderator-blog-blog.tumblr.com/ |publisher=Bard College}}</ref><ref name="twitter">{{cite web |title=The Moderator |url=https://twitter.com/bardmoderator?lang=en |website=Twitter}}</ref> ब्रायन मावर कॉलेज की ''वर्जिन मावरटायर'',<ref name ="virginmawrtyr">{{cite web| url = http://www.brynmawr.edu/orgs/virginmawrtyr| title = Virgin Mawrtyr| access-date = 2006-11-04| archive-date = April 25, 2009| archive-url = https://web.archive.org/web/20090425150238/http://www.brynmawr.edu/orgs/virginmawrtyr/| url-status = dead}}</ref><ref name="City paper">{{cite news | first= Ashlea | last= Halpern | url= http://citypaper.net/articles/2006/11/02/Art-School-Confidential | title= Art-School-Confidential | newspaper= City Paper |date= 2006-11-01 | archive-url= https://web.archive.org/web/20101102153036/http://citypaper.net/articles/2006/11/02/Art-School-Confidential | archive-date= November 2, 2010 }}</ref> हार्वर्ड की ''एच-बॉम्ब'',<ref name ="hbomb">{{cite web | url = http://www.h-bomb.org/ | title= H-Bomb| archive-url= https://web.archive.org/web/20041020030242/http://www.h-bomb.org/| access-date = 2004-10-20| archive-date= October 20, 2004}}</ref><ref>*{{cite news | url = https://timesofindia.indiatimes.com/delhi-times/A-sex-bomb-at-Harvard/articleshow/1197236.cms | author = Nona Walia | title = A sex bomb at Harvard! | work = [[The Times of India]] | date = 2005-08-10 | language = en}}</ref> पेन्सिलवेनिया की ''क्वेक'',<ref name ="Quake">{{cite web | url = http://quakemag.com/| title= Quake| archive-url= https://web.archive.org/web/20051201023147/http://quakemag.com/| access-date = 2005-12-01| archive-date= December 1, 2005}}</ref> और बोस्टन यूनिवर्सिटी की ''बोइंक'' प्रमुख हैं।<ref name="Squirm">{{cite web | url = http://vsa.vassar.edu/~squirm/| title= Squirm| archive-url= https://web.archive.org/web/20010813133720/http://vsa.vassar.edu/~squirm/| access-date = 2001-08-13| archive-date= August 13, 2001}}</ref><ref name ="chicago">{{cite web | url = http://vita-excolatur.blogspot.com| title= Vita Excolatur | access-date = 2006-04-24}}</ref><ref name="swattie">[[Swarthmore College#Media]]</ref><ref name ="stern">{{cite web| author = [[Howard Stern]]| url=https://www.howardstern.com/show/2005/9/28/the-shirt-hits-the-fan-rundownshow-1366/|title=The Howard Stern Show | date = 2005-09-28}}</ref> === सेक्स मैनुअल (यौन मार्गदर्शिकाएँ) === [[चित्र:Édouard-Henri Avril (6).jpg|अंगूठाकार]] सेक्स मैनुअल कामुक साहित्य के सबसे पुराने रूपों में से हैं। 4थी शताब्दी ईसा पूर्व के फिलाएनिस (Philaenis) द्वारा लिखित एक सेक्स मैनुअल के कुछ अंश मिले हैं।<ref>{{cite book|last1=Plant|first1=Ian Michael|title=Women Writers of Ancient Greece and Rome: An Anthology|date=2004|publisher=University of Oklahoma Press|isbn=0-8061-3622-7|page=45|url=https://books.google.com/books?id=uYGay_yqBLUC&pg=PA45|access-date=February 3, 2017}}</ref><ref>{{cite journal|last=Tsantsanoglou|first=K.|title=The Memoirs of a Lady from Samos|jstor=20180553|journal=Zeitschrift für Papyrologie und Epigraphik|location=Bonn, Germany|publisher=Dr. Rudolf Habelt GmbH|year=1973|volume=12|pages=183–195}}</ref> शास्त्रीय दुनिया के अन्य उदाहरणों में एलीफेंटिस (Elephantis)<ref name="Plant">{{cite book|last1=Plant|first1=Ian Michael|title=Women Writers of Ancient Greece and Rome: An Anthology|date=2004|publisher=University of Oklahoma Press|isbn=0-8061-3622-7|page=118|url=https://books.google.com/books?id=uYGay_yqBLUC&pg=PA45|access-date=June 5, 2017}}</ref> और ओविड की रचनाएं शामिल हैं। भारतीय ''[[कामसूत्र]]'' इस प्रकार की सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है। चीनी मैनुअलों में ताओवादी यौन प्रथाएं शामिल थीं, जहां सेक्स को ऊर्जा के मिलन के रूप में देखा जाता था।<ref>{{Cite book|title=Studies in Human Sexuality: A Selected Guide|last1=Frayser|first1=Suzanne|last2=Whitby|first2=Thomas|publisher=Libraries Unlimited|year=1995|isbn=1563081318|location=Englewood, Colorado|pages=646}}</ref><ref>{{Cite book|title=Science and Culture in Traditional Japan|last1=Sugimoto|first1=Masayoshi|last2=Swain|first2=David|publisher=Tuttle Publishing|year=2016|isbn=9781462918133|location=Rutland, VT|pages=140}}</ref> हालांकि, सभी मैनुअल उत्तेजना के लिए नहीं थे; पीट्रो एरेटिनो (Pietro Aretino) का मॉक-सेक्स मैनुअल व्यंग्य और सामाजिक आलोचना के रूप में लिखा गया था।<ref>{{Cite book|title=The Impotency Poem from Ancient Latin to Restoration English Literature|last=Lavery|first=Hannah|publisher=Ashgate Publishing|year=2014|isbn=9781472422026|location=Burlington, VT|pages=80}}</ref> === कामुक संस्मरण और कथा === कामुक संस्मरण (Erotic memoir) व्यक्तिगत अनुभवों को कथा के साथ मिलाते हैं, जबकि कामुक कथाओं (Erotic fiction) में यौन विषयों को अश्लील पत्रिकाओं की तुलना में अधिक साहित्यिक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। ऐतिहासिक रूप से इन्हें अक्सर प्रतिबंधित किया जाता रहा है। == कानूनी स्थिति == === प्रारंभिक कानून === कामुक या अश्लील साहित्य पर अक्सर अधिकारियों द्वारा प्रतिबंध लगाया गया।<ref name="Hyde 1964; pp. 1-26"/> 1727 में इंग्लैंड में एडमंड कर्ल (Edmund Curll) पर अश्लीलता के लिए जुर्माना लगाया गया, जो एक कानूनी मिसाल बन गया।<ref>{{cite web|url=https://www.eroticabibliophile.com/censorship_history.php|title=The Obscenity of Censorship: A History of Indecent People and Lacivious Publications|website=The Erotica Bibliophile|access-date=May 29, 2006}}</ref> 1857 के 'ऑब्सीन पब्लिकेशन्स एक्ट' ने अश्लील सामग्री की बिक्री को वैधानिक अपराध बना दिया।<ref>Perhaps the earliest known appearance of this ever-popular analogy; compare "I would rather give a healthy boy or a healthy girl a phial of prussic acid than this novel," describing ''[[The Well of Loneliness|The Well of Loneliness <span class="CMY_Response">404</span>]]'' in 1928</ref> बाद में, 'हिकलिन टेस्ट' (Hicklin test) के तहत साहित्यिक योग्यता को दरकिनार करते हुए एमिल जोला और जेम्स जॉयस जैसे लेखकों की क्लासिक कृतियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया।<ref>Cyril Pearl (1955) ''The Girl With the Swansdown Seat''; p. 270</ref> अमेरिका में, इसके लिए 'कॉमस्टॉक कानून' (Comstock laws) बनाए गए थे।<ref>Hyde (1964); pp. 15–16</ref><ref>{{cite news | first1 = Daniel J. |last1=Kevles | title = The Secret History of Birth Control | work = The New York Times | date = July 22, 2001 | url = https://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9A06E0DB173BF931A15754C0A9679C8B63&sec=&pagewanted=print | access-date = October 21, 2006 }}</ref> === आधुनिक कानून === 1959 के कानून ने साहित्यिक कृतियों को विशुद्ध अश्लीलता से अलग कर संरक्षण प्रदान किया। हालांकि, कभी-कभी काल्पनिक इंटरनेट पोस्टिंग को भी निशाना बनाया गया है।<ref>{{cite web|last=Green |first=Chris |url=https://www.independent.co.uk/news/uk/crime/blogger-wrote-of-murdering-girls-aloud-949711.html |title=Blogger wrote of murdering Girls Aloud |publisher=Independent.co.uk |date=October 3, 2008 |access-date=January 21, 2014}}</ref> अमेरिका में 'प्रथम संशोधन' काल्पनिक साहित्य की रक्षा करता है, लेकिन अश्लीलता के मामले (जैसे 1998 का ब्रायन डाल्टन मामला) अभी भी कानूनी अस्पष्टता का विषय हैं।<ref>{{cite web | url=http://www.politechbot.com/p-02223.html | title=Ohio man convicted for "obscene" stories in his private journal | access-date=April 28, 2012 | archive-url=https://web.archive.org/web/20120215181843/http://www.politechbot.com/p-02223.html | archive-date=February 15, 2012 | url-status=dead }}</ref> निजी तौर पर अश्लील सामग्री रखना पहले भी ज्यादा दंडनीय नहीं था।<ref>H. Montgomery Hyde ''A History of Pornography''. (1969) London, Heinemann: 14</ref> == इन्हें भी देखें == * [[रतिचित्रण|पोर्नोग्राफी]] * [[कामुक कला]] * [[रोमांस उपन्यास]] == आगे पढ़ें == * {{cite book | editor-last = Kearney | editor-first = Patrick | title = The Private Case: an annotated bibliography of the Private Case Erotica Collection in the British (Museum) Library | publisher = J. Landesman Distributed by Humanities Press | location = London Atlantic Highlands, New Jersey | year = 1981 | isbn = 9780905150246 }} With an introduction by G. Legman. * {{cite book | last = Pietrek | first = Klaus | title = Lexikon der erotischen Literatur: Autoren, Werke, Themen, Aspekte | publisher = Corian-Verl | location = Meitingen | year = 1992 | language = de | isbn = 9783890480503 }} * {{citation | last = Bondy | first = François | contribution = Erotische literatur | editor-last = Bondy | editor-first = François | title = Harenbergs Lexikon der Weltliteratur: Autoren – Werke – Begriffe (Band 2) | publisher = Harenberg-Lexikon-Verl | location = Dortmund | year = 1989 | language = de | isbn = 9783611000911 | postscript = .}} * {{citation | last1 = Schweikle | first1 = Günther | last2 = Schweikle | first2 = Irmgard | contribution = Erotische literatur | editor-last1 = Schweikle | editor-first1 = Günther | editor-last2 = Schweikle | editor-first2 = Irmgard | title = Metzler Literatur Lexikon: Begriffe und Definitionen | volume = 2 | publisher = J.M. Metzlersche | location = Stuttgart | year = 1990 | language = de | isbn = 9783476006684 | postscript = .}} * {{citation | last = von Wilpert | first = Gero | contribution = Erotische literatur | editor-last = von Wilpert | editor-first = Gero | title = Sachwörterbuch der Literatur | volume = 8 | publisher = Kröner | location = Stuttgart | year = 2001 | language = de | isbn = 9783520231086 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/sachworterbuchde0000wilp }} * {{citation | last1 = Hogen | first1 = Hildegard | last2 = Bode | first2 = Eva Beate | contribution = Erotische literatur | editor-last1 = Hogen | editor-first1 = Hildegard | editor-last2 = Bode | editor-first2 = Eva Beate | title = Der Brockhaus Literatur: Schriftsteller, Werke, Epochen, Sachbegriffe | volume = 2 | publisher = F.A. Brockhaus | location = Mannheim | year = 2004 | language = de | isbn = 9783765303517 }} * {{cite book | editor-last1 = Brulotte | editor-first1 = Gaétan | editor-last2 = Phillips | editor-first2 = John | title = Encyclopedia of erotic literature | url = https://archive.org/details/encyclopediaofer0000unse | publisher = Routledge | location = New York | year = 2006 | isbn = 9781579584412 }} * {{cite journal | last = Roy | first = Pinaki | title = Reviewing ''Steamies'': the literary steam of twenty-first century feminism | journal = Labyrinth | volume = 5 | issue = 1 | pages = 68–77 | publisher = Dr. Lata Mishra | location = Gwalior, India | date = January 2014 | url = http://thelabyrinthjournal.com/pdfs/Labyrinth%20ISSN%200976-0814%20Vol.5%20No.1.pdf |archive-url=https://web.archive.org/web/20160208031958/http://thelabyrinthjournal.com/pdfs/Labyrinth%20ISSN%200976-0814%20Vol.5%20No.1.pdf |archive-date=February 8, 2016 | issn=0976-0814}} * {{cite web | last =Straight | first = Sheryl | title = The erotica bibliophile | url = http://www.eroticabibliophile.com/publishers_carrington_a_d.php }} A Bibliography of Works Published by [[Charles Carrington]] * {{cite journal | last = Wood | first = Rachel | title = Sexual consumption within sexual labour: producing and consuming erotic texts and sexual commodities | journal = [[Porn Studies]] | volume = 2 | issue = 2–3 | pages = 250–262 | publisher = [[Taylor and Francis]] | doi = 10.1080/23268743.2015.1051308 | date = July 2015 | hdl = 10034/621054 | s2cid = 143264651 | url = http://shura.shu.ac.uk/14743/3/Wood%20-%20Sexual%20consumption%20within%20sexual%20labour%20%28AM%29.pdf }} == संदर्भ == {{Reflist|2}} == स्रोत == * Brulotte, Gaëtan & Phillips, John (eds.) (2006) ''Encyclopedia of Erotic Literature.'' New York: Routledge * Gibson, Ian (2001) ''The Erotomaniac'' London: Faber & Faber * H. Montgomery Hyde (1964) ''A History of Pornography''. London: Heinemann * Kearney, Patrick J. (1982) ''A History of Erotic Literature'', Parragon, {{ISBN|1-85813-198-7}} * [[Eberhard and Phyllis Kronhausen|Kronhausen, Phyllis & Eberhard]] (1959) ''Pornography and the Law, The Psychology of Erotic Realism and Pornography''. New York: Ballantine Books * [[Eberhard and Phyllis Kronhausen|Kronhausen, Phyllis & Eberhard]] (1969) ''Erotic Fantasies, a Study of Sexual Imagination''. New York: Grove Press * Muchembled, Robert (2008) ''Orgasm and the West: a history of pleasure from the 16th century to the present'', [[Polity (publisher)|Polity]], {{ISBN|0-7456-3876-7}} * {{Cite book | author= Sontag, Susan |author-link=Susan Sontag | title=The Pornographic Imagination in Styles of Radical Will | publisher=Picador | year=1969 | isbn=0-312-42021-8}} * Weller, Michael J. ''The Secret Blue Book''. Home Baked Books,[https://openresearch.surrey.ac.uk/esploro/outputs/other/Stephen-Mooney-on-MJ-Wellers-Secret/99514067302346], London. * [[Linda Williams (film critic)|Williams, Linda]] (1999) ''Hardcore: Power, Pleasure, and the 'Frenzy of the Visible'''. Berkeley: University of California Press == बाहरी कड़ियाँ == {{Authority control}} {{DEFAULTSORT:कामुक साहित्य}} [[श्रेणी:कामुक साहित्य| ]] [[श्रेणी:साहित्यिक विधाएं]] 4gr2ol2ghgcxkewte60qruonknejtbi आर. कृष्णासामी नायडू 0 441004 6582562 5955801 2026-07-14T13:33:46Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582562 wikitext text/x-wiki {{Infobox Indian politician | name = R. Krishnasamy Naidu <br /> आर. कृष्णासामी नायडू सम्पादन | image = | caption =कृष्णासामी नायडू सम्पादन | birth_date ={{birth date|1902|1|5}} | birth_place = [[श्रीविल्लीपुतुर]], [[तमिल नाडु]], [[भारत]] | residence = | death_date ={{death date and age|1973|10|30|1901|1|5}} | death_place = | office = | constituency = | term = | predecessor = | successor = | party =[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] | religion = | spouse = | children = | website = | footnotes = | date = | year = | source = | signature = R.krishnasamynaidu sign.jpg }} '''आर. कृष्णासामी नायडू सम्पादन''' ([[तमिल]]: ரா கிருஷ்ணசாமி நாயுடு) एक भारतीय राजनेता था। तमिलनाडु कांग्रेस समिति (1962). वह 1957 चुनाव में श्रीविल्लीपुतुर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में और 1962 के चुनाव में Rajapalayam निर्वाचन क्षेत्र से तमिलनाडु विधानसभा के लिए चुना गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.assembly.tn.gov.in/archive/Resumes/review_01assly/table03.pdf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110904135115/http://www.assembly.tn.gov.in/archive/Resumes/review_01assly/table03.pdf |archive-date=4 सितंबर 2011 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_1957/StatRep_Madras_1957.pdf |title=1957 Madras State Election Results, Election Commission of India |access-date=27 अक्तूबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160304122651/http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_1957/StatRep_Madras_1957.pdf |archive-date=4 मार्च 2016 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_1962/StatRep_Madras_1962.pdf |title=1962 Madras State Election Results, Election Commission of India |access-date=27 अक्तूबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101007003737/http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_1962/StatRep_Madras_1962.pdf |archive-date=7 अक्तूबर 2010 |url-status=live }}</ref> एक उत्साही सामाजिक कार्यकर्ता और एक सह ऑपरेटर उत्सुक; कृषक, तमिल छंद रचना में रुचि रखते हैं, किताबें पढ़ने और कर्नाटक संगीत सुनने के. 1922 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो. 1930 में सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दौरान एक वर्ष के लिए कारावास लिया। राष्ट्रपति तमिलनाडु कांग्रेस समिति (1962).<ref>{{Cite web |url=http://tncc.org.in/index.php?option=com_content&view=article&id=49&Itemid=64&lang=en |title=Tamil Nadu Congress presidents, Official website |access-date=27 अक्तूबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111009141800/http://tncc.org.in/index.php?option=com_content&view=article&id=49&Itemid=64&lang=en |archive-date=9 अक्तूबर 2011 |url-status=dead }}</ref> <ref>{{Cite web |url=http://www.dinamani.com/images/pdf/impressions/september/30sep1963.jpg |title=संग्रहीत प्रति |access-date=31 जुलाई 2012 |archive-date=4 जून 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120604175051/http://www.dinamani.com/images/pdf/impressions/september/30sep1963.jpg |url-status=dead }}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} 34vdfqis1eo43cqbhv2hsaukb92qgd3 उच्चारण-वर्तनी 0 463047 6582731 5955917 2026-07-15T03:54:30Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582731 wikitext text/x-wiki किसी शब्द की '''उच्चारण-वर्तनी''' (अंग्रेज़ी: pronunciation spelling) उसकी मानक वर्तनी से भिन्न होती है और यह उस शब्द के उच्चारण को ही दर्शाने के लिए बनायी गयी होती है। इसकी आवश्यकता प्रायः उन्हीं भाषाओं में पड़ती है जिनमें लिपि और भाषा में एकैक-संबंध नहीं होता (यानी जैसा लिखा जाता है वैसा बोला जाना और जैसा बोला जाता है वैसा लिखा जाना- '''नहीं''' पाया जाता)। उच्चारण-वर्तनी में भाषा के सामान्य वर्तनी नियमों का पालन किया जाता है। इनमें से अधिकांश एकबारगी प्रयोग के लिए गढ़ी गयी होती हैं, लेकिन कुछ उच्चारण-वर्तनियाँ मानक भी बन गयी हैं। जैसे- gonna का प्रयोग going to के उच्चारण को दर्शाने के लिए रूढ़ हो चुका है। यथा- ''I'm gonna catch you.'' == उपयोग == उच्चारण वर्तनी का प्रयोग अनौपचारिक रूप से किया जाता है, तथा यह उन शब्दों जिनका उच्चारण अनियमित है, या जिनकी वर्तनी-मात्र से उच्चारण का अंदाज़ लगाना कठिन है के उच्चारण को दर्शाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20120324085149/http://homepage.ntlworld.com/vivian.c/SpellingVarieties/EyeDialect.htm Vivian Cook's page of common eye dialect] [[श्रेणी:भाषा-विज्ञान]] lwbcuifcgcq9illoaj5kwarwkyj8xtl स्टोन कोल्ड स्टीव ऑस्टिन 0 470951 6582892 6540139 2026-07-15T11:00:19Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582892 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति |name = स्टोन कोल्ड स्टीव ऑस्टिन |image = {{wikidata|property|raw|P18}} | birth_date = {{Wd|properties|linked|references|edit|edit@end|P569}} | birth_place = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P19}} |birth_name = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P1477}} |height = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P2048}} |weight = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P2048}} |citizenship = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P27}} |education = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P69}} |employer = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P108}} |parents = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P25}} {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P22}} |death_date = {{Wd|properties|linked|references|edit|P570}} |death_place = {{Wd|properties|linked|references|edit|P20}} |ethnicity = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P172}} |party = {{Wd|properties|linked|references|edit|P102}} |death_cause = {{Wd|properties|references|edit|P1196}} {{Wd|properties|references|edit|P509}} |occupation = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P106}} |spouse = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P26}} |children = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P40}} |awards = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P166}} |residence = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P551}} |known_for = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P800}} {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P793}} |networth = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P2218}} |religion = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P140}} |signature = {{wikidata|property|raw|P109}} |website = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P856}} |salary = |opponents = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P7047}} |title = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P39}} |term = |predecessor = |successor = |resting_place = {{Wd|properties|linked|references|edit|linked|P119}} }} '''स्टीव ऑस्टिन''' (जन्म '''स्टीवन जेम्स ऐंडरसन''', बाद में '''स्टीवन जेम्स विलियम्स'''; 18 दिसम्बर 1964),<ref name="truth10">[[#AustinRoss2003|Steve Austin. ''The Stone Cold Truth'']] (p.10, 12-13),</ref> एक अमेरिकी फिल्म और टेलीविजन अभिनेता और सेवानिवृत्त पेशेवर पहलवान बेहतर उसके रिंग नेम "'''स्टोन कोल्ड'''" '''स्टीव ऑस्टिन'''द्वारा जाना जाता है। ऑस्टिन ऐसी विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप (WCW), चरम कुश्ती चैम्पियनशिप (ECW) और सबसे मशहूर, विश्व कुश्ती महासंघ (डब्लू डब्लू एफ) के रूप में कई अच्छी तरह से ज्ञात कुश्ती पदोन्नति के लिए मल्लयुद्ध। कंपनी के इतिहास में, सबसे लोकप्रिय और लाभदायक पहलवान के रूप में विन्स मैकमोहन WWE (पूर्व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) के अध्यक्ष द्वारा वर्णित<ref>''Off The Record'' with [[Vince McMahon]]. [[The Sports Network|TSN]]. जून 1, 2004. 3 minutes in. On Austin: "In terms of merchandising and licensing, and pay-per-view and live events, [Austin is] unquestionably the most popular performer we've ever had."</ref> वह मध्य-करने के लिए-1990 के दशक के दौरान के रूप में "स्टोन ठंड" स्टीव ऑस्टिन, जो नियमित रूप से मैकमोहन, उसके मालिक ललकारा एक अनुचित, बीयर पीने antihero डबल्यू डबल्यू एफ में महत्वपूर्ण मुख्यधारा लोकप्रियता हासिल की।<ref>[[#Sammond2005|Sammond, Nicholas]], pages 6</ref> इस अवज्ञा अक्सर ऑस्टिन flipping बंद करके मैकमोहन दिखाया गया था और उसे '' पत्थर ठंडी Stunner''के साथ, अपने खत्म करने के कदमincapacitating.<ref>{{cite book |title=The Pro Wrestling Hall of Shame: The Heels|url=https://archive.org/details/prowrestlinghall0000oliv|last=Oliver| first=Greg|year=2007|publisher=ECW Press|isbn=1550227599|pages=[https://archive.org/details/prowrestlinghall0000oliv/page/12 13]}}</ref> मैकमोहन में 2009 WWE हॉल ऑफ फ़ेम में ऑस्टिन शामिल। ऑस्टिन अपने व्यावसायिक कुश्ती कैरियर के दौरान उन्नीस चैंपियनशिप आयोजित किया और एक छह बार डबल्यू डबल्यू एफ चैंपियन के रूप में अच्छी तरह से पांचवें ट्रिपल क्राउन चैंपियनहै। उन्होंने यह भी 1996 अंगूठी के राजा टूर्नामेंट के रूप में अच्छी तरह के रूप में 1997, 1998 और 2001 रॉयल रंबलएस के विजेता था। वह जल्दी 2003 घुटने और गर्दन चोट निरंतर भर में अपने कैरियर की एक श्रृंखला के कारण में रिंग प्रतियोगिता में से रिटायर करने के लिए मजबूर किया गया। 2003 और 2004 के बाकी भर में, वह Co-General प्रबंधक और "प्रधान से" '' रॉ''के रूप में चित्रित किया गया था। 2005 के बाद से, वह सामयिक रूप से सामने आए बनाने के लिए जारी रखा है। 2011 में, स्टीव ऑस्टिन WWE '' काफी सख्त''वास्तविकता श्रृंखला की मेजबानी करने के लिए लौट आए। अपने उपनाम शामिल हैं "टेक्सास नाग" और "WWE में सबसे मुश्किल S.O.B.." == प्रारंभिक जीवन == ऑस्टिन '''स्टीवन जेम्स ऐंडरसन''' विक्टोरिया, टेक्सासमें पैदा हुआ था। उनके पिता परिवार को छोड़ दिया करने के बाद, उसकी माँ, बेवर्ली, केन विलियम्स के लिए जब और ऑस्टिन अपने सौतेले पिता का उपनाम गोद लिया और Edna, टेक्सास में अपने बचपन की सबसे अधिक खर्च<ref name="truth10"/> हाई स्कूल में भाग लेने के बाद, ऑस्टिन एक फुटबॉल छात्रवृत्ति व्हार्टन काउंटी जूनियर कॉलेज उत्तर टेक्सास राज्य विश्वविद्यालय में एक पूर्ण छात्रवृत्ति द्वारा पीछा किया, पर मिला. == व्यावसायिक कुश्ती कैरियर == {{Infobox wrestler | name= "Stone Cold" Steve Austin | image= Stone Cold Steve Austin.jpg | names= '''"Stone Cold" Steve Austin'''<ref name="wwe.com">{{Cite web |url=http://www.wwe.com/magazine/9660498/10141016/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=8 फ़रवरी 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090601200300/http://www.wwe.com/magazine/9660498/10141016/ |archive-date=1 जून 2009 |url-status=live }}</ref> The Ringmaster "Stunning" Steve Austin "Superstar" Steve Austin | height= {{height|ft=6|in=2}}<ref name="wwebio"/> | weight= {{convert|252|lb|kg|abbr=on}}<ref name="wwebio" /> | birth_date= {{birth date and age|mf=yes|1964|12|18}}<ref name="truth10" /> | birth_place= [[Austin, Texas]]<ref>[[#AustinRoss2003|Steve Austin. ''The Stone Cold Truth'']] (p.9)</ref> | resides= [[Los Angeles, California]] | billed= Victoria, Texas<ref name="wwebio" /> | trainer= [[Chris Adams (wrestler)|Chris Adams]]<ref name="truth55">[[#AustinRoss2003|Stone Cold Steve Austin. ''The Stone Cold Truth'']] (p.55)</ref><ref name="slam" /> | debut= मई 11, 1989<ref name="truth55" /> | retired= मार्च 30, 2003<ref name="truth55" /> }} === विश्व चैम्पियनशिप कुश्ती (1991–1995) === {{Main|Dangerous Alliance|The Hollywood Blonds#Steve Austin and Brian Pillman|l2=Hollywood Blonds|Stud Stable}} कुछ समय बाद ऑस्टिन एक पेशेवर पहलवान बनने का फैसला किया और क्रिस एडम्सजिसका स्कूल डलास Sportatorium जहाँ वह कुश्ती था के लिए विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप कक्षासे बाहर चला गया था, द्वारा संचालित कुश्ती स्कूल में दाखिला लिया। ऑस्टिन उनकी पहली वर्ल्ड क्लास में अपने असली नाम के तहत 1989 में किए गए, लेकिन बाद में नाम "स्टीव ऑस्टिन" मेम्फिस-क्षेत्र बुकर डच Mantelद्वारा दिया गया था। मेम्फिस में ऑस्टिन रन दुनिया वर्ग और मेम्फिस, के बाहर कॉनटिनेंटल कुश्ती एसोसिएशन के बीच विलय संयुक्त संयुक्त राज्य अमेरिका कुश्ती एसोसिएशनके रूप में जाना जाता कंपनी के साथ का हिस्सा था। ऑस्टिन अंततः डलास के लिए वापस होगा और एडम्स, पर्सी प्रिंगल और जैनी एडम्स (एडम्स वास्तविक जीवन पूर्व पत्नी और समय में ऑस्टिन की प्रेमिका) उसके valets के रूप में के साथ साथ परिवार में कलह बढ़ती है। यह 'आश्चर्यजनक' उपनाम से कि उसे WCW के बाद ऑस्टिन अपनाया के इस समय के दौरान था। ऑस्टिन WCCW छोड़ दिया है उसके अंतिम 1990 में तह करने के बाद और WCW के साथ अगले साल पर हस्ताक्षर किए। वह मूल रूप से एक सेवक गरमागरम Veronica, नाम के साथ बनती थी<ref name=truth86>[[#AustinRoss2003|Steve Austin. ''The Stone Cold Truth'']] (p.85-86)</ref>, लेकिन बाद में जैनी एडम्स, "लेडी खिलना" के रूप में जाना जाता द्वारा शामिल हो गया था।<ref name=slam>{{cite web|url=http://slam.canoe.ca/Slam/Wrestling/Bios/austin.html|title=Steve Austin Bio|publisher=[[Canadian Online Explorer|CANOE]]|accessdate=2008-06-06|archive-url=https://web.archive.org/web/20120308115622/http://slam.canoe.ca/Slam/Wrestling/Bios/austin.html|archive-date=8 मार्च 2012|url-status=live}}</ref><ref name=truth86/> बस सप्ताह के बाद उनकी पहली फिल्म, ऑस्टिन बॉबी Eaton उसकी पहली WCW दुनिया टेलीविजन चैम्पियनशिप के लिए पर हराया 3 जून 1991। बाद में उस वर्ष, ऑस्टिन पॉल ई. खतरनाक के खतरनाक एलायंसमें शामिल हो गए।<ref name=slam/><ref> [[#AustinRoss2003|Steve Austin. ''The Stone Cold Truth'']] (p.89)</ref> ऑस्टिन WCW टेलीविजन चैम्पियनशिप खो दिया है बैरी Windham में से एक 27 अप्रैल 1992 पर दो तीन के बाहर पड़ता है मैच। उन्होंने Windham से शीर्षक 23 मई को वापस पा ली। ऑस्टिन को खोने से पहले एक दूसरा लंबा शासनकाल मज़ा आया रिकी स्टीमर पर 2 सितम्बर 1992। उसके बाद शीघ्र ही खतरनाक एलायंस disbanded.<ref name="truth91">Austin Ross 2003, Steve Austin. ''[[The Stone Cold Truth]]'' (p.91-93)</ref> पर हेलोवीन कहर, वह टेरी गोर्डी की जगह, "dr. मृत्यु" स्टीव एकीकृत WCW और NWA दुनिया टैग टीम के लिए शीर्षक कुश्ती डस्टिन रोड्स और बैरी Windham विलियम्स के साथ मिलाने के।<ref name=truth91/> एक तीस मिनट समय सीमा के लिए मल्लयुद्ध टीमों आरेखित करें।<ref name=truth91/> जनवरी 1993 में, ऑस्टिन एक टैग टीम हॉलीवुड Blonds ब्रायन Pillmanके साथ के रूप में जाना जाता का गठन किया।<ref name=slam/> वे WCW दुनिया टैग टीम चैम्पियनशिप 3 मार्च को हराने के रिकी स्टीमर और शेन डगलसजीता। हॉलीवुड Blonds शीर्षक पांच महीनों के लिए आयोजित किया।<ref name=slam/> पर '' टकराव चैंपियंस XXIII के '' Blonds सामना Ric स्वभाव और Arn एंडरसन एक दो-बाहर-की-तीन-falls टैग टीम शीर्षक मैच में। स्वभाव और एंडरसन Blonds को हरा दिया है, लेकिन एक गिरावट एक अयोग्यता द्वारा निर्धारित किया गया था के रूप में शीर्षक से सम्मानित नहीं थे।<ref>{{cite web|url=http://www.prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/clash2.html#XXIII|title=Clash of the Champions XXIII results|accessdate=2008-07-15|publisher=Pro Wrestling History|archive-url=https://web.archive.org/web/20101128103446/http://prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/clash2.html#XXIII|archive-date=28 नवंबर 2010|url-status=dead}}</ref> में '' चैंपियन XXIV के संघर्ष'', ऑस्टिन और Pillman उनके शीर्षक एंडरसन और पॉल रोमाके खिलाफ की रक्षा करने के लिए अनुसूचित थे। एक घायल Pillman, तथापि, स्टीवन लोगद्वारा प्रतिस्थापित किया गया था। ऑस्टिन और लोग एंडरसन और रोमा को खो दिया है।<ref>{{cite web|url=http://www.prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/clash2.html#XXIV|title=Clash of the Champions XXIV results|accessdate=2008-07-15|publisher=Pro Wrestling History|archive-url=https://web.archive.org/web/20101128103446/http://prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/clash2.html#XXIV|archive-date=28 नवंबर 2010|url-status=dead}}</ref> Pillman के साथ अभी भी घायल हो गए, ऑस्टिन कर्नल रॉबर्ट पार्कर स्टड स्थिरशामिल हो गए।<ref name=Stud>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/profiles/s/stud-stable.html|title=Stud Stable|publisher=Online World of Wrestling|accessdate=2009-09-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20120106192759/http://www.onlineworldofwrestling.com/profiles/s/stud-stable.html|archive-date=6 जनवरी 2012|url-status=live}}</ref> Pillman के बाद लौट आए, ऑस्टिन धोखा दिया और उसे '' चैंपियंस XXV के संघर्ष '' में एक एकल मैच में हराया.<ref>{{cite web|url=http://www.prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/clash2.html#XXV|title=Clash of the Champions XXV results|accessdate=2008-07-15|publisher=Pro Wrestling History|archive-url=https://web.archive.org/web/20101128103446/http://prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/clash2.html#XXV|archive-date=28 नवंबर 2010|url-status=dead}}</ref> Starrcadeपर, ऑस्टिन डस्टिन रोड्स में दो सीधे falls WCW संयुक्त राज्य अमेरिका हैवीवेट चैम्पियनशिपजीतने के लिए एक दो-बाहर-की-तीन-falls मैच में हरा दिया।<ref name=slam/> ऑस्टिन 24 अगस्त 1994 को शीर्षक रिकी स्टीमर को खो दिया है। ऑस्टिन चेहरे स्टीमर Fall विवाद, पर शीर्षक के लिए एक rematch में तय किया गया था, लेकिन स्टीमर एक पीठ की चोट के कारण कुश्ती करने में असमर्थ था और ऑस्टिन अर्थदंड द्वारा शीर्षक से सम्मानित किया गया था। हमें चैंपियन के रूप में उसकी दूसरी शासनकाल ही मिनटों बाद में जब वह स्टीमर के प्रतिस्थापन, जिम Duggan एक मैच है कि तीस-पाँच सेकंड तक चली में करने के लिए खो दिया खत्म हो गया।<ref>{{cite web|url=http://www.prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/fall.html#94|title=WCW Fall Brawl 1994 results|accessdate=2008-07-15|publisher=Pro Wrestling History|archive-url=https://web.archive.org/web/20160413111226/http://www.prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/fall.html#94|archive-date=13 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref> ऑस्टिन असफल चुनौती Duggan दोनों हेलोवीन कहर 1994 और '' चैंपियंस XXIX के संघर्ष''में संयुक्त राज्य अमेरिका चैम्पियनशिप के लिए।<ref>{{cite web|url=http://www.prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/havoc.html#94|title=WCW Halloween Havoc 1994 results|accessdate=2008-07-15|publisher=Pro Wrestling History|archive-url=https://web.archive.org/web/20080222213821/http://www.prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/havoc.html#94|archive-date=22 फ़रवरी 2008|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/clash2.html#XXIX|title=Clash of the Champions XXIX results|accessdate=2008-07-15|publisher=Pro Wrestling History|archive-url=https://web.archive.org/web/20101128103446/http://prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/clash2.html#XXIX|archive-date=28 नवंबर 2010|url-status=dead}}</ref> जल्दी 1995 में एक घुटने की चोट से लौटने के बाद, ऑस्टिन जहाँ वह पहले दौर में गिनती आउट via Duggan को हरा दिया है, लेकिन रेंडी Savage क्वार्टर फाइनल में हार गए खाली WCW संयुक्त राज्य अमेरिका हैवीवेट खिताब के लिए, एक टूर्नामेंट में भाग लिया। === चरम (1995) कुश्ती चैम्पियनशिप === 1995 में, ऑस्टिन WCW उपाध्यक्ष एरिक Bischoffद्वारा, एक triceps चोट, एक जापानी दौरे पर कुश्ती जबकि दुख के बाद निकाल दिया गया था; Bischoff और WCW ऑस्टिन एक 'बिक्री' पहलवान के रूप में नहीं देखा था।<ref name=slam/><ref>Stone Cold Steve Austin. ''The Stone Cold Truth'' (p.117–118)</ref> ऑस्टिन फोन पर पर एरिक Bischoff कायररास्ता ले चुके हैं के रूप में चलाई जा रही उनकी राय वर्णन किया। अंत में, ऑस्टिन पॉल Heyman के चरम कुश्ती चैम्पियनशिप (ECW), जो उसे WCW में कामयाब था द्वारा संपर्क किया गया था।<ref name=slam/> Heyman ऑस्टिन में साक्षात्कार, अंगूठी को काम पर रखा है के रूप में वह अभी भी उसकी चोट से कुश्ती हो करने के लिए पर्याप्त बरामद था नहीं।<ref name=cold120>Stone Cold Steve Austin. ''The Stone Cold Truth'' (p.120)</ref> ECW जबकि, में ऑस्टिन मंच अपने भविष्य "स्टोन ठंड" व्यक्तित्व के रूप में अच्छी तरह से विगनेट्स WCW नीचे सामान्य में चल रहा है की एक श्रृंखला विकसित करने के लिए इस्तेमाल किया और Bischoff विशेष रूप से, अधिकांश memorably में कई प्रोमोज कि उसकी तब '' WCW सोमवार नाइट्रो '' के रूप में स्थिति ठट्ठा मेजबान शुरू करने से ''सोमवार NyQuil'', वह शो को बढ़ावा देने में जहां "बौंगो द्वारा" (ड्रम, स्टीव "Mongo" McMichaelका प्रतिनिधित्व करने का मतलब का कोई सेट) शामिल था "जहां बड़े लड़के खेल एक-दूसरे के साथ"।<ref name=slam/><ref name=cold120/> ECW जबकि, साथ ऑस्टिन "सुपर स्टार" स्टीव ऑस्टिन के रूप में जाना जाता था।<ref name=cold123>Stone Cold Steve Austin. ''The Stone Cold Truth'' (p.123–125)</ref> वह The Sandman के साथ एक मैच था और मिकी Whipwreckके साथ feuded.<ref name=cold123/> Whipwreck, जो ECW विश्व हैवीवेट चैंपियन समय था, याद करने नवंबरमें ऑस्टिन को हरा दिया।<ref>{{cite web|url=http://www.prowrestlinghistory.com/ecw/results/1995d.html#111895|title=ECW नवम्बर to Remember 1995 results|accessdate=2008-07-15|publisher=Pro Wrestling History|archive-url=https://web.archive.org/web/20120209034901/http://www.prowrestlinghistory.com/ecw/results/1995d.html#111895|archive-date=9 फ़रवरी 2012|url-status=live}}</ref> The Sandman हराया स्टीव ऑस्टिन और Whipwreck में एक ट्रिपल खतरा मैच Dismember के लिए दिसंबर में 1995 में ECW विश्व हैवीवेट चैम्पियनशिप के लिए।<ref>{{cite web|url=http://www.prowrestlinghistory.com/ecw/results/1995d.html#120995|title=ECW दिसम्बर to Dismember 1995 results|accessdate=2008-07-15|publisher=Pro Wrestling History|archive-url=https://web.archive.org/web/20120209034901/http://www.prowrestlinghistory.com/ecw/results/1995d.html#120995|archive-date=9 फ़रवरी 2012|url-status=live}}</ref> Heyman जाएगा बाद में राज्य है कि वह ऑस्टिन ECW खिताब जीतने के लिए था चाहता था, लेकिन ऑस्टिन से मना कर दिया क्योंकि वह वह "हंटर, बजाए के रूप में शिकार." और अधिक प्रभावी था महसूस किया था === विश्व कुश्ती महासंघ/मनोरंजन (1995–2002) === ==== थर्राकर रख दिया (1995–1996) ==== {{Main|Million Dollar Corporation}} केविन नैश और जिम रॉस मदद की WWE के मालिक उसे किराये पर विंस मैकमोहन को समझाने के बाद देर से 1995 में डबल्यू डबल्यू एफ ऑस्टिन में शामिल हो।<ref name=slam/><ref name=cold123/> शुरू में, ऑस्टिन मल्लयुद्ध "थर्राकर रख दिया के रूप में" और टेड DiBiaseद्वारा, में कामयाब था<ref name=slam/> जो उसे मिलियन डॉलर चैम्पियनशिपके साथ सम्मानित किया।<ref>Ted DiBiase: The Million Dollar Man, p.193, Ted DiBiase with Tom Caiazzo, Pocket Books, New York, NY, 2008, ISBN 978-1-4165-5890-3</ref> पत्थर ठंड स्टीव ऑस्टिन WrestleMania बारहवींमें अपनी पहली WrestleMania उपस्थिति में Savio वेगा में हरा दिया।<ref>{{cite news|author=PWI Staff|title=Pro Wrestling Illustrated presents: 2007 Wrestling almanac & book of facts|work="Wrestling’s historical cards"|pages=88}}</ref> इस समय के दौरान, ऑस्टिन गंजे सिर मुंडा। पर [[In Your House 8: Beware of Dog|In Your House: Beware of Dog]], ऑस्टिन वेगा करने के लिए एक "कैरेबियन पट्टा मैच" खो दिया है। मैच शर्तों के अनुसार, DiBiase WWE ऑस्टिन अपने पथ फोर्ज का अवसर दे, छोड़ने को मजबूर किया गया था।<ref name=almanac9598>{{cite news|title=2007 Wrestling Almanac & Book of Facts|work=Wrestling’s Historical Cards|pages=95–98}}</ref> जो प्रतिद्वंद्वी संवर्धन के लिए विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप (WCW) के नेतृत्व में गया था ऑस्टिन बाद में बताया उद्घोषक कि उसने जानबूझ कर खुद को DiBiase से छुटकारा पा लिया करने के लिए मैच खो दिया था Dok हेंड्रिक्स (माइकल पी एस Hayes)। ==== ऑस्टिन 3: 16 और superstardom (1996–1997) के लिए वृद्धि ==== ऑस्टिन superstardom के लिए वास्तविक वृद्धि 1996 के राजा अंगूठी केशुरू कर दिया। ऑस्टिन अपने ट्रेडमार्क पैंतरेबाज़ी, पत्थर ठंड Stunner (दोनों WCW में थे, जबकि पहले द्वारा जिमी Garvin, इस्तेमाल किया गया था एक कदम है कि); खत्म करने का इस्तेमाल शुरू इस नई तकनीक के साथ, वह अंगूठी टूर्नामेंट के राजा जीता।<ref name=slam/> सेमीफाइनल में मार्क Mero को हराने के बाद, ऑस्टिन जेक "नाग" रॉबर्ट्स फाइनल में हराया।<ref name=slam/><ref name=almanac9598/> समय, रॉबर्ट्स पैदा ईसाई चित्रित किया था, तो मैच के बाद, ऑस्टिन एक अब मशहूर प्रोमो उनकी ताजपोशी के दौरान, रॉबर्ट्स, कह रही कटौती<ref>Foley, Mick. ''Have A Nice Day: A Tale of Blood and Sweatsocks'' (p.229)</ref> '''आप वहाँ बैठ जाओ और तुम अपने बाइबिल प्रहार और आप कहते हैं कि तुम्हारी प्रार्थना है और यह नहीं हो तुम कहीं भी! अपने भजन के बारे में बात करते हैं, के बारे में बात [[John 3:16]]... ऑस्टिन 3: 16 कहते हैं, मैं सिर्फ अपने गधा कोसा! "''."ऑस्टिन 3: 16 "अंततः बन इतिहास, कुश्ती में सबसे लोकप्रिय पकड़ वाक्यांश में से एक<ref name=slam/> और इसके बाद नारा WWE माल के इतिहास में सबसे बेच टी शर्ट में से एक बन गया। यह भी प्रतिष्ठित क्षण है कि में है डब्ल्यूडब्ल्यूएफ "मनोवृत्ति युग", मॉन्ट्रियल Screwjob के साथ शुरू हुआ के रूप में श्रेय दिया जाता है। [[चित्र:Stone Cold Steve Austin in 1996.jpg|thumb|150px|left|Austin in 1996.]] ऑस्टिन लगातार Bret हार्ट के बारे में बात की है और उसे लगातार ताना मारा। हार्ट अंत में ऑस्टिन चुनौती स्वीकार किए जाते हैं और अक्टूबर 1996 में डबल्यू डबल्यू एफ को लौट गया। उत्तरजीवी श्रृंखलामें, विश्व प्रकृति निधि चैम्पियनशिप के लिए नंबर एक दावेदार का निर्धारण करने के लिए एक मैच में हार्ट ऑस्टिन एक मैच जो मदद के अंतिम वर्ष के लंबे दोनों के बीच लड़ाई लंबी खिंची के लिए नींव बनाने में टिकी।<ref name=almanac9598/> मैच एक घटना की एड़ी पर गरम आया प्रसारण जो ऑस्टिन 'तोड़ने"ब्रायन Pillman के घर, एक बंदूक पकड़ Pillman के साथ देखा '' कच्चे'', पर जी। 1997 रॉयल रंबल मैच के दौरान ऑस्टिन मूलतः Bret हार्ट द्वारा समाप्त कर दिया गया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे देखा नहीं था और वह वापस रिंग में snuck और हार्ट उसे रस्सियों से अधिक फेंकने से खुद को मैच जीतने का सफाया।<ref name="PS32">{{cite news|author=Martin, Finn|title=Power Slam Magazine, issue 32|work="Back on Top" (Royal Rumble 1997)|publisher=SW Publishing|date=1997-02-25|pages=12–15}}</ref> इस करने के लिए नेतृत्व किया पहला वेतन पर ऑस्टिन डबल्यू डबल्यू एफ कैरियर की मुख्य घटना [[In Your House 13: Final Four]], Shawn Michaels एक घुटने की चोट का सामना करना पड़ा और डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप अचानक खाली छोड़ दिया करने के बाद। ऑस्टिन में आपका घर 13 अपने घुटने घायल हो के बाद शीर्षक के लिए चार तरह मैच से जल्दी समाप्त हो गया था, लेकिन जो देखा हार्ट उनकी चौथी डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप जीत में ' समाप्त ' शामिल था<ref name=almanac9598/> जो वह अगली रात ''रॉ'' Sycho Sid ऑस्टिन के हस्तक्षेप, उनके विवाद हार्ट के साथ जारी रखने के कारण के लिए पर खो दिया। WrestleMania 13से कम, हार्ट केन तिपतिया के साथ एक विशेष रेफरी के रूप में एक 'प्रस्तुत' मैच में ऑस्टिन को हराया। ने मैच के दौरान ऑस्टिन कट गया था और दरियादिली से उसके चेहरे से खून बह रहा था, लेकिन वह अभी भी बाहर जब हार्ट उसकी निशानची में बंद कर दिया ठोकर से इनकार कर दिया। ऑस्टिन अंत में खून की कमी से पारित कर दिया, अभी भी निशानची में आयोजित किया और मैच खो दिया है। हार्ट, ऑस्टिन, जो उसके घावों के बावजूद लॉकर रूम को वापस किसी भी सहायता से इनकार कर दिया इस प्रकार हार्ट एड़ी और ऑस्टिन babyface में एक दुर्लभ डबल-मुड़ेंटर्निंग हमला करने के लिए, बेल के बाद जारी रखा।<ref name=almanac9598/> ऑस्टिन अंततः पास हार्ट पर बदला की मुख्य घटना में [[In Your House 14: Revenge of the 'Taker]], ज़िम्मेदार डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप के लिए नंबर एक दावेदार का निर्धारण करने के लिए एक मैच में। ऑस्टिन जीता जब हार्ट ब्रिटिश बुलडॉग, से सहायता के कारण अयोग्य ठहराया गया था उसे तक कि ज़िम्मेदार में के खिलाफ एक शीर्षक मैच कमाई [[In Your House 15: A Cold Day in Hell|In Your House 15: A Cold Day In Hell]]. ऑस्टिन हार्ट एक बार फिर ''कच्चे''इस्पात कुर्सी के साथ अपने प्रतिद्वंद्वी पैर मुक्केबाज़ी के दौरान घायल हो, के 21 अप्रैल प्रकरण पर एक स्ट्रीट लड़ो में सामना किया। जब ऑस्टिन जाने के अपने ही निशानची जाने से इनकार कर दिया मैच अंततः को हार्ट से सम्मानित किया गया। वह एक स्ट्रेचर पर जब एक एम्बुलेंस की पीठ में हार्ट को हरा कर दीं। एक ठंडा दिन में नरक, पर ऑस्टिन तक कि ज़िम्मेदार नीचे के साथ Stunner था, लेकिन जबकि ब्रायन Pillman, पत्थर ठंड पुराने टैग साथी, के साथ एक समय पर हस्तक्षेप विचलित तक कि ज़िम्मेदार ऑस्टिन एक समाधि का पत्थर piledriver जीत के साथ किसी न किसी और जीत हासिल किया।<ref name=almanac9598/> इस समय के दौरान, ऑस्टिन दो अलग अलग अवसरों पर डबल्यू डबल्यू एफ टैग टीम चैम्पियनशिप जीतने के लिए एक रास्ता मिल गया। 25 मई 1997 को, ऑस्टिन और Shawn Michaels ओवेन हार्ट और ब्रिटिश बुलडॉग शीर्षक के लिए हराया। वे शीर्षक 14 जुलाई तक आयोजित पहले Michaels मजबूर किया गया था एक चोट के कारण खाली करने के लिए।<ref>{{Cite web |url=http://www.wwe.com/inside/titlehistory/worldtagteam/304454132122112 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=8 फ़रवरी 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110827143219/http://www.wwe.com/inside/titlehistory/worldtagteam/304454132122112 |archive-date=27 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref> कि एक ही रात जो ऑस्टिन और उसका खाली चैम्पियनशिप के लिए चुनने के एक साथी का सामना करना होगा निर्धारित करने के लिए एक टूर्नामेंट आयोजित किया गया। हार्ट और बुलडॉग टूर्नामेंट, मना करने के एक साथी लेने के लिए और खुद के द्वारा पूर्व टैग टीम चैंपियंस कुश्ती को चुनने ऑस्टिन के साथ जीता।<ref name="thehistoryofwwe.com">{{Cite web |url=http://www.thehistoryofwwe.com/97.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=8 फ़रवरी 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160410082315/http://www.thehistoryofwwe.com/97.htm |archive-date=10 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref> देर मैच में आया सहायता की पेशकश करने के लिए एक debuting दोस्त प्यार और ऑस्टिन एक two-time टैग टीम चैंपियन बन गए।<ref>{{Cite web |url=http://www.wwe.com/inside/titlehistory/worldtagteam/30445413212312 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=8 फ़रवरी 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120216115057/http://www.wwe.com/inside/titlehistory/worldtagteam/30445413212312 |archive-date=16 फ़रवरी 2012 |url-status=live }}</ref> ऑस्टिन हार्ट परिवार, ओवेन हार्ट, जो एक विचलित ऑस्टिन टिकी हैं और सुरक्षित हार्ट फाउंडेशन दस आदमी टैग टीम मैच मुख्य घटना के लिए जीत के साथ एक गरम प्रतिद्वंद्विता में उलझे बनने के साथ अपने विवाद जारी रखा [[In Your House 16: Canadian Stampede]], जहां ऑस्टिन केन तिपतिया, Goldust और कयामत की सेना के साथ भागीदारी की थी।<ref>{{cite web|url=http://www.hoffco-inc.com/wwe/ppv/ppv/iyh16.html|title=WWF In Your House 16: "Canadian Stampede"|accessdate=2011-02-09|work=CompleteWWE.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20120229161059/http://www.hoffco-inc.com/wwe/ppv/ppv/iyh16.html|archive-date=29 फ़रवरी 2012|url-status=live}}</ref> SummerSlamपर, ऑस्टिन और ओवेन हार्ट एक दूसरे पर लाइन और एक अतिरिक्त शर्त है कि ऑस्टिन अगर वह खो दिया है हार्ट नितंबों चुम्बन करने के लिए होगा है हार्ट इंटरकांटिनेंटल चैम्पियनशिप के साथ सामना।<ref name="thehistoryofwwe.com"/> मैच के दौरान हार्ट एक piledriver जीत तो बेकार और ऑस्टिन ऑस्टिन के लिए जिसके परिणामस्वरूप एक वैध टूटा हुआ गर्दन और अस्थायी पक्षाघात में उसके सिर पर गिरा दिया। दर्शकों baiting द्वारा ठप हिरन के रूप में, ऑस्टिन पर क्रॉल और पिन हार्ट इंटरकांटिनेंटल चैम्पियनशिप जीतने के लिए एक रोल-अप का उपयोग करने के लिए सफल रहे। एक नजर आता घायल हो गए और चकित ऑस्टिन रेफरियों की एक संख्या के द्वारा अपने पैरों के लिए मदद की थी और वापस करने के लिए नेतृत्व किया। उसकी गर्दन चोट की गंभीरता के कारण, ऑस्टिन दोनों इंटरकांटिनेंटल चैम्पियनशिप और टैग टीम चैंपियनशिप त्यागना करने के लिए मजबूर किया गया। ऑस्टिन उत्तरजीवी श्रृंखलातक किनारे था। तथापि, अंतरिम में उन्होंने कई छपने, एक जा रहा है जहाँ वह हार्ट और जो एक टूर्नामेंट में अंतिम मैच इंटरकांटिनेंटल चैम्पियनशिप के लिए गया था Faarooq, के बीच एक मैच के समाप्त में शामिल किया गया है बुरा रक्त में बनाया। जबकि रेफरी के पीछे कर दिया गया है, ऑस्टिन Faarooq इंटरकांटिनेंटल चैम्पियनशिप बेल्ट के साथ हार्ट मैच जीतने के लिए पैदा मारा।<ref name="thehistoryofwwe.com"/> ऑस्टिन के मकसद किया गया है हार्ट कमर, का प्रदर्शन किया जब वह है हार्ट पर अक्टूबर 20 मैचों और ''रॉ''के 27 एपिसोड में दखल के रूप में चारों ओर इंटरकांटिनेंटल चैम्पियनशिप रखने के लिए।<ref name="thehistoryofwwe.com"/> ऑस्टिन इंटरकांटिनेंटल चैम्पियनशिप उत्तरजीवी श्रृंखला में हार्ट से वापस पा ली. रास्ते से हट हार्ट के साथ, ऑस्टिन जो ऑस्टिन बेल्ट ''रॉ'' के 17 नवम्बर प्रकरण पर चुरा लिया ऑस्टिन अपने राष्ट्र के प्रभुत्व stablemates द्वारा एक पिटाई का सामना करना पड़ा के बाद में रॉक, पर अपनी जगहें सेट।<ref name="thehistoryofwwe.com"/> सप्ताह में आने के लिए, रॉक "सर्वश्रेष्ठ लानत इंटरकांटिनेंटल चैंपियन" कभी नहीं करने के लिए खुद को घोषित करने शुरू कर दिया।<ref name="thehistoryofwwe.com"/> में रॉक रखा जब तक बेल्ट के कब्जे [[D-Generation X: In Your House]], जब ऑस्टिन उसे 'शीर्षक बनाए रखने' और उसकी बेल्ट वापस पाने के लिए हरा दिया। ऑस्टिन अपनी रंडी ट्रक उनकी जीत में सहायता करने के लिए इस्तेमाल किया था के रूप में, मैकमोहन ने उसे ''कच्चा''पर अगली रात के शीर्षक में रॉक के खिलाफ की रक्षा करने का आदेश दिया।<ref name="thehistoryofwwe.com"/> शीर्षक में रॉक करने के लिए forfeiting के बाद अवज्ञा के एक अधिनियम में, ऑस्टिन में बेल्ट एक न्यू हैम्पशायर नदी में फेंक दिया।<ref name="wwebio">{{cite web| url = http://www.wwe.com/superstars/halloffame/inductees/stonecoldsteveaustin/bio/| title = WWE Hall of Fame Inductees "Stone Cold" Steve Austin Biography| publisher = [[World Wrestling Entertainment]]| accessdate = 2009-05-26| archive-url = https://web.archive.org/web/20090712044312/http://www.wwe.com/superstars/halloffame/inductees/stonecoldsteveaustin/bio/| archive-date = 12 जुलाई 2009| url-status = live}}</ref> ==== श्री मैकमोहन (1997–1999) के साथ झगड़ते ==== 22 सितम्बर 1997, पर पहली बार मैडिसन स्क्वायर गार्डनसे, ओवेन हार्ट प्रसारण किया जा करने के लिए '' सोमवार रात कच्चे '' एक भाषण प्रशंसकों को उपस्थिति में देने गया था। अपने भाषण के दौरान ऑस्टिन अंगूठी निम्नलिखित पांच NYPD अधिकारियों के साथ दर्ज किया गया है और हार्ट पर हमला किया। के रूप में यह देखा ऑस्टिन अधिकारियों से लड़ने के लिए जा रहा था, विन्स मैकमोहन अंगूठी क्यों वह "शारीरिक रूप से" प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो सकता था के बारे में ऑस्टिन व्याख्यान में भाग गया। मैकमोहन के बाद कह सम्मान करता है कि वह इस तथ्य है कि वह और डबल्यू डबल्यू एफ परवाह, ऑस्टिन एक पत्थर ठंड मैकमोहन सदमे में जा रही Stunner, के साथ मैकमोहन पर हमला किया। ऑस्टिन फिर अतिक्रमण, आक्रमण और एक पुलिस अधिकारी को हमला के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह ऑस्टिन-मैकमोहन प्रतिद्वंद्विता की शुरुआत के रूप में चिह्नित। WCWके लिए Bret हार्ट प्रस्थान के साथ, ऑस्टिन और Shawn Michaels कंपनी में शीर्ष सुपरस्टार थे। ऑस्टिन अन्त में रॉक को नष्ट करने 1998 रॉयल रंबल, जीता।<ref name=pwi100>{{cite news|title=2007 Wrestling Almanac & Book of Facts|work=Wrestling’s Historical Cards|pages=100}}</ref> ''कच्चे'', पर अगली रात ऑस्टिन जो एक विशेष उपस्थिति "ग्रह पर baddest मनुष्य." के रूप में करने के लिए टाइसन की चर्चा करते हुए मैकमोहन की आपत्ति खत्म कर रहा था माइक टाइसन, की अपनी प्रस्तुति में विन्स मैकमोहन बाधित ऑस्टिन टाइसन, जो टाइसन ऑस्टिन मैकमोहन शर्मिंदगी, जो सार्वजनिक रूप से ऑस्टिन अपने चैंपियन के रूप में की संभावना के अस्वीकृत करने के लिए शुरू करने के लिए ज्यादा shoving के नेतृत्व से रूप से फ़्लिप किया। हालांकि वह खुद डबल्यू डबल्यू एफ चैंपियन Shawn Michaels' स्थिर D-जनरेशन एक्सके साथ aligning होना करने के लिए प्रकट हुए टाइसन बाद में "विशेष enforcer" WrestleMania XIV, मुख्य घटना के लिए के रूप में घोषित किया गया।<ref name=slam/><ref name="wmtyson">{{cite web|url=http://pwtorch.com/artman2/publish/Torch_Flashbacks_19/article_38025.shtml|title=Austin confronts Tyson, brawl breaks out|last=Keller|first=Wade|date=1998-01-24|publisher=PWTorch|accessdate=2010-01-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20111120140139/http://pwtorch.com/artman2/publish/Torch_Flashbacks_19/article_38025.shtml|archive-date=20 नवंबर 2011|url-status=live}}</ref> इस WrestleMania XIV, जो वह टाइसन, जो DX बनाने के निर्णय लेने से तीन-के खिलाफ Michaels गिनती द्वारा पर दिया, से मदद के साथ जीत पर Michaels के खिलाफ ऑस्टिन डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप मैच के लिए नेतृत्व किया और बाद में HBK अपनी दस्तक आउट पंच के साथ मारा। वास्तव में Shawn Michaels दो herniated डिस्क का सामना करना पड़ा था और एक और पूरी तरह से रॉयल रंबलमें एक ताबूत मैच में ज़िम्मेदार के हाथों में कुचल दिया।<ref name=slam/> ऑस्टिन युग में, इस जीत ले जाया<ref name=slam/> और इसके साथ, रवैया युग.<ref name=pwi100/> [[चित्र:Austinentrance.jpg|right|thumb|"Stone Cold" Steve Austin's signature ring entrance.]] पर ''कच्चे'' बाद ऑस्टिन डबल्यू डबल्यू एफ खिताब जीता विन्स मैकमोहन ने उसे एक नए शीर्षक पट्टी के साथ प्रस्तुत किया और ऑस्टिन चेतावनी दी है कि वह अपने विद्रोही प्रकृति के अनुमोदन नहीं किया और कि चीज़ें "आसान तरीका या बुरे तरीके." किया जा सकता ऑस्टिन एक और Stunner के रूप में उनका जवाब दे दिया। यह एक खंड एक सप्ताह बाद में करने के लिए नेतृत्व में जहां ऑस्टिन "मैकमोहन, एक सूट और टाई, में एक दैदीप्यमान मैकमोहन खुद को और अपने नए कॉर्पोरेट चैंपियन की एक तस्वीर लेने के साथ प्रदर्शित होने के साथ गेंद खेलने के लिए" कुछ दिन पहले एक बैठक का वादा किया था। पूरी बात एक चाल के ऑस्टिन जो खंड के दौरान बंद सूट आँसू के लिए, यह पिछली बार जब वह देखने के ऑस्टिन इस तरह, पंच अपने बॉस "कॉर्पोरेट grapefruits" में कपड़े पहने और मैकमोहन में दर्द से अधिक दोगुनी हो गया, जबकि उनमें से दो की एक और तस्वीर ले लो था मैकमोहन बता दीं द्वारा किया गया। अप्रैल 1998, यह प्रकट है ऑस्टिन और मैकमोहन लड़ाई एक वास्तविक मैच में अपने मतभेदों बाहर करने के लिए जा रहे थे, लेकिन मैच एक न लड़ने घोषित किया गया था जब दोस्त प्यार एक प्रकट किया। यह एक मैच के लिए नेतृत्व में दोस्त प्यार और Unforgiven पर ऑस्टिन के बीच: में आपका जहां ऑस्टिन के साथ एक इस्पात कुर्सी मैकमोहन मारा, फिर अगले महीने वे एक rematch पर था हाउस, [[Over the Edge: In Your House]] डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप के लिए। ऑस्टिन मैकमोहन रेफरी और उसकी "कॉर्पोरेट Stooges" (जेराल्ड Brisco और पैट पैटरसन) के रूप में के रूप में timekeeper और अंगूठी उद्घोषक, क्रमशः अभिनय के बावजूद शीर्षक को बनाए रखने में कामयाब रहे। मैकमोहन जारी करने के लिए सब कुछ वह ऑस्टिन को बर्बाद कर सकते हैं और वह अंततः उसकी तरफ से 1998 किंग इस अंगूठी टूर्नामेंट केकम के लिए एक बड़ी विजय रन बनाए।<ref name=slam/> वहाँ, ऑस्टिन डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप केन करने के लिए एक पहली बार खून मैच में खो दिया।<ref name=slam/> ऑस्टिन आगे वापस ''कच्चे''पर अगली रात चैम्पियनशिप जीतने की निरर्थकता मैकमोहन व्यथित कर।<ref name=slam/> ऑस्टिन भी SummerSlamपर तक कि ज़िम्मेदार के खिलाफ विजयी उभरा। जवाब में, एक ट्रिपल खतरा मैच पर मैकमोहन सेट करें [[Breakdown: In Your House]], जहाँ तक कि ज़िम्मेदार और केन एक ही समय में ऑस्टिन टिकी। मैकमोहन डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप खाली करने का फैसला किया<ref name=slam/> और पुरस्कार यह तक कि ज़िम्मेदार और केन में ऑस्टिन अतिथि रेफरी गया था, के बीच एक मैच पर आधारित है। ऑस्टिन भी आदमी के लिए गणना करने के लिए मना कर दिया और दोनों मैच के अंत पर हमला किया। मैकमोहन ने बाद में उसे निकाल हालांकि ऑस्टिन मैकमोहन ने अपहरण और उसे बंदूक की "जो एक खिलौना बंदूक"बंग! पढ़ा एक पत्रिका के साथ जा रहा है ऊपर समाप्त नोक पर,"अंगूठी के मध्य को खींचकर बदला गया 3:16."भी खंड"के लिए मैकमोहन बहुत शर्मनाक"था के रूप में यह पता चला वह बहुत डर लग रहा कि वह उसके पैंट urinated था। स्टोन ठंड बाद में शेन मैकमोहनद्वारा re-signed था। शेन ऑस्टिन double-crossed के बाद खाली डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप पुरस्कार के लिए उत्तरजीवी श्रृंखला टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में, मानव जाति के लिए, ऑस्टिन खो दिया है। ''कच्चे'', पर अगली रात न्यायाधीश मिल्स लेन ने फैसला सुनाया था कि रॉक अपने बचाव के लिए नव उस रात, ऑस्टिन अभी भी एक rematch खंड के टूटने पर बेल्ट हारने के बाद होने के कारण ऑस्टिन के खिलाफ डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप जीत ली: आपका घर में। तक कि ज़िम्मेदार दखल और ऑस्टिन एक फावड़ा के साथ, ऑस्टिन एक अयोग्यता जीत कमाई मारा, लेकिन चैम्पियनशिप में रॉक रखा। पर [[Rock Bottom: In Your House]], स्टीव ऑस्टिन हराया तक कि ज़िम्मेदार एक जिंदा दफन मैच में केन Tombstoned ज़िम्मेदार बाद में गंभीर। इस जीत के साथ, ऑस्टिन 1999 रॉयल रंबल के लिए अर्हता प्राप्त. ऑस्टिन श्री मैकमोहन पर सटीक बदला लेने के लिए अगले निश्चित मौका 1999 रॉयल रंबल मैच के दौरान आया था। पर ''कच्चे'', मैकमोहन ऑस्टिन प्रविष्टि क्रमांक उसे खत्म पंगा लेना के स्पष्ट मंशा के साथ आकर्षित किया। मैकमोहन डबल्यू डबल्यू एफ आयुक्त Shawn Michaels के लिए धन्यवाद दो नंबर आकर्षित किया, जबकि ऑस्टिन प्रविष्टि क्रमांक एक, आकर्षित किया। के रूप में ऑस्टिन उसे पीछा नीचे रंबल मैच के दौरान, मैकमोहन अंगूठी से बाहर और भीड़ में फिसल। यह निकला एक जाल हो के रूप में जहां वह निगमके सदस्यों द्वारा ambushed था लॉबी टॉयलेट में ऑस्टिन मैकमोहन का नेतृत्व किया। ऑस्टिन घायल हो गए और दूर एंबुलेंस में ले जाया गया था। ऑस्टिन चले गए के साथ और रंबल मैच में नहीं, मैकमोहन मैच बुला में घोषणा तालिका में शामिल हो गए। पर बाद में, तथापि, ऑस्टिन एंबुलेंस में लौटे और रॉयल बिग बॉस आदमी को एक Stunner देने और उसे नष्ट करने रंबल, फिर से प्रवेश किया। निगम की सहायता और एक आखिरी मिनट हस्तक्षेप में रॉक से, के साथ ऑस्टिन मैकमोहन ने खुद को समाप्त हो गया था और 1999 रॉयल रंबल मैकमोहन ने जीता।<ref name=slam/> मैकमोहन उनकी संख्या एक दावेदार नीचे रॉक के खिलाफ हाजिर मोड़ के साथ, ऑस्टिन शीर्षक अगली रात के दौरान ''रॉ'' गोली मार दी डबल्यू डबल्यू एफ आयुक्त Michaels से सम्मानित किया। पर [[St. Valentine's Day Massacre: In Your House|St. Valentine's Day Massacre]], पत्थर ठंडा एक इस्पात पिंजरे से मेल खाते, साथ WrestleMania XV दांव पर में डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप अवसर में मैकमोहन के खिलाफ एक पर एक मैच मिल गया।<ref name=slam/> मैच के दौरान, पॉल Wight उसकी पहली फिल्म, नीचे से अंगूठी को तोड़ने के माध्यम से और ऑस्टिन पर हमला किया। Wight के हमले ऑस्टिन पिंजरे पिंजरे रास्ता देने के लिए बाध्य और ऑस्टिन पहली मंजिल को छोड़ने, उसे विक्टर बनाने के पक्ष में पहुंचाया।<ref name=slam/> ऑस्टिन अपने तीसरे विश्व प्रकृति निधि चैम्पियनशिप के लिए WrestleMania XV पर रॉक हराया।<ref name=slam/> प्रतिक्रियामें रेफरी शेन मैकमोहन था, पर एक rematch में ऑस्टिन में रॉक का सामना करना पड़ा। मैच के दौरान, विन्स मैकमोहन अंगूठी केवल ऑस्टिन वापस अपने 'धूम्रपान खोपड़ी' बेल्ट हाथ और शेन कार्यवाही से बाहर ले करने के लिए, से संपर्क किया। जब गिनती एक और रेफरी की ऑस्टिन मैच जीता। तक कि ज़िम्मेदार, हालांकि, एज से अधिकपर ऑस्टिन से डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप जीत ली। विंस मैकमोहन के आसपास घूमने की घटनाओं के कारण, Stephanie और लिंडा मैकमोहन स्टोन ठंड कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया है। विंस और शेन मैकमोहन ऑस्टिन एक अंगूठी के राजा में बाधा सीढ़ी मिलान के लिए लाइन, जो पिता और बेटे के डुओ जीता पर सीईओ शीर्षक के साथ चुनौती। अगली रात ''कच्चे'', पर फिर भी, यह स्पष्ट है कि जब वह कंपनी के सीईओ था, वह एक शीर्षक पर किसी भी समय और जगह खुद के द्वारा निर्धारित किया जाएगा के लिए गोली मार दी हो सकता था ऑस्टिन बना दिया। ऑस्टिन डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप ''कच्चे'' पर उस रात से मेल खाते बना दिया और अपने चौथे डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप जीतने के लिए ज़िम्मेदार को हराया। हालांकि, वह यह जीत के बाद, तक कि ज़िम्मेदार आया और उसे कहाँ कि अगर ऑस्टिन खो दिया वह कभी डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप के लिए पुन: कुश्ती में सक्षम होगा और अगर ऑस्टिन जीता, वह मैकमोहन फिर से देख कभी नहीं होगा श्री मैकमोहन अनुबद्ध को पूरी तरह भरी हुई पर दोनों के बीच एक पहली बार खून मैच के लिए अग्रणी शीर्षक बेल्ट के साथ, मारा। ऑस्टिन एक्स, पीएसी-तक कि ज़िम्मेदार एक टीवी कैमरे के साथ मार से हस्तक्षेप के बाद जीता और एक अलविदा स्टोन ठंड Stunner मैकमोहन ने दिया था। जब वह उसे एक ट्रिपल खतरा भी ट्रिपल एचकी विशेषता मैच में मानव जाति के लिए खो दिया ऑस्टिन डबल्यू डबल्यू एफ चैंपियनशिप के लिए जब तक SummerSlam पर आयोजित किया।<ref name=slam/> ऑस्टिन [[ट्रिपल एच]] के खिलाफ कोई दया पर उसकी rematch मिल जाएगा, लेकिन बाद में रॉक गलती से उसे ट्रिपल एच. के लिए मतलब था एक शक्तिशाली के साथ मारा खो दिया जब उत्तरजीवी श्रृंखला के आसपास लुढ़का, ट्रिपल एच था अभी भी चैंपियन। ऑस्टिन एक ट्रिपल खतरा ट्रिपल एच के खिलाफ डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप के लिए मिलान और रॉक में बुक किया गया था। बहरहाल, ऑस्टिन द्वारा एक कार पार्किंग में चलाया गया था।<ref name=slam/> ऑस्टिन मैच में बदलना होगा बड़ा दिखाने के और डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप जीत होगी। क्या इसके बाद गर्दन सर्जरी के द्वारा डॉ लॉयड Youngblood और कार कोण के साथ एक नौ माह पुनर्वास छोड़ने के लिए उनके कारण के रूप में था।<ref name=slam/> की वास्तव में, ऑस्टिन गर्दन सर्जरी 1997 में ओवेन हार्ट घटना के बाद से जरूरत थी।<ref name=slam/> ==== वापसी और एड़ी बारी (2000–2001) ==== {{Main|The Power Trip}} ऑस्टिन ट्रिपल एच और विन्स मैकमोहन डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप को पुनः प्राप्त रॉक में मदद करने के लिए पर हमला प्रतिक्रिया पर 2000, दिखाई दिया। Unforgivenपर, ऑस्टिन अपने सरकारी वापसी की। कम्पनी, इस बीच, जो उसके उत्तरजीवी श्रृंखला में पिछले वर्ष दौड़ा बाहर खोजने की कोशिश की।<ref name=slam/> Rikishi अंत में भर्ती कराया चालक जा रहा है क्योंकि "वह लोगों के लिए किया है।"<ref name=slam/> पर कोई दया, ऑस्टिन वापस Rikishi में एक धारण नहीं वर्जित मैच सामना करने के लिए गया था। मैच के दौरान, ऑस्टिन motioned वह Rikishi, जो उस समय तक एक खूनी गंदगी था में अपने ट्रक ड्राइव करने के लिए जा रहा था। इससे पहले कि वह कर सकता, वह बंद कर दिया गया था अधिकारियों ने, न लड़ने और ऑस्टिन समझा जा रहा है मैच था (kayfabe) को गिरफ्तार कर लिया और बाद में आयुक्त मिक Foleyद्वारा जमानत। Rikishi और कर्ट कोणके खिलाफ एक बाधा मैच के दौरान, ट्रिपल एच ऑस्टिन के साथ हाथ मिलाने के स्पष्ट मंशा के साथ नीचे आ गया। अंगूठी समाशोधन, बाद ट्रिपल एच ऑस्टिन के सिर पर अपने शक्तिशाली मिटा दिया और यह वास्तव में उसे पूरे स्कीम, ऑस्टिन से डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप को ढाल और अंत में अपने कैरियर के लिए तैयार कर लिया गया था प्रगट। उत्तरजीवी श्रृंखला, ट्रिपल एच फिर से अपने मैच के दौरान (इस प्रकार पिछले वर्ष की उत्तरजीवी श्रृंखला की घटनाओं दोहराना) ऑस्टिन चलाने के करने के लिए साजिश रची थी लेकिन जब ऑस्टिन ट्रिपल एच ऑटोमोबाइल एक फ़ॉर्क्लिफ़्ट के साथ उठा लिया है, तो चलो यह 20 फुट, ड्रॉप ट्रिपल एच "पवित्र बकवास!" इससे पहले कि बस कार जारी किया गया था चिल्लाओ करने के कारण उसकी साजिश विफल रहे। इसके अलावा, वर्ष 2000 में स्टोन ठंड स्टीव ऑस्टिन Armageddon में एक सेल मैच में एक 6 आदमी भाड़ में डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप, ट्रिपल एच, ज़िम्मेदार, Rikishi, कर्ट कोण और चट्टानके खिलाफ के लिए competed. अंत में, पत्थर ठंड स्टीव ऑस्टिन में रॉक एक Stunner दिया था और जब ट्रिपल एच के रास्ते में आ गया और एक stunner मिल गया के बारे में उसे पिन करने के लिए गया था। लेकिन कर्ट कोण स्थिति का फायदा उठाया और रॉक टिकी और इसलिए को बनाए रखना है डब्ल्यूडब्ल्यूएफ चैम्पियनशिप जीत अप, उठाया। जबकि वह अपनी जीत का उत्सव मना था मैच के बाद, पत्थर ठंड स्टीव ऑस्टिन एक stunner कर्ट कोण करने के लिए, दिया। ऑस्टिन जीता उसके तीसरे रॉयल रंबल जनवरी 2001 में,<ref>{{cite news|url=http://findarticles.com/p/articles/mi_qn4155/is_20010128/ai_n9605892|title=Stone Cold rumbles to Houston aiming to sell out Astrodome|author=Blackjack Brown|publisher=Chicago Sun-Times|accessdate=2007-12-06|date=2001-01-28|archiveurl=https://web.archive.org/web/20071101113130/http://findarticles.com/p/articles/mi_qn4155/is_20010128/ai_n9605892|archivedate=1 नवंबर 2007|url-status=live}}</ref> अंतिम केन को नष्ट करने। ट्रिपल एच के खिलाफ अपने प्रतिद्वंद्विता ट्रिपल एच ऑस्टिन दो पड़ता है एक करने के लिए की धड़कन के साथ एक नरक के तीन चरणों के मैच में, बाहर कोई मार्ग पर समाप्त। फिर, WrestleMania X-सातपर, ऑस्टिन एड़ी में रॉक एक इस्पात की कुर्सी के साथ कई बार डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप जीतने के लिए मार से बने।<ref name=slam/> ने मैच के बाद ऑस्टिन हाथ हिला कर रख दिया और एक बियर विन्स मैकमोहन के साथ साझा की है। जीत के साथ, ऑस्टिन एक पांच बार विश्व प्रकृति निधि चैंपियन बने। अगली रात ''कच्चे'', पर एक त्वरित चेहरा मोड़ चिढ़ा के बाद, एड़ी बारी जारी रखा। वह भी अपने चरित्र को काफी अगले कुछ महीनों, विद्रोही और विरोधी स्थापना चरित्र प्रशंसकों द्वारा प्यारे से एक जानबूझकर बारी में बदला, एक whiny, मनमौजी जो निरंतर शिकायत होगा जब उन्होंने महसूस किया कि वह सम्मान के प्रशंसकों और पहलवानों कि वह इसी लायक थे से हो रही थी नहीं कथानक ऑस्टिन बन गया। वह भी विकसित की मैकमोहन, उसे प्रभावित करने के लिए महान लंबाई करने के लिए जा रही के साथ एक मोह और भी अब तक रहा है उसे गले और उसे लाने के लिए के रूप में प्रस्तुत करता है। मैकमोहन, हालांकि नजर आता असहज और सावधान ध्यान द्वारा अभी भी ऑस्टिन उसके खिलाफ के बजाय उसके साथ है के लिए आभारी थी। पिंजरे में एक मैच में रॉक के साथ एक rematch के शीर्षक के लिए, के दौरान एक शक्तिशाली के साथ और ऑस्टिन के साथ की अंगूठी के लिए नीचे ट्रिपल एच आया दूषित रॉक पर हमला किया और उसे कार्रवाई से बाहर रख दिया। ऑस्टिन आगे आपसी उनकी एड़ी बारी निम्न Smackdown पर गुरुवार! कब, WrestleMania, पर उनके कार्यों के बारे में जिम रॉस के साथ एक साक्षात्कार के दौरान रॉस उनकी दोस्ती निंदा था और फिर... पर हमला और क्रूरता रॉस हमला करने की तैयारी की सोचा। ऑस्टिन और ट्रिपल एच एक टीम बन गया और खुद को दो टो आदमी पावर ट्रीप बुलाया।<ref name=slam/> ऑस्टिन और ट्रिपल एच शीर्ष एड़ी कंपनी और ज़िम्मेदार और केन के साथ झगड़ते में थे। केन और प्रतिक्रियामें डबल्यू डबल्यू एफ टैग टीम चैम्पियनशिप के लिए ज़िम्मेदार हराने के बाद, वे टैग टीम खिताब, डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप (ऑस्टिन) और डबल्यू डबल्यू एफ इंटरकांटिनेंटल चैम्पियनशिप का आयोजन किया (ट्रिपल एच) एक बार में सभी। न्याय दिवसपर, ट्रिपल एच उनके इंटरकांटिनेंटल शीर्षक केन को खो दिया है। तब, निम्न रात ''रॉ'', ऑस्टिन और ट्रिपल एच पर क्रिस यरीहो और क्रिस Benoit टैग टीम टाइटल लाइन पर के साथ के खिलाफ मल्लयुद्ध। मैच के माध्यम से मिडवे, ट्रिपल एच उनके quadriceps मांसपेशी फाड़ दिया।<ref name=slam/> के रूप में की योजना बनाई, टीम टैग टीम खिताब मैच जब ट्रिपल एच अकस्मात ऑस्टिन एक शक्तिशाली के साथ पेट में मारा, लेकिन चोट के ट्रिपल एच, जो उसे बाहर वर्ष के शेष के लिए रखा, डबल्यू डबल्यू एफ किसी अन्य दिशा में जाने के लिए मजबूर के अंत में खो गया। ऑस्टिन एक छोटी सी चोट के एक महीने के लिए किया था। ==== आक्रमण (2001) ==== {{See also|The Invasion (professional wrestling)|l1=The Invasion}} ऑस्टिन कर्ट कोण के साथ बनती थी और यरीहो और Benoit के खिलाफ feuded. इस अंगूठी के राजाजिसमें पूर्व टैग टीम चैंपियंस ऑस्टिन का सामना करना पड़ा, में एक ट्रिपल खतरा मैच के साथ समापन हुआ। हालांकि WCW के बुकर टी दखल, ऑस्टिन जीत रन बनाए और उनकी चैम्पियनशिप बरकरार रखा। Benoit ने उसे अगले वर्ष के लिए को नजरंदाज करते हुए मैच के बाद गर्दन सर्जरी था के रूप में लड़ाई लंबी खिंची उस बिंदु पर, समाप्त हो गया। जुलाई 2001 में, बाहर Benoit सर्जरी, के लिए साथ में ऑस्टिन/यरीहो के विवाद के बिना उल्लेख गिरा दिया गया था। रॉक अभी भी दूर फिल्में बनाने के साथ, डबल्यू डबल्यू एफ सख्त बाहर की योजना के आक्रमणके लिए पहुंचे। कहानी आक्रमण के रूप में शुरू किया और आगे बढ़े, मैकमोहन असहाय होकर उसका साम्राज्य उसके आसपास और अधिक से अधिक प्रतिभा डबल्यू डबल्यू एफ से दूर फुसला एलायंस के कारण टूटने लगे और उसकी सबसे बड़ी सहयोगियों, ऑस्टिन और कोण, बहुत व्यस्त चूसने ऊपर उसे खुद के बीच कलह सफलतापूर्वक एलायंस का मुकाबला करने के लिए थे और देख के रूप में था। ऑस्टिन यह ज्ञात किया कि वह कोण, जिनके ऑस्टिन दोनों अपने डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप, साथ ही एक कष्टप्रद tag-along के लिए खतरा के रूप में देखा के साथ हाथ मिलाने के खिलाफ था। अपील एक कुंठित मैकमोहन ऑस्टिन अपने पुराने टेक्सास बितर व्यक्तित्व में लौटने के लिए यहां तक कि उसे एक पत्थर ठंड Stunner देने के लिए उसे imploring की। हालांकि ऊपर ऑस्टिन आग करने के लिए इच्छुक है, इसे उलटा असर हुआ और वह तुरंत arena, उदास तबियत ठीक नहीं छोड़ के रूप में केवल ऑस्टिन, की भावनाओं को चोट लग रहा था। लेकिन आक्रमण, पहले सप्ताह पुरानी स्टोन ठंड स्टीव ऑस्टिन ", Stunners एलायंस के सदस्यों को दे रहे थे लौट"। इस घटना में एक swerve के लिए सेटअप के सभी अंग धोखा के रूप में ऑस्टिन समूह का नेतृत्व का उत्तरदायित्व लिया जहां ऑस्टिन डबल्यू डबल्यू एफ टीम और साथी कोण एलायंस जीतने में मदद करने के लिए दिया था।<ref name=slam/> कारण है कि क्यों ऑस्टिन ऐसा किया था कि वह महसूस किया मैकमोहन कोण पर अपनी जगह लेने के लिए तैयार था और यह कि उसने अपने आप को "नाचीज" था जब वह वापस करने के लिए पुराने ऑस्टिन मैकमोहन ने जोर दिया। यह उसे एड़ी बदल एक बार फिर गया। ऑस्टिन खो दिया और एक विवाद में डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप कोण, जो एक खतरे के रूप में ऑस्टिन ने लगाया गया था के साथ वापस पा ली। ऑस्टिन Unforgiven पर कोण पर शीर्षक यह ''रॉ''के 8 अक्टूबर 2001 प्रकरण पर फिर से पहले खो दिया है।<ref name=slam/> एक swerve में, कोण बस उत्तरजीवी श्रृंखलासे पहले गठबंधन में शामिल हो गए।<ref name=slam/> आक्रमण के रूप में कोण पर घसीटा, यह अंततः साजिश लाइन ऑस्टिन और ECW और WCW पहलवानों में रॉक और उत्तरजीवी श्रृंखला में डबल्यू डबल्यू एफ पहलवानों के एक समूह का सामना करना पड़ के एक समूह के साथ एक अंत लाने का फैसला किया था। कोण को धोखा दिया, उसे इस प्रकार आक्रमण कोण समाप्त होने के बाद ऑस्टिन और उनकी टीम खो दिया। कच्चे, पर अगली रात के बारे में डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप उत्तरजीवी श्रृंखलामें कार्यों के लिए साथ एक कोण बदलते पुरस्कार के लिए मैकमोहन था के रूप में, रिक स्वभाव बाहर आए और ने घोषणा की कि वह डबल्यू डबल्यू एफ के आधे के स्वामित्व वाले। ऑस्टिन बाहर आए और कोण और मैकमोहन डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप वापस ले, पर हमला किया। ऑस्टिन तो एक बियर स्वभाव के साथ एक बार फिर से ऑस्टिन चेहरा टर्निंग, पार्टी की योजना बनाई थी। ऑस्टिन उस रात, WCW विश्व खिताब जीतने डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप एक और महीने पहले खोने के प्रतिशोध के बुकर टी. यरीहो से हस्तक्षेप के कारण 2001 में क्रिस यरीहो के लिए दोनों में रॉक और ऑस्टिन लगातार हार के लिए पकड़ होगा और बाद में डबल्यू डबल्यू एफ शीर्षक और उन्हें अभूतपूर्व डबल्यू डबल्यू एफ निर्विवाद चैम्पियनशिपबनाने के संयोजन। उसके बाद, बुकर टी. के साथ एक और विवाद ऑस्टिन जारी रखा एक कोण में, ऑस्टिन एक अनधिकृत किराने की दुकान लड़ाई में बुकर टी को हराया। ==== बुकिंग और रचनात्मक टीमों के साथ मुद्दों; प्रस्थान (2002) ==== हालांकि शीर्ष चेहरा, WrestleMania के निर्माण में उनकी आगामी कहानी लाइनों थे जैसा कुछ संदिग्ध अपने पिछले साल के उन लोगों की तुलना में ऑस्टिन के चरित्र में है डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के साथ सबसे लोकप्रिय पहलवानों बने रहे 2002, शुरुआत। 2002 रॉयल रंबल में, ट्रिपल एच चोट, वह और कर्ट कोण और श्री परिशुद्धके साथ अंगूठी में पिछले चार प्रतिभागियों के दो ऑस्टिन के साथ से अपने लंबे समय से प्रतीक्षित वापसी कर दिया। लेकिन वह कुछ ही समय में अंगूठी में वापस चला गया और एक इस्पात की कुर्सी के साथ सभी तीन हिट ऑस्टिन कर्ट कोण से समाप्त हो गया था। कुछ दिनों के बाद में ''कच्चे'' पर उन्होंने कर्ट क्रिस यरीहो डबल्यू डबल्यू एफ निर्विवाद चैम्पियनशिप में '' कोई रास्ता नहीं 2002 बाहर '' पर एक शॉट कमाने के कोण से हराया. बाहर कोई मार्ग के लिए निर्माण के में, जो उसके साथ एक विवाद शुरू करने के बाद (kayfabe) ऑस्टिन एक बियर उपहार से इनकार कर दिया नई विश्व व्यवस्था, मैकमोहन re-signed था। मंच के पीछे रचनात्मकता में समस्याओं हालांकि तब लगने की सतह के लिए शुरू किया गया। ऑस्टिन डबल्यू डबल्यू एफ के लिए बड़ा जहाज़ होगनवापसी के बारे में दुखी होने के रूप में रिपोर्ट किया गया था और के रूप में कथित तौर पर होगन के लिए WrestleMania X 8, होगन जबकि में एक प्रस्तावित मैच में खो करने के लिए मना मैकमोहन ने कहा ऑस्टिन के लिए एक ही संबंध में खोने की सूचना दी थी। नतीजतन, मैच में होगन, को हराने के whilst ऑस्टिन स्कॉट हॉलको हरा दिया, उसकी विवाद nWo के साथ climaxing रॉक के रूप में re-billed था। एक आश्चर्य की बात विवाद ''कच्चे''पर अगली रात, में ऑस्टिन दिखाने के लिए मना कर दिया और थकावट का दावा कंपनी की सहमति के बिना एक सप्ताह लंबे ब्रेक ले लिया। मैकमोहन ने दावा किया है रोष प्रशंसकों जो उसे उस रात को देखने के लिए भुगतान किया था के बीच अपने कार्यों का कारण बना। ऑस्टिन 1 अप्रैल 2002 के प्रकरण ''कच्चे'', पर नए "ब्रांड एक्सटेंशन" युग से पहले वापस आ गया। शो पर जो उसने के साथ साइन इन करेंगे और वह अंततः चुना है कच्चे शो केंद्रित थी। ऑस्टिन ज़िम्मेदार कि एक नंबर एक दावेदार जो ऑस्टिन खो दिया है जब टिकी थी, वह अपने पैर रस्सी पर होने के बावजूद प्रतिक्रिया 2002, पर WWE निर्विवाद चैम्पियनशिप के लिए मिलान के परिणामस्वरूप के साथ एक विवाद में प्रवेश किया। वह बाद में बड़ा कौन nWo मिलना करने के लिए पर चला गया शो और रिक स्वभाव द्वारा धोखा किया होता। ऑस्टिन फिर बड़ा दिखाने के और स्वभाव के फैसले दिन में एक बाधा मैच में हराया. मई 2002 में टेलीफोन द्वारा WWE टेलीविजन पर एक साक्षात्कार, में ऑस्टिन कंपनी देखकर दंग रह गए और प्रशंसकों द्वारा दिशा कंपनी पर एक मौखिक हमले शुरू करने में जा रहा था और उसे जिस तरह से उसने महसूस किया कि वे पहले किया था प्रयोग नहीं के लिए रचनात्मक टीम की उम्मीद है। टिप्पणीकारों पर एक तटस्थ तरंगदैर्घ्य ऑस्टिन राय रखने के लिए संघर्ष किया, WWE प्रशंसकों के विस्फोट के लिए माफी माँग करने के लिए अग्रणी और कहा यह ऑस्टिन के वर्तमान या आने वाली storylines का हिस्सा नहीं था। मैकमोहन ने एक सप्ताह के बाद में एक ही दिखाने के विस्फोट के नीचे, खेल का दावा है कि ऑस्टिन के प्रकार जो कभी कभी के साथ काम करना मुश्किल था पहलवान के महज था जवाब है। WWE एडी ग्युरेरो ऑस्टिन भी ऑस्टिन बिज्जू Lesnarके साथ एक विवाद के लिए prepping करते समय के साथ, विवाद के लिए rehired. ऑस्टिन, तथापि, किसी भी मैच कि उसे Lesnar को खोने में परिणाम होगा और अंत में कंपनी के बाहर चला गया ने वीटो लगा दिया।<ref name=trip/> ऑस्टिन बाद में बताया कि उन्होंने सोचा था कि गर्म-एक धोखेबाज़ ऑस्टिन कमजोर लग रहे बनाया और Lesnar ऑस्टिन आयोजित परिमाण के एक स्टार पर इस तरह एक बड़ी जीत के लिए एक उचित मंच नहीं दिया shotting. आगे की लपटों ऑस्टिन के विरोधियों की बढ़ती संख्या के बीच हवा ऑस्टिन और उसकी पत्नी Debra के बीच एक अच्छी तरह से प्रचार घरेलू विवाद घटना थी।<ref name=trip/> जून 3, Debra, के साथ विवाद का पालन पर ऑस्टिन पर रॉ WWE के लिए अपने पिछले उपस्थिति बना दिया। ऑस्टिन no-showed के बाद ''रॉ'' के प्रकरण निम्नलिखित हफ्ते, उसकी storylines गिरा रहे थे।<ref name=trip>{{cite news|url=http://findarticles.com/p/articles/mi_m0FCO/is_3_4/ai_91561860|title=Austin's power trip|author=Alex Gordon|publisher=Wrestling Digest|accessdate=2007-12-06|date=अक्टूबर 2002|archiveurl=https://web.archive.org/web/20071106125826/http://findarticles.com/p/articles/mi_m0FCO/is_3_4/ai_91561860|archivedate=6 नवंबर 2007|url-status=dead}}</ref> ऑस्टिन चला गया फिर से सार्वजनिक तौर पर कहा वह बुरा लगा कि बाहर storylines उसे करने के लिए रचनात्मक टीम द्वारा प्रस्तुत किए गए। इस बार उनकी विदाई के लिए अच्छा था।<ref name=trip/> मैकमोहन, पुराने ऑस्टिन समर्थक और वास्तविक जीवन दोस्त जिम रॉस, के साथ साथ दफनाया ऑस्टिन WWE पर प्रोग्रामिंग, क्योंकि वह उसकी तरह, whilst भी प्रशंसकों को समझा रही नहीं था उसे "उसकी गेंद लेने और घर जा" के रूप में चर्चा करते हुए कि न तो वे और न ही रॉस ऑस्टिन अपने मन बदलने के लिए राजी करने में सक्षम थे। मैकमोहन ने जोर देकर कहा ऑस्टिन एक माफी के सारे प्रशंसक दुनिया भर में, विशेष रूप से जो लोग पूरी तरह उसे उस रात को देखने के लिए भुगतान किया कि बकाया। मैकमोहन ऑस्टिन के कैरियर के लिए एक बीयर के साथ उसे फिर भी अपने सभी कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद toasted. रॉक भी एक प्रकट पर रॉ Smackdown के लिए मसौदा तैयार किया जा रहा होने के बावजूद किया! और ऑस्टिन के प्रति अपनी कुंठाओं की घोषणा की। ऑस्टिन पण्य लेकिन देखा हो जाने की संभावना की वापसी का कोई संकेत के साथ, अपने चरित्र को, अपने माल, विपणन कंपनी बंद कर दिया बहुत उनकी विदाई के बाद के हफ्तों में बेचने के लिए जारी रखा और WWE.com से अपने प्रोफ़ाइल हटा दिया। इस अवधि के '' WWE गोपनीय '' के एक प्रकरण में प्रलेखित किया गया था। === WWE (2003–2004) को लौटें === ==== अंतिम storylines और दूसरा प्रस्थान (2003-2004) ==== [[चित्र:Rockaustinxix.jpg|right|thumb|200px|Austin faces off against [[Dwayne Johnson|The Rock]] at [[WrestleMania XIX]] in Austin's last match.]] शेष 2002 के लिए ऑस्टिन एक कम प्रोफ़ाइल रखा और किसी भी सार्वजनिक रूप से सामने आए में या कुश्ती के बाहर नहीं बना था। यह तथापि वर्ष के अंत में, द्वारा ऑस्टिन और मैकमोहन से मुलाकात की और अपने मतभेदों को हल किया बताया गया था। वह तो कंपनी को जल्दी 2003 में वापस जाने के लिए सहमत हुए। WWE कच्चे पत्रिका के साथ एक इंटरव्यू में, उन्होंने गहरा अफसोस की घोषणा की हालांकि उन्होंने अपने एकल के बारे में गहरा एतराज WrestleMania केवल 7 मिनट तक चलने वाले पर हॉल के साथ मैच और महसूस किया कि वह अभी भी आयोजित स्वीकार किया कि उनकी विदाई और जिसमें वह होता रास्ता छोड़ दिया और अपने कथित शिकायत का दावा है वह स्कॉट कंपनी, rejoining हॉल के साथ कोई समस्या थी, दूसरे WWE पहलवानों के खिलाफ आयोजित के बारे में गलत अटकलें से अधिक गहरा अफसोस को नेतृत्व की स्थिति पर निर्माण के मैच के लिए नहीं किया उम्मीदों ऊपर रहते हैं उसके या हॉल के प्रशंसकों के लिए और अटकलें वह केविन कंपनी, वह और नैश हमेशा अच्छे दोस्त रहे हैं आग्रह re-joining नैश के साथ असहमत सुझाव से नाराज था। वह कबूल कर लिया वह कंपनी में पौलुस Levesque के (ट्रिपल एच) की भूमिका के साथ एक बड़ी दरार 2002 में उनकी वापसी पर था, लेकिन वे उनके मुद्दों का समाधान के रूप में 2003 आग्रह किया। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि Dwayne जॉनसन (चट्टान) के साथ एक संक्षिप्त विवाद प्रतिभा रोस्टर जारी या उनकी विदाई में प्रमुख भूमिका निभाई के साथ जल्दी से उनकी वापसी और उस उनके विवादों का कोई नहीं पर हल कर रहा था। फरवरी में, ऑस्टिन बाहर कोई मार्ग पर एरिक Bischoff के खिलाफ एक लघु मैच में लौटे। ऑस्टिन तब के बीच केवल एक ही मैच कुश्ती हो जाएगा और एक और संक्षेप में WrestleMania ''कच्चे'' पर Bischoff के खिलाफ मैच लेकिन तब कौन जो, अंततः, ऑस्टिन के पिछले आधिकारिक मैच WWE में बने एक आत्मसंतुष्ट, "बेचने के बाहर" खलनायक, के रूप में एक ही समय के बारे में लौट आया WrestleMania XIX, पर रॉक द्वारा परास्त हुए। यह भी इस वृत्तचित्र "उन्माद के Wrestlemania" (Wrestlemania 19 घटना के आसपास आधारित) में बाद में पता कि पत्र O.M.R में प्रतीकात्मक जिसका अर्थ है 'एक और अधिक दौर' रॉक के खिलाफ अपने मैच के लिए अपने जैकेट पर डाल रहे थे चला था ''कच्चे'', पर रात के बाद Bischoff (kayfabe) "चिकित्सा आधार पर ऑस्टिन"चलाई। हालांकि उन्होंने कहा वह और विन्स मैकमोहन उसे केवल... एक साप्ताहिक आधार पर गैर कुश्ती भूमिकाओं में दिखाई देते हैं देखकर एक समझौते पर पहुँच गया था कि अगली सुबह, ऑस्टिन एक साक्षात्कार WWE.com पर अपने कुश्ती, से सेवानिवृत्ति की घोषणा दिया। उसे उस सप्ताह पर रॉ गोली Bischoff के संदर्भ में, उन्होंने कहा कि यद्यपि गोलीबारी कहानी प्रयोजनों के लिए गया था, वह चिकित्सा समस्याओं पर ''कच्चे'' पढ़ें असली और वापस अपने ओवेन हार्ट के साथ एक मैच में SummerSlam 1997 में निरंतर चोट करने के लिए मुख्य रूप से संबंधित थे और गंभीरता से उसे देर से 2001 के बाद से प्लेग के लिए शुरू हो गया था कि भर्ती किया। वह अपने डॉक्टर की सलाह के खिलाफ कुश्ती कबूल 2002 में, जो उसे कुश्ती पद छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया है और यह एकमात्र कारण है क्यों वह अचानक, सलाह देने के लिए एक अजीब या हिंसक कदम उस पर प्रदर्शन किया जा रहा है स्थायी रूप से अक्षम है या जिसके फलस्वरूप मृत्यु ऑस्टिन में हुई है सका डॉक्टरों के साथ दिवंगत के लिए के रूप में के रूप में हवाला दिया अप करने के लिए उनकी विदाई। अगले हफ्ते, ऑस्टिन WWE के साथ अपने गैर कुश्ती कैरियर शुरू किया और एक ताजा कहानी तब शुरू हुई जब वह वापस लिंडा मैकमोहन रॉ के Co-General प्रबंधक के रूप में द्वारा लाया गया था। वह वर्ष के शेष के लिए इस कहानी जारी रखा, अभी भी कुश्ती दिखाने स्टोन ठंडा Stunner और घूंसे और kicks, के कई बाजारों सहित यद्यपि नियमितता इन किया जा रहा है की सीमित घूमती है। ''रॉ''के 17 नवम्बर 2003 प्रकरण पर, ऑस्टिन "से कच्चे जहां ऑस्टिन के हाथ उठाया टीम पहलवानों के पहलवानों के Bischoff की टीम को हरा विफल उत्तरजीवी श्रृंखला में एक मैच में एक शर्त का परिणाम के रूप में चलाई थी"। ऑस्टिन जल्दी से जब वह खड़ी और श्री मैकमोहन तेजस्वी [[इराक़|इराक]], में अमेरिकी सैनिकों के सामने रहते टेप सैनिकों के लिए WWE श्रद्धांजलि का हिस्सा था 2003 के अंत से पहले WWE टेलीविजन को लौट गया। वह अंत में वापस ''कच्चे'' पर पर 29 दिसम्बर "एरिक Bischoff करने के लिए एक पत्थर ठंड Stunner देने और Shawn Michaels, जो सिर्फ"Bischoff द्वारा निकाल दिया गया था"rehiring अपनी प्रधान", के रूप में आया था। ऑस्टिन पर प्रकट हुए और बंद के रूप में 2004 शुरू हुई, उसे विशेष मेहमान रेफरी बिज्जू Lesnar और WrestleMania XX Goldberg के बीच कुख्यात मैच जो प्रशंसकों में के लिए किया जा रहा में समापन ऑस्टिन के लिए खुशी से और दोनों Lesnar और Goldberg कंपनी की घटना के बाद से अपने प्रस्थान की घोषणा दोनों पुरुषों के कारण jeered. फिर, 17 अप्रैल को, WWE बाहर अपनी वेबसाइट का दावा है कि स्टीव ऑस्टिन और WWE देर-तक चलने वाली अनुबंध विवाद निपटान करने में असमर्थ रहे थे और फिर तरीके जुदा था पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी रखा। ==== अंशकालिक छपने और Famer के हॉल (2005–present) ==== स्टोन ठंड स्टीव ऑस्टिन WWE पर अपनी पहली उपस्थिति बना दिया जहां वह था जब तक Carlito दोनों का अपमान करने के लिए बाधित '' मुरलीवाला गड्ढे '' में "उपद्रवी" Roddy मुरलीवाला द्वारा सामना किया WrestleMania 21 पर एक वर्ष में प्रोग्रामिंग। यह Carlito ऑस्टिन और उसे बाहर की अंगूठी फेंकने मुरलीवाला से एक पत्थर ठंड Stunner प्राप्त करने के परिणामस्वरूप। खंड स्टोन ठंड और जब तक वह एक पत्थर ठंड Stunner रूचि मुरलीवाला दिया बियर के साथ जश्न मना मुरलीवाला के साथ समाप्त हो गया। वह तो रॉ के कुछ बाद प्रकरणों पर दिखाई दिया। ECW एक रात खड़े हो जाओ में ऑस्टिन अंगूठी दिखाने के मुख्य घटना का पालन करने के लिए आया था। एक लास वेगास डाकू XFL जर्सी पहने हुए, पत्थर ठंड Sandman एक बियर जो वे के लिए कहा था देने के लिए की अंगूठी के लिए आया है। तथापि, ऑस्टिन पूरे लॉकर रूम की अंगूठी के लिए एक बीयर मार के लिए आमंत्रित किया। बहरहाल, पार्टी की योजना बनाई से पहले वह WWE क्रूसेडरों अंगूठी एक लड़ाई के लिए आने के लिए की मांग की। Tazz जो विवाद शुरू की अंगूठी के लिए आया था। बाद Taz कर्ट कोण करने के लिए Tazzmission लागू विवाद खत्म हो गया। ECW रिंग के बाहर क्रूसेडरों के सभी फेंकने के बाद अंगूठी में अकेले खड़े हो गए। मिक Foley (के रूप में कैक्टस जैक) तब एरिक Bischoff की अंगूठी के लिए खींच लिया। Dudley Boyz उसे दिया था उसे देने के एक Headbutt डाइविंग क्रिस Benoit द्वारा पीछा किया एक मौत Dudley ड्रॉप, Rey Mysterio कि एक 619के साथ पीछा किया। स्टोन ठंडा फिर Bischoff उसकी भावनाओं के बारे में रात को जब पूछा, वह "F**K जो ऑस्टिन Bischoff एक stunner देने के लिए संकेत किया ECW के साथ", जवाब दिया। Dudley Boyz Bischoff बाहर ले गया और उस पर एक ट्रक कचरा भरा हुआ, के रूप में इस शो हवा बंद गए शेष ECW मूल एक "बियर मार" में भाग लिया के रूप में। वह निम्नलिखित रात पर कच्चा था। फिर, '' WWE घर वापसी''पर, पत्थर ठंड पुन: करने के लिए ''कच्चे'', मैकमोहन ने परिवार के सभी चार सदस्यों को Stunners दे रहे थे लौटे।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/raw/051003.html|title=Raw results - अक्टूबर 3, 2005|accessdate=2007-05-25|publisher=Online World of Wrestling|archive-url=https://www.webcitation.org/6PmQz3ZR0?url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/raw/051003.html|archive-date=23 मई 2014|url-status=dead}}</ref> में जो पत्थर ठंड सहमत Bischoff के प्रतिस्थापन, जोनाथन गाड़ीवान, वर्जित मंगलवार, शर्त है अगर ऑस्टिन जीतने के लिए की घोषणा की अपनी नौकरी फिर से रॉस और ऑस्टिन अगर वह मैच खो दिया अपनी नौकरी खोने के साथ पर का सामना करने के लिए एक मैच के लिए निकाल दिया जा रहा है जिम रॉस सहित कोण का नेतृत्व किया। ऑस्टिन मैच करने से पहले उसकी पीठ चोट लगी और जब तक कि वह भारी औषधीय था, तो मैच रद्द कर दिया गया था कुश्ती सकता नहीं। दूर वर्जित मंगलवार में प्रदर्शित होने के लिए अपनी विफलता की व्याख्या करने के लिए, विन्स मैकमोहन ''कच्चे'' पर पत्थर ठंड में एक दुर्घटना, इस प्रकार उसे रोकने से प्रतिस्पर्धा शामिल किया गया था कि कहा। Batista ऑस्टिन Vader और Goldustके साथ कोच को हराने के लिए प्रतिस्थापित किया। शर्त नहीं प्रतिस्पर्धा ऑस्टिन के कारण गिरा दिया गया था।<ref>{{cite web|url=http://www.pwwew.net/ppv/wwf/november/taboo2005.htm|title=Taboo Tuesday 2005 Results|accessdate=2007-09-17|publisher=PWWEW.net|archive-url=https://web.archive.org/web/20120518005525/http://www.pwwew.net/ppv/wwf/november/taboo2005.htm|archive-date=18 मई 2012|url-status=dead}}</ref> ऑस्टिन WWE के लिए '' शनिवार की रात की मुख्य घटना''के 5 मार्च 2006 प्रकरण में एक बियर पीने प्रतियोगिता में जॉन "ब्रेडशॉ" Layfield चेहरे को संक्षेप में लौट आए। ऑस्टिन के रूप में उसने देखा उसके कपड़े नीचे बियर डालने का कार्य द्वारा JBL धोखा दे द्वारा अयोग्यता जीता। JBL कुछ बियर ऑस्टिन के चेहरे में फेंक दिया और दूर चलाने की कोशिश की, लेकिन क्रिस Benoit जल्दी वापस अंगूठी में JBL फेंक दिया। ऑस्टिन JBL को एक stunner दिया था और फिर स्टोन ठंडा बियर सलामी के साथ मनाया जाता है। ऑस्टिन तब Bret हार्ट WWE हॉल ऑफ फेम में शामिल 1 अप्रैल 2006 पर किया।<ref>{{cite web|url=http://slam.canoe.ca/Slam/Wrestling/Bios/austin.html|title="Stone Cold" Steve Austin|accessdate=2008-10-25|publisher=slam.canoe.ca|archive-url=https://web.archive.org/web/20120308115622/http://slam.canoe.ca/Slam/Wrestling/Bios/austin.html|archive-date=8 मार्च 2012|url-status=live}}</ref> ऑस्टिन WWE प्रोग्रामिंग करने के लिए लौट आया (''कच्चा''पर, '' ECW'', प्रदर्शित होने और ''SmackDown!'') मार्च 2007, आंशिक रूप से WWE फिल्में उत्पादन, '' की निंदा की थी''की रिहाई में उनकी भूमिका को बढ़ावा देने में। 31 मार्च 2007 ऑस्टिन अपने दोस्त जिम रॉस WWE हॉल ऑफ फेम में शामिल किया। WrestleMania 23से कम, ऑस्टिन, बॉबी Lashley और Umagaके बीच मैच एक विशेष अतिथि रेफरीके रूप में, officiated. मैच के लिए शर्त था कि यदि Lashley खो दिया, डोनाल्ड ट्रम्प सिर मुंडा होना होगा और अगर Umaga खो दिया, श्री मैकमोहन सिर एक ही किस्मत भुगतना होगा। इस घटना के दौरान, ऑस्टिन stunners Umaga, विन्स मैकमोहन, शेन मैकमोहन और डोनाल्ड ट्रम्पको जन्म दिया। Lashley अंततः मैच जीता और तब जी टीवी पर Mr.McMahon के सिर मुंडा ट्रम्प, ऑस्टिन और Lashley. स्टोन ठंड मैकमोहन के रूप में अच्छी तरह से डोनाल्ड ट्रम्प तेजस्वी और बियर टोअस्टिंग द्वारा समाप्त हो गया।<ref>{{cite web|url=http://www.pwwew.net/ppv/wwf/march/xxiii.htm|title=WrestleMania 23 Results|accessdate=2007-09-17|publisher=PWWEW.net|archive-url=https://web.archive.org/web/20120309092039/http://pwwew.net/ppv/wwf/march/xxiii.htm|archive-date=9 मार्च 2012|url-status=dead}}</ref> वह फिर ''रॉ'' के जून 11 प्रकरण पर एक वीडियो में "श्री मैकमोहन ने सराहना की रात", के भाग के रूप में जहां वह मैकमोहन के साथ उसका पर उनके विचार feuds पिछले साझा दर्शन।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/raw/070611.html|title=Raw results - जून 11, 2007|accessdate=2007-10-22|publisher=Online World of Wrestling|archive-url=https://web.archive.org/web/20071215123400/http://www.onlineworldofwrestling.com/results/raw/070611.html|archive-date=15 दिसंबर 2007|url-status=live}}</ref> [[चित्र:Austin at Cyber Sunday 2008 crop.jpg|thumb|right|Austin would often referee matches after retiring from wrestling]] ऑस्टिन ''शनिवार की रात की मुख्य घटना'', के 18 अगस्त 2007 प्रकरण पर एक संभव नाजायज बच्चे श्री मैकमोहन और दंग रह गए मैकमोहन और योनातन गाड़ीवान के रूप में दिखाई दिया। ऑस्टिन जहां उन्होंने मैट हार्डी के लिए प्रतिस्थापन लड़ाई Montel Vontavious पोर्टर एक बियर पीने प्रतियोगिता में करने के लिए गया था SummerSlam में दिखाई दिया। ऑस्टिन एक बियर MVP को सौंप दिया और उसे पत्थर ठंड Stunner दिया बाद मैच एक कोई प्रतियोगिता में समाप्त हो गया।<ref>{{cite web|url=http://www.pwwew.net/ppv/wwf/august/2007.htm|title=SummerSlam 2007 Results|accessdate=2007-10-22|publisher=PWWEW.net|archive-url=https://web.archive.org/web/20160413110500/http://www.pwwew.net/ppv/wwf/august/2007.htm|archive-date=13 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref> ऑस्टिन जहां उन्होंने अतिथि चैंपियन Batista और चैलेंजर तक कि ज़िम्मेदार के बीच एक विश्व हैवीवेट चैम्पियनशिप मैच refereed साइबर रविवार, पर एक और उपस्थिति बना दिया। ''रॉ''के 5 नवम्बर 2007 प्रकरण The Undertaker.On करने के लिए एक Batista बम पहुंचाने के बाद बाहर चैंपियन Batista चला गया, ऑस्टिन '' निंदा की''आलोचना के लिए santino जाहिर Marella का सामना करने के लिए एक प्रकट किया।<ref name="beer bath">{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/raw/archive/11052007/articles/stonecoldsantino|title=‘Stone Cold’ drops a box-office bomb on Santino|date=2007-11-05|author=Corey Clayton|accessdate=2007-12-31|publisher=WWE|archive-url=https://web.archive.org/web/20110629075416/http://www.wwe.com/shows/raw/archive/11052007/articles/stonecoldsantino|archive-date=29 जून 2011|url-status=live}}</ref> तर्क के रूप में केवल एक Budweiser बियर ट्रक नीचे Marella और बियर के साथ अपने सेवक मारिया नली के साथ वापस जाने के लिए जो तब मंच के पीछे चला गया ऑस्टिन, से प्राप्त की एक पत्थर ठंड Stunner Marella समाप्त हो गया।<ref name="beer bath"/> पर 10 दिसम्बर 2007 के दौरान '' कच्चे 15 वीं वर्षगांठ शानदार'', ऑस्टिन विन्स मैकमोहन mandible पंजा मानव जाति और ज़िम्मेदार से एक chokeslam से खुद को "सबसे बड़ा कच्चे सुपरस्टार सभी समय के." के लिए की घोषणा प्राप्त होने के बाद वापस आ गया शीघ्र ही बाद, ऑस्टिन कच्चे की 15 वीं सालगिरह का जश्न मनाने की अंगूठी के लिए उपस्थिति में सभी WWE सितारों बाहर बुलाया और एक पत्थर ठंड Stunner मैकमोहन प्राप्त हुआ। इस शो ऑस्टिन, ट्रिपल एच और Hornswoggle के रूप में बंद कर दिया बियर मैकमोहन, जो रिंग के बाहर गिरा दिया गया था पर डाल दिया। 26 अक्टूबर 2008, साइबर रविवार, पर ऑस्टिन विशेष अतिथि रेफरी ने विश्व हैवीवेट चैम्पियनशिपके लिए Batista और क्रिस यरीहो के बीच एक मैच के दौरान था। बीच में मैच स्टोन ठंडा एक भागने यरीहो कि Batista खिताब जीतने होगा, अगर वह की गिनती या अयोग्य करार दिया गया था, कहा। मैच के दौरान, Batista अकस्मात ऑस्टिन नीचे गिरा दिया। जब ऑस्टिन बरामद, रेंडी Orton, जो तीसरे रेफरी के रूप में आया था, ऑस्टिन नीचे वापस, जब ऑस्टिन बरामद किया केवल एक पत्थर ठंड Stunner प्राप्त करने के लिए खटखटाया। अंततः Batista मैच जीता उनके हस्ताक्षर क्रिस यरीहो पर Batista बम मार, अग्रणी ऑस्टिन तीन गिनने देने के लिए, नया विश्व हैवीवेट चैंपियन Batista बनाने द्वारा।<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/cybersunday/matches/7880726/results/|title=Stunnin' New Champion|accessdate=2008-10-26|publisher=WWE|archive-url=https://www.webcitation.org/69rv6SUov?url=http://www.wwe.com/f/404-not-found.html|archive-date=12 अगस्त 2012|url-status=live}}</ref> जनवरी 12, 2009, ''कच्चे'', के प्रकरण ऑस्टिन 2009 WWE हॉल ऑफ फ़ेम वर्ग की पहली सदस्य होना करने के लिए की घोषणा की थी।<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/superstars/halloffame/articles/9109986|title=One and only "Hall-Raiser"|accessdate=2009-02-15|publisher=WWE|archive-url=https://web.archive.org/web/20110629075440/http://www.wwe.com/superstars/halloffame/articles/9109986|archive-date=29 जून 2011|url-status=live}}</ref> शामिल वह अपने लंबे समय से परदे पर किया गया विन्स मैकमोहन, जो ऑस्टिन "सबसे बड़ी WWE सुपरस्टार सभी समय के." के रूप में संदर्भित प्रतिद्वंद्वी अधिष्ठापन के दौरान, जो करने के लिए ऑस्टिन ने कहा कि वह आधिकारिक तौर पर अपने कुश्ती कैरियर पर दरवाजा बंद हो रहा था और उसके जीवन में एक नया अध्याय शुरू करने मंत्र, ""''एक से अधिक मेल खाते''थे। WrestleMania XXVपर, ऑस्टिन WWE 2009 के हॉल ऑफ फ़ेम वर्ग के साथ पेश किया गया था। परिचय के बाद, ऑस्टिन के विषय संगीत मारा और वह ringside क्षेत्र एक विंटेज पहने हुए फिर से प्रवेश किया "ऑस्टिन 3: एक ATV ड्राइविंग 16" शर्ट। वह फिर उनके ट्रेडमार्क बीयर पार्टी की योजना बनाई प्रशंसकों के साथ और लंबे समय दोस्त जिम रॉस के साथ मज़ा आया। ऑस्टिन रॉ के 15 मार्च 2010 प्रकरण पर अपनी अतिथि मेजबानके रूप में कंपनी को लौट आए। ''रॉ'' के उस प्रकरण पर वह एक अनुबंध WrestleMania XXVIमें अपने मैच के लिए हस्ताक्षर करने के बीच विन्स मैकमोहन और Bret हार्ट संचालित। एक ही प्रकरण में ऑस्टिन मंच के पीछे अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी Shawn Michaelsके साथ मिले, जो कि क्या उनका मानना था कि Michaels ज़िम्मेदार अपराजित WrestleMania लकीर उनकी आगामी मैच में समाप्त कर सकते से ऑस्टिन पूछा। ऑस्टिन ने कहा "नरक हाँ, मुझे लगता है तुम तक कि ज़िम्मेदार को हरा सकते हैं, लेकिन मैं आपको नहीं लगता कि करने के लिए, लकीर जाओ 18-0 करने के लिए जा रहा हैजा रहे हैं"। Michaels 18-0 करने के लिए ज़िम्मेदार लकीर का विस्तार और Michaels रिटायर करने के लिए मजबूर कर मैच खो दिया है। "कच्चे"; के करने के लिए नफ़रत प्रकरण पर जो 30 अगस्त 2010 पर जगह ले लिया; परिचय और पत्थर ठंड स्टीव ऑस्टिन के लिए थीम दिखा रहे थे। तथापि, यह केवल जो WWE का एक परेशान इतिहास क्या सीधी बढ़त समाज विश्वास के बारे में एक मुद्दा था साबित करने के लिए कोशिश कर रहा था साथी पहलवान मुख्यमंत्री पंक द्वारा एक चाल थी। स्टीव ऑस्टिन वास्तव में इस रात पर एक उपस्थिति नहीं बना था। [[चित्र:Austin en WM en un jeep!!.jpg|thumb|Austin in WrestleMania XXVII, performing his entrance with his signature ATV.]] जल्दी 2011 में, ऑस्टिन सिर ट्रेनर और '' WWE कठिन पर्याप्त''के पुनरुद्धार के लिए मेजबान के रूप में घोषणा की गई थी। ''रॉ''के मार्च 7 प्रकरण पर, ऑस्टिन हस्ताक्षर WrestleMania XXVII जॉन "ब्रेडशॉ" Layfieldहोना करने के लिए मूल रूप से अनुसूचित, में माइकल कोल और जैरी Lawler मैच के लिए विशेष अतिथि रेफरी के अनुबंध बाधित। Layfield आश्चर्यजनक, के बाद ऑस्टिन बजाय अनुबंध पर हस्ताक्षर किए और सरकारी मेहमान रेफरी अनुसूचित मैच के लिए बन गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.wwe.com/shows/raw/results/17166844/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=8 फ़रवरी 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110311081230/http://www.wwe.com/shows/raw/results/17166844/ |archive-date=11 मार्च 2011 |url-status=live }}</ref> हालांकि Lawler द्वारा प्रस्तुत जीत लिया, अनाम कच्चे महाप्रबंधक का फैसला उलट दिया और Lawler, ऑस्टिन "उनकी शक्ति overstepped था कि" दावा करने अयोग्य करार दिया। वह कच्चे पर कलाकारों के साथ निम्नलिखित रात मुश्किल से पर्याप्त है, भी Miz और एलेक्स रिले के साथ एक विवाद में हो रही है जबकि दर्शन 7 अप्रैल 2011 पर ऑस्टिन एक साक्षात्कार जहां उन्होंने उनकी वापसी के बारे में बात कठिन पर्याप्त और सम्मान है वह मुख्यमंत्री पंकके लिए फिल्म बना दिया। ऑस्टिन अंगूठी की वापसी के बारे में पूछा था और लगा कि वह कि अगर वह थी, वह दो साल उसे में था और अभी भी एक पूर्णकालिक शेड्यूल कर सकता कहा था। हालांकि, वह तो कहा कि वह कहाँ वह जीवन में पर थी और शिकार और मछली 10-20 साल से करने में सक्षम होने के लिए और ऐसा करने में सक्षम होना चाहते थे के साथ खुश था दर्द नि: शुल्क। जून 6th पर रॉ, ऑस्टिन के प्रकरण पुराने प्रतिद्वंद्वी विन्स एंडी Leavine काफी सख्त के विजेता के रूप में घोषित करने के लिए मैकमोहन के साथ जीना दिखाई दिया। वह भी शाम के टैग टीम मुख्य घटना, जॉन Cena और एलेक्स राइले The Miz और आर-सच्चाईबनाम में विशेष अतिथि रेफरी के रूप में कार्य किया। मैच के अंत कुख्यात स्टोन ठंड Stunner Miz, जो द्वारा एक मनोवृत्ति समायोजन Cena और फिर pinfall की जीत से पीछा किया गया था पर निशाना साधते ऑस्टिन का एक परिणाम के रूप में आया था। तथापि, अनाम कच्चे महाप्रबंधक chimed और जीएम ringside मुखपत्र माइकल कोल ने घोषणा की कि Miz और आर-सत्य अयोग्यता के जरिए जीत ऑस्टिन अपने प्राधिकरण रेफरी के रूप में साथ दुर्व्यवहार किया था के बाद से। ऑस्टिन जीएम भी जो Cenaके सौजन्य से एक और मनोवृत्ति समायोजन के साथ पीछा किया गया था एक Stunner, प्राप्त की उनके निर्णय और कोल overturning करने के लिए कृपया नहीं ले गए थे। ऑस्टिन और Cena दिखाने के लिए, एक बीयर पार्टी की योजना बनाई से मना रहा बंद कर दिया। ऑस्टिन विशेष अतिथि जीएम 3 घंटे ऑल स्टार संस्करण पर रहते Nassau दिग्गजों मेमोरियल कोलिज़ीयम (या बस Nassau कोलिज़ीयम से) लांग आईलैंड, [[न्यूयॉर्क]], में जहां सभी सुपरस्टार और दिवस प्रदर्शन किया है निकलती सोमवार रात कच्चे, की थी। भी अपने विशेष अतिथि जीएम समय में, वह जीएम लैपटॉप यह खत्म के साथ अपनी ATV चलाकर नष्ट। यह दूसरी बार के किनारे यह सितम्बर 27, 2010 पर नष्ट कर के बाद से जीएम लैपटॉप को नष्ट कर दिया गया है। वह भी कि रॉ (जून 20, 2011, रॉ कैपिटल सजाके बाद भी); के अगले हफ्ते की घोषणा की जीना [[बाल्टीमोर]], [[मैरीलैंड|मेरीलैंड]]में 1 मेरिनर Arena से निकलती; एक और 3 घंटे शो जहां विरोधी या शर्त एक मैच का चयन करने के लिए प्राधिकरण WWE ब्रह्मांड लेता है हो जाएगा। वह तो ने घोषणा की कि इस शो "लोगों को बिजली के नाम पर है". == टीवी और फिल्म कैरियर == स्टीव ऑस्टिन अतिथि भूमिकाओं '' सेलिब्रिटी Deathmatch '' पर फिल्माया और जहां वह जासूस जेक Cage.He खेला '' नैश पुलों'', '' 1998 Billboard संगीत पुरस्कार''में दिखाई दिया। वह वीआईपी,''Dilbert'',''किशोर च्वाइस पुरस्कार'',''CMT संगीत पुरस्कार''की तरह से पता चलता है पर प्रकट हुई है। उनकी मोशन पिक्चर पहली '' सबसे लंबे समय तक यार्ड''2005 रीमेक में गार्ड dunham पर के रूप में एक सहायक की भूमिका में था। ऑस्टिन अपनी पहली फिल्म भूमिका, जैक कॉनराड, एक खतरनाक अपराधी एक Salvadoran जेल में निष्पादन का इंतजार कर जो हिस्सा 2007 थ्रिलर '' की निंदा की थी''में जनता के लिए प्रसारित किया जा रहा है एक अवैध deathmatch खेल में ले जाता है के रूप में किया था। 2010 में, ऑस्टिन दान Paine, अंगरक्षक और फिल्म के प्राथमिक विरोधी के लिए सही हाथ आदमी के रूप में फिल्म '' Expendables '' में दिखाई दिया। इस भूमिका ऑस्टिन ऐसे सिलवेस्टर Stallone, जेसन Statham, जेट ली, टेरी कैमरोंऔर रैंडी वस्त्रके रूप में अन्य कार्रवाई सितारों के साथ काम कर रहा विशेष रूप से प्रदर्शित। वह Appeared ह्यूगो बख़्तरबंद टी वी श्रृंखला '' चक''पर के रूप में। वह Dtv '' क्षति'', '' मारने के लिए शिकार'', '' अजनबी'', '' सामरिक सेना '' और '' नॉकआउट''जैसी फिल्मों में तारांकित पेश किया है। अपनी आने वाली फिल्मों हटना के साथ डैनी Trejo, Dolph Lundgren के साथ संकुल और अधिकतम सजा स्टीवन Seagal के साथ शामिल करें. === Filmography === ==== फिल्म ==== {|class="wikitable" border="2" cellpadding="4" background: #f9f9f9; |- align="center" ! style="background:#B0C4DE;" | Year ! style="background:#B0C4DE;" | Film ! style="background:#B0C4DE;" | Role ! style="background:#B0C4DE;" | Notes |- | 1999 || ''[[Beyond the Mat]]'' || Himself || Documentary |- | 2005 || ''[[The Longest Yard (2005 film)|The Longest Yard]]'' || Guard Dunham || |- | 2007 || ''[[The Condemned]]'' || Jack Conrad || Produced by WWE Films |- | 2009 || ''[[Damage (2009 film)|Damage]]'' || John Brickner ||rowspan=2|Direct-to-video |- | rowspan="3"| 2010 || ''[[The Stranger (2010 film)|The Stranger]] || The Stranger |- | ''[[The Expendables (2010 film)|The Expendables]]'' || Dan Paine || |- | ''[[Hunt to Kill]]'' || Jim Rhodes ||rowspan=5|Direct-to-video |- | rowspan="3"| 2011 || ''[[Knockout (2011 film)|Knockout]]'' || Dan |- | ''[[Tactical Force]]'' || Tate |- | ''Recoil'' || Ryan Varrett |- | rowspan="2"|2012 ||''Maximum Conviction'' || |- | ''[[The Package (2012 film)|The Package]]'' || Johnny Gallagher |- |} ==== टेलीविजन ==== {|class="wikitable" border="2" cellpadding="4" background: #f9f9f9; |- align="center" ! style="background:#B0C4DE;" | Year ! style="background:#B0C4DE;" | Film ! style="background:#B0C4DE;" | Role ! style="background:#B0C4DE;" | Notes |- | 1998–2002 || ''[[Celebrity Deathmatch]]'' || Himself || 4 seasons |- | 1999 || ''[[Teen Choice Awards]]'' || Himself || |- | 1999–2000 || ''[[Nash Bridges]]'' || Detective Jake Cage || Six episodes |- | 2000 || ''[[Dilbert (TV series)|Dilbert]]'' || Judge ||rowspan=2|One episode |- | 2005 || ''[[The Bernie Mac Show]]'' || Himself |- | 2010 || ''[[Chuck (TV series)|Chuck]]'' || [[The Ring (Chuck)#Hugo Panzer|Hugo Panzer]] || [[Chuck Versus First Class|Two episodes]] |- | 2011 || ''[[WWE Tough Enough|Tough Enough]] || Himself - Host || |} == व्यक्तिगत जीवन == ऑस्टिन कॅथ्रीन Burrhus हाई स्कूल और कॉलेज के दौरान दिनांकित और 24 नवम्बर 1990 को दो शादी कर ली। इसके बावजूद, ऑस्टिन जैनी क्लार्क ("लेडी खिलना"), के साथ एक रिश्ता जिसे वह के साथ काम कर रहा था चलाया जा। उसकी शादी Burrhus को जल्दी से 7 अगस्त 1992 को कर दिया गया था<ref name=truth79>[[#AustinRoss2003|Steve Austin.''The Stone Cold Truth'']] (p.79)</ref> और ऑस्टिन और क्लार्क 18 दिसम्बर 1992 को शादी कर ली। साथ में, वे दो बेटियों, Stephanie (1992 में पैदा हुए) और कासिडी (1996 में पैदा हुए) है।<ref name=sct97>[[#AustinRoss2003|Steve Austin. ''The Stone Cold Truth'']] (p. 95-97)</ref> वह भी है जेड, पूर्व पति क्रिस एडम्सके साथ क्लार्क की बेटी को अपनाया।<ref>[[#AustinRoss2003|Steve Austin. ''The Stone Cold Truth'']] (p. 98)</ref> ऑस्टिन और क्लार्क 10 मई 1999 को तलाक दे दिया और Southend-on-Sea, [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] क्लार्क, साथ में उनकी बेटियों रहते जबकि जेड अमेरिका में रहता है उसके पति और बेटे के साथ।<ref name=sct97/><ref>[Stated in ''The Stone Cold Truth'' video]</ref> 13 सितम्बर 2000 को ऑस्टिन WWE दिवा Debra मार्शलशादी कर ली।<ref>{{cite web|url=http://www.thesmokinggun.com/archive/stonecoldcert1.html|author=TheSmokingGun|title=Steve Williams and Debra's Marriage Certificate|accessdate=2007-04-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20080422190330/http://www.thesmokinggun.com/archive/stonecoldcert1.html|archive-date=22 अप्रैल 2008|url-status=dead}}</ref> 15 जून 2002 पर सैन एंटोनियो, टेक्सासमें अपने निवास के लिए पुलिस को बुला रहे थे।<ref name=trip/> वे एक उन्माद मार्शल चोट के निशान के साथ मिल गया।<ref>{{cite web|url=http://www.thesmokinggun.com/archive/stonecold1.html|author=TheSmokingGun|title=Stone Cold surrenders to authorities|accessdate=2007-04-08|date=अगस्त 14, 2002|archive-url=https://web.archive.org/web/20100413090304/http://www.thesmokinggun.com/archive/stonecold1.html|archive-date=13 अप्रैल 2010|url-status=dead}}</ref> ऑस्टिन घर छोड़ दिया था और पुलिस द्वारा वापस नहीं करने के लिए कहा गया था। 14 अगस्त 2002 को ऑस्टिन में गिरफ्तार किया गया था और घरेलू दुरुपयोग के साथ आरोप लगाया। वह कोई प्रतियोगिता नवम्बर 25, 2002 को pled और था एक साल परिवीक्षा, एक $1000 ठीक दिया और सामुदायिक सेवा के अस्सी घंटे के बाहर ले जाने का आदेश दिया।<ref>{{cite web|url=http://www.thesmokinggun.com/archive/stonecoldplea1.html|author=TheSmokingGun|title=Stone Cold Plea|accessdate=2007-04-08|archive-url=https://www.webcitation.org/6H4FxcaRj?url=http://www.thesmokinggun.com/documents/crime/wrestler-steve-austin-taps-out-wife-assault|archive-date=2 जून 2013|url-status=dead}}</ref> मार्शल होगा बाद में दावा ऑस्टिन एक स्टेरॉयड उपयोगकर्ता गया था और इस घटना के [[ऐनबालिक स्टेरॉयड|roid गुस्से]]का परिणाम था।<ref>{{cite news|url=http://www.foxnews.com/story/0,2933,287361,00.html|author=Fox News|title=Exclusive! Debra Marshall, Ex-wife of Stone Cold Steve Austin Tells What Really Goes on in Pro-Wrestling World|accessdate=2007-06-29|date=2007-06-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20121021220214/http://www.foxnews.com/story/0,2933,287361,00.html|archive-date=21 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> ऑस्टिन 22 जुलाई 2002 को मार्शल से तलाक के लिए दायर की और तलाक 5 फ़रवरी 2003 को अंतिम रूप दे दिया गया था।<ref>{{cite web|url=http://www.thesmokinggun.com/archive/stonedivorce1.html|author=TheSmokingGun|title=Stone Cold Divorce Papers|accessdate=2007-04-08|archive-url=https://www.webcitation.org/6H4FyOAGt?url=http://www.thesmokinggun.com/documents/crime/stone-cold-divorce-filing|archive-date=2 जून 2013|url-status=dead}}</ref> ऑस्टिन उसे तीन बार हराया ''फॉक्स समाचार'' मार्शल 29 जून 2007 को कहा था।<ref>{{cite web|url=http://www.foxnews.com/story/0,2933,286924,00.html|title=Pro Wrestling Wife Claims Drug Abuse, Domestic Violence 'Out of Hand in the WWE'|publisher=FOX News|date=2007-06-27|accessdate=2007-08-21|archive-url=https://www.webcitation.org/6H4FzKhy1?url=http://www.foxnews.com/story/0,2933,286924,00.html|archive-date=2 जून 2013|url-status=live}}</ref> वह भी कहा गया है के रूप में यह कंपनी लाखों डॉलर की लागत आएगी वह पता चलता नहीं होता स्टोन ठंड, उसे मारा कि WWE एक मजाक आदेश उस पर डाल तो कि।<ref>{{cite web|url=http://www.foxnews.com/story/0,2933,287361,00.html|title=Debra Marshall, Ex-wife of Stone Cold Steve Austin Tells What Really Goes on in Pro-Wrestling World|publisher=FOX News|date=जून 29, 2007|accessdate=2008-11-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20121021220214/http://www.foxnews.com/story/0,2933,287361,00.html|archive-date=21 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> The WWE के लिए उसे आरोप का जवाब नहीं था। दिसम्बर, 2007 में, इस ''पर्यवेक्षक कुश्ती'' समाचार पत्र "स्टोन ठंड" स्टीव ऑस्टिन कानूनी तौर पर उसके कुश्ती नाम स्टीव ऑस्टिन के लिए उसका असली नाम (स्टीवन विलियम्स) बदल की सूचना दी।<ref>{{cite web|url=http://www.lordsofpain.net/news/2007_/articles/1198539222.php|title=WWE News: Steve Austin Changes His Real Name, Joey Styles Takes Aim At JBL, McCool's Black Eye - दिसम्बर 24, 2007|accessdate=2009-01-15|publisher=Lords of Pain|archive-url=https://web.archive.org/web/20081109084239/http://www.lordsofpain.net/news/2007_/articles/1198539222.php|archive-date=9 नवंबर 2008|url-status=dead}}</ref> [[लॉस एंजेलिस|लॉस एंजिल्स]], कैलिफोर्निया और Tilden, टेक्सास में ऑस्टिन वर्तमान में रहता है। == में कुश्ती == [[चित्र:Stone Cold beer.jpg|thumb|220px|Austin at the 2009 [[WWE Hall of Fame]] Ceremony.]] * '''चाल परिष्करण''' ** '''"स्टोन ठंड" स्टीव ऑस्टिन के रूप में''' *** ''स्टोन ठंड Stunner'' (आमतौर पर एक लात midsection करने से पहलेSeated तीन चौथाई facelock jawbreaker)<ref name=OWOW>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/profiles/s/steve-austin.html|title="Stone Cold" Steve Austin at Online World of Wrestling|access-date=8 फ़रवरी 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120203144819/http://www.onlineworldofwrestling.com/profiles/s/steve-austin.html|archive-date=3 फ़रवरी 2012|url-status=live}}</ref> ** '''"आश्चर्यजनक" स्टीव ऑस्टिन के रूप में''' *** ''अचेत करना बंदूक'' (में एक जल्लाद flapjack गिरा)<ref name=OWOW/> ** '''के रूप में थर्राकर रख दिया''' *** ''मिलियन डॉलर ड्रीम'' (कोबरा क्लच)<ref name=OWOW/> * '''हस्ताक्षर ले जाता है''' ** '''"स्टोन ठंड" स्टीव ऑस्टिन के रूप में''' *** वापस शरीर ड्रॉप<ref name=OWOW/> *** बोस्टन केकड़ा<ref name=OWOW/> *** गुलेल<ref name=OWOW/> *** धोने<ref name=OWOW/> *** शरीर guillotine मेंढक कूद<ref name=OWOW/> *** ''Mudhole Stomp'' (एक कोने से बीच की उँगली इशारा करने के लिए प्रतिद्वंद्वी पीछा किया और एक अंतिम stomp के साथ समाप्त हो गया, में एक बैठे प्रतिद्वंद्वी के सीने कोएकाधिक stomps)<ref name=OWOW/> *** बताया कोहनी ड्रॉप,<ref name=OWOW/> कभी कभी दूसरे या शीर्ष रस्सी से<ref name=OWOW/> *** स्लीपर पकड़ो<ref name=OWOW/> *** Spinebuster<ref name=OWOW/> *** विरोधी की कमर के लिए stomp<ref name=OWOW/> *** एसटीएफ<ref name=OWOW/> *** Suplex *** Superplex *** टेक्सास piledriver जीत<ref name=OWOW/> *** Thesz प्रेस<ref name=OWOW/> द्वारा एकाधिक घूंसे के बाद ** '''"आश्चर्यजनक" स्टीव ऑस्टिन के रूप में''' *** ''हॉलीवुड और बेल'' (खड़े पता लगाने की चार leglock)<ref name=OWOW/> *** घुटने ड्रॉप<ref name=CC28>{{cite episode|title=US Heavyweight Championship; Ricky Steamboat vs. Steve Austin (c)|series=WCW Clash of the Champions XXVIII|credits=World Championship Wrestling|airdate=1994-08-28}}</ref> *** बताया कोहनी ड्रॉप, कभी कभी दूसरे या शीर्ष रस्सी से<ref name=OWOW/> *** स्कूल के विद्यार्थी पिन *** स्लीपर पकड़ो<ref name=CC28/> *** ''यह एक लपेटो है'' (संशोधित आंकड़ा चार leglock) *** अनुलंब suplex<ref name=CC28/> * '''अस्तबल''' ** खतरनाक एलायंस ** हॉलीवुड Blonds ** मिलियन डॉलर निगम ** एलायंस ** पॉवर ट्रिप * '''प्रबंधकों''' ** पॉल ई. खतरनाक<ref name=PE>{{cite web|url=http://www.obsessedwithwrestling.com/profiles/p/paul-heyman.php|title=Paul Heyman's proflle|publisher=Obsessed With Wrestling|accessdate=2009-07-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303193439/http://www.obsessedwithwrestling.com/profiles/p/paul-heyman.php|archive-date=3 मार्च 2016|url-status=dead}}</ref> ** कर्नल रॉबर्ट पार्कर<ref name=Stud/> ** टेड DiBiase<ref name=slam/> ** पॉल वाहक ** Debra * '''प्रचलित नामएस''' ** "'''टेक्सास नाग'''"<ref>[[#AustinRoss2003|Steve Austin. ''The Stone Cold Truth'']] (p.8)</ref><ref name=bol20>{{cite book | title=The WrestleCrap Book of Lists!| url=https://archive.org/details/wrestlecrapbooko0000reyn|last=Reynolds|first=R. D.|year=2007|publisher=ECW Press|isbn=1550227629|pages=[https://archive.org/details/wrestlecrapbooko0000reyn/page/20 20]}}</ref> ** "तीन एक छह" ** "बीओनिक रेड इंडियन"<ref name="bol20"/><ref name=bol19>{{cite book|title=The WrestleCrap Book of Lists!|url=https://archive.org/details/wrestlecrapbooko0000reyn|last=Reynolds|first=R. D.|year=2007|publisher=ECW Press|isbn=1550227629|pages=[https://archive.org/details/wrestlecrapbooko0000reyn/page/19 19]}}</ref> ** " '''सबसे कठिन एक कुतिया का बेटा डबल्यू डबल्यू एफ/ई में'''"<ref name=OWOW/> ** "सुपर स्टार"<ref name=OWOW/> ** "आश्चर्यजनक"<ref name=OWOW/> ** "'''स्टोन ठंड'''" * '''डबल्यू''' <!--Do NOT add made-up theme titles.--> ** '''विश्व चैम्पियनशिप कुश्ती''' *** '''"आश्चर्यजनक" स्टीव ऑस्टिन के रूप में''' **** "रोमन प्यार" (1991 & ndash; 1993) **** "शैतान की बहन" (1993 & ndash; 1995) ** '''चरम चैम्पियनशिप कुश्ती''' *** '''"सुपर स्टार" स्टीव ऑस्टिन के रूप में''' **** "यीशु मसीह के सुपर स्टार" (1995)<ref name=cold123/> ** '''विश्व कुश्ती मनोरंजन''' *** '''के रूप में थर्राकर रख दिया''' **** थर्राकर रख "दिया" जिम जॉनसन द्वारा (1996) *** '''"स्टोन ठंड" स्टीव ऑस्टिन के रूप में''' **** "नरक में जमे हुए पर"जिम जॉनसन द्वारा (27 अक्टूबर 1996 & ndash; 4 अक्टूबर 1998) **** "''' मैं अभ्यस्त नहीं क्या तुम मुझे बताओ'''"जिम जॉनसन द्वारा (11 अक्टूबर 1998 & ndash;27 अप्रैल 2000; 3 दिसम्बर 2001 & ndash; मौजूद) **** "कांच टूटता" परेशान द्वारा (24 सितंबर 2000 & ndash;जुलाई 22, 2001; 2011 & ndash; प्रोमो) **** जिम जॉनसन (2001) द्वारा "नाग" **** "नरक पृथ्वी पर" जिम जॉनसन (2001) द्वारा **** "दिग्भ्रमित" जिम जॉनसन (2001) द्वारा **** "विषैला" जिम जॉनसन द्वारा (6 अगस्त 2001 & ndash;नवम्बर 29, 2001) == चैंपियनशिप और उपलब्धियों == * '''समर्थक कुश्ती सचित्र''' ** इस साल के PWI के विवाद (1998, 1999)<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwifoty.htm|accessdate=2008-07-01|title=Pro Wrestling Illustrated Award Winners Feud of the Year|publisher=Wrestling Information Archive|archive-url=https://web.archive.org/web/20110707054311/http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwifoty.htm|archive-date=7 जुलाई 2011|url-status=dead}}</ref> <small> विन्स मैकमोहन बनाम</small> ** इस साल के PWI मैच (1997)<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwimoty.htm|accessdate=2008-07-01|title=Pro Wrestling Illustrated Award Winners Match of the Year|publisher=Wrestling Information Archive|archive-url=https://web.archive.org/web/20080616063308/http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwimoty.htm|archive-date=16 जून 2008|url-status=dead}}</ref> <small> Bret हार्ट WrestleMania 13 एक जमा मैच में बनाम</small> ** PWI सर्वाधिक घृणित पहलवान वर्ष की (2001)<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwimhoty.htm|accessdate=2008-07-01|title=Pro Wrestling Illustrated Award Winners Most Hated Wrestler of the Year|publisher=Wrestling Information Archive|archive-url=https://web.archive.org/web/20080616062207/http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwimhoty.htm|archive-date=16 जून 2008|url-status=dead}}</ref> ** PWI वर्ष की सबसे लोकप्रिय पहलवान (1998)<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwimpoty.htm|accessdate=2008-07-01|title=Pro Wrestling Illustrated Award Winners Most Popular Wrestler of the Year|publisher=Wrestling Information Archive|archive-url=https://web.archive.org/web/20080415151636/http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwimpoty.htm|archive-date=15 अप्रैल 2008|url-status=dead}}</ref> ** PWI वर्ष के धोखेबाज़ (1990)<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwiroty.htm|accessdate=2008-07-01|title=Pro Wrestling Illustrated Award Winners Rookie of the Year|publisher=Wrestling Information Archive|archive-url=https://web.archive.org/web/20080415150051/http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwiroty.htm|archive-date=15 अप्रैल 2008|url-status=dead}}</ref> ** PWI पहलवान वर्ष की (1998, 1999, 2001)<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwiwoty.htm|accessdate=2008-07-01|title=Pro Wrestling Illustrated Award Winners Wrestler of the Year|publisher=Wrestling Information Archive|archive-url=https://web.archive.org/web/20080416210015/http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwiwoty.htm|archive-date=16 अप्रैल 2008|url-status=dead}}</ref> ** PWI #'''1''' शीर्ष 500 एकल पहलवानों का PWI 500 में 1998 और 1999 में रैंक<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwi50098.htm|accessdate=2008-07-01|title=Pro Wrestling Illustrated Top 500 - 1998|publisher=Wrestling Information Archive|archive-url=https://web.archive.org/web/20081030044610/http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwi50098.htm|archive-date=30 अक्तूबर 2008|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwi50099.htm|accessdate=2008-07-01|title=Pro Wrestling Illustrated Top 500 - 1999|publisher=Wrestling Information Archive|archive-url=https://web.archive.org/web/20080917015050/http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwi50099.htm|archive-date=17 सितंबर 2008|url-status=dead}}</ref> ** PWI 2003 में PWI वर्षों में सर्वोच्च 500 एकल पहलवानों के #'''19''' वें स्थान पर<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwi500yr.htm|accessdate=2008-07-01|title=Pro Wrestling Illustrated Top 500 - 2003|publisher=Wrestling Information Archive|archive-url=https://web.archive.org/web/20080113193433/http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwi500yr.htm|archive-date=13 जनवरी 2008|url-status=dead}}</ref> * '''किशोर च्वाइस पुरस्कार''' ** च्वाइस समर्थक पहलवान (1999) * '''टेक्सास रेसलिंग फेडरेशन''' ** TWF टैग टीम चैम्पियनशिप (1 बार)-कैलिफोर्निया स्टड साथ<ref>{{cite web|url=http://www.solie.org/titlehistories/tttwf.html|accessdate=2008-07-01|last=Duncan|first=Royal|title=TWF Tag Team Championship history|publisher=Solie|archive-url=https://web.archive.org/web/20160330173616/http://www.solie.org/titlehistories/tttwf.html|archive-date=30 मार्च 2016|url-status=live}}</ref> * '''विश्व चैम्पियनशिप कुश्ती''' ** WCW संयुक्त राज्य अमेरिका हैवीवेट चैम्पियनशिप (2 बार)<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/inside/titlehistory/unitedstates/|accessdate=2008-07-01|title=United States Championship history|publisher=WWE|archive-url=https://web.archive.org/web/20120302051255/http://www.wwe.com/inside/titlehistory/unitedstates|archive-date=2 मार्च 2012|url-status=live}}</ref> ** WCW दुनिया टैग टीम चैम्पियनशिप (1 समय)- ब्रायन Pillman के साथ<ref>{{cite web|url=http://www.solie.org/titlehistories/ttwcw.html|accessdate=2008-07-01|last=Duncan|first=Royal|title=WCW World Tag Team Championship history|publisher=Solie|archive-url=https://www.webcitation.org/68ZRthELW?url=http://www.solie.org/titlehistories/ttwcw.html|archive-date=20 जून 2012|url-status=live}}</ref> ** WCW दुनिया टेलीविजन चैम्पियनशिप (2 बार)<ref>{{cite web|url=http://www.solie.org/titlehistories/tvwcw.html|accessdate=2008-07-01|last=Duncan|first=Royal|title=World Television Championship history|publisher=Solie|archive-url=https://web.archive.org/web/20160326201722/http://www.solie.org/titlehistories/tvwcw.html|archive-date=26 मार्च 2016|url-status=live}}</ref> ** NWA दुनिया टैग टीम चैम्पियनशिप (1 समय) - ब्रायन Pillman के साथ<ref>{{cite web|url=http://www.wrestling-titles.com/nwa/world/nwa-t.html|title=NWA World Tag Team Title|access-date=8 फ़रवरी 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20080226101011/http://www.wrestling-titles.com/nwa/world/nwa-t.html|archive-date=26 फ़रवरी 2008|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/nwa/nwatag.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=8 फ़रवरी 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20050219021650/http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/nwa/nwatag.htm |archive-date=19 फ़रवरी 2005 |url-status=dead }}</ref> [[चित्र:Stone Cold Steve Austin hof.jpg|thumb|220px|Austin being inducted into the WWE Hall of Fame]] * '''विश्व कुश्ती महासंघ / विश्व कुश्ती मनोरंजन''' ** मिलियन डॉलर चैम्पियनशिप (1 समय)<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/wwf/mildolbt.htm|accessdate=2008-07-01|title=Million Dollar Championship history|publisher=Wrestling Information Archive|archive-url=https://web.archive.org/web/20110813034832/http://100megsfree4.com/wiawrestling/pages/wwf/mildolbt.htm|archive-date=13 अगस्त 2011|url-status=dead}}</ref><sup>1</sup> ** डबल्यू डबल्यू एफ चैम्पियनशिप (6 बार)<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/inside/titlehistory/wwechampionship/|accessdate=2008-07-01|title=WWE Championship history|publisher=WWE|archive-url=https://www.webcitation.org/65ZvbUKEc?url=http://www.wwe.com/inside/titlehistory/wwechampionship/|archive-date=19 फ़रवरी 2012|url-status=live}}</ref> ** डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंटरकांटिनेंटल चैम्पियनशिप (2 बार)<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/inside/titlehistory/intercontinental/|title=Intercontinental Championship history|accessdate=2007-09-17|publisher=WWE.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20120306105424/http://www.wwe.com/inside/titlehistory/intercontinental|archive-date=6 मार्च 2012|url-status=live}}</ref> ** डबल्यू डबल्यू एफ टैग टीम चैम्पियनशिप (4 बार)- Shawn Michaels (1), दोस्त प्यार (1), तक कि ज़िम्मेदार (1) और ट्रिपल एच के साथ (1)<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/inside/titlehistory/worldtagteam/|title=WWE World Tag Team Championship|accessdate=2007-09-18|publisher=WWE.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20061114122031/http://www.wwe.com/inside/titlehistory/worldtagteam/|archive-date=14 नवंबर 2006|url-status=live}}</ref> ** अंगूठी के राजा (1996)<ref>{{cite web|url=http://www.solie.org/titlehistories/korwwf.html|accessdate=2008-07-01|last=Duncan|first=Royal|title=King of the Ring winners|publisher=Solie|archive-url=https://web.archive.org/web/20160331100618/http://www.solie.org/titlehistories/korwwf.html|archive-date=31 मार्च 2016|url-status=live}}</ref> ** रॉयल रंबल (1997, 1998, 2001)<ref>{{cite web|url=http://www.solie.org/titlehistories/rrwwf.html|accessdate=2008-07-01|last=Duncan|first=Royal|title=Royal Rumble winners|publisher=Solie|archive-url=https://web.archive.org/web/20160320014939/http://www.solie.org/titlehistories/rrwwf.html|archive-date=20 मार्च 2016|url-status=live}}</ref> ** Slammy पुरस्कार भाषण (की स्वतंत्रता के लिए1997) ** पांचवें ट्रिपल क्राउन चैंपियन ** WWE हॉल ऑफ फेम (2009 के वर्ग) * '''पर्यवेक्षक न्यूजलेटर कुश्ती पुरस्कार''' ** 5 सितारा मैच (1992) <small> रिक असभ्य, Arn एंडरसन, बॉबी Eatonऔर लैरी Zbyszko डस्टिन रोड्स, निकिता Koloff, स्टिंग, रिकी स्टीमर और एक WarGames मैच WrestleWar पर में बैरी Windham बनाम साथ</small> ** 5 सितारा मैच (1997) <small> Bret हार्ट WrestleMania 13 पर बनाम</small> ** उत्तम बॉक्स ऑफिस आरेखित करें (1998, 1999) ** उत्तम नौटंकी (1997, 1998) ** उत्तम खीर (1996) ** सबसे अच्छा साक्षात्कार (1996–1998, 2001) ** उत्तम गैर पहलवान (2003) ** इस साल के विवाद (1997) {{small|vs. [[The Hart Foundation]]}} ** वर्ष का विवाद (1998, 1999) {{small|vs. Vince McMahon}} ** इस साल के मैच (1997) {{small|vs. Bret Hart in a Submission match at WrestleMania 13}} ** सबसे करिश्माई (1997, 1998) ** वर्ष के धोखेबाज़ (1990) ** वर्ष के टैग टीम (1993) {{small|with Brian Pillman as the [[Hollywood Blonds#Steve Austin and Brian Pillman|Hollywood Blonds]]}} ** इस साल के पहलवान (1998) ** सबसे खराब साल का मैच काम किया (1991) {{small|with [[Terry Taylor|Terrance Taylor]] vs. [[Bobby Eaton]] and [[Paul Neu|P.N. News]] in a [[Professional wrestling match types#Scaffold match|Scaffold match]] at [[The Great American Bash#1991|The Great American Bash]]}} ** कुश्ती पर्यवेक्षक न्यूजलेटर हॉल ऑफ फेम (2000 का वर्ग) <small>1 {{note|1}} मिलियन डॉलर चैम्पियनशिप एक आधिकारिक चैम्पियनशिप विश्व कुश्ती मनोरंजन द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है।</small> == ग्रंथ सूची =={{anchor|Books}}==== * {{cite book | last = Sammond | first = Nicholas | year=2005 | title=Steel Chair to the Head: The Pleasure and Pain of Professional Wrestling | url = https://archive.org/details/steelchairtohead0000unse | publisher = Duke University Press | ISBN = 0822334380 | ref = Sammond2005 }} * {{cite book | first = Mick | last = Foley | authorlink = Mick Foley | title = Have A Nice Day: A Tale of Blood and Sweat socks | url = https://archive.org/details/mankindhaveniced0000mick | publisher = Harper Collins | year = 2000 |ISBN = 0061031011 | ref = Foley2000 }} * {{cite book | author = PSI Staff | title= Pro Wrestling Illustrated presents: 2007 Wrestling almanac & book of facts | work = "Wrestling’s historical cards" | publisher = Kappa Publishing | year = 2007 }} <!-- ISBN needed? --> * {{cite book | first1 = Steve | last1 = Austin | first2 = Jim | last2 = Ross | authorlink2 = Jim Ross | title = The Stone Cold Truth | url = https://archive.org/details/stonecoldtruth00aust | publisher = Pocket Books | year = 2003 |ISBN = 0743477200 | ref = AustinRoss2003 }} == सन्दर्भ == {{Reflist|2}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Portal|पेशेवर कुश्ती}} {{Commons category|Steve Austin|Stone Cold Steve Austin}} {{Wikiquote}} * {{Official website}} * {{twitter|steveaustinBSR}} * [https://web.archive.org/web/20120303075147/http://www.profightdb.com/wrestlers/steve-austin-205.html इंटरनेट कुश्ती डेटाबेस से स्टीव ऑस्टिन के लिए व्यावसायिक कुश्ती रिकॉर्ड] * [https://web.archive.org/web/20120611035623/http://www.wwe.com/superstars/stonecoldsteveaustin "स्टोन ठंड" स्टीव ऑस्टिन] WWE हॉल ऑफ फ़ेम प्रोफ़ाइल * {{IMDb name|0042524}} <!-- See [[WP:EL]] these links should be merged into article as references --> * [https://web.archive.org/web/20161220191339/http://sidewalkstv.com/webclips/a/steveaustin.html स्टीव ऑस्टिन 2007 साक्षात्कार] '' राह चलते बगल मनोरंजन '' पर * [https://web.archive.org/web/20100729204423/http://www.movieset.com/thestranger पत्थर ठंड स्टीव ऑस्टिन 'अजनबी' में] * [https://web.archive.org/web/20110108032122/http://www.movieset.com/damage पत्थर ठंड स्टीव ऑस्टिन 'नुकसान' में] {{Navboxes| |list1= {{World Wrestling Entertainment employees}} {{WWE Championship}} {{NWA World Tag Team Championship}} {{World Tag Team Championship (WWE)}} {{WWE Intercontinental Championship}} {{WWE United States Championship}} {{WCW World Television Championship}} {{Royal Rumble winners}} {{King of the Ring winners}} {{Grand Slam-Triple Crown Champions}} {{WWE Hall of Fame}} }} {{Persondata <!-- मेटाडाटा: [[विकिपीडिया:व्यक्तिगत आँकड़े]] देखें। --> | NAME = Austin, Steve | ALTERNATIVE NAMES = Williams, Steven; Anderson, Steven James; Ringmaster, The; "Stone Cole" Steve Austin | SHORT DESCRIPTION = professional wrestler and actor | DATE OF BIRTH = दिसम्बर 18, 1964 | PLACE OF BIRTH = Edna, Texas, United States | DATE OF DEATH = | PLACE OF DEATH = }} {{DEFAULTSORT:Austin, Steve}} [[श्रेणी:1964 births]] [[श्रेणी:American film actors]] [[श्रेणी:American hunters]] [[श्रेणी:American professional wrestlers]] [[श्रेणी:Fictional kings]] [[श्रेणी:North Texas Mean Green football players]] [[श्रेणी:People from Austin, Texas]] [[श्रेणी:People from Los Angeles, California]] [[श्रेणी:People from San Antonio, Texas]] [[श्रेणी:People from Victoria, Texas]] [[श्रेणी:Professional wrestling executives]] [[श्रेणी:The Alliance (professional wrestling) members]] [[श्रेणी:WWE Hall of Fame]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] 8rwdehy6gxm96pt4rlimb862mu5ldtj सोनकुत्ता 0 471384 6582898 6264442 2026-07-15T11:19:08Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582898 wikitext text/x-wiki {{Taxobox|name=सोनकुत्ता या ढोल<ref name=msw3>{{MSW3 Wozencraft | }}</ref>|fossil_range=[[:en:Pleistocene|प्लाइस्टोसीन युग]]-वर्तमान|status=EN|trend=down|status_system=iucn3.1|status_ref=<ref name=iucn>{{IUCN2008|assessors=Durbin, L.S., Hedges, S., Duckworth, J.W., Tyson, M., Lyenga, A. & Venkataraman, A. (IUCN SSC Canid Specialist Group - Dhole Working Group)|year=2008|id=5953|title=Cuon alpinus|downloaded=22 मार्च 2009}} Database entry includes justification for why this species is endangered</ref>|image=Cuon.alpinus-cut.jpg|image_width=250px|regnum=[[जंतु]]|phylum=[[रज्जुकी]]|classis=[[स्तनपायी]]|ordo=[[मांसाहारी]]|familia=[[:en:Canidae|कैनिडी]]|subfamilia=[[:en:Caninae|कैनिनी]]|genus='''''सुऑन'''''|genus_authority=[[:en:Brian Houghton Hodgson|हॉजसन]], १८३८|species='''''सी. ऍल्पिनस'''''|binomial=''सुऑन ऍल्पिनस''|binomial_authority=([[:en:Peter Simon Pallas|पलास]], १८११)|range_map=Cuon-alpinus-map.png|range_map_width=250px|range_map_caption='''पाये जाने वाला क्षेत्र'''}} '''सोनकुत्ता''' या '''ढोल''' ('''''Cuon alpinus''''' ) [[मध्य एशिया|मध्य]], [[दक्षिण एशिया|दक्षिण]], [[पूर्वी एशिया|पूर्व]] और [[दक्षिण पूर्व एशिया]] का एक [[कैनिडाए|कैनिड]] मूल निवासी है। प्रजातियों के लिए अन्य अंग्रेजी नामों में '''एशियाई जंगली कुत्ता''', <ref name="f">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> '''भारतीय जंगली कुत्ता''', <ref name="lydekker1907"/> '''सीटी कुत्ता''', '''लाल कुत्ता''', <ref name="cohen1978"/> '''लाल भेड़िया''', <ref>Heptner, V. G.; Naumov, N. P., eds. (1998). </ref> और '''पहाड़ी भेड़िया''' शामिल हैं। <ref name="perry1965">{{Cite book|title=The World of the Tiger|last=Perry, R.|publisher=Cassell|year=1964|location=London}}</ref> यह आनुवंशिक रूप से [[वंश (जीवविज्ञान)|जीनस]] ''[[कैनिस]]'' की प्रजातियों के करीब है, <ref name="lindblad-toh2005">{{Cite journal|last=Lindblad-Toh|first=K.|last2=Wade|first2=C.M.|last3=Mikkelsen|first3=T.S.|last4=Karlsson|first4=E.K.|last5=Jaffe|first5=D.B.|last6=Kamal|first6=M.|last7=Clamp|first7=M.|last8=Chang|first8=J.L.|last9=Kulbokas|first9=E.J.|displayauthors=29|year=2005|title=Genome sequence, comparative analysis, and haplotype structure of the domestic dog|journal=Nature|volume=438|issue=7069|pages=803–819|bibcode=2005Natur.438..803L|doi=10.1038/nature04338|pmid=16341006|doi-access=free}}</ref> {{Rp|at=Fig. 10}}लेकिन कई शारीरिक पहलुओं में विशिष्ट: इसकी [[खोपड़ी]] प्रोफ़ाइल में अवतल (Concave) के बजाय उत्तल (Convex) है, इसमें तीसरे निचले [[दाढ़|दाढ़ का]] अभाव है <ref name="cluttonbrock1976">{{Cite journal|last=Clutton-Brock, J.|last2=Corbet, G. G.|last3=Hills, M.|year=1976|title=A review of the family Canidae, with a classification by numerical methods|url=http://biostor.org/reference/65860|journal=Bulletin of the British Museum of Natural History|volume=29|pages=179–180|archive-url=https://web.archive.org/web/20131217052727/http://biostor.org/reference/65860|archive-date=17 December 2013|access-date=8 December 2014}}</ref> और ऊपरी दाढ़ में दो और चार के स्थान पर केवल एक पुच्छल (Cusp) है। <ref name="heptner1998"/> [[अत्यंतनूतन युग|प्लीस्टोसिन]] के दौरान, ढोल पूरे [[एशिया]], [[यूरोप]] और [[उत्तर अमेरिका|उत्तरी अमेरिका]] में फैला हुआ था, लेकिन इसकी ऐतिहासिक सीमा 12,000-18,000 साल पहले तक सीमित हो गई। <ref name="zhang2011">{{Cite journal|last=Zhang|first=H.|last2=Chen|first2=L.|year=2010|title=The complete mitochondrial genome of dhole ''Cuon alpinus'': Phylogenetic analysis and dating evolutionary divergence within canidae|journal=Molecular Biology Reports|volume=38|issue=3|pages=1651–1660|doi=10.1007/s11033-010-0276-y|pmid=20859694}}</ref> ढोल एक अत्यधिक सामाजिक जानवर है, जो कठोर प्रभुत्व पदानुक्रम के बिना बड़े कुलों या झुंडों में रहता है <ref name="f85">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> और इसमें कई प्रजनन करने वाली मादाएं होती हैं। <ref name="f86">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> ऐसे कुलों में आमतौर पर लगभग 12 सदस्य होते हैं, लेकिन 40 से अधिक सदस्यों के समूह भी ज्ञात हैं। <ref name="cohen1978"/> यह एक दिन के दौरान झुंड में शिकार करने वाला जानवर है जो बड़े और मध्यम आकार के [[खुरदार]] जानवरों को तरजीह देता है। <ref name="Durbin2004"/> उष्णकटिबंधीय जंगलों में, ढोल [[बाघ]] ( ''पैंथेरा टाइग्रिस'' ) और [[तेन्दुआ|तेंदुए]] ( ''पैंथेरा पार्डस'' ) के साथ प्रतिस्पर्धा करता है, हालांकि वहाँ यह अन्य जानवरों का शिकार करता हैं लेकिन फिर भी पर्याप्त आहार ओवरलैप रहता है। <ref name="jstor.org">{{Cite journal|last=Karanth, K. U.|last2=Sunquist, M. E.|year=1995|title=Prey selection by tiger, leopard and dhole in tropical forests|url=https://archive.org/details/sim_journal-of-animal-ecology_1995-07_64_4/page/439|journal=[[Journal of Animal Ecology]]|volume=64|issue=4|pages=439–450|doi=10.2307/5647|jstor=5647}}</ref> इसे [[आईयूसीएन लाल सूची|IUCN रेड लिस्ट]] में [[विलुप्तप्राय जाति|लुप्तप्राय]] के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, क्योंकि आबादी कम हो रही है और अनुमान है कि इसमें 2,500 से कम परिपक्व सदस्य ही शामिल हैं। इस गिरावट में योगदान करने वाले कारकों में निवास स्थान का नुकसान, शिकार का नुकसान, अन्य प्रजातियों के साथ प्रतिस्पर्धा, पशुओं के शिकार के कारण उत्पीड़न और [[कुत्ता|घरेलू कुत्तों]] से रोग हस्तांतरण शामिल हैं। == शब्द उत्पत्ति और नामकरण == "ढोल" की [[व्युत्पत्तिशास्त्र|व्युत्पत्ति]] अस्पष्ट है। अंग्रेजी में शब्द का संभावित प्रारंभिक लिखित उपयोग 1808 में सैनिक थॉमस विलियमसन द्वारा किया गया था, जिसने [[भारत|भारत के]] [[रामगढ़ जिला|रामगढ़ जिले]] में जानवर का सामना किया था। उन्होंने कहा कि ''ढोल'' प्रजातियों के लिए एक सामान्य स्थानीय नाम था। <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=1BlcAAAAcAAJ&pg=PA1|title=Oriental field sports: being a complete, detailed, and accurate description of the wild sports of the East|last=Williamson, T.|publisher=Orme|year=1808|volume=II|location=London}}</ref> 1827 में, [[चार्ल्स हैमिल्टन स्मिथ|चार्ल्स हैमिल्टन स्मिथ ने]] दावा किया कि यह 'पूर्व के विभिन्न भागों' में बोली जाने वाली भाषा से लिया गया था। <ref name="smith1827">{{Cite book|url=https://archive.org/stream/classmammalia21827cuvi#page/326/mode/2up/search/dhole|title=The class Mammalia|last=Smith, C. H.|publisher=Geo. B. Whittaker|year=1827|location=London}}</ref> दो साल बाद, स्मिथ ने इस शब्द को {{भाषा-तुर्कीयाई|[[wikt:deli#Turkish|deli]]}} 'पागल' के साथ जोड़ा और गलत तरीके से पुरानी सैक्सोन भाषा और {{भाषा-डच|[[wikt:dol#Dutch|dol]]}} ( {{भाषा-अंग्रेज़ी|[[wikt:dull#English|dull]]}} ; {{भाषा-जर्मन|[[wikt:toll#German|toll]]}} ) के साथ तुर्की शब्द की तुलना की , <ref name="smith1839">{{Cite book|url=https://archive.org/stream/naturalhistoryof139smit#page/166/mode/2up|title=The natural history of dogs: Canidae or genus canis of authors; including also the genera hyaena and proteles|last=Smith, C. H.|last2=Jardine, W.|publisher=W.H. Lizars|year=1839|volume=I|location=Edinburgh, UK}}</ref> जो वास्तव में प्रोटो-जर्मनिक *''dwalaz'' ''द्वालाज़'' 'मूर्ख,' से आए हैं। <ref>{{Citation|last=Orel|first=V.|title=A Handbook of Germanic Etymology|url=https://archive.org/details/handbookofgerman0000orel/page/81|page=[https://archive.org/details/handbookofgerman0000orel/page/81 81]|year=2003|place=Leiden, DE; Boston, MA|publisher=Brill|isbn=978-90-04-12875-0|author-link=Vladimir Orel}}</ref> रिचर्ड लिडेकर (Richard Lydekker) ने लगभग 80 वर्षों बाद लिखा कि इस शब्द का प्रयोग प्रजातियों की सीमा के भीतर रहने वाले मूल निवासियों द्वारा नहीं किया गया था। <ref name="lydekker1907"/> [[मेरियम-वेब्स्टर|मेरियम-वेबस्टर]] ''डिक्शनरी का'' मानना है कि यह शब्द {{भाषा-कन्नड़|tōḷa}} ('भेड़िया') से आया हो सकता है । <ref>[http://www.merriam-webster.com/dictionary/dhole dhole]. </ref> == वर्गीकरण और विकास == [[चित्र:Cuon_alpinus_Cova_Negra.jpg|अंगूठाकार| स्पेन से मिले यूरोपीय ढोल के कंकाल अवशेष]] [[चित्र:Leopold_v._Schrenck_-_Cuon_alpinus.png|अंगूठाकार| लियोपोल्ड वॉन श्रेनक (Leoopold von Schrenck) द्वारा चित्रण (1859), प्रजातियों के पहले सटीक चित्रणों में से एक, [[अमूर नदी|अमूर]] नदी के पास डीशारे (Dshare) गांव में खरीदी गई एकल त्वचा पर आधारित <ref name="schrenk1859">{{Cite book|title=Reisen und Forschungen im Amur-lande in den jahren 1854–1856|last=Schrenk, L. v.|publisher=Kaiserliche Akademie der Wissenschaften|year=1859|location=St. Petersburg|pages=48–50|language=de|chapter=''Canis alpinus''|author-link=Leopold von Schrenck|chapter-url=https://archive.org/stream/reisenundforschu0112schr#page/48/mode/2up}}</ref>]] ''कैनिस एल्पिनस'' (''Canis alpinus)'' 1811 में पीटर साइमन पल्लास (Pallas) द्वारा प्रस्तावित [[द्विपद नामपद्धति|द्विपद नाम]] था, जिन्होंने अमरलैंड (मंचूरिया) में उदस्कोई ओस्ट्रोग (Udskoi Ostrog) के ऊपरी स्तर का इसके इलाके के रूप में वर्णन किया, पूर्वी ओर और ऊपरी [[लेना नदी|लीना नदी]] के क्षेत्र में, [[येनिसेय नदी|येनिसी]] नदी के आसपास और कभी-कभी यह [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]] की सीमा में भी देखा जाता था। <ref name="Pallas1811">{{Cite book|title=Zoographia Rosso-Asiatica: Sistens omnium animalium in extenso Imperio Rossico, et adjacentibus maribus observatorum recensionem, domicilia, mores et descriptiones, anatomen atque icones plurimorum|last=Pallas|first=P. S.|publisher=In officina Caes. Acadamiae Scientiarum Impress|year=1811|location=Petropoli|pages=34–35|language=la|chapter=''Canis alpinus''|chapter-url=https://archive.org/stream/zoographiarossoa11831pall#page/34/mode/2up}}</ref> <ref name="auto">{{Cite book|title=Mammals of the Soviet Union|publisher=Smithsonian Institution and National Science Foundation|year=1998|editor-last=Heptner, V. G.|volume=II|location=Washington, DC|at=Part 1A: Sirenia and Carnivora (Sea Cows, Wolves, and Bears), pp. 571–586|chapter=Red Wolf ''Cuon alpinus'' Pallas, 1811|editor-last2=Naumov, N. P.|chapter-url=https://archive.org/details/mammalsofsov211998gept/page/570}}</ref> 18वीं और 19वीं सदी के दौरान पल्लस द्वारा रिपोर्ट की गई इसकी उत्तरी रूसी सीमा वर्तमान की उत्तरी सीमा से "काफी उत्तर" में है जहां यह प्रजाति आज पाई जाती है।<ref name="auto" /> ''कैनिस प्रिमेवस'' (''Canis primaevus)'' 1833 में ब्रायन ह्यूटन हॉजसन (Hodgson) द्वारा प्रस्तावित एक नाम था, जिन्होंने सोचा था कि ढोल एक आदिम ''कैनिस'' रूप और [[कुत्ता|घरेलू कुत्ते]] के पूर्वज थे। <ref>{{Cite journal|last=Hodgson|first=B. H.|year=1833|title=Description and Characters of the Wild Dog of the Himalaya (''Canis primævus'')|url=https://archive.org/stream/asiaticresearche181833cal#page/220/mode/2up|journal=Asiatic Researches|volume=XVIII|issue=2|pages=221–237, 235}}</ref> हॉजसन ने बाद में जीनस ''कैनिस'' से ढोल की भौतिक विशिष्टता पर ध्यान दिया और जीनस ''कुओन'' (''Cuon)'' का प्रस्ताव रखा। <ref>{{Cite journal|last=Hodgson|first=B. H.|year=1842|title=European notices of Indian canines, with further illustrations of the new genus ''Cuon'' vel ''Chrysæus''|url=https://archive.org/stream/calcuttajournalo02mccl#page/204/mode/2up|journal=Calcutta Journal of Natural History|volume=II|pages=205–209}}</ref> प्रजातियों की उत्पत्ति पर पहला अध्ययन जीवाश्म विज्ञानी एरिच थेनियस (Erich Thenius) द्वारा किया गया था, जिन्होंने 1955 में निष्कर्ष निकाला था कि ढोल एक सुनहरा सियार-जैसे पूर्वज का प्लिस्टोसिन के बाद का वंशज था। <ref name="thenius1954">{{Cite journal|last=Thenius|first=E.|year=1955|title=Zur Abstammung der Rotwölfe (Gattung ''Cuon'' Hodgson)|trans-title=On the origins of the dholes (Genus ''Cuon'' Hodgson)|url=http://www.landesmuseum.at/pdf_frei_remote/OEZ_05_0377-0387.pdf|journal=Österreichische Zoologische Zeitschrift|language=de|volume=5|pages=377–388|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110114203/http://www.landesmuseum.at/pdf_frei_remote/OEZ_05_0377-0387.pdf|archive-date=2014-11-10}}</ref> जीवाश्म विज्ञानी ब्योर्न कुर्टेन (Bjorn Kurten) ने अपनी 1968 की पुस्तक ''प्लेइस्टोसिन मैमल्स ऑफ यूरोप'' में लिखा था कि आदिम ढोल ''कैनिस मेजेरी'' डेल कैम्पाना 1913 - जिसके अवशेष विलाफ्रांचियन युग वाल्डार्नो, इटली और चीन में पाए गए हैं - जीनस ''कैनिस'' से लगभग के ही समान थे। इसकी तुलना में, आधुनिक प्रजातियों ने [[दाढ़|मोलर्स को]] बहुत कम कर दिया है और कस्प (Cusp) तेजी से तीखे पॉइंट्स में विकसित हो गए हैं। प्रारंभिक मध्य प्लीस्टोसिन के दौरान ''कैनिस मेजरी स्टेहलिनी'' (''Canis majori stehlini)'' जो एक बड़े [[भेड़िया|भेड़िये]] के आकार का था,और शुरुआती ढोल ''कैनिस अल्पाइनस'' दोनों का उदय हुआ। 1811 में जो पहली बार जर्मनी में हंडशाइम (Hundsheim) और मोस्बैक (Mosbach) में दिखाई दिया। प्लीस्टोसीन युग के अंत में यूरोपीय ढोल ( ''C. a. Europaeus'' ) आधुनिक दिखने लगा था और निचली दाढ़ के एकल कस्प का काटने वाले दांत के रूप में परिवर्तन भी पूरा हो चुका था; हालाँकि, इसका आकार एक भेड़िये के आकार के बराबर था। यह उप-प्रजाति देर से वुर्म काल के अंत में यूरोप में विलुप्त हो गई, लेकिन पूरी प्रजाति अभी भी एशिया के एक बड़े क्षेत्र में रहती है। [[इबेरिया प्रायद्वीप|आइबेरियन प्रायद्वीप]] में प्रारंभिक [[नूतनतम युग|होलोसीन]] तक यूरोपीय ढोल जीवित रहे होंगे। <ref name="ripoll2010">{{Cite journal|last=Ripoll|first=M.P.R.|last2=Morales Pérez|first2=J.V.|last3=Sanchis Serra|first3=A.|last4=Aura Tortosa|first4=J.E.|last5=Montañana|first5=I.S N.|displayauthors=3|year=2010|title=Presence of the genus ''Cuon'' in upper Pleistocene and initial Holocene sites of the Iberian Peninsula: New remains identified in archaeological contexts of the Mediterranean region|journal=Journal of Archaeological Science|volume=37|issue=3|pages=437–450|doi=10.1016/j.jas.2009.10.008}}</ref> और माना जाता है कि ढोल के 10,800 साल पुराने अवशेष उत्तरी [[इटली|इटली के]] रिपारो फ्रेडियन में पाए गए हैं। <ref>{{Cite journal|last=Petrucci, M.|last2=Romiti, S.|last3=Sardella, R.|year=2012|title=The Middle-Late Pleistocene ''Cuon'' Hodgson, 1838 (Carnivora, Canidae) from Italy|url=http://paleoitalia.org/media/u/archives/07.Petrucci_et_al._2012_BSPI_512_1.pdf|journal=Bollettino della Società Paleontologica Italiana|volume=51|issue=2|pages=146|archive-url=https://web.archive.org/web/20150102034611/http://paleoitalia.org/media/u/archives/07.Petrucci_et_al._2012_BSPI_512_1.pdf|archive-date=2015-01-02}}</ref> <ref name="Taron2021">{{Cite journal|last=Taron|first=U.H.|last2=Paijmans|first2=J.L.A.|last3=Barlow|first3=A.|last4=Preick|first4=M.|last5=Iyengar|first5=A.|last6=Drăgușin|first6=V.|last7=Vasile|first7=Ș.|last8=Marciszak|first8=A.|last9=Roblíčková|first9=M.|displayauthors=3|year=2021|title=Ancient DNA from the Asiatic Wild Dog (''Cuon alpinus'') from Europe|journal=Genes|volume=12|issue=2|page=144|doi=10.3390/genes12020144|pmc=7911384|pmid=33499169|doi-access=free}}</ref> इस प्रजाति की विशाल प्लीस्टोसिन रेंज में एशिया के कई द्वीप भी शामिल हैं जहां यह प्रजाति अब नहीं रहती है, जैसे कि [[श्रीलंका]], [[बोर्नियो]] और संभवतः [[फ़िलीपीन्स|फिलीपींस]] में [[पलावन|पालावान]] । <ref>{{Cite book|title=Walker's Carnivores of the World|last=Nowak, R. M.|publisher=Johns Hopkins University Press|year=2005|isbn=9780801880322|location=Baltimore, Maryland|pages=110–111|chapter=''Cuon''|chapter-url=https://archive.org/details/walkerscarnivore0000nowa/page/110/mode/2up}}</ref> <ref>{{Cite journal|last=Cranbrook|first=E.|year=1988|title=The contribution of archaeology to the zoogeography of Borneo : with the first record of a wild canid of Early Holocene Age ; a contribution in celebration of the distinguished scholarship of Robert F. Inger on the occasion of his sixty-fifth birthday|url=https://archive.org/details/contributionofar42earl/page/n9|journal=Fieldiana Zoology|series=42|pages=6–24}}</ref> <ref>{{Cite journal|last=Ochoa, J.|last2=Paz, V.|last3=Lewis, H.|last4=Carlos, J.|last5=Robles, E.|last6=Amano, N.|last7=Ferreras, M. R.|last8=Myra, L.|last9=Vallejo, B. Jr.|displayauthors=3|year=2004|title=The archaeology and palaeobiological record of Pasimbahan-Magsanib Site, northern Palawan, Philippines|journal=Philippine Science Letters|volume=7|issue=1|pages=22–36}}</ref> <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=Qq-kAgAAQBAJ&pg=PA139|title=Southern Asia, Australia, and the Search for Human Origins|last=Dennell, R.|last2=Parr, M.|publisher=Cambridge University Press|year=2014|isbn=9781107729131|location=New York|page=139}}</ref> <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=rOw8AAAAIAAJ&pg=PA84|title=The Cambridge History of Southeast Asia|last=Tarling|first=N.|publisher=Cambridge University Press|year=1992|isbn=978-0-5213-5505-6|volume=(Volume One: From Early Times to ca. 1800)|location=Cambridge, UK|page=84}}</ref> <ref>{{Cite journal|last=Piper, P.J.|last2=Ochoa, J.B.|last3=Robles, E.C.|last4=Lewis, H.|last5=Paz, V.|displayauthors=3|year=2011|title=Palaeozoology of Palawan Island, Philippines|url=https://www.researchgate.net/publication/222656323|journal=Quaternary International|volume=233|issue=2|pages=142–158|bibcode=2011QuInt.233..142P|doi=10.1016/j.quaint.2010.07.009}}</ref> पश्चिमी [[जापान]] में उत्तरी [[क्यूशू]] द्वीप में [[Matsukae Cave|मात्सुकाई गुफा]] में और पूर्वी जापान के [[होन्शू]] द्वीप में तोचिगी प्रान्त में निचले [[Kuzuu|कुज़ुउ]] (Kuzuu) जीवों में मध्य प्लेइस्टोसिन ढोल जीवाश्म भी पाए गए हैं। <ref>{{Cite journal|last=Ogino|first=S.|last2=Otsuka|first2=H.|last3=Harunari|first3=H.|date=December 2009|title=The Middle Pleistocene Matsugae Fauna, Northern Kyushu, West Japan|journal=Paleontological Research|volume=13|issue=4|pages=367–384|doi=10.2517/1342-8144-13.4.367}}</ref> दक्षिण चीन के [[हाइनान|हैनान द्वीप]] में लुओबी गुफा या लुओबी-डोंग गुफा से लगभग 10,700 साल पहले के लेट प्लीस्टोसिन के ढोल जीवाश्म ज्ञात हैं जहां वे अब मौजूद नहीं हैं। <ref name="Turvey_al2019">{{Cite journal|last=Turvey|first=S.T.|last2=Walsh|first2=C.|last3=Hansford|first3=J.P.|last4=Crees|first4=J.J.|last5=Bielby|first5=J.|last6=Duncan|first6=C.|last7=Hu|first7=K.|last8=Hudson|first8=M.A.|displayauthors=3|date=2019|title=Complementarity, completeness and quality of long-term faunal archives in an Asian biodiversity hotspot|journal=Philosophical Transactions of the Royal Society B: Biological Sciences|volume=374|issue=1788|page=20190217|doi=10.1098/rstb.2019.0217|pmc=6863502|pmid=31679488|doi-access=free}}</ref> इसके अतिरिक्त, ताईचुंग काउंटी, ताइवान में दजिया नदी से संभवतः ढोल से संबंधित कैनिडे के जीवाश्मों की खुदाई की गई है। <ref>{{Cite web|url=https://twgeoref.moeacgs.gov.tw/GipOpenWeb/wSite/ct?xItem=97564&ctNode=1326&mp=6|title=疑豺、狼化石 大甲溪床現蹤|date=October 2009|website=Taiwan Geoscience Portal|language=zh|access-date=30 मई 2023|archive-date=22 अप्रैल 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230422094352/https://twgeoref.moeacgs.gov.tw/GipOpenWeb/wSite/ct?xItem=97564&ctNode=1326&mp=6|url-status=dead}}</ref> [[जीवाश्म|जीवाश्म रिकॉर्ड]] इंगित करता है कि प्रजातियाँ [[उत्तर अमेरिका|उत्तरी अमेरिका]] में भी पाई जाती थीं, क्योंकि [[बेरिंजिया|बेरिंगिया]] और [[मेक्सिको|मैक्सिको]] में इनके अवशेष मिलते हैं। <ref name="kurten1980">{{Cite book|title=Pleistocene mammals of North America|last=Kurtén|first=B.|publisher=Columbia University Press|year=1980|isbn=0231516967|location=|page=172}}</ref> }}}}{{Cladogram|align=right|title=[[कैनिना (उपजाति)|भेड़िया जैसे कुत्ते]] (Canina) का [[फायलोजेनेटिक ट्री]] लाखों वर्षों में समय के साथ|cladogram={{clade | style = font-size:85%;line-height:80%;width:400px; |label1=[[कैनिनाए]] 3.5 [[वर्ष|Ma]] |1={{clade |label1=3.0 |1={{clade |label1=2.5 |1={{clade |label1=2.0 |1={{clade |label1=0.96 |1={{clade |label1=0.6 |1={{clade |label1=0.38 |1={{clade |1={{clade |1={{clade |1=[[घरेलू कुत्ता]] [[File:Tibetan mastiff (white background).jpg|50 px]] |2=[[भेड़िया|ग्रे वुल्फ़]] [[File:Dogs, jackals, wolves, and foxes (Plate I).jpg|50 px]] }} }} |2=[[कायोटी]] [[File:Dogs, jackals, wolves, and foxes (Plate IX).jpg|50 px]] }} |2=[[अफ्रीकी भेड़िया]] [[File:Dogs, jackals, wolves, and foxes (Plate XI).jpg|50 px]] }} |2=[[सुनहरा सियार]] [[File:Dogs, jackals, wolves, and foxes (Plate X).jpg|50 px]] }} |2=[[इथियोपियाई भेड़िया]] [[File:Dogs, jackals, wolves, and foxes (Plate VI).jpg|50 px]] }} |2=ढोल [[File:Dogs, jackals, wolves, and foxes (Plate XLI).jpg|50 px]] }} |2=[[अफ्रीकी जंगली कुत्ता]] [[File:Dogs, jackals, wolves, and foxes (Plate XLIV).jpg|50 px]] }} |2={{clade |1={{clade |1=[[साइड-स्ट्राइप्ड सियार]] [[File:Dogs, jackals, wolves, and foxes (Plate XIII).jpg|50 px]] |2=[[ब्लैक-बैक्ड सियार]] [[File:Dogs, jackals, wolves, and foxes (Plate XII).jpg|50 px]] }} |label1=2.6 }} }} }}}}2021 में, [[चेक गणराज्य|चेक गणराज्य की]] 35,000-45,000 साल पुरानी जाचिमका (Jachymka) गुफा से दो विलुप्त यूरोपीय ढोल नमूनों के जीवाश्म अवशेष निकाले गए [[माइटोकाण्ड्रियाई डीएनए|माइटोकॉन्ड्रियल]] [[जीनोम]] के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि ये आधुनिक ढोल के लिए आनुवंशिक रूप से [[आधारीय (वर्गानुवंशिकी)|बेसल]] थे और इनमें बहुत अधिक आनुवंशिक विविधता थी। <ref name="Taron2021"/> कैनिडे के बीच प्रजातियों की व्यवस्थित स्थिति निर्धारित करने में ढोल का विशिष्ट आकृति विज्ञान बहुत भ्रम का स्रोत रहा है। जॉर्ज सिम्पसन ने अफ्रीकी जंगली कुत्ते और झाड़ी कुत्ते के साथ सबफ़ैमिली सिमोसिओनिनए (Simocyoninae) में ढोल को रखा, तीनों प्रजातियों के समान दांतों के कारण। <ref name="simpson1945">{{Cite journal|last=Simpson|first=G. G.|year=1945|title=The principles of classification and a classification of mammals|journal=Bulletin of the American Museum of Natural History|volume=85|pages=1–350}}</ref> जूलियट क्लॉटन-ब्रॉक सहित बाद के लेखकों ने ''स्पियोथोस'' (Speothos) या ''लाइकॉन'' (Lycaon) की तुलना में जेनेरा ''कैनिस'', ''ड्यूसिसियन'' (Dusicyon) और ''एलोपेक्स'' (Alopex) के कैनिड्स के साथ अधिक रूपात्मक समानताएं नोट कीं, बाद के दो के साथ समानता [[अभिसारी क्रमविकास|अभिसरण विकास]] के कारण थी। <ref name="cluttonbrock1976"/> कुछ लेखक विलुप्त ''कैनिस'' [[उपजाति|सबजेनस]] ''ज़ेनोक्योन (Xenocyon) को'' जीनस ''लाइकॉन'' और जीनस ''क्यूओन'' (Cuon) दोनों के पूर्वजों के रूप में मानते हैं। <ref name="cherin2013">{{Cite journal|last=Cherin|first=M.|last2=Bertè|first2=D.F.|last3=Rook|first3=L.|last4=Sardella|first4=R.|year=2013|title=Re-Defining ''Canis etruscus'' (Canidae, Mammalia): A New Look into the evolutionary history of Early Pleistocene dogs resulting from the outstanding fossil record from Pantalla (Italy)|journal=Journal of Mammalian Evolution|volume=21|pages=95–110|doi=10.1007/s10914-013-9227-4}}</ref> {{Rp|p149}}कैनिड [[जीनोम]] पर बाद के अध्ययनों से पता चला कि ढोल और अफ्रीकी जंगली कुत्ता जीनस ''कैनिस'' के सदस्यों से निकटता से संबंधित हैं। <ref name="lindblad-toh2005"/> ''कैनिस'' के साथ इस निकटता की पुष्टि [[चेन्नई|मद्रास]] में एक पशुशाला में की गई, जहाँ प्राणी विज्ञानी रेजिनाल्ड इन्स पोकॉक के अनुसार एक ढोल का एक रिकॉर्ड है जो एक सुनहरे सियार के साथ अन्तर्जात (Interbreed) हुआ। <ref name="Pocock1941"/> === अफ्रीकी जंगली कुत्ते के साथ मिश्रण === 2018 में, [[जीनोम अनुक्रम|पूरे जीनोम अनुक्रमण]] (Sequencing) का उपयोग जीनस ''कैनिस'' के सभी सदस्यों (ब्लैक-बैक्ड और साइड-स्ट्राइप्ड सियार के अलावा) के साथ-साथ ढोल और अफ्रीकी जंगली कुत्ते ( ''लाइकाओन पिक्टस'' , ''Lycaon pictus'') की तुलना करने के लिए किया गया था। ढोल और अफ्रीकी जंगली कुत्ते के बीच प्राचीन अनुवांशिक मिश्रण का मजबूत सबूत था। आज, उनकी सीमाएँ एक-दूसरे से दूर हैं; हालाँकि, [[अत्यंतनूतन युग|प्लेइस्टोसिन]] युग के दौरान ढोल को पश्चिम में यूरोप तक पाया जा सकता था। अध्ययन का प्रस्ताव है कि ढोल के वितरण क्षेत्र में एक बार [[मध्य पूर्व]] भी शायद शामिल था, जहां से यह [[उत्तर अफ़्रीका|उत्तरी अफ्रीका]] में अफ्रीकी जंगली कुत्ते के साथ मिश्रित हुआ हो। हालाँकि, मध्य पूर्व और न ही उत्तरी अफ्रीका में ढोल के अस्तित्व का कोई प्रमाण है। <ref name="gopalakrishnan2018">{{Cite journal|last=Gopalakrishnan|first=S.|last2=Sinding|first2=M.-H.S.|last3=Ramos-Madrigal|first3=J.|last4=Niemann|first4=J.|last5=Samaniego Castruita|first5=J.A.|last6=Vieira|first6=F.G.|last7=Carøe|first7=C.|last8=Montero|first8=M.d.M.|last9=Kuderna|first9=L.|displayauthors=3|year=2018|title=Interspecific gene flow shaped the evolution of the Genus ''Canis''|journal=Current Biology|volume=28|issue=21|pages=3441–3449.e5|doi=10.1016/j.cub.2018.08.041|pmc=6224481|pmid=30344120}}</ref> === उप प्रजाति === ऐतिहासिक रूप से, ढोल की दस उप-प्रजातियों को पहचाना गया है। <ref name="ellerman1966">{{Cite book|url=https://archive.org/stream/checklistofindia00elle#page/232/mode/2up|title=Checklist of Palaearctic and Indian mammals|last=Ellerman, J.R.|last2=Morrison-Scott, T.C.S.|publisher=British Museum (Natural History)|year=1966|location=London, UK}}</ref> हालांकि 2005 तक केवल सात उप-प्रजातियां ही मान्यता प्राप्त हैं। हालांकि, ढोल के [[माइटोकाण्ड्रियाई डीएनए|एमटीडीएनए]] और [[माइक्रोसेटेलाइट]] जीनोटाइप पर अध्ययन ने कोई स्पष्ट उप-विशिष्ट भेद नहीं दिखाया। फिर भी, एशियाई मुख्य भूमि के ढोलों में दो प्रमुख फ़ाइलोज़ोग्राफ़िक समूहों की खोज की गई, जो संभवतः एक हिमाच्छादन घटना (Glaciation Event) के दौरान अलग हो गए थे। एक आबादी दक्षिण, मध्य और उत्तर भारत (गंगा के दक्षिण) से म्यांमार में फैली हुई है, और दूसरी गंगा के उत्तर में भारत से पूर्वोत्तर भारत, म्यांमार, थाईलैंड और मलेशियाई प्रायद्वीप तक फैली हुई है। सुमात्रा और जावा में ढोल की उत्पत्ति हुई थी यह बात {{As of|2005|lc=y}}, अस्पष्ट है, क्योंकि वे पास के मलेशिया के बजाय भारत, म्यांमार और चीन में ढोल से अधिक संबंधितता दिखाते हैं। हालांकि, [[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|इंटरनेशनल यूनियन फॉर द कंजर्वेशन ऑफ नेचर]] (IUCN) के [[Canid Specialist Group|कैनिड स्पेशलिस्ट ग्रुप]] का कहना है कि आगे शोध की आवश्यकता है क्योंकि सभी नमूने इस प्रजाति की सीमा के दक्षिणी भाग से थे और [[तियाँ शान|टीएन शान]] उप-प्रजातियों का विशिष्ट आकृति विज्ञान है। <ref>{{Cite web|url=https://www.canids.org/species/view/PREKQW171301|title=Dhole &#124; Canids|website=canids.org|publisher=|access-date=}}</ref> आगे के आंकड़ों के अभाव में, अध्ययन में शामिल शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि जावन और सुमात्रन ढोल, द्वीपों में मनुष्यों द्वारा लाए गए हो सकते हैं। <ref>{{Cite journal|last=Iyengar|first=A.|last2=Babu|first2=V. N.|last3=Hedges|first3=S.|last4=Venkataraman|first4=A.B.|last5=Maclean|first5=N.|last6=Morin|first6=P. A.|displayauthors=3|date=2005|title=Phylogeography, genetic structure, and diversity in the dhole (''Cuon alpinus'')|url=http://eprints.iisc.ac.in/3543/1/Phylogeography_genetic.pdf|journal=Molecular Ecology|volume=14|issue=8|pages=2281–2297|doi=10.1111/j.1365-294X.2005.02582.x|pmid=15969714|archive-url=https://web.archive.org/web/20200307041249/http://eprints.iisc.ac.in/3543/1/Phylogeography_genetic.pdf|archive-date=2020-03-07}}</ref> प्रारंभिक मध्य प्लेइस्टोसिन के ढोल के जीवाश्म [[जावा (द्वीप)|जावा]] में पाए गए हैं। <ref>{{Cite journal|last=Volmer|first=R.|last2=van der Geer|first2=A.A.E.|last3=Cabrera|first3=P.A.|last4=Wibowo|first4=U. P.|last5=Kurniawan|first5=I.|displayauthors=3|date=September 2019|title=When did Cuon reach Java? – Reinvestigation of canid fossils from Homo erectus faunas|journal=Geobios|volume=55|pages=89–102|bibcode=2019Geobi..55...89V|doi=10.1016/j.geobios.2019.06.004|doi-access=free}}</ref> {| class="wikitable sortable" width="90%" !उप प्रजाति ! चित्र ! ट्रिनोमियल अथॉरिटी ! विवरण ! वितरण ! समानार्थी शब्द |- | ''सी.ए. एडजस्टस'' (''C. a. adjustus)'' '''बर्मी ढोल''', <ref name="Pocock1941"/> भारतीय ढोल |[[चित्र:2010-kabini-dhole.jpg|150x150पिक्सेल]] | पोकॉक, 1941 <ref name="Pocock1941" /> | लाल रंग का कोट, पंजों पर छोटे बाल और काली मूंछें <ref name="Durbin2004"/> | पूर्वोत्तर भारत और [[गंगा नदी|गंगा]] नदी के दक्षिण, उत्तरी म्यांमार <ref name="Durbin2004" /> | <small>''एंटिकुस'' (''antiquus)'' (मैथ्यू एंड ग्रेंजर, 1923), ''डुखुनेंसिस'' (''dukhunensis'') (साइक्स, 1831)</small> |- | ''सी.ए.एल्पिनस'' (alpinus) '''उससुरी ढोल''' <ref name="heptner1998"/> ( [[उपजाति (जीवविज्ञान)|नामांकित उप-प्रजातियां]] ) |[[चित्र:Leopold_v._Schrenck_-_Cuon_alpinus.png|150x150पिक्सेल]] | पल्लास, 1811 <ref name="Pallas1811"/> | गाढ़े पीले रंग का लाल कोट, भूरी गर्दन और गेरुआ थूथन <ref name="Durbin2004" /> | पूर्वी [[सायन पर्वत शृंखला|सायन पर्वत]] के पूर्व में, पूर्वी रूस, पूर्वोत्तर एशिया <ref name="Durbin2004" /> |{{Center|–}} |- | ''सी.ए.फ्यूमोसस (fumosus)'' | | पोकॉक, 1936 | शानदार पीला-लाल कोट, काली पीठ और ग्रे गर्दन <ref name="Durbin2004" /> | पश्चिमी [[सिचुआन]], चीन और मंगोलिया। दक्षिणी म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, मलेशिया और [[जावा (द्वीप)|जावा]], इंडोनेशिया <ref name="Durbin2004" /> | <small>''इन्फ्यूस्कस'' (''infuscus'') (पोकॉक, 1936), ''(javanicus)'' (डेस्मेरेस्ट, 1820)</small> |- | ''सी.ए. हेसपेरियास (hesperius'') '''टीएन शान ढोल''' <ref name="heptner1998" /> |[[चित्र:Keulmans_Cuon_alpinus_alpinus.png|150x150पिक्सेल]] | अफनासजेव और ज़ोलोटेरेव, 1935 | लंबे पीले रंग का कोट, नीचे सफेद, पीली मूंछें <ref name="Durbin2004" /> ''सी. ए. एल्पिनस'' से छोटा, चौड़ी खोपड़ी और हल्के रंग के सर्दियों के फर के साथ। <ref name="heptner1998" /> | पूर्वी रूस और चीन <ref name="Durbin2004" /> | <small>''जेसन'' (jason) (पोकॉक, 1936)</small> |- | ''सी. ए. लैंगर'' (''laniger)'' | | पोकॉक, 1936 | पूर्ण, पीले-भूरे रंग का कोट, पूंछ काली नहीं बल्कि शरीर के समान रंग की<ref name="Durbin2004" /> | दक्षिणी तिब्बत, हिमालयी नेपाल, सिक्किम, भूटान और कश्मीर <ref name="Durbin2004" /> | <small>''ग्रेफॉर्मिस'' (''grayiformis'') हॉजसन, 1863), ''प्राइमेवस (primaevus)'' (हॉजसन, 1833)</small> |- | ''सी. ए. लेप्टुरस'' (''lepturus)'' |[[चित्र:Zoo_Osnabrück,_Dhole_(4413112187).jpg|150x150पिक्सेल]] | ह्यूडे, 1892 | मोटे अंडरफ़र <ref name="Durbin2004" /> के साथ समान लाल कोट | [[यांग्त्सीक्यांग|यांग्त्ज़ी]] नदी के दक्षिण, चीन <ref name="Durbin2004" /> | <small>''क्लैमिटंस'' (''clamitans'') (ह्यूड, 1892), ''रुटिलन्स (rutilans)'' (मुलर, 1839), ''सुमैट्रेंसिस (sumatrensis)'' (हॉजसन, 1833)</small> |- | सुमात्रा ढोल और जावन ढोल ''सी. ए. सुमात्रेंसिस'' (''sumatrensis)'' |[[चित्र:Keulemans_Cuon_alpinus_javanicus.png|150x150पिक्सेल]] | हार्डविक, 1821 | लाल कोट और काली मूंछें <ref name="Durbin2004" /> | [[सुमात्रा]], इंडोनेशिया <ref name="Durbin2004" /> इसकी सीमा सुमात्रा और जावा में कई संरक्षित क्षेत्रों के साथ अत्यधिक खंडित है। | |- |} == विशेषताएँ == [[चित्र:Dholeskull.jpg|अंगूठाकार| सेंट जॉर्ज मिवार्ट द्वारा चित्रित ढोल की खोपड़ी और दाढ़ (1890)]] [[चित्र:Dhole_in_Ueno,_Tokyo.jpg|अंगूठाकार| बंदी अवस्था में रखा गया वयस्क ढोल]] दिखने में, ढोल को [[भेड़िया|ग्रे वुल्फ]] और लाल लोमड़ी की शारीरिक विशेषताओं के संयोजन के रूप में वर्णित किया गया है, <ref name="heptner1998"/> और इसकी लंबी रीढ़ और पतले अंगों के कारण "बिल्ली की तरह" का होने के रूप में भी बताया गया है। <ref name="thenius1954"/> इसमें एक अच्छी तरह से विकसित सैजिटल क्रेस्ट के साथ एक विस्तृत और विशाल खोपड़ी है, <ref name="heptner1998" /> और इसकी मसेटर (Masseter) मांसपेशियां अन्य कैनिड प्रजातियों की तुलना में अत्यधिक विकसित हैं, जिससे चेहरा लगभग [[लकड़बग्घा|लकड़बग्घे]] जैसा दिखता है। <ref name="f61_2">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> थूथन (Rostrum) घरेलू कुत्तों और अधिकांश अन्य कैनिडों की तुलना में छोटा होता है। <ref name="cohen1978">{{Cite journal|last=Cohen|first=James A.|date=1978|title=Cuon alpinus|url=https://archive.org/details/biostor-148084|journal=Mammalian Species|issue=100|pages=1–3|doi=10.2307/3503800|jstor=3503800|doi-access=free}}</ref> इनकी प्रजातियों में सात निचले [[दाढ़|दाढ़ों]] के दांतों के बजाय छह होते हैं। <ref name="f41">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> ऊपरी दाढ़ कमजोर होती है, भेड़ियों के आकार का एक तिहाई या आधा होने के कारण और दो और चार के बजाए केवल एक पुच्छ (Cusp) होने से, जैसा कि कैनिड्स में सामान्य होता है, <ref name="heptner1998" /> जो मांस को फाड़ने की क्षमता में सुधार के लिए एक अनुकूलन माना जाता है, इस प्रकार अनुमति देता है यह क्लेप्टोपैरासाइट्स (दूसरों का खाना चुराने वाले जानवर) के साथ अधिक सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा कर सके। <ref name="Durbin2004">{{Cite book|title=Canids: Foxes, Wolves, Jackals, and Dogs:Status Survey and Conservation Action Plan|last=Durbin|first=D.L.|last2=Venkataraman|first2=A.|last3=Hedges|first3=S.|last4=Duckworth|first4=W.|publisher=IUCN The World Conservation Union|year=2004|isbn=978-2831707860|editor-last=Sillero-Zubiri|editor-first=C.|pages=211|chapter=8.1–Dhole|access-date=31 January 2020|editor-last2=Hoffmann|editor-first2=M.|editor-last3=Macdonald|editor-first3=D.W.|chapter-url=http://www.carnivoreconservation.org/files/actionplans/canids.pdf|archive-url=https://web.archive.org/web/20061013041056/http://www.carnivoreconservation.org/files/actionplans/canids.pdf|archive-date=2006-10-13}}</ref> वयस्क मादाओं का वजन 10 से 17 किलो हो सकता है, जबकि थोड़े बड़े नरों का वजन 15 से 21 किलो के बीच हो सकता है। तीन छोटे नमूनों से वयस्कों का औसत वजन 15.1 किलो था । <ref name="Durbin2004" /> <ref>{{Cite journal|last=Kamler J. F.|last2=Johnson A.|last3=Vongkhamheng C.|last4=Bousa A.|year=2012|title=The diet, prey selection, and activity of dholes (''Cuon alpinus'') in northern Laos|url=https://archive.org/details/sim_journal-of-mammalogy_2012-06_93_3/page/627|journal=Journal of Mammalogy|volume=93|issue=3|pages=627–633|doi=10.1644/11-mamm-a-241.1|doi-access=free}}</ref> <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7OfgBwAAQBAJ&q=Cuon|title=Carnivore behavior, ecology, and evolution|last=Gittleman, J. L.|publisher=Springer Science & Business Media|year=2013|isbn=9781475747164|location=|pages=}}</ref> <ref>{{Cite journal|last=Atanasov, A. T.|year=2005|title=Allometric relationship between length of pregnancy and body mass of mammals|journal=Bulgarian Journal of Veterinary Medicine|volume=8|issue=1|page=20}}</ref> कभी-कभी, ढोल [[भारतीय वृक|भारतीय भेड़िये]] (''कैनिस ल्यूपस पैलिप्स'' ) के साथ सहानुभूतिपूर्ण हो सकते हैं, जो भूरे भेड़िये की सबसे छोटी जातियों में से एक है, लेकिन अभी भी औसतन लगभग 25% भारी है। <ref>{{Cite journal|last=Mukherjee, S.|last2=Zelcer, M.|last3=Kotler, B.P.|year=2009|title=Patch use in time and space for a meso-predator in a risky world|journal=Oecologia|volume=159|issue=3|pages=661–668|bibcode=2009Oecol.159..661M|doi=10.1007/s00442-008-1243-3|pmid=19082629}}</ref> <ref>{{Cite journal|last=Afik, D.|last2=Pinshow, B.|year=1993|title=Temperature regulation and water economy in desert wolves|journal=Journal of Arid Environments|volume=24|issue=2|pages=197–209|bibcode=1993JArEn..24..197A|doi=10.1006/jare.1993.1017}}</ref> [[चित्र:Cuon_alpinus_asiatic_wild_dog.jpg|अंगूठाकार| किशोर ढोल]] फर की सामान्य टोन लाल रंग की होती है, जिसमें सर्दियों में सबसे चमकीले रंग होते हैं। सर्दियों का कोट पीठ, सिर, गर्दन और कंधों के शीर्ष पर भूरे रंग के हाइलाइट्स के साथ [[मैरून]] से लेकर लाल रंग का होता है। गला, छाती, पेट और अंगों के ऊपरी हिस्से कम चमकीले रंग के होते हैं, और टोन में अधिक पीले होते हैं। अंगों के निचले हिस्से सफ़ेद होते हैं, अग्रभागों के अंदरूनी किनारों पर गहरे भूरे रंग के बैंड होते हैं। थूथन और माथा भूरा-लाल रंग का होता है। पूंछ बहुत ही फ्लफी होती है जो मुख्य रूप से एक गहरे भूरे रंग की नोक के साथ लाल-गेरू रंग की होती है। ग्रीष्मकालीन कोट छोटा, खुरदुरा और गहरा होता है। <ref name="heptner1998"/> वयस्कों में पृष्ठीय और पार्श्व [[बालों की रखवाली करें|रक्षक बाल]] (Guard Hairs) 20–30 मिमी लंबाई के पाए जाते हैं। मास्को चिड़ियाघर में ढोल वर्ष में एक बार मार्च से मई तक रोएँ गिराते हैं। <ref name="cohen1978"/> [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] में उत्तरी [[कोयंबतूर|कोयम्बटूर]] वन प्रभाग में एक काला (Melanistic) ढोल भी दर्ज किया गया था। <ref>{{Cite journal|last=Mahabal, A.|last2=Sharma, R.M.|last3=Patil, R.N.|last4=Jadhav, S.|year=2019|title=Colour aberration in Indian mammals: a review from 1886 to 2017|journal=Journal of Threatened Taxa|volume=11|issue=6|pages=13690–13719|doi=10.11609/jott.3843.11.6.13690-13719|doi-access=free}}</ref> == वितरण और आवास == [[चित्र:Dhole_feeding_Khao_Yai_NP.jpg|अंगूठाकार| [[खाओ याई राष्ट्रीय उद्यान]] में [[साम्भर (हिरण)|सांभर हिरण के]] शव को खाता ढोल]] [[चित्र:Dhole_Mudhumalai.jpg|अंगूठाकार| [[मुदुमलै वन्यजीव अभयारण्य|मुदुमलाई नेशनल पार्क]] में अकेला ढोल जंगल में टहल हुआ]] ढोल [[तिब्बत]] में और संभवतः [[उत्तर कोरिया]] और [[पाकिस्तान]] में भी पाया जा सकता है। यह एक बार [[कश्मीर]] में [[लद्दाख़|लद्दाख]] क्षेत्र में फैले अल्पाइन स्टेप घास के मैदान में रहता था। मध्य एशिया में, ढोल मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करता है; अपनी सीमा के पश्चिमी भाग में, यह ज्यादातर अल्पाइन घास के मैदानों और उच्च पर्वतीय मैदानों में रहता है, जबकि पूर्व में, यह मुख्य रूप से पर्वतीय [[ताइगा|टैगा]] में रहता है, और कभी-कभी [[सागरतट|समुद्र तट के किनारे]] देखा जाता है। भारत, म्यांमार, इंडोचाइना, इंडोनेशिया और चीन में, यह अल्पाइन क्षेत्रों में वन क्षेत्रों को पसंद करता है और कभी-कभी [[मैदान (भूगोल)|मैदानी]] क्षेत्रों में देखा जाता है। <ref name="heptner1998"/> दक्षिणी [[किर्गिज़स्तान|किर्गिस्तान]] के [[पामीर पर्वतमाला|पामीर पर्वत]] में ढोल की मौजूदगी की पुष्टि 2019 में हुई थी <ref>{{Cite journal|last=Cancellare, I.A.|last2=Kachel, S.M.|last3=Kubanychbekov, Z.|last4=Kulenbekov, R.|last5=Pilgrim, K.L.|last6=McCarthy, K.P.|last7=Weckworth, B.V.|year=2022|title=New distribution record of dhole from southern Kyrgyzstan using non-invasive genetic sampling|url=https://www.canids.org/CBC/24/Dhole_distribution_Kyrgyzstan.pdf|journal=Canid Biology & Conservation|volume=24|issue=1|pages=1–3}}</ref> ढोल अभी भी [[बयकाल झील|बाइकाल झील]] के पास चरम दक्षिणी [[साइबेरिया]] में टंकिंस्की (Tunkinsky) नेशनल पार्क में मौजूद हो सकता है। <ref>{{Cite journal|last=Williams, M.|last2=Troitskaya, N.|year=2007|title=Then and Now: Updates from Russia's Imperiled Zapovedniks|url=http://www.wild-russia.org/pubs/pdfs/42.pdf|journal=Russian Conservation News|volume=42|page=14|archive-url=https://web.archive.org/web/20120128043346/http://www.wild-russia.org/pubs/pdfs/42.pdf|archive-date=2012-01-28}}</ref> यह संभवतः अभी भी सुदूर पूर्वी रूस में [[प्रिमोर्स्की क्राय]] प्रांत में रहता है, जहां इसे 2004 में एक दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजाति माना गया था, पिक्थ्सा-टाइग्रोवी डोम (Pikthsa-Tigrovy Dom) संरक्षित वन क्षेत्र में अपुष्ट रिपोर्ट के साथ; 1970 के दशक के उत्तरार्ध से अन्य क्षेत्रों में इसके देखे जाने की सूचना नहीं थी। <ref>{{Cite book|title=The Russian Far East: A Reference Guide for Conservation and Development|last=Newell, J.|publisher=Daniel & Daniel|year=2004|edition=Second|location=McKinleyville}}</ref> वर्तमान में, [[रूस]] में ढोल के मौजूद होने की कोई अन्य हालिया रिपोर्ट की पुष्टि नहीं हुई है। <ref>{{Cite journal|last=Makenov|first=M.|date=2018|title=Extinct or extant? A review of dhole (''Cuon alpinus'' Pallas, 1811) distribution in the former USSR and modern Russia|journal=Mammal Research|volume=63|issue=1|pages=1–9|doi=10.1007/s13364-017-0339-8}}</ref> हालाँकि, ढोल पूर्वी [[सायन पर्वत शृंखला|सायन पर्वत]] और [[TransBaikal|ट्रांसबाइकाल]] क्षेत्र में मौजूद हो सकता है; यह [[इरकुत्स्क ओब्लास्त|इरकुत्स्क ओब्लास्ट]] में [[Tofalaria|टोफलेरिया]], [[बुर्यातिया|बुराटिया गणराज्य]] और [[ज़बायकाल्स्की क्राय]] में देखा गया है। <ref>{{Cite journal|last=Makenov|first=M.|date=2018|title=Extinct or extant? A review of dhole (''Cuon alpinus'' Pallas, 1811) distribution in the former USSR and modern Russia|journal=Mammal Research|volume=63|issue=1|pages=1–9|doi=10.1007/s13364-017-0339-8}}</ref> 2006 में [[चिलियन पर्वत शृंखला|किलियन पर्वत]] में एक झुंड देखा गया था <ref>{{Cite journal|last=Harris, R. B.|year=2006|title=Attempted predation on blue sheep ''Pseudois nayaur'' by dholes ''Cuon alpinus''|journal=Journal of the Bombay Natural History Society|volume=103|pages=95–97}}</ref> 2011 से 2013 में, [[शिंजियांग]] स्वायत्त क्षेत्र में टैक्सकोर्गन (Taxkorgan) नेचर रिजर्व के पास स्थानीय सरकारी अधिकारियों और चरवाहों ने 2,000 से 3,500 मीटर ऊंचाई पर कई ढोल झुंडों की उपस्थिति की सूचना दी। 2013-2014 में उत्तरी [[गांसू|गांसु प्रांत]] में यंचीवान नेशनल नेचर रिजर्व में लगभग 2,500 से 4,000 मीटर की ऊंचाई पर [[कैमरा फन्दा|कैमरा ट्रैप]] द्वारा पिल्लों के साथ कई झुंड और वयस्क मादा भी रिकॉर्ड किए गए थे । <ref name="Riordan2015">{{Cite journal|last=Riordan, P.|year=2015|title=New evidence of dhole ''Cuon alpinus'' populations in northwest China|url=https://www.researchgate.net/publication/277641707|journal=Oryx|volume=49|issue=2|pages=203–204|doi=10.1017/s0030605315000046|doi-access=free}}</ref> अलटीन-टैग (Altyn-Tagh) पर्वत में भी ढोल की सूचना मिली है। <ref>{{Cite journal|last=Yadong, X.|last2=Diqiang, L.|last3=Wenfa, X.|last4=Yuguang, Z.|last5=Bin, F.|last6=Heng, J.|year=2015|title=Records of the dhole (''Cuon alpinus'') in an arid region of the Altun Mountains in western China|journal=European Journal of Wildlife Research|volume=61|issue=6|pages=903–907|doi=10.1007/s10344-015-0947-z}}</ref> चीन के [[युन्नान]] प्रांत में, 2010-2011 में [[Baima Xueshan Nature Reserve|बैमा जुएशन (Baima Xueshan) नेचर रिजर्व]] में ढोल दर्ज किए गए थे। <ref>{{Cite journal|last=Li, X.|last2=Buzzard, P.|last3=Chen, Y.|last4=Jiang, X.|year=2013|title=Patterns of livestock predation by carnivores: human-wildlife conflict in northwest Yunnan, China|journal=Environ Manage|volume=52|issue=6|pages=1334–1340|bibcode=2013EnMan..52.1334L|doi=10.1007/s00267-013-0192-8|pmid=24202281}}</ref> 2013 में [[जिआंगशी|जियांग्शी]] प्रांत में ढोल के नमूने प्राप्त किए गए थे <ref>{{Cite book|url=https://www.eaza.net/assets/Uploads/CCC/2017-Dhole-EAZA-Best-Practice-Guidelines-Approved.pdf|title=Best Practice Guideline Dhole (''C. alpinus'')|last=Canid and Hyaenid Taxon Advisory Group|publisher=European Association of Zoos and Aquaria|year=2017|location=Amsterdam|archive-url=https://web.archive.org/web/20200206040139/https://www.eaza.net/assets/Uploads/CCC/2017-Dhole-EAZA-Best-Practice-Guidelines-Approved.pdf|archive-date=2020-02-06}}</ref> 2008 से कैमरा-ट्रैपिंग द्वारा पुष्टि किए गए [[तिब्बत|रिकॉर्ड]] दक्षिणी और पश्चिमी [[गांसू|गांसु]] प्रांत, दक्षिणी [[शान्शी|शानक्सी]] प्रांत, दक्षिणी [[चिंगहई|किंघई]] प्रांत, दक्षिणी और पश्चिमी [[युन्नान]] प्रांत, पश्चिमी सिचुआन प्रांत, दक्षिणी [[सिचुआन|झिंजियांग]] स्वायत्त क्षेत्र और दक्षिणपूर्वी [[शिंजियांग|तिब्बत]] स्वायत्त क्षेत्र से प्राप्त हुए हैं। <ref>Kao, J., N. Songsasen, K. Ferraz and K. Traylor-Holzer (Eds.) (2020). </ref> हैनान द्वीप में सन् 1521-1935 के ढोल के ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी हैं, लेकिन प्रजाति अब मौजूद नहीं है और अनुमान है कि 1942 के आसपास विलुप्त हो गई थी <ref name="Turvey_al2019"/> ढोल अधिकांश भारत में गंगा के दक्षिण में पाया जाता है, विशेष रूप से मध्य भारतीय हाइलैंड्स और [[पश्चिमी घाट|पश्चिमी]] और [[पूर्वी घाट|पूर्वी घाटों]] में। यह [[अरुणाचल प्रदेश]], [[असम]], [[मेघालय]] और [[पश्चिम बंगाल]] और [[सिन्धु-गंगा का मैदान|भारत-गंगा के मैदान]] के [[तराई क्षेत्र|तराई]] क्षेत्र में भी मौजूद है। [[हिमालय]] और उत्तर [[पश्चिमी भारत|पश्चिम भारत]] में ढोल आबादी खंडित है। 2011 में, [[चितवन राष्ट्रीय उद्यान|चितवन नेशनल पार्क]] में कैमरा ट्रैप द्वारा ढोल के झुंड रिकॉर्ड किए गए थे। <ref>{{Cite journal|last=Thapa, K.|last2=Kelly, M. J.|last3=Karki, J. B.|last4=Subedi, N.|year=2013|title=First camera trap record of pack hunting dholes in Chitwan National Park, Nepal|url=http://www.canids.org/CBC/16/Dholes_in_Nepal.pdf|journal=Canid Biology & Conservation|volume=16|issue=2|pages=4–7|archive-url=https://web.archive.org/web/20141221190135/http://www.canids.org/CBC/16/Dholes_in_Nepal.pdf|archive-date=2014-12-21}}</ref> कैमरा ट्रैप द्वारा 2011 में कंचनजंगा संरक्षण क्षेत्र में इसकी उपस्थिति की पुष्टि की गई थी। <ref>{{Cite journal|last=Khatiwada|first=A. P.|last2=Awasthi|first2=K. D.|last3=Gautam|first3=N. P.|last4=Jnawali|first4=S. R.|last5=Subedi|first5=N.|last6=Aryal|first6=A.|year=2011|title=The Pack Hunter (Dhole): Received Little Scientific Attention|url=http://www.nepjol.info/index.php/INIT/article/download/5531/4560|journal=The Initiation|volume=4|pages=8–13|doi=10.3126/init.v4i0.5531|doi-access=free}}</ref> फरवरी 2020 में, [[वांसदा राष्ट्रीय उद्यान|वंसदा राष्ट्रीय उद्यान]] में ढोल देखे गए, जहां उसी वर्ष मई में कैमरा ट्रैप ने दो ढोल की उपस्थिति की पुष्टि की। 1970 के बाद [[गुजरात]] में ढोल देखे जाने की यह पहली पुष्टि थी <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/surat/whistling-dog-spotted-in-gujarat-after-50-years/articleshow/75905282.cms|title=Rare whistling dogs spotted in Gujarat after 50 years|last=Parmar|first=Vijaysinh|date=23 May 2020|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=1 June 2020}}</ref> [[भूटान]] में ढोल [[जिग्मे दोरजी राष्ट्रीय उद्यान|जिग्मे दोरजी नेशनल पार्क]] में मौजूद है। <ref>{{Cite journal|last=Wangchuk, T.|year=2004|title=Predator-prey dynamics: the role of predators in the control of problem species|url=http://www.bhutanstudies.org.bt/publicationFiles/JBS/JBS_Vol10/v10-7.pdf|journal=Journal of Bhutan Studies|volume=10|pages=68–89|archive-url=https://web.archive.org/web/20150224070842/http://www.bhutanstudies.org.bt/publicationFiles/JBS/JBS_Vol10/v10-7.pdf|archive-date=2015-02-24}}</ref> <ref>{{Cite journal|last=Thinley, P.|last2=Kamler, J. F.|last3=Wang, S. W.|last4=Lham, K.|last5=Stenkewitz, U.|year=2011|title=Seasonal diet of dholes (''Cuon alpinus'') in northwestern Bhutan|journal=Mammalian Biology|volume=76|issue=4|pages=518–520|doi=10.1016/j.mambio.2011.02.003}}</ref> [[बांग्लादेश]] में, यह [[सिलेट नगर निगम|सिलहट]] क्षेत्र में वन रिज़र्व, साथ ही दक्षिण पूर्व में [[चट्टग्राम पहाड़ी क्षेत्र|चटगाँव पहाड़ी इलाकों]] में रहता है। 2016 में चटगाँव में कैमरा ट्रैप की हालिया तस्वीरों में ढोल की निरंतर उपस्थिति दिखाई दी। <ref>{{Cite web|url=https://www.theguardian.com/environment/radical-conservation/2016/mar/01/tiger-country-scientists-uncover-wild-surprises-in-tribal-bangladesh|title=Tiger country? Scientists uncover wild surprises in tribal Bangladesh|date=March 2016|website=[[TheGuardian.com]]}}</ref> इन क्षेत्रों में शायद एक व्यवहार्य आबादी नहीं है, क्योंकि ज्यादातर छोटे समूह या अकेले ढोल ही देखे गए थे। [[म्यान्मार|म्यांमार]] में, ढोल कई संरक्षित क्षेत्रों में मौजूद है। 2015 में, [[कयिन राज्य|करेन राज्य]] के पहाड़ी जंगलों में पहली बार कैमरा-ट्रैप द्वारा ढोल और बाघों को रिकॉर्ड किया गया था। <ref>{{Cite journal|last=Saw Sha Bwe Moo|last2=Froese, G.Z.L.|last3=Gray, T. N. E.|year=2017|title=First structured camera-trap surveys in Karen State, Myanmar, reveal high diversity of globally threatened mammals|journal=Oryx|volume=52|issue=3|pages=1–7|doi=10.1017/S0030605316001113|doi-access=free}}</ref> इसकी सीमा [[मलय प्रायद्वीप|मलेशियाई प्रायद्वीप]], [[सुमात्रा]], [[जावा (द्वीप)|जावा]], [[वियतनाम]] और [[थाईलैण्ड|थाईलैंड]] में अत्यधिक खंडित है। 2014 में, 2,000 मीटर की ऊंचाई पर पर्वतीय उष्णकटिबंधीय जंगलों में कैमरा ट्रैप वीडियो में सुमात्रा में केरिन्सी सेब्लाट (Kerinci Seblat) नेशनल पार्क में इसकी निरंतर उपस्थिति का पता चला। <ref>{{Cite web|url=http://www.fauna-flora.org/sumatran-secrets-revealed-high-altitude-camera-trapping/|title=Sumatran secrets start to be revealed by high altitude camera trapping|website=Flora and Fauna International|archive-url=https://web.archive.org/web/20170501235901/http://www.fauna-flora.org/sumatran-secrets-revealed-high-altitude-camera-trapping/|archive-date=1 May 2017|access-date=5 September 2015}}</ref> जनवरी 2008 से फरवरी 2010 तक थाईलैंड में खाओ आंग रुई नाइ वन्यजीव अभयारण्य में एक कैमरा ट्रैपिंग सर्वेक्षण ने एक स्वस्थ ढोल पैक का दस्तावेजीकरण किया। <ref>{{Cite journal|last=Jenks, K. E.|last2=Songsasen, N.|last3=P. Leimgruber|year=2012|title=Camera trap records of dholes in Khao Ang Rue Nai Wildlife Sanctuary, Thailand|url=http://www.canids.org/canidnews/15/Camera_trap_records_of_dholes_in_Thailand.pdf|journal=Canid News|pages=1–5|archive-url=https://web.archive.org/web/20141221202145/http://www.canids.org/canidnews/15/Camera_trap_records_of_dholes_in_Thailand.pdf|archive-date=2014-12-21}}</ref> उत्तरी [[लाओस]] में, नाम एट-फौ लूई राष्ट्रीय संरक्षित क्षेत्र में ढोल का अध्ययन किया गया था। <ref>{{Cite journal|last=Kamler J. F.|last2=Johnson A.|last3=Chanthavy, V.|last4=Bousa, A.|year=2012|title=The diet, prey selection, and activity of dholes (''Cuon alpinus'') in northern Laos|url=https://archive.org/details/sim_journal-of-mammalogy_2012-06_93_3/page/627|journal=Journal of Mammalogy|volume=93|issue=3|pages=627–633|doi=10.1644/11-mamm-a-241.1|doi-access=free}}</ref> 2012 से 2017 तक कैमरा ट्रैप सर्वेक्षणों ने उसी नाम एट-फौ लूई राष्ट्रीय संरक्षित क्षेत्र में ढोल दर्ज किए। <ref>{{Cite journal|last=Rasphone|first=Akchousanh|last2=Kéry|first2=Marc|last3=Kamler|first3=Jan F.|last4=Macdonald|first4=David W.|date=October 2019|title=Documenting the demise of tiger and leopard, and the status of other carnivores and prey, in Lao PDR's most prized protected area: Nam Et - Phou Louey|journal=Global Ecology and Conservation|volume=20|pages=e00766|doi=10.1016/j.gecco.2019.e00766|doi-access=free}}</ref> [[वियतनाम]] में, ढोल केवल 1999 में पु मैट नेशनल पार्क में, 2003 और 2004 में योक डॉन नेशनल पार्क में देखे गए थे; और 2014 में [[नन्ह थौन प्रान्त|निन्ह थुआन प्रांत]] में भी इनके होने का पता चला था। <ref>{{Cite journal|last=Hoffmann|first=Michael|last2=Abramov|first2=Alexei|last3=Duc|first3=Hoang Minh|last4=Trai|first4=Le Trong|last5=Long|first5=Barney|last6=Nguyen|first6=An|last7=Son|first7=Nguyen Truong|last8=Rawson|first8=Ben|last9=Timmins|first9=Robert|date=26 June 2019|title=The status of wild canids (Canidae, Carnivora) in Vietnam|journal=Journal of Threatened Taxa|volume=11|issue=8|pages=13951–13959|doi=10.11609/jott.4846.11.8.13951-13959|doi-access=free}}</ref> 2019 में, [[किर्गिज़स्तान|किर्गिस्तान]] में [[Bek-Tosot Conservancy|बेक-टोसोट कंज़र्वेंसी]] में एकत्र किए गए मल के नमूनों ने क्षेत्र में ढोल की निरंतर उपस्थिति की पुष्टि की। यह लगभग तीन दशकों में देश से ढोल का पहला रिकॉर्ड था। <ref>{{Cite journal|last=Cancellare|first=I.A.|last2=Kachel|first2=S.M.|last3=Kubanychbekov|first3=Z.|last4=Kulenbekov|first4=R.|last5=Pilgrim|first5=K.L.|last6=McCarthy|first6=K.P.|last7=Weckworth|first7=B.V.|year=2022|title=New distribution record of dhole from southern Kyrgyzstan using non-invasive genetic sampling|url=https://www.canids.org/CBC/24/Dhole_distribution_Kyrgyzstan.pdf|journal=Canid Biology & Conservation|volume=24|issue=1|pages=1–3}}</ref> 1990 के दशक में [[जॉर्जिया (देश)|जॉर्जिया]] के साथ सीमा के पास उत्तरपूर्वी [[तुर्की]] में ट्रैब्ज़ोन और राइज़ के क्षेत्र में एक अलग ढोल आबादी की सूचना मिली थी। <ref>{{Cite journal|last=Serez, M.|last2=Eroðlu, M.|year=1994|title=A new threatened wolf species, ''Cuon alpinus hesperius'' Afanasiev and Zolatarev, 1935 in Turkey|journal=Council of Europe Environmental Encounters Series|volume=17|pages=103–106}}</ref> इस रिपोर्ट को विश्वसनीय नहीं माना गया। 2013 में केंद्रीय [[कॉकस|काकेशस]] में पास के [[काबारदीनो-बल्कारिया|काबर्डिनो-बलकारिया]] गणराज्य में एक ढोल को गोली मारने का दावा किया गया था; इसके अवशेषों का मई 2015 में काबर्डिनो-बाल्केरियन स्टेट यूनिवर्सिटी के एक जीवविज्ञानी द्वारा विश्लेषण किया गया था, जिन्होंने निष्कर्ष निकाला था कि खोपड़ी वास्तव में एक ढोल की थी। <ref>{{Cite journal|last=Khatukhov, A.M.|year=2015|title=Красный волк (''Cuon alpinus'' Pallas, 1811) на Центральном Кавказе|trans-title=The Dhole (''Cuon alpinus'' Pallas 1811) in the Central Caucasus|url=http://www.science-education.ru/pdf/2015/3/195.pdf|journal=Современные проблемы науки и образования|volume=3|pages=574–581|archive-url=https://web.archive.org/web/20151208144903/http://www.science-education.ru/pdf/2015/3/195.pdf|archive-date=2015-12-08}}</ref> अगस्त 2015 में, [[प्राकृतिक इतिहास]] के राष्ट्रीय संग्रहालय और कराडेनिज़ तकनीकी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने ढोल की इस संभावित तुर्की आबादी को ट्रैक और दस्तावेजित करने के लिए एक अभियान शुरू किया। <ref>{{Cite web|url=http://www.nmnhs.com/15081601-news_en.html|title=NMNHS expedition went on the trail of an unknown population of the rare dhole in Turkey|date=2015|website=National Museum of Natural History, Sofia (NMNHS)}}</ref> अक्टूबर 2015 में, उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि तुर्की या काबर्डिनो-बलकारिया गणराज्य में जीवित ढोल आबादी का कोई वास्तविक प्रमाण मौजूद नहीं है, मूल 1994 की खाल से नमूनों का डीएनए विश्लेषण लंबित है। <ref>{{Cite web|url=http://cetaf.org/strongly-endangered-and-undescribed-subspecies-of-dhole-discovered|title=[UPDATE] Strongly endangered and undescribed subspecies of dhole discovered? Dhole NOT less endangered than previously thought, according to NMNHS (Bulgaria)|last=Coel, C.|date=2015|website=Consortium of European Taxonomic Facilities|access-date=30 मई 2023|archive-date=8 दिसंबर 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20151208061158/http://cetaf.org/strongly-endangered-and-undescribed-subspecies-of-dhole-discovered|url-status=dead}}</ref> == पारिस्थितिकी और व्यवहार == ढोल लाल लोमड़ियों की पुकार जैसी सीटी उत्पन्न करते हैं, जिन्हें कभी-कभी ''कू-कू'' कहा जाता है। यह ध्वनि कैसे उत्पन्न होती है यह अज्ञात है, हालांकि यह माना जाता है कि मोटे ब्रश के माध्यम से यात्रा करते समय पैक को समन्वयित करने में मदद मिलती है। शिकार पर हमला करते समय, वे ''का-का-का-का के'' चिल्लाने की आवाज निकालते हैं। <ref name="f93">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> अन्य ध्वनियों में कराहना (भोजन की याचना), गरजना (चेतावनी), चीखें, चटकारे लेना (दोनों ही अलार्म कॉल हैं) और चिल्लाना शामिल हैं। <ref name="f95">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> भेड़ियों के विपरीत, ढोल हाउल या भौंकते नहीं हैं। <ref name="heptner1998"/> ढोल की एक जटिल [[शारीरिक भाषा]] होती है। दोस्ताना या विनम्र अभिवादन के साथ होंठ पीछे खीचना और पूंछ को नीचा करना, साथ ही चाटना भी शामिल है। चंचल ढोल अपने होठों को पीछे की ओर करके अपना मुंह खोलते हैं और अपनी पूंछ को एक सीधी स्थिति में रखते हुए खेलने के लिए झुकने की मुद्रा दिखते हैं। आक्रामक या धमकाने वाले ढोल अपने होठों को एक कर्कश ध्वनि निकलते हुए ऊपर की खींच लेते हैं और अपनी पीठ पर बाल उठाते हैं, साथ ही अपनी पूंछ को क्षैतिज या लंबवत रखते हैं। जब डर लगता है, तो वे अपने होठों को क्षैतिज रूप से पीछे की ओर खींचते हैं, अपनी पुंछ को टांगों के बीच दबा, कान खोपड़ी के चिपका लेते हैं। <ref name="f97">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> === सामाजिक और क्षेत्रीय व्यवहार === [[चित्र:20140303_7687_Pench_Dhole.jpg|अंगूठाकार| खेलते हुए ढोल, [[पेंच राष्ट्रीय उद्यान|पेंच टाइगर रिजर्व]]]] ढोल [[भेड़िया|ग्रे भेड़ियों]] की तुलना में अधिक सामाजिक हैं, <ref name="heptner1998">{{Cite book|title=Mammals of the Soviet Union|publisher=Smithsonian Institution and National science Foundation|year=1998|isbn=1-886106-81-9|editor-last=Heptner, V. G.|volume=II|location=Washington, DC|at=Part 1A: Sirenia and Carnivora (Sea Cows, Wolves, and Bears) pp.&nbsp;566–586|chapter=Genus ''Cuon'' Hodgson, 1838|editor-last2=Naumov, N. P.|chapter-url=https://archive.org/stream/mammalsofsov211998gept#page/566/mode/2up}}</ref> और उनका प्रभुत्व पदानुक्रम कम है, क्योंकि भोजन की मौसमी कमी उनके लिए गंभीर चिंता का विषय नहीं है। इस तरह, वे सामाजिक संरचना में अफ्रीकी जंगली कुत्तों के बहुत करीब हैं। <ref name="f85">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> वे पैक्स के बजाय [[वंश|कुलों]] में रहते हैं, क्योंकि पैक या झुंड शब्द जानवरों के एक ऐसे समूह को संदर्भित करता है जो हमेशा एक साथ शिकार करते हैं। इसके विपरीत, ढोल समूह अक्सर तीन से पांच जानवरों के छोटे पैक में टूट जाते हैं, खासकर वसंत ऋतु के दौरान, क्योंकि यह हिरणों को पकड़ने के लिए इष्टतम संख्या है। <ref name="f81">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> प्रमुख ढोल की पहचान करना कठिन है, क्योंकि वे भेड़ियों की तरह प्रभुत्व के प्रदर्शन में शामिल नहीं होते हैं, हालांकि कबीले के अन्य सदस्य उनके प्रति विनम्र व्यवहार दिखाते हैं। <ref name="f86">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> इंट्राग्रुप फाइटिंग शायद ही कभी देखी जाती है। <ref name="nowak1983"/> भेड़ियों की तुलना में ढोल बहुत कम प्रादेशिक होते हैं, एक कबीले के पिल्ले अक्सर यौन रूप से परिपक्व होने के बाद बिना किसी परेशानी के दूसरे में शामिल हो जाते हैं। <ref name="f92">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> कुलों की संख्या आमतौर पर भारत में 5 से 12 सदस्यों की होती है, हालांकि 40 के कुलों की सूचना भी दी गई है। [[थाईलैण्ड|थाईलैंड]] में, कबीले शायद ही कभी तीन व्यक्तियों से अधिक होते हैं। <ref name="cohen1978"/> अन्य कैनिडों के विपरीत, अपने क्षेत्रों या यात्रा मार्गों को चिह्नित करने के लिए [[मूत्र]] का उपयोग करने वाले ढोल का कोई प्रमाण नहीं है। पेशाब करते समय, ढोल, विशेष रूप से नर, [[अपमूत्रण|एक पिछला पैर या दोनों को अगले हिस्से पर खड़े होने (हैंडस्टैंड) के लिए उठा]] सकते हैं। झाड़ी कुत्तों (''स्पेथोस वेनाटिकस'' '', Speothos venaticus'') में हैंडस्टैंड मुद्रा में पेशाब करना भी देखा जाता है। <ref>{{Cite journal|last=Keller|first=R.|year=1973|title=Einige beobachtungen zum verhalten des Dekkan-Rothundes (Cuon alpinus dukhunensis Sykes) im Kanha National Park|trans-title=Some observations on the behavior of the Deccan Red Dog (Cuon alpinus dukhunensis Sykes) in Kanha National Park|url=https://www.ngzh.ch/archiv/1973_118/118_1/118_13.pdf|journal=Vierteljahresschrift. Naturf. Ges. Zürich|language=de|volume=118|pages=129–135|archive-url=https://web.archive.org/web/20190812095239/https://www.ngzh.ch/archiv/1973_118/118_1/118_13.pdf|archive-date=2019-08-12}}</ref> वे विशिष्ट स्थानों में शौच कर सकते हैं, हालांकि यह क्षेत्र की निशानदेही के लिए हो ऐसी संभावना नहीं है, क्योंकि [[मल]] ज्यादातर परिधि के बजाय कबीले के क्षेत्र में जमा होते हैं। मल अक्सर सांप्रदायिक शौचालय प्रतीत होने वाले स्थानों में जमा किया जाता है। वे अपने प्रदेशों को चिन्हित करने के लिए अन्य कुत्तों की तरह अपने पैरों से धरती को खुरचते नहीं हैं। <ref name="f97">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> === मांद === चार प्रकार की मांद का वर्णन किया गया है; एक प्रवेश द्वार के साथ साधारण मिट्टी की मांद (आमतौर पर [[धारीदार लकड़बग्घा|धारीदार लकड़बग्घे]] या [[साही|साही की]] मांद को फिर से तैयार किया जाता है); एक से अधिक प्रवेश द्वार के साथ जटिल गुफाओं वाली; चट्टानों के नीचे या उनके बीच खोदी गई साधारण गुफाओं की मांद; और आसपास के क्षेत्र में कई अन्य मांदों के साथ जटिल गुफानुमा मांद, जिनमें से कुछ आपस में जुड़ी हुई हैं। मांदें आमतौर पर घनी झाड़ियों के नीचे या सूखी नदियों या खाड़ियों के किनारे स्थित होती हैं। ढोल मांद का प्रवेश द्वार लगभग लंबवत हो सकता है, जिसमें तीन से चार फीट नीचे एक तेज मोड़ होता है। सुरंग एक पूर्वकक्ष (Antechamber) में खुलती है, जहां से एक से अधिक मार्ग निकलते हैं। कुछ मांदों में छह प्रवेश द्वार हो सकते हैं जो तीस मीटर लम्बी इंटरकनेक्टिंग सुरंगों के जाल से जुड़े हो सकते हैं। इन "शहरों नुमा मांदों" को ढोल की कई पीढ़ियों में विकसित किया जा सकता है, और एक साथ युवा होने पर कबीले की मादाओं द्वारा साझा किया जाता है। <ref name="f43">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> अफ्रीकी जंगली कुत्तों और [[डिंगो]] की तरह, ढोल शिकार को अपनी मांद के करीब मारने से बचते हैं। <ref name="f80">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> === प्रजनन और विकास === [[चित्र:Cuon_alpinus_alpinus_puppy.jpg|अंगूठाकार| ढोल पिल्ला, कोलमार्डेन (Kolmarden) वन्यजीव पार्क]] भारत में, [[प्रजनन ऋतु|मिलन का मौसम]] मध्य अक्टूबर और जनवरी के बीच होता है, जबकि मॉस्को चिड़ियाघर में कैप्टिव ढोल ज्यादातर फरवरी में प्रजनन करते हैं। <ref name="cohen1978"/> भेड़ियों के पैक के विपरीत, ढोल कुलों में एक से अधिक प्रजनन करने वाली मादा हो सकती हैं। <ref name="f86">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> एक से अधिक मादा ढोल एक ही मांद में अपने बच्चों का पालन-पोषण कर सकती हैं। <ref name="nowak1983"/> मिलन के दौरान, मादा एक झुकी हुई, बिल्ली जैसी स्थिति ग्रहण करती है। अन्य कैनिडों की तुलना में मिलन के दौरान ये आपस में काफी समय तक जुड़े (Copulatory tie) नहीं रहते। इसके बजाय, जोड़ी एक अर्धवृत्ताकार स्थिति में एक दूसरे के सामने मुंह करके लेट जाते हैं। <ref name="f79">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> गर्भधारण की अवधि 60-63 दिनों की होती है, जिसमें चार से छह पिल्लों का औसतन जन्म होता है।<ref name="cohen1978" /> भेड़ियों की तुलना में इनकी वृद्धि दर बहुत तेज है, [[कायोटी]] की दर के समान। थाई चिड़ियाघर में रखे गए पांच नारों और तीन मादाओं के [[हार्मोन]] मेटाबोलाइट्स का अध्ययन किया गया। प्रजनन करने वाले नारों ने अक्टूबर से जनवरी तक [[टेस्टोस्टेरॉन|टेस्टोस्टेरोन]] का बढ़ा हुआ स्तर दिखाया। बंधी मादाओं का एस्ट्रोजेन स्तर जनवरी में लगभग दो सप्ताह तक बढ़ता है, इसके बाद [[प्रोजेस्टेरोन]] में वृद्धि होती है। नारों ने मादाओं के एस्ट्रोजेन शिखर के दौरान यौन व्यवहार प्रदर्शित किया। <ref>{{Cite journal|last=Khonmee, J.|last2=Rojanasthien, S.|last3=Thitaram, C.|last4=Sumretprasong, J.|last5=Aunsusin, A.|last6=Chaisongkram, C.|last7=Songsasen, N.|date=2017|title=Non-invasive endocrine monitoring indicates seasonal variations in gonadal hormone metabolites in dholes (''Cuon alpinus'')|journal=Conservation Physiology|volume=5|issue=1|pages=cox001|doi=10.1093/conphys/cox001|pmc=5570072|pmid=28852505|doi-access=free}}</ref> पिल्लों कम से कम 58 दिनों तक दूध पीते हैं। इस समय के दौरान, पैक मांद स्थल पर मां को खिलाता है। भेड़ियों की तरह ढोल अपने पिल्लों से मिलने के लिए [[wiktionary:rendezvous|मिलन]] स्थल का उपयोग नहीं करते हैं, हालांकि एक या एक से अधिक वयस्क, पिल्लों के साथ मांद में रहेंगे जबकि बाकी पैक शिकार करते हैं। एक बार दूध छोड़ना शुरू होने के बाद, कबीले के वयस्क, पिल्लों के लिए भोजन ले कर आते हैं जब तक कि वे शिकार में शामिल होने के लिए पर्याप्त बड़े नहीं हो जाते। वे मांद स्थल पर 70-80 दिनों तक रहते हैं। छह महीने की उम्र के होने पर, पिल्ले शिकार पर वयस्कों के साथ जाते हैं और आठ महीने की उम्र में [[साम्भर (हिरण)|सांभर]] जैसे बड़े शिकार को मारने में सहायता भी करते हैं। <ref name="f80">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> कैद में इनकी अधिकतम आयु15-16 वर्ष है। <ref name="nowak1983">{{Cite book|title=Walker's Mammals of the World|last=Walker, E. P.|last2=Nowak, R. M.|last3=Warnick, F.|publisher=Johns Hopkins University Press|year=1983|edition=Fourth|location=Baltimore}}</ref> === शिकार करने का व्यवहार === [[चित्र:2012-bandipur-dhole-sambar.jpg|अंगूठाकार| [[साम्भर (हिरण)|सांभर]] पर हमला करते ढोल, [[बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान]], कर्नाटक]] शिकार शुरू करने से पहले,ये अनेक तरह ही हरकतें करते हैं, जिसमें नोचना, शरीर को रगड़ना और एक दूसरे के ऊपर चढ़ना शामिल होता है। <ref name="f100">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> ढोल मुख्य रूप से दिन में शिकार करते हैं, सुबह के शुरुआती घंटों में इन्हें शिकार करते देखा जा सकता है। चांदनी रातों को छोड़कर, वे शायद ही कभी रात [[निशाचरता|में]] शिकार करते हैं, यह दर्शाता है कि वे शिकार करते समय [[दृश्य बोध|दृष्टि]] पर बहुत भरोसा करते हैं। <ref name="f50">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> हालांकि ये गीदड़ों और लोमड़ियों की तरह भागने में तेज नहीं होते लेकिन ये कई घंटों तक अपने शिकार का पीछा कर सकते हैं। <ref name="heptner1998"/> पीछा करने के दौरान, एक या एक से अधिक ढोल अपने शिकार का पीछा कर सकते हैं, जबकि बाकी पैक एक स्थिर गति से पीछे रहता है, जब दूसरा समूह थक जाता तो बारी बदलते रहते हैं। अधिकांश पीछा कम होते हैं, केवल 500 मीटर में ही पीछा खत्म हो जाता है। <ref name="f73">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> तेजी से भागने वाले शिकार का पीछा करते समय ये 50 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ते हैं । <ref name="heptner1998" /> ढोल अक्सर अपने शिकार को जल निकायों में ले जाते हैं, जहां लक्षित जानवरों की गतिविधियों में बाधा आती है। <ref name="f67">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> एक बार जब बड़ा शिकार पकड़ा जाता है, तो एक ढोल शिकार की नाक को पकड़ लेता है, जबकि बाकी झुंड जानवर को साइड से और पिछले हिस्से से खींच कर नीचे गिर देता है। वे मारने के लिए गले पर नहीं काटते हैं। <ref name="f61">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> ये कभी-कभी आंखों पर हमला कर अपने शिकार को अंधा कर देते हैं। <ref>{{Cite journal|last=Grassman, L. I. Jr.|last2=M. E. Tewes|last3=N. J. Silvy|last4=K. Kreetiyutanont|year=2005|title=Spatial ecology and diet of the dhole ''Cuon alpinus'' (Canidae, Carnivora) in north central Thailand|url=http://www.mnhn.fr/museum/front/medias/publication/6555_m05n1a2|journal=Mammalia|volume=69|issue=1|pages=11–20|doi=10.1515/mamm.2005.002|archive-url=https://web.archive.org/web/20061123090326/http://www.mnhn.fr/museum/front/medias/publication/6555_m05n1a2|archive-date=23 November 2006}}</ref> अपने मोटे, सुरक्षात्मक कोट और छोटे, तीखे सींगों के कारण [[सराव]], ढोल के हमलों के खिलाफ खुद को प्रभावी ढंग से बचाने में सक्षम एकमात्र [[सराव|प्रजातियों]] में से एक है। <ref name="lydekker1907">{{Cite book|url=https://archive.org/stream/gameanimalsofind00lyde#page/360/mode/2up|title=The game animals of India, Burma, Malaya, and Tibet|last=Lydekker, R.|publisher=R. Ward Limited|year=1907|location=London, UK}}</ref> ये अपने शिकार के पेट को फाड़ देते हैं और [[हृदय|दिल]], [[यकृत|जिगर]], [[फेफड़ा|फेफड़े]] और [[जठरांत्र क्षेत्र|आंतों]] के कुछ हिस्सों को खा जाएंगे। [[आमाशय (पेट)|पेट]] और रूमेन को आमतौर पर अछूता छोड़ दिया जाता है। <ref name="f63">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> शिकार जिनका वजन 50 किलो से कम होता है आम तौर पर दो मिनट के भीतर मार दिए जाते हैं, जबकि बड़े हिरण को मरने में 15 मिनट लग सकते हैं। एक बार शिकार सुरक्षित हो जाने के बाद, ढोल शव के टुकड़े कर एकांत में जा कर खाते हैं। <ref name="f70">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> भेड़ियों के पैक के विपरीत, जिसमें प्रजनन जोड़ी भोजन पर एकाधिकार करती है, ढोल पिल्लों को भी शिकार में से खाने देते हैं। <ref name="f86">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> वे आम तौर पर [[मुर्दाखोर]] जानवरों के प्रति सहिष्णु होते हैं। <ref name="f51">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> पैक सदस्यों द्वारा माँ और बच्चे दोनों को शिकार के मीट को उगल के भोजन प्रदान किया जाता है। <ref name="nowak1983"/> === भोजन पारिस्थितिकी === [[चित्र:2012-bandipur-dhole-chital.jpg|अंगूठाकार| [[चीतल]] का भोजन करते ढोल, बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान]] भारत में इनके शिकार वाले जानवरों में [[चीतल]], [[साम्भर (हिरण)|सांभर हिरण]], [[काकड़|मंटजेक]], माउस हिरण, [[बारहसिंगा|बारासिंघा]], [[जंगली सूअर]], [[गौर]], [[भैंस|जल भैंस]], बंटेंग, [[गाय|मवेशी]], [[नीलगाय]], [[बकरी|बकरियां]], भारतीय खरगोश, हिमालयी क्षेत्र के चूहे और [[लंगूर]] शामिल हैं। <ref name="cohen1978"/> <ref name="Pocock1941">{{Cite book|title=Fauna of British India: Mammals|last=Pocock|first=R. I.|publisher=Taylor & Francis|year=1941|volume=2|pages=146–163|chapter=Genus ''Cuon'' Hodgs.|author-link=Reginald Innes Pocock|chapter-url=https://archive.org/stream/PocockMammalia2/pocock2#page/n163/mode/2up}}</ref> <ref name="f58">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> [[असम]] में एक [[भारतीय हाथी|भारतीय हाथी के]] बछड़े को मां की हताश रक्षा के बावजूद मार गिरने का एक रिकॉर्ड भी है, जिसके परिणामस्वरूप पैक को कई नुकसान हुए। <ref name="perry1965"/> कश्मीर में, वे [[मारखोर|मार्खोर]], <ref name="Pocock1941" /> और म्यांमार में [[संगइ|थामिन]], <ref name="cohen1978" /> मलायन टेपियर, [[सुमात्रा]] और [[मलय प्रायद्वीप]] में सुमात्रन सीरो, जावा में जावन रूसा का शिकार करते हैं। <ref name="Durbin2004"/> [[तियाँ शान|तियान शान]] और तरबगताई पर्वत में, ढोल साइबेरियाई आइबेक्स, अरखर, रो हिरण, कैस्पियन [[लाल हिरण]] और [[जंगली सूअर|जंगली सूअर का]] शिकार करते हैं। [[अल्ताई पर्वत शृंखला|अल्ताई]] और [[सायन पर्वत शृंखला|सायन पर्वत]] में, वे [[कस्तूरी मृग]] और [[रेंडियर|हिरन का]] शिकार करते हैं। पूर्वी साइबेरिया में, वे रो हिरण, मंचूरियन वपिटी, जंगली सुअर, कस्तूरी मृग और हिरन का शिकार करते हैं, जबकि [[प्रिमोर्स्की क्राय|प्रिमोरी]] में वे सिका हिरण और [[घोरल|गोरल]] खाते हैं। मंगोलिया में, वे अर्गाली और शायद ही कभी साइबेरियाई आइबेक्स का शिकार करते हैं। <ref name="heptner1998"/> अफ्रीकी जंगली कुत्तों की तरह, लेकिन भेड़ियों के विपरीत, ढोल लोगों पर हमला नहीं करते हैं। <ref name="heptner1998"/> <ref name="Pocock1941"/> वे [[कीट|कीड़े]] और [[छिपकली|छिपकलियों को]] खाने के लिए जाने जाते हैं। <ref>{{Cite web|url=https://animaldiversity.org/accounts/Cuon_alpinus/|title=Cuon alpinus (dhole)|last=Chacon|first=Raquel|website=Animal Diversity Web|language=en|access-date=2023-04-04}}</ref> ढोल अन्य कैनिडों की तुलना में [[फल]] और [[सब्ज़ी|सब्जी पदार्थ]] को अधिक आसानी से खाते हैं। कैद में, वे विभिन्न प्रकार की घास, जड़ी-बूटियाँ और पत्तियाँ खाते हैं। <ref name="mivart1890">{{Cite book|title=Dogs, Jackals, Wolves and Foxes: A Monograph of the Canidæ|last=Mivart|first=G.|publisher=R.H. Porter|year=1890|location=London|pages=177–188|chapter=Genus ''Cyon'', Hodgson (1838)|chapter-url=https://archive.org/stream/dogsjackalswolve00mivauoft#page/n307/mode/2up}}</ref> तियान शान पहाड़ों में गर्मियों के दिनों में, ढोल बड़ी मात्रा में माउंटेन रूबर्ब (Rhubarb) खाते हैं। <ref name="heptner1998" /> हालांकि अवसरवादी होने के बाद भी, ढोलों को मवेशियों और उनके बछड़ों का शिकार करने से घृणा होती है। <ref name="f71">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> 1990 के दशक के उत्तरार्ध से ढोल द्वारा [[पशुधन|पशुओं का]] शिकार भूटान में एक समस्या रही है, क्योंकि घरेलू पशुओं को अक्सर जंगल में चरने के लिए बाहर छोड़ दिया जाता है, कभी-कभी एक सप्ताह के लिए। रात में बाड़े में चारे और घरों के पास चरने वाले पशुओं पर कभी आक्रमण नहीं होता। [[गाय|गायों]] की तुलना में [[बैल]] अधिक बार मारे जाते हैं, शायद इसलिए कि उन्हें कम सुरक्षा दी जाती है। <ref>{{Cite journal|last=Johnsingh, A.J.T.|last2=Yonten, D.|last3=Wangchuck, S.|year=2007|title=Livestock-Dhole Conflict in Western Bhutan|journal=Journal of the Bombay Natural History Society|volume=104|issue=2|pages=201–202}}</ref> === शत्रु और प्रतियोगी === [[चित्र:Dhole_killed_by_leopard.jpg|अंगूठाकार| एक [[तेन्दुआ|तेंदुए]] द्वारा मारा गया ढोल]] कुछ क्षेत्रों में, ढोल [[बाघ|बाघों]] और [[तेन्दुआ|तेंदुओं]] के साथ क्षेत्र साझा करते हैं। इन प्रजातियों के बीच शिकार चयन में भिन्नता के कारण प्रतिस्पर्धा काम ही होती है, हालांकि तब भी पर्याप्त आहार ओवरलैप पाया जाता है। तेंदुओं की तरह, ढोल भी आमतौर पर 30–175 किलो के जानवरों को निशाना बनाते हैं जबकि बाघ 176 किलो से अधिक भारी जानवरों को शिकार के लिए चुनते हैं। इसके अलावा, शिकार की अन्य विशेषताएं, जैसे कि लिंग, वृक्षों पर चढ़ने की काबिलियत और आक्रामकता, शिकार के चयन में भूमिका निभा सकती हैं। उदाहरण के लिए, ढोल शिकार करने के लिए ज़्यादातार नर चीतल का चयन करते हैं, जबकि तेंदुए दोनों लिंगों को समान रूप से मारते हैं (और बाघ कुल मिलाकर बड़े शिकार को पसंद करते हैं), ढोल और बाघ, तेंदुओं की तुलना में लंगूरों को शायद ही कभी मारते हैं इसका कारण यह है कि तेंदुए पेड़ पर चढ़ने में माहिर होते हैं, इसके विपरीत तेंदुए जंगली सूअर को बहुत कम ही मारते हैं क्योंकि क्योंकि जंगली सूअर काफी आक्रामक होते हैं और एक अकेला तेंदुआ उनसे अकेले नहीं निपट सकता। <ref name="jstor.org"/> बाघ ढोल के लिए खतरनाक प्रतिद्वंद्वी हैं, क्योंकि उनके पास एक पंजे के प्रहार से ढोल को मारने की पर्याप्त ताकत है। <ref name="perry1965"/> उच्च बाघ घनत्व वाले क्षेत्रों में ढोल पैक छोटे होते हैं क्योंकि बाघ सीधे ढोल को मारते हैं और उनका शिकार भी चोरी कर लेते हैं। अपना शिकार चुराए जाने के कारण ढोल छोटे जानवरों का शिकार करना पसंद करते हैं क्योंकि बाघ के चोरी करने के लिए आने से पहले वे एक छोटे शव को तेजी से खा लेते हैं। बाघ या अन्य द्वारा ढोल के प्रत्यक्ष शिकार से प्रजनन दर में कमी हो सकती है व जब एक सहायक को मार दिया जाता है तो शिकार की सफलता दर भी कम हो जाती है जिससे अंततः पिल्लों के लिए भोजन की कमी हो सकती है और यदि प्रजनन जोड़ी के एक सदस्य को मार दिया जाता है तो इनके पैक में संभावित अस्थिरता हो सकती है। <ref>{{Cite journal|last=Habib, B.|last2=Nigam P.|last3=Ghaskadbi P.|last4=Bhandari A.|year=2021|title=Dhole pack size variation: Assessing the effect of prey availability and apex predator|url=|journal=Ecology and Evolution|volume=11|issue=9|pages=4774–4785|doi=10.1002/ece3.7380|pmc=8093734|pmid=33976847}}</ref> ढोल पैक तेंदुए के शिकार को छीन सकते हैं, जबकि तेंदुए ढोल को मार सकते हैं यदि ढोल अकेले या जोड़े में हों। <ref name="Pocock1941"/> ढोल द्वारा तेंदुओं को पेड़ पर भगाने के कई रिकॉर्ड हैं। <ref name="nowak1983"/> कभी ढोल को [[एशियाई चीता|एशियाई चीता की]] आबादी को कम करने का एक प्रमुख कारक माना जाता था, हालांकि यह संदिग्ध है, क्योंकि चीते खुले क्षेत्रों में रहते हैं, जो कि ढोल के अनुकूल जंगली क्षेत्रों के विपरीत है। <ref name="fin1929">{{Cite book|title=Sterndale's Mammalia of India|last=Finn, F.|publisher=Thacker, Spink & Co.|year=1929|location=London}}</ref> चूंकि तेंदुए बाघों की तुलना में छोटे होते हैं और उनके द्वारा ढोल का शिकार करने की संभावना अधिक होती है, ढोल पैक बाघों की तुलना में उनके प्रति अधिक आक्रामक प्रतिक्रिया करते हैं। <ref name="venkataraman">{{Cite journal|last=Venkataraman, A.|year=1995|title=Do dholes (''Cuon alpinus'') live in packs in response to competition with or predation by large cats?|url=http://eprints.iisc.ac.in/25085/1/article_id_069_11_0934_0936_0.pdf|journal=Current Science|volume=69|issue=11|pages=934–936|archive-url=https://web.archive.org/web/20190713030406/http://eprints.iisc.ac.in/25085/1/article_id_069_11_0934_0936_0.pdf|archive-date=2019-07-13}}</ref> ढोल पैक कभी-कभी [[एशियाई काला भालू|एशियाई काले भालू]], [[हिम तेन्दुआ|हिम तेंदुए]] और [[स्लोथ रीछ|स्लॉथ भालू]] पर हमला करते हैं। भालुओं पर हमला करते समय, ढोल उन्हें गुफाओं में शरण लेने से रोकने का प्रयास करते हैं और उनके शरीर के पिछले हिस्से को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं। <ref name="Pocock1941"/> हालांकि आमतौर पर [[भेड़िया|भेड़ियों]] के प्रति शत्रुतापूर्ण होते हुए भी <ref name="heptner1998"/> ये उनके साथ शिकार करते हुए व खाते हुए भी देखे जा सकते हैं। <ref name="shretha1997">{{Cite book|title=Mammals of Nepal: (with reference to those of India, Bangladesh, Bhutan and Pakistan)|last=Shrestha, T. J.|publisher=Bimala Shrestha|year=1997|isbn=978-0-9524390-6-6|location=Kathmandu}}</ref> [[देब्रीगढ़ वन्य अभयारण्य|डेब्रीगढ़ वन्यजीव अभयारण्य]] में एक अकेले भेड़िये के ढोल की जोड़ी के साथ काम करने का एक रिकॉर्ड है, <ref>{{Cite journal|last=Nair M. V.|last2=Panda S. K.|year=2013|title=Just Friends|url=http://www.sanctuaryasia.com/magazines/features/9390-just-friends.html|journal=Sanctuary Asia|volume=XXXIII|page=3|access-date=30 मई 2023|archive-date=24 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190724195645/https://www.sanctuaryasia.com/magazines/features/9390-just-friends.html|url-status=dead}}</ref> और [[सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान|सतपुड़ा टाइगर रिजर्व]] में ऐसा दो बार देखा गया है। <ref>{{Cite journal|last=Ghaskadbi, P.|last2=Das, J.|last3=Mahadev, V.|last4=Habib, B.|year=2021|title=First record of mixed species association between dholes and a wolf from Satpura Tiger Reserve, India|url=https://www.canids.org/CBC/23/Dhole_wolf_association.pdf|journal=Canid Biology & Conservation|volume=23|issue=4|pages=15–17|archive-url=https://web.archive.org/web/20211017142640/https://www.canids.org/CBC/23/Dhole_wolf_association.pdf|archive-date=2021-10-17}}</ref> वे कभी-कभी मिश्रित समूहों में [[सुनहरा गीदड़|सुनहरे गीदड़ों]] के साथ भी जुड़ जाते हैं। घरेलू कुत्ते ढोल को मार सकते हैं, हालांकि ढोल अनेक अवसरों पर उनके साथ भोजन करते देखे गए हैं। <ref name="humphrey1990">{{Cite book|title=Endangered Animals of Thailand|url=https://archive.org/details/endangeredanimal0000hump|last=Humphrey, S. R.|last2=Bain, J. R.|publisher=Sandhill Crane Press|year=1990|isbn=978-1-877743-07-8|location=Gainesville}}</ref> === रोग और परजीवी === ढोल कई अलग-अलग बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां वे अन्य कैनिड प्रजातियों के साथ क्षेत्र साझा करते हैं। ''टोक्सोकारा कैनिस'' (Toxocara canis) जैसे संक्रामक रोगजनक उनके मल में मौजूद होते हैं। ये [[रेबीज़|रेबीज]], [[कैनाइन डिस्टेम्पर|कैनाइन डिस्टेंपर]], [[मांगे|मैन्ज]] (Mange), [[ट्रिपैनोसोमियासिस]], [[कैनाइन पार्वोवाइरस|कैनाइन परवोवायरस]] और [[परजीविता|एंडोपारासाइट्स]] जैसे [[फीता कृमि|सेस्टोड्स]] और [[सूत्रकृमि|राउंडवॉर्म]] से पीड़ित हो सकते हैं। <ref name="Durbin2004"/> == खतरे == ढोल शायद ही कभी घरेलू पशुओं का शिकार करता है। कुछ जातीय समूह जैसे [[कुरुबा]] और [[आग्नेय भाषापरिवार|मोन खमेर]] -भाषी जनजातियां ढोल द्वारा की गई हत्याओं को उपयुक्त बताती हैं; कुछ भारतीय ग्रामीण भी इसी कारणवश ढोल का स्वागत करते हैं । <ref name="nowak1983"/> [[वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972|1972 के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम]] द्वारा सुरक्षा दिए जाने तक इनाम के लिए ढोल को पूरे भारत में मारा जाता था। ढोल के शिकार के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विधियों में मांद स्थलों पर जहर देना, फंदे लगाना, गोली मारना और डंडे से मारना शामिल था। देशी भारतीय लोगों ने मुख्य रूप से पशुधन की रक्षा के लिए ढोल को मार डाला, जबकि [[ब्रिटिश राज]] के दौरान ब्रिटिश खिलाड़ियों ने ऐसा इस विश्वास के तहत किया कि जिन जानवरों का वे मजे के लिए शिकार करते थे उनकी आबादी में गिरावट के लिए ढोल जिम्मेदार थे। क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग स्तर पर ढोल को अभी भी मारा जाता है। <ref name="Durbin2004"/> ढोल के लिए भुगतान किया जाने वाला इनाम 25 [[रुपया|रुपये]] हुआ करता था, हालांकि 1926 में इसे घटाकर 20 कर दिया गया था, क्योंकि प्रस्तुत किए गए ढोल शवों की संख्या स्थापित इनाम को बनाए रखने के लिए बहुत अधिक हो गई थी। <ref name="f109">{{Harvnb|Fox|1984}}</ref> इंडोचाइना में, ढोल गैर-चुनिंदा शिकार तकनीकों जैसे फंदे में पकड़े जाने से से भारी रूप से पीड़ित हैं। <ref name="Durbin2004" /> फर व्यापार ढोल के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा नहीं करता है। <ref name="Durbin2004"/> भारत के लोग ढोल का मांस नहीं खाते हैं और उनके फर को अत्यधिक मूल्यवान नहीं माना जाता है। <ref name="mivart1890"/> उनकी दुर्लभता के कारण, [[सोवियत संघ]] में बड़ी संख्या में खाल के लिए इन्हें कभी नहीं मारा गया। सर्दियों के फर को चीनियों द्वारा बेशकीमती बनाया गया था, जिन्होंने 1860 के दशक के अंत में कुछ चांदी के रूबल के बदले उस्सुरीयस्क (Ussuriysk) में ढोल की खालों को खरीद था। 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में, [[मंचूरिया]] में ढोल की खाल आठ रूबल तक पहुंच गई। सेमीरेचे में, ढोल की खाल से बने फर कोट को सबसे गर्म माना जाता था, लेकिन यह बहुत महंगा था। <ref name="heptner1998"/> == संरक्षण == भारत में, ढोल को [[वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972]] की अनुसूची 2 के तहत संरक्षित किया गया है। [[प्रोजेक्ट टाइगर]] (1973) के तहत रिजर्व के निर्माण ने बाघों के साथ क्षेत्र साझा करने वाली वाली ढोल आबादी के लिए कुछ सुरक्षा प्रदान की। 2014 में, भारत सरकार ने [[विशाखपटनम|विशाखापत्तनम]] में [[इंदिरा गांधी प्राणी उद्यान]] (IGZP) में अपना पहला ढोल संरक्षण प्रजनन केंद्र स्वीकृत किया। <ref>[http://www.thehindu.com/news/cities/Visakhapatnam/zoo-to-have-conservation-breeding-centre-for-dhole/article6326027.ece Zoo to have conservation breeding centre for ‘dhole’], ''The Hindu'' (18 August 2014)</ref> 1974 से रूस में ढोल को संरक्षित किया गया है, हालांकि यह भेड़ियों के लिए रखे गए जहर के प्रति संवेदनशील है। चीन में, जानवर को 1988 के चीनी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत श्रेणी II संरक्षित प्रजातियों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। [[कम्बोडिया|कंबोडिया]] में, ढोल का शिकार करना मना है, जबकि वियतनाम में संरक्षण कानून निष्कर्षण (इक्स्ट्रैक्शन) और उपयोग को सीमित करते हैं। 2016 में, कोरियाई कंपनी सोआम बायोटेक द्वारा प्रजातियों के संरक्षण में मदद करने के लिए [[स्थानापन्न मातृत्व|सरोगेट मदर]] के रूप में कुत्तों का उपयोग करके ढोल का क्लोन बनाने का प्रयास करने की सूचना मिली थी। == संस्कृति और साहित्य में ==   [[चित्र:Imperial_Encyclopaedia_-_Animal_Kingdom_-_pic171_-_豺圖.svg|पाठ=In ancient China, dholes were known and were also present in mythology|अंगूठाकार| शाही चीनी ज्ञानकोष से एक ढोल का चित्र]] 100 ईसा पूर्व के [[भरहुत]] [[स्तूप]] के कोपिंग स्टोन पर तीन ढोल जैसे जानवरों को चित्रित किया गया है। उन्हें एक पेड़ के पास इंतजार करते हुए दिखाया गया है, जिसमें एक महिला या आत्मा फंसी हुई है, एक ऐसा दृश्य जो बाघों को पेड़ों पर भगाने की याद दिलाता है। भारत में इस जानवर की भयावह प्रतिष्ठा [[हिन्दी|हिंदी]] में इसके अपमानजनक नामों की संख्या से परिलक्षित होती है, इसे "लाल शैतान", "शैतान कुत्ता", "जंगल का शैतान", या " [[काली]] का शिकारी कुत्ता" के रूप में पुकार जाता है। <ref name="perry1965"/> लियोपोल्ड वॉन श्रेनक (Leopold von Schrenck) को अमूरलैंड की खोज के दौरान ढोल के नमूने प्राप्त करने में परेशानी हुई, क्योंकि स्थानीय [[निव्ख़ लोग|गिल्याक]] प्रजाति इनसे बहुत डरती थीं। हालांकि, यह डर और अंधविश्वास पड़ोसी [[तुंगुसी लोग|तुंगुसिक लोगों]] द्वारा साझा नहीं किया गया था। यह अनुमान लगाया गया था कि ढोल के प्रति यह भिन्न रवैया तुंगुसिक लोगों की अधिक खानाबदोश, शिकारी-संग्रहकर्ता जीवन शैली के कारण था। <ref name="schrenk1859">{{Cite book|title=Reisen und Forschungen im Amur-lande in den jahren 1854–1856|last=Schrenk, L. v.|publisher=Kaiserliche Akademie der Wissenschaften|year=1859|location=St. Petersburg|pages=48–50|language=de|chapter=''Canis alpinus''|author-link=Leopold von Schrenck|chapter-url=https://archive.org/stream/reisenundforschu0112schr#page/48/mode/2up}}<cite class="citation book cs1 cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="true" id="CITEREFSchrenk,_L._v.1859">[[लियोपोल्ड वॉन श्रेनेक|Schrenk, L. v.]] (1859). </cite></ref> [[रुडयार्ड किपलिंग|रूडयार्ड किपलिंग]] के ''रेड डॉग'' में ढोल जा जिक्र आता है, जहां उन्हें आक्रामक और खून के प्यासे जानवरों के रूप में चित्रित किया गया है, जो [[दक्कन का पठार|डेक्कन के पठार]] से मोगली और उसके गोद लिए हुए भेड़ियों के समूह द्वारा बसाई गई [[सिवनी|सिओनी पहाड़ियों]] में जंगल के निवासियों के बीच लड़ाई का कारण बनते हैं। उन्हें सैकड़ों की संख्या वाले पैक्स में रहने वाले जानवर के रूप में वर्णित किया गया है, और जब वे जंगल में उतरते हैं तो शेर खान और हाथी भी उनके लिए रास्ता बनाते हैं। ढोल भेड़ियों द्वारा उनकी विनाशकारीता, मांदों में न रहने की उनकी आदत और उनके पैर की उंगलियों के बीच के बालों के कारण तिरस्कृत हैं। मोगली और का की मदद से, सिओनी भेड़ियों का झुंड बाकी को खत्म करने से पहले, ढोलों को मधुमक्खी के छत्ते और मूसलाधार पानी के माध्यम से खतम करने का प्रबंधन करता है। जापानी लेखक उचिदा रोन ने 1901 में स्वदेशी कुत्तों की नस्लों की घटती लोकप्रियता की एक राष्ट्रवादी आलोचना के रूप में 'इनू मोनोगातारी' (एक कुत्ते की कहानी) में ढोल के बारे में लिख कर दावा किया कि ये सारी नस्लें ढोल से ही आई हैं ।<ref>Skabelund, A. H. (2011). </ref> अलौकिक क्षमताओं से ओत-प्रोत ढोल का एक काल्पनिक संस्करण, टीवी श्रृंखला ''द एक्स-फाइल्स'' के सीज़न 6 एपिसोड में दिखाई देता है, जिसका शीर्षक " अल्फा " है। चीन में, ढोल पूरे इतिहास और पौराणिक कथाओं में व्यापक रूप से जाना जाता था। एक उल्लेखनीय प्रसिद्ध प्राणी यज़ी, जिसे एक ऐसा प्राणी माना जाता था जो आधा ढोल और आधा अजगर था। आधुनिक समय में, हालांकि, ढोल ({{Lang-zh|豺}} ) के लिए चीनी शब्द अक्सर 'गीदड़' या 'भेड़िया' के साथ भ्रमित किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप कई भ्रम पैदा होते हैं और सियार या भेड़िये के रूप में ढोल का गलत अनुवाद होता है।  [[वीडियो खेल|वीडियो गेम]] ''फार क्राई 4'' में ढोल अन्य शिकारियों जैसे कि [[बंगाल बाघ|बंगाल टाइगर]], [[बिज्जू|हनी बेजर]], [[हिम तेन्दुआ|हिम तेंदुआ]], [[धूमिल तेन्दुआ|धूमिल तेंदुआ]], [[हिमालय वृक|तिब्बती भेड़िया]] और [[एशियाई काला भालू|एशियाई काले भालू]] के साथ दुश्मन के रूप में भी दिखाई देते हैं। उन्हें मानचित्र पर खिलाड़ी और अन्य एनपीसी का शिकार करते हुए पाया जा सकता है, लेकिन खेल में सबसे कमजोर दुश्मनों में से एक होने के कारण उन्हें आसानी से मार दिया जाता है। वे एक बार फिर वीडियो गेम ''फार क्राई प्राइमल'' में दिखाई देते हैं, जहां वे पिछले गेम में अपने समकक्षों के समान भूमिकाएं निभाते हैं, लेकिन अब उन्हें गेम के मुख्य नायक 'टक्कर' द्वारा भी पालतू बनाया जा सकता है और लड़ाई में इस्तेमाल किया जा सकता है। === पालतू बनाना === ब्रायन ह्यूटन हॉजसन ने पकड़े गए ढोल को कैद में रखा, और पाया कि एक को छोड़कर बाकी सभी 10 महीने बाद भी शर्मीले और हिंसक बने रहे। <ref name="mivart1890"/> <ref>{{Cite journal|last=Hodgson|first=B.H.|date=1833|title=Description of the Wild Dog of the Himalaya|url=https://www.biodiversitylibrary.org/item/137991#page/584/mode/1up|journal=Asiatic Researches|volume=XVIII|page=226}}</ref> रिचर्ड लाइडेकर के अनुसार, वयस्क ढोल को पालतू बनाना लगभग असंभव है, हालांकि पिल्ले विनम्र होते हैं और उन्हें घरेलू कुत्ते के पिल्ले के साथ खेलने की अनुमति भी दी जा सकती है जब तक कि वे वयस्कता तक नहीं पहुंच जाते। <ref name="lydekker1907"/> इब्बी-सिन को श्रद्धांजलि के रूप में एक ढोल उपहार के रूप में प्रस्तुत किया गया हो सकता है। <ref>McIntosh, J. (2008). </ref> == इन्हें भी देखें == * ''वाइल्ड डॉग डायरी (फ़िल्म )'' == नोट्स == <references group="lower-alpha" responsive="1"></references> ==सन्दर्भ== {{reflist|30em}} === ग्रन्थसूची === * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=V8qMs6x-PhUC|title=The Whistling Hunters: Field Studies of the Asiatic Wild Dog (''Cuon alpinus'')|last=Fox|first=M.W.|publisher=State University of New York Press|year=1984|isbn=978-0-9524390-6-6|location=Albany}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=W6ks4b0l7NgC|title=A View From the Machan|last=Karanth|first=U.K.|publisher=Permanent Black|year=2006|isbn=978-8-1782413-7-1|location=Karnataka}} == बाहरी कड़ियाँ == * [http://www.cuon.net/dholes/ ढोल होम पेज] ( [https://web.archive.org/web/20170919112743/http://www.cuon.net:80/dholes संग्रह] ) * ARKive - [https://web.archive.org/web/20060313170514/http://www.arkive.org/species/GES/mammals/Cuon_alpinus/ ढोल के चित्र और वीडियो] * [https://www.theguardian.com/environment/radical-conservation/2015/jun/25/dhole-asia-endangered-tiger-ignored ढोल को बचाना: भूले हुए 'बदमाश' एशियाई कुत्ते को बाघों से भी ज्यादा खतरा], ''द गार्जियन'' (25 जून 2015) * [https://web.archive.org/web/20110608190250/http://public.fotki.com/msandeep/wild-dogs---bandipur/ बांदीपुर में ढोल की तस्वीरें] {{Taxonbar}} [[श्रेणी:दक्षिण पूर्व एशिया के स्तनधारी]] [[श्रेणी:एशिया के मांसाहारी गण]] [[श्रेणी:सीएस1 रूसी-भाषा स्रोत (ru)]] [[श्रेणी:चीनी भाषा पाठ वाले लेख]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] ayi4jlqq65x5qwm1rcrs19q8sbabc98 नागर ब्राह्मण 0 478212 6582907 6579028 2026-07-15T11:32:17Z InternetArchiveBot 500600 Adding 3 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582907 wikitext text/x-wiki '''नागर ब्राह्मण''' भारत के प्रमुख ब्राह्मण समुदायों में से एक हैं, जिनका ऐतिहासिक संबंध मुख्यतः [[गुजरात]] से माना जाता है। यह समुदाय अपनी विद्वत्ता, संस्कृत एवं धर्मशास्त्र के ज्ञान, प्रशासनिक दक्षता तथा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक योगदान के लिए प्रसिद्ध रहा है। नागर ब्राह्मणों का उल्लेख विभिन्न धार्मिक ग्रंथों, वंशावलियों, ऐतिहासिक अभिलेखों तथा स्थानीय परंपराओं में मिलता है। परंपरा के अनुसार नागर ब्राह्मणों का संबंध [[हाटकेश्वर महादेव]] से माना जाता है, जिन्हें इस समुदाय का कुलदेवता माना जाता है। समय के साथ यह समुदाय गुजरात से निकलकर भारत के अनेक भागों में बस गया तथा शिक्षा, न्याय, प्रशासन, साहित्य, कला, व्यापार और सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा। नागर ब्राह्मणों की उत्पत्ति के संबंध में धार्मिक और ऐतिहासिक स्रोतों में विभिन्न मत मिलते हैं। जहाँ [[स्कन्द पुराण]] के ''नागरखण्ड'' में उनकी उत्पत्ति का पौराणिक वर्णन मिलता है, वहीं आधुनिक इतिहासकार उनके विकास को पश्चिम भारत के सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास से जोड़कर देखते हैं। == इतिहास == नागर ब्राह्मणों की उत्पत्ति और प्रारम्भिक इतिहास के संबंध में विभिन्न धार्मिक ग्रंथों, लोकपरंपराओं तथा ऐतिहासिक स्रोतों में अलग-अलग विवरण मिलते हैं। इनके विषय में उल्लेख विशेष रूप से [[स्कन्द पुराण]] के ''नागरखण्ड'' में प्राप्त होता है, जहाँ नागर ब्राह्मणों की उत्पत्ति को धार्मिक परंपरा से जोड़ा गया है।<ref>{{cite book |title=Skanda Purana (Nagara Khanda)}}</ref> कुछ इतिहासकारों के अनुसार [[स्कन्द पुराण]] का वर्तमान स्वरूप कई शताब्दियों में विकसित हुआ। इसका संकलन और संपादन विभिन्न कालों में हुआ, इसलिए इसकी रचना-तिथि को लेकर विद्वानों में मतभेद है।<ref>{{cite book |last=Rocher |first=Ludo |title=The Puranas |publisher=Otto Harrassowitz |year=1986}}</ref> नागर ब्राह्मणों को परंपरागत रूप से विद्या, धर्मशास्त्र, ज्योतिष, संस्कृत अध्ययन तथा धार्मिक अनुष्ठानों में दक्ष माना जाता है। अनेक क्षेत्रों में उन्होंने राजपुरोहित, विद्वान, शिक्षक तथा प्रशासकीय सलाहकार के रूप में भी कार्य किया। परंपरा के अनुसार वे धार्मिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार और वैदिक परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।<ref>{{cite book |title=Caste and Race in India |year=1979 |url=https://archive.org/details/gandhi.casteraceinindia0000gsgh |last=Ghurye |first=G. S. |publisher=Popular Prakashan}}</ref> लोकपरंपरा के अनुसार अनेक शासकों द्वारा नागर ब्राह्मणों को उनकी विद्वत्ता और धार्मिक सेवाओं के कारण भूमि तथा अन्य सम्मान प्रदान किए गए। गुजरात के [[वडनगर]], [[विसनगर]], [[आनंद]] तथा आसपास के क्षेत्रों को नागर ब्राह्मणों के प्रमुख ऐतिहासिक निवास-स्थलों में माना जाता है। समय के साथ इस समुदाय के लोग भारत के विभिन्न भागों में जाकर बस गए।<ref>{{cite book |title=Gazetteer of the Bombay Presidency}}</ref> नागर ब्राह्मणों की विभिन्न उपशाखाओं के नाम उनके मूल निवास-स्थानों के आधार पर विकसित हुए। उदाहरण के लिए वडनगर से '''वडनगरा''', विसनगर से '''विसनगरा''', प्रश्निपुर से '''प्रश्नोरा''', कृष्णपुर से '''कृष्णोरा''' तथा शतपद से '''शठोदरा''' नाम प्रचलित हुए। इन उपशाखाओं का उल्लेख विभिन्न वंशावलियों और सामुदायिक ग्रंथों में मिलता है।<ref>{{cite book |title=Nagar Brahmin Genealogies}}</ref> स्कन्द पुराण के ''नागरखण्ड'' में वर्णित एक धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान [[शिव]] ने देवी [[पार्वती]] (उमा) के विवाह के अवसर पर नागर ब्राह्मणों की उत्पत्ति की तथा प्रसन्न होकर उन्हें [[हाटकेश्वर महादेव]] से संबंधित क्षेत्र का आशीर्वाद प्रदान किया। यह विवरण धार्मिक परंपरा का अंग है और इसे ऐतिहासिक तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि पौराणिक मान्यता के रूप में देखा जाता है।<ref>{{cite book |title=Skanda Purana (Nagara Khanda)}}</ref> == विरासत एवं योगदान == नागर ब्राह्मण समुदाय ने भारतीय समाज, संस्कृति तथा ज्ञान-परंपरा के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस समुदाय के अनेक विद्वानों ने [[संस्कृत]], [[प्राकृत]], [[गुजराती भाषा|गुजराती]] तथा अन्य भारतीय भाषाओं के साहित्य, व्याकरण, दर्शन, ज्योतिष और धर्मशास्त्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। विभिन्न कालों में नागर ब्राह्मण राजपुरोहित, प्रशासक, शिक्षक, न्यायविद् तथा राजकीय सलाहकार के रूप में भी कार्यरत रहे। गुजरात के अनेक ऐतिहासिक नगरों तथा मंदिरों के संरक्षण, धार्मिक परंपराओं के संवर्धन और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी इस समुदाय की सक्रिय भूमिका रही है। वर्तमान समय में नागर ब्राह्मण भारत और विदेशों के अनेक देशों में निवास करते हैं तथा शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, उद्योग, चिकित्सा, न्याय, कला और साहित्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। आज भी नागर ब्राह्मण समुदाय अपनी सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं, सामाजिक संगठनों तथा ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य करता है। {{Authority control}} == इन्हें भी देखें == * [[ब्राह्मण]] * [[गुजरात]] * [[हाटकेश्वर महादेव]] * [[स्कन्द पुराण]] * [[इक्ष्वाकु वंश]] * [[हिन्दू धर्म]] == बाहरी कड़ियाँ == * [https://archive.org/ Internet Archive] * [https://www.wisdomlib.org/hinduism/book/skanda-purana Wisdom Library – Skanda Purana] * [https://archive.org/details/gazetteerofbombaypresidency Gazetteer of the Bombay Presidency] == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}} * {{cite book |last=Rocher |first=Ludo |title=The Puranas |publisher=Otto Harrassowitz |year=1986 |isbn=9783447025225}} * {{cite book |last=Ghurye |first=G. S. |title=Caste and Race in India |publisher=Popular Prakashan |year=1969 |isbn=9788171542055}} * {{cite book |last=Thapar |first=Romila |title=Early India: From the Origins to AD 1300 |url=https://archive.org/details/earlyindiafromor00thap |publisher=University of California Press |year=2002 |isbn=9780520242258}} * {{cite book |title=Skanda Purana (Nagara Khanda) |publisher=Motilal Banarsidass}} * {{cite book |title=Gazetteer of the Bombay Presidency |publisher=Government Central Press}} * {{cite book |last=Majumdar |first=R. C. |title=The History and Culture of the Indian People |url=https://archive.org/details/bwb_P8-AFY-636 |publisher=Bharatiya Vidya Bhavan}} [[श्रेणी:ब्राह्मण]] [[श्रेणी:हिन्दू समुदाय]] [[श्रेणी:भारतीय जातियाँ]] [[श्रेणी:गुजरात का इतिहास]] 3ts76tugek1uc3icuiaefhy75z1oset यक्ष्मा 0 486733 6582846 6577502 2026-07-15T09:25:28Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582846 wikitext text/x-wiki {{Infobox disease |Name = यक्ष्मा |Image = Tuberculosis-x-ray-1.jpg |Caption = Chest [[X-ray]] of a person with advanced tuberculosis. Infection in both lungs is marked by white arrow-heads, and the formation of a cavity is marked by black arrows. |DiseasesDB = 8515 |ICD11 = {{ICD11|B|1||b|10}} |ICD10 = {{ICD10|A|15||a|15}}–{{ICD10|A|19||a|15}} |ICD9 = {{ICD9|010}}–{{ICD9|018}} |ICDO = |OMIM = 607948 |MedlinePlus = 000077 |MedlinePlus_mult = {{MedlinePlus2|000624}} |eMedicineSubj = med |eMedicineTopic = 2324 |eMedicine_mult = {{eMedicine2|emerg|618}} {{eMedicine2|radio|411}} |MeshID = D014376 }}'''यक्ष्मा''', '''तपेदिक, क्षयरोग''', '''एमटीबी''' या '''टीबी''' ''(tubercle bacillus'' का लघु रूप) एक सामान्य और कई घटनाओं में घातक [[संक्रामक रोग|संक्रामक बीमारी]] है जो माइक्रोबैक्टीरिया, सामान्यतः''[[माइकोबैक्टीरियम ट्यूबर्क्युलोसिस|माइकोबैक्टीरियम तपेदिक]]'' के विभिन्न प्रकारों के कारण होती है।<ref name="Robbins">{{cite book |author=Kumar V, Abbas AK, Fausto N, Mitchell RN |year=2007 |title=Robbins Basic Pathology |edition=8th |publisher=Saunders Elsevier |pages=516–522 |isbn=978-1-4160-2973-1}}</ref> क्षय रोग सामान्य रूप से [[फेफड़ा|फेफड़ों]] पर आक्रमण करता है, किंतु यह शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकता हैं। यह श्वास के माध्यम से तब फैलता है, जब वे लोग जो सक्रिय टीबी संक्रमण से ग्रसित हैं, खांसी, छींक, अथवा किसी अन्य प्रकार से श्वास के माध्यम से अपना लार संचारित कर देते हैं।<ref name="AP">{{cite journal |author=Konstantinos A |year=2010 |title=Testing for tuberculosis |journal=Australian Prescriber |volume=33 |issue=1 |pages=12–18 |url=http://www.australianprescriber.com/magazine/33/1/12/18/ |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100804052035/http://www.australianprescriber.com/magazine/33/1/12/18 |archive-date=4 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref> अधिकतर संक्रमण स्पर्शोन्मुख और भीतरी होते हैं, किंतु दस में से एक भीतरी संक्रमण, अंततः सक्रिय रोग में बदल जाते हैं, जिनको यदि बिना उपचार किये छोड़ दिया जाये तो ऐसे संक्रमित लोगों में से 50% से अधिक की मृत्यु हो जाती है। ऐसा माना जाता है कि विश्व की जनसंख्या का एक तिहाई ''एम.तपेदिक,''<ref name="WHO2012data">{{cite web|url=http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs104/en/index.html|title=Tuberculosis Fact sheet N°104|publisher=[[World Health Organization]]|date=नवम्बर 2010|accessdate=26 जुलाई 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20131230232509/http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs104/en/index.html|archive-date=30 दिसंबर 2013|url-status=live}}</ref> से संक्रमित है, नये संक्रमण प्रति सेकंड एक व्यक्ति की दर से बढ़ रहे हैं।<ref name="WHO2012data"></ref> एक अनुमान के अनुसार, 2007 में विश्व में, 13.7 मिलियन जटिल सक्रिय घटनाएं थी,<ref name="WHO2009-Epidemiology">{{cite book |title=Global tuberculosis control: epidemiology, strategy, financing |author=World Health Organization |year=2009 |isbn=978-92-4-156380-2 |chapter=Epidemiology |chapterurl=http://who.int/entity/tb/publications/global_report/2009/pdf/chapter1.pdf |accessdate=12 नवम्बर 2009 |pages=6–33 }}{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> जबकि 2010 में लगभग 8.8 मिलियन नई घटनाएं और 1.5 मिलियन संबंधित मृत्यु हुई जो कि अधिकतर [[विकासशील देश|विकासशील देशों]] में हुई थीं।<ref name="WHO2011">{{cite web|title=The sixteenth global report on tuberculosis|author=World Health Organization|url=http://www.who.int/tb/publications/global_report/2011/gtbr11_executive_summary.pdf|year=2011|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20120906223650/http://www.who.int/tb/publications/global_report/2011/gtbr11_executive_summary.pdf|archive-date=6 सितंबर 2012|url-status=live}}</ref> 2006 के बाद से तपेदिक घटनाओं की संख्या घटी है और 2002 के बाद से नई घटनाओं में गिरावट आई है।<ref name="WHO2011"></ref> तपेदिक का वितरण विश्व भर में एक समान नहीं है; कई एशियाई और अफ्रीकी देशों में जनसंख्या का 80% ट्यूबरक्यूलाइन परीक्षणों में सकारात्मक पायी गयी, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका की जनसंख्या का 5-10% परीक्षणों के प्रति सकारात्मक रहा है।<ref name="Robbins"></ref> प्रतिरक्षा में समझौते के कारण, विकासशील दुनिया के अधिक लोग तपेदिक से पीड़ित होते हैं, जो कि मुख्य रूप से [[एचआईवी|HIV]] संक्रमण की उच्च दर और उसके [[एड्स|एड्स]] में विकास के कारण होता है।<ref name="Lancet11"></ref> == संकेत एवं लक्षण == इनमें से कई लक्षण इसके भिन्न रूपों के साथ मिलते हुये है जबकि अन्य भिन्न रूपों के साथ दूसरे अधिक विशिष्ट (लेकिन पूरी तरह नहीं) हैं। एक साथ एकाधिक भिन्न रूप उपस्थित हो सकते हैं। तपेदिक से संक्रमित 5 से 10% लोग, जिनको एचआईवी नहीं होता है, उनके जीवन काल के दौरान सक्रिय रोग विकसित हो जाता है।<ref name="Pet2005">{{cite book|last=al.]|first=edited by Peter G. Gibson ; section editors, Michael Abramson ... [et|title=Evidence-based respiratory medicine|year=2005|publisher=Blackwell|location=Oxford|isbn=978-0-7279-1605-1|pages=321|url=http://books.google.ca/books?id=sDIKJ1s9wEQC&pg=PA321|edition=1. publ.|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141029010917/http://books.google.ca/books?id=sDIKJ1s9wEQC&pg=PA321|archive-date=29 अक्तूबर 2014|url-status=live}}</ref> इसके विपरीत, एचआईवी से संयुक्त रूप से संक्रमित लोगों में से 30% में सक्रिय रोग का विकास हो जाता है।<ref name="Pet2005"></ref> तपेदिक शरीर के किसी भी भाग को संक्रमित कर सकता है, लेकिन आम तौर पर सबसे अधिक फेफड़ों (फुफ्फुसीय तपेदिक के रूप में जाना जाता है) में होता है।<ref name="ID10"></ref> इतरफुफ्फुसीय टीबी तब होती है जब तपेदिक फेफड़ों के बाहर विकसित होता है। इतरफुफ्फुसीय टीबी के साथ फुफ्फुसीय टीबी भी संय़ुक्त रूप से हो सकती है।<ref name="ID10"></ref> सामान्य चिह्नों और लक्षणों में [[ज्वर|बुखार]], ठंड लगना, रात मे पसीना आना, भूख न लगना, वजन घटना और थकान शामिल हैं<ref name="ID10"></ref> और महत्वपूर्ण रूप से उंगली के पोरों में सूजन भी हो सकती है।<ref name="Pet2005"></ref> === फुफ्फुसीय यक्ष्मा=== यदि तपेदिक संक्रमण सक्रिय हो जाता है, यह आम तौर पर फेफड़ों (90% मामलों में) को प्रभावित करता है।<ref name="Lancet11"></ref><ref>{{cite book|last=Behera|first=D.|title=Textbook of pulmonary medicine|year=2010|publisher=Jaypee Brothers Medical Pub.|location=नई दिल्ली|isbn=978-81-8448-749-7|pages=457|url=http://books.google.ca/books?id=0TbJjd9eTp0C&pg=PA457|edition=2nd ed.|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20130718191441/http://books.google.ca/books?id=0TbJjd9eTp0C&pg=PA457|archive-date=18 जुलाई 2013|url-status=live}}</ref> लक्षणों में सीने में दर्द और लंबी अवधि तक खांसी व बलगम होना शामिल हो सकते हैं। लगभग 25% लोगों को किसी भी तरह के लक्षण नहीं (यानी वे "अलाक्षणिक" बने रह सकते हैं) भी हो सकते हैं।<ref name="Lancet11"></ref> कभी-कभी, लोगों की खांसी के साथ थोड़ी मात्रा में रक्त आ सकता है और बहुत दुर्लभ मामलों में, संक्रमण फुफ्फुसीय धमनी तक पहुंच सकता है जिसके कारण भारी रक्तस्राव (रासमुस्सेन एन्युरिस्म) हो सकता है। तपेदिक एक पुरानी बीमारी है और फेफड़ों के ऊपरी भागों में व्यापक घाव पैदा कर सकती है। फेफड़ों के ऊपरी भागों में निचले भागों की अपेक्षा तपेदिक संक्रमण प्रभाव की संभावना अधिक होती है।<ref name="ID10"></ref> इस अंतर के कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है।<ref name="Robbins"></ref> यह या तो बेहतर वायु प्रवाह, के कारण हो सकता है<ref name="Robbins"></ref> या ऊपरी फेफड़ों के भीतर खराब [[लसिका|लिम्फ]] प्रवाह के कारण हो सकता है।<ref name="ID10"></ref> === इतर फुफ्फुसीय यक्ष्मा=== 15-20% सक्रिय मामलों में संक्रमण, श्वसन अंगों के बाहर फैल जाता है, जिसके कारण अन्य प्रकार के टीबी हो जाते हैं।<ref>{{cite book|last=Jindal|first=editor-in-chief SK|title=Textbook of pulmonary and critical care medicine|publisher=Jaypee Brothers Medical Publishers|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-5025-073-0|pages=549|url=http://books.google.ca/books?id=EvGTw3wn-zEC&pg=PA549|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110041942/http://books.google.ca/books?id=EvGTw3wn-zEC&pg=PA549|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> सामूहिक रूप से इनको "इतर फुफ्फुसीय तपेदिक" के रूप में चिह्नित किया जाता है।<ref name="Extra2005">{{cite journal|pmid=16300038|year=2005|author=Golden MP, Vikram HR|title=Extrapulmonary tuberculosis: an overview|url=https://archive.org/details/sim_american-family-physician_2005-11-01_72_9/page/1760|volume=72|issue=9|pages=1761–8|journal=American Family Physician }}</ref> इतर फुफ्फुसीय टीबी कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों और छोटे बच्चों में अधिक आम होता है। एचआईवी से पीड़ित लोगों में, यह 50% से अधिक मामलों में होता है।<ref name="Extra2005"></ref> उल्लेखनीय इतर फुफ्फुसीय संक्रमण भागों में अन्य हिस्सों के साथ, फेफड़ों का आवरण (तपेदिक के परिफुफ्फुसशोथ में), [[केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र|केंद्रीय तंत्रिका तंत्र]] (तपेदिक मैनिंजाइटिस में), [[लसीका तंत्र|लसिका प्रणाली]] (गर्दन की गंडमाला में), जनन मूत्रीय प्रणाली (मूत्रजननांगी तपेदिक में) और हड्डियों व जोड़ों (रीढ़ की हड्डी के पॉट्स रोग में), शामिल हैं। जब यह हड्डियों में फैलता है तो इसे "हड्डीवाले तपेदिक" के रूप में जाना जाता है जो अस्थिकोप<ref>{{cite book|last=Kabra|first=[edited by] Vimlesh Seth, S.K.|title=Essentials of tuberculosis in children|year=2006|publisher=Jaypee Bros. Medical Publishers|location=नई दिल्ली|isbn=978-81-8061-709-6|pages=249|url=http://books.google.ca/books?id=HkH0YbyBHDQC&pg=PA249|edition=3rd ed.|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042205/http://books.google.ca/books?id=HkH0YbyBHDQC&pg=PA249|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref>का एक प्रकार है।<ref name="Robbins"></ref> एक संभावित रूप से अधिक गंभीर, टीबी का व्यापक रूप "फैला हुआ" टीबी होता है जिसे आम तौर पर मिलियरी तपेदिक के रूप में भी जाना जाता है।<ref name="ID10"></ref> मिलियरी टीबी, इतरफुफ्फुसीय मामलों का 10% होता है।<ref name="Gho2008"></ref> == कारण == === माइक्रोबैक्टीरिया === [[File:Mycobacterium tuberculosis.jpg|thumb|माइकोबैक्टीरियम तपेदिक का स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोग्राफ]] टीबी का मुख्य कारण ''[[माइकोबैक्टीरियम ट्यूबर्क्युलोसिस|तपेदिक माइकोबैक्टीरियम]]'' है जो कि एक छोटा, एरोबिक, चलने में अक्षम दण्डाणु होता है।<ref name="ID10">{{cite book|last=Dolin|first=[edited by] Gerald L. Mandell, John E. Bennett, Raphael|title=Mandell, Douglas, and Bennett's principles and practice of infectious diseases|year=2010|publisher=Churchill Livingstone/Elsevier|location=Philadelphia, PA|isbn=978-0-443-06839-3|pages=Chapter 250|edition=7th}}</ref> इस रोगजनक की उच्च [[लिपिड|लिपिड]] सामग्री इसकी अपनी अनूठी नैदानिक विशेषताओं के लिये जिम्मेदार है।<ref>{{cite book |author=Southwick F |title=Infectious Diseases: A Clinical Short Course, 2nd ed. |publisher=McGraw-Hill Medical Publishing Division |date=10 दिसम्बर 2007 |pages=313–4 |chapter=Chapter 4: Pulmonary Infections |page=104 |url=http://pharma-books.blogspot.com/2009/01/infectious-disease-clinical-short.html |isbn=0-07-147722-5 |archiveurl=https://archive.today/20120713125232/http://pharma-books.blogspot.de/2009/01/infectious-disease-clinical-short.html |archivedate=13 जुलाई 2012 |access-date=13 मई 2016 |url-status=live }}</ref> यह हर 16 से 20 घंटे में [[कोशिका विभाजन|विभाजित]] होता है, जो कि अन्य बैक्टीरिया की तुलना में काफी धीमा है, जो कि आम तौर पर एक घंटे से कम समय में विभाजित हो जाते हैं।<ref>{{cite book|last=Jindal|first=editor-in-chief SK|title=Textbook of pulmonary and critical care medicine|publisher=Jaypee Brothers Medical Publishers|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-5025-073-0|pages=525|url=http://books.google.ca/books?id=rAT1bdnDakAC&pg=PA525|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042246/http://books.google.ca/books?id=rAT1bdnDakAC&pg=PA525|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> माइक्रोबैक्टीरिया की बाहरी झिल्ली लिपिड की दो-परत की होती है।<ref name="Niederweis2010">{{cite journal |author=Niederweis M, Danilchanka O, Huff J, Hoffmann C, Engelhardt H |title=Mycobacterial outer membranes: in search of proteins |journal=Trends in Microbiology |volume=18 |issue=3 |pages=109–16 |year=2010 |month=March |pmid=20060722 |pmc=2931330 |doi=10.1016/j.tim.2009.12.005 | issn=0966-842X }}</ref> यदि ग्राम स्टेन परीक्षण किया जाता है, एमटीबी या तो बहुत कमजोर "ग्राम सकारात्मक" रूप से धब्बे बनाता है या अपनी कोशिका दीवार के उच्च [[लिपिड|लिपिड]] और माइकॉलिक एसिड सामग्री के परिणाम के रूप में डाई नहीं रखता है।<ref name="Madison_2001">{{cite journal |author=Madison B |title=Application of stains in clinical microbiology |journal=Biotechnic & Histochemistry |volume=76 |issue=3 |pages=119–25 |year=2001 |pmid=11475314 |doi=10.1080/714028138}}</ref> एमटीबी कमजोर संक्रमणकर्ताओं का नाश करने वालों का प्रतिरोध कर सकते है और सूखी अवस्था में हफ्तों तक जीवित रह सकते हैं। प्रकृति में, जीवाणु केवल एक मेजबान जीव की कोशिकाओं के भीतर बढ़ सकते हैं लेकिन ''एम. तपेदिक'' को प्रयोगशाला में संवर्धित किया जा सकता है।<ref name="Parish_1999">{{cite journal |author=Parish T, Stoker N |title=Mycobacteria: bugs and bugbears (two steps forward and one step back) |journal=Molecular Biotechnology |volume=13 |issue=3 |pages=191–200 |year=1999| pmid=10934532 |doi = 10.1385/MB:13:3:191}}</ref> कफ (जिसे "बलगम" भी कहते हैं) से लिये गये खांसी के नमूनों पर पुराने धब्बों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों एक सामान्य माइक्रोस्कोप (प्रकाश) के नीचे एमटीबी की पहचान कर सकते हैं। चूंकि एमटीबी, अम्लीय घोल के साथ उपचार किये जाने के बावजूद कुछ धब्बों को बनाये रखता है इसलिये इसको एसिड फास्ट दण्डाणु (एएफबी) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।<ref name="Robbins"></ref><ref name="Madison_2001"></ref> सबसे आम एसिड फास्ट स्टेनिंग तकनीक ज़ाएहल-नील्सन स्टेन है जो एएफबी को चमकदार लाल में डाई कर देता है जिससे यह नीली पृष्ठभूमि<ref name="Stain2000">{{cite book |author= |title=Medical Laboratory Science: Theory and Practice |publisher=Tata McGraw-Hill |location=नई दिल्ली |year=2000 |pages=473 |isbn=0-07-463223-X |url=http://books.google.ca/books?id=lciNs3VQPLoC&pg=PA473 |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042338/http://books.google.ca/books?id=lciNs3VQPLoC&pg=PA473 |archive-date=10 नवंबर 2014 |url-status=live }}</ref> में स्पष्ट रूप से दिखता है इसके अलावा ऑरामाइन-रोडामाइन स्टेन और फ्लोरोसेंस माइक्रोस्कापी भी ऐसी ही तकनीके हैं।<ref>{{cite book|last=Piot|first=editors, Richard D. Semba, Martin W. Bloem ; foreword by Peter|title=Nutrition and health in developing countries|year=2008|publisher=Humana Press|location=Totowa, NJ|isbn=978-1-934115-24-4|pages=291|url=http://books.google.ca/books?id=RhH6uSQy7a4C&pg=PA291|edition=2nd ed.|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042354/http://books.google.ca/books?id=RhH6uSQy7a4C&pg=PA291|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> ''एम. तपेदिक'' कॉम्पलेक्स (एमटीबीसी) में चार अन्य टीबी पैदा करने वाले माइक्रोबैक्टीरिया शामिल हैं: ''एम.बोविस'', ''एम. अफ्रिकेनम'', ''एम. कानेत्ती'' और ''एम. माइक्रोटी''।<ref>{{cite journal |author=van Soolingen D |title=A novel pathogenic taxon of the Mycobacterium tuberculosis complex, Canetti: characterization of an exceptional isolate from Africa |journal=International Journal of Systematic Bacteriology |volume=47 |issue=4 |pages=1236–45 |year=1997 |pmid=9336935 |doi=10.1099/00207713-47-4-1236 |author-separator=, |display-authors=1 |last2=Hoogenboezem |first2=T. |last3=De Haas |first3=P. E. W. |last4=Hermans |first4=P. W. M. |last5=Koedam |first5=M. A. |last6=Teppema |first6=K. S. |last7=Brennan |first7=P. J. |last8=Besra |first8=G. S. |last9=Portaels |first9=F.}}</ref> ''एम. अफ्रिकेनम'' बहुत व्यापक नहीं है, लेकिन अफ्रीका के कुछ हिस्सों में यह तपेदिक का एक महत्वपूर्ण कारण है।<ref>{{cite journal |author=Niemann S |title=Mycobacterium africanum Subtype II Is Associated with Two Distinct Genotypes and Is a Major Cause of Human Tuberculosis in Kampala, Uganda |url=https://archive.org/details/sim_journal-of-clinical-microbiology_2002-09_40_9/page/3398 |journal=Journal of Clinical Microbiology |volume=40 |issue=9 |pages=3398–405 |year=2002 |pmid=12202584 |pmc=130701 |doi=10.1128/JCM.40.9.3398-3405.2002 |author-separator=, |display-authors=1 |last2=Rusch-Gerdes |first2=S. |last3=Joloba |first3=M. L. |last4=Whalen |first4=C. C. |last5=Guwatudde |first5=D. |last6=Ellner |first6=J. J. |last7=Eisenach |first7=K. |last8=Fumokong |first8=N. |last9=Johnson |first9=J. L.}}</ref><ref>{{cite journal |author=Niobe-Eyangoh SN |title=Genetic Biodiversity of Mycobacterium tuberculosis Complex Strains from Patients with Pulmonary Tuberculosis in Cameroon |journal=Journal of Clinical Microbiology |volume=41 |issue=6 |pages=2547–53 |year=2003 |pmid=12791879 |pmc=156567 |doi=10.1128/JCM.41.6.2547-2553.2003 |author-separator=, |display-authors=1 |last2=Kuaban |first2=C. |last3=Sorlin |first3=P. |last4=Cunin |first4=P. |last5=Thonnon |first5=J. |last6=Sola |first6=C. |last7=Rastogi |first7=N. |last8=Vincent |first8=V. |last9=Gutierrez |first9=M. C.}}</ref> पहले ''एम. बोविस'' तपेदिक का एक आम कारण था, लेकिन पास्चुरीकृत दूध की शुरूआत ने काफी हद तक विकसित देशों में इस सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या का सफाया कर दिया।<ref name="Robbins"></ref><ref>{{cite journal |author=Thoen C, Lobue P, de Kantor I |title=The importance of ''Mycobacterium bovis'' as a zoonosis |journal=Veterinary Microbiology |volume=112 |issue=2–4 |pages=339–45 |year=2006 |pmid=16387455 |doi=10.1016/j.vetmic.2005.11.047}}</ref> ''एम. कानेत्ती'' दुर्लभ है और [[हार्न ऑफ़ अफ्रीका|अफ्रीका के हॉर्न]] तक ही सीमित दिखता है, हालांकि कुछ मामलों में अफ्रीकी प्रवासियों को इससे पीड़ित देखा गया है।<ref>{{cite book|last=Acton|first=Q. Ashton|title=Mycobacterium Infections: New Insights for the Healthcare Professional|year=2011|publisher=ScholarlyEditions|isbn=978-1-4649-0122-5|pages=1968|url=http://books.google.ca/books?id=g2iFfV6uEuAC&pg=PA1968|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042041/http://books.google.ca/books?id=g2iFfV6uEuAC&pg=PA1968|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite journal|last=Pfyffer|first=GE|author2=Auckenthaler, R, van Embden, JD, van Soolingen, D|title=Mycobacterium canettii, the smooth variant of M. tuberculosis, isolated from a Swiss patient exposed in Africa.|journal=Emerging Infectious Diseases|date=1998 Oct-Dec|volume=4|issue=4|pages=631–4|pmid=9866740|pmc=2640258}}</ref> ''एम. माइक्रोटी'' भी दुर्लभ है और ज्यादातर कम प्रतिरोधी क्षमता वाले लोगों में देखा जाता है, हालांकि इस रोगजनक के प्रसार को संभवतः काफी कम करके आंका गया है।<ref>{{cite journal|last=Panteix|first=G|author2=Gutierrez, MC, Boschiroli, ML, Rouviere, M, Plaidy, A, Pressac, D, Porcheret, H, Chyderiotis, G, Ponsada, M, Van Oortegem, K, Salloum, S, Cabuzel, S, Bañuls, AL, Van de Perre, P, Godreuil, S|title=Pulmonary tuberculosis due to Mycobacterium microti: a study of six recent cases in France.|journal=Journal of Medical Microbiology|date=2010 Aug|volume=59|issue=Pt 8|pages=984–9|pmid=20488936|doi=10.1099/jmm.0.019372-0}}</ref> अन्य ज्ञात रोगजनक माइक्रोबैक्टीरिया में ''एम. लेपरे'', ''एम.एवियम '' और ''एम. कानसाई'' शामिल है। बाद की दो प्रजातियों को "गैर-तपेदिक माइक्रोबैक्टीरिया" (एनटीएम) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। एनटीएम न तो टीबी और न ही [[कुष्ठ|कुष्ठ रोग]] का कारण है, लेकिन वे फेफड़े में टीबी के सदृश रोग पैदा करते हैं।<ref name="ALA_1997">{{cite journal |title=Diagnosis and treatment of disease caused by nontuberculous mycobacteria. This official statement of the American Thoracic Society was approved by the Board of Directors, March 1997. Medical Section of the American Lung Association |journal=American Journal of Respiratory & Critical Care Medicine |volume=156 |issue=2 Pt 2 |pages=S1–25 |year=1997 |pmid = 9279284 |author=American Thoracic Society }}</ref> === जोखिम कारक === कई सारे कारक लोगों को और टीबी संक्रमण के लिए अधिक संवेदनशील बनाते हैं। दुनिया भर में सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारक [[एचआईवी|एचआईवी]] है, टीबी के सभी मामलों के 13% लोग इस वायरस से संक्रमित हैं।<ref name="WHO2011"></ref> [[उप-सहारा अफ़्रीका|उप - सहारा अफ्रीका]] में यह एक विशेष समस्या है, जहां एचआईवी की दर अधिक होती है।<ref>{{cite web|author=World Health Organization|url=http://www.who.int/tb/publications/global_report/en/index.html|title=Global tuberculosis control–surveillance, planning, financing WHO Report 2006|accessdate=13 अक्टूबर 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20061212123736/http://www.who.int/tb/publications/global_report/en/index.html|archive-date=12 दिसंबर 2006|url-status=live}}</ref><ref>{{cite journal|last=Chaisson|first=RE|author2=Martinson, NA|title=Tuberculosis in Africa--combating an HIV-driven crisis|url=https://archive.org/details/sim_new-england-journal-of-medicine_2008-03-13_358_11/page/1089|journal=The New England Journal of Medicine|date=13 मार्च 2008|volume=358|issue=11|pages=1089–92|pmid=18337598|doi=10.1056/NEJMp0800809}}</ref> तपेदिक, भीड़भाड़ और [[कुपोषण|कुपोषण]] दोनो से जुड़ा हुआ है, जो इसको गरीबी की एक प्रमुख बीमारी बनाते हैं।<ref name="Lancet11"></ref> उच्च जोखिम में निम्न लोग शामिल हैं: जो लोग सुई द्वारा अवैध दवायें लेते हैं, ऐसे स्थानों के निवासी और कर्मचारी जहां पर संवेदनशील लोग एकत्रित होते हैं (जैसे जेल और बेघर आश्रय), चिकित्सकीय वंचित और संसाधन वंचित समुदाय, उच्च जोखिम वाले जातीय-अल्पसंख्यक, उच्च जोखिम श्रेणी मरीजों के निकट संपर्क में रहने वाले बच्चे और ऐसे लोगों को सेवा प्रदान करने वाले स्वास्थ्य सेवा प्रदाता।<ref name="Griffith_1996">{{cite journal | author=Griffith D, Kerr C | title=Tuberculosis: disease of the past, disease of the present | journal=Journal of Perianesthesia Nursing | volume=11 | issue=4 | pages=240–5 | year=1996 | pmid=8964016 | doi=10.1016/S1089-9472(96)80023-2 }}</ref> फेफड़ों का पुराना रोग एक अन्य महत्वपूर्ण जोखिम कारक है - जबकि सिलिकोसिस, जोखिम को 30 गुना तक बढ़ाता है।<ref name="table3">{{cite journal |title=Targeted tuberculin testing and treatment of latent tuberculosis infection. American Thoracic Society |journal=MMWR. Recommendations and Reports |volume=49 |issue=RR–6 |pages=1–51 |year=200 |month=June |pmid=10881762 |url=http://www.cdc.gov/mmwr/preview/mmwrhtml/rr4906a1.htm#tab3 |author1=ATS/CDC Statement Committee on Latent Tuberculosis Infection |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200112192435/https://www.cdc.gov/mmwr/preview/mmwrhtml/rr4906a1.htm#tab3 |archive-date=12 जनवरी 2020 |url-status=live }}</ref> जो लोग [[सिगरेट|सिगरेट]] पीते हैं उनको टीबी होने का दोगुना जोखिम होता है।<ref>{{cite journal|last=van Zyl Smit|first=RN|author2=Pai, M, Yew, WW, Leung, CC, Zumla, A, Bateman, ED, Dheda, K|title=Global lung health: the colliding epidemics of tuberculosis, tobacco smoking, HIV and COPD.| journal=European Respiratory Journal |date=2010 Jan|volume=35|issue=1|pages=27–33|pmid=20044459|quote=These analyses indicate that smokers are almost twice as likely to be infected with TB and to progress to active disease (RR of ∼1.5 for latent TB infection (LTBI) and RR of ∼2.0 for TB disease). Smokers are also twice as likely to die from TB (RR of ∼2.0 for TB mortality), but data are difficult to interpret because of heterogeneity in the results across studies.|doi=10.1183/09031936.00072909}}</ref> अन्य रोग अवस्थायें भी तपेदिक विकास के जोखिम को बढ़ा सकती हैं जैसे शराब का सेवन<ref name="Lancet11"></ref> और [[मधुमेह|मधुमेह]] (तीन गुना जोखिम वृद्धि)।<ref>{{cite journal|last=Restrepo|first=BI|title=Convergence of the tuberculosis and diabetes epidemics: renewal of old acquaintances|journal=Clinical Infectious Diseases |date=15 अगस्त 2007|volume=45|issue=4|pages=436–8|pmid=17638190|doi=10.1086/519939|pmc=2900315}}</ref> कुछ दवायें जैसे कॉर्टिकॉस्टरॉएड और इनफिलिक्सीमैब (एक αTNF-विरोधी मोनोक्लोनल एंटीबॉडी) तेजी से महत्वपूर्ण जोखिम कारक बनती जा रही हैं, विशेष रूप से विकसित दुनिया में।<ref name="Lancet11"></ref> आनुवंशिक संवेदनशीलता भी एक कारक है<ref>{{cite journal|last=Möller|first=M|author2=Hoal, EG|title=Current findings, challenges and novel approaches in human genetic susceptibility to tuberculosis|url=https://archive.org/details/sim_tuberculosis_2010-03_90_2/page/71|journal=Tuberculosis |date=2010 Mar|volume=90|issue=2|pages=71–83|pmid=20206579|doi=10.1016/j.tube.2010.02.002}}</ref> जिसका समग्र महत्व अभी भी अनिर्धारित है।<ref name="Lancet11"></ref> == कार्यप्रणाली == [[File:TB poster.jpg|thumb|सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों ने 1920 के दशक में टीबी के प्रसार को रोकने का प्रयास किया।]] === प्रसार === जब सक्रिय फुफ्फुसीय टीबी से पीड़ित लोग खांसते, छींकते, गाते, थूकते या दूसरों के साथ बातें करते हैं तो वे 0.5 से 5.0 µm आकार की संक्रामक एयरोसोल बूंदों को बाहर निकालते हैं। एक छींक से लगभग 40,000 बूंदें निकल सकती हैं।<ref name="Cole_1998">{{cite journal |author=Cole E, Cook C |title=Characterization of infectious aerosols in health care facilities: an aid to effective engineering controls and preventive strategies |url=https://archive.org/details/sim_american-journal-of-infection-control_1998-08_26_4/page/453 |journal=Am J Infect Control |volume=26 |issue=4 |pages=453–64 |year=1998 |pmid=9721404|doi = 10.1016/S0196-6553(98)70046-X}}</ref> इन बूंदों में से हर एक रोग संचारित कर सकती है, क्योंकि तपेदिक की संक्रामक खुराक बहुत कम (10 से भी कम बैक्टीरिया भीतर लेने से संक्रमण हो सकता है) होती है।<ref>{{cite journal |author=Nicas M, Nazaroff WW, Hubbard A |title=Toward understanding the risk of secondary airborne infection: emission of respirable pathogens |journal=J Occup Environ Hyg |volume=2 |issue=3 |pages=143–54 |year=2005 |pmid=15764538|doi = 10.1080/15459620590918466}}</ref> टीबी से पीड़ित लोगों के साथ लंबे समय तक और अक्सर, या करीबी संपर्क वाले लोगों में संक्रमित होने का विशेष जोखिम होता है, जिसकी संक्रमण दर 22% तक है।<ref name="Ahmed_2011">{{cite journal |author=Ahmed N, Hasnain S |title=Molecular epidemiology of tuberculosis in India: Moving forward with a systems biology approach |url=https://archive.org/details/sim_tuberculosis_2011-09_91_5/page/407 |journal=Tuberculosis |volume=91 |issue=5 |pages=407–3 |year=2011|pmid = 21514230|doi = 10.1016/j.tube.2011.03.006}}</ref> सक्रिय लेकिन इलाज नहीं किये गये तपेदिक से पीड़ित व्यक्ति प्रति वर्ष 10-15 (या अधिक) लोगों को संक्रमित कर सकता है।<ref name="WHO2012data"></ref> प्रसार केवल उन लोगों के साथ होना चाहिये जिनको सक्रिय टीबी है- अव्यक्त संक्रमण वाले लोग संक्रामक नहीं माने जाते हैं।<ref name="Robbins"></ref> एक व्यक्ति से दूसरे में प्रसार की संभावना कई कारकों पर निर्भर करती है जिसमें वाहक द्वारा संक्रामक बूंदों को बाहर करना, वायु संचार की प्रभावशीलता, संक्रामक के साथ रहने की अवधि, ''एम.तपेदिक'' प्रभाव की उग्रता, असंक्रमित व्यक्ति में प्रतिरोध का स्तर तथा अन्य शामिल है।<ref name="CDCcourse">{{cite web|publisher=[[Centers for Disease Control and Prevention]] (CDC), Division of Tuberculosis Elimination|url=http://www.cdc.gov/tb/education/corecurr/pdf/corecurr_all.pdf|title=Core Curriculum on Tuberculosis: What the Clinician Should Know|pg=24|edition=5th|year=2011|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20120519141115/http://www.cdc.gov/tb/education/corecurr/pdf/corecurr_all.pdf|archive-date=19 मई 2012|url-status=live}}</ref> सक्रिय ("प्रकट") टीबी से पीड़ित लोगों को अलग करके तथा उनको टीबी विरोधी दवा की व्यवस्था में रखकर, व्यक्ति से व्यक्ति के प्रसार के प्रवाह को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। प्रभावी उपचार के दो सप्ताह के बाद, गैरप्रतिरोधी सक्रिय संक्रमण वाले लोग आम तौर पर दूसरों के लिए संक्रामक नहीं रह जाते हैं।<ref name="Ahmed_2011"></ref> अगर कोई संक्रमित हो जाता है, तो नये संक्रमित व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति तक संक्रमण पहुंचाने लायक बनने में आम तौर पर तीन से चार सप्ताह लगते हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.mayoclinic.com/health/tuberculosis/DS00372/DSECTION=3|title=Causes of Tuberculosis|accessdate=19 अक्टूबर 2007|date=21 दिसम्बर 2006|publisher=[[Mayo Clinic]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20071018051807/http://www.mayoclinic.com/health/tuberculosis/DS00372/DSECTION%3D3|archive-date=18 अक्तूबर 2007|url-status=live}}</ref> === रोग की व्युत्पत्ति (पैथोजेनेसिस)=== ''एम.तपेदिक'' से संक्रमित लोगों में से 90% को स्पर्शोन्मुख, अव्यक्त टीबी संक्रमण (कभी-कभी LTBI कहा जाता है) होता है,<ref name="Book90">{{cite book|last=Skolnik|first=Richard|title=Global health 101|year=2011|publisher=Jones & Bartlett Learning|location=Burlington, MA|isbn=978-0-7637-9751-5|pages=253|url=http://books.google.ca/books?id=sBQRpj4uWmYC&pg=PA253|edition=2nd ed.|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110041609/http://books.google.ca/books?id=sBQRpj4uWmYC&pg=PA253|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> जीवनकाल में केवल 10% संभावना होती है कि अव्यक्त संक्रमण, प्रकट, सक्रिय तपेदिक रोग में बदले।<ref name="Arch2009">{{cite book|last=editors|first=Arch G. Mainous III, Claire Pomeroy,|title=Management of antimicrobials in infectious diseases : impact of antibiotic resistance.|year=2009|publisher=Humana|location=Totowa, N.J.|isbn=978-1-60327-238-4|pages=74|url=http://books.google.ca/books?id=hwVFAPLYznsC&pg=PA74|edition=2nd rev. ed.|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042125/http://books.google.ca/books?id=hwVFAPLYznsC&pg=PA74|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> एचआईवी से पीड़ित लोगों में सक्रिय टीबी के विकास का जोखिम एक साल में लगभग 10% बढ़ता है।<ref name="Arch2009"></ref> यदि प्रभावी उपचार नहीं दिया जाता है तो, सक्रिय टीबी के मामलों में मृत्यु दर 66% तक है।<ref name="WHO2012data"></ref> टीबी संक्रमण तब शुरु होता है जब माइक्रोबैक्टीरिया फेफड़े की कूपिका (alveoli), में पहुंच जाते हैं जहां वे वायुकोशीय मैक्रोफेज के एंडोसोम पर आक्रमण करते हैं और उनके प्रतिरूप बनाते हैं।<ref name="Robbins"></ref><ref name="Houben">{{cite journal | author=Houben E, Nguyen L, Pieters J | title=Interaction of pathogenic mycobacteria with the host immune system | journal=Curr Opin Microbiol | volume=9 | issue=1 | pages=76–85 | year=2006 | pmid=16406837 | doi=10.1016/j.mib.2005.12.014 }}</ref> फेफड़ों में संक्रमण का प्राथमिक स्थल जिसे "घोन फोकस" कहते हैं, आम तौर पर या तो ऊपरी हिस्से के निचले लोब या निचले हिस्से के [[फेफड़ा|ऊपरी लोब]] में स्थित होता है।<ref name="Robbins"></ref> फेफड़ों का तपेदिक रक्त प्रवाह से संक्रमण के माध्यम से भी हो सकता है। यह साइमन फोकस के रूप में जाना जाता है और आम तौर पर फेफड़ों के शीर्ष में पाया जाता है।<ref>{{cite book|last=Khan|title=Essence Of Paediatrics|year=2011|publisher=Elsevier India|isbn=978-81-312-2804-3|pages=401|url=http://books.google.ca/books?id=gERCc6KTxwoC&pg=PA401|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042013/http://books.google.ca/books?id=gERCc6KTxwoC&pg=PA401|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> इस रक्त से होने वाला प्रसार बहुत दूर की जगहों पर भी संक्रमण फैला सकता है जैसे कि परिधीय लिम्फ नोड्स, गुर्दे, मस्तिष्क और हड्डियां।<ref name="Robbins"></ref><ref name="Herrmann_2005">{{cite journal |author=Herrmann J, Lagrange P |title=Dendritic cells and ''Mycobacterium tuberculosis'': which is the Trojan horse? |journal=Pathol Biol (Paris) |volume=53 |issue=1 |pages=35–40 |year=2005|pmid = 15620608 |doi=10.1016/j.patbio.2004.01.004}}</ref> शरीर के सभी भाग रोग से प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि अज्ञात कारणों से यह [[हृदय|दिल]], कंकाल तंत्र संबंधी मांसपेशियों, [[अग्न्याशय|अग्नाशय]] या [[अवटु ग्रंथि|थायरॉयड]] को बेहद कम प्रभावित करता है।<ref>{{cite journal |author=Agarwal R, Malhotra P, Awasthi A, Kakkar N, Gupta D |pmc=1090580 |title=Tuberculous dilated cardiomyopathy: an under-recognized entity? |journal=BMC Infect Dis |volume=5 |issue=1 |page=29 |year=2005 |pmid=15857515 |doi=10.1186/1471-2334-5-29}}</ref> क्षय रोग एक ग्रेन्युलोमेटस इन्फ्लेमेटरी रोग के रूप में वर्गीकृत किया गया है। मैक्रोफेज, टी लिंफोसाइट्स, बी लिंफोसाइट्स और फाइब्रोब्लास्ट वे कोशिकाएं हैं जो मिलकर ग्रेन्युलोमा बनाते हैं जबकि लिंफोसाइट, संक्रमित मैक्रोफेज के चारों ओर होती हैं। ग्रेन्युलोमा, माइक्रोबैक्टीरिया के प्रसार को रोकता है और [[प्रतिरक्षा प्रणाली]] की कोशिकाओं की अंतःक्रिया के लिए एक स्थानीय वातावरण प्रदान करता है। जीवाणु, ग्रेन्युलोमा के अंदर निष्क्रिय हो जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप अव्यक्त संक्रमण होता है। ट्यूबरकल के केंद्र में असामान्य कोशिका मृत्यु (नेक्रोसिस) का विकास, ग्रैन्युलोमा की एक अन्य विशेषता है। नग्न आंखों से देखने पर, यह नरम, सफेद पनीर की बनावट जैसा होता है और केसियस नेक्रोसिस कहा जाता है।<ref name="Grosset">{{cite journal |author=Grosset J |title=Mycobacterium tuberculosis in the Extracellular Compartment: an Underestimated Adversary |url=https://archive.org/details/sim_antimicrobial-agents-and-chemotherapy_2003-03_47_3/page/n15 |journal=Antimicrob Agents Chemother |volume=47 |issue=3 |pages=833–6 |year=2003|pmid = 12604509|doi = 10.1128/AAC.47.3.833-836.2003 |pmc=149338}}</ref> यदि टीबी के जीवाणु क्षतिग्रस्त ऊतकों के क्षेत्र से खून में प्रवेश कर जाते हैं तो, वे पूरे शरीर में फैल सकते हैं और संक्रमण के कई केंद्र बना सकते हैं, ये सभी ऊतकों में छोटे, सफेद ट्यूबरकल के रूप में दिखाई देते हैं।<ref>{{cite book|last=Crowley|first=Leonard V.|title=An introduction to human disease : pathology and pathophysiology correlations|year=2010|publisher=Jones and Bartlett|location=Sudbury, Mass.|isbn=978-0-7637-6591-0|pages=374|url=http://books.google.ca/books?id=TEiuWP4z_QIC&pg=PA374|edition=8th ed.|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042039/http://books.google.ca/books?id=TEiuWP4z_QIC&pg=PA374|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> यह टीबी रोग का एक गंभीर रूप है जो छोटे बच्चों और एचआईवी पीड़ित लोगों में सबसे अधिक आम है, इसे मिलियरी तपेदिक कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=Anthony|first=Harries|title=TB/HIV a Clinical Manual.|year=2005|publisher=World Health Organization|location=Geneva|isbn=978-92-4-154634-8|pages=75|url=http://books.google.ca/books?id=8dfhwKaCSxkC&pg=PA75|edition=2nd|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110044132/http://books.google.ca/books?id=8dfhwKaCSxkC&pg=PA75|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> इस टीबी से पीड़ित लोगों में उपचार के बावजूद उच्च मृत्यु दर (लगभग 30%) होती है।<ref name="Gho2008">{{cite book|last=Ghosh|first=editors-in-chief, Thomas M. Habermann, Amit K.|title=Mayo Clinic internal medicine : concise textbook|year=2008|publisher=Mayo Clinic Scientific Press|location=Rochester, MN|isbn=978-1-4200-6749-1|pages=789|url=http://books.google.ca/books?id=YJtodBwNxokC&pg=PA789|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110041751/http://books.google.ca/books?id=YJtodBwNxokC&pg=PA789|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite journal|last=Jacob|first=JT|author2=Mehta, AK, Leonard, MK|title=Acute forms of tuberculosis in adults.|url=https://archive.org/details/sim_american-journal-of-medicine_2009-01_122_1/page/12|journal=The American Journal of Medicine|date=2009 Jan|volume=122|issue=1|pages=12–7|pmid=19114163|doi=10.1016/j.amjmed.2008.09.018}}</ref> कई लोगों में, संक्रमण घटता-बढ़ता रहता है। ऊतक विनाश और परिगलन अक्सर चिकित्सा और फाइब्रोसिस से संतुलित होते हैं।<ref name="Grosset"></ref> प्रभावित ऊतक का स्थान चकत्ते और खाली जगह ले लेती है जो केसियल नैक्रोटिक सामग्री से भरी होती है। सक्रिय रोग के दौरान, इन खाली स्थानों में से कुछ वायु मार्ग ब्रांकाई से जुड़ जाते हैं और यह सामग्री कफ के रूप में बाहर आ सकती है। इनमें जीवित बैक्टीरिया होते हैं, इसलिये संक्रमण फैल सकता है। उपयुक्त [[एंटीबायोटिक (प्रतिजैविक)|एंटीबायोटिक्स]] के साथ उपचार करने से जीवाणु मर सकते हैं और उपचार संभव हो सकता है। ठीक हो जाने पर, प्रभावित क्षेत्र अंततः ऊतकों द्वारा प्रतिस्थापित हो जाते हैं।<ref name="Grosset"></ref> == रोग-निदान == [[File:TB in sputum.png|thumb|थूक में माइकोबैक्टीरियम तपेदिक (लाल धब्बे)]] === सक्रिय तपेदिक === सक्रिय तपेदिक का केवल चिह्नों और लक्षणों के आधार पर निदान करना मुश्किल है<ref name="DiagP2011">{{cite journal|last=Bento|first=J|author2=Silva, AS, Rodrigues, F, Duarte, R|title=[Diagnostic tools in tuberculosis].|journal=Acta medica portuguesa|date=2011 Jan-Feb|volume=24|issue=1|pages=145–54|pmid=21672452}}</ref>, इसी प्रकार कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में रोग का निदान भी मुश्किल है।<ref name="Clinic2009">{{cite journal|last=Escalante|first=P|title=In the clinic. Tuberculosis.|journal=Annals of internal medicine|date=2 जून 2009|volume=150|issue=11|pages=ITC61-614; quiz ITV616|pmid=19487708}}</ref> हलांकि टीबी का निदान उन लोगों में किया जाना चाहिये जिनमें फेफड़ों के रोग के चिह्न है या दो से अधिक सप्ताह से स्वाभाविक लक्षण हैं।<ref name="Clinic2009"></ref> छाती का एक्स-रे और एसिड फास्ट बेसिली के लिए कई थूक-कल्चर आम तौर पर प्रारंभिक मूल्यांकन का हिस्सा हैं।<ref name="Clinic2009"></ref> इंटरफेरॉन-γ रिलीज असाएस और ट्यूबरक्यूलीन त्वचा परीक्षण विकासशील दुनिया में कम उपयोग किये जाते हैं।<ref>{{cite journal|last=Metcalfe|first=JZ|author2=Everett, CK, Steingart, KR, Cattamanchi, A, Huang, L, Hopewell, PC, Pai, M|title=Interferon-γ release assays for active pulmonary tuberculosis diagnosis in adults in low- and middle-income countries: systematic review and meta-analysis.|journal=The Journal of infectious diseases|date=15 नवंबर 2011|volume=204 Suppl 4|pages=S1120-9|pmid=21996694|doi=10.1093/infdis/jir410}}</ref><ref name="Sester 100–11">{{cite journal|last=Sester|first=M|author2=Sotgiu, G, Lange, C, Giehl, C, Girardi, E, Migliori, GB, Bossink, A, Dheda, K, Diel, R, Dominguez, J, Lipman, M, Nemeth, J, Ravn, P, Winkler, S, Huitric, E, Sandgren, A, Manissero, D|title=Interferon-γ release assays for the diagnosis of active tuberculosis: a systematic review and meta-analysis.|journal=The European respiratory journal : official journal of the European Society for Clinical Respiratory Physiology|date=2011 Jan|volume=37|issue=1|pages=100–11|pmid=20847080|doi=10.1183/09031936.00114810}}</ref> आईजीआरए की भी एचआईवी पीड़ित लोगों की तरह की सीमायें हैं।<ref name="Sester 100–11"></ref><ref>{{cite journal|last=Chen|first=J|author2=Zhang, R, Wang, J, Liu, L, Zheng, Y, Shen, Y, Qi, T, Lu, H|title=Interferon-gamma release assays for the diagnosis of active tuberculosis in HIV-infected patients: a systematic review and meta-analysis.|journal=PLoS ONE|year=2011|volume=6|issue=11|pages=e26827|pmid=22069472|doi=10.1371/journal.pone.0026827|pmc=3206065}}</ref> टीबी का एक निश्चित निदान नैदानिक नमूने (जैसे थूक, [[पूय|मवाद]] या एक ऊतक [[उत्तक परीक्षा|बायोप्सी]]) में ''एम.तपेदिक'' की पहचान द्वारा किया जाता है। हालांकि, इस धीमी गति से बढ़ने वाले जीव के लिये, खून या थूक की कठिन कल्चर प्रक्रिया में दो को छह सप्ताह लग सकते हैं।<ref>{{cite book|last=Diseases|first=Special Programme for Research & Training in Tropical|title=Diagnostics for tuberculosis : global demand and market potential.|year=2006|publisher=World Health Organization on behalf of the Special Programme for Research and Training in Tropical Diseases|location=Geneva|isbn=978-92-4-156330-7|pages=36|url=http://books.google.ca/books?id=CFPpcCef4yQC&pg=PA36|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110043735/http://books.google.ca/books?id=CFPpcCef4yQC&pg=PA36|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> इस प्रकार उपचार अक्सर कल्चर की पुष्टि से पहले शुरू कर दिया जाता है।<ref name="NICE2011"></ref> न्यूक्लिक एसिड प्रवर्धन परीक्षण और एडेनोसीन डियामेनस परीक्षण टीबी का त्वरित निदान कर सकता है।<ref name="DiagP2011"></ref> हलांकि इन परीक्षणों की सिफारिश नियमित रूप से नहीं की जाती है, क्योंकि ये व्यक्ति के उपचार को बेहद कम प्रभावित करते हैं।<ref name="NICE2011"></ref> एंटीबॉडी का पता लगाने के लिये किये जाने वाले रक्त परीक्षण विशिष्ट या संवेदनशील नहीं होते हैं, इसलिए इनकी सिफारिश नहीं की जाती है।<ref>{{cite journal|last=Steingart|first=KR|author2=Flores, LL, Dendukuri, N, Schiller, I, Laal, S, Ramsay, A, Hopewell, PC, Pai, M|title=Commercial serological tests for the diagnosis of active pulmonary and extrapulmonary tuberculosis: an updated systematic review and meta-analysis.|journal=PLoS medicine|date=2011 Aug|volume=8|issue=8|pages=e1001062|pmid=21857806|doi=10.1371/journal.pmed.1001062|pmc=3153457}}</ref> === अव्यक्त तपेदिक === [[File:Mantoux tuberculin skin test.jpg|thumb|मैनटॉक्स ट्यूबरक्यूलाइन त्वचा परीक्षण]] टीबी के उच्च जोखिम वाले लोगों में पहचान के लिये अक्सर मैनटॉक्स ट्यबरक्युलीन त्वचा परीक्षण किया जाता है।<ref name="Clinic2009"></ref> जो लोग पहले से प्रतिरक्षित हैं उन पर परीक्षण का गलत सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकता है।<ref name="Rothel_2005">{{cite journal|author=Rothel J, Andersen P |title=Diagnosis of latent ''Mycobacterium tuberculosis'' infection: is the demise of the Mantoux test imminent?|journal=Expert Rev Anti Infect Ther |volume=3 |issue=6 |pages=981–93 |year=2005|pmid = 16307510|doi = 10.1586/14787210.3.6.981}}</ref> सारकॉइडोसिस, हॉजकिन्स लिंफोमा, [[कुपोषण|कुपोषण,]] या बेहद विशेष रूप से सक्रिय तपेदिक से पीड़ित लोगों में परीक्षण गलत रूप से नकारात्मक परिणाम दिखा सकता हैं।<ref name="Robbins"></ref> मैनटॉक्स परीक्षण के प्रति सकारात्मक लोगों के रक्त नमूने पर इंटरफेरॉन गामा रिलीज असाएस (आईजीआरए) की सिफारिश की जाती है।<ref name="NICE2011">{{NICE|117|Tuberculosis|2011}}</ref> ये टीकाकरण या पर्यावरण माइक्रोबैक्टीरिया, द्वारा अप्रभावित रहते हैं इसलिये गलत सकारात्मक परिणाम उत्पन्न करते हैं।<ref>{{cite journal|author=Pai M, Zwerling A, Menzies D |title=Systematic Review: T-Cell–based Assays for the Diagnosis of Latent Tuberculosis Infection: An Update |journal=Ann. Intern. Med. |volume=149 |issue=3 |pages=1–9 |year=2008 |pmid=18593687 |pmc=2951987}}</ref> हालांकि वे ''एम.सजुल्गाई'', ''एम. मारिनम'' और ''एम. कानसासी '' से प्रभावित होते हैं।<ref>{{cite book|last=Jindal|first=editor-in-chief SK|title=Textbook of pulmonary and critical care medicine|publisher=Jaypee Brothers Medical Publishers|location=नई दिल्ली|isbn=978-93-5025-073-0|pages=544|url=http://books.google.ca/books?id=rAT1bdnDakAC&pg=PA544|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110041748/http://books.google.ca/books?id=rAT1bdnDakAC&pg=PA544|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> यदि त्वचा परीक्षण के साथ आईजीआरए का उपयोग किया जाये तो संवेदनशीलता बढ़ सकती है लेकिन अकेले त्वचा परीक्षण का उपयोग किये जाने की तुलना में कम संवेदनशील हो सकता है।<ref>{{cite journal|last=Amicosante|first=M|author2=Ciccozzi, M, Markova, R|title=Rational use of immunodiagnostic tools for tuberculosis infection: guidelines and cost effectiveness studies.|journal=The new microbiologica|date=2010 Apr|volume=33|issue=2|pages=93–107|pmid=20518271}}</ref> == रोकथाम == तपेदिक की रोकथाम और नियंत्रण मुख्य रूप से नवजात शिशुओं के टीकाकरण और सक्रिय मामलों के उपयुक्त उपचार पर निर्भर है।<ref name="Lancet11"></ref> [[विश्व स्वास्थ्य संगठन|विश्व स्वास्थ्य संगठन]] के संशोधित उपचार पथ्य के माध्यम से कुछ सफलता हासिल हुई है और मामलों की संख्या में थोड़ी सी कमी आयी है।<ref name="Lancet11"></ref> === टीके === 2011 में एकमात्र उपलब्ध [[टीका (वैक्सीन)|वैक्सीन]] बैसिलस काल्मेट-गुएरिन (बीसीजी) है, जो कि बचपन में फैले रोग पर प्रभावी है और फेफड़ों की टीबी के विरुद्ध असंगत संरक्षण प्रदान करती है।<ref>{{cite journal|last=McShane|first=H|title=Tuberculosis vaccines: beyond bacille Calmette–Guérin|journal=Philosophical transactions of the Royal Society of London. Series B, Biological sciences|date=12 अक्टूबर 2011|volume=366|issue=1579|pages=2782–9|pmid=21893541|doi=10.1098/rstb.2011.0097|pmc=3146779}}</ref> फिर भी, दुनिया भर में यह सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला टीका है, सभी बच्चों में से 90% से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है।<ref name="Lancet11"></ref> हालांकि, इसके द्वारा प्रदान की गयी प्रतिरक्षा दस वर्षों के बाद घटने लगती है।<ref name="Lancet11"></ref> क्योंकि अधिकांश कनाडा, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका में तपेदिक असामान्य है, बीसीजी केवल उच्च जोखिम वाले लोगों को दिया जाता है।<ref>{{cite web|url=http://www.cdc.gov/tb/topic/vaccines/|title=Vaccine and Immunizations: TB Vaccine (BCG)|publisher=Centers for Disease Control and Prevention|year=2011|accessdate=26 जुलाई 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111117140855/http://www.cdc.gov/tb/topic/vaccines/|archive-date=17 नवंबर 2011|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=BCG Vaccine Usage in Canada - Current and Historical|url=http://www.phac-aspc.gc.ca/tbpc-latb/bcgvac_1206-eng.php|work=Public Health Agency of Canada|accessdate=30 दिसम्बर 2011|year=2010|month=September|archive-url=https://web.archive.org/web/20120330042719/http://www.phac-aspc.gc.ca/tbpc-latb/bcgvac_1206-eng.php|archive-date=30 मार्च 2012|url-status=dead}}</ref><ref name="UK06">{{cite journal|last=Teo|first=SS|author2=Shingadia, DV|title=Does BCG have a role in tuberculosis control and prevention in the United Kingdom?|url=https://archive.org/details/sim_archives-of-disease-in-childhood_2006-06_91_6/page/528|journal=Archives of Disease in Childhood|date=2006 Jun|volume=91|issue=6|pages=529–31|pmid=16714729|pmc= 2082765|doi=10.1136/adc.2005.085043 }}</ref> ट्यूबरक्युलीन त्वचा परीक्षण को गलत तरीके से सकारात्मक बताने के कारण, टीके के इस्तेमाल के खिलाफ बहस की जाती है और इसलिए, स्क्रीनिंग में इसका कोई फायदा नहीं है।<ref name="UK06"></ref> वर्तमान समय में कई नये टीकों का विकास किया जा रहा है।<ref name="Lancet11"></ref> === सार्वजनिक स्वास्थ्य === विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1993 में<ref name="Lancet11"></ref> टीबी को "वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थिति" घोषित किया था और 2006 में स्टॉप टीबी पार्टनरशिप ने तपेदिक को रोकने के लिये एक वैश्विक योजना विकसित की जिसका लक्ष्य इसकी शुरुआत से 2015 के बीच में 14 मिलियन जीवन बचाना है।<ref>{{cite web|url=http://www.stoptb.org/global/plan/|title=The Global Plan to Stop TB|publisher=[[World Health Organization]]|year=2011|accessdate=13 जून 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110612030924/http://www.stoptb.org/global/plan/|archive-date=12 जून 2011|url-status=dead}}</ref> उनके द्वारा निर्धारित कई सारे लक्ष्य 2015 तक हासिल नहीं किये जा सकेंगे, मुख्य रूप से एचआईवी से जुड़े तपेदिक में वृद्धि के कारण और एकाधिक दवा-प्रतिरोधी तपेदिक (एमडीआर - टीबी) के उभरने के कारण ऐसा होगा।<ref name="Lancet11"></ref> अमेरिकी थोरैकिक सोसाइटी द्वारा विकसित तपेदिक वर्गीकरण प्रणाली को सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में मुख्य रूप से उपयोग की जा रहा है।<ref>{{cite book|last=Warrell|first=ed. by D. J. Weatherall ... [4. + 5. ed.] ed. by David A.|title=Sections 1 - 10.|year=2005|publisher=Oxford Univ. Press|location=Oxford [u.a.]|isbn=978-0-19-857014-1|pages=560|url=http://books.google.ca/books?id=EhjX517cGVsC&pg=PA560|edition=4. ed., paperback.|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042241/http://books.google.ca/books?id=EhjX517cGVsC&pg=PA560|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> == प्रबंधन == टीबी के उपचार में एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग करके बैक्टीरिया को मारा जाता है। माइक्रोबैक्टीरिया कोशिका दीवार की असामान्य संरचना और रासायनिक संघटन के कारण प्रभावी टीबी का उपचार कठिन है, जो कि दवाओं के प्रवेश को बाधित करते हैं और कई एंटीबायोटिक दवाओं को अप्रभावी करते हैं।<ref>{{cite journal |author=Brennan PJ, Nikaido H |title=The envelope of mycobacteria |url=https://archive.org/details/sim_annual-review-of-biochemistry_1995_64/page/29 |journal=Annu. Rev. Biochem. |volume=64 |pages=29–63 |year=1995 |pmid=7574484 |doi=10.1146/annurev.bi.64.070195.000333}}</ref> दो सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली एंटीबायोटिक दवायें आइसोनियाज़िड और रिफैम्पिसिन हैं और उपचार, लंबे समय का हो सकता है जिसमे कई महीनें लग सकते हैं।<ref name="CDCcourse"></ref> अव्यक्त टीबी के उपचार में आम तौर पर एक एंटीबायोटिक का उपयोग किया जाता है,<ref name="Latent2011"></ref> जबकि सक्रिय टीबी रोग में कई एंटीबायोटिक दवाओं के संयोजन का उपयोग किया जाता है जिससे कि एंटीबायोटिक प्रतिरोध विकसित करने वाले बैक्टीरिया के जोखिम को कम किया जा सके।<ref name="Lancet11"></ref> अव्यक्त संक्रमणों से पीड़ित लोगों को बाद में जीवन में सक्रिय टीबी रोग के विकसित होने से बचाव के लिये भी उपचार दिया जाता है।<ref name="Latent2011">{{cite journal|last=Menzies|first=D|author2=Al Jahdali, H, Al Otaibi, B|title=Recent developments in treatment of latent tuberculosis infection.|journal=The Indian journal of medical research|date=2011 Mar|volume=133|pages=257–66|pmid=21441678|pmc=3103149}}</ref> प्रत्यक्ष रूप से दी जाने वाली चिकित्सा, अर्थात एक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इस बात का ध्यान रखता है कि लोग अपनी दवायें लें। इस तरह की चिकित्सा की डब्ल्यूएचओ द्वारा सिफारिश की गयी है जो उन लोगों की संख्या को घटाने का प्रयास है जो अपनी दवाओं को नियमित तौर पर नहीं लेते हैं।<ref>{{cite book |author=Arch G., III Mainous |title=Management of Antimicrobials in Infectious Diseases: Impact of Antibiotic Resistance |publisher=Humana Pr |location= |year=2010 |pages=69 |isbn=1-60327-238-0 |oclc= |url=http://books.google.ca/books?id=hwVFAPLYznsC&pg=PA69 |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042036/http://books.google.ca/books?id=hwVFAPLYznsC&pg=PA69 |archive-date=10 नवंबर 2014 |url-status=live }}</ref> इस अभ्यास और लोगों के अपने आप स्वतंत्र रूप से दवायें लेने के मामले में तुलना करने पर इस मामले के समर्थन में मिले साक्ष्य कमजोर हैं।<ref>{{cite journal |author=Volmink J, Garner P |title=Directly observed therapy for treating tuberculosis |journal=Cochrane Database Syst Rev |volume= |issue=4 |pages=CD003343 |year=2007 |pmid=17943789 |doi=10.1002/14651858.CD003343.pub3 |url=}}</ref> लेकिन उपचार के महत्व को, लोगों को याद दिलाने के तरीके प्रभावी दिखाई देते हैं।<ref>{{cite journal|last=Liu|first=Q|author2=Abba, K; Alejandria, MM; Balanag, VM; Berba, RP; Lansang, MA|title=Reminder systems and late patient tracers in the diagnosis and management of tuberculosis.|journal=Cochrane database of systematic reviews (Online)|date=8 अक्टूबर 2008|issue=4|pages=CD006594|pmid=18843723|doi=10.1002/14651858.CD006594.pub2}}</ref> === नई शुरुआत === 2010 में, नये शुरु हुये फुफ्फुसीय तपेदिक के सुझाये गये छः मास के उपचार में पहले दो माह तक रिफैम्पिसिन, आइसोनियाज़िड, पाइराज़िनामाइड और एथेमब्यूटॉल जैसी एंटीबायोटिक के संयोजन उपयोग किया जाता है तथा बाद के चार माह में केवल रिफैम्पिसिन और आइसोनिज़िड का उपयोग किया जाता है।<ref name="Lancet11"></ref> जिन मामलों में आइसोनियाज़िड के लिये उच्च प्रतिरोध होता है, उनमें बाद के चार माहों में एथेमब्यूटॉल जोड़ा जा सकता है।<ref name="Lancet11"></ref> === आवर्तक रोग === यदि तपेदिक फिर से होता है तो, उपचार का निर्धारण करने के पहले इस बात का परीक्षण करके निर्धारण कर लेना चाहिये कि यह किस एंटीबायोटिक के प्रति संवेदनशील है।<ref name="Lancet11"></ref> यदि एक से अधिक दवा प्रतिरोधी टीबी (एमडीआर - टीबी) का पता चला है तो 18 से 24 महीनों के लिए कम से कम चार प्रभावी एंटीबायोटिक दवाओं के साथ उपचार की सिफारिश की जाती है।<ref name="Lancet11"></ref> === दवा/उपचार प्रतिरोध === प्राथमिक प्रतिरोध तब होता है जब एक व्यक्ति टीबी के प्रतिरोधी तनाव से संक्रमित हो जाता है। अपर्याप्त उपचार और बतायी गयी विधि को उपयुक्त तरीका न अपनाने (अनुपालन की कमी) या दवा की कम मात्रा के उपयोग के कारण पूरी तरह से अतिसंवेदनशील टीबी वाले व्यक्ति में उपचार के दौरान द्वितीयक (अधिग्रहीत) प्रतिरोध विकसित हो सकता है।<ref name="OBrien">{{cite journal |author=O'Brien R |title=Drug-resistant tuberculosis: etiology, management and prevention |journal=Semin Respir Infect |volume=9 |issue=2 |pages=104–12 |year=1994|pmid = 7973169}}</ref> कई विकासशील देशों में दवा प्रतिरोधी टीबी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा है, क्योंकि इसका उपचार लंबा है और इसमें अधिक महंगी दवाओं की आवश्यकता पड़ती है। एमडीआर टीबी को सर्वाधिक प्रभावी, पहली पंक्ति की टीबी दवाओं रिफैम्पिसिन और आइसोनियाज़िड के प्रति प्रतिरोधी के रूप में परिभाषित किया गया है। बड़े पैमाने पर दवा प्रतिरोधी टीबी भी द्वितीय पंक्ति की दवाओं के तीन या छः वर्गों के प्रति प्रतिरोधी है।<ref name="MMWR2006">{{cite journal |title=Emergence of ''Mycobacterium tuberculosis'' with extensive resistance to second-line drugs—worldwide, 2000–2004 |journal=MMWR Morb Mortal Wkly Rep |volume=55 |issue=11 |pages=301–5 |year=2006 |url=http://www.cdc.gov/mmwr/preview/mmwrhtml/mm5511a2.htm |pmid=16557213 |author=Centers for Disease Control and Prevention (CDC) |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200112192542/https://www.cdc.gov/mmwr/preview/mmwrhtml/mm5511a2.htm |archive-date=12 जनवरी 2020 |url-status=live }}</ref> पहली बार इटली में 2003 में देखा गया लेकिन 2012 तक व्यापक रूप से न देखा गया पूरी तरह से दवा प्रतिरोधी टीबी भी वर्तमान समय में उपयोग की जा रही सभी दवाओं के प्रति प्रतिरोधी है।<ref>{{cite web|title=Totally Resistant TB: Earliest Cases in Italy|url=http://www.wired.com/wiredscience/2012/01/tdr-first-italy/|author=Maryn McKenna|date=12 जनवरी 2012|accessdate=12 जनवरी 2012|publisher=[[Wired (magazine)|Wired]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20120114214156/http://www.wired.com/wiredscience/2012/01/tdr-first-italy/|archive-date=14 जनवरी 2012|url-status=live}}</ref> == पूर्वानुमान == टीबी संक्रमण से प्रकट टीबी रोग की ओर प्रगति तब होती है जब बेसिली, प्रतिरक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर काबू पा लेता है और संख्या बढ़ाना शुरु कर देता है। प्राथमिक टीबी रोग में (कुछ 1-5% मामलों में), ऐसा आरंभिक संक्रमण के तुरंत बाद ही होता है।<ref name="Robbins"></ref> हालांकि, अधिकांश मामलों में, एक अव्यक्त संक्रमण में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते हैं।<ref name="Robbins"></ref> ये निष्क्रिय बेसिली, इन अव्यक्त मामलों के 5-10% में सक्रिय तपेदिक पैदा करते हैं अक्सर ऐसा संक्रमण के कई वर्षों के बाद होता है।<ref name="Pet2005"></ref> प्रतिरक्षा की कमीं के साथ फिर से सक्रिय होने का जोखिम बढ़ जाता है, जैसे कि एचआईवी संक्रमण में होता है। ''एम.तपेदिक'' तथा एचआईवी से एक साथ पीड़ित लोगों में हर वर्ष के साथ फिर से सक्रिय होने का जोखिम 10% तक बढ़ जाता है।<ref name="Robbins"></ref> ''एम. तेपदिक'' की डीएनए फिंगर प्रिंटिंग का उपयोग करते हुये किये गये अध्ययन दिखाते हैं कि फिर से होने वाले टीबी में पुनः संक्रमण, पहले की सोच के विपरीत अधिक पर्याप्त रूप से योगदान करता है,<ref>{{cite journal |doi=10.1016/S1473-3099(03)00607-8 |title=Recurrence in tuberculosis: relapse or reinfection? |year=2003 |author=Lambert M |journal=Lancet Infect Dis |volume=3 |page=282 |pmid=12726976 |issue=5 |author-separator=, |display-authors=1 |last2=Hasker |first2=Epco |last3=Deun |first3=Armand Van |last4=Roberfroid |first4=Dominique |last5=Boelaert |first5=Marleen |last6=Van Der Stuyft |first6=Patrick |pages=282–7}}</ref> आंकलन है कि यह टीबी के आम क्षेत्रों में पुनः सक्रिय मामलों के 50% से अधिक में योगदान करता है।<ref>{{cite journal|last=Wang|first=JY|author2=Lee, LN, Lai, HC, Hsu, HL, Liaw, YS, Hsueh, PR, Yang, PC|title=Prediction of the tuberculosis reinfection proportion from the local incidence|url=https://archive.org/details/sim_journal-of-infectious-diseases_2007-07-15_196_2/page/281|journal=The Journal of infectious diseases|date=15 जुलाई 2007|volume=196|issue=2|pages=281–8|pmid=17570116|doi=10.1086/518898}}</ref> 2008 में, तपेदिक के मामले में मृत्यु की संभावना 4% है जो कि 1995 के 8% से कम हो गयी है।<ref name="Lancet11"></ref> == महामारी विज्ञान == [[File:Tuberculosis-prevalence-WHO-2009.svg|thumb|alt=World map with sub-Saharan Africa in various shades of yellow, marking prevalences above 300 per 100,000, and with the U.S., Canada, Australia, and northern Europe in shades of deep blue, marking prevalences around 10 per 100,000. Asia is yellow but not quite so bright, marking prevalences around 200 per 100,000 range. South America is a darker yellow.|2007 में प्रति 100,000 लोगों पर टीबी के प्रसार उप सहारा अफ्रीका में सबसे अधिक था और यह एशिया में भी अपेक्षाकृत अधिक था<ref. Name=WHO2009-Burden> [229] </ ref>]] मोटे तौर पर दुनिया की आबादी का एक तिहाई भाग ''एम. तपेदिक'' से संक्रमित है और वैश्विक स्तर पर एक प्रति संकेंड की दर से बढ़ रहा है।<ref name="WHO2012data"></ref> हालांकि ''एम.तपेदिक'' के अधिकांश संक्रमण टीबी के रोग में परिवर्तित नहीं होते हैं<ref name="CDC">{{cite web|publisher=[[Centers for Disease Control]]|url=http://www.cdc.gov/tb/publications/factsheets/general/LTBIandActiveTB.htm|title=Fact Sheets: The Difference Between Latent TB Infection and Active TB Disease|date=20 जून 2011|accessdate=26 जुलाई 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110804005502/http://www.cdc.gov/tb/publications/factsheets/general/LTBIandActiveTB.htm|archive-date=4 अगस्त 2011|url-status=live}}</ref> और संक्रमण के 90-95% स्पर्शोन्मुख रहते हैं।<ref name="Book90"></ref> एक अनुमान के अनुसार 2007 में, लगभग 13.7 मिलियन सक्रिय मामले थे।<ref name="WHO2009-Epidemiology"></ref> 2010 में, टीबी के 8.8 लाख नये मामलों का पता चला है और 1.45 मिलियन मौतें हुयी हैं, इनमें से अधिकांश विकासशील देशों में हुयी थी।<ref name="WHO2011"></ref> इन 1.4 मिलियन मौतों में से लगभग 0.35 मिलियन उनकी मौतें है जो एचआईवी से भी संक्रमित थे।<ref name="WHO2011Control">{{cite web|title=Global Tuberculosis Control 2011|url=http://www.who.int/tb/publications/global_report/2011/gtbr11_full.pdf|work=World Health Organization|accessdate=15 अप्रैल 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120617064025/http://www.who.int/tb/publications/global_report/2011/gtbr11_full.pdf|archive-date=17 जून 2012|url-status=live}}</ref> क्षय रोग, संक्रामक रोगों से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे आम कारण (एचआईवी / एड्स के बाद) है।<ref name="ID10"></ref> 2005 के बाद से टीबी मामलों ("व्यापकता") की कुल संख्या कम हुयी है, जबकि 2002 के बाद से नये मामलों ("घटनायें") में गिरावट आई है।<ref name="WHO2011"></ref> चीन ने विशेष रूप से नाटकीय प्रगति हासिल की है, जहां पर 1990 और 2010 के बीच लगभग टीबी मृत्यु दर में 80% की कमी आयी है।<ref name="WHO2011Control"></ref> क्षय रोग विकासशील देशों में अधिक आम है, कई एशियाई और अफ्रीकी देशों में लगभग 80 प्रतिशत जनसंख्या ट्यूबरकलाइन परीक्षण में सकारात्मक उतरती है जबकि अमरीकी जनसंख्या केवल 5-10% सकारात्मक होती है।<ref name="Robbins"></ref> रोग को पूरी तरह से नियंत्रित करने की उम्मीदें कई कारकों के कारण नाटकीय रूप से कम हो जाती हैं, जिसमें प्रभावी टीके के विकास में पेश आ रही कठिनाई, महंगी तथा समय-खपाऊ निदान प्रक्रिया, कई महिनों तक उपचार की ज़रूरत तथा एचआईवी संबद्ध तपेदिक मामलों में वृद्धि तथा 1980 के दशक में दवा-प्रतिरोधी मामलों की शुरुआत भी शामिल है।<ref name="Lancet11"></ref> [[File:TB incidence.png|thumb|left|नये दर्ज किये गये टीबी के मामलों की वार्षिक संख्या डब्ल्यूएचओ के आंकड़े<ref> [243] </ ref>]] 2007 में, टीबी की अनुमानित घटना की उच्चतम दर वाला देश [[स्वाजीलैंड|स्वाज़ीलैंड]] था, जहां पर प्रति 100,000 लोगों में प्रति 1,200 मामले देखे गये। भारत में घटनाओं की सबसे बड़ी संख्या थी, यहां पर नये मामलों की अनुमानित संख्या 2.0 मिलियन थी।<ref name="WHO2009-Epidemiology"></ref> विकसित देशों में, तपेदिक कम आम है और मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में पाया जाता है। 201 में दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में प्रति 100,000 लोगों की दरें : विश्व स्तर पर 178, अफ्रीका 332, अमेरिका 36, पूर्वी भूमध्य 173, यूरोप 63, दक्षिण पूर्व एशिया 278, पश्चिमी प्रशांत 139<ref name="WHO2011Control"></ref> कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में, तपेदिक आदिवासी लोगों के बीच विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में आम है।<ref>{{cite journal|last=FitzGerald|first=JM|author2=Wang, L, Elwood, RK|title=Tuberculosis: 13. Control of the disease among aboriginal people in Canada.|journal=CMAJ : Canadian Medical Association journal = journal de l'Association medicale canadienne|date=8 फरवरी 2000|volume=162|issue=3|pages=351–5|pmid=10693593|pmc=1231016}}</ref><ref>{{cite book |author=Quah, Stella R.; Carrin, Guy; Buse, Kent; Kristian Heggenhougen |title=Health Systems Policy, Finance, and Organization |publisher=Academic Press |location=Boston |year=2009 |pages=424 |isbn=0-12-375087-3 |oclc= |url=http://books.google.ca/books?id=IEXUrc0tr1wC&pg=PA424 |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042357/http://books.google.ca/books?id=IEXUrc0tr1wC&pg=PA424 |archive-date=10 नवंबर 2014 |url-status=live }}</ref> संयुक्त राज्य अमेरिका में आदिवासियों मे टीबी के कारण पांच गुनी अधिक मृत्यु दर है।<ref>{{cite book |author= Anne-Emanuelle Birn |title= Textbook of International Health: Global Health in a Dynamic World |year= 2009 |pages= 261 |isbn= 9780199885213 |url= http://books.google.ca/books?id=2XBB4-eYGZIC&pg=PT261 |doi= |accessdate= |archive-url= https://web.archive.org/web/20141110042336/http://books.google.ca/books?id=2XBB4-eYGZIC&pg=PT261 |archive-date= 10 नवंबर 2014 |url-status= live }}</ref> टीबी के मामले उम्र के साथ बदलते रहते है। अफ्रीका में यह मुख्य रूप से किशोरों और युवा वयस्कों को प्रभावित करता है।<ref>{{cite web|author=World Health Organization|url=http://www.who.int/tb/publications/global_report/2006/pdf/full_report_correctedversion.pdf|title=Global Tuberculosis Control Report, 2006 – Annex 1 Profiles of high-burden countries|format=PDF|accessdate=13 अक्टूबर 2006|archiveurl=https://web.archive.org/web/20060716135331/http://www.who.int/tb/publications/global_report/2006/pdf/full_report_correctedversion.pdf|archivedate=16 जुलाई 2006|url-status=live}}</ref> हालांकि, जिन देशों में घटना दरों में नाटकीय रूप से गिरावट आई है (जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका), टीबी मुख्य रूप से बुजुर्ग लोगों तथा कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों की बीमारी है।<ref name="Robbins"></ref><ref>{{cite web|author=Centers for Disease Control and Prevention|url=http://www.cdc.gov/nchstp/tb/pubs/slidesets/surv/surv2005/default.htm|title=2005 Surveillance Slide Set|date=12 सितंबर 2006|accessdate=13 अक्टूबर 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20061123122326/http://www.cdc.gov/nchstp/tb/pubs/slidesets/surv/surv2005/default.htm|archive-date=23 नवंबर 2006|url-status=live}}</ref> == इतिहास == [[File:Mummy at British Museum.jpg|thumb|ब्रिटिश संग्रहालय में मिस्र की ममी - मिस्र की ममियों की रीढ़ में ट्युबरकुलर क्षय पाया गया है।]] तपेदिक मनुष्यों में प्राचीन काल से उपस्थित है।<ref name="Lancet11">{{cite journal|last=Lawn|first=SD|author2=Zumla, AI|title=Tuberculosis|url=https://archive.org/details/sim_the-lancet_july-2-8-2011_378_9785/page/57|journal=Lancet|date=2 जुलाई 2011|volume=378|issue=9785|pages=57–72|pmid=21420161|doi=10.1016/S0140-6736(10)62173-3}}</ref> ''एम.तपेदिक'' की सबसे पुरानी और सुस्पष्ट पहचान लगभग 17,000 साल पुराने बायसन (भैंसे) के अवशेषों में हुई।<ref>{{cite journal |author=Rothschild BM |title=Mycobacterium tuberculosis complex DNA from an extinct bison dated 17,000 years before the present |journal=Clin. Infect. Dis. |volume=33 |issue=3 |pages=305–11 |year=2001 |month=August |pmid=11438894 |doi=10.1086/321886 |url=http://www.journals.uchicago.edu/cgi-bin/resolve?CID001531 |author-separator=, |author2=Martin LD |author3=Lev G |display-authors=3 |last4=Bercovier |first4=Helen |last5=Bar‐Gal |first5=Gila Kahila |last6=Greenblatt |first6=Charles |last7=Donoghue |first7=Helen |last8=Spigelman |first8=Mark |last9=Brittain |first9=David |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190325085112/https://www.journals.uchicago.edu/cgi-bin/resolve?CID001531 |archive-date=25 मार्च 2019 |url-status=live }}</ref> हालांकि, यह अभी भी अस्पष्ट है कि तपेदिक बोवियन में उत्पन्न होकर मानवो में फैला या किसी आम पूर्वज से दोनो में फैला।<ref>{{cite journal |author=Pearce-Duvet J |title=The origin of human pathogens: evaluating the role of agriculture and domestic animals in the evolution of human disease |url=https://archive.org/details/sim_biological-reviews_2006-08_81_3/page/369 |journal=Biol Rev Camb Philos Soc |volume=81 |issue=3 |pages=369–82 |year=2006|pmid = 16672105 |doi=10.1017/S1464793106007020}}</ref> मानवों में ''एम.तपेदिक'' समूह के [[जीन|जीन]] (एमटीबीसी) और पशुओं में एमटीबीसी की तुलना यह इशारा करती है कि मानवों ने पशुओं को पालतू बनाते समय एमटीबीसी को पशुओं से हासिल नहीं किया है, जैसा कि पहले विश्वास किया जाता था। टीबी बैक्टीरिया के दोनों उपभेद एक आम पूर्वज साझा करते हैं, जिसने मानवों को नवपाषाण क्रांति के काल में संक्रमित किया होगा।<ref>{{cite journal|last=Comas|first=I|author2=Gagneux, S|title=The past and future of tuberculosis research.|journal=PLoS Pathogens|date=2009 Oct|volume=5|issue=10|pages=e1000600|pmid=19855821|doi=10.1371/journal.ppat.1000600|pmc=2745564}}</ref> कंकालों के अवशेष दर्शाते है कि प्रागैतिहासिक मानवों (4000 ई.पू.) को टीबी था और शोधकर्ताओं को 3000-2400 ईसा पूर्व की [[मिस्र|मिस्र]] की [[मम्मी|ममियों]] में तपेदिकीय क्षय मिले हैं।<ref>{{cite journal |author=Zink A, Sola C, Reischl U, Grabner W, Rastogi N, Wolf H, Nerlich A |title=Characterization of Mycobacterium tuberculosis Complex DNAs from Egyptian Mummies by Spoligotyping |journal=J Clin Microbiol |volume=41 |issue=1 |pages=359–67 |year=2003 |pmid=12517873 |doi=10.1128/JCM.41.1.359-367.2003 |pmc=149558}}</ref> ''यक्ष्मा (Phthisis)'', खपत के लिये एक ग्रीक शब्द है, फुफ्फुसीय तपेदिक के लिये उपयोग किया जाने वाला एक पुराना शब्द है,<ref>{{cite book|title=The Chambers Dictionary.|year=1998|publisher=Allied Chambers India Ltd.|location=नई दिल्ली|isbn=978-81-86062-25-8|pages=352|url=http://books.google.ca/books?id=pz2ORay2HWoC&pg=RA1-PA352|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20131002173119/http://books.google.ca/books?id=pz2ORay2HWoC&pg=RA1-PA352|archive-date=2 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref> 460 ई.पू. के आसपास, [[हिपोक्रेटिस|हिप्पोक्रेट्स]] ने यक्ष्मा की पहचान उस समय के सबसे व्यापक रोग के रूप में की थी। इसमें बुखार और रक्त भरी खाँसी शामिल थी और ये लगभग हर बार घातक था।<ref>Hippocrates. [https://web.archive.org/web/20050211173218/http://classics.mit.edu/Hippocrates/aphorisms.mb.txt Aphorisms.] Accessed 7 अक्टूबर 2006.</ref> आनुवांशिक अध्ययन बताते हैं अमरीकियों में टीबी दूसरी शताब्दी (100 ईस्वी) से मौजूद थी।<ref>{{cite journal |author=Konomi N, Lebwohl E, Mowbray K, Tattersall I, Zhang D |title=Detection of Mycobacterial DNA in Andean Mummies |journal=J Clin Microbiol |volume=40 |issue=12 |pages=4738–40 |year=2002 |pmid=12454182 |doi=10.1128/JCM.40.12.4738-4740.2002 |pmc=154635}}</ref> [[औद्योगिक क्रांति|औद्योगिक क्रांति]] से पहले, लोकगीतों में तपेदिक को अक्सर पिशाच के साथ जोड़ा जाता था। जब परिवार के एक सदस्य से मृत्यु हो जाती तो अन्य संक्रमित सदस्यों का स्वास्थ्य भी धीरे - धीरे खराब होता जाता। लोगों का मानना था कि परिवार के अन्य सदस्यों के जीवन पर आया खतरा, टीबी के कारण मूल रूप से मृत व्यक्ति के कारण था।<ref name="sledzik">{{cite journal |last=Sledzik |first=Paul S. |author2=Nicholas Bellantoni |month=June |year=1994 |title=Bioarcheological and biocultural evidence for the New England vampire folk belief |journal=American Journal of Physical Anthropology |volume=94 |issue=2 |pages=269–274 |doi=10.1002/ajpa.1330940210 |url=http://www.ceev.net/biocultural.pdf |format=PDF |pmid=8085617 |issn=0002-9483 |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20031004001708/http://www.ceev.net/biocultural.pdf |archive-date=4 अक्तूबर 2003 |url-status=live }}</ref> हालांकि तपेदिक के फुफ्फुसीय स्वरूप को पैथोलोजी के रूप में 1689 में डॉ॰रिचर्ड मॉर्टन द्वारा स्थापित किया गया था,<ref name="WhoNamedIt-Calmette">{{WhoNamedIt|doctor|2413|Léon Charles Albert Calmette}}</ref><ref name="MedHist1970-Trail">{{cite journal |author=Trail RR |title=Richard Morton (1637-1698) |journal=Med Hist |volume=14 |issue=2 |pages=166–74 |year=1970 |month=April |pmid=4914685 |pmc=1034037 }}</ref> लेकिन अपने लक्षणों की विविधता के कारण टीबी को एकल रोग के रूप में 1820 तक नहीं पहचाना गया था और इसको 1839 में जे.एल.शोलाइन द्वारा ट्यूबरकलोसिस (तपेदिक) नाम दिया गया था।<ref>Zur Pathogenie der Impetigines. Auszug aus einer brieflichen Mitteilung an den Herausgeber. [Müller] ''Archiv für Anatomie Physiologie und wissenschaftliche medicin.'' 1839, पृष्ठ 82.</ref> 1838-1845 की अवधि के दौरान, मैमथ केव के मालिक डॉ॰ जॉन क्रॉघन, तपेदिक से पीड़ित कई लोगों को गुफा में इस आशा के साथ लाये थे कि वे लोग गुफा के सम तापमान और शुद्ध हवा से ठीक हो जायेंगे, लेकिन वे एक वर्ष के भीतर मर गये।<ref>[http://edition.cnn.com/2004/TRAVEL/DESTINATIONS/02/26/mammoth.cave.ap/index.html Kentucky: Mammoth Cave long on history.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20060813140746/http://edition.cnn.com/2004/TRAVEL/DESTINATIONS/02/26/mammoth.cave.ap/index.html |date=13 अगस्त 2006 }} ''CNN'' . 27 फ़रवरी 2004. Accessed 8 अक्टूबर 2006.</ref> हरमन ब्रेहमन ने 1859 में सोकोलोवोस्को, पोलैंड में पहला टीबी सेनेटोरिया खोला।<ref name="sanatoria">{{cite journal |author=McCarthy OR |title=The key to the sanatoria |journal=J R Soc Med |volume=94 |issue=8 |pages=413–7 |year=2001 |month=August |pmid=11461990 |pmc=1281640 |url=http://www.jrsm.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=11461990 |access-date=13 मई 2016 |archive-date=3 अगस्त 2012 |archive-url=https://archive.today/20120803180504/http://www.jrsm.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=11461990 |url-status=dead }}</ref> [[File:RobertKoch.jpg|upright|thumb|left|डॉ॰ रॉबर्ट कॉख ने तपेदिक बेसिलस की खोज की।]] ''माइकोबैक्टीरियम तपेदिक'' बैसिलस [[रॉबर्ट कोच|रॉबर्ट कॉख]] द्वारा 24 मार्च 1882 को पहचाना और वर्णित किया गया था। उनकी इस खोज के लिये उनको 1905 में फिजियोलॉजी या चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।<ref>नोबेल संस्थान. [http://nobelprize.org/nobel_prizes/medicine/laureates/1905/ The Nobel Prize in Physiology or Medicine 1905.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20061210184150/http://nobelprize.org/nobel_prizes/medicine/laureates/1905/ |date=10 दिसंबर 2006 }} Accessed 7 अक्टूबर 2006.</ref> कॉख को बोवाइन (पशु) और मानव तपेदिक में समानता पर विश्वास नहीं था जिसने संक्रमित दूध को संक्रमण के स्रोत के रूप में मान्यता में विलम्ब कर दिया। बाद में, इस स्रोत से संचरण का जोखिम पास्चुरीकरण प्रक्रिया के आविष्कार के कारण नाटकीय रूप से कम हो गया था। कॉख ने 1890 में तपेदिक के एक "उपाय" के रूप ट्यूबरकल बेसिली के एक ग्लिसरीन निष्कर्षण की घोषणा की, जिसे 'ट्यूबरक्युलाइन' का नाम दिया। हालांकि यह प्रभावी नहीं था लेकिन बाद में इसे पूर्वलाक्षणिक तपेदिक की उपस्थिति की स्क्रीनिंग जांच के रूप में सफलतापूर्वक रूपांतरित कर दिया गया।<ref>{{cite journal |author=Waddington K |title=To stamp out "So Terrible a Malady": bovine tuberculosis and tuberculin testing in Britain, 1890–1939 |journal=Med Hist |volume=48 |issue=1 |pages=29–48 |year=2004 |month=January |pmid=14968644 |pmc=546294 }}</ref> कमजोर बोवाइन-विकृति तपेदिक का उपयोग करते हुये अल्बर्ट काल्मेट और कैमिल गुएरिन 1906 में तपेदिक के खिलाफ प्रतिरक्षण में पहली असली सफलता हासिल की थी। इसे काल्मेट और गुएरिन का बैसिलस (बीसीजी) कहा गया था। बीसीजी वैक्सीन सबसे पहले 1921 में [[फ़्रांस|फ्रांस]] में मनुष्यों पर इस्तेमाल किया गया था,<ref name="Bonah">{{cite journal |author=Bonah C |title=The 'experimental stable' of the BCG vaccine: safety, efficacy, proof, and standards, 1921–1933 |journal=Stud Hist Philos Biol Biomed Sci |volume=36 |issue=4 |pages=696–721 |year=2005 |pmid=16337557|doi=10.1016/j.shpsc.2005.09.003}}</ref> लेकिन केवल [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमरीका,]] [[ग्रेट ब्रिटेन]] और [[जर्मनी|जर्मनी]] में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद व्यापक रूप से स्वीकृति प्राप्त कर पाया।<ref name="Comstock">{{cite journal |author=Comstock G |title=The International Tuberculosis Campaign: a pioneering venture in mass vaccination and research |url=https://archive.org/details/sim_clinical-infectious-diseases_1994-09_19_3/page/528 |journal=Clin Infect Dis |volume=19 |issue=3 |pages=528–40 |year=1994|pmid=7811874 |doi=10.1093/clinids/19.3.528}}</ref> 19 वीं और 20 वीं शताब्दी में तपेदिक शहरी गरीबों के स्थानिक रोग के रूप में सबसे व्यापक सार्वजनिक चिंता का कारण बना था। 1815 में, इंग्लैंड में चार में से एक मृत्यु "यक्ष्मा" के कारण हुई थी। 1918 तक, फ्रांस में छह में एक मृत्यु टीबी की वजह से हो रही थी। 1880 के दशक में रोग का निर्धारण संक्रामक रोग के रूप में करने के बाद, टीबी को ब्रिटेन में महत्वपूर्ण रोगों की सूची में रखा गया था, सार्वजनिक स्थलों पर थूकने से लोगों को रोकने के लिये अभियान शुरु किये गये थे और संक्रमित गरीब लोगों को सेनेटोरिया में जाने के लिये "प्रोत्साहित" किया गया था जो देखने में जेल जैसे लगते थे (मध्यम तथा उच्च वर्गों के लोगों के लिये बने सेनेटोरिया में अच्छी देखभाल और सतत चिकित्सा ध्यान प्रदान किया जाता था)।<ref name="sanatoria"></ref> सेनेटोरिया में "ताजी हवा" और श्रम के जो भी (कथित) लाभ, सर्वश्रेष्ठ परिस्थितियों में भी रहे हों, भर्ती लोगों में से 50% की मृत्यु पांच वर्षों के अंदर हो जाती थी (''सिरका'' 1916)।<ref name="sanatoria"></ref> 1600 की शुरुआत में यूरोप में, तपेदिक की दरों में बढ़त शुरु हो गयी और 1800 में अधिकतम स्तर तक पहुंच गयी, जिस समय में सभी मौतों के 25% का कारण यह ही था।<ref>{{cite book|last=Bloom|first=editor, Barry R.|title=Tuberculosis : pathogenesis, protection, and control|url=https://archive.org/details/tuberculosispath0000unse|year=1994|publisher=ASM Press|location=Washington, D.C.|isbn=978-1-55581-072-6}}</ref> 1950 के दशक में मृत्यु दर लगभग 90% की कमी हुई।<ref>{{cite book|last=Persson|first=Sheryl|title=Smallpox, Syphilis and Salvation: Medical Breakthroughs That Changed the World|year=2010|publisher=ReadHowYouWant.com|isbn=978-1-4587-6712-7|pages=141|url=http://books.google.ca/books?id=-W7ch1d6JOoC&pg=PA141|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110041945/http://books.google.ca/books?id=-W7ch1d6JOoC&pg=PA141|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार के कारण स्ट्रेप्टोमाइसिन और अन्य एंटीबायोटिक दवाओं के आने से पहले ही तपेदिक की दरों में कमी आने लगी थी, हलांकि रोग सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिये इतना महत्वपूर्ण खतरा बना रहा कि जब 1913 में ब्रिटेन में [[चिकित्सा अनुसंधान]] परिषद का गठन किया गया, तो इसका प्रारंभिक ध्यान तपेदिक अनुसंधान पर था।<ref>{{cite book|last=editor|first=Caroline Hannaway,|title=Biomedicine in the twentieth century: practices, policies, and politics|year=2008|publisher=IOS Press|location=Amsterdam|isbn=978-1-58603-832-8|pages=233|url=http://books.google.ca/books?id=o5HBxyg5APIC&pg=PA233|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110041947/http://books.google.ca/books?id=o5HBxyg5APIC&pg=PA233|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> 1946 में, एंटीबायोटिक स्ट्रेप्टोमाइसिन के विकास ने टीबी के प्रभावी उपचार और स्वस्थ करने को वास्तविकता प्रदान की। इस दवा की शुरूआत से पहले एकमात्र उपचार (सेनेटोरिया को छोड़कर) [[शल्यचिकित्सा|शल्य चिकित्सा]] थी, [[वातिलवक्ष|"न्यूमोथोरैक्स]] तकनीक" जिसमें संक्रमित फेफड़े का निपात करके उसे "आराम" दे कर तपेदिकीय घावों को ठीक होने दिया जाता था।<ref>{{cite book|last=Shields|first=Thomas|title=General thoracic surgery|year=2009|publisher=Wolters Kluwer Health/Lippincott Williams & Wilkins|location=Philadelphia|isbn=978-0-7817-7982-1|pages=792|url=http://books.google.ca/books?id=bVEEHmpU-1wC&pg=PA792|edition=7th ed.|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042307/http://books.google.ca/books?id=bVEEHmpU-1wC&pg=PA792|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> एमडीआर टीबी के उद्भव ने टीबी संक्रमण के उपचार में देखभाल के आम तौर पर स्वीकार किये जाने वाले मानकों के भीतर शल्यक्रिया को फिर से एक विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया है। वर्तमान शल्य हस्तक्षेपों में फेफड़ों में रोगात्मक छाती कोटरों (कैविटीज़) ("ब्लाए") को निकालना शामिल होता है जिससे कि जीवाणुओं की संख्या को कम और शेष जीवाणुओं को रक्त के प्रवाह में शामिल दवाओं के प्रति अनावरण में वृद्धि की जा सके, जिससे कि कुल जीवाणु भार को कम किया जाता है और प्रणालीगत एंटीबायोटिक चिकित्सा की प्रभावशीलता को बढ़ाया जाता है।<ref>{{cite journal |author=Lalloo UG, Naidoo R, Ambaram A |title=Recent advances in the medical and surgical treatment of multi-drug resistant tuberculosis |journal=Curr Opin Pulm Med |volume=12 |issue=3 |pages=179–85 |year=2006 |month=May |pmid=16582672 |doi=10.1097/01.mcp.0000219266.27439.52 |url=http://meta.wkhealth.com/pt/pt-core/template-journal/lwwgateway/media/landingpage.htm?issn=1070-5287&volume=12&issue=3&spage=179 |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130510095840/http://meta.wkhealth.com/pt/pt-core/template-journal/lwwgateway/media/landingpage.htm?issn=1070-5287&volume=12&issue=3&spage=179 |archive-date=10 मई 2013 |url-status=dead }}</ref> 1980 में दवा-प्रतिरोधी विकृतियों में वृद्धि के बाद टीबी को ([[चेचक|चेचक]] ''की तरह'') पूरी तरह से समाप्त करने की उम्मीद घराशायी हो गयी थी। तपेदिक के परिणामी पुनरुत्थान के कारण 1993 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थिति की घोषणा की गयी।<ref>{{cite web|title=Frequently asked questions about TB and HIV|url=http://www.who.int/tb/hiv/faq/en/index.html|work=World Health Organization|accessdate=15 अप्रैल 2012|archiveurl=https://web.archive.org/web/20041225163604/http://www.who.int/tb/hiv/faq/en/index.html|archivedate=25 दिसंबर 2004|url-status=live}}</ref> == समाज और संस्कृति == [[विश्व स्वास्थ्य संगठन|विश्व स्वास्थ्य संगठन]] और बिल व मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन एक नये और तेजी से काम करने वाले निदान परीक्षण को, कम और मध्यम आय वाले देशों में उपयोग किये जाने के लिये सब्सिडी प्रदान रहे हैं।<ref name="Xpert2011">{{cite journal|last=Lawn|first=SD|author2=Nicol, MP|title=Xpert® MTB/RIF assay: development, evaluation and implementation of a new rapid molecular diagnostic for tuberculosis and rifampicin resistance.|journal=Future microbiology|date=2011 Sep|volume=6|issue=9|pages=1067–82|pmid=21958145|doi=10.2217/fmb.11.84|pmc=3252681}}</ref><ref>{{cite news |url=http://www.reuters.com/article/idUSTRE6B71RF20101208 |title=WHO says Cepheid rapid test will transform TB care |work=Reuters |date=8 दिसम्बर 2010 |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101211140847/http://www.reuters.com/article/idUSTRE6B71RF20101208 |archive-date=11 दिसंबर 2010 |url-status=live }}</ref> 2011 में संसाधन से गरीब कई स्थानों पर अभी भी केवल थूक माइक्रोस्कोपी का उपयोग किया जाता है।<ref>{{cite journal|last=Lienhardt|first=C|author2=Espinal, M, Pai, M, Maher, D, Raviglione, MC|title=What research is needed to stop TB? Introducing the TB Research Movement.|journal=PLoS medicine|date=2011 Nov|volume=8|issue=11|pages=e1001135|pmid=22140369|doi=10.1371/journal.pmed.1001135|pmc=3226454}}</ref> 2010 में, पूरी दुनिया में भारत में टीबी के सबसे अधिक मामले थे, इसके कारणों में एक निजी स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में खराब रोग प्रबंधन है। संशोधित राष्ट्रीय क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम जैसे कार्यक्रम, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने वाले लोगों में टीबी स्तर कम करने में सहायता प्रदान कर रहे हैं।<ref name="Bhargava">{{cite journal |author=Anurag Bhargava, Lancelot Pinto, Madhukar Pai |title=Mismanagement of tuberculosis in India: Causes, consequences, and the way forward |journal=Hypothesis |volume=9 |issue=1 |pages=e7 |year=2011 |url=http://www.hypothesisjournal.com/?p=989 |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200112192507/http://www.hypothesisjournal.com/?p=989 |archive-date=12 जनवरी 2020 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite journal|last=Amdekar|first=Y|title=Changes in the management of tuberculosis.|journal=Indian journal of pediatrics|date=2009 Jul|volume=76|issue=7|pages=739–42|pmid=19693453|doi=10.1007/s12098-009-0164-4}}</ref> == शोध == बीसीजी वैक्सीन की सीमाएँ हैं और टीबी के नये टीके को विकसित करने के लिए अनुसंधान जारी है।<ref name="VacRes2011">{{cite journal|last=Martín Montañés|first=C|author2=Gicquel, B|title=New tuberculosis vaccines.|journal=Enfermedades infecciosas y microbiologia clinica|date=2011 Mar|volume=29 Suppl 1|pages=57–62|pmid=21420568|doi=10.1016/S0213-005X(11)70019-2}}</ref> वर्तमान समय में कई संभावित उम्मीदवार, चिकित्सीय परीक्षण के पहले व दूसरे चरण में हैं।<ref name="VacRes2011"></ref> उपलब्ध टीकों की प्रभावकारिता में सुधार करने का प्रयास करने में दो मुख्य दृष्टिकोण उपयोग किये जा रहे हैं। एक दृष्टिकोण में बीसीजी में एक सबयूनिट वैक्सीन जोड़ना शामिल है, जबकि दूसरी रणनीति में नये और बेहतर जीवित टीके बनाने का प्रयास हो रहा है।<ref name="VacRes2011"></ref>MVA85A, सबयूनिट वैक्सीन का एक उदाहरण है जिस पर वर्तमान समय में दक्षिण अफ्रीका में परीक्षण चल रहे हैं और यह आनुवंशिक रूप से संशोधित चेचक (वैसीनिया) वायरस पर आधारित है।<ref name="Ibanga_2006">{{cite journal |author=Ibanga H, Brookes R, Hill P, Owiafe P, Fletcher H, Lienhardt C, Hill A, Adegbola R, McShane H |title=Early clinical trials with a new tuberculosis vaccine, MVA85A, in tuberculosis-endemic countries: issues in study design |journal=Lancet Infect Dis |volume=6 |issue=8 |pages=522–8 |year=2006 |doi= 10.1016/S1473-3099(06)70552-7| pmid = 16870530}}</ref> अव्यक्त और सक्रिय दोनो तरह के रोगों के उपचार में टीको द्वारा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाये जाने की आशा की जा रही है।<ref>{{cite journal|author=Kaufmann SH|title=Future vaccination strategies against tuberculosis: Thinking outside the box|journal=Immunity|year=2010|volume=33|pages=567–77|pmid = 21029966|doi=10.1016/j.immuni.2010.09.015|issue=4}}</ref> आगे की खोज को प्रोत्साहित करने के लिए, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं द्वारा टीके के विकास हेतु नये आर्थिक मॉडलों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिसमें पुरस्कार, कर प्रोत्साहन और अग्रिम बाजार प्रतिबद्धताएं शामिल हैं।<ref>{{cite journal|author=Webber D, Kremer M|url=http://www.who.int/bulletin/archives/79(8)735.pdf|title=Stimulating Industrial R&D for Neglected Infectious Diseases: Economic Perspectives|journal=Bulletin of the World Health Organization|volume=79|issue=8|year=2001|pages=693–801|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20070926012031/http://www.who.int/bulletin/archives/79(8)735.pdf|archive-date=26 सितंबर 2007|url-status=live}}</ref><ref>{{cite journal|author=Barder O, Kremer M, Williams H|url=http://www.bepress.com/ev/vol3/iss3/art1|title=Advance Market Commitments: A Policy to Stimulate Investment in Vaccines for Neglected Diseases|journal=The Economists' Voice|volume=3|year=2006|issue=3|doi=10.2202/1553-3832.1144|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20061105083659/http://www.bepress.com/ev/vol3/iss3/art1|archive-date=5 नवंबर 2006|url-status=dead}}</ref> स्टॉप टीबी पार्टनरशिप,<ref>{{cite book|last=Economic|first=Department of|title=Achieving the global public health agenda : dialogues at the Economic and Social Council|year=2009|publisher=संयुक्त राष्ट्र|location=New York|isbn=978-92-1-104596-3|pages=103|url=http://books.google.ca/books?id=VeF9dv74C4MC&pg=PA103|author2=Affairs, Social|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042320/http://books.google.ca/books?id=VeF9dv74C4MC&pg=PA103|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> दक्षिण अफ़्रीकी क्षय रोग वैक्सीन इनीशिएटिव और एरस ग्लोबल टीबी वैक्सीन फाउंडेशन, जैसे कई समूह शोध में शामिल हैं।<ref>{{cite book|last=Jong|first=[edited by] Jane N. Zuckerman, Elaine C.|title=Travelers' vaccines|year=2010|publisher=People's Medical Pub. House|location=Shelton, CT|isbn=978-1-60795-045-5|pages=319|url=http://books.google.ca/books?id=BKRpWFEy66wC&pg=PA319|edition=2nd ed.|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110042144/http://books.google.ca/books?id=BKRpWFEy66wC&pg=PA319|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> इनमें से उच्च बोझ वाले देशों में तपेदिक के विरुद्ध एक बेहतर टीके के विकास व लाइसेंस के लिये एरस ग्लोबल टीबी वैक्सीन फाउंडेशन को बिल व मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन से 280 मिलियन डॉलर (अमेरिका) से अधिक का उपहार प्राप्त हुआ है।<ref>{{Cite web|last=Bill and Melinda Gates Foundation Announcement|title=Gates Foundation Commits $82.9 Million to Develop New Tuberculosis Vaccines|date=12 फरवरी 2004|url=http://www.globalhealth.org/news/article/4134|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20091010163118/http://www.globalhealth.org/news/article/4134|archive-date=10 अक्तूबर 2009|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|last=Nightingale|first=Katherine|title=Gates foundation gives US$280 million to fight TB|date=19 सितंबर 2007|url=http://www.scidev.net/en/news/gates-foundation-gives-us280-million-to-fight-tb.html|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20081201175618/http://www.scidev.net/en/news/gates-foundation-gives-us280-million-to-fight-tb.html|archive-date=1 दिसंबर 2008|url-status=live}}</ref> == अन्य प्राणियों में== माइक्रोबैक्टीरिया, पक्षियों<ref>{{cite journal|last=Shivaprasad|first=HL|author2=Palmieri, C|title=Pathology of mycobacteriosis in birds.|journal=The veterinary clinics of North America. Exotic animal practice|date=2012 Jan|volume=15|issue=1|pages=41–55, v-vi|pmid=22244112|doi=10.1016/j.cvex.2011.11.004}}</ref> सहित कई भिन्न जानवरों, कृन्तकों,<ref>{{cite journal|last=Reavill|first=DR|author2=Schmidt, RE|title=Mycobacterial lesions in fish, amphibians, reptiles, rodents, lagomorphs, and ferrets with reference to animal models.|journal=The veterinary clinics of North America. Exotic animal practice|date=2012 Jan|volume=15|issue=1|pages=25–40, v|pmid=22244111|doi=10.1016/j.cvex.2011.10.001}}</ref> सरीसृप<ref>{{cite journal|last=Mitchell|first=MA|title=Mycobacterial infections in reptiles.|journal=The veterinary clinics of North America. Exotic animal practice|date=2012 Jan|volume=15|issue=1|pages=101–11, vii|pmid=22244116|doi=10.1016/j.cvex.2011.10.002}}</ref> को संक्रमित करते हैं। हालांकि, ''माइकोबैक्टीरियम तपेदिक'', उपजाति शायद ही कभी जंगली जानवरों में मौजूद रही हो।<ref>{{cite book|last=Wobeser|first=Gary A.|title=Essentials of disease in wild animals|year=2006|publisher=Blackwell Publ.|location=Ames, Iowa [u.a.]|isbn=978-0-8138-0589-4|pages=170|url=http://books.google.ca/books?id=JgyS6fxVasYC&pg=PA170|edition=1st ed.|access-date=13 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110041532/http://books.google.ca/books?id=JgyS6fxVasYC&pg=PA170|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> [[न्यूज़ीलैण्ड|न्यूज़ीलैंड]] के हिरण झुंडों तथा पशुओं से ''माइकोबैक्टीरियम बोविस'' द्वारा होने वाले वोबाइन तपेदिक को समाप्त करने का प्रयास अपेक्षाकृत सफल रहा है।<ref>{{cite journal|last=Ryan|first=TJ|author2=Livingstone, PG, Ramsey, DS, de Lisle, GW, Nugent, G, Collins, DM, Buddle, BM|title=Advances in understanding disease epidemiology and implications for control and eradication of tuberculosis in livestock: the experience from New Zealand.|journal=Veterinary microbiology|date=25 फरवरी 2006|volume=112|issue=2-4|pages=211–9|pmid=16330161|doi=10.1016/j.vetmic.2005.11.025}}</ref> ग्रेट ब्रिटेन में ऐसे प्रयास कम सफल रहे हैं।<ref>{{cite journal|last=White|first=PC|author2=Böhm, M, Marion, G, Hutchings, MR|title=Control of bovine tuberculosis in British livestock: there is no 'silver bullet'.|journal=Trends in microbiology|date=2008 Sep|volume=16|issue=9|pages=420–7|pmid=18706814|doi=10.1016/j.tim.2008.06.005}}</ref><ref>{{cite journal|last=Ward|first=AI|author2=Judge, J, Delahay, RJ|title=Farm husbandry and badger behaviour: opportunities to manage badger to cattle transmission of Mycobacterium bovis?|journal=Preventive veterinary medicine|date=1 जनवरी 2010|volume=93|issue=1|pages=2–10|pmid=19846226|doi=10.1016/j.prevetmed.2009.09.014}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist|30em}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Commons category|Tuberculosis}} * [https://www.iitg.ac.in/sanjukta/mpat/database.php/?page=1 Database Of Therapeutic plants against Tuberculosis] (आई आई टी गुवाहाटी) *{{dmoz|Health/Conditions_and_Diseases/Infectious_Diseases/Mycobacterial/Tuberculosis/}} *{{cite web |url=http://www.cdc.gov/tb/default.htm |publisher=Centers for Disease Control |title=Tuberculosis (TB) |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160512171316/http://www.cdc.gov/tb/default.htm |archive-date=12 मई 2016 |url-status=live }} *{{cite web |url=http://www.hpa.org.uk/infections/topics_az/tb/menu.htm |publisher=UK Health Protection Agency |title=Tuberculosis (TB) |access-date=13 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070705100742/http://www.hpa.org.uk/infections/topics_az/tb/menu.htm |archive-date=5 जुलाई 2007 |url-status=dead }} {{Gram-positive actinobacteria diseases}} {{Tuberculosis}} {{Diseases of Poverty}} [[श्रेणी:तपेदिक|*]] [[श्रेणी:अफ्रीका में स्वास्थ्य]] [[श्रेणी:माइकोबैक्टीरियम संबंधित त्वचीय स्थितियां]] 85j7byyxvbmrmmghd0lyz0e9kpm28ny इब्ब प्रान्त 0 499840 6582662 5955527 2026-07-14T23:10:13Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582662 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक प्रांत |province_name = इब्ब​<br />{{Nastaliq|ur|إب}} \ Ibb |loc_map = Ibb in Yemen.svg |capital = इब्ब |area = ६,४८४ |pop = २५,०५,८१६ |pop_year = २०१२ |pop_density = ३८६.४६ |sub_province_title = ज़िले |sub_provinces = २० |languages= [[अरबी भाषा|अरबी]] }} '''इब्ब​ प्रान्त''' (<small>[[अरबी भाषा|अरबी]]: {{Nastaliq|ur|إب}}, [[अंग्रेज़ी]]: Ibb</small>) [[यमन]] का एक [[यमन के प्रान्त|प्रान्त]] है।<ref>http://www.world-gazetteer.com {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130828045055/http://www.world-gazetteer.com/ |date=28 अगस्त 2013 }}, Yemen, divisions</ref><ref>Central Statistical Organisation of Yemen. General Population Housing and Establishment Census 2012 Final Results [http://www.cso-yemen.org/content.php?lng=english&id=293] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130521130719/http://www.cso-yemen.org/content.php?lng=english&id=293 |date=21 मई 2013 }}, Statistic Yearbook 2005 of Yemen [http://www.cso-yemen.org/books/book_year_2005/POPULATION/Population.htm ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100620102015/http://cso-yemen.org/books/book_year_2005/POPULATION/Population.htm |date=20 जून 2010 }}</ref> == विवरण == यमन की राजधानी [[सनआ]] के बाद यह इब्ब देश का दूसरा सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र है। इसकी राजधानी भी इब्ब नामक शहर है जो यमनी पहाड़ी क्षेत्र के पूर्वी अंत पर स्थित है जहाँ अचानक ज़मीन की ऊँचाई [[तिहामाह]] तटवर्ती क्षेत्र और ताइज़​ शहर की तरफ़ गिरती है। इस प्रान्त में काफ़ी वर्षा गिरने से धरती बहुत उपजाऊ है और कृषि ज़ोरों से चलती है। यहाँ [[गेंहू]], [[जौ]], [[तिल]] और [[ज्वार]] के अलावा 'क़ात' की पैदावार भी होती है। क़ात एक पौधा है जिसके पत्ते चबाने से हल्का नशा चढ़ता है और यह पूरे दक्षिणी अरबी प्रायद्वीप में चबाया जाता है। इब्ब प्रान्त के लोग बड़ी तादाद में दूसरे देशों में काम करने जाते हैं और लाखों की संख्या में [[सउदी अरब]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] में व्यवसायों में लगे हुए हैं। == इन्हें भी देखें == * [[यमन के प्रान्त]] == सन्दर्भ == <small>{{reflist|2}}</small> {{यमन के प्रान्त}} [[श्रेणी:इब्ब प्रान्त]] [[श्रेणी:यमन के प्रान्त]] [[श्रेणी:यमन]] 7dc2wcuq1h4okfwnv7xii9lberlpndu ई. एच. कार 0 505698 6582683 5955611 2026-07-15T02:20:56Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582683 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति | name = एडवर्ड हल्लेत्त कार (Edward Hallett Carr) | image = Eh carr.jpg | caption = | birth_date = {{Birth date|1892|06|28}} | birth_place = लंदन, यूनाइटेड किंगडम | death_date = {{Death date and age|1982|11|3|1892|06|28}} | death_place = लंदन, यूनाइटेड किंगडम | alma_mater=[[ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज]] | other_names = | known_for = सोवियत संघ के इतिहास का अध्ययन, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतो को उपदेशात्मक यथार्थवादी काल्पनिक बनाना और अपनी पुस्तक ''इतिहास क्या है'' में क्रांतिकारी इतिहास लेखन संबंधी सिद्धांतों की रूपरेखा प्रस्तुत करना | occupation = इतिहासकार, राजनयिक, अंतरराष्ट्रीय संबंधों का विचारक और पत्रकार | nationality =ब्रिटिश |spouse= ऐनी वार्ड (1) होवे जॉइस मैरियन स्टॉक फोर्ड (आम कानूनी संबंध) (2) बेट्टी बेह्रेंस (3) |children= 1 बेटा }} ''' एडवर्ड हल्लेत्त''' (28 जून 1892 से 3 नवम्बर 1982) को ''कार'' की उपाधि ब्रिटिश साम्राज्य के आदेशानुसार दी गयी थी, वे एक यथार्थवादी थे लेकिन बाद में [[मार्क्सवाद]]ी बन गए। वे एक प्रसिद्ध ब्रिटिश इतिहासकार, पत्रकार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विचारक और इतिहास के भीतर अनुभववाद के एक प्रतिद्वंद्वी के रूप में जाने जाते हैं। <br /> == यह भी देखें[संपादित करें] == * [[महाशक्ति]] * [[यथार्थवाद (अंतरराष्ट्रीय संबंध)|अंतरराष्ट्रीय संबंधों में यथार्थवाद]] * [[हंस मोर्गेंथाऊ]] * [[जॉन मियरशाइमर]] * केनेथ वाल्ट्ज * राजनीतिक शक्ति * शक्ति का प्रक्षेपण == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{wikiquote}} * [https://web.archive.org/web/20080215075836/http://www.ce-review.org/00/41/books41_stout.html The Vices of Integrity: E H Carr] * [https://web.archive.org/web/20080516030341/http://entertainment.timesonline.co.uk/tol/arts_and_entertainment/the_tls/article3490032.ece E. H. Carr: historian of the future] * [https://web.archive.org/web/20130112212711/http://www.history.ac.uk/ihr/Focus/Whatishistory/carr1.html Review of What is History?] * [https://web.archive.org/web/20110809211116/http://www.history.ac.uk/ihr/Focus/Whatishistory/evans10.html The Two Faces of E.H. Carr] by [[Richard J. Evans]] * [https://web.archive.org/web/20081030192313/http://berlin.wolf.ox.ac.uk/published_works/singles/bib45a.pdf E.H. Carr Studies in Revolutions] * [https://web.archive.org/web/20080703214812/http://www.londonsocialisthistorians.org/newsletter/articles.pl/noframes/read/41 E. H. Carr and Isaac Deutscher: A Very Special Relationship] * [https://web.archive.org/web/20081012030406/http://www.greenleft.org.au/2000/399/24015 E.H. Carr The Historian As A Marxist Partisan] * [https://web.archive.org/web/20121015051850/http://www.h-net.org/reviews/showrev.php?id=5801 Review of The Vices of Integrity] * [https://web.archive.org/web/20121025232404/http://www.history.ac.uk/ihr/Focus/Whatishistory/munslow4.html Review of E.H. Carr: A Critical Appraisal] by Alun Munslow * [https://web.archive.org/web/20130308190515/http://mearsheimer.uchicago.edu/pdfs/A0035.pdf E.H. Carr vs. Idealism: The Battle Rages On] by [[John Mearsheimer]] [[श्रेणी:1892 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:ऐबरिस्टविद विश्वविद्यालय के शिक्षाविद]] [[श्रेणी:ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज के पूर्व छात्र]] [[श्रेणी:ब्रिटिश इतिहासकार]] [[श्रेणी:ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज के अध्येता]] [[श्रेणी:इतिहासकार]] [[श्रेणी:अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विद्वान]] [[श्रेणी:मार्क्सवादी इतिहासकार]] [[श्रेणी:मार्क्सवादी पत्रकार]] [[श्रेणी:इतिहास के दार्शनिक]] [[श्रेणी:राजनीतिक यथार्थवादी]] [[श्रेणी:राष्ट्रवाद के विद्वान]] 2rnr56ogbhjcr12mns71dmro3de29qp इस्लामोफ़ोबिया 0 514018 6582803 5976226 2026-07-15T07:27:29Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582803 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Anti islam.jpg|अंगूठाकार|इस्मामोफ़ोबिया]] '''इस्लामोफ़ोबिया''' या ''' इस्लामभीति ''' [[इस्लाम|मुसलमानों]] के प्रति तर्कहीन भय या घृणा का पूर्वाग्रह है। <ref>{{cite book |author=Fredman, Sandra |title=Discrimination and human rights: the case of racism |publisher=Oxford University Press |location=Oxford [Oxfordshire] |year=2001 |isbn=0-19-924603-3 |page=121}}</ref> <ref>{{cite book |author=Haddad, Yvonne Yazbeck |title=Muslims in the West: from sojourners to citizens |url=https://archive.org/details/muslimsinwestfro0000unse |publisher=Oxford University Press |location=Oxford [Oxfordshire] |year=2002 |isbn=0-19-514806-1 |page=[https://archive.org/details/muslimsinwestfro0000unse/page/19 19]}}</ref> <ref>''Islamophobia: A Challenge for Us All'', [[Runnymede Trust]], 1997, p. 1, cited in {{cite book|title=Muslims and crime: a comparative study|url=https://archive.org/details/muslimscrimecomp0000qura|author=Quraishi, Muzammil|publisher=Ashgate|year=2005|isbn=0-7546-4233-X|location=Aldershot, Hants, England|page=[https://archive.org/details/muslimscrimecomp0000qura/page/60 60]}}</ref><ref>Early in 1997, the Commission on [[British Muslims]] and Islamophobia, at that time part of the Runnymede Trust, issued a consultative document on Islamophobia under the chairmanship of Professor Gordon Conway, [[Vice-Chancellor]] of the [[University of Sussex]]. The final report, ''Islamophobia: A Challenge for Us All'', was launched in November 1997 by [[Home Secretary]] [[Jack Straw]]</ref><ref name=HoldenHicks>{{cite book |author=Holden, Cathie; Hicks, David V. |title=Teaching the global dimension: key principles and effective practice |url=https://archive.org/details/teachingglobaldi0000unse |publisher=Routledge |location=New York |year=2007 |isbn=0-415-40448-7|page=[https://archive.org/details/teachingglobaldi0000unse/page/140 140]}}</ref><ref name="levandehistoria">[https://web.archive.org/web/20100812143947/http://www.levandehistoria.se/files/islamofobi.pdf Islamofobi - en studie av begreppet, ungdomars attityder och unga muslimers utsatthet], published by [[Forum för levande historia]]</ref> इस्लामभीति दो शब्दों से मिलकर बना है: (इस्लाम+भीति), जिसका हिन्दी में अर्थ होता है- '''इस्लाम का भय'''। यह शब्दावली मुख्य रूप से पश्चिमी देशों द्वारा काम में ली जाती है। 1997 में, ब्रितानी रुन्नीमेडे ट्रस्ट ने '''इस्लामभीति''' के बारे में बताते हुए कहा कि यह अवधारणा मुसलमानों को देश के आर्थिक, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से बाहर करके मुसलमानों के विरुद्ध भेदभाव के व्यवहार को दर्शाती है। यह अवधारणा यह भी मानती है कि इस्लाम अन्य संस्कृतियों के साथ कोई भी मूल्य साझा नहीं करता हैं, यह पश्चिम की संकृति से निम्न कोटि का है और एक धर्म के बजाय हिंसक राजनीतिक विचारधारा है।<ref name=Runnymede5>Runnymede 1997, p. 5, cited in Quraishi 2005, p. 60.</ref> 15 मार्च 2022 को इस्लामोफ़ोबिया दिवस, [[संयुक्त राष्ट्र महासभा]] ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव अपनाया, जिसे [[इस्लामिक सहयोग संगठन]] (OIC) की ओर से पेश किया गया था, जिसमें 15 मार्च को '''[[:en:International Day To Combat Islamophobia|'इस्लामोफोबिया से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस']]''' के रूप में घोषित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1680128|title='Landmark resolution': UNGA declares March 15 as International Day to Combat Islamophobia|last=APP|date=2022-03-15|website=DAWN.COM|language=en|access-date=2023-09-12}}</ref> [[en:International Day To Combat Islamophobia]] ==सन्दर्भ== {{Reflist|2}} == बाहरी कड़ियाँ == *[https://www.academia.edu/24419416/UNDERSTANDING_and_COUNTERING_ISLAMOPHOBIA इस्लामोफोबिया को समझना और उसका मुकाबला करना] * [https://web.archive.org/web/20111105101311/http://crg.berkeley.edu/content/islamophobia/islamophobia-studies-journal Islamophobia Studies Journal] * [https://web.archive.org/web/20141022174119/http://www.islamophobia.org/ Islamophobia.org] * [https://web.archive.org/web/20130514144734/http://www.islamawareness.net/Islamophobia/ "Islamophobia"] [[श्रेणी:इस्लाम से संबंधित विवाद]] [[श्रेणी:इस्लामोफ़ोबिया| ]] j8yhjqa43yvkchx9n7p13f49759efhx भोजपुरी क्षेत्र 0 530903 6582740 6526541 2026-07-15T04:34:35Z Mohitmapps26 936332 6582740 wikitext text/x-wiki {{विकिफ़ाइ|date=सितंबर 2013}} {{स्रोतहीन|date=सितंबर 2013}} डाॅ॰ श्री प्रकाश बरनवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रबुद्ध सोसाइटी का कहना है कि भोजपुरी भाषा पश्चिमी बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी झारखंड, और झारखंड के उत्तर पूर्वी भाग और मध्य प्रदेश और नेपाल तराई क्षेत्र में बोली जानी वाली एक भाषा है। भोजपुरी भाषी क्षेत्र को पूर्वांचल कहा जाता है। [[File:Bhojpuri Speaking region (Native).png]] [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888103 Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Index_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888117 Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [[श्रेणी:भारत के क्षेत्र]] [[श्रेणी:नेपाल के क्षेत्र]] dbbm6oibdxfzepv76kq0wasvsyptkbh 6582750 6582740 2026-07-15T04:48:22Z Mohitmapps26 936332 6582750 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg|अंगूठाकार|पाठ=https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888103|A comprehensive, hyper-localized multi-page cartographic study detailing the sub-dialect regions of the Bhojpuri language across Purvanchal. Created by Mohit Gupta.]] [[चित्र:Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg|अंगूठाकार|पाठ=https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Index_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888117|"A comprehensive, hyper-localized multi-page cartographic study detailing the sub-dialect regions of the Bhojpuri language across Purvanchal. Created by Mohit Gupta." https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg#:~:text=English-,A%20comprehensive%2C%20hyper%2Dlocalized%20multi%2Dpage%20cartographic%20study%20detailing%20the%20sub%2Ddialect%20regions%20of%20the%20Bhojpuri%20language%20across%20Purvanchal.%20Created%20by%20Mohit%20Gupta.,-Summary]] {{विकिफ़ाइ|date=सितंबर 2013}} {{स्रोतहीन|date=सितंबर 2013}} डाॅ॰ श्री प्रकाश बरनवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रबुद्ध सोसाइटी का कहना है कि भोजपुरी भाषा पश्चिमी बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी झारखंड, और झारखंड के उत्तर पूर्वी भाग और मध्य प्रदेश और नेपाल तराई क्षेत्र में बोली जानी वाली एक भाषा है। भोजपुरी भाषी क्षेत्र को पूर्वांचल कहा जाता है। [[File:Bhojpuri Speaking region (Native).png]] [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888103 Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Index_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888117 Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [[श्रेणी:भारत के क्षेत्र]] [[श्रेणी:नेपाल के क्षेत्र]] rgis8a5d0otcksyx09rpskh0szcrf4f 6582752 6582750 2026-07-15T04:50:33Z Mohitmapps26 936332 /* */ 6582752 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg|अंगूठाकार|पाठ=https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888103|A comprehensive, hyper-localized multi-page cartographic study detailing the sub-dialect regions of the Bhojpuri language across Purvanchal. Created by Mohit Gupta.]] [[चित्र:Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg|अंगूठाकार|पाठ=https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Index_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888117|"A comprehensive, hyper-localized multi-page cartographic study detailing the sub-dialect regions of the Bhojpuri language across Purvanchal. Created by Mohit Gupta." https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg {{विकिफ़ाइ|date=सितंबर 2013}} {{स्रोतहीन|date=सितंबर 2013}} डाॅ॰ श्री प्रकाश बरनवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रबुद्ध सोसाइटी का कहना है कि भोजपुरी भाषा पश्चिमी बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी झारखंड, और झारखंड के उत्तर पूर्वी भाग और मध्य प्रदेश और नेपाल तराई क्षेत्र में बोली जानी वाली एक भाषा है। भोजपुरी भाषी क्षेत्र को पूर्वांचल कहा जाता है। [[File:Bhojpuri Speaking region (Native).png]] [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888103 Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Index_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888117 Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [[श्रेणी:भारत के क्षेत्र]] [[श्रेणी:नेपाल के क्षेत्र]] a9r2yvyz5ey9lv8qyrc54v8rvmjodyi 6582753 6582752 2026-07-15T04:51:37Z Mohitmapps26 936332 /* */ 6582753 wikitext text/x-wiki डाॅ॰ श्री प्रकाश बरनवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रबुद्ध सोसाइटी का कहना है कि भोजपुरी भाषा पश्चिमी बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी झारखंड, और झारखंड के उत्तर पूर्वी भाग और मध्य प्रदेश और नेपाल तराई क्षेत्र में बोली जानी वाली एक भाषा है। भोजपुरी भाषी क्षेत्र को पूर्वांचल कहा जाता है। [[File:Bhojpuri Speaking region (Native).png]] [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888103 Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Index_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888117 Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [[श्रेणी:भारत के क्षेत्र]] [[श्रेणी:नेपाल के क्षेत्र]] 3s54u6tkdrp9v6mb1j34b19c85uklal 6582754 6582753 2026-07-15T04:54:54Z Mohitmapps26 936332 6582754 wikitext text/x-wiki डाॅ॰ श्री प्रकाश बरनवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रबुद्ध सोसाइटी का कहना है कि भोजपुरी भाषा पश्चिमी बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी झारखंड, और झारखंड के उत्तर पूर्वी भाग और मध्य प्रदेश और नेपाल तराई क्षेत्र में बोली जानी वाली एक भाषा है। भोजपुरी भाषी क्षेत्र को पूर्वांचल कहा जाता है। [[File:Bhojpuri Speaking region (Native).png]] [[चित्र:Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg|अंगूठाकार|A comprehensive, hyper-localized multi-page cartographic study detailing the sub-dialect regions of the Bhojpuri language across Purvanchal. Created by Mohit Gupta.]] [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888103 Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Index_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888117 Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [[श्रेणी:भारत के क्षेत्र]] [[श्रेणी:नेपाल के क्षेत्र]] 0izo2sc7rdlfcb82ah6dh9xakqszdy9 6582755 6582754 2026-07-15T04:56:22Z Mohitmapps26 936332 6582755 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg|अंगूठाकार| A comprehensive, hyper-localized multi-page cartographic study detailing the sub-dialect regions of the Bhojpuri language across Purvanchal. Created by Mohit Gupta.]] डाॅ॰ श्री प्रकाश बरनवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रबुद्ध सोसाइटी का कहना है कि भोजपुरी भाषा पश्चिमी बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी झारखंड, और झारखंड के उत्तर पूर्वी भाग और मध्य प्रदेश और नेपाल तराई क्षेत्र में बोली जानी वाली एक भाषा है। भोजपुरी भाषी क्षेत्र को पूर्वांचल कहा जाता है। [[File:Bhojpuri Speaking region (Native).png]] [[चित्र:Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg|अंगूठाकार|A comprehensive, hyper-localized multi-page cartographic study detailing the sub-dialect regions of the Bhojpuri language across Purvanchal. Created by Mohit Gupta.]] [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888103 Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Index_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888117 Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [[श्रेणी:भारत के क्षेत्र]] [[श्रेणी:नेपाल के क्षेत्र]] 5v9gykqjyr1mw5ubf4cl59hb7tlx1jw 6582756 6582755 2026-07-15T04:57:13Z Mohitmapps26 936332 6582756 wikitext text/x-wiki डाॅ॰ श्री प्रकाश बरनवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रबुद्ध सोसाइटी का कहना है कि भोजपुरी भाषा पश्चिमी बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी झारखंड, और झारखंड के उत्तर पूर्वी भाग और मध्य प्रदेश और नेपाल तराई क्षेत्र में बोली जानी वाली एक भाषा है। भोजपुरी भाषी क्षेत्र को पूर्वांचल कहा जाता है। [[File:Bhojpuri Speaking region (Native).png]] [[चित्र:Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg|अंगूठाकार|A comprehensive, hyper-localized multi-page cartographic study detailing the sub-dialect regions of the Bhojpuri language across Purvanchal. Created by Mohit Gupta.]] [[चित्र:Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg|अंगूठाकार| A comprehensive, hyper-localized multi-page cartographic study detailing the sub-dialect regions of the Bhojpuri language across Purvanchal. Created by Mohit Gupta.]] [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Atlas_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888103 Linguistic Atlas of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [https://commons.wikimedia.org/w/index.php?title=File:Linguistic_Index_of_Bhojpuri_Sub-Dialects_in_Purvanchal.jpg&oldid=1247888117 Linguistic Index of Bhojpuri Sub-Dialects in Purvanchal.jpg]<ref>{{Citation|last=Mohit Gupta|first=Mohit Gupta|title=Cartographic Visualisation of dialectic variations of Bhojpur-Purwanchal region.|date=2026-07-14|url=https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.21361541|doi=10.5281/zenodo.21361541|access-date=2026-07-15}}</ref> [[श्रेणी:भारत के क्षेत्र]] [[श्रेणी:नेपाल के क्षेत्र]] 4gim7pwpzabuqm8orfjzshcmezdcqxb पार्थेनन 0 536419 6582871 4771423 2026-07-15T10:13:50Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582871 wikitext text/x-wiki {{Coord|37.9715|23.7267|display=title}} {{Infobox building |name = पार्थेनन |native_name= Παρθενών {{gr icon}} |image = The Parthenon in Athens.jpg |size =300px |caption = पार्थेनन |former_names = |building_type = [[यूनानी मंदिर]] |architectural_style = [[शास्त्रीय वास्तुकला]] |structural_system = |cost = |location = [[एथेंस]], यूनान |address = |client = |owner = [[यूनानी सरकार]] |current_tenants = संग्रहालय |landlord = |start_date = 447&nbsp;BC<ref name="academic.reed.edu">[http://academic.reed.edu/humanities/110Tech/Parthenon.html Parthenon] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110305115918/http://academic.reed.edu/humanities/110Tech/Parthenon.html |date=5 मार्च 2011 }}. Academic.reed.edu. Retrieved on 2013-09-04.</ref><ref name="ancientgreece.com">[http://www.ancientgreece.com/s/Parthenon/ The Parthenon] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170702195954/http://www.ancientgreece.com/s/Parthenon/ |date=2 जुलाई 2017 }}. Ancientgreece.com. Retrieved on 2013-09-04.</ref> |completion_date = 438&nbsp;BC<ref name="academic.reed.edu"/><ref name="ancientgreece.com"/> |inauguration_date = |demolition_date = |destruction_date = आंशिक रूप से 26 सितंबर 1687 पर |height = {{convert|13.72|m|ft|abbr=on}} |size = {{convert|69.5|by|30.9|m|ft|abbr=on}} |other_dimensions = सेल: {{convert|29.8|by|19.2|m|ft|abbr=on}} |floor_count = |floor_area = |main_contractor = |architect = इक्तिनोस्, कल्लिक्रतेस् |structural_engineer = |services_engineer = |civil_engineer = |other_designers = फिदिअस् (मूर्तिकार) |quantity_surveyor = |awards = |references = }} [[File:Parthenon night view.jpg|thumb|250px|रात दृश्य]] '''पार्थेनन''' ({{lang-el|{{lang|grc|Παρθενών}}}}) [[अथीनियान एक्रोपोलिस]] पर एक मंदिर है, युवती की देवी एथेना को समर्पित ग्रीस, जिसे एथेंस के लोग अपने संरक्षक देवता माना जाता है। अथीनियान साम्राज्य अपनी शक्ति की ऊंचाई पर था, जब इसका निर्माण 447 ईसा पूर्व में शुरू हुआ। भवन की सजावट 432 ईसा पूर्व तक जारी रहा, हालांकि यह 438 ई.पू. में पूरा किया गया। यह प्राचीन यूनान का सबसे महत्वपूर्ण जीवित इमारत है। इसके सजावटी मूर्तियां यूनानी कला के उच्च अंक में से कुछ विचार कर रहे हैं। पार्थेनन प्राचीन ग्रीस, अथीनियान लोकतंत्र, पश्चिमी सभ्यता की एक स्थायी प्रतीक के रूप में माना जाता है,<ref>{{cite book | last = Beard| first = Mary| title = The Parthenon| url = https://archive.org/details/parthenon0000mbea| publisher = Profile Books| year = 2010 | page = [https://archive.org/details/parthenon0000mbea/page/118 118] | isbn = 1847650635}}</ref> और दुनिया की सबसे बड़ी सांस्कृतिक स्मारकों में से एक. संस्कृति यूनानी मंत्रालय वर्तमान में आंशिक रूप से बर्बाद कर संरचना की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए चुनिंदा बहाली और पुनर्निर्माण का एक कार्यक्रम बाहर ले जा रहा है।<ref name="venieri-acropolis">{{cite web |url=http://odysseus.culture.gr/h/3/eh351.jsp?obj_id=2384 |title=Acropolis of Athens |author=Ioanna Venieri |publisher=Hellenic Ministry of Culture |accessdate=2007-05-04 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070429172748/http://odysseus.culture.gr/h/3/eh351.jsp?obj_id=2384 |archive-date=29 अप्रैल 2007 |url-status=live }}</ref> पार्थेनन ही इतिहासकारों 480 ईसा पूर्व का फ़ारसी आक्रमण में नष्ट हो गया था कि पूर्व पार्थेनन या पुराने पार्थेनन, जो फोन एथेना, के एक पुराने मंदिर की जगह. मंदिर पुरातत्व खगोल विज्ञान ह्यदेस् के लिए गठबंधन किया है।<ref>{{cite book |title=Aitia, Astronomy and the timing of the Arrhephoria |author=E. Boutsikas and R. Hannah |year=February 2012 |publisher=The Annual of the British School at Athens, pp.1-13 }}</ref> सबसे ग्रीक मंदिरों की तरह, पार्थेनन एक खजाने के रूप में इस्तेमाल किया गया था। == सन्दर्भ == {{reflist|2}} == बाहरी कड़ियाँ == {{commons|Parthenon}} {{Wiktionary}} *[https://web.archive.org/web/20130918073307/http://odysseus.culture.gr/h/2/eh251.jsp?obj_id=912 The Acropolis of Athens: The Parthenon] (official site with a schedule of its opening hours, tickets and contact information) *[https://web.archive.org/web/20131124083019/http://www.yppo.gr/4/e40.jsp?obj_id=123 (Hellenic Ministry of Culture) The Acropolis Restoration Project] *[https://web.archive.org/web/20190601175233/http://www.parthenonfrieze.gr/ (Hellenic Ministry of Culture) The Parthenon Frieze] {{el icon}} *[https://web.archive.org/web/20170711124739/http://whc.unesco.org/en/list/404 युनेस्को World Heritage Centre – Acropolis, Athens] *[https://web.archive.org/web/20130128110846/http://www.nashville.gov/Parthenon/index.htm Metropolitan Government of Nashville and Davidson County – The Parthenon] *[https://web.archive.org/web/20131107195536/http://sketchup.google.com/3dwarehouse/details?mid=8174b921338882e8816a3771436c8474 Google Sketchup 3D Model of Parthenon (simplistic)] *[https://web.archive.org/web/20130918115614/http://www.vgreece.com/index.php?entry=entry050714-163859 Parthenon virtual tour] Interactive 360° panoramas in high resolution. *[https://web.archive.org/web/20121228011615/http://www.metrum.org/key/athens/index.htm The Athenian Acropolis by Livio C. Stecchini] (Takes the heterodox view of the date of the proto-Parthenon, but a useful summary of the scholarship.) *[https://web.archive.org/web/20110903062200/http://www.acropolisfriends.gr/index.php?lang=en The Friends of the Acropolis] *[https://web.archive.org/web/20130503114544/http://people.hsc.edu/drjclassics/lectures/ParthenonMarbles/marbles.shtm Illustrated Parthenon Marbles] – Dr. Janice Siegel, Department of Classics, [[Hampden-Sydney College]], Virginia *[https://web.archive.org/web/20120430163601/http://travels.co.ua/engl/greece/athens/acropolis/parthenon/index.html Parthenon:description, photo album] [[श्रेणी:संस्कृति]] [[श्रेणी:प्राचीन यूनान]] 3qlygzjknxqtpni205phn6lbjjmjsj9 गौतम सिंघानिया 0 539530 6582859 5553016 2026-07-15T09:52:30Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582859 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति |name = गौतम हरि सिंघानिया |image = Gautam Singhania delivering the keynote address at the Indian Navy-ITTA Clothing and Footwear Seminar Cum Exhibition.jpg |image_size = |alt = |caption = गौतम सिंघानिया |birth_name = गौतम हरि सिंघानिया |birth_date = {{birth date and age|1965|09|9|df=y}} |birth_place = |death_date = <!-- {{Death date and age|YYYY|MM|DD|YYYY|MM|DD}} --> |death_place = |body_discovered = |death_cause = |resting_place = |resting_place_coordinates = <!-- {{coord|LAT|LONG|display=inline,title}} --> |residence = मुम्बई |nationality = [[भारतीय]] |ethnicity = भारतीय |citizenship = G |other_names = |known_for = रेमंड समूह के प्रबन्ध निर्देशक एवं अध्यक्ष |education = |alma_mater = कैथेड्रल स्कूल, मुम्बई |employer = |occupation = व्यापारी |years_active = |home_town = |salary = |networth = $1.4 अरब |height = 5'3" |weight = |title = |term = |predecessor = |successor = |party = |opponents = |boards = |religion = |spouse = नवाज़ मोदी सिंघानिया |partner = |children = निहारिका सिंघानिया |parents = विजयपत सिंघानिया और आशाबाई सिंघानिया |relations = |callsign = |awards = |signature = |website = |footnotes = }} '''गौतम सिंघानिया''' (जन्म ९ सितम्बर १९६५) एक भारतीय उद्योगपति हैं। वो रेमंड समूह के प्रबन्ध निर्देशक एवं अध्यक्ष हैं।<ref>{{cite web|title=37 मंजिला घर बनवा रहे हैं 3 खरब रुपए की दौलत के मालिक गौतम, बीएमसी डाल रहा अड़ंगा|url=http://www.bhaskar.com/article/NAT-gautam-singhanias-house-in-jeopardy-4396721-NOR.html|publisher=दैनिक भास्कर|author=|accessdate=1 नवम्बर 2013|date=8 अक्टूबर 2013|7=|archive-url=https://web.archive.org/web/20131114065211/http://www.bhaskar.com/article/NAT-gautam-singhanias-house-in-jeopardy-4396721-NOR.html|archive-date=14 नवंबर 2013|url-status=live}}</ref>उन्हें [[पेरिस]] में आयोजित एफआईए एनुअल जनरल असेंबली की बैठक के दौरान वर्ल्ड मोटर स्पोर्ट्स काउंसिल का सदस्य चुना गया। इस बैठक में 22 नामांकित सदस्यों में से कुल 14 सदस्यों को चयनित किया गया जिसमें वे भी शामिल हैं। इस पद पर उन्होंने सहारा फोर्स इंडिया के बॉस विजय माल्या का स्थान ग्रहण किया है।<ref>www.team-bhp.com/news/gautam-singhania-elected-fia-world-motor-sports-council</ref> जनवरी 2019 में गौतम सिंघानिया ने कंपनी में सारे पदों से इस्तीफा दे दिया था, ऐसा करने का बड़ा कारन पिता से चल रहा विवाद था <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/business/photo/father-son-vijaypat-gautam-singhania-steps-down-chairman-raymond-apparel-tut-672352-2019-01-11|title=गौतम सिंघानिया ने कंपनी में सारे पद छोड़े, पिता से चल रहा विवाद|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-02}}</ref>| 2021 में मौजूदा सदस्यों के लिए आरक्षित  (WMSC) डब्ल्यूएमएससी की 14 सीटों के लिए हुए चुनावों में गौतम सिंघानिया हार गए थे | यह ऐसा पहली बार था जब भारत ने तीन दशकों से अधिक समय में पहली बार एफआईए (FIA) की शक्तिशाली विश्व मोटर स्पोर्ट काउंसिल (WMSC) में अपनी सीट खो दी है <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/news/story/mohammad-bin-sulayem-new-president-of-wmsc-india-lost-its-seat-tspo-1376061-2021-12-18|title=World Motor Sport Council: मोटर स्पोर्ट काउंसिल में भारत ने गंवाई अपनी सीट, 3 दशक में पहली बार हुआ ऐसा|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-02}}</ref>| == जीवन == उनका जन्म एक उद्यौगपति घराने में हुआ। उनके पिता का नाम [[विजयपत सिंघानिया]] और माँ का नाम आशाबाई सिंघानिया है।<ref name = "geoff_wealth_club">{{cite book | title = India's Global Wealth Club: The Stunning Rise of Its Billionaires and Their Secrets of Success | url = https://archive.org/details/indiasglobalweal0000hisc | author = Geoff Hiscock | publisher = John Wiley and Sons | year = 2007 | isbn = 978-0-470-82238-8 | pages = [https://archive.org/details/indiasglobalweal0000hisc/page/277 277]–278 }}</ref> == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:1965 में जन्मे लोग]] 7c8lqbhl661ccdarz0rdig6vfky2pgq १९७३ यूईएफए कप फाइनल 0 543297 6582870 5584612 2026-07-15T10:13:12Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582870 wikitext text/x-wiki {{Infobox football match | title = १९७३ यूईएफए कप फाइनल | image = [[चित्र:UEFA Cup old logo.png|150px]] | caption = यूईएफए कप लोगो | event = 1972–73 यूईएफए कप | team1 = [[लिवरपूल एफ़.सी.|लिवरपूल]] | team1association = {{flagicon|ENG|size=30px}} | team1score = 3 | team2 = [[बोरशिया मौनचेंगलाडबाख]] | team2association = {{flagicon|GER|size=30px}} | team2score = 2 | details = [http://www.uefa.com/uefaeuropaleague/season=1972/matches/round=1060/index.html रिपोर्ट] | firstleg = पहला चरण | team1score1 = 3 | team2score1 = 0 | details1 = | date1 = 10 मई 1973 | stadium1 = [[एनफील्ड]] | city1 = [[लिवरपूल]] | man_of_the_match1a = | man_of_the_match1atitle = | man_of_the_match1b = | man_of_the_match1btitle = | referee1 = एरिछ लिनेमय्र ([[ऑस्ट्रिया]]) | attendance1 = 41,169 | weather1 = | secondleg = दूसरा चरण | team1score2 = 0 | team2score2 = 2 | details2 = | date2 = 23 मई 1973 | stadium2 = [[बोकेलबर्गस्टेडियम]] | city2 = [[मौनचेंगलाडबाख]] | man_of_the_match2a = | man_of_the_match2atitle = | man_of_the_match2b = | man_of_the_match2btitle = | referee2 = पवेल कज़कोव ([[सोवियत संघ]]) | attendance2 = 34,905 | weather2 = | previous = [[१९७२ यूईएफए कप फाइनल|1972]] | next = [[१९७४ यूईएफए कप फाइनल|1974]] }} '''१९७३ यूईएफए कप फाइनल''' एक फुटबॉल मैच था जो [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] के [[लिवरपूल एफ़.सी.|लिवरपूल]] और [[जर्मनी|पश्चिम जर्मनी]] के [[बोरशिया मौनचेंगलाडबाख]] के बीच दो चरण मे खेला गया था। पहला चरण 10 मई 1973 को [[लिवरपूल एफ़.सी.|लिवरपूल]] के घरेलू स्टेडियम में खेला गया था, जो लिवरपूल ने 3-0 से जीता था<ref>{{cite web |url=http://www.lfchistory.net/SeasonArchive/Game/743 |title=Liverpool 3–0 Borussia Monchengladbach |publisher=LFC History |accessdate=4 दिसम्बर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190816200522/https://www.lfchistory.net/SeasonArchive/Game/743 |archive-date=16 अगस्त 2019 |url-status=live }}</ref> और दूसरे चरण [[बोरशिया मौनचेंगलाडबाख]] के घरेलू मैदान पर 23 मई 1973 पर खेला गया था, जो मौनचेंगलाडबाख ने 2-0 से जीता था।<ref>{{cite web |url=http://www.lfchistory.net/SeasonArchive/Game/744 |title=Borussia Monchengladbach 2–0 Liverpool |publisher=LFC History |accessdate=7 दिसम्बर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190814000638/https://www.lfchistory.net/SeasonArchive/Game/744 |archive-date=14 अगस्त 2019 |url-status=live }}</ref> इस परिणाम के साथ लिवरपूल कुल स्कोर 3-2 पर १९७३ का यूईएफए कप फाइनल जीता। और यह लिवरपूल की पहली यूरोपीय ट्रॉफी थी। {{TOCleft}} {{Gallery| align = center | style="width:200px;"|lines=4 |File:Anfield, 20 October 2012.jpg|[[एनफील्ड]], [[लिवरपूल]] १९७३ फाइनल मैच का पहला चरण का मैदान। |File:Bökelbergstadion.jpg|[[बोकेलबर्गस्टेडियम]], [[मौनचेंगलाडबाख]] १९७३ फाइनल मैच का दूसरा चरण का मैदान। |File:uefacup1973win.jpg|कप के साथ प्रस्तुत [[लिवरपूल एफ़.सी.|लिवरपूल]] टीम के मैनेजर [[बिल्ल शन्क्ल्य]] १९७३ में। }} {{-}} == फाइनल के लिए मार्ग == {{col-begin}} {{col-2}} === लिवरपूल === {| class="wikitable plainrowheaders" style="text-align:center;margin-left:1em;float:left" <!-- |+ '''Liverpool''' --> !scope=col|दौर ! scope="col" style="width:130px;"| प्रतिद्वंद्वी ! scope="col" style="width:50px;"| पहला लेग ! scope="col" style="width:50px;"| दूसरा लेग ! scope="col" style="width:50px;"| परिणाम |- !scope=row style="text-align:center"| दौर 1 |align="left"| {{flagicon|GER}} [[इंग्टीराहेटी फ्रैंकफर्ट]] | 2–0 (h) | 0–0 (a) | 2–0 |- !scope=row style="text-align:center"| दौर 2 |align="left"|{{flagicon|GRE}} एईके एथेंस | 3–0 (h) | 3–1 (a) | 6–1 |- !scope=row style="text-align:center"| दौर 3 |align="left"|{{flagicon|DDR}} डायनमो बर्लिन | 0–0 (a) | 3–1 (h) | 3–1 |- !scope=row style="text-align:center"| क्वार्टर फाइनल |align="left"|{{flagicon|DDR}} डायनमो ड्रेस्डेन | 2–0 (a) | 1–0 (h) | 3–0 |- !scope=row style="text-align:center"| सेमीफाइनल |align="left"|{{flagicon|ENG}}[[टॉटनहम हॉटस्पर एफ़.सी.|टॉटनहम हॉटस्पर]] | 1–0 (h) | 1–2 (a) | 2–2 |} {{col-2}} === बोरशिया मौनचेंगलाडबाख === {| class="wikitable plainrowheaders" style="text-align:center;margin-left:1em;float:left" <!-- |+ '''Borussia Mönchengladbach''' --> ! scope=col| दौर ! scope="col" style="width:100px;"| प्रतिद्वंद्वी ! scope="col" style="width:50px;"| पहला लेग ! scope="col" style="width:50px;"| दूसरा लेग ! scope="col" style="width:50px;"| परिणाम |- !scope=row style="text-align:center"| दौर 1 | {{flagicon|SCO}} [[एबरडीन एफ.सी.|एबरडीन]] | 3–2 (a) | 6–3 (h) | 9–5 |- !scope=row style="text-align:center"| दौर 2 | {{flagicon|डेनमार्क}} ह्विदोव्रे आईएफ | 3–0 (h) | 3–1 (a) | 6–1 |- !scope=row style="text-align:center"| दौर 3 | {{flagicon|GER}} [[1. एफसी कोलोन|कोलोन]] | 0–0 (a) | 5–0 (h) | 5–0 |- !scope=row style="text-align:center"| क्वार्टर फाइनल | {{flagicon|GER}} कैसेर्स्लौतेर्न | 2–1 (a) | 7–1 (h) | 9–2 |- !scope=row style="text-align:center"| सेमीफाइनल | {{flagicon|NED}} [[एफसी त्वेन्ते|त्वेन्ते]] | 3–0 (h) | 2–1 (a) | 5–1 |} {{col-end}} {|class="wikitable" | width="40px" bgcolor="" align="center"|h | गृह स्टेडियम में मैच |- | width="40px" bgcolor="" align="center"|a | विपक्ष स्टेडियम में मैच |} == मैच विस्तार == === पहला चरण === {{Footballbox |date = 10 मई 1973 |time = 19:30 <br /> ब्रिटिश ग्रीष्मकालीन समय |team1 = [[लिवरपूल एफ़.सी.|लिवरपूल]] {{flagicon|ENG}} |score = 3–0 |report = [http://www.uefa.com/uefaeuropaleague/season=1972/matches/round=1060/match=64296/postmatch/lineups/index.html रिपोर्ट]<br />.<ref name="rsssf">{{cite web |url=http://www.rsssf.com/ec/ec197273.html#uefa |title=UEFA Cup 1972–73 |publisher=Rec. Sport. Soccer Statistics Foundation (RSSSF) |date=31 जुलाई 2008 |accessdate=5 दिसम्बर 2011 |first=James M. |last=Ross |archive-url=https://web.archive.org/web/20111127111949/http://www.rsssf.com/ec/ec197273.html#uefa |archive-date=27 नवंबर 2011 |url-status=live }}</ref> |team2 = {{flagicon|GER}} [[बोरशिया मौनचेंगलाडबाख]] |goals1 = [[केविन कीगन]] {{goal|21||32}}<br />[[लर्र्य ल्लोय्द]] {{goal|61}} |goals2 = |stadium = [[एनफील्ड]], [[लिवरपूल]] |attendance = 41,169<ref name="eightyfour">Ponting (1992) p. 84.</ref> |referee = एरिछ लिनेमय्र ([[ऑस्ट्रिया]]) }} {| width=92% |{{Football kit | pattern_la = | pattern_b = _whitecollar | pattern_ra = | leftarm = dd0000 | body = dd0000 | rightarm = dd0000 | shorts = dd0000 | socks = dd0000 | title = लिवरपूल }} |{{Football kit | pattern_la= | pattern_b=_blackstripes | pattern_ra= | leftarm = FFFFFF | body = FFFFFF | rightarm = FFFFFF | shorts = FFFFFF | socks = FFFFFF | title = बोरशिया मौनचेंगलाडबाख }} |} {| style="width:100%;" |- | style="vertical-align:top; width:50%;"| {| style="font-size: 90%" cellspacing="0" cellpadding="0" |- |colspan="4"| |- !width=25| !!width=25| |- |GK ||'''1''' ||{{flagicon|ENG}} [[रय च्लेमेन्चे]] |- |RB ||'''2''' ||{{flagicon|ENG}} [[छ्रिस लव्लेर]] |- |LB ||'''3''' ||{{flagicon|ENG}} [[अलेक लिन्द्सय]] |- |CM ||'''4''' ||{{flagicon|ENG}} [[तोम्म्य स्मिथ (फुटबॉलर जन्म 1945)|तोम्म्य स्मिथ]] [[File:Captain sports.svg|12px|कप्तान]] |- |CB ||'''5''' ||{{flagicon|ENG}} [[लर्र्य ल्लोय्द]] |- |CB ||'''6''' ||{{flagicon|ENG}} [[एम्ल्य्न हुघेस]] |- |ST ||'''7''' ||{{flagicon|ENG}} [[केविन कीगन]] |- |CM ||'''8''' ||{{flagicon|SCO}} [[पेतेर चोर्मच्क]] |- |ST ||'''9'''||{{flagicon|Wales}} [[जोह्न तोशच्क]] |- |LW ||'''10'''||{{flagicon|Ireland}} [[स्तेवे हेइघ्वय]] || || {{suboff|83}} |- |RW ||'''11''' ||{{flagicon|ENG}} [[इन क्ल्लघन]] |- |colspan=3|'''स्थानापन्न:''' |- |MF ||'''12'''||{{flagicon|ENG}} [[ब्रैन हल्ल (फुटबॉलर)|ब्रैन हल्ल]] || || {{subon|83}} |- |GK ||'''13'''||{{flagicon|ENG}} [[फ्रन्किए लने]] |- |DF ||'''14'''||{{flagicon|ENG}} [[त्रेवोर स्तोर्तोन]] |- |DF ||'''15'''||{{flagicon|ENG}} [[फिल थोम्प्सोन]] |- |FW ||'''16'''||{{flagicon|ENG}} [[फिल बोएर्स्म]] |- |colspan=3|'''मैनेजर:''' |- |colspan=4|{{flagicon|SCO}} [[बिल्ल शन्क्ल्य]] |} | style="vertical-align:top; width:50%;"| {| cellspacing="0" cellpadding="0" style="font-size:90%; margin:auto;" |- |colspan="4"| |- !width=25| !!width=25| |- |GK ||'''1''' ||{{flagicon|GER}} [[वोल्फगान्ग क्लेफ]] |- |RB ||'''2''' ||{{flagicon|GER}} [[हेइन्ज़ मिछल्लिक]] |- |CB ||'''3''' ||{{flagicon|GER}} [[गुन्तेर नेत्ज़ेर]] |- |CB ||'''4''' ||{{flagicon|GER}} [[रैनेर बोन्होफ]] |- |LB ||'''5''' ||{{flagicon|GER}} [[बेर्ति वोग्त्स]] [[File:Captain sports.svg|12px|कप्तान]] |- |MF ||'''6''' ||{{flagicon|GER}} [[हेर्बेर्त विम्मेर]] |- |MF ||'''7''' ||{{flagicon|GER}} [[दिएत्मर दन्नेर]] |- |MF ||'''8''' ||{{flagicon|GER}} [[छ्रिस्तिअन कुलिक]] |- |FW ||'''9''' ||{{flagicon|डेनमार्क}} [[हेन्निग जेन्सेन]] |- |FW ||'''10'''||{{flagicon|GER}} [[बेर्द रुप्प]] || || {{suboff|82}} |- |FW ||'''11'''||{{flagicon|GER}} [[जुप्प हेय्न्च्केस]] |- |colspan=3|'''स्थानापन्न:''' |- |FW ||'''12'''||{{flagicon|डेनमार्क}} [[अल्लन सिमोन्सेन]] || || {{subon|82}} |- |colspan=3|'''मैनेजर:''' |- |colspan=4|{{flagicon|GER}} [[हेन्नेस वेइस्वेइलेर]] |} |} === दूसरा चरण === {{Footballbox |date = 23 मई 1973 |time = 19:30 <br /> मध्य यूरोपीय ग्रीष्मकालीन समय (CEST) |team1 = [[बोरशिया मौनचेंगलाडबाख]] {{flagicon|GER}} |score = 2–0 |report = [http://www.uefa.com/uefaeuropaleague/season=1972/matches/round=1060/match=64297/postmatch/lineups/index.html रिपोर्ट]<br /><ref name="rsssf" /> |team2 = {{flagicon|ENG}} [[लिवरपूल एफ़.सी.|लिवरपूल]] |goals1 = [[जुप्प हेय्न्च्केस]] {{goal|29||40}} |goals2 = |stadium = [[बोकेलबर्गस्टेडियम]], [[मौनचेंगलाडबाख]] |attendance = 34,905<ref>{{cite web |url=http://www.lfchistory.net/SeasonArchive/Game/744 |title=Borussia Monchengladbach 2–0 Liverpool |publisher=LFC History |accessdate=7 दिसम्बर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190814000638/https://www.lfchistory.net/SeasonArchive/Game/744 |archive-date=14 अगस्त 2019 |url-status=live }}</ref> |referee = पवेल कज़कोव ([[सोवियत संघ]]) }} {| width=92% | |{{Football kit | pattern_la= | pattern_b=_blackstripes | pattern_ra= | leftarm = FFFFFF | body = FFFFFF | rightarm = FFFFFF | shorts = FFFFFF | socks = FFFFFF | title = बोरशिया मौनचेंगलाडबाख }} |{{Football kit | pattern_la = | pattern_b = _whitecollar | pattern_ra = | leftarm = dd0000 | body = dd0000 | rightarm = dd0000 | shorts = dd0000 | socks = dd0000 | title = लिवरपूल }} |} {| style="width:100%;" |- | style="vertical-align:top; width:50%;"| {| style="font-size:90%" cellspacing="0" cellpadding="0" |- |colspan="4"| |- !width=25| !!width=25| |- |GK ||'''1''' ||{{flagicon|GER}} [[वोल्फगान्ग क्लेफ]] |- |RB ||'''2''' ||{{flagicon|GER}} [[उल्रिछ सुरौ]] |- |CB ||'''3''' ||{{flagicon|GER}} [[गुन्तेर नेत्ज़ेर]] |- |CB ||'''4''' ||{{flagicon|GER}} [[रैनेर बोन्होफ]] |- |LB ||'''5''' ||{{flagicon|GER}} [[बेर्ति वोग्त्स]] [[File:Captain sports.svg|12px|कप्तान]] |- |MF ||'''6''' ||{{flagicon|GER}} [[हेर्बेर्त विम्मेर]] |- |MF ||'''7''' ||{{flagicon|GER}} [[दिएत्मर दन्नेर]] |- |MF ||'''8''' ||{{flagicon|GER}} [[छ्रिस्तिअन कुलिक]] |- |FW ||'''9''' ||{{flagicon|डेनमार्क}} [[हेन्निग जेन्सेन]] |- |FW ||'''10'''||{{flagicon|GER}} [[बेर्द रुप्प]] |- |FW ||'''11'''||{{flagicon|GER}} [[जुप्प हेय्न्च्केस]] |- |colspan=3|'''स्थानापन्न:''' |- |FW ||'''12'''||{{flagicon|डेनमार्क}} [[अल्लन सिमोन्सेन]] |- |DF ||'''13'''||{{flagicon|GER}} [[हेइन्ज़ मिछल्लिक]] |- |DF ||'''14'''||{{flagicon|GER}} [[क्लौस-दिएतेर सिएलोफ्फ]] |- |GK ||'''15'''||{{flagicon|GER}} [[बेर्न्द स्छ्रगे]] |- |colspan=3|'''मैनेजर:''' |- |colspan=4|{{flagicon|GER}} [[हेन्नेस वेइस्वेइलेर]] |} | style="vertical-align:top; width:50%;"| {| cellspacing="0" cellpadding="0" style="font-size:90%; margin:auto;" |- |colspan="4"| |- !width=25| !!width=25| |- |GK ||'''1''' ||{{flagicon|ENG}} [[रय च्लेमेन्चे]] |- |RB ||'''2''' ||{{flagicon|ENG}} [[छ्रिस लव्लेर]] |- |LB ||'''3''' ||{{flagicon|ENG}} [[अलेक लिन्द्सय]] |- |CM ||'''4''' ||{{flagicon|ENG}} [[तोम्म्य स्मिथ (फुटबॉलर जन्म 1945)|तोम्म्य स्मिथ]] [[File:Captain sports.svg|12px|कप्तान]] |- |CB ||'''5''' ||{{flagicon|ENG}} [[लर्र्य ल्लोय्द]] |- |CB ||'''6''' ||{{flagicon|ENG}} [[एम्ल्य्न हुघेस]] |- |ST ||'''7''' ||{{flagicon|ENG}} [[केविन कीगन]] |- |CM ||'''8''' ||{{flagicon|SCO}} [[पेतेर चोर्मच्क]] |- |ST ||'''9'''||{{flagicon|Wales}} [[जोह्न तोशच्क]] |- |LW ||'''10'''||{{flagicon|Ireland}} [[स्तेवे हेइघ्वय]] || || {{suboff|77}} |- |RW ||'''11''' ||{{flagicon|ENG}} [[इन क्ल्लघन]] |- |colspan=3|'''स्थानापन्न:''' |- |MF ||'''12'''||{{flagicon|ENG}} [[ब्रैन हल्ल (फुटबॉलर)|ब्रैन हल्ल]] |- |GK ||'''13'''||{{flagicon|ENG}} [[फ्रन्किए लने]] |- |DF ||'''14'''||{{flagicon|ENG}} [[त्रेवोर स्तोर्तोन]] |- |DF ||'''15'''||{{flagicon|ENG}} [[फिल थोम्प्सोन]] |- |FW ||'''16'''||{{flagicon|ENG}} [[फिल बोएर्स्म]] || || {{subon|77}} |- |colspan=3|'''मैनेजर:''' |- |colspan=4|{{flagicon|SCO}} [[बिल्ल शन्क्ल्य]] |} |} <div style="text-align: center;"> '''''लिवरपूल समग्र पर 3-2 जीत हासिल की''''' </div> {| class="wikitable" style="text-align: center; margin: 0 auto;" |- !१९७२-७३ [[यूईएफए यूरोपा लीग|यूईएफए कप]] का विजेता |- |[[चित्र:Liverpool FC logo.png|100px]] |- |'''[[लिवरपूल एफ़.सी.|लिवरपूल]]'''<br/>'''प्रथम खिताब''' |} == सन्दर्भ == * [https://web.archive.org/web/20111127111949/http://www.rsssf.com/ec/ec197273.html#uefa RSSSF] *{{cite book |last1=Hale |first1=Steve |last2=Ponting |first2=Ivan |title=Liverpool In Europe |url=https://archive.org/details/liverpoolineurop0000hale_y3j3 |year=1992 |publisher=Guinness Publishing |location=London |isbn=0-85112-569-7 }} *{{cite book |last1=Hutchings |first1=Steve |last2=Nawrat |first2=Chris |title=The Sunday Times Illustrated History of Football: The Post-War Years |publisher=Chancellor Press |year=1995 |location=London |isbn=1-85153-014-2 }} *{{cite book |last1=Kelly |first1=Stephen F. |title=The Official Illustrated History of Liverpool FC: You'll Never Walk Alone |url=https://archive.org/details/youllneverwalkal0000step |publisher=Queen Anne Press |location=London |year=1988 |isbn=0-356-19594-5 }} *{{cite book |last1=Liversedge |first1=Stan |title=Liverpool: The Official Centenary History |url=https://archive.org/details/liverpoolofficia0000live |publisher=Hamlyn Publishing Group |location=London |year=1991 |isbn=0-600-57308-7 }} {{reflist|2}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20110222190616/http://www.uefa.com/uefaeuropaleague/index.html आधिकारिक वेबसाइट] * [https://web.archive.org/web/20131202233934/http://www.uefa.com/uefaeuropaleague/season=1972/overview/index.html#197273+reds+reach+european+goal अवलोकन] *[https://web.archive.org/web/20131018035452/http://www.uefa.com/uefaeuropaleague/season=1972/index.html १९७२–७३ यूईएफए कप] [[श्रेणी:फुटबॉल]] [[श्रेणी:1973]] c1aoocv6nkemx7bdl29m8wf9csczkre कृष्णा (टीवी धारावाहिक) 0 564228 6582677 6530045 2026-07-15T01:59:27Z Pushkar Singh 415569 /* */ वर्तनी सुधार किया गया 6582677 wikitext text/x-wiki {{One source|date=June 2024}} {{Infobox television | image = | caption = श्री कृष्ण के लिए प्रचार कला | alt_name = श्री कृष्ण | creator = [[रामानन्द सागर]] | based_on = {{plainlist| * [[भागवत पुराण]] }} | writer = [[रामानन्द सागर]] | screenplay = [[रामानन्द सागर]] | director = {{ubl|रामानन्द सागर|आनंद सागर|मोती सागर}} | starring = {{plainlist| *[[सर्वदमन बनर्जी]] *[[पिंकी पारेख]] *रेषमा मोदी}} | music = [[रवीन्द्र जैन]] | country = भारत | language = [[हिंदी]] | num_seasons = १ | num_episodes = २२१ | producer = {{plainlist| *रामानन्द सागर *प्रेम सागर *सुभाष सागर}} | editor = {{ubl|गिरीश दावड़ा|मोरेश्वर आर. मिश्रा|सहदेव|उम बहादुर बिष्ट|अनिल प्रधान|पी. वेदचल्लम|विनय अष्टपुत्रे}} | camera = [[बहु-कैमरा सेटअप]] | runtime = ४५-४८ मिनट | company = [[सागर फिल्मस]] | network = [[डीडी मेट्रो]] (1993-1996) [[दूरदर्शन नेशनल]] (1996-1997) <ref>{{Cite news |date=2020-04-27 |title=After 'Ramayan' and 'Mahabharat', now 'Shri Krishna' is returning to Doordarshan |url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/after-ramayan-and-mahabharat-now-shri-krishna-is-returning-to-doordarshan/articleshow/75400171.cms?utm_source=contentofinterest&utm_medium=text&utm_campaign=cppst |access-date=2024-06-30 |work=The Economic Times |issn=0013-0389}}</ref><ref>{{Cite web |title=Doordarshan has plans to bring back 'Shri Krishna' after 20 years {{!}} Business Insider India |url=https://www.businessinsider.in/entertainment/news/doordarshan-has-plans-to-bring-back-shri-krishna-after-20-years/articleshow/75387419.cms |access-date=2024-06-30 |website=Business Insider |language=en |archive-date=30 जून 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240630072104/https://www.businessinsider.in/entertainment/news/doordarshan-has-plans-to-bring-back-shri-krishna-after-20-years/articleshow/75387419.cms |url-status=dead }}</ref> | first_aired = {{Start date|df=y|1993|07|18}} | last_aired = {{End date|df=y|1997|10|5}} | related = [[जय श्री कृष्ण (टीवी श्रृंखला)]] }} '''श्री कृष्ण''' (जिसे '''कृष्ण''' के नाम से भी जाना जाता है) [[रामानन्द सागर|रामानंद सागर]] द्वारा निर्देशित एक भारतीय टेलीविजन धारावाहिक है। मूल रूप से इस शृंखला का [[दूरदर्शन (चैनल)|दूरदर्शन]] पर साप्ताहिक प्रसारण किया जाता था। यह धारावाहिक [[कृष्ण]] के जीवन से सम्बंधित कहानियों पर आधारित है। यह [[गर्ग संहिता]], [[पद्म पुराण]], [[ब्रह्मवैवर्त पुराण]], [[हरिवंश पुराण|हरिवंश]], [[महाभारत]], [[भागवत पुराण]], [[मार्कण्डेय पुराण]] आदि पर बना धारावाहिक है सीरियल की पटकथा एवं काव्य में ''[[बड़ौदा]]'' के '''[[महाराज सयाजीराव गायकवाड़ विश्वविद्यालय|महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय]]''' के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ विष्णु विराट जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे सर्वप्रथम दूरदर्शन के मेट्रो चैनल पर प्रसारित १९९३ को किया गया था जो १९९६ तक चला, २२१ एपिसोड का यह धारावाहिक बाद में [[दूरदर्शन]] के [[डीडी नेशनल]] पर प्रसारित हुआ। [[रामायण (टीवी धारावाहिक)]] व [[महाभारत (टीवी धारावाहिक)]] के बाद इसने टी आर पी के मामले में दोनों धारावाहिकों को पीछे छोड़ दिया था,इसका पुनः जनता की मांग पर प्रसारण कोरोना महामारी २०२० में लॉकडाउन के दौरान [[रामायण]] श्रृंखला समाप्त होने के बाद ०३ मई से डीडी नेशनल पर १६ दिसम्बर तक किया गया, यह धारावाहिक बना तो हिंदी में था किंतु तमिल ,तेलुगु आदि भाषाओं में डब भी किया जा चुका है। TRP के मामले में २१ वें हफ्ते तक यह सीरियल नम्बर १ पर कायम रहा। == सारांश == यह श्रृंखला कृष्ण के जीवन के विभिन्न पहलुओं को शामिल करती है, जिसमें उनका जन्म, बचपन की हरकतें, मथुरा राज्य में उनकी भूमिका, भगवद गीता में उनकी शिक्षाएं और महाभारत की एक केंद्रीय घटना, कुरुक्षेत्र युद्ध में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका शामिल है। यह राधा, उनकी बचपन की दोस्त जैसे पात्रों के साथ उनके संबंधों और अन्य देवताओं, राक्षसों और नश्वर लोगों के साथ उनकी बातचीत पर भी प्रकाश डालता है। पहले एपिसोड में रामानंद सागर कलियुग काल की शुरुआत और राजा परीक्षित के अंतिम राजा होने और कलियुग की शुरुआत के बारे में बात करते हैं। इसमें महाभारत युद्ध की झलक भी दिखाई गई है फिर श्रृंखला श्री कृष्ण के जीवन पर उनके बचपन की हरकतों की तरह ध्यान केंद्रित करना शुरू कर देती है, और राधा के साथ उनके रिश्ते, उध्दव संवाद, जरासंध-कालयौवन और बलराम-रेवती विवाह , नर-नारायण और युधिष्ठिर को इंद्रप्रस्थ का राजा घोषित किया जाना, [[लाक्षागृह]] कांड, स्यमन्तक आरोप, सत्यभामा, जामवंती-विवाह, रुक्मी का उत्पाद और रुक्मिणी का श्रीकृष्ण से विवाह, सत्यभामा का अहंकार टूटना, कृष्ण-सुदामा मिलन, प्रद्युम्न-मायावती की कहानी, पौंड्रक का वीरमणि और तारा पर अत्याचार, पौंड्रक उत्पाद, द्रौपदी वस्त्रहरण, महाभारत युद्ध, वज्रनभ की कहानी, अनिरुद्ध-ऊषा विवाह, बाणासुर-अहंकार टूटन पर आधारित है।<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/tv/dd-on-dvd/story-wB6SW3FpxGW54nmeFV7QPJ.html|title=DD on DVD|date=Oct 28, 2009|access-date=Sep 8, 2024|publisher=[[Hindustan Times]]|pages=11|url-status=live}}</ref> ==भूमिकाएँ== * [[सर्वदमन बनर्जी]] - [[कृष्ण]], [[विष्णु]], [[नर-नारायण|नारायण]] ** [[स्वप्निल जोशी]] - किशोर कृष्ण ** अशोक कुमार बालकृष्णन - बाल कृष्ण ** पलक - बाल कृष्ण * दीपक देउलकर - [[बलराम]], [[शेषनाग]] ** संजीव शर्मा - [[बलराम|किशोर बलराम]] ** पिंकी पारीख - [[रुक्मिणी]], [[यमुना]], [[लक्ष्मी]], [[दुर्गा]] * रेशमा मोदी [[राधा]], [[लक्ष्मी]] ** श्वेता रस्तोगी किशोर राधा , [[लक्ष्मी]] * पॉलोमी मुखर्जी [[देवकी]] * सुनील पांडे [[वासुदेव]] * दामिनी कंवल शेट्टी (सीमा कंवल) - [[यशोदा]] * सुलक्षणा खत्री - रोहिणी * शाहनवाज प्रधान - [[नंद बाबा]], [[शूरसेन]], चाणूर, महाबली * विलास राज - [[कंस]] * संदीप मोहन - [[अर्जुन]], [[नर-नारायण|नर]] * मोना पारेख - [[जाम्बवंती]] * शशि शर्मा - [[सत्यभामा]] * दीपक दवे, सागर सैनी - [[नारद]] * विजय कविश [[उग्रसेन]], [[शिव]] * अमित पचोरी - [[शिव]] * प्रमोद कपूर - [[कलि (राक्षस)|कलि]], [[अक्रूर]], [[जयद्रथ]] * गिरीश परदेशी - [[कामदेव|काम]], [[प्रद्युम्न]], [[शिव]], [[सूर्यदेव|सूर्य]] (सागर मंथन के दौरान) * मनीष शर्मा - [[प्रद्युम्न]] (बाद के एपिसोड में) * अनुपमा परदेशी - [[मोहिनी]] * नवनीत चड्ढा - [[अनिरुद्ध]] * दीपाली ठोसर - [[रति]] * सुनील चौहान - [[उद्धव]] * महेंद्र घुले - [[भीम]], [[हनुमान]] * रमन खत्री - [[युधिष्ठिर]] * फाल्गुनी पारीख - [[द्रौपदी]] * कुमार हेगड़े - [[दुर्योधन]] * गोविंद खत्री - [[कर्ण]] * सुनील नागर - [[भीष्म]] * जयप्रकाश शर्मा - [[शकुनि]] * कनु ​​पटेल - [[द्रोणाचार्य]], [[सूर्य|सूर्यदेव]] * तारकेश चौहान - [[धृतराष्ट्र]] * प्रेमचंद शर्मा - [[पांडु]], [[नकुल]] * लता हया - [[कुंती]] * सोनिया कपूर - [[सुभद्रा]] * दिनेश आनंद, दीपक जेठी - [[दुशासन]] * ज्योतिन दवे - [[इंद्र]], [[शल्य|राजा शल्य]], [[गर्ग|ऋषि गर्ग]] * झरना दवे - [[रति|भानामति]], [[हिडिंबा]], [[दुर्गा]] एक एपिसोड के लिए * राधाकृष्ण दत्ता - महर्षि उत्तांग, [[विश्वकर्मा]], [[जरासंध]] * [[मुकुल नाग]] - [[सुदामा]], [[अश्वत्थामा]], ब्राह्मण * प्रयर्ना अग्रवाल - वसुंधरा * राज प्रेमी - [[शिशुपाल]], [[हिरण्यकश्यप]], जया * गौतम चतुर्वेदी - [[पौंड्रक|पौंड्रक वासुदेव]] * अनुज शर्मा [[अभिमन्यु]] * अरुण माथुर - [[शंबर|शंभर]] * शक्ति सिंह और अज्ञात - [[बाणासुर]] * अज्ञात महारानी - वृंदा ([[बाणासुर]] की पत्नी और ऊषा की मां) * अज्ञात महारानी - सुमति (वज्रनाभ की पत्नी और प्रभावती की माँ) * बशीर खान - भोमासुर, [[द्विविद]], मायासुर (शंभरा का पुत्र), माया दानव * संजीव सिद्धार्थ - [[नरकासुर|भोमासुर]] * अरविंद सिंह रौसरिया - [[कालयावन|कलयावन]], ऋषि शेशिरायण (जिन्हें गार्ग्यत मुनि के नाम से भी जाना जाता है, काल यवन के पिता और त्रिगर्त साम्राज्य के राजगुरु), शंभरा के राजगुरु, वज्रनाभ * एन. जितेंद्र - [[कृपाचार्य|कृपा]] * भक्ति नरूला - तारा * नील कमल - कुंभकेतु (शंभरासुर का पुत्र) * प्रदीप निशित ** [[द्रुपद (महाभारत)|द्रुपद]] (–१९९६ ) ** [[परशुराम]] (१९९७) ** [[वेद व्यास|व्यास]] (१९९७) * निहारिका भट्ट - वज्रनाभ की दादी, मायावती * नीला पटेल - [[गांधारी]] * विजय शर्मा - [[विदुर]] * स्वाति आनंद ** [[बृहद्रथ]] की दूसरी पत्नी और [[जरासंध]] की माँ (१९९४) ** [[रेवती]] ([[बलराम]] की पत्नी) (१९९४–१९९५) ** [[शिखंडी]] (१९९६ –१९९७) ** [[चित्रलेखा]] (१९९७) * असलम खान विभिन्न भूमिकाओं में * श्याम सुंदर कलानी - चाणूर (एपिसोड - 3) * पापिया सेनगुप्ता - ललिता * सुनील मट्टू - [[कृतवर्मा]] == निर्माण == श्री कृष्णा का निर्माण रामानंद सागर, सुभाष सागर और प्रेम सागर ने "सागर एंटरप्राइजेज" के बैनर तले किया था और इसका निर्देशन रामानंद सागर, आनंद सागर और मोती सागर ने किया था। युवा कृष्ण की भूमिका [[स्वप्निल जोशी]] ने निभाई थी और वयस्क कृष्ण की भूमिका [[सर्वदमन बनर्जी|सर्वदमन डी. बनर्जी]] ने निभाई थी। शुरुआत में गोविंद खत्री को [[दुशासन]] की भूमिका निभाने के लिए चुना गया था, लेकिन बाद में [[कर्ण]] की भूमिका के साथ समाप्त कर दिया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.jansatta.com/entertainment/television/ramanand-sagar-shri-krishna-karna-played-govind-khatri-brother-raman-khatri-yudhisthira/1446882/|title=श्रीकृष्णा में गोविंद खत्री को कर्ण नहीं दुशासन का रोल हुआ था ऑफर, भाई ने निभाया था युधिष्ठिर का किरदार|date=23 June 2020|website=[[Jansatta]]|language=hi|trans-title=Govind Khatri was offered the role of Dushasan not Karna in Sri Krishna, brother played the role of Yudhishthira|access-date=14 March 2022}}</ref> [[Ravindra Jain]] composed music for this serial. == एपिसोड्स == एपिसोड १ - राजा परीक्षित के राज्य में कलियुग का आगमन एपिसोड २ - श्री कृष्ण की कथा की शुरुआत। कंस का अत्याचार। ऊपर से भविष्यवाणी एपिसोड ३ - कंस राजा उग्रसेन को मारने की साजिश रचता है। देवकी ने अपने पहले पुत्र को जन्म दिया एपिसोड ४ - कंस ने राजा उग्रसेन को बंदी बनाया एपिसोड ५ - कंस का राज्याभिषेक, देवकी को दूसरा पुत्र हुआ एपिसोड ६ - देवकी के गर्भ में शेषनाग को रखा गया, कंस भयभीत हुआ एपिसोड ७ - रोहिणी के गर्भ में शेषनाग को रखा गया, यशोदा और नंद का पुत्र प्राप्ति यज्ञ एपिसोड ८ - देवकी के गर्भ में श्री कृष्ण को रखा गया, यशोदा गर्भवती हुईं एपिसोड ९ - बलराम और श्री कृष्ण का जन्म एपिसोड १० - नंदराय के घर श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव। == कृपया देखें == * [[रामायण (टीवी धारावाहिक)]] * [[महाभारत (टीवी धारावाहिक)]] == सन्दर्भ == <references /> == पृष्ठ के बाहर (ताल्लुकातें)== * {{IMDb title|tt0268085|title=श्री कृष्ण}} m3uh8zuur7bfhqtsfc8bc8epevcn932 6582678 6582677 2026-07-15T02:01:35Z Pushkar Singh 415569 /* */ वर्तनी सुधार व सामग्री जोड़ी 6582678 wikitext text/x-wiki {{One source|date=June 2024}} {{Infobox television | image = | caption = श्री कृष्ण के लिए प्रचार कला | alt_name = श्री कृष्ण | creator = [[रामानन्द सागर]] | based_on = {{plainlist| * [[भागवत पुराण]] }} | writer = [[रामानन्द सागर]] | screenplay = [[रामानन्द सागर]] | director = {{ubl|रामानन्द सागर|आनंद सागर|मोती सागर}} | starring = {{plainlist| *[[सर्वदमन बनर्जी]] *[[पिंकी पारेख]] *रेषमा मोदी}} | music = [[रवीन्द्र जैन]] | country = भारत | language = [[हिंदी]] | num_seasons = १ | num_episodes = २२१ | producer = {{plainlist| *रामानन्द सागर *प्रेम सागर *सुभाष सागर}} | editor = {{ubl|गिरीश दावड़ा|मोरेश्वर आर. मिश्रा|सहदेव|उम बहादुर बिष्ट|अनिल प्रधान|पी. वेदचल्लम|विनय अष्टपुत्रे}} | camera = [[बहु-कैमरा सेटअप]] | runtime = ४५-४८ मिनट | company = [[सागर फिल्मस]] | network = [[डीडी मेट्रो]] (1993-1996) [[दूरदर्शन नेशनल]] (1996-1997) <ref>{{Cite news |date=2020-04-27 |title=After 'Ramayan' and 'Mahabharat', now 'Shri Krishna' is returning to Doordarshan |url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/after-ramayan-and-mahabharat-now-shri-krishna-is-returning-to-doordarshan/articleshow/75400171.cms?utm_source=contentofinterest&utm_medium=text&utm_campaign=cppst |access-date=2024-06-30 |work=The Economic Times |issn=0013-0389}}</ref><ref>{{Cite web |title=Doordarshan has plans to bring back 'Shri Krishna' after 20 years {{!}} Business Insider India |url=https://www.businessinsider.in/entertainment/news/doordarshan-has-plans-to-bring-back-shri-krishna-after-20-years/articleshow/75387419.cms |access-date=2024-06-30 |website=Business Insider |language=en |archive-date=30 जून 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240630072104/https://www.businessinsider.in/entertainment/news/doordarshan-has-plans-to-bring-back-shri-krishna-after-20-years/articleshow/75387419.cms |url-status=dead }}</ref> | first_aired = {{Start date|df=y|1993|07|18}} | last_aired = {{End date|df=y|1997|10|5}} | related = [[जय श्री कृष्ण (टीवी श्रृंखला)]] }} '''श्री कृष्ण''' (जिसे '''कृष्ण''' के नाम से भी जाना जाता है) [[रामानन्द सागर|रामानंद सागर]] द्वारा निर्देशित एक भारतीय टेलीविजन धारावाहिक है। मूल रूप से इस शृंखला का [[दूरदर्शन (चैनल)|दूरदर्शन]] पर साप्ताहिक प्रसारण किया जाता था। यह धारावाहिक [[कृष्ण]] के जीवन से सम्बंधित कहानियों पर आधारित है। यह [[गर्ग संहिता]], [[पद्म पुराण]], [[ब्रह्मवैवर्त पुराण]], [[हरिवंश पुराण|हरिवंश]], [[महाभारत]], [[भागवत पुराण]], [[मार्कण्डेय पुराण]] आदि पर बना धारावाहिक है सीरियल की पटकथा एवं काव्य में ''[[बड़ौदा]]'' के '''[[महाराज सयाजीराव गायकवाड़ विश्वविद्यालय|महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय]]''' के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ विष्णु विराट जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे सर्वप्रथम दूरदर्शन के मेट्रो चैनल पर प्रसारित १९९३ को किया गया था जो १९९६ तक चला, २२१ एपिसोड का यह धारावाहिक बाद में [[दूरदर्शन]] के [[डीडी नेशनल]] पर प्रसारित हुआ। [[रामायण (टीवी धारावाहिक)]] व [[महाभारत (टीवी धारावाहिक)]] के बाद इसने टी आर पी के मामले में दोनों धारावाहिकों को पीछे छोड़ दिया था। इसका पुनः जनता की मांग पर प्रसारण कोरोना महामारी २०२० में लॉकडाउन के दौरान [[रामायण]] शृंखला समाप्त होने के बाद ०३ मई से डीडी नेशनल पर १६ दिसम्बर तक किया गया, यह धारावाहिक बना तो हिंदी में था किंतु तमिल, तेलुगु, उड़िया , बांग्ला, भोजपुरी, मराठी, नेपाली आदि भाषाओं में डब भी किया जा चुका है। TRP के मामले में २१ वें हफ्ते तक यह सीरियल नम्बर १ पर कायम रहा। == सारांश == यह श्रृंखला कृष्ण के जीवन के विभिन्न पहलुओं को शामिल करती है, जिसमें उनका जन्म, बचपन की हरकतें, मथुरा राज्य में उनकी भूमिका, भगवद गीता में उनकी शिक्षाएं और महाभारत की एक केंद्रीय घटना, कुरुक्षेत्र युद्ध में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका शामिल है। यह राधा, उनकी बचपन की दोस्त जैसे पात्रों के साथ उनके संबंधों और अन्य देवताओं, राक्षसों और नश्वर लोगों के साथ उनकी बातचीत पर भी प्रकाश डालता है। पहले एपिसोड में रामानंद सागर कलियुग काल की शुरुआत और राजा परीक्षित के अंतिम राजा होने और कलियुग की शुरुआत के बारे में बात करते हैं। इसमें महाभारत युद्ध की झलक भी दिखाई गई है फिर श्रृंखला श्री कृष्ण के जीवन पर उनके बचपन की हरकतों की तरह ध्यान केंद्रित करना शुरू कर देती है, और राधा के साथ उनके रिश्ते, उध्दव संवाद, जरासंध-कालयौवन और बलराम-रेवती विवाह , नर-नारायण और युधिष्ठिर को इंद्रप्रस्थ का राजा घोषित किया जाना, [[लाक्षागृह]] कांड, स्यमन्तक आरोप, सत्यभामा, जामवंती-विवाह, रुक्मी का उत्पाद और रुक्मिणी का श्रीकृष्ण से विवाह, सत्यभामा का अहंकार टूटना, कृष्ण-सुदामा मिलन, प्रद्युम्न-मायावती की कहानी, पौंड्रक का वीरमणि और तारा पर अत्याचार, पौंड्रक उत्पाद, द्रौपदी वस्त्रहरण, महाभारत युद्ध, वज्रनभ की कहानी, अनिरुद्ध-ऊषा विवाह, बाणासुर-अहंकार टूटन पर आधारित है।<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/tv/dd-on-dvd/story-wB6SW3FpxGW54nmeFV7QPJ.html|title=DD on DVD|date=Oct 28, 2009|access-date=Sep 8, 2024|publisher=[[Hindustan Times]]|pages=11|url-status=live}}</ref> ==भूमिकाएँ== * [[सर्वदमन बनर्जी]] - [[कृष्ण]], [[विष्णु]], [[नर-नारायण|नारायण]] ** [[स्वप्निल जोशी]] - किशोर कृष्ण ** अशोक कुमार बालकृष्णन - बाल कृष्ण ** पलक - बाल कृष्ण * दीपक देउलकर - [[बलराम]], [[शेषनाग]] ** संजीव शर्मा - [[बलराम|किशोर बलराम]] ** पिंकी पारीख - [[रुक्मिणी]], [[यमुना]], [[लक्ष्मी]], [[दुर्गा]] * रेशमा मोदी [[राधा]], [[लक्ष्मी]] ** श्वेता रस्तोगी किशोर राधा , [[लक्ष्मी]] * पॉलोमी मुखर्जी [[देवकी]] * सुनील पांडे [[वासुदेव]] * दामिनी कंवल शेट्टी (सीमा कंवल) - [[यशोदा]] * सुलक्षणा खत्री - रोहिणी * शाहनवाज प्रधान - [[नंद बाबा]], [[शूरसेन]], चाणूर, महाबली * विलास राज - [[कंस]] * संदीप मोहन - [[अर्जुन]], [[नर-नारायण|नर]] * मोना पारेख - [[जाम्बवंती]] * शशि शर्मा - [[सत्यभामा]] * दीपक दवे, सागर सैनी - [[नारद]] * विजय कविश [[उग्रसेन]], [[शिव]] * अमित पचोरी - [[शिव]] * प्रमोद कपूर - [[कलि (राक्षस)|कलि]], [[अक्रूर]], [[जयद्रथ]] * गिरीश परदेशी - [[कामदेव|काम]], [[प्रद्युम्न]], [[शिव]], [[सूर्यदेव|सूर्य]] (सागर मंथन के दौरान) * मनीष शर्मा - [[प्रद्युम्न]] (बाद के एपिसोड में) * अनुपमा परदेशी - [[मोहिनी]] * नवनीत चड्ढा - [[अनिरुद्ध]] * दीपाली ठोसर - [[रति]] * सुनील चौहान - [[उद्धव]] * महेंद्र घुले - [[भीम]], [[हनुमान]] * रमन खत्री - [[युधिष्ठिर]] * फाल्गुनी पारीख - [[द्रौपदी]] * कुमार हेगड़े - [[दुर्योधन]] * गोविंद खत्री - [[कर्ण]] * सुनील नागर - [[भीष्म]] * जयप्रकाश शर्मा - [[शकुनि]] * कनु ​​पटेल - [[द्रोणाचार्य]], [[सूर्य|सूर्यदेव]] * तारकेश चौहान - [[धृतराष्ट्र]] * प्रेमचंद शर्मा - [[पांडु]], [[नकुल]] * लता हया - [[कुंती]] * सोनिया कपूर - [[सुभद्रा]] * दिनेश आनंद, दीपक जेठी - [[दुशासन]] * ज्योतिन दवे - [[इंद्र]], [[शल्य|राजा शल्य]], [[गर्ग|ऋषि गर्ग]] * झरना दवे - [[रति|भानामति]], [[हिडिंबा]], [[दुर्गा]] एक एपिसोड के लिए * राधाकृष्ण दत्ता - महर्षि उत्तांग, [[विश्वकर्मा]], [[जरासंध]] * [[मुकुल नाग]] - [[सुदामा]], [[अश्वत्थामा]], ब्राह्मण * प्रयर्ना अग्रवाल - वसुंधरा * राज प्रेमी - [[शिशुपाल]], [[हिरण्यकश्यप]], जया * गौतम चतुर्वेदी - [[पौंड्रक|पौंड्रक वासुदेव]] * अनुज शर्मा [[अभिमन्यु]] * अरुण माथुर - [[शंबर|शंभर]] * शक्ति सिंह और अज्ञात - [[बाणासुर]] * अज्ञात महारानी - वृंदा ([[बाणासुर]] की पत्नी और ऊषा की मां) * अज्ञात महारानी - सुमति (वज्रनाभ की पत्नी और प्रभावती की माँ) * बशीर खान - भोमासुर, [[द्विविद]], मायासुर (शंभरा का पुत्र), माया दानव * संजीव सिद्धार्थ - [[नरकासुर|भोमासुर]] * अरविंद सिंह रौसरिया - [[कालयावन|कलयावन]], ऋषि शेशिरायण (जिन्हें गार्ग्यत मुनि के नाम से भी जाना जाता है, काल यवन के पिता और त्रिगर्त साम्राज्य के राजगुरु), शंभरा के राजगुरु, वज्रनाभ * एन. जितेंद्र - [[कृपाचार्य|कृपा]] * भक्ति नरूला - तारा * नील कमल - कुंभकेतु (शंभरासुर का पुत्र) * प्रदीप निशित ** [[द्रुपद (महाभारत)|द्रुपद]] (–१९९६ ) ** [[परशुराम]] (१९९७) ** [[वेद व्यास|व्यास]] (१९९७) * निहारिका भट्ट - वज्रनाभ की दादी, मायावती * नीला पटेल - [[गांधारी]] * विजय शर्मा - [[विदुर]] * स्वाति आनंद ** [[बृहद्रथ]] की दूसरी पत्नी और [[जरासंध]] की माँ (१९९४) ** [[रेवती]] ([[बलराम]] की पत्नी) (१९९४–१९९५) ** [[शिखंडी]] (१९९६ –१९९७) ** [[चित्रलेखा]] (१९९७) * असलम खान विभिन्न भूमिकाओं में * श्याम सुंदर कलानी - चाणूर (एपिसोड - 3) * पापिया सेनगुप्ता - ललिता * सुनील मट्टू - [[कृतवर्मा]] == निर्माण == श्री कृष्णा का निर्माण रामानंद सागर, सुभाष सागर और प्रेम सागर ने "सागर एंटरप्राइजेज" के बैनर तले किया था और इसका निर्देशन रामानंद सागर, आनंद सागर और मोती सागर ने किया था। युवा कृष्ण की भूमिका [[स्वप्निल जोशी]] ने निभाई थी और वयस्क कृष्ण की भूमिका [[सर्वदमन बनर्जी|सर्वदमन डी. बनर्जी]] ने निभाई थी। शुरुआत में गोविंद खत्री को [[दुशासन]] की भूमिका निभाने के लिए चुना गया था, लेकिन बाद में [[कर्ण]] की भूमिका के साथ समाप्त कर दिया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.jansatta.com/entertainment/television/ramanand-sagar-shri-krishna-karna-played-govind-khatri-brother-raman-khatri-yudhisthira/1446882/|title=श्रीकृष्णा में गोविंद खत्री को कर्ण नहीं दुशासन का रोल हुआ था ऑफर, भाई ने निभाया था युधिष्ठिर का किरदार|date=23 June 2020|website=[[Jansatta]]|language=hi|trans-title=Govind Khatri was offered the role of Dushasan not Karna in Sri Krishna, brother played the role of Yudhishthira|access-date=14 March 2022}}</ref> [[Ravindra Jain]] composed music for this serial. == एपिसोड्स == एपिसोड १ - राजा परीक्षित के राज्य में कलियुग का आगमन एपिसोड २ - श्री कृष्ण की कथा की शुरुआत। कंस का अत्याचार। ऊपर से भविष्यवाणी एपिसोड ३ - कंस राजा उग्रसेन को मारने की साजिश रचता है। देवकी ने अपने पहले पुत्र को जन्म दिया एपिसोड ४ - कंस ने राजा उग्रसेन को बंदी बनाया एपिसोड ५ - कंस का राज्याभिषेक, देवकी को दूसरा पुत्र हुआ एपिसोड ६ - देवकी के गर्भ में शेषनाग को रखा गया, कंस भयभीत हुआ एपिसोड ७ - रोहिणी के गर्भ में शेषनाग को रखा गया, यशोदा और नंद का पुत्र प्राप्ति यज्ञ एपिसोड ८ - देवकी के गर्भ में श्री कृष्ण को रखा गया, यशोदा गर्भवती हुईं एपिसोड ९ - बलराम और श्री कृष्ण का जन्म एपिसोड १० - नंदराय के घर श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव। == कृपया देखें == * [[रामायण (टीवी धारावाहिक)]] * [[महाभारत (टीवी धारावाहिक)]] == सन्दर्भ == <references /> == पृष्ठ के बाहर (ताल्लुकातें)== * {{IMDb title|tt0268085|title=श्री कृष्ण}} dqd7hlqxhb7lu74ytv8wz6rp0n1drgz 6582680 6582678 2026-07-15T02:03:08Z Pushkar Singh 415569 /* */ सांचा हटाया 6582680 wikitext text/x-wiki {{Infobox television | image = | caption = श्री कृष्ण के लिए प्रचार कला | alt_name = श्री कृष्ण | creator = [[रामानन्द सागर]] | based_on = {{plainlist| * [[भागवत पुराण]] }} | writer = [[रामानन्द सागर]] | screenplay = [[रामानन्द सागर]] | director = {{ubl|रामानन्द सागर|आनंद सागर|मोती सागर}} | starring = {{plainlist| *[[सर्वदमन बनर्जी]] *[[पिंकी पारेख]] *रेषमा मोदी}} | music = [[रवीन्द्र जैन]] | country = भारत | language = [[हिंदी]] | num_seasons = १ | num_episodes = २२१ | producer = {{plainlist| *रामानन्द सागर *प्रेम सागर *सुभाष सागर}} | editor = {{ubl|गिरीश दावड़ा|मोरेश्वर आर. मिश्रा|सहदेव|उम बहादुर बिष्ट|अनिल प्रधान|पी. वेदचल्लम|विनय अष्टपुत्रे}} | camera = [[बहु-कैमरा सेटअप]] | runtime = ४५-४८ मिनट | company = [[सागर फिल्मस]] | network = [[डीडी मेट्रो]] (1993-1996) [[दूरदर्शन नेशनल]] (1996-1997) <ref>{{Cite news |date=2020-04-27 |title=After 'Ramayan' and 'Mahabharat', now 'Shri Krishna' is returning to Doordarshan |url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/after-ramayan-and-mahabharat-now-shri-krishna-is-returning-to-doordarshan/articleshow/75400171.cms?utm_source=contentofinterest&utm_medium=text&utm_campaign=cppst |access-date=2024-06-30 |work=The Economic Times |issn=0013-0389}}</ref><ref>{{Cite web |title=Doordarshan has plans to bring back 'Shri Krishna' after 20 years {{!}} Business Insider India |url=https://www.businessinsider.in/entertainment/news/doordarshan-has-plans-to-bring-back-shri-krishna-after-20-years/articleshow/75387419.cms |access-date=2024-06-30 |website=Business Insider |language=en |archive-date=30 जून 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240630072104/https://www.businessinsider.in/entertainment/news/doordarshan-has-plans-to-bring-back-shri-krishna-after-20-years/articleshow/75387419.cms |url-status=dead }}</ref> | first_aired = {{Start date|df=y|1993|07|18}} | last_aired = {{End date|df=y|1997|10|5}} | related = [[जय श्री कृष्ण (टीवी श्रृंखला)]] }} '''श्री कृष्ण''' (जिसे '''कृष्ण''' के नाम से भी जाना जाता है) [[रामानन्द सागर|रामानंद सागर]] द्वारा निर्देशित एक भारतीय टेलीविजन धारावाहिक है। मूल रूप से इस शृंखला का [[दूरदर्शन (चैनल)|दूरदर्शन]] पर साप्ताहिक प्रसारण किया जाता था। यह धारावाहिक [[कृष्ण]] के जीवन से सम्बंधित कहानियों पर आधारित है। यह [[गर्ग संहिता]], [[पद्म पुराण]], [[ब्रह्मवैवर्त पुराण]], [[हरिवंश पुराण|हरिवंश]], [[महाभारत]], [[भागवत पुराण]], [[मार्कण्डेय पुराण]] आदि पर बना धारावाहिक है सीरियल की पटकथा एवं काव्य में ''[[बड़ौदा]]'' के '''[[महाराज सयाजीराव गायकवाड़ विश्वविद्यालय|महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय]]''' के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ विष्णु विराट जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे सर्वप्रथम दूरदर्शन के मेट्रो चैनल पर प्रसारित १९९३ को किया गया था जो १९९६ तक चला, २२१ एपिसोड का यह धारावाहिक बाद में [[दूरदर्शन]] के [[डीडी नेशनल]] पर प्रसारित हुआ। [[रामायण (टीवी धारावाहिक)]] व [[महाभारत (टीवी धारावाहिक)]] के बाद इसने टी आर पी के मामले में दोनों धारावाहिकों को पीछे छोड़ दिया था। इसका पुनः जनता की मांग पर प्रसारण कोरोना महामारी २०२० में लॉकडाउन के दौरान [[रामायण]] शृंखला समाप्त होने के बाद ०३ मई से डीडी नेशनल पर १६ दिसम्बर तक किया गया, यह धारावाहिक बना तो हिंदी में था किंतु तमिल, तेलुगु, उड़िया , बांग्ला, भोजपुरी, मराठी, नेपाली आदि भाषाओं में डब भी किया जा चुका है। TRP के मामले में २१ वें हफ्ते तक यह सीरियल नम्बर १ पर कायम रहा। == सारांश == यह श्रृंखला कृष्ण के जीवन के विभिन्न पहलुओं को शामिल करती है, जिसमें उनका जन्म, बचपन की हरकतें, मथुरा राज्य में उनकी भूमिका, भगवद गीता में उनकी शिक्षाएं और महाभारत की एक केंद्रीय घटना, कुरुक्षेत्र युद्ध में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका शामिल है। यह राधा, उनकी बचपन की दोस्त जैसे पात्रों के साथ उनके संबंधों और अन्य देवताओं, राक्षसों और नश्वर लोगों के साथ उनकी बातचीत पर भी प्रकाश डालता है। पहले एपिसोड में रामानंद सागर कलियुग काल की शुरुआत और राजा परीक्षित के अंतिम राजा होने और कलियुग की शुरुआत के बारे में बात करते हैं। इसमें महाभारत युद्ध की झलक भी दिखाई गई है फिर श्रृंखला श्री कृष्ण के जीवन पर उनके बचपन की हरकतों की तरह ध्यान केंद्रित करना शुरू कर देती है, और राधा के साथ उनके रिश्ते, उध्दव संवाद, जरासंध-कालयौवन और बलराम-रेवती विवाह , नर-नारायण और युधिष्ठिर को इंद्रप्रस्थ का राजा घोषित किया जाना, [[लाक्षागृह]] कांड, स्यमन्तक आरोप, सत्यभामा, जामवंती-विवाह, रुक्मी का उत्पाद और रुक्मिणी का श्रीकृष्ण से विवाह, सत्यभामा का अहंकार टूटना, कृष्ण-सुदामा मिलन, प्रद्युम्न-मायावती की कहानी, पौंड्रक का वीरमणि और तारा पर अत्याचार, पौंड्रक उत्पाद, द्रौपदी वस्त्रहरण, महाभारत युद्ध, वज्रनभ की कहानी, अनिरुद्ध-ऊषा विवाह, बाणासुर-अहंकार टूटन पर आधारित है।<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/tv/dd-on-dvd/story-wB6SW3FpxGW54nmeFV7QPJ.html|title=DD on DVD|date=Oct 28, 2009|access-date=Sep 8, 2024|publisher=[[Hindustan Times]]|pages=11|url-status=live}}</ref> ==भूमिकाएँ== * [[सर्वदमन बनर्जी]] - [[कृष्ण]], [[विष्णु]], [[नर-नारायण|नारायण]] ** [[स्वप्निल जोशी]] - किशोर कृष्ण ** अशोक कुमार बालकृष्णन - बाल कृष्ण ** पलक - बाल कृष्ण * दीपक देउलकर - [[बलराम]], [[शेषनाग]] ** संजीव शर्मा - [[बलराम|किशोर बलराम]] ** पिंकी पारीख - [[रुक्मिणी]], [[यमुना]], [[लक्ष्मी]], [[दुर्गा]] * रेशमा मोदी [[राधा]], [[लक्ष्मी]] ** श्वेता रस्तोगी किशोर राधा , [[लक्ष्मी]] * पॉलोमी मुखर्जी [[देवकी]] * सुनील पांडे [[वासुदेव]] * दामिनी कंवल शेट्टी (सीमा कंवल) - [[यशोदा]] * सुलक्षणा खत्री - रोहिणी * शाहनवाज प्रधान - [[नंद बाबा]], [[शूरसेन]], चाणूर, महाबली * विलास राज - [[कंस]] * संदीप मोहन - [[अर्जुन]], [[नर-नारायण|नर]] * मोना पारेख - [[जाम्बवंती]] * शशि शर्मा - [[सत्यभामा]] * दीपक दवे, सागर सैनी - [[नारद]] * विजय कविश [[उग्रसेन]], [[शिव]] * अमित पचोरी - [[शिव]] * प्रमोद कपूर - [[कलि (राक्षस)|कलि]], [[अक्रूर]], [[जयद्रथ]] * गिरीश परदेशी - [[कामदेव|काम]], [[प्रद्युम्न]], [[शिव]], [[सूर्यदेव|सूर्य]] (सागर मंथन के दौरान) * मनीष शर्मा - [[प्रद्युम्न]] (बाद के एपिसोड में) * अनुपमा परदेशी - [[मोहिनी]] * नवनीत चड्ढा - [[अनिरुद्ध]] * दीपाली ठोसर - [[रति]] * सुनील चौहान - [[उद्धव]] * महेंद्र घुले - [[भीम]], [[हनुमान]] * रमन खत्री - [[युधिष्ठिर]] * फाल्गुनी पारीख - [[द्रौपदी]] * कुमार हेगड़े - [[दुर्योधन]] * गोविंद खत्री - [[कर्ण]] * सुनील नागर - [[भीष्म]] * जयप्रकाश शर्मा - [[शकुनि]] * कनु ​​पटेल - [[द्रोणाचार्य]], [[सूर्य|सूर्यदेव]] * तारकेश चौहान - [[धृतराष्ट्र]] * प्रेमचंद शर्मा - [[पांडु]], [[नकुल]] * लता हया - [[कुंती]] * सोनिया कपूर - [[सुभद्रा]] * दिनेश आनंद, दीपक जेठी - [[दुशासन]] * ज्योतिन दवे - [[इंद्र]], [[शल्य|राजा शल्य]], [[गर्ग|ऋषि गर्ग]] * झरना दवे - [[रति|भानामति]], [[हिडिंबा]], [[दुर्गा]] एक एपिसोड के लिए * राधाकृष्ण दत्ता - महर्षि उत्तांग, [[विश्वकर्मा]], [[जरासंध]] * [[मुकुल नाग]] - [[सुदामा]], [[अश्वत्थामा]], ब्राह्मण * प्रयर्ना अग्रवाल - वसुंधरा * राज प्रेमी - [[शिशुपाल]], [[हिरण्यकश्यप]], जया * गौतम चतुर्वेदी - [[पौंड्रक|पौंड्रक वासुदेव]] * अनुज शर्मा [[अभिमन्यु]] * अरुण माथुर - [[शंबर|शंभर]] * शक्ति सिंह और अज्ञात - [[बाणासुर]] * अज्ञात महारानी - वृंदा ([[बाणासुर]] की पत्नी और ऊषा की मां) * अज्ञात महारानी - सुमति (वज्रनाभ की पत्नी और प्रभावती की माँ) * बशीर खान - भोमासुर, [[द्विविद]], मायासुर (शंभरा का पुत्र), माया दानव * संजीव सिद्धार्थ - [[नरकासुर|भोमासुर]] * अरविंद सिंह रौसरिया - [[कालयावन|कलयावन]], ऋषि शेशिरायण (जिन्हें गार्ग्यत मुनि के नाम से भी जाना जाता है, काल यवन के पिता और त्रिगर्त साम्राज्य के राजगुरु), शंभरा के राजगुरु, वज्रनाभ * एन. जितेंद्र - [[कृपाचार्य|कृपा]] * भक्ति नरूला - तारा * नील कमल - कुंभकेतु (शंभरासुर का पुत्र) * प्रदीप निशित ** [[द्रुपद (महाभारत)|द्रुपद]] (–१९९६ ) ** [[परशुराम]] (१९९७) ** [[वेद व्यास|व्यास]] (१९९७) * निहारिका भट्ट - वज्रनाभ की दादी, मायावती * नीला पटेल - [[गांधारी]] * विजय शर्मा - [[विदुर]] * स्वाति आनंद ** [[बृहद्रथ]] की दूसरी पत्नी और [[जरासंध]] की माँ (१९९४) ** [[रेवती]] ([[बलराम]] की पत्नी) (१९९४–१९९५) ** [[शिखंडी]] (१९९६ –१९९७) ** [[चित्रलेखा]] (१९९७) * असलम खान विभिन्न भूमिकाओं में * श्याम सुंदर कलानी - चाणूर (एपिसोड - 3) * पापिया सेनगुप्ता - ललिता * सुनील मट्टू - [[कृतवर्मा]] == निर्माण == श्री कृष्णा का निर्माण रामानंद सागर, सुभाष सागर और प्रेम सागर ने "सागर एंटरप्राइजेज" के बैनर तले किया था और इसका निर्देशन रामानंद सागर, आनंद सागर और मोती सागर ने किया था। युवा कृष्ण की भूमिका [[स्वप्निल जोशी]] ने निभाई थी और वयस्क कृष्ण की भूमिका [[सर्वदमन बनर्जी|सर्वदमन डी. बनर्जी]] ने निभाई थी। शुरुआत में गोविंद खत्री को [[दुशासन]] की भूमिका निभाने के लिए चुना गया था, लेकिन बाद में [[कर्ण]] की भूमिका के साथ समाप्त कर दिया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.jansatta.com/entertainment/television/ramanand-sagar-shri-krishna-karna-played-govind-khatri-brother-raman-khatri-yudhisthira/1446882/|title=श्रीकृष्णा में गोविंद खत्री को कर्ण नहीं दुशासन का रोल हुआ था ऑफर, भाई ने निभाया था युधिष्ठिर का किरदार|date=23 June 2020|website=[[Jansatta]]|language=hi|trans-title=Govind Khatri was offered the role of Dushasan not Karna in Sri Krishna, brother played the role of Yudhishthira|access-date=14 March 2022}}</ref> [[Ravindra Jain]] composed music for this serial. == एपिसोड्स == एपिसोड १ - राजा परीक्षित के राज्य में कलियुग का आगमन एपिसोड २ - श्री कृष्ण की कथा की शुरुआत। कंस का अत्याचार। ऊपर से भविष्यवाणी एपिसोड ३ - कंस राजा उग्रसेन को मारने की साजिश रचता है। देवकी ने अपने पहले पुत्र को जन्म दिया एपिसोड ४ - कंस ने राजा उग्रसेन को बंदी बनाया एपिसोड ५ - कंस का राज्याभिषेक, देवकी को दूसरा पुत्र हुआ एपिसोड ६ - देवकी के गर्भ में शेषनाग को रखा गया, कंस भयभीत हुआ एपिसोड ७ - रोहिणी के गर्भ में शेषनाग को रखा गया, यशोदा और नंद का पुत्र प्राप्ति यज्ञ एपिसोड ८ - देवकी के गर्भ में श्री कृष्ण को रखा गया, यशोदा गर्भवती हुईं एपिसोड ९ - बलराम और श्री कृष्ण का जन्म एपिसोड १० - नंदराय के घर श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव। == कृपया देखें == * [[रामायण (टीवी धारावाहिक)]] * [[महाभारत (टीवी धारावाहिक)]] == सन्दर्भ == <references /> == पृष्ठ के बाहर (ताल्लुकातें)== * {{IMDb title|tt0268085|title=श्री कृष्ण}} mt8r9dygo9q6tnkbk6dlojamaiz5z4o साँचा:सुनो-प्रबंधक 10 581814 6582540 5909091 2026-07-14T12:33:02Z SM7 89247 +1 6582540 wikitext text/x-wiki {{सुनो|संजीव कुमार|अनिरुद्ध कुमार|SM7|अजीत कुमार तिवारी|हिंदुस्थान वासी|DreamRimmer}}<noinclude> [[श्रेणी:विकिपीडिया प्रबन्धक|τ]] </noinclude> p3mq5sd1w73mazy6uh7c511218xpin4 स्वेतलाना अलिलुयेवा 0 588100 6582872 5842778 2026-07-15T10:24:31Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582872 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति |name = स्वेतलाना एलिल्युयेवा |image = Joseph Stalin with daughter Svetlana, 1935.jpg |caption = [[जोसेफ़ स्टालिन]] बेटी स्वेतलाना के साथ |birth_date = {{Birth date|1926|2|28|df=yes}} |birth_place = मास्को, [[रूस]], [[सोवियत संघ]] |death_date = {{Death date and age|2011|11|22|1926|2|28|df=yes}} |death_place =Richland Center, Wisconsin, U.S. |other_names = लाना पीटर्स |birth_name= स्वेतलाना |parents = [[जोसेफ़ स्टालिन]] <br>Nadezhda Alliluyeva |spouse = Grigory Morozov (1943–1947) <br>Yuri Zhdanov (1949–1950)<br>William Wesley Peters (1970–1973) |children = Joseph Alliluyev (1945–2008)<br>Yekaterina/Katya (1950–)<br>Olga/Chrese Evans (1971–) |occupation =writer and lecturer |religion = Roman Catholic |nationality = [[सोवियत संघ]] (1926–1967, 1984–1986)<br>अमेरिकी (1967–1984)<br>British (1992–2011) }} '''स्वेतलाना एलिल्युयेवा''' या '''स्वेतलाना अलिलुयेवा''' ({{lang-ka|link=no|სვეტლანა იოსებინა ალილუევა}}, {{lang-ru|link=no|Светла́на Ио́сифовна Аллилу́ева}}) (28 फ़रवरी 1926 – 22 नवम्बर 2011) [[सोवियत संघ]] के चर्चित नेता, राष्ट्रपति [[जोसेफ़ स्टालिन]] की इकलौती लड़की संतान थी।<ref>{{cite news |url=http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/11/111129_stalin_daughter_psa.shtml |title=स्टालिन की बेटी और भारत |date=29 नवम्बर 2011 |work=बीबीसी |language=hi |access-date=8 सितंबर 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130516074105/http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/11/111129_stalin_daughter_psa.shtml |archive-date=16 मई 2013 |url-status=live }}</ref><ref name="time002">[http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,843812,00.html "Land of Opportunity"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130721102322/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,843812,00.html |date=21 जुलाई 2013 }}, ''TIME'' 26 मई 1967.</ref><ref name="Remembers">{{cite book|author=Nikita Khrushchev|title=Kruschev Remembers|year=1990|page=[https://archive.org/details/khrushchevrememb00niki/page/220 220]|isbn=0-316-47297-2|url=https://archive.org/details/khrushchevrememb00niki/page/220}}</ref><ref>{{YouTube|CKlmfr55_ck|Svetlana – Kremlin Princess. TVC channel}}</ref><ref name="Red Tsar">{{cite book|author=Montefiore, Simon Sebag|title=Stalin, The Court of the Red Tsar|url=https://archive.org/details/stalincourtofred0000seba_e9a2|year=2003|pages=[https://archive.org/details/stalincourtofred0000seba_e9a2/page/n32 1]–38, 90|isbn=1-84212-726-8}}</ref> अपने पिता के बजाय अपनी मां के नाम का इस्तेमाल करती थीं। स्वेतलाना ने चार शादियां की थीं। आखिरी शादी उन्होंने पेट्रास से की थी। वे [[बृजेश सिंह]] की ‘अनौपचारिक’ पत्नी थीं। बृजेश सिंह उन भारतीय कम्युनिस्टों में से एक थे जिन्होंने बीसवीं सदी के तीसरे दशक के बाद [[मास्को|मॉस्को]] को अपना घर बनाया था। 1967 में बृजेश सिंह की मौत हो गई। कहा जाता है कि वहां उनका सही इलाज नहीं किया गया था।<ref name=ind>{{cite news |title=Obituary: Dinesh Singh |url=http://www.independent.co.uk/news/people/obituary-dinesh-singh-1523677.html |publisher=The Independent |date=2 दिसम्बर 1995 |access-date=8 सितंबर 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140906155839/http://www.independent.co.uk/news/people/obituary-dinesh-singh-1523677.html |archive-date=6 सितंबर 2014 |url-status=live }}</ref> [[चित्र:Lavrenti Beria Stalins family.jpg|thumbnail|Lavrenti Beria, [[जोसेफ़ स्टालिन|जोसेफ स्टालिन]] (पृष्ठभूमि में) और स्वेतलाना (बाल्यावस्था में) साथ]] स्वेतलाना ने तय किया था कि उनका [[अन्त्येष्टि क्रिया|अंतिम संस्कार]] हिंदू रिति- रिवाज के हिसाब से करेंगी। वह ब्रजेश सिंह कि अस्थियां [[गंगा नदी|गंगा]] में बहाने के लिए [[भारत]] भी लाई थी। हालांकि सोवियत नेताओं ने स्वेतलाना को ऐसा न करने के लिए मनाने की काफी कोशिश की थी। कहा जाता है कि उस समय के सोवियत प्रधानमंत्री अलेक्सी कोसिगिन ने उनसे कहा था कि वह जोखिम ले रही हैं क्योंकि कट्टर हिंदुओं में विधवाओं को मृत पति के साथ जलाने की परंपरा है। जिद पर अड़ी स्वेतलाना भारत पहुंच गईं। वह ब्रजेश सिंह के घर गई और वहीं बसना चाहती थीं। लेकिन भारत में रुकने की उन्हें अनुमति नहीं मिली।<ref>{{cite news |title=Stalin's Daughter Called Indian Village a Paradise |url=http://select.nytimes.com/gst/abstract.html?res=F10B11F9345F137A93C2AB1788D85F438685F9 |publisher=New York Times |date=March 20, 1967 |first=J. Anthony |last=Lukas |access-date=8 सितंबर 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131004230932/http://select.nytimes.com/gst/abstract.html?res=F10B11F9345F137A93C2AB1788D85F438685F9 |archive-date=4 अक्तूबर 2013 |url-status=live }}</ref> जब वह [[उत्तर प्रदेश]] में अपने पति के पुश्तैनी गांव से [[दिल्ली]] लौटीं तो भारत नेहरू के बाद पहले आम चुनाव की गहमागहमी के बीच था। इसलिए वह उस समय के मीडिया में महत्वपूर्ण खबर नहीं बन सकी। लेकिन अचानक एक सुबह एक छोटे परमाणु धमाके जैसी खबर आई। [[जोसेफ़ स्टालिन|स्टालिन]] की बेटी ने दिल्ली से अमरीका में शरण लेने की ठानी है।. सोवियत संघ ने भारत से कड़ा विरोध जताया। भारत इसमें कुछ नहीं कर सकता था [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] के दबाव के आगे [[जवाहरलाल नेहरू|नेहरू]] झुक गए। स्वेतलाना भारत में [[सोवियत संघ]] के [[राजनयिक दूत|राजदूत]] निकोलाई बेनेडिक्टोव के यहां सोवियत दूतावास ठहरी हुई थीं। वह धोखे से अमरीकी दूतावास में चली गई। अमरीकी दूतावास तब तक बंद हो चुका था। स्वेतलाना ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारी को बताया कि वो कौन हैं और क्या चाहती हैं। अमरीकी राजदूत चेस्टर बॉवल्स को रात में आना पड़ा और अमेरिका जाने का रास्ता साफ हो गया। अमेरिका उस समय हर सोवियत संघ से भागे व्यक्ति को शरण देता था। राजदूत ने एक सीआईए अधिकारी के साथ स्वेतलाना को [[रोम]] की एक फ्लाइट में सवार होने के लिए एयरपोर्ट भेज दिया। फिर वहां से वह अमेरिका पहुंच गईं। जब स्वेतलाना रोम में सुरक्षित पहुंच गईं तभी इस खबर को जग जाहिर किया गया।<ref>{{cite news |url=http://www.livehindustan.com/news/edu/subeditorial/article1-story-269-116-203770.html |title=एक थी स्वेतलाना |date=November 30, 2011 |work=लाइव हिंदुस्तान |language=hi |access-date=8 सितंबर 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140908042959/http://www.livehindustan.com/news/edu/subeditorial/article1-story-269-116-203770.html |archive-date=8 सितंबर 2014 |url-status=live }}</ref> स्वेतलाना ने चार शादियां की थीं। आखिरी शादी उन्होंने विलियम पेट्रास से की थी।<ref>{{cite news|author=Scott Bauer|agency=AP|url=http://news.yahoo.com/stalins-daughter-lana-peters-dies-85-200721334.html|title=Stalin's daughter Lana Peters dies at 85|publisher=News.yahoo.com|accessdate=29 नवम्बर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111129092615/http://news.yahoo.com/stalins-daughter-lana-peters-dies-85-200721334.html|archive-date=29 नवंबर 2011|url-status=live}}</ref> 1984 में वह [[सोवियत संघ]] लौट आई और पश्चिम को काफी कोसा। लेकिन एक साल बाद ही उनका बदलते [[रूस]] से मोह भंग हो गया और [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] लौट गई और वहां जा कर कहा कि अब वह कभी रूस नहीं जाएंगी। [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] में जा कर स्वेतलाना तो मीडिया में छाई रही लेकिन बेवकूफी भरे तमाम फैसलों के कारण उनकी जिंदगी के आखिर लम्हे तंगहाली में गुजरे। बायोग्राफी के लिए उस जमाने उन्हें 25 लाख डालर मिले थे। लेकिन उन्होंने काफी पैसा दान कर दिया और गलत निवेश में लगा दिया। यह दान उन्हें काफी भारी पड़ा। सोवियत संघ से भाग कर अमेरिका आए लोगों को वह मदद करती रही। लेकिन इस चक्कर में वह खुद मुसीबत में पड़ गई। स्वेतलाना की लड़की ओल्गा पोर्टलैंड में रहती है, जबकि बेटे जोसफ की मौत 2008 में हो गई थी। स्वेतलाना के दोनों भाइयों की मौत बहुत पहले ही हो गई थी।<ref>{{cite news |url=http://hindi.oneindia.in/news/2011/11/30/svetlana-was-the-daughter-in-law-of-india-aid0163.html |title=जोसफ स्टालिन की बेटी स्वेतलाना भारत की बहू भी थी |date=November 30, 2011 |work=वन इंडिया न्यूज़ |language=hi |access-date=8 सितंबर 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140908043714/http://hindi.oneindia.in/news/2011/11/30/svetlana-was-the-daughter-in-law-of-india-aid0163.html |archive-date=8 सितंबर 2014 |url-status=live }}</ref> == निधन == 22 नवम्बर 2011 को 85 वर्ष की आयु में अमरीका में निधन हो गया है।<ref>{{cite news |url=http://www.khaskhabar.com/hindi-news/swetlana-had-deep-emotional-relation-with-india-112011309053910473.html |title=स्वेतलाना का भारत से था भावनात्मक रिश्ता |date= |work=खास खबर |language=hi |access-date=8 सितंबर 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140908042601/http://www.khaskhabar.com/hindi-news/swetlana-had-deep-emotional-relation-with-india-112011309053910473.html |archive-date=8 सितंबर 2014 |url-status=live }}</ref> == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} === अन्य === * {{cite book|last=Alliluyeva|first=Svetlana|author2=Priscilla Johnson (translator)|title=Twenty Letters to a Friend|publisher=Hutchinson|year=1967|location=London}} * {{cite book|last=Alliluyeva|first=Svetlana|author2=Paul Chavchavadze (translator)|title=Only One Year|url=https://archive.org/details/onlyoneyear00alli|publisher=Harper & Row|year=1969|isbn=0-06-010102-4}} * {{cite book|last=Alliluyeva|first=Svetlana|title=Faraway Music|year=1984|location=India}} {{Authority control}} [[श्रेणी:1926 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:२०११ में निधन]] 3qh5jcpcrej6yk2kfzrl9ethnf6kspu आलमपुर, महबूबनगर, तेलंगाना 0 618065 6582607 6494558 2026-07-14T15:39:26Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582607 wikitext text/x-wiki [[File:Sangameshwar temple alampur Mahboobnagar India.jpg|thumb|240px|आलमपुर में संगमेश्वर मंदिर]] '''आलमपुर''' ([[तेलुगू भाषा|तेलुगु]]:ఆలంపూర్) भारतीय राज्य [[तेलंगाना]] के जोगलबा गडवाल जिले का एक [[शहर]] है<ref>{{Cite web|url=https://mahabubnagar.tripod.com/Historical_places.htm|title=Historical Places in Mahabubnagar District|website=mahabubnagar.tripod.com|access-date=2021-08-30|archive-date=30 अगस्त 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210830150634/https://mahabubnagar.tripod.com/Historical_places.htm|url-status=dead}}</ref>। यह एक धार्मिक महत्त्व का शहर है जो पवित्र मानी जाने वाली नदियों [[तुंगभद्रा नदी|तुंगभद्रा]] और [[कृष्णा]] के संगम पर स्थित है और इसे दक्षिण काशी (जिसे नवब्रह्मेश्र्वर तीर्थ भी कहा जाता है) की संज्ञा दी जाती है तथा इसे प्रसिद्ध शैव तीर्थ श्रीसैलम का पश्चिमी द्वारा भी कहा जाता है। [[स्कन्द पुराण|स्कंद पुराण]] में अलमपुर मंदिर की पवित्रता का उल्लेख किया गया है। आलमपुर में प्रमुख देवताओं में ब्रह्मेश्वर और जोगुलम्बा हैं। यह नलमाला पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यह शक्तिवाद में एक लोकप्रिय हिंदू तीर्थ स्थल है जहां शिव को समर्पित नौ मंदिरों का एक समूह है जिसे सातवीं और आठवीं शताब्दी सीई में बनाया गया था। आलमपुर की पवित्रता का उल्लेख स्कंद पुराण में मिलता है।  यह नल्लामाला पहाड़ियों से घिरा हुआ है और तुंगभद्रा नदी के बाएं किनारे पर स्थित है। आलमपुर में कई हिंदू मंदिर हैं, जिनमें प्रमुख हैं जोगुलम्बा मंदिर, नवब्रह्म मंदिर, पापनासी मंदिर और संगमेश्वर मंदिर।<ref>{{Cite web|url=http://www.templenet.com/Andhra/alampur.html|title=Alampur - The ancient Nava Bhramma Temples of Andhra Pradesh|website=www.templenet.com|access-date=2021-08-30}}</ref> जोगुलम्बा मंदिर अठारह महा शक्ति पीठों में से एक है, जो शक्तिवाद में सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ और तीर्थ स्थल हैं।  नवब्रह्मा मंदिर नौ मंदिर हैं जो शिव को समर्पित हैं  जिसे बादामी चालुक्यों द्वारा सातवीं और आठवीं शताब्दी में बनाया गया था।  नवब्रह्मा मंदिरों को [[भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण]] द्वारा तैयार आधिकारिक "स्मारकों की सूची" पर एक पुरातात्विक और स्थापत्य खजाने के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।  पापनासी मंदिर आलमपुर के दक्षिण-पश्चिम में 2.5 किमी (1.6 मील) की दूरी पर पापनासी गांव में स्थित 9वीं और 11वीं शताब्दी के बीच के तेईस हिंदू मंदिरों का एक समूह है।  पापनासी मंदिर शैव परंपरा के नवब्रह्म मंदिरों के करीब हैं, लेकिन कुछ सदियों बाद राष्ट्रकूट और पश्चिमी चालुक्यों द्वारा बनाए गए थे। == इतिहास == आलमपुर सातवाहन, नागार्जुनकोंडा के इक्ष्वाकु, बादामी चालुक्य, राष्ट्रकूट, कल्याणी चालुक्य, काकतीय, [[विजयनगर साम्राज्य]] और गोलकुंडा के कुतुब शाही के शासन में था।  आलमपुर को पहले हलमपुरम, हेमलपुरम और आलमपुरम के नाम से जाना जाता था।  हातमपुरा नाम के तहत, [[प्रतीच्य चालुक्य|पश्चिमी चालुक्य]] राजा विक्रमादित्य VI के शासनकाल में ११०१ सीई के एक शिलालेख में इसका उल्लेख किया गया था। <ref>{{Cite web|url=https://asihyderabadcircle.nic.in/mehabub_monuments.html|title=Archeological Survey of India|website=asihyderabadcircle.nic.in|access-date=2021-08-30|archive-date=30 अगस्त 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210830150634/https://asihyderabadcircle.nic.in/mehabub_monuments.html|url-status=dead}}</ref> == मंदिर == आलमपुर नवभ्रम मंदिर ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और उल्लेखनीय स्थापत्य कौशल को दर्शाते हैं।  आलमपुर मंदिरों को प्राचीन स्मारकों और पुरातत्व स्थलों और अवशेष अधिनियम के तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा तैयार आधिकारिक "स्मारकों की सूची" पर एक पुरातात्विक और स्थापत्य खजाने के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।  चूंकि आलमपुर में मंदिरों का मूल क्षेत्र श्री सैलम हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट द्वारा जलमग्न हो गया था, मंदिरों को उच्च भूमि पर स्थानांतरित कर दिया गया था।  मंदिरों के इस समूह की विशिष्टता 650 और 750 CE के बीच बादामी के चालुक्यों द्वारा शुरू की गई उत्तरी स्थापत्य शैली में उनकी योजना और डिजाइन में निहित है। <ref>{{Cite web|url=http://asi.nic.in/asi_monu_alphalist_andhra.asp|title=List of Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains of Andhra Pradesh - Archaeological Survey of India|date=2014-06-25|website=web.archive.org|access-date=2021-08-30|archive-date=25 जून 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625052615/http://asi.nic.in/asi_monu_alphalist_andhra.asp|url-status=bot: unknown}}</ref> == संदर्भ == {{टिप्पणी सूची}} [[श्रेणी:महबूबनगर जिला]] <references /> [[श्रेणी:तीर्थ]] t9rximydnyi9ur0yptyigqxe0alzphx डेविड अर्नाल्ड 0 632349 6582906 6020328 2026-07-15T11:31:09Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582906 wikitext text/x-wiki '''डेविड अर्नाल्ड''' एक [[इतिहासकार]] है और वर्ष २००६ के बाद से वारविक विश्वविद्यालय में एशियाई और विश्व के [[इतिहास]] के प्राध्यापक रहे है।<ref>{{cite web | url = http://www2.warwick.ac.uk/fac/arts/history/people/staff_index/d_arnold | title = David Arnold | accessdate = ७ अप्रैल २०१५ | author = David Arnold | publisher = University of Warwick | archive-url = https://web.archive.org/web/20190103032930/https://warwick.ac.uk/fac/arts/history/people/staff_index/d_arnold/ | archive-date = 3 जनवरी 2019 | url-status = live }}</ref> इसके पहले [[लंदन विश्वविद्यालय]] के स्कूल ऑफ ओरिएण्टल एंड अफ्रीकन स्टडीज़ में दक्षिण एशियाई इतिहास के प्राध्यापक थे। यहाँ अर्नाल्ड ने कई वर्षों तक [[महात्मा गांधी]] और [[गांधीवाद]] पर एक स्नातक पाठ्यक्रम पढ़ाया।<ref>{{cite web | url = http://www.sasnet.lu.se/sasnet-newsletter/newsletter-98-11-june-2009 | title = SASNET Newsletter | publisher = Lunds University | accessdate = ७ अप्रैल २०१५ | archive-url = https://web.archive.org/web/20150415210142/http://www.sasnet.lu.se/sasnet-newsletter/newsletter-98-11-june-2009 | archive-date = 15 अप्रैल 2015 | url-status = dead }}</ref> १९७० के दशक में [[सबाल्टर्न अध्ययन]] समूह के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। वर्ष १९९३ में [[रंजीत गुहा]] ने उन्हे "''ऍन अस्सोर्टमेंट ऑफ़ मार्जिनलाइस्ड अकॅडेमिक्स'' " कहकर याद किया।<ref>{{Cite book |page=xiv | first=Ranajit |last=Guha |title=Subaltern Studies Reader, 1986-1995 |url=https://archive.org/details/subalternstudies0000unse_i7n4 |isbn=0-8166-2759-2|publisher=University of Minnesota Press |year=1993}}</ref> वर्ष १९९४ में डेविड हार्डीमैन के साथ एक [[प्रकाशन]] के लिये कुल ७ लेखो का योगदान देते हुए आठवें विस्तार-क्षेत्र को सह संपादित किया।<ref>{{cite web | url = http://www.lib.virginia.edu/area-studies/subaltern/ssauth.htm | title = By Authors From the Books of the Subaltern Studies Series | accessdate = ७ अप्रैल २०१५ | author = Philip McEldowney | publisher = University of Virginia | archive-url = https://web.archive.org/web/20130607081728/http://www.lib.virginia.edu/area-studies/subaltern/ssauth.htm | archive-date = 7 जून 2013 | url-status = dead }}</ref> उपनिवेशी दवा के क्षेत्र में भी पूर्व योगदानकर्ताओं मे एक है। "''कोलोनाइज़िग द बॉडी'' " इनकी एक प्रभावशाली रचना है।<ref>{{Cite book | first=David |last=Arnold |title=Colonizing the Body: State Medicine and Epidemic Disease in Nineteenth-Century India | url=https://archive.org/details/colonizingbodyst0000arno | isbn=978-0-520-08295-3|publisher=University of California Press |year=1993}}</ref> == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:इतिहासकार]] hsn96m1jv8hjohs3r7gyebep6fx7jzz पलटी कक्षा 0 669975 6582915 6513032 2026-07-15T11:54:20Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582915 wikitext text/x-wiki {{प्रतिलिपि सम्पादन|for=व्याकरण और वर्तनी|date=सितंबर 2015}} '''पलटी कक्षा''' या '''फ्लिप्ड क्लासरूम''' अनुदेशात्मक रणनीति और [[ब्लेंडेड लर्निंग]] का एक प्रकार है। यह अनुदेशात्मक सामग्री को कक्षा के बाहर उपलब्ध करा कर [[परम्परागत ज्ञान|परंपरागत]] शिक्षात्मक व्यवस्था को बदलता है। पलटी कक्षा में छात्र प्रशिक्षक के नेतृत्व में ऑनलाइन लेक्चर देखते है, [[ऑनलाइन चर्चा]] करते है और रिसर्च करते है।<ref>{{पुस्तक सन्दर्भ|last1=Abeysekera, Lakmal, and Phillip Dawson|title="Motivation and cognitive load in the flipped classroom: definition, rationale and a call for research." Higher Education Research & Development|date=2015|page=34|pages=1-14| language = en|ref=book}}</ref> ==परंपरागत और पलटी शिक्षा में तुलना== पारंपरिक शिक्षण अनुदेश में [[आचार्य|अध्यापक]] का ध्यान पाठ पर और सूचना देना होता है| अध्यापक विद्यार्थी के सवालो का जवाब देते है| कक्षा में परंपरागत अनुदेश, पाठ डाइडक्टिक और कॉंटेंट ओरियेनटेड होता है| पारंपरिक मॉडल में सभी छात्रों के लिए शिक्षक द्वारा आवेदन पत्र तैयार कर किसी भी कार्य पर स्वतंत्र रूप से या छोटे समूहों में काम करते हैं जिसमें गतिविधियों को सीमित किया जा सकता है। कक्षा चर्चा आम तौर पर बातचीत के प्रवाह को नियंत्रित करने वाले शिक्षक पर केंद्रित कर रहे हैं। <ref>{{जर्नल सन्दर्भ|last1=Ryback, D., & Sanders, J.|journal=Humanistic versus traditional teaching styles and student satisfaction. Journal of Humanistic Psychology|date=1980|volume=20|pages=87-90|ref=journal}}</ref> आमतौर पर शिक्षण की इस पद्धति में भी उदाहरण के लिए , छात्रों के एक पाठ्यपुस्तक से पढ़ने या एक समस्या सेट पर काम करके एक अवधारणा का अभ्यास करने का काम देने के शामिल , स्कूल के बाहर।<ref>{{समाचार सन्दर्भ|last1=Valerie Strauss|title=The flip: Turning a classroom upside down|accessdate=4 June 2012| language = en|agency=Washington Post|ref=article}}</ref> रूप से फ़्लिप कक्षा जानबूझकर इस तरह के ऑनलाइन वीडियो के रूप में शैक्षिक प्रौद्योगिकी कक्षा की सामग्री के बाहर वितरित करने के लिए उपयोग किया जाता है , जबकि वर्ग समय , अधिक से अधिक गहराई में विषयों की पड़ताल और सार्थक सीखने के अवसर पैदा करता है , जिसमें एक शिक्षार्थी केंद्रित मॉडल के लिए अनुदेश पाली।</ref> <ref>{{वेब सन्दर्भ|last1=Kaplan A. |title=Higher Education at the Crossroads of Disruption, the University of the 21st century |url=https://books.emeraldinsight.com/page/detail/Higher-Education-at-the-Crossroads-of-Disruption/?k=9781800715042l|publisher=Emerald Publishing House London|language=en|access-date=20अप्रैल 2021}}</ref> एक से फ़्लिप कक्षा में, सामग्री वितरण रूपों की एक किस्म ले सकता है। अक्सर, शिक्षक या तीसरे पक्ष द्वारा तैयार वीडियो सबक ऑनलाइन सहयोगात्मक चर्चा, डिजिटल अनुसंधान, और पाठ रीडिंग इस्तेमाल किया जा सकता है, हालांकि , सामग्री वितरित करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।<ref>{{पुस्तक सन्दर्भ|last1=Abeysekera, Lakmal, and Phillip Dawson|title="Motivation and cognitive load in the flipped classroom: definition, rationale and a call for research." Higher Education Research & Development|date=2015|page=34|pages=1-14| language = en|ref=book}}</ref> <ref>{{जर्नल सन्दर्भ|last1=Marco Ronchetti|title=Using video lectures to make teaching more interactive", International Journal of Emerging Technologies in Learning (iJET)|date=जून 2010|volume=5}}</ref> <ref>{{समाचार सन्दर्भ|last1=Greg Topp|title=Flipped classrooms take advantage of technology| language = en|agency=USA Today|date=6 Oct 2011}}</ref> पलटी कक्षाओं भी में वर्ग गतिविधियों को फिर से परिभाषित। में वर्ग से फ़्लिप कक्षा साथ सबक सामग्री में छात्रों को शामिल करने, अन्य पद्धतियों के बीच गतिविधि सीखने या अधिक परंपरागत होमवर्क समस्याओं, शामिल हो सकते हैं। वर्ग गतिविधियों अलग अलग है लेकिन शामिल हो सकते हैं: में गहराई प्रयोगशाला प्रयोगों, मूल [[दस्तावेज़|दस्तावेज]] विश्लेषण, बहस या भाषण प्रस्तुति, वर्तमान घटना चर्चा, सहकर्मी की समीक्षा करने, परियोजना आधारित अधिगम, और कौशल विकास या अवधारणा अभ्यास गणितीय प्रौद्योगिकियों गणित जोड़ तोड़ का उपयोग कर और उभरते सक्रिय सीखने के इन प्रकार के अत्यधिक विभेदित अनुदेश के लिए अनुमति देते हैं<ref>{{पुस्तक सन्दर्भ|last1=Bergmann, J., & Sams, A.|title=Flip your classroom: reach every student in every class every day. Washington, DC: International Society for Technology in Education.|year=2012|url=https://archive.org/details/flipyourclassroo0000berg|accessdate=2012| language = en}}</ref> <ref>{{वेब सन्दर्भ|last1=Sparks, S. D|title=Schools "flip" for lesson model promoted by Khan Academy. Education Week, 31(5), 1|url=http://www.edweek.org/ew/articles/2011/09/28/05khan_ep.h31.html|publisher=2011|language=en|access-date=24 सितंबर 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150925111705/http://www.edweek.org/ew/articles/2011/09/28/05khan_ep.h31.html|archive-date=25 सितंबर 2015|url-status=live}}</ref>क्योंकि, और अधिक समय इस तरह की समस्या खोजने, सहयोग, डिजाइन और छात्रों के रूप में समस्या को सुलझाने के रूप में उच्च आदेश सोच कौशल पर कक्षा में खर्च किया जा सकता है, कठिन समस्याओं से निपटने समूहों, अनुसंधान के क्षेत्र में काम करते हैं,<ref>{{वेब सन्दर्भ|last1=Alvarez, B|title=Flipping the classroom: Homework in class, lessons at home. Education Digest: Essential Readings Condensed For Quick Review,|url=http://neapriorityschools.org/successful-students/flipping-the-classroom-homework-in-class-lessons-at-home-2|publisher=77(8), 18-21.|accessdate=2011|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20111222005032/http://neapriorityschools.org/successful-students/flipping-the-classroom-homework-in-class-lessons-at-home-2|archive-date=22 दिसंबर 2011|url-status=dead}}</ref> और उनके शिक्षक और साथियों की मदद से ज्ञान का निर्माण। फ़्लिप कक्षाओं स्कूलों और कॉलेजों दोनों में लागू किया गया है और कार्यान्वयन की विधि में बदलती मतभेद है पाया गया। एक से फ़्लिप कक्षा में छात्रों के साथ एक शिक्षक की बातचीत और अधिक व्यक्तिगत और कम उपदेशात्मक हो सकता है, और वे में भाग लेते हैं और उनके सीखने का मूल्यांकन के रूप में छात्रों को सक्रिय रूप से ज्ञान के अधिग्रहण और निर्माण में शामिल रहे हैं।<ref>{{पुस्तक सन्दर्भ|last1=Abeysekera, Lakmal, and Phillip Dawson|title="Motivation and cognitive load in the flipped classroom: definition, rationale and a call for research." Higher Education Research & Development|date=2015|page=34|pages=1-14| language = en|ref=book}}</ref> <ref>{{वेब सन्दर्भ|last1=Alvarez, B|title=Flipping the classroom: Homework in class, lessons at home. Education Digest: Essential Readings Condensed For Quick Review,|url=http://neapriorityschools.org/successful-students/flipping-the-classroom-homework-in-class-lessons-at-home-2|publisher=77(8), 18-21.|accessdate=2011|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20111222005032/http://neapriorityschools.org/successful-students/flipping-the-classroom-homework-in-class-lessons-at-home-2|archive-date=22 दिसंबर 2011|url-status=dead}}</ref> <ref>{{वेब सन्दर्भ|title=Flipped Learning Network|url=http://fln.schoolwires.net/cms/lib07/VA01923112/Centricity/Domain/46/FLIP_handout_FNL_Web.pdf|language=en|access-date=24 सितंबर 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304035238/http://fln.schoolwires.net/cms/lib07/VA01923112/Centricity/Domain/46/FLIP_handout_FNL_Web.pdf|archive-date=4 मार्च 2016|url-status=dead}}</ref> ==इतिहास== [[हार्वर्ड विश्वविद्यालय|हार्वर्ड]] के प्रोफेसर एरिक मज़ुर वह साथियों के अनुदेश नामक एक शिक्षण रणनीति के विकास के माध्यम से फ़्लिप शिक्षण प्रभावित करने अवधारणाओं के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक उपयोगकर्ता के मैनुअल: मज़ुर , हकदार सहकर्मी निर्देश रणनीति की रूपरेखा १९९७ में एक पुस्तक प्रकाशित की। उन्होंने कहा कि कक्षा में कक्षा और जानकारी आत्मसात से बाहर जानकारी के हस्तांतरण के लिए ले जाया गया है, जो अपने दृष्टिकोण है, उसे उनकी बजाय व्याख्यान के सीखने में छात्रों के कोच के लिए अनुमति दी है कि पाया। <ref>{{पुस्तक सन्दर्भ|last1=Eric Mazur|title=Peer Instruction: A User's Manual Series in Educational Innovation. Prentice Hall, Upper Saddle River, NJ|year=1997|url=https://archive.org/details/peerinstructionu0000mazu|accessdate=1997}}</ref> <ref>{{जर्नल सन्दर्भ|last1=C. Crouch & E. Mazur|journal=Peer Instruction: Ten Years of Experience and Results, Am. J. Phys.,|date=2001|volume=69|pages=970-977}}</ref> १९९३ में, एलिसन राजा लेख में "की ओर गाइड करने के लिए स्टेज पर ऋषि से प्रकाशित" , राजा नहीं बल्कि सूचना प्रसारण से अर्थ के निर्माण के लिए वर्ग समय के उपयोग के महत्व पर केंद्रित है। सीधे "फ्लिप्पिंग" एक कक्षा की अवधारणा को दर्शाता हुआ नहीं है, जबकि राजा के काम अक्सर एक उलटा सक्रिय सीखने के लिए शैक्षिक अंतरिक्ष के लिए अनुमति देने के लिए के लिए एक प्रोत्साहन के रूप में पेश किया जाता है। <ref>{{जर्नल सन्दर्भ|last1=King, Alison|journal=From sage on the stage to guide on the side." College teaching 41.1|pages=30-35|accessdate=1993}}</ref> [[महाविद्यालय (कॉलेज)|कॉलेज]] स्तर पर रूप से फ़्लिप कक्षाओं पर उनके अनुसंधान की चर्चा है, जो (२०००), 'एक समावेशी सीखने के माहौल बनाने के लिए एक प्रवेश द्वार कक्षा इनवरटिंग "लगे, प्लैट और ट्रेग्लीया हकदार एक पत्र प्रकाशित किया। दो कॉलेज अर्थशास्त्र पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर अपने अनुसंधान में लगे, प्लैट, और ट्रेग्लीया एक (जैसे कंप्यूटर या वीसीआर के रूप में मीडिया को कक्षा से बाहर व्याख्यान के माध्यम से जानकारी प्रस्तुति चलती कक्षा का उलटा से उपलब्ध हो जाता है कि कक्षा समय का लाभ उठाने कर सकते हैं कि जोर ) शैली सीखने की एक विस्तृत विविधता के साथ छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए।<ref>{{जर्नल सन्दर्भ|last1=Maureen Lage, Glenn Platt, Michael Treglia|journal=Inverting the Classroom: A gateway to Creating an Inclusive Learning Environment, Journal of Economic Education|date=2000| language = en}}</ref> विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय के व्याख्याता के वीडियो और समन्वित स्लाइड स्ट्रीमिंग के साथ बड़े व्याख्यान आधारित कंप्यूटर विज्ञान पाठ्यक्रम में व्याख्यान को बदलने के लिए तैनात किए गए सॉफ्टवेयर।<ref>{{जर्नल सन्दर्भ|last1=Foertsch, Julie, et al|journal=Reversing the Lecture/Homework Paradigm Using eTEACH® Web‐based Streaming Video Software." Journal of Engineering Education|date=2002|pages=267-274| language = en}}</ref> शायद रूप से फ़्लिप कक्षा के लिए सबसे पहचानने योगदानकर्ता सलमान खान है। २००४ में, खान ने कहा कि वह दर्ज की गई सबक उसे वह महारत हासिल थी क्षेत्रों को छोड़ और उसे परेशान कर रहे थे कि कुछ हिस्सों को फिर से खेलना होता है कि चलो महसूस किया, क्योंकि वह ट्यूशन था एक छोटे भाई के अनुरोध पर वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू किया। सलमान खान खान अकादमी की स्थापना इस मॉडल पर आधारित है।<ref>{{समाचार सन्दर्भ|last1=Clive Thompson|title=How Khan Academy is Changing the Rules of Education|accessdate=15 Jul 2011| language = en|agency=Clive Thompson magazine}}</ref> <ref>{{समाचार सन्दर्भ|last1=Sarah D. Sparks|title=Lectures Are Homework in Schools Following Khan Academy Lead|accessdate=28 Sep 2011| language = en|agency=edweek}}</ref> कुछ के लिए, खान अकादमी से फ़्लिप कक्षा का पर्याय बन गया है, हालांकि, इन वीडियो से फ़्लिप कक्षा की रणनीति का ही एक रूप है।<ref>{{समाचार सन्दर्भ|last1=Sams, Aaron.|title=The Daily Riff - BE SMARTER. ABOUT EDUCATION." The Flipped Class: Shedding Light on the Confusion, Critique, and Hype.|url=http://www.thedailyriff.com/articles/the-flipped-class-shedding-light-on-the-confusion-critique-and-hype-801.php|language=en|agency=The Daily Riff,|access-date=24 सितंबर 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150921093533/http://www.thedailyriff.com/articles/the-flipped-class-shedding-light-on-the-confusion-critique-and-hype-801.php|archive-date=21 सितंबर 2015|url-status=dead}}</ref> बढ़ाया सीखने के लिए विस्कॉन्सिन कोलॅबोरेटरी फ़्लिप किया और मिश्रित सीखने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए दो केन्द्रों का निर्माण किया है। कार्यक्रम में शामिल लोगों के लिए कक्षा संरचना घरों प्रौद्योगिकी और सहयोग के अनुकूल सीखने रिक्त स्थान, और जोर इस तरह से फ़्लिप कक्षा के रूप में गैर-पारंपरिक शिक्षण रणनीतियों के माध्यम से व्यक्तिगत सीखने पर रखा गया है। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:शिक्षा की पद्धतियां]] 3obigersvdh8jy9j3o26hd2yi0ncpkb एबरडीन में शिक्षा 0 704292 6582876 4977225 2026-07-15T10:30:09Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582876 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Elphinstone Hall2.jpg|thumb|right|300px|एबरडीन विश्वविद्यालय, एल्फिसटन हॉल]] '''एबरडीन''', किसी भी अन्य बड़े [[शहर|नगर]] के समान, '''शिक्षा के मामले में''' महत्वपूर्ण स्थानीय केंद्र है। यहाँ दो [[विश्वविद्यालय]], दो कला व वास्तुकला विद्यालय एवं अन्य कई महाविद्यालय एवं अनेक अन्य प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय हैं। == विश्वविद्यालय और महाविद्यालय == एबरडीन में दो विश्वविद्यालय हैं, [[एबरडीन विश्वविद्यालय]] और [[रॉबर्ट गॉर्डन विश्वविद्यालय]]| एबरडीन की विद्यार्थी दर 11.5% है, जो 7% की औसत राष्ट्रीय दर से अधिक है।<ref>{{Cite web|url=http://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Education&mainLevel=CouncilArea&mainArea=Aberdeen+City&mainText=&mainTextExplicitMatch=null&compLevel=CountryProfile&compArea=Scotland&compText=&compTextExplicitMatch=null|title=Comparative Education Profile: Aberdeen City Council Area, Scotland|accessdate=2007-02-21|archive-url=https://web.archive.org/web/20070927213314/https://www.scrol.gov.uk/scrol/browser/profile.jsp?profile=Education&mainLevel=CouncilArea&mainArea=Aberdeen+City&mainText=&mainTextExplicitMatch=null&compLevel=CountryProfile&compArea=Scotland&compText=&compTextExplicitMatch=null|archive-date=27 सितंबर 2007|url-status=dead}}</ref> [[एबरडीन विश्वविद्यालय]] की शुरुआत [[किंगस् कॉलेज, एबरडीन]] के नाम से हुई थी, जिसकी स्थापना 1495 में [[एबरडीन]] के बिशप और स्कॉटलैंड के चांसलर विलियम एल्फिंस्टन (1431-1514) द्वारा की गयी थी। एक अलग संस्थान मेरीस्चल कॉलेज की स्थापना "न्यू" एबरडीन में [[स्कॉट्लैण्ड|स्कॉटलैंड]] के पंचम अर्ल मेरीस्चल जॉर्ज कीथ द्वारा 1593 में की गयी थी। इन संस्थाओं को 1860 में वर्तमान एबरडीन विश्वविद्यालय के रूप में एक किया गया। यह अंग्रेजी बोलने वाली दुनिया में पांचवां सबसे पुराना विश्वविद्यालय है।<ref name="university">{{Cite book|first=Jennifer|last=Carter|title=Crown and Gown: Illustrated History of the University of Aberdeen, 1495-1995|url=https://archive.org/details/crowngown14951990000cart|year=1994|location=Aberdeen|publisher=Aberdeen University Press}}</ref> [[रॉबर्ट गॉर्डन कॉलेज]] (मूलतः रॉबर्ट गॉर्डन अस्पताल) की स्थापना 1729 में मानचित्र निर्माता स्ट्रालोच के रॉबर्ट गॉर्डन के व्यापारी पोते रॉबर्ट गॉर्डन द्वारा की गयी थी, जिसे बाद में कोलीहिल के अलेक्जेंडर सिम्पसन द्वारा 1816 में और भी धन प्रदान किया गया। मूल रूप से शहर के समाज और व्यापार के गरीब नागरिकों के बच्चों के शिक्षण व पोषण के लिए यह समर्पित था, बाद में 1881 में माध्यमिक और तकनीकी शिक्षा के लिए दिन-रात के [[विद्यालय]] के रूप में इसे पुनर्गठित किया गया। 1903 में, कॉलेज के व्यावसायिक शिक्षा घटक को केंद्रीय संस्थान नामित किया गया और 1965 में इसका नाम बदलकर रॉबर्ट गॉर्डन प्रौद्योगिकी संस्थान कर दिया गया। 1992 में इसे [[विश्वविद्यालय]] का दर्जा प्राप्त हुआ और यह रॉबर्ट गॉर्डन विश्वविद्यालय बन गया। ==कला व वास्तुकला विद्यालय== एबरडीन में दो कला विद्यालय भी हैं: एक है [[ग्रेऽज़ स्कूल ऑफ़ आर्ट्स]], जिसकी स्थापना 1886 में हुई, जो कि ब्रिटेन में स्थापित सबसे पुराने कला विद्यालयों में से एक है और जिसे अब रॉबर्ट गॉर्डन विश्वविद्यालय में शामिल कर लिया गया है; दूसरा है द [[स्कॉट सुथरलैंड स्कूल ऑफ़ आर्किटेक्चर एंड द बिल्ट एनवायरमेंट]], जो ग्रे स्कूल ऑफ़ आर्ट के पास रॉबर्ट गॉर्डन विश्वविद्यालय के गार्थडी परिसर में स्थित है। ==महाविद्यालय== [[File:RGC By Night.jpg|left|thumb|राॅबर्ट गाॅर्डन काॅलेज]] [[चित्र:Oldkingsaberdeen.jpg|thumb|left|किंग्स कॉलेज, पुराने एबरडीन]] [[एबरडीन]] [[महाविद्यालय (कॉलेज)|कॉलेज]] के शहर में अनेक परिसर हैं और जहां विभिन्न प्रकार के अनेक विज्ञान विषयों की अंशकालिक और पूर्णकालिक पढाई होती है। यह आगे की पढाई के लिए स्कॉटलैंड का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान है।<ref>[http://www.abdn.ac.uk/mediareleases/release.php?id=62 एबरडीन विश्वविद्यालय के द्वारा श्रेष्ठ स्कॉटिश आंकड़े सम्मानित हुए] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161220164502/https://www.abdn.ac.uk/mediareleases/release.php?id=62 |date=20 दिसंबर 2016 }}, एबरडीन विश्वविद्यालय मीडिया रिलीज, 19 नवम्बर 2004</ref> [[स्कॉटिश कृषि कॉलेज]], [[एबरडीन]] के बाहर क्रैबस्टोन एस्टेट पर स्थित है। यह A96 पर एबरडीन हवाई अड्डे के यातायात परिपथ के पास स्थित है। कॉलेज तीन सेवाएं प्रदान करता है - अध्ययन, शोध और परामर्श कार्य. कॉलेज में अनेक भूमि संबंधी पाठ्यक्रम हैं, जैसे कि [[कृषि]], [[ग्रामीण प्रबंधन]], [[सतत पर्यावरण प्रबंधन]] और ग्रामीण व्यवसाय प्रबंधन. यहां डिप्लोमा से लेकर स्नातकोत्तर तक के अनेक प्रकार के पाठ्यक्रम हैं। == विद्यालय == फिलहाल यहां 12 [[माध्यमिक विद्यालय]] और 54 [[प्राथमिक विद्यालय]] हैं, जिन्हें नगर परिषद द्वारा चलाया जाता है। इनमें सबसे उल्लेखनीय हैं एबरडीन ग्रामर स्कूल (1257 में स्थापित), हारलौ एकाडेमी, कल्ट्स एकाडेमी और ओल्डमाचर एकाडेमी ये सभी 2005 में ''द टाइम्स'' द्वारा प्रकाशित 50 शीर्ष स्कॉटिश माध्यमिक विद्यालयों की सूची में शामिल थे। कुछ दिनों बाद हारलौ एकाडेमी को सूची से हटा दिया गया, फिर भी यह एक लोकप्रिय स्कूल बना हुआ है।<ref>{{cite news | url = http://extras.timesonline.co.uk/pdfs/top50statescotland.pdf | title = Times newspaper Scottish state schools league table | accessdate = 2007-01-24 | year = 2005 | format = PDF | location = London | work = The Times | archive-url = https://web.archive.org/web/20110716162958/http://extras.timesonline.co.uk/pdfs/top50statescotland.pdf | archive-date = 16 जुलाई 2011 | url-status = dead }}</ref> एबरडीन में अनेक निजी विद्यालय हैं: रॉबर्ट गॉर्डन कॉलेज, अल्बिन स्कूल फॉर गर्ल्स (2005 से सह-शिक्षा), सेंट मार्गरेट स्कूल फॉर गर्ल्स, हैमिल्टन स्कूल (मोंटेसरी स्कूल), टोटल फ्रेंच स्कूल (फ्रांसीसी तेल उद्योग परिवार के लिए), इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एबरडीन और वालद्रोफ़/स्टेनर स्कूल। एबरडीन में प्राथमिक विद्यालयों में शामिल हैं: ऐयरीहॉल प्राइमरी स्कूल, अल्बिन स्कूल, ऐशले रोड प्राइमरी स्कूल, कोर्न हिल प्राइमरी स्कूल (शहर में सबसे बड़ा), कल्टर प्राइमरी स्कूल, डेनस्टोन प्राइमरी स्कूल, फेरीहिल प्राइमरी स्कूल, गिलोम्सटाउन प्राइमरी स्कूल, ग्लेशीबर्न प्राइमरी स्कूल, हैमिल्टन स्कूल, किंगफोर्ड प्राइमरी स्कूल, माइल-एंड स्कूल, रॉबर्ट गॉर्डन कॉलेज, स्केन स्क्वायर प्राइमरी स्कूल, सेंट जोसफ प्राइमरी स्कूल और सेंट मार्गरेट स्कूल फॉर गर्ल्स। ==इन्हें भी देखें== *[[एबरडीन में परिवहन]] *[[एबरडीन की अर्थव्यवस्था]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:एबरडीन]] [[श्रेणी:एबरडीन में शिक्षा]] qdbm6q3vmdfpt4m80ar3pemfmzrh1y7 ऑपरेशन जिब्राल्टर 0 791380 6582836 6467489 2026-07-15T08:59:23Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582836 wikitext text/x-wiki {{ख़राब अनुवाद|अंग्रेज़ी|date=अगस्त 2025}} {{ज्ञानसन्दूक सैन्य संघर्ष|conflict=Operation Gibraltar|partof=[[Indo-Pakistani War of 1965]]|date=August 1965|place=[[Jammu and Kashmir]]|result=Operational failure of Pakistan<ref name=Victoria>{{cite book |last = Schofield |first = Victoria |title = Kashmir in conflict: India, Pakistan and the unending war |publisher = I.T. Tauris & Co Ltd, 2003 |isbn = 1-86064-898-3 |page = [https://archive.org/details/00book584554548/page/109 109] |url = https://archive.org/details/00book584554548/page/109 }}</ref><ref name=Rafiq>{{cite book |last = Dossani |first = Rafiq |title = Prospects for peace in South Asia |year = 2005 |url = https://archive.org/details/prospectsforpeac0000unse |publisher = Stanford University Press, 2005 |isbn = 0-8047-5085-8}}</ref><ref name=Robert>{{cite book |last = Wirsing |first = Robert |title = India, Pakistan, and the Kashmir dispute: on regional conflict and its resolution |year = 1994 |url = https://archive.org/details/indiapakistankas00wirs |publisher = St. Martins Press, 1998 |isbn = 0-312-17562-0}}</ref><br>Start of the [[Indo-Pakistani War of 1965]]|combatant1=<div style="text-align: center;">[[File:Flag of India.svg|65px|border]]<br> [[India]]|combatant2=<div style="text-align: center;">[[File:Flag of Pakistan.svg|65px|border]]<br> [[Pakistan]]|commander1=[[File:Flag of Indian Army.svg|20px]] Gen [[Joyanto Nath Chaudhuri|J.N Chaudhurie]]<br>[[File:Flag of Indian Army.svg|20px]] Brig. [[Zorawar Chand Bakhshi|Z.C.Bakhshi]]<ref name="kvkr" />|commander2=[[File:Flag of the Pakistani Army.svg|20px]][[Akhtar Hussain Malik|Maj Gen Akhtar Hussain Malik]]<ref name="kvkr" /><ref name=Mustasad>{{cite book|last=Ahmad|first=Mustasad|title=Living up to heritage: history of the Rajput Regiment 1947-1970|year=1997|publisher=Lancer Publishers,|pages=245|url=https://books.google.com/books?id=QmbePs-M2TgC&lpg=PA244&dq=Operation%20Gibraltar%20Casualties&pg=PA245#v=onepage&q&f=false}}</ref><ref name=Sukhwant>{{cite book|last=Singh|first=Sukhwant|title=India's Wars Since Independence|pages=416|url=https://books.google.com/books?id=j1VawuyUS-cC&lpg=PA216&dq=Operation%20Gibraltar%20Casualties&pg=PA416#v=onepage&q&f=false}}</ref>|strength1=100,000 – 200,000|strength2=5,000 – 40,000|casualties1=Unknown|casualties2=Unknown}} '''ऑपरेशन जिब्राल्टर''' , पाकिस्तान की जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने की रणनीति का कोडनाम था जो भारतीय शासन के खिलाफ विद्रोह शुरू करने के लिए किया गया था। सफल होने पर, पाकिस्तान को कश्मीर पर नियंत्रण हासिल करने की उम्मीद थी, लेकिन यह अभियान एक बड़ी विफलता साबित हुई। पाकिस्तान ने ,विशेष रूप से स्पेन के अरब आक्रमण के समानांतर ध्यान आकर्षित करने के लिए ,इस नाम को चुना जिसे जिब्राल्टर के बंदरगाह से लॉन्च किया गया था। [7] अगस्त 1965 में, पाकिस्तानी सेना के आज़ाद कश्मीर नियमित सेना के सैनिकों, [8] [9]जो स्थानीय लोगों के रूप में घुल मिल गए थे, कश्मीरी मुसलमानों के बीच एक उग्रवाद को उकसाने के लक्ष्य से पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश किया था। हालांकि, समन्वय के अभाव की वजह से शुरूआत से ही रणनीति बहुत ही खराब हो गई थी, और घुसपैठियों को जल्द ही खोजा गया था। इस अभियान ने 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध की शुरुआत की, जो भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद से दोनों पड़ोसियों के बीच पहली बड़ी लड़ाई थी। ==पृष्ठभूमि == 1 9 47 में उप महाद्वीप के विभाजन के समय, सर सिरिल रैडक्लिफ को ब्रिटिश वासीराय लॉर्ड माउंटबेटन की देखरेख में गठित सीमा आयोग का प्रभार दिया गया था। आयोग ने मुस्लिम बहुसंख्यक क्षेत्रों को पाकिस्तान के गठन के क्षेत्र में शामिल करने का फैसला किया था, जबकि गैर-मुस्लिम क्षेत्रों को भारत में शामिल किया जाना था। जम्मू-कश्मीर, गुरदासपुर, फिरोजपुर जैसे कई प्रदेशों में मुस्लिम बहुमत था, लेकिन उन्हें भारत में शामिल किया गया क्योंकि वे रियासत थे और स्थानीय राजाओं को पाकिस्तान या भारत में शामिल होने का मौका दिया गया था। इससे कश्मीर में एक मजबूत विद्रोह हुआ, जिसमें 86% मुसलमान थे। यह कश्मीर पर भारत-पाक युद्धों का आधार था। पहला कश्मीर युद्ध के बाद, भारत ने कश्मीर के दो-तिहाई से अधिक अपना कब्ज़ा बनाए रखा, पाकिस्तान ने शेष कश्मीर क्षेत्रों को जीतने का अवसर मांगा। भारत के चीन के साथ युद्ध के बाद 1 9 62 में चीन-भारतीय युद्ध के बाद उद्घाटन हुआ और परिणामस्वरूप भारतीय सैन्य कर्मियों और उपकरणों दोनों में बड़े पैमाने पर बदलाव हुए। इस अवधि के दौरान, भारतीय सेना से संख्यात्मक रूप से छोटा होने के बावजूद, पाकिस्तान की सशस्त्र बलों के पास भारत में वायु-शक्ति और कवच में एक गुणात्मक बढ़त थी, [10] जिसने भारत को अपनी रक्षा व्यवस्था का निर्माण पूरा करने से पहले उपयोग करने की मांग की थी। 1 9 65 की गर्मियों में कच्छ प्रकरण के रैन, जहां भारतीय और पाकिस्तानी सेना मज़बूत हुए, पाकिस्तान के लिए कुछ सकारात्मक परिणाम हुए। इसके अलावा, दिसंबर 1 9 63 में, श्रीनगर में हजरतबल मंदिर से एक पवित्र अवशेष [11] के गायब होने से घाटी में मुसलमानों के बीच उथल-पुथल और गहन इस्लामिक भावना पैदा हुई थी, जिसे पाकिस्तान द्वारा विद्रोह के आदर्श के रूप में देखा गया था। [12] इन कारकों ने पाकिस्तानी कमान की सोच को बल मिला: कि सभी युद्धों के खतरे से पीछा गुप्त तरीके का इस्तेमाल कश्मीर में एक प्रस्ताव को मजबूर करेगा। [13] [14] [15] यह मानते हुए कि एक कमजोर भारतीय सेना का जवाब नहीं होगा, पाकिस्तान ने "मुजाहिदीन" और जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान सेना नियमित भेजने का फैसला किया। ऑपरेशन के लिए मूल योजना, जिब्राल्टर को कोडित, 1 9 50 के दशक की शुरुआत में तैयार की गई थी; हालांकि इस योजना को आगे बढ़ाए जाने के लिए इस स्थिति को आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त लग रहा था। तत्कालीन विदेश मंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो और अन्यों के समर्थन में, यह उद्देश्य "घुसपैठ का हमला" था, जो लगभग 40,000 लोगों की एक विशेष प्रशिक्षित अनियमित बल थी, जो बेहद प्रेरित और अच्छी तरह से सशस्त्र था। यह तर्क था कि संघर्ष केवल कश्मीर तक ही सीमित हो सकता है। सेवानिवृत्त पाकिस्तानी जनरल अख्तर हुसैन मलिक के शब्दों में, लक्ष्य "कश्मीर की समस्या को कमजोर करने, भारतीय संकल्प को कमजोर करने और सामान्य युद्ध को उकसाने के बिना भारत को सम्मेलन तालिका में लाने के लिए" थे। [16] परिणामस्वरूप, आधार और खुफिया जानकारी योजना का निष्पादन "ऑपरेशन नुसरत" लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य मुकाबला करने के लिए प्रवेश बिंदु के रूप में सेवा करने के लिए, और भारतीय सेना के जवाब को मापने के लिए, और सीआरएल में अंतराल का पता लगाने का उद्देश्य था स्थानीय आबादी। [17] == निष्पादन की योजना == {| border="1" cellpadding="2" cellspacing="0" class="infobox" style="margin-bottom: 10px;" | '''नाम के बल''' | '''ऑपरेशन के क्षेत्र''' |- | Salahudin | [[श्रीनगर जिला|श्रीनगर घाटी]] |- | Ghaznavi | Mendhar-Rajauri |- | तारिक | [[कारगिल]] – [[द्रास]] |- | [[बाबर]] | नॉवशेरा-Sundarbani |- | कासिम | बांदीपोरा-Sonarwain |- | खालिद | Qazinag-Naugam |- | नुसरत | Tithwal-Tangdhar |- | [[सिकंदर महान|Sikandar]] | Gurais |- | खिलजी | Kel-Minimarg |} पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के शुरुआती रिजर्वेशन के बावजूद, ऑपरेशन गति में था। अगस्त 1 9 65 के पहले हफ्ते में, (कुछ सूत्रों ने इसे 24 जुलाई को रखा) [18] पाकिस्तानी सैनिक जो आजाद कश्मीर रेजिमेंटल फोर्स (अब आज़ाद कश्मीर रेजिमेंट) के सदस्य थे, भारतीय-और पाकिस्तानी कब्जे वाले फायर लाइन को समाप्त करने लगे। कश्मीर पीर पंजाल रेंज में गुलमर्ग, उड़ी और बारामुल्ला में कई स्तंभों को कश्मीर घाटी के चारों ओर महत्वपूर्ण ऊंचाइयों पर कब्जा करना था और एक सामान्य विद्रोह को प्रोत्साहित करना था, जिसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा सीधे मुकाबला किया जाएगा। 30,000 [4] [1 9] के भारतीय स्रोतों के मुताबिक - 40,000 पुरुष लाइन पार कर चुके थे, जबकि पाकिस्तानी सूत्रों ने 5,000-7,000 में इसे ही रखा था। [20] "जिब्राल्टर फोर्स" [4] के रूप में जाना जाने वाले ये सैनिकों का आयोजन किया गया था और [[मेजर जनरल]] अख्तर हुसैन मलिक, जीओसी 12 डिविजन [5] [6] द्वारा सेना का विभाजन 10 बलों (5 कंपनियों प्रत्येक) में किया गया था। [4] 10 बलों को विभिन्न कोड नाम दिए गए थे, जो कि ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण मुस्लिम शासकों के बाद थे। [1 9] ऑपरेशन का नाम, जिब्राल्टर, खुद को इस्लामिक अर्थों के लिए चुना गया था। [21] 8 वीं शताब्दी के उमाय्याद ने हिस्पैनिया की विजय जीब्राल्टर से शुरू की, एक ऐसी परिस्थिति जिसकी वजह से पाकिस्तान ने भारतीय कश्मीर के लिए परिकल्पना की थी, अर्थात ऑपरेशन जिब्राल्टर से कश्मीर का विजय। चुना गया क्षेत्र मुख्य रूप से वास्तविक फायर लाइन और साथ ही जनसंख्या वाले कश्मीर घाटी में भी थे। योजना बहु आयामी थी। घुसपैठियों स्थानीय आबादी के साथ मिलना होगा और विद्रोह के लिए उन्हें उत्तेजित कश्मीर में "सशस्त्र विद्रोह" की स्थिति बनाने के लिए, इस बीच, गुरिल्ला युद्ध शुरू होगा, पुलों, सुरंगों और राजमार्गों को नष्ट कर, दुश्मन संचार, उपस्कर प्रतिष्ठानों और मुख्यालयों के साथ-साथ हवाई क्षेत्र पर हमला करने [22] को उत्पीड़ित किया जाएगा - भारतीय शासन के खिलाफ राष्ट्रीय विद्रोह यह माना जाता था कि भारत न तो हमला करेगा [23] और न ही किसी अन्य पूर्ण पैमाने पर युद्ध में शामिल होगा, और कश्मीर की मुक्ति का तेजी से पालन करेगा 9 घुसपैठ बलों में से, कमांडर मेजर मलिक मुनवर खान अली ने महंधर-राजौरी इलाके में अपने उद्देश्य को हासिल करने में कामयाब रहे। == असफलता के कारणों == [[चित्र:1965_Infiltrators.jpg|दाएँ|अंगूठाकार|एक अवर्गीकृत अमेरिकी विदेश विभाग [[टेलीग्राफ|टेलीग्राम]] की पुष्टि करता है कि के अस्तित्व के सैकड़ों घुसपैठियों के भारतीय राज्य में जम्मू और कश्मीर.]] हालांकि गुप्त घुसपैठ पूरी विफलता थी, जिसकी अंततः 1 9 65 में भारत-पाकिस्तान युद्ध का नेतृत्व किया गया था, सैन्य विश्लेषकों ने इस पर मतभेद किया है कि क्या योजना स्वयं दोषपूर्ण थी या नहीं। कुछ लोगों ने यह माना है कि योजना अच्छी तरह से कल्पना की गई थी, लेकिन खराब निष्पादन [उद्धरण वांछित] के चलते, लेकिन लगभग सभी पाकिस्तानी और तटस्थ विश्लेषकों ने यह रख दिया है कि पूरे अभियान "एक बेईमान प्रयास" [28] और पतन के लिए बर्बाद हो गया। पाकिस्तानी सेना की असफलताओं का अनुमान है कि पाकिस्तानी अग्रिमों द्वारा प्रदान किए गए अवसरों से आम तौर पर असंतुष्ट [[कश्मीरी लोग]] अपने भारतीय शासकों के खिलाफ विद्रोह करेंगे और कश्मीर के एक तेज और निर्णायक आत्मसमर्पण के बारे में लाएंगे। कश्मीरी लोगों ने हालांकि, विद्रोह नहीं किया। इसके बजाय, भारतीय सेना को ऑपरेशन जिब्राल्टर और इस तथ्य के बारे में जानने के लिए पर्याप्त जानकारी दी गई थी कि सेना में विद्रोहियों की लड़ाई नहीं थी, जैसा कि शुरू में था, लेकिन पाकिस्तानी सेना नियमित थे। [2 9] पाकिस्तान वायु सेना के तत्कालीन चीफ [[एयर मार्शल]] नूर खान के मुताबिक आसन्न अभियान पर सैन्य सेवाओं में थोड़ा समन्वय था। [30] पाकिस्तानी लेखक परवेज इकबाल चीमा का कहना है कि पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ मुहम्मद मुसा को कथित तौर पर इतना विश्वास था कि यह योजना सफल होगी और संघर्ष कश्मीर में स्थानीय होगा क्योंकि उन्होंने वायु सेना को सूचित नहीं किया, क्योंकि उनका मानना ​​था कि ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होगी किसी भी बड़े वायु क्रिया। [18] कई वरिष्ठ पाकिस्तानी सैनिक अधिकारी और राजनीतिक नेता आसन्न संकट से अनजान थे, इस तरह न केवल भारत ही आश्चर्य की बात है, बल्कि पाकिस्तान भी। [31] कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस योजना के खिलाफ थे, क्योंकि विफलता के कारण भारत के साथ एक सर्व-युद्ध के लिए नेतृत्व हो सकता है, जो कि कई लोगों से बचने की इच्छा थी == इन्हें भी देखें == * [[भारत पाकिस्तान युद्ध|भारत-पाकिस्तान युद्धों]] * [[कारगिल युद्ध]] == नोट == {{reflist|2}} == सन्दर्भ == * [https://web.archive.org/web/20120204034815/http://in.rediff.com/news/2005/sep/08war1.htm ब्रिगेडियर शौकत कादिर की पीएएफ पर ''ऑपरेशन जिब्राल्टर: लड़ाई था कि कभी नहीं''] की मेजबानी पर [[रीडिफ.कॉम|Rediff.com]] * [https://web.archive.org/web/20120805182043/http://www.defencejournal.com/2000/sept/grand-slam.htm ग्रैंड स्लैम — एक लड़ाई के अवसरों को खो दिया] मेजर (सेवानिवृत्त.) आगा हुमायूं अमीन, रक्षा जर्नल (पाकिस्तान), सितंबर 2000 * {{Cite book|last=Hassan Abbas|author=Hassan Abbas|year=2004|title=Pakistan's Drift Into Extremism: Allah, The Army, And America's War On Terror|publisher=M.E. Sharpe|isbn=0-7656-1497-9|ISBN=0-7656-1497-9|url-access=registration|url=https://archive.org/details/pakistansdriftin00hass}} * {{Cite book|last=Muhammad Musa|author=Muhammad Musa|year=1983|title=My Version: India-Pakistan War 1965|publisher=Wajidalis}} * [https://web.archive.org/web/20170613142514/http://www.criterion-quarterly.com/operation-gibraltar%E2%80%94an-unmitigated-disaster/ ऑपरेशन जिब्राल्टर — एक Unmigitated आपदा?] {{भारत-पाक सम्बन्ध}} g12ve6af081ax9bqwt7c8l8m5vkpf0a आर्म की संरचना 0 813538 6582599 5954615 2026-07-14T15:07:30Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582599 wikitext text/x-wiki [[चित्र:ARM-HP-PRINTER.JPG|right|thumb|300px|एच-पी प्रिन्टर के एक बोर्ड पर लगा हुआ ARM]] '''आर्म''' (ARM ; उच्चारण : आम् ) एक RISC आर्किटेक्चर वाला कम्प्यूटर प्रोसेसर है। मूलतः ARM, 'एकॉर्न रिस्क मशीन' (Acorn RISC Machine) का लघुरूप था जो बाद में 'ऐड्वान्स्ड रिस्क मशीन' (Advanced RISC Machine) के लघुरूप के रूप में प्रयोग होने लगा। ब्रिटेन की ARM Holdings नामक कम्पनी इसका आर्किटेक्चर विकसित करती है और अन्य कम्पनियों को लाइसेन्स देती है ताकि वे इसका उपयोग करके अपने उत्पाद निर्मित कर सकें। इसका उपयोग करके सिस्टम्स-ऑन-चिप (SoC) तथा सिस्टम्स-ऑण-ंऑड्युल (SoM) सहित अनेकों उत्पाद बनाये जाते हैं। ==विशेषताएँ== आर्म के कोर अनेकों उत्पादों में उपयोग किये जा रहे हैं, विशेष रूप से PDAs तथा स्मार्ट फोनों में। कुछ उदाहरण ये हैं- माइक्रोसॉफ्ट के सरफेस और सरफेस२, ऐपल के iPads,और iPod , कैनन के डिजितल कैमरे आदि। ARM के चिप्स का उपयोग [[रास्पबेरी पाई|रैस्पबेरी पाई]] में, बीगलबोर्ड में, बीगलबोन में, पाण्डाबोर्ड में, तथा कई अन्य एकल-बोर्ड कम्प्यूतरों में हो रहा है क्योंकि वे बहुत छोटे, सस्ते हैं एवं बहुत कम विद्युत खर्च करते हैं। ==आर्म के कोर== {| class="wikitable sortable" |- ! rowspan=2 | आर्किटेक्चर ! rowspan=2 | कोर की<br>बिट-संख्या ! colspan=2 | प्रमुख कोर ! rowspan=2 | प्रोफाइल ! rowspan=2 | संदर्भ |- ! ARM होल्डिंग्स ! Third-party |- | <div style="text-align: center;"> ARMv1 </div> || <div style="text-align: center;"> [[32-bit|32]]<ref group= "a" name= "26bitaddr">Although most [[datapath]]s and [[CPU register]]s in the early ARM processors were 32-bit, [[26-bit#Early ARM processors|addressable memory was limited to 26 bits]]; with upper bits, then, used for status flags in the program counter register.</ref> </div> || [[ARM1]] || || <div style="text-align: center;">Classic</div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv2 </div> || <div style="text-align: center;"> 32<ref group="a" name= "26bitaddr"/> </div> || [[ARM2]], ARM250, [[ARM3]] || [[Amber (processor core)|Amber]], STORM Open Soft Core<ref>{{cite web |url= http://opencores.org/websvn,filedetails?repname=storm_core&path=%2Fstorm_core%2Ftrunk%2Fdoc%2FSTORM+CORE+datasheet.pdf |title= STORM CORE Processor System |first= Stephan |last= Nolting |publisher= [[OpenCores]] |accessdate= 1 April 2014 |archive-url= https://web.archive.org/web/20130922212330/http://opencores.org/websvn,filedetails?repname=storm_core&path=%2Fstorm_core%2Ftrunk%2Fdoc%2FSTORM+CORE+datasheet.pdf |archive-date= 22 सितंबर 2013 |url-status= live }}</ref> || <div style="text-align: center;">Classic</div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv3 </div> || <div style="text-align: center;"> 32<ref group="a" name= "26bitcomp"/> </div> || [[ARM6]], [[ARM7]] || || <div style="text-align: center;">Classic</div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv4 </div> || <div style="text-align: center;"> 32<ref group="a" name= "26bitcomp">ARMv3 included a compatibility mode to support the [[26-bit#Early ARM processors|26-bit addresses]] of earlier versions of the architecture. This compatibility mode ''optional'' in ARMv4, and removed entirely in ARMv5.</ref></div> || [[List of ARM microprocessor cores|ARM8]]|| [[StrongARM]], FA526, ZAP Open Source Processor Core<ref>{{Cite web|url=https://www.github.com/krevanth/ZAP|title=krevanth/ZAP|website=GitHub|access-date=2016-10-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20190101024156/https://github.com/krevanth/ZAP|archive-date=1 जनवरी 2019|url-status=dead}}</ref> || <div style="text-align: center;">Classic</div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv4T </div> || <div style="text-align: center;"> 32<ref group="a" name= "26bitcomp"/> </div> || [[ARM7TDMI]], [[ARM9TDMI]], [[ARM SecurCore|SecurCore]] SC100 || || <div style="text-align: center;">Classic</div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv5TE </div> || <div style="text-align: center;"> 32 </div> || [[ARM7EJ]], [[ARM9E]], [[ARM10E]] || [[XScale]], FA626TE, Feroceon, PJ1/Mohawk || <div style="text-align: center;">Classic</div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv6 </div> || <div style="text-align: center;"> 32 </div> || [[ARM11]] || || <div style="text-align: center;">Classic</div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv6-M </div> || <div style="text-align: center;"> 32 </div> || [[ARM Cortex-M0]], {{nobreak|[[ARM Cortex-M0+]],}} {{nobreak|[[ARM Cortex-M1]]}}, [[ARM SecurCore|SecurCore]] SC000 || || <div style="text-align: center;"> [[Microcontroller]] </div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv7-M </div> || <div style="text-align: center;"> 32 </div> || [[ARM Cortex-M3]], [[ARM SecurCore|SecurCore]] SC300 || || <div style="text-align: center;"> Microcontroller </div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv7E-M </div> || <div style="text-align: center;"> 32 </div> || [[ARM Cortex-M4]], {{nobreak|[[ARM Cortex-M7]]}} || || <div style="text-align: center;"> Microcontroller </div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv8-M </div> || <div style="text-align: center;"> 32 </div> || [[ARM Cortex-M23]],<ref>{{cite web|url= https://www.arm.com/products/processors/cortex-m/cortex-m23-processor.php|title= Cortex-M23 Processor|publisher= ARM|accessdate= 27 October 2016|archive-url= https://web.archive.org/web/20161028083714/https://www.arm.com/products/processors/cortex-m/cortex-m23-processor.php|archive-date= 28 अक्तूबर 2016|url-status= dead}}</ref> [[ARM Cortex-M33]]<ref>{{cite web|url=https://www.arm.com/products/processors/cortex-m/cortex-m33-processor.php|title=Cortex-M33 Processor|publisher=ARM|accessdate=27 October 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161027051340/http://www.arm.com/products/processors/cortex-m/cortex-m33-processor.php|archive-date=27 अक्तूबर 2016|url-status=dead}}</ref> || || <div style="text-align: center;"> Microcontroller </div> || <div style="text-align: center;"><ref>{{cite web |url= http://www.arm.com/about/newsroom/armv8-m-architecture-simplifies-security-for-smart-embedded-devices.php |title= ARMv8-M Architecture Simplifies Security for Smart Embedded |publisher= ARM |accessdate= November 10, 2015 |archive-url= https://web.archive.org/web/20171201035951/https://www.arm.com/about/newsroom/armv8-m-architecture-simplifies-security-for-smart-embedded-devices.php |archive-date= 1 दिसंबर 2017 |url-status= dead }}</ref></div> |- | <div style="text-align: center;"> ARMv7-R </div> || <div style="text-align: center;"> 32 </div> || [[ARM Cortex-R4]], {{nobreak |[[ARM Cortex-R5]],}} {{nobreak|[[ARM Cortex-R7]],}} {{nobreak|[[ARM Cortex-R8]]}} || || <div style="text-align: center;"> [[Real-time computing|Real-time]] </div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv8-R </div> || <div style="text-align: center;"> 32</div> || [[ARM Cortex-R52]] || || <div style="text-align: center;"> Real-time </div> || <div style="text-align: center;"><ref>{{cite web|url=http://www.arm.com/products/processors/instruction-set-architectures/armv8-r-architecture.php|title=ARMv8-R Architecture|publisher=|accessdate=10 July 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150711133335/http://www.arm.com/products/processors/instruction-set-architectures/armv8-r-architecture.php|archive-date=11 जुलाई 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://arm.com/files/pdf/ARMv8R__Architecture_Oct13.pdf|title=ARM Cortex-R Architecture|publisher=ARM Holdings|date=October 2013|accessdate=1 February 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20131029212241/http://www.arm.com/files/pdf/ARMv8R__Architecture_Oct13.pdf|archive-date=29 अक्तूबर 2013|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|last1=Smith|first1=Ryan|title=ARM Announces Cortex-R52 CPU: Deterministic & Safe, for ADAS & More|url=http://www.anandtech.com/show/10690/arm-announces-the-cortexr52-cpu-deterministic-safe-for-adas-more|accessdate=20 September 2016|publisher=Anandtech.com|date=20 September 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160921185948/http://www.anandtech.com/show/10690/arm-announces-the-cortexr52-cpu-deterministic-safe-for-adas-more|archive-date=21 सितंबर 2016|url-status=dead}}</ref></div> |- | <div style="text-align: center;"> ARMv7-A </div> || <div style="text-align: center;"> 32 </div> || [[ARM Cortex-A5]], {{nobreak|[[ARM Cortex-A7]],}} {{nobreak|[[ARM Cortex-A8]],}} {{nobreak|[[ARM Cortex-A9]],}} {{nobreak |[[ARM Cortex-A12]],}} {{nobreak|[[ARM Cortex-A15]],}} {{nobreak|[[ARM Cortex-A17]]}} || [[क्वालकॉम स्नैपड्रैगन|Qualcomm]] [[Krait (CPU)|Krait]], [[Scorpion (CPU)|Scorpion]], PJ4/Sheeva, Apple [[Apple A6|Swift]] || <div style="text-align: center;"> [[Application software|Application]] </div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv8-A </div> || <div style="text-align: center;"> 32 </div> || {{nobreak |[[ARM Cortex-A32]]}} || || <div style="text-align: center;"> Application </div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv8-A </div> || <div style="text-align: center;"> [[64-bit computing|64]]/32 </div> || {{nobreak|[[ARM Cortex-A35]],<ref>{{cite web|url= http://www.arm.com/products/processors/cortex-a/cortex-a35-processor.php|title= Cortex-A35 Processor|publisher= ARM|accessdate= 10 November 2015|archive-url= https://web.archive.org/web/20160524125142/http://www.arm.com/products/processors/cortex-a/cortex-a35-processor.php|archive-date= 24 मई 2016|url-status= dead}}</ref>}} {{nobreak|[[ARM Cortex-A53]]}}, {{nobreak |[[ARM Cortex-A57]],<ref name="cortex-a50 announce"/>}} {{nobreak|[[ARM Cortex-A72]],<ref>{{cite web|url= http://www.arm.com/products/processors/cortex-a/cortex-a72-processor.php|title= Cortex-A72 Processor|publisher= ARM|accessdate= 10 July 2015|archive-url= https://web.archive.org/web/20150207044624/http://www.arm.com/products/processors/cortex-a/cortex-a72-processor.php|archive-date= 7 फ़रवरी 2015|url-status= dead}}</ref>}} {{nobreak|[[ARM Cortex-A73]]<ref>{{cite web|url= http://www.arm.com/products/processors/cortex-a/cortex-a73-processor.php|title= Cortex-A73 Processor|publisher= ARM|accessdate= 2 June 2016|archive-url= https://web.archive.org/web/20160602125819/http://www.arm.com/products/processors/cortex-a/cortex-a73-processor.php|archive-date= 2 जून 2016|url-status= dead}}</ref>}} || [[Applied Micro Circuits Corporation#History|X-Gene]], [[Project Denver|Nvidia Project Denver]], [[Cavium]] Thunder X<ref>{{cite web | url = https://semiaccurate.com/2014/06/03/cavium-thunder-x-ups-arm-core-count-48-single-chip/ | title = Cavium Thunder X ups the ARM core count to 48 on a single chip | publisher = [[SemiAccurate]] | date = 3 June 2014 | access-date = 18 अप्रैल 2018 | archive-url = https://web.archive.org/web/20180306082622/https://semiaccurate.com/2014/06/03/cavium-thunder-x-ups-arm-core-count-48-single-chip/ | archive-date = 6 मार्च 2018 | url-status = dead }}.</ref><ref>{{cite web|url=https://finance.yahoo.com/news/cavium-supercomputing-2014-120500860.html|title=Cavium at Supercomputing 2014|website=Yahoo Finance|date=17 November 2014|access-date=18 अप्रैल 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20151016102603/http://finance.yahoo.com/news/cavium-supercomputing-2014-120500860.html|archive-date=16 अक्तूबर 2015|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.eweek.com/servers/cray-to-evaluate-arm-chips-in-its-supercomputers.html|title=Cray to Evaluate ARM Chips in Its Supercomputers|website=eWeek|date=17 November 2014}}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>,<br> [[AMD K12]], Apple [[Apple A7|Cyclone]]/[[Apple A8|Typhoon]]/[[Apple A9|Twister]]/[[Apple A10|Hurricane/Zephyr]], <br>[[क्वालकॉम स्नैपड्रैगन|Qualcomm]] [[Kryo (microarchitecture)|Kryo]], Samsung M1 and M2 ("Mongoose")<ref>{{cite web|url=http://www.anandtech.com/show/9781/samsung-announces-exynos-8890-with-cat1213-modem-and-custom-cpu|title=Samsung Announces Exynos 8890 with Cat.12/13 Modem and Custom CPU|work=AnandTech|access-date=18 अप्रैल 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20151127053812/http://anandtech.com/show/9781/samsung-announces-exynos-8890-with-cat1213-modem-and-custom-cpu|archive-date=27 नवंबर 2015|url-status=dead}}</ref> || <div style="text-align: center;"> Application </div> || <div style="text-align: center;"><ref>{{cite web|url=http://www.arm.com/products/processors/instruction-set-architectures/armv8-architecture.php|title=ARMv8-A Architecture|publisher=|accessdate=10 July 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150711110018/http://www.arm.com/products/processors/instruction-set-architectures/armv8-architecture.php|archive-date=11 जुलाई 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.arm.com/files/downloads/ARMv8_Architecture.pdf |title=ARMv8 Architecture Technology Preview (Slides); ARM Holdings. |access-date=18 अप्रैल 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180610181021/https://www.arm.com/files/downloads/ARMv8_Architecture.pdf |archive-date=10 जून 2018 |url-status=dead }}</ref> </div> |- | <div style="text-align: center;"> ARMv8.1-A </div> || <div style="text-align: center;"> 64/32 </div> || {{tba}} || || <div style="text-align: center;"> Application </div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv8.2-A </div> || <div style="text-align: center;"> 64/32 </div> || {{nobreak|[[ARM Cortex-A55]],<ref>{{cite web |url=https://developer.arm.com/products/processors/cortex-a/cortex-a55 |title=Cortex-A55 Processor |publisher=ARM |accessdate=29 May 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170819232745/https://developer.arm.com/products/processors/cortex-a/cortex-a55 |archive-date=19 अगस्त 2017 |url-status=dead }}</ref>}} {{nobreak|[[ARM Cortex-A75]],<ref>{{cite web |url=https://developer.arm.com/products/processors/cortex-a/cortex-a75 |title=Cortex-A75 Processor |publisher=ARM |accessdate=29 May 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170819233509/https://developer.arm.com/products/processors/cortex-a/cortex-a75 |archive-date=19 अगस्त 2017 |url-status=dead }}</ref>}} || <!-- Apple here?--> || <div style="text-align: center;"> Application </div> || <div style="text-align: center;"> <ref>{{cite web|url=https://community.arm.com/processors/b/blog/posts/arm-architecture-armv8-2-a-evolution-and-delivery|title=Arm Architecture – Armv8.2-A evolution and delivery|author=Berenice Mann|website=community.ARM.com|date=April 2017|access-date=18 अप्रैल 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180306022930/https://community.arm.com/processors/b/blog/posts/arm-architecture-armv8-2-a-evolution-and-delivery|archive-date=6 मार्च 2018|url-status=dead}}</ref> </div> |- | <div style="text-align: center;"> ARMv8.3-A </div> || <div style="text-align: center;"> 64/32 </div> || {{tba}}<!--Qualcomm? 10-nm chip announcement fits here or elsewhere?--> || <!-- Apple here?--> || <div style="text-align: center;"> Application </div> || |- | <div style="text-align: center;"> ARMv8.4-A </div> || <div style="text-align: center;"> 64/32 </div> || {{tba}}<!--Qualcomm? 10-nm chip announcement fits here or elsewhere?--> || <!-- Apple here?--> || <div style="text-align: center;"> Application </div> || |} ==बाहरी कड़ियाँ== *[https://web.archive.org/web/20180418230916/http://www.firmcodes.com/difference-arm-microcontrollers/ Difference between ARM and other Microcontrollers] * [https://web.archive.org/web/20180415055208/https://www.arm.com/ '''ARM Ltd.''' का जालघर] * [https://web.archive.org/web/20130424040614/http://www.futurechips.org/understanding-chips/arm-virtualization-extensions-introduction-part-1.html ARM Virtualization Extensions] ;Quick Reference Cards * Instructions: [https://web.archive.org/web/20180219065006/http://infocenter.arm.com/help/topic/com.arm.doc.qrc0006e/QRC0006_UAL16.pdf Thumb], [https://web.archive.org/web/20180417102522/http://infocenter.arm.com/help/topic/com.arm.doc.qrc0001m/QRC0001_UAL.pdf ARM and Thumb-2], [https://web.archive.org/web/20180614112840/http://infocenter.arm.com/help/topic/com.arm.doc.qrc0007e/QRC0007_VFP.pdf Vector Floating Point] * Opcodes: [https://web.archive.org/web/20180314102502/http://re-eject.gbadev.org/files/ThumbRefV2-beta.pdf Thumb], [https://web.archive.org/web/20180918052728/http://www.mechcore.net/files/docs/ThumbRefV2-beta.pdf Thumb], [https://web.archive.org/web/20180407005107/http://re-eject.gbadev.org/files/armref.pdf ARM], [https://web.archive.org/web/20180918053744/http://www.mechcore.net/files/docs/armref.pdf ARM], [https://web.archive.org/web/20180314102500/http://re-eject.gbadev.org/files/GasARMRef.pdf GNU Assembler Directives] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:आर्म संरचना]] mbf1vs6b25pk5k6mthoc4vt7fhpagpe गोपाल मंदिर झाबुआ 0 814312 6582841 6576833 2026-07-15T09:14:14Z ~2026-39864-07 936354 6582841 wikitext text/x-wiki {{Infobox Mandir | name = गोपाल मंदिर झाबुआ | image = Gopal mandir jhabua.jpg | alt = गोपाल मंदिर झाबुआ | caption = गोपाल मंदिर झाबुआ | map_type = India Madhya Pradesh | coordinates = {{coord|22.7628|74.5967|display=inline,title}} | location = गोपाल कालोनी, [[झाबुआ]] | deity = पूज्य रामशंकर जी जानी (बड़े बापजी), पूज्य घनश्याम प्रभु जी जानी (छोटे बापजी), माँ रविकांता बेन (गोपाल प्रभु) | festivals = चार दिवसीय वार्षिकोत्सव, गुरु पूर्णिमा, कृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी, गणेश चतुर्थी | creator = पंडित विश्वनाथ जी त्रिवेदी (मोटा भाई) | architecture = '''स्थापना तिथि:''' ६ मई १९७१ (१० मई १९७० भूमि पूजन) | website = [http://gopalmandirjhabua.blogspot.com/ gopalmandirjhabua.blogspot.com] }} '''गोपाल मंदिर झाबुआ''' [[भारत]] के [[मध्य प्रदेश]] राज्य के [[झाबुआ]] शहर में स्थित एक सुप्रसिद्ध और विशिष्ट [[हिंदू]] मंदिर व आध्यात्मिक केंद्र है। यह मंदिर मुख्य रूप से ऋषिकुल परंपरा के तीन महान आध्यात्मिक गुरुओं—पूज्य रामशंकर जी जानी (बड़े बापजी), पूज्य घनश्याम प्रभु जी जानी (छोटे बापजी) और माँ रविकांता बेन (गोपाल प्रभु) की दिव्य चेतना को समर्पित है। यह मंदिर झाबुआ के 'गोपाल कॉलोनी' क्षेत्र में स्थित है और अपनी अनूठी परंपराओं, जैसे कि मूर्ति के स्थान पर 'चित्र पूजा' और पूर्णतः शांत व ध्यानमयी वातावरण के लिए पूरे देश में विशिष्ट स्थान रखता है।<ref>{{Cite web |title=Gopal Mandir Jhabua: Timings, History, Travel Guide and how to reach |url=https://tfipost.com/2023/03/gopal-mandir-jhabua-timings-history-travel-guide-and-how-to-reach/ |website=TFI Post |access-date=2026-07-01}}</ref> == इतिहास एवं स्थापना == श्री गोपाल मंदिर के निर्माण की वैचारिक पृष्ठभूमि वर्ष १९६८ में तैयार हुई थी। तब भरूच में निवास कर रहीं तीसरी गादीपति माँ गोपाल के आशीर्वाद के लिए झाबुआ के भक्त पहुँचे थे। माँ गोपाल ने झाबुआ में गुरु-भाइयों के एकत्र होने और सामूहिक भजन-पूजन के लिए एक स्थल (कॉलोनी and हॉल) निर्माण की स्वीकृति दी। माँ गोपाल ने स्वयं मंदिर निर्माण के श्रीगणेश हेतु ₹१००१ की पावन राशि पंडित विश्वनाथ जी त्रिवेदी (मोटा भाई) को भेंट की थी। इसके पश्चात्, वर्ष १९६८ से मंदिर का निर्माण कार्य स्थानीय श्रद्धालुओं के स्वतःस्फूर्त और ऐतिहासिक श्रमदान से प्रारंभ हुआ। करीब तीन वर्षों के अथक परिश्रम के बाद, ६ मई १९७१ को [[मोहिनी एकादशी]] के पावन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रभु गोपाल जी की स्थापना की गई और मंदिर का भव्य शुभारंभ हुआ। मंदिर के सुचारू संचालन हेतु सर्वसम्मति से 'गोपाल मंदिर ट्रस्ट' का गठन किया गया। === माँ गोपाल के १० विशेष निर्देश === मंदिर निर्माण के समय माँ गोपाल ने इसके स्वरूप और दर्शन को शुद्ध रखने के लिए १० कड़े और विशिष्ट निर्देश दिए थे, जिनमें पारंपरिक धार्मिक बाह्य आडंबरों का निषेध कर आंतरिक भक्ति पर बल दिया गया था। इनका आज भी पूर्णतः पालन किया जाता है: # मंदिर के निर्माण या संचालन के लिए कभी चंदा नहीं लेना। # किसी भी व्यक्ति का नाम लिखी हुई वस्तु (शिलालेख/पट्टिका) मंदिर में नहीं लगानी। # मंदिर के गर्भगृह में कोई भौतिक मूर्ति स्थापित नहीं करनी। # मंदिर के शिखर पर गुम्बज, घंटा, घड़ियाल, ध्वज, त्रिशूल या कलश आदि कुछ भी नहीं लगाना। # मंदिर को बाहरी दुनिया या दूसरों को दिखाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि केवल भक्तों के एकांत भजन हेतु बनाना। # मंदिर में मुख्य रूप से केवल पाँच पावन चित्र (फोटो) ही लगाना। # मंदिर में पुजारी के रहने के आवास की पीछे की दीवार मंदिर से एक ही (सटी हुई) हो। # रसोईघर में छोटी अलमारी और फ्लैट रैक की व्यवस्था हो। # बंगले के बड़े कमरे में बड़ी अलमारी हो। == गुरु-परंपरा (आध्यात्मिक गद्दी) == गोपाल मंदिर की वैचारिक और आध्यात्मिक यात्रा मुख्य रूप से ऋषिकुल मंडल के तीन महान गुरुओं के इर्द-गिर्द केंद्रित है: * '''आद्य गुरु - बड़े बापजी (पूज्य रामशंकर जानी):''' इस भक्ति और आध्यात्मिक मार्ग की शुरुआत वर्ष १९२९ में बड़े बापजी ने की थी। उनका मूल पैतृक स्थान वर्तमान [[गुजरात]] के जंत्राल में स्थित है। उन्होंने जंत्राल में ऋषिकुल की स्थापना कर चुनिंदा शिष्यों को भजनों, उपदेशों और सत्संग के माध्यम से दीक्षित किया। उन्होंने १६ फरवरी १९४७ को देह त्याग किया। * '''द्वितीय गुरु - छोटे बापजी (पूज्य घनश्याम जानी):''' बड़े बापजी के महाप्रयाण के बाद उनके ज्येष्ठ पुत्र घनश्यामराय जानी जी (छोटे बापजी) ने इस आध्यात्मिक उत्तरदायित्व को संभाला। उन्होंने मात्र ४० वर्ष की आयु में ८ जुलाई १९६० को देह त्याग किया। * '''तृतीय गादीपति - गोपाल प्रभु (पूज्य रविकांताबेन जानी):''' ४ जनवरी १९२० (पौष चौदस) को जन्मीं गुरु-पत्नी रविकांताबेन जानी इस पथ की तीसरी गादीपति बनीं। उनकी अगाध भक्ति और दैवीय आभा के कारण भक्तों ने उन्हें 'गोपाल प्रभु' का नाम दिया। उन्होंने वर्ष १९६० से लेकर ७ फरवरी १९७५ (स्वधाम प्रस्थान) तक हज़ारों श्रद्धालुओं को सन्मार्ग दिखाया। === सेवा का आधुनिक कालक्रम === पंडित विश्वनाथ जी त्रिवेदी (मोटा भाई), जिन्हें गंभीर चिंतन और उत्कृष्ट गुरु की तलाश थी, वे बड़े बापजी के सानिध्य में आए थे। उन्होंने जीवन पर्यंत मंदिर और ऋषिकुल मंडल की अनन्य सेवा की। २२ अगस्त १९९१ को उनके देहावसान के बाद, उनके ज्येष्ठ सुपुत्र श्री रविन्द्र नाथ जी त्रिवेदी ने इस सेवाभार को संभाला (देवलोकगमन वर्ष २००७)। वर्तमान में, उनके सुपुत्र पंडित रूपक त्रिवेदी द्वारा पूरी निष्ठा के साथ मंदिर की पूजा-अर्चना और परंपराओं का निर्वाह किया जा रहा है। == जन्म शताब्दी महोत्सव (ऐतिहासिक आयोजन) == ऋषिकुल परंपरा के गुरुओं के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा प्रकट करने के लिए झाबुआ स्थित गोपाल मंदिर में समय-समय पर अत्यधिक उच्च स्तर और विशाल पैमाने पर ऐतिहासिक समारोहों का आयोजन किया जाता रहा है। इनमें मुख्य रूप से दो आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं: === सद्गुरु घनश्याम प्रभु १००वां जन्म शताब्दी महोत्सव (२०१४) === वर्ष २०१४ में द्वितीय गुरु पूज्य घनश्याम प्रभु (छोटे बापजी) के १००वें जन्म शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर झाबुआ में एक विशाल और अभूतपूर्व आध्यात्मिक समागम का आयोजन किया गया था। इस महोत्सव को "आस्था का महाकुंभ" कहा गया, जिसमें देश के कोने-कोने (गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली आदि) से हज़ारों गुरु-भक्त झाबुआ पहुँचे थे। इस भव्य उत्सव के दौरान कई दिनों तक अखंड भजन-कीर्तन, धार्मिक संगोष्ठियाँ और विशाल भंडारों का आयोजन उच्च स्तर पर किया गया, जिससे संपूर्ण झाबुआ क्षेत्र भक्तिमय हो उठा था।<ref>{{Cite web |title=झाबुआ में आस्था का महाकुंभ: सद्गुरु घनश्याम प्रभु के 100वें जन्म शताब्दी महोत्सव में उमड़ा भक्ति का सैलाब |url=https://www.jhabuanews.in/2014/09/gopal-mandir-jhabua-100th-shatabdi-mahotsav-2014.html |website=Jhabua News |access-date=2026-07-01}}</ref><ref>{{Cite web |title=दीपोत्सव की तरह जगमगाया गोपाल मंदिर |url=https://www.bhaskar.com/news/mp-oth-mat-latest-jhabua-news-023013-562899-nor.html |website=दैनिक भास्कर: |access-date=2026-07-01}}</ref> === गोपाल प्रभु १००वां जन्म शताब्दी महोत्सव (२०२०) === जनवरी २०२० में तीसरी गादीपति माँ रविकांता बेन (गोपाल प्रभु) के जन्म शताब्दी वर्ष को समर्पित एक भव्य त्रैमासिक और त्रि-दिवसीय (3 days) मुख्य अध्यात्म महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव के समापन के अवसर पर विशाल महाआरती का आयोजन किया गया था, जिसमें हज़ारों दीपों से मंदिर प्रांगण जगमगा उठा था। इस उच्च स्तरीय त्रि-दिवसीय आयोजन में देश-विदेश में बसे ऋषिकुल परिवार के लाखों भक्तों ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की थी। इस दौरान सामूहिक भजन संध्या और जनकल्याण के संकल्पों के साथ महोत्सव का भव्य समापन हुआ था।<ref>{{Cite web |title=गोपाल प्रभु 100 जन्म शताब्दी महोत्सव : महाआरती के साथ हुआ ३ दिवसीय अध्यात्म महोत्सव का समापन |url=https://www.jhabuanews.in/2020/01/p-92011.html |website=Jhabua News |access-date=2026-07-01}}</ref><ref>{{Cite web |title=Gopal Mandir Janm Shatabdi Mahotsav 2020 |url=https://gopalmandirjhabua.blogspot.com/2020/01/gopal-mandir-janm-shatabdi-mahotsav-2020.html |website=Gopal Mandir Jhabua Official Blog |access-date=2026-07-01}}</ref><ref>{{Cite web |title=झाबुआ में अध्यात्म का महाकुंभ: गोपाल मंदिर में शताब्दी समारोह का भव्य समापन, लाखों भक्त हुए भावविभोर |url=https://ashanews.in/jhabua/grand-conclusion-of-the-centenary-celebrations-at-gopal-mandir-jhabua |website=Asha News |access-date=2026-07-01}}</ref> == अनूठी परंपराएँ और विशेषताएँ == गोपाल मंदिर देश के अन्य पारंपरिक हिंदू मंदिरों से सर्वथा भिन्न है। इसकी मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: * '''मूर्ति रहित 'चित्र पूजा':''' वर्ष १९६० में अपने महाप्रयाण से ठीक पहले छोटे बापजी ने आध्यात्मिक मार्ग में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव किया। उन्होंने साकार मूर्ति पूजा के स्थान पर 'चित्र पूजा' (तस्वीर की आराधना) का मार्ग दिखाया। इसी कारण मंदिर के गर्भगृह में कोई मूर्ति नहीं है। * '''ध्वज, घंटा और कलश का निषेध:''' पूर्णतः शांत, एकाग्र और ध्यानमयी वातावरण सुनिश्चित करने के लिए इस मंदिर के शिखर पर न तो कोई ध्वज लगाया जाता है, न कलश स्थापित है, और न ही यहाँ घंटियाँ बजाई जाती हैं। यहाँ का मौन ही इसकी सबसे बड़ी प्रार्थना है। == सामाजिक योगदान और प्रथम नियोजित कॉलोनी == तीसरी गादीपति गोपाल प्रभु की दिव्य इच्छा थी कि स्थानीय लोगों और गुरुभाइयों के लिए पक्के आवास हों। इसी उद्देश्य से मंदिर निर्माण के साथ ही यहाँ हाउसिंग बोर्ड से ऋण (Loan) लेकर एक साथ ३३ सर्वसुविधायुक्त मकान बनाए गए। इस पूरे परिवेश को **'गोपाल कॉलोनी'** नाम दिया गया, जो झाबुआ शहर के इतिहास की पहली पूर्णतः सुनियोजित (Planned) कॉलोनी मानी जाती है। == भौगोलिक विस्तार और वैश्विक परिवार == झाबुआ के "श्री गोपाल मंदिर" के अलावा गुजरात के जंत्राल में मुख्य "ऋषिकुल मंदिर", लिमखेड़ा में "श्री घनश्याम मंदिर" तथा ग्राम बावड़ी में "ऋषिकुल आश्रम बावड़ी" स्थापित हैं। वर्तमान में इस आध्यात्मिक विचारधारा का विस्तार भारत के २२ राज्यों (जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली आदि) में है। इसके अलावा, यह परिवार वैश्विक स्तर पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, दुबई (संयुक्त अरब अमीरात), नेपाल, न्यूजीलैंड और सिंगापुर जैसे देशों तक फैला हुआ है, जो निरंतर इस ऋषिकुल के उत्थान में अपना योगदान दे रहे हैं। == मंदिर परिसर की संस्थाएँ व दैनिक अनुष्ठान == मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक चेतना का केंद्र है। मंदिर कार्यसमिति की देखरेख में निम्नलिखित संस्थाएँ संचालित होती हैं: * '''श्री गोपाल वाचनालय:''' इस समृद्ध वाचनालय में धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और साहित्यिक विषयों से जुड़ी लगभग २०,००० से ४०,००० उत्कृष्ट पुस्तकों का अनूठा संग्रह है, जो शोधार्थियों और स्थानीय पाठकों के लिए ज्ञान का केंद्र है।<ref>{{Cite web |title=झाबुआ के गोपाल मंदिर में स्कूल के साथ है बीस हजार पुस्तकों का संग्रह |url=https://www.jagran.com/spiritual/mukhye-dharmik-sthal-gopal-mandir-the-gopal-temple-of-jhabua-has-a-collection-of-twenty-thousand-books-along-with-the-school-23662001.html |website=दैनिक जागरण |access-date=2026-07-01}}</ref> * '''श्री गोपाल शिशु विद्या मंदिर:''' यहाँ बच्चों के लिए कक्षा १ से ५ तक प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जाती है, जिसका पूर्ण संचालन और प्रबंधन मंदिर ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। === दैनिक एवं वार्षिक कार्यक्रम === * '''दैनिक क्रम:''' मंदिर में प्रतिदिन प्रातः ९:३० बजे मुख्य आरती होती है तथा सायंकाल ८:०० से ९:०० बजे तक नियमित भजन संध्या का आयोजन किया जाता है। * '''वार्षिकोत्सव:''' प्रतिवर्ष मई माह में चार दिवसीय भव्य वार्षिकोत्सव मनाया जाता है, जिसमें मंदिर की विशेष साज-सज्जा की जाती है और देश-विदेश से हज़ारों श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। इस दौरान विशाल भंडारे और अखिल भारतीय भजन प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। <ref>{{Cite web |title=गोपाल मंदिर वार्षिकोत्सव : महाआरती के साथ हुआ तीन दिवसीय अध्यात्म महोत्सव का समापन |url=https://www.jhabuanews.in/2019/05/gopal-mandir-jhabua-annual-function-2019.html |website=Jhabua News: |access-date=2026-07-01}}</ref> * '''अन्य उत्सव:''' गुरु पूर्णिमा, रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में विशेष आध्यात्मिक अनुष्ठान होते हैं। == पहुँच मार्ग == गोपाल मंदिर झाबुआ शहर के मध्य भाग में स्थित होने के कारण सड़क और रेल परिवहन से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है: * '''रेल मार्ग:''' सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन [[मेघनगर]] '''रेलवे स्टेशन''' है, जो मंदिर से मात्र १५ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मेघनगर से बस, जीप या स्थानीय वाहनों द्वारा आसानी से झाबुआ पहुँचा जा सकता है। * '''सड़क मार्ग:''' यह मंदिर गुजरात के दाहोद शहर से ७५ किलोमीटर और मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी [[इंदौर]] से १५० किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। [[उज्जैन]] से भी यहाँ के लिए सुलभ सड़क परिवहन उपलब्ध है। == सन्दर्भ == {{Reflist}} * [https://web.archive.org/web/20110826041141/http://www.wikimapia.org/#lang=en&lat=22.762856&lon=74.596699&z=18&m=b&search=gopal%20mandir%20jhabua विकिमैपिया] पर देखें, गोपाल मंदिर झाबुआ, == बाहरी कड़ियाँ == * [http://gopalmandirjhabua.blogspot.com/ श्री गोपाल मंदिर झाबुआ की आधिकारिक वेबसाइट] * [https://www.jhabuanews.in/2017/03/gopal-mandir-jhabua-online-darshan.html गोपाल मंदिर झाबुआ: ऑनलाइन दर्शन पोर्टल] * {{Wayback |url=http://www.wikimapia.org/#lang=en&lat=22.762856&lon=74.596699&z=18&m=b&search=gopal%20mandir%20jhabua |title=विकिमैपिया पर गोपाल मंदिर की भौगोलिक स्थिति}} * [https://www.bhaskar.com/mp/jhabua/news/mp-news-live-view-of-gopal-temple-can-be-done-on-mobile-too-032550-4117269.html दैनिक भास्कर: मोबाइल पर भी कर सकेंगे गोपाल मंदिर के लाइव दर्शन] * [https://www.bhaskar.com/news/latest-jhabua-news-044504-1561668.html दैनिक भास्कर: गोपाल मंदिर के वार्षिकोत्सव में देशभर से आए श्रद्धालु] * [https://www.trip.com/travel-guide/attraction/jhabua/gopal-mandir-jhabua-142344595/ गोपाल मंदिर यात्रा गाइड - Trip.com] * [https://www.naidunia.com/madhya-pradesh/jhabua-jhabua-news-1480777 नईदुनिया: गुरु महाराज माता गोपाल प्रभु का जन्मदिन श्रद्धा-आस्था के साथ मना] * [http://www.facebook.com/gopalmandir1970/ श्री गोपाल मंदिर आधिकारिक फेसबुक पेज] * {{Wayback |url=http://www.youtube.com/thegopalmandir |title=श्री गोपाल मंदिर आधिकारिक यूट्यूब चैनल}} {{मध्य प्रदेश पर्यटन}} [[श्रेणी:झाबुआ जिले के धार्मिक स्थल]] [[श्रेणी:मध्य प्रदेश के हिन्दू मंदिर]] [[श्रेणी:झाबुआ]] ood2ak8te8usg1pk3a8idoyem0yvp8v 6582848 6582841 2026-07-15T09:31:10Z ~2026-39864-07 936354 6582848 wikitext text/x-wiki {{Infobox Mandir | name = गोपाल मंदिर झाबुआ | image = Gopal mandir jhabua.jpg | alt = गोपाल मंदिर झाबुआ | caption = गोपाल मंदिर झाबुआ | map_type = India Madhya Pradesh | coordinates = {{coord|22.7628|74.5967|display=inline,title}} | location = गोपाल कालोनी, [[झाबुआ]] | deity = पूज्य रामशंकर जी जानी (बड़े बापजी), पूज्य घनश्याम प्रभु जी जानी (छोटे बापजी), माँ रविकांता बेन (गोपाल प्रभु) | festivals = चार दिवसीय वार्षिकोत्सव, गुरु पूर्णिमा, कृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी, गणेश चतुर्थी | creator = पंडित विश्वनाथ जी त्रिवेदी (मोटा भाई) | architecture = '''स्थापना तिथि:''' ६ मई १९७१ (१० मई १९७० भूमि पूजन) | website = [http://gopalmandirjhabua.blogspot.com/ gopalmandirjhabua.blogspot.com] }} '''गोपाल मंदिर झाबुआ''' [[भारत]] के [[मध्य प्रदेश]] राज्य के [[झाबुआ]] शहर में स्थित एक सुप्रसिद्ध और विशिष्ट [[हिंदू]] मंदिर व आध्यात्मिक केंद्र है। यह मंदिर मुख्य रूप से ऋषिकुल परंपरा के तीन महान आध्यात्मिक गुरुओं—पूज्य रामशंकर जी जानी (बड़े बापजी), पूज्य घनश्याम प्रभु जी जानी (छोटे बापजी) और माँ रविकांता बेन (गोपाल प्रभु) की दिव्य चेतना को समर्पित है। यह मंदिर झाबुआ के 'गोपाल कॉलोनी' क्षेत्र में स्थित है और अपनी अनूठी परंपराओं, जैसे कि मूर्ति के स्थान पर 'चित्र पूजा' और पूर्णतः शांत व ध्यानमयी वातावरण के लिए पूरे देश में विशिष्ट स्थान रखता है।<ref>{{Cite web |title=Gopal Mandir Jhabua: Timings, History, Travel Guide and how to reach |url=https://tfipost.com/2023/03/gopal-mandir-jhabua-timings-history-travel-guide-and-how-to-reach/ |website=TFI Post |access-date=2026-07-01}}</ref> == इतिहास एवं स्थापना == श्री गोपाल मंदिर के निर्माण की वैचारिक पृष्ठभूमि वर्ष १९६८ में तैयार हुई थी। तब भरूच में निवास कर रहीं तीसरी गादीपति माँ गोपाल के आशीर्वाद के लिए झाबुआ के भक्त पहुँचे थे। माँ गोपाल ने झाबुआ में गुरु-भाइयों के एकत्र होने और सामूहिक भजन-पूजन के लिए एक स्थल (कॉलोनी and हॉल) निर्माण की स्वीकृति दी। माँ गोपाल ने स्वयं मंदिर निर्माण के श्रीगणेश हेतु ₹१००१ की पावन राशि पंडित विश्वनाथ जी त्रिवेदी (मोटा भाई) को भेंट की थी। इसके पश्चात्, वर्ष १९६८ से मंदिर का निर्माण कार्य स्थानीय श्रद्धालुओं के स्वतःस्फूर्त और ऐतिहासिक श्रमदान से प्रारंभ हुआ। करीब तीन वर्षों के अथक परिश्रम के बाद, ६ मई १९७१ को [[मोहिनी एकादशी]] के पावन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रभु गोपाल जी की स्थापना की गई और मंदिर का भव्य शुभारंभ हुआ। मंदिर के सुचारू संचालन हेतु सर्वसम्मति से 'गोपाल मंदिर ट्रस्ट' का गठन किया गया। === माँ गोपाल के १० विशेष निर्देश === मंदिर निर्माण के समय माँ गोपाल ने इसके स्वरूप और दर्शन को शुद्ध रखने के लिए १० कड़े और विशिष्ट निर्देश दिए थे, जिनमें पारंपरिक धार्मिक बाह्य आडंबरों का निषेध कर आंतरिक भक्ति पर बल दिया गया था। इनका आज भी पूर्णतः पालन किया जाता है: # मंदिर के निर्माण या संचालन के लिए कभी चंदा नहीं लेना। # किसी भी व्यक्ति का नाम लिखी हुई वस्तु (शिलालेख/पट्टिका) मंदिर में नहीं लगानी। # मंदिर के गर्भगृह में कोई भौतिक मूर्ति स्थापित नहीं करनी। # मंदिर के शिखर पर गुम्बज, घंटा, घड़ियाल, ध्वज, त्रिशूल या कलश आदि कुछ भी नहीं लगाना। # मंदिर को बाहरी दुनिया या दूसरों को दिखाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि केवल भक्तों के एकांत भजन हेतु बनाना। # मंदिर में मुख्य रूप से केवल पाँच पावन चित्र (फोटो) ही लगाना। # मंदिर में पुजारी के रहने के आवास की पीछे की दीवार मंदिर से एक ही (सटी हुई) हो। # रसोईघर में छोटी अलमारी और फ्लैट रैक की व्यवस्था हो। # बंगले के बड़े कमरे में बड़ी अलमारी हो। == गुरु-परंपरा (आध्यात्मिक गद्दी) == गोपाल मंदिर की वैचारिक और आध्यात्मिक यात्रा मुख्य रूप से ऋषिकुल मंडल के तीन महान गुरुओं के इर्द-गिर्द केंद्रित है: * '''आद्य गुरु - बड़े बापजी (पूज्य रामशंकर जानी):''' इस भक्ति और आध्यात्मिक मार्ग की शुरुआत वर्ष १९२९ में बड़े बापजी ने की थी। उनका मूल पैतृक स्थान वर्तमान [[गुजरात]] के जंत्राल में स्थित है। उन्होंने जंत्राल में ऋषिकुल की स्थापना कर चुनिंदा शिष्यों को भजनों, उपदेशों और सत्संग के माध्यम से दीक्षित किया। उन्होंने १६ फरवरी १९४७ को देह त्याग किया। * '''द्वितीय गुरु - छोटे बापजी (पूज्य घनश्याम जानी):''' बड़े बापजी के महाप्रयाण के बाद उनके ज्येष्ठ पुत्र घनश्यामराय जानी जी (छोटे बापजी) ने इस आध्यात्मिक उत्तरदायित्व को संभाला। उन्होंने मात्र ४० वर्ष की आयु में ८ जुलाई १९६० को देह त्याग किया। * '''तृतीय गादीपति - गोपाल प्रभु (पूज्य रविकांताबेन जानी):''' ४ जनवरी १९२० (पौष चौदस) को जन्मीं गुरु-पत्नी रविकांताबेन जानी इस पथ की तीसरी गादीपति बनीं। उनकी अगाध भक्ति और दैवीय आभा के कारण भक्तों ने उन्हें 'गोपाल प्रभु' का नाम दिया। उन्होंने वर्ष १९६० से लेकर ७ फरवरी १९७५ (स्वधाम प्रस्थान) तक हज़ारों श्रद्धालुओं को सन्मार्ग दिखाया। === सेवा का आधुनिक कालक्रम === पंडित विश्वनाथ जी त्रिवेदी (मोटा भाई), जिन्हें गंभीर चिंतन और उत्कृष्ट गुरु की तलाश थी, वे बड़े बापजी के सानिध्य में आए थे। उन्होंने जीवन पर्यंत मंदिर और ऋषिकुल मंडल की अनन्य सेवा की। २२ अगस्त १९९१ को उनके देहावसान के बाद, उनके ज्येष्ठ सुपुत्र श्री रविन्द्र नाथ जी त्रिवेदी ने इस सेवाभार को संभाला (देवलोकगमन वर्ष २००७)। वर्तमान में, उनके सुपुत्र पंडित रूपक त्रिवेदी द्वारा पूरी निष्ठा के साथ मंदिर की पूजा-अर्चना और परंपराओं का निर्वाह किया जा रहा है। == जन्म शताब्दी महोत्सव (ऐतिहासिक आयोजन) == ऋषिकुल परंपरा के गुरुओं के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा प्रकट करने के लिए झाबुआ स्थित गोपाल मंदिर में समय-समय पर अत्यधिक उच्च स्तर और विशाल पैमाने पर ऐतिहासिक समारोहों का आयोजन किया जाता रहा है। इनमें मुख्य रूप से दो आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं: === सद्गुरु घनश्याम प्रभु १००वां जन्म शताब्दी महोत्सव (२०१४) === वर्ष २०१४ में द्वितीय गुरु पूज्य घनश्याम प्रभु (छोटे बापजी) के १००वें जन्म शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर झाबुआ में एक विशाल और अभूतपूर्व आध्यात्मिक समागम का आयोजन किया गया था। इस महोत्सव को "आस्था का महाकुंभ" कहा गया, जिसमें देश के कोने-कोने (गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली आदि) से हज़ारों गुरु-भक्त झाबुआ पहुँचे थे। इस भव्य उत्सव के दौरान कई दिनों तक अखंड भजन-कीर्तन, धार्मिक संगोष्ठियाँ और विशाल भंडारों का आयोजन उच्च स्तर पर किया गया, जिससे संपूर्ण झाबुआ क्षेत्र भक्तिमय हो उठा था।<ref>{{Cite web |title=झाबुआ में आस्था का महाकुंभ: सद्गुरु घनश्याम प्रभु के 100वें जन्म शताब्दी महोत्सव में उमड़ा भक्ति का सैलाब |url=https://www.jhabuanews.in/2014/09/gopal-mandir-jhabua-100th-shatabdi-mahotsav-2014.html |website=Jhabua News |access-date=2026-07-01}}</ref><ref>{{Cite web |title=दीपोत्सव की तरह जगमगाया गोपाल मंदिर |url=https://www.bhaskar.com/news/mp-oth-mat-latest-jhabua-news-023013-562899-nor.html |website=दैनिक भास्कर: |access-date=2026-07-01}}</ref> === गोपाल प्रभु १००वां जन्म शताब्दी महोत्सव (२०२०) === जनवरी २०२० में तीसरी गादीपति माँ रविकांता बेन (गोपाल प्रभु) के जन्म शताब्दी वर्ष को समर्पित एक भव्य त्रैमासिक और त्रि-दिवसीय (3 days) मुख्य अध्यात्म महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव के समापन के अवसर पर विशाल महाआरती का आयोजन किया गया था, जिसमें हज़ारों दीपों से मंदिर प्रांगण जगमगा उठा था। इस उच्च स्तरीय त्रि-दिवसीय आयोजन में देश-विदेश में बसे ऋषिकुल परिवार के लाखों भक्तों ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की थी। इस दौरान सामूहिक भजन संध्या और जनकल्याण के संकल्पों के साथ महोत्सव का भव्य समापन हुआ था।<ref>{{Cite web |title=गोपाल प्रभु 100 जन्म शताब्दी महोत्सव : महाआरती के साथ हुआ ३ दिवसीय अध्यात्म महोत्सव का समापन |url=https://www.jhabuanews.in/2020/01/p-92011.html |website=Jhabua News |access-date=2026-07-01}}</ref><ref>{{Cite web |title=Gopal Mandir Janm Shatabdi Mahotsav 2020 |url=https://gopalmandirjhabua.blogspot.com/2020/01/gopal-mandir-janm-shatabdi-mahotsav-2020.html |website=Gopal Mandir Jhabua Official Blog |access-date=2026-07-01}}</ref><ref>{{Cite web |title=झाबुआ में अध्यात्म का महाकुंभ: गोपाल मंदिर में शताब्दी समारोह का भव्य समापन, लाखों भक्त हुए भावविभोर |url=https://ashanews.in/jhabua/grand-conclusion-of-the-centenary-celebrations-at-gopal-mandir-jhabua |website=Asha News |access-date=2026-07-01}}</ref> == अनूठी परंपराएँ और विशेषताएँ == गोपाल मंदिर देश के अन्य पारंपरिक हिंदू मंदिरों से सर्वथा भिन्न है। इसकी मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: * '''मूर्ति रहित 'चित्र पूजा':''' वर्ष १९६० में अपने महाप्रयाण से ठीक पहले छोटे बापजी ने आध्यात्मिक मार्ग में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव किया। उन्होंने साकार मूर्ति पूजा के स्थान पर 'चित्र पूजा' (तस्वीर की आराधना) का मार्ग दिखाया। इसी कारण मंदिर के गर्भगृह में कोई मूर्ति नहीं है। * '''ध्वज, घंटा और कलश का निषेध:''' पूर्णतः शांत, एकाग्र और ध्यानमयी वातावरण सुनिश्चित करने के लिए इस मंदिर के शिखर पर न तो कोई ध्वज लगाया जाता है, न कलश स्थापित है, और न ही यहाँ घंटियाँ बजाई जाती हैं। यहाँ का मौन ही इसकी सबसे बड़ी प्रार्थना है। == सामाजिक योगदान और प्रथम नियोजित कॉलोनी == तीसरी गादीपति गोपाल प्रभु की दिव्य इच्छा थी कि स्थानीय लोगों और गुरुभाइयों के लिए पक्के आवास हों। इसी उद्देश्य से मंदिर निर्माण के साथ ही यहाँ हाउसिंग बोर्ड से ऋण (Loan) लेकर एक साथ ३३ सर्वसुविधायुक्त मकान बनाए गए। इस पूरे परिवेश को **'गोपाल कॉलोनी'** नाम दिया गया, जो झाबुआ शहर के इतिहास की पहली पूर्णतः सुनियोजित (Planned) कॉलोनी मानी जाती है। == भौगोलिक विस्तार और वैश्विक परिवार == झाबुआ के "श्री गोपाल मंदिर" के अलावा गुजरात के जंत्राल में मुख्य "ऋषिकुल मंदिर", लिमखेड़ा में "श्री घनश्याम मंदिर" तथा ग्राम बावड़ी में "ऋषिकुल आश्रम बावड़ी" स्थापित हैं। वर्तमान में इस आध्यात्मिक विचारधारा का विस्तार भारत के २२ राज्यों (जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली आदि) में है। इसके अलावा, यह परिवार वैश्विक स्तर पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, दुबई (संयुक्त अरब अमीरात), नेपाल, न्यूजीलैंड और सिंगापुर जैसे देशों तक फैला हुआ है, जो निरंतर इस ऋषिकुल के उत्थान में अपना योगदान दे रहे हैं। == मंदिर परिसर की संस्थाएँ व दैनिक अनुष्ठान == मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक चेतना का केंद्र है। मंदिर कार्यसमिति की देखरेख में निम्नलिखित संस्थाएँ संचालित होती हैं: * '''श्री गोपाल वाचनालय:''' इस समृद्ध वाचनालय में धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और साहित्यिक विषयों से जुड़ी लगभग २०,००० से ४०,००० उत्कृष्ट पुस्तकों का अनूठा संग्रह है, जो शोधार्थियों और स्थानीय पाठकों के लिए ज्ञान का केंद्र है।<ref>{{Cite web |title=झाबुआ के गोपाल मंदिर में स्कूल के साथ है बीस हजार पुस्तकों का संग्रह |url=https://www.jagran.com/spiritual/mukhye-dharmik-sthal-gopal-mandir-the-gopal-temple-of-jhabua-has-a-collection-of-twenty-thousand-books-along-with-the-school-23662001.html |website=दैनिक जागरण |access-date=2026-07-01}}</ref> * '''श्री गोपाल शिशु विद्या मंदिर:''' यहाँ बच्चों के लिए कक्षा १ से ५ तक प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जाती है, जिसका पूर्ण संचालन और प्रबंधन मंदिर ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। === दैनिक एवं वार्षिक कार्यक्रम === * '''दैनिक क्रम:''' मंदिर में प्रतिदिन प्रातः ९:३० बजे मुख्य आरती होती है तथा सायंकाल ८:०० से ९:०० बजे तक नियमित भजन संध्या का आयोजन किया जाता है। * '''वार्षिकोत्सव:''' प्रतिवर्ष मई माह में चार दिवसीय भव्य वार्षिकोत्सव मनाया जाता है, जिसमें मंदिर की विशेष साज-सज्जा की जाती है और देश-विदेश से हज़ारों श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। इस दौरान विशाल भंडारे और अखिल भारतीय भजन प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। <ref>{{Cite web |title=गोपाल मंदिर वार्षिकोत्सव : महाआरती के साथ हुआ तीन दिवसीय अध्यात्म महोत्सव का समापन |url=https://www.jhabuanews.in/2019/05/gopal-mandir-jhabua-annual-function-2019.html |website=Jhabua News: |access-date=2026-07-01}}</ref> * '''अन्य उत्सव:''' गुरु पूर्णिमा, रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में विशेष आध्यात्मिक अनुष्ठान होते हैं। == पहुँच मार्ग == गोपाल मंदिर झाबुआ शहर के मध्य भाग में स्थित होने के कारण सड़क और रेल परिवहन से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है: * '''रेल मार्ग:''' सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन [[मेघनगर]] '''रेलवे स्टेशन''' है, जो मंदिर से मात्र १५ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मेघनगर से बस, जीप या स्थानीय वाहनों द्वारा आसानी से झाबुआ पहुँचा जा सकता है। * '''सड़क मार्ग:''' यह मंदिर गुजरात के दाहोद शहर से ७५ किलोमीटर और मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी [[इंदौर]] से १५० किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। [[उज्जैन]] से भी यहाँ के लिए सुलभ सड़क परिवहन उपलब्ध है। == सन्दर्भ == {{Reflist}} * [https://web.archive.org/web/20110826041141/http://www.wikimapia.org/#lang=en&lat=22.762856&lon=74.596699&z=18&m=b&search=gopal%20mandir%20jhabua विकिमैपिया] पर देखें, गोपाल मंदिर झाबुआ, == बाहरी कड़ियाँ == * [http://gopalmandirjhabua.blogspot.com/ श्री गोपाल मंदिर झाबुआ की आधिकारिक वेबसाइट] * [https://www.jhabuanews.in/2017/03/gopal-mandir-jhabua-online-darshan.html गोपाल मंदिर झाबुआ: ऑनलाइन दर्शन पोर्टल] * {{Wayback |url=http://www.wikimapia.org/#lang=en&lat=22.762856&lon=74.596699&z=18&m=b&search=gopal%20mandir%20jhabua |title=विकिमैपिया पर गोपाल मंदिर की भौगोलिक स्थिति}} * [https://www.bhaskar.com/mp/jhabua/news/mp-news-live-view-of-gopal-temple-can-be-done-on-mobile-too-032550-4117269.html दैनिक भास्कर: मोबाइल पर भी कर सकेंगे गोपाल मंदिर के लाइव दर्शन] * [https://www.bhaskar.com/news/latest-jhabua-news-044504-1561668.html दैनिक भास्कर: गोपाल मंदिर के वार्षिकोत्सव में देशभर से आए श्रद्धालु] * [https://www.trip.com/travel-guide/attraction/jhabua/gopal-mandir-jhabua-142344595/ गोपाल मंदिर यात्रा गाइड - Trip.com] * [https://www.naidunia.com/madhya-pradesh/jhabua-jhabua-news-1480777 नईदुनिया: गुरु महाराज माता गोपाल प्रभु का जन्मदिन श्रद्धा-आस्था के साथ मना] * [https://www.patrika.com/jhabua-news/patrika-event-1-7703701 पत्रिका: आजादी की 75वीं वर्षगांठ में आजादी के अमृत महोत्सव में गोपाल मंदिर परिसर में परिचर्चा का आयोजन] * [http://www.facebook.com/gopalmandir1970/ श्री गोपाल मंदिर आधिकारिक फेसबुक पेज] * {{Wayback |url=http://www.youtube.com/thegopalmandir |title=श्री गोपाल मंदिर आधिकारिक यूट्यूब चैनल}} {{मध्य प्रदेश पर्यटन}} [[श्रेणी:झाबुआ जिले के धार्मिक स्थल]] [[श्रेणी:मध्य प्रदेश के हिन्दू मंदिर]] [[श्रेणी:झाबुआ]] p5anqzzjv14oywkawiqp8gntnu5a98n शराब पर ईसाई विचार 0 836551 6582789 6568182 2026-07-15T07:03:22Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582789 wikitext text/x-wiki [[चित्र:The_Marriage_at_Cana_-_Decani.jpg|अंगूठाकार| यीशु ने पानी से द्राक्षरस बनाया, काना में विवाह में, 14 वीं शताब्दी का भोक विस्कोकी देचना मठ से।<br> ]] '''शराब पर ईसाई विचार''' भिन्न हैं। चर्च इतिहास के पहले 1,800 वर्षों के दौरान, ईसाइयों ने आम तौर पर रोज़मर्रा के जीवन के एक आम हिस्से के रूप में [[मादक पेय]] का सेवन किया और "बेल के फल" का इस्तेमाल किया<ref name="fruit">{{cite web|author=Jesus Christ|title=Matthew 26:29;Mark 14:25;Luke 22:18|url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Matthew%2026:29;Mark%2014:25;Luke%2022:18&amp;version=NIV|quote=I tell you, I will not drink from this fruit of the vine from now on until that day when I drink it new with you in my Father's kingdom.|access-date=15 जून 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20140504174500/http://www.biblegateway.com/passage/?search=Matthew%2026:29;Mark%2014:25;Luke%2022:18&version=NIV|archive-date=4 मई 2014|url-status=live}}</ref> अपने केंद्रीय संस्कार में- ईचैरिस्ट या लॉर्डस सपर<ref>{{cite encyclopedia|encyclopedia=[[Evangelical Dictionary of Theology]]|editor=Walter A. Elwell|author=R. V. Pierard|title=Alcohol, Drinking of|isbn=0-8010-3413-2|publisher=Baker Book House|location=Grand Rapids, MI|year=1984|pages=[https://archive.org/details/evangelicaldicti00elwe/page/28 28f]}}</ref><ref>{{cite encyclopedia|encyclopedia=The Oxford Dictionary of the Christian Church|publisher=Oxford University Press, USA|page=1767|title=Wine|editor=F. L. Cross and E. A. Livingstone|year=2005|edition=3rd|isbn=978-0-19-280290-3|quote=[W]ine has traditionally been held to be one of the essential materials for a valid Eucharist, though some have argued that unfermented grape-juice fulfils the Dominical [that is, Jesus'] command.}}</ref> उन्होंने यह माना कि दोनों बाइबल और ईसाई परंपराओं ने सिखाया है कि शराब भगवान से एक उपहार है जो जीवन को अधिक प्रसन्न बनाता है, लेकिन जो अति स्वाभाविकता से नशे में पीड़ित होता है वह पापी है या कम से कम एक उपाध्यक्ष है। <ref name="Raymond 90">Raymond, p. 90.</ref><ref name="Eastons">{{cite encyclopedia|url=http://www.ccel.org/ccel/easton/ebd2.w.html?term=Wine|title=Wine|encyclopedia=[[Easton's Bible Dictionary (1897)|Easton's Bible Dictionary]]|year=1897|accessdate=2007-01-22|archiveurl=https://web.archive.org/web/20170728101445/http://www.ccel.org/ccel/easton/ebd2.w.html?term=Wine|archivedate=28 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref>  1 9वीं सदी के मध्य में, कुछ प्रोटेस्टेंट ईसाई शराब के उदारवादी उपयोग (कभी-कभी मॉडरेशंस कहा जाता है) की अनुमति देने की स्थिति से आगे निकल गए थे या तो यह तय करने के लिए कि वर्तमान में परिस्थितियों (निष्कासन) या शराब के सभी सामान्य खपत को रोकना, माना जाता है कि एक पाप (निषेधात्मकता).<ref name="Gentry">{{Cite book|last=Gentry|first=Kenneth|author-link=Kenneth Gentry|authorlink=Kenneth Gentry|year=2001|title=God Gave Wine|url=https://archive.org/details/godgavewinewhatb0000kenn|pages=3ff|publisher=Oakdown|isbn=0-9700326-6-8|ISBN=0-9700326-6-8}}</ref>  कई प्रोटेस्टेंट चर्च, विशेष रूप से मेथोडिस्ट और इंजील समूह, 1 9वीं और 20 वीं शताब्दी के संयम आंदोलन में प्रारंभिक नेता थे। आज, ईसाई धर्म में तीनों स्थान मौजूद हैं, लेकिन ईसाइयों के सबसे बड़े निकायों अर्थात् एंग्लिकनवाद, रोमन कैथोलिक ईसाई और पूर्वी रूढ़िवादी के पालन के कारण, दुनिया भर में ऐतिहासिक स्थिति सबसे आम है। == बाइबिल में शराब == मादक पेय, बाइबल में उपयोग में और काव्य अभिव्यक्ति दोनों में दिखाई देते हैं। बाइबिल अल्कोहल की दिशा में प्रतिद्वंद्विता है, इस पर विचार करते हुए कि ईश्वर का आशीर्वाद, जो कि मोहभंग और एक संभावित खतरा पैदा करता है जो बिना मूर्खता और पापपूर्ण रूप से दुर्व्यवहार किया जा सकता है<ref name="WaltkeP127">{{Cite book|last=Waltke|first=Bruce|year=2005|title=The Book of Proverbs: Chapters 15-31|page=127|chapter=Commentary on 20:1|publisher=Wm. B. Eerdmans|isbn=978-0-8028-2776-0|ISBN=978-0-8028-2776-0}}</ref><ref name="RaymondP25">{{Cite book|last=Raymond|first=I. W.|year=1970|origyear=1927|title=The Teaching of the Early Church on the Use of Wine and Strong Drink|page=25|publisher=AMS Press|isbn=978-0-404-51286-6|ISBN=978-0-404-51286-6|quote=This favourable view [of wine in the Bible], however, is balanced by an unfavourable estimate&nbsp;... The reason for the presence of these two conflicting opinions on the nature of wine [is that the] consequences of wine drinking follow its use and not its nature. Happy results ensue when it is drunk in its proper measure and evil results when it is drunk to excess. The nature of wine is indifferent.}}</ref><ref name="COE">{{Cite web|last=Ethical Investment Advisory Group|author=Ethical Investment Advisory Group|date=January 2005|title=Alcohol: An inappropriate investment for Anglicanism|url=http://www.cofe.anglican.org/info/ethical/policystatements/policyalcohol.pdf|publisher=[[Church of England]]|accessdate=2007-02-08|quote=Christians who are committed to total abstinence have sometimes interpreted biblical references to wine as meaning unfermented grape juice, but this is surely inconsistent with the recognition of both good and evil in the biblical attitude to wine. It is self-evident that human choice plays a crucial role in the use or abuse of alcohol.|archive-url=https://web.archive.org/web/20070226082402/http://www.cofe.anglican.org/info/ethical/policystatements/policyalcohol.pdf|archive-date=26 फ़रवरी 2007|url-status=dead}}</ref>  शराब के बारे में ईसाई विचार यहूदी और ईसाई परंपराओं के साथ, इसके बारे में बाइबल क्या कहता है। बाइबिल भाषाओं में अल्कोहल पेय पदार्थ के लिए कई शब्द हैं,<ref>Fitzsimmonds, pp. 1254f.</ref> और यद्यपि निषेधाज्ञावाद और कुछ अपवादवाद असंतोष,<ref>{{Cite book|last=Reynolds|first=Stephen M.|year=1989|title=The Biblical Approach to Alcohol|location=Princeton, NJ|publisher=Princeton University Press|quote=[W]herever ''oinos'' [Greek for 'wine'] appears in the New Testament, we may understand it as unfermented grape juice unless the passage clearly indicates that the inspired writer was speaking of an intoxicating drink.}}</ref><ref name="Earle">{{Cite book|last=Earle|first=Ralph|author-link=Ralph H. Earle|authorlink=Ralph H. Earle|year=1986|title=Word Meanings in the New Testament|url=https://archive.org/details/wordmeaningsinne0001ralp_c3t7|chapter=1 Timothy 5:13|location=Kansas City, Missouri|publisher=Beacon Hill Press|isbn=0-8341-1176-4|ISBN=0-8341-1176-4|quote=''Oinos'' is used in the Septuagint for both fermented and unfermented grape juice. Since it can mean either one, it is valid to insist that in some cases it may simply mean grape juice and not fermented wine.}}</ref><ref name="Bacchiocchi">{{Cite web|last=Bacchiocchi|first=Samuele|authorlink=Samuele Bacchiocchi|title=A Preview of ''Wine in the Bible''|url=http://www.biblicalperspectives.com/books/wine_in_the_bible/1.html|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20070202114834/http://www.biblicalperspectives.com/books/wine_in_the_bible/1.html|archive-date=2 फ़रवरी 2007|url-status=live}}</ref><ref name="MacArthurDrunk2">{{Cite web|last=MacArthur|first=John|title=Living in the Spirit: Be Not Drunk with Wine--Part 2|url=http://www.biblebb.com/files/MAC/sg1937.htm|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20150923184423/http://www.biblebb.com/files/MAC/sg1937.htm|archive-date=23 सितंबर 2015|url-status=dead}}</ref> एक व्यापक सर्वसम्मति है कि शब्दों ने आमतौर पर मादक पेय का उल्लेख किया था।<ref>{{cite encyclopedia|last=Ewing|first=W.|encyclopedia=Dictionary of Christ and the Gospels|editor=[[James Hastings]]|year=1913|location=Edinburgh|publisher=T & T Clark|url=http://www.ccel.org/ccel/hastings/dict2/Page_824.html|pages=824|volume=2|title=Wine|accessdate=2007-03-14|quote=There is nothing known in the East of anything called 'wine' which is unfermented&nbsp;... [The Palestinian Jews'] attitude towards the drinker of unfermented grape juice may be gathered from the saying in Pirke Aboth (iv. 28), 'He who learns from the young, to what is he like? to one who eats unripe grapes and ''drinks wine from his vat'' [that is, unfermented juice].'|archiveurl=https://web.archive.org/web/20170816014537/http://www.ccel.org/ccel/hastings/dict2/Page_824.html|archivedate=16 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref><ref name="SchaffHerzog">{{cite encyclopedia|last=Beecher|first=W. J.|title=Total abstinence|encyclopedia=[[The New Schaff-Herzog Encyclopedia of Religious Knowledge]]|accessdate=2007-01-22|url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/encyc11/Page_472.html|page=472|quote=The Scriptures, rightly understood, are thus the strongest bulwark of a true doctrine of total abstinence, so false exegesis of the Scriptures by temperance advocates, including false theories of unfermented wine, have done more than almost anything else to discredit the good cause. The full abandonment of these bad premises would strengthen the cause immeasurably.|archiveurl=https://web.archive.org/web/20170816013557/http://www.ccel.org/ccel/schaff/encyc11/Page_472.html|archivedate=16 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref><ref name="ASB">{{Cite book|year=2006|title=Archaeological Study Bible|url=https://archive.org/details/nivarchaeologica0000unse|chapter=Wine and Alcoholic Beverages in the Ancient World|publisher=Zondervan|editor-last=William Kaiser and Duane Garrett|editor=William Kaiser and Duane Garrett|isbn=978-0-310-92605-4|ISBN=978-0-310-92605-4|quote=[T]here is no basis for suggesting that either the Greek or the Hebrew terms for wine refer to unfermented grape juice.}}</ref><ref name="MacArthurQ&A">{{cite web|last=MacArthur|first=John F.|authorlink=John F. MacArthur|url=http://www.biblebb.com/files/macqa/70-11-3.htm|title=GC 70-11: "Bible Questions and Answers"|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303231427/http://www.biblebb.com/files/macqa/70-11-3.htm|archive-date=3 मार्च 2016|url-status=dead}}</ref> [[चित्र:Leonardo_da_Vinci_(1452-1519)_-_The_Last_Supper_(1495-1498).jpg|बाएँ|अंगूठाकार| द लास्ट सॉपर, लियोनार्डो दा विंसी द्वारा, मसीह ने "बेल का फल" प्रशासित किया<br> ]]  बाइबिल के समय में दैनिक जीवन में शराब की सामान्यता और केंद्रीयता, इसके पूरे बाइबिल में कई सकारात्मक और नकारात्मक रूपक उपयोगों से स्पष्ट है। <ref>{{cite encyclopedia|last=Dommershausen|first=W.|editor=G. Johannes Botterweck and Helmer Ringgren|encyclopedia=Theological Dictionary of the Old Testament|volume=VI|title=Yayin|others=trans. David E. Green|year=1990|publisher=Wm. B. Eerdmans|isbn=0-8028-2330-0|page=64}}</ref><ref>Raymond, p. 24: "The numerous allusions to the vine and wine in the Old Testament furnish an admirable basis for the study of its estimation among the people at large."</ref>  सकारात्मक तौर पर, उदाहरण के लिए, शराब का प्रचुरता और भौतिक आशीर्वाद के प्रतीक के रूप में प्रयोग किया जाता है। <ref>[http://www.biblegateway.com/passage/?search=Ge27:28;Ge49:9-12;Dt7:13;11:14;15:14;33:28;Pr3:9-10;Jr31:10-12;Ho2:21-22;Jl2:19,24,3:18;Am9:13-14;2Ki18:31-32;2Ch32:28;Ne5:11;13:12 Ge 27:28; 49:9-12; Dt 7:13; 11:14; 15:14; compare 33:28; Pr 3:9f; Jr 31:10-12; Ho 2:21-22; Jl 2:19,24; 3:18; Am 9:13f; compare 2Ki 18:31-32; 2Ch 32:28; Ne 5:11; 13:12] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160424201802/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Ge27:28;Ge49:9-12;Dt7:13;11:14;15:14;33:28;Pr3:9-10;Jr31:10-12;Ho2:21-22;Jl2:19,24,3:18;Am9:13-14;2Ki18:31-32;2Ch32:28;Ne5:11;13:12 |date=24 अप्रैल 2016 }}; etc.</ref>  नकारात्मक रूप से, शराब को मकर और बीयर के रूप में पेश किया जाता है,<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Pr20:1 |title=Pr 20:1 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160527043005/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Pr20:1 |archive-date=27 मई 2016 |url-status=live }}</ref> और ड्रिग्स के लिए मजबूत शराब का प्याला पीने और नशे में पाना कभी-कभी भगवान के फैसले और क्रोध के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है<ref>[http://www.biblegateway.com/passage/?search=Jb21:20;Ps60:3;75:8;Is51:17-23;63:6;Jr13:12-14;25:15-29;49:12;51:7;La4:21-22;Ezk23:28-33;Na1:9-10;Hab2:15-16;Zc12:2;Mt20:22;26:39,42;Lk22:42;Jn18:11;Re14:10;16:19 Ps 60:3; 75:8; Is 51:17-23; 63:6; Jr 13:12-14; 25:15-29; 49:12; 51:7; La 4:21f; Ezk 23:28-33; Na 1:9f; Hab 2:15f; Zc 12:2; Mt 20:22; 26:39, 42; Lk 22:42; Jn 18:11; Re 14:10; 16:19] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160424211236/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Jb21:20;Ps60:3;75:8;Is51:17-23;63:6;Jr13:12-14;25:15-29;49:12;51:7;La4:21-22;Ezk23:28-33;Na1:9-10;Hab2:15-16;Zc12:2;Mt20:22;26:39,42;Lk22:42;Jn18:11;Re14:10;16:19 |date=24 अप्रैल 2016 }}; compare [//en.wikipedia.org/wiki/Psalms_of_Solomon Ps Sol] [http://www.goodnewsinc.net/othbooks/psalmsol.html 8:14] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20171216115242/http://www.goodnewsinc.net/othbooks/psalmsol.html |date=16 दिसंबर 2017 }}</ref> बाइबिल भी आम तौर पर पोषण और भोजन के संदर्भ में आनंद लेने वाले और सहकर्मी के रूप में शराब की बात करता है। <ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Jg9:13;Ps4:7,104:15;Ec9:7,10:19;Zc9:17,10:7 |title=Jg 9:13; Ps 4:7; 104:15; Ec 9:7; 10:19; Zc 9:17; 10:7 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160424181739/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Jg9:13;Ps4:7,104:15;Ec9:7,10:19;Zc9:17,10:7 |archive-date=24 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref> आमतौर पर भोजन पर शराब का सेवन किया जाता था,<ref>{{cite encyclopedia|title=Drunkenness|encyclopedia=Illustrated Dictionary of Bible Life & Times|publisher=The Reader's Digest Association|location=Pleasantville, New York|year=1997|pages=374–376}}</ref> और ओल्ड टैस्टमैंट ने इसे बलि के अनुष्ठानों और त्यौहार समारोहों में उपयोग के लिए निर्धारित किया था।   यूहन्ना की सुसमाचार ने यीशु के पहले चमत्कार को दर्ज किया: प्रचुर मात्रा में<ref>Six pots of thirty-nine [//en.wikipedia.org/wiki/Litre liters] each = 234 liters = 61.8 [//en.wikipedia.org/wiki/Gallon gallons], according to {{cite encyclopedia|last=Seesemann|first=Heinrich|encyclopedia=Theological Dictionary of the New Testament|volume=V|editor-first=Gerhard|editor-last=Kitte editor-link=Gerhard Kittel|editor2-first=Ronald E.|editor2-last=Pitkin|translator-first=Geoffrey W.|translator-last=Bromiley|year=1967|publisher=Wm. B. Eerdmans|title=οινος|isbn=0-8028-2247-9|pages=163}}</ref> काना में विवाह समारोह में दाखमधु का शराब <ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Jn+2:1-11,4:46 |title=Jn 2:1-11; 4:46 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160424180022/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Jn+2:1-11,4:46 |archive-date=24 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref>  यीशु ने फसह के उत्सव के दौरान आखिरी भोजन में ईचैरिस्ट के अनुष्ठान की स्थापना की,<ref>[http://www.biblegateway.com/passage/?search=Mt26:17-19;Mk14:12-16;Lk22:7-13 Mt 26:17-19; Mk 14:12-16; Lk 22:7-13] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20171208122356/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Mt26:17-19;Mk14:12-16;Lk22:7-13 |date=8 दिसंबर 2017 }}.</ref> वह कहते हैं कि "बेल के फल"<ref>Seesemann, p. 162: "Wine is specifically mentioned as an integral part of the passover meal no earlier than [//en.wikipedia.org/wiki/Jubilees Jub.] 49:6 ['... all Israel was eating the flesh of the paschal lamb, and drinking the wine ...'], but there can be no doubt that it was in use long before."</ref><ref>Raymond, p. 80: "All the wines used in basic religious services in Palestine were fermented."</ref> एक "[अपने] रक्त में नया नियम है,"<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Mt+26:26-29;Mk+14:22-25;Lk+22:17-20;1Co+10:16;11:23-25 |title=Mt 26:26-29; Mk 14:22-25; Lk 22:17-20; 1 Co 10:16; 11:23-25 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171208004059/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Mt+26:26-29;Mk+14:22-25;Lk+22:17-20;1Co+10:16;11:23-25 |archive-date=8 दिसंबर 2017 |url-status=live }}</ref>  यद्यपि ईसाईयों ने इस कथन के निहितार्थ पर मतभेद किया है (देखें ईचैरिस्टिक थियोलॉजीज विपरीत)<ref>{{cite encyclopedia|last=Lincoln|first=Bruce|encyclopedia=Encyclopedia of Religion|publisher=MacMillan Reference Books|edition=2nd|year=2005|isbn=978-0-02-865733-2|title=Beverages|volume=2|page=848|editor-first=Lindsay|editor-last=Jones}}</ref> शराब भी बाइबिल समय में औषधीय प्रयोजनों के लिए इस्तेमाल किया गया था, और यह कई संदर्भों में उस संदर्भ में प्रकट होता है- मौखिक संवेदनाहारी के रूप में,<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Pr31:4-7;Mt27:34,48;Mk15:23,36;Lk23:36;Jn19:28-30 |title=Pr 31:4-7; Mt 27:34,48; Mk 15:23,36; Lk 23:36; Jn 19:28–30 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160424190826/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Pr31:4-7;Mt27:34,48;Mk15:23,36;Lk23:36;Jn19:28-30 |archive-date=24 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref> एएक सामयिक cleanser और soother,<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Lk10:34 |title=Lk 10:34 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160424213112/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Lk10:34 |archive-date=24 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref> और एक पाचन सहायता<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=1Ti5:23 |title=1 Ti 5:23 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160424201906/https://www.biblegateway.com/passage/?search=1Ti5:23 |archive-date=24 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref> [[चित्र:Drunkenness_of_Noah_bellini.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| जियोवानी बेलिनी द्वारा नूह की नशे की लत<br> ]] ओल्ड टैस्टमैंट में राजाओं और पुजारी को कई बार शराब का सेवन करने के लिए मना किया गया था। <ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Pr31:4-5;Lv10:9;Ez44:21 |title=Pr 31:4f; Lv 10:9; compare Ez 44:21 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180116004344/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Pr31:4-5;Lv10:9;Ez44:21 |archive-date=16 जनवरी 2018 |url-status=live }}</ref>  जॉन बैप्टिस्ट जन्म से एक नासरी था। <ref>Compare [http://www.biblegateway.com/passage/?search=Lk+1:15 Lk 1:15] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180116004249/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Lk+1:15 |date=16 जनवरी 2018 }}.</ref> नाज़राती ने न केवल शराब को छोड़ दिया, बल्कि सिरका, अंगूर और किशमिश भी शामिल किया था। <ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Nu6:2-4;Jg13:4-5;Am2:11-12;Jr35 |title=Nu 6:2-4 (compare Jg 13:4-5; Am 2:11f); Jr 35 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180116004433/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Nu6:2-4;Jg13:4-5;Am2:11-12;Jr35 |archive-date=16 जनवरी 2018 |url-status=live }}</ref>  (यीशु ने सुसमाचार में दिखाए गए तीन साल की ज़िंदगी में इस तरह की शपथ नहीं ली, परन्तु वास्तव में फरीसियों ने पापियों से खाने और पीने का आरोप लगाया था<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Mt+11:18-19;Lk+7:33-34;Mk14:25;Lk22:17-18 |title=Mt 11:18f; Lk 7:33f; compare Mk 14:25; Lk 22:17f |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180116004251/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Mt+11:18-19;Lk+7:33-34;Mk14:25;Lk22:17-18 |archive-date=16 जनवरी 2018 |url-status=live }}</ref><ref name="RaymondP81">I. W. Raymond p. 81: "Not only did Jesus Christ Himself use and sanction the use of wine but also .</ref>  सेंट पॉल आगे ईसाइयों को अपरिपक्व ईसाईयों के प्रति अपनी कर्तव्यों के बारे में बताता है: "मांस खाने या दाखमधु पीना या जो कुछ भी आपके भाई को गिरने का कारण बनता है, उसके लिए बेहतर नहीं है।"<ref>[http://www.biblegateway.com/passage/?search=Ro14:21 Ro 14:21] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180116004307/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Ro14:21 |date=16 जनवरी 2018 }}.</ref> यहूदी पुजारी अल्कोहल लेने के बाद एक मण्डली को आशीर्वाद नहीं दे सकते<ref>{{Cite web|last=Posner|first=Rabbi Menachem|title=What is Judaism's take on alcohol consumption? - Questions & Answers|url=http://www.chabad.org/library/article_cdo/aid/581082/jewish/What-is-Judaisms-take-on-alcohol-consumption.htm|quote=Even today, [Jewish] priests may not bless the congregation after having even a single glass of wine.|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20130727125313/http://www.chabad.org/library/article_cdo/aid/581082/jewish/What-is-Judaisms-take-on-alcohol-consumption.htm|archive-date=27 जुलाई 2013|url-status=live}}</ref>  वस्तुतः सभी ईसाई परंपराओं का मानना ​​है कि कई मार्गों में बाइबल ने सामान्य मद्यपान की निंदा की है,<ref>For instance, [http://www.biblegateway.com/passage/?search=Pr20:1;Is5:11-12;Ho5:2-5;Ro13:13;Ep5:18;1Ti3:2-3 Pr 20:1; Is 5:11f; Ho 5:2,5; Ro 13:13; Ep 5:18; 1 Ti 3:2-3] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160424222152/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Pr20:1;Is5:11-12;Ho5:2-5;Ro13:13;Ep5:18;1Ti3:2-3 |date=24 अप्रैल 2016 }}.</ref> और ईस्टन के बाइबिल डिक्शनरी में कहा गया है, "मद्यपान का पाप ... पुराने समय में असामान्य नहीं होगा, क्योंकि इसका उल्लेख बाइबल में सत्तर गुना से भी अधिक शब्दावली या शाब्दिक रूप से किया गया है।"  इसके अतिरिक्त, नूह के नशे के नतीजे<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Ge+9:20-27 |title=Ge 9:20-27 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160424200821/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Ge+9:20-27 |archive-date=24 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref>  और लूत<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Ge19:31-38 |title=Ge 19:31-38 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160424200257/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Ge19:31-38 |archive-date=24 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref> "इरादों के खतरों और प्रतिकारकता के उदाहरण के रूप में सेवा करने का इरादा था।"<ref>{{Cite journal|last=Broshi|first=Magen|year=1984|title=Wine in Ancient Palestine — Introductory Notes|journal=Israel Museum Journal|volume=III|pages=33}}</ref>  सेंट पॉल बाद में ईचैरिस्ट के समारोह में नशे में होने के लिए कुरिंथियों पर गुस्सा हो जाता है<ref name="1Co11:20-22">{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=1Co11:20-22 |title=1Co 11:20-22 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160424190819/https://www.biblegateway.com/passage/?search=1Co11:20-22 |archive-date=24 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref> == बाइबल के समय में शराब बनाना == दोनों, जलवायु और फिलिस्तीन की भूमि, जहां अधिकांश बाइबिल होते हैं, बढ़ते अंगूर के लिए अच्छी तरह से अनुकूल थे,<ref name="Ewing">Ewing, p. 824.</ref> और जो दाख की बारियां उत्पादित की गई थीं, वह प्राचीन समय में एक मूल्यवान वस्तु थी, जो स्थानीय उपभोग के लिए और व्यापार में इसके मूल्य के लिए थी।<ref>See Broshi, ''passim'' (for instance, p. 29: Palestine was "a country known for its good wines").</ref><ref>Compare [http://www.biblegateway.com/passage/?search=2Ch2:3,10 2Ch 2:3,10] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160410055638/https://www.biblegateway.com/passage/?search=2Ch2:3,10 |date=10 अप्रैल 2016 }}</ref>  मिस्र के साथ व्यापार काफी व्यापक था। रोम की नींव से पहले यहूदियों में शराब पीने की संस्कृति थी हिराकोनपोलिस में राजा बिच्छू की कब्र में विंटेज मदिरा पाए गए थे। पुरातत्व के साक्ष्य से पता चलता है कि सामी पूर्ववर्तियों को कब्र में पाए जाने वाले विंटेज के लिए जिम्मेदार माना जाता था।<ref>{{Cite book|last=Gately|last1=Gately|first1=Iain|first=Iain|date=2008|title=Drink : a Cultural History of Alcohol|url=https://archive.org/details/drinkculturalhis00gate|page=[https://archive.org/details/drinkculturalhis00gate/page/n631 41]|edition=1st|location=New York|publisher=Gotham Books|isbn=978-1-592-40464-3|ISBN=978-1-592-40464-3}}</ref> दीवारों, बचाव, और मानव जागरण बनाने के द्वारा दाख की बारियां लुटेरों और जानवरों से सुरक्षित थीं<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Ps80:8-15;Is5:1-2;Mk12:1;SS2:15 |title=Ps 80:8-15; Is 5:1f; Mk 12:1; compare SS 2:15 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160324215900/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Ps80:8-15;Is5:1-2;Mk12:1;SS2:15 |archive-date=24 मार्च 2016 |url-status=live }}</ref> [[चित्र:MigdalHaemek5.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| मध्य में छपाई क्षेत्र के साथ इज़राइल में प्राचीन शराब प्रेस और नीचे बाईं ओर संग्रह वैट बंद।<br> ]]  हिब्रू में, अंगूर के रस को वाइन कहा जाने से पहले इसे उबालने की ज़रूरत नहीं है: "जब अंगूर को कुचल दिया गया और वाइन [यायिन] बहने लगती है, भले ही वह टाउन में उतरा न हो और अब भी वाइन प्रेस में है ... "। <ref>Sefer Kedushah, MaAchalot Assurot, Ch. 11, Halacha 11</ref> फसल का समय बहुत आनन्द और खेलपूर्णता लाता है,<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Is16:10;Jr48:33 |title=Compare Is 16:10; Jr 48:33 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190523120348/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Is16:10;Jr48:33 |archive-date=23 मई 2019 |url-status=live }}</ref> जैसा कि "पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने अंगूर लाने के लिए अगस्त से सितंबर तक संगीत और गीत की आवाज के साथ, दाख की बारी में ले लिया।"<ref name="Wine Making">{{cite encyclopedia|title=Wine Making|encyclopedia=Illustrated Dictionary of Bible Life & Times|pages=374f}}</ref><ref>Broshi, p. 24.</ref>  कुछ अंगूर तुरंत खाए गए थे, जबकि अन्य किशमिश में बदल गए थे। उनमें से ज्यादातर, शराब प्रेस में डाल दिए गए जहां पुरुषों और लड़कों ने उन्हें कूड़ा दिया, अक्सर संगीत के लिए।  दबाने के बाद किण्वन प्रक्रिया छह से बारह घंटे के भीतर शुरू होती है, और आम तौर पर कुछ दिनों के लिए कलेक्शन वैट में छोड़ दिया जाता है ताकि किण्वन के प्रारंभिक, "कर्कश" चरण को पारित करने की अनुमति मिल सके। शराब निर्माताओं ने इसे या तो बड़े मटेरियन जार में तब्दील कर दिया, जो तब सील कर दिया गया था, या अगर शराब को कहीं और पहुंचाया जा रहा था, तो मदिरा में (अर्थात, आंशिक रूप से पका हुआ बकरी-खाल, जहां पैर और पूंछ फैली हुई थी, जहां पर फैला हुआ था गर्दन पर खोलने को छोड़कर)  छह हफ्तों के बाद, किण्वन पूरा हो गया, और शराब को बड़े कंटेनरों में फ़िल्टर्ड किया गया और या तो खपत के लिए बेचा गया या एक तहखाने या टाउन में संग्रहीत किया गया, जो तीन से चार वर्ष तक चले। <ref name="Broshi26">Broshi, p. 26.</ref> उम्र बढ़ने के एक वर्ष के बाद भी, पुराने को अभी भी "नया शराब" कहा जाता था और अधिक वृद्ध वाइन को पसंद किया गया था।<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Lk5:39;Is25:6 |title=Lk 5:39; compare Is 25:6 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20161114002612/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Lk5:39;Is25:6 |archive-date=14 नवंबर 2016 |url-status=live }}</ref><ref>Dommershausen, pp. 60-62.</ref> मसालों और सुगंध को अक्सर वाइन में जोड़ा जाता था ताकि भंडारण से उत्पन्न होने वाले "दोष" को छिपाने के लिए अक्सर सभी ख़राब होने से रोकने के लिए पर्याप्त न हो। <ref>Broshi, p. 27.</ref>  कोई उम्मीद कर सकता है कि किसी भी प्रकार के शराब के लगभग 10% को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया गया है, लेकिन सिरका को जानबूझकर ब्रेड की सूई के लिए बनाया गया था<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Ru2:14 |title=Ru 2:14 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160411203722/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Ru2:14 |archive-date=11 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref> अन्य उपयोगों के बीच। <ref>Broshi, p. 36.</ref> बूथ का पर्व एक निर्धारित अवकाश था, जो तुरंत फसल के बाद और अंगूर के दबाने के बाद। <ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Dt16:13-15 |title=Dt 16:13-15 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190523004221/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Dt16:13-15 |archive-date=23 मई 2019 |url-status=live }}</ref> == ईसाई इतिहास और परंपरा में शराब == यह विवादास्पद है कि क्या ईकाईरिस्ट के उत्सव में और दैनिक जीवन में नियमित रूप से शराब का इस्तेमाल 1800 सालों से अधिक ईसाई धर्म में सार्वभौमिक और अविवादित अभ्यास था।<ref name="Antiquities">{{Cite book|last=Bingham|first=Joseph|year=1720|title=Origines Ecclesiasticæ: Or, The Antiquities of the Christian Church|url=https://books.google.com/books?id=3OIsAAAAYAAJ&pg=PA82|access-date=2014-08-20|quote=‘The Canons had also a great Respect to the external and publick Behaviour of the Clergy; obliging them to walk circumspectly, and abstain from things of ill Fame, though otherwise innocent and indifferent in themselves; that they might cut off all Occasions of Obloquy, by avoiding all suspicious Actions and All Appearances of Evil. In regard to which they not only censured them for Rioting and Drunkenness (which were vices not to be tolerated even in laymen) but forbad them to so much as eat or appear in a publick Inn or Tavern, except they were upon a Journey, or some such necessary Occasion required them to do it under Pain of ecclesiastical censure. The Council of Laodecia [b] and the third council of Carthage [c] forbid it universally to all Orders of the Clergy; and the Apostolic Canons [d] more expressly, with a Denunciation of Censure...’}}</ref><ref name="ProtTrans1">{{Cite journal|last=Mathison|first=Keith|author-link=Keith Mathison|authorlink=Keith Mathison|date=December 4–10, 2000|title=Protestant Transubstantiation - Part 1: Thesis; Biblical Witness|url=http://thirdmill.org/newfiles/kei_mathison/TH.Mathison.Prot.Transub.1.html|journal=IIIM Magazine Online|volume=2|issue=49|access-date=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303171745/http://thirdmill.org/newfiles/kei_mathison/TH.Mathison.Prot.Transub.1.html|archive-date=3 मार्च 2016|url-status=dead}}</ref> 1 9वीं और 20 वीं शताब्दी के दौरान, निषेधाज्ञा का एक सामान्य अर्थ उठे, कई ईसाई, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में कुछ प्रोटेस्टेंट, विश्वास करने लगे कि बाइबल शराब की रोकथाम करती है या आधुनिक परिस्थितियों में सबसे बुद्धिमान विकल्प ईसाई से दूर रहना है स्वेच्छा से शराब पीते हुए === मसीह से पहले === [[चित्र:Rembrandt_-_Belshazzar's_Feast_-_WGA19123.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| रेम्ब्रेंडट के बेलशस्सर का पर्व (1635) उसी रात बाबुल के राजा के मद्यपान पार्टी को दर्शाया गया था, जिस दिन साम्राज्य शांत फर्शियों पर गिर पड़ा। "चाहे वे पीते हैं" (नीति 31: 5) बेशक, डैनियल अनुपस्थित था। (दान 5:13) (नेशनल गैलरी, लंदन)<br> ]] मसीह के समय में शराब की हिब्रैकिक राय निश्चित रूप से सकारात्मक थी: शराब दुनिया का हिस्सा है जो भगवान ने बनाया और इस प्रकार "जरूरी स्वाभाविक रूप से अच्छा है"<ref>Raymond, p. 48.</ref>  हालांकि अत्यधिक उपयोग की अत्यधिक निंदा की जाती है। यहूदियों ने संयम के गुण के बजाय निर्माण की भलाई में खुशी पर जोर दिया, जो ग्रीक दार्शनिकों ने वकालत की।<ref>Raymond, p. 49.</ref>  शराब भगवान के लिए दैनिक बलिदान किए गए बलिदान का हिस्सा बन गया (लेवी 23:13) जैसा कि यहूदियों को बेबीलोन के निर्वासन (537 ईसा पूर्व में शुरू) से लौटा दिया गया और ओल्ड टैस्टमैंट की घटनाओं ने करीबी आकर्षित किया, शराब "सभी वर्गों और युगों के लिए बहुत ही कम उम्र का एक आम पेय था, पोषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत; लोगों के उत्सवों में प्रमुख हिस्सा, एक व्यापक रूप से सराहना की गई दवा, किसी भी किले के लिए एक आवश्यक प्रावधान, और एक महत्वपूर्ण वस्तु, "और यह" इब्रियों के जीवन में एक आवश्यक तत्व "था।<ref>{{Cite book|last=Hanson|first=David J.|author-link=David J. Hanson|authorlink=David J. Hanson|year=1995|title=Preventing Alcohol Abuse: Alcohol, Culture and Control|url=https://books.google.com/?id=AWk8FGoJwWAC&printsec=frontcover|page=4|location=Westport, CT|publisher=Praeger|isbn=978-0-275-94926-6|ISBN=978-0-275-94926-6}}</ref>  सब्त को बंद करने और शादियों, खतना, और फसह का जश्न मनाने के लिए शराब का अनुष्ठान भी इस्तेमाल किया गया था।<ref>Wigoder, p. 799.</ref> यद्यपि कुछ अपवादवाद का तर्क है कि बाइबिल में शराब लगभग हमेशा पानी से कट जाती है, इसमें नरमी के लिए अपनी शक्ति कम हो जाती है, सामान्य सहमति है कि, जबकि ओल्ड टैस्टमैंट वाइन को कभी-कभी विभिन्न स्वाद के साथ मिलाकर अपने स्वाद और उत्तेजक गुणों को बढ़ाने के लिए, यह आमतौर पर पानी से पतला नहीं था,<ref name="GentryUndiluted">Gentry, ''God Gave Wine'', pp. 143-146: "[R]ecognized biblical scholars of every stripe are in virtual agreement on the nondiluted nature of wine in the Old Testament."</ref><ref>Clarke, commentary on Is 1:22: "It is remarkable that whereas the Greeks and Latins by mixed wine always understood wine diluted and lowered with water, the Hebrews on the contrary generally mean by it wine made stronger and more inebriating by the addition of higher and more powerful ingredients, such as honey, spices, defrutum, (or wine inspissated by boiling it down to two-thirds or one- half of the quantity,) myrrh, mandragora, opiates, and other strong drugs."</ref>  और पानी के साथ मिश्रित शराब भ्रष्टाचार के लिए एक पुराने नियम के रूपक के रूप में उपयोग किया जाता है<ref>{{Cite web |url=http://www.biblegateway.com/passage/?search=Is1:22 |title=Is 1:22 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160424214614/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Is1:22 |archive-date=24 अप्रैल 2016 |url-status=live }}</ref> हालांकि, यूनानियों में, पानी के साथ शराब काटने का एक सामान्य अभ्यास था जो ताकत को कम करने और स्वाद को सुधारने के लिए किया जाता था।<ref>{{Cite web|last=Rayburn|first=Robert S.|authorlink=Robert S. Rayburn|date=2001-01-28|title=Revising the Practice of the Lord's Supper at Faith Presbyterian Church No. 2, Wine, No. 1|archiveurl=https://web.archive.org/web/20121015184244/http://sermons.faithtacoma.org/Revising_Communion/Revising_FPC_Lords_Supper_No.2_Wine_No.1_Jan.28.2001.htm|url-status=dead|url=http://sermons.faithtacoma.org/Revising_Communion/Revising_FPC_Lords_Supper_No.2_Wine_No.1_Jan.28.2001.htm|accessdate=2012-04-03|archivedate=2012-10-15}}</ref> 2 मकसीज़ (2nd या 1 शताब्दी ईसा पूर्व) के लेखन के समय तक, यूनानियों ने अलेक्जेंडर द ग्रेट के तहत फिलिस्तीन पर विजय प्राप्त की थी, और हेलेनिस्टिक कस्टम्स ने जाहिरा तौर पर यहूदियों के साथ स्वीकृति प्राप्त की थी<ref>Dommershausen, p. 61: "The custom of drinking wine mixed with water—probably in the ratio of two or three to one—seems to have made its first appearance in the Hellenistic era."<br> </ref> और नए नियम के समय में यहूदी अनुष्ठानों में ले जाया गया था।<ref>Compare the later Jewish views described in {{cite encyclopedia|url=http://jewishencyclopedia.com/view.jsp?artid=201&letter=W|title=Wine|encyclopedia=Jewish Encyclopedia|accessdate=11 सितंबर 2017|archiveurl=https://web.archive.org/web/20110629125417/http://www.jewishencyclopedia.com/view.jsp?artid=201&letter=W|archivedate=29 जून 2011|url-status=live}}</ref><ref>{{cite encyclopedia|last=Unger|first=Merrill F.|encyclopedia=Unger's Bible Dictionary|title=Wine|publisher=Moody Press|year=1981|origyear=1966|edition=3rd|location=Chicago|page=1169|quote=The use of wine at the paschal feast [that is, Passover] was not enjoined by the law, but had become an established custom, at all events in the post-Babylonian period. The wine was mixed with warm water on these occasions.... Hence in the early Christian Church it was usual to mix the sacramental wine with water.}}</ref>  रोम के शासन के तहत, जिसने पोम्पी (आइडिया प्रांत देखें) के तहत फिलिस्तीन पर कब्जा कर लिया था, औसत वयस्क पुरुष, जो एक नागरिक था, अनुमानित लीटर (लगभग एक चौथाई गैलन, या आधुनिक-दैनिक बोतल और एक तिहाई - लगभग 35 ओज़।) प्रति दिन शराब की,<ref>Broshi, p. 33.</ref> हालांकि दुनिया के कुछ हिस्सों में बियर अधिक आम था<ref>Broshi, p. 22.</ref> === प्रारंभिक चर्च ===  अपोस्टोलिक पिता शराब के लिए बहुत कम संदर्भ करते हैं<ref>Raymond, p. 88.</ref> रोम के क्लेमेंट (100 की मृत्यु हो गई) ने कहा: "देख, हम पवित्र व्यक्ति का हिस्सा हैं, हम सभी चीजें जो पवित्रता से संबंधित हैं, सभी बुरे बोलने से बचें, सभी घृणित और अशुद्ध गले लगाए, सभी के साथ शराबीपन, परिवर्तन के बाद, सभी घृणित वासना, घिनौना व्यभिचार, और गर्व से घृणित। "<ref>{{Cite web|last=Clement of Rome|author=Clement of Rome|title=Letter to the Corinthians|url=http://saintclementofrome.blogspot.com.au/p/letter-to-corinthians.html|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171207192643/http://saintclementofrome.blogspot.com.au/p/letter-to-corinthians.html|archive-date=7 दिसंबर 2017|url-status=dead}}</ref> चर्च पुजारियों के शुरुआती संदर्भों में यह स्पष्ट है कि प्रारंभिक चर्च ने ईचैरिस्ट वाइन में इस्तेमाल किया - जो कि पानी के साथ सामान्य रूप से मिश्रित था<ref>[//en.wikipedia.org/wiki/Justin_Martyr Justin Martyr], ''[//en.wikipedia.org/wiki/First_Apology First Apology]'', [http://www.ccel.org/ccel/schaff/anf01.viii.ii.lxv.html "Chapter LXV.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170731060254/http://www.ccel.org/ccel/schaff/anf01.viii.ii.lxv.html |date=31 जुलाई 2017 }}</ref><ref>[//en.wikipedia.org/wiki/Hippolytus_of_Rome Hippolytus of Rome] (died 235) says, "By thanksgiving the bishop shall make the bread into an image of the body of Christ, and the cup of wine mingled with water according to the likeness of the blood."</ref>  दीदाच, शुरुआती ईसाई ग्रंथ जिसे आमतौर पर 1 सदी के उत्तरार्ध से स्वीकार किया जाता है, ईसाइयों को एक सच्चे नबी के समर्थन में अपनी शराब का हिस्सा देने के लिए कहता है, या अगर उनके पास कोई नबी न हो, तो गरीबों को दे दो। <ref>{{Cite web|title=Didache, chapter 13|archiveurl=https://web.archive.org/web/20070528025425/http://www.earlychristianwritings.com/text/didache-hoole.html#13|url-status=dead|url=http://www.earlychristianwritings.com/text/didache-hoole.html#13|accessdate=2007-03-16|archivedate=May 28, 2007}}</ref>  अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट (सी। 215 मृत्यु हो गई) ने पीने के बारे में एक अध्याय में लिखा है कि उसने युवा और पुरानी व्यक्ति की प्रशंसा की, जो "पूरी तरह से पेय से बचना", जो एक अशिष्ट जीवन को अपनाने और "शराब से जितना संभव हो भागते हैं, आग का खतरा होगा। " उन्होंने युवाओं को चेतावनी दी थी कि "इससे कहीं ज्यादा भाग जाएं" ताकि उनके "जंगली आवेगों" को जलाए न जाए। उन्होंने कहा कि मसीह ने इसके द्वारा प्रभावित नहीं सिखाया। "... आत्मा ही बुद्धिमान है और जब सूखी होती है।" उन्होंने यह भी कहा कि शराब यीशु के रक्त का एक उचित प्रतीक है।<ref>{{Cite web|last=Clement of Alexandria|author=Clement of Alexandria|authorlink=Clement of Alexandria|work=The Instructor, book 2, chapter 2|title=On Drinking|url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/anf02.vi.iii.ii.ii.html|accessdate=2007-03-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20170911071530/http://www.ccel.org/ccel/schaff/anf02.vi.iii.ii.ii.html|archive-date=11 सितंबर 2017|url-status=dead}}</ref><ref>Compare the summary in Raymond, pp. 97-104.</ref>  उन्होंने ध्यान दिया कि शराब लेने के लिए दवा के रूप में स्वीकार्य है - ऐसा न हो कि वह स्वास्थ्य को बदतर करे। यहां तक ​​कि उन लोगों को भी "कारण और समय से मुग्ध कर रहे हैं" (इस तरह वे एक दिन के काम के बाद बहुत नशे में पीड़ित हैं), उन्होंने अभी भी मद्यपान को रोकना वाइन के साथ "यथासंभव अधिक पानी" मिश्रण करने को प्रोत्साहित किया। सभी घंटों के लिए, उन्हें अपने "अजेय कारणों, उनकी याददाश्त को सक्रिय रखने और उनके शरीर निर्बल और शराब से वंचित रहें।"  टर्टुलियन (220 निधन हो गया) ने चर्च में विवश होकर पादरियों को शांत होना चाहिए, बाइबिल के गैर-मद्यपान की मिसाल का हवाला देते हुए: "प्रभु ने हारून से कहा: 'तुम और तेरा बेटा, शराब और प्यारे शराब न पीएंगे, तम्बू, या बलि चढ़ाया हुआ वेदी तक चढ़ते हैं, और तुम मर नहींोगे। '[लेव 10: 9] तो यह सच है कि जैसे कि चर्च में सेवा करनी है, शांत नहीं होने वाला,' मर जाएगा। ' , हाल के दिनों में उसने इज़राइल को ऊपर उठाने के लिए कहा: 'और तुम मेरे पवित्र लोगों को पीने के लिये दाखमधु करते थे।' [आमोस 2:12] " <ref>{{Cite web|last=Tertullian|author=Tertullian|title=On Fasting, Ch. 9., From Fasts Absolute Tertullian Comes to Partial Ones And Xerophagies|url=http://www.earlychristianwritings.com/text/tertullian33.html|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170711055232/http://www.earlychristianwritings.com/text/tertullian33.html|archive-date=11 जुलाई 2017|url-status=dead}}</ref>  कुछ शुरुआती ईसाई नेता मदिरा की ताकत और विशेषताओं पर केंद्रित थे उन्होंने सिखाया कि दो प्रकार के शराब को प्रतिष्ठित किया जाना चाहिए: शराब आनन्द के कारण होता है और इससे खादाव (मादक पदार्थ और गैर-मादक) हो सकता है। मिस्री की सन्तान जॉन (3 9 5 मृत्यु हो गई) ने कहा: "... अगर कोई तेज शराब है तो मैं इसे बहिष्कृत करता हूं, लेकिन मैं अच्छा पीता हूं।"<ref>{{Cite web|last=Palladius|author=Palladius|title="Life of the Holy Fathers", Ch. XXXV|url=http://www.ccel.org/ccel/pearse/morefathers/files/palladius_lausiac_02_text.htm|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20180208184558/http://www.ccel.org/ccel/pearse/morefathers/files/palladius_lausiac_02_text.htm|archive-date=8 फ़रवरी 2018|url-status=dead}}</ref>  न्यसा की ग्रेगरी (मृत्यु 3 9 5) ने शराब के प्रकार के बीच समान भेद किया, "न शराबी, जो इंद्रियों के विरुद्ध भूखंडों का उत्पादन करता है, और शरीर को नष्ट करता है, लेकिन दिल को खुश करता है, शराब जो पैगंबर की सिफारिश करता है"<ref name="Gregory_of_Nyssa_395AD">{{Cite web|last=Gregory of Nyssa|author=Gregory of Nyssa|year=395|title=Funeral Oration on Meletius|url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf205.xii.ii.html|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20180124033610/http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf205.xii.ii.html|archive-date=24 जनवरी 2018|url-status=dead}}</ref>  4 वीं शताब्दी के अंत तक शराबी की निन्दा में वृद्धि हुई थी पीने के मनोरंजन के खिलाफ चर्च नियम लाओडिसिया परिषद (363) में पाए जाते हैं: <ref>{{Cite web|title=Synod of Laodicea|url=http://www.ewtn.com/library/PATRISTC/PII14-2.TXT|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303222836/http://www.ewtn.com/library/PATRISTC/PII14-2.TXT|archive-date=3 मार्च 2016|url-status=live}}</ref> # नियम XXIV: "पुजारी में से कोई भी, प्रबन्धियों से डेकन तक, और ऐसा करने के लिए उपकायकों, पाठकों, गायकों, भूत के झुंडियों, दरवाजे के रखवाले या एसेकेटिक्स के किसी भी वर्ग के लिए ईसाईवादी आदेश में, एक सराय में प्रवेश करना चाहिए " # नियम LV: "पुजारी या न ही पादरियों के सदस्य, न ही आम आदमी, एक साथ मनोरंजन के लिए एक साथ क्लब कर सकते हैं।"  हालांकि, बेसिल द ग्रेट (37 9 की मौत) ने कुछ द्वैतवादी धर्मविदों के विचारों को अस्वीकार कर दिया, जिन्होंने शादी को तिरस्कार किया, शराब को अस्वीकार कर दिया, और परमेश्वर की रचना "प्रदूषित" कहा।<ref>{{Cite book|last=Basil the Great|author=Basil the Great|author-link=Basil the Great|authorlink=Basil the Great|year=1895|title=Basil: Letters and Select Works|url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf208.html|chapter=Letter CXCIX: To Amphilochius, concerning the Canons|chapter-url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf208.ix.cc.html|chapterurl=http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf208.ix.cc.html|others=Philip Schaff (ed.)|access-date=2008-04-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20170919185745/http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf208.html|archive-date=19 सितंबर 2017|url-status=dead}}</ref> और जो ईचैरिस्ट में शराब के लिए पानी प्रतिस्थापित किया <ref>{{Cite journal|last=Allert|first=Craig D.|year=1999|title=The State of the New Testament Canon in the Second Century: Putting Tatian's Diatessaron in Perspective|url=http://www.earlychurch.org.uk/pdf/bbr/tatian_allert.pdf|journal=[[Bulletin for Biblical Research]]|issue=9|page=5|access-date=2008-04-16|quote=Also among the beliefs of the [heretical] Encratites is the rejection of the drinking of wine. In fact, the Encratites even went so far as to substitute water for wine in the Eucharist service.|archive-url=https://web.archive.org/web/20081011113559/http://www.earlychurch.org.uk/pdf/bbr/tatian_allert.pdf|archive-date=11 अक्तूबर 2008|url-status=dead}}</ref>  ईसाइयों के एक अल्पसंख्यक अल्कोहल पेय पदार्थों से बिल्कुल अलग थे। हिप्पो के मोनिका (387 की मौत) ने उत्सुकता से कुल संयम का सख्त नियम रखा, जिसे उसके बिशप एम्ब्रोस की आवश्यकता थी। उसने कभी खुद को बहुत ज्यादा पीना नहीं छोड़ा, न कि "एक से भी कम शराब का प्याला, अपने ही समशीतोष्ण तालू के अनुसार पतला, जो सौजन्य से बाहर, वह स्वाद लेगा।" लेकिन अब उसने स्वेच्छा से कोई भी नहीं पिया। <ref>{{Cite web|last=Augustine|author=Augustine|title="Confessions", Book VI, Ch. 2|url=http://www.newadvent.org/fathers/110106.htm|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170721115133/http://www.newadvent.org/fathers/110106.htm|archive-date=21 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref> अगस्तिन ने अपने बिशप के नियम का एक कारण बताया: "यहां तक ​​कि उन लोगों के लिए जो इसे कमाने के साथ इस्तेमाल करेंगे, ऐसा न हो कि वे ज्यादा शराब पी सकते हैं।" निश्चित रूप से एम्ब्रोस के नेताओं और डेकन्स ने भी इसी नियम का अभ्यास किया। उसने 1 तीमुथियुस 3: 2-4 और 3: 8-10 में शराब के बारे में पौलुस के निर्देशों का हवाला दिया और टिप्पणी की: "हम ध्यान दें कि हमारे लिए कितना आवश्यक है। प्रभु का सेवक शराब से बचना चाहिए, ताकि वह केवल वफादार नहीं बल्कि उन लोगों के द्वारा भी अच्छी गवाह को बरकरार रखे जो बिना हैं। "<ref>{{Citation|title="On the Duties of the Clergy", Ch. 50, section 256|author=Ambrose}}</ref>  इसी तरह, उसने कहा: "एक विधवा को शराब से पहली जगह में शुद्ध रखना, ताकि वह व्यभिचार से शुद्ध हो। वह तुम्हें व्यर्थ में लुभाएगा, अगर शराब आपसे नहीं निकल जाए।"<ref>{{Citation|title="Concerning Widows", Ch. 7, section 40|author=Ambrose}}</ref>  जॉन क्रिस्सोस्टम (407 की मृत्यु हो गई) ने कहा: "वे जो पीते नहीं हैं वे नशे में सोचा नहीं।"<ref>{{Cite web|last=Chrysostom|first=John|authorlink=John Chrysostom|pages=Homily LVII|title=Homilies on the Gospel of St. Matthew|url=http://www.catholicprimer.org/chrysostom/matthew/homily057.htm|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170610192320/http://catholicprimer.org/chrysostom/matthew/homily057.htm|archive-date=10 जून 2017|url-status=dead}}</ref> इसलिए क्रिस्सोस्टम ने जोर देकर कहा कि डेकन्स 1 तीमुथियुस 3: 8-10 पर अपनी आराधना में शराब का स्वाद नहीं ले सकते: "धन्य पॉल के विवेक देखे जा सकते हैं। जब वे डैकॉन को शराब में अधिक से बचने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, तो वह यह नहीं कहता, नशे में नहीं, 'लेकिन' बहुत 'के लिए भी' नहीं 'दिया।' उचित सावधानी; क्योंकि अगर मंदिर में सेवा करने वालों ने शराब नहीं खाया, तो इससे ज्यादा कुछ नहीं होना चाहिए, क्योंकि शराब मन में विकार पैदा करता है, और जहां वह नशे में पीड़ित नहीं होता है, वह ऊर्जा को नष्ट कर देता है और दृढ़ता को निपुणता देता है अन्त: मन।"<ref>{{Cite web|last=Chrysostom|first=John|title=Homilies on the First Epistle of St. Paul to Timothy, Homily XI, 1 Timothy 3:8-10|url=http://www.bible.ca/history/fathers/NPNF1-13/npnf1-13-92.htm|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20121116144328/http://www.bible.ca/history/fathers/NPNF1-13/npnf1-13-92.htm|archive-date=16 नवंबर 2012|url-status=dead}}</ref> बेशक वे जानते थे कि सभी मदिरा मादक नहीं थे; उनके विपरीत प्रभाव थे और सभी समान नहीं थे। <ref>{{Cite web|last=Chrysostom|author=Chrysostom|title=Homilies on Ephesians, Homily XIX, Ephesians v. 15, 16, 17|url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf113.iii.iv.xx.html|quote=Like his contemporaries, Chrysostom distinguisted between types of wine, saying ‘it cannot be that one and the same thing should work opposite effects.’|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170717095709/http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf113.iii.iv.xx.html|archive-date=17 जुलाई 2017|url-status=dead}}</ref> 1 तीमुथियुस 5:23 पर उसकी मूर्तियां दर्शाती है कि वे कुछ विधर्मी और अपरिपक्व ईसाई नहीं थे, जो "वादा नहीं करते" और "जब तक कोई शराब न हो," तो "ईश्वर ने उन्हें दिए फल को दोषी ठहराया"। उन्होंने भगवान की सृष्टि की भलाई पर ज़ोर दिया और कहा: "कोई पिया न हो, क्योंकि शराब ही परमेश्वर का काम है, लेकिन शराबीपन शैतान का काम है। शराब न पियागी, परन्तु आश्रित पैदा करता है। भगवान की कारीगरी, लेकिन एक साथी नश्वर की पागलपन पर आरोप लगाते हैं। "<ref>{{Cite web|last=Chrysostom|first=John|authorlink=John Chrysostom|pages=paras 11f|title=First Homily on the Statues|url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf109.xix.iii.html|accessdate=2008-06-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20170621011903/http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf109.xix.iii.html|archive-date=21 जून 2017|url-status=dead}}</ref> ग्रीक दर्शन से ईसाई नैतिकता में पारित किए गए संयम के गुण और सेंट एम्ब्रोस के तहत चार प्रमुख गुणों में से एक बन गया<ref>{{Cite web|last=[[Ambrose]]|author=[[Ambrose]]|work=On the Duties of the Clergy|title=Book I, chapter XLIII|url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf210.iv.i.ii.xliii.html|accessdate=2007-03-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20181225181017/http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf210.iv.i.ii.xliii.html|archive-date=25 दिसंबर 2018|url-status=dead}}</ref> और सेंट अगस्टिन<ref>{{Cite web|last=Augustine|author=Augustine|title=Augustine: The Writings Against the Manichaeans and Against the Donatists, Book XXII, Ch. 44|url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf104.iv.ix.xxiv.html|quote=‘... for the drunkard is not always drunk, and a man may be drunk on one occasion without being a drunkard. However, in the case of a righteous man, we require to account for even one instance of drunkenness.’|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170916052300/http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf104.iv.ix.xxiv.html|archive-date=16 सितंबर 2017|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite web|last=Augustine of Hippo|author=Augustine of Hippo|authorlink=Augustine of Hippo|work=On the Morals of the Catholic Church|title=Chapter 19|url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf104.iv.iv.xxi.html|accessdate=2007-03-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20171207192322/http://www.ccel.org/ccel/schaff/npnf104.iv.iv.xxi.html|archive-date=7 दिसंबर 2017|url-status=dead}}</ref><ref>Raymond, p. 78.</ref> सरी तरफ, नशे में धुत, पेटू की एक अभिव्यक्ति माना जाता है, जो सातवीं शताब्दी में ग्रेगरी महान द्वारा संकलित सात घातक पापों में से एक है।<ref>[//en.wikipedia.org/wiki/Pope_Gregory_I Gregory the Great].</ref> === मध्य युग === [[चित्र:Monk_tasting_wine_from_a_barrel.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| एक भिक्षु-सेलरर, एक बैरल से चखने वाली शराब, जबकि एक जंग भरकर (13 वीं शताब्दी की एक प्रकाशित पांडुलिपि से)<br> ]] रोमन साम्राज्य की गिरावट ने इसे पश्चिमी और मध्य यूरोप में शराब के उत्पादन और उपभोग में एक महत्वपूर्ण गिरावट लायी, लेकिन पूर्वी और पश्चिमी चर्च (विशेष रूप से बायज़ैंटिंस) ने अंगूर की खेती और शराब बनाने की प्रथाओं को संरक्षित रखा। <ref>{{Cite web|year=2003|title=Wine History|url=http://www.macedonian-heritage.gr/Wine/WineHistory.html|publisher=Macedonian Heritage|accessdate=2007-02-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20170713111527/http://www.macedonian-heritage.gr/Wine/WineHistory.html|archive-date=13 जुलाई 2017|url-status=dead}}</ref>  मध्यकालीन भिक्षुओं, बियर और शराब की बेहतरीन रचनाकारों के रूप में प्रसिद्ध,<ref name="West">{{Cite book|last=West|first=Jim|year=2003|title=Drinking with Calvin and Luther!|page=22ff|publisher=Oakdown Books|isbn=0-9700326-0-9|ISBN=0-9700326-0-9}}</ref>  प्रति दिन लगभग पांच लीटर बीयर आवंटित किए गए थे, और उन्हें उपवास के दौरान बियर (लेकिन शराब नहीं) पीने की इजाजत थी।<ref>{{Cite journal|last=Lynch|first=Kevin|date=September 20 – October 3, 2006|title=Sin & Tonic: Making beer, wine, and spirits is not the Devil's work|archiveurl=https://web.archive.org/web/20061112204103/http://www.thewavemag.com/pagegen.php?pagename=article&articleid=26032|url=http://www.thewavemag.com/pagegen.php?pagename=article&articleid=26032|journal=The Wave Magazine|volume=6|issue=19|access-date=2007-01-22|archivedate=November 12, 2006}}</ref><ref>[//en.wikipedia.org/wiki/Will_Durant Will Durant] describes the customs of [//en.wikipedia.org/wiki/England England] in the late Middle Ages: "a gallon of beer per day was the usual allowance per person, even for nuns" ({{Cite book|last=Durant|first=Will|year=1957|title=The Reformation|url=https://archive.org/details/reformationv604dura|page=[https://archive.org/details/reformationv604dura/page/113 113]|location=New York|publisher=Simon and Schuster}}</ref> यह चर्च द्वारा उचित था एली की सामग्री बनाने वाली रोटी और पानी को शराब की तरह पाप नहीं माना जाता था। मठों में बढ़ते हुए बढ़ रहे हैं और कई आधुनिक ब्रुअरीज अपने मूल को मध्ययुगीन मठों में वापस देख सकते हैं।<ref>{{Cite book|last=Gately|last1=Gately|first1=Iain|first=Iain|date=2008|title=A Cultural History of Alcohol|page=79|location=New York, New York|publisher=Penguine Group Inc.|isbn=978-1-592-40464-3|ISBN=978-1-592-40464-3}}</ref>  बेनेडिक्ट ऑफ नर्सिया (मृत्यु हो गई 547), जिन्होंने बेनिडिक्टिंस को शासित मठों के नियमों को तैयार किया, ऐसा लगता है कि भिक्षुओं को बिना किसी शराब के दैनिक स्टेपल के रूप में किया जाना चाहिए, लेकिन उनका संकेत मिलता है कि उनके दिन के भिक्षुओं ने पुरानी विनियमन बहुत बोझिल पाया। इस प्रकार वह एक चौथाई लीटर (या शायद, एक आधा लीटर) की रियायत प्रदान करता है<ref>That is, either about half a [//en.wikipedia.org/wiki/Pint pint] or a full pint.</ref> विशेष परिस्थितियों में अधिक के लिए भत्ता के साथ, पोषण के लिए पर्याप्त के रूप में प्रति दिन शराब की<ref>{{Cite book|last=Benedict of Nursia|author=Benedict of Nursia|author-link=Benedict of Nursia|authorlink=Benedict of Nursia|title=Holy Rule of St. Benedict|chapter=Chapter XL - Of the Quantity of Drink|chapter-url=http://www.ccel.org/ccel/benedict/rule.xlii.html|chapterurl=http://www.ccel.org/ccel/benedict/rule.xlii.html|quote='Every one hath his proper gift from God, one after this manner and another after that' ([http://www.biblegateway.com/passage/?search=1Co7:7 1 Cor 7:7]). It is with some hesitation, therefore, that we determine the measure of nourishment for others. However, making allowance for the weakness of the infirm, we think one hemina of wine a day is sufficient for each one. But to whom God granteth the endurance of abstinence, let them know that they will have their special reward. If the circumstances of the place, or the work, or the summer's heat should require more, let that depend on the judgment of the Superior, who must above all things see to it, that excess or drunkenness do not creep in.}}</ref> और दोहराए जाने के लिए दंड के रूप में कोई भी नहीं<ref>{{Cite book|last=Benedict of Nursia|author=Benedict of Nursia|title=Holy Rule of St. Benedict|chapter=Chapter XLIII - Of Those Who Are Tardy in Coming to the Work of God or to Table|chapter-url=http://www.ccel.org/ccel/benedict/rule.xlv.html|chapterurl=http://www.ccel.org/ccel/benedict/rule.xlv.html|access-date=2008-04-18|quote=If [a monk] doth not amend after [being twice tardy], let him not be permitted to eat at the common table; but separated from the company of all, let him eat alone, his portion of wine being taken from him, until he hath made satisfaction and hath amended.}}</ref> फिर भी, उनका मानना ​​है कि संयम ही उन लोगों के लिए सबसे अच्छा रास्ता है, जिनके पास भगवान से उपहार है ताकि उन्हें अपनी शारीरिक भूख को रोक सकें।<ref>Holy Rule of St. Benedict, Chapter XL.</ref>  थॉमस एक्विनास (1274 में मृत्यु हो गई), एक डोमिनिकन तपस्वी और कैथोलिक चर्च के "डॉक्टर एंजिलस" का कहना है कि शराब में संयम मुक्ति के लिए पर्याप्त है, लेकिन कुछ व्यक्तियों के लिए पूर्णता की आवश्यकता है, और यह उनके परिस्थितियों पर निर्भर था।<ref>{{Cite book|last=Aquinas|first=Thomas|author-link=Thomas Aquinas|authorlink=Thomas Aquinas|title=Summa Theologica|chapter=Second Part of the Second Part, Question 149, Article 3 - Whether the use of wine is altogether unlawful?|chapter-url=http://www.ccel.org/ccel/aquinas/summa.SS_Q149_A3.html|chapterurl=http://www.ccel.org/ccel/aquinas/summa.SS_Q149_A3.html|access-date=2008-04-17|quote=A man may have wisdom in two ways. First, in a general way, according as it is sufficient for salvation: and in this way it is required, in order to have wisdom, not that a man abstain altogether from wine, but that he abstain from its immoderate use. Secondly, a man may have wisdom in some degree of perfection: and in this way, in order to receive wisdom perfectly, it is requisite for certain persons that they abstain altogether from wine, and this depends on circumstances of certain persons and places.}}</ref> ईचैरिस्ट के संबंध में, वे कहते हैं कि अंगूर के वाइन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और वह "होना चाहिए", कच्चा अंगूर से रस के विपरीत, शराब के रूप में उत्तीर्ण होता है क्योंकि इसकी मिठाई स्वाभाविक रूप से इसे शराब में बदल देती है इसलिए ताजा दबाया जाना चाहिए वास्तव में प्रयोग करने योग्य है (अधिमानतः किसी भी अशुद्धता को छानने के बाद)<ref>{{Cite book|last=Aquinas|first=Thomas|author-link=Thomas Aquinas|authorlink=Thomas Aquinas|title=Summa Theologica|chapter=Third Part, Question 74, Article 5 - Whether wine of the grape is the proper matter of this sacrament?|chapter-url=http://www.ccel.org/ccel/aquinas/summa.TP_Q74_A5.html|chapterurl=http://www.ccel.org/ccel/aquinas/summa.TP_Q74_A5.html|access-date=2008-04-17|quote=This sacrament can only be performed with wine from the grape.... Now that is properly called wine, which is drawn from the grape, whereas other liquors are called wine from resemblance to the wine of the grape.... Must, however, has already the species of wine, for its sweetness indicates fermentation which is 'the result of its natural heat' ([[Meteorology (Aristotle)|Meteor]] . iv); consequently this sacrament can be made from must.... It is furthermore forbidden to offer must in the chalice, as soon as it has been squeezed from the grape, since this is unbecoming owing to the impurity of the must. But in case of necessity it may be done.}}</ref>  भिक्षुओं में पीने सार्वभौमिक नहीं थे, और 131 9 में बर्नार्डो टोलोमी ने ओलिविटन आदेश की स्थापना की, शुरू में बेनेडिक्ट की तुलना में अधिक संन्यासी नियम का पालन किया। ओलिवेट्स ने अपने सभी दाख की बारियों को उखाड़ दिया, उनकी शराब-प्रेस को नष्ट कर दिया, और "कट्टरपंथी कुल निर्वासन" थे, लेकिन शासन जल्द ही आराम कर दिया गया था। <ref>{{cite encyclopedia|last=Almond|first=J. C.|encyclopedia=Catholic Encyclopedia|title=Olivetans|url=http://www.newadvent.org/cathen/11244c.htm|year=1913|quote=St. Bernard Ptolomei's idea of monastic reform was that which had inspired every founder of an order or congregation since the days of St. Benedict—a return to the primitive life of solitude and austerity. Severe corporal mortifications were ordained by rule and inflicted in public. The usual ecclesiastical and conventual fasts were largely increased and the daily food was bread and water&nbsp;... They were also fanatical total abstainers; not only was St. Benedict's kindly concession of a hemina of wine rejected, but the vineyards were rooted up and the wine-presses and vessels destroyed&nbsp;... Truly, relaxation was inevitable. It was never reasonable that the heroic austerities of St. Bernard and his companions should be made the rule, then and always, for every monk of the order&nbsp;... It was always the custom for each one to dilute the wine given him.|accessdate=11 सितंबर 2017|archiveurl=https://web.archive.org/web/20170925060448/http://www.newadvent.org/cathen/11244c.htm|archivedate=25 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> क्योंकि कैथोलिक चर्च को यूचारीस्ट में ठीक से वाष्पीकृत करना आवश्यक है<ref name="AltarWine">{{Cite Catholic Encyclopedia|wstitle=Altar Wine}}</ref> शराबी या एलर्जी वाले पुजारी के लिए एक आधुनिक अपवाद के साथ<ref name="EucharistWine">{{Cite web|date=May 1996|work=St. Anthony Messenger|title=Ask the Wise Man: Eucharistic Wine and an Alcoholic Priest; Hosts for the Gluten-allergic|url=http://www.americancatholic.org/Messenger/May1996/Wiseman.asp#F3|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20160718040739/http://www.americancatholic.org/Messenger/May1996/Wiseman.asp#F3|archive-date=18 जुलाई 2016|url-status=dead}}</ref> जहां-जहां कैथोलिक ईसाई फैल गई, मिशनरियों ने अंगूर की अंगूर भी खरीदीं ताकि वे शराब बना सकें और मास का जश्न मना सकें कैथोलिक चर्च अल्कोहल से संबंधित कई शुरुआती और मध्यकालीन संतों का जश्न मना रहा है- उदाहरण के लिए, सेंट एड्रियन, बीयर के संरक्षक संत; सेंट अमान, शूरवीर के संरक्षक संत, बरकपारी और शराब व्यापारियों; सेंट मार्टिन, तथाकथित शराब के संरक्षक संत; सेंट विंसेंट, विंटनर्स के संरक्षक संत रूढ़िवादी चर्च की दिव्य सेवाओं में शराब का स्थान है न केवल दिव्य लितुर्गी (ईचैरिस्ट) के उत्सव में, बल्कि आर्टोकलासेरिया (ऑल नाइट विगिल के दौरान रोटी, शराब, गेहूं और तेल का आशीर्वाद) और शराब के "आम कप" में, जिसे दुल्हन द्वारा साझा किया जाता है एक रूढ़िवादी शादी की सेवा के दौरान दुल्हन पवित्र वादे प्राप्त करने के बाद एक बड़ी मात्रा में गर्म वाइन (ज़ापिवाका) एंटीडॉरॉन के एक टुकड़े के साथ वफादार द्वारा लिया जाता है। सर्बियाई रूढ़िवादी चर्च वाइन में दावत के दिनों में स्लाव के रूप में जाने वाली सेवा के उत्सव में प्रयोग किया जाता है रूढ़िवादी चर्च के उपवास नियमों ने शराब की खपत (और विस्तार से, सभी मादक पेय) पूरे वर्ष के सबसे तेज दिन पर मना कर दिया। रूढ़िवादी सेंट ट्रायफॉन को वेलेंस और दाख की बारी के श्रमिकों के संरक्षक संत के रूप में मनाते हैं।<ref>{{Cite web|year=2003|title=Wine, Religion and Culture|url=http://www.macedonian-heritage.gr/Wine/WineReligionCulture.html|publisher=Macedonian Heritage|accessdate=2007-02-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20170713123238/http://www.macedonian-heritage.gr/Wine/WineReligionCulture.html|archive-date=13 जुलाई 2017|url-status=dead}}</ref> "बेशक, संत की जिंदगी में कोई घटनाएं नहीं मिलीं जो उसके बीच एक विशेष संबंध और दाख की बारी या शराब दिखाती हैं।"<ref>{{Cite web|title=St. Tryphon and wine|url=http://www.zarariswines.gr/saint_en.html|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20180206045332/http://www.zarariswines.gr/saint_en.html|archive-date=6 फ़रवरी 2018|url-status=dead}}</ref> === सुधार ===  ज़िन्गली ने कई तरह से ज्यूरिख में सुधार किया; 1530 में उन्होंने 9 पी.एम. तक शराब के समापन का समय घटाया<ref>{{Cite web|title=500 Years of Reformation|url=https://www.zuerich.com/en/visit/500-years-of-reformation|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20161020041741/https://www.zuerich.com/en/visit/500-years-of-reformation|archive-date=20 अक्तूबर 2016|url-status=dead}}</ref> उन्होंने चेतावनी दी: "हर जवान को विषमता से भाग लेना जैसे वह विष से होता है ... यह शरीर को उग्र करता है ... यह समय से पहले बुढ़ापे पर लाता है।"<ref>{{Cite book|last=Zwingli|first=Ulrich|title=The Christian education of youth|url=https://archive.org/details/christianeducati00zwin|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160307102110/https://archive.org/details/christianeducati00zwin|archive-date=7 मार्च 2016|url-status=live}}</ref>  जैसा कि प्रोटेस्टेंट सुधार शुरू हुआ, लूथर और केल्विन से लेकर ज्वविली और नॉक्स के सुधारों ने बाइबिल के आशीर्वाद के रूप में शराब के आनंद का समर्थन किया,<ref>See West, ''Drinking'' and Mathison, "Protestant Transubstantiation" parts 2 and 3 for many examples.</ref>{{Verify source|date=October 2016}}  पोपसी के तहत भिक्षुओं ने पीने से दूर रहने से मना कर दिया: यह केल्विन आश्चर्यचकित है उन्होंने कहा कि वे केवल कुछ खाद्य पदार्थों से न केवल त्याग दिए हैं। उन्होंने उन लोगों के प्रति सम्मानित नाजिरियों और उन पुजारियों के खिलाफ विरोधाभास किया जो मंदिर में शराब का इस्तेमाल मना कर दिया गया था।<ref>{{Cite book|last=Calvin|first=John|title=Calvin's Commentaries, Harmony of the Law, Numbers 6|url=http://www.sacred-texts.com/chr/calvin/cc03/cc03065.htm|volume=3|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20131013034245/http://www.sacred-texts.com/chr/calvin/cc03/cc03065.htm|archive-date=13 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref> जिनेवा में केल्विन के साथ, "कम सराय और पीने की दुकानों को समाप्त कर दिया गया, और अंतरंग कम हो गया।"<ref>{{Cite book|last=Schaff|first=Philip|title=History of the Christian Church, Volume VIII: Modern Christianity. The Swiss Reformation}}</ref>  जेनेवा में केल्विन के वार्षिक वेतन में सात बैरल शराब शामिल थे।<ref>{{Cite journal|last=West|first=Jim|date=March–April 2000|title=A Sober Assessment of Reformational Drinking|journal=Modern Reformation|volume=9|issue=2}}</ref> लूथरन फॉर्मूला ऑफ़ कॉनकॉर्ड (1576)<ref>{{Cite web |url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.iii.iv.html#iii.iv-p25.766 |title=Article 7 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170709184941/http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.iii.iv.html#iii.iv-p25.766 |archive-date=9 जुलाई 2017 |url-status=live }}</ref>  और विश्वास के सुधारित ईसाई बयान<ref>[//en.wikipedia.org/wiki/Belgic_Confession Belgic Confession] (1561), [http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.iv.viii.html#iv.viii-p7.1780 article 35] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170915211056/http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.iv.viii.html#iv.viii-p7.1780 |date=15 सितंबर 2017 }}</ref><ref>[//en.wikipedia.org/wiki/Heidelberg_Catechism Heidelberg Catechism] (1563), [http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.iv.vi.html#iv.vi-p0.1627 questions 78-80] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170901222517/http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.iv.vi.html#iv.vi-p0.1627 |date=1 सितंबर 2017 }}</ref><ref>[//en.wikipedia.org/wiki/Thirty-Nine_Articles Thirty-Nine Articles] (1571), [http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.iv.xi.html#iv.xi-p40.50 article 28] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170925194320/http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.iv.xi.html#iv.xi-p40.50 |date=25 सितंबर 2017 }}</ref><ref>[//en.wikipedia.org/wiki/Westminster_Confession_of_Faith Westminster Confession of Faith] (1647), [http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.iv.xvii.ii.html#iv.xvii.ii-p9.760 chapter 29, paragraph 3] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170912083727/http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.iv.xvii.ii.html#iv.xvii.ii-p9.760 |date=12 सितंबर 2017 }}</ref>  जैसा कि 1689 बैप्टिस्ट कन्फेशन ऑफ फ़ेथ के रूप में भी शराब के उपयोग का स्पष्ट उल्लेख और ग्रहण करना है<ref>{{Cite web |url=http://www.ccel.org/creeds/bcf/bcfc30.htm#chapter30 |title=Chapter 30, paragraph 3 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160315163916/http://www.ccel.org/creeds/bcf/bcfc30.htm#chapter30 |archive-date=15 मार्च 2016 |url-status=dead }}</ref>  और धर्म के मेथोडिस्ट लेख (1784)<ref>{{Cite web |url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.v.vi.html#v.vi-p42 |title=Article 18 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808095014/http://www.ccel.org/ccel/schaff/creeds3.v.vi.html#v.vi-p42 |archive-date=8 अगस्त 2017 |url-status=live }}</ref> डॉर्ड्रेक्ट कन्फेशन ऑफ फ़ेथ (1632) में, यहां तक ​​कि कट्टरपंथी एनाबैप्टीस्ट्स, जिन्होंने रोमन कैथोलिक ईसाई के हर ट्रेस को छिपाने और केवल बाइबल पर भरोसा करने की मांग की, यह भी मान लिया गया कि शराब का इस्तेमाल किया जाना था,<ref>{{Cite web |url=http://www.gameo.org/encyclopedia/contents/D674.html#X |title=Article 10 |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://www.webcitation.org/6Ein2MIZ0?url=http://www.gameo.org/encyclopedia/contents/D674.html#X |archive-date=26 फ़रवरी 2013 |url-status=dead }}</ref> और अपनी प्रतिष्ठा के बावजूद हत्या के रूप में,<ref>{{Cite book|last=Daniels|first=Bruce C.|year=1996|title=Puritans at Play|page=[https://archive.org/details/puritansatplayle00dani/page/3 3ff]|publisher=Palgrave Macmillan|isbn=0-312-16124-7|ISBN=0-312-16124-7|url=https://archive.org/details/puritansatplayle00dani/page/3}}</ref>  अंग्रेजी प्योरिटन्स "भगवान के अच्छे उपहार" के शीतल हिस्सा थे, जिसमें शराब और एल शामिल थे।<ref>West, ''Drinking'', pp. 68ff.</ref> === औपनिवेशिक अमेरिका === पिलग्रीम फादर अमेरिका के लिए निर्धारित होने पर, उन्होंने यात्रा के लिए उनके साथ काफी मात्रा में अल्कोहल लाया (28,617 लीटर = 7,560 गैलन, या 4 लीटर / व्यक्ति / दिन),<ref>West, ''Drinking'', pp. 79ff.</ref> और एक बार बसे हुए, उन्होंने "लगभग सभी कार्यों में शराब का सेवन किया, जिसमें समन्वय, अंत्येष्टि और नियमित सब्त के भोजन शामिल थे।"<ref>West, ''Drinking'', p. 86.</ref> एम ई लिडर में "उपनिवेशवादियों ने शराब का इस्तेमाल किया, पुराने विश्व के पैटर्नों के आधार पर, उनकी सामुदायिक जीवनशैली में" और "[एल] ओकेल पक के शुरू होने के साथ-साथ उपनिवेशवादियों को सुरक्षित रूप से किनारे पर पहुंचा दिया।"<ref>{{Cite book|last=Lender|first=M. E.|year=1987|title=Drinking In America|url=https://archive.org/details/drinkinginameric00lend|location=New York|publisher=Free Press|isbn=0-02-918570-X|ISBN=0-02-918570-X}}</ref>  माथर को एक प्रमुख औपनिवेशिक पादरी और हार्वर्ड के अध्यक्ष ने बढ़ाकर नशे में धर्मान्तरम के खिलाफ एक प्रवचन में आम धारणा व्यक्त की: "पीना खुद भगवान का एक अच्छा प्राणी है, और आभार के साथ प्राप्त किया जाना है, लेकिन पीने का दुरुपयोग शैतान से है; शराब भगवान से है, लेकिन शराबी शैतान से है। "<ref>Increase Mather (1673)."</ref>  यह [[पुरानी दुनिया]] रवैया भी शुरुआती मेथोडिस्ट (चार्ल्स वेस्ले, जॉर्ज व्हाइटफील्ड, एडम क्लार्क,<ref>{{Cite book|last=Clarke|first=Adam|author-link=Adam Clarke|authorlink=Adam Clarke|year=1832|title=The Adam Clarke Commentary|chapter=Commentary on Psalm 104:15|chapter-url=http://www.studylight.org/com/acc/view.cgi?book=ps&chapter=104|chapterurl=http://www.studylight.org/com/acc/view.cgi?book=ps&chapter=104|access-date=2008-05-19|quote=Wine, in moderate quantity, has a wondrous tendency to revive and invigorate the human being. Ardent spirits exhilarate, but they exhaust the strength; and every dose leaves man the worse. Unadulterated wine, on the contrary, exhilarates and invigorates: it makes him cheerful, and provides for the continuance of that cheerfulness by strengthening the muscles, and bracing the nerves. This is its use. Those who continue drinking till wine inflames them, abase this mercy of God.}}</ref> थॉमस कोक) और बैप्टिस्ट (जॉन गिल और जॉन बनन). === सोसाइटी ऑफ फ्रेंड्स === क्वैकर्स के संस्थापक जॉर्ज फॉक्स ने "इस वाइस को किसी भी तरह, चाहे बूढ़े या युवा हो, में प्रलोभनों को रखने के खिलाफ सख्ती से विरोध किया। 1682 में, उन्होंने विन्टेन्टर्स और इनकिपिटर को इस विषय पर एक बयाना संबोधित किया, उन्हें न त्यागने के लिए <nowiki>' अपनी इच्छाओं पर बल देता है, क्योंकि जब वे मजबूत शराब से दूर होते हैं, तब वे सभी प्रकार की दुष्टता के लिए फिट होते हैं। ''</nowiki><ref>{{Cite book|title=George Fox, the Friends, and the early Baptists}}</ref> उनके प्रारंभिक इतिहास से, मित्र (क्वेकर) को मसालेदार कारण के लिए एक मजबूत प्रभाव आया। === मेथोडिज़्म === [[चित्र:John_Wesley_2.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| मेथोडिस्ट के संस्थापक जॉन वेस्ले<br> ]] यद्यपि मेथोडिस्ट के संस्थापक जॉन वेस्ले ने चेतावनी दी थी: "जब आप कप में चमकते हैं, तो आप में दाखमधु देख लेते हैं और इसे पीते हैं। मैं आपको बताता हूँ इसमें इसमें जहर है और इसलिए आप इसे फेंकने के लिए भीख मांगते हैं"<ref>{{Cite book|last=Wesley|first=John|title=Sermons of John Wesley|url=http://wesley.nnu.edu/john-wesley/the-sermons-of-john-wesley-1872-edition/sermon-140-on-public-diversions/|chapter=Sermon 140, On Public Diversions|access-date=2013-11-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20170714183255/http://wesley.nnu.edu/john-wesley/the-sermons-of-john-wesley-1872-edition/sermon-140-on-public-diversions/|archive-date=14 जुलाई 2017|url-status=dead}}</ref> अन्य सामग्री बताती है कि समाज में शराब के साथ कोई समस्या नहीं थी सुसाना को एक प्रारंभिक पत्र में, उन्होंने उन लोगों को खारिज कर दिया जिन्होंने सोचा कि वह असामान्य और बहुत ही प्रतिबंधात्मक है लेकिन एक ग्लास वाइन<ref>{{Cite book|last=Wesley|first=John|title=The Letters of John Wesley|url=http://wesley.nnu.edu/john-wesley/the-letters-of-john-wesley/wesleys-letters-1735/|chapter=To his Mother OXON, January 13, 1735|access-date=2016-11-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20161128050743/http://wesley.nnu.edu/john-wesley/the-letters-of-john-wesley/wesleys-letters-1735/|archive-date=28 नवंबर 2016|url-status=dead}}</ref> 178 9 के पत्रों की एक श्रृंखला में, उन्होंने उल्लेख किया कि प्रयोगों को "हॉप्स के बिना ऐल" ही और साथ ही अन्य रखेंगे "- इस प्रकार उन्होंने निहित स्वार्थों के द्वारा सीधे दावों का खण्डन किया - जिनसे वह शख्सियत वाले चांदी के जादूगरों के साथ तुलना करता था जिन्होंने हिंसा को उकसाया: ' महोदय, इसका अर्थ है कि हम अपना धन प्राप्त करते हैं। (प्रेरितों 1 9: 25)। उन्होंने इस जहरीली जड़ी बूटी के लिए स्वस्थता के अपने दावे को खारिज कर दिया। <ref>{{Cite book|last=Wesley|first=John|title=To the Printer of the 'Bristol Gazette'BRISTOL, HORSEFAIR, September 7, 1789.|url=http://wesley.nnu.edu/john-wesley/the-letters-of-john-wesley/wesleys-letters-1789b/|access-date=2016-11-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20161011074709/http://wesley.nnu.edu/john-wesley/the-letters-of-john-wesley/wesleys-letters-1789b/|archive-date=11 अक्तूबर 2016|url-status=dead}}</ref>  वेसली, अपने युग में बहुत से परे, ब्रांडी और व्हिस्की जैसे डिस्टिल्ड पेप्परों को अनुपयुक्त करते थे, जब वे गैर-मेडिसिनली इस्तेमाल करते थे, और उन्होंने कहा कि बहुत से डिस्टिलर्स जिन्होंने किसी को अंधाधुंध बेच दिया था, वे ज़िन्दगी और भगवान द्वारा प्रताड़ित हत्यारों से ज्यादा कुछ नहीं थे।<ref>{{Cite book|last=Wesley|first=John|year=1999|origyear=1872|title=The Sermons of John Wesley|chapter=On the Use of Money|chapter-url=http://wesley.nnu.edu/john_wesley/sermons/050.htm|chapterurl=http://wesley.nnu.edu/john_wesley/sermons/050.htm|publisher=Wesley Center for Applied Theology at Northwest Nazarene University|editor-last=Thomas Jackson (ed.)|editor=Thomas Jackson (ed.)|access-date=2008-05-20|archive-date=30 मई 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080530124627/http://wesley.nnu.edu/john_wesley/sermons/050.htm|url-status=dead}}</ref>  1744 में, वेस्लेयस ने मेथोडिस्ट बैंड सोसायटीज़ (मेथोडिस्ट के छोटे समूहों को एक पवित्र जीवन जीने का समर्थन करने के लिए) को दिए निर्देशों के लिए आवश्यक था कि वे "कोई भी श्याम नहीं [अर्थात, आसुत] शराब स्वाद दें ... जब तक कि किसी चिकित्सक द्वारा निर्धारित न हो।"<ref>{{Cite book|last=Methodist Episcopal Church|author=Methodist Episcopal Church|year=1798|title=Doctrines and Discipline of the Methodist Episcopal Church|page=150|chapter=Directions given to the Band-Societies. December 25th, 1744.|chapter-url=https://books.google.com/books?id=zOoCAAAAQAAJ&pg=RA1-PA150|chapterurl=https://books.google.com/books?id=zOoCAAAAQAAJ&pg=RA1-PA150|others=with explanatory notes by Thomas Coke and Francis Asbury|edition=10th}}</ref> मेथडमिस में abstentionism के लिए प्रारंभिक वकालत अमेरिका में उठी। बाल्टीमोर में 1780 मेथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च सम्मेलन में, चर्चमैन ने आसुत शराब का विरोध किया और इसे "उत्पादन का" अभ्यास का त्याग नहीं करने वाले लोगों को अस्वीकार करने के लिए निर्धारित किया।<ref name="Bangs">{{Cite book|last=Bangs|first=Nathan|year=1838|title=A History of the Methodist Episcopal Church|url=https://books.google.com/?id=vSURAAAAIAAJ&pg=PA134|volume=1|page=134f|location=New York|publisher=T. Mason and G. Lane for the Methodist Episcopal Church}}</ref> शराब का विरोध करने के लिए, अमेरिकन मेथोडिस्टों ने पालन किए जाने वाले संयम आंदोलन की पहली लहर का अनुमान लगाया। अगली शताब्दी में उन्होंने अन्य मादक पेय पदार्थों को शामिल करने के लिए शराब के बारे में अपनी सदस्यता के नियमों का विस्तार किया। सभी प्रकार के नियमों को शांत करने के लिए इच्छुक पार्टियों के दबाव के बावजूद अमेरिकी मेथोडिस्ट बाद में वेस्ले के नाम पर वापस लौट आए, अर्थात् "[ड] रननेंसी, ऐटिशमेट [यानी डिस्टिल्ड] लिकर खरीदने या बेचने से बचने या उन्हें पीने से बचने के लिए, जब तक कि चरम आवश्यकता "।<ref>{{Cite book|last=Fox|last2=Hoyt|first=Henry J.|first2=William B.|year=1852|title=Quadrennial Register of the Methodist Episcopal Church|url=https://books.google.com/?id=YNeBt07_IaUC&pg=PA200|page=200f|chapter=Rule Respecting Intoxicating Liquors|location=Connecticut|publisher=Case, Tiffany & Co.}}</ref> अमेरिका में बिशप्स थॉमस कोक और फ्रांसिस असबरी ने टिप्पणी की है कि लगातार उपवास और संयम "दिव्य जीवन के लिए अत्यधिक आवश्यक हैं।"<ref>Coke and Asbury, [https://books.google.com/books?id=zOoCAAAAQAAJ&pg=RA1-PA150#PPA93,M1 Note 6 on Section XIII] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140704165136/http://books.google.com/books?id=zOoCAAAAQAAJ&pg=RA1-PA150#PPA93,M1 |date=4 जुलाई 2014 }}, p. 93.</ref> असबरी ने नागरिकों से शराब के इस्तेमाल को अलग रखने के लिए जोरदार आग्रह किया<ref>{{Cite book|last=Asbury|last1=Asbury|first1=Francis|first=Francis|date={{date |1802-12-30}}|title=To George Roberts, Pastor of Light Street Church in Baltimore|url=http://wesley.nnu.edu/other-theologians/francis-asbury/the-journal-and-letters-of-francis-asbury-volume-ii/francis-asbury-the-letters-chapter-8/|quote=I have had one thought about our citizens in general. I wish they would lay aside the use of wine and strong drink in general. God would suddenly and certainly work. I am determined not to go out of my way on that matter for five hundred presidents and all the bishops in the world.|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160626100807/http://wesley.nnu.edu/other-theologians/francis-asbury/the-journal-and-letters-of-francis-asbury-volume-ii/francis-asbury-the-letters-chapter-8/|archive-date=26 जून 2016|url-status=dead}}</ref> इसी तरह, मेथोडिस्ट प्रचारकों के लिए सूचीबद्ध कर्तव्यों से पता चलता है कि उन्हें अपने सामान्य पेय के रूप में पानी चुनना चाहिए और केवल औषधीय या धार्मिक संदर्भों में ही शराब का उपयोग करना चाहिए,<ref>Methodist Episcopal Church, [https://books.google.com/books?id=zOoCAAAAQAAJ&pg=RA1-PA150#PPA91,M1 "Section XIII: Of the Duty of Preachers"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140704165136/http://books.google.com/books?id=zOoCAAAAQAAJ&pg=RA1-PA150#PPA91,M1 |date=4 जुलाई 2014 }}, p. 91.</ref> मैथोडिस्ट बाइबिल कमेंटेटर एडम क्लार्क ने बताया कि आखिरी रात के खाने में दाखमध का फल शुद्ध था और जो कि कुछ आज के शराब के बारे में सोचते हैं।<ref>{{Cite book|last=Clarke|last1=Clarke|first1=Adam|first=Adam|date=1808|title=A discourse on the nature, design, and institution of the holy eucharist|url=https://books.google.com/books?id=o_9bAAAAQAAJ&pg=PA62|page=62|quote=it was widely different from that medicated and sophisticated beverage which goes now under that name. The yayin of the Hebrews, the oinos of the Greeks, and vinum of the ancient Romans, meant simply the expressed juice of the grape, sometimes drunk just after it was expressed ... at other times after fermentation... By the ancient Hebrews, I believe it was chiefly drunk in its first or simple state; hence it was termed among them the fruit of the vine; ... The matters made use of by Jesus Christ, on this solemn occasion, were unleavened bread, and the produce of the vine, i.e. pure wine.}}</ref>  वेस्ले के धर्म के लेख, 1784 में मेथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च (संयुक्त मेथोडिस्ट चर्च के एक अग्रदूत) द्वारा अपनाया, भगवान के खाने में तत्वों के संक्रमण (अनुच्छेद XVIII) के सिद्धांत को अस्वीकार कर दिया, और कहा कि दोनों रोटी और कप का उपयोग सभी लोगों (अनुच्छेद XIX) तक फैली हुई है, समय के कैथोलिक अभ्यास के रूप में न केवल एक तत्व तत्वों के लिए और दो मंत्रियों के लिए।  एडम क्लार्क ने 1 कुरिन्थियों को बताया 11: 21-22: "एक भूखा था, और दूसरा नशे में था, μεθυει, पूरा करने के लिए भर गया था, यह शास्त्र के कई स्थानों में शब्द का भाव है।"<ref>{{Cite book|last=Clarke|first=Adam|title=Adam Clarke's Commentary, 1 Corinthians 11|url=http://www.studylight.org/commentaries/acc/1-corinthians-11.html|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170519233113/http://www.studylight.org/commentaries/acc/1-corinthians-11.html|archive-date=19 मई 2017|url-status=dead}}</ref>  इसी तरह, कोक और असबरी ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पौलुस की आपत्तियों में कुरैनिंथों (लेमेनमैन) और "... उनके दोनों खाने और पीने से बहुत अधिकता से चिंतित हैं" इस प्रकार, चर्च ऑफ गॉड और उन लोगों को शर्मिंदा करते हैं जिनके पास कुछ नहीं है।<ref>Coke and Asbury, [https://books.google.com/books?id=zOoCAAAAQAAJ&pg=RA1-PA150#PPA24,M1 notes on Article XIX] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140704165136/http://books.google.com/books?id=zOoCAAAAQAAJ&pg=RA1-PA150#PPA24,M1 |date=4 जुलाई 2014 }}, p. 24.</ref>  बाद में, ब्रिटिश मेथोडिस्ट, विशेष रूप से आदिम मेथोडिस्टों ने 1 9वीं और 20 वीं सदी के संयम आंदोलन में एक अग्रणी भूमिका निभाई। मेथोडिस्ट्स ने कई सामाजिक बीमारियों की जड़ के रूप में मादक पेय और मद्यविक्यता को देखा, और इन लोगों से अलग होने के लिए लोगों को मनाने की कोशिश की।<ref>{{Cite web|last=Carradice|first=Phil|title=The temperance movement in Wales|url=http://www.bbc.co.uk/blogs/wales/posts/the-temperance-movement-in-wales|publisher=BBC|accessdate=20 April 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130629073645/http://www.bbc.co.uk/blogs/wales/posts/the-temperance-movement-in-wales|archive-date=29 जून 2013|url-status=live}}</ref> संयम ने पवित्रता और पूर्णता के मेथोडिस्ट सिद्धांतों को दृढ़ता से अपील की। === मज़ेदार आंदोलन ===  अमेरिकी क्रांति और [[औद्योगिक क्रांति]] द्वारा प्रेरित शहरीकरण के बीच में सामाजिक उथल-पुथल के बीच में, दारूपन बढ़ रहा था और बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी और अपराध के लिए प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में दोषी ठहराया गया था। फिर भी मेथोडिस्ट के समशीतोष्ण भावनाओं को कुछ अन्य लोगों द्वारा ही साझा किया गया, जब तक कि प्रख्यात चिकित्सक और देशभक्त बेंजामिन रश ने "उत्साही आत्माओं" (यानी, आसुत शराब) के उपयोग के खिलाफ तर्क दिया, द्वारा एक ट्रैक्ट के प्रकाशन को शुरू किया। नशे की लत, और एकमात्र इलाज के रूप में निर्धारित संयम<ref>{{Cite book|last=Williamson|first=G. I.|author-link=G. I. Williamson|authorlink=G. I. Williamson|year=1976|title=Wine in the Bible and the Church|url=http://www.nethtc.net/~giwopc/Wine_Book.pdf|page=6|publisher=Pilgrim Publishing|access-date=2008-04-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20170319181217/http://www.nethtc.net/~giwopc/Wine_Book.pdf|archive-date=19 मार्च 2017|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|title=Historical Overview|url=http://wch.uhs.wisc.edu/01-Prevention/01-Prev-Historical.html|publisher=Wisconsin Clearinghouse for Prevention Resources|accessdate=2008-04-30|archive-url=https://archive.today/20120719082354/http://wch.uhs.wisc.edu/01-Prevention/01-Prev-Historical.html|archive-date=19 जुलाई 2012|url-status=dead}}</ref> कुछ प्रमुख प्रचारक जैसे ल्यूमन बीकर ने रश के विषय पर उठाया और कार्य करने के लिए संयम आंदोलन को जकड़ लिया। अमेरिकी नागरिक युद्ध के दौरान प्रभाव को खोने के बाद, बाद में आंदोलन ने अपनी दूसरी लहर का सामना किया, जो महिला क्रिश्चियन टेंपेरेंस यूनियन के नेतृत्व में था, और यह अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत सफल था कि साल्वेशन आर्मी के सह संस्थापक कैथरीन बूथ 1879 में देख सकते थे कि अमेरिका में "लगभग हर [प्रोटेस्टेंट] ईसाई मंत्री एक निर्वासन बन गया है।"<ref>{{Cite book|last=Booth|first=Catherine|year=1879|title=Papers on Practical Religion|page=29|chapter=Strong Drink Versus Christianity|chapter-url=http://www.indiana.edu/~letrs/vwwp/booth/practrel.html#p29|chapterurl=http://www.indiana.edu/~letrs/vwwp/booth/practrel.html#p29|location=London|publisher=S.W. Partridge and Co.|access-date=2008-04-29|archive-date=3 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100803093934/http://www.indiana.edu/~letrs/vwwp/booth/practrel.html#p29|url-status=dead}}</ref> इस आंदोलन ने कई राज्यों में विरोधी पीने के कानूनों को पार करते हुए देखा और 1 9 21 में [[संयुक्त राज्य संविधान]] में अठारहवीं संशोधन के साथ पूरे राज के कानून के रूप में निषेध की स्थापना की, लेकिन 1 9 33 में इसे रद्द कर दिया गया बीस-प्रथम संशोधन द्वारा शुरूआत में संयमी आंदोलन के विशाल बहुमत ने केवल शराब के विरुपण का विरोध किया था,<ref>{{cite encyclopedia|last=McClintock|first=John|authorlink=John McClintock (theologian)|last2=Strong|first2=James|author2-link=James Strong (theologian)|url=https://books.google.com/books?id=EchvNjm6alIC&pg=PP14#PPA246,M1|title=Temperance Reform (eds.)|publisher=Harper and Brothers|location=New York|year=1891|encyclopedia=Cyclopaedia of Biblical, Theological, and Ecclesiastical Literature|volume=X|page=245f|quote=In January, 1826, Rev. Calvin Chapin published in the ''Connecticut Observer'' a series of articles in which he took the ground that the only real antidote for the evils deprecated is total abstinence, not only from distilled spirits, but from all intoxicating beverages. His position, however, was generally regarded as extreme, and he had few immediate converts to his opinions.|accessdate=11 सितंबर 2017|archiveurl=https://web.archive.org/web/20130530021732/http://books.google.com/books?id=EchvNjm6alIC&pg=PP14#PPA246,M1|archivedate=30 मई 2013|url-status=live}}</ref>  जिसे वे नशे में सस्ती और आसान बनाने, और अन्य मादक पेय पदार्थों के इस्तेमाल में संयम और संयम के रूप में देखते थे द्वितीय महान जागृति, जो निजी पवित्रता और कभी-कभी पूर्णतावाद पर जोर दिया, द्वारा भाग में भस्म होकर, संयम संदेश अल्कोहल के संपूर्ण उन्मूलन में बदल गया।<ref>See [//en.wikipedia.org/wiki/Temperance_movement#United_States Temperance movement#United States].</ref><ref name="ProtTrans4">{{Cite journal|last=Mathison|first=Keith|author-link=Keith Mathison|authorlink=Keith Mathison|date=January 22–28, 2001|title=Protestant Transubstantiation - Part 4: Origins of and Reasons for the Rejection of Wine|url=http://thirdmill.org/newfiles/kei_mathison/TH.Mathison.Prot.Transub.4.html|journal=IIIM Magazine Online|volume=3|issue=4|access-date=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20160318000520/http://thirdmill.org/newfiles/kei_mathison/TH.Mathison.Prot.Transub.4.html|archive-date=18 मार्च 2016|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|last=McLaughlin|first=Ra|title=Protestant Transubstantiation (History of)|url=http://thirdmill.org/answers/answer.asp/file/99906.qna/category/ch/page/questions/site/iiim|publisher=Third Millennium Ministries|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20160424202842/http://thirdmill.org/answers/answer.asp/file/99906.qna/category/ch/page/questions/site/iiim|archive-date=24 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref><ref>Pierard, p. 28.</ref> [[चित्र:Thomas_Bramwell_Welch.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|थॉमस ब्रैमवेल वेल्च, अंगूर के रस के किण्वन को रोकने के लिए पेस्ट्युराइजेशन प्रक्रिया का आविष्कारक था<br> ]] नतीजतन, शराब स्वयं बहुत से (लेकिन सभी) निर्वासनियों की नज़र में एक बुराई बन गई और इसलिए ईसाई अभ्यास से ख़ासकर ख़ारिज करना पड़ा - विशेष रूप से भगवान के खाने की पवित्र प्रथा से।<ref>{{cite encyclopedia|last=Coogan|first=M. D.|title=Wine|encyclopedia=The Oxford Companion to the Bible|editor=[[Bruce Metzger]] and M. D. Coogan|publisher=Oxford University Press, USA|year=1993|isbn=978-0-19-504645-8|pages=[https://archive.org/details/isbn_9780195046458/page/799 799f]|url=https://archive.org/details/isbn_9780195046458/page/799}}</ref>  लॉर्डस सपर के लिए शराब के अलावा एक अंगूर-आधारित पेय का प्रयोग कई प्रोटीस्टेंटवाद सहित कई चर्चों में एक मजबूत पकड़ लेता था, हालांकि कुछ चर्चों ने विरोधियों को सोचा था कि शराब को इस प्रथा में मजबूत प्राथमिकता दी जानी थी। कुछ सांप्रदायिक बयानों के लिए "बेवर्ली शराब" की आवश्यकता है जो कि लॉर्डस सपर के लिए है। उदाहरण के लिए, वेस्लेयन मेथोडिस्ट (वेस्ले की मौत के पश्चात के बाद से 1843 की स्थापना के बाद) "अपरिवर्तित शराब" की आवश्यकता थी<ref name="TuckerKaren">{{Cite book|last=Tucker|first=Karen B. Westerfield|year=2001|title=American Methodist Worship|url=https://books.google.com/?id=I1TDD5-CLlEC&pg=PA151&lpg=PA151&vq=unfermented|page=151|chapter=The Lord's Supper|location=New York|publisher=Oxford University Press|isbn=0-19-512698-X|ISBN=0-19-512698-X}}</ref> चूंकि अंगूर का रस शुरू होने पर स्वाभाविक रूप से दबाव डालता है, शराब के विरोधियों ने अपने अनुष्ठान के पेय बनाने के वैकल्पिक तरीकों का इस्तेमाल किया जैसे कि सांद्रित अंगूर का रस, उबलते किशमिश का पुनर्गठन, या किण्वन और सूखने में देरी करने के लिए परिरक्षकों को जोड़ना<ref name="BacchiocchiSamuele">{{Cite book|last=Bacchiocchi|first=Samuele|year=1989|title=Wine in the Bible|url=http://www.biblicalperspectives.com/books/wine_in_the_bible/3.html|chapter=The Preservation of Grape Juice|publisher=Signal Press & Biblical Perspectives|isbn=1-930987-07-2|ISBN=1-930987-07-2|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20121228173516/http://www.biblicalperspectives.com/books/wine_in_the_bible/3.html|archive-date=28 दिसंबर 2012|url-status=live}}</ref> 18 9 6 में थॉमस ब्रामवेल वेल्च, एक ठहराव वाले वेस्लेयन मैथोडिस्ट मंत्री,<ref name="HallettAnthony">{{cite encyclopedia|last=Hallett|first=Anthony|last2=Hallett|first2=Diane|encyclopedia=Entrepreneur Magazine Encyclopedia of Entrepreneurs|title=Thomas B. Welch, Charles E. Welch|url=https://books.google.com/books?id=2PJICBnrpDgC&pg=PA481&lpg=PA481&ots=8VlKeO8Ww8&output=html&sig=so5s1ltOJsPrzKXXiHfYQLDO4Kw|year=1997|publisher=John Wiley and Sons|isbn=0-471-17536-6|pages=481–483}}</ref>  अंगूर के रस को पीसने के लिए एक रास्ता खोज लिया, और उन्होंने मेथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च में भगवान के खाने के लिए रस तैयार करने के लिए अपने विशेष संरक्षण पद्धति का इस्तेमाल किया। 1838 से 1845 तक, फादर। मैथ्यू, संयम के आयरिश प्रेषण ने अपने देशवासियों के लगभग तीन से चार मिलियन तक एक संयम प्रतिज्ञा दी, हालांकि उनके प्रयासों का कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ा और फिर 1849 में 5,00,000 से अधिक अमेरिकी, मुख्यतः उनके साथी आयरिश कैथोलिक, जिन्होंने गठन किया स्थानीय संयम समाज लेकिन जिनके प्रभाव सीमित थे। 1872 में अमेरिका के कैथोलिक कुल अभिन्नता संघ ने इन समाजों को एकजुट किया और 1 9 13 तक किशोर, महिला और पुरोहित सामूहिकों सहित कुछ 90,000 सदस्य हुए। संघ ने विधायी निषेध के बजाय "नैतिक दबाव" के मंच को अपनाया और दो पोप प्रशंसा प्राप्त की। 1878 में पोप लियो XIII ने नशे की लत को खत्म करने और "इसके लिए सभी प्रोत्साहन" समाप्त करने के लिए संघ के दृढ़ संकल्प की प्रशंसा की और 1 9 06 में पोप पायस एक्स ने अपने प्रयासों की सराहना की कि "पुरुषों के लिए प्रमुख ईसाई गुणों में से एक - संयम का अभ्यास करने के लिए।"<ref>{{cite encyclopedia|last=Liese|first=W.|last2=Keating|first2=J.|last3=Shanley|first3=W.|year=1912|title=Temperance Movements|encyclopedia=The Catholic Encyclopedia|location=New York|publisher=Robert Appleton Company|accessdate=2008-05-19|url=http://www.newadvent.org/cathen/14482a.htm|archiveurl=https://web.archive.org/web/20171207192113/http://www.newadvent.org/cathen/14482a.htm|archivedate=7 दिसंबर 2017|url-status=live}}</ref> 18 वीं संशोधन के विचार के लिए, हालांकि, मिल्वौकी के आर्कबिशप मेस्मर ने निषेध आंदोलन को "बिल्कुल गलत सिद्धांत" पर स्थापित किया और चर्च के "सबसे पवित्र रहस्य," ईचैरिस्ट को कमजोर करने की कोशिश करने की निंदा की, और उसने मना किया उनके आर्चडीओसीज़ में पादरियों ने आंदोलन की सहायता से सहायता दी लेकिन सुझाव दिया कि वे मॉडरेशन पर प्रचार करें।<ref>{{Cite news|date=June 25, 1918|work=The New York Times|title=Prelate Assails Dry Law. Archbishop Messmer Forbids Catholic Help to Amendment|url=https://query.nytimes.com/mem/archive-free/pdf?res=9A07E6DB173EE433A25756C2A9609C946996D6CF|accessdate=2008-05-20|format=PDF|page=13|archive-url=https://web.archive.org/web/20160418173430/http://query.nytimes.com/mem/archive-free/pdf?res=9A07E6DB173EE433A25756C2A9609C946996D6CF|archive-date=18 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> अंत में, कैथोलिक ईसाई धर्म से बड़े पैमाने पर शराब को खत्म करने के लिए आंदोलनों द्वारा अभ्यास और अभ्यास में काफी हद तक प्रभावित नहीं हुआ था,<ref>McClintock and Strong, "Temperance Reform", p. 248: "[T]he [temperance] cause received a new impulse from the presence and labors of father Mathew, the Irish apostle of temperance, who came to America in June and spent sixteen months of hard work chiefly among the Irish Catholics.</ref><ref>{{Cite web|last=Engs|first=Ruth C.|authorlink=Ruth C. Engs|title=Protestants and Catholics: Drunken Barbarians and Mellow Romans?|url=http://www.indiana.edu/~engs/articles/cathprot.htm|quote=Wide scale temperance movements and anti-alcohol sentiments have not been, and are not, found in southern European Roman Catholic countries.... In hard-drinking eastern European Catholic countries, such as Russia and Poland, sporadic anti-drunk campaigns have been launched but have only been short lived. This has also been found in Ireland (Levine, 1992).|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170905121435/http://www.indiana.edu/~engs/articles/cathprot.htm|archive-date=5 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> और यह सभी चीजों में संयम के गुण पर अपना जोर कायम रखा।<ref>{{Cite book|year=1993|title=Catechism of the Catholic Church|chapter=Paragraph 2290|chapter-url=http://www.vatican.va/archive/ENG0015/_P80.HTM#D5|chapterurl=http://www.vatican.va/archive/ENG0015/_P80.HTM#D5|location=Vatican City|publisher=Libreria Editrice Vaticana|access-date=2008-05-20}}</ref>  इसी तरह, जबकि लुथेरान और एंग्लिकन चर्चों ने कुछ दबाव महसूस किया, उन्होंने अपने संयमीवादी स्थिति में बदलाव नहीं किया। यहां तक ​​कि अंग्रेजी सांप्रदायिक संप्रदाय समिति ने सदस्यता के लिए आवश्यकता को स्थगित करने से मना कर दिया और उनकी स्थिति चरित्र में संयमीवादी बने।<ref name="Crusade">{{Cite book|last=Shiman|first=Lilian Lewis|year=1988|title=Crusade Against Drink in Victorian England|page=[https://archive.org/details/crusadeagainstdr00shim/page/5 5]|publisher=St. Martin's Press|isbn=0-312-17777-1|ISBN=0-312-17777-1|url=https://archive.org/details/crusadeagainstdr00shim/page/5}}</ref> यह गैर-लुथेरान प्रोटेस्टेंटिज़्म था, जिसमें से टेंपरेंस आंदोलन ने अपनी सबसे बड़ी ताकत ली।<ref>{{Cite book|last=Kobler|first=John|year=1993|title=Ardent Spirits: The Rise and Fall of Prohibition|page=53|publisher=Da Capo Press|isbn=0-306-80512-X|ISBN=0-306-80512-X}}</ref><ref name="Engs">Engs: "Levine has noted that 'in Western societies, only Nordic and English-speaking cultures developed large, ongoing, extremely popular temperance movements in the nineteenth century and the first third or so of the twentieth century.'</ref> कई मेथोडिस्ट, बैप्टिस्ट, प्रेस्बिटेरियन और अन्य प्रोटेस्टेंट ने निषेधाज्ञावादी मंच पर हस्ताक्षर किए। "व्हिस्की पीने के स्कॉटिश विरासत के बावजूद, प्रेस्बिटेरियाई संयम और निषेध के मजबूत समर्थक थे .उन्होंने विश्वास किया (कुछ औचित्य के साथ) कि 'राक्षस पेय' पारिवारिक जीवन के विनाशकारी था। चर्च आस आशा का बैंड संयम संगठन का एक गढ़ था ... जो युवाओं को प्रोत्साहित किया था ... शराब से दूर रहने के प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर करने के लिए। Teetotallers भी चर्च में गठबंधन के संस्कार में गढ़वाले शराब के बजाय अंगूर का रस का उपयोग करने के लिए राजी करने में सफल हुए हैं। " <ref>{{Cite book|last=Schrader|last1=Schrader|first1=Ben|first=Ben|date=15 November 2012|title=Presbyterian Church - Church and society|url=http://www.teara.govt.nz/en/ephemera/31089/the-band-of-hope|publisher=Te Ara - The Encyclopedia of New Zealand|access-date=13 March 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150311230152/http://www.teara.govt.nz/en/ephemera/31089/the-band-of-hope|archive-date=11 मार्च 2015|url-status=live}}</ref> संयुक्त पूर्व प्रेस्बिटेरियन चर्च ऑफ उत्तर अमेरिका के 1881 की विधानसभा में "सामान्य पेय पदार्थों और पेय पदार्थ के रूप में मादक पदार्थों का उपयोग इन सभी बुराइयों का स्रोत है।"<ref>Quoted in Williamson, p. 9.</ref> 1843 में, संयुक्त राज्य अमरीका की आम सभा में प्रेस्बिटेरियन चर्च (आमतौर पर रूढ़िवादी ओल्ड स्कूल का हिस्सा माना जाता था) और चर्च से बहिष्कार के लिए अल्कोहल पेय पदार्थों की बिक्री को बेचने से बालकों को अस्वीकार कर दिया गया था।<ref>{{Cite thesis|chapter=Wine, Women, and the Limits of Conscience|last=Wallace|first=Peter|year=2004|publisher=[[University of Notre Dame]]|title=The Bond of Union: The Old School Presbyterian Church and the American Nation, 1837-1861|url=http://www.peterwallace.org/dissertation/4conscience.htm|accessdate=2013-06-17|archiveurl=https://web.archive.org/web/20110207111426/http://peterwallace.org/dissertation/4conscience.htm|archivedate=7 फ़रवरी 2011|url-status=dead}}</ref> 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में संयम और आंदोलन से उत्पन्न विधायी और सामाजिक प्रभाव आगे बढ़ने लगे थे।<ref name="DrinkWhat">{{Cite web|last=Camp|first=Ken|date=2007-01-05|work=The Baptist Standard|title=Drink to That? Have Baptists watered down their objections to alcohol?|url=http://www.baptiststandard.com/index.php?option=com_content&task=view&id=5988&Itemid=135|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20160508040600/https://www.baptiststandard.com/index.php?option=com_content&task=view&id=5988&Itemid=135|archive-date=8 मई 2016|url-status=live}}</ref>  चर्च अभ्यास पर प्रभाव मुख्य रूप से अमेरिकी प्रोटेस्टेंटिज़्म में एक घटना थी और ब्रिटिश द्वीपों, नॉर्डिक देशों और कुछ अन्य स्थानों में कम हद तक।<ref>McClintock and Strong, p. 249, lists Sweden, Australia, Madagascar, India, and China.</ref> प्रोटेस्टेंट चर्चों का अभ्यास वापस करने के लिए धीमा था, और कुछ निकायों, हालांकि अब अपने पूर्व निषेधाज्ञा मंच को खारिज कर रहे हैं, अभी भी इस प्रकार के अवशेष बनाए हैं जैसे कि अंगूर का रस अकेले या भगवान के खाने में शराब के पास इस्तेमाल करना। == वर्तमान दृश्य == आज, ईसाई धर्म में शराब के विचारों को संयमता, निरंतरता और निषेधवाद में विभाजित किया जा सकता है। Abstentionists और prohibitionists कभी कभी "teetotalers" (teetotalers की तुलना की तुलना) के रूप में एक साथ lumped, कुछ समान तर्क साझा हालांकि, निषेधाज्ञा कानून के मामले (जैसे, वे मानते हैं कि भगवान को सभी सामान्य परिस्थितियों में संयम की आवश्यकता है) के रूप में शराब से बचना है, जबकि abstyanists विवेक के मामले के रूप में बचे हैं (यानी, वे मानते हैं कि कुल संयम बुद्धिमान और सबसे प्यारा तरीका है वर्तमान परिस्थितियों में रहते हैं)  ईसाइयों के कुछ समूह पूरी तरह या पूरी तरह से इन श्रेणियों में से एक में गिर जाते हैं, जबकि अन्य उनके बीच विभाजित होते हैं। दुनियाभर के 52% इवाजेलिकल नेताओं का कहना है कि शराब पीना अच्छा इंजील के साथ असंगत है। अब भी नाममात्र "ईसाई" देशों में अभी भी 42% हैं जो कहते हैं कि यह असंगत है।<ref name="Global-Survey-Evangelical-Protestant-Leaders">{{Cite web|year=2011|title=Global Survey of Evangelical Protestant Leaders|url=http://www.pewforum.org/2011/06/22/global-survey-of-evangelical-protestant-leaders/|publisher=[[Pew Forum]]|accessdate=2013-10-31|quote=[E]vangelical leaders are divided over the consumption of alcohol. About four-in-ten (42%) say it is compatible with being a good evangelical, while 52% say it is incompatible. Leaders from sub-Saharan Africa are especially likely to oppose alcohol use; 78% of them say it is incompatible with being a good evangelical, as do 78% of evangelical leaders who live in Muslim-majority countries.|archive-url=https://web.archive.org/web/20170831122841/http://www.pewforum.org/2011/06/22/global-survey-of-evangelical-protestant-leaders/|archive-date=31 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref>  एशिया, अफ्रीका, और मुस्लिम बहुसंख्यक देशों में इवाजनालिकल्स, पीने के खिलाफ निश्चित हैं। === संयम === मध्यस्थता की स्थिति रोमन कैथोलिक द्वारा आयोजित की जाती है<ref>{{Cite journal|last=Madrid|first=Patrick|date=March 1992|title=Wrath of Grapes|url=http://www.catholic.com/thisrock/1992/9203chap.asp|journal=This Rock|volume=3|issue=3|access-date=2007-03-16|quote=The [Catholic] Church teaches&nbsp;... that wine, like food, sex, laughter, and dancing, is a good thing when enjoyed in its proper time and context. To abuse any good thing is a sin, but the thing abused does not itself become sinful.|archive-url=https://web.archive.org/web/20070307114735/http://www.catholic.com/thisrock/1992/9203chap.asp|archive-date=7 मार्च 2007|url-status=dead}}</ref>  और पूर्वी रूढ़िवादी,<ref>{{Cite journal|last=O'Callaghan|first=Paul|date=March 1992|title=The Spirit of True Christianity|url=http://www.orthodoxresearchinstitute.org/articles/misc/ocallaghan_true_christianity.htm|journal=Word Magazine|pages=8–9|publisher=Antiochian Orthodox Christian Archdiocese of North America|access-date=2007-03-16|quote=So alcohol, sex, the body, money, television, and music are all good things. It is only the abuse of these things that is bad—drunkenness, pornography, compulsive gambling, etc. Even drugs marijuana, cocaine, heroin—all have good uses for medical and other reasons. It's only the abuse of them for pleasure that is wrong.|archive-url=https://web.archive.org/web/20170916010922/http://www.orthodoxresearchinstitute.org/articles/misc/ocallaghan_true_christianity.htm|archive-date=16 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>  और प्रोटेस्टेंटिज़्म के भीतर, यह एंग्लिकन द्वारा स्वीकार किया जाता है, लूथरन<ref name="ELCA">{{Cite web|title=Responding to Opportunities for 'Interim Eucharistic Sharing'|archiveurl=https://web.archive.org/web/20070214184311/http://www.elca.org/ecumenical/ecumenicaldialogue/unitedmethodist/GuidelinesEucharisticSharing.pdf|url-status=dead|url=http://www.elca.org/ecumenical/ecumenicaldialogue/unitedmethodist/GuidelinesEucharisticSharing.pdf|publisher=Evangelical Lutheran Church in America|accessdate=2007-02-24|quote=While many Lutheran congregations also provide grape juice or unfermented wine as an alternative, Lutherans have more emphasized the historical and ecumenical continuities which wine provides, as well as the richness and multivalences of its symbolic associations.|archivedate=2007-02-14}}</ref><ref>{{Cite web|date=May 1983|title=Theology and Practice of The Lord's Supper - Part I|url=http://www.lcms.org/graphics/assets/media/CTCR/Theol_lord_supper1.pdf|publisher=[[Lutheran Church - Missouri Synod]]|accessdate=2007-02-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20110301060006/http://www.lcms.org/graphics/assets/media/CTCR/Theol_lord_supper1.pdf|archive-date=1 मार्च 2011|url-status=dead}}</ref> और कई सुधार चर्च<ref>{{Cite web|work=Presbyterian 101|title=Alcohol|archiveurl=http://webarchive.loc.gov/all/20030413162500/http://www.pcusa.org/101/101-alcohol.htm|url-status=dead|url=http://www.pcusa.org/101/101-alcohol.htm|publisher=[[Presbyterian Church (USA)]]|accessdate=2007-02-24|archivedate=2003-04-13}}</ref><ref name="UCC">{{Cite web|year=1986|work=Book of Worship|pages=Footnote 27|title=Introduction to Worship in the United Church of Christ|url=http://www.ucc.org/assets/pdfs/worshipintro.pdf|publisher=United Church of Christ|accessdate=2007-02-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20120608114107/http://www.ucc.org/assets/pdfs/worshipintro.pdf|archive-date=8 जून 2012|url-status=dead}}</ref><ref name="CRCNA">{{Cite web|date=1996–2007|title=Alcohol|url=http://www.crcna.org/pages/positions_alcohol.cfm|publisher=[[Christian Reformed Church in North America]]|accessdate=2007-02-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20121021024500/http://crcna.org/pages/positions_alcohol.cfm|archive-date=21 अक्तूबर 2012|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|year=1980|title=Alcohol, Beverage use of|url=http://www.pcahistory.org/pca/2-051.html|publisher=[[Presbyterian Church in America]], 8th General Assembly|accessdate=2007-02-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20170912044757/http://pcahistory.org/pca/2-051.html|archive-date=12 सितंबर 2017|url-status=dead}}</ref> यहोवा के साक्षियों ने मॉडरेशंस स्वीकार किया है<ref>{{Cite web|year=2004|title=Maintain a Balanced View Of Alcohol|url=http://wol.jw.org/en/wol/d/r1/lp-e/2004884|publisher=Watch Tower Bible and Tract Society of Pennsylvania|accessdate=2012-11-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20170916010913/https://wol.jw.org/en/wol/d/r1/lp-e/2004884|archive-date=16 सितंबर 2017|url-status=dead}}</ref> मॉडरेशंस का तर्क है कि, बाइबिल और पारंपरिक गवाह के अनुसार, (1) शराब भगवान का एक अच्छा उपहार है जो उचित रूप से यूचारीस्ट में और दिल को प्रसन्न करने के लिए और (2) इसके खतरे असली हैं, तो इसका इस्तेमाल किया जा सकता है संभावित दुर्व्यवहार की वजह से प्रतिशोध या निषिद्ध होने के बजाय बुद्धिमानी और मामूली जगह<ref name="Meyers1">{{Cite journal|last=Meyers|first=Jeffrey J.|date=November 1996|title=Concerning Wine and Beer, Part 1|url=http://www.biblicalhorizons.com/rite-reasons/no-48-concerning-wine-and-beer-part-1/|journal=Rite Reasons, Studies in Worship|issue=48|access-date=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20170703011745/http://www.biblicalhorizons.com/rite-reasons/no-48-concerning-wine-and-beer-part-1/|archive-date=3 जुलाई 2017|url-status=dead}}</ref><ref name="Meyers2">{{Cite journal|last=Meyers|first=Jeffrey J.|date=January 1997|title=Concerning Wine and Beer, Part 2|url=http://www.biblicalhorizons.com/rite-reasons/no-49-concerning-wine-and-beer-part-2/|journal=Rite Reasons, Studies in Worship|issue=49|access-date=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20170707174334/http://www.biblicalhorizons.com/rite-reasons/no-49-concerning-wine-and-beer-part-2/|archive-date=7 जुलाई 2017|url-status=dead}}</ref> मॉडरेशंस का मानना ​​है कि सभी के व्यवहार में संयम (जो कि, संयम या आत्म-नियंत्रण) है, बचना नहीं, बाइबिल के आदर्श हैं<ref>Pierard, p. 29.</ref><ref name="Gonzales">{{Cite web|last=Gonzales, Jr.|first=Robert R.|work=RBS Tabletalk|title=The Son of Man Came Drinking|archiveurl=https://archive.today/20121228025022/http://blog.rbseminary.org/2008/08/the-son-of-man-came-drinking-was-jesus-a-social-drinker-part-i/|url-status=dead|url=http://blog.rbseminary.org/2008/08/the-son-of-man-came-drinking-was-jesus-a-social-drinker-part-i/|publisher=Reformed Baptist Seminary|accessdate=2010-02-15|quote=[E]ven if the wine Jesus drank had a lower alcohol context than today's wine, the issue is still moderation not abstinence. The believer may not be able to drink as many glasses of modern wine compared to ancient wine and remain within the bounds of moderation. Instead of drinking 20 glasses of ancient wine, we'd have to limit ourselves to 2 glasses of modern wine. But still, the issue is moderation, not abstinence.|archivedate=2012-12-28}}</ref> मध्यस्थता हिब्रू मानसिकता को प्रतिबिंबित करते हैं कि सभी सृजन अच्छा है<ref>Raymond, ''passim'', especially pp. 48f.</ref>  पूर्व और पश्चिमी चर्चों में कैनन कानून का हिस्सा बनने वाले प्रेरितों के प्राचीन सिद्धांत, इसी तरह चर्च के नेताओं और महासागरों को मांस के घृणा के लिए शराब से दूर रहने की इजाजत देता है, लेकिन उन्हें "घृणा" या नफरत नहीं करने की आवश्यकता है, जो " निंदा करते हुए "अच्छा सृजन"<ref>{{Cite book|title=Ante-Nicean Fathers|volume=VII|chapter=The Ecclesiastical Canons of the Same Holy Apostles|chapter-url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/anf07.ix.ix.vi.html|chapterurl=http://www.ccel.org/ccel/schaff/anf07.ix.ix.vi.html|editor-last=Schaff|editor-first=Philip|editor-link=Philip Schaff|access-date=2013-03-28|quote=51. If any bishop, or presbyter, or deacon, or indeed any one of the sacerdotal catalogue, abstains from marriage, flesh, and wine, not for his own exercise, but because he abominates these things, forgetting that 'all things were very good,' and that 'God made man male and female,' and blasphemously abuses the creation, either let him reform, or let him be deprived [of his office], and be cast out of the Church; and the same for one of the laity.}}</ref>  आगे बढ़ते हुए, जॉन केल्विन कहते हैं कि "न केवल आवश्यकता के मामलों में ही शराब का उपयोग करना उचित है, बल्कि इससे हमें प्रसन्न करने के लिए भी,"<ref>{{Cite web|last=Calvin|first=John|work=Commentary on the Psalms|title=On Ps 104:15|url=http://ccel.org/ccel/calvin/calcom11.xiii.iii.html#xiii.iii-p15.1|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20160531090223/http://www.ccel.org/ccel/calvin/calcom11.xiii.iii.html#xiii.iii-p15.1|archive-date=31 मई 2016|url-status=dead}}</ref> और उनके जिनेन प्रश्नोत्तर में, वह जवाब देता है कि शराब प्रभु के खाने में उचित है क्योंकि "शराब से पुरुषों के दिलों में गर्व है, उनकी शक्ति भर्ती होती है, और पूरे आदमी को मजबूत किया जाता है, इसलिए हमारे प्रभु के खून से ही लाभ प्राप्त होते हैं हमारी आत्माएं।"<ref>{{Cite web|last=Calvin|first=John|year=1545|title=Catechism of the Church of Geneva|url=http://www.reformed.org/documents/calvin/geneva_catachism/geneva_catachism.html|accessdate=2007-03-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20170816134724/http://www.reformed.org/documents/calvin/geneva_catachism/geneva_catachism.html|archive-date=16 अगस्त 2017|url-status=dead}}</ref> दूसरे बिंदु पर, मार्टिन लूथर ने इस विचार का मुकाबला करने के लिए एक निष्कर्ष निकाला है कि दुरुपयोग को अनदेखा करने के साथ मिलना चाहिए: "[डब्ल्यू] ई ... अस्वीकार करना चाहिए [या] कुछ भी निंदा करना क्योंकि उसे दुरुपयोग किया गया है ... [डब्ल्यू] आइए और महिलाओं ने कई लोगों को दुःख तक पहुंचा दिया और उन्हें बेवकूफ बना दिया है (एक्लुस 1 9: 2; 31: 30); इसलिए [हम] सभी महिलाओं को मार डालें और सभी शराब डालें। "<ref>{{Cite web|last=Luther|first=Martin|work=Works, American Edition, vol. 51, p. 85|title=Fourth Invocavit sermon from 1522|url=http://www.godrules.net/library/luther/NEW1luther_b8.htm|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903104327/http://www.godrules.net/library/luther/NEW1luther_b8.htm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=dead}}</ref> कुरिन्थ के प्रेम दावत में मद्यपान से निपटने में, सेंट पॉल को पेय से कुल संयम की आवश्यकता नहीं है लेकिन एक-दूसरे के लिए प्यार है जो खुद को मध्यम, निःस्वार्थ व्यवहार में व्यक्त करेगा।<ref>Compare [http://www.biblegateway.com/passage/?search=1Co+11:33-34, 1Co 11:33f] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160430004907/https://www.biblegateway.com/passage/?search=1Co+11:33-34, |date=30 अप्रैल 2016 }}</ref><ref>Raymond, p. 86.</ref> हालांकि, मध्यस्थता कई मामलों में स्वैच्छिक संयम का अनुमोदन करते हैं, जैसे कि किसी व्यक्ति के लिए जो कम मात्रा में पीना मुश्किल है और "कमजोर भाई" के लाभ के लिए, जो एक मजबूत ईसाई के लिए अपनी स्वतंत्रता का प्रयोग करते हुए गलती करेंगे पीते हैं।<ref>Raymond, pp. 83f.</ref> हालांकि सभी मॉडरेटिस्ट्स सिद्धांत में ईचैरिस्ट (कैथोलिक, रूढ़िवादी, और एंग्लिकन की आवश्यकता होती है) में (किण्वित) शराब का उपयोग करने का अनुमोदन करते हैं, क्योंकि निषेधात्मक विरासत और शराब से अलग रहने की इच्छा रखने वालों के लिए संवेदनशीलता, कई लोग भगवान के भोजन के अपने समारोह में या तो अंगूर का रस या शराब और रस दोनों प्रदान करते हैं।  कुछ ईसाई प्राचीन परंपरा के बाद शराब के साथ कुछ पानी मिश्रण करते हैं, और कुछ इस अभ्यास के लिए एक रहस्यमय महत्व देते हैं<ref>Cross and Livingstone, p. 1767.</ref><ref>{{cite encyclopedia|encyclopedia=New Catholic Encyclopedia|edition=2nd|publisher=Thomson Gale|year=2002|isbn=978-0-7876-4004-0|volume=14|pages=772|editor=M. R. P. McGuire and T. D. Terry}}</ref> ==== तुलना ==== लेक्सिकल और ऐतिहासिक अंतर के अलावा,<ref>See the thorough discussion of lexical differences in Gentry, ''God Gave Wine'', pp. 33-104.</ref> मॉडरेशंस का मानना ​​है कि निषेधवाद, संयम और निषेध के साथ-साथ संयम के ईसाई गुणों को भ्रमित करके और दुर्व्यवहार के कर्मों के दिल और कर्मों के बजाय दुरुपयोग की गई वस्तु में बुराई का पता लगाने से भटक जाता है। सके अलावा, मॉडरिस्टवादियों का कहना है कि निषेधाज्ञावाद और निष्कासनवादी पदों में भगवान की सृष्टि और उसके अच्छे उपहारों की बदनामी होती है और इनकार करते हैं कि यह ऐसा नहीं है जो एक आदमी को जाता है जो उसे बुरा बनाता है, लेकिन जो बाहर आता है (वह है, वह क्या कहता है और करता है)।<ref>Compare [http://www.biblegateway.com/passage/?search=Mt+15:11,18;Mk+7:20,23 Mt 15:11,18; Mk 7:20,23] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160424205921/https://www.biblegateway.com/passage/?search=Mt+15:11,18;Mk+7:20,23 |date=24 अप्रैल 2016 }}.</ref> बाइबिल कभी नवाचार के 'शराब' शब्द का उपयोग नहीं करते। फिर भी संशोधनों का मानना ​​है कि भोज और रात के खाने की मेज से मनाया जाने वाला प्रतिबंध, निषेधाज्ञावादियों और abstentionists पूरे युग में 'बाइबिल के गवाह' और चर्च के खिलाफ जाते हैं और परस्परवादी धर्मनिरपेक्षता को अपनाने के लिए जो मध्यस्थता बाइबिल के लिए सही दृष्टिकोण पर विचार करते हैं नैतिकता और पाप और पवित्रता के सिद्धांत<ref>{{Cite web|last=Rayburn|first=Robert S.|date=2001-02-11|title=Revising the Practice of the Lord's Supper at Faith Presbyterian Church No. 4, Wine, No. 3|url=http://sermons.faithtacoma.org/Revising_Communion/Revising_FPC_LordsSupper_No.4_Wine_No.3_Feb.11.2001.htm|accessdate=2012-04-03|archive-url=https://web.archive.org/web/20110810103155/http://sermons.faithtacoma.org/Revising_Communion/Revising_FPC_LordsSupper_No.4_Wine_No.3_Feb.11.2001.htm|archive-date=10 अगस्त 2011|url-status=dead}}</ref><ref>Gentry, ''God Gave Wine'', pp. 105-130.</ref> === बचाव ===  अवरोधी स्थिति कई बैपटिस्ट, पेन्टेकोस्टल,<ref>{{Cite web|title=Position paper: Abstinence from Alcohol|archiveurl=https://web.archive.org/web/20100215111649/http://ag.org/top/Beliefs/Position_Papers/pp_downloads/pp_4187_abstinence.pdf|url-status=dead|url=http://ag.org/top/Beliefs/Position_Papers/pp_downloads/pp_4187_abstinence.pdf|publisher=[[Assemblies of God]]|accessdate=2009-08-18|archivedate=2010-02-15}}</ref> नज़रिएन, मेथोडिस्ट्स,<ref>{{Cite web|year=2004|work=[[The Book of Discipline of The United Methodist Church]]|title=Alcohol and Other Drugs|url=http://archives.umc.org/interior.asp?ptid=1&mid=1755|publisher=The United Methodist Publishing House|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20070602112604/http://archives.umc.org/interior.asp?ptid=1&mid=1755|archive-date=2 जून 2007|url-status=live}}</ref> और साल्वेशन आर्मी सहित अन्य इंजील और प्रोटेस्टेंट समूह<ref name="SalvArmy">{{Cite web|year=<!--1971 or 1982 -->1980|title=Salvation Army's Position Statements: Alcohol and Drugs|url=http://web.salvationarmy.org/ind/www_ind.nsf/vw-sublinks/80256e520050a2e280256cba0027a38b!opendocument&click=|accessdate=2012-04-03|quote=The Salvation Army&nbsp;... has historically required total abstinence of its soldiers and officers. While not condemning those outside its ranks who choose to indulge, it nevertheless believes total abstinence to be the only certain guarantee against overindulgence and the evils attendant on addiction.}}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>  निरंतरता के प्रमुख समर्थकों में बिली ग्राहम,<ref>{{Cite web|last=Graham|first=Billy|authorlink=Billy Graham|title=My Answer|archiveurl=https://web.archive.org/web/20070926221859/http://www.billygraham.org/MyAnswer_Article.asp?ArticleID=2224|url-status=dead|url=http://www.billygraham.org/MyAnswer_Article.asp?ArticleID=2224|publisher=Billy Graham Evangelistic Association|accessdate=2007-01-22|archivedate=2007-09-26}}</ref> जॉन एफ मैकआर्थर,<ref>{{Cite web|last=MacArthur|first=John F.|title=Living in the Spirit: Be Not Drunk with Wine--Part 3|url=http://www.biblebb.com/files/MAC/sg1938.htm|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20180412221149/http://www.biblebb.com/files/MAC/sg1938.htm|archive-date=12 अप्रैल 2018|url-status=dead}}</ref> आर अल्बर्ट मोहलर, जूनियर,<ref>{{cite AV media|url=http://www.sbts.edu/resources/lectures/school-council/alcohol-and-the-ministry/|title=Alcohol and Ministry|date=2005-09-14|people=R. Albert Mohler and Russell Moore|publisher=[[Southern Baptist Theological Seminary]]|medium=[[MP3]] audio|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20161008165949/http://www.sbts.edu/resources/lectures/school-council/alcohol-and-the-ministry/|archive-date=8 अक्तूबर 2016|url-status=dead}}</ref>, स्टीवन एल एंडरसन<ref>https://www.youtube.com/user/sanderson1611/search?query=alcohol{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>  और जॉन पाइपर<ref name="Piper">{{Cite web|last=Piper|first=John|date=1981-10-04|title=Total Abstinence and Church Membership|url=http://www.desiringgod.org/ResourceLibrary/TopicIndex/34/313_Total_Abstinence_and_Church_Membership/|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20081120122847/http://www.desiringgod.org/ResourceLibrary/TopicIndex/34/313_Total_Abstinence_and_Church_Membership/|archive-date=20 नवंबर 2008|url-status=dead}}</ref> Abstentionists का मानना ​​है कि हालांकि शराब की खपत स्वाभाविक रूप से पापी नहीं है या सभी परिस्थितियों में से बचने के लिए जरूरी है, यह आम तौर पर बुद्धिमान या सबसे विवेकपूर्ण विकल्प नहीं है<ref>For example, {{Cite web|last=Arterburn|first=Stephen|authorlink=Stephen Arterburn|year=2007|title=Myths and Facts about Alcohol Consumption and Jim Burns|url=http://www.christianity.com/11546319/print/|accessdate=2007-11-19|quote=For the general population, no specific Scriptures forbid wine consumption in small amounts&nbsp;... In our society, with so much damage being done by drinking, many who think it is okay to drink need to reexamine the practice&nbsp;... And for us parents who have to be concerned about the behaviors we are modeling, abstinence is the best choice.|archive-url=https://web.archive.org/web/20120318022309/http://www.christianity.com/11546319/print/|archive-date=18 मार्च 2012|url-status=dead}}</ref> हालांकि अधिकांश abstainists अपने चर्चों में सदस्यता के लिए शराब से संयम की आवश्यकता नहीं है, वे अक्सर नेतृत्व की स्थिति के लिए इसे की आवश्यकता है<ref name="Akin">{{Cite web|last=Akin|first=Daniel L.|authorlink=Daniel L. Akin|date=2006-06-30|title=FIRST-PERSON: The case for alcohol abstinence|url=http://www.bpnews.net/bpcolumn.asp?ID=2298|publisher=[[Baptist Press]]|accessdate=2013-04-17|archive-url=https://web.archive.org/web/20130605230618/http://www.bpnews.net/bpcolumn.asp?ID=2298|archive-date=5 जून 2013|url-status=dead}}</ref> स्वैच्छिक छोड़ने के लिए आमतौर पर दिए गए कुछ कारण हैं: # बाइबिल चेतावनी देते हैं कि शराब नैतिक विवेक को रोक सकता है। जैसा कि ऊपर बताया गया है, नीतिवचन 31: 4-5 ने राजाओं और शासकों को चेतावनी दी है कि वे "जो आदेश दिए गए हैं उसे भूल जाते हैं, और सभी पीड़ितों के अधिकारों को बिगाड़ते हैं।" कुछ abstentionists शराब के शरीर के रूप में "भ्रष्ट [आईएनजी]" कहते हैं और एक पदार्थ के रूप में "मेरे फैसले को कम कर सकते हैं और मुझे मेरी जिंदगी के लिए भगवान की इच्छा से विचलित कर सकते हैं।"<br><ref name="Land">{{Cite web|last=Land|first=Richard|authorlink=Richard Land|date=2006-07-24|title=FIRST-PERSON: The great alcohol debate|url=http://www.bpnews.net/bpnews.asp?id=23678|publisher=[[Baptist Press]]|accessdate=2013-04-17|archive-url=https://web.archive.org/web/20130606002004/http://www.bpnews.net/bpnews.asp?id=23678|archive-date=6 जून 2013|url-status=dead}}</ref> # ईसाइयों को "कमजोर भाई" के प्रति संवेदनशील होना चाहिए, जो कि ईसाई जो विश्वास करने के लिए एक पाप बनना चाहता है। इस बिंदु पर मैकआर्थर कहते हैं, "[टी] वह प्राथमिक कारण है कि मैं बहुत कुछ नहीं कर सकता, मैं शराब पीने या कोई शराबी पेय भी शामिल कर सकता हूं, क्योंकि मुझे पता है कि कुछ विश्वासियों ने इससे नाराज होगा ... [एम] कोई भी ईसाई अपनी बीयर और शराब पीएंगे और अपनी स्वतंत्रता को झुठलाएंगे, चाहे जो भी सोचें, कोई फर्क नहीं पड़ता। नतीजतन, फेलोशिप में एक दरार है। "<br><ref>{{Cite web|last=MacArthur|first=John|title=Unity in Action: Building Up One Another Without Offending--Part 2|url=http://www.gty.org/resources/Study-Guide-Chapter/45-111|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20161107220617/http://www.gty.org/resources/Study-Guide-Chapter/45-111|archive-date=7 नवंबर 2016|url-status=dead}}</ref> # ईसाईयों को नशे में मारे जाने के खिलाफ एक सार्वजनिक बयान करना चाहिए क्योंकि नकारात्मक परिणामों के कारण व्यक्तियों, परिवारों और समाज को पूरी तरह से हो सकता है। कुछ abstentionists मानते हैं कि [[नैतिक चरित्र]] के व्यक्ति के रूप में उनके गवाह भी इस पसंद से बढ़ाया है।  इसके अतिरिक्त, abstentionists का तर्क है कि पीने के समय प्राचीन समय में अधिक स्वीकार्य हो सकता है (उदाहरण के लिए, प्रदूषित पीने के पानी को शुद्ध करने के लिए शराब का प्रयोग)<ref>{{Cite web|last=Guzik|first=David|title=Commentary on 1 Ti 5:23|url=http://www.enduringword.com/commentaries/5405.htm|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20061208100335/http://www.enduringword.com/commentaries/5405.htm|archive-date=8 दिसंबर 2006|url-status=dead}}</ref> आधुनिक परिस्थितियों ने इस क्षेत्र में ईसाई की ज़िम्मेदारी की प्रकृति को बदल दिया है। सबसे पहले, कुछ abstentionists का तर्क है कि बाइबिल समय में शराब कमजोर था और पानी से पतला था, जैसे कि शराबी कम आम थी,<ref>{{Cite book|last=Barker|last2=Kohlenberger III|first=Kenneth L.|first2=John R.|year=1999|title=Zondervan NIV Bible Commentary|chapter=Commentary on 1 Ti 5:23|location=Grand Rapids, Mich.|publisher=Zondervan Pub. House|isbn=978-0-310-57840-6|ISBN=978-0-310-57840-6}}</ref><ref>{{Cite journal|last=Geisler|first=Norman|date=January–March 1982|title=A Christian Perspective on Wine-Drinking|url=https://archive.org/details/sim_the-bibliotheca-sacra_1982-03_139_553/page/41|journal=Bibliotheca Sacra|volume=139|issue=553|pages=41–55}}</ref> हालांकि कुछ गैर-abstentionists इस दावे को पूरी तरह से सटीक मानते हैं या निर्णायक इसके अलावा, अधिक कुशल आसवन तकनीकों का आविष्कार अधिक शक्तिशाली और सस्ता अल्कोहल का कारण बन गया है, जिसके बदले में बाइबल के समय की तुलना में आर्थिक बाधा को अधिक पीने से कम हो गया है।<ref>{{cite encyclopedia|last=Beecher|first=W. J.|title=Total abstinence|encyclopedia=[[The New Schaff-Herzog Encyclopedia of Religious Knowledge]]|url=http://www.ccel.org/ccel/schaff/encyc11/Page_468.html|page=468|accessdate=11 सितंबर 2017|archiveurl=https://web.archive.org/web/20160416121058/http://www.ccel.org/ccel/schaff/encyc11/Page_468.html|archivedate=16 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> ऐतिहासिक और लिंग के आधार पर, कई अपवादवाद निषेधाज्ञावादों के तर्क को अस्वीकार करते हैं कि बाइबिल में शराब शराबी नहीं था और वह आत्मसात करना लगभग हमेशा एक पाप होता है पाइपर इस बिंदु पर abstentionist स्थिति का सार: : भोजन और पेय की खपत अपने आप में भगवान के साथ एक व्यक्ति के ख्याली को पहचानने के लिए कोई आधार नहीं है ... [द प्रेषक पौलुस] इन घिनौने [भोजन और पेय] के दृष्टिकोण से कभी भी खाना या पीने से मना नहीं था। यह हमेशा मना करना था कि भगवान के मंदिर और घायल हो गए विश्वास को किसने नष्ट किया। उसने प्यार के सिद्धांत को सिखाया, लेकिन भोजन और पेय के मामलों में नियमों के साथ अपना आवेदन निर्धारित नहीं किया।<br><ref>{{Cite web|last=Piper|first=John|date=1982-01-17|title=Flesh Tank and Peashooter Regulations|url=http://www.desiringgod.org/ResourceLibrary/Sermons/ByDate/1982/330_Flesh_Tank_and_Peashooter_Regulations/|accessdate=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20100522020758/http://www.desiringgod.org/ResourceLibrary/Sermons/ByDate/1982/330_Flesh_Tank_and_Peashooter_Regulations/|archive-date=22 मई 2010|url-status=dead}}</ref> Abstentionists भी moderationists की स्थिति को अस्वीकार कर देते हैं कि कई परिस्थितियों में ईसाई को खुशी के लिए पीने के लिए स्वतंत्र महसूस करना चाहिए क्योंकि abstentionists स्वाभाविक रूप से स्वाभाविक रूप से बहुत खतरनाक देख रहे हैं और नहीं "जीवन या अच्छे जीवन के लिए एक आवश्यकता" कुछ लोगों के साथ भी कहने तक, "मॉडरेशन, शराब की समस्या का कारण है।" === निषेध === [[चित्र:Williambooth.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| साल्वेशन आर्मी के विलियम बूथ<br> ]] निषेधाज्ञावादी स्थिति ने आंदोलन के रूप में निषेधाज्ञा के दिन के बाद से समर्थन की एक सामान्य कमी का अनुभव किया है, इसके कई समर्थक इसके बजाय abstentionists बनने के साथ निषेधाज्ञावादी पदों को अपनाने वाले समूह में दक्षिणी बैप्टिस्ट कन्वेंशन शामिल है<ref>{{Cite web|title=SBC Resolutions Alcohol|url=http://www.sbc.net/resolutions/AMResSearchAction.asp?SearchBy=Subject&DisplayRows=10&frmData=alcohol&Submit=Search}}{{Dead link|date=जनवरी 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref name="sbc">{{Cite web|year=1938|title=Resolution On The Liquor Situation|url=http://www.sbc.net/resolutions/amResolution.asp?ID=64|publisher=Southern Baptist Convention|quote=We declare afresh our unalterable opposition to the whole liquor traffic, whisky, beer, and wine, and to the license system by which this most blighting and corrupting traffic fastened upon our body social and body politic.... We stand unalterable for total abstinence on the part of the individual and for prohibition by the government, local, State, and National, and that we declare relentless war upon the liquor traffic, both legal and illegal, until it shall be banished.... [T]his Convention earnestly recommends to our Baptist people, both pastors and churches, that the churches take a firm and consistent stand against all indulgence in the use of intoxicating liquors, including wine and beer, and against all participation in their sale by members of the churches, and that we seek as rapidly as possible to educate our people against the folly and sin of such use and sale, and that as rapidly as possible our churches shall be relieved of the open shame and burden of church members in any way connected with the unholy traffic|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20120319152246/http://www.sbc.net/resolutions/amResolution.asp?ID=64|archive-date=19 मार्च 2012|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|year=2006|title=On alcohol use in America|url=http://www.sbc.net/resolutions/amResolution.asp?ID=1156|publisher=[[Southern Baptist Convention]]|accessdate=2007-01-22|quote=RESOLVED ... total opposition to the manufacturing, advertising, distributing, and consuming of alcoholic beverages.|archive-url=https://web.archive.org/web/20131105012154/http://www.sbc.net/resolutions/amResolution.asp?ID=1156|archive-date=5 नवंबर 2013|url-status=dead}}</ref> और सातवें दिन के एडवेंटिस्ट.<ref>{{Cite web|year=1992|title=Historic Stand for Temperance Principles and Acceptance of Donations Statement Impacts Social Change|archiveurl=https://web.archive.org/web/20061206110804/http://www.adventist.org/beliefs/statements/main_stat26.html|url=http://www.adventist.org/beliefs/statements/main_stat26.html|publisher=General Conference of Seventh-day Adventists|accessdate=2007-02-28|archivedate=December 6, 2006}}</ref><ref>{{Cite web|year=1990|title=Chemical Use, Abuse, and Dependency|archiveurl=https://web.archive.org/web/20061206202134/http://www.adventist.org/beliefs/statements/main_stat7.html|url=http://www.adventist.org/beliefs/statements/main_stat7.html|publisher=General Conference of Seventh-day Adventists|accessdate=2007-02-28|archivedate=December 6, 2006}}</ref> T वह पूर्व समूह ने तय किया कि उनके "चर्चों को निषेधात्मक कारणों के लिए पूर्ण नैतिक समर्थन देने और शराब यातायात के खिलाफ हमारे लोगों की संयुक्त कार्रवाई के लिए खड़े संगठनों को अधिक उदार वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया जाए।"  चार्ल्स स्पार्जन: "मैं चाहता हूं कि जिस व्यक्ति ने कानून खोलने के लिए उन्हें खुले हुए सभी परिवारों को बर्बाद कर दिया हो, उन्हें रखना चाहिए। बीयर की दुकानों में घर के दुश्मन हैं, इसलिए, उनके लाइसेंस जल्द ही दूर हो जाएंगे, बेहतर होगा " <ref>{{Cite web|last=Spurgeon|first=Charles|year=1884|title=Alcohol & Charles H. Spurgeon|url=http://www.nodrinking.com/charles-spurgeon-everybody-become-abstainers/|accessdate=2013-06-27|quote=‘Those beer shops are the curse of this country—no good ever can come of them, and the evil they do no tongue can tell; the publics were bad enough, but the beer-shops are a pest; I wish the man who made the law to open them had to keep all the families that they have brought to ruin. Beer shops are the enemies of the home; therefore, the sooner their licenses are taken away, the better. Poor men don’t need such places, nor rich men either; they are all worse and no better, like Tom Norton's wife. Anything that hurts the home is a curse and ought to be hunted down, as gamekeepers do to the vermin in the copses.’|archive-url=https://web.archive.org/web/20170926191901/http://www.nodrinking.com/charles-spurgeon-everybody-become-abstainers/|archive-date=26 सितंबर 2017|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite web|last=Wax|first=Trevin|date=2006-12-06|title=Spurgeon the Drinker: The Rest of the Story|url=http://thegospelcoalition.org/blogs/trevinwax/2006/12/06/spurgeon-the-drinker-the-rest-of-the-story|publisher=[[The Gospel Coalition]]|accessdate=2013-06-27|quote=... as alcoholism destroyed families and neighborhoods in England during the late 1800′s, Spurgeon decided that total abstinence was the wisest practice for the cultural context in which he found himself.|archive-url=https://web.archive.org/web/20130611114236/http://thegospelcoalition.org/blogs/trevinwax/2006/12/06/spurgeon-the-drinker-the-rest-of-the-story/|archive-date=11 जून 2013|url-status=dead}}</ref> साल्वेशन आर्मी के संस्थापक विलियम बूथ एक निषेधाज्ञा था, और अपने आप में शराब के रूप में बुराई को देखता था और किसी के लिए संयम में पीना सुरक्षित नहीं था<ref name="BoothWilliam">{{Cite book|last=Booth|first=William|year=1888|title=The Training of Children: How to Make the Children into Saints and Soldiers of Jesus Christ|chapter=27. Strong Drink|edition=2nd|quote=Make the children understand that the thing is an evil in itself. Show them that it is manufactured by man - that God never made a drop of alcohol. To say that alcohol is a good creature of God is one of the devil's own lies fathered on foolish and ignorant people. It is a man-manufactured article. The earth nowhere produces a drop of it. The good creatures of God have to be tortured and perverted before any of it can be obtained. There is not a drop in all creation made by God or that owes its existence to purely natural causes.... Make your children understand that it is not safe for them or anybody else to take strong drink in what is called moderation, and that even if it were, their example would be sure to induce others to take it, some of whom would be almost certain to go to excess.... Therefore, the only way of safety for your children as regards themselves and the answer of a good conscience with respect to others, is total abstinence from the evil.}}</ref> 1 99 0 में, साल्वेशन आर्मी फिर से पुष्टि करता है: "किसी भी सल्वास्टिकिस्ट को पीने के लिए असंगत होगा, जबकि एक ही समय में दूसरों को इसे देने में मदद करना चाहिए।"<ref>{{Cite web|year=1990|title=Salvation Army, Positional Statement on Social Drinking|url=http://www.salvationarmy.org.au/en/Who-We-Are/vision-and-mission/Positional-Statements/Guidelines-for-Salvationists/Social-Drinking/|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171207192531/http://www.salvationarmy.org.au/en/Who-We-Are/vision-and-mission/Positional-Statements/Guidelines-for-Salvationists/Social-Drinking/|archive-date=7 दिसंबर 2017|url-status=dead}}</ref> डेविड विलकसन के किशोर चैलेंज के संस्थापक ने परमेश्वर की विधानसभा के लिए इसी तरह की बातें कीं: "शराब पीने से बहुत सी शराब बहुत अधिक है, इसलिए शैतान को क्रूर धोखे का खुलना पड़ता है।"<ref name="AOG">{{Cite journal|last=Kang Sim|last1=Kang Sim|last2=Hofstetter|last3=Irvin|last4=Ayers|last5=Macera|last6=Ji|last7=Hovell|first1=DE|first=DE|first2=CR|first3=VL|first4=JW|first5=CA|first6=M|first7=MF|year=1985|title=General Presbytery of the Assemblies of God. A biblical perspective on abstinence.|journal=J Relig Health|volume=52|pages=285–98|doi=10.1007/s10943-011-9471-y|DOI=10.1007/s10943-011-9471-y|pmc=3560953|PMC=3560953|pmid=21286816|PMID=21286816}}</ref><ref name="Wilkerson">{{Cite web|title=Sipping Saints: An outcry against the alarming spread of drinking among Christians|url=http://www.tscpulpitseries.org/english/undated/sipsaint.html|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170926200914/http://www.tscpulpitseries.org/english/undated/sipsaint.html|archive-date=26 सितंबर 2017|url-status=dead}}</ref> बिली रविवार: "सभी के बाद कहा जाता है कि शराब यातायात पर कहा जा सकता है, इसका प्रभाव व्यक्ति, परिवार, राजनीति और व्यवसाय पर और जो कुछ भी आप इस पुरानी दुनिया में छूते हैं, उस पर अपमानजनक है।"<ref>{{Cite web|last=Sunday|first=Billy|title=Famous 'Booze' Sermon As preached by Billy Sunday in Boston, MA|url=http://billysunday.org/sermons/booze.php3|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20130818060854/http://billysunday.org/sermons/booze.php3|archive-date=18 अगस्त 2013|url-status=dead}}</ref> निषेधाज्ञावादियों जैसे स्टीफन रेनॉल्ड्स<ref>Reynolds, ''The Biblical Approach to Alcohol''.</ref><ref>{{Cite book|last=Reynolds|first=Stephen M.|year=1983|title=Alcohol and the Bible|url=https://archive.org/details/alcoholbible0000step|publisher=Challenge Press|isbn=978-0-86645-094-2|ISBN=978-0-86645-094-2}}</ref><ref name="Reynolds">{{Cite journal|last=Reynolds|first=Stephen M.|date=May–June 1991|title=Issue and Interchange - Scripture Prohibits the Drinking of Alhocolic Beverages|url=http://reformed.org/webfiles/antithesis/v2n2/ant_v2n2_issue2.html|journal=Antithesis|volume=2|issue=2|access-date=2007-01-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20180414131201/http://reformed.org/webfiles/antithesis/v2n2/ant_v2n2_issue2.html|archive-date=14 अप्रैल 2018|url-status=dead}}</ref>  और जैक वान इंपे<ref>{{Cite book|last=Impe|first=Jack Van|year=1980|title=Alcohol: The Beloved Enemy|url=https://archive.org/details/alcoholbeloveden0000vani_i1a8|publisher=Jack Van Impe Ministries|isbn=978-0-934803-07-6|ISBN=978-0-934803-07-6}}</ref> पकड़ो कि बाइबिल पूरी तरह से अल्कोहल का भाग लेने से मना करते हैं, कुछ तर्क है कि 1 तीमुथियुस 5:23 में शराब का कथित औषधीय प्रयोग बेहिसाल अंगूर का रस है। उनका तर्क है कि बाइबिल में मादक पेय पदार्थों के शब्दों में गैर-अल्कोहल संस्करणों का भी उल्लेख किया जा सकता है, जैसे कि अनारित अंगूर का रस, और इस कारण से संदर्भ को यह निर्धारित करना चाहिए कि कौन सा अर्थ आवश्यक है उन अंशों में जहां पेय नकारात्मक दिखते हैं, निषेधाज्ञा उन्हें शराबी पीने का अर्थ समझते हैं, और जहां उन्हें सकारात्मक रूप से देखा जाता है, वे उन्हें गैर-शराबी पेय मतलब समझते हैं।<ref>{{Cite web|last=Cisco|first=Hermano|title=Christians and Alcohol|url=http://www.evangelicaluniversalist.com/forum/viewtopic.php?f=14&t=6695|access-date=11 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160814185940/http://www.evangelicaluniversalist.com/forum/viewtopic.php?f=14&t=6695|archive-date=14 अगस्त 2016|url-status=dead}}</ref> निषेधवादियों ने शराब के पक्ष में एक पूर्वाग्रह का प्रदर्शन करने वाले अधिकांश बाइबिल अनुवादकों पर आरोप लगाया है जो मूल ग्रंथों के अर्थ को अस्पष्ट करता है।  लैटर डे संत आंदोलन के सबसे बड़े शरीर, यीशु मसीह के बाद के संन्यासी चर्च, यह भी सिखाता है कि "भगवान ने शराब के इस्तेमाल के खिलाफ बात की है।"<ref>{{Cite web|title=The Commandments: Obey the Word of Wisdom|archiveurl=https://web.archive.org/web/20110716112618/http://mormon.org/mormonorg/v/index.jsp?vgnextoid=7a45055b23710110VgnVCM1000003a94610aRCRD&locale=0&sourceId=1f476db0580a1110VgnVCM100000176f620a____|url-status=dead|url=http://mormon.org/mormonorg/v/index.jsp?vgnextoid=7a45055b23710110VgnVCM1000003a94610aRCRD&locale=0&sourceId=1f476db0580a1110VgnVCM100000176f620a____|publisher=The Church of Jesus Christ of Latter-day Saints|accessdate=2007-06-29|archivedate=2011-07-16}}</ref><ref name="Benson">{{Cite journal|last=Benson|first=Ezra Taft|date=May 1983|title=A Principle with a Promise|url=http://www.lds.org/ensign/1983/05/a-principle-with-a-promise|journal=Ensign|pages=53–55|access-date=2013-10-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20151021194835/https://www.lds.org/ensign/1983/05/a-principle-with-a-promise|archive-date=21 अक्तूबर 2015|url-status=live}}</ref>  वे इस शिक्षा को बुद्धि के वचन पर आधारित करते हैं, सिद्धांत और वाचाएं जो कि मॉर्मन सिद्धांत का एक हिस्सा है, जो अल्कोहल के सामान्य उपयोग से अनुशंसा करता है, में एक खंड है, हालांकि यह संस्कार में शराब के उपयोग के लिए एक अपवाद बनाता है, इसी तरह का एक संस्कार ईचैरिस्ट के लिए<ref>[[wikisource:The Doctrine and Covenants/Section 89|The Doctrine and Covenants, section 89]]: "That inasmuch as any man drinketh wine or strong drink among you, behold it is not good, neither meet in the sight of your Father, only in assembling yourselves together to offer up your sacraments before him.</ref> हालांकि, चर्च अब संस्कार में शराब के बजाय पानी का उपयोग करता है,<ref>{{Cite web|year=2006|title=Guide to the Scriptures: Sacrament|url=http://scriptures.lds.org/en/gs/s/2|publisher=Church of Jesus Christ of Latter-day Saints|accessdate=2007-06-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20101014001014/http://scriptures.lds.org/en/gs/s/2|archive-date=14 अक्तूबर 2010|url-status=live}}</ref> और 1851 के बाद से, बुद्धिमान जीवित लोगों के लिए बुद्धि की वचन "सभी चर्च सदस्यों पर एक बाध्यकारी आज्ञा" माना गया है। कई निषेधवादी ईसाईयों ने दावा किया है कि जो शराब यीशु ने यूहन्ना 2 में बनाया था और आखिरी रात में पिया थे वह गैर-शराबी अंगूर का रस था; हालांकि, ग्रीक शब्द ओयोनो, जो कि काना में शादी की दावत के उपयोग में उपयोग किया जाता है, का इस्तेमाल इफिसियों 5:18 में शराब का वर्णन करने के लिए भी किया जाता है। <ref>{{Cite web |url=http://www.gotquestions.org/Jesus-water-wine.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160920015438/http://www.gotquestions.org/Jesus-water-wine.html |archive-date=20 सितंबर 2016 |url-status=dead }}</ref> == इन्हें भी देखें == * ईसाई आहार कानून * नूह की शराब == सन्दर्भ == {{Reflist|33em}} 3y0o9k64xg4dc66kb4bxnnn88qd8fh4 विनिपेग 0 839574 6582817 6580154 2026-07-15T08:19:42Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582817 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement | name = विनिपेग | official_name = City of Winnipeg | settlement_type = शहर | image_skyline = Winnipeg, Manitoba skyline (cropped).jpg | imagesize = 275px | image_caption = विनिपेग का पैनोरामा दृश्य | image_flag = Flag of Winnipeg fair.svg | image_seal = | image_shield = Crest of Winnipeg fair.svg | image_blank_emblem = Flag of Winnipeg (logo version).svg | nickname = "Winterpeg" | motto = ''Unum Cum Virtute Multorum''<br />{{small|(One with the Strength of Many)}}<ref>{{cite book|title=Municipal Manual|year=2007|page=16|publisher=City of Winnipeg|url=https://winnipeg.ca/clerks/pdfs/2007MunicipalManual.pdf}}</ref> | coordinates = {{coord|49|53|4|N|97|8|47|W|region:CA-MB|display=inline,title}} | subdivision_type = राष्ट्र | subdivision_name = [[कनाडा]] | subdivision_type1 = [[कनाडा के प्रान्त और क्षेत्र|प्रांत]] | subdivision_name1 = [[मैनिटोबा]] | subdivision_type2 = क्षेत्र | subdivision_name2 = विनिपेग महानगरीय क्षेत्र |established_title = निगमित | established_date = 1873 | leader_title1 = महापौर | leader_name1 = ब्रायन बोमैन | leader_title2 = सरकार | leader_name2 = विनिपेग नगर सभा | unit_pref = मेट्रिक | area_footnotes = <ref name=area>{{cite web|url=http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2011/as-sa/fogs-spg/Facts-csd-eng.cfm?LANG=Eng&GK=CSD&GC=4611040|access-date=3 मार्च 2014|publisher=Statistics Canada|title=Census subdivision of Winnipeg|archive-url=https://web.archive.org/web/20140303104523/http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2011/as-sa/fogs-spg/Facts-csd-eng.cfm?LANG=Eng&GK=CSD&GC=4611040|archive-date=3 मार्च 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2011/as-sa/fogs-spg/Facts-cma-eng.cfm?LANG=Eng&GK=CMA&GC=602|access-date=3 मार्च 2014|publisher=Statistics Canada|title=Census metropolitan area of Winnipeg|archive-url=https://web.archive.org/web/20140303093130/http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2011/as-sa/fogs-spg/Facts-cma-eng.cfm?LANG=Eng&GK=CMA&GC=602|archive-date=3 मार्च 2014|url-status=live}}</ref> | area_total_km2 = | area_land_km2 = 464.09 | area_metro_km2 = 5306.79 | elevation_m = 239 <!-- Population ----------------------->| population_footnotes = | population_total = 705,244 (सातवें पद पर) | population_as_of = 2016 जनगणना<ref name="2016_Census">{{cite web |title=Census Profile, 2016 Census Winnipeg Census metropolitan area |url=http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2016/dp-pd/prof/details/page.cfm?Lang=E&Geo1=CMACA&Code1=602&Geo2=PR&Code2=01&Data=Count&SearchText=Winnipeg&SearchType=Begins&SearchPR=01&TABID=1&B1=All |publisher=Statistics Canada |access-date=8 फरवरी 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170211155138/http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2016/dp-pd/prof/details/page.cfm?Lang=E&Geo1=CMACA&Code1=602&Geo2=PR&Code2=01&Data=Count&SearchText=Winnipeg&SearchType=Begins&SearchPR=01&TABID=1&B1=All |archive-date=11 फरवरी 2017 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |title=Census Profile, 2016 Census Winnipeg, City |url=http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2016/dp-pd/prof/details/page.cfm?Lang=E&Geo1=CSD&Code1=4611040&Geo2=CD&Code2=4611&Data=Count&SearchText=Winnipeg&SearchType=Begins&SearchPR=01&B1=All&TABID=1 |publisher=Statistics Canada |access-date=8 फरवरी 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170211082251/http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2016/dp-pd/prof/details/page.cfm?Lang=E&Geo1=CSD&Code1=4611040&Geo2=CD&Code2=4611&Data=Count&SearchText=Winnipeg&SearchType=Begins&SearchPR=01&B1=All&TABID=1 |archive-date=11 फरवरी 2017 |url-status=live }}</ref><ref name="2011CensMuniPops">{{cite web|url=http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2011/dp-pd/prof/details/page.cfm?Lang=E&Geo1=CSD&Code1=4611040&Geo2=PR&Code2=46&Data=Count&SearchText=Winnipeg&SearchType=Begins&SearchPR=01&B1=All&GeoLevel=PR&GeoCode=4611040|title=Population and dwelling counts, for Manitoba and census subdivisions|publisher=Statistics Canada|access-date=6 अप्रैल 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120722142747/http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2011/dp-pd/prof/details/page.cfm?Lang=E&Geo1=CSD&Code1=4611040&Geo2=PR&Code2=46&Data=Count&SearchText=Winnipeg&SearchType=Begins&SearchPR=01&B1=All&GeoLevel=PR&GeoCode=4611040|archive-date=22 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=Metropolitan areas of Manitoba|url=http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2011/dp-pd/hlt-fst/pd-pl/Table-Tableau.cfm?LANG=Eng&T=202&PR=46&S=0&O=D&RPP=50|publisher=Statistics Canada|access-date=8 फरवरी 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20120722154351/http://www12.statcan.gc.ca/census-recensement/2011/dp-pd/hlt-fst/pd-pl/Table-Tableau.cfm?LANG=Eng&T=202&PR=46&S=0&O=D&RPP=50|archive-date=22 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref> | population_density_km2 = 1430 | population_urban = 705,244 (सातवें पद पर) | population_density_urban_km2 = 1429 | population_metro = 778,489 (आठवें पद पर) | population_density_metro_km2 = 146.70 | population_demonym = विनिपेगर <!-- General information --------------->| timezone = CST | utc_offset = −6 | timezone_DST = CDT<ref>{{cite web|url=http://www.timeanddate.com/worldclock/city.html?n=265|access-date=3 मार्च 2014|title=Winnipeg|publisher=The World Clock|archive-url=https://web.archive.org/web/20140209123719/http://www.timeanddate.com/worldclock/city.html?n=265|archive-date=9 फरवरी 2014|url-status=live}}</ref> | utc_offset_DST = −5 <!-- Area/postal codes & others --------> | area_code = 204 और 431 | website = {{URL| http://www.winnipeg.ca}} }} '''विनिपेग''' ('''Winnipeg''', '''wɪnᵻpɛɡ''') [[कनाडा]] के [[मैनिटोबा| मैनिटोबा प्रांत]] की [[राजधानी]] एवं प्रमुख नगर है। यह प्रांत के पूर्वी भाग में ऐसिनिबाइन एवं रेड नदियों के संगम पर स्थित है। [[संयुक्त राज्य अमेरिका|संयुक्त राज्य अमरीका]] की सीमा से ९६ किमी. उत्तर में तथा विनिपेग झील से ७२ किमी. दक्षिण में, यह नगर स्थित है। झील के नाम पर ही नगर का नाम विनिपेग पड़ा है। सन् १८८५ में कैनाडियन पैसिफिक रेलवे का निर्माण हो जाने पर कैनाडा के पश्चिमी भाग का सीधा संबंध पूर्वी भाग से हो गया, जिसके कारण विनिपेग बहुत बड़ा वितरणकेंद्र हो गया। यह कैनाडियन पैसिफिक और कैनाडियन राष्ट्रीय रेलवे का पश्चिमी मुख्य केंद्र है। इसका संयुक्त राज्य, अमरीका, से सीधा संबंध सू लाइन, ग्रेट नार्दर्न एवं नार्दर्न पैसिफिक रेल द्वारा है। हडसन बे रेलवे द्वारा विनिपेग नगर मैनिटोबा राज्य के उत्तरी भाग से संबद्ध है। इस उत्तरी भाग में खदानों के विकास के कारण अनेक प्रकार की मशीनों तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं का आना जाना विनिपेग से होता है।<ref>{{cite web|url=https://winnipeg.ca/indigenous/pdfs/CoW-Indigenous-Accord.pdf|publisher=City of Winnipeg|title=Winnipeg's Indigenous Accord|access-date=3 जून 2021}}</ref> विनिपेग में थोक तथा निर्यात व्यापार बहुत अधिक है। पश्चिमी कैनाडा के गेहूँ के उत्पादन का ३/४ विनिपेग में ही आता है। यह नगर अनाज की मंडी भी है। यहाँ फर का भी व्यापार होता है। विनिपेग नदी पर स्थित विनिपेग बिजली रेलवे कंपनी और म्युनिसिपल कारपोरेशन द्वारा सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के कारण विनिपेग में औद्योगिक विकास भी तीव्रता से हुआ है। यहाँ के प्रमुख उत्पादन हैं आटा और उससे तैयार होनेवाले पदार्थ, कागज के डिब्बे, मांस तथा मांस से निर्मित पदार्थ, मछलियाँ, औजार, ईंट और जिप्सम। विनिपेग की चौड़ी सड़कों के किनारों पर वृक्ष लगे हुए हैं। नगर में किंडोनान एवं एसिनीव्बायान नाम दो बड़े पार्क हैं। मैनिटोबा विश्वविद्यालय, मिलिटरी बैरक और अस्पताल नगर के बाहर हैं। यहाँ के मुख्य भवन १९२० ई. में ८४ लाख डॉलर के व्यय से निर्मित, मैनिटोबा संसद भवन, प्रेक्षागृह और लॉ कोर्ट भवन हैं। == नाम == विनिपेग का नाम पास के [[विनिपेग झील]] पर रखा गया है, जो शहर से 65 कि.मी. उत्तर में स्थित है। अंग्रेज़ी खोजकर्ता हेनरी केलसी ने सबसे पहले सन् 1690 में इस झील की खोज की, और उन्होंने झील के क्री और ओजिबवे भाषा के शब्द 'win-nipi' (जिसे 'win-nipiy' या 'ouenpig' भी लिखा जा सकता है) से इस झील को नाम दिया, जिसका मतलब है "कीचड़युक्त जल"।<ref>{{Cite book|last=Ham|first=Penny|title=Place Names of Manitoba|url=https://archive.org/details/placenamesofmani0000hamp|publisher=Western Producer Prairie Books|year=1980|isbn=9780888330673|page=[https://archive.org/details/placenamesofmani0000hamp/page/138 138]}}</ref><ref>{{Cite book|last=|first=|title=Canadian Oxford Dictionary|url=https://archive.org/details/canadianoxforddi0000unse_f6g8|publisher=Oxford University Press|year=2004|isbn=0-19-541816-6|editor-last=Barber|editor-first=Katherine|chapter=Winnipeg, Lake}}</ref><ref name=boyens>{{Cite book|last=|first=|title=The Encyclopedia of Manitoba|url=https://archive.org/details/encyclopediaofma0000unse_b7w6|publisher=Great Plains Publications|year=2007|isbn=978-1-894-283-71-7|editor-last=Boyens|editor-first=Ingeborg|pages=[https://archive.org/details/encyclopediaofma0000unse_b7w6/page/383 383], 744}}</ref> जब फ्रेंच-कैनेडियन फर व्यापारिक ला वेरेंद्री ने 1730 युग में झील के पास कुछ महल बनाए, उन्होंने इस झील को {{Lang-fr|Lac Gouinipique|label=none}} या {{Lang-fr|Ouinipigon|label=none}} कहा।<ref>{{Cite book|last=Bellin|first=M.|title=Remarques sur la Carte de l'Amérique Septentrionale|url=https://archive.org/details/remarquessurlaca00bell|publisher=Didot|year=1755|page=[https://archive.org/details/remarquessurlaca00bell/page/72 73]}}</ref> 24 फरवरी 1866 में स्थानीय अखबार 'The Nor'-Wester' ने इस नाम को अपने हैडलाइन पर लिखा, और 1873 में शहर को इसी नाम के अंतर्गत निगमित कर दिया गया।<ref name=boyens /> == इतिहास == === प्राचीन इतिहास === विनिपेग ऐसिनिबाइन एवं रेड नदियों के संगम पर स्थित है, और इस जगह को अब "द फोर्क्स" कहा जाता है।<ref name="forkshistory">{{cite web |url = http://www.theforks.com/history |title = History |publisher = The Forks |access-date = 4 नवंबर 2008 |archive-url = https://web.archive.org/web/20080930222840/http://www.theforks.com/history |archive-date = 30 सितंबर 2008 |url-status = dead }}</ref> खोजे गए सबूतों से पता लगता है कि देशज लोग इस जगह का इस्तेमाल ठहरने, उगाने, शिकार करने, मछलियाँ पकड़ने, आदि कार्यों के लिए इस्तेमाल करते थे।<ref name="harris">{{cite book|editor-last=Harris|editor-first=R. Cole|others=Cartography & design by Geoffrey J. Matthews|title=Historical Atlas of Canada|publisher=University of Toronto Press|year=1993|volume=I: From the Beginning to 1800|isbn=0-8020-2495-5|pages=1–6}}</ref> इस जगह को पहली बार करीब ग्यारह हज़ार वर्षों पहले बसाया गया था<ref>{{cite journal|date=Spring 1990|issue=19|title=Glacial Lake Agassiz|journal=Manitoba History|last=Buckner|first=Anthony|url=http://www.mhs.mb.ca/docs/mb_history/19/lakeagassiz.shtml}}</ref> और 1805 में कैनेडियन उपनिवेशों ने गौर किया कि देशज जातियाँ रेड नदी के तट पर खेती करते थे। यह प्रथा जल्द फैल गई, क्योंकि व्यापारिक प्रावधानों की माँग करते थे।<ref>{{cite book|title=The geography of Manitoba|url=https://archive.org/details/geographyofmanit0000unse|year=1996|publisher=University of Manitoba Press|isbn=978-0-88755-375-2|page=[https://archive.org/details/geographyofmanit0000unse/page/80 80]|editor-last1=Welsted|editor-first1=John|editor-last2=Everitt|editor-first2=John|editor-last3=Stadel|editor-first3=Christoph}}</ref> यहाँ से [[मिसोरी नदी|मिज़ूरी]] और [[मिसिसिप्पी नदी|मिसिसिप्पी]] नदियों की मदद से खेती को निर्यात करने में भी सहायता होती थी। ओजीबवे जाति यातायात में आसानी के लिए बर्च के छाल पर नक्शे बनाया करते थे।<ref>{{cite book|last=Lewis|first=G Malcolm|title=Cartographic encounters: perspectives on Native American mapmaking and map use|publisher=University of Chicago Press|year=1998|page=12|isbn=9780226476940}}</ref> [[चित्र:Rindisbacher fishing 1821 large (1).png|thumb|left|ऐसिनिबाइन एवं रेड नदियों के बर्फ में मछलियाँ पकड़ना।]] 1881 में कनाडाई प्रशांत रेलवे के विकास के बाद विनिपेग काफी विकसित हुआ।<ref>{{cite web |url=http://www.mhs.mb.ca/docs/business/cpr.shtml |title=MHS Centennial Business: Canadian Pacific Railway Company |publisher=Manitoba Historical Society |access-date=16 जुलाई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090829085939/http://www.mhs.mb.ca/docs/business/cpr.shtml |archive-date=29 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref> यह शहर के यूरोपीय भाग को देशज भागों से जोड़ता था।<ref>{{cite web |url=http://www.canadashistory.ca/Magazine/Online-Exclusive/Articles/Controversy-and-Compromise-over-the-Manitoba-Schoo |work=Canada's History |title=Controversy and compromise over the Manitoba Schools Question |access-date=26 मई 2014 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20140527213333/http://www.canadashistory.ca/Magazine/Online-Exclusive/Articles/Controversy-and-Compromise-over-the-Manitoba-Schoo |archive-date=27 मई 2014 |df=dmy-all }}</ref> === आधुनिक इतिहास === 1911 तक विनिपेग कनाडा का तीसरा सबसे बड़ा शहर बन चुका था। मगर 1914 में [[पनामा नहर]] के खुलने के बाद से शहर को वित्तीय समस्याएँ नज़र आने लगीं।<ref>{{cite news |title=The heart of the continent? |last=Silicz |first=Michael |date=10 सितंबर 2008 |work=The Manitoban}}</ref> नहर के बनने से दूसरे देशों ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए कनाडा के रेल प्रणाली के उपयोग को कम कर दिया; [[प्रथम विश्वयुद्ध]] जलयात्रा की बढ़ौती के चलते [[वैंकूवर]] धन और जनसंख्या, दोनों में विनिपेग से आगे निकल गया।<ref>{{cite book |last=Hiller |first=Harry |title=Second promised land: migration to Alberta and the transformation of Canadian society |url=https://archive.org/details/secondpromisedla0000hill |year=2009 |publisher=McGill-Queen's University Press |isbn=978-0-7735-3517-6 |pages=[https://archive.org/details/secondpromisedla0000hill/page/33 33]–34}}</ref> मई 1919 में तीस हज़ार लोग अपने दफ़्तरों के खिलाफ़ स्ट्राइक करने लगे, और इस घटना को विनिपेग जनरल स्ट्राइक का नाम दिया गया।<ref>{{cite web|url=http://www.cbc.ca/history/EPISCONTENTSE1EP12CH3PA2LE.html|work=Canada: A People's History|title=The Winnipeg General Strike|publisher=CBC|access-date=4 March 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140918033647/http://www.cbc.ca/history/EPISCONTENTSE1EP12CH3PA2LE.html|archive-date=18 सितंबर 2014|url-status=live}}</ref> यह स्ट्राइक शहर के कर्मचारियों की अवस्था का अंजाम था। विश्वयुद्ध से लौटे अधिकांश सैनिकों को एक नई नौकरी चाहिए थी।<ref>{{cite book|last1=Bothwell|first1=Robert|last2=Drummond|first2=Ian|last3=English|first3=John|title=Canada, 1900–1945|publisher=University of Toronto Press|year=1990|page=165|isbn=0-8020-6801-4}}</ref> कई गिरफ़्तारों, और हिंसा के घटनाओं के बाद 21 जून 1919 को रायट ऐक्ट को पास किया गया जिसे बाद रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने विरोधकर्ताओं के एक समूह को पीछे धकेला।<ref name="bloody">{{cite web|url=http://curio.ca/en/bloody-saturday-the-winnipeg-general-strike/1106|archive-url=https://web.archive.org/web/20140209071531/http://curio.ca/en/bloody-saturday-the-winnipeg-general-strike/1106|archive-date=9 February 2014|title=Bloody Saturday|publisher=CBC|access-date=7 April 2012}}</ref> दो विरोधकर्ताओं की जानें गई और कम से कम 30 और लोग घायल हुए। उस दिन को "ब्लडी सैटर्डे" कहा जाने लगा। जे.एस. वुड्सवर्थ, एक विरोधकर्ता, कनाडा के पहले प्रमुख समाजवादी पार्टी को-ऑपरेटिव कॉमनवेल्थ फेडरेशन (Co-operative Commonwealth Federation) के सदस्य बने।<ref>{{cite book|last=MacInnis|first=Grace|title=J. S. Woodsworth: A Man to Remember|year=1953|publisher=Macmillan|isbn=978-0770511807}}</ref> 1972 से पहले विनिपेग ऐसिनिबाइन एवं रेड नदियों के पास के एक महानगरीय क्षेत्र के तेरह शहरों और बस्तियों में से सबसे बड़ा हुआ करता था। 1960 में ग्रेटर विनिपेग महानगरीय निगम को स्थापित किया गया ताकि इस महानगरीय क्षेत्र के सभी हिस्से संसाधनों को आपस में बाँट सके। 27 जुलाई 1971 में विनिपेग और इसके पास के बस्तियों को एक "यूनिसिटी" में बदल दिया गया, जिसका प्रभाव 1972 में हुआ।<ref name="unicity">{{cite journal|title=The Reform of a Metropolitan Government: The Case of Winnipeg, 1971|author=Lightbody, James|year= 1978|journal=Canadian Public Policy|volume=4|issue=4|pages=489&ndash;504|doi=10.2307/3549974|jstor=3549974}}</ref> 2003 में सिटी ऑफ़ विनिपेग ऐक्ट को हटाकर इसे सिटी ऑफ़ विनिपेग चार्टर में बदल दिया गया। == भूगोल == [[चित्र:2005 Winnipeg Flood.JPG|thumb|upright=1.1|द फोर्क्स पर बंदरगाह।]] विनिपेग रेड नदी घाटी के दक्षिण में स्थित है और इस क्षेत्र का भूदृश्य काफी हद तक समतल ही है।<ref>{{cite web|url=http://gsc.nrcan.gc.ca/floods/redriver/geomorphology_e.php |archive-url=https://web.archive.org/web/20110604201210/http://gsc.nrcan.gc.ca/floods/redriver/geomorphology_e.php |archive-date=4 जून 2011 |title=Geomorphology of the Red River|publisher=Natural Resources Canada|access-date=9 मई 2012}}</ref> यह पश्चिम कनाडा में कैनेडियन प्रायरीज़ के पूर्व में स्थित है और इसे "पश्चिम का प्रवेशद्वार" कहा जाता है। हालाँकि, क्षेत्र के ज़्यादातर स्थानीय प्रायरी घास को विकास के लक्ष्य से उखाड़ दिया गया है।<ref>{{cite web |url=http://www.naturenorth.com/summer/wildlife/wildF.html |title=Manitoba's Tall Grass Prairie Preserve |work=Nature North Zine |access-date=27 फरवरी 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140203221253/http://www.naturenorth.com/summer/wildlife/wildF.html |archive-date=3 फरवरी 2014 |url-status=live }}</ref> यह शहर विनिपेग झील, विश्व के ग्यारहवें सबसे बड़े मीठे जल के झील के बहुत करीब है।<ref>{{cite web|url=http://www.ilec.or.jp/database/nam/nam-08.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20070210173421/http://www.ilec.or.jp/database/nam/nam-08.html|archive-date=10 फरवरी 2007 |title= Lake Winnipeg |publisher= World Lake Database|access-date=4 मार्च 2014}}</ref> यह शहर {{convert|464.08|km2|sqmi|abbr=on}} के क्षेत्र में फैला हुआ है। विनिपेग में चार प्रमुख नदियाँ हैं: रेड, ऐसिनिबॉइन, ला साले, और सीएन।<ref>{{cite web|url=http://www.iclr.org/images/Charles_-_Full.pdf|author=Boulet, Charles|title=Basement Flood Risk Reduction: City of Winnipeg|publisher=Institute for Catastrophic Loss Reduction|access-date=4 मार्च 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20150402104639/http://www.iclr.org/images/Charles_-_Full.pdf|archive-date=2 अप्रैल 2015|df=dmy-all}}</ref> इस शहर में पहले काफी बाढ़ आते थे, और सबसे बड़ा बाढ़ 1826 में आया था जिससे शहर के काफी हिस्से को खाली कराना पड़ा था।<ref>{{cite web|url=http://gsc.nrcan.gc.ca/floods/redriver/historical_e.php|archive-url=https://web.archive.org/web/20100719121057/http://gsc.nrcan.gc.ca/floods/redriver/historical_e.php|archive-date=19 जुलाई 2010|title=Historical floods and flood disasters|publisher=Natural Resources Canada|access-date=9 मई 2012}}</ref> इस बाढ़ के बाद डफ रोबिन के प्रांतीय सरकार ने शहर को बचाने के लिए रेड नदी फ्लडवे का निर्माण किया। === जलवायु === कैनेडियन प्रायरीज़ के पास होने की वजह से ग्रीष्म काल में उष्ण तापमान होता है।<ref>{{cite web|url=http://www.weatherbase.com/weather/weather-summary.php3?s=25817&cityname=Winnipeg%2C+Manitoba%2C+Canada&units=|title=Winnipeg, Manitoba Climate Summary|publisher=Weatherbase|access-date=27 जनवरी 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150211205819/http://www.weatherbase.com/weather/weather-summary.php3?s=25817&cityname=Winnipeg%2C+Manitoba%2C+Canada&units=|archive-date=11 फरवरी 2015|url-status=live}}</ref> जुलाई के ग्रीष्मकाल का औसत तापमान होता है {{convert|19.7|C|F|abbr=on}}।<ref name=normals>{{cite web | url=https://climate.weather.gc.ca/climate_normals/results_1981_2010_e.html?searchType=stnName&txtStationName=winnipeg&searchMethod=contains&txtCentralLatMin=0&txtCentralLatSec=0&txtCentralLongMin=0&txtCentralLongSec=0&stnID=3698&dispBack=1 | title= Canadian Climate Normals 1981-2010 Station Data| publisher= Environment Canada | access-date=2 अप्रैल 2021}}</ref> शीत ऋतु वर्ष का सबसे ठंडा काल होता है; इस समय में जनवरी का औसत तापमान {{convert|-16.4|C|F|abbr=on}} होता है<ref name=normals/> और दिसंबर से जनवरी तक सिर्फ {{convert|55.2|mm|in|abbr=on}} ही वर्षा होती है। तापमान कभी-कभी {{convert|-40.0|C|0}} से भी नीचे चला जाता है।<ref name=normals/> विनिपेग में रिकॉर्ड किया गया सबसे ऊँचा तापमान था {{convert|42.2|C|0}} जिसे 11 जुलाई 1936 में नापा गया था, और यहाँ का सबसे नीचा दैनिक तापमान था {{convert|28.3|C|1}} जिसे 12 जुलाई 1936 में नापा गया था।<ref name="July 1936">{{cite web|url=http://climate.weather.gc.ca/climate_data/daily_data_e.html?hlyRange=%7C&dlyRange=1872-03-01%7C1938-07-31&mlyRange=1872-01-01%7C1938-12-01&StationID=3703&Prov=MB&urlExtension=_e.html&searchType=stnName&optLimit=yearRange&StartYear=1840&EndYear=2016&selRowPerPage=25&Line=3&searchMethod=contains&txtStationName=winnipeg+st&timeframe=2&Year=1936&Month=7#|title=July 1936|publisher=Environment Canada|access-date=18 अप्रैल 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160609180440/http://climate.weather.gc.ca/climate_data/daily_data_e.html?hlyRange=%7C&dlyRange=1872-03-01%7C1938-07-31&mlyRange=1872-01-01%7C1938-12-01&StationID=3703&Prov=MB&urlExtension=_e.html&searchType=stnName&optLimit=yearRange&StartYear=1840&EndYear=2016&selRowPerPage=25&Line=3&searchMethod=contains&txtStationName=winnipeg+st&timeframe=2&Year=1936&Month=7|archive-date=9 जून 2016|url-status=live}}</ref> दिवालय करीब 317 दिनों तक प्राप्त होता है, और जुलाई में सबसे अधिक दिवालय प्राप्त होता है।<ref name="Canadian Climate Normals 1971-2000">{{cite web|url=http://climate.weather.gc.ca/climate_normals/results_e.html?stnID=3698&prov=&lang=e&dCode=1&dispBack=1&StationName=winnipeg_&SearchType=Contains&province=ALL&provBut=&month1=0&month2=12|title=Canadian Climate Normals 1971–2000|publisher=Environment Canada|access-date=1 October 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140203111003/http://climate.weather.gc.ca/climate_normals/results_e.html?stnID=3698&prov=&lang=e&dCode=1&dispBack=1&StationName=winnipeg_&SearchType=Contains&province=ALL&provBut=&month1=0&month2=12|archive-date=3 फरवरी 2014|url-status=live}}</ref> वार्षिक रूप से 2352 घंटों का दिवालय प्राप्त करने के नाते यह कनाडा का दूसरा सबसे गर्म शहर है।<ref>{{Cite web |url=http://www.currentresults.com/Weather-Extremes/Canada/sunniest-cities.php |title=Sunniest City in Canada – Current Results<!-- Bot generated title --> |access-date=19 मई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150510084431/http://www.currentresults.com/Weather-Extremes/Canada/sunniest-cities.php |archive-date=10 मई 2015 |url-status=live }}</ref> {{Weather box |location = विनिपेग जेम्स आर्मस्ट्रंग रिचार्डसन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, ऊँचाई: {{convert|239|m|abbr=on}}, 1981–2010 के औसत, 1872–वर्तमान के चरम |metric first = Y |single line = Y |collapsed = Y | Jan maximum humidex = 6.3 | Feb maximum humidex = 11.1 | Mar maximum humidex = 28.0 | Apr maximum humidex = 34.1 | May maximum humidex = 40.2 | Jun maximum humidex = 46.1 | Jul maximum humidex = 47.3 | Aug maximum humidex = 45.5 | Sep maximum humidex = 45.9 | Oct maximum humidex = 34.3 | Nov maximum humidex = 23.9 | Dec maximum humidex = 9.3 |year maximum humidex = 47.3 | Jan record high C = 7.8 | Feb record high C = 11.7 | Mar record high C = 23.7 | Apr record high C = 34.3 | May record high C = 37.8 | Jun record high C = 38.3 | Jul record high C = 42.2 | Aug record high C = 40.6 | Sep record high C = 38.8 | Oct record high C = 31.1 | Nov record high C = 23.9 | Dec record high C = 11.7 |year record high C = 42.2 | Jan high C = -11.3 | Feb high C = -8.1 | Mar high C = -0.8 | Apr high C = 10.9 | May high C = 18.6 | Jun high C = 23.2 | Jul high C = 25.9 | Aug high C = 25.4 | Sep high C = 19.0 | Oct high C = 10.5 | Nov high C = -0.5 | Dec high C = -8.5 |year high C = 8.7 | Jan mean C = -16.4 | Feb mean C = -13.2 | Mar mean C = -5.8 | Apr mean C = 4.4 | May mean C = 11.6 | Jun mean C = 17.0 | Jul mean C = 19.7 | Aug mean C = 18.8 | Sep mean C = 12.7 | Oct mean C = 5.0 | Nov mean C = -4.9 | Dec mean C = -13.2 |year mean C = 3.0 | Jan low C = -21.4 | Feb low C = -18.3 | Mar low C = -10.7 | Apr low C = -2.0 | May low C = 4.5 | Jun low C = 10.7 | Jul low C = 13.5 | Aug low C = 12.1 | Sep low C = 6.4 | Oct low C = -0.5 | Nov low C = -9.2 | Dec low C = -17.8 |year low C = -2.7 | Jan record low C = -44.4 | Feb record low C = -45.0 | Mar record low C = -38.9 | Apr record low C = -27.8 | May record low C = -11.7 | Jun record low C = -6.1 | Jul record low C = 1.1 | Aug record low C = -1.1 | Sep record low C = -8.3 | Oct record low C = -20.6 | Nov record low C = -36.7 | Dec record low C = -47.8 |year record low C = -47.8 | Jan chill = -56.4 | Feb chill = -57.1 | Mar chill = -49.6 | Apr chill = -35.8 | May chill = -20.8 | Jun chill = -7.9 | Jul chill = 0.0 | Aug chill = 0.0 | Sep chill = -11.5 | Oct chill = -24.2 | Nov chill = -48.1 | Dec chill = -50.6 |year chill = -57.1 | precipitation colour = green | Jan precipitation mm = 19.9 | Feb precipitation mm = 13.8 | Mar precipitation mm = 24.5 | Apr precipitation mm = 30.0 | May precipitation mm = 56.7 | Jun precipitation mm = 90.0 | Jul precipitation mm = 79.5 | Aug precipitation mm = 77.0 | Sep precipitation mm = 45.8 | Oct precipitation mm = 37.5 | Nov precipitation mm = 25.0 | Dec precipitation mm = 21.5 |year precipitation mm =521.1 | rain colour = green | Jan rain mm = 0.2 | Feb rain mm = 2.7 | Mar rain mm = 9.7 | Apr rain mm = 19.2 | May rain mm = 54.1 | Jun rain mm = 90.0 | Jul rain mm = 79.5 | Aug rain mm = 77.0 | Sep rain mm = 45.5 | Oct rain mm = 32.7 | Nov rain mm = 6.9 | Dec rain mm = 1.5 |year rain mm =418.9 |snow colour = green | Jan snow cm = 23.7 | Feb snow cm = 12.5 | Mar snow cm = 16.5 | Apr snow cm = 10.6 | May snow cm = 2.6 | Jun snow cm = 0.0 | Jul snow cm = 0.0 | Aug snow cm = 0.0 | Sep snow cm = 0.3 | Oct snow cm = 4.8 | Nov snow cm = 19.9 | Dec snow cm = 23.0 |year snow cm =113.7 |humidity colour = green | Jan humidity = 72.7 | Feb humidity = 71.7 | Mar humidity = 68.5 | Apr humidity = 49.1 | May humidity = 46.7 | Jun humidity = 54.5 | Jul humidity = 55.6 | Aug humidity = 52.4 | Sep humidity = 54.8 | Oct humidity = 60.1 | Nov humidity = 72.0 | Dec humidity = 75.1 |year humidity = 61.1 | unit precipitation days = 0.2 mm | Jan precipitation days = 12.2 | Feb precipitation days = 8.0 | Mar precipitation days = 9.2 | Apr precipitation days = 7.2 | May precipitation days = 11.5 | Jun precipitation days = 13.3 | Jul precipitation days = 11.4 | Aug precipitation days = 10.7 | Sep precipitation days = 10.4 | Oct precipitation days = 9.4 | Nov precipitation days = 10.3 | Dec precipitation days = 11.8 |year precipitation days =125.3 | unit rain days = 0.2 mm | Jan rain days = 0.67 | Feb rain days = 0.93 | Mar rain days = 2.9 | Apr rain days = 5.1 | May rain days = 11.3 | Jun rain days = 13.3 | Jul rain days = 11.4 | Aug rain days = 10.7 | Sep rain days = 10.3 | Oct rain days = 7.9 | Nov rain days = 3.0 | Dec rain days = 0.84 |year rain days = 78.3 | unit snow days = 0.2 cm | Jan snow days = 12.4 | Feb snow days = 7.7 | Mar snow days = 7.4 | Apr snow days = 2.9 | May snow days = 0.56 | Jun snow days = 0.0 | Jul snow days = 0.0 | Aug snow days = 0.0 | Sep snow days = 0.11 | Oct snow days = 2.3 | Nov snow days = 8.6 | Dec snow days = 11.5 |year snow days = 53.5 | Jan sun = 114.7 | Feb sun = 133.9 | Mar sun = 181.9 | Apr sun = 241.4 | May sun = 285.2 | Jun sun = 276.3 | Jul sun = 308.3 | Aug sun = 281.4 | Sep sun = 189.0 | Oct sun = 147.4 | Nov sun = 93.9 | Dec sun = 99.5 |year sun =2352.9 | Jan percentsun = 42.9 | Feb percentsun = 47.2 | Mar percentsun = 49.5 | Apr percentsun = 58.6 | May percentsun = 59.8 | Jun percentsun = 56.6 | Jul percentsun = 62.6 | Aug percentsun = 62.8 | Sep percentsun = 49.8 | Oct percentsun = 44.1 | Nov percentsun = 34.4 | Dec percentsun = 39.2 |year percentsun = 50.6 | Jand sun =3.7 | Febd sun =4.8 | Mard sun =5.9 | Aprd sun =8.0 | Mayd sun =9.2 | Jund sun =9.2 | Juld sun =9.9 | Augd sun =9.1 | Sepd sun =6.3 | Octd sun =4.8 | Novd sun =3.1 | Decd sun =3.2 |source = Environment Canada<ref>{{cite web|publisher=Environment Canada|url=http://climate.weather.gc.ca/climate_normals/results_1981_2010_e.html?stnID=3698|title=Winnipeg Richardson International A, Manitoba|work=Canadian Climate Normals 1981–2010|access-date=मई 7, 2014}}</ref><ref name="Winnipeg St Johns College">{{cite web|title=Monthly Data Report for 1872|url=http://climate.weather.gc.ca/climate_data/monthly_data_e.html?hlyRange=%7C&dlyRange=1872-03-01%7C1938-07-31&mlyRange=1872-01-01%7C1938-12-01&StationID=3703&Prov=MB&urlExtension=_e.html&searchType=stnName&optLimit=yearRange&StartYear=1840&EndYear=2016&selRowPerPage=25&Line=3&searchMethod=contains&Month=3&Day=12&txtStationName=winnipeg+st&timeframe=3&Year=1872|website=Canadian Historical Climate Data|publisher=Environment Canada|access-date=12 मई 2016}}</ref><ref name="Winnipeg Richardson AWOS">{{cite web |title=Daily Data Report for March 2012|url=http://climate.weather.gc.ca/climate_data/daily_data_e.html?hlyRange=2008-07-03%7C2013-01-17&dlyRange=2008-07-03%7C2013-10-03&mlyRange=%7C&StationID=47407&Prov=MB&urlExtension=_e.html&searchType=stnProx&optLimit=specDate&Month=3&Day=1&StartYear=1840&EndYear=2016&Year=2012&selRowPerPage=25&Line=0&txtRadius=25&optProxType=navLink&txtLatDecDeg=49.916666666667&txtLongDecDeg=97.249444444444&timeframe=2|website=Canadian Historical Climate Data|publisher=Environment Canada|access-date=12 May 2016}}</ref> और Weather Atlas (दैनिक दिवालय)<ref>{{Cite web|url=https://www.weather-atlas.com/en/canada/winnipeg-climate|title=Winnipeg, Canada – Detailed climate information and monthly weather forecast|last=d.o.o|first=Yu Media Group|website=Weather Atlas|language=en|access-date=2019-07-05}}{{Dead link|date=जुलाई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> |date=अगस्त 2010 }} === शहर === [[चित्र:Downtown Area, Winnipeg (505203) (25671037705).jpg|thumb|डाउनटाउन विनिपेग का दृश्य।]] विनिपेग में आधिकारिक रूप से 236 पड़ोस हैं।<ref>{{cite web|title=Description of Geographies Used to Produce Census Profiles|url=http://winnipeg.ca/census/includes/Geographies.stm#Neighbourhoods|publisher=City of Winnipeg|access-date=14 अक्टूबर 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120930222012/http://www.winnipeg.ca/census/includes/Geographies.stm#Neighbourhoods|archive-date=30 September 2012|url-status=live}}</ref> करीब 72,000 लोग शहर के डाउनटाउन में काम करते हैं और 40,000 से अधिक छात्र-छात्राएँ शहर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ने के लिए जाते हैं। डाउनटाउन विनिपेग के एक्सचेंज ज़िले का नाम क्षेत्र के मूल अनाज एक्सचेंज के नाम पर रखा गया है, जो 1880 से 1913 तक चला था। डाउनटाउन विनिपेग के कई भवनों को विनिपेग वॉकवे से जोड़ा जा सकता है।<ref>{{cite web|url=http://www.winnipeg.ca/ppd/planning/pdf_folder/dwntwnprofile.pdf|archive-url=https://web.archive.org/web/20110928014925/http://www.winnipeg.ca/ppd/planning/pdf_folder/dwntwnprofile.pdf|archive-date=28 सितंबर 2011|title=Downtown Winnipeg Profile|publisher=City of Winnipeg|access-date=5 मार्च 2014}}</ref> डाउनटाउन में दूसरे मुख्य क्षेत्र हैं द फोर्क्स, सेंट्रल पार्क, ब्रॉडवे-एसिनिबॉइन, और चाइनाटाउन। आस-पास के पड़ोसों में मुख्य तौर पर आवासीय लक्ष्य से ज़मीन का उपयोग होता है, हालाँकि कुछ क्षेत्रों को अभी तक विकसित नहीं किया गया है।<ref>{{cite web|url=http://www.inura.org/NMM_Posters_PDF/INURA11_Winnipeg.pdf|archive-url=https://web.archive.org/web/20150504164811/http://www.inura.org/NMM_Posters_PDF/INURA11_Winnipeg.pdf|archive-date=4 May 2015|access-date=4 मार्च 2014|title=Winnipeg, Manitoba|publisher=International Network for Urban Research and Action}}</ref> शहर के सबसे बड़े उद्यान, एसिनिबॉइन पार्क में एसिनिबॉइन पार्क चिड़ियाघर और लीओ मोल प्रतिमा उद्यान मौजूद हैं। शहर में दूसरे बड़े उद्यान हैं किलडोनान पार्क और सेंट विटाल पार्क। शहर के मुख्य वाणिज्यिक क्षेत्र हैं पोलो पार्क, किलडोनान क्रॉसिंग, दक्षिण सेंट विटाल, गार्डन सिटी (पश्चिम किलडोनान), पेमबिना स्ट्रिप, केनास्टन स्मार्ट सेंटर, ओस्बोर्न विलेज और कोरिडोन स्ट्रिप। मुख्य सांस्कृतिक क्षेत्र हैं एक्सचेंज डिस्ट्रिक्ट, द फोर्क्स, ओस्बोर्न विलेज और कोरिडोन विलेज (जिनमें से दोनों फोर्ट रूज में हैं), सार्जेंट और एलिस ऐविन्यू, और ओल्ड सेंट बोनिफेस।<ref>{{cite web|url=http://www.tourismwinnipeg.com/things-to-do/night-life|access-date=4 मार्च 2014|publisher=Tourism Winnipeg|title=Nightlife|archive-url=https://web.archive.org/web/20131020194857/http://www.tourismwinnipeg.com/things-to-do/night-life|archive-date=20 अक्टूबर 2013|url-status=dead|df=dmy-all}}</ref> ओस्बोर्न विलेज विनिपेग का सबसे घनी आबादी वाला पड़ोस है,<ref>{{cite web|title=Neighbourhoods: The Village Pilgrimage|url=http://www.where.ca/winnipeg/article_feature.cfm?listing_id=14|archive-url=https://web.archive.org/web/20110807034934/http://www.where.ca/winnipeg/article_feature.cfm?listing_id=14|archive-date=7 अगस्त 2011|website=Where|access-date=23 मई 2011}}</ref> और यह पश्चिमी कनाडा की सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक भी है।<ref>{{cite web|url=http://winnipeg.ca/clkdmis/documents/c/2006/a6621/pd%2009%2019%20no.%2015%20att.pdf|title=Osborne Village Neighbourhood Plan|publisher=City of Winnipeg|date=June 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20130120050455/http://winnipeg.ca/clkdmis/documents/c/2006/a6621/pd%2009%2019%20no.%2015%20att.pdf|archive-date=20 जनवरी 2013|url-status=live}}</ref> == अर्थव्यवस्था == विनिपेग एक क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था केंद्र है। इसकी अर्थव्यवस्था मूल रूप से विविध है, जहाँ स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सहायता से जनसंख्या का एक अधिक हिस्सा (15 प्रतिशत) जुड़ा है, जिसके बाद आते हैं खुदरा (11 प्रतिशत), उत्पादन (8 प्रतिशत) और सार्वजनिक प्रबंधन (8 प्रतिशत)।<ref name=ecprofile>{{cite web|url=https://www.gov.mb.ca/jec/ecprofiles/pdfs/winnipeg/winnipeg_ep.pdf|publisher=Government of Manitoba|title=Winnipeg Economic Profile|access-date=2 अप्रैल 2021|archive-date=30 अप्रैल 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210430112329/https://www.gov.mb.ca/jec/ecprofiles/pdfs/winnipeg/winnipeg_ep.pdf|url-status=dead}}</ref> 2016 में शहर में 4 लाख से ज़्यादा नौकरियाँ थीं। विनिपेग के कुछ सबसे बड़े नियोक्ताएँ सरकार द्वारा संचालित संस्थाएँ हैं जैसे मैनिटोबा प्रांत, मैनिटोबा विश्वविद्यालय, विनिपेग नगर, मैनिटोबा हाइड्रो, एवं मैनिटोबा लिकर एंड लॉटरीज़ कॉर्परेशन। कुछ व्यक्तिगत नियोक्ताएँ हैं Canad Corporation of Manitoba, Great-West Life Assurance Company, StandardAero, और SkipTheDishes।<ref>{{cite web|title=Largest Employers, All Sectors, Winnipeg, Manitoba|publisher=Economic Development Winnipeg|access-date=2 अप्रैल 2021|url=https://www.economicdevelopmentwinnipeg.com/site-selection/data-tables|archive-date=8 मार्च 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210308033421/https://www.economicdevelopmentwinnipeg.com/site-selection/data-tables|url-status=dead}}</ref> == शिक्षा == [[चित्र:UManitoba_Administration_Building.jpg|thumb|मैनिटोबा विश्वविद्यालय]] विनिपेग में सात विद्यालय क्षेत्र हैं: विनिपेग विद्यालय क्षेत्र, सेंट एसिनिबॉइया विद्यालय क्षेत्र, पेम्बिना ट्रैल्स विद्यालय क्षेत्र, सेवेन ओक्स विद्यालय क्षेत्र, 'Division Scolaire Franco-Manitobaine', रिवर ईस्ट ट्रांसकोना विद्यालय क्षेत्र, और लूई रियेल विद्यालय क्षेत्र।<ref>{{cite web|url=http://www.edu.gov.mb.ca/k12/schools/schooldivmap.html|title=Manitoba School Divisions and Districts|publisher=Government of Manitoba|access-date=28 April 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180413022129/http://www.edu.gov.mb.ca/k12/schools/schooldivmap.html|archive-date=13 अप्रैल 2018|url-status=live}}</ref> विनिपेग में कई व्यक्तिगत तथा धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष विद्यालय भी हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.edu.gov.mb.ca/k12/schools/ind/funded/index.html|title=Funded Independent Schools|publisher=Government of Manitoba|access-date=10 मार्च 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160331145435/http://www.edu.gov.mb.ca/k12/schools/ind/funded/index.html|archive-date=31 मार्च 2016|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.edu.gov.mb.ca/k12/schools/ind/non_fund_ind.html|title=Non-Funded Independent Schools|publisher=Government of Manitoba|access-date=28 April 2018|archive-url=https://www.webcitation.org/61Fpvm4AD?url=http://www.edu.gov.mb.ca/k12/schools/ind/non_fund_ind.html|archive-date=27 अगस्त 2011|url-status=live}}</ref> मैनिटोबा विश्वविद्यालय मैनिटोबा का सबसे बड़ा विश्यविद्यालय है।<ref name=um>{{cite web|url=http://umanitoba.ca/about/numbers_notes/|title=Quick Facts|publisher=University of Manitoba|access-date=17 July 2009|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20090605000606/http://umanitoba.ca/about/numbers_notes/|archive-date=5 जून 2009}}</ref> इसे 1877 में स्थापित किया गया था, जो इसे पश्चिमी कनाडा का पहला विश्वविद्यालय भी बनाता है। एक साधारण वर्ष में विश्वविद्यालय में करीब 26,500 छात्र-छात्राएँ पढ़ने के लिए आते हैं। Université de Saint-Boniface शहर का एकमात्र फ्रेंच-भाषी विश्वविद्यालय है।<ref>{{cite web|url=http://www.ustboniface.mb.ca/|title=Université de Saint-Boniface|publisher=Université de Saint-Boniface|access-date=27 February 2014|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20140103165904/http://www.ustboniface.mb.ca/|archive-date=3 जनवरी 2014}}</ref> 1967 में विनिपेग विश्वविद्यालय को अपना चार्टर प्राप्त हुआ। विनिपेग में दो स्वतंत्र महाविद्यालय भी हैं: रेड रिवर कॉलेज और बूथ यूनिवर्सिटी कॉलेज। रेड रिवर कॉलेज डिप्लोमा, प्रमाणपत्र, और शिक्षुता कार्यक्रम प्रदान करता है और 2009 से कुछ डिग्री प्रोग्राम भी प्रदान करता आ रहा है।<ref>{{cite web|url=http://www.rrc.mb.ca/files/file/researchplan/annual/20092010AcademicAnnRptcolourforWeb_FINAL_Feb242011.pdf|access-date=5 March 2014|publisher=Red River College|title=Academic Annual Report|archive-url=https://web.archive.org/web/20140305093843/http://www.rrc.mb.ca/files/file/researchplan/annual/20092010AcademicAnnRptcolourforWeb_FINAL_Feb242011.pdf|archive-date=5 मार्च 2014|url-status=dead|df=dmy-all}}</ref> बूथ यूनिवर्सिटी कॉलेज एक व्यक्तिगत ईसाईमुक्ति सेनादल विश्वविद्यालय-महाविद्यालय है जिसे 1982 में स्थापित किया गया था। इसमें प्रमुख रूप से कला और सेमिनरी प्रशिक्षण उपलब्ध है।<ref>{{cite web|url=https://www.boothuc.ca/about/|access-date=28 April 2018|publisher=Booth University College|title=Our Story|archive-url=https://web.archive.org/web/20180428104138/https://www.boothuc.ca/about/|archive-date=28 अप्रैल 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.boothuc.ca/academics|title=Academics|publisher=Booth University College|access-date=28 अप्रैल 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181122152105/https://www.boothuc.ca/academics/|archive-date=22 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref> == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|30em}} [[श्रेणी:कनाडा के नगर]] [[श्रेणी:मैनिटोबा]] bnqudpggiznj236hkd7u4uplcmw7y1a सदस्य वार्ता:Raghawendra 3 852411 6582611 3616134 2026-07-14T15:51:14Z SM7 89247 सूचना: [[:डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय]] को [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु]] नामांकन, [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय|चर्चा पृष्ठ देखें]] 6582611 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|realName=|name=Raghawendra}} -- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 08:18, 11 नवम्बर 2017 (UTC) == [[:शिवकुमार सिंह कौशिकेय|शिवकुमार सिंह कौशिकेय]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन == [[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]] नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:शिवकुमार सिंह कौशिकेय|शिवकुमार सिंह कौशिकेय]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|मापदंड व7]] के&nbsp;अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#व7|व7]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center> इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा। यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें। यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है। '''[[User:HindWIKI|हिन्दविकि(गौरवपूर्ण भारतीय)]]''' • ''[[User talk: HindWIKI|<span style="color:#035">हिन्दुस्थानी से बात करे !</span>]]'' 00:42, 12 नवम्बर 2017 (UTC) == [[:डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय|डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय|डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>उल्लेखनीयता संदिग्ध। संभावित प्रचार अथवा प्रोमोशनल लेख।</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:51, 14 जुलाई 2026 (UTC) s2ps90y5elxjkrn469ailsfqld8gem1 सदस्य:Raghawendra/प्रयोगपृष्ठ 2 852433 6582595 5900758 2026-07-14T14:54:17Z Raghawendra 314635 पृष्ठ से सम्पूर्ण विषयवस्तु हटा रहा है 6582595 wikitext text/x-wiki phoiac9h4m842xq45sp7s6u21eteeq1 वुज़ू 0 857756 6582862 6534896 2026-07-15T09:59:03Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582862 wikitext text/x-wiki {{फ़िक़्ह् |वुज़ू}} '''वुज़ू''' ({{langx|ar|وُضُوء}}) शरीर के भागों को पानी से धोने के लिए एक [[इस्लाम|इस्लामी]] प्रक्रिया है, यह सफ़ाई का एक धार्मिक तरीका है। वुज़ू में हाथ, मुंह, नाक (अंदरूनी), बाँहें, सिर और पाँव को पानी से धोना शामिल है और यह इस्लाम में धार्मिक अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण अंग है। पानी ना मिलने पर मिटटी से वुज़ू करने के तरीके को [[तयम्मुम]] कहते हैं। कौनसी गतिविधियो में वुज़ू ज़रूरी होता है, ये किन-किन धार्मिक विधियो से गठित होता है और इसे क्या तोड़ता (भंग) या अमान्य करता है ' ये सब मामले [[फ़िक़्ह]] (इस्लामी न्यायशास्त्र) के अंतर्गत आते हैं <ref name="GCNEI-477">{{cite book|last1=Glasse|first1=Cyril|title=The New Encyclopeida of Islam|url=https://archive.org/details/newencyclopediao0000glas_h0t2|date=2001|publisher=Altmira Press|page=[https://archive.org/details/newencyclopediao0000glas_h0t2/page/477 477]}}</ref> और विनिर्दिष्टतः यह नियम स्वछता से संबंधित है। वुज़ू आम तौर पर [[नमाज़|नमाज़ों]] (औपचारिक प्रार्थनाओं) की तैयारी करने के लिए और [[क़ुरआन|पवित्र-क़ुरआन]] को थामने या पढ़ने से पहले भी किया जाता है।<ref name="GCNEI-477" /> पेशाब, शौच, अधोवायु (पाद), गहरी नींद और ज़रा भी खून बहना इन अशुद्ध करने वाली गतिविधियों से वुज़ू अमान्य या टूट जाता है।<ref>{{cite web|last1=Dikmen|first1=Mehmet|title=What are the things that invalidate and break wudu?|url=http://www.questionsonislam.com/article/what-are-things-invalidate-and-break-wudu|website=Questions on Islam|accessdate=3 May 2016|date=3 May 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20160423071123/http://www.questionsonislam.com/article/what-are-things-invalidate-and-break-wudu|archive-date=23 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref> [[File:Wudu (Wuju)..jpg|thumb|2014 में नेपाल में एक शांत नदी के किनारे दो मुसलमान दोस्त वुज़ू (नमाज़ से पहले पवित्र स्नान) कर रहे हैं]] == कुरआन में वुज़ू == और वह उन्हें पसन्द करता है जो स्वच्छता को पसन्द करते है ([[क़ुरआन]] 2:222) ऐ ईमान लेनेवालो! जब तुम नमाज़ के लिए उठो तो अपने चहरों को और हाथों को कुहनियों तक धो लिया करो और अपने सिरों पर हाथ फेर लो और अपने पैरों को भी टखनों तक धो लो। और यदि नापाक हो तो अच्छी तरह पाक हो जाओ। परन्तु यदि बीमार हो या सफ़र में हो या तुममें से कोई शौच करके आया हो या तुमने स्त्रियों को हाथ लगया हो, फिर पानी न मिले तो पाक मिट्टी से काम लो। उसपर हाथ मारकर अपने मुँह और हाथों पर फेर लो। अल्लाह तुम्हें किसी तंगी में नहीं डालना चाहता। अपितु वह चाहता हैं कि तुम्हें पवित्र करे और अपनी नेमत तुमपर पूरी कर दे, ताकि तुम कृतज्ञ बनो ([[क़ुरआन]] 5:6)<ref>{{Cite web|url=https://tanzil.net/#trans/hi.farooq/5:6|title=Tanzil - Quran Navigator {{!}} القرآن الكريم|website=tanzil.net|access-date=2024-10-18}}</ref> == हदीस में वुज़ू == मुहम्मद ने कहा कि "सफाई ईमान का आधा हिस्सा है। ([[सहीह मुस्लिम]], 2:432) वुज़ू, अबू हुरैरा की एक हदीस में पुनरुत्थान के दिन पर चर्चा करते हुए कहा गया है कि जब मुहम्मद से पूछा गया कि क्या वह मुसलमानों को पहचान पाएंगे, तो उन्होंने कहा, "हां, आपके पास एक निशान होगा जो अन्य लोगों के पास नहीं होगा। आप अपने माथे पर एक सफेद दाग और अपने पैरों पर '''वुज़ू''' के निशान के कारण सफेद निशान के साथ मेरे पास आएंगे।"''([[सहीह मुस्लिम]]'' , 2:480) इन्होंने हज़रत उसमान रज़ी अल्लाह अन्हु को देखा कि इन्होंने '''वुज़ू''' का पानी मंगवाया और अपने दोनों हाथों पर बर्तन से पानी लेकर डाला । फिर दोनों हाथों को तीन दफ़ा धोया । फिर अपना दाहिना हाथ वुज़ू कर के पानी में डाला । फिर कुल्ली की , फिर नाक में पानी दिया, फिर नाक साफ़ की । फिर तीन दफ़ा अपना मुँह धोया और कोहनियों तक तीन दफ़ा हाथ धोए , फिर अपने सर का मसह किया । फिर हर एक पांव तीन दफ़ा धोया । फिर फ़रमाया मैंने रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखा कि आप मेरे इस वुज़ू जैसा वुज़ू फ़रमाया करते थे और आप सिल्ली सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि जो शख़्स मेरे इस वुज़ू जैसा वुज़ू करे और (हुज़ूर क़लब) से दो रकात पढ़े जिसमें अपने दिल से बातें ना करे । तो अल्लाह ताला उस के पिछले गुनाह माफ़ कर देता है। ([[सहीह अल-बुख़ारी|सहीह बुखारी]] :164) हम से अबूनईम ने बयान किया, कहा हम से मिसअर ने, कहा मुझ से इब्न जुबैर ने, उन्होंने हज़रत अनस रज़ियल्लाहु अन्हु को यह फ़रमाते हुए सुना कि रसूल करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब धोते या (यह कहा कि) जब नहाते तो एक सा' से लेकर पाँच मुद्द तक (पानी इस्तेमाल फ़रमाते थे) और जब वुज़ू फ़रमाते तो एक मुद्द (पानी) से। (पानी की मात्रा के माप। एक सा' लगभग 3.26 लीटर होता है और वुज़ू के लिए एक मुद्द लगभग 0.815 लीटर होता है और नहाने के लिए आप 3.26 लीटर से लेकर 4.075 लीटर तक पानी इस्तेमाल करते थे।)<ref>{{Cite web|url=https://sunnah.com/bukhari:201|title=Sahih al-Bukhari 201 - Ablutions (Wudu') - كتاب الوضوء - Sunnah.com - Sayings and Teachings of Prophet Muhammad (صلى الله عليه و سلم)|website=sunnah.com|access-date=2025-04-18}}</ref> == वुज़ू के संबंध में पानी की हदीस == हमसे अब्बू नईम ने बयान क्या , कहा हमसे मिसा्र ने , कहा मुझसे इबन जुबैर ने , इन्होंने हज़रत अनस रज़ी अल्लाह अन्ना को ये फ़रमाते हुए सुना कि रसूल करीम सिल्ली सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब धोते या ये कहा कि जब नहाते तो एक साव से लेकर पाँच मद तक पानी इस्तिमाल फ़रमाते थे और जब वुज़ू फ़रमाते तो एक मद पानी से<ref>{{Cite web|url=https://sunnah.com/bukhari:201|title=Sahih al-Bukhari 201 - Ablutions (Wudu') - كتاب الوضوء - Sunnah.com - Sayings and Teachings of Prophet Muhammad (صلى الله عليه و سلم)|website=sunnah.com|access-date=2024-10-18}}</ref> [[चित्र:Wadukhana-jama masjid-amu-IMG 20241017 152306.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|293x293पिक्सेल|[[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] की जामा मस्जिद ([[सर सैयद मस्जिद]]) का वुज़ू खाना, जिसकी दीवार पर लिखा है: 'पानी की हदीस-प्यारे नबी मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) सिर्फ ६५० मिली लीटर पानी, यानी लगभग आधे लौटे से भी कम में वुजू करते थे (सही बुखारी 201), क्या आप भी आधे लौटे पानी से वुजू कर के अपने नबी की सुन्नत को जिन्दा करेंगे?']] == '''वुज़ू खाना''' == मस्जिद में जिस स्थान पर नमाज़ से पहले वुज़ू अर्थात हाथ पैरों आदि को जिस स्थान पर धोते हें उसे '''वुज़ूख़ाना''' कहते हैं| इस स्थान पर पानी और बैठने के की व्यवस्था होती है। {{सलात}} == सन्दर्भ == {{Reflist|2}} [[श्रेणी:इस्लाम]] [[श्रेणी:इस्लाम में धार्मिक पवित्रता]] [[श्रेणी:नमाज़]] largz18b171vqn9cmaq4h8c5v830h69 मलिक काफ़ूर 0 880197 6582830 6444723 2026-07-15T08:44:23Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582830 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name =मलिक काफूर<br> Malik Kāfūr | image = | caption = ''मलिक नाइब काफूर, १३२६ सीई , एक २०वीं सदी की कलाकार की कल्पना | birth_date = | birth_place = | death_date = फरवरी १३१६ | death_place = [[दिल्ली]] | resting_place = | allegiance = [[दिल्ली सल्तनत]] | other_name = Tāj al-Dīn 'Izz al-Dawla, Malik Nā'ib, Hazār-Dīnārī, al-Alfī{{sfn|S. Digby|1980|p=419}} | rank = नायब (वायसरॉय) | religion = [[इस्लाम]] | battles = {{plainlist| * मंगोल आक्रमण (१३०६) * देवगिरी घेराबंदी (१३०८) * वारंगल घेराबंदी (१३१०) * द्वारसममुद्रा घेराबंदी (१३११) * पांड्या राज्य पर छापे (१३११) }} }} '''मलिक काफूर''' (१३१६ में निधन), जिसे ताज अल-दिन इज्ज अल-द्वा के नाम से भी जाना जाता है, [[दिल्ली सल्तनत]] शासक [[अलाउद्दीन खिलजी]] का एक प्रमुख अनौपचारिक दास/गुलाम-जनरल था। इसे अलाउद्दीन के जनरल नुसरत खान द्वारा [[गुजरात]] १२९९ के आक्रमण के दौरान लाया गया। अलाउद्दीन की सेना के कमांडर के रूप में, काफूर ने 1306 में [[मंगोल]] आक्रमणकारियों को हराया था। इसके बाद, उसने यादुव (१३०८), काकतीय (१३१०), होसैलस (१३११) और पांड्या (१३११) के खिलाफ [[भारत]] के दक्षिणी भाग में एक अभियान की श्रृंखला का नेतृत्व किया था। इन अभियानों के दौरान, उसने [[दिल्ली सल्तनत]] के लिए बड़ी संख्या में खजाने, हाथी और घोड़े प्राप्त किए थे। १३१३-१३१५ के दौरान, काफूर [[एवरेस्ट पर्वत|देवगिरी]] के [[अलाउद्दीन खिलजी|अलाउद्दीन]] के गवर्नर के रूप में कार्यरत था । १३१५ में जब अलाउद्दीन गंभीर रूप से बीमार हो गया, तब उसे दिल्ली वापस बुला लिया गया और उसे ''नाइब'' (वायसरॉय) के रूप में रखा गया। अलाउद्दीन की मृत्यु के बाद, उसने अलाउद्दीन के बेटे शिहाबुद्दीन ओमार की सत्ता को हड़पने की कोशिश की। इसके बाद वो गद्दी पर बैठ गया और उसकी सत्ता लगभग एक महीने तक चली, और बाद में अलाउद्दीन के पूर्व अंगरक्षकों ने उसकी हत्या कर दी। तत्पश्चात अलाउद्दीन का बड़ा बेटा, मुबारक शाह शासक बना, हालांकि बाद में उसने सत्ता का त्याग कर दिया। ==प्रारंभिक जीवन== काफूर को मूल रूप से इतिहासकार अब्दुल मलिक ईसामी के अनुसार "मुसलमान" {{sfn|S. Digby|1980|p=419}}{{sfn|Shanti Sadiq Ali|1996|p=35}}{{sfn|Carole Boyce Davies|2007|p=558|ps=: "The military contribution of the [[Siddi|Sidis]] is apparent in the high profile of Sidi military leaders: Malik Ambar, Malik Yakub, and Malik Kafur."}}के रूप में वर्णित किया गया है। अपनी जवानी में, वह [[खंभात]] के एक धनी ख्वाजा का गुलाम था। वह एक नपुंसक {{sfn|S. Digby|1980|p=419}}{{sfn|Wendy Doniger|2009|p=420}}{{sfn|Peter Jackson|2003|pp=175-177}} और शारीरिक सौंदर्य {{sfn|S. Digby|1980|p=419}}{{sfn|Romila Thapar|1990|p=342}}{{sfn|Shanti Sadiq Ali|1996|p=35}} का धनी था, जिसे अपने मूल गुरु द्वारा १,००० दीनारों (स्वर्ण दीनार) {{sfn|Shanti Sadiq Ali|1996|p=35}} से खरीदा गया था, इसके बारे में सही से किसी को ज्ञात नहीं है कि कीमत वास्तव में १,००० दीनार थी। [[इब्न-बतूता]] (१३०४-१३९९) ने काफूर को ''अल-अल्फी'' (हज़ार-दीनारी के अरबी समकक्ष) के द्वारा संदर्भित किया है, जिसके भुगतान की कीमत के संदर्भ में [[इब्न-बतूता]] का {{sfn|Peter Jackson|2003|pp=175-177}} मानना है कि सुल्तान ([[अलाउद्दीन खिलजी]]) द्वारा काफूर के लिए खुद से दी गयी राशि का उल्लेख करती है।{{sfn|S. Digby|1980|p=419}} गुजरात के {{sfn|Kishori Saran Lal|1950|p=86}} १२९९ के आक्रमण के दौरान, अलाउद्दीन के जनरल नुसरत खान द्वारा काफूर को बंदरगाह शहर खंभात से कब्जा कर लिया था और बाद में नुसरत खान ने [[दिल्ली]] में सुल्तान [[अलाउद्दीन खिलजी|अलाउद्दीन]] के {{sfn|S. Digby|1980|p=419}}<ref name="Commissariat3">{{cite book|author1=Mānekshāh Sorābshāh Commissariat|title=A History of Gujarat: Including a Survey of Its Chief Architectural Monuments and Inscriptions, Volume 1|url=https://archive.org/details/dli.ministry.02758|date=1938|publisher=Longmans, Green, and co.|page=3}}</ref> सामने पेश किया था। अलाउद्दीन की सेवा में काफूर के शुरुआती कैरियर के {{sfn|Peter Jackson|2003|p=175}} बारे में कुछ नहीं पता है। १४ वीं शताब्दी के अब्दुल मलिक ईसामी के अनुसार , अलाउद्दीन ने काफूर का समर्थन किया क्योंकि उसके सलाहकार {{sfn|Abraham Eraly|2015|pp=178-179}} ने हमेशा इस अवसर के लिए उसे उपयुक्त साबित किया था। इसके बाद इस स्थिति में काफूर तेजी से आगे बढ़ता गया, मुख्यतः एक बुद्धिमान {{sfn|Abraham Eraly|2015|p=177-8}} परामर्शदाता और सैन्य कमांडर के रूप में उसकी सिद्ध क्षमता के कारण। १३०६ तक, काफूर ने रैंक बारबेग {{sfn|Peter Jackson|2003|p=175}} का आयोजन किया था, जिसका उपयोग एक चैम्बरलेन नामक एक सैन्य कमांडर के {{sfn|Iqtidar Alam Khan|2008|p=28}} रूप में किया जाता था। १३०९-१० तक, उसने रैपरी (वर्तमान में [[हरियाणा]]) में इकत्ता (प्रशासनिक अनुदान) का आयोजन किया।{{sfn|Peter Jackson|2003|p=175}} ==सन्दर्भ== {{Reflist|2}} [[श्रेणी:अलाउद्दीन खिलजी]] [[श्रेणी:भारत का सैनिक इतिहास]] [[श्रेणी:हिंदू धर्म से इस्लाम में परिवर्तित करने वाले]] [[श्रेणी:भारतीय मुस्लिम]] [[श्रेणी:१३१६ में निधन]] [[श्रेणी:इस्लाम में परिवर्तित लोगों की सूची]] [[श्रेणी:हिन्दू धर्म से इस्लाम में धर्मान्तरित]] 799azsizj5qbbnp8ddz96co5uabbye1 ईरान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम 0 924469 6582713 4819047 2026-07-15T02:58:28Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582713 wikitext text/x-wiki {{Infobox non test cricket team | name = ईरान<br>Iran | image = Irancricketlogo.png | caption = | icc_member_year = 2003 | icc_status = संबद्ध सदस्य | icc_region = एशिया | captain = अब्दोलवाहाब इब्राहिम्पोर | coach = रिक्त | WCL_division = N/A | regional_tournament = एसीसी ट्रॉफी | regional_tournament_division = चैलेंजर्स | first_match = 13 जून 2004 v <br/>{{flagicon|भूटान}} [[भूटान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम|भूटान]] केलाब अमन में, [[कुआलालंपुर]], [[मलेशिया]] | world_ranking = N/A | regional_ranking = 15th | odi_matches = | odi_win_loss_record = | fc_matches = | fc_win_loss_record = | la_matches = | la_win_loss_record = | wcq_apps = | wcq_first = | wcq_best = | wc_apps = | wc_first = | wc_best = | asofdate = 10 दिसंबर 2010 }} '''ईरान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम''' (फारसी: تیم ملی کریکت ایران) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीमों में ईरान का प्रतिनिधित्व करने वाली एक राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है। वे 2003 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का एक संबद्ध सदस्य बना।.<ref>{{cite web|url=http://www.cricketarchive.co.uk/Archive/Countries/101.html|title=CricketArchive – Iran page|date=10 December 2010|work=CricketArchive|accessdate=10 December 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20110813032257/http://www.cricketarchive.co.uk/Archive/Countries/101.html|archive-date=13 अगस्त 2011|url-status=live}}</ref> ==इतिहास== 1920 और 1930 के दशक में ईरान में तेल उद्योग में काम कर रहे अंग्रेजों द्वारा क्रिकेट शुरू किया गया था, लेकिन 1951 में जब तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण हुआ तो यह बंद हो गया। 1990 के दशक में क्रिकेट को विदेशों में पढ़ाई करने वाले ईरानियों द्वारा पुन: पेश किया गया था। ईरान 2003 में एशियाई क्रिकेट परिषद में शामिल हो गए। ईरान की पुरुषों की क्रिकेट लीग 2014 में आठ टीमों के साथ प्रतिभागियों के रूप में स्थापित की गई थी और चाह बहार पहले विजेता बने। उसी वर्ष महिला क्रिकेट लीग भी स्थापित किया गया था। [[अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद|अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद]] में प्रवेश के बाद, उन्होंने 2004 एसीसी ट्रॉफी में अपनी अंतरराष्ट्रीय शुरुआत की, और 2006 के टूर्नामेंट में फिर से टूर्नामेंट में खेला। दोनों मौकों पर, वे पहले दौर से आगे बढ़ने में नाकाम रहे। एसीसी ट्रॉफी को एलिट और चैलेंज डिवीजनों में अलग करने के साथ, 2006 एसीसी ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन के बाद ईरान ने 2009 और 2010 की प्रतियोगिता में चैलेंज डिवीजनों में भाग लिया है, दोनों में 5 वें स्थान पर हैं। अप्रैल 2018 में, [[अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद|आईसीसी]] ने अपने सभी सदस्यों को पूर्ण ट्वेंटी -20 अंतर्राष्ट्रीय (टी 20 आई) दर्जा दिया। इसलिए, 1 जनवरी 2019 के बाद ईरान एक और ट्वेंटी -20 मैच का पूर्ण सदस्य होगा।.<ref name="status">{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/media-releases/672322 |title=All T20I matches to get international status |work=International Cricket Council |accessdate=26 April 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180427044502/https://www.icc-cricket.com/media-releases/672322 |archive-date=27 अप्रैल 2018 |url-status=live }}</ref> ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:राष्ट्रीय क्रिकेट टीम]] {{टिप्पणीसूची}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[https://web.archive.org/web/20240228212114/http://irancricket.ir/ ईरानी क्रिकेट एसोसिएशन]. ncrxo5whv8e70esqxfikyzsr5s90gyp अजमेर-मेरवाड़ा 0 938896 6582535 6582469 2026-07-14T12:22:19Z SM7 89247 [[Special:Contributions/Kshatriya Mer Rajput Rawat Mer|Kshatriya Mer Rajput Rawat Mer]] ([[User talk:Kshatriya Mer Rajput Rawat Mer|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:~2025-30894-06|~2025-30894-06]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6493874 wikitext text/x-wiki {{Infobox former subdivision |native_name = अजमेर मेरवाडा |conventional_long_name =Ajmer (Merwara) Province<br>Ajmer (Merwara)-Nasirabad |common_name =Ajmer (Merwara)-Nasirabad |nation = [[ब्रिटिश भारत]] |status_text = [[ब्रिटिश भारत के प्रेसीडेंसी और प्रांत|ब्रिटिश भारत प्रांत]] |era = |year_start = 1818 |date_start = |event_start= अंग्रेजों को सौंपा गया |year_end = 1947 |date_end = |event_end= सेंट्रल प्रांत और बेरार प्रांत का विलय |event1 = |date_event1 = |p1 =खींची साम्राज्य |s1 =अजमेर राज्य |flag_p1 = Flag of the Maratha Empire.svg |flag_s1 = Flag of India.svg |image_flag =British Raj Red Ensign.svg |image_coat = |image_map =Rajputana 1909.jpg |image_map_caption = [[राजपूताना एजेंसी]] और अजमेर (मेरवाड़ा) प्रांत, 1909 |stat_area1 =7021 |stat_year1 =1881 |stat_pop1 = 460722 }} '''अजमेर (मेरवाड़ा)''', जिसे अजमेर प्रांत<ref>{{Cite web |url=https://archive.org/stream/geographyofindia00adtf/geographyofindia00adtf_djvu.txt |title=Geography of India |access-date=16 अगस्त 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160316181740/https://archive.org/stream/geographyofindia00adtf/geographyofindia00adtf_djvu.txt |archive-date=16 मार्च 2016 |url-status=live }}</ref> और अजमेर (मेरवाड़ा)-नसीराबाद के नाम से भी जाना जाता है, ऐतिहासिक अजमेर क्षेत्र में ब्रिटिश भारत का एक पूर्व प्रांत है। यह क्षेत्र 25 जून 1818 को संधि द्वारा दौलत राव सिंधिया द्वारा अंग्रेजों को सौंपा गया था। यह 1936 तक [[बंगाल प्रेसीडेंसी]] के अधीन था जब यह उत्तरी-पश्चिमी प्रांतों के कमिश्नरेट एल 1842 का हिस्सा बन गया।<ref>''[[The Imperial Gazetteer of India]]'', Oxford, Clarendon Press, 1908-1931</ref> अंत में 1 अप्रैल 1871 को यह अजमेर-मेरवाड़ा-केकरी के रूप में एक अलग प्रांत बन गया। यह 15 अगस्त 1 9 47 को अंग्रेजों को छोड़कर स्वतंत्र भारत का हिस्सा बन गया।.<ref>{{Cite web |url=http://www.worldstatesmen.org/India_BrProvinces.htm |title=Provinces of British India |access-date=16 अगस्त 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081101171538/http://www.worldstatesmen.org/India_BrProvinces.htm |archive-date=1 नवंबर 2008 |url-status=live }}</ref> इस प्रांत में अजमेर (मेरवाड़) के जिलों शामिल थे, जो राजनीतिक रूप से शेष ब्रिटिश भारत से राजपूताना के कई रियासतों के बीच एक संलग्नक बनाते थे। जो स्थानीय राजाओं द्वारा शासित थे, युद्ध में हार के बाद, जिन्होंने ब्रिटिश सत्ता को स्वीकार किया, अजमेर-मेरवाड़ा सीधे अंग्रेजों द्वारा प्रशासित किया गया था। 1842 में दोनों जिलों एक कमिश्नर के अधीन थे, फिर उन्हें 1856 में अलग कर दिया गया और उन्हें ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा प्रशासित किया गया। आखिरकार, 1858 के बाद, एक मुख्य आयुक्त जो राजपूताना एजेंसी के लिए भारत के गवर्नर जनरल के अधीनस्थ थे। ==विस्तार और भूगोल== प्रांत का क्षेत्र 2,710 वर्ग मील (7,000 किमी 2) था। पठार, जिसका केंद्र [[अजमेर]] है, को उत्तर भारत के मैदानों में सबसे ऊंचा बिंदु माना जा सकता है; पहाड़ियों के चक्र से जो इसे अंदर रखता है, देश पूर्व में, दक्षिण, पश्चिम और उत्तर में थार रेगिस्तान क्षेत्र की तरफ नदी घाटियों की ओर - हर तरफ दूर हो जाता है। अरावली रेंज जिले की विशिष्ट विशेषता है। अजमेर और नासीराबाद के बीच चलने वाली पहाड़ियों की श्रृंखला भारत के महाद्वीप के वाटरशेड को चिह्नित करती है। दक्षिण-पूर्व ढलानों पर जो बारिश होती है वह चंबल में जाती है, और इसलिए [[बंगाल की खाड़ी]] में; जो उत्तर-पश्चिम की तरफ लूनी नदी में पड़ता है, जो खुद को कच्छ के रान में छोड़ देता है। .. प्रांत शुष्क क्षेत्र कहलाता है कि सीमा पर है; यह उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी मानसून के बीच किसानी योग्य भूमि है, और इसके प्रभाव से परे है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून बॉम्बे से नर्मदा घाटी को साफ करता है और नीमच में टेबललैंड पार करने से मालवा, झलवार और कोटा और चंबल नदी के दौरान स्थित देशों को भारी आपूर्ति मिलती है।.<ref name="EB1911">{{EB1911|inline=1|wstitle=Ajmere-Merwara|volume=1|page=453}}</ref> == मेरवाडा का इतिहास = प्राचीन काल में, मीना प्रमुख निवासी थे। नाडोल के चौहान राजपूतों ने उनको पराजित किया और यहाँ अपना राज्य स्थापित किया। नाडोल के चौहान राजपूतों की कई अलग-अलग गोत्रों ने यहां विभिन्न स्थानों पर शासन किया। समय-समय पर पड़ोसी रियासतों से भाटी, राठौर, पंवार, सिसोदिया व अन्य राजपूतों ने यहां आकर ठिकाने स्थापित किए और यही बस गए। मेरवाड़ा क्षेत्र के इन सभी राजपूतों को आम बोलचाल में ठाकर भी कहा जाता है और वे अपनी उपाधि रावत से भी जाने जाते हैं। कौन है रावत राजपूत एक उलझन भरा इतिहास? कभी कुछ इतिहासकारों ने इनको मीना बताया?तो कुछ इतिहासकरों ने इनको मुस्लिम बताया ? कुछ इतिहासकारों ने इनको मेर बताया ? यह आरोप है। इन आरोपों को खारिज करेंगे इनके रावजी के इतिहास को आधार बनाकर। सच कुछ और ही है ,वो है यह चौहान राजपूत है।साम्भरिया चौहान की शाखा मोरेचा चौहान है। इन सब इतिहासकरों ने इनके इतिहास को अंग्रेजो और रियासतों की इनके प्रति रंजिस के रूप में की गयी जनगणना में इनको निचा दिखा कर राजपूत समाज से सामाजिक बहिष्कार करवाया है। इनको आधार बनाकर गलत इतिहास लिखा है। जो इतिहासकार इनको "मेर" नाम से बताते है। अलग- अलग इतिहासकार अलग- अलग आधार पर अपनी झूठी जानकारी देकर, यहां के राजपूतों को बदनाम करते है। मेरा उन सब से सवाल है कि आपको इनके इतिहास लिखने का अधिकार किसने दिया। क्या आपने इन राजपूतों से पूर्व सहमति ली है? क्या आपने इनके राव जी सूचना ली? मेर शब्द के तीन झूठे आधार है जो इतिहासकरों ने लिखे है इस प्रकार है:- 1) मेर जाति को आधार बनाकर, यह बात सच है कि पहले यहां मेर जाति रहती थी। लेकिन इन राजपूतों का इस जाति से कोई संबंध नहीं है। शायद इतिहासकार भूल गये कोनसे टाइम रहती थी। 2) कुछ इतिहासकार जो इनको मीना जाति से जोड़कर देखते है उनका निकास मेर जाति से हो सकता है जो पहले रहती थी। लेकिन इन राजपूतों से नहीं हो सकता है, (3) कुछ राजपूत इतिहासकार इनके मेर लगाने के आधार मुस्लिम धर्म को स्वीकार करना बताते है। लेकिन यह बात पुरी सत्य नहीं है।मेहरात/मेरात जी के पुत्र हरराज चौहान ने मुस्लिम धर्म की तीन नियम माने है। जो आज मुस्लिम काठात है। लेकिन इसको आधार बनाकर पूरे मगरा ठाकुर को मेर कहना गलत है। लेकिन इतिहासकार यह भूल गये कि यह बेल्ट पहाड़ी क्षेत्र है। पहाड़ो को मेरु कहते है। मेरु से मेर बन गया है। जो अजयमेरु से अजमेर हुआ। तो मेरु क्षेत्र से मेरवाड़ा हुआ। वाड़ा स्थानीय शब्द जिसका मतलब किसी का निजी पहाड़ी क्षेत्र से। इस प्रकार मेरवाड़ा शब्द न तो जातिसूचक है, न हि धर्म सूचक। बल्कि यह पहाड़ी सूचक/स्थान सूचक है। मेरवाड़ा संस्कृत के मेर शब्द से बना है जिसका अर्थ पहाड़ या पर्वत होता है और इस क्षेत्र में पहाड़ों के अधिकता के कारण ये क्षेत्र मेरवाड़ा कहलाया। इस क्षेत्र में बाहरी आक्रमणकारियों, पड़ोसी रियासतों और अंग्रेजो ने समय समय पर इस क्षेत्र को अपने अधीन करने के लिए हमले किए पर वे ऐसा नहीं कर पाए। न ही मुगल और न कोई अन्य रियासत इस क्षेत्र को अपने अधीन कर पाए मेरवाड़ा हमेशा स्वतंत्र रहा । जिससे यहां के राजपूतों के आर्थिक स्थिति खराब हो गई और यहां के लोग शिक्षा में पिछड़ गए इसलिए यहां के लोगों ने खेती करना शुरू कर दिया और अंत में जब अंग्रेजो का इस क्षेत्र पर शासन हो गया तब उन्होंने मेरवाड़ा रेजिमेंट बना कर यहां के बहुत से राजपूतों को फोज में भर्ती कर दिया। ==ब्रिटिश शासन== अजमेर क्षेत्र का हिस्सा, क्षेत्र 25 जून 1818 की एक संधि के हिस्से के रूप में ग्वालियर राज्य के दौलत राव सिंधिया द्वारा अंग्रेजों को सौंपा गया था। फिर मई 1823 में मेरवाड़ा (मेवार) भाग उदयपुर द्वारा ब्रिटेन को सौंपा गया था राज्य। इसके बाद अजमेर-मेरवाड़ा को सीधे ब्रिटिश [[ईस्ट इण्डिया कम्पनी|ईस्ट इंडिया कंपनी]] द्वारा प्रशासित किया गया था। 1857 के भारतीय विद्रोह के बाद, 1858 में कंपनी की शक्तियां ब्रिटिश क्राउन और भारत के गवर्नर जनरल को स्थानांतरित कर दी गईं। अजमेर-मेरवाड़ा के उनके प्रशासन को एक मुख्य आयुक्त द्वारा नियंत्रित किया गया था जो राजपूताना एजेंसी के लिए ब्रिटिश एजेंट के अधीन था।.<ref>[http://dsal.uchicago.edu/reference/gazetteer/pager.html?objectid=DS405.1.I34_V05_145.gif Ajmer Merwara] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160303165627/http://dsal.uchicago.edu/reference/gazetteer/pager.html?objectid=DS405.1.I34_V05_145.gif|date=3 मार्च 2016}} [[The Imperial Gazetteer of India]], 1909, v. 5, p.&nbsp;137-146.</ref> ==सन्दर्भ== {{reflist}} [[श्रेणी:भारत के एतिहासिक क्षेत्र]] 3yba456iofl7tvxsr26ymywxblezal7 दाऊदी बोहरा 0 953634 6582778 6503452 2026-07-15T06:32:47Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582778 wikitext text/x-wiki शिया दाऊदी बोहरा समाज, इस्लामी शिया पंथ के इस्माइली शाखा का एक धार्मिक सम्प्रदाय है। इनकी कुल जनसंख्या लगभग तीस लाख के क़रीब है और यह 40 से अधिक देशों में बसे हुए हैं। दाऊदी बोहरा समुदाय का अधिकांश भाग भारतीय उपमहाद्वीप में रहता है, जबकि, यमन, पूर्वी अफ्रीका और मध्य पूर्व में भी इनकी बड़ी संख्या में उपस्थिति है। इसके अलावा, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में भी इनकी उपस्थिति लगातार बढ़ रही है |, वर्तमान में, समुदाय का नेतृत्व 53वें अल-दाई अल-मुतलक (मुख्य धर्मगुरु) सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन इसके आध्यात्मिक धर्मगुरु हैं, जिन्होंने जनवरी 2014 में यह पद ग्रहण किया था। दाऊदी बोहरा समुदाय इस्लाम का पालन करता है और इसे विशेष रूप से शिया फातिमी इस्माइली तैयबी दाऊदी बोहरा के रूप में पहचाना जाता है।। इनकी आस्था इस विश्वास पर आधारित है कि केवल एक ईश्वर, अल्लाह, हैं, और इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद अंतिम नबी हैं। यह मानते हैं कि पवित्र कुरान अल्लाह का संदेश है। वे इस्लामी शरीयत (न्यायशास्र) के अनुसार, कुरान का पाठ, पांच समय की नमाज़ (सलात), रमजान के महीने में रोज़ा और मक्का में हज तथा मदीना में पैगंबर की दरगाह की यात्रा जैसे अनिवार्य कर्तव्यों का पालन करते हैं।<ref>{{Cite book|title=Mullahs on the mainframe: Islam and modernity among the Daudi Bohras|url=https://archive.org/details/mullahsonmainfra0000blan|last=Blank|first=Jonah|publisher=University of Chicago Press|year=2001|location=Chicago}}</ref>[[चित्र:MKE-EID1440-1866-4-2019-Edit.jpg|right|thumb|300px|पारम्परिक वेशभूषा में एक दाउदी बोहरा परिवार]] इनकी आस्था का मूल आधार अहल अल-बैत (पैगंबर मोहम्मद के परिवार के सदस्य) को सही उत्तराधिकारी मानना है। अन्य शिया मुसलमानों की तरह, वे मानते हैं कि पैगंबर मोहम्मद के उत्तराधिकारी हजरत अली बिन अबी तालिब थे, जिन्होंने कुरान की व्याख्या और इसकी शिक्षाओं को स्पष्ट किया। दाऊदी बोहरा मानते हैं कि पैगंबर के नवासे  इमाम हुसैन के वंशज के रूप में हमेशा एक इमाम पृथ्वी पर मौजूद रहेंगे, जो समुदाय का मार्गदर्शन करेंगे। जब इमाम सार्वजनिक जीवन से अलग होते हैं, तो अल-दाई अल-मुतलक (मुख्य धर्मगुरु) उनकी ओर से इस्लाम की रक्षा और प्रचार करते हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.bbc.com/hindi/india/2016/02/160210_islam_many_sects_pk|title=कितने पंथों में बंटा है मुस्लिम समाज?|access-date=14 सितंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20171202200307/http://www.bbc.com/hindi/india/2016/02/160210_islam_many_sects_pk|archive-date=2 दिसंबर 2017|url-status=live}}</ref> सन् 1132 में 21वें इमाम ने गोपनीयता अपनाने का निर्णय लिया, तब से अल-दाई अल-मुतलक ने पहले यमन और पिछले 450 वर्षों से [[भारत]] में समुदाय का नेतृत्व किया है। दाईयों ने पिछले नौ सदियों में दाऊदी बोहरा समुदाय के जीवन को आकार देने और उनकी उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।<ref>{{Cite book|title=Al-Dai Al-Fatimi, Syedna Mohammed Burhanuddin: an illustrated biography|url=https://archive.org/details/aldaialfatimisye0000unse|last=Abdulhussein|first=Mustafa|publisher=Al-Jamea-Tus-Saifiyah Press|year=2001|isbn=978-0-9536256-0-4|location=London}}</ref> बोहरा समुदाय शिक्षित होते हैं और आमतौर पर व्यापारी, व्यवसायी, उद्यमी और पेशेवर (डॉक्टर, वकील या लेखाकार) होते हैं। "बोहरा" शब्द गुजराती शब्द "वोहरवु" या "व्यवहार" से आया है, जिसका अर्थ है "व्यापार करना"। इनकी विरासत फातिमी इमामों की परंपराओं से जुड़ी हुई है, जो इस्लामिक पैगंबर मुहम्मद के प्रत्यक्ष वंशज थे और जिन्होंने 10वीं से 11वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान उत्तर अफ्रीका पर शासन किया। परंपरागत मूल्यों के प्रति इनकी निष्ठा महत्वपूर्ण है, लेकिन ये अपने व्यापारिक दृष्टिकोण और आधुनिक सोच के लिए भी जाने जाते हैं।<ref>{{Cite book|title=Roots, culture and customs|last=Suk-Wai|first=Cheong|publisher=The Straits Times|year=2015}}</ref> लिसान अल-दावत बोहरा समुदाय की भाषा है। यह भाषा नव-इंडो-आर्यन भाषा, गुजराती पर आधारित है, लेकिन इसमें अरबी, उर्दू और फारसी शब्दों की अधिकता होती है और इसे अरबी नस्ख़ शैली में लिखा जाता है। बोहरा समुदाय की पारंपरिक पोशाक को "लिबास अल-अनवर" कहा जाता है। इनके प्रमुख धार्मिक उत्सवों में ईद-ए-मिलादुन्नबी, ईद-उल-फितर, ईद-उल-अदहा और मुहर्रम शामिल हैं। "मजलिस" समुदाय की एक पुरानी परंपरा है, जहां इस्लामी कैलेंडर की प्रमुख तिथियों पर लोग एकत्र होते हैं। बोहरा समुदाय की एक खास परंपरा यह भी है कि वे आठ लोगों के समूह में एक बड़े स्टील की थाली (थाल) के इर्दगिर्द बैठकर भोजन करते हैं।<ref name="MM">{{Cite book|title=Mullahs on the mainframe: Islam and modernity among the Daudi Bohras|url=https://archive.org/details/mullahsonmainfra0000blan|last=Blank|first=Jonah|date=2001|publisher=University of Chicago Press|isbn=0226056767|location=Chicago|pages=[https://archive.org/details/mullahsonmainfra0000blan/page/n167 156]|oclc=923455839|author-link=Jonah Blank}}</ref> ==इतिहास== दाऊदी बोहरा, इस्माइली धर्म की मुस्ताली शाखा के तैयबी संप्रदाय का एक उपसमूह हैं, जो [[शिया इस्लाम|शिया]] इस्लाम का हिस्सा है।<ref name="Abdulhussein2001">{{Cite book|url=https://archive.org/details/aldaialfatimisye0000unse|title=Al-Dai Al-Fatimi, Syedna Mohammed Burhanuddin: an illustrated biography|last=Abdulhussein|first=Mustafa|publisher=Al-Jamea-Tus-Saifiyah Press|year=2001|isbn=978-0-9536256-0-4|location=London}}</ref> उनके विश्वास के केंद्र में फातिमी इमामों के प्रति श्रद्धा है, जो अपनी वंशावली पैगंबर [[मुहम्मद|मोहम्मद]] की बेटी फातिमा से जोड़ते हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/india-45518059|title=कौन हैं वो मुसलमान जिनके दरबार में पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी|archive-url=https://web.archive.org/web/20180918052823/https://www.bbc.com/hindi/india-45518059|archive-date=18 सितंबर 2018|access-date=16 सितंबर 2018|url-status=live}}</ref> === '''फातिमिद इमाम''' === फातेमी, जो पैगंबर [[मुहम्मद|मोहम्मद]] के वंशज थे, ने 10वीं और 11वीं शताब्दी के बीच उत्तर अफ्रीका, [[मिस्र]], हिजाज़ और लेवांत पर शासन किया। वे उस युग में फले-फूले, जिसे मॉरिस लोम्बार्ड ने इस्लाम का स्वर्ण युग कहा था, और वे कला, शिक्षा और वैज्ञानिक खोजों के संरक्षक थे। 14वें इमाम, अल-मुईज़, ने काहिरा शहर की स्थापना की और [[अल-अजहर विश्वविद्यालय|अल-अज़हर]] विश्वविद्यालय की स्थापना की, जो दुनिया के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक है। साम्राज्य के पतन से पहले, 20वें फातिमी इमाम, अल-आमिर बि-अहकाम अल्लाह ने अपने प्रधान दूत, अरवा बिन्त अहमद, जो [[यमन]] की सुलेहीद रानी थीं, को दाई-अल-मुतलक (अर्थात् 'अप्रतिबंधित धर्मगुरु') का पद स्थापित करने का निर्देश दिया। यह पद उनके पुत्र, 21वें इमाम अल-तैयब अबू अल-कासिम के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने और विश्वासियों का नेतृत्व करने के लिए स्थापित किया गया। अरवा बिन्त अहमद ने ज़ोएब बिन मूसा को पहला दाई-अल-मुतलक नियुक्त किया। <ref>{{Cite book|title=Ismāʻı̄lı̄s: Their History and Doctrines|url=https://archive.org/details/dli.pahar.3638|last=Daftary|first=Farhad|publisher=Google Books|year=2013|isbn=9780521429740}}</ref> अल-दाई अल-मुतलक के पद पर उत्तराधिकार नस्व के माध्यम से होता है, जिसमें प्रत्येक दाई अपने जीवनकाल में ही अपने उत्तराधिकारी को नियुक्त करता है। <ref>{{Cite book|title=Mullahs on the mainframe: Islam and modernity among the Daudi Bohras.|url=https://archive.org/details/mullahsonmainfra0000blan|last=Blank|first=Jonah|publisher=University of Chicago Press|year=2001|isbn=0226056767 . OCLC 923455839.|location=Chicago}}</ref> === '''भारत में उत्पत्ति''' === भारत में दाऊदी बोहरा समुदाय की स्थापना की जड़ें फातेमी  युग से जुड़ी हुई हैं, जब 18वें इमाम, अल-मुस्तनसिर बिल्लाह ने अपने प्रतिनिधि के रूप में यमन से एक दाई अब्दुल्लाह को भेजा ताकि वह उनके ओर से दावत शुरू करें। अब्दुल्लाह एडी 1067 / हिजरी 460 में खंभात, गुजरात) पहुंचे और जल्द ही कई लोगों को इस विश्वास में शामिल किया, जिनमें स्थानीय शासक भी शामिल थे। अब्दुल्लाह भारत में पहले वली थे।<ref name="HD">{{Cite book|title=The Isma'ilis: Their History and Doctrines (2nd ed.)|last=Daftary|first=Farhad|publisher=Cambridge University Press|year=2007|location=Cambridge, UK|pages=269|language=English}}</ref><ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=RK__DwAAQBAJ|title=Lanterns on the Lanes: Lit for Life…|date=28 December 2020|publisher=Notion Press|isbn=978-1-64899-659-7}}</ref> अल-तैयब के गुप्तवास के कारण यमन में अल-दाई अल-मुतलक के पद की स्थापना हुई। भारतीय समुदाय, जिसने फातिमियों के प्रति निष्ठा व्यक्त की थी, यमन में स्थित दाइयों के प्रति वफादार बना रहा। इसका परिणाम अल-तैयब के चाचा, अब्द अल-मजीद के नेतृत्व वाले हाफ़िज़ी गुट से अलगाव के रूप में हुआ। यमन में स्थित पहाड़ी ठिकानों से तेईस दाई लगभग चार शताब्दियों तक इस्लाम की रक्षा करते रहे और महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की। 19वें दाई, इदरीस इमादुद्दीन, ने कई ग्रंथ लिखे, जिनमें फातेमी मत की एक व्यापक और विस्तृत इतिहास पुस्तक भी शामिल है।<ref name="HD2">{{Cite book|title=The Isma'ilis: Their History and Doctrines (2nd ed.)|last=Daftary|first=Farhad|publisher=Cambridge University Press|year=2007|location=Cambridge, UK|pages=269|language=English}}</ref> इस बीच, गुजरात में समुदाय ने यमन स्थित अपने दाइयों के साथ संबंध बनाए रखा, जो उनके मामलों की निकटता से देखरेख करते थे और नियमित रूप से गुजरात से आने वाले बोहरा प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करते थे। इस दौरान, समुदाय का विस्तार विशेष रूप से खम्बात, पाटण, सिधपुर और अहमदाबाद में हुआ, यूसुफ़ बिन सुलेमान नजमुद्दीन, जो मूल रूप से गुजरात के सिधपुर शहर से थे, उन बोहराओं में से एक थे जो ज्ञान प्राप्त करने के लिए भारत से  यमन गए थे। नजमुद्दीन युवा अवस्था में यमन पहुंचे और पहले हसन बिन नूह अल-भरूची के मार्गदर्शन में अध्ययन किया। अंततः, 23वें दाई ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया, जिससे वे तैयबी दावत का नेतृत्व करने वाले भारतीय समुदाय के पहले व्यक्ति और 24वें दाई अल-मुतलक बने। जब नजमुद्दीन का निधन सन 1567 ईस्वी / हिजरी 974 में हुआ, तो उनके भारतीय उत्तराधिकारी जलाल बिन हसन ने दावत का केंद्रीय मुख्यालय यमन से गुजरात - भारत स्थानांतरित कर दिया।<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=OOXNDwAAQBAJ|title=Islam en India y China|publisher=Cambridge Stanford Books}}</ref> जब 26वें दाई अल-मुतलक का सन 1589 ईस्वी / हिजरी 997 में निधन हुआ, तो उनके उत्तराधिकारी दाऊद बिन कुतुबशाह बने। हालांकि, तीन वर्ष बाद, यमन के एक उच्च पदाधिकारी सुलेमान बिन हसन ने समुदाय के नेतृत्व पर अपना दावा पेश किया। यह उत्तराधिकार विवाद 1597 ईस्वी में मुगल सम्राट अकबर के समक्ष रखा गया। अकबर बादशाह द्वारा एक विशेष न्यायाधिकरण ने दाऊद बिन कुतुबशाह के पक्ष में निर्णय दिया। हालांकि, इससे तनाव समाप्त नहीं हुआ, जिसके परिणामस्वरूप समुदाय में विभाजन हो गया। अधिकांश बोहराओं ने दाऊद बिन कुतुबशाह को सही उत्तराधिकारी स्वीकार किया और तब से वे दाऊदी बोहरा कहलाने लगे।<ref>{{Cite book|title=Historical Dictionary of the Ismailis|url=https://archive.org/details/historicaldictio0000daft|last=Daftary|first=Farhad|publisher=The Scarecrow Press|year=2012|isbn=9780810861640|location=UK|pages=[https://archive.org/details/historicaldictio0000daft/page/n147 82]|language=English}}</ref> === '''प्रमुख केंद्र''' === अगली कुछ शताब्दियों में, बोहरा मुख्यालय भारत में दाई के स्थान के अनुसार स्थानांतरित होता रहा। दावत का केंद्र छह स्थानों पर रहा: अहमदाबाद (1567/974 से 1655/1065 तक आठ दाई); जामनगर, काठियावाड़ क्षेत्र, गुजरात (1655/1065 से 1737/1150 तक पांच दाई); उज्जैन, वर्तमान [[मध्य प्रदेश]] राज्य (1737/1150 से 1779/1193 तक दो दाई); बुरहानपुर, मध्य प्रदेश (1779/1193 से 1785/1200 तक एक दाई); सूरत, वर्तमान गुजरात राज्य (1785/1200 से 1933/1351 तक आठ दाई); और मुंबई, महाराष्ट्र, जहां वर्तमान दाई निवास करते हैं।<ref>{{Cite book|title=The Encyclopedia of Islam Three|last=Qutbuddin|first=Tahera|publisher=Brill|year=2013|pages=58|language=English}}</ref> 19वीं शताब्दी की शुरुआत में, समुदाय के कुछ सदस्य बेहतर जीवनयापन की तलाश में प्रवास करने लगे। पूर्वी अफ्रीका में प्रवास करने वाले पहले बोहरा व्यापारियों की लहर काठियावाड़ में आए भीषण सूखे के बाद शुरू हुई। 43वें दाई, अब्देअली सैफुद्दीन, ने अपने 12,000 अनुयायियों को गुजरात मे सूरत बुलाया और उन्हें भोजन, कार्य और निवास की व्यवस्था प्रदान की। उनकी केवल एक शर्त थी कि वे व्यावसायिक कौशल सीखें और उसका अभ्यास करें। जब वे सूरत से जाने लगे, तो उन्होंने उन सब की कमाई सौंप दी। इस समूह के कई लोगों ने इस पूंजी का उपयोग पूर्वी अफ्रीका में व्यापार करने के लिए किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.gatewayhouse.in/globalised-dawoodi-bohra-bombay/|title=The globalised Dawoodi Bohras of Bombay|last=Lentin|first=Sifra|date=25 March 2021|website=Gateway House|archive-url=https://web.archive.org/web/20210327114322/https://www.gatewayhouse.in/globalised-dawoodi-bohra-bombay/|archive-date=27 March 2021|url-status=live}}</ref> अब्देअली सैफुद्दीन के एक सदी बाद, ताहेर सैफुद्दीन 51वें अल-दाई अल-मुतलक के रूप में इस पद पर आसीन हुए। उन्हें आधुनिक सिद्धांतों के आधार पर संगठन का पुनर्गठन करके समुदाय को पुनर्जीवित करने का श्रेय दिया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gatewayhouse.in/globalised-dawoodi-bohra-bombay/|title=The globalised Dawoodi Bohras of Bombay|last=Lentin|first=Sifra|date=25 March 2021|website=Gateway House|archive-url=https://web.archive.org/web/20210327114322/https://www.gatewayhouse.in/globalised-dawoodi-bohra-bombay/|archive-date=27 March 2021|url-status=live}}</ref> उन्होंने समुदाय के मुख्यालय को सूरत से मुंबई स्थानांतरित कर दिया, जो उस समय भारत में व्यापार और वाणिज्य का एक प्रमुख केंद्र बन चुका था। समय के साथ, दाऊदी बोहरा समुदाय प्रवासन के माध्यम से वैश्विक स्तर पर विस्तारित हुआ और विभिन्न क्षेत्रों में समृद्ध समुदायों की स्थापना में योगदान दिया।<ref name="HD3">{{Cite book|title=The Isma'ilis: Their History and Doctrines (2nd ed.)|last=Daftary|first=Farhad|publisher=Cambridge University Press|year=2007|location=Cambridge, UK|pages=269|language=English}}</ref> == विश्वास और आचरण == === '''एकेश्वरवाद''' === मुसलमानों के रूप में, दाऊदी बोहरा - तौहीद में विश्वास रखते हैं, जो इस्लाम की केंद्रीय एकेश्वरवादी अवधारणा है, जिसमें एक अद्वितीय और अविभाज्य ईश्वर (अल्लाह) को माना जाता है। === '''सात स्तंभ''' === वलाया – अल्लाह, पैगंबर मुहम्मद, उनके परिवार और उनके वंशजों के प्रति निष्ठा – दाऊदी बोहरा विश्वास के अनुसार इस्लाम के सात स्तंभों में सबसे महत्वपूर्ण है। अन्य छह स्तंभ हैं: तहारत (शरीर और विचारों की पवित्रता), [[सलात]]” (दैनिक अनिवार्य नमाज़), [[ज़कात]] (अल्लाह के मार्ग में अपनी आय का एक भाग अर्पित करना), सऊम (रमजान के महीने में रोज़ा रखना), [[हज]] (मक्का की धार्मिक यात्रा), और जिहाद (अल्लाह के मार्ग में प्रयास करना)। दाऊदी बोहरा जहाँ भी रहते हैं, वहाँ मस्जिदों का निर्माण करते हैं ताकि वे [[नमाज़]] अदा कर सकें और मजलिस (धार्मिक सभा) में अल्लाह, उनके पैगंबरों, इमामों और दाइयों के ज़िक्र के लिए एकत्रित हो सकें। == नेतृत्व == इमाम के ग़ायब होने के दौरान, उनके उपाध्यक्ष, अल-दाई अल-मुतलक को समुदाय का नेतृत्व करने और इसके धार्मिक और सांसारिक मामलों का पूरी तरह से प्रबंधन करने के लिए नियुक्त किया गया था।<ref>{{Cite book |last=Moulvi |first=Shaikh Dawood |url=https://commons.wikimedia.org/wiki/File:An_Authentic_Account_of_the_Pontifical_Office_of_Dai_al-Mutlaq_and_its_Fifty-First_Incumbent_His_Holiness_Sardar_Saiyedna_Taher_Saifuddin_Saheb.pdf |title=An Authentic Account of the Pontifical Office of Dai-l-Mutlaq and its fifty first incumbent His Holiness Sardar Saiyedna Taher Saifuddin Saheb |publisher=The Times of India Press, Bombay |year=1940 |location=Bombay, British India |pages=1 |language=English}}</ref> दाई कुरानिक सिद्धांतों, जो विश्वास की नींव हैं सिखाते है, और समुदाय को मार्गदर्शन करते है। इस पद के अस्तित्व के नौ सौ वर्षों में, प्रत्येक दाई को समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला माना जाता है। समुदाय के सदस्य जीवन के विभिन्न पहलुओं में उनके मार्गदर्शन की तलाश करते हैं और उस पर अमल करते हैं।<ref name="Abdulhussein2001"/> पहले दाई, जोएब बिन मूसा, 1138 (532H) में यमन में रानी अरवा बिंत अहमद द्वारा जब 21वें इमाम ने एकांतवास लिया, तब नियुक्त किये गए थे अगले 400 वर्षों में, 23 दाइयों ने यमन में दावत की स्थापना की। फिर दावत का मुख्यालय यमन से भारत में स्थानांतरित हो गया, जहां 24वें दाई, यूसुफ बिन सुलेमान निजमुद्दीन, इस क्षेत्र से पदभार संभालने वाले पहले दाई बने। विभिन्न अवधियों के दौरान क्षेत्रीय और राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद, दाइयों ने धैर्य बनाए रखा और विश्वासियों का मार्गदर्शन जारी रखा और विश्वास को संरक्षित किया।<ref name="Abdulhussein2001"/> दाऊदी बोहरा समुदाय के वर्तमान धमर्गुरु 53वें दाई अल-मुतल्क, आली क़द्र मुफ़द्दल सैफुद्दीन हैं, जो भारत में रहते हैं। सैयदना सैफुद्दीन इस्लामी पैगंबर मोहम्मद के वंशज हैं, जो स्वयं पैगंबर इब्राहीम के वंशज थे, और एक अखंड और महान कुलीन वंश की श्रृंखला से संबंधित हैं। उनका पैगंबर मोहम्मद से वंश, पैगंबर की बेटी फ़ातेमा अल-ज़हरा और उनके पति अली इब्न अबी तालिब के माध्यम से जुड़ा है। फ़ातेमा और अली से, यह वंश उनके बेटे, इमाम हुसैन और बाद के इमामों के माध्यम से इस्माइली परंपरा में जारी है, जो पांचवें इमाम, जाफर अल-सादीक तक जाता है।<ref>Barakat Bayaan Fadleel Kabir. Mumbai: Alvazaratus Saifiyah, Badri Mahal. 2011. p. 14.</ref> == जनसांख्यिकी और संस्कृति == 2021 के अनुसार, दुनिया भर में लगभग मिलियन दाऊदी बोहरा समुदाय के सदस्य हैं। इनमें से अधिकांश भारत और पाकिस्तान में रहते हैं। एक बड़ा प्रवासी समुदाय यूरोप, उत्तर अमेरिका, मध्य पूर्व, एशिया और पूर्वी अफ्रीका में भी फैला हुआ है।<ref>{{Cite book|title=Amman: The Royal Islamic Strategic Studies Centre|year=2021|isbn=978-9957-635-56-5|location=https://themuslim500.com/wp-content/uploads/2020/10/TheMuslim500-2021_Edition-low_res_20201028.pdf|pages=172}}</ref> बोहरा समुदाय समृद्ध व्यापारी, उद्योगपति, व्यवसायी या कुशल पेशेवर होते हैं।{{r|jblankinterview}} === नाम और व्युत्पत्ति === "बोहरा" शब्द गुजराती शब्द "वोहरवू" से उत्पन्न हुआ है, जो उनके पारंपरिक पेशे व्यापारी के रूप में संदर्भित करता है। "दाऊदी" नाम एक एपोनिम है जो दाऊद बिन क़ुतुबशाह, 27वें दाई अल-मुतलिक, के नाम से लिया गया है, जो 1588 में हुए एक फूट के बाद बहुमत के नेता के रूप में उभरे थे।<ref name="lentin1">{{Cite web|url=https://www.gatewayhouse.in/globalised-dawoodi-bohra-bombay/|title=The globalised Dawoodi Bohras of Bombay|last=Lentin|first=Sifra|date=25 March 2021|work=The Gateway House|publisher=Indian Council on Global Relations|archive-url=https://archive.today/20210503183828/https://www.gatewayhouse.in/globalised-dawoodi-bohra-bombay/|archive-date=3 May 2021}}</ref> === भाषा === दाऊदी बोहरा संस्कृति यमनी, मिस्री, फारसी और भारतीय संस्कृतियों का मिश्रण है। उनकी भाषा "लिसान अल-दावत", जो पर्सो-अरबी लिपि में लिखी जाती है, अरबी, उर्दू, फारसी, संस्कृत और गुजराती से उत्पन्न हुई है। "लिसान अल-दावत", जो अपनी बुनियादी संरचना में गुजराती से लिया गया है, इस्लामिक मूल्यों और धरोहर को व्यक्त करने के एक माध्यम के रूप में विकसित हुई। हालांकि अरबी समुदाय की प्रमुख धार्मिक भाषा बनी रहती है, "लिसान अल-दावत" उसका भाषणों की भाषा और आधिकारिक तथा दिन-प्रतिदिन की संवाद की भाषा है।<ref>{{Cite book|title=L'Afrique indienne: les minorités d'origine indo-pakistanaise en Afrique orientale|last=Adam|first=Michel|publisher=Karthala Editions|year=2009|isbn=978-2-8111-0273-9|location=Africa|pages=272}}</ref> === वस्त्र === दाऊदी बोहरा विशिष्ट परिधान पहनते हैं। पुरुष पारंपरिक रूप से मुख्य रूप से सफेद रंग की तीन भागों वाली पोशाक पहनते हैं: कुर्ता, जो एक प्रकार की ट्यूनिक होती है; साया, समान लंबाई का एक ओवरकोट; और इज़ार, ढीली फिटिंग वाली पतलून; साथ में टोपी, जो सुनहरी डिज़ाइन वाली एक सफेद क्रोशिया की हुई टोपी होती है। पुरुषों से, मुहम्मद की परंपराओं का पालन करते हुए, पूरी दाढ़ी रखने की अपेक्षा की जाती है।{{sfn|Blank|2001|p=142}} महिलाएं दो टुकड़ों वाला परिधान पहनती हैं जिसे रिदा कहा जाता है, जो हिजाब, पर्दा और चादर से अलग होता है। इसकी विशिष्ट विशेषताएं हैं चमकीले रंग, सजावटी डिज़ाइन और लेस।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/mullahsonmainfra0000blan|title=Mullahs on the mainframe: Islam and modernity among the Daudi Bohras|last=Blank|first=Jonah|publisher=University of Chicago Press|year=2001|isbn=0226056767. OCLC 923455839|location=Chicago}}</ref> === व्यंजन === एक साथ भोजन करना दाऊदी बोहरा समुदाय की एक प्रसिद्ध परंपरा है। परिवार और मित्र एकत्र होकर एक बड़े गोल थाल से भोजन साझा करते हैं, जिसे थाल कहा जाता है। थाल को लकड़ी या धातु से बने कुंडली या तरकटी पर रखा जाता है, जो एक बड़े कपड़े सफ़रा के ऊपर होता है, जो फर्श को ढकता है।{{r|qinfofy2020}} भोजन की शुरुआत और अंत नमक चखने से होती है, जिसे पारंपरिक रूप से स्वाद को शुद्ध करने और रोगों से बचाव करने वाला माना जाता है। एक सामान्य शिष्टाचार यह है कि दोनों हाथों को चिलमची लोटा (तसली और लोटा) से धोया जाए। सामुदायिक भोज में, बोहरा लोग पहले मिठास (मीठा व्यंजन), फिर खारास (नमकीन व्यंजन), और फिर मुख्य भोजन करते हैं। भोजन की बर्बादी को नापसंद किया जाता है। थाल पर बैठे लोगों को छोटे हिस्से लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और जो भी लिया गया हो, उसे पूरा खत्म करना अपेक्षित होता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.burhaniqardan.org/|title=Burhani Qardan Hasanah Scheme|website=www.burhaniqardan.org|access-date=2024-12-27}}</ref> बोहरा व्यंजन, जो गुजराती, फारसी, यमनी, अरबी और मिस्री व्यंजनों से प्रभावित है, अपने अनोखे स्वाद और खास व्यंजनों के लिए जाना जाता है, जैसे बोहरा-स्टाइल बिरयानी, दाल चावल पालिदु (चावल, दाल और करी), कीमा समोसा (कटा हुआ मटन समोसा), डब्बा गोश्त और मसाला बटेटा (मसालेदार आलू)।<ref name="PG">{{Cite web|url=https://drive.proton.me/urls/FH9FAVZK70#31JSNVqSsgav|title=Dawoodi Bohra Financial Practices & Guidance|language=en|access-date=2024-08-01}}</ref><ref name="qinfofy2020">{{Cite web|url=https://www.qardanhasana.info/wp-content/uploads/2020/05/QH-Yearly-Educational-Publication.pdf|title=An economic system of the Dawoodi Bohras|website=qardanhasana.info|publisher=Finance and Business Development, Dawat-e-Hadiyah|archive-url=https://web.archive.org/web/20210702174058/https://www.qardanhasana.info/wp-content/uploads/2020/05/QH-Yearly-Educational-Publication.pdf|archive-date=2 July 2021|access-date=6 March 2021}}</ref> == परंपराएँ और प्रथाएँ == === क़र्दान हसन === [[इस्लाम]] रिबा (शाब्दिक अर्थ: 'सूध') और [[ब्याज दर|ब्याज]] को निषिद्ध करता है; दाऊदी बोहरा क़रज़-ए-हसना (शाब्दिक अर्थ: 'अच्छा ऋण') की प्रथा का पालन करते हैं, जिसका अर्थ है ब्याज-मुक्त ऋण। उधार लेने वाले के लाभ के आदर्श पर आधारित (उधार देने वाले के विपरीत), यह मॉडल समुदाय की आर्थिक प्रगति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। सैयदना सैफुद्दीन ने अपने पूरे जीवन में [[इस्लाम]] वित्त सिद्धांतों के लिए दृढ़ समर्थन किया है। सैफुद्दीन ने बुरहानी क़रज़-ए-हसना ट्रस्ट का सक्रिय रूप से प्रचार और विस्तार किया है, जो समुदाय के सदस्यों को उदारतापूर्वक बिना [[ब्याज दर|ब्याज]] के ऋण प्रदान करता है।{{r|qinfofy2020}} समुदाय के सदस्यों को बैंक सेविंग, टाइम डिपॉजिट या उधार लेने, ईएमआई फाइनेंस योजनाओं, ओवरड्राफ्ट, बीमा योजनाओं में योगदान देने या उनसे पैसा स्वीकार करने, कमोडिटीज़ और स्टॉक मार्केट में निवेश, क्रिप्टोकरेंसी, पेंशन, म्युचुअल या रिटायरमेंट फंड में निवेश से हतोत्साहित किया जाता है, क्योंकि इन्हें [[इस्लाम]] में हराम (निषिद्ध) माना जाता है। इसके बजाय, वे पारंपरिक इस्लामी वित्तीय सिद्धांतों का कड़ाई से पालन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, और अनुयायियों से आग्रह करते हैं कि वे पारंपरिक वित्तीय साधनों के बजाय समुदाय-आधारित सहयोग प्रणालियों पर भरोसा करें, जो या तो सट्टा (ग़रर, मैसर) पर आधारित होते हैं या [[ब्याज दर|ब्याज]] (रिबा) पर। इस दृष्टिकोण ने समुदाय के भीतर कई वित्तीय संरचनाओं के विकास को प्रेरित किया है, जिससे समुदाय के सदस्यों को वित्तीय लचीलापन और आधुनिक आर्थिक प्रणालियों के साथ एकीकरण प्राप्त हुआ है।<ref>Hasanaat al-Qard al-Hasan al-Burhaniyah Department, Pg 11</ref><ref name="PG2">{{Cite web|url=https://drive.proton.me/urls/FH9FAVZK70#31JSNVqSsgav|title=Dawoodi Bohra Financial Practices & Guidance|language=en|access-date=2024-08-01}}</ref> === '''मीसाक''' === बोहराओं के लिए उद्घाटन संस्कार मीसाक है। यह एक समझौता होता है जो विश्वासियों और ईश्वर के बीच होता है, जिसे [[पृथ्वी]] पर ईश्वर भके प्रतिनिधि के माध्यम से क्रियान्वित किया जाता है। मीसाक मिथाक एक विश्वासियों को [[अल्लाह]] के प्रति कर्तव्यों से बांधता है, जिसमें निष्ठा की शपथ शामिल होती है: दाई अल-मुत्लक़ की आध्यात्मिक मार्गदर्शन को पूरी तरह से और बिना किसी शंका के स्वीकार करने का संकल्प। यह समारोह, जो ईसाई धर्म में बपतिस्मे के समान होता है, विश्वास के दायरे में प्रवेश करने के लिए अनिवार्य है। मीसाक पहली बार उस उम्र में लिया जाता है जब एक बच्चे को परिपक्व माना जाता है: आमतौर पर, लड़कियों के लिए तेरह वर्ष, लड़कों के लिए चौदह या पंद्रह वर्ष। ये शपथें एक बोहरा के वयस्क जीवन के दौरान नवीनीकरण के रूप में ली जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/mullahsonmainfra0000blan|title=Mullahs on the mainframe: Islam and modernity among the Daudi Bohras|last=Blank|first=Jonah|publisher=University of Chicago Press|year=2001|isbn=0226056767. OCLC 923455839|location=Chicago}}</ref> === '''कैलेंडर''' === दाऊदी बोहरा एक फातिमी-कालीन सारणी आधारित कैलेंडर का पालन करते हैं, जो 354 दिनों के चंद्रमा चक्र के साथ मेल खाता है (और इसलिए किसी भी समायोजन की आवश्यकता नहीं होती)।  विषम संख्या वाले महीनों में 30 दिन होते हैं और सम संख्या वाले महीनों में 29 दिन होते हैं—सिवाय एक लीप वर्ष के, जब 12वां और अंतिम महीना, ज़िल हज्ज, 30 दिन का होता है। यह अन्य मुस्लिम समुदायों से अलग है, जो चंद्रमा के नए अरधचंद्र के दर्शन पर आधारित इस्लामिक महीनों की शुरुआत करते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.thedawoodibohras.com/2018/02/02/12th-rabi-ul-awwal-mawlid-and-the-hijri-misri-calendar/|title=12th Rabi ul Awwal, Mawlid, and the Hijri-Misri Calendar|date=2 February 2018|website=The Dawoodi Bohras|archive-url=https://archive.today/20210609170717/https://www.thedawoodibohras.com/2018/02/02/12th-rabi-ul-awwal-mawlid-and-the-hijri-misri-calendar/|archive-date=9 June 2021}}</ref> ==== प्रसंग ==== दाऊदी बोहरा मुस्लिम कैलेंडर पर सभी महत्वपूर्ण अवसरों का पालन करते हैं, जैसे मुहर्रम, रमजान, ईद अल-फित्र, ईद अल-अधा और मिलाद अल-नबी। वे कुछ अवसरों का भी पालन करते हैं जो उनके संप्रदाय से विशेष हैं, जैसे पिछले दाई की पुण्यतिथि और वर्तमान दाई का जन्मदिन। ये अवसर आमतौर पर समुदाय के सदस्य को एकत्र करते हैं, जो शैक्षिक उपदेशों और सामूहिक भोजन के लिए होते हैं। रमजान, इस्लामी कैलेंडर का 9वां महीना, के दौरान, दाऊदी बोहरा अन्य इस्लामी दुनिया की तरह, सुबह से लेकर शाम तक अनिवार्य उपव्रत (रोजा) रखते हैं। बोहरा लोग अपनी स्थानीय मस्जिदों में दैनिक नमाज़ (विशेष रूप से शाम की नमाज़) के लिए इकट्ठा होते हैं और पूरे दिन का उपव्रत इफ्तार (शाब्दिक अर्थ: 'उपव्रत तोड़ना') भोजन के साथ एक साथ खोलते हैं। रमजान बोहरों के लिए एक आध्यात्मिक गतिविधियों का महीना होता है, जो ईद अल-फित्र के साथ समाप्त होता है। ज़िल हज्ज महीने में, बोहरा हज करते हैं और इसके अंत में सभी ईद अल-अधा मनाते हैं। शिया परंपराओं के अनुसार, जिल हज्ज की 18वीं तारीख को, जब मुहम्मद ने सार्वजनिक रूप से अली इब्न अबी तालिब को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था, बोहरा लोग ईद-ए-ग़दीर मनाते हैं, जिसमें उपव्रत रखते हैं और विशेष नमाज़ अदा करते हैं। अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं के दौरान भी विशेष नमाज़ और सभाएं आयोजित की जाती हैं, जैसे मुहम्मद द्वारा पहली बार अपनी दावत (शाब्दिक अर्थ: 'मिशन') शुरू करने का दिन, इस्रा और मि'राज की रात, मुहम्मद का जन्मदिन, प्रमुख समुदाय नेताओं का उर्स मुबारक (शाब्दिक अर्थ: 'याद करने का दिन') और वर्तमान दाई अल-मुतलिक का जन्मदिन। ==== मुहर्रम ==== नबी मुहम्मद के नवासे, हुसैन इब्न अली, अपनी परिवार और साथियों के साथ करबला के मैदानों में शहीद हुए, जब वे मक्का से, आधुनिक इराक के रेगिस्तानों के माध्यम से, कूफा के लिए यात्रा कर रहे थे। बोहरा मानते हैं कि हुसैन का बलिदान नबी मुहम्मद द्वारा पहले ही भविष्यवाणी किया गया था, और उनकी शहादत के कारण इस्लाम के मार्ग को बदलने के लिए उन्हें नियत किया गया था। हुसैन इब्न अली की शहादत की याद, जो अक्सर जान द बैपटिस्ट और यीशु मसीह की जीवनी से जुड़ी होती है, बोहरों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। आशरा मुबारका (शाब्दिक अर्थ: 'धन्य दस') के रूप में ज्ञात, दाऊदी बोहरा मुहर्रम महीने की शुरुआत में दस मजलिस (शाब्दिक अर्थ: 'सभा') के एक श्रृंखला के लिए एकत्र होते हैं। उनके लिए, हुसैन इब्न अली की शहादत मानवता, न्याय, और सत्य के मूल्यों का प्रतीक है। वे उनके बलिदान और अत्याचार के खिलाफ उनके संघर्ष को साहस, वफादारी, और सहानुभूति के पाठ के रूप में मानते हैं। इन मूल्यों को वे मानते हैं कि उनमें आत्म-बलिदान, सहनशीलता, और अपने विश्वासों के प्रति समर्पण की भावना का समावेश करते हैं। ʿआशरा मुबारका के दौरान, बोहरा समुदायों द्वारा दुनिया भर में दिन में दो बार, एक सुबह और एक शाम को मजलिस का आयोजन किया जाता है, जिसमें हुसैन इब्न अली के बलिदान की चर्चा की जाती है, जो प्रवचन का केंद्रीय विषय होता है। यह मजलिस, जिन्हें दाई अल-मुतलिक द्वारा नेतृत्व किया जाता है, कभी-कभी सैकड़ों हजारों अनुयायियों को आकर्षित करती हैं।<ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/india/gujarat/dawoodi-bohra-head-praises-pm-modi-in-muharaam-speech/|title="Dawoodi Bohra head praises PM Modi in Muharaam speech|last=Saiyed|first=Kamal|work=The New Indian Express|access-date=17 June 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200617150335/https://indianexpress.com/article/india/gujarat/dawoodi-bohra-head-praises-pm-modi-in-muharaam-speech/|archive-date=17 जून 2020|url-status=bot: unknown}}</ref> === '''परंपराएँ''' === ==== '''रस्म-ए-सैफी''' ==== दाऊदी बोहरा के बीच विवाहों को सुविधाजनक बनाने के लिए, ताहेर सैफुद्दीन, 51वें दाई अल-मुतलिक, ने जमनगर में लगभग 1952 में रसम-ए-सैफी की शुरुआत की और बाद में इसे 1963 के आस-पास संस्थागत रूप से स्थापित किया। रसम-ए-सैफी के दौरान, दाई अल-मुतलिक और उनके प्रतिनिधियों के हाथों कई निकाह संपन्न होते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://tribune.com.pk/story/348811/101-years-at-rasm-e-saifee-lucky-41-tie-the-nuptial-knot|title=101 years: At Rasm-e-Saifee, lucky 41 tie the nuptial knot|last1=Attarwala|first1=Fatima|date=12 March 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120313041019/https://tribune.com.pk/story/348811/101-years-at-rasm-e-saifee-lucky-41-tie-the-nuptial-knot/|archive-date=13 March 2012|publisher=[[Tribune Pakistan]]|location=Karachi|website=tribune.com.pk}}</ref> सैफुद्दीन के बेटे और उत्तराधिकारी, मुहम्मद बुरहानुद्दीन ने इंटरनेशनल तैसीर अल-निकाह कमेटी (ITNC) की स्थापना की, जो अब साल भर विभिन्न धार्मिक आयोजनों में रसम-ए-सैफी का आयोजन करती है। बुरहानुद्दीन के उत्तराधिकारी, मुफद्दल सैफुद्दीन, इस परंपरा को बनाए रखते हैं|<ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/events/photos-mass-procession-organized-by-bohra-community/c74416-w2859-cid117498-s10700.htm|title=Mass procession organized by Bohra community|last1=Goswami|first1=Vajrasar|date=29 December 2013|website=udaipurtimes.com|location=Udaipur|archive-url=https://archive.today/20200625142735/https://udaipurtimes.com/events/photos-mass-procession-organized-by-bohra-community/c74416-w2859-cid117498-s10700.htm|archive-date=25 June 2020}}</ref> ==== '''यात्राएँ''' ==== बोहरों के बीच यह प्रथा है कि वे फिलिस्तीन, जॉर्डन, सीरिया, मिस्र, सऊदी अरब, यमन, इराक और भारत में मकबरों, मस्जिदों और अन्य धार्मिक महत्व के स्थलों पर जाते हैं। अधिकांश स्थानों पर, एक सामुदायिक-प्रशासित परिसर (मजार) यात्रा कर रहे बोहरों को आवास, व्यापारिक केंद्र, भोजन और विभिन्न मनोरंजन गतिविधियाँ प्रदान करता है।{{sfn|Abdulhussein|2001|p=142}} एक बोहरा मकबरा सामान्यतः सफेद बाहरी सतहों के साथ होता है, और गुंबद के शिखर पर एक स्वर्णिम फिनियल (पुंज) होता है। इसका आंतरिक भाग आमतौर पर इन्कैंडसेंट लाइट से रोशन किया जाता है और इसकी दीवारों पर क़ुरआनी आयतें खुदी होती हैं। ये मकबरे अपनी संरचना और निर्माण के रूप में कई अर्थों को प्रदर्शित करते हैं। उदाहरण के लिए, मुंबई में स्थित रौदत ताहेरा, अपनी डिज़ाइन में कई जटिलताओं को प्रस्तुत करता है। रौदत ताहेरा की आंतरिक ऊंचाई 80 फीट है, जो ताहेर सैफुद्दीन की उम्र को दर्शाता है, जो वहां दफनाए गए हैं। मकबरे का गर्भगृह 51 × 51 फीट का है, जो सैफुद्दीन की स्थिति को 51वें दाई अल-मुतलिक के रूप में प्रतीकित करता है। इसके दीवारों पर संपूर्ण क़ुरआन को सोने में खुदा गया है, जबकि बिस्मिल्लाह को कीमती पत्थरों में 113 बार उकेरा गया है, और दीवार के प्रत्येक तरफ एक-एक दरवाजा चांदी से मढ़ा हुआ है। गुंबद के आंतरिक भाग में लिखा है, "अल्लाह आकाश और पृथ्वी को एक साथ थामे हुए हैं, जिसे कोई अन्य नहीं कर सकता।"<ref name="marfatia1">{{cite web|url=https://www.mid-day.com/articles/meher-marfatia-one-hundred-years-behind-the-bazaar/19014196|title=Meher Marfatia: One hundred years behind the bazaar|last=Marfatia|first=Meher|date=24 February 2018|website=mid-day.com|archive-url=https://archive.today/20200831093419/https://www.mid-day.com/articles/meher-marfatia-one-hundred-years-behind-the-bazaar/19014196|archive-date=31 August 2020}}</ref> == समाज == === '''समुदाय केंद्र''' === दाई अल-मुतलिक का कार्यालय, जिसे दावत ए हादिया के नाम से जाना जाता है, एक वितरित नेटवर्क के माध्यम से समर्पित जमात समितियों के माध्यम से करीबी जुड़ी हुई दाऊदी बोहरा समुदाय के मामलों का प्रबंधन करता है। दावत ए हादिया का मुख्यालय मुंबई के किले में स्थित बदरी महल में है। कई उप-समितियाँ और ट्रस्ट स्थानीय बोहरा समुदाय के विभिन्न पहलुओं का प्रशासन करते हैं, जो संबंधित जमात के तहत कहीं भी बोहरों के रहने और काम करने के क्षेत्राधिकार में स्थापित होते हैं। किसी जमात की संख्या सौ से लेकर हजारों बोहरों तक हो सकती है। एक निवासी आमिल साहेब, जिसे दाई द्वारा नियुक्त किया जाता है, एक विशेष जमात का अध्यक्ष होता है।{{r|lentin2}} वह इसके सामाजिक-धार्मिक मामलों का प्रबंधन और प्रशासन करता है। स्थानीय मस्जिद या केंद्र में, जो उसकी अधिकार क्षेत्र में होता है, आमिल साहेब दैनिक प्रार्थनाओं का नेतृत्व करता है और उपदेशों और प्रवचनों की अध्यक्षता करता है।{{sfn|Abdulhussein|2001|p=97}} ==== '''मस्जिद''' ==== मस्जिद दुनिया भर में दाऊदी बोहरा समुदायों का केंद्रीय स्थल है। यह अक्सर बोहरों की प्रथा थी कि जब वे किसी नए शहर या देश में प्रवास करते थे, तो वे मस्जिद (या अगर मस्जिद बनाना संभव नहीं था तो एक मार्कज़ - सामुदायिक केंद्र - बनाते थे)। जबकि दाऊदी बोहरा मस्जिद मुख्य रूप से इबादत और समुदाय के इकट्ठा होने का स्थान होती है, यह समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी बनती है, और मस्जिदें शिक्षा और अध्ययन सत्रों के लिए भी होती हैं, जो फातिमिद परंपराओं के अनुरूप होती हैं। एक मस्जिद परिसर में आमतौर पर सामूहिक भोजन के लिए एक भोजन कक्ष होता है, जिसे मवाइद या जमात खाना कहा जाता है, साथ ही कक्षाएं और प्रशासनिक कार्यालय भी होते हैं। मस्जिद आमतौर पर एक विशिष्ट नियो-फातिमिद शैली में बनाई जाती है, जिसके दीवारों पर अल्लाह के नाम और क़ुरआन की आयतें खुदी होती हैं।{{r|mdaud1}}<ref>{{cite web|url=https://gulfnews.com/going-out/society/head-of-dawoodi-bohras-arrives-in-dubai-1.2161656|title=Head of Dawoodi Bohras arrives in Dubai|date=23 January 2018}}</ref> भारत में कुछ दाऊदी बोहरा मस्जिदें, जैसे कि भेंडी बाजार, मुंबई में हाल ही में बहाल की गई सैफी मस्जिद, फातिमिद, भारतीय और शास्त्रीय वास्तुकला का मिश्रण प्रदर्शित करती हैं। मस्जिदें आमतौर पर बहु-मंजिला संरचनाएँ होती हैं, जिसमें मुख्य प्रार्थना हॉल ग्राउंड फ्लोर पर होता है, जिसे पुरुष उपयोग करते हैं, जबकि महिलाएं बड़ी दीर्घाओं से प्रार्थनाओं और प्रवचनों में भाग लेती हैं। नई मस्जिदों का निर्माण और पुरानी मस्जिदों का पुनर्स्थापन दाऊदी बोहरा संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पिछले आधे सदी में बोहरा मस्जिदों के निर्माण में एक उछाल आया है, खासकर 1980 में काहिरा में अल-जामी अल-अनवर (अल-हाकिम मस्जिद) के ऐतिहासिक पुनर्स्थापन के बाद।{{R|hamzali|munaim}}{{sfn|Abdulhussein|2001|p=49}} ==== '''केंद्र''' ==== जब कोई मस्जिद पास में नहीं होती, तो एक बोहरा समुदाय (या जमात) एकमरकज़ के आसपास केंद्रित होता है। सामूहिक भोजन को जमात खाना नामक भोजन कक्षों में परोसा जाता है, जो आमतौर पर मस्जिद परिसर का हिस्सा होते हैं।{{r|mdaud1}} === '''FMB सामुदायिक रसोई''' === 2012 में, मोहम्मद बुरहानुद्दीन, 52वें दाई अल-मुत्लक़, ने फ़ैज़ अल-मवाइद अल-बुरहानीयाह (FMB) सामुदायिक रसोई की स्थापना की, जिसका उद्देश्य प्रत्येक बोहरा परिवार को प्रति दिन कम से कम एक भोजन प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी भूखा न सोए। FMB विशेष रूप से महिलाओं के लिए लाभकारी साबित हुआ क्योंकि घरेलू काम में कमी आई, जिससे उन्हें अन्य गतिविधियाँ करने के लिए समय मिल सका। भोजन को रोजाना टिफिन कंटेनरों में वितरित किया जाता है, और इसका मेनू बदलता रहता है। 2021 तक, FMB सामुदायिक रसोई, जो आमतौर पर मस्जिदों के पास बनती हैं, दुनिया भर के प्रत्येक बोहरा समुदाय में कार्यशील हैं।{{r|lentin2}}{{r|plucky}} FMB ने बोहरा समुदाय के भीतर खाद्य सुरक्षा को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाया है,<ref>{{cite magazine|title=Fighting world hunger|url=http://www.southasia.com.pk/wp-content/uploads/2020/03/sa_book_november_19.pdf|date=November 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20210706204709/http://www.southasia.com.pk/wp-content/uploads/2020/03/sa_book_november_19.pdf|archive-date=6 July 2021|magazine=South Asia Magazine|last=Sadriwala|first=Maryam|language=en|location=Karachi}}</ref> और संकट के समय (जैसे प्राकृतिक आपदाओं या COVID-19 महामारी के दौरान) इसने सभी अन्य समाज को भी भोजन और आवश्यक सामान प्रदान किया है।<ref>{{cite web|url=https://www.indiapost.com/food-drive-for-needy-by-north-texas-bohras/|title=Food drive for needy by North Texas Bohras|last=Sapatwalla|first=Mudar|date=8 March 2012|work=India Post|archive-url=https://archive.today/20210610175659/https://www.indiapost.com/food-drive-for-needy-by-north-texas-bohras/|archive-date=10 June 2021}}</ref> === '''शिक्षा''' === इस्लामिक परंपराओं के अनुसार, बोहरा समुदाय धार्मिक और सांसारिक दोनों प्रकार की शिक्षा प्राप्त करने पर जोर देता है। पुरुषों को व्यापार, चिकित्सा, कानून और लेखांकन जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। सैयदना के दृष्टिकोण के अनुसार, महिलाओं की शिक्षा को महत्वपूर्ण माना जाता है, और होम साइंस को एक मूल्यवान अध्ययन क्षेत्र के रूप में मान्यता प्राप्त है, जिससे महिलाओं को आवश्यक जीवन कौशल और विभिन्न करियर के रास्ते मिलते हैं। समुदाय में उच्च शिक्षा आम बात है।<ref>{{Cite magazine|magazine=Al Qalam: Journal Keagamaan dan Kemasyarakatan|title=Modernity in the frame of Mullah authorities in Dawoodi Bohra denomination|author=Zaenal Muttaqin|year=2011|volume=28|issue=3|page=449|url=https://media.neliti.com/media/publications/283047-modernity-in-the-frame-of-mullah-authori-ea03ad66.pdf|archive-url=https://web.archive.org/web/20210707124226/https://media.neliti.com/media/publications/283047-modernity-in-the-frame-of-mullah-authori-ea03ad66.pdf|archive-date=7 July 2021|doi=10.32678/alqalam.v28i3.886|issn=1410-3222|location=Indonesia|editor1=Siti Fauziyah|editor2=Mohamad Rohman|via=media.neliti.com}}</ref> समुदाय द्वारा संचालित मदरसा सैफियाह बुरहानिया (MSB) स्कूलों की श्रृंखला विज्ञान, मानविकी और कला का अध्ययन कराती है। 1984 में, मोहम्मद बुरहानुद्दीन ने नैरोबी और मुंबई में पहले MSB स्कूलों की स्थापना की थी। 2021 तक, 24 MSB स्कूल दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका में संचालित हो रहे हैं, जो IGCSE और ICSE बोर्ड से संबद्ध हैं।<ref name="idaramsb">{{Cite web|url=https://idaramsb.net/front/|title=About MSB|website=idaramsb.net|archive-url=https://archive.today/20200623165822/https://idaramsb.net/front/|archive-date=23 June 2020|access-date=23 June 2020}}</ref> अल-जामिया-तुस सैफिया (जामिया) समुदाय का प्रमुख शैक्षिक और सांस्कृतिक संस्थान है। चयनित छात्र 11 वर्षों तक कठोर इस्लामी और अरबी अध्ययन करते हैं, और उन्हें बाद में दावत-ए-हादिया  के विभिन्न संस्थानों का नेतृत्व करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। अलजामिया का पूर्ववर्ती दर्स-ए-सैफी है, जो एक इस्लामी धर्मशास्त्र स्कूल था जिसे 43वें दई अल-मुतलिक अब्देअली सैफुद्दीन ने 1814 में सूरत, गुजरात में स्थापित किया था। एक सदी बाद, 51वें दई अल-मुत्लक़ ताहेर सैफुद्दीन ने इसे नवीनीकरण किया और विश्वविद्यालय के रूप में संस्थागत किया। उनके पुत्र और उत्तराधिकारी मोहम्मद बुरहानुद्दीन ने इसके विस्तार और पहुंच को और बढ़ाया, तीन अन्य शहरों में परिसर खोले और कुरआनी विज्ञान के लिए एक समर्पित केंद्र, महद अल-ज़हरा की स्थापना की दूसरा परिसर 1983 में कराची, पाकिस्तान में स्थापित किया गया था। तीसरा परिसर 2011 में नैरोबी, केन्या में स्थापित किया गया, और चौथा 2013 में मुंबई, भारत में। जामिया की पुस्तकालयों में दुर्लभ अरबी पांडुलिपियाँ संरक्षित हैं।{{sfn|Abdulhussein|2001|p=21}} जामिया के अन्य विभागों में कुरआन की तिलावत, अरबी कैलिग्राफी, और अरबी डिज़ाइन की कला में विशेषज्ञता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.shethepeople.tv/news/youngest-hafiz-quran-dawoodi-bohras/|title=At 6 This Youngest Hafiz Ever Is A Child Prodigy On Quran|last=Das|first=Ria|website=www.shethepeople.tv|language=en|access-date=2023-11-06}}</ref> फातिमिद काल से लेकर दाइयो के लेख, विचार-विमर्श और काव्य की महत्वपूर्ण मात्रा जामिया के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं। परंपरा के अनुसार, वर्तमान दई अल-मुत्लक़ प्रत्येक वर्ष वार्षिक परीक्षा (अल-इम्तिहान अल-सानवी) की अध्यक्षता करते हैं। वरिष्ठ जामिया छात्रों को इसके अतिरिक्त सार्वजनिक ओरल परीक्षा से गुजरना पड़ता है, जहाँ उन्हें संस्थान के रेक्टरों द्वारा और कभी-कभी दई अल-मुत्लक़ द्वारा प्रश्न पूछे जाते हैं।{{sfn|Abdulhussein|2001|p=17}} == समाज मे महिलाओं की स्थिति == === अवलोकन === बोहरा समुदाय में महिलाओं की स्थिति [[बीसवीं शताब्दी|२०वीं शताब्दी]] के उत्तरार्ध में एक बड़े बदलाव से गुजरी | प्रसिद्ध लेखक [[जोनाह ब्लांक]] के अनुसार, भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे अधिक शिक्षित महिलाओं में बोहरा समुदाय की महिलाएं हैं। [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] और [[यूरोप]] में बोहरा महिला कई व्यवसायों के मालिक, [[अधिवक्ता|वकील]], डॉक्टर, शिक्षक और नेता बन गए हैं | ७ जून २०१९ को [[डेट्राइट, मिशिगन|डेट्रायट, मिशिगन]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] के दाउदी बोहरा समुदाय द्वारा आयोजित [[ईद उल-फ़ित्र|ईदुल फ़ित्र]] के एक अंतरजातीय उत्सव में, [[अमेरिकी कांग्रेस]] के [[ब्रेंडा लॉरेंस]] ([[डेमोक्रैटिक पार्टी (संयुक्त राज्य)|डेमोक्रेट]], [[मिशिगन]] के १४ वें [[कांग्रेस]] के ज़िला) ने बोहरा की प्रशंसा यूँ की, “बोहरा महिलाओं ने अपनी आवाज़ का इस्तेमाल लैंगिक समानता और पर्यावरण सहित अनगिनत मुद्दों पर प्रगति के लिए किया” == सामाजिक कार्य == एक अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में, दाऊदी बोहरा जहां भी निवास करते हैं, वहां की सत्तारूढ़ सरकार के साथ सहयोग की नीति अपनाते हैं। यह दृष्टिकोण उन्हें सभी सरकारों के साथ सौहार्द और सद्भाव बनाए रखने में सक्षम बनाता है, जबकि वे राजनीतिक विवादों से दूर रहते हैं। उदाहरण के लिए, भारत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित किए हैं। इसी प्रकार, उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ भी सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे हैं।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/dawoodi-bohras-narendra-modi-8452721/|title=Dawoodi Bohras and ‘family member’ Narendra Modi: A mutual friendship|date=2023-02-18|website=The Indian Express|language=en|access-date=2025-02-05}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://theprint.in/politics/modi-wants-bjp-to-reach-out-to-two-very-different-muslim-groups-all-about-pasmandas-bohras/1321627/|title=Modi wants BJP to reach out to two very different Muslim groups. All about Pasmandas & Bohras|last=Ghosh|first=Abantika|date=2023-01-19|website=ThePrint|language=en-US|access-date=2025-02-05}}</ref> समुदाय की स्थिति सुन्नत के अनुरूप रही है, कि व्यक्ति को अपने निवास देश के प्रति वफादार होना चाहिए। एक प्रवासी अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में, दाऊदी बोहरा संस्कृति और समाज में भाग लेते हैं, लेकिन ''इख़वान अल-सफ़ा'' की पांडुलिपियों के अनुसार।<ref>{{Cite web|url=https://www.thedawoodibohras.com/about-the-bohras/the-bohras-today/|title=The Bohras Today|website=thedawoodibohras.com|archive-url=https://archive.today/20210630014820/https://www.thedawoodibohras.com/about-the-bohras/the-bohras-today/|archive-date=30 June 2021|access-date=14 May 2021}}</ref> उनका विश्वास है कि प्रत्येक धर्म एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है, और सम्पूर्ण सृष्टि का उद्देश्य एक ही है। सच्ची संतुष्टि सौहार्दपूर्ण जीवन जीने और संबंधों को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करके टकराव से बचने में प्राप्त होती है।<ref>{{cite web|url=https://www.thedawoodibohras.com/2020/12/04/an-address-by-syedna-burhanuddin-on-his-80th-birthday/|title=An Address by Syedna Burhanuddin on his 80th birthday|date=4 December 2020|website=thedawoodibohras.com|language=en|archive-url=https://archive.today/20210621192644/https://www.thedawoodibohras.com/2020/12/04/an-address-by-syedna-burhanuddin-on-his-80th-birthday/|archive-date=21 June 2021}}</ref> === '''बुरहानी फाउंडेशन''' === 1991 में, मोहम्मद बुरहानुद्दीन ने बुरहानी फाउंडेशन की स्थापना की, जो एक धर्मार्थ ट्रस्ट है जिसका उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता, जैव विविधता का संरक्षण, संसाधनों का प्रभावी उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण और अन्य संबंधित कारणों के लिए कार्य करना है। 2017 में, बुरहानुद्दीन के उत्तराधिकारी मुफद्दल सैफुद्दीन ने 2,00,000 वृक्षों के पौधे लगाने का एक वैश्विक कार्यक्रम शुरू किया। 2018 में, बोहरा समुदाय ने ''चैम्पियन ऑफ द अर्थ'' अफ़रोज़ शाह के साथ मिलकर ''Turning the Tide'' नामक एक अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य महासागरों, नदियों और समुद्र तटों से प्लास्टिक को हटाना था। 6 नवम्बर 2023 को, COP28 वर्ल्ड लीडर्स समिट से पहले, शहजादा हुसैन बुरहानुद्दीन ने अपने पिता सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन की ओर से अबू धाबी में आयोजित COP28 वैश्विक धर्मगुरुओं के शिखर सम्मेलन में 28 धर्मगुरुओं के साथ भाग लिया और जलवायु संकट के समाधान हेतु सार्थक कदम उठाने की संयुक्त अपील पर हस्ताक्षर किए।<ref>{{Cite web|url=https://www.khaleejtimes.com/uae/powerful-interfaith-document-promising-climate-change-signed-by-28-faith-leaders-in-abu-dhabi|title=Abu Dhabi: Powerful interfaith document promising climate change signed by 28 faith leaders|last=Abdulla|first=Nasreen|website=Khaleej Times|language=en|access-date=2023-11-10}}</ref> === '''शून्य खाद्य अपशिष्ट''' === एफएमबी (FMB) के तत्वावधान में, दाना कमेटी (शब्दशः 'अनाज समिति') का उद्देश्य खाद्य अपव्यय को समाप्त करना है। 2021 तक, इस समिति के पास 40 देशों में 7000 स्वयंसेवक हैं। मजलिसों के बाद, ये स्वयंसेवक बचा हुआ अछूता भोजन इकट्ठा करते हैं और उसे ज़रूरतमंदों में वितरित करते हैं। अधिक पकाने या कम उपस्थिति के कारण भोजन की बर्बादी को रोकने के लिए, समिति कस्टम वेब और मोबाइल आर.एस.वी.पी ऐप्स का उपयोग करती है। भोजन शुरू होने से पहले, स्वयंसेवक उपस्थित लोगों को मुसलमानों के रूप में अपनी ज़िम्मेदारी की याद दिलाते हैं कि कोई भी भोजन बर्बाद न हो।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/mumbai/in-holy-ramzan-muslims-urged-not-to-waste-food/articleshow/64338950.cms|title=In holy Ramzan, Muslims urged not to waste food|date=27 May 2018|work=The Times of India|archive-url=https://archive.today/20210611141709/https://www.thehindu.com/news/cities/mumbai/no-food-wastage-this-eid/article24175989.ece|archive-date=11 June 2021}}</ref> बोहरा समुदाय संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक विश्व खाद्य दिवस अभियानों में भी भाग लेता है।<ref name="wfd2020">{{Cite press release|title=Global Dawoodi Bohra faith feeds the hungry on World Food Day|archive-url=https://archive.today/20210611145206/https://www.einnews.com/pr_news/528559648/global-dawoodi-bohra-faith-feeds-the-hungry-on-world-food-day|work=Tricuro|archive-date=11 June 2021|url=https://www.einnews.com/pr_news/528559648/global-dawoodi-bohra-faith-feeds-the-hungry-on-world-food-day|date=16 October 2020|via=einnews.com|location=[[Washington, D.C.]]}}</ref> सितंबर 2018 में, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (GBWR) ने इंदौर में समुदाय के अशरा मुबारका प्रवचनों के हिस्से के रूप में आयोजित सबसे बड़े शून्य-अपशिष्ट धार्मिक कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए दाऊदी बोहरा समुदाय को मान्यता दी और सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में 1,50,000 बोहरा शामिल हुए थे, जो मुफद्दल सैफुद्दीन, 53वें दाई अल-मुत्लक़ के साथ अशरा मुबारका मनाने के लिए इंदौर में एकत्रित हुए थे।  यह शून्य-अपशिष्ट नीति 2019 में कोलंबो में आयोजित अशरा मुबारका में भी अपनाई गई थी।<ref>{{Cite web|url=http://www.sundaytimes.lk/190908/news/shining-lesson-on-zero-food-wastage-policy-at-massive-bohra-conference-367584.html|title=Shining lesson on zero food wastage policy at massive Bohra conference|last=Deane|first=Ruqyyaha|date=8 September 2019|work=The Sunday Times|archive-url=https://archive.today/20210611151140/http://www.sundaytimes.lk/190908/news/shining-lesson-on-zero-food-wastage-policy-at-massive-bohra-conference-367584.html|archive-date=11 June 2021}}</ref> दाना कमेटी के स्वयंसेवकों ने भोजन की मात्रा नियंत्रण में सहायता की और बचा हुआ भोजन ज़रूरतमंदों में वितरित किया। यूएई की 2023 को सस्टेनेबिलिटी का वर्ष घोषित करने की नीति के अनुरूप, दुबई में आयोजित 2023 अशरा मुबारका, जिसमें 75,000 से अधिक लोग शामिल हुए, ने भी शून्य खाद्य अपव्यय नीति को अपनाया। अशरा मुबारका की मजलिसें यूएई की वेस्ट-टू-एनर्जी पहल के अनुरूप थीं, जिसमें भोजन के दौरान एकत्र किए गए जैविक कचरे को ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है।<ref>(https://www.khaleejtimes.com/uae/uae-bohra-volunteers-serve-150000-meals-every-day-on-ashara-mubaraka-congregations)</ref> === '''अन्य पहलें''' === ==== '''प्रोजेक्ट राइज़''' ==== जून 2018 में, बोहरा समुदाय ने ''प्रोजेक्ट राइज'' नामक एक परोपकारी कार्यक्रम शुरू किया, जो हाशिए पर पड़े और गरीब लोगों पर केंद्रित है। उनकी पहली पहल, ''एक्शन अगेंस्ट हंगर'' के सहयोग से की गई, जिसका उद्देश्य महाराष्ट्र, भारत के पालघर और गोवंडी जिलों में रहने वाले लोगों में कुपोषण की समस्या को संबोधित करना था। 2019 की बाढ़ के दौरान, स्वयंसेवकों ने [[केरल]], कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों में सहायता भेजी; जबकि 2020 के लॉकडाउन के दौरान, स्वयंसेवकों ने गरीबों के बीच खाद्य पैकेट वितरित किए। 2020 में, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुदाय की सामाजिक सेवा की सराहना की। 2019 और 2020 में, उत्तरी अमेरिका में स्वयंसेवकों ने संयुक्त राष्ट्र के ''विश्व खाद्य दिवस'' के अवसर पर स्थानीय फूड बैंकों में दान दिया। तब से, इस्लामी परोपकार की परंपराओं[d] के आधार पर, ''प्रोजेक्ट राइज'' ने अपने कार्यक्रमों का विस्तार किया है, जो स्वास्थ्य देखभाल, पोषण, स्वच्छता और सफाई, और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित हैं। इन अभियानों के तहत, स्वयंसेवक वंचितों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं, जिसमें पुनर्निर्मित आवास, खाद्य पहुंच और बेहतर जीवन-कल्याण शामिल है।<ref>{{cite press release|url=https://www.globenewswire.com/news-release/2019/12/03/1955249/0/en/DAWOODI-BOHRAS-OFFER-MUCH-NEEDED-SUPPORT-TO-THE-ELDERLY.html|title=Dawoodi Bohras offer much-needed support to the elderly|access-date=29 May 2021|date=2 December 2019|location=Calgary|archive-url=https://archive.today/20210619022026/https://www.globenewswire.com/news-release/2019/12/03/1955249/0/en/DAWOODI-BOHRAS-OFFER-MUCH-NEEDED-SUPPORT-TO-THE-ELDERLY.html|archive-date=19 June 2021|website=globalnewswire.com}}</ref><ref>{{cite press release|url=https://www.prnewswire.com/news-releases/exordium-networks-inc-involved-in-local-and-global-charitable-upliftment-initiatives-300397422.html|title=Exordium Networks, Inc. Involved in Local and Global Charitable "Upliftment" Initiatives|access-date=29 May 2021|archive-url=https://archive.today/20210619022146/https://www.prnewswire.com/news-releases/exordium-networks-inc-involved-in-local-and-global-charitable-upliftment-initiatives-300397422.html|archive-date=19 June 2021|website=globalnewswire.com|date=26 January 2017}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.thedawoodibohras.com/2019/11/22/the-blessings-of-our-elders/|title=The Blessings of our elders|date=22 November 2019|website=thedawoodibohras.com|archive-url=https://archive.today/20210613204412/https://www.thedawoodibohras.com/2019/11/22/the-blessings-of-our-elders/|archive-date=13 June 2021}}</ref> ==== '''भेंडी बाज़ार समूह पुनर्विकास''' ==== 2009 में, मोहम्मद बुरहानुद्दीन, 52वें दाई अल-मुत्लक़, ने सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट (SBUT) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारत के सबसे बड़े मेकओवर परियोजनाओं में से एक को अंजाम देना था, जिसे लगभग 20,000 लोगों के जीवन पर प्रभाव डालने का विश्वास किया जाता है। इस परियोजना का उद्देश्य भेंडी बाज़ार को पुनर्निर्मित करना था—जो जर्जर, अविकसित और घनी मुस्लिम-बहुल इलाका जो दक्षिण मुंबई में स्थित है। इस पुनर्विकास परियोजना का क्षेत्रफल 16.5 एकड़ है, जिसमें 250 जर्जर इमारतें, 3,200 परिवार और 1,250 दुकानें शामिल हैं। इस क्षेत्र को एक स्वस्थ और टिकाऊ विकास में बदला जा रहा है, जिसमें 11 नई टावर, चौड़ी सड़कें, आधुनिक बुनियादी ढांचा, खुले स्थान और अत्यधिक दिखाई देने वाले व्यापारिक क्षेत्र शामिल हैं। पुनर्वासित आवासीय और व्यावासिक किरायेदारों को उनके नए परिसरों का स्वामित्व बिना किसी लागत के दिया जाएगा। परियोजना के दायरे के कारण, जो भारत का सबसे बड़ा "क्लस्टर पुनर्विकास" प्रोजेक्ट है,<ref name="sadhwani">{{cite web|url=https://mumbaimirror.indiatimes.com/others/sunday-read/what-ails-the-bhendi-bazaar-project/articleshow/60445422.cms|title=What ails the Bhendi Bazaar project|last=Sadhwani|first=Yogesh|date=10 September 2017|publisher=India Times|archive-url=https://archive.today/20210622063448/https://mumbaimirror.indiatimes.com/others/sunday-read/what-ails-the-bhendi-bazaar-project/articleshow/60445422.cms|archive-date=22 June 2021}}</ref> इसे लॉजिस्टिक और नियामक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप कई देरी हुईं और अनुमानित लागत $550 मिलियन (₹4000 करोड़) रही। 2010 से शुरू होकर, ट्रस्ट ने माज़गांव के पास ट्रांजिट होम बनाना शुरू किया। 2012 में, ट्रस्ट ने किरायेदारों को पुनर्वासित किया और उन इमारतों को ध्वस्त किया जिन्हें उसने अधिग्रहित किया था।{{r|sadhwani}} अधिक ट्रांजिट होम्स सायन, घोडापदेव और सेवरी में बनाए गए। 2016 की शुरुआत में, मुफद्दल सैफुद्दीन ने क्लस्टर्स I और III का उद्घाटन किया। 2020 में, 600 निवासियों और 128 दुकान मालिकों को पूरी हुई जुड़वां टावर "अल सआदाह" में पुनर्वासित किया गया,  जो परियोजना के पहले चरण की पूर्णता को चिह्नित करता है।<ref>{{Cite web|url=https://mumbaimirror.indiatimes.com/mumbai/civic/bhendi-bazaar-cluster-redevelopment-civic-authority-issues-stop-work-notice-to-sbut/articleshow/73002627.cms|title=Bhendi Bazaar cluster redevelopment: Civic authority issues|date=|publisher=India Times|location=Mumbai|archive-url=https://archive.today/20210627083443/https://mumbaimirror.indiatimes.com/mumbai/civic/bhendi-bazaar-cluster-redevelopment-civic-authority-issues-stop-work-notice-to-sbut/articleshow/73002627.cms|archive-date=27 June 2021}}</ref> प्रोजेक्ट के पहले चरण को पूरा करने के बाद, SBUT ने फरवरी 2021 में परियोजना के दूसरे चरण पर निर्माण कार्य शुरू किया। सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने सितंबर 2023 में मिलाद अल-नबी की पूर्व संध्या पर पुनर्निर्मित सैफी मस्जिद और उसके परिसर का उद्घाटन किया। इस परिसर को सेक्टर 1 के नाम से जाना जाता है, जिसे ध्वस्त कर मॉडर्न और टिकाऊ सुविधाओं और एक व्यापारिक शॉपिंग आर्केड के साथ पुनर्विकसित किया गया है। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.youtube.com/watch?v=x6h2KkHghiY दाऊदी बोहरा] [[श्रेणी:इस्लाम]] rw0m39avay9sj5m0h2on0xpecq96tza दूल्हेराय 0 961689 6582726 6503252 2026-07-15T03:50:27Z Akshay0987654321 936324 /* */ by writing 6582726 wikitext text/x-wiki {{Infobox royalty | image = | alt = दूल्हा राय | caption = | succession = खोह के राजा | reign = [[११वीं शताब्दी]]<ref>{{cite book|author=Melia Belli Bose|title=Royal Umbrellas of Stone: Memory, Politics, and Public Identity in Rajput Funerary Art|url=https://books.google.com/books/about/Royal_Umbrellas_of_Stone_Memory_Politics.html?id=6dR0CgAAQBAJ#v=onepage&q=khoh%20jaipur&f=false|accessdate=१८ जनवरी २०२४|date=२५ अगस्त २०१५|publisher=BRILL| language = en|page=३६|quote=Duleh Rai (early-eleventh century), Kakil Dev (r. 1036-39), and Hanwant Dev (r. 1039-53).}}</ref> | birth_place = [[नरवर]]<ref>{{cite journal|title=Gaze and the picturesque landscape of Amber, India |journal=Studies in the History of Gardens & Designed Landscapes|date=2014 |doi=10.1080/14601176.2013.874305 |quote=The Kachhawas (also Kachchwahas) trace their descent from Kush, son of Lord Rama, and claim solar dynasty. Originally from Narwar, near Gwalior, they migrated to this part of Rajasthan, known as Dhoondhar in 967 CE and established their capital at Dausa.Later, the Meenas were treacherously killed and ruled by Alan Singh of the Meena Chand clan. The Meenas used to remember their elders by wading into the water on Choti Diwali, a day before Diwali This was because the Meenas did not carry weapons there. A local Rana reported this to Dhule Rai. The Rajputs were unable to defeat the Meenas anywhere; they seized power through deceit everywhere. . |last1=Sinha |first1=Amita |last2=Rajora |first2=Neha |volume=34 |issue=4 |pages=309–322 }}</ref> | death_date = 1036 | death_place = खोह<ref>{{cite book |last1=Wright|first1=Arnold|last2=Bond|first2=J. W.|author-link= Arnold Wright, J. W. Bond|date= 2006|title='''Indian States''' A Biographical, Historical, and Administrative Survey|url=https://books.google.com/books?id=47sfj8DUwNgC&q=Khoh |location= |publisher=Asian Educational Services |page=174|isbn=978-81-206-1965-4}}</ref> | dynasty = [[कछवाहा]] | predecessor = महाराजा आलन सिंह [[चांदा]] | successor = [[काकिल देव]] | religion = [[हिन्दू धर्म]] | father = [[सोढ़ देव]] }} '''दूल्हा राय''' कछवाहा राजवंश के एक राजा थे, जिन्होंने आज के राजस्थान में खोह में अपनी राजधानी के साथ [[ढूंढाड़]] के क्षेत्र पर शासन किया था।<ref>{{Cite book|author=Rima Hooja|url=https://books.google.com/books?id=tosMAQAAMAAJ |title=A history of Rajasthan |year=2006|pages=393, 395| publisher=Rupa & Co. |isbn=9788129108906 |language=en |oclc=80362053}}</ref><ref>{{cite book |last=|first=|author-link= Arnold Wright, J. W. Bond|date= 2006|title='''Indian States''' A Biographical, Historical, and Administrative Survey|url=https://books.google.com/books?id=47sfj8DUwNgC&q=Khoh |location= |publisher=Asian Educational Services |pages=173, 175|isbn=978-81-206-1965-4}}</ref><ref>{{cite book |last=Sarkar |first=Jadunath |author-link=Jadunath Sarkar |title=A History of Jaipur: C. 1503–1938 |publisher=Orient Longman Limited |pages=22, 23, 24 |year=1994 |orig-year=1984 |isbn=81-250-0333-9 |url=https://books.google.com/books?id=O0oPIo9TXKcC&pg=PA23 }}</ref> दूल्हेराय नामक व्यक्ति ने सर्वप्रथम कछवाह वंश की स्थापना की, 1006 ई. बड़गूजरों को हराकर दूल्हेराय ने [[ढूंढाड़]] राज्य को बसाया था। दूल्हेराय ने सर्वप्रथम दौसा को अपनी राजधानी बनाया, जो इस राज्य की सबसे प्राचीन राजधानी थी, दूल्हेराय ने इस राजधानी को मीणाओं से प्राप्त किया था।<ref>{{cite journal|last=Kumar |first=Mayurakshi |title=Origin Of Kachcwaha In Dhundhar Region of Rajasthan |year=2015 |volume=6 |issue=1 |url=https://www.academia.edu/11317281 |journal=International Res Jour Managt Socio Human}}</ref> दूल्हेराय ने '''रामगढ नामक स्थान पर श्री जमुवाय माताजी के मंदिर का निर्माण कराया''' तथा ' '''जमुवा माताजी ' को कछवाह राजवंश की कुलदेवी के रूप में स्थापित किया था,''' ढूंढाड़ में प्राचीन रामगढ गुलाब की खेती के लिए प्रसिद्ध था, जिसके कारण रामगढ को '''<nowiki/>' ढूढांड़ का पुष्कर '''' कहा गया | दूल्हेराय ने रामगढ को जीतकर '''इसे राजधानी बनाया और जमुवारामगढ नाम रखा ।इस प्रकार दूल्हेराय के शासन काल की दो राजधानीयाँ अस्तित्व में आयीं,''' दूल्हेराय के पश्चात '''कोकिलदेव ने [[आमेर]] के मीणाओं को पराजित कर''' इस सम्पन्न भू-भाग को कछवाह वंश का एक अंग बनाया, बाद में '''राजदेव''' ने [[आमेर दुर्ग]] को राजधानी के रूप में स्थापित किया।<ref>{{cite journal|title=Gaze and the picturesque landscape of Amber, India |journal=Studies in the History of Gardens & Designed Landscapes|date=2014 |doi=10.1080/14601176.2013.874305 |quote=Amber predates the Kachhawa rulers — Kakil Dev captured Amber from Mina tribesmen in 1037 CE, laid the foundation of the fortification system and built the Ambikeshwar Mahadev Temple. When his great grandson Rajdev shifted the capital from Khoh to Amber, the settlement began to grow. Amber Palace was substantially enlarged by Man Singh in 1600 CE with additions by Jai Singh I and Sawai Jai Singh II until the first quarter of the eighteenth century.|last1=Sinha |first1=Amita |last2=Rajora |first2=Neha |volume=34 |issue=4 |pages=309–322 }}</ref> == प्रारंभिक जीवन == दूल्हेराय 1071 ई. में अपने पिता के साथ ग्वालियर से चले गए और राजपूतान के धुधंड क्षेत्र में दौसा नामक स्थान पर बस गए।<ref>{{cite book|first=K. C.|last=Mathur|year=2004|title=Struggle for Responsible Government in Jaipur State, 1931-1949 A.D.|url=https://books.google.co.in/books?id=MnFuAAAAMAAJ&q=dulha++meenas&dq=dulha++meenas&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&ved=2ahUKEwi1rcP-seeEAxWQrlYBHX9sB144ChDoAXoECAcQAw#dulha%20%20meenas|publisher=Books Treasure |page=3|quote=According to the popular tradition and bardic chornicles, Sora Deo with his son Dulha Rai left Gwalior around 1071 A.D. and entered the territory of Dhundhar, subduced Badgujars and Meenas and settled at Dausa.}}</ref> == सन्दर्भ == {{जयपुर के महाराजा}} [[श्रेणी:जयपुर के महाराजा]] 5hqdl45rthbd8isu6dq83v1qn8gebm4 यकृत कैंसर 0 967314 6582853 6573949 2026-07-15T09:41:16Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582853 wikitext text/x-wiki {{Infobox medical condition (new) | name = यकृत कैंसर | image = CT cholangioca.jpg | caption = पित्तवाहिनी कैंसर से ग्रसित [[यकृत]] का [[कम्प्यूटर टोमोग्राफी|सीटी स्कैन]] | synonyms = लिवर कैंसर, प्राथमिक यकृत दुर्दमता, प्राथमिक यकृत कैंसर | field = [[जठरांत्ररोगविज्ञान]], हेपेटोलॉजी, [[अर्बुदविज्ञान]] | symptoms = [[पसली पिंजर|पसलियों के पिंजरे]] के नीचे दाहिनी ओर गांठ या दर्द, [[जलोदर|पेट में सूजन]], [[पीलिया|पीली त्वचा]], आसानी से चोट लगना, वजन कम होना, कमजोरी <ref name=NIH2016>{{cite web|title=Adult Primary Liver Cancer Treatment (PDQ®)–Patient Version|url=https://www.cancer.gov/types/liver/patient/adult-liver-treatment-pdq#section/all|website=NCI|access-date=29 September 2016|date=6 July 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20161002124639/https://www.cancer.gov/types/liver/patient/adult-liver-treatment-pdq#section/all|archive-date=2 October 2016}}</ref> | complications = | onset = 65 से 74 वर्ष की आयु<ref name="SEER2026">{{cite web |title=SEER Stat Fact Sheets: Liver and Intrahepatic Bile Duct Cancer |url=http://seer.cancer.gov/statfacts/html/livibd.html |url-status=live |website=NCI|access-date=7 January 2026}}</ref> | duration = | types = | causes = [[हेपेटाइटिस बी]], [[हेपेटाइटिस सी]], [[शराबीपन]], [[एफ्लाटॉक्सिन]], गैर-अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग, लिवर फ्लूक <ref name=WCR2014Liver>{{cite book|title=World Cancer Report 2014|url=https://archive.org/details/worldcancerrepor0000unse_p0u5|date=2014|publisher=World Health Organization|isbn=978-92-832-0429-9|pages=Chapter 5.6}}</ref><ref name=GBD2013>{{cite journal | vauthors = Naghavi M, Wang H, Lozano R, Davis A, Liang X, Zhou M, etal | title = Global, regional, and national age-sex specific all-cause and cause-specific mortality for 240 causes of death, 1990-2013: a systematic analysis for the Global Burden of Disease Study 2013 | journal = Lancet | volume = 385 | issue = 9963 | pages = 117–171 | date = January 2015 | pmid = 25530442 | pmc = 4340604 | doi = 10.1016/S0140-6736(14)61682-2 | collaboration = GBD 2013 Mortality Causes of Death Collaborators }}</ref> | risks = | diagnosis = [[रक्त परीक्षण]], [[चिकित्सा प्रतिबिम्बन]], [[ऊतक परीक्षा]]<ref name=NIH2016/> | differential = | prevention = हेपेटाइटिस बी के खिलाफ टीकाकरण , हेपेटाइटिस बी या सी से संक्रमित लोगों का इलाज,<ref name=WCR2014Liver/> एफ्लाटॉक्सिन के संपर्क को कम करना, शराब के अत्यधिक सेवन को कम करना | treatment = [[शल्यचिकित्सा]], [[लक्षित चिकित्सा]], [[विकिरण चिकित्सा]]<ref name=NIH2016/> | medication = | prognosis = पांच साल की उत्तरजीविता दर ~22% (यूएस, 2015-2021);<ref name=SEER2026/> 40% (जापान);<ref name="Japan2011">{{cite web|title=がん診療連携拠点病院等院内がん登録生存率集計:[国立がん研究センター がん登録・統計]|url=https://ganjoho.jp/reg_stat/statistics/brochure/hosp_c_reg_surv.html|access-date=2 February 2020|website=ganjoho.jp}}</ref> | frequency = 618,700 (2015 में एक निश्चित समय पर),<ref name=GBD2015Pre>{{cite journal | title = Global, regional, and national incidence, prevalence, and years lived with disability for 310 diseases and injuries, 1990-2015: a systematic analysis for the Global Burden of Disease Study 2015 | journal = Lancet | volume = 388 | issue = 10053 | pages = 1545–1602 | date = October 2016 | pmid = 27733282 | pmc = 5055577 | doi = 10.1016/S0140-6736(16)31678-6 | vauthors = Vos T, Allen C, Arora M, Barber RM, Bhutta ZA, Brown A, Carter A, Casey DC, Charlson FJ, Chen AZ, Coggeshall M, Cornaby L, Dandona L, Dicker DJ, Dilegge T, Erskine HE, Ferrari AJ, Fitzmaurice C, Fleming T, Forouzanfar MH, Fullman N, Gething PW, Goldberg EM, Graetz N, Haagsma JA, Hay SI, Johnson CO, Kassebaum NJ, Kawashima T, Kemmer L | display-authors = 6 }}</ref> 841,000 (2018) | deaths = 781,631 (2018)<ref name="Bray2018">{{cite journal | vauthors = Bray F, Ferlay J, Soerjomataram I, Siegel RL, Torre LA, Jemal A | title = Global cancer statistics 2018: GLOBOCAN estimates of incidence and mortality worldwide for 36 cancers in 185 countries | journal = CA | volume = 68 | issue = 6 | pages = 394–424 | date = November 2018 | pmid = 30207593 | doi = 10.3322/caac.21492 | s2cid = 52188256 | doi-access = free }}</ref> }} '''यकृत कैंसर''', जिसे हेपेटिक कैंसर और प्राथमिक हेपेटिक कैंसर भी कहा जाता है, वह कैंसर है जो यकृत में शुरू होता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.cancer.gov/types/liver/patient/adult-liver-treatment-pdq#section/all|title=यकृत कैंसर|last=|first=|date=|website=|language=|archive-url=https://web.archive.org/web/20161002124639/https://www.cancer.gov/types/liver/patient/adult-liver-treatment-pdq#section/all|archive-date=2 अक्तूबर 2016|dead-url=|access-date=|url-status=live}}</ref> कैंसर जो अन्यत्र से यकृत तक फैल गया है, जिसे यकृत मेटास्टेसिस के नाम से जाना जाता है| मेटास्टेसिस ,यकृत में शुरू होने वाली कैंसर से अधिक आम है।<ref>{{Cite book|title=विश्व कैंसर रिपोर्ट 2014|last=|first=|publisher=|year=|isbn=9283204298|location=|pages=|language=}}</ref>यकृत कैंसर के लक्षणों में पसलियों के पिंजरे के नीचे दाईं ओर एक गांठ या दर्द, पेट की सूजन, पीली त्वचा, आसान चोट लगने, वजन घटाने और कमजोरी शामिल हो सकती है। [[चित्र:CT cholangioca-mark.jpg|अंगूठाकार|कोलांगियोकार्सीनोमा के साथ यकृत का सीटी स्कैन]] यकृत कैंसर का मुख्य कारण हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, या अल्कोहल के कारण सिरोसिस है।<ref>{{Cite web|url=https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5055577|title=जीबीडी 2015 रोग और चोट की घटनाएं और प्रसार, सहयोगी। (8 अक्टूबर 2016)।|last=|first=|date=|website=|language=|archive-url=https://web.archive.org/web/20190830181712/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5055577/|archive-date=30 अगस्त 2019|dead-url=|access-date=|url-status=live}}</ref> अन्य कारणों में एफ्लाटोक्सिन, गैर मादक फैटी यकृत रोग शामिल हैं। सबसे आम प्रकार हैंपेटोकेल्युलर कार्सिनोमा (एचसीसी), जो 80% मामलों और कोलांगियोकार्सीनोमा बनाता है। निवारक प्रयासों में हेपेटाइटिस बी के खिलाफ टीकाकरण और हेपेटाइटिस बी या सी से संक्रमित लोगों का इलाज शामिल है। क्रोनिक यकृत रोग वाले लोगों में स्क्रीनिंग की सिफारिश की जाती है। उपचार विकल्पों में सर्जरी, लक्षित थेरेपी, और विकिरण चिकित्सा शामिल हो सकती है। प्राथमिक यकृत कैंसर विश्व स्तर पर छठे सबसे लगातार कैंसर (6%) और कैंसर से मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है (9%)। 2012 में यह 782,000 लोगों में हुआ और 2015 में 810,500 मौतें हुईं। 2015 में, यकृत कैंसर से 263,000 मौतें हेपेटाइटिस बी, 167,000 हेपेटाइटिस सी और शराब के लिए 245,000 थीं। यकृत कैंसर की उच्च दर होती है जहां हेपेटाइटिस बी और सी आम हैं, जिनमें एशिया और उप-सहारा अफ्रीका शामिल हैं। == वर्गीकरण == सबसे अधिक यकृत कैंसर, सभी प्राथमिक यकृत कैंसर के लगभग 75% के लिए लेखांकन, हेपेटोकेल्युलर कार्सिनोमा (एचसीसी) है। एचसीसी एक यकृत कैंसर है जो यकृत कोशिकाओं द्वारा बनाई गई है, जिसे हेपेटोसाइट्स कहा जाता है, जो घातक बन जाते हैं। यकृत कोशिकाओं द्वारा गठित एक अन्य प्रकार का कैंसर हेपेटोब्लास्टोमा है, जिसे विशेष रूप से अपरिपक्व यकृत कोशिकाओं द्वारा बनाया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://doi.org/10.1016%2Fj.mpsur.2008.12.005|title="यकृत के घातक ट्यूमर"। सर्जरी (ऑक्सफोर्ड)|last=|first=|date=|website=|language=|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref> यह एक दुर्लभ घातक ट्यूमर है जो मुख्य रूप से बच्चों में विकसित होता है, और बच्चों में सभी कैंसर का लगभग 1% और 15 वर्ष से कम आयु के सभी प्राथमिक यकृत कैंसर का 79% होता है। अधिकांश हेपेटोब्लास्टोमास दाहिने लोब में होते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://doi.org/10.1111%2Fj.1399-3046.2004.00268.x|title="बच्चों में लिवर ट्यूमर"|last=|first=|date=|website=|language=|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref> यकृत कैंसर भी यकृत के भीतर अन्य संरचनाओं से बना सकता है जैसे पित्त नली, रक्त वाहिकाओं और प्रतिरक्षा कोशिकाएं। पित्त नलिका का कैंसर (कोलांगियोकार्सीनोमा और कोलांगियोसेल्युलर साइस्टाडेनोकार्सीनोमा) प्राथमिक यकृत कैंसर के लगभग 6% के लिए खाते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://doi.org/10.1016%2Fj.mpsur.2008.12.005|title="यकृत के घातक ट्यूमर"। सर्जरी (ऑक्सफोर्ड)|last=|first=|date=|website=|language=|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref>एचसीसी का एक प्रकार का प्रकार भी है जिसमें एचसीसी और कोलांगियोकार्सीनोमा दोनों शामिल होते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://doi.org/10.1136%2Fgutjnl-2011-301748|title=खान एसए, डेविडसन बीआर, गोल्डिन आरडी, हीटन एन, करानी जे, परेरा एसपी, रोसेनबर्ग डब्लूएम, टेट पी, टेलर-रॉबिन्सन एसडी, थिलिनयागम एवी, थॉमस एचसी, वसन एच (2012)। "कोलांगियोकार्सीनोमा के निदान और उपचार के लिए दिशानिर्देश: एक अद्यतन"।|last=|first=|date=|website=|language=|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref>यकृत में मांसपेशियों से उत्पादित कैंसर लेयोमायोसारकोमा और रेबोडोयोसोर्कोमा हैं।अन्य कम आम यकृत कैंसर में कैंसरोसारकोमा, टेराटोमा, योक थैंक ट्यूमर, कैसीनोइड ट्यूमर और लिम्फोमा शामिल हैं।लिम्फोमा आमतौर पर यकृत के लिए फैलता है, लेकिन यह दुर्लभ अवसरों में यकृत द्रव्यमान भी बना सकता है। == संकेत और लक्षण == चूंकि यकृत कैंसर कई प्रकार के कैंसर के लिए छतरी शब्द है, संकेत और लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि किस प्रकार का कैंसर मौजूद है। हेपेटोकेल्युलर कार्सिनोमा में पाये जाने वाले कुछ मुख्य लक्षण हैं - पेट के अन्दर गाँठ, पेट दर्द, भूख न लगना, बुखार, बहुत जल्दी थकान हो जाना, उलटी आना, पीलिया, खुजली, वजन घटना। <ref>{{Cite web|url=http://www.childrenshospital.org/az/Site1015/mainpageS1015P0.html|title="बच्चों में लिवर ट्यूमर"|last=|first=|date=|website=|language=|archive-url=https://web.archive.org/web/20110604053031/http://www.childrenshospital.org/az/Site1015/mainpageS1015P0.html|archive-date=4 जून 2011|dead-url=|access-date=|url-status=bot: unknown}}</ref> == कारण == === विषाणुजनित संक्रमण === === सिरोसिस === === बच्चे === बच्चों में यकृत कैंसर का बढ़ता जोखिम बेकविथ-विएडेमैन सिंड्रोम (हेपेटोब्लास्टोमा से जुड़े) के कारण हो सकता है, <ref>{{Cite web|url=https://doi.org/10.1016%2FS0022-3476%2898%2970008-3|title="बेकविथ-विएडेमैन सिंड्रोम रजिस्ट्री के बच्चों में जीवन के पहले चार वर्षों के दौरान कैंसर का जोखिम"|last=|first=|date=|website=|language=|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://doi.org/10.1002%2Fpbc.24215|title="हेपेटोब्लास्टोमा की महामारी"। बाल चिकित्सा रक्त और कैंसर।|last=|first=|date=|website=|language=|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref>पारिवारिक एडेनोमैटस पॉलीपोसिस (हेपेटोब्लास्टोमा से जुड़े), कम जन्म वजन (हेपेटोब्लास्टोमा से जुड़े),प्रगतिशील पारिवारिक इंट्राहेपेटिक कोलेस्टेसिस (एचसीसी से जुड़े) [32] और ट्राइसोमी 18 (हेपेटोब्लास्टोमा से जुड़े)। == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:महिला स्वास्थ्यविषयक लेख प्रतियोगिता २०१८ के अन्तर्गत बनाये गये लेख]] [[श्रेणी:महिला स्वस्थ्य]] 7l8urveh3y8x1iyblma41d688ygasmv शबनीम इस्माइल 0 970642 6582858 4587267 2026-07-15T09:48:45Z Umarkairanvi 13754 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:क्रिकेट खिलाड़ी]] जोड़ी 6582858 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricketer | name = शबनीम इस्माइल | female = true | image = | caption = | country = दक्षिण अफ्रीका | fullname = शबनीम इस्माइल | birth_date = {{Birth date and age|1988|10|05|df=yes}} | birth_place = [[केपटाउन|केप टाउन]], दक्षिण अफ्रीका | batting = बाएं हाथ | bowling = दायां हाथ [[फास्ट बॉलिंग | फास्ट-मध्यम]] | heightm = 1.65 | role = [[बॉलिंग (क्रिकेट) | गेंदबाज]] | international = true | internationalspan = 2007–वर्तमान | onetest = true | testdebutdate = 28 जुलाई | testdebutyear = 2007 | testdebutagainst = नीदरलैंड | testcap = 45 | lasttestdate = | lasttestyear = | lasttestagainst = | odidebutdate = 20 जनवरी | odidebutyear = 2007 | odidebutagainst = पाकिस्तान | odicap = 45 | lastodidate = 15 जून | lastodiyear = 2018 | lastodiagainst = इंग्लैंड | T20Idebutdate = 10 अगस्त | T20Idebutyear = 2007 | T20Idebutagainst = न्यूज़ीलैंड | T20Icap = 5 | lastT20Idate = 23 जून | lastT20Iyear = 2018 | lastT20Iagainst = इंग्लैंड | club1 = | year1 = | columns = 3 | column1 = [[महिला टेस्ट क्रिकेट|मटेस्ट]] | matches1 = 1 | runs1 = 1 | bat avg1 = 1.00 | 100s/50s1 = 0/0 | top score1 = 1 | deliveries1 = 150 | wickets1 = 3 | bowl avg1 = 6.66 | fivefor1 = – | tenfor1 = – | best bowling1 = 2/5 | catches/stumpings1 = 0/– | column2 = [[महिला एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट| मवनडे]] | matches2 = 86 | runs2 = 391 | bat avg2 = 11.84 | 100s/50s2 = 0/0 | top score2 = 34 | deliveries2 = 4193 | wickets2 = 125 | bowl avg2 = 20.27 | fivefor2 = 1 | tenfor2 = n/a | best bowling2 = 6/10 | catches/stumpings2 = 24/– | column3 = [[महिला ट्वेंटी-20 क्रिकेट | मटी20ई]] | matches3 = 69 | runs3 = 130 | bat avg3 = 7.64 | 100s/50s3 = 0/0 | top score3 = 16* | deliveries3 = 1,414 | wickets3 = 72 | bowl avg3 = 19.91 | fivefor3 = 1 | tenfor3 = n/a | best bowling3 = 5/30 | catches/stumpings3 = 14/– | date = 10 जुलाई 2018 | source = http://www.espncricinfo.com/southafrica/content/player/276997.html ईएसपीएनक्रिकइन्फो }} '''शबनीम इस्माइल''' (जन्म 5 अक्टूबर 1988, केप टाउन) एक दक्षिण अफ़्रीकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर है जिसने जनवरी 2007 में दक्षिण अफ़्रीकी राष्ट्रीय टीम के लिए अपनी शुरुआत की थी। [[श्रेणी:क्रिकेट खिलाड़ी]] egkixy01ahws53iwdqfe510prwdmox5 इज़राइल में हिंदू धर्म 0 976916 6582659 6517342 2026-07-14T20:51:25Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582659 wikitext text/x-wiki [[इसराइल]] में [[हिन्दू धर्म]] इसराइल में [[हिन्दू धर्म|हिन्दू]] आबादी को सन्दर्भित करता है। ==हरे कृष्ण== भट्ठी-हरीश में भक्तों का एक समूह रह रहा है। इसराइल में एक और वैष्णव समुदाय एरियल में है। इसका नेतृत्व जगदीश और उनकी पत्नी जुगाला-प्रीति द्वारा किया जाता है, और [[रूस]] के भक्तों के बढ़ते समुदाय की सेवा करता है जो गंभीर आर्थिक उत्पीड़न से बचने के लिए इसराइल आते हैं। जुगाला-प्रीति 1996 में तेल अवीव में इस्कॉन केन्द्र में शामिल हुई, गुनावतार और वर्षाभावी द्वारा निर्देशित किए गए हैं<ref>{{cite web|url=http://www.wavesofdevotion.com/journal/2002/05/|title=Waves of Devotion - Journals: May 2002 Archives|website=www.wavesofdevotion.com|access-date=11 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181112021359/https://www.wavesofdevotion.com/journal/2002/05/|archive-date=12 नवंबर 2018|url-status=dead}}</ref>| ==इसराइल में हिन्दू त्योहार और जनसंख्या == ===अब तक ऐसा कोई त्थय नहीं मिला जो वहाँ हा हिंदू जनसंख्या बताता हो हा वहाँ हिंदुस्तान के यहूदी मुस्लिम जरूर रहते हैं। === [[हिन्दू धर्म|हिन्दु]] [[देश]] में स्वतनवत्र रूप से अभ्यास करने में सक्षम नहीं हैं। इसराइल में मूर्ति पूजा पूर्ण रूप से मना है। यह विशेष रूप से [[जन्माष्टमी|कृष्ण जन्माष्टमी]] के उत्सवों द्वारा दिखाया गया है। [[गायन]] और नृत्य के अलावा, कृष्ण के [[बचपन]] की कहानियों के चारों ओर घूमते हुए नाटक चल रहे हैं। इस कार्यक्रम के साथ 108 व्यंजनों का एक [[उत्सव|त्यौहार]] है<ref>{{cite web|url=http://www.wwrn.org/article.php?idd=6636&sec=28&con=35|title=Janmashtami celebrated in Israel with fanfare|publisher=|access-date=11 नवंबर 2018|archive-url=https://archive.today/20071024190505/http://www.wwrn.org/article.php?idd=6636&sec=28&con=35|archive-date=24 अक्तूबर 2007|url-status=dead}}</ref>, जो एक संख्या है जिसे वफादार द्वारा पवित्र माना जाता है। आयोजकों ने कहा कि वे [[कुम्भ मेला|कुम्भ]] से प्रेरित थे और तीन साल पहले इसराइल में कार्यक्रम शुरू किया था। त्योहार के कई आगंतुक भारत आए हैं या यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। योग कक्षाएँ लेने और हरे कृष्ण व्याख्यान में भाग लेने वाले कई युवाओं को देखा जा सकता है। उबले चावल और मसूर सूप की सेवा करने वाले भारतीय 'ढाबा' के बाहर लम्बी कतारें मिलेंगी। मध्य आयु वर्ग के जोड़ों, भारतीय कपड़ों में लपेटकर, [[सागर|समुद्र]] तट पर चले गए<ref>http://www.wwrn.org/article.php?idd=13390&sec=51&con=35 {{Webarchive|url=https://archive.today/20071024190548/http://www.wwrn.org/article.php?idd=13390&sec=51&con=35 |date=24 अक्तूबर 2007 }} Impressed by the Kumbh, Israelis organise Boombamela</ref>| ==इसराइल में साई संगठन== 2001 में साई संगठन आधिकारिक तौर पर इसराइल में स्थापित किया गया था |[https://web.archive.org/web/20140804054206/http://www.sathyasai.org.il/index.htm] ==इसराइल में शिवानन्द योग वेदान्त संगठन== यह केन्द्र भारत के ऋषिकेश के [[स्वामी शिवानन्द सरस्वती|श्री स्वामी शिवानन्द]] के प्रत्यक्ष शिष्य स्वामी विष्णुवंवनन्द द्वारा स्थापित शिवानन्द योग वेदान्त सेण्टर इणृटरनेशनल की एक शाखा है। केन्द्र 1971 में खोला गया और तब से केन्द्र अध्ययन के लिए इसराइल में सबसे बड़ा और सबसे व्यापक स्कूल रहा है ===तेल अवीव में शिवानन्द योग केन्द्र=== तेल अवीव में शिवानन्द योग केन्द्र अब [[योग]] स्टूडियो नहीं है। [[विद्यालय|स्कूल]] तीन मंजिला इमारत में स्थित है: *बच्चों, [[गर्भ|गर्भवती]] महिलाओं, विशेष जरूरतों और अधिक के लिए शास्त्रीय योग कक्षाएँ *विभिन्न स्तरों पर कार्यशालाएँ और योग पाठ्यक्रम *कार्यशालाओं और ध्यान पाठ्यक्रम ==सन्दर्भ== {{reflist}} [[श्रेणी:हिन्दू धर्म]] [[श्रेणी:इसराइल के लोग]] 9wi86igkzdx7f3to2duvqe0jh5i7vir मॉड्यूल:Location map/data/Eritrea 828 1051826 6582724 4231968 2026-07-15T03:47:26Z Milenioscuro 71792 6582724 Scribunto text/plain return { name = 'इरीट्रिया', top = 18.4, bottom = 12.0, left = 36.0, right = 43.8, image = 'Eritrea adm location map.svg', image1 = 'Eritrea relief location map.svg' } eob83qmqcq5pf0z975lgzuj2dbtuqnw दगडू मारुति पवार 0 1110601 6582847 5898944 2026-07-15T09:27:26Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582847 wikitext text/x-wiki '''दया पवार''' या '''दगडू मारुति पवार''' (1935<ref>{{cite book |author=Granger, Edith |author2=Kale, Tessa |title=The Columbia Granger's index to poetry in anthologies |url=https://archive.org/details/columbiagrangers0012unse |publisher=Columbia University Press |location=New York |year=2002 |page=[https://archive.org/details/columbiagrangers0012unse/page/1741 1741] |isbn=0-231-12448-1}}</ref> –20 दिसंबर 1996 <ref name="Achhut">{{cite book|last=Pawar|first=Daya|title=Achhut|publisher=Rajkamal Prakashan Pvt Ltd.|year=2006|isbn=81-7119-644-6|language=Hindi}}</ref>) एक भारतीय मराठी भाषा के लेखक और कवि थे, जिन्हें दलित साहित्य में उनके योगदान के लिए जाना जाता था, जो कि हिंदू जाति व्यवस्था के तहत दलितों या अछूतों द्वारा अनुभव किए गए अत्याचारों से निपटते थे। ।<ref name = kurian>{{cite book |author=Anna Kurian |title=Texts and Their Worlds I: Literatures of India - An Introduction |publisher=Foundation Books |location=Lincoln, Neb |year=2006 |pages= |isbn=81-7596-300-X |oclc= |doi= |accessdate=}}</ref> उनका जन्म धामनगाँव (तालुका: अकोले, जिला: [[अहमदनगर]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]]) में एक महार दलित परिवार में हुआ था। वे लेखिका प्रज्ञा पवार, पत्रकार प्रशांत पवार और वैशाली के पिता थे। वे धर्म से बौद्ध थे। <ref>{{cite web|url=https://books.google.com/books?id=yYInC70BSEgC&pg=PA96&lpg=PA96&dq=Raja+Dhale+buddhist&source=bl&ots=WGSU69PC2f&sig=WizeeeHyAS_y7kpAKnHSjsIXphM&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwjoq4LbvLHdAhUeTo8KHVfZADk4ChDoATAFegQIBBAB#v=onepage&q=Raja+Dhale+buddhist&f=false|title=Religious Converts in India: Socio-political Study of Neo-Buddhists|first1=Ranjit Kumar|last1=De|first2=Uttara|last2=Shastree|date=20 March 1996|publisher=Mittal Publications|via=Google Books}}</ref> ==काम करता है== ===बलुत === उन्होंने अपने आत्मकथात्मक 1978 के उपन्यास बालुत(बलूत) के लिए प्रसिद्धि प्राप्त की, जिसे एक कहानी के रूप में दगडू पवार ने लेखक के दोनों व्यक्तित्व होने के नाते अधिक साक्षरता दया पवार को बताया। <ref>{{cite book |author=Nelson, Emmanuel S. |author2=Natarajan, Nalini |title=Handbook of twentieth-century literatures of India |url=https://archive.org/details/handbooktwentiet00nata |publisher=Greenwood Press |location=Westport, Conn |year=1996 |page=[https://archive.org/details/handbooktwentiet00nata/page/n383 373] |isbn=0-313-28778-3 |oclc= |doi= |accessdate=}}</ref> उपन्यास "एक शांतिपूर्ण अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे एक अछूत के अनुभवों को याद करता है, मानसिक रूप से पीड़ा और शब्द और कर्म में प्रतिशोध की अक्षमता।" <ref name = EIL>{{cite book|title= Encyclopaedia of Indian literature | author = S.S.R. |publisher = Sahitya Akademi| editor = (various)| volume = vol. 1| chapter = Baluten| year = 1987|page = 357| isbn=978-81-260-1803-1 }}</ref> महाराष्ट्र में प्रकाशित होने पर "मजबूत दलित विरोधी प्रतिक्रिया" थी।<ref>{{cite book |editor=Mohanty, Manoranjan |title=Class, caste, gender |url=https://archive.org/details/isbn_9780761996439 |chapter = The language of dalitbahujan political discourse| author = Guru, Gopal |publisher=Sage Publications |location=Thousand Oaks |year=2004 |page=[https://archive.org/details/isbn_9780761996439/page/266 266] |isbn=0-7619-9643-5 |oclc= |doi= |accessdate=}}</ref> बलुता ने साहित्यिक हलकों में लहरें पैदा कीं और उन्हें फोर्ड फाउंडेशन के एक सहित सभी स्तरों पर कई पुरस्कार अर्जित किए। इसका कई भाषाओं में अनुवाद हुआ। पुस्तक की ताकत सरल, सीधी और टू-द-प्वाइंट चित्रण है और उसके चारों ओर नैतिकता का एक पारदर्शी यथार्थवादी चित्रण है। पुस्तक ने मराठी साहित्य में एक नई शैली का निर्माण किया। कठोर अनुभवों के बारे में बात करने वाली कई आत्मकथात्मक पुस्तकें बलुता के बाद लिखी गईं। पवार की भाषा का उपयोग केवल विद्रोह का नहीं है, बल्कि गहन बौद्धिक विश्लेषण का है। pu la Deshpande ने बालुता की समीक्षा की: "इस पुस्तक को पढ़ने पर हमारी आँखों से चिपकी अंधी परंपराओं का मोतियाबिंद जो हमें तथ्यों से अनजान बनाता है, उन आँसुओं में पिघल जाएगा जो इस भयावह वास्तविकता को देखकर हमारी आँखें भर आती हैं। आशा की नई किरणें उभर आएंगी। पाठक इसके बाद जीवन में और अधिक मानवीय होना चाहते हैं, और सभी अच्छे साहित्य का इरादा क्या है? मानव जाति के बीच नई रिश्तेदारी बनाना और समाज को कृत्रिम और वैक्सिंग बंधनों से मुक्त करना, सही? वही सभी पवार के साहित्य के लिए कहा जा सकता है। " ===कविता और अन्य कार्य === यद्यपि उन्होंने बलुता में अपने आत्मकथात्मक गद्य के माध्यम से ख्याति अर्जित की, लेकिन कविता उनकी अग्रणी थी। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से दलितों के उत्पीड़न को अभिव्यक्ति दी। <blockquote> '' "शिल्खली हात होता, तेरी नाह फोडला हम्बड़ा, '' <br> '' कीतर जनमची कैद, कुनी निरमिला हा कोंडवाड़ा '' '' <br> (हाथ एक पत्थर के नीचे कुचल गया था, फिर भी कोई आक्रोश नहीं सुनाई दिया <br> कितनी पीढ़ियों की कैद? इस जेल को किसने बनाया?) </ Blockquote> अपने पहले कविता संग्रह कोंडवाड़ा के उपरोक्त जैसे प्रभावी छंदों के साथ, उन्होंने दलितों की पीढ़ियों के साथ होने वाले अत्याचारों और उत्पीड़न को आवाज़ दी। 1974 में प्रकाशित, कोंडवाड़ा ने उन्हें राज्य से एक साहित्यिक पुरस्कार अर्जित किया। उनकी अन्य प्रसिद्ध रचनाओं में चावड़ी और दलित जानिवा, उनके दो संकलन लेख और विट्टल, लघु कथाओं का एक संग्रह हैं। उन्होंने जब्बार पटेल की फिल्म डॉ। अंबेडकर के लिए पटकथा लिखी। उन्हें राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम के साथ नियुक्त किया गया था। पवार ने भारत सरकार का प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार जीता। पवार का लेखन राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक आंदोलनों में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है, विदेशी साहित्य, विश्लेषणात्मक और चिंतनशील सोच, अटूट रुख, सामाजिक घटनाओं और मुद्दों के प्रति गहरी समझ और सहानुभूति। उनका काम अत्यधिक प्रभावी था। पुरस्कारों के माध्यम से उन्हें कुछ मात्रा में पहचान मिली। लेकिन दमनकारी परिस्थितियों के कारण, उन्हें अपने व्यक्तिगत जीवन में मानसिक और शारीरिक रूप से पीड़ित होना पड़ा। ==सन्दर्भ== hmuxt6ya0b4crz9xbk9p5aqfinacm4q माजुरो 0 1114823 6582849 4946752 2026-07-15T09:32:28Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582849 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक अवस्थापन | name = माजुरो | postal_code_type = | government_footnotes = | elevation_footnotes = | elevation_m = | area_footnotes = | area_total_km2 = 9.7 | population_footnotes = | population_total = 27797<ref name="Census">{{cite book |url=http://prism.spc.int/images/census_reports/Marshall_Islands_Census_2011-Full.pdf |title=Republic of the Marshall Islands 2011 Census Report |publisher=Secretariat of the Pacific Community |location=Noumea |year=2012 |isbn=978-982-00-0564-8 |access-date=10 दिसंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190412082848/http://prism.spc.int/images/census_reports/Marshall_Islands_Census_2011-Full.pdf |archive-date=12 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> | population_as_of = 2011 | population_density_km2 = auto | population_demonym = | population_rank = | population_note = | utc_offset = +12 | postal_code = | leader_name = | postal2_code_type = | postal2_code = | area_code_type = | area_code = | website = | blank_name_sec1 = | blank_info_sec1 = | blank1_name_sec1 = | blank1_info_sec1 = | blank_name_sec2 = स्थानीय भाषा | blank_info_sec2 = मार्शलीज़ | blank1_name_sec2 = | blank1_info_sec2 = | government_type = | leader_title = | image_skyline = {{Photomontage |photo1a=Republic of the Marshall Islands Capitol Building.gif |photo2a=Majuro main road.jpg |photo2b=US Navy 090914-N-9689V-001 tudents at the Majuro Cooperative School raise the Republic of Marshall Islands flag at a flag raising ceremony during a Pacific Partnership 2009 community service project.jpg |photo2c=Sunset - Majuro.jpg |photo3a=A_fisherman_on_Majuro,_Marshall_Islands,_February_2012._Photo-_Erin_Magee_-_DFAT_(12426170833).jpg |photo3b=Alphabet_marshallais.jpg |photo3c=The_Marshall_Islands_-_Majuro_-_Burial_grounds.jpg |photo4a=Majuro_banner.jpg |photo5a=Majuro_(40325973).jpg |photo5b=Eneko_Islet_05.JPG |photo5c=Landscape,_Majuro,_Marshall_Islands,_February_2012._Photo-_Erin_Magee_-_DFAT_(12426188673).jpg |photo6a=Majuro_in_the_marshall_islands_(40325365).jpg |photo6b=Majuro_Satellite.PNG |photo7a=Eneko_Islet_01.jpg | size = 270 | position = center | spacing = 1 | color = transparent | border = 0 | foot_montage = }} | subdivision_type2 = | image_caption = माजुरो शहर का परिदृश्य। | image_seal = | seal_size = | image_map = | map_caption = | pushpin_map = Marshall Islands#Pacific Ocean#World | pushpin_map_caption = Location of Majuro in Marshall Islands | coordinates = {{coord|7|05|N|171|23|E|display=title}} | settlement_type = | subdivision_type = [[देश]] | subdivision_name = {{flag|Marshall Islands}} | subdivision_type1 = द्वीप श्रृंखला | subdivision_name1 = रैतक श्रृंखला | subdivision_name2 = | p1 = | official_name = | native_name = | other_name = | nickname = | motto = | anthem = | subdivision_type3 = | subdivision_name3 = | established_title = स्थापना | established_date = 1884 | established_title1 = | established_date1 = | parts_type = | parts_style = | footnotes = }} '''माजुरो''' ([[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]]: Majuro; मार्शलीज़: माज़रो),<ref>{{Cite web|url=http://www.trussel2.com/MOD/LocM.htm#M%C4%81jro|title=M|website=trussel2.com|access-date=29 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20120316172426/http://www.trussel2.com/MOD/LocM.htm#M%C4%81jro|archive-date=16 मार्च 2012|url-status=dead}}</ref> [[मार्शल द्वीपसमूह]] की [[राजधानी]] और सबसे बड़ा शहर है। यह [[प्रशान्त महासागर]] में 64 द्वीपों का एक बड़ा [[प्रवालद्वीप]] भी है। यह [[मार्शल द्वीपसमूह]] के रैतक (सूर्योदय) श्रृंखला का एक [[चुनाव क्षेत्र|विधायी जिला]] है। प्रवालद्वीप में {{Convert|9.7|km2|sqmi}} का भूमि क्षेत्र है, और {{Convert|295|km2|sqmi}} का एक लैगून है। मार्शल द्वीप में अन्य प्रवालद्वीप के साथ, माजुरो में संकीर्ण भूमि क्षेत्र है। मुख्य आबादी केन्द्र, डेलाप-उलिगा-जेरिट, तीन सन्निहित क्षेत्र से मिल कर बना है और {{As of|2012|lc=on}} यहाँ की आबादी 20,301 लोगों की थी। माजुरो में एक बंदरगाह, बाजार और होटल हैं। माजुरो में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है जहां से [[हवाई]], [[संघीकृत राज्य माइक्रोनेशिया|माइक्रोनेशिया]], [[किरिबाती]] और [[नाउरु|नाउरू]] के लिए निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के साथ देश भर के घरेलू गंतव्यों के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं। == भूगोल == [[चित्र:Majuro_Atoll-USA-P-Gilberts-15.jpg|अंगूठाकार| माजुरो का योजनाबद्ध अवलोकन]] [[प्रवालद्वीप|एटोल]] के पश्चिमी छोर पर, लगभग {{Convert|30|mi|order=flip|sigfig=1}} सड़क मार्ग से डी-यू-डी, एक लोकप्रिय समुद्र तट के साथ एक विस्तृत आवासीय क्षेत्र, लौरा का द्वीप समुदाय है।<ref>{{Cite book|title=Capital cities around the world : an encyclopedia of geography, history, and culture|url=https://archive.org/details/capitalcitiesaro0000cybr|last=A.|first=Cybriwsky, Roman|date=2013-05-23|isbn=9781610692489|location=Santa Barbara, California|oclc=862077105}}</ref> समुद्र तल से {{Convert|3|m|0|abbr=off}} से कम की ऊंचाई पर, लौरा का एटोल पर उच्चतम ऊंचाई बिंदु है।<ref>{{Cite web|url=https://www.sciencebase.gov/catalog/item/59557881e4b04e08be532c9a|title=One Meter Topobathymetric Digital Elevation Model for Majuro Atoll, Republic of the Marshall Islands, 1944 to 2016 - ScienceBase-Catalog|website=www.sciencebase.gov|language=en-US|access-date=2019-01-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20190511145040/https://www.sciencebase.gov/catalog/item/59557881e4b04e08be532c9a|archive-date=11 मई 2019|url-status=dead}}</ref> जेरिट में ज्यादातर आवासीय है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://dxnews.com/v73xp-majuro/|title=V73XP - Majuro Atoll - Marshall Islands - News|website=dxnews.com|language=en|access-date=2019-01-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20190416044218/https://dxnews.com/v73xp-majuro/|archive-date=16 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref> === जलवायु === [[भूमध्य रेखा]] के थोड़ा उत्तर में होने के कारण, माजुरो में एक भूमध्यरेखीय जलवायु न होकर एक उष्णकटिबंधीय वर्षावन जलवायु है, क्योंकि यहां पूरे साल [[व्यापारिक पवन|व्यापारिक हवाएं]] चलती हैं, हालांकि गर्मियों के महीनों के दौरान अक्सर पूरे इलाके में इंटरटॉप्टरियल कन्वर्जेंस ज़ोन की आवाजाही से बाधित होती हैं।<ref>{{Cite web |url=https://www.eastwestcenter.org/fileadmin/stored/misc/PacificClimateAssessment02PacificIslands.pdf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 दिसंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111107215301/https://www.eastwestcenter.org/fileadmin/stored/misc/PacificClimateAssessment02PacificIslands.pdf |archive-date=7 नवंबर 2011 |url-status=dead }}</ref> [[चक्रवात]] कभी-कभी ही आते हैं।{{Convert|27|°C|0}} के औसत तापमान के साथ वर्षभर तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है। बहुत कम ही तापमान {{Convert|21|°से|0}} के नीचे जाता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://dxnews.com/v73xp-majuro/|title=V73XP - Majuro Atoll - Marshall Islands - News|website=dxnews.com|language=en|access-date=2019-01-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20190416044218/https://dxnews.com/v73xp-majuro/|archive-date=16 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref> माजुरो में औसतन {{Convert|3200|mm|0}} वर्षा प्रतिवर्ष होती है। == इतिहास == [[चित्र:US_fleet_at_Majuro_Atoll_1944.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| 1944 में माजुरो में लंगर में पांचवीं फ्लीट]] [[प्रवालद्वीप|एटोल]] में मनुष्यों के निवास का अनुमान कम से कम 2,000 वर्षों पूर्व का है।<ref>{{Cite web|url=https://archive.org/details/naturalhistoryof02deva|title=The Natural history of Enewetak Atoll|year=1987|website=Internet Archive|publisher=Oak Ridge, Tenn. : U.S. Dept. of Energy, Office of Energy Research, Office of Health and Environmental Research, Ecological Research Division|access-date=29 May 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150408160450/https://archive.org/details/naturalhistoryof02deva|archive-date=8 अप्रैल 2015|url-status=live}}</ref> माजुरो एटोल को 1884 में [[मार्शल द्वीपसमूह|मार्शल द्वीप]] के बाकी हिस्सों के साथ [[जर्मन साम्राज्य]] द्वारा हथिया लिया गया था, और जर्मनों ने एक व्यापारिक चौकी स्थापित किया था। मार्शल के बाकी हिस्सों के साथ, प्रथम [[पहला विश्व युद्ध|विश्व युद्ध के]] दौरान 1914 में माजुरो पर इंपीरियल जापानी नौसेना द्वारा कब्जा कर लिया गया था और 1920 में [[राष्ट्र संघ]] द्वारा [[जापानी साम्राज्य]] को इसका अधिकार दे दिया गया था। यह द्वीप तब नान्यो के जापानी शासित क्षेत्र का हिस्सा बन गया; हालाँकि जापानियों ने नान्यो में एक सरकार की स्थापना की थी, लेकिन स्थानीय मामलों को ज्यादातर स्थानीय नेताओं के हाथों में छोड़ दिया गया था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, माजुरो [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] के प्रशांत द्वीप समूह के ट्रस्ट क्षेत्र के हिस्से के रूप में आया। इसने जलुट एटोल को मार्शल द्वीपों के प्रशासनिक केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित किया, एक स्थिति जिसे यह 1986 में मार्शल द्वीपों की स्वतंत्रता के बाद बरकरार रखती है। == जनसांख्यिकी == प्रमुख जनसंख्या केंद्र डी-यू-डी समुदाय: डेलप - यूलिगा - जेरिट (प्रवालद्वीप के पूर्वी किनारे पर दक्षिण से उत्तर में स्थित) में स्थित है।{{As of|2011}}, माजुरो की आबादी 27,797 थी। == अर्थव्यवस्था == माजुरो की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का बड़ा प्रमुख योगदान है।<ref name="state-depart">{{Cite web|url=https://2009-2017.state.gov/r/pa/ei/bgn/26551.htm|title=Marshall Islands|publisher=Office of Electronic Information, Bureau of Public Affairs|access-date=26 November 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20170122194507/https://2009-2017.state.gov/r/pa/ei/bgn/26551.htm|archive-date=22 जनवरी 2017|url-status=live}}</ref> एयर मार्शल द्वीप का मुख्यालय माजुरो में है। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:ओशिआनिया में राजधानियाँ]] [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] [[श्रेणी:मार्शल द्वीपसमूह के प्रवालद्वीप]] bb3bvp5385v7lhex5w34nrywc3ihy9j 1930 का फीफा विश्व कप 0 1124778 6582828 6400834 2026-07-15T08:35:18Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582828 wikitext text/x-wiki {{Infobox international football competition | tourney_name = फीफा विश्व कप | year = 1930 | other_titles = 1er Campeonato Mundial de Fútbol | image = | alt = Poster in Art Deco style, depicting a simplified figure of a goalkeeper making a save in its upper half. The lower half contains writing in a heavily stylised font: "1er Campeonato Mundial de Futbol" in black, and "Uruguay 1930 Montevideo 15 Julio Agosto 15" in white and orange. | size = 175px | caption = आधिकारिक पोस्टर; [[गिलर्मो लेबोर्डे]] द्वारा डिज़ाइन किया गया | country = उरुग्वे | dates = 13–30 July | num_teams = 13 | confederations = 3 | venues = 3 | cities = 1 | champion = Uruguay | count = 1 | second = Argentina | third = USA | fourth = Kingdom of Yugoslavia <!-- Please see http://www.fifa.com/worldcup/archive/uruguay1930/index.html before changing these standings. --> | matches = 18 | goals = 70 | attendance = 590549 | top_scorer = {{fbicon|ARG}} [[Guillermo Stábile]]<br />(8 goals) | nextseason = [[1934 FIFA World Cup|1934]] }} '''1930 का फीफा विश्व''' कप पहला फीफा विश्व कप था, जो पुरुषों की राष्ट्रीय [[फुटबॉल]] टीमों के लिए विश्व चैम्पियनशिप था। यह 13 से 30 जुलाई 1930 तक [[उरुग्वे]] में खेला गया था। [[फीफा]] फुटबॉल की अंतरराष्ट्रीय संस्था ने उरुग्वे को मेज़बान राष्ट्र के रूप में चुना था, क्योंकि यह देश अपने पहले संविधान की शताब्दी मना रहा होगा, और उरुग्वे की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने सफलतापूर्वक 1928 के ग्रीष्मकालीन [[ओलम्पिक खेल|ओलंपिक]] में अपना फुटबॉल खिताब बरकरार रखा था। यह सभी मैच उरुग्वे की राजधानी [[मोण्टेवीडियो|मोंटेवीडियो]] में खेले गए थे, जिसमें से अधिकतर एस्टाडियो सेंटेनारियो स्टेडियम में खेले गए थे, जो खास इस टूर्नामेंट के लिए बनाया गया था। इस पहले टूर्नामेंट में तेरह टीमों([[दक्षिण अमेरिका]] से सात, [[यूरोप]] से चार और [[उत्तरी अमेरिका]] से दो) ने प्रवेश किया था। केवल कुछ ही यूरोपीय टीमों ने दक्षिण अमेरिका की यात्रा की कठिनाई के कारण भाग लेने के लिए चुना। इन टीमों को चार समूहों में विभाजित किया गया था, जिनमे से प्रत्येक समूह के विजेता ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। पहले दो विश्व कप मैच एक साथ खेले गए थे, जोकि [[फ़्रान्स|फ्रांस]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] द्वारा जीते गए, जिन्होंने क्रमशः [[मेक्सिको]] को 4-1 और [[बेल्जियम]] को 3-0 से हराया था। विश्व कप के इतिहास में फ्रांस के [[लुसिएन लॉरेंट]] ने पहला गोल किया, जबकि अमेरिकी गोलकीपर [[जिमी डगलस]] ने टूर्नामेंट में पहला आधिकारिक "क्लीन शीट" पोस्ट किया। [[अर्जेण्टीना|अर्जेंटीना]], [[उरुग्वे]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] और [[यूगोस्लाविया]] प्रत्येक ने अपने-अपने समूहों के मैच को जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में, मेज़बान और पूर्व-टूर्नामेंट पसंदीदा उरुग्वे की टीम ने अर्जेंटीना को 68,346 लोगों की भीड़ के सामने 4-2 गोल से हराया और विश्व कप जीतने वाला पहला राष्ट्र बन गया। ==भाग लेने वाले देश== [[File:1930 FIFA World Cup.png|thumb|Participating countries|400px|शीर्ष चार के साथ स्थिति को अलग-अलग करके रंग-कोडित करने वाले विश्व मानचित्र, शीर्ष चार के साथ अलग-अलग चिह्नित किए गए (उरुग्वे 1, अर्जेंटीना 2, यूएसए 3, यूगोस्लाविया 4)। यूरोप में छोटे प्रतिनिधित्व के साथ, अधिकांश अमेरिका छायांकित हैं। अन्य महाद्वीप पूरी तरह से अपरिवर्तित हैं।]] पहला विश्व कप एक मात्र ऐसा विश्व कप हे जो बिना किसी योग्यता के ही हुआ था। फीफा से जुड़े हर देश को प्रतिस्पर्धा के लिए आमंत्रित किया गया था, और स्वीकार करने के लिए 28 फरवरी 1930 की समय सीमा दी गई थी। अमेरिकी राष्ट्रों द्वारा इसमें काफी रुचि दिखाई गई; अर्जेंटीना, [[ब्राज़ील|ब्राजील]], [[बोलिविया|बोलीविया]], [[चिली]], [[मेक्सिको|मैक्सिको]], [[पैराग्वे]], [[पेरू]] और संयुक्त राज्य अमेरिका सभी ने प्रवेश किया। कुल सात दक्षिण अमेरिकी टीमों ने भाग लिया, जो की अन्य किसी भी बाद के विश्व कप फाइनल से ज्यादा थे। हालांकि, अटलांटिक महासागर में जहाज द्वारा लंबी और महंगी यात्रा के कारण, और खिलाड़ियों के लिए लम्बी छुट्टी के कारण, <ref name="FIFAhistory">{{cite web |url=https://www.fifa.com/classicfootball/history/fifa/first-fifa-world-cup.html |title=History of FIFA&nbsp;– The first FIFA World Cup |work=FIFA |accessdate=14 June 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150429164718/http://www.fifa.com/classicfootball/history/fifa/first-fifa-world-cup.html |archive-date=29 अप्रैल 2015 |url-status=live }} {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150429164718/http://www.fifa.com/classicfootball/history/fifa/first-fifa-world-cup.html |date=29 अप्रैल 2015 }}</ref> बहुत कम यूरोपीय टीमों ने इसमें भाग लेने के लिए इच्छा प्रकट की। कुछ लोगों ने किसी भी परिस्थिति में दक्षिण अमेरिका की यात्रा के लिए मना कर दिया, <ref>{{cite book |last=Hunt |first=Chris |title=World Cup Stories: The History of the FIFA World Cup |url=https://archive.org/details/historyoffifawor0000hunt |publisher=Interact |year=2006 |location=Ware |isbn=978-0-9549819-2-1 |page=[https://archive.org/details/historyoffifawor0000hunt/page/10 10] }}</ref> और फरवरी की समयसीमा से पहले कोई यूरोपीय प्रविष्टि प्राप्त नहीं हुई। कुछ यूरोपीय भागीदारी हासिल करने के प्रयास में, उरुग्वे फुटबॉल एसोसिएशन ने द फुटबॉल एसोसिएशन को निमंत्रण पत्र भेजा, उस समय ब्रिटिश होम नेशंस ([[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]], [[उत्तरी आयरलैंड]], [[स्कॉट्लैण्ड|स्कॉटलैंड]] और [[वेल्स]]) ने फीफा से इस्तीफा दे दिया था। इसे 18 नवंबर 1929 को एफए समिति ने अस्वीकार कर दिया था। <ref>{{cite web|url=http://www.fourfourtwo.premiumtv.co.uk/page/BigRead/0,,11442~1034860,00.html |title=Uruguay 1930 |work=Fourfourtwo magazine |accessdate=20 June 2009 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20070819173027/http://www.fourfourtwo.premiumtv.co.uk/page/BigRead/0%2C%2C11442~1034860%2C00.html |archivedate=19 August 2007 |url-status = dead|df= }}</ref> टूर्नामेंट शुरू होने से दो महीने पहले, तक यूरोप की कोई भी टीम आधिकारिक रूप से प्रवेश नहीं किया था। <ref name=FIFA1930>{{cite web |url=http://fifaworldcup.yahoo.com/06/en/p/pwc/1930.html |archiveurl=https://web.archive.org/web/20060426212450/http://fifaworldcup.yahoo.com/06/en/p/pwc/1930.html |archivedate=26 April 2006 |title=FIFA World Cup&nbsp;– Classic Moments from FIFA World Cup History |work=FIFA |accessdate=14 June 2009 }}</ref> अंततः फीफा के अध्यक्ष [[जूल्स रिमेट]] ने हस्तक्षेप किया, और चार यूरोपीय टीमों ने समुद्र के द्वारा यात्रा की जिन में बेल्जियम, फ्रांस, रोमानिया और यूगोस्लाविया थे। कॉन्स्टेंटिन रिल्यूडस्कु द्वारा प्रबंधित और उनके कप्तान रुडोल्फ वेट्ज़र और ऑक्टाव लुचाइड द्वारा कोच किए गए रोमानियन ने नए राजा किंग कैरोल II के हस्तक्षेप के बाद प्रतियोगिता में प्रवेश किया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से टीम का चयन किया, और यह सुनिश्चित करने के लिए नियोक्ताओं के साथ बातचीत की कि खिलाड़ी जब भी उनकी वापसी होगी उन्हें काम पर न्यूक्त किया जायेगा। <ref>Seddon, pp. 8–9</ref> फ्रेंच ने रिमेट के व्यक्तिगत हस्तक्षेप से प्रवेश किया, लेकिन न तो फ्रांस के स्टार डिफेंडर मैनुअल एनाटोल और न ही टीम के नियमित कोच गैस्टन बेरेउ को यात्रा के लिए राजी किया जा सका। <ref name="goldblatt_248">Goldblatt (2008), p. 248</ref> बेल्जियम के लोगों ने जर्मन-बेल्जियन फीफा के उपाध्यक्ष रोडोलपे सेल्ड्रेयर्स की जिम्मेदारी में भाग लिया।<ref name=g249>Goldblatt (2008), p. 249</ref> ==Group stage== ===Group 1=== {{main|1930 FIFA World Cup Group 1}} {| class="wikitable" style="text-align:center" |- !width=175|Team !width=20|{{abbr|Pld|Matches played}} !width=20|{{abbr|W|Matches won}} !width=20|{{abbr|D|Matches drawn}} !width=20|{{abbr|L|Matches lost}} !width=20|{{abbr|GF|Goals for}} !width=20|{{abbr|GA|Goals against}} !width=20|{{abbr|GD|Goal difference}} !width=20|{{abbr|Pts|Points}} |- style="background:#cfc" |align="left"|{{fb|ARG}} |3||3||0||0||10||4||+6||'''6''' |- |align="left"|{{fb|CHI}} |3||2||0||1||5||3||+2||'''4''' |- |align="left"|{{fb|FRA}} |3||1||0||2||4||3||+1||'''2''' |- |align="left"|{{fb|MEX}} |3||0||0||3||4||13||−9||'''0''' |} {{footballbox |date = जुलाई 13, 1930 <br />15:00 |team1 = {{fb-rt|FRA}} |score = 4 – 1 | report = [http://www.fifa.com/worldcup/archive/edition=1/results/matches/match=1096/report.html परिणाम] |team2 = {{fb|MEX|}} |goals1 = [[लुइन लॉरेंट ]] {{goal|19}}<br />[[मार्सेल लांगिलर]] {{goal|৪০}}<br />[[आंद्रे मास्किनोट]] {{goal|43}} {{goal|87}} |goals2 = [[जुआन कैरेनो]] {{goal|70}} |stadium = [[मोण्टेवीडियो|मोंटेवीडियो]], [[एस्टाडियो पोसाइट्स]]<br />'''दर्शक:''' +3000<br />'''रेफरी:''' लोम्बार्डी ([[एसोसिएशन उरुग्वे फुटबॉल|उरुग्वे]])}} ---- {{footballbox |date = जुलाई 15, 1930 <br />16:00 |team1 = {{fb-rt|ARG|alt}} |score = 1 – 0 | report = [http://www.fifa.com/worldcup/archive/edition=1/results/matches/match=1085/report.html परिणाम] |team2 = {{fb|FRA}} |goals1 = [[लुइस मोंटी]] {{goal|81}} |goals2 = |stadium = [[मोण्टेवीडियो|मोंटेवीडियो]], [[एस्टाडियो ग्रीन पार्क सेंट्रल]]<br />'''दर्शक:''' ~18000<br />'''रेफरी:''' रेगे ([[ब्राजील फुटबॉल परिसंघ|ब्राजील]])}} ---- {{footballbox |date = जुलाई 16, 1930 <br />14:45 |team1 = {{fb-rt|CHI}} |score = 3 – 0 | report = [http://www.fifa.com/worldcup/archive/edition=1/results/matches/match=1095/report.html परिणाम] |team2 = {{fb|MEX|}} |goals1 = [[गुइलेर्मो सबाब्रे|सबाब्रे]] {{goal|৩}}<ref name="RSSSF">This is one of several goals for which the statistical details are disputed. The goalscorers and timings used here are those of FIFA, the official record. Some other sources, such as RSSSF, state a different scorer and/or timing. See {{cite web| শিরোনাম=World Cup 1930 finals| কর্ম=RSSSF| ইউআরএল=http://www.rsssf.com/tables/30full.html| সংগ্রহের-তারিখ=5 जनवरी 2020| archive-url=https://web.archive.org/web/20170613014150/http://www.rsssf.com/tables/30full.html| archive-date=13 जून 2017| অকার্যকর-ইউআরএল=না}}.</ref> {{goal|52}}<ref name="RSSSF"/><br />[[कार्ल्स विडाल|विडाल]] {{goal|65}} |goals2 = |stadium = [[मोण्टेवीडियो|मोंटेवीडियो]], [[एस्टाडियो ग्रीन पार्क सेंट्रल]]<br />'''दर्शक:''' ~7000<br />'''रेफरी:''' क्रिस्टोफ़ ([[बेल्जियम फुटबॉल एसोसिएशन|बेल्जियम]])}} ---- {{footballbox |date = जुलाई 19, 1930 <br />12:50 |team1 = {{fb-rt|CHI}} |score = 1 – 0 | report = [http://www.fifa.com/worldcup/archive/edition=1/results/matches/match=1094/report.html परिणाम] |team2 = {{fb|FRA}} |goals1 = [[गुइलेर्मो सबाब्रे|सबाब्रे]] {{goal|65}}<ref name="RSSSF"/> |goals2 = |stadium = [[मोण्टेवीडियो|मोंटेवीडियो]], [[एस्टाडियो सेंटेनारियो]]<br />'''दर्शक:''' ~50000<br />'''रेफरी:''' तेजादा ([[এসোসিয়েশন উরুগুয়ে দি ফুটবল|উরুগুয়ে]])}} ---- {{footballbox |date = जुलाई 19, 1930 <br />15:00 |team1 = {{fb-rt|ARG|alt}} |score = 6 – 3 | report = [http://www.fifa.com/worldcup/archive/edition=1/results/matches/match=1086/report.html परिणाम] |team2 = {{fb|MEX|}} |goals1 = [[गुइलर्मो स्टैबिले]] {{goal|8}} {{goal|45}} {{goal|80}}<br />[[अडोल्फ़ो ज़ुमलेज़ु]] {{goal|12}} {{goal|55}}<br />[[फ्रांसिस्को वरलो]] {{goal|53}} |goals2 = [[मैनुअल रोजा]] {{goal|42|[[पेनल्टी]]}} {{goal|65}}<br />[[रॉबर्टो गयोन]] {{goal|75}} |stadium = [[मोण्टेवीडियो|मोंटेवीडियो]], [[एस्टाडियो सेंटेनारियो]]<br />'''दर्शक:''' ~50000<br />'''रेफरी:''' सउसेदो ([[फेडरेशन बोलिवियाना द फ़ुटबॉल|बोलीविया]])}} ---- {{footballbox |date = जुलाई 22, 1930 <br />14:45 |team1 = {{fb-rt|ARG|alt}} |score = 3 – 1 | report = [http://www.fifa.com/worldcup/archive/edition=1/results/matches/match=1084/report.html परिणाम] |team2 = {{fb|CHI}} |goals1 = [[गुइलर्मो स्टैबिले]] {{goal|12}} {{goal|39}}<br />[[मारिओ एवरिस्टो]] {{goal|81}} |goals2 = [[गुइलेर्मो सबाब्रे|सबाब्रे]] {{goal|15}}<ref name="RSSSF"/> |stadium = [[मोण्टेवीडियो|मोंटेवीडियो]], [[एस्टाडियो सेंटेनारियो]]<br />'''दर्शक:''' ~35000<br />'''रेफरी:''' लगेंउस ([[बेल्जियम फुटबॉल एसोसिएशन|बेल्जियम]])}} ===Group 2=== {{main|1930 FIFA World Cup Group 2}} {| class="wikitable" style="text-align:center" |- !width=175|Team !width=20|{{abbr|Pld|Matches played}} !width=20|{{abbr|W|Matches won}} !width=20|{{abbr|D|Matches drawn}} !width=20|{{abbr|L|Matches lost}} !width=20|{{abbr|GF|Goals for}} !width=20|{{abbr|GA|Goals against}} !width=20|{{abbr|GD|Goal difference}} !width=20|{{abbr|Pts|Points}} |- style="background:#cfc" |align="left"|{{fb|Kingdom of Yugoslavia}} |2||2||0||0||6||1||+5||'''4''' |- |align="left"|{{fb|BRA|1889}} |2||1||0||1||5||2||+3||'''2''' |- |align="left"|{{fb|BOL}} |2||0||0||2||0||8||−8||'''0''' |} ===Group 3=== {{main|1930 FIFA World Cup Group 3}} {| class="wikitable" style="text-align:center" |- !width=175|Team !width=20|{{abbr|Pld|Matches played}} !width=20|{{abbr|W|Matches won}} !width=20|{{abbr|D|Matches drawn}} !width=20|{{abbr|L|Matches lost}} !width=20|{{abbr|GF|Goals for}} !width=20|{{abbr|GA|Goals against}} !width=20|{{abbr|GD|Goal difference}} !width=20|{{abbr|Pts|Points}} |- style="background:#cfc" |align="left"|{{fb|URU}} |2||2||0||0||5||0||+5||'''4''' |- |align="left"|{{fb|ROU}} |2||1||0||1||3||5||−2||'''2''' |- |align="left"|{{fb|PER}} |2||0||0||2||1||4||−3||'''0''' |} ===Group 4=== {{main|1930 FIFA World Cup Group 4}} {| class="wikitable" style="text-align:center" |- !width=175|Team !width=20|{{abbr|Pld|Matches played}} !width=20|{{abbr|W|Matches won}} !width=20|{{abbr|D|Matches drawn}} !width=20|{{abbr|L|Matches lost}} !width=20|{{abbr|GF|Goals for}} !width=20|{{abbr|GA|Goals against}} !width=20|{{abbr|GD|Goal difference}} !width=20|{{abbr|Pts|Points}} |- style="background:#cfc" |align="left"|{{fb|USA|1912}} |2||2||0||0||6||0||+6||'''4''' |- |align="left"|{{fb|PAR|1842}} |2||1||0||1||1||3||−2||'''2''' |- |align="left"|{{fb|BEL}} |2||0||0||2||0||4||−4||'''0''' |} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:फीफा विश्व कप]] 0l2cpve9054o592nuq15bxroengfku5 उच्चायुक्त 0 1143506 6582728 6078269 2026-07-15T03:53:38Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582728 wikitext text/x-wiki '''उच्चायुक्त''' आयोग द्वारा नियुक्त विभिन्न विशेष उच्च कार्यकारी पदों का नाम होता है। इस नाम का उपयोग सामान्यतः अंतरराष्ट्रीय राजनयिक पदों के लिए किया जाता है। तथा, ऐतिहासिक तौरपर, [[ब्रिटिश साम्राज्य]] के उपनिवेशों में विभिन्न उच्च प्रशासनिक पदों के लिए किया जाता था। वर्त्तमान समय में भी विभिन्न [[राष्ट्रमंडल (बहुविकल्पी शब्द)|राष्ट्रमंडल]] देशों में राजनयिक पदों को उच्चायुक्त कह कर संबोधित किया जाता है। साथ ही कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों के उच्च पदों को भी उच्चायुक्त कहा जाता है। == नामकरण == "उच्चायुक्त" शब्द मूलतः [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] शब्द ''हाई कमिशनर (High Comissioner)'' का हिंदी अनुवाद है। ''"हाई कमिशनर"'' नामक पद विभिन्न अंतरराष्ट्रीय राजनयिक पदों के लिए उपयोग किया जाता है। ==राष्ट्रमंडल== {{मुख्य|उच्चायुक्त (राष्ट्रमंडल)}} {{इन्हें भी देखें|राष्ट्रमंडल}} [[राष्ट्रमंडल (बहुविकल्पी शब्द)|राष्ट्रमंडल]] देशों में, "उच्चायुक्त" किसी दूसरे राष्ट्रमंडल देश की सरकार के राजनयिक मिशन का वरिष्ठ राजनयिक प्रभारी होता है। राष्ट्रमंडल देशों के बीच के राजनयिक मिशनों को [[राजनयिक मिशन|दूतावास]] के बजाय, आमतौर पर [[उच्चायुक्त|उच्चायोग]] कहा जाता है। हालांकि किसी उच्चायुक्त की भूमिका किसी [[राजनयिक दूत|राजदूत]] के समान ही होती है।<ref>[http://www.webring.org/l/rd?ring=royalist;id=64;url=http%3A%2F%2Fthemonarchist2%2Eblogspot%2Ecom%2F2008%2F05%2Fpost-of-high-commissioner%2Ehtml The Post of High Commissioner] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140329101607/http://www.webring.org/l/rd?ring=royalist;id=64;url=http%3A%2F%2Fthemonarchist2%2Eblogspot%2Ecom%2F2008%2F05%2Fpost-of-high-commissioner%2Ehtml |date=29 मार्च 2014 }}, The Monarchist, THURSDAY, 22 May 2008.</ref> ==अंतरराष्ट्रीय संगठन== [[संयुक्त राष्ट्र]] तथा अन्य बहुराष्ट्रीय संगठनों के भी प्रतिनिधि आयोगों के उच्चाधिकारियों को उच्चायुक्त या हाई कमिशनर कहा जाहिर है, उदाहरण के लिए [[संयुक्त राष्ट्र|अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार उच्चायुक्त]]। तथा ऐतिहासिय कूट पर संयुक्त सरहटर ने भी कई युद्ध पीड़ित देशों में उच्चायुक्त भेजे हैं। इसके अलावा ऐतिहासिक तौरपर, राष्ट्र आयुक्तों और संयुक्त राष्ट्र न्यास शासित प्रदेशों के गैर-संप्रभु राष्ट्रों के [[राष्ट्र संघ]] के अधिकार के तहत स्थापित ''संक्रमणकालीन'' शासन के तहत उच्चायुक्त का पद विशेष रूप से प्रशासकों के '[[वि-उपनिवेशीकरण|औपनिवेशिक शासन से मुक्ति]]' के दौरान इस्तेमाल किया गया था। या यूएन, क्रमशः, उन्हें पूर्ण स्वतंत्रता के लिए तैयार करने के लिए। ==इन्हें भी देखें== *[[राजनयिक दूत|राजदूत]] *[[राष्ट्रमंडल (बहुविकल्पी शब्द)|राष्ट्रमंडल]] *[[उच्चायुक्त (राष्ट्रमंडल)]] ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20080518172615/http://www.psa.ac.uk/publications/psd/1998/lloyd1.htm#1 History of the title High Commissioner] * [https://web.archive.org/web/20110226114437/http://www.worldstatesmen.org/ WorldStatesmen] click on the present countries mentioned *[http://webarchive.nationalarchives.gov.uk/20060214000302/http://www.direct.gov.uk/Gtgl1/GuideToGovernment/InternationalBodies/InternationalBodiesArticles/fs/en?CONTENT_ID=4003092&chk=JXlogH The Commonwealth] – UK government site [[श्रेणी:अंतरराष्ट्रीय राजनीति]] [[श्रेणी:कूटनीति]] 18dfq6j3egsgvbqqgh07y1oxw597x4a उच्चायुक्त (राष्ट्रमंडल) 0 1143526 6582730 6078270 2026-07-15T03:54:05Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582730 wikitext text/x-wiki [[राष्ट्रमंडल (बहुविकल्पी शब्द)|राष्ट्रमंडल]] देशों में, '''उच्चायुक्त''' किसी दूसरे राष्ट्रमंडल देश की सरकार के राजनयिक मिशन का वरिष्ठ राजनयिक प्रभारी होता है। राष्ट्रमंडल देशों के बीच के राजनयिक मिशनों को [[राजनयिक मिशन|दूतावास]] के बजाय, आमतौर पर [[उच्चायुक्त|उच्चायोग]] कहा जाता है। हालांकि किसी उच्चायुक्त की भूमिका किसी [[राजनयिक दूत|राजदूत]] के समान ही होती है।<ref>[http://www.webring.org/l/rd?ring=royalist;id=64;url=http%3A%2F%2Fthemonarchist2%2Eblogspot%2Ecom%2F2008%2F05%2Fpost-of-high-commissioner%2Ehtml The Post of High Commissioner] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140329101607/http://www.webring.org/l/rd?ring=royalist;id=64;url=http%3A%2F%2Fthemonarchist2%2Eblogspot%2Ecom%2F2008%2F05%2Fpost-of-high-commissioner%2Ehtml |date=29 मार्च 2014 }}, The Monarchist, THURSDAY, 22 May 2008.</ref> ==इतिहास व उत्पत्ति== {{इन्हें भी देखें|ब्रिटिश साम्राज्य}} ब्रिटिश साम्राज्य में, किसी संरक्षित प्रदेश या ऐसे किसी ऐसे प्रदेश पे, जो पूरी तरह से ब्रिटिश [[राजमुकुट]] की संप्रभुता के तहत नहीं आते थे, उनमे [[यूनाईटेड किंगडम की सरकार|ब्रिटिश सरकार]] के दूत के तौरपर भेज जाता था। जबकि किसी ब्रिटिश उपनिवेश को सामान्यतः एक गवर्नर द्वारा प्रशासित किया जाता था। तथा सबसे महत्वपूर्ण प्रदेशों, बड़े संघ और स्वशासित डोमिनियनों को एक गवर्नर-जनरल के नेतृत्व में रखा जाता था। एक उच्चायुक्त को [[वि-उपनिवेशीकरण|विऔपनिवेशीकरण]] के अंतिम चरण का प्रभार भी दिया जा सकता था। उदाहरण की लिए [[सेशेल्स]] की क्राउन कॉलोनी में, अंतिम [[राज्यपाल|गवर्नर]] को 1975 में उच्चायुक्त बनाया गया था, जब सेशेल्स को स्व-शासन की अनुमति दी गई थी, 1976 तक, जब वह [[कॉमनवेल्थ]] के भीतर एक स्वतंत्र [[गणराज्य]] बन गया। ==परिचय== [[राष्ट्रमंडल (बहुविकल्पी शब्द)|राष्ट्रमंडल]] के सदस्य देशों के बीच राजनयिक मिशनों को [[राजनयिक मिशन|दूतावास]] नहीं कहकर उच्चायोग कहा जाता है, क्योंकि राष्ट्रमंडल देश के बीच एक विशेष राजनयिक संबंध होता है जिसके वजह से आम तौरपर यह उम्मीद की जाती है कि किसी गैर-राष्ट्रमंडल देश में किसी भी राष्ट्रमंडल देश का दूतावास सभी अन्य राष्ट्रमंडल देशों के नागरिकों को राजनयिक सेवाएं प्रदान करने की पूरी कोशिश करेगा, भले ही उस व्यक्ति के देश का दूतावास वहां नहीं हो। इस लिहाज़ से [[कनाडा]]-[[ऑस्ट्रेलिया]] कॉन्सुलर सर्विसेज शेयरिंग एग्रीमेंट में उल्लिखित कनाडाई और ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अपनी संबंधित कांसुलर सेवाओं के बीच और भी अधिक सहयोग का आनंद ले सकते हैं।<ref name=":0">{{Cite web|url=http://travel.gc.ca/assistance/emergency-info/consular/framework/canada-australia|title=Canada-Australia Consular Services Sharing Agreement|publisher=[[Minister of Foreign Affairs (Canada)|Ministry of Foreign Affairs of Canada]]|access-date=2018-03-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20141018062851/http://travel.gc.ca/assistance/emergency-info/consular/framework/canada-australia|archive-date=18 अक्तूबर 2014|url-status=live}}</ref> चूंकि सोलह राष्ट्रमंडल देशों (जिन्हें [[राष्ट्रमण्डल प्रजाभूमि|राष्ट्रमंडल प्रजाभूमि]] के रूप में जाना जाता है) में एक ही [[राष्ट्रप्रमुख]] होता है (वर्तमान में महारानी [[एलिज़ाबेथ द्वितीय|एलिजाबेथ द्वितीय]]), अतः इन देशों के बीच राजनयिक संबंध परंपरागत रूप से सरकारी स्तर पर ही होते हैं, नकी राजकीय स्तर पर।<ref>{{cite web|url=http://www.commonwealthofnations.org/sectors/government/embassies/|title=Embassies - Commonwealth of Nations|author=|date=|website=commonwealthofnations.org|accessdate=18 March 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180319004331/http://www.commonwealthofnations.org/sectors/government/embassies/|archive-date=19 मार्च 2018|url-status=dead}}</ref> हालाँकि [[उच्चायुक्त]] को किसी [[राजनयिक दूत|राजदूत]] के पद और भूमिका के बराबर माना जाता है। किसी राष्ट्रमंडल प्रदेश से दूसरे राष्ट्रमंडल प्रदेश के उच्चायुक्त, उस देश के [[शासनप्रमुख]] ([[प्रधानमन्त्री|प्रधान मंत्री]]) के लिए एक साधारण (और अक्सर अनौपचारिक) पत्र पेश करते हैं, जबकि किसी देश के [[राजनयिक दूत|राजदूत]] अपने [[राष्ट्रप्रमुख]] द्वारा प्रमाणित एक औपचारिक साख पत्र को मेज़बान देश के राष्ट्रप्रमुख को पेश करते हैं। ==दीर्घ== <gallery mode="packed-hover" heights="200px"> Image:Tanzanian High Commission in London.jpg|[[लंदन]], [[ब्रिटेन]] में [[तंज़ानिया]] का उच्चायोग File:Indian High Commission in Pretoria.JPG|[[दक्षिण अफ़्रीका|साउथ अफ्रीका]] में भारतीय उच्चायोग </gallery> ==इन्हें भी देखें== *[[राजनयिक दूत|राजदूत]] *[[राष्ट्रमंडल (बहुविकल्पी शब्द)|राष्ट्रमंडल]] *[[राष्ट्रमंडल पदासीन]] *[[राष्ट्रमंडल फाउंडेशन]] ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20080518172615/http://www.psa.ac.uk/publications/psd/1998/lloyd1.htm#1 History of the title High Commissioner] * [https://web.archive.org/web/20110226114437/http://www.worldstatesmen.org/ WorldStatesmen] click on the present countries mentioned *[http://webarchive.nationalarchives.gov.uk/20060214000302/http://www.direct.gov.uk/Gtgl1/GuideToGovernment/InternationalBodies/InternationalBodiesArticles/fs/en?CONTENT_ID=4003092&chk=JXlogH The Commonwealth] – UK government site [[श्रेणी:अंतरराष्ट्रीय राजनीति]] [[श्रेणी:कूटनीति]] [[श्रेणी:राष्ट्रमंडल]] oy02cpjh0avua2i167zsf0u5rvxfmad सर्व धर्म सम भाव 0 1145392 6582812 6020419 2026-07-15T08:07:55Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582812 wikitext text/x-wiki '''''सर्व धर्म सम भाव''''' [[हिन्दू|हिंदू धर्म]] की एक अवधारणा है जिसके अनुसार सभी धर्मों द्वारा अनुसरण किए जाने वाले मार्ग भले ही अलग हो सकते हैं, किंतु उनका गंतव्य एक ही है। इस अवधारणा को [[रामकृष्ण परमहंस]] और [[स्वामी विवेकानन्द]]<ref name="long2012" /> के अतिरिक्त [[महात्मा गांधी]]<ref name="yashodharma" /> ने भी अपनाया था। हालाँकि ऐसा माना जाता है कि इस विचार का उद्गम [[वेद|वेदों]] में है, इसका अविष्कार गांधीजी ने किया था। उन्होंने इसका उपयोग पहली बार सितम्बर १९३० में [[हिन्दू धर्म|हिन्दुओं]] और [[मुसलमान|मुसलमानों]] में एकता जगाने के लिए किया था, ताकि वे मिलकर [[ब्रिटिश राज]] का अंत कर सकें।<ref name="yashodharma" /> यह भारतीय [[पंथनिरपेक्षता]] (Indian secularism) के प्रमुख सिद्धांतों में से एक है, जिसमें धर्म को सरकार एक-दूसरे से पूरी तरह अलग न करके सभी धर्मों को समान रूप से महत्त्व देने का प्रयास किया जाता है।<ref name="desmith" /><ref name="Larson" /> सर्व धर्म सम भाव को अति-रूढ़िवादी हिन्दुओं के एक छोटे-से हिस्से ने यह खारिज कर दिया है कि धार्मिक सार्वभौमिकता के चलते हिंदू धर्म की अपनी कई समृद्ध परंपराओं को खो दिया है।<ref name="long2007" />{{rp|60}} == संदर्भ == {{Reflist|refs=<ref name=long2012> {{cite book |first=Jeffrey|last=Long |chapter=The Politicization of Hinduism and the Hinduization of Politics: Contrasting Hindu Nationalism with the Transformative Visions of Swami Vivekenanda and Mahatma Gandhi |title=Politics in Theology |editor-first=Gabriel R.|editor-last=Ricci |publisher=Transaction |year=2012 |isbn=9781412848039 }} </ref> <ref name=long2007> {{cite book |first=Jeffrey D.|last=Long |title=A Vision for Hinduism: Beyond Hindu Nationalism |url=https://archive.org/details/visionforhinduis0000long|publisher=I.B.Tauris |year=2007 |isbn=9781845112738 }} </ref> <ref name=yashodharma> {{cite book |title=RKM Propagating the Opposite of What Vivekananda and Ramakrishna Had Said: Call to the Rank and File at RKM! Stand Up and Uphold the Truth |last=Rakhit|first=Maanoj |publisher=Maanoj Rakhit |isbn=9788189746490 }} </ref> <ref name=desmith> {{cite book |first=Donald E|last=Smith |year=2011 |title=India as a Secular State |publisher=Princeton University Press |isbn=9781178595253 }} </ref> <ref name=Larson> {{cite book |first=Gerald James|last=Larson |year=2001 |title=Religion and Personal Law in Secular India: A Call to Judgment |url=https://archive.org/details/religionpersonal0000unse|publisher=Indiana University Press |isbn=0-253-33990-1 }} </ref>}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://web.archive.org/web/20160220075508/http://bharatvani.org/books/tfst/chiii1.htm Sarva Dharma Samabhãva or Sarva Dharma Sambhrama?] Essay by [[वामदेव शास्त्री|David Frawley]] (Prajna: A Journal of Indian Resurgence, January–March, 1997) [[श्रेणी:हिन्दू धर्म]] oz2sxuf1xiop25h4f00xik7nyeueyeu राणा कपूर 0 1146607 6582797 6579431 2026-07-15T07:20:02Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582797 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = राणा कपूर | image = Rana Kapoor, CEO of Yes bank, at the World Economic Forum on India 2012.jpg | caption = 2012 में राणा कपूर | birth_date = {{birth date and age|df=yes|1957|09|09}}<ref name="GHiscock_2007">{{cite book | title = India's global wealth club | url = https://archive.org/details/indiasglobalweal0000hisc | author = Geoff Hiscock | edition = illustrated | publisher = [[John Wiley and Sons]] | year = 2007 | isbn = 978-0-470-82238-8 | page = [https://archive.org/details/indiasglobalweal0000hisc/page/255 255] }}</ref> | birth_place = [[नई दिल्ली]], भारत | residence = मुंबई, भारत | nationality = भारतीय | education = | alma_mater = [[दिल्ली विश्वविद्यालय]]<br> [[रटगर्स यूनिवर्सिटी]] | net_worth = US$377 मिलियन (जुलाई 2019)<ref name="Times of India">{{cite news |title=Yes Bank founder Rana Kapoor's wealth shrinks by $1 billion |url=https://timesofindia.indiatimes.com/business/india-business/yes-bank-founder-rana-kapoors-wealth-shrinks-by-1-billion-as-lender-tumbles/articleshow/70276845.cms |accessdate=31 October 2019 |work=Times of India |date=18 July 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191104005724/https://timesofindia.indiatimes.com/business/india-business/yes-bank-founder-rana-kapoors-wealth-shrinks-by-1-billion-as-lender-tumbles/articleshow/70276845.cms |archive-date=4 नवंबर 2019 |url-status=live }}</ref> | spouse = बिन्दू कपूर | title = सह-संस्थापक, [[येस बैंक]] | children = 3 पुत्रियाँ | website = <!-- {{Url|www.example.com}} --> | footnotes = }} '''राणा कपूर''' (जन्म 9 सितंबर 1957) एक भारतीय बैंकर थे और ये [[येस बैंक]] के संस्थापक और पूर्व प्रबंध निदेशक और सीईओ हैं। जिसका पंजीकृत कार्यालय मुंबई में स्थित है, 1980 में, कपूर एक प्रबंधन प्रशिक्षु के रूप में बैंक ऑफ अमेरिका (BoA) में शामिल हो गए। 1996 में, कपूर महाप्रबंधक और देश के प्रमुख के रूप में एएनजी ग्राइंडलेस इनवेस्टमेंट बैंक (ANZIB) में शामिल हुए।<ref name="bs_lunch">{{cite web| url = http://www.business-standard.com/india/news/lunchbs-rana-kapoor/216122/| title = Lunch with BS: Rana Kapoor| date = 8 March 2005| publisher = [[Business Standard]]| accessdate = 2010-06-20| archive-url = https://web.archive.org/web/20121005115316/http://www.business-standard.com/india/news/lunchbs-rana-kapoor/216122/| archive-date = 5 अक्तूबर 2012| url-status = live}}</ref> 1998 तक उन्होंने दो साल तक वहां काम किया। फरवरी 1995 में, रबोबैंक की एक टीम नये अवसरों के तलाश में भारत पहुंची। कपूर, उनके बहनोई अशोक कपूर और हरकीरत सिंह ने दो संयुक्त उपक्रमों के लिए मेहमान टीम के सामने प्रस्ताव रखा: एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी और एक बैंक। अगले वर्ष के दौरान, कपूर ने भारत, सिंगापुर और नीदरलैंड में रबोबैंक के अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। एनबीएफसी की स्थापना 1997 में की गई थी, जिसमें तीन भारतीय साझेदारों ने 9 करोड़ की इक्विटी पूंजी के साथ निवेश किया था। 2003 में, तीनों ने 10 मिलियन डॉलर में अपनी हिस्सेदारी बेची, जिससे बैंक के लिए बीज कोष तैयार हुआ। 2003 में, [[भारतीय रिज़र्व बैंक]] (RBI) द्वारा येस बैंक की स्थापना के लिए टीम को बैंकिंग लाइसेंस प्रदान किया गया था। उन्होंने 2015 तक "भारत में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले बैंक का निर्माण" की दृष्टि से यस बैंक की स्थापना की। राणा कपूर के पास यस बैंक में 26%, अशोक कपूर के पास 11% और राबोबैंक इंटरनेशनल के पास 20% हिस्सेदारी है।<ref>{{cite web| url = http://www.rediff.com/money/2003/nov/06rabo.htm| title = Rana Kapoor to exit Rabo, take up Yes Bank reins| publisher = [[Rediff.com]]| date = 2003-11-06| accessdate = 2010-06-20| archive-url = https://web.archive.org/web/20160304124922/http://www.rediff.com/money/2003/nov/06rabo.htm| archive-date = 4 मार्च 2016| url-status = live}}</ref> 2008 में मुंबई में 26/11 हमले में अशोक कपूर की मृत्यु हो गई।<ref name="Ashok Kapur">{{cite news|title=Late Ashok Kapur|url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-11-28/india-business/27894019_1_rana-kapoor-bank-spokesperson-new-generation-private-sector|accessdate=13 August 2012|newspaper=Times Of India|date=28 Nov 2008|archive-date=3 जनवरी 2013|archive-url=https://archive.today/20130103094617/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-11-28/india-business/27894019_1_rana-kapoor-bank-spokesperson-new-generation-private-sector|url-status=dead}}</ref> 2005 में, कपूर को "अर्न्स्ट एंड यंग का स्टार्ट-अप एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर" नामित किया गया था।<ref>{{cite web | url = http://getahead.rediff.com/report/2010/mar/15/career-rana-kapoor-the-harder-you-work-the-luckier-you-get.htm | title = 'The harder you work, the luckier you get' | publisher = [[Rediff.com]] | date = 2010-03-15 | accessdate = 2010-06-20 | archive-url = https://web.archive.org/web/20190811203348/http://getahead.rediff.com/report/2010/mar/15/career-rana-kapoor-the-harder-you-work-the-luckier-you-get.htm | archive-date = 11 अगस्त 2019 | url-status = dead }}</ref> जनवरी 2017 में, ब्लूमबर्ग के अनुसार येस बैंक के बढ़ते शेयर मूल्य के साथ, कपूर एक अरबपति बन गए थे।<ref name="bloomberg1">{{cite web |author=Sterling Wong |url=https://www.bloomberg.com/news/articles/2017-01-19/yes-bank-turns-rana-kapoor-into-billionaire-as-stock-climbs |title=India Just Got a New Billionaire Thanks to Soaring Bank Shares |publisher=[[Bloomberg L.P.|Bloomberg]] |date= |accessdate=2017-01-28 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190427210429/https://www.bloomberg.com/news/articles/2017-01-19/yes-bank-turns-rana-kapoor-into-billionaire-as-stock-climbs |archive-date=27 अप्रैल 2019 |url-status=live }}</ref> सितंबर 2018 में, यस बैंक ने घोषणा की कि उन्होंने जनवरी 2019 में कपूर को अपने सीईओ के पद से हटने का आदेश दिया है। जुलाई 2019 में, टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि अगस्त 2018 से यस बैंक के शेयर की कीमत में 78% की गिरावट के साथ, कपूर का नेट मूल्य एक अरब डॉलर से अधिक 377 मिलियन तक गिर गया था। 8 मार्च 2020 को, [[प्रवर्तन निदेशालय]] ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और उन्हें इसके लिए गिरफ्तार कर लिया गया।<ref>{{cite news |title=यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को ED ने किया गिरफ्तार, DHFL को दिया था 3000 करोड़ का 'बैड' लोन! |url=https://khabar.ndtv.com/news/india/enforcement-directorate-arrested-yes-bank-founder-rana-kapoor-2191688 |accessdate=8 मार्च 2020 |work=NDTVIndia |archive-date=8 मार्च 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200308151513/https://khabar.ndtv.com/news/india/enforcement-directorate-arrested-yes-bank-founder-rana-kapoor-2191688 |url-status=dead }}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:1957 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:भारतीय बैंकर]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:दिल्ली के लोग]] 4q2b9t5metuuw036soenfgfbl97j33w कम्प्यूटर-साधित अभिकल्प 0 1156534 6582890 6265302 2026-07-15T10:55:48Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582890 wikitext text/x-wiki [[File:Schneckengetriebe.png|thumb|उदाहरण: 2D CAD ड्राइंग]] [[File:Cad crank.jpg|thumb|उदाहरण: 3D CAD मॉडल]] [[कम्प्यूटर]] का उपयोग करके किसी [[डिजाइन]] का सृजन, परिवर्तन/परिवर्धन, [[विश्लेषण]] या [[इष्टतमीकरण]] करना '''कम्प्यूटर-साधित अभिकल्प''' (Computer-aided design या '''CAD''' / '''कैड''') कहलाता है। <ref>{{cite book|last=Narayan|first=K. Lalit|title=Computer Aided Design and Manufacturing|year=2008|publisher=Prentice Hall of India|location=New Delhi|page=3|url=https://books.google.com/books?id=zXdivq93WIUC&printsec=frontcover|isbn=978-8120333420|access-date=3 अप्रैल 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200207120349/https://books.google.com/books?id=zXdivq93WIUC&printsec=frontcover|archive-date=7 फ़रवरी 2020|url-status=live}}</ref> वर्तमान समय में कम्प्यूटर-साधित अभिकल्पन के लिए अनेकों प्रकार के [[सॉफ्टवेयर]] उपलब्ध हैं जिन्हें 'कैड सॉफ्टवेयर' कहा जाता है। इनका उपयोग करके डिजाइन करने वाले व्यक्ति की उत्पादकता बढ़ायी जा सकती है, या डिजाइन की गुणवत्ता में वृद्धि की जा सकती है, या अच्छे दस्तावेज निर्मित कर प्रभावी विचार-विनिमय किया जा सकता है, या विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) के लिए डेटाबेस बनाया जा सकता है।<ref>{{cite book|last=Narayan|first=K. Lalit|title=Computer Aided Design and Manufacturing|year=2008|publisher=Prentice Hall of India|location=New Delhi|page=4|url=https://books.google.com/books?id=zXdivq93WIUC&printsec=frontcover|isbn=978-8120333420|access-date=3 अप्रैल 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200207120349/https://books.google.com/books?id=zXdivq93WIUC&printsec=frontcover|archive-date=7 फ़रवरी 2020|url-status=live}}</ref> कैड का आउटपुट प्रायः इलेक्ट्रॉनिक फाइलों के रूप में होता है या प्रिन्ट-आउट के रूप में होता है। कभी-कभी '''CADD''' शब्द का उपयोग किया जाता है, जिसका अर्थ है 'कम्प्यूटर-साधित अभिकल्प एवं ड्राफ्टिंग' (Computer Aided Design and Drafting).<ref>{{cite book|last=Duggal |first=Vijay |year=2000 |title=Cadd Primer: A General Guide to Computer Aided Design and Drafting-Cadd, CAD |url=https://archive.org/details/caddprimergenera0000dugg |isbn=978-0962916595 |publisher=Mailmax Pub}}</ref> जो सॉफ्टवेयर इलेक्ट्रॉनिक तंत्र के डिजाइन के लिए उपयोग किए जाते हैं उन्हें [[इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन स्वचालन]] (electronic design automation) या '''EDA''') कहते हैं। [[यांत्रिक अभिकल्प]] के लिए जो सॉफ्टवेयर प्रयुक्त होते हैं उन्हें 'यांत्रिक डिजाइन स्वचाल्न' (mechanical design automation या '''MDA''' या कम्प्यूटर-साधित ड्राफ्टिंग (computer-aided drafting / '''CAD''') कहते हैं। <ref>{{cite book|last=Madsen|first=David A.|title=Engineering Drawing & Design|year=2012|publisher=Delmar|location=Clifton Park, NY|page=10|url=https://books.google.com/books?id=qdtJDEPZrrkC&pg=PA2|isbn=978-1111309572|access-date=3 अप्रैल 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20170710202814/https://books.google.com/books?id=qdtJDEPZrrkC&pg=PA2|archive-date=10 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref> ==कैड सॉफ्टवेयर== [[Image:CAD Modeling.gif|right|thumb|300px|CAD की प्रक्रिया का एक सरल उदाहरण]] [[Image:Kicad Pcbnew screenshot.jpg|right|thumb|400px|[[की-कैड]] (Kicad) का उपयोग करके [[पीसीबी]] की डिजाइन]] ===व्यापारिक/सशुल्क=== * [[Alibre Design]] * [[AllyCAD]] * Autodesk [[ऑटोकैड|AutoCAD]] * [[Autodesk Inventor]] * [[Promine]] * [[AxSTREAM]] * [[Bentley Systems]] - [[MicroStation]] * Bricsys [[BricsCAD]] * Dassault Systemes [[CATIA]] * Dassault Systemes [[SolidWorks]] * Kubotek [[KeyCreator]] * [[Siemens NX]] * Siemens [[Solid Edge]] * PTC [[PTC Creo]] (formerly known as Pro/ENGINEER) * [[T-FLEX CAD]] * Trimble [[SketchUp]] * AgiliCity [[Modelur]] * [[TurboCAD]] * [[IRONCAD]] * [[MEDUSA]] * [[ProgeCAD]] * [[SpaceClaim]] * [[PunchCAD]] * [[Rhinoceros 3D]] * [[VariCAD]] * [[Cobalt (CAD program)|Cobalt]] * [[RoutCad]] * [[SketchUp]] * [[Onshape]] * [[Remo 3D]] ===निःशुल्क तथा मुक्तस्रोत=== * [[123D]] * [[BRL-CAD]] *[[BricsCAD#BricsCAD_Shape|BricsCAD Shape]] * [[FreeCAD]] * [[LibreCAD]] * [[QCad]] * [[OpenSCAD]] * [[SolveSpace]] ===CAD kernels=== * [[Parasolid]] by Siemens * [[ACIS]] by Spatial * [[ShapeManager]] by Autodesk * [[Open CASCADE]] * [[C3D Toolkit|C3D]] by C3D Labs {{colend}} ==सन्दर्भ== {{Reflist|30em|refs=}} ==इन्हें भी देखें== {{colbegin}} *[[डिजाइन|डिजाइन या अभिकल्प]] * [[3D computer graphics software]] * [[3D प्रिंटिंग]] * [[Additive Manufacturing File Format]] * [[CAD के मानक]] * [[Coarse space (numerical analysis)]] * [[Comparison of 3D computer graphics software]] * [[Comparison of computer-aided design editors]] * [[Comparison of CAD, CAM and CAE file viewers]] * [[ईडीए सॉफ्टवेयरों की तुलना]] (Electronic Design Automation) * [[निःशुल्क एलेक्ट्रानिक परिपथ सिमुलेटर]] * [[Computer-aided industrial design]] * [[Digital architecture]] * [[इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन स्वचालन]] (Electronic design automation/ईडीए) * [[Engineering optimization]] * [[परिमित अवयव विधि]] (फाइनाइट-एलिमेन्ट-विधि) * [[Integrating functionality]] * [[ISO 128]] * [[ISO 10303]] STEP * [[Model based definition]] * [[Molecular design software]] * [[मुक्त हार्डवेयर]] * [[Rapid prototyping]] * [[Responsive computer-aided design]] * [[Space mapping]] * [[Surrogate model]] * [[Virtual prototyping]] * [[Virtual reality]] * [[इष्टतमीकरण]] (ऑप्टिमाइजेशन) {{colend}} ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://web.archive.org/web/20191026201746/https://www.youtube.com/watch?v=RgUSsXdLjvc MIT 1982 CAD lab] * {{wikiversity-inline|Computer-aided Geometric Design}} * {{Wiktionary-inline}} [[श्रेणी:अभिकल्प]] 2fmkmquw88egit326ngwyuorysslhlo सफ़ूरा 0 1207404 6582786 6548661 2026-07-15T06:55:32Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582786 wikitext text/x-wiki {{Infobox person|name=सिप्पोरा|image=Zipporah (cropped).jpg|alt=सिप्पोरा की चित्रकला|caption=''सिप्पोरा'', [[जॉन रस्किन]] द्वारा चित्रकला, 1874|birth_date=मिद्यान|birth_place=|death_place=|spouse=[[मूसा]]|children=[[गेर्शोम]] (बेटा)<br />[[एलीएज़ेर]] (बेटा)|parents=[[यित्रो]]|relatives=छह बहन<br />[[हारून]] (जेठ)<br />[[मरियम, मूसा की बहन|मरियम]] (ननद)|other_names=|native_name=צִפֹּרָה|native_name_lang=hbo}} '''सिप्पोरा''' ({{Langx|hbo|צִפֹּרָה}}, {{Langx|grc|Σεπφώρα}}) [[निर्गमन की पुस्तक]] में [[मूसा]] की पत्नी तथा मिद्यान के प्रधान [[यित्रो]] की बेटी है।<ref>*{{cite book |last=Corduan |first=Winfried |title=Neighboring Faiths: A Christian Introduction to World Religions |year=2013 |isbn=978-0-8308-7197-1 |page=107|publisher=InterVarsity Press }} *{{cite book |last=Mackey |first=Sandra |title=Mirror of the Arab World: Lebanon in Conflict |year=2009 |isbn=978-0-3933-3374-9 |page=28|publisher=W. W. Norton & Company }} *{{cite web |last=Lev |first=David |date=25 October 2010 |title=MK Kara: Druze are Descended from Jews |url=http://www.israelnationalnews.com/News/News.aspx/140251 |access-date=13 April 2011 |work=Israel National News |publisher=Arutz Sheva}} *{{cite book |last=Blumberg |first=Arnold |url=https://archive.org/details/zionbeforezionis0000blum/page/201 |title=Zion Before Zionism: 1838–1880 |publisher=Syracuse University Press |year=1985 |isbn=0-8156-2336-4 |location=Syracuse, New York |page=[https://archive.org/details/zionbeforezionis0000blum/page/201 201]}} *{{cite book |last=Rosenfeld |first=Judy |title=Ticket to Israel: An Informative Guide |url=https://archive.org/details/tickettoisraelin0000rose |year=1952 |page=[https://archive.org/details/tickettoisraelin0000rose/page/290 290]}}</ref> उसके दो बेटे हैं: [[गेर्शोम]] और [[एलिएज़ेर]]।<ref>{{Cite web|url=https://bible.oremus.org/?passage=1%20Chronicles%2023:16%E2%80%9317&version=nrsv|title=oremus Bible Browser : 1 Chronicles 23:16–17|website=bible.oremus.org|access-date=2025-05-07}}</ref> [[इतिहास की पुस्तकें|इतिहास की पुस्तकों]] में, उसके दो पौते हैं: [[शबूएल]], गेर्शोम का बेटा; और रहब्याह, एलिएज़ेर का बेटा।<ref>{{Cite web|url=https://bible.oremus.org/?passage=1%20Chronicles%2023:16%E2%80%9317&version=nrsv|title=oremus Bible Browser : 1 Chronicles 23:16–17|website=bible.oremus.org|access-date=2025-05-07}}</ref> == बाइबिल में कथा == === पृष्ठभूमि === निर्गमन पुस्तक में सफ़ूरा को यित्रो की सात पुत्रियों में से एक बताया गया है। यित्रो एक केनानी (Kenite) चरवाहा था जो मिद्यान देश का याजक था। ==सन्दर्भ== {{reflist}} [[श्रेणी:यहूदी धर्म]] {{आधार}} 18kohckfehnwl7h7xawyfrsea8q5qye ध्यानाकर्षण 0 1250033 6582860 6567270 2026-07-15T09:54:53Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582860 wikitext text/x-wiki '''ध्यानाकर्षण''' ({{lang-en|Whistleblower}}, व्हिसलब्लोअर) एक व्यक्ति है, आमतौर पर एक कर्मचारी, जो निजी, सार्वजनिक या सरकारी संगठन के भीतर सूचना या गतिविधि को उजागर करता है, जिसे गैरकानूनी, अवैध, असुरक्षित, या एक बेकार, धोखाधड़ी, या करदाता के धन का दुरुपयोग माना जाता है। जो लोग '''ध्यानाकर्षण''' बनते हैं, वे [[आंतरिक|आन्तरिक]] या [[बाहरी|बाह्य]] रूप से जानकारी या आरोपों को सतह पर लाने का विकल्प चुन सकते हैं। 83% से अधिक '''ध्यानाकर्षण''' [[कंपनी|कम्पनी]] के भीतर एक [[पर्यवेक्षक]], मानव संसाधन, अनुपालन या तटस्थ तीसरे पक्ष को [[आंतरिक|आन्तरिक]] रूप से रिपोर्ट करते हैं, इस सोच के साथ कि [[कंपनी|कम्पनी]] मुद्दों को [[संबोधित|सम्बोधित]] करेगी और ठीक करेगी। बाहरी रूप से, एक '''ध्यानाकर्षण''' [[मीडिया]], सरकार या [[कानून प्रवर्तन]] जैसे संगठन के बाहर किसी तीसरे पक्ष से [[संपर्क|सम्पर्क]] करके आरोपों को प्रकाश में ला सकता है। भले ही यह अमेरिका सहित कई देशों में गैरकानूनी है, लेकिन [[कंपनी|कम्पनी]] की ओर से गलत आरोप लगाने वालों या उन पर प्रतिशोध लेने का आरोप '''ध्यानाकर्षण''' के 90% से अधिक लोगों द्वारा लगाया जाता है। प्रतिशोधी रिपोर्ट के सबसे सामान्य प्रकार को अचानक समाप्त किया जा रहा है। हालाँकि, कई अन्य गतिविधियाँ हैं, जिन्हें प्रतिशोधी माना जाता है, जैसे कि कार्यभार में अचानक अत्यधिक वृद्धि, [[घंटों|घण्टों]] में भारी कटौती, कार्य को पूरा करना [[असंभव|असम्भव]] या अन्यथा बदमाशी के उपाय। == ग्रन्थसूची == * {{Cite book|url=https://archive.org/details/whistleblowersbr00alfo|title=Whistleblowers: Broken Lives and Organizational Power|last=Alford, C. Fred|publisher=Cornell University Press|year=2001|isbn=978-0-8014-3841-7}}<bdi><cite class="citation book cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFAlford,_C._Fred2001">[[विशेष: बुकसोर्स / 978-0-8014-3841-7|978-0-8014-3841-7]]</cite></bdi> * अर्नोल्ड, जेसन रॉस (2019)। ''[https://www.amazon.com/Whistleblowers-Leakers-Their-Networks-Professional/dp/1538130564 व्हिसलब्लोवर्स, लीकर्स, एंड देयर नेटवर्क्स: फ्रॉम स्नोडेन टू समिज्जत]'' । रोवमैन एंड लिटिलफ़ील्ड। * बनिसार, डेविड "व्हिसलब्लोइंग: इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स एंड डेवलपमेंट्स", ''करप्शन एंड ट्रांसपेरेंसी में: स्टेट, मार्केट एंड सोसाइटी'', आई। सैंडोवल, एड।, वर्ल्ड बैंक-इंस्टीट्यूट फॉर सोशल रिसर्च, यूएनएएमए, वाशिंगटन, डीसी, 2011 के बीच डिबेटर्स उपलब्ध। ऑनलाइन [http://ssrn.com/abstract=1753180 ssrn.com पर] * डेम्पस्टर, क्वेंटिन ''व्हिसलब्लोवर्स'', सिडनी, एबीसी बुक्स, 1997। [[ISBN (identifier)|आईएसबीएन]]&nbsp;[[Special:BookSources/0-7333-0504-0|0-4333-0504-0]] [विशेष रूप से पीपी देखें।&nbsp;199-212: 'व्हिसलब्लोअर्स का साहस'] * फ्रिस, ए "व्हिसलब्लोइंग हीरो&nbsp;- वरदान या बोझ? ” , ''बुलेटिन ऑफ मेडिकल एथिक्स'', 2001 अगस्त: (170): 13-19। * गैरेट, एलीसन, "ऑडिटर व्हिसल ब्लोइंग: द फाइनेंशियल फ्रॉड डिटेक्शन एंड डिस्क्लोजर एक्ट," 17 सेटन हॉल ''लेगिस।'' ''जे।'' 91 (1993)। * {{Cite book|title=Whistleblowing: A guide to government reward programs|url=https://archive.org/details/whistleblowinggu0000hesc|last=Hesch, Joel|publisher=Goshen Press|year=2009|isbn=978-0-9772602-0-1}}<bdi><cite class="citation book cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFHesch,_Joel2009">[[विशेष: बुकसोर्स / 978-0-9772602-0-1|978-0-9772602-0-1]]</cite></bdi> * {{Cite book|title=Chapman, R & Hunt, M (eds) Freedom of Information: Perspectives on Open Government in a Theoretical and Practical Context|last=Hunt, Geoffrey|publisher=[[Ashgate Publishing]], Aldershot, UK|year=2006|chapter=The Principle of Complementarity: Freedom of Information, Public Accountability and Whistleblowing in}} * {{Cite journal|last=Hunt, Geoffrey|year=2000|title=Whistleblowing, Accountability & Ethical Accounting|journal=[[Clinical Risk (journal)|Clinical Risk]]|volume=6|issue=3|pages=115–16|doi=10.1177/135626220000600306}} * {{Cite book|title='Whistleblowing', commissioned entry for Encyclopedia of Applied Ethics, (8,000 words)|last=Hunt, Geoffrey|publisher=Academic Press, California, USA|year=1998}} * {{Cite book|title=Whistleblowing in the Social Services: Public Accountability & Professional Practice|last=Hunt, Geoffrey (ed)|publisher=Arnold|year=1998}} * {{Cite book|title=Whistleblowing in the Health Service: Accountability, Law & Professional Practice|last=Hunt, G (ed)|publisher=Arnold|year=1995}} * {{Cite book|url=https://archive.org/details/whistleblowingwh00john|title=Whistleblowing: When It Works—And Why|last=Johnson, Roberta Ann|publisher=L. Reinner Publishers|year=2002|isbn=978-1-58826-114-4}}<bdi><cite class="citation book cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFJohnson,_Roberta_Ann2002">[[विशेष: बुकसोर्स / 978-1-58826-114-4|978-1-58826-114-4]]</cite></bdi> * {{Cite book|title=Concepts and Procedures in Whistleblower Law|last=Kohn, Stephen M|publisher=[[Quorum Books]]|year=2000|isbn=978-1-56720-354-7}}<bdi><cite class="citation book cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFKohn,_Stephen_M2000">[[विशेष: बुकसोर्स / 978-1-56720-354-7|978-1-56720-354-7]]</cite></bdi> * {{Cite book|title=Whistleblower Law A Guide to Legal Protections for Corporate Employees|url=https://archive.org/details/whistleblowerlaw0000kohn|last=[[Stephen M. Kohn|Kohn, Stephen M]]; [[Michael D. Kohn|Kohn, Michael D]]; [[David K. Colapinto|Colapinto, David K.]]|publisher=[[Praeger Publishers]]|year=2004|isbn=978-0-275-98127-3}}<bdi><cite class="citation book cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFKohn,_Stephen_M;_Kohn,_Michael_D;_Colapinto,_David_K.2004">[[विशेष: बुकसोर्स / 978-0-275-98127-3|978-0-275-98127-3]]</cite></bdi> * लॉरेटानो, मेजर डैनियल ए।, "द मिलिट्री व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन एक्ट एंड मिलिट्री मेंटल हेल्थ प्रोटेक्शन एक्ट", ''आर्मी लॉ'', (अक्टूबर) 1998। * लेचनर, जे। पी। और पॉल एम। सिस्को, [http://www.floridabar.org/DIVCOM/JN/JNJournal01.nsf/8c9f13012b96736985256aa900624829/83e35f41f619308c85257178006f13fe?OpenDocument "सर्बनेस-ऑक्सले क्रिमिनल व्हिसलब्लोअर प्रोविजन्स एंड द वर्कप्लेस: मोरे जस्ट जस्ट सिक्योरिटी फ्रॉड"] 80 फ्लोरिडा बीजे 85 (जून 2006) * {{Cite book|title=Whistleblowers: Incentives, Disincentives, and Protection Strategies|url=https://archive.org/details/whistleblowersin0000lipm|last=Lipman, Frederick D.|publisher=[[John Wiley & Sons]]|year=2012|isbn=978-1-118-09403-7}}<bdi><cite class="citation book cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFLipman,_Frederick_D.2012">[[विशेष: बुकसोर्स / 978-1-118-09403-7|978-1-118-09403-7]]</cite></bdi> * मार्टिन, ब्रायन । [http://www.bmartin.cc/pubs/07ji/index.html ''जस्टिस इग्नेस्ट: द डायनामिक्स ऑफ बैकफायर''], (लानहम, एमडी: रोवमैन एंड लिटिलफील्ड, 2007)। * मार्टिन, ब्रायन के साथ वेंडी वर्नी। [http://www.bmartin.cc/pubs/03nvs/index.html ''अहिंसा भाषण: दमन के खिलाफ संवाद''], (क्रेसकिल, न्यू जर्सी: हैम्पटन प्रेस, 2003)। * मार्टिन, ब्रायन। [http://www.uow.edu.au/arts/sts/bmartin/pubs/01tnvs/ ''अहिंसक संघर्ष के लिए प्रौद्योगिकी''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090409000022/http://www.uow.edu.au/arts/sts/bmartin/pubs/01tnvs/ |date=9 अप्रैल 2009 }}, (लंदन: वॉर रेजिस्टर्स इंटरनेशनल, 2001)। * मार्टिन, ब्रायन के साथ लिन कार्सन। [http://www.bmartin.cc/pubs/99rsip.pdf ''राजनीति में यादृच्छिक चयन''], (वेस्टपोर्ट, सीटी: प्रेगर, 1999)। * मार्टिन, ब्रायन। ''द व्हिसलब्लोवर की हैंडबुक: हाउ टू बी'' अ इफ़ेक्टिव रिसिस्टर, (चार्लबरी, यूके: जॉन कारपेंटर; सिडनी: एनविरोबुक, 1999)। 2013 को [http://www.bmartin.cc/pubs/13wb.html ''व्हिसलब्लोइंग के''] रूप में नवीनीकृत और पुनर्प्रकाशित [http://www.bmartin.cc/pubs/13wb.html '': एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका''], स्पार्सैब्स, स्वीडन: आइरीन प्रकाशन। * मैककार्थी, रॉबर्ट जे। "ब्लोइंग इन द विंड: आंसर फॉर फेडरल व्हिसलब्लोवर्स", 3 ''विलियम एंड मैरी पॉलिसी रिव्यू'' 184 (2012)। * {{Cite book|url=https://archive.org/details/whistleblowingat0000miet|title=Whistleblowing at work: tough choices in exposing fraud, waste, and abuse on the job|last=Miethe, Terance D|publisher=[[Westview Press]]|year=1991|isbn=978-0-8133-3549-0|url-access=registration}}<bdi><cite class="citation book cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFMiethe,_Terance_D1991">[[विशेष: बुकसोर्स / 978-0-8133-3549-0|978-0-8133-3549-0]]</cite></bdi> * रोवे, मैरी एंड बेन्द्स्की, कोरिन, "वर्कप्लेस जस्टिस, जीरो टॉलरेंस एंड जीरो बैरियर्स: गेट टू पीपल फॉर कम्फर्ट ''फ़ॉर'' कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट सिस्टम्स," इन ''टू द प्लेसप्लेस फ्रॉम द वर्कप्लेस'', ''सोसाइटी'', थॉमस कोचन और रिचर्ड लोके (एड), कॉर्नेल यूनिवर्सिटी प्रेस, 2002 * विल्की, रॉबर्ट एन। एस्क।, [https://web.archive.org/web/20150404012642/http://open.wmitchell.edu/cgi/viewcontent.cgi?article=1070&context=wmlr&sei-redir=1&referer=http%3A%2F%2F "फ़ेडरल व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन: ए मीन्स टू] एन इफ़ोरिंगिंग [https://web.archive.org/web/20150404012642/http://open.wmitchell.edu/cgi/viewcontent.cgi?article=1070&context=wmlr&sei-redir=1&referer=http%3A%2F%2F मैक्सिमम ऑवर लेजिस्लेशन] फ़ॉर [https://web.archive.org/web/20150404012642/http://open.wmitchell.edu/cgi/viewcontent.cgi?article=1070&context=wmlr&sei-redir=1&referer=http%3A%2F%2F मेडिकल रेजिडेंट्स"], ''विलियम मिशेल लॉ रिव्यू'', वॉल्यूम। 30, अंक 1 (2003)। * चार्ल्स ई। हैरिस, जूनियर - माइकल एस। प्रिचार्ड- माइकल जे। रिन्स द्वारा इंजीनियरिंग एथिक्स की अवधारणाएं और मामले। * [https://www.irs.gov/uac/Whistleblower-Informant-Award IRS.gov] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170804024152/https://www.irs.gov/uac/whistleblower-informant-award |date=4 अगस्त 2017 }}, व्हिसलब्लोअर&nbsp;- मुखबिर पुरस्कार * [https://www.whistleblowingservice.com.au/legislation-and-laws/], व्हिसलब्लोअर एंड लॉज़ ऑस्ट्रेलिया; - ग्लोबल एंड ऑस्ट्रेलियन लॉज़: स्टीवन एसेनर, २०१ ९ == बाहरी कड़ियाँ == * {{Cite web|url=http://www.nature.com/polopoly_fs/1.14226!/menu/main/topColumns/topLeftColumn/pdf/503454a.pdf|title=3 ways to blow the whistle|last=Ed Yong|authorlink=Ed Yong|date=28 November 2013|website=[[Nature (journal)|Nature]] Vol 503}} * महामहिम के स्टेशनरी कार्यालय से [http://www.legislation.hmso.gov.uk/acts/acts1998/19980023.htm सार्वजनिक हित प्रकटीकरण अधिनियम 1998] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080516203522/http://www.legislation.hmso.gov.uk/acts/acts1998/19980023.htm |date=16 मई 2008 }} * [https://digital.library.unt.edu/govdocs/crs/permalink/meta-crs-8246 राष्ट्रीय सुरक्षा व्हिसलब्लोअर], एक कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) रिपोर्ट * [https://fas.org/sgp/crs/misc/R43045.pdf संघीय व्हिसलब्लोअर और विरोधी प्रतिशोध कानून का सर्वेक्षण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200515001850/https://fas.org/sgp/crs/misc/R43045.pdf |date=15 मई 2020 }}, एक कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) रिपोर्ट * अमेरिकी श्रम विभाग में [http://www.whistleblowers.gov व्हिसलब्लोअर संरक्षण कार्यक्रम और जानकारी] * [http://www.canlii.org/en/ca/fca/doc/2006/2006fca283/2006fca283.html वी पढ़ें] [http://www.canlii.org/en/ca/fca/doc/2006/2006fca283/2006fca283.html कनाडा (अटॉर्नी जनरल)] व्हिसलब्लोइंग डिफेंस के संबंध में कनाडा का कानूनी ढांचा * [http://www.patientsfirst.org.uk मरीजों को पहले] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120115173715/http://www.patientsfirst.org.uk/ |date=15 जनवरी 2012 }} * [http://www.whistlebloweruk.org Whistleblowers ब्रिटेन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190417075731/http://whistlebloweruk.org/ |date=17 अप्रैल 2019 }} * [http://www.bergermontague.com/practice-areas/whistleblowers,-qui-tam-false-claims-act/whistleblowers,-qui-tam-false-claims-act-legal-blog/should-i-be-a-whistleblower-and-report-government-fraud-to-lawyers-and-attorneys एक व्हिसलब्लोअर क्यों बनें?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170613111410/http://bergermontague.com/practice-areas/whistleblowers,-qui-tam-false-claims-act/whistleblowers,-qui-tam-false-claims-act-legal-blog/should-i-be-a-whistleblower-and-report-government-fraud-to-lawyers-and-attorneys |date=13 जून 2017 }} * [https://web.archive.org/web/20131203155909/http://conversations.psu.edu/episodes/eyal_press लेखक ईयाल प्रेस ने ''पेन स्टेट से बातचीत'' पर व्हिसलब्लोअर और वीरता पर चर्चा की] * [http://www.aljazeera.com/programmes/specialseries/2016/03/digital-dissidents-160323141254755.html "डिजिटल डिसिडेंट्स: व्हाटस्ब्लोवर होने का मतलब क्या है"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190811001745/https://www.aljazeera.com/programmes/specialseries/2016/03/digital-dissidents-160323141254755.html |date=11 अगस्त 2019 }} । ''अल जज़ीरा अंग्रेजी'' । * [https://www.whistleblowingauthority.com/ व्हिसल ब्लोअर संरक्षण प्राधिकरण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210129181720/https://www.whistleblowingauthority.com/ |date=29 जनवरी 2021 }} [[श्रेणी:राजनीतिक शब्दावली]] [[श्रेणी:श्रम कानून]] [[श्रेणी:वाक स्वतंत्रता]] [[श्रेणी:अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता]] nns60wdmow1cqu1wgl8vd073zew1ag1 इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का न्यूजीलैंड दौरा 2020-21 0 1255215 6582627 6561050 2026-07-14T17:55:47Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582627 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = | team1_image = Flag_of_New_Zealand.svg | team1_name = न्यूजीलैंड महिला | team2_image = Flag_of_England.svg | team2_name = इंग्लैंड महिला | from_date = 23 फरवरी | to_date = 7 मार्च 2021 | team1_captain = [[सोफी डिवाइन]] | team2_captain = [[हीथर नाइट (क्रिकेटर) | हीथर नाइट]]<ref name="Knight" group="ध">[[नताली स्किवेर]] ने तीसरे मटी20आई में इंग्लैंड की कप्तानी की।</ref> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 1 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = [[एमी सैटरथवेट]] (135) | team2_ODIs_most_runs = [[टैमी ब्यूमोंट]] (231) | team1_ODIs_most_wickets = [[अमेलिया केर]] (4) | team2_ODIs_most_wickets = [[नताली स्किवेर]] (5) | player_of_ODI_series = | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 0 | team2_twenty20s_won = 3 | team1_twenty20s_most_runs = [[एमी सैटरथवेट]] (76) | team2_twenty20s_most_runs = [[टैमी ब्यूमोंट]] (102) | team1_twenty20s_most_wickets = [[लेघ कास्पेरेक]] (4) | team2_twenty20s_most_wickets = चार गेंदबाजों ने पांच-पांच विकेट लिए<ref name="4bowlers" group="ध">[[फ्रेया डेविस]], [[सोफी एक्लेस्टोन]], [[सारा ग्लेन]] और [[नताली स्किवेर]] सभी ने पांच-पांच विकेट लिए।</ref> | player_of_twenty20_series = [[टैमी ब्यूमोंट]] (इंग्लैंड) }} [[इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम]], फरवरी और मार्च 2021 में [[न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम]] के खिलाफ खेली थी।<ref>{{cite web |url=http://international.nzc.nz/news-items/international-cricket-to-start-with-eden-park-showdown |title=International Cricket to start with Eden Park Showdown |work=New Zealand Cricket |access-date=29 September 2020 |archive-date=18 अक्तूबर 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201018004418/http://international.nzc.nz/news-items/international-cricket-to-start-with-eden-park-showdown |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.nzherald.co.nz/sport/news/article.cfm?c_id=4&objectid=12368808 |title=New Zealand Cricket reveal schedule for Black Caps and White Ferns |work=New Zealand Herald |access-date=29 September 2020 |archive-date=1 अक्तूबर 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201001220004/https://www.nzherald.co.nz/sport/news/article.cfm?c_id=4&objectid=12368808 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/_/id/29997683/new-zealand-secure-extra-australia-t20is |title=New Zealand secure extra Australia T20Is |work=ESPN Cricinfo |access-date=29 September 2020}}</ref> यह दौरा उस समय के दौरान खेला गया जो मूल रूप से [[2021 महिला क्रिकेट विश्व कप]] की मेजबानी के लिए इस्तेमाल किया जाना था,<ref>{{cite web |url=https://www.womenscriczone.com/ca-nzc-in-early-talks-to-fill-world-cup-postponement-void-next-year/ |title=CA, NZC in early talks to fill World Cup postponement void next year |work=Women's CricZone |access-date=11 August 2020 |archive-date=22 जनवरी 2025 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250122012858/https://www.womenscriczone.com/ca-nzc-in-early-talks-to-fill-world-cup-postponement-void-next-year/ |url-status=dead }}</ref> टूर्नामेंट को [[कोविड-19]] महामारी के कारण [[2022 महिला क्रिकेट विश्व कप|एक साल के लिए स्थगित]] कर दिया गया था।<ref name="ICC-Aug20">{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/media-releases/1749944 |title=Venue for postponed 2020 ICC Men's T20 World Cup confirmed |work=International Cricket Council |access-date=7 August 2020}}</ref> दौरे के लिए जुड़नार की पुष्टि जनवरी 2021 में हुई थी,<ref>{{cite web|url=https://www.ecb.co.uk/england/women/news/1972633/england-women-squad-named-for-new-zealand-tour |title=England Women squad named for New Zealand tour |work=England and Wales Cricket Board |access-date=14 January 2021}}</ref> जिसमें तीन [[महिला एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट|महिला वनडे अन्तरराष्ट्रीय]] (मवनडे) और तीन [[महिला ट्वेन्टी २० अंतरराष्ट्रीय]] (मटी20आई) खेले गए। <ref>{{cite web|url=https://www.stuff.co.nz/sport/cricket/123945580/four-doubleheaders-as-white-ferns-host-england-australia-for-twenty20s-odis |title=Four double-headers as White Ferns host England, Australia for Twenty20s, ODIs |work=Stuff |access-date=14 January 2021}}</ref> मटी20आई मैच उसी दिन हुए, जिस दिन न्यूजीलैंड के पुरुष खिलाड़ी [[ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का न्यूजीलैंड दौरा 2020–21|ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ]] उसी मैदान पर खेलें थे।<ref>{{cite web|url= https://www.cricket.com.au/news/t20-australia-squad-new-zealand-tour-selections-philippe-tanveer-sangha-meredith-behrendorff-wade/2021-01-27 |title=Tanveer leads fresh-faced trio for NZ T20 tour |work=Cricket Australia |access-date=27 January 2021}}</ref> 27 फरवरी 2021 को, [[कोविड-19 महामारी]] के कारण ऑकलैंड के लॉकडाउन में जाने के बाद दूसरा मटी20आई मैच [[ऑकलैंड]] के [[ईडन पार्क]] से [[वेलिंगटन क्षेत्रीय स्टेडियम]] में स्थानांतरित कर दिया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.stuff.co.nz/sport/cricket/300240883/cricket-moved-from-auckland-to-escape-covid-americas-cup-day-one-at-risk |title=Cricket moved from Auckland to escape COVID, America's Cup day one at risk |work=Stuff |access-date=27 February 2021}}</ref> श्रृंखला के शेष भाग को [[बंद दरवाजों के पीछे (खेल)| बंद दरवाजों के पीछे]] खेला जाना है।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/content/story/1253304.html |title=Covid-19: NZC moves T20Is to Wellington as Auckland goes into lockdown |work=ESPN Cricinfo |access-date=27 February 2021}}</ref> 1 मार्च 2021 को, अंतिम मटी20आई को पुरुषों के टी20आई मैचों को स्थानांतरित किये जाने से उत्पन्न होने वाली तार्किक जटिलताओं के बाद [[तौरंगा]] में [[बे ओवल]] से [[वेलिंगटन क्षेत्रीय स्टेडियम]] में स्थानांतरित कर दिया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/nz-covid-19-lockdown-wellington-to-host-remainder-of-australia-men-and-england-women-matches-1253400 |title=Wellington to host remainder of Australia men's and England women's matches |work=ESPN Cricinfo |access-date=1 March 2021}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.nzc.nz/news-items/final-double-header-moved-to-wellington |title=Final double-header moved to Wellington |work=New Zealand Cricket |access-date=1 March 2021 |archive-date=28 फ़रवरी 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210228215151/https://www.nzc.nz/news-items/final-double-header-moved-to-wellington |url-status=dead }}</ref> इंग्लैंड ने पहले दो मवनडे मैच जीतकर श्रृंखला में अजेय बढ़त हासिल की।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/england-women-in-new-zealand-2020-21-1249221/new-zealand-women-vs-england-women-2nd-odi-1249233/match-report |title=Nat Sciver and Tammy Beaumont lead the way as England make it 2-0 |work=ESPN Cricinfo |access-date=26 February 2021}}</ref> न्यूजीलैंड ने सात विकेट से तीसरा मवनडे जीतकर, लगातार ग्यारह मैचों की हार का सिलसिला समाप्त किया। वहीं इंग्लैंड ने 2-1 से श्रृंखला जीत ली।<ref>{{cite web |url=https://www.womenscriczone.com/amy-satterthwaite-allround-amelia-kerr-rise-to-occasion-as-new-zealand-end-winless-streak |title=Amy Satterthwaite, allround Amelia Kerr rise to occasion as New Zealand end winless streak |work=Women's CricZone |access-date=28 February 2021 |archive-date=1 नवंबर 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231101183510/https://www.womenscriczone.com/amy-satterthwaite-allround-amelia-kerr-rise-to-occasion-as-new-zealand-end-winless-streak |url-status=dead }}</ref> इंग्लैंड ने पहले दो मटी20आई मैच जीतकर श्रृंखला में अजेय बढ़त हासिल की।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/england-women-in-new-zealand-2020-21-1249221/new-zealand-women-vs-england-women-2nd-t20i-1249236/match-report |title=Freya Davies and Tammy Beaumont star as England seal series |work=ESPN Cricinfo |access-date=5 March 2021}}</ref> इंग्लैंड ने तीसरा मटी20आई 32 रन से जीतकर श्रृंखला को 3-0 से अपने नाम किया।<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/56310809 |title=New Zealand v England: Tourists win by 32 runs to complete clean sweep |work=BBC Sport |access-date=7 March 2021}}</ref> ==दस्ता== {| class="wikitable" style="text-align:center; margin:auto" |- !colspan=2|मवनडे !colspan=2|मटी20आई |- ! {{crw|NZ}}<ref>{{cite web |url=https://www.nzc.nz/news-items/jonas-halliday-named-in-first-white-ferns-squad |title=Jonas & Halliday named in first WHITE FERNS squad |work=New Zealand Cricket |access-date=10 February 2021 |archive-date=9 फ़रवरी 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210209233510/https://www.nzc.nz/news-items/jonas-halliday-named-in-first-white-ferns-squad |url-status=dead }}</ref> ! {{crw|ENG}}<ref>{{cite web|url=https://www.thecricketer.com/Topics/news/england_tour_new_zealand_odi_t20i_series_squad_announced.html |title=England to tour New Zealand for ODI and T20I series to fill World Cup void |work=The Cricketer |access-date=14 January 2021}}</ref> ! {{crw|NZ}}<ref>{{cite web |url=https://www.nzc.nz/news-items/domestic-form-rewarded-in-white-ferns-t20-squad |title=Domestic form rewarded in White Ferns T20 squad |work=New Zealand Cricket |access-date=14 February 2021 |archive-date=13 फ़रवरी 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210213233522/https://www.nzc.nz/news-items/domestic-form-rewarded-in-white-ferns-t20-squad |url-status=dead }}</ref> ! {{crw|ENG}}<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/england-women-in-new-zealand-2021-tash-farrant-to-tour-new-zealand-anya-shrubsole-out-injured-1247717 |title=Tash Farrant to tour New Zealand, Anya Shrubsole out injured |work=ESPN Cricinfo |access-date=14 January 2021}}</ref> |- style="vertical-align:top" | * [[सोफी डिवाइन]] ([[कप्तान (क्रिकेट) |क]]) * [[एमी सैटरथवेट]] ([[कप्तान (क्रिकेट)| उप-कप्तान]]) * [[नताली डोड]] * [[मैडी ग्रीन]] * [[ब्रुक हॉलिडे]] * [[हेले जेन्सेन (क्रिकेटर) | हेले जेनसन]] * [[फ्रान जोनास]] * [[अमेलिया केर]] * [[जेस केर]] * [[फ्रांसिस मैके]] * [[केटी मार्टिन]] ([[विकेट-कीपर]]) * [[हन्ना रोवे]] * [[ले ताहू]] * [[गैबी सुलिवन]] | *[[हीथर नाइट (क्रिकेटर) | हीथर नाइट]] ([[कप्तान (क्रिकेट) |क]]) * [[टैमी ब्यूमोंट]] * [[कैथरीन ब्रंट]] * [[केट क्रॉस]] * [[फ्रेया डेविस]] * [[सोफिया डंकले]] * [[सोफी एक्लेस्टोन]] * [[जॉर्जिया एल्विस]] * [[तेश फरान्ट]] * [[सारा ग्लेन]] * [[एमी जोन्स (क्रिकेटर) | एमी जोन्स]] * [[नताली स्किवेर]] * [[मैडी विलियर्स]] * [[फ्रैंक विल्सन]] * [[लॉरेन विनफील्ड-हिल]] * [[डैनी व्याट]] | * [[सोफी डिवाइन]] ([[कप्तान (क्रिकेट) |क]]) * [[एमी सैटरथवेट]] ([[कप्तान (क्रिकेट)| उप-कप्तान]]) * [[केट इब्राहिम]] * [[मैडी ग्रीन]] * [[ब्रुक हॉलिडे]] * [[हेले जेनसन (क्रिकेटर) | हेले जेनसन]] * [[लेघ कास्पेरेक]] * [[अमेलिया केर]] * [[जेस केर]] * [[रोजमैरी मेयर]] * [[केटी मार्टिन]] ([[विकेट-कीपर]]) * [[हन्ना रोवे]] * [[थम्सिन न्यूटन]] * [[गैबी सुलिवन]] * <s>[[ले ताहू]]</s> | *[[हीथर नाइट (क्रिकेटर) | हीथर नाइट]] ([[कप्तान (क्रिकेट) |क]]) * [[टैमी ब्यूमोंट]] * [[कैथरीन ब्रंट]] * [[केट क्रॉस]] * [[फ्रेया डेविस]] * [[सोफिया डंकले]] * [[सोफी एक्लेस्टोन]] * [[जॉर्जिया एल्विस]] * [[तेश फरान्ट]] * [[सारा ग्लेन]] * [[एमी जोन्स (क्रिकेटर) | एमी जोन्स]] * [[नताली स्किवेर]] * [[मैडी विलियर्स]] * [[फ्रैंक विल्सन]] * [[लॉरेन विनफील्ड-हिल]] * [[डैनी व्याट]] |} [[ईसी वोंग]] ने भी इंग्लैंड के दस्ते के साथ यात्रा की, लेकिन वह खेलने वाले दस्ते का हिस्सा नहीं था।<ref>{{cite news|url=https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/55644491 |title=England women recall Tash Farrant for New Zealand tour |work=BBC Sport |accessdate= 10 February 2021}}</ref> न्यूज़ीलैंड की [[ले ताहू]] को हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण अंतिम दो मवनडे के लिए बाहर कर दिया गया था,<ref>{{cite news|url=https://www.espncricinfo.com/story/new-zealand-women-vs-england-women-lea-tahuhu-ruled-out-of-england-odi-series-with-hamstring-injury-1252821 |title=Lea Tahuhu ruled out of England ODI series with hamstring injury |work=ESPN Cricinfo |accessdate= 24 February 2021}}</ref> उनके स्थान पर [[गैबी सुलिवन]] को प्रतिस्थापन के रूप में नामित किया गया था।<ref>{{cite news|url=https://www.stuff.co.nz/sport/cricket/124327256/senior-players-need-to-stand-up-white-ferns-captain-calls-for-experienced-names-to-lead-way |title='Senior players need to stand up': White Ferns captain calls for experienced names to lead way |work=Stuff |accessdate=24 February 2021}}</ref> बाद में ले ताहू को मटी20आई मैचों से भी बाहर कर दिया गया था, जिसमें [[ब्रुक हॉलिडे]] को उनके प्रतिस्थापन के रूप में नामित किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.cricbuzz.com/cricket-news/116431/brooke-halliday-replaces-injured-lea-tahuhu-for-england-t20is |title=Brooke Halliday replaces injured Lea Tahuhu for England T20Is |work=CricBuzz |access-date=1 March 2021}}</ref> गैबी सुलिवन को [[हन्ना रोवे]] के चोट के कवर के रूप में न्यूजीलैंड के मटी20आई टीम में जोड़ा गया था।<ref>{{cite web |url=https://www.womenscriczone.com/brooke-halliday-to-replace-lea-tahuhu-in-t20i-series-against-england |title=Brooke Halliday to replace Lea Tahuhu in T20I series against England |work=Women's CricZone |access-date=1 March 2021 |archive-date=1 नवंबर 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231101163143/https://www.womenscriczone.com/brooke-halliday-to-replace-lea-tahuhu-in-t20i-series-against-england |url-status=dead }}</ref> ==महिला वनडे श्रृंखला== ===पहला मवनडे=== {{Single-innings cricket match | date = 23 फरवरी 2021 | time = 14:00 | daynight = Yes | team1 = {{crw-rt|NZ}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = 178 (45.1 ओवर) | runs1 = [[हेले जेनसन (क्रिकेटर) | हेले जेनसन]] 53 (58) | wickets1 = [[तेश फरान्ट]] 2/31 (7 ओवर) | score2 = 181/2 (33.4 ओवर) | runs2 = [[टैमी ब्यूमोंट]] 71 (86) | wickets2 = [[हेले जेनसन (क्रिकेटर) | हेले जेनसन]] 1/18 (5 ओवर) | result = इंग्लैंड महिला 8 विकेट से जीती | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1249232.html स्कोरकार्ड] | venue = [[हैगले ओवल]], [[क्राइस्टचर्च]] | umpires = [[बिली बोडेन]] (न्यूजीलैंड) और [[किम कॉटन]] (न्यूजीलैंड) | motm = [[टैमी ब्यूमोंट]] (इंग्लैंड) | toss = न्यूजीलैंड महिला ने टॉस जीता और बल्लेबाजी चुनी। | rain = | notes = [[ब्रुक हॉलिडे]] और [[फ्रान जोनास]] (न्यूजीलैंड) दोनों ने अपना मवनडे पर्दापण किया। * [[सोफी एक्लेस्टोन]] (इंग्लैंड) ने अपना 100 वां अंतरराष्ट्रीय विकेट लिया।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/england-women-in-new-zealand-2020-21-1249221/new-zealand-women-vs-england-women-1st-odi-1249232/match-report |title=Tammy Beaumont, Heather Knight sweep England to eight-wicket victory over New Zealand |work=ESPN Cricinfo |access-date=23 February 2021}}</ref> }} ===दूसरा मवनडे=== {{Single-innings cricket match | date = 26 फरवरी 2021 | time = 11:00 | team1 = {{crw-rt|NZ}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = 192 (49.5 ओवर) | runs1 = [[ब्रुक हॉलिडे]] 60 (80) | wickets1 = [[नताली स्किवेर]] 3/26 (9 ओवर) | score2 = 194/3 (37.4 ओवर) | runs2 = [[टैमी ब्यूमोंट]] 72 (112) | wickets2 = [[ब्रुक हॉलिडे]] 1/18 (4 ओवर) | result = इंग्लैंड महिला 7 विकेट से जीती | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1249233.html स्कोरकार्ड] | venue = [[ओटागो ओवल विश्वविद्यालय | यूनिवर्सिटी ओवल]], [[डुनेडिन]] | umpires = [[बिली बोडेन]] (न्यूजीलैंड) और [[किम कॉटन]] (न्यूजीलैंड) | motm = [[नताली स्किवेर]] (इंग्लैंड) | toss = न्यूजीलैंड महिला ने टॉस जीता और बल्लेबाजी चुनी। | rain = | notes = }} ===तीसरा मवनडे=== {{Single-innings cricket match | date = 28 फरवरी 2021 | time = 11:00 | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|NZ}} | score1 = 220 (47.5 ओवर) | runs1 = [[टैमी ब्यूमोंट]] 88[[not out|*]] (113) | wickets1 = [[अमेलिया केर]] 4/42 (8.5 ओवर) | score2 = 223/3 (46.4 ओवर) | runs2 = [[एमी सैटरथवेट]] 119[[not out|*]] (128) | wickets2 = [[फ्रेया डेविस]] 1/33 (8 ओवर) | result = न्यूजीलैंड महिला 7 विकेट से जीती | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1249234.html स्कोरकार्ड] | venue = [[ओटागो ओवल विश्वविद्यालय | यूनिवर्सिटी ओवल]], [[डुनेडिन]] | umpires = [[बिली बोडेन]] (न्यूजीलैंड) और [[एशले मेहरोत्रा]] (न्यूजीलैंड) | motm = [[अमेलिया केर]] (न्यूजीलैंड) | toss = इंगलैंड महिला ने टॉस जीता और बल्लेबाजी चुनी। | rain = | notes = मवनडे में इंग्लैंड के लिए आख़िर तक अविजित रहने वाली पहली खिलाड़ी [[टैमी ब्यूमोंट]] (इंगलैंड) बनी।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/england-women-in-new-zealand-2020-21-1249221/new-zealand-women-vs-england-women-3rd-odi-1249234/match-report |title=Amy Satterthwaite and Amelia Kerr star as New Zealand end winless streak |work=ESPN Cricinfo |access-date=28 February 2021}}</ref> * [[एमी सैटरथवेट]] (न्यूजीलैंड) ने मवनडे अपने 4,000वें रन बनाए।<ref>{{cite web|url=https://www.stuff.co.nz/sport/cricket/124386505/white-ferns-smash-england-on-back-of-amy-satterthwaite-ton-to-end-losing-streak |title=White Ferns smash England on back of Amy Satterthwaite ton to end losing streak |work=Stuff |access-date=28 February 2021}}</ref> }} ==महिला टी20आई श्रृंखला== ===पहला मटी20आई=== {{Single-innings cricket match | date = 3 मार्च 2021 | time = 15:00 | daynight = Yes | team1 = {{crw-rt|NZ}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = 96 (19.4 ओवर) | runs1 = [[केटी मार्टिन]] 36 (32) | wickets1 = [[सारा ग्लेन]] 2/11 (4 ओवर) | score2 = 99/3 (16 ओवर) | runs2 = [[डैनी व्याट]] 33 (26) | wickets2 = [[लेघ कास्पेरेक]] 2/24 (4 ओवर) | result = इंग्लैंड महिला 7 विकेट से जीती | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1249235.html स्कोरकार्ड] | venue = [[वेलिंगटन क्षेत्रीय स्टेडियम]], [[वेलिंगटन]] | umpires = [[किम कॉटन]] (न्यूज़ीलैंड) और [[जॉन डेम्पसे (अंपायर) | जॉन डेम्पसे]] (न्यूज़ीलैंड) | motm = [[सारा ग्लेन]] (इंग्लैंड) | toss = इंग्लैंड महिला ने टॉस जीता और गेंदबाजी चुनी। | rain = | notes = [[ब्रुक हॉलिडे]] (न्यूज़ीलैंड) ने अपनी मटी20आई पदार्पण किया। * [[केटी मार्टिन]], 36 साल और 24 दिनों की उम्र में, मटी20आई में न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे उमर्दाराज खिलाड़ी बन गई।<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/2051607 |title=All-round England seal comfortable win in T20I series opener |work=International Cricket Council |access-date=3 March 2021}}</ref> }} ===दूसरा मटी20आई=== {{Single-innings cricket match | date = 5 मार्च 2021 | time = 15:00 | daynight = | team1 = {{crw-rt|NZ}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = 123/9 (20 ओवर) | runs1 = [[एमी सैटरथवेट]] 49 (30) | wickets1 = [[फ्रेया डेविस]] 4/23 (4 ओवर) | score2 = 124/4 (17.2 ओवर) | runs2 = [[टैमी ब्यूमोंट]] 63 (53) | wickets2 = [[रोजमैरी मेयर]] 2/22 (3 ओवर) | result = इंग्लैंड महिला 6 विकेट से जीती | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1249236.html स्कोरकार्ड] | venue = [[वेलिंगटन क्षेत्रीय स्टेडियम]], [[वेलिंगटन]] | umpires = [[जॉन डेम्पसे (अंपायर) | जॉन डेम्पसे]] (न्यूज़ीलैंड) और [[एशले मेहरोत्रा]] (न्यूज़ीलैंड) | motm = [[फ्रेया डेविस]] (इंग्लैंड) | toss = इंग्लैंड महिला ने टॉस जीता और गेंदबाज़ी चुनी। | rain = | notes = }} ===तीसरा मटी20आई=== {{Single-innings cricket match | date = 7 मार्च 2021 | time = 16:00 | daynight = Yes | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|NZ}} | score1 = 128/9 (20 ओवर) | runs1 = [[सोफिया डंकले]] 26 (29) | wickets1 = [[सोफी डिवाइन]] 3/30 (4 ओवर) | score2 = 96 (18 ओवर) | runs2 = [[एमी सैटरथवेट]] 25 (26) | wickets2 = [[मैडी विलियर्स]] 3/10 (2 ओवर) | result = इंग्लैंड महिला 32 रनों से जीती | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1249237.html स्कोरकार्ड] | venue = [[वेलिंगटन क्षेत्रीय स्टेडियम]], [[वेलिंगटन]] | umpires = [[किम कॉटन]] (न्यूजीलैंड) और [[जॉन डेम्पसे (अंपायर) | जॉन डेम्पसे]] (न्यूजीलैंड) | motm = [[कैथरीन ब्रंट]] (इंग्लैंड) | toss = न्यूजीलैंड महिला ने टॉस जीता और गेंदबाज़ी चुनी। | rain = | notes = }} ==ध्यान दें == {{reflist|group=ध}} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} ==बाहरी कड़ियाँ== * [https://www.espncricinfo.com/series/england-women-in-new-zealand-2020-21-1249221 ईएसपीएन क्रिकइन्फो में सीरीज होम] {{न्यूजीलैंड महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम}} {{इंग्लैंड महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम}} {{अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट 2020-21}} {{DEFAULTSORT:इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 2020-21}} [[श्रेणी:न्यूजीलैंड की महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट दौरे|इंग्लैंड 2020-21]] [[श्रेणी:इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के दौरे|न्यूजीलैंड 2020-21]] [[श्रेणी:२०२०-२१ में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिताएं]] [[श्रेणी:2021 में न्यूजीलैंड क्रिकेट]] [[श्रेणी:2021 में न्यूजीलैंड महिला खेल|क्रिकेट]] [[श्रेणी:2021 में महिला क्रिकेट]] p6vpi94mp4umtb4zio5gsnafxy8w6p4 उराशिमासकाटासेन 0 1257898 6582823 5112638 2026-07-15T08:28:04Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582823 wikitext text/x-wiki {{Nihongo|'''उराशिमासकातासेन'''|浦島坂田船|Urashimasakatasen}} एक [[जापान|जापानी]] संगीत बैंड है 4 सदस्यों से मिलकर: उरातानुकी, शिमा, टोनारी नो सकाटा तथा सेनरा<ref>{{Cite web|url=https://www.oricon.co.jp/confidence/special/51409/|title=浦島坂田船、ファンを呼び寄せる共感とギャップ|date=2018-07-11|work=オリコン|publisher=|pages=|accessdate=2018-07-14}}</ref> == सदस्य == {| class="wikitable" style="text-align: center;" ! colspan="3" |नाम ! rowspan="2" |रंग ! rowspan="2" |जन्म की तारीख |- !हिन्दी !जापानी !रोमाजी |- |उरातानुकी |'''うらたぬき''' |Uratanuki |{{Color|Green|■}}हरा |{{Birth date and age|1989|8|9}} |- |शिमा |'''志麻''' |Shima |{{Color|Purple|■}}बैंगनी |{{Birth date and age|1989|12|1}} |- |टोनारी नो सकाटा |'''となりの坂田。''' |Tonari no sakata |{{Color|Red|■}}लाल |{{Birth date and age|1991|12|5}} |- |सेनरा |'''センラ''' |Senra |{{Color|Yellow|■}}पीला |{{Birth date and age|1991|10|3}} |} == डिस्कोग्राफी == === सिंगल === * 2017: SHOW MUST GO ON!!<ref>[http://nbcuni-music.com/fourpe/index.html Single『SHOW MUST GO ON!!』特設サイト]</ref><ref>Fourpe(cv.浦島坂田船)名義</ref> * 2019: Ashita e no Bye Bye * 2019: Gotcha!! === एल्बम === * 2016: CRUISE TICKET<ref>[http://www.jvcmusic.co.jp/usss/ Album『CRUISE TICKET』特設サイト]</ref><ref>{{Cite web|title=浦島坂田船「CRUISE TICKET」インタビュー|url=http://natalie.mu/music/pp/usss|accessdate=2016-03-23|work=音楽ナタリー|archive-date=25 मार्च 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160325112015/http://natalie.mu/music/pp/usss|url-status=dead}}</ref> * 2017: Four the C * 2018: V-enus * 2019: $HUFFLE * 2020: RAINBOW == सन्दर्भ == [[श्रेणी:जापान संगीत बैंड]] 0kmroip4hbw94ezxwpgikvqt92aq57n ऋषिकिंग 0 1281422 6582874 6398769 2026-07-15T10:26:42Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582874 wikitext text/x-wiki {{Infobox musical artist <!-- For individuals; see Wikipedia:WikiProject_Musicians --> | name = ऋषिकिंग | image = | birth_name = ऋषिकेश पांडेय | background = solo_singer | birth_date = 16 मई 1992 | birth_place = [[पन्ना]], भारत | years_active = २०1६-वर्तमान | occupations = [[संगीतकार]], [[रैपर]], [[फिल्म निर्माता]] | associated_acts = [[शान (गायक)]], [[शंकर महादेवन]], [[जावेद अली]], [[पायल देव]] }} '''ऋषिकिंग''' ([[बंगाली]] : রিসিকিং) [[भारतीय]] [[संगीतकार]], [[रैपर]] व [[फिल्म निर्माता]] है इनका जन्मनाम ऋषिकेश पांडेय है।<ref>{{cite web|url=https://m.dailyhunt.in/news/india/english/life+and+trendz-epaper-lifntr/rishikesh+pandey+is+back+as+rishiking+with+swag-newsid-n194562826|title=Rishikesh Pandey Is Back As Rishiking With Swag|website=dailyhunt.in }}</ref> ऋषिकिंग ने अपने फिल्मों और गीतों के माध्यम से [[समाज]] को जागरूक किया है<ref>{{cite news|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/india/the-cleanest-song-singer-made-the-most-clean-city-of-indore/articleshow/58515798.cms|title=सफाई गान बजाने वाली सुरीली गाडि़यों ने बनाया इंदौर को सबसे स्वच्छ शहर, navbharat hindi news |website=navbharattimes.indiatimes.com|date=2017-05-17}}</ref> उन्होंने अपने संगीत का सफर [[शान (गायक)|शान]] के साथ २०१६ में स्कूल चले हम गीत के साथ किया,<ref>{{Cite news|url=http://www.bollywooddhamaka.in/bollywood-singer/school-chale-hum-an-initiative-by-hrishikesh-pandey-with-shaans-voice/14865|title=‘School Chale Hum’, an Initiative by Hrishikesh Pandey with Shaan’s voice|date=2016-06-19|access-date=28 मई 2021|archive-date=20 जून 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210620060342/https://www.bollywooddhamaka.in/bollywood-singer/school-chale-hum-an-initiative-by-hrishikesh-pandey-with-shaans-voice/14865|url-status=dead}}</ref><ref>https://www.youtube.com/watch?v=Jft8XrXzt_A</ref> २०१६ से लगातार २०१९ तक पी नरहरि, [[शान (गायक)|शान]], [[शंकर महादेवन]], [[जावेद अली]], [[पायल देव]]और [[देव नेगी]] के साथ मिलकर ऋषिकिंग ने हो हल्ला, है हल्ला, हैट्रिक, व चौका लगाएंगे नामक गीत बनाये जिसके फलस्वरूप [[स्वच्छ भारत अभियान]] के स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर २०१७-२०२० तक लगातार नंबर एक पर है।<ref>{{cite news|url=http://zeenews.india.com/hindi/india/madhya-pradesh-chhattisgarh/how-did-the-indore-become-the-cleanest-city-of-the-country/326199|title=देश का सबसे साफ शहर कैसे बन गया MP का इंदौर? सुरों ने जलाई स्वच्छता की मशाल, Zee News India Hindi|website=zeenews.india.com}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.patrika.com/indore-news/pm-modi-swachh-bharat-abhiyan-song-by-famous-bollywood-singer-shan-1479078/|title=मशहूर सिंगर शान की आवाज के साथ इंदौर करेगा स्वच्छ भारत अभियान में टॉप}}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{commons category|Rishiking}} * {{IMDb name|id=10917809|name=Rishiking}} {{DEFAULTSORT:Rishiking}} [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:हिन्दी फ़िल्म संगीतकार]] [[श्रेणी:गायक]] nmbbve5ygoemzzkf49rkk1scsl2v1op ईव रिमर 0 1302955 6582810 5300568 2026-07-15T07:58:32Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582810 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक खिलाड़ी|birth_name=ईवा मैरियन डेविस|birth_date={{Birth-date|3 April 1937}}|birth_place=वांगानुई, न्यूजीलैंड|death_date={{Death-date and age|23 November 1996|3 April 1937}}|death_place=|headercolor=lightsteelblue|show-medals=yes|medaltemplates={{MedalCountry | {{NZL}} }} {{MedalCompetition|[[Paralympic Games]]}} {{MedalSport | Women's [[para athletics]]}} {{MedalGold | [[1968 Summer Paralympics|1968 Tel Aviv]] | [[Athletics at the 1968 Summer Paralympics|Javelin throw C]] }} {{MedalSilver | 1968 Tel Aviv | Shot put C }} {{MedalBronze | 1968 Tel Aviv | Discus throw C }} {{MedalGold | [[1972 Summer Paralympics|1972 Heidelberg]] | [[Athletics at the 1972 Summer Paralympics|Pentathlon 3]] }} {{MedalGold | 1972 Heidelberg | Shot put 3 }} {{MedalSilver | 1972 Heidelberg | Discus throw 3 }} {{MedalSilver | 1972 Heidelberg | Javelin 3 }} {{MedalGold | [[1976 Summer Paralympics|1976 Toronto]] | [[Athletics at the 1976 Summer Paralympics|Pentathlon 3]] }} {{MedalGold | 1976 Toronto | Discus throw 3 }} {{MedalGold | 1976 Toronto | Javelin 3 }} {{MedalGold | 1976 Toronto | Shot put 3 }} {{MedalGold | [[1980 Summer Paralympics|1980 Arnhem]] | [[Athletics at the 1980 Summer Paralympics|Shot put 3]] }} {{MedalSport | Women's [[para swimming]]}} {{MedalSilver | 1968 Tel Aviv | [[Swimming at the 1968 Summer Paralympics|50 m freestyle class 4 complete]] }} {{MedalSport | Women's [[para archery]]}} {{MedalSilver | 1980 Arnhem | [[Archery at the 1980 Summer Paralympics|Advanced metric round paraplegic]]}}|fullname=ईवा मैरियन "ईव" रिमर}}'''ईवा मैरियन "ईव" रिमर''' BEM (3 अप्रैल 1937 - 23 नवंबर 1996) <ref>{{Cite news|title=Eve Rimmer fought for a better life – and won|last=Gilmour|first=Garth|date=1 December 1996|work=Sunday Star Times|page=11}}</ref> [[न्यूज़ीलैण्ड|का जन्म न्यूजीलैंड के]] वांगानुई में ईवा मैरियन डेविस में हुआ था और वह न्यूजीलैंड की एथलीट थीं। <ref name=":0">{{Cite web|url=https://teara.govt.nz/en/biographies/6r5/rimmer-eva-marion|title=Rimmer, Eva Marion|last=Burgess|first=Sarah|date=2018|website=Dictionary of New Zealand Biography - Te Ara|access-date=28 November 2018}}</ref> वह अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में एथलेटिक्स और तैराकी के लिए - 22 स्वर्ण पदक सहित - 32 पदक जीतकर, न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी पैराप्लेजिक एथलीटों में से एक बन गई। छोटे से ग्रामीण शहर एडगेकुम्बे में पली-बढ़ी, ईव एक प्रतिभाशाली युवा एथलीट थी। जैसा कि हव्वा ने अपनी जीवनी में कहा है "अकेले प्राकृतिक क्षमता पर, मैंने कई वर्षों तक स्कूल की लंबी कूद का रिकॉर्ड कायम रखा"। <ref>{{Cite book|title=No grass between my toes: the Eve Rimmer story.|last=Rimmer|first=Eve (with Garth Gilmour)|publisher=A. H. & A. W. Reed|year=1978|isbn=9780589010904|location=Wellington}}</ref>यह उसकी खराब शैक्षणिक साख के लिए बना। जैसे ही वह काफी बूढ़ी हुई उसने स्कूल छोड़ दिया। 1952 में पंद्रह साल की उम्र में, हव्वा को कमर से नीचे लकवा मार गया था, जब वह एक अंधेरी गीली रात में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस जीवन बदलने वाले अनुभव ने ईव रिमर को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों में से एक बनने से नहीं रोका। वह शॉट पुट, [[भाला फेंक|भाला]], पेंटाथलॉन, डिस्कस, [[तैराकी]] और [[धनुर्विद्या|तीरंदाजी]] में बहु-पदक विजेता बनीं, 1973 में उन्हें ब्रिटिश एम्पायर मेडल मिला। उनके निजी जीवन में भी यही जज्बा दिखाया गया था। उसने केल्विन स्टेनली (केल) रिमर, एक रेडियो इंजीनियर से शादी की, और कहा जाने के बावजूद कि वह शायद कभी गर्भ धारण नहीं कर पाएगी, उसने दो स्वस्थ लड़कियों को जन्म दिया। ईव रिमर को तब से विकलांग और सक्षम लोगों के लिए एक प्रेरणा माना जाता है। वह पूरे न्यूजीलैंड में लकवाग्रस्त संगठनों के साथ सक्रिय रूप से शामिल थी। <ref>{{Cite book|title=Unsung heroes portraits of inspiring New Zealanders|url=https://archive.org/details/unsungheroesport0000jima|last=Anderton|first=Jim|publisher=Random House|year=1999|isbn=9781869414016|location=Auckland}}</ref> उसने दुनिया भर में कई पैरापेलिक्स को यह विश्वास करने की क्षमता दी कि वे कुछ भी हासिल कर सकते हैं जो वे चाहते थे। {{cquote|''''''''यह समझ है कि विकलांग लोग सहानुभूति चाहते हैं, सहानुभूति नहीं। विकलांग लोग सामान्य लोग होते हैं जो सामान्य खेल सकते हैं जीवन में हिस्सा। अगर मैं यह संदेश सिर्फ कुछ लोगों तक पहुँचा हूँ, तो मैं कुछ योगदान दिया है'''|||ईव चर्चा कर रही थी कि वह कैसे चाहती थी कि उसकी बोलने की व्यस्तता दूसरों को प्रभावित करे}} == अभ्यावेदन == [[File:EveActionShots.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| स्टोक मैंडविल में एक्शन में दुनिया की अग्रणी पैराप्लेजिक फील्ड इवेंट एथलीट - शॉट, भाला, डिस्कस।]] [[File:EveRimmerMedals.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| पैरा स्पोर्ट के घर में दो स्वर्ण और एक कांस्य। 1972 में स्टोक मैंडविल अंतरराष्ट्रीय पैरा खेलों में पदक की प्रस्तुति।]] ईव रिमर पैरालिंपिक में न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला थीं। वह 1968 के तेल अवीव खेलों में जाने वाली चौदह पुरुषों के साथ एकमात्र महिला थीं और घरेलू पदक लाने वाली एकमात्र महिला थीं। उसने हीडलबर्ग (1972), टोरंटो (1976) और अर्नहेम (1980) में खेलों में न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व करना जारी रखा, जिसमें कुल 14 पैरालंपिक पदक जीते, जिनमें से 8 स्वर्ण थे। ईव कॉमनवेल्थ पैराप्लेजिक गेम्स और घरेलू प्रतियोगिताओं में भी बहुत सफल रही। <ref>Paralympics New Zealand (2008). "[http://paralympic.org Profiles]". Retrieved 20 March 2008.</ref> == उपलब्धियों == कई पैरालंपिक और राष्ट्रमंडल पदक जीतने के साथ-साथ, ईव रिमर को उनकी कई उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया है, जिसमें [[प्लेन्टी की खाड़ी|1992 में बे ऑफ प्लेंटी]] स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ द ईयर नामित किया गया था। [[व्हाकातानी|वह वकाटाने]] में विकलांग संसाधन केंद्र की संस्थापक थीं और वाकाटाने में विकलांगों के लिए 1990 के खेलों की आयोजक थीं, एक घटना जो हर दो साल में ईस्टर सप्ताहांत में आयोजित ईव रिमर खेलों में विकसित हुई है। <ref>Sport Waikato (2008). "[https://web.archive.org/web/20080408053055/http://www.sportwaikato.org.nz/main.cfm?id=30 Sport Opportunity]". Retrieved 20 March 2008.</ref> 1990 में, हव्वा को वर्षों से पैराप्लेजिक खेल में उसके वर्चस्व के कारण न्यूजीलैंड स्पोर्ट्स हॉल ऑफ फ़ेम में शामिल किया गया था। <ref>New Zealand Hall of Fame (2008). "[https://web.archive.org/web/20110716112128/http://www.nzhalloffame.co.nz/page.pasp?searchtext=eve+rimmer&Go=Go Eve Rimmer]". Retrieved 20 March 2008.</ref> रिमर 1972 में न्यूजीलैंड स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर के खिताब के लिए उपविजेता भी रहे। 1973 के नए साल के सम्मान में, पैरापेलिक्स की सेवाओं के लिए , रिमर को ब्रिटिश एम्पायर मेडल से सम्मानित किया गया। <ref>{{London Gazette|page35}}</ref> [[व्हाकातानी|वाकाटाने]] में खेलों पर हव्वा का बहुत बड़ा प्रभाव था और परिषद ने उनके नाम पर एक खेल मैदान का नाम देकर उन्हें सम्मानित किया। ईव रिमर पार्क का उपयोग रग्बी लीग, नेटबॉल और बीएमएक्स के लिए किया जाता है। <ref>Whakatane (2008). "[http://www.whakatane.com/facilities_locations.html Facilities locations] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101109050409/http://www.whakatane.com/facilities_locations.html |date=9 नवंबर 2010 }}". Retrieved 20 March 2008.</ref> {{cquote|'' 'मैं उन सभी की अदला-बदली करूंगा, जो कुछ भी मेरे पास जीवन से बाहर है, दो साधारण पैरों के लिए जो काम करते हैं। '' 'उठो और फिर से नाचो। '''समुद्र तट पर दौड़ने के लिए और समुद्र में डुबकी लगाने के लिए।''' '''ग्रामीण इलाकों में बाइक चलाने के लिए।''' '''मेरे चेहरे में हवा के साथ मुक्त चलने के लिए।''' '' 'मेरे पैर की उंगलियों के बीच घास को महसूस करने के लिए।''|||ईव ने इस तथ्य पर चर्चा करते हुए कहा कि यद्यपि उनकी महान उपलब्धियां हैं, उन्हें उन चीजों पर पछतावा है जो सामान्य लोग कर सकते हैं}} == संदर्भ ==   * विकलांगता संसाधन केंद्र ट्रस्ट (2008)। " [https://web.archive.org/web/20081014125556/http://www.drct.co.nz/eve_rimmer.html ईव रिमर] "। 20 मार्च 2008 को लिया गया। == बाहरी कड़ियाँ == * Eve Rimmer at Paralympics New Zealand * Eve M. Rimmer at the International Paralympic Committee [[श्रेणी:१९९६ में निधन]] [[श्रेणी:1937 में जन्मे लोग]] 959oepahkl3wk1eo1y0epmdpwifcnk6 मूसा (इस्लाम) 0 1329954 6582531 6582451 2026-07-14T12:06:56Z SM7 89247 [[Special:Contributions/~2026-39529-73|~2026-39529-73]] ([[User talk:~2026-39529-73|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:InternetArchiveBot|InternetArchiveBot]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 6502110 wikitext text/x-wiki '''मूसा (इस्लाम)''' ([[अंग्रेज़ी]]:[[:en:Moses in Islam|Moses in Islam]]) [[क़ुरआन]] में वर्णित [[अरबी]] भाषा में [[नबी]] पैग़म्बर का नाम है। उनका नाम क़ुरआन में 136 बार उल्लेखित है। उनकी बातें क़ुरआन में नबियों में सबसे अधिक वर्णित है। मुसलमानों द्वारा उन्हें ईसा, इब्राहीम, नूह और मुहम्मद के साथ इस्लाम के पांच सबसे प्रमुख पैगम्बरों में से एक माना जाता है। इन पांच भविष्यवक्ताओं को उलूल आज़म नबी के नाम से जाना जाता है। तौरात ग्रंथ आपको ही दिया गया। [[इस्लाम]] धर्म की महत्वपूर्ण पुस्तक [[क़िसासुल अंबिया]] और ऐतिहासिक पुस्तकों के अनुसार उस समय के फिरौन बादशाह से बचपन से ही बहुत सी कहानियां जुड़ी हैं। क़ुरआन में उनकी जादूई लाठी, समुद्र का उन्हें रास्ता देना, मछली और हजरत खिज्र अलैहिस्सलाम से मुलाकात,मन्न व सलवा, तूर पहाड़ जैसी कई बातों का विवरण दिया गया है। <ref>{{cite web |title="हज़रत मूसा" व हारून अलैहिमस्सलाम क़ससुल अंबिया-पृष्ठ 140 |url=https://archive.org/stream/ISLAMICBOOKSINHINDI/QasasulAmbiyaVaAshabESaliheenhindi#mode/2up |website=https://archive.org/}}</ref> <ref> हजरत मूसा अलैहि सलाम https://ummat-e-nabi.com/musa-alaihi-salam-part-15-6/ </ref> == फिरौन के दरबार में आगमन== == जादूगरों के साथ टकराव == == मुद्र का बंटवारा == == क़ुरआन में वर्णन == * और जब मूसा ने अपनी कौम से कहा, ऐ कौम! तुम पर जो अल्लाह का एहसान रहा है, उसको याद करो कि उसने तुममें नबी और पैगम्बर बनाए और तुमको बादशाह और हुक्मरा बनाया और वह कुछ दिन जो जहानों में किसी को नहीं दिया। ऐ कौम! उस मुकद्दस सरजमीन में दाखिल हो जिसको अल्लाह तआला ने तुम पर फ़र्ज कर दिया है और पीठ फेरकर न लौटो (कि नतीजा यह निकले) कि तुम घाटा और नुक्सान उठाने वाले बनकर लौटो।' [अल-माइदा 20-21] * और मूसा ने अपने भाई हारून से कहा, तू मेरे पीछे मेरी क़ौम में नायब रहना और उनकी इस्लाह का ख्याल करना और फ़साद पैदा करने वाले की राह पर न चलना।‘ [क़ुरआन 7:142] * परवरदिगार! मुझे अपना जमाल दिखा कि तेरी तरफ़ नज़र कर सकू। हुक्म हुआ, तू मुझे नहीं देख सकेगा, मगर हां, इस पहाड़ की तरफ़ देख! अगर यह (तजल्ली-ए-हक़ की ताब ले आया और) अपनी जगह टिका रहा, तो मुझे देख सकेगा, फिर जब उसके परवरदिगार ने तजल्ली की तो उस तजल्ली ने पहाड़ को रेजा-रेजा(छोटे - छोटे टुकड़े) कर दिया और मूसा गश खाकर गिर परे। जब मूसा को होश आया, तो बोले, ‘ए अल्लाह! तेरे लिए हर तरह की तक्दिस हो। मैं तेरे सामने तौबा करता हूं और सबसे पहले यक़ीन करने वालों में हूं।‘ [अल-आराफ़ 7:143] {{कुरान में पैगम्बर}} == सन्दर्भ == <references /> ==इन्हें भी देखें== [[इब्राहीमी धर्म]] [[इस्लाम के पैग़म्बर]] [[क़िसासुल अंबिया]] [[श्रेणी:इस्लाम के पैग़म्बर]] [[श्रेणी:इस्लाम]] =बाहरी कड़ियाँ = *[https://www.australianislamiclibrary.org/prophets.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211027215952/https://www.australianislamiclibrary.org/prophets.html |date=27 अक्तूबर 2021 }} किससुल अंबिया - (उर्दू / अरबी / अंग्रेजी / बंगला / पश्तो) नबियों / पैग़म्बरों से सम्बंधित पुस्तकें *[https://www.islamilm.in/2022/10/hazrat-musa-alaihissalam-ka-kissa.html हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम का समंदर वाला किस्सा] 8yuexlsqwkwhamdggeiqrq88rpgnqr6 कम्बोडियाई नरसंहार 0 1333222 6582842 6569081 2026-07-15T09:17:35Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582842 wikitext text/x-wiki {{Infobox civilian attack|title=कम्बोडियाई नरसंहार|partof=[[शीत युद्ध]]<br/>[[कंबोडिया]] में [[ख्मेर रूज]] का शासन|image=Skulls at Tuol Sleng.JPG|caption=तुओल स्लेंग नरसंहार इतिहासालय, नोम पैन्ह में कम्बोडियाई नरसंहार मे मारे गए पीड़ितों की खोपड़ियाँ|image_size=300px|motive=ख्मेर राष्ट्रवाद<br/>चरम राष्ट्रवाद<br/>कृषि समाजवाद<br/>राष्ट्रीय नास्तिकता<br/>बुद्धिजीवद्रोह<br/>नस्लभेद<br/>दक्षिणपंथ<br/>वर्ष शून्य|type=नरसंहार<br/>वर्गसंहार<br/>राजनैतिकसंहार<br/>जातीय संहार<br/>नयायेतर हत्या<br/>तड़पाना<br/>भुखमरी<br/>बेगार<br/>मानव परीक्षण<br/>अवगाह करना<br/>वामपंथी आतंक|location=लोकतांत्रिक कम्पुचिया|date=१७ अप्रैल १९७५ - ७ जनवरी १९७९ (३ वर्ष, ८ माह और २० दिन)|perps=[[ख्मेर रूज]]|fatalities=१५ से २० लाख|target=पूर्व कम्बोडियाई [[सैनिक]]<br/>[[राजनेता]]<br/>[[उद्योगपति]]<br/>[[पत्रकार]]<br/>[[विद्यार्थी]]<br/>[[चिकित्सक]]<br/>[[वकील]]<br/>[[बौद्ध]]<br/>[[ईसाई]]<br/>[[मुसलमान]]<br/>[[चाम लोग]]<br/>[[चीनी]]<br/>[[थाई]]<br/>वियतनामी}}  '''कम्बोडियाई नरसंहार''' (''{{Lang-km|របបប្រល័យពូជសាសន៍នៅកម្ពុជា}}'') कंबोडियाई लोगों पर हुआ उत्पीड़न और नरसंहार था। इसए [[कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी]] के महासचिव [[पोल पॉट]] के नेतृत्व में [[खमेर रूज|ख्मेर रूज]] द्वारा किया गया, जिन्होंने [[कम्बोडिया|कंबोडिया]] को पूरी तरह से आत्मनिर्भर कृषि समाजवादी समाज की ओर धकेला। इसके कारण १९७५ से १९७९ तक १५ से २० लाख लोगों की मृत्यु हुई, जो कंबोडिया की १९७५ की आबादी का लगभग एक चौथाई था (७८ लाख के आसपास)।<ref name="Heuveline, Patrick 2001">{{Cite book|title=Forced Migration and Mortality|url=https://archive.org/details/forcedmigrationm0000unse_t3v0|last=Heuveline|first=Patrick|publisher=[[National Academies Press]]|year=2001|isbn=978-0-309-07334-9|pages=[https://archive.org/details/forcedmigrationm0000unse_t3v0/page/102 102]–105|chapter=The Demographic Analysis of Mortality Crises: The Case of Cambodia, 1970–1979|quote=As best as can now be estimated, over two million Cambodians died during the 1970s because of the political events of the decade, the vast majority of them during the mere four years of the 'Khmer Rouge' regime. This number of deaths is even more staggering when related to the size of the Cambodian population, then less than eight million.&nbsp;... Subsequent reevaluations of the demographic data situated the death toll for the [civil war] in the order of 300,000 or less.}}</ref><ref name="CAS">{{Cite journal|last=Kiernan|first=Ben|author-link=Ben Kiernan|year=2003|title=The Demography of Genocide in Southeast Asia: The Death Tolls in Cambodia, 1975–79, and East Timor, 1975–80|url=https://archive.org/details/sim_critical-asian-studies_2003-12_35_4/page/585|journal=Critical Asian Studies|volume=35|issue=4|pages=585–597|doi=10.1080/1467271032000147041|quote=We may safely conclude, from known pre- and post-genocide population figures and from professional demographic calculations, that the 1975–79 death toll was between 1.671 and 1.871 million people, 21 to 24 percent of Cambodia's 1975 population.|ref=none}}</ref><ref name="Locard"/> पोल पॉट और ख्मेर रूज का लंबे समय से [[चीनी साम्यवादी दल|चीनी साम्यवादी पार्टी]] और उसके [[अध्यक्ष]] [[माओ से-तुंग]] ने समर्थन किया;{{Efn|See:<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=mTlMDwAAQBAJ&q=Maha+lout+ploh&pg=PT77|title=Brother Number One: A Political Biography of Pol Pot|last=Chandler|first=David P.|year=2018|publisher=[[Routledge]]|isbn=978-0-429-98161-6}}</ref><ref name=":11">{{Cite web|last=Strangio|first=Sebastian|date=2012-05-16|title=China's Aid Emboldens Cambodia {{!}} YaleGlobal Online|url=https://yaleglobal.yale.edu/content/chinas-aid-emboldens-cambodia|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20201217133253/https://yaleglobal.yale.edu/content/chinas-aid-emboldens-cambodia|archive-date=2020-12-17|access-date=2019-11-26|website=Yale University}}</ref><ref name=":32">{{Cite web|url=https://www.wilsoncenter.org/publication/the-chinese-communist-partys-relationship-the-khmer-rouge-the-1970s-ideological-victory|title=The Chinese Communist Party's Relationship with the Khmer Rouge in the 1970s: An Ideological Victory and a Strategic Failure|date=2018-12-13|website=Wilson Center|access-date=2019-11-26}}</ref><ref name=":1">{{Cite journal|last=Hood|first=Steven J.|year=1990|title=Beijing's Cambodia Gamble and the Prospects for Peace in Indochina: The Khmer Rouge or Sihanouk?|url=https://archive.org/details/sim_asian-survey_1990-10_30_10/page/977|journal=Asian Survey|volume=30|issue=10|pages=977–991|doi=10.2307/2644784|issn=0004-4687|jstor=2644784}}</ref><ref name=":2">{{Cite web|url=https://www.rfa.org/english/news/special/chinacambodia/relation.html|title=China-Cambodia Relations|publisher=Radio Free Asia|access-date=2019-11-26}}</ref><ref name=":7">{{Cite web|url=https://sinosphere.blogs.nytimes.com/2015/03/30/cambodian-historians-call-for-china-to-confront-its-own-past/|title=China Is Urged to Confront Its Own History|last=Levin|first=Dan|date=2015-03-30|work=The New York Times|access-date=2019-11-26}}</ref>}} अनुमान लगाया गया है कि ख्मेर रूज को प्राप्त होने वाली विदेशी आर्थिक सहायता का कम से कम ९०% [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]] से आती थी, और अकेले १९७५ में ब्याज मुक्त आर्थिक और सैन्य सहायता में कम से कम एक अरब [[अमेरिकी डॉलर]] [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]] से आया था।<ref name=":12">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=Mq8sAcvg-AgC&q=ben+kiernan+pol+pot+regime+$1+billion+China+1975|title=The Pol Pot Regime: Race, Power, and Genocide in Cambodia Under the Khmer Rouge, 1975–79|last=Kiernan|first=Ben|date=2008|publisher=Yale University Press|isbn=978-0-300-14299-0}}</ref><ref name=":13">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=54iUDwAAQBAJ&q=By+mid-september+China+was+prepared+to+extend+to+Cambodia+a+total+of+US$1+billion&pg=PA84|title=ASEAN Resistance to Sovereignty Violation: Interests, Balancing and the Role of the Vanguard State|last=Laura|first=Southgate|publisher=Policy Press|year=2019|isbn=978-1-5292-0221-2}}</ref> अप्रैल १९७५ में सत्ता पर कब्जा करने के बाद ख्मेर रूज देश को एक कृषि [[समाजवादी]] [[गणराज्य]] में बदलना चाहता था, जो अति- [[माओवाद]] की नीतियों पर स्थापित और [[सांस्कृतिक क्रांति]] से प्रभावित था। पोल पॉट और अन्य ख्मेर रूज अधिकारियों ने जून १९७५ में [[बीजिंग]] में माओ के साथ मुलाकात की, अनुमोदन और सलाह प्राप्त की। इसके साथ उच्च पदस्थ सीसीपी अधिकारियों ने बाद में मदद पेशकश के लिए कंबोडिया का दौरा किया, जिसमें सीसीपी पोलितबुरो स्थायी समिति के सदस्य झांग चुंचाओ जैसे दिग्गज सदस्य शामिल थे। अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ख्मेर रूज ने शहरों को खाली कर दिया और कंबोडियाई लोगों को ग्रामीण इलाकों में श्रम शिविरों में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया, जहाँ सामूहिक निष्पादन, [[बेगार|जबरन श्रम]], शारीरिक शोषण, [[कुपोषण]] और बीमारी बड़े पैमाने पर थी।{{Sfn|Etcheson|2005|p=119}}{{Sfn|Heuveline|1998|pp=49–65}} १९७६ में ख्मेर रूज ने देश का नाम बदलकर ''लोकतांत्रिक कम्पूचिया'' रख दिया। जब वियतनामी सेना [[कंबोडिया-वियतनाम युद्ध|ने १९७८ में आक्रमण किया]] और ख्मेर रूज शासन को गिरा दिया, तब नरसंहार समाप्त हो सका। जनवरी १९७९ तक ख्मेर रूज की नीतियों के कारण १५ से २० लाख लोग मारे गए थे, जिनमें २,००,०००-३,००,००० चीनी कंबोडियाई, ९०,००० [[मुसलमान]] और २०,००० वियतनामी कंबोडियन शामिल थे।<ref name=":8">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=27W92eiEuY4C&pg=PA69|title=Genocide Since 1945|last=Philip Spencer|year=2012|isbn=978-0-415-60634-9|page=69}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://history.people.com.cn/n/2014/0425/c372327-24944481.html|title=华侨忆红色高棉屠杀:有文化的华人必死|last=Zhang|first=Zhifeng|date=2014-04-25|website=[[People's Daily|Renmin Wang]]|language=zh|archive-url=https://web.archive.org/web/20201124074157/http://history.people.com.cn/n/2014/0425/c372327-24944481.html|archive-date=2020-11-24|access-date=2019-11-27}}</ref> २०,००० लोग सुरक्षा जेल-२१ से गुज़रे, जो ख्मेर रूज द्वारा संचालित १९६ जेलों में से एक था,<ref name="Locard"/><ref>{{Cite web|url=http://www.d.dccam.org/Projects/Maps/MappingKillingField.htm|title=Mapping the Killing Fields|website=Documentation Center of Cambodia|archive-url=https://web.archive.org/web/20160326190928/http://www.d.dccam.org/Projects/Maps/MappingKillingField.htm|archive-date=2016-03-26|access-date=2018-06-06|quote=Through interviews and physical exploration, DC-Cam identified 19,733 mass burial pits, 196 prisons that operated during the Democratic Kampuchea (DK) period, and 81 memorials constructed by survivors of the DK regime.}}</ref> और केवल सात वयस्क जीवित बच सके।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=Mq8sAcvg-AgC&q=464|title=The Pol Pot Regime: Race, Power, and Genocide in Cambodia Under the Khmer Rouge, 1975–79|last=Kiernan|first=Ben|publisher=[[Yale University Press]]|year=2014|isbn=978-0-300-14299-0|page=464|quote=Like all but seven of the twenty thousand Tuol Sleng prisoners, she was murdered anyway.|author-link=Ben Kiernan}}</ref> कैदियों को ''मृत्यु मैदानों'' में ले जाया जाता था, जहाँ उन्हें मार डाला गया (उन्हें अक्सर गैंती से मार जाता था ताकि गोलियाँ बचाई जा सकें)<ref>Landsiedel, Peter, [http://p-eworldtour.com/2017/03/27/the-killing-fields/ "The Killing Fields: Genocide in Cambodia"], ‘'P&E World Tour'’, 27 March 2017. Retrieved 17 March 2019</ref> और सामूहिक कब्रों में दफनाया जाता। बच्चों का [[अपहरण]] और उन्हें अनुशासित किया जाना साधारण बात थी, और बहुतों को अत्याचार करने के लिए राजी किया गया या मजबूर किया गया।<ref name=":10">{{Cite web|url=http://www.rfa.org/english/features/blogs/cambodiablog/blog6_cambodia_southerland-20060720.html|title=Cambodia Diary 6: Child Soldiers – Driven by Fear and Hate|last=Southerland|first=D|date=2006-07-20|access-date=2018-03-28|archive-date=20 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180320105641/https://www.rfa.org/english/features/blogs/cambodiablog/blog6_cambodia_southerland-20060720.html|url-status=dead}}</ref> २००९ तक कंबोडिया के दस्तावेज़ीकरण केंद्र ने २३,७४५ सामूहिक कब्रों का मानचित्रण किया है जिसमें लगभग १३ लाख संदिग्ध निष्पादन के शिकार हैं। माना जाता है कि प्रत्यक्ष निष्पादन में नरसंहार के मरने वालों की संख्या का ६०% तक का योगदान है,{{Sfn|Seybolt|Aronson|Fischoff|2013|p=238}} अन्य पीड़ितों के साथ भुखमरी, थकावट, या बीमारी के कारण मौत हो जाती है। नरसंहार ने शरणार्थियों का दूसरा बहिर्वाह शुरू कर दिया, जिनमें से कई पड़ोसी [[थाईलैण्ड|थाईलैंड]] और कुछ हद तक [[वियतनाम|वियतनाम भाग गए]]।<ref>[http://www.unhcr.org/3ebf9bad0.html ''State of the World's Refugees, 2000''] United Nations High Commissioner for Refugees, p. 92. Retrieved 21 January 2019</ref> [[कंबोडिया-वियतनाम युद्ध|कंबोडिया पर वियतनामी आक्रमण]] ने जनवरी १९७९ में ख्मेर रूज को हराकर नरसंहार को समाप्त कर दिया।{{Sfn|Mayersan|2013|p=182}} २ जनवरी २००१ को कंबोडियाई सरकार ने ख्मेर रूज के नेतृत्व के सदस्यों पर मुकदमा चलाने के लिए ख्मेर रूज ट्रिब्यूनल की स्थापना की, जो कम्बोडियन नरसंहार के लिए जिम्मेदार था। मुकदमा १७ फरवरी २००९ को शुरू हुआ।{{Sfn|Mendes|2011|p=13}} ७ अगस्त २०१४ को नूओन चिया और खिउ सम्फन को नरसंहार के दौरान [[मानवता-विरोधी अपराध|मानव-विरोधी अपराधों]] के लिए दोषी ठहराया गया और आजीवन कारावास की सजा मिली। <ref>{{Cite web|url=https://www.eccc.gov.kh/en/articles/judgement-case-00201-be-pronounced-7-august-2014|title=Judgement in Case 002/01 to be pronounced on 7 August 2014 {{!}} Drupal|website=www.eccc.gov.kh|access-date=2019-11-29|archive-date=11 अप्रैल 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230411171002/https://www.eccc.gov.kh/en/articles/judgement-case-00201-be-pronounced-7-august-2014|url-status=dead}}</ref> == ऐतिहासिक पृष्ठभूमि ==   === ख्मेर रूज का उदय ===   ==== कम्बोडियाई गृहयुद्ध ====   १९६८ में [[खमेर रूज|ख्मेर रूज]] ने आधिकारिक तौर पर कंबोडिया में एक राष्ट्रव्यापी [[विद्रोह]] शुरू किया। भले ही [[उत्तरी वियतनाम]] की [[सरकार]] को ख्मेर रूज के फैसले के बारे में सूचित नहीं किया गया था, उसके बलों ने विद्रोह शुरू होने के बाद ख्मेर रूज को आश्रय और हथियार प्रदान किए। ख्मेर रूज के विद्रोह के उत्तर वियतनाम द्वारा समर्थन ने कंबोडियाई [[सेना]] के लिए इसके प्रभाव का मुकाबला करना असंभव बना दिया। अगले दो वर्षों तक विद्रोह बढ़ता गया क्योंकि [[नरोत्तम सीहनु]] ने इसे रोकने के लिए नहीं के बराबर काम किया। जैसे-जैसे विद्रोह की ताकत बढ़ती गई, पार्टी ने खुले तौर पर खुद को कम्पूचिया की कम्युनिस्ट पार्टी घोषित कर दिया।<ref name="Frey">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=m569AfPJkB4C&q=Cercle+Marxiste+Khmer+Students+Association&pg=PA267|title=Genocide and International Justice|last=Frey|first=Rebecca Joyce|publisher=Infobase Publishing|year=2009|isbn=978-0-8160-7310-8|pages=266–267}}</ref> सीहनु को १९६० में राज्य के प्रमुख के रूप में हटा दिया गया। प्रधानमंत्री लोन नोल ने कम्बोडियाई राष्ट्रीय समिति की मदद से उन्हें उनके पद से हटाया, जिससे [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] का समर्थन करने वाले ख्मेर गणराज्य की स्थापना हुई। [[चीनी साम्यवादी दल|चीनी कम्युनिस्ट पार्टी]] (सीसीपी) की सलाह पर सीहनु, जो [[बीजिंग]] में निर्वासित थे, ने ख्मेर रूज के साथ गठबंधन किया, और ख्मेर रूज-प्रभुत्व वाली निर्वासित का नाममात्र प्रमुख बन गए। हालांकि लोन नोल की सेना की कमजोरी और वायु शक्ति के अलावा किसी भी रूप में नए संघर्ष के लिए अमेरिकी सैन्य बल को प्रतिबद्ध करने के लिए पूरी तरह से अवगत होने के बावजूद, निक्सन प्रशासन ने नए ख्मेर गणराज्य के लिए अपने समर्थन की घोषणा की। <ref>Shawcross, pp. 181–182, 194. See also Isaacs, Hardy, & Brown, p. 98.</ref> २९ मार्च १९७० को [[उत्तरी वियतनाम]] ने कंबोडियाई सेना के खिलाफ एक आक्रमण जारी किया। [[सोवियत संघ]] के अभिलेखागार से जो दस्तावेज सामने आए थे, उनसे पता चला कि आक्रमण ख्मेर रूज के स्पष्ट अनुरोध पर शुरू किया गया था, जब नुओन ची के साथ बातचीत हुई थी।<ref name="Mosyakov">Mosyakov, Dmitry. "The Khmer Rouge and the Vietnamese Communists: A History of Their Relations as Told in the Soviet Archives". In Cook, Susan E., ed. (2004). "Genocide in Cambodia and Rwanda". ''Yale Genocide Studies Program Monograph Series''. '''1''': 54. "In April–May 1970, many North Vietnamese forces entered Cambodia in response to the call for help addressed to Vietnam not by Pol Pot, but by his deputy Nuon Chea. Nguyen Co Thach recalls: "Nuon Chea has asked for help and we have "liberated" five provinces of Cambodia in ten days."</ref> एक उत्तरी वियतनामी सेना ने जल्दी से पूर्वी कंबोडिया के बड़े हिस्से पर कब्जा पाकर [[नामपेन्ह|नोमपेन्ह]] के २४ किलोमीटर अंदर तक घुस गया, जिसके बाद उसे पीछे धकेल दिया गया। सीहनु को हटाने के तीन महीने बाद जून तक उन्होंने देश के पूरे पूर्वोत्तर तिहाई से सरकारी बलों को हटा दिया। उन ताकतों को हराने के बाद उत्तरी वियतनाम ने नए जीते क्षेत्रों को स्थानीय विद्रोहियों में बदल दिया। ख्मेर रूज ने देश के दक्षिण और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में "मुक्त" क्षेत्रों की भी स्थापना की, जहाँ वे उत्तरी वियतनामी से स्वतंत्र रूप से संचालित होते थे।<ref>Sutsakhan, Lt. Gen. Sak, The Khmer Republic at War and the Final Collapse. Washington, D.C.: United States Army Center of Military History, 1987. p. 32.</ref> सीहनु ने ख्मेर रूज के लिए मैदान में जाकर उनके समर्थन का प्रदर्शन करने के बाद उनकी सेना ६,००० से बढ़कर ५०,००० तक हो गई। ख्मेर रूज के नए रंगरूटों में से कई गैर-राजनीतिक किसान थे, जिन्होंने [[साम्यवाद|साम्यवाद के]] बजाय राजा के समर्थन में लड़ाई लड़ी, जिसकी उन्हें बहुत कम समझ थी।<ref>{{Cite web|url=http://www.atimes.com/atimes/Southeast_Asia/IC15Ae01.html|title=Dining with the Dear Leader|website=Asia Time|archive-url=https://web.archive.org/web/20070328161501/http://www.atimes.com/atimes/Southeast_Asia/IC15Ae01.html|archive-date=2007-03-28}}</ref> १९७५ तक जब लोन नोल की सरकार के अमेरिकी समर्थन की समाप्ति के कारण गोला-बारूद से खत्म होने लगे, यह स्पष्ट था कि उनकी सरकार के गिरने की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। १७ अप्रैल १९७५ को ख्मेर रूज ने नोमपेन्ह पर कब्जा कर लिया और [[गृहयुद्ध]] को समाप्त कर दिया। गृहयुद्ध से होने वाली मौतों के अनुमान अलग-अलग हैं। सीहनु ने ६ लाख गृहयुद्ध में हुई मौतों का आंकड़ा इस्तेमाल किया,<ref name="Sharp">{{Cite web|url=http://www.mekong.net/cambodia/deaths.htm|title=Counting Hell|last=Sharp|first=Bruce|website=Mekong.net|access-date=2019-08-17}}</ref> जबकि एलिजाबेथ बेकर ने दस लाख से अधिक गृहयुद्धों की मौत की सूचना दी, जिसमें सैन्य और नागरिक शामिल थे;<ref>{{Cite web|url=https://sites.tufts.edu/atrocityendings|title=Mass Atrocity Endings {{!}} Documenting declines in civilian fatalities|website=sites.tufts.edu|access-date=2018-02-06|archive-date=20 फ़रवरी 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230220200600/https://sites.tufts.edu/atrocityendings/|url-status=dead}}</ref> अन्य शोधकर्ता ऐसे उच्च अनुमानों की पुष्टि करने में असमर्थ थे।<ref name="Tufts.edu">{{Cite web|url=https://sites.tufts.edu/atrocityendings/2015/08/07/cambodia-u-s-bombing-civil-war-khmer-rouge/|title=Cambodia: U.S. bombing, civil war, & Khmer Rouge|date=2015-08-07|publisher=[[World Peace Foundation]]|access-date=2019-07-19|quote=On the higher end of estimates, journalist Elizabeth Becker writes that 'officially, more than half a million Cambodians died on the Lon Nol side of the war; another 600,000 were said to have died in the Khmer Rouge zones.' However, it is not clear how these numbers were calculated or whether they disaggregate civilian and soldier deaths. Others' attempts to verify the numbers suggest a lower number. Demographer Patrick Heuveline has produced evidence suggesting a range of 150,000 to 300,000 violent deaths from 1970 to 1975. In an article reviewing different sources about civilian deaths during the civil war, Bruce Sharp argues that the total number is likely to be around 250,000 violent deaths.&nbsp;... Many attempts have been made to count or estimate the scale of deaths under the KR. While the KR officials claim that only around 20,000 civilians were killed, the true estimate likely falls somewhere between 1–3 million total deaths, with upper range estimates of those directly killed by the regime approaching 1 million.&nbsp;... One of the more thorough demographic studies, conducted by Patrick Heuveline, also attempts to separate out violent civilian deaths from a general increase in mortality caused by famine, disease, working conditions, or other indirect causes. He does so by grouping deaths within different age and sex brackets and analyzing treatment of these age and sex groups by the Khmer Rouge and violent regimes in general. His conclusion is that an average of 2.52 million people (range of 1.17–3.42 million) died as a result of regime actions between 1970 and 1979, with an average estimate of 1.4 million (range of 1.09–2.16 million) directly violent deaths.|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714181839/https://sites.tufts.edu/atrocityendings/2015/08/07/cambodia-u-s-bombing-civil-war-khmer-rouge/|url-status=dead}}</ref> मारेक स्लिविंस्की ने नोट किया कि मृतकों के कई अनुमान सवालों के घेरे में हैं और प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं, यह सुझाव देते हुए कि सही संख्या २,४०,००० और ३,१०,००० के बीच है।<ref name="Sliwinski">{{Cite book|title=Le Génocide Khmer Rouge: Une Analyse Démographique|last=Sliwinski|first=Marek|publisher=[[L'Harmattan]]|year=1995|pages=42–43, 48|quote=Le bilan humain de cette périod de guerre civile est difficile à établir. Les chiffres avancés ne sont pas irréfutables, et ils peuvent bien avoir été lancés à des fins de propagande ou d'intoxication. Ils oscillent, pour le nombre des morts, entre 600 000 et 700 000, soit entre 7.7% et 9.6% de la population du pays selon les évaluations les plus extrêmes. La cause principale de ces pertes serait les bombardements massifs de l'aviation américaine dont le but principal était l'anéantissement des pistes Ho-Chi-Minh et la destruction d'un mythique Q.G. du Viêt-cong. A cet égard, il est intéressant de rappeler que la population de toutes les régions traversées par les pistes Ho-Chi-Minh, régions situées sur la rive gauche du Mékong, ne comptait au total qu'environ 1 165 000 personnes, et que les trois plus grandes provinces longeant la frontiére laotienne et vietnamienne, Stung Treng, Ratanakiri et Mondolkiri, étaient pratiquement inhabitées. L'impact des bombardments américains sur l'état de la population du Cambodge durant les années 1970–1975 ne paraît donc pas aussi évident que certain auteurs le supposent. Nos propres statistiques sur les causes précises des décés ne situent d'ailleurs les victimes des bombardments qu'à la troisiéme place, loin derriére les victimes des armes à feu portatives et des assassinats.&nbsp;... Pour la période de guerre civile, l'augmentation totale de la mortalité est donc de 7.5% Si l'on considére que la mortalité naturelle frappe chaque anné quelque 132 000 personnes, on pourrait facilement en déduire que la surmortalité due à la guerre se chiffre par un nombre de décés ne dépassant pas 50 000 personnes durant la périod allant de mars 1970 à avril 1975. Toutefois, en tenant compte du fait que la guerre a eu une forte incidence tant sur la dimunution de la mortalité naturelle que sur l'agumentation de la mortalité infantile, on peut estimer la proportion annuelle des victimes elles-mêmes de cette guerre à 0,64% de la population du pays, soit, pour toutes ces années, 240 000 personnes environ.}}</ref> जूडिथ बैनिस्टर और ई. पेगे जॉनसन ने २,७५,००० युद्ध मृत्यु को "उच्चतम मृत्यु दर जिसे हम उचित ठहरा सकते हैं" के रूप में वर्णित किया।<ref name="Banister, Judith 1993">{{Cite book|url=https://archive.org/details/genocidedemocrac00kier/page/87|title=Genocide and Democracy in Cambodia: The Khmer Rouge, the United Nations and the International Community|last=Banister|first=Judith|last2=Johnson|first2=E. Paige|publisher=Yale University Southeast Asia Studies|year=1993|isbn=978-0-938692-49-2|page=[https://archive.org/details/genocidedemocrac00kier/page/87 87]|chapter=After the Nightmare: The Population of Cambodia|quote=An estimated 275,000 excess deaths. We have modeled the highest mortality that we can justify for the early 1970s.|chapter-url=https://archive.org/details/genocidedemocrac00kier}}</ref> पैट्रिक ह्यूवेलिन कहते हैं कि "जनसांख्यिकीय डेटा के बाद के पुनर्मूल्यांकन में [गृह युद्ध] के लिए मृत्यु टोल तीन लाख या उससे कम के क्रम में स्थित है"।<ref name="Heuveline, Patrick 2001"/> ==== संयुक्त राज्य अमेरिका बमबारी ==== १९७० से १९७३ तक ख्मेर रूज के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका के एक बड़े पैमाने पर बमबारी अभियान ने ग्रामीण कंबोडिया को तबाह कर दिया।<ref>William Shawcross, "1979 Sideshow: Kissinger, Nixon and the Destruction of Cambodia," (New York: Simon & Schuster, 1979)</ref><ref name="Cultural Survival Quarterly">Cultural Survival Quarterly Magazine, September 1990, [https://www.culturalsurvival.org/publications/cultural-survival-quarterly/roots-genocide-new-evidence-us-bombardment-cambodia "Roots of Genocide: New Evidence on the US Bombardment of Cambodia"]</ref> कंबोडिया का एक पूर्व अमेरिकी बमबारी अभियान वास्तव में १८ मार्च १९६९ को ऑपरेशन ब्रेकफास्ट के साथ शुरू हुआ था, लेकिन कंबोडिया में अमेरिकी बमबारी उससे कई साल पहले शुरू हुई थी।<ref name="Tufts.edu"/> अमेरिकी बमबारी के कारण कंबोडियाई नागरिक और ख्मेर रूज की मौत की संख्या विवादित है और व्यापक कंबोडियाई गृहयुद्ध से अलग होना मुश्किल है।<ref name="Sliwinski"/> अनुमान ३०,००० से ५,००,००० तक है।<ref name="Valentino">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=LQfeXVU_EvgC&q=30%2C000-150%2C000|title=Final Solutions: Mass Killing and Genocide in the 20th Century|last=Valentino|first=Benjamin|publisher=[[Cornell University Press]]|year=2005|isbn=978-0-8014-7273-2|page=84}}</ref><ref>[https://books.google.com/books?id=NgokDwAAQBAJ&pg=PT97&dq=nixon,+cambodia,+killed,+civilians&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwjXnbKPua7YAhUikeAKHW1VAd0Q6AEIJzAA#v=onepage&q=over%20500%2C000&f=false James A. Tyner, ''The Killing of Cambodia: Geography, Genocide and the Unmaking of Space''] (Routledge, 2017)</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hawaii.edu/powerkills/SOD.CHAP4.HTM|title=Statistics of Cambodian Democide: Estimates, Calculations, And Sources|last=Rummel|first=Rudolph|authorlink=Rudolph Rummel|access-date=2018-02-06}}</ref><ref name="PBS Frontline">{{Cite web|url=http://www.pbs.org/frontlineworld/stories/cambodia/tl02.html|title=FRONTLINE/WORLD . Cambodia – Pol Pot's Shadow . Chronicle of Survival . 1969–1974: Caught in the crossfire|publisher=PBS|access-date=2017-12-29}}</ref> स्लिविंस्की का अनुमान है कि कुल गृहयुद्ध में होने वाली मौतों का लगभग १७% अमेरिकी बमबारी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, यह देखते हुए कि यह मौत के प्रमुख कारणों से बहुत पीछे है, क्योंकि अमेरिकी बमबारी कम आबादी वाले सीमा क्षेत्रों में केंद्रित थी।<ref name="Sliwinski" /> बेन कीरनन ने ५०,००० से १५०,००० मौतों का श्रेय अमेरिकी बमबारी को दिया है।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/howpolpotcametop00kier_0|title=How Pol Pot Came to Power: Colonialism, Nationalism, and Communism in Cambodia, 1930–1975|last=Kiernan|first=Ben|publisher=[[Yale University Press]]|year=2004|isbn=978-0-300-10262-8|page=xxiii|author-link=Ben Kiernan|url-access=registration}}</ref> इतिहासकारों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा कंबोडिया पर की गई भारी बमबारी और ख्मेर रूज के बढ़ते समर्थन और भर्ती एक रुचि का विषय रहा है। माइकल इग्नाटिएफ़, एडम जोन्स<ref>{{Cite book|url=https://www.mcvts.net/cms/lib07/NJ01911694/Centricity/Domain/155/Textbook.pdf|title=Genocide: A Comprehensive Introduction|last=Jones|first=Adam|publisher=Routledge|year=2006|pages=189–190|access-date=13 दिसंबर 2021|archive-date=5 अगस्त 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190805203324/https://www.mcvts.net/cms/lib07/NJ01911694/Centricity/Domain/155/Textbook.pdf|url-status=dead}}</ref> और ग्रेग ग्रैंडिन<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=QGGzBgAAQBAJ&q=%22grandin,%22+khmer+rouge|title=Kissinger's Shadow: The Long Reach of America's Most Controversial Statesman|last=Grandin|first=Greg|date=2015|publisher=Henry Holt and Company|isbn=978-1-62779-450-3|pages=179–180}}</ref> सहित कुछ विद्वानों ने १९६५ से १९७३ तक संयुक्त राज्य अमेरिका के हस्तक्षेप और बमबारी अभियान को महत्वपूर्ण कारकों के रूप में उद्धृत किया है जिनके कारण कंबोडियन किसानों के बीच ख्मेर रूज के लिए समर्थन बढ़ा।<ref>Kiernan, Ben (Winter 1989). "The American Bombardment of Kampuchea 1969–1973". ''Vietnam Generation''. '''1''' (1): 4–41.</ref> बेन कीएरनन के अनुसार, "ख्मेर रूज अमेरिका की आर्थिक सहायता और कंबोडिया की सैन्य अस्थिरता के बिना सत्ता हासिल नहीं कर सकता था। इसने बमबारी की तबाही और नागरिकों के नरसंहार को भर्ती प्रचार के रूप में और अपनी क्रूर, कट्टरपंथी नीतियों और उदारवादी साम्यवादियों और सीहनुवादियों के शुद्धिकरण के बहाने के रूप में इस्तेमाल किया।"<ref>{{Cite book|title=The Pol Pot Regime: Race, Power, and Genocide in Cambodia under the Khmer Rouge, 1975–1979|last=Kiernan|first=Ben|publisher=[[Yale University Press]]|year=2008|isbn=978-0-300-14299-0|pages=16–19|author-link=Ben Kiernan}}</ref> पोल पॉट के [[जीवनी]] लेखक डेविड पी. चांडलर ने लिखा है कि बमबारी से "अमेरिका को वह मिल गया जो वह चाहता था - इसने नोमपेन्ह के वामपंथी घेरे को तोड़ दिया", लेकिन ग्रामीण समाज के [[पतन]] को भी तेज कर दिया और [[सामाजिक]] [[ध्रुवीकरण]] में बढ़त हुई।<ref>[[David P. Chandler|Chandler, David]] (2000), ''Brother Number One: A Political Biography of Pol Pot'', Revised Edition, Chiang Mai, Thailand: Silkworm Books, pp. 96–98.</ref><ref>Chandler, David (2005). ''Cambodia 1884–1975'', in The Emergence of Modern Southeast Asia, edited by Norman Owen. University of Hawaii Press, p. 369.</ref> क्रेग एचेसन मानते हैं कि अमेरिकी हस्तक्षेप ने ख्मेर रूज के लिए भर्ती में बढ़ावा लाया, लेकिन विवाद है कि यह ख्मेर रूज की जीत का एक प्राथमिक कारण था।<ref>Etcheson, Craig, ''The Rise and Demise of Democratic Kampuchea'', Westview Press, 1984, p. 97.</ref> विलियम शॉक्रॉस के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका की बमबारी और जमीनी घुसपैठ ने कंबोडिया को उस अराजकता में डुबो दिया, जिससे बचने के लिए सीहनु ने वर्षों तक काम किया था।<ref>Shawcross, pp. 92–100, 106–112.</ref> === ख्मेर रूज के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन === ==== चीन ====   ===== माओ युग =====   [[चित्र:PolPot.jpg|अंगूठाकार|217x217पिक्सेल| १९७८ में [[पोल पॉट]]]] १९५० के दशक के बाद से, [[पोल पॉट]] ने लगातार [[चीनी जनवादी गणराज्य]] का दौरा किया, जहाँ उन्होंने [[चीनी साम्यवादी दल]] के कर्मियों से राजनीतिक और सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया - विशेष रूप से ''[[सर्वहारा की तानाशाही]]'' के सिद्धांत पर।<ref name=":9"/><ref name=":02">{{Cite web|url=http://www.yhcqw.com/13/2114.html|title=波尔布特:并不遥远的教训|last=Wang|first=Xiaolin|date=|website=[[Yanhuang Chunqiu]]|language=zh|archive-url=https://web.archive.org/web/20201124074333/http://www.yhcqw.com/13/2114.html|archive-date=2020-11-24|access-date=2019-11-23}}</ref> नवंबर १९६५ से फरवरी १९६६ तक चेन बोडा और झांग चुंचाओ जैसे उच्च पदस्थ सीसीपी अधिकारियों ने उन्हें [[चीन की साम्यवादी क्रांति]], [[वर्ग संघर्ष]], [[कम्युनिस्ट इंटरनेशनल]] आदि जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया।<ref name=":02" /> पोल पॉट ने [[डेंग शियाओ पिंग]] और पेंग जेन सहित अन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की।<ref name=":9" /> वे कांग शेंग के उस व्याख्यान से विशेष रूप से प्रभावित हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजनीतिक शुद्धिकरण कैसे किया जाए। <ref name=":02" /> [[चित्र:Mao_Sihanouk.jpg|अंगूठाकार| [[माओ से-तुंग|माओ ज़ेडॉन्ग]], पेंग जेन, [[नरोत्तम सीहनु]] और [[लीउ शओची|लियू शाओकी]] (१९६५)।]] १९७० में लोन नोल ने सीहनु को उखाड़ फेंका, और बाद वाला बीजिंग भाग गया, जहाँ पोल पॉट भी जा रहे थे। सीसीपी की सलाह पर ख्मेर रूज ने अपनी स्थिति बदल दी, और सीहनु का समर्थन करने के लिए, उसने कम्पूचिया के राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा की स्थापना की। अकेले १९७० में ही चीनियों ने कथित तौर पर संयुक्त मोर्चे को ४०० टन सैन्य सहायता दी।<ref name=":15">{{Cite journal|last=Song|first=Lianghe|last2=Wu|first2=Yijun|year=2013|title=中国对柬埔寨的援助:评价及建议|url=https://core.ac.uk/download/pdf/41448796.pdf|journal=Xiamen University Forum on International Development|language=zh|volume=|issue=6|pages=54–58|archive-url=https://web.archive.org/web/20190414161319/https://core.ac.uk/download/pdf/41448796.pdf|archive-date=2019-04-14}}</ref> अप्रैल १९७४ में सीहनु और ख्मेर रूज के नेता ईएंग सारी और खिउ सम्फन ने बीजिंग में माओ से मुलाकात की; माओ ने उन नीतियों का समर्थन किया जो ख्मेर रूज ने प्रस्तावित की थी, लेकिन वह नहीं चाहते थे कि ख्मेर रूज गृहयुद्ध जीतने और एक नया कंबोडिया स्थापित करने के बाद सीहनु को हाशिए पर ले जाए।<ref name=":9"/><ref>{{Cite web|url=http://news.ifeng.com/history/special/khmerrouge/|title=人间正道:审判红色高棉|last=|first=|date=|website=[[Phoenix Television|Phoenix New Media]]|language=zh|archive-url=https://web.archive.org/web/20210103050441/http://news.ifeng.com/history/special/khmerrouge/|archive-date=2021-01-03|access-date=2019-11-28}}</ref> जून १९७५ में पोल पॉट और अन्य ख्मेर रूज के अधिकारियों ने बीजिंग में [[माओ से-तुंग]] के साथ मुलाकात की, जहाँ माओ ने पोल पॉट को "सर्वहारा वर्ग की तानाशाही के तहत निरंतर क्रांति के सिद्धांत" पर व्याख्यान दिया, जिसमें दो लेखों की सिफारिश की गई। जो याओ वेनयुआन द्वारा लिखे गए थे और ३० से अधिक पुस्तकें पोल पॉट भेज रहे थे, जिन्हें [[कार्ल मार्क्स]], [[फ्रेडरिक एंगेल्स]], [[व्लादिमीर लेनिन]] और [[जोसेफ़ स्टालिन|जोसेफ स्टालिन]] ने उपहार के रूप में लिखा था।<ref name=":9">{{Cite web|url=http://news.ifeng.com/history/2/shidian/200804/0410_2666_485387.shtml|title=西哈努克、波尔布特与中国|last=|first=|date=2008-04-10|website=[[Phoenix Television|Phoenix New Media]]|language=zh|archive-url=https://web.archive.org/web/20201030081609/http://news.ifeng.com/history/2/shidian/200804/0410_2666_485387.shtml|archive-date=2020-10-30|access-date=2019-11-26}}</ref><ref name=":02"/> इस मुलाकात के दौरान माओ ने पोल पॉट से कहा:<ref name=":42">{{Cite web|url=https://digitalarchive.wilsoncenter.org/document/111267.pdf?v=9ce155271bb6859cb1c694c29a8bba18|title=June 21, 1975. Conversation between Chinese leader Mao Zedong and Cambodian Leader Pol Pot|website=Wilson Center}}</ref><blockquote>हम आपसे सहमत हैं! आपका अधिकांश अनुभव हमसे बेहतर है। चीन आपकी आलोचना करने के काबिल नहीं है। अपने पचास वर्ष के राजनीतिक दौरे में दस गलतियाँ की - कुछ राष्ट्रीय, कुछ स्थानीय...इस कारण मैं मानता हूँ कि चीन के पास आपकी आलोचना करने की नहीं, बल्कि आपकी प्रशंसा करने की योग्यता है। आप मूल रूप से सही हैं...लोकतांत्रिक क्रांति से समाजवादी रास्ता अपनाने के रास्ते दो संभावनाएँ मौजूद हैं: पहला समाजवाद, दूसरा पूंजीवाद। अब हमारी स्थिति ऐसी है। आज से पचास साल या सौ साल बाद दोनों विचारों के बीच संघर्ष मौजूद रहेगा। आज से दस हजार साल बाद भी दोनों विचारों के बीच का संघर्ष बना रहेगा। जब साम्यवाद का एहसास होगा, तब भी दोनों विचारों के बीच संघर्ष रहेगा। नहीं तो आप मार्क्सवादी नहीं हैं।...जैसा लेनिन ने कहा था, हमारा राष्ट्र अब पूनिवादी राष्ट्र है जिसमें पूंजीपती नहीं हैं। यह राष्ट्र पूंजीवादी अधिकारों की रक्षा करता है, और आय समान नहीं है। समानता के नारे के तहत असमानता की व्यवस्था पेश की गई है। दो पंक्तियों के बीच संघर्ष होगा, उन्नत और पिछड़े के बीच संघर्ष, तब भी जब साम्यवाद का एहसास हो जाएगा। आज हम इसे पूरी तरह से समझा नहीं सकते हैं।</blockquote>पोल पॉट ने उत्तर दिया: "अध्यक्ष माओ द्वारा उठाए गई संघर्ष की पंक्तियाँ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दा है। हम भविष्य में आपके शब्दों का पालन करेंगे। अपने बचपन के दिनों से मैं अध्यक्ष माओ के विभिन्न कार्यों के बारे में पढ़ता और सीखता था, विशेष रूप से ''लोगों के युद्ध'' पर लिखे है उनके सिद्धांत। आपके कार्यों ने हमारे पूरे दल को मार्गदर्शन दिया है।"<ref name=":9"/> वहीं दूसरी ओर अगस्त १९७५ में एक अन्य बैठक के दौरान चीनी प्रधान मंत्री [[झ़ोउ एनलाई|झोउ एनलाई]] ने चीन के अपने [[ग्रेट लीप फॉरवर्ड]] में गलतियों का हवाला देते हुए सीहनु के साथ-साथ ख्मेर रूज के नेताओं को खिउ सम्फान और आईंग सारी सहित साम्यवाद के प्रति कट्टरपंथी आंदोलन के खतरे की चेतावनी दी।<ref name=":14">{{Cite web|url=https://cross-currents.berkeley.edu/sites/default/files/e-journal/articles/jeldres_1.pdf|title=A Personal Reflection on Norodom Sihanouk and Zhou Enlai: An Extraordinary Friendship on the Fringes of the Cold War|website=UC Berkeley|archive-url=https://www.webcitation.org/6bvUPJGkx?url=https://cross-currents.berkeley.edu/sites/default/files/e-journal/articles/jeldres_1.pdf|archive-date=30 September 2015}}</ref><ref name=":17">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ZPJIE9pX_joC&q=zhou+enlai+sihanouk+1975+august&pg=PA45|title=Kampuchea Between China and Vietnam|last=Chang|first=Pao-min|date=1985|publisher=NUS Press|isbn=978-9971-69-089-2}}</ref><ref name=":16">{{Cite journal|last=Ciorciari|first=John D.|date=2014-04-03|title=China and the Pol Pot regime|journal=Cold War History|volume=14|issue=2|pages=215–235|doi=10.1080/14682745.2013.808624|issn=1468-2745}}</ref> झोउ ने उनसे उन गलतियों को नहीं दोहराने का आग्रह किया जिन्होंने तबाही मचाई थी।<ref name=":14" /><ref name=":16" /> सीहनु ने बाद में याद किया कि खिउ सम्फन और आईंग थिरिथ ने केवल "एक अविश्वसनीय और बेहतर मुस्कान" के साथ जवाब दिया था।<ref name=":16" /> नरसंहार के दौरान चीन ख्मेर रूज का मुख्य अंतरराष्ट्रीय संरक्षक था, जो "१५,००० से अधिक सैन्य सलाहकारों" और इसकी अधिकांश बाहरी सहायता की आपूर्ति करता था। {{Sfn|Kurlantzick|2008|p=[https://books.google.com/books?id=aWyP8-fXlsYC&q=193#v=snippet&q=193&f=false 193]}}{{Sfn|Kurlantzick|2008|p=[https://books.google.com/books?id=aWyP8-fXlsYC&pg=PA193 193]}} यह अनुमान लगाया गया है कि ख्मेर रूज को विदेशी सहायता का कम से कम ९०% चीन से आया था, केवल १९७५ में ब्याज मुक्त अर्थशास्त्र और सैन्य सहायता में [[अमेरिकी डॉलर|$]]<nowiki/>१ अरब को देखते हुए, "अब तक चीन द्वारा किसी एक देश को दी गई सबसे बड़ी सहायता" थी।<ref name=":12"/><ref name=":13"/> १९७६ में आंतरिक संकटों की एक श्रृंखला ने बीजिंग को ख्मेर रूज की नीतियों पर पर्याप्त प्रभाव डालने से रोक दिया।<ref name=":17"/> ===== संक्रमण अवधि ===== सितंबर १९७६ में माओ की मृत्यु के बाद चीन लगभग दो साल के संक्रमण से गुजरा, जिसके बाद डेंग शियाओपिंग दिसंबर १९७८ में उसके नए सर्वोपरि नेता बन गए। संक्रमण काल के दौरान पोल पॉट ने जुलाई १९७७ में चीन की आधिकारिक यात्रा की और उनका स्वागत अध्यक्ष हुआ गुओफेंग और अन्य उच्च सीसीपी अधिकारियों ने किया, ''[[पीपुल्स डेली]]'' ने उन्हें "कंबोडिया से कॉमरेड" (''柬埔寨战友'') कहा।<ref>{{Cite web|url=http://www.sohu.com/a/78426791_239503|title=老照片:七十年代波尔布特曾两度访华|last=Ruo|first=Gu|date=2016-05-30|website=[[Sohu]]|language=zh|archive-url=https://web.archive.org/web/20200604175935/https://www.sohu.com/a/78426791_239503|archive-date=2020-06-04|access-date=2019-11-24}}</ref> पॉट ने माओ के युग के उत्पाद, दझाई के कृषि उत्पादन मॉडल का भी दौरा किया। चीन के उप प्रधान मंत्री और दझाई के नेता चेन योंगगुई ने साम्यवाद के प्रति अपने आंदोलन की उपलब्धि की सराहना करते हुए दिसंबर १९७७ में कंबोडिया का दौरा किया। <ref>{{Cite web|url=http://www.yhcqw.com/36/1354.html|title='大寨工' 对全国农村的恶劣影响|last=Xiap|first=Han|date=|website=[[Yanhuang Chunqiu]]|language=zh|archive-url=https://web.archive.org/web/20201101134943/http://www.yhcqw.com/36/1354.html|archive-date=2020-11-01|access-date=2019-11-25}}</ref> १९७८ में ख्मेर रूज नेता और लोकतांत्रिक कम्पूचिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री सोन सेन ने चीन का दौरा किया और सैन्य सहायता के लिए इसकी स्वीकृति प्राप्त की।<ref name=":132">{{Cite web|url=https://boxun.com/news/gb/z_special/2016/01/201601132346.shtml|title=红色高棉运动始末|last=Yu|first=Hongjun|date=2016-01-13|website=[[Boxun]]|language=zh|archive-url=https://web.archive.org/web/20180203060421/http://boxun.com/news/gb/z_special/2016/01/201601132346.shtml|archive-date=2018-02-03|access-date=2019-11-24}}</ref> उसी वर्ष वांग डोंगक्सिंग और देंग यिंगचाओ जैसे उच्च पदस्थ सीसीपी अधिकारियों ने समर्थन देने के लिए कंबोडिया का दौरा किया।<ref name=":132" /><ref>{{Cite web|url=http://news.sina.com.cn/c/2008-11-26/161216730325.shtml|title=1978年国家领导人主要出访 – 览表|last=|first=|date=2008-11-26|website=[[Sina Corp|Sina]]|language=zh|archive-url=https://web.archive.org/web/20201105023357/http://news.sina.com.cn/c/2008-11-26/161216730325.shtml|archive-date=2020-11-05|access-date=2019-11-24}}</ref> ===== देंग युग =====   देंग के चीन के सर्वोपरि नेता बनने के तुरंत बाद [[कंबोडिया-वियतनाम युद्ध|वियतनाम ने कंबोडिया पर आक्रमण]] करके जनवरी १९७९ में ख्मेर रूज को हराकर नरसंहार को समाप्त कर दिया,{{Sfn|Mayersan|2013|p=182}} जिसके तहत कम्पूचिया जनवादी गणराज्य की स्थापना हुई। [[दक्षिण पूर्व एशिया]] में [[सोवियत संघ]] और वियतनाम के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए चीन ने आधिकारिक तौर पर वियतनामी आक्रमण की निंदा की और ख्मेर रूज को अपना भौतिक समर्थन देना जारी रखा। १९७९ की शुरुआत में वियतनाम के आक्रमण के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने के लिए चीन ने [[चीन-वियतनाम युद्ध|वियतनाम पर आक्रमण कर दिया]]।<ref>{{Cite web|url=https://mothership.sg/2018/11/deng-xiaoping-singapore-china-george-yeo/|title=Deng Xiaoping visited S'pore in 1978. Here's the impact it left on Sino-S'pore relations 40 years on.|website=mothership.sg}}</ref> देंग [[सिंगापुर]] के प्रधान मंत्री [[ली क्वान यू|ली कुआन यू]] द्वारा युद्ध के पैमाने और अवधि को सीमित करने के लिए बातचीत से आश्वस्त थे। एक महीने तक युद्ध चलने के बाद सिंगापुर ने कंबोडियाई मुद्दे पर वियतनाम और चीन के बीच मध्यस्थता रखने का प्रयास किया।<ref>{{Cite web|url=https://mothership.sg/2018/11/deng-xiaoping-singapore-china-george-yeo/|title=Deng Xiaoping visited S'pore in 1978. Here's the impact it left on Sino-S'pore relations 40 years on.|website=mothership.sg}}</ref> ==== अन्य समर्थन ==== १९७८ और १९७९ के वियतनामी आक्रमण पर चीनी और पश्चिम के विरोध के परिणामस्वरूप ख्मेर रूज ने १९८२ तक कंबोडिया की [[संयुक्त राष्ट्र]] की कुर्सी पर कब्जा करना जारी रखा, जिसके बाद सीट ख्मेर रूज-के गठबंधन ने ले लिया, जिसे ''कम्पूचियाई प्रजातन्त्र की गठबंधन सरकार'' के नाम से जाना जाता था।<ref name="Locard">{{Cite journal|last=Locard|first=Henri|date=March 2005|title=State Violence in Democratic Kampuchea (1975–1979) and Retribution (1979–2004)|journal=[[European Review of History]]|volume=12|issue=1|pages=121–143|doi=10.1080/13507480500047811|quote=Between 17 April 1975 and 7 January 1979 the death toll was about 25% of a population of some 7.8 million; 33.5% of men were massacred or died unnatural deaths as against 15.7% of the women, and 41.9% of the population of Phnom Penh.&nbsp;... Since 1979, the so-called Pol Pot regime has been equated to Hitler and the Nazis. This is why the word 'genocide' (associated with Nazism) has been used for the first time in a distinctly Communist regime by the invading Vietnamese to distance themselves from a government they had overturned. This 'revisionism' was expressed in several ways. The Khmer Rouge were said to have killed 3.3 million, some 1.3 million more people than they had in fact killed. There was one abominable state prison, S–21, now the Tuol Sleng Genocide Museum. In fact, there were more than 150 on the same model, at least one per district.&nbsp;... For the United States in particular, denouncing the crimes of the Khmer Rouge was not at the top of their agenda in the early 1980s. Instead, as in the case of Afghanistan, it was still at times vital to counter what was perceived as the expansionist policies of the Soviets. The USA prioritised its budding friendship with the Democratic Republic of China to counter the 'evil' influence of the USSR in Southeast Asia, acting through its client state, revolutionary Vietnam. All the ASEAN countries shared that vision. So it became vital, with the military and financial help of China, to revive and develop armed resistance to the Vietnamese troops, with the resurrected KR at its core.&nbsp;... [France] was instrumental in forcing the Sihanoukists and the Republicans to form an obscene alliance with its former tormentors, the KR, under the name of the Coalition Government of Democratic Kampuchea (CGDK) in 1982. In so doing, the international community officially reintegrated some of the worst perpetrators of crimes against humanity into the world diplomatic sphere...}}</ref>{{Sfn|PoKempner|1995|p=[https://books.google.com/books?id=RSQ7VlnNw0AC&pg=PA106 106]}}{{Sfn|SarDesai|1998|p=[https://books.google.com/books?id=4nWqBAAAQBAJ&q=163#v=snippet&q=163&f=false 163]}} वियतनाम के विरोध से प्रेरित होकर चीन ने १९७९ से १९८६ तक अपनी ज़मीन पर ख्मेर रूज सैनिकों को प्रशिक्षित किया, "१९९० तक ख्मेर रूज सैनिकों के साथ सैन्य सलाहकार तैनात किए,"{{Sfn|PoKempner|1995|p=[https://books.google.com/books?id=RSQ7VlnNw0AC&pg=PA106 106]}} और " १९८० के दशक के दौरान सैन्य सहायता में कम से कम $१ अरब की आपूर्ति की।{{Sfn|Brinkley|2011|pp=[https://books.google.com/books?id=C3bsidxFIuEC&pg=PA64 64]–[https://books.google.com/books?id=C3bsidxFIuEC&pg=PA65 65]}} १९९१ के पेरिस शांति समझौते के बाद [[थाईलैण्ड|थाईलैंड]] ने ख्मेर रूज को "व्यापार करने और अपनी गतिविधियों को बनाए रखने के लिए थाई सीमा के पार जाने की अनुमति दी... हालांकि अंतरराष्ट्रीय आलोचना, विशेष रूप से [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] और [[ऑस्ट्रेलिया]] से... के कारण इसे किसी भी प्रत्यक्ष सैन्य समर्थन को अस्वीकार करने का कारण बना दिया।"{{Sfn|PoKempner|1995|pp=[https://books.google.com/books?id=RSQ7VlnNw0AC&pg=PA107 107]–[https://books.google.com/books?id=RSQ7VlnNw0AC&pg=PA108 108]}} ऐसे भी आरोप हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ख्मेर रूज का समर्थन किया क्योंकि वह [[दक्षिण पूर्व एशिया]] में वियतनाम के प्रभाव को कमजोर करना चाहता था।<ref name="Locard"/>{{Sfn|Haas|1991|pp=17–18, 28–29}}{{Sfn|Thayer|1991|pp=180, 187–189}}{{Sfn|Brinkley|2011|pp=[https://books.google.com/books?id=C3bsidxFIuEC&pg=PA58 58], [https://books.google.com/books?id=C3bsidxFIuEC&pg=PA65 65]}} चीन, अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों के समर्थन के कारण, गँठबंधन ने १९९३ तक [[शीतयुद्ध|शीत युद्ध]] समाप्त होने के बाद भी कंबोडिया की संयुक्त राष्ट्र सीट पर कब्जा करके रखा।<ref name="Tufts.edu"/> == विचारधारा == {{साम्यवाद साइडबार}} [[विचारधारा]] ने [[नरसंहार]] में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पोल पॉट [[मार्क्सवाद-लेनिनवाद]] से प्रभावित थे और वे कंबोडिया को पूरी तरह से आत्मनिर्भर [[कृषि]] [[समाजवादी]] [[समाज]] में बदलना चाहते थे जो विदेशी प्रभावों से मुक्त हो। [[जोसेफ़ स्टालिन|स्टालिन]] के काम को उनके विचार पर "महत्वपूर्ण रचनात्मक प्रभाव" बुलाया गया है। माओ के काम भी प्रभावशाली थे, खासकर उनकी पुस्तक ''नए लोकतंत्र पर'' से। इतिहासकार डेविड चांडलर के अनुसार [[रूसो|झीन-झाक रूसो]] उनके पसंदीदा लेखकों में से थे। १९६० के दशक के बीच पोल पॉट ने कंबोडियाई स्थिति के अनुरूप मार्क्सवाद-लेनिनवाद के बारे में अपने विचारों में सुधार किया, जैसे कि कंबोडिया को शक्तिशाली [[ख्मेर साम्राज्य]] के कथित पौराणिक [[अतीत]] में वापस लाना, विदेशी [[सहायता]] और [[पश्चिमी संस्कृति]] जैसे भ्रष्ट प्रभावों को मिटाना, और कंबोडिया के [[कृषिक समाज|कृषि समाज]] को बहाल करना।<ref>{{Cite web|url=https://www.history.com/topics/cold-war/the-khmer-rouge|title=Khmer Rouge|website=History.com|access-date=8 October 2019}}</ref> पोल पॉट का मानना था कि कंबोडिया के ग्रामीण उत्तर-पूर्व में उनके अनुभव से कंबोडिया को एक कृषि [[यूटोपिया]] में बदलने की जरूरत है - जहाँ उन्होंने ख्मेर रूज ने सत्ता हासिल करने के दौरान क्षेत्र की अलग-अलग जनजातियों की कृषि आत्मनिर्भरता के लिए एक आत्मीयता विकसित की।<ref>{{Cite web|url=https://www.history.com/topics/cold-war/the-khmer-rouge|title=Khmer Rouge|website=History.com|access-date=2019-10-08}}</ref> इन लक्ष्यों (छोटे, ग्रामीण समुदायों की टिप्पणियों पर गठित) को एक बड़े समाज में लागू करने के प्रयास आगामी नरसंहार के प्रमुख कारण थे।{{Sfn|Alvarez|2001|p=50}}{{Sfn|Alvarez|2007|p=16}} एक ख्मेर रूज नेता ने कहा कि हत्याएं "जनसंख्या की शुद्धि" के लिए की गई थी।{{Sfn|Hannum|1989|pp=88–89}} ख्मेर रूज ने वस्तुतः कंबोडिया की पूरी जनता को खुद को लामबंद टोलियों में विभाजित करने के लिए मजबूर कर दिया।<ref name="Hunt">{{Cite book|title=The World Transformed: 1945 to the Present|last=Hunt|first=Michael H.|publisher=Oxford University Press|year=2014|isbn=978-0-19-937102-0|location=New York|pages=377}}</ref> माइकल हंट ने लिखा है कि यह "बीसवीं सदी की क्रांतियों में बेजोड़ सामाजिक लामबंदी में एक प्रयोग था।"<ref name="Hunt" /> ख्मेर रूज ने आबादी को काबू में रखने के लिए [[बेगार]] शासन, भुखमरी, जबरन पुनर्वास, [[सामूहिक कृषि|भूमि एकत्रीकरण]] और राज्य [[आतंक]] का इस्तेमाल किया।<ref name="Hunt" /> ख्मेर रूज की आर्थिक योजना को उपयुक्त रूप से "महा लाउट प्लोह" नाम दिया गया था, जो चीन के [[ग्रेट लीप फॉरवर्ड]] का सीधा संकेत था, जिसके कारण महान चीनी अकाल में लाखों लोगों की मौत हुई थी।<ref name=":6">{{Cite web|url=http://www.visiontimes.com/2018/01/28/how-red-china-supported-the-brutal-khmer-rouge.html|title=How Red China Supported the Brutal Khmer Rouge|date=2018-01-28|website=Vision Times|access-date=2019-11-26}}</ref><ref name=":5">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=xZSpDwAAQBAJ&q=Maha+lout+ploh&pg=PA334|title=A History of Cambodia|last=Chandler|first=David|publisher=Routledge|year=2018|isbn=978-0-429-96406-0}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.worldfoodprize.org/en/about_the_foundation/ambassador_kenneth_m_quinn/|title=Ambassador Kenneth M. Quinn|publisher=The World Food Prize Foundation|access-date=13 दिसंबर 2021|archive-date=1 अप्रैल 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230401011429/https://www.worldfoodprize.org/en/about_the_foundation/ambassador_kenneth_m_quinn/|url-status=dead}}</ref> बारे में केनेथ एम० क्विन द्वारा लिखित एक डॉक्टरेट शोध प्रबंध में "कट्टरपंथी पोल पॉट शासन की उत्पत्ति" के बारे में लिखा था, जिसे "पोल पॉट और ख्मेर रूज की नरसंहारी नीतियों पर रिपोर्ट करने वाले पहले व्यक्ति" के रूप में स्वीकार किया जाता है।"<ref name=":19">{{Cite news|url=https://www.thegazette.com/subject/news/kenneth-quinn-reflects-on-world-food-prize-diplomacy-20190617|title=Kenneth Quinn: From Cambodia's 'killing fields' to Iowa's Field of Dreams|last=Boshart|first=Rod|date=17 June 2019|work=The Gazette|access-date=14 September 2020|archive-date=4 नवंबर 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201104050838/https://www.thegazette.com/subject/news/kenneth-quinn-reflects-on-world-food-prize-diplomacy-20190617|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://www.jstor.org/stable/j.ctt1npbv9|title=The Pol Pot Regime… 1975–79: Race, Power, and Genocide in Cambodia under the Khmer Rouge|last=Kiernan|first=Ben|publisher=Yale University Press|year=2008|isbn=978-0-300-14299-0|location=New Haven, CT|pages=65–101|chapter=Cleansing the Countryside: Race, Power, and the Party, 1973–75|jstor=j.ctt1npbv9}}</ref> जब वे दक्षिण पूर्व एशिया में अमेरिकी विदेश विभाग के लिए एक विदेश सेवा अधिकारी के रूप में दाखिल थे, क्विन १९७३-१९७४ के बीच नौ महीने के लिए दक्षिण वियतनामी सीमा पर तैनात थे।<ref name=":22">{{Cite web|url=https://kh.usembassy.gov/wp-content/uploads/sites/80/2016/06/book_us_cambodia_relations.pdf|title=60h Anniversary of Diplomatic Relations between the United States and Cambodia|date=July 2016|website=U.S. Embassy in Cambodia|page=38|access-date=14 September 2020}}</ref> वहाँ रहते हुए क्विन ने "अनगिनत कंबोडियाई शरणार्थियों का साक्षात्कार लिया जो ख्मेर रूज के क्रूर चंगुल से बच गए थे।"<ref name=":22" /> संकलित [[साक्षात्कार|साक्षात्कारों]] और उनके द्वारा प्रत्यक्ष रूप से देखे गए [[अत्याचार|अत्याचारों]] के आधार पर क्विन ने इसके बारे में एक ४०-पृष्ठ की रिपोर्ट लिखी, जिसे पूरे अमेरिकी सरकार के हर कर्मचारी को भेजा गया।<ref name=":19" /> [[रिपोर्ट]] में उन्होंने लिखा है कि ख्मेर रूज में "[[नाजी जर्मनी]] और [[सोवियत संघ]] के [[अधिनायकवाद]] से बहुत सामान्य था।"{{Sfn|Power|2002|p=96}} क्विन ने ख्मेर रूज के बारे में लिखा है कि "एक चीज़ है जो १९७० के दशक के दौरान कंबोडिया में फैले आतंक और हिंसा की व्याख्या के रूप में उभरता है, कि अलग-थलग पड़े बुद्धिजीवियों का एक छोटा समूह जो पूरी तरह से भ्रष्ट समाज की अपनी धारणा से क्रोधित है और कम से कम समय में एक शुद्ध [[समाजवादी]] [[व्यवस्था]] बनाने की [[माओवाद|माओवादी]] योजना से ओतप्रोत, अत्यंत युवा, गरीब और ईर्ष्यालु लड़ाकुओं की भर्ती की, उन्हें स्टालिनवादी आकाओं से सीखे गए कठोर और क्रूर तरीकों में निर्देश दिया, और उनका उपयोग भौतिक रूप से सांस्कृतिक आधार को नष्ट करने के लिए और सभ्यता के शुद्धिकरण, फाँसी और हिंसा के माध्यम से एक नया समाज लागू करने के लिए प्रयोग किया गया।"{{Sfn|Hinton|Lifton|2004|p=23}} बेन किएरनन ने कंबोडियाई नरसंहार की तुलना [[आर्मीनियाई जनसंहार|अर्मेनियाई जनसंहार]] से की है जो [[पहला विश्व युद्ध|प्रथम विश्व युद्ध]] के दौरान [[उस्मानी साम्राज्य]] द्वारा किया गया था और [[द्वितीय विश्वयुद्ध|द्वितीय विश्व युद्ध]] के दौरान [[नाज़ी जर्मनी|नाजी जर्मनी]] द्वारा [[यहूदी नरसंहार]] किया गया था। भले ही प्रत्येक नरसंहार अद्वितीय था, उनमें कुछ सामान्य विशेषताएँ थी, और [[नस्लवाद]] तीनों शासनों की विचारधारा का एक प्रमुख हिस्सा था। तीनों शासनों ने धार्मिक [[अल्पसंख्यक|अल्पसंख्यकों]] पर निशाना साधा और उन्होंने अपने साम्राज्य को बढ़ाने के लिए बल का उपयोग करने की भी कोशिश की, जिसे वे अपना ऐतिहासिक हृदय क्षेत्र मानते थे (क्रमशः ख्मेर साम्राज्य, [[तुर्किस्तान|तुर्केस्तान]] और लेबेन्सराऊम), और तीनों शासनों ने "अपने जातीय किसानों को सच्चे 'राष्ट्रीय' वर्ग के रूप में आदर्श बनाया, वह जातीय मिट्टी जिससे नया राज्य विकसित हुआ।"{{Sfn|Kiernan|2003|p=29}} == नरसंहार == === वर्गसंहार === ख्मेर रूज शासन ने अक्सर उन लोगों को गिरफ्तार किया और मारा जिनके ऊपर पूर्व कंबोडियाई सरकार या विदेशी सरकारों के साथ संबंध था, साथ ही सभी पेशेवरों, बुद्धिजीवियों, [[भिक्खु|बौद्ध भिक्षुओं]] और जातीय अल्पसंख्यकों को भी मारा गया। यहाँ तक कि उन लोगों का भी संहार किया गया जिन्हें बौद्धिक गुणों के रूप में माना जाता था, जैसे कि जो लोग चश्मा पहनते या कई भाषाएं बोल सकते थे, क्योंकि शासन को डर था कि वे ख्मेर रूज के खिलाफ विद्रोह कर देंगे।<ref>{{Cite web|url=https://www.history.com/topics/cold-war/the-khmer-rouge|title=Khmer Rouge|date=2018-08-21|website=Hisory.com|access-date=2019-10-08}}</ref> इस कारण से पोल पॉट को विलियम ब्रैनिगिन जैसे पत्रकारों और इतिहासकारों द्वारा "एक नरसंहार तानाशाह" के रूप में वर्णित किया गया है।<ref>William Branigin, [https://web.archive.org/web/20130509211319/http://www.highbeam.com/doc/1P2-664002.html Architect of Genocide Was Unrepentant to the End] ''[[The Washington Post]]'', 17 April 1998</ref> अंग्रेज़ [[समाजशास्त्री]] मार्टिन शॉ ने कंबोडियाई नरसंहार को "[[शीतयुद्ध|शीत युद्ध]] के युग का सबसे शुद्ध नरसंहार" बताया। कंबोडियाई समाज को नस्लीय, सामाजिक और राजनीतिक आधार पर शुद्ध करने के प्रयास ने कंबोडिया के पिछले सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के साथ-साथ व्यापारिक नेताओं, पत्रकारों, छात्रों, डॉक्टरों और वकीलों को भी मिटा दिया।{{Sfn|Alvarez|2001|p=12}} जातीय वियतनामी, जातीय [[थाई लोग|थाई]], जातीय [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीनी]], जातीय [[चाम लोग|चाम]], [[कंबोडिया में धर्म|कंबोडियाई ईसाई]] और अन्य अल्पसंख्यकों को भी निशाना बनाया गया। ख्मेर रूज ने अल्पसंख्यक समूहों का जबरन स्थानांतरण कर दिया और उनकी भाषाओं पर प्रतिबंध लगा दिया। डिक्री द्वारा ख्मेर रूज ने २० से अधिक अल्पसंख्यक समूहों के अस्तित्व पर प्रतिबंध लगा दिया जो कंबोडिया की १५% आबादी का गठन करते थे।<ref name="specter">{{Cite book|url=https://archive.org/details/specterofgenocid00robe|title=The Specter of Genocide: Mass Murder in Historical Perspective|last=Gellately|first=Robert|last2=Kiernan|first2=Ben|publisher=[[कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस]]|year=2003|pages=[https://archive.org/details/specterofgenocid00robe/page/313 313]–314|url-access=registration}}</ref> === जातीय पीड़ित === [[चित्र:Photos_of_victims_in_Tuol_Sleng_prison_(2).JPG|अंगूठाकार| तुओल स्लेंग नरसंहार संग्रहालय के कमरों में ख्मेर रूज द्वारा अपने पीड़ितों के लिए ली गई हजारों तस्वीरें हैं।]] जबकि कंबोडियाई सामान्य रूप से ख्मेर रूज शासन के शिकार थे, ख्मेर रूज द्वारा किए गए उत्पीड़न, यातना और हत्याओं को [[संयुक्त राष्ट्र]] ने नरसंहार का कार्य माना क्योंकि पोल पॉट और उनके शासन द्वारा जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों को व्यवस्थित रूप से लक्षित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://news.un.org/en/story/2018/11/1025981|title=UN genocide adviser welcomes historic conviction of former Khmer Rouge leaders|date=2018-11-16|website=UN News|language=en|access-date=2021-01-22|archive-date=19 जुलाई 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240719092705/https://news.un.org/en/story/2018/11/1025981|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2018/11/15/world/asia/khmer-rouge-cambodia-genocide.html|title=Khmer Rouge's Slaughter in Cambodia Is Ruled a Genocide (Published 2018)|last=Beech|first=Hannah|date=2018-11-16|work=The New York Times|access-date=2021-01-22|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref> ख्मेर रूज के हाथों उत्पीड़न और हत्याओं को नरसंहार माना जाना चाहिए या नहीं, इस पर विद्वानों और इतिहासकारों की अलग-अलग राय हैं, क्योंकि १९७९ में ख्मेर रूज शासन के पतन के ठीक बाद आई [[छात्रवृत्ति]] ने दावा किया था कि पीड़ितों को उन परिस्थितियों के कारण मारा जा सकता था। उदाहरण के लिए माइकल विकरी ने कहा कि हत्याएं "बड़े पैमाने पर एक प्रतिशोधी, अनुशासनहीन किसान सेना की सहज ज्यादतियों का परिणाम थीं।"<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/cambodia1975198200mich|title=Cambodia: 1975–1982|last=Vickery|first=Michael|publisher=South End Press|year=1984|location=Boston|url-access=registration}}</ref> इस नजरिए का अलेक्जेंडर हिंटन ने समर्थन किया, जिन्होंने ख्मेर रूज के एक पूर्व काडर के बारे में बताया जिसने दावा किया कि हत्याएँ लोन नॉल सैनिकों के अन्याय का जवाब है। वे सैनिक पोल पॉट और ख्मेर रूज के आने से पहले पूर्व [[वियत मिन्ह]] एजेंटों को मारते थे।{{Sfn|Etcheson|2005|pp=45–47}} विकरी ने एक बार ग़लती से, तर्क दिया कि ख्मेर रूज शासन के दौरान चाम पीड़ितों की संख्या लगभग २०,०००<ref>{{Cite book|title=The Pol Pot Regime: Race, Power and Genocide in Cambodia under the Khmer Rouge, 1975–79|last=Kiernan|first=Ben|publisher=Yale University Press|year=2002|edition=Second|location=New Haven and London|pages=254–255}}</ref> थी जो पॉल पॉट और ख्मेर रूज के खिलाफ नरसंहार के अपराध से इनकार करेगा। ख्मेर रूज शासन द्वारा हत्याएं एक केंद्रीकृत और नौकरशाही प्रयास थीं, जैसा कि हाल ही में कंबोडिया के दस्तावेज़ीकरण केंद्र (डीसी-कैम) द्वारा ख्मेर रूज आंतरिक सुरक्षा दस्तावेजों की खोज के माध्यम से प्रलेखित किया गया था, जिसने कंबोडिया में हत्याओं का निर्देश दिया था।{{Sfn|Etcheson|2005|pp=78–79}} हालांकि "सामूहिक हत्याओं में अनुशासनहीनता और सहजता" के उदाहरण भी थे।{{Sfn|Etcheson|2005|pp=84–85}} इसके शीर्ष पर, एचरसन ने यह भी बनाए रखा है कि राजनीतिक संबद्धता, जातीयता, धर्म और नागरिकता के आधार पर व्यवस्थित सामूहिक हत्याओं के परिणामस्वरूप कंबोडियाई आबादी का एक तिहाई नुकसान हुआ, ख्मेर रूज नरसंहार करने के लिए प्रभावी रूप से दोषी है .{{Sfn|Etcheson|2005|pp=10–11}} डेविड चांडलर ने तर्क दिया है कि भले ही जातीय अल्पसंख्यक ख्मेर रूज शासन के शिकार हुए, उन्हें विशेष रूप से उनकी जातीय पृष्ठभूमि के कारण लक्षित नहीं किया गया था, बल्कि इसलिए कि वे ज्यादातर शासन के दुश्मन थे।<ref>(Kiernan, 2002:252; see also the footnote on Chandler’s ''The Tragedy of Cambodian History'', pp.&nbsp;4, 263–265, 285)</ref> चांडलर ने हिटलर के साथ संभावित समानताएं खींचने से बचने के लिए "अंधराष्ट्रीयता" और "नरसंहार" शब्दों के इस्तेमाल को भी खारिज कर दिया। इससे पता चलता है कि चांडलर ख्मेर रूज शासन पर नरसंहार के अपराध का आरोप लगाने के तर्क में विश्वास नहीं करते हैं। माइकल विकरी चांडलर की बातों से सहमति रखते हैं, और ख्मेर रूज शासन के अत्याचारों को नरसंहार के रूप में स्वीकार करने से इनकार करते हैं; वियतनाम विरोधी और धर्म विरोधी नीतियों के कारण विकीरी ने ख्मेर रूज को एक "अंधराष्ट्रवादी" शासन माना।<ref>Kiernan, 2002:252; see Vickery’s ''Cambodia 1975–1982'', pp.&nbsp;181–182, 255, 258, 264–265)</ref> स्टीफन हेडर यह भी मानते हैं कि ख्मेर रूज नरसंहार के दोषी नहीं थे, यह बताते हुए कि शासन के अत्याचार नस्ल से प्रेरित नहीं थे।<ref>Kiernan, 2002:252; see Heder’s ''From Pol Pot to Pen Sovan to the Villages'', p.&nbsp;1</ref> बेन कीरन ने तर्क दिया कि यह वास्तव में एक नरसंहार था और इन तीन विद्वानों से असहमति दिखाते हैं, जिसके लिए वे कंबोडिया में [[चाम लोग|चाम लोगों]] के इतिहास का उदाहरण देते हैं, जैसा कि एक अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने नुओन ची और खिउ सम्फन को ९२ और ८७ क्रमशः मामलों में दोषी पाया।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2018/11/15/world/asia/khmer-rouge-cambodia-genocide.html|title=Khmer Rouge's Slaughter in Cambodia Is Ruled a Genocide Photographs of victims of the Khmer Rouge at the Tuol Sleng Genocide Museum in Phnom Penh, Cambodia, on Thursday. Credit Adam Dean for The New York Times Image|last=Beech|first=Hannah|date=16 November 2018|work=The New York Times}}</ref> ==== वियतनामी ==== ख्मेर रूज ने शुरू में कंबोडिया से जातीय वियतनामी के निष्कासन का आदेश दिया था, लेकिन फिर बड़ी संख्या में वियतनामी [[नागरिक समाज|नागरिकों]] का बड़े पैमाने पर [[नरसंहार]] किया जिन्हें कंबोडिया से बाहर निकाला जा रहा था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=AZeaAAAAQBAJ&pg=PA128|title=Revolution and Genocide in Ethiopia and Cambodia|last=Edward Kissi|date=2006|isbn=978-0-7391-6037-4|page=128}}</ref> [[शासन]] ने शेष २०,००० वियतनामियों को भागने से रोक दिया और इस समूह के अधिकांश को भी मार डाला।<ref name=":8"/> ख्मेर रूज ने नरसंहार के अपने लक्ष्यों का समर्थन करने के लिए मीडिया का भी इस्तेमाल किया। रेडियो नोम पेन्ह ने कंबोडियाई लोगों से ५ करोड़ वियतनामियों को खत्म करने का आह्वान किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ePjUrqrx8HkC&pg=PA176|title=British Foreign Policy since 1870|last=Will Podmore|date=2008|isbn=978-1-4628-3577-5|page=176}}</ref> इसके अतिरिक्त ख्मेर रूज ने वियतनाम में कई सीमा पार छापे मारे जहाँ उन्होंने अनुमानित ३०,००० वियतनामी नागरिकों को मार डाला।<ref>{{Cite book|title=Death by Government|last=Rummel|first=R. J.|date=2011|isbn=978-1-4128-2129-2|page=[https://books.google.com/books?id=N1j1QdPMockC&pg=PA191&lpg=PA191 191]}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=27W92eiEuY4C&pg=PA69|title=Genocide Since 1945|last=Philip Spencer|year=2012|isbn=978-0-415-60634-9|page=71}}</ref> सबसे विशेष रूप से अप्रैल १९७८ में बा चाक नरसंहार के दौरान, ख्मेर रूज सेना ने सीमा पार की और गांव में प्रवेश किया, एक बार में ३,१५७ वियतनामी नागरिकों की हत्या कर दी। इसने वियतनामी सरकार से तत्काल प्रतिक्रिया को मजबूर कर दिया, जिससे कंबोडियन-वियतनामी युद्ध शुरू हो गया जिसमें ख्मेर रूज अंततः हार गया।{{Sfn|Brinkley|2011|p=[https://books.google.com/books?id=C3bsidxFIuEC&pg=PA56 56]}}{{Sfn|SarDesai|1998|pp=[https://books.google.com/books?id=4nWqBAAAQBAJ&q=161#v=snippet&q=161&f=false 161]–[https://books.google.com/books?id=4nWqBAAAQBAJ&q=163#v=snippet&q=163&f=false 163]}} ==== चीनी ==== ख्मेर रूज शासन के दौरान चीनी कंबोडियाई राज्य को "दक्षिणपूर्व एशिया में किसी भी जातीय चीनी समुदाय के लिए अब तक की सबसे बुरी आपदा" कहा जाता है।<ref name="specter"/> चीनी मूल के कंबोडियाई लोगों को ख्मेर रूज द्वारा नरसंहार का कारण बताया जाता था कि वे "कम्बोडियाई लोगों का शोषण करते थे"।<ref name="rpg" /> चीनी व्यापारियों और साहूकारों के रूप में पूंजीवाद से जुड़े हुए थे, जबकि ऐतिहासिक रूप से समूह ने अपने हल्के [[मानव त्वचा का रंग|त्वचा के रंग]] और सांस्कृतिक मतभेदों के कारण नाराजगी को आकर्षित किया था।<ref>{{Cite book|title=Why Did They Kill? Cambodia in the Shadow of Genocide|last=Hinton, Alexander Laban|publisher=[[University of California Press]]|year=2005|page=54}}</ref> १९७८ में सैकड़ों चाम, चीनी और ख्मेर परिवारों को गोलबंद किया गया और कहा गया कि उन्हें फिर से बसाया जाना था, लेकिन वास्तव में उन्हें मार दिया गया था।<ref name="rpg">{{Cite book|title=The Pol Pot regime: Race, Power, and Genocide in Cambodia under the Khmer Rouge|last=Kiernan|first=Ben|publisher=[[Yale University Press]]|year=2008|page=431|author-link=Ben Kiernan}}</ref> १९७५ में ख्मेर रूज शासन की शुरुआत में कंबोडिया में ४,२५,००० जातीय चीनी थे। १९७९ के अंत तक केवल २,००,००० लोग बचे हुए थे, और वे भी थाई शरणार्थी स्थलों या कंबोडिया में फसे हुए थे। १,७०,००० चीनी कंबोडिया से वियतनाम भाग गए जबकि अन्य को दूसरे देशों में भेज दिया गया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7-ExBwAAQBAJ&pg=PA244|title=The Age of Asian Migration: Continuity, Diversity, and Susceptibility Volume 1|last=Chan|first=Yuk Wah|last2=Haines|first2=David|last3=Lee|first3=Jonathan|date=2014|publisher=Cambridge Scholars Publishing|isbn=978-1-4438-6569-2|page=244}}</ref> चीनी मुख्य रूप से शहरी थे, जिससे उन्हें ख्मेर रूज के क्रांतिकारी ग्रामीणवाद और शहर के निवासियों को खेतों में निकालने का खतरा था।<ref name="specter"/> [[पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना]] की सरकार ने कंबोडिया में जातीय चीनी की हत्याओं का विरोध नहीं किया क्योंकि वे शायद स्थिति से अनजान थे।<ref>{{Cite book|title=Remapping Asian American History|last=Chan|first=Sucheng|publisher=[[Rowman & Littlefield]]|year=2003|page=189}}</ref> ==== चाम मुसलमान ==== बेन किएरनन के अनुसार "सबसे भीषण विनाश अभियान कंबोडिया के मुस्लिम अल्पसंख्यक, [[चाम लोग|चाम लोगों]] के खिलाफ निर्देशित किया गया था।"{{Sfn|Kiernan|2003|p=30}} [[इस्लाम]] को एक "विदेशी" और "बाहरी" [[संस्कृति]] के रूप में देखा गया जो नई [[साम्यवादी]] [[प्रणाली]] में शामिल नहीं थी। शुरुआत में ख्मेर रूज का उद्देश्य [[जनसंख्या]] के फैलाव के माध्यम से चाम लोगों को जबरन आत्मसात करना था। पोल पॉट ने फिर चाम लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास किया, जिसमें गांव के बुजुर्गों की हत्या भी शामिल थी, लेकिन उन्होंने आखिर में चाम लोगों की पूर्ण पैमाने पर सामूहिक हत्या का आदेश दिया। [[अमेरिकी]] [[प्रोफेसर]] सैमुअल टॉटेन और [[ऑस्ट्रेलिया|ऑस्ट्रेलियाई]] प्रोफेसर पॉल आर. बार्ट्रॉप का अनुमान है कि इन प्रयासों से चाम की आबादी पूरी तरह से समाप्त हो जाती यदि यह १९७९ में ख्मेर रूज को उखाड़ फेंकने के लिए नहीं होती।<ref name="Totten">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=rgGA91skoP4C&pg=PA64|title=Dictionary of Genocide: A–L|last=Totten|first=Samuel|last2=Bartrop|first2=Paul R.|date=2008|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-0-313-34642-2|page=64|author-link=Samuel Totten|author-link2=Paul R. Bartrop|access-date=15 April 2017}}</ref> १९५० के दशक की शुरुआत में साम्यवाद में शामिल होने के माध्यम से चाम प्रमुखता से बढ़ने लगा जब एक चाम बुजुर्ग, सोस मान इंडोचाइना कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल हो गए और पार्टी की ताकतों में एक प्रमुख बनने के लिए ऊँचे पद पर उठे। वे १९७० में पूर्वी क्षेत्र में घर लौट आए और कम्पूचिया की [[कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी]] में शामिल हो गए, और अपने बेटे माट ली के साथ पूर्वी क्षेत्र इस्लामिक आंदोलन की स्थापना की। साथ में वे चाम लोगों को क्रांति में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी का मुखपत्र बन गए। १९७०-१९७५ के बीच कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी के नेतृत्व द्वारा एसओएस मैन के इस्लामिक आंदोलन को भी सहन किया गया। चाम लोगों को धीरे-धीरे दक्षिण-पश्चिम में १९७२ की शुरुआत में अपने विश्वास और विशिष्ट प्रथाओं को त्यागने के लिए प्रोत्साहित किया गया।{{Sfn|Kiernan|2002|p=258}} १९७२-१९७३ में कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी ने दस चाम [[गाँव|गांवों]] पर कब्जा कर लिया, जहाँ नए चाम [[राजनेता|नेताओं]] को स्थापित किया गया और ग्रामीणों को उनके गृहनगर से दूर खेतों में काम करने के लिए प्रेरित किया। किएरनन द्वारा [[साक्षात्कार]] में दिए गए एक गवाह ने दावा किया कि उस समय कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी उनके साथ अच्छा व्यवहार करते थे, और १९७४ में उन्हें अपने घरों में लौटने की अनुमति दे दी गई।{{Sfn|Kiernan|2002|p=259}} इसके अलावा चाम को "जमाकर्ता आधार वाले लोगों" के रूप में वर्गीकृत किया गया था, जिससे वे उत्पीड़न के प्रति और अधिक संवेदनशील हो गए। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में चाम स्थानीय लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रहते हैं, ख्मेर भाषा बोलते हैं, और यहाँ तक कि बहुसंख्यक ख्मेरों के साथ-साथ अल्पसंख्यक चीनी और वियतनामी के साथ अंतर्विवाह भी करते हैं।{{Sfn|Kiernan|2002|p=57}} १९७२ में कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी के उदय के साथ कंबोडियाई लोगों की विविध जातीय और [[सामाजिक प्रथा|सांस्कृतिक प्रथाएँ]] बिगड़ने लगीं, जब चाम लोगों को उनके विश्वास और संस्कृति का अभ्यास करने से मना कर दिया गया: चाम महिलाओं को ख्मेरों की तरह अपने बाल छोटे रखना आवश्यक था; चाम पुरुषों को सारोंग पहनना [[निषेध]] था; किसानों को काले कपड़े पहनने के लिए कहा जाता था; अनिवार्य दैनिक प्रार्थना जैसी धार्मिक गतिविधियों पर अंकुश लगा दिया गया।{{Sfn|Kiernan|2002|p=258}} विकरी ने ध्यान दिया कि कुछ इलाकों में युद्ध की शुरुआत से पहले ख्मेर द्वारा कंबोडियाई चाम के साथ भेदभाव किया गया था, कभी-कभी इसलिए क्योंकि चाम लोगों को काले जादू के चिकित्सकों के रूप में माना जाता था।{{Sfn|Kiernan|2002|p=256}}<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/cambodia197519820000vick|title=Cambodia: 1975–1982|last=Vickery|first=Michael|publisher=South End Press|year=1984|location=Boston|pages=[https://archive.org/details/cambodia197519820000vick/page/181 181]|url-access=registration}}</ref> अन्य इलाकों में ख्मेर भाषा बोलने वाले और ख्मेर वियतनामी और चीनी से शादी करने वाले मेजबान समुदायों के भीतर चाम लोगों को अच्छी तरह से आत्मसात कर लिया गया था। १९७२ और १९७४ के बीच इस तरह के प्रतिबंधों के प्रवर्तन को और बढ़ाया गया क्योंकि ख्मेर रूज ने चाम लोगों को अपनी [[अनूठा|अनूठी]] [[भाषा]], [[संस्कृति]], [[मजहब]] और स्वतंत्र सांप्रदायिक व्यवस्था के कारण अपने साम्यवादी एजेंडे के लिए खतरा पाया। इतना ही नहीं, चाम का नाम बदलकर "इस्लामिक ख्मेर" कर दिया गया ताकि उन्हें उनकी पैतृक विरासत और धरोहर को अलग किया जा सके और उन्हें बड़े ख्मेर-प्रभुत्व वाले लोकतांत्रिक कम्पूचिया में आत्मसात किया जा सके। ख्मेर रूज का मानना था कि चाम लोग [[घनिष्ठ]] समुदायों की स्थापना कर देंगे जहाँ हर किसी पर आसानी से नजर रखी जा सकती है, और यह साम्यवादी प्रयासों को खतरे में डाल देगा। इस कारण से शासन ने निर्णय लिया कि चाम लोगों को उनके इलाकों से निकालकर कंबोडिया के अलग-अलग जिलों में भेज दिया जाएगा जहाँ वे किसान के रूप में काम करेंगे, जिससे सीधे नई लोकतांत्रिक कम्पूचिया की अर्थव्यवस्था में योगदान मिलेगा। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था कि चाम फिर से अपना समुदाय बनाने के लिए एकत्र नहीं होंगे, जिससे केंद्रीय आर्थिक सहकारी समितियों की स्थापना की शासन की योजना कमजोर हो सकती थी। धीरे-धीरे इन प्रतिबंधों की अवहेलना करने वालों को शासन द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। इसलिए अक्तूबर १९७३ में लोकतांत्रिक कम्पूचिया के पूर्वी क्षेत्र में चाम मुसलमानों ने ढोल पीटकर कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी प्रतिबंधों के प्रति अपनी नाराजगी का प्रदर्शन किया - स्थानीय मस्जिदों में पारंपरिक रूप से दैनिक प्रार्थना के समय के बारे में स्थानीय लोगों को सूचित किया जाता था। सांप्रदायिक अवज्ञा के इस कृत्य ने कई चाम मुस्लिम नेताओं और धार्मिक शिक्षकों की व्यापक गिरफ्तारी को प्रेरित किया।<ref name=":18">{{Cite book|url=https://archive.org/details/specterofgenocid00robe|title=The specter of genocide : mass murder in historical perspective|last=Gellately|first=Robert|last2=Kiernan|first2=Ben|date=2003|publisher=New York : Cambridge University Press|others=Internet Archive|pages=[https://archive.org/details/specterofgenocid00robe/page/260 260]–261|url-access=registration}}</ref> फरवरी १९७४ में क्षेत्र ३१, जो लोकतांत्रिक कम्पूचिया के पश्चिमी क्षेत्र में है, में रहने वाले चाम लोगों ने कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी नीति का विरोध किया, जिसके लिए [[मछुआरों]] को स्थानीय सहकारी के साथ अपनी दैनिक पकड़ दर्ज करने और कम कीमत पर सहकारी को बेचने की आवश्यकता थी। साथ ही स्थानीय लोगों से भी उन [[मछलियों]] को सहकारी समिति से ऊंचे दाम पर खरीदने को कहा गया। एक खाते के अनुसार इसने स्थानीय लोगों को अपने असंतोष को व्यक्त करने के लिए सहकारी का सामना करने के लिए प्रेरित किया, जिसके चलते १०० से अधिक लोगों की गोली मारकर हत्या की गई और कई घायल भी हो गए। दिसंबर १९७४ तक पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्र २१ में चाम द्वारा विद्रोह समुदाय के नेताओं की गिरफ्तारी के बाद कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी के खिलाफ छिड़ गया था। शासन द्वारा विद्रोह को जबरदस्ती दबा दिया गया था, जिसमें हताहतों की संख्या का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं था।<ref name=":18"/> इन [[प्रतिबाधा|प्रतिबंधों]], [[प्रतिरोधकता|प्रतिरोधों]] और [[दबाव]] के जितने भी [[अभिलेख]] हैं, चाम समुदाय की ओर से भी अभिलेख हैं जो कहते हैं कि १९७० और १९७५ की शुरुआत के बीच उनके ऊपर शासन द्वारा कोई उत्पीड़न नहीं हुआ। जबकि उस अवधि के दौरान व्यापार और यात्रा जैसी कुछ गतिविधियों पर प्रतिबंध थे, उन्हें चल रहे गृहयुद्ध के उप-उत्पादों के रूप में समझा गया था। इसके अलावा कुछ चाम सैनिकों और कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी के सदस्यों के रूप में भी [[क्रांति]] में शामिल हुए थे। कुछ स्थानीय समाचारों के अनुसार लोगों को ख्मेर रूज में तब से ही विश्वास था जब वे पहली बार ग्राम समुदायों में आकर स्थानीय लोगों को [[भोजन]] और [[प्रावधान|प्रावधानों]] के साथ [[सहायता]] करते थे, और स्थानीय संस्कृति या धर्म पर कोई प्रतिबंध नहीं था; भले ही प्रतिबंध लगाए गए हो, लेकिन परिणाम कठोर नहीं थे।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/specterofgenocid00robe|title=The specter of genocide : mass murder in historical perspective|last=Gellately|first=Robert|last2=Kiernan|first2=Ben|date=2003|publisher=New York : Cambridge University Press|others=Internet Archive|pages=[https://archive.org/details/specterofgenocid00robe/page/262 262]|url-access=registration}}</ref> कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी को क्रांति का नायक माना जाता था क्योंकि उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ किसानों और [[राष्ट्र]] के लिए [[संघर्ष]] किया था। चुकी चाम समुदायों को लोकतांत्रिक कम्पूचिया में पाया जाना था, इसलिए विभिन्न चाम समुदायों ने कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी के १९७५ से पहले के प्रभावों को अलग-अलग तरीकों से अनुभव किया था; कुछ समुदायों ने दबाव और प्रतिबंधों को अनुभव किया जबकि कुछ ने नहीं किया। लेकिन जब पोल पॉट ने १९७५ के अंत तक [[सत्ता]] को समेकित किया था तब उत्पीड़न अधिक गंभीर हो गया और सभी चाम लोगों को अंधाधुंध रूप से प्रभावित किया। यह उन सरल कारकों में से एक हो सकता है जिसके कारण कंबोडियाई सरकार और ''कंबोडिया की अदालतों में असाधारण मंडल'' ने पोल पॉट के १९७५ में सत्ता में आने से पहले के ख्मेर रूजी अपराधों पर मुकदमा नहीं चलाया। जैसे १९७५ से पहले दबाव का अनुभव करने वालों की बातों को नरसंहार का हिस्सा नहीं माना जाता था क्योंकि यह जातीय या धार्मिक आधार पर नहीं किया जा रहा था। १९७५ में ख्मेर गणराज्य बलों पर कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी की जीत पर ख्मेर रूज में शामिल दो चाम वंश के [[भाई]] सैनिकों के रूप में [[कम्पोंग चाम प्रान्त|काम्पोंग चाम प्रांत]] के भीतर क्षेत्र २१ में घर लौट आए, जहाँ सबसे बड़ा चाम मुसलमान समुदाय पाया जा सकता था। भाइयों ने फ़िर अपने [[पिता]] को उन कारनामों के बारे में बताया जो उन्होंने क्रांति के दौरान अनुभव किया जिसमें ख्मेरों को मारना और [[सूअर]] का [[मांस]] खाना शामिल था। उन्हें उम्मीद थी कि ये सब सुनकर उनके पिता को साम्यवादी लक्ष्य में शामिल होने के लिए तैयार हो जाएंगे। पिता, जो चुप थे, स्पष्ट रूप से अपने पुत्रों की कहानियों से चिंतित नहीं थे। इसके बजाय उन्होंने एक विदारक [[औज़ार|औज़ार]] से अपने बेटों को मार डाला, और अपने साथी ग्रामीणों से कहा कि उन्होंने दुश्मन को मार डाला है। जब गाँववालों ने कहा कि उन्होंने वास्तव में अपने ही [[बेटा|बेटों]] की हत्या की थी, तो उन्होंने अपने बेटों द्वारा सुनाई गई पहले की कहानियों का वर्णन किया कि ख्मेर रूज इस्लाम और चाम लोगों से नफरत करता है। इसके कारण सभी गाँववालों ने एक साथ निर्णय लिया कि सभी ख्मेर रूज [[सैनिकों]] को उसी रात मार दिया जाए। अगली सुबह दूसरे ख्मेर रूज सैनिक भारी हथियारों के साथ इस क्षेत्र में पहुँचे और गाँव को घेरकर सभी गाँववालों को मार डाला।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/specterofgenocid00robe|title=The specter of genocide : mass murder in historical perspective|last=Gellately|first=Robert|last2=Kiernan|first2=Ben|date=2003|publisher=New York : Cambridge University Press|others=Internet Archive|pages=[https://archive.org/details/specterofgenocid00robe/page/263 263]|url-access=registration}}</ref> इसी तरह जून या जुलाई १९७५ में पूर्वी स्थान के क्षेत्र २१ में कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी के अधिकारियों ने लोगों से [[कुरान]] की सभी प्रतियां जब्त करने की कोशिश की, साथ ही चाम महिलाओं को बाल छोटे करने का आदेश दिया। [[अधिकारी|अधिकारियों]] को स्थानीय चाम समुदाय द्वारा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन के साथ मुलाकात करनी पड़ी, जिन्हें शासन के सैनिकों द्वारा गोली मार दी गई। चाम लोगों ने तलवार और धारियों से कुछ सैनिकों को मार डाला, जिससे उनकी सैन्य सुदृढीकरण के साथ मुलाकात हुई, जिसने ग्रामीणों और उनकी संपत्तियों को नष्ट कर दिया।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/specterofgenocid00robe|title=The specter of genocide : mass murder in historical perspective|last=Gellately|first=Robert|last2=Kiernan|first2=Ben|date=2003|publisher=New York : Cambridge University Press|others=Internet Archive|pages=[https://archive.org/details/specterofgenocid00robe/page/263 263]–264|url-access=registration}}</ref> [[मलेशिया]] में चाम शरणार्थियों के एक अन्य समाचार में जून १९७५ में शासन द्वारा चाम [[मुसलमान]] [[समुदाय]] के भीतर तेरह प्रमुख व्यक्ति मारे गए। हत्याओं के पीछे का कारण माना जाता है कि उनमें से कुछ कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी की बैठक में भाग लेने के नाम पर प्रार्थना चलवा रहे थे, जबकि अन्य कथित तौर पर "विवाह समारोहों की अनुमति के लिए याचिका दायर कर रहे थे।"{{Sfn|Kiernan|2002|p=263}} १९७६ के मध्य में [[विद्रोह]] के कारण हालात बद से बदतर होते गए। जातीय अल्पसंख्यक केवल ख्मेर राष्ट्रीयता और धर्म के प्रति वफादारी की प्रतिज्ञा करने के लिए बाध्य थे: ख्मेर के अलावा कोई अन्य पहचान नहीं थी। नतीजतन चाम [[भाषा]] का [[उच्चारण]] नहीं किया गया, और सांप्रदायिक भोजन अनिवार्य हो गया जहाँ हर कोई एक ही [[भोजन]] खाता था, जिसके कारण चाम मुसलमानों को सूअर पालने और अपने धार्मिक विश्वास के खिलाफ सूअर का [[मांस]] खाने के लिए मजबूर होना पड़ा।{{Sfn|Kiernan|2002|p=269}} स्थानीय लोगों द्वारा पेश किए गए इस तरह के विद्रोहों के [[कारण]] एक स्पष्टीकरण है कि कुछ चाम ख्मेर रूज में सैनिकों के रूप में शामिल थे, जो पोल पॉट के सत्ता में आने के बाद सत्ता की स्थिति का अनुमान लगा रहे थे। १९७५ में इन सैनिकों को ख्मेर रूज बल से बर्खास्त कर दिया गया, उनकी [[इस्लामी]] प्रथाओं से वंचित कर दिया गया और उनकी जातीय पहचान को लूट लिया गया।{{Sfn|Kiernan|2002|p=264}} चाम लोगों की हत्याओं के दौरान [[प्रतिरूप]] सुसंगत थे: पहले मुफ्ती, इमाम और प्रभाव के अन्य विद्वान लोगों समेत चाम मुस्लिम नेताओं की हत्या के माध्यम से सांप्रदायिक ढांचे को खत्म किया गया। फ़िर चाम को ख्मेरों से अलग करने वाली प्रथाओं को प्रतिबंधित करके चाम की इस्लामी और जातीय पहचान को खत्म किया। इसके बाद अपने समुदायों से चाम का फैलाव या तो खेतों में जबरन मजदूरी करके या [[कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी]] के खिलाफ प्रतिरोध या विद्रोह का झूठा आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ख्मेर रूज युग के दौरान [[बौद्ध धर्म]] और इस्लाम सहित सभी [[धर्म|धर्मों]] को सताया गया था। चाम के सूत्रों के अनुसार ख्मेर रूज युग के दौरान १३२ [[मस्जिदों]] को नष्ट कर दिया गया, कई अन्य मस्जिदों को तहस-नहस किया गया, और मुसलमानों के [[नमाज़]] पढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। मुसलमानों को सूअर का मांस खाने के लिए मजबूर किया गया और मना करने पर उनकी [[हत्या]] कर दी जाती थी। चाम गाँवों के सभी लोगों को मार डाला जाता था। चाम लोगों को अपनी भाषा बोलने की [[अनुमति]] नहीं थी। चाम बच्चों को उनके माता-पिता से दूर ले जाया गया और ख्मेर के रूप में पाला गया।  १९७९ में ख्मेर रूज सरकार द्वारा दिए गए आदेशों में कहा गया है: "ख्मेर से संबंधित कम्पूचियाई मिट्टी पर चाम [[राष्ट्र]] अब मौजूद नहीं है। तदनुसार चाम राष्ट्रीयता, भाषा, रीति-रिवाजों और धार्मिक मान्यताओं को तुरंत समाप्त कर दिया जाना चाहिए। जो लोग इस आदेश का पालन करने में विफल रहते हैं, उन्हें [[कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी|अंगकार]] के विरोध के अपने कृत्यों के सभी परिणाम भुगतने होंगे।"<ref>{{Cite web|url=https://www.aljazeera.com/news/2015/11/question-genocide-cambodia-muslims-151110072431950.html|title=The question of genocide and Cambodia's Muslims|last=Le Coz|first=Clothilde|date=19 November 2015|publisher=Al Jazeera}}</ref> ख्मेर रूज शासन के अंत के बाद सभी धर्मों को बहाल कर दिया गया। विकरी का मानना है कि १९८० के दशक के मध्य में कंबोडिया में लगभग १,८५,००० चाम रहते थे और मस्जिदों की संख्या लगभग उतनी ही थी जितनी १९७५ से पहले थी। १९८८ की शुरुआत में [[नोम पेन्ह]] क्षेत्र में ६ मस्जिद थे और प्रांतों में एक "अच्छी संख्या" थी, लेकिन मुसलमान गणमान्य व्यक्तियों की संख्या बहुत कम थी; [[कंबोडिया]] में पिछले ११३ सबसे प्रमुख चाम पादरियों में से केवल २० ख्मेर रूज काल से बचे थे।<ref>{{Cite web|url=https://time.com/time/magazine/article/0,9171,428133,00.html|title=Weakness in Numbers|last=Perrin|first=Andrew|date=16 November 2010|website=Time|archive-url=https://web.archive.org/web/20101129040814/https://time.com/time/magazine/article/0,9171,428133,00.html|archive-date=29 November 2010}}</ref> === धार्मिक समूह === पोल पॉट एक उत्साही [[मार्क्सवादी]] [[नास्तिक]] थे,<ref>[[Geoffrey Blainey]]; ''[[A Short History of Christianity]]''; Viking; 2011; p. 543</ref> इसलिए उनके नेतृत्व में ख्मेर रूज ने राज्य [[नास्तिकता]] की [[नीति]] लागू की। कैथरीन वेसिंगर के अनुसार "लोकतांत्रिक कम्पूचिया आधिकारिक तौर पर एक नास्तिक राज्य था, और ख्मेर रूज द्वारा धर्म का उत्पीड़न केवल [[अल्बानिया]] के साम्यवादी राज्यों और [[उत्तर कोरिया]] में धर्म के उत्पीड़न से गंभीरता से मेल खाता था। [[उत्तर कोरिया में धर्म की स्वतंत्रता]] देखें)।" <ref name="Wessinger2000">{{Cite book|title=Millennialism, Persecution, and Violence: Historical Cases|url=https://archive.org/details/millennialismper0000unse|last=Wessinger|first=Catherine|publisher=[[Syracuse University Press]]|year=2000|isbn=978-0-8156-2809-5|page=[https://archive.org/details/millennialismper0000unse/page/282 282]|language=en}}</ref> सभी धर्मों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और इस्लाम,<ref>{{Cite book|title=The Oxford Handbook of Global Religions|last=Juergensmeyer|first=Mark|publisher=Oxford University Press|page=495}}</ref> [[ईसाई धर्म]],<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/thirdindochinawa00west|title=The Third Indochina War: Conflict Between China, Vietnam and Cambodia, 1972–79|last=Quinn-Judge, Westad|first=Odd Arne, Sophie|publisher=Routledge|year=2006|isbn=9780415390583|page=[https://archive.org/details/thirdindochinawa00west/page/n197 189]|url-access=limited}}</ref> और बौद्ध धर्म के अनुयायियों पर अत्याचार व्यापक थे। ऐसा अनुमान है कि ख्मेर रूज द्वारा ५०,०००[[भिक्खु|बौद्ध भिक्षुओं]] की हत्या कर दी गई थी।<ref name="NYTi">[https://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9E0CE5DE163CF931A35752C0A964958260 Philip Shenon, Phnom Penh Journal; Lord Buddha Returns, With Artists His Soldiers] ''[[The New York Times]]'' (2 January 1992)</ref><ref name="rummel">{{Cite book|title=Saving Lives, Enriching Life: Freedom as a Right And a Moral Good|last=Rummel|first=Rudolph J.|year=2001|chapter=Chapter 6: Freedom Virtually Ends Genocide and Mass Murder|chapter-url=http://www.hawaii.edu/powerkills/WF.CHAP6.HTM}}</ref> === आंतरिक शुद्धिकरण ===   पूर्वी सैन्य क्षेत्र में जिन इलाकों को वियतनामियों ने अशुद्ध कर दिया था, वहाँ पर १९७८ में पोल पॉट ने दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के सैनिकों को भेज दिया और "छिपे हुए गद्दारों" को खत्म करने का आदेश दिया। कम्पूचिया सरकार के हमले का सामना करने में असमर्थ थी, इसलिए फिम ने आत्महत्या कर ली और उनके डिप्टी हेंग समरीन वियतनाम चले गए। पूर्वी क्षेत्र में नरसंहारों की श्रृंखला पोल पॉट शासन के नरसंहार के दौरान हुए सभी नरसंहारों में सबसे अधिक थी।<ref name="Ben Kiernan 1987">{{Cite book|url=https://www.researchgate.net/publication/341272646|title=Cambodia : the Eastern Zone massacres : a report on social conditions and human rights violations in the Eastern Zone of democratic Kampuchea under the role of Pol Pot's (Khmer Rouge) Communist Party of Kampuchea|last=Kiernan|first=Ben|date=1987|publisher=Columbia University, Center for the Study of Human Rights|location=New York|page=Preface}}</ref> इसे "पार्टी, सेना और लोगों के बड़े पैमाने पर अंधाधुंध शुद्धिकरण" के रूप में वर्णित किया गया था।  == बच्चों का उपयोग == ख्मेर रूज ने नरसंहार और अत्याचार करने के लिए हजारों असुध बच्चों का इस्तेमाल किया, खासकर वो जो अभी अपनी शुरुआती किशोरावस्था में थे । निःसंकोच बच्चों को बिना किसी हिचकिचाहट के किसी भी आदेश का पालन करना सिखाया गया।<ref name=":10"/> संगठन ने कम से कम १९९८ तक बड़े पैमाने पर बच्चों का उपयोग करना जारी रखा, अक्सर उन्हें जबरन भर्ती किया जाता था। इस अवधि के दौरान बच्चों को मुख्य रूप से अवैतनिक सहायक भूमिकाओं में तैनात किया गया था, जैसे [[गोला-बारूद]] वाहक या सैनिक के रूप में। कई बच्चे खाना ना मिलने के कारण ख्मेर रूज को छोड़कर भाग गए, और उनका मानना था कि सरकारी बलों में शामिल होने से उन्हें जीवित रहने में मदद मिलेगी, हालांकि स्थानीय [[कमांडर|कमांडरों]] अक्सर उन्हें वेतन देने से इनकार कर देते थे।<ref name=":4">{{Cite web|url=https://www.child-soldiers.org/Handlers/Download.ashx?IDMF=adc88bff-1916-4317-b184-d9079e7b0bb8|title=Global Report on Child Soldiers|last=Coalition to Stop the Use of Child Soldiers|year=2001|website=child-soldiers.org|archive-url=https://web.archive.org/web/20190525205613/https://www.child-soldiers.org/Handlers/Download.ashx?IDMF=adc88bff-1916-4317-b184-d9079e7b0bb8|archive-date=2019-05-25|access-date=2018-05-16}}</ref> == यातना और चिकित्सा प्रयोग ==   ख्मेर रूज शासन कैदियों पर दर्दनाक [[चिकित्सा]] प्रयोगों का अभ्यास करने के लिए भी जाना जाता है। लोगों को शासन का विरोध करने के [[संदेह]] में या अन्य [[क़ैदी|कैदियों]] द्वारा नाम देने के कारण कैद और प्रताड़ित किया जाता था। पूरे परिवार (महिलाओं और बच्चों सहित) को जेलों में बंद करके उन्हें प्रताड़ित किया जाता था क्योंकि ख्मेर रूज को [[डर]] था कि अगर वे ऐसा नहीं करेंगे, तो उनके इच्छित पीड़ितों के रिश्तेदार बदला लेने की [[कोशिश]] करेंगे। पोल पॉट ने कहा था, "यदि आप [[घास]] को मारना चाहते हैं, तो आपको [[जड़ों]] को भी मारना होगा"। अधिकांश कैदियों को यह भी नहीं पता था कि उन्हें क्यों कैद किया गया था और अगर जेलरों से पूछते, तो पहरेदार केवल यह कहकर जवाब देते कि [[कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी|अंगकार]] (कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी) कभी गलती नहीं करते हैं, तो उन्होंने कुछ अवैध किया ही होगा।<ref name="huyvannak2010_pp32-35">[[Cambodian genocide#huyvannak-2010|Huy Vannak (2010), pp. 32–35]]</ref> एस-२१ के सूत्र और मुकदमे के दस्तावेजों दोनों में यातना के कई खाते हैं; जैसा कि उत्तरजीवी बौ मेंग ने अपनी पुस्तक (हुय वन्नक द्वारा लिखित) में बताया, यातनाएँ इतनी दर्दनाक और दुष्ट थीं कि कैदियों ने यहाँ तक कि [[चम्मच]] से भी [[आत्महत्या]] करने की कोशिश की, और उन्हें रोकने के लिए अक्सर उनकी उनके हाँथ उनकी पीठ के पीछे बंधे हुए रहते थे। जब यह माना जाता था कि वे कोई और उपयोगी [[जानकारी]] प्रदान नहीं कर सकते हैं, तो उन्हें आंखों पर पट्टी बांधकर मौत के खेत (जो सामूहिक कब्रें थीं) में भेज दिया जाता, जहाँ रात में कैदियों को [[कैंची]] या [[कील]] और [[हथौड़ा|हथौड़े]] जैसे [[धातु]] के [[उपकरण|औजारों]] से मार दिया जाता था (चुकी [[गोली|गोलियाँ]] बहुत महंगी थीं)। कई बार उनकी चीखें ना सुनाई दे इसलिए लाउडस्पीकरों पर लोकतांत्रिक कम्पूचिया का प्रचार संगीत बजाय जाता था और जनरेटर सेट से शोर की आवाज चलाई जाती थी। [[चित्र:ChoeungEk-Darter-7.jpg|अंगूठाकार| एक चंकिरी का पेड़। तख्ते पर लिखा है "चंकिरी का पेड़ जिसपर जल्लाद बच्चों सर फोड़ते थे।"]] एस-२१ के अंदर [[शिशुओं]] और बच्चों को एक विशेष उपचार दिया गया था; उन्हें उनकी माताओं और रिश्तेदारों से दूर ले जाया गया, और हत्या के मैदानों में भेज दिया जाता था, जहाँ उन्हें चंकिरी के पेड़ पर सर फोड़कर मार डाला जाता था। माना जाता है कि ऐसा एस-२१ जैसे अन्य कारागार भी थे जहाँ बच्चों को इस प्रकार मारा जाता था, जो पूरे लोकतांत्रिक कम्पूचिया में फैले हुए थे। एस-२१ में कुछ पश्चिमी लोग भी थे जिन्हें शासन ने पकड़ लिया था। उनमें से एक [[ब्रिटिश]] [[शिक्षक]] जॉन डावसन ड्यूहर्स्ट थे, जिन्हें ख्मेर रूज ने उस समय पकड़ लिया था जब वह एक यॉट पर थे। एस-२१ के एक पहरेदार चेम सोयू ने कहा कि एक पश्चिमी देश के नागरिक को जिंदा जला दिया गया था, लेकिन कांग केक इव ने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि पोल पॉट ने उन्हें लाशों को जलाने के लिए कहा और कोई भी उनके आदेश का उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं करेगा।<ref>{{Cite web|url=https://www.theguardian.com/world/2009/aug/05/cambodia-war-crimes-trial|title=Westerner was burned alive, says Cambodia trial witness|last=Associated Press|date=5 August 2009|website=The Guardian|location=Phnom Penh}}</ref> यातनाएँ न केवल कैदियों को अपने अपराध कबूल करने के लिए मजबूर करने के लिए थीं, बल्कि पहरेदारों के [[मनोरंजन]] के लिए भी थीं। उन्हें डर था कि अगर उन्होंने कैदियों के साथ अच्छा व्यवहार किया तो वे खुद कैदी बन जाएंगे।<ref>{{Cite web|url=https://www.nytimes.com/2009/03/01/world/asia/01iht-guard.1.20501994.html|title=For Khmer Rouge guard, it was kill or be killed|last=Mydans|first=Seth|date=1 March 2009|website=[[The New York Times]]}}</ref> ख्मेर रूज के शासन के आने से पहले के सभी चिकित्सकों को या तो मार दिया गया था या ग्रामीण इलाकों में किसानों के रूप में काम करने के लिए भेजा गया था, और नोम पेन्ह में [[चिकित्सा]] संकाय के [[पुस्तकालय]] में [[आग]] लगा दी गई थी। उनके बदले शासन ने नए चिकित्सकों को नियुक्त किया जो बिना या बहुत कम प्रशिक्षण वाले [[किशोरावस्था|किशोर]] थे। उन्हें पश्चिमी चिकित्सा का कोई ज्ञान नहीं था (जिसे [[पूंजीवादी]] [[आविष्कार]] माना जाता था) और उन्हें अपने खुद के [[चिकित्सा]] प्रयोगों का अभ्यास करके कम्बोडियाई चिकित्सा में नई तकनीकों का आविष्कार करना था। उनके पास पश्चिमी दवाएँ नहीं थीं (क्योंकि ख्मेर रूज के अनुसार कंबोडिया को आत्मनिर्भर होना था) और सभी चिकित्सा बिना बेहोशी की दवाई के की जाती थी।<ref name="d.dccam.org">{{Cite web|url=http://www.d.dccam.org/Tribunal/Analysis/pdf/Prosecuting_Khmer_Rouge_Medical_Practices_as_Crimes_against_Humanity.pdf|title=Keeping Them Alive, One Gets Nothing; Killing Them, One Loses Nothing: Prosecuting Khmer Rouge Medical Practices as Crimes against Humanity|last=Vilim|first=Laura|year=2012|website=dccam.org|archive-url=https://web.archive.org/web/20140407103200/http://www.d.dccam.org/Tribunal/Analysis/pdf/Prosecuting_Khmer_Rouge_Medical_Practices_as_Crimes_against_Humanity.pdf|archive-date=7 April 2014|access-date=29 September 2018}}</ref> एस-२१ के अंदर काम करने वाले एक [[चिकित्सक]] ने बताया कि एक १७ साल की लड़की का गला काट दिया गया और [[उदर]] में छेद करके उसे पीटा गया और रात भर पानी में रखा गया। इस प्रक्रिया को कई बार बिना एनेस्थेटिक्स के दोहराया गया।<ref>{{Cite web|url=http://www.cambodiatribunal.org/2016/06/16/propaganda-torture-and-french-colonial-heritage-looking-into-the-methods-of-the-khmer-rouge/|title=Propaganda, Torture and French Colonial Heritage: Looking into the Methods of the Khmer Rouge &#124; Cambodia Tribunal Monitor}}</ref> [[कम्पोंग चाम प्रान्त|काम्पोंग चाम प्रांत]] के एक अस्पताल में बाल चिकित्सकों ने एक जीवित गैर-[[सहमति]] वाले व्यक्ति की [[आंत|आंतों]] को काट दिया और [[उपचार]] प्रक्रिया का अध्ययन करने के लिए उनके अंत को एक दूसरे से जोड़ दिया। इस "ऑपरेशन" के कारण तीन दिनों के बाद [[रोगी]] की [[मृत्यु]] हो गई।<ref name="d.dccam.org"/> उसी अस्पताल में ख्मेर रूज द्वारा प्रशिक्षित अन्य "चिकित्सकों" ने सिर्फ दिल को धड़कते हुए देखने के लिए एक जीवित व्यक्ति की छाती खोल दी। ऑपरेशन के परिणामस्वरूप रोगी की तत्काल मृत्यु हो गई।<ref name="d.dccam.org" /> अन्य साक्ष्य और ख्मेर रूज नीति सुझाव देते हैं कि ये अलग-थलग मामले नहीं थे।<ref>{{Cite web|url=https://thediplomat.com/2012/08/chilling-evidence-in-khmer-rouge-trial/|title=Chilling Evidence in Khmer Rouge Trial}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.phnompenhpost.com/national/barbarous-kr-medical-experiments-uncovered|title=Barbarous KR medical experiments uncovered|date=2000-06-23}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.cambodiadaily.com/news/tribunal-hears-secret-medical-experiments-118305/|title=Tribunal Hears of Secret Medical Experiments|date=2016-09-22|access-date=13 दिसंबर 2021|archive-date=17 फ़रवरी 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190217012141/https://www.cambodiadaily.com/news/tribunal-hears-secret-medical-experiments-118305/|url-status=dead}}</ref> उदाहरण के लिए उन्होंने एक जीवित व्यक्ति के शरीर में [[नारियल पानी]] इंजेक्ट करके प्रभावों का अध्ययन भी किया। नारियल के रस का इंजेक्शन अक्सर घातक होता है।<ref name="d.dccam.org" /><gallery> चित्र:Genocide museum.jpg|तुओल स्लेंग नरसंहार संग्रहालय चित्र:Genocide phnom.jpg|नरसंहार संग्रहालय से तस्वीर चित्र:Museum phnom pen genoc.jpg|तुओल स्लेन्ग चित्र:Museum fash gen.jpg|तुओल स्लेन्ग चित्र:Koluchaya prov.jpg|नरसंहार संग्रहालय चित्र:Kazarma museum.jpg|संग्रहालय के अंदर </gallery> == मृत संख्या == बेन किएरनन का अनुमान है कि ख्मेर रूज नीति के परिणामस्वरूप १६.७१ से १८.७१ [[लाख]] कंबोडियाई लोगों की मृत्यु हो गई, जो कंबोडिया की १९७५ की आबादी का २१% से २४% के बीच था।<ref name="CAS"/> [[फ्रांसीसी]] जनसांख्यिकीय मारेक स्लिविंस्की के एक अध्ययन ने ख्मेर रूज के तहत १९७५ की कंबोडियाई आबादी ७८ लाख में से २० लाख से कुछ कम अप्राकृतिक मौतों की गणना की; कंबोडियाई महिलाओं की १५.७% की तुलना में ख्मेर रूज के तहत ३३.५% कंबोडियाई पुरुषों की मृत्यु हुई।<ref name="Locard"/> २००१ के एक अकादमिक स्रोत के अनुसार, ख्मेर रूज के तहत अधिक मौतों का सबसे व्यापक रूप से स्वीकृत अनुमान १५ लाख से २० लाख तक है, हालांकि आंकड़े १० लाख से कम और ३० लाख से अधिक के रूप में उद्धृत किए गए हैं; ख्मेर रूज की फांसी के कारण होने वाली मौतों का पारंपरिक रूप से स्वीकृत अनुमान ५ से १० लाख तक है, "इस अवधि के दौरान अतिरिक्त मृत्यु दर का एक तिहाई से आधा।"<ref name="Heuveline, Patrick 2001" /> हालांकि, २०१३ के एक अकादमिक स्रोत (२००९ से अनुसंधान का हवाला देते हुए) इंगित करता है कि निष्पादन में कुल का ६०% हिस्सा हो सकता है, जिसमें २३,७४५ सामूहिक कब्रें हैं जिनमें लगभग १३ लाख निष्पादन के संदिग्ध शिकार हैं।{{Sfn|Seybolt|Aronson|Fischoff|2013|p=238}} ख्मेर रूज के निष्पादन के पहले और अधिक व्यापक रूप से स्वीकृत अनुमानों की तुलना में काफी अधिक होने पर, कंबोडिया के दस्तावेज़ीकरण केंद्र के क्रेग एचेसन ने दस लाख से अधिक निष्पादन के ऐसे अनुमानों का बचाव किया, जो "प्रशंसनीय, प्रकृति को देखते हुए" थे। सामूहिक कब्र और डीसी-कैम के तरीके, जो अधिक अनुमान के बजाय निकायों की कम गिनती का उत्पादन करने की अधिक संभावना रखते हैं।" <ref name="Tufts.edu"/> <ref name="Sharp"/> जनसांख्यिकीय पैट्रिक ह्यूवेलिन ने अनुमान लगाया कि ११.७ लाख से ३४.२ लाख के बीच कंबोडियाई लोगों की मृत्यु १९७० और १९७९ के बीच अप्राकृतिक मौतों के साथ हुई, जिनमें से डेढ़ से तीन लाख के बीच गृहयुद्ध के दौरान हुई मौतें थीं। ह्यूवेलिन का केंद्रीय अनुमान २५.२ लाख अतिरिक्त मौतें हैं, जिनमें से १४ लाख हिंसा का प्रत्यक्ष परिणाम थे।<ref name="Heuveline, Patrick 2001"/><ref name="Tufts.edu" /> कंबोडियाई लोगों के घर-घर के सर्वेक्षण पर आधारित होने के बावजूद, ख्मेर रूज के उत्तराधिकारी शासन, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कम्पूचिया (पीआरके) द्वारा घोषित ३३ लाख मौतों का अनुमान आम तौर पर एक अतिशयोक्ति माना जाता है; <ref name="Locard" /> अन्य कार्यप्रणाली त्रुटियों के बीच, पीआरके अधिकारियों ने उन पीड़ितों की अनुमानित संख्या को जोड़ा जो आंशिक रूप से खोदी गई सामूहिक कब्रों में कच्चे सर्वेक्षण के परिणामों में पाए गए थे, जिसका अर्थ है कि कुछ पीड़ितों की दोहरी गणना की गई होगी।<ref name="Tufts.edu" /> == लोकतांत्रिक कम्पूचिया के बाद == === स्मरणोत्सव === हालांकि पुराने शासन के सरकारी अधिकारियों की फांसी नोम पेन्ह के गिरने के बाद हुई थी, २० मई १९७५ को कंबोडिया में उस तारीख के रूप में मनाया जाता है जब निजी नागरिकों के खिलाफ ख्मेर रूज अभियान शुरू हुआ था <ref name="nyt">''[[The New York Times]]''. ''[https://www.nytimes.com/1984/05/21/world/around-the-world-cambodian-day-of-hate-marks-pol-pot-s-victims.html Cambodian Day of Hate Marks Pol Pot's Victims]''</ref> और अब २० मई को प्रतिवर्ष "राष्ट्रीय स्मरण दिवस" ({{Lang-km|ទិវាជាតិនៃការចងចាំ|Tivea Cheate nei kar Changcham}}) मनाया जाता है जो एक राष्ट्रीय छुट्टी द्वारा चिह्नित है।<ref>{{Cite news|url=https://www.phnompenhpost.com/national/day-anger-becomes-kingdoms-latest-national-holiday|title='Day of Anger' becomes Kingdom's latest national holiday|date=20 February 2018|work=[[The Phnom Penh Post]]}}</ref> === युद्ध अपराध मुकदमे === [[चित्र:Main_building_of_Extraordinary_Chambers_in_the_Courts_of_Cambodia.jpg|अंगूठाकार|200x200पिक्सेल| कोर्ट रूम के साथ ट्रिब्यूनल का मुख्य भवन]] १५ जुलाई १९७९ को ख्मेर रूज को उखाड़ फेंकने के बाद कंबोडिया की नई सरकार ने "हुक्मनामा कानून न० १" लागू किया जिसने नरसंहार के अपराध के लिए पोल पॉट और ईएंगसरी के मुकदमे की अनुमति दी। उन्हें एक अमेरिकी बचाव पक्ष के वकील, होप स्टीवंस,{{Sfn|Etcheson|2005|p=14}} दिए गए और उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया गया और उन्हें नरसंहार का दोषी ठहराया गया।{{Sfn|Donlon|2012|p=103}} जनवरी २००१ में कम्बोडियाई संसद भवन ने ख्मेर रूज शासन के अतिरिक्त सदस्यों पर मुकदमा चलाने के लिए एक न्यायाधिकरण बनाने के लिए कानून पारित किया।{{Sfn|Stanton|2013|p=411}} [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] ने १९८९ तक ख्मेर रूज अत्याचारों को नरसंहार के रूप में वर्णित करने से परहेज किया और १९९७ के अंत तक पोल पॉट के लिए मुकदमा चलाने और पकड़ने को मंजूरी देने से इनकार कर दिया, क्योंकि अमेरिका ने १९८० के दशक में [[दक्षिण पूर्व एशिया]] में वियतनामी और [[सोवियत]] प्रभाव को रोकने के लिए ख्मेर रूज का समर्थन किया था। अमेरिका को इस बात का भी डर था कि अभी के समय एक मुकदमा चलाने से वियतनाम युद्ध के दौरान कंबोडिया पर अमेरिकी बमबारी की वैधता की जांच कर सकता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.nytimes.com/1998/04/17/world/death-of-pol-pot-the-diplomacy-pol-pot-s-end-won-t-stop-us-pursuit-of-his-circle.html|title=Death of Pol Pot: The Diplomacy; Pol Pot's End Won't Stop U.S. Pursuit of His Circle|last=Becker|first=Elizabeth|authorlink=Elizabeth Becker|date=1998-04-17|website=[[The New York Times]]|access-date=2020-09-02}}</ref> १९९९ में निक डनलप और नेट थायर द्वारा कांग का साक्षात्कार लिया गया और टोल स्लेंग कारावास में किए गए अपराधों के लिए अपने अपराध को स्वीकार किया, जहाँ लगभग १७,००० राजनीतिक कैदियों को मार डाला गया था। उन्होंने अपने कार्यों के लिए दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे मुकदमे में खड़े होने और अपने पूर्व साथियों के खिलाफ [[सबूत]] देने को तैयार हैं। फरवरी और मार्च २००९ में अपने मुकदमे के दौरान कांग ने स्वीकार किया कि वह तुओल स्लेंग में किए गए अपराधों के लिए जिम्मेदार था। २६ जुलाई २०१० को, उन्हें [[मानवता-विरोधी अपराध|मानवता विरोधी अपराधों]] के आरोप में दोषी पाया गया और उन्हें ३५ साल जेल की सजा सुनाई गई।{{Sfn|Bartrop|2012|pp=166–167}} ३ फरवरी २०१२ को उनकी पिछली सजा को आजीवन कारावास से बदल दिया गया था।{{Sfn|ECCC-Kaing|2012}} कांग की सितंबर २०२० में [[फेफड़ा|फेफड़ों]] की [[बीमारी]] से मृत्यु हो गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.nytimes.com/2020/09/01/world/asia/duch-kaing-guek-eav-dead.html|title=Duch, Prison Chief Who Slaughtered for the Khmer Rouge, Dies at 77|last=Mydans|first=Seth|date=2020-09-02|website=[[The New York Times]]|access-date=2020-09-02}}</ref> नुओन चिया को १९ सितंबर २००७ को [[गिरफ्तार]] किया गया था।{{Sfn|Corfield|2011|p=855}} अपने २०१३ के मुकदमे के अंत में उन्होंने यह कहते हुए सभी आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने "ना तो लोगों के साथ दुर्व्यवहार या भोजन से वंचित करने के लिए और ना ही नरसंहार करने का आदेश नहीं दिया था"। उन्हें २०१४ में दोषी ठहराया गया था और [[आजीवन कारावास]] की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने अफसोस व्यक्त किया और अपने अपराधों के लिए नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा है, "मैं [[जनता]], पीड़ितों, [[परिवार|परिवारों]] और सभी कंबोडियाई लोगों से ईमानदारी के साथ माफी मांगना चाहता हूं।"{{Sfn|Nuon Chea|2013}} एक भव्य नोम पेन्ह विला में स्थित होने के बाद, ईएंग सरी को १२ नवंबर २००७ को गिरफ्तार किया गया और उन्हे और उनकी पत्नी ईएंग ठिरिथ (जो शासन के लिए एक अनौपचारिक सलाहकार थीं) को मानवता विरोधी अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया।{{Sfn|MacKinnon|2007}} १७ नवंबर २०११ को चिकित्सा विशेषज्ञों के मूल्यांकन के बाद थिरिथ को मानसिक स्थिति के कारण मुकदमे के लिए अयोग्य पाया गया।{{Sfn|de los Reyes|Mattes|Lee|Van Tuyl|2012|p=1}} सरी की २०१३ में हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई, जब उनका परीक्षण चल रहा था।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2013/03/15/world/asia/ieng-sary-khmer-rouge-leader-tied-to-genocide-dies-at-87.html|title=Ieng Sary, Khmer Rouge Leader Tied to Genocide, Dies at 87|last=Mydans|first=Seth|date=2013-03-14|work=The New York Times|access-date=14 March 2013}}</ref> एक अन्य वरिष्ठ ख्मेर रूज नेता खिउ सम्फन को १९ नवंबर २००७ को गिरफ्तार किया गया और उनपर मानवता विरोधी अपराधों का आरोप लगाया गया।{{Sfn|Munthit|2007}} उन्हें २०१४ में दोषी ठहराया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। २३ जून २०१७ को एक सुनवाई में सम्फन ने अपने निर्दोष पीड़ितों की याद में झुकने की इच्छा व्यक्त की, जबकि यह भी दावा किया कि उन्होंने उन लोगों के लिए संघर्ष किया जिन्होंने अपने आदर्श के लिए एक उज्जवल [[भविष्य]] के लिए संघर्ष किया।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2017/06/23/world/asia/cambodia-khmer-rouge-vietnam.html|title=Khmer Rouge Trial, Perhaps the Last, Nears End in Cambodia|last=Mydans|first=Seith|work=The New York Times|year=2017}}</ref> === नरसंहार की मनाही ===   १५ अप्रैल १९९८ को पोल पॉट ने अपनी मृत्यु के कुछ महीने पहले{{Sfn|Chan|2004|p=256}} नेट थायर को अपना साक्षात्कार दिया था। साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा कि उनके पास एक स्पष्ट विवेक था और उन्होंने नरसंहार के लिए जिम्मेदार होने से इनकार किया। पोल पॉट ने जोर देकर कहा कि वे "लोगों को मारने के लिए नहीं, बल्कि संघर्ष करने" के लिए आए थे। एलेक्स अल्वारेज़ के अनुसार पोल पॉट ने "खुद को एक गलत समझे गए और गलत तरीके से बदनाम किए गए व्यक्ति" के रूप में चित्रित किया।{{Sfn|Alvarez|2001|p=56}} २०१३ में कंबोडियाई प्रधान मंत्री [[हुन सेन]] ने सर्वसम्मति से कानून पारित किया जो ख्मेर रूज द्वारा किए गए कम्बोडियाई नरसंहार और अन्य युद्ध अपराधों से इनकार करने को अपराध मानता है; एक विधेयक जो [[यहूदी नरसंहार]] के समापन के बाद [[यूरोपीय]] देशों में पारित कानून के समान है।<ref>{{Cite web|url=https://www.npr.org/sections/thetwo-way/2013/06/07/189618585/cambodia-moves-to-outlaw-denial-of-khmer-rouge-atrocities|title=Cambodia Moves To Outlaw Denial of Khmer Rouge Atrocities|publisher=NPR|access-date=2019-10-08}}</ref> कंबोडियाई राष्ट्रीय बचाव दल के उपाध्यक्ष केम सोखा की टिप्पणियों के बावजूद कानून पारित किया गया। सोखा ने कहा कि तुओल स्लेंग नरसंहार संग्रहालय में प्रदर्शन नकली थे और १९७९ में वियतनामी द्वारा आक्रमण के बाद नकली कलाकृतियों को बनाया गया था। सोखा की पार्टी ने दावा किया है कि उनकी टिप्पणियों को संदर्भ से अलग लिया गया। {{Sfn|Buncombe|2013}} === चीन से समर्थन की मनाही === १९८८ में कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन सेन, जो कभी ख्मेर रूज के सदस्य थे, ने चीन को कंबोडिया में "सारी फसात की जड़" के रूप में वर्णित किया। लेकिन जुलाई १९९७ में जब उन्होंने एक खूंखार [[तख्तापलट]] के साथ अपने राजनैतिक प्रतिद्वंद्वियों को बाहर करके पश्चिम में आक्रोशित कर दिया तब चीन ने तुरंत यथास्थिति को मान्यता दी और सैन्य सहायता की पेशकश की। नए हित जल्द ही संरेखण में आ गए। फिर २००० में [[चीनी साम्यवादी पार्टी का महासचिव|सीसीपी महासचिव]] और [[जनवादी गणराज्य चीन के राष्ट्रपति|चीनी राष्ट्रपति]] जियांग जेमिन कंबोडिया में एक सरकारी यात्रा के लिए आए। यह १९६३ के बाद से पहली बार हो रहा था कि एक चीनी राष्ट्रपति कंबोडिया में आए हो। दिसंबर २००० में जब जियांग कंबोडिया का दौरा कर रहे थे, चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया कि जब तक ख्मेर रूज ने कंबोडिया पर शासन किया तब तक [[बीजिंग]] ने कभी उनकी गलत नीतियों का समर्थन नहीं किया और माफी मांगने से इनकार कर दिया।<ref name=":3">{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2000/11/07/world/china-says-it-won-t-apologize-for-supporting-the-khmer-rouge.html|title=China Says It Won't Apologize For Supporting the Khmer Rouge|last=Reuters|date=2000-11-07|work=The New York Times|access-date=2019-11-27|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref><ref name=":20">{{Cite news|url=http://news.bbc.co.uk/hi/chinese/news/newsid_1020000/10208121.stm|title=江泽民抵柬展开历史性访问|date=2000-11-13|access-date=2019-11-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20030218175921/http://news.bbc.co.uk/hi/chinese/news/newsid_1020000/10208121.stm|archive-date=2003-02-18|publisher=BBC}}</ref><ref name=":21">{{Cite news|url=http://news.bbc.co.uk/chinese/simp/hi/newsid_1020000/newsid_1022500/1022597.stm|title=中国疏远同红色高棉的关系|date=2000-11-14|access-date=2019-11-25|publisher=BBC}}</ref> चीन के विदेश मंत्रालय में एशियाई विभाग के तत्कालीन उपनिदेशक यांग यांयी (杨燕怡) ने दावा किया: "यह एक आंतरिक मामला है जिसे स्वयं कंबोडियाई द्वारा संबोधित किया जाना चाहिए। [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]] ने कभी किसी दूसरे देश के आंतरिक मामलों में दखल नहीं दिया। उस निश्चित ऐतिहासिक अवधि के दौरान हमारी सहायता और समर्थन कंबोडिया की [[संप्रभुता]] और राष्ट्रीय [[स्वतंत्रता]] की रक्षा के [[प्रयास]] का समर्थन करना था। हम कभी दूसरे देशों की गलत नीतियों का समर्थन नहीं करते हैं।"<ref name=":3" /> यात्रा के दौरान जियांग ने नरोत्तम सीहनु और कंबोडिया के प्रधान मंत्री हुन सेन से मुलाकात की, कंबोडिया को $१.२ करोड़ की सहायता पेश करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। भले ही कंबोडियाई सरकार ने जियांग की यात्रा के दौरान ख्मेर रूज के मुद्दे का उल्लेख कभी नहीं किया, प्रदर्शनकारियों ने चीन से माफी और यहाँ तक कि बहाली की मांग की, और ऐसा अनुरोध अभी भी जारी है।<ref name=":3"/><ref>{{Cite web|url=http://www.genocidewatch.org/seekingjusticecambodia.html|title=Seeking Justice in Cambodia|last=Stanton|first=Gregory H.|website=genocidewatch.org|archive-url=https://web.archive.org/web/20091026180136/http://www.genocidewatch.org/seekingjusticecambodia.html|archive-date=2009-10-26|access-date=2019-11-27}}</ref> २०१५ में कंबोडिया के दस्तावेज़ीकरण केंद्र के कार्यकारी निदेशक यूक चांग ने बताया कि "चीनी सलाहकार सभी कारावास प्रहरियों और शीर्ष नेता के साथ मिले हुए थे। चीन ने इसके लिए कभी भी स्वीकार नहीं किया और माफी नहीं मांगी।" २००९ में ख्मेर रूज के कुछ पूर्व नेताओं के अदालती मुकदमों के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जियांग यू ने दावा किया: "लंबे समय से चीन के पिछले कंबोडियाई सरकारों के साथ सामान्य और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, जिसमें लोकतांत्रिक कम्पूचिया भी शामिल है। जैसा कि सभी जानते हैं, लोकतांत्रिक कम्पूचिया की सरकार के पास संयुक्त राष्ट्र में एक कानूनी सीट थी, और उसने ७० से अधिक देशों के साथ व्यापक विदेशी संबंध स्थापित किए थे।"<ref>{{Cite news|url=https://www.reuters.com/article/us-cambodia-rouge-china-sb-idUSTRE51G33W20090217|title=China defends its Khmer Rouge ties as trial opens|date=2009-02-17|work=Reuters|access-date=2019-11-27|language=en}}</ref> === बचाव दल की पहचान === ''द रेस्क्यूअर्स'' प्रदर्शन, जो २०११ से २०१५ तक चला, ने उन व्यक्तियों की पहचान की जिन्होंने दूसरों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। कम्बोडियाई बचावकर्ताओं को अन्य विश्व नरसंहारों से साहस के समान प्रोफाइल के साथ जोड़ा गया।<ref>{{Cite web|url=https://proof.org/the-rescuers|title=The Rescuers|website=proof.org}}</ref> ऑस्ट्रेलियाई सामाजिक सद्भाव समूह, करेज टू केयर द्वारा कंबोडियाई नरसंहार के बचावकर्ताओं को इसी प्रकार मान्यता दी गई, जिसने इस विषय पर एक शैक्षिक संसाधन प्रकाशित किया।<ref>{{Cite web|url=https://couragetocare.com.au/exhibition/wp-content/uploads/2019/08/Unknown-Heroes-of-Cambodia-2019.pdf|title=Unknown Heroes of Cambodia|last=Strozek, Karolina|last2=Seldowitz, Dovi|year=2019|website=Courage to Care NSW|access-date=13 दिसंबर 2021|archive-date=6 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230306175227/https://couragetocare.com.au/exhibition/wp-content/uploads/2019/08/Unknown-Heroes-of-Cambodia-2019.pdf|url-status=dead}}</ref> == साहित्य और मीडिया में == * फ़्रांसवा पोनशोद द्वारा लिखी गई फ्रांसीसी पुस्तक कांबोझ आने ज़ेरो (''Cambodge année zéro'' अर्थात "कंबोडिया वर्ष शून्य") १९७७ में जारी किया गया था और १९७८ में अंग्रेजी में अनुवाद किया गया था।{{Sfn|Beachler|2011|p=45}} पोनचौड दुनिया के ध्यान में कंबोडियन नरसंहार लाने वाले पहले लेखकों में से एक थे।{{Sfn|Bartrop|2012|p=261}} पोनचौड ने कहा है कि नरसंहार "सबसे ऊपर था, कार्रवाई में अनुवाद एक आदमी की विशेष दृष्टि [ ''एसic'' ]: एक व्यक्ति जिसे एक भ्रष्ट शासन द्वारा खराब कर दिया गया है, उसे सुधार नहीं किया जा सकता है, उसे भाईचारे से शारीरिक रूप से समाप्त किया जाना चाहिए शुद्ध का।"{{Sfn|Tyner|2012|p=145}} ''मर्डर ऑफ ए जेंटल लैंड: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए कम्युनिस्ट जेनोसाइड इन कंबोडिया'' जॉन बैरोन और एंथोनी पॉल द्वारा १९७७ में प्रकाशित किया गया था।{{Sfn|Barron|1977}} पुस्तक शरणार्थियों के खातों पर आधारित है, और ''रीडर्स डाइजेस्ट'' में प्रकाशित एक संक्षिप्त संस्करण व्यापक रूप से प्रकाशित हुआ था। पढ़ना।{{Sfn|Mayersan|2013|pp=183–184}} * नरसंहार से बचे फिल्म निर्माता रिथी पान को "कई लोग कंबोडिया की सिनेमाई आवाज मानते हैं।" पान ने नरसंहार पर कई वृत्तचित्रों का निर्देशन किया है, जिसमें ''एस -२१: द ख्मेर रूज किलिंग मशीन शामिल है'', जिसे आलोचकों द्वारा "हमें यह देखने की अनुमति देने के लिए नोट किया गया है कि अतीत को वर्तमान के रूप में प्रस्तुत करने के लिए स्मृति और समय कैसे गिर सकता है। इसलिए बुराई का सामान्य चेहरा प्रकट करो।"{{Sfn|Boyle|2009|p=95}} * [[अकेडमी पुरस्कार|नरसंहार को १९८४ की अकादमी पुरस्कार]] विजेता फिल्म ''द किलिंग फील्ड्स'' <ref>{{Cite news|url=https://www.theguardian.com/film/2009/mar/11/the-killing-fields-reel-history|title=The Killing Fields: authentically good|date=12 March 2009|work=The Guardian|location=London}}</ref> और पेट्रीसिया मैककॉर्मिक के २०१२ के उपन्यास ''नेवर फॉल डाउन'' में चित्रित किया गया है।<ref name="Debra Lau Whelan">{{Cite web|url=http://www.slj.com/2012/10/awards/national-book-award-finalists-in-young-peoples-lit-unveiled/#_|title=SLJ Speaks to National Book Award Finalists|last=Debra Lau Whelan|date=10 October 2012|website=[[School Library Journal]]|access-date=15 November 2012}}</ref> * नरसंहार का वर्णन लूंग उनग ने अपने संस्मरण ''फर्स्ट दे किल्ड माई फादर'' (२०००) में भी किया है।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/firsttheykilledm00loun_0|title=First they killed my father : a daughter of Cambodia remembers|last=Loung|first=Ung|date=2000|publisher=HarperCollinsPublishers|isbn=978-0-06-019332-4|edition=1st|location=New York|oclc=41482326|url-access=registration}}</ref><ref name="Debra Lau Whelan" /> [[एंजेलिना जोली|पुस्तक को एंजेलीना जोली]] द्वारा निर्देशित २०१७ की जीवनी फिल्म में रूपांतरित किया गया था। १९७५ में सेट, फिल्म में ५ वर्षीय अनग को दर्शाया गया है, जिसे एक बाल सैनिक के रूप में प्रशिक्षित होने के लिए मजबूर किया जाता है, जबकि उसके भाई-बहनों को ख्मेर रूज शासन द्वारा श्रम शिविरों में भेजा जाता है। <ref name="Variety:Telluride Film Review: 'First They Killed My Father: A Daughter of Cambodia Remembers'">{{Cite web|url=https://variety.com/2017/film/reviews/first-they-killed-my-father-review-angelina-jolie-1202545717/|title=Telluride Film Review: 'First They Killed My Father: A Daughter of Cambodia Remembers'|last=Debruge|first=Peter|date=3 September 2017|website=Variety|access-date=20 September 2017}}</ref> * फ़िल्म " ईयर ज़ीरो: द साइलेंट डेथ ऑफ़ कंबोडिया " १९७९ की एक ब्रिटिश टेलीविज़न डॉक्यूमेंट्री है जिसे ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार जॉन पिल्गर द्वारा लिखित और प्रस्तुत किया गया है। <ref>Independent Movie Database (IMDB), [[imdbtitle:0275085|"Year Zero: The Silent Death of Cambodia (1979)"]]</ref> <ref>[http://johnpilger.com/videos/year-zero-the-silent-death-of-cambodia ''Year Zero: the Silent Death of Cambodia''], video of program on John Pilger's website.</ref> ३० अक्टूबर १९७९ को ब्रिटिश टेलीविजन पर पहला प्रसारण, फिल्म १९७० के दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा कंबोडिया की व्यापक बमबारी [[वियतनाम युद्ध|को वियतनाम युद्ध के]] एक गुप्त अध्याय के रूप में याद करती है, बाद में क्रूरता और नरसंहार जो पोल पॉट और उसके ख्मेर रूज मिलिशिया ने लिया था। लोगों की गरीबी और पीड़ा, और पश्चिम द्वारा दी जाने वाली सीमित सहायता। ''कंबोडिया पर पिल्गर की पहली रिपोर्ट डेली मिरर के'' एक विशेष अंक में प्रकाशित हुई थी।<ref>[http://johnpilger.com/videos/year-zero-the-silent-death-of-cambodia ''Year Zero: the Silent Death of Cambodia''], video of programme on John Pilger's website.</ref><ref name="Pilger1986">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=dcL6w-VmjWwC&pg=PA417|title=Heroes|last=Pilger|first=John|publisher=Soluth End Press|year=2001|isbn=978-0-89608-666-1|location=London|page=417}} (Originally published by Jonathan Cape, London, 1986), p. 410</ref><ref name="Pilger2011">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=GOtwM8UdwgoC&pg=PA121|title=Tell Me No Lies: Investigative Journalism and its Triumphs|last=John Pilger|publisher=Random House|year=2011|isbn=978-1-4070-8570-8|page=121}}</ref> == यह सभी देखें == * [[ग्रेट लीप फॉरवर्ड]] * [[ख्मेर रूज]] * [[कम्पूचिया की साम्यवादी पार्टी]] * [[नरोत्तम सीहनु]] * [[पोल पॉट]] == संदर्भ == <references /> == अधिक जानकारी == * {{Cite book|title=The Politics of Lists: Bureaucracy and Genocide Under the Khmer Rouge|last=Tyner|first=James A.|date=2018|publisher=[[West Virginia University Press]]|isbn=978-1-946684-42-4|location=Morgantown|language=en}} == बाहरी कड़ियाँ == * {{Commons category-inline}} {{Cambodia topics}}{{Genocide topics}}{{Authority control}} [[श्रेणी:जातीय उत्पीड़न]] [[श्रेणी:कंबोडिया का इतिहास]] [[श्रेणी:प्रति-बुद्धिवाद]] 7mgv1umw05es6uml7knd30s548j99ck उत्कृष्ट कृति 0 1344003 6582733 6515811 2026-07-15T04:19:59Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582733 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Creación_de_Adán_(Miguel_Ángel).jpg|अंगूठाकार| [[माइकल एंजेलो]] की ''द क्रिएशन ऑफ एडम'' (ल० 1512), सिस्टिन चैपल की छत [[चित्रकला|का हिस्सा है, जिसे पेंटिंग]] की एक उत्कृष्ट कृति माना जाता है।]] '''आधुनिक उपयोग में उत्कृष्ट कृति''', '''''मैग्नम ओपस''''' ( [[लातिन भाषा|लैटिन]], ''महान काम'' ) या '''''शेफ-डी'उवर''''' ( [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]], ''मास्टर ऑफ वर्क'', बहुवचन ''शेफ-डी'उवर'' ) एक ऐसी रचना है जिसकी बहुत आलोचनात्मक प्रशंसा की गई है, विशेष रूप से इसे एक ऐसा काम माना जाता है जो किसी व्यक्ति के पेशेवर जीवन का सबसे बड़ा काम या उत्कृष्ट रचनात्मकता, कौशल, गहनता या कारीगरी का काम होता है। यह एक महान रचना की तरह होती है और इसके जैसी दूसरी रचनाएँ नहीं होती हैं। ऐतिहासिक रूप से, एक "उत्कृष्ट कृति" दृश्य कला और शिल्प के विभिन्न क्षेत्रों में एक समूह या अकादमी की सदस्यता प्राप्त करने के लिए उत्पादित एक बहुत ही उच्च मानक का काम होता था। [[चित्र:Mona_Lisa,_by_Leonardo_da_Vinci,_from_C2RMF_retouched.jpg|अंगूठाकार| पेंटिंग में, [[लिओनार्दो दा विंची|लियोनार्डो दा विंची]] की ''[[मोना लीज़ा|मोना लिसा]]'' (सी। 1503-06) को एक उत्कृष्ट कृति माना जाता है, <ref>{{Cite web|url=https://www.npr.org/2011/07/30/138800110/the-theft-that-made-the-mona-lisa-a-masterpiece|title=The Theft That Made Mona Lisa a Masterpiece|date=July 30, 2011|website=NPR|access-date=February 15, 2019}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.timeshighereducation.com/news/why-i-think-mona-lisa-became-an-icon/164983.article|title=Why Mona Lisa Became An Icon|url-access=subscription}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.independent.co.uk/news/world/europe/the-moving-of-the-mona-lisa-530771.html|title=The Moving of the Mona Lisa|last=Lichfield|first=John|date=April 2, 2005|work=The Independent|quote=the best known, the most visited, the most written about, the most sung about, the most parodied work of art in the world}}</ref> हालांकि इसे किसी गिल्ड या अकादमी में प्रवेश के लिए नहीं बनाया गया था।]] == शब्द-व्युतपत्ति == फॉर्म ''मास्टरस्टिक'' [[स्कौट्स भाषा|अंग्रेजी या स्कॉट्स]] [[एबरडीन|में 1579 के एबरडीन]] गिल्ड नियमों के एक सेट में दर्ज किया गया है, जबकि "उत्कृष्ट कृति" यानि '''''मास्टर पीस''''' शब्द पहली बार 1605 में उपयोग में मिली है, जो पहले से ही किसी गिल्ड के संदर्भ के बाहर, [[बेन जॉन्सन|बेन जोंसन]] नाटक में है। <ref>[[OED]]:"Masterpiece". See also: [http://encarta.msn.com/dictionary_1861628683/masterpiece.html Encarta] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091107141731/http://encarta.msn.com/dictionary_1861628683/masterpiece.html |date=7 नवंबर 2009 }}. 2009-11-01.</ref> "मास्टरप्राइज़" अंग्रेजी में इसका एक और प्रारंभिक संस्करण था। <ref>[[OED]]:"Masterprize"</ref> == इतिहास == [[चित्र:Zuccari_Two_painter's_apprentices.jpg|अंगूठाकार| फेडेरिको जुकरी, ''दो पेंटर के प्रशिक्षु'', 1609। उन्हें अपनी शिक्षुता के अंत में मास्टर बनने के ''लिए एक उत्कृष्ट कृति'' का निर्माण करना होगा।]] मूल रूप से, शब्द ''मास्टरपीस'' पुराने यूरोपीय गिल्ड सिस्टम में एक मास्टर शिल्पकार बनने के इच्छुक [[शिक्षुता|एक प्रशिक्षु]] या यात्राकर्ता द्वारा उत्पादित काम के एक टुकड़े को संदर्भित करता है। गिल्ड सदस्यता के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए उनकी फिटनेस को आंशिक रूप से उत्कृष्ट कृति द्वारा आंका जाता था, और यदि वह सफल रहे, तो गिल्ड द्वारा वह कृति बरकरार रखी जाती थी। इसलिए जो कुछ भी शिल्प होता था, उसमें एक अच्छा टुकड़ा तैयार करने के लिए बहुत सावधानी बरती जाती थी, चाहे कन्फेक्शनरी, पेंटिंग, [[सोनार|सुनार]], चाकू बनाने, चमड़े का काम, या कोई अन्य व्यापार। उदाहरण के लिए, लंदन में, 17 वीं शताब्दी में, सोनारों की वर्शिपफुल कंपनी में प्रवेश के लिए प्रशिक्षु को गोल्डस्मिथ्स हॉल में एक "वर्कहाउस" में उनकी देखरेख में एक उत्कृष्ट कृति का निर्माण करने की आवश्यकता होती थी। कंपनी के इस बात से चिंतित होने के बाद कि सुनार बनने के लिए कौशल के स्तर खत्म होता जा रहा है, वर्कहाउस को मानकों के कड़े होने के हिस्से के रूप में स्थापित किया गया था। कंपनी के वार्डन ने 1607 में शिकायत की थी कि "सोने की कला और रहस्य की सच्ची प्रथा में न केवल बड़ा क्षय हुआ है, बल्कि कई हिस्सों में यह बिखर भी गया है, इसलिए अब बहुत कम कामगार एक टुकड़े को कई हाथों की मदद के बिना सभी सजावट और उसके हिस्सों के साथ एक ही प्लेट में पूरा करने और परिपूर्ण करने में सक्षम हैं।" उसी सुनार संगठन को अभी भी एक उत्कृष्ट कृति के उत्पादन की आवश्यकता है लेकिन इसे अब पर्यवेक्षण के तहत उत्पादित नहीं किया जाता है। <ref>[http://www.thegoldsmiths.co.uk/library/archives/a-history-of-the-goldsmiths%27-company/ ''A History of the Goldsmiths' Company.''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160503103210/http://www.thegoldsmiths.co.uk/library/archives/a-history-of-the-goldsmiths%27-company/ |date=3 मई 2016 }} The Goldsmiths' Company. Retrieved 30 December 2014.</ref> <ref>[http://www.goldsmiths-centre.org/professional-training/goldsmiths-company-apprenticeship-programme/ Goldsmiths' Company Apprenticeship Programme.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160316223317/http://goldsmiths-centre.org/professional-training/goldsmiths-company-apprenticeship-programme/ |date=16 मार्च 2016 }} The Goldsmiths' Centre. Retrieved 30 December 2014.</ref> जर्मनी के नूर्नबर्ग में, 1531 और 1572 के बीच, शिक्षु जो मास्टर सुनार बनना चाहते थे , उन्हें सुनार के गिल्ड में भर्ती होने से पहले कोलंबिन कप, स्टील सील के लिए रंग और कीमती पत्थरों के साथ सोने के छल्ले बनाने की आवश्यकता होती थी। यदि वे भर्ती होने में विफल रहते थे, तो वे अन्य सुनारों के लिए काम करना जारी रख सकते थे, लेकिन स्वयं स्वामी के रूप में नहीं। कुछ संघों में, प्रशिक्षुओं को तब तक विवाह करने की अनुमति नहीं थी जब तक कि वे पूर्ण सदस्यता प्राप्त नहीं कर लेते। <ref>[https://collections.vam.ac.uk/item/O91876/cup-jamnitzer-wenzel/ Cup, Silver, room 69, case 25.] Victoria & Albert Museum. Retrieved 30 December 2014.</ref> कला की कुछ आधुनिक अकादमियों में एक उत्कृष्ट कृति का निर्माण की अनिवार्यता जारी है, जहाँ इस तरह के कार्यों के लिए सामान्य शब्द अब ''रिसेप्शन पीस'' है । [[रायल अकादमी|लंदन में रॉयल अकादमी]] "डिप्लोमा कार्य " शब्द का उपयोग करती है और इसने सदस्यता की शर्त के रूप में प्राप्त डिप्लोमा कार्यों का एक अच्छा संग्रह हासिल कर लिया है। == आधुनिक उपयोग में == [[चित्र:Masterpieces.jpg|अंगूठाकार| साहित्यिक कृतियाँ]] आधुनिक उपयोग में, एक उत्कृष्ट कृति कला के किसी भी क्षेत्र में एक रचना है जिसे बहुत आलोचनात्मक प्रशंसा दी गई हो, विशेष रूप से एक जिसे किसी व्यक्ति के करियर का सबसे बड़ा काम माना जाता है या उत्कृष्ट रचनात्मकता, कौशल, गहनता या कारीगरी का काम माना जाता है। उदाहरण के लिए [[चार्ल्स डिकेंस]] ''[[डेविड कॉपरफील्ड (उपन्यास)|के उपन्यास डेविड कॉपरफील्ड]]'' को आम तौर पर एक उत्कृष्ट साहित्यिक कृति या महान रचना माना जाता है। <ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/lifeofcharlesdic00john/page/6|title=Life of Charles Dickens|last=Forster|first=John|publisher=Everyman's Library|year=1976|isbn=0460007823|location=London|page=[https://archive.org/details/lifeofcharlesdic00john/page/6 6]|chapter=VII|chapter-url=https://archive.org/details/lifeofcharlesdic00john}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://classiclit.about.com/library/bl-etexts/jforster/bl-jforster-cdickens-6.htm|title=John Forster, The Life of Charles Dickens|website=Classic Literature|access-date=26 June 2012|archive-date=17 मई 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120517065841/http://classiclit.about.com/library/bl-etexts/jforster/bl-jforster-cdickens-6.htm|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/lish00sylv|title=Dickens the Novelist|last=Monod|first=Sylvère|publisher=University of Oklahoma Press|year=1968|isbn=978-0806107684|url-access=registration}}</ref> इस शब्द का प्रयोग अक्सर शिथिल रूप से किया जाता है, और ट्रैकिंग बोर्ड के एडवर्ड डगलस जैसे कुछ आलोचकों का मानना है कि हाल की फिल्मों का वर्णन करने में इसका अत्यधिक उपयोग किया जाता है। <ref>{{Cite web|url=https://www.tracking-board.com/can-we-please-stop-overusing-the-word-masterpiece-opinion/|title=Can We Please Stop Overusing the Word "Masterpiece"? (Opinion)|date=February 17, 2018|access-date=18 जनवरी 2022|archive-date=11 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241211203136/https://www.tracking-board.com/can-we-please-stop-overusing-the-word-masterpiece-opinion/|url-status=dead}}</ref> == यह भी देखें == == सन्दर्भ ==  {{Reflist|30em}} == बाहरी संबंध == * [http://www.louvre.fr/en/selections/masterpieces लौवर में उत्कृष्ट कृतियाँ।] [[श्रेणी:कलाकृतियाँ]] [[श्रेणी:कला पारिभाषिकी]] [[श्रेणी:दृश्य कलाएँ]] [[श्रेणी:संकेतविज्ञान]] [[श्रेणी:सौन्दर्यशास्त्र]] mqv5c5rnwasl30jc32avsk9nsb7x7qm मिसिंग न. 0 1369491 6582799 6567005 2026-07-15T07:21:47Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582799 wikitext text/x-wiki {{Nihongo|'''मिसिंग न.'''|けつばん{{lang|en|<ref>{{cite web |date=2021-02-27 |work={{ill|iNSIDE (website)|lt=iNSIDE|ja|iNSIDE (ニュースサイト)}} |lang=ja |title=本日2月27日で『ポケットモンスター 赤・緑』は25周年!初代ポケモンは"ヤバい最強技"や"バグ技"だらけだった!? |trans-title=Today, February 27th, is the 25th anniversary of ''Pokémon Red and Blue''! Was the first Pokémon generation filled with overpowered moves and exploits!? |url=https://www.inside-games.jp/article/2021/02/27/131178.html |archive-url=https://web.archive.org/web/20210227004916/https://www.inside-games.jp/article/2021/02/27/131178.html |archive-date=2021-02-27 |url-status=live |quote=バグを発生させると「'''けつばん'''」や「アネ゛デパミ゛」という意味不明なポケモンを呼び出すこともできました。 |trans-quote=If you were to make glitches occur, you could even cause nonsensical Pokémon like "'''Ketsuban'''" ('MissingNo') and "Anedepami" ('<nowiki>'</nowiki>M') to appear. }}</ref>}}|Ketsuban|lead=yes}}, जो "मिसिंग नंबर" का संधि है और कभी कभार बिना [[पूर्ण विराम|फुल स्टॉप]] के भी लिखा जाता है, एक अनौपचारिक [[पोकेमॉन की सूची|पोकेमॉन की प्रजाति है]] जो ''[[पोकेमॉन रेड एंड ब्लू]]'' में मिलता है। गेम में होने वाली घटनाओं की प्रोग्रामिंग के कारण खिलाड़ी मिसिंग न. को एक [[गड़बड़]] की मदद से ढूंढा जा सकता है। मिसिंग नं. से सामना करने पर ग्राफिकल विसंगतियाँ आने लगती हैं और खिलाड़ी की [[स्वत: निशाना|सूची]] की छठी प्रविष्टि में मदों की संख्या को १२८ तक बढ़ाकर गेमप्ले को बदल देता है। इस लाभकारी प्रभाव के परिणामस्वरूप रणनीति गाइड और गेम पत्रिकाओं द्वारा गड़बड़ का कवरेज हुआ, जबकि गेम प्रकाशक [[निनटेंडो|निन्टेंडो]] ने चेतावनी दी कि गड़बड़ का सामना करने से खिलाड़ियों का गेम डेटा दूषित हो सकता है। आईजीएन ने ''पोकेमॉन रेड'' और ''ब्लू'' में मिसिंग न. की उपस्थिति को सबसे प्रसिद्ध [[वीडियो खेल|वीडियो गेम]] गड़बड़ियों में से एक बताया और श्रृंखला की लोकप्रियता बढ़ाने में इसकी भूमिका पर टिप्पणी की। प्रशंसकों ने मिसिंगनो को युक्तिसंगत बनाने और शामिल करने का प्रयास किया है। एक वास्तविक इन-गेम चरित्र के रूप में गेम कैनन के हिस्से के रूप में और समाजशास्त्रियों ने समग्र रूप से खिलाड़ियों और गेमिंग संस्कृति दोनों पर इसके प्रभाव का अध्ययन किया है।<ref>{{Cite journal|last=Janik|first=Justyna|date=2017|title=Glitched perception: beyond the transparency and visibility of the video game object|url=https://ruj.uj.edu.pl/xmlui/bitstream/handle/item/56658/janik_glitched_perception_2017.pdf|journal=Transmissions: The Journal of Film and Media Studies|volume=2|issue=2|pages=65–82|archive-url=https://web.archive.org/web/20220303090424/https://ruj.uj.edu.pl/xmlui/bitstream/handle/item/56658/janik_glitched_perception_2017.pdf|archive-date=March 3, 2022|access-date=March 2, 2022}}</ref><ref>{{Cite book|title=Miscommunications: errors, mistakes, media|url=https://archive.org/details/miscommunication0000timo|last=Barker|first=Timothy|last2=Korolkova|first2=Maria|date=2021|publisher=Bloomsbury Academic & Professional|isbn=978-1501363856|location=New York|page=[https://archive.org/details/miscommunication0000timo/page/306 307],310,311}}</ref> == इतिहास == गेम फ़्रीक द्वारा विकसित और [[निनटेंडो|निन्टेंडो]] द्वारा प्रकाशित ''पोकेमॉन'' सीरीज़ की शुरुआत जापान में १९९६ में गेम बॉय के लिए बने ''पोकेमॉन रेड'' ''एंड'' ''ब्लू'' वीडियो गेम के प्रकाशन के साथ हुई। इन खेलों में खिलाड़ी पोकेमॉन ऐश या गैरी की भूमिका ग्रहण करता है जिसका लक्ष्य पोकेमॉन नामक प्राणियों को पकड़ना और प्रशिक्षित करना है। खिलाड़ी अन्य पोकेमॉन का मुकाबला करने के लिए प्राणियों की विशेष क्षमताओं का उपयोग करते हैं,<ref>{{Cite book|title=''Pokémon Red'' and ''Blue'', Instruction manual|title-link=Pokémon Red and Blue|last=Game Freak|date=September 30, 1998|publisher=[[Nintendo]]|pages=6–7|author-link=Game Freak}}</ref><ref>{{Cite book|title=''Pokémon Red'' and ''Blue'', Instruction manual|title-link=Pokémon Red and Blue|last=Game Freak|date=September 30, 1998|publisher=[[Nintendo]]|page=11|author-link=Game Freak}}</ref> और कुछ क्षमताएं खेल की दुनिया को नेविगेट करने के नए तरीके भी प्रदान करती हैं, जैसे कि दो क्षेत्रों के बीच तात्कालिक यात्रा करना। गेम का अंतिम लक्ष्य पोकेमॉन इंडेक्स (पोकेडेक्स), एक व्यापक पोकेमॉन विश्वकोश में प्रविष्टियों को पूरा करना है, सभी १५१ पोकेमॉन प्रजातियों से प्राणियों को प्राप्त करने के लिए कब्जा, विकसित और व्यापार करके।<ref>{{Cite book|title=Pokémon Red and Blue, Instruction manual|last=Game Freak|date=1998-09-30|publisher=[[Nintendo]]|page=7|author-link=Game Freak}}</ref> मिसिंग न. आधिकारिक पोकेमॉन की उन प्रजातियों में से नहीं है जिसका खिलाड़ियों को सामना करना है, लेकिन यह एक गड़बड़ द्वारा खेलों की [[यूरोप|यूरोपीय]] और [[उत्तर अमेरिका|उत्तरी अमेरिकी]] प्रतियों के खिलाड़ियों के लिए सुलभ है। अमेरिका के निन्टेंडो ने सबसे पहले उन घटनाओं का ''निन्टेंडो पावर'' के मई १९९९ के अंक में प्रदर्शित करके दस्तावेजीकरण किया जो मिसिंग न. का कारण बनती हैं।कंपनी ने चेतावनी दी कि "इसके साथ कोई भी संपर्क आपकी गेम फ़ाइल को आसानी से मिटा सकता है या आपके ग्राफिक्स को बाधित कर सकता है, भले ही आप इसे न पकड़ें"। गेम निर्माताओं ने निन्टेंडो ३डीएस वर्चुअल कंसोल पर ''पोकेमॉन रेड'' और ''ब्लू'' के २०१६ के पुन: प्रकाशन <ref>{{Cite news|url=https://www.gamespot.com/articles/original-pokemon-virtual-console-re-releases-suppo/1100-6435131/|title=Original Pokemon Virtual Console Re-Releases Support Pokemon Bank|last=Eddie|first=Makuch|date=February 26, 2016|work=GameSpot|access-date=May 2, 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20210217115608/https://www.gamespot.com/articles/original-pokemon-virtual-console-re-releases-support-pokemon-bank/1100-6435131/|archive-date=February 17, 2021}}</ref> से कई गड़बड़ियाँ नहीं हटाईं और खिलाड़ी गेम के इन संस्करणों में भी मिसिंग न. का सामना कर सकते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://apptrigger.com/2016/03/23/7-classic-pokemon-glitches-made-virtual-console/|title=7 Classic Pokemon Glitches That Made It To Virtual Console|last=Valentine|first=Rebekah|date=23 March 2016|website=App Trigger|archive-url=https://web.archive.org/web/20200726122511/https://apptrigger.com/2016/03/23/7-classic-pokemon-glitches-made-virtual-console/|archive-date=July 26, 2020|access-date=2 May 2020}}</ref> == विशेषताएं == [[File:Cinnabar_Island_Coast.png|पाठ=A seal-like creature swimming on a coast. To the left is a town and to the right is water.|दाएँ|अंगूठाकार| सिनाबार द्वीप के पूर्वी तट पर सर्फ करने के लिए पोकेमॉन का उपयोग करने वाला खिलाड़ी, जो गड़बड़ी को सक्रिय करने के लिए एक प्रमुख घटक है]] एक खिलाड़ी ''पोकेमोन रेड'' और ''ब्लू'' में चरणों की एक श्रृंखला का पालन करके मिसिंग न. का सामना कर सकता है। सबसे पहले खिलाड़ी गेम के विरिडियन शहर स्थान में पोकेमोन पकड़ने के लिए इन-गेम ट्यूटोरियल देखता है। फिर खिलाड़ी "फ्लाई" चाल के साथ पोकेमोन का उपयोग करके सिनाबार द्वीप स्थान पर तुरंत यात्रा करने के लिए करता है। अंत में खिलाड़ी पोकेमोन का उपयोग करके "सर्फ" चाल के साथ द्वीप के पूर्वी किनारे तक ऊपर और नीचे यात्रा करता रहता है जब तक कोई मिसिंग न. दिखाई ना पड़े।<ref name="IGN DeVries">{{Cite web|url=http://ds.ign.com/articles/933/933126p1.html|title=Pokemon Report: OMG Hacks|last=DeVries, Jack|date=November 24, 2008|website=[[IGN]]|publisher=IGN Entertainment|archive-url=https://www.webcitation.org/5nLO9lXyk?url=http://ds.ign.com/articles/933/933126p1.html|archive-date=February 6, 2010|access-date=June 7, 2009}}</ref> ये घटनाएँ एक अवैध पहचानकर्ता के साथ पोकेमोन उत्पन्न करने के लिए खेल के यादृच्छिक मुठभेड़ प्रणाली में हेरफेर करती हैं। खेल के भीतर प्रत्येक क्षेत्र पोकेमोन का प्रतिनिधित्व करने के लिए [[डेटा बफर]] को मान प्रदान करता है जिसे उस क्षेत्र में सामना किया जा सकता है। हालाँकि कुछ क्षेत्र जैसे कि सिनाबार द्वीप- इस बफर में डेटा को अधिलेखित नहीं करते हैं, इसलिए इसके बजाय पिछले क्षेत्र के डेटा का उपयोग किया जाता है। विरिडियन शहर के गेम में स्थित ट्यूटोरियल के दौरान खिलाड़ी के चरित्र का नाम अस्थायी रूप से "ओल्ड मैन" ओवरराइड हो जाता है, और खिलाड़ी के चरित्र का वास्तविक नाम अस्थायी रूप से उसी डेटा बफर में कॉपी हो जाता है। यदि खिलाड़ी इस ट्यूटोरियल को देखने के बाद सीधे सिनाबार द्वीप की यात्रा करता है तो खिलाड़ी का नाम पोकेमोन के रूप में पढ़ा जाएगा जिसे उस क्षेत्र में बेतरतीब ढंग से देखा जा सकता है। खिलाड़ी के चरित्र के नाम को इस तरह के डेटा के रूप में पढ़ने का इरादा नहीं होने के कारण गेम एक पोकेमोन के साथ एक अवैध पहचानकर्ता के साथ मिसिंग न. जैसे एक मुठभेड़ को उत्पन्न करने का प्रयास कर सकता है।<ref name="Kotaku - Explained">{{Cite web|url=https://www.kotaku.com.au/2014/11/pokmons-famous-missingno-glitch-explained/|title=Pokémon's Famous Missingno Glitch, Explained|last=Hernandez|first=Patricia|date=4 November 2014|website=Kotaku Australia|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20201031134340/https://www.kotaku.com.au/2014/11/pokmons-famous-missingno-glitch-explained/|archive-date=October 31, 2020|access-date=2 May 2020}}</ref><ref name="100 Greatest">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7qmSDgAAQBAJ|title=100 Greatest Video Game Characters|last=Banks|first=Jaime|last2=Mejia|first2=Robert|last3=Adams|first3=Aubrie|date=23 Jun 2017|publisher=Rowman & Littlefield|isbn=978-1442278134|page=132|access-date=2 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20210217115610/https://books.google.com/books?id=7qmSDgAAQBAJ|archive-date=February 17, 2021}}</ref> मिसिंग न. का सामना करने के इस तरीके को फैंस ने "ओल्ड मैन ग्लिच" नाम दिया है।<ref name="Kotaku - Explained" /><ref name="arstechnica">{{Cite web|url=https://arstechnica.com/gaming/2019/02/the-mythos-and-meaning-behind-pokemons-most-famous-glitch/|title=The Mythos and Meaning Behind Pokémon's Most Famous Glitch|last=Preskey, Natasha|date=February 18, 2019|publisher=Ars Technica|archive-url=https://web.archive.org/web/20211020123040/https://arstechnica.com/gaming/2019/02/the-mythos-and-meaning-behind-pokemons-most-famous-glitch/|archive-date=October 20, 2021|access-date=February 15, 2020}}</ref> किसी भी जंगली पोकेमोन की तरह खिलाड़ी मिसिंगनो से भाग सकते हैं, लड़ सकते हैं या कब्जा कर सकते हैं।<ref name="100 Greatest">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7qmSDgAAQBAJ|title=100 Greatest Video Game Characters|last=Banks|first=Jaime|last2=Mejia|first2=Robert|last3=Adams|first3=Aubrie|date=23 Jun 2017|publisher=Rowman & Littlefield|isbn=978-1442278134|page=132|access-date=2 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20210217115610/https://books.google.com/books?id=7qmSDgAAQBAJ|archive-date=February 17, 2021}}</ref> मिसिंग न. के साथ एक मुठभेड़ के बाद खिलाड़ी की [[स्वत: निशाना|सूची]] में छठे आइटम की मात्रा १२८ तक बढ़ जाती है<ref>{{Cite web|url=https://www.gamesradar.com/remember-missingno-from-pokemon-red-blue-someone-may-have-figured-out-what-it-actually-is/|title=Remember Missingno from Pokemon Red / Blue? Someone may have figured out what it actually is|last=Prell|first=Sam|date=18 May 2018|website=gamesradar|archive-url=https://web.archive.org/web/20201101025405/https://www.gamesradar.com/remember-missingno-from-pokemon-red-blue-someone-may-have-figured-out-what-it-actually-is/|archive-date=November 1, 2020|access-date=2 May 2020}}</ref> और गेम का हॉल ऑफ़ फ़ेम पोकेमोन गैलरी गड़बड़ हो जाता है।<ref name="arstechnica">{{Cite web|url=https://arstechnica.com/gaming/2019/02/the-mythos-and-meaning-behind-pokemons-most-famous-glitch/|title=The Mythos and Meaning Behind Pokémon's Most Famous Glitch|last=Preskey, Natasha|date=February 18, 2019|publisher=Ars Technica|archive-url=https://web.archive.org/web/20211020123040/https://arstechnica.com/gaming/2019/02/the-mythos-and-meaning-behind-pokemons-most-famous-glitch/|archive-date=October 20, 2021|access-date=February 15, 2020}}</ref> अस्थायी ग्राफिकल गड़बड़ियां भी हो सकती हैं,<ref name="arstechnica" /> जिसे किसी अन्य गैर-गड़बड़ पोकेमोन के लिए सांख्यिकी पृष्ठ देखकर या कंसोल को रीसेट करके हटाया जा सकता है।<ref name="unauthorized">{{Cite book|title=Pokémon Future: The Unauthorized Guide|last=Schlesinger|first=Hank|publisher=[[St. Martin's Paperbacks]]|year=2001|isbn=978-0-312-97758-0|pages=184–188}}</ref> एक कब्जा किया गया मिसिंग न. पोकेमोन के रूप में कार्यात्मक है और गेम के पोकेडेक्स में ००० नंबर के रूप में दिखाई देता है।<ref name="Kotaku - Explained">{{Cite web|url=https://www.kotaku.com.au/2014/11/pokmons-famous-missingno-glitch-explained/|title=Pokémon's Famous Missingno Glitch, Explained|last=Hernandez|first=Patricia|date=4 November 2014|website=Kotaku Australia|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20201031134340/https://www.kotaku.com.au/2014/11/pokmons-famous-missingno-glitch-explained/|archive-date=October 31, 2020|access-date=2 May 2020}}</ref><ref name="100 Greatest">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7qmSDgAAQBAJ|title=100 Greatest Video Game Characters|last=Banks|first=Jaime|last2=Mejia|first2=Robert|last3=Adams|first3=Aubrie|date=23 Jun 2017|publisher=Rowman & Littlefield|isbn=978-1442278134|page=132|access-date=2 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20210217115610/https://books.google.com/books?id=7qmSDgAAQBAJ|archive-date=February 17, 2021}}</ref> गेम इसे हाइब्रिड बर्ड/नॉर्मल टाइप के पोकेमोन के रूप में वर्गीकृत करते हैं, जबकि बर्ड-टाइप पोकेमोन की श्रेणी को रिलीज से पहले गेम से काट दिया गया हो।<ref name="Kotaku - Explained" /><ref>{{Cite web|url=https://www.thegamer.com/pokemon-red-blue-guide-casuals-not-found/|title=Pokémon Red And Blue: 25 Hidden Things Casual Fans Still Haven't Found|last=Sammut|first=Mark|date=4 January 2019|website=TheGamer|archive-url=https://web.archive.org/web/20201031043811/https://www.thegamer.com/pokemon-red-blue-guide-casuals-not-found/|archive-date=October 31, 2020|access-date=2 May 2020}}</ref> यह आमतौर पर "पिछड़े एल-आकार" के रूप में वर्णित एक तले हुए ब्लॉक-जैसे रूप के साथ प्रकट होता है, लेकिन खिलाड़ी के चरित्र के नाम के आधार पर, यह तीन भूत या जीवाश्म स्प्राइट में से एक के रूप में भी प्रकट हो सकता है जो अन्य पोकेमोन द्वारा उपयोग नहीं किया जाता है।<ref name="unauthorized">{{Cite book|title=Pokémon Future: The Unauthorized Guide|last=Schlesinger|first=Hank|publisher=[[St. Martin's Paperbacks]]|year=2001|isbn=978-0-312-97758-0|pages=184–188}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://screenrant.com/pokemon-red-blue-hidden-side-quests-missed/|title=Pokémon: 20 Side Quests Fans Completely Missed In Red And Blue|last=Hargett|first=Tyler|date=11 January 2019|website=ScreenRant|archive-url=https://web.archive.org/web/20210217115644/https://screenrant.com/pokemon-red-blue-hidden-side-quests-missed/|archive-date=February 17, 2021|access-date=2 May 2020}}</ref> == प्रतिक्रिया और स्वागत == मिसिंग नं. को एक "प्रोग्रामिंग क्विर्क" कहते हुए निन्टेंडो ने इसका सामना करने के खिलाफ चेतावनी दी, यह कहते हुए कि खिलाड़ियों को संभवतः ग्राफिकल गड़बड़ियों को दूर करने के लिए खेल को शुरू से ही फिर से शुरू करना पड़ सकता है।<ref name="tech">{{Cite web|url=https://www.nintendo.com/consumer/systems/gameboy/trouble_specificgame.jsp#missingno|title=Customer Service&nbsp;— Specific GamePak Troubleshooting|last=Nintendo|authorlink=Nintendo|archive-url=https://web.archive.org/web/20080127200258/http://www.nintendo.com/consumer/systems/gameboy/trouble_specificgame.jsp|archive-date=January 27, 2008|access-date=June 7, 2009}}</ref><ref name="guide">{{Cite book|title=Pokémon Perfect Guide Includes Red-Yellow-Blue|url=https://archive.org/details/starwarsroguelea0000unse|last=Loe|first=Casey|publisher=Versus Books|year=1999|isbn=978-1-930206-15-1|page=125}}</ref> निन्टेंडो की चेतावनी के बावजूद, मिसिंगनो का सामना कैसे करें, इसकी जानकारी। इसके कथित सकारात्मक प्रभाव के कारण कई पत्रिकाओं और खिलाड़ी गाइड में छपा था।<ref name="guide" /><ref name="Pocket">{{Cite journal|last=Staff|date=Summer–Fall 1999|title=Top 50 Games|journal=Pocket Games|issue=1|page=96}}</ref><ref name="rb">{{Cite web|url=http://guides.ign.com/guides/16708/page_172.html|title=Guides: Pokemon Blue and Red|website=[[IGN]]|publisher=IGN Entertainment|archive-url=https://web.archive.org/web/20071205210016/http://guides.ign.com/guides/16708/page_172.html|archive-date=December 5, 2007|access-date=June 8, 2009}}</ref> कुछ खिलाड़ियों ने मिसिंग न. पर कब्जा करने के टिप्स $२०० तक के लिए बेचने का प्रयास किया।<ref>{{Cite news|title=The latest Pokemon trend: if you can't beat 'em, cheat|last=Sweetman, Kim|date=December 28, 1999|work=[[The Daily Telegraph (Sydney)|The Daily Telegraph]]|page=11}}</ref> गेम का जानबूझकर हिस्सा नहीं होने के बावजूद २००९ में ''आईजीएन'' ने गेम के दुर्लभ वस्तुओं की नकल करने में इसकी उपयोगिता का हवाला देते हुए मिसिंग न. को शीर्ष वीडियो गेम ईस्टर एग की अपनी सूची में शामिल किया,<ref name="topten">{{Cite web|url=http://games.ign.com/articles/971/971383p2.html|title=Gaming's Top 10 Easter Eggs|last=Staff|date=April 9, 2009|website=[[IGN]]|publisher=IGN Entertainment|page=2|archive-url=https://www.webcitation.org/5nLOFIiMt?url=http://games.ign.com/articles/971/971383p2.html|archive-date=February 6, 2010|access-date=June 7, 2009}}</ref> और बाद के एक लेख में इसे एक "अविस्मरणीय" गड़बड़ी कहा, जिसने मूल गेम को "गेमिंग सुपर स्टारडम" में धकेलने में मदद की।<ref>{{Cite web|url=http://ds.ign.com/articles/114/1143427p1.html|title=The Evolution of Pokémon|last=Drake|first=Audrey|date=January 10, 2011|website=[[IGN]]|publisher=IGN Entertainment|archive-url=https://www.webcitation.org/5vgclkBqa?url=http://ds.ign.com/articles/114/1143427p1.html|archive-date=January 12, 2011|access-date=January 12, 2011}}</ref> ''१००'' ''ग्रेटेस्ट वीडियो गेम कैरेक्टर'' पुस्तक मिसिंग न. का वर्णन करती है। एक खिलाड़ी द्वारा निर्मित चरित्र और काउंटरप्ले के उदाहरण के रूप में कहा कि "एक सांस्कृतिक कलाकृति के रूप में, मिसिंग न. नाटक के विचलित और विध्वंसक रूपों की रचनात्मकता का जश्न मनाता है"।<ref name="100 Greatest">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7qmSDgAAQBAJ|title=100 Greatest Video Game Characters|last=Banks|first=Jaime|last2=Mejia|first2=Robert|last3=Adams|first3=Aubrie|date=23 Jun 2017|publisher=Rowman & Littlefield|isbn=978-1442278134|page=132|access-date=2 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20210217115610/https://books.google.com/books?id=7qmSDgAAQBAJ|archive-date=February 17, 2021}}</ref> कुछ प्रशंसकों ने मिसिंग न. के आधार पर कॉस्ट्यूम भी बनाए हैं।<ref name="arstechnica">{{Cite web|url=https://arstechnica.com/gaming/2019/02/the-mythos-and-meaning-behind-pokemons-most-famous-glitch/|title=The Mythos and Meaning Behind Pokémon's Most Famous Glitch|last=Preskey, Natasha|date=February 18, 2019|publisher=Ars Technica|archive-url=https://web.archive.org/web/20211020123040/https://arstechnica.com/gaming/2019/02/the-mythos-and-meaning-behind-pokemons-most-famous-glitch/|archive-date=October 20, 2021|access-date=February 15, 2020}}</ref> समाजशास्त्री विलियम सिम्स बैनब्रिज और उनकी बेटी विल्मा बैनब्रिज, जो तब एक [[संज्ञानात्मक विज्ञान]] की छात्रा थीं, द्वारा सह-लेखक २००७ का एक पेपर मिसिंगनो को " वीडियो गेम के इतिहास में अब तक की सबसे लोकप्रिय गड़बड़ियों में से एक" के रूप में संदर्भित करता है।<ref name="Bainbridge">{{Cite journal|last=Bainbridge|first=William Sims|author-link=William Sims Bainbridge|last2=Wilma Alice Bainbridge|date=July 2007|title=Creative Uses of Software Errors: Glitches and Cheats|url=https://www.wilmabainbridge.com/papers/glitches.pdf|journal=Social Science Computer Review|volume=25|pages=61–77|citeseerx=10.1.1.715.4009|doi=10.1177/0894439306289510|archive-url=https://web.archive.org/web/20201001035220/https://www.wilmabainbridge.com/papers/glitches.pdf|archive-date=October 1, 2020|access-date=June 11, 2020}}</ref> ''आर्स टेक्निका'' को प्रदान की गई २०१९ की एक टिप्पणी में विल्मा बैनब्रिज, जो उस समय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ में पोस्ट-डॉक्टरल फेलो थीं, ने अपना विश्वास व्यक्त किया कि मिसिंग न. वीडियो गेम में गड़बड़ शिकार और तेजी से दौड़ने में व्यापक रुचि में योगदान करने में मदद की।<ref name="arstechnica">{{Cite web|url=https://arstechnica.com/gaming/2019/02/the-mythos-and-meaning-behind-pokemons-most-famous-glitch/|title=The Mythos and Meaning Behind Pokémon's Most Famous Glitch|last=Preskey, Natasha|date=February 18, 2019|publisher=Ars Technica|archive-url=https://web.archive.org/web/20211020123040/https://arstechnica.com/gaming/2019/02/the-mythos-and-meaning-behind-pokemons-most-famous-glitch/|archive-date=October 20, 2021|access-date=February 15, 2020}}</ref> वैकल्पिक रूप से पुस्तक ''पिकाचुज़ ग्लोबल एडवेंचर: द राइज एंड फॉल ऑफ पोकेमोन'' में शिक्षा के प्रोफेसर जूलियन सेफ्टन-ग्रीन ने देखा कि मिसिंग न. को चीट के रूप में उपयोग के लिए अपने बेटे की प्रतिक्रिया के अपने अध्ययन में खेल के प्रति बच्चे के दृष्टिकोण में काफी बदलाव आया था, और कहा कि परिणामस्वरूप ऐसे तत्वों की उपस्थिति ने एक संलग्न दुनिया के रूप में खेल के भ्रम को तोड़ दिया और उसे याद दिलाया कि "दिल से, यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम है"।<ref>{{Cite book|title=Pikachu's Global Adventure: The Rise and Fall of Pokémon|url=https://archive.org/details/pikachusglobalad0000unse|last=Sefton-Green|first=Julian|publisher=Duke University Press|year=2004|isbn=978-0-8223-3287-9|editor-last=Tobin|editor-first=Joseph Jay|pages=[https://archive.org/details/pikachusglobalad0000unse/page/147 147], 160|chapter=Initiation Rites: A Small Boy in a Poké-World}}</ref> २००८ की किताब ''प्लेइंग विद वीडियोगेम्स में'' चर्चा की गई है कि खिलाड़ी मिसिंग न. पर नोट्स की तुलना और एक दूसरे के निष्कर्षों का आकलन और आलोचना कैसे करते हैं। लेखक जेम्स न्यूमैन ने टिप्पणी की कि असामान्य रूप से मिसिंग नं. ने खिलाड़ियों को खेल की खामियों का जश्न मनाने के लिए प्रेरित किया।<ref name="Playing with Videogames">{{Cite book|title=Playing with Videogames|url=https://archive.org/details/playingwithvideo0000newm|last=Newman|first=James|publisher=[[Taylor & Francis]]|year=2008|isbn=978-0-415-38523-7|pages=[https://archive.org/details/playingwithvideo0000newm/page/116 117]–119}}</ref> २०१७ के एक लेख में यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्ट्समाउथ के प्रोफेसर लिंकन गेराघ्टी ने प्रशंसक सिद्धांतों की जांच की कि गड़बड़ी पोकेमोन कंगसखान और क्यूबोन से संबंधित एक कट पोकेमोन थी, सिद्धांत को "फैनन [फैन कैनन] का एक स्थापित काम" के रूप में वर्णित किया।<ref>{{Cite journal|last=Geraghty|first=Lincoln|date=March 2017|title=Can Pikachu Die? Online Fan Conspiracy Theories and the Pokémon Gaming Universe|url=https://researchportal.port.ac.uk/portal/en/publications/can-pikachu-die-online-fan-conspiracy-theories-and-the-pokemon-gaming-universe(d421c029-ce5b-43bc-85df-4c88ef167a7c).html|journal=Journal of Fandom Studies|volume=5|issue=1|pages=3–20|doi=10.1386/jfs.5.1.3_1|archive-url=https://web.archive.org/web/20210217115644/https://researchportal.port.ac.uk/portal/en/publications/can-pikachu-die-online-fan-conspiracy-theories-and-the-pokemon-gaming-universe%28d421c029-ce5b-43bc-85df-4c88ef167a7c%29.html|archive-date=February 17, 2021|access-date=June 4, 2020}}</ref> उन्होंने २०१९ आर्स टेक्निका लेख में आगे विस्तार से बताया कि "प्रशंसकों की पोकीमोन दुनिया में मिसिंग न. को शामिल करने की इच्छा आंशिक रूप से इस उम्मीद से उपजी है कि गड़बड़ जानबूझकर की गई हो", साथ ही साथ ''पोकेमॉन'' कैनन में गड़बड़ की बैकस्टोरी की कमी की भरपाई भी कर दी।<ref name="arstechnica">{{Cite web|url=https://arstechnica.com/gaming/2019/02/the-mythos-and-meaning-behind-pokemons-most-famous-glitch/|title=The Mythos and Meaning Behind Pokémon's Most Famous Glitch|last=Preskey, Natasha|date=February 18, 2019|publisher=Ars Technica|archive-url=https://web.archive.org/web/20211020123040/https://arstechnica.com/gaming/2019/02/the-mythos-and-meaning-behind-pokemons-most-famous-glitch/|archive-date=October 20, 2021|access-date=February 15, 2020}}</ref> उसी लेख में न्यूमैन ने तर्क दिया कि इस तरह के प्रशंसक सिद्धांतों का अस्तित्व "पोकेमोन की मौलिक वास्तविकता में एक विश्वास को प्रकट करता है, जो कि कोड से बाहर होने के बजाय खेल के माध्यम से खुद को दिखाने का अवसर दिया जाता है"।<ref name="arstechnica" /> == संदर्भ == {{Reflist|30em}} == बाहरी संबंध == * {{Commons category inline}}</img> गुमशुदा * [[bulba:MissingNo.|गुम संख्या बल्बपीडिया पर]] * [https://www.youtube.com/watch?v=ZI50XUeN6QE गुम संख्या की गड़बड़ उपस्थिति की व्याख्या] - रेट्रो गेम मैकेनिक्स की व्याख्या * [https://www.youtube.com/watch?v=bxzrtU7VtPU क्यों गुम नहीं कोई गुणा नहीं करता है] - लाइव ओवरफ्लो {{Pokémon directory}} [[pl:Pokémon Red i Blue#Błędy]] [[श्रेणी:जापानी भाषा पाठ वाले लेख]] [[श्रेणी:गेम]] [[श्रेणी:गेम बॉय एडवांस गेम]] o2cv2vf6ucekxbtsyto0qyrpcq9xqyq वस्तुवाद 0 1389714 6582873 6273967 2026-07-15T10:25:48Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582873 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Atlas Statue 630 Fifth Ave (1).jpg|अंगूठाकार|367x367पिक्सेल|[[यूनानी धर्म]] के देवता ऐट्लस की मूर्ति, जिसने [[आयन रैंड]] को ''ऐट्लस श्रग्ड'' [[उपन्यास]] लिखने के लिए प्रोत्साहित किया और अततः वस्तुवाद आंदोलन की शुरुआत की।]] वस्तुवाद [[रूसी]]<nowiki/>-[[अमेरिकी]] [[लेखक]] [[आयन रैंड]] द्वारा बनाई गई एक दार्शनिक [[प्रणाली]] है। आयन ने पहले अपने [[उपन्यास]] में वस्तुवाद व्यक्त की, विशेष रूप से ''[[द फाउंटनहेड|द फाउंटेनहेड]]'' (१९४३) और ''एटलस श्रग्ड'' (१९५७) में, और बाद में [[कथेतर साहित्य]] और पुस्तकों में।<ref name="Badhwar 2010">{{Harvnb|Badhwar|Long|2020}}</ref> पेशेवर दार्शनिक और रैंड के नामित बौद्धिक उत्तराधिकारी<ref>''Contemporary Authors Online'', s.v. "Leonard Peikoff". Accessed March 2, 2008.</ref><ref name="McLemee">{{Cite journal|last=McLemee|first=Scott|date=September 1999|title=The Heirs Of Ayn Rand: Has Objectivism Gone Subjective?|url=http://linguafranca.mirror.theinfo.org/9909/rand.html|journal=[[Lingua Franca (magazine)|Lingua Franca]]|volume=9|issue=6|pages=45–55}}</ref> लियोनार्ड पाइकॉफ ने बाद में इसे और अधिक औपचारिक संरचना दी। रैंड ने वस्तुवाद को "एक विचार जिसके अनुसार आदमी एक वीर प्राणी है जिसके जीवन का मुख्य उद्देश्य उसकी खुद की खुशी है, उसकी उत्पादक उपलब्धियाँ उसके पुण्य कर्म हैं और उसकी सोच उसके लिए सर्वोच्च है" कहकर किया है।<ref name="auto">"About the Author" in {{Harvnb|Rand|1992}}</ref> पाइकॉफ ने वस्तुवाद को एक "बंद प्रणाली" के रूप में वर्णित किया है क्योंकि इसके "मौलिक सिद्धांत" रैंड द्वारा निर्धारित किए गए थे और परिवर्तन के अधीन नहीं हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि "नए मतलब, अनुप्रयोग और एकीकरण हमेशा खोजे जा सकते हैं"।<ref name="Fact and Value">{{Harvnb|Peikoff|1989b}}</ref> वस्तुवाद का मुख्य सिद्धांत यह है कि [[वास्तविकता]] [[चेतना]] से स्वतंत्र रूप से मौजूद है, कि मनुष्य का वास्तविकता के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष यथार्थवाद के माध्यम से प्रत्यक्ष संपर्क है, कि कोई [[अवधारणा]] निर्माण और [[आगमनात्मक तर्क]] की प्रक्रिया के माध्यम से धारणा से वस्तु ज्ञान प्राप्त कर सकता है, कि किसी के जीवन का उचित [[सदाचार|नैतिक]] उद्देश्य अपनी खुशी की खोज है (तर्कसंगत अहंकार देखें), कि इस नैतिकता के अनुरूप एकमात्र सामाजिक व्यवस्था ''[[अबन्धता|वह है जो लाईसेज़-फेयर]]'' [[पूंजीवाद]] में सन्निहित व्यक्तिगत अधिकारों के लिए पूर्ण सम्मान प्रदर्शित करती है, और [[कला|कला की भूमिका]] मानव जीवन में वास्तविकता के [[तत्त्वमीमांसा|चयनात्मक प्रजनन]] द्वारा मानव के आध्यात्मिक विचारों को भौतिक रूप में बदलना है — कला का एक काम — जिसे कोई समझ सकता है और जिसके लिए कोई भावनात्मक रूप से प्रतिक्रिया कर सकता है। अकादमिक दार्शनिकों ने ज्यादातर रैंड के दर्शन को नजरअंदाज या खारिज कर दिया है।<ref name="academic">{{Harvnb|Sciabarra|2013|p=1}}; {{Harvnb|Badhwar|Long|2020}}; {{Harvnb|Gotthelf|2000|p=1}}; {{Harvnb|Machan|2000|p=9}}; {{Harvnb|Gladstein|1999|p=2}}; {{Harvnb|Heyl|1995|p=223}}; {{Harvnb|Den Uyl|Rasmussen|1984|p=36}}</ref> बहरहाल [[स्वतंत्रतावाद|स्वतंत्रतावादियों]] और अमेरिकी रूढ़िवादियों के बीच वस्तुवाद का महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है।<ref name="politicalinfluence">{{Harvnb|Burns|2009|p=4}}; {{Harvnb|Gladstein|2009}}</ref> वस्तुवादी आंदोलन, जिसे रैंड ने स्थापित किया, अपने विचारों को जनता और अकादमिक सेटिंग्स में फैलाने का प्रयास करता है।<ref>{{Harvnb|Sciabarra|1995}}</ref> == दर्शन == [[चित्र:Ayn_Rand_(1957_Phyllis_Cerf_portrait).jpg|पाठ=Photo of Rand|दाएँ|अंगूठाकार|234x234पिक्सेल| १९५७ में आयन रैंड]] रैंड ने मूल रूप से अपने उपन्यासों में अपने दार्शनिक विचारों को व्यक्त किया — विशेष रूप से, ''द फाउंटेनहेड'' और ''एटलस श्रग्ड'' दोनों में। उन्होंने अपने आवधिक ''द ऑब्जेक्टिविस्ट न्यूज़लेटर'', ''द ऑब्जेक्टिविस्ट'', और ''द आयन रैंड लेटर'', और नॉन-फिक्शन किताबों जैसे ''इंट्रोडक्शन टू ऑब्जेक्टिविस्ट एपिस्टेमोलॉजी'' और ''द वर्च्यू ऑफ सेल्फिशनेस'' में उनके बारे में विस्तार से बताया।<ref name="Rubin">{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2007/09/15/business/15atlas.html|title=Ayn Rand's Literature of Capitalism|last=Rubin|first=Harriet|date=September 15, 2007|work=The New York Times|access-date=September 18, 2007}}</ref> "वस्तुवाद" नाम इस विचार से निकला है कि मानव ज्ञान और मूल्य वस्तु हैं: वे मौजूद हैं और वास्तविकता की प्रकृति से निर्धारित होते हैं, किसी के दिमाग द्वारा खोजे जाते हैं, और किसी के विचारों से नहीं बनते हैं।<ref>{{Harvnb|Rand|1967|p=23}}</ref> रैंड ने कहा कि उसने नाम चुना क्योंकि अस्तित्व की प्रधानता के आधार पर दर्शन के लिए उसका पसंदीदा शब्द, [[अस्तित्ववाद]], पहले ही लिया जा चुका है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991|p=36}}</ref> रैंड ने वास्तविकता के आधार पर ''पृथ्वी पर रहने के लिए एक दर्शन'' के रूप में वस्तुवाद को चित्रित किया और मानव प्रकृति एवं जिस दुनिया में हम रहते हैं उसमें प्रकृति को परिभाषित करने की एक विधि के रूप में इरादा किया।<ref name="Rubin"/>{{Quote|text=मेरा दर्शन सरल शब्दों में एक विचार है जिसके अनुसार आदमी एक वीर प्राणी है जिसके जीवन का मुख्य उद्देश्य उसकी खुद की खुशी है, उसकी उत्पादक उपलब्धियाँ उसके पुण्य कर्म हैं और उसकी सोच उसके लिए सर्वोच्च है|sign=[[आयन रैंड]], ''ऐट्लस श्रग्ड''<ref name="auto"/>}} === तत्वमीमांसा: वस्तु वास्तविकता === रैंड का दर्शन तीन [[अभिगृहीत|स्वयंसिद्धों]] से शुरू होता है: अस्तित्व, चेतना और पहचान।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> रैंड ने एक [[स्वयंसिद्ध]] को एक बयान के रूप में परिभाषित किया है, जो "ज्ञान के आधार और उस ज्ञान से संबंधित किसी भी आगे के बयान की पहचान करता है, एक बयान अनिवार्य रूप से अन्य सभी में निहित है चाहे कोई विशेष वक्ता इसे पहचानने के लिए चुनता है या नहीं। एक स्वयंसिद्ध एक प्रस्ताव है जो अपने विरोधियों को इस तथ्य को से स्वीकार करने के लिए पराजित करता है, और इसे अस्वीकार करने के किसी भी प्रयास की प्रक्रिया में इसका उपयोग करना होगा।"<ref>{{Harvnb|Rand|1992}}.</ref> जैसा कि वस्तुिक दार्शनिक लियोनार्ड पाइकॉफ ने तर्क दिया, स्वयंसिद्धों के लिए रैंड का तर्क "इस बात का प्रमाण नहीं है कि अस्तित्व, चेतना और पहचान के स्वयंसिद्ध सत्य हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि वे ''स्वयंसिद्ध'' हैं, कि वे ज्ञान के आधार पर हैं और इस प्रकार अपरिहार्य हैं।"<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> रैंड ने कहा कि ''अस्तित्व'' अन्य सभी ज्ञान के आधार पर [[अवधारणा|अवधारणात्मक]] रूप से आत्म-स्पष्ट तथ्य है, अर्थात, "अस्तित्व मौजूद है"। उसने आगे कहा कि होने का अर्थ ''कुछ'' होना होता है, कि "अस्तित्व ''ही पहचान है'' "। अर्थात् "विशिष्ट विशेषताओं से बनी विशिष्ट प्रकृति की एक इकाई" होना है।<ref>{{Cite book|title=For the New Intellectual: The Philosophy of Ayn Rand|url=https://archive.org/details/fornewintellectu00rand|last=Rand|first=Ayn|date=1996|publisher=Signet|isbn=0-451-16308-7|location=New York}}</ref> जिसका कोई स्वभाव या गुण नहीं है वह मौजूद नहीं है और न ही हो सकता है। अस्तित्व के स्वयंसिद्ध की अवधारणा कुछ भी नहीं से कुछ अलग करने के रूप में की जाती है, जबकि पहचान के नियम की अवधारणा एक चीज को दूसरे से अलग करने के रूप में की जाती है, अर्थात गैर-विरोधाभास के कानून के बारे में पहली जागरूकता, बाकी ज्ञान के लिए एक और महत्वपूर्ण आधार। जैसा कि रैंड ने लिखा, "एक पत्ता...एक ही समय में सभी लाल और हरे रंग का नहीं हो सकता है, यह एक ही समय में जम और जल नहीं सकता है...अ अ ही है।"<ref>{{Harvnb|Rand|1992}}.</ref> वस्तुवाद अस्तित्व से परे कथित किसी भी चीज में विश्वास को खारिज करता है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> रैंड ने तर्क दिया कि चेतना "जो मौजूद है उसे समझने की [[क्षमता]]" है। जैसा कि उन्होंने कहा, "सचेत होना ''किसी चीज़'' के प्रति सचेत होने को कहते हैं", अर्थात चेतना को एक स्वतंत्र वास्तविकता के संबंध में छोड़कर अलग या अवधारणा नहीं किया जा सकता है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991|p=5}}</ref> "यह केवल स्वयं के बारे में जागरूक नहीं हो सकता है — जब तक किसी को किसी चीज से अवगत न हो तब तक वह 'स्वयं' नहीं है।"<ref name="Gotthelf">{{Harvnb|Gotthelf|2000}}</ref> इस प्रकार वस्तुवाद यह मानती है कि मन वास्तविकता का निर्माण नहीं करता है, बल्कि यह वास्तविकता की खोज का एक साधन है।<ref name="ITOE">{{Harvnb|Rand|1990}}</ref> अलग तरह से व्यक्त किया गया, अस्तित्व की चेतना पर "प्रधानता" है, जिसे इसके अनुरूप होना चाहिए। किसी अन्य प्रकार के तर्क को रैंड ने "चेतना की प्रधानता" कहा, जिसमें आध्यात्मिक विषयवाद या आस्तिकता का कोई भी रूप शामिल है।<ref>{{Harvnb|Rand|1982}}</ref> पहचान के स्वयंसिद्ध से क्रिया और कार्य- [[कारणता|कारण]] की अपनी व्याख्या को वस्तुवादी दर्शन प्राप्त करता है, कार्यकारण को "कार्रवाई के लिए लागू पहचान का कानून" के रूप में संदर्भित करता है।<ref>{{Harvnb|Rand|1992|p=1037}}</ref> रैंड के अनुसार ये इकाइयाँ हैं जो कार्य करती हैं, और प्रत्येक क्रिया एक इकाई की क्रिया है। संस्थाओं के कार्य करने का तरीका उन संस्थाओं की विशिष्ट प्रकृति (या "पहचान") के कारण होता है; अगर वे अलग होते तो वे अलग तरह से कार्य करते। अन्य स्वयंसिद्धों के साथ कार्यकारण की एक अंतर्निहित समझ मौखिक रूप से पहचाने जाने से पहले ही संस्थाओं के बीच कारण संबंधों की प्राथमिक टिप्पणियों से ली गई है, और आगे के ज्ञान के आधार के रूप में कार्य करती है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991|p=14}}</ref> === ज्ञानमीमांसा: कारण === रैंड के अनुसार [[धारणा]] द्वारा दिए गए ज्ञान से परे ज्ञान प्राप्त करने के लिए [[इच्छाशक्ति|इच्छा]] (या [[मुक्त कर्म|स्वतंत्र इच्छा]] का प्रयोग) और अवलोकन, अवधारणा-निर्माण, और [[आगमनात्मक तर्क|आगमनात्मक]] और [[निगमनात्मक तर्क]] के अनुप्रयोग द्वारा सत्यापन की एक विशिष्ट विधि का प्रदर्शन करना आवश्यक है। उदाहरण के लिए ड्रैगनों में विश्वास भले ही हम पूरी शिद्दत से क्यों न रखें, वे वास्तव में प्रकट नहीं हो जाएँगे। ज्ञान की एक दावा की गई वस्तु की वास्तविकता में आधार की पहचान करने के लिए प्रमाण की एक प्रक्रिया इसकी सच्चाई को स्थापित करने के लिए आवश्यक है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991|pp=116–21}}</ref> वस्तुवादी [[ज्ञानमीमांसा]] इस सिद्धांत से शुरू होती है कि "चेतना ही पहचान है"। यह आध्यात्मिक सिद्धांत का प्रत्यक्ष परिणाम समझा जाता है कि "अस्तित्व ही पहचान है"।<ref>{{Harvnb|Rand|1961|p=124}}</ref> रैंड ने "कारण" को "वह संकाय जो मनुष्य की इंद्रियों द्वारा प्रदान की गई सामग्री की पहचान और एकीकृत करता है" के रूप में परिभाषित किया।<ref>{{Harvnb|Rand|1964|p=22}}</ref> रैंड ने लिखा, "विधि की मूलभूत अवधारणा, जिस पर अन्य सभी निर्भर हैं, [[तर्कशास्त्र|तर्क है]]। तर्क की विशिष्ट विशेषता (गैर-विरोधाभासी पहचान की कला) क्रियाओं की प्रकृति (एक सही पहचान प्राप्त करने के लिए आवश्यक चेतना की क्रियाएँ) और उनके लक्ष्य (ज्ञान) को इंगित करती है — जबकि प्रक्रिया की लंबाई, जटिलता या विशिष्ट चरणों तार्किक अनुमान के साथ-साथ तर्क का उपयोग करने के किसी भी उदाहरण में शामिल विशेष संज्ञानात्मक समस्या की प्रकृति को अनदेखा किया जाता है।"<ref>{{Harvnb|Rand|1990|p=36}}</ref> रैंड के अनुसार [[चेतना]] की एक विशिष्ट और सीमित पहचान होती है, ठीक वैसे ही जैसे बाकी सब कुछ मौजूद है; इसलिए इसे सत्यापन की एक विशिष्ट विधि द्वारा संचालित होना चाहिए। किसी विशेष प्रक्रिया द्वारा किसी विशेष रूप में आने पर ज्ञान की एक वस्तु को "अयोग्य" नहीं कहा जा सकता है। इस प्रकार रैंड के अनुसार तथ्य यह है कि चेतना के पास स्वयं की पहचान होनी चाहिए, चेतना की "सीमा" के आधार पर, साथ ही रहस्योद्घाटन, भावना या विश्वास आधारित विश्वास के किसी भी दावे के आधार पर दोनों सार्वभौमिक संदेह की अस्वीकृति का अर्थ है। वस्तुनिष्ठ ज्ञानमीमांसा का कहना है कि सभी ज्ञान अंततः धारणा पर आधारित होते हैं। "अवधारणाएँ, संवेदनाएँ नहीं, दी गई हैं, स्वयं स्पष्ट हैं।"<ref>{{Harvnb|Rand|1990}}</ref> रैंड ने इंद्रियों की वैधता को स्वयंसिद्ध माना, और कहा कि इसके विपरीत सभी कथित तर्क "चोरी अवधारणा" की भ्रांति करते हैं<ref>{{Cite journal|last=Branden|first=Nathaniel|date=January 1963|title=The Stolen Concept|journal=The Objectivist Newsletter|volume=2|issue=1|pages=2, 4}}</ref> अवधारणाओं की वैधता को निर्धारित करके, जो बदले में, इंद्रियों की वैधता का अनुमान लगाते हैं।<ref>{{Harvnb|Rand|1990}}</ref> उसने कहा कि धारणा, शारीरिक रूप से निर्धारित होने के कारण, त्रुटि के लिए अक्षम है। उदाहरण के लिए [[दृष्टिभ्रम]] जो देखा जाता है उसकी वैचारिक पहचान में त्रुटियाँ हैं, न कि दृष्टि की त्रुटियाँ।<ref name="Kelley 1986">{{Harvnb|Kelley|1986}}</ref> इसलिए इंद्रिय बोध की वैधता प्रमाण के लिए अतिसंवेदनशील नहीं है (क्योंकि यह सभी प्रमाणों द्वारा पूर्व निर्धारित है क्योंकि प्रमाण केवल संवेदी साक्ष्य जोड़ने का मामला है) और न ही इसकी वैधता को अस्वीकार किया जाना चाहिए (क्योंकि वैचारिक उपकरण किसी को करने के लिए उपयोग करना होगा) यह संवेदी डेटा से प्राप्त होते हैं)। इसलिए, अवधारणात्मक त्रुटि संभव नहीं है। रैंड ने फलस्वरूप ज्ञानमीमांसा संबंधी संदेह को खारिज कर दिया, क्योंकि उसने कहा था कि संशयवादियों का ज्ञान के रूप या धारणा के माध्यम से "विकृत" होने का दावा असंभव है।<ref name="Kelley 1986" /> धारणा का वस्तुवादी सिद्धांत ''रूप'' और ''वस्तु'' के बीच अंतर करता है। जिस रूप में एक जीव मानता है वह उसके संवेदी तंत्र के शरीर विज्ञान द्वारा निर्धारित किया जाता है। जीव जिस रूप में इसे देखता है, वह जो देखता है — धारणा की वस्तु — वास्तविकता है।<ref>{{Harvnb|Kelley|1986}}; {{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> इसके परिणामस्वरूप रैंड ने "चीजों के रूप में हम उन्हें समझते हैं" और "चीजें जैसे वे स्वयं में हैं" के बीच [[काण्टीयवाद|कांटियन द्वंद्ववाद]] को खारिज कर दिया। रैंड ने लिखा है, {{Quote|मानव के होश पर होश और खासतौर पर उसके अनचुनौतित ज्ञान पर होश की "प्रक्रिया" से हमला करना आवश्यक रूप से वैचारिक है और वास्तविकता की सच्चाई से मेल नहीं खा सकता, चुकी वह एक "प्रक्रिया" से प्राप्त किया गया ज्ञान है...[लेकिन] सभी ज्ञान "प्रक्रिया" द्वारा प्राप्त किया गया ज्ञान होता है — चाहे वह ग्रहणशील, निरंतर या तथ्य आधारित ज्ञान हो। एक प्रक्रिया से न प्राप्त किया गया ज्ञान बिना अनुभूति के प्राप्त किया गया ज्ञान होगा।<ref>{{harvnb|Rand|1990|p=81}}</ref>}} रैंड द्वारा सबसे अधिक विस्तार से दिए गए ज्ञानमीमांसा का पहलू अवधारणा-निर्माण का सिद्धांत है, जिसे उन्होंने ''वस्तुवादी'' ''ज्ञानमीमांसा के परिचय'' में प्रस्तुत किया था। उसने तर्क दिया कि अवधारणाएँ मापचूक की प्रक्रियाओं से बनती हैं। पाइकॉफ ने इसका वर्णन इस प्रकार किया है:{{Quote|एक अवधारणा बनाने के लिए एक मानसिक रूप से 'पृथक' कंक्रीट का एक समूह (अलग अवधारणात्मक इकाइयों का), मनाया समानताओं के आधार पर जो उन्हें अन्य सभी ज्ञात कंक्रीट से अलग करता है (समानता 'दो या दो से अधिक अस्तित्वों के बीच संबंध है जिनके पास है एक ही विशेषता (ओं), लेकिन अलग-अलग माप या डिग्री में'); फिर इन कंक्रीट के विशेष मापों को छोड़ने की प्रक्रिया द्वारा, एक उन्हें एक नई मानसिक इकाई में एकीकृत करता है: अवधारणा, जो इस तरह के सभी कंक्रीट (एक संभावित असीमित संख्या) को समाहित करती है। इसे नामित करने के लिए एक अवधारणात्मक प्रतीक (एक शब्द) के चयन से एकीकरण पूरा हो गया है और बरकरार रखा गया है। "एक अवधारणा दो या दो से अधिक इकाइयों का मानसिक एकीकरण है जिसमें एक ही विशिष्ट विशेषता(एँ) होती है, जिसमें उनके विशेष माप छोड़े जाते हैं।"<ref>Peikoff, Leonard. "The Analytic-Synthetic Dichotomy". In {{harvnb|Rand|1990|pp=97–98}}. The quotes within this passage are of Rand's material elsewhere in the same book.</ref>}}रैंड के अनुसार "इस संदर्भ में 'छोड़े गए माप' का अर्थ यह नहीं है कि माप को गैर-मौजूद माना जाता है; इसका मतलब है कि ''माप मौजूद हैं, लेकिन निर्दिष्ट नहीं हैं''। वह माप मौजूद ''होना चाहिए'' जो प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा है। सिद्धांत यह है: प्रासंगिक माप ''कुछ'' मात्रा में मौजूद होना चाहिए, लेकिन ''किसी भी'' मात्रा में मौजूद हो सकता है।"<ref>{{Harvnb|Rand|1990}}; for more on Rand's theory of concepts see also Kelley, David "A Theory of Abstraction" and "The Psychology of Abstraction", ''Cognition and Brain Theory'' vol. vii, no. 3 and 4 (Summer/Fall 1984), and Rasmussen, Douglas B., "Quine and Aristotelian Essentialism", ''The New Scholasticism'' 58 (Summer, 1984)</ref> रैंड ने तर्क दिया कि अवधारणाओं को श्रेणीबद्ध रूप से व्यवस्थित किया जाता है। अवधारणाएँ जैसे 'कुत्ता', जो धारणा में उपलब्ध "कंक्रीट" को एक साथ लाती हैं, उन्हें विभेदित किया जा सकता है ('डाख्सहुंड,' 'पूडल,' आदि की अवधारणाओं में) या एकीकृत ('बिल्ली' आदि के साथ 'जानवर' की अवधारणा)। सार अवधारणाओं जैसे 'जानवर' को "अमूर्तता से अमूर्तता" के माध्यम से, 'जीवित वस्तु' जैसी अवधारणाओं में और एकीकृत किया जा सकता है। उपलब्ध ज्ञान के संदर्भ में अवधारणाएँ बनती हैं। एक छोटा बच्चा कुत्तों को बिल्लियों और मुर्गियों से अलग समझ सकता है, लेकिन उन्हें 'कुत्ते' की अवधारणा बनाने के लिए गहरे समुद्र के ट्यूब कीड़े, या अन्य प्रकार के जानवरों से स्पष्ट रूप से अलग करने की आवश्यकता नहीं है जिन्हें वह अभी तक नहीं जानता है।<ref>{{Harvnb|Rand|1990|pp=15–28}}</ref> "विस्तृत" वर्गीकरण के रूप में अवधारणाओं के अपने लक्षण वर्णन के कारण जो उनकी अतीत या वर्तमान परिभाषाओं में शामिल विशेषताओं से काफी आगे जाते हैं, वस्तुवादी ज्ञानमीमांसा विश्लेषणात्मक-सिंथेटिक भेद को एक झूठे द्वंद्व के रूप में खारिज करती है<ref>Peikoff, Leonard. "The Analytic-Synthetic Dichotomy". In {{Harvnb|Rand|1990}}</ref> और ''एक प्राथमिक'' ज्ञान की संभावना से इनकार करती है।<ref>Peikoff, Leonard. "The Analytic-Synthetic Dichotomy". In {{Harvnb|Rand|1990}}</ref> रैंड ने ज्ञान के स्रोत के रूप में "भावना" को खारिज कर दिया। रैंड ने मनुष्य के लिए भावनाओं के महत्व को स्वीकार किया लेकिन उन्होंने कहा कि भावनाएँ सचेत या अवचेतन विचारों का परिणाम हैं जिन्हें एक व्यक्ति पहले से स्वीकार करता है, वास्तविकता के बारे में जागरूकता प्राप्त करने का साधन नहीं है। "भावनाएँ अनुभूति के उपकरण नहीं हैं।"<ref>{{Harvnb|Rand|1961|p=64}}</ref> रैंड ने सभी प्रकार के विश्वास या रहस्यवाद को भी खारिज कर दिया, जिन शब्दों का उन्होंने समानार्थक रूप से उपयोग किया था। उसने विश्वास को "सबूत या सबूत के बिना आरोपों की स्वीकृति के रूप में परिभाषित किया, या तो किसी की इंद्रियों और कारण के सबूत के अलावा या उसके ''खिलाफ''...रहस्यवाद ज्ञान के कुछ गैर-संवेदी, गैर-तर्कसंगत, गैर-परिभाषित, गैर-पहचान योग्य साधनों का दावा है, जैसे 'वृत्ति,' 'अंतर्ज्ञान,' 'रहस्योद्घाटन,' या 'सिर्फ जानने' का कोई भी रूप।"<ref>{{Harvnb|Rand|1982}}</ref> रहस्योद्घाटन पर भरोसा करना एक उईजा बोर्ड पर निर्भरता की तरह है; यह यह दिखाने की आवश्यकता को दरकिनार कर देता है कि यह अपने परिणामों को वास्तविकता से कैसे जोड़ता है। रैंड के लिए विश्वास, ज्ञान का "शॉर्ट-कट" नहीं है, बल्कि इसे नष्ट करने वाला "शॉर्ट-सर्किट" है।<ref>{{Harvnb|Rand|1961|p=223}}; {{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> वस्तुवाद इस तथ्य को स्वीकार करती है कि मनुष्य के पास सीमित ज्ञान है, वह त्रुटि की चपेट में है, और अपने ज्ञान के सभी निहितार्थों को तुरंत नहीं समझता है।<ref>Lecture by Leonard Peikoff, cited in {{Harvnb|Sciabarra|1995}}.</ref> पाइकॉफ के अनुसार कोई व्यक्ति किसी प्रस्ताव के बारे में निश्चित हो सकता है यदि सभी उपलब्ध साक्ष्य इसकी पुष्टि करते हैं, अर्थात इसे किसी के शेष ज्ञान के साथ तार्किक रूप से एकीकृत किया जा सकता है; एक तो सबूत के संदर्भ में निश्चित है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> रैंड ने पारंपरिक [[तर्कबुद्धिवाद|तर्कबुद्धिवादी]]/[[इंद्रियानुभववाद|इंद्रियानुभववादी]] द्वंद्ववाद को खारिज कर दिया, यह तर्क देते हुए कि यह एक झूठे विकल्प का प्रतीक है: अवधारणात्मक-आधारित ज्ञान जो धारणा (तर्कवाद) से स्वतंत्र है, अवधारणात्मक-आधारित ज्ञान अवधारणाओं (अनुभववाद) से स्वतंत्र है। रैंड ने तर्क दिया कि दोनों में से कोई संभव नहीं है क्योंकि इंद्रियाँ ज्ञान की सामग्री प्रदान करती हैं जबकि वैचारिक प्रसंस्करण को भी जानने योग्य प्रस्तावों को स्थापित करने की आवश्यकता होती है। ==== ज्ञानमीमांसा पर आलोचना ==== दार्शनिक जॉन होस्पर्स, जो रैंड से प्रभावित थे और अपने नैतिक और राजनीतिक विचारों को साझा करते थे, ज्ञानमीमांसा के मुद्दों से असहमत थे।<ref>{{Harvnb|Branden|1987}}</ref> टिबोर मैचन जैसे कुछ दार्शनिकों ने तर्क दिया है कि वस्तुवादी ज्ञानमीमांसा अधूरी है।<ref name="tiborneedwork">For example, {{Harvnb|Machan|2000}}</ref> मनोविज्ञान के प्रोफेसर रॉबर्ट ल० कैंपबेल ने लिखा है कि वस्तुवादी ज्ञानमीमांसा और संज्ञानात्मक विज्ञान के बीच संबंध स्पष्ट नहीं है क्योंकि रैंड ने मानवानुभूति और इसके विकास के बारे में दावा किया है जो मनोविज्ञान से संबंधित है। लेकिन इसके बावजूद रैंड ने तर्क दिया कि दर्शन तार्किक रूप से मनोविज्ञान से पहले आया है और इसलिए उस पर किसी भी तरह से निर्भर नहीं करता है।<ref name="itoephilpsych">{{Harvnb|Rand|1990}}</ref><ref name="cogrev">{{Cite journal|last=Campbell|first=R. L.|date=Fall 1999|title=Ayn Rand and the Cognitive Revolution in Psychology|url=http://campber.people.clemson.edu/randcogrev.html|journal=Journal of Ayn Rand Studies|volume=1|issue=1|pages=107–34}}</ref> दार्शनिक रैंडल डिपर्ट और रॉडरिक ट० लॉन्ग ने तर्क दिया है कि वस्तुवादी ज्ञानमीमांसा अवधारणात्मक प्रक्रिया को जोड़ती है जिसके द्वारा निर्णयों को जिस तरह से न्यायोचित किया जाता है उसी तरह उन्हें बनाया जाता है, जिससे यह स्पष्ट नहीं होता है कि संवेदी डेटा प्रस्तावित रूप से संरचित निर्णयों को कैसे मान्य कर सकता है।<ref>{{Cite journal|last=Dipert|first=Randall R.|date=Spring 1987|title=Review Essay: David Kelley's ''Evidence of the Senses: A Realist Theory of Perception''|url=http://www.reasonpapers.com/pdf/12/rp_12_7.pdf|journal=Reason Papers|issue=12|pages=57–70}}</ref><ref>{{Cite book|title=Reason and Value: Rand versus Aristotle|last=Long|first=Roderick T.|publisher=The Objectivist Center|year=2000|isbn=978-1-57724-045-7|series=Objectivist Studies Monographs|location=Poughkeepsie, New York|oclc=49875339|author-link=Roderick Long}}</ref> === नैतिकता: स्वार्थ === वस्तुवाद में नैतिक सरोकारों का व्यापक उपचार शामिल है। रैंड ने अपनी रचनाओं ''वी द लिविंग'' (१९३६), ''एटलस श्रग्ड'' (१९५७) और ''द वर्चु ऑफ सेल्फिशनेस'' (१९६४) में नैतिकता पर लिखा है। रैंड ने नैतिकता को "मनुष्य की पसंद और कार्यों को निर्देशित करने के लिए मूल्यों की एक संहिता के रूप में परिभाषित किया है — ऐसे विकल्प और कार्य जो उसके जीवन के उद्देश्य और पाठ्यक्रम को निर्धारित करते हैं"।<ref>{{Harvnb|Rand|1964|p=13}}.</ref> रैंड ने कहा कि पहला सवाल यह नहीं है कि मूल्यों को समझने की प्रक्रिया क्या होनी चाहिए, पहला सवाल यह है कि "क्या मनुष्य को मूल्यों की आवश्यकता है — और क्यों?" रैंड के अनुसार "यह केवल 'जीवन' की अवधारणा है जो 'मूल्य' की अवधारणा को संभव बनाती है", और "यह तथ्य कि एक जीवित इकाई ''है'', यह निर्धारित करती है कि उसे क्या करना ''चाहिए'' "।<ref>{{Harvnb|Rand|1964|p=18}}; for more on Rand's metaethics see {{Harvnb|Binswanger|1990}}, {{Harvnb|Smith|2000}} and {{Harvnb|Gotthelf|Lennox|2010}}</ref> रैंड लिखतीं हैं: "[[ब्रह्मांड]] में केवल एक मौलिक विकल्प है: अस्तित्व या गैर-अस्तित्व — और यह संस्थाओं के एक वर्ग से संबंधित है: जीवित जीवों से। निर्जीव पदार्थ का अस्तित्व बिना शर्त है, जीवन का अस्तित्व नहीं है: यह क्रिया के एक विशिष्ट पाठ्यक्रम पर निर्भर करता है। [...] यह केवल एक जीवित जीव है जो एक निरंतर विकल्प का सामना करता है: जीवन या मृत्यु का मुद्दा"। रैंड ने तर्क दिया कि मनुष्य के [[मुक्त कर्म]] का प्राथमिक जोर विकल्प है: 'सोचना या न सोचना'। "सोच एक स्वचालित कार्य नहीं है। अपने जीवन के किसी भी समय और मुद्दे में मनुष्य सोचने या उस प्रयास से बचने के लिए स्वतंत्र है। सोच के लिए पूर्ण, केंद्रित जागरूकता की स्थिति की आवश्यकता होती है। किसी की चेतना को केंद्रित करने का कार्य स्वैच्छिक है। मनुष्य अपने मन को वास्तविकता के पूर्ण, सक्रिय, उद्देश्यपूर्ण रूप से निर्देशित जागरूकता पर केंद्रित कर सकता है — या वह इसे ध्यान भटका सकता है और अपने अप्रत्यक्ष संवेदी की दया पर तत्काल क्षण के किसी भी अवसर उत्तेजना पर प्रतिक्रिया करते हुए अर्धचेतन अचंभे में पड़ सकता है- अवधारणात्मक तंत्र और किसी भी यादृच्छिक, सहयोगी कनेक्शन जो इसे बनाने के लिए हो सकता है।"<ref>{{Harvnb|Rand|1964|p=22}}; for more on Rand's theory of volition, see {{Harvnb|Binswanger|1991}}; {{Harvnb|Branden|1969}}; and {{Harvnb|Peikoff|1991}}.</ref> रैंड के अनुसार इस कारण से स्वतंत्र इच्छा रखने के लिए मनुष्य को अपने मूल्यों का ''चयन'' करना चाहिए: किसी का अपना जीवन अपने अंतिम मूल्य के रूप में ''स्वचालित रूप'' से नहीं होता है। वास्तव में किसी व्यक्ति के कार्य अपने स्वयं के जीवन को बढ़ावा देते हैं और उसे पूरा करते हैं या नहीं, यह तथ्य का सवाल है, जैसा कि अन्य सभी जीवों के साथ होता है, लेकिन क्या कोई व्यक्ति अपनी भलाई को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेगा, यह उसके ऊपर है, उसके दिमाग़ में ऐसा कठोर रूप से स्थित नहीं है। "मनुष्य के पास अपने स्वयं के विनाशक के रूप में कार्य करने की शक्ति है- और इसी तरह उसने अपने अधिकांश इतिहास के माध्यम से कार्य किया है।"<ref>{{Harvnb|Rand|1992|p=1013}}</ref> ''एटलस श्रग्ड'' में रैंड ने लिखा है कि "मनुष्य का दिमाग उसके जीवित रहने का मूल उपकरण है। उसे जीवन दिया जाता है, लेकिन उसका जीवित रहना नहीं। उसका शरीर उसे दिया जाता है, लेकिन उसके शरीर का भरण-पोषण नहीं दिया जाता। उसका मन उसे दिया जाता है, उस मन की सामग्री नहीं। जीवित रहने के लिए उसे कार्य करना चाहिए और कार्य करने से पहले उसे अपने कार्य की प्रकृति और उद्देश्य को जानना चाहिए। वह भोजन और उसे प्राप्त करने के तरीके के ज्ञान के बिना अपना भोजन प्राप्त नहीं कर सकता। वह अपने उद्देश्य और इसे प्राप्त करने के साधनों के ज्ञान के बिना एक गड्ढा तक नहीं खोद सकता है या एक साइक्लोट्रॉन का निर्माण नहीं कर सकता है। जीवित रहने के लिए उसे अवश्य सोचना चाहिए।"<ref>{{Harvnb|Rand|1992|p=1012}}</ref> अपने उपन्यासों ''द फाउंटेनहेड'' और ''एटलस श्रग्ड'' में उन्होंने मानवीय खुशी के लिए [[उत्पादकता|उत्पादक]] कार्य, दिलदार [[प्यार|प्रेम]] और [[कला]] के महत्व पर भी जोर दिया और उनकी खोज के नैतिक चरित्र को चित्रित किया। वस्तुवादी नैतिकता में प्राथमिक गुण तर्कसंगतता है, क्योंकि रैंड ने उसे "किसी के ज्ञान के एकमात्र स्रोत के रूप में कारण की मान्यता और स्वीकृति, मूल्यों का एकमात्र न्यायाधीश और कार्रवाई के लिए एकमात्र मार्गदर्शक" कहकर बताया है।<ref>{{Harvnb|Rand|1964|p=25}}; {{Harvnb|Smith|2006|p=7}}</ref> रैंड ने कहा है कि एक नैतिक संहिता का उद्देश्य उन सिद्धांतों को प्रदान करना है जिनके संदर्भ में मनुष्य अपने अस्तित्व के लिए आवश्यक मूल्यों को प्राप्त कर सकता है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1989a}}</ref> रैंड सारांशित करतीं हैं:{{Quote|अगर [मनुष्य] जीने का चुनाव करता है, तो एक तर्कसंगत नैतिकता उसे बताएगी कि उसकी पसंद को लागू करने के लिए कार्रवाई के किन सिद्धांतों की आवश्यकता है। अगर वह जीने का चुनाव नहीं करता है, तो प्रकृति अपना काम करेगी। वास्तविकता एक आदमी का सामना बहुत से "जरूरी" के साथ करती है, लेकिन वे सभी सशर्त हैं: यथार्थवादी आवश्यकता का सूत्र है: "आपको अवश्य, यदि -" और यदि व्यक्ति की पसंद के लिए कहा गया है: "यदि आप एक निश्चित लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं"।<ref>{{harvnb|Rand|1982|pp=118–19}}</ref>}}रैंड के मूल्यों की व्याख्या इस प्रस्ताव को प्रस्तुत करती है कि एक व्यक्ति का प्राथमिक नैतिक दायित्व अपने स्वयं के कल्याण को प्राप्त करना है — यह उसके जीवन और उसके स्वार्थ के लिए है कि एक व्यक्ति को एक नैतिक संहिता का पालन करना चाहिए।<ref>{{Harvnb|Smith|2006|pp=23–24}}</ref> नैतिक अहंकार मनुष्य के जीवन को नैतिक मानक के रूप में स्थापित करने का एक परिणाम है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> रैंड का मानना था कि तर्कसंगत अहंकार अपने तार्किक निष्कर्ष के साक्ष्य के बाद मनुष्यों का [[निष्कर्ष (तर्क)|तार्किक परिणाम]] है। एकमात्र विकल्प यह होगा कि वे वास्तविकता की ओर उन्मुखीकरण के बिना रहें। रैंड के स्व-हित के समर्थन का एक परिणाम परोपकारिता के नैतिक सिद्धांत की अस्वीकृति है — जिसे उन्होंने [[आगस्त कॉम्त]] की परोपकारिता के अर्थ में परिभाषित किया (उन्होंने इस शब्द को लोकप्रिय बनाया<ref>{{Cite web|url=http://www.etymonline.com/index.php?term=altruism|title=altruism (n .)|website=Online Etymology Dictionary|publisher=Douglas Harper|access-date=27 May 2021}}</ref>), जिसे अन्य लोगों की खातिर जीने के लिए एक नैतिक दायित्व के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। रैंड ने भी [[व्यक्तिपरकता]] को खारिज कर दिया। रैंड के अनुसार एक "सनकी पुजारी" या "[[सुखवाद|सुखवादी]]" अपने स्वयं के मानव जीवन जीने की इच्छा से प्रेरित नहीं होता है, बल्कि एक उप-मानव स्तर पर जीने की इच्छा से प्रेरित होता है। अपने मूल्य के मानक के रूप में "जो मेरे (मानव) जीवन को बढ़ावा देता है" का उपयोग करने के बजाय वह मूल्य के मानक के लिए "जिसका मैं (मनमाने ढंग से होता) मूल्य करता हूँ" की गलती करता है, इस तथ्य के विरोधाभास में कि, अस्तित्व में, वह एक है मानव और इसलिए तर्कसंगत जीव। सनकी-पूजा या सुखवाद में "मैं मूल्य करता हूँ" को "हम मूल्य करते हैं", "वह मूल्य", "वे मूल्य करते हैं", या "ईश्वर मूल्य करते हैं" के साथ प्रतिस्थापित किया जा सकता है, और फिर भी यह वास्तविकता से अलग रहेगा। रैंड ने तर्कसंगत स्वार्थ के समीकरण को सुखवादी या सनकी-पूजा को "बिना-स्व-का-स्वार्थ" कहकर खारिज कर दिया। उसने कहा कि तर्कसंगत स्वार्थ अच्छा है, और बाक़ी दो ख़राब हैं, और उनके बीच एक बुनियादी अंतर है।<ref name="vos">{{Harvnb|Rand|1964}}</ref> रैंड के लिए सभी प्रमुख [[गुण]] मनुष्य के अस्तित्व के बुनियादी उपकरण के रूप में कारण की भूमिका के अनुप्रयोग हैं: तर्कसंगतता, ईमानदारी, न्याय, स्वतंत्रता, अखंडता, उत्पादकता और गर्व-जिनमें से प्रत्येक के बारे में वह कुछ विस्तार से बताती है "ऑब्जेक्टिव एथिक्स"<ref>See also {{Harvnb|Smith|2006}}</ref> वस्तुनिष्ठ नैतिकता के सार को उनके ''एटलस श्रग्ड'' चरित्र जॉन गाल्ट द्वारा पालन की गई शपथ द्वारा संक्षेपित किया गया है: "मैं अपने जीवन और इसके प्रति अपने प्यार की कसम खाता हूं — कि मैं कभी किसी अन्य व्यक्ति के लिए नहीं जीऊँगा, और न ही किसी अन्य व्यक्ति को मेरे लिए जीने के लिए कहूँगा।"<ref>{{Harvnb|Rand|1992}}</ref> ==== नैतिकता पर आलोचना ==== कुछ दार्शनिकों ने वस्तुवादी [[नैतिकता]] की आलोचना की है। दार्शनिक रॉबर्ट नोज़िक का तर्क है कि नैतिकता में रैंड का मूलभूत तर्क निराधार है क्योंकि यह स्पष्ट नहीं करता है कि कोई व्यक्ति किसी विशेष मूल्य को आगे बढ़ाने के लिए तर्कसंगत रूप से मरने और कोई मूल्य नहीं रखने को प्राथमिकता क्यों नहीं दे सकता है। उनका तर्क है कि इस कारण से स्वार्थ की नैतिकता की रक्षा करने का उनका प्रयास प्रश्न पूछने का एक उदाहरण है। नोज़िक का यह भी तर्क है कि [[डेविड ह्यूम]] की प्रसिद्ध समस्या पर रैंड का समाधान असंतोषजनक है। जवाब में दार्शनिक डगलस ब० रासमुसेन और डगलस डेन उयल ने तर्क दिया है कि नोज़िक ने रैंड के बयान को गलत समझा।<ref>{{Cite journal|last=O'Neil|first=Patrick M.|date=Spring 1983|title=Ayn Rand and the Is-Ought Problem|url=https://www.mises.org/sites/default/files/7_1_4_0.pdf|journal=Journal of Libertarian Studies|volume=7|issue=1|pages=81–99}}</ref> चार्ल्स किंग ने जीवन के मूल्य को गलत और भ्रमित करने वाले के रूप में प्रदर्शित करने के लिए एक अविनाशी रोबोट के रैंड के उदाहरण की आलोचना की। <ref>King, J. Charles. "Life and the Theory of Value: The Randian Argument Reconsidered" in {{Harvnb|Den Uyl|Rasmussen|1984}}.</ref> जवाब में पॉल सेंट फ० ब्लेयर ने रैंड के नैतिक निष्कर्षों का बचाव किया, जिसके साथ उन्होंने यह बात बनाई रखी कि उनके तर्कों को रैंड द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया हो सकता है।<ref>{{Cite journal|last=St. F. Blair|first=Paul|date=Spring 1985|title=The Randian Argument Reconsidered: A Reply to Charles King|url=http://www.reasonpapers.com/pdf/10/rp_10_7.pdf|journal=Reason Papers|issue=10|access-date=September 14, 2011}}</ref> === राजनीति: व्यक्तिगत अधिकार और पूंजीवाद === रैंड की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा उसके संपूर्ण दर्शन के तत्वों को एकीकृत करती है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991|p=354}}; {{Harvnb|Sciabarra|1995|p=274}}</ref> चूँकि कारण मानव ज्ञान का साधन है, इसलिए यह प्रत्येक व्यक्ति के जीवित रहने का सबसे मौलिक साधन है और मूल्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक है।<ref>{{Harvnb|Bernstein|2009}}</ref> बल का प्रयोग या धमकी किसी व्यक्ति के तर्क के व्यावहारिक प्रभाव को बेअसर कर देती है, चाहे वह बल राज्य से उत्पन्न हो या अपराधी से। रैंड के अनुसार, "बंदूक की नोक पर आदमी का दिमाग काम नहीं करेगा"।<ref>{{Harvnb|Rand|1967|p=141}}</ref> इसलिए कारण के संचालन के अनुरूप संगठित मानव व्यवहार का एकमात्र प्रकार स्वैच्छिक सहयोग है। अनुनय कारण की विधि है। अपनी प्रकृति से, अत्यधिक तर्कहीन अनुनय के उपयोग पर भरोसा नहीं कर सकता है और अंततः प्रबल होने के लिए बल का सहारा लेना चाहिए।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> इस प्रकार रैंड ने तर्क दिया कि कारण और स्वतंत्रता सहसंबद्ध हैं, जैसे उन्होंने तर्क दिया कि रहस्यवाद और बल उपपत्ति हैं।<ref>{{Harvnb|Rand|1982|p=66}}</ref> कारण की भूमिका की इस समझ के आधार पर, वस्तुवादी दावा करते हैं कि दूसरे की इच्छा के विरुद्ध शारीरिक बल की शुरुआत अनैतिक है,<ref>{{Harvnb|Rand|1964|p=36}}; {{Harvnb|Peikoff|1991|p=310}}; {{Harvnb|Smith|1997}}</ref> जैसे कि धमकी,<ref>{{Harvnb|Smith|1997}}</ref> धोखाधड़ी,<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> या अनुबंध के उल्लंघन के माध्यम से बल की अप्रत्यक्ष शुरुआत है।<ref>{{Harvnb|Rand|1964}}</ref> दूसरी ओर रक्षात्मक या प्रतिशोधी बल का प्रयोग उचित है।<ref>{{Harvnb|Rand|1964|p=126}}; {{Harvnb|Peikoff|1991|p=320}}</ref> वस्तुवाद का दावा है कि क्योंकि नैतिक मूल्यों को प्राप्त करने के लिए बल की शुरुआत के बिना कारण का उपयोग करने का अवसर आवश्यक है, प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वयं के निर्णय के निर्देश के रूप में कार्य करने और अपने प्रयास के उत्पाद को बनाए रखने का एक अक्षम्य नैतिक [[प्राकृतिक और विधिक अधिकार|अधिकार]] है। पाइकॉफ ने अधिकारों के आधार की व्याख्या करते हुए कहा, "सामग्री में, जैसा कि संस्थापक पिता ने मान्यता दी, एक मौलिक अधिकार है, जिसमें कई प्रमुख डेरिवेटिव हैं। मौलिक अधिकार जीवन का अधिकार है। इसका प्रमुख व्युत्पन्न स्वतंत्रता, संपत्ति और खुशी की खोज का अधिकार है।"<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991|pp=351–52}}. The Objectivist understanding of rights is explored at length in {{Harvnb|Smith|1997}}.</ref> "एक 'अधिकार' एक नैतिक सिद्धांत है जो सामाजिक संदर्भ में किसी व्यक्ति की कार्रवाई की स्वतंत्रता को परिभाषित और स्वीकृत करता है।"<ref>{{Harvnb|Rand|1964}}</ref> इन अधिकारों को विशेष रूप से कार्रवाई के अधिकार के रूप में समझा जाता है, न कि विशिष्ट परिणामों या वस्तुओं के लिए, और अधिकारों द्वारा बनाए गए दायित्व प्रकृति में नकारात्मक हैं: प्रत्येक व्यक्ति को दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन करने से बचना चाहिए।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> वस्तुवादी अधिकारों की वैकल्पिक धारणाओं को अस्वीकार करते हैं, जैसे कि सकारात्मक अधिकार,<ref>{{Harvnb|Smith|1997|pp=165–82}}; {{Harvnb|Touchstone|2006}}</ref> सामूहिक अधिकार, या [[पशु अधिकार]]।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991|pp=356–58}}; {{Harvnb|Rand|1964|pp=120}}</ref> वस्तुवाद का दावा है कि एकमात्र सामाजिक व्यवस्था जो व्यक्तिगत अधिकारों को पूरी तरह से पहचानती है, वह पूंजीवाद है,<ref>{{Harvnb|Rand|1967}}</ref> विशेष रूप से जिसे रैंड ने "पूर्ण, शुद्ध, अनियंत्रित, अनियंत्रित अहस्तक्षेप-पूंजीवाद" के रूप में वर्णित किया है।<ref>{{Harvnb|Rand|1964}}</ref> वस्तुवाद पूंजीवाद को एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था के रूप में मानता है जो गरीबों के लिए सबसे अधिक फायदेमंद है, लेकिन इसे इसका प्राथमिक औचित्य नहीं मानता है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991|pp=392–395}}; {{Harvnb|Sciabarra|1995}}</ref> बल्कि यह एकमात्र नैतिक सामाजिक व्यवस्था है। वस्तुवाद का कहना है कि केवल स्वतंत्रता (या स्वतंत्र राष्ट्र) स्थापित करने की मांग करने वाले समाजों को [[आत्मनिर्णय]] का अधिकार है।<ref>{{Harvnb|Rand|1964}}</ref> वस्तुवाद ने सरकार को "भौतिक बल के प्रतिशोधात्मक उपयोग को वस्तुनिष्ठ नियंत्रण के तहत रखने के साधन — अर्थात उद्देश्यपूर्ण रूप से परिभाषित कानूनों के तहत" के रूप में वर्णित करता है; जिसके अनुसार व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करना सरकार के लिए वैध और गंभीर रूप से महत्वपूर्ण,<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> दोनों है।<ref>{{Harvnb|Rand|1964}}</ref> रैंड ने [[अराजकतावाद]] का विरोध किया क्योंकि उनका मानना था कि [[पुलिस]] और [[न्यायालय|अदालतों]] को बाजार में लाना [[न्याय]] का एक अंतर्निहित गर्भपात है।<ref>{{Harvnb|Rand|1964}}</ref> वस्तुवाद का दावा है कि सरकार के उचित कार्य " ''पुलिस'', अपराधियों से मानवों की रक्षा करना — ''[[सेना|सशस्त्र सेवाएँ]]'', मानवों को विदेशी आक्रमणकारियों से बचाने के लिए — ''[[न्यायालय|कानून अदालतें]]'', उद्देश्य कानूनों के अनुसार मानवों के बीच विवादों को निपटाने के लिए", [[कार्यकारिणी (सरकार)|कार्यकारी]] और [[विधायिका|विधायिका]]।<ref>{{Harvnb|Rand|1964}}</ref> इसके अलावा, व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा में, सरकार अपने नागरिकों के एक एजेंट के रूप में कार्य कर रही है और "नागरिकों द्वारा इसे ''सौंपे'' गए अधिकारों के अलावा कोई अधिकार नहीं है"<ref>{{Harvnb|Rand|1964}}</ref> और इसे विशिष्ट, निष्पक्ष रूप से परिभाषित कानूनों के अनुसार निष्पक्ष तरीके से कार्य करना चाहिए।<ref>{{Harvnb|Rand|1964}}; {{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> प्रमुख वस्तुवादी पाइकॉफ और यारोन ब्रुक ने तब से अन्य सरकारी कार्यों का समर्थन व्यक्त किया है।<ref>{{Cite web|url=http://www.peikoff.com/2011/03/07/what-role-should-certain-specific-governments-play-in-objectivist-government/|title=What role should certain specific governments play in Objectivist government? " Podcast " Peikoff|date=March 7, 2011}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.peikoff.com/2011/10/03/interview-with-yaron-brook-on-economic-issues-in-todays-world-part-1/|title=Interview with Yaron Brook on economic issues in today's world (Part 1). "Featured Podcast" Peikoff|date=October 3, 2011|access-date=8 अगस्त 2022|archive-date=12 सितंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140912102312/http://www.peikoff.com/2011/10/03/interview-with-yaron-brook-on-economic-issues-in-todays-world-part-1/|url-status=dead}}</ref> रैंड ने तर्क दिया कि कुछ आविष्कारकों और कलाकारों को जो-पहले-आया के आधार पर सीमित [[बौद्धिक सम्पदा|बौद्धिक संपदा]] एकाधिकार नैतिक है क्योंकि वह सभी संपत्ति को मौलिक रूप से बौद्धिक मानती है। इसके अलावा एक वाणिज्यिक उत्पाद का मूल्य उसके आविष्कारकों के आवश्यक कार्य से प्राप्त होता है। हालांकि रैंड ने पेटेंट और कॉपीराइट की सीमाओं को महत्वपूर्ण माना और कहा कि यदि उन्हें हमेशा के लिए प्रदान किया जाता है, तो इसका परिणाम ''वास्तव'' में सामूहिकता में होगा। रैंड ने [[नस्लवाद]] और नस्लवाद के किसी भी कानूनी आवेदन का विरोध किया। उन्होंने [[सकारात्मक विभेद|सकारात्मक कार्रवाई]] को कानूनी नस्लवाद का उदाहरण माना।<ref>{{Harvnb|Rand|1964}}; ''cf''. {{Cite book|title=The Other Side of Racism|url=https://archive.org/details/othersideofracis0000wort|last=Wortham|first=Anne|publisher=Ohio State University Press|year=1981|isbn=978-0-8142-0318-7|location=Columbus, Ohio}}</ref> रैंड ने कानूनी [[गर्भपात]] के अधिकार की वकालत की।<ref>{{Cite book|title=The Voice of Reason|title-link=The Voice of Reason (book)|last=Rand|first=Ayn|publisher=New American Library|others=Edited by Leonard Peikoff|year=1989|isbn=978-0-453-00634-7|location=New York|chapter=Of Living Death}}</ref> रैंड का मानना था कि मौत की [[मृत्युदंड|सजा]] नैतिक रूप से एक हत्यारे के खिलाफ प्रतिशोध के रूप में उचित है, लेकिन गलती से निर्दोष लोगों को मारने और राज्य की हत्या को सुविधाजनक बनाने के जोखिम के कारण खतरनाक है। इसलिए उसने कहा कि उसने "नैतिक आधार पर नहीं, बल्कि ज्ञानमीमांसा पर" मृत्युदंड का विरोध किया।<ref>{{Harvnb|Rand|2005}}</ref> उसने अनैच्छिक [[अनिवार्य सैन्य सेवा|अनिवार्य सैन्य भर्ती]] का विरोध किया।<ref>{{Harvnb|Rand|1967}}</ref> उन्होंने [[अभिवेचन]] के किसी भी रूप का विरोध किया, जिसमें [[रतिचित्रण]], [[अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता]] या [[पूजा]] पर कानूनी प्रतिबंध शामिल थी। उन्होंने एक बार इस पर एक बयान दिया था, कि "सांख्यिकी के संक्रमण में मानवाधिकारों का हर उल्लंघन किसी दिए गए अधिकार के कम से कम आकर्षक चिकित्सकों के साथ शुरू हुआ है"।<ref>{{Harvnb|Rand|1982}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://aynrandlexicon.com/lexicon/free_speech.html|title=Free Speech|website=Ayn Rand Lexicon}}</ref> वस्तुवादियों ने कई सरकारी गतिविधियों का भी विरोध किया है जो आमतौर पर उदारवादी और रूढ़िवादी दोनों द्वारा समर्थित हैं, जिनमें अविश्वास कानून,<ref>Greenspan, Alan. "Antitrust" in {{Harvnb|Rand|1967|pp=63–71}}</ref> न्यूनतम मजदूरी, [[सार्वजनिक विद्यालय|सार्वजनिक शिक्षा]],<ref>Branden, Nathaniel. "Common Fallacies about Capitalism" in {{Harvnb|Rand|1967|pp=89–92}}</ref> और मौजूदा [[बाल-श्रम|बाल श्रम]] कानून शामिल हैं।<ref>Hessen, Robert. "The Effects of the Industrial Revolution on Women and Children" in {{Harvnb|Rand|1967|pp=110–13}}</ref> वस्तुवादियों ने विश्वास-आधारित पहलों के खिलाफ तर्क दिया है,<ref>{{Cite web|url=http://www.aynrand.org/site/News2?&id=7475|title=Faith-Based Initiatives Are an Assault on Secular Government|last=Epstein|first=Alex|date=February 4, 2003|publisher=Ayn Rand Institute|archive-url=https://web.archive.org/web/20120324085647/http://www.aynrand.org/site/News2?&id=7475|archive-date=March 24, 2012|access-date=June 19, 2009}}</ref> सरकारी सुविधाओं में धार्मिक प्रतीकों को प्रदर्शित करना,<ref>{{Cite web|url=http://www.aynrand.org/site/News2?&id=10889|title=The Ten Commandments vs. America|last=Binswanger|first=Harry|date=March 3, 2005|publisher=Ayn Rand Institute|archive-url=https://web.archive.org/web/20120324085654/http://www.aynrand.org/site/News2?&id=10889|archive-date=March 24, 2012|access-date=June 19, 2009}}</ref> और पब्लिक स्कूलों में " [[इंटेलिजेंट डिज़ाइन|बुद्धिमान डिजाइन]] " की शिक्षा।<ref>{{Cite news|url=http://www.aynrand.org/site/News2?&id=11555|title='Intelligent Design' Is about Religion versus Reason|last=Lockitch|first=Keith|date=December 11, 2005|work=Orange County Register|access-date=June 19, 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20120324085705/http://www.aynrand.org/site/News2?&id=11555|archive-date=March 24, 2012}}</ref> रैंड ने अनैच्छिक [[कर|कराधान]] का विरोध किया और माना कि सरकार को स्वेच्छा से वित्तपोषित किया जा सकता है, हालांकि उसने सोचा कि यह सरकार के अन्य सुधारों को लागू करने के बाद ही हो सकता है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref><ref>{{Harvnb|Rand|1964|pp=135–137}}</ref> ==== राजनीति पर आलोचना ==== कुछ आलोचकों, जिनमें अर्थशास्त्री और राजनीतिक दार्शनिक जैसे मरे रोथबार्ड, डेविड ड० फ्रीडमैन, रॉय चाइल्ड्स, नॉर्मन प० बैरी और चंद्रन कुकथास शामिल हैं, ने तर्क दिया है कि वस्तुवादी नैतिकता अराजकतावाद के बजाय अराजकता-पूंजीवाद के अनुरूप है।<ref>Childs, Roy (1969). "[http://www.isil.org/ayn-rand/childs-open-letter.html Objectivism and The State: An Open Letter to Ayn Rand]"</ref><ref>{{Harvnb|Barry|1987}}</ref><ref name="Kukathas">{{Harvnb|Kukathas|1998}}</ref><ref>{{Harvnb|Burns|2009}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://mises.org/easaran/chap3.asp|title=Anatomy of the State: What the State Is Not|last=Rothbard|first=Murray N.|year=1974|website=Egalitarianism as a Revolt Against Nature and Other Essays}}</ref> === सौंदर्यशास्त्र: आध्यात्मिक मूल्य-निर्णय === [[कला]] का वस्तुवादी सिद्धांत "मनोवैज्ञानिक-ज्ञानमीमांसा" (ज्ञान प्राप्त करने में किसी व्यक्ति की विशिष्ट कार्यप्रणाली के लिए रैंड का शब्द) के माध्यम से अपने ज्ञानमीमांसा से निकला है। वस्तुवाद के अनुसार कला मानव संज्ञानात्मक आवश्यकता को पूरा करती है: यह मनुष्य को अवधारणाओं को समझने की अनुमति देती है जैसे कि वे [[अवगम|अवधारणाएँ]] हों। वस्तुवाद "कला" को "कलाकार के आध्यात्मिक मूल्य-निर्णय के अनुसार वास्तविकता का चयनात्मक पुन: निर्माण" के रूप में परिभाषित करती है — अर्थात कलाकार जो वास्तविकता और मानवता की प्रकृति के बारे में अंततः सत्य और महत्वपूर्ण मानने के अनुसार। इस संबंध में वस्तुवाद कला को अमूर्त रूप में अवधारणात्मक रूप में प्रस्तुत करने का एक तरीका मानता है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> इस विचार के अनुसार कला के लिए मानव की आवश्यकता संज्ञानात्मक अर्थव्यवस्था की आवश्यकता से उत्पन्न होती है। एक अवधारणा पहले से ही एक प्रकार की मानसिक [[आशुलिपि]] है जो बड़ी संख्या में ठोस के लिए खड़ी होती है, जिससे मनुष्य को परोक्ष रूप से या परोक्ष रूप से ऐसे कई और ठोस बातों के बारे में सोचने की अनुमति मिलती है जिन्हें स्पष्ट रूप से ध्यान में रखा जा सकता है। लेकिन एक इंसान अनिश्चित काल तक कई अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से दिमाग में नहीं रख सकता है — और फिर भी, वस्तुवाद के अनुसार, उन्हें जीवन में मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक व्यापक वैचारिक ढांचे की आवश्यकता होती है। कला इस दुविधा से बाहर निकलने का एक रास्ता प्रदान करती है, जिसमें किसी के आध्यात्मिक मूल्य-निर्णय सहित, अमूर्त की एक विस्तृत श्रृंखला के बारे में संवाद करने और सोचने का एक अवधारणात्मक, आसानी से समझा जाने वाला साधन प्रदान किया जाता है। वस्तुवाद कला को नैतिक या नैतिक आदर्श को संप्रेषित करने का एक प्रभावी तरीका मानता है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991|p=422}}</ref> हालांकि वस्तुवाद कला को प्रचारक नहीं मानता: भले ही कला में नैतिक मूल्य और आदर्श शामिल हों, लेकिन इसका उद्देश्य शिक्षित करना नहीं है, केवल दिखाना या प्रोजेक्ट करना है। इसके अलावा कला को पूर्ण विकसित स्पष्ट दर्शन का परिणाम नहीं होना चाहिए और आमतौर पर वह होता भी नहीं है। आमतौर पर यह एक कलाकार के ''जीवन की भावना'' से उपजा है (जो पूर्व अवधारणात्मक और काफी हद तक भावनात्मक है)।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991|p=426}}</ref> रैंड के अपने कलात्मक प्रयासों का अंतिम लक्ष्य आदर्श व्यक्ति को चित्रित करना था। ''द'' ''फाउंटेनहेड'' इस प्रयास का सबसे अच्छा उदाहरण है।<ref>{{Harvnb|Barr|2012}}</ref> रैंड उच्च व्यक्ति की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए रोर्क के चरित्र का उपयोग करतीं हैं जो उनके अनुसार महान कला को करना चाहिए — मानवता की सर्वोत्तम विशेषताओं को मूर्त रूप देना। इस [[प्रतीक|प्रतीकवाद]] को सभी कलाओं में दर्शाया जाना चाहिए और कलात्मक अभिव्यक्ति मानवता में महानता का विस्तार होना चाहिए। रैंड ने कहा कि [[स्वच्छन्दतावाद|स्वच्छंदतावाद]] साहित्यिक कला का सर्वोच्च विद्यालय था, यह देखते हुए कि स्वच्छंदतावाद "सिद्धांत की मान्यता पर आधारित था कि मनुष्य के पास इच्छा शक्ति है", जिसकी अनुपस्थिति में रैंड के अनुसार साहित्य नाटकीय शक्ति से लूट लिया गया है, जिसके साथ वे जोड़तीं हैं: {{Quote|स्वच्छंदतवादी कला में जो लाए थे, वह ''मूल्यों की प्रधानता'' थी...मूल्य भावनाओं का स्रोत हैं: रोमांटिकवादियों के काम में और उनके दर्शकों की प्रतिक्रियाओं में, साथ ही साथ भावनात्मक तीव्रता का एक बड़ा सौदा पेश किया गया था। रंग, कल्पना, मौलिकता, उत्साह, और जीवन के मूल्य-उन्मुख दृष्टिकोण के अन्य सभी परिणामों का एक बड़ा सौदा है।<ref>"What is Romanticism?" in {{harvnb|Rand|1971}}</ref>}} हालांकि "स्वच्छंदतावाद" शब्द अक्सर भावनात्मकता से जुड़ा होता है, जिसका वस्तुवाद पूरी तरह से विरोध करता है। ऐतिहासिक रूप से कई स्वच्छंदता कलाकार दार्शनिक रूप से व्यक्तिपरक थे। अधिकांश वस्तुवादी जो कलाकार भी हैं, वे स्वच्छंदता यथार्थवाद की सदस्यता लेते हैं जिस रूप में रैंड ने खुद अपने काम का वर्णन किया है।<ref>{{Harvnb|Torres|Kamhi|2000}}; {{Harvnb|Holzer|2005}}</ref> == अन्य लेखकों द्वारा विकास == {{multiple image|perrow=2|total_width=300|image1=Leonard Peikoff.tiff|width1=319|height1=425|image2=TiborMachan Italy06.jpg|width2=319|height2=425|image3=Tara Smith.jpg|width3=319|height3=425|image4=Harry Binswanger.jpg|width4=319|height4=425|footer=लियोनार्ड पाइकॉफ, टीबोर माखन, हैरी बिंस्वांगर और तारा स्मिथ (ऊपरी बाय से दक्षिणावर्त) जैसे दर्शनकारियों ने रैंड की मृत्यु के पश्चात वस्तुवाद पर काम किया है।}} कई लेखकों ने रैंड के विचारों को अपने काम में विकसित और लागू किया है। रैंड ने पाइकॉफ की ''द ओमिनस पैरेलल्स'' (१९८२) को "मेरे अलावा किसी अन्य वस्तुवादी दार्शनिक की पहली पुस्तक" के रूप में वर्णित किया।<ref>Rand, Ayn. "Introduction". In {{Harvnb|Peikoff|1982}}</ref> १९९१ के दौरान पाइकॉफ ने ''ऑब्जेक्टिविज्म: द फिलॉसफी ऑफ आयन रैंड'' प्रकाशित किया, जो रैंड के दर्शन का एक व्यापक प्रदर्शन है।<ref>{{Harvnb|Peikoff|1991}}</ref> क्रिस मैथ्यू सियाबारा ''आयन रैंड: द रशियन रेडिकल'' (१९९५) में रैंड के विचारों पर चर्चा करते हैं और उनके बौद्धिक मूल के बारे में सिद्धांत देते हैं। एलन गोथेल्फ़ द्वारा ''ऑन आयन रैंड'' (१९९९), टिबोर र० माखन द्वारा ''आयन रैंड'' (२०००), और एंड्रयू बर्नस्टीन (२००९) द्वारा ''एक पाठ में ऑब्जेक्टिविज़्म'' जैसे सर्वेक्षण रैंड के विचारों का संक्षिप्त परिचय प्रदान करते हैं। कुछ विद्वानों ने वस्तुवाद को अधिक विशिष्ट क्षेत्रों में लागू करने पर बल दिया है। मैकन ने ''ऑब्जेक्टिविटी'' (२००४) जैसे कार्यों में रैंड की मानव ज्ञान की प्रासंगिक अवधारणा (ज०ल० ऑस्टिन और गिल्बर्ट हरमन की अंतर्दृष्टि पर भी चित्रण करते हुए) विकसित की है, और डेविड केली ने ''द एविडेंस ऑफ द सेंसेस'' जैसे कार्यों में रैंड के महामारी संबंधी विचारों की व्याख्या की है। 1986) और ''ए थ्योरी ऑफ़ एब्स्ट्रक्शन'' (२००१)। नैतिकता के विषय के बारे में, केली ने ''अनरग्ड इंडिविजुअलिज्म'' (१९९६) और ''द कॉन्टेस्टेड लिगेसी ऑफ आयन रैंड'' (२०००) जैसे कार्यों में तर्क दिया है कि वस्तुवादियों को परोपकार के गुण पर अधिक ध्यान देना चाहिए और नैतिक स्वीकृति के मुद्दों पर कम जोर देना चाहिए। केली के दावे विवादास्पद रहे हैं, और आलोचकों पेइकॉफ और पीटर श्वार्ट्ज ने तर्क दिया है कि वह वस्तुवाद के महत्वपूर्ण सिद्धांतों का खंडन करते हैं।<ref name="Fact and Value">{{Harvnb|Peikoff|1989b}}</ref><ref>{{Harvnb|Schwartz|1989}}</ref> केली ने वस्तुवाद के एक संस्करण के लिए "ओपन ऑब्जेक्टिविज्म" शब्द का इस्तेमाल किया है जिसमें "तर्कसंगत, गैर-हठधर्मी चर्चा और बहस के प्रति प्रतिबद्धता", "मान्यता है कि वस्तुवाद विस्तार, शोधन और संशोधन के लिए खुला है", और "एक नीति साथी-यात्रियों और आलोचकों सहित दूसरों के प्रति परोपकार की भावना।"<ref>{{Cite web|url=http://www.atlassociety.org/open_objectivism_david_kelley|title=A Note to Our Members About Open Objectivism|last=Kelley|first=David|date=October 17, 2008|website=Atlas Society}}</ref> केली के खिलाफ तर्क देते हुए पाइकॉफ ने वस्तुवाद को एक "बंद प्रणाली" के रूप में वर्णित किया जो परिवर्तन के अधीन नहीं है।<ref name="Fact and Value" /> एक लेखिका जो रैंड की नैतिकता पर जोर देती हैं, तारा स्मिथ, ''नैतिक अधिकार और राजनीतिक स्वतंत्रता'' (१९९५), ''व्यवहार्य मूल्य'' (२०००), और ''आयन रैंड के सामान्य नैतिकता'' (२००६) जैसे कार्यों में रैंड के मूल विचारों को बरकरार रखतीं हैं।<ref>{{Cite web|url=http://enlightenment.supersaturated.com/essays/text/irfankhawaja/viablevaluescomment.html|title=Comments on Tara Smith's ''Viable Values''|last=Khawaja|first=Irfan|date=December 2000|access-date=May 29, 2009}}; {{Cite journal|last=Hsieh|first=Diana|date=Spring 2007|title=Egoism Explained: A Review of Tara Smith's ''Ayn Rand's Normative Ethics: The Virtuous Egoist''|url=http://www.theobjectivestandard.com/issues/2007-spring/egoism-explained.asp|journal=The Objective Standard|volume=2|issue=1|archive-url=https://web.archive.org/web/20140328111053/http://www.theobjectivestandard.com/issues/2007-spring/egoism-explained.asp|archive-date=March 28, 2014|access-date=May 29, 2009}}</ref> पाइकॉफ के सहयोग से डेविड हैरिमन ने ''द लॉजिकल लीप: इंडक्शन इन फिजिक्स'' (२०१०) में रैंड के सिद्धांतों के सिद्धांत पर आधारित [[वैज्ञानिक विधि|वैज्ञानिक]] [[आगमनात्मक तर्क|प्रेरण]] का एक सिद्धांत विकसित किया है।<ref>Harriman, David, ''The Logical Leap'', 2010, New American Library.</ref> रैंड के दर्शन के [[राजनीतिक दर्शन|राजनीतिक]] पहलुओं पर बर्नश्टाइन ने ''द कैपिटलिस्ट मेनिफेस्टो'' (२००५) में चर्चा की है। ''पूंजीवाद: अर्थशास्त्र पर एक ग्रंथ'' (१९९६) में जॉर्ज राइज़मैन ने वस्तुनिष्ठ पद्धति और अंतर्दृष्टि को [[चिरसम्मत अर्थशास्त्र|शास्त्रीय]] और ऑस्ट्रियाई अर्थशास्त्र दोनों के साथ एकीकृत करने का प्रयास किया। मनोविज्ञान में प्रोफेसर एडविन ए० लौक और एलेन केनर ने ''द सेल्फिश पाथ टू रोमांस: हाउ टू लव विद पैशन एंड रीजन'' प्रकाशन में रैंड के विचारों पर अनुसंधान किया है।<ref>Locke, Edwin, and Kenner, Ellen, Platform, 2011</ref> अन्य लेखकों ने लुई टोरेस और मिशेल मार्डर कामी द्वारा ''व्हाट आर्ट इज़'' (२०००) जैसे [[सौन्दर्यशास्त्र|कला]] से लेकर हैरी बिन्सवांगर द्वारा ''द बायोलॉजिकल बेसिस ऑफ़ टेलीलॉजिकल कॉन्सेप्ट्स'' (१९९०) जैसे [[उद्देश्यवाद]] तक के क्षेत्रों में वस्तुवाद के अनुप्रयोग की खोज की है। == बौद्धिक प्रभाव == रैंड के एक जीवनी लेखक का कहना है कि ज्यादातर लोग जो पहली बार रैंड के कार्यों को पढ़ते हैं, वे ऐसा अपने "प्रारंभिक वर्षों" में करते हैं।<ref>{{Cite book|title=Ayn Rand and the World She Made|title-link=Ayn Rand and the World She Made|last=Heller|first=Anne C.|publisher=Doubleday|year=2009|isbn=978-0-385-51399-9|location=New York|page=[https://archive.org/details/aynrandworldshem0000hell/page/ xii]}}</ref> रैंड के पूर्व संरक्षक नथानिएल ब्रैंडन ने रैंड की "युवाओं के लिए विशेष रूप से शक्तिशाली अपील" का उल्लेख किया,<ref>{{Cite journal|last=Branden|first=Nathaniel|date=Fall 1984|title=The Benefits and Hazards of the Philosophy of Ayn Rand: A Personal Statement|url=http://mol.redbarn.org/objectivism/Writing/NathanielBranden/BenefitsAndHazards.html|journal=[[Journal of Humanistic Psychology]]|volume=24|issue=4|pages=29–64|doi=10.1177/0022167884244004|archive-url=https://web.archive.org/web/20110717195811/http://mol.redbarn.org/objectivism/Writing/NathanielBranden/BenefitsAndHazards.html|archive-date=July 17, 2011}}</ref> जिसके साथ आयन रैंड इंस्टीट्यूट के ओंकार ग़ैत ने कहा कि रैंड "युवाओं के आदर्शवाद की अपील करता है"।<ref name="Ghate">{{Cite web|url=http://capitalismmagazine.com/2008/02/the-appeal-of-ayn-rand/|title=The Appeal of Ayn Rand|last=Ghate|first=Onkar|date=February 2, 2008|website=Capitalism Magazine|access-date=April 22, 2014|archive-date=22 अप्रैल 2014|archive-url=https://archive.today/20140422194643/http://capitalismmagazine.com/2008/02/the-appeal-of-ayn-rand/|url-status=dead}}</ref> इस अपील ने दर्शन के कई आलोचकों को चिंतित किया है।<ref>{{Harvnb|Gladstein|1999}}</ref> इनमें से कई युवा बाद में रैंड के बारे में अपनी सकारात्मक राय को छोड़ देते हैं और अक्सर कहा जाता है कि उन्होंने अपने विचारों को "बढ़ाया" है।<ref name="Doherty544">{{Cite book|title=Radicals for Capitalism: A Freewheeling History of the Modern American Libertarian Movement|title-link=Radicals for Capitalism: A Freewheeling History of the Modern American Libertarian Movement|last=Doherty|first=Brian|publisher=Public Affairs|year=2007|isbn=978-1-58648-350-0|location=New York|page=[https://archive.org/details/radicalsforcapit0000dohe/page/544 544]|author-link=Brian Doherty (journalist)}}</ref> रैंड के काम के समर्थक इस घटना को पहचानते हैं, लेकिन इसका श्रेय युवा आदर्शवाद के नुकसान और बौद्धिक अनुरूपता के लिए सामाजिक दबावों का विरोध करने में असमर्थता को देते हैं।<ref name="Ghate" /><ref name="Doherty544" /> इसके विपरीत इतिहासकार जेनिफर बर्न्स ''गॉडेस ऑफ़ द मार्केट'' (२००९) में लिखते हुए कुछ आलोचक लिखते हैं "रैंड को एक उथले विचारक के रूप में खारिज करें जो केवल किशोरों को आकर्षित करता है", हालांकि वे सोचती हैं कि आलोचक [[दक्षिणपन्थी राजनीति|दक्षिणपंथी राजनीति]] के एक "शुरुआती नशे" के रूप में "उनके महत्व को समझने में भूल कर देते हैं"।<ref>{{Harvnb|Burns|2009}}</ref> जब से रैंड ने वस्तुवाद को पहली बार प्रस्तुत किया था तब से ही अकादमिक दार्शनिकों ने इसे आमतौर पर खारिज कर रहे हैं।<ref name="academic">{{Harvnb|Sciabarra|2013|p=1}}; {{Harvnb|Badhwar|Long|2020}}; {{Harvnb|Gotthelf|2000|p=1}}; {{Harvnb|Machan|2000|p=9}}; {{Harvnb|Gladstein|1999|p=2}}; {{Harvnb|Heyl|1995|p=223}}; {{Harvnb|Den Uyl|Rasmussen|1984|p=36}}</ref> समकालीन बुद्धिजीवियों की रैंड की आलोचना के कारण वस्तुवाद को "कठोर अकादमिक विरोधी" कहा गया है।<ref name="McLemee"/> कोलंबिया विश्वविद्यालय में [[सदाचार]] और [[राजनीति|राजनीतिक]] दर्शन के प्रोफेसर डेविड सिडोर्स्की लिखते हैं कि रैंड का काम "मुख्यधारा से बाहर" है और एक व्यापक दर्शन की तुलना में एक विचारधारा से अधिक है।<ref>{{Cite news|url=http://www.rutlandherald.com/apps/pbcs.dll/article?AID=/20050515/NEWS/505150346/1014|title=Ayn Rand at 100: An 'ism' struts its stuff|last=Harvey|first=Benjamin|date=May 15, 2005|work=[[Rutland Herald]]|access-date=July 20, 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20071226153815/http://www.rutlandherald.com/apps/pbcs.dll/article?AID=%2F20050515%2FNEWS%2F505150346%2F1014#|archive-date=December 26, 2007}}</ref> ब्रिटिश दार्शनिक टेड होंडरिच ने उल्लेख किया कि उन्होंने जानबूझकर रैंड पर ''ऑक्सफोर्ड कम्पेनियन टू फिलॉसफी'' से एक लेख को बाहर रखा (हालांकि एंथनी क्विंटन द्वारा लोकप्रिय दर्शन पर लेख में रैंड का उल्लेख किया गया है)।<ref>{{Harvnb|Honderich|2005}}</ref> रैंड को ''[[दर्शनशास्त्र का स्टैनफोर्ड ज्ञानकोष|स्टैनफोर्ड इनसाइक्लोपीडिया ऑफ फिलॉसफी]]'',<ref name="Badhwar 2010">{{Harvnb|Badhwar|Long|2020}}</ref> ''द डिक्शनरी ऑफ मॉडर्न अमेरिकन फिलॉसफर्स'',<ref name="dmap">{{Harvnb|Salmieri|Gotthelf|2005}}</ref> द ''इंटरनेट इनसाइक्लोपीडिया ऑफ फिलॉसफी'',<ref>{{Harvnb|Hicks|2005}}</ref> ''द रूटलेज डिक्शनरी ऑफ ट्वेंटिएथ-सेंचुरी पॉलिटिकल थिंकर्स'',<ref>{{Harvnb|Stevens|1998}}</ref> और ''द पेंगुइन डिक्शनरी ऑफ फिलॉसफी'' में वर्णित किया गया है।<ref>Mautner, Thomas. ''The Penguin Dictionary of Philosophy''. Penguin Books, 2000, p. 469.</ref> चंद्रन कुकथस ने ''रूटलेज इनसाइक्लोपीडिया ऑफ फिलॉसफी'' में रैंड के बारे में एक प्रविष्टि में लिखा है, "रैंड के विचारों का प्रभाव [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में महाविद्यालयों के छात्रों के बीच सबसे मजबूत था लेकिन अकादमिक दार्शनिकों से थोड़ा ही ध्यान आकर्षित हुआ।" कुकथास यह भी लिखते हैं कि [[पूंजीवाद]] और स्वार्थ के उनके बचाव ने उन्हें "बौद्धिक मुख्यधारा से बाहर रखा"।<ref name="Kukathas">{{Harvnb|Kukathas|1998}}</ref> १९९० के दशक के दौरान अमेरिकी कक्षाओं में रैंड के कार्यों का सामना करने की अधिक संभावना थी।<ref name="McLemee"/> वस्तुवाद के विद्वानों के अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित आयन रैंड सोसाइटी, अमेरिकन फिलॉसॉफिकल एसोसिएशन के पूर्वी डिवीजन से संबद्ध है।<ref>{{Harvnb|Sciabarra|1995|p=386n.7}}</ref> [[अरस्तु|अरस्तू]] विद्वान और वस्तुवादी ऐलन गोथेल्फ़, सोसाइटी के दिवंगत अध्यक्ष, और उनके सहयोगियों ने वस्तुवाद के अधिक अकादमिक अध्ययन के लिए तर्क दिया, दर्शन को शास्त्रीय उदारवाद की एक अद्वितीय और बौद्धिक रूप से दिलचस्प रक्षा के रूप में देखते हुए जो बहस के लायक है।<ref>{{Cite journal|last=Uyl|first=Douglas J. Den|year=1998|title=On Rand as Philosopher|url=http://www.reasonpapers.com/pdf/23/rp_23_5.pdf|journal=Reason Papers|volume=23|pages=70–71|access-date=August 8, 2011}}</ref> १९९९ में ''आयन रैंड स्टडीज का एक जर्नल'' रिफर होना शुरू हुआ।<ref>{{Cite journal|last=Sharlet|first=Jeff|date=April 9, 1999|title=Ayn Rand has finally caught the attention of scholars: New books and research projects involve philosophy, political theory, literary criticism, and feminism|journal=The Chronicle of Higher Education|volume=45|issue=31|pages=17–18}}</ref> वस्तुवाद के अध्ययन के लिए कार्यक्रमों और फैलोशिप का समर्थन पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय, ऑस्टिन में टेक्सास विश्वविद्यालय और चैपल हिल में [[नॉर्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय|उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय]] में किया गया है।<ref>{{Harvnb|Gladstein|2009}}; {{Harvnb|Burns|2009|p=297}}</ref> == यह सभी देखें == * [[आयन रैंड]] * [[समलैंगिकता]] * [[उदारवाद]] * [[कल्पना]] * [[बायोशॉक]] == संदर्भ == <references /> == बाहरी संबंध == * [https://ari.aynrand.org/about-ari/mission-and-purpose/ आयन रैंड इंस्टीट्यूट: द सेंटर फॉर द एडवांसमेंट ऑफ ऑब्जेक्टिविज्म] * [http://www.atlassociety.org/ एटलस सोसाइटी: द सेंटर फॉर ऑब्जेक्टिविज़्म] * {{Dmoz|Society/Philosophy/Movements/Objectivism/|Objectivism}} * [http://capitalism.org/ Capitalism.org]&nbsp;- एक वस्तुवादी वेबसाइट और ''पूंजीवाद'' ऑनलाइन पत्रिका के प्रकाशक * [https://web.archive.org/web/20080216220006/http://www.noblesoul.com/orc/ वस्तुवाद संदर्भ केंद्र] {{Ayn Rand|state=expanded}}{{libertarianism}}{{Philosophy topics}}{{Authority control}} [[श्रेणी:सौन्दर्यशास्त्र के सिद्धांत]] [[श्रेणी:राजनीतिक सिद्धान्त]] [[श्रेणी:दार्शनिक आन्दोलन]] [[श्रेणी:तत्वमीमांसा के सिद्धान्त]] [[श्रेणी:व्यक्तिवाद]] [[श्रेणी:नैतिक सिद्धान्त]] [[श्रेणी:ज्ञानमीमांसिक सिद्धान्त]] [[श्रेणी:पूंजीवाद]] [[श्रेणी:नास्तिकता]] [[श्रेणी:अमेरिकी दर्शन]] bfstp41c3u9pmb6gr9arl5nlz34bbun काउन्टर-जिहाद आन्दोलन 0 1390928 6582781 5983474 2026-07-15T06:42:05Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582781 wikitext text/x-wiki '''काउंटर-जिहाद आन्दोलन''' (Counter-jihad या counterjihad) <ref name="CJM">{{Cite journal|last=Lee|first=Benjamin|title=Why we fight: Understanding the counter-jihad movement|journal=Religion Compass|volume=10|issue=10|quote=The clearest case of violence linked to the CJM is that of Anders Breivik; the commonalities between Breivik and the CJM have been noted by several writers (Kundnani, 2012: 4; Jackson, 2013; Meleagrou-Hitchens & Brun, 2013:2; Goodwin, 2013: 4; Titley, 2013).}}</ref> अनेक लेखकों, ब्लॉगरों, [[विचारक समूह|थिंक टैंक]], सड़क पर आंदोलन करने वालों आदि का समूह है जो [[इस्लाम]] का विरोध इसलिये करते हैं क्योंकि वे मानते हैं कि इस्लाम कोई [[धर्म]] नहीं है बल्कि एक ऐसा सिद्धान्त (Worldview ) है जो [[पश्चिमी सभ्यता]] के लिये सर्वनाशकारी खतरा है। अतः, काउंटर-जिहादी सभी मुसलमानों को एक संभावित खतरा मानते हैं, विशेषकर यदि वे पहले से ही किसी पश्चिमी देश की सीमा के भीतर रह रहे हों। <ref name="Zúquete 2018">{{Cite book|title=The Identitarians: The Movement against Globalism and Islam in Europe|url=https://archive.org/details/identitariansmov0000zuqu|last=Zúquete|first=José|publisher=University of Notre Dame Press|year=2018|isbn=978-0-268-10421-4|location=Notre Dame, Indiana|pages=[https://archive.org/details/identitariansmov0000zuqu/page/169 169]–170|oclc=1055656293}}</ref> पश्चिमी देशों में रह रहे मुसलमानों को तदनुसार " पांचवें स्तंभ " के रूप में चित्रित किया गया है, जो सामूहिक रूप से पश्चिमी देशों की पहचान और मूल्यों को अस्थिर करने का प्रयत्न कर रहे हैं और उसके स्थान पर [[खलीफा]] का राज्य स्थापित करना चाहते हैं। <ref>{{Cite journal|last=Akbarzadeh|first=Shahram|last2=Roose|first2=Joshua M.|date=September 2011|title=Muslims, Multiculturalism and the Question of the Silent Majority|journal=Journal of Muslim Minority Affairs|volume=31|issue=3|pages=309–325|doi=10.1080/13602004.2011.599540}}</ref> <ref name="Lee">{{Cite journal|last=Lee|first=Benjamin|date=4 September 2015|title=A Day in the "Swamp": Understanding Discourse in the Online Counter-Jihad Nebula|url=https://eprints.lancs.ac.uk/id/eprint/78286/1/a_day_in_the_swamp_author_sub.pdf|journal=Democracy and Security|volume=11|issue=3|pages=248–274|doi=10.1080/17419166.2015.1067612|access-date=14 अगस्त 2022|archive-date=12 नवंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221112032841/https://eprints.lancs.ac.uk/id/eprint/78286/1/a_day_in_the_swamp_author_sub.pdf|url-status=dead}}</ref> काउंटर-जिहाद आंदोलन को [[इस्लाम की आलोचना| इस्लाम विरोधी]], <ref name="svd.se"> {{Cite news|url=http://www.svd.se/kultur/understrecket/diffus-rorelse-med-muslimer-som-hatobjekt_6364272.svd|title=Diffus rörelse med muslimer som hatobjekt|date=3 August 2011|work=Svenska Dagbladet|access-date=6 August 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111105150636/http://www.svd.se/kultur/understrecket/diffus-rorelse-med-muslimer-som-hatobjekt_6364272.svd|archive-date=5 November 2011|language=sv}} </ref> <ref name="CBSNews"> {{Cite news|url=http://www.cbsnews.com/8301-201_162-57432640/pentagon-suspends-counterjihad-class-on-islam/|title=Pentagon suspends "counterjihad" class on Islam|date=11 May 2012|work=[[CBS News]]|access-date=3 July 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120623235638/http://www.cbsnews.com/8301-201_162-57432640/pentagon-suspends-counterjihad-class-on-islam/|archive-date=23 June 2012}} </ref> <ref> {{Cite web|url=https://www.theguardian.com/world/2012/apr/14/breivik-trial-norway-mass-murderer|title=The Guardian: Far-right anti-Muslim network on rise globally as Breivik trial opens|date=14 April 2012|website=[[TheGuardian.com]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20170305010343/https://www.theguardian.com/world/2012/apr/14/breivik-trial-norway-mass-murderer|archive-date=5 March 2017|access-date=14 December 2016}} </ref> [[इस्लामोफ़ोबिया|इस्लामभीतिक]], <ref> {{Cite journal|last=Goodwin|first=Matthew J.|last2=Cutts|first2=David|last3=Janta-Lipinski|first3=Laurence|date=19 August 2014|title=Economic losers, protestors, islamophobes or xenophobes? Predicting public support for a counter-Jihad movement|url=http://opus.bath.ac.uk/41051/|journal=Political Studies|volume=64|issue=1|pages=4–26|doi=10.1111/1467-9248.12159|archive-url=https://web.archive.org/web/20170808001040/http://opus.bath.ac.uk/41051/|archive-date=8 August 2017|access-date=6 June 2017}} </ref> <ref> {{Cite news|url=http://www.svd.se/opinion/brannpunkt/risk-att-breivik-ses-som-profet_7065745.svd|title=Risk att Breivik ses som profet|last=Anna-Lena Lodenius|work=Svenska Dagbladet|access-date=29 October 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120622000131/http://www.svd.se/opinion/brannpunkt/risk-att-breivik-ses-som-profet_7065745.svd|archive-date=22 June 2012|language=sv}} </ref> <ref> {{Cite news|url=http://www.goteborgsfria.se/artikel/89385|title=Den nya högerextremismens terroristiska uttryck|last=Mattias Wåg|date=28 July 2011|work=Göteborgs fria|access-date=29 October 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120426055059/http://www.goteborgsfria.se/artikel/89385|archive-date=26 April 2012|language=sv}} </ref> <ref name="Denes" /> मुसलमानों के खिलाफ घृणा भड़काने वाला, <ref name="HateAgainstMuslims">{{Cite journal|last=Wolff|first=Elisabetta Cassina|date=2 November 2016|title=Evola's interpretation of fascism and moral responsibility|journal=[[Patterns of Prejudice]]|volume=50|issue=4–5|pages=478–494|doi=10.1080/0031322X.2016.1243662}}</ref> और अति-दक्षिणपन्थी आदि विविध नाम दिये जा रहे हैं। <ref name="svd.se" /> इस काउन्टर-जिहाद आंदोलन में जो प्रमुख लोग हैं उनमें पामेला गेलर और रॉबर्ट स्पेंसर शामिल हैं। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} f3iuv5ngk2mg8upmdoo51dkho6i9ed3 ए के हंगल अभिनीत फ़िल्में 0 1428569 6582891 6543169 2026-07-15T10:58:42Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582891 wikitext text/x-wiki {| class="wikitable sortable" |+ [[ए के हंगल]] की फ़िल्में ! वर्ष !! फिल्म !! English !! चरित्र !! भाषा !! टिप्पणी !! सन्दर्भ |- | [[1966 की बॉलीवुड फिल्में|1966]] || तीसरी कसम || Teesri Kasam || || हिन्दी || || |- | [[1967 की बॉलीवुड फिल्में|1967]] || शागिर्द || [[:en:Shagird (1967 film)|Shagird]] || केदारनाथ बद्रीनारायण || हिन्दी || || |- | [[1968 की बॉलीवुड फिल्में|1968]] || बम्बई रात की बाहों में || Bambai Raat Ki Bahon Mein || || हिन्दी || || |- | [[1969 की बॉलीवुड फिल्में|1969]] || धरती कहे पुकार के || [[:en:Dharti Kahe Pukar Ke (1969 film)|Dharti Kahe Pukarke]] || || हिन्दी || || |- | [[1969 की बॉलीवुड फिल्में|1969]] || सात हिन्दुस्तानी || Saat Hindustani || डाक्टर || हिन्दी || || |- | [[1969 की बॉलीवुड फिल्में|1969]] || [[सारा आकाश (1969 फ़िल्म)|सारा आकाश ]] || Sara Akash || ठाकुर || हिन्दी || || |- | [[1970 की बॉलीवुड फिल्में|1970]] || [[हीर रांझा (1970 फ़िल्म)|हीर रांझा ]] || Heer Raanjha || || हिन्दी || || |- | [[1971 की बॉलीवुड फिल्में|1971]] || [[अनुभव (1971 फ़िल्म)|अनुभव ]] || [[:en:Anubhav (1971 film)|Anubhav]] || हरी || हिन्दी || || |- | [[1971 की बॉलीवुड फिल्में|1971]] || [[गुड्डी (1971 फ़िल्म)|गुड्डी ]] || [[:en:Guddi (1971 film)|Guddi]] || गुड्डी के पिता || हिन्दी || || |- | [[1971 की बॉलीवुड फिल्में|1971]] || [[नादान (१९७१ फ़िल्म)|नादान ]] || [[:en:Nadaan (1971 film)|Nadaan]] || || हिन्दी || || |- | [[1971 की बॉलीवुड फिल्में|1971]] || [[मेरे अपने (1971 फ़िल्म)|मेरे अपने ]] || Mere Apne || कॉलेज प्राध्यापक || हिन्दी || || |- | [[1972 की बॉलीवुड फिल्में|1972]] || जवानी दीवानी || Jawani Diwani || कॉलेज प्राध्यापक || हिन्दी || || |- | [[1972 की बॉलीवुड फिल्में|1972]] || [[परिचय (1972 फ़िल्म)|परिचय ]] || [[:en:Parichay (film)|Parichay]] || रवि का मामा || हिन्दी || || |- | [[1972 की बॉलीवुड फिल्में|1972]] || [[बावर्ची (1972 फ़िल्म)|बावर्ची ]] || Bawarchi || रामनाथ शर्मा (मुन्ना) || हिन्दी || || |- | [[1973 की बॉलीवुड फिल्में|1973]] || गरम हवा || Garm Hava || || हिन्दी || || |- | [[1973 की बॉलीवुड फिल्में|1973]] || [[अनामिका (1973 फ़िल्म)|अनामिका ]] || [[:en:Anamika (1973 film)|Anamika]] || || हिन्दी || || |- | [[1973 की बॉलीवुड फिल्में|1973]] || [[अभिमान (1973 फ़िल्म)|अभिमान ]] || [[:en:Abhimaan (1973 film)|Abhimaan]] || सदानंद || हिन्दी || || |- | [[1973 की बॉलीवुड फिल्में|1973]] || [[छुपा रुस्तम (1973 फ़िल्म)|छुपा रुस्तम ]] || Chhupa Rustam || प्रोफ़ेसर हरबंसलाल || हिन्दी || || |- | [[1973 की बॉलीवुड फिल्में|1973]] || [[जोशीला (1973 फ़िल्म)|जोशीला ]] || Joshila || लाला गुलजारीलाल || हिन्दी || || |- | [[1973 की बॉलीवुड फिल्में|1973]] || [[दाग (1973 फ़िल्म)|दाग ]] || Daag: A Poem of Love || वकील/जज || हिन्दी || || |- | [[1973 की बॉलीवुड फिल्में|1973]] || नमक हराम || Namak Haraam || बिपिनलाल पांडे || हिन्दी || || |- | [[1973 की बॉलीवुड फिल्में|1973]] || रॉकी मेरा नाम || Rocky Mera Naam || || हिन्दी || || |- | [[1973 की बॉलीवुड फिल्में|1973]] || स्वीकार || Sweekar || || हिन्दी || || |- | [[1973 की बॉलीवुड फिल्में|1973]] || हीरा पन्ना || Heera Panna || दीवान करणसिंह || हिन्दी || || |- | [[1974 की बॉलीवुड फिल्में|1974]] || गरम हवा || Garm Hava || || हिन्दी || || |- | [[1974 की बॉलीवुड फिल्में|1974]] || निर्माण || Nirmaan || || हिन्दी || || |- | [[1974 की बॉलीवुड फिल्में|1974]] || दो नंबर के अमीर || Do Nambar Ke Amir || || हिन्दी || || |- | [[1974 की बॉलीवुड फिल्में|1974]] || त्रिमूर्ति || [[:en:Trimurti (1974 film)|Trimurti]] || || हिन्दी || || |- | [[1974 की बॉलीवुड फिल्में|1974]] || उस पार || Us Paar || || हिन्दी || || |- | [[1974 की बॉलीवुड फिल्में|1974]] || आप की कसम || Aap Ki Kasam || कमल के पिता || हिन्दी || || |- | [[1974 की बॉलीवुड फिल्में|1974]] || [[इश्क इश्क इश्क (1974 फ़िल्म)|इश्क इश्क इश्क ]] || Ishq Ishq Ishq || गुरूजी || हिन्दी || || |- | [[1974 की बॉलीवुड फिल्में|1974]] || [[कोरा कागज़ (1974 फ़िल्म)|कोरा कागज़ ]] || Kora Kagaz || प्रिंसिपल गुप्ता || हिन्दी || || |- | [[1974 की बॉलीवुड फिल्में|1974]] || [[दूसरी सीता (1974 फ़िल्म)|दूसरी सीता ]] || Doosri Sita || || हिन्दी || || |- | [[1974 की बॉलीवुड फिल्में|1974]] || [[विदाई (1974 फ़िल्म)|विदाई ]] || [[:en:Bidaai (1974 film)|Bidaai]] || रामशरण || हिन्दी || || |- | [[1975 की बॉलीवुड फिल्में|1975]] || [[अनोखा (1975 फ़िल्म)|अनोखा ]] || Anokha || हृदयनाथ || हिन्दी || || |- | [[1975 की बॉलीवुड फिल्में|1975]] || [[आँधी (1975 फ़िल्म)|आँधी ]] || Aandhi || बृंदा काका || हिन्दी || || |- | [[1975 की बॉलीवुड फिल्में|1975]] || [[दीवार (1975 फ़िल्म)|दीवार ]] || Deewaar || चंदर के पिता || हिन्दी || || |- | [[1975 की बॉलीवुड फिल्में|1975]] || [[शोले (1975 फ़िल्म)|शोले ]] || Sholay || इमाम साहब/रहीम चाचा || हिन्दी || || |- | [[1975 की बॉलीवुड फिल्में|1975]] || [[सलाखें (1975 फ़िल्म)|सलाखें ]] || [[:en:Salaakhen (1975 film)|Salaakhen]] || रामलाल, सीमा का पिता || हिन्दी || || |- | [[1976 की बॉलीवुड फिल्में|1976]] || आज का ये घर || Aaj Ka Ye Ghar || || हिन्दी || || |- | [[1976 की बॉलीवुड फिल्में|1976]] || जीवन ज्योति || [[:en:Jeevan Jyoti (1976 film)|Jeevan Jyoti]] || || हिन्दी || || |- | [[1976 की बॉलीवुड फिल्में|1976]] || मेरा जीवन || Mera Jiwan || || हिन्दी || || |- | [[1976 की बॉलीवुड फिल्में|1976]] || रईस || [[:en:Raees (1976 film)|Raees]] || || हिन्दी || || |- | [[1976 की बॉलीवुड फिल्में|1976]] || संकोच || Sankoch || || हिन्दी || || |- | [[1976 की बॉलीवुड फिल्में|1976]] || ज़िद || [[:en:Zid (1976 film)|Zid]] || || हिन्दी || || |- | [[1976 की बॉलीवुड फिल्में|1976]] || चितचोर || Chitchor || पीतांबर चौधरी || हिन्दी || || |- | [[1976 की बॉलीवुड फिल्में|1976]] || [[ज़िन्दगी (1976 फ़िल्म)|ज़िन्दगी ]] || [[:en:Zindagi (1976 film)|Zindagi]] || डॉक्टर || हिन्दी || || |- | [[1976 की बॉलीवुड फिल्में|1976]] || [[तपस्या (1976 फ़िल्म)|तपस्या ]] || [[:en:Tapasya (1976 film)|Tapasya]] || चंद्रनाथ सिन्हा || हिन्दी || || |- | [[1976 की बॉलीवुड फिल्में|1976]] || [[बालिका बधू (1976 फ़िल्म)|बालिका बधू ]] || [[:en:Balika Badhu (1976 film)|Balika Badhu]] || मास्टरजी || हिन्दी || || |- | [[1977 की बॉलीवुड फिल्में|1977]] || आफत || Aafat || || हिन्दी || || |- | [[1977 की बॉलीवुड फिल्में|1977]] || चला मुरारी हीरो बनने || Chala Murari Hero Banne || || हिन्दी || || |- | [[1977 की बॉलीवुड फिल्में|1977]] || कलाबाज़ || Kalabaaz || पुजारी || हिन्दी || || |- | [[1977 की बॉलीवुड फिल्में|1977]] || [[आईना (1977 फ़िल्म)|आईना ]] || [[:en:Aaina (1977 film)|Aaina]] || राम शास्त्री || हिन्दी || || |- | [[1977 की बॉलीवुड फिल्में|1977]] || [[आलाप (1977 फ़िल्म)|आलाप ]] || Alaap || पंडित जमुना प्रसाद (अतिथि पात्र) || हिन्दी || || |- | [[1977 की बॉलीवुड फिल्में|1977]] || [[ईमान धर्म (१९७७ फ़िल्म)|ईमान धर्म ]] || Immaan Dharam || मास्टरजी, श्यामली का पिता || हिन्दी || || |- | [[1977 की बॉलीवुड फिल्में|1977]] || [[पहेली (1977 फ़िल्म)|पहेली ]] || [[:en:Paheli (1977 film)|Paheli]] || || हिन्दी || || |- | [[1977 की बॉलीवुड फिल्में|1977]] || [[मुक्ति (१९७७ फ़िल्म)|मुक्ति ]] || [[:en:Mukti (Hindi film)|Mukti]] || कर्नल || हिन्दी || || |- | [[1978 की बॉलीवुड फिल्में|1978]] || जोगी || Jogi || || हिन्दी || || |- | [[1978 की बॉलीवुड फिल्में|1978]] || बदलते रिश्ते || Badalte Rishtey || || हिन्दी || || |- | [[1978 की बॉलीवुड फिल्में|1978]] || बेशरम || [[:en:Besharam (1978 film)|Besharam]] || || हिन्दी || || |- | [[1978 की बॉलीवुड फिल्में|1978]] || चक्रव्युह || [[:en:Chakravyuha (1978 film)|Chakravyuha]] || || हिन्दी || || |- | [[1978 की बॉलीवुड फिल्में|1978]] || देस परदेश || [[:en:Des Pardes (1978 film)|Des Pardes]] || || हिन्दी || || |- | [[1978 की बॉलीवुड फिल्में|1978]] || नौकरी || Naukri || || हिन्दी || || |- | [[1978 की बॉलीवुड फिल्में|1978]] || स्वर्ग नरक || Swarg Narak || || हिन्दी || || |- | [[1978 की बॉलीवुड फिल्में|1978]] || तुम्हारे लिए || Tumhare Liye || भवानी || हिन्दी || || |- | [[1978 की बॉलीवुड फिल्में|1978]] || सत्यम शिवम सुन्दरम || [[:en:Satyam Shivam Sundaram|Satyam Shivam Sundaram: Love Sublime]] || बंसी, रूपा का चाचा || हिन्दी || || |- | [[1979 की बॉलीवुड फिल्में|1979]] || इंस्पेक्टर ईगल || Inspector Eagle || || हिन्दी || || |- | [[1979 की बॉलीवुड फिल्में|1979]] || ज़ुल्म की पुकार || Zulm Ki Pukar || || हिन्दी || || |- | [[1979 की बॉलीवुड फिल्में|1979]] || अमरदीप || [[:en:Amar Deep (1979 film)|Amar Deep]] || || हिन्दी || || |- | [[1979 की बॉलीवुड फिल्में|1979]] || जुर्माना || [[:en:Jurmana (1979 film)|Jurmana]] || || हिन्दी || || |- | [[1979 की बॉलीवुड फिल्में|1979]] || खानदान || [[:en:Khandaan (1979 film)|Khandaan]] || || हिन्दी || || |- | [[1979 की बॉलीवुड फिल्में|1979]] || लड़के बाप से बढ़के || Ladke Baap Se Badke || || हिन्दी || || |- | [[1979 की बॉलीवुड फिल्में|1979]] || मंज़िल || [[:en:Manzil (1979 film)|Manzil]] || || हिन्दी || || |- | [[1979 की बॉलीवुड फिल्में|1979]] || मीरा || [[:en:Meera (1979 film)|Meera]] || || हिन्दी || || |- | [[1979 की बॉलीवुड फिल्में|1979]] || रतनदीप || [[:en:Ratnadeep (1979 film)|Ratnadeep]] || || हिन्दी || || |- | [[1979 की बॉलीवुड फिल्में|1979]] || प्रेम बंधन || [[:en:Prem Bandhan (1979 film)|Prem Bandhan]] || || हिन्दी || || |- | [[1980 की बॉलीवुड फिल्में|1980]] || कशिश || Kashish || || हिन्दी || || |- | [[1980 की बॉलीवुड फिल्में|1980]] || हमकदम || Humkadam || || हिन्दी || || |- | [[1980 की बॉलीवुड फिल्में|1980]] || काली घटा || [[:en:Kali Ghata (1980 film)|Kali Ghata]] || || हिन्दी || || |- | [[1980 की बॉलीवुड फिल्में|1980]] || नीयत || [[:en:Neeyat (film)|Neeyat]] || || हिन्दी || || |- | [[1980 की बॉलीवुड फिल्में|1980]] || थोड़ी सी बेवफ़ाई || Thodisi Bewafaii || || हिन्दी || || |- | [[1980 की बॉलीवुड फिल्में|1980]] || [[जुदाई (1980 फ़िल्म)|जुदाई ]] || [[:en:Judaai (1980 film)|Judaai]] || || हिन्दी || || |- | [[1980 की बॉलीवुड फिल्में|1980]] || [[फ़िर वही रात (1980 फ़िल्म)|फ़िर वही रात ]] || Phir Wohi Raat || || हिन्दी || || |- | [[1980 की बॉलीवुड फिल्में|1980]] || [[हम पाँच (१९८० फ़िल्म)|हम पाँच ]] || [[:en:Hum Paanch (film)|Hum Paanch]] || || हिन्दी || || |- | [[1981 की बॉलीवुड फिल्में|1981]] || || Bhaaya || || हिन्दी || || |- | [[1981 की बॉलीवुड फिल्में|1981]] || कहानी एक चोर की || Kahani Ek Chor Ki || || हिन्दी || || |- | [[1981 की बॉलीवुड फिल्में|1981]] || नयी इमारत || Nai Imarat || || हिन्दी || || |- | [[1981 की बॉलीवुड फिल्में|1981]] || बसेरा || Baseraa || || हिन्दी || || |- | [[1981 की बॉलीवुड फिल्में|1981]] || कल हमारा है || Kal Hamara Hai || || हिन्दी || || |- | [[1981 की बॉलीवुड फिल्में|1981]] || कलयुग || [[:en:Kalyug (1981 film)|Kalyug]] || || हिन्दी || || |- | [[1981 की बॉलीवुड फिल्में|1981]] || क्रोधी || Krodhi || || हिन्दी || || |- | [[1981 की बॉलीवुड फिल्में|1981]] || कुदरत || Kudrat || || हिन्दी || || |- | [[1981 की बॉलीवुड फिल्में|1981]] || नरम गरम || Naram Garam || || हिन्दी || || |- | [[1982 की बॉलीवुड फिल्में|1982]] || दिल आखिर दिल है || Dil... Akhir Dil Hai || || हिन्दी || || |- | [[1982 की बॉलीवुड फिल्में|1982]] || बेमिसाल || Bemisal || || हिन्दी || || |- | [[1982 की बॉलीवुड फिल्में|1982]] || खुद्दार || Khud-Daar || || हिन्दी || || |- | [[1982 की बॉलीवुड फिल्में|1982]] || साथ साथ || [[:en:Saath Saath (1982 film)|Saath Saath]] || || हिन्दी || || |- | [[1982 की बॉलीवुड फिल्में|1982]] || शौकीन || Shaukeen || || हिन्दी || || |- | [[1982 की बॉलीवुड फिल्में|1982]] || स्टार || [[:en:Star (1982 film)|Star]] || || हिन्दी || || |- | [[1982 की बॉलीवुड फिल्में|1982]] || स्वामी दादा || Swami Dada || || हिन्दी || || |- | [[1982 की बॉलीवुड फिल्में|1982]] || श्रीमान श्रीमती || Shriman Shrimati || || हिन्दी || || |- | [[1983 की बॉलीवुड फिल्में|1983]] || || Suzanne || || हिन्दी || || |- | [[1983 की बॉलीवुड फिल्में|1983]] || नौकर बीबी का || Naukar Biwi Ka || || हिन्दी || || |- | [[1983 की बॉलीवुड फिल्में|1983]] || अवतार || Avtaar || विश्वनाथ गुप्ता || हिन्दी || || |- | [[1984 की बॉलीवुड फिल्में|1984]] || बंद ओठ || Bandh Honth || || हिन्दी || || |- | [[1984 की बॉलीवुड फिल्में|1984]] || कहाँ तक आसमान है || Kahan Tak Aasmaan Hai || || हिन्दी || || |- | [[1984 की बॉलीवुड फिल्में|1984]] || सरदार || Sardaar || || हिन्दी || || |- | [[1984 की बॉलीवुड फिल्में|1984]] || यादों की जंजीर || Yaadon Ki Zanjeer || || हिन्दी || || |- | [[1984 की बॉलीवुड फिल्में|1984]] || आज का एमएलए रामावतार || Aaj Ka M.L.A. Ram Avtar || || हिन्दी || || |- | [[1984 की बॉलीवुड फिल्में|1984]] || कमला || [[:en:Kamla (film)|Kamla]] || || हिन्दी || || |- | [[1984 की बॉलीवुड फिल्में|1984]] || [[शराबी (1984 फ़िल्म)|शराबी ]] || Sharaabi || || हिन्दी || || |- | [[1984 की बॉलीवुड फिल्में|1984]] || अल्कोहलिक || Alcoholic || || हिन्दी || || |- | [[1985 की बॉलीवुड फिल्में|1985]] || अर्जुन || [[:en:Arjun (1985 film)|Arjun]] || || हिन्दी || || |- | [[1985 की बॉलीवुड फिल्में|1985]] || बेवफ़ाई || Bewafai || || हिन्दी || || |- | [[1985 की बॉलीवुड फिल्में|1985]] || मेरी जंग || Meri Jung || || हिन्दी || || |- | [[1985 की बॉलीवुड फिल्में|1985]] || पिघलता आसमान || Pighalta Aasman || || हिन्दी || || |- | [[1985 की बॉलीवुड फिल्में|1985]] || राम तेरी गंगा मैली || Ram Teri Ganga Maili || || हिन्दी || || |- | [[1985 की बॉलीवुड फिल्में|1985]] || सागर || [[:en:Saagar (1985 film)|Saagar]] || || हिन्दी || || |- | [[1985 की बॉलीवुड फिल्में|1985]] || साहेब || Saaheb || || हिन्दी || || |- | [[1985 की बॉलीवुड फिल्में|1985]] || सुर्खियां || Surkhiyaan (The Headlines) || || हिन्दी || || |- | [[1986 की बॉलीवुड फिल्में|1986]] || एक चादर मैली सी || Ek Chadar Maili Si || || हिन्दी || || |- | [[1986 की बॉलीवुड फिल्में|1986]] || न्यू दिल्ली टाइम्स || [[:en:New Delhi Times (film)|New Delhi Times]] || || हिन्दी || || |- | [[1986 की बॉलीवुड फिल्में|1986]] || वापसी || Waapsi || || हिन्दी || || |- | [[1987 की बॉलीवुड फिल्में|1987]] || सुराज || Su-Raaj || || हिन्दी || || |- | [[1987 की बॉलीवुड फिल्में|1987]] || डकैत || Dacait || || हिन्दी || || |- | [[1987 की बॉलीवुड फिल्में|1987]] || जागो हुआ सवेरा || Jaago Hua Savera || || हिन्दी || || |- | [[1987 की बॉलीवुड फिल्में|1987]] || जान हथेली पर || Jaan Hatheli Pe || || हिन्दी || || |- | [[1987 की बॉलीवुड फिल्में|1987]] || जलवा || Jalwa || || हिन्दी || || |- | [[1987 की बॉलीवुड फिल्में|1987]] || मेरा यार मेरा दुश्मन || Mera Yaar Mera Dushman || || हिन्दी || || |- | [[1987 की बॉलीवुड फिल्में|1987]] || सत्यमेव जयते || [[:en:Satyamev Jayate (film)|Satyamev Jayate]] || || हिन्दी || || |- | [[1987 की बॉलीवुड फिल्में|1987]] || सिंदूर || [[:en:Sindoor (1987 film)|Sindoor]] || || हिन्दी || || |- | [[1988 की बॉलीवुड फिल्में|1988]] || आखिरी अदालत || Aakhri Adaalat || || हिन्दी || || |- | [[1988 की बॉलीवुड फिल्में|1988]] || खून भरी मांग || Khoon Bhari Maang || || हिन्दी || || |- | [[1989 की बॉलीवुड फिल्में|1989]] || अपने बेगाने || Apne Begaane || || हिन्दी || || |- | [[1989 की बॉलीवुड फिल्में|1989]] || ममता की छाँव में || Mamata Ki Chhaon Mein || || हिन्दी || || |- | [[1989 की बॉलीवुड फिल्में|1989]] || अभिमन्यु || [[:en:Abhimanyu (1989 film)|Abhimanyu]] || || हिन्दी || || |- | [[1989 की बॉलीवुड फिल्में|1989]] || इलाका || Ilaaka || || हिन्दी || || |- | [[1990 की बॉलीवुड फिल्में|1990]] || पुलिस पब्लिक || Police Public || || हिन्दी || || |- | [[1991 की बॉलीवुड फिल्में|1991]] || दुश्मन देवता || Dushman Devta || || हिन्दी || || |- | [[1991 की बॉलीवुड फिल्में|1991]] || फरिश्ते || Farishtay || || हिन्दी || || |- | [[1992 की बॉलीवुड फिल्में|1992]] || अपराधी || [[:en:Apradhi (1992 film)|Apradhi]] || || हिन्दी || || |- | [[1992 की बॉलीवुड फिल्में|1992]] || लाट साहब || Laat Saab || || हिन्दी || || |- | [[1992 की बॉलीवुड फिल्में|1992]] || मीरा का मोहन || Meera Ka Mohan || || हिन्दी || || |- | [[1993 की बॉलीवुड फिल्में|1993]] || जागृति || Jaagruti || || हिन्दी || || |- | [[1993 की बॉलीवुड फिल्में|1993]] || खलनायक || Khalnayak || || हिन्दी || || |- | [[1993 की बॉलीवुड फिल्में|1993]] || रूप की रानी चोरों का राजा || [[:en:Roop Ki Rani Choron Ka Raja (1993 film)|Roop Ki Rani Choron Ka Raja]] || || हिन्दी || || |- | [[1994 की बॉलीवुड फिल्में|1994]] || दिलवाले || [[:en:Dilwale (1994 film)|Dilwale]] || || हिन्दी || || |- | [[1995 की बॉलीवुड फिल्में|1995]] || घर का कानून || Ghar Ka Kanoon || || हिन्दी || || |- | [[1995 की बॉलीवुड फिल्में|1995]] || किस्मत || [[:en:Kismat (1995 film)|Kismat]] || || हिन्दी || || |- | [[1995 की बॉलीवुड फिल्में|1995]] || लाइव टुडे || Live Today || || हिन्दी || || |- | [[1996 की बॉलीवुड फिल्में|1996]] || तेरे मेरे सपने || [[:en:Tere Mere Sapne (1996 film)|Tere Mere Sapne]] || || हिन्दी || || |- | [[1996 की बॉलीवुड फिल्में|1996]] || सौतेला भाई || Sautela Bhai || बिंदिया का मामा || हिन्दी || || |- | [[1998 की बॉलीवुड फिल्में|1998]] || ये आशिक़ी मेरी || Yeh Aashiqui Meri || || हिन्दी || || |- | [[1998 की बॉलीवुड फिल्में|1998]] || ज़ोर || [[:en:Zor (film)|Zor: Never Underestimate the Force]] || || हिन्दी || || |- | [[1998 की बॉलीवुड फिल्में|1998]] || [[मैं सोलह बरस की (1998 फ़िल्म)|मैं सोलह बरस की ]] || Main Solah Baras Ki || || हिन्दी || || |- | [[1999 की बॉलीवुड फिल्में|1999]] || [[तक्षक (1999 फ़िल्म)|तक्षक ]] || Thakshak || || हिन्दी || || |- | [[2001 की बॉलीवुड फिल्में|2001]] || [[लगान (२००१ फ़िल्म)|लगान ]] || [[:en:Lagaan|Lagaan: Once Upon a Time in India]] || || हिन्दी || || |- | [[2001 की बॉलीवुड फिल्में|2001]] || दत्तक || Dattak The Adopted || || हिन्दी || || |- | [[2002 की बॉलीवुड फिल्में|2002]] || [[शरारत (2002 फ़िल्म)|शरारत ]] || [[:en:Shararat (2002 film)|Shararat]] || || हिन्दी || || |- | [[2003 की बॉलीवुड फिल्में|2003]] || कहाँ हो तुम || [[:en:Kahan Ho Tum (film)|Kahan Ho Tum]] || || हिन्दी || || |- | [[2004 की बॉलीवुड फिल्में|2004]] || दिल माँगे मोर || Dil Maange More || || हिन्दी || || |- | [[2004 की बॉलीवुड फिल्में|2004]] || हरि ओम || Hari Om || || हिन्दी || || |- | [[2005 की बॉलीवुड फिल्में|2005]] || [[पहेली (1977 फ़िल्म)|पहेली ]] || Paheli || || हिन्दी || || |- | [[2005 की बॉलीवुड फिल्में|2005]] || [[मिस्टर प्राइम मिनिस्टर (2005 फ़िल्म)|मिस्टर प्राइम मिनिस्टर ]] || Mr Prime Minister || || हिन्दी || || |- | [[2005 की बॉलीवुड फिल्में|2005]] || सब कुछ है कुछ भी नहीं || Sab Kuch Hai Kuch Bhi Nahin || || हिन्दी || || |- | [[2008 की बॉलीवुड फिल्में|2008]] || हमसे है जहां || Humsey Hai Jahaan || || हिन्दी || || |- | [[2012 की बॉलीवुड फिल्में|2012]] || कृष्ण और कंस || Krishna Aur Kans || || हिन्दी || || |} ==सन्दर्भ== * http://www.bengalnewz.com/entertainment/film_star/082728488.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230201154347/http://www.bengalnewz.com/entertainment/film_star/082728488.html |date=1 फ़रवरी 2023 }} * http://daily.bhaskar.com/article/ENT-ak-hangal-desired-to-bake-his-last-cake-before-death-3699132-NOR.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140728013236/http://daily.bhaskar.com/article/ENT-ak-hangal-desired-to-bake-his-last-cake-before-death-3699132-NOR.html |date=28 जुलाई 2014 }} * http://www.business-standard.com/generalnews/news/advani-gadkari-condole-demisea-k-hangal/48454/ * http://careermasti.com/bollywood-actor-a-k-hangal-funeral-pictures-11871/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130330094106/http://careermasti.com/bollywood-actor-a-k-hangal-funeral-pictures-11871/ |date=30 मार्च 2013 }} * http://www.dnaindia.com/entertainment/report_ak-hangal-withstood-shiv-sena-s-onslaught-cpi_1732931 * http://scholar.google.com/scholar?q=%22A.+K.+Hangal%22 * http://www.google.com/search?&q=%22A.+K.+Hangal%22&tbs=bkt:s&tbm=bks * http://www.google.com/search?as_eq=wikipedia&q=%22A.+K.+Hangal%22 * http://www.google.com/search?tbm=nws&q=%22A.+K.+Hangal%22+-wikipedia&tbs=ar:1 * http://www.google.com/search?tbs=bks:1&q=%22A.+K.+Hangal%22+-wikipedia * http://www.hindustantimes.com/AK-Hangal-ramp-showstopper-at-94/Article1-659839.aspx {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110212024610/http://www.hindustantimes.com/AK-Hangal-ramp-showstopper-at-94/Article1-659839.aspx |date=12 फ़रवरी 2011 }} * http://www.hindustantimes.com/Entertainment/Tabloid/Two-legends-many-tributes/Article1-919651.aspx {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130608042843/http://www.hindustantimes.com/Entertainment/Tabloid/Two-legends-many-tributes/Article1-919651.aspx |date=8 जून 2013 }} * http://ibnlive.in.com/news/madhubala-ak-hangals-last-curtain-call/285589-8-66.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120829071529/http://ibnlive.in.com/news/madhubala-ak-hangals-last-curtain-call/285589-8-66.html |date=29 अगस्त 2012 }} * http://zeenews.india.com/entertainment/celebrity/a-k-hangal-cremated-bollywood-biggies-miss-funeral_117878.htm * http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-08-26/mumbai/33401470_1_veteran-actor-kidney-disease-and-hypertension-history-of-pulmonary-tuberculosis {{Webarchive|url=https://archive.today/20121206010548/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-08-26/mumbai/33401470_1_veteran-actor-kidney-disease-and-hypertension-history-of-pulmonary-tuberculosis |date=6 दिसंबर 2012 }} * http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-08-27/tv/33424352_1_hangal-saab-man-of-indian-cinema-madhubala {{Webarchive|url=https://archive.today/20130126110500/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-08-27/tv/33424352_1_hangal-saab-man-of-indian-cinema-madhubala |date=26 जनवरी 2013 }} * http://post.jagran.com/unknown-facts-about-veteran-actor-ak-hangal-who-dies-at-98-in-mumbai-1345963702 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120829000645/http://post.jagran.com/unknown-facts-about-veteran-actor-ak-hangal-who-dies-at-98-in-mumbai-1345963702 |date=29 अगस्त 2012 }} * http://www.mid-day.com/entertainment/2012/aug/250812-A-K-Hangals-condition-very-critical.htm * http://www.mid-day.com/news/2012/aug/270812-mumbai-An-actor-artiste-and-activist.htm * http://www.mid-day.com/photos/in-pictures-remembering-the-life-and-times-of-ak-hangal/3490 * http://movies.ndtv.com/movie_story.aspx?section=Movies&Id=ENTEN20120213394&keyword=topstories&subcatg=MOVIESINDIA&nid=259215 {{Webarchive|url=https://archive.today/20130129162151/http://movies.ndtv.com/movie_story.aspx?section=Movies&Id=ENTEN20120213394&keyword=topstories&subcatg=MOVIESINDIA&nid=259215 |date=29 जनवरी 2013 }} * http://www.ndtv.com/article/people/ak-hangal-bollywood-s-favourite-character-actor-259220 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120826231307/http://www.ndtv.com/article/people/ak-hangal-bollywood-s-favourite-character-actor-259220 |date=26 अगस्त 2012 }} * http://www.rediff.com/entertai/nov/15ak.htm * http://www.rediff.com/movies/slide-show/slide-show-1-pix-friends-son-bid-ak-hangal-final-goodbye/20120827.htm * http://in.reuters.com/article/ak-hangal-dead-idINDEE87P02R20120826 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305225157/http://in.reuters.com/article/ak-hangal-dead-idINDEE87P02R20120826 |date=5 मार्च 2016 }} * http://www.thehindu.com/news/national/article3823957.ece?textsize=large&test=1 * http://www.thehindu.com/news/national/article3824670.ece * http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-features/tp-cinemaplus/bambai-raat-ki-bahon-mein-1968/article3292105.ece * http://uli.nli.org.il/F/?func=find-b&local_base=NLX10&find_code=UID&request=987007401932705171{{Dead link|date=जनवरी 2024 |bot=InternetArchiveBot }} * http://www.boxofficeindia.co.in/krishna-aur-kans-3/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120806073944/http://www.boxofficeindia.co.in/krishna-aur-kans-3/ |date=6 अगस्त 2012 }} * http://id.worldcat.org/fast/353191/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221004211513/http://id.worldcat.org/fast/353191/ |date=4 अक्तूबर 2022 }} * http://www.thenews.com.pk/Todays-News-1-128530-Bollywoods-grand-old-man-AK-Hangal-dies {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120827200254/http://www.thenews.com.pk/Todays-News-1-128530-Bollywoods-grand-old-man-AK-Hangal-dies |date=27 अगस्त 2012 }} * https://news.biharprabha.com/2012/08/the-biography-of-a-k-hangal-legendary-actor-and-freedom-fighter/ * https://books.google.com/books?id=ju51hH5wyFQC&pg=PA6 * https://www.imdb.com/name/nm0359845/ * https://m.timesofindia.com/entertainment/hindi/bollywood/news-interviews/Sannata-in-Bollywood-AK-Hangal-dead/articleshow/15791992.cms * https://id.loc.gov/authorities/names/n89268909 * https://web.archive.org/web/20060303191229/http://www.hindu.com/fr/2006/02/24/stories/2006022403650100.htm * https://web.archive.org/web/20110212024610/http://www.hindustantimes.com/AK-Hangal-ramp-showstopper-at-94/Article1-659839.aspx * https://web.archive.org/web/20120806073944/http://www.boxofficeindia.co.in/krishna-aur-kans-3/ * https://web.archive.org/web/20120829000645/http://post.jagran.com/unknown-facts-about-veteran-actor-ak-hangal-who-dies-at-98-in-mumbai-1345963702 * https://web.archive.org/web/20120829071529/http://ibnlive.in.com/news/madhubala-ak-hangals-last-curtain-call/285589-8-66.html * https://web.archive.org/web/20130608042843/http://www.hindustantimes.com/Entertainment/Tabloid/Two-legends-many-tributes/Article1-919651.aspx * https://isni.org/isni/0000000042564649 * https://www.jstor.org/action/doBasicSearch?Query=%22A.+K.+Hangal%22&acc=on&wc=on * https://viaf.org/viaf/6531833 * https://www.wikidata.org/wiki/Q3595806#identifiers * https://www.worldcat.org/identities/lccn-n89268909/ * https://archive.today/20121206010548/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-08-26/mumbai/33401470_1_veteran-actor-kidney-disease-and-hypertension-history-of-pulmonary-tuberculosis * https://archive.today/20130126110500/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-08-27/tv/33424352_1_hangal-saab-man-of-indian-cinema-madhubala * https://archive.today/20130129162151/http://movies.ndtv.com/movie_story.aspx?section=Movies&Id=ENTEN20120213394&keyword=topstories&subcatg=MOVIESINDIA&nid=259215 ntb2nx9iz10eeyja05xjsljface8k4z कोजिकी 0 1438318 6582837 6566985 2026-07-15T09:02:23Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582837 wikitext text/x-wiki {{ख़राब अनुवाद|1=अंग्रेज़ी|date=जून 2025}} Kojiki , जिसे कभी-कभी '''Furukotofumi''' <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=urcyCnUurGMC&q=%22furukotofumi%22&pg=PA190|title=World Religions At Your Fingertips|last=McDowell|first=Michael|last2=Brown|first2=Nathan Robert|publisher=Penguin|year=2009|isbn=978-1101014691}}</ref> या '''Furukotobumi''' के रूप में भी पढ़ा जाता है, <ref>{{Cite book|title=スーパー大辞林|trans-title=Super [[Daijirin]]}}</ref> {{Efn|{{transl|ja|-bumi}} is a voiced form of {{transl|ja|fumi}} (see {{transl|ja|[[rendaku]]}}). This reading was proposed by [[Motoori Norinaga]], who spelt it out with phonetic kanji ({{transl|ja|kana}}, or more specifically, {{transl|ja|magana}}) as {{CJK|j=布琉許登夫美|labels=no}} in {{transl|ja|[[Kojiki-den]]}}.}} [[कल्पित कथा/मिथ|मिथकों]], किंवदंतियों का एक प्रारंभिक [[जापान|जापानी]] क्रॉनिकल है जापानी [[द्वीपसमूह]], {{Nihongo||神|[[kami]]}} और जापानी शाही रेखा की उत्पत्ति के संबंध में 641 <ref>[[Jaroslav Průšek]] and Zbigniew Słupski, eds., Dictionary of Oriental Literatures: East Asia (Charles Tuttle, 1978): 140-141.</ref> तक भजन, वंशावली, [[वाचिक परम्परा|मौखिक परंपराएं]], और अर्ध-ऐतिहासिक खाते। यह दावा किया जाता है कि इसकी प्रस्तावना में 8वीं शताब्दी (711-712) की शुरुआत में [[साम्राज्ञी गैमी|एम्प्रेस जेनमेई]] के अनुरोध पर ओ नो यासुमारो द्वारा रचित किया गया था, और इस प्रकार इसे आमतौर पर [[जापान]] में सबसे पुराना मौजूदा साहित्यिक कार्य माना जाता है। <ref name=":1">{{Cite book|title=Political thought in Japanese historical writing: from Kojiki (712) to Tokushi Yoron (1712)|last=Brownlee|first=John S.|date=1991|publisher=Wilfrid Laurier University Press|isbn=978-0-88920997-8|location=Waterloo, Ontario|oclc=243566096}}</ref> <ref name=":2">{{Cite book|title=Man'yoshu and the imperial imagination in early Japan|url=https://archive.org/details/manyshimperialim0045duth|last=Duthie|first=Torquil|year=2014|isbn=9789004251717|location=Leiden|oclc=864366334}}</ref> Kojiki के साथ-साथ {{Nihongo||日本書紀|[[Nihon Shoki]]}} में निहित मिथक कई प्रथाओं और एकीकृत "शिंटो रूढ़िवादी" के पीछे प्रेरणा का हिस्सा हैं। <ref>{{Cite book|url=https://www.worldcat.org/oclc/27192394|title=Myths and Legends|last=Bellingham|first=David|last2=Whittaker|first2=Clio|last3=Grant|first3=John|date=|publisher=Wellfleet Press|others=|year=1992|isbn=1-55521-812-1|location=Secaucus, New Jersey|pages=181|oclc=27192394}}</ref> बाद में, उन्हें [[शिन्तो धर्म|शिंटो]] प्रथाओं में शामिल किया गया जैसे कि misogi शुद्धिकरण अनुष्ठान। <ref>{{Cite book|title=Simple Guides: Shinto|url=https://archive.org/details/shinto0000read|last=Reader|first=Ian|publisher=Kuperard|year=2008|isbn=978-1-85733-433-3|page=[https://archive.org/details/shinto0000read/page/33 33],60}}</ref> <ref name="e">{{Cite encyclopedia|location=Tokyo|accessdate=2007-08-25}}</ref> <ref name="d">{{Cite encyclopedia|location=Tokyo|accessdate=2007-08-25}}</ref> [[श्रेणी:जापानी भाषा पाठ वाले लेख]] i4r07a99cfjaohyz1zc1a6uo7ebv5nl कल्ट 0 1440064 6582856 6578003 2026-07-15T09:45:31Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582856 wikitext text/x-wiki '''कल्ट''' उन [[सामाजिक समूह|सामाजिक समूहों]] को कहा जाता है जो अपने असाधारण [[धर्म|धार्मिक]], [[आध्यात्मिकता|आध्यात्मिक]] या [[दार्शनिक]] विश्वास<ref>{{Cite Merriam-Webster|cult}}</ref> या समान हित और उद्देश्य के लिए जाने जाते हैं। इस शब्द को इस रूप में कहना विवादित है, क्योंकि इसका अर्थ लोकप्रिय संस्कृति और शिक्षा दोनों के लिए किया जा सकता है, और विद्वानों के बीच कई क्षेत्रों के विषय में एक सतत स्रोत भी रहा है।<ref name="ZablockiRobbins">{{Cite book|title=Misunderstanding Cults: Searching for Objectivity in a Controversial Field|title-link=Misunderstanding Cults (book)|last=Zablocki|first=Benjamin David|last2=Robbins|first2=Thomas|publisher=University of Toronto Press|year=2001|isbn=0-8020-8188-6|page=473|author-link=Benjamin Zablocki|author-link2=Thomas Robbins (sociologist)}}</ref>{{Rp|348–56}} "कल्ट" शब्द को आमतौर पर अपमानजनक माना जाता है। ''कल्ट'' शब्द का एक पुराना अर्थ उन धार्मिक परंपराओं पर स्थित है जो अपनी संस्कृति, किसी विशेष व्यक्ति या ईश्वर, और जगह से जुड़ी हैं।<ref>{{OED|cult}} - "2.a. A particular form or system of religious worship or veneration, esp. as expressed in ceremony or ritual directed towards a specified figure or object."</ref> उदाहरण के लिए कैथोलिक संत के संदर्भ में कल शब्द या प्राचीन रोम के शाही पंत के संदर्भ में कल शब्द का प्रयोग किया जाता है। जहाँ एक तरफ यह शब्द अभी भी अपने शाब्दिक और मूल अर्थ में प्रयोग किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर १९वीं शताब्दी में ''अत्यधिक भक्ति'' का एक व्युत्पन्न अर्थ उत्पन्न हुआ।<ref group="lower-roman">Compare the ''[[ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी|Oxford English Dictionary]]'' note for usage in 1875: "cult:…b. A relatively small group of people having (esp. religious) beliefs or practices regarded by others as strange or sinister, or as exercising excessive control over members.… 1875 ''Brit. Mail 30'' Jan. 13/1 Buffaloism is, it would seem, a cult, a creed, a secret community, the members of which are bound together by strange and weird vows, and listen in hidden conclave to mysterious lore." {{OED|cult}}</ref> फिर १९३० के दशक की शुरुआत में कल्ट [[धार्मिक अध्ययन|धार्मिक व्यवहार के अध्ययन]] के संदर्भ में [[समाजशास्त्र|समाजशास्त्रीय अध्ययन]] का एक उद्देश्य बन गया।<ref>[[Erwin Fahlbusch|Fahlbusch, Erwin]], and [[Geoffrey W. Bromiley|Geoffrey William Bromiley]]. [https://books.google.com/books?id=C5V7oyy69zgC&pg=PA897 ''The Encyclopedia of Christianity'' 4]. p. 897. Retrieved 21 March 2013.</ref> १९४० के दशक से ईसाई विरोधी कल्ट आंदोलन ने कुछ लघुपंथों और नए धार्मिक आंदोलनों का विरोध किया है, उन्हें उनके अपरंपरागत विश्वासों के कारण ''कल्ट'' कहा है। १९७० के दशक के बाद से धर्मनिरपेक्ष विरोधी कल्ट आंदोलन ने कुछ समूहों का विरोध किया है और हिंसा के कृत्यों की प्रतिक्रिया के रूप में उन कल्टों पर अक्सर [[विचार-नियंत्रण|विचारनियंत्रण]] का अभ्यास करने का आरोप लगाया है। विद्वानों और संचार ने कल्ट-विरोधी आंदोलनों के कुछ दावों और कार्यों पर विवाद किया है, जिससे सार्वजनिक विवाद और बढ़ गया है। धार्मिक आंदोलनों के समाजशास्त्रीय वर्गीकरण एक कल्ट की पहचान सामाजिक रूप से विचलित या उपन्यास मान्यताओं और प्रथाओं के साथ एक सामाजिक समूह के रूप में कर सकते हैं<ref>{{Harvnb|Stark|Bainbridge|1996|p=124}}</ref> हालांकि यह अक्सर अस्पष्ट होता है।<ref>[[OED]], citing ''[[American Journal of Sociology]]'' 85 (1980). p. 1377: "Cults…like other deviant social movements, tend to recruit people with a grievance, people who suffer from a some variety of deprivation."</ref><ref name=":0">Shaw, Chuck. 2005. "[http://shawcss.tripod.com/REL101/society/sects.htm Sects and Cults]." [[Greenville Technical College]]. Retrieved 21 March 2013.</ref><ref>Olson, Paul J. 2006. "The Public Perception of 'Cults' and 'New Religious Movements'." Journal for the Scientific Study of Religion 45 (1): 97–106</ref> अन्य शोधकर्ता लघुपंथों की एक कम संगठित तस्वीर पेश करके कहते हैं कि वे नए विश्वासों और प्रथाओं के आसपास अनायास उत्पन्न होते हैं।<ref>{{Harvnb|Stark|Bainbridge|1987}}</ref> ''कल्ट'' के रूप में वर्णित किए गए समूहों का आकार स्थानीय समूहों से कुछ अनुयायियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के लाखों अनुयायियों के साथ होता है। == परिभाषा == अंग्रेजी बोलने वाली दुनिया में ''कल्ट'' शब्द का अक्सर [[ह्रासकारी|अपमानजनक]] अर्थ होता है।<ref>[[cf.]] Brink, T. L. 2008. "[https://resources.saylor.org/wwwresources/archived/site/wp-content/uploads/2011/01/TLBrink_PSYCH13.pdf Unit 13: Social Psychology]." Pp. 293–320 in ''Psychology: A Student Friendly Approach''. p. 320: "Cult is a somewhat derogatory term for a [[new religious movement]], especially one with unusual theological doctrine or one that is abusive of its membership."</ref> इस अर्थ में इसे एक [[व्यक्तिपरकता|व्यक्तिपरक]] शब्द माना गया है जिसका उपयोग अलग-अलग सिद्धांतों या प्रथाओं वाले समूहों के खिलाफ एक [[व्यक्ति-केन्द्रित कुतर्क|व्यक्ति-केंद्रित कुतर्क]] के रूप में किया जाता है।<ref name=":0"/><ref>Bromley, David Melton, and J. Gordon. 2002. ''Cults, Religion, and Violence''. West Nyack, NY: [[कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस]].</ref> जैसे [[धार्मिक अध्ययन|धर्म विद्वान]] मेगन गुडविन ने कल्ट ''शब्द को'' परिभाषित किया है, जब इसे आम आदमी द्वारा प्रयोग किया जाता है, जैसा कि अक्सर "वह [[धर्म (पंथ)|धर्म]] जो मुझे पसंद नहीं है" के लिए आशुलिपि है।<ref>Ingram, Wayne, host. "[https://religion.ua.edu/wp-content/uploads/2017/08/Ep_-2-Turkey-Ritual.pdf Turkey Ritual]" (transcript). Ep. 2 in ''Study Religion'' (podcast). Birmingham: Dept. of Religious Studies, [[University of Alabama]].</ref> १९७० के दशक में [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] विरोधी कल्ट आंदोलनों के उदय के साथ विद्वानों (आम जनता के अलावा) ने ''कल्ट'' शब्द के उपयोग को छोड़ना शुरू कर दिया। ''द ऑक्सफोर्ड हैंडबुक ऑफ रिलिजियस मूवमेंट्स'' (अंग्रेज़ी: ''The Oxford Handbook of Religious Movements'', अर्थात धार्मिक आंदोलनों के ऊपर ऑक्सफोर्ड की पुस्तिका) के अनुसार, "दशक के अंत तक, 'नए धर्म' शब्द वस्तुतः 'कल्ट' शब्द को उन सभी बचे हुए समूहों का वर्णन करने के लिए बदल देगा जो गिरजाघर या लघुपंथ के लेबल के तहत आसानी से फिट नहीं होते थे।"<ref name="Lewis, 2004">{{Harvnb|Lewis|2004}}</ref> [[समाजशास्त्र|समाजशास्त्री]] एमी रायन (२०००) ने उन समूहों को अलग करने की आवश्यकता के लिए तर्क दिया है जो अधिक सौम्य समूहों से खतरनाक हो सकते हैं।<ref>Ryan, Amy. 2000. ''[https://web.archive.org/web/20051118223258/http://rand.pratt.edu/~giannini/newreligions.html New Religions and the Anti-Cult Movement: Online Resource Guide in Social Sciences].'' Archived from the [http://rand.pratt.edu/~giannini/newreligions.html#Definitions original] on 18 November 2005.</ref> रायन कल्ट विरोधियों द्वारा प्रस्तावित परिभाषाओं के बीच तीव्र अंतर को विख्यात करतीं हैं जो नकारात्मक विशेषताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं, और जो समाजशास्त्रियों द्वारा प्रस्तुत किए जाते हैं, जिनका लक्ष्य मूल्य-मुक्त परिभाषाएँ बनाना है। स्वयं आंदोलनों की धर्म की अलग-अलग परिभाषाएँ भी हो सकती हैं।<ref>[[Bryan R. Wilson|Wilson, Bryan]]. 2001. "[https://www.scribd.com/document/115621228/Why-the-Bruderhof-is-not-a-cult-by-Bryan-Wilson Why the Bruderhof is not a cult]." Retrieved 12 July 2017. p. 2. – via Scribd: Wilson makes the same point, saying that the [[Bruderhof Communities|Bruderhof]] is not a cult, pointing out that the public imagination is captured by five events that have occurred in religious groups: [[Jonestown]], the [[Branch Davidians]], [[Order of the Solar Temple|Solar Temple]], [[Aum Shinrikyo]], and [[Heaven's Gate (religious group)|Heaven's Gate]].</ref> जॉर्ज क्राइसाइड्स भी बहस में आम जमीन की अनुमति देने के लिए बेहतर परिभाषाएँ विकसित करने की आवश्यकता का हवाला देते हैं। कसिनो (१९९९) इस मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के लिए महत्वपूर्ण के रूप में प्रस्तुत करते हैं। धर्म की परिभाषा को सीमित करने से धर्म की स्वतंत्रता में बाधा आ सकती है, जबकि बहुत व्यापक परिभाषा कुछ खतरनाक या अपमानजनक समूहों को "सभी अवांछित कानूनी दायित्वों से बचने के लिए एक असीम बहाना" दे सकती है।<ref name="Casino-DefiningReligion">Casino. Bruce J. 15 March 1999. "[https://web.archive.org/web/20051110101400/http://www.religiousfreedom.com/articles/casino.htm Defining Religion in American Law]" (lecture). ''Conference On The Controversy Concerning Sects In French-Speaking Europe''. Sponsored by [[CESNUR]] and CLIMS. Archived from the [http://www.religiousfreedom.com/articles/casino.htm original] on 10 November 2005.</ref> == नवधार्मिक आंदोलन == [[चित्र:Church-sect_continuum.svg|दाएँ|अंगूठाकार|400x400पिक्सेल| हावर्ड पी. बेकर की गिरजाघर-लघुपंथ वर्गीकरण, अर्न्स्ट ट्रॉल्त्श के मूल सिद्धांत पर आधारित है और कल्ट, लघुपंथों और नए धार्मिक आंदोलनों की आधुनिक अवधारणाओं के लिए आधार प्रदान करती है]] एक नवधार्मिक आंदोलन एक धार्मिक समुदाय या आधुनिक उत्पत्ति का आध्यात्मिक समूह है (१८०० के दशक के मध्य से) जिसका समाज की प्रमुख धार्मिक संस्कृति के भीतर एक परिधीय स्थान है। नवधार्मिक आंदोलन मूल रूप से या व्यापक धर्म के हिस्से में उपन्यास हो सकते हैं, इस मामले में वे पहले से मौजूद लघुपंथों से अलग हैं।<ref name="Clarke, Peter B 2006">Clarke, Peter B. 2006. ''New Religions in Global Perspective: A Study of Religious Change in the Modern World''. New York: Routledge.</ref> १९९९ में एलीन बार्कर ने अनुमान लगाया कि नवधार्मिक आंदोलन, जिनमें से कुछ को लेकिन सभी को कल्ट के रूप में लेबल नहीं किया गया है, दुनिया भर में हजारों की संख्या में हैं जिनमें से अधिकांश [[एशिया]] या [[अफ़्रीका|अफ्रीका]] में उत्पन्न हुए हैं; और उनमें से अधिकांश के पास केवल कुछ ही सदस्य हैं, कुछ के पास हजारों हैं और बहुत कम के पास एक लाख से अधिक हैं। २००७ में [[धार्मिक अध्ययन|धार्मिक विद्वान]] एलिय्याह सीगलर ने टिप्पणी की कि हालांकि कोई भी नवधार्मिक आंदोलन किसी भी देश में प्रमुख विश्वास नहीं बन पाया था, कई अवधारणाएं जिन्हें उन्होंने पहली बार पेश किया था (अक्सर "[[न्यू एज]]" विचारों के रूप में संदर्भित) दुनिया भर में मुख्यधारा की संस्कृति का हिस्सा बन गए हैं।<ref name="siegler2007">[[एलियाह सीगलर|Siegler, Elijah]]. 2007. ''New Religious Movements''. [[शागिर्द कक्ष|Prentice Hall]]. {{ISBN|0131834789}}.</ref>{{Rp|51}} == विद्वतापूर्ण अध्ययन == [[चित्र:Max_Weber_1894.jpg|अंगूठाकार|267x267पिक्सेल| लघुपंथों का अध्ययन करने वाले पहले विद्वानों में से एक, [[मैक्स वेबर]] (१८६४-१९२०)।]] समाजशास्त्री [[मैक्स वेबर]] (१८६४-१९२०) ने पाया कि करिश्माई नेतृत्व पर आधारित कल्ट अक्सर [[करिश्मावादी नेतृत्व|करिश्मा के नियमितीकरण]] का पालन करते हैं। <ref>[[Max Weber|Weber, Max]]. [1922] 1947. "The Nature of Charismatic Authority and its Routinization." Ch. 4§10 in ''Theory of Social and Economic Organization,'' translated by A. R. Anderson and [[Talcott Parsons|T. Parsons]]. [http://www.textlog.de/7415.html Available in its original German].</ref> समाजशास्त्रीय वर्गीकरण के रूप में कल्ट की अवधारणा, हालांकि १९३२ में अमेरिकी समाजशास्त्री हावर्ड पॉल बेकर द्वारा जर्मन धर्मशास्त्री अर्नस्ट ट्रॉएल्त्श की ''गिरजाघर-लघुपंथ वर्गीकरण'' के विस्तार के रूप में पेश की गई थी। ट्रॉएल्त्श का उद्देश्य तीन मुख्य प्रकार के धार्मिक व्यवहारों के बीच अंतर करना था: गिरजाघरिक, [[साम्प्रदायिकता|सांप्रदायिक]] और [[रहस्यवाद|रहस्यमायिक]]। बेकर ने ट्रॉल्त्श की पहली दो श्रेणियों को और विभाजित किया: ''गिरजाघर को'' ''[[कलीसिया]]'' और ''डेनोमीनेशन'' में विभाजित किया गया; और ''लघुपंथ को'' ''लघुपंथ'' और ''कल्ट'' में।<ref name="SwatosEncy">{{Cite book|title=Encyclopedia of Religion and Society|url=https://archive.org/details/encyclopediaofre0000unse_j2f3|last=Swatos|first=William H. Jr.|publisher=AltaMira|year=1998|isbn=978-0761989561|editor-last=William H. Swatos Jr.|location=Walnut Creek, CA|pages=[https://archive.org/details/encyclopediaofre0000unse_j2f3/page/90 90]–93|chapter=Church-Sect Theory}}</ref> ट्रॉल्त्श के "रहस्यमय धर्म" की तरह बेकर का कल्ट छोटे धार्मिक समूहों को संदर्भित करता है जो संगठन में कमी रखते हैं और व्यक्तिगत विश्वासों की निजी प्रकृति पर जोर देते हैं।<ref name="CampbellEncy">{{Cite book|title=Encyclopedia of Religion and Society|url=https://archive.org/details/encyclopediaofre0000unse_j2f3|last=Campbell|first=Colin|publisher=AltaMira|year=1998|isbn=978-0761989561|editor-last=William H. Swatos Jr.|location=Walnut Creek, CA|pages=[https://archive.org/details/encyclopediaofre0000unse_j2f3/page/122 122]–123|chapter=Cult}}</ref> बाद में इस तरह की विशेषताओं पर निर्मित समाजशास्त्रीय सूत्रीकरण, विचलित धार्मिक समूहों के रूप में कल्टों पर अतिरिक्त जोर देते हुए, "प्रमुख धार्मिक संस्कृति के बाहर से अपनी प्रेरणा प्राप्त करते हैं।" यह अक्सर समूह और इसके आसपास की अधिक मुख्यधारा की संस्कृति के बीच उच्च स्तर के तनाव का कारण माना जाता है, जो धार्मिक लघुपंथों के साथ साझा की जाने वाली विशेषता है।<ref>{{Harvnb|Stark|Bainbridge|1987}}</ref> इस समाजशास्त्रीय शब्दावली के अनुसार ''लघुपंथ'' धार्मिक विद्वता के उत्पाद हैं और इसलिए पारंपरिक मान्यताओं और प्रथाओं के साथ एक निरंतरता बनाए रखते हैं, जबकि कल्ट नए विश्वासों और प्रथाओं के आसपास सहज रूप से उत्पन्न होते हैं।<ref>{{Harvnb|Stark|Bainbridge|1987}}</ref> १९६० के दशक की शुरुआत में समाजशास्त्री जॉन लोफलैंड, दक्षिण कोरियाई [[धर्मप्रचारक|मिशनरी]] युंग ऊन किम और [[कैलिफ़ोर्निया]] में कुछ पहले अमेरिकी [[एकीकरण चर्च|एकीकरण गिरजाघर]] के सदस्यों के साथ रहते हुए अपने विश्वासों को बढ़ावा देने और नए सदस्यों को जीतने की कोशिश में उनकी गतिविधियों का अध्ययन किया।<ref>[http://www.uc-history.us/GalenHistory/Forward.htm The Early Unification Church History] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120222192756/http://www.uc-history.us/GalenHistory/Forward.htm|date=22 February 2012}}, Galen Pumphrey</ref> लोफलैंड ने विख्यात किया कि उनके अधिकांश प्रयास अप्रभावी थे और इसमें शामिल होने वाले अधिकांश लोगों ने अन्य सदस्यों के साथ व्यक्तिगत संबंधों, अक्सर पारिवारिक संबंधों के कारण ऐसा किया। लोफलैंड ने १९६४ में "द वर्ल्ड सेवर्स: ए फील्ड स्टडी ऑफ कल्ट प्रोसेसेज" नामक डॉक्टरेट थीसिस के रूप में अपने निष्कर्षों को प्रकाशित किया और १९६६ में प्रेंटिस-हॉल द्वारा पुस्तक के रूप में ''कयामत कल्ट: ए स्टडी ऑफ कन्वर्जन, प्रॉसेलिटाइजेशन एंड मेंटेनेंस ऑफ फेथ'' (अंग्रेज़ी: ''Doomsday Cult: A Study of Conversion, Proselytization and Maintenance of Faith'', अर्थात कयामत कल्ट: धर्मपरिवर्तन और मान्यता को कायम रखने पर अध्ययन) के रूप में प्रकाशित किया। इसे धार्मिक रूपांतरण की प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से उद्धृत अध्ययनों में से एक माना जाता है। समाजशास्त्री रॉय वालिस (१९४५-१९९०) ने तर्क दिया कि एक कल्ट "[[ज्ञानमीमांसा|ज्ञानमीमांसात्मक]] [[व्यक्तिवाद]]" की विशेषता है, जिसका अर्थ है कि "कल्ट के पास व्यक्तिगत सदस्य से परे अंतिम अधिकार का कोई स्पष्ट ठिकाना नहीं है।" वालिस के अनुसार कल्टों को आम तौर पर "सदस्यों और गैर-सदस्यों के बीच स्पष्ट अंतर" के बिना "सदस्यों पर कुछ मांगें" बनाते हुए, "व्यक्तियों की समस्याओं के प्रति उन्मुख, शिथिल संरचित, सहिष्णु [और] गैर-अनन्य" , "सदस्यता का तेजी से कारोबार" होना और अस्पष्ट सीमाओं और अस्थिर विश्वास प्रणालियों के साथ क्षणिक सामूहिक होने के नाते वर्णित किया जाता है। वालिस का दावा है कि कल्ट "सांस्कृतिक परिवेश" से निकलते हैं। जॉन गॉर्डन मेल्टन ने कहा कि १९७० में "कोई व्यक्ति अपने हाथों से नए धर्मों पर सक्रिय शोधकर्ताओं की संख्या की गणना कर सकता है।" हालांकि जेम्स आर लुईस लिखते हैं कि अध्ययन के इस क्षेत्र में ''उल्कापिंड वृद्धि'' को १९७० के दशक की शुरुआत के कल्ट विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। १९६० के दशक के अंत और १९७० के दशक की शुरुआत में ''गैर-पारंपरिक धार्मिकता की लहर'' के कारण शिक्षाविदों ने नए धार्मिक आंदोलनों को पिछले धार्मिक नवाचारों से अलग घटना के रूप में माना।<ref name="Lewis, 2004">{{Harvnb|Lewis|2004}}</ref> १९७८ में ब्रूस कैंपबेल ने कहा कि कल्ट व्यक्ति में एक दिव्य तत्व में विश्वासों से जुड़े हैं; यह या तो ''[[आत्मा]]'' है, ''स्वयं'' है, या ''सच्चा आत्म'' है। कल्ट स्वाभाविक रूप से अल्पकालिक और शिथिल रूप से संगठित हैं। हाल के कई कार्यों में एक प्रमुख विषय है जो कल्ट और [[रहस्यवाद]] के बीच के संबंध को दर्शाता है। कैंपबेल कल्टों को व्यक्ति में एक दैवीय तत्व में विश्वास के आधार पर गैर-पारंपरिक धार्मिक समूहों के रूप में वर्णित करते हुए इस तरह के दो प्रमुख प्रकारों को ध्यान में लाते हैं, '''रहस्यमय''' और '''वाद्य''', जो कल्टों को या तो मनोगत या [[तत्त्वमीमांसा|आध्यात्मिक]] सभा में विभाजित करते हैं। एक तीसरा प्रकार भी है, '''सेवा-उन्मुख''', जिसपर कैंपबेल कहते हैं, "धार्मिक संगठन के विकास में विकसित होने वाले स्थिर रूपों के संस्थापक या संस्थापकों के धार्मिक अनुभव की सामग्री के लिए एक महत्वपूर्ण संबंध होगा।"<ref name="Bruce Campbell 1978">Campbell, Bruce. 1978. "A Typology of Cults." ''Sociology Analysis''. Santa Barbara.</ref> डिक एंथोनी, एक [[न्यायालयिक मनोविज्ञान|फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक]], जो रूपांतरण के [[विचार-नियंत्रण|विचारनियंत्रण]] सिद्धांत की आलोचना के लिए जाने जाते हैं,<ref name="Oldenburg">Oldenburg, Don. [2003] 2003. "[https://web.archive.org/web/20110501144721/http://www.crimlaw.org/defbrief269.html Stressed to Kill: The Defense of Brainwashing; Sniper Suspect's Claim Triggers More Debate]." ''Defence Brief'' 269. Toronto: Steven Skurka & Associates. Archived from the [http://www.crimlaw.org/defbrief269.html original] on 1 May 2011.</ref><ref>{{Harvnb|Dawson|1998}}</ref> ने कुछ तथाकथित कल्टों का बचाव किया है, और १९८८ में तर्क दिया कि ऐसे आंदोलनों में शामिल होना अक्सर हानिकारक के बजाय फायदेमंद हो सकता है, कहते हुए कि "यहाँ नए धर्मों के मानसिक स्वास्थ्य प्रभावों पर मुख्यधारा की पत्रिकाओं में प्रकाशित एक बड़ा [[वैज्ञानिक साहित्य|शोध साहित्य]] है। अधिकांश भाग के लिए प्रभाव किसी भी तरह से सकारात्मक प्रतीत होता है जो औसत दर्जे का है।"<ref name="Sipchen">[[Bob Sipchen|Sipchen, Bob]]. 17 November 1988. "[https://articles.latimes.com/1988-11-17/news/vw-257_1_cult-battle/3 Ten Years After Jonestown, the Battle Intensifies Over the Influence of 'Alternative' Religions]." ''[[लॉस एंजिल्स टाइम्स]].''</ref> १९९६ की अपनी पुस्तक ''थ्योरी ऑफ रिलिजन'' में अमेरिकी समाजशास्त्री रोडनी स्टार्क और विलियम सिम्स बैनब्रिज ने प्रस्ताव दिया कि लघुपंथों के गठन को तर्कसंगत विकल्प सिद्धांत के माध्यम से समझाया जा सकता है।<ref name="stark1996">{{Harvnb|Stark|Bainbridge|1996}}</ref> ''धर्म के भविष्य'' में वे टिप्पणी करते हैं कि "शुरुआत में सभी धर्म अस्पष्ट, छोटे, पथभ्रष्ट कल्ट आंदोलन हैं।" [[न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय|एनवाईयू]] में मनश्चिकित्सा के प्रोफेसर मार्क गैलेन्टर के अनुसार, लोगों के कल्ट में शामिल होने के विशिष्ट कारणों में समुदाय की खोज और आध्यात्मिक खोज शामिल है। स्टार्क और बैनब्रिज ने उस प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए जिसके द्वारा व्यक्ति नए धार्मिक समूहों में शामिल होते हैं, यहाँ तक कि ''[[धर्मांतरण|रूपांतरण]]'' की अवधारणा की उपयोगिता पर सवाल उठाया है, यह सुझाव देते हुए कि ''संबद्धता'' एक अधिक उपयोगी अवधारणा है।<ref>Bader, Chris, and A. Demaris. 1996. "A test of the Stark-Bainbridge theory of affiliation with religious cults and sects''."'' ''[[Journal for the Scientific Study of Religion]]'' 35:285–303.</ref> == उपश्रेणियाँ == === विनाशकारी लघुपंथ === [[चित्र:Rev._Jim_Jones,_1977_(cropped)2.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| पीपल्स टेम्पल के नेता जिम जोन्स]] ''विनाशकारी कल्ट'' आमतौर पर उन समूहों को संदर्भित करता है जिनके सदस्यों ने जानबूझकर कार्रवाई के माध्यम से अपने समूह या अन्य लोगों के अन्य सदस्यों को शारीरिक रूप से घायल या मार डाला है। धार्मिक सहिष्णुता पर ओंटारियो कंसल्टेंट्स विशेष रूप से धार्मिक समूहों के लिए शब्द के उपयोग को सीमित करते हैं जो "उनकी सदस्यता या आम जनता के बीच जीवन की हानि का कारण बनते हैं या उत्तरदायी हैं।"<ref>{{Cite web|url=http://www.religioustolerance.org/destruct.htm|title=Doomsday, destructive religious cults|last=Robinson|first=B.A.|date=<!-- last updated -->25 July 2007|website=[[Ontario Consultants on Religious Tolerance]]|access-date=18 November 2007}}</ref> कल्ट-विरोधी समूह अंतर्राष्ट्रीय कल्ट ज्ञान संगठन के कार्यकारी निदेशक मनोवैज्ञानिक माइकल लैंगोन, एक विनाशकारी कल्ट को "एक अत्यधिक हेरफेर करने वाला समूह जो शोषण करता है और कभी-कभी शारीरिक और/या मनोवैज्ञानिक रूप से सदस्यों और भर्ती को नुकसान पहुंचाता है" के रूप में परिभाषित करता है।<ref>{{Cite book|title=Differential Diagnosis & Treatment in Social Work|url=https://archive.org/details/differentialdiag0004unse_l2g6|last=Turner|first=Francis J.|last2=Arnold Shanon Bloch, Ron Shor|date=1 September 1995|publisher=Free Press|isbn=0028740076|edition=4th|page=[https://archive.org/details/differentialdiag0004unse_l2g6/page/1146 1146]|chapter=105: From Consultation to Therapy in Group Work With Parents of Cultists}}</ref> जॉन गॉर्डन क्लार्क ने तर्क दिया कि शासन की [[सर्वसत्तावाद|अधिनायकवादी]] व्यवस्था और [[मुद्रा (विनिमय माध्यम)|पैसा]] बनाने पर जोर एक विनाशकारी कल्ट की विशेषताएं हैं।<ref>{{Cite journal|last=Clark, M.D.|first=John Gordon|author-link=John Gordon Clark|date=4 November 1977|title=The Effects of Religious Cults on the Health and Welfare of Their Converts|url=http://www.csj.org/infoserv_articles/press_jones_congress.htm|journal=[[Congressional Record]]|publisher=[[United States Congress]]|volume=123|issue=181|pages=Extensions of Remarks 37401–03|archive-url=https://web.archive.org/web/20051216095942/http://www.csj.org/infoserv_articles/press_jones_congress.htm|archive-date=16 December 2005|access-date=18 November 2007}}</ref> ''कल्ट्स एंड द फैमिली'' में लेखक शापिरो का हवाला देते हैं, जो ''विनाशकारी कल्ट को'' एक [[मनोविकृति]] [[संलक्षण]] के रूप में परिभाषित करता है, जिसके विशिष्ट गुणों में शामिल हैं: "व्यवहार और व्यक्तित्व परिवर्तन, व्यक्तिगत पहचान की हानि, विद्वतापूर्ण गतिविधियों की समाप्ति, परिवार से अलगाव, समाज में उदासीनता और धार्मिक नेताओं द्वारा स्पष्ट मानसिक नियंत्रण और दासता।"<ref>{{Cite book|title=Cults and the Family|url=https://archive.org/details/cultsfamily0000unse|last=Kaslow|first=Florence Whiteman|last2=Marvin B. Sussman|publisher=Haworth Press|year=1982|isbn=0917724550|page=[https://archive.org/details/cultsfamily0000unse/page/34 34]}}</ref> रटगर्स विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र के प्रोफेसर बेंजामिन ज़ब्लॉकी की राय में ''विनाशकारी कल्ट'' सदस्यों के लिए अपमानजनक बनने के उच्च जोखिम में हैं, यह बताते हुए कि ऐसा [[करिश्मावादी नेतृत्व|करिश्माई नेताओं]] के सदस्यों के प्रशंसा के कारण होता है, जो नेताओं को सत्ता से भ्रष्ट होने में योगदान देता है। बैरेट के अनुसार, विनाशकारी लघुपंथों के खिलाफ लगाया जाने वाला सबसे आम आरोप यौन शोषण है। क्रानेंबोर्ग के अनुसार, कुछ समूह जोखिम भरे होते हैं जब वे अपने सदस्यों को नियमित चिकित्सा देखभाल का उपयोग न करने की सलाह देते हैं। इससे शारीरिक और मानसिक नुकसान हो सकता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.reveal.org/library/psych/The%20Impact%20of%20Cults%20on%20Health.pdf|title=The impacts of cults on health}}</ref> ''मिसअंडरस्टैंडिंग कल्ट्स: सर्चिंग फॉर ऑब्जेक्टिविटी इन अ कॉन्ट्रोवर्शियल फील्ड'' (अंग्रेज़ी: ''Misunderstanding Cults: Searching for Objectivity in a Controversial Field'', अर्थात कल्टों की गलतफहमी:एक विवादित श्रेणी में निष्पक्षतवाद ढूँढना) नामक पुस्तक में ब्रुडरहोफ समुदायों के बारे में लिखते हुए जूलियस एच. रुबिन ने कहा कि अमेरिकी धार्मिक नवाचार ने लघुपंथों की एक अंतहीन विविधता का निर्माण किया। इन "नए धार्मिक आंदोलनों... ने नए धर्मांतरित लोगों को इकट्ठा किया और व्यापक समाज के लिए चुनौतियाँ जारी कीं। अक्सर नहीं, सार्वजनिक विवाद, विवादित आख्यान और मुकदमेबाजी का परिणाम।"<ref name="ZablockiRobbins"/> अपने काम ''कल्ट्स इन कॉन्टेक्स्ट'' में लेखक लोर्ने एल. डावसन लिखते हैं कि हालांकि [[एकीकरण चर्च|एकीकरण गिरजाघर]] को "हिंसक या अस्थिर नहीं दिखाया गया है," इसे "विरोधी धर्मयोद्धाओं" द्वारा एक विनाशकारी कल्ट के रूप में वर्णित किया गया है। <ref>{{Harvnb|Dawson|1998}}</ref> २००२ में जर्मन सरकार को संघीय संवैधानिक न्यायालय द्वारा अन्य बातों के अलावा, बिना किसी तथ्यात्मक आधार के "विनाशकारी कल्ट" के रूप में संदर्भित करके [[ओशो|ओशो आंदोलन]] को [[मानहानि|बदनाम करने]] के लिए आयोजित किया गया था।<ref>Seiwert, Hubert. 2003. "[https://archive.today/2012.07.08-164142/http://findarticles.com/p/articles/mi_m0SOR/is_3_64/ai_109568884/pg_4 Freedom and Control in the Unified Germany: Governmental Approaches to Alternative Religions Since 1989]." ''[[Sociology of Religion (journal)|Sociology of Religion]]'' 64(3):367–375, p. 370.</ref> कुछ शोधकर्ताओं ने ''विनाशकारी कल्ट'' शब्द के उपयोग की आलोचना करते हुए लिखा है कि इसका उपयोग उन समूहों का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो आवश्यक रूप से स्वयं या दूसरों के लिए प्रकृति में हानिकारक नहीं हैं। अपनी पुस्तक ''अंडरस्टैंडिंग न्यू रिलिजियस मूवमेंट्स'' में जॉन ए सलीबा लिखते हैं कि यह शब्द अतिसामान्य है। सलीबा पीपल्स टेम्पल को "एक विनाशकारी कल्ट के प्रतिमान" के रूप में देखता है, जहां इस शब्द का उपयोग करने वालों का अर्थ है कि अन्य समूह भी सामूहिक आत्महत्या करेंगे।<ref name="saliba">{{Cite book|title=Understanding New Religious Movements|last=Saliba|first=John A.|last2=[[J. Gordon Melton]], foreword|publisher=Rowman Altamira|year=2003|isbn=0759103569|page=144}}</ref> === कयामत कल्ट === ''कयामत कल्ट'' एक अभिव्यक्ति है जिसका उपयोग उन समूहों का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो सर्वनाशवाद और सहस्राब्दीवाद में विश्वास करते हैं, और इसका उपयोग उन दोनों समूहों को संदर्भित करने के लिए भी किया जा सकता है जो [[आपदा|आपदा की]] भविष्यवाणी करते हैं, और ऐसे समूह जो इसे लाने का प्रयास करते हैं।<ref name="jenkins">{{Cite book|title=Mystics and Messiahs: Cults and New Religions in American History|url=https://archive.org/details/mysticsmessiahsc0000jenk|last=Jenkins|first=Phillip|publisher=[[Oxford University Press]], US|year=2000|isbn=0195145968|pages=[https://archive.org/details/mysticsmessiahsc0000jenk/page/216 216], 222}}</ref> १९५० के दशक में अमेरिकी [[समाज मनोविज्ञान|सामाजिक मनोवैज्ञानिक]] लियोन फेस्टिंगर और उनके सहयोगियों ने कई महीनों तक एक छोटे से यूएफओ धर्म के सदस्यों का अवलोकन किया, जिन्हें साधक कहा जाता है, और उनके करिश्माई नेता की असफल भविष्यवाणी से पहले और बाद में उनकी बातचीत को रिकॉर्ड किया।<ref name="stangor">{{Cite book|title=Social Groups in Action and Interaction|url=https://archive.org/details/socialgroupsinac0000stan|last=Stangor|first=Charles|publisher=Psychology Press|year=2004|isbn=184169407X|pages=42–43: "When Prophecy Fails"}}</ref><ref>{{Cite book|title=Sociology: Exploring the Architecture of Everyday Life|last=Newman|first=Dr. David M.|publisher=Pine Forge Press|year=2006|isbn=1412928141|page=86}}</ref><ref name="petty">{{Cite book|title=Attitudes and Persuasion: Classic and Contemporary Approaches|url=https://archive.org/details/attitudespersuas0000pett|last=Petty|first=Richard E.|last2=John T. Cacioppo|publisher=Westview Press|year=1996|isbn=081333005X|page=139: "Effect of Disconfirming an Important Belief"}}</ref> उनका काम बाद ''में व्हेन प्रोफेसी फेल्स: ए सोशल एंड साइकोलॉजिकल स्टडी ऑफ ए मॉडर्न ग्रुप दैट प्रेडिक्टेड द डिस्ट्रक्शन ऑफ द वर्ल्ड'' (अंग्रेज़ी: ''When Prophecy Fails: A Social and Psychological Study of a Modern Group that Predicted the Destruction of the World'', अर्थात जब भविश्वानी विफल हो जाए: एक आधुनिक संगठन का सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण जिसने दुनिया के नाश की भविष्यवाणी की थी) में प्रकाशित हुआ।<ref name="festinger">{{Cite book|url=http://www.whenprophecyfails.org/|title=When Prophecy Fails: A Social and Psychological Study of a Modern Group that Predicted the Destruction of the World|last=Festinger|first=Leon|last2=Riecken|first2=Henry W.|last3=Schachter|first3=Stanley|publisher=University of Minnesota Press|year=1956|isbn=1591477271|author-link=Leon Festinger|author-link2=Henry Riecken|author-link3=Stanley Schachter|archive-url=https://web.archive.org/web/20030203224945/http://www.whenprophecyfails.org/|archive-date=2003-02-03}}</ref> १९८० के दशक के उत्तरार्ध में कयामत का दिन समाचार रिपोर्टों का एक प्रमुख विषय था, कुछ पत्रकारों और टिप्पणीकारों ने उन्हें समाज के लिए एक गंभीर खतरा माना।<ref>[[Philip Jenkins|Jenkins, Philip]]. 2000. ''Mystics and Messiahs: Cults and New Religions in American History.'' Oxford University Press. pp. 215–216.</ref> फेस्टिंगर, रीकेन और स्कैचर द्वारा १९९७ के एक मनोवैज्ञानिक अध्ययन में पाया गया कि मुख्यधारा के आंदोलनों में अर्थ खोजने में बार-बार विफल होने के बाद लोग एक कयामतकारी विश्वदृष्टि की ओर मुड़ गए।<ref name="pargament">{{Cite book|title=The Psychology of Religion and Coping: Theory, Research, Practice|url=https://archive.org/details/psychologyofreli0000parg|last=Pargament|first=Kenneth I.|publisher=Guilford Press|year=1997|isbn=1572306645|pages=150–153, 340, section: "Compelling Coping in a Doomsday Cult"|author-link=Kenneth Pargament}}</ref> लोग वैश्विक घटनाओं में अर्थ खोजने का भी प्रयास करते हैं जैसे कि सहस्राब्दी की बारी जब कई लोगों ने भविष्यवाणी की कि यह एक युग के अंत और इस प्रकार दुनिया के अंत को चिह्नित करता है। एक प्राचीन माया कैलेंडर वर्ष २०१२ में समाप्त हो गया और कई प्रत्याशित विनाशकारी आपदाएँ पृथ्वी को हिला देंगी।<ref>[[Matthew Restall|Restall, Matthew]], and Amara Solari. 2011. ''2012 and the End of the World: the Western Roots of the Maya Apocalypse''. [[Rowman & Littlefield]].</ref> === राजनीतिक कल्ट === [[चित्र:EAP_demonstrerar_mot_EU_-_2008-05-01_-_1.jpg|अंगूठाकार| लिस्बन की संधि का विरोध करते हुए [[स्टॉकहोम]] में लारूश आंदोलन के सदस्य]] एक राजनीतिक कल्ट एक कल्ट है जो [[राजनीति|राजनीतिक कार्रवाई]] और [[विचारधारा]] में प्राथमिक रुचि रखता है।<ref name=":3">Tourish, Dennis, and [[Tim Wohlforth]]. 2000. ''[[On the Edge: Political Cults Right and Left]]''. Armonk, NY: [[M. E. Sharpe]].</ref><ref>[[Janja Lalich|Lalich, Janja]]. 2003. "'[https://web.archive.org/web/20131029210722/http://www.icsahome.com/infoserv_bookreviews/bkrev_onedgeandtabernaclehate.htm On the Edge' and 'Tabernacle of Hate']" (review). ''[[Cultic Studies Review]]'' 2(2). Archived from the [http://www.icsahome.com/infoserv_bookreviews/bkrev_onedgeandtabernaclehate.htm original] on 29 October 2013. Retrieved 6 June 2020.</ref> समूह जिन्हें कुछ लोगों ने राजनीतिक कल्ट के रूप में वर्णित किया है, ज्यादातर दूर-वामपंथी या दूर-दराज़ एजेंडे की वकालत करते हैं, पत्रकारों और विद्वानों का कुछ ध्यान आकर्षित किया है। अपनी २००० की पुस्तक ''ऑन द एज: पॉलिटिकल कल्ट्स राइट एंड लेफ्ट'' में डेनिस टूरिश और टिम वोहलफोर्थ ने संयुक्त राज्य अमेरिका और ग्रेट ब्रिटेन में एक दर्जन संगठनों के बारे में चर्चा की, जिन्हें वे लघुपंथ के रूप में वर्णित करते हैं।<ref name=":3" /><ref>Tourish, Dennis. 1998. "[https://www.academia.edu/24768857/Ideological_Intransigence_Democratic_Centralism_and_Cultism_A_Case_Study Ideological Intransigence, Democratic Centralism and Cultism: A Case Study from the Political Left]." ''[[Cultic Studies Journal]]'' 15:33–67.</ref> एक अलग लेख में टूरिश कहते हैं कि उनके उपयोग में: {{Quote|कल्ट शब्द गाली नहीं है, जैसा ये पेपर समझाने की कोशिश कर रहा है। वो केवल कुछ आशुलिपि वाली अभिव्यक्तियाँ हैं जिसे अलग-अलग प्रकार के निष्क्रिय संगठनों में देखा गया है।}} १९९० में लुसी पैट्रिक ने टिप्पणी की:<ref>Patrick, Lucy. 1990. ''[[Library Journal]]'' 115(21):144. Mag.Coll.: 58A2543.</ref> {{Quote|भले ही हम एक लोकतंत्र में जीते हैं, कल्ट व्यवहार हमारे नेताओं पर सवाल उठाने की अनिच्छा, हमारी बाहरी लोगों को नीचा दिखाने और झगड़ा न मोलने से अपनी स्थापना करता है। हम कल्ट व्यवहार के ऊपर यह पहचानकर विजय पा सकते हैं कि हमारे पास निर्भरता की ज़रूरत है तो प्रौढ़ लोगों के लिए अनुचित है, जिसे हम सत्तावदी-विरोधी शिक्षा का बढ़ावा करके, और निजी स्वायत्तता और विचारों के स्वतंत्र आदान-प्रदान से हासिल कर सकते हैं।}} ईरान में "[[रुहोल्ला खोमैनी|खुमैनी]] का कल्ट" एक "धर्मनिरपेक्ष धर्म" के रूप में विकसित हुआ। ईरानी लेखक अमीर ताहेरी के अनुसार, खुमैनी को इमाम कहा जाता है, जो "ट्वेल्वर शियावाद को तेरह के कल्ट में बदल देता है।" खुमैनी की छवि विशाल चट्टानों और पहाड़ी ढलानों में उकेरी गई है, प्रार्थना उनके नाम के साथ शुरू और समाप्त होती है, और उनके फतवे उनकी मृत्यु के बाद भी मान्य रहते हैं (कुछ ऐसा जो शिया सिद्धांतों के खिलाफ जाता है)। ईरान में हिज़्बुल्लाह के युद्ध नारों के रूप में "गॉड, कुरान, खुमैनी" या "गॉड इज वन, खुमैनी इज द लीडर" जैसे नारे भी इस्तेमाल किए जाते हैं।<ref>{{Cite book|title=The Persian Night: Iran under the Khomeinist Revolution|url=https://archive.org/details/persiannightiran0000tahe|last=Amir Taheri|publisher=Encounter Books|year=2009|isbn=978-1594032400|pages=[https://archive.org/details/persiannightiran0000tahe/page/83 83]}}</ref> भले ही खुमैनी की तस्वीरें अभी भी कई सरकारी कार्यालयों में टंगी हैं, ऐसा कहा जाता है कि १९९० के दशक के अंत तक "खुमैनी का कल्ट फीका पड़ गया था"।<ref>{{Cite book|title=Persian Mirrors: The Elusive Face of Iran|url=https://archive.org/details/persianmirrorsel0000elai|last=Elaine Sciolino|publisher=Simon & Schuster|year=2005|isbn=978-0743284790|pages=[https://archive.org/details/persianmirrorsel0000elai/page/65 65]}}</ref> ==== आयन रैंड संस्थान ==== [[आयन रैंड]] के अनुयायियों को उनके जीवनकाल के दौरान अर्थशास्त्री मरे रोथबार्ड द्वारा और बाद में माइकल शेरमर द्वारा एक कल्ट के रूप में चित्रित किया गया है।<ref name="rothbard">[[Murray Rothbard|Rothbard, Murray]]. 1972. "[https://www.lewrockwell.com/1970/01/murray-n-rothbard/understanding-ayn-randianism/ The Sociology of the Ayn Rand Cult]." Retrieved 6 June 2020. Revised editions: ''[[Liberty (1987)|Liberty]]'' magazine (1987), and [[Center for Libertarian Studies]] (1990).</ref><ref>[[Michael Shermer|Shermer, Michael]]. 1993. "The Unlikeliest Cult in History." ''[[Skeptic (U.S. magazine)|Skeptic]]'' 2(2):74–81.</ref> रैंड के आसपास के मुख्य समूह को "सामूहिक" कहा जाता था, जो अब समाप्त हो गए हैं; मुख्य समूह जो आज रैंड के विचारों का प्रसार कर रहा है, वह आयन रैंड इंस्टीट्यूट है। जहाँ सामूहिक ने एक [[व्यक्तिवाद|व्यक्तिवादी दर्शन]] की वकालत की, वहीं रोथबार्ड ने दावा किया कि यह [[लेनिनवाद|लेनिनवादी]] संगठन के रूप में आयोजित किया गया था।<ref name="rothbard" /> ==== लारूश आंदोलन ==== लारूश आंदोलन एक राजनीतिक और सांस्कृतिक संजाल है जो देर से लिंदन लारूश और उनके विचारों को बढ़ावा देता है। इसमें दुनिया भर के कई संगठन और कंपनियाँ शामिल हैं, जो अभियान चलाती हैं, जानकारी इकट्ठा करती हैं और किताबें और पत्रिकाएं प्रकाशित करती हैं। ''[[दि न्यू यॉर्क टाइम्स]]'' द्वारा इसे ''कल्ट जैसा'' कहा गया है।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2019/02/13/obituaries/lyndon-larouche-dead.html|title=Lyndon LaRouche, Cult Figure Who Ran for President 8 Times, Dies at 96|last=Severo|first=Richard|date=2019-02-13|work=The New York Times|access-date=2021-07-07|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref> आंदोलन १९६० के दशक की कट्टरपंथी वामपंथी छात्र राजनीति के भीतर उत्पन्न हुआ। १९७० और १९८० के दशक में सैकड़ों उम्मीदवार संयुक्त राज्य अमेरिका में राज्य [[डेमोक्रैटिक पार्टी (संयुक्त राज्य)|डेमोक्रेटिक]] प्राइमरी में 'लारूश प्लेटफॉर्म' पर दौड़े, जबकि लिंडन लारूश ने राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए बार-बार प्रचार किया। हालाँकि लारूश आंदोलन को अक्सर दूर-दराज़ माना जाता है।<ref name="King132-133">King 1989, pp.&nbsp;132–133.</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/1986/04/04/us/larouche-savors-fame-that-may-ruin-him.html|title=LaRouche savors fame that may ruin him|last=Toner|first=Robin|date=April 4, 1986|work=The New York Times|page=A1}}</ref><ref name="Bennett1988">{{Cite book|title=The party of fear: from nativist movements to the New Right in American history|last=Bennett|first=David Harry|publisher=UNC Press Books|year=1988|isbn=978-0807817728|page=362}}</ref><ref name="King1984">{{Cite news|title=The LaRouche Connection|last=King|first=Dennis|date=19 November 1984|work=[[The New Republic]]|last2=Radosh|first2=Ronald}}</ref> १९७० और १९८० के दशक में अपने चरम के दौरान, लारूश आंदोलन ने एक निजी खुफिया एजेंसी और विदेशी सरकारों के साथ संपर्क विकसित किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.washingtonpost.com/wp-srv/national/longterm/cult/larouche/larou1.htm|title=Some Officials Find Intelligence Network 'Useful'|last=Mintz|first=John|date=1985|website=www.washingtonpost.com|access-date=2021-07-07}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.motherjones.com/politics/2018/12/lyndon-larouche-roger-stone-russia-robert-mueller/|title=Here's an insane story about Roger Stone, Lyndon LaRouche, Vladimir Putin, and the Queen of England|last=Jindia|first=Shilpa|website=Mother Jones|language=en-US|access-date=2021-07-07}}</ref><ref name="King1984" /> ==== न्यू एक्रोपोलिस ==== पूर्व [[थियोसोफी|थियोसोफिस्ट]]<ref name="ts">{{Cite web|url=http://www.kelebekler.com/cesnur/txt/theosophy.htm|title=The Theosophical Society's Position on New Acropolis|date=2004-06-09|publisher=International Secretary Office The Theosophical Society Adyar|via=Centre for the Study of New Religions|archive-url=https://web.archive.org/web/20200205002148/http://www.kelebekler.com/cesnur/txt/theosophy.htm|archive-date=2020-02-05|access-date=2020-05-25}}</ref> जॉर्ज एंजेल लिवरागा द्वारा १९५७ में स्थापित एक अर्जेंटीना गूढ़ समूह, न्यू एक्रोपोलिस कल्चरल एसोसिएशन को विद्वानों द्वारा एक अति-रूढ़िवादी, नव-फासीवादी और [[श्वेत प्रभुत्व|श्वेत वर्चस्ववादी]] [[अर्धसैनिक बल|अर्धसैनिक समूह]] के रूप में वर्णित किया गया है।<ref name="país">{{Cite news|url=https://elpais.com/diario/1997/02/14/madrid/855923054_850215.html|title=Un profesor de instituto enseña teorías racistas a menores|last=Martínez|first=Jan|access-date=29 January 2019|agency=El País}}</ref><ref name="theos 2">{{Cite web|url=http://theos-talk.com/archives/199802/tt00311.html|title=Letter to the Vice-Chairman of the European Council from Theosophical Society Secretary General|last=Palmeri|first=Juan Carlos|date=1998-02-22|via=Theos Talk|access-date=2020-05-25|archive-date=11 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230311083151/http://theos-talk.com/archives/199802/tt00311.html|url-status=dead}}</ref><ref name="goodrick-clarke2003">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=xaiaM77s6N4C&pg=PA86|title=Black Sun: Aryan Cults, Esoteric Nazism, and the Politics of Identity|last=Goodrick-Clarke|first=Nicholas|publisher=New York University Press|year=2003|isbn=978-0814731550|page=86|quote=A recent example of the neo-fascist potential in Theosophy is provided by Nouvelle Acropole movement of Jorge Angel Livraga (b. 1930), the charismatic Argentinian Theosophist who by the 1980s had built up an argent youth following in more than thirty countries. The structure, organization and symbolism of the Nouvelle Acropole is clearly indebted to fascist models.|author-link=Nicholas Goodrick-Clarke}}</ref> समूह स्वयं इस तरह के विवरण से इनकार करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.acropolis.org/en/frequently-asked-questions|title=New Acropolis – Frequently Asked Questions|website=www.acropolis.org|access-date=2019-01-29}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.acropolis.org/en/assembly-resolutions|title=New Acropolis – Assembly Resolutions|website=www.acropolis.org|access-date=2019-01-29}}</ref> ==== एकीकरण गिरजाघर ==== उत्तर कोरिया में जन्मे सुन म्युंग मून द्वारा स्थापित [[एकीकरण चर्च|एकीकरण गिरजाघर]] (जिसे एकीकरण आंदोलन के रूप में भी जाना जाता है) एक मजबूत साम्यवादी विरोधी स्थिति रखता है।<ref name="moon-peace">{{Cite book|title=As a Peace-Loving Global Citizen|last=Moon|first=Sun Myung|publisher=Gimm-Young Publishers|year=2009|isbn=978-0716602996}}</ref><ref>[http://www.tparents.org/Moon-Books/sm-gww/GWW-07.htm The Way of Restoration], (April, 1972)</ref> १९४० के दशक में [[जापानी साम्राज्य]] के खिलाफ कोरियाई स्वतंत्रता आंदोलन में मून ने कोरिया की साम्यवादी पार्टी के सदस्यों के साथ सहयोग किया। हालाँकि [[कोरियाई युद्ध]] (१९५०-१९५३) के बाद वह एक मुखर साम्यवादी विरोधी बन गए।<ref name="moon-peace" /> चंद्रमा ने लोकतंत्र और साम्यवाद के बीच [[शीतयुद्ध|शीत युद्ध को]] [[ईश्वर]] और [[शैतान]] के बीच अंतिम संघर्ष के रूप में देखा, जिसमें विभाजित कोरिया इसकी प्राथमिक सीमा रेखा के रूप में था। इसकी स्थापना के तुरंत बाद एकीकरण आंदोलन ने साम्यवादी विरोधी संगठनों का समर्थन करना शुरू कर दिया, जिसमें १९६६ में [[ताइपे|ताइपेई]], [[चीनी गणराज्य|चीन गणराज्य]] (ताइवान), [[च्यांग काई शेक|चियाँग काई-शेक]], और [[एकीकरण चर्च|कोरियाई संस्कृति और स्वतंत्रता]] द्वारा स्थापित वर्ल्ड लीग फॉर फ्रीडम एंड डेमोक्रेसी शामिल है। [[एकीकरण चर्च|यह संस्थान]] एक अंतरराष्ट्रीय [[लोक राजनय|सार्वजनिक कूटनीति]] संगठन है जिसने रेडियो फ्री एशिया को भी प्रायोजित किया।<ref name="Korean denies influence peddling">{{Cite news|url=https://news.google.com/newspapers?nid=2457&dat=19761102&id=y6kzAAAAIBAJ&pg=3422,903462|title=Korean denies influence peddling|work=Bangor Daily News|access-date=21 March 2012}}</ref> १९७४ में एकीकरण गिरजाघर ने [[रिपब्लिकन पार्टी|रिपब्लिकन]] [[संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति|राष्ट्रपति]] [[रिचर्ड मिल्हौस निक्सन|रिचर्ड निक्सन]] का समर्थन किया और वाटरगेट कांड के बाद उनके पक्ष में रैली की, निक्सन ने इसके लिए व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद दिया। १९७५ में मून ने सियोल में येउइदो द्वीप पर संभावित उत्तर कोरियाई सैन्य आक्रमण के खिलाफ एक सरकारी प्रायोजित रैली में लगभग १० लाख दर्शकों के सामने बात की।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=8t-9yx3oG4kC&q=yoido+rally|title=Richard Quebedeaux, Lifestyle : Conversations with Members of Unification Church|last=Quebedeaux|first=Richard|year=1982|isbn=978-0932894182|access-date=9 October 2012}}</ref> एकीकरण आंदोलन की मुख्यधारा के संचार और इसके साम्यवादी विरोधी सक्रियता के लिए वैकल्पिक प्रेस दोनों द्वारा आलोचना की गई थी, जिसके बारे में कई लोगों ने कहा कि यह [[तृतीय विश्व युद्ध|तृतीय विश्वयुद्ध]] और एक परमाणु होलोकॉस्ट का कारण बन सकता है।<ref name="Give and Forget">Thomas Ward, 2006, [http://www.tparents.org/Library/Unification/Publications/SMM-Communism-060300/giveforget.html#chap2a Give and Forget]</ref><ref name="The Resurrection of Reverend Moon">{{Cite web|url=http://www.mediachannel.org/originals/moontranscript2.shtml|title=The Resurrection of Reverend Moon|date=21 January 1992|website=Frontline|publisher=PBS|archive-url=https://web.archive.org/web/20110107084418/http://www.mediachannel.org/originals/moontranscript2.shtml|archive-date=7 January 2011}}</ref><ref name="Sun Myung Moon Changes Robes">[https://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9E0CEEDB1F3FF932A15752C0A964958260 Sun Myung Moon Changes Robes], ''[[The New York Times]]'', 21 January 1992</ref> १९७७ में [[अमेरिकी हाउस ऑफ रेप्रेसेंटेटिव|अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स]] की अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर समिति की अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की उपसमिति ने पाया कि दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी, दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ राजनीतिक प्रभाव हासिल करने के लिए आंदोलन का इस्तेमाल किया था और कुछ सदस्य कांग्रेस के कार्यालयों में स्वयंसेवकों के रूप में काम किया था। साथ में उन्होंने कोरियाई सांस्कृतिक स्वतंत्रता फाउंडेशन की स्थापना की, जो एक गैर-लाभकारी संगठन है जिसने [[दक्षिण कोरिया|कोरिया गणराज्य]] के लिए एक [[लोक राजनय|सार्वजनिक कूटनीति]] अभियान के रूप में कार्य किया। <ref name="books.google.com">[https://books.google.com/books?id=AabywLOknbsC&pg=PA59&q=fraser%20kcia Spiritual warfare: the politics of the Christian right], [[Sara Diamond (sociologist)|Sara Diamond]], 1989, [[Pluto Press]], Page 58</ref> समिति ने निक्सन के समर्थन में एकीकरण गिरजाघर के अभियान पर संभावित केसीआईए प्रभाव की भी जांच की।<ref>[https://news.google.com/newspapers?id=f7ITAAAAIBAJ&sjid=KeADAAAAIBAJ&pg=6935,979096 Ex-aide of Moon Faces Citation for Contempt], [[एसोसिएटेड प्रेस]], ''[[Eugene Register-Guard]]'', August 5, 1977</ref> १९८० में सदस्यों ने [[न्यूयॉर्क नगर|न्यूयॉर्क शहर]] में स्थित एक [[साम्यवाद-रोध|साम्यवादी विरोधी]] शैक्षिक संगठन [[एकीकरण चर्च|कौसा इंटरनेशनल की]] स्थापना की।<ref name="ReferenceE">"Moon's 'Cause' Takes Aim At Communism in Americas." ''[[The Washington Post]]''. August 28, 1983</ref> १९८० के दशक में यह २१ देशों में सक्रिय था। संयुक्त राज्य अमेरिका में इसने [[शुभसंदेशीयवाद|इंजीलवादी]] और कट्टरपंथी ईसाई नेताओं<ref name="christianitytoday37">[http://www.christianitytoday.com/ct/2001/augustweb-only/8-6-37.0.html Sun Myung Moon's Followers Recruit Christians to Assist in Battle Against Communism] ''[[Christianity Today]]'', June 15, 1985</ref> के साथ-साथ [[अमेरिकी सीनेट|सीनेट]] के कर्मचारियों, हिस्पैनिक अमेरिकियों और रूढ़िवादी कार्यकर्ताओं के लिए सेमिनार और सम्मेलनों के लिए शैक्षिक सम्मेलनों को प्रायोजित किया। <ref name="washingtonpost.com">[https://www.washingtonpost.com/wp-srv/national/longterm/cult/unification/image.htm Church Spends Millions On Its Image], ''[[The Washington Post]]'', 1984-09-17. "Another church political arm, Causa International, which preaches a philosophy it calls "God-ism," has been spending millions of dollars on expense-paid seminars and conferences for Senate staffers, Hispanic Americans and conservative activists. It also has contributed $500,000 to finance an anticommunist lobbying campaign headed by John T. (Terry) Dolan, chairman of the National Conservative Political Action Committee (NCPAC)."</ref> १९८६ में कौसा इंटरनेशनल ने [[निकारागुआ]] के मिस्किटो भारतीयों और निकारागुआन सरकार के हाथों उनके उत्पीड़न के बारे में डॉक्यूमेंट्री फिल्म ''निकारागुआ वास अवर होम को'' प्रायोजित किया। इसे यूएसए-यूडब्ल्यूसी के सदस्य ली शापिरो द्वारा फिल्माया और निर्मित किया गया था, जिनकी बाद में [[अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत युद्ध|सोवियत-अफगान युद्ध]] के दौरान सोवियत-विरोधी ताकतों के साथ फिल्मांकन करते समय मृत्यु हो गई थी।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/1986/07/29/movies/on-13-sandinistas-vs-miskitos.html|title=On 13, Sandinistas Vs. Miskitos|last=Corry|first=John|date=29 July 1986|work=The New York Times|access-date=19 January 2019}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.envio.org.ni/articulo/3245|title=Revista Envío – How to Read the Reagan Administration: The Miskito Case|website=www.envio.org.ni|access-date=19 January 2019|archive-date=7 अक्तूबर 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20061007070045/http://www.envio.org.ni/articulo/3245|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://fair.org/|title=FAIR|access-date=19 January 2019}}</ref><ref>[https://select.nytimes.com/gst/abstract.html?res=F40717F738590C7B8EDDA90994DF484D81 2 Americans Reported Killed In an Ambush in Afghanistan] ''[[The New York Times]]'', 1987-10-28</ref> १९८३ में कुछ अमेरिकी सदस्य कोरियाई एयरलाइंस की उड़ान ००७ को मार गिराए जाने को लेकर [[सोवियत संघ]] के खिलाफ एक सार्वजनिक विरोध में शामिल हुए।<ref>[http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?f=/c/a/2008/08/29/PK2812ETF2.DTL] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111112022354/http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?f=%2Fc%2Fa%2F2008%2F08%2F29%2FPK2812ETF2.DTL |date=12 नवंबर 2011 }} ''[[San Francisco Chronicle]]'', September 3, 1983 "For a second day, the Soviet Consulate in Pacific Heights was the scene of emotional protests against the shooting down of a Korean Air Lines jumbo jet. About 300 people held demonstration yesterday morning. Among them were members of the Unification Church, or "Moonies," whose founder is the Rev. Sun Myung Moon, the controversial South Korean who has melded a fierce anti-communism into his ideology. Eldridge Cleaver, the onetime black radical who recently has had ties with the Moonies, spoke at the rally. Many pickets carried signs accusing the Soviet Union of murdering the 269 passengers and crew aboard the airliner. In another development, San Francisco attorney Melvin Belli filed a $109 billion lawsuit against the Soviet Union on behalf of the 269 victims."</ref> १९८४ में एचएसए-यूडब्ल्यूसी ने [[वॉशिंगटन, डी॰ सी॰|वॉशिंगटन डीसी]] [[विचारक समूह|थिंक टैंक]] वाशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर वैल्यूज़ इन पब्लिक पॉलिसी की स्थापना की, जो [[स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय|स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी]], [[शिकागो विश्वविद्यालय]] और अन्य संस्थानों में रूढ़िवादी-उन्मुख अनुसंधान और सेमिनारों को रेखांकित करता है।<ref name="Church Spends Millions On Its Image">[https://www.washingtonpost.com/wp-srv/national/longterm/cult/unification/image.htm Church Spends Millions On Its Image], ''[[The Washington Post]]'', 1984-09-17.</ref> उसी वर्ष सदस्य डेन फेफरमैन ने [[वर्जीनिया]] में धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन की स्थापना की, जो कि सरकारी एजेंसियों द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता के लिए खतरे के रूप में विरोध करने में सक्रिय है।<ref name="Ribadeneira-ire">{{Cite news|title=Ire at school Star of David ruling unites ACLU, Pat Robertson|last=Ribadeneira|first=Diego|date=August 21, 1999|work=[[The Boston Globe]]|publisher=[[The New York Times Company]]|page=B2}}</ref> अगस्त १९८५ में मून द्वारा स्थापित एक संगठन, [[एकीकरण चर्च|प्रोफेसर्स वर्ल्ड पीस एकेडमी]] ने "साम्यवादी साम्राज्य के पतन के बाद दुनिया में स्थिति" विषय पर बहस करने के लिए [[जिनेवा]] में एक सम्मेलन प्रायोजित किया।<ref name="goliath.ecnext.com">[http://goliath.ecnext.com/coms2/gi_0199-14440148/Projections-about-a-post-Soviet.html Projections about a post-Soviet world-twenty-five years later.] // Goliath Business News</ref> अप्रैल १९९० में मून ने [[सोवियत संघ]] का दौरा किया और राष्ट्रपति [[मिखाइल गोर्बाचेव]] से मुलाकात की। मून ने सोवियत संघ में चल रहे राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों के लिए समर्थन व्यक्त किया। इसी समय पूर्व साम्यवादी राष्ट्रों में आंदोलन का विस्तार हो रहा था।<ref name="query.nytimes.com">[https://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE5D61F39F937A25752C1A966958260&sec=&spon= EVOLUTION IN EUROPE; New Flock for Moon Church: The Changing Soviet Student] from ''[[The New York Times]]''</ref> १९९४ में ''[[दि न्यू यॉर्क टाइम्स]]'' ने आंदोलन के राजनीतिक प्रभाव को मान्यता देते हुए कहा कि यह "एक ईश्वरीय शक्ति केंद्र है जो संयुक्त राज्य अमेरिका में रूढ़िवादी कारणों में विदेशी भाग्य डाल रहा है।"<ref>{{Cite news|url=https://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9E0CEEDB1F3FF932A15752C0A964958260&sec=&spon=|title=Review/Television; Sun Myung Moon Changes Robes|last=Goodman|first=Walter|date=January 21, 1992|work=New York Times}}</ref> १९९८ में मिस्र के अखबार ''अल-अहराम'' ने चंद्रमा के ''चरम दक्षिणपंथी झुकाव'' की आलोचना की और रूढ़िवादी इजरायल के प्रधान मंत्री [[बेंजामिन नेतन्याहू]] के साथ एक व्यक्तिगत संबंध का सुझाव दिया।<ref>[http://weekly.ahram.org.eg/1998/403/op1.htm The same old game] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090215193404/http://weekly.ahram.org.eg/1998/403/op1.htm|date=2009-02-15}}, ''[[अल-अहरम|Al-Ahram]]'', November 12–18, 1998, "The Washington Times is a mouthpiece for the ultra conservative Republican right, unquestioning supporters of Israel's [[लिकुड|Likud]] government. The newspaper is owned by Sun Myung Moon, originally a native of North Korea and head of the Unification Church, whose ultra-right leanings make him a ready ally for Netanyahu. Whether or not Netanyahu is personally acquainted with Moon is unclear, though there is no doubt that he has established close friendships with several staff members on The Washington Times, whose editorial policy is rabidly anti-Arab, anti-Muslim and pro-Israel."</ref> [[जॉर्ज वॉकर बुश]] की अध्यक्षता के दौरान, एक एकीकरण आंदोलन के सदस्य और ''द वाशिंगटन टाइम्स'' के तत्कालीन अध्यक्ष डोंग मून जू ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अपने संबंधों को सुधारने के प्रयास में उत्तर कोरिया के लिए अनौपचारिक राजनयिक मिशन चलाए।<ref name="beast2712">[http://www.thedailybeast.com/articles/2012/02/07/the-bush-administration-s-secret-link-to-north-korea.html The Bush Administration's Secret Link to North Korea], Aram Roston, ''[[The Daily Beast]]'', February 7, 2012</ref> जू का जन्म उत्तर कोरिया में हुआ था और वह संयुक्त राज्य अमेरिका की नागरिक हैं।<ref name="yonhap122611">[http://english.yonhapnews.co.kr/northkorea/2011/12/26/79/0401000000AEN20111226008351315F.HTML Unification Church president on condolence visit to N. Korea], ''[[Yonhap News]]'', December 26, 2011</ref> द एकीकरण गिरजाघर ''द वाशिंगटन टाइम्स'', ''इनसाइट ऑन द न्यूज'',<ref>[https://www.cjr.org/politics/insightmag_a_mustread.php Insightmag, a Mustread] ''Columbia Journalism Review'' 2007-01-27</ref> [[युनाइटेड प्रेस इंटरनेशनल|यूनाइटेड प्रेस इंटरनेशनल]]<ref name="in sorrow">{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/1989/12/24/books/upi-look-back-in-sorrow.html|title=U.P.I.: Look Back in Sorrow (book review of ''Down to the Wire: UPI's Fight for Survival'' By Gregory Gordon and Ronald E. Cohen)|last=Atwater, James D.|date=December 24, 1989|work=The New York Times|access-date=March 15, 2011}}</ref><ref name="old dog">{{Cite news|url=https://www.forbes.com/forbes/1998/0601/6111047a.html|title=Old dog, new tricks?|last=Spiegel, Peter|date=June 1, 1998|work=Forbes|access-date=March 15, 2011}}</ref> और न्यूज वर्ल्ड कम्युनिकेशंस संजाल सहित कई समाचार आउटलेट का भी मालिक है।<ref name="Washington Post-ghosts">{{Cite news|url=https://www.washingtonpost.com/ac2/wp-dyn?pagename=article&contentId=A60061-2002May22|title=Moon Speech Raises Old Ghosts as the Times Turns 20|last=Ahrens|first=Frank|date=May 23, 2002|work=[[The Washington Post]]|access-date=2009-08-16}}</ref><ref name="wrmea.com">[http://www.wrmea.com/backissues/1297/9712060.html As U.S. Media Ownership Shrinks, Who Covers Islam?], ''[[Washington Report on Middle East Affairs]]'', December 1997</ref> ''वाशिंगटन टाइम्स के'' राय संपादक चार्ल्स हर्ट वाशिंगटन [[वॉशिंगटन, डी॰ सी॰|, डीसी]] में [[डॉनल्ड ट्रम्प|डोनाल्ड ट्रम्प]] के शुरुआती समर्थकों में से एक थे<ref>{{Cite news|url=https://www.politico.com/magazine/story/2016/07/the-trump-show-214075|title=The Trump Dynasty Takes Over the GOP|last=Lowry|first=Rich|date=July 20, 2016|work=[[Politico Magazine]]|access-date=May 3, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20161027122711/https://www.politico.com/magazine/story/2016/07/the-trump-show-214075|archive-date=October 27, 2016|author-link=Rich Lowry}}</ref> २०१८ में उन्होंने रोनाल्ड रीगन, [[मार्टिन लूथर किंग|मार्टिन लूथर किंग जूनियर]], [[मारग्रेट थैचर|मार्गरेट थैचर]] और पोप जॉन पॉल द्वितीय के साथ ट्रम्प को "महान चैंपियन" के रूप में शामिल किया। स्वतंत्रता के।" <ref>{{Cite book|title=The Corrosion of Conservatism: Why I Left the Right|url=https://archive.org/details/corrosionofconse0000boot|last=Boot|first=Max|publisher=Liveright Publishing|year=2018|isbn=978-1631495670|page=[https://archive.org/details/corrosionofconse0000boot/page/124 124]|chapter=The Cost of Capitulation|lccn=2018036979|author-link=Max Boot}}</ref> २०१६ में ''वाशिंगटन टाइम्स ने'' संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया, लेकिन २०२० में फिर से चुनाव के लिए ट्रम्प का समर्थन किया<ref>''Washington Times'', 10/26/2020, [https://www.washingtontimes.com/news/2020/oct/26/editorial-donald-trump-for-reelection Donald Trump for Reelection] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20201027152248/https://www.washingtontimes.com/news/2020/oct/26/editorial-donald-trump-for-reelection/|date=October 27, 2020}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.reuters.com/article/us-usa-election-church-idUSKBN27E2U2|title=In Pennsylvania woods, church in 'spiritual battle' to re-elect Trump|last=Campbell|first=Joe|date=29 October 2020|work=Reuters|access-date=19 December 2020|last2=Fogarty|first2=Kevin}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.mcall.com/opinion/readers-react/mc-omalley-sanctuary-church-ar15-20180609-story.html|title=Story about Moon church 'alarming'|date=10 June 2018|access-date=19 December 2020|agency=Morning Call}}</ref> ==== कार्यकर्ता क्रांतिकारी पार्टी ==== ब्रिटेन में वर्कर्स रिवोल्यूशनरी पार्टी (अंग्रेज़ी: ''Workers Revolution Party'', अर्थात मजदूर क्रांतिकारी दल), एक ट्रोट्स्कीवादी समूह जिसका नेतृत्व गेरी हीली ने किया था और अभिनेत्री वैनेसा रेडग्रेव द्वारा दृढ़ता से समर्थित था, को अन्य लोगों द्वारा वर्णित किया गया है, जो ट्रोट्स्कीस्ट आंदोलन में शामिल रहे हैं, एक कल्ट या एक समूह जिसने १९७० और १९८० के दशक के दौरान कल्ट जैसी विशेषताओं को प्रदर्शित किया। वोहल्फोर्थ और टूरिश द्वारा भी इसका वर्णन किया गया है,<ref>Wohlforth, Tim, and Dennis Tourish. 2000. "Gerry Healy: Guru to a Star." pp. 156–172 in ''[[On the Edge: Political Cults Right and Left]]''. Armonk, NY: [[M. E. Sharpe]].</ref> जिनके लिए वर्कर्स रिवोल्यूशनरी पार्टी के एक पूर्व सदस्य बॉब पिट ने स्वीकार किया कि इसका "कल्ट जैसा चरित्र" था, हालांकि यह तर्क देते हुए कि यह सुदूर वामपंथी होने के बजाय विशिष्ट है। फीचर ने वास्तव में WRP को असामान्य बना दिया और "इसके कारण इसे क्रांतिकारी वामपंथी के भीतर एक अछूत के रूप में माना जाने लगा।" ==== अन्य समूह ==== मैक्सिकन दूर-दराज़ समूह एल युंके जैसे संगठन, जिसने स्पेनिश दूर-दराज़ पार्टी वोक्स को प्रायोजित किया,<ref>{{Cite web|url=https://www.eldiario.es/sociedad/conexiones-vox-grupos-ultracatolicos_1_1799146.html|title=Las conexiones de Vox con HazteOir, los 'kikos' y una docena de obispos españoles|last=Bastante|first=Jesús|date=7 December 2018|website=elDiario.es}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.elconfidencial.com/espana/2014-05-30/una-jueza-destapa-los-vinculos-entre-la-secta-secreta-el-yunque-y-los-ultras-de-hazte-oir_138569/|title=Una jueza destapa los vínculos entre la secta secreta El Yunque y 'ultras' de Hazte Oír|last=Lobo|first=José Luis|date=30 May 2014|website=elconfidencial.com}}</ref> [[क्यू एनॉन]] [[षड्यन्त्र का सिद्धान्त|षड्यंत्र सिद्धांत]],<ref name="atlrel">{{Cite web|url=https://www.theatlantic.com/newsletters/archive/2020/05/qanon-q-pro-trump-conspiracy/611722/|title=The Atlantic Daily: QAnon Is a New American Religion|last=Nyce|first=Caroline Mimbs|date=May 14, 2020|website=[[The Atlantic]]|language=en-US|access-date=May 18, 2020}}</ref><ref name="church">{{Cite web|url=http://theconversation.com/the-church-of-qanon-will-conspiracy-theories-form-the-basis-of-a-new-religious-movement-137859|title=The Church of QAnon: Will conspiracy theories form the basis of a new religious movement?|last=Argentino|first=Marc-André|date=May 18, 2020|website=The Conversation|language=en|access-date=May 18, 2020}}</ref> और लैटिन अमेरिका में बढ़ते नव-पेंटेकोस्टल राजनीतिक प्रभाव,<ref>{{Cite journal|last=del Campo|first=María Esther|last2=Resina|first2=Jorge|date=2020|title=¿De movimientos religiosos a organizaciones políticas? La relevancia política del evangelismo en América Latina|journal=Fundación Carolina}}</ref> कल्ट के रूप में चित्रित किया जा सकता है। गीनो पेरेन्टे का नेशनल लेबर फेडरेशन (अंग्रेज़ी: ''National Labor Federation'', अर्थात राष्ट्रीय मजदूरी संघ)<ref>Solomon, Alisa. 26 November 1996. "Commie Fiends of Brooklyn." ''[[The Village Voice]]''.</ref> और मार्लीन डिक्सन की अब-मृत डेमोक्रेटिक वर्कर्स पार्टी राजनीतिक समूहों के उदाहरण हैं जिन्हें "कल्ट" के रूप में वर्णित किया गया है। डेमोक्रेटिक वर्कर्स पार्टी का एक महत्वपूर्ण इतिहास समाजशास्त्री और डेमोक्रेटिक वर्कर्स पार्टी के पूर्व सदस्य जंजा लालीच द्वारा ''बाउंडेड चॉइस'' में दिया गया है। फ़्रांस में लुत्त उवरीएर (फ्रांसीसी: ''Lutte Ouvrière'', अर्थात श्रमिकों का संघर्ष), सार्वजनिक रूप से आरलेत लागिलार के नेतृत्व में लेकिन १९९० के दशक में रॉबर्ट बार्सिया द्वारा निर्देशित किए जाने का पता चला, अक्सर एक कल्ट के रूप में आलोचना की गई है, उदाहरण के लिए डैनियल कोह्न-बेंडिट और उनके बड़े भाई गेब्रियल कोह्न-बेंडिट, साथ ही साथ लूमानीते (फ्रांसीसी: ''L'Humanité'', अर्थात इंसानियत) और लिबेराशॉन (फ्रांसीसी: ''Libération'', अर्थात आज़ादी) द्वारा आलोचित किया गया है।<ref>{{Cite news|url=http://www.humanite.presse.fr/journal/2002-04-11/2002-04-11-32049|title=Arlette Laguiller n'aime pas le débat|date=11 April 2002|work=[[L'Humanité]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20050629070722/http://www.humanite.presse.fr/journal/2002-04-11/2002-04-11-32049|archive-date=29 June 2005|language=fr}}</ref> अपनी पुस्तक ''लेस सेक्ट्स पॉलिटिक्स: १९६५-१९९५'' (''राजनीतिक लघुपंथ: १९६५-१९९५'') में फ्रांसीसी लेखक सिरिल ले तललेक कुछ धार्मिक समूहों पर विचार करते हैं जो उस समय राजनीति में शामिल थे। उन्होंने क्लूनी के सांस्कृतिक कार्यालय, न्यू एक्रोपोलिस, द डिवाइन लाइट मिशन, ट्रेडिशन फैमिली प्रॉपर्टी, लोंगो माई, सुपरमेन क्लब और औद्योगिक कला प्रोत्साहन संगठन को शामिल किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=-l1QQOEQKXUC&q=%22les+sectes+politiques%22|title=Les sectes politiques: 1965–1995|last=Cyril Le Tallec|year=2006|isbn=978-2296003477|language=fr|access-date=28 August 2009}}</ref> ग्रॉपर आंदोलन के कई पूर्व नेता{{Snd}}एक पूर्ण-सही गुट जो [[श्वेत प्रभुत्व|श्वेत वर्चस्व]], ईसाई राष्ट्रवाद और इंसेल विचारधारा को प्रभावित करता है{{Snd}}ने निक फुएंटेस पर एक कल्ट की तरह इसका नेतृत्व करने का आरोप लगाया है, उसे गाली देने वाला और अपने अनुयायियों से पूर्ण वफादारी की मांग करने वाला बताया।<ref>Hayden, M. E. (2022, June 2). Pro-trump white nationalist group facing key desertions. Southern Poverty Law Center. Retrieved August 21, 2022, from https://www.splcenter.org/hatewatch/2022/06/02/pro-trump-white-nationalist-group-facing-key-desertions</ref><ref>'Groyper Army' fractures amid public feud between Patrick Casey and Nick Fuentes. Angry White Men. (2021, March 4). Retrieved August 21, 2022, from https://angrywhitemen.org/2021/02/15/groyper-army-fractures-amid-public-feud-between-patrick-casey-and-nick-fuentes/</ref><ref>Owen, T. (2022, June 7). They Love Jesus, Bon Iver, and Incels. Inside America's New Ultranationalist Youth Movement. VICE. Retrieved August 21, 2022, from https://www.vice.com/en/article/epzgb4/groyper-young-christian-nationalists-movement</ref> फ्यूएंट्स ने "कल्ट जैसी ... मानसिकता" होने की प्रशंसा की और अपने स्वयं के आंदोलन को एक कल्ट के रूप में वर्णित करते हुए "विडंबनापूर्ण" स्वीकार किया।<ref>Gais, H. (2021, March 11). Far-right extremists gather in Florida for CPAC spinoff alongside sitting congressman. Southern Poverty Law Center. Retrieved August 21, 2022, from https://www.splcenter.org/hatewatch/2021/03/11/far-right-extremists-gather-florida-cpac-spinoff-alongside-sitting-congressman</ref> === बहुविवाह कल्ट === कल्ट जो [[बहुविवाह]] सिखाते हैं और अभ्यास करते हैं, दो से अधिक लोगों के बीच विवाह, बहुधा बहुविवाह, एक व्यक्ति की कई पत्नियाँ होती हैं, लंबे समय से विख्यात किए गए हैं, हालांकि वे अल्पसंख्यक हैं। यह अनुमान लगाया गया है कि उत्तरी अमेरिका में बहुविवाह कल्ट के लगभग ५०,००० सदस्य हैं।<ref>Bridgstock, Robert. 2014. ''The Youngest Bishop in England: Beneath the Surface of Mormonism''. [[See Sharp Press]]. p. 102.</ref> अक्सर बहुविवाहवादी कल्टों को कानूनी अधिकारियों और मुख्यधारा के समाज दोनों द्वारा नकारात्मक रूप से देखा जाता है, और इस दृष्टिकोण में कभी-कभी संबंधित मुख्यधारा लघुपंथों की नकारात्मक धारणाएं शामिल होती हैं, क्योंकि उनके संभावित [[घरेलू हिंसा]] और बाल शोषण के कथित लिंक होते हैं।<ref>Cusack, C. 2015. ''Laws Relating to Sex, Pregnancy, and Infancy: Issues in Criminal Justice''. [[Springer books|Springer]].</ref> १८३० के दशक से यीशु के गिरजाघर के लैटर-डे सेंट्स के सदस्य बहुविवाह या बहुविवाह का अभ्यास करते थे। १८९० में यीशु के गिरजाघर के लैटर-डे सेंट्स के अध्यक्ष, विल्फोर्ड वुड्रूफ़ ने एक सार्वजनिक घोषणापत्र जारी किया, जिसमें घोषणा की गई कि यीशु के गिरजाघर के लैटर-डे सेंट्स ने नए बहुवचन विवाह करना बंद कर दिया है। एंटी-मॉर्मन भावना कम हो गई, जैसा कि यूटा के लिए राज्य का विरोध था। १९०४ में द स्मूट हियरिंग, जिसने दस्तावेज किया कि एलडीएस गिरजाघर के सदस्य अभी भी बहुविवाह का अभ्यास कर रहे थे, ने गिरजाघर को दूसरा घोषणापत्र जारी करने के लिए प्रेरित किया, फिर से दावा किया कि इसने नए बहुवचन विवाह करना बंद कर दिया है। १९१० तक, एलडीएस गिरजाघर ने उन लोगों को बहिष्कृत कर दिया, जिन्होंने नए बहुवचन विवाह किए या किए। १८९० के मेनिफेस्टो के प्रवर्तन ने बहुवचन विवाह की प्रथा को जारी रखने के लिए एलडीएस गिरजाघर छोड़ने के लिए विभिन्न स्प्लिन्टर समूहों का कारण बना।<ref>[http://attorneygeneral.utah.gov/polygamy/The_Primer.pdf "The Primer"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20050111224555/http://attorneygeneral.utah.gov/polygamy/The_Primer.pdf|date=11 January 2005}} – Helping Victims of Domestic Violence and Child Abuse in Polygamous Communities. A joint report from the offices of the Attorneys General of Arizona and Utah. (2006)</ref> ऐसे समूहों को मॉर्मन कट्टरपंथी के रूप में जाना जाता है। उदाहरण के लिए लैटर-डे सेंट्स के जीसस क्राइस्ट के फंडामेंटलिस्ट गिरजाघर को अक्सर बहुविवाहवादी कल्ट के रूप में वर्णित किया जाता है।<ref>Alex Hannaford, [https://www.theguardian.com/world/2018/oct/13/woman-escaped-cult-hq-flds-refuge "The woman who escaped a polygamous cult – and turned its HQ into a refuge"], ''[[The Guardian]]'', 13 October 2018.</ref> === जातिवादी कल्ट === {{मुख्य|आतंकवाद}} [[चित्र:Ku_Klux_Klan_members_and_a_burning_cross,_Denver,_Colorado,_1921.jpg|अंगूठाकार| १९१५ में [[कु क्लुल्स क्लान|कू क्लक्स क्लान]] के सदस्यों द्वारा क्रॉस बर्निंग]] समाजशास्त्री और इतिहासकार ऑरलैंडो पैटरसन ने [[कु क्लुल्स क्लान|कू क्लक्स क्लान]], जो [[अमेरिकी गृहयुद्ध|गृह युद्ध]] के बाद अमेरिकी दक्षिण में उभरा, का एक विधर्मी ईसाई कल्ट के रूप में वर्णन किया है और उन्होंने [[अफ़्रीकी अमेरिकी|अफ्रीकी अमेरिकियों]] और अन्य लोगों के उत्पीड़न को [[मानव बलि|मानव बलिदान]] के रूप में भी वर्णित किया है।<ref>[[Orlando Patterson|Patterson, Orlando]]. 1998. ''Rituals of Blood: Consequences of Slavery in Two American Centuries.'' New York: [[Basic Civitas Books]].</ref> उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान, जर्मनी और ऑस्ट्रिया में गुप्त [[आर्य वंश|आर्य]] कल्टों के अस्तित्व ने फोल्किश आंदोलन और [[नाज़ीवाद|नाजीवाद]] के उदय को दृढ़ता से प्रभावित किया।<ref>[[Nicholas Goodrick-Clarke|Goodrick-Clarke, Nicholas]]. 1993. ''[[The Occult Roots of Nazism]]''. New York: [[New York University Press|NYU Press]].</ref> संयुक्त राज्य अमेरिका में आधुनिक समय के श्वेत शक्ति वाले स्किनहेड समूह उन्हीं भर्ती तकनीकों का उपयोग करते हैं, जिन्हें विनाशकारी लघुपंथों के रूप में जाना जाता है।<ref>Perry, Barbara. 2012. ''Hate and Bias Crime: A Reader''. [[Routledge]]. pp. 330–331.</ref> विबर्ट एल व्हाइट, जूनियर, इस्लाम के राष्ट्र के एक पूर्व सदस्य और इसके एक पूर्व प्रमुख सलाहकार ने संगठन को एक कल्ट के रूप में चित्रित किया, इसके नेता लुई फर्रखान पर अन्य संगठनात्मक नेताओं के साथ, [[अश्वेत राष्ट्रवाद|काले राष्ट्रवाद]] और धार्मिक हठधर्मिता का उपयोग करने का आरोप लगाया। व्यक्तिगत और राजनीतिक लाभ के लिए काले लोगों का शोषण करना।<ref>White, V. L. (n.d.). Inside the nation of Islam : A historical and personal testimony by a Black Muslim. University of Missouri-St. Louis Libraries. Retrieved August 21, 2022, from http://link.umsl.edu/portal/Inside-the-Nation-of-Islam--a-historical-and/_dVsNFm_eaM/{{Dead link|date=मार्च 2023 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> इस्लाम का राष्ट्र काले वर्चस्व का उपदेश देता है, कि इसके संस्थापक वालेस फर्ड मुहम्मद एक मसीहा थे और उनके उत्तराधिकारी एलिय्याह मुहम्मद एक दिव्य संदेशवाहक थे, और यह कि गोरे लोग शैतानों की एक जाति थे जिन्हें सर्वनाश से उखाड़ फेंका गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/topic/Nation-of-Islam|title=Nation of Islam &#124; History, Founder, Beliefs, & Facts &#124; Britannica}}</ref><ref>Southern Poverty Law Center. (2022). Nation of Islam. Southern Poverty Law Center. Retrieved August 21, 2022, from https://www.splcenter.org/fighting-hate/extremist-files/group/nation-islam</ref> === आतंकवादी लघुपंथ === ''जिहाद एंड सेक्रेड वेंजेंस: साइकोलॉजिकल अंडरकरेंट्स ऑफ हिस्ट्री नामक'' पुस्तक में [[मनोविकारविज्ञानी|मनोचिकित्सक]] पीटर ए. ओल्सन ने [[ओसामा बिन लादेन]] की तुलना जिम जोन्स, डेविड कोरेश, शोको असहारा, मार्शल एप्पलव्हाइट, ल्यूक जौरेट और जोसेफ डी मेम्ब्रो सहित कुछ कल्ट नेताओं से की है, और वह यह भी कहते हैं कि इनमें से प्रत्येक व्यक्ति मादक व्यक्तित्व विकार वाले लोगों के लिए नौ मानदंडों में से कम से कम आठ फिट बैठता है।<ref name="piven">{{Cite book|title=Jihad and Sacred Vengeance: Psychological Undercurrents of History|last=Piven|first=Jerry S.|publisher=iUniverse|year=2002|isbn=0595251048|pages=104–114}}</ref> पुस्तक ''सीकिंग द कम्पैशनेट लाइफ: द मोरल क्राइसिस फॉर साइकोथेरेपी एंड सोसाइटी में'' लेखक गोल्डबर्ग और क्रेस्पो भी ओसामा बिन लादेन को "विनाशकारी कल्ट नेता" के रूप में संदर्भित करते हैं।<ref>{{Cite book|title=Seeking the Compassionate Life: The Moral Crisis for Psychotherapy and Society|url=https://archive.org/details/seekingcompassio0000gold|last=Goldberg|first=Carl|last2=Crespo|first2=Virginia|publisher=Praeger/Greenwood|year=2004|isbn=0275981967|page=[https://archive.org/details/seekingcompassio0000gold/page/161 161]}}</ref> अमेरिकी मनोवैज्ञानिक संगठन की २००२ की बैठक में कल्ट-विरोधी स्टीवन हसन ने कहा कि [[अल-क़ायदा]] एक विनाशकारी कल्ट की विशेषताओं को पूरा करते हैं, जिसमें उन्होंने कहा:<ref name="dittmann">{{Cite news|url=http://www.apa.org/monitor/nov02/cults.html|title=Cults of hatred: Panelists at a convention session on hatred asked APA to form a task force to investigate mind control among destructive cults.|last=Dittmann|first=Melissa|date=10 November 2002|work=Monitor on Psychology|access-date=18 November 2007|publisher=[[American Psychological Association]]|issue=10|volume=33|page=30}}</ref> {{Quote|हमें विनाशक विचारनियंत्रित कल्टों के बारे में जो पता है उसका प्रयोग करना चाहिए, और ये आतंकवाद से लड़ाई में एक प्राथमिकता होनी चाहिए। हमें उस मनोविज्ञान को समझना होगा जिसके कारण लोग इन संगठनों में शामिल होते हैं ताकि हम इस प्रक्रिया को कम कर सकें। हमें पूर्व कल्ट सदस्यों से मिलकर उनमें से कुछ की मदद का आतंकवाद पर युद्ध पर इस्तेमाल कर सकते हैं।}} ''द टाइम्स'' में प्रकाशित अल-कायदा पर एक लेख में पत्रकार मैरी एन सीघर्ट ने लिखा है कि अल-कायदा एक "क्लासिक कल्ट" जैसा दिखता है:<ref>{{Cite news|title=The cult figure we could do without|last=Sieghart|first=Mary Ann|date=26 October 2001|work=[[The Times]]|author-link=Mary Ann Sieghart}}</ref> {{Quote|अल-कायदा कल्ट के सभी औपचारिक व्याख्याओं पर सटीक बैठती है। वह अपने सदस्यों विचारों को नियंत्रित करते हैं, एक बंद, [[सर्वसत्तावाद|सर्वसत्तावादी]] समाज बनाते हैं; उसका एक स्वयं-निर्मित मसीहा है; और वे मानते हैं कि अंत मार्ग को न्यायोचित ठहराता है।}} अल-क़ायदा के समान [[आईएसआईएस|इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक एंड द लेवेंट]] एक और भी अधिक चरमपंथी और शुद्धतावादी विचारधारा का पालन करता है, जिसमें लक्ष्य [[शरीयत]] द्वारा शासित एक [[सम्प्रभु राज्य|राज्य]] बनाना है, जैसा कि इसके धार्मिक नेतृत्व द्वारा व्याख्या की गई है, जो तब [[विचार-नियंत्रण|ब्रेनवॉश]] और आदेश देता है। उनके सक्षम पुरुष विषय [[आत्मघाती हमला|आत्मघाती मिशन]] पर जाने के लिए कार बम जैसे उपकरणों के साथ, अपने दुश्मनों के खिलाफ, जिसमें जानबूझकर चुने गए नागरिक लक्ष्य शामिल हैं, जैसे कि गिरजाघर और [[शिया इस्लाम|शिया]] [[मस्जिद]], अन्य। विषय इसे एक वैध कार्रवाई के रूप में देखते हैं; एक [[दायित्व]], यहाँ तक कि। इस राजनीतिक-सैन्य प्रयास का अंतिम लक्ष्य अंततः [[यौम अल-क़ियामा|उनकी इस्लामी मान्यताओं के अनुसार दुनिया के अंत]] में प्रवेश करना है और सर्वनाश की अंतिम लड़ाई के अपने संस्करण में भाग लेने का मौका है, जिसमें उनके सभी दुश्मन (यानी कोई भी जो उनके पक्ष में नहीं है) का सत्यानाश कर दिया जाएगा।<ref>Barron, Maye. 2017. ''18JTR'' 8(1).</ref> इस तरह के प्रयास अंततः २०१७ में विफल रहे,<ref>{{Cite web|url=https://www.theguardian.com/world/2017/oct/21/isis-caliphate-islamic-state-raqqa-iraq-islamist|title=Rise and fall of Isis: its dream of a caliphate is over, so what now?|last=Burke|first=Jason|date=21 October 2017|website=The Guardian|archive-url=https://web.archive.org/web/20171021230705/https://www.theguardian.com/world/2017/oct/21/isis-caliphate-islamic-state-raqqa-iraq-islamist|archive-date=21 October 2017|access-date=22 July 2021}}</ref> हालांकि कट्टर बचे लोग उग्रवाद आतंकवाद (यानी इराकी विद्रोह, २०१७-वर्तमान) में बड़े पैमाने पर लौट आए हैं। १९८० और १९९० के दशक में [[पेरू]] में सक्रिय [[शाइनिंग पाथ]] [[गुरिल्ला युद्ध|गुरिल्ला]] आंदोलन को विभिन्न प्रकार से एक "कल्ट"<ref>Stern, Steven J., ed. 1998. ''Shining and Other Paths: War and Society in Peru, 1980–1995''. Durham, NC: [[Duke University Press]].</ref> और एक गहन "व्यक्तित्व का कल्ट" के रूप में वर्णित किया गया है।<ref>Palmer, David Scott. 1994. ''Shining Path of Peru'' (2nd ed.). New York: [[St. Martin's Press]].</ref> [[लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम|तमिल टाइगर्स को]] फ्रांसीसी पत्रिका लेक्सप्रेस (फ्रांसीसी: ''L'Express'') द्वारा भी इस तरह वर्णित किया गया है। == कल्ट विरोधी आंदोलन == === ईसाई प्रतिवाद आंदोलन === १९४० के दशक में गैर-ईसाई धर्मों के लिए कुछ स्थापित ईसाई लघुपंथों द्वारा लंबे समय से विरोध और कथित रूप से [[अपधर्म|विधर्मी]] या नकली ईसाई लघुपंथों ने संयुक्त राज्य अमेरिका में एक अधिक संगठित ईसाई विरोधी आंदोलन में क्रिस्टलीकृत किया। आंदोलन से संबंधित लोगों के लिए ईसाई होने का दावा करने वाले सभी धार्मिक समूहों, लेकिन ईसाई रूढ़िवाद के बाहर समझा जाता है, को कल्ट माना जाता था।<ref>{{Harvnb|Cowan|2003}}</ref> ईसाई कल्ट नए धार्मिक आंदोलन हैं जिनकी ईसाई पृष्ठभूमि है लेकिन अन्य ईसाई गिरजाघरों के सदस्यों द्वारा उन्हें धर्मशास्त्रीय रूप से विचलित माना जाता है।<ref>[[J. Gordon Melton]], ''Encyclopedic Handbook of Cults in America'' (New York/London: Garland, 1986; revised edition, Garland, 1992). p. 5</ref> अपनी प्रभावशाली पुस्तक ''द किंगडम ऑफ द कल्ट्स'' (१९६५) में ईसाई विद्वान वाल्टर राल्स्टन मार्टिन ने ईसाई लघुपंथों को उन समूहों के रूप में परिभाषित किया है, जो किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत व्याख्या का पालन करते हैं, न कि निकीन ईसाई धर्म द्वारा स्वीकार की गई [[बाइबिल]] की समझ के बजाय, गिरजाघर के उदाहरण प्रदान करते हैं। अंतिम-दिनों के संतों के यीशु मसीह, [[क्रिश्चियन साइंस|ईसाई विज्ञान]], [[यहोवा के साक्षी]] और एकीकरण गिरजाघर । ईसाई विरोधी आंदोलन का दावा है कि ईसाई लघुपंथ जिनके विश्वास आंशिक रूप से या पूर्ण रूप से बाइबिल के अनुसार नहीं हैं, वे गलत हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि एक धार्मिक लघुपंथ को एक कल्ट माना जा सकता है यदि इसकी मान्यताओं में मुक्ति, [[त्रित्व|तृत्व]], एक व्यक्ति के रूप में स्वयं यीशु, यीशु की सेवकाई, यीशु के चमत्कार जैसे किसी भी आवश्यक ईसाई शिक्षाओं के रूप में जो कुछ भी देखते हैं, उसका खंडन शामिल है। [[यीशु]], सूली पर चढ़ाया जाना, मसीह का पुनरुत्थान, दूसरा आगमन और मेघारोहण ।<ref>[[Walter Ralston Martin|Martin, Walter Ralston]]. 1978. ''The Rise of the Cults'' (revised ed.). Santa Ana: Vision House. pp. 11–12.</ref><ref>[[Richard Abanes|Abanes, Richard]]. 1997. ''Defending the Faith: A Beginner's Guide to Cults and New Religions''. Grand Rapids: [[Baker Book House]]. p. 33.</ref><ref>House, H. Wayne, and Gordon Carle. 2003. ''Doctrine Twisting: How Core Biblical Truths are Distorted''. Downers Grove, IL: [[InterVarsity Press]].</ref> प्रतिकल्टी साहित्य आमतौर पर सैद्धांतिक या धार्मिक चिंताओं और एक [[धर्मप्रचारक|मिशनरी]] या [[आपत्तिखण्डन|क्षमाप्रार्थी]] उद्देश्य को व्यक्त करता है।<ref>Trompf, Garry W. 1987. "Missiology, Methodology and the Study of New Religious Movements." ''Religious Traditions'' 10:95–106.</ref> यह गैर-मौलिक ईसाई लघुपंथों की मान्यताओं के खिलाफ बाइबिल की शिक्षाओं पर जोर देकर खंडन प्रस्तुत करता है। ईसाई विरोधी कल्ट कार्यकर्ता लेखक भी कल्ट के अनुयायियों के लिए ईसाइयों को [[इंजीलवाद|प्रचार करने]] की आवश्यकता पर जोर देते हैं।<ref>[[Ronald Enroth|Enroth, Ronald]], ed. 1990. ''Evangelising the Cults''. Milton Keynes, UK: [[Word Books]].</ref><ref>[[Norman Geisler|Geisler, Norman L.]], and Ron Rhodes. 1997. ''When Cultists Ask: A Popular Handbook on Cultic Misinterpretations''. Grand Rapids: [[Baker Book House]].</ref>{{Rp|479–493}} === धर्मनिरपेक्ष विरोधी कल्ट आंदोलन === [[चित्र:Anti-Aum_Shinrikyo_protest.JPG|अंगूठाकार| २००९ में जापान में ओम् शिनरिक्यो विरोधी विरोध]] १९७० के दशक की शुरुआत में कल्ट माने जाने वाले समूहों के लिए एक धर्मनिरपेक्ष विरोध आंदोलन ने आकार ले लिया था। धर्मनिरपेक्ष कल्ट-विरोधी आंदोलन का गठन करने वाले संगठन अक्सर "कल्ट" के [[धर्मांतरण|रिश्तेदारों]] की ओर से काम करते थे, जो यह नहीं मानते थे कि उनके प्रियजन अपनी [[मुक्त कर्म|मर्जी]] से अपने जीवन को इतनी तेजी से बदल सकते हैं। इस क्षेत्र में काम करने वाले कुछ मनोवैज्ञानिकों और [[समाजशास्त्र|समाजशास्त्रियों]] ने सुझाव दिया कि कल्ट के सदस्यों की वफादारी बनाए रखने के लिए [[विचार-नियंत्रण|विचारनियंत्रण]] तकनीकों का इस्तेमाल किया गया था।<ref name="refRichardsonIntrovigne">{{Harvnb|Richardson|Introvigne|2001}}</ref> यह विश्वास कि कल्टों ने अपने सदस्यों का ब्रेनवॉश किया, कल्ट आलोचकों के बीच एक एकीकृत विषय बन गया और कल्ट विरोधी आंदोलन तकनीकों के अधिक चरम कोनों में कभी-कभी कल्ट सदस्यों के ''अकार्यक्रम'' का अभ्यास किया गया।<ref name="ShupeEncy">{{Cite book|title=Encyclopedia of Religion and Society|url=https://archive.org/details/encyclopediaofre0000unse_j2f3|last=Shupe|first=Anson|publisher=AltaMira|year=1998|isbn=978-0761989561|editor-last=William H. Swatos Jr.|location=Walnut Creek, CA|page=[https://archive.org/details/encyclopediaofre0000unse_j2f3/page/27 27]|chapter=Anti-Cult Movement}}</ref> कल्ट-विरोधी आंदोलन से संबंधित धर्मनिरपेक्ष कल्ट विरोधी आमतौर पर एक कल्ट को एक ऐसे समूह के रूप में परिभाषित करते हैं जो अपने सदस्यों का हेरफेर, शोषण और नियंत्रण करता है। कहा जाता है कि कल्ट व्यवहार में विशिष्ट कारकों में सदस्यों, सांप्रदायिक और समग्र संगठन, आक्रामक धर्मांतरण, मतारोपण के व्यवस्थित कार्यक्रम, और [[मध्यम वर्ग|मध्यवर्गीय]] समुदायों में स्थिरता पर चालाकी और सत्तावादी [[विचार-नियंत्रण|दिमाग नियंत्रण]] शामिल है।<ref>"[C]ertain manipulative and authoritarian groups which allegedly employ mind control and pose a threat to mental health are universally labeled cults. These groups are usually 1) authoritarian in their leadership; 2) communal and totalistic in their organization; 3) aggressive in their proselytizing; 4) systematic in their programs of indoctrination; 5) relatively new and unfamiliar in the United States; 6) middle class in their clientele" (Robbins and Anthony (1982:283), as qtd. in Richardson 1993:351).</ref><ref name="BromleyEncy">{{Cite book|title=Encyclopedia of Religion and Society|url=https://archive.org/details/encyclopediaofre0000unse_j2f3|last=Bromley|first=David G.|publisher=AltaMira|year=1998|isbn=978-0761989561|editor-last=William H. Swatos Jr.|location=Walnut Creek, CA|pages=[https://archive.org/details/encyclopediaofre0000unse_j2f3/page/61 61]–62|chapter=Brainwashing}}</ref><ref>[[Eileen Barker|Barker, Eileen]]. 1989. ''New Religious Movements: A Practical Introduction''. London: [[Her Majesty's Stationery Office]].</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.csj.org/infoserv_cult101/checklis.htm|title=Characteristics Associated with Cultic Groups – Revised|last=Janja|first=Lalich|last2=Langone|first2=Michael|website=International_Cultic_Studies_Association|publisher=International Cultic Studies Association|archive-url=https://web.archive.org/web/20070430071731/http://www.csj.org/infoserv_cult101/checklis.htm|archive-date=30 April 2007|access-date=23 May 2014}}</ref> [[संचार माध्यम]] में और औसत नागरिकों के बीच "कल्ट" ने एक तेजी से नकारात्मक अर्थ प्राप्त किया, [[अपहरण]], विचारनियंत्रण, मनोवैज्ञानिक दुर्व्यवहार, यौन शोषण और अन्य [[अपराध|आपराधिक गतिविधियों]] और सामूहिक आत्महत्या जैसी चीजों से जुड़ा हुआ। जबकि इन नकारात्मक गुणों में से अधिकांश में आमतौर पर नए धार्मिक समूहों के एक बहुत छोटे अल्पसंख्यक की गतिविधियों में वास्तविक प्रलेखित मिसालें होती हैं, जन संस्कृति अक्सर उन्हें सांस्कृतिक रूप से विचलन के रूप में देखे जाने वाले किसी भी धार्मिक समूह तक फैलाती है, हालांकि यह शांतिपूर्ण या कानून का पालन करने वाला हो सकता है। जबकि कुछ मनोवैज्ञानिक इन सिद्धांतों के प्रति ग्रहणशील थे, समाजशास्त्री नवधार्मिक आंदोलन में रूपांतरण की व्याख्या करने की उनकी क्षमता के बारे में सबसे अधिक संदेहवादी थे।<ref name="BarkerAReview">{{Cite journal|last=Barker, Eileen|year=1986|title=Religious Movements: Cult and Anti-Cult Since Jonestown|url=https://archive.org/details/sim_annual-review-of-sociology_1986_12/page/329|journal=Annual Review of Sociology|volume=12|pages=329–346|doi=10.1146/annurev.so.12.080186.001553}}</ref> १९८० के दशक के उत्तरार्ध में मनोवैज्ञानिकों और समाजशास्त्रियों ने विचारनियंत्रण और माइंड कंट्रोल जैसे सिद्धांतों को छोड़ना शुरू कर दिया। जबकि विद्वानों का मानना है कि विभिन्न कम नाटकीय जबरदस्ती मनोवैज्ञानिक तंत्र समूह के सदस्यों को प्रभावित कर सकते हैं, वे मुख्य रूप से एक तर्कसंगत पसंद के कार्य के रूप में नए धार्मिक आंदोलनों में रूपांतरण को देखते हैं।<ref name="Ayella">{{Cite journal|last=Ayella, Marybeth|year=1990|title=They Must Be Crazy: Some of the Difficulties in Researching 'Cults'|url=https://archive.org/details/sim_american-behavioral-scientist_may-june-1990_33_5/page/562|journal=American Behavioral Scientist|volume=33|issue=5|pages=562–577|doi=10.1177/0002764290033005005}}</ref><ref>[[Cult#Cowan2003|Cowan]], 2003 ix</ref> === कल्ट विरोधी आंदोलनों की प्रतिक्रियाएँ === १९७० के दशक की कल्ट बहस के बाद से "कल्ट" और "कल्ट नेता" शब्दों के तेजी से [[ह्रासकारी|निंदनीय]] उपयोग के कारण, कुछ शिक्षाविदों, समूहों के अलावा जिन्हें कल्ट कहा जाता है, का तर्क है कि इन शब्दों से बचा जाना चाहिए।<ref>[[Pnina Werbner|Werbner. Pnina]]. 2003. ''Pilgrims of Love: The Anthropology of a Global Sufi Cult''. Bloomington: Indiana University Press. p. xvi: "...the excessive use of "cult" is also potentially misleading. With its pejorative connotations"</ref>{{Rp|348–356}}कैथरीन वेसिंगर (लोयोला यूनिवर्सिटी न्यू ऑरलियन्स) ने कहा है कि "कल्ट" शब्द महिलाओं और समलैंगिकों के लिए नस्लीय गालियाँ या अपमानजनक शब्दों के रूप में उतना ही [[पूर्वाग्रह]] और विरोध का प्रतिनिधित्व करता है।<ref name="Wessinger" /> उसने तर्क दिया है कि लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे इस शब्द द्वारा व्यक्त की गई [[भेदभाव|कट्टरता]] से अवगत हों, जिस तरह से यह समूह के सदस्यों और उनके बच्चों को अमानवीय बनाता है, उस पर ध्यान आकर्षित करता है।<ref name="Wessinger">{{Cite book|title=How the Millennium Comes Violently|url=https://archive.org/details/howmillenniumcom0000wess|last=Wessinger|first=Catherine Lowman|publisher=Seven Bridges Press|year=2000|isbn=1889119245|location=New York/London|page=[https://archive.org/details/howmillenniumcom0000wess/page/4 4]|author-link=Catherine Wessinger}}</ref> वह कहती है कि एक समूह को अमानवीय के रूप में लेबल करना, इसके खिलाफ हिंसा का औचित्य बन जाता है।<ref name="Wessinger" /> वह यह भी कहती हैं कि एक समूह को "कल्ट" का लेबल देना लोगों को सुरक्षित महसूस कराता है, क्योंकि "धर्म से जुड़ी हिंसा को पारंपरिक धर्मों से अलग कर दिया जाता है, दूसरों पर पेश किया जाता है, और केवल अपभ्रंश समूहों को शामिल करने की कल्पना की जाती है।"<ref name="Wessinger" /> उनके अनुसार, यह इस बात पर ध्यान देने में विफल है कि मुख्यधारा के धर्मों के विश्वासियों द्वारा बाल शोषण, यौन शोषण, वित्तीय जबरन वसूली और युद्ध भी किए गए हैं, लेकिन अपमानजनक "कल्ट" स्टीरियोटाइप इस असहज तथ्य का सामना करने से बचना आसान बनाता है।<ref name="Wessinger" /> == सरकार की नीतियाँ और कार्य == सरकारी दस्तावेजों में धार्मिक आंदोलनों के लिए लेबल "कल्ट" या "लघुपंथ" का उपयोग अंग्रेजी में "कल्ट" शब्द के लोकप्रिय और नकारात्मक उपयोग और कई यूरोपीय भाषाओं में "लघुपंथ" के रूप में अनुवादित शब्दों के कार्यात्मक रूप से समान उपयोग को दर्शाता है।<ref name="Richardson01">{{Harvnb|Richardson|Introvigne|2001}}</ref> "कल्ट" शब्द के इस नकारात्मक राजनीतिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण [[समाजशास्त्रियों की सूची|समाजशास्त्रियों]] का तर्क है कि यह समूह के सदस्यों की धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।<ref name="Davis1996">Davis, Dena S. 1996. "Joining a Cult: Religious Choice or Psychological Aberration." ''Journal of Law and Health''.</ref> १९९० के दशक में प्रति-कल्ट आंदोलन और कर्मकांडों के दुरुपयोग के चरम पर कुछ सरकारों ने लघुपंथों की सूची प्रकाशित की।<ref group="lower-roman">Or "sects" in German-speaking countries, the German term ''sekten'' having assumed the same derogatory meaning as English "cult".</ref> जबकि ये दस्तावेज़ समान शब्दावली का उपयोग करते हैं, उनमें आवश्यक रूप से समान समूह शामिल नहीं हैं और न ही इन समूहों का मूल्यांकन सहमत मानदंडों के आधार पर किया गया है।<ref name="Richardson01" /> अन्य सरकारें और विश्व निकाय भी नए धार्मिक आंदोलनों पर रिपोर्ट करते हैं लेकिन समूहों का वर्णन करने के लिए इन शर्तों का उपयोग नहीं करते हैं।<ref name="Richardson01" /> २००० के दशक के बाद से कुछ सरकारों ने धार्मिक आंदोलनों के ऐसे वर्गीकरणों से खुद को फिर से दूर कर लिया है। जबकि नए धार्मिक समूहों की आधिकारिक प्रतिक्रिया दुनिया भर में मिश्रित रही है, कुछ सरकारें इन समूहों के आलोचकों के साथ "वैध" धर्म और "खतरनाक", [[लोकनीति|सार्वजनिक नीति]] में "अवांछित" कल्टों के बीच अंतर करने की हद तक गठबंधन करती हैं।<ref name="refRichardsonIntrovigne">{{Harvnb|Richardson|Introvigne|2001}}</ref><ref name="Edelman">{{Cite journal|last=Edelman|first=Bryan|last2=Richardson|first2=James T.|year=2003|title=Falun Gong and the Law: Development of Legal Social Control in China|journal=Nova Religio|volume=6|issue=2|pages=312–331|doi=10.1525/nr.2003.6.2.312}}</ref> === चीन === [[चित्र:Destruction_d'ouvrages_du_Falun_Gong_lors_de_la_répression_de_1999_en_Chine.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| चीनी सरकार द्वारा [[फालुन गोंग]] पुस्तकों को प्रतीकात्मक रूप से नष्ट किया जा रहा है]] सदियों से चीन में सरकारों ने कुछ धर्मों को ''शिएजियाओ'' ([[चीनी भाषा|चीनी]]: ''邪教'', अर्थात [[काफ़ि़र|काफिर]]) के रूप में वर्गीकृत किया है, जिसे कभी-कभी "दुष्ट कल्ट" या "विधर्मी शिक्षाओं" के रूप में अनुवादित किया जाता है।<ref name="Pennyreligion">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=P6Z6fQ7Fg3QC|title=The Religion of Falun Gong|last=Penny|first=Benjamin|date=2012|publisher=University of Chicago Press|isbn=978-0226655017|language=en}}</ref> [[चीन का इतिहास|शाही चीन]] में ''शिएजियाओ'' के रूप में एक धर्म के वर्गीकरण का मतलब यह नहीं था कि धर्म की शिक्षाओं को झूठा या अप्रमाणिक माना जाता था, बल्कि यह लेबल उन धार्मिक समूहों पर लागू किया गया था जो राज्य द्वारा अधिकृत नहीं थे, या इसे धार्मिक समूहों पर लागू किया गया था। ऐसा माना जाता है कि समूह राज्य की वैधता को चुनौती देते हैं।<ref name="Pennyreligion" /> [[चीन का इतिहास|आधुनिक चीन]] में ''शिएजियाओ'' शब्द का उपयोग उन शिक्षाओं को निरूपित करने के लिए किया जाता है जिन्हें सरकार अस्वीकार करती है, और इन समूहों को अधिकारियों द्वारा दमन और दंड का सामना करना पड़ता है। चीन में चौदह अलग-अलग समूहों को सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय द्वारा ''शिएजियाओ'' के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।<ref>Center for Religious Freedom. February 2002. "[https://web.archive.org/web/20120402165033/http://www.hudson.org/files/publications/Analysis_of_China_Docs_1_to_7.pdf Report Analyzing Seven Secret Chinese Government Documents]." Washington: [[Freedom House]].</ref> इसके अतिरिक्त, १९९९ में चीनी साम्यवादी पार्टी के अधिकारियों ने [[फालुन गोंग]] आध्यात्मिक अभ्यास को एक विधर्मी शिक्षा के रूप में निंदा की, और उन्होंने इसे खत्म करने के लिए एक अभियान चलाया। हालांकि इस तरह के दावे केवल पार्टी के प्रस्तावों में मौजूद हैं, और चीनी कानून प्रणालियों द्वारा इसे वैध नहीं किया गया है। इसने वास्तव में इस तरह की निंदा को भ्रमित कर दिया और साम्यवादी पार्टी के गुप्त पुलिसकर्मियों द्वारा गुप्त रूप से किए गए गैरकानूनी कार्यों के रूप में। [[एमनेस्टी इण्टरनेशनल|एमनेस्टी इंटरनेशनल]] के अनुसार, फालुन गोंग के उत्पीड़न में एक बहुआयामी प्रचार अभियान,<ref name="CRS2006">{{Cite web|url=https://fpc.state.gov/documents/organization/67820.pdf|title=CRS Report for Congress: China and Falun Gong|last=Lum|first=Thomas|date=25 May 2006|publisher=[[Congressional Research Service]]}}</ref> लागू वैचारिक रूपांतरण और पुन: शिक्षा का एक कार्यक्रम, साथ ही साथ विभिन्न प्रकार के अतिरिक्त कानूनी जबरदस्ती के उपाय शामिल हैं, जैसे मनमानी गिरफ्तारी, [[बेगार]], और शारीरिक यातना, कभी-कभी मृत्यु के परिणामस्वरूप।<ref name="Amnesty1">{{Cite web|url=http://web.amnesty.org/library/Index/engASA170112000|title=China: The crackdown on Falun Gong and other so-called "heretical organizations"|date=23 March 2000|publisher=Amnesty International|archive-url=https://web.archive.org/web/20030711022606/http://web.amnesty.org/library/Index/engASA170112000|archive-date=11 July 2003|access-date=17 March 2010}}</ref> === रूस === २००८ में रूसी आंतरिक मंत्रालय ने "चरमपंथी समूहों" की एक सूची तैयार की। सूची के शीर्ष पर "पारंपरिक इस्लाम" के बाहर इस्लामी समूह थे, जिनकी निगरानी रूसी सरकार द्वारा की जाती है। अगला सूचीबद्ध " बुतपरस्त कल्ट " थे।<ref>[[Andrei Soldatov|Soldatov, Andreĭ]], and I. Borogan. 2010. ''The new nobility : the restoration of Russia's security state and the enduring legacy of the KGB''. New York: [[PublicAffairs]]. pp. 65–66.</ref> २००९ में रूसी न्याय मंत्रालय ने एक परिषद बनाई जिसे उसने "राज्य धार्मिक अध्ययन विशेषज्ञ विश्लेषण करने वाले विशेषज्ञों की परिषद" नाम दिया। नई परिषद ने ८० बड़े लघुपंथों को सूचीबद्ध किया जो इसे रूसी समाज के लिए संभावित रूप से खतरनाक मानते थे, और यह भी उल्लेख किया कि हजारों छोटे थे। जिन बड़े लघुपंथों को सूचीबद्ध किया गया था उनमें शामिल हैं: गिरजाघर ऑफ जीसस क्राइस्ट ऑफ लैटर-डे सेंट्स, [[यहोवा के साक्षी]], और अन्य लघुपंथ जिन्हें " नव-पेंटेकोस्टल " के रूप में संदर्भित किया गया था।<ref>Marshall, Paul. 2013. ''Persecuted: The Global Assault on Christians''. [[Thomas Nelson Inc]].</ref> === संयुक्त राज्य अमेरिका === १९७० के दशक में " [[विचार-नियंत्रण|विचारनियंत्रण थ्योरी]] " की वैज्ञानिक स्थिति अमेरिकी अदालती मामलों में एक केंद्रीय विषय बन गई थी, जहां इस सिद्धांत का इस्तेमाल कल्ट के सदस्यों के जबरदस्त अकार्यक्रमित के उपयोग को सही ठहराने के लिए किया गया था।<ref name="Lewis, 2004">{{Harvnb|Lewis|2004}}</ref><ref name="Davis1996">Davis, Dena S. 1996. "Joining a Cult: Religious Choice or Psychological Aberration." ''Journal of Law and Health''.</ref> इस बीच इन सिद्धांतों के आलोचक [[समाजशास्त्रियों की सूची|समाजशास्त्रियों]] ने अदालत में नए धार्मिक आंदोलनों की वैधता का बचाव करने में धार्मिक स्वतंत्रता के अधिवक्ताओं की सहायता की।<ref name="refRichardsonIntrovigne">{{Harvnb|Richardson|Introvigne|2001}}</ref><ref name="Edelman"/> संयुक्त राज्य अमेरिका में कल्टों की धार्मिक गतिविधियों को संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान के पहले संशोधन के तहत संरक्षित किया गया है, जो [[राज्य धर्म|धर्म की सरकारी स्थापना]] पर रोक लगाता है और धर्म की स्वतंत्रता, [[अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता|भाषण की स्वतंत्रता]], [[प्रेस की स्वतंत्रता]] और विधानसभा की स्वतंत्रता की रक्षा करता है। हालांकि धार्मिक समूहों या कल्टों के किसी भी सदस्य को [[सरकारी वकील|आपराधिक मुकदमे]] से कोई विशेष छूट नहीं दी जाती है।<ref name="Ogloff92"> {{Cite journal|last=Ogloff|first=J. R.|last2=Pfeifer, J. E.|year=1992|title=Cults and the law: A discussion of the legality of alleged cult activities.|url=https://archive.org/details/sim_behavioral-sciences-the-law_winter-1992_10_1/page/117|journal=Behavioral Sciences & the Law|volume=10|issue=1|pages=117–140|doi=10.1002/bsl.2370100111}}</ref> १९९० में ''यूनाइटेड स्टेट्स'' बनाम कोर्ट केस । ''फिशमैन'' (१९९०) ने मार्गरेट सिंगर और रिचर्ड ओफ्शे जैसे विशेषज्ञ गवाहों द्वारा विचारनियंत्रण सिद्धांतों के उपयोग को समाप्त कर दिया।<ref name=":4">''[https://law.justia.com/cases/federal/district-courts/FSupp/743/713/2593631/ United States v. Fishman]'', 743 [[Federal Supplement|F. Supp]]. 713 ([[United States District Court for the Northern District of California|N.D. Cal.]] 1990).</ref> मामले के फैसले में अदालत ने फ्राइ मानक का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि विशेषज्ञ गवाहों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वैज्ञानिक सिद्धांत को आम तौर पर उनके संबंधित क्षेत्रों में स्वीकार किया जाना चाहिए। अदालत ने एपीए टास्क फ़ोर्स द्वारा प्रकाशित सहायक दस्तावेज़ों का उपयोग करते हुए [[विचार-नियंत्रण|विचारनियंत्रण]] को विशेषज्ञ गवाहियों में अस्वीकार्य माना, जो अनुनय और नियंत्रण के भ्रामक और अप्रत्यक्ष तरीकों पर प्रकाशित किए गए थे, पिछले अदालती मामलों के साहित्य जिनमें विचारनियंत्रण सिद्धांतों का इस्तेमाल किया गया था, और विशेषज्ञ गवाहियाँ जो वितरित की गई थीं डिक एंथोनी जैसे विद्वानों द्वारा।<ref name=":4" /><ref>{{Cite journal|last=Introvigne|first=Massimo|year=2014|title=Advocacy, brainwashing theories, and new religious movements|journal=Religion|volume=44|issue=2|pages=303–319|doi=10.1080/0048721X.2014.888021}}</ref> === पश्चिमी यूरोप === फ़्रांस और बेल्जियम की सरकारों ने नीतिगत दृष्टिकोण अपनाए हैं जो "विचारनियंत्रण" सिद्धांतों को अनालोचनात्मक रूप से स्वीकार करते हैं, जबकि अन्य यूरोपीय देशों की सरकारें, जैसे कि स्वीडन और इटली, ब्रेनवॉश करने के संबंध में सतर्क हैं और परिणामस्वरूप, उन्होंने अधिक तटस्थता से प्रतिक्रिया दी है नए धर्मों के संबंध में।<ref>{{Harvnb|Richardson|Introvigne|2001}}</ref> विद्वानों ने सुझाव दिया है कि बड़े पैमाने पर हत्या/आत्महत्याओं के बाद जो आक्रोश सौर मंदिर<ref name="refRichardsonIntrovigne">{{Harvnb|Richardson|Introvigne|2001}}</ref><ref name="Robbins2002">{{Cite journal|last=Robbins, Thomas|year=2002|title=Combating 'Cults' and 'Brainwashing' in the United States and Europe: A Comment on Richardson and Introvigne's Report|journal=Journal for the Scientific Study of Religion|volume=40|issue=2|pages=169–176|doi=10.1111/0021-8294.00047}}</ref> द्वारा जारी था, उसने यूरोपीय विरोधी कल्ट के साथ-साथ अधिक अव्यक्त [[अज्ञातव्यक्तिभीति|ज़ेनोफोबिक]] और अमेरिकी-विरोधी दृष्टिकोणों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है जो व्यापक हैं महाद्वीप।<ref name="Beckford1998">{{Cite journal|last=Beckford, James A.|year=1998|title='Cult' Controversies in Three European Countries|journal=Journal of Oriental Studies|volume=8|pages=174–184}}</ref> १९८० के दशक में फ्रांसीसी सरकार के पादरी और अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की कि [[कैथोलिक गिरजाघर|रोमन कैथोलिक गिरजाघर]] के भीतर कुछ आदेश और अन्य समूह कल्ट विरोधी कानूनों से प्रतिकूल रूप से प्रभावित होंगे, जिन पर तब विचार किया जा रहा था।<ref>{{Cite book|title=Regulating religion: case studies from around the globe|last=Richardson|first=James T.|publisher=Kluwer Acad. / Plenum Publ.|year=2004|isbn=0306478862|location=New York|author-link=James T. Richardson}}</ref> == संदर्भ == === व्याख्यात्मक विख्यात === <references group="lower-roman" responsive="1"></references> === उद्धरण === <references group="" responsive="1"></references>  {{refbegin}} * [[Eileen Barker|Barker, E.]] (1989) ''New Religious Movements: A Practical Introduction'', London, HMSO * Bromley, David et al.: ''Cults, Religion, and Violence'', 2002, {{ISBN|0521668980}} * Enroth, Ronald. (1992) ''[[Churches that Abuse]]'', Zondervan, {{ISBN|0310532906}} [http://www.apologeticsindex.org/716-churches-that-abuse-online-book Full text online] * Esquerre, Arnaud: ''La manipulation mentale. Sociologie des sectes en France'', Fayard, Paris, 2009. * House, Wayne: ''Charts of Cults, Sects, and Religious Movements'', 2000, {{ISBN|0310385512}} * Kramer, Joel and Alstad, Diane: ''The Guru Papers: Masks of Authoritarian Power'', 1993. * Lalich, Janja: ''Bounded Choice: True Believers and Charismatic Cults'', 2004, {{ISBN|0520240189}} * Landau Tobias, Madeleine et al. : ''Captive Hearts, Captive Minds'', 1994, {{ISBN|0897931440}} * [[James R. Lewis (scholar)|Lewis, James R.]] ''Odd Gods: New Religions and the Cult Controversy'', [[Prometheus Books]], 2001 * Martin, Walter et al.: ''[[The Kingdom of the Cults]]'', 2003, {{ISBN|0764228218}} * [[J. Gordon Melton|Melton, Gordon]]: ''Encyclopedic Handbook of Cults in America'', 1992 {{ISBN|0815311400}} * Oakes, Len: ''Prophetic Charisma: The Psychology of Revolutionary Religious Personalities'', 1997, {{ISBN|0815603983}} * [[Margaret Singer|Singer, Margaret Thaler]]: ''Cults in Our Midst: The Continuing Fight Against Their Hidden Menace'', 1992, {{ISBN|0787967416}} * Tourish, Dennis: '''On the Edge: Political Cults Right and Left'', 2000, {{ISBN|0765606399}} * Zablocki, Benjamin et al.: ''Misunderstanding Cults: Searching for Objectivity in a Controversial Field'', 2001, {{ISBN|0802081886}} {{refend}} === सामान्य और उद्धृत स्रोत === * {{Cite book|title=Bearing False Witness? An Introduction to the Christian Countercult|url=https://archive.org/details/bearingfalsewitn0000cowa|last=Cowan|first=Douglas E.|publisher=[[Praeger Paperback|Praeger]]|year=2003|isbn=978-0275974596|location=Westport, CT|author-link=Douglas E. Cowan}} * {{Cite book|title=Cults in Context: Readings in the Study of New Religious Movements|last=Dawson|first=Lorne L.|publisher=[[Transaction Publishers]]|year=1998|isbn=0765804786|author-link=Lorne L. Dawson}} * {{Cite book|title=The Oxford Handbook of New Religious Movements|url=https://archive.org/details/oxfordhandbookof0000unse_m1q8|last=Lewis|first=James R.|publisher=[[Oxford University Press]]|year=2004|isbn=0195149866|location=US|author-link=James R. Lewis (scholar)}} * {{Cite journal|last=Richardson|first=James T.|author-link=James T. Richardson|year=1993|title=Definitions of Cult: From Sociological-Technical to Popular-Negative.|url=https://archive.org/details/sim_review-of-religious-research_1993-06_34_4/page/348|journal=[[Review of Religious Research]]|volume=34|pages=348–356|doi=10.2307/3511972|jstor=3511972}} * {{Cite journal|last=Richardson|first=James T.|last2=Introvigne|first2=Massimo|author-link2=Massimo Introvigne|year=2001|title='Brainwashing' Theories in European Parliamentary and Administrative Reports on 'Cults' and 'Sects'.|url=https://archive.org/details/sim_journal-for-the-scientific-study-of-religion_2001-06_40_2/page/143|journal=[[Journal for the Scientific Study of Religion]]|volume=40|pages=143–168|doi=10.1111/0021-8294.00046}} * {{Cite book|title=The Future of Religion: Secularization, Revival and Cult Formation|last=Stark|first=Rodney|last2=Bainbridge|first2=William Sims|publisher=University of California Press|year=1987|isbn=978-0520057319|location=Berkeley|author-link=Rodney Stark|author-link2=William Sims Bainbridge}} * {{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=xi9j4vCOtPQC|title=A Theory of Religion|last=Stark|first=Rodney|last2=Bainbridge|first2=William Sims|publisher=[[Peter Lang Publishing]]|year=1996|isbn=0813523303|author-mask=1|author-mask2=1|author-link=Rodney Stark|author-link2=William Sims Bainbridge}} == अग्रिम पठन == === पुस्तकें ===  {{refbegin}} * [[Eileen Barker|Barker, E.]] (1989) ''New Religious Movements: A Practical Introduction'', London, HMSO * Bromley, David et al.: ''Cults, Religion, and Violence'', 2002, {{ISBN|0521668980}} * Enroth, Ronald. (1992) ''[[Churches that Abuse]]'', Zondervan, {{ISBN|0310532906}} [http://www.apologeticsindex.org/716-churches-that-abuse-online-book Full text online] * Esquerre, Arnaud: ''La manipulation mentale. Sociologie des sectes en France'', Fayard, Paris, 2009. * House, Wayne: ''Charts of Cults, Sects, and Religious Movements'', 2000, {{ISBN|0310385512}} * Kramer, Joel and Alstad, Diane: ''The Guru Papers: Masks of Authoritarian Power'', 1993. * Lalich, Janja: ''Bounded Choice: True Believers and Charismatic Cults'', 2004, {{ISBN|0520240189}} * Landau Tobias, Madeleine et al. : ''Captive Hearts, Captive Minds'', 1994, {{ISBN|0897931440}} * [[James R. Lewis (scholar)|Lewis, James R.]] ''Odd Gods: New Religions and the Cult Controversy'', [[Prometheus Books]], 2001 * Martin, Walter et al.: ''[[The Kingdom of the Cults]]'', 2003, {{ISBN|0764228218}} * [[J. Gordon Melton|Melton, Gordon]]: ''Encyclopedic Handbook of Cults in America'', 1992 {{ISBN|0815311400}} * Oakes, Len: ''Prophetic Charisma: The Psychology of Revolutionary Religious Personalities'', 1997, {{ISBN|0815603983}} * [[Margaret Singer|Singer, Margaret Thaler]]: ''Cults in Our Midst: The Continuing Fight Against Their Hidden Menace'', 1992, {{ISBN|0787967416}} * Tourish, Dennis: '''On the Edge: Political Cults Right and Left'', 2000, {{ISBN|0765606399}} * Zablocki, Benjamin et al.: ''Misunderstanding Cults: Searching for Objectivity in a Controversial Field'', 2001, {{ISBN|0802081886}} {{refend}} === सामग्री === {{refbegin}} * Aronoff, Jodi; Lynn, Steven Jay; Malinosky, Peter. ''Are cultic environments psychologically harmful?'', ''Clinical Psychology Review'', 2000, Vol. 20 No. 1 pp.&nbsp;91–111 * Langone, Michael: Cults: [https://web.archive.org/web/20040514055256/http://www.csj.org/infoserv_articles/langone_michael_cultsqa.htm Questions and Answers] * [[Robert Jay Lifton|Lifton, Robert Jay]]: [https://web.archive.org/web/20040624204743/http://csj.org/infoserv_articles/lifton_robert.htm "Cult Formation"], ''The Harvard Mental Health Letter'', February 1991 * Robbins, T. and D. Anthony, 1982. "Deprogramming, brainwashing and the medicalization of deviant religious groups" ''Social Problems'' '''29''' pp.&nbsp;283–297. * Rosedale, Herbert et al.: [https://web.archive.org/web/20040514072433/http://www.csj.org/infoserv_articles/langone_michael_term_cult.htm "On Using the Term 'Cult{{'"}}] * Van Hoey, Sara: [https://web.archive.org/web/20041216002202/http://www.csj.org/infoserv_articles/van_hoey_sara_cults_in_court.htm "Cults in Court"]. ''The Los Angeles Lawyer'', February 1991 * [[Philip Zimbardo|Zimbardo, Philip]]: [https://web.archive.org/web/20041118073343/http://www.csj.org/infoserv_articles/zimbardo_philip_messeges.htm "What messages are behind today's cults?"], ''American Psychological Association Monitor'', May 1997 {{refend}}   == बाहरी संबंध == * {{Wiktionary inline}} * {{Wikiquote-inline|Cult}} {{New Religious Movements}}{{Opposition_to_NRMs}} [[श्रेणी:ह्रासकारी]] [[श्रेणी:चीनी भाषा पाठ वाले लेख]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] db84jmlm7hkf5tn7e6ngiwklzggpkoq अयोध्या जंक्शन रेलवे स्टेशन 0 1447054 6582584 6582444 2026-07-14T14:29:30Z ~2026-39833-21 936260 6582584 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन |name=अयोध्या धाम जंक्शन |type= Ayodhya Dham Junction [[File:Indian_Railways_Suburban_Railway_Logo.svg|30px]] लाइट रेल और कम्प्यूटर रेल स्टेशन |style=Indian Railways |image=Ayodhya Junction railway station.webp |image_caption=अयोध्या जंक्शन प्रवेश द्वार |address=[[अयोध्या]], [[अयोध्या जिला]], [[उत्तर प्रदेश]] |country= भारत |coordinates={{coord|26.78777|N|82.20008|E|display=inline,title}} |line={{ill|वाराणसी-अयोध्या-चारबाग लाइन|en|Varanasi–Lucknow line}}<br/>{{ill|लखनऊ-गोरखपुर लाइन|lt=मनकापुर-अयोध्या शाखा लाइन|en|Lucknow–Gorakhpur line}}|other=केंद्रीय बस स्टेशन, टैक्सी स्टैंड, ऑटो स्टैंड|structure=मानक ऑन-ग्राउंड स्टेशन|platform=3|depth=|levels=|tracks=5|parking=|bicycle=|opened={{start date and age|1874}}|closed=|rebuilt=Under progress|electrified=Yes|ADA=|code=AY|owned=[[भारतीय रेल]]|zone=[[Northern Railway zone|Northern Railways]]|former=|passengers=|pass_year=|pass_percent=|pass_system=|mpassengers=|embedded=[[File:Feature ticket office.svg|20px|Computerized ticketing counters]] [[File:Baggage claim ecomo.svg|20px|Luggage checking system]] [[File:Feature parking.svg|20px|Parking]] [[File:Feature accessible.svg|20px|Disabled access]] [[File:SymbolCoffeeShop.svg|20px|Food plaza]] [[File:AB-Autobahnkiosk.svg|20px|Kiosks]] [[File:Aseos Públicos.jpg|20px|WC]] [[File:Aiga taxi.svg|20px|Taxi stand]] [[File:Feature suburban buses.svg|20px|Public transportation]]|map_type=India Uttar Pradesh#India |map_dot_label= अयोध्या |map_caption=उत्तर प्रदेश, भारत में अवस्थिति##Location in India|smartcardname=Interactive map|smartcardstatus={{Maplink|frame=yes|plain=yes|frame-align=center|frame-width=300|frame-height=180|zoom=14|type=point|marker=rail}}}}'''अयोध्या जंक्शन रेलवे स्टेशन''' भारत में [[उत्तर प्रदेश]] के [[अयोध्या]] शहर में एक रेलवे स्टेशन है। यह शहर के दो रेलवे जंक्शनों में से एक है; दूसरा फैजाबाद जंक्शन है। इस स्टेशन का स्वामी [[भारतीय रेल|भारतीय रेलवे]] है। == जगह == यह स्टेशन अयोध्या-अकबरपुर रेलवे स्टेशन लाइन पर अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन के पास है। एक अन्य रेखा [[घाघरा नदी|सरयू नदी को]] पार करती है और आगे उत्तर में मनकापुर जंक्शन तक जाती है। == विस्तार == 2019 से, पटरियों के विद्युतीकरण के साथ-साथ डबल रेलवे लाइनों को जोड़कर स्टेशन का विस्तार किया जा रहा है। नया डिजाइन मौजूदा स्टेशन के मंदिर जैसा दिखने वाला बना रहेगा और [[राम मंदिर, अयोध्या|अयोध्या में राम मंदिर]] के निर्माण के कारण अपेक्षित अधिक यात्री संख्या को संभालने की क्षमता बढ़ाने के अलावा नई सुविधाएं भी जोड़ेगा। नया निर्माण दो चरणों में है, जिसमें पहले चरण की लागत 131.97 करोड़ और दूसरे चरण की लागत 307 करोड़ रुपये है। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/uttar-pradesh-ayodhya-railway-station-new-building-to-be-ready-by-december-says-drm-lucknow/articleshow/86684526.cms|title=Uttar Pradesh: Ayodhya railway station new building to be ready by December, says DRM Lucknow {{!}} Lucknow News - Times of India|last=Oct 1|first=Arvind Chauhan / TNN /|work=The Times of India|access-date=24 October 2021|language=en}}<cite class="citation news cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFOct_1">Oct 1, Arvind Chauhan / TNN /. [https://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/uttar-pradesh-ayodhya-railway-station-new-building-to-be-ready-by-december-says-drm-lucknow/articleshow/86684526.cms "Uttar Pradesh: Ayodhya railway station new building to be ready by December, says DRM Lucknow | Lucknow News - Times of India"]. ''The Times of India''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">24 October</span> 2021</span>.</cite></ref> पहले चरण में अधिक वॉशरूम, लाउंज, शयनगृह और टिकट कार्यालय जैसी सुविधाओं के साथ नए स्टेशन भवन का निर्माण शामिल होगा। चरण 1 जून 2021 तक पूरा होने की उम्मीद थी। दूसरे चरण में प्लेटफार्मों का विकास होगा। <ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/first-phase-of-ayodhya-railway-station-modelled-on-ram-mandir-to-be-completed-by-june-2021/story-KW6BaKvnhZKbfo9NzYAI1L.html|title=Phase-1 of Ayodhya station modelled on Ram Mandir to be completed by June 2021|last=Dutta|first=Anisha|date=2 August 2020|work=Hindustan Times|access-date=16 November 2020|last2=Sarkar|first2=Sohini}}<cite class="citation news cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFDuttaSarkar2020">Dutta, Anisha; Sarkar, Sohini (2 August 2020). [https://www.hindustantimes.com/india-news/first-phase-of-ayodhya-railway-station-modelled-on-ram-mandir-to-be-completed-by-june-2021/story-KW6BaKvnhZKbfo9NzYAI1L.html "Phase-1 of Ayodhya station modelled on Ram Mandir to be completed by June 2021"]. ''Hindustan Times''<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">16 November</span> 2020</span>.</cite></ref> <ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/india/ayodhya-railway-station-to-be-redeveloped-on-temple-model-budget-raised-6536473/|title=Ayodhya railway station to be redeveloped on temple model; budget raised|date=3 August 2020|work=Indian Express|access-date=16 November 2020}}<cite class="citation news cs1" data-ve-ignore="true">[https://indianexpress.com/article/india/ayodhya-railway-station-to-be-redeveloped-on-temple-model-budget-raised-6536473/ "Ayodhya railway station to be redeveloped on temple model; budget raised"]. ''Indian Express''. 3 August 2020<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">16 November</span> 2020</span>.</cite></ref> == परिवहन == === हवाईजहाज से === * [[अमौसी अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र|लखनऊ एयरपोर्ट]] * [[अयोध्या विमानक्षेत्र|अयोध्या एयरपोर्ट]] निर्माणाधीन है। ==इमेजिस== <gallery mode="packed" heights="160"> File:The Squirrel Monument at Ayodhya Dham Junction — a tribute to devotion, humility, and the timeless story from the Ramayana.jpg|अयोध्या धाम जंक्शन पर गिलहरी स्मारक - भक्ति, विनम्रता और [[रामायण]] की कालातीत कहानी को श्रद्धांजलि File:Ayodhya Junction railway station, Ayodhya.jpg|आधुनिकीकरण से पहले, 2021 में स्टेशन भवन File:Ayodhya Junction railway station in Ayodhya, India.jpg| आधुनिकीकरण से पहले प्लेटफार्म क्षेत्र। File:Ayodhya Jn.jpg| आधुनिकीकरण से पहले पुराने स्टेशन भवन में टिकट काउंटर। File:Gorakhpur Lucknow VB getting ready for inaugural run towards Lucknow Charbagh railway station.jpg| [[गोरखपुर-लखनऊ चारबाग वंदे भारत एक्सप्रेस]] उन दो [[वंदे भारत एक्सप्रेस]] ट्रेनों में से एक है जो अयोध्या में रुकती हैं। File:Inauguration of the first phase of Ayodhya Junction railway station.jpg| [[भारत के प्रधानमंत्री|प्रधानमंत्री]] [[नरेंद्र मोदी]], [[उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों की सूची|उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री]] [[योगी आदित्यनाथ]], [[रेल मंत्रालय (भारत)|रेल मंत्री]] [[अश्विनी वैष्णव]] तथा अन्य [[उत्तर प्रदेश सरकार|उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल]] के मंत्रियों के साथ, 30 दिसंबर 2023 को स्टेशन के पुनर्विकास के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह में। </gallery> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == यह सभी देखें == * [[लखनऊ-कानपुर उपनगरीय रेलवे]] * [[रुदौली रेलवे स्टेशन]] * [[लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन]] * [[कानपुर सेंट्रल]] * [[गुलाब बारी]] * [[बहू बेगम का मकबरा]] {{वाराणसी-अयोध्या-चारबाग लाइन}} {{लखनऊ-गोरखपुर लाइन}} mz7vglzi2l1bd539msne08sril1irvz उत्तर भारत का गिरजाघर 0 1449512 6582758 6568312 2026-07-15T05:16:08Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582758 wikitext text/x-wiki {{Infobox Christian denomination|name=उत्तर भारत का गिरजाघर|image=CNI-Seal-Trans.jpg|imagewidth=|caption=उत्तर भारत का गिरजाघर का औपचारिक मुहर|main_classification=[[प्रोटेस्टेंट संप्रदाय]]|orientation=एकजुट गिरजाघर {{ubl|[[एंग्लिकनवाद]], [[मेथोडिज़्म]] एवं प्रेसबिटेरियाई}}|polity=धर्माध्यक्षीय, सामूहिक और पुरोहित तत्वों के साथ मिश्रित राजनीति<ref>{{cite book |title=IDOC International |date=1971 |publisher=IDOC-North America |page=85 |language=en |quote=...churches that would combine the episcopal, presbyterian and congregational forms of church polity, and would accept the historic episcopate without committing the church to any particular theological interpretation of episcopacy. This is essentially what has been done both in the Church of South India and the Church of North India.}}</ref><ref name="Campbell1996">{{cite book |last1=Campbell |first1=Ted |title=Christian Confessions: A Historical Introduction |url=https://archive.org/details/christianconfess0000camp |date=1996 |publisher=Westminster John Knox Press |isbn=978-0-664-25650-0 |page=[https://archive.org/details/christianconfess0000camp/page/n198 173] |language=en |quote=The Church of South India (1947) and the Church of North India (1970) are unique and ecumenically important because they have combined the "historic episcopate" with other forms of polity}}</ref>|founder=|founded_date=२९ नवंबर १९७०|founded_place=[[नागपुर]]|separated_from=|leader/moderator=रिटायर्ड रेव्रन्ड बिजय कुमार नायक|leader=|merger={{ubl|चर्च ऑफ़ इंडिया, पाकिस्तान, बर्मा और सीलोन| उत्तरी भारत का यूनाइटेड चर्च, मेथोडिस्ट चर्च|डिसिपल्स ऑफ क्राइस्ट}}|separations=उत्तरी भारत का संयुक्त चर्च - प्रेस्बिटेरियन धर्मसभा<ref name="reformedonline" />|fellowships=चर्चों की विश्व परिषद, विश्व मिशन के लिए परिषद, [[एशिया का ईसाई सम्मेलन]], भारत में चर्चों का कम्युनियन, भारत में चर्चों की राष्ट्रीय परिषद|associations={{ubl|एंग्लिकन कम्युनियन|वर्ल्ड मेथोडिस्ट काउंसिल|रिफॉर्म्ड चर्चों का वर्ल्ड कम्युनियन}}|area=[[आंध्र प्रदेश]], [[तेलंगाना]], [[लक्षद्वीप]], [[कर्नाटक]], [[केरल]] और [[तमिलनाडु]] को छोड़कर पूरा [[भारत]]|hospitals=६५ अस्पताल और ९ नर्सींग स्कूल|nursing_homes=|aid=|congregations=३००० पल्लियाँ और २६ सूबों में ३५०० कलीसियाएँ<ref name="WCC-CNI" />|members=२२,००,००० (स्वघोषित)<ref name="WCC-CNI" />|ministers=२०००+<ref name="WCC-CNI" />|missionaries=|temples=|primary_schools=|secondary_schools=५६४+ शिक्षण संस्थान और तीन तकनीकी स्कूल|tertiary=|website=[https://cnisynod.org/ cnisynod.org]|footnotes=}} '''उत्तरी भारत का गिरजाघर''' उत्तरी भारत में प्रमुख संयुक्त प्रोटेस्टेंट गिरजाघर है। इसकी स्थापना २९ नवंबर १९७० को उत्तरी भारत में काम कर रहे [[प्रोटेस्टेंट संप्रदाय|प्रोटेस्टेंट]] गिरजाघरों को एक साथ लाकर की गई थी। यह दुनिया भर में [[आंग्लिकाई ऐक्य|एंग्लिकन कम्युनियन]] का एक प्रांत है और वर्ल्ड मेथोडिस्ट काउंसिल का सदस्य है और रिफॉर्म्ड गिरजाघरों का वर्ल्ड कम्युनियन है।<ref name="WMC2020">{{Cite web|url=https://worldmethodistcouncil.org/asia/name/india-church-of-north-india/|title=Church of North India|date=9 November 2019|publisher=[[World Methodist Council]]|language=en|access-date=25 June 2020|quote=The Church of North India is a united church which came into being as the result of a union of six churches on 29th November 1970. The six churches were: The Council of the Baptist Churches in Northern India, The Church of the Brethren in India; The Disciples of Christ; The Church of India (formerly known as the Church of India, Pakistan, Burma and Ceylon); The Methodist Church (British and Australian Conferences); The United Church of Northern India. ... The Church of North India is a full member of the World Council of Churches, the Christian Conference of Asia, the Council for World Mission, the Anglican Consultative Council, the World Methodist Council and the World Alliance of Reformed Churches.}}</ref><ref name="WCC-CNI">{{Cite web|url=https://www.oikoumene.org/en/member-churches/church-of-north-india|title=Church of North India|date=n.d.|website=World Council of Churches|access-date=4 July 2019}}</ref> विलय, जो १९२९ से गिरजाघरा में था, अंततः भारत, पाकिस्तान, म्यांमार और श्रीलंका गिरजाघर ([[एंग्लिकनवाद|एंग्लिकन]]), उत्तरी भारत के एकांकित गिरजाघर, (कांग्रेगेशनलिस्ट और प्रेस्बिटेरियन), [[मेथोडिज़्म|मेथोडिस्ट गिरजाघर]], डिसिपल्स ऑफ क्राइस्ट संप्रदायों के बीच आया।<ref name="WMC2020" /> उत्तर भारत का गिरजाघर के अधिकार क्षेत्र में दक्षिण के पांच राज्यों ([[आन्ध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेश]], [[तेलंगाना]], [[कर्नाटक]], [[केरल]] और [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] जो [[दक्षिण भारत का गिरजाघर|दक्षिण भारत के गिरजाघर]] के अधिकार क्षेत्र में हैं) को छोड़कर [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|भारत के सभी राज्यों को]] शामिल किया गया है और इसके लगभग २२,००,००० सदस्य (भारत की आबादी का ०.१%) ३,००० चरवाहों में हैं।।<ref name="reformedonline">{{Cite web|url=http://www.reformiert-online.net/adressen/detail.php?id=1310&lg=eng|title=United Church of Northern India - Presbyterian Synod|date=2020|website=Address data base of Reformed churches and institutions|publisher=Stiftung Johannes a Lasco Bibliothek Grosse Kirche Emden|language=en|access-date=4 July 2019|archive-date=2 अक्तूबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221002004344/http://www.reformiert-online.net/adressen/detail.php?id=1310&lg=eng|url-status=dead}}</ref> == इतिहास == [[चित्र:भारत में एंग्लिकन गिरजाघर.png|अंगूठाकार|347x347पिक्सेल|लाल रंग में उत्तर भारत का गिरजाघर और नीले रंग में दक्षिण भारत का गिरजाघर]]   १९२९ में [[लखनऊ]] में एक गोलमेज बैठक के दौरान क्राइस्ट मिशन के ऑस्ट्रेलियाई गिरजाघर, ऑस्ट्रेलिया के मेथोडिस्ट गिरजाघर, वेस्लीयन मेथोडिस्ट गिरजाघर, मेथोडिस्ट एपिस्कोपल गिरजाघर और उत्तरी भारत के एकांकित गिरजाघर द्वारा एक एकीकृत गिरजाघर की दृष्टि से विश्वव्यापी गिरजाघरा शुरू की गई थी। . १९५१ में गिरजाघर संघ की योजना का उपयोग करते हुए एक वार्ता समिति की स्थापना की गई थी, जो इसके आधार के रूप में पहले के परामर्शों के परिणामस्वरूप हुई थी। समिति उत्तरी भारत में बैपटिस्ट गिरजाघरों, [[भारत]], [[पाकिस्तान]], [[म्यान्मार|बर्मा]] और [[श्रीलंका|सीलोन]] के गिरजाघर, मेथोडिस्ट गिरजाघर (ब्रिटिश और ऑस्ट्रेलियाई सम्मेलन), दक्षिणी एशिया में मेथोडिस्ट गिरजाघर और उत्तरी भारत के एकांकित गिरजाघर के प्रतिनिधियों से बनी थी।<ref name="Wilkinson1958">{{Citation|last=Rt Rev Frederick Hugh Wilkinson, Bishop of Toronto|title=Lambeth and Church Unity|date=9 October 1958|url=http://empireclubfoundation.com/details.asp?SpeechID=1796&FT=yes|pages=23–37|archive-url=https://web.archive.org/web/20061116211017/http://www.empireclubfoundation.com/details.asp?SpeechID=1796&FT=yes|periodical=The Empire Club of Canada Speeches 1958-1959|place=Toronto|publisher=Empire Club Foundation|archive-date=2006-11-16}}</ref><ref name="indianchristianity.org">{{Cite web|url=http://indianchristianity.org/cni.html|title=The Church of North India (CNI)|archive-url=https://web.archive.org/web/20060618130156/http://indianchristianity.org/cni.html|archive-date=18 June 2006|access-date=2 July 2019}}</ref> मेथोडिस्ट एपिस्कोपल गिरजाघर, हालांकि, गिरजाघराओं में शामिल नहीं हुआ और १९८१ में यह भारत में मेथोडिस्ट गिरजाघर बन गया।<ref name="AbrahamKirby2009">{{Cite book|title=The Oxford Handbook of Methodist Studies|last=Abraham|first=William J.|last2=Kirby|first2=James E.|date=2009|publisher=Oxford University Press|isbn=9780191607431|pages=93|quote=While the Methodist Churches of British and Australian origin joined the two great unions of 1947 (Church of South India) and 1970 (Church of North India), the Methodist (Episcopal) Church refrained and, in 1981, was inaugurated as Methodist Church in India (MCI), autonomous, yet affiliated with the UMC.}}</ref> १९५७ में भारत में ब्रदरन गिरजाघर और मसीह संप्रदाय के शिष्य भी वार्ता में शामिल हुए। १९६१ में उपर्युक्त सभी संप्रदायों के प्रतिनिधियों के साथ एक नई वार्ता समिति की स्थापना की गई। १९६५ में गिरजाघर संघ की एक अंतिम योजना,, बनाई गई थी जिसे १९६५ की चौथी योजना के रूप में जाना जाता है। संघ को २९ नवंबर १९७० को औपचारिक रूप दिया गया था जब दक्षिणी एशिया में मेथोडिस्ट गिरजाघर के अपवाद के साथ सभी बातचीत करने वाले गिरजाघरों को उत्तर भारत के गिरजाघर के रूप में एकजुट किया गया था जिसने संघ में शामिल नहीं होने का फैसला किया था। == विश्वास और प्रथाएँ == उत्तर भारत का गिरजाघर एक [[त्रित्व|त्रिमूर्ति]] गिरजाघर है जो अपने घटक संप्रदायों की परंपराओं और विरासत से आकर्षित होता है। उत्तर भारत का गिरजाघर के मूल पंथ प्रेरितों के पंथ और ३८१ [[ईस्वी]] के निकीन पंथ हैं। === मरणोत्तर गित === उत्तर भारत का गिरजाघर की [[सामूहिक पूजन|धर्मविधि]] विशेष रूप से दिलचस्प है, क्योंकि यह कई परंपराओं को जोड़ती है, जिसमें मेथोडिस्ट और गिरजाघर ऑफ द ब्रदरन और चेले ऑफ क्राइस्ट जैसे छोटे गिरजाघर शामिल हैं। दिव्य रहस्योद्घाटन की विविध पूजन पद्धतियों और समझ के लिए प्रावधान दिया गया है। उत्तर भारत का गिरजाघर की राजनीति संघ में प्रवेश करने वाले गिरजाघरों की राजनीति को प्रतिबिंबित करने के प्रयास में एपिस्कोपल, प्रेस्बिटेरियल और मण्डली के तत्वों को एक साथ लाती है। उत्तर भारत का गिरजाघर की एपिस्कोपेसी ऐतिहासिक और साथ ही संवैधानिक दोनों है। २६ सूबे हैं, जिनमें से प्रत्येक एक बिशप की देखरेख में है। मुख्य प्रशासनिक और विधायी निकाय धर्मसभा है, जो हर तीन साल में एक पीठासीन बिशप का चुनाव करने के लिए मिलती है, जिसे मॉडरेटर कहा जाता है, और एक कार्यकारी समिति। मॉडरेटर एक निश्चित अवधि के लिए गिरजाघर के प्रमुख के रूप में कार्य करता है; एक और बिशप डिप्टी मॉडरेटर चुना जाता है। === सामाजिक भागीदारी === उत्तर भारत का गिरजाघर में सामाजिक भागीदारी एक प्रमुख जोर है। विभिन्न मंत्रालयों के प्रभारी सिनॉडल बोर्ड हैं: माध्यमिक, उच्च, तकनीकी और धार्मिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सेवा, ग्रामीण विकास, साहित्य और मीडिया। एक धर्मसभा कार्यक्रम कार्यालय भी है जो शांति, न्याय, सद्भाव और जीवन की गरिमा की रक्षा और बढ़ावा देना चाहता है। उत्तर भारत का गिरजाघर वर्तमान में ६५ अस्पताल, नौ नर्सिंग स्कूल, २५० शैक्षणिक संस्थान और तीन तकनीकी स्कूल संचालित करता है। भारत के कुछ सबसे पुराने और सम्मानित शैक्षणिक संस्थान जैसे कलकत्ता में स्कॉटिश गिरजाघर कॉलेज, ला मार्टिनियर कलकत्ता, मुंबई में विल्सन कॉलेज, सेंट जेम्स स्कूल, कलकत्ता, नागपुर में हिस्लोप कॉलेज, सेंट जॉन्स डायोकेसन गर्ल्स स्कूल, कलकत्ता दार्जिलिंग में सेंट पॉल स्कूल, आगरा में सेंट जॉन कॉलेज और शिमला में [[बिशप कॉटन स्कूल, शिमला|बिशप कॉटन स्कूल]], [[क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपूर|क्राइस्ट गिरजाघर कॉलेज, कानपुर]], शेरवुड कॉलेज, नैनीताल, इविंग क्रिश्चियन कॉलेज, प्रयागराज, बॉयज हाई स्कूल, गोरखपुर में सेंट एंड्रयू कॉलेज हैं। उत्तर भारत का गिरजाघर के प्रशासन के तहत। === सार्वभौमिकता === गिरजाघर एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के प्रतिबिंब के रूप में उत्तर भारत का गिरजाघर कई विश्वव्यापी निकायों में भाग लेता है। घरेलू रूप से यह दक्षिण भारत के गिरजाघर और मार थोमा सीरियन गिरजाघर के साथ एक संयुक्त परिषद में भाग लेता है जिसे भारत में गिरजाघरों के कम्युनियन के रूप में जाना जाता है। यह '''भारत में गिरजाघरों की राष्ट्रीय परिषद''' का सदस्य भी है। क्षेत्रीय रूप से उत्तर भारत का गिरजाघर एशिया के ईसाई सम्मेलन में भाग लेता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह [[विश्व गिरजाघर परिषद|गिरजाघरों की विश्व परिषद]], विश्व मिशन परिषद, सुधारित गिरजाघरों के विश्व गठबंधन, विश्व मेथोडिस्ट परिषद का सदस्य है और [[आंग्लिकाई ऐक्य|एंग्लिकन सांप्रदायिकता]] के साथ पूर्ण सहभागिता में है। . उत्तर भारत का गिरजाघर कई अन्य घरेलू, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ईसाई एजेंसियों के साथ भी साझेदारी में है। == चित्रदीर्घा == <gallery widths="185" heights="135"> चित्र:St Paul's Cathedral.jpg|संत पॉल का कथीड्रल, कोलकाता चित्र:Allsaintcathedral ald.jpg|ऑल सेंट्स कथीड्रल, प्रयागराज चित्र:Cathedral Church of the Redemption - New Delhi.jpg|कथीड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्शन, नई दिल्ली चित्र:Christ Church Shimla India.jpg|क्राइस्ट चर्च, शिमला चित्र:StJohnsChurchMeerut.jpg|संत जॉन का गिरजाघर, मेरठ चित्र:St.james b.jpg|संत जेम्स का गिरजाघर, नई दिल्ली चित्र:St. Thomas Cathedral, Mumbai.jpg|संत थॉमस कथीड्रल, मुंबई चित्र:The Wilson College, Mumbai.jpg|द विल्सन कॉलेज, मुंबई चित्र:La Martiniere College, Lucknow - by Ahmad Faiz Mustafa.jpg|ला मार्तिनिएर कॉलेज, लखनऊ चित्र:La Martiniere, Calcutta by Francis Frith.jpg|ला मार्तिनिएर कॉलेज, कलकत्ता चित्र:St Pauls School.jpg|संत पॉल विद्यालय, दार्जिलिंग चित्र:Scottish Church College.jpg|स्कॉटिश चर्च कॉलेज, कलकत्ता चित्र:Delhi, Holy Trinity Church (Turkman gate).jpg|होली ट्रिनिटी चर्च, नई दिल्ली चित्र:KITLV 100117 - Unknown - St. Paul's Church at Poona in India - Around 1875.tif|alt=St Paul's Church, Pune|संत पॉल का गिरजाघर, पुणे - अंग्रेज़ी शासन के दौरान खींची गई तस्वीर </gallery> == उपस्थित प्रशासक == * मॉडरेटर: आर.टी. रेव फुलबनी के बिशप बिजय के नायक * डिप्टी मॉडरेटर: आरटी। रेव पॉल बीपी डुफारे, नागपुर के बिशप * महासचिव: आर.टी. रेव प्रदीप के. सामंतराय, अमृतसर के बिशप और पूर्व मॉडरेटर- अंतरिम प्रभार * मानद कोषाध्यक्ष: प्रेम मसीह == मध्यस्थ == १९७० में इसके गठन के बाद से उत्तर भारत का गिरजाघर के धर्मसभा ने हर तीन साल में एक मॉडरेटर और एक डिप्टी का चुनाव किया है।<ref>[https://new.cnisynod.org/wp-content/uploads/2017/02/List-of-Moderators.pdf] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181222154718/http://new.cnisynod.org/wp-content/uploads/2017/02/List-of-Moderators.pdf|date=22 दिसंबर 2018}} and</ref> {| class="wikitable" !अवधि ! मध्यस्थ ! उपमध्यस्थ |- | अप्रैल १९७१{{Snd}}जुलाई १९७४ | rowspan="3" | एरिक नासिर, दिल्ली (और राजस्थान) में बिशप | rowspan="3" | रामचन्द्र भंडारे, नागपुर में बिशप |- | जुलाई १९७४{{Snd}}अक्टूबर १९७७ |- | अक्टूबर १९७७{{Snd}}अक्टूबर १९८० |- | अक्टूबर १९८०{{Snd}}नवंबर १९८३ |रामचन्द्र भंडारे, नागपुर में बिशप | दिनेश चंद्र गोराई, कलकत्ता में बिशप |- | नवंबर १९८३{{Snd}}अक्टूबर १९८६ |दिनेश चंद्र गोराई, कलकत्ता में बिशप | दीन दयाल, लखनऊ में बिशप |- | अक्टूबर १९८६{{Snd}}अक्टूबर १९८९ |दीन दयाल, लखनऊ में बिशप | जॉन घोष, दार्जिलिंग में बिशप |- | अक्टूबर १९८९{{Snd}}अक्टूबर १९९२ |जॉन घोष, दार्जिलिंग में बिशप | फ़्रेंकलिन जोनाथन, जबलपुर में बिशप |- | अक्टूबर १९९२{{Snd}}अक्टूबर १९९५ | आनंद चंदू लाल, अमृतसर में बिशप | धीरेंद्र मोहंती, कटक में बिशप |- | अक्टूबर १९९५{{Snd}}अक्टूबर १९९८ | धीरेंद्र मोहंती, कटक में बिशप | विनोद पीटर, नागपुर में बिशप |- | अक्टूबर १९९८{{Snd}}जनवरी २००१ | विनोद पीटर, नागपुर में बिशप | जेम्स टेरों, छोटानागपुर में बिशप |- | जनवरी{{Snd}}अक्टूबर २००१ | जेम्स टेरों, छोटानागपुर में बिशप | बरोजेन मलाकर, बैरकपुर में बिशप |- | अक्टूबर २००१{{Snd}}अक्टूबर २००४ | जेम्स टेरों, छोटानागपुर में बिशप | rowspan="2" | जोएल माल, चंडीगढ़ में बिशप |- | अक्टूबर २००४{{Snd}}अक्टूबर २००५ |जेम्स टेरों, छोटानागपुर में बिशप |- | अक्टूबर २००५{{Snd}}अक्टूबर २००८ |जोएल माल, चंडीगढ़ में बिशप | प्योरली लिंगदोह, पूर्वोत्तर भारत में बिशप |- | अक्टूबर २००८{{Snd}}अक्टूबर २०११ | प्योरली लिंगदोह, पूर्वोत्तर भारत में बिशप | फिलिप मरंडीह, पटना में बिशप |- | अक्टूबर २०११{{Snd}}अक्टूबर २०१४ | फिलिप मरंडीह, पटना में बिशप | प्रदीप संयंटरॉय, अमृतसर में बिशप |- | अक्टूबर २०१४{{Snd}}३ अक्टूबर २०१७ | प्रदीप संयंटरॉय, अमृतसर में बिशप | प्रेम सिंह, जबलपुर में बिशप |- | अक्टूबर २०१७{{Snd}}२३ अगस्त २०१९ | rowspan="2" | प्रेम सिंह, जबलपुर में बिशप | प्रबल दत्ता, दुर्गापुर और कोलकाता में बिशप |- | २३ अगस्त २०१९{{Snd}}१४ सितंबर २०२२ | बिजय नायक, फुलबनी में बिशप |- | १५ सितंबर २०२२ - वर्तमान | बिजय नायक | पॉल बीपी डुफारे |} == धर्मप्रदेश == === कलकत्ता का सूबा === जब मूल रूप से १८१३ में स्थापित किया गया था, इंग्लैंड के गिरजाघर के चौथे विदेशी सूबा ने सभी उपमहाद्वीप, सभी आस्ट्रेलिया और कुछ अफ्रीका को कवर किया था। मद्रास सूबा बनाने के लिए अपने १८३५ के विभाजन के साथ, कलकत्ता को उसके सभी मूल क्षेत्र में महानगर बना दिया गया था, और तब से कई बार विभाजित किया गया है। कलकत्ता के बिशप उत्तर भारत का गिरजाघर के १९७० के निर्माण तक भारत के महानगर बने रहे; वर्तमान सूबा बंगाल के कुछ हिस्सों को कवर करता है और परितोष कैनिंग बिशप हैं।<ref name="dutta-kolkata">[https://new.cnisynod.org/installation-of-the-rt-revd-dr-probal-kanto-dutta-as-the-bishop-of-the-diocese-of-calcutta-cni/]{{Dead link|date=November 2019}}</ref> === मुंबई धर्मप्रांत === १८३७ में कलकत्ता धर्मप्रांत से अलग होकर,<ref name="BCC1940">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=UScWAQAAMAAJ|title=The Indian Year Book|publisher=Bennett, Coleman & Company|year=1940|page=455|language=en|quote=The three dioceses thus formed have been repeatedly subdivided, until in 1930 there were fourteen dioceses, the dates of their creation being as follows : Calcutta 1814; Madras 1835; Bombay 1837; Colombo 1845; Lahore 1877; Rangoon 1877; Travancore 1879; Chota Nagpur 1890; Lucknow 1893; Tinnevelly 1896; Nagpur 1903; Dornakal 1912; Assam 1915; Nasik 1929.}}</ref> बंबई धर्मप्रांत १८६३ में सभी औपनिवेशिक धर्मप्रांतों के स्वतंत्र होने से पहले इंग्लैंड के गिरजाघर का अंतिम नया भारतीय धर्मप्रांत था। कलकत्ता की तरह, मुंबई सूबा इंग्लैंड सूबा का एक बहुत बड़ा गिरजाघर रहा है, स्वतंत्र भारतीय एंग्लिकन गिरजाघर का एक सूबा, और अब एक एकांकित गिरजाघर सूबा है। उत्तर भारत का गिरजाघर सूबा आज महाराष्ट्र को कवर करता है, और बिशप प्रकाश डी. पटोले हैं।<ref name="vibhute">{{Cite web|url=https://new.cnisynod.org/consecration-of-the-revd-sandeep-suresh-vibhute-bishop-elect-diocese-of-kolhapur-cni/|title=Consecration of the Revd. Sandeep Suresh Vibhute, Bishop-elect, Diocese of Kolhapur, CNI|date=14 August 2018|website=CNI Synod|archive-url=https://web.archive.org/web/20181109190619/http://new.cnisynod.org/consecration-of-the-revd-sandeep-suresh-vibhute-bishop-elect-diocese-of-kolhapur-cni/|archive-date=9 November 2018|access-date=17 February 2019}}</ref> === छोटानागपुर धर्मप्रांत === १८९० में कलकत्ता सूबा से स्थापित<ref name="BCC1940"/> वर्तमान सूबा [[राँची|रांची]] में स्थित है, इसका क्षेत्र [[झारखण्ड|झारखंड]] है और बिशप बीबी बास्की हैं।<ref name="canning-cons">{{Cite web|url=https://new.cnisynod.org/consecration-of-the-revd-paritosh-canning-bishop-elect-diocese-of-barrackpore-cni/|title=Consecration of the Revd. Paritosh Canning, Bishop-elect, Diocese of Barrackpore, CNI|date=14 August 2018|website=CNI Synod|archive-url=https://web.archive.org/web/20181109190515/http://new.cnisynod.org/consecration-of-the-revd-paritosh-canning-bishop-elect-diocese-of-barrackpore-cni/|archive-date=9 November 2018|access-date=17 February 2019}}</ref> === लखनऊ का सूबा === १८९३ में कलकत्ता के सूबा से सही किया गया। सूबा का मुख्यालय [[इलाहाबाद]] में है और [[उत्तर प्रदेश]] में कार्य करता है। === नागपुर का सूबा === सूबा मूल रूप से १९०२/०३ में छोटानागपुर सूबा से बनाया गया था। === उत्तर पूर्व भारत के सूबा === [[पूर्वोत्तर भारत|उत्तर पूर्व भारत के]] [[शिलांग]] में स्थित उत्तर भारत का गिरजाघर पूर्वोत्तर धर्मप्रांत का नेतृत्व बिशप माइकल हेरेंज कर रहे हैं। इसकी उत्पत्ति १९१५ में कलकत्ता से भारत के एंग्लिकन गिरजाघर में असम के धर्मप्रांत के रूप में हुई थी;<ref name="thes_Nort">{{Cite web|url=http://www.theshillongtimes.com/2014/01/11/north-east-diocese-to-observe-centenary-celebration/|title=North East Diocese to observe centenary celebration|date=11 January 2014|website=The Shillong Times|access-date=8 June 2019|archive-date=22 फ़रवरी 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190222043544/http://www.theshillongtimes.com/2014/01/11/north-east-diocese-to-observe-centenary-celebration/|url-status=dead}}</ref> और १९८६ से पहले वर्तमान नाम से जाना जाने लगा।<ref>{{Cite book|title=Introduction To The History Of The Anglican church In North-East India 1841-1970|last=Talibuddin|first=E.W.|date=2010|publisher=ISPCK|isbn=978-8184650105}}</ref> === नासिक का सूबा === १९२९ में बंबई से नासिक सूबा स्थापित किया गया था; उनके वर्तमान बिशप शरद गायकवाड़ हैं।<ref name="angl_">{{Cite web|url=https://www.anglicancommunion.org/media/337862/ACP-Jan-July-2019.pdf|title=Anglican Communion Cycle of Prayer – interim listings for January to July 2019|date=2019|website=anglicancommunion.org|access-date=8 June 2019|archive-date=18 फ़रवरी 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190218082038/https://www.anglicancommunion.org/media/337862/ACP-Jan-July-2019.pdf|url-status=dead}}</ref> === सूबों की सूची === {| class="wikitable" width="80%" ! width="18%" |नाम ! width="10%" |स्थापना ! width="15%" |मुख्यालय ! width="14%" |स्थान ! width="18%" |बिशप ! width="10%" |जालस्थल |- |दिल्ली का सूबा |१९४७, लाहौर से<ref name="dioc_DIOC">{{Cite web|url=http://dioceseofdelhi.org/|title=The Church of North India: Historical Background: AD 1800-1970.|date=2016|website=Diocese of Delhi|archive-url=https://web.archive.org/web/20190701142743/http://dioceseofdelhi.org/|archive-date=1 July 2019|access-date=8 June 2019}}</ref> |[[नई दिल्ली]] |[[दिल्ली]], [[हरियाणा]] |पॉल स्वरूप |https://www.dioceseofdelhi.org/ |- |अमृतसर का सूबा |१९५३, लाहौर से<ref name="amri_Dioc">{{Cite web|url=http://www.amritsardiocesecni.org/|title=Welcome to the official website of the Diocese of Amritsar|date=n.d.|website=amritsardiocesecni.org|archive-url=https://archive.today/2013.09.22-160539/http://www.amritsardiocesecni.org/|archive-date=22 September 2013|access-date=8 June 2019}}</ref> |[[अमृतसर]] |[[पंजाब (भारत)|पंजाब]], [[हिमाचल प्रदेश]], [[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)|जम्मू और कश्मीर]] |पीके संयंटरॉय<ref name="vibhute"/> |[https://web.archive.org/web/20130926082805/http://www.amritsardiocesecni.org/ www.amritsardioceseउत्तर भारत का गिरजाघर.org] |- |बैरकपुर का सूबा |१९५६, कलकत्ता से |[[बैरकपुर]] |[[पश्चिम बंगाल]] |परितोष कैनिंग<ref name="canning-cons"/> | |- |अंडमान और निकोबार द्वीप का सूबा |१९६६, कलकत्ता से |[[पोर्ट ब्लेयर]] |[[अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह|अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह]] |क्रिस्टोफर पॉल<ref name="stos_">{{Cite web|url=https://www.stoswalds.org.za/wp-content/uploads/2018/02/PPP-2018A.pdf|title=Prayers for the Parishes and the People of the Diocese :1 January 2018 to 31 March 2018|date=n.d.|publisher=The Diocese of Saldanha Bay|page=10|access-date=8 June 2019}}</ref> | |- |जबलपुर का सूबा |१९७०, नागपुर से<ref name="chri_Welc">{{Cite web|url=http://www.christchurchcnijbp.org/history.php|title=Christ Church Cathedral Jabalpur History of 150 Years Since 1844.|date=2015|website=Christ Church Cathedral CNI Jabalpur|access-date=8 June 2019}}</ref> |[[जबलपुर]] |[[मध्य प्रदेश]] |खाली पद |[http://dioceseofjabalpur-cni.org/ http://dioceseofjabalpur-उत्तर भारत का गिरजाघर.org/] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230602191019/http://www.dioceseofjabalpur-cni.org/ |date=2 जून 2023 }} |- |पटना का सूबा |१९७० से पहले |[[भागलपुर]] |[[बिहार]], [[झारखण्ड|झारखंड]] |फिलिप मरंडीह<ref name="25y">[https://new.cnisynod.org/25-glorious-years-of-togetherness/]{{Dead link|date=November 2019}}</ref> | |- |कटक का सूबा |१९७० |[[कटक]] |[[कटक]], [[ओडिशा]] |सुरेंद्र कुमार नंदा<ref name="angl_NewB">{{Cite web|url=https://www.anglicannews.org/news/2017/02/new-bishops-visit-anglican-communion-office.aspx|title=New Bishops visit Anglican Communion Office|date=2 February 2017|website=anglicannews.org|access-date=8 June 2019}}</ref> |[http://www.dioceseofcuttackcni.in/ http://www.dioceseofcuttackउत्तर भारत का गिरजाघर.in/] |- |भोपाल का सूबा |१९७०-७९ के बीच, जबलपुर से |[[इन्दौर|इंदौर]] |[[मध्य प्रदेश]] |मनोज चरण | |- |राजस्थान का सूबा |१९८१, दिल्ली से<ref>{{Cite web|url=http://www.cnichurchkota.in/chruch-history.php|title=History of Church|archive-url=https://web.archive.org/web/20190222041810/http://www.cnichurchkota.in/chruch-history.php|archive-date=22 February 2019|access-date=21 February 2019}}</ref> |[[अजमेर]] |[[राजस्थान]] |दरबरा सिंह<ref>{{Cite web|url=http://new.cnisynod.org/wp-content/uploads/2018/05/RAJASTHAN-min.pdf|title=Rajasthan|website=CNI Synod|archive-url=https://web.archive.org/web/20180712195509/http://new.cnisynod.org/wp-content/uploads/2018/05/RAJASTHAN-min.pdf|archive-date=12 July 2018|access-date=22 December 2020}}</ref> | |- |गुजरात का सूबा |१९७०-९६ के बीच |[[अहमदाबाद]] |[[गुजरात]] |सिलवान्स क्रिश्चियन<ref>[https://new.cnisynod.org/patra-pasandgi-matrimonial-programme/]{{Dead link|date=November 2019}}</ref> | |- |कोल्हापूर का सूबा |१९७०-९६ के बीच |[[कोल्हापुर]] |[[महाराष्ट्र]] |संदेश सुरेश विभूते<ref name="vibhute"/> | |- |दुर्गापुर का सूबा |१९७०-९६ के बीच |[[दुर्गापुर]] |[[पश्चिम बंगाल]] |समीर इसाक खिमला<ref name="dutta-kolkata"/> | |- |चंडीगढ़ का सूबा |१९७४, अमृतसर से |[[लुधियाना]] |[[चण्डीगढ़|चंडीगढ़]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] |डेनज़ेल पीपल्स<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/cities/chandigarh-news/reverend-denzel-peoples-is-new-bishop-of-cni-s-chandigarh-diocese-101647807008067.html|title=Reverend Denzel Peoples is new Bishop of CNI's Chandigarh diocese|date=21 March 2022}}</ref> | |- |आगरा का सूबा |१९७६, लखनऊ से<ref>{{Cite web|url=http://www.dioceseofagra.org/christ-church-kanpur.aspx|title=Christ Church Kanpur|website=Diocese of Agra|archive-url=https://web.archive.org/web/20160215152359/http://www.dioceseofagra.org/christ-church-kanpur.aspx|archive-date=15 February 2016}}</ref> |[[आगरा]] |[[उत्तर प्रदेश]], [[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]] |प्रेम प्रकाश हाबिल<ref name="mohanty">{{Cite web|url=https://new.cnisynod.org/service-for-induction-of-the-chief-coordinator-of-cni-sbss-mr-soumya-ranjan-mohanty-and-hon-chief-coordinator-cni-sbhs-mr-c-joshua-rathnam/|title=Service for Induction of the Chief Coordinator – of CNI SBSS – Mr. Soumya Ranjan Mohanty and Hon. Chief Coordinator, CNI SBHS – Mr. C. Joshua Rathnam|date=23 May 2018|website=CNI Synod|archive-url=https://web.archive.org/web/20190203114506/http://new.cnisynod.org/service-for-induction-of-the-chief-coordinator-of-cni-sbss-mr-soumya-ranjan-mohanty-and-hon-chief-coordinator-cni-sbhs-mr-c-joshua-rathnam/|archive-date=3 February 2019|access-date=17 February 2019}}</ref> |[http://cnidioceseofagra.org http://उत्तर भारत का गिरजाघरdioceseofagra.org] |- |पूर्वी हिमालय का सूबा |१९८७ से पहले — दार्जिलिंग, १९९२ के आसपास<ref name="angl_TwoB">{{Cite web|url=https://www.anglicannews.org/news/2000/12/two-bishops-die-in-car-crash.aspx|title=Two Bishops die in car crash|date=8 December 2000|website=anglicannews.org|access-date=8 June 2019}}</ref> बरकपुर से |[[दार्जिलिंग]] |[[पश्चिम बंगाल]],[[भूटान]], [[असम]] के कुछ भाग |''खाली पद''<br /><br />ऐक्टिंग: माइकल हेरेंज<ref name="canning-cons" /> | |- |संबलपुर का सूबा |१९९६ से पहले<ref name="conf">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=RoOkggMb3BwC&pg=PA57|title=Confirmation Lessons|publisher=ISPCK|year=1998|isbn=978-81-7214-341-1|pages=57–}}</ref> |[[बलांगिर]] |[[ओडिशा]] |पिनउएल दीप |- |फूलबनी का सूबा |१९९७,<ref>{{Cite web|url=http://www.cniphulbanidiocese.org/|title=Welcome to CNI Phulbani Diocese|website=CNI Phulbani Diocese|archive-url=https://web.archive.org/web/20110627122317/http://www.cniphulbanidiocese.org/home/|archive-date=27 June 2011}}</ref> कटक से |[[कंधमाल जिला|कंधमाल]] |[[ओडिशा]] |बिजय के० नायक<ref name="25y" /> | |- |मरथवाड़ा का सूबा |c. २०००<ref name="oremus">{{Cite web|url=http://www.oremus.org/acp/1999.txt|title=Prayer Diary|date=1999|website=oremus.org|access-date=8 June 2019}}</ref> |[[औरंगाबाद, महाराष्ट्र|औरंगाबाद]] |[[महाराष्ट्र]] |एम० यू० कसाब<ref name="vibhute" /> | |- |पुणे का सूबा |c. २०००<ref name="oremus" /> |[[पुणे]] |[[महाराष्ट्र]] |एंड्रू राठोर | |- |छत्तीसगढ़ का सूबा |२०१०, जबलपुर से |[[रायपुर]] |[[छत्तीसगढ़]] |अजय उमेश जेम्स | |} == यह सभी देखें == *  [[आंग्लिकाई ऐक्य|आंगलिकाई ऐक्य]] * [[पश्चिम बंगाल में ईसाई धर्म]] * [[भारत में ईसाई धर्म]] * [[दक्षिण भारत का गिरजाघर]] == सन्दर्भ == <references responsive="1"></references> == बाहरी संबंध == {{Commons}} {{बन्धु प्रकल्प}} * [http://www.cnisynod.org/ उत्तर भारत का गिरजाघर] * [http://www.indianchristianity.com/html/Churches.htm भारतीय ईसाई धर्म : उत्तरी भारत का गिरजाघर] * [https://web.archive.org/web/20140702173240/http://indianchristianity.org/CNI.php भारतीय ईसाई धर्म : उत्तर भारत का गिरजाघर] * [https://web.archive.org/web/20140827135025/http://cnisynod.org/theological.aspx उत्तर भारत का गिरजाघर सेमिनरी और थियोलॉजिकल कॉलेज] * [http://www.indianchristianity.com/html/Churches.htm उत्तर भारत का गिरजाघर] {{Anglican Churches}}{{Churches in India}}{{Authority control}} 05qnve2susc8lsm8evkwtm0r1lnwhp3 सुखमणि साहिब 0 1458883 6582824 5864315 2026-07-15T08:29:22Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582824 wikitext text/x-wiki [[चित्र:A_page_from_the_Guru_Granth_Sahib_Sikh_scripture,_Gurmukhi_script.jpg|अंगूठाकार| सुखमणि साहिब श्री [[गुरु ग्रन्थ साहिब|गुरु ग्रंथ साहिब]] के अंग २६२ पर पाया जाता है]]   '''सुखमणि साहिब''' ({{भाषा-पंजाबी|ਸੁਖਮਨੀ ਸਾਹਿਬ}} ) शास्त्र में '''गौरी सुखमनी''' के शीर्षक के तहत जाना जाता है (जिसका नाम गौरी राग संगीत माप के नाम पर रखा गया है),<ref>{{Cite book|url=https://www.worldcat.org/oclc/29703420|title=The encyclopaedia of Sikhism|date=1992–1998|publisher=Punjabi University|others=Harbans Singh|isbn=0-8364-2883-8|volume=4|location=Patiala|pages=265–65|oclc=29703420|quote=It is said that Baba Sri Chand, elder son of Guru Nanak and founder of the Udasi order, came to Amritsar to meet Guru Arjan, then engaged in composing the poem. The Guru who had by that time completed sixteen astpadis, or cantos, requested him to continue the composition. Baba Sri Chand, out of humility, only recited the Sloka of Guru Nanak following the Mul Mantra in the Japu- "adi sachu jugadi sachu hai bhi sach Nanak hosi bhi sachu"- In the beginning, in the primal time was He the Eternal Reality; in the present is He the Eternal Reality. To eternity shall He the Reality abide (GG, 285). This sloka was thereupon repeated by Guru Arjan at the head of the seventeenth astpadi.}}</ref> आमतौर पर ''शांति की प्रार्थना'' के लिए अनुवाद किया जाता है,<ref>{{Cite journal|last=N.|first=Muthumohan|date=2003|title=Reading Sukhmani Sahib|journal=Abstracts of Sikh Studies|volume=5|page=59}}</ref> १९२ ''पद'' (१० भजनों का छंद) का एक सेट है।<ref>{{Cite book|title=The Encyclopedia of Sikhism (over 1000 Entries)|last=Singh|first=H. S.|date=2005|publisher=Hemkunt Press|isbn=978-8170103011|edition=Second|location=New Delhi|page=190}}</ref> पवित्र [[गुरु ग्रन्थ साहिब|गुरु ग्रंथ साहिब]] में मौजूद मुख्य धर्मग्रंथ और [[सिख धर्म]] के जीवित गुरु अंग २६२ से लेकर अंग २९६ (लगभग ३५ गिनती)। यह [[गुरबानी]] पाठ ([[सिखों के दस गुरू|गुरुओं]] का लेखन) ५वें गुरु, [[गुरु अर्जुन देव|गुरु अर्जन]] (१५६३-१६०६) द्वारा लगभग १६०२ में [[अमृतसर]] में लिखा गया था।<ref>{{Cite book|title=The Encyclopaedia of Sikhism: S-Z|last=Singh|first=Harbans|date=1998|publisher=Punjab University|isbn=9788173805301|location=Patiala|page=265}}</ref> गुरु अर्जन ने पहली बार [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] के [[गुरदासपुर जिला|गुरदासपुर जिले]] में गुरुद्वारा बर्थ साहिब में बानी का पाठ किया। == संतुष्ट == रचना ऐसे विषयों से संबंधित है जैसे [[सिमरन]] (सामान्य ध्यान जो भगवान के साथ विलय की ओर ले जाता है)<ref>{{Cite book|title=Guru Tegh Bahadur, A Biography|last=Anand|first=Balwant|date=1979|publisher=Sterling Publishers|location=New Delhi|page=229}}</ref> और ''नाम जपना'' (नाम का ध्यान), संतों की महानता और ''साध संगत'' (पवित्र मण्डली),<ref>{{Cite book|title=Sikhism Origin and Development|last=Dhillon|first=Dalbir|date=1988|publisher=Atlantic Publishers and Distribution|location=New Delhi|page=201}}</ref> सच्ची भक्ति,<ref>{{Cite book|title=The Sikh and Sikhism|last=Kohli|first=Surinder|publisher=Atlantic Publishers & Distributors|location=New Delhi|page=76}}</ref> अच्छे कर्म करना,<ref>{{Cite book|title=Favourite Heroes and Holy People|last=Singh|first=Indrajit|date=2008-10-20|publisher=A&C Black|isbn=9781441120151|page=200}}</ref> मन का स्वभाव, निंदा की बुराई,<ref>{{Cite book|title=Sikh Dharma Brotherhood|date=1975|publisher=Sikh Dharma Brotherhood, Incorporated|page=xv}}</ref> [[ब्रह्मविद्या]], [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैत]], सरगुण और निर्गुण, भौतिकवाद और मृत्यु, ''हुकम'', और इसी तरह के अन्य विषयों से संबंधित अवधारणाएं।<ref>{{Cite book|title=Shri Guru Nanak Dev's Japji|last=Chauhan|first=G.S.|date=2005|publisher=Hemkunt Press|isbn=9788170103141|location=New Delhi|page=37}}</ref> [[चित्र:EcoSikh_Sikh_Environment_Day2012-Gurdwara_Ameerpet_Hyderabad(4).jpg|अंगूठाकार| सुखमणि साहिब का पाठ गुरुद्वारा अमीरपेट, [[हैदराबाद]], [[भारत]] में एक समूह के रूप में किया जा रहा है।]] === प्रपत्र === सुखमणि साहिब राग गौरी का है, जहाँ ''गौरी'' शब्द का अर्थ है शुद्ध।<ref>{{cite book|title=Methodology in Religious Studies: The Interface with Women's Studies|url=https://archive.org/details/methodologyinrel0000unse|last1=Sharma|first1=Arvind|date=2002|publisher=SUNY Press|isbn=9780791453476|page=[https://archive.org/details/methodologyinrel0000unse/page/9 9]}}</ref> ''सुखमणि'' शब्दावली दो शब्दों का संधि है: सुख और मणि (मन का जवाहर)।<ref>{{cite journal|year=1980|journal=Journal of Religious Studies Punjabi University. Dept. Of Religious Studies|volume=8|page=118}}</ref> इसे आमतौर पर गुटक रूप (एक छोटी प्रार्थनापुस्तक) में पाया जाता है। ==== संरचना ==== सुखमणि साहिब को २४ अष्टपादी (धारा) में बाँटा गया है। अष्टपद एक पद्य के लिए [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] शब्द है जिसमें आठ (अष्ट) छंदीय पैर (''पादी'') हैं। अष्टपादी शुरू होने से पहले दो पंक्तियों का एक [[श्लोक|सालोक]] होता है और फिर प्रत्येक अष्टपादी में प्रति पद १० सूक्तों के आठ पद होते हैं।<ref>{{Cite journal|date=2006|title=Semiotics of Simran in Sukhmani Sahib|journal=Journal of Sikh Studies, Department of Guru Nanak Studies, Guru Nanak Dev University|volume=30|page=95}}</ref> == इतिहास == [[चित्र:Mural_from_Gurdwara_Ramsar_Sahib_of_Sri_Chand_meeting_Guru_Arjan_and_Bhai_Gurdas_at_Amritsar._Probably_a_depiction_of_the_tale_of_him_contributing_a_verse_during_the_composition_of_the_Sukhmani_Sahib.jpg|अंगूठाकार| सुखमनी साहिब की रचना के दौरान अमृतसर में गुरु अर्जन और भाई गुरदास से मिलने वाले श्री चंद के गुरुद्वारा रामसर साहिब से भित्ति चित्र। भित्ति पर सफेदी कर दी गई है और अब यह मौजूद नहीं है]] सुखमनी साहिब की रचना [[गुरु अर्जुन देव|गुरु अर्जन]] ने १६०२ के आसपास [[गुरु ग्रन्थ साहिब|आदि ग्रंथ को]] संकलित करने से पहले की थी। गुरु ने इसे रामसर ''सरोवर'' (पवित्र ताल), अमृतसर में संकलित किया जो उस समय घने जंगल में था।<ref>{{Cite book|title=The Encyclopaedia of Sikhism: S-Z|last=Singh|first=Harbans|date=1998|publisher=Punjab University|isbn=9788173805301|location=Patiala|page=265}}</ref> ऐसा माना जाता है कि [[श्री चन्द्रमुनि|श्री चंद]] गुरु अर्जन से मिलने के लिए [[अमृतसर]] आए थे और वे सुखमनी की रचना में लगे थे। गुरु ने १६ सर्ग लिखे थे और श्रीचंद से रचना समाप्त करने का अनुरोध किया था। श्री चंद ने विनम्रता से केवल अपने पिता [[गुरु नानक]] द्वारा [[मूल मंत्र|मूल मंतर]] से [[श्लोक|सलोक का]] पाठ किया। इसलिए यह सलोक १७वें सर्ग के प्रारंभ में गुरु द्वारा लगाया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.thesikhencyclopedia.com/sikh-scriptures-and-literature/sri-guru-granth-sahib-and-guru-gobind-singhs-bani/sukhmani/|title=Sikh Encyclopedia|date=19 December 2000}}</ref> प्रमुख सिख संत बाबा नंद सिंह सिखों को प्रतिदिन दो बार सुखमणी साहिब का पाठ करने को कहते थे।<ref>{{Cite book|title=Eternal Glory of Baba Nand Singh Ji Maharaj of Kaleran, Part 1|last=Singh|first=Partap|date=1993|publisher=Reliance Publishing House|isbn=978-81-85972-48-0|page=39}}</ref> == संदर्भ == <references /> == बाहरी संबंध == * [https://www.sikhitothemax.org/sundar-gutka/31 सुखमणि साहिब और अनुवाद ऑनलाइन पढ़ें] * [https://nitnemsahib.com/sukhmani-sahib-in-punjabi-gurmukhi/ पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी में सुखमणि साहिब बानी पढ़ें] {{सिख धर्म}} [[श्रेणी:सिख धर्म]] [[श्रेणी:सिख धर्म के साँचे]] 1fgw7a8a2fioz9qajfriy8kvycqj9z3 आय का चक्रीय प्रवाह 0 1461249 6582905 5872738 2026-07-15T11:30:18Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582905 wikitext text/x-wiki [[File:CircularFlowEN.png|thumb|400px|यह ग्राफ पंचक-क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में आय के चक्रीय प्रवाह को दर्शाता है। बैंगनी रंग से पैसे के प्रवाह को दिखाया गया है, और नारंगी रंग से वस्तुओं और सेवाओं के प्रवाह को दिखाया गया है। माल और सेवाओं से पैसा विपरीत दिशा में बहता है।<ref name="gwartney2014">{{Cite book| publisher = सेनगेज लर्निंग| isbn = 978-1-285-45354-5| last1 = ग्वार्टनी| first1 = जेम्स डी.| last2 = स्ट्रूप| first2 = रिचर्ड एल.| last3 = सोबेल| first3 = रसेल एस.| last4 = मैकफर्सन| first4 = डेविड ए.| title = मैक्रोइकॉनमी: निजी और सार्वजनिक पसंद| url = https://archive.org/details/isbn_2901285453544_15ed| date = 2014| pages = [https://archive.org/details/isbn_2901285453544_15ed/page/173 173]–175}}</ref>]] [[File:Circular flow of goods income.png|thumb|360px|right|आय के चक्रीय प्रवाह का मूल आरेख। मुक्त-बाजार आर्थिक प्रणाली के कामकाज को [[कंपनी]] और घरेलू के आगे-पीछे की परस्पर क्रिया के साथ दर्शाया गया है।<ref name="BD 2010">{{Cite journal| doi = 10.1080/08832320903449527| issn = 0883-2323| volume = 85| issue = 5| pages = 274–279| last = Daraban| first = Bogdan| title = व्यवसाय के छात्रों के लिए चक्रीय प्रवाह आरेख का परिचय| journal = व्यवसाय के लिए शिक्षा जर्नल| date = 2023-06-08}}</ref>]] '''आय का चक्रीय प्रवाह''' या '''चक्रीय प्रवाह''' [[अर्थव्यवस्था]] का एक [[आर्थिक मॉडल|मॉडल]] है जिसमें प्रमुख विनिमयों को आर्थिक प्रतिनिधियों के बीच [[मुद्रा (विनिमय माध्यम)|धन]], [[वस्तु (अर्थशास्त्र)|वस्तुओं]] और [[सेवा (अर्थशास्त्र)|सेवाओं]] आदि के प्रवाह के रूप में दर्शाया जाता है। एक बंद परिपथ में विनिमय किए गए पैसे और सामान का प्रवाह मूल्य के अनुरूप होता है, लेकिन विपरीत दिशा में चलता है। चक्रीय प्रवाह का विश्लेषण [[राष्ट्रीय लेखा|राष्ट्रीय खातों]] का आधार होता है और इसलिए [[समष्टि अर्थशास्त्र|मैक्रोइकॉनमिक्स]] का भी आधार है। [[रिचर्ड कैनटिलन]] के काम में चक्रीय प्रवाह का विचार पहले से ही मौजूद था।<ref name="M 1993">एंटोन ई. मर्फी। "आय के चक्रीय प्रवाह पर जॉन लॉ और रिचर्ड केंटिलॉन।" "जर्नल ऑफ़ द हिस्ट्री ऑफ़ इकोनॉमिक थॉट।" (1993): 47–62.</ref> फ्रांकोइस क्वेस्ने ने इस तथाकथित आर्थिक-झाँकी के अवधारणा की कल्पना की और इसे विकसित किया।<ref name="BG 2010">बैकहाउस, रोजर ई., और यान जिराउड। "चक्रीय प्रवाह आरेख।" में: "अर्थशास्त्र में प्रसिद्ध आंकड़े और आरेख" (2010): 221–230. अध्याय 23.</ref> ==अवलोकन== [[File:Circular flow of income and expenditure.jpg|thumb|360px|आय और व्यय का चक्रीय प्रवाह आरेख]] आय का चक्रीय प्रवाह समग्र रूप से [[अर्थव्यवस्था]] की बेहतर समझ के लिए एक अवधारणा है। अपने सबसे बुनियादी रूप में यह एक साधारण अर्थव्यवस्था पर विचार करता है जिसमें पूरी तरह से व्यवसाय और व्यक्ति शामिल होते हैं, और तथाकथित "चक्रीय प्रवाह आरेख" में इसका प्रतिनिधित्व किया जा सकता है। इस साधारण अर्थव्यवस्था में, व्यक्ति श्रम प्रदान करते हैं जो व्यवसायों को वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करने में सक्षम बनाता है। इन गतिविधियों को आरेख में हरी रेखाओं द्वारा दर्शाया गया है।<ref name="BEA2014">[http://bea.gov/NATIONAL/PDF/NIPA_PRIMER.PDF Measuring the Economy : A Primer on GDP and the National Income and Product Accounts], आर्थिक विश्लेषण ब्यूरो (बीईए), यू.एस. वाणिज्य विभाग द्वारा, अक्टूबर 2014.</ref> वैकल्पिक रूप से, कोई इन लेन-देन के बारे में मौद्रिक प्रवाह के संदर्भ में सोच सकता है। व्यवसाय व्यक्तियों को उनके श्रम के बदले आय (मुआवजे के रूप में) प्रदान करते हैं। वह आय वस्तुओं और सेवाओं के व्यवसायों के उत्पादन पर खर्च की जाती है। इन गतिविधियों को तीसरे आरेख में नीली रेखाओं द्वारा दर्शाया गया है।<ref name="BEA2014"/> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{Commons category|आर्थिक चक्रीय प्रवाह आरेख}} * [http://www.stlouisfed.org/education_resources/economic-lowdown-video-companion-series/episode-6-circular-flow/ चक्रीय प्रवाह का नमूना] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140802120510/http://www.stlouisfed.org/education_resources/economic-lowdown-video-companion-series/episode-6-circular-flow/ |date=2014-08-02}}, सेंट लुइस के फेडरल रिजर्व बैंक में आर्थिक मंदी वीडियो श्रृंखला [[श्रेणी:अर्थव्यवस्था]] r83s68czgl91u1ez15594efw1munva2 बंगाली राष्ट्रवाद 0 1487031 6582816 6555946 2026-07-15T08:17:44Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582816 wikitext text/x-wiki [[चित्र:জয়_বাংলা.svg|अंगूठाकार|260x260पिक्सेल| [[जॉय बांग्ला]] ({{भाषा-बांग्ला|জয় বাংলা}}) [[बंगाली लिपि]] में सम्पूर्ण-बंगाली रंगों, लाल और सफेद में लिखा गया है, यह [[बंगाल]] और बंगमाता (जिसे बांग्ला माँ या मदर बंगाल के नाम से भी जाना जाता है) के भू-राजनीतिक, साँस्कृतिक और ऐतिहासिक क्षेत्र के प्रति राष्ट्रवाद का संकेत देने वाला एक [[नारा]] और युद्ध घोष है।)]] [[चित्र:Geographic_distribution_of_Bengali_language.png|अंगूठाकार|260x260पिक्सेल| बांग्लादेश और भारत में बंगाली भाषा का मानचित्र (जिलावार)। गहरे रंगों का अर्थ है कि प्रत्येक जिले में बांग्ला बोलने वालों का प्रतिशत अधिक है।]] {{बांग्लादेश की राजनीति}}   '''बंगाली राष्ट्रवाद''' ({{Langx|bn|বাঙালি জাতীয়তাবাদ}}) [[राष्ट्रवाद]] का एक रूप है जो एक एकल राष्ट्र के रूप में [[बंगाली लोग|बंगालियों]] पर केंद्रित है। बंगाली जातीयता के लोग [[बंगाली भाषा|बंगाली भाषा]] बोलते हैं। बंगाली ज्यादातर [[बांग्लादेश]] और [[भारत|भारतीय]] राज्यों [[त्रिपुरा]] और [[पश्चिम बंगाल]] में रहते हैं। [[बांग्लादेश का संविधान|बांग्लादेश के मूल संविधान]] के अनुसार बंगाली राष्ट्रवाद चार मूलभूत सिद्धाँतों में से एक है।<ref>{{Cite web|url=http://bdlaws.minlaw.gov.bd/sections_detail.php?id=367&sections_id=24557|title=9.Nationalism|website=bdlaws.minlaw.gov.bd|publisher=[[Constitution of Bangladesh]]|access-date=2017-12-25}}</ref> और [[बांग्लादेश मुक्ति युद्ध|१९७१ के मुक्ति युद्ध]] के माध्यम से [[बांग्लादेश]] के स्वतंत्र [[राष्ट्र-राज्य|राष्ट्र]] के निर्माण के पीछे मुख्य प्रेरक शक्ति थी।<ref name=":0">{{Cite journal|last=Schuman|first=Howard|date=1972|title=A Note on the Rapid Rise of Mass Bengali Nationalism in East Pakistan|url=https://archive.org/details/sim_american-journal-of-sociology_1972-09_78_2/page/290|journal=American Journal of Sociology|volume=78|issue=2|pages=290–298|doi=10.1086/225325|jstor=2776497}}</ref> == ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान बंगाली राष्ट्रवाद == {{मुख्य|बंगाल का इतिहास}} === पृष्ठभूमि === बंगाली राष्ट्रवाद बंगाल के इतिहास और साँस्कृतिक विरासत में गौरव की अभिव्यक्ति में निहित है। २३ जून १७५७ को [[प्लासी का पहला युद्ध|प्लासी की लड़ाई]] और १७६४ में [[बक्सर का युद्ध|बक्सर की लड़ाई]] में हार के बाद बंगाल-बिहार का पूर्व मुगल प्राँत १७७२ में सीधे ब्रिटिश नियंत्रण में आ गया। ब्रिटिश शासन के दौरान, कलकत्ता १९१० तक भारत में ब्रिटिश नियंत्रित क्षेत्रों के साथ-साथ बंगाल प्राँत की राजधानी के रूप में कार्य करता था। इस काल में कलकत्ता शिक्षा का केन्द्र था। १७७५ से १९४१ तक बंगाल पुनर्जागरण ([[राजा राममोहन राय|राजा राम मोहन राय]] के जन्म से लेकर [[रबीन्द्रनाथ ठाकुर|रवीन्द्रनाथ ठाकुर]] की मृत्यु तक) का उदय देखा गया जिसका प्रभाव बंगाली राष्ट्रवाद के बढ़ने में पड़ा। उस समय, प्राच्य भाषा पुनर्जीवित होने लगी। इस बार कई दार्शनिकों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, इनमें [[लालन|फकीर लालन शाह]], [[राजा राममोहन राय|राजा राम मोहन राय]], [[ईश्वर चन्द्र विद्यासागर|ईश्वर चंद्र विद्यासागर]], [[जीवनानन्द दास|जीबनानंद दास]], [[शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय|शरत चंद्र चटर्जी]], [[रबीन्द्रनाथ ठाकुर|रवींद्रनाथ ठाकुर]], [[काज़ी नज़रुल इस्लाम|काजी नजरूल इस्लाम]], मीर मोशर्रफ हुसैन अधिक प्रभावशाली हैं। जिसे [[बंगाल का नवजागरण|बंगाल पुनर्जागरण]] के रूप में वर्णित किया गया है, उसमें पश्चिमी संस्कृति, विज्ञान और शिक्षा की शुरूआत से बंगाली समाज में एक बड़ा परिवर्तन और विकास हुआ। [[ब्रिटिश राज]] के तहत बंगाल आधुनिक संस्कृति, बौद्धिक और वैज्ञानिक गतिविधियों, राजनीति और शिक्षा का केंद्र बन गया। [[ब्रह्म समाज]] और [[रामकृष्ण मिशन]] जैसे पहले सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन बंगाल में उठे जैसे [[राजा राममोहन राय|राजा राम मोहन रॉय]], [[अरविन्द घोष|श्री अरबिंदो]], [[रामकृष्ण परमहंस]] और [[स्वामी विवेकानन्द|स्वामी विवेकानंद]] जैसे राष्ट्रीय नेता और सुधारक भी बंगाल में उठे। [[बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय|बंकिम चंद्र चटर्जी]], [[देवेन्द्रनाथ ठाकुर|देबेंद्रनाथ ठाकुर]], [[माइकल मधुसुदन दत्त|माइकल मधुसूदन दत्त]], उबैदुल्ला अल उबैदी सुहरावर्दी, [[शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय|शरत चंद्र चट्टोपाध्याय]], [[रबीन्द्रनाथ ठाकुर|रवींद्रनाथ ठाकुर]], [[सत्येन्द्रनाथ बोस|सत्येन्द्र नाथ बोस]] ज[[जगदीश चन्द्र बसु|गदीश चंद्र बोस]] और [[काज़ी नज़रुल इस्लाम|काजी नजरूल इस्लाम]] के कार्यों के साथ [[बंगाली साहित्य]], [[कविता]], [[धर्म]], [[विज्ञान]] और [[दर्शन]] का व्यापक विस्तार हुआ। [[यंग बंगाल आंदोलन|यंग बंगाल]] और [[युगान्तर|जुगाँतर]] आंदोलनों और [[अमृत बाजार पत्रिका|अमृता बाजार पत्रिका]] जैसे समाचार पत्रों ने भारत के बौद्धिक विकास का नेतृत्व किया। [[कोलकाता|कलकत्ता]] स्थित [[भारत सभा|इंडियन नेशनल एसोसिएशन]] और ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन भारत के शुरुआती राजनीतिक संगठन थे। === बंगाल का विभाजन (१९०५) === [[चित्र:BengalPartition1905_Map.png|बाएँ|अंगूठाकार| १९०५ में बंगाल विभाजन के परिणाम को दर्शाने वाला मानचित्र। पश्चिमी भाग (बंगाल) ने उड़ीसा के कुछ हिस्सों को प्राप्त कर लिया, पूर्वी भाग (पूर्वी बंगाल और असम) ने असम को पुनः प्राप्त कर लिया जिसकी सीमा ब्रिटिश भारतीय बंगाल और बिहार, [[नेपाल]], [[भूटान]], [[बर्मा में ब्रितानी शासन|ब्रिटिश बर्मा]] और [[तिब्बत]] से लगी हुई थी।]] पहला बंगाली राष्ट्रवादी आंदोलन [[बंगाल का विभाजन (1905)|१९०५ में ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा बंगाल के विभाजन]] के बाद उभरा।<ref>{{Cite journal|last=John R. McLane|date=July 1965|title=The Decision to Partition Bengal in 1905|url=https://archive.org/details/sim_indian-economic-and-social-history-review_1965-07_2_3/page/221|journal=Indian Economic and Social History Review|volume=2|issue=3|pages=221–237|doi=10.1177/001946466400200302}}</ref><ref name="britannica.com">{{Cite web|url=http://www.britannica.com/EBchecked/topic/60754/partition-of-Bengal|title=Partition of Bengal|publisher=[[Encyclopædia Britannica]]|access-date=2017-08-18}}</ref> हालाँकि विभाजन का समर्थन [[बंगाली मुसलमान|बंगाली मुसलमानों]] ने किया था, लेकिन बड़ी संख्या में बंगालियों ने विभाजन का विरोध किया और [[स्वदेशी आन्दोलन|''स्वदेशी'' आंदोलन]] और यूरोपीय वस्तुओं के बड़े पैमाने पर बहिष्कार जैसे [[नागरिक अवज्ञा|सविनय अवज्ञा]] अभियानों में भाग लिया। एकजुट बंगाल की माँग करते हुए और ब्रिटिश आधिपत्य को खारिज करते हुए, बंगालियों ने एक उभरते [[भारतीय स्वतंत्रता का क्रांतिकारी आन्दोलन|क्राँतिकारी आंदोलन का]] भी नेतृत्व किया जिसने राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में केंद्रीय भूमिका निभाई। इस समय के दौरान बंगाली देशभक्ति गीतों और कविताओं में मदर बंगाल एक बेहद लोकप्रिय विषय था और उनमें से कई में इसका उल्लेख किया गया था जैसे कि गीत ″धन धन्य पुष्पा भारा″ (धन और फूलों से भरा हुआ) और ″बंगा अमर जननी अमर ″ (हमारा बंगाल हमारी माँ) [[द्विजेन्द्रलाल राय|द्विजेन्द्रलाल रे]] द्वारा। [[रबीन्द्रनाथ ठाकुर|रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने]] विभाजन को रद्द करने के समर्थकों के लिए एक रैली के रूप में आधुनिक बांग्लादेश के राष्ट्रगान'', बांग्लार माटी बांग्लार जल'' ([[बांग्ला]]: ''বাংলার মাটি বাংলার জল'', अर्थात बंगाल की मिट्टी, बंगाल का पानी) और [[आमार शोनार बांग्ला|आमार सोनार बांग्ला]] (मेरा सुनहरा बंगाल) लिखा।<ref>{{Cite news|url=http://archive.thedailystar.net/newDesign/news-details.php?nid=246163|title=The heritage of Bangla patriotic songs|work=The Daily Star|access-date=2 अक्तूबर 2023|archive-date=2 नवंबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131102213006/http://archive.thedailystar.net/newDesign/news-details.php?nid=246163|url-status=dead}}</ref> ये गीत बंगाल की एकीकृत भावना को फिर से जागृत करने, साँप्रदायिक राजनीतिक विभाजन के खिलाफ सार्वजनिक चेतना बढ़ाने के लिए थे। बंगाल स्वतंत्रता के लिए भारतीय संघर्ष का एक मजबूत आधार बन गया जिससे [[विपिनचंद्र पाल|बिपिन चंद्र पाल]], ख्वाजा सलीमुल्लाह, [[चितरंजन दास]], [[अबुल कलाम आज़ाद|मौलाना आजाद]], [[सुभाष चन्द्र बोस|सुभाष चंद्र बोस]], उनके भाई [[शरत्चन्द्र बोस|शरत चंद्र बोस]], [[श्यामाप्रसाद मुखर्जी|श्यामा प्रसाद मुखर्जी]], [[ए.के. फजलुल हक|एके फजलुल हक]] जैसे राष्ट्रीय राजनीतिक नेताओं को जन्म मिला।, [[हुसैन शहीद सुहरावर्दी]]। इनमें से [[ए.के. फजलुल हक|एके फजलुल हक]], [[हुसैन शहीद सुहरावर्दी]] साँप्रदायिक राजनीति में शामिल थे; पाकिस्तान के साथ एक अलग मुस्लिम राज्य की स्थापना। [[हुसैन शहीद सुहरावर्दी]] को ऐतिहासिक रूप से १९४६ में [[कलकत्ता दंगा|कलकत्ता हत्याओं]] को बनाने और बढ़ावा देने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया है। === संयुक्त बंगाल प्रस्ताव === जैसे ही हिंदू-मुस्लिम संघर्ष बढ़ा और भारतीय मुसलमानों के बीच एक अलग मुस्लिम राज्य [[पाकिस्तान]] की माँग लोकप्रिय हो गई, १९४७ के मध्य तक साँप्रदायिक आधार पर [[भारत का विभाजन]] अपरिहार्य माना गया। [[पंजाब प्रांत (ब्रिटिश भारत)|पंजाब]] और बंगाल के हिंदू-बहुल जिलों को मुस्लिम पाकिस्तान में शामिल करने से रोकने के लिए, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] और [[अखिल भारतीय हिन्दू महासभा|हिंदू महासभा ने]] साँप्रदायिक आधार पर इन प्राँतों के विभाजन की माँग की। [[शरत्चन्द्र बोस|शरत चंद्र बोस]], [[हुसैन शहीद सुहरावर्दी]], किरण शंकर रॉय और अबुल हाशिम जैसे बंगाली राष्ट्रवादियों ने बंगाल के एकजुट और स्वतंत्र राज्य की माँग के साथ विभाजन प्रस्तावों का मुकाबला करने की माँग की।<ref name="Baxter1997p56">{{Cite book|title=Bangladesh: From a Nation to a State|url=https://archive.org/details/bangladeshfromna0000unse|last=Craig Baxter|publisher=Westview Press|year=1997|isbn=0-8133-2854-3|page=[https://archive.org/details/bangladeshfromna0000unse/page/56 56]|quote=Some Bengalis had a different plan: a third unit to be carved out of India that would include a united and independent Bengal. Congress leader Sarat Chandra Bose opposed the possible division of Bengal ... He was joined by other members of the Congress, including Kiran Shankar Roy. In time, Suhrawardy and Abul Hashem and others who were allied with them took up the cause ... On May 20, 1947, Abul Hashem and Sarat Bose signed an agreement spelling out the terms for an independent Bengal ... The British statement of June 3 that provided for the division of both Bengal and the Punjab provided the practical end to the fantasy of a united Bengal.|author-link=Craig Baxter}}</ref> "अखंड बंगाल" के वैचारिक दृष्टिकोण में [[असम]] के क्षेत्र और [[बिहार]] के जिले भी शामिल थे।  सुहरावर्दी और बोस ने बंगाली काँग्रेस और बंगाल प्राँतीय मुस्लिम लीग के बीच गठबंधन सरकार बनाने की माँग की। योजना के समर्थकों ने जनता से साँप्रदायिक विभाजन को अस्वीकार करने और एकजुट बंगाल के दृष्टिकोण को बनाए रखने का आग्रह किया। २७ अप्रैल १९४७ को [[दिल्ली]] में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सुहरावर्दी ने एकजुट और स्वतंत्र बंगाल के लिए अपनी योजना प्रस्तुत की और अबुल हाशिम ने २९ अप्रैल को कलकत्ता में इसी तरह का एक बयान जारी किया। कुछ दिनों बाद शरत चंद्र बोस ने "संप्रभु समाजवादी बंगाल गणराज्य" के लिए अपने प्रस्ताव रखे। बंगाल प्राँत के ब्रिटिश गवर्नर फ्रेडरिक बरोज़ के सहयोग से बंगाली नेताओं ने २० मई को औपचारिक प्रस्ताव जारी किया। <ref name="Baxter1997p56"/> मुस्लिम लीग और काँग्रेस ने क्रमशः २८ मई और १ जून को स्वतंत्र बंगाल की धारणा को खारिज करते हुए बयान जारी किए। हिंदू महासभा ने भी हिंदू-बहुल क्षेत्रों को मुस्लिम-बहुल बंगाल में शामिल करने के खिलाफ आंदोलन किया जबकि बंगाली मुस्लिम नेता सर [[ख़्वाजा नज़ीमुद्दीन|ख्वाजा नाज़िमुद्दीन]] और मौलाना अकरम खान ने पूरे बंगाल प्राँत को मुस्लिम पाकिस्तान में शामिल करने की माँग की। बढ़ते हिंदू-मुस्लिम तनाव के बीच, ३ जून को ब्रिटिश [[भारत के महाराज्यपाल|वायसराय]] [[लुईस माउंटबेटन|लॉर्ड लुईस माउंटबेटन]] ने एक स्वतंत्र बंगाल की माँग को दफन करते हुए भारत और परिणामस्वरूप पंजाब और बंगाल को साँप्रदायिक आधार पर विभाजित करने की योजना की घोषणा की।<ref name="Baxter1997p56"/> === बंगाल का विभाजन (१९४७) === {{मुख्य|बंगाल का विभाजन (1947)}} [[चित्र:Map_of_Bengal.svg|अंगूठाकार| बंगाल का एक नक्शा जो पूर्व और पश्चिम के बीच विभाजित है।]] १९४७ में [[भारत का विभाजन|भारत के विभाजन]] के अनुरूप, बंगाल को हिंदू बहुसंख्यक पश्चिम और मुस्लिम बहुसंख्यक पूर्व के बीच विभाजित किया गया था। [[पूर्वी बंगाल]] इस्लामिक गणराज्य [[पाकिस्तान]] का हिस्सा बन गया जबकि पश्चिम बंगाल भारत गणराज्य का हिस्सा बन गया। == पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली राष्ट्रवाद (१९४७-१९७१) == १९वीं सदी के [[बंगाल का नवजागरण|बंगाल पुनर्जागरण]] के बाद यह चार दशक लंबा बंगाली राष्ट्रवादी आंदोलन था जिसने इस क्षेत्र को हिलाकर रख दिया था जिसमें [[बांग्ला भाषा आन्दोलन|बंगाली भाषा आंदोलन]], [[बांग्लादेश मुक्ति युद्ध]] और १९७१ में [[बांग्लादेश]] का निर्माण शामिल था।<ref>{{Cite news|url=http://www.thedailystar.net/book-reviews/partition-1947-whodunnit-1505893|title=Partition, 1947—Whodunnit?|last=Asahabur Rahman|date=17 December 2017|work=The Daily Star|access-date=2017-12-25|language=en}}</ref><ref name=":0"/> समय के साथ, उनके कार्यों ने बंगाली लोगों को अलग पहचान की भावना से प्रभावित किया। १९०५ में बंगाल विभाजन के फलस्वरूप बड़े पैमाने पर आन्दोलन हुए। इसी दौरान बांग्लादेश का राष्ट्रगान " [[आमार शोनार बांग्ला|आमार सोनार बांग्ला]] " रचा गया। उस घटना ने बंगाल प्राँत को सुरक्षित रखने के लिए बंगाली लोगों को एक ही झंडे के नीचे इकट्ठा किया। फिर, १९४७ में दुनिया ने धार्मिक आधार पर दो देशों पाकिस्तान और भारत का उदय देखा। बंगाली लोगों ने इस विभाजन को स्वीकार कर लिया। पाकिस्तान के जन्म के बाद पूर्वी बंगाली लोगों को उम्मीद थी कि किस्मत में बदलाव आएगा। परन्तु उन्होंने क्या देखा कि पुराने अत्याचारियों के स्थान पर नये अत्याचारी उभर आये। २४ वर्षों तक राजनीतिक और वित्तीय शोषण हुआ जिसमें बंगाली पहचान का दमन भी शामिल था। अक्सर छात्रों के नेतृत्व में कई विरोध प्रदर्शन हुए। कुछ ने राजनीतिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया। २३ जून १९४९ को मौलाना अब्दुल हामिद खान भशानी के नेतृत्व में [[बांग्लादेश अवामी लीग|अवामी मुस्लिम लीग]] की स्थापना हुई। [[शेख मुजीबुर्रहमान|शेख मुजीबुर रहमान]] के नेतृत्व वाली इस पार्टी ने १९७१ में एक नए देश बांग्लादेश ('बंगालियों की भूमि') को एक नए देश के रूप में बनाने में प्रभावशाली भूमिका निभाई।<ref>Abul Mal Abdul Muhit, বাংলাদেশ: জাতিরাষ্ট্রের উদ্ভব, Dhaka: Sahitya Prakash, 2000</ref> === पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली राष्ट्रवाद के उदय के पीछे के कारक === ==== भाषा का मुद्दा ==== पाकिस्तान की स्थापना के बाद से ही यह विवाद उठ खड़ा हुआ कि पाकिस्तान की राजभाषा कौन सी होगी। १९४७ में पाकिस्तान के जन्म के कुछ महीनों बाद एक आंदोलन शुरू हुआ। इसका मुख्य बिन्दु बांग्ला भाषा थी। प्रारंभ में यह साँस्कृतिक आंदोलन था, परंतु धीरे-धीरे इसने राजनीतिक आंदोलन का रूप ले लिया। १९४८-१९५२ का भाषा आंदोलन जो दो चरणीय आंदोलन में विभाजित था। १९४८ में इसे शिक्षित और बुद्धिजीवी वर्ग के बीच ही सीमित कर दिया गया और उनकी माँग थी कि बंगाली भाषा को राज्य भाषा बनाया जाए। लेकिन १९५२ में यह न केवल शिक्षित वर्ग के लिए अपर्याप्त था, बल्कि पूरे बंगाली राष्ट्र में भी फैल गया। इस स्तर पर, माँग न केवल भाषा के भेदभाव तक सीमित रही, बल्कि इसने बंगालियों के खिलाफ सामाजिक, राजनीतिक और साँस्कृतिक भेदभाव को भी जोड़ा। परिणामस्वरूप, भाषा आंदोलन ने बंगाली राष्ट्र को एक राजनीतिक मंच पर ला दिया और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो गया। इस प्रकार गैर-साँप्रदायिक बंगाली राष्ट्रवादी भावना का आंदोलन, नई चेतना का निर्माण, उदार दृष्टिकोण की शुरुआत, सामाजिक परिवर्तन, भाषा आंदोलन ने बंगालियों को नए क्षितिज पर पहुँचाया। भाषा आंदोलन बंगाली लोगों को स्वायत्तता आंदोलन के लिए प्रेरित करता है और उन्हें संप्रभु बांग्लादेश हासिल करने के लिए स्वतंत्रता के संघर्ष में प्रेरित करता है। तो, यह कहा जा सकता है कि भाषा आंदोलन के कारण बंगाली राष्ट्रवाद का विकास हुआ और बांग्लादेश नामक एक नए देश को विश्व मानचित्र पर जोड़ने में मदद मिली।<ref>Delwar Hossain and Abdul Kuddus Shikdar, The Emergence of Bangladesh. Dhaka: City Art Press, 2002</ref> ==== साँस्कृतिक मुद्दा ==== पाकिस्तान के दोनों पक्ष भारत के शत्रु क्षेत्र से एक हजार मील अलग-थलग हो गये। यह अनोखी भौगोलिक स्थिति देश की अखंडता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। धर्म को छोड़कर दोनों पक्षों के बीच कुछ भी सामान्य नहीं था। एक शब्द में राष्ट्र-राज्य को बांधने वाली सभी सामान्य पहचान, भौतिक संबंध, सामान्य संस्कृति, सामान्य भाषा जीवन की आदतें पाकिस्तान में अनुपस्थित थीं। पूर्वी भाग देश के कुल क्षेत्रफल का केवल सातवाँ हिस्सा था, लेकिन इसके लोग पश्चिमी भाग के अन्य सभी प्राँतों और राज्यों के कुल निवासियों से अधिक थे। पश्चिमी विंग के निवासी [[पंजाबी भाषा|पंजाबी]], [[सिन्धी भाषा|सिंधी]], [[उर्दू भाषा|उर्दू]] और [[पश्तो भाषा|पश्तो]] जैसी विविध भाषाएँ बोलते थे। दूसरी ओर, पूर्वी विंग के निवासियों के लिए, बांग्ला आम भाषा थी। यह बंगाली राष्ट्रवाद और अहंकार का भी चित्रण था। पश्चिमी क्षेत्रों में राजनीतिक पेशेवर मुख्यतः जमींदारों से आते थे। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से में वकील, शिक्षक और सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी जैसे पेशेवर शामिल हैं। इसलिए, पूर्वी हिस्से के लोग राजनीतिक मामलों के बारे में अधिक जागरूक थे और पश्चिमी हिस्से के लोगों की तुलना में अपने अधिकारों के बारे में अधिक जागरूक थे जो सामंती प्रभुओं और आदिवासी प्रमुखों के प्रभुत्व वाले समाज में रह रहे थे। पूर्वी हिस्से में शिक्षा अधिक व्यापक थी और मध्यम वर्ग मजबूत और मुखर था। पूर्व और पश्चिम विंग के राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों के विचार और उद्देश्य असंगत थे और वे एक-दूसरे की समस्याओं को ठीक से समझ नहीं पाते थे। बंगाली राजनेताओं का दृष्टिकोण अधिक धर्मनिरपेक्ष और लोकताँत्रिक था जो आम लोगों की मनोदशा और दृष्टिकोण के सबसे करीब था। पश्चिमी पाकिस्तानी प्रभुत्व वाला शासक वर्ग पूर्वी पाकिस्तानियों की हर माँग को एक साजिश और देश की इस्लामी आस्था और विश्वसनीयता के लिए खतरा मानता था। साँस्कृतिक रूप से और संभवतः मानसिक रूप से देश १९७१ से बहुत पहले विभाजित हो गया था। ==== शैक्षिक और आर्थिक शिकायत ==== १९४७ से बांग्लादेश (पूर्वी पाकिस्तान) को पाकिस्तान (पश्चिमी पाकिस्तान) द्वारा उनके कानूनी अधिकारों से प्राप्त किया गया है। पूर्वी पाकिस्तानी आबादी पूरे पाकिस्तान की कुल आबादी का ५८% थी। यहाँ तक कि सेना और छात्रों के बीच खूनी लड़ाई के बाद तक इस बहुसंख्यक को अपनी भाषा को राष्ट्रीय भाषाओं में से एक बनाने की भी अनुमति नहीं थी। पाकिस्तान की स्थापना से ही, पश्चिमी पाकिस्तानियों का जीवन के राजनीतिक, सामाजिक, साँस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्र पर प्रभुत्व रहा। पूर्वी पाकिस्तान के खिलाफ भेदभाव १९४७ में शुरू से ही शुरू हो गया था, क्योंकि अधिकाँश निजी क्षेत्र पश्चिमी पाकिस्तान में स्थित था। इसके अलावा, पूर्वी पाकिस्तानियों को लगा कि चूंकि केंद्रीय नीति निर्माण संरचनाओं पर पश्चिमी पाकिस्तानी सिविल सेवकों का वर्चस्व था, इसलिए अधिकाँश आकर्षक आयात लाइसेंस पश्चिमी पाकिस्तानियों को दिए गए थे। इसके अलावा, पूर्वी पाकिस्तान की कमाई ने पश्चिमी पाकिस्तानी व्यापारियों और व्यापारियों को पश्चिमी पाकिस्तान में विनिर्माण और बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने में सक्षम बनाया और सूती वस्त्र, ऊनी कपड़े, चीनी, खाद्य कैनरी, रसायन, टेलीफोन, सीमेंट और जैसे उद्योगों में निजी क्षेत्र को अधिकतम गुंजाइश प्रदान की। उर्वरक. १९४७ से पश्चिमी पाकिस्तान की तुलना में पूर्वी पाकिस्तान में शैक्षिक सुविधाओं में दिन-ब-दिन गिरावट आ रही थी। शिक्षा की गुणवत्ता के कारण, उस अवधि में स्कूलों की संख्या कम हो गई थी। जैसा कि हम जानते हैं कि किसी भी राष्ट्र या राज्य या प्राँत के किसी भी प्रकार के विकास के लिए शिक्षा प्रमुख तत्व है। लेकिन उपरोक्त समूह यह दर्शाता है कि १९५०-१९७१ के दौरान पश्चिमी पाकिस्तान द्वारा पूर्वी पाकिस्तान के साथ किस प्रकार भेदभाव किया गया था। हम स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि यद्यपि १९५०-१९६१ के दौरान पूर्वी पाकिस्तान में प्राथमिक विद्यालयों की संख्या पश्चिमी पाकिस्तान की तुलना में अधिक थी, लेकिन बाद में पश्चिमी पाकिस्तान की तुलना में इसमें कमी आई। दूसरी ओर, पश्चिमी पाकिस्तान में प्राथमिक विद्यालयों की संख्या ऊपर की ओर झुकी हुई थी। क्योंकि १९६२ से १९७१ तक प्राथमिक विद्यालयों की संख्या में वृद्धि की गई थी, हालाँकि जनसंख्या की दृष्टि से पूर्वी पाकिस्तान बहुसंख्यक था। पहले के अधिकाँश नेता पश्चिमी पाकिस्तान से थे: पाकिस्तान के संस्थापक और पहले गवर्नर जनरल मुहम्मद अली जिन्ना कराची (पश्चिमी पाकिस्तान का एक शहर) से थे। इसी तरह, पाकिस्तान के सशस्त्र बलों और नौकरशाही में बंगालियों का प्रतिनिधित्व कम था, क्योंकि इन क्षेत्रों में पश्चिमी पाकिस्तानियों का वर्चस्व था। उदाहरण के लिए, १९७० में कुल ३ लाख (३००,०००) सशस्त्र बलों में से केवल ४०,००० सैन्यकर्मी पश्चिमी पाकिस्तान से थे जबकि सिविल सेवाओं में बंगालियों की संख्या उनकी आबादी के अनुपात की तुलना में बहुत कम थी। बंगालियों को आर्थिक अधिकारों से भी वंचित कर दिया गया। आर्थिक असमानताओं के बारे में बात करते हुए पीटर कहते हैं, "हालाँकि दोनों पक्षों (पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान) ने लगभग समान मात्रा में खाद्यान्न का उत्पादन किया, लेकिन बंगालियों का पोषण स्तर कम था। पूर्वी पाकिस्तान को सहायता के आर्थिक हिस्से का केवल २५ प्रतिशत प्राप्त हुआ। पूर्वी बंगाल की जीडीपी में कृषि और सेवा का योगदान क्रमशः ७०% और १०% था, पश्चिमी पाकिस्तान के लिए तुलनीय आंकड़े क्रमशः ५४% और १७% थे। पूर्वी विंग को अपने पश्चिमी समकक्षों की तुलना में लगातार कम सार्वजनिक व्यय प्राप्त हुआ था। कुल व्यय में इस तरह की असमानता को देखते हुए, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि शैक्षिक व्यय ने भी इसका अनुसरण किया। उपरोक्त समूह स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि १९५२-१९६८ के दौरान प्राँतीय सरकारों द्वारा प्रति व्यक्ति सार्वजनिक व्यय के लिए पश्चिमी पाकिस्तान द्वारा पूर्वी पाकिस्तान की उपेक्षा की गई थी। हम देख सकते हैं कि १९५२ से लेकर १९६८ तक पश्चिमी पाकिस्तान का सार्वजनिक व्यय बढ़ता ही जा रहा था। दूसरी ओर, पूर्वी पाकिस्तान का प्रति व्यक्ति सार्वजनिक व्यय हमेशा पश्चिमी पाकिस्तान की तुलना में कम था, हालाँकि १९६२ से १९६८ तक इसमें अधिक वृद्धि हुई थी। लेकिन पूर्वी पाकिस्तान में बहुसंख्यक आबादी के लिहाज से यह पर्याप्त नहीं था। पूर्वी पाकिस्तान के लोगों को एहसास है कि भले ही उन्हें ब्रिटिश उपनिवेशवादियों से आज़ादी मिल गई, लेकिन अब उन पर नए उपनिवेशवादियों का प्रभुत्व है जो कि पश्चिमी पाकिस्तान है। उसके बाद पूर्वी पाकिस्तान में बहुत लोकप्रिय राजनीतिक नेता शेख मुजीबुर रहमान ने सभी प्रकार के आर्थिक और शैक्षिक भेदभाव सहित छह सूत्री आंदोलन बनाए। लेकिन पश्चिमी पाकिस्तान की सरकार को इस आंदोलन की कोई परवाह नहीं थी. बंगाली लोगों को फिर से एहसास हुआ कि उन्हें पश्चिमी पाकिस्तान से उचित सुविधाएँ नहीं मिलेंगी। इसलिए उन्हें अपनी आवाज और अधिक मजबूती से और सक्रिय रूप से उठाने की जरूरत है।<ref name="ReferenceA">Moudud Ahmed, বাংলাদেশ: স্বায়ত্তশাসন থেকে স্বাধীনতা, Dhaka: UPL, 1992</ref> ==== राजनीतिक मुद्दा ==== १९४७ से मुस्लिम लीग सत्ता में थी. मुस्लिम लीग को हराना चुनौतीपूर्ण था. आम चुनाव जीतने का एक ही रास्ता था और वह था पूर्वी पाकिस्तान की विरोधी पार्टियों के बीच गठबंधन बनाना। इसमें मुख्य रूप से पूर्वी बंगाल की चार पार्टियाँ शामिल थीं। १० मार्च १९५४ के चुनाव में संयुक्त मोर्चा ने ३०९ सीटों में से २२३ सीटें जीतीं। मुस्लिम लीग ने केवल ९ सीटों पर कब्जा किया। चुनाव परिणाम पूर्वी बंगाल की राजनीति में राष्ट्रीय अभिजात वर्ग के प्रभुत्व के अंत का संकेत था। पूर्वी बंगाल की आज़ादी के इतिहास में १९५४ का चुनाव और यूनाइटेड, फ्रंट का गठन एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय था। बंगाली राष्ट्र, भाषा और संस्कृति पर मुस्लिम लीग का अत्याचार और साथ ही पाकिस्तानी शासकों का छह साल का अत्याचार, उनके खिलाफ यह चुनाव एक मतपत्र क्राँति थी। चुनाव से पहले, पूर्वी बंगाल के लोग अच्छी तरह से जानते थे कि प्राँतीय स्वायत्तता ही पश्चिमी पाकिस्तान के उत्पीड़न को रोकने का एकमात्र तरीका है। यह एकता पूर्वी बंगाल के लोगों के बीच राष्ट्रवाद का प्रतिबिंब थी। वे अपनी संस्कृति, अपनी भाषा के आधार पर अपनी पहचान चाहते थे। यद्यपि पाकिस्तानी शासकों द्वारा रचित भ्रामक एवं अलोकताँत्रिक घटनाओं ने संयुक्त मोर्चे को सत्ता में टिकने नहीं दिया। हालाँकि यह असफल रहा, लेकिन राजनीतिक दलों ने देखा कि लोग देश के लिए उनका समर्थन कर रहे हैं। इस घटना का प्रभाव भविष्य में बढ़ते राष्ट्रवाद पर व्यापक पड़ा। पाकिस्तान के गठन की शुरुआत से ही पूर्वी पाकिस्तान के लोग एक संविधान और संवैधानिक शासन की माँग कर रहे थे लेकिन १९५६ का संविधान पूर्वी पाकिस्तानी लोगों की अपेक्षाओं को प्रतिबिंबित नहीं करता था। तो इस पर उनकी प्रतिक्रिया नकारात्मक थी. यह भी सच है कि पूर्वी पाकिस्तानी लोगों की कुछ माँगें पूरी की गईं। अंग्रेजों की तरह सरकार, संसदीय प्रणाली, राज्य की स्वायत्तता और राज्य की भाषा बांग्ला, ये माँगें इस संविधान में पूरी की गईं। लेकिन यह संदिग्ध था कि पश्चिमी पाकिस्तानी उच्च वर्ग के धोखे से यह काम करेगा या नहीं। पूर्वी बंगाल के राजनेताओं और पश्चिमी पाकिस्तानी राजनेताओं की आपसी समझ से संविधान को अपनाया गया। लेकिन उन्होंने पूर्वी बंगाल का नाम बदलकर पूर्वी पाकिस्तान कर दिया। जैसा कि हम जानते हैं, उस समय पाकिस्तान की ६९ मिलियन आबादी में से ४४ मिलियन पूर्वी पाकिस्तान से थे और उनकी मातृभाषा बांग्ला थी। पूर्वी पाकिस्तानी लोगों को उम्मीद थी कि इस प्राँत का नाम वही रहेगा। लेकिन यह पश्चिमी पाकिस्तानी उच्च वर्ग के लोगों के साथ धोखा भी था। पूर्वी पाकिस्तान को उसकी विशाल जनसंख्या के अनुरूप उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला, इसके अलावा, उन्होंने पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान को विशिष्ट इकाइयाँ मानना और उनके साथ अलग व्यवहार करना शुरू कर दिया। इन विसंगतियों के बाद संविधान पूर्वी पाकिस्तानी लोगों को स्वीकार्य नहीं रह गया था। अवामी लीग संविधान के ख़िलाफ़ थी. इसके विरुद्ध हड़तालें हुईं लेकिन एके फजलुल हक और हुसैन सुहरावर्दी के बीच मतभेद के कारण हड़तालें उतनी प्रभावी नहीं रहीं। संविधान से पहले यह भाषा के लिए युद्ध था और इसके बाद यह अपनी अस्मिता के लिए युद्ध था। यह स्पष्ट था कि पश्चिमी पाकिस्तान को पूर्वी पाकिस्तानी लोगों की संस्कृति, भाषा और भावनाओं में कोई दिलचस्पी नहीं थी। पूर्वी पाकिस्तानी लोगों को उनके अधिकारों और उनकी अपनी पहचान से वंचित कर दिया गया। पूर्वी पाकिस्तानी लोगों के बीच राष्ट्रवाद का सिद्धाँत मजबूत हुआ। वे बंगालियों के लिए अपना स्वतंत्र राष्ट्र चाहते थे क्योंकि पश्चिमी पाकिस्तान उनका सम्मान नहीं करता था और उनके साथ वैसा व्यवहार नहीं करता था जैसा वे चाहते थे। पश्चिमी पाकिस्तान को इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि इसका उल्टा असर उन पर पड़ेगा. यह घटना पूर्वी पाकिस्तानियों को आज़ादी के एक कदम और करीब ले जाती है। ==== छह सूत्रीय आंदोलन मुद्दा ==== छह सूत्री आंदोलन सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक था जिसने अंततः पूर्वी पाकिस्तान को एक नए राष्ट्र, बांग्लादेश में बदल दिया। यह पूर्वी पाकिस्तानी लोगों के मन में बढ़ती राष्ट्रवाद की भावना का परिणाम था। छह सूत्रीय आंदोलन पूर्वी पाकिस्तान के लोगों की माँगों का वर्णन करना था। पूर्वी पाकिस्तान के इतिहास में हम जो असमानता देखते हैं, उसके कारण पूर्वी बंगाल राष्ट्रवाद १९४७ के विभाजन की शुरुआत से ही विकसित हुआ था। ऐतिहासिक छह सूत्री पहला शक्तिशाली आंदोलन था जो पूर्वी पाकिस्तानी लोगों द्वारा केंद्रीय पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ उठाया गया था। स्वायत्तता की ये छह सूत्री माँग शेख मुजीब ने घोषित की थी. उन्होंने कहा कि ये छह बिंदु "पूर्वी पाकिस्तान के लोगों के लिए मुक्ति सनद" हैं। छह सूत्री आंदोलन से पहले पूर्वी पाकिस्तानी लोगों की माँग थी कि वे पाकिस्तान का हिस्सा बनें। इन छह बिंदुओं से पूर्वी पाकिस्तानी लोगों को एक अलग राष्ट्र के रूप में पहचान मिली और उन्होंने पूर्ण स्वायत्तता का दावा किया। ये छह बिंदु पूर्वी पाकिस्तान के बड़े पैमाने पर लोगों के दावों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने सामूहिक रूप से छह सूत्री का समर्थन किया और छह सूत्री आंदोलन में भाग लिया. १९६६ में पूर्वी पाकिस्तान को औपनिवेशिक नियमों और अत्याचारों से मुक्त कराने के लिए शेख मुजीब ने छह सूत्रीय आंदोलन की घोषणा की। लाहौर में एक राजनीतिक बैठक में इन छह बिंदुओं की घोषणा की गई। पूर्वी पाकिस्तानी लोगों के १८ वर्षों के संघर्ष को ध्यान में रखते हुए, यह घोषणा पाकिस्तान के तहत स्वायत्तता की सर्वोच्च माँग थी। १९६५ के भारत-पाक युद्ध ने पूर्वी पाकिस्तानी लोगों को और अधिक बेचैन कर दिया और पूर्वी पाकिस्तान में सैन्य व्यवस्था ने स्वायत्तता की माँग को मजबूत कर दिया। आख़िरकार, शेख मुजीब ने छह अंक घोषित किये। इन छह सूत्रीय घोषणा के बाद पूर्वी पाकिस्तान के लोग उत्साहित हो गए और उन्होंने इस आंदोलन का खुले दिल से समर्थन किया। १९६६ के बाद छह सूत्रीय आंदोलन ने पूर्वी बंगाल के लोगों को स्वायत्त आंदोलन, १९७० में चुनाव और मुक्ति संग्राम के प्रति विश्वास और विश्वास दिलाया। दरअसल, छह सूत्री आंदोलन में पाकिस्तान से अलग होने का कोई संकेत नहीं था. इसके अलावा, शेख मुजीब ने कभी भी इस तरह के अलगाव या अलगाव की संभावना का उल्लेख नहीं किया। अगर हम छह सूत्रीय आंदोलन की गहराई पर गौर करें तो हम देखते हैं कि पहले दो बिंदु पूर्वी पाकिस्तान की क्षेत्रीय स्वायत्तता के बारे में थे। अगले तीन बिंदु पाकिस्तान के दोनों धड़ों के बीच असमानता को दूर करना था. अंतिम बिंदु पूर्वी पाकिस्तान की रक्षा सुनिश्चित करना था। हालाँकि इन छह-बिंदुओं को पश्चिमी पाकिस्तान ने स्वीकार नहीं किया। छह सूत्री आंदोलन के बाद इतिहास ने पूर्वी पाकिस्तान के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण घटना देखी है. चूंकि छह-सूत्रीय आंदोलन को पश्चिमी पाकिस्तानी अधिकारियों से कोई मंजूरी नहीं मिली, और इसके अलावा, उन्होंने पूर्वी पाकिस्तान के प्रमुख राजनीतिक नेताओं के खिलाफ साजिश रची। यह मामला पूर्वी पाकिस्तान के इतिहास में भी अहम मायने रखता है जिसे अगरतला साजिश केस के नाम से जाना जाता है। इस जन विद्रोह का उद्देश्य राजनीतिक नेताओं को मुक्त करना और सैन्य शासकों को हटाना था। यह विद्रोह पूर्वी पाकिस्तानी इतिहास में एक मील का पत्थर था। इस जन-उभार ने पूर्वी पाकिस्तानी लोगों में विकसित राष्ट्रवाद का विकास किया। पूरे पूर्वी पाकिस्तान से लोग इस विद्रोह में शामिल हुए। === बंगाली भाषा आंदोलन (१९५२) === {{मुख्य|बांग्ला भाषा आन्दोलन}} [[चित्र:22_Feb_1952_DURoad.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| ढाका यूनिवर्सिटी रोड, [[ढाका]] पर ढाका मेडिकल कॉलेज में जनाजा के बाद २२ फरवरी की रैली।]] '''भाषा आंदोलन''' पूर्वी पाकिस्तान में एक राजनीतिक और साँस्कृतिक आंदोलन था जो [[बंगाली भाषा|बंगाली भाषा]] को [[पाकिस्तान]] की [[राजभाषा|आधिकारिक भाषा]] के रूप में मान्यता देने और [[बंगाली लोग|बंगाली लोगों]] की जातीय-राष्ट्रीय चेतना की व्यापक पुष्टि पर केंद्रित था।{{उद्धरण आवश्यक|date=July 2011}} पाकिस्तान की "केवल [[उर्दू भाषा|उर्दू]] " नीति के खिलाफ असंतोष १९४८ से बड़े पैमाने पर आंदोलन में फैल गया था और २१ फरवरी १९५२ को पुलिस द्वारा गोलीबारी करने और छात्र प्रदर्शनकारियों की हत्या के बाद अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया था। १९४७ में पाकिस्तान के निर्माण के बाद [[मोहम्मद अली जिन्नाह|मुहम्मद अली जिन्ना]] के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने उर्दू को एकमात्र राष्ट्रीय भाषा घोषित किया, भले ही बंगाली भाषी लोग राष्ट्रीय आबादी का बहुमत थे। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उर्दू एक तटस्थ भाषा थी - यह पाकिस्तान की किसी भी जाति की मातृभाषा नहीं थी। अनुभागीय तनावों से घिरी इस नीति ने राजनीतिक संघर्ष को एक प्रमुख उकसावे के रूप में कार्य किया। १९४८ में विरोध के बावजूद, नीति को कानून में शामिल किया गया और कई बंगाली राजनेताओं सहित राष्ट्रीय नेताओं द्वारा इसकी पुष्टि की गई। बढ़ते तनाव का सामना करते हुए, पूर्वी पाकिस्तान में सरकार ने सार्वजनिक बैठकों और सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया। इसकी अवहेलना करते हुए, [[ढाका विश्वविद्यालय]] के छात्रों और अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने २१ फरवरी को एक जुलूस शुरू किया। वर्तमान ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की और अब्दुस सलाम, रफीक उद्दीन अहमद, अबुल बरकत और अब्दुल जब्बार सहित कई प्रदर्शनकारी मारे गए। छात्रों की मौतों ने मुख्य रूप से [[बांग्लादेश अवामी लीग|अवामी लीग]] (तब [[बांग्लादेश अवामी लीग|अवामी मुस्लिम लीग]]) जैसे बंगाली राजनीतिक दलों के नेतृत्व में व्यापक हड़तालों और विरोध प्रदर्शनों को भड़काने का काम किया।{{उद्धरण आवश्यक|date=October 2017}} केंद्र सरकार ने नरम रुख अपनाते हुए बंगाली को आधिकारिक दर्जा दे दिया। <ref>{{Cite book|title=Bangladesh: From a Nation to a State|url=https://archive.org/details/bangladeshfromna0000unse|last=Craig Baxter|publisher=Westview Press|year=1997|isbn=0-8133-2854-3|page=[https://archive.org/details/bangladeshfromna0000unse/page/63 63]|quote=The [21 February] event affected the debate in the Constituent Assembly ... [they] decided in September 1954 that 'Urdu and Bengali and such other languages as may be declared' would be 'the official languages of the Republic.'}}</ref> भाषा आंदोलन ने पाकिस्तान के भीतर बंगाली साँस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान के दावे के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य किया।{{उद्धरण आवश्यक|date=July 2011}} ==== भाषा आंदोलन का महत्व ==== भाषा आंदोलन केवल भाषा की गरिमा के लिए ही विकसित नहीं हुआ। पाकिस्तान में ७.२ प्रतिशत लोग उर्दू भाषी थे। दूसरी ओर, ५४.६ प्रतिशत आबादी यह स्वीकार नहीं करना चाहती थी कि उनकी मातृभाषा की उपेक्षा की जाएगी। अधिकाँश लोग बंगाली थे इसलिए बांग्ला को यह दर्जा मिलना तर्कसंगत था। इसके साथ ही आजीविका का सवाल भी शामिल था. प्रारंभ में पाकिस्तान ने पूर्वी पाकिस्तान में जनसंख्या की बहुलता का उल्लंघन करते हुए, पश्चिमी पाकिस्तान में राजधानी प्रशासन के केंद्र की स्थापना की। उर्दू को एकमात्र राज्य भाषा के रूप में चुनने से पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में और पिछड़ने की आशंका है। यह राजनीति सहित हर जगह बंगालियों को वंचित करने की पश्चिमी मानसिकता से जुड़ा था। इसलिए, भाषा आंदोलन बंगालियों को मुस्लिम लीग के मुस्लिम राष्ट्रवाद और दो-राष्ट्र सिद्धाँत के बारे में संदेहपूर्ण बनाता है। वे अपने अधिकारों को स्थापित करने के लिए पहले चरण के रूप में बांग्ला भाषा को चुनते हैं। इस बंगाली राष्ट्रवादी भावना ने साठ के दशक और स्वतंत्र युद्धों के लिए तानाशाही विरोधी और स्वायत्तता के लिए आंदोलन को प्रेरित किया। <ref>. Hasan Hafizur Rahman (Ed.), বাংলাদেশের স্বাধীনতা যুদ্ধ দলিলপত্র (১ খণ্ড), Dhaka: Information Ministry, 1983</ref> === बांग्लादेश का निर्माण === [[चित्र:Flag_of_Bangladesh_(1971).svg|अंगूठाकार| बांग्लादेश का राष्ट्रवादी झंडा]] भाषा आंदोलन और उसके नतीजों ने पाकिस्तान के दोनों पक्षों के बीच पर्याप्त साँस्कृतिक और राजनीतिक दुश्मनी पैदा कर दी थी। पाकिस्तानी आबादी का बहुमत होने के बावजूद, बंगालियों ने पाकिस्तान की सेना, पुलिस और नागरिक सेवाओं का एक छोटा सा हिस्सा बनाया। बंगाली लोगों के खिलाफ जातीय और [[वर्ग भेदभाव|सामाजिक आर्थिक भेदभाव]] बढ़ गया और पूर्वी पाकिस्तान में अनुभागीय पूर्वाग्रह, उपेक्षा और संसाधनों और राष्ट्रीय संपत्ति के अपर्याप्त आवंटन को लेकर आंदोलन उठे। [[इस्लामी दुनिया|फ़ारसी-अरबी]] संस्कृति में डूबे पश्चिमी पाकिस्तानियों ने बंगाली संस्कृति को [[हिन्दू धर्म|हिंदू संस्कृति]] के साथ बहुत निकटता से जुड़ा हुआ देखा।{{उद्धरण आवश्यक|date=July 2011}} पूर्वी पाकिस्तान की स्वतंत्रता की माँग करने वाले पहले समूहों में से एक शाधिन बांग्ला बिप्लोबी पोरिशद ([[बांग्ला]]: ''স্বাধীন বাংলা বিপ্লবী পরিষদ''; आज़ाद बंगाल क्रांतिकारी पालिका) था।{{उद्धरण आवश्यक|date=July 2011}} [[शेख मुजीबुर्रहमान|शेख मुजीबुर रहमान]] के तहत, [[बांग्लादेश अवामी लीग|अवामी लीग]] चरित्र में अधिक धर्मनिरपेक्ष बन गई, इसका नाम अवामी मुस्लिम लीग से बदलकर सिर्फ अवामी लीग हो गया।{{उद्धरण आवश्यक|date=July 2011}} और पूर्वी पाकिस्तान के लिए पर्याप्त राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक स्वायत्तता की माँग करते हुए [[छः बिन्दु आन्दोलन|छह सूत्री आंदोलन]] शुरू किया। लोकतंत्र, एक अलग मुद्रा और धन और संसाधनों के संतुलित बंटवारे की माँग करते हुए, मुजीब ने पूर्वी पाकिस्तान के बजाय पाकिस्तान के पूर्वी हिस्से का वर्णन करने के लिए "बांग्ला-देश" शब्द की मान्यता की भी माँग की, इस प्रकार पूर्व के लोगों की बंगाली पहचान पर जोर दिया गया। पाकिस्तान. मुजीब को १९६६ में पाकिस्तानी बलों द्वारा गिरफ्तार किया गया था और [[अगरतला षडयंत्र मामला|अगरतला षड्यंत्र मामले]] में उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया गया था। हिंसक विरोध प्रदर्शन और अव्यवस्था के बाद मुजीब को १९६८ में रिहा कर दिया गया। १९७० के चुनावों में अवामी लीग ने [[मजलिस-ए-शूरा|पाकिस्तान की संसद]] में पूर्ण बहुमत हासिल किया। जब [[पाकिस्तान के राष्ट्रपति]] [[याह्या ख़ान|याह्या खान]] और पश्चिमी पाकिस्तानी राजनेता [[ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो|जुल्फिकार अली भुट्टो]] ने मुजीब के सरकार बनाने के दावे का विरोध किया, तो अनुभागीय शत्रुता काफी बढ़ गई। २५ मार्च १९७१ की रात को अपनी गिरफ्तारी से पहले, मुजीब ने बंगालियों से अपनी स्वतंत्रता के लिए लड़ने का आह्वान किया; स्वतंत्रता की घोषणा चटगाँव से मुक्ति वाहिनी के सदस्यों द्वारा की गई थी - बंगाली सेना, अर्धसैनिक और नागरिकों द्वारा गठित राष्ट्रीय मुक्ति सेना। ईस्ट बंगाल रेजिमेंट और ईस्ट पाकिस्तान राइफल्स ने प्रतिरोध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनरल एमएजी उस्मानी और ग्यारह सेक्टर कमाँडरों के नेतृत्व में बांग्लादेश बलों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बड़े पैमाने पर गुरिल्ला युद्ध छेड़ दिया। उन्होंने संघर्ष के शुरुआती महीनों में कई कस्बों और शहरों को आज़ाद कराया। मानसून में पाकिस्तानी सेना फिर से सक्रिय हो गई। बंगाली गुरिल्लाओं ने बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की जिसमें पाकिस्तानी नौसेना के खिलाफ ऑपरेशन जैकपॉट भी शामिल था। नवोदित बांग्लादेश वायु सेना ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ उड़ानें भरीं। नवंबर तक बांग्लादेश की सेना ने रात के दौरान पाकिस्तानी सेना को अपने बैरकों तक ही सीमित कर दिया। उन्होंने ग्रामीण इलाकों के अधिकाँश हिस्सों पर नियंत्रण हासिल कर लिया और मुजीबनगर में अवामी लीग की निर्वासित सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश के स्वतंत्र राज्य की घोषणा की गई। मुजीब का ट्रेडमार्क "जॉय बांग्ला" (''बंगाल की जीत'') सलाम बंगाली राष्ट्रवादियों की रैली का नारा बन गया जिन्होंने [[मुक्तिवाहिनी|मुक्ति वाहिनी]] गुरिल्ला बल का गठन किया जिसे भारत सरकार से प्रशिक्षण और उपकरण प्राप्त हुए। मुक्ति संग्राम के चरम पर [[१९७१ का भारत-पाक युद्ध|भारतीय हस्तक्षेप]] से अंततः पाकिस्तानी सेना का आत्मसमर्पण हो गया और १६ दिसंबर को बांग्लादेशी राज्य की स्थापना हुई। == संदर्भ == {{Reflist}} == अग्रिम पठन ==  {{Refbegin|2}} * Cyriac Maprayil, ''Bangabandhu Sheikh Mujibur Rahman'' (2001) {{ISBN|81-7510-121-0}} * Anthony Mascarenhas, ''[[Bangladesh: A Legacy of Blood]]'' {{ISBN|0-340-39420-X}} * Mahua Sarkar, [https://web.archive.org/web/20070903225337/http://www.dukeupress.edu/cgibin/forwardsql/search.cgi?template0=nomatch.htm Visible Histories, Disappearing Women: Producing Muslim Womanhood in Late Colonial Bengal], (2008) Durham, NC: Duke University Press. * Nitish Sengupta, ''History of the Bengali-speaking People'' {{ISBN|81-7476-355-4}} * {{cite book|title=Banglapedia: National Encyclopedia of Bangladesh|last=Copf|first=David|publisher=[[Asiatic Society of Bangladesh]]|year=2012|editor1-last=Islam|editor1-first=Sirajul|editor1-link=Sirajul Islam|edition=Second|chapter=Bengal Renaissance|editor2-last=Jamal|editor2-first=Ahmed A.|chapter-url=http://en.banglapedia.org/index.php?title=Bengal_Renaissance}} * {{cite book|title=Banglapedia: National Encyclopedia of Bangladesh|last=Misra|first=Chitta Ranjan|publisher=[[Asiatic Society of Bangladesh]]|year=2012|editor1-last=Islam|editor1-first=Sirajul|editor1-link=Sirajul Islam|edition=Second|chapter=United Independent Bengal Movement|editor2-last=Jamal|editor2-first=Ahmed A.|chapter-url=http://en.banglapedia.org/index.php?title=United_Independent_Bengal_Movement}} * {{cite book|title=Banglapedia: National Encyclopedia of Bangladesh|last=Sheren|first=Syeda Momtaz|publisher=[[Asiatic Society of Bangladesh]]|year=2012|editor1-last=Islam|editor1-first=Sirajul|editor1-link=Sirajul Islam|edition=Second|chapter=War of Liberation, The|editor2-last=Jamal|editor2-first=Ahmed A.|chapter-url=http://en.banglapedia.org/index.php?title=War_of_Liberation,_The}} {{Refend}} == बाहरी संबंध == * [https://web.archive.org/web/20070611031428/http://www.saag.org/papers6/paper597.html भारत-बांग्लादेश गतिरोध] * [https://web.archive.org/web/20070611140526/http://www.saag.org/papers7/paper632.html भारत-बांग्लादेश प्रवासन मैट्रिक्स] * [https://web.archive.org/web/20070928043621/http://www.assamtribune.com/scripts/details.asp?id=apr1007%2Fat09 बुद्धिजीवी फ़ॉइल डिज़ाइन की ओर बढ़ते हैं] {{Nationalism in South Asia}}{{Ethnic nationalism}}{{Bangladesh liberation}}{{Authority control}} [[श्रेणी:बांग्लादेश का संविधान]] [[श्रेणी:बंगाल का इतिहास]] [[श्रेणी:बांग्लादेश मुक्ति युद्ध]] [[श्रेणी:पश्चिम बंगाल की राजनीति]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] mp81tct3bldb5b3q0gmxb1dx6wfisdy फिरदौसी कादरी 0 1490164 6582821 6138255 2026-07-15T08:25:28Z Umarkairanvi 13754 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:वैज्ञानिक]] जोड़ी 6582821 wikitext text/x-wiki {{Infobox scientist | name = फिरदौसी कादरी | birth_date = 31 मार्च, 1951 | nationality = [[बांग्लादेशी]] | alma_mater = [[ढाका विश्वविद्यालय]] (BSc, MSc)<br>लिवरपूल विश्वविद्यालय (PhD) | known_for = अच्छारा विकास में खाद्यान्त्रिक रोग और अनुसंधान, [इम्यूनोलॉजी]], [[संक्रामक रोग]] अनुसंधान | awards = [[रेमन मैगसेसे पुरस्कार]] (2021)<br> [[स्वतंत्रता पुरस्कार]] (2023)<br> क्रिस्टोफ मेरियू पुरस्कार (2012)<br> L'Oréal-UNESCO महिला विज्ञान पुरस्कार (2020) }} '''डॉ. फिरदौसी कादरी''' ([[बांग्ला]]: ফিরদৌসী কাদরী; जन्म 31 मार्च, 1951) एक [[बांग्लादेशी]] [[वैज्ञानिक]] है, जिनका विशेषज्ञता इम्यूनोलॉजी और संक्रामक रोग अनुसंधान में है। उन्होंने [[हैजा]] के लिए टीके के विकास पर 25 वर्षों से अधिक समय तक काम किया है<ref name="who.int" /> और उन्हें ईटीईसी, [[टाइफाइड]], [[हेलिकोबैक्टर]] पाइलोरी, [[रोटावाइरस|रोटावायरस]] आदि जैसी अन्य संक्रामक बीमारियों पर विशेषज्ञता हासिल है। वर्तमान में, वह सेंटर फॉर वैक्सीन साइंसेज ऑफ इंटरनेशनल के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। वह विज्ञान और स्वास्थ्य पहल विकसित करने के लिए संस्थान की अध्यक्ष के रूप में भी कार्य करती हैं।<ref>{{Cite web |url=https://www.ideshi.org/people/dr-firdausi-qadri/ |title=फिरदौसी कादरी |website=Institute for Developing Science and Health Initiatives |access-date=2019-07-16}}</ref><ref name="who.int">{{cite web |url=https://www.who.int/influenza_vaccines_plan/advisory_group/qadri/en/index.html |archive-url=https://web.archive.org/web/20131029111832/http://www.who.int/influenza_vaccines_plan/advisory_group/qadri/en/index.html |url-status=dead |archive-date=October 29, 2013 |title=Dr Firdausi Qadri |website=World Health Organization}}</ref> [[बांग्लादेश सरकार]] ने उन्हें 2023 में [[स्वतंत्रता पुरस्कार]] से सम्मानित किया गया हैं।<ref>{{Cite web |title=9 people, fire service to receive Independence Award 2023 |url=https://unb.com.bd/category/Bangladesh/9-people-fire-service-to-receive-independence-award-2023/111567 |access-date=2023-03-10 |website=unb.com.bd}}</ref> उन्हें वयस्कों, बच्चों और शिशुओं के लिए [[हैजा]] रोधी मुख से दिया जाने वाला सस्ता [[टीकाकरण|टीका]] और [[आंत्र ज्वर|टाइफाइड]] का टीका विकसित करने का श्रेय प्राप्त है। उन्होंने विकसित देशों के झुग्गी और गरीब बस्ती वाले इलाकों में काफी कार्य किया हैं। फिरदौसी कादरी को साल 2021 का [[रेमन मैगसेसे पुरस्कार]] से सम्मानित किया गया।<ref>{{cite news |title=बांग्लादेशी वैज्ञानिक डॉ फिरदौसी कादरी और पाकिस्तानी अर्थशास्त्री समेत पांच लोगों को रमन मैग्सेसे पुरस्कार |url=https://hindi.theprint.in/world/raman-magsaysay-award-to-five-people-including-bangladeshi-scientist-dr-firdausi-qadri-and-pakistani-economist/236536/ |publisher=द प्रिन्ट |date=1 सितंबर 2021}}</ref> कादरी बांग्लादेश सोसाइटी ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट के संस्थापक और सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.bsm.org.bd/board-of-advisory/ |title=Board of Advisory |website=बांग्लादेश सोसाइटी ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट |access-date=2019-07-16 |archive-date=16 जुलाई 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190716135759/http://www.bsm.org.bd/board-of-advisory/ |url-status=dead }}</ref> वह बांग्लादेश के लिए अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी की अंतर्राष्ट्रीय राजदूत हैं<ref>{{cite web |url=http://www.asm.org/index.php/component/content/article/28-international/7776-asm-ambassador-contact-information |title=Contact The ASM International Ambassador in Your Country! |website=American Society for Microbiology |archive-url=https://web.archive.org/web/20131105164343/http://www.asm.org/index.php/component/content/article/28-international/7776-asm-ambassador-contact-information |archive-date=2013-11-05}}</ref> और 2008 से बांग्लादेश एकेडमी ऑफ साइंसेज की फेलो हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.bas.org.bd/fellowship/list-of-fellows-/userprofile/fqadri.html |title=Dr. Firdausi Qadri |website=बांग्लादेश एकेडमी ऑफ साइंसेज|archive-url=https://web.archive.org/web/20150610213525/http://www.bas.org.bd/fellowship/list-of-fellows-/userprofile/fqadri.html |archive-date=2015-06-10}}</ref> == पुरस्कार == * 2005 में बांग्लादेश एकेडमी ऑफ साइंसेज से स्वर्ण पदक पुरस्कार<ref>{{Cite web|url=http://www.bas.org.bd/awards/gold-medal-award.html|title=Academy Gold Medal Award|website=बांग्लादेश एकेडमी ऑफ साइंसेज|access-date=2019-07-16|archive-date=2015-09-26|archive-url=https://web.archive.org/web/20150926174053/http://www.bas.org.bd/awards/gold-medal-award.html|url-status=dead}}</ref> * 2012 में क्रिस्टोफ़ मेरिएक्स पुरस्कार * 2013 में अनन्या टॉप टेन पुरस्कार * 2013 में सीएनआर राव पुरस्कार, विकासशील देशों में विज्ञान की उन्नति के लिए विश्व विज्ञान अकादमी टीडब्ल्यूएएस द्वारा प्रतिवर्ष दिए जाने वाले पुरस्कारों में से एक है।<ref>{{cite web|url=http://twas.ictp.it/news-in-home-page/news/bangladeshi-immunologist-wins-the-c.n.r.-rao-prize|title=Bangladeshi immunologist wins the C.N.R. Rao Prize|website=विश्व विज्ञान अकादमी|archive-url=https://web.archive.org/web/20131005000222/http://twas.ictp.it/news-in-home-page/news/bangladeshi-immunologist-wins-the-c.n.r.-rao-prize|archive-date=2013-10-05}}</ref> * 2020 में विज्ञान में महिलाओं के लिए लोरियल-यूनेस्को पुरस्कार * 2021 में [[रेमन मैगसेसे पुरस्कार]] * 2023 में [[स्वतंत्रता पुरस्कार|स्वतंत्रता दिवस पुरस्कार]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} {{रेमन मैगसेसे पुरस्कार विजेता भारतीय}} [[श्रेणी:मैगसेसे पुरस्कार विजेता]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:वैज्ञानिक]] 1d59yxbr7elbzis0v1fjbb2uy9lk2w0 नेपोलियन (2023 फ़िल्म) 0 1494681 6582884 6540223 2026-07-15T10:44:32Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582884 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक फ़िल्म | name = नेपोलियन | image = नेपोलियन रिलीज पोस्टर.jpeg | caption = पोस्टर | director = [[रिडले स्कॉट]] | writer = डेविड स्कार्पा | producer = {{Plainlist| * रिडले स्कॉट * केविन जे. वॉल्श * मार्क हफम * [[ह्वाकीन फीनिक्स]] }} | starring = {{Plainlist| * ह्वाकीन फीनिक्स * वैनेसा किर्बी }} | cinematography = डेरियस वोल्स्की | editing = {{Plainlist| * क्लेयर सिम्पसन * सैम रेस्टिवो<ref>{{Cite web|url=https://gersh.com/production/wp-content/uploads/2022/05/RESTIVO-S.-RES.pdf|title=Sam Restivo|publisher=The Gersh Agency|access-date=February 4, 2023|archive-date=May 26, 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220526151558/https://gersh.com/production/wp-content/uploads/2022/05/RESTIVO-S.-RES.pdf|url-status=live}}</ref> }} | music = मार्टिन फिप्स<ref>{{Cite web|date=February 3, 2023|title=Martin Phipps Scoring Ridley Scott's 'Napoleon'|url=http://filmmusicreporter.com/2023/02/03/martin-phipps-scoring-ridley-scotts-napoleon/|access-date=February 4, 2023|website=Film Music Reporter|archive-date=February 3, 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230203191622/http://filmmusicreporter.com/2023/02/03/martin-phipps-scoring-ridley-scotts-napoleon/|url-status=live}}</ref> | studio = {{Plainlist| * एप्पल स्टूडियो * स्कॉट फ्री प्रोडक्शंस }} | distributor = {{Plainlist| * [[कोलम्बिया पिक्चर्स]] (सोनी पिक्चर्स रिलीजिंग के माध्यम से) * एप्पल ओरिजिनल फिल्म्स (एप्पल टीवी+ के माध्यम से) }} | released = {{film date|2023|11|22|df=y|संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम}} | runtime = 157 मिनट<ref>{{cite web |url=https://www.ifco.ie/en/ifco/pages/6720B1280030B056 |title=''Napoleon'' (15A) |website=[[Irish Film Classification Office]] |date=September 22, 2023 |access-date=September 22, 2023 |archive-date=September 27, 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230927062840/https://www.ifco.ie/en/ifco/pages/6720B1280030B056 |url-status=live }}</ref> | country = {{Plainlist| * संयुक्त राज्य अमेरिका * यूनाइटेड किंगडम }} | language = अंग्रेज़ी | budget = $130-$200 मिलियन<ref>{{Cite web |last=D'Alessandro |first=Anthony |date=2023-11-02 |title=Disney's ''Wish'' Eyes $50M Debut, Apple & Sony's ''Napoleon'' To Gallop To $24M Over Thanksgiving 5-Day: Box Office Early Look |url=https://deadline.com/2023/11/box-office-wish-napoleon-projection-1235591106/ |access-date=2023-11-02 |website=[[Deadline Hollywood]]}}</ref><ref>{{cite web |last1=Rubin |first1=Rebecca |title=''Killers of the Flower Moon'' Box Office: Is Martin Scorsese's $200 Million Epic a Hit or Flop? |url=https://variety.com/2023/film/news/killers-of-the-flower-moon-box-office-martin-scorsese-hit-flop-1235783109/ |website=[[वैराइटी (पत्रिका)|वैराइटी]] |date=November 7, 2023 |quote=Ridley Scott's "Napoleon," starring Joaquin Phoenix as the French ruler, also cost $200 million and will be released by Sony in November.}}</ref> | gross = }} '''नेपोलियन''' 2023 की महाकाव्य ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म है, जो [[रिडले स्कॉट]] द्वारा निर्देशित और निर्मित और डेविड स्कार्पा द्वारा लिखित है। फ्रांसीसी नेता [[नेपोलियन बोनापार्ट]] के सत्ता में आने के साथ-साथ महारानी जोसेफिन के साथ उनके संबंधों को दर्शाते है, फिल्म में नेपोलियन के रूप में [[ह्वाकीन फीनिक्स]] (बे फिल्म की निर्माता भी हैं) और जोसेफिन के रूप में वैनेसा किर्बी हैं। == पात्र == {{Multiple image|perrow=2|total_width=300 | image1 = Joaquin Phoenix-2184 (cropped 2).jpg | alt1 = Joaquin Phoenix at the 2018 Berlin International Film Festival in Berlin, Germany | image2 = Bonaparte premier Consul Gérard Chantilly.jpg | alt2 = Portrait of then Premier Consul Napoleon I painted by François Gérard, 1803. | footer = [[ह्वाकीन फीनिक्स]] (बाएं) [[नेपोलियन]] की भूमिका निभाई (दाएं) }} * [[नेपोलियन बोनापार्ट]], फ्रांस के सम्राट के रूप में [[ह्वाकीन फीनिक्स]] ।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=eGgrEAAAQBAJ|title=To Kidnap a Pope. Napoleon and Pius VII|last=Caiani|first=Ambrogio|date=2021|publisher=Yale University Press|isbn=9780300251333|pages=116–117|access-date=June 22, 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230711103801/https://books.google.com/books?id=eGgrEAAAQBAJ|archive-date=July 11, 2023}}</ref> * वैनेसा किर्बी [[जोज़ेफीन]], महारानी कंसोर्ट और नेपोलियन की पहली पत्नी के रूप में। * ताहर रहीम पॉल बर्रास के रूप में, एक राजनेता जो [[फ़्रान्सीसी क्रान्ति]] के दौरान निर्देशिका के कार्यकारी प्रमुख थे। * कौलेनकोर्ट के रूप में बेन माइल्स, एक राजनयिक और नेपोलियन के करीबी सलाहकार। <ref>{{Cite book|title=Caulaincourt : Diplomate de Napoléon|last=Varlan|first=Olivier|date=2018|publisher=Nouveau Monde Éditions|isbn=978-2-36942-699-8|location=Paris|pages=504}}</ref> * थेरेसा कैबरस (मैडम टैलियन) के रूप में लुडिवाइन सैग्नियर, एक सोशलाइट और कुलीन महिला। <ref>{{Cite book|title=Madame Tallien, la Reine du Directoire|url=https://archive.org/details/madametallienlar0000gill|last=Gilles|first=Christian|date=1999|publisher=Atlantica|location=Biarritz}}</ref> * नेपोलियन के भाई लुसिएन बोनापार्ट के रूप में मैथ्यू नीधम । <ref>{{Cite book|title=Napoléon|url=https://archive.org/details/napoleon0000unse_x3k0|last=Castelot|first=André|date=1968|publisher=Perrin|location=Paris|page=[https://archive.org/details/napoleon0000unse_x3k0/page/600 600]-602}}</ref> * नेपोलियन के बेहतरीन कमांडरों में से एक, मार्शल डावौट के रूप में यूसुफ केरकौर । <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=LmldiIvVacIC|title=Le maréchal Davout, son caractère et son génie|last=Montégut|first=Émile|date=1895|publisher=Hachette et Cie|location=Paris|page=155-156|access-date=15 June 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230711103745/https://books.google.com/books?id=LmldiIvVacIC|archive-date=July 11, 2023}}</ref> * फिल कॉर्नवेल सैनसन 'द बौरेउ' के रूप में, वह जल्लाद जिसने फ्रांस के राजा [[लुई सोलहवाँ|लुई सोलहवें को]] दोषी ठहराया था। <ref>{{Cite book|title=The King's Trial: The French Revolution vs. Louis XVI|url=https://archive.org/details/kingstrialfrench0000jord_r4g3|last=Jordan|first=David|date=2004|publisher=Los Angeles: University of California Press|location=Los Angeles|pages=[https://archive.org/details/kingstrialfrench0000jord_r4g3/page/215 215]}}</ref> * [[अलेक्सांदर प्रथम]] के रूप में एडौर्ड फ़िलिपोनाट। * नेपोलियन के [[एल्बा द्वीप|एल्बा]] में निर्वासन के बाद बॉर्बन बहाली के दौरान फ्रांस के राजा [[लुई अट्ठारहवाँ|लुई XVIII]] के रूप में इयान मैकनीस। * रूपर्ट एवरेट [[आर्थर वेलेज़्ली|, आर्थर वेलेस्ली, ड्यूक ऑफ वेलिंगटन]], नेपोलियन के प्रमुख सैन्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में। <ref>{{Cite web|url=https://thespectator.com/book-and-art/napoleon-heralds-return-man-movie-ridley-scott/|title=Napoleon heralds the return of the man's movie|last=Larman|first=Alexander|date=2023-07-11|website=The Spectator World|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20231008040346/https://thespectator.com/book-and-art/napoleon-heralds-return-man-movie-ridley-scott/|archive-date=October 8, 2023|access-date=2023-09-10}}</ref> * फ्रांस के एक प्रमुख राजनयिक [[तेलेराँ]] के रूप में पॉल राइस । <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=rBbayNfAy_gC|title=Napoleon's Master. A Life of Prince Talleyrand|last=Lawday|first=David|date=2011|publisher=Random House|isbn=9781446448786|location=New York City|pages=2–7|access-date=15 June 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230711103746/https://books.google.com/books?id=rBbayNfAy_gC|archive-date=July 11, 2023}}</ref> * [[मारी आंत्वानेत]] के रूप में कैथरीन वॉकर, ऑस्ट्रिया की आर्चडचेस और बाद में फ्रांस की रानी। * गेविन स्पोक्स मौलिन के रूप में, एक निर्देशिका राजनीतिज्ञ। * मार्शल ने के रूप में जॉन हॉलिंगवर्थ की नेपोलियन द्वारा "सबसे बहादुर" के रूप में सराहना की गई। <ref>{{Cite book|title=Dictionary of the Napoleonic wars|last=Chandler|first=David|date=1999|publisher=Wordsworth editions|page=314}}</ref> * नेपोलियन के जनरल और 1807 में पुर्तगाल पर फ्रांसीसी आक्रमण के कमांडर जीन-एंडोचे जूनोट के रूप में मार्क बोन्नार । <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=Fgt7-GpUXbsC&dq=junot+est+nomm%C3%A9+g%C3%A9n%C3%A9ral+de+division+1801&pg=PA717|title=Encyclopédie militaire et maritime par le comte de Chesnel|last=Come de Chesnel|date=1864|publisher=Le Chevallier|location=Paris|page=717|access-date=June 22, 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230715075632/https://books.google.com/books?id=Fgt7-GpUXbsC&dq=junot+est+nomm%C3%A9+g%C3%A9n%C3%A9ral+de+division+1801&pg=PA717|archive-date=July 15, 2023}}</ref> * आर्चडचेस मैरी-लुईस, नेपोलियन की दूसरी पत्नी के रूप में अन्ना मावन। * लाज़ारे होशे के रूप में डेविड टुक्की, एक जनरल और क्रांतिकारी फ़्रांस के नायक। * जैक्स-लुई डेविड के रूप में सैम क्रेन, एक प्रख्यात नियोक्लासिकल फ्रांसीसी चित्रकार। * मार्शल बर्थियर के रूप में स्कॉट हैंडी, नेपोलियन के 1796 में उसके पहले इतालवी अभियान से लेकर 1814 में उसके पहले त्यागपत्र तक उसके स्टाफ के प्रमुख और दो बार फ्रांस के युद्ध मंत्री रहे। == संदर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * {{Official website|napoleon.movie}} * {{आईएमडीबी शीर्षक|13287846}} [[श्रेणी:2023 की फ़िल्में]] 8tk6cs71oxxcgj15oyxee3gehot32tc इब्राहिम मालूफ़ 0 1513552 6582663 6087254 2026-07-14T23:16:18Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582663 wikitext text/x-wiki {{Infobox musical artist | name = इब्राहिम मालूफ़ | image = Ibrahim Maalouf - Festival du Bout du Monde 2014 - 005.jpg | caption = 2014 के फेस्टिवल डू बाउट डू मोंडे में इब्राहिम मालूफ़ | birth_date = {{Birth date and age|1980|11|05|df=yes}} | birth_place = [[बेरूत]], [[लेबनान]] | genre = जैज़, शास्त्रीय | occupation = संगीतकार | instrument = [[पिकोलो ट्रम्पेट]], [[ट्रम्पेट]], [[फ्लुग्लहोर्न]] | years_active = 1997–वर्तमान | label = मिस'टर | website = {{URL|ibrahimmaalouf.com}} }} '''इब्राहिम मालूफ़''' ({{lang-ar|ابراهيم معلوف}}, {{IPA-ar|ʔɪbraːˈhiːm maʕˈluːf|pron}}; जन्म 5 नवंबर 1980 को [[बेयरूत|बेरूत]] में) एक फ्रांसीसी-लेबनानी ट्रम्पेटर, निर्माता, अरेंजर और संगीतकार हैं।<ref>{{Cite news|last=Chinen|first=Nate|date=2015-05-26|title=Review: Ibrahim Maalouf Salutes a Great Arabic Performer|language=en-US|work=द न्यूयॉर्क टाइम्स |url=https://www.nytimes.com/2015/05/27/arts/music/review-ibrahim-maalouf-salutes-a-great-arabic-performer.html|access-date=2020-07-06|issn=0362-4331}}</ref> सन् 2022 में वह एंजेलिक किडजो के सहयोग से अपने एल्बम ''क्वीन ऑफ शीबा'' के लिए [[ग्रैमी पुरस्कार]] में नामांकित होने वाले पहले लेबनानी वादक बने। ==जीवनी== उनके पिता ट्रम्पेटर नसीम मालूफ़ हैं और उनकी मां पियानोवादक नदा मालूफ़ हैं। उनके चाचा लेखक अमीन मालूफ़ हैं और उनके दादा कवि, पत्रकार और संगीतज्ञ रुश्दी मालूफ़ थे। लेबनानी गृहयुद्ध के दौरान एक बच्चे के रूप में अपना देश छोड़ने के बाद वह अपनी बहन लैला के साथ पेरिस में बड़े हुए।<ref name="O'Brien">{{cite web |last1=ओब्रियन |first1=जॉन |title=Ibrahim Maalouf |url=https://www.allmusic.com/artist/ibrahim-maalouf-mn0001476162 |website=ऑलम्यूजिक |access-date=20 मार्च 2024}}</ref> उन्होंने 17 साल की उम्र तक वहां अध्ययन किया और एटैम्पस (एस्सोन) में लीसी जियोफ्रॉय-सेंट-हिलैरे से सामान्य विज्ञान और विशिष्ट गणित में डिग्री हासिल की। जब वो सात साल के थे तो उन्होंने अपने पिता जो कंजर्वेटोएरे डी पेरिस में फ्रांसीसी ट्रम्पेटर मौरिस आंद्रे के पूर्व छात्र थे से ट्रम्पेटर बजाना सीखना शुरू किया।<ref name="O'Brien" /> उन्होंने शास्त्रीय, बारोक, आधुनिक और समकालीन प्रदर्शनों के साथ-साथ शास्त्रीय अरबी संगीत सीखी। उनके पिता ने माइक्रोटोनल ट्रम्पेट या "क्वार्टर टोन ट्रम्पेट" का आविष्कार किया जिससे ट्रम्पेट पर अरबी मक़ाम बजाना संभव हो गया। 2000 में मालूफ़ की मुलाकात निर्माता मार्क-एंटोनी मोरो से हुई जिन्होंने उन्हें सेलिस्ट विंसेंट सेगल से मिलवाया। 2006 से 2013 तक मालूफ़ फ्रांस में ऑबर्विलियर्स ला कौरन्यूवे के सीएनआर में एक ट्रम्पेट प्रशिक्षक थे।<ref>{{Cite web |url=http://www.conservatoireregional93.fr/Enseignement-2.html |title=Conservatoire Regional staff listing |access-date=6 मार्च 2009 |archive-date=6 मार्च 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090306075313/http://www.conservatoireregional93.fr/Enseignement-2.html |url-status=dead }}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} ==बाहरी कड़ियाँ== {{Commons category}} * [https://www.ibrahimmaalouf.com/en/ आधिकारिक जालस्थल] {{Authority control}} [[श्रेणी:1980 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:फ्रांसिसि संगीत]] g93mxa72iooyv7u71dji3namu76tkje इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम 0 1520240 6582646 6572006 2026-07-14T19:25:23Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582646 wikitext text/x-wiki  {{Italictitle}} [[चित्र:Index_Librorum_Prohibitorum_1.jpg|अंगूठाकार|इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम का मुख्य शीर्षक पृष्ठ (१५६४ को [[वेनिस]] में)।]] '''इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम''' ({{langx|la|Index Librorum Prohibitorum}}; अर्थात पाबंदित [[पुस्तक|पुस्तकों]] का [[सूचकांक]]) सूचकांक की पवित्र मंडली ({{langx|la|Sacra Congregatio Indicis}}; रोमन कुरिया के एक पूर्व डिकास्ट्री) द्वारा नैतिकता के विपरीत या [[अपधर्म|विधर्मी]] माने जाने वाले प्रकाशनों की एक बदलती सूची थी। [[कैथोलिक गिरजाघर|कैथोलिक]] लोगों को स्थानीय [[पादरी]] के अधीन इन प्रकाशनों को छापने या पढ़ने की अनुमति नहीं थी। कैथोलिक राज्य सूची को अनुकूलित करने या अपनाने और इसे लागू करने के लिए कानून बना सकते थे। ''सूचकांक'' १५६० से १९६६ तक सक्रिय था।<ref>{{Cite web|url=http://www.hps.cam.ac.uk/starry/galbooks.html|title=Galileo and Books|last=Kusukawa|first=Sachiko|date=1999|website=Starry Messenger}}</ref> यूरोप के बुद्धिजीवी वर्ग के कार्यों सहित हजारों पुस्तकों के शीर्षकों और ब्लैकलिस्ट किए गए प्रकाशनों पर प्रतिबंध लगा दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/topic/censorship|title=Censorship|last=Anastaplo|first=George|website=Encyclopedia Britannica|access-date=April 5, 2022}}</ref><ref>{{Cite journal|last=Lenard|first=Max|date=2006|title=On the origin, development and demise of the ''Index librorum prohibitorum''|journal=Journal of Access Services|volume=3|issue=4|pages=51–63|doi=10.1300/J204v03n04_05|s2cid=144325885}}</ref> सूचकांक ने धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष ग्रंथों की समान रूप से निंदा की, उन कार्यों को उस डिग्री से वर्गीकृत किया जिस पर उन्हें उस समय गिरजाघर के लिए घृणित या खतरनाक माना जाता था।<ref>{{Cite book|title=A Living History|last=Lyons|first=Martyns|year=2011|location=Los Angeles|pages=Chapter 2}}</ref> सूची का उद्देश्य गिरजाघर के सदस्यों को धार्मिक, साँस्कृतिक या राजनीतिक रूप से विघटनकारी पुस्तकों को पढ़ने से बचाना था। कभी-कभी ऐसी पुस्तकों में संत द्वारा काम शामिल थे जैसे कि धर्मशास्त्री रॉबर्ट बेलार्मीन<ref>{{Cite web|url=https://www.unigre.it/en/la-gregoriana/58/robert-bellarmine-jesuit-intellectual-saint/|title=Robert Bellarmine: Jesuit, Intellectual, Saint|last=Giannini|first=Massimo Carlo|website=Pontifical Gregorian University|language=en|access-date=30 August 2023}}</ref> और [[दर्शनशास्त्र|दार्शनिक]] एंटोनियो रोस्मिनी-सर्बाती, <ref>{{Cite web|url=http://www.catholicnewsagency.com/news/cardinal_saraiva_calls_new_blessed_antonio_rosmini_giant_of_the_culture/|title=Cardinal Saraiva calls new blessed Antonio Rosmini "giant of the culture"|website=Catholic News Agency|access-date=24 मार्च 2024|archive-date=26 सितंबर 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200926094446/https://www.catholicnewsagency.com/news/cardinal_saraiva_calls_new_blessed_antonio_rosmini_giant_of_the_culture|url-status=dead}}</ref> खगोलविद जैसे कि [[योहानेस केप्लर|जोहान्स केपलर]] की एपीटोमे ऐस्ट्रोनॉमियाए कॉपर्निकाए ({{langx|la|Epitome astronomiae Copernicanae}}; १६१८ से १६२१ तक तीन खंडों में प्रकाशित) जो १६२१ से १८३५ तक सूचकांक पर थी, दार्शनिकों द्वारा काम जैसे कि [[इमैनुएल कांट|इमैनुएल काँट]] की [[शुद्ध तर्कबुद्धि की समालोचना]] ({{langx|जर्मन|Kritik der reinen Vernunft}}; १७८१) और [[बाइबल]] के [[संस्करण]] और [[अनुवाद]] जिन्हें मंजूरी नहीं दी गई थी।<ref>''Index Librorum Prohibitorum'', 1559, Regula Quarta ("Rule 4")</ref> सूचकांक के संस्करणों में पुस्तकों के पढ़ने, बेचने और पूर्व-[[अभिवेचन]] से संबंधित [[गिरजाघर]] के नियम भी शामिल थे। == इतिहास और पृष्ठभूमि == === मुद्रण के अधिकार पर यूरोपीय प्रतिबंध === [[चित्र:Handtiegelpresse_von_1811.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|277x277पिक्सेल|१८११ से प्रिंटिंग मुद्रणालय, [[म्यूनिख]], [[जर्मनी]]]] इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम की स्थापना कैसे हुई, इसे समझने के लिए यूरोप में [[मुद्रण]] पर लगने वाले अंकुश का इतिहास समझना होगा। वर्ष १४४० के आसपास [[योहानेस गुटेनबर्ग]] द्वारा बनाए गए टाइप और [[मुद्रणालय]] ने [[प्रकाशन|पुस्तक प्रकाशन]] के साथ-साथ जनता तक जानकारी पहुँचाने का तरीका बदल दिया।<ref>McLuhan, Marshall (1962), The Gutenberg Galaxy: The Making of Typographic Man (1st ed.), University of Toronto Press, {{ISBN|978-0-8020-6041-9}} p. 124</ref> पुस्तकें, जो एक समय पर दुर्लभ थीं और पुस्तकालयों में संभालकर रखी जाती थीं, अब बड़े पैमाने पर छपने और लोगों तक पहुँचने लगीं। १६वीं शताब्दी में अधिकाँश यूरोपीय देशों में गिरजाघरों और सरकारों ने मुद्रण को विनियमित और नियंत्रित करने का प्रयास किया क्योंकि इसकी वजह से विचारों और जानकारियों के तेजी से प्रसार होना शुरू हो गया। [[यूरोपीय धर्मसुधार|प्रोटेस्टेंट सुधार]] ने [[कैथोलिक]] और [[प्रोटेस्टेंट]], दोनों शिविरों द्वारा और उनके भीतर बड़ी मात्रा में [[विवादास्पद]] नए लेखन उत्पन्न किए और धार्मिक विषय वस्तु आमतौर पर सबसे अधिक [[नियंत्रण]] के अधीन क्षेत्र था। जहाँ तक तरफ सरकारों और गिरजाघरों ने कई तरीकों से मुद्रण को प्रोत्साहित किया जिससे [[बाइबिल|बाइबलें]] और सरकारी जानकारी के प्रसार की अनुमति मिली, वहीं दूसरी तरफ असहमति और आलोचना के कार्य भी तेजी से प्रसारित हो सके।<ref name="de Sola Pool 1983 14">{{Cite book|url=https://archive.org/details/technologiesoffr00ithi/page/14|title=Technologies of freedom|last=de Sola Pool|first=Ithiel|publisher=Harvard University Press|year=1983|isbn=978-0-674-87233-2|page=[https://archive.org/details/technologiesoffr00ithi/page/14 14]}}</ref><ref name="MacQueen 2007 34">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=_Iwcn4pT0OoC&q=contemporary+intellectual+property|title=Contemporary Intellectual Property: Law and Policy|last=MacQueen|first=Hector L.|last2=Waelde|first2=Charlotte|last3=Laurie|first3=Graeme T.|publisher=Oxford University Press|year=2007|isbn=978-0-19-926339-4|page=34}}</ref> सरकारों ने पूरे यूरोप में प्रिंटरों पर नियंत्रण स्थापित किया। किसी को यदि पुस्तकों का व्यापार और उत्पादन करना हो, तो उसे आधिकारिक [[लाइसेंस]] चाहिए होता था। निषेध सूचकांकों के प्रारंभिक संस्करण १५२९ से १५७१ तक दिखाई देने लगे।<ref>{{Cite web|url=https://shakespearedocumented.folger.edu/worshipful-company-stationers-and-newspaper-makers|title=The Worshipful Company of Stationers and Newspaper Makers|website=Shakespeare Documented|access-date=2020-05-30}}</ref> समय सीमा में १५५७ में अंग्रेज़ी शाही परिवार ने स्टेशनर्स कंपनी को चार्टर करके असहमति के प्रवाह को रोकने का लक्ष्य रखा। प्रिन्ट करने का अधिकार दो विश्वविद्यालयों ([[ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय|ऑक्सफोर्ड]] और [[कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय|कैम्ब्रिज]]) और [[सिटी ऑफ़ लंदन|लंदन शहर]] में २१ मौजूदा प्रिंटरों तक सीमित था जिनके बीच ५३ मुद्रण मुद्रणालय थे। फ्रांसीसी शाही परिवार ने भी मुद्रण को कसकर नियंत्रित किया, और मुद्रक और लेखक एतियन्न दोलत को १५४६ में [[नास्तिकता]] के अपराध में लड़की से बाँधकर ज़िंदा जला दिया गया। शातोब्रियाँत के आदेश ने आज तक व्यापक रूप से [[अभिवेचन]] पदों को संक्षेप में प्रस्तुत किया और इसमें [[फ्रांस|फ्राँस]] में लाई गई सभी पुस्तकों को खोलने और निरीक्षण करने के प्रावधान शामिल थे। १५५७ कॉमपिएन के आदेश ने विधर्मियों को मृत्युदंड दिया और इसके परिणामस्वरूप एक कुलीन महिला को लड़की से बाँधकर ज़िंदा जला दिया गया।<ref name="de Sola Pool 1983 15">{{Cite book|url=https://archive.org/details/technologiesoffr00ithi/page/15|title=Technologies of freedom|last=de Sola Pool|first=Ithiel|publisher=Harvard University Press|year=1983|isbn=978-0-674-87233-2|page=[https://archive.org/details/technologiesoffr00ithi/page/15 15]}}</ref> बासतील में ८०० लेखकों, प्रिंटरों और पुस्तक विक्रेताओं को कैद किए जाने के साथ प्रिंटरों को कट्टरपंथी और विद्रोही के रूप में देखा जाता था। कभी-कभी गिरजाघर और सरकार के प्रतिबंध एक-दूसरे के बाद होते थे, उदाहरण के लिए [[रेने देकार्त]] को १६६० के दशक में सूचकांक पर रखा गया था और फ्रांसीसी सरकार ने १६७० के दशक में स्कूलों में कार्टेशियनिज़्म के शिक्षण पर प्रतिबंध लगा दिया था। ब्रिटेन में प्रतिलिप्यधिकार अधिनियम १७१० और फ्राँस में बाद के प्रतिलिप्यधिकार कानूनों ने इस स्थिति को आसान बना दिया। इतिहासकार एकहार्ड हॉफनर का दावा है कि [[प्रतिलिप्यधिकार|प्रतिलिप्यधिकार कानून]] और उनके प्रतिबंध एक सदी से भी अधिक समय तक उन देशों में प्रगति में बाधा बने रहे, क्योंकि ब्रिटिश प्रकाशक लाभ के लिए सीमित मात्रा में मूल्यवान ज्ञान छाप सकते थे। [[जर्मनी|जर्मन]] [[अर्थव्यवस्था]] उसी समय सीमा में समृद्ध होने लगी क्योंकि वहाँ इस प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं था।<ref>{{Cite news|url=https://www.spiegel.de/international/zeitgeist/no-copyright-law-the-real-reason-for-germany-s-industrial-expansion-a-710976.html|title=No Copyright Law: The Real Reason for Germany's Industrial Expansion?|last=Thadeusz|first=Frank|date=18 August 2010|work=Der Spiegel|via=Spiegel Online}}</ref> === प्रारंभिक सूचकांक (१५२९-१५७१) === [[चित्र:Index_1557.jpg|अंगूठाकार|पहले पोप सूचकांक का शीर्षक पृष्ठ, इंदेक्स ऑक्टोरम एट लिबरोरुम, १५५७ में प्रकाशित हुआ और फिर वापस ले लिया गया]] इस तरह की पहली सूची [[रोम]] में प्रकाशित नहीं हुई थी लेकिन कैथोलिक [[नीदरलैंड]] (१५२९), [[वेनिस गणराज्य|वेनिस]] (१५४३) और [[पेरिस]] (१५५१) में शातोब्रियाँत के आदेश की शर्तों के तहत इस उदाहरण का पालन किया गया था।<ref name="Schmitt 1991:45">Schmitt 1991:45.</ref> शताब्दी के मध्य तक जर्मनी और फ्राँस में धर्म के युद्धों के तनावपूर्ण वातावरण में प्रोटेस्टेंट और कैथोलिक अधिकारियों ने तर्क दिया कि केवल [[प्रेस|मुद्रणालय]] का नियंत्रण के प्रसार को रोक सकता है, जिसमें निषिद्ध कार्यों की एक सूची शामिल हो जो गिरजाघर और सरकारी अधिकारियों द्वारा नियंत्रित किया जाए। पॉल ग्रेंडलर ने १९७५ को १५४० से १६०५ तक वेनिस में धार्मिक और राजनीतिक जलवायु पर चर्चा की। [[वेनिस]] की मुद्रणालय को अभिवेचन करने के कई प्रयास किए गए जो उस समय प्रिंटरों की सबसे बड़ी साँद्रता में से एक था। गिरजाघर और सरकार, दोनों ही अभिवेचन में विश्वास रखते थे, लेकिन [[प्रकाशक|प्रकाशकों]] ने लगातार किताबों पर प्रतिबंध लगाने और मुद्रण को बंद करने के प्रयासों को पीछे धकेल दिया।<ref>{{Cite journal|last=Grendler|first=Paul F.|date=1975|title=The Roman Inquisition and the Venetian Press|url=https://archive.org/details/sim_journal-of-modern-history_1975-03_47_1/page/48|journal=The Journal of Modern History|volume=47|issue=1|pages=48–65|doi=10.1086/241292|jstor=1878921|s2cid=151934209}}</ref> प्रतिबंधित पुस्तकों के सूचकांक को एक से अधिक बार दबाया गया या निलंबित किया गया था क्योंकि विभिन्न लोगों ने इसके खिलाफ रुख अपनाया था। पहला रोमन सूचकांक १५५७ में पोप पॉल चतुर्थ (१५५५-१५५९) के निर्देशन में मुद्रित किया गया था लेकिन फिर अस्पष्ट कारणों से हटा दिया गया।<ref name="Brown 70" /> १५५९ में एक नया सूचकांक अंततः प्रकाशित किया गया था जिसमें व्यक्तिगत प्रतिबंधित शीर्षकों के अलावा कुछ ५५० लेखकों के पूरे कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया थाः<ref name="Brown 70">{{Cite book|url=https://archive.org/details/cu31924092741192/page/n79/mode/2up|title=Studies in the History of Venice (Vol. 2)|last=Brown|first=Horatio F.|publisher=New York, E.P. Dutton and company|year=1907}}</ref> पॉलीन सूचकांक ने महसूस किया कि एक लेखक के धार्मिक विश्वासों ने उनके सभी लेखन को दूषित कर दिया था।<ref name="Schmitt 1991:45">Schmitt 1991:45.</ref> अभिवेचन के काम को बहुत गंभीर माना गया था और कैथोलिक बुद्धिजीवियों में भी इसका बहुत विरोध किया गया था - ट्रेंट की परिषद द्वारा पोप पियस चतुर्थ के तहत तैयार की गई एक संशोधित सूची को अधिकृत करने के बाद तथाकथित ''त्रिदेंतीन इंदेक्स'' ({{langx|la|Tridentine Index}}) को १५६४ में जारी किया गया था। यह बाद की सभी सूचियों का आधार बना रहा जब तक कि १८९७ में पोप लियो तेरहवें ने अपना इंदेक्स लियोनियनस प्रकाशित नहीं किया। कुछ प्रोटेस्टेंट विद्वानों का ऐसे विषयों पर लिखने के बावजूद ब्लैक्लिस्ट हो जाना जिन्हें एक आधुनिक पाठक [[हठधर्म|हठधर्मिता]] नहीं मानेगा, यह दर्शाता था कि जब तक वे एक वितरण प्राप्त नहीं करते, आज्ञाकारी कैथोलिक विचारकों को कार्यों तक पहुँच से वंचित कर दिया जाएगा। इन कार्यों में वनस्पतिशास्त्री कॉनराड गेसनर की हिस्तोरियाए अनिमलिउम ({{langx|la|Historiae animalium}}), ओटो ब्रूनफेल्स की वनस्पति विज्ञान की कृतियाँ, चिकित्सा विद्वान यानस कॉर्नारियस की कृतियाँ, क्रिस्टोफ हेगेनडॉर्फ या योहान्न ओल्डंडॉर्प द्वारा लिखे गए कानून के सिद्धांत, यकोब सीगलर या सेबेस्टियन मुंस्टर जैसे प्रोटेस्टेंट [[भूगोलवेत्ता]] और ब्रह्माँडविदों के साथ-साथ [[मार्टिन लुथर|मार्टिन लूथर]], जॉन काल्विन या फिलिप मेलंखथन जैसे प्रोटेस्टेंट धर्मशास्त्रियों द्वारा कोई भी काम शामिल थे। समावेशन के बीच लिब्री कैरोलिनी था, [[शारलेमेन]] की ९ वीं शताब्दी की अदालत का एक धार्मिक कार्य जिसे १५४९ में बिशप झॉन दु तिलत द्वारा प्रकाशित किया गया था और जो पहले से ही निषिद्ध पुस्तकों की दो अन्य सूचियों पर था। === सूचकांक की पवित्र मंडली (१५७१-१९१७) ===   [[चित्र:Index_Librorum_Prohibitorum_1711.jpg|अंगूठाकार|इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम का शीर्षक पृष्ठ (१७११) ]] १५७१ में एक विशेष मंडली बनाई गई, सूचकांक की पवित्र मंडली ({{langx|la|Sacra Congregatio Indicis}}) जिसका विशिष्ट कार्य उन लेखन की जाँच करना था जिन्हें [[रोम]] में त्रुटियों से मुक्त नहीं होने के रूप में निंदा की गई थी, पोप पायस चतुर्थ की सूची को नियमित रूप से अपडेट करना और आवश्यक सुधारों की सूची बनाना भी था, यदि किसी लेखन की बिल्कुल निंदा नहीं की जानी थी, लेकिन केवल सुधार की आवश्यकता थी-तब इसे एक शमन खंड के साथ सूचीबद्ध किया गया था, उदाहरण के लिए दोनेक कोरीगातुर ({{langx|la|donec corrigatur}}, अर्थात सुधार तक निषिद्ध) या दोनेक एक्सपर्गेतुर ({{langx|la|donec expurgetur}}, अर्थात शुद्ध होने तक निषिद्ध)।<sup class="noprint Inline-Template Template-Fact" style="white-space:nowrap;">&#x5B;''[[विकिपीडिया:उद्धरण आवश्यक|उद्धरण आवश्यक]]''</sup>&#x5D; साल में कई बार मंडली सभाएँ आयोजित करती थी। बैठकों के दौरान उन्होंने विभिन्न कार्यों की समीक्षा की और उन चर्चाओं का [[दस्तावेज़ीकरण|दस्तावेजीकरण]] किया। बैठकों के बीच में चर्चा किए जाने वाले कार्यों की पूरी तरह से जाँच की जाती थी और प्रत्येक कार्य की दो लोगों द्वारा जाँच की जाती था। बैठकों में उन्होंने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि कार्यों को सूचकांक में शामिल किया जाना चाहिए या नहीं। अंततः [[पोप]] को ही सूचकांक से कार्यों को जोड़ने या हटाने की मंजूरी दी।<ref>{{Cite journal|last=Heneghan|first=Thomas|date=2005|title=Secrets Behind The Forbidden Books|url=http://americamagazine.org/issue/517/article/secrets-behindthe-forbidden-books|journal=America|volume=192|issue=4|archive-url=https://web.archive.org/web/20140726125102/http://americamagazine.org/issue/517/article/secrets-behindthe-forbidden-books|archive-date=26 July 2014|access-date=27 October 2014}}</ref> मंडली की बैठकों के दस्तावेजीकरण की मदद से पोप को अपना निर्णय लेने में सहायता मिली। [[चित्र:Galileo_before_the_Holy_Office.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|१६३३ में [[गैलीलियो गैलिली|गैलीलियो]] की निंदा की गई]] परिणामस्वरूप कभी-कभी सुधारों की बहुत लंबी सूचियाँ बन जाती थीं जो इंदेक्स एक्सपर्गटोरियुस ({{langx|la|Index Expurgatorius}}, अर्थात जिनका सफाया करना है उनका सूचकांक) में प्रकाशित होती थीं। इसे थॉमस जेम्स ने १६२७ में "बोडलेयन पुस्तकालय के क्यूरेटरों द्वारा उपयोग किए जाने वाले एक अमूल्य संदर्भ कार्य के रूप में उद्धृत किया था जब उन कार्यों को विशेष रूप से संग्रह करने के योग्य सूचीबद्ध किया जाता था।<ref> {{Citation|last=Green|first=Jonathan|title=Encyclopedia on Censorship|url=https://books.google.com/books?id=bunHURgi7FcC&pg=PA257|page=257|year=2005|publisher=Facts on File, Inc|isbn=9781438110011|last2=Karolides|first2=Nicholas J.}}</ref> अन्य मंडलियों (अधिकतर [[होली सी|पवित्र कार्यालय]]) द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को केवल सूचकांक की मंडली को पारित किया गया था जहाँ [[पोप]] की मंजूरी के बाद अंतिम [[डिक्री|फरमान]] का मसौदा तैयार किया गया था और सार्वजनिक किया गया था (जिनके पास हमेशा एक लेखक की व्यक्तिगत रूप से निंदा करने की संभावना थी-लैमेनाइस और हर्मेस सहित इस तरह की निंदा के कुछ ही उदाहरण हैं।<sup class="noprint Inline-Template Template-Fact" style="white-space:nowrap;">&#x5B;''[[विकिपीडिया:उद्धरण आवश्यक|<span title="This claim needs references to reliable sources. (June 2017)">citation needed</span>]]''&#x5D;</sup> १८९७ में एक अद्यतन पोप लियो तेरहवें द्वारा १८९७ अपोस्टोलिक संविधान ऑफ़िकियोरुम आक मुनेरुम ({{langx|la|Officiorum ac Munerum}}, अर्थात कार्यालय एवं कर्तव्य) में किया गया था जिसे इंदेक्स लियोनियनस के रूप में जाना जाता है। बाद के संस्करण अधिक परिष्कृत थे - उन्होंने लेखकों को उनकी कथित विषाक्तता के अनुसार वर्गीकृत किया, और उन्होंने पूरी पुस्तकों की निंदा करने के बजाय निष्कासन के लिए विशिष्ट मार्गों को चिह्नित किया।<ref>{{Cite web|url=http://www.newadvent.org/cathen/03519d.htm|title=Catholic Encyclopedia: Censorship of Books|website=www.newadvent.org}}</ref> रोमन कैथोलिक गिरजाघर के धर्माधिकरण की पवित्र मंडली बाद में पवित्र कार्यालय बन गई और १९६५ से इसे विश्वास के सिद्धांत के लिए मंडली कहा जाता है। सूचकांक की मंडली को १९१७ में [[पोप बेनेडिक्ट|पोप बेनेडिक्ट पंद्रहवें]] के मोतु प्रोप्रियो एलोक्वेंतेस प्रॉक्सिमे ({{langx|la|motu proprio Alloquentes Proxime}}, अर्थात स्वयं के प्रस्ताव के माध्यम से) द्वारा पवित्र कार्यालय के साथ विलय कर दिया गया था, द्वारा पुस्तकों के पढ़ने के नियमों को फिर से नए कोडेक्स यूरिस कैनोनिसी में फिर से विस्तार दिया गया था। १९१७ के बाद से पवित्र कार्यालय (फिर से) ने सूचकांक का ध्यान रखा।<sup class="noprint Inline-Template Template-Fact" style="white-space:nowrap;">&#x5B;''[[विकिपीडिया:उद्धरण आवश्यक|<span title="This claim needs references to reliable sources. (June 2017)">citation needed</span>]]''&#x5D;</sup> [[चित्र:Mein_Kampf_dust_jacket.jpeg|अंगूठाकार|237x237पिक्सेल|नाज़ी विचारक अल्फ्रेड रोसेनबर्ग की पुस्तक ''२०वीं सदी का मिथक'' को सूचकांक पर रखा गया था, [[एडोल्फ़ हिटलर|एडॉल्फ हिटलर]] की पुस्तक [[माईन काम्फ|''माइन कांप्फ'']] नहीं थी।<ref name="AmericMag">Tom Heneghan "Secrets Behind The Forbidden Books" [[America Magazine]] Feb 7, 2005 </ref>]] === पवित्र कार्यालय (१९१७–१९६६) === जहाँ एक तरफ अलग-अलग पुस्तकों पर प्रतिबंध जारी रहा, वहीं दूसरी तरफ सूचकांक का अंतिम संस्करण १९४८ में प्रकाशित हुआ। इस २०वें संस्करण<ref name="EB">{{Cite web|url=https://www.britannica.com/topic/Index-Librorum-Prohibitorum|title=Index Librorum Prohibitorum &#124; Roman Catholicism|website=Encyclopedia Britannica}}</ref> में विधर्म, नैतिक कमी और यौन सामग्री जैसे विभिन्न कारणों से अभिवेचित किए गए ४,००० शीर्षक थे। यह कि [[आर्थर शोपेनहावर|शोपेनहावर]] और [[फ्रेडरिक नीत्शे|नीत्शे]] जैसे कुछ [[नास्तिकता|नास्तिक]] को शामिल नहीं किया गया था, सामान्य नियम के कारण था कि [[अपधर्म|विधर्मी]] कार्य (यानी कैथोलिक [[हठधर्म|हठधर्मिता]] का खंडन करने वाले कार्य) वास्तव में [[वर्जित]] थे।<ref>"The works appearing on the Index are only those that ecclesiastical authority was asked to act upon" ([https://www.britannica.com/EBchecked/topic/285220/Index-Librorum-Prohibitorum Encyclopædia Britannica: Index Librorum Prohibitorum).]</ref> महत्वपूर्ण कार्य केवल इसलिए अनुपस्थित हैं क्योंकि किसी ने उनकी निंदा करने की जहमत नहीं उठाई।<ref>"The entanglement of Church and state power in many cases led to overtly political titles being placed on the Index, titles which had little to do with immorality or attacks on the Catholic faith. For example, a history of Bohemia, the Rervm Bohemica Antiqvi Scriptores Aliqvot{{Nbsp}}[...] by Marqvardi Freheri (published in 1602), was placed on the Index not for attacking the Church, but rather because it advocated the independence of Bohemia from the (Catholic) Austro-Hungarian Empire. Likewise, The Prince by Machiavelli was placed in the Index in 1559 after it was blamed for widespread political corruption in France (Curry, 1999, p. 5)" ([http://www.unc.edu/~dusto/dusto_prague_paper.pdf David Dusto, ''Index Librorum Prohibitorum: The History, Philosophy, and Impact of the Index of Prohibited Books'').] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121020043824/http://www.unc.edu/~dusto/dusto_prague_paper.pdf|date=20 October 2012}}</ref> मंडली के कई कार्य एक निश्चित [[राजनीति|राजनीतिक]] सामग्री के थे। अवधि के निंदा किए गए कार्यों में [[नाज़ीवाद|नाज़ी दार्शनिक]] अल्फ्रेड रोसेनबर्ग की पुस्तक ''२०वीं सदी का मिथक'' ({{langx|de|Der Mythus des zwanzigsten Jahrhunderts}}) थी जिसमें कैथोलिक गिरजाघर के सभी हठधर्मिताओं और ईसाई धर्म के मूल सिद्धांतों की निंदा की गई और उन्हें अस्वीकारा गया।<ref name="Richard Bonney pp. 1222">Richard Bonney; ''Confronting the Nazi War on Christianity: the Kulturkampf Newsletters, 1936–1939''; International Academic Publishers; Bern; 2009 {{ISBN|978-3-03911-904-2}}; p. 122</ref> सूचकांक से [[एडोल्फ़ हिटलर|एडॉल्फ हिटलर]] की पुस्तक [[माईन काम्फ|''माइन कांप्फ'']] ({{langx|de|Mein Kampf}}, अर्थात मेरी लड़ाई) उल्लेखनीय रूप से अनुपस्थित थी।<ref name="AmericMag">Tom Heneghan "Secrets Behind The Forbidden Books" [[America Magazine]] Feb 7, 2005 </ref> अपोस्टोलिक आर्काइव तक पहुँच प्राप्त करने के बाद गिरजाघर इतिहासकार ह्यूबर्ट वुल्फ ने पाया कि माइन कांप्फ का अध्ययन तीन साल तक किया गया था, लेकिन पवित्र कार्यालय ने फैसला किया कि इसे सूचकांक पर नहीं जाना चाहिए क्योंकि लेखक [[चांसलर|राज्य के प्रमुख]] थे।<ref name="AmericMag" /> कार्यालय ने उस निर्णय को उचित ठहराया जिसमें पॉल प्रेरित के [[रोमन साम्राज्य|रोमनों]] के लिए पत्र के अध्याय १३ का उल्लेख किया गया था जिसमें राज्य के अधिकार के बारे में भगवान से आने वाले थे। कुछ समय बाद वेटिकन ने नाज़ी जर्मनी में गिरजाघर की चुनौतियों के बारे में पत्र मिट ब्रनंडर सॉर्गः ({{langx|de|Mit Brennender Sorge}}, अर्थात जलती चिंता के साथ; मार्च १९३७) में माइन कांप्फ की आलोचना की।<ref name="AmericMag" /> === उन्मूलन (१९६६) === ७ दिसंबर १९६५ को पोप पॉल षष्ठम ने मोतु प्रोप्रियो इंतीग्राए सर्वांदाए ({{langx|la|motu proprio Integrae servandae}}, अर्थात स्वयं के प्रस्ताव से संरक्षित किया गया) जारी किया जिसने पवित्र कार्यालय को ''विश्वास के सिद्धांत के लिए पवित्र मंडली'' ({{langx|la|Sacra Congregatio pro Doctrina Fidei}}) के रूप में पुनर्गठित किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.vatican.va/content/paul-vi/en/motu_proprio/documents/hf_p-vi_motu-proprio_19651207_integrae-servandae.html|title=Integrae servandae|last=Paul VI, Pope|date=7 December 1965|website=vatican.va|access-date=10 July 2016}}</ref> सूचकांक को नवगठित मंडली की क्षमता के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया था जिससे यह सवाल खड़ा हो गया कि क्या यह अभी भी था।<ref>''L'Osservatore della Domenica'', 24 April 1966, p. 10.</ref> सवाल मंडली के समर्थक कार्डिनल आल्फ्रेदो ओत्तावियानी के सामने रखा गया था जिन्होंने नकारात्मक जवाब दिया। कार्डिनल ने अपनी प्रतिक्रिया में यह भी संकेत दिया कि सूचकांक में जल्द ही बदलाव होने जा रहा है। जून १९६६ में विश्वास के सिद्धांत के लिए मंडली की अधिसूचना ने घोषणा की कि जहाँ एक तरफ इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम ने अपनी नैतिक शक्ति को बनाए रखा, जिसमें इसने ईसाइयों को उन लेखन से सावधान रहना सिखाया, जो प्राकृतिक कानून द्वारा आवश्यक थे, जो विश्वास और नैतिकता को खतरे में डाल सकते थे, वहीं दूसरी तरफ अब इसके पास नहीं था संबद्ध दंड के साथ गिरजाघर संबंधी सकारात्मक कानून की शक्ति।<ref>{{Cite web|url=https://www.vatican.va/roman_curia/congregations/cfaith/documents/rc_con_cfaith_doc_19660614_de-indicis-libr-prohib_en.html|title=Notification regarding the abolition of the Index of books|last=Congregation for the Doctrine of the Faith|date=14 June 1966|website=vatican.va|archive-url=https://web.archive.org/web/20140307041622/https://www.vatican.va/roman_curia/congregations/cfaith/documents/rc_con_cfaith_doc_19660614_de-indicis-libr-prohib_en.html|archive-date=7 March 2014|access-date=10 July 2016}}</ref> लातिन गिरजाघर का स्वीकृत कानून अभी भी सिफारिश करता है कि कार्यों को स्थानीय बिशप के निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाना चाहिए यदि वे पवित्र ग्रंथ, [[धर्म ग्रंथ|धर्मशास्त्र]], स्वीकृत कानून, या गिरजाघर के [[इतिहास]], धर्म या नैतिकता से संबंधित हैं।<ref name="auto">{{Cite web|url=http://www.intratext.com/IXT/ENG0017/_P2P.HTM|title=Code of Canon Law: text - IntraText CT|website=www.intratext.com}}</ref> आम व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति से परामर्श करता है जिसे वह निर्णय देने के लिए सक्षम मानता है और यदि वह व्यक्ति ''निहिल ओब्सतात'' ({{langx|la|nihil obstat}}, अर्थात कुछ भी मना नहीं करता) देता है तो स्थानीय बिशप उसे ''इंप्रिमातुर'' ({{langx|la|imprimatur}}, अर्थात इसे छपने दें) करेगा।<ref name="auto" /> संस्थानों के सदस्यों को धर्म या नैतिकता के मामलों पर किताबें प्रकाशित करने के लिए अपने प्रमुख वरिष्ठ की ओर से ''इंप्रिमी पोतेस्त'' ({{langx|la|imprimi potest}}, अर्थात इसे मुद्रित किया जा सकता है) की आवश्यकता होगी। == क्षेत्र और प्रभाव == [[चित्र:Titelkupfer_Index_librorum_prohibitorum.jpg|अंगूठाकार|इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम के लिए १७११ का यह चित्रण पवित्र आत्मा को पुस्तक-जलती आग की आपूर्ति करते हुए दर्शाता है।]] === अभिवेचन और प्रवर्तन === सूचकांक केवल एक प्रतिक्रियाशील कार्य नहीं था। रोमन कैथोलिक [[साहित्यकार|साहित्यकारों]] के पास अपने लेख को बचाने का अवसर था और वे प्रतिबंध से बचने या उसे सीमित करने के लिए आपत्तिजनक हिस्सों को सुधारने या हटाने के साथ एक नया [[संस्करण]] तैयार कर सकते थे। प्रकाशन-पूर्व [[अभिवेचन]] को प्रोत्साहित किया गया था।<sup class="noprint Inline-Template Template-Fact" style="white-space:nowrap;">&#x5B;''[[विकिपीडिया:उद्धरण आवश्यक|<span title="This claim needs references to reliable sources. (June 2017)">उद्धरण आवश्यक</span>]]''&#x5D;</sup> सूचकांक पापल राज्यों (दक्षिण [[इटली]] के राज्य जो पोप द्वारा शासित थे) के भीतर लागू करने योग्य था लेकिन अन्य जगहों पर केवल [[नागरिक]] शक्तियों द्वारा अपनाया गया था जैसा कि कई इतालवी राज्यों में हुआ था। अन्य क्षेत्रों ने पाबंदित पुस्तकों की अपनी सूचियों को अपनाया।<ref name="Febvre">[https://books.google.com/books?id=9opxcMjv4TUC&pg=PA245 Lucien Febvre, Henri Jean Martin, ''The Coming of the Book: The Impact of Printing 1450–1800''] (Verso 1976 {{ISBN|978-1-85984108-2}}), pp. 245–246</ref> [[पवित्र रोम साम्राज्य]] में पुस्तक अभिवेचन जो इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम के प्रकाशन से पहले से ही चलता आ रहा था, १६वीं शताब्दी के अंत में यशुआइयों के नियंत्रण में आ गई, लेकिन इसका बहुत कम प्रभाव पड़ा, क्योंकि साम्राज्य के भीतर जर्मन राजकुमारों ने अपनी प्रणाली स्थापित की। [[फ्रांस]] में यह फ्रांसीसी अधिकारी द्वारा तय किया गया कि किन पुस्तकों पर प्रतिबंध लगाया गया और गिरजाघर के ''सूचकांक'' को मान्यता नहीं दी गई।<ref>{{Cite web|url=https://books.google.com/books?id=HKcrSTBD0W8C|title=Index librorum prohibitorum et expurgatorum|date=17 October 1612|publisher=apud Ludouicum Sanchez|via=Google Books}}</ref> [[स्पेन]] का अपना ''इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम एत एक्सपर्गातोरुम'' ({{langx|la|Index Librorum Prohibitorum et Expurgatorum}}, अर्थात पाबंदित एवं निष्कासित पुस्तकों की सूची) था जो काफी हद तक गिरजाघर के अनुरूप था लेकिन इसमें उन पुस्तकों की सूची भी शामिल थी जिन्हें [[वर्जित]] भाग (कभी-कभी एक वाक्य) को हटा दिया गया था या ''निष्कासित'' करने के बाद छपने की अनुमति दे दी गई। === नैतिक दायित्व का जारी रहना === १४ जून १९६६ को ''विश्वास के सिद्धांत के लिए मंडली'' ने सूचकांक में सूचीबद्ध पुस्तकों के संबंध में निरंतर नैतिक [[दायित्व]] के संबंध में प्राप्त पूछताछ का जवाब दिया। प्रतिक्रिया में पुस्तकों को [[आस्था]] और [[नैतिकता]] के लिए खतरनाक होने के उदाहरण के रूप में बताया गया, जिनके विरुद्ध कोई कानून हो या न हो, सबको उनसे दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इसमें कहा गया है कि सूचकांक अपनी नैतिक शक्ति को "यद्यपि" बरकरार रखता है। यह ईसाइयों के विवेक को, जैसा कि प्राकृतिक कानून द्वारा आवश्यक है, उन लेखों से सावधान रहना सिखाता है जो विश्वास और नैतिकता को खतरे में डाल सकते हैं, लेकिन इसमें (निषिद्ध पुस्तकों का सूचकांक) अब संबंधित निंदा के साथ गिरजाघर संबंधी कानून की शक्ति नहीं है।<ref>"Haec S. Congregatio pro Doctrina Fidei, facto verbo cum Beatissimo Patre, nuntiat Indicem suum vigorem moralem servare, quatenus Christifidelium conscientiam docet, ut ab illis scriptis, ipso iure naturali exigente, caveant, quae fidem ac bonos mores in discrimen adducere possint; eundem tamen non-amplius vim legis ecclesiasticae habere cum adiectis censuris" (''Acta Apostolicae Sedis'' 58 (1966), p. 445). Cf. [http://cctld.it/storia/informazione/index/notificatio_14_6_66.pdf Italian text published, together with the Latin, on ''L'Osservatore Romano'' of 15 June 1966])</ref> इस प्रकार मंडली ने आस्था और नैतिकता के लिए खतरनाक सभी लेखन से बचने की जिम्मेदारी [[व्यक्तिगत]] ईसाई के [[विवेक]] पर डाल दी, साथ ही साथ पहले से मौजूद गिरजाघर संबंधी कानून और संबंधित निंदाओं को समाप्त कर दिया,<ref>{{Cite web|url=http://www.catholicculture.org/culture/library/dictionary/index.cfm?id=35670|title=Dictionary: POST LITTERAS APOSTOLICAS|website=www.catholicculture.org}}</ref> बिना यह घोषित किए कि जिन पुस्तकों के विभिन्न संस्करणों को एक बार सूचकांक में डाल दिया गया है उनका क्या होगा। पुस्तक ''मनुष्य-देव की कविता'' ({{langx|इतालवी|Il Poema dell'Uomo-Dio}}) के संबंध में कार्डिनल जिसिप्पी सिरी को ३१ जनवरी १९८५ को लिखे एक पत्र में कार्डिनल जोसेफ रत्ज़िंगर (तब मंडली के अधिकारी, जो बाद में [[पोप बेनेडिक्ट XVI|पोप बेनेडिक्ट सोलहवें]] बन गए) ने मंडली की १९६६ की अधिसूचना का उल्लेख किया, "सूचकांक के विघटन के बाद जब कुछ लोगों ने सोचा कि काम की छपाई और वितरण की अनुमति दी गई है, तो लोगों को ल्'ऑसर्वातोरे रोमानो ({{langx|इतालवी|L'Osservatore Romano}}, १५ जून १९६६) में फिर से याद दिलाया गया जैसा कि ''आकता अपोस्तोलिकाए सेदिस'' ({{langx|la|Acta Apostolicae Sedis}}, १९६६) में प्रकाशित हुआ था, विघटन के बावजूद सूचकांक ने अपनी नैतिक शक्ति बरकरार रखी है। किसी कार्य को वितरित करने और उसकी अनुशंसा करने के विरुद्ध निर्णय, जिसकी हल्के ढंग से निंदा नहीं की गई है, को उलटा किया जा सकता है, लेकिन केवल गहन परिवर्तनों के बाद जो उस नुकसान को बेअसर कर देता है जो इस तरह के प्रकाशन से आम वफादारों के बीच हो सकता है।"<ref>{{Cite web|url=http://www.ewtn.com/expert/answers/poem_of_the_man.htm|title=Poem of the Man-God|website=EWTN|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303213410/http://www.ewtn.com/expert/answers/poem_of_the_man.htm|archive-date=3 March 2016|access-date=April 5, 2022}}</ref> === फैसलों में बदलाव === इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम की सामग्री में सदियों से हटाव के साथ-साथ जुड़ाव भी देखा गया। आंतोनियो रोसमिनी-सेर्बाती के लेखन को १८४९ में सूचकांक में रखा गया था, लेकिन १८५५ तक हटा दिया गया था, और पोप जॉन पॉल द्वितीय ने रोसमिनी के काम को "दार्शनिक जाँच की एक प्रक्रिया जो विश्वास के आँकड़ों को शामिल करके समृद्ध किया गया था" के एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में उल्लेख किया था।<ref>[https://www.vatican.va/holy_father/john_paul_ii/encyclicals/documents/hf_jp-ii_enc_14091998_fides-et-ratio_en.html Encyclical ''Fides et raptio''], 74</ref> सूचकांक के १७५८ संस्करण ने एक परिकल्पना के बजाय एक तथ्य के रूप में [[सूर्य केंद्रीय सिद्धांत|सूर्य केंद्रित सिद्धांत]] की वकालत करने वाले कार्यों के सामान्य निषेध को हटा दिया। सूचकांक के शुरुआती संस्करणों में शामिल कुछ वैज्ञानिक सिद्धांत लंबे समय से कैथोलिक विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाते रहे हैं। उदाहरण के लिए [[सूर्य केंद्रीय सिद्धांत]] की वकालत करने वाली पुस्तकों का सामान्य निषेध १७५८ में सूचकांक से हटा दिया गया था, लेकिन दो फ्रांसिस्काई गणितज्ञों ने [[आइज़क न्यूटन|आइज़क न्यूटन]] के प्रिंसिपीया माथेमातिका ({{langx|la|Principia Mathematica}}, अर्थात गणित के सिद्धांत; १६८७) का एक संस्करण प्रकाशित किया था। १७४२ में टिप्पणियों और एक प्रस्तावना के साथ जिसमें कहा गया था कि कार्य ने सूर्य केंद्रित सिद्धांत मान लिया है और इसके बिना इसकी व्याख्या नहीं की जा सकती है। == सूचीबद्ध कृतियाँ और लेखक ==   [[चित्र:Frans_Hals_-_Portret_van_René_Descartes.jpg|दाएँ|अंगूठाकार|[[रेने देकार्त]] १६६३ में सूचकांक पर गए।]] सूचकांक पर उल्लेखनीय आंकड़ों में [[सिमोन द बोउआर]], निकोलास मालब्रांश, [[ज्यां-पाल सार्त्र|झोन-पॉल सार्त्र]], [[मान्तेन|मिशेल द]] [[मान्तेन]], [[वोल्टेयर]], डेनिस डिडेरोट, [[विक्टर ह्यूगो]], [[रूसो|झोन-झाक रूसो]], [[आन्द्रे जिदे]], निकोस काज़ांतज़ाकिस, इमानुएल स्वीडनबॉर्ग, [[बारूथ स्पिनोज़ा]], डेसिडेरियस इरास्मस शामिल हैं।  [[इमानुएल काण्ट|इमैनुएल कांट]], [[डेविड ह्यूम]], [[रेने देकार्त]], [[फ्रांसिस बेकन]], थॉमस ब्राउन, [[जॉन मिल्टन]], [[जॉन लॉक|जॉन लोके]], [[निकोलस कोपरनिकस]], [[गैलीलियो गैलिली|गैलीलियो गैलीली]], [[ब्लेज़ पास्कल]] और ह्यूगो ग्रोटियस । सूची में शामिल होने वाली पहली महिला १५६९में मैग्डेलेना हेमायरस थीं, जिन्हें उनके बच्चों की किताब ''पूरे वर्ष पर रविवार के पत्र, भजनों में डाले गए'' ({{langx|जर्मन|Die sontegliche Episteln über das gantze Jar in gesangsweis gestellt}}) के लिए सूचीबद्ध किया गया था।<ref name="Stead">{{Cite journal|last=Stead|first=William Thomas|date=1902|title=The Index Expurgatorius|url=https://books.google.com/books?id=nmoAAAAAYAAJ&pg=PA498|journal=The Review of Reviews|volume=26|page=498|access-date=8 February 2017}}</ref><ref name="Gifford">{{Cite journal|last=Gifford|first=William|year=1902|title=The Roman Index|url=https://books.google.com/books?id=L0aKIrzkU-AC&pg=PA602|journal=The Quarterly Review|volume=196|pages=602–603|access-date=8 February 2017}}</ref><ref name="Index">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=K9hlAAAAcAAJ&pg=PT80|title=Index Librorum Prohibitorum cum Regulis confectis per Patres a Tridentina Synodo delectos authoritate{{nbsp}}[...] Pii IIII. comprobatus. Una cum iis qui mandato Regiae Catholicae Majestatis et{{nbsp}}[...] Ducis Albani, Consiliique Regii decreto prohibentur, etc.|last=Catholic Church|publisher=Leodii|year=1569|access-date=8 February 2017}}</ref><ref name="Bujanda">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=6JN7l79oGO4C&pg=PA196|title=Index d'Anvers, 1569, 1570, 1571|last=Bujanda|first=Jesús Martínez de|last2=Davignon|first2=René|publisher=Librairie Droz|year=1988|isbn=9782762200454|page=196|access-date=8 February 2017}}</ref> अन्य महिलाओं में ऐन असक्यू,<ref name="Putnam">{{Cite book|url=https://babel.hathitrust.org/cgi/pt?q1=Anna%20a%20Skeue;id=hvd.32044014667141;view=image;seq=286;start=1;sz=10;page=search;num=250|title=The censorship of the church of Rome and its influence upon the production and distribution of literature: a study of the history of the prohibitory and expurgatory indexes, together with some consideration of the effects of Protestant censorship and of censorship by the state|last=Putnam|first=George Haven|publisher=G.P. Putnam's sons|year=1906–1907|isbn=9780524007792|location=New York|page=250|access-date=8 February 2017}}</ref> ओलंपिया फुल्विया मोराता, मुंस्टरबर्ग की उर्सुला (१४९१-१५३४), वेरोनिका फ्रांको और पाओला अंतोनिया नेग्री (१५०८-१५५५) शामिल हैं।<ref name="Hilgers">{{Cite book|title=Der Index der verbotenen Bücher. In seiner neuen Fassung dargelegt und rechtlich-historisch gewürdigt|last=Hilgers|first=Joseph|date=1904|publisher=Herder|location=Freiburg in Breisgau|pages=145–150}}</ref> एक लोकप्रिय ग़लतफ़हमी के विपरीत, [[चार्ल्स डार्विन]] के कार्यों को कभी शामिल नहीं किया गया।<ref>Rafael Martinez, professor of the philosophy of science at the Santa Croce Pontifical University in Rome, in speech reported on [http://www.cinews.ie/article.php?artid=5793 Catholic Ireland net] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090607000752/http://www.cinews.ie/article.php?artid=5793|date=7 June 2009}} Accessed 26 May 2009</ref> कई मामलों में एक लेखक के ''ओपेरा ओमनिया'' ({{langx|la|opera omnia}}; अर्थात पूर्ण कार्य) वर्जित थे। हालाँकि सूचकांक में कहा गया है कि किसी के ''ओपेरा ओमनिया'' का निषेध उन कार्यों को नहीं रोका जो धर्म से संबंधित नहीं थे और सूचकांक के सामान्य नियमों द्वारा निषिद्ध नहीं थे। इस स्पष्टीकरण को १९२९ संस्करण में छोड़ दिया गया था जिसे आधिकारिक तौर पर १९४० में के अर्थ के रूप में व्याख्या किया गया था। बिना किसी अपवाद के लेखक के सभी कार्यों को शामिल किया गया।<ref>[https://books.google.com/books?id=Tie0hkcrpg4C&pg=PA36 Jesús Martínez de Bujanda, ''Index librorum prohibitorum: 1600–1966''] (Droz 2002 {{ISBN|2-600-00818-7}}), p. 36</ref> कार्डिनल ओतावियानी ने अप्रैल १९६६ में कहा था कि [[समकालीन]] साहित्य बहुत अधिक है और आस्था के सिद्धांत के लिए पवित्र मंडली इसे बरकरार नहीं रख सकती है।<ref>''[[L'Osservatore della Domenica]]'', 24 April 1966, p.&nbsp;10.</ref> == यह भी देखें == * [[पादरीवाद|धर्मोपदेशवाद]] == संदर्भ == {{Reflist}} <references responsive="1"></references> == आगे पढ़ें == * जे. मार्टिनेज डी बुजाँडा के इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम, १६००-१९६६ ने इंदेक्स के क्रमिक संस्करणों में लेखकों और लेखन को सूचीबद्ध किया है, जबकि मिगुएल कार्वाल्हो अब्राँटेस की क्यों द इन्क्विजिशन ने कुछ पुस्तकों पर प्रतिबंध लगा दिया?''इन्क्विजिशन ने कुछ पुस्तकों पर प्रतिबंध क्यों लगाया?'': पुर्तगाल का एक केस स्टडी यह समझने की कोशिश करता है कि १५८१ से इंदेक्स लिबरोरुम प्रोहिबितोरुम के पुर्तगाली संस्करण के आधार पर कुछ पुस्तकों को क्यों प्रतिबंधित किया गया था। <sup class="noprint Inline-Template" style="white-space:nowrap;">&#x5B;''<nowiki><span title="This citation requires a reference to the specific page or range of pages in which the material appears. (June 2022)">page<span typeof="mw:Entity">&</nowiki>nbsp;<nowiki></span></nowiki>needed<nowiki></span></nowiki>''&#x5D;</sup> == बाहरी लिंक == {{Commons|Index Librorum Prohibitorum|Index Librorum Prohibitorum}} *  [http://www.aloha.net/~mikesch/ILP-1559.htm १५५९ सूचकांक की प्रतिकृति] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100210203643/http://aloha.net/ |date=10 फ़रवरी 2010 }} Archived १० February २०१० at the Wayback Machine * [http://www.fordham.edu/halsall/mod/indexlibrorum.html सूचकांक में प्रसिद्ध लेखकों की सूची] * "''निषिद्ध पुस्तकों का सूचकांक''", "द कैथोलिक एनसाइक्लोपीडिया (वॉल्यूम VII, १९१०):" "निषिद्ध पुस्तकें का पहला रोमन सूचकांक (''इंदेक्स लिब्रोरम निषेध'') १५५९ में पॉपॉल चौथा के तहत प्रकाशित हुआ था, बहुत गंभीर था, और इसलिए उसी वर्ष १४ जून के पवित्र कार्यालय के डिक्री द्वारा उस पोप के तहत कम किया गया था। यह केवल १९०९ में था कि यह मॉडरेटियो इंडिसिस लिब्रोरम् निषेध (निषिद्ध पुस्तकों के सूचकांक का निर्धारण) कोडेक्स वैटिकनस में फिर से खोजा गया था।" * [http://www.fordham.edu/halsall/mod/trent-booksrules.html पुस्तकों की अभिवेचन पर दस "त्रिशूळ" नियम (अंग्रेज़ी)] * [http://users.telenet.be/leopold.winckelmans/bull/sollicit.htm पोप का संविधान सोलिसिटा एसी प्रोविडा पवित्र कार्यालय और सूचकांक की सभाओं के काम को विनियमित करता है (लैटिन)] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200128140925/http://users.telenet.be/leopold.winckelmans/bull/sollicit.htm |date=28 जनवरी 2020 }} Archived २८ January २०२० at the Wayback Machine * [https://web.archive.org/web/20080307182801/http://news.monstersandcritics.com/europe/features/article_1070798.php/Vatican_opens_up_secrets_of_Index_of_Forbidden_Books वेटिकन ने २२ दिसंबर, २००५ को निषिद्ध पुस्तकों के सूचकांक के रहस्य खोले] * [https://web.archive.org/web/20060630134829/http://www.americamagazine.org/gettext.cfm?articleTypeID=1&textID=3998&issueID=517 निषिद्ध पुस्तकों के पीछे के रहस्य]-''अमेरिका'', ७ फरवरी २००५ * १८३५ में वर्तमान पोप, ग्रेगरी XVI के आदेश से निषिद्ध पुस्तकों का एक सूचकांक, रोम के गिरजाघर जोसेफ मेंडम, लंदनः डंकन और मैल्कम, १८४० की साहित्यिक नीति का नवीनतम नमूना है। [[iarchive:indexofprohibite00mendiala|archive.org]] पर भी। * {{Authority control}} <references /> <references /> [[श्रेणी:पुस्तक अभिवेचन]] [[श्रेणी:कैथोलिक चर्च का इतिहास]] 0gdz3iiz1gsbovubwileltipoci0jy2 फ़्रान्स में बर्बन पुनर्स्थापना 0 1534114 6582787 6567050 2026-07-15T07:02:36Z InternetArchiveBot 500600 Adding 3 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582787 wikitext text/x-wiki {{Infobox former country | native_name = {{native name|fr|Royaume de France}} | conventional_long_name = फ़्रांस का साम्राज्य | common_name = [[फ़्रान्स]] | era = | status = | status_text = | religion = [[कैथोलिक चर्च]] ([[राज्य धर्म]])<br/>[[कैल्विनवाद]]<br/>[[लूथरनवाद]]<br/>[[यहूदी धर्म]] | empire = | government_type = [[एकात्मक राज्य]] [[संसदीय प्रणाली]] अर्द्ध-संवैधानिक राजतंत्र | event_start = दूसरा बॉर्बन पुनर्स्थापना | life_span = 1815–1830 | year_start = 1815 | date_start = | event_end = जुलाई क्रांति | year_end = 1830 | date_end = 26 जुलाई | event1 = | date_event1 = | event2 = [[1815 का घोषणापत्र|संविधान अपनाया गया]] | date_event2 = 1815 | event3 = | date_event3 = | event4 = [[स्पेन]] पर आक्रमण | date_event4 = 6 अप्रैल 1823 | event_pre = | date_pre = | p1 = प्रथम फ्रांसीसी साम्राज्य | flag_p1 = Flag of France.svg | s1 = जुलाई राजतंत्र | flag_s1 = Flag of France.svg | flag_s2 = Flag of France.svg | s2 = | flag = | flag_type = [[फ्रांस का ध्वज]]{{sfn|Tombs|1996|p=333}}<ref>{{Cite book |last=Pinoteau |first=Hervé |title=Le chaos français et ses signes: étude sur la symbolique de l'Etat français depuis la Révolution de 1789 |date=1998 |publisher=Presses Sainte-Radegonde |isbn=978-2-9085-7117-2 |ol=456931M |page=217 |language=fr}}</ref>{{Efn|The flag can be seen on top of government buildings in the following illustrations: * {{Cite AV media |url=https://www.parismuseescollections.paris.fr/fr/musee-carnavalet/oeuvres/retour-du-roi-le-8-juillet-1815-1#infos-principales |title=Retour du Roi le 8 juillet 1815 |date=1815 |access-date=12 December 2021 |website=parismuseescollections.paris.fr}} * {{Cite AV media |url=https://gallica.bnf.fr/ark:/12148/btv1b540014439.item |title=Attaque Des Tuileries (le 29 Juillet 1830) |date=1830 |access-date=25 November 2023 |website=gallica.bnf.fr}} }} | image_flag = Flag_of_the_Kingdom_of_France_(1814-1830).svg | symbol_type_article = फ्रांस का राजचिह्न | symbol_type = राज्य - चिह्न | image_coat = Coat of Arms of the Bourbon Restoration (1815-30) (1).svg | image_map = Kingdom of France (1815).svg | image_map_caption = 1818 में फ्रांस का साम्राज्य | capital = [[पेरिस]] | national_motto = ''मोंटजोई सेंट डेनिस!''<br/>{{Small|"मोंटजॉय सेंट डेनिस!"}} | national_anthem = ''Le Retour des Princes français à Paris''<br/>{{Small|"फ्रांसीसी राजकुमारों की पेरिस वापसी"}}<br/> <div style="text-align:center">[[File:Marche Henri IV.ogg]]</div> | common_languages = [[फ़्रान्सीसी भाषा]] | currency = [[फ्रांसीसी भारतीय रुपया]] | leader1 = [[लुई अट्ठारहवाँ]] | year_leader1 = 1815–1824 | leader2 = चार्ल्स दसवां | year_leader2 = 1824–1830 | leader3 = लुई एंटोनी, ड्यूक ऑफ एंगुलेम (लुई उन्नीसवां)<br/>(विवादित) | year_leader3 = 1830 | leader4 = हेनरी पांचवां<br/>(विवादित) | year_leader4 = 1830 | title_leader = [[फ्रांसीसी सम्राट]] | title_deputy = मंत्रिपरिषद का अध्यक्ष | deputy1 = ''चार्ल्स डी टैलीरैंड-पेरीगोर्ड'' | year_deputy1 = 1815 {{Small|(पहला)}} | deputy2 = ''जूल्स डी पोलिग्नाक'' | year_deputy2 = 1829–1830 {{Small|(अंतिम)}} | legislature = संसद | house1 = चैंबर ऑफ पीयर्स | house2 = [[निर्देशक सभा]] | demonym = [[फ्रांस]] }} [[File:Pavillon royal de France.svg|thumb|फ्रांस का वैकल्पिक शाही मानक (1814–1830)]] दूसरी '''बर्बन पुनर्स्थापना''' वह अवधि थी जब [[प्रथम फ्रांसीसी साम्राज्य]] के पतन के बाद बर्बन राजवंश फिर से सत्ता में आया। यह अवधि 1815 से लेकर 26 जुलाई 1830 की जुलाई क्रांति तक चली। इस दौरान [[लुई अट्ठारहवाँ]] और चार्ल्स दसवां, जो मृत्युदंड प्राप्त राजा [[लुई सोलहवाँ|लुई सोलहवें]] के भाई और प्रताड़ित राजा लुई सत्रहवें के चाचा थे, क्रमिक रूप से सिंहासन पर बैठे और एक रूढ़िवादी सरकार स्थापित की जिसका उद्देश्य अन्सियन रेजीम (Ancien Régime) की गरिमा को पुनर्स्थापित करना था, भले ही सभी संस्थाओं को नहीं। निर्वासन में गए राजशाही के समर्थक फ्रांस लौट आए लेकिन [[फ्रांसीसी क्रांति]] द्वारा किए गए अधिकांश परिवर्तनों को पलटने में असमर्थ रहे। दशकों के युद्ध से थके हुए राष्ट्र ने आंतरिक और बाहरी शांति, स्थिर आर्थिक समृद्धि और औद्योगिकीकरण की प्रारंभिक स्थितियों का अनुभव किया।{{Sfn|Sauvigny|1966}} ==पृष्ठभूमि== [[फ्रांसीसी क्रांति]] (1789–1799) के बाद, [[नेपोलियन बोनापार्ट]] फ्रांस के शासक बने। अपने फ्रांसीसी साम्राज्य के विस्तार के वर्षों बाद, लगातार सैन्य विजय के माध्यम से, यूरोपीय शक्तियों के एक गठबंधन ने उन्हें छठे गठबंधन के युद्ध में पराजित किया, 1814 में [[प्रथम साम्राज्य]] का अंत किया, और [[लुई सोलहवाँ|सोलहवें लुई]] के भाइयों को राजतंत्र बहाल कर दिया। पहली बर्बन पुनर्स्थापना लगभग 6 अप्रैल 1814 से शुरू हुई। जुलाई 1815 में, प्रथम फ्रांसीसी साम्राज्य के स्थान पर फ्रांस का साम्राज्य स्थापित हुआ। यह साम्राज्य 1830 की जुलाई क्रांति के जनविद्रोह तक अस्तित्व में रहा। [[वियना कांग्रेस|वियना की शांति कांग्रेस]] में, विजयी राजतंत्रों द्वारा बर्बनों के साथ शालीनता से व्यवहार किया गया, लेकिन उन्हें 1789 के बाद क्रांतिकारी और नेपोलियनिक फ्रांस द्वारा की गई लगभग सभी क्षेत्रीय जीत को छोड़ना पड़ा। ==संवैधानिक राजतंत्र== अवधारणवादी प्राचीन शासन के विपरीत, पुनर्स्थापना बर्बन शासन एक संवैधानिक राजतंत्र था, जिसमें इसकी शक्ति पर कुछ सीमाएँ थीं। नए राजा, लुई अट्ठारहवां, ने 1792 से 1814 के बीच लागू किए गए अधिकांश सुधारों को स्वीकार कर लिया। निरंतरता उनकी मूल नीति थी। उन्होंने शाही निर्वासितों से ली गई जमीन और संपत्ति को पुनः प्राप्त करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने ऑस्ट्रियाई प्रभाव की सीमा जैसे नेपोलियन की विदेश नीति के मुख्य उद्देश्यों को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा। स्पेन और ओटोमन साम्राज्य के संबंध में उन्होंने नेपोलियन की नीतियों को उलट दिया, उन मित्रताओं को बहाल किया जो 1792 तक प्रचलित थीं।<ref>{{Cite journal |first=John W. Jr. |last=Rooney |first2=Alan J. |last2=Reinerman |title=Continuity: French Foreign Policy Of The First Restoration |journal=Consortium on Revolutionary Europe 1750–1850: Proceedings |date=1986 |volume=16 |pp=275–288}}</ref> राजनीतिक रूप से, इस अवधि को एक तीव्र रूढ़िवादी प्रतिक्रिया और इसके परिणामस्वरूप मामूली लेकिन लगातार नागरिक अशांति और गड़बड़ी की विशेषता थी।{{Sfn|Davies|2002|pp=47–54}} अन्यथा, राजनीतिक स्थापना अपेक्षाकृत स्थिर थी जब तक कि बाद में चार्ल्स दसवां का शासन नहीं आया।{{Sfn|Sauvigny|1966}} इस दौरान कैथोलिक चर्च को फ्रांसीसी राजनीति में एक प्रमुख शक्ति के रूप में पुनः स्थापित होते देखा गया।{{Sfn|Furet|1995|p=296}} बर्बन पुनर्स्थापना के दौरान, फ्रांस ने स्थिर आर्थिक समृद्धि और औद्योगिकीकरण की प्रारंभिक अवस्थाओं का अनुभव किया।{{Sfn|Sauvigny|1966}} ==फ्रांसीसी समाज में स्थायी परिवर्तन== [[फ़्रान्सीसी क्रान्ति]] और [[नेपोलियन (बहुविकल्पी)|नेपोलियन]] के युग ने फ्रांस में कई महत्वपूर्ण बदलाव लाए, जिन्हें बर्बन पुनर्स्थापना ने उलट नहीं दिया।{{Sfn|Wolf|1962|pp=4–27}}<ref>{{Cite book |last=McPhee |first=Peter |title=A Social History of France 1780–1880 |url=https://archive.org/details/socialhistoryoff0000mcph |date=1992 |isbn=0-4150-1616-9 |pages=[https://archive.org/details/socialhistoryoff0000mcph/page/93 93]–173 |ol=15032217M |author-link=Peter McPhee (academic)}}</ref><ref>{{Cite book |first=Christophe |last=Charle |title=A Social History of France in the 19th Century |date=1994 |pp=7–27 |isbn=978-0-8549-6913-5 |ol=1107847M}}</ref> '''प्रशासन:''' सबसे पहले, फ्रांस अब अत्यधिक केंद्रीकृत था, जिसमें सभी महत्वपूर्ण निर्णय पेरिस में किए जाते थे। राजनीतिक भूगोल को पूरी तरह से पुनर्गठित और एकरूप बनाया गया, जिससे राष्ट्र को 80 से अधिक विभागों (départements) में विभाजित कर दिया गया, जो 21वीं सदी तक बने रहे। प्रत्येक विभाग में एक समान प्रशासनिक संरचना थी, और पेरिस द्वारा नियुक्त एक प्रीफेक्ट द्वारा उन्हें सख्ती से नियंत्रित किया जाता था। पुराने शासन की ओवरलैपिंग कानूनी क्षेत्रों को समाप्त कर दिया गया था, और अब एक मानकीकृत कानूनी कोड था, जिसे पेरिस द्वारा नियुक्त न्यायाधीशों द्वारा प्रशासित किया जाता था, और राष्ट्रीय नियंत्रण के तहत पुलिस द्वारा समर्थित किया जाता था। '''चर्च:''' क्रांतिकारी सरकारों ने कैथोलिक चर्च की सभी भूमि और इमारतों को जब्त कर लिया था और उन्हें अनगिनत मध्यम वर्गीय खरीदारों को बेच दिया था, जिन्हें वापस करना राजनीतिक रूप से असंभव था। बिशप अभी भी अपने डायोसी का शासन करते थे (जो नए विभागीय सीमाओं के साथ संरेखित थे) और पेरिस में सरकार के माध्यम से पोप के साथ संवाद करते थे। बिशप, पादरी, नन और अन्य धार्मिक व्यक्तियों को राज्य के वेतन का भुगतान किया जाता था। सभी पुराने धार्मिक अनुष्ठान और समारोह बनाए रखे गए थे, और सरकार ने धार्मिक इमारतों को बनाए रखा। चर्च को अपने स्वयं के सेमिनरी और कुछ हद तक स्थानीय स्कूलों को संचालित करने की अनुमति दी गई थी, हालांकि यह 20वीं सदी में एक केंद्रीय राजनीतिक मुद्दा बन गया। बिशप पहले की तुलना में बहुत कम शक्तिशाली थे और उनकी कोई राजनीतिक आवाज नहीं थी। हालांकि, कैथोलिक चर्च ने व्यक्तिगत भक्ति पर नए जोर के साथ खुद को पुनः आविष्कृत किया, जिसने विश्वासियों की मनोविज्ञान पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।<ref>{{Cite book |last=McMillan |first=James F. |title=The Cambridge History of Christianity |date=2014 |editor-last=Gilley |editor-first=Sheridan |editor-link=Sheridan Gilley |volume=8 |page=217–232 |chapter=Catholic Christianity in France from the Restoration to the separation of church and state, 1815–1905 |author-link=James Francis McMillan |editor-last2=Stanley |editor-first2=Brian |editor-link2=Brian Stanley (historian)}}</ref> '''शिक्षा:''' सार्वजनिक शिक्षा केंद्रीकृत थी, जहां फ्रांस के विश्वविद्यालय के ग्रैंड मास्टर ने पेरिस से राष्ट्रीय शैक्षिक प्रणाली के प्रत्येक तत्व को नियंत्रित किया। नए तकनीकी विश्वविद्यालय पेरिस में खोले गए, जो आज भी अभिजात वर्ग की प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।<ref>{{Cite book |first=H.C. |last=Barnard |page=[https://books.google.com/books?id=jfI8AAAAIAAJ&pg=PA223 223]|title=Education and French Revolution |publisher=Cambridge University press |year=1969 |isbn=0-5210-7256-5 |ol= OL21492257M}}</ref> '''उच्च वर्ग:''' 1796 के बाद नेपोलियन के तहत उत्पन्न होने वाले नए अभिजात वर्ग और वापसी वाली पुरानी उच्च वर्ग के बीच काफी विवाद था। पुरानी उच्च वर्ग अपनी ज़मीन वापस पाने के लिए उत्सुक थी, लेकिन नए शासन के प्रति कोई भी निष्ठा महसूस नहीं करती थी। "नोब्लेस डी'एम्पायर" जैसे नए उच्च वर्ग ने पुराने समूह को एक विकृत शासन के पुराने शिशित की दुर्लभ संख्या के रूप में व्यंग्य किया, जो राष्ट्र को आपदा में ले जाने वाले विफल राजनीतिक शासन की बची हुई यादों के रूप में था। दोनों समूह सामाजिक अराजकता का भय साझा करते थे, लेकिन संवाद की संभावना के लिए अनुशासन में भ्रम और सांस्कृतिक भिन्नताओं का स्तर बहुत अधिक था, और राजवंश अपनी नीतियों में बहुत अनियमित था।<ref>{{Cite journal |first=Gordon K. |last=Anderson |title=Old Nobles and Noblesse d'Empire, 1814–1830: In Search of a Conservative Interest in Post-Revolutionary France |journal=French History |volume=8 |issue=2 |date=1994 |pp=149-166}}</ref> पुरानी श्रेणी की वापसी ने उन्हें वह सम्पत्ति फिर से प्राप्त करने का अवसर दिया जो उन्होंने सीधे स्वामित्व में रखी थी। हालांकि, उन्होंने शेष खेती भूमि पर अपना पूर्व-क्रांतिकारी अधिकार खो दिया, और किसान अब उनके नियंत्रण में नहीं थे। क्रांति से पूर्व की श्रेणी ने प्रकाशनी और तर्कशीलता के विचारों में रुचि दिखाई थी। अब, श्रेणी अधिक संवेदनशील और कैथोलिक चर्चा के समर्थक बन गई थी। श्रेष्ठ नौकरियों के लिए, प्रतिष्ठावादी प्रणाली नया नीति बन गई थी, और श्रेणी व्यापार और पेशेवर श्रेणी के बढ़ते समूह के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा करने में मजबूर थे। '''नागरिकों के अधिकार:''' सार्वजनिक धार्मिक भावना अब इतनी मजबूत थी कि इसे अधिकांश बीच वर्ग और किसानों में भी देखा जा सकता था। फ्रांस की अधिकांश जनता गाँवों में किसान थे या शहरों में गरीब श्रमिक थे। उन्हें नए अधिकार मिले और नई संभावनाओं का एहसास हुआ। पुराने बोझ, नियंत्रण और करों से छूट मिलने के बावजूद, किसानों का सामाजिक और आर्थिक व्यवहार अभी भी अत्यधिक पारंपरिक था। बहुत से किसान अपने बच्चों के लिए ज्यादा से ज्यादा भूमि खरीदने के लिए ऋण लेने में उत्सुक थे, तो उनके लिए ऋण महत्वपूर्ण था। शहरों में श्रमिक वर्ग एक छोटा तत्व था, और उन्हें मध्यकालीन शिल्पकला संघों द्वारा लगाई गई अनेक प्रतिबंधों से मुक्ति मिली थी। हालांकि, फ्रांस की औद्योगिकरण में बहुत धीमी रही और बहुत काम मेहनत बिना मशीनों या प्रौद्योगिकी के रह गया। फ्रांस अब भी भाषा के मामले में स्थानीयताओं में विभाजित था, लेकिन अब एक उभरती हुई फ्रांसीसी राष्ट्रवाद था जिसने सेना और विदेशी मामलों में राष्ट्रीय गर्व को केंद्र में रखा।{{Sfn|Wolf|1962|pp=9, 19–21}} ==राजनीतिक अवलोकन== [[File:Armies of allies entering Paris March 19, 1814 - F.de Maleque (1815).jpg|thumb|1814 में प्लेस डे ला कॉनकॉर्ड पर परेड करती हुई मित्र राष्ट्रों की सेनाएँ]] अप्रैल 1814 में, छठे गठबंधन की सेनाओं ने फ्रांस के [[लुई अट्ठारहवाँ]] को सिंहासन पर बहाल किया, जो मृत्युदंड प्राप्त [[लुई सोलहवाँ]] के भाई और उत्तराधिकारी थे। एक संविधान का मसौदा तैयार किया गया: [[1814 का घोषणा पत्र]]। इसने सभी फ्रांसीसियों को कानून के समक्ष समान प्रस्तुत किया,<ref>The Charter of 1814, Public Law of the French: Article 1</ref> लेकिन राजा और अभिजात वर्ग के लिए पर्याप्त विशेषाधिकार बनाए रखे और मतदान को उन लोगों तक सीमित कर दिया जो प्रत्यक्ष करों में कम से कम 300 फ्रैंक प्रति वर्ष का भुगतान करते थे। राजा राज्य का सर्वोच्च प्रमुख था। वह [[थलसेना]] और [[नौसेना]] बलों का नेतृत्व करता था, युद्ध की घोषणा करता था, शांति, संधि, गठबंधन और वाणिज्यिक समझौते करता था, सभी सार्वजनिक अधिकारियों की नियुक्ति करता था, और कानूनों के क्रियान्वयन और राज्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक नियम और अध्यादेश बनाता था।<ref>The Charter of 1814, Form of the Government of the King: Article 14</ref> लुई अपेक्षाकृत उदार थे और उन्होंने कई मध्यपंथी मंत्रिमंडलों को चुना।{{sfn|Price|2008|p=93}} लुई अट्ठारहवाँ की सितंबर 1824 में मृत्यु हो गई और उनके भाई ने चार्ल्स दसवां के रूप में शासन संभाला। नए राजा ने लुई की तुलना में अधिक रूढ़िवादी शासन का अनुसरण किया। उनके अधिक प्रतिक्रियावादी कानूनों में एंटी-सेक्रिलेज एक्ट (1825–1830) शामिल था। जनता के विरोध और अनादर से नाराज होकर, राजा और उनके मंत्रियों ने जुलाई अध्यादेशों के माध्यम से 1830 के आम चुनाव में हेरफेर करने का प्रयास किया। इससे पेरिस की सड़कों पर एक क्रांति भड़क उठी, चार्ल्स ने सिंहासन छोड़ दिया, और 9 अगस्त 1830 को [[निर्देशक सभा]] ने [[लुई फिलिप प्रथम|लुई फिलिप]] डी'ऑरलियन्स को फ्रांस का राजा घोषित किया, जिससे जुलाई राजशाही की शुरुआत हुई। ==लुई अट्ठारहवाँ, 1814–1824== [[File:Louis XVIII relevant la France.jpg|thumb|लुई-फिलिप क्रेपिन द्वारा "बुर्बन परिवार की वापसी की उपमा, 24 अप्रैल 1814: [[लुई अट्ठारहवाँ]] द्वारा फ्रांस को उसके खंडहरों से उठाना"।]] [[File:Réception de Louis XVIII à l'Hôtel de Ville, 29 août 1814.jpg|thumb|[[लुई अट्ठारहवाँ]] का 29 अगस्त, 1814 को पेरिस के होटल डी विले में वापसी करना।]] ==={{anchor|प्रथम पुनर्स्थापना}}प्रथम पुनर्स्थापना (1814)=== {{See also|प्रथम पुनर्स्थापना|लुई अट्ठारहवाँ#बर्बन पुनर्स्थापना}} लुई अठारहवें की 1814 में सिंहासन पुनर्स्थापना मुख्य रूप से नेपोलियन के पूर्व विदेश मंत्री टैलीरैंड के समर्थन से हुई थी, जिन्होंने विजयी बंदूकबाजी की शक्तियों को बुर्बन पुनर्स्थापना की इच्छाशीलता पर विश्वास प्राप्त कराया।{{sfn|Tombs|1996|p=329}} पहले से ही सेना उम्मीदवारों पर विभाजित थी: ब्रिटेन बुर्बनों की पक्षपात करती थी, ऑस्ट्रियाई नेपोलियन के पुत्र फ्रांस्वा बोनापार्ट के लिए एक समर्थन पर विचार करती थी, और रूसी या तो ड्यूक डी ऑर्लियंस, लुई फिलिप, या फिर जीन-बाप्तिस्ट बर्नाडॉट, नेपोलियन के पूर्व मार्शल, जो स्वीडनी सिंहासन के अनुमानित उत्तराधिकारी थे, के लिए खुले थे। फरवरी 1814 में नेपोलियन को सिंहासन बरकरार किया गया था, यहां तक कि फ्रांस अपने 1792 के सीमाओं में वापस आ जाए, लेकिन उन्होंने इसे इनकार कर दिया।{{sfn|Tombs|1996|p=329}} पुनर्स्थापना की संभावना संदेहास्पद थी, लेकिन एक युद्ध-थका फ्रांसीसी जनता के लिए शांति की आकर्षण, और पेरिस, बोर्डो, मार्सिल्स, और ल्यों में बुर्बनों के समर्थन के प्रदर्शन ने संघर्ष कर दिया।{{sfn|Tombs|1996|pp=330–331}} लुई ने, सेंट-ऊएन की घोषणा के अनुसार,{{sfn|Furet|1995|p=271}} एक लिखित संविधान दिया, [[1814 का घोषणा पत्र]], जिसमें एक द्विसदलीय संसद की गारंटी थी, इसमें एक वंशावली/नियुक्तियुक्त सभा (चैम्बर ऑफ़ पीअर्स) और एक निर्वाचित सभा (चैम्बर ऑफ़ डेप्यूटीज) थीं - उनकी भूमिका परामर्शात्मक थी (कर वित्त को छोड़कर), क्योंकि केवल राजा को कानून प्रस्ताव या स्वीकृति देने, और मंत्रियों की नियुक्ति या पुनर्वापसी की शक्ति थी।{{sfn|Furet|1995|p=272}} मताधिकार विशाल संपत्ति धारक पुरुषों तक सीमित था, और केवल 1% लोग मतदान कर सकते थे।{{sfn|Furet|1995|p=272}} क्रांतिकालीन अवधि के कई कानूनी, प्रशासनिक, और आर्थिक सुधार बरकरार रहे; नापोलियनिक कोड,{{sfn|Furet|1995|p=272}} जिसने कानूनी समानता और नागरिक स्वतंत्रताओं की गारंटी दी, किसानों के बियाँ नेशनॉल्स, और देश को विभाजित करने की नई प्रणाली को नए राजा ने नहीं वापस लिया। गिरजाघर और राज्य के बीच संबंध 1801 के समझौते द्वारा विनियमित रहे। हालांकि, इस बात के बावजूद कि चार्टर पुनर्स्थापना की एक शर्त थी, प्रस्तावना ने इसे "स्वतंत्र राजस्व द्वारा" दिया गया "समर्पण और अनुदान" घोषित किया।{{sfn|Tombs|1996|p=332}} प्रारंभिक लोकप्रियता के बाद, फ्रांसीसी क्रांति के परिणामों को पलटने की लुई की कोशिशों ने उन्हें बहुसंख्यक जनता का समर्थन खो दिया। प्रतीकात्मक कार्य जैसे कि त्रिकोणीय ध्वज की जगह सफेद ध्वज का उपयोग, लुई को "अठारहवें" (लुई सत्रहवें के उत्तराधिकारी के रूप में, जिन्होंने कभी शासन नहीं किया) और "फ्रांस के राजा" के बजाय "फ्रांसीसियों के राजा" के रूप में संबोधित करना, और लुई सोलहवें और मैरी एंटोनेट की मृत्यु की वर्षगांठ को मान्यता देना महत्वपूर्ण थे। एक और ठोस विरोध का स्रोत कैथोलिक चर्च द्वारा बियंस नेशनल्स (क्रांति द्वारा जब्त की गई भूमि) के धारकों पर डाला गया दबाव और लौटने वाले प्रवासियों के अपने पूर्व भूमि को पुनः प्राप्त करने के प्रयास थे।{{sfn|Tombs|1996|pp=332–333}} लुई के प्रति नाराजगी रखने वाले अन्य समूहों में सेना, गैर-कैथोलिक, और युद्ध के बाद की मंदी और ब्रिटिश आयातों से प्रभावित श्रमिक शामिल थे।{{sfn|Tombs|1996|p=333}} ===सौ दिन=== {{Main|सौ दिन}} नेपोलियन के दूतों ने उन्हें इस उभरते असंतोष की जानकारी दी,{{sfn|Tombs|1996|p=333}} और 20 मार्च 1815 को वे एल्बा से पेरिस लौट आए। अपने मार्ग नेपोलियन पर, उन्हें रोकने के लिए भेजी गई अधिकांश सेनाएँ, जिनमें कुछ नाममात्र की राजशाही समर्थक भी थीं, पूर्व सम्राट में शामिल होने के लिए अधिक इच्छुक थीं बजाय उन्हें रोकने के।<ref>{{harvnb|Ingram|1998|p=43}}</ref> लुई 19 मार्च को पेरिस से गेन्ट भाग गए।{{sfn|Tombs|1996|p=334}}{{sfn|Furet|1995|p=278}} नेपोलियन को वाटरलू की लड़ाई में हराए जाने और पुनः निर्वासन में भेजे जाने के बाद, लुई वापस लौटे। उनकी अनुपस्थिति के दौरान पारंपरिक रूप से राजशाही समर्थक वांदे में एक छोटे विद्रोह को दबा दिया गया, लेकिन इसके अलावा पुनर्स्थापना के पक्ष में कुछ ही विद्रोही कार्य हुए, भले ही नेपोलियन की लोकप्रियता कम होने लगी थी।{{sfn|Alexander|2003|pp=32, 33}} ===दूसरी पुनर्स्थापना (1815)=== [[File:Louis XVIII - Memoire au roi concernant les adhérents de la maison de Bonaparte dans le service du roi - 1815.jpg|thumb|left|[[लुई अट्ठारहवाँ]], जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अपनी राजसी सेवाओं में बोनापार्टे के किसी भी सदस्य को शामिल करने का इरादा है, तो 18 जुलाई 1815 को उन्होंने उत्तर दिया, "मैं किसी को नहीं लूंगा।"]] टैलीरैंड और जोसेफ फूशे, जो सौ दिनों के दौरान नेपोलियन के पुलिस मंत्री थे,{{sfn|Tombs|1996|p=335}}{{sfn|Furet|1995|p=279}} ने बुर्बनों को सत्ता में बहाल करने में फिर से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस द्वितीय पुनर्स्थापना के दौरान दक्षिण में द्वितीय श्वेत आतंक की शुरुआत हुई, जब राजशाही का समर्थन करने वाले अनौपचारिक समूहों ने नेपोलियन की वापसी में मदद करने वालों से बदला लेने का प्रयास किया: लगभग 200-300 लोग मारे गए, जबकि हजारों लोग भाग गए। लगभग 70,000 सरकारी अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया। प्रो-बुर्बन अपराधियों को अक्सर उनके हरे रंग के कॉकैड्स के कारण वर्डेट्स कहा जाता था, जो उस समय चार्ल्स दसवां के शीर्षक कॉम्ट डी आर्टोइस के रंग से जुड़े थे, जो कट्टरपंथी अल्ट्रा-रॉयलिस्टों से संबंधित थे। एक अवधि के बाद, जब स्थानीय अधिकारी हिंसा को असहाय रूप से देखते रहे, राजा और उनके मंत्रियों ने व्यवस्था बहाल करने के लिए अधिकारियों को भेजा।{{sfn|Tombs|1996|p=336}} [[File:Talleyrand floatingwiththetide0001.jpg|thumb|upright|चार्ल्स मोरिस डे तालेरांड-पेरिगॉर्ड जिन्होंने कई शासनकालों के तहत सेवा की, "तरंग के साथ तैरते हुए" चित्रित किया गया है। उनके बाएं जूते की ऊंची एढ़ी पर ध्यान दिया गया है, जो उनकी लंगड़ात और शैतान के हुकूमती हाथी को संकेत करती है।]] 20 नवंबर 1815 को एक नया पेरिस संधि पर हस्ताक्षर किए गए, जो 1814 की संधि से अधिक दंडात्मक शर्तों वाली थी। फ्रांस को 700 मिलियन फ्रैंक का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया, और देश की सीमाओं को 1792 के बजाय 1790 के स्तर पर घटा दिया गया। 1818 तक, फ्रांस पर 1.2 मिलियन विदेशी सैनिकों का कब्जा था, जिनमें लगभग 200,000 सैनिक ड्यूक ऑफ वेलिंगटन के अधीन थे, और फ्रांस को उनकी आवास और राशन के खर्चों का भुगतान करना पड़ा, इसके अलावा पुनर्स्थापनाओं की लागत भी थी।{{sfn|Tombs|1996|p=337}}{{sfn|EM staff|1918|p=161}} 1814 में प्रमुखता से वादे किए गए कर कटौती इन भुगतानों के कारण अव्यवहारिक हो गए। इसके परिणामस्वरूप, और व्हाइट टेरर के चलते, लुई को एक गंभीर विपक्ष का सामना करना पड़ा।{{sfn|Tombs|1996|p=337}} [[File:Élie, comte Decazes.jpg|thumb|left|upright|Élie, पहले काउंट डेकाज़, सैंट-ओयेन के घोषणा के अनुसार राज्य की शासन की, शांति और सुरक्षा के लिए आवश्यक नियम और आदेश जारी कर सकते थे।]] लुई के मुख्य मंत्री शुरुआत में मध्यम विचारधारा के थे,{{sfn|Bury|2003|p=19}} जिनमें टैलीरैंड, ड्यूक डी रिशेलिये, और एली, ड्यूक डेकाज़ शामिल थे; लुई ने स्वयं एक सतर्क नीति का पालन किया।{{sfn|Furet|1995|p=281}} 1815 में निर्वाचित चैंबर इंट्रोवेबल, जिसे लुई ने "अप्राप्य" का उपनाम दिया था, एक भारी अल्ट्रा-रॉयलिस्ट बहुमत से प्रभावित थी जो तेजी से "राजा से अधिक राजभक्त" होने की प्रतिष्ठा प्राप्त कर गई। विधायिका ने टैलीरैंड-फूशे सरकार को बर्खास्त कर दिया और श्वेत आतंक को वैध बनाने की मांग की, राज्य के दुश्मनों के खिलाफ निर्णय पारित किया, 50,000-80,000 सिविल सेवकों को निकाल दिया, और 15,000 सेना अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया।{{sfn|Tombs|1996|p=337}} रिशेलिये, एक प्रवासी जो अक्टूबर 1789 में फ्रांस छोड़ चुके थे और जिनका "नए फ्रांस से कोई लेना-देना नहीं था,"{{sfn|Furet|1995|p=281}} को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। इस बीच, चैंबर इंट्रोवेबल ने राजशाही और चर्च की स्थिति को आक्रामक रूप से बनाए रखा और ऐतिहासिक राजशाही हस्तियों के लिए अधिक स्मरणोत्सव की मांग की।{{efn|{{harvnb|Furet|1995|p=282}}}} संसदीय कार्यकाल के दौरान, अल्ट्रा-रॉयलिस्टों ने अपनी राजनीति को राज्य समारोह के साथ मिलाना शुरू कर दिया, जिससे लुई को निराशा हुई।{{sfn|Alexander|2003|pp=37, 38}} शायद सबसे मध्यम मंत्री, डेकाज़ ने जुलाई 1816 में मिलिशिया द्वारा राजनीतिक प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाकर नेशनल गार्ड के राजनीतिकरण को रोकने की कोशिश की (कई वर्डेट्स को इसमें शामिल किया गया था)।{{sfn|Alexander|2003|p=39}} राजा की सरकार और अल्ट्रा-रॉयलिस्ट चैंबर ऑफ डिपुटीज के बीच तनाव के कारण, चैंबर ने अपने अधिकारों का दावा करना शुरू कर दिया। 1816 के बजट को बाधित करने के प्रयास के बाद, सरकार ने स्वीकार किया कि चैंबर को राज्य खर्च को मंजूरी देने का अधिकार है। हालांकि, वे राजा से इस बात की गारंटी हासिल करने में असमर्थ रहे कि उनके मंत्रिमंडल संसद में बहुमत का प्रतिनिधित्व करेंगे।{{sfn|Alexander|2003|p=36}} सितंबर 1816 में, लुई ने चैंबर को उसके प्रतिक्रियावादी उपायों के कारण भंग कर दिया, और चुनावी हेरफेर के परिणामस्वरूप 1816 में एक अधिक उदार चैंबर बना। रिशेलिये ने 29 दिसंबर 1818 तक सेवा की, उसके बाद 19 नवंबर 1819 तक जीन-जोसेफ, मार्क्विस डेसोल्स, और फिर 20 फरवरी 1820 तक डेकाज़ (वास्तव में 1818 से 1820 तक प्रमुख मंत्री) रहे।{{sfn|Tombs|1996|p=338}}{{sfn|Furet|1995|p=289}} यह वह युग था जिसमें डॉक्ट्रिनेयर्स ने नीति पर प्रभुत्व रखा, जो राजशाही को फ्रांसीसी क्रांति और शक्ति को स्वतंत्रता के साथ मिलाने की उम्मीद कर रहे थे। अगले वर्ष, सरकार ने चुनावी कानूनों में बदलाव किया, जेरिमैंडरिंग का सहारा लिया, और कुछ धनी व्यापार और उद्योगपतियों को वोट देने की अनुमति देने के लिए मताधिकार को संशोधित किया,{{sfn|Furet|1995|pp=289, 290}} ताकि भविष्य के चुनावों में अल्ट्रास को बहुमत जीतने से रोका जा सके। प्रेस सेंसरशिप को स्पष्ट और शिथिल किया गया, सैन्य पदानुक्रम में कुछ पदों को प्रतिस्पर्धा के लिए खोल दिया गया, और आपसी स्कूल स्थापित किए गए जो सार्वजनिक प्राथमिक शिक्षा पर कैथोलिक एकाधिकार का अतिक्रमण करते थे।{{sfn|Furet|1995|p=290}}{{sfn|Alexander|2003|p=99}} डेकाज़ ने कई अल्ट्रा-रॉयलिस्ट प्रीफेक्ट्स और सब-प्रीफेक्ट्स को शुद्ध किया, और उप-चुनावों में असामान्य रूप से उच्च संख्या में बोनापार्टिस्ट और गणतंत्रवादी चुने गए, जिनमें से कुछ को रणनीतिक मतदान का सहारा लेने वाले अल्ट्रास का समर्थन प्राप्त था।{{sfn|Tombs|1996|p=338}} अल्ट्रास ने सिविल सेवा रोजगार या प्रमोशन को डिपुटियों को देने के अभ्यास की कड़ी आलोचना की, क्योंकि सरकार ने अपनी स्थिति मजबूत करना जारी रखा।{{sfn|Alexander|2003|p=81}} 1820 तक, विपक्षी उदारवादी—जो अल्ट्रास के साथ मिलकर आधी चैंबर बनाते थे—अप्रबंधनीय साबित हुए, और डेकाज़ और राजा फिर से चुनावी कानूनों को संशोधित करने के तरीकों की तलाश कर रहे थे, ताकि एक अधिक अनुकूल रूढ़िवादी बहुमत सुनिश्चित किया जा सके। फरवरी 1820 में, एक बोनापार्टिस्ट द्वारा ड्यूक डे बेरी की हत्या—जो लुई के अल्ट्रारेएक्शनरी भाई और उत्तराधिकारी, भविष्य के चार्ल्स दसवें के अल्ट्रारेएक्शनरी बेटे थे—ने डेकाज़ के सत्ता से पतन और अल्ट्रास की जीत को प्रेरित किया।{{sfn|Tombs|1996|p=339}} [[File:François-René de Chateaubriand by Anne-Louis Girodet de Roucy Trioson.jpg|thumb|upright|फ्रांस्वा-रेने डे शातोब्रियां, एक रोमांटिक लेखक थे जो चैंबर ऑफ पीयर्स में बैठे थे।]] रिशेलिये 1820 से 1821 तक एक छोटे अंतराल के लिए सत्ता में लौटे। प्रेस पर अधिक कड़ी सेंसरशिप लागू की गई, बिना मुकदमे के हिरासत फिर से शुरू की गई, और डॉक्ट्रिनियर नेताओं जैसे फ्रांस्वा गिज़ो को एकोल नॉर्मल सुपीरियर में पढ़ाने से प्रतिबंधित कर दिया गया।{{sfn|Tombs|1996|p=339}}{{sfn|Furet|1995|p=291}} रिशेलिये के तहत, मताधिकार को बदलकर सबसे धनी मतदाताओं को डबल वोट देने के लिए संशोधित किया गया, जो नवंबर 1820 के चुनाव के समय लागू हुआ।{{sfn|Tombs|1996|p=340}}{{sfn|Furet|1995|p=295}} एक शानदार जीत के बाद, एक नई अल्ट्रा मंत्रालय का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व जीन-बाप्तिस्ट डे विलेल, एक प्रमुख अल्ट्रा, ने किया, जिन्होंने छह वर्षों तक सेवा की। [[File:Cruikshank - Old Bumblehead.png|thumb|लुई के स्पेनिश अभियान की तैयारी का एक कैरिकेचर, जॉर्ज क्रूकशैंक द्वारा।]] {{Anchor|Spanish Intervention of 1823}}<!-- This anchor is a target of links. Please do not remove it. --> अल्ट्रा अनुकूल परिस्थितियों में सत्ता में वापस आए: बेरी की पत्नी, डचेस डी बेरी, ने अपने पति की मृत्यु के सात महीने बाद एक "चमत्कारी बच्चे" हेनरी को जन्म दिया; 1821 में नेपोलियन की सेंट हेलेना में मृत्यु हो गई, और उनका बेटा, ड्यूक डी रीश्टाट, ऑस्ट्रियाई हाथों में कैद रहा। साहित्यिक हस्तियाँ, विशेष रूप से चैटोब्रिआँ, लेकिन साथ ही ह्यूगो, लामार्टिन, विग्नी, और नोडिए, अल्ट्रास के कारण के प्रति सहानुभूति रखती थीं। हालांकि, ह्यूगो और लामार्टिन बाद में गणतंत्रवादी बन गए, जबकि नोडिए पहले से ही थे। जल्द ही, हालांकि, विलेल ने खुद को अपने मास्टर जितना ही सतर्क साबित किया, और जब तक लुई जीवित थे, अत्यधिक प्रतिक्रियावादी नीतियों को न्यूनतम रखा गया। अल्ट्रा पक्ष ने अपनी समर्थन बढ़ाई और 1823 में स्पेन में सेना की असहमति को रोक लिया, जब वे स्पेन के बौर्बन राजा फर्डिनांड सातवें के पक्ष में हस्तक्षेप किया, जबकि लिबरल स्पेन सरकार के खिलाफ, जनता में देशभक्ति का उत्तेजन हुआ। ब्रिटिश सेना द्वारा सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने के बावजूद, इसे व्यापक रूप से उसे स्पेन में प्रभाव वापस लाने की कोशिश माना गया, जो नेपोलियन के दौरान ब्रिटिश से खो गया था। फ्रांसीसी द्वीपीय सेना, जिसे सेंट लुई के एक लाख पुत्रों के नाम से जाना जाता था, को ड्यूक डी एंगुलेम द्वारा नेतृत्तित किया गया था, जो चार्ल्स दसवें के बेटे थे। फ्रांसीसी सैन्य मद्रिद और फिर कैडिज़ तक चले गए, लिबरलों को कम संघर्ष के साथ हटा दिया (अप्रैल से सितंबर 1823 तक), और पांच वर्षों तक स्पेन में रुके रहे। वोटिंग धनी लोगों के बीच अल्ट्रा के समर्थन को 1816 की सभा की तरह विशेषाधिकार वितरण से और चार्बोनेरी, जो कार्बोनारी के फ्रांसीसी संवर्धन के लिए समान है, के बारे में चिंता के कारण मजबूत किया गया। 1824 के चुनाव में अल्ट्रा के लिए एक और महत्वपूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ।<ref>{{harvnb|Tombs|1996|pp=340–341}}; {{harvnb|Crawley|1969|p=681}}</ref> लुई अठारहवें का 16 सितंबर 1824 को निधन हो गया और उनके भाई, कॉम्ट डी आर्टोइस, ने चार्ल्स दसवें के नाम से सिंहासन ग्रहण किया। ==चार्ल्स दसवें== [[File:Sir Thomas Lawrence (1769-1830) - Charles X (1757-1836), King of France - RCIN 405138 - Royal Collection.jpg|thumb|"चार्ल्स दसवें का चित्र" थॉमस लॉरेंस द्वारा, 1825।]] ===1824-1830: रूढ़िवादी मोड़=== चार्ल्स दसवें का सिंहासन पर आरोहण, जो अल्ट्रा-रॉयलिस्ट गुट के नेता थे, प्रतिनिधि सभा में अल्ट्राओं के सत्ता नियंत्रण के साथ मेल खाता था; इस प्रकार, काउंट डी विलेल का मंत्रालय जारी रह सका। लुई द्वारा अल्ट्रा-रॉयलिस्टों पर लगाई गई रोक हटा दी गई। जैसे ही देश क्रांति के बाद के वर्षों में एक ईसाई पुनरुत्थान के दौर से गुजरा, अल्ट्रा-रॉयलिस्टों ने पुनः रोमन कैथोलिक चर्च की स्थिति को ऊंचा करने के लिए काम किया। 11 जून 1817 को चर्च और राज्य के बीच हुआ कॉनकॉर्डेट, जो 1801 के कॉनकॉर्डेट को प्रतिस्थापित करने के लिए निर्धारित था, हस्ताक्षर होने के बावजूद कभी मान्यता प्राप्त नहीं कर सका। ''[[:fr:Chevaliers de la Foi|चवालियर्स डे ला फोई]]'' (विश्वास के शूरवीरों) के दबाव में, जिसमें कई उप सभासद शामिल थे, विलेल सरकार ने जनवरी 1825 में एंटी-सैक्रिलेज एक्ट पारित किया, जिसने पवित्र होस्ट के चोरी की सजा मौत द्वारा दी। यह कानून अमल में लाने योग्य नहीं था और केवल प्रतीकात्मक उद्देश्यों के लिए लागू किया गया था, हालांकि इस अधिनियम के पारित होने से विशेष रूप से डॉक्ट्रिनेयर्स के बीच काफी हंगामा हुआ।{{sfn|Tombs|1996|pp=341–342}} और भी अधिक विवादास्पद था जेसुइट्स का परिचय, जिन्होंने आधिकारिक विश्वविद्यालय प्रणाली के बाहर अभिजात्य युवाओं के लिए कॉलेजों का एक नेटवर्क स्थापित किया। जेसुइट्स अपनी पोप के प्रति निष्ठा के लिए जाने जाते थे और गैलिकन परंपराओं को बहुत कम समर्थन देते थे। चर्च के अंदर और बाहर उनके शत्रु थे, और राजा ने 1828 में उनके संस्थागत भूमिका को समाप्त कर दिया।<ref>{{Cite book |last=BN (Barbara Neave, comtesse de Courson) |url=https://archive.org/details/jesuitstheirfou00courgoog |title=The Jesuits: their foundation and history |publisher=Benziger Brothers |year=1879 |location=New York |page=[https://archive.org/details/jesuitstheirfou00courgoog/page/n319 305]}}</ref> नए कानून के तहत उन रॉयलिस्टों को मुआवजा दिया गया जिनकी भूमि को फ्रांसीसी क्रांति के दौरान जब्त कर लिया गया था। हालांकि इस कानून को लुई ने तैयार किया था, लेकिन इसे पारित कराने में चार्ल्स का भी महत्वपूर्ण योगदान था। इस मुआवजे के वित्तपोषण के लिए एक विधेयक भी सदनों के समक्ष रखा गया, जिसमें सरकारी ऋण (रेंटे) को 5% से घटाकर 3% बांड में बदलने का प्रस्ताव था, जिससे ब्याज भुगतान में राज्य को प्रति वर्ष 30 मिलियन फ्रैंक की बचत होती। विलेल की सरकार ने तर्क दिया कि रेंटियर्स ने अपनी मूल निवेश की तुलना में असमानुपातिक रूप से अधिक रिटर्न प्राप्त किया है, और पुनर्वितरण उचित है। अंतिम कानून ने मुआवजे के लिए 988 मिलियन फ्रैंक की राज्य निधि आवंटित की, जिसे 3% ब्याज पर 600 मिलियन फ्रैंक के सरकारी बांडों द्वारा वित्तपोषित किया गया। प्रति वर्ष लगभग 18 मिलियन फ्रैंक का भुगतान किया गया।{{sfn|Price|2008|pp=116–117}} इस कानून के अप्रत्याशित लाभार्थियों में कुछ एक मिलियन बीन्स नेशनल्स (पुरानी जब्त की गई भूमि) के मालिक शामिल थे, जिनके संपत्ति अधिकारों की अब नए कानून द्वारा पुष्टि की गई, जिससे इसकी कीमत में तेज वृद्धि हुई।{{sfn|Tombs|1996|pp=342–343}} 29 मई 1825 को चार्ल्स दसवें का राज्याभिषेक रीम्स कैथेड्रल में हुआ, जो फ्रांसीसी राज्याभिषेकों का पारंपरिक स्थल है। 1826 में, विलेल ने एक विधेयक पेश किया जिसने कम से कम बड़े संपत्तियों के मालिकों के लिए प्राथमिकता के कानून को पुनः स्थापित किया, जब तक कि वे अन्यथा नहीं चुनते। उदारवादियों और प्रेस ने इसका विरोध किया, जैसा कि कुछ असंतुष्ट अल्ट्राओं ने भी, जैसे कि शातोब्रियां। उनकी जोरदार आलोचना ने सरकार को दिसंबर में प्रेस पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक विधेयक पेश करने के लिए प्रेरित किया, जिसने 1824 में काफी हद तक सेंसरशिप को हटा दिया था। इसने विपक्ष को और भी भड़का दिया, और विधेयक को वापस ले लिया गया।{{sfn|Tombs|1996|pp=344–345}} 1827 में विलेल कैबिनेट को उदारवादी प्रेस से बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ा, जिसमें ''Journal des débats'' भी शामिल था, जिसने चैटोब्रायंड के लेखों को प्रायोजित किया। चैटोब्रायंड, जो एंटी-विलेल अल्ट्रास में सबसे प्रमुख था, ने प्रेस सेंसरशिप के विरोधियों (24 जुलाई 1827 को पुनः लागू किए गए नए कानून) के साथ मिलकर ''Société des amis de la liberté de la presse'' का गठन किया; चोइसल-स्टेनविले, सालवांडी और विलेमें इसके योगदानकर्ताओं में थे।{{sfn|Kent|1975|pp=81–83}} एक और प्रभावशाली सोसाइटी ''Société Aide-toi, le ciel t'aidera'' थी, जिसने 20 से अधिक सदस्यों की अनधिकृत बैठकों पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून के अंतर्गत काम किया। इस समूह, जो बढ़ते विरोध की लहर से प्रेरित था, की संरचना अधिक उदारवादी थी (ले ग्लोब के साथ जुड़ा हुआ) और इसमें गिजोट, रेमुसैट, और बैरो जैसे सदस्य शामिल थे।{{sfn|Kent|1975|pp=84–89}} पर्चे जो सेंसरशिप कानूनों से बच निकलते थे, भेजे गए, और इस समूह ने नवंबर 1827 के चुनाव में प्रगतिशील सरकारी राज्य अधिकारियों के खिलाफ उदारवादी उम्मीदवारों को संगठनात्मक सहायता प्रदान की।{{sfn|Tombs|1996|p=345}} [[File:Lami, Eugène Louis, Grenadier of the Royal Guard, ca. 1817.jpg|thumb|upright|यूजीन-लुई लामी द्वारा "ग्रेनेडियर ऑफ़ द रॉयल गार्ड", लगभग 1817, चार्ल्स एक्स के अधीन रॉयल गार्ड के एक ग्रेनेडियर की वर्दी को दर्शाता है।]] अप्रैल 1827 में, राजा और विलेल का सामना एक अव्यवस्थित नेशनल गार्ड से हुआ। जिस गैरीसन की चार्ल्स ने समीक्षा की, उसे राजा के प्रति सम्मान और उसकी सरकार के प्रति अस्वीकृति व्यक्त करने का आदेश दिया गया था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने उनकी धर्मनिष्ठ कैथोलिक भतीजी और पुत्रवधू, मेरी थेरेस, मैडम ला डौफिन, पर अपमानजनक एंटी-जेसुइट टिप्पणियाँ कीं। विलेल को और भी बुरा व्यवहार झेलना पड़ा, जब उदारवादी अधिकारियों ने सैनिकों का नेतृत्व उनके कार्यालय में विरोध करने के लिए किया। प्रतिक्रिया में, गार्ड को भंग कर दिया गया।{{sfn|Tombs|1996|p=345}} पर्चे फैलते रहे, जिनमें सितंबर में आरोप शामिल थे कि चार्ल्स, सेंट-ओमेर की यात्रा पर, पोप के साथ मिलकर काम कर रहे थे और दशमांश को पुनः स्थापित करने की योजना बना रहे थे, और एक वफादार गैरीसन सेना के संरक्षण में चार्टर को निलंबित कर दिया था।{{sfn|Kent|1975|p=111}} चुनाव के समय तक, उदारवादी राजतंत्री (संविधानवादी) भी चार्ल्स के खिलाफ होने लगे थे, जैसा कि व्यापार समुदाय भी, आंशिक रूप से 1825 में आए वित्तीय संकट के कारण, जिसके लिए उन्होंने सरकार के क्षतिपूर्ति कानून को जिम्मेदार ठहराया।{{sfn|Tombs|1996|p=344}}{{sfn|Kent|1975|pp=107–110}} ह्यूगो और कई अन्य लेखक, चार्ल्स दसवें के शासन के तहत जीवन की वास्तविकता से असंतुष्ट होकर, भी शासन की आलोचना करने लगे।{{sfn|Tombs|1996|pp=346–347}} 30 सितंबर के चुनाव के लिए पंजीकरण की समय सीमा की तैयारी में, विपक्षी समितियाँ जितने मतदाताओं को संभव हो सके साइन अप कराने के लिए जोर-शोर से काम कर रही थीं, जबकि प्रीफेक्ट्स ने उन मतदाताओं को हटाना शुरू कर दिया था जिन्होंने 1824 के चुनाव के बाद से अद्यतन दस्तावेज़ प्रस्तुत करने में असफल रहे थे। पहली सूची में 60,000 मतदाताओं में 18,000 नए मतदाताओं को जोड़ा गया; सरकार के समर्थकों को पंजीकृत करने के प्रीफेक्ट्स के प्रयासों के बावजूद, इसे मुख्य रूप से विपक्षी गतिविधि के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।{{sfn|Kent|1975|p=116}} संगठन मुख्य रूप से शातोब्रियां के मित्रों और एड-तुआ के पीछे विभाजित था, जिसने उदारवादियों, संविधानवादियों, और विपरीत-विपक्ष (संवैधानिक राजतंत्रवादियों) का समर्थन किया।{{sfn|Kent|1975|p=121}} नई सभा में किसी भी पक्ष को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। विलेल के उत्तराधिकारी, विकाउंट डी मार्टिन्याक, जिन्होंने जनवरी 1828 में अपना कार्यकाल शुरू किया, ने एक मध्यम मार्ग अपनाने की कोशिश की, प्रेस नियंत्रण में ढील देकर, जेसुइट्स को निष्कासित करके, मतदाता पंजीकरण में संशोधन करके, और कैथोलिक स्कूलों के गठन पर प्रतिबंध लगाकर उदारवादियों को संतुष्ट किया।{{sfn|Tombs|1996|p=348}} चार्ल्स, नई सरकार से असंतुष्ट, ने अपने चारों ओर चवालियर्स डे ला फोई और अन्य अल्ट्राओं के लोगों को इकट्ठा किया, जैसे कि प्रिंस डी पोलिनैक और ला बोरडोनाय। जब स्थानीय सरकार पर एक विधेयक हारने के बाद मार्टिन्याक की सरकार को अपदस्थ कर दिया गया, तो चार्ल्स और उनके सलाहकारों ने माना कि विलेल, शातोब्रियां, और डेकाज़ के राजतंत्रीय गुटों के समर्थन से एक नई सरकार का गठन किया जा सकता है, लेकिन नवंबर 1829 में एक प्रमुख मंत्री के रूप में पोलिनैक को चुना, जो उदारवादियों के लिए अप्रिय थे और इससे भी बुरी बात यह थी कि शातोब्रियां के लिए। हालांकि चार्ल्स निश्चिंत रहे, यह गतिरोध कुछ राजतंत्रियों को तख्तापलट के लिए और प्रमुख उदारवादियों को कर हड़ताल के लिए बुलाने का कारण बना।{{sfn|Tombs|1996|pp=348–349}} मार्च 1830 में सत्र की शुरुआत पर, राजा ने एक भाषण दिया जिसमें विपक्ष के प्रति अप्रत्यक्ष धमकियाँ शामिल थीं; इसके जवाब में, 221 प्रतिनिधियों (एक पूर्ण बहुमत) ने सरकार की निंदा की, और इसके बाद चार्ल्स ने संसद को स्थगित कर दिया और फिर भंग कर दिया। चार्ल्स को विश्वास था कि वह मताधिकार से वंचित जनता के बीच लोकप्रिय हैं, और उन्होंने और पॉलिनैक ने रूस की सहायता से औपनिवेशिक और विस्तारवादी नीति का पीछा करने का फैसला किया। विलेल के इस्तीफे के बाद फ्रांस ने भूमध्य सागर में कई बार हस्तक्षेप किया था, और अब ग्रीस और मेडागास्कर में अभियानों को भेजा गया। पॉलिनैक ने अल्जीरिया पर फ्रांसीसी विजय की भी शुरुआत की; जुलाई की शुरुआत में अल्जीयर्स के डे पर जीत की घोषणा की गई। बेल्जियम पर आक्रमण की योजनाएं बनाई गईं, जो जल्द ही अपनी क्रांति का अनुभव करने वाला था। हालांकि, विदेश नीति घरेलू समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई।{{sfn|Tombs|1996|pp=349–350}}{{sfn|Bury|2003|pp=39, 42}} चार्ल्स द्वारा प्रतिनिधि सभा को भंग करना, प्रेस पर कठोर नियंत्रण स्थापित करने वाले जुलाई आदेश, और मताधिकार को सीमित करने के परिणामस्वरूप 1830 की जुलाई क्रांति हुई। हालांकि, शासन के पतन का मुख्य कारण यह था कि जबकि इसने अभिजात वर्ग, कैथोलिक चर्च और यहां तक कि अधिकांश कृषकों का समर्थन बनाए रखा, अल्ट्रास का कारण संसद के बाहर और उन लोगों के साथ, जिन्हें मताधिकार नहीं मिला था,{{sfn|Bury|2003|p=34}} विशेष रूप से औद्योगिक श्रमिकों और बुर्जुआ के बीच गहराई से अलोकप्रिय था।<ref>{{harvnb|Hudson|1973|pp=182, 183}}</ref> इसका एक प्रमुख कारण 1827-1830 के दौरान खराब फसलों की एक श्रृंखला के कारण खाद्य कीमतों में तेज वृद्धि थी। हाशिये पर जीने वाले श्रमिक बहुत कठिन स्थिति में थे और इस बात से नाराज थे कि सरकार उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं पर कम ध्यान दे रही थी।<ref>{{Cite journal |first=David H. |last=Pinkney |title=A new look at the French revolution of 1830 |url=https://archive.org/details/sim_review-of-politics_1961-10_23_4/page/490 |journal=Review of Politics |volume=23 |issue=4 |date=1961 |pp=490–506}}</ref> चार्ल्स ने अपने पोते, कोम्ते दे शांबोर, के पक्ष में सिंहासन त्याग दिया और इंग्लैंड के लिए रवाना हो गए। हालांकि, उदारवादी, बुर्जुआ-नियंत्रित डेप्युटीज़ की सभा ने कोम्ते दे शांबोर को हेनरी पांचवें के रूप में पुष्टि करने से इनकार कर दिया। एक वोट में, जिसे मुख्य रूप से रूढ़िवादी डेप्युटीज़ ने बहिष्कृत किया, इस निकाय ने फ्रांसीसी सिंहासन को खाली घोषित कर दिया और लुई-फिलिप, ऑरलियन्स के ड्यूक, को सत्ता में लाया। ===1827–1830: तनाव=== [[File:Charles X distribuant des récompenses aux artistes exposants du salon de 1824 au Louvre, le 15 Janvier 1825 (by François Joseph Heim).jpg|thumb|''चार्ल्स दसवें कलाकारों को पुरस्कार वितरित करते हुए'' फ्रांस्वा जोसेफ हाइम द्वारा, 1827.]] चार्ल्स दसवें के पतन के वास्तविक कारण के बारे में इतिहासकारों के बीच अभी भी काफी बहस है। हालांकि, जो सामान्य रूप से स्वीकार किया जाता है वह यह है कि 1820 और 1830 के बीच, एक श्रृंखला की आर्थिक मंदी और चैंबर ऑफ डेप्युटीज के भीतर उदारवादी विपक्ष के उदय ने अंततः रूढ़िवादी बोर्बन वंश को गिरा दिया।{{sfn|Pilbeam |1999|pp=40–41}} 1827 और 1830 के बीच, फ्रांस को एक आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा, जो औद्योगिक और कृषि दोनों ही क्षेत्रों में संभवतः उस मंदी से भी बदतर थी जिसने क्रांति को प्रेरित किया था। 1820 के दशक के उत्तरार्ध में लगातार खराब होती गई अनाज की फसलों ने विभिन्न प्रमुख खाद्य पदार्थों और नकदी फसलों की कीमतों को बढ़ा दिया।{{sfn|Bury|2003|p=38}} इसके जवाब में, पूरे फ्रांस में ग्रामीण किसानों ने अनाज पर सुरक्षात्मक शुल्कों में ढील देने की मांग की ताकि कीमतें कम हो सकें और उनकी आर्थिक स्थिति को आसान किया जा सके। हालांकि, चार्ल्स दसवें ने, संपन्न भूस्वामियों के दबाव के आगे झुकते हुए, इन शुल्कों को बरकरार रखा। उन्होंने ऐसा 1816 में "गर्मियों के बिना वर्ष" के दौरान बोर्बन प्रतिक्रिया के आधार पर किया, जिसके दौरान लुई अट्ठारहवां ने अकाल की श्रृंखला के दौरान शुल्कों में ढील दी थी, जिससे कीमतों में गिरावट आई और संपन्न भूस्वामियों का गुस्सा भड़क गया था, जो बोर्बन की वैधता के पारंपरिक स्रोत थे। इस प्रकार, 1827 और 1830 के बीच, पूरे फ्रांस में किसानों को सापेक्ष आर्थिक कठिनाइयों और बढ़ती कीमतों की अवधि का सामना करना पड़ा। इसी समय, अंतर्राष्ट्रीय दबावों के साथ-साथ प्रांतों से खरीद शक्ति में कमी के कारण शहरी केंद्रों में आर्थिक गतिविधियों में कमी आई। इस औद्योगिक मंदी ने पेरिस के कारीगरों के बीच बढ़ती गरीबी स्तरों में योगदान दिया। इस प्रकार, 1830 तक, चार्ल्स दसवें की आर्थिक नीतियों से कई जनसांख्यिकी प्रभावित हुई थीं। जब फ्रांसीसी अर्थव्यवस्था में गिरावट आई, तो कई चुनावों ने चैंबर ऑफ डेप्युटीज में एक अपेक्षाकृत शक्तिशाली उदारवादी गुट को ला दिया। 1824 में 17 सदस्यीय उदारवादी गुट 1827 में 180 और 1830 में 274 तक बढ़ गया। यह उदारवादी बहुमत मार्टिन्याक की केंद्रीवादी और पॉलिनैक की अति-राजनीतिक नीतियों से तेजी से असंतुष्ट हो गया, और 1814 के चार्टर के सीमित संरक्षण की रक्षा के लिए काम किया। उन्होंने मताधिकार के विस्तार और अधिक उदार आर्थिक नीतियों की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि बहुमत के गुट के रूप में उन्हें प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल नियुक्त करने का अधिकार हो। इसके अलावा, चैंबर ऑफ डेप्युटीज में उदारवादी गुट का विकास फ्रांस में उदारवादी प्रेस के उदय के साथ लगभग मेल खाता था। आम तौर पर पेरिस में केंद्रित, इस प्रेस ने सरकार की पत्रकारिता सेवाओं और दाएँ पक्ष के समाचार पत्रों के मुकाबले एक विपरीत दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। यह पेरिस की जनता को राजनीतिक राय और स्थिति को संप्रेषित करने में अधिक महत्वपूर्ण हो गया और इसे उदारवादियों के उदय और आर्थिक रूप से पीड़ित फ्रांसीसी जनसमूह के बीच बढ़ते असंतोष के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा सकता है। 1830 तक, चार्ल्स दसवें की पुनर्स्थापना सरकार को सभी तरफ से कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नए उदारवादी बहुमत ने स्पष्ट कर दिया कि वे पोलिग्नाक की आक्रामक नीतियों के सामने झुकने का कोई इरादा नहीं रखते थे। पेरिस में एक उदारवादी प्रेस का उदय, जिसने सरकारी अखबार से अधिक बिकने वाले समाचार पत्रों को जन्म दिया, पेरिस की राजनीति में बाईं ओर एक आम बदलाव का संकेत था। फिर भी, चार्ल्स का सत्ता का आधार निश्चित रूप से राजनीतिक स्पेक्ट्रम के दाहिने तरफ था, जैसे कि उनके अपने विचार थे। वह चैंबर ऑफ डेप्युटीज के भीतर बढ़ती मांगों के आगे झुक नहीं सकते थे। यह स्थिति जल्द ही चरम पर पहुँचने वाली थी। [[File:CHARLES X IN THE ROLE OF THE GREAT NUTCRACKER.jpg|thumb|upright|25 जुलाई के महान नटक्रैकर। इस कैरिकेचर में, चार्ल्स X अपने दांतों से "चार्टर" लिखी हुई बिल्लियर्ड गेंद को तोड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन उन्हें यह नट बहुत कठोर लगता है।]] ===1830: जुलाई क्रांति=== {{Main|जुलाई अध्यादेश|जुलाई क्रान्ति}} [[File:La Liberté guidant le peuple - Eugène Delacroix - Musée du Louvre Peintures RF 129 - après restauration 2024.jpg|thumb|right|"लिबर्टी लीडिंग द पीपल" (यूजीन डेलाक्रोइक्स) 1830 की जुलाई क्रांति को स्मरण करता है, जिसने चार्ल्स दसवें के त्यागपत्र और बोरबोन पुनर्स्थापना के अंत का कारण बना।]] 1814 का चार्टर ने फ्रांस को एक संवैधानिक राजशाही बना दिया था। जबकि राजा के पास नीति-निर्माण पर व्यापक शक्ति और कार्यकारी की एकमात्र शक्ति थी, वह फिर भी संसद पर निर्भर था कि उसकी कानूनी डिक्री को स्वीकार और पारित किया जाए।{{Sfn|Bury|2003|pp=33–44}} चार्टर ने डिप्टीज़ के चुनाव की विधि, चैंबर ऑफ डिप्टीज़ के भीतर उनके अधिकारों, और बहुमत के अधिकारों को भी निश्चित किया। इस प्रकार, 1830 में, चार्ल्स दसवें के सामने एक महत्वपूर्ण समस्या थी। वह अपने संवैधानिक सीमाओं को पार नहीं कर सकता था, और फिर भी, वह चैंबर ऑफ डिप्टीज़ के भीतर एक उदार बहुमत के साथ अपनी नीतियों का पालन नहीं कर सकता था। वह कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार था और मार्च 1830 में उदारवादी हाउस बहुमत द्वारा एक अंतिम अविश्वास मत के बाद उसने अपनी चाल चली। उसने डिक्री द्वारा 1814 के चार्टर को बदलने का निश्चय किया। इन डिक्री को "चार अध्यादेश" के नाम से जाना जाता है, जिसने चैंबर ऑफ डिप्टीज़ को भंग कर दिया, प्रेस की स्वतंत्रता को निलंबित कर दिया, भविष्य के चुनावों से अधिक उदार वाणिज्यिक मध्यम वर्ग को बाहर कर दिया, और नए चुनावों का आह्वान किया।<ref>{{Cite book |last=Leepson |first=Marc |title=Lafayette: Lessons in Leadership from the Idealist General |date=2011 |publisher=St. Martin's Press |isbn=978-0-2301-0504-1 |page=[https://books.google.com/books?id=hOIBSNQ9BsAC&pg=PA167 167] |oclc=651011968 |ol=26007181M |author-link=Marc Leepson}}</ref> जनमत में आक्रोश फैल गया। 10 जुलाई 1830 को, जब राजा ने अपने घोषणाएँ भी नहीं की थीं, तब एक समूह धनी, उदारवादी पत्रकारों और समाचार पत्र मालिकों, जिसका नेतृत्व एडोल्फ थियर्स कर रहे थे, ने पेरिस में एकत्रित होकर चार्ल्स दसवें के खिलाफ रणनीति बनाने का निर्णय लिया। यह निर्णय लिया गया कि अगर चार्ल्स की अपेक्षित घोषणाएँ हुईं, तो पेरिस का पत्रकारिता प्रतिष्ठान राजा की नीतियों की कड़ी आलोचना करने वाले लेख प्रकाशित करेगा ताकि जनता को लामबंद किया जा सके। इस प्रकार, जब चार्ल्स दसवें ने 25 जुलाई 1830 को अपनी घोषणाएँ कीं, तो उदारवादी पत्रकारिता तंत्र सक्रिय हो गया और राजा के कार्यों की निरंकुशता की निंदा करने वाले लेख और शिकायतें प्रकाशित कीं।<ref>{{Cite book |last=Schroeder |first=Paul W. |title=The Transformation of European Politics, 1763–1848 |date=1996 |isbn=978-0-1982-0654-5 |pages=[https://books.google.com/books?id=BS2z3iGPCigC&pg=PA666 666]–670 |ol=28536287M |author-link=Paul W. Schroeder}}</ref> पेरिस की शहरी भीड़ ने देशभक्ति के जोश और आर्थिक कठिनाइयों से प्रेरित होकर, बैरिकेडें लगाईं और चार्ल्स दसवें के बुनियादी ढांचे पर हमला किया। कुछ ही दिनों में, स्थिति इतनी बिगड़ गई कि राजशाही इसे नियंत्रित करने में असमर्थ हो गई। जब क्राउन ने उदारवादी पत्रिकाओं को बंद करने की कोशिश की, तो पेरिस की उग्र भीड़ ने उन प्रकाशनों की रक्षा की। उन्होंने प्रो-बोर्बन प्रेस पर भी हमले किए और राजशाही के दमनकारी तंत्र को पंगु बना दिया। इस अवसर का लाभ उठाते हुए, संसद में उदारवादियों ने राजा के खिलाफ प्रस्ताव, शिकायतें, और निंदा पत्र तैयार करना शुरू किया। राजा ने अंततः 30 जुलाई 1830 को सिंहासन छोड़ दिया। बीस मिनट बाद, उनके पुत्र, लुई एंटोनी, ड्यूक ऑफ अंगूलेम, जो नाममात्र रूप से लुई उन्नीसवें के रूप में सिंहासन पर बैठे थे, ने भी त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद, सिंहासन लुई एंटोनी के छोटे भाई के पुत्र, चार्ल्स दसवें के पोते, पर आ गया, जो हेनरी पांचवें बनने की पंक्ति में थे। हालांकि, नवसशक्त चैंबर ऑफ डेप्युटीज ने सिंहासन को खाली घोषित कर दिया और 9 अगस्त को लुई-फिलिप को सिंहासन पर बिठाया। इस प्रकार, जुलाई राजशाही की शुरुआत हुई।<ref>{{Cite book |last=Waller |first=Sally |title=France in Revolution, 1776–1830 |date=2002 |publisher=Heinemann Educational Publishers |isbn=978-0-4353-2732-3 |series=Heinemann Advanced History |pages=[https://books.google.com/books?id=d0KywNq8wJgC&pg=PA134 134]–135 |ol=7508502M}}</ref> ==लुई-फिलिप और ओरलियन का घर== [[File:Vernet - 31 juillet 1830 - Louis-Philippe quitte le Palais-Royal.jpg|thumb|right|लुई-फिलिप 31 जुलाई को पैले-रॉयल से सिटी हॉल जा रहे हैं।]] लुई-फिलिप ने 1830 की जुलाई क्रांति की शक्ति पर सिंहासन पर चढ़ाई, और "फ्रांस के राजा" के रूप में नहीं बल्कि "फ्रांसीसी के राजा" के रूप में शासन किया, जो राष्ट्रीय संप्रभुता की ओर बदलाव को चिह्नित करता है। ओरलियनवादी सत्ता में 1848 तक बने रहे। फरवरी 1848 की क्रांति के दौरान अंतिम राजा को सत्ता से हटाए जाने के बाद, फ्रेंच द्वितीय गणराज्य का गठन हुआ और लुई-नेपोलियन बोनापार्ट को राष्ट्रपति (1848-1852) के रूप में चुना गया। 1851 के फ्रांसीसी तख्तापलट में, नेपोलियन ने खुद को द्वितीय साम्राज्य के सम्राट नेपोलियन तृतीय घोषित किया, जो 1852 से 1870 तक चला। ==पुनर्स्थापना के तहत राजनीतिक दल== पुनर्स्थापना के दौरान राजनीतिक दलों में संरेखण और सदस्यता में महत्वपूर्ण बदलाव हुए। चैंबर ऑफ डेप्युटीज दमनकारी अल्ट्रा-रॉयलिस्ट चरणों और प्रगतिशील उदार चरणों के बीच झूलता रहा। व्हाइट टेरर के दमन ने राजशाही के विरोधियों को राजनीतिक परिदृश्य से बाहर कर दिया, लेकिन फ्रांसीसी संवैधानिक राजशाही के विभिन्न दृष्टिकोण रखने वाले प्रभावशाली व्यक्तियों के बीच अभी भी संघर्ष हुआ।{{sfn|Artz|1931|pp=9–99}}{{Sfn|Bury|2003|pp=18–44}} सभी दल आम लोगों से भयभीत थे, जिनके पास मतदान का अधिकार नहीं था और जिन्हें बाद में एडोल्फ थियर्स ने "सस्ती भीड़" के रूप में संदर्भित किया। उनकी राजनीतिक दृष्टि वर्ग पक्षपात पर केंद्रित थी। चैंबर में राजनीतिक बदलावों का कारण बहुमत प्रवृत्ति का दुरुपयोग था, जिसमें बहुमत का विघटन और फिर उसका उलटफेर या महत्वपूर्ण घटनाएँ शामिल थीं; उदाहरण के लिए, 1820 में ड्यूक डी बेरी की हत्या। विवाद शक्तिशाली लोगों (राजशाही बनाम प्रतिनिधियों) के बीच सत्ता संघर्ष थे, न कि राजशाही और लोकलुभावनवाद के बीच लड़ाई। यद्यपि प्रतिनिधियों ने दावा किया कि वे जनता के हितों की रक्षा कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश को आम लोगों, नवाचारों, समाजवाद और यहां तक कि साधारण उपायों, जैसे मतदान अधिकारों के विस्तार का महत्वपूर्ण भय था। पुनर्स्थापना के दौरान मुख्य राजनीतिक दल नीचे वर्णित हैं। ===अति-राजा समर्थक=== {{Main|अति-राजा समर्थक}} [[File:Prince de polignac.jpg|thumb|upright|left|प्रिंस जूल्स डे पॉलिन्याक, 1830]] अति-राजा समर्थक 1789 से पहले के पुराने शासन (Ancien Régime) की वापसी चाहते थे: पूर्ण राजतंत्र, कुलीनता का वर्चस्व, और "निष्ठावान ईसाइयों" द्वारा राजनीति का एकाधिकार। वे गणराज्य-विरोधी, लोकतंत्र-विरोधी थे, और ऊँचाई से शासन करने का प्रचार करते थे। हालांकि उन्होंने वोट सेंसिटायर, जो एक प्रकार का लोकतंत्र था जो केवल उन लोगों तक सीमित था जो एक उच्च सीमा से अधिक कर का भुगतान करते थे, को सहन किया, फिर भी वे [[1814 का घोषणा पत्र]] को अत्यधिक क्रांतिकारी मानते थे। वे विशेषाधिकारों की पुन: स्थापना, कैथोलिक चर्च की एक प्रमुख राजनीतिक भूमिका, और एक राजनीतिक रूप से सक्रिय, औपचारिक नहीं, राजा चार्ल्स दसवें की पुन: स्थापना चाहते थे।{{Sfn|Hudson|1973}} प्रमुख अति-राजा समर्थक विचारक लुई डी बोनाल्ड और जोसेफ डी मैस्ट्रे थे। उनके संसदीय नेता फ्रांस्वा रेगीस डी ला बौर्दोनये, कॉम्ते डी ला बर्तेश और 1829 में जूल्स डी पोलिन्याक थे। मुख्य राजाश्रयी समाचार पत्रों में ला क्वोटिडियन और ला गज़ेट शामिल थे, जिनका समर्थन ड्रापो ब्लांक, जो बोरबोन के सफेद झंडे के नाम पर रखा गया था, और ओरिफ्लेम, जो फ्रांस के युद्ध मानक के नाम पर रखा गया था, द्वारा किया गया था। ===धर्मनिरपेक्षतावादी (डॉक्ट्रिनायर्स)=== {{Main|धर्मनिरपेक्षतावादी}} धर्मनिरपेक्षतावादी ज्यादातर अमीर और शिक्षित मध्यम वर्ग के लोग थे: वकील, साम्राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, और अकादमिक। वे जितना कुलीनतंत्र की विजय से डरते थे, उतना ही लोकतंत्रवादियों की विजय से भी डरते थे। उन्होंने शाही चार्टर को स्वतंत्रता और नागरिक समानता की गारंटी के रूप में स्वीकार किया, जो फिर भी अज्ञानी और उत्तेजित जनसमूहों को नियंत्रित करता था। वैचारिक रूप से, वे शास्त्रीय उदारवादी थे जिन्होंने पुनर्स्थापना की राजनीतिक स्पेक्ट्रम के मध्य-दक्षिणपंथ का गठन किया: उन्होंने पूंजीवाद और कैथोलिक धर्म दोनों का समर्थन किया और संसदवाद (एक अभिजात्य, धन-आधारित रूप में) और राजतंत्रवाद (संवैधानिक, औपचारिक रूप में) को मिलाने का प्रयास किया, जबकि अल्ट्रा-रॉयलिस्टों के निरंकुशतावाद और धार्मिकता, और उदारवादी वामपंथियों और गणराज्यवादियों के सार्वभौमिक मताधिकार को अस्वीकार किया। महत्वपूर्ण व्यक्तित्व थे पियरे पॉल रॉयर-कोलार्ड, फ्रांस्वा गिज़ो, और काउंट ऑफ सेरे। उनके समाचारपत्र थे ले कुरियर फ्रांसेज़ और ले सेंसर।<ref>{{Cite book |last=Johnson |first=Douglas |title=Guizot: Aspects of French History, 1787–1874 |url=https://archive.org/details/guizotaspectsoff0000john |date=1963 |publisher=University of Toronto Press |isbn=978-0-8371-8566-8 |oclc=233745 |ol=5875905M |author-link=Douglas Johnson (historian)}}</ref> ===उदारवादी वामपंथी=== {{Main|उदारवादी पार्टी (बर्बन पुनर्स्थापना)}} [[File:Ary Scheffer - Marquis De Lafayette - NPG.82.150 - National Portrait Gallery.jpg|thumb|upright|गिल्बर्ट डु मोटियर, मार्क्विस डी लाफायेट, 1825]] लिबरल ज्यादातर छोटे बुर्जुआ वर्ग के थे: डॉक्टर और वकील, कानून के लोग, और ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में, राष्ट्रीय वस्तुओं के व्यापारी और विक्रेता। चुनावी दृष्टि से, उन्हें औद्योगिक क्रांति की शुरुआत के कारण एक नए मध्यवर्गीय अभिजात वर्ग के धीरे-धीरे उभरने से लाभ हुआ। उनमें से कुछ ने राजशाही के सिद्धांत को स्वीकार किया, लेकिन एक सख्ती से औपचारिक और संसदीय रूप में, जबकि अन्य मध्यमार्गी गणराज्यवादी थे। संवैधानिक मुद्दों को छोड़कर, वे फ्रांसीसी क्रांति के लोकतांत्रिक सिद्धांतों को पुनर्स्थापित करने की दिशा में सहमत थे, जैसे कि पादरी और अभिजात वर्ग की शक्ति को कमजोर करना। इसलिए, वे संवैधानिक चार्टर को पर्याप्त रूप से लोकतांत्रिक नहीं मानते थे, और 1815 की शांति संधियों, श्वेत आतंक और पादरी और अभिजात वर्ग की प्रधानता की वापसी को पसंद नहीं करते थे। वे मध्यम वर्ग के समर्थन के लिए कर योग्य कोटा को कम करना चाहते थे, जिससे अभिजात वर्ग को नुकसान हो, और इस तरह वे सार्वभौमिक मताधिकार या कम से कम चुनाव प्रणाली को किसानों और कारीगरों जैसे मध्यम वर्ग के लिए व्यापक रूप से खोलने का समर्थन करते थे। महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में संसदीय राजतंत्रवादी बेंजामिन कॉन्स्टेंट, साम्राज्य के अधिकारी मैक्सिमिलियन सेबेस्टियन फॉय, गणराज्यवादी वकील जैक्स-अंटोनी मैनुअल, और मार्क्विस डी लाफायेट थे। उनके समाचार पत्र थे ला मिनर्व, ले कंस्टीट्यूशनल, और ले ग्लोब।<ref>Dennis Wood, ''Benjamin Constant: A Biography'' (1993).</ref> ===गणतंत्रवादी और समाजवादी=== केवल सक्रिय रिपब्लिकन बाएं से दूर-वामपंथी थे, जो मजदूरों के बीच आधारित थे। मजदूरों के पास न तो वोट था और न ही उनकी सुनी जाती थी। उनके प्रदर्शनों को दबाया गया या मोड़ा गया, जिससे अधिकतम, संसदवाद को मजबूत किया गया, जिसका मतलब लोकतांत्रिक विकास नहीं था, केवल व्यापक कराधान था। कुछ के लिए, जैसे ब्लांकी, क्रांति ही एकमात्र समाधान लगती थी। गार्नियर-पैजेस, और लुई-यूजीन और एलेओनोर-लुई गोडफ्रॉय कैवैग्नाक खुद को रिपब्लिकन मानते थे, जबकि कैबेट और रास्पेल समाजवादी के रूप में सक्रिय थे। सेंट-साइमन भी इस अवधि के दौरान सक्रिय थे, और उन्होंने 1824 में अपनी मृत्यु से पहले सीधे लुई अट्ठारहवां से अपील की। ==धर्म== [[File:The history of the nineteenth century in caricature (1904) (14596964667).jpg|thumb|right|upright|धार्मिक सम्राट, चार्ल्स दसवें का एक व्यंग्य चित्र]] 1800 तक कैथोलिक चर्च गरीब, जर्जर और अव्यवस्थित था, जिसमें घटती और बूढ़ी होती पादरी थी। युवा पीढ़ी को बहुत कम धार्मिक शिक्षा मिली थी और वे पारंपरिक पूजा से अपरिचित थे।<ref>''History Review'' 68 (2010): 16–21.</ref> हालांकि, विदेशी युद्धों के बाहरी दबावों के जवाब में धार्मिक उत्साह मजबूत था, खासकर महिलाओं के बीच।{{Sfn|Tombs|1996|p=241}} नेपोलियन के 1801 के समझौते ने स्थिरता प्रदान की और चर्च पर हमलों को समाप्त किया। पुनर्स्थापना के साथ, कैथोलिक चर्च फिर से राज्य धर्म बन गया, जिसे आर्थिक और राजनीतिक रूप से सरकार द्वारा समर्थन प्राप्त हुआ। इसके भूमि और वित्तीय अनुदान वापस नहीं किए गए, लेकिन सरकार ने सामान्य चर्च गतिविधियों के लिए वेतन और रखरखाव की लागत का भुगतान किया। बिशपों ने कैथोलिक मामलों पर नियंत्रण पुनः प्राप्त कर लिया। क्रांति से पहले की अभिजात वर्ग धार्मिक सिद्धांत और प्रथा के प्रति उदासीन थी, लेकिन निर्वासन के दशकों ने सिंहासन और वेदी के बीच एक गठबंधन बना दिया। लौटे हुए शाही लोग अधिक धार्मिक हो गए थे और चर्च के साथ करीबी गठबंधन की आवश्यकता को अधिक महसूस करने लगे थे। उन्होंने फैशनेबल संशयवाद को छोड़ दिया और अब यूरोप में फैल रही कैथोलिक धार्मिकता की लहर को बढ़ावा दिया, जिसमें वर्जिन मैरी, संतों और प्रार्थना जैसे लोकप्रिय धार्मिक अनुष्ठानों के प्रति नई श्रद्धा शामिल थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भक्ति बहुत मजबूत और अधिक दिखाई देती थी, जबकि पेरिस और अन्य शहरों में ऐसा नहीं था। 32 मिलियन की आबादी में लगभग 680,000 प्रोटेस्टेंट और 60,000 यहूदी शामिल थे, जिन्हें सहनशीलता प्रदान की गई थी। वोल्टेयर और प्रबोधनकाल का धर्मविरोधी भाव समाप्त नहीं हुआ था, लेकिन यह निष्क्रिय था।{{sfn|Artz|1931|pp=99–171}} विशेषज्ञ स्तर पर, बौद्धिक वातावरण में बौद्धिक क्लासिसिज़्म से भावुक रोमांटिसिज़्म की ओर एक नाटकीय परिवर्तन हुआ। फ़्रांस्वा-रेने दे चातोब्रियाँद की 1802 की पुस्तक "जेनी दु क्रिस्चियनिज़्म" ("ईसाई धर्म की प्रतिभा") ने फ्रांसीसी साहित्य और बौद्धिक जीवन को पुनः आकार देने में अत्यधिक प्रभाव डाला, जिसमें यूरोपीय उच्च संस्कृति के निर्माण में धर्म की केंद्रीयता पर जोर दिया गया था। चातोब्रियाँद की पुस्तक ने "बौद्धिक मंडलियों में ईसाई धर्म की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करने और [[मध्ययुग|मध्य युग]] और उनकी ईसाई सभ्यता की फैशनेबल पुनः खोज को प्रोत्साहित करने के लिए किसी भी अन्य एकल कार्य से अधिक किया। पुनरुत्थान किसी बौद्धिक अभिजात वर्ग तक सीमित नहीं था, बल्कि फ्रांसीसी ग्रामीण क्षेत्रों के वास्तविक, यदि असमान, पुनः ईसाईकरण में भी स्पष्ट था।"{{Sfn|McMillan|2014|pp=217–232}} ==अर्थव्यवस्था== बूरबनों के पुनर्स्थापने के साथ, प्रतिक्रियात्मक श्रेणी के अधिकारी उद्यमपन से विरक्त होकर सत्ता में वापस आ गए। ब्रिटिश सामानों ने बाजार को धावा दिया, और फ्रांस ने अपने स्थापित व्यापार, विशेषकर शिल्प और छोटे पैम्फलेटिक उद्योगों जैसे कि वस्त्रों की सुरक्षा के लिए उच्च टैरिफ और संरक्षणवाद का उपयोग किया। लोहे के सामान पर टैरिफ 120% तक पहुँच गया।<ref>{{Cite book |last=Caron |first=François |title=An economic history of modern France |url=https://archive.org/details/economichistoryo00caro |date=1979 |pages=[https://archive.org/details/economichistoryo00caro/page/95 95]–96}}</ref> कृषि कभी भी संरक्षण की आवश्यकता नहीं थी, लेकिन अब रूसी अनाज जैसे आयातित खाद्यान्नों के कम दाम के कारण इसे मांग करनी पड़ी। फ्रांसीसी अंगूर बाग़बानों ने इस टैरिफ का समर्थन किया - उनकी शराब को इसकी आवश्यकता नहीं थी, लेकिन वे चाय के आयात पर उच्च टैरिफ की मांग करते थे। एक कृषि विधायक ने व्याख्या की: "चाय हमारे राष्ट्रीय चरित्र को टूटा देती है, क्योंकि इसका प्रयोग करने वाले व्यक्ति को सर्द और बुंदूकी उपद्रवी प्रकृति में बदल देती है, जबकि शराब उस आत्मा में उत्साह जगाती है जो फ्रांसिसी को उनके सौम्य और हास्यस्पद राष्ट्रीय चरित्र प्रदान करता है।"<ref>{{Cite book |last=Wright |first=Gordon |title=France in Modern Times: From the Enlightenment to the Present |url=https://archive.org/details/franceinmodernti0000wrig_m5t5 |date=1995 |publisher=W. W. Norton |isbn=978-0-3939-6705-0 |page=[https://archive.org/details/franceinmodernti0000wrig_m5t5/page/147 147] |ol=1099419M |author-link=Gordon Wright (historian)}}</ref> फ्रांसीसी सरकार ने आधिकारिक सांख्यिकियों को जाली बनाया कि निर्यात और आयात बढ़ रहे हैं - वास्तव में स्थिरता थी, और 1826-29 की आर्थिक संकट व्यापार समुदाय को विश्वास ग्रहण करने के लिए तैयार कर रही थी।<ref>{{Cite book |last=Milward |first=Alan S. |title=Economic Development of Continental Europe, 1780–1870 |last2=Saul |first2=S. Berrick |date=1973 |publisher=Allen & Unwin |pages=307–364 |ol=5476145M |author-link=Alan Milward |author-link2=Berrick Saul}}</ref> ==कला और साहित्य== रोमांटिसिज्म ने कला और साहित्य को फिर से आकार दिया।<ref>Stewart, ''Restoration Era'' (1968), pp. 83–87.</ref> इसने एक नए और व्यापक मध्यम वर्ग के दर्शकों के उदय को प्रेरित किया।<ref>James Smith Allen, ''Popular French Romanticism: Authors, Readers, and Books in the 19th Century'' (1981)</ref> सबसे लोकप्रिय कार्यों में शामिल थे: *Les Misérables, विक्टर ह्यूगो का उपन्यास, जो नेपोलियन के "हंड्रेड डेज़" के बाद के 20 वर्षों में सेट है। *The Red and the Black, स्टेंडल का उपन्यास जो शासन के अंतिम वर्षों में सेट है। *La Comédie humaine, ऑनोर दे बाल्ज़ाक द्वारा लगभग 100 उपन्यासों और नाटकों की एक श्रृंखला, जो रेस्टोरेशन और जुलाई राजशाही के दौरान सेट है। ==पेरिस== {{Main|पेरिस बर्बन पुनर्स्थापना के दौरान}} 1817 में [[पेरिस]] की जनसंख्या 714,000 थी, जो 1831 में बढ़कर 786,000 हो गई। इस अवधि के दौरान, पेरिसवासियों ने कई महत्वपूर्ण विकास देखे, जैसे कि पहली सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, पहली गैस स्ट्रीट लाइटें, और पहले वर्दीधारी पेरिस पुलिसकर्मी। जुलाई 1830 में, पेरिस की सड़कों पर एक लोकप्रिय विद्रोह ने बोर्बोन राजशाही को गिरा दिया।<ref>Colin Jones, '' Paris: The Biography of a City'' (2006) pp 263–299.</ref> ==स्मृति और ऐतिहासिक मूल्यांकन== दो दशकों के युद्ध और क्रांति के बाद, पुनर्स्थापन ने शांति और सुकून लाया, और सामान्य समृद्धि भी लाई। गॉर्डन राइट कहते हैं, "कुल मिलाकर, फ्रांसीसी लोग 15 साल की अवधि के दौरान अच्छी तरह से शासित, समृद्ध, और संतुष्ट थे; एक इतिहासकार ने पुनर्स्थापन युग को 'फ्रांस के इतिहास के सबसे सुखद अवधि' में से एक के रूप में वर्णित किया है।<ref>{{Harvnb|Wright|1995|page=105}}, quoting {{Harvnb|Sauvigny|1966}}</ref> फ्रांस ने दो दशकों की अव्यवस्था, युद्ध, हत्या और भयावह घटनाओं से उबर लिया था। इस अवधि में यह शांति में था। इसे विजेताओं को बड़ी युद्ध क्षतिपूर्ति का भुगतान करना पड़ा, लेकिन बिना किसी कष्ट के इसे वित्त पोषित किया गया; कब्जा करने वाले सैनिक शांति से चले गए। फ्रांस की जनसंख्या में तीन मिलियन की वृद्धि हुई, और 1815 से 1825 तक समृद्धि मजबूत थी, जबकि 1825 में खराब फसलें आने के कारण मंदी आई। राष्ट्रीय ऋण मजबूत था, सार्वजनिक संपत्ति में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई थी, और राष्ट्रीय बजट हर साल अधिशेष दिखा रहा था। निजी क्षेत्र में, बैंकिंग में नाटकीय रूप से वृद्धि हुई, जिससे पेरिस लंदन के साथ वित्त के लिए एक विश्व केंद्र बन गया। रोथ्सचाइल्ड परिवार विश्व प्रसिद्ध था, जिसका फ्रांसीसी शाखा का नेतृत्व जेम्स मेयर डी रोथ्सचाइल्ड (1792–1868) ने किया था। संचार प्रणाली में सुधार हुआ, सड़कों को उन्नत किया गया, नहरों को लंबा किया गया, और स्टीमबोट यातायात आम हो गया। ब्रिटेन और बेल्जियम की तुलना में औद्योगिकीकरण में देरी हुई थी। रेलवे प्रणाली का अभी तक आगमन नहीं हुआ था। उद्योग को भारी शुल्क के साथ संरक्षित किया गया था, इसलिए उद्यमिता या नवाचार की बहुत कम मांग थी।{{Sfn|Bury|2003|pp=41–42}}<ref>{{Cite book |first=John H. |last=Clapham |title=The Economic Development of France and Germany 1815–1914 |url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.89837 |date=1936 |pp=[https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.89837/page/n68 53]–81, 104–107, 121–127 |author-link=John Clapham (economic historian)}}</ref> संस्कृति नए रोमांटिक प्रेरणाओं के साथ फल फूल रही थी। भाषण को बहुत महत्व दिया गया था, और विविध विचार-विमर्श फलित हो रहे थे। शाटोब्रियां और मैडम डे स्टाएल (1766–1817) ने रोमांटिक साहित्य में उनकी नवाचारों के लिए यूरोप भर में मान्यता प्राप्त की थी। उन्होंने राजनीतिक समाजशास्त्र और साहित्य के समाजशास्त्र में महत्वपूर्ण योगदान किया।<ref>Germaine de Stael and Monroe Berger, ''Politics, Literature, and National Character'' (2000)</ref> इतिहास भी फल फूल रहा था; फ्रांस्वा गिजो, बेंजामिन कॉन्स्टंट और मैडम डे स्टाएल ने भविष्य का मार्गदर्शन करने के लिए भूतकाल से सीखें।<ref>Lucian Robinson, "Accounts of early Christian history in the thought of François Guizot, Benjamin Constant and Madame de Staël 1800–c. 1833." ''History of European Ideas'' 43#6 (2017): 628–648.</ref> युजीन डेलाक्रॉय की चित्रकलाएँ रोमांटिक कला के मानकों को स्थापित कर दिया। संगीत, थिएटर, विज्ञान, और दर्शनशास्त्र सभी फल फूल रहे थे।<ref>Lucian Robinson, "Accounts of early Christian history in the thought of François Guizot, Benjamin Constant and Madame de Staël 1800–c. 1833." ''History of European Ideas'' 43#6 (2017): 628–648.</ref> सोर्बॉन में उच्च अध्ययन विकसित हो रहा था। प्रमुख नई संस्थानों ने फ्रांस को विभिन्न उन्नत क्षेत्रों में विश्व नेतृत्व प्रदान किया, जैसे इतिहास लेखन के लिए एकोल नेशनाल दे शार्ट (1821), नवाचारी इंजीनियरिंग के लिए 1829 में एकोल सेंट्राल दे आर्ट्स एंड मैन्युफैक्चर्स, और सुंदर कलाओं के लिए एकोल दे बोज़-आर्ट, जो 1830 में पुनः स्थापित की गई।<ref>Michael Marrinan, ''Romantic Paris: histories of a cultural landscape, 1800–1850'' (2009).</ref> चार्ल्स दसवें ने बार-बार आंतरिक तनावों को बढ़ाया और अपने दुश्मनों को दमनकारी उपायों से निष्क्रिय करने की कोशिश की। ये उपाय पूरी तरह विफल रहे और उन्हें तीसरी बार निर्वासन में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, विदेश मामलों के प्रबंधन में सरकार की सफलता रही। फ्रांस ने निम्न प्रोफ़ाइल बनाए रखी और यूरोप ने अपनी शत्रुताओं को भुला दिया। लुई और चार्ल्स का विदेश मामलों में बहुत कम रुचि थी, इसलिए फ्रांस ने केवल मामूली भूमिकाएँ निभाईं। उदाहरण के लिए, उसने ग्रीस और तुर्की के मामलों में अन्य शक्तियों की मदद की। चार्ल्स दसवें ने गलतफहमी में यह सोचा कि विदेशी गौरव घरेलू निराशा को ढक देगा, इसलिए उन्होंने 1830 में अल्जीरिया को जीतने के लिए पूरी कोशिश की। उन्होंने 38,000 सैनिकों और 4,500 घोड़ों की एक विशाल सेना भेजी, जिन्हें 103 युद्धपोतों और 469 व्यापारिक जहाजों द्वारा ले जाया गया।<ref>Nigel Falls, "The Conquest of Algiers," ''History Today'' (2005) 55#10 pp 44–51.</ref> यह अभियान एक नाटकीय सैन्य सफलता थी और यहां तक कि कब्जाए गए खजानों से खुद ही अपनी लागत भी पूरी कर ली। इस प्रकरण ने दूसरे फ्रांसीसी औपनिवेशिक साम्राज्य की शुरुआत की, लेकिन इससे घरेलू स्तर पर राजा के लिए आवश्यक राजनीतिक समर्थन प्राप्त नहीं हुआ।{{Sfn|Bury|2003|pp=43–44}} ==हाल की लोकप्रिय संस्कृति में पुनर्स्थापना== 2007 की फ्रेंच ऐतिहासिक फिल्म "Jacquou le Croquant", जिसका निर्देशन लॉरेंट बाउटनाट ने किया है और जिसमें गैस्पार्ड उलिएल और मैरी-जोजे क्रोज़ ने अभिनय किया है, बॉर्बन पुनर्स्थापना पर आधारित है। == इन्हें भी देखें == *[https://en.wikipedia.org/wiki/French_Restoration_style फ्रांस पुनर्स्थापना शैली] *[https://en.wikipedia.org/wiki/Pierre_Louis_Jean_Casimir_de_Blacas पियरे लुइस जीन कैसिमिर डे ब्लाकास] *[https://en.wikipedia.org/wiki/Mathieu%20de%20Montmorency मैथ्यू डी मोंटमोरेंसी] *[https://en.wikipedia.org/wiki/French_Empire_mantel_clock फ्रांस साम्राज्य की मैन्टल घड़ी] *[https://en.wikipedia.org/wiki/Family_tree_of_French_monarchs फ्रांस राजाओं का वंश वृक्ष] *[https://en.wikipedia.org/wiki/France%20in%20the%20long%20nineteenth%20century लंबे उन्नीसवीं सदी में फ्रांस] ==टिप्पणियां== {{notelist}} ==सन्दर्भ== {{Reflist|25em}} === उद्धृत कार्य === {{Refbegin|30em}} * {{Cite book |last=Alexander |first=Robert |title=Re-Writing the French Revolutionary Tradition: Liberal Opposition and the Fall of the Bourbon Monarchy |date=2003 |publisher=Cambridge University Press |isbn=0-5218-0122-2}} * {{Cite book |last=Artz |first=Frederick Binkerd |title=France Under the Bourbon Restoration, 1814-1830 |url=https://archive.org/details/franceunderbourb0000fred |date=1931 |publisher=Harvard University Press |isbn=978-0-8462-0380-3 |ol=26840286M}} * {{Cite book |last=Bury |first=J.P.T. |title=France, 1814–1940 |url=https://archive.org/details/france181419400000john |date=2003 |publisher=Routledge |isbn=0-4153-1600-6 |orig-date=1949}} * {{Cite book |last=Crawley |first=C. W. |title=The New Cambridge Modern History. Volume IX: War and Peace in an Age of Upheaval, 1793–1830 |date=1969 |publisher=Cambridge University Press |isbn=978-0-5210-4547-6 |location=Cambridge}} * {{Cite book |last=Davies |first=Peter |title=The Extreme Right in France, 1789 to the Present: From De Maistre to Le Pen |url=https://archive.org/details/extremerightinfr0000davi |date=2002 |publisher=Routledge |isbn=0-4152-3982-6}} * {{Cite journal |last=EM staff |date=January 1918 |title=State Papers |journal=[[The European Magazine, and London Review]] |publisher=Philological Society (Great Britain) |page=[https://books.google.com/books?id=mOwRAAAAYAAJ&pg=PA161 161]}} * {{Cite book |last=Furet |first=François |title=Revolutionary France 1770-1880 |date=1995 |pages=269–325}} survey of political history by leading scholar * {{Cite book |last=Hudson |first=Nora Eileen |title=Ultra-Royalism and the French Restoration |url=https://archive.org/details/ultraroyalismfre0000huds |date=1973 |publisher=Octagon Press |isbn=0-3749-4027-4}} * {{Cite book |last=Ingram |first=Philip |title=Napoleon and Europe |url=https://archive.org/details/napoleoneurope0000phil |date=1998 |publisher=Nelson Thornes |isbn=0-7487-3954-8}} * {{Cite book |last=Kent |first=Sherman |author-link=Sherman Kent |title=The Election of 1827 in France |url=https://archive.org/details/electionof1827in0000kent |date=1975 |publisher=Harvard University Press |isbn=0-6742-4321-8 |ol=5185010M}} * {{Cite book |last=Kirkup |first=T. |title=A History of Socialism |url=https://archive.org/details/ahistorysociali02kirkgoog |date=1892 |publisher=Adam and Charles Black |location=London}} * {{Cite book |last=Pilbeam |first=Pamela |title=French History Since Napoleon |url=https://archive.org/details/frenchhistorysin0000unse |date=1999 |publisher=Arnold |isbn=0-3406-7731-7 |editor-last=Alexander |editor-first=Martin S. |author-link=Pamela Pilbeam}} * {{Cite book |last=Price |first=Munro. |title=The Perilous Crown: France between Revolutions |url=https://archive.org/details/perilouscrownfra0000pric |date=2008 |publisher=Pan |isbn=978-0-3304-2638-1}} * {{Cite book |last=Sauvigny |first=Guillaume de Bertier de |author-link=Guillaume de Bertier de Sauvigny |title=The Bourbon Restoration |url=https://archive.org/details/bourbonrestorati0000bert |date=1966}} * {{Cite book |last=Tombs |first=Robert |author-link=Robert Tombs |title=France 1814–1914 |url=https://archive.org/details/france181419140000tomb |date=1996 |publisher=Longman |isbn=0-5824-9314-5 |location=London}} * {{Cite book |last=Wolf |first=John B. |title=France: 1814–1919: The Rise of a liberal-Democratic Society (France, 1815 to the present) |date=1962 |edition=2nd |pages=4–27 |author-link=John Baptist Wolf}} {{Refend}} ==अग्रिम पठन== {{Refbegin|30em}} * {{Cite journal |last=Artz |first=Frederick B. |title=The Electoral System in France during the Bourbon Restoration, 1815–30 |url=https://archive.org/details/sim_journal-of-modern-history_1929-06_1_2/page/205 |journal=Journal of Modern History |volume=1 |issue=2 |date=1929 |pp=205–218 |jstor=1872004}} :* {{Cite book |last=Artz |first=Frederick B. |author-mask=2 |date=1934 |title=Reaction and Revolution, 1814–1832|url=https://archive.org/details/reactionrevoluti0000fred_o8a2 }} * Beach, Vincent W. (1971) ''Charles X of France: His Life and Times'' (Boulder: Pruett, 1971) 488 pp * {{Cite journal |last=Brogan |first=D. W. |title=The French Restoration: 1814–1830 (Part 1) |url=https://archive.org/details/sim_history-today_1956-01_6_1/page/28 |journal=History Today |date=January 1956 |volume=6 |issue=1 |pp=28–36 |author-link=Denis William Brogan}} :* {{Cite journal |last=Brogan |first=D. W. |author-mask=2 |title=The French Restoration: 1814–1830 (Part 2) |url=https://archive.org/details/sim_history-today_1956-02_6_2/page/104 |journal=History Today |date=February 1956 |volume=6 |issue=2 |pp=104–109}} * Charle, Christophe. (1994) ''A Social History of France in the 19th Century'' (1994) pp 1–52 * {{Cite book |last=Collingham |first=Hugh A. C. |title=The July Monarchy: A Political History of France, 1830–1848 |url=https://archive.org/details/isbn_9780582013346 |publisher=Longman |date=1988 |isbn=0-5820-2186-3 |location=London}} * Counter, Andrew J. "A Nation of Foreigners: Chateaubriand and Repatriation." ''Nineteenth-Century French Studies'' 46.3 (2018): 285–306. [https://muse.jhu.edu/article/692199/summary online] * {{Cite journal |last=Fenby |first=Jonathan |title=Return of the King |url=https://archive.org/details/sim_history-today_2015-10_65_10/page/49 |journal=History Today |date=October 2015 |volume=65 |issue=10 |pp=49–54 |author-link=Jonathan Fenby}} * Fortescue, William. (1988) ''Revolution and Counter-revolution in France, 1815–1852'' (Blackwell, 1988). * {{Cite journal |last=Fozzard |first=Irene |title=The Government and the Press in France, 1822 to 1827 |url=https://archive.org/details/sim_english-historical-review_1951-01_66_258/page/51 |journal=English Historical Review |volume=66 |issue=258 |date=1951 |pp=51–66 |jstor=556487 |author-link= Irene Collins}} * Hall, John R. ''The Bourbon Restoration'' (1909) [https://archive.org/details/bourbonrestorat00hallgoog online free] * Haynes, Christine. ''Our Friends the Enemies. The Occupation of France after Napoleon'' (Harvard University Press, 2018) [https://issforum.org/roundtables/PDF/Roundtable-XXI-30.pdf online reviews] * {{Cite book |last=Jardin |first=Andre |first2=Andre-Jean |last2=Tudesq |title=Restoration and Reaction 1815–1848 |date=1988 |author-link=André Jardin}} * Kelly, George A. "Liberalism and aristocracy in the French Restoration." ''Journal of the History of Ideas'' 26.4 (1965): 509–530. [https://www.lesdoctrinaires.fr/wp-content/uploads/2017/12/George-A.-Kelly-Liberalism-and-Aristocracy-in-the-French-Restoration.pdf Online] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180630190123/https://www.lesdoctrinaires.fr/wp-content/uploads/2017/12/George-A.-Kelly-Liberalism-and-Aristocracy-in-the-French-Restoration.pdf |date=2018-06-30 }} * Kieswetter, James K. "The Imperial Restoration: Continuity in Personnel and Policy under Napoleon I and Louis XVIII." ''Historian'' 45.1 (1982): 31–46. [https://www.jstor.org/stable/24445230 online] * Knapton, Ernest John. (1934) "Some Aspects of the Bourbon Restoration of 1814." ''Journal of Modern History'' (1934) 6#4 pp: 405–424. [https://www.jstor.org/stable/1871641 in JSTOR] * {{Cite journal |last=Kroen |first=Sheryl T. |date=Winter 1998 |title=Revolutionizing Religious Politics during the Restoration |url=https://archive.org/details/sim_french-historical-studies_winter-1998_21_1/page/27 |journal=[[French Historical Studies]] |volume=21 |issue=1 |pages=27–53 |doi=10.2307/286925 |jstor=286925}} * {{Cite book |last=Lucas-Dubreton |first=Jean |title=The Restoration and the July Monarchy |url=https://archive.org/details/restorationjulym0008jluc |date=1929 |pp=[https://archive.org/details/restorationjulym0008jluc/page/1 1]–173 |author-link=Jean Lucas-Dubreton}} * Merriman, John M. ed. ''1830 in France'' (1975). 7 long articles by scholars. * {{Cite journal |last=Newman |first=Edgar Leon |date=March 1974 |title=The Blouse and the Frock Coat: The Alliance of the Common People of Paris with the Liberal Leadership and the Middle Class during the Last Years of the Bourbon Restoration |url=https://archive.org/details/sim_journal-of-modern-history_1974-03_46_1/page/26 |journal=[[The Journal of Modern History]] |volume=46 |issue=1 |pages=26–59 |doi=10.1086/241164 |s2cid=153370679}} :* {{Cite book |last=Newman |first=Edgar Leon |author-mask=2 |first2=Robert Lawrence |last2=Simpson |title=Historical Dictionary of France from the 1815 Restoration to the Second Empire |publisher=Greenwood Press |date=1987 |isbn=0-3132-2751-9 |ol=2536874M}} * {{Cite journal |last=Pilbeam |first=Pamela |date=June 1982 |title=The Growth of Liberalism and the Crisis of the Bourbon Restoration, 1827–1830 |url=https://archive.org/details/sim_historical-journal_1982-06_25_2/page/351 |journal=[[The Historical Journal]] |volume=25 |issue=2 |pages=351–366 |doi=10.1017/S0018246X00011596 |s2cid=154630064 |author-link=Pamela Pilbeam}} :* {{Cite journal |author-mask=2 |last=Pilbeam |first=Pamela |date=June 1989 |title=The Economic Crisis of 1827–32 and the 1830 Revolution in Provincial France |url=https://archive.org/details/sim_historical-journal_1989-06_32_2/page/319 |journal=[[The Historical Journal]] |volume=32 |issue=2 |pages=319–338 |doi=10.1017/S0018246X00012176 |s2cid=154412637}} * {{Cite book |last=Pinkney |first=David H. |title=The French Revolution of 1830 |url=https://archive.org/details/frenchrevolution0000pink |date=1972 |author-link= David H. Pinkney}} * {{Cite book |last=Rader |first=Daniel L. |title=The Journalists and the July Revolution in France |publisher=Martinus Nijhoff |date=1973 |isbn=9-0247-1552-0 |location=The Hague}} * Stewart, John Hall. ''The restoration era in France, 1814–1830'' (1968) 223pp * {{Cite book |last=Wolf |first=John B. |date=1940 |title=France: 1815 to the Present |url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.60160 |author-link= John Baptist Wolf |oclc=1908475 |ol=6409578M |pp=1–75}} {{Refend}} ===इतिहास-लेखन=== {{Refbegin|30em}} * Haynes, Christine. "Remembering and Forgetting the First Modern Occupations of France", ''Journal of Modern History'' 88:3 (2016): 535–571 [https://www.jstor.org/stable/42843569 online] * {{Cite journal |last=Sauvigny |first=G. de Bertier de |date=Spring 1981 |title=The Bourbon Restoration: One Century of French Historiography |journal=[[French Historical Studies]] |volume=12 |issue=1 |pages=41–67 |doi=10.2307/286306 |jstor=286306}} {{Refend}} ===प्राथमिक स्रोत=== {{Refbegin}} * {{Cite book |last=Anderson, F.M. |url=https://archive.org/details/constitutionsan02andegoog |title=The constitutions and other select documents illustrative of the history of France, 1789–1901 |publisher=The H. W. Wilson company 1904. |date=1904}}, complete text online * Collins, Irene, ed. ''Government and society in France, 1814–1848'' (1971) pp 7–87. Primary sources translated into English. * Lindsann, Olchar E. ed. ''Liberté, Vol. II: 1827–1847'' (2012) original documents in English translation regarding politics, literature, history, philosophy, and art. [https://archive.org/details/libertecc81-reader-2-online online free]; 430pp * Stewart, John Hall ed. ''The Restoration Era in France, 1814–1830'' (1968) 222pp; excerpts from 68 primary sources, plus 87pp introduction {{Refend}} j4s27g3bfoyuuhd70iubovybgyxzj1s आरबीएल बैंक 0 1536788 6582570 6553126 2026-07-14T14:06:33Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 0 sources and tagging 1 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582570 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक कम्पनी|name=आरबीएल बैंक|logo=RBL Bank SVG Logo.svg|logo_size=250px|image_size=|image=|type=निजी|traded_as={{BSE|540065}}<br />{{NSE|RBLBANK}}|foundation={{Start date and age|1943|08|df=yes}}|products=उपभोक्ता बैंकिंग, कॉर्पोरेट बैंकिंग, वित्त और बीमा, क्रेडिट कार्ड|revenue={{up}}15437 करोड (2024)<ref name=BalSheet>{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/rbl-bank-ltd/yearly/companyid-7750.cms|title=RBL Bank Yearly Results|website=The Economic Times|access-date=2023-01-01}}</ref>|operating_income={{up}}3031 करोड (2024)<ref name="BalSheet"/>|net_income={{up}}9086करोड (2024)<ref name="BalSheet"/>|assets={{up}}138432 करोड (2024)<ref name=BalSheet2>{{cite web|url=https://ir.rblbank.com/pdfs/financial%20highlights/CombinedResultQ4FY23.pdf|title=Combined Result Q4 FY23|website=RBL Bank|access-date=2023-01-01|archive-date=4 अक्तूबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20231004055516/https://ir.rblbank.com/pdfs/financial%20highlights/CombinedResultQ4FY23.pdf|url-status=dead}}</ref>|equity=|num_employees=12,473 (2024)|location=[[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]], भारत|key_people=आर सुब्रमण्यकुमार <br>{{small|(एमडी एवं सीईओ)}}|homepage={{URL|https://www.rblbank.com/}}}}'''आरबीएल बैंक''', जिसे पहले '''रत्नाकर बैंक लिमिटेड''' के नाम से जाना जाता था, 1943 में स्थापित एक [[भारत में कार्यरत बैंकों की सूची|भारतीय निजी क्षेत्र का बैंक]] है और इसका मुख्यालय [[मुम्बई|मुंबई]] में है। <ref name="rblbank.com">{{Cite web|url=https://www.rblbank.com/about-us|title=About Us|website=www.rblbank.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20220506134700/https://www.rblbank.com/about-us|archive-date=6 May 2022|access-date=24 May 2023}}</ref> यह कॉर्पोरेट बैंकिंग, वाणिज्यिक बैंकिंग, शाखा बैंकिंग और खुदरा देनदारियां, खुदरा संपत्ति और ट्रेजरी और वित्तीय बाजार संचालन सहित पांच क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करता है।<ref name="rblbank.com" /><ref>{{Cite web|url=http://www.bankingservices/news/banking/2023/01/01/pe-backed-rbl-bank-files-exit|title=RBL Bank toIPO|date=1 Jan 2023|publisher=Banking Services|access-date=1 Jan 2023}}{{Dead link|date=अगस्त 2024 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> == इतिहास == 6 अगस्त 1943 को, रत्नाकर बैंक की स्थापना [[महाराष्ट्र]] में एक क्षेत्रीय बैंक के रूप में की गई थी, जिसकी [[कोल्हापुर]] और [[सांगली]] में दो शाखाएँ थीं, सांगली के बबगोंडा भुजगोंडा पाटिल और कोल्हापुर के गंगप्पा सिद्दप्पा चौगुले द्वारा। यह मुख्य रूप से कोल्हापुर-सांगली क्षेत्र के [[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग|लघु एवं मध्यम उद्यमों]] (एसएमई) तथा व्यापारियों को सेवा प्रदान करता था। बैंक को 14 जून 1943 को [[कोल्हापुर जिला|कोल्हापुर जिले]] में रत्नाकर बैंक लिमिटेड के रूप में शामिल किया गया था। <ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/articleshow/6129247.cms|title=Ratnakar Bank gets new-look board|last=M|first=Sabarinath|date=2010-07-05|work=The Economic Times|access-date=2019-09-21}}</ref> <ref name="ET History">{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/rbl-bank-ltd/infocompanyhistory/companyid-7750.cms|title=Company History - RBL Bank Ltd.|work=economictimes.indiatimes.com|access-date=February 15, 2019|publisher=[[The Economic Times]]}}</ref> 1959 में, बैंक को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अनुसार [[अनुसूचित बैंक|अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक]] के रूप में वर्गीकृत किया गया था। इस दशक के दौरान इसे एनएच4 बैंक के रूप में संदर्भित किया गया। 1970 में इसे [[भारतीय रिज़र्व बैंक]] (आरबीआई) से बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त हुआ। <ref>{{Cite news|url=https://www.business-standard.com/article/finance/ratnakar-bank-from-nh4-to-nh8-112112300028_1.html|title=Ratnakar Bank: From NH4 to NH8|last=Chakraborty|first=Somasroy|date=January 20, 2013|work=business-standard.com|access-date=February 15, 2019|publisher=[[Business Standard]]}}</ref> जुलाई 2010 में विश्ववीर आहूजा बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ बने। अगस्त 2014 में बैंक का नाम बदलकर आरबीएल बैंक लिमिटेड कर दिया गया।<ref name="ET History2">{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/rbl-bank-ltd/infocompanyhistory/companyid-7750.cms|title=Company History - RBL Bank Ltd.|work=economictimes.indiatimes.com|access-date=February 15, 2019|publisher=[[The Economic Times]]}}</ref> 12 जून 2022 को आर सुब्रमण्यकुमार को बैंक का प्रबंध निदेशक और सीईओ नियुक्त किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/business/banks/who-is-r-subramaniakumar-the-new-md-ceo-of-rbl-bank-8673511.html|title=Who is R Subramaniakumar, the new MD & CEO of RBL Bank?|website=Moneycontrol}}</ref> == संचालन == मार्च 2024 तक, इसकी 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 545 शाखाओं और 395 [[स्वचालित गणक मशीन|एटीएम]] का नेटवर्क था। इसमें 12,473 कर्मचारी हैं। <ref name="ET">{{Cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/earnings/rbl-bank-q4-results-standalone-pat-jumps-30-yoy-to-rs-353-crore/articleshow/109643607.cms|title=RBL Bank Q4 results: Standalone PAT jumps 30% YoY to Rs 353 crore|date=27 April 2024|website=The Economic Times}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.rblbank.com/about-us|title=About Us {{!}} RBL Bank|website=www.rblbank.com}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://ir.rblbank.com/pdfs/financial-highlights/Investor_Presentation_Q4_FY24.pdf|title=Investor Report|website=RBL Bank}}{{Dead link|date=जुलाई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> बैंक के पास 1,272 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाओं का नेटवर्क भी है, जिनमें से 952 का प्रबंधन बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आरबीएल फिनसर्व लिमिटेड द्वारा किया जाता है। <ref name="ET" /> 2016 में, बैंक ने मध्य प्रदेश के चार जिलों में 25,000 व्यक्तियों और 300 गांवों को शिक्षा प्रदान करने के लिए सीडीसी के सहयोग से सक्षम नामक एक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम चलाया। <ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/?mode=details&id=43022|title=RBL Saksham in Madhya Pradesh|publisher=Telegraph India|access-date=11 April 2016}}</ref> 2013 में अहमदाबाद में एक और सक्षम कार्यक्रम चलाया गया <ref>{{Cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/business/india-business/Ratnakar-Bank-launches-financial-literacy-programme-in-Ahmedabad/articleshow/26916420.cms|title=Saksham in Ahmedabad|date=5 December 2013|work=Times Of India|access-date=11 April 2016}}</ref> 2018 में, आरबीएल बैंक ने भारत का पहला व्यक्तिगत क्रेडिट लाइन-आधारित ऐप लॉन्च करने के लिए मनीटैप के साथ साझेदारी की। <ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/news/moneytap-rbl-bank-to-offer-line-of-credit-to-small-units/articleshow/58801319.cms|title=Moneytap, RBL Bank to offer line-of-credit to small units|last=Bhakta|first=Pratik|date=2017-05-23|work=The Economic Times|access-date=2018-11-07}}</ref> उसी वर्ष जून में, कंपनी ने घोषणा की कि उसने माइक्रोलेंडर स्वाधार फिनसर्व में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी है। <ref>{{Cite web|url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/rbl-bank-buys-100-stake-in-swadhaar-finserve/article24281525.ece|title=RBL Bank buys 100% stake in Swadhaar FinServe|date=28 June 2018}}</ref> === अनुदान === बैंक ने 2010 से अब तक 8,600 करोड़ रुपए की इक्विटी पूंजी और 1500 करोड़ रुपए का बेसल III-अनुरूप टियर II ऋण जुटाया है। बैंक में बैरिंग्स प्राइवेट इक्विटी एशिया, ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (पूर्व में सीडीसी ग्रुप), मल्टीपल्स अल्टरनेट एसेट मैनेजमेंट, एशियाई विकास बैंक, एचडीएफसी लिमिटेड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस और गजा कैपिटल आदि इसके शेयरधारक हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.vccircle.com/rbl-bank-to-raise-260-mn-from-multiples-pe-cdc-and-others|title=RBL Bank to raise $260 mn from Multiples PE, CDC and others|date=7 July 2017}}</ref> 2010 के दशक के दौरान, आरबीएल बैंक ने निवेशकों से कुल 4,000 करोड़ रुपये जुटाए। इसने 2011 में 700 करोड़ रुपये, 2013 में 376 करोड़ रुपये, 2014 में 328 करोड़ रुपये और 2016 में 488 करोड़ रुपये जुटाए <ref>{{Cite news|url=http://www.business-standard.com/article/finance/rbl-bank-raises-rs-328-cr-from-global-investors-114041000524_1.html|title=RBL raises capital|date=10 April 2014|work=Business Standard India|access-date=20 Sep 2017|publisher=Business Standard}}</ref> जुलाई 2017 में, आरबीएल बैंक को अतिरिक्त 1680 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बोर्ड की मंज़ूरी मिली। <ref>{{Cite news|url=http://www.business-standard.com/article/companies/rbl-bank-to-raise-rs-1-680-cr-from-institutional-investors-117070800046_1.html|title=RBL Board Approval to raise 1680 Crore|last=Hetavkar|first=Nikhat|date=8 July 2017|work=Business Standard India|access-date=20 Sep 2017|publisher=Business Standard}}</ref> दिसंबर 2019 में, कंपनी ने घोषणा की कि उसने तरजीही निर्गम के माध्यम से 675 करोड़ रुपये जुटाए हैं। ईस्ट ब्रिज कैपिटल मास्टर फंड और डब्ल्यूएफ एशियन रिकॉनिस्सेंस फंड जैसे निवेशकों ने भाग लिया। <ref>{{Cite web|url=https://www.livemint.com/companies/news/rbl-bank-raises-rs-675-crore-via-preferential-issue-11577791247092.html|title=RBL Bank raises ₹675 crore via preferential issue|last=Saxena|first=Ridhima|date=31 December 2019}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/business/rbl-bank-to-raise-rs-825-79-crore-through-private-placement-of-shares-4688741.html|title=RBL Bank to raise Rs 825.79 crore through private placement of shares|date=30 November 2019|publisher=Money Control|access-date=1 December 2019}}</ref> अगस्त 2020 में, कंपनी ने घोषणा की कि उसने तरजीही निर्गम के माध्यम से 1,566 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसका नेतृत्व बैरिंग प्राइवेट इक्विटी एशिया ने किया, जबकि अन्य निवेशकों में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ, सीडीसी ग्रुप और स्थानीय निजी इक्विटी कंपनी गजा कैपिटल शामिल थे। <ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/news/investors-led-by-baring-pe-put-rs-1566-crore-into-rbl-bank/articleshow/77656774.cms|title=Investors led by Baring PE put Rs 1566 crore into RBL Bank|last=Rebello|first=Joel|work=The Economic Times}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.livemint.com/market/stock-market-news/baring-pe-others-to-invest-1-566-crore-in-rbl-bank-11597971135171.html|title=Baring PE, others to invest ₹1,566 crore in RBL Bank|last=Dhanjal|first=Swaraj Singh|date=21 August 2020|work=Livemint|language=en}}</ref> == पुरस्कार == * डिजिटल समाधान के लिए सर्वश्रेष्ठ बैंक - यूरोमनी द्वारा एशियामनी सर्वश्रेष्ठ बैंक पुरस्कार 2022 <ref>{{Cite web|url=https://www.euromoney.com/article/b1ddgmvktgp4hg/asiamoney-best-bank-awards-2019-india#Micro|title=Award winners {{!}} Best for Digital Solutions: RBL Bank|date=2019|website=EuroMoney|access-date=26 जून 2024|archive-date=12 अगस्त 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200812134946/https://www.euromoney.com/article/b1ddgmvktgp4hg/asiamoney-best-bank-awards-2019-india#Micro|url-status=dead}}</ref> * [[लघु वित्त|माइक्रोफाइनेंस]] के लिए सर्वश्रेष्ठ बैंक - यूरोमनी द्वारा एशियामनी सर्वश्रेष्ठ बैंक पुरस्कार 2019 <ref>{{Cite web|url=https://www.euromoney.com/article/b1ddgmvktgp4hg/asiamoney-best-bank-awards-2019-india#Micro|title=Award winners {{!}} Best for Microfinance: RBL Bank|date=2019|website=EuroMoney|access-date=26 जून 2024|archive-date=12 अगस्त 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200812134946/https://www.euromoney.com/article/b1ddgmvktgp4hg/asiamoney-best-bank-awards-2019-india#Micro|url-status=dead}}</ref> * बेस्ट स्मॉल बैंक, बिजनेस टुडे – मनी टुडे फाइनेंशियल अवार्ड्स 2019 <ref>{{Cite web|url=https://www.businesstoday.in/magazine/indias-best-banks-2019/sbi-hdfc-bank-bag-bank-of-the-year-award-at-bt-mt-financial-awards-2019/story/325649.html|title=SBI, HDFC Bank bag 'Bank of the Year' award at BT-MT Financial Awards 2019|date=7 March 2019|website=www.businesstoday.in|access-date=2019-08-29}}</ref> * सर्वश्रेष्ठ स्व-सेवा बैंकिंग पहल, अनुप्रयोग - द एशियन बैंकर द्वारा द एशियन बैंकर वित्तीय प्रौद्योगिकी नवाचार पुरस्कार <ref>{{Cite web|url=https://www.edgeverve.com/finacle/awards/rbl-bank-asian-banker-financial-technology-awards-2019|title=Infosys Finacle & RBL Bank Win The Asian Banker Award 2019|website=EdgeVerve|language=en-US|access-date=2019-08-29|archive-date=4 अक्तूबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20231004055522/https://www.edgeverve.com/finacle/awards/rbl-bank-asian-banker-financial-technology-awards-2019/|url-status=dead}}</ref> == यह भी देखें == * [[भारत में बैंकिंग]] * [[भारत में कार्यरत बैंकों की सूची|भारत में बैंकों की सूची]] * [[भारतीय कंपनियों की सूची|भारत की कंपनियों की सूची]] == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी लिंक == * {{Official website|http://www.rblbank.com/}}{{भारत के बैंक}} [[श्रेणी:बंबई स्टॉक एक्स्चेंज में सूचित कंपनियां]] [[श्रेणी:भारत में निजी क्षेत्र के बैंक]] 5bcjex6f9uren05kadoaovfrpr0xju8 इशिहारा परीक्षण 0 1536799 6582672 6457617 2026-07-15T00:50:45Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582672 wikitext text/x-wiki {{Infobox medical intervention|Name=रंग धारणा परीक्षण|image=Ishihara 9.svg|caption=इशिहारा रंग परीक्षण प्लेट का उदाहरण। संख्या "74" दर्शकों को सामान्य रंग दृष्टि से दिखाई देनी चाहिए। लाल-हरे रंग के अंधापन वाले दर्शक इसे "21" के रूप में पढ़ेंगे, <ref>{{cite book |last1=Bonewit-West |first1=Kathy |last2=Hunt |first2=Sue |last3=Applegate |first3=Edith |title=Today's Medical Assistant - E-Book: Clinical & Administrative Procedures |date=18 June 2014 |publisher=Elsevier Health Sciences |isbn=978-0-323-29180-4 |url=https://books.google.com/books?id=Xc7sAwAAQBAJ&dq=Ishihara+chart+%2274%22+%2221%22&pg=PA389 |language=en}}</ref> और मोनोक्रोमेसी वाले दर्शक कुछ भी नहीं देख पाएंगे।|ICD10=|ICD9=95.06|MeshID=D003119|OPS301=|OtherCodes=|HCPCSlevel2=}} '''इशिहारा परीक्षण''' लाल-हरे [[वर्णान्धता]] का पता लगाने के लिए एक रंग दृष्टि परीक्षण है। इसका नाम इसके डिजाइनर, शिनोबू इशिहारा, [[टोक्यो विश्वविद्यालय]] के एक प्रोफेसर के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने पहली बार सन् 1917 में अपने परीक्षण प्रकाशित किए थे।<ref name="ishihara1917">S. Ishihara, Tests for color-blindness (Handaya, Tokyo, Hongo Harukicho, 1917).</ref> परीक्षण में कई '''इशिहारा प्लेटें''' शामिल हैं, जो एक प्रकार की छद्म-आइसोक्रोमैटिक प्लेट हैं। प्रत्येक प्लेट रंग और आकार में यादृच्छिक दिखाई देने वाले रंगीन बिंदुओं का एक ठोस वृत्त दर्शाती है।<ref>{{cite web|url=http://www.eyemagazine.com/feature/article/ishihara|title=Ishihara|last=Kindel|first=Eric|work=Eye Magazine|access-date=3 December 2013}}</ref> पैटर्न के भीतर बिंदु होते हैं जो एक संख्या या आकार बनाते हैं जो सामान्य रंग दृष्टि वाले लोगों के लिए स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, और लाल-हरे रंग की दृष्टि दोष वाले लोगों के लिए अदृश्य, या देखने में मुश्किल होते हैं। अन्य प्लेटें जानबूझकर केवल लाल-हरे रंग की दृष्टि की कमी वाले लोगों के लिए संख्याएँ प्रकट करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं, और सामान्य लाल-हरे रंग की दृष्टि वाले लोगों के लिए अदृश्य हैं। पूर्ण परीक्षण में 38 प्लेटें होती हैं, लेकिन गंभीर कमी का अस्तित्व आमतौर पर केवल कुछ प्लेटों के बाद ही स्पष्ट होता है। 10, 14 या 24 परीक्षण प्लेटों से युक्त इशिहारा परीक्षण भी हैं, और कुछ संस्करणों में प्लेटें दर्शकों को एक संख्या पढ़ने के बजाय एक पंक्ति का पता लगाने के लिए कहती हैं।<ref name="ishihara">{{cite book|url=http://www.dfisica.ubi.pt/~hgil/p.v.2/Ishihara/Ishihara.24.Plate.TEST.Book.pdf|title=Tests for Colour-Blindness|last1=Ishihara|first1=Shinobu|date=1972|publisher=Kanehara Shuppan|access-date=17 June 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201208160704/http://www.dfisica.ubi.pt/~hgil/p.v.2/Ishihara/Ishihara.24.Plate.TEST.Book.pdf|archive-date=8 December 2020|url-status=dead}}</ref> == प्लेट == प्लेटें कई अलग-अलग परीक्षण डिज़ाइन बनाती हैं: <ref>{{Cite web|url=http://www.color-blindness.com/2010/03/23/color-blindness-tests/|title=Color Blindness Tests|last=Fluck|first=Daniel|date=23 March 2010|website=Colblinder|access-date=3 December 2013}}</ref> * '''प्रदर्शन प्लेटें:''' (प्लेट संख्या एक, आमतौर पर अंक "12"); सभी व्यक्तियों द्वारा देखे जाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं, चाहे वे सामान्य हों या रंग दृष्टि में कमी वाले हों। केवल प्रदर्शन के उद्देश्य से, तथा आमतौर पर स्क्रीनिंग उद्देश्यों के लिए स्कोर बनाने में इस पर विचार नहीं किया जाता। * '''परिवर्तन प्लेटें:''' रंग दृष्टि दोष वाले व्यक्तियों को सामान्य रंग दृष्टि वाले व्यक्तियों से भिन्न आकृति दिखाई देगी। * '''लुप्त प्लेटें:''' केवल सामान्य रंग दृष्टि वाले व्यक्ति ही आकृति को पहचान सकते हैं। * '''छिपी हुई अंक प्लेटें:''' केवल रंग दृष्टि दोष वाले व्यक्ति ही आकृति को पहचान सकते हैं। * '''डायग्नोस्टिक प्लेटें:''' इनका उद्देश्य रंग दृष्टि दोष ( [[वर्णान्धता|प्रोटानोपिया]] या [[वर्णान्धता|ड्यूटेरानोपिया]] ) के प्रकार और उसकी गंभीरता का निर्धारण करना है। * '''प्लेटों का अनुरेखण:''' किसी संख्या को पढ़ने के बजाय, विषयों को प्लेट पर एक दृश्यमान रेखा का अनुरेखण करने के लिए कहा जाता है। <ref name="ishihara2">{{Cite book|url=http://www.dfisica.ubi.pt/~hgil/p.v.2/Ishihara/Ishihara.24.Plate.TEST.Book.pdf|title=Tests for Colour-Blindness|last=Ishihara|first=Shinobu|date=1972|publisher=Kanehara Shuppan|access-date=17 June 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201208160704/http://www.dfisica.ubi.pt/~hgil/p.v.2/Ishihara/Ishihara.24.Plate.TEST.Book.pdf|archive-date=8 December 2020}}</ref><gallery> चित्र:Ishihara_1.svg|पाठ=Ishihara Plate No. 1 (12)|इशिहारा प्लेट नंबर 1 (12) चित्र:Ishihara_11.PNG|पाठ=Ishihara Plate No. 13 (6)|इशिहारा प्लेट नं. 13 (6) चित्र:Ishihara_23.PNG|पाठ=Ishihara Plate No. 23 (42)|इशिहारा प्लेट नं. 23 (42) चित्र:Ishihara_19.PNG|पाठ=Ishihara Plate No. 19 (hidden 2)|इशिहारा प्लेट नं. 19 (छिपा हुआ 2) </gallery>परीक्षण के संक्षिप्त नैदानिक संस्करण और पूर्ण 38-प्लेट परीक्षण के बीच प्लेटों की संख्या और घुमाव में भिन्नता होती है। == इतिहास == 1879 में टोक्यो के एक परिवार में जन्मे शिनोबू इशिहारा ने अपनी शिक्षा इंपीरियल यूनिवर्सिटी से शुरू की, जहाँ उन्होंने सैन्य छात्रवृत्ति पर भाग लिया।<ref>{{Cite web|url=http://www.whonamedit.com/doctor.cfm/2765.html|title=Whonamedit - dictionary of medical eponyms|website=www.whonamedit.com|access-date=12 August 2015|archive-date=8 फ़रवरी 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190208143527/http://www.whonamedit.com/doctor.cfm/2765.html|url-status=dead}}</ref> इशिहारा ने जर्मनी में नेत्र विज्ञान में अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की ही थी कि तभी यूरोप में युद्ध छिड़ गया और प्रथम विश्व युद्ध शुरू हो गया। अपने क्षेत्र से संबंधित एक सैन्य पद पर रहते हुए, उन्हें रंग अंधापन परीक्षण बनाने का कार्य दिया गया था। इशिहारा ने मौजूदा परीक्षणों का अध्ययन किया और स्टिलिंग परीक्षण के तत्वों को, जिसका नाम जर्मन नेत्र रोग विशेषज्ञ जैकब स्टिलिंग के नाम पर रखा गया था, छद्म-समवर्णकता की अवधारणा के साथ संयोजित करके एक उन्नत, अधिक सटीक और प्रयोग में आसान परीक्षण तैयार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.smelltest.eu/en/vision-tests/ishihara-test-2/|title=Ishihara test|last=Account|first=Webshop|date=2022-03-04|website=MediSense {{!}} Smelltest.eu|language=en-US|access-date=2024-06-26}}</ref> == परीक्षण प्रक्रिया == एक मुद्रित प्लेट होने के नाते, परीक्षण की सटीकता पृष्ठ को रोशन करने के लिए उचित प्रकाश व्यवस्था के उपयोग पर निर्भर करती है। लगभग 6000-7000 K तापमान (आदर्श: 6500 K, कलर रेंडरिंग इंडेक्स (CRI) >90) के सबसे सटीक परिणाम देने के लिए एक "डेलाइट" बल्ब इल्यूमिनेटर की आवश्यकता होती है, और यह सैन्य रंग दृष्टि स्क्रीनिंग नीति के लिए आवश्यक है। [[प्रदीप्त बत्ती|फ्लोरोसेंट बल्बों]] का उपयोग अक्सर स्कूल परीक्षण में किया जाता है, लेकिन फ्लोरोसेंट बल्बों का रंग और उनका सीआरआई व्यापक रूप से भिन्न हो सकता है। ट्राइक्रोमैट्स में सीएफएल और एलईडी ल्यूमिनेंस की तुलना में फ्लोरोसेंट लाइटिंग ने बेहतर परिणाम और तेज पहचान गति दिखाई। [[तापदीप्त लैम्प]] का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि उनका कम तापमान (पीला रंग) अत्यधिक गलत परिणाम देता है, जिससे कुछ रंग दृष्टि की कमी वाले व्यक्तियों को इससे मुक्ति मिल जाती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.scribd.com/document/581919618/color-blindness-test-plates|title=Color Blindness Test Plates {{!}} Download Free PDF {{!}} Vision {{!}} Image Processing|website=Scribd|language=en|access-date=2024-06-26}}</ref> उचित परीक्षण तकनीक यह है कि उत्तर के लिए प्रति प्लेट केवल तीन सेकंड का समय दिया जाए और विषय द्वारा कोचिंग, छूने या संख्याओं का पता लगाने की अनुमति न दी जाए। यदि संभव हो, तो विषयों द्वारा उत्तरों को पहले से याद रखने की प्रभावशीलता को कम करने के लिए, परीक्षण को यादृच्छिक क्रम में देना सबसे अच्छा है। कुछ छद्म-आइसोक्रोमैटिक प्लेट किताबों के पन्ने बाइंडरों में होते हैं, इसलिए परीक्षण को यादृच्छिक क्रम देने के लिए प्लेटों को समय-समय पर पुन: व्यवस्थित किया जा सकता है।<ref>{{Cite web|url=https://sites.google.com/view/ishihara-test-hellran3p|title=Ishihara Test|website=sites.google.com|language=hi|access-date=2024-06-26}}</ref> अपनी रचना के बाद से, इशिहारा कलर ब्लाइंडनेस टेस्ट अपने आसान उपयोग और उच्च सटीकता के कारण दुनिया भर में आम हो गया है। हाल के वर्षों में, इशिहारा परीक्षण अपने मूल पेपर संस्करण के अलावा ऑनलाइन भी उपलब्ध हो गया है। <ref>ChallengeTBIshihara{{Cite web|url=https://www.challengetb.org/publications/tools/country/Ishihara_Tests.pdf|title=Ishihara Charts|website=www.challengetb.org|publisher=USAID|access-date=26 October 2023}}</ref> यद्यपि दोनों माध्यमों में एक ही प्लेट का उपयोग किया जाता है, फिर भी सटीक निदान के लिए उन्हें अलग-अलग तरीकों की आवश्यकता होती है। == व्यावसायिक जांच == [[अमेरिकी नौसेना|संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना]] रंग दृष्टि जांच के लिए इशिहारा प्लेटों (और विकल्पों) का उपयोग करती है। वर्तमान उत्तीर्णता अंक 14 लाल/हरे परीक्षण प्लेटों में से 10 सही हैं (प्रदर्शन प्लेट को शामिल नहीं किया गया है)। शोध से पता चला है कि बारह से कम अंक रंग दृष्टि की कमी को दर्शाते हैं, और बारह या अधिक सही अंक 97% संवेदनशीलता और 100% विशिष्टता के साथ सामान्य रंग दृष्टि को दर्शाते हैं। इशिहारा परीक्षण की संवेदनशीलता पास होने वाली प्लेटों की संख्या के आधार पर भिन्न होती है, जो संस्थागत नीति के अनुसार भिन्न हो सकती है। संवेदनशीलता परीक्षण प्रशासन (प्रकाश की ताकत, उत्तर देने के लिए दिया गया समय) और परीक्षण त्रुटियों (प्रशासकों द्वारा कोचिंग, दाग, या प्लेटों पर बने निशान) से भी प्रभावित हो सकती है।<ref>https://ttuhscep.edu/opp/_documents/EP-3/ep-3-19A.pdf</ref> == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://museyeum.org/results.php?module=objects&type=browse&id=18&term=COLOUR+VISION+TESTS&page=1 ऑप्टोमेट्रिस्ट कॉलेज - ''इशिहारा और अन्य रंग दृष्टि परीक्षण''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240304070022/https://museyeum.org/results.php?module=objects&type=browse&id=18&term=COLOUR+VISION+TESTS&page=1 |date=4 मार्च 2024 }} {{रंग सूची}} [[श्रेणी:रंग दृष्टि]] e2pd57gn0634ci0elmic8c735f5yv8g लामिन यमल 0 1540532 6582759 6579873 2026-07-15T05:17:45Z Saddam19 834816 add inbox 6582759 wikitext text/x-wiki {{Infobox football biography | image = Lamine Yamal a Xina (2025).png | caption = यामाल, 2025 में | full_name = {{nowrap|लामिने यामाल नस्राओई एबाना}} | birth_date = {{Birth date and age|2007|7|13|df=y}} | birth_place = [[एस्प्लुगेस डी ल्योब्रेगात]], स्पेन | height = 1.78 मी<ref>{{cite web |url=https://www.fcbarcelona.com/en/football/first-team/players/129404/lamine-yamal-nasraoui-ebana |title=Lamine Yamal |publisher=FC Barcelona |access-date=13 अक्टूबर 2024 |archive-date=12 जनवरी 2026 |archive-url=https://web.archive.org/web/20260112195227/https://www.fcbarcelona.com/en/football/first-team/players/129404/lamine-yamal-nasraoui-ebana |url-status=live }}</ref> | position = [[विंगर (फुटबॉल)|विंगर]] | currentclub = [[एफसी बार्सिलोना|बार्सिलोना]] | clubnumber = 10 | youthyears1 = 2012–2014 | youthclubs1 = ला तोरेता | youthyears2 = 2014–2023 | youthclubs2 = [[एफसी बार्सिलोना (युवा)|बार्सिलोना]] | years1 = 2023 | clubs1 = [[एफसी बार्सिलोना एटलेटिक|बार्सिलोना बी]] | caps1 = 1 | goals1 = 0 | years2 = 2023– | clubs2 = [[एफसी बार्सिलोना|बार्सिलोना]] | caps2 = 101 | goals2 = 30 | nationalyears1 = 2021 | nationalteam1 = [[स्पेन राष्ट्रीय अंडर-15 फुटबॉल टीम|स्पेन अंडर-15]] | nationalcaps1 = 6 | nationalgoals1 = 3 | nationalyears2 = 2022 | nationalteam2 = [[स्पेन राष्ट्रीय अंडर-16 फुटबॉल टीम|स्पेन अंडर-16]] | nationalcaps2 = 4 | nationalgoals2 = 1 | nationalyears3 = 2022–2023 | nationalteam3 = [[स्पेन राष्ट्रीय अंडर-17 फुटबॉल टीम|स्पेन अंडर-17]] | nationalcaps3 = 10 | nationalgoals3 = 8 | nationalyears4 = 2022 | nationalteam4 = [[स्पेन राष्ट्रीय अंडर-19 फुटबॉल टीम|स्पेन अंडर-19]] | nationalcaps4 = 1 | nationalgoals4 = 0 | nationalyears5 = 2023– | nationalteam5 = [[स्पेन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम|स्पेन]] | nationalcaps5 = 32 | nationalgoals5 = 7 | medaltemplates = {{MedalSport|पुरुष [[फुटबॉल]]}} {{MedalCountry|{{fb|ESP}}}} {{MedalCompetition|[[यूईएफए यूरोपीय चैम्पियनशिप]]}} {{Medal|W|[[यूईएफए यूरो 2024|2024 जर्मनी]]|}} {{Medal|Comp|[[यूईएफए नेशंस लीग]]}} {{Medal|RU|[[2025 यूईएफए नेशंस लीग फाइनल्स|2025 जर्मनी]]|}} | club-update = 23:11, 22 अप्रैल 2026 (UTC) | nationalteam-update = 23:00, 14 जुलाई 2026 (UTC) | module = {{Infobox person|embed=yes | signature = File:Lamine Yamal (Signature).svg | signature_alt = लामिने यामाल के हस्ताक्षर}} }} ''' अल्अमीन जमाल नस्रावी ईबाना''' (जन्म 13 जुलाई 2007) ये [[कैटलोनिया]] के एक स्पेनिश पेशेवर [[फुटबॉल]]र हैं, जो [[ला लिगा|ला लीगा]] क्लब [[एफ सी बार्सिलोना|बार्सिलोना]] और [[स्पेन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम|स्पेन की राष्ट्रीय टीम]] के लिए राइट विंगर के रूप में खेलते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://ndtv.in/othersports/lamine-yamal-created-history-spain-beats-france-2-1-to-reach-euro-2024-final-kylian-mbappe-hindi-6073944|title=लामिन यमल ने यूरो कप 2024 में रचा इतिहास, फ्रांस को रौंदकर फाइनल में पहुंची स्पेन, एमबाप्पे का नहीं दिखा जलवा|work=NDTV.in|access-date=11 July 2024|archive-date=11 जुलाई 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240711163601/https://ndtv.in/othersports/lamine-yamal-created-history-spain-beats-france-2-1-to-reach-euro-2024-final-kylian-mbappe-hindi-6073944|url-status=dead}}</ref> उन्हें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ युवा प्रतिभाओं में से एक माना जाता है।<ref name="goalsensation">{{Cite web|url=https://www.goal.com/en/lists/watch-lamine-yamal-history-16-year-old-barcelona-sensation-supercopa-goalscoring-record-osasuna/bltd41eed3f97af8ab6|title=Watch: Lamine Yamal making more history! 16-year-old Barcelona sensation breaks Supercopa goalscoring record after late strike against Osasuna|date=11 January 2024|website=[[Goal (website)|Goal]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20240111223729/https://www.goal.com/en/lists/watch-lamine-yamal-history-16-year-old-barcelona-sensation-supercopa-goalscoring-record-osasuna/bltd41eed3f97af8ab6|archive-date=11 January 2024|access-date=10 February 2024}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.givemesport.com/best-young-players-in-world-football-soccer-ranked/|title=The 25 best young players in world football right now ranked in order|date=1 July 2024|website=Give Me Sport}}</ref><ref name="BBCborn24">[https://www.bbc.co.uk/sport/football/articles/cx82xyynw17o 'A superstar is born' - Yamal's history making moment of 'genius'], Gary Rose, ''BBC Sport'', 10 July 2024</ref><ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/hindi/sports/17-year-old-lamine-yamal-breaks-brazil-footballer-pele-record-after-spain-4th-win-in-euro-cup-2024/2337670|title=फुटबॉल में लिखा गया न्यू चैप्टर, 17 साल के खिलाड़ी ने तोड़ा 66 साल पुराना रिकॉर्ड, स्टार फुटबॉलर पेले को पछाड़ा|website=Zee News|language=hi|access-date=2024-07-16}}</ref> == संदर्भ == <references /> == बाहरी कड़ियाँ == {{Commonscat}} * [https://www.laliga.com/en-GB/player/lamine-yamal लामिन यमल] की आधिकारिक वेबसाइट [[श्रेणी:2007 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:फुटबॉल खिलाड़ी]] [[श्रेणी:स्पेन के खिलाड़ी]] a6qcuc5yyorp40vdgsgdeh3g1w0h53o 6582760 6582759 2026-07-15T05:18:35Z Saddam19 834816 6582760 wikitext text/x-wiki {{Infobox football biography | image = Lamine Yamal a Xina (2025).png | caption = यामाल, 2025 में | full_name = {{nowrap|लामिने यामाल नस्राओई एबाना}} | birth_date = {{Birth date and age|2007|7|13|df=y}} | birth_place = [[एस्प्लुगेस डी ल्योब्रेगात]], स्पेन | height = 1.78 मी<ref>{{cite web |url=https://www.fcbarcelona.com/en/football/first-team/players/129404/lamine-yamal-nasraoui-ebana |title=Lamine Yamal |publisher=FC Barcelona |access-date=13 अक्टूबर 2024 |archive-date=12 जनवरी 2026 |archive-url=https://web.archive.org/web/20260112195227/https://www.fcbarcelona.com/en/football/first-team/players/129404/lamine-yamal-nasraoui-ebana |url-status=live }}</ref> | position = [[विंगर (फुटबॉल)|विंगर]] | currentclub = [[एफसी बार्सिलोना|बार्सिलोना]] | clubnumber = 10 | youthyears1 = 2012–2014 | youthclubs1 = ला तोरेता | youthyears2 = 2014–2023 | youthclubs2 = [[एफसी बार्सिलोना (युवा)|बार्सिलोना]] | years1 = 2023 | clubs1 = [[एफसी बार्सिलोना एटलेटिक|बार्सिलोना बी]] | caps1 = 1 | goals1 = 0 | years2 = 2023– | clubs2 = [[एफसी बार्सिलोना|बार्सिलोना]] | caps2 = 101 | goals2 = 30 | nationalyears1 = 2021 | nationalteam1 = [[स्पेन राष्ट्रीय अंडर-15 फुटबॉल टीम|स्पेन अंडर-15]] | nationalcaps1 = 6 | nationalgoals1 = 3 | nationalyears2 = 2022 | nationalteam2 = [[स्पेन राष्ट्रीय अंडर-16 फुटबॉल टीम|स्पेन अंडर-16]] | nationalcaps2 = 4 | nationalgoals2 = 1 | nationalyears3 = 2022–2023 | nationalteam3 = [[स्पेन राष्ट्रीय अंडर-17 फुटबॉल टीम|स्पेन अंडर-17]] | nationalcaps3 = 10 | nationalgoals3 = 8 | nationalyears4 = 2022 | nationalteam4 = [[स्पेन राष्ट्रीय अंडर-19 फुटबॉल टीम|स्पेन अंडर-19]] | nationalcaps4 = 1 | nationalgoals4 = 0 | nationalyears5 = 2023– | nationalteam5 = [[स्पेन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम|स्पेन]] | nationalcaps5 = 32 | nationalgoals5 = 7 | medaltemplates = {{MedalSport|पुरुष [[फुटबॉल]]}} {{MedalCountry|{{fb|ESP}}}} {{MedalCompetition|[[यूईएफए यूरोपीय चैम्पियनशिप]]}} {{Medal|W|[[यूईएफए यूरो 2024|2024 जर्मनी]]|}} {{Medal|Comp|[[यूईएफए नेशंस लीग]]}} {{Medal|RU|[[2025 यूईएफए नेशंस लीग फाइनल्स|2025 जर्मनी]]|}} | club-update = 23:11, 22 अप्रैल 2026 (UTC) | nationalteam-update = 23:00, 14 जुलाई 2026 (UTC) | module = {{Infobox person|embed=yes | signature = File:Lamine Yamal (Signature).svg | signature_alt = लामिने यामाल के हस्ताक्षर}} }} ''' अल्अमीन जमाल नस्रावी ईबाना''' (जन्म 13 जुलाई 2007) ये [[कैटलोनिया]] के एक स्पेनिश पेशेवर [[फुटबॉल]]र हैं, जो [[ला लिगा|ला लीगा]] क्लब [[एफ सी बार्सिलोना|बार्सिलोना]] और [[स्पेन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम|स्पेन की राष्ट्रीय टीम]] के लिए राइट विंगर के रूप में खेलते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://ndtv.in/othersports/lamine-yamal-created-history-spain-beats-france-2-1-to-reach-euro-2024-final-kylian-mbappe-hindi-6073944|title=लामिन यमल ने यूरो कप 2024 में रचा इतिहास, फ्रांस को रौंदकर फाइनल में पहुंची स्पेन, एमबाप्पे का नहीं दिखा जलवा|work=NDTV.in|access-date=11 July 2024|archive-date=11 जुलाई 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240711163601/https://ndtv.in/othersports/lamine-yamal-created-history-spain-beats-france-2-1-to-reach-euro-2024-final-kylian-mbappe-hindi-6073944|url-status=dead}}</ref> उन्हें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ युवा प्रतिभाओं में से एक माना जाता है।<ref name="goalsensation">{{Cite web|url=https://www.goal.com/en/lists/watch-lamine-yamal-history-16-year-old-barcelona-sensation-supercopa-goalscoring-record-osasuna/bltd41eed3f97af8ab6|title=Watch: Lamine Yamal making more history! 16-year-old Barcelona sensation breaks Supercopa goalscoring record after late strike against Osasuna|date=11 January 2024|website=[[Goal (website)|Goal]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20240111223729/https://www.goal.com/en/lists/watch-lamine-yamal-history-16-year-old-barcelona-sensation-supercopa-goalscoring-record-osasuna/bltd41eed3f97af8ab6|archive-date=11 January 2024|access-date=10 February 2024}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.givemesport.com/best-young-players-in-world-football-soccer-ranked/|title=The 25 best young players in world football right now ranked in order|date=1 July 2024|website=Give Me Sport}}</ref><ref name="BBCborn24">[https://www.bbc.co.uk/sport/football/articles/cx82xyynw17o 'A superstar is born' - Yamal's history making moment of 'genius'], Gary Rose, ''BBC Sport'', 10 July 2024</ref><ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/hindi/sports/17-year-old-lamine-yamal-breaks-brazil-footballer-pele-record-after-spain-4th-win-in-euro-cup-2024/2337670|title=फुटबॉल में लिखा गया न्यू चैप्टर, 17 साल के खिलाड़ी ने तोड़ा 66 साल पुराना रिकॉर्ड, स्टार फुटबॉलर पेले को पछाड़ा|website=Zee News|language=hi|access-date=2024-07-16}}</ref> == संदर्भ == <references /> == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.laliga.com/en-GB/player/lamine-yamal लामिन यमल] की आधिकारिक वेबसाइट [[श्रेणी:2007 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:फुटबॉल खिलाड़ी]] [[श्रेणी:स्पेन के खिलाड़ी]] 6iv1s82j6v0zvpj23st311rrujpva7j विधुशेखर शास्त्री 0 1547821 6582613 6237930 2026-07-14T15:59:36Z Salil Kumar Mukherjee 603459 →चित्र 6582613 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति|name=विधुशेखर शास्त्री|image= Bidhushekhar Shastri.png|birth_date=1878|birth_place=[[हरिश्चन्द्रपुर]], [[मालदा जिला|मालदा]]|death_date={{Death year and age|1957|1878}}|death_place=[[कोलकाता]], [[पश्चिम बंगाल]], [[India]]}} '''विधुशेखर शास्त्री''' (1878-1957) एक [[बंगाली लोग|बंगाली]] संस्कृत विद्वान, संपादक और भाषाविद् थे। उन्हें [[वेद|वैदिक साहित्य]], [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ्रेंच]], [[जर्मन भाषा|जर्मन]], [[तिब्बताई भाषाएँ|तिब्बती]] और [[चीनी भाषा|चीनी भाषाओं]] का ज्ञान था। <ref name="Volume 1 2018">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ObFCT5_taSgC&q=Bidhushekhar+Shastri+sanskrit&pg=PA481|title=Encyclopaedia of Indian Literature: A-Devo|last=Volume 1|first=Amaresh Datta|publisher=Sahitya Akademi|year=1987|isbn=9788126018031|access-date=25 July 2018}}</ref> == प्रारंभिक जीवन == विधुशेखर शास्त्री का मूल नाम '''विधुशेखर भट्टाचार्य''' <ref>{{Cite web|url=https://bn.wikisource.org/wiki/%E0%A6%B2%E0%A7%87%E0%A6%96%E0%A6%95:%E0%A6%AC%E0%A6%BF%E0%A6%A7%E0%A7%81%E0%A6%B6%E0%A7%87%E0%A6%96%E0%A6%B0_%E0%A6%AD%E0%A6%9F%E0%A7%8D%E0%A6%9F%E0%A6%BE%E0%A6%9A%E0%A6%BE%E0%A6%B0%E0%A7%8D%E0%A6%AF|title=বিধুশেখর ভট্টাচার্য - উইকিসংকলন একটি মুক্ত পাঠাগার|last=উপাত্ত|first=◄ ভবিধুশেখর ভট্টাচার্য জীবনী|website=bn.wikisource.org|language=bn|access-date=2023-05-15}}</ref> था। उनका जन्म [[मालदा जिला|मालदा]] के पास हरिश्चंद्रपुर में हुआ था। उन्होंने ''टोल'' में पढ़ाई की। ''काव्यतीर्थ की'' उपाधि प्राप्त करने के बाद वे उच्च अध्ययन के लिए [[वाराणसी|बनारस]] चले गए। वे [[संस्कृत भाषा]] में निपुण हो गए और गद्य तथा पद्य लिखने लगे। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बनारस से ''शास्त्री की'' उपाधि प्राप्त की। शुरुआत में उन्होंने [[कोलकाता]] में मेट्रोपोलिटन बहुबाजार शाखा स्कूल में शिक्षण किया। <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=nJcFB8iarboC&q=Bidhushekhar+Shastri+sanskrit&pg=PA57|title=A Collection of Biographies of 4 Kriya Yoga Gurus by Swami Satyananda Giri|last=Yoga Niketan|date=February 2006|publisher=iUniverse|isbn=9780595386758|access-date=25 July 2018}}</ref> 1905 में उन्होंने [[शान्तिनिकेतन|शांतिनिकेतन]] के ब्रह्मचर्य विद्यालय में संस्कृत प्रोफेसर के रूप में अपना करियर शुरू किया <ref>{{Cite journal|last=Dutta|first=Pulak|date=July 2007|title=The Idea of Santiniketan: A Personal Understanding|url=http://www.journal.kfionline.org/issue-11/the-idea-of-santiniketan-a-personal-understanding|journal=Journal of the Krishnamurti Schools|issue=11|access-date=13 May 2023}}</ref> और [[रबीन्द्रनाथ ठाकुर|रवीन्द्रनाथ ठाकुर]] द्वारा स्थापित विद्या भवन के प्रधानाचार्य बने। <ref>{{Cite web|url=https://www.anandabazar.com/rabibashoriyo/santiniketan-also-showed-us-the-example-of-religious-harmony-in-its-school-system-1.1020365|title=শওকতকে সঙ্গে নিয়ে খেতে যেতেন বিধুশেখর শাস্ত্রী|last=রায়|first=বিশ্বজিৎ|website=www.anandabazar.com|language=bn|access-date=2023-05-15}}</ref> इसके बाद वे [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] में आशुतोष प्रोफेसर के रूप में शामिल हो गये। == कृतियाँ == विधुशेखर शास्त्री ने लुप्त संस्कृत ग्रंथों को उन ग्रन्थों के [[तिब्बती|तिब्बती]] [[अनुवाद|अनुवादों]] से पुनः प्राप्त करने के लिए काम किया और साथ ही पुराने संस्कृत ग्रंथों को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया ताकि उन्हें समकालीन समाज में प्रासंगिक बनाया जा सके। उन्होंने [[तर्कशास्त्र]], [[दर्शनशास्त्र]], [[पालि भाषा|पालि]], [[बौद्ध धर्म का इतिहास]] आदि विषयों पर [[बंगाली भाषा|बंगाली]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] में 17 पुस्तकों का संपादन किया। शास्त्री जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से डी. लिट और [[विश्व-भारती विश्वविद्यालय|विश्वभारती विश्वविद्यालय]] से ''देशिकोत्तम की उपाधि'' प्राप्त की। 1936 में उन्हें [[भारत सरकार]] द्वारा [[महामहोपाध्याय]] की उपाधि से सम्मानित किया गया। <ref name="Volume 1 2018">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ObFCT5_taSgC&q=Bidhushekhar+Shastri+sanskrit&pg=PA481|title=Encyclopaedia of Indian Literature: A-Devo|last=Volume 1|first=Amaresh Datta|publisher=Sahitya Akademi|year=1987|isbn=9788126018031|access-date=25 July 2018}}<cite class="citation book cs1" data-ve-ignore="true" id="CITEREFVolume_11987">Volume 1, Amaresh Datta (1987). [https://books.google.com/books?id=ObFCT5_taSgC&q=Bidhushekhar+Shastri+sanskrit&pg=PA481 ''Encyclopaedia of Indian Literature: A-Devo'']. Sahitya Akademi. [[अंतर्राष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्या|ISBN]]&nbsp;[[Special:BookSources/9788126018031|<bdi>9788126018031</bdi>]]<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">25 July</span> 2018</span>.</cite><span class="cs1-maint citation-comment" data-ve-ignore="true"><code class="cs1-code"><nowiki>{{</nowiki>[[साँचा:Cite book|cite book]]<nowiki>}}</nowiki></code>: CS1 maint: numeric names: authors list ([[:श्रेणी:CS1 रखरखाव: संख्यात्मक नाम: लेखकों की सूची|link]])</span> [[Category:CS1 maint: numeric names: authors list]]</ref> ; प्रमुख कृतियाँ * पालिप्रवेश * भोटप्रकाश * Yogacharabhumishastra of Asanga (1st part), * बोधिचर्यावतार * नागानन्द नाटक * गौडपादीय आगमशास्त्र * Chatuhshataka of Aryadeva (2nd part), * मध्यान्तविभागभाष्यटीका * Mahayanavingshaka of Nagarjuna, * उपनिषत् (विश्वविद्या संग्रहमाला) * मिलिन्दपान्ह * विवाहमङ्गल * Historical Indroduction to the Indian Schools of Buddhism == संदर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:संस्कृत वैयाकरण]] [[श्रेणी:बंगाली लेखक]] [[श्रेणी:१९५७ में निधन]] [[श्रेणी:1878 में जन्मे लोग]] isj5oz9xy162ui8fm74obc6by15t2ne आसिफ महमूद 0 1547998 6582621 6553176 2026-07-14T17:04:35Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582621 wikitext text/x-wiki {{Infobox officeholder | name = आसिफ महमूद | native_name = {{nobold|আসিফ মাহমুদ}} | native_name_lang = bn | image = Asif Mahmud.jpg | caption = | office = [[Ministry of Youth and Sports (Bangladesh)|Adviser for Youth and Sports]] | term_start = 9 August 2024 | 1blankname = [[Chief Adviser (Bangladesh)|Chief Adviser]] | 1namedata = [[Muhammad Yunus]] | predecessor = [[Nazmul Hassan]] | office1 = [[Ministry of Labour and Employment (Bangladesh)|Adviser for Labour and Employment]] | termstart1 = 16 August 2024 | 1blankname1 = [[Chief Adviser (Bangladesh)|Chief Adviser]] | 1namedata1 = Muhammad Yunus | predecessor1 = [[Md. Nazrul Islam Chowdhury]] | successor1 = | birth_name = Asif Mahmud Shojib Bhuiyan | birth_date = {{birth date and age|1998|8|11|df=y}} | birth_place = [[Muradnagar Upazila|Muradnagar]], [[Cumilla Division|Cumilla]], Bangladesh | nationality = [[Bangladeshi]] | occupation = Social activist | country = Bangladesh | profession = Student, Human Rights Activist | education = Department of Linguistics, [[Dhaka University]] }} '''आसिफ महमूद शोजिब भुइयां''' (बंगालीः आसिफ महमूद जिब भुवेया) (जन्म 11 अगस्त 1998) एक बांग्लादेशी छात्र कार्यकर्ता हैं, जो 2024 बांग्लादेश अंतरिम सरकार के सलाहकार रहे हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.thedailystar.net/news/bangladesh/news/students-youngest-ever-advisers-3672836|title=From students to youngest-ever advisers|last=Saad|first=Muntakim|date=9 August 2024|work=The Daily Star|last2=Islam|first2=Rafiul|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.financialexpress.com/world-news/who-is-student-leader-asif-mahmud-explainer/3577869/|title=Who is student leader Asif Mahmud?|date=8 August 2024|work=Financial express|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.daily-sun.com/post/761206|title=Nahid gets ICT Ministry, Asif to head Sports Ministry|date=9 August 2024|work=[[Daily Sun (Bangladesh)]]|language=en|access-date=18 अगस्त 2024|archive-date=14 अगस्त 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240814084148/https://www.daily-sun.com/post/761206|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.prothomalo.com/bangladesh/si9kcr2j3g|title=উপদেষ্টা পরিষদে ছাত্র আন্দোলনের দুই সমন্বয়ক|last=হাওলাদার|first=আসিফ|date=2024-08-08|website=Prothomalo|language=bn|access-date=2024-08-08}}</ref> वह [[बांग्लादेश में कोटा सुधार आंदोलन 2024|2024 बांग्लादेश कोटा सुधार आंदोलन]] के नेताओं में से एक थे, जो बाद में [[असहयोग आन्दोलन(2024)|असहयोग आंदोलन]] में बदल गया, जिससे [[शेख हसीना]] की सरकार गिर गई।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2024/08/05/world/asia/bangladesh-protests-hasina-resigns.html|title=Facing Mass Protests, Bangladesh Leader Quits, Setting up Power Struggle|last=Hasnat|first=Saif|work=The New York Times|last2=Walid|first2=Shayeza|last3=Das|first3=Anupreeta}}</ref> == प्रारंभिक जीवन == आसिफ महमूद का जन्म 11 अगस्त 1998 को बांग्लादेश के चटगाँव डिवीजन के कोमिला जिले के [[मुरादनगर उपज़िला|मुरादनगर]] के अकूबपुर थाने में मोहम्मद बिल्लाल हुसैन और रोकसाना बेगम के घर हुआ था। महमूद ने ढाका के नखलपारा हुसैन अली हाई स्कूल में पढ़ाई की और वहां अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की।<ref>{{Cite web|url=https://www.tbsnews.net/bangladesh/meet-2-students-who-are-now-advisors-bangladesh-interim-govt-912496|title=Meet the 2 students who are now advisers to Bangladesh's interim govt|date=2024-08-08|website=The Business Standard|language=en|access-date=2024-08-09}}</ref> इसके बाद, उन्होंने एडमजी छावनी महाविद्यालय में अध्ययन किया, जहाँ उन्होंने महाविद्यालय के बीएनसीसी क्लब के प्लाटून सार्जेंट के रूप में कार्य किया। महाविद्यालय से उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद, वह वर्तमान में [[ढाका विश्वविद्यालय]] में पढ़ रहे हैं। वह ढाका विश्वविद्यालय में भाषाविज्ञान विभाग में 2017-18 शैक्षणिक सत्र के छात्र हैं<।<ref>{{Cite web|url=https://www.dailynayadiganta.com/last-page/850594/-%E0%A6%95%E0%A7%8B%E0%A6%9F%E0%A6%BE%E0%A6%B8%E0%A6%82%E0%A6%B8%E0%A7%8D%E0%A6%95%E0%A6%BE%E0%A6%B0-%E0%A6%86%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%A6%E0%A7%8B%E0%A6%B2%E0%A6%A8%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%B8%E0%A6%AE%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%AC%E0%A7%9F%E0%A6%95-%E0%A6%86%E0%A6%B8%E0%A6%BF%E0%A6%AB%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%AC%E0%A6%BE-%E0%A6%AE%E0%A6%B0%E0%A7%8D%E0%A6%97%E0%A7%87-%E0%A6%9B%E0%A7%87%E0%A6%B2%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%B6-%E0%A6%96%E0%A7%81%E0%A6%81%E0%A6%9C%E0%A7%87-%E0%A6%AC%E0%A7%87%E0%A7%9C%E0%A6%BE%E0%A6%9A%E0%A7%8D%E0%A6%9B%E0%A7%87%E0%A6%A8|title=কোটাসংস্কার আন্দোলনের সমন্বয়ক আসিফের বাবা মর্গে ছেলের লাশ খুঁজে বেড়াচ্ছেন|last=দিগন্ত|first=Daily Nayadiganta-নয়া|website=Daily Nayadiganta (নয়া দিগন্ত) : Most Popular Bangla Newspaper|language=bn|access-date=2024-08-08|archive-date=6 अगस्त 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240806084419/https://www.dailynayadiganta.com/last-page/850594/-%E0%A6%95%E0%A7%8B%E0%A6%9F%E0%A6%BE%E0%A6%B8%E0%A6%82%E0%A6%B8%E0%A7%8D%E0%A6%95%E0%A6%BE%E0%A6%B0-%E0%A6%86%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%A6%E0%A7%8B%E0%A6%B2%E0%A6%A8%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%B8%E0%A6%AE%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%AC%E0%A7%9F%E0%A6%95-%E0%A6%86%E0%A6%B8%E0%A6%BF%E0%A6%AB%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%AC%E0%A6%BE-%E0%A6%AE%E0%A6%B0%E0%A7%8D%E0%A6%97%E0%A7%87-%E0%A6%9B%E0%A7%87%E0%A6%B2%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%B6-%E0%A6%96%E0%A7%81%E0%A6%81%E0%A6%9C%E0%A7%87-%E0%A6%AC%E0%A7%87%E0%A7%9C%E0%A6%BE%E0%A6%9A%E0%A7%8D%E0%A6%9B%E0%A7%87%E0%A6%A8|url-status=dead}}</ref> == सक्रियता == महमूद एक छात्र आंदोलन के समन्वयक थे-भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन, सरकारी नौकरियों में कोटा का विरोध करते हुए, जो हसीना को सत्ता से हटाने के अभियान में विकसित हुआ।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2024/08/05/world/asia/bangladesh-protest-sheikh-hasina.html|title=She Thought Her Grip Was Unbreakable. Bangladeshis Would Prove Otherwise.|last=Mashal|first=Mujib|date=5 August 2024|work=The New York Times}}</ref> नाहिद इस्लाम और अन्य लोगों के साथ उन्होंने जुलाई 2024 के मध्य में राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त की जब उन्हें और ढाका विश्वविद्यालय के कई अन्य छात्रों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया क्योंकि विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे।<ref>{{Cite news|url=https://www.thedailystar.net/news/bangladesh/rights/news/3-quota-protest-organisers-picked-hospital-3662756|title=3 quota protest organisers 'picked up' from hospital|last=Report|first=Star Digital|date=26 July 2024|work=The Daily Star|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.tbsnews.net/bangladesh/quota-protest-coordinators-asif-nahid-baker-allegedly-picked-db-men-hospital-db-denies|title=Quota protest coordinators Asif, Nahid, Baker 'taken into DB custody for security reasons'|date=26 July 2024|work=[[The Business Standard]]|language=en}}</ref> इसके बाद, 5 अगस्त को, बांग्लादेश की प्रधान मंत्री [[शेख हसीना]] ने इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ दिया।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/live/2024/08/05/world/bangladesh-protests|title=Bangladesh's Leader Resigns and Flees Country After Protests|last=Hasnat|first=Saif|date=5 August 2024|work=The New York Times|last2=Mashal|first2=Mujib|last3=Bigg|first3=Matthew Mpoke}}</ref> इस्लाम ने कहा कि उनके लक्ष्य पूरी तरह से पूरे नहीं हुए थे, और हसीना के इस्तीफे के बाद, समूह का उद्देश्य "फासीवादी प्रणालियों को हमेशा के लिए समाप्त करना" था।[12]''"फासीवादी प्रणालियों को हमेशा के लिए समाप्त कर दें"।<ref>{{Cite news|url=https://www.thedailystar.net/news/bangladesh/news/one-demand-now-3668981|title=One demand now|last=Report|first=Star|date=4 August 2024|work=The Daily Star|language=en}}</ref>'' उन्होंने और उनके संगठन ने एक अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता [[मोहम्मद युनुस|मुहम्मद यूनुस]] को बुलाया।<ref>{{Cite news|url=https://en.prothomalo.com/bangladesh/rlacb458dn|title=Two student coordinators take oath as advisors|date=9 August 2024|work=[[Prothom Alo]]|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/international/bangladesh-unrest-know-whos-who-in-interim-government/article68505107.ece|title=Bangladesh Crisis: Bangladesh unrest: Know who's who in Muhammad Yunus-led interim government|work=The Hindu}}</ref> == करियर == उन्हें नाहिद इस्लाम के साथ 2024 की बांग्लादेश अंतरिम सरकार में सलाहकार के रूप में शामिल किया गया था।<ref>{{Cite news|url=https://en.prothomalo.com/bangladesh/s1gw90p3ut|title=Two student leaders to be advisors of interim government|date=8 August 2024|work=[[Prothom Alo]]|language=en}}</ref> उन्हें अंतरिम सरकार में युवा और खेल मंत्रालय मिलता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.banglanews24.com/english/politics/news/bd/153028.details|title=Nahid gets ICT Ministry, Asif to head Sports Ministry|date=9 August 2024|work=[[banglanews24.com]]|language=bn}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:1998 में जन्मे लोग]] jaz1lc0s5h99s6z00d30qy7sxs5wg35 हंगरी का इतिहास 0 1548019 6582661 6573027 2026-07-14T22:05:00Z Dhee Dheeraj 936299 /* growthexperiments-addlink-summary-summary:2|0|1 */ 6582661 wikitext text/x-wiki आधुनिक (1946 के बाद) हंगरी की सीमाएँ मोटे तौर पर [[मध्य यूरोप]] में स्थित हंगरी का विशाल मैदान (पैनोनियन बेसिन) से मेल खाती हैं। लोहे के युग के दौरान, आधुनिक हंगरी का क्षेत्र स्किथियाई जनजातियों (जैसे अगाथिर्सी, सिमरियन), सेल्टिक जनजातियों (जैसे स्कोर्डिसी, बोई और वेनेटी), डल्माटियन जनजातियों (जैसे डल्माटे, हिस्त्री और लिबुर्नी) और जर्मनिक जनजातियों (जैसे लुगिई, मारकोमन्नी) के सांस्कृतिक क्षेत्रों के बीच स्थित था। 44 ईसा पूर्व में सर्माटियनों और याजिगों ने ग्रेट हंगेरियन प्लेन पर कब्जा कर लिया। 8 ईस्वी में, आधुनिक हंगरी के क्षेत्र का पश्चिमी हिस्सा (जिसे ट्रांसडानुबिया कहा जाता है) [[रोमन साम्राज्य]] का पैनोनिया प्रांत बन गया। 370–410 के दौरान हूणों के आक्रमण से रोमन नियंत्रण ढह गया, और हूणों ने वर्तमान हंगरी में एक महत्वपूर्ण साम्राज्य की स्थापना की। 453 में, एटिला द हूण के शासन के तहत हूणों ने अपने विस्तार की ऊंचाई प्राप्त की। एटिला की मृत्यु के बाद, 455 में साम्राज्य ढह गया, और पैनोनिया ओस्ट्रोगोथिक साम्राज्य का हिस्सा बन गया। कार्पेथियन बेसिन के पश्चिमी हिस्से पर लॉन्गोबार्ड्स का कब्जा हो गया और पूर्वी हिस्से पर गेपिड्स का कब्जा हो गया। 567 में, आवारों ने गेपिड्स के शासित क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। 568 में, लॉन्गोबार्ड्स ट्रांसडानुबिया से [[इटली]] चले गए, और आवारों ने उस क्षेत्र पर भी कब्जा कर लिया। खगान बायान प्रथम ने आवार खगानते की स्थापना की। आवारों को फ्रैंक्स और बुल्गारों द्वारा हराया गया, और उनके स्टेपी साम्राज्य का अंत लगभग 822 में हुआ। हंगेरियनों ने 862 और 895 के बीच कार्पेथियन बेसिन पर अधिकार कर लिया, और 9वीं सदी के अंत में आलमोस और उनके पुत्र आर्पाद द्वारा हंगरी की प्रिंसिपैलिटी की स्थापना की गई। हंगेरियनों ने 907 में प्रेसबर्ग की लड़ाई के माध्यम से इस क्षेत्र को सुरक्षित किया। 1000 में, संत स्टीफन के तहत हंगरी के [[ईसाई]] साम्राज्य की स्थापना हुई, जो अगले तीन शताब्दियों तक आर्पाद वंश द्वारा शासित रहा। मध्ययुगीन काल में, हंगरी का साम्राज्य एड्रियाटिक तट तक विस्तारित हुआ और 1102 में यह क्रोएशिया के साथ व्यक्तिगत संघ में प्रवेश कर गया। 1241 में, मंगोलों ने बटू खान के तहत हंगरी पर आक्रमण किया। मध्ययुगीन हंगरी एक यूरोपीय शक्ति थी, जो 14वीं-15वीं शताब्दी में अपने चरम पर थी। 15वीं शताब्दी के दौरान, [[हंगरी]] ने [[यूरोप]] में ओटोमन युद्धों का सामना किया। लंबे ओटोमन युद्धों के बाद, हंगरी की सेनाओं को मोहाच की लड़ाई में हार का सामना करना पड़ा और इसकी राजधानी 1541 में ओटोमन्स द्वारा कब्जा कर ली गई। इसके बाद देश लगभग 150 वर्षों तक तीन हिस्सों में विभाजित रहा: रॉयल हंगरी, जो हैब्सबर्गों के प्रति वफादार थी; [[ओटोमन साम्राज्य|ओटोमन]] हंगरी; और स्वतंत्र ट्रांसिल्वेनिया की प्रिंसिपैलिटी। 18वीं शताब्दी की शुरुआत में पुनः एकीकृत हंगरी [[हैब्सबर्ग राजवंश|हैब्सबर्ग शासन]] के अधीन आ गया। 1703–1711 और 1848–1849 में स्वतंत्रता के लिए युद्ध लड़े गए, जब तक कि 1867 में आज [[ऑस्ट्रिया]]-हंगेरियन राजशाही का गठन नहीं हो गया, जो 20वीं शताब्दी की शुरुआत तक एक प्रमुख शक्ति बनी रही। 1868 के [[क्रोएशिया|क्रोएशियाई]]-हंगेरियाई समझौते ने [[क्रोएशिया-स्लोवेनिया सीमा विवाद|क्रोएशिया-स्लोवेनिया]] साम्राज्य की राजनीतिक स्थिति को संत स्टीफन के मुकुट के क्षेत्रों के भीतर स्थापित किया, जो द्वैध राजशाही के हंगेरियाई क्षेत्रों का आधिकारिक नाम था। [[प्रथम विश्व युद्ध]] के बाद [[ऑस्ट्रिया-हंगरी]] का पतन हो गया और इसके बाद 1920 की ट्रायनॉन संधि ने हंगरी की वर्तमान सीमाओं की स्थापना की, जिसके परिणामस्वरूप हंगरी ने अपने ऐतिहासिक क्षेत्र का 72%, जनसंख्या का 58%, और 32% जातीय हंगेरियनों को खो दिया। हंगरी के साम्राज्य के दो-तिहाई क्षेत्र को [[चेकोस्लोवाकिया]], [[रोमानिया]] का साम्राज्य, सर्बों, क्रोएटों और स्लोवेनों का साम्राज्य, प्रथम ऑस्ट्रियाई गणराज्य, द्वितीय पोलिश गणराज्य और इटली के साम्राज्य को सौंपा गया। एक अल्पकालिक गणराज्य की घोषणा की गई, जिसके बाद हंगरी के साम्राज्य की बहाली हुई लेकिन यह मिक्लोस होर्थी द्वारा एक रीजेंट के रूप में शासित था। उन्होंने हंगरी के चार्ल्स चतुर्थ, अपोस्टोलिक किंग ऑफ हंगरी का आधिकारिक प्रतिनिधित्व किया। 1938 और 1941 के बीच, हंगरी ने अपने खोए हुए कुछ क्षेत्रों को पुनः प्राप्त किया। [[द्वितीय विश्व युद्ध]] के दौरान, 1944 में हंगरी [[जर्मन]] कब्जे में आ गया और फिर युद्ध के अंत तक [[सोवियत]] कब्जे में रहा। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, हंगरी की वर्तमान सीमाओं के भीतर एक समाजवादी गणराज्य की स्थापना हुई, जो 1949 से 1989 में हंगरी में साम्यवाद के अंत तक चली। 1949 के संविधान के संशोधित संस्करण के तहत हंगरी के तीसरे गणराज्य की स्थापना की गई, और 2011 में एक नया संविधान अपनाया गया। हंगरी 2004 में [[यूरोपीय संघ]] में शामिल हुआ। ==प्रारंभिक इतिहास== {{Main|हंगरी विजय से पहले हंगरी का इतिहास|3 = हंगरी प्रागैतिहासिक}} ===प्रागैतिहासिक=== मध्य पुरापाषाण काल (Middle Paleolithic) में होमो हाइडेलबर्गेंसिस की उपस्थिति "सामू" जीवाश्म की खोज से प्रमाणित होती है, जो लगभग 300,000 साल पुराना है, और निवास के प्रमाण 500,000 साल पुराने हैं। शारीरिक रूप से आधुनिक मानवों की उपस्थिति लगभग 33,000 साल पहले (ऑरिग्नेशियन काल) की मानी जाती है। नवपाषाण काल (Neolithization) की शुरुआत स्टारचेवो–क्योरस–क्रिस संस्कृति (Starčevo–Kőrös–Criș culture) के साथ लगभग 6000 ईसा पूर्व हुई। कांस्य युग (Bronze Age) की शुरुआत वुचेडोल संस्कृति (Vučedol culture) से लगभग 3000 ईसा पूर्व में हुई। [[File:Szkíta aranyszarvas pajzsdíszek, Zöldhalompuszta és Tápiószentmárton.jpg|thumb|स्किथियन सोने के मृग ढाल सजावट, जो आयरन एज (लौह युग) 6वीं सदी ईसा पूर्व की हैं, हंगरी में पाई गईं। ऊपर, जोलधालोम्पुसजटा (Zöldhalompuszta) का सोने का मृग, जिसकी लंबाई 37 सेंटीमीटर है, सबसे बड़ा ज्ञात स्किथियन सोने का मृग है। नीचे, टापीयोसेंटमार्टोन (Tapiószentmárton) का सोने का मृग है।]] आयरन एज़ (Iron Age) की शुरुआत लगभग 800 ईसा पूर्व हुई, जो "थ्रैको-सीमरियन" कलाकृतियों के साथ जुड़ी हुई है, जो प्री-स्किथियन (नोवोचेरकास्क संस्कृति) और प्री-सेल्टिक (हाल्स्टाट संस्कृति) सांस्कृतिक क्षेत्रों का ओवरलैप दर्शाती हैं। पश्चिमी ट्रांसडानुबिया में हाल्स्टाट का निवास लगभग 750 ईसा पूर्व से स्पष्ट होता है। प्राचीन ग्रीक जातिविज्ञान में स्किथियन आगथिर्सी और सिगिन्ने क्षेत्र में स्थित थे। पैनोनियन भी महत्वपूर्ण निवासी थे।{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=10}}{{Sfn|Kristó|1998|p=17}} क्लासिक स्किथियन संस्कृति 7वीं से 6वीं सदी ईसापूर्व के बीच विशाल हंगेरियाई मैदान (Great Hungarian Plain) में फैल गई।<ref name="Origin of Ugrians 2023">{{Cite journal |last=Török |first=Tibor |date=26 June 2023 |title=Integrating Linguistic, Archaeological and Genetic Perspectives Unfold the Origin of Ugrians |journal= Genes|volume=14 |issue=7 |pages=1345 |doi=10.3390/genes14071345 |pmc=10379071 |pmid=37510249 |doi-access=free}}{{Creative Commons text attribution notice|cc=by4|from this source=yes}}</ref> उनका प्रभुत्व 4वीं सदी ईसापूर्व में शुरू हुए सेल्टिक बसावट द्वारा तोड़ा गया। 370 ईसापूर्व तक सेल्ट्स ने पैनोनियन (Pannonians) से ट्रांसडान्यूबिया (Transdanubia) के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया, और लगभग 300 ईसापूर्व में उन्होंने स्किथियन (Scythians) के खिलाफ सफल युद्ध किया। पुरातात्विक साक्ष्य ला टेने (La Tène) संस्कृति की उन्नत कृषि और बर्तन निर्माण की स्थिति को दर्शाते हैं।{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=11}} दक्षिणी ट्रांसडान्यूबिया को सबसे शक्तिशाली सेल्टिक जनजाति, स्कॉर्डिस्की (Scordisci) ने नियंत्रित किया, जो पूर्व से डैसियनों (Dacians) द्वारा प्रतिरोध का सामना कर रहे थे।{{Sfn|Kristó|1998|p=17}} डैसियन (Dacians) पहले सदी ईसापूर्व तक सेल्ट्स (Celts) द्वारा प्रभुत्व में थे, जब 1st सदी ईसापूर्व में बुरेबिस्ता (Burebista) द्वारा जनजातियों को एकत्रित किया गया।{{Sfn|Vékony|2000|p=38}} डेसिया (Dacia) ने स्कॉर्डिस्की (Scordisci), टॉरिस्की (Taurisci) और बॉई (Boii) को पराजित किया, लेकिन बुरेबिस्ता की मृत्यु के बाद केंद्रीकृत सत्ता ढह गई।{{Sfn|Kristó|1998|p=17}} [[File:Pannonia popolazioni png.png|thumb|2वीं सदी ईसा पूर्व में पैनोनिया के प्राचीन निवासी]] [[File:Dacia_occupation_of_Pannonia_and_modern_day_Czechia.png|thumb|right|alt=Dacian rule over pannonian people|डेसियन का पैनोनिया पर प्रभाव]] === रोमन शासन === {{Main|पन्नोनिया|रोमन डेसिया}} [[File:Pannonia térkép 2. század.jpg|thumb|कार्पैथियन बेसिन 2वीं सदी ईस्वी में: रोमन साम्राज्य के प्रांत और बर्बरिकम]] आक्रमणों से पहले, रोमियों ने स्थानीय लोगों के साथ मित्रवत संबंध बनाए रखे और व्यापार किया।{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=12}} [[रोमन साम्राज्य]] ने आधुनिक हंगरी के क्षेत्र को कई लहरों में विजय प्राप्त की। 35 से 8 ईसा पूर्व के बीच, ऑगस्टस और उनके पुत्र टिबेरियस ने ड्रावा-सा्वा क्षेत्र के लिए पन्नोनियनों से लड़ाई की, स्कॉर्दिसी और कुछ विद्रोही जनजातियों को दक्षिण में पराजित किया—अधिगृहीत क्षेत्रों को इल्लीरिकम प्रांत में जोड़ दिया। इन सफलताओं के बाद, ट्रांसडानुबिया की जनजातियाँ बिना विरोध के समर्पित हो गईं। अस्थायी रूप से डेन्यूब को भी पार किया गया, लेकिन याज़िगेस और एक अन्य विद्रोह के आगमन ने रोमियों को नदी की सीमा पर अपने लाभों को संचित करने के लिए मजबूर किया। जल्द ही पन्नोनिया प्रांत का गठन हुआ।{{Sfn|Kristó|1998|p=18}}{{Sfn|Kontler|2002|p=26}} इसका पहला शहर एमोन था, जो आधुनिक-काल का ल्जुब्लजाना है। अन्य महत्वपूर्ण लैटिन बसने वाले शहरों में सर्मियम (स्रेम्स्का मिट्रोविका), सवेरिया (संबातेल), सिस्किया (सिसक) और पोएटावियो (प्टूज) शामिल थे।{{Sfn|Kristó|1998|p=18}}{{Sfn|Kontler|2002|p=27}} सड़क निर्माण की गति तेज हो गई: डेन्यूबियन सड़क नेटवर्क ने नदी में नौवहन को संभव बना दिया।{{Sfn|Kristó|1998|p=18}} मार्कोमैनिक युद्धों के दौरान, पन्नोनिया को मार्कोमन्नी द्वारा नेतृत्व किए गए एक शक्तिशाली बर्बर लोगों के गठबंधन द्वारा तबाही का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी पराजय के बाद, समृद्धि का युग शुरू हुआ।{{Sfn|Kontler|2002|p=27}}{{Sfn|Kristó|1998|p=19}} पूर्व में डेशियन लोग डेक्सबालस के तहत फिर से संगठित हुए, जिन्होंने रोमन सीमा सुरक्षा प्रणाली, लाइम्स, को परेशान किया। ट्राजन, जिन्होंने साम्राज्य का सबसे बड़ा क्षेत्रीय विस्तार प्राप्त किया, ने उन्हें दो युद्धों (98–117) में हराया और 106 में डेशिया प्रांत की स्थापना की। डेक्सबालस ने आत्महत्या कर ली।{{Sfn|Kristó|1998|p=18}}{{Sfn|Kontler|2002|p=27}} लैटिन, ग्रीक और एशियाई उपनिवेशकों ने बर्बाद हुए स्वदेशी लोगों पर बसाया, और उल्पिया ट्रैना, नपोका (क्लूज-नपोका), अपुलम (अल्बा जूलिया), पोरोलिस्सुम (मिर्शिद) और पोतैसा (टुर्डा) जैसे शहरों की स्थापना की।{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=15}} उन्होंने ट्रांसिल्वेनिया के सोने और चांदी की खदानों का भारी शोषण किया। अंततः, जर्मनिक गोथों की दक्षिण की ओर बढ़ती हुई गतिविधियों ने सम्राट और्रेलियन को 271 में प्रांत को खाली करने के लिए मजबूर किया।{{Sfn|Kristó|1998|p=19}}{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=16}} लंबे समय तक सुरक्षित रोमन शासन के बाद, 320 के दशक से पैनोनिया लगातार पूर्व जर्मनिक और सार्माटियन जनजातियों के साथ युद्ध में रही। वैंडल और गोथ्स दोनों ने प्रांत में मार्च किया, जिससे भारी तबाही हुई।{{Sfn|Kontler|2002|p=29}}{{Sfn|Kristó|1998|p=20}} रोमन साम्राज्य के विभाजन के बाद, पैनोनिया पश्चिमी रोमन साम्राज्य के अधीन रहा, हालांकि सर्मियम का जिला वास्तव में पूर्व के प्रभाव क्षेत्र में अधिक था। जैसे-जैसे प्रांत की लैटिन जनसंख्या बार-बार आक्रमणों से भागी,{{Sfn|Kristó|1998|p=20}} हूनिक समूह डेन्यूब के किनारे पर दिखाई देने लगे। राजा रुगिला के तहत, खानाबदोशों ने ग्रेट हंगेरियन प्लेन पर बसने के बाद सीमा को पश्चिम की ओर धकेल दिया,{{Sfn|Kontler|2002|p=29}}{{Sfn|Kristó|1998|p=21}} लेकिन इटली तक पहुँचने से रोकते हुए पूर्वी पैनोनिया का स्थानांतरण कर दिया। 433 में, ऐटियस ने पश्चिमी भाग को एटिला के हाथ में डाल दिया ताकि बर्गुंडियों को दबाया जा सके।{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=18}} ===प्रवासन युग=== {{Main article|प्रवासन युग}} [[File:Attila (Képes krónika).jpg|right|thumb|अत्तिला के राजा (क्रोनिकॉन पिक्टम)]] 379 के बाद पन्नोनिया के प्रांतों को माइग्रेशन पीरियड से भारी नुकसान हुआ। गोथ, एलन, और हूण सहयोगियों के बसने से बार-बार गंभीर संकट और विनाश हुए, जिसे समकालीन लोगों ने घेराबंदी की स्थिति के रूप में वर्णित किया। पन्नोनिया उत्तर और दक्षिण दोनों में आक्रमण का गलियारा बन गया। दो कठिन दशकों के बाद, 401 में रोमनों का पलायन और प्रवासन शुरू हुआ, जिससे धर्मनिरपेक्ष और धार्मिक जीवन में भी मंदी आ गई। हूणों का नियंत्रण 410 से पन्नोनिया में धीरे-धीरे बढ़ता गया, और अंततः 433 में रोम साम्राज्य ने एक संधि द्वारा पन्नोनिया का परित्याग किया। रोमनों का पन्नोनिया से पलायन अवारों के आक्रमण तक बिना रुके जारी रहा। सबसे बड़ा रोमन प्रवासन सबसे प्रारंभिक था, और 5वीं और 6वीं शताब्दियों में क्रमिक प्रवासन का चरण देखा गया।<ref name="Mocsy Pannonia">{{Cite book |last=Mócsy |first=András |title=Pannonia and Upper Moesia – A history of the Middle Danube Provinces of the Roman Empire |publisher=Routledge & Kegan Paul Ltd |year=1974 |isbn=978-0-415-74582-6 |editor-last=Frere |editor-first=Sheppard |series= |location=London and Boston |pages=339–358 |chapter=The Beginning of the Dark Age}}</ref> [[File:Carpathian Basin in 476 AD.png|left|thumb|हुननिक और पश्चिमी रोमन साम्राज्यों के पतन के बाद कार्पेथियन बेसिन]] 453 में, राजा अटिला की अचानक मृत्यु हो गई, जिसके परिणामस्वरूप उनके साम्राज्य का तेजी से विघटन हुआ। कार्पेथियन बेसिन से जर्मनिक जनजातियों के एक गठबंधन द्वारा अटिला के पुत्र एलैक की हार के बाद, हूण [[पूर्वी यूरोप]] की ओर वापस चले गए। इसके परिणामस्वरूप ओस्ट्रोगोथ्स और गेपिड्स ने कार्पेथियन बेसिन के पश्चिमी और पूर्वी भागों में अपने साम्राज्य स्थापित किए। उनके युद्धों ने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया, जब राजा थियोडोरिक ने इसे छोड़कर इतालवी प्रायद्वीप का रुख किया, जिससे पन्नोनिया में सत्ता का खालीपन पैदा हो गया। 6वीं सदी की शुरुआत से, लोम्बार्ड्स ने धीरे-धीरे इस क्षेत्र में कब्जा जमाना शुरू किया और अंततः सिरमियम तक पहुँच गए, जो उस समय गेपिड साम्राज्य की राजधानी थी।{{Sfn|Kristó|1998|p=22}} बीज़ेंटाइनों के साथ हुए युद्धों की एक श्रृंखला के बाद, अंततः पन्नोनियन अवार्स के खान बायान प्रथम के नेतृत्व में आक्रमण के कारण गेपिड साम्राज्य का पतन हुआ। शक्तिशाली अवार्स के भय के कारण, लोम्बार्ड्स ने भी 568 में इस क्षेत्र को छोड़ दिया, जिसके बाद पूरा बेसिन अवार खगानाते के शासन के अधीन आ गया।{{Sfn|Kristó|1998|p=22}}{{Sfn|Kontler|2002|p=31}} [[File:Historical map of the Balkans around 582-612 AD.jpg|thumb|7वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में अवार खगानाटे]] जर्मनिक लोगों के शासन के बाद लगभग ढाई सदियों तक घुमंतू शासन रहा। अवार खगान ने वियना से लेकर डॉन नदी तक फैले विशाल क्षेत्र पर नियंत्रण रखा, अक्सर बीज़ेंटाइन्स, जर्मनों और इटालियनों के खिलाफ युद्ध छेड़ा।{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=21}}{{Sfn|Kristó|1998|p=23}} पैनोनियन अवार्स और उनके संघ में हाल ही में आए स्टेपी लोगों, जैसे कुट्रिगर्स, ने स्लाव और जर्मनिक तत्वों के साथ मिलकर सरमाटियनों को पूरी तरह से आत्मसात कर लिया। पुरातात्विक साक्ष्य बताते हैं कि दक्षिणी सीमा, जो बीज़ेंटाइन्स के साथ लगातार संघर्ष की स्थिति में थी, में अवार बस्तियों का घनत्व बहुत अधिक था। अवार्स ने दक्षिणपूर्वी यूरोप में स्लाविक प्रवास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=21}} 626 में कॉन्स्टैंटिनोपल पर कब्जा करने के असफल प्रयास के बाद, अधीनस्थ लोगों ने उनके वर्चस्व के खिलाफ विद्रोह कर दिया, जिसमें कई जैसे पूर्व में ओनोगर्स{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=22}}{{Sfn|Kristó|1998|p=23}} और पश्चिम में सामो के स्लाव ने खुद को आज़ाद कर लिया।{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=22}} पहले बुल्गारियन साम्राज्य के निर्माण ने बीज़ेंटाइन साम्राज्य को अवार खगानाते से दूर कर दिया, जिससे विस्तार कर रहे फ्रैंकिश साम्राज्य ने उसका नया मुख्य प्रतिद्वंद्वी बनना शुरू किया।{{Sfn|Kristó|1998|p=23}} 788 में फ्रैंसिया के चार्लमेन ने बवेरियन सिंहासन पर बैठने के बाद, दोनों देशों के बीच एक विस्तृत सीमा साझा की गई।{{Sfn|Kristó|1998|p=25}}{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=23}}{{Sfn|Kontler|2002|p=32}} सीमा संघर्ष सामान्य थे। 791 में, उन्होंने पूर्ण युद्ध में भाग लिया।{{Sfn|Kristó|1998|p=25}}{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=23}} वियना वुड्स में फ्रैंक्स ने एक तेज और महत्वपूर्ण जीत हासिल की, जिसके बाद अवार्स ने "जली हुई धरती" की रणनीति अपनाई, नए संघर्षों से बचते हुए और दुश्मन के खाद्य आपूर्ति को नष्ट कर दिया। चार साल बाद, खगानाते में एक गृहयुद्ध छिड़ गया, जिसमें कई उच्च पदस्थ व्यक्ति, जिसमें खुद खगान भी शामिल थे, मारे गए।{{Sfn|Kristó|1998|p=25}} ट्रांसडानुबिया को चार्लमेन द्वारा वासल बना लिया गया, और उसकी अधीनता के खिलाफ एक विद्रोह के बाद,{{Sfn|Kristó|1998|p=25}} इसे क्रूरता से अवार मार्च (बाद में पैनोनिया का मार्च) के रूप में कब्जा कर लिया गया, जिसमें उसकी जनसंख्या का बड़ा हिस्सा मारा गया। डेन्यूब के पार, बुल्गार, उनके ऊर्जावान खागान क्रुम के नेतृत्व में, 804 में नए खगान की सेना को पराजित किया, जो अब रोमन साम्राज्य के सम्राट के दरबार में भाग गया। अवार खगानाते का अस्तित्व लगभग समाप्त हो गया।{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=23}}{{Sfn|Kontler|2002|p=32}}{{Sfn|Kristó|1998|p=26}} [[File:Balkans850.png|left|thumb|212x212px|850 ई. के आसपास दक्षिण-पूर्वी यूरोप का मानचित्र]] हालांकि कमजोर हो गए थे, लेकिन अवार्स ने अभी भी कार्पेथियन बेसिन में निवास किया। सबसे महत्वपूर्ण जनसंख्या तेजी से बढ़ती हुई स्लाव जनजातियों की थी,{{Sfn|Elekes|Lederer|Székely|1961|p=23}}{{Sfn|Kristó|1998|p=26}}{{Sfn|Kontler|2002|p=33}} जो मुख्य रूप से दक्षिण से इस क्षेत्र में आईं।{{Sfn|Kristó|1998|p=26}} पूर्वी फ्रैंक्स साम्राज्य की विस्तारवादी नीति के तहत (843 में फ्रैंक्स साम्राज्य के विभाजन के बाद से{{Sfn|Kontler|2002|p=32}}), प्रारंभिक स्लाव राजनीतिक व्यवस्थाएं विकसित नहीं हो सकीं, सिवाय एक के, जो मॉराविया के प्रिंसिपैलिटी थी, जिसने वर्तमान पश्चिमी स्लोवाकिया में विस्तार किया।{{Sfn|Kontler|2002|p=33}}{{Sfn|Barta et al.|1975|p=22}}{{Sfn|Kristó|1998|p=27}} बुल्गारियाई ट्रांसिल्वेनिया पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में असमर्थ रहे।{{Sfn|Barta et al.|1975|p=22}} ==मध्यकालीन हंगरी== === विजय और प्रारंभिक रियासत (895-1000) === हंगरी राज्य की स्थापना हंगरी के विजेताओं से जुड़ी हुई है, जो सात जनजातियों के संघ के रूप में पोंटिक स्टेपी से आए थे। हंगेरियन एक मजबूत केंद्रीकृत स्टेपी साम्राज्य के ढांचे में ग्रैंड प्रिंस आलमोस और उनके पुत्र आर्पाद के नेतृत्व में पहुंचे। ये आर्पाद राजवंश के संस्थापक बने, जो हंगरी का शासक राजवंश और राज्य बना।<ref name=":02">{{Cite book |last1=Horváth-Lugossy |first1=Gábor |url=https://mki.gov.hu/assets/pdf/MKI_EN_006_kings_and_saints_B5_web.pdf |title=Kings and Saints - The Age of the Árpáds |last2=Makoldi |first2=Miklós |last3=Neparáczki |first3=Endre |publisher=Institute of Hungarian Research |year=2022 |isbn=978-615-6117-65-6 |location=Budapest, Székesfehérvár}}</ref><ref>{{Cite journal |last1=Neparáczki |first1=Endre |last2=Maróti |first2=Zoltán |last3=Kalmár |first3=Tibor |last4=Maár |first4=Kitti |last5=Nagy |first5=István |last6=Latinovics |first6=Dóra |last7=Kustár |first7=Ágnes |last8=Pálfi |first8=György |last9=Molnár |first9=Erika |last10=Marcsik |first10=Antónia |last11=Balogh |first11=Csilla |last12=Lőrinczy |first12=Gábor |last13=Tomka |first13=Péter |last14=Kovacsóczy |first14=Bernadett |last15=Kovács |first15=László |date=12 November 2019 |title=Y-chromosome haplogroups from Hun, Avar and conquering Hungarian period nomadic people of the Carpathian Basin |journal=Scientific Reports |last16=Török |first16=Tibor|volume=9 |issue=1 |page=16569 |doi=10.1038/s41598-019-53105-5 |pmid=31719606 |pmc=6851379 |bibcode=2019NatSR...916569N }}</ref><ref>{{Cite journal |last1=Neparáczki |first1=Endre |last2=Maróti |first2=Zoltán |last3=Kalmár |first3=Tibor |last4=Kocsy |first4=Klaudia |last5=Maár |first5=Kitti |last6=Bihari |first6=Péter |last7=Nagy |first7=István |last8=Fóthi |first8=Erzsébet |last9=Pap |first9=Ildikó |last10=Kustár |first10=Ágnes |last11=Pálfi |first11=György |last12=Raskó |first12=István |last13=Zink |first13=Albert |last14=Török |first14=Tibor |date=18 October 2018 |title=Mitogenomic data indicate admixture components of Central-Inner Asian and Srubnaya origin in the conquering Hungarians |journal= PLOS ONE|volume=13 |issue=10 |pages=e0205920 |doi=10.1371/journal.pone.0205920 |pmid=30335830 |pmc=6193700 |bibcode=2018PLoSO..1305920N |doi-access=free }}</ref> आर्पाद राजवंश ने महान हूण नेता अटिला का प्रत्यक्ष वंशज होने का दावा किया। हंगेरियनों ने 862 और 895 के बीच एक लंबी योजना के तहत कार्पेथियन बेसिन पर कब्जा किया।<ref name=":2822">{{Cite book |url=https://www.tankonyvkatalogus.hu/pdf/OH-TOR05TB__teljes.pdf |title=Történelem 5. az általános iskolások számára |publisher=Oktatási Hivatal (Hungarian Educational Authority) |year=2020 |isbn=978-615-6178-37-4 |pages=15, 112, 116, 137, 138, 141 |language=Hungarian |trans-title=History 5. for primary school students |access-date=22 September 2023 |archive-date=21 December 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231221015211/https://www.tankonyvkatalogus.hu/pdf/OH-TOR05TB__teljes.pdf |url-status=dead }}</ref> 894 से, सशस्त्र संघर्ष बुल्गारियाई और मोरावियाई लोगों के साथ शुरू हुए, जब फ्रैंक्स राजा अर्नुल्फ़ और बीजान्टिन सम्राट लियो छठवें ने सहायता का अनुरोध किया।{{Sfn|Engel|Ayton|2001}} हंगेरियन कब्जे के दौरान, उन्हें विरल आबादी और कोई अच्छी तरह से स्थापित राज्य नहीं मिला। वे जल्दी ही बेसिन पर कब्जा करने में सक्षम हो गए,<ref>{{Cite book |last=Macartney |first=Carlile A. |url=https://archive.org/details/hungaryshorthist0000maca |title=Hungary: a short history |publisher=Chicago University Press |year=1962 |isbn=9780852240359 |page=5}}</ref>{{Sfn|Barta et al.|1975|p=22}} पहले बुल्गारिया साम्राज्य को हराया, फिर मोराविया की रियासत को विघटित कर दिया<ref>{{Cite journal |last=Szabados |first=György |year=2019 |editor-last=Miljan |editor-first=Suzana |editor2-last=B. Halász |editor2-first=Éva |editor3-last=Simon |editor3-first=Alexandru |title=The origins and the transformation of the early Hungarian state |url=http://real.mtak.hu/106552/1/Szabados2019Leedskonftanulmany.pdf |journal=Reform and Renewal in Medieval East and Central Europe: Politics, Law and Society |location=[[Zagreb]]}}</ref> और 900 तक वहां अपने राज्य की स्थापना कर दी।<ref>{{Cite book |last=Engel |first=Pál |title=Beilleszkedés Európába a kezdetektől 1440-ig |publisher=Háttér Lapkiadó és Könykiadó |year=1990 |isbn=963-7403-892 |editor-last=Glatz |editor-first=Ferenc |volume=Magyarok Európában I |location=[[Budapest]] |page=97 |editor-last2=Burucs |editor-first2=Kornélia}}</ref> आक्रमण का नेतृत्व ग्युला आर्पाद और केंडे कुर्स्ज़ान ने किया, जो सबसे उच्च पदस्थ नेता थे,{{Sfn|Kontler|2002|p=42}} उन्होंने किसी भी जनसंहार के निशान नहीं छोड़े, जिससे यह संकेत मिलता है कि स्थानीय लोगों के लिए अवार जैसी प्रणाली में परिवर्तन शांतिपूर्ण था।<ref>{{Cite AV media |title=Regényes történelem |language=hu |year=2022 |people=Borbála Obrusánszky, Endre Neparáczki, Miklós Makoldi}}</ref> पुरातात्विक खोजों से पता चलता है कि उन्होंने सावा और नाइट्रा के पास की भूमि में निवास किया।{{Sfn|Barta et al.|1975|p=22}} राष्ट्र की सैन्य शक्ति ने हंगेरियनों को सफल और आक्रामक अभियानों का संचालन करने की अनुमति दी, जो आधुनिक [[स्पेन]] के क्षेत्रों तक फैले हुए थे। [[File:Képes krónika - 21.oldal - A magyarok bejövetele Pannóniába.jpg|left|thumb|''क्रोनिकॉन पिक्टम'' में कार्पेथियन बेसिन पर हंगरी की विजय का चित्रण किया गया है]] अवार खागानते के पतन के कुछ ही दशकों बाद, 822 में, एक बार फिर से एक स्टेपी साम्राज्य, हंगेरियन ग्रैंड प्रिंसिपैलिटी ने कार्पेथियन बेसिन को अपने शासन के तहत एकजुट किया। स्थानीय अवार आबादी ने कोई प्रतिरोध नहीं किया और यहां तक कि हंगेरियनों का हिस्सा बन गई, मोरावियाई या तो भाग गए या आत्मसात हो गए, दक्षिण ट्रांसिल्वेनिया में बुल्गारियाई संप्रभुता कोई महत्वपूर्ण राजनीतिक कारक नहीं बन सकी। केवल ईस्ट फ्रैंक्स साम्राज्य ही इतना सैन्य शक्ति संपन्न था कि वह नए आदेश के गठन में हस्तक्षेप कर सके। उनके नेतृत्व ने नए स्टेपी राज्य को खत्म करने का प्रयास किया, क्योंकि ईस्ट फ्रैंक्स साम्राज्य ने पैनोनिया और अपने ईसाई अवार करदाताओं को खो दिया था, और उनके क्षेत्र पर हंगेरियनों के बढ़ते हमलों का असर हो रहा था, विशेष रूप से बवेरिया पर, जो उस समय ईस्ट फ्रैंक्स साम्राज्य का पूर्वी प्रांत था। 907 में, बवेरिया के मार्कग्रेव लुइटपोल्ड के नेतृत्व में तीन ईस्ट फ्रैंक्स सेना हंगेरियन क्षेत्र में प्रवेश करके हंगेरियनों को कार्पेथियन बेसिन से बाहर निकालने का प्रयास करती हैं, लेकिन प्रेसबर्ग की लड़ाई में हंगेरियन सेना द्वारा नष्ट कर दी जाती हैं। लुइटपोल्ड, बवेरिया के मार्कग्रेव, साल्ज़बर्ग के आर्कबिशप डाइटमार प्रथम, प्रिंस सीघार्ड, 19 काउंट, 2 बिशप, और 3 अब्बट इस लड़ाई में मारे जाते हैं, साथ ही अधिकांश सैनिक भी। हंगेरियन सेना तुरंत बवेरिया पर हमला करती है, और राजा लुइस द चाइल्ड के नेतृत्व में बवेरियाई सेना एन्सबर्ग में पराजित होती है। विजयी हंगेरियन सेना ने बवेरियाई सेनाओं को रेजेंसबर्ग और लेंगनफेल्ड में भी हराया। हंगेरियनों की जीत ने नए बवेरियन प्रिंस, लुइटपोल्ड के बेटे अर्नुल्फ को शांति समझौता करने के लिए मजबूर किया। प्रिंस ने पैनोनिया और ओस्टमार्क के नुकसान को स्वीकार किया, जिसने हंगरी की सीमाओं को बवेरियाई क्षेत्र में गहराई तक धकेल दिया, एन्स नदी सीमा बन गई, और हंगरी की सेनाओं को बवेरिया के डची की भूमि से गुजरने की अनुमति दी गई। 908 में आइसनाच की लड़ाई के बाद, हंगेरियनों के जर्मन डचियों के खिलाफ अभियान जारी रहे और 910 में ऑग्सबर्ग और रेडनिट्ज़ की लड़ाइयों में हंगेरियनों की निर्णायक जीत के बाद, जर्मन राजा लुइस द चाइल्ड ने हंगेरियन प्रिंसिपैलिटी के साथ शांति समझौता किया, जिसमें हंगेरियनों के लिए कर भुगतान स्वीकार किया और युद्ध के दौरान हंगेरियनों द्वारा प्राप्त क्षेत्रीय लाभों को मान्यता दी। प्रेसबर्ग की लड़ाई का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह था कि हंगेरियनों ने कार्पेथियन बेसिन की भूमि को सुरक्षित कर लिया, और भविष्य में जर्मन आक्रमण को रोका, जर्मनों ने 1030 तक 123 वर्षों तक हंगरी के खिलाफ एक साम्राज्य स्तर का अभियान शुरू नहीं किया।<ref name="Szabados - Battle of Pressburg 2023">{{Cite web |last=Szabados |first=György |date=4 July 2023 |title="Ott az ország nekik adaték" – az "elfeledett" pozsonyi csata |trans-title=There, the country is given to them" - the "forgotten" Battle of Pressburg |url=https://mki.gov.hu/en/hirek-en/evfortulok-en/ott-az-orszag-nekik-adatek-az-elfeledett-pozsonyi-csata |website=Institute of Hungarian Research |access-date=23 अगस्त 2024 |archive-date=4 जुलाई 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240704100103/https://mki.gov.hu/en/hirek-en/evfortulok-en/ott-az-orszag-nekik-adatek-az-elfeledett-pozsonyi-csata |url-status=dead }}</ref> [[File:Kalandozasok.jpg|thumb|10वीं सदी में पूरे यूरोप में हंगेरियन अभियानों। 899 और 970 के बीच, समकालीन स्रोतों के अनुसार, शोधकर्ता विभिन्न हिस्सों में 47 (38 पश्चिम की ओर और 9 पूर्व की ओर)<ref name="Szabados Augsburg 2005">{{Cite journal |last=Szabados |first=György |date=August 2005 |title=Vereség háttér nélkül? Augsburg, 955 |trans-title=Defeat without background? Augsburg, 955 |url=https://epa.oszk.hu/01300/01343/00044/nemzet.html |journal=Hitel – irodalmi, művészeti és társadalmi folyóirat [literary, artistic and social journal] |language=Hungarian |issue=8}}</ref> छापों की गिनती करते हैं। इन अभियानों में से केवल 8 असफल रहे और अन्य सभी सफलतापूर्वक समाप्त हुए।<ref>Nagy Kálmán: A honfoglalás korának hadtörténete; Heraldika Kiadó, Budapest, 2007, p. 168</ref>]] 955 में लेचफेल्ड की लड़ाई में हार ने पश्चिमी क्षेत्रों पर छापों का अंत कर दिया, हालांकि यह बायज़ेंटाइन साम्राज्य द्वारा नियंत्रित भूमि पर 970 तक जारी रहे, और जनजातियों के बीच संबंध कमजोर हो गए।<ref>{{Cite book |last=Kristó |first=Gyula |title=Az augsburgi csata |publisher=[[Akadémiai Kiadó]] |year=1985 |isbn=963-05-3838-5 |editor-last=Szakály |editor-first=Ferenc |volume=Sorsdöntő történelmi napok 8. |location=[[Budapest]] |language=hu |author-link=Gyula Kristó}}</ref> अरपाड वंश के ड्यूक गेज़ा (लगभग 940–997), जो एकीकृत क्षेत्र के केवल एक हिस्से पर शासन करते थे, सभी सात मैग्यार जनजातियों के नाममात्र के अधिपति थे। उनका उद्देश्य हंगरी को ईसाई [[पश्चिमी यूरोप]] में एकीकृत करना था। ड्यूक गेज़ा ने अपने पुत्र वज्क (बाद में हंगरी के राजा स्टीफन प्रथम) को अपना उत्तराधिकारी नामित करके एक वंश की स्थापना की। यह निर्णय उस समय की प्रमुख परंपरा के विपरीत था, जिसमें शासक परिवार के सबसे बड़े जीवित सदस्य को उत्तराधिकारी बनाया जाता था।<ref>{{cite book |last=Lendvai |first=Paul |author-link=Paul Lendvai |date=2002 |title=The Hungarians: A Thousand Years of Victory in Defeat |location=London, UK |publisher=[[C. Hurst & Co.]] |page=33 |isbn=978-1-85065-673-9}}</ref> गेज़ा की मृत्यु के बाद 997 में, कोप्पान्य ने विद्रोह किया और ट्रांसडानुबिया के कई निवासियों ने उसका साथ दिया। विद्रोही पुराने राजनीतिक व्यवस्था, प्राचीन मानवाधिकार, जनजातीय स्वतंत्रता और पगान विश्वास का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर रहे थे। स्टीफन ने कोप्पान्य पर निर्णायक जीत हासिल की और उसे मृत्युदंड दे दिया गया। [[File:Istvan-ChroniconPictum.jpg|thumb|हंगरी के राजा स्टीफन प्रथम, राजाओं के संरक्षक संत (''क्रोनिकॉन पिक्टम'')]] हंगरी नाम का उद्गम Oὔγγροι (Ungroi) नाम से होता है, जो सबसे पहले 9वीं शताब्दी के बीजान्टिन स्रोतों में मैग्यरों के लिए दर्ज किया गया था (10वीं शताब्दी में इसे लैटिन Ungarii के रूप में लिखा गया)। मध्य युग के दौरान, बीजान्टिन स्रोतों ने मैग्यर राज्य को टूरकिया (तुर्की) (ग्रीक: Τουρκία) के रूप में भी संदर्भित किया।<ref>{{cite book |last=Baán |first=István |chapter=The Metropolitanate of Tourkia: The Organization of the Byzantine Church in Hungary in the Middle Ages |title=Byzanz und Ostmitteleuropa 950–1453 |year=1999 |location=Wiesbaden |publisher=[[Harrassowitz Verlag]] |pages=45–53 |url=https://books.google.com/books?id=uZDgivj7_RAC |isbn=978-3-44704-146-1}}</ref> यह नाम हंगरी के पवित्र मुकुट की कोरोना ग्रेका पर भी अंकित है।<ref name="carterfindley">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=ToAjDgAAQBAJ&q=khazar+hungary+tourkia&pg=PT67|title=The Turks in World History|author=Carter Vaughn Findley|page=51|publisher=Oxford University Press|year=2004|isbn=9780195177268}}</ref> ===वंशानुगत साम्राज्य=== {{Main|हंगरी साम्राज्य (1000–1301)}} [[File:Hungary 11th cent.png|thumb|alt=11th-century Hungary|1090 के दशक में हंगरी का साम्राज्य।]] [[File:Europe_mediterranean_1097.jpg|alt=1097, Europe, map|thumb|1097 में [[यूरोप]]]] हंगरी को सेंट स्टीफन प्रथम के तहत एक प्रेरितिक राज्य के रूप में मान्यता प्राप्त थी। बाद की हंगेरियन परंपरा के अनुसार, स्टीफन को दूसरे सहस्त्राब्दी के पहले दिन एज़्टरगॉम की राजधानी में सेंट हियरोल्ड क्राउन से ताज पहनाया गया। पोप सिल्वेस्टर द्वितीय ने उन्हें बिशपों और चर्चों पर पूरी प्रशासनिक शक्ति दी। 1006 तक, स्टीफन ने सभी प्रतिद्वंद्वियों को समाप्त करके अपनी सत्ता को मजबूत किया। स्टीफन ने दस एपिस्कोपल और दो आर्कबिशपल सीटों का एक नेटवर्क स्थापित किया, और मठों, चर्चों और कैथेड्रल्स का निर्माण आदेशित किया। स्टीफन के तहत, हंगेरियन भाषा ने रनिक जैसी लिपि से लैटिन वर्णमाला में स्विच किया, और 1000 से 1844 तक लैटिन देश की आधिकारिक भाषा रही। स्टीफन ने फ्रैंक्स के प्रशासनिक मॉडल का अनुसरण किया। भूमि को काउंटियों (मेग्येक) में विभाजित किया गया, प्रत्येक के तहत एक शाही अधिकारी जिसे इस्पान (काउंट के समकक्ष, {{lang-la|comes}}) कहा जाता था, बाद में फ्योइस्पान ({{lang-la|supremus comes}})। यह अधिकारी राजा के अधिकार का प्रतिनिधित्व करता था, अपने विषयों का प्रशासन करता था, और कर एकत्र करता था जो राष्ट्रीय राजस्व का हिस्सा था। प्रत्येक इस्पान अपने किलेबंद मुख्यालय ("कैस्ट्रम" या "वार") पर एक सशस्त्र बल बनाए रखता था। महान स्खिंस्म (Great Schism) के 1054 में पश्चिमी रोमन कैथोलिक और पूर्वी ओर्थोडॉक्स ईसाई धर्म के बीच औपचारिक विभाजन के बाद, हंगरी ने खुद को पश्चिमी सभ्यता का पूर्वी बस्तियन माना। इस दृष्टिकोण की पुष्टि 15वीं सदी में पोप पायस द्वितीय ने की थी: "हंगरी ईसाई धर्म की ढाल और पश्चिमी सभ्यता की संरक्षक है।"<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=J3gMAQAAMAAJ |date=1973 |title=Irredentist and National Questions in Central Europe, 1913–1939: Hungary |series=Seeds of Conflict |volume=5 |location=[[Nendeln]], Liechtenstein |publisher=[[Kraus Reprint]] |page=29}}</ref> राजा संत लादिस्लाउस ने राजा संत स्टेफन के काम को पूरा किया। उन्होंने हंगरी राज्य की शक्ति को संलग्न किया और ईसाई धर्म के प्रभाव को मजबूत किया। उनकी करिश्माई शख्सियत, रणनीतिक नेतृत्व और सैन्य प्रतिभा के कारण आंतरिक शक्ति संघर्षों और विदेशी सैन्य खतरों का समापन हुआ।<ref name="Saint Ladislaus DNA">{{Cite journal |last1=Varga |first1=Gergely I B |last2=Kristóf |first2=Lilla Alida |last3=Maár |first3=Kitti |last4=Kis |first4=Luca |last5=Schütz |first5=Oszkár |last6=Váradi |first6=Orsolya |last7=Kovács |first7=Bence |last8=Gînguță |first8=Alexandra |last9=Tihanyi |first9=Balázs |last10=Nagy |first10=Péter L |last11=Maróti |first11=Zoltán |last12=Nyerki |first12=Emil |last13=Török |first13=Tibor |last14=Neparáczki |first14=Endre |date=January 2023 |title=The archaeogenomic validation of Saint Ladislaus' relic provides insights into the Árpád dynasty's genealogy |url=https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/35809778/ |journal= Journal of Genetics and Genomics|volume= 50|issue= 1|pages= 58–61|bibcode= |doi=10.1016/j.jgg.2022.06.008 |pmc= |pmid=35809778}}</ref> [[क्रोएशिया]] के राजा डेमेट्रियस ज्वोनिमिर की पत्नी लादिस्लाउस की बहन थी।<ref>{{The Early Medieval Balkans |page=283}}</ref> हेलेन की याचना पर, लादिस्लाउस ने संघर्ष में हस्तक्षेप किया और 1091 में क्रोएशिया पर आक्रमण किया।{{sfn|Fine|1991|pp=282, 284}} 1102 में राजा कोलमैन के "क्रोएशिया और डेलमेटिया के राजा" के रूप में बीओग्राड में ताजपोशी के साथ, क्रोएशिया की दायित्व हंगरी के साथ व्यक्तिगत संघ में प्रवेश कर गई। आर्पदा वंश ने 12वीं और 13वीं सदी के दौरान कई शासक उत्पन्न किए। राजा बेला तृतीय (शासनकाल 1172–1196) वंश का सबसे धनी और शक्तिशाली सदस्य था, जिसकी आय में वार्षिक रूप से 23,000 किलोग्राम शुद्ध चांदी के बराबर राशि थी। यह राशि फ्रांस के राजा की संपत्तियों से अधिक थी और इंग्लैंड की राजगद्दी के लिए उपलब्ध राशि का दोगुना थी।<ref>{{cite book |first=Miklós |last=Molnár |title=A Concise History of Hungary |url=https://archive.org/details/concisehistoryof00moln |url-access=registration |year=2001 |publisher=[[कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस]] |isbn=978-0-521-66736-4 |page=[https://archive.org/details/concisehistoryof00moln/page/46 46]}}</ref> 1195 में, बेला ने हंगरी के साम्राज्य का विस्तार दक्षिण और पश्चिम की ओर बोस्निया और डेलमेटिया तक किया और सर्बिया पर संप्रभुता का विस्तार किया, जिससे बीजान्टिन साम्राज्य का विघटन हुआ और बाल्कन क्षेत्र में इसके प्रभाव को कम किया।<ref>{{cite book |url=https://archive.org/stream/destinyofuniteds00smit/destinyofuniteds00smit_djvu.txt |last=Smith |first=Snell |date=1917 |title=The Destiny of the United States |location=New York City |publisher=Robert J. Shores |page=10}}</ref> हंगरी में 13वीं सदी की शुरुआत को राजा एंड्रयू द्वितीय (शासनकाल 1205-1235) के शासनकाल द्वारा चिह्नित किया गया था। 1211 में, उन्होंने ट्यूटोनिक नाइट्स को ट्रांसिल्वेनिया में बुर्ज़ेनलैंड दिया, लेकिन 1225 में उन्हें निष्कासित कर दिया। 1217 में, एंड्रयू ने पवित्र भूमि में पाँचवें धर्मयुद्ध का नेतृत्व करते हुए धर्मयुद्धों के इतिहास में सबसे बड़ी शाही सेना स्थापित की। 1224 में, उन्होंने डिप्लोमा एंड्रेएनम जारी किया, जिसने ट्रांसिल्वेनिया के सैक्सन लोगों के विशेष अधिकारों को एकीकृत और सुनिश्चित किया। [[File:Europe_mediterranean_1190_cropped.jpg|alt=Kingdom of Hungary, King Béla III of Hungary, 1190, Europe, map|thumb|1190 में हंगरी का साम्राज्य, बेला तृतीय के शासन के दौरान]] [[File:Az Aranybulla pecsétje.jpg|thumb|हंगरी के राजा एंड्रयू द्वितीय के स्वर्ण बैल की मुहर, 1222 से]] एंड्रयू द्वितीय को 1222 का स्वर्ण पत्र स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया, जो इंग्लैंड के मैग्ना कार्टा के समान ही हंगरी का दस्तावेज़ था। स्वर्ण पत्र का उद्देश्य दोहरा था जो शाही शक्ति को सीमित करता था। एक ओर, इसने पुराने और नए वर्गों के छोटे-छोटे जमींदार (राजकीय सेवक) के अधिकारों की पुष्टि की, जो कि मुकुट और महानुभावों के खिलाफ थे। दूसरी ओर, इसने मुकुट के खिलाफ पूरे राष्ट्र के अधिकारों की रक्षा की, कुछ क्षेत्रों में उसकी शक्तियों को सीमित किया और उसकी अवैध/असंवैधानिक आज्ञाओं (ius resistendi) की अवहेलना को वैध बनाया। छोटे जमींदार ने एंड्रयू के सामने शिकायतें प्रस्तुत करना शुरू किया, जो बाद में संसद, या डाइट, के संस्थान में विकसित हो गया। हंगरी पहला ऐसा देश बना जहाँ संसद ने राजशाही पर सर्वोच्चता प्राप्त की। सबसे महत्वपूर्ण कानूनी विचारधारा थी 'होली क्राउन' का सिद्धांत, जो मानता था कि संप्रभुता कुलीन राष्ट्र को (जैसे कि होली क्राउन द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया) संबंधित थी। होली क्राउन के सदस्य देश के नागरिक थे, और कोई भी नागरिक दूसरों पर पूरी शक्ति प्राप्त नहीं कर सकता '''हंगरी देश की ऐतिहासिक महत्वपूर्ण घटनाएं(Important history events related to Hungary country):''' * 14 जुलाई 1456 - बेलग्रेड के युद्ध में हंगरी ने ऑटोमन को पराजित किया। * 23 जुलाई 1540 - तुर्की ने जानोस सिगीसमंद जपोलयाइ को हंगरी के राजा के रूप में मान्यता दी। * 08 सितम्बर 1563 - मैक्सीमिलियन को हंगरी का राजा चुना गया। * 15 जून 1703 - राजकुमार ई रकोक्ज़ी ने फ्रांस में हंगरी विद्रोह शुरू किया। * 01 अक्टूबर 1705 - संसद ने घोषणा की, की हंगरी स्वतंत्र होने के बाद रकोजी राजा बनाया जायेगा। * 13 जून 1707 - फ़ेरेंस रकोक्ज़ी द्वितीय ने हंगरी को स्वतंत्र घोषित किया। * 22 मई 1712 - सम्राट कैरेल छठी को हंगरी के राजा का ताज पहनाया गया। * 13 अक्टूबर 1716 - हंगरी के सम्राट कैरेल 6 के सैनिकों ने टेमेसेवर पर कब्जा कर किया। * 20 अक्टूबर 1740 - मारिया थेरेसा ऑस्ट्रिया, हंगरी और बोहेमिया की शासक बनी। * 25 जून 1741 - ऑस्ट्रिया के मारिया थेरेसा को ब्रातिस्लावा में हंगरी के रानी रेजनेंट का ताज पहनाया गया ==सन्दर्भ== {{Reflist|colwidth=20em}} 5ftye6b7m037tke1kgj9etlu1n35izf इंटरपीडिया 0 1553703 6582632 6263663 2026-07-14T18:18:32Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582632 wikitext text/x-wiki {{Infobox website | name = इंटरपीडिया | type = [[ऑनलाइन विश्वकोश]] | author = रिक गेट्स | launch_date = {{Start date and age|mf=yes|1993|10|25}} }} '''इंटरपीडिया''' पहली प्रस्तावित [[ऑनलाइन विश्वकोषों की सूची|ऑनलाइन विश्वकोशों]] में से एक थी, जिसमें कोई भी व्यक्ति लेख लिखकर और उन्हें इंटरपीडिया पृष्ठों की केंद्रीय सूची में जमा करके योगदान कर सकता था। ==इतिहास== इंटरपीडिया की शुरुआत रिक गेट्स ने की थी, जिन्होंने 25 अक्टूबर 1993 को PACS-L (पब्लिक-एक्सेस कंप्यूटर सिस्टम्स फोरम) लिस्टसर्व पर "द इंटरनेट इनसाइक्लोपीडिया" शीर्षक से एक संदेश पोस्ट किया।<ref>[https://web.archive.org/web/20170916023256/http://listserv.uh.edu/cgi-bin/wa?A2=ind9310d&L=pacs-l&T=0&P=1418 PACS-L Listserv message "The Internet Encyclopedia", Oct 25, 1993] (archived)</ref> इस संदेश में उन्होंने यह विचार व्यक्त किया: <blockquote>"जितना अधिक मैंने इसके बारे में सोचा, उतना ही मुझे एहसास हुआ कि इस तरह का संसाधन, जिसमें सामान्य, विश्वकोशीय जानकारी होती है, कुछ प्रकार के अनुसंधान और नेट के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण होगा। आह... लेकिन लेखकों का क्या? आपको छोटे लेख लिखने के लिए लेखक कहां मिलेंगे? खैर, मुझे पहले उन लोगों के एक बेहद विविध सेट से संवाद करने का कोई तरीका खोजना होगा... [[भाषाविज्ञान]] से लेकर [[अणुजैविकी]] तक, [[पशु अधिकार]] कार्यकर्ताओं से लेकर जाइमरजिस्ट्स तक, और [[भूगोलशास्त्री]] से लेकर गैस [[वर्णलेखन]] तक। और अंदाज़ा लगाइए क्या? :-) इंटरनेट ऐसा मंच प्रदान करता है! तो मैंने इसके बारे में और सोचा... और इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि यह एक अच्छा विचार है!"</blockquote> नवंबर 1993 में, चर्चाएं एक समर्पित मेलिंग सूची में स्थानांतरित हो गईं,<ref>[http://listserv.uh.edu/cgi-bin/wa?A2=ind9311C&L=PACS-L&P=R2797&I=-3 PACS-L Listserv message "Internet Encyclopedia (Interpedia) group project and mailing list", Nov 17, 1993]</ref> जिसे बाद में यूज़नेट न्यूज़ग्रुप {{mono|comp.infosystems.interpedia}} द्वारा पूरक किया गया।<ref>{{cite web|url=http://www.landfield.com/usenet/news.announce.newgroups/comp/comp.infosystems.interpedia |title=RFD: comp.infosystems.interpedia |access-date=2003-01-26 |url-status=bot: unknown |archive-url=https://web.archive.org/web/20011106225801/http://www.landfield.com/usenet/news.announce.newgroups/comp/comp.infosystems.interpedia |archive-date=November 6, 2001 }}</ref><ref>[https://groups.google.com/group/comp.infosystems.interpedia/browse_thread/thread/a0adc2203f87191c/e92420e978d2c3a0?lnk=st Interpedia FAQ] (February 1994)</ref> इंटरपीडिया लेखों को रेट करने के लिए कई स्वतंत्र "सील-ऑफ-अप्रूवल" (SOAP) एजेंसियों की कल्पना की गई थी, जो अपनी चुनी हुई कसौटी के आधार पर लेखों का मूल्यांकन करेंगी; उपयोगकर्ता तब तय कर सकते थे कि किन एजेंसियों की सिफारिशों का पालन करना है।<ref>[https://groups.google.com/forum/#!topic/comp.infosystems.interpedia/6hzoH_WQdPs Interpedia FAQ 15-MAR-94], section 4.2: "What are Seals of Approval (SOAP)?"</ref> इस परियोजना पर लगभग आधे साल तक सक्रिय रूप से चर्चा की गई, लेकिन शायद [[वर्ल्ड वाइड वेब]] के अभूतपूर्व विकास के कारण यह कभी योजना से आगे नहीं बढ़ पाई।<ref>Joseph Reagle: [http://reagle.org/joseph/2005/historical/digital-works.html#heading5 Wikipedia's heritage: vision, pragmatics, and happenstance] — section 3.2, ''Interpedia''</ref> ==इन्हें भी देखें== *[[ऑनलाइन विश्वकोश]] *[[ऑनलाइन विश्वकोशों की सूची]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|3}} {{विकिपीडिया|state=collapsed}} i5ytk7njrqviutzbmyssadnqw7tpvf5 इंदिरा देवी धनराजगीर 0 1558476 6582643 6512559 2026-07-14T19:18:24Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582643 wikitext text/x-wiki {{Infobox writer | name = राजकुमारी इंदिरा देवी धनराजगीर | image = Indira_Devi_Dhanrajgir.png | caption = | birth_date = {{birth date and age|1930|8|17}} | birth_place = [[हैदराबाद]], [[तेलंगाना]], ब्रिटिश भारत | death_date = | death_place = | occupation = राजकुमारी | movement = | awards = | nationality = भारतीय | spouse = [[गुंटूर शेषेन्द्र शर्मा]] | notableworks = ''रिटर्न एटर्निटी'' (1965)<br>''पार्टिंग्स इन मिमोसा'' (1968)<br>''मेमोरीज ऑफ़ द डेक्कन'' (2008) }} '''इंदिरा देवी धनराजगीर''' (जन्म 17 अगस्त 1930) [[हैदराबाद]] से फोटो खींचने की शौकीन और [[भारतीय अंग्रेज़ी भाषा|भारतीय-अंग्रेज़ी]] कवयित्री हैं। उन्हें सामान्यतः '''राजकुमारी इंदिरा देवी''' के नाम से जाना जाता है।<ref name="ex" /> उन्हें सन् 1973 में साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया।<ref name="nobel73">{{Cite web|url=https://sa-admin.lb.se/assets/a97cceda-c3ff-499c-b248-1c25c91fb23f.pdf/F%C3%B6rslagslista%201973.pdf|title=Nobelarkivet-1973|website=svenskaakademien.se|access-date=2 January 2024|archive-date=10 जनवरी 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240110121258/https://sa-admin.lb.se/assets/a97cceda-c3ff-499c-b248-1c25c91fb23f.pdf/F%C3%B6rslagslista%201973.pdf|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.nobelprize.org/nomination/archive/show_people.php?id=16776|title=Nomination Archive - Indira Devi Dhanrajgir|date=March 2024|website=NobelPrize.org|access-date=14 March 2024}}</ref> == जीवनी == सन् 1970 ई॰ में उन्होंने तेलुगू कवि [[गुंटूर शेषेन्द्र शर्मा]] के साथ विवाह किया।<ref name="ex">{{cite web|url=https://www.newindianexpress.com/cities/hyderabad/2020/mar/21/rare-glimpses-of-hyderabad-as-seen-by-rajkumari-indira-2119443.html|title=Rare glimpses of Hyderabad, as seen by Rajkumari Indira|author=Manjulatha Kalanidhi|date=21 March 2020|website=The New Indian Express|access-date=2 January 2024}}</ref> == सम्मान == वो आन्ध्र प्रदेश सरकार की हिन्दी अकादमी की पहली अध्यक्ष बनीं। वो 1968 में तेलुगु लेखक सम्मेलन की उपाध्यक्ष भी रहीं।<ref name="ex" /> वो आन्ध्र प्रदेश सरकार के राज्य हस्थशिल्प बोर्ड और आन्ध्र प्रदेश साहित्य अकादमी उर्दू समिति के सलाहकार मंडल में भी काम कर चुकी हैं।<ref name="ex" /> सन् 1973 में उन्हें [[कृष्णा श्रीनिवास|कृष्ण श्रीनिवास]] द्वारा साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया।<ref name="nobel73" /> यह नामांकन पाने वाली वो पहला भारतीय महिला हैं। नवम्बर 2019 में [[हैदराबाद विश्वविद्यालय]] में उनके सम्मान में राजकुमारी इंदिरा देवी सभागृह का उद्घाटन किया गया।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/hyderabad/uoh-to-convert-golden-threshold-into-cultural-hub/articleshow/71929684.cms|title=UoH to convert Golden Threshold into cultural hub|date=6 नवम्बर 2019|website=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=19 अक्टूबर 2024}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.newindianexpress.com/cities/hyderabad/2019/nov/07/cultural-and-literary-hub-at-golden-threshold-2058063.html|title=Cultural and literary Hub at Golden Threshold|author=आफ्रीन|first=साइमा|date=7 नवम्बर 2019|website=द न्यू इंडियन एक्सप्रेस|access-date=19 अक्टूबर 2024}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Hyderabad/uoh-to-convert-golden-threshold-into-culture-hub/article29903033.ece|title=UoH to convert Golden Threshold into culture hub|date=7 नवम्बर 2019|website=द हिन्दू|access-date=19 अक्टूबर 2024}}</ref> [[श्रेणी:बिलारी तहसील के गाँव]] == सन्दर्भ == {{reflist}} [[श्रेणी:1929 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:भारतीय कवि]]<!--[[en:Indira Devi Dhanrajgir--> [[श्रेणी:२०२६ में निधन]] 93fp7edyzum23guahm7r1wfaqnujurf इंडोनेशियाई राष्ट्रीय क्रांति 0 1574230 6582637 6376407 2026-07-14T19:08:07Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582637 wikitext text/x-wiki {{Infobox military conflict | conflict = इंडोनेशियाई राष्ट्रीय क्रांति | partof = द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के स्वतंत्रता संघर्ष | date = 17 अगस्त 1945 – 27 दिसंबर 1949 | place =[[डच ईस्ट इंडीज]] (आधुनिक [[इंडोनेशिया]]) | result = इंडोनेशिया की संप्रभुता को मान्यता<br>डच प्रशासन की समाप्ति | combatant1 = [[इंडोनेशिया]] | combatant2 = [[नीदरलैंड]] (डच साम्राज्य)<br>[[यूनाइटेड किंगडम]] | commander1 = सुकार्नो<br>मोहम्मद हत्ता<br>सुदिरमन | commander2 = ह्यूबर्टस वैन मूक<br>साइमन स्पूल<br>रॉय डेविड मार्शल | strength1 = लगभग 200,000 क्रांतिकारी लड़ाके | strength2 = 100,000 डच सैनिक<br 30,000 ब्रिटिश-भारतीय सैनिक | casualties1 = 100,000+ इंडोनेशियाई मारे गए | casualties2 = 4,585 डच सैनिक मारे गए<ref name="niod">{{cite web |url=https://www.niod.nl/en/frequently-asked-questions/indonesian-war-independence-numbers |title=Indonesian War of Independence (in numbers) |access-date=2023-02-09 |publisher=[[NIOD Institute for War, Holocaust and Genocide Studies]] |archive-date=9 फ़रवरी 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230209180735/https://www.niod.nl/en/frequently-asked-questions/indonesian-war-independence-numbers |url-status=dead }}</ref><br> 980 ब्रिटिश सैनिक हताहत{{sfn|Kirby|1969|p=544}} }} '''इंडोनेशियाई राष्ट्रीय क्रांति''' (1945-1949) [[इंडोनेशिया]] की स्वतंत्रता के लिए डच साम्राज्य के खिलाफ लड़ा गया एक सशस्त्र संघर्ष था। 17 अगस्त 1945 को [[जापानी साम्राज्य|जापानी]] कब्ज़े के अंत के तुरंत बाद, इंडोनेशियाई नेताओं सुकार्नो और मोहम्मद हत्ता ने स्वतंत्रता की घोषणा की। हालाँकि, [[डच ईस्ट इंडीज|डच]] सरकार ने इसे मान्यता देने से इनकार कर दिया और अपने औपनिवेशिक शासन को बहाल करने के लिए सेना भेजी, जिससे यह युद्ध छिड़ गया। ==ऐतिहासिक पृष्ठभूमि== इंडोनेशिया तीन शताब्दियों तक डच औपनिवेशिक शासन के अधीन रहा। 20वीं शताब्दी में राष्ट्रवादी आंदोलन तेज हुआ, विशेष रूप से 1927 में सुकार्नो द्वारा स्थापित इंडोनेशियाई राष्ट्रीय पार्टी (PNI) के माध्यम से। [[द्वितीय विश्वयुद्ध|द्वितीय विश्व युद्ध]] के दौरान, जापानी सेना ने 1942 में डचों को हराकर इंडोनेशिया पर कब्ज़ा कर लिया और इंडोनेशियाई राष्ट्रवादियों को समर्थन देने का वादा किया। लेकिन जापानी हार के बाद, डचों ने अपनी शक्ति पुनः स्थापित करने की कोशिश की, जिसे इंडोनेशियाई राष्ट्रवादियों ने अस्वीकार कर दिया।<ref name=":0">{{Citation|last=Lane|first=Max|title=Indonesian Revolution and Counterrevolution|date=2009|url=https://onlinelibrary.wiley.com/doi/10.1002/9781405198073.wbierp0755|work=The International Encyclopedia of Revolution and Protest|pages=1–10|publisher=John Wiley & Sons, Ltd|language=en|doi=10.1002/9781405198073.wbierp0755|isbn=978-1-4051-9807-3|access-date=2025-01-27}}</ref> ==क्रांति की शुरुआत== स्वतंत्रता की घोषणा के तुरंत बाद, इंडोनेशियाई स्वतंत्रता सेनानियों और डच सेनाओं के बीच संघर्ष छिड़ गया। 1945 में सुरबाया की लड़ाई इस संघर्ष का पहला बड़ा सैन्य टकराव थी, जिसमें इंडोनेशियाई सेनानियों ने ब्रिटिश और डच सेनाओं के खिलाफ बहादुरी से संघर्ष किया।<ref name=":0" /> इंडोनेशियाई सेनाओं ने गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाई, जिसमें गाँवों और जंगलों से हमले किए गए। डच सेना ने जवाबी कार्रवाई में कई बड़े शहरों को नियंत्रित कर लिया, लेकिन ग्रामीण इलाकों में इंडोनेशियाई सेनानियों का प्रभाव बना रहा।<ref name=":0" /> ==सशस्त्र संघर्ष और कूटनीतिक वार्ता== 1947 में, संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में लिंग्गाजती समझौता हुआ, जिसमें डच सरकार ने इंडोनेशिया को एक संघीय राज्य के रूप में मान्यता देने का आश्वासन दिया। लेकिन डचों ने इस समझौते को तोड़ते हुए सैन्य अभियान शुरू किए, जिन्हें "पोलिश एक्शन" कहा गया।<ref name=":2">{{Cite web|url=https://www.britannica.com/place/Indonesia/Toward-independence|title=Indonesia - Colonialism, Revolution, Independence {{!}} Britannica|date=2025-01-26|website=www.britannica.com|language=en|access-date=2025-01-27}}</ref> 1948 में, डच सेनाओं ने इंडोनेशियाई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया और कई इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया, लेकिन इंडोनेशियाई गुरिल्लाओं ने लगातार संघर्ष जारी रखा। वैश्विक दबाव बढ़ने लगा और अमेरिका, सोवियत संघ और [[भारत]] जैसे देशों ने इंडोनेशिया के स्वतंत्रता संग्राम को समर्थन दिया।<ref name=":1">{{Cite book|url=https://www.jstor.org/stable/10.7591/j.ctv3s8ndm|title=Nationalism and Revolution in Indonesia|last=Kahin|first=George McTuman|date=2003|publisher=Cornell University Press|doi=10.7591/j.ctv3s8ndm}}</ref> ==1949 में स्वतंत्रता की मान्यता== डच सरकार ने महसूस किया कि वह इंडोनेशिया को सैन्य रूप से नियंत्रित नहीं कर सकती। दिसंबर 1949 में, हेग सम्मेलन में, डच सरकार ने इंडोनेशिया की संप्रभुता को औपचारिक रूप से मान्यता दी। 27 दिसंबर 1949 को इंडोनेशिया एक स्वतंत्र राष्ट्र बन गया और सुकार्नो इसके पहले राष्ट्रपति बने।<ref name=":1" /> ==निष्कर्ष== इंडोनेशियाई राष्ट्रीय क्रांति केवल एक सैन्य संघर्ष नहीं था, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक क्रांति भी थी जिसने उपनिवेशवाद को समाप्त कर एक स्वतंत्र राष्ट्र की स्थापना की। इस संघर्ष ने एशिया में औपनिवेशिक शक्ति के अंत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रखा। स्वतंत्रता के बाद भी, इंडोनेशिया को आंतरिक संघर्षों और बाहरी दबावों का सामना करना पड़ा, लेकिन 1945-1949 की क्रांति ने इसे एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में स्थापित कर दिया।<ref name=":2" /> ==संदर्भ== [[श्रेणी:क्रांति]] k5ygqigpmkvafcnu4e8kwharlv1t9jw साइबरपंक 0 1584516 6582912 6581001 2026-07-15T11:48:38Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582912 wikitext text/x-wiki {{ख़राब अनुवाद|1=अंग्रेज़ी|date=अप्रैल 2025}} <div class="thumb tmulti tright"><div class="thumbinner multiimageinner" style="width:292px;max-width:292px"><div class="trow"><div class="tsingle" style="width:290px;max-width:290px"><div class="thumbimage" style="height:162px;overflow:hidden">[[File:国内の新規感染者は1516_(51008728635).jpg|पाठ=|288x288पिक्सेल]]</div></div></div><div class="trow"><div class="tsingle" style="width:290px;max-width:290px"><div class="thumbimage" style="height:192px;overflow:hidden">[[File:Times_Square,_New_York_City_(HDR).jpg|पाठ=|288x288पिक्सेल]]</div></div></div><div class="trow"><div class="tsingle" style="width:290px;max-width:290px"><div class="thumbimage" style="height:157px;overflow:hidden">[[File:DelValleCity.jpg|पाठ=|288x288पिक्सेल]]</div></div></div><div class="trow"><div class="tsingle" style="width:290px;max-width:290px"><div class="thumbimage" style="height:186px;overflow:hidden">[[File:Chongqing_Nightscape.jpg|पाठ=|288x288पिक्सेल]]</div></div></div><div class="trow" style="display:flex"><div class="thumbcaption">कृत्रिम परिदृश्य और "रात में शहर की रोशनी" साइबरस्पेस के लिए शैली द्वारा उपयोग किए जाने वाले पहले रूपकों में से कुछ थे ([[William Gibson|विलियम गिब्सन]] द्वारा ''[[Neuromancer|न्यूरोमेंसर]]'' में) । ऊपर से नीचे तकः [[Shibuya|शिबुया]], [[Tokyo|टोक्यो]] ([[Japan|जापान]]), [[Times Square|टाइम्स स्क्वायर]], [[New York City|न्यूयॉर्क]] ([[United States|संयुक्त राज्य अमेरिका]]), मोंटेरे, नुएवो लियोन ([[Mexico|मेक्सिको]]) और [[Yuzhong, Chongqing|युझोंग]], [[Chongqing|चोंगकिंग]] ([[China|चीन]]) ।</div></div></div></div>'''साइबरपंक''' [[विज्ञान कथा साहित्य|विज्ञान कथा]] का एक उपश्रेणी है जो एक निराशाजनक भविष्यकालीन सेटिंग में आधारित होती है और इसे "निम्न जीवन और उच्च तकनीक" के संयोजन पर केंद्रित बताया जाता है। इसमें भविष्यकालीन तकनीकी और वैज्ञानिक उपलब्धियाँ, जैसे कि [[कृत्रिम बुद्धि|कृत्रिम बुद्धिमत्ता]] और साइबरवेयर, समाजिक पतन, निराशावाद या अवनति के साथ जोड़ी जाती हैं। साइबरपंक का अधिकांश भाग 1960 और 1970 के दशकों में न्यू वेव विज्ञान कथा आंदोलन से उत्पन्न हुआ है, जब लेखक जैसे कि फिलिप के. डिक, माइकल मूरकॉक, रोजर ज़ेलेज़नी, जॉन ब्रनर, जे. जी. बैलार्ड, फिलिप जोस फार्मर और हार्लन एलिसन ने तकनीक, नशे की संस्कृति, और यौन क्रांति के प्रभावों का विश्लेषण किया, जबकि पहले की विज्ञान कथा की आदर्शवादी प्रवृत्तियों से बचने की कोशिश की। साइबरपंक थीम्स को दर्शाने वाली कॉमिक्स 1977 में पहली बार प्रकाशित जज ड्रेड के रूप में दिखाई दीं। 1984 में प्रकाशित विलियम गिब्सन का प्रभावशाली पहला उपन्यास ''न्यूरोमंसर'' ने साइबरपंक को एक शैली के रूप में स्थापित करने में मदद की, जो पंक उपसंस्कृति और शुरुआती हैकर संस्कृति से प्रभावित था। फ्रैंक मिलर की ''रोनिन'' एक साइबरपंक ग्राफिक नॉवेल का उदाहरण है। अन्य प्रभावशाली साइबरपंक लेखकों में ब्रूस स्टर्लिंग और रूडी रकर शामिल थे। जापानी साइबरपंक उपश्रेणी 1982 में कात्सुहिरो ओटोमो की मंगा सीरीज़ ''अकीरा'' के साथ शुरू हुई, और इसके 1988 के एनीमे फिल्म रूपांतरण (जो ओटोमो द्वारा निर्देशित था) ने बाद में इस उपश्रेणी को लोकप्रिय किया। इस शैली की शुरुआती फिल्म्स में [[रिडले स्कॉट|रिडली स्कॉट]] की 1982 की फिल्म ''[[ब्लेड रनर]]'' शामिल है, जो फिलिप के. डिक के कई कार्यों में से एक है, जिसे फिल्मों में रूपांतरित किया गया (इस मामले में, ''डू एंड्रॉइड्स ड्रीम ऑफ इलेक्ट्रिक शीप?'')। "पहली साइबरपंक टेलीविजन सीरीज़" 1987 की टीवी सीरीज़ ''मैक्स हेडरूम'' थी, जो एक भविष्यकालीन निराशाजनक दुनिया में सेट थी, जहाँ टेलीविजन नेटवर्क्स का एक ओलिगार्की शासन था और जहाँ कंप्यूटर हैकिंग कई कथाओं में केंद्रीय भूमिका निभाती थी। ''जॉनी म्नेमोनिक'' (1995) और ''न्यू रोज़ होटल'' (1998) जैसी फिल्में, जो विलियम गिब्सन की लघु कथाओं पर आधारित थीं, व्यावसायिक और आलोचनात्मक दृष्टि से फ्लॉप हो गईं, जबकि ''द मैट्रिक्स'' त्रयी (1999–2003) और ''जज ड्रेड'' (1995) कुछ सबसे सफल साइबरपंक फिल्म्स में से थीं। <ref name="ctheory1">{{Cite web|url=http://www.ctheory.net/articles.aspx?id=150|title=CTheory.net|publisher=CTheory.net|archive-url=https://web.archive.org/web/20090722181849/http://www.ctheory.net/articles.aspx?id=150|archive-date=2009-07-22|access-date=2009-03-20}}</ref><ref name="dvdverdict2000">{{Cite web|url=http://www.dvdverdict.com/reviews/newrosehotel.php|title=DVD Verdict Review&nbsp;– New Rose Hotel|date=2000-01-10|publisher=Dvdverdict.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20081228231709/http://www.dvdverdict.com/reviews/newrosehotel.php|archive-date=2008-12-28|access-date=2009-03-20}}</ref><ref name="nytimes1999">{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/library/film/100199rose-film-review.html|title='New Rose Hotel': Corporate Intrigue, Steamy Seduction|date=1999-10-01|work=[[The New York Times]]|access-date=2009-03-20}}</ref> नवीनतम साइबरपंक मीडिया में ''[[ब्लेड रनर 2049]]'' (2017) शामिल है, जो 1982 की मूल फिल्म का सिक्वल है; ''ड्रेड'' (2012), जो मूल फिल्म का सिक्वल नहीं था; ''[[घोस्ट इन द शेल]]'' (2017), जो मूल मंगा का लाइव-एक्शन रूपांतरण है; ''अलिता: बैटल एंजल'' (2019), जो 1990s के जापानी मंगा ''बैटल एंजल अलिता'' पर आधारित है; 2018 की [[नेटफ्लिक्स]] टीवी सीरीज़ ''अल्टर्ड कार्बन'', जो रिचर्ड के. मॉर्गन के 2002 के उपन्यास पर आधारित है; और वीडियो गेम ''साइबरपंक 2077'' (2020) और मूल नेट एनीमेशन (ONA) मिनीसीरीज़ ''साइबरपंक: एज रनर्स'' (2022), दोनों R. Talsorian Games के 1988 के टेबलटॉप रोल-प्लेइंग गेम ''साइबरपंक'' पर आधारित हैं। == पृष्ठभूमि == लॉरेंस पर्सन ने साइबरपंक साहित्यिक आंदोलन की सामग्री और लोकाचार को परिभाषित करने का प्रयास करते हुए कहा हैः क्लासिक साइबरपंक पात्र आमतौर पर हाशिए पर रहने वाले, परायापन का अनुभव करने वाले अकेले होते थे, जो समाज के किनारे पर रहते थे और सामान्यत: निराशाजनक भविष्यकाल में जीवन यापन करते थे, जहाँ दैनिक जीवन पर तेज़ी से बदलती तकनीकी प्रगति, कम्प्युटराइज्ड जानकारी का सर्वव्यापी डाटा क्षेत्र, और मानव शरीर में आक्रामक परिवर्तन का प्रभाव पड़ा होता था। साइबरपंक कथाएँ अक्सर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हैकर्स और मेगाकॉर्पोरेशन्स के बीच संघर्ष को शामिल करती हैं, और ये आमतौर पर एक निकट भविष्य की पृथ्वी पर आधारित होती हैं, बजाय इसके कि वे दूर भविष्य के सेटिंग्स या आकाशगंगा के दृश्य में स्थित हों, जैसे कि इसाक असिमोव की ''फाउंडेशन'' या फ्रैंक हर्बर्ट की ''ड्यून'' जैसी उपन्यासों में। इन सेटिंग्स में आमतौर पर पोस्ट-इंडस्ट्रियल निराशाजनक परिप्रेक्ष्य होता है, लेकिन ये असाधारण सांस्कृतिक हलचल और तकनीकी उपयोग की विशेषताएँ दिखाती हैं जो इसके मूल आविष्कारकों द्वारा कभी अनुमानित नहीं की गई थीं ("सड़क चीजों का अपना उपयोग ढूंढ लेती है")। इस शैली का अधिकांश वातावरण फिल्म नोयर की गूंज से मिलता-जुलता है, और इस शैली में लिखे गए कार्य अक्सर जासूसी साहित्य की तकनीकों का उपयोग करते हैं। कुछ स्रोतों का मानना है कि साइबरपंक एक साहित्यिक आंदोलन से बदलकर विज्ञान कथा के एक रूप में तब्दील हो गया है, क्योंकि इसके लेखकों की संख्या सीमित है और यह एक अधिक सामान्यीकृत सांस्कृतिक रूप में विकसित हो गया है। <ref name=":0">{{Cite book|title=Cyberpunk and Visual Culture|last=Murphy|first=Graham|last2=Schmeink|first2=Lars|publisher=Routledge|year=2017|isbn=978-1-351-66515-5|location=London}}</ref><ref>{{Cite book|title=Science Fiction After 1900: From the Steam Man to the Stars|last=Landon|first=Brooks|publisher=Routledge|year=2014|isbn=978-0-415-93888-4|location=New York|pages=164}}</ref><ref>{{Cite book|title=The Matrix Trilogy: Cyberpunk Reloaded|url=https://archive.org/details/matrixtrilogycyb0000unse|last=Gillis|first=Stacy|publisher=Wallflower Press|year=2005|isbn=978-1-904764-33-5|location=London|pages=[https://archive.org/details/matrixtrilogycyb0000unse/page/3 3]}}</ref> == इतिहास और उत्पत्ति == साइबरपंक की उत्पत्ति 1960 और 1970 के दशकों में न्यू वेव विज्ञान कथा आंदोलन से जुड़ी हुई है, जब ''न्यू वर्ल्ड्स'' (Michael Moorcock के संपादन में) ने ऐसी कहानियों को आमंत्रित किया और बढ़ावा दिया, जो नई लेखन शैलियों, तकनीकों, और आर्केटाइप्स का अध्ययन करती थीं। पारंपरिक कथा कहने के तरीके के प्रति प्रतिक्रिया स्वरूप, न्यू वेव लेखकों ने एक ऐसे विश्व को प्रस्तुत करने का प्रयास किया जहाँ समाज नए तकनीकी और सांस्कृतिक उत्थानों के साथ संघर्ष करता था, जो सामान्यतः निराशाजनक परिणामों के साथ होते थे। लेखक जैसे रोजर ज़ेलेज़नी, जे. जी. बैलार्ड, फिलिप जोस फार्मर, सैमुएल आर. डेलानी, और हार्लन एलिसन ने अक्सर नशे की संस्कृति, तकनीक, और जारी यौन क्रांति के प्रभावों का विश्लेषण किया, और बीट जनरेशन के लेखकों जैसे विलियम एस. बरोघ्स, और कला आंदोलनों जैसे दादावाद से विषय और प्रभाव लिया। <ref>{{Cite web|url=https://comicsalliance.com/new-worlds-magazine-returns/|title='New Worlds': One of the Most Influential Sci-Fi Magazines Returns This Fall|last=Parker|first=John R.|date=20 August 2011|website=ComicsAlliance|language=en|access-date=2022-12-29|quote=Ballard's amazing kink-think-pieces on the intrusion of technology and media — "The Atrocity Exhibition", "Notes Towards a Mental Breakdown", "The Assassination of John Fitzgerald Kennedy Considered as a Downhill Motor Race" (collected with others as ''The Atrocity Exhibition'' with illustrations by Phoebe Gloeckner) — paved the way for cyberpunk. Brian Aldiss practically populated his own subgenre with quirky epics like ''Acid Head War'', a messianic tale of freestyle narrative set in a post-war Europe in which hallucinogenic drugs had affected entire populations, and ''Report on Probability A'', an experimental story about the observations of three characters named G, S, and C.}}</ref><ref>{{Cite book|title=Storming the Reality Studio: A Casebook of Cyberpunk & Postmodern Science Fiction|last=McCaffery|first=Larry|publisher=Duke University Press|year=1991|isbn=978-0-8223-9822-6|pages=216|doi=10.2307/j.ctv1168ch3|jstor=j.ctv1168ch3|oclc=972009012}}</ref> बैल्लार्ड, जो विज्ञान कथा में साहित्यिक आर्केटाइप्स के आलोचक रहे हैं, इसके बजाय metaphysical और मानसिक अवधारणाओं का उपयोग करते हैं, जो उस समय के पाठकों के लिए अधिक प्रासंगिकता की तलाश करते हैं। बैल्लार्ड के कार्य को साइबरपंक के विकास पर गहरा प्रभाव डालने वाला माना जाता है, जैसा कि "बैल्लार्डियन" शब्द के उपयोग से सिद्ध होता है, जिसे विज्ञान कथा सामाजिक सर्कलों में साहित्यिक उत्कृष्टता को व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बैल्लार्ड, ज़ेलेज़नी और अन्य लेखकों के साथ मिलकर, इस शैली में "यथार्थवाद" के लोकप्रिय विकास को जारी रखते हुए इसे और अधिक विकसित किया।<ref>{{Cite book|url=http://dx.doi.org/10.5949/liverpool/9781781382608.001.0001|title=Science Fiction Rebels|last=Ashley|first=Mike|date=2016-07-01|isbn=9781781382608|doi=10.5949/liverpool/9781781382608.001.0001}}</ref> === व्युत्पत्ति === "साइबरपंक" शब्द पहली बार ब्रूस बेथके की एक लघु कहानी के शीर्षक के रूप में दिखाई दिया, जिसे 1980 में लिखा गया था और 1983 में अमेजिंग स्टोरीज में प्रकाशित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.merriam-webster.com/dictionary/cyberpunk|title=Definition of cyberpunk|website=www.merriam-webster.com|language=en|access-date=2020-09-19}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.sf-encyclopedia.com/entry/cyberpunk|title=Cyberpunk|website=www.sf-encyclopedia.com|access-date=2020-09-20}}</ref> इस नाम को इसाक असिमोव की साइंस फिक्शन पत्रिका के संपादक गार्डनर डोजोइस ने उठाया था और अपने संपादकीय में लोकप्रिय किया था।<ref>{{Cite book|title=Postmodern Metanarratives|last=Cruz|first=Décio Torres|date=2014|publisher=Palgrave Macmillan UK|isbn=978-1-349-49431-6|location=London|pages=30, 32|chapter=Blurring Genres: Dissolving Literature and Film in Blade Runner|doi=10.1057/9781137439734_4|access-date=2023-01-08|chapter-url=http://dx.doi.org/10.1057/9781137439734_4}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=5ER26ZJkc30C&q=cyberpunk+bethke+1983+dozois&pg=PA9|title=Cyberpunk Women, Feminism and Science Fiction: A Critical Study|last=Lavigne|first=Carlen|date=2013|publisher=McFarland & Company|isbn=978-0-7864-6653-5|page=9|access-date=19 September 2020}}</ref> बेथके का कहना है कि उन्होंने शब्दों की दो सूचियाँ बनाईं, एक प्रौद्योगिकी के लिए, एक परेशानी पैदा करने वालों के लिए, और उन्हें विभिन्न रूप से यौगिक शब्दों में संयोजित करने के साथ प्रयोग किया, सचेत रूप से एक ऐसा शब्द बनाने का प्रयास किया जिसमें पंक दृष्टिकोण और उच्च तकनीक दोनों शामिल थे। उन्होंने इस विचार का वर्णन इस प्रकार कियाः "जिन बच्चों ने मेरी कंप्यूटर को तबाह किया था; उनके बच्चे पवित्र आतंक (Holy Terrors) बनने वाले थे, जो किशोरों की नैतिक शून्यता को एक तकनीकी दक्षता के साथ मिलाकर जी रहे थे, जिसे हम वयस्क केवल अनुमान ही लगा सकते थे। इसके अलावा, 21वीं सदी की शुरुआत के माता-पिता और अन्य वयस्क अधिकारिक व्यक्ति पहले किशोरों की पीढ़ी से निपटने के लिए बुरी तरह तैयार नहीं होने वाले थे, जो सचमुच 'कंप्यूटर बोलने' में सक्षम होंगे।" साइबरपंक युग को बुक करते हुए, बेथके ने स्वयं 1995 में हेडक्रैश नामक एक उपन्यास प्रकाशित किया, जैसे स्नो क्रैश शैली की ज्यादतियों पर एक व्यंग्यात्मक हमला। उचित रूप से, इसने साइबरपंक के आध्यात्मिक संस्थापक, फिलिप के. डिक पुरस्कार के नाम पर एक सम्मान जीता। इसने इस तरह से शैली को व्यंग्यित कियाः ...युवा लड़कों से भरा हुआ, जिनका कोई सामाजिक जीवन नहीं है, कोई यौन जीवन नहीं है और अपनी माताओं के तहखाने से बाहर निकलने की कोई उम्मीद नहीं है ... वे पूरी तरह से बेकार और हारे हुए लोग हैं जो किसी दिन जादुई कंप्यूटर कौशल के माध्यम से दुनिया के साथ बराबरी करने की मसीहाई कल्पनाओं में लिप्त हैं, लेकिन जिनका वास्तविक नेट का उपयोग स्कैटोफिलिया फ़ोरम को डायल करने और कुछ घृणित तस्वीरें डाउनलोड करने के बराबर है। आप जानते हैं, साइबरपंक।   == शैली और नैतिकता == साइबरपंक आंदोलन में प्राथमिक हस्तियों में विलियम गिब्सन, नील स्टीफेंसन, ब्रूस स्टर्लिंग, ब्रूस बेथके, पैट कैडिगन, रूडीरूडी रुकर और जॉन शर्ली शामिल हैं। फिलिप के. डिक (डू एंड्रोइड ड्रीम ऑफ इलेक्ट्रिक शीप के लेखक), जिनसे फिल्म ''ब्लेड रनर'' को रूपांतरित किया गया था, को कुछ लोगों द्वारा आंदोलन के पूर्व-चित्रण के रूप में भी देखा जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.hatii.arts.gla.ac.uk/MultimediaStudentProjects/00-01/0003637k/project/html/litaut.htm|title=The Cyberpunk Movement&nbsp;– Cyberpunk authors|publisher=[[Humanities Advanced Technology and Information Institute]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20090720051349/http://www.hatii.arts.gla.ac.uk/MultimediaStudentProjects/00-01/0003637k/project/html/litaut.htm|archive-date=2009-07-20|access-date=2009-03-20}}</ref> ''ब्लेड रनर'' को साइबरपंक शैली और विषय का आदर्श उदाहरण माना जा सकता है। वीडियो गेम्स, बोर्ड गेम्स, और टेबलटॉप रोल-प्लेइंग गेम्स, जैसे ''साइबरपंक 2020'' और ''शैडो रन'', अक्सर ऐसी कहानियाँ प्रस्तुत करते हैं जो साइबरपंक लेखन और फिल्मों से गहरे प्रभावित होती हैं। 1990 के दशक की शुरुआत से, फैशन और संगीत में कुछ प्रवृत्तियों को भी साइबरपंक के रूप में पहचाना गया। साइबरपंक को एनीमे और मंगा (जापानी साइबरपंक) में भी प्रमुख रूप से दिखाया गया है, जिनमें ''अकीरा'', ''घोस्ट इन द शेल'' और ''काउबॉय बीबॉप'' कुछ सबसे उल्लेखनीय उदाहरण हैं। <ref name="CWCcyber">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=qOXoeyesZOIC&pg=PA104|title=Contemporary World Cinema: Europe, the Middle East, East Asia and South Asia|last=Chaudhuri|first=Shohini|publisher=[[Edinburgh University Press]]|year=2005|isbn=978-0-7486-1799-9|page=104}}</ref> === सेटिंग === {{multiple image|direction=vertical|width=175|footer=[[शिबुया]], [[टोक्यो]], जापान<ref>{{cite news|url=https://www.nytimes.com/2007/06/17/travel/17tokyo.html|title=Hidden Tokyo|first=Julia|last=Chaplin|date=17 June 2007|newspaper=The New York Times}}</ref> (बाद की तीन तस्वीरें [[शिबुया क्रॉसिंग] को दर्शाती हैं]]).|image1=Shibuya Nights, Japan -- 2017-05 (unsplash.com).jpg|image2=Shibuya crossing night.jpg|image3=Shibuya Crossing at night (14738088849).jpg|image4=Shibuya Crossing, May 2017 1.jpg}}{{multiple image|direction=vertical|width=175|footer=[[कॉव्लून वाल्ड सिटी]] में जीवन ने अक्सर आधुनिक मीडिया कार्यों में डायस्टोपियन पहचान को प्रेरित किया है।|image1=KWC - Alley.jpg|image2=KWC - Night.jpg|image3=Kowloon Walled City - 1989 Aerial.jpg}} साइबरपंक लेखक आमतौर पर अपराध कथा के तत्वों—विशेष रूप से हार्डबॉयल्ड डिटेक्टिव फिक्शन और फिल्म नोयर—और पोस्टमॉडर्निस्ट गद्य का उपयोग करते हैं ताकि एक इलेक्ट्रॉनिक समाज के अक्सर निराशाजनक अंडरग्राउंड पहलू का वर्णन किया जा सके। इस शैली का भविष्य को लेकर दृष्टिकोण अक्सर 1940 और 1950 के दशकों में लोकप्रिय भविष्यवादी आदर्शों के विपरीत होता है, जिन्हें आमतौर पर यूटोपियन दृष्टिकोण माना जाता है। गिब्सन ने अपनी 1981 की लघु कथा ''"The Gernsback Continuum"'' में साइबरपंक के यूटोपियन विज्ञान कथा के प्रति विरोध को परिभाषित किया, जो यूटोपियन विज्ञान कथा पर मजाक उड़ाता है और एक हद तक उसे निंदा भी करता है। <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=55wUHXiay-gC&pg=PA221|title=The Cambridge Companion to Science Fiction|last=James|first=Edward|last2=Mendlesohn|first2=Farah|publisher=[[कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस]]|year=2003|isbn=978-0-521-01657-5|page=221|author-link=Edward James (historian)|author-link2=Farah Mendlesohn}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=bG3H3kxLhU4C&pg=PA159|title=The Cultures of the New American West|last=Campbell|first=Neil|publisher=[[Routledge]]|year=2000|isbn=978-1-57958-288-3|page=159}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=HO_z5WFKwpoC&pg=PA220|title=Publishing|last=Seed|first=David|publisher=[[Wiley-Blackwell|Blackwell]]|year=2005|isbn=978-1-4051-1218-5|page=220}}</ref> हांगकांग के शहर दृश्य ने ''ब्लेड रनर'' और ''शैडो रन'' जैसे कई साइबरपंक कार्यों में शहरी पृष्ठभूमियों, वातावरण और सेटिंग्स पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। रिडली स्कॉट ने ''ब्लेड रनर'' में साइबरपंक [[लॉस एंजेलिस|लॉस एंजिल्स]] के परिदृश्य को "हांगकांग के बहुत बुरे दिन" के रूप में कल्पना की थी। ''घोस्ट इन द शेल'' फिल्म की सड़कों के दृश्य हांगकांग पर आधारित थे। इसके निर्देशक मामोरू ओशी को लगता था कि हांगकांग की अजीब और अव्यवस्थित सड़कों, जहाँ "पुराना और नया भ्रमित रिश्तों में मौजूद है," फिल्म के विषय के लिए उपयुक्त हैं। हांगकांग का कोलून वाल्ड सिटी विशेष रूप से इसके अव्यवस्थित हाइपर-शहरीकरण और पारंपरिक शहरी नियोजन के विघटन के लिए उल्लेखनीय है, जो साइबरपंक परिदृश्यों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी। हांगकांग पर ब्रिटिश शासन के दौरान, यह एक ऐसा क्षेत्र था जिसे ब्रिटिश और किंग प्रशासन दोनों ने नजरअंदाज किया था, और यह एक निराशाजनक संदर्भ में उदारवाद के तत्वों को व्यक्त करता था। पश्चिमी साइबरपंक में पूर्व एशिया और एशियाई लोगों की चित्रण को ओरिएंटलिस्ट और नस्लीय रूप से भेदभावपूर्ण कहा गया है, जो अमेरिकी और यूरोपीय देशों के पूर्व एशियाई प्रभुत्व के भय पर आधारित नस्लवादी स्टीरियोटाइप को बढ़ावा देते हैं; इसे "टेक्नो-ओरिएंटलिज़्म" के रूप में संदर्भित किया गया है। <ref>{{Cite web|url=https://www.polygon.com/2021/1/30/22255318/cyberpunk-2077-genre-xenophobia-orientalism|title=The cyberpunk genre has been Orientalist for decades — but it doesn't have to be|last=Hashimoto|first=Kazuma|date=30 January 2021|website=[[Polygon (website)|Polygon]]|access-date=2021-09-24}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.wired.com/story/orientalism-cyberpunk-2077-yellow-peril-science-fiction/|title=Orientalism, 'Cyberpunk 2077,' and Yellow Peril in Science Fiction|last=Yang|first=George|work=Wired|access-date=2021-09-24|issn=1059-1028|via=www.wired.com}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://uwimprint.ca/article/detriments-of-techno-orientalism/|title=Detriments of Techno-Orientalism|last=Gharagozli|first=Saba|date=19 May 2021|website=[[Imprint (newspaper)|Imprint]]|location=[[University of Waterloo]]|access-date=2021-09-24|archive-date=12 जून 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240612125544/https://uwimprint.ca/article/detriments-of-techno-orientalism/|url-status=dead}}</ref> == मीडिया == === साहित्य === मिनेसोटा के लेखक ब्रूस बेथके ने 1983 में अपनी लघु कथा ''"Cyberpunk"'' के लिए इस शब्द को गढ़ा, जिसे ''अमेज़िंग साइंस फिक्शन स्टोरीज'' के एक अंक में प्रकाशित किया गया था। यह शब्द जल्दी ही विलियम गिब्सन, ब्रूस स्टर्लिंग, पैट कैडिगन और अन्य लेखकों के कार्यों पर लागू करने के रूप में अपनाया गया। इनमें से, स्टर्लिंग ने अपनी फैंज़ीन ''Cheap Truth'' के माध्यम से आंदोलन के प्रमुख विचारक के रूप में पहचान बनाई। जॉन शर्ली ने स्टर्लिंग और रकर के महत्व पर लेख लिखे। जॉन ब्रूनर का 1975 का उपन्यास ''The Shockwave Rider'' कई लोगों द्वारा (किसके द्वारा?) पहले साइबरपंक उपन्यास के रूप में माना जाता है, जिसमें शैली से जुड़ी कई सामान्य tropes हैं, लगभग पांच साल पहले जब इस शब्द को डोजोइस द्वारा लोकप्रिय किया गया था। <ref>{{Cite book|url=https://www.amazon.com/Wetware-Cyberpunk-Erotica-Violet-Blue-ebook/dp/B013AFNGQG/|title=Wetware: Cyberpunk Erotica|last=Blue|first=Violet|date=6 August 2015|publisher=Digita Publications|edition=First|access-date=20 February 2016}}</ref>{{कौन|date=January 2015}} === फिल्म और टेलीविजन === फिल्म ''ब्लेड रनर'' (1982) 2019 के एक निराशाजनक भविष्य में सेट है, जिसमें निर्मित प्राणी, जिन्हें रिप्लिकेंट्स कहा जाता है, अंतरिक्ष उपनिवेशों में दास के रूप में काम करते हैं और पृथ्वी पर विभिन्न बाउंटी हंटर्स द्वारा उनका शिकार किया जाता है, जो उन्हें "रिटायर" (मार डालते) हैं। हालांकि ''ब्लेड रनर'' की पहली थिएट्रिकल रिलीज में यह ज्यादातर असफल रही, इसे होम वीडियो मार्केट में दर्शक मिले और यह एक कल्ट फिल्म बन गई। चूंकि फिल्म डिक के मूल उपन्यास के धार्मिक और मिथक तत्वों (जैसे कि एम्पैथी बॉक्सेस और विल्बर मर्सर) को छोड़ देती है, यह उपन्यास से अधिक कड़े रूप से साइबरपंक शैली के अंतर्गत आती है। विलियम गिब्सन ने बाद में यह खुलासा किया कि जब उन्होंने फिल्म को पहली बार देखा, तो वे यह देखकर हैरान थे कि फिल्म का लुक उनके ''न्यूरोमांसर'' के दृष्टिकोण से मेल खाता था, जो उस समय वह लिख रहे थे। फिल्म का टोन तब से कई साइबरपंक फिल्मों का आधार बन चुका है, जैसे कि ''द मैट्रिक्स'' त्रयी (1999–2003), जो साइबरपंक तत्वों की एक विस्तृत विविधता का उपयोग करती है। ''ब्लेड रनर'' का एक सिक्वल 2017 में रिलीज़ हुआ था। === एनीमे और मंगा === जापानी साइबरपंक उप-शैली की शुरुआत 1982 में कात्सुहिरो ओटोमो की [[मांगा|मंगा]] श्रृंखला ''अकीरा'' की शुरुआत के साथ हुई, इसके 1988 एनीमे फिल्म रूपांतरण के साथ, जिसे ओटोमो ने निर्देशित किया, बाद में उप-शैली को लोकप्रिय बनाया। ''अकीरा'' ने जापानी साइबरपंक कार्यों की एक लहर को प्रेरित किया, जिसमें मंगा और [[ऐनिमे|एनीमे]] श्रृंखला जैसे घोस्ट इन द शेल, ''बैटल एंजेल एलिटा'' और ''काउबॉय बीबॉप'' शामिल हैं।<ref name="polygon">{{Cite news|url=https://www.polygon.com/features/2018/8/30/17796680/cyberpunk-2077-history-blade-runner-neuromancer|title=What is cyberpunk?|date=August 30, 2018|work=[[Polygon (website)|Polygon]]}}</ref> अन्य प्रारंभिक जापानी साइबरपंक कार्यों में 1982 की फिल्म ''बर्स्ट सिटी'' और 1989 की फिल्म टेटसुओः द आयरन मैन शामिल हैं। साइबरपंक एनीमे और मंगा एक भविष्यवादी दृष्टिकोण पर आधारित होते हैं, जिसमें पश्चिमी विज्ञान कथा से कुछ समानताएँ होती हैं, और इसलिए इन्हें जापान के बाहर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक स्वीकृति मिली है। "साइबरपंक में जो अवधारणात्मक दृष्टिकोण है, वह अधिकतर आगे बढ़ने और नई वैश्विक संस्कृति को देखने से जुड़ा है। यह एक ऐसी संस्कृति है जो अभी मौजूद नहीं है, इसलिए जापानी साइबरपंक भविष्य का विचार, पश्चिमी विचार के समान वैध प्रतीत होता है, खासकर क्योंकि पश्चिमी साइबरपंक अक्सर कई जापानी तत्वों को शामिल करता है।" विलियम गिब्सन अब जापान के एक नियमित आगंतुक हैं, और उन्होंने यह देखा कि जापान के बारे में उनके कई दृष्टिकोण अब वास्तविकता बन चुके हैं:<ref>{{Cite web|url=http://www.animeresearch.com/Articles/LiberatingCels|title=Liberating Cels: Forms of the Female in Japanese Cyberpunk Animation|last=Ruh|first=Brian|date=December 2000|website=AnimeResearch.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20070927232446/http://www.animeresearch.com/Articles/LiberatingCels/|archive-date=2007-09-27}}</ref><blockquote>आधुनिक जापान बस साइबरपंक था। [[जापानी लोग|जापानी]] स्वयं इसे जानते थे और इसमें प्रसन्न थे। मुझे [[शिबुया]] की पहली झलक याद है, जब टोक्यो के युवा पत्रकारों में से एक, जो मुझे वहाँ ले गया था, उसका चेहरा एक हजार मीडिया-सन की रोशनी से भीगा हुआ था-सभी विशाल, व्यावसायिक जानकारी के एनिमेटेड रेंगते हुए-कहा, "आप देखते हैं? आप देखते हैं! यह ''ब्लेड रनर'' शहर है।" और यह था। यह स्पष्ट रूप से था </blockquote> ==== प्रभाव ==== ''अकीरा'' (1982 मंगा) और इसकी 1988 की एनीमे फिल्म रूपांतरण ने एनीमेशन, कॉमिक्स, फिल्म, संगीत, टेलीविजन और वीडियो गेम्स में कई कार्यों को प्रभावित किया है। ''अकीरा'' को हॉलीवुड फिल्मों जैसे ''द मैट्रिक्स'', ''क्रॉनिकल'', ''लूपर'', ''मिडनाइट स्पेशल'' और ''इन्सेप्शन'' पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव के रूप में उद्धृत किया गया है, साथ ही साइबरपंक-प्रभावित वीडियो गेम्स जैसे हिदेओ कोजिमा का ''स्नैचर'' और ''मेटल गियर सॉलिड'', वॉल्व का ''हाफ-लाइफ'' सीरीज़ और डॉनटनोड एंटरटेनमेंट का ''रीमैंबर मी''। ''अकीरा'' ने संगीतकारों के काम को भी प्रभावित किया है, जैसे कि कान्ये वेस्ट, जिन्होंने ''अकीरा'' को "स्ट्रॉन्गर" म्यूजिक वीडियो में श्रद्धांजलि दी, और लूपे फियास्को, जिसका एल्बम ''टेत्सुओ एंड युथ'' टेत्सुओ शिमा के नाम पर रखा गया है। फिल्म की लोकप्रिय बाइक, कानेडा की मोटरसाइकिल, [[स्टीवन स्पिलबर्ग|स्टीवन स्पीलबर्ग]] की फिल्म ''रेडी प्लेयर वन'' और सीडी प्रोजेक्ट के वीडियो गेम ''साइबरपंक 2077'' में दिखाई देती है। <ref>{{Cite web|url=https://www.inverse.com/article/42981-ready-player-one-anime-easter-eggs-gundam|title='Ready Player One' Anime Easter Eggs Include Gundam, Voltron and Much More|last=Francisco|first=Eric|date=30 March 2018|website=inverse.com}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.pcgamesn.com/cyberpunk-2077/cyberpunk-2077-announcement-future|title=Cyberpunk 2077 devs "will be significantly more open"|date=June 12, 2018|work=[[PCGamesN]]}}</ref> [[चित्र:Digital_rain_animation_small_letters_shine.gif|अंगूठाकार|डिजिटल वर्षा की एक व्याख्या, घोस्ट इन द शेल और बाद में ''द मैट्रिक्स'' में उपयोग की गई छवियों के समान]] ''घोस्ट इन द शेल'' (1995) ने कई प्रमुख फिल्मनिर्माताओं को प्रभावित किया, सबसे प्रमुख रूप से वाचोव्स्की बहनों को ''द मैट्रिक्स'' (1999) और इसके सिक्वल्स में। ''द मैट्रिक्स'' सीरीज़ ने फिल्म से कई अवधारणाएँ लीं, जिसमें मैट्रिक्स डिजिटल वर्षा शामिल है, जो ''घोस्ट इन द शेल'' के उद्घाटन क्रेडिट्स और एनीमेशन के सीनियर डिज़ाइनर साइमन व्हाइटली की पत्नी के पास उस समय किचन में रखे सुषी मैगज़ीन से प्रेरित थी, और पात्रों द्वारा मैट्रिक्स तक पहुँचने का तरीका, जो उनके गले के पीछे के छेदों के माध्यम से था। अन्य समानताएँ ''जेम्स कैमरन'' की ''एवेटार'', ''स्टीवन स्पीलबर्ग'' की ''ए.आई. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस'', और ''जोनाथन मोस्टो'' की ''सुरोगेट्स'' के साथ जोड़ी गई हैं। जेम्स कैमरन ने ''घोस्ट इन द शेल'' को प्रेरणा का स्रोत माना और इसे ''एवेटार'' पर प्रभाव के रूप में उद्धृत किया। <ref>{{Cite news|url=https://www.theguardian.com/film/2009/oct/19/hollywood-ghost-in-the-shell|title=Hollywood is haunted by ''Ghost in the Shell''|last=Rose|first=Steve|date=October 19, 2009|work=The Guardian|access-date=July 27, 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20130308101232/http://www.guardian.co.uk/film/2009/oct/19/hollywood-ghost-in-the-shell|archive-date=March 8, 2013}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.businessinsider.com/original-ghost-in-the-shell-movie-influence-2017-3|title=How the original 'Ghost in the Shell' changed sci-fi and the way we think about the future|last=Schrodt|first=Paul|date=1 April 2017|work=[[Business Insider]]|access-date=14 June 2019}}</ref> === वीडियो गेम === साइबरपंक वीडियो गेम बहुत हैं। लोकप्रिय श्रृंखलाओं में मेगामी टेन्सी श्रृंखला, कोजिमा की स्नैचर और मेटल गियर श्रृंखला, डेस एक्स श्रृंखला, सिंडिकेट श्रृंखला और सिस्टम शॉक और उसका सीक्वल शामिल हैं। ब्लेड रनर, घोस्ट इन द शेल और मैट्रिक्स श्रृंखला जैसे अन्य गेम शैली की फिल्मों या रोल-प्लेइंग गेम (उदाहरण के लिए विभिन्न शैडोरन गेम) पर आधारित हैं। === संगीत ===   साइबरपंक संगीत की उत्पत्ति प्रायः साइबरपंक फिल्मों के सिंथेसाइज़र-प्रधान स्कोर्स में पाई जाती है, जैसे ''एस्केप फ्रॉम न्यू यॉर्क'' (1981) और ''ब्लेड रनर'' (1982)। कुछ संगीतकारों और कलाकारों को उनके सौंदर्यशास्त्र और संगीत सामग्री के कारण साइबरपंक के रूप में वर्गीकृत किया गया है। अक्सर भविष्य की निराशाजनक दृष्टियों या बायोमैकेनिकल विषयों से निपटते हुए, कुछ अन्य की तुलना में इस श्रेणी में अधिक उपयुक्त हैं। उन बैंड्स में जिनका संगीत साइबरपंक के रूप में वर्गीकृत किया गया है, शामिल हैं ''Psydoll'', ''Front Line Assembly'', ''Clock DVA'', ''Angelspit'' और ''Sigue Sigue Sputnik''।  <sup class="noprint Inline-Template Template-Fact" style="white-space:nowrap;">&#x5B;''[[विकिपीडिया:उद्धरण आवश्यक|<span title="This claim needs references to reliable sources. (January 2015)">citation needed</span>]]''&#x5D;</sup> == सामाजिक प्रभाव == === कला और वास्तुकला === [[चित्र:SonyCenterAtNight.jpg|अंगूठाकार|2000 में खोले गए [[बर्लिन]] के सोनी सेंटर को साइबरपंक सौंदर्य के रूप में वर्णित किया गया है।]] लेखक डेविड सुजुकी और होली ड्रेसेल ने [[बर्लिन]], [[जर्मनी]] के पॉट्सडैमर प्लैट्ज़ सार्वजनिक चौक में सोनी सेंटर के कैफे, ब्रांड-नाम स्टोर और वीडियो आर्केड का वर्णन "साइबरपंक, कॉर्पोरेट शहरी भविष्य की दृष्टि" के रूप में किया है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=nbvpz6NaZC8C&pg=PA332|title=Good News for a Change:How Everyday People Are Helping the Planet|last=Suzuki|first=David|publisher=Greystone Books|year=2003|isbn=978-1-55054-926-3|page=332|author-link=David Suzuki}}</ref> === समाज और प्रतिसंस्कृति === कई उपसंस्कृतियाँ साइबरपंक कथा से प्रेरित हुई हैं। इनमें 1980 और 1990 के दशक के अंत और प्रारंभ का साइबरडेलिक काउंटर कल्चर शामिल है। साइबरडेलिक, जिसके अनुयायी अपने आपको "साइबरपंक्स" के रूप में संदर्भित करते थे, ने साइकेडेलिक कला और ड्रग आंदोलन को साइबरकल्चर की तकनीक के साथ मिश्रित करने की कोशिश की। प्रारंभिक अनुयायियों में टिमोथी लेरी, मार्क फ्रॉएन्फेल्डर और आर. यू. सिरीयस शामिल थे। यह आंदोलन मुख्य रूप से 2000 में डॉट-कॉम बबल के फूटने के बाद फीका पड़ गया। === साइबरपंक व्युत्पन्न === == पंजीकृत ट्रेडमार्क स्थिति == संयुक्त राज्य अमेरिका में "साइबरपंक" शब्द एक पंजीकृत ट्रेडमार्क है, जो CD Projekt SA के स्वामित्व में है, जिसे उन्होंने पूर्व मालिक R. Talsorian Games Inc. से प्राप्त किया था, जिन्होंने इसे अपनी टेबलटॉप रोल-प्लेइंग गेम के लिए मूल रूप से पंजीकरण कराया था। वर्तमान में R. Talsorian Games इस ट्रेडमार्क का उपयोग CD Projekt SA से लाइसेंस प्राप्त करके अपने टेबलटॉप रोल-प्लेइंग गेम के लिए कर रही है। == यह भी देखें == {{प्रवेशद्वार|Society|Literature|Speculative fiction}}  == संदर्भ == [[श्रेणी:उपसंस्कृतियाँ]] [[श्रेणी:विज्ञान कथा प्रसंग]] [[श्रेणी:विज्ञान कथा शैलियाँ]] [[श्रेणी:विज्ञान कथा संस्कृति]] [[श्रेणी:उत्तर आधुनिकतावाद]] [[श्रेणी:उत्तर आधुनिक कलाएँ]] [[श्रेणी:Articles with hAudio microformats]] [[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]] nb9q3khabmb6fqxcyvponqs9oa0it34 मिस यूनिवर्स 2018 0 1589385 6582688 6582438 2026-07-15T02:31:26Z खास विशेष 810972 /* प्रतिभागियों का चयन */ उपशीर्षक बनाया 6582688 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | image = Catriona Gray Frontrow Cares.jpg | caption = [[कैटरिओना ग्रे]] | venue = इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, पाक क्रेट, [[नोन्थाबुरी प्रान्त|नोन्थाबुरी]], थाईलैंड | date = 17 दिसंबर 2018 | presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]]|एशली ग्राहम|कार्सन क्रेसली|लू सिएरा}} | entertainment = नी-यो | broadcaster = {{ubl|अंतरराष्ट्रीय: {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी | फॉक्स]]|एज़्टेका}}|आधिकारिक प्रसारक: {{Hlist|पीपीटीवी}}}} | entrants = 94 | placements = 20 | debuts = {{Hlist|आर्मेनिया | किर्गिस्तान | मंगोलिया}} | withdraws = {{Hlist|ऑस्ट्रिया | इथियोपिया | गुयाना | इराक | रोमानिया | स्लोवेनिया | तंजानिया | त्रिनिदाद और टोबैगो}} | returns = {{Hlist|बेलीज | डेनमार्क | ग्रीस | हंगरी | केन्या | कोसोवो | स्विट्जरलैंड}} | winner = [[कैटरिओना ग्रे]] |represented=फिलिपींस | best national costume = ऑन-अनॉन्ग होम्सोम्बाथ, लाओस | congeniality = ओर्नेला गुनेसेकेरे, श्रीलंका | before = [[मिस यूनीवर्स 2017|2017]] | next = [[मिस यूनिवर्स 2019|2019]] }} '''मिस यूनिवर्स 2018''', 67वां [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता थी, जो 17 दिसंबर 2018 को [[थाईलैंड]] के [[नोन्थाबुरी प्रान्त]] के पाक क्रेट में स्थित इम्पैक्ट एरीना, मुआंग थोंग थानी में आयोजित की गई थी।{{efn|name=local date|यह कार्यक्रम स्थानीय समयानुसार सुबह 07:00 बजे (UTC+07:00) आयोजित किया गया; अमेरिका में उस समय अभी भी 16 दिसंबर की तिथि थी। हालांकि, ईस्टर्न/सेंट्रल टाइम ज़ोन में इसका प्राइमटाइम प्रसारण 30 मिनट की देरी से हुआ, क्योंकि ''फ़ॉक्स एनएफएल संडे'' का कार्यक्रम समय से अधिक चला गया था।}}<ref name=":11">{{cite news |date=31 July 2018 |title=Thailand to host Miss Universe 2018 as pageant returns to Asia |work=[[ABS-CBN News]] |url=https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |access-date=31 July 2018 |archive-date=1 May 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190501023934/https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |url-status=live }}</ref> कार्यक्रम के अंत में, [[दक्षिण अफ्रीका]] की [[डेमी-ले नेल-पीटर्स]] ने [[फिलीपींस]] की [[कैटरिओना ग्रे]] को मिस यूनिवर्स 2018 का ताज पहनाया। यह फिलीपींस की चौथी जीत थी, जो [[मिस यूनीवर्स 2015|2015]] में मिली पिछली जीत के बाद आई।<ref>{{Cite web |date=16 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray of the Philippines wins crown |url=https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |access-date=7 May 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=11 March 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220311162837/https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=17 December 2018 |title=Her mom once dreamed she'd win Miss Universe in a red dress. She did. |url=https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |access-date=7 May 2022 |website=[[NBC News]] |language=en |archive-date=18 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220518072411/https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 94 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे 2017 में बने 92 देशों के पिछले रिकॉर्ड को पार कर लिया गया।<ref name=":10">{{Cite web |last=Smith |first=Nasha |date=15 December 2018 |title=The 20 front runners for the 2018 Miss Universe pageant crown |url=https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |access-date=7 May 2022 |website=[[Insider Inc.|Insider]] |language=en-US |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102654/https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |url-status=live }}</ref> यह प्रतियोगिता लगातार चौथे वर्ष [[स्टीव हार्वे|स्टीव हार्वी]] द्वारा होस्ट की गई, उनके साथ सुपरमॉडल एश्ले ग्राहम भी थीं।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=31 July 2018 |title=Miss Universe 2018 Heads To Thailand With Steve Harvey Returning As Host |url=https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |access-date=7 May 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Wynne |first=Kelly |date=16 December 2018 |title=Who is 'Miss Universe 2018' host and supermodel Ashley Graham? |url=https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |access-date=7 May 2022 |website=[[Newsweek]] |language=en |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |url-status=live }}</ref> टेलीविजन पर्सनैलिटी कार्सन क्रेसली और रनवे कोच लू सिएरा ने पूरे कार्यक्रम में टिप्पणी और विश्लेषण प्रस्तुत किया।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Saballa |first=Joe |date=18 December 2018 |title=Possible reasons why 2 hosts of Miss Universe 'ignored' Catriona Gray unveiled |url=https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |access-date=7 May 2022 |website=Kami.com.ph |language=en |archive-date=19 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231019002025/https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में अमेरिकी गायक-गीतकार नी-यो ने प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web |last=Adel |first=Rosette |date=22 November 2018 |title=Ne-Yo to perform at Miss Universe 2018 |url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |access-date=7 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |url-status=live }}</ref>[[File:Impact Arena Muang Thong Thani at nighttime.jpg|thumb|इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, मिस यूनिवर्स 2018 का आयोजन स्थल]] ==पृष्ठभूमि== ===स्थान और तिथि=== [[File:Nong Noogh Garden(1).jpg|thumb|नोंग नूच ट्रॉपिकल बॉटनिकल गार्डन, राष्ट्रीय पोशाक दौर का स्थल]] मिस यूनिवर्स संगठन इस प्रतियोगिता को चीन में आयोजित कराने के लिए बातचीत कर रहा था। हालांकि, यह बातचीत उस समय विफल हो गई जब चीनी पक्ष ने प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, मिस यूनिवर्स संगठन ने फिलीपींस के साथ बातचीत शुरू की, जिसने पहले [[मिस यूनीवर्स 2016]] की मेज़बानी की थी।<ref name="prepPH">{{cite news|last1=Afinidad-Bernardo|first1=Deni Rose|title=Organizer: Miss Universe Organization preparing for Philippines' 2018 hosting|url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|access-date=9 May 2018|work=The Philippine Star|date=2 May 2018|archive-date=11 July 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190711102352/https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|url-status=live}}</ref> अप्रैल 2018 में तत्कालीन पर्यटन सचिव वांडा तुल्फो टेओ ने फिलीपींस के राष्ट्रपति [[रोड्रिगो दुतेर्ते]] से नवंबर 2018 में बोराकाय में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की मेज़बानी की संभावना पर चर्चा की थी।<ref name="prepPH"/> 6 मई 2018 को टेओ ने घोषणा की कि फिलीपींस के पास यह प्रतियोगिता आयोजित करने की "90% संभावना" है, और यह भी बताया कि पर्यटन विभाग प्रायोजकों की तलाश करेगा क्योंकि मिस यूनिवर्स 2016 के प्रमुख प्रायोजक, चावित सिंग्सन की एलसीएस होल्डिंग्स इंक. ने 2018 प्रतियोगिता के लिए वित्तीय सहायता देने से इनकार कर दिया था।<ref>{{cite news |title=90% chance for another Miss U in PH: Teo |url=http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |access-date=9 May 2018 |work=Philippine Canadian Inquirer |agency=Philippine News Agency |date=6 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180509220903/http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |archive-date=9 May 2018 |url-status=live}}</ref> 18 मई 2018 को टेओ की उत्तराधिकारी, बर्नाडेट रोमुलो-पुयात ने घोषणा की कि बजट की कमी और अन्य चिंताओं के चलते फिलीपींस ने इस बार प्रतियोगिता की मेज़बानी से हाथ खींच लिया है। पुयात ने यह भी कहा कि फिलीपींस ने हाल ही में यह प्रतियोगिता आयोजित की थी, इसलिए इतनी जल्दी दोबारा आयोजन का कोई ठोस कारण नहीं था।<ref>{{cite news |url=http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |title=No Miss Universe hosting for PH this year, says tourism chief |work=ABS-CBN News |date=18 May 2018 |access-date=18 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180518120115/http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |archive-date=18 May 2018 |url-status=live}}</ref> 31 जुलाई 2018 को मिस यूनिवर्स संगठन की अध्यक्ष पाउला शूगार्ट ने बैंकॉक आर्ट एंड कल्चर सेंटर में एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि मिस यूनिवर्स 2018 प्रतियोगिता 17 दिसंबर 2018 को बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित की जाएगी। यह तीसरी बार था जब बैंकॉक इस प्रतियोगिता की मेज़बानी कर रहा था—पहले यह 1992 और 2005 में हो चुकी थी। इस घोषणा में मौजूदा मिस यूनिवर्स डेमी-ली नेल-पीटर्स, मिस यूनिवर्स 1965 आपसरा होंगसाकुला और मिस यूनिवर्स 2005 नताली गलेबोवा ने भाग लिया।<ref name=":11" /> राष्ट्रीय पोशाक प्रतियोगिता 10 दिसंबर 2018 को पटाया, थाईलैंड के नोंग नूच ट्रॉपिकल गार्डन में आयोजित की गई थी।<ref>{{Cite web |last=Afinidad-Bernardo |first=Deni Rose M. |date=11 December 2018 |title=In photos: All the Miss Universe 2018 national costumes |url=https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |access-date=9 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=9 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220509060615/https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |url-status=live }}</ref> ===प्रतिभागियों का चयन=== चौरानवे देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया। इनमें से नौ प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में रनर-अप रहने, ऑडिशन प्रक्रिया अथवा अन्य आंतरिक चयन प्रक्रिया के आधार पर उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया।<ref name=":5">{{Cite web |date=5 May 2018 |title=Meisu Qin crowned Miss Universe China 2018 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |access-date=15 January 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072644/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":6">{{Cite web |date=15 October 2018 |title=A semmiből jött szépségkirálynő: ő a Miss Universe Hungary 2018 |url=https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |access-date=15 January 2022 |website=NLC |language=hu |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072637/https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |url-status=live }}</ref><ref name=":7">{{Cite web|last=Yap|first=Jasmina|date=23 July 2018|title=Miss Universe Laos 2018 Selected Without Contest|url=https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|access-date=15 January 2022|website=Laotian Times|language=en-US|archive-date=15 January 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072646/https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|url-status=live}}</ref> आंगेला पोंसे (स्पेन) मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पहली खुले तौर पर ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि बनीं।<ref name="WaPo2018-12-17a">{{cite news |author=Wang |first=Amy B |date=17 December 2018 |title=Miss Spain makes history as first transgender woman to compete in Miss Universe pageant |newspaper=[[The Washington Post]] |url=https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |access-date=18 December 2018 |quote=After Talackova threatened legal action, the organization — then owned by Donald Trump — changed the rules to allow transgender contestants in its pageants. |archive-date=18 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181218010947/https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |url-status=live }}</ref><ref name="Time2018-12-17a">{{cite magazine |author=Cady Lang |date=17 December 2018 |title=Miss Spain Made History as the First Miss Universe Transgender Competitor |url=https://time.com/5481417/miss-spain/ |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |access-date=18 December 2018 |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217191738/http://time.com/5481417/miss-spain/ |url-status=live }}</ref><ref name=":8">{{cite web |date=30 June 2018 |title=Miss Universe Spain crowns its first transgender queen, Angela Ponce |url=https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |access-date=8 June 2019 |website=GMA News Online |archive-date=28 March 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190328130954/https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |url-status=live }}</ref> हालाँकि वह शीर्ष 20 सेमीफाइनलिस्टों में स्थान नहीं बना सकीं, फिर भी प्रतियोगिता के दौरान उनके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।<ref>{{Cite web |last=Castillo |first=Jackie |date=17 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray, from the Philippines, claims crown |url=https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |access-date=17 December 2018 |website=CNN Style |language=en |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217044533/https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |url-status=live }}</ref> मिस यूनिवर्स के नियमों में 2012 में संशोधन किया गया था, जिसके बाद ट्रांसजेंडर महिलाओं को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी गई।<ref name="WaPo2018-12-17a" /><ref name="torstar">[https://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight "Jenna Talackova, transgendered Miss Universe Canada contestant, shines in spotlight"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120818192559/http://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight |date=18 August 2012 }}. ''[[Toronto Star]]'', 18 May 2012.</ref><ref>{{cite magazine |title=21 Transgender People Who Influenced American Culture |url=https://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |magazine=Time Magazine |access-date=18 December 2018 |archive-date=5 August 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805093258/http://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |url-status=live }}</ref> ====प्रतिस्थापन==== ज़ोए ब्रुने, जो मिस बेल्जियम 2018 की प्रथम रनर-अप थीं, को बेल्जियम का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि एंजेलीन फ्लोर पुआ ने मिस वर्ल्ड 2018 में भाग लेने का निर्णय लिया था। एवा कोलास (फ्रांस) और माग्दालेना स्वाट (पोलैंड) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि उनकी मूल विजेता, माएवा कूके और अगाता बियरनात, क्रमशः मिस वर्ल्ड 2018 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण मिस यूनिवर्स में भाग नहीं ले सकीं। माएवा कूके और एंजेलीन फ्लोर पुआ ने अगले वर्ष मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref name=":32">{{Cite web |date=9 January 2019 |title=Zoé Brunet, de Miss Belgique à Top Model Belgium |url=https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |access-date=14 January 2022 |website=[[Télépro]] |language=fr-BE |archive-date=14 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220114150958/https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |url-status=live }}</ref><ref name=":42">{{Cite web |date=18 September 2018 |title=Miss France 2018, Maëva Coucke ne représentera pas la France à Miss Univers |url=https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |access-date=15 January 2022 |website=[[Europe 1]] |language=fr |archive-date=16 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220116012102/https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.instagram.com/p/BoB4fn3gpj1/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/BoB4fn3gpj1 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|title=Miss Universe Poland 2018|date=5 September 2018}}{{cbignore}}</ref> ====डेब्यू, वापसी और निकासी==== ==टिप्पणी== {{Notelist}} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] 42j9df7kscr5ze00j9fh355ylhg0q3z 6582691 6582688 2026-07-15T02:33:02Z खास विशेष 810972 /* डेब्यू, वापसी और निकासी */ जानकारी जोड़ी 6582691 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | image = Catriona Gray Frontrow Cares.jpg | caption = [[कैटरिओना ग्रे]] | venue = इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, पाक क्रेट, [[नोन्थाबुरी प्रान्त|नोन्थाबुरी]], थाईलैंड | date = 17 दिसंबर 2018 | presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]]|एशली ग्राहम|कार्सन क्रेसली|लू सिएरा}} | entertainment = नी-यो | broadcaster = {{ubl|अंतरराष्ट्रीय: {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी | फॉक्स]]|एज़्टेका}}|आधिकारिक प्रसारक: {{Hlist|पीपीटीवी}}}} | entrants = 94 | placements = 20 | debuts = {{Hlist|आर्मेनिया | किर्गिस्तान | मंगोलिया}} | withdraws = {{Hlist|ऑस्ट्रिया | इथियोपिया | गुयाना | इराक | रोमानिया | स्लोवेनिया | तंजानिया | त्रिनिदाद और टोबैगो}} | returns = {{Hlist|बेलीज | डेनमार्क | ग्रीस | हंगरी | केन्या | कोसोवो | स्विट्जरलैंड}} | winner = [[कैटरिओना ग्रे]] |represented=फिलिपींस | best national costume = ऑन-अनॉन्ग होम्सोम्बाथ, लाओस | congeniality = ओर्नेला गुनेसेकेरे, श्रीलंका | before = [[मिस यूनीवर्स 2017|2017]] | next = [[मिस यूनिवर्स 2019|2019]] }} '''मिस यूनिवर्स 2018''', 67वां [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता थी, जो 17 दिसंबर 2018 को [[थाईलैंड]] के [[नोन्थाबुरी प्रान्त]] के पाक क्रेट में स्थित इम्पैक्ट एरीना, मुआंग थोंग थानी में आयोजित की गई थी।{{efn|name=local date|यह कार्यक्रम स्थानीय समयानुसार सुबह 07:00 बजे (UTC+07:00) आयोजित किया गया; अमेरिका में उस समय अभी भी 16 दिसंबर की तिथि थी। हालांकि, ईस्टर्न/सेंट्रल टाइम ज़ोन में इसका प्राइमटाइम प्रसारण 30 मिनट की देरी से हुआ, क्योंकि ''फ़ॉक्स एनएफएल संडे'' का कार्यक्रम समय से अधिक चला गया था।}}<ref name=":11">{{cite news |date=31 July 2018 |title=Thailand to host Miss Universe 2018 as pageant returns to Asia |work=[[ABS-CBN News]] |url=https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |access-date=31 July 2018 |archive-date=1 May 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190501023934/https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |url-status=live }}</ref> कार्यक्रम के अंत में, [[दक्षिण अफ्रीका]] की [[डेमी-ले नेल-पीटर्स]] ने [[फिलीपींस]] की [[कैटरिओना ग्रे]] को मिस यूनिवर्स 2018 का ताज पहनाया। यह फिलीपींस की चौथी जीत थी, जो [[मिस यूनीवर्स 2015|2015]] में मिली पिछली जीत के बाद आई।<ref>{{Cite web |date=16 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray of the Philippines wins crown |url=https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |access-date=7 May 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=11 March 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220311162837/https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=17 December 2018 |title=Her mom once dreamed she'd win Miss Universe in a red dress. She did. |url=https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |access-date=7 May 2022 |website=[[NBC News]] |language=en |archive-date=18 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220518072411/https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 94 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे 2017 में बने 92 देशों के पिछले रिकॉर्ड को पार कर लिया गया।<ref name=":10">{{Cite web |last=Smith |first=Nasha |date=15 December 2018 |title=The 20 front runners for the 2018 Miss Universe pageant crown |url=https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |access-date=7 May 2022 |website=[[Insider Inc.|Insider]] |language=en-US |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102654/https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |url-status=live }}</ref> यह प्रतियोगिता लगातार चौथे वर्ष [[स्टीव हार्वे|स्टीव हार्वी]] द्वारा होस्ट की गई, उनके साथ सुपरमॉडल एश्ले ग्राहम भी थीं।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=31 July 2018 |title=Miss Universe 2018 Heads To Thailand With Steve Harvey Returning As Host |url=https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |access-date=7 May 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Wynne |first=Kelly |date=16 December 2018 |title=Who is 'Miss Universe 2018' host and supermodel Ashley Graham? |url=https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |access-date=7 May 2022 |website=[[Newsweek]] |language=en |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |url-status=live }}</ref> टेलीविजन पर्सनैलिटी कार्सन क्रेसली और रनवे कोच लू सिएरा ने पूरे कार्यक्रम में टिप्पणी और विश्लेषण प्रस्तुत किया।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Saballa |first=Joe |date=18 December 2018 |title=Possible reasons why 2 hosts of Miss Universe 'ignored' Catriona Gray unveiled |url=https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |access-date=7 May 2022 |website=Kami.com.ph |language=en |archive-date=19 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231019002025/https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में अमेरिकी गायक-गीतकार नी-यो ने प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web |last=Adel |first=Rosette |date=22 November 2018 |title=Ne-Yo to perform at Miss Universe 2018 |url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |access-date=7 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |url-status=live }}</ref>[[File:Impact Arena Muang Thong Thani at nighttime.jpg|thumb|इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, मिस यूनिवर्स 2018 का आयोजन स्थल]] ==पृष्ठभूमि== ===स्थान और तिथि=== [[File:Nong Noogh Garden(1).jpg|thumb|नोंग नूच ट्रॉपिकल बॉटनिकल गार्डन, राष्ट्रीय पोशाक दौर का स्थल]] मिस यूनिवर्स संगठन इस प्रतियोगिता को चीन में आयोजित कराने के लिए बातचीत कर रहा था। हालांकि, यह बातचीत उस समय विफल हो गई जब चीनी पक्ष ने प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, मिस यूनिवर्स संगठन ने फिलीपींस के साथ बातचीत शुरू की, जिसने पहले [[मिस यूनीवर्स 2016]] की मेज़बानी की थी।<ref name="prepPH">{{cite news|last1=Afinidad-Bernardo|first1=Deni Rose|title=Organizer: Miss Universe Organization preparing for Philippines' 2018 hosting|url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|access-date=9 May 2018|work=The Philippine Star|date=2 May 2018|archive-date=11 July 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190711102352/https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|url-status=live}}</ref> अप्रैल 2018 में तत्कालीन पर्यटन सचिव वांडा तुल्फो टेओ ने फिलीपींस के राष्ट्रपति [[रोड्रिगो दुतेर्ते]] से नवंबर 2018 में बोराकाय में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की मेज़बानी की संभावना पर चर्चा की थी।<ref name="prepPH"/> 6 मई 2018 को टेओ ने घोषणा की कि फिलीपींस के पास यह प्रतियोगिता आयोजित करने की "90% संभावना" है, और यह भी बताया कि पर्यटन विभाग प्रायोजकों की तलाश करेगा क्योंकि मिस यूनिवर्स 2016 के प्रमुख प्रायोजक, चावित सिंग्सन की एलसीएस होल्डिंग्स इंक. ने 2018 प्रतियोगिता के लिए वित्तीय सहायता देने से इनकार कर दिया था।<ref>{{cite news |title=90% chance for another Miss U in PH: Teo |url=http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |access-date=9 May 2018 |work=Philippine Canadian Inquirer |agency=Philippine News Agency |date=6 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180509220903/http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |archive-date=9 May 2018 |url-status=live}}</ref> 18 मई 2018 को टेओ की उत्तराधिकारी, बर्नाडेट रोमुलो-पुयात ने घोषणा की कि बजट की कमी और अन्य चिंताओं के चलते फिलीपींस ने इस बार प्रतियोगिता की मेज़बानी से हाथ खींच लिया है। पुयात ने यह भी कहा कि फिलीपींस ने हाल ही में यह प्रतियोगिता आयोजित की थी, इसलिए इतनी जल्दी दोबारा आयोजन का कोई ठोस कारण नहीं था।<ref>{{cite news |url=http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |title=No Miss Universe hosting for PH this year, says tourism chief |work=ABS-CBN News |date=18 May 2018 |access-date=18 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180518120115/http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |archive-date=18 May 2018 |url-status=live}}</ref> 31 जुलाई 2018 को मिस यूनिवर्स संगठन की अध्यक्ष पाउला शूगार्ट ने बैंकॉक आर्ट एंड कल्चर सेंटर में एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि मिस यूनिवर्स 2018 प्रतियोगिता 17 दिसंबर 2018 को बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित की जाएगी। यह तीसरी बार था जब बैंकॉक इस प्रतियोगिता की मेज़बानी कर रहा था—पहले यह 1992 और 2005 में हो चुकी थी। इस घोषणा में मौजूदा मिस यूनिवर्स डेमी-ली नेल-पीटर्स, मिस यूनिवर्स 1965 आपसरा होंगसाकुला और मिस यूनिवर्स 2005 नताली गलेबोवा ने भाग लिया।<ref name=":11" /> राष्ट्रीय पोशाक प्रतियोगिता 10 दिसंबर 2018 को पटाया, थाईलैंड के नोंग नूच ट्रॉपिकल गार्डन में आयोजित की गई थी।<ref>{{Cite web |last=Afinidad-Bernardo |first=Deni Rose M. |date=11 December 2018 |title=In photos: All the Miss Universe 2018 national costumes |url=https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |access-date=9 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=9 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220509060615/https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |url-status=live }}</ref> ===प्रतिभागियों का चयन=== चौरानवे देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया। इनमें से नौ प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में रनर-अप रहने, ऑडिशन प्रक्रिया अथवा अन्य आंतरिक चयन प्रक्रिया के आधार पर उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया।<ref name=":5">{{Cite web |date=5 May 2018 |title=Meisu Qin crowned Miss Universe China 2018 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |access-date=15 January 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072644/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":6">{{Cite web |date=15 October 2018 |title=A semmiből jött szépségkirálynő: ő a Miss Universe Hungary 2018 |url=https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |access-date=15 January 2022 |website=NLC |language=hu |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072637/https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |url-status=live }}</ref><ref name=":7">{{Cite web|last=Yap|first=Jasmina|date=23 July 2018|title=Miss Universe Laos 2018 Selected Without Contest|url=https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|access-date=15 January 2022|website=Laotian Times|language=en-US|archive-date=15 January 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072646/https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|url-status=live}}</ref> आंगेला पोंसे (स्पेन) मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पहली खुले तौर पर ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि बनीं।<ref name="WaPo2018-12-17a">{{cite news |author=Wang |first=Amy B |date=17 December 2018 |title=Miss Spain makes history as first transgender woman to compete in Miss Universe pageant |newspaper=[[The Washington Post]] |url=https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |access-date=18 December 2018 |quote=After Talackova threatened legal action, the organization — then owned by Donald Trump — changed the rules to allow transgender contestants in its pageants. |archive-date=18 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181218010947/https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |url-status=live }}</ref><ref name="Time2018-12-17a">{{cite magazine |author=Cady Lang |date=17 December 2018 |title=Miss Spain Made History as the First Miss Universe Transgender Competitor |url=https://time.com/5481417/miss-spain/ |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |access-date=18 December 2018 |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217191738/http://time.com/5481417/miss-spain/ |url-status=live }}</ref><ref name=":8">{{cite web |date=30 June 2018 |title=Miss Universe Spain crowns its first transgender queen, Angela Ponce |url=https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |access-date=8 June 2019 |website=GMA News Online |archive-date=28 March 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190328130954/https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |url-status=live }}</ref> हालाँकि वह शीर्ष 20 सेमीफाइनलिस्टों में स्थान नहीं बना सकीं, फिर भी प्रतियोगिता के दौरान उनके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।<ref>{{Cite web |last=Castillo |first=Jackie |date=17 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray, from the Philippines, claims crown |url=https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |access-date=17 December 2018 |website=CNN Style |language=en |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217044533/https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |url-status=live }}</ref> मिस यूनिवर्स के नियमों में 2012 में संशोधन किया गया था, जिसके बाद ट्रांसजेंडर महिलाओं को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी गई।<ref name="WaPo2018-12-17a" /><ref name="torstar">[https://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight "Jenna Talackova, transgendered Miss Universe Canada contestant, shines in spotlight"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120818192559/http://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight |date=18 August 2012 }}. ''[[Toronto Star]]'', 18 May 2012.</ref><ref>{{cite magazine |title=21 Transgender People Who Influenced American Culture |url=https://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |magazine=Time Magazine |access-date=18 December 2018 |archive-date=5 August 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805093258/http://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |url-status=live }}</ref> ====प्रतिस्थापन==== ज़ोए ब्रुने, जो मिस बेल्जियम 2018 की प्रथम रनर-अप थीं, को बेल्जियम का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि एंजेलीन फ्लोर पुआ ने मिस वर्ल्ड 2018 में भाग लेने का निर्णय लिया था। एवा कोलास (फ्रांस) और माग्दालेना स्वाट (पोलैंड) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि उनकी मूल विजेता, माएवा कूके और अगाता बियरनात, क्रमशः मिस वर्ल्ड 2018 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण मिस यूनिवर्स में भाग नहीं ले सकीं। माएवा कूके और एंजेलीन फ्लोर पुआ ने अगले वर्ष मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref name=":32">{{Cite web |date=9 January 2019 |title=Zoé Brunet, de Miss Belgique à Top Model Belgium |url=https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |access-date=14 January 2022 |website=[[Télépro]] |language=fr-BE |archive-date=14 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220114150958/https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |url-status=live }}</ref><ref name=":42">{{Cite web |date=18 September 2018 |title=Miss France 2018, Maëva Coucke ne représentera pas la France à Miss Univers |url=https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |access-date=15 January 2022 |website=[[Europe 1]] |language=fr |archive-date=16 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220116012102/https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.instagram.com/p/BoB4fn3gpj1/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/BoB4fn3gpj1 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|title=Miss Universe Poland 2018|date=5 September 2018}}{{cbignore}}</ref> ====डेब्यू, वापसी और निकासी==== 2018 संस्करण में आर्मेनिया, किर्गिज़स्तान और मंगोलिया ने पहली बार भाग लिया, जबकि बेलीज़, डेनमार्क, ग्रीस, हंगरी, केन्या, कोसोवो और स्विट्जरलैंड की प्रतियोगिता में वापसी हुई। ग्रीस ने पिछली बार मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लिया था, जबकि अन्य सभी देशों ने अंतिम बार मिस यूनिवर्स 2016 में हिस्सा लिया था। ==टिप्पणी== {{Notelist}} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] o4j8x9xkx8o76fbh1rt4z27jt1guvb5 6582692 6582691 2026-07-15T02:33:30Z खास विशेष 810972 /* डेब्यू, वापसी और निकासी */ जानकारी जोड़ी 6582692 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | image = Catriona Gray Frontrow Cares.jpg | caption = [[कैटरिओना ग्रे]] | venue = इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, पाक क्रेट, [[नोन्थाबुरी प्रान्त|नोन्थाबुरी]], थाईलैंड | date = 17 दिसंबर 2018 | presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]]|एशली ग्राहम|कार्सन क्रेसली|लू सिएरा}} | entertainment = नी-यो | broadcaster = {{ubl|अंतरराष्ट्रीय: {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी | फॉक्स]]|एज़्टेका}}|आधिकारिक प्रसारक: {{Hlist|पीपीटीवी}}}} | entrants = 94 | placements = 20 | debuts = {{Hlist|आर्मेनिया | किर्गिस्तान | मंगोलिया}} | withdraws = {{Hlist|ऑस्ट्रिया | इथियोपिया | गुयाना | इराक | रोमानिया | स्लोवेनिया | तंजानिया | त्रिनिदाद और टोबैगो}} | returns = {{Hlist|बेलीज | डेनमार्क | ग्रीस | हंगरी | केन्या | कोसोवो | स्विट्जरलैंड}} | winner = [[कैटरिओना ग्रे]] |represented=फिलिपींस | best national costume = ऑन-अनॉन्ग होम्सोम्बाथ, लाओस | congeniality = ओर्नेला गुनेसेकेरे, श्रीलंका | before = [[मिस यूनीवर्स 2017|2017]] | next = [[मिस यूनिवर्स 2019|2019]] }} '''मिस यूनिवर्स 2018''', 67वां [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता थी, जो 17 दिसंबर 2018 को [[थाईलैंड]] के [[नोन्थाबुरी प्रान्त]] के पाक क्रेट में स्थित इम्पैक्ट एरीना, मुआंग थोंग थानी में आयोजित की गई थी।{{efn|name=local date|यह कार्यक्रम स्थानीय समयानुसार सुबह 07:00 बजे (UTC+07:00) आयोजित किया गया; अमेरिका में उस समय अभी भी 16 दिसंबर की तिथि थी। हालांकि, ईस्टर्न/सेंट्रल टाइम ज़ोन में इसका प्राइमटाइम प्रसारण 30 मिनट की देरी से हुआ, क्योंकि ''फ़ॉक्स एनएफएल संडे'' का कार्यक्रम समय से अधिक चला गया था।}}<ref name=":11">{{cite news |date=31 July 2018 |title=Thailand to host Miss Universe 2018 as pageant returns to Asia |work=[[ABS-CBN News]] |url=https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |access-date=31 July 2018 |archive-date=1 May 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190501023934/https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |url-status=live }}</ref> कार्यक्रम के अंत में, [[दक्षिण अफ्रीका]] की [[डेमी-ले नेल-पीटर्स]] ने [[फिलीपींस]] की [[कैटरिओना ग्रे]] को मिस यूनिवर्स 2018 का ताज पहनाया। यह फिलीपींस की चौथी जीत थी, जो [[मिस यूनीवर्स 2015|2015]] में मिली पिछली जीत के बाद आई।<ref>{{Cite web |date=16 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray of the Philippines wins crown |url=https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |access-date=7 May 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=11 March 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220311162837/https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=17 December 2018 |title=Her mom once dreamed she'd win Miss Universe in a red dress. She did. |url=https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |access-date=7 May 2022 |website=[[NBC News]] |language=en |archive-date=18 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220518072411/https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 94 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे 2017 में बने 92 देशों के पिछले रिकॉर्ड को पार कर लिया गया।<ref name=":10">{{Cite web |last=Smith |first=Nasha |date=15 December 2018 |title=The 20 front runners for the 2018 Miss Universe pageant crown |url=https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |access-date=7 May 2022 |website=[[Insider Inc.|Insider]] |language=en-US |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102654/https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |url-status=live }}</ref> यह प्रतियोगिता लगातार चौथे वर्ष [[स्टीव हार्वे|स्टीव हार्वी]] द्वारा होस्ट की गई, उनके साथ सुपरमॉडल एश्ले ग्राहम भी थीं।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=31 July 2018 |title=Miss Universe 2018 Heads To Thailand With Steve Harvey Returning As Host |url=https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |access-date=7 May 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Wynne |first=Kelly |date=16 December 2018 |title=Who is 'Miss Universe 2018' host and supermodel Ashley Graham? |url=https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |access-date=7 May 2022 |website=[[Newsweek]] |language=en |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |url-status=live }}</ref> टेलीविजन पर्सनैलिटी कार्सन क्रेसली और रनवे कोच लू सिएरा ने पूरे कार्यक्रम में टिप्पणी और विश्लेषण प्रस्तुत किया।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Saballa |first=Joe |date=18 December 2018 |title=Possible reasons why 2 hosts of Miss Universe 'ignored' Catriona Gray unveiled |url=https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |access-date=7 May 2022 |website=Kami.com.ph |language=en |archive-date=19 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231019002025/https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में अमेरिकी गायक-गीतकार नी-यो ने प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web |last=Adel |first=Rosette |date=22 November 2018 |title=Ne-Yo to perform at Miss Universe 2018 |url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |access-date=7 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |url-status=live }}</ref>[[File:Impact Arena Muang Thong Thani at nighttime.jpg|thumb|इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, मिस यूनिवर्स 2018 का आयोजन स्थल]] ==पृष्ठभूमि== ===स्थान और तिथि=== [[File:Nong Noogh Garden(1).jpg|thumb|नोंग नूच ट्रॉपिकल बॉटनिकल गार्डन, राष्ट्रीय पोशाक दौर का स्थल]] मिस यूनिवर्स संगठन इस प्रतियोगिता को चीन में आयोजित कराने के लिए बातचीत कर रहा था। हालांकि, यह बातचीत उस समय विफल हो गई जब चीनी पक्ष ने प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, मिस यूनिवर्स संगठन ने फिलीपींस के साथ बातचीत शुरू की, जिसने पहले [[मिस यूनीवर्स 2016]] की मेज़बानी की थी।<ref name="prepPH">{{cite news|last1=Afinidad-Bernardo|first1=Deni Rose|title=Organizer: Miss Universe Organization preparing for Philippines' 2018 hosting|url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|access-date=9 May 2018|work=The Philippine Star|date=2 May 2018|archive-date=11 July 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190711102352/https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|url-status=live}}</ref> अप्रैल 2018 में तत्कालीन पर्यटन सचिव वांडा तुल्फो टेओ ने फिलीपींस के राष्ट्रपति [[रोड्रिगो दुतेर्ते]] से नवंबर 2018 में बोराकाय में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की मेज़बानी की संभावना पर चर्चा की थी।<ref name="prepPH"/> 6 मई 2018 को टेओ ने घोषणा की कि फिलीपींस के पास यह प्रतियोगिता आयोजित करने की "90% संभावना" है, और यह भी बताया कि पर्यटन विभाग प्रायोजकों की तलाश करेगा क्योंकि मिस यूनिवर्स 2016 के प्रमुख प्रायोजक, चावित सिंग्सन की एलसीएस होल्डिंग्स इंक. ने 2018 प्रतियोगिता के लिए वित्तीय सहायता देने से इनकार कर दिया था।<ref>{{cite news |title=90% chance for another Miss U in PH: Teo |url=http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |access-date=9 May 2018 |work=Philippine Canadian Inquirer |agency=Philippine News Agency |date=6 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180509220903/http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |archive-date=9 May 2018 |url-status=live}}</ref> 18 मई 2018 को टेओ की उत्तराधिकारी, बर्नाडेट रोमुलो-पुयात ने घोषणा की कि बजट की कमी और अन्य चिंताओं के चलते फिलीपींस ने इस बार प्रतियोगिता की मेज़बानी से हाथ खींच लिया है। पुयात ने यह भी कहा कि फिलीपींस ने हाल ही में यह प्रतियोगिता आयोजित की थी, इसलिए इतनी जल्दी दोबारा आयोजन का कोई ठोस कारण नहीं था।<ref>{{cite news |url=http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |title=No Miss Universe hosting for PH this year, says tourism chief |work=ABS-CBN News |date=18 May 2018 |access-date=18 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180518120115/http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |archive-date=18 May 2018 |url-status=live}}</ref> 31 जुलाई 2018 को मिस यूनिवर्स संगठन की अध्यक्ष पाउला शूगार्ट ने बैंकॉक आर्ट एंड कल्चर सेंटर में एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि मिस यूनिवर्स 2018 प्रतियोगिता 17 दिसंबर 2018 को बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित की जाएगी। यह तीसरी बार था जब बैंकॉक इस प्रतियोगिता की मेज़बानी कर रहा था—पहले यह 1992 और 2005 में हो चुकी थी। इस घोषणा में मौजूदा मिस यूनिवर्स डेमी-ली नेल-पीटर्स, मिस यूनिवर्स 1965 आपसरा होंगसाकुला और मिस यूनिवर्स 2005 नताली गलेबोवा ने भाग लिया।<ref name=":11" /> राष्ट्रीय पोशाक प्रतियोगिता 10 दिसंबर 2018 को पटाया, थाईलैंड के नोंग नूच ट्रॉपिकल गार्डन में आयोजित की गई थी।<ref>{{Cite web |last=Afinidad-Bernardo |first=Deni Rose M. |date=11 December 2018 |title=In photos: All the Miss Universe 2018 national costumes |url=https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |access-date=9 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=9 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220509060615/https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |url-status=live }}</ref> ===प्रतिभागियों का चयन=== चौरानवे देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया। इनमें से नौ प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में रनर-अप रहने, ऑडिशन प्रक्रिया अथवा अन्य आंतरिक चयन प्रक्रिया के आधार पर उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया।<ref name=":5">{{Cite web |date=5 May 2018 |title=Meisu Qin crowned Miss Universe China 2018 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |access-date=15 January 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072644/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":6">{{Cite web |date=15 October 2018 |title=A semmiből jött szépségkirálynő: ő a Miss Universe Hungary 2018 |url=https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |access-date=15 January 2022 |website=NLC |language=hu |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072637/https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |url-status=live }}</ref><ref name=":7">{{Cite web|last=Yap|first=Jasmina|date=23 July 2018|title=Miss Universe Laos 2018 Selected Without Contest|url=https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|access-date=15 January 2022|website=Laotian Times|language=en-US|archive-date=15 January 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072646/https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|url-status=live}}</ref> आंगेला पोंसे (स्पेन) मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पहली खुले तौर पर ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि बनीं।<ref name="WaPo2018-12-17a">{{cite news |author=Wang |first=Amy B |date=17 December 2018 |title=Miss Spain makes history as first transgender woman to compete in Miss Universe pageant |newspaper=[[The Washington Post]] |url=https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |access-date=18 December 2018 |quote=After Talackova threatened legal action, the organization — then owned by Donald Trump — changed the rules to allow transgender contestants in its pageants. |archive-date=18 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181218010947/https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |url-status=live }}</ref><ref name="Time2018-12-17a">{{cite magazine |author=Cady Lang |date=17 December 2018 |title=Miss Spain Made History as the First Miss Universe Transgender Competitor |url=https://time.com/5481417/miss-spain/ |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |access-date=18 December 2018 |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217191738/http://time.com/5481417/miss-spain/ |url-status=live }}</ref><ref name=":8">{{cite web |date=30 June 2018 |title=Miss Universe Spain crowns its first transgender queen, Angela Ponce |url=https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |access-date=8 June 2019 |website=GMA News Online |archive-date=28 March 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190328130954/https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |url-status=live }}</ref> हालाँकि वह शीर्ष 20 सेमीफाइनलिस्टों में स्थान नहीं बना सकीं, फिर भी प्रतियोगिता के दौरान उनके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।<ref>{{Cite web |last=Castillo |first=Jackie |date=17 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray, from the Philippines, claims crown |url=https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |access-date=17 December 2018 |website=CNN Style |language=en |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217044533/https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |url-status=live }}</ref> मिस यूनिवर्स के नियमों में 2012 में संशोधन किया गया था, जिसके बाद ट्रांसजेंडर महिलाओं को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी गई।<ref name="WaPo2018-12-17a" /><ref name="torstar">[https://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight "Jenna Talackova, transgendered Miss Universe Canada contestant, shines in spotlight"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120818192559/http://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight |date=18 August 2012 }}. ''[[Toronto Star]]'', 18 May 2012.</ref><ref>{{cite magazine |title=21 Transgender People Who Influenced American Culture |url=https://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |magazine=Time Magazine |access-date=18 December 2018 |archive-date=5 August 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805093258/http://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |url-status=live }}</ref> ====प्रतिस्थापन==== ज़ोए ब्रुने, जो मिस बेल्जियम 2018 की प्रथम रनर-अप थीं, को बेल्जियम का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि एंजेलीन फ्लोर पुआ ने मिस वर्ल्ड 2018 में भाग लेने का निर्णय लिया था। एवा कोलास (फ्रांस) और माग्दालेना स्वाट (पोलैंड) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि उनकी मूल विजेता, माएवा कूके और अगाता बियरनात, क्रमशः मिस वर्ल्ड 2018 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण मिस यूनिवर्स में भाग नहीं ले सकीं। माएवा कूके और एंजेलीन फ्लोर पुआ ने अगले वर्ष मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref name=":32">{{Cite web |date=9 January 2019 |title=Zoé Brunet, de Miss Belgique à Top Model Belgium |url=https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |access-date=14 January 2022 |website=[[Télépro]] |language=fr-BE |archive-date=14 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220114150958/https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |url-status=live }}</ref><ref name=":42">{{Cite web |date=18 September 2018 |title=Miss France 2018, Maëva Coucke ne représentera pas la France à Miss Univers |url=https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |access-date=15 January 2022 |website=[[Europe 1]] |language=fr |archive-date=16 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220116012102/https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.instagram.com/p/BoB4fn3gpj1/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/BoB4fn3gpj1 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|title=Miss Universe Poland 2018|date=5 September 2018}}{{cbignore}}</ref> ====डेब्यू, वापसी और निकासी==== 2018 संस्करण में आर्मेनिया, किर्गिज़स्तान और मंगोलिया ने पहली बार भाग लिया, जबकि बेलीज़, डेनमार्क, ग्रीस, हंगरी, केन्या, कोसोवो और स्विट्जरलैंड की प्रतियोगिता में वापसी हुई। ग्रीस ने पिछली बार मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लिया था, जबकि अन्य सभी देशों ने अंतिम बार मिस यूनिवर्स 2016 में हिस्सा लिया था। ऑस्ट्रिया, इथियोपिया, इराक, रोमानिया, स्लोवेनिया और तंजानिया ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया, क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने मिस यूनिवर्स का लाइसेंस खो दिया था, राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की थी या किसी प्रतिनिधि का चयन नहीं किया था। गयाना को 2017 में प्रतिनिधि चयन से जुड़े विवाद के दौरान संगठन को भेजे गए "आपत्तिजनक ईमेल" और "जान से मारने की धमकियों" के कारण मिस यूनिवर्स में भाग लेने से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद कोई नया लाइसेंस धारक नियुक्त नहीं किया गया, जिसके कारण देश को प्रतियोगिता से हटना पड़ा। त्रिनिदाद और टोबैगो ने भी प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया, क्योंकि वहाँ के आयोजकों ने घोषणा की कि उस वर्ष कोई राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की जाएगी। यह निर्णय तब लिया गया, जबकि मार्ट्रेसिया एलेन को 2017 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ही मिस यूनिवर्स त्रिनिदाद और टोबैगो 2018 का खिताब प्रदान किया जा चुका था। ==टिप्पणी== {{Notelist}} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] nj1u5gnz5lxc9c7ucs4shg8egp3v4w5 6582694 6582692 2026-07-15T02:34:05Z खास विशेष 810972 /* डेब्यू, वापसी और निकासी */ जानकारी जोड़ी 6582694 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | image = Catriona Gray Frontrow Cares.jpg | caption = [[कैटरिओना ग्रे]] | venue = इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, पाक क्रेट, [[नोन्थाबुरी प्रान्त|नोन्थाबुरी]], थाईलैंड | date = 17 दिसंबर 2018 | presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]]|एशली ग्राहम|कार्सन क्रेसली|लू सिएरा}} | entertainment = नी-यो | broadcaster = {{ubl|अंतरराष्ट्रीय: {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी | फॉक्स]]|एज़्टेका}}|आधिकारिक प्रसारक: {{Hlist|पीपीटीवी}}}} | entrants = 94 | placements = 20 | debuts = {{Hlist|आर्मेनिया | किर्गिस्तान | मंगोलिया}} | withdraws = {{Hlist|ऑस्ट्रिया | इथियोपिया | गुयाना | इराक | रोमानिया | स्लोवेनिया | तंजानिया | त्रिनिदाद और टोबैगो}} | returns = {{Hlist|बेलीज | डेनमार्क | ग्रीस | हंगरी | केन्या | कोसोवो | स्विट्जरलैंड}} | winner = [[कैटरिओना ग्रे]] |represented=फिलिपींस | best national costume = ऑन-अनॉन्ग होम्सोम्बाथ, लाओस | congeniality = ओर्नेला गुनेसेकेरे, श्रीलंका | before = [[मिस यूनीवर्स 2017|2017]] | next = [[मिस यूनिवर्स 2019|2019]] }} '''मिस यूनिवर्स 2018''', 67वां [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता थी, जो 17 दिसंबर 2018 को [[थाईलैंड]] के [[नोन्थाबुरी प्रान्त]] के पाक क्रेट में स्थित इम्पैक्ट एरीना, मुआंग थोंग थानी में आयोजित की गई थी।{{efn|name=local date|यह कार्यक्रम स्थानीय समयानुसार सुबह 07:00 बजे (UTC+07:00) आयोजित किया गया; अमेरिका में उस समय अभी भी 16 दिसंबर की तिथि थी। हालांकि, ईस्टर्न/सेंट्रल टाइम ज़ोन में इसका प्राइमटाइम प्रसारण 30 मिनट की देरी से हुआ, क्योंकि ''फ़ॉक्स एनएफएल संडे'' का कार्यक्रम समय से अधिक चला गया था।}}<ref name=":11">{{cite news |date=31 July 2018 |title=Thailand to host Miss Universe 2018 as pageant returns to Asia |work=[[ABS-CBN News]] |url=https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |access-date=31 July 2018 |archive-date=1 May 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190501023934/https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |url-status=live }}</ref> कार्यक्रम के अंत में, [[दक्षिण अफ्रीका]] की [[डेमी-ले नेल-पीटर्स]] ने [[फिलीपींस]] की [[कैटरिओना ग्रे]] को मिस यूनिवर्स 2018 का ताज पहनाया। यह फिलीपींस की चौथी जीत थी, जो [[मिस यूनीवर्स 2015|2015]] में मिली पिछली जीत के बाद आई।<ref>{{Cite web |date=16 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray of the Philippines wins crown |url=https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |access-date=7 May 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=11 March 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220311162837/https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=17 December 2018 |title=Her mom once dreamed she'd win Miss Universe in a red dress. She did. |url=https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |access-date=7 May 2022 |website=[[NBC News]] |language=en |archive-date=18 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220518072411/https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 94 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे 2017 में बने 92 देशों के पिछले रिकॉर्ड को पार कर लिया गया।<ref name=":10">{{Cite web |last=Smith |first=Nasha |date=15 December 2018 |title=The 20 front runners for the 2018 Miss Universe pageant crown |url=https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |access-date=7 May 2022 |website=[[Insider Inc.|Insider]] |language=en-US |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102654/https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |url-status=live }}</ref> यह प्रतियोगिता लगातार चौथे वर्ष [[स्टीव हार्वे|स्टीव हार्वी]] द्वारा होस्ट की गई, उनके साथ सुपरमॉडल एश्ले ग्राहम भी थीं।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=31 July 2018 |title=Miss Universe 2018 Heads To Thailand With Steve Harvey Returning As Host |url=https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |access-date=7 May 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Wynne |first=Kelly |date=16 December 2018 |title=Who is 'Miss Universe 2018' host and supermodel Ashley Graham? |url=https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |access-date=7 May 2022 |website=[[Newsweek]] |language=en |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |url-status=live }}</ref> टेलीविजन पर्सनैलिटी कार्सन क्रेसली और रनवे कोच लू सिएरा ने पूरे कार्यक्रम में टिप्पणी और विश्लेषण प्रस्तुत किया।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Saballa |first=Joe |date=18 December 2018 |title=Possible reasons why 2 hosts of Miss Universe 'ignored' Catriona Gray unveiled |url=https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |access-date=7 May 2022 |website=Kami.com.ph |language=en |archive-date=19 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231019002025/https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में अमेरिकी गायक-गीतकार नी-यो ने प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web |last=Adel |first=Rosette |date=22 November 2018 |title=Ne-Yo to perform at Miss Universe 2018 |url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |access-date=7 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |url-status=live }}</ref>[[File:Impact Arena Muang Thong Thani at nighttime.jpg|thumb|इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, मिस यूनिवर्स 2018 का आयोजन स्थल]] ==पृष्ठभूमि== ===स्थान और तिथि=== [[File:Nong Noogh Garden(1).jpg|thumb|नोंग नूच ट्रॉपिकल बॉटनिकल गार्डन, राष्ट्रीय पोशाक दौर का स्थल]] मिस यूनिवर्स संगठन इस प्रतियोगिता को चीन में आयोजित कराने के लिए बातचीत कर रहा था। हालांकि, यह बातचीत उस समय विफल हो गई जब चीनी पक्ष ने प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, मिस यूनिवर्स संगठन ने फिलीपींस के साथ बातचीत शुरू की, जिसने पहले [[मिस यूनीवर्स 2016]] की मेज़बानी की थी।<ref name="prepPH">{{cite news|last1=Afinidad-Bernardo|first1=Deni Rose|title=Organizer: Miss Universe Organization preparing for Philippines' 2018 hosting|url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|access-date=9 May 2018|work=The Philippine Star|date=2 May 2018|archive-date=11 July 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190711102352/https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|url-status=live}}</ref> अप्रैल 2018 में तत्कालीन पर्यटन सचिव वांडा तुल्फो टेओ ने फिलीपींस के राष्ट्रपति [[रोड्रिगो दुतेर्ते]] से नवंबर 2018 में बोराकाय में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की मेज़बानी की संभावना पर चर्चा की थी।<ref name="prepPH"/> 6 मई 2018 को टेओ ने घोषणा की कि फिलीपींस के पास यह प्रतियोगिता आयोजित करने की "90% संभावना" है, और यह भी बताया कि पर्यटन विभाग प्रायोजकों की तलाश करेगा क्योंकि मिस यूनिवर्स 2016 के प्रमुख प्रायोजक, चावित सिंग्सन की एलसीएस होल्डिंग्स इंक. ने 2018 प्रतियोगिता के लिए वित्तीय सहायता देने से इनकार कर दिया था।<ref>{{cite news |title=90% chance for another Miss U in PH: Teo |url=http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |access-date=9 May 2018 |work=Philippine Canadian Inquirer |agency=Philippine News Agency |date=6 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180509220903/http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |archive-date=9 May 2018 |url-status=live}}</ref> 18 मई 2018 को टेओ की उत्तराधिकारी, बर्नाडेट रोमुलो-पुयात ने घोषणा की कि बजट की कमी और अन्य चिंताओं के चलते फिलीपींस ने इस बार प्रतियोगिता की मेज़बानी से हाथ खींच लिया है। पुयात ने यह भी कहा कि फिलीपींस ने हाल ही में यह प्रतियोगिता आयोजित की थी, इसलिए इतनी जल्दी दोबारा आयोजन का कोई ठोस कारण नहीं था।<ref>{{cite news |url=http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |title=No Miss Universe hosting for PH this year, says tourism chief |work=ABS-CBN News |date=18 May 2018 |access-date=18 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180518120115/http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |archive-date=18 May 2018 |url-status=live}}</ref> 31 जुलाई 2018 को मिस यूनिवर्स संगठन की अध्यक्ष पाउला शूगार्ट ने बैंकॉक आर्ट एंड कल्चर सेंटर में एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि मिस यूनिवर्स 2018 प्रतियोगिता 17 दिसंबर 2018 को बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित की जाएगी। यह तीसरी बार था जब बैंकॉक इस प्रतियोगिता की मेज़बानी कर रहा था—पहले यह 1992 और 2005 में हो चुकी थी। इस घोषणा में मौजूदा मिस यूनिवर्स डेमी-ली नेल-पीटर्स, मिस यूनिवर्स 1965 आपसरा होंगसाकुला और मिस यूनिवर्स 2005 नताली गलेबोवा ने भाग लिया।<ref name=":11" /> राष्ट्रीय पोशाक प्रतियोगिता 10 दिसंबर 2018 को पटाया, थाईलैंड के नोंग नूच ट्रॉपिकल गार्डन में आयोजित की गई थी।<ref>{{Cite web |last=Afinidad-Bernardo |first=Deni Rose M. |date=11 December 2018 |title=In photos: All the Miss Universe 2018 national costumes |url=https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |access-date=9 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=9 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220509060615/https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |url-status=live }}</ref> ===प्रतिभागियों का चयन=== चौरानवे देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया। इनमें से नौ प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में रनर-अप रहने, ऑडिशन प्रक्रिया अथवा अन्य आंतरिक चयन प्रक्रिया के आधार पर उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया।<ref name=":5">{{Cite web |date=5 May 2018 |title=Meisu Qin crowned Miss Universe China 2018 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |access-date=15 January 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072644/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":6">{{Cite web |date=15 October 2018 |title=A semmiből jött szépségkirálynő: ő a Miss Universe Hungary 2018 |url=https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |access-date=15 January 2022 |website=NLC |language=hu |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072637/https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |url-status=live }}</ref><ref name=":7">{{Cite web|last=Yap|first=Jasmina|date=23 July 2018|title=Miss Universe Laos 2018 Selected Without Contest|url=https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|access-date=15 January 2022|website=Laotian Times|language=en-US|archive-date=15 January 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072646/https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|url-status=live}}</ref> आंगेला पोंसे (स्पेन) मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पहली खुले तौर पर ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि बनीं।<ref name="WaPo2018-12-17a">{{cite news |author=Wang |first=Amy B |date=17 December 2018 |title=Miss Spain makes history as first transgender woman to compete in Miss Universe pageant |newspaper=[[The Washington Post]] |url=https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |access-date=18 December 2018 |quote=After Talackova threatened legal action, the organization — then owned by Donald Trump — changed the rules to allow transgender contestants in its pageants. |archive-date=18 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181218010947/https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |url-status=live }}</ref><ref name="Time2018-12-17a">{{cite magazine |author=Cady Lang |date=17 December 2018 |title=Miss Spain Made History as the First Miss Universe Transgender Competitor |url=https://time.com/5481417/miss-spain/ |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |access-date=18 December 2018 |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217191738/http://time.com/5481417/miss-spain/ |url-status=live }}</ref><ref name=":8">{{cite web |date=30 June 2018 |title=Miss Universe Spain crowns its first transgender queen, Angela Ponce |url=https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |access-date=8 June 2019 |website=GMA News Online |archive-date=28 March 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190328130954/https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |url-status=live }}</ref> हालाँकि वह शीर्ष 20 सेमीफाइनलिस्टों में स्थान नहीं बना सकीं, फिर भी प्रतियोगिता के दौरान उनके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।<ref>{{Cite web |last=Castillo |first=Jackie |date=17 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray, from the Philippines, claims crown |url=https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |access-date=17 December 2018 |website=CNN Style |language=en |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217044533/https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |url-status=live }}</ref> मिस यूनिवर्स के नियमों में 2012 में संशोधन किया गया था, जिसके बाद ट्रांसजेंडर महिलाओं को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी गई।<ref name="WaPo2018-12-17a" /><ref name="torstar">[https://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight "Jenna Talackova, transgendered Miss Universe Canada contestant, shines in spotlight"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120818192559/http://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight |date=18 August 2012 }}. ''[[Toronto Star]]'', 18 May 2012.</ref><ref>{{cite magazine |title=21 Transgender People Who Influenced American Culture |url=https://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |magazine=Time Magazine |access-date=18 December 2018 |archive-date=5 August 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805093258/http://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |url-status=live }}</ref> ====प्रतिस्थापन==== ज़ोए ब्रुने, जो मिस बेल्जियम 2018 की प्रथम रनर-अप थीं, को बेल्जियम का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि एंजेलीन फ्लोर पुआ ने मिस वर्ल्ड 2018 में भाग लेने का निर्णय लिया था। एवा कोलास (फ्रांस) और माग्दालेना स्वाट (पोलैंड) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि उनकी मूल विजेता, माएवा कूके और अगाता बियरनात, क्रमशः मिस वर्ल्ड 2018 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण मिस यूनिवर्स में भाग नहीं ले सकीं। माएवा कूके और एंजेलीन फ्लोर पुआ ने अगले वर्ष मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref name=":32">{{Cite web |date=9 January 2019 |title=Zoé Brunet, de Miss Belgique à Top Model Belgium |url=https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |access-date=14 January 2022 |website=[[Télépro]] |language=fr-BE |archive-date=14 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220114150958/https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |url-status=live }}</ref><ref name=":42">{{Cite web |date=18 September 2018 |title=Miss France 2018, Maëva Coucke ne représentera pas la France à Miss Univers |url=https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |access-date=15 January 2022 |website=[[Europe 1]] |language=fr |archive-date=16 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220116012102/https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.instagram.com/p/BoB4fn3gpj1/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/BoB4fn3gpj1 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|title=Miss Universe Poland 2018|date=5 September 2018}}{{cbignore}}</ref> ====डेब्यू, वापसी और निकासी==== 2018 संस्करण में आर्मेनिया, किर्गिज़स्तान और मंगोलिया ने पहली बार भाग लिया, जबकि बेलीज़, डेनमार्क, ग्रीस, हंगरी, केन्या, कोसोवो और स्विट्जरलैंड की प्रतियोगिता में वापसी हुई। ग्रीस ने पिछली बार मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लिया था, जबकि अन्य सभी देशों ने अंतिम बार मिस यूनिवर्स 2016 में हिस्सा लिया था। ऑस्ट्रिया, इथियोपिया, इराक, रोमानिया, स्लोवेनिया और तंजानिया ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया, क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने मिस यूनिवर्स का लाइसेंस खो दिया था, राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की थी या किसी प्रतिनिधि का चयन नहीं किया था। गयाना को 2017 में प्रतिनिधि चयन से जुड़े विवाद के दौरान संगठन को भेजे गए "आपत्तिजनक ईमेल" और "जान से मारने की धमकियों" के कारण मिस यूनिवर्स में भाग लेने से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद कोई नया लाइसेंस धारक नियुक्त नहीं किया गया, जिसके कारण देश को प्रतियोगिता से हटना पड़ा। त्रिनिदाद और टोबैगो ने भी प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया, क्योंकि वहाँ के आयोजकों ने घोषणा की कि उस वर्ष कोई राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की जाएगी। यह निर्णय तब लिया गया, जबकि मार्ट्रेसिया एलेन को 2017 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ही मिस यूनिवर्स त्रिनिदाद और टोबैगो 2018 का खिताब प्रदान किया जा चुका था। मैरी एस्थर बांगुरा (सिएरा लियोन) पंजीकरण प्रक्रिया समाप्त होने के बाद बैंकॉक पहुँचीं। वीज़ा और अन्य व्यवस्थागत (लॉजिस्टिक) समस्याओं के कारण वह प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं। हालाँकि, उन्हें प्रतियोगिता की विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने तथा दर्शक दीर्घा से प्रतियोगिता देखने की अनुमति दी गई। इसके अतिरिक्त, उन्हें अगले संस्करण की मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया गया। ==टिप्पणी== {{Notelist}} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] 87pij7x0xdynsoz64qq4osjk0h8z386 6582699 6582694 2026-07-15T02:37:28Z खास विशेष 810972 /* डेब्यू, वापसी और निकासी */ संदर्भ जोड़ा 6582699 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | image = Catriona Gray Frontrow Cares.jpg | caption = [[कैटरिओना ग्रे]] | venue = इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, पाक क्रेट, [[नोन्थाबुरी प्रान्त|नोन्थाबुरी]], थाईलैंड | date = 17 दिसंबर 2018 | presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]]|एशली ग्राहम|कार्सन क्रेसली|लू सिएरा}} | entertainment = नी-यो | broadcaster = {{ubl|अंतरराष्ट्रीय: {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी | फॉक्स]]|एज़्टेका}}|आधिकारिक प्रसारक: {{Hlist|पीपीटीवी}}}} | entrants = 94 | placements = 20 | debuts = {{Hlist|आर्मेनिया | किर्गिस्तान | मंगोलिया}} | withdraws = {{Hlist|ऑस्ट्रिया | इथियोपिया | गुयाना | इराक | रोमानिया | स्लोवेनिया | तंजानिया | त्रिनिदाद और टोबैगो}} | returns = {{Hlist|बेलीज | डेनमार्क | ग्रीस | हंगरी | केन्या | कोसोवो | स्विट्जरलैंड}} | winner = [[कैटरिओना ग्रे]] |represented=फिलिपींस | best national costume = ऑन-अनॉन्ग होम्सोम्बाथ, लाओस | congeniality = ओर्नेला गुनेसेकेरे, श्रीलंका | before = [[मिस यूनीवर्स 2017|2017]] | next = [[मिस यूनिवर्स 2019|2019]] }} '''मिस यूनिवर्स 2018''', 67वां [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता थी, जो 17 दिसंबर 2018 को [[थाईलैंड]] के [[नोन्थाबुरी प्रान्त]] के पाक क्रेट में स्थित इम्पैक्ट एरीना, मुआंग थोंग थानी में आयोजित की गई थी।{{efn|name=local date|यह कार्यक्रम स्थानीय समयानुसार सुबह 07:00 बजे (UTC+07:00) आयोजित किया गया; अमेरिका में उस समय अभी भी 16 दिसंबर की तिथि थी। हालांकि, ईस्टर्न/सेंट्रल टाइम ज़ोन में इसका प्राइमटाइम प्रसारण 30 मिनट की देरी से हुआ, क्योंकि ''फ़ॉक्स एनएफएल संडे'' का कार्यक्रम समय से अधिक चला गया था।}}<ref name=":11">{{cite news |date=31 July 2018 |title=Thailand to host Miss Universe 2018 as pageant returns to Asia |work=[[ABS-CBN News]] |url=https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |access-date=31 July 2018 |archive-date=1 May 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190501023934/https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |url-status=live }}</ref> कार्यक्रम के अंत में, [[दक्षिण अफ्रीका]] की [[डेमी-ले नेल-पीटर्स]] ने [[फिलीपींस]] की [[कैटरिओना ग्रे]] को मिस यूनिवर्स 2018 का ताज पहनाया। यह फिलीपींस की चौथी जीत थी, जो [[मिस यूनीवर्स 2015|2015]] में मिली पिछली जीत के बाद आई।<ref>{{Cite web |date=16 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray of the Philippines wins crown |url=https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |access-date=7 May 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=11 March 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220311162837/https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=17 December 2018 |title=Her mom once dreamed she'd win Miss Universe in a red dress. She did. |url=https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |access-date=7 May 2022 |website=[[NBC News]] |language=en |archive-date=18 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220518072411/https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 94 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे 2017 में बने 92 देशों के पिछले रिकॉर्ड को पार कर लिया गया।<ref name=":10">{{Cite web |last=Smith |first=Nasha |date=15 December 2018 |title=The 20 front runners for the 2018 Miss Universe pageant crown |url=https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |access-date=7 May 2022 |website=[[Insider Inc.|Insider]] |language=en-US |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102654/https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |url-status=live }}</ref> यह प्रतियोगिता लगातार चौथे वर्ष [[स्टीव हार्वे|स्टीव हार्वी]] द्वारा होस्ट की गई, उनके साथ सुपरमॉडल एश्ले ग्राहम भी थीं।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=31 July 2018 |title=Miss Universe 2018 Heads To Thailand With Steve Harvey Returning As Host |url=https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |access-date=7 May 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Wynne |first=Kelly |date=16 December 2018 |title=Who is 'Miss Universe 2018' host and supermodel Ashley Graham? |url=https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |access-date=7 May 2022 |website=[[Newsweek]] |language=en |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |url-status=live }}</ref> टेलीविजन पर्सनैलिटी कार्सन क्रेसली और रनवे कोच लू सिएरा ने पूरे कार्यक्रम में टिप्पणी और विश्लेषण प्रस्तुत किया।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Saballa |first=Joe |date=18 December 2018 |title=Possible reasons why 2 hosts of Miss Universe 'ignored' Catriona Gray unveiled |url=https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |access-date=7 May 2022 |website=Kami.com.ph |language=en |archive-date=19 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231019002025/https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में अमेरिकी गायक-गीतकार नी-यो ने प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web |last=Adel |first=Rosette |date=22 November 2018 |title=Ne-Yo to perform at Miss Universe 2018 |url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |access-date=7 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |url-status=live }}</ref>[[File:Impact Arena Muang Thong Thani at nighttime.jpg|thumb|इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, मिस यूनिवर्स 2018 का आयोजन स्थल]] ==पृष्ठभूमि== ===स्थान और तिथि=== [[File:Nong Noogh Garden(1).jpg|thumb|नोंग नूच ट्रॉपिकल बॉटनिकल गार्डन, राष्ट्रीय पोशाक दौर का स्थल]] मिस यूनिवर्स संगठन इस प्रतियोगिता को चीन में आयोजित कराने के लिए बातचीत कर रहा था। हालांकि, यह बातचीत उस समय विफल हो गई जब चीनी पक्ष ने प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, मिस यूनिवर्स संगठन ने फिलीपींस के साथ बातचीत शुरू की, जिसने पहले [[मिस यूनीवर्स 2016]] की मेज़बानी की थी।<ref name="prepPH">{{cite news|last1=Afinidad-Bernardo|first1=Deni Rose|title=Organizer: Miss Universe Organization preparing for Philippines' 2018 hosting|url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|access-date=9 May 2018|work=The Philippine Star|date=2 May 2018|archive-date=11 July 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190711102352/https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|url-status=live}}</ref> अप्रैल 2018 में तत्कालीन पर्यटन सचिव वांडा तुल्फो टेओ ने फिलीपींस के राष्ट्रपति [[रोड्रिगो दुतेर्ते]] से नवंबर 2018 में बोराकाय में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की मेज़बानी की संभावना पर चर्चा की थी।<ref name="prepPH"/> 6 मई 2018 को टेओ ने घोषणा की कि फिलीपींस के पास यह प्रतियोगिता आयोजित करने की "90% संभावना" है, और यह भी बताया कि पर्यटन विभाग प्रायोजकों की तलाश करेगा क्योंकि मिस यूनिवर्स 2016 के प्रमुख प्रायोजक, चावित सिंग्सन की एलसीएस होल्डिंग्स इंक. ने 2018 प्रतियोगिता के लिए वित्तीय सहायता देने से इनकार कर दिया था।<ref>{{cite news |title=90% chance for another Miss U in PH: Teo |url=http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |access-date=9 May 2018 |work=Philippine Canadian Inquirer |agency=Philippine News Agency |date=6 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180509220903/http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |archive-date=9 May 2018 |url-status=live}}</ref> 18 मई 2018 को टेओ की उत्तराधिकारी, बर्नाडेट रोमुलो-पुयात ने घोषणा की कि बजट की कमी और अन्य चिंताओं के चलते फिलीपींस ने इस बार प्रतियोगिता की मेज़बानी से हाथ खींच लिया है। पुयात ने यह भी कहा कि फिलीपींस ने हाल ही में यह प्रतियोगिता आयोजित की थी, इसलिए इतनी जल्दी दोबारा आयोजन का कोई ठोस कारण नहीं था।<ref>{{cite news |url=http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |title=No Miss Universe hosting for PH this year, says tourism chief |work=ABS-CBN News |date=18 May 2018 |access-date=18 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180518120115/http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |archive-date=18 May 2018 |url-status=live}}</ref> 31 जुलाई 2018 को मिस यूनिवर्स संगठन की अध्यक्ष पाउला शूगार्ट ने बैंकॉक आर्ट एंड कल्चर सेंटर में एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि मिस यूनिवर्स 2018 प्रतियोगिता 17 दिसंबर 2018 को बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित की जाएगी। यह तीसरी बार था जब बैंकॉक इस प्रतियोगिता की मेज़बानी कर रहा था—पहले यह 1992 और 2005 में हो चुकी थी। इस घोषणा में मौजूदा मिस यूनिवर्स डेमी-ली नेल-पीटर्स, मिस यूनिवर्स 1965 आपसरा होंगसाकुला और मिस यूनिवर्स 2005 नताली गलेबोवा ने भाग लिया।<ref name=":11" /> राष्ट्रीय पोशाक प्रतियोगिता 10 दिसंबर 2018 को पटाया, थाईलैंड के नोंग नूच ट्रॉपिकल गार्डन में आयोजित की गई थी।<ref>{{Cite web |last=Afinidad-Bernardo |first=Deni Rose M. |date=11 December 2018 |title=In photos: All the Miss Universe 2018 national costumes |url=https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |access-date=9 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=9 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220509060615/https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |url-status=live }}</ref> ===प्रतिभागियों का चयन=== चौरानवे देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया। इनमें से नौ प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में रनर-अप रहने, ऑडिशन प्रक्रिया अथवा अन्य आंतरिक चयन प्रक्रिया के आधार पर उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया।<ref name=":5">{{Cite web |date=5 May 2018 |title=Meisu Qin crowned Miss Universe China 2018 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |access-date=15 January 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072644/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":6">{{Cite web |date=15 October 2018 |title=A semmiből jött szépségkirálynő: ő a Miss Universe Hungary 2018 |url=https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |access-date=15 January 2022 |website=NLC |language=hu |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072637/https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |url-status=live }}</ref><ref name=":7">{{Cite web|last=Yap|first=Jasmina|date=23 July 2018|title=Miss Universe Laos 2018 Selected Without Contest|url=https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|access-date=15 January 2022|website=Laotian Times|language=en-US|archive-date=15 January 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072646/https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|url-status=live}}</ref> आंगेला पोंसे (स्पेन) मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पहली खुले तौर पर ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि बनीं।<ref name="WaPo2018-12-17a">{{cite news |author=Wang |first=Amy B |date=17 December 2018 |title=Miss Spain makes history as first transgender woman to compete in Miss Universe pageant |newspaper=[[The Washington Post]] |url=https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |access-date=18 December 2018 |quote=After Talackova threatened legal action, the organization — then owned by Donald Trump — changed the rules to allow transgender contestants in its pageants. |archive-date=18 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181218010947/https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |url-status=live }}</ref><ref name="Time2018-12-17a">{{cite magazine |author=Cady Lang |date=17 December 2018 |title=Miss Spain Made History as the First Miss Universe Transgender Competitor |url=https://time.com/5481417/miss-spain/ |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |access-date=18 December 2018 |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217191738/http://time.com/5481417/miss-spain/ |url-status=live }}</ref><ref name=":8">{{cite web |date=30 June 2018 |title=Miss Universe Spain crowns its first transgender queen, Angela Ponce |url=https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |access-date=8 June 2019 |website=GMA News Online |archive-date=28 March 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190328130954/https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |url-status=live }}</ref> हालाँकि वह शीर्ष 20 सेमीफाइनलिस्टों में स्थान नहीं बना सकीं, फिर भी प्रतियोगिता के दौरान उनके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।<ref>{{Cite web |last=Castillo |first=Jackie |date=17 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray, from the Philippines, claims crown |url=https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |access-date=17 December 2018 |website=CNN Style |language=en |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217044533/https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |url-status=live }}</ref> मिस यूनिवर्स के नियमों में 2012 में संशोधन किया गया था, जिसके बाद ट्रांसजेंडर महिलाओं को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी गई।<ref name="WaPo2018-12-17a" /><ref name="torstar">[https://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight "Jenna Talackova, transgendered Miss Universe Canada contestant, shines in spotlight"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120818192559/http://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight |date=18 August 2012 }}. ''[[Toronto Star]]'', 18 May 2012.</ref><ref>{{cite magazine |title=21 Transgender People Who Influenced American Culture |url=https://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |magazine=Time Magazine |access-date=18 December 2018 |archive-date=5 August 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805093258/http://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |url-status=live }}</ref> ====प्रतिस्थापन==== ज़ोए ब्रुने, जो मिस बेल्जियम 2018 की प्रथम रनर-अप थीं, को बेल्जियम का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि एंजेलीन फ्लोर पुआ ने मिस वर्ल्ड 2018 में भाग लेने का निर्णय लिया था। एवा कोलास (फ्रांस) और माग्दालेना स्वाट (पोलैंड) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि उनकी मूल विजेता, माएवा कूके और अगाता बियरनात, क्रमशः मिस वर्ल्ड 2018 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण मिस यूनिवर्स में भाग नहीं ले सकीं। माएवा कूके और एंजेलीन फ्लोर पुआ ने अगले वर्ष मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref name=":32">{{Cite web |date=9 January 2019 |title=Zoé Brunet, de Miss Belgique à Top Model Belgium |url=https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |access-date=14 January 2022 |website=[[Télépro]] |language=fr-BE |archive-date=14 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220114150958/https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |url-status=live }}</ref><ref name=":42">{{Cite web |date=18 September 2018 |title=Miss France 2018, Maëva Coucke ne représentera pas la France à Miss Univers |url=https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |access-date=15 January 2022 |website=[[Europe 1]] |language=fr |archive-date=16 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220116012102/https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.instagram.com/p/BoB4fn3gpj1/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/BoB4fn3gpj1 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|title=Miss Universe Poland 2018|date=5 September 2018}}{{cbignore}}</ref> ====डेब्यू, वापसी और निकासी==== 2018 संस्करण में आर्मेनिया, किर्गिज़स्तान और मंगोलिया ने पहली बार भाग लिया, जबकि बेलीज़, डेनमार्क, ग्रीस, हंगरी, केन्या, कोसोवो और स्विट्जरलैंड की प्रतियोगिता में वापसी हुई। ग्रीस ने पिछली बार मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लिया था, जबकि अन्य सभी देशों ने अंतिम बार मिस यूनिवर्स 2016 में हिस्सा लिया था। ऑस्ट्रिया, इथियोपिया, इराक, रोमानिया, स्लोवेनिया और तंजानिया ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया, क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने मिस यूनिवर्स का लाइसेंस खो दिया था, राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की थी या किसी प्रतिनिधि का चयन नहीं किया था।<ref>{{cite web |url=https://www.instagram.com/p/Bp2EurSnnO9/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/Bp2EurSnnO9 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|website=Miss Universe Ethiopia |access-date=6 November 2018 |title=We regret to announce that Miss Universe Ethiopia will not take place in 2018}}{{cbignore}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.facebook.com/MissUniverseSlovenija/posts/1559330967519533comment_id%3D1840470252738935%26reply_comment_id%3D1841782339274393 |website=Miss Universe Slovenija |access-date=12 September 2018 |title=Slovenia don´t compete at the 2018 Miss Universe |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102726/https://www.facebook.com/MissUniverseSlovenija/posts/1559330967519533comment_id%3D1840470252738935%26reply_comment_id%3D1841782339274393 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.instagram.com/p/Bp2G46xHmcQ/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/Bp2G46xHmcQ |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|website=Miss Universe Tanzania |access-date=6 November 2018 |title=Miss Universe Tanzania 2018 will regrettably not take place this year}}{{cbignore}}</ref> गयाना को 2017 में प्रतिनिधि चयन से जुड़े विवाद के दौरान संगठन को भेजे गए "आपत्तिजनक ईमेल" और "जान से मारने की धमकियों" के कारण मिस यूनिवर्स में भाग लेने से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद कोई नया लाइसेंस धारक नियुक्त नहीं किया गया, जिसके कारण देश को प्रतियोगिता से हटना पड़ा। त्रिनिदाद और टोबैगो ने भी प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया, क्योंकि वहाँ के आयोजकों ने घोषणा की कि उस वर्ष कोई राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की जाएगी। यह निर्णय तब लिया गया, जबकि मार्ट्रेसिया एलेन को 2017 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ही मिस यूनिवर्स त्रिनिदाद और टोबैगो 2018 का खिताब प्रदान किया जा चुका था। मैरी एस्थर बांगुरा (सिएरा लियोन) पंजीकरण प्रक्रिया समाप्त होने के बाद बैंकॉक पहुँचीं। वीज़ा और अन्य व्यवस्थागत (लॉजिस्टिक) समस्याओं के कारण वह प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं। हालाँकि, उन्हें प्रतियोगिता की विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने तथा दर्शक दीर्घा से प्रतियोगिता देखने की अनुमति दी गई। इसके अतिरिक्त, उन्हें अगले संस्करण की मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया गया। ==टिप्पणी== {{Notelist}} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] d4z56m2hxj913pnglvciojc1o50f74y 6582701 6582699 2026-07-15T02:38:16Z खास विशेष 810972 /* डेब्यू, वापसी और निकासी */ संदर्भ जोड़ा 6582701 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | image = Catriona Gray Frontrow Cares.jpg | caption = [[कैटरिओना ग्रे]] | venue = इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, पाक क्रेट, [[नोन्थाबुरी प्रान्त|नोन्थाबुरी]], थाईलैंड | date = 17 दिसंबर 2018 | presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]]|एशली ग्राहम|कार्सन क्रेसली|लू सिएरा}} | entertainment = नी-यो | broadcaster = {{ubl|अंतरराष्ट्रीय: {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी | फॉक्स]]|एज़्टेका}}|आधिकारिक प्रसारक: {{Hlist|पीपीटीवी}}}} | entrants = 94 | placements = 20 | debuts = {{Hlist|आर्मेनिया | किर्गिस्तान | मंगोलिया}} | withdraws = {{Hlist|ऑस्ट्रिया | इथियोपिया | गुयाना | इराक | रोमानिया | स्लोवेनिया | तंजानिया | त्रिनिदाद और टोबैगो}} | returns = {{Hlist|बेलीज | डेनमार्क | ग्रीस | हंगरी | केन्या | कोसोवो | स्विट्जरलैंड}} | winner = [[कैटरिओना ग्रे]] |represented=फिलिपींस | best national costume = ऑन-अनॉन्ग होम्सोम्बाथ, लाओस | congeniality = ओर्नेला गुनेसेकेरे, श्रीलंका | before = [[मिस यूनीवर्स 2017|2017]] | next = [[मिस यूनिवर्स 2019|2019]] }} '''मिस यूनिवर्स 2018''', 67वां [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता थी, जो 17 दिसंबर 2018 को [[थाईलैंड]] के [[नोन्थाबुरी प्रान्त]] के पाक क्रेट में स्थित इम्पैक्ट एरीना, मुआंग थोंग थानी में आयोजित की गई थी।{{efn|name=local date|यह कार्यक्रम स्थानीय समयानुसार सुबह 07:00 बजे (UTC+07:00) आयोजित किया गया; अमेरिका में उस समय अभी भी 16 दिसंबर की तिथि थी। हालांकि, ईस्टर्न/सेंट्रल टाइम ज़ोन में इसका प्राइमटाइम प्रसारण 30 मिनट की देरी से हुआ, क्योंकि ''फ़ॉक्स एनएफएल संडे'' का कार्यक्रम समय से अधिक चला गया था।}}<ref name=":11">{{cite news |date=31 July 2018 |title=Thailand to host Miss Universe 2018 as pageant returns to Asia |work=[[ABS-CBN News]] |url=https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |access-date=31 July 2018 |archive-date=1 May 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190501023934/https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |url-status=live }}</ref> कार्यक्रम के अंत में, [[दक्षिण अफ्रीका]] की [[डेमी-ले नेल-पीटर्स]] ने [[फिलीपींस]] की [[कैटरिओना ग्रे]] को मिस यूनिवर्स 2018 का ताज पहनाया। यह फिलीपींस की चौथी जीत थी, जो [[मिस यूनीवर्स 2015|2015]] में मिली पिछली जीत के बाद आई।<ref>{{Cite web |date=16 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray of the Philippines wins crown |url=https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |access-date=7 May 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=11 March 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220311162837/https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=17 December 2018 |title=Her mom once dreamed she'd win Miss Universe in a red dress. She did. |url=https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |access-date=7 May 2022 |website=[[NBC News]] |language=en |archive-date=18 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220518072411/https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 94 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे 2017 में बने 92 देशों के पिछले रिकॉर्ड को पार कर लिया गया।<ref name=":10">{{Cite web |last=Smith |first=Nasha |date=15 December 2018 |title=The 20 front runners for the 2018 Miss Universe pageant crown |url=https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |access-date=7 May 2022 |website=[[Insider Inc.|Insider]] |language=en-US |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102654/https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |url-status=live }}</ref> यह प्रतियोगिता लगातार चौथे वर्ष [[स्टीव हार्वे|स्टीव हार्वी]] द्वारा होस्ट की गई, उनके साथ सुपरमॉडल एश्ले ग्राहम भी थीं।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=31 July 2018 |title=Miss Universe 2018 Heads To Thailand With Steve Harvey Returning As Host |url=https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |access-date=7 May 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Wynne |first=Kelly |date=16 December 2018 |title=Who is 'Miss Universe 2018' host and supermodel Ashley Graham? |url=https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |access-date=7 May 2022 |website=[[Newsweek]] |language=en |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |url-status=live }}</ref> टेलीविजन पर्सनैलिटी कार्सन क्रेसली और रनवे कोच लू सिएरा ने पूरे कार्यक्रम में टिप्पणी और विश्लेषण प्रस्तुत किया।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Saballa |first=Joe |date=18 December 2018 |title=Possible reasons why 2 hosts of Miss Universe 'ignored' Catriona Gray unveiled |url=https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |access-date=7 May 2022 |website=Kami.com.ph |language=en |archive-date=19 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231019002025/https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में अमेरिकी गायक-गीतकार नी-यो ने प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web |last=Adel |first=Rosette |date=22 November 2018 |title=Ne-Yo to perform at Miss Universe 2018 |url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |access-date=7 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |url-status=live }}</ref>[[File:Impact Arena Muang Thong Thani at nighttime.jpg|thumb|इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, मिस यूनिवर्स 2018 का आयोजन स्थल]] ==पृष्ठभूमि== ===स्थान और तिथि=== [[File:Nong Noogh Garden(1).jpg|thumb|नोंग नूच ट्रॉपिकल बॉटनिकल गार्डन, राष्ट्रीय पोशाक दौर का स्थल]] मिस यूनिवर्स संगठन इस प्रतियोगिता को चीन में आयोजित कराने के लिए बातचीत कर रहा था। हालांकि, यह बातचीत उस समय विफल हो गई जब चीनी पक्ष ने प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, मिस यूनिवर्स संगठन ने फिलीपींस के साथ बातचीत शुरू की, जिसने पहले [[मिस यूनीवर्स 2016]] की मेज़बानी की थी।<ref name="prepPH">{{cite news|last1=Afinidad-Bernardo|first1=Deni Rose|title=Organizer: Miss Universe Organization preparing for Philippines' 2018 hosting|url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|access-date=9 May 2018|work=The Philippine Star|date=2 May 2018|archive-date=11 July 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190711102352/https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|url-status=live}}</ref> अप्रैल 2018 में तत्कालीन पर्यटन सचिव वांडा तुल्फो टेओ ने फिलीपींस के राष्ट्रपति [[रोड्रिगो दुतेर्ते]] से नवंबर 2018 में बोराकाय में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की मेज़बानी की संभावना पर चर्चा की थी।<ref name="prepPH"/> 6 मई 2018 को टेओ ने घोषणा की कि फिलीपींस के पास यह प्रतियोगिता आयोजित करने की "90% संभावना" है, और यह भी बताया कि पर्यटन विभाग प्रायोजकों की तलाश करेगा क्योंकि मिस यूनिवर्स 2016 के प्रमुख प्रायोजक, चावित सिंग्सन की एलसीएस होल्डिंग्स इंक. ने 2018 प्रतियोगिता के लिए वित्तीय सहायता देने से इनकार कर दिया था।<ref>{{cite news |title=90% chance for another Miss U in PH: Teo |url=http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |access-date=9 May 2018 |work=Philippine Canadian Inquirer |agency=Philippine News Agency |date=6 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180509220903/http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |archive-date=9 May 2018 |url-status=live}}</ref> 18 मई 2018 को टेओ की उत्तराधिकारी, बर्नाडेट रोमुलो-पुयात ने घोषणा की कि बजट की कमी और अन्य चिंताओं के चलते फिलीपींस ने इस बार प्रतियोगिता की मेज़बानी से हाथ खींच लिया है। पुयात ने यह भी कहा कि फिलीपींस ने हाल ही में यह प्रतियोगिता आयोजित की थी, इसलिए इतनी जल्दी दोबारा आयोजन का कोई ठोस कारण नहीं था।<ref>{{cite news |url=http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |title=No Miss Universe hosting for PH this year, says tourism chief |work=ABS-CBN News |date=18 May 2018 |access-date=18 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180518120115/http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |archive-date=18 May 2018 |url-status=live}}</ref> 31 जुलाई 2018 को मिस यूनिवर्स संगठन की अध्यक्ष पाउला शूगार्ट ने बैंकॉक आर्ट एंड कल्चर सेंटर में एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि मिस यूनिवर्स 2018 प्रतियोगिता 17 दिसंबर 2018 को बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित की जाएगी। यह तीसरी बार था जब बैंकॉक इस प्रतियोगिता की मेज़बानी कर रहा था—पहले यह 1992 और 2005 में हो चुकी थी। इस घोषणा में मौजूदा मिस यूनिवर्स डेमी-ली नेल-पीटर्स, मिस यूनिवर्स 1965 आपसरा होंगसाकुला और मिस यूनिवर्स 2005 नताली गलेबोवा ने भाग लिया।<ref name=":11" /> राष्ट्रीय पोशाक प्रतियोगिता 10 दिसंबर 2018 को पटाया, थाईलैंड के नोंग नूच ट्रॉपिकल गार्डन में आयोजित की गई थी।<ref>{{Cite web |last=Afinidad-Bernardo |first=Deni Rose M. |date=11 December 2018 |title=In photos: All the Miss Universe 2018 national costumes |url=https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |access-date=9 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=9 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220509060615/https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |url-status=live }}</ref> ===प्रतिभागियों का चयन=== चौरानवे देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया। इनमें से नौ प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में रनर-अप रहने, ऑडिशन प्रक्रिया अथवा अन्य आंतरिक चयन प्रक्रिया के आधार पर उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया।<ref name=":5">{{Cite web |date=5 May 2018 |title=Meisu Qin crowned Miss Universe China 2018 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |access-date=15 January 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072644/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":6">{{Cite web |date=15 October 2018 |title=A semmiből jött szépségkirálynő: ő a Miss Universe Hungary 2018 |url=https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |access-date=15 January 2022 |website=NLC |language=hu |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072637/https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |url-status=live }}</ref><ref name=":7">{{Cite web|last=Yap|first=Jasmina|date=23 July 2018|title=Miss Universe Laos 2018 Selected Without Contest|url=https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|access-date=15 January 2022|website=Laotian Times|language=en-US|archive-date=15 January 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072646/https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|url-status=live}}</ref> आंगेला पोंसे (स्पेन) मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पहली खुले तौर पर ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि बनीं।<ref name="WaPo2018-12-17a">{{cite news |author=Wang |first=Amy B |date=17 December 2018 |title=Miss Spain makes history as first transgender woman to compete in Miss Universe pageant |newspaper=[[The Washington Post]] |url=https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |access-date=18 December 2018 |quote=After Talackova threatened legal action, the organization — then owned by Donald Trump — changed the rules to allow transgender contestants in its pageants. |archive-date=18 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181218010947/https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |url-status=live }}</ref><ref name="Time2018-12-17a">{{cite magazine |author=Cady Lang |date=17 December 2018 |title=Miss Spain Made History as the First Miss Universe Transgender Competitor |url=https://time.com/5481417/miss-spain/ |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |access-date=18 December 2018 |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217191738/http://time.com/5481417/miss-spain/ |url-status=live }}</ref><ref name=":8">{{cite web |date=30 June 2018 |title=Miss Universe Spain crowns its first transgender queen, Angela Ponce |url=https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |access-date=8 June 2019 |website=GMA News Online |archive-date=28 March 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190328130954/https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |url-status=live }}</ref> हालाँकि वह शीर्ष 20 सेमीफाइनलिस्टों में स्थान नहीं बना सकीं, फिर भी प्रतियोगिता के दौरान उनके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।<ref>{{Cite web |last=Castillo |first=Jackie |date=17 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray, from the Philippines, claims crown |url=https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |access-date=17 December 2018 |website=CNN Style |language=en |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217044533/https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |url-status=live }}</ref> मिस यूनिवर्स के नियमों में 2012 में संशोधन किया गया था, जिसके बाद ट्रांसजेंडर महिलाओं को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी गई।<ref name="WaPo2018-12-17a" /><ref name="torstar">[https://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight "Jenna Talackova, transgendered Miss Universe Canada contestant, shines in spotlight"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120818192559/http://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight |date=18 August 2012 }}. ''[[Toronto Star]]'', 18 May 2012.</ref><ref>{{cite magazine |title=21 Transgender People Who Influenced American Culture |url=https://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |magazine=Time Magazine |access-date=18 December 2018 |archive-date=5 August 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805093258/http://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |url-status=live }}</ref> ====प्रतिस्थापन==== ज़ोए ब्रुने, जो मिस बेल्जियम 2018 की प्रथम रनर-अप थीं, को बेल्जियम का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि एंजेलीन फ्लोर पुआ ने मिस वर्ल्ड 2018 में भाग लेने का निर्णय लिया था। एवा कोलास (फ्रांस) और माग्दालेना स्वाट (पोलैंड) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि उनकी मूल विजेता, माएवा कूके और अगाता बियरनात, क्रमशः मिस वर्ल्ड 2018 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण मिस यूनिवर्स में भाग नहीं ले सकीं। माएवा कूके और एंजेलीन फ्लोर पुआ ने अगले वर्ष मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref name=":32">{{Cite web |date=9 January 2019 |title=Zoé Brunet, de Miss Belgique à Top Model Belgium |url=https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |access-date=14 January 2022 |website=[[Télépro]] |language=fr-BE |archive-date=14 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220114150958/https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |url-status=live }}</ref><ref name=":42">{{Cite web |date=18 September 2018 |title=Miss France 2018, Maëva Coucke ne représentera pas la France à Miss Univers |url=https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |access-date=15 January 2022 |website=[[Europe 1]] |language=fr |archive-date=16 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220116012102/https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.instagram.com/p/BoB4fn3gpj1/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/BoB4fn3gpj1 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|title=Miss Universe Poland 2018|date=5 September 2018}}{{cbignore}}</ref> ====डेब्यू, वापसी और निकासी==== 2018 संस्करण में आर्मेनिया, किर्गिज़स्तान और मंगोलिया ने पहली बार भाग लिया, जबकि बेलीज़, डेनमार्क, ग्रीस, हंगरी, केन्या, कोसोवो और स्विट्जरलैंड की प्रतियोगिता में वापसी हुई। ग्रीस ने पिछली बार मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लिया था, जबकि अन्य सभी देशों ने अंतिम बार मिस यूनिवर्स 2016 में हिस्सा लिया था। ऑस्ट्रिया, इथियोपिया, इराक, रोमानिया, स्लोवेनिया और तंजानिया ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया, क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने मिस यूनिवर्स का लाइसेंस खो दिया था, राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की थी या किसी प्रतिनिधि का चयन नहीं किया था।<ref>{{cite web |url=https://www.instagram.com/p/Bp2EurSnnO9/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/Bp2EurSnnO9 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|website=Miss Universe Ethiopia |access-date=6 November 2018 |title=We regret to announce that Miss Universe Ethiopia will not take place in 2018}}{{cbignore}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.facebook.com/MissUniverseSlovenija/posts/1559330967519533comment_id%3D1840470252738935%26reply_comment_id%3D1841782339274393 |website=Miss Universe Slovenija |access-date=12 September 2018 |title=Slovenia don´t compete at the 2018 Miss Universe |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102726/https://www.facebook.com/MissUniverseSlovenija/posts/1559330967519533comment_id%3D1840470252738935%26reply_comment_id%3D1841782339274393 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.instagram.com/p/Bp2G46xHmcQ/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/Bp2G46xHmcQ |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|website=Miss Universe Tanzania |access-date=6 November 2018 |title=Miss Universe Tanzania 2018 will regrettably not take place this year}}{{cbignore}}</ref> गयाना को 2017 में प्रतिनिधि चयन से जुड़े विवाद के दौरान संगठन को भेजे गए "आपत्तिजनक ईमेल" और "जान से मारने की धमकियों" के कारण मिस यूनिवर्स में भाग लेने से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद कोई नया लाइसेंस धारक नियुक्त नहीं किया गया, जिसके कारण देश को प्रतियोगिता से हटना पड़ा।<ref>{{cite web |date=24 April 2018 |title=Guyana barred from participating in Miss Universe pageant |url=https://www.stabroeknews.com/2018/news/guyana/04/24/guyana-barred-from-participating-in-miss-universe-pageant/ |access-date=19 July 2018 |website=[[Stabroek News]] |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102713/https://www.stabroeknews.com/2018/04/24/news/guyana/guyana-barred-from-participating-in-miss-universe-pageant/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=25 April 2018 |title=Guyana out of Miss Universe pageant due to lack of franchise holder |url=https://www.stabroeknews.com/2018/04/25/news/guyana/guyana-out-of-miss-universe-pageant-due-to-lack-of-franchise-holder/ |access-date=8 May 2022 |website=[[Stabroek News]] |language=en-US |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102704/https://www.stabroeknews.com/2018/04/25/news/guyana/guyana-out-of-miss-universe-pageant-due-to-lack-of-franchise-holder/ |url-status=live }}</ref> त्रिनिदाद और टोबैगो ने भी प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया, क्योंकि वहाँ के आयोजकों ने घोषणा की कि उस वर्ष कोई राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की जाएगी। यह निर्णय तब लिया गया, जबकि मार्ट्रेसिया एलेन को 2017 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ही मिस यूनिवर्स त्रिनिदाद और टोबैगो 2018 का खिताब प्रदान किया जा चुका था। मैरी एस्थर बांगुरा (सिएरा लियोन) पंजीकरण प्रक्रिया समाप्त होने के बाद बैंकॉक पहुँचीं। वीज़ा और अन्य व्यवस्थागत (लॉजिस्टिक) समस्याओं के कारण वह प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं। हालाँकि, उन्हें प्रतियोगिता की विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने तथा दर्शक दीर्घा से प्रतियोगिता देखने की अनुमति दी गई। इसके अतिरिक्त, उन्हें अगले संस्करण की मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया गया। ==टिप्पणी== {{Notelist}} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] g2h0mfjpc6p38pci3xbs041v3ctahpq 6582702 6582701 2026-07-15T02:38:37Z खास विशेष 810972 /* डेब्यू, वापसी और निकासी */ संदर्भ जोड़ा 6582702 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | image = Catriona Gray Frontrow Cares.jpg | caption = [[कैटरिओना ग्रे]] | venue = इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, पाक क्रेट, [[नोन्थाबुरी प्रान्त|नोन्थाबुरी]], थाईलैंड | date = 17 दिसंबर 2018 | presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]]|एशली ग्राहम|कार्सन क्रेसली|लू सिएरा}} | entertainment = नी-यो | broadcaster = {{ubl|अंतरराष्ट्रीय: {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी | फॉक्स]]|एज़्टेका}}|आधिकारिक प्रसारक: {{Hlist|पीपीटीवी}}}} | entrants = 94 | placements = 20 | debuts = {{Hlist|आर्मेनिया | किर्गिस्तान | मंगोलिया}} | withdraws = {{Hlist|ऑस्ट्रिया | इथियोपिया | गुयाना | इराक | रोमानिया | स्लोवेनिया | तंजानिया | त्रिनिदाद और टोबैगो}} | returns = {{Hlist|बेलीज | डेनमार्क | ग्रीस | हंगरी | केन्या | कोसोवो | स्विट्जरलैंड}} | winner = [[कैटरिओना ग्रे]] |represented=फिलिपींस | best national costume = ऑन-अनॉन्ग होम्सोम्बाथ, लाओस | congeniality = ओर्नेला गुनेसेकेरे, श्रीलंका | before = [[मिस यूनीवर्स 2017|2017]] | next = [[मिस यूनिवर्स 2019|2019]] }} '''मिस यूनिवर्स 2018''', 67वां [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता थी, जो 17 दिसंबर 2018 को [[थाईलैंड]] के [[नोन्थाबुरी प्रान्त]] के पाक क्रेट में स्थित इम्पैक्ट एरीना, मुआंग थोंग थानी में आयोजित की गई थी।{{efn|name=local date|यह कार्यक्रम स्थानीय समयानुसार सुबह 07:00 बजे (UTC+07:00) आयोजित किया गया; अमेरिका में उस समय अभी भी 16 दिसंबर की तिथि थी। हालांकि, ईस्टर्न/सेंट्रल टाइम ज़ोन में इसका प्राइमटाइम प्रसारण 30 मिनट की देरी से हुआ, क्योंकि ''फ़ॉक्स एनएफएल संडे'' का कार्यक्रम समय से अधिक चला गया था।}}<ref name=":11">{{cite news |date=31 July 2018 |title=Thailand to host Miss Universe 2018 as pageant returns to Asia |work=[[ABS-CBN News]] |url=https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |access-date=31 July 2018 |archive-date=1 May 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190501023934/https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |url-status=live }}</ref> कार्यक्रम के अंत में, [[दक्षिण अफ्रीका]] की [[डेमी-ले नेल-पीटर्स]] ने [[फिलीपींस]] की [[कैटरिओना ग्रे]] को मिस यूनिवर्स 2018 का ताज पहनाया। यह फिलीपींस की चौथी जीत थी, जो [[मिस यूनीवर्स 2015|2015]] में मिली पिछली जीत के बाद आई।<ref>{{Cite web |date=16 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray of the Philippines wins crown |url=https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |access-date=7 May 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=11 March 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220311162837/https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=17 December 2018 |title=Her mom once dreamed she'd win Miss Universe in a red dress. She did. |url=https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |access-date=7 May 2022 |website=[[NBC News]] |language=en |archive-date=18 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220518072411/https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 94 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे 2017 में बने 92 देशों के पिछले रिकॉर्ड को पार कर लिया गया।<ref name=":10">{{Cite web |last=Smith |first=Nasha |date=15 December 2018 |title=The 20 front runners for the 2018 Miss Universe pageant crown |url=https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |access-date=7 May 2022 |website=[[Insider Inc.|Insider]] |language=en-US |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102654/https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |url-status=live }}</ref> यह प्रतियोगिता लगातार चौथे वर्ष [[स्टीव हार्वे|स्टीव हार्वी]] द्वारा होस्ट की गई, उनके साथ सुपरमॉडल एश्ले ग्राहम भी थीं।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=31 July 2018 |title=Miss Universe 2018 Heads To Thailand With Steve Harvey Returning As Host |url=https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |access-date=7 May 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Wynne |first=Kelly |date=16 December 2018 |title=Who is 'Miss Universe 2018' host and supermodel Ashley Graham? |url=https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |access-date=7 May 2022 |website=[[Newsweek]] |language=en |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |url-status=live }}</ref> टेलीविजन पर्सनैलिटी कार्सन क्रेसली और रनवे कोच लू सिएरा ने पूरे कार्यक्रम में टिप्पणी और विश्लेषण प्रस्तुत किया।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Saballa |first=Joe |date=18 December 2018 |title=Possible reasons why 2 hosts of Miss Universe 'ignored' Catriona Gray unveiled |url=https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |access-date=7 May 2022 |website=Kami.com.ph |language=en |archive-date=19 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231019002025/https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में अमेरिकी गायक-गीतकार नी-यो ने प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web |last=Adel |first=Rosette |date=22 November 2018 |title=Ne-Yo to perform at Miss Universe 2018 |url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |access-date=7 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |url-status=live }}</ref>[[File:Impact Arena Muang Thong Thani at nighttime.jpg|thumb|इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, मिस यूनिवर्स 2018 का आयोजन स्थल]] ==पृष्ठभूमि== ===स्थान और तिथि=== [[File:Nong Noogh Garden(1).jpg|thumb|नोंग नूच ट्रॉपिकल बॉटनिकल गार्डन, राष्ट्रीय पोशाक दौर का स्थल]] मिस यूनिवर्स संगठन इस प्रतियोगिता को चीन में आयोजित कराने के लिए बातचीत कर रहा था। हालांकि, यह बातचीत उस समय विफल हो गई जब चीनी पक्ष ने प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, मिस यूनिवर्स संगठन ने फिलीपींस के साथ बातचीत शुरू की, जिसने पहले [[मिस यूनीवर्स 2016]] की मेज़बानी की थी।<ref name="prepPH">{{cite news|last1=Afinidad-Bernardo|first1=Deni Rose|title=Organizer: Miss Universe Organization preparing for Philippines' 2018 hosting|url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|access-date=9 May 2018|work=The Philippine Star|date=2 May 2018|archive-date=11 July 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190711102352/https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|url-status=live}}</ref> अप्रैल 2018 में तत्कालीन पर्यटन सचिव वांडा तुल्फो टेओ ने फिलीपींस के राष्ट्रपति [[रोड्रिगो दुतेर्ते]] से नवंबर 2018 में बोराकाय में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की मेज़बानी की संभावना पर चर्चा की थी।<ref name="prepPH"/> 6 मई 2018 को टेओ ने घोषणा की कि फिलीपींस के पास यह प्रतियोगिता आयोजित करने की "90% संभावना" है, और यह भी बताया कि पर्यटन विभाग प्रायोजकों की तलाश करेगा क्योंकि मिस यूनिवर्स 2016 के प्रमुख प्रायोजक, चावित सिंग्सन की एलसीएस होल्डिंग्स इंक. ने 2018 प्रतियोगिता के लिए वित्तीय सहायता देने से इनकार कर दिया था।<ref>{{cite news |title=90% chance for another Miss U in PH: Teo |url=http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |access-date=9 May 2018 |work=Philippine Canadian Inquirer |agency=Philippine News Agency |date=6 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180509220903/http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |archive-date=9 May 2018 |url-status=live}}</ref> 18 मई 2018 को टेओ की उत्तराधिकारी, बर्नाडेट रोमुलो-पुयात ने घोषणा की कि बजट की कमी और अन्य चिंताओं के चलते फिलीपींस ने इस बार प्रतियोगिता की मेज़बानी से हाथ खींच लिया है। पुयात ने यह भी कहा कि फिलीपींस ने हाल ही में यह प्रतियोगिता आयोजित की थी, इसलिए इतनी जल्दी दोबारा आयोजन का कोई ठोस कारण नहीं था।<ref>{{cite news |url=http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |title=No Miss Universe hosting for PH this year, says tourism chief |work=ABS-CBN News |date=18 May 2018 |access-date=18 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180518120115/http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |archive-date=18 May 2018 |url-status=live}}</ref> 31 जुलाई 2018 को मिस यूनिवर्स संगठन की अध्यक्ष पाउला शूगार्ट ने बैंकॉक आर्ट एंड कल्चर सेंटर में एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि मिस यूनिवर्स 2018 प्रतियोगिता 17 दिसंबर 2018 को बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित की जाएगी। यह तीसरी बार था जब बैंकॉक इस प्रतियोगिता की मेज़बानी कर रहा था—पहले यह 1992 और 2005 में हो चुकी थी। इस घोषणा में मौजूदा मिस यूनिवर्स डेमी-ली नेल-पीटर्स, मिस यूनिवर्स 1965 आपसरा होंगसाकुला और मिस यूनिवर्स 2005 नताली गलेबोवा ने भाग लिया।<ref name=":11" /> राष्ट्रीय पोशाक प्रतियोगिता 10 दिसंबर 2018 को पटाया, थाईलैंड के नोंग नूच ट्रॉपिकल गार्डन में आयोजित की गई थी।<ref>{{Cite web |last=Afinidad-Bernardo |first=Deni Rose M. |date=11 December 2018 |title=In photos: All the Miss Universe 2018 national costumes |url=https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |access-date=9 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=9 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220509060615/https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |url-status=live }}</ref> ===प्रतिभागियों का चयन=== चौरानवे देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया। इनमें से नौ प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में रनर-अप रहने, ऑडिशन प्रक्रिया अथवा अन्य आंतरिक चयन प्रक्रिया के आधार पर उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया।<ref name=":5">{{Cite web |date=5 May 2018 |title=Meisu Qin crowned Miss Universe China 2018 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |access-date=15 January 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072644/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":6">{{Cite web |date=15 October 2018 |title=A semmiből jött szépségkirálynő: ő a Miss Universe Hungary 2018 |url=https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |access-date=15 January 2022 |website=NLC |language=hu |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072637/https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |url-status=live }}</ref><ref name=":7">{{Cite web|last=Yap|first=Jasmina|date=23 July 2018|title=Miss Universe Laos 2018 Selected Without Contest|url=https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|access-date=15 January 2022|website=Laotian Times|language=en-US|archive-date=15 January 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072646/https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|url-status=live}}</ref> आंगेला पोंसे (स्पेन) मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पहली खुले तौर पर ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि बनीं।<ref name="WaPo2018-12-17a">{{cite news |author=Wang |first=Amy B |date=17 December 2018 |title=Miss Spain makes history as first transgender woman to compete in Miss Universe pageant |newspaper=[[The Washington Post]] |url=https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |access-date=18 December 2018 |quote=After Talackova threatened legal action, the organization — then owned by Donald Trump — changed the rules to allow transgender contestants in its pageants. |archive-date=18 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181218010947/https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |url-status=live }}</ref><ref name="Time2018-12-17a">{{cite magazine |author=Cady Lang |date=17 December 2018 |title=Miss Spain Made History as the First Miss Universe Transgender Competitor |url=https://time.com/5481417/miss-spain/ |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |access-date=18 December 2018 |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217191738/http://time.com/5481417/miss-spain/ |url-status=live }}</ref><ref name=":8">{{cite web |date=30 June 2018 |title=Miss Universe Spain crowns its first transgender queen, Angela Ponce |url=https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |access-date=8 June 2019 |website=GMA News Online |archive-date=28 March 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190328130954/https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |url-status=live }}</ref> हालाँकि वह शीर्ष 20 सेमीफाइनलिस्टों में स्थान नहीं बना सकीं, फिर भी प्रतियोगिता के दौरान उनके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।<ref>{{Cite web |last=Castillo |first=Jackie |date=17 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray, from the Philippines, claims crown |url=https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |access-date=17 December 2018 |website=CNN Style |language=en |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217044533/https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |url-status=live }}</ref> मिस यूनिवर्स के नियमों में 2012 में संशोधन किया गया था, जिसके बाद ट्रांसजेंडर महिलाओं को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी गई।<ref name="WaPo2018-12-17a" /><ref name="torstar">[https://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight "Jenna Talackova, transgendered Miss Universe Canada contestant, shines in spotlight"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120818192559/http://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight |date=18 August 2012 }}. ''[[Toronto Star]]'', 18 May 2012.</ref><ref>{{cite magazine |title=21 Transgender People Who Influenced American Culture |url=https://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |magazine=Time Magazine |access-date=18 December 2018 |archive-date=5 August 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805093258/http://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |url-status=live }}</ref> ====प्रतिस्थापन==== ज़ोए ब्रुने, जो मिस बेल्जियम 2018 की प्रथम रनर-अप थीं, को बेल्जियम का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि एंजेलीन फ्लोर पुआ ने मिस वर्ल्ड 2018 में भाग लेने का निर्णय लिया था। एवा कोलास (फ्रांस) और माग्दालेना स्वाट (पोलैंड) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि उनकी मूल विजेता, माएवा कूके और अगाता बियरनात, क्रमशः मिस वर्ल्ड 2018 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण मिस यूनिवर्स में भाग नहीं ले सकीं। माएवा कूके और एंजेलीन फ्लोर पुआ ने अगले वर्ष मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref name=":32">{{Cite web |date=9 January 2019 |title=Zoé Brunet, de Miss Belgique à Top Model Belgium |url=https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |access-date=14 January 2022 |website=[[Télépro]] |language=fr-BE |archive-date=14 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220114150958/https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |url-status=live }}</ref><ref name=":42">{{Cite web |date=18 September 2018 |title=Miss France 2018, Maëva Coucke ne représentera pas la France à Miss Univers |url=https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |access-date=15 January 2022 |website=[[Europe 1]] |language=fr |archive-date=16 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220116012102/https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.instagram.com/p/BoB4fn3gpj1/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/BoB4fn3gpj1 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|title=Miss Universe Poland 2018|date=5 September 2018}}{{cbignore}}</ref> ====डेब्यू, वापसी और निकासी==== 2018 संस्करण में आर्मेनिया, किर्गिज़स्तान और मंगोलिया ने पहली बार भाग लिया, जबकि बेलीज़, डेनमार्क, ग्रीस, हंगरी, केन्या, कोसोवो और स्विट्जरलैंड की प्रतियोगिता में वापसी हुई। ग्रीस ने पिछली बार मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लिया था, जबकि अन्य सभी देशों ने अंतिम बार मिस यूनिवर्स 2016 में हिस्सा लिया था। ऑस्ट्रिया, इथियोपिया, इराक, रोमानिया, स्लोवेनिया और तंजानिया ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया, क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने मिस यूनिवर्स का लाइसेंस खो दिया था, राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की थी या किसी प्रतिनिधि का चयन नहीं किया था।<ref>{{cite web |url=https://www.instagram.com/p/Bp2EurSnnO9/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/Bp2EurSnnO9 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|website=Miss Universe Ethiopia |access-date=6 November 2018 |title=We regret to announce that Miss Universe Ethiopia will not take place in 2018}}{{cbignore}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.facebook.com/MissUniverseSlovenija/posts/1559330967519533comment_id%3D1840470252738935%26reply_comment_id%3D1841782339274393 |website=Miss Universe Slovenija |access-date=12 September 2018 |title=Slovenia don´t compete at the 2018 Miss Universe |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102726/https://www.facebook.com/MissUniverseSlovenija/posts/1559330967519533comment_id%3D1840470252738935%26reply_comment_id%3D1841782339274393 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.instagram.com/p/Bp2G46xHmcQ/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/Bp2G46xHmcQ |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|website=Miss Universe Tanzania |access-date=6 November 2018 |title=Miss Universe Tanzania 2018 will regrettably not take place this year}}{{cbignore}}</ref> गयाना को 2017 में प्रतिनिधि चयन से जुड़े विवाद के दौरान संगठन को भेजे गए "आपत्तिजनक ईमेल" और "जान से मारने की धमकियों" के कारण मिस यूनिवर्स में भाग लेने से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद कोई नया लाइसेंस धारक नियुक्त नहीं किया गया, जिसके कारण देश को प्रतियोगिता से हटना पड़ा।<ref>{{cite web |date=24 April 2018 |title=Guyana barred from participating in Miss Universe pageant |url=https://www.stabroeknews.com/2018/news/guyana/04/24/guyana-barred-from-participating-in-miss-universe-pageant/ |access-date=19 July 2018 |website=[[Stabroek News]] |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102713/https://www.stabroeknews.com/2018/04/24/news/guyana/guyana-barred-from-participating-in-miss-universe-pageant/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=25 April 2018 |title=Guyana out of Miss Universe pageant due to lack of franchise holder |url=https://www.stabroeknews.com/2018/04/25/news/guyana/guyana-out-of-miss-universe-pageant-due-to-lack-of-franchise-holder/ |access-date=8 May 2022 |website=[[Stabroek News]] |language=en-US |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102704/https://www.stabroeknews.com/2018/04/25/news/guyana/guyana-out-of-miss-universe-pageant-due-to-lack-of-franchise-holder/ |url-status=live }}</ref> त्रिनिदाद और टोबैगो ने भी प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया, क्योंकि वहाँ के आयोजकों ने घोषणा की कि उस वर्ष कोई राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की जाएगी। यह निर्णय तब लिया गया, जबकि मार्ट्रेसिया एलेन को 2017 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ही मिस यूनिवर्स त्रिनिदाद और टोबैगो 2018 का खिताब प्रदान किया जा चुका था। मैरी एस्थर बांगुरा (सिएरा लियोन) पंजीकरण प्रक्रिया समाप्त होने के बाद बैंकॉक पहुँचीं। वीज़ा और अन्य व्यवस्थागत (लॉजिस्टिक) समस्याओं के कारण वह प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं। हालाँकि, उन्हें प्रतियोगिता की विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने तथा दर्शक दीर्घा से प्रतियोगिता देखने की अनुमति दी गई। इसके अतिरिक्त, उन्हें अगले संस्करण की मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया गया।<ref>{{Cite news |last= |first= |date=17 December 2018 |title=Thai fans fall for Miss Sierra Leone |language=en |work=[[Bangkok Post]] |url=https://www.bangkokpost.com/life/social-and-lifestyle/1595246/thai-fans-fall-for-miss-sierra-leone |access-date=13 October 2022 |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102726/https://www.bangkokpost.com/life/social-and-lifestyle/1595246/thai-fans-fall-for-miss-sierra-leone |url-status=live }}</ref> ==टिप्पणी== {{Notelist}} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] lm6u2w1h39v6u33qpnal40742pdcd6c 6582705 6582702 2026-07-15T02:43:09Z खास विशेष 810972 /* प्रतिभागियों का चयन */ कड़ियां जोड़ी 6582705 wikitext text/x-wiki {{Infobox beauty pageant | image = Catriona Gray Frontrow Cares.jpg | caption = [[कैटरिओना ग्रे]] | venue = इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, पाक क्रेट, [[नोन्थाबुरी प्रान्त|नोन्थाबुरी]], थाईलैंड | date = 17 दिसंबर 2018 | presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]]|एशली ग्राहम|कार्सन क्रेसली|लू सिएरा}} | entertainment = नी-यो | broadcaster = {{ubl|अंतरराष्ट्रीय: {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी | फॉक्स]]|एज़्टेका}}|आधिकारिक प्रसारक: {{Hlist|पीपीटीवी}}}} | entrants = 94 | placements = 20 | debuts = {{Hlist|आर्मेनिया | किर्गिस्तान | मंगोलिया}} | withdraws = {{Hlist|ऑस्ट्रिया | इथियोपिया | गुयाना | इराक | रोमानिया | स्लोवेनिया | तंजानिया | त्रिनिदाद और टोबैगो}} | returns = {{Hlist|बेलीज | डेनमार्क | ग्रीस | हंगरी | केन्या | कोसोवो | स्विट्जरलैंड}} | winner = [[कैटरिओना ग्रे]] |represented=फिलिपींस | best national costume = ऑन-अनॉन्ग होम्सोम्बाथ, लाओस | congeniality = ओर्नेला गुनेसेकेरे, श्रीलंका | before = [[मिस यूनीवर्स 2017|2017]] | next = [[मिस यूनिवर्स 2019|2019]] }} '''मिस यूनिवर्स 2018''', 67वां [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता थी, जो 17 दिसंबर 2018 को [[थाईलैंड]] के [[नोन्थाबुरी प्रान्त]] के पाक क्रेट में स्थित इम्पैक्ट एरीना, मुआंग थोंग थानी में आयोजित की गई थी।{{efn|name=local date|यह कार्यक्रम स्थानीय समयानुसार सुबह 07:00 बजे (UTC+07:00) आयोजित किया गया; अमेरिका में उस समय अभी भी 16 दिसंबर की तिथि थी। हालांकि, ईस्टर्न/सेंट्रल टाइम ज़ोन में इसका प्राइमटाइम प्रसारण 30 मिनट की देरी से हुआ, क्योंकि ''फ़ॉक्स एनएफएल संडे'' का कार्यक्रम समय से अधिक चला गया था।}}<ref name=":11">{{cite news |date=31 July 2018 |title=Thailand to host Miss Universe 2018 as pageant returns to Asia |work=[[ABS-CBN News]] |url=https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |access-date=31 July 2018 |archive-date=1 May 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190501023934/https://news.abs-cbn.com/life/07/31/18/thailand-to-host-miss-universe-2018-as-pageant-returns-to-asia |url-status=live }}</ref> कार्यक्रम के अंत में, [[दक्षिण अफ्रीका]] की [[डेमी-ले नेल-पीटर्स]] ने [[फिलीपींस]] की [[कैटरिओना ग्रे]] को मिस यूनिवर्स 2018 का ताज पहनाया। यह फिलीपींस की चौथी जीत थी, जो [[मिस यूनीवर्स 2015|2015]] में मिली पिछली जीत के बाद आई।<ref>{{Cite web |date=16 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray of the Philippines wins crown |url=https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |access-date=7 May 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=11 March 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220311162837/https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2018-catriona-gray-philippines-wins-today-2018-12-16/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=17 December 2018 |title=Her mom once dreamed she'd win Miss Universe in a red dress. She did. |url=https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |access-date=7 May 2022 |website=[[NBC News]] |language=en |archive-date=18 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220518072411/https://www.nbcnews.com/news/world/miss-universe-2018-miss-philippines-catriona-gray-n948681 |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में 94 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे 2017 में बने 92 देशों के पिछले रिकॉर्ड को पार कर लिया गया।<ref name=":10">{{Cite web |last=Smith |first=Nasha |date=15 December 2018 |title=The 20 front runners for the 2018 Miss Universe pageant crown |url=https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |access-date=7 May 2022 |website=[[Insider Inc.|Insider]] |language=en-US |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102654/https://www.insider.com/miss-universe-front-runners-2018-12 |url-status=live }}</ref> यह प्रतियोगिता लगातार चौथे वर्ष [[स्टीव हार्वे|स्टीव हार्वी]] द्वारा होस्ट की गई, उनके साथ सुपरमॉडल एश्ले ग्राहम भी थीं।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=31 July 2018 |title=Miss Universe 2018 Heads To Thailand With Steve Harvey Returning As Host |url=https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |access-date=7 May 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://deadline.com/2018/07/miss-universe-pageant-2018-date-location-steve-harvey-returning-as-host-1202436544/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Wynne |first=Kelly |date=16 December 2018 |title=Who is 'Miss Universe 2018' host and supermodel Ashley Graham? |url=https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |access-date=7 May 2022 |website=[[Newsweek]] |language=en |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.newsweek.com/who-miss-universe-host-ashley-graham-everything-you-need-know-about-1260842 |url-status=live }}</ref> टेलीविजन पर्सनैलिटी कार्सन क्रेसली और रनवे कोच लू सिएरा ने पूरे कार्यक्रम में टिप्पणी और विश्लेषण प्रस्तुत किया।<ref name=":10" /><ref>{{Cite web |last=Saballa |first=Joe |date=18 December 2018 |title=Possible reasons why 2 hosts of Miss Universe 'ignored' Catriona Gray unveiled |url=https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |access-date=7 May 2022 |website=Kami.com.ph |language=en |archive-date=19 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231019002025/https://kami.com.ph/84930-possible-reasons-2-hosts-miss-universe-catriona-gray-unveiled.html |url-status=live }}</ref> इस वर्ष की प्रतियोगिता में अमेरिकी गायक-गीतकार नी-यो ने प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web |last=Adel |first=Rosette |date=22 November 2018 |title=Ne-Yo to perform at Miss Universe 2018 |url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |access-date=7 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=7 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220507143520/https://www.philstar.com/entertainment/2018/11/22/1870844/ne-yo-perform-miss-universe-2018 |url-status=live }}</ref>[[File:Impact Arena Muang Thong Thani at nighttime.jpg|thumb|इम्पैक्ट एरिना, मुआंग थोंग थानी, मिस यूनिवर्स 2018 का आयोजन स्थल]] ==पृष्ठभूमि== ===स्थान और तिथि=== [[File:Nong Noogh Garden(1).jpg|thumb|नोंग नूच ट्रॉपिकल बॉटनिकल गार्डन, राष्ट्रीय पोशाक दौर का स्थल]] मिस यूनिवर्स संगठन इस प्रतियोगिता को चीन में आयोजित कराने के लिए बातचीत कर रहा था। हालांकि, यह बातचीत उस समय विफल हो गई जब चीनी पक्ष ने प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, मिस यूनिवर्स संगठन ने फिलीपींस के साथ बातचीत शुरू की, जिसने पहले [[मिस यूनीवर्स 2016]] की मेज़बानी की थी।<ref name="prepPH">{{cite news|last1=Afinidad-Bernardo|first1=Deni Rose|title=Organizer: Miss Universe Organization preparing for Philippines' 2018 hosting|url=https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|access-date=9 May 2018|work=The Philippine Star|date=2 May 2018|archive-date=11 July 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190711102352/https://www.philstar.com/entertainment/2018/05/02/1811460/organizer-miss-universe-organization-preparing-philippines-2018-hosting|url-status=live}}</ref> अप्रैल 2018 में तत्कालीन पर्यटन सचिव वांडा तुल्फो टेओ ने फिलीपींस के राष्ट्रपति [[रोड्रिगो दुतेर्ते]] से नवंबर 2018 में बोराकाय में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की मेज़बानी की संभावना पर चर्चा की थी।<ref name="prepPH"/> 6 मई 2018 को टेओ ने घोषणा की कि फिलीपींस के पास यह प्रतियोगिता आयोजित करने की "90% संभावना" है, और यह भी बताया कि पर्यटन विभाग प्रायोजकों की तलाश करेगा क्योंकि मिस यूनिवर्स 2016 के प्रमुख प्रायोजक, चावित सिंग्सन की एलसीएस होल्डिंग्स इंक. ने 2018 प्रतियोगिता के लिए वित्तीय सहायता देने से इनकार कर दिया था।<ref>{{cite news |title=90% chance for another Miss U in PH: Teo |url=http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |access-date=9 May 2018 |work=Philippine Canadian Inquirer |agency=Philippine News Agency |date=6 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180509220903/http://www.canadianinquirer.net/2018/05/06/90-chance-for-another-miss-u-in-ph-teo/ |archive-date=9 May 2018 |url-status=live}}</ref> 18 मई 2018 को टेओ की उत्तराधिकारी, बर्नाडेट रोमुलो-पुयात ने घोषणा की कि बजट की कमी और अन्य चिंताओं के चलते फिलीपींस ने इस बार प्रतियोगिता की मेज़बानी से हाथ खींच लिया है। पुयात ने यह भी कहा कि फिलीपींस ने हाल ही में यह प्रतियोगिता आयोजित की थी, इसलिए इतनी जल्दी दोबारा आयोजन का कोई ठोस कारण नहीं था।<ref>{{cite news |url=http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |title=No Miss Universe hosting for PH this year, says tourism chief |work=ABS-CBN News |date=18 May 2018 |access-date=18 May 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180518120115/http://news.abs-cbn.com/news/05/18/18/no-miss-universe-hosting-for-ph-this-year-says-tourism-chief |archive-date=18 May 2018 |url-status=live}}</ref> 31 जुलाई 2018 को मिस यूनिवर्स संगठन की अध्यक्ष पाउला शूगार्ट ने बैंकॉक आर्ट एंड कल्चर सेंटर में एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि मिस यूनिवर्स 2018 प्रतियोगिता 17 दिसंबर 2018 को बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित की जाएगी। यह तीसरी बार था जब बैंकॉक इस प्रतियोगिता की मेज़बानी कर रहा था—पहले यह 1992 और 2005 में हो चुकी थी। इस घोषणा में मौजूदा मिस यूनिवर्स डेमी-ली नेल-पीटर्स, मिस यूनिवर्स 1965 आपसरा होंगसाकुला और मिस यूनिवर्स 2005 नताली गलेबोवा ने भाग लिया।<ref name=":11" /> राष्ट्रीय पोशाक प्रतियोगिता 10 दिसंबर 2018 को पटाया, थाईलैंड के नोंग नूच ट्रॉपिकल गार्डन में आयोजित की गई थी।<ref>{{Cite web |last=Afinidad-Bernardo |first=Deni Rose M. |date=11 December 2018 |title=In photos: All the Miss Universe 2018 national costumes |url=https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |access-date=9 May 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=9 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220509060615/https://www.philstar.com/lifestyle/fashion-and-beauty/2018/12/11/1876139/photos-all-miss-universe-2018-national-costumes |url-status=live }}</ref> ===प्रतिभागियों का चयन=== चौरानवे देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया। इनमें से नौ प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में रनर-अप रहने, ऑडिशन प्रक्रिया अथवा अन्य आंतरिक चयन प्रक्रिया के आधार पर उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया।<ref name=":5">{{Cite web |date=5 May 2018 |title=Meisu Qin crowned Miss Universe China 2018 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |access-date=15 January 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072644/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Meisu-Qin-crowned-Miss-Universe-China-2018/eventshow/64039586.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":6">{{Cite web |date=15 October 2018 |title=A semmiből jött szépségkirálynő: ő a Miss Universe Hungary 2018 |url=https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |access-date=15 January 2022 |website=NLC |language=hu |archive-date=15 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072637/https://nlc.hu/sztarok/20181015/miss-universe-hungary-2018-vajna-timi-kecskes-eniko-szepsegkiralyno/ |url-status=live }}</ref><ref name=":7">{{Cite web|last=Yap|first=Jasmina|date=23 July 2018|title=Miss Universe Laos 2018 Selected Without Contest|url=https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|access-date=15 January 2022|website=Laotian Times|language=en-US|archive-date=15 January 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220115072646/https://laotiantimes.com/2018/07/23/miss-universe-laos-2018-selected-no-contest/|url-status=live}}</ref> आंगेला पोंसे (स्पेन) मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पहली खुले तौर पर ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि बनीं।<ref name="WaPo2018-12-17a">{{cite news |author=Wang |first=Amy B |date=17 December 2018 |title=Miss Spain makes history as first transgender woman to compete in Miss Universe pageant |newspaper=[[The Washington Post]] |url=https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |access-date=18 December 2018 |quote=After Talackova threatened legal action, the organization — then owned by Donald Trump — changed the rules to allow transgender contestants in its pageants. |archive-date=18 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181218010947/https://www.washingtonpost.com/world/2018/12/17/miss-spain-becomes-first-transgender-woman-compete-miss-universe-pageant/?noredirect=on |url-status=live }}</ref><ref name="Time2018-12-17a">{{cite magazine |author=Cady Lang |date=17 December 2018 |title=Miss Spain Made History as the First Miss Universe Transgender Competitor |url=https://time.com/5481417/miss-spain/ |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |access-date=18 December 2018 |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217191738/http://time.com/5481417/miss-spain/ |url-status=live }}</ref><ref name=":8">{{cite web |date=30 June 2018 |title=Miss Universe Spain crowns its first transgender queen, Angela Ponce |url=https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |access-date=8 June 2019 |website=GMA News Online |archive-date=28 March 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190328130954/https://www.gmanetwork.com/news/lifestyle/content/658755/miss-universe-spain-crowns-its-first-transgender-queen-angela-ponce/story/ |url-status=live }}</ref> हालाँकि वह शीर्ष 20 सेमीफाइनलिस्टों में स्थान नहीं बना सकीं, फिर भी प्रतियोगिता के दौरान उनके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।<ref>{{Cite web |last=Castillo |first=Jackie |date=17 December 2018 |title=Miss Universe 2018: Catriona Gray, from the Philippines, claims crown |url=https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |access-date=17 December 2018 |website=CNN Style |language=en |archive-date=17 December 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181217044533/https://www.cnn.com/style/article/miss-universe-2018-catriona-gray/index.html |url-status=live }}</ref> मिस यूनिवर्स के नियमों में 2012 में संशोधन किया गया था, जिसके बाद ट्रांसजेंडर महिलाओं को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी गई।<ref name="WaPo2018-12-17a" /><ref name="torstar">[https://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight "Jenna Talackova, transgendered Miss Universe Canada contestant, shines in spotlight"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120818192559/http://www.thestar.com/living/article/1181138--jenna-talackova-transgendered-miss-universe-canada-contestant-shines-in-spotlight |date=18 August 2012 }}. ''[[Toronto Star]]'', 18 May 2012.</ref><ref>{{cite magazine |title=21 Transgender People Who Influenced American Culture |url=https://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |magazine=Time Magazine |access-date=18 December 2018 |archive-date=5 August 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160805093258/http://time.com/130734/transgender-celebrities-actors-athletes-in-america/ |url-status=live }}</ref> ====प्रतिस्थापन==== ज़ोए ब्रुने, जो मिस बेल्जियम 2018 की प्रथम रनर-अप थीं, को बेल्जियम का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि एंजेलीन फ्लोर पुआ ने मिस वर्ल्ड 2018 में भाग लेने का निर्णय लिया था। एवा कोलास (फ्रांस) और माग्दालेना स्वाट (पोलैंड) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि उनकी मूल विजेता, माएवा कूके और अगाता बियरनात, क्रमशः मिस वर्ल्ड 2018 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण मिस यूनिवर्स में भाग नहीं ले सकीं। माएवा कूके और एंजेलीन फ्लोर पुआ ने [[मिस यूनिवर्स 2019|अगले वर्ष मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता]] में भाग लिया।<ref name=":32">{{Cite web |date=9 January 2019 |title=Zoé Brunet, de Miss Belgique à Top Model Belgium |url=https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |access-date=14 January 2022 |website=[[Télépro]] |language=fr-BE |archive-date=14 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220114150958/https://www.telepro.be/tv/zoe-brunet-de-miss-belgique-top-model-belgium.html |url-status=live }}</ref><ref name=":42">{{Cite web |date=18 September 2018 |title=Miss France 2018, Maëva Coucke ne représentera pas la France à Miss Univers |url=https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |access-date=15 January 2022 |website=[[Europe 1]] |language=fr |archive-date=16 January 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220116012102/https://www.europe1.fr/societe/miss-france-2018-maeva-coucke-ne-representera-pas-la-france-a-miss-univers-3758399 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.instagram.com/p/BoB4fn3gpj1/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/BoB4fn3gpj1 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|title=Miss Universe Poland 2018|date=5 September 2018}}{{cbignore}}</ref> ====डेब्यू, वापसी और निकासी==== 2018 संस्करण में आर्मेनिया, किर्गिज़स्तान और मंगोलिया ने पहली बार भाग लिया, जबकि बेलीज़, डेनमार्क, ग्रीस, हंगरी, केन्या, कोसोवो और स्विट्जरलैंड की प्रतियोगिता में वापसी हुई। ग्रीस ने पिछली बार [[मिस यूनीवर्स 2015]] में भाग लिया था, जबकि अन्य सभी देशों ने अंतिम बार [[मिस यूनीवर्स 2016]] में हिस्सा लिया था। ऑस्ट्रिया, इथियोपिया, इराक, रोमानिया, स्लोवेनिया और तंजानिया ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया, क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने मिस यूनिवर्स का लाइसेंस खो दिया था, राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की थी या किसी प्रतिनिधि का चयन नहीं किया था।<ref>{{cite web |url=https://www.instagram.com/p/Bp2EurSnnO9/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/Bp2EurSnnO9 |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|website=Miss Universe Ethiopia |access-date=6 November 2018 |title=We regret to announce that Miss Universe Ethiopia will not take place in 2018}}{{cbignore}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.facebook.com/MissUniverseSlovenija/posts/1559330967519533comment_id%3D1840470252738935%26reply_comment_id%3D1841782339274393 |website=Miss Universe Slovenija |access-date=12 September 2018 |title=Slovenia don´t compete at the 2018 Miss Universe |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102726/https://www.facebook.com/MissUniverseSlovenija/posts/1559330967519533comment_id%3D1840470252738935%26reply_comment_id%3D1841782339274393 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.instagram.com/p/Bp2G46xHmcQ/ |archive-url=https://ghostarchive.org/iarchive/s/instagram/Bp2G46xHmcQ |archive-date=23 December 2021 |url-access=subscription|website=Miss Universe Tanzania |access-date=6 November 2018 |title=Miss Universe Tanzania 2018 will regrettably not take place this year}}{{cbignore}}</ref> गयाना को 2017 में प्रतिनिधि चयन से जुड़े विवाद के दौरान संगठन को भेजे गए "आपत्तिजनक ईमेल" और "जान से मारने की धमकियों" के कारण मिस यूनिवर्स में भाग लेने से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद कोई नया लाइसेंस धारक नियुक्त नहीं किया गया, जिसके कारण देश को प्रतियोगिता से हटना पड़ा।<ref>{{cite web |date=24 April 2018 |title=Guyana barred from participating in Miss Universe pageant |url=https://www.stabroeknews.com/2018/news/guyana/04/24/guyana-barred-from-participating-in-miss-universe-pageant/ |access-date=19 July 2018 |website=[[Stabroek News]] |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102713/https://www.stabroeknews.com/2018/04/24/news/guyana/guyana-barred-from-participating-in-miss-universe-pageant/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=25 April 2018 |title=Guyana out of Miss Universe pageant due to lack of franchise holder |url=https://www.stabroeknews.com/2018/04/25/news/guyana/guyana-out-of-miss-universe-pageant-due-to-lack-of-franchise-holder/ |access-date=8 May 2022 |website=[[Stabroek News]] |language=en-US |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102704/https://www.stabroeknews.com/2018/04/25/news/guyana/guyana-out-of-miss-universe-pageant-due-to-lack-of-franchise-holder/ |url-status=live }}</ref> त्रिनिदाद और टोबैगो ने भी प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया क्योंकि वहाँ के आयोजकों ने घोषणा की कि उस वर्ष कोई राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की जाएगी। यह निर्णय तब लिया गया, जबकि मार्ट्रेसिया एलेन को 2017 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ही मिस यूनिवर्स त्रिनिदाद और टोबैगो 2018 का खिताब प्रदान किया जा चुका था। मैरी एस्थर बांगुरा (सिएरा लियोन) पंजीकरण प्रक्रिया समाप्त होने के बाद बैंकॉक पहुँचीं। वीज़ा और अन्य व्यवस्थागत (लॉजिस्टिक) समस्याओं के कारण वह प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं। हालाँकि, उन्हें प्रतियोगिता की विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने तथा दर्शक दीर्घा से प्रतियोगिता देखने की अनुमति दी गई। इसके अतिरिक्त, उन्हें [[मिस यूनिवर्स 2019|अगले संस्करण की मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता]] में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया गया।<ref>{{Cite news |last= |first= |date=17 December 2018 |title=Thai fans fall for Miss Sierra Leone |language=en |work=[[Bangkok Post]] |url=https://www.bangkokpost.com/life/social-and-lifestyle/1595246/thai-fans-fall-for-miss-sierra-leone |access-date=13 October 2022 |archive-date=19 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231119102726/https://www.bangkokpost.com/life/social-and-lifestyle/1595246/thai-fans-fall-for-miss-sierra-leone |url-status=live }}</ref> ==टिप्पणी== {{Notelist}} ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची|30em}} ==बाहरी कड़ियाँ== *[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट] {{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}} [[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] q9ou9o1wqr3yhlp0aea041f774akjcm आशाब-उस-सब्त 0 1592430 6582616 6567856 2026-07-14T16:27:03Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582616 wikitext text/x-wiki '''आशाब-उस-सब्त''' (أصحاب السبت) एक इस्लामी धार्मिक कथा है।<ref>Qurashi Bunabi, ''Qamus-e-Qur'an'', Vol. 3, p. 207</ref> आम तौर पर बानू इज़राइल के उस समूह को कहा जाता है, जिसका उल्लेख इस्लामी पवित्र किताब, कुरान में आया है और जो शनिवार (सब्त) के नियम का उल्लंघन करने के सिलसिले में वर्णित है। "कुरान की कहानी के अनुसार, भगवान ने उन्हें शनिवार को मछली पकड़ने से मना किया था, जो यहूदी परंपरा में आराम का दिन माना जाता है। "हालांकि, इस समूह के कुछ सदस्यों ने नियम को दरकिनार करने की कोशिश की और छलपूर्वक मछली पकड़ने लगे।" इस अवज्ञा के परिणामस्वरूप, उन्हें दंडित किया गया, और कुरान के अनुसार, उनकी शक्ल-सूरत बदल गई।<ref>{{Cite web|url=https://islamicknowledge.org/the-story-of-the-saturday-people/|title=The Story of the Saturday People|website=Islamic Knowledge|language=en-US|access-date=2025-05-19|archive-date=26 अप्रैल 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250426052049/https://islamicknowledge.org/the-story-of-the-saturday-people/|url-status=dead}}</ref> विभिन्न कुरान व्याख्याओं और इस्लामी स्रोतों के अनुसार, यह घटना पैगंबर दाऊद (अलैहिस्सलाम) के समय हुई थी, और कुछ स्रोत इसे आधुनिक इलात, इज़राइल के नजदीकी क्षेत्र से जोड़ते हैं। शिया मفسّر मुहम्मद हुसैन तबताबाई ने अपनी तफ़सीर अल-मिज़ान में उल्लेख किया है कि उस समूह में से जो लोग गलती रोकने का प्रयास कर रहे थे, उन्हें सजा से माफ़ कर दिया गया था।।<ref>{{Cite web|url=https://en.wikishia.net/view/People_of_the_Sabbath|title=People of the Sabbath - wikishia|website=en.wikishia.net|access-date=2025-05-19|archive-date=1 जुलाई 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250701152302/https://en.wikishia.net/view/People_of_the_Sabbath|url-status=dead}}</ref> यहूदी धर्म में सब्त (शब्बात) को सप्ताह का एक पवित्र दिन माना जाता है, जो विश्राम और पूजा के लिए समर्पित होता है। आशाब अल-सब्त की घटना की इस्लामी व्याख्या इस ऐतिहासिक और धार्मिक संदर्भ से मेल खाती है, जो यह दर्शाती है कि ईश्वरीय आदेशों की अवहेलना कितनी गंभीर दंड को जन्म दे सकती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/topic/Jewish-religious-year/The-Sabbath|title=Jewish religious year - Sabbath, Holidays, Shabbat {{!}} Britannica|date=2025-05-12|website=www.britannica.com|language=en|access-date=2025-05-19}}</ref> ==सन्दर्भ== ecxpatvplmzqh3t6n61juq7ajnd6gly मेन स्ट्रीट 0 1594792 6582861 6446033 2026-07-15T09:56:28Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582861 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Tulsa_Oklahoma_Sister_Cities_Sign_crop.jpg|दाएँ|अंगूठाकार|साउथ मेन स्ट्रीट, तुलसा, [[ओक्लाहोमा]] के लिए साइन]] '''मेन स्ट्रीट''' (Main Street, शाब्दिक अर्थ: मुख्य सड़क) एक [[रूपक]] है, जिसका उपयोग विश्व के कई हिस्सों में किसी [[गाँव]], [[नगर]] या छोटे शहर की प्रमुख खुदरा मार्ग को दर्शाने के लिए किया जाता है। यह सामान्यतः [[केन्द्रीय व्यवसायिक क्षेत्र|केंद्रीय व्यापारिक क्षेत्र]] में दुकानों और खुदरा विक्रेताओं का मुख्य केंद्र होता है, और खुदरा बिक्री, सामाजिक मेल-जोल तथा "साधारण" आवश्यकताओं की पूर्तिकर्ता जगह के रूप में जाना जाता है। यह शब्द [[आयरलैंड]], [[स्कॉटलैंड]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] और [[कनाडा]] में प्रचलित है, तथा [[ऑस्ट्रेलिया]] और [[न्यूज़ीलैंड]] में कभी-कभार प्रयोग होता है। [[यूनाइटेड किंगडम]] के गेर-स्कॉटिश भागों में इसे हाई स्ट्रीट (High Street) कहा जाता है, यद्यपि कुछ क्षेत्रों में "फ़ोर स्ट्रीट" (Fore Street) या "फ्रंट स्ट्रीट" (Front Street) भी सामान्य है। [[जमैका]] में मुख्य मार्ग को फ्रंट स्ट्रीट कहा जाता है। १९५० के दशक में 'मेन स्ट्रीट' की अपनी महत्ता के प्रति जागरूकता शहरी अध्ययन के क्षेत्र में उभरी, और यह पोस्टमॉडर्न शहरी डिज़ाइन, नव-पारंपरिक नियोजन और मेटा-शहरीवाद के सैद्धांतिक चर्चाओं में स्थान पाई।<ref>{{Cite book|title=Encyclopedia of the City|url=https://archive.org/details/encyclopediaofci0000unse_o0h4|last=Caves|first=R. W.|publisher=Routledge|year=2004|isbn=9780415252256|pages=[https://archive.org/details/encyclopediaofci0000unse_o0h4/page/447 447]}}</ref> कई स्थानों पर इस मार्ग का वास्तविक नाम "Main Street" ही होता है, लेकिन वास्तविक नाम कुछ और होने पर भी इसे केंद्रीय व्यापारिक मार्ग के रूप में "मेन स्ट्रीट" कहा जाता है। स्वर्ण युग में संयुक्त राज्य अमेरिका के रूट ६६ (U.S. Route ६६) को "Main Street of America" के ब्रांडिंग के तहत प्रचारित किया गया था। == संदर्भ == {{Reflist|refs=<ref name=ShapingToronto> {{cite book | url = http://www.torontotransforms.com/home-about-torontos-transformations/chapter-3-shaping-the-old-city/ | title = Toronto: Transformations in A City and its Region | publisher = [[University of Pennsylvania]] | author = Edward Relph | date = 2014 | access-date = 2014-02-20 | quote = The names of many of the old municipalities have been preserved in business improvement areas, and, for example, Main Street subway station refers to the main street of East Toronto. }} </ref> <ref name=RailsAcross> {{cite book | url = https://books.google.com/books?id=mAIc1st_CQMC&pg=PA19 | title = Rails Across Ontario: Exploring Ontario's Railway Heritage | publisher = [[Dundurn Press]] | author = Ron Brown | date = 2013 | page = 19 | isbn = 9781459707542 | quote = Many wonder why there is a "Main Street" in Toronto's east end. This too came about when the GT selected a tract of land to create another sea of railway sidings. While it named its yard "York," the town that grew nearby was incorporated as "East Toronto" and the commercial main street became "Main Street." }} </ref> <ref name=MikeFileyTheWayWeWere2008> {{cite book | url = https://books.google.com/books?id=ToQcKz0DFM4C&pg=PA209 | title = Toronto: The Way We Were | publisher = [[Dundurn Press]] | author = Mike Filey | author-link = Mike Filey | date = 2008 | page = 209 | isbn = 9781550028423 | access-date = 2014-02-20 | quote = One remnant of the ancient hamlet was the retention of the name of one of its original thoroughfares. That's why there's still a Main Street several miles east of Yonge, Toronto's original main street. }} </ref>}} ful96n839w0sbbyc3ignkcsy7c2l7ic सच्ची इच्छा 0 1596639 6582779 6465952 2026-07-15T06:33:38Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582779 wikitext text/x-wiki '''सच्ची इच्छाशक्ति''' थेलेमा के सिद्धांत में एक केंद्रीय और आधारभूत अवधारणा है, जिसे 20वीं सदी की शुरुआत में एलेस्टर क्रॉली ने स्थापित किया था। यह अवधारणा हर व्यक्ति के आंतरिक और दिव्य उद्देश्य का प्रतिनिधित्व करती है, जो केवल व्यक्तिगत इच्छाओं और समाज की अपेक्षाओं से परे होता है। क्रॉली का मुख्य सिद्धांत था, "जो तुम करना चाहते हो वही संपूर्ण कानून होगा," जो उनके प्रसिद्ध ग्रंथ "द बुक ऑफ द लॉ" का केंद्रीय विषय है।<ref>{{cite book |last=एलेस्टर |first=क्राउली|year=1976 |title=The Book of the Law: Liber AL vel Legis |publisher=वीज़र बुक|place=York Beach, Maine |isbn=978-0-87728-334-8 |url=https://archive.org/details/bookoflawtechnic00crow/ |url-access=registration}}</ref> इस सिद्धांत का उद्देश्य यह नहीं है कि व्यक्ति भोग या स्वार्थी इच्छाओं का पालन करे, बल्कि यह कि वह अपने कार्यों को अपनी सच्ची आध्यात्मिक पुकार से संरेखित करे। थेलेमा के अनुयायी, अपनी सच्ची इच्छाशक्ति का पालन करते हुए, ब्रह्मांडीय व्यवस्था के साथ सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करते हैं और आध्यात्मिक उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में कदम बढ़ाते हैं। क्रॉली का मानना था कि सच्ची इच्छा का मार्गदर्शन पाने के लिए, व्यक्ति को गहन आत्मनिरीक्षण, आध्यात्मिक अनुशासन और नैतिक आचरण की आवश्यकता होती है, जैसा कि "द बुक ऑफ द लॉ" में उल्लेखित है। यह ग्रंथ 1904 में एक रहस्योद्घाटन के दौरान लिखा गया था और थेलेमाइट्स के लिए जीवन जीने का एक मार्गदर्शक सिद्धांत बन गया। इस सिद्धांत में, किसी के जीवन को अपनी सच्ची इच्छा के साथ संरेखित करना न केवल आध्यात्मिक पूर्णता की ओर एक कदम है, बल्कि यह सार्वभौमिक सद्भाव की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। == पृष्ठभूमि == एलेस्टर क्रॉली (1875–1947) [[पश्चिमी गूढ़वाद|पश्चिमी गूढ़विद्या]] की दुनिया में एक अत्यंत प्रभावशाली व्यक्तित्व थे और उन्होंने थेलेमा नामक धार्मिक व दार्शनिक प्रणाली की स्थापना की। उनकी गुप्तविद्या की यात्रा बीस की उम्र में ही शुरू हो गई थी, जब उन्होंने [[रहस्यवाद]], जादू और प्राचीन गूढ़ परंपराओं का गहन अध्ययन करना शुरू किया।<ref name ="काज़िनस्की (2012)">{{cite book |last1=काज़िंस्की|first1=रिचर्ड|title=पेरडुराबो: द लाइफ़ ऑफ़ एलेस्टर क्रॉली (संशोधित एवं विस्तारित संस्करण) |year=2012 |publisher=नॉर्थ अटलांटिक बुक्स|isbn=978-1-58394-576-6}}</ref> ये विविध अनुभव और शिक्षाएँ अंततः थेलेमा के विकास का आधार बनीं। क्रॉली के जीवन का एक निर्णायक क्षण 1904 में आया, जब उन्होंने दावा किया कि उन्हें "द बुक ऑफ़ द लॉ" नामक ग्रंथ एक उच्चतर आत्मिक सत्ता, ऐवास, के माध्यम से प्राप्त हुआ। इस रहस्योद्घाटन ने थेलेमा की आधारशिला रखी और इसमें "सच्ची इच्छा" तथा प्रमुख सिद्धांत — "जो तुम चाहो करो, वही संपूर्ण नियम होगा" — का प्रतिपादन किया गया।<ref name ="पासी (2014)">{{cite book |last=पासी|first=मार्को|year=2014 |title=एलेस्टर क्रॉली और राजनीति का प्रलोभन |publisher=टेलर और फ्रांसिस |isbn=978-1-317-54630-6}}</ref> क्रॉली की थेलेमिक शिक्षाएँ उनके जीवन भर विकसित होती रहीं, जिसमें उनके हर्मेटिक ऑर्डर ऑफ़ द गोल्डन डॉन में बिताए गए समय, मिस्र और अन्य रहस्यमय स्थलों की यात्राओं, और समकालीन तांत्रिकों व गूढ़ साधकों के साथ संवादों का प्रभाव शामिल था। उन्होंने पश्चिमी गूढ़धर्म, रहस्यवाद और व्यक्तिगत आध्यात्मिक खोज के तत्वों को एक सुसंगत प्रणाली में समाहित किया, जो आत्मबोध, सच्ची इच्छा की खोज और ब्रह्मांड के साथ सामंजस्य पर ज़ोर देती है। क्रॉली का कार्य आज भी आधुनिक गूढ़ चिन्तन और [[आध्यात्मिकता| अध्यात्मिक परंपराओं]] को प्रभावित करता है।<ref name ="बोगदान और स्टार (2012)">{{cite book |editor1-first=हेनरिक|editor1-last=बोगदान|editor2-first=मार्टिन पी.|editor2-last=स्टार|title=Aleister Crowley and Western Esotericism |year=2012 |publisher=ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस|isbn=978-0-19-999606-3}}</ref> == अवधारणा और अर्थ == थेलेमा की विचारधारा में सच्ची इच्छाशक्ति (True Will) एक केंद्रीय अवधारणा है, जो किसी व्यक्ति के अद्वितीय, ईश्वरीय रूप से निर्धारित जीवन उद्देश्य या आत्मिक पथ को दर्शाती है। यह मात्र व्यक्तिगत इच्छाओं या सामाजिक अपेक्षाओं से उत्पन्न नहीं होती, बल्कि यह व्यक्ति के गहनतम, सबसे प्रामाणिक स्व की अभिव्यक्ति होती है — एक ऐसा स्व जो ब्रह्मांडीय व्यवस्था के साथ पूर्ण सामंजस्य में होता है। एलेस्टर क्रॉली के अनुसार, सच्ची इच्छा वह आह्वान है जो व्यक्ति को उसके वास्तविक और उच्चतर उद्देश्य की ओर ले जाती है, और इसीलिए थेलेमिक साधना में इसे अहंकार-प्रेरित इच्छाओं से अलग समझना अत्यंत आवश्यक है।<ref>{{cite book |last=ड्यूक्वेट|first=लोन मिलो |title=द मैजिक ऑफ़ एलेस्टर क्रॉले: ए हैंडबुक ऑफ़ द रिचुअल्स ऑफ़ थेलेमा |publisher=वीज़र|year=2003 |isbn=1-57863-299-4}}</ref> जहाँ सामान्य इच्छाएँ क्षणिक [[संवेग (भावना)|भावनाओं]], सामाजिक दबावों या सतही लक्ष्यों से प्रेरित होती हैं, वहीं सच्ची इच्छा एक ऐसी शक्ति है जो व्यक्ति को व्यापक उद्देश्य, संतुलन और आत्मिक पूर्णता की ओर अग्रसर करती है। सच्ची इच्छा कोई स्थिर तत्व नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के आध्यात्मिक विकास के साथ विकसित होती रहती है। इसकी खोज के लिए गहरे [[आध्यात्मिकता|आत्मनिरीक्षण]], अनुशासित साधना और आंतरिक परतों की पड़ताल आवश्यक है। थेलेमा में [[ध्यान (क्रिया)| ध्यान]], अनुष्ठानिक जादू, [[दैववाणी|भविष्यवाणी]] और अन्य गूढ़ अभ्यासों का उपयोग इस उच्च उद्देश्य की अंतर्दृष्टि प्राप्त करने और जीवन के प्रत्येक कार्य को उसी के अनुरूप संरेखित करने हेतु किया जाता है।<ref name ="सुतिन (2002)">{{cite book |last=सुतिन |first=लॉरेंस|title=जो तुम चाहो करो: एलेस्टर क्राउली का जीवन।|url=https://archive.org/details/dowhatthouwiltli0000suti |year=2002 |publisher=सेंट मार्टिन ग्रिफिन|isbn=0-312-25243-9 |location=न्यूयॉर्क |oclc=48140552}}</ref> क्रॉली ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सच्ची इच्छा तक पहुँचने के लिए व्यक्ति को अपने अचेतन मन की गहराइयों में प्रवेश करना होगा, और विशेष रूप से यौन अभिव्यक्ति पर लगे सामाजिक प्रतिबंधों को हटाकर उसे एक दिव्य सृजनात्मक शक्ति के रूप में अपनाना होगा।<ref name ="सुतिन">{{cite book |last=सुतिन |first=लॉरेंस|title=जो तुम चाहो करो: एलेस्टर क्राउली का जीवन। पृ. 294|url=https://archive.org/details/dowhatthouwiltli0000suti |year=2002 |publisher=सेंट मार्टिन ग्रिफिन|isbn=0-312-25243-9 |location=न्यूयॉर्क |oclc=48140552}}</ref> उन्होंने हर व्यक्ति की सच्ची इच्छा को एक पवित्र संरक्षक देवदूत से जोड़ा, जिसे उन्होंने आत्मा के उस पहलू के रूप में देखा जो दिव्य ज्ञान और मार्गदर्शन प्रदान करता है।<ref>{{cite book |author=हाइमेनियस बीटा|chapter=संपादक की प्रस्तावना|editor-last=क्राउले|editor-first=एलेस्टर |title=द गोएटिया: द लेसर की ऑफ़ सोलोमन द किंग|url=https://archive.org/details/goetialesserkeyo0000unse|publisher= रेड व्हील|year=1995 |isbn=0-87728-847-X}}</ref> इस सच्ची इच्छा की खोज और उसे पूरा करने की प्रक्रिया को थेलेमा में महान कार्य कहा गया है — एक गहन आध्यात्मिक साधना जो व्यक्ति को उसकी उच्चतम नियति तक पहुँचाने का मार्ग प्रदान करती है।<ref>{{cite book |last=क्रैग|first= डोनाल्ड माइकल|title=मॉडर्न सेक्स मैजिक |year=1998 |publisher=लेवेलिन|isbn=1-56718-394-8}}</ref> == सन्दर्भ == [[श्रेणी:स्वयं की अवधारणाएँ]] 1lmjlp5tud0zcu26yj8blnc0c9o2xb7 बलालीत 0 1600541 6582782 6465870 2026-07-15T06:43:00Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582782 wikitext text/x-wiki {{Infobox Prepared Food|name=बलालीत|image=Homemade Balaleet, 2023.jpg|alternate_name=|country={{plainlist| * {{BHR}} * {{QAT}} * {{KWT}} * {{OMN}} * {{SAU}} }}|creator=|course=|served=गर्म|main_ingredient=[[सेवई]], [[इलायची]], [[गुलाब जल]], [[केसर]]|variations=|calories=|other=|veg=veg}}'''बलालीत''' ({{langx|ar|بَلَالِيط}}) एक ख्यात अरबी मिठाई है।<ref name="Albala 2011 p. 223">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=NTo6c_PJWRgC&pg=PA223|title=Food Cultures of the World Encyclopedia|last=Albala|first=K.|publisher=Greenwood|year=2011|isbn=978-0-313-37626-9|page=223|quote=Balaleet, a breakfast from Qatar, is a casserole of noodles or vermicelli cooked with sugar, cardamom, and saffron, topped with a flat omelet. Eaters use pieces of the omelette to scoop up the pasta. In the UAE, breakfast might be a pudding with ...|access-date=16 June 2018|issue=v. 2}}</ref> यह [[सेवई]], [[चीनी]], [[इलायची]], [[गुलाब जल]] और [[केसर]] के साथ बनाया जाता है, तथा [[ऑमलेट]] के साथ परोसा जाता है।<ref>{{cite news|url=http://www.thehindu.com/life-and-style/food/the-bahraini-breakfast/article19697500.ece|title=The Bahraini breakfast|last1=Dias|first1=Raul|date=16 September 2017|accessdate=15 June 2018|agency=The Hindu}}</ref> कभी-कभी इसे तले हुए प्याज़ या आलू के साथ भी परोसा जाता है।<ref>{{cite book|title=The World: A Traveller's Guide to the Planet|url=https://archive.org/details/worldtravellersg0000unse|date=2017|publisher=Lonely Planet|isbn=978-1-78701-249-3}}</ref><ref>{{cite book|title=The Veggie Spiral Slicer Cookbook: Healthy and Delicious Twists on Your Favorite Noodle Dishes|url=https://archive.org/details/veggiespiralslic0000kins|last1=Kinser|first1=Kelsey|date=2015|publisher=Ulysses Press|isbn=978-1-61243-501-5|page=16}}</ref> बलालीत को प्रायः [[ईद उल-फ़ित्र]] के समय नाश्ते के तौर पर खाया जाता है।<ref name="uae">{{cite web|url=https://www.196flavors.com/united-arab-emirates-balaleet/|title=Bahrain : BALALEET|date=16 January 2014|website=196flavours.com|accessdate=15 June 2018}}</ref> ==यह भी देखें== * [[शीर ख़ुर्मा]] ==संदर्भ== {{reflist}} [[श्रेणी:अरब खाना]] [[श्रेणी:अमीराती खाना]] [[श्रेणी:क़तरी खाना]] [[श्रेणी:कुवैती खाना]] [[श्रेणी:सउदी खाना]] [[श्रेणी:ओमानी खाना]] [[श्रेणी:बहरीनी खाना]] [[श्रेणी:ईरानी खाना]] hizyx8jptb52gpfuebttnvheg8lhwtm सिडनी विश्वविद्यालय 0 1601539 6582903 6472016 2026-07-15T11:27:18Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582903 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक विश्वविद्यालय|name=सिडनी विश्वविद्यालय|image=University of Sydney coat of arms.png|caption=[[राज्य चिह्न]]<ref name="Motto and coat of arms">{{Cite web |title=Our motto and coat of arms |url=https://www.sydney.edu.au/about-us/our-story/our-motto-and-coat-of-arms.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20241002111136/https://www.sydney.edu.au/about-us/our-story/our-motto-and-coat-of-arms.html |archive-date=2 October 2024 |access-date=4 November 2024 |website=The University of Sydney |language=en-AU |publication-place=[[Sydney]], [[New South Wales]]}}</ref>|latin_name=University of Sydney<ref>{{Cite book |title=Records of The Tercentenary Festival of Dublin University |date=1894 |publisher=[[Hodges Figgis|Hodges, Figgis & Co.]] |year= |isbn=9781355361602 |publication-place=[[Dublin]], [[United Kingdom of Great Britain and Ireland|Ireland]] |language=en-IE }}</ref><ref>{{Cite book |last=Anderson |first=Peter John |author-link=Peter John Anderson |title=Record of the Celebration of the Quatercentenary of the University of Aberdeen: From 25th to 28th September, 1906 |url=https://archive.org/details/b24749874 |date=1907 |publisher=Aberdeen University Press ([[University of Aberdeen]]) |isbn=9781363625079 |publication-place=[[Aberdeen]], [[United Kingdom]] |language=en-GB |asin=B001PK7B5G}}</ref><ref>{{Cite book |title=Actes du Jubilé de 1909 |date=1910 |publisher=Georg Keck & Cie |isbn=9781360078335 |publication-place=[[Geneva]], [[Switzerland]] |language=fr-CH }}</ref>|logo=The_University_of_Sydney_Logo.svg|motto={{langx|la|Sidere mens eadem mutato}}<ref name="Motto and coat of arms" />|established={{start date and age|df=yes|1850|10|01}}<ref>{{Cite news |date=21 May 1872 |title=WILLIAM CHARLES WENTWORTH. |url=https://trove.nla.gov.au/newspaper/article/51788553 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20220822060424/https://trove.nla.gov.au/newspaper/article/51788553 |archive-date=22 August 2022 |access-date=22 August 2022 |work=[[The Morning Bulletin|Rockhampton Bulletin]] |page=4 |language=en-AU |publication-place=[[Rockhampton]], [[Queensland]]}}</ref>|endowment={{A$|4.92 [[1000000000 (संख्या)|१ अरब]]}} (२०२४)<ref>{{Cite web |date= |title=University of Sydney Investment and Capital Management Report 2024 |url=https://www.sydney.edu.au/content/dam/corporate/documents/about-us/governance-and-structure/our-portfolios/investment-and-capital-management-report-2024.pdf |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20250504164306/https://www.sydney.edu.au/content/dam/corporate/documents/about-us/governance-and-structure/our-portfolios/investment-and-capital-management-report-2024.pdf |archive-date=4 May 2025 |access-date=4 May 2025 |website=The University of Sydney |language=en-AU |publication-place=[[Sydney]], [[New South Wales]]}}</ref>|type=[[सार्वजनिक विश्वविद्यालय|सार्वजनिक]] [[अनुसंधान विश्वविद्यालय]]|chancellor=[[डेविड थोडे]]<ref>{{Cite web |title=Chancellor David Thodey |url=https://www.sydney.edu.au/about-us/governance-and-structure/governance/chancellor.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20240812015124/https://www.sydney.edu.au/about-us/governance-and-structure/governance/chancellor.html |archive-date=12 August 2024 |access-date=4 November 2024 |website=The University of Sydney |language=en-AU |publication-place=[[Sydney]], [[New South Wales]]}}</ref>|vice_chancellor=[[मार्क स्कॉट (व्यवसायी)|मार्क स्कॉट]]<ref>{{Cite web |title=Vice-Chancellor and President Professor Mark Scott AO |url=https://www.sydney.edu.au/about-us/governance-and-structure/governance/vice-chancellor.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20241001023701/https://www.sydney.edu.au/about-us/governance-and-structure/governance/vice-chancellor.html |archive-date=1 October 2024 |access-date=4 November 2024 |website=The University of Sydney |language=en-AU |publication-place=[[Sydney]], [[New South Wales]]}}</ref>|students=70,298 (2024)<ref name="Annual Report 2024">{{Cite web |title=Annual Report 2024 |url=https://www.sydney.edu.au/content/dam/corporate/documents/about-us/values-and-visions/annual-report/university-of-sydney-2024-annual-report.pdf |access-date=1 August 2025 |website=The University of Sydney |language=en-AU |publication-place=[[Sydney]], [[New South Wales]]}}</ref>|undergrad=40,388 (2024)<ref name="Annual Report 2024">{{Cite web |title=Annual Report 2024 |url=https://www.sydney.edu.au/content/dam/corporate/documents/about-us/values-and-visions/annual-report/university-of-sydney-2024-annual-report.pdf |access-date=1 August 2025 |website=The University of Sydney |language=en-AU |publication-place=[[Sydney]], [[New South Wales]]}}</ref>|postgrad=29,910 (2024)<ref name="Annual Report 2024">{{Cite web |title=Annual Report 2024 |url=https://www.sydney.edu.au/content/dam/corporate/documents/about-us/values-and-visions/annual-report/university-of-sydney-2024-annual-report.pdf |access-date=1 August 2025 |website=The University of Sydney |language=en-AU |publication-place=[[Sydney]], [[New South Wales]]}}</ref>|doctoral=3,510 (2024)<ref name="Annual Report 2024">{{Cite web |title=Annual Report 2024 |url=https://www.sydney.edu.au/content/dam/corporate/documents/about-us/values-and-visions/annual-report/university-of-sydney-2024-annual-report.pdf |access-date=1 August 2025 |website=The University of Sydney |language=en-AU |publication-place=[[Sydney]], [[New South Wales]]}}</ref>|city=[[सिडनी]]|state=[[न्यू साउथ वेल्स]]|country=[[ऑस्ट्रेलिया]]<ref name="Campuses" />|campus=शहरी, [[ग्रामीण क्षेत्र|क्षेत्रीय]] और पार्कलैंड<ref name="Campuses">{{Cite web |title=Our campuses |url=https://www.sydney.edu.au/about-us/campuses.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20240930221910/https://www.sydney.edu.au/about-us/campuses.html |archive-date=30 September 2024 |access-date=4 November 2024 |website=The University of Sydney |language=en-AU |publication-place=[[Sydney]], [[New South Wales]]}}</ref>|colours=<span style="background:#E64626; border:1px; color:#fff; padding:2px 16px;">गेरू</span> <span style="background:#424242; border:1px; color:#fff; padding:2px 16px;">कोयला</span>|affiliation=[[आठ का समूह (ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय)|आठ का समूह]] (Go8)|mascot=सिंह सिम्बा<ref>{{Cite web |date=10 October 2019 |title=Facebook |url=https://www.facebook.com/sydunisport/posts/time-to-wave-goodbye-to-our-school-holiday-sports-program-superstars-who-receive/10157291343853153/ |access-date=4 November 2024 |publisher=The University of Sydney |language=en-AU |publication-place=[[Sydney]], [[New South Wales]]}}</ref>|website={{URL|https://www.sydney.edu.au/|sydney.edu.au}}|footnotes=}} '''सिडनी विश्वविद्यालय''' एक [[सार्वजनिक विश्वविद्यालय|सार्वजनिक]] [[शोध विश्वविद्यालय|अनुसंधान विश्वविद्यालय]] है जो [[सिडनी]], [[ऑस्ट्रेलिया]] में स्थित है।<ref>{{cite news|url=https://www.theaustralian.com.au/higher-education/in-an-australian-first-casuals-will-get-sick-leave-at-sydney-uni/news-story/b36ccc06ecb914fc6518c282fde8776c|title=Casual staff will get sick leave at University of Sydney|date=3 May 2023|work=[[The Australian]]|access-date=29 February 2024|url-access=subscription}}</ref> इसकी स्थापना १८५० में हुई थी और यह ऑस्ट्रेलिया तथा ओशिनिया दोनों में सबसे पुराना विश्वविद्यालय है। ऑस्ट्रेलिया के छह सैंडस्टोन विश्वविद्यालयों में से एक के रूप में, यह विश्व के उन पहले विश्वविद्यालयों में रहा जिसने केवल शैक्षिक योग्यता के आधार पर छात्रों को प्रवेश दिया और महिलाओं को भी पुरुषों के समान आधार पर प्रवेश का अवसर प्रदान किया। विश्वविद्यालय आठ अकादमिक संकायों और विश्वविद्यालय विद्यालयों से मिलकर बना है, जिनके माध्यम से यह स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट डिग्रियाँ प्रदान करता है। पाँच [[नोबेल पुरस्कार|नोबेल]] और दो क्राफोर्ड पुरस्कार विजेता इस विश्वविद्यालय से स्नातक तथा संकाय सदस्य के रूप में जुड़े रहे हैं। इस विश्वविद्यालय ने आठ ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्रियों को शिक्षित किया है, जिनमें वर्तमान प्रधानमंत्री एनथनी अल्बानेज़े भी शामिल हैं; इसके साथ ही यह दो ऑस्ट्रेलियाई राज्यपाल-जनरल, तेरह न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर और छब्बीस ऑस्ट्रेलिया के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पैदा करने वाला संस्थान भी रहा है, जिनमें पाँच मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने एक सौ दस रोड्स स्कॉलर और उन्नीस गेट्स स्कॉलर तैयार किए हैं। सिडनी विश्वविद्यालय ग्रुप ऑफ आठ का सदस्य है तथा यह सीईएमएस, प्रशांत क्षेत्र विश्वविद्यालयों के संघ और राष्ट्रमंडल विश्वविद्यालयों के संघ का भी सदस्य है। == संदर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:Infobox mapframe without OSM relation ID on Wikidata]] [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] [[श्रेणी:लातिनी भाषा पाठ वाले लेख]] g0o3f17glm2jktst2ztqlgpkv6tnwpj दाऊदी बोहरा समुदाय और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच संबंध 0 1605432 6582776 6555685 2026-07-15T06:24:38Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582776 wikitext text/x-wiki दाऊदी बोहरा समुदाय और [[नरेंद्र मोदी]] के बीच संबंध भारत के प्रधानमंत्री और मुस्‍तअली इस्माइली शिया मुस्लिम दाऊदी बोहरा समुदाय — जिसके प्रमुख निवास क्षेत्र [[गुजरात]] और [[महाराष्ट्र]] हैं — के बीच ऐतिहासिक रूप से सौहार्दपूर्ण संपर्कों को संदर्भित करता है।<ref>{{Cite news |date=2023-02-10 |title=Modi hails Dawoodi Bohra Muslims: Why PM's outreach to community is significant |url=https://www.hindustantimes.com/cities/mumbai-news/modi-hails-dawoodi-bohras-muslims-why-pm-s-outreach-to-community-significant-101676034014205.html |access-date=2025-12-08 |website=Hindustan Times}}</ref><ref>{{Cite news |date=2023-02-18 |title=Dawoodi Bohras and ‘family member’ Narendra Modi: A mutual friendship |url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/dawoodi-bohras-narendra-modi-8452721/ |access-date=2025-12-08 |website=The Indian Express}}</ref><ref>{{Cite book |last=Roy |first=Shibani |title=The Dawoodi Bohras: An Anthropological Perspective |url=https://archive.org/details/bwb_KU-082-581 |publisher=B.R. Publishing Corporation |date=1984 |isbn=9780865903241}}</ref><ref>{{Cite book |last=Daftary |first=Farhad |title=A Modern History of the Ismailis |publisher=I.B. Tauris |date=2011 |isbn=9781848857260}}</ref><ref>{{Cite encyclopedia |editor-last=Daftary |editor-first=Farhad |title=Bohras |encyclopedia=Encyclopaedia of Islam |publisher=Brill |year=2007}}</ref> [[File:Syedna Mufaddal Saifuddin with Narendra Modi and Devendra Fadnavis.jpg|alt=Syedna Mufaddal Saifuddin with Narendra Modi and Devendra Fadnavis|thumb|सैयदना मुफ़द्दल सैफ़ुद्दीन, [[नरेंद्र मोदी]] और देवेंद्र फडणवीस]] यह संबंध मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री (2001–2014) रहने के समय से विकसित हुआ और 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी जारी रहा।<ref>{{Cite news |date=2011-02-17 |title=Dawoodi Bohras invite Modi to inaugurate trade expo |url=https://indianexpress.com/article/cities/ahmedabad/dawoodi-bohras-invite-modi-to-inaugurate-trade-expo/ |website=The Indian Express |access-date=2025-12-08}}</ref><ref>{{Cite news |last=Lakhani |first=Abdul Hafiz |date=2011-03-17 |title=Modi wins hearts of Bohra community |url=https://www.milligazette.com/news/6-community/4904-modi-wins-hearts-of-bohra-community/ |website=The Milli Gazette |access-date=2025-12-08 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite web |date=2018-09-13 |title=PM to attend Ashara Mubaraka commemoration in Indore |url=https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1545950 |website=Press Information Bureau |access-date=2025-12-08}}</ref><ref>{{Cite news |date=2018-09-14 |title=World is one family: PM Modi at Indore's Saifee Mosque |url=https://www.ndtv.com/india-news/pm-modi-addresses-ashara-mubaraka-event-in-indore-1913882 |website=NDTV |access-date=2025-12-08}}</ref><ref>{{Cite news |date=2018-09-14 |title=Bohra sect integral to peace in India: PM Modi in Indore |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/bohra-sect-integral-to-peace-in-india-pm-modi-in-indore/articleshow/65811392.cms |website=The Times of India |access-date=2025-12-08}}</ref><ref name=":0">{{Cite web |date=2023-02-10 |title=Prime Minister Narendra Modi inaugurates the Dawoodi Bohra community’s Arabic Academy in Mumbai |url=https://www.thedawoodibohras.com/2023/02/10/prime-minister-narendra-modi-inaugurates-the-dawoodi-bohra-communitys-arabic-academy-in-mumbai/ |website=The Dawoodi Bohras |access-date=2025-12-08 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>विभिन्न पत्रकारितीय, शैक्षणिक और आधिकारिक स्रोत इस संबंध को बार-बार होने वाली सार्वजनिक सहभागिता, प्रतीकात्मक पहुँच और द्विपक्षीय सद्भावना से परिभाषित बताते हैं।<ref>{{Cite web |last=Pal |first=Felix |date=2019-07-10 |title=Performing pluralism: why the BJP wants Muslim friends |url=https://www.newmandala.org/performing-pluralism-why-the-bjp-wants-muslim-friends/ |website=New Mandala}}</ref><ref name=":1">{{Cite report |last=Mohsina |first=Nazneen |author2=Izzuddin, Mustafa |author3=Namreen, Tahira |date=2019 |title=Muslims and an Inclusive India Under Modi 2.0 |publisher=Institute of South Asian Studies, National University of Singapore |url=https://www.isas.nus.edu.sg/wp-content/uploads/2019/10/ISAS-Working-Paper-No.-323.pdf |access-date=2025-12-08}}</ref> समर्थकों के अनुसार यह संबंध समावेशी पहुँच और बोहरा समुदाय की राष्ट्रीय जीवन में भागीदारी का संकेत है,<ref>{{Cite news |date=2023-02-10 |title=Modi hails Dawoodi Bohra Muslims |url=https://www.hindustantimes.com/cities/mumbai-news/modi-hails-dawoodi-bohras-muslims-why-pm-s-outreach-to-community-significant-101676034014205.html |access-date=2025-12-08}}</ref><ref>{{Cite news |last=Phadke |first=Manasi |date=2023-02-10 |title='Neither PM nor CM, I'm family' |url=https://theprint.in/politics/neither-pm-nor-cm-im-family-in-dawoodi-bohra-outreach-modi-recalls-ties-since-gujarat-days/1365772/ |website=ThePrint |access-date=2025-12-08}}</ref> जबकि आलोचक इसे चयनात्मक पहुँच मानते हैं जो बहुलवाद की छवि प्रस्तुत करती है, बिना भारतीय मुसलमानों से जुड़े बड़े मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई के।<ref>{{Cite web |last=Pal |first=Felix |date=2019-07-10 |title=Performing pluralism |url=https://www.newmandala.org/performing-pluralism-why-the-bjp-wants-muslim-friends/}}</ref><ref>{{Cite report |last=Mohsina |first=Nazneen |author2=Izzuddin |author3=Namreen |date=2019 |title=Muslims and an Inclusive India Under Modi 2.0 |publisher=ISAS, NUS}}</ref> == पृष्ठभूमि == === दाऊदी बोहरा समुदाय === दाऊदी बोहरा एक व्यवस्थित, व्यापारिक और धार्मिक रूप से केंद्रीकृत शिया मुस्लिम समुदाय है जिसका नेतृत्व दाई अल-मुतलक द्वारा किया जाता है। इस पर कई समाजशास्त्रीय और मानवशास्त्रीय अध्ययन उपलब्ध हैं।<ref>{{Cite book |last=Roy |first=Shibani |title=The Dawoodi Bohras}}</ref><ref>{{Cite book |last=Blank |first=Jonah |title=Mullahs on the Mainframe|year=2001 |url=https://archive.org/details/mullahsonmainfra0000blan }}</ref><ref>{{Cite book |last=Daftary |first=Farhad |title=A Modern History of the Ismailis}}</ref> === गुजरात में मोदी का राजनीतिक संदर्भ === क्रिश्चियन जाफ़रलॉट और मधु पूर्णिमा किश्वर जैसे विद्वानों का मानना है कि मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने शिया समूहों, जिनमें बोहरा और खोजा शामिल हैं, से संपर्क को राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बनाया।<ref>{{Cite book |last=Jaffrelot |first=Christian |title=Modi’s India}}</ref><ref>{{Cite news |last=Kishwar |first=Madhu |title=Modi, Muslims and The Media|year=2014 |url=https://archive.org/details/modimuslimsmedia0000kish }}</ref> == गुजरात में प्रारंभिक संपर्क (2001–2014) == 2000 के दशक में बोहरा नेताओं ने कई मौकों पर मोदी से भेंट की। जुलाई 2013 में लगभग 150 बोहरा सदस्य गांधीनगर में उनसे मिले।<ref>{{Cite book|title=Mullahs on the Mainframe|url=https://archive.org/details/mullahsonmainfra0000blan|last=Blank|first=Jonah|date=2001|publisher=University of Chicago Press|isbn=9780226056760}}</ref> मोदी ने 52वें दाई सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन से भी कई औपचारिक अवसरों पर मुलाकात की।<ref>{{Cite news |title=Dawoodi Bohras invite Modi}}</ref> == प्रधानमंत्री के रूप में सहभागिता (2014–वर्तमान) == === इंदौर अशारा मुबारका (2018) === 14 सितंबर 2018 को मोदी प्रमुख बोहरा धार्मिक कार्यक्रम को संबोधित करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने।<ref>{{Cite news |title=World is one family}}</ref><ref name=":1" /> === अलजामिया-तुस-सैफिया मुंबई का उद्घाटन (2023) === 10 फरवरी 2023 को मोदी ने मुंबई में अलजामिया-तुस-सैफिया के नए परिसर का उद्घाटन किया।<ref>{{Cite news |title=PM inaugurates Bohra Arabic academy}}</ref><ref name=":0" /> === आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल === 2014 के बाद से बोहरा प्रतिनिधिमंडल कई बार प्रधानमंत्री से मिला है। 2025 में समुदाय ने संशोधित वक्फ अधिनियम के प्रति समर्थन व्यक्त किया। === अंतरराष्ट्रीय संकेत === मिस्र की यात्रा (2023) में मोदी ने बोहरा-बहाली वाली अल-हाकिम मस्जिद का दौरा किया। == व्याख्या और विश्लेषण == === व्यापारिक और आर्थिक संरेखन === कई विश्लेषक बोहरा व्यापारिक वर्ग और मोदी की औद्योगिक नीतियों के बीच सामंजस्य की ओर संकेत करते हैं। === शिया अल्पसंख्यक की स्थिति === शोध के अनुसार बोहरा जैसे शिया समुदाय अक्सर राजनीतिक संबंधों को व्यावहारिक रूप से संचालित करते हैं। === बहुलवाद और चयनात्मक पहुँच === कई विद्वान इसे “प्रदर्शनात्मक बहुलवाद” का उदाहरण मानते हैं। === आंतरिक समुदायिक मतभेद === सुधारवादी समूह समुदाय के भीतर राजनीतिक विविधता की ओर संकेत करते हैं। == प्रतिक्रियाएँ == === समर्थनशील प्रतिक्रियाएँ === कई बोहरा सदस्य और प्रवासी समुदाय इन संपर्कों को सकारात्मक रूप में देखते हैं। === आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएँ === कुछ विद्वान और सुधारवादी नेता कहते हैं कि समुदाय का राजनीतिक रुख सर्वसम्मत नहीं है।<ref>{{Cite news|url=https://theprint.in/politics/neither-pm-nor-cm-im-family-in-dawoodi-bohra-outreach-modi-recalls-ties-since-gujarat-days/1365772/|title='Neither PM nor CM, I'm family': Modi recalls ties since Gujarat days|last=Phadke|first=Manasi|date=2023-02-10|access-date=2025-12-08|website=ThePrint}}</ref> == यह भी देखें == * [[दाऊदी बोहरा]] * [[नरेंद्र मोदी]] * [[भारत में इस्लाम]] == संदर्भ == <references /> 5l1497st175oypu76ait7kbm8717dg9 रामशंकर चंचल 0 1606586 6582883 6510516 2026-07-15T10:42:50Z ~2026-40019-18 936367 6582883 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = डॉ. रामशंकर त्रिवेदी "चंचल" | native_name = रामशंकर त्रिवेदी "चंचल" | native_name_lang = hi | other_names = Dr. Ramshankar Chanchal | image = Ramshankar-chanchal.jpg | image_size = 250px | caption = साहित्यकार डॉ. रामशंकर त्रिवेदी 'चंचल' | birth_name = रामशंकर त्रिवेदी | birth_date = {{Birth date and age|1957|4|8}} | birth_place = [[झाबुआ]], [[मध्य प्रदेश]], भारत | nationality = भारतीय | education = एम.ए. (हिंदी, समाजशास्त्र), एल.एल.बी. | alma_mater = विक्रम शिला हिंदी विद्यापीठ (विद्यावाचस्पति आचार्य) | occupation = [[साहित्यकार]], [[कवि]], [[उपन्यासकार]] | language = हिंदी, भीली | spouse = श्रीमती उषा त्रिवेदी | children = कु. बेला त्रिवेदी, मनीष त्रिवेदी, भावेश त्रिवेदी | parents = स्व. हरी विठ्ठल त्रिवेदी (पिता), स्व. मधुकांता त्रिवेदी (माता) | notable_works = 'काली' (उपन्यास), 'आदिवासी तीज त्यौहार', 'वो राम ही मेरे भीतर' | awards = अज्ञेय सम्मान, साहित्य शिरोमणि, विद्यावाचस्पति, काव्यांजलि सम्मान | website = [https://ramshankarchanchal.blogspot.com/ आधिकारिक ब्लॉग] }} '''डॉ. रामशंकर त्रिवेदी "चंचल"''' (अंग्रेज़ी: '''Dr. Ramshankar Chanchal'''; जन्म: 8 अप्रैल 1957) [[भारत]] के एक प्रतिष्ठित हिंदी साहित्यकार, कवि, उपन्यासकार और बाल साहित्य लेखक हैं।<ref name="kavitakosh">{{cite web |url=https://kavitakosh.org/kk/रामशंकर_चंचल |title=रामशंकर चंचल का परिचय |publisher=कविता कोश}}</ref> वे झाबुआ की आदिवासी संस्कृति, लोक कला, और बाल साहित्य पर व्यापक कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्रमुख कृति 'काली' पर फिल्म निर्माण हो चुका है, जिसे राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।<ref name="naidunia1">{{cite news |author=नईदुनिया |url=https://www.naidunia.com/madhya-pradesh/jhabua-jhabua-news-5608601 |title=साहित्यकार चंचल की उपलब्धियां |date=2019}}</ref><ref name="goodreads">{{cite web |url=https://www.goodreads.com/book/show/228090857-jhabua-ki-kali |title=Jhabua Ki Kali on Goodreads}}</ref> <ref>{{Cite web |title=काली |trans-title=Kali |url=https://rajmangaltimes.com/sahitya/kahani/kali |website=Rajmangal Times |author=Dr. Ramshankar Chanchal |date=6 January 2024 |language=hi |access-date=15 July 2026 }}</ref> == प्रारंभिक जीवन और शिक्षा == डॉ. रामशंकर त्रिवेदी का जन्म 8 अप्रैल 1957 को [[झाबुआ]], मध्य प्रदेश में हुआ। उनके पिता स्व. हरी विठ्ठल त्रिवेदी और माता स्व. मधुकांता त्रिवेदी थीं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा झाबुआ में प्राप्त की और बाद में [[हिंदी]] और समाजशास्त्र में एम.ए. की उपाधि प्राप्त की।<ref name="naidunia1"/> उन्होंने एल.एल.बी. की शिक्षा भी पूरी की। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें विक्रम शिला हिंदी विद्यापीठ द्वारा 'विद्यावाचस्पति आचार्य' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।<ref name="bhaskar_kavyanjali">{{cite news |author=दैनिक भास्कर |url=https://www.bhaskar.com/local/mp/jhabua/news/kavyanjali-honor-to-ramshankar-chanchal-131723577.html |title=रामशंकर चंचल को काव्यांजलि सम्मान |date=2023}}</ref> == साहित्यिक करियर == डॉ. चंचल का साहित्यिक करियर बाल साहित्य, कविता, उपन्यास और निबंध लेखन में फैला हुआ है। उनकी रचनाएँ मध्य प्रदेश शासन के 'सर्व शिक्षा अभियान' के तहत स्कूलों और वाचनालयों में व्यापक रूप से पढ़ाई जाती हैं।<ref name="jhabuanews_worldwide">{{cite web |url=https://www.jhabuanews.in/2015/03/dr-ramshankar-chanchal-book-published-world-wide-2015.html |title=डॉ. चंचल की पुस्तकें विश्वभर में प्रकाशित |publisher=झाबुआ न्यूज़}}</ref> उनकी कविताओं और कहानियों का अनुवाद तमिल और अन्य भारतीय भाषाओं में किया गया है।<ref name="bhaskar_tamil">{{cite news |url=https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/jhabua/news/jhabua-litterateur-ramshankar-chanchals-saraswati-vandana-translated-into-tamil-129385796.html |title=चंचल की सरस्वती वंदना का तमिल में अनुवाद |publisher=दैनिक भास्कर}}</ref> === प्रमुख प्रकाशित कृतियाँ === डॉ. चंचल की साहित्यिक साधना को कई शोध ग्रंथों और संकलनों में स्थान दिया गया है।<ref name="amazon_adbhut"/><ref name="inkalab"/> * '''उपन्यास:''' ** काली (आंचलिक उपन्यास)<ref name="goodreads"/> ** बड़ा आदमी ** सोमारू ** पर्यावरण की पुजारिन ** वो राम ही मेरे भीतर<ref name="flipkart">{{cite web |url=https://www.flipkart.com/hi/vo-ram-hi-mere-bheetar/p/itm9cfe8bb2899ff |title=वो राम ही मेरे भीतर |publisher=Flipkart}}</ref> * '''बाल साहित्य:''' ** पढ़ना लिखना सीखो ** साक्षर बनो महान बनो ** वृक्षा रोपण ** बदल गया गाँव * '''कविता संग्रह:''' ** अर्धनग्न ** तुम्हारी मुस्कराहट ** वह जो साथ है == पुरस्कार और सम्मान == डॉ. चंचल को उनके साहित्यिक योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।<ref name="naidunia_honors">{{cite news |author=नईदुनिया |url=https://www.naidunia.com/madhya-pradesh/jhabua-jhabua-news-5309794 |title=साहित्यिक सम्मान |date=2019}}</ref> * अज्ञेय सम्मान (भारतीय साहित्यकार संसद) * साहित्य शिरोमणि (संगम कला परिषद) * विद्यावाचस्पति (विक्रम शिला हिंदी विद्यापीठ) * बीसवीं शताब्दी रत्न सम्मान (जेमिनी अकादमी) * काव्यांजलि सम्मान<ref name="bhaskar_kavyanjali"/> == सन्दर्भ == {{reflist|refs= <ref name="amazon_adbhut">{{cite web |url=https://www.amazon.in/Adbhut-Sahitya-Sadhak-Ramshankar-Chanchal/dp/B0F4PD3RV3 |title=Adbhut Sahitya Sadhak: Dr. Ramshankar Chanchal |publisher=Amazon}}</ref> <ref name="inkalab">{{cite web |url=https://inkalabpublication.com/product-tag/डॉ-रामशंकर-चंचल/ |title=Dr. Ramshankar Chanchal Books |publisher=Inkalab Publication}}</ref> }} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.patrika.com/jhabua-news/we-were-once-a-rising-tide-now-a-days-the-ebb-6179566 अभा साहित्य परिषद् के बैनर तले ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन] * [https://www.bhaskar.com/mp-jhab-mat-latest-jhabua-news-023502-1891008-nor.html समग्र मालवा ग्रंथ में डॉ. रामशंकर चंचल को भी मिला स्थान] * [https://thegramtoday.in/2026/01/d-ramshankr-chanchl-ko-shree-maithileeshran-gupt-smman-hindee-sahity-ke-lie-gaurvpooran-kshan/ डॉ. रामशंकर चंचल को 'श्री मैथिलीशरण गुप्त सम्मान' से किया गया सम्मानित] * [https://www.nbtindia.gov.in/writereaddata/attachment/monday-february-20-20122-44-38-amdecssk11.pdf राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT): 'कलम' कविता में डॉ. रामशंकर चंचल की रचना प्रकाशित] * [https://pustak.org/index.php/books/authorbooks/Ramshanker%20Chachal Pustak.org: Books by Dr. Ramshankar Chanchal] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:1957 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:हिंदी साहित्यकार]] [[श्रेणी:मध्य प्रदेश के लोग]] [[श्रेणी:भारतीय कवि]] [[श्रेणी:बाल साहित्य के लेखक]] q6yagapycgbcj2wz21o3kuwlm1z9eyx क्यू एंड ए (उपन्यास) 0 1607004 6582863 6549733 2026-07-15T10:00:41Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582863 wikitext text/x-wiki {{खराब अनुवाद|अंग्रेज़ी}} {{ज्ञानसन्दूक पुस्तक|<!-- See [[Wikipedia:WikiProject Novels]] or [[Wikipedia:WikiProject Books]] -->|name=क्यू एंड ए (उपन्यास)|title_orig=|translator=|image=Q & A (novel).jpg|caption=First edition|author=[[Vikas Swarup]]|illustrator=|cover_artist=|country=[[India]]|language=English|series=|genre=Drama|publisher=[[Doubleday (publisher)|Doubleday]]|release_date=2005|english_release_date=|media_type=|pages=304|isbn=978-0743267472|dewey=813/.6 22|congress=PR9499.4.S93 Q13 2005|oclc=57564932|preceded_by=|followed_by=}} क्यू एंड ए भारतीय [[राजनयिक]] [[विकास स्वरुप|विकास स्वरूप]] द्वारा लिखित और 2005 में प्रकाशित एक उपन्यास है। यह उपन्यास स्वरूप का पहला उपन्यास भी है।<ref name=":0">{{Cite book|title=Q & A|url=https://archive.org/details/qand0000swarup|last=Swarup|first=Vikas|publisher=DoubleDay|year=2005|isbn=978-0743267472|location=India|pages=[https://archive.org/details/qand0000swarup/page/n2 1]–304}}</ref> यह राम मोहम्मद थॉमस की रग टू रिच की कहानी बताती है, जो एक युवा वेटर है जो इतिहास में सबसे बड़ा क्विज़ शो विजेता बन जाता है, जिसे केवल गिरफ्तार किया गया और धोखाधड़ी के आरोप में जेल भेजा गया। उसके वकील ही उसके और निर्माताओं और पुलिस के बीच एक झूठी स्वीकारोक्ति के लिए मजबूर करने का एकमात्र प्रयास है जो उसे पुरस्कार से वंचित कर देगा। अपनी बेगुनाही साबित करने का एकमात्र तरीका उनके जीवन और भारत की यात्राओं के प्रसंगों को साझा करना है जो बताते हैं कि उन्होंने क्विज़ शो के सवालों के जवाब कहां और कैसे सीखा। इस पुस्तक को कई [[अकेडमी पुरस्कार|ऑस्कर]] विजेता 2008 की फिल्म ''[[स्लमडॉग मिलियनेयर]]'' में रूपांतरित किया गया था, जिसमें जमाल और उनके भाई सलीम नाम का एक नया मुख्य चरित्र है। ==संदर्भ== 1if7uczj4uqlnmjj1mgdxnpujm19c1v इंडिया फर्स्ट 0 1610367 6582633 6533062 2026-07-14T18:47:12Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582633 wikitext text/x-wiki {{Infobox magazine|title=इंडिया फर्स्ट|image_file=India First.png|image_size=200px|image_caption=इंडिया फर्स्ट का लोगो|editor=|previous_editor=|category=समाचार पत्रिका|frequency=|publisher=इंडिया फर्स्ट|founder=Santhosh Kumar|firstdate=|country=[[भारत]]|based=|language=अंग्रेज़ी|website={{URL|https://indiafirst.live}}}}'''''इंडिया फर्स्ट''''' ([[अंग्रेज़ी भाषा|En]]:India First) एक अंग्रेज़ी भाषा का भारतीय डिजिटल [[समाचार मीडिया]] और [[ई-प्रकाशन]] है। यह व्यवसाय, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी, खेल, मनोरंजन और जीवनशैली जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/business/india-first-an-emerging-digital-news-e-magazine|title=India First, an Emerging Digital News E-Magazine|last=Bharathi|first=Vartha|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-03-17|archive-date=17 अप्रैल 2026|archive-url=https://web.archive.org/web/20260417204626/https://english.varthabharati.in/business/india-first-an-emerging-digital-news-e-magazine|url-status=dead}}</ref><ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/indian-cybersecurity-startups-face-challenges-in-competing-globally Sikkim Express</ref><ref>{{Cite web|url=https://firstindia.co.in/news/business/india-first-expands-startup-coverage|title=India First Expands Coverage on Startups and Entrepreneurship|website=firstindia.co.in|language=en|access-date=2026-03-17}}</ref> == प्रकाशन == * ''इंडिया फर्स्ट मैगज़ीन'' – इंडिया फर्स्ट की मुख्य ई-पत्रिका, जो मुख्य रूप से [[उद्यमिता|उद्यमियों]] और उनकी प्रेरणादायक कहानियों पर केंद्रित है।<ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/National/india-first-magazine-digital-edition-entrepreneurs-2120832|title=India First Magazine: ಉದ್ಯಮಿಗಳ ಸಾಧನೆ ಮತ್ತು ಪ್ರೇರणादಾಯಕ ಕಥೆಗಳು|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-03-22|website=www.varthabharati.in|language=kn|access-date=2026-03-22}}</ref><ref name=":12">{{Cite web|url=https://www.ninanews.com/Website/News/Details?key=1287420|title=إطلاق مجلة India First الإلكترونية لتسليط الضوء على رواد الأعمال والابتكار في الهند|website=www.ninanews.com National Iraqi News Agency|language=ar|access-date=2026-03-22}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[इण्डिया टुडे]] - इण्डिया टुडे ग्रूप की हिन्दी और अंग्रेज़ी में प्रकाशित साप्ताहिक पत्रिका। * [[इण्डिया टुडे (टीवी चैनल)|इंडिया टुडे]] - इण्डिया टुडे ग्रूप का अंग्रेज़ी समाचार चैनल। [[श्रेणी:भारतीय टीवी चैनल]] == संदर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://indiafirst.live इंडिया फर्स्ट] hx3df1z2nawn8t0878vxf5dgmvpwec7 इजरायल और परमाणु शस्त्र 0 1611099 6582656 6550423 2026-07-14T20:37:23Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582656 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Nuclear reactor in dimona (israel).jpg|right|thumb|300px|इजराइल के डिमोना में स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र (नवंबर 1968)]] [[चित्र:I.n.s._dolfin-03.JPG|right|thumb|300px|आईएनएस डॉल्फिन]] व्यापक रूप से यह माना जाता है कि [[इज़राइल|इजरायल]] के पास [[परमाणु बम|परमाणु हथियार]] हैं। इज़राइल के परमाणु हथियारों के भंडार का अनुमान 90 से 400 बमों के बीच है। इसके अतिरिक्त, यह भी माना जाता है कि इजराइल के पास भूमि, वायु और समुद्र से परमाणु हमले करने की क्षमता (अर्थात परमाणु त्रयी) मौजूद है।<ref name="wisconsin"/><ref name="HK2"/><ref name="israelhayom.com3"/><ref name="independent-20160916"/>{{sfn|Brower|1997}}<ref name="armscontrol.org">{{cite web |url=https://www.armscontrol.org/factsheets/Nuclearweaponswhohaswhat |title=Nuclear Weapons: Who Has What at a Glance |website=Arms Control Association}}</ref><ref name="fas.org">{{cite web |url=https://fas.org/initiative/status-world-nuclear-forces/ |title=Status of World Nuclear Forces – Federation Of American Scientists |website=Fas.org}}</ref> अनुमान है कि इजरायल ने अपना पहला व्यावहारिक परमाणु हथियार 1966 के अंत या 1967 की शुरुआत में बना लिया था। इस प्रकार, इजरायल संभवतः [[परमाणु अस्त्रों से युक्त देशों की सूची|परमाणु हथियारों से संपन्न नौ देशों]] के समूह में छठा देश बन गया था। == परमाणु हथियारों का भंडार == इज़राइल ने कभी भी अपनी परमाणु क्षमताओं या शस्त्रागार के विवरण को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है। नीचे इज़राइल के परमाणु शस्त्रागार के आकार और क्षमता के बारे में विभिन्न स्रोतों से प्राप्त अनुमानों का कालक्रम दिया गया है। ये अनुमान इज़राइल द्वारा उत्पादित विखंडनीय सामग्री (fissile material), असेंबल किए गए हथियारों की संख्या, प्रति हथियार इस्तेमाल की गई सामग्री, और रिएक्टर के संचालन के कुल समय के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकते हैं: * 1948 – इज़राइल ने अपने स्वतंत्रता युद्ध के दौरान परमाणु कार्यक्रम के लिए यहूदी वैज्ञानिकों की भर्ती और वैज्ञानिक संस्थानों की स्थापना शुरू की।<ref>{{cite journal |title=Atomic Power to Israel's Rescue: French-Israeli Nuclear Cooperation, 1949–1957 |last=Pinkus |first=Binyamin |last2=Tlamim |first2=Moshe |journal=Israel Studies |volume=7 |issue=1 |pages=104–138 |doi=10.1353/is.2002.0006 |year=2002}}</ref> * 1949 – इज़राइली वैज्ञानिकों को फ्रांसीसी परमाणु कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया।<ref name="wisconsin">{{cite web |url=http://www.wisconsinproject.org/countries/israel/nuke.html |title=Israel's Nuclear Weapon Capability: An Overview |publisher=Wisconsin Project on Nuclear Arms Control |date=August 1996 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150429184518/http://www.wisconsinproject.org/countries/israel/nuke.html |archive-date=2015-04-29}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.wrmea.org/action-alert-archives/mohammed-omer-wins-norwegian-pen-prize.html|title=Mohammed Omer Wins Norwegian PEN Prize - WRMEA|website=www.wrmea.org|language=en-gb|access-date=2026-05-10|archive-date=8 मार्च 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210308184716/https://www.wrmea.org/action-alert-archives/mohammed-omer-wins-norwegian-pen-prize.html|url-status=dead}}</ref> * 1957 – फ्रांसीसी सहायता से डिमोना परमाणु संयंत्र का निर्माण शुरू हुआ। * 1960 – पहला फ्रांसीसी परमाणु परीक्षण हुआ, जिसमें इज़राइली वैज्ञानिकों ने फ्रांसीसी वैज्ञानिकों के साथ भाग लिया और परीक्षण के सभी डेटा तक उनकी पहुँच थी। इसके बाद चार्ल्स डी गॉल ने फ्रांसीसी कार्यक्रम को इज़राइली कार्यक्रम से अलग करना शुरू कर दिया।<ref>{{cite web |url=https://fas.org/nuke/guide/israel/nuke/ |title=Nuclear Weapons |website=WMD Around the World |publisher=Federation of American Scientists}}</ref> * 1961 – डिमोना परमाणु सुविधा चालू हुई। * 1963 – नेगेव रेगिस्तान में कथित रूप से भूमिगत परमाणु परीक्षण किया गया।<ref name="FAS5">{{cite web |url=https://fas.org/nuke/guide/israel/nuke/ |title=Nuclear weapons – Israel |access-date=2007-07-01 |publisher=Federation of American Scientists}}</ref><ref>June 1976, West Germany army magazine 'Wehrtechnik'</ref> * 1966 – नेगेव रेगिस्तान में कथित भूमिगत परमाणु परीक्षण, संभवतः 'ज़ीरो-यील्ड' या अंतःस्फोट प्रकार का;<ref>''Nuclear Weapons in the Middle East: Dimensions and Responsibilities'' by Taysir Nashif</ref> विमान से गिराए जाने के लिए डिज़ाइन किया गया पहला पूर्णतः सशस्त्र विखंडन बम सक्रियण के लिए उपलब्ध हुआ।<ref>Burrows & Windrem 1994, p. 302.</ref> * 1967 – छह दिवसीय युद्ध – 2 बम; 13 बम।<ref>''Time'', April 12, 1976, quoted in {{harvp|Weissman|p=107|Krosney|1981}}.</ref> * 1969 – 19 [[टीएनटी समतुल्य|किलोटन]] के 5–6 बम।<ref>Tahtinen, Dale R., ''The Arab-Israel Military Balance Today'' (Washington, DC: American Enterprise Institute for Public Policy Research, 1973), 34.</ref> * 1973 – योम किप्पुर युद्ध – 13 बम;<ref name="time197604123">{{cite magazine |url=http://www.time.com/time/printout/0,8816,914023,00.html |title=Violent Week: The Politics of Death |date=1976-04-12 |access-date=2011-03-04 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130501030016/http://www.time.com/time/printout/0,8816,914023,00.html |archive-date=2013-05-01 |magazine=Time}}</ref> 20 परमाणु मिसाइलें, एक सूटकेस परमाणु उपकरण। * 1974 – 3 आर्टिलरी बटालियन, प्रत्येक में बारह 175 मिमी की तोपें और कुल 108 वॉरहेड; 10 बम। * 1976 – 10–20 परमाणु हथियार।<ref group="N">Data from the [[Central Intelligence Agency|CIA]].{{Sfn|Weissman|Krosney|1981|p=109}}</ref> * 1979 – वेला घटना: एक उपग्रह ने [[हिंद महासागर]] में एक संभावित उन्नत और स्वच्छ लघु परमाणु परीक्षण का पता लगाया, जिसे अक्सर इज़राइल से जोड़ा जाता है।<ref name="auto32">{{cite web |url=https://www.haaretz.com/print-edition/features/did-israel-play-a-role-in-1979-south-africa-nuclear-test-1.281226 |title=Did Israel play a role in 1979 South Africa nuclear test? |date=2009-08-02 |website=Haaretz}}</ref> * 1980 – 100–200 बम।<ref name="NTI">[http://www.nti.org/e_research/profiles/israel/ Israel Profile]. Nti.org. Retrieved on June 4, 2011.</ref><ref>Ottenberg, Michael, "Estimating Israel's Nuclear Capabilities", ''Command'', 30 (October 1994), 6–8.</ref> * 1984 – 12–31 परमाणु बम; 31 प्लूटोनियम और 10 यूरेनियम बम। * 1985 – कम से कम 100 परमाणु बम।<ref>Data from NBC Nightly News, quoted in {{harvp|Milhollin|p=104|op. cit.}}.</ref> * 1986 – 100 से 200 विखंडन बम और कई संलयन बम;<ref>Data from [[Mordechai Vanunu]] quoted in {{harvp|Milhollin|p=104|op. cit.}}.</ref> डिमोना संयंत्र के पूर्व तकनीशियन मोर्दकै वनुनु ने इसके रहस्य लीक किए। उनके अनुसार, 1955 से 1960 के बीच विखंडन और बूस्टेड हथियारों के मामले में इज़राइल संयुक्त राज्य अमेरिका के स्तर पर था। परीक्षण के बिना उनके "कम जटिल" हाइड्रोजन बमों को बेहतर बनाने के लिए सुपरकंप्यूटर की आवश्यकता होगी। ऐसा माना गया कि उन्होंने एक लघु परमाणु उपकरण का परीक्षण किया था।<ref name="auto43">{{cite web |url=http://www.wisconsinproject.org/countries/israel/israel-aims.html |title=Israel Aims to Improve Missile Accuracy |access-date=2014-04-10 |date=June 1995 |website=Wisconsin Project on Nuclear Arms Control |archive-url=https://web.archive.org/web/20141003212249/http://www.wisconsinproject.org/countries/israel/israel-aims.html |archive-date=2014-10-03}}</ref> * 1991 – 50–60 से लेकर 200–300 तक अनुमानित।<ref>Harkavy, Robert E. "After the Gulf War: The Future of the Israeli Nuclear Strategy", ''The Washington Quarterly'' (Summer 1991), 164.</ref> * 1992 – 200 से अधिक बम; सोवियत संघ के पतन के बाद इज़राइल आए 40 वरिष्ठ परमाणु हथियार विशेषज्ञों का अनुमान।<ref name="auto12">{{cite journal |title=Israel's Nuclear Shopping List |url=http://www.wisconsinproject.org/countries/israel/Israel-nuclear-shopping.html |access-date=2012-03-29 |date=July–August 1996 |publisher=Wisconsin Project on Nuclear Arms Control |journal=The Risk Report |issue=4 |volume=2 |archive-date=2012-03-21 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120321191840/http://www.wisconsinproject.org/countries/israel/Israel-nuclear-shopping.html}}</ref> * 1994 – 64–112 बम (5 किग्रा/हथियार के आधार पर);<ref name="a1">{{cite book |last=Albright |first=David |last2=Berkhout |first2=Frans |last3=Walker |first3=William |title=Plutonium and Highly Enriched Uranium 1996. World Inventories, Capabilities, and Policies |location=New York |publisher=Stockholm International Peace Research Institute and Oxford University Press |year=1997 |pages=262–263}}</ref> परमाणु हथियारों से लैस 50 जेरिको मिसाइलें, कुल 200;<ref>{{cite journal |title=Israel's Nuclear Infrastructure |last=Hough |first=Harold |date=November 1994 |journal=Jane's Intelligence Review |volume=6 |issue=11 |page=508}}</ref> 300 परमाणु हथियार।<ref>{{cite book |title=Critical Mass: the Dangerous Race for Super-weapons in a Fragmenting World |location=New York |year=1994 |page=308}}</ref> * 1995 – 66–116 बम (5 किग्रा/हथियार पर);<ref name="a1" /> 70–80 बम; हथियारों की "संपूर्ण शृंखला" (न्यूट्रॉन बम, सामरिक परमाणु हथियार, सूटकेस परमाणु उपकरण, और पनडुब्बियों द्वारा ले जाए जाने वाले हथियार)। * 1996 – 60–80 प्लूटोनियम हथियार, संभवतः 100 से अधिक असेंबल किए गए, ईआर (ER) वेरिएंट, परिवर्तनीय यील्ड वाले बम। * 1997 – वितरण के लिए तैयार 400 से अधिक थर्मोन्यूक्लियर और परमाणु हथियार। * 2002 – 75 से 200 हथियारों के बीच।<ref>{{cite journal |url=http://thebulletin.metapress.com/content/a38g5111525882t4/?p=6c91efd4ebf44e35af4f3ab2932f1425&pi=19 |title=Israeli nuclear forces |last=Norris |first=Robert S. |date=September–October 2002 |journal=Bulletin of the Atomic Scientists |volume=58 |issue=5 |pages=73–75 |doi=10.1080/00963402.2002.11460610 |last3=Kristensen |first3=Hans M. |last4=Handler |first4=Joshua}}</ref> * 2004 – 82 बम।<ref>[[Rowan Scarborough|Scarborough, Rowan]]. ''Rumsfeld's War: The Untold Story of America's Anti-Terrorist Commander''</ref> * 2006 – 185 से अधिक: ब्रिटिश संसद की रक्षा प्रवर समिति ने बताया कि इज़राइल के पास ब्रिटेन (जिसके पास 185 हथियार थे) से भी अधिक परमाणु हथियार थे।<ref>{{cite web |url=https://publications.parliament.uk/pa/cm200506/cmselect/cmdfence/986/98605.htm |title=The UK's Strategic Nuclear Deterrent |access-date=2018-05-09 |date=2006-06-20 |website=Select Committee on Defence Eighth Report |publisher=House of Commons}}</ref> * 2006 – फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स का मानना था कि इज़राइल "कम से कम 100 परमाणु हथियारों के लिए पर्याप्त प्लूटोनियम का उत्पादन कर चुका था, लेकिन यह संख्या संभवतः 200 से अधिक नहीं थी।"<ref name="FAS5" /> * 2008 – 150 या अधिक परमाणु हथियार।<ref>{{cite web |url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/middle_east/7420573.stm |title=Israel 'has 150 nuclear weapons' |date=2008-05-26 |website=[[BBC News]] |quote=[[President of the United States|Ex-US President]] [[Jimmy Carter]] has said Israel has at least 150 atomic weapons in its arsenal.}}</ref> * 2008 – 80 सक्रिय वॉरहेड, जिनमें से 50 बैलिस्टिक मिसाइलों से दागे जाने वाले वायुमंडलीय पुन: प्रवेश यान हैं, और शेष हवाई मार्ग से ले जाए जाने वाले बम हैं। प्लूटोनियम का कुल सैन्य भंडार 340–560 किलोग्राम अनुमानित है।<ref>{{cite book |title=SIPRI Yearbook 2008: Armaments, Disarmament, and International Security |last=Stockholm International Peace Research Institute |author-link=Stockholm International Peace Research Institute |publisher=[[Oxford University Press]] |location=United States |year=2008 |page=397 |isbn=978-0-19-954895-8 |url=https://books.google.com/books?id=EAyQ9KCJE2gC&pg=PA397}}</ref> * 2009 – हथियारों की संख्या के अनुमानों में काफी अंतर है, और विश्वसनीय अनुमान 60 से 400 के बीच हैं।<ref name=":0">{{cite journal |title=Study on a Possible Israeli Strike on Iran's Nuclear Development Facilities |last=Toukan |first=Abdullah |url=http://www.csis.org/media/csis/pubs/090316_israelistrikeiran.pdf |access-date=2009-06-21 |date=2009-03-14 |publisher=Center for Strategic and International Studies |archive-date=2009-04-17 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090417174702/http://www.csis.org/media/csis/pubs/090316_israelistrikeiran.pdf}}</ref> * 2010 – ''जेन्स डिफेंस वीकली'' के अनुसार, इज़राइल के पास 100 से 300 परमाणु हथियार हैं, जिनमें से अधिकांश संभवतः वियोजित अवस्था में रखे गए हैं, लेकिन वे "कुछ ही दिनों में" पूरी तरह से सक्रिय और कार्यात्मक किए जा सकते हैं।<ref>{{cite news |title=Analysts: Israel viewed as world's 6th nuclear power |newspaper=Ynetnews |date=2010-04-10 |publisher=Ynet |url=https://www.ynetnews.com/articles/0,7340,L-3873755,00.html |access-date=2010-05-26}}</ref> * 2010 – "100 से अधिक हथियार, मुख्य रूप से दो-चरणीय थर्मोन्यूक्लियर उपकरण, जिन्हें मिसाइलों, लड़ाकू-बमवर्षकों या पनडुब्बियों से लॉन्च किया जा सकता है।"<ref name="goldberg2010092">{{cite magazine|url=https://www.theatlantic.com/magazine/print/2010/09/the-point-of-no-return/8186/|title=The Point of No Return|date=September 2010|last=Goldberg|first=Jeffrey|magazine=The Atlantic}}</ref> व्यापक नवीनीकरण के बाद डिमोना सुविधाएं अब नए की तरह काम कर रही हैं।<ref name="auto22">{{cite journal |title=This secret is fiction |last=Leibovitz-Dar |first=Sara |url=http://www.nrg.co.il/online/1/ART2/109/204.html |date=2010-05-21 |publisher=NRG |journal=Maariv-Amusaf Le'Shabat |pages=10–13}}</ref> * 2014 – लगभग 80 परमाणु हथियार जिन्हें दर्जनों मिसाइलों, विमानों के कुछ स्क्वाड्रनों और संभवतः समुद्र से लॉन्च की जाने वाली क्रूज मिसाइलों के माध्यम से दागा जा सकता है।<ref name="HK2">{{Cite journal|last=Kristensen|first=Hans M.|last2=Norris|first2=Robert S.|date=2014-11-01|title=Israeli nuclear weapons, 2014|url=https://www.tandfonline.com/doi/full/10.1177/0096340214555409|journal=Bulletin of the Atomic Scientists|language=en|volume=70|issue=6|pages=97–115|doi=10.1177/0096340214555409|issn=0096-3402}}</ref> * 2014 – "300 या अधिक" परमाणु हथियार।<ref name="israelhayom.com3">{{cite web |url=http://www.israelhayom.com/site/newsletter_article.php?id=16847 |title=Carter says Israel has stockpile of over 300 nuclear bombs |access-date=2024-06-19 |last=Hirsch |first=Yoni |date=2014-04-14 |website=[[Israel Hayom]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20140416210127/http://www.israelhayom.com/site/newsletter_article.php?id=16847 |archive-date=2014-04-16}}</ref> * 2015 – "इज़राइल के पास 200 बम हैं, और वे सभी [[तेहरान]] की ओर लक्षित हैं।"<ref name="independent-20160916">{{Cite web|url=https://www.independent.co.uk/news/world/americas/colin-powell-leaked-emails-nuclear-weapons-israel-iran-obama-deal-a7311626.html|title=Leaked email reveals Israel has '200 nukes'|date=2016-09-16|website=The Independent|language=en|access-date=2026-05-10}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.scribd.com/document/324033115/00002715-002?secret_password=f5tkfdHSGvz6LNei71K0 |title=00002715_002 |access-date=2016-09-17 |website=Scribd}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[इजरायल में विज्ञान और प्रौद्योगिकी]] == टिप्पणियाँ == <references group="N"/> == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:इजराइल]] igfhragwdv2osjip352pxcifrwjhvv2 सदस्य:AMAN KUMAR/हहेच लॉग 2 1611328 6582575 6557169 2026-07-14T14:08:14Z AMAN KUMAR 911487 Logging AfD nomination of [[:नीतिका सत्या]]. 6582575 wikitext text/x-wiki This is a log of all [[WP:XFD|deletion discussion]] nominations made by this user using [[WP:TW|Twinkle]]'s XfD module. If you no longer wish to keep this log, you can turn it off using the [[विकिपीडिया:Twinkle/Preferences|preferences panel]], and nominate this page for speedy deletion under [[WP:CSD#U1|CSD U1]]. === अप्रैल 2026 === # [[:सरवनी]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:सरवनी जागीर]] 01:08, 18 अप्रैल 2026 (UTC) #* '''कारण''': संदर्भ https://www.census2011.co.in/data/village/471018-sarwani-jagir-madhya-pradesh.html # [[:कवि पंडित चतुर्भुज]]: [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज|nominated]] at [[WP:AFD|AfD]]; {{user|1=Vishal1518}} को सूचित किया 01:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC) #* '''कारण''': उल्लेखनीय नहीं # [[:वर्दिया राजवंश]]: [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/वर्दिया राजवंश|nominated]] at [[WP:AFD|AfD]]; {{user|1=Historical agency of India}} को सूचित किया 22:33, 18 अप्रैल 2026 (UTC) #* '''कारण''': उल्लेखनीय नहीं === मई 2026 === # [[:गुर दत्त कुमार]]: [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/गुर दत्त कुमार|nominated]] at [[WP:AFD|AfD]]; {{user|1=अनुनाद सिंह}} को सूचित किया 07:30, 2 मई 2026 (UTC) #* '''कारण''': लेख में उल्लेखनीयता और विश्वसनीय स्रोतों का अभाव है। # [[:हरेकृष्ण कोङार]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:हरेकृष्ण कोनार]] 03:23, 10 मई 2026 (UTC) #* '''कारण''': संदर्भ [[https://www.google.co.in/books/edition/Sahitya_Ka_Dalit_Saundaryashastra/qtU9EQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3+%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0&pg=PT224&printsec=frontcover|१]]{{pb}}[[https://www.google.co.in/books/edition/Naxalwad_Aur_Samaj/QI6tEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3+%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0&pg=PA2003&printsec=frontcovers|२]]{{pb}}[[https://www.google.co.in/books/edition/Samajvad_Bhartiya_Janta_Ka_Sangharsh/MJuVnrI4vYkC?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3+%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0&pg=PA287&printsec=frontcover|३]]{{pb}}[[https://www.google.co.in/books/edition/Yaadein/U_vLEQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3+%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0&pg=PA151&printsec=frontcover|३]]{{pb}}@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] , @[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] # [[:साँचा:Strong support]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:साँचा:भरपूर समर्थन]] 08:24, 10 मई 2026 (UTC) #* '''कारण''': हिन्दी अनुवाद @[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी समीक्षा करें # [[:हिलियम]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:हीलियम]] 21:49, 10 मई 2026 (UTC) #* '''कारण''': संदर्भ {{pb}}[https://www.google.co.in/books/edition/Kinetic_Theory_and_Thermodynamics/3tNN15jei84C?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&pg=PA88&printsec=frontcover] [https://www.google.co.in/books/edition/Elements_of_Modern_Physics/bZF_EQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&pg=PA136&printsec=frontcover] [https://www.google.co.in/books/edition/Glossary_of_Physics/Z9MWAQAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&dq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&printsec=frontcover] [https://www.google.co.in/books/edition/Bhautika_vijnana_mem_kranti/VTA_AAAAIAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&dq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&printsec=frontcover]{{pb}}[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी समीक्षा करें # [[:तरनोपिल]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:टर्नोपिल]] 16:56, 11 मई 2026 (UTC) #* '''कारण''': [https://web.archive.org/web/20260511164947/https://www.newsonair.gov.in/hi/the-ukrainian-military-attacked-an-oil-terminal-in-the-russian-city-of-tuapse/][https://www.uniranks.com/ranking/hi/top-country/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8][https://www.aajtak.in/india/news/story/russia-president-putin-helicopter-was-epicenter-of-ukrainian-drone-attack-ntc-dskc-2248832-2025-05-26] # [[:तरनोपिल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:टर्नोपिल राष्ट्रीय चिकित्सा विश्वविद्यालय]] 17:06, 11 मई 2026 (UTC) #* '''कारण''': [https://hindi.theprint.in/india/ukrainian-soldiers-asked-indian-students-to-laugh-and-clap-sometimes-student/286153/][https://www.uniranks.com/ranking/hi/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8] # [[:चुम्बकरसायन]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:चुंबक रसायन]] 11:43, 13 मई 2026 (UTC) #* '''कारण''': इसके लिए संदर्भ {{pb}}* [https://www.shabd.education.gov.in/feedback.jsp?glossary=%27cstt_compr_Chemistry_EngHin_glossary-lexicon.txt%27&searchStr=%27Magnetochemistry%27&outStr=%27%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%95_%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8%27 CSTT]{{pb}}* [https://hindi.indiawaterportal.org/sabdkosh/caunbaka-rasaayana Indiawaterportal] {{pb}}पुस्तकें {{pb}}* [https://www.google.co.in/books/edition/Chemical_Dynamics_Coordination_Chemistry/7LDFEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%22%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%95+%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8%22&pg=PA291&printsec=frontcover]{{pb}}* [https://www.google.co.in/books/edition/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80_%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B6/B9bxnmASixoC?hl=en&gbpv=1&bsq=%22%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%95+%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8%22&dq=%22%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%95+%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8%22&printsec=frontcover] # [[:साश्वत कुमार]]: [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/साश्वत कुमार|nominated]] at [[WP:AFD|AfD]]; {{user|1=OkikenryuIndia}} को सूचित किया 11:13, 15 मई 2026 (UTC) #* '''कारण''': #*उल्लेखनीयता का अभाव{{pb}}*यह लेख आत्म-प्रचार के उद्देश्य से बनाया गया प्रतीत होता है। # [[:स्वामी शिवानन्द सरस्वती]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:शिवानन्द सरस्वती]] 11:45, 17 मई 2026 (UTC) #* '''कारण''': [[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और [[सदस्य:SM7|SM7]] जी समीक्षा करें {{pb}}:नामकरण नीति के तहत लेखों के शीर्षक में सम्मानसूचक या पदवियों (जैसे- श्री, डॉ., पंडित, महर्षि, संत, या स्वामी) का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसलिए लेख का नाम तटस्थ रूप में "[[शिवानन्द सरस्वती]]" ही होना चाहिए। पुराना नाम एक अनुप्रेषण के रूप में रखा जा सकता है। # [[:कंद]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:शल्ककंद]] 20:46, 28 मई 2026 (UTC) #* '''कारण''': सन्दर्भ {{pb}}[https://www.shabd.education.gov.in/feedback.jsp?glossary=%27cstt_fund_Botany_EngHin_glossary-lexicon.txt%27&searchStr=%27bulb%27&outStr=%27%E0%A4%B6%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A6%27]{{pb}}[https://books.google.co.in/books?id=2ii_kH-9aAQC&q=%22%E0%A4%B6%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A6%22&dq=%22%E0%A4%B6%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A6%22&hl=hi&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&sa=X&ved=2ahUKEwjv3a_e7NyUAxUR4TgGHaO5OnoQ6AF6BAgLEAM]{{pb}}[https://books.google.co.in/books?id=jPMPAQAAMAAJ&q=%22%E0%A4%B6%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A6%22&dq=%22%E0%A4%B6%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A6%22&hl=hi&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&sa=X&ved=2ahUKEwjv3a_e7NyUAxUR4TgGHaO5OnoQ6AF6BAgSEAM]{{pb}}[https://books.google.co.in/books?id=dXtxEAAAQBAJ&pg=PA50&dq=%22%E0%A4%B6%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A6%22&hl=hi&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&sa=X&ved=2ahUKEwjv3a_e7NyUAxUR4TgGHaO5OnoQ6AF6BAgQEAM#v=onepage&q=%22%E0%A4%B6%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A6%22&f=false] === जुलाई 2026 === # [[:नीतिका सत्या]]: [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या|nominated]] at [[WP:AFD|AfD]]; {{user|1=Sadqwerty321}} को सूचित किया 14:08, 14 जुलाई 2026 (UTC) #* '''कारण''': उल्लेखनीयता का अभाव और विज्ञापनात्मक लेख। hdhbc2tla2txy5s9l1nmx7udgcnlcbs कॉकरोच जनता पार्टी 0 1612408 6582698 6578941 2026-07-15T02:37:28Z Mepyeusese 936313 6582698 wikitext text/x-wiki {{Infobox political party | name = कॉक्रोच जनता पार्टी | abbreviation = सीजेपी (CJP) | logo = [[चित्र:Cockroach Janta Party logo.svg|250px]] | logo_size = 150px | colorcode = #690A22 | president = अभिजीत दिपके | founder = अभिजीत दिपके | foundation = {{Start date and age|2026|05|16|df=yes}} | eci = पंजीकृत नहीं | ideology = {{ubl|राजनीतिक व्यंग्य|युवा अधिकार|[[व्यवस्था-विरोधी]]|[[धर्मनिरपेक्षता]]|[[समाजवाद]]}} | slogan = ''आलसियों और बेरोज़गारों की आवाज़'' | symbol = | website = {{URL|https://cockroachjantaparty.org}} }} '''कॉकक्रोच जनता पार्टी''' (संक्षिप्त: सीजेपी; शाब्दिक अर्थ: 'तिलचट्टा जनता पार्टी') एक भारतीय व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन (Satirical political movement) है, जिसकी स्थापना 16 मई 2026 को अभिजीत दिपके द्वारा की गई थी। दिपके एक राजनीतिक संचार रणनीतिकार हैं, जो पूर्व में [[आम आदमी पार्टी]] के साथ काम कर चुके हैं। इस आंदोलन का नाम भारत के सत्ताधारी दल, [[भारतीय जनता पार्टी]] का एक व्यंग्यात्मक अनुकरण है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.com/news/articles/cz72y11jjq1o|title=Cockroach Janta Party (CJP): How Abhijeet Dipke's collective became an online sensation|date=2026-05-21|website=www.bbc.com|language=en-GB|access-date=2026-05-25}}</ref> मई 2026 में भारत के न्यायिक और सोशल मीडिया परिदृश्य में उत्पन्न हुए एक प्रमुख विवाद के बाद यह आंदोलन अस्तित्व में आया। इसकी उत्पत्ति 15 मई 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत द्वारा एक अदालती सुनवाई के दौरान की गई उस मौखिक टिप्पणी के विरोध में हुई थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना "तिलचट्टों" और "समाज के परजीवियों" से की थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/youngsters-like-cockroaches-cji-surya-kant-raps-lawyer-filing-contempt-plea-calls-out-parasites-in-society-who-11778848698000.html|title=‘Youngsters like cockroaches’: CJI Surya Kant raps lawyer filing contempt plea, calls out ‘parasites in society who...’ {{!}} Today News|date=2026-05-15|website=mint|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jobless-cockroaches-attack-the-system-cji-surya-kant/articleshow/131127870.cms|title=Jobless cockroaches... attack the system: CJI Surya Kant|date=2026-05-16|work=The Times of India|access-date=2026-05-25|issn=0971-8257}}</ref> अपनी स्थापना के कुछ ही दिनों के भीतर, इस आंदोलन ने 3,50,000 से अधिक आधिकारिक पंजीकरण प्राप्त कर लिए और [[इन्स्टाग्राम|इंस्टाग्राम]] पर इसके 3 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हो गए।<ref>{{Cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/india/cockroach-janta-party-top-judges-comment-sparks-viral-satire-protest/|title=Cockroach Janta Party’ explodes online after top judge’s remark; CJP gains 3.7 million followers in 24 hours|website=The Tribune|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> यह आंदोलन केवल डिजिटल दुनिया तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसने ज़मीनी स्तर पर भी कई गतिविधियाँ की हैं; जहाँ पार्टी के स्वयंसेवक 'कॉकक्रोच' की वेशभूषा पहनकर विरोध प्रदर्शनों और सफाई अभियानों में हिस्सा लेते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/trends/influencers-launch-indian-national-cockroaches-all-you-need-to-know-about-cockroach-janta-party-s-rival-13925201.html|title=Influencers launch 'Indian National Cockroaches': All you need to know about 'Cockroach Janta Party's rival- Moneycontrol.com|website=Moneycontrol|language=en-US|access-date=2026-05-25}}</ref> यद्यपि यह आंदोलन वर्तमान में [[भारत निर्वाचन आयोग]] के तहत एक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत नहीं है<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-eci-rules-cockroach-poll-symbol-india-instagram-followers-2914899-2026-05-21|title=Can the Cockroach Janta Party get a cockroach poll symbol in India?|last=Mukul|first=Sushim|date=2026-05-21|website=India Today|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref>, फिर भी यह भारतीय युवाओं को प्रभावित करने वाले व्यापक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों के खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चला रहा है। == पृष्ठभूमि और गठन == इस आंदोलन की उत्पत्ति मई 2026 में [[भारत का सर्वोच्च न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] में हुई एक सुनवाई के दौरान [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्य कान्त]] के द्वारा की गई विवादास्पद टिप्पणियों से हुई। === अदालती विवाद और सीजेआई की टिप्पणी === [[दिल्ली]] में वकीलों के पदनाम से जुड़े एक मामले में संजय दुबे नामक एक [[वकील]] ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने जब इसे समय की बर्बादी बताते हुए खारिज कर दिया, तो इंटरनेट पर वकीलों के आचरण को लेकर भी बहस छिड़ गई। इसी दौरान, सीजेआई सूर्य कांत ने फर्जी डिग्रियों वाले वकीलों और इंटरनेट पर भड़ास निकालने वाले लोगों की आलोचना करते हुए एक विवादास्पद तुलना कर दी।<ref name="Statesman">{{Cite web|url=https://www.thestatesman.com/india/thousands-in-black-robes-under-doubt-cji-raises-fake-law-degree-concerns-slams-lawyers-online-conduct-1503594525.html|title=‘Thousands in black robes under doubt’: CJI raises fake law degree concerns, slams lawyers’ online conduct|last=Arora|first=Kamna|date=2026-05-16|website=The Statesman|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> सीजेआई ने टिप्पणी की: "कॉकरोच (तिलचट्टे) जैसे युवा हैं; जिन्हें कोई रोज़गार नहीं मिलता... वे मीडिया, सोशल मीडिया या आरटीआई कार्यकर्ता बनकर हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं, वे परजीवियों की तरह हैं।"<ref name="boom2">{{Cite web|url=https://www.boomlive.in/explainers/the-cockroach-janta-party-how-a-cji-comment-became-a-movement-31586|title=The Cockroach Janta Party: How A CJI Comment Became A Movement|last=Rizwan|first=Hera|date=2026-05-18|website=www.boomlive.in|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> चूँकि यह टिप्पणी देश के सर्वोच्च न्यायिक पद से आई थी, इसलिए इसने तुरंत राष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचा। बेरोज़गार युवाओं और छात्रों ने इसे अपना अपमान माना और सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश व्यक्त किया।<ref name="ANtnie">{{Cite web|url=https://www.newindianexpress.com/magazine/2026/May/31/travails-of-a-cockroach-infested-system|title=Travails of a Cockroach-infested System|last=Neelakantan|first=Anand|date=2026-05-31|website=The New Indian Express|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> विवाद बढ़ने पर, 16 मई 2026 को सीजेआई ने स्पष्टीकरण दिया कि उनकी टिप्पणी केवल उन फर्जी लोगों के लिए थी जो जाली डिग्रियों के सहारे महान पेशों में घुसपैठ करते हैं, न कि देश के युवाओं के लिए।<ref>{{Cite web|url=https://thewire.in/rights/offends-spirit-of-democracy-outrage-over-cji-surya-kants-cockroaches-parasites-remarks|title=After Outrage over His ‘Cockroaches’ ‘Parasites’ Remarks, CJI Surya Kant Says Media 'Misquoted' Him|website=The Wire|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> === आंदोलन की शुरुआत === आधिकारिक स्पष्टीकरण के बावजूद, देश के युवाओं ने "कॉकरोच" शब्द को एक हथियार के रूप में अपना लिया। 16 मई 2026 को डिजिटल संचार रणनीतिकार अभिजीत डिप्के ने सत्तारूढ़ व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए एक्स पर "कॉकरोच जनता पार्टी" के गठन की घोषणा की। यह नाम सीधे तौर पर [[भारतीय जनता पार्टी]] पर एक कटाक्ष था।<ref name="nationalherald2">{{Cite web|url=https://www.nationalheraldindia.com/national/laugh-if-you-want-but-cockroaches-uniting-joining-cockroach-janata-party-in-droves|title=Laugh if you like but cockroaches uniting, joining ‘Cockroach Janta Party’ in droves|last=Prabal|first=A. J.|date=2026-05-18|website=National Herald|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> "आलसी और बेरोजगारों की आवाज़" टैगलाइन के साथ शुरू हुआ यह मंच रातों-रात वायरल हो गया। इसके घोषणापत्र और ग्राफिक्स को तैयार करने के लिए [[चैटजीपीटी]] और क्लॉड जैसे [[कृत्रिम बुद्धिमत्ता|एआई]] उपकरणों का उपयोग किया गया। लॉन्च होने के महज़ पाँच दिनों के भीतर, इसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 1 करोड़ को पार कर गई, जिसने भाजपा के आधिकारिक हैंडल को भी पीछे छोड़ दिया।<ref name="it_celebs2">{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-10-million-followers-on-instagram-bjp-followers-cji-remarks-genz-youth-2914805-2026-05-21|title=Cockroach party beats BJP on the 'gram with 10 million followers in 5 days|last=Kateel|first=Avinash|date=2026-05-21|website=India Today|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> 22 मई 2026 तक यह संख्या 2 करोड़ के पार पहुँच गई और जल्द ही यह ऑनलाइन अभियान कई राज्यों में ज़मीनी विरोध प्रदर्शनों में बदल गया।<ref name="aljazeera">{{Cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title=‘Cockroach Janta Party’: Top Indian judge’s comment sparks satire, protest|last=Sharma|first=Yashraj|website=Al Jazeera|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> === संस्थापक === [[चित्र:DipkeProfile.jpg|अंगूठाकार|अभिजीत दिपके|175x175पिक्सेल]] सीजेपी के संस्थापक '''अभिजीत दिपके''' का जन्म 1995 में महाराष्ट्र के [[औरंगाबाद, महाराष्ट्र|औरंगाबाद]] में हुआ था। [[पुणे]] से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद, उन्होंने अमेरिका के [[बोस्टन विश्वविद्यालय]] से जनसंपर्क में मास्टर डिग्री हासिल की।<ref name="etvbharat">{{Cite web|url=https://www.etvbharat.com/en/lifestyle/abhijeet-dipke-started-cockroach-janata-party-cjp-enn26052101475|title=Explained: Who Is Abhijeet Dipke, The Man Behind India’s Most Unexpectedly Viral Political Satire?|last=Bharat|first=E. T. V.|date=2026-05-21|website=ETV Bharat News|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> 2020 से 2023 तक दिपके [[आम आदमी पार्टी]] की सोशल मीडिया टीम में काम किया और दिल्ली चुनावों के दौरान युवा मतदाताओं के लिए डिजिटल अभियान चलाए। 2023 में वे विदेश में पढ़ाई के लिए पार्टी से अलग हो गए थे। डिप्के अब सीजेपी को उन युवाओं के लिए एक "मंच" बताते हैं जो खुद को मुख्यधारा की राजनीति से अलग-थलग महसूस करते हैं।<ref name="timesnow">{{Cite web|url=https://marathi.timesnownews.com/news/who-is-abhijeet-dipke-man-behind-cockroach-janta-party-overpassing-bjp-on-instagram-gen-z-digital-movement-article-154366512|title=Who Is Abhijeet Dipke: कोण आहेत 'कॉक्रोच जनता पार्टी'चे संस्थापक अभिजीत दीपके? 'जेन झी' तरुणांचा नवा राजकीय मंच|date=2026-05-21|website=Times Now Marathi|language=mr|access-date=2026-06-06}}</ref> == विचारधारा == सीजेपी स्वयं को युवाओं का एक धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक राजनीतिक मोर्चा बताती है।<ref name="boom2"/> पार्टी के संस्थापक आनंद डिप्के ने स्पष्ट किया है कि उनकी मंशा इसे एक पारंपरिक राजनीतिक दल बनाने की नहीं है, और न ही वे स्थापित राजनेताओं को इस मंच पर शामिल करना चाहते हैं।<ref name="it_celebs2"/> पार्टी का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक व्यवस्था में जवाबदेही तय करना है। अपनी वेबसाइट पर सीजेपी ने [[पीएम केयर्स फंड]] जैसे संस्थानों और राजनीतिक भ्रष्टाचार पर कटाक्ष करते हुए सरकारी खर्चों में पारदर्शिता की मांग की है। पार्टी का घोषित मिशन उन युवाओं को राजनीतिक रूप से संगठित करना है, जिन्हें अक्सर "आलसी" या "हर समय ऑनलाइन रहने वाला" कहकर नज़रअंदाज़ किया जाता है।<ref name="cjp_manifesto">{{Cite web |title=CJP |url=https://cockroachjantaparty.org/#manifesto |access-date=21 May 2026 |archive-date=21 May 2026 |archive-url=https://web.archive.org/web/20260521185425/https://cockroachjantaparty.org/#manifesto |url-status=live }}</ref> === घोषणापत्र === पार्टी ने व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए एक औपचारिक पाँच-सूत्रीय [[घोषणापत्र]] जारी किया है:<ref>{{Cite news|url=https://www.telegraphindia.com/india/cji-surya-kant-may-clarify-but-cockroach-janata-party-is-ready-for-dissent-one-laugh-at-a-time/cid/2161212|title=CJI may clarify but Cockroach Janata Party is ready for dissent, one laugh at a time|access-date=2026-06-06|language=en}}</ref><ref name="boom2"/><ref name="indiatoday">{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-40000-members-mahua-moitra-kirti-azad-gen-z-convention-2913347-2026-05-18|title=Cockroach Janta Party debuts, admits two TMC MPs within days|last=Mukul|first=Sushim|date=2026-05-18|website=India Today|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> * सेवानिवृत्ति के बाद मुख्य न्यायाधीशों को राज्यसभा या किसी अन्य पद पर नियुक्त करने पर रोक लगाई जाए।<ref name="cjp_manifesto" /> * मतदान के अधिकारों का उल्लंघन होने पर [[भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त|मुख्य चुनाव आयुक्त]] के खिलाफ [[गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम|यूएपीए]] के तहत कार्रवाई की जाए (यह [[२०२५ भारतीय चुनाव विवाद|2025 के चुनावी विवाद]] के संदर्भ में है)।<ref name="FL">{{Cite web|url=https://frontline.thehindu.com/politics/cockroach-janta-party-gen-z-political-mobilisation-india/article71041637.ece|title=Cockroach Janta Party and the Political Awakening of Gen Z|last=Mishra|first=Soni|date=2026-05-30|website=Frontline|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> * संसद और सभी कैबिनेट पदों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।<ref name="cjp_manifesto" /> * मीडिया में एकाधिकार खत्म करने के लिए अडाणी समूह और [[रिलायंस इंडस्ट्रीज|रिलायंस]] के स्वामित्व वाले मीडिया घरानों के लाइसेंस रद्द किए जाएं, और "[[गोदी मीडिया]]" के एंकरों की वित्तीय जाँच हो।<ref name="cjp_manifesto" /> * [[दल-बदल|दल-बदल करने वाले विधायकों या सांसदों]] के चुनाव लड़ने पर 20 साल का प्रतिबंध लगाया जाए।<ref name="cjp_manifesto" /> सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज के सुझाव पर पार्टी ने अपने घोषणापत्र में यह भी जोड़ा है कि सीजेपी [[सूचना का अधिकार अधिनियम, २००५|आरटीआई अधिनियम]] के प्रति जवाबदेह होगी और कोई भी गुप्त फंड स्थापित नहीं करेगी।<ref name="indiatoday"/> === सदस्यता === सीजेपी ने अपनी सदस्यता के लिए जो पात्रता मानदंड तय किए हैं, वे पूरी तरह से व्यंग्यात्मक हैं। इनमें व्यक्ति का बेरोज़गार होना, शारीरिक रूप से आलसी होना और दिन का अधिकांश समय इंटरनेट पर बिताना शामिल है। इसके अलावा, सदस्य में किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी भड़ास निकालने की पेशेवर क्षमता होनी चाहिए।<ref name="boom2"/> पार्टी का स्पष्ट कहना है कि उनकी सदस्यता प्रक्रिया में धर्म, [[भारत में जाति व्यवस्था|जाति]] या लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता है।<ref name="boom2"/> == सोशल मीडिया और इंटरनेट प्रतिबंध == 21 मई 2026 को एक कानूनी माँग के जवाब में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आधिकारिक एक्स (X) खाते को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया।<ref name="sharma">{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/cockroach-janta-party-x-twitter-account-withheld-in-india-abhijeet-dipke-shares-photo-101779350031188.html|title=X withholds CJP account in India, platform says done due to a ‘legal demand’|last=Sharma|first=Nikita|date=2026-05-21|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> [[इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय]] ने [[इंटेलिजेंस ब्यूरो (भारत)|इंटेलिजेंस ब्यूरो]] (IB) की रिपोर्ट के आधार पर [[सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000|सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम]] की धारा 69(A) के तहत यह आदेश जारी किया था। IB ने "राष्ट्रीय सुरक्षा" और "भारत की संप्रभुता" को खतरे का हवाला देते हुए तर्क दिया कि पार्टी की सामग्री भड़काऊ थी और युवाओं के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रही थी। जिस समय यह कार्रवाई हुई, खाते के लगभग 90,000 फॉलोअर्स थे। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के इंस्टाग्राम खाते को ब्लॉक करने की प्रक्रिया चल रही है।<ref name="express_block">{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/in-cockroach-janta-party-handle-government-sees-a-national-security-threat-asks-x-to-block-10702041/|title=In ‘Cockroach Janta Party’ handle, Government sees national security threat, asks X to block|date=2026-05-22|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> हालाँकि, इस प्रतिबंध के कुछ ही मिनटों बाद पार्टी ने "कॉकरोच इज़ बैक" नामक नए हैंडल के साथ प्लेटफॉर्म पर वापसी कर ली।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.cnn.com/2026/05/22/india/india-cockroach-janta-party-gen-z-intl-hnk|title=India’s Gen Z have flipped the lowly cockroach into a symbol of defiance|last=Mitra|first=Rhea Mogul, Esha|date=2026-05-22|website=CNN|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> 23 मई 2026 को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट भी ऑफलाइन हो गई, जिसके लिए कथित तौर पर भारत सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया गया।<ref name="BBCWebsite26">{{Cite web|url=https://www.bbc.com/news/articles/cddpq71866do|title=India's Cockroach Janta Party claims website has been blocked|date=2026-05-23|website=www.bbc.com|language=en-GB|access-date=2026-06-07}}</ref> यह कार्रवाई तब हुई जब वेबसाइट पर नीट 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री [[धर्मेंद्र प्रधान]] के इस्तीफे की माँग करने वाली एक ऑनलाइन याचिका शुरू की गई थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/now-cockroach-janta-party-cjp-website-taken-down-founder-abhijeet-dipke-slams-dictatorial-behaviour-bjp-government-101779528479485.html|title=Now, Cockroach Janta Party website taken down; founder slams ‘dictatorial behaviour’|last=Mudgal|first=Aryan|date=2026-05-23|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> बाद में 25 मई को वेबसाइट पुनः बहाल हो गई।<ref name="FL" /> 24 मई 2026 को पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिप्के ने दावा किया कि CJP का आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज और उनका व्यक्तिगत इंस्टाग्राम खाता हैक कर लिया गया है, जिससे प्लेटफॉर्म पर उनकी उपस्थिति अस्थायी रूप से बाधित हो गई।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/founder-crackdown-cockroach-janta-party-x-handles-withheld-instagram-accounts-hacked-10703851/|title=Founder Abhijeet Dipke alleges crackdown on ‘Cockroach Janta Party’: ‘X handles withheld, Instagram accounts hacked’|date=2026-05-23|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> इसके बाद 26 मई 2026 को डिप्के ने एक्स खाते पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा दिए गए इस निर्देश को चुनौती देते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की माँग की।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/india/cockroach-janta-party-founder-abhijeet-dipke-moves-delhi-high-court-against-x-account-blocking/articleshow/131311593.cms?from=mdr|title=Cockroach Janta Party founder Abhijeet Dipke moves Delhi High Court against X account blocking|date=2026-05-25|work=The Economic Times|access-date=2026-06-07|issn=0013-0389}}</ref> == मैलवेयर प्रतिरूपण अभियान == मई 2026 में, ''[[The Hindu]]'' ने ट्रेसएक्स लैब्स की एक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि "Cockroach Janta Party" नाम से एक दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉइड अनुप्रयोग प्रसारित किया जा रहा था।<ref name=":3">{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/report-warns-that-cybercriminals-are-exploiting-cockroach-janta-partys-popularity-to-con-genz/article71036477.ece|title=Report warns that cybercriminals are exploiting Cockroach Janta Party’s popularity to con GenZ|last=Mutha|first=Snehal|date=2026-05-30|work=The Hindu|access-date=2026-06-20|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://thefederal.com/category/news/tracex-labs-cockroach-janta-party-android-malware-security-advisory-244030|title=TraceX Labs warns of fake Cockroach Janta Party Android malware spreading via WhatsApp, Telegram {{!}} TraceX Labs Warns of Fake “Cockroach Janta Party” Android Malware Spreading Through WhatsApp and Telegram|last=Federal|first=The|date=2026-05-22|website=thefederal.com|language=en|access-date=2026-06-20}}</ref><ref>https://tracexlabs.com/reports/cockroach-janta-party-malware-threat-report-2026.pdf</ref> == विरोध प्रदर्शन == 6 जून 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर मंतर, नई दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से नीट 2026 पेपर लीक और [[केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड|सीबीएसई]] परिणामों में हुई कथित ग्रेडिंग अनियमितताओं के खिलाफ था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली के प्रशासन, उसकी पारदर्शिता और 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) मूल्यांकन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री [[धर्मेंद्र प्रधान]] के इस्तीफे की माँग की।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/cockroach-janta-party-cjp-protest-live-updates-founder-abhijeet-dipke-news-delhi-jantar-mantar-police-sonam-wangchuk-101780706319590.html|title=CJP protest in Delhi highlights: CJP sets 7-day deadline for govt action, threatens pan-India agitation|date=2026-06-06|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/6/6/im-a-cockroach-gen-z-protest-movement-lands-in-indian-capital|title=‘I’m a cockroach’: Gen Z protest movement lands in Indian capital|last=Sharma|first=Yashraj|website=Al Jazeera|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/cockroach-janata-party-protest-live-updates-demonstration-at-jantar-mantar-tomorrow-demand-for-dharmendra-pradhans-resignation-10726103/|title=Cockroach Janta Party Protest Live Updates: Protest to continue till Dharmendra Pradhan resigns, says CJP founder Abhijeet Dipke|date=2026-06-05|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई, जब शिक्षा मंत्री का पुतला जलाने का प्रयास कर रहे कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में ले लिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.deccanherald.com/india/delhi/three-cjp-members-detained-for-trying-to-burn-dharmendra-pradhans-effigy-in-gorakhpur-4029847|title=Three CJP 'members' detained for trying to burn Dharmendra Pradhan's effigy in Gorakhpur|website=Deccan Herald|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> दिन के अंत तक सरकार की ओर से इस्तीफे की माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया न मिलने पर, पार्टी ने कार्रवाई के लिए सरकार को सात दिनों का समय-सीमा जारी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/cockroach-janta-party-cjp-protest-live-updates-founder-abhijeet-dipke-news-delhi-jantar-mantar-police-sonam-wangchuk-101780706319590.html|title=CJP protest in Delhi highlights: CJP sets 7-day deadline for govt action, threatens pan-India agitation|date=2026-06-06|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * {{Official website|https://cockroachjantaparty.org}} * [https://instagram.com/cockroachjantaparty आधिकारिक इंस्टाग्राम] * [https://x.com/CJP_2029 आधिकारिक एक्स खाता] [[श्रेणी:भारत में राजनैतिक आन्दोलन]] [[श्रेणी:आंदोलन]] g3mkerkg4rs236o3rdpawddbkijqpvj 6582700 6582698 2026-07-15T02:37:59Z Mepyeusese 936313 /* मैलवेयर प्रतिरूपण अभियान */ 6582700 wikitext text/x-wiki {{Infobox political party | name = कॉक्रोच जनता पार्टी | abbreviation = सीजेपी (CJP) | logo = [[चित्र:Cockroach Janta Party logo.svg|250px]] | logo_size = 150px | colorcode = #690A22 | president = अभिजीत दिपके | founder = अभिजीत दिपके | foundation = {{Start date and age|2026|05|16|df=yes}} | eci = पंजीकृत नहीं | ideology = {{ubl|राजनीतिक व्यंग्य|युवा अधिकार|[[व्यवस्था-विरोधी]]|[[धर्मनिरपेक्षता]]|[[समाजवाद]]}} | slogan = ''आलसियों और बेरोज़गारों की आवाज़'' | symbol = | website = {{URL|https://cockroachjantaparty.org}} }} '''कॉकक्रोच जनता पार्टी''' (संक्षिप्त: सीजेपी; शाब्दिक अर्थ: 'तिलचट्टा जनता पार्टी') एक भारतीय व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन (Satirical political movement) है, जिसकी स्थापना 16 मई 2026 को अभिजीत दिपके द्वारा की गई थी। दिपके एक राजनीतिक संचार रणनीतिकार हैं, जो पूर्व में [[आम आदमी पार्टी]] के साथ काम कर चुके हैं। इस आंदोलन का नाम भारत के सत्ताधारी दल, [[भारतीय जनता पार्टी]] का एक व्यंग्यात्मक अनुकरण है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.com/news/articles/cz72y11jjq1o|title=Cockroach Janta Party (CJP): How Abhijeet Dipke's collective became an online sensation|date=2026-05-21|website=www.bbc.com|language=en-GB|access-date=2026-05-25}}</ref> मई 2026 में भारत के न्यायिक और सोशल मीडिया परिदृश्य में उत्पन्न हुए एक प्रमुख विवाद के बाद यह आंदोलन अस्तित्व में आया। इसकी उत्पत्ति 15 मई 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत द्वारा एक अदालती सुनवाई के दौरान की गई उस मौखिक टिप्पणी के विरोध में हुई थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना "तिलचट्टों" और "समाज के परजीवियों" से की थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/youngsters-like-cockroaches-cji-surya-kant-raps-lawyer-filing-contempt-plea-calls-out-parasites-in-society-who-11778848698000.html|title=‘Youngsters like cockroaches’: CJI Surya Kant raps lawyer filing contempt plea, calls out ‘parasites in society who...’ {{!}} Today News|date=2026-05-15|website=mint|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/jobless-cockroaches-attack-the-system-cji-surya-kant/articleshow/131127870.cms|title=Jobless cockroaches... attack the system: CJI Surya Kant|date=2026-05-16|work=The Times of India|access-date=2026-05-25|issn=0971-8257}}</ref> अपनी स्थापना के कुछ ही दिनों के भीतर, इस आंदोलन ने 3,50,000 से अधिक आधिकारिक पंजीकरण प्राप्त कर लिए और [[इन्स्टाग्राम|इंस्टाग्राम]] पर इसके 3 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हो गए।<ref>{{Cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/india/cockroach-janta-party-top-judges-comment-sparks-viral-satire-protest/|title=Cockroach Janta Party’ explodes online after top judge’s remark; CJP gains 3.7 million followers in 24 hours|website=The Tribune|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> यह आंदोलन केवल डिजिटल दुनिया तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसने ज़मीनी स्तर पर भी कई गतिविधियाँ की हैं; जहाँ पार्टी के स्वयंसेवक 'कॉकक्रोच' की वेशभूषा पहनकर विरोध प्रदर्शनों और सफाई अभियानों में हिस्सा लेते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/trends/influencers-launch-indian-national-cockroaches-all-you-need-to-know-about-cockroach-janta-party-s-rival-13925201.html|title=Influencers launch 'Indian National Cockroaches': All you need to know about 'Cockroach Janta Party's rival- Moneycontrol.com|website=Moneycontrol|language=en-US|access-date=2026-05-25}}</ref> यद्यपि यह आंदोलन वर्तमान में [[भारत निर्वाचन आयोग]] के तहत एक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत नहीं है<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-eci-rules-cockroach-poll-symbol-india-instagram-followers-2914899-2026-05-21|title=Can the Cockroach Janta Party get a cockroach poll symbol in India?|last=Mukul|first=Sushim|date=2026-05-21|website=India Today|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref>, फिर भी यह भारतीय युवाओं को प्रभावित करने वाले व्यापक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों के खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चला रहा है। == पृष्ठभूमि और गठन == इस आंदोलन की उत्पत्ति मई 2026 में [[भारत का सर्वोच्च न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] में हुई एक सुनवाई के दौरान [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्य कान्त]] के द्वारा की गई विवादास्पद टिप्पणियों से हुई। === अदालती विवाद और सीजेआई की टिप्पणी === [[दिल्ली]] में वकीलों के पदनाम से जुड़े एक मामले में संजय दुबे नामक एक [[वकील]] ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने जब इसे समय की बर्बादी बताते हुए खारिज कर दिया, तो इंटरनेट पर वकीलों के आचरण को लेकर भी बहस छिड़ गई। इसी दौरान, सीजेआई सूर्य कांत ने फर्जी डिग्रियों वाले वकीलों और इंटरनेट पर भड़ास निकालने वाले लोगों की आलोचना करते हुए एक विवादास्पद तुलना कर दी।<ref name="Statesman">{{Cite web|url=https://www.thestatesman.com/india/thousands-in-black-robes-under-doubt-cji-raises-fake-law-degree-concerns-slams-lawyers-online-conduct-1503594525.html|title=‘Thousands in black robes under doubt’: CJI raises fake law degree concerns, slams lawyers’ online conduct|last=Arora|first=Kamna|date=2026-05-16|website=The Statesman|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> सीजेआई ने टिप्पणी की: "कॉकरोच (तिलचट्टे) जैसे युवा हैं; जिन्हें कोई रोज़गार नहीं मिलता... वे मीडिया, सोशल मीडिया या आरटीआई कार्यकर्ता बनकर हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं, वे परजीवियों की तरह हैं।"<ref name="boom2">{{Cite web|url=https://www.boomlive.in/explainers/the-cockroach-janta-party-how-a-cji-comment-became-a-movement-31586|title=The Cockroach Janta Party: How A CJI Comment Became A Movement|last=Rizwan|first=Hera|date=2026-05-18|website=www.boomlive.in|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> चूँकि यह टिप्पणी देश के सर्वोच्च न्यायिक पद से आई थी, इसलिए इसने तुरंत राष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचा। बेरोज़गार युवाओं और छात्रों ने इसे अपना अपमान माना और सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश व्यक्त किया।<ref name="ANtnie">{{Cite web|url=https://www.newindianexpress.com/magazine/2026/May/31/travails-of-a-cockroach-infested-system|title=Travails of a Cockroach-infested System|last=Neelakantan|first=Anand|date=2026-05-31|website=The New Indian Express|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> विवाद बढ़ने पर, 16 मई 2026 को सीजेआई ने स्पष्टीकरण दिया कि उनकी टिप्पणी केवल उन फर्जी लोगों के लिए थी जो जाली डिग्रियों के सहारे महान पेशों में घुसपैठ करते हैं, न कि देश के युवाओं के लिए।<ref>{{Cite web|url=https://thewire.in/rights/offends-spirit-of-democracy-outrage-over-cji-surya-kants-cockroaches-parasites-remarks|title=After Outrage over His ‘Cockroaches’ ‘Parasites’ Remarks, CJI Surya Kant Says Media 'Misquoted' Him|website=The Wire|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> === आंदोलन की शुरुआत === आधिकारिक स्पष्टीकरण के बावजूद, देश के युवाओं ने "कॉकरोच" शब्द को एक हथियार के रूप में अपना लिया। 16 मई 2026 को डिजिटल संचार रणनीतिकार अभिजीत डिप्के ने सत्तारूढ़ व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए एक्स पर "कॉकरोच जनता पार्टी" के गठन की घोषणा की। यह नाम सीधे तौर पर [[भारतीय जनता पार्टी]] पर एक कटाक्ष था।<ref name="nationalherald2">{{Cite web|url=https://www.nationalheraldindia.com/national/laugh-if-you-want-but-cockroaches-uniting-joining-cockroach-janata-party-in-droves|title=Laugh if you like but cockroaches uniting, joining ‘Cockroach Janta Party’ in droves|last=Prabal|first=A. J.|date=2026-05-18|website=National Herald|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> "आलसी और बेरोजगारों की आवाज़" टैगलाइन के साथ शुरू हुआ यह मंच रातों-रात वायरल हो गया। इसके घोषणापत्र और ग्राफिक्स को तैयार करने के लिए [[चैटजीपीटी]] और क्लॉड जैसे [[कृत्रिम बुद्धिमत्ता|एआई]] उपकरणों का उपयोग किया गया। लॉन्च होने के महज़ पाँच दिनों के भीतर, इसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 1 करोड़ को पार कर गई, जिसने भाजपा के आधिकारिक हैंडल को भी पीछे छोड़ दिया।<ref name="it_celebs2">{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-10-million-followers-on-instagram-bjp-followers-cji-remarks-genz-youth-2914805-2026-05-21|title=Cockroach party beats BJP on the 'gram with 10 million followers in 5 days|last=Kateel|first=Avinash|date=2026-05-21|website=India Today|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> 22 मई 2026 तक यह संख्या 2 करोड़ के पार पहुँच गई और जल्द ही यह ऑनलाइन अभियान कई राज्यों में ज़मीनी विरोध प्रदर्शनों में बदल गया।<ref name="aljazeera">{{Cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title=‘Cockroach Janta Party’: Top Indian judge’s comment sparks satire, protest|last=Sharma|first=Yashraj|website=Al Jazeera|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> === संस्थापक === [[चित्र:DipkeProfile.jpg|अंगूठाकार|अभिजीत दिपके|175x175पिक्सेल]] सीजेपी के संस्थापक '''अभिजीत दिपके''' का जन्म 1995 में महाराष्ट्र के [[औरंगाबाद, महाराष्ट्र|औरंगाबाद]] में हुआ था। [[पुणे]] से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद, उन्होंने अमेरिका के [[बोस्टन विश्वविद्यालय]] से जनसंपर्क में मास्टर डिग्री हासिल की।<ref name="etvbharat">{{Cite web|url=https://www.etvbharat.com/en/lifestyle/abhijeet-dipke-started-cockroach-janata-party-cjp-enn26052101475|title=Explained: Who Is Abhijeet Dipke, The Man Behind India’s Most Unexpectedly Viral Political Satire?|last=Bharat|first=E. T. V.|date=2026-05-21|website=ETV Bharat News|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> 2020 से 2023 तक दिपके [[आम आदमी पार्टी]] की सोशल मीडिया टीम में काम किया और दिल्ली चुनावों के दौरान युवा मतदाताओं के लिए डिजिटल अभियान चलाए। 2023 में वे विदेश में पढ़ाई के लिए पार्टी से अलग हो गए थे। डिप्के अब सीजेपी को उन युवाओं के लिए एक "मंच" बताते हैं जो खुद को मुख्यधारा की राजनीति से अलग-थलग महसूस करते हैं।<ref name="timesnow">{{Cite web|url=https://marathi.timesnownews.com/news/who-is-abhijeet-dipke-man-behind-cockroach-janta-party-overpassing-bjp-on-instagram-gen-z-digital-movement-article-154366512|title=Who Is Abhijeet Dipke: कोण आहेत 'कॉक्रोच जनता पार्टी'चे संस्थापक अभिजीत दीपके? 'जेन झी' तरुणांचा नवा राजकीय मंच|date=2026-05-21|website=Times Now Marathi|language=mr|access-date=2026-06-06}}</ref> == विचारधारा == सीजेपी स्वयं को युवाओं का एक धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक राजनीतिक मोर्चा बताती है।<ref name="boom2"/> पार्टी के संस्थापक आनंद डिप्के ने स्पष्ट किया है कि उनकी मंशा इसे एक पारंपरिक राजनीतिक दल बनाने की नहीं है, और न ही वे स्थापित राजनेताओं को इस मंच पर शामिल करना चाहते हैं।<ref name="it_celebs2"/> पार्टी का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक व्यवस्था में जवाबदेही तय करना है। अपनी वेबसाइट पर सीजेपी ने [[पीएम केयर्स फंड]] जैसे संस्थानों और राजनीतिक भ्रष्टाचार पर कटाक्ष करते हुए सरकारी खर्चों में पारदर्शिता की मांग की है। पार्टी का घोषित मिशन उन युवाओं को राजनीतिक रूप से संगठित करना है, जिन्हें अक्सर "आलसी" या "हर समय ऑनलाइन रहने वाला" कहकर नज़रअंदाज़ किया जाता है।<ref name="cjp_manifesto">{{Cite web |title=CJP |url=https://cockroachjantaparty.org/#manifesto |access-date=21 May 2026 |archive-date=21 May 2026 |archive-url=https://web.archive.org/web/20260521185425/https://cockroachjantaparty.org/#manifesto |url-status=live }}</ref> === घोषणापत्र === पार्टी ने व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए एक औपचारिक पाँच-सूत्रीय [[घोषणापत्र]] जारी किया है:<ref>{{Cite news|url=https://www.telegraphindia.com/india/cji-surya-kant-may-clarify-but-cockroach-janata-party-is-ready-for-dissent-one-laugh-at-a-time/cid/2161212|title=CJI may clarify but Cockroach Janata Party is ready for dissent, one laugh at a time|access-date=2026-06-06|language=en}}</ref><ref name="boom2"/><ref name="indiatoday">{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-40000-members-mahua-moitra-kirti-azad-gen-z-convention-2913347-2026-05-18|title=Cockroach Janta Party debuts, admits two TMC MPs within days|last=Mukul|first=Sushim|date=2026-05-18|website=India Today|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> * सेवानिवृत्ति के बाद मुख्य न्यायाधीशों को राज्यसभा या किसी अन्य पद पर नियुक्त करने पर रोक लगाई जाए।<ref name="cjp_manifesto" /> * मतदान के अधिकारों का उल्लंघन होने पर [[भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त|मुख्य चुनाव आयुक्त]] के खिलाफ [[गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम|यूएपीए]] के तहत कार्रवाई की जाए (यह [[२०२५ भारतीय चुनाव विवाद|2025 के चुनावी विवाद]] के संदर्भ में है)।<ref name="FL">{{Cite web|url=https://frontline.thehindu.com/politics/cockroach-janta-party-gen-z-political-mobilisation-india/article71041637.ece|title=Cockroach Janta Party and the Political Awakening of Gen Z|last=Mishra|first=Soni|date=2026-05-30|website=Frontline|language=en|access-date=2026-06-06}}</ref> * संसद और सभी कैबिनेट पदों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।<ref name="cjp_manifesto" /> * मीडिया में एकाधिकार खत्म करने के लिए अडाणी समूह और [[रिलायंस इंडस्ट्रीज|रिलायंस]] के स्वामित्व वाले मीडिया घरानों के लाइसेंस रद्द किए जाएं, और "[[गोदी मीडिया]]" के एंकरों की वित्तीय जाँच हो।<ref name="cjp_manifesto" /> * [[दल-बदल|दल-बदल करने वाले विधायकों या सांसदों]] के चुनाव लड़ने पर 20 साल का प्रतिबंध लगाया जाए।<ref name="cjp_manifesto" /> सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज के सुझाव पर पार्टी ने अपने घोषणापत्र में यह भी जोड़ा है कि सीजेपी [[सूचना का अधिकार अधिनियम, २००५|आरटीआई अधिनियम]] के प्रति जवाबदेह होगी और कोई भी गुप्त फंड स्थापित नहीं करेगी।<ref name="indiatoday"/> === सदस्यता === सीजेपी ने अपनी सदस्यता के लिए जो पात्रता मानदंड तय किए हैं, वे पूरी तरह से व्यंग्यात्मक हैं। इनमें व्यक्ति का बेरोज़गार होना, शारीरिक रूप से आलसी होना और दिन का अधिकांश समय इंटरनेट पर बिताना शामिल है। इसके अलावा, सदस्य में किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी भड़ास निकालने की पेशेवर क्षमता होनी चाहिए।<ref name="boom2"/> पार्टी का स्पष्ट कहना है कि उनकी सदस्यता प्रक्रिया में धर्म, [[भारत में जाति व्यवस्था|जाति]] या लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता है।<ref name="boom2"/> == सोशल मीडिया और इंटरनेट प्रतिबंध == 21 मई 2026 को एक कानूनी माँग के जवाब में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आधिकारिक एक्स (X) खाते को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया।<ref name="sharma">{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/cockroach-janta-party-x-twitter-account-withheld-in-india-abhijeet-dipke-shares-photo-101779350031188.html|title=X withholds CJP account in India, platform says done due to a ‘legal demand’|last=Sharma|first=Nikita|date=2026-05-21|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> [[इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय]] ने [[इंटेलिजेंस ब्यूरो (भारत)|इंटेलिजेंस ब्यूरो]] (IB) की रिपोर्ट के आधार पर [[सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000|सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम]] की धारा 69(A) के तहत यह आदेश जारी किया था। IB ने "राष्ट्रीय सुरक्षा" और "भारत की संप्रभुता" को खतरे का हवाला देते हुए तर्क दिया कि पार्टी की सामग्री भड़काऊ थी और युवाओं के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रही थी। जिस समय यह कार्रवाई हुई, खाते के लगभग 90,000 फॉलोअर्स थे। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के इंस्टाग्राम खाते को ब्लॉक करने की प्रक्रिया चल रही है।<ref name="express_block">{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/political-pulse/in-cockroach-janta-party-handle-government-sees-a-national-security-threat-asks-x-to-block-10702041/|title=In ‘Cockroach Janta Party’ handle, Government sees national security threat, asks X to block|date=2026-05-22|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> हालाँकि, इस प्रतिबंध के कुछ ही मिनटों बाद पार्टी ने "कॉकरोच इज़ बैक" नामक नए हैंडल के साथ प्लेटफॉर्म पर वापसी कर ली।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.cnn.com/2026/05/22/india/india-cockroach-janta-party-gen-z-intl-hnk|title=India’s Gen Z have flipped the lowly cockroach into a symbol of defiance|last=Mitra|first=Rhea Mogul, Esha|date=2026-05-22|website=CNN|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> 23 मई 2026 को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट भी ऑफलाइन हो गई, जिसके लिए कथित तौर पर भारत सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया गया।<ref name="BBCWebsite26">{{Cite web|url=https://www.bbc.com/news/articles/cddpq71866do|title=India's Cockroach Janta Party claims website has been blocked|date=2026-05-23|website=www.bbc.com|language=en-GB|access-date=2026-06-07}}</ref> यह कार्रवाई तब हुई जब वेबसाइट पर नीट 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री [[धर्मेंद्र प्रधान]] के इस्तीफे की माँग करने वाली एक ऑनलाइन याचिका शुरू की गई थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/now-cockroach-janta-party-cjp-website-taken-down-founder-abhijeet-dipke-slams-dictatorial-behaviour-bjp-government-101779528479485.html|title=Now, Cockroach Janta Party website taken down; founder slams ‘dictatorial behaviour’|last=Mudgal|first=Aryan|date=2026-05-23|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> बाद में 25 मई को वेबसाइट पुनः बहाल हो गई।<ref name="FL" /> 24 मई 2026 को पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिप्के ने दावा किया कि CJP का आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज और उनका व्यक्तिगत इंस्टाग्राम खाता हैक कर लिया गया है, जिससे प्लेटफॉर्म पर उनकी उपस्थिति अस्थायी रूप से बाधित हो गई।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/founder-crackdown-cockroach-janta-party-x-handles-withheld-instagram-accounts-hacked-10703851/|title=Founder Abhijeet Dipke alleges crackdown on ‘Cockroach Janta Party’: ‘X handles withheld, Instagram accounts hacked’|date=2026-05-23|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> इसके बाद 26 मई 2026 को डिप्के ने एक्स खाते पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा दिए गए इस निर्देश को चुनौती देते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की माँग की।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/india/cockroach-janta-party-founder-abhijeet-dipke-moves-delhi-high-court-against-x-account-blocking/articleshow/131311593.cms?from=mdr|title=Cockroach Janta Party founder Abhijeet Dipke moves Delhi High Court against X account blocking|date=2026-05-25|work=The Economic Times|access-date=2026-06-07|issn=0013-0389}}</ref> == साइबर सुरक्षा रिपोर्ट == मई 2026 में, ''[[The Hindu]]'' ने ट्रेसएक्स लैब्स की एक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि "Cockroach Janta Party" नाम से एक दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉइड अनुप्रयोग प्रसारित किया जा रहा था।<ref name=":3">{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/report-warns-that-cybercriminals-are-exploiting-cockroach-janta-partys-popularity-to-con-genz/article71036477.ece|title=Report warns that cybercriminals are exploiting Cockroach Janta Party’s popularity to con GenZ|last=Mutha|first=Snehal|date=2026-05-30|work=The Hindu|access-date=2026-06-20|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://thefederal.com/category/news/tracex-labs-cockroach-janta-party-android-malware-security-advisory-244030|title=TraceX Labs warns of fake Cockroach Janta Party Android malware spreading via WhatsApp, Telegram {{!}} TraceX Labs Warns of Fake “Cockroach Janta Party” Android Malware Spreading Through WhatsApp and Telegram|last=Federal|first=The|date=2026-05-22|website=thefederal.com|language=en|access-date=2026-06-20}}</ref><ref>https://tracexlabs.com/reports/cockroach-janta-party-malware-threat-report-2026.pdf</ref> == विरोध प्रदर्शन == 6 जून 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर मंतर, नई दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से नीट 2026 पेपर लीक और [[केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड|सीबीएसई]] परिणामों में हुई कथित ग्रेडिंग अनियमितताओं के खिलाफ था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली के प्रशासन, उसकी पारदर्शिता और 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) मूल्यांकन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री [[धर्मेंद्र प्रधान]] के इस्तीफे की माँग की।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/cockroach-janta-party-cjp-protest-live-updates-founder-abhijeet-dipke-news-delhi-jantar-mantar-police-sonam-wangchuk-101780706319590.html|title=CJP protest in Delhi highlights: CJP sets 7-day deadline for govt action, threatens pan-India agitation|date=2026-06-06|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/6/6/im-a-cockroach-gen-z-protest-movement-lands-in-indian-capital|title=‘I’m a cockroach’: Gen Z protest movement lands in Indian capital|last=Sharma|first=Yashraj|website=Al Jazeera|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/cockroach-janata-party-protest-live-updates-demonstration-at-jantar-mantar-tomorrow-demand-for-dharmendra-pradhans-resignation-10726103/|title=Cockroach Janta Party Protest Live Updates: Protest to continue till Dharmendra Pradhan resigns, says CJP founder Abhijeet Dipke|date=2026-06-05|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई, जब शिक्षा मंत्री का पुतला जलाने का प्रयास कर रहे कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में ले लिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.deccanherald.com/india/delhi/three-cjp-members-detained-for-trying-to-burn-dharmendra-pradhans-effigy-in-gorakhpur-4029847|title=Three CJP 'members' detained for trying to burn Dharmendra Pradhan's effigy in Gorakhpur|website=Deccan Herald|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> दिन के अंत तक सरकार की ओर से इस्तीफे की माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया न मिलने पर, पार्टी ने कार्रवाई के लिए सरकार को सात दिनों का समय-सीमा जारी कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/cockroach-janta-party-cjp-protest-live-updates-founder-abhijeet-dipke-news-delhi-jantar-mantar-police-sonam-wangchuk-101780706319590.html|title=CJP protest in Delhi highlights: CJP sets 7-day deadline for govt action, threatens pan-India agitation|date=2026-06-06|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2026-06-07}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]] == सन्दर्भ == {{reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * {{Official website|https://cockroachjantaparty.org}} * [https://instagram.com/cockroachjantaparty आधिकारिक इंस्टाग्राम] * [https://x.com/CJP_2029 आधिकारिक एक्स खाता] [[श्रेणी:भारत में राजनैतिक आन्दोलन]] [[श्रेणी:आंदोलन]] bdidik32csxcpw0ed6wes7yb6bd0ac7 केनेथ एरो 0 1612852 6582840 6571089 2026-07-15T09:10:05Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582840 wikitext text/x-wiki {{Infobox scientist | name = केनेथ एरो | native_name = Kenneth Arrow | image = Kenneth Arrow, Stanford University.jpg | birth_date = 23 अगस्त 1921 | birth_place = न्यूयॉर्क नगर, संयुक्त राज्य अमेरिका | death_date = 21 फ़रवरी 2017 | death_place = पालो ऑल्टो, कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका | citizenship = अमेरिकी | fields = अर्थशास्त्र, गणित, राजनीतिक विज्ञान | workplaces = स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, हार्वर्ड विश्वविद्यालय, शिकागो विश्वविद्यालय | alma_mater = सिटी कॉलेज ऑफ न्यूयॉर्क, कोलंबिया विश्वविद्यालय (विद्यावाचस्पति) | known_for = एरो का असंभवता प्रमेय, सामान्य संतुलन सिद्धांत, कल्याणकारी अर्थशास्त्र | awards = '''[[अर्थशास्त्र में नोबेल मेमोरियल पुरस्कार]]''' (1972), जॉन बेट्स क्लार्क पदक (1957), राष्ट्रीय विज्ञान पदक (2004) }} '''केनेथ जोसेफ एरो''' (23 अगस्त 1921 – 21 फ़रवरी 2017) आधुनिक अर्थशास्त्र के एक महान दूरदर्शी, कुशाग्र गणितज्ञ और बीसवीं सदी के सर्वाधिक प्रभावशाली आर्थिक विचारकों में से एक थे।<ref>{{cite web|url=https://www.nobelprize.org/prizes/economic-sciences/1972/arrow/biographical/|title=Kenneth J. Arrow - Biographical|publisher=Nobel Prize Outreach AB|accessdate=1 जून 2026}}</ref> उन्हें मुख्य रूप से 'कल्याणकारी अर्थशास्त्र' (वेलफेयर इकोनॉमिक्स) और 'सामान्य संतुलन सिद्धांत' (जनरल इक्विलिब्रियम थ्योरी) में उनके मौलिक और युगांतरकारी योगदान के लिए विश्व भर में जाना जाता है।<ref>{{cite book|last=Maskin|first=Eric|title=The Economics of Kenneth J. Arrow|year=2018|publisher=Stanford University Press}}</ref> अर्थशास्त्र को गणितीय कठोरता और तार्किक पूर्णता प्रदान करने वाले एरो ने सामाजिक चयन, जोखिम और सूचना के अर्थशास्त्र में ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए, जो आज भी अकाट्य माने जाते हैं।<ref>{{cite journal|last=Sen|first=Amartya|title=Kenneth Arrow and the Changing Economics of the World|journal=American Economic Review|year=2017|volume=107|pages=1-12}}</ref> उनके इस असाधारण और ऐतिहासिक बौद्धिक योगदान के लिए, वर्ष 1972 में उन्हें ब्रिटिश अर्थशास्त्री जॉन हिक्स के साथ संयुक्त रूप से 'अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार' से अलंकृत किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.nobelprize.org/prizes/economic-sciences/1972/summary/|title=The Sveriges Riksbank Prize in Economic Sciences 1972|publisher=Nobel Prize Outreach AB|accessdate=1 जून 2026}}</ref> विशेष बात यह है कि नोबेल पुरस्कार प्राप्त करते समय उनकी आयु मात्र 51 वर्ष थी, और आज तक वे अर्थशास्त्र का नोबेल जीतने वाले सबसे कम उम्र के विद्वान हैं।<ref>{{cite news|url=https://www.nytimes.com/2017/02/21/business/economy/kenneth-arrow-dead-nobel-laureate-in-economics.html|title=Kenneth Arrow, Nobel-Winning Economist, Dies at 95|publisher=The New York Times|date=21 फ़रवरी 2017|accessdate=1 जून 2026}}</ref> == प्रारंभिक जीवन और शिक्षा == [[चित्र:Migrant Mother.jpg|thumb|right|कोलंबिया विश्वविद्यालय का एक ऐतिहासिक दृश्य, जहाँ केनेथ एरो ने अपनी उच्च शिक्षा ग्रहण की और गणितीय सांख्यिकी में महारत हासिल की।]] केनेथ एरो का जन्म 23 अगस्त 1921 को न्यूयॉर्क नगर में एक रोमानियाई-यहूदी अप्रवासी परिवार में हुआ था।<ref>{{cite book|last=Arrow|first=Kenneth J.|title=Collected Papers of Kenneth J. Arrow|url=https://archive.org/details/collectedpaperso02arro|year=1983|publisher=Harvard University Press}}</ref> उनका बाल्यकाल 1930 के दशक की 'तीव्र आर्थिक मंदी' (ग्रेट डिप्रेशन) की छाया में बीता।<ref>{{cite web|url=https://www.britannica.com/biography/Kenneth-Arrow|title=Kenneth Arrow - American economist|publisher=Encyclopedia Britannica|accessdate=1 जून 2026}}</ref> मंदी के दौरान अपने परिवार के संघर्ष और गरीबी को देखकर उनके बाल-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ा, जिसने उनके भीतर अर्थशास्त्र और सामाजिक न्याय को समझने की बीज बो दिए।<ref>{{cite journal|last=Geanakoplos|first=John|title=Kenneth Arrow's Legacy|journal=Journal of Economic Perspectives|year=2018|volume=32|pages=23-45}}</ref> अत्यधिक कुशाग्र बुद्धि के धनी एरो ने वर्ष 1940 में 'सिटी कॉलेज ऑफ न्यूयॉर्क' से गणित में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।<ref>{{cite web|url=https://www.ccny.cuny.edu/alumni/notable-alumni|title=Notable Alumni of The City College of New York|publisher=CUNY|accessdate=1 जून 2026}}</ref> इसके पश्चात उन्होंने 'कोलंबिया विश्वविद्यालय' में प्रवेश लिया, जहाँ उनका सामना महान सांख्यिकीविद् हेरोल्ड हॉटेलिंग से हुआ।<ref>{{cite book|last=Weintraub|first=E. Roy|title=How Economics Became a Mathematical Science|url=https://archive.org/details/howeconomicsbeca00eroy|year=2002|publisher=Duke University Press}}</ref> द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, उन्होंने 1942 से 1946 तक अमेरिकी सेना के वायु सेना विभाग में एक मौसम विज्ञान अधिकारी (वेदर ऑफिसर) के रूप में उत्कृष्ट सेवाएँ दीं और मौसम की भविष्यवाणी करने के लिए गणितीय समीकरणों का उपयोग किया।<ref>{{cite journal|last=Arrow|first=Kenneth J.|title=On the Use of Winds in Flight Planning|journal=Journal of Meteorology|year=1949|volume=6|pages=150-159}}</ref> युद्ध के पश्चात उन्होंने पुनः कोलंबिया विश्वविद्यालय से वर्ष 1951 में अपनी 'विद्यावाचस्पति' (पीएच.डी.) की उपाधि पूर्ण की।<ref>{{cite web|url=https://econ.columbia.edu/alumni|title=Alumni of Columbia Economics|publisher=Columbia University|accessdate=1 जून 2026}}</ref> == एरो का असंभवता प्रमेय == [[चित्र:Supply-and-demand.svg|thumb|left|एजवर्थ बॉक्स, जो अर्थशास्त्र में संतुलन और कल्याण को दर्शाता है। एरो ने इन्हीं संकल्पनाओं को अपनी गणितीय तीक्ष्णता से परिष्कृत किया था।]] अर्थशास्त्र और [[राजनीति विज्ञान]] के इतिहास में एरो का सबसे बड़ा और अमर योगदान उनका 'असंभवता प्रमेय' (इम्पॉसिबिलिटी थ्योरम) है, जिसे उन्होंने 1951 में अपनी शोध-पुस्तिका ''"सामाजिक चयन और व्यक्तिगत मूल्य"'' (सोशल चॉइस एंड इंडिविजुअल वैल्यूज) में प्रकाशित किया था।<ref>{{cite book|last=Arrow|first=Kenneth J.|title=Social Choice and Individual Values|year=1951|publisher=John Wiley & Sons}}</ref> इस युगांतरकारी गणितीय प्रमेय ने मतदान प्रणाली के भ्रम को तोड़ दिया।<ref>{{cite journal|last=Feldman|first=Allan M.|title=Arrow's Impossibility Theorem|journal=The New Palgrave Dictionary of Economics|year=2008|pages=1-5}}</ref> एरो ने तार्किक रूप से यह सिद्ध कर दिया कि ऐसी कोई भी 'आदर्श मतदान प्रणाली' नहीं बनाई जा सकती (जब विकल्प तीन या तीन से अधिक हों), जो सभी लोकतांत्रिक और उचित नियमों (जैसे तानाशाही का अभाव, व्यक्तिगत प्राथमिकताओं का सम्मान आदि) का एक साथ पूर्ण रूप से पालन कर सके।<ref>{{cite book|last=Kelly|first=Jerry S.|title=Arrow Impossibility Theorems|url=https://archive.org/details/arrowimpossibili0000kell|year=1978|publisher=Academic Press}}</ref> उनके इस निष्कर्ष ने राजनीति विज्ञान, दर्शनशास्त्र और कल्याणकारी अर्थशास्त्र में एक भूकंप सा ला दिया था।<ref>{{cite journal|last=Sen|first=Amartya|title=Social Choice Theory: A Re-examination|url=https://archive.org/details/sim_econometrica_1977-01_45_1/page/52|journal=Econometrica|year=1977|volume=45|pages=53-89}}</ref> आज भी दुनिया भर के चुनाव सुधारक और राजनीतिक विश्लेषक इसी प्रमेय के आधार पर चुनाव प्रणालियों का अध्ययन करते हैं।<ref>{{cite web|url=https://plato.stanford.edu/entries/arrows-theorem/|title=Arrow's Theorem|publisher=Stanford Encyclopedia of Philosophy|accessdate=1 जून 2026}}</ref> == सामान्य संतुलन और स्वास्थ्य अर्थशास्त्र == वर्ष 1954 में केनेथ एरो ने फ्रांसीसी अर्थशास्त्री जेरार्ड डेब्रेयू के साथ मिलकर एक और ऐतिहासिक शोध पत्र प्रकाशित किया।<ref>{{cite journal|last=Arrow|first=Kenneth J.|author2=Debreu, Gerard|title=Existence of an Equilibrium for a Competitive Economy|url=https://archive.org/details/sim_econometrica_1954-07_22_3/page/265|journal=Econometrica|year=1954|volume=22|pages=265-290}}</ref> उन्होंने गणितीय सूत्रों के माध्यम से पहली बार यह सिद्ध किया कि एक मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था में ऐसी कीमतों का अस्तित्व संभव है, जिस पर आपूर्ति और मांग पूरी तरह से संतुलित (सामान्य संतुलन) हो जाती है।<ref>{{cite book|last=Starr|first=Ross M.|title=General Equilibrium Theory: An Introduction|url=https://archive.org/details/generalequilibri0000star|year=1997|publisher=Cambridge University Press}}</ref> इसके अतिरिक्त, 1963 में उन्होंने 'चिकित्सा देखभाल के अर्थशास्त्र' पर एक अत्यंत शोधपरक लेख लिखा।<ref>{{cite journal|last=Arrow|first=Kenneth J.|title=Uncertainty and the Welfare Economics of Medical Care|url=https://archive.org/details/sim_american-economic-review_1963-12_53_5/page/941|journal=American Economic Review|year=1963|volume=53|pages=941-973}}</ref> इस लेख में उन्होंने सूचना की विषमता, 'नैतिक संकट' (मोरल हैज़र्ड) और 'प्रतिकूल चयन' (एडवर्स सिलेक्शन) जैसे शब्दों को परिभाषित किया।<ref>{{cite journal|last=Rothschild|first=Michael|author2=Stiglitz, Joseph|title=Equilibrium in Competitive Insurance Markets|url=https://archive.org/details/sim_quarterly-journal-of-economics_1976-11_90_4/page/629|journal=Quarterly Journal of Economics|year=1976|volume=90|pages=629-649}}</ref> उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवा का बाजार सामान्य बाजारों की तरह काम नहीं कर सकता, क्योंकि डॉक्टर के पास मरीज की तुलना में कहीं अधिक जानकारी होती है।<ref>{{cite book|last=Folland|first=Sherman|title=The Economics of Health and Health Care|year=2016|publisher=Routledge}}</ref> आज पूरी दुनिया का स्वास्थ्य अर्थशास्त्र (हेल्थ इकोनॉमिक्स) उनके इसी शोध पर टिका हुआ है।<ref>{{cite web|url=https://www.who.int/health-topics/health-economics|title=Health Economics|publisher=World Health Organization|accessdate=1 जून 2026}}</ref> == अकादमिक यात्रा और प्रमुख सम्मान == [[चित्र:Stanford University.jpg|thumb|right|स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय का हूवर टॉवर। एरो ने अपने अकादमिक जीवन के कई स्वर्णिम दशक इसी संस्थान में प्राध्यापक के रूप में व्यतीत किए।]] अकादमिक जगत में एरो की यात्रा अत्यंत गौरवशाली रही। उन्होंने 1949 में 'स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय' में अपनी सेवाएँ देना आरंभ किया और 1968 तक वहीं रहे।<ref>{{cite web|url=https://economics.stanford.edu/about/history|title=History of the Stanford Economics Department|publisher=Stanford University|accessdate=1 जून 2026}}</ref> इसके पश्चात वे 11 वर्षों के लिए '[[हार्वर्ड विश्वविद्यालय]]' गए, परंतु अंततः 1979 में पुनः स्टैनफोर्ड लौट आए।<ref>{{cite journal|last=Solow|first=Robert M.|title=Kenneth Arrow's Time at Harvard|journal=Harvard Economic Studies|year=2017|pages=12-15}}</ref> उन्होंने अपने जीवन में पांच ऐसे छात्रों का मार्गदर्शन किया जिन्हें बाद में अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ।<ref>{{cite book|last=Mäki|first=Uskali|title=The Economic World View: Studies in the Ontology of Economics|year=2001|publisher=Cambridge University Press}}</ref> ज्ञान की इस अथाह सेवा के लिए उन्हें विश्व भर में सम्मानित किया गया। 1957 में उन्हें अमेरिकन इकोनॉमिक एसोसिएशन द्वारा प्रतिष्ठित 'जॉन बेट्स क्लार्क पदक' प्रदान किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.aeaweb.org/about-aea/honors-awards/bates-clark|title=John Bates Clark Medal|publisher=American Economic Association|accessdate=1 जून 2026}}</ref> 1972 में उन्हें 'अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार' मिला।<ref>{{cite journal|last=Hicks|first=John|title=A Tribute to Kenneth Arrow|url=https://archive.org/details/sim_economic-journal_1973-03_83_329/page/n1|journal=The Economic Journal|year=1973|volume=83|pages=1-5}}</ref> इसके पश्चात वर्ष 2004 में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति ने उन्हें विज्ञान के सर्वोच्च सम्मान 'राष्ट्रीय विज्ञान पदक' (नेशनल मेडल ऑफ साइंस) से अलंकृत किया।<ref>{{cite web|url=https://www.nsf.gov/od/nms/recip_details.jsp?recip_id=10|title=National Medal of Science Laureates|publisher=National Science Foundation|accessdate=1 जून 2026}}</ref> == जीवन का अंतिम समय== [[चित्र:National Medal of Science.jpg|thumb|left|प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विज्ञान पदक, जिससे केनेथ एरो को वर्ष 2004 में उनके अप्रतिम वैज्ञानिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया था।]] केनेथ एरो केवल एक अर्थशास्त्री ही नहीं थे, बल्कि वे पर्यावरण परिवर्तन, निशस्त्रीकरण और वैश्विक न्याय के भी बहुत बड़े पैरोकार थे।<ref>{{cite journal|last=Dasgupta|first=Partha|title=Kenneth Arrow's Environmental Economics|journal=Ecological Economics|year=2018|volume=143|pages=2-7}}</ref> उन्होंने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ काम करने के लिए अर्थशास्त्रियों को एकजुट करने में एक बड़ी भूमिका निभाई थी।<ref>{{cite book|last=Nordhaus|first=William D.|title=The Climate Casino: Risk, Uncertainty, and Economics for a Warming World|url=https://archive.org/details/climatecasinoris0000nord|year=2013|publisher=Yale University Press}}</ref> 95 वर्ष की एक अत्यंत दीर्घ, परिपक्व और सार्थक आयु में, 21 फ़रवरी 2017 को कैलिफोर्निया के पालो ऑल्टो में इस महान युगदृष्टा का शांतिपूर्ण ढंग से निधन हो गया।<ref>{{cite news|url=https://www.washingtonpost.com/local/obituaries/kenneth-j-arrow-nobel-winning-economist-whose-influence-spanned-decades-dies-at-95/2017/02/21/|title=Kenneth J. Arrow, Nobel-winning economist, dies at 95|publisher=The Washington Post|date=21 फ़रवरी 2017|accessdate=1 जून 2026}}</ref> उनके द्वारा रचे गए गणितीय सूत्र और आर्थिक सिद्धांत आज भी अर्थशास्त्र की आत्मा में बसे हुए हैं। वे बीसवीं सदी के उन विरले विचारकों में गिने जाएंगे जिन्होंने गणितीय सत्य के भीतर मानवीय कल्याण की परिभाषा गढ़ी थी।<ref>{{cite journal|last=Stiglitz|first=Joseph E.|title=Remembering Kenneth Arrow|journal=Project Syndicate|year=2017|pages=1-3}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[जॉन हिक्स]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.nobelprize.org/prizes/economic-sciences/1972/arrow/facts/ नोबेलप्राइज़.ऑर्ग पर केनेथ एरो की आधिकारिक जीवनी] {{Authority control}} [[श्रेणी:1921 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार विजेता]] 2yqfsx83jmo3oxj3bgu8ge9ii0jwomv २०२६ होर्मुज़ जलसन्धि अभियान 0 1613263 6582896 6582010 2026-07-15T11:14:52Z Pooja Shree Gaur 449909 refrance 6582896 wikitext text/x-wiki {{Expand English|2026 Strait of Hormuz campaign}} १९ मार्च २०२६ ईस्वी को [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] ने [[होरमुज़ जलसन्धि|होर्मुज़ जलसन्धि]] को पुनः खोलने के उद्देश्य से ईरानी लक्ष्यों के विरुद्ध एक वायविक अभियान आरम्भ किया, जो [[ईरान]] द्वारा [[२०२६ इजरायल-अमेरिका का ईरान पर हमला|संयुक्त राज्य अमेरिका तथा इज़राइल के आक्रमणों]] के प्रत्युत्तर में जलसन्धि के अवरोधन के पश्चात् प्रारम्भ हुआ था। इस अभियान की घोषणा इस योजना के भाग के रूप में की गई कि अन्तरराष्ट्रीय नौवहन हेतु मार्ग को पुनः सुचारु किया जाए, जिसके लिए जलसन्धि में नौवहन को लक्ष्य करने वाले ईरानी नौसैनिक जलयानों तथा मानवविहीन वायुयानों का विनाश किया जाना प्रस्तावित था।<ref>{{Cite web|url=https://www.wsj.com/world/middle-east/u-s-war-planes-and-helicopters-kick-off-battle-to-reopen-hormuz-530cdb78|title=U.S. War Planes and Helicopters Kick Off Battle to Reopen Hormuz|author1=Kevin Gordon|author2=David S. Cloud|date=2026-03-20|website=The Wall Street Journal|language=en-US|access-date=2026-03-20|author3=Lara Seligman}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.cnn.com/2026/03/20/politics/us-strait-of-hormuz-avert-closure-iran|title=US furiously seeks to avert potential monthslong closure of Strait of Hormuz|author1=Kevin Liptak|author2=Alayna Treene|date=2026-03-20|website=CNN|language=en|access-date=2026-03-20|author3=Zachary Cohen|author4=Natasha Bertrand|author5=Jim Sciutto}}</ref> इसी अवधि में [[इज़राइल]] ने [[अलीरेज़ा तंगसीरी]] की हत्या कर दी, जो होर्मुज़ जलसन्धि के अवरोधन की निगरानी कर रहे नौसैनिक अधिकारी थे।<ref name=":2">{{Cite web|url=https://www.bbc.com/news/articles/cy81p99x07no|title=Israel says it has killed Iran's navy chief overseeing Strait of Hormuz blockade|date=2026-03-26|website=BBC News|language=en-GB|archive-url=https://web.archive.org/web/20260326152845/https://www.bbc.com/news/articles/cy81p99x07no|archive-date=2026-03-26|access-date=2026-03-26|url-status=live}}</ref> १३ अप्रैल २०२६ को इस्लामाबाद वार्ताओं की [[इस्लामाबाद समझौते का प्रस्ताव (2026)|युद्धविराम]] के समय विफलता के पश्चात् संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक नाकाबन्दी आरोपित की।<ref>{{Cite news|url=https://www.washingtonpost.com/world/2026/04/12/iran-us-talks-ceasefire-vance/|title=Trump announces naval blockade of Iran after Islamabad talks yield no deal|date=2026-04-12|newspaper=[[The Washington Post]]|access-date=2026-04-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20260412184839/https://www.washingtonpost.com/world/2026/04/12/iran-us-talks-ceasefire-vance/|archive-date=2026-04-12|language=en-US|issn=0190-8286|url-status=live}}</ref> २३ अप्रैल को राष्ट्रपति ट्रम्प ने आदेश दिया कि होर्मुज़ जलसन्धि में सुरंग-विस्फोटक स्थापित करने वाले किसी भी ईरानी जलयान को संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना द्वारा नष्ट किया जाए।<ref>{{Cite web|url=https://telanganatoday.com/trump-orders-us-military-to-shoot-and-kill-iranian-boats-in-hormuz|title=Trump orders US military to 'shoot and kill' Iranian boats in Hormuz|date=2026-04-23|publisher=Telangana Today|language=en|access-date=2026-04-23|agency=[[Associated Press]]}}</ref> ३ मई को ट्रम्प ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अगले प्रातः से होर्मुज़ जलसन्धि में फँसे हुए जलयानों की मुक्ति में सहायता करेगा।<ref name="internazionale3may">{{Cite web|url=https://www.internazionale.it/ultime-notizie-reuters/2026/05/03/trump-says-us-to-help-free-up-ships-in-strait-of-hormuz-starting-monday-morning|title=Trump says US to help free up ships in Strait of Hormuz starting Monday morning|date=3 May 2026|website=Internazionale|access-date=3 May 2026|agency=Reuters}}{{Dead link|date=जुलाई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> ६ मई को राष्ट्रपति ट्रम्प ने होर्मुज़ जलसन्धि को पुनः खोलने हेतु चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान "प्रोजेक्ट फ़्रीडम" को अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की, तथा कहा कि ईरान के साथ सम्भावित समझौते की दिशा में "महान प्रगति" हुई है। उन्होंने संकेत दिया कि इस अभियान को एक "पूर्ण एवं अन्तिम समझौते" की सम्भावना के मूल्यांकन हेतु अल्पकालिक रूप से विलम्बित किया जाएगा।<ref>{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/news/liveblog/2026/5/6/iran-war-live-trump-says-hormuz-operation-paused-amid-us-tehran-talks|title=Iran war live: Trump says Hormuz operation paused amid US, Tehran talks|date=6 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=6 May 2026}}</ref> == विश्लेषण == होर्मुज़ जलसन्धि को फिर से खोलना सैन्य साधनों के साथ सम्भव नहीं माना जाता है, विशेषतः अमेरिका के अपने सहयोगियों या प्रभावित एशियाई देशों के साथ गठबन्धन बनाने में विफलता के पश्चात्।<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.com/persian/articles/c36r2nz9gwro|title=محاصره دریایی آمریکا علیه ایران؛ چه کسی بیشتر ضرر می‌کند؟|date=17 April 2026|website=BBC News فارسی}}</ref> <ref name="UPNews9_Hormuz">{{cite video |title=तेल Rs 150 Litre? | ईरान ने कर दिया खेल? | Complete Analysis |url=https://www.youtube.com/watch?v=brZ3KAb_e-I |publisher=[[UPNews 9]] |date=15 जुलाई 2026 |accessdate=15 जुलाई 2026 |language=hi |medium=YouTube Video}}</ref> == सम्बन्धित विषय == * [[२०२६ होर्मुज़ जलसन्धि संकट]] == सन्दर्भ == {{Reflist}} {{Stub}} [[श्रेणी:नाकाबन्दी]] p05e5e2xhvqxt4cqy4nqj5ofk08ch4v 6582897 6582896 2026-07-15T11:16:34Z Pooja Shree Gaur 449909 spellings correction 6582897 wikitext text/x-wiki {{Expand English|2026 Strait of Hormuz campaign}} १९ मार्च २०२६ ईस्वी को [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] ने [[होरमुज़ जलसन्धि|होर्मुज़ जलसन्धि]] को पुनः खोलने के उद्देश्य से ईरानी लक्ष्यों के विरुद्ध एक वायविक अभियान आरम्भ किया, जो [[ईरान]] द्वारा [[२०२६ इजरायल-अमेरिका का ईरान पर हमला|संयुक्त राज्य अमेरिका तथा इज़राइल के आक्रमणों]] के प्रत्युत्तर में जलसन्धि के अवरोधन के पश्चात् प्रारम्भ हुआ था। इस अभियान की घोषणा इस योजना के भाग के रूप में की गई कि अन्तरराष्ट्रीय नौवहन हेतु मार्ग को पुनः सुचारु किया जाए, जिसके लिए जलसन्धि में नौवहन को लक्ष्य करने वाले ईरानी नौसैनिक जलयानों तथा मानवविहीन वायुयानों का विनाश किया जाना प्रस्तावित था।<ref>{{Cite web|url=https://www.wsj.com/world/middle-east/u-s-war-planes-and-helicopters-kick-off-battle-to-reopen-hormuz-530cdb78|title=U.S. War Planes and Helicopters Kick Off Battle to Reopen Hormuz|author1=Kevin Gordon|author2=David S. Cloud|date=2026-03-20|website=The Wall Street Journal|language=en-US|access-date=2026-03-20|author3=Lara Seligman}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.cnn.com/2026/03/20/politics/us-strait-of-hormuz-avert-closure-iran|title=US furiously seeks to avert potential monthslong closure of Strait of Hormuz|author1=Kevin Liptak|author2=Alayna Treene|date=2026-03-20|website=CNN|language=en|access-date=2026-03-20|author3=Zachary Cohen|author4=Natasha Bertrand|author5=Jim Sciutto}}</ref> इसी अवधि में [[इज़राइल]] ने [[अलीरेज़ा तंगसीरी]] की हत्या कर दी, जो होर्मुज़ जलसन्धि के अवरोधन की निगरानी कर रहे नौसैनिक अधिकारी थे।<ref name=":2">{{Cite web|url=https://www.bbc.com/news/articles/cy81p99x07no|title=Israel says it has killed Iran's navy chief overseeing Strait of Hormuz blockade|date=2026-03-26|website=BBC News|language=en-GB|archive-url=https://web.archive.org/web/20260326152845/https://www.bbc.com/news/articles/cy81p99x07no|archive-date=2026-03-26|access-date=2026-03-26|url-status=live}}</ref> १३ अप्रैल २०२६ को इस्लामाबाद वार्ताओं की [[इस्लामाबाद समझौते का प्रस्ताव (2026)|युद्धविराम]] के समय विफलता के पश्चात् संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक नाकाबन्दी आरोपित की।<ref>{{Cite news|url=https://www.washingtonpost.com/world/2026/04/12/iran-us-talks-ceasefire-vance/|title=Trump announces naval blockade of Iran after Islamabad talks yield no deal|date=2026-04-12|newspaper=[[The Washington Post]]|access-date=2026-04-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20260412184839/https://www.washingtonpost.com/world/2026/04/12/iran-us-talks-ceasefire-vance/|archive-date=2026-04-12|language=en-US|issn=0190-8286|url-status=live}}</ref> २३ अप्रैल को राष्ट्रपति ट्रम्प ने आदेश दिया कि होर्मुज़ जलसन्धि में सुरंग-विस्फोटक स्थापित करने वाले किसी भी ईरानी जलयान को संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना द्वारा नष्ट किया जाए।<ref>{{Cite web|url=https://telanganatoday.com/trump-orders-us-military-to-shoot-and-kill-iranian-boats-in-hormuz|title=Trump orders US military to 'shoot and kill' Iranian boats in Hormuz|date=2026-04-23|publisher=Telangana Today|language=en|access-date=2026-04-23|agency=[[Associated Press]]}}</ref> ३ मई को ट्रम्प ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अगले प्रातः से होर्मुज़ जलसन्धि में फँसे हुए जलयानों की मुक्ति में सहायता करेगा।<ref name="internazionale3may">{{Cite web|url=https://www.internazionale.it/ultime-notizie-reuters/2026/05/03/trump-says-us-to-help-free-up-ships-in-strait-of-hormuz-starting-monday-morning|title=Trump says US to help free up ships in Strait of Hormuz starting Monday morning|date=3 May 2026|website=Internazionale|access-date=3 May 2026|agency=Reuters}}{{Dead link|date=जुलाई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> ६ मई को राष्ट्रपति ट्रम्प ने होर्मुज़ जलसन्धि को पुनः खोलने हेतु चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान "प्रोजेक्ट फ़्रीडम" को अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की, तथा कहा कि ईरान के साथ सम्भावित समझौते की दिशा में "महान प्रगति" हुई है। उन्होंने संकेत दिया कि इस अभियान को एक "पूर्ण एवं अन्तिम समझौते" की सम्भावना के मूल्यांकन हेतु अल्पकालिक रूप से विलम्बित किया जाएगा।<ref>{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/news/liveblog/2026/5/6/iran-war-live-trump-says-hormuz-operation-paused-amid-us-tehran-talks|title=Iran war live: Trump says Hormuz operation paused amid US, Tehran talks|date=6 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=6 May 2026}}</ref> == विश्लेषण == होर्मुज़ जलसन्धि को फिर से खोलना सैन्य साधनों के साथ सम्भव नहीं माना जाता है, विशेषतः अमेरिका के अपने सहयोगियों या प्रभावित एशियाई देशों के साथ गठबन्धन बनाने में विफलता के पश्चात्।<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.com/persian/articles/c36r2nz9gwro|title=محاصره دریایی آمریکا علیه ایران؛ چه کسی بیشتر ضرر می‌کند؟|date=17 April 2026|website=BBC News فارسی}}</ref> <ref name="UPNews9_Hormuz">{{cite video |title=तेल Rs 150 Litre? | ईरान ने कर दिया खेल? | Complete Analysis |url=https://www.youtube.com/watch?v=brZ3KAb_e-I |publisher=[[UP News 9]] |date=15 जुलाई 2026 |accessdate=15 जुलाई 2026 }}</ref> == सम्बन्धित विषय == * [[२०२६ होर्मुज़ जलसन्धि संकट]] == सन्दर्भ == {{Reflist}} {{Stub}} [[श्रेणी:नाकाबन्दी]] tjlczwd7sg8suwvyd5hqr3pmc40q3ha मिग्माटाइट 0 1613975 6582792 6567232 2026-07-15T07:12:41Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582792 wikitext text/x-wiki {| class="wikitable" style="float: right; margin-left: 1.5em; width: 290px; font-size: 90%; background: #f9f9f9; border: 1px solid #aaa; padding: 5px; box-shadow: 2px 2px 5px rgba(0,0,0,0.1);" |- ! colspan="2" style="background: #ededed; text-align: center; font-size: 110%; padding: 5px;" | मिग्माटाइट <br />(Migmatite) |- | colspan="2" style="text-align: center; background: white; padding: 5px;" | [[चित्र:Migmatite.jpg|260px]]<br /><small>मिग्माटाइट चट्टान का एक वैश्विक प्रामाणिक नमूना</small> |- | colspan="2" style="text-align: center; background: white; padding: 5px;" | [[चित्र:Migmatite gneiss.jpg|260px]]<br /><small>नीस और ग्रैनाइट परतों के सम्मिश्रण को दर्शाती मिग्माटाइट चट्टान</small> |- | '''चट्टान का प्रकार''' | [[रूपांतरित चट्टान]] / [[आग्नेय चट्टान]] (मिश्रित स्वरूप) |- | '''उत्पत्ति का वातावरण''' | मध्यम से उच्च-स्तरीय क्षेत्रीय रूपांतरण (Metamorphism) |- | '''मुख्य संरचनात्मक घटक''' | पेलियोसोम (पुराना भाग) और नियोसोम (पिघला हुआ नया भाग) |- | '''भौगोलिक विन्यास''' | [[प्रिकैमब्रियन]] कल्प के प्राचीन क्रेटॉनिक ब्लॉक और नष्ट हुई पर्वत श्रृंखलाओं की तलहटी |- | '''खनिज विज्ञान''' | [[क्वार्ट्ज]], फेल्डस्पार (ल्यूकोसोम) और बायोटाइट, एम्फीबोल (मेलेनोसोम) |} '''मिग्माटाइट''' (Migmatite) एक मिश्रित या सम्मिश्र [[चट्टान]] है जो मध्यम से उच्च-स्तरीय रूपांतरित (Metamorphic) वातावरण में पाई जाती है। यह कलीसियाई रूप से पृथ्वी की प्राचीन [[प्रिकैमब्रियन]] कल्प की क्रेटॉनिक परतों (Cratonic blocks) का हिस्सा होती है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि इसमें दो अलग-अलग प्रकार की चट्टानों के गुण बार-बार दोहराई जाने वाली परतों के रूप में दिखाई देते हैं: इसकी एक परत पुरानी रूपांतरित चट्टान की होती है जो आंशिक रूप से पिघलने से बची रह जाती है (इसे '''पेलियोसोम''' या मेसोसोम कहा जाता है), जबकि इसकी दूसरी परत पूरी तरह पिघलकर नए सिरे से क्रिस्टलीकृत हुई [[ग्रैनाइट]] या पेग्मैटाइट जैसी आग्नेय चट्टान की होती है (इसे '''नियोसोम''' कहा जाता है)।<ref name=Sawyer1>{{cite book |last1=Sawyer |first1=Edward |date=2008 |title=Atlas of Migmatites |publisher=Mineralogical Association of Canada}}</ref> यह चट्टान वास्तव में रूपांतरित चट्टानों और आग्नेय (मैग्मैटिक) चट्टानों के बीच की कलीसियाई संक्रमणकालीन कड़ी (Transition link) है। आमतौर पर, [[मिनीकंप्यूटर]] की आंतरिक बारीकियों की तरह ही यह चट्टान प्राचीन और नष्ट हो चुकी पर्वत श्रृंखलाओं की गहरी तलहटी में पाई जाती है जहाँ अत्यधिक तापमान और [[भूवैज्ञानिक]] दबाव के कारण चट्टानें आंशिक रूप से पिघलना शुरू हो जाती हैं। == गठन और आंतरिक यांत्रिकी == मिग्माटाइट का गठन प्रगामी रूपांतरण (Prograde Metamorphism) के दौरान चरम [[तापमान]] और दबाव की स्थितियों में होता है, जब चट्टान का कुछ हिस्सा पिघलने लगता है जिसे 'एनाटेक्सिस' (Anatexis) कहा जाता है।<ref name="Mehnert 1971">{{cite book |last=Mehnert |first=Karl Richard |title=Migmatites and the origin of granitic rocks |url=https://archive.org/details/migmatitesorigin0000mehn |year=1971|publisher=Elsevier }}</ref> आंशिक रूप से पिघलकर अलग हुए इस नए कूट हिस्से को नियोसोम (अर्थात 'नया शरीर') कहा जाता है। मिग्माटाइट की बनावट में दो मुख्य रंगीन बैंड या पट्टियाँ दिखाई देती हैं: * '''ल्यूकोसोम (Leucosome):''' यह हल्के रंग का हिस्सा होता है जो मुख्य रूप से क्वार्ट्ज और फेल्डस्पार [[खनिज|खनिजों]] के पिघलने और फिर से जमने से बनता है। यह अक्सर टेढ़े-मेढ़े वलनों (Ptygmatic folds) के रूप में दिखाई देता है। * '''मेलेनोसोम (Melanosome):''' यह गहरे रंग की खनिज पट्टी होती है जो पिघलने से बच जाती है। इसमें मुख्य रूप से बायोटाइट (अबरक) और एम्फीबोल जैसे भारी व काले खनिज पाए जाते हैं। == भूवैज्ञानिक अनुक्रम और पानी की भूमिका == चार्ल्स लायल (1837) के भूवैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, मिग्माटाइट चट्टानों के रूपांतरण चक्र की अंतिम कड़ियों में से एक है।<ref>{{cite book |last1=Lyell|first1=Charles |date=1837|title=Principles of Geology|url=https://archive.org/details/Lyell1837jf09J-d|publisher=John Murray}}</ref> जब तलछट (Sediment) पृथ्वी की गहराई में धंसने लगते हैं, तो बढ़ता तापमान और दबाव उन्हें पहले स्लेट और फिलाइट में, फिर शिस्ट (Schist) और [[नीस]] (Gneiss) चट्टानों में बदल देता है। जब तापमान 650 °C से ऊपर और दबाव 34 मेगापास्कल को पार कर जाता है, तो नीस [[शैल|चट्टान]] के सबसे कमजोर हिस्से पिघलने लगते हैं और मिग्माटाइट का जन्म होता है। इस पिघली हुई अवस्था में अति-क्रांतिक (Supercritical) पानी और कार्बन डाइऑक्साइड (CO<sub>2</sub>) गैसों की उपस्थिति के कारण यह तरल अत्यधिक गतिशील (Mobile) हो जाता है। जे.जे. सेडरहोम (1926) ने इस तरल को 'इकोर' (Ichor) कहा था, जो एक जलीय घोल और अत्यधिक पतले मैग्मा के बीच की कलीसियाई अवस्था होती है। यह तरल ऊपरी परतों की कमजोरियों की ओर भागता है और ऊपर उठकर ठंडे पत्थरों के संपर्क में आते ही क्रिस्टलीकृत होकर मूल्यवान खनिज भंडार, ज्वालामुखी, भू-तापीय झरने और गीज़र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।<ref>{{cite journal |last=Lowenstern |first=Jacob |year=2001 |title=Carbon dioxide in magmas and implications for hydrothermal systems |journal=Mineralium Deposita }}</ref> == नामकरण और व्युत्पत्ति == फिनलैंड के प्रसिद्ध पेट्रोलॉजिस्ट याकोब सेडरहोम (Jakob Sederholm) ने वर्ष 1907 में [[स्कैण्डिनेवियाई देश|स्कैंडिनेवियाई]] क्रेटॉन के भीतर पाई जाने वाली इन मिश्रित चट्टानों का अध्ययन करने के बाद पहली बार "मिग्माटाइट" शब्द का प्रयोग किया था। यह शब्द मूल रूप से प्राचीन यूनानी भाषा के शब्द 'μιγμα' (*Migma*) से लिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ "मिश्रण" (Mixture) होता है। == इन्हें भी देखें == * [[रूपांतरित चट्टान]] * [[आग्नेय चट्टान]] * [[ग्रैनाइट]] == संदर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Commons category|Migmatite}} * [https://worldathletics.org/ भूवैज्ञानिक चट्टानों का वर्गीकरण और यांत्रिक विशेषताएँ (दस्तावेज़)] pf413li6t7bkx1a8bag5byb77ga0ysq रेगोलिथ 0 1614022 6582795 6579578 2026-07-15T07:17:32Z InternetArchiveBot 500600 Adding 3 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582795 wikitext text/x-wiki {{Infobox rock | name = रेगोलिथ | image = Properties of regolith on Eros.jpg | caption = क्षुद्रग्रह 433 इरोस की सतह पर रेगोलिथ (आवरण प्रस्तर) की मोटी परत। }} '''रेगोलिथ''' या '''आवरण प्रस्तर''' ठोस चट्टान को ढकने वाली ढीली, असंगठित और विषम मलबे की एक विस्तृत परत होती है। इसमें धूल, टूटी हुई चट्टानों के टुकड़े और अन्य संबंधित सामग्रियां शामिल होती हैं। यह पृथ्वी, चंद्रमा, मंगल, विभिन्न क्षुद्रग्रहों और अन्य स्थलीय ग्रहों तथा उपग्रहों की सतह पर बहुतायत में पाई जाती है।<ref>[https://www.britannica.com/science/regolith एन्साइक्लोपीडिया ब्रिटानिका: रेगोलिथ की परिभाषा और इसके भूवैज्ञानिक गुण]</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.lexico.com/definition/regolith |title=ऑक्सफोर्ड लेक्सिको डिक्शनरी: रेगोलिथ शब्द का व्यापक अर्थ |access-date=14 जून 2026 |archive-date=28 अप्रैल 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210428144019/https://www.lexico.com/definition/regolith |url-status=dead }}</ref> == व्युत्पत्ति == 'रेगोलिथ' शब्द दो प्राचीन यूनानी शब्दों के मेल से बना है: 'रेगोस' जिसका अर्थ है 'कंबल' या 'आवरण' और 'लिथोस' जिसका अर्थ है 'चट्टान' या 'प्रस्तर'। अमेरिकी भूवैज्ञानिक जॉर्ज पर्किन्स मेरिल ने पहली बार 1897 में इस शब्द को परिभाषित करते हुए कहा था कि चट्टानों के अपक्षय या पौधों के विकास से उत्पन्न ढीली सामग्रियों के इस पूरे आवरण को रेगोलिथ कहा जाना चाहिए।<ref>{{cite book |last=Merrill |first=G. P. |year=1897 |title=Rocks, rock-weathering and soils |url=https://archive.org/details/atreatiseonrock00merrgoog |publisher=MacMillan Company}}</ref> == पृथ्वी पर रेगोलिथ == [[चित्र:Alluvial Gravels at the Blue Ribbon Mine Alaska.jpg|लघु|दाएँ|220px|अलास्का की एक खदान में नदी द्वारा बहाकर लाया गया जلوढ़ रेगोलिथ।]] पृथ्वी के रेगोलिथ को निम्नलिखित मुख्य भागों और घटकों में विभाजित किया जा सकता है:<ref>{{cite book |last=Taylor |first=G. |last2=Eggleton |first2=R.A. |year=2001 |title=Regolith geology and geomorphology |url=https://archive.org/details/regolithgeologyg0000tayl |publisher=John Wiley & Sons}}</ref> 1. '''मिट्टी:''' रेगोलिथ का सबसे ऊपरी भाग जिसमें कार्बनिक पदार्थ प्रचुर मात्रा में होते हैं और जो जीवन का आधार है। 2. '''परिवर्तित आवरण:''' इसमें नदियों द्वारा बहाकर लाई गई [[जलोढ़ मिट्टी]], [[हवा]] द्वारा उड़ाई गई धूल, और [[हिमनद|हिमनदों]] द्वारा छोड़ा गया मलबा शामिल है। 3. '''सैप्रोलिथ:''' रासायनिक रूप से अपक्षयित और टूटी हुई अंतर्निहित चट्टानें। 4. '''ड्यूरीक्रस्ट:''' [[लवण|लवणों]], [[सिलिकेट]] और [[लोहे]] के [[ऑक्साइड]] के जमाव से कठोर हुई परतें जो क्षरण का विरोध करती हैं। [[पृथ्वी]] पर जीवन के लिए रेगोलिथ अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकांश पौधे ठोस [[चट्टानों]] पर नहीं उग सकते और विभिन्न [[जीव]] मलबे के बिना अपने बिल या आश्रय नहीं बना सकते हैं।<ref>{{cite book |last=Scott |first=Keith M. |last2=Pain |first2=Colin |year=2009 |title=Regolith Science |publisher=CSIRO Publishing}}</ref> यह [[भूजल]] के पुनर्भरण का भी मुख्य माध्यम है। इसके अलावा, सड़कों और इमारतों के निर्माण के समय सिविल इंजीनियरों के लिए रेगोलिथ के यांत्रिक गुणों को समझना आवश्यक होता है।<ref>{{cite book |last=Ollier |first=Cliff |last2=Pain |first2=Colin |year=1996 |title=Regolith, soils and landforms |url=https://archive.org/details/regolithsoilslan0000olli |publisher=John Wiley}}</ref> == चंद्रमा पर रेगोलिथ == [[चित्र:Buzz Aldrin's bootprint on the Moon, AS11-40-5877.jpg|लघु|बाएँ|200px|अपोलो 11 मिशन के दौरान बज़ एल्ड्रिन के पदचिह्न की प्रसिद्ध तस्वीर, जो चंद्र रेगोलिथ की महीन बनावट को दर्शाती है।]] [[चंद्रमा]] की लगभग पूरी सतह रेगोलिथ से ढकी हुई है। केवल बहुत खड़ी खाइयों और क्रेटर की दीवारों पर ही ठोस मूल चट्टानें दिखाई देती हैं। चंद्रमा पर रेगोलिथ का निर्माण पिछले 4.6 अरब वर्षों में बड़े और छोटे [[उल्कापिंडों]] तथा सूक्ष्म [[उल्कापिंडों]] की निरंतर बमबारी के कारण हुआ है।<ref>[https://www.lpi.usra.edu/publications/books/lunar_sourcebook/ लूनर सोर्सबुक: चंद्रमा के रेगोलिथ और पर्यावरण के लिए एक उपयोगकर्ता गाइड]</ref> अत्यधिक गति से टकराने वाले इन उल्कापिंडों की ऊष्मा से धूल के कण पिघलकर आपस में जुड़ जाते हैं और कांच जैसी नुकीली संरचनाएं बनाते हैं। मारिया क्षेत्रों में इसकी मोटाई 4 से 5 मीटर और पुराने पर्वतीय क्षेत्रों में इसकी मोटाई 10 से 15 मीटर तक होती है।<ref>{{cite journal |last=McKay |first=David S. |author2=Heiken, Grant |year=1991 |title=The Lunar Regolith |journal=Lunar Sourcebook |publisher=Cambridge University Press}}</ref> 30 माइक्रोमीटर से कम व्यास वाले इसके सबसे महीन हिस्से को 'चंद्र धूल' कहा जाता है। == मंगल पर रेगोलिथ == [[मंगल ग्रह]] रेत और धूल के विशाल मैदानों से ढका हुआ है। वहां का वायुमंडल बहुत विरल है, लेकिन तेज हवाएं अक्सर पूरे ग्रह पर बड़े धूल भरे तूफान पैदा करती हैं।<ref>[https://mars.nasa.gov/ नासा मंगल अन्वेषण कार्यक्रम: लाल ग्रह की सतह और वातावरण का विवरण]</ref> मंगल की धूल इतनी महीन है कि यह हवा में तैरती रहती है, जिससे वहां का आकाश लाल रंग का दिखाई देता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मंगल के भूमध्यरेखीय क्षेत्रों के रेगोलिथ के भीतर बड़ी मात्रा में पानी और कार्बन डाइऑक्साइड बर्फ के रूप में जमे हुए हैं, जिसकी पुष्टि नासा के फिनिक्स मिशन ने भी की थी।<ref>{{Cite web |url=https://www.nasa.gov/mission_pages/phoenix/main/index.html |title=नासा फिनिक्स मार्स मिशन: मंगल ग्रह पर बर्फ और रेगोलिथ के साक्ष्य |access-date=14 जून 2026 |archive-date=4 सितंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190904011611/https://www.nasa.gov/mission_pages/phoenix/main/index.html |url-status=dead }}</ref> == क्षुद्रग्रहों पर रेगोलिथ == अंतरिक्ष अभियानों से पता चला है कि छोटे क्षुद्रग्रहों पर भी टकरावों के कारण रेगोलिथ की परत बन जाती है। नासा के 'नियर शूमेकर' मिशन ने क्षुद्रग्रह 433 इरोस पर मलबे के बड़े आवरण की पुष्टि की थी।<ref>[https://www.science.org/doi/10.1126/science.1058651 साइंस जर्नल: नियर शूमेकर द्वारा क्षुद्रग्रह 433 इरोस पर जटिल रेगोलिथ की इमेजिंग]</ref> इसके बाद जापान के 'हायबुसा' मिशन ने ईतोकावा और 'हायबुसा 2' ने रियूगु क्षुद्रग्रह से रेगोलिथ के कण सफलतापूर्वक एकत्र किए।<ref>[https://global.jaxa.jp/projects/sas/hayabusa/ जाक्सा: हायबुसा मिशन और क्षुद्रग्रह कणों का विश्लेषण]</ref><ref>[https://www.nature.com/articles/s41550-021-01550-6 नेचर एस्ट्रोनॉमी: सी-टाइप क्षुद्रग्रह रियूगु से लौटे हायबुसा 2 नमूनों का विश्लेषण]</ref> वर्ष 2023 में नासा के ओसिरिस-रेक्स मिशन ने बेन्नू क्षुद्रग्रह की सतह से कार्बन और पानी से समृद्ध रेगोलिथ के ऐतिहासिक नमूने पृथ्वी पर वापस लाकर इस क्षेत्र में नई खोजों का मार्ग प्रशस्त किया है।<ref>[https://www.nasa.gov/news-release/nasas-osiris-rex-sample-from-asteroid-bennu-touched-down/ नासा प्रेस रिलीज: ओसिरिस-रेक्स द्वारा बेन्नू क्षुद्रग्रह से लाए गए रेगोलिथ सैंपल]</ref> == टाइटन पर बर्फ-रेगोलिथ == शनि के सबसे बड़े उपग्रह टाइटन पर मीथेन नदियों द्वारा कटे हुए पानी के बर्फ के टुकड़ों और वायुमंडल से गिरने वाले कार्बनिक पदार्थों से बने विशाल रेत के टीले पाए जाते हैं। चूंकि टाइटन की सतह का तापमान अत्यधिक कम है, इसलिए वहां जमी हुई बर्फ सामान्य चट्टानों की तरह व्यवहार करती है। भूवैज्ञानिक इस महीन रेगोलिथ को 'बर्फ-रेगोलिथ' कहते हैं, जो पृथ्वी के रेगोलिथ की तरह ही वायु और तरल प्रक्रियाओं द्वारा आकार लेता है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के 'हाइगेन्स प्रोब' ने भी टाइटन की सतह पर इसकी पुष्टि की थी।<ref>[https://www.esa.int/Science_Exploration/Space_Science/Cassini-Huygens ईएसए: कैसिनी-हाइगेन्स मिशन द्वारा टाइटन की सतह और बर्फ-रेगोलिथ का अध्ययन]</ref> == इन्हें भी देखें == * [[चट्टान]] * [[मिट्टी]] * [[भूविज्ञान]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:भूविज्ञान]] [[श्रेणी:मृदा विज्ञान]] a199he5mqfqbfxmq4b5xp9lq985b2fw आलू का भर्ता 0 1614031 6582612 6576534 2026-07-14T15:55:41Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582612 wikitext text/x-wiki {{Infobox food | name = आलू का भर्ता | image = Sous vide mashed potatoes.jpg | image_size = 300px | caption = | alternate_name = | country = [[यूनाइटेड किंगडम]]<ref>''The Art of Cookery'', 1747, p. 148 [https://archive.org/details/TheArtOfCookery/page/n177/mode/2up full text]</ref> | region = | creator = | course = साइड डिश, चटनी/अचार | type = | served = | main_ingredient = आलू, मक्खन, दूध या क्रीम, नमक, काली मिर्च | variations = डचेस पोटैटोज़ | calories = <!-- too variable! --> | other = }} '''आलू का भर्ता''' उबले या भाप में पके आलू को अच्छी तरह मसलकर बनाया जाने वाला एक लोकप्रिय व्यंजन है। इसमें आमतौर पर दूध, मक्खन, नमक और काली मिर्च मिलाई जाती है, जिससे इसका स्वाद और बनावट बेहतर हो जाती है।<ref>{{cite web |title=MASH {{!}} UK अंग्रेज़ी में अर्थ और परिभाषा {{!}} Lexico.com |url=https://www.lexico.com/definition/mash |website=Lexico Dictionaries {{!}} English |access-date=14 जून 2026 |archive-date=9 दिसंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191209172846/https://www.lexico.com/definition/mash |url-status=dead }}</ref> इसे अक्सर सब्ज़ियों या मांसाहारी व्यंजनों के साथ साइड डिश के रूप में परोसा जाता है। यदि आलू को पूरी तरह चिकना न करके थोड़ा मोटा-मोटा मसला जाए, तो उसे कभी-कभी स्मैश्ड पोटैटो भी कहा जाता है। आजकल इसका तैयार मिश्रण (इंस्टेंट मैश्ड पोटैटो) और जमे हुए (फ्रोजन) रूप भी बाज़ार में उपलब्ध हैं।<ref>{{cite web |last1=सन |first1=Da-Wen |title=फ्रोज़न फ़ूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की हैंडबुक |url=https://books.google.com/books?id=sxzOBQAAQBAJ&pg=PA490 |publisher=CRC Press |access-date=14 जून 2026 |language=en |date=19 अप्रैल 2016}}</ref> मैश किए हुए आलू का उपयोग अन्य व्यंजन, जैसे डम्पलिंग और ग्नोची, बनाने में भी किया जाता है। ==इतिहास== इसकी एक शुरुआती रेसिपी 1747 में छपी हैना ग्लास की किताब 'द आर्ट ऑफ कुकरी' में मिलती है। उनकी रेसिपी में इन्हें सॉस पैन में दूध, नमक और मक्खन के साथ मैश किया जाता था। <ref>{{cite web |title=आलू |url=https://press.uchicago.edu/ucp/books/book/distributed/P/bo11434595.html |access-date=14 जून 2026 |language=en}}</ref> ==सामग्री== ज़्यादातर लोग ऐसी "फ़्लौरी" (भुरभुरी) किस्म के आलू इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं जिनके स्टार्च में एमाइलोज़ की मात्रा ज़्यादा हो, ताकि वे पकने पर मुलायम और क्रीमी टेक्सचर और रूप ले सकें। <ref>{{cite web |last1=क्लोके |first1=Felicity |title=मैश्ड पोटैटो बनाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? |url=https://www.theguardian.com/lifeandstyle/wordofmouth/2010/mar/15/best-mashed-potato-method |website=The Guardian |access-date=14 जून 2026 |date=15 मार्च 2010}}</ref> ब्रिटेन में 'किंग एडवर्ड', 'गोल्डन वंडर' और 'रेड रास्कल' और उत्तरी अमेरिका में 'रसेट' सबसे मशहूर फ़्लौरी किस्में हैं। हालाँकि कुछ रेसिपी में अलग तरह के टेक्सचर या रूप के लिए "वैक्सी" (मोम जैसे) आलू का इस्तेमाल किया जाता है, जिनके स्टार्च में एमाइलोपेक्टिन ज़्यादा होता है। उदाहरण के लिए, दक्षिण-पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत के खाने में मैश किए हुए आलू की एक डिश में वैक्सी आलू का इस्तेमाल किया जाता है ताकि वह चबाने में मज़ेदार और चिपचिपी बने।<ref>{{cite web |title=Yunnan Pounded Mashed Potato (云南哈尼舂洋芋) |url=https://www.youtube.com/watch?v=C5_6V6aN7AQ |access-date=14 जून 2026 |date=19 दिसम्बर 2019}}</ref> <gallery class="center" widths="200" heights="150"> File:Mashed Potatoes in Steam-jacketed Combi Kettle.jpg|स्टीम-जैकेटेड कॉम्बी केटल में मैश किए हुए आलू की बड़े पैमाने पर कुकिंग File:Sausage Trio, Mash and Cabbage with Onion Gravy.jpg|सॉसेज और मैश किए हुए आलू की एक प्लेट, साथ में पत्तागोभी और प्याज़ की ग्रेवी; इसे आम तौर पर "बैंगर्स एंड मैश" कहा जाता है। File:Mash Potatoes.jpg|मक्खन और चाइव्ज़ के साथ मैश किए हुए आलू का क्लोज़-अप दृश्य File:2021-11-25 21 30 25 Mashed potatoes with gravy from Wegmans in the Franklin Farm section of Oak Hill, Fairfax County, Virginia.jpg|अमेरिकी सुपरमार्केट से मैश किए हुए आलू और ग्रेवी </gallery> ==सन्दर्भ== 336jlwsadtjpynynxl9wjsak68s0dw1 शिलाद 0 1614387 6582867 6580669 2026-07-15T10:10:28Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582867 wikitext text/x-wiki {{पूजनीय ज्ञानसन्दूक|name=Shilada|image=|caption=|deity_of=Penance and Devotion|abode=Hermitage (Ashrama)|parents=|offspring=[[नन्दि]]|consorts=|symbol=|texts=[[वायु पुराण]], [[स्कन्द पुराण]]|affiliation=[[शिव]], [[शैव]]|type=Hindu}} '''शिलाद''' ({{Langx|sa|शिलाद}}) ''शिलाद'' [[हिन्दू पौराणिक कथाएँ|हिंदू पौराणिक कथाओं]] में एक [[वेद|वैदिक]] ऋषि हैं, जिन्हें मुख्य रूप से [[नन्दि|नंदी]] के पिता के रूप में जाना जाता है, जो [[शिव]] के प्रमुख ''[[गण]]'' (सेवक) और पवित्र बैल हैं। उनकी कथा नंदी के जन्म और अंततः उनके दिव्य देवता में परिवर्तित होने की पौराणिक कथा का केंद्र बिंदु है। == किंवदंती == ''[[वायु पुराण]]'' और ''[[स्कन्द पुराण|स्कंद पुराण]]'' के अनुसार (विशेष रूप से ''काशी खंडा'' शीलद) एक भक्त ऋषि थे जिन्होंने भगवान शिव से वरदान प्राप्त करने के लिए तीव्र ''[[तप|तपस]]'' (तपस) का अभ्यास किया था। उनकी प्राथमिक प्रेरणा एक अमर पुत्र की थी, क्योंकि वे जीवन और मृत्यु के चक्र से जुड़े दुःख के बिना अपने वंश को बनाए रखना चाहते थे।<ref name="Dalal">{{Cite book|title=Hinduism: An Alphabetical Guide|url=https://archive.org/details/hinduismalphabet0000dala|last=Dalal|first=Roshen|publisher=Penguin Books India|year=2010|isbn=978-0-14-341421-6|page=[https://archive.org/details/hinduismalphabet0000dala/page/273 273]}}</ref> शिव, शीलद की भक्ति से प्रसन्न होकर, उनके सामने प्रकट हुए और वरदान प्रदान करते हुए वादा किया कि वे स्वयं शीलद के पुत्र के रूप में पैदा होंगे। इसके बाद, जब शिलाद ''[[यज्ञ]]'' के लिए बलिदान स्थल तैयार कर रहे थे, उन्होंने पृथ्वी से एक नर बच्चे के उभरने की खोज की। बच्चे में आग की चमक थी और वह दिव्य आभूषणों से अलंकृत था। शिलाद ने लड़के को गोद लिया और उसका नाम नंदी रखा।<ref name="Kramrisch">{{Cite book|title=The Presence of Siva|url=https://archive.org/details/presenceofsivamy00skra|last=Kramrisch|first=Stella|publisher=Princeton University Press|year=1981|isbn=978-0-691-01930-7|page=[https://archive.org/details/presenceofsivamy00skra/page/443 433]}}</ref> == विरासत == शिलाद को अक्सर शैव परंपराओं में तपस्या और दिव्य के प्रति पूर्ण समर्पण के प्रतीक के रूप में चित्रित किया गया है। पारंपरिक रूप से माना जाता है कि उनका आश्रम उनकी तपस्या स्थल के पास स्थित था, और वे उन लोगों द्वारा पूजनीय हैं जो भक्ति के मार्ग के माध्यम से शिव की कृपा चाहते हैं।<ref>{{Cite journal|year=2005|title=The Puranic accounts of Nandi|journal=Journal of Hindu Studies|volume=12|issue=2|pages=45-50}}</ref> == यह भी देखें == * [[नन्दि|नंदी]] * [[वायु पुराण]] * [[शैव|शैववाद]] == संदर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:शैव]] m16q75hm8pb07wd3c8xljja6jj0rlbh वर्साय पर महिलाओं का मार्च 0 1614618 6582809 6571348 2026-07-15T07:56:59Z InternetArchiveBot 500600 Adding 4 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582809 wikitext text/x-wiki {{Infobox historical event | Event_Name = वर्साय पर महिलाओं का मार्च | Image = | Date = 5–6 अक्टूबर 1789 | Location = पेरिस और [[वर्साय]], फ़्रांस | Participants = पेरिस के बाज़ारों की महिलाएँ, आम नागरिक, और नेशनल गार्ड }} '''वर्साय पर महिलाओं का मार्च''' ('''English:''' ''Women's March on Versailles''), जिसे '''अक्टूबर मार्च''' या '''वर्साय की ओर प्रस्थान''' भी कहा जाता है, [[फ़्रांसीसी क्रांति]] के शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक है। यह ऐतिहासिक घटना 5 अक्टूबर 1789 को शुरू हुई थी, जब पेरिस के बाज़ारों में काम करने वाली महिलाएँ ब्रेड (पावरोटी) की अत्यधिक कीमतों और उसकी भारी कमी को लेकर सड़कों पर उतर आई थीं। यह आरंभिक विरोध प्रदर्शन जल्द ही एक विशाल राजनीतिक जनसमूह में बदल गया और इसने फ़्रांस के इतिहास की धारा को हमेशा के लिए मोड़ दिया।<ref>{{Cite book|last=Schama|first=Simon|title=Citizens: A Chronicle of the French Revolution|url=https://archive.org/details/citizenschronicl00scha|publisher=Vintage Books|year=1989|isbn=0-679-72610-1|pages=459}}</ref> == पृष्ठभूमि == 1789 के अंत तक, फ़्रांसीसी क्रांति की शुरुआत हो चुकी थी, लेकिन पेरिस की आम जनता अभी भी भूख और भयंकर ग़रीबी से जूझ रही थी। दूसरी ओर, राजा [[लुई सोलहवाँ|लुई सोलहवें]] और उनका शाही परिवार पेरिस की भुखमरी से दूर, वर्साय के आलीशान महल में सुख-सुविधाओं का आनंद ले रहा था। देश में अकाल और आर्थिक कुप्रबंधन के कारण पेरिस के निवासियों के लिए अपना मुख्य भोजन 'ब्रेड' प्राप्त करना लगभग असंभव हो गया था। इसी दौरान पेरिस में यह अफवाह फैल गई कि शाही रक्षकों के लिए वर्साय में एक शानदार दावत का आयोजन किया गया है, जिसमें क्रांति के प्रतीक 'तिरंगे' का अपमान किया गया है। इन अफवाहों ने भूखी और हताश जनता के क्रोध को भड़काने का काम किया।<ref>{{Cite book|last=Doyle|first=William|title=The Oxford History of the French Revolution|url=https://archive.org/details/oxfordhistoryoff00doyl_0|publisher=Oxford University Press|year=1989|isbn=0-19-822781-7|pages=[https://archive.org/details/oxfordhistoryoff00doyl_0/page/125 121]}}</ref> == मार्च का घटनाक्रम == 5 अक्टूबर की सुबह, पेरिस के बाज़ारों की महिलाओं ने एक साथ संगठित होना शुरू किया। उन्होंने शहर के शस्त्रागार को लूट लिया और हथियारों, भालों तथा तोपों से लैस होकर वर्साय की ओर मार्च करना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे वे आगे बढ़ीं, उनके साथ हज़ारों अन्य लोग-जिनमें हथियारबंद पुरुष और 'नेशनल गार्ड' के असंतुष्ट सदस्य भी शामिल थे-जुड़ गए। पेरिस से वर्साय की लगभग 21 किलोमीटर (13 मील) की यह लंबी दूरी भारी बारिश के बीच तय की गई। यह उग्र भीड़ सिर्फ रोटी की माँग नहीं कर रही थी, बल्कि उनकी एक प्रमुख राजनीतिक माँग यह भी थी कि राजा को पेरिस लौटकर अपनी जनता के बीच रहना चाहिए ताकि वे उनकी वास्तविक स्थिति और पीड़ा को समझ सकें।<ref>{{Cite book|last=Hibbert|first=Christopher|title=The Days of the French Revolution|publisher=William Morrow and Company|year=1980|isbn=0-688-03704-6|pages=96-98}}</ref> == वर्साय में टकराव और परिणाम == जब यह विशाल भीड़ वर्साय पहुँची, तो उन्होंने पूरे महल को घेर लिया। महिलाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजा लुई सोलहवें से मुलाकात की और राजा ने पेरिस के गोदामों से ब्रेड बँटवाने का वादा किया। लेकिन भीड़ का एक बड़ा हिस्सा इससे संतुष्ट नहीं था। 6 अक्टूबर की सुबह हालात बेकाबू हो गए और प्रदर्शनकारियों का एक उग्र समूह महल के भीतर घुस गया। इसमें शाही रक्षकोंके साथ हिंसक झड़प हुई जिसमें कुछ रक्षक मारे गए। अंततः, आगे के रक्तपात को रोकने के लिए राजा लुई सोलहवें को भीड़ की माँगों के सामने झुकना पड़ा। उसी दिन, राजा, रानी मैरी एंटोनेट और उनके परिवार को भीड़ के साथ पेरिस के ट्यूलरीज़ महल वापस लौटना पड़ा।<ref>{{Cite book|last=Lefebvre|first=Georges|title=The French Revolution: From its Origins to 1793|year=1962|url=https://archive.org/details/frenchrevolution0002lefe}}</ref> == ऐतिहासिक महत्व == यह घटना फ़्रांसीसी राजशाही के लिए एक घातक झटका थी और इसका प्रतीकात्मक प्रभाव अत्यंत गहरा था। महिलाओं के इस मार्च ने स्पष्ट कर दिया कि शक्ति अब वर्साय के महल में बैठे राजा के पास नहीं, बल्कि पेरिस की सड़कों पर मौजूद आम जनता के हाथों में है। राजा का पेरिस वापस आना क्रांति की एक बहुत बड़ी जीत थी, जिसने राजा की निरंकुश सत्ता को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया। इस घटना के बाद शाही परिवार एक प्रकार से पेरिस में बंदी बनकर रह गया और फ़्रांस में एक नए लोकतांत्रिक दौर की नींव पड़ी।<ref>{{Cite book|last=Schama|first=Simon|title=Citizens: A Chronicle of the French Revolution|url=https://archive.org/details/citizenschronicl00scharich|publisher=Vintage Books|year=1989|isbn=0-679-72610-1|pages=468-470}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://alphahistory.com/frenchrevolution/october-march-on-versailles/ Alpha History: The October March on Versailles] * [https://www.britannica.com/event/Womens-March-on-Versailles Britannica: Women's March on Versailles] [[श्रेणी:यूरोप का इतिहास]] [[श्रेणी:विरोध प्रदर्शन]] ajt7zrv6bfbuaa1296otnep4qqwjwwa पीटर सिद्धांत 0 1614626 6582831 6571382 2026-07-15T08:45:49Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582831 wikitext text/x-wiki '''पीटर सिद्धांत''' प्रबंधन और संगठनात्मक व्यवहार से संबंधित एक प्रसिद्ध अवधारणा है। इस सिद्धांत के अनुसार, "किसी भी पदानुक्रमित संगठन में, प्रत्येक कर्मचारी अपनी 'अक्षमता के स्तर' तक पदोन्नत होने की प्रवृत्ति रखता है।" सरल शब्दों में, यदि कोई व्यक्ति अपनी वर्तमान भूमिका में बेहतरीन काम करता है, तो उसे इनाम के तौर पर ऊंचे पद पर प्रमोट कर दिया जाता है। यह सिलसिला तब तक चलता रहता है जब तक कि वह व्यक्ति एक ऐसे पद पर नहीं पहुँच जाता जहाँ वह उस काम को करने के योग्य नहीं रहता। इस स्तर पर पहुँचने के बाद उसकी पदोन्नति रुक जाती है और वह अपने करियर के अंत तक उसी अक्षम स्थिति में बना रहता है।<ref>{{Cite book|last1=Peter|first1=Laurence J.|last2=Hull|first2=Raymond|title=The Peter Principle: Why Things Always Go Wrong|url=https://archive.org/details/bwb_P9-BJT-642|publisher=William Morrow and Company|year=1969|isbn=0-688-27544-3|pages=[https://archive.org/details/bwb_P9-BJT-642/page/25 25]-26}}</ref> == उत्पत्ति और इतिहास == इस सिद्धांत को सबसे पहले कनाडाई शिक्षक और समाजशास्त्री डॉ. लॉरेंस जे. पीटर तथा रेमंड हल ने अपनी 1969 की बहुचर्चित पुस्तक ''द पीटर प्रिंसिपल'' में प्रस्तुत किया था। यह पुस्तक मूल रूप से एक व्यंग्य के रूप में लिखी गई थी, जो बड़े निगमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमियों और लालफीताशाही को उजागर करती थी। हालाँकि, यह विचार इतना सटीक और व्यावहारिक साबित हुआ कि इसे जल्द ही प्रबंधन विज्ञान में एक गंभीर और शोधपरक विषय मान लिया गया।<ref>{{Cite journal|last=Lazear|first=Edward P.|date=2004-02-01|title=The Peter Principle: A Theory of Decline|journal=Journal of Political Economy|volume=112|issue=S1|pages=S141–S163|doi=10.1086/379943|issn=0022-3808}}</ref> == कार्यप्रणाली और तंत्र == पीटर सिद्धांत के काम करने का मुख्य कारण यह है कि अधिकांश संस्थाओं में पदोन्नति का आधार व्यक्ति का उसके वर्तमान पद पर किया गया प्रदर्शन होता है, न कि उस नए पद के लिए उसकी वास्तविक योग्यता। उदाहरण के लिए, एक बेहतरीन सॉफ्टवेयर इंजीनियर को उसकी तकनीकी दक्षता के कारण 'प्रोजेक्ट मैनेजर' बना दिया जाता है। लेकिन मैनेजर के पद के लिए तकनीकी ज्ञान से कहीं अधिक नेतृत्व, टीम प्रबंधन और संचार कौशल की आवश्यकता होती है। यदि उस इंजीनियर में प्रबंधन के ये गुण नहीं हैं, तो वह एक उत्कृष्ट इंजीनियर से एक अक्षम मैनेजर बन जाएगा। क्योंकि वह अब इस नए पद पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है, इसलिए उसे आगे प्रमोट नहीं किया जाएगा और वह उसी पद पर फँस जाएगा।<ref>{{Cite journal|last1=Benson|first1=Alan|last2=Li|first2=Danielle|last3=Shue|first3=Kelly|title=Promotions and the Peter Principle|journal=The Quarterly Journal of Economics|volume=134|issue=4|pages=2085–2134|date=2019-11-01|doi=10.1093/qje/qjz022}}</ref> == संगठनों पर प्रभाव == पीटर सिद्धांत का एक स्वाभाविक और चिंताजनक निष्कर्ष यह है कि समय के साथ, किसी भी संगठन के अधिकांश महत्वपूर्ण पद ऐसे लोगों द्वारा भर दिए जाते हैं जो अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह असमर्थ होते हैं। लॉरेंस पीटर ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि, "संगठन का वास्तविक काम उन कर्मचारियों द्वारा किया जाता है जो अभी तक अपनी अक्षमता के स्तर तक नहीं पहुँचे हैं।" अक्षम अधिकारी अक्सर अपनी कमियों को छिपाने के लिए अनावश्यक नियम बनाते हैं, बैठकों का दिखावा करते हैं या अपने से अधिक योग्य अधीनस्थों की प्रगति में बाधा डालते हैं। इससे पूरी संस्था की उत्पादकता में भारी गिरावट आती है। == समाधान == प्रबंधन विशेषज्ञों ने पीटर सिद्धांत के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए कई रणनीतियाँ सुझाई हैं: * '''वेतन वृद्धि बनाम पदोन्नति:''' कई कंपनियाँ अब उत्कृष्ट कर्मचारियों को प्रबंधन में धकेलने के बजाय उनके तकनीकी या मूल काम में ही वेतन वृद्धि देकर पुरस्कृत करती हैं। * '''अप और आउट नीति:''' यदि कोई कर्मचारी प्रमोट होने के बाद अपनी नई भूमिका में असफल रहता है, तो उसे कंपनी से निकाल दिया जाता है या बिना किसी अपमान के वापस उसके पुराने पद पर भेज दिया जाता है। * '''उचित प्रशिक्षण:''' पदोन्नति देने से पहले उम्मीदवार को नई भूमिका के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाता है और यह परखा जाता है कि क्या वह वास्तव में उस नए पद के कौशल रखता है। == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.investopedia.com/terms/p/peter-principle.asp Investopedia: What Is the Peter Principle?] * [https://hbr.org/2018/03/research-do-people-really-get-promoted-to-their-level-of-incompetence Harvard Business Review: Research on the Peter Principle] [[श्रेणी:संगठनात्मक व्यवहार]] [[श्रेणी:मनोविज्ञान]] 2c1uy48vkaakh1o0b4e1u5sqeebjgpj यातना के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन 0 1614630 6582805 6571391 2026-07-15T07:31:09Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582805 wikitext text/x-wiki {{Infobox treaty | name = यातना के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन | image = CAT members.svg | image_width = 350 | type = अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संधि | date_drafted = 10 दिसम्बर 1984 | date_effective = 26 जून 1987 | signatories = 83 | parties = 173 | languages = अरबी, चीनी, अंग्रेज़ी, फ़्रांसीसी, रूसी, और स्पेनिश }} '''यातना के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन''' ({{Lang-en|United Nations Convention Against Torture}}, संक्षेप में '''UNCAT'''), जिसका पूरा नाम '''यातना और अन्य क्रूर, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार या दंड के विरुद्ध कन्वेंशन''' है, [[संयुक्त राष्ट्र]] के तत्वावधान में अपनाई गई एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संधि है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में यातना और अन्य प्रकार के अमानवीय या अपमानजनक व्यवहारों को पूरी तरह से रोकना और समाप्त करना है। इस संधि के तहत सदस्य देशों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में यातना को रोकने के लिए प्रभावी कानूनी, प्रशासनिक और न्यायिक कदम उठाएँ।<ref>{{Cite web|url=https://www.ohchr.org/en/instruments-mechanisms/instruments/convention-against-torture-and-other-cruel-inhuman-or-degrading|title=Convention against Torture and Other Cruel, Inhuman or Degrading Treatment or Punishment|publisher=OHCHR}}</ref> == पृष्ठभूमि और इतिहास == [[मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा]] के अनुच्छेद 5 और [[नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय करार]] के अनुच्छेद 7 में पहले से ही यह स्पष्ट प्रावधान था कि किसी भी व्यक्ति को यातना या क्रूर व्यवहार का शिकार नहीं बनाया जाएगा। हालाँकि, इस दिशा में एक अधिक ठोस और बाध्यकारी कानूनी तंत्र की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। वर्ष 1975 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यातना से संरक्षण के संबंध में एक घोषणापत्र अपनाया था। इसके बाद, एक बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधि का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई। अंततः 10 दिसम्बर 1984 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा प्रस्ताव 39/46 के माध्यम से इस कन्वेंशन को अपनाया गया। 26 जून 1987 को, जब इसे 20 देशों का अनुसमर्थन प्राप्त हो गया, तब यह कन्वेंशन आधिकारिक रूप से लागू हो गया। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में हर साल 26 जून को विश्व स्तर पर 'यातना के पीड़ितों के समर्थन में अंतर्राष्ट्रीय दिवस' मनाया जाता है।<ref>{{Cite book|last=Nowak|first=Manfred|last2=McArthur|first2=Elizabeth|title=The United Nations Convention Against Torture: A Commentary|url=https://archive.org/details/unitednationscon0000nowa|publisher=Oxford University Press|year=2008|isbn=978-0199280001|pages=[https://archive.org/details/unitednationscon0000nowa/page/12 12]-15}}</ref> == मुख्य प्रावधान == इस कन्वेंशन में यातना की रोकथाम के लिए कई अत्यंत कठोर और सुस्पष्ट नियम निर्धारित किए गए हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून में मील का पत्थर माने जाते हैं: * '''यातना की परिभाषा (अनुच्छेद 1):''' कन्वेंशन 'यातना' को ऐसे किसी भी कृत्य के रूप में परिभाषित करता है जिसके द्वारा किसी व्यक्ति को जानबूझकर गंभीर शारीरिक या मानसिक दर्द पहुँचाया जाता है। यह परिभाषा मुख्य रूप से तब लागू होती है जब ऐसा कृत्य किसी सरकारी अधिकारी द्वारा (या उसकी सहमति से) जानकारी प्राप्त करने, कबूलनामा करवाने, या दंडित करने के उद्देश्य से किया गया हो।<ref>{{Cite journal|last=Burgers|first=J. Herman|title=The United Nations Convention against Torture: A Handbook on the Convention against Torture and Other Cruel, Inhuman, or Degrading Treatment or Punishment|journal=Martinus Nijhoff Publishers|year=1988|pages=45-48}}</ref> * '''निरपेक्ष प्रतिबंध (अनुच्छेद 2):''' कन्वेंशन यह स्पष्ट करता है कि यातना पर प्रतिबंध 'पूर्ण और निरपेक्ष' है। युद्ध की स्थिति, युद्ध का ख़तरा, आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता, या कोई भी अन्य राष्ट्रीय आपातकालीन स्थिति यातना के प्रयोग को कानूनी रूप से जायज़ ठहराने का आधार नहीं बन सकती। * '''नॉन-रिफाउलमेंट का सिद्धांत (अनुच्छेद 3):''' यह कन्वेंशन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रावधान है जो किसी भी देश को ऐसे व्यक्ति को निर्वासित, प्रत्यार्पित या वापस भेजने से रोकता है, जिसके बारे में यह मानने के ठोस और पर्याप्त कारण हों कि उसे दूसरे देश में यातना का सामना करना पड़ सकता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.unhcr.org/about-unhcr/who-we-are/1951-refugee-convention|title=The Principle of Non-Refoulement Under International Human Rights Law|publisher=UNHCR}}</ref> == यातना विरोधी समिति == कन्वेंशन के प्रावधानों को सही ढंग से लागू करने और सदस्य देशों की प्रगति की निगरानी करने के लिए 'यातना विरोधी समिति' का गठन किया गया है। यह समिति 10 स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों से मिलकर बनती है। सभी सदस्य देशों को हर चार साल में इस समिति को एक विस्तृत और नियमित रिपोर्ट सौंपनी होती है, जिसमें उन्हें यह बताना होता है कि उन्होंने अपनी घरेलू नीतियों में कन्वेंशन को लागू करने के लिए क्या संस्थागत कदम उठाए हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2002 में इस कन्वेंशन का एक 'वैकल्पिक प्रोटोकॉल' भी अपनाया गया था। यह प्रोटोकॉल स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पर्यवेक्षक निकायों को सदस्य देशों के निरोध केंद्रों, जेलों और पुलिस थानों का अचानक निरीक्षण करने का अधिकार देता है, ताकि यातना के मामलों को ज़मीनी स्तर पर ही रोका जा सके।<ref>{{Cite book|last=Evans|first=Malcolm|title=Preventing Torture: A Study of the European Convention for the Prevention of Torture and Inhuman or Degrading Treatment or Punishment|url=https://archive.org/details/preventingtortur0000evan|publisher=Oxford University Press|year=1998|isbn=978-0198262572|pages=[https://archive.org/details/preventingtortur0000evan/page/312 312]-315}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.ohchr.org/en/instruments-mechanisms/instruments/convention-against-torture-and-other-cruel-inhuman-or-degrading संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) की आधिकारिक वेबसाइट पर कन्वेंशन का पाठ] [[श्रेणी:मानवाधिकार]] p3wg3l5z67142sdkvnsa3wtd0f092hg समुद्री कानून 0 1614646 6582865 6571568 2026-07-15T10:07:05Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582865 wikitext text/x-wiki '''समुद्री कानून''' ({{Lang-en|Maritime law}}), जिसे '''नौवहन विधि''' या '''एडमिरल्टी कानून''' भी कहा जाता है, कानूनों, संधियों और नियमों का वह विशिष्ट निकाय है जो खुले समुद्र में होने वाली गतिविधियों, निजी समुद्री विवादों और नौवहन संबंधी मामलों को नियंत्रित करता है। यह मुख्य रूप से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, समुद्री दुर्घटनाओं, जहाज़ों के स्वामित्व, नाविकों के अधिकारों और समुद्री माल ढुलाई से संबंधित कानूनी ढांचे को निर्धारित करता है। जहाँ "समुद्र का कानून" एक सार्वजनिक अंतरराष्ट्रीय कानून है जो देशों के बीच समुद्री सीमाओं (जैसे क्षेत्रीय जल) और राष्ट्रीय अधिकारों से संबंधित है, वहीं 'समुद्री कानून' मुख्य रूप से निजी संस्थाओं, कंपनियों और व्यक्तियों के बीच उत्पन्न होने वाले समुद्री विवादों को सुलझाता है।<ref>{{Cite book|last=Tetley|first=William|title=International Maritime and Admiralty Law}}</ref> == ऐतिहासिक पृष्ठभूमि == समुद्री कानून दुनिया की सबसे पुरानी कानूनी प्रणालियों में से एक है। इसकी उत्पत्ति प्राचीन काल में भूमध्य सागर के व्यस्त व्यापारिक मार्गों पर हुई थी। इसका सबसे प्रारंभिक और प्रामाणिक रूप 'रोडियन कानून' में मिलता है, जिसे लगभग 900 ईसा पूर्व प्राचीन ग्रीस के रोड्स द्वीप के नाविकों और व्यापारियों द्वारा विकसित किया गया था।<ref>{{Cite journal|last=Schoenbaum|first=Thomas J.|title=Admiralty and Maritime Law|journal=West Academic Publishing|year=2004|volume=1|pages=12-15}}</ref> मध्ययुग में, 11वीं और 12वीं शताब्दी के दौरान भूमध्यसागरीय बंदरगाहों (जैसे इटली के अमाल्फी शहर) और उत्तरी यूरोप के 'हैनसियेटिक लीग' ने अपने स्वयं के समुद्री व्यापारिक नियम बनाए। 14वीं शताब्दी में ब्रिटेन में 'एडमिरल्टी कोर्ट' की स्थापना हुई, जिन्होंने भूमि-आधारित 'सामान्य कानून' से अलग होकर समुद्री मामलों पर विशेष रूप से सुनवाई करना शुरू किया। आधुनिक युग में यही ब्रिटिश और यूरोपीय प्रणालियाँ वैश्विक समुद्री कानून का आधार बनीं। == प्रमुख सिद्धांत == आधुनिक समुद्री कानून कई विशिष्ट और अनूठे सिद्धांतों पर काम करता है, जो ज़मीन पर लागू होने वाले सामान्य कानूनों से काफी अलग हैं: * '''समुद्री निस्तारण:''' यदि कोई व्यक्ति या जहाज़ स्वेच्छा से किसी अन्य डूबते या संकटग्रस्त जहाज़, उसकी संपत्ति या माल को बचाता है, तो उसे 'निस्तारण पुरस्कार' पाने का कानूनी अधिकार होता है। इसका उद्देश्य समुद्र में संकट के समय एक-दूसरे की मदद करने की भावना को प्रोत्साहित करना है।<ref>{{Cite book|last=Brice|first=Geoffrey|title=Maritime Law of Salvage|year=1983|url=https://archive.org/details/maritimelawofsal0000bric}}</ref> * '''सामान्य औसत:''' यह समुद्री कानून का एक अत्यंत प्राचीन सिद्धांत है। इसके अनुसार, यदि किसी आपात स्थिति (जैसे भयंकर तूफान) में जहाज़ और बाकी माल को बचाने के लिए कप्तान को जानबूझकर कुछ माल समुद्र में फेंकना पड़े, तो उस नुकसान की भरपाई उन सभी व्यापारियों द्वारा आनुपातिक रूप से की जाएगी जिनका माल सुरक्षित बच गया है। * '''रखरखाव और चिकित्सा:''' जहाज़ के मालिकों का यह पूर्ण कानूनी दायित्व है कि वे अपने नाविकों को कार्य के दौरान बीमार पड़ने या घायल होने पर मुफ्त चिकित्सा उपचार और जीवन-यापन का खर्च (जब तक वे पूरी तरह स्वस्थ न हो जाएं) प्रदान करें।<ref>{{Cite web|url=https://www.law.cornell.edu/wex/admiralty|title=Admiralty (Maritime Law)|website=Legal Information Institute (LII)|publisher=Cornell Law School}}</ref> == अंतर्राष्ट्रीय ढांचा और नियमन == चूँकि समुद्री यात्राएँ स्वाभाविक रूप से अंतर्राष्ट्रीय होती हैं, इसलिए राष्ट्रीय कानूनों से अधिक अंतर्राष्ट्रीय संधियों का महत्व होता है। संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी, '''अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन''', दुनिया भर में समुद्री सुरक्षा, जहाजों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम और नाविकों के अधिकारों से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय मानकों को तैयार करने का कार्य करती है। वर्तमान में 'समुद्र में जीवन की सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन' और 'समुद्री प्रदूषण की रोकथाम के लिए अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन' संधियाँ समुद्री कानून के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इसके अतिरिक्त, जहाज़ों के पंजीकरण और "सुविधा के ध्वज" जैसे जटिल विषय भी इसी कानूनी व्यवस्था के दायरे में आते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.imo.org/en/About/Conventions/Pages/Default.aspx|title=Conventions of the International Maritime Organization|publisher=IMO}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.imo.org/ अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) की आधिकारिक वेबसाइट] [[श्रेणी:समुद्री कानून]] [[श्रेणी:विधि]] jxait4eax9muwqhy45b5dwktsrsd60f जस सैंगुइनिस 0 1614648 6582835 6571571 2026-07-15T08:58:22Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582835 wikitext text/x-wiki '''जस सैंगुइनिस''' ({{Lang-la|Jus sanguinis}}), जिसका शाब्दिक अर्थ 'रक्त का अधिकार' है, राष्ट्रीयता और [[नागरिकता]] कानून का एक प्रमुख सिद्धांत है। इस सिद्धांत के अनुसार, किसी बच्चे की नागरिकता का निर्धारण उसके जन्मस्थान के आधार पर नहीं, बल्कि उसके माता-पिता (या दोनों में से किसी एक) की नागरिकता के आधार पर किया जाता है। सरल शब्दों में, यह वंशानुगत या रक्त-संबंध पर आधारित नागरिकता की प्रणाली है। यह अवधारणा आधुनिक अंतरराष्ट्रीय कानून और दुनिया के अधिकांश देशों की नागरिकता प्रणालियों का एक मूलभूत स्तंभ है।<ref>{{Cite book|last=Scott|first=Shirley V.|title=International Law in World Politics: An Introduction|year=2010|url=https://archive.org/details/internationallaw0000scot_s0n2}}</ref> == उत्पत्ति और वैचारिक आधार == 'जस सैंगुइनिस' की अवधारणा की जड़ें प्राचीन [[रोमन साम्राज्य]] के नागरिकता कानूनों में खोजी जा सकती हैं। रोमन व्यवस्था में नागरिकता एक अत्यंत विशेषाधिकार प्राप्त स्थिति थी, जो मुख्य रूप से एक रोमन नागरिक की संतान होने पर ही प्राप्त होती थी, चाहे बच्चे का जन्म साम्राज्य के किसी भी हिस्से में क्यों न हुआ हो। यह सिद्धांत इसके ठीक विपरीत सिद्धांत, '''जस सोली''' यानी 'भूमि का अधिकार' से बिल्कुल अलग है। 'जस सोली' के तहत, जो व्यक्ति जिस देश की सीमा या भूमि के भीतर जन्म लेता है, उसे स्वतः ही उस देश की नागरिकता मिल जाती है (जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका या कनाडा में)। जबकि 'जस सैंगुइनिस' प्रणाली में जन्म का स्थान गौण होता है और माता-पिता की राष्ट्रीयता सर्वोपरि होती है।<ref>{{Cite book|last=Vink|first=Maarten P.|last2=Bauböck|first2=Rainer|title=Citizenship Policies in the New Europe|url=https://archive.org/details/citizenshippolic0000unse|publisher=Amsterdam University Press|year=2003|isbn=978-9053569221|pages=[https://archive.org/details/citizenshippolic0000unse/page/35 35]-38}}</ref> == वैश्विक स्तर पर अनुप्रयोग == आज दुनिया के अधिकांश देशों-aविशेषकर यूरोप, एशिया और अफ्रीका-में नागरिकता मुख्य रूप से 'जस सैंगुइनिस' के आधार पर ही प्रदान की जाती है। * '''यूरोप:''' जर्मनी, इटली, और स्विट्जरलैंड जैसे देशों का नागरिकता कानून ऐतिहासिक रूप से इसी सिद्धांत पर आधारित रहा है। इन देशों में राष्ट्रीयता को संस्कृति और साझा वंशावली से जोड़कर देखा जाता है। उदाहरण के लिए, इटली में कोई व्यक्ति जिसके पूर्वज इतालवी थे, वह कई पीढ़ियों बाद भी इतालवी नागरिकता का दावा कर सकता है, बशर्ते उसने नागरिकता की निरंतरता खोई न हो।<ref>{{Cite journal|last=Spiro|first=Peter J.|title=Dual Citizenship as Human Right|journal=International Journal of Constitutional Law|volume=8|issue=1|year=2010|pages=111–130}}</ref> * '''एशिया:''' जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में नागरिकता के नियम बहुत सख्त हैं और वे पूरी तरह से 'जस सैंगुइनिस' पर निर्भर करते हैं। यदि माता-पिता जापानी नहीं हैं, तो जापान में पैदा होने वाले बच्चे को स्वतः नागरिकता नहीं मिलती। == भारतीय नागरिकता के संदर्भ में == भारत का नागरिकता कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) भी वर्तमान में मुख्य रूप से 'जस सैंगुइनिस' के सिद्धांत की ओर झुका हुआ है, हालाँकि ऐतिहासिक रूप से यह एक मिश्रित प्रणाली रही है। जब भारत का संविधान लागू हुआ था, तब नागरिकता मुख्य रूप से जन्मस्थान (जस सोली) के आधार पर दी जाती थी। लेकिन 1986 और 2003 के संशोधनों के बाद, भारत ने जन्म आधारित नागरिकता के नियमों को कड़ा कर दिया। वर्तमान भारतीय कानून के अनुसार, भारत में जन्म लेने वाले बच्चे को तभी भारत का नागरिक माना जाएगा जब उसके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो, और दूसरा अवैध प्रवासी न हो। इसी प्रकार, भारत के बाहर जन्म लेने वाले बच्चे 'जस सैंगुइनिस' (वंश के आधार पर) के तहत भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं, बशर्ते उनके माता या पिता भारतीय हों और जन्म का पंजीकरण निर्धारित समय के भीतर भारतीय वाणिज्य दूतावास में कराया गया हो।<ref>{{Cite book|last=Jayal|first=Niraja Gopal|title=Citizenship and Its Discontents: An Indian History|publisher=Harvard University Press|year=2013|isbn=978-0674066847|pages=51-55}}</ref> == आलोचना और जटिलताएँ == यद्यपि यह प्रणाली राष्ट्रों को अपनी सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय पहचान बनाए रखने में मदद करती है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी आलोचना यह है कि यह '''राज्यविहीनता''' की स्थिति पैदा कर सकती है। यदि कोई बच्चा किसी ऐसे देश में पैदा होता है जो 'जस सैंगुइनिस' का पालन करता है (जैसे जापान), लेकिन उसके माता-पिता किसी ऐसे देश के नागरिक हैं जहाँ विदेश में जन्मे बच्चों को नागरिकता नहीं मिलती, तो वह बच्चा जन्म से ही बिना किसी देश की नागरिकता के (राज्यविहीन) रह जाएगा। इसे रोकने के लिए, कई देशों ने अब 'जस सोली' और 'जस सैंगुइनिस' के मिश्रित रूप को अपनाना शुरू कर दिया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.unhcr.org/ibelong/about-statelessness/|title=About Statelessness|publisher=UNHCR (United Nations High Commissioner for Refugees)}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.unhcr.org/ibelong/about-statelessness/ UNHCR: राज्यविहीनता और नागरिकता कानून] [[श्रेणी:नागरिकता]] [[श्रेणी:विधि]] p9ulptilgno6a14p18a1uc5wc07w0uw खुला शहर 0 1614652 6582857 6571576 2026-07-15T09:47:19Z InternetArchiveBot 500600 Adding 3 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582857 wikitext text/x-wiki '''खुला शहर''' ({{Lang-en|Open city}}) युद्ध विधि और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के अंतर्गत एक विशिष्ट व्यवस्था है। जब किसी युद्ध या सशस्त्र संघर्ष के दौरान किसी शहर के पतन या उस पर दुश्मन सेना के कब्ज़े की आशंका लगभग तय हो जाती है, तो उस शहर का प्रशासन या सरकार उसे 'खुला शहर' घोषित कर देती है। इसका अर्थ यह होता है कि उस शहर ने अपने सभी रक्षात्मक प्रयासों को छोड़ दिया है और वह दुश्मन की सेना को बिना किसी सशस्त्र प्रतिरोध के शहर में प्रवेश करने की अनुमति दे रहा है। इस घोषणा का मुख्य उद्देश्य शहर की निर्दोष नागरिक आबादी, वहां के ऐतिहासिक स्मारकों, और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को भारी बमबारी और विनाश से बचाना होता है।<ref>{{Cite book|last=Dinstein|first=Yoram|title=The Conduct of Hostilities under the Law of International Armed Conflict|url=https://archive.org/details/conductofhostili0000dins|publisher=Cambridge University Press|year=2004|isbn=978-0521542272|pages=[https://archive.org/details/conductofhostili0000dins/page/112 112]-114}}</ref> == अंतर्राष्ट्रीय कानून और मान्यता == 'खुले शहर' की स्थिति को अंतर्राष्ट्रीय संधियों द्वारा कानूनी मान्यता प्राप्त है। 1907 के '''हेग सम्मेलन''' के अनुच्छेद 25 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि "उन कस्बों, गांवों, आवासों या इमारतों पर किसी भी माध्यम से हमला करना या बमबारी करना प्रतिबंधित है जो असुरक्षित हैं।"<ref>{{Cite web|url=https://ihl-databases.icrc.org/applic/ihl/ihl.nsf/Article.xsp?action=openDocument&documentId=15EAC50F3EDC3BADC12563CD005167E1|title=Convention (IV) respecting the Laws and Customs of War on Land and its annex: Regulations concerning the Laws and Customs of War on Land. The Hague, 18 October 1907.|publisher=International Committee of the Red Cross (ICRC)|access-date=16 जून 2026}}</ref> बाद में, 1977 में '''जिनेवा सम्मेलनों के प्रथम अतिरिक्त प्रोटोकॉल''' के अनुच्छेद 59 ने इसे और अधिक स्पष्ट किया। किसी शहर को 'खुला शहर' (जिसे कानूनी भाषा में 'गैर-रक्षित इलाका' कहा जाता है) घोषित करने के लिए निम्नलिखित शर्तों का पूरा होना अनिवार्य है:<ref>{{Cite book|last=Oeter|first=Stefan|title=The Handbook of International Humanitarian Law|editor=Dieter Fleck|publisher=Oxford University Press|year=2013|isbn=978-0199658800|pages=204-206}}</ref> # शहर से सभी लड़ाकों (सैनिकों), भारी हथियारों और सैन्य उपकरणों को पूरी तरह हटा लिया गया हो। # शहर के भीतर किसी भी सैन्य अड्डे या रक्षात्मक प्रतिष्ठान का उपयोग न किया जा रहा हो। # नागरिक प्रशासन या सरकार की ओर से दुश्मन के प्रवेश का कोई हिंसक विरोध न किया जाए। == ऐतिहासिक उदाहरण == इतिहास में, विशेषकर [[द्वितीय विश्व युद्ध]] के दौरान, कई प्रमुख राजधानियों को विनाश से बचाने के लिए खुला शहर घोषित किया गया था: * '''पेरिस (1940):''' जब नाज़ी जर्मनी की सेना फ़्रांस की राजधानी पेरिस के बेहद करीब पहुँच गई, तो फ़्रांसीसी सरकार ने 13 जून 1940 को शहर को भारी तबाही से बचाने के लिए इसे खुला शहर घोषित कर दिया। इसके अगले ही दिन जर्मन सैनिकों ने बिना किसी प्रतिरोध के पेरिस पर कब्ज़ा कर लिया।<ref>{{Cite book|last=Shirer|first=William L.|title=The Rise and Fall of the Third Reich: A History of Nazi Germany|year=1959|url=https://archive.org/details/bwb_S0-EDZ-795}}</ref> * '''मनीला (1941):''' फिलीपींस पर जापानी आक्रमण के दौरान, अमेरिकी जनरल डगलस मैकआर्थर ने मनीला के ऐतिहासिक शहर को बचाने के लिए 26 दिसंबर 1941 को इसे खुला शहर घोषित किया। हालाँकि, जापानी सेना ने इस घोषणा का पूरी तरह से सम्मान नहीं किया और शहर पर बमबारी जारी रखी। * '''रोम (1943):''' इटली की राजधानी रोम को अगस्त 1943 में पोप पायस बारहवें और इतालवी सरकार के प्रयासों से खुला शहर घोषित किया गया था, ताकि वेटिकन और शहर के प्राचीन स्मारकों को मित्र राष्ट्रों की बमबारी से बचाया जा सके।<ref>{{Cite book|last=Katz|first=Robert|title=The Battle for Rome: The Germans, the Allies, the Partisans, and the Pope|url=https://archive.org/details/battleforrome00robe|publisher=Simon & Schuster|year=2003|isbn=978-0743216425|pages=[https://archive.org/details/battleforrome00robe/page/145 45]-48}}</ref> == विवाद और सीमाएँ == यद्यपि यह नियम मानवता की रक्षा के लिए बनाया गया है, लेकिन युद्ध के दौरान हमलावर सेनाओं द्वारा हमेशा इसका सम्मान नहीं किया जाता है। कई बार हमलावर देश यह दावा करते हैं कि रक्षक सेना ने शहर को पूरी तरह से खाली नहीं किया है, और इसे बहाना बनाकर वे 'खुले शहर' पर भी बमबारी कर देते हैं (जैसा कि 1941 में बेलग्रेड के साथ हुआ था)। == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://ihl-databases.icrc.org/ अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (ICRC) - अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून डेटाबेस] 5tkjfys3oqg28aaksl7jq527knhje25 प्रथम बेड़ा 0 1614677 6582851 6571820 2026-07-15T09:39:29Z InternetArchiveBot 500600 Adding 3 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582851 wikitext text/x-wiki {{Infobox event | Event_Name = प्रथम बेड़ा | image = A view of Botany Bay A1475003h (cropped).jpg | Date = 13 मई 1787 – 26 जनवरी 1788 | Location = पोर्ट्समाउथ (इंग्लैंड) से सिडनी कोव (ऑस्ट्रेलिया) | Participants = कैप्टन आर्थर फिलिप, 11 समुद्री जहाज़, लगभग 1,400 लोग (कैदी, नौसैनिक और अधिकारी) }} '''प्रथम बेड़ा''' ({{Lang-en|First Fleet}}) उन 11 समुद्री जहाज़ों के ऐतिहासिक समूह को दिया गया नाम है, जो 13 मई 1787 को इंग्लैंड के पोर्ट्समाउथ से रवाना हुए थे। इस विशाल समुद्री अभियान का मुख्य उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में ब्रिटिश साम्राज्य का पहला 'दंड-उपनिवेश' स्थापित करना था। कैप्टन आर्थर फिलिप के कुशल नेतृत्व में इस बेड़े ने 26 जनवरी 1788 को सिडनी कोव में सफलतापूर्वक यूरोपीय बस्ती की नींव रखी। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में आधुनिक ऑस्ट्रेलिया में प्रतिवर्ष 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व 'ऑस्ट्रेलिया दिवस' के रूप में मनाया जाता है।<ref>{{Cite book|last=Hughes|first=Robert|title=The Fatal Shore: The Epic of Australia's Founding|url=https://archive.org/details/fatalshore0000hugh_w6k7|publisher=Knopf|year=1986|isbn=978-0394506685|pages=[https://archive.org/details/fatalshore0000hugh_w6k7/page/71 71]-74}}</ref> == ऐतिहासिक पृष्ठभूमि == 18वीं सदी के उत्तरार्ध में, ग्रेट ब्रिटेन की आपराधिक न्याय प्रणाली ('ब्लडी कोड') अत्यधिक कठोर थी, जिसके तहत छोटी-मोटी चोरियों के लिए भी लोगों को जेल में डाल दिया जाता था। इस कारण ब्रिटिश जेलें और पुराने जहाज़ (जिन्हें 'हल्क्स' कहा जाता था) कैदियों से पूरी तरह भर चुके थे। पहले ब्रिटेन अपने कैदियों को उत्तरी अमेरिका के उपनिवेशों में भेजता था, लेकिन 1783 में अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम में हारने के बाद यह मार्ग हमेशा के लिए बंद हो गया।<ref>{{cite web|title=Why were convicts transported to Australia|publisher=Sydney Living Museums|access-date=16 December 2013|url=http://www.hht.net.au/discover/highlights/kids_fact_sheets/why_were_convicts_transported_to_australia|archive-url=https://web.archive.org/web/20131202222157/http://www.hht.net.au/discover/highlights/kids_fact_sheets/why_were_convicts_transported_to_australia|archive-date=2 December 2013|url-status=dead}}</ref> as well as the need for a base in the [[Pacific Ocean|Pacific]] to counter [[French colonial empire|French expansion]].<ref>{{cite book |last=Cameron-Ash |first=Margaret |author-link= |date=2021 |title=Beating France to Botany Bay: The race to found Australia |url=https://quadrant.org.au/product/beating-france-to-botany-bay-the-race-to-found-australia/ |location=Balmain |publisher=Quadrant Books |page= |isbn=9780648996125}}</ref> कैदियों की बढ़ती संख्या के समाधान के लिए ब्रिटिश सरकार को एक नए भूभाग की आवश्यकता थी। 1770 में कैप्टन [[जेम्स कुक]] ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट की खोज की थी। उनके सकारात्मक विवरणों के आधार पर ही ब्रिटिश सरकार ने वहां एक नया उपनिवेश स्थापित करने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite book|last=Frost|first=Alan|title=The First Fleet: The Real Story|publisher=Black Inc.|year=2012|isbn=978-1863955614|pages=45-48}}</ref> == बेड़े की संरचना और यात्रा == प्रथम बेड़े में कुल 11 जहाज़ शामिल थे: * 2 सशस्त्र नौसैनिक युद्धपोत * 6 कैदियों को ले जाने वाले मालवाहक जहाज़ * 3 खाद्य सामग्री, रसद और उपकरण ले जाने वाले जहाज़ इन जहाज़ों पर 1,400 से अधिक लोग सवार थे, जिनमें लगभग 775 पुरुष और महिला कैदी, ब्रिटिश नौसैनिक, अधिकारी और उनके परिवार शामिल थे। यह कठिन समुद्री यात्रा 252 दिनों तक चली। इस दौरान बेड़े ने आवश्यक रसद एकत्र करने के लिए टेनेरिफ़, रियो डी जेनेरियो और केप ऑफ गुड होप जैसे बंदरगाहों पर लंगर डाला।<ref>{{Cite book|last=Bateson|first=Charles|title=The Convict Ships, 1787-1868|year=1983|url=https://archive.org/details/convictships17870000bate}}</ref> == ऑस्ट्रेलिया में आगमन और सिडनी की स्थापना == यह बेड़ा 18 से 20 जनवरी 1788 के बीच बॉटनी बे (Botany Bay) पहुँचा। हालाँकि, कैप्टन फिलिप ने जल्द ही महसूस किया कि यह स्थान एक स्थायी बस्ती के लिए बिल्कुल उपयुक्त नहीं था; यहाँ न तो मीठे पानी का कोई स्थायी स्रोत था और न ही मिट्टी उपजाऊ थी। बेहतर स्थान की तलाश में, फिलिप ने उत्तर की ओर कुछ किलोमीटर की यात्रा की और 26 जनवरी को पोर्ट जैक्सन पहुँचे, जिसे उन्होंने "दुनिया का सबसे बेहतरीन बंदरगाह" घोषित किया। इसी बंदरगाह के एक छोटे से हिस्से में बेड़े ने लंगर डाला, जिसे तत्कालीन ब्रिटिश गृह मंत्री (लॉर्ड सिडनी) के सम्मान में 'सिडनी कोव' नाम दिया गया। यहीं पर आधुनिक [[सिडनी]] शहर की स्थापना हुई।<ref>{{Cite book|last=Keneally|first=Thomas|title=The Commonwealth of Thieves|year=2006|url=https://archive.org/details/commonwealthofth0000kene_y4v3}}</ref> == स्वदेशी आबादी पर प्रभाव == यद्यपि प्रथम बेड़े का आगमन आधुनिक ऑस्ट्रेलिया के निर्माण की शुरुआत थी, लेकिन महाद्वीप के मूल निवासियों के लिए यह एक विनाशकारी त्रासदी साबित हुई। ब्रिटिश उपनिवेशवादियों के साथ चेचक और इन्फ्लूएंजा जैसी यूरोपीय बीमारियाँ भी आईं, जिनके प्रति मूल निवासियों के शरीर में कोई प्रतिरोधक क्षमता नहीं थी। परिणामस्वरूप, एओरा राष्ट्र और अन्य स्थानीय जनजातियों की एक बड़ी आबादी इन बीमारियों और बाद में अपनी ज़मीन बचाने के लिए हुए हिंसक संघर्षों में मारी गई।<ref>{{Cite book|last=Clark|first=Manning|title=A History of Australia, Vol. 1: From the Earliest Times to the Age of Macquarie}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://firstfleetfellowship.org.au/ First Fleet Fellowship Victoria] [[श्रेणी:ऑस्ट्रेलिया का इतिहास]] [[श्रेणी:ब्रिटिश साम्राज्य]] lmreu7r484xc53jarjusx76m9btt9s7 दवा के प्रतिकूल प्रभाव 0 1614680 6582895 6577455 2026-07-15T11:08:40Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582895 wikitext text/x-wiki {{Infobox medical condition | name = प्रतिकूल औषध प्रतिक्रिया (ADR) | synonyms = दवा के प्रतिकूल प्रभाव, दवा का रिएक्शन | image = Drugreaction.jpg | caption = | field = [[औषध विज्ञान]] (Pharmacology), [[विषविज्ञान]] (Toxicology) | symptoms = त्वचा पर चकत्ते, मतली, सिरदर्द, तीव्र एलर्जी (Anaphylaxis) | causes = दवा की अधिक खुराक, दवाओं का परस्पर प्रभाव, आनुवंशिक कारक | prevention = औषध-सतर्कता (Pharmacovigilance), सटीक नैदानिक परीक्षण }} '''प्रतिकूल औषध प्रतिक्रिया''' ({{Lang-en|Adverse drug reaction}}, संक्षेप में '''ADR'''), जिसे सामान्य बोलचाल में '''दवा के प्रतिकूल प्रभाव''' या 'दवा का रिएक्शन' कहा जाता है, किसी भी औषधीय उत्पाद या दवा के उपयोग के बाद होने वाला एक अवांछित, हानिकारक और अप्रिय प्रभाव है। [[विश्व स्वास्थ्य संगठन]] के अनुसार, यह एक ऐसी प्रतिक्रिया है जो मनुष्यों में बीमारी की रोकथाम, निदान या उपचार के लिए सामान्य रूप से उपयोग की जाने वाली खुराकों पर उत्पन्न होती है। यह चिकित्सा विज्ञान का एक अत्यंत गंभीर विषय है, क्योंकि इसके कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या और स्वास्थ्य सेवा के खर्चों में भारी वृद्धि होती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/pharmacovigilance|title=Pharmacovigilance|publisher=World Health Organization (WHO)}}</ref><ref name="MEDIA482">{{cite web |date=10 June 1996 |title=1. Glossary |url=https://ichgcp.net/1-glossary|work=Guideline For Good Clinical Practice |publisher=International Conference on Harmonisation of Technical Requirements for Registration of Pharmaceuticals for Human Use}}</ref><ref>{{Cite web |last=<!-- no author attribution --> |date=May 28, 2019 |title=Adverse Drug Reaction (Code C142385) |url=https://evsexplore.semantics.cancer.gov/evsexplore/concept/ncit/C142385|website=Enterprise Vocabulary Services |publisher=National Cancer Institute}}</ref> == दुष्प्रभाव और प्रतिकूल औषध प्रतिक्रिया में अंतर == अक्सर लोग 'दुष्प्रभाव' और 'प्रतिकूल औषध प्रतिक्रिया' का उपयोग एक ही अर्थ में करते हैं, लेकिन चिकित्सकीय दृष्टिकोण से इनमें सूक्ष्म अंतर है। एक दुष्प्रभाव दवा के मुख्य औषधीय प्रभाव के अलावा कोई भी अन्य प्रभाव हो सकता है (जो कभी-कभी फायदेमंद भी हो सकता है)। इसके विपरीत, एक प्रतिकूल प्रतिक्रिया विशेष रूप से हानिकारक और अवांछित ही होती है, जिससे मरीज को शारीरिक या मानसिक नुकसान पहुँचता है।<ref>{{Cite journal|last=Edwards|first=I. R.|last2=Aronson|first2=J. K.|title=Adverse drug reactions: definitions, diagnosis, and management|url=https://archive.org/details/sim_the-lancet_2000-10-07_356_9237/page/1255|journal=The Lancet|volume=356|issue=9237|year=2000|pages=1255-1259|doi=10.1016/S0140-6736(00)02799-9}}</ref> == प्रतिकूल औषध प्रतिक्रिया के प्रकार (वर्गीकरण) == चिकित्सा विज्ञान में दवा के प्रतिकूल प्रभावों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है: * '''टाइप ए (ऑगमेंटेड):''' ये दवा की खुराक पर निर्भर होते हैं। ये अनुमानित होते हैं और उस दवा की ज्ञात कार्यप्रणाली से जुड़े होते हैं। उदाहरण के लिए, रक्त पतला करने वाली दवा लेने से अत्यधिक रक्तस्राव होना। * '''टाइप बी (बिज़ारे):''' ये खुराक पर निर्भर नहीं होते हैं और पूरी तरह से अप्रत्याशित होते हैं। ये किसी व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली या आनुवंशिक बनावट के कारण होते हैं। इसका सबसे प्रमुख उदाहरण [[पेनिसिलिन]] जैसी एंटीबायोटिक दवाओं से होने वाली जानलेवा एलर्जी या 'एनाफिलेक्सिस' है।<ref>{{Cite book|last=Bates|first=David W.|title=Meyler's Side Effects of Drugs: The International Encyclopedia of Adverse Drug Reactions and Interactions|publisher=Elsevier|year=2015|isbn=978-0444537171|edition=16th|pages=45-48}}</ref> == मुख्य कारण और जोखिम कारक == प्रतिकूल औषध प्रतिक्रियाएं किसी को भी हो सकती हैं, लेकिन कुछ कारकों के कारण इसका जोखिम काफी बढ़ जाता है: # '''बहु-औषध चिकित्सा:''' जब कोई मरीज (विशेषकर बुजुर्ग) एक ही समय में कई अलग-अलग बीमारियों के लिए दवाइयाँ ले रहा होता है, तो दवाइयों के आपस में टकराने का ख़तरा बहुत बढ़ जाता है। # '''आयु:''' छोटे बच्चों और बुजुर्गों का शरीर दवाओं को पचाने और बाहर निकालने में वयस्कों जितना सक्षम नहीं होता, जिससे प्रतिक्रिया का जोखिम बढ़ जाता है। # '''यकृत और गुर्दे की बीमारियां:''' चूंकि अधिकांश दवाइयाँ लिवर द्वारा तोड़ी जाती हैं और किडनी द्वारा शरीर से बाहर निकाली जाती हैं, इन अंगों की विफलता से दवा का स्तर शरीर में विषाक्त हो सकता है।<ref>{{Cite journal|last=Lazarou|first=J.|last2=Pomeranz|first2=B. H.|last3=Corey|first3=P. N.|title=Incidence of Adverse Drug Reactions in Hospitalized Patients: A Meta-analysis of Prospective Studies|url=https://archive.org/details/sim_jama_1998-04-15_279_15/page/n89|journal=JAMA|volume=279|issue=15|year=1998|pages=1200-1205|doi=10.1001/jama.279.15.1200}}</ref> == औषध-सतर्कता == दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों का पता लगाने, उनका आकलन करने और उन्हें रोकने के विज्ञान को '''औषध-सतर्कता''' कहा जाता है। 1960 के दशक की भयानक 'थैलिडोमाइड त्रासदी'- जिसमें एक दवा के कारण हजारों बच्चे जन्मजात विकृतियों के साथ पैदा हुए थे-के बाद पूरी दुनिया में दवा सुरक्षा कानूनों को सख्त कर दिया गया। आज भारत में 'सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन' और विश्व स्तर पर WHO इस दिशा में निरंतर निगरानी करते हैं।<ref>{{Cite book|last=Talbot|first=John|last2=Waller|first2=Patrick|title=Stephens' Detection and Evaluation of Adverse Drug Reactions|year=2011|url=https://archive.org/details/stephensdetectio0000unse_y6x4}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://ipc.gov.in/ भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) - औषध-सतर्कता कार्यक्रम] [[श्रेणी:विषविज्ञान]] [[श्रेणी:चिकित्सा शब्दावली]] tqbmzq9whzwxu7juhzaz5kuv74gc9s4 हेक्सामीटर 0 1614711 6582802 6580730 2026-07-15T07:25:44Z InternetArchiveBot 500600 Adding 9 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582802 wikitext text/x-wiki '''हेक्सामीटर (षट्पदी छंद)''' ({{lang-en|Hexameter}}) कविता का एक छंदात्मक रूप है, जिसमें प्रत्येक पंक्ति छह छंद-पादों (feet) से मिलकर बनी होती है। यह प्राचीन [[यूनानी साहित्य]] और [[लैटिन साहित्य]] का प्रमुख महाकाव्य छंद था। [[होमर]] के महाकाव्य इलियड और [[ओडिसी]], तथा विर्जिल की [[एनीयड]] इसी छंद में रचित हैं।<ref name=":0">{{cite encyclopedia |title=Hexameter |encyclopedia=Encyclopaedia Britannica |url=https://www.britannica.com/art/hexameter}}</ref><ref>{{cite book |last=Greenblatt |first=Stephen |title=The Norton Anthology of English Literature |url=https://archive.org/details/nortonanthologyo0000step_y8j1 |publisher=W. W. Norton & Company |year=2012}}</ref> [[file:hexameter.jpg]] == व्युत्पत्ति == ''हेक्सामीटर'' शब्द यूनानी भाषा के ''hexa'' (छह) तथा ''metron'' (माप या छंद) शब्दों से मिलकर बना है। इसका शाब्दिक अर्थ "छह मापों वाला छंद" है।<ref>{{cite book |last=Liddell |first=Henry George |title=A Greek-English Lexicon |url=https://archive.org/details/greekenglishlexi0000lidd_u9m8 |publisher=Oxford University Press |year=1996}}</ref> == इतिहास == हेक्सामीटर का विकास प्राचीन यूनान में हुआ और बाद में यह रोमन साहित्य का भी प्रमुख छंद बन गया। यूनानी परंपरा में इसे महाकाव्य रचना के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता था। [[होमर]] द्वारा रचित ''इलियड'' और ''ओडिसी'' इसके सबसे प्राचीन एवं प्रसिद्ध उदाहरण हैं।<ref>{{cite book |last=Kirk |first=G. S. |title=The Iliad: A Commentary |url=https://archive.org/details/iliadcommentary0000kirk |publisher=Cambridge University Press |year=1985}}</ref> रोमन कवि विर्जिल ने ''एनीयड'' में तथा ओविड ने ''मेटामॉर्फोसिस'' में हेक्सामीटर का प्रयोग किया।<ref>{{cite book |last=Conte |first=Gian Biagio |title=Latin Literature: A History |url=https://archive.org/details/latinliteratureh0000cont_y2l2 |publisher=Johns Hopkins University Press |year=1999}}</ref> प्राचीन यूनानी मान्यता के अनुसार हेक्सामीटर का आविष्कार फेमोनोए (Phemonoe) ने किया था, जिन्हें डेल्फी की प्रथम पुजारिन माना जाता है।<ref>Pausanias, ''Description of Greece'', 10.5.7.</ref><ref>Pliny the Elder, ''Natural History'', VII.57.</ref> == संरचना == शास्त्रीय हेक्सामीटर में प्रत्येक पंक्ति छह पादों (feet) से बनी होती है। * प्रथम चार पाद डैक्टिल (— ∪ ∪) अथवा स्पॉन्डी (— —) हो सकते हैं। * पाँचवाँ पाद सामान्यतः डैक्टिल होता है। * छठा पाद प्रायः स्पॉन्डी अथवा ट्रोकी होता है। इस संरचना को '''डैक्टिलिक हेक्सामीटर''' कहा जाता है।<ref>{{cite book |last=Raven |first=D. S. |title=Greek Metre: An Introduction |publisher=Cambridge University Press |year=1962}}</ref> == यूनानी साहित्य में हेक्सामीटर == प्राचीन यूनानी साहित्य में हेक्सामीटर को महाकाव्य रचना का सर्वाधिक प्रतिष्ठित छंद माना जाता था। होमर के ''इलियड'' और ''[[ओडिसी]]'' इसी छंद में रचित हैं। बाद में हेसिओड ने अपनी कृतियों ''थियोगोनी'' और ''वर्क्स एंड डेज़'' में भी इसका प्रयोग किया। यूनानी कवियों का विश्वास था कि यह छंद वीरगाथाओं, देवकथाओं और दीर्घ आख्यानों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है।<ref>{{cite book |last=West |first=M. L. |title=Greek Metre |publisher=Oxford University Press |year=1982}}</ref> == लैटिन साहित्य में हेक्सामीटर == रोमन साहित्य में हेक्सामीटर का प्रवेश यूनानी साहित्य के प्रभाव से हुआ। रोमन कवि एन्नियस को लैटिन साहित्य में हेक्सामीटर के प्रारम्भिक उपयोगकर्ताओं में गिना जाता है। बाद में विर्जिल ने ''एनीयड'' के माध्यम से इसे लैटिन महाकाव्य का मानक छंद बना दिया। ओविड, लुक्रेतियस तथा [[होरेस]] ने भी अपनी अनेक रचनाओं में हेक्सामीटर का प्रयोग किया।<ref>{{cite book |last=Conte |first=Gian Biagio |title=Latin Literature: A History |url=https://archive.org/details/latinliteratureh0000cont_y2l2 |publisher=Johns Hopkins University Press |year=1999}}</ref> == अन्य भाषाओं में प्रयोग == हेक्सामीटर का प्रयोग केवल यूनानी और लैटिन साहित्य तक सीमित नहीं रहा। आधुनिक यूरोपीय भाषाओं में भी अनेक कवियों ने इसे अपनाने का प्रयास किया। अंग्रेज़ी में हेनरी वाड्सवर्थ लॉन्गफेलो ने अपनी प्रसिद्ध कृति ''Evangeline'' में डैक्टिलिक हेक्सामीटर का उपयोग किया। जर्मन, लिथुआनियाई तथा हंगेरियन भाषाओं में भी इस छंद का सफल प्रयोग हुआ है।<ref>{{cite book |last=Fussell |first=Paul |title=Poetic Meter and Poetic Form |url=https://archive.org/details/poeticmeterpoeti00fussrich |publisher=McGraw-Hill |year=1979}}</ref> == पौराणिक परंपरा == यूनानी परंपरा के अनुसार हेक्सामीटर का आविष्कार फेमोनोए (Phemonoe) ने किया था, जिन्हें [[अपोलो]] की पुत्री और [[डेल्फी]] की प्रथम पुजारिन माना जाता है। प्राचीन लेखकों पॉसानियास और [[प्लिनी]] ने इस परंपरा का उल्लेख किया है।<ref>Pausanias, ''Description of Greece'', 10.5.7.</ref><ref>Pliny the Elder, ''Natural History'', VII.57.</ref> == महत्व == हेक्सामीटर को प्राचीन यूरोपीय साहित्य के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यूनानी और रोमन महाकाव्यों का अधिकांश भाग इसी छंद में रचा गया है। साहित्यिक आलोचक इसे पश्चिमी काव्य परंपरा की आधारभूत छंद-प्रणालियों में से एक मानते हैं। इसकी लयात्मक संरचना दीर्घ आख्यानों को प्रभावशाली तथा स्मरणीय बनाने में सहायक मानी जाती है।<ref name=":0" /> == इन्हें भी देखें == * [[छंद]] * [[काव्यशास्त्र]] * [[लैटिन साहित्य]] * [[यूनानी साहित्य]] * [[महाकाव्य]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} === अन्य ग्रंथ === * {{cite book |last=West |first=M. L. |title=Greek Metre |publisher=Oxford University Press |year=1982}} * {{cite book |last=Raven |first=D. S. |title=Greek Metre: An Introduction |publisher=Cambridge University Press |year=1962}} * {{cite book |last=Conte |first=Gian Biagio |title=Latin Literature: A History |url=https://archive.org/details/latinliteratureh0000cont_y2l2 |publisher=Johns Hopkins University Press |year=1999}} * {{cite book |last=Hardie |first=Philip |title=Virgil |publisher=Oxford University Press |year=1998}} * {{cite book |last=Kirk |first=G. S. |title=The Iliad: A Commentary |url=https://archive.org/details/iliadcommentary0000kirk |publisher=Cambridge University Press |year=1985}} * {{cite book |last=Fussell |first=Paul |title=Poetic Meter and Poetic Form |url=https://archive.org/details/poeticmeterpoeti00fussrich |publisher=McGraw-Hill |year=1979}} [[श्रेणी:छंद]] [[श्रेणी:काव्यशास्त्र]] [[श्रेणी:साहित्य]] [[श्रेणी:लैटिन साहित्य]] [[श्रेणी:महाकाव्य]] [[श्रेणी:काव्य]] cj8gb977a4ppt6lgr58awd44zhxkxhu ट्रिपल जंप 0 1614761 6582845 6572355 2026-07-15T09:24:28Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582845 wikitext text/x-wiki {{Infobox sport | name = त्रिकूद (Triple jump) | image = [[File:Willie Banks Jr. in Seoul 1988.jpg|240px]] | union = विश्व एथलेटिक्स | equipment = रन-वे, टेकऑफ़ बोर्ड, सैंड पिट, स्पाइक्ड शूज | olympic = 1896 (पुरुष); 1996 (महिला) | related_sports = [[लम्बी कूद]], ऊंची कूद }} '''त्रिकूद''' ({{Lang-en|Triple jump}}), जिसे ऐतिहासिक रूप से 'हॉप, स्टेप और जंप' भी कहा जाता है, [[ट्रैक और फील्ड]] का एक प्रमुख एथलेटिक्स आयोजन है। लम्बी कूद के समान, इस खेल का मुख्य उद्देश्य एक क्षैतिज रन-वे पर दौड़ते हुए टेकऑफ़ बोर्ड से छलांग लगाकर रेत के गड्ढे (सैंड पिट) में अधिकतम दूरी तय करना है। हालांकि, त्रिकूद में एथलीट सीधे सैंड पिट में नहीं कूदता, बल्कि उसे तीन अलग-अलग लेकिन निरंतर चरणों का पालन करना होता है। शारीरिक समन्वय, गति और बायोमैकेनिक्स के दृष्टिकोण से इसे एथलेटिक्स की सबसे जटिल और कठिन स्पर्धाओं में से एक माना जाता है।<ref>{{Cite book|last=Carr|first=Gerry|title=Fundamentals of Track and Field|url=https://archive.org/details/fundamentalsoftr0000carr_u1b1_2ed|publisher=Human Kinetics|year=1999|isbn=978-0736000086|pages=[https://archive.org/details/fundamentalsoftr0000carr_u1b1_2ed/page/152 152]-155}}</ref> == तकनीक और तीन चरण == त्रिकूद की संपूर्ण प्रक्रिया को मुख्य रूप से एक तेज़ दौड़ और उसके बाद तीन विशिष्ट छलांगों में विभाजित किया जाता है। खेल के नियमों के अनुसार, एथलीट को इन चरणों का कड़ाई से पालन करना होता है:<ref>{{Cite book|last=Schmolinsky|first=Gerhardt|title=Track and Field: The East German Textbook of Athletics|publisher=Sportverlag|year=1993|isbn=978-0960046638|pages=230-234}}</ref> # '''हॉप:''' दौड़ पूरी करने के बाद एथलीट टेकऑफ़ बोर्ड से एक पैर (मान लीजिए, बायां पैर) से छलांग लगाता है। इस चरण का सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि एथलीट को वापस ज़मीन पर उसी पैर (बाएं पैर) पर लैंड करना होता है। # '''स्टेप:''' हॉप के बाद जब एथलीट उसी पैर पर उतरता है, तो वह तुरंत दूसरा कदम उठाता है और अब उसे अपने दूसरे पैर (दाएं पैर) पर लैंड करना होता है। इस चरण को "बाउंड" भी कहा जाता है। # '''जंप:''' यह अंतिम चरण है। एथलीट अपने दूसरे पैर (दाएं पैर) से ज़ोरदार छलांग लगाता है और अंततः दोनों पैरों को एक साथ आगे की ओर खींचकर रेत के गड्ढे में लैंड करता है। यदि एथलीट पैरों के इस क्रम (बायां-बायां-दायां या दायां-दायां-बायां) में कोई भी गलती करता है, या उसका पैर टेकऑफ़ बोर्ड की फाउल लाइन (प्लास्टिसिन इंडिकेटर) को पार कर जाता है, तो उस जंप को 'फाउल' मानकर रद्द कर दिया जाता है। == ऐतिहासिक पृष्ठभूमि == त्रिकूद का इतिहास [[प्राचीन ओलंपिक खेल|प्राचीन ग्रीक ओलंपिक]] से जुड़ा हुआ माना जाता है, जहाँ एथलीट कई छलांगों को मिलाकर एक बड़ी दूरी तय करते थे। आधुनिक त्रिकूद की उत्पत्ति 19वीं सदी के मध्य में आयरलैंड और स्कॉटलैंड के पारंपरिक खेलों में हुई थी। जब 1896 में एथेंस में पहला आधुनिक [[ओलंपिक खेल]] आयोजित हुआ, तो त्रिकूद इसकी प्रारंभिक स्पर्धाओं में से एक था। अमेरिकी एथलीट जेम्स कोनोली ने आधुनिक ओलंपिक इतिहास में त्रिकूद जीतकर पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता था। महिलाओं के लिए त्रिकूद को बहुत बाद में, 1996 के अटलांटा ओलंपिक में पहली बार आधिकारिक रूप से शामिल किया गया था।<ref>{{Cite book|last=Wallechinsky|first=David|title=The Complete Book of the Olympics|publisher=Aurum Press|year=2012|isbn=978-1845136956|pages=355-358}}</ref> == विश्व रिकॉर्ड == इस खेल में शक्ति और गतिज ऊर्जा का सही संतुलन ही विश्व रिकॉर्ड का आधार बनता है: * '''पुरुष:''' त्रिकूद में पुरुषों का विश्व रिकॉर्ड ग्रेट ब्रिटेन के '''जोनाथन एडवर्ड्स''' के नाम है। उन्होंने 7 अगस्त 1995 को गोथेनबर्ग (स्वीडन) में विश्व चैंपियनशिप के दौरान '''18.29 मीटर''' (60 फीट 1/4 इंच) की ऐतिहासिक छलांग लगाई थी, जो आज तक अटूट है।<ref>{{Cite web|url=https://worldathletics.org/records/by-discipline/jumps/triple-jump/outdoor/men|title=Men's Triple Jump World Records|publisher=World Athletics}}</ref> * '''महिला:''' महिलाओं का विश्व रिकॉर्ड वेनेज़ुएला की '''युलिमार रोहास''' के नाम है। उन्होंने 20 मार्च 2022 को बेलग्रेड (सर्बिया) में विश्व इंडोर चैंपियनशिप के दौरान '''15.74 मीटर''' (51 फीट 7 1/2 इंच) की छलांग लगाकर यह कीर्तिमान स्थापित किया था।<ref>{{Cite web|url=https://worldathletics.org/records/by-discipline/jumps/triple-jump/outdoor/women|title=Women's Triple Jump World Records|publisher=World Athletics}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://worldathletics.org/disciplines/jumps/triple-jump विश्व एथलेटिक्स (World Athletics) - त्रिकूद के नियम और रिकॉर्ड] [[श्रेणी:कूदने वाले खेल]] 1spnkse9xj24f0nykdjdp63pjg3wehl स्पीड स्केटिंग 0 1614763 6582777 6578095 2026-07-15T06:30:07Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582777 wikitext text/x-wiki {{Infobox sport | name = स्पीड स्केटिंग (Speed skating) |image = Paulien van Deutekom (08-12-2007).jpg | union = अंतर्राष्ट्रीय स्केटिंग संघ | equipment = क्लैप स्केट्स, स्किनसूट, हेलमेट (शॉर्ट ट्रैक में) | venue = आइस रिंक / ओवल | olympic = 1924 (लॉन्ग ट्रैक); 1992 (शॉर्ट ट्रैक) | related_sports = [[फिगर स्केटिंग]], आइस हॉकी }} '''स्पीड स्केटिंग''' ({{Lang-en|Speed skating}}) बर्फ पर खेला जाने वाला एक अत्यंत तेज़ और प्रतिस्पर्धी शीतकालीन ओलंपिक खेल है। इस खेल में एथलीट (स्केटर्स) बर्फ़ीले ट्रैक पर विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए ब्लेड वाले जूते (स्केट्स) पहनकर एक निश्चित दूरी को सबसे कम समय में पूरा करने के लिए एक-दूसरे से या घड़ी से प्रतिस्पर्धा करते हैं। यह एथलेटिक्स की ट्रैक और फील्ड प्रतियोगिताओं के समान है, लेकिन इसे जमी हुई बर्फ पर खेला जाता है। इस खेल में शारीरिक सहनशक्ति, तकनीकी कौशल और वायुगतिकी का एक जटिल संतुलन आवश्यक होता है।<ref>{{Cite book|last=Kruk|first=Jan|title=The Science of Speed Skating|publisher=Human Kinetics|year=2014|isbn=978-0736093286|pages=12-15}}</ref><ref>[https://isu-d8g8b4b7ece7aphs.a03.azurefd.net/isudamcontainer/CMS/Corporate-Site/Sports-Rules/Speed-Skating-Rules/Constitution-and-General-Regulations-2024/2024SpecialRegulationsTechnicalRulesSpeedSkatingFINALVERSION0026828001741260623-1378.pdf|"Special Rules and Regulations Speed Skating 2024"]</ref> == इतिहास और उत्पत्ति == स्पीड स्केटिंग की उत्पत्ति उत्तरी यूरोप, विशेष रूप से [[नीदरलैंड]] और [[स्कैंडिनेविया]] में हुई थी। 13वीं शताब्दी में नीदरलैंड में सर्दियों के दौरान जमी हुई नहरों और नदियों पर परिवहन और संचार के साधन के रूप में स्केटिंग का उपयोग शुरू हुआ। प्रारंभिक स्केट्स जानवरों की हड्डियों से बने होते थे, जिन्हें बाद में लोहे और स्टील के ब्लेड से बदल दिया गया।<ref>[https://www.medievalists.net/2015/12/did-people-ice-skate-in-the-middle-ages/|"Did People Ice Skate in the Middle Ages"]</ref> एक संगठित खेल के रूप में इसकी शुरुआत 19वीं सदी में हुई। 1889 में नीदरलैंड के एम्स्टर्डम में पहली आधिकारिक विश्व चैंपियनशिप आयोजित की गई थी। इसके बाद, 1892 में 'अंतर्राष्ट्रीय स्केटिंग संघ' की स्थापना हुई, जो शीतकालीन खेलों का सबसे पुराना अंतरराष्ट्रीय शासी निकाय है।<ref>{{Cite book|last=Hines|first=James R.|title=Historical Dictionary of Figure Skating and Speed Skating|url=https://archive.org/details/historicaldictio0000hine|publisher=Scarecrow Press|year=2011|isbn=978-0810868595|pages=[https://archive.org/details/historicaldictio0000hine/page/45 45]-48}}</ref> [[File:Jan Smeekens (23-02-2008).jpg|thumb|]] == स्पीड स्केटिंग के प्रमुख प्रकार == आधुनिक स्पीड स्केटिंग को मुख्य रूप से तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया जाता है: # '''लॉन्ग ट्रैक स्पीड स्केटिंग:''' यह खेल का सबसे पारंपरिक रूप है। यह 400 मीटर के एक अंडाकार बर्फ़ीले ट्रैक पर आयोजित किया जाता है, जो आकार में एथलेटिक्स ट्रैक के समान होता है। इसमें दो स्केटर्स एक साथ दौड़ते हैं, लेकिन वे एक-दूसरे के खिलाफ नहीं, बल्कि समय के खिलाफ दौड़ते हैं। दौड़ के दौरान निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें हर लैप में अपना लेन (अंदरूनी और बाहरी) बदलना होता है। # '''शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग:''' यह एक तेज़ और अधिक आक्रामक संस्करण है, जो 111.12 मीटर के बहुत छोटे ट्रैक पर आयोजित किया जाता है (आमतौर पर आइस हॉकी रिंक के आकार का)। इसमें समय के बजाय स्थिति मायने रखती है। चार से छह स्केटर्स एक साथ एक ही लेन में दौड़ते हैं, जिससे इसमें टक्कर और गिरने का जोखिम बहुत अधिक होता है। # '''मैराथन स्पीड स्केटिंग:''' यह लंबी दूरी की एक आउटडोर प्रतियोगिता है, जो आमतौर पर जमी हुई झीलों या नहरों पर आयोजित की जाती है। इसकी सबसे प्रसिद्ध दौड़ नीदरलैंड की 'एल्फस्टेडेंटोच' है, जो लगभग 200 किलोमीटर लंबी होती है।<ref>{{Cite journal|last=Rundell|first=Kenneth W.|title=Biomechanics and Physiology of Speed Skating|journal=Sports Medicine|volume=25|issue=6|year=1998|pages=365-372}}</ref> == उपकरण और तकनीकी नवाचार == स्पीड स्केटिंग में उपकरण और खेल विज्ञान बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्केटर्स की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा (37 मील प्रति घंटा) तक पहुँच सकती है। 1990 के दशक के अंत में इस खेल में एक बड़ी तकनीकी क्रांति आई जब '''क्लैप स्केट''' का आविष्कार हुआ। पारंपरिक स्केट्स में ब्लेड जूते से पूरी तरह जुड़ा होता था। लेकिन क्लैप स्केट में, ब्लेड केवल जूते के अगले हिस्से (पंजों) से एक काज द्वारा जुड़ा होता है, और एड़ी का हिस्सा मुक्त रहता है। जब स्केटर पैर उठाता है, तो ब्लेड बर्फ के संपर्क में अधिक समय तक रहता है, जिससे अधिक 'कर्षण' और गतिज़ ऊर्जा उत्पन्न होती है। इसके अतिरिक्त, हवा के प्रतिरोध को कम करने के लिए एथलीट शरीर से चिपका हुआ 'स्किनसूट' पहनते हैं और अपनी कमर को झुकाकर रखते हैं।<ref>{{Cite journal|last=Houdijk|first=H.|last2=de Koning|first2=J. J.|last3=de Groot|first3=G.|title=The push-off mechanics of clap skates in speed skating|url=https://archive.org/details/sim_journal-of-biomechanics_2000-03_33_3/page/339|journal=Journal of Biomechanics|volume=33|issue=3|year=2000|pages=339-346|doi=10.1016/S0021-9290(99)00185-1}}</ref><ref>[https://web.archive.org/web/20181227214039/http://www.socalspeedskating.org/equip/skates/longtrack/longtrack.htm|"longtrack"]</ref> == ओलंपिक इतिहास == लॉन्ग ट्रैक स्पीड स्केटिंग पुरुषों के लिए 1924 के पहले शीतकालीन ओलंपिक (शैमॉनिक्स, फ्रांस) से ही ओलंपिक कार्यक्रम का हिस्सा रही है। महिलाओं की स्पर्धाओं को 1960 के स्क्वॉ वैली ओलंपिक में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया। वहीं, शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग को 1992 के अल्बर्टविले ओलंपिक में पदक के खेल के रूप में जोड़ा गया था। नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया और नॉर्वे जैसे देश इस खेल में पारंपरिक रूप से अपना दबदबा बनाए हुए हैं।<ref>[http://www.encyclopedia.chicagohistory.org/pages/1146.html|Ice Skating]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.isu.org/ अंतर्राष्ट्रीय स्केटिंग संघ (ISU) की आधिकारिक वेबसाइट] c9bv3oqgk6arucf160z5fqjf0my78eh तारामंडल (खगोल विज्ञान) 0 1614860 6582881 6573118 2026-07-15T10:40:19Z InternetArchiveBot 500600 Adding 3 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582881 wikitext text/x-wiki [[File:Cr399.jpg|thumb]] खगोल विज्ञान (Astronomy) में, '''एस्टरिज़्म''' ({{Lang-en|Asterism}}) या '''तारा-समूह''' रात्रि आकाश में तारों का एक पहचाना जाने वाला पैटर्न या आकृति है। यह पैटर्न पृथ्वी से देखने पर तारों को काल्पनिक रेखाओं से जोड़ने पर बनता है। हालांकि एस्टरिज़्म देखने में 'तारामंडल' के समान लग सकते हैं, लेकिन तकनीकी रूप से ये आधिकारिक तारामंडल नहीं होते हैं। ये या तो किसी एक बड़े तारामंडल का हिस्सा होते हैं (जैसे उर्सा मेजर के भीतर 'सप्तर्षि'), या फिर कई अलग-अलग तारामंडलों के तारों को मिलाकर बनते हैं (जैसे 'ग्रीष्मकालीन त्रिभुज')।<ref>{{Cite book|last=Kaler|first=James B.|title=The Ever-Changing Sky: A Guide to the Celestial Sphere|publisher=Cambridge University Press|year=2002|isbn=978-0521499187|pages=112-115}}</ref> == 'तारामंडल' और 'एस्टरिज़्म' में अंतर == आम बोलचाल में लोग 'तारामंडल' और 'एस्टरिज़्म' का उपयोग पर्यायवाची के रूप में करते हैं, लेकिन 1922 में '''अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ''' ने इन दोनों के बीच एक स्पष्ट अंतर स्थापित किया था: * '''तारामंडल:''' IAU ने पूरे 'खगोलीय गोले' को 88 आधिकारिक तारामंडलों में विभाजित किया है। इनकी सीमाएं सटीक रूप से निर्धारित हैं, और आकाश का हर एक बिंदु किसी न किसी आधिकारिक तारामंडल के क्षेत्र में आता है। * '''एस्टरिज़्म:''' इनकी कोई आधिकारिक सीमा नहीं होती। ये केवल चमकीले तारों के अनौपचारिक पैटर्न हैं जो आकाश में आकृतियाँ बनाते हैं। IAU इन्हें आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं देता, लेकिन खगोलविदों और शौकिया आकाश दर्शकों के बीच ये बेहद लोकप्रिय हैं क्योंकि इन्हें खोजना आसान होता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.iau.org/public/themes/constellations/|title=The Constellations|publisher=International Astronomical Union (IAU)|access-date=23 जून 2026}}</ref><ref>[https://web.archive.org/web/20180831103750/http://www.wro.org/ras/asterism.htm| "Table of Asterisms"]</ref> == दुनिया के प्रसिद्ध एस्टरिज़्म == रात्रि आकाश में कई ऐसे एस्टरिज़्म हैं जो किसी आधिकारिक तारामंडल से भी अधिक प्रसिद्ध हैं: # '''बिग डिपर / सप्तर्षि:''' यह संभवतः दुनिया का सबसे प्रसिद्ध एस्टरिज़्म है। यह सात बहुत चमकीले तारों का समूह है जो एक बड़ी चम्मच या कलछुल (Dipper) जैसा दिखता है। यह कोई स्वतंत्र तारामंडल नहीं है, बल्कि आधिकारिक तारामंडल '''उर्सा मेजर''' का केवल एक हिस्सा है। # '''समर ट्राइएंगल: यह ग्रीष्मकालीन त्रिभुज तीन अलग-अलग तारामंडलों के तीन सबसे चमकीले तारों को मिलाकर बनता है: सिग्नस तारामंडल का 'डेनेब', लायरा का 'वेगा', और अक्विला का 'अल्टेयर'। # '''ओरियन की बेल्ट:''' यह ओरियन तारामंडल के मध्य में स्थित तीन तारों (अलनिटक, अलनीलम और मिंटाका) का एक सीधा रेखा-पैटर्न है, जिसे आसानी से पहचाना जा सकता है। # '''द टीपॉट:''' यह सैगिटेरियस (धनु) तारामंडल में स्थित एक एस्टरिज़्म है, जिसका आकार चाय की केतली जैसा है। मिल्की वे (आकाशगंगा) का केंद्र इसी टीपॉट के मुहाने के पास स्थित है।<ref>{{Cite book|last=Ridpath|first=Ian|title=Star Tales|url=https://archive.org/details/startales0000ridp|publisher=Lutterworth Press|year=2018|isbn=978-0718894788|pages=[https://archive.org/details/startales0000ridp/page/45 45]-48}}</ref><ref>[http://www.southernskyphoto.com/southern_sky/crosses.html|"Starry Night Photography – Southern Cross, False Cross & Diamond Cross"]</ref><ref>[https://astronomyonline.org/ViewImage.asp?Cate=Home&SubCate=MP01&SubCate2=&Img=/Observation/Images/Asterisms/Asterisms4.jpg&Cpt=Big+Dipper,+Diamond+of+Virgo,+The+Sail,+Sickle,+and+Asses+and+the+Manger|AstronomyOnline: Image of Cassiopeia, Square of Pegasus, The Circlet, and Y of Aquarius]</ref> प्राचीन काल से ही नाविकों, यात्रियों और किसानों द्वारा एस्टरिज़्म का उपयोग 'खगोलीय नेविगेशन' और ऋतुओं के निर्धारण के लिए किया जाता रहा है। उत्तरी गोलार्ध में दिशा ज्ञात करने के लिए 'सप्तर्षि' सबसे महत्वपूर्ण एस्टरिज़्म है। इसके चम्मच के आकार वाले हिस्से के अंतिम दो तारों (जिन्हें पॉइंटर स्टार्स कहा जाता है) को जोड़ने वाली काल्पनिक रेखा सीधे '''ध्रुव तारे''' की ओर इशारा करती है, जिससे सटीक उत्तर दिशा का पता चलता है। विभिन्न संस्कृतियों ने अपने-अपने एस्टरिज़्म बनाए हैं, जो उनकी स्थानीय पौराणिक कथाओं और कृषि चक्रों पर आधारित थे।<ref>{{Cite journal|last=Ruggles|first=Clive L. N.|title=Ancient Astronomy: An Encyclopedia of Cosmologies and Myth|url=https://archive.org/details/ancientastronomy0000rugg|journal=ABC-CLIO|year=2005|pages=[https://archive.org/details/ancientastronomy0000rugg/page/14 14]-18}}</ref><ref>{{Cite book|last=Dickinson|first=Terence|title=NightWatch: A Practical Guide to Viewing the Universe|url=https://archive.org/details/nightwatchpracti0000dick_r0q7|publisher=Firefly Books|year=2006|isbn=978-1554071470|pages=[https://archive.org/details/nightwatchpracti0000dick_r0q7/page/52 52]-55}}</ref><ref>[https://www.constellation-guide.com/asterisms/| Asterisms]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://skyandtelescope.org/astronomy-resources/what-are-the-asterisms/ स्काई एंड टेलीस्कोप (Sky & Telescope) - एस्टरिज़्म क्या हैं?] [[श्रेणी:खगोल विज्ञान]] [[श्रेणी:तारामंडल]] [[श्रेणी:तारे]] 0rp53jm1e2tv4alr7q1zesgti01zyvi किर्कवुड गैप 0 1614866 6582807 6577298 2026-07-15T07:40:12Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582807 wikitext text/x-wiki [[File:Asteroid_belt_normalized_2026-05-15.png|thumb]] '''किर्कवुड गैप''' ({{Lang-en|Kirkwood gap}}) हमारे [[सौर मंडल]] के मुख्य क्षुद्रग्रह बेल्ट में स्थित वे विशिष्ट खाली स्थान या 'रिक्तियां' हैं, जहाँ क्षुद्रग्रहों की संख्या असामान्य रूप से कम होती है। यदि क्षुद्रग्रहों की उनकी सूर्य से दूरी के आधार पर एक ग्राफ (हिस्टोग्राम) बनाया जाए, तो इन दूरियों पर स्पष्ट रूप से खाली स्थान या "गैप" दिखाई देते हैं। इन अंतरालों की खोज 1866 में पेंसिल्वेनिया के एक अमेरिकी खगोलशास्त्री और गणितज्ञ '''डैनियल किर्कवुड''' ने की थी, और इन्हीं के सम्मान में इस खगोलीय परिघटना का नामकरण किया गया है।<ref>{{Cite book|last=Murray|first=Carl D.|last2=Dermott|first2=Stanley F.|title=Solar System Dynamics|publisher=Cambridge University Press|year=2000|isbn=978-0521575973|pages=315-318}}</ref> == 'कक्षीय अनुनाद' और कारण == किर्कवुड गैप का मुख्य कारण [[बृहस्पति ग्रह|बृहस्पति]] का विशाल 'गुरुत्वाकर्षण खिंचाव' और '''कक्षीय अनुनाद''' की परिघटना है। जब कोई क्षुद्रग्रह सूर्य की परिक्रमा ऐसे समय में करता है जो बृहस्पति के परिक्रमा समय का एक सरल पूर्णांक अनुपात होता है, तो वह क्षुद्रग्रह बृहस्पति के साथ "अनुनाद" में आ जाता है। उदाहरण के लिए, 3:1 के अनुनाद का अर्थ है कि जितने समय में बृहस्पति सूर्य की 1 परिक्रमा पूरी करता है, ठीक उतने ही समय में वह क्षुद्रग्रह सूर्य की 3 परिक्रमाएं पूरी कर लेता है।<ref>{{Cite book|last=Lewis|first=John S.|title=Physics and Chemistry of the Solar System|url=https://archive.org/details/physicschemistry0000lewi_h2v8|publisher=Academic Press|year=2004|isbn=978-0124467446|pages=[https://archive.org/details/physicschemistry0000lewi_h2v8/page/385 385]-388}}</ref> इस स्थिति में, हर बार जब क्षुद्रग्रह और बृहस्पति अपनी कक्षाओं में एक ही सापेक्ष स्थिति में आते हैं, तो बृहस्पति का शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण उस क्षुद्रग्रह पर एक ही दिशा में बार-बार खिंचाव डालता है। इस निरंतर और आवधिक गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण क्षुद्रग्रह की 'उत्केंद्रता' अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे उसकी कक्षा गोल न रहकर अत्यधिक अंडाकार हो जाती है। अंततः यह क्षुद्रग्रह आंतरिक सौर मंडल के ग्रहों (जैसे मंगल) के करीब आ जाता है और उनके गुरुत्वाकर्षण द्वारा बेल्ट से बाहर धकेल दिया जाता है, जिससे उस विशिष्ट स्थान पर एक 'गैप' या खाली जगह बन जाती है।<ref>{{Cite journal|last=Wisdom|first=Jack|title=Chaotic behaviour and the origin of the 3/1 Kirkwood gap|url=https://archive.org/details/icarus_1983-10_56_1/page/51|journal=Icarus|volume=56|issue=1|year=1983|pages=51-74|doi=10.1016/0019-1035(83)90131-7}}</ref><ref>[https://www.eaps.purdue.edu/minton/docs/Nature%202009%20Minton.pdf|"A record of planet migration in the main asteroid belt"]</ref> == प्रमुख किर्कवुड गैप == मुख्य क्षुद्रग्रह बेल्ट में कई प्रमुख किर्कवुड गैप पाए जाते हैं। इन्हें सूर्य से इनकी दूरी और बृहस्पति के साथ इनके अनुनाद के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है: * '''3:1 अनुनाद:''' यह सबसे प्रमुख और स्पष्ट गैप्स में से एक है। यहाँ स्थित क्षुद्रग्रह बृहस्पति की 1 परिक्रमा के मुकाबले 3 परिक्रमाएं करते हैं। यह 'एलिंडा समूह' के क्षुद्रग्रहों का मूल क्षेत्र है। * '''5:2 अनुनाद (2.82 AU):''' इस दूरी पर भी क्षुद्रग्रहों की भारी कमी पाई जाती है। * '''7:3 अनुनाद (2.95 AU):''' यह बेल्ट के मध्य भाग में एक और महत्वपूर्ण अंतराल है। * '''2:1 अनुनाद (3.27 AU):''' यह क्षुद्रग्रह बेल्ट की बाहरी सीमा के करीब स्थित एक बहुत ही बड़ा गैप है, जिसे 'ग्रीक्वा समूह' की कक्षा के रूप में भी जाना जाता है।<ref>{{Cite book|last=Ferraz-Mello|first=Sylvio|title=Dynamics of Asteroids|publisher=Kluwer Academic Publishers|year=1999|isbn=978-0792353386|pages=145-150}}</ref> == खगोलीय महत्व और पृथ्वी पर प्रभाव == किर्कवुड गैप्स केवल सौर मंडल के खाली स्थान नहीं हैं; वे हमारे सौर मंडल की गतिशीलता और स्वयं पृथ्वी के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। जब बृहस्पति के गुरुत्वाकर्षण के कारण क्षुद्रग्रह इन 'अनुनाद क्षेत्रों' से बाहर धकेले जाते हैं, तो उनकी नई कक्षाएँ अक्सर मंगल या [[पृथ्वी]] की कक्षाओं को पार करने लगती हैं। खगोलीय अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि पृथ्वी के करीब आने वाले अधिकांश 'नियर-अर्थ एस्टेरॉयड्स' और पृथ्वी की सतह पर गिरने वाले कई '''उल्कापिंड''' मूल रूप से इन्हीं किर्कवुड गैप्स से छिटक कर आए हैं। दूसरे शब्दों में, ये गैप मुख्य क्षुद्रग्रह बेल्ट से आंतरिक सौर मंडल तक क्षुद्रग्रहों को धकेलने वाले "गुरुत्वाकर्षण राजमार्ग" के रूप में कार्य करते हैं।<ref>{{Cite journal|last=Morbidelli|first=Alessandro|last2=Gladman|first2=Brett|title=Cratering history of the inner solar system|url=https://archive.org/details/sim_meteoritics-planetary-science_1998-09_33_5/page/999|journal=Meteoritics & Planetary Science|volume=33|issue=5|year=1998|pages=999-1016}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://solarsystem.nasa.gov/ नासा (NASA) - क्षुद्रग्रह बेल्ट और सौर मंडल अन्वेषण] [[श्रेणी:क्षुद्रग्रह]] [[श्रेणी:खगोल विज्ञान]] [[श्रेणी:सौर मंडल]] h3a9rv3er7b5pat52zq7u9982436ncw कार्बाइन 0 1614885 6582775 6573186 2026-07-15T06:22:06Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582775 wikitext text/x-wiki {{Infobox weapon | name = कार्बाइन (Carbine) | image = [[File:Coltm4a1.jpeg|thumb]] | origin = [[फ़्रान्स]] (ऐतिहासिक शब्दावली के रूप में) | barrel_length = आमतौर पर 10 से 20 इंच के बीच | cartridge = राइफल कैलिबर या पिस्तौल कैलिबर | user_groups = घुड़सवार सेना (ऐतिहासिक), विशेष बल, पैराट्रूपर्स, पुलिस }} '''कार्बाइन''' ({{Lang-en|Carbine}}) एक प्रकार का लंबी नली वाला आग्नेयास्त्र (Firearm) है, लेकिन इसकी नली और कुल लंबाई एक मानक राइफल या मस्कट की तुलना में काफी छोटी होती है। मूल रूप से, अधिकांश आधुनिक कार्बाइन किसी मौजूदा 'असॉल्ट राइफल' के ही छोटे संस्करण होते हैं, जो उसी गोला-बारूद का उपयोग करते हैं। कार्बाइन का मुख्य उद्देश्य एक मानक राइफल की तुलना में बेहतर 'पैंतरेबाज़ी' और हल्कापन प्रदान करना है, जिससे इसे 'नज़दीकी मुठभेड़' और तंग जगहों (जैसे वाहनों के अंदर या घने जंगलों में) आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।<ref>{{Cite book|last=Hogg|first=Ian V.|title=Military Small Arms of the 20th Century|url=https://archive.org/details/militarysmallarm0000hogg_j0j9|publisher=Krause Publications|year=2000|isbn=978-0873418249|pages=[https://archive.org/details/militarysmallarm0000hogg_j0j9/page/185 185]-188}}</ref><ref>[https://en.wikipedia.org/wiki/Hugh_Chisholm|Chisholm, Hugh]</ref><ref>[https://patents.google.com/patent/US3611872A/en|"Lightweight compact rifle"]</ref> == इतिहास और घुड़सवार सेना == 'कार्बाइन' शब्द की उत्पत्ति 16वीं शताब्दी में फ्रांसीसी शब्द ''कैराबिन'' से हुई है, जिसका अर्थ घुड़सवार सैनिक होता था। ऐतिहासिक रूप से, पूर्ण आकार की लंबी राइफलें या मस्कट 'घुड़सवार सेना' के लिए पूरी तरह से अव्यावहारिक थीं। घोड़े की पीठ पर बैठकर एक लंबी और भारी बंदूक को लोड करना या उससे निशाना लगाना बेहद मुश्किल था। इसलिए, बंदूक निर्माताओं ने घुड़सवार सैनिकों के लिए छोटी नली वाले विशेष हथियार बनाए, जिन्हें 'कार्बाइन' कहा गया। 19वीं सदी के अंत में, जब 'लीवर-एक्शन' राइफलों (जैसे विंचेस्टर) का आविष्कार हुआ, तो काउबॉय और घुड़सवारों के बीच कार्बाइन सबसे लोकप्रिय हथियार बन गई। == सबमशीन गन से अंतर == अक्सर लोग कार्बाइन और 'सबमशीन गन' के बीच भ्रमित हो जाते हैं क्योंकि दोनों आकार में छोटे होते हैं। मुख्य अंतर उनके गोला-बारूद में है: * '''सबमशीन गन:''' यह पिस्तौल के कारतूस (9mm) फायर करती है। इसकी मारक दूरी बहुत कम होती है (आमतौर पर 100 मीटर तक)। * '''कार्बाइन:''' यह आमतौर पर पूरी शक्ति वाले या मध्यवर्ती राइफल कारतूस (जैसे 5.56×45mm NATO या 7.62×39mm) फायर करती है, जो इसे SMG की तुलना में बहुत अधिक मारक क्षमता और लंबी प्रभावी दूरी (300-400 मीटर तक) प्रदान करता है। हालाँकि, आज 'पिस्तौल कैलिबर कार्बाइन' भी मौजूद हैं जो 9mm गोलियों का उपयोग करते हैं।<ref>{{Cite book|last=Cutshaw|first=Charles Q.|title=Tactical Small Arms of the 21st Century|url=https://archive.org/details/tacticalsmallarm0000cuts|publisher=Gun Digest Books|year=2006|isbn=978-0873499149|pages=[https://archive.org/details/tacticalsmallarm0000cuts/page/150 150]-155}}</ref> == विश्व युद्ध और आधुनिक उपयोग == द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, अमेरिका ने प्रसिद्ध '''M1 कार्बाइन''' का भारी मात्रा में उत्पादन किया। यह भारी M1 गारंड राइफल और पिस्तौल के बीच का एक हथियार था, जिसे पैराट्रूपर्स, रेडियो ऑपरेटरों और तोपखाना कर्मियों को दिया गया था, जिन्हें एक पूर्ण राइफल की आवश्यकता नहीं थी लेकिन पिस्तौल से अधिक मारक क्षमता चाहिए थी।<ref>[https://nationalinterest.org/blog/reboot/how-fully-automatic-m2-carbine-became-world-war-ii-killer-190743|"How the Fully Automatic M2 Carbine Became a World War II Killer"]</ref> आधुनिक 'शहरी युद्ध' के उदय के साथ, पूर्ण आकार की राइफलें सेनाओं के लिए बहुत लंबी साबित होने लगीं। इमारतों को साफ करने और बख़्तरबंद वाहनों से बाहर निकलने में लंबी राइफलें फंस जाती थीं। इस समस्या को हल करने के लिए, आधुनिक सेनाओं ने अपनी मानक असॉल्ट राइफलों के छोटे कार्बाइन संस्करणों को अपना लिया: * अमेरिका की '''M4 कार्बाइन''' (जो M16 राइफल का छोटा संस्करण है)। * रूस की '''AKS-74U''' (जो AK-74 का छोटा संस्करण है)।<ref>{{Cite book|last=Ezell|first=Edward Clinton|title=Small Arms of the World|publisher=Stackpole Books|year=1988|isbn=978-0880296014|pages=450-455}}</ref> == भौतिकी और समझौते == कार्बाइन का हल्कापन और छोटा आकार एक तकनीकी कीमत पर आता है। बैरल (नली) छोटी होने के कारण, बंदूक के अंदर जलने वाले बारूद को गोली को धकेलने के लिए कम समय और जगह मिलती है। इसके परिणामस्वरूप: # '''कम मज़ल वेलोसिटी:''' गोली राइफल की तुलना में कम गति से बाहर निकलती है, जिससे इसकी लंबी दूरी की मारक क्षमता और कवच-भेदने की शक्ति कम हो जाती है। # '''अधिक तेज़ आवाज़ और मेश-फ्लैश:''' छोटी नली के कारण कुछ बारूद नली के बाहर हवा में जलता है, जिससे एक तेज़ चमक और ज़ोरदार धमाका होता है।<ref>{{Cite journal|last=Fackler|first=Martin L.|title=Wounding patterns of military rifle bullets|journal=International Defense Review|volume=22|year=1989|pages=59-64}}</ref><ref>[https://catoutdoors.com/battle-rifle-vs-assault-rifle/|"Battle Rifle vs Assault Rifle: What's the Difference?"]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.nraila.org/ नेशनल राइफल एसोसिएशन (NRA) - आग्नेयास्त्रों के प्रकार और इतिहास] s6csn7e917c89gc71nsomwewtz45e45 ईद इन द स्क्वायर 0 1614917 6582697 6573392 2026-07-15T02:35:54Z InternetArchiveBot 500600 Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5 6582697 wikitext text/x-wiki [[चित्र:London June 8 2019 (76) Eid Trafalgar Square Mayor Sadiq Khan (48026096301).jpg|अंगूठाकार|कार्यक्रम ईद इन द स्क्वायर]] '''ईद इन द स्क्वायर''': [[मुसलमानों]] का एक सालाना त्योहार है, जो [[लंदन]] (इंग्लैंड) के वेस्टमिंस्टर में स्थित ट्रैफलगर स्क्वायर पर [[ईद उल-फ़ित्र|ईद-उल-फित्र]] के इस्लामी धार्मिक त्योहार के बाद आने वाले पहले शनिवार को मनाया जाता है। यह कार्यक्रम लंदन के इवेंट कैलेंडर के मुख्य सांस्कृतिक आकर्षणों में से एक बन गया है और इसमें 25,000 से ज़्यादा लोग शामिल होते हैं।<ref name="globalarabnetwork">{{Cite news|url=http://www.english.globalarabnetwork.com/201009207304/Culture/mayor-of-london-come-and-celebrate-eid-in-trafalgar-square.html|title=Mayor of London: Come and celebrate Eid in Trafalgar Square|last=Malik|first=Asmaa|date=2009|access-date=1 November 2014|publisher=Global Arab Network|archive-date=18 सितंबर 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150918073539/http://www.english.globalarabnetwork.com/201009207304/Culture/mayor-of-london-come-and-celebrate-eid-in-trafalgar-square.html|url-status=dead}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[ईद अल-अज़हा]] * [[मुहम्मद के अभियानों की सूची]] == संदर्भ == [[श्रेणी:त्योहार]] fyi449or9ubcg3145k64npm7nt92tg6 शेलीना ज़हरा जानमुहम्मद 0 1614920 6582910 6573424 2026-07-15T11:46:24Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582910 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Shelina_Zahra_Janmohamed.png|अंगूठाकार]] '''शेलीना ज़हरा जानमुहम्मद''' (जन्म: 13 अप्रैल 1974) एक ब्रिटिश [[लेखिका]] हैं। वह 'लव इन ए हेडस्कार्फ़' (2009) की लेखिका हैं, जो एक [[ब्रिटिश]] मुस्लिम महिला के तौर पर उनके बड़े होने के अनुभवों पर आधारित संस्मरण है।.<ref name="kemp">{{Cite news|url=https://www.thenationalnews.com/arts-culture/sense-and-serendipity-1.494203/|title=Sense and Serendipity|last=Kemp|first=Charlotte|date=30 May 2009|work=[[The National (Abu Dhabi)|The National]]|access-date=2015-03-24}}</ref> उनकी [[किताब]] 'जेनरेशन एम०: यंग मुस्लिम्स चेंजिंग द वर्ल्ड' अगस्त 2016 में प्रकाशित हुई थी।<ref>{{Cite book|title=Generation M: Young Muslims Changing the World|url=https://archive.org/details/generationmyoung0000janm|last=Janmohamed|first=Shelina|publisher=I.B.Tauris|year=2016|isbn=978-1780769097|page=[https://archive.org/details/generationmyoung0000janm/page/256 256]}}</ref><ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.arabianbusiness.com/media/408866-meet-shelina-janmohamed-britains-leading-voice-on-what-muslims-want|title=Meet Shelina Janmohamed, Britain's leading voice on what Muslims want|date=28 November 2018|website=ArabianBusiness.com|language=en|access-date=2019-02-25}}</ref> '[[द गार्डियन]]' के अनुसार, 'जेनरेशन एम०:' दुनिया के "सबसे तेज़ी से बढ़ते धर्म" — [[इस्लाम]] <ref name="Sherwood">{{Cite web|url=https://www.theguardian.com/world/2016/sep/03/meet-generation-m-the-young-affluent-muslims-changing-the-world|title=Meet Generation M: the young, affluent Muslims changing the world|last=Sherwood|first=Harriet|date=3 September 2016|website=[[Guardian Online]]|publisher=[[The Guardian]]|access-date=2017-04-28}}</ref>— के प्रभावशाली वर्ग की "पहली विस्तृत तस्वीर" पेश करती है। वह एक ब्लॉगर भी हैं; उनके ब्लॉग का नाम 'स्पिरिट 21' है।<ref name="BBC">{{Cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/uk_news/magazine/7118503.stm|title=The battle over mosque reform|last=Casciani|first=Dominic|date=29 November 2007|work=[[BBC News Online]]|access-date=2015-03-24|publisher=[[BBC News]]}}</ref> == पुरस्कार और सम्मान: == * '[[द टाइम्स]]' और 'यूके इक्वालिटी एंड ह्यूमन राइट्स कमीशन' ने जानमुहम्मद को यूके की 100 सबसे प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं में शामिल किया था, और हाल ही में उन्हें दुनिया के 500 सबसे प्रभावशाली मुसलमानों में से एक के तौर पर चुना गया।.<ref name="kemp" /> * अक्टूबर 2013 में उन्हें [[100 महिलाएं (बीबीसी)]] की सूची में शामिल किया गया।.<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.com/news/world-24579511|title=100 Women: Who took part?|date=22 November 2013|website=BBC}}</ref> * जनवरी 2014 में जानमुहम्मद को 'ब्रिटिश मुस्लिम अवार्ड्स' में 'सर्विसेज टू मीडिया' (मीडिया के क्षेत्र में योगदान) पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया।.<ref name=":1">{{Cite web|url=https://www.bbc.com/news/world-29758792|title=Who are the 100 Women 2014?|date=26 October 2014|website=BBC}}</ref> * अक्टूबर 2014 में, उन्हें फिर से बीबीसी की '100 वुमन' ([[100 महिलाएं (बीबीसी)]] की सूची में शामिल किया गया।<ref name=":1" /> == विचार == जनमोहम्मद ने मौजूदा गृह मंत्री साजिद जाविद की आलोचना की है क्योंकि उन्होंने 'मुस्लिम काउंसिल ऑफ़ ब्रिटेन' की उस मांग को खारिज कर दिया था जिसमें कंज़र्वेटिव पार्टी से [[इस्लामोफ़ोबिया|इस्लामफ़ोबिया]] (इस्लाम के प्रति नफ़रत) की स्वतंत्र जांच कराने को कहा गया था।.<ref name=":2">{{Cite web|url=https://www.thenationalnews.com/opinion/comment/denying-the-discrimination-of-british-muslims-is-its-own-twisted-form-of-islamophobia-1.737784|title=Denying the discrimination of British Muslims is its own twisted form of Islamophobia|date=7 June 2018|website=The National|language=en|access-date=2019-02-25}}</ref> 'द नेशनल' के लिए लिखे एक लेख में उन्होंने कहा: {{Quote|जब मुसलमान इस्लामफ़ोबिया के बारे में बात करते हैं तो उन पर खुद को पीड़ित दिखाने या ध्यान खींचने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया जाता है। फिर भी, इस बात के सबूत न सिर्फ़ उस चिट्ठी में, बल्कि हिंसा से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार में असमानता जैसे सभी आँकड़ों में भी साफ़ तौर पर मिलते हैं। कई मुसलमान सचमुच पीड़ित हैं।}} == इन्हें भी देखें == * [[मुहम्मद के अभियानों की सूची]] * [[मुस्लिम महिला राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों की सूची]] * [[मुस्लिम महिला अधिकार दिवस]] == संदर्भ == {{टिप्पणीसूची}} == बाहरी कड़ियाँ == * [http://www.spirit21.co.uk/|Janmohamed's जानमोहम्मद का आधिकारिक ब्लॉग] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:1974 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:अंग्रेज़ मुस्लिम]] [[श्रेणी:21वीं सदी के मुसलमान]] [[श्रेणी:लेखिका]] [[श्रेणी:लेखिकाएँ (आधुनिक काल)]] [[श्रेणी:मुस्लिम लेखिका]] [[श्रेणी:ब्रिटिश]] rm0gtm5skmwvhiu63p4hbptjbewmbfy हाइपरनोवा 0 1614944 6582880 6577351 2026-07-15T10:37:29Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582880 wikitext text/x-wiki [[File:SN 1998bw.jpg|thumb]] '''हाइपरनोवा''' ({{Lang-en|Hypernova}}), जिसे वैज्ञानिक भाषा में '''अति-ऊर्जावान सुपरनोवा''' भी कहा जाता है, ब्रह्मांड में होने वाला एक अत्यंत ही प्रचंड और शक्तिशाली तारकीय विस्फोट है। यह मूल रूप से एक सामान्य [[सुपरनोवा]] का ही एक अत्यधिक विनाशकारी और विशाल रूप है, लेकिन इसकी संचित ऊर्जा एक सामान्य सुपरनोवा विस्फोट से 10 से 100 गुना अधिक होती है। हाइपरनोवा विस्फोट तब होता है जब एक अत्यधिक विशाल तारा (जिसका द्रव्यमान हमारे सूर्य के द्रव्यमान से कम से कम 30 गुना या उससे अधिक हो) अपने जीवन के अंतिम चरण में पहुँचकर पूरी तरह से ढह जाता है। इस तरह के विस्फोट अंतरिक्ष में सबसे शक्तिशाली विद्युत चुंबकीय घटनाओं, यानी '''गामा-किरण विस्फोटों''' के प्राथमिक स्रोत माने जाते हैं।<ref>{{Cite book|last=Garrido|first=Rafael|title=The Supernova-Hypernova Connection|publisher=World Scientific|year=2003|isbn=978-9812384072|pages=12-16}}</ref><ref>[https://www.annualreviews.org/content/journals/10.1146/annurev-nucl-102711-094901|"Explosion Mechanisms of Core-Collapse Supernovae"]</ref> == कार्यप्रणाली और 'कोलैप्सार मॉडल' == हाइपरनोवा विस्फोट की चरम प्रकृति को समझाने के लिए खगोल भौतिकीविदों के बीच सबसे स्वीकृत सिद्धांत '''कोलैप्सार मॉडल''' है। जब एक विशाल वोल्फ-रेयेट तारा अपने कोर के परमाणु ईंधन को पूरी तरह समाप्त कर लेता है, तो कोर के भीतर दबाव कम हो जाता है और वह अपने ही गुरुत्वाकर्षण के कारण अत्यधिक तेज़ी से अंदर की ओर ढहने लगता है। चूंकि तारे का द्रव्यमान बहुत अधिक होता है, इसलिए यह ढहने वाला कोर न्यूट्रॉन तारा बनने के बजाय सीधे एक '''ब्लैक होल''' में बदल जाता है। ब्लैक होल बनने के तुरंत बाद, तारे के बाहरी आवरण का अवशिष्ट पदार्थ बहुत तेज़ी से घूमते हुए उस नवजात ब्लैक होल के अंदर गिरने लगता है, जिससे एक अत्यधिक गर्म 'एक्रीशन डिस्क' का निर्माण होता है। इस प्रक्रिया में तीव्र चुंबकीय बलों और अत्यधिक घर्षण के कारण ब्लैक होल के दोनों ध्रुवों से प्रकाश की गति के करीब की गति वाले भारी ऊर्जा के प्रवाह निकलते हैं, जिन्हें '''सापेक्षकीय जेट''' कहा जाता है। ये जेट जब तारे के बाहरी गैसीय आवरण को चीरते हुए अंतरिक्ष में बाहर निकलते हैं, तो एक अकल्पनीय तीव्रता का हाइपरनोवा विस्फोट होता है।<ref>{{Cite journal|last=Woosley|first=S. E.|title=The Collapsar Model for Gamma-Ray Bursts|journal=The Astrophysical Journal|volume=405|year=1993|pages=273-282|doi=10.1086/172437}}</ref> == गामा-किरण विस्फोट से संबंध == हाइपरनोवा की खोज ने खगोल विज्ञान के एक सबसे बड़े रहस्य, यानी 'लंबे समय वाले गामा-किरण विस्फोटों' की गुत्थी को सुलझाने में मदद की। 1998 में, खगोलविदों ने एक ऐतिहासिक घटना देखी जिसे '''SN 1998bw''' नाम दिया गया। यह एक अत्यंत शक्तिशाली और चमकदार हाइपरनोवा विस्फोट था जो ठीक उसी समय और उसी स्थान पर हुआ जहाँ से एक तीव्र गामा-किरण विस्फोट दर्ज किया गया था। इस महत्वपूर्ण खोज ने पहली बार प्रत्यक्ष रूप से यह सिद्ध किया कि लंबे समय वाले GRBs वास्तव में ब्रह्मांड के सबसे बड़े तारों की मृत्यु यानी हाइपरनोवा विस्फोटों के कारण ही उत्पन्न होते हैं। जब ये सापेक्षकीय जेट सीधे पृथ्वी की दिशा में संरेखित होते हैं, तो हमारे अंतरिक्ष उपग्रह इन्हें तीव्र गामा-किरणों की बौछार के रूप में रिकॉर्ड करते हैं।<ref>{{Cite journal|last=Galama|first=T. J.|last2=Vreeswijk|first2=P. M.|title=An unusual supernova in the error box of the $\gamma$-ray burst of 25 April 1998|url=https://archive.org/details/sim_nature-uk_1998-10-15_395_6703/page/670|journal=Nature|volume=395|issue=6703|year=1998|pages=670-672|doi=10.1038/27150}}</ref> == ब्रह्मांडीय महत्व और रासायनिक विकास == सुपरनोवा की तरह ही, हाइपरनोवा भी ब्रह्मांड के रासायनिक विकास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके चरम तापमान और ऊर्जा के कारण, विस्फोट के दौरान '''नाभिकीय संश्लेषण''' की प्रक्रिया होती है, जिससे सोने, प्लैटिनम, यूरेनियम और लोहे जैसे भारी तत्वों का निर्माण होता है।<ref>[https://academic.oup.com/mnras/article/522/3/3992/7115325?login=false|"Multiwavelength observations of the extraordinary accretion event AT2021lwx"]</ref> चूँकि हाइपरनोवा विस्फोट सामान्य सुपरनोवा से कहीं अधिक शक्तिशाली होते हैं, इसलिए वे इन भारी तत्वों को अंतरिक्ष में बहुत अधिक दूरी तक और बहुत बड़ी मात्रा में फैलाते हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि प्रारंभिक ब्रह्मांड में बने सबसे पहली पीढ़ी के तारों की मृत्यु इसी तरह के हाइपरनोवा विस्फोटों के रूप में हुई थी, जिससे आने वाली पीढ़ियों के तारों और ग्रहों (जैसे हमारी पृथ्वी) के निर्माण के लिए आवश्यक रासायनिक तत्व उपलब्ध हो सके।<ref>{{Cite journal|last=Nomoto|first=K.|last2=Maeda|first2=K.|title=Hypernovae and Other Energetic Core-Collapse Supernovae|journal=Annual Review of Astronomy and Astrophysics|volume=44|year=2006|pages=507-566|doi=10.1146/annurev.astro.44.051905.092337}}</ref><ref>[https://books.google.co.in/books?id=r124BAAAQBAJ&redir_esc=y|Extreme Explosions: Supernovae, Hypernovae, Magnetars, and Other Unusual Cosmic Blasts]</ref> == पृथ्वी के लिए संभावित खतरा == यदि हमारी आकाशगंगा (मिल्की वे) के भीतर पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब (लगभग 6,500 प्रकाश-वर्ष के दायरे में) कोई हाइपरनोवा विस्फोट होता है और उसका गामा-किरण जेट सीधे पृथ्वी की ओर लक्षित होता है, तो यह पृथ्वी के वातावरण के लिए विनाशकारी हो सकता है। यह तीव्र विकिरण हमारी पृथ्वी की '''ओज़ोन परत''' को पूरी तरह से नष्ट कर सकता है, जिससे सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणें सीधे सतह तक पहुँच जाएँगी और पृथ्वी पर जीवन का सामूहिक विनाश हो सकता है। हालांकि, खगोलविदों के अनुसार वर्तमान में हमारे सौर मंडल के निकट ऐसा कोई तारा मौजूद नहीं है जो निकट भविष्य में हाइपरनोवा बनने की क्षमता रखता हो।<ref>{{Cite book|last=Plait|first=Philip|title=Death from the Skies!: These Are the Ways the World Will End|url=https://archive.org/details/deathfromskiesth0000plai|publisher=Viking Penguin|year=2008|isbn=978-0670019977|pages=[https://archive.org/details/deathfromskiesth0000plai/page/85 85]-92}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://science.nasa.gov/ नासा (NASA) - उच्च-ऊर्जा खगोल विज्ञान और तारकीय विस्फोट] [[श्रेणी:खगोल विज्ञान]] qysh9cw9jdwnnusprbd6j566sxebbsb अनान्के समूह 0 1614953 6582843 6577571 2026-07-15T09:21:40Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582843 wikitext text/x-wiki '''अनान्के समूह''' ({{Lang-en|Ananke group}}) [[बृहस्पति ग्रह|बृहस्पति]] के 'प्रतिगामी अनियमित उपग्रहों' का एक खगोलीय समूह है। ये सभी उपग्रह बृहस्पति की परिक्रमा उसी दिशा में करते हैं जो बृहस्पति के अपने घूर्णन की दिशा के विपरीत है (इसे खगोल विज्ञान में 'प्रतिगामी' कक्षा कहा जाता है)। इस समूह के सभी उपग्रहों की कक्षाएँ लगभग एक समान हैं, जिससे खगोलविदों का मानना है कि इन सभी की उत्पत्ति एक ही खगोलीय घटना से हुई है। इस समूह का नाम इसके सबसे बड़े सदस्य, '''अनान्के''' उपग्रह के नाम पर रखा गया है, जिसकी खोज 1951 में अमेरिकी खगोलशास्त्री सेठ बार्न्स निकोलसन ने की थी।<ref>{{Cite web|url=https://science.nasa.gov/jupiter/jupiter-moons/ananke/|title=Ananke - NASA Science|publisher=NASA|access-date=25 जून 2026}}</ref><ref>[https://iopscience.iop.org/article/10.1086/375461| "Orbital and Collisional Evolution of the Irregular Satellites"]</ref> == उत्पत्ति और निर्माण == खगोलीय साक्ष्यों और कक्षीय मापदंडों के आधार पर, यह माना जाता है कि अनान्के समूह के उपग्रह मूल रूप से बृहस्पति के हिस्से के रूप में नहीं बने थे। वैज्ञानिकों का सबसे स्वीकृत सिद्धांत यह है कि अरबों साल पहले, सौर मंडल के निर्माण के शुरुआती दौर में एक बड़ा क्षुद्रग्रह बृहस्पति के शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण द्वारा पकड़ लिया गया था। बाद में, यह पकड़ा गया क्षुद्रग्रह संभवतः किसी अन्य छोटे खगोलीय पिंड या धूमकेतु से टकरा गया, जिससे वह कई टुकड़ों में टूट गया। इस भयंकर टक्कर में बचा हुआ सबसे बड़ा टुकड़ा 'अनान्के' उपग्रह बन गया, और जो छोटे टुकड़े अंतरिक्ष में बिखर गए, वे बृहस्पति की कक्षा में स्थापित होकर इस समूह के अन्य छोटे उपग्रह बन गए।<ref>{{Cite journal|last=Sheppard|first=Scott S.|last2=Jewitt|first2=David C.|title=An abundant population of small irregular satellites around Jupiter|url=https://archive.org/details/sim_nature-uk_2003-05-15_423_6937/page/261|journal=Nature|volume=423|issue=6937|year=2003|pages=261-263|doi=10.1038/nature01584}}</ref> == कक्षीय विशेषताएँ == अनान्के समूह के उपग्रह बृहस्पति से बहुत दूर स्थित हैं और इनकी कक्षीय विशेषताएँ 'गैलीलियन उपग्रहों' (जैसे आयो या यूरोपा) से बिल्कुल अलग हैं: * '''दूरी:''' इन उपग्रहों का 'अर्ध-दीर्घ अक्ष' 1.93 करोड़ से 2.27 करोड़ किलोमीटर के बीच है। इतनी विशाल दूरी के कारण इन्हें बृहस्पति की एक परिक्रमा पूरी करने में 550 से 630 से अधिक पृथ्वी-दिन लगते हैं। * '''झुकाव:''' बृहस्पति के भूमध्यरेखीय तल के सापेक्ष इनकी कक्षा का झुकाव 145.7° और 154.8° के बीच होता है। 90° से अधिक का यह झुकाव ही इनकी 'प्रतिगामी' (उल्टी दिशा में घूमने वाली) प्रकृति को दर्शाता है। * '''उत्केंद्रता:''' इन उपग्रहों की कक्षाएँ पूर्ण रूप से गोलाकार नहीं हैं; इनकी 'उत्केंद्रता' 0.02 से 0.28 के बीच होती है, जिसका अर्थ है कि ये अत्यधिक अंडाकार पथ पर चलते हैं। == प्रमुख सदस्य == वर्तमान में इस समूह में 20 से अधिक ज्ञात उपग्रह शामिल हैं। चूंकि ये सभी क्षुद्रग्रह के टूटे हुए टुकड़े हैं, इसलिए अनान्के को छोड़कर इनमें से कोई भी इतना बड़ा नहीं है कि अपने स्वयं के गुरुत्वाकर्षण के कारण गोल आकार ले सके। इस समूह के कुछ प्रमुख उपग्रह इस प्रकार हैं: # '''अनान्के:''' यह सबसे बड़ा सदस्य है (व्यास लगभग 28 किमी)। इसके हल्के लाल और भूरे रंग के स्पेक्ट्रम अन्य सदस्यों से काफी मेल खाते हैं। # '''प्रैक्सीडिके:''' लगभग 7 किमी व्यास के साथ यह इस समूह का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है। # '''आयोकास्टे:''' इसका व्यास लगभग 5 किमी है। # '''हार्पलायके''' और '''थायोने:''' ये दोनों लगभग 4-4 किमी व्यास वाले छोटे अनियमित उपग्रह हैं।<ref>{{Cite book|last=Bagenal|first=Fran|last2=Dowling|first2=Timothy E.|last3=McKinnon|first3=William B.|title=Jupiter: The Planet, Satellites and Magnetosphere|url=https://archive.org/details/isbn_9780521818087|publisher=Cambridge University Press|year=2004|isbn=978-0521818087|pages=[https://archive.org/details/isbn_9780521818087/page/265 265]-268}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://science.nasa.gov/ नासा (NASA) - बृहस्पति और उसके उपग्रह अन्वेषण] [[श्रेणी:खगोल विज्ञान]] [[श्रेणी:सौर मंडल]] 2r52uav1stnibqq51pc9d4eyq9oxrhn हिमलिया समूह 0 1614958 6582791 6573680 2026-07-15T07:11:33Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582791 wikitext text/x-wiki '''हिमलिया समूह''' ({{Lang-en|Himalia group}}) [[बृहस्पति ग्रह|बृहस्पति]] के 'पुरोगामी अनियमित उपग्रहों' का एक प्रमुख खगोलीय समूह है। 'पुरोगामी' होने का अर्थ है कि इस समूह के सभी उपग्रह बृहस्पति की परिक्रमा उसी दिशा में करते हैं जिस दिशा में बृहस्पति स्वयं अपनी धुरी पर घूमता है (जो कि अनान्के समूह के 'प्रतिगामी' उपग्रहों के ठीक विपरीत है)। इस समूह का नाम इसके सबसे बड़े और सबसे पहले खोजे गए सदस्य, '''हिमलिया''' उपग्रह के नाम पर रखा गया है, जिसकी खोज 1904 में अमेरिकी खगोलशास्त्री चार्ल्स डिलन पेरिन ने 'लिक वेधशाला' में की थी।<ref>{{Cite book|last=Bagenal|first=Fran|last2=Dowling|first2=Timothy E.|last3=McKinnon|first3=William B.|title=Jupiter: The Planet, Satellites and Magnetosphere|url=https://archive.org/details/isbn_9780521818087|publisher=Cambridge University Press|year=2004|isbn=978-0521818087|pages=[https://archive.org/details/isbn_9780521818087/page/263 263]-266}}</ref><ref>[https://iopscience.iop.org/article/10.3847/PSJ/ad150b|"Clues to the Origin of Jovian Outer Irregular Satellites from Reflectance Spectra"]</ref> खगोलविदों का मानना है कि हिमलिया समूह के उपग्रह बृहस्पति के निर्माण के समय उसके साथ नहीं बने थे। इसके बजाय, कक्षीय और स्पेक्ट्रोस्कोपिक साक्ष्यों के आधार पर यह सिद्धांत सबसे अधिक स्वीकृत है कि ये उपग्रह मुख्य क्षुद्रग्रह बेल्ट से भटक कर आए एक विशाल क्षुद्रग्रह के अवशेष हैं।<ref>[https://iopscience.iop.org/article/10.3847/2515-5172/acd766| "New Jupiter and Saturn Satellites Reveal New Moon Dynamical Families"]</ref> अरबों वर्ष पूर्व, एक 'सी-प्रकार' या 'डी-प्रकार' का क्षुद्रग्रह बृहस्पति के विशाल गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र द्वारा पकड़ लिया गया था। बाद में, यह क्षुद्रग्रह किसी अन्य खगोलीय पिंड या धूमकेतु से टकराकर कई टुकड़ों में टूट गया। इस भयंकर टक्कर में बचा हुआ सबसे बड़ा मुख्य टुकड़ा 'हिमलिया' बन गया, और अंतरिक्ष में छिटके हुए अन्य छोटे टुकड़े इसकी कक्षा के आस-पास स्थापित होकर इस समूह के अन्य छोटे उपग्रह (जैसे एलारा और लिसीथिया) बन गए। इन सभी उपग्रहों का रंग (हल्का लाल/भूरा) और उनका प्रकाश स्पेक्ट्रम एक-दूसरे से काफी मिलता-जुलता है, जो उनके एक ही मूल पिंड से टूटने के सिद्धांत को मजबूत करता है।<ref>{{Cite journal|last=Grav|first=Tommy|last2=Holman|first2=Matthew J.|title=Near-Infrared Photometry of the Irregular Satellites of Jupiter and Saturn|journal=The Astrophysical Journal Letters|volume=605|issue=2|year=2004|pages=L141-L144|doi=10.1086/420881}}</ref> हिमलिया समूह के उपग्रहों की कक्षाएं बहुत ही संकीर्ण और विशिष्ट हैं: * '''दूरी:''' इन उपग्रहों का 'अर्ध-दीर्घ अक्ष' बृहस्पति से लगभग 1.115 करोड़ (11.15 मिलियन) से 1.175 करोड़ किलोमीटर के बीच है। इन्हें बृहस्पति की एक परिक्रमा पूरी करने में औसतन 250 पृथ्वी-दिन का समय लगता है। * '''झुकाव:''' बृहस्पति के भूमध्यरेखीय तल के सापेक्ष इनकी कक्षा का झुकाव 26.6° और 28.3° के बीच होता है। 90° से कम का यह झुकाव ही इनकी 'पुरोगामी' प्रकृति को सिद्ध करता है। * '''उत्केंद्रता:''' इन उपग्रहों की कक्षाएँ थोड़ी अंडाकार हैं। इनकी 'उत्केंद्रता' 0.11 से 0.25 के बीच पाई जाती है।<ref>[https://iopscience.iop.org/article/10.1086/382099| "Collisional Origin of Families of Irregular Satellites"]</ref> अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ की परंपरा के अनुसार, बृहस्पति के पुरोगामी अनियमित उपग्रहों के नाम के अंत में आमतौर पर '''"a"''' (आ) अक्षर आता है। हिमलिया समूह के प्रमुख सदस्य इस प्रकार हैं: # '''हिमलिया:''' यह इस समूह का सबसे बड़ा (व्यास लगभग 170 किमी) और सबसे चमकीला सदस्य है। यह बृहस्पति का छठा सबसे बड़ा उपग्रह है (गैलीलियन उपग्रहों और अमाल्थिया के बाद)। # '''एलारा:''' इसका व्यास लगभग 86 किमी है और यह समूह का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है। # '''लिसीथिया:''' लगभग 36 किमी के व्यास के साथ यह एक मध्यम आकार का सदस्य है। # '''लेडा:''' इसकी खोज 1974 में हुई थी और इसका व्यास मात्र 20 किमी है। # हाल के वर्षों में डिय, पेंडिया और एर्सा जैसे कुछ अन्य बहुत छोटे (1 से 3 किमी वाले) उपग्रह भी इस समूह में जोड़े गए हैं।<ref>{{Cite web|url=https://science.nasa.gov/jupiter/jupiter-moons/|title=Jupiter Moons - NASA Science|publisher=NASA|access-date=25 जून 2026}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://science.nasa.gov/ नासा (NASA) - बृहस्पति और उसके उपग्रह अन्वेषण] [[श्रेणी:खगोल विज्ञान]] [[श्रेणी:सौर मंडल]] olye7i66917oc7nodd66g0jg4jrz0l1 गहरे आकाश की वस्तु 0 1615080 6582832 6579796 2026-07-15T08:51:53Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582832 wikitext text/x-wiki {{अविश्वसनीय स्रोत|date=जुलाई 2026}} [[File:Orion 3008 huge (detail).jpg|thumb]] '''गहरे आकाश की वस्तु''' ({{Lang-en|Deep-sky object}}), जिसे संक्षेप में '''DSO''' भी कहा जाता है, खगोल विज्ञान और मुख्य रूप से 'शौकिया खगोल विज्ञान' में उपयोग किया जाने वाला एक व्यापक शब्द है। यह उन सभी खगोलीय पिंडों को संदर्भित करता है जो हमारे [[सौर मंडल]] के बाहर स्थित हैं, लेकिन वे व्यक्तिगत तारों की श्रेणी में नहीं आते हैं। सरल शब्दों में, रात के आकाश में दिखने वाले ग्रहों, चंद्रमा, धूमकेतुओं और एकल तारों को छोड़कर, जो कुछ भी धुंधला या विस्तृत खगोलीय पिंड दिखाई देता है, वह गहरे आकाश की वस्तु कहलाता है।<ref>{{Cite book|last=Burnham|first=Robert|title=Burnham's Celestial Handbook: An Observer's Guide to the Universe Beyond the Solar System|url=https://archive.org/details/burnhamscelestia0003burn|publisher=Dover Publications|year=1978|isbn=978-0486235677|pages=15-20}}</ref><ref>[https://books.google.co.in/books?id=wcoRISdUnu4C&pg=RA1-PA13&redir_esc=y| 40 Nights to Knowing the Sky: A Night-by-Night Sky-Watching Primer]</ref> गहरे आकाश की वस्तुओं को उनकी भौतिक प्रकृति के आधार पर मुख्य रूप से तीन बड़ी श्रेणियों में विभाजित किया गया है: === 1. तारागुच्छ === ये गुरुत्वाकर्षण द्वारा एक साथ बंधे तारों के समूह हैं। * '''खुले तारागुच्छ:''' ये युवा तारों के ढीले समूह होते हैं जो आमतौर पर सर्पिल आकाशगंगाओं की भुजाओं में पाए जाते हैं। इनमें कुछ दर्जन से लेकर कुछ हज़ार तारे तक हो सकते हैं। * '''गोलाकार तारागुच्छ:''' ये बहुत ही प्राचीन तारों के घने, गोलाकार समूह होते हैं, जिनमें लाखों तारे एक छोटे से क्षेत्र में कसकर बंधे होते हैं। ये आकाशगंगा के 'हेलो' में पाए जाते हैं।<ref>{{Cite journal|last=Harris|first=William E.|title=A Catalog of Parameters for Globular Clusters in the Milky Way|journal=The Astronomical Journal|volume=112|year=1996|pages=1487|doi=10.1086/118116}}</ref> === 2. नीहारिकाएँ === अंतरिक्ष में मौजूद गैस (मुख्य रूप से हाइड्रोजन) और धूल के विशाल बादलों को नीहारिका कहा जाता है। * '''उत्सर्जन नीहारिकाएँ:''' ये ऐसे बादल हैं जो अपने भीतर मौजूद गर्म, युवा तारों के विकिरण से ऊर्जा प्राप्त करके स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करते हैं (जैसे ओरियन नीहारिका)। * '''परावर्तन नीहारिकाएँ:''' ये स्वयं का प्रकाश उत्सर्जित नहीं करतीं, बल्कि अपने आस-पास के तारों के प्रकाश को परावर्तित करती हैं। * '''ग्रहीय नीहारिकाएँ:''' ये सूर्य जैसे तारों के जीवन के अंतिम चरण में उनके द्वारा अंतरिक्ष में फेंके गए गैस के आवरण हैं (जैसे रिंग नेबुला)। * '''सुपरनोवा अवशेष:''' एक विशाल तारे के विस्फोटक अंत (सुपरनोवा) के बाद बचा हुआ मलबा (जैसे क्रैब नेबुला)।<ref>{{Cite book|last=Kaler|first=James B.|title=Cosmic Clouds: Birth, Death, and Recycling in the Galaxy|url=https://archive.org/details/cosmiccloudsbirt0000kale|publisher=Scientific American Library|year=1997|isbn=978-0716750758|pages=[https://archive.org/details/cosmiccloudsbirt0000kale/page/45 45]-55}}</ref> === 3. आकाशगंगाएँ=== हमारी अपनी आकाशगंगा के बाहर स्थित अन्य सभी आकाशगंगाएँ भी गहरे आकाश की वस्तुओं में गिनी जाती हैं। इनमें अरबों तारे, गैस और डार्क मैटर होता है। इनमें मुख्य रूप से सर्पिल, अंडाकार और अनियमित आकाशगंगाएँ शामिल हैं।<ref>[https://books.google.co.in/books?id=wWdvYeDbf8gC&pg=PA12&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false| The Deep-Sky Observer's Year: A Guide to Observing Deep-Sky Objects Throughout the Year]</ref> == खगोलीय कैटलॉग == ऐतिहासिक रूप से, खगोलविदों ने इन वस्तुओं को पहचानने और सूचीबद्ध करने के लिए कई कैटलॉग बनाए हैं: # '''मेसियर कैटलॉग:''' 18वीं शताब्दी में फ्रांसीसी खगोलशास्त्री चार्ल्स मेसियर द्वारा बनाया गया यह सबसे प्रसिद्ध कैटलॉग है। उन्होंने 110 वस्तुओं की सूची बनाई (M1 से M110 तक) ताकि धूमकेतु खोजने वाले खगोलविद भ्रमित न हों। # '''न्यू जनरल कैटलॉग:''' 1888 में जॉन लुइस एमिल ड्रेयर द्वारा संकलित, यह एक बहुत बड़ा कैटलॉग है जिसमें 7,800 से अधिक गहरे आकाश की वस्तुएं शामिल हैं।<ref>{{Cite journal|last=Dreyer|first=J. L. E.|title=A New General Catalogue of Nebulae and Clusters of Stars, being the Catalogue of the late Sir John F. W. Herschel, Bart, revised, corrected, and enlarged|journal=Memoirs of the Royal Astronomical Society|volume=49|year=1888|pages=1-237}}</ref> == अवलोकन और प्रकाश प्रदूषण == गहरे आकाश की वस्तुओं का अवलोकन खगोल विज्ञान प्रेमियों का सबसे पसंदीदा शौक है। चूँकि इनमें से अधिकांश वस्तुएं बहुत धुंधली होती हैं, इसलिए इन्हें देखने के लिए एक अच्छे द्विनेत्री या दूरबीन की आवश्यकता होती है। इनके अवलोकन में सबसे बड़ी बाधा '''प्रकाश प्रदूषण''' है। शहरों की कृत्रिम रोशनी के कारण रात का आकाश चमकने लगता है, जिससे इन धुंधली वस्तुओं को देखना लगभग असंभव हो जाता है। यही कारण है कि गहरे आकाश का अवलोकन करने वाले लोग हमेशा दूरदराज के अंधेरे क्षेत्रों की यात्रा करते हैं।<ref>{{Cite journal|last=Cinzano|first=P.|last2=Falin|first2=F.|last3=Elvidge|first3=C. D.|title=The first World Atlas of the artificial night sky brightness|url=https://archive.org/details/sim_monthly-notices-of-the-royal-astronomical-society_2001-12-11_328_3/page/689|journal=Monthly Notices of the Royal Astronomical Society|volume=328|issue=3|year=2001|pages=689-707|doi=10.1046/j.1365-8711.2001.04882.x}}</ref><ref>[https://books.google.co.in/books?id=obLAoHOVodAC&pg=PA149&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false| The Amateur Astronomer's Guide to the Deep-Sky Catalogs]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://science.nasa.gov/astrophysics/ नासा (NASA) - खगोल भौतिकी और ब्रह्मांड अन्वेषण] [[श्रेणी:नीहारिकाएँ]] [[श्रेणी:तारागुच्छ]] ey0m5b2c1auxlflf82vs40uunqwz651 अनियमित चंद्रमा 0 1615084 6582839 6579794 2026-07-15T09:05:54Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582839 wikitext text/x-wiki {{अविश्वसनीय स्रोत|date=जुलाई 2026}} खगोल विज्ञान में, '''अनियमित चंद्रमा''' ({{Lang-en|Irregular moon}} या Irregular satellite) किसी ग्रह का एक ऐसा प्राकृतिक उपग्रह होता है जिसकी कक्षा अत्यधिक विस्तृत, अंडाकार और मुख्य ग्रहीय तल के सापेक्ष बहुत अधिक झुकी हुई होती है। 'नियमित चंद्रमाओं' (हमारी पृथ्वी का चंद्रमा या बृहस्पति के गैलीलियन उपग्रह) के विपरीत, जो ग्रह के भूमध्यरेखीय तल में लगभग पूर्ण गोलाकार कक्षाओं में परिक्रमा करते हैं, अनियमित चंद्रमाओं की कक्षाएँ अत्यधिक अराजक और दूरस्थ दिखाई देती हैं। सौर मंडल के चारों विशाल गैस दानवों (बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण) के पास अनियमित चंद्रमाओं की एक विशाल आबादी मौजूद है।<ref>{{Cite book|last=Burns|first=Joseph A.|title=Planetary Satellites|url=https://archive.org/details/planetarysatelli0000unse|publisher=University of Arizona Press|year=1977|isbn=978-0816505524|pages=[https://archive.org/details/planetarysatelli0000unse/page/113 113]-125}}</ref><ref>[https://iopscience.iop.org/article/10.3847/2041-8213/ad63a6| "Irregular Moons Possibly Injected from the Outer Solar System by a Stellar Flyby"]</ref><ref>[https://www.nature.com/articles/s41550-024-02349-x| "Trajectory of the stellar flyby that shaped the outer Solar System"]</ref> खगोल भौतिकीविदों ने इन दोनों श्रेणियों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित किए हैं: * '''कक्षा की दिशा:''' अधिकांश अनियमित चंद्रमा 'प्रतिगामी' कक्षाओं में परिक्रमा करते हैं, यानी वे ग्रह के घूमने की दिशा के विपरीत चलते हैं। इसके विपरीत, लगभग सभी नियमित चंद्रमा 'पुरोगामी' कक्षाओं में चलते हैं। * '''दूरी:''' नियमित चंद्रमा ग्रह के बहुत करीब होते हैं (आमतौर पर ग्रह की त्रिज्या के कुछ गुना के भीतर)। इसके विपरीत, अनियमित चंद्रमा ग्रह से लाखों किलोमीटर दूर स्थित होते हैं और ग्रह के 'हिल स्फीयर' के बाहरी किनारों पर तैरते हैं। * '''उत्केंद्रता और झुकाव:''' नियमित चंद्रमाओं की उत्केंद्रता लगभग शून्य (गोलाकार) होती है। अनियमित चंद्रमाओं की कक्षाएँ अत्यधिक अंडाकार (0.5 से अधिक उत्केंद्रता तक) होती हैं और ग्रहीय तल से उनका झुकाव 15° से लेकर 150° से अधिक तक हो सकता है।<ref>{{Cite journal|last=Jewitt|first=David|last2=Sheppard|first2=Scott|last3=Kleyna|first3=Jan|title=The Strangest Satellites in the Solar System|url=https://archive.org/details/sim_scientific-american_2006-03_294_3/page/n43|journal=Scientific American|volume=294|issue=3|year=2006|pages=40-47|doi=10.1038/scientificamerican0306-40}}</ref><ref>[https://tilmanndenk.de/outersaturnianmoons/| "Outer Moons of Saturn"]</ref> == उत्पत्ति और निर्माण: 'गुरुत्वाकर्षण पकड़' == अनियमित चंद्रमाओं की सबसे बड़ी वैज्ञानिक विशेषता उनकी उत्पत्ति का इतिहास है। खगोलविदों का सर्वसम्मत सिद्धांत यह है कि ये उपग्रह अपने मूल ग्रह के चारों ओर मौजूद आदिम गैस और धूल की डिस्क से नहीं बने थे। ये वास्तव में स्वतंत्र खगोलीय पिंड (जैसे कि मुख्य बेल्ट के क्षुद्रग्रह या कुइपर बेल्ट के बर्फीले पिंड) थे, जो सौर मंडल के प्रारंभिक इतिहास में अंतरिक्ष में भटक रहे थे। जब ये पिंड किसी विशाल ग्रह के बहुत करीब से गुजरे, तो ग्रह के अत्यधिक शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र ने इनकी गतिज ऊर्जा को विक्षुब्ध कर दिया और इन्हें हमेशा के लिए अपनी कक्षा में 'कैद' कर लिया। इस प्रक्रिया को '''गुरुत्वाकर्षण पकड़''' कहा जाता है।<ref>{{Cite journal|last=Sheppard|first=Scott S.|last2=Jewitt|first2=David C.|title=An abundant population of small irregular satellites around Jupiter|url=https://archive.org/details/sim_nature-uk_2003-05-15_423_6937/page/261|journal=Nature|volume=423|issue=6937|year=2003|pages=261-263|doi=10.1038/nature01584}}</ref> ग्रहों द्वारा पकड़े जाने के बाद, कई आदिम अनियमित चंद्रमा अन्य खगोलीय पिंडों या धूमकेतुओं से टकराकर टूट गए। इस भयंकर बिखराव के कारण 'कक्षीय परिवारों' का निर्माण हुआ। एक ही परिवार के सभी उपग्रहों की कक्षाएँ और रासायनिक संरचना लगभग एक समान होती है: * '''बृहस्पति के परिवार:''' हिमलिया समूह (पुरोगामी), अनान्के समूह (प्रतिगामी), कार्म समूह (प्रतिगामी), और पासिफे समूह (प्रतिगामी)। * '''शनि के परिवार:''' इन उपग्रहों को उनके नामकरण के आधार पर इनुइट समूह, गैलिक समूह, और नॉर्स समूह में विभाजित किया गया है। इनमें से 'फोबे' शनि का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध प्रतिगामी अनियमित चंद्रमा है। अनियमित चंद्रमाओं का अध्ययन सौर मंडल के प्रारंभिक ग्रहीय प्रवासन और आदिम मलबे के वितरण को समझने के लिए एक "जीवाश्म रिकॉर्ड" की तरह कार्य करता है। चूंकि ये पिंड अरबों वर्षों से ग्रहीय वायुमंडल और तीव्र ज्वारीय बलों से दूर अंतरिक्ष के ठंडे वातावरण में सुरक्षित हैं, इसलिए इनकी सतह पर प्रारंभिक सौर मंडल के मौलिक रासायनिक तत्वों के अंश आज भी मौजूद हैं। == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://science.nasa.gov/jupiter/jupiter-moons/ नासा (NASA) - विशाल ग्रहों के प्राकृतिक और अनियमित उपग्रहों का अन्वेषण] [[श्रेणी:प्राकृतिक उपग्रह]] [[श्रेणी:खगोल विज्ञान]] l8bwdt8gmxubzbfe0l3rozmsb0znzse प्रोटेस्टेंट नैतिकता और पूंजीवाद की भावना 0 1615167 6582806 6574881 2026-07-15T07:35:33Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582806 wikitext text/x-wiki {{Infobox book | name = प्रोटेस्टेंट नैतिकता और पूंजीवाद की भावना | image = Die protestantische Ethik und der 'Geist' des Kapitalismus original cover.jpg | author = मैक्स वेबर | language = जर्मन | country = जर्मनी | subject = समाजशास्त्र, आर्थिक इतिहास, धर्म का समाजशास्त्र | genre = गैर-काल्पनिक | publisher = आर्चीव फर सोज़ियालविसेनशाफ्ट अंड सोज़ियालपोलिटिक (मूल निबंध) | media_type = प्रिंट | translator = टैल्कॉट पार्सन्स (अंग्रेजी अनुवाद - 1930) }} '''प्रोटेस्टेंट नैतिकता और पूंजीवाद की भावना''' ({{Lang-en|The Protestant Ethic and the Spirit of Capitalism}}, {{Lang-de|Die protestantische Ethik und der Geist des Kapitalismus}}) जर्मन समाजशास्त्री, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ '''मैक्स वेबर''' द्वारा लिखित एक ऐतिहासिक और समाजशास्त्रीय कृति है। 1904 और 1905 में मूल रूप से निबंधों की एक श्रृंखला के रूप में प्रकाशित इस ग्रंथ को आधुनिक समाजशास्त्र के संस्थापक ग्रंथों में से एक माना जाता है। इस पुस्तक में वेबर ने यह तर्क दिया है कि 16वीं और 17वीं सदी के उत्तरी यूरोप में 'तपस्वी प्रोटेस्टेंटवाद'-विशेष रूप से '''केल्विनवाद'''-ने आधुनिक 'पूंजीवाद' के विकास को प्रेरित करने वाली नैतिकता और कार्य संस्कृति को जन्म दिया।<ref>[https://books.google.co.in/books?id=4MmligHndssC&redir_esc=y| The Protestant ethic and the "spirit" of capitalism and other writings]</ref> == मुख्य तर्क == वेबर का मुख्य उद्देश्य यह समझाना था कि पश्चिमी यूरोप में ही आधुनिक पूंजीवाद का उदय क्यों हुआ, जबकि चीन, भारत और मध्य पूर्व जैसे अन्य क्षेत्रों में भी तकनीकी और भौतिक प्रगति मौजूद थी।<ref>[https://books.google.co.in/books?id=PafEDAAAQBAJ&lpg=PP1&pg=PA271&redir_esc=y| The Max Weber Dictionary: Key Words and Central Concepts]</ref> उनका तर्क है कि आधुनिक पूंजीवाद केवल लालच या धन कमाने की सामान्य इच्छा का परिणाम नहीं है (जो इतिहास में हमेशा से मौजूद रही है), बल्कि यह एक विशिष्ट "तर्कसंगत अनुशासन" का परिणाम है। इस अनुशासन को उन्होंने '''पूंजीवाद की भावना''' कहा है, जहाँ धन कमाना और उसे संचित करना जीवन का एक नैतिक कर्तव्य (Moral duty) बन जाता है, न कि केवल विलासिता के लिए धन खर्च करना।<ref>{{Cite book|last=Giddens|first=Anthony|title=Capitalism and Modern Social Theory: An Analysis of the Writings of Marx, Durkheim and Max Weber|url=https://archive.org/details/capitalismmodern0000gidd_a3i1|publisher=Cambridge University Press|year=1971|isbn=978-0521097857|pages=[https://archive.org/details/capitalismmodern0000gidd_a3i1/page/119 119]-124}}</ref> == 'कॉलिंग' == वेबर ने प्रोटेस्टेंट सुधारक मार्टिन लूथर और विशेष रूप से जॉन केल्विन की धार्मिक शिक्षाओं का विश्लेषण किया। * '''कॉलिंग:''' लूथर ने यह विचार दिया कि ईश्वर की सेवा केवल मठों में संन्यासी बनकर नहीं की जा सकती, बल्कि दुनिया में रहकर अपने रोज़मर्रा के पेशे को पूरी ईमानदारी और मेहनत से करना ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। * '''पूर्व-नियतिवाद:''' केल्विनवाद ने 'पूर्व-नियतिवाद' का सिद्धांत दिया, जिसके अनुसार ईश्वर ने दुनिया के बनने से पहले ही यह तय कर दिया है कि कौन सा व्यक्ति स्वर्ग जाएगा और कौन नर्क। कोई भी व्यक्ति अपने अच्छे कर्मों से इस फैसले को बदल नहीं सकता। इस डरावने सिद्धांत ने केल्विनवादियों में एक "अभूतपूर्व आंतरिक अकेलापन" और चिंता पैदा कर दी। यह जानने के लिए कि क्या वे "चुने हुए" लोगों में से हैं, उन्होंने सांसारिक सफलता और व्यवसाय में लाभ को ईश्वर की कृपा का 'संकेत' मानना शुरू कर दिया।<ref>{{Cite book|last=Bendix|first=Reinhard|title=Max Weber: An Intellectual Portrait|url=https://archive.org/details/maxweberintellec0000bend_q1k3|publisher=University of California Press|year=1977|isbn=978-0520031944|pages=[https://archive.org/details/maxweberintellec0000bend_q1k3/page/57 57]-65}}</ref> प्रोटेस्टेंट नैतिकता ने कड़ी मेहनत को बढ़ावा दिया, लेकिन साथ ही इसने 'लौकिक वैराग्य' की भी मांग की। इसका मतलब था कि व्यक्ति को अपनी मेहनत से कमाए गए धन को विलासिता, मनोरंजन या अनावश्यक सुख-सुविधाओं पर खर्च नहीं करना चाहिए। * जब लोग कड़ी मेहनत करते हैं (जिससे धन आता है) और कंजूसी से रहते हैं (जिससे धन खर्च नहीं होता), तो परिणाम क्या होता है? इसका अपरिहार्य परिणाम था '''पूंजी का संचय'''। * इस संचित धन को दान करने या बेकार रखने के बजाय, उन्होंने इसे अपने व्यवसायों में वापस निवेश किया। इसी निरंतर पुनर्निवेश की प्रक्रिया ने आधुनिक तर्कसंगत पूंजीवाद को जन्म दिया। == 'लोहे का पिंजरा' == पुस्तक के अंत में, वेबर एक बहुत ही निराशावादी दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। वे कहते हैं कि 20वीं सदी तक आते-आते, पूंजीवाद अपनी धार्मिक जड़ों और प्रोटेस्टेंट नैतिकता से पूरी तरह मुक्त हो गया। अब लोगों को कड़ी मेहनत इसलिए नहीं करनी पड़ती क्योंकि यह एक धार्मिक कर्तव्य है, बल्कि इसलिए करनी पड़ती है क्योंकि आधुनिक आर्थिक व्यवस्था उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर करती है। वेबर ने इस व्यवस्था को '''"लोहे का पिंजरा"''' कहा है-एक ऐसी नौकरशाही और मशीनी व्यवस्था जो मानव जीवन को पूरी तरह से नियंत्रित करती है और जिसमें से बाहर निकलना असंभव है।<ref>[https://books.google.co.in/books?id=mayilngcerQC&pg=PA218&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false| The Iron Cage: An Historical Interpretation of Max Weber]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.marxists.org/reference/archive/weber/protestant-ethic/ मार्क्सवादी इंटरनेट आर्काइव - प्रोटेस्टेंट एथिक] [[श्रेणी:आर्थिक इतिहास]] 238v2fdvua69qbsei56w97lr0vwb4im डी रिवोल्यूशनिबस ऑर्बियम कोलेस्टियम 0 1615169 6582850 6574883 2026-07-15T09:36:19Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582850 wikitext text/x-wiki {{Infobox book | name = डी रिवोल्यूशनिबस ऑर्बियम कोलेस्टियम | image = De revolutionibus 1543.png | author = निकोलस कोपरनिकस | language = लैटिन | country = पवित्र रोमन साम्राज्य | subject = खगोल विज्ञान, सूर्यकेन्द्रीय ब्रह्मांड | publisher = जोहान्स पेट्रेयस | media_type = प्रिंट (हार्डकवर) | pages = 400 (लगभग) }} '''डी रिवोल्यूशनिबस ऑर्बियम कोलेस्टियम''' ({{Lang-la|De revolutionibus orbium coelestium}}), जिसका हिंदी में अर्थ "खगोलीय गोलों के परिभ्रमण पर" है, पुनर्जागरण काल के महान पोलिश खगोलशास्त्री '''निकोलस कोपरनिकस''' द्वारा लिखित एक ऐतिहासिक पुस्तक है। 1543 में प्रकाशित इस ग्रंथ ने विज्ञान के इतिहास में एक नए युग—'''कोपरनिकन क्रांति'''-की शुरुआत की। इस पुस्तक ने लगभग 1400 वर्षों से चली आ रही इस मान्यता को पूरी तरह से खारिज कर दिया कि पृथ्वी ब्रह्मांड के केंद्र में स्थिर है, और इसके स्थान पर '''सूर्यकेन्द्रीय मॉडल''' प्रस्तुत किया।<ref>[|History of the planetary systems from Thales to Kepler]</ref> == टॉलेमिक प्रणाली का खंडन == कोपरनिकस से पहले, पूरे यूरोप और इस्लामी दुनिया में क्लॉडियस टॉलेमी द्वारा दूसरी शताब्दी में प्रस्तुत की गई 'भूकेंद्रीय प्रणाली' का वर्चस्व था। इस प्रणाली के अनुसार पृथ्वी ब्रह्मांड के केंद्र में अचल थी, और सूर्य, चंद्रमा तथा सभी ग्रह उसके चारों ओर चक्कर लगाते थे। टॉलेमिक प्रणाली ग्रहों की असामान्य गतियों-विशेषकर '''वक्री गति''' -को समझाने के लिए अत्यधिक जटिल हो गई थी। इसके लिए टॉलेमी ने '''अधिचक्र''' और 'डिफरेंट' जटिल ज्यामितीय संरचनाओं का उपयोग किया था। कोपरनिकस ने महसूस किया कि यह प्रणाली बहुत बोझिल और भौतिक वास्तविकता से दूर है। == सूर्यकेन्द्रीय मॉडल == अपनी पुस्तक में, कोपरनिकस ने एक सरल और अधिक तार्किक मॉडल का प्रस्ताव रखा: # '''सूर्य केंद्र में है:''' ब्रह्मांड (सौर मंडल) का केंद्र पृथ्वी नहीं, बल्कि सूर्य है। # '''पृथ्वी की दैनिक गति:''' पृथ्वी अपनी धुरी पर हर 24 घंटे में एक बार पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है, जिससे दिन और रात होते हैं और तारे आकाश में घूमते हुए प्रतीत होते हैं। # '''पृथ्वी की वार्षिक गति:''' पृथ्वी, अन्य ग्रहों (बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि) की तरह, सूर्य के चारों ओर एक वार्षिक कक्षा में परिक्रमा करती है। # '''चंद्रमा की परिक्रमा:''' केवल चंद्रमा ही एकमात्र ऐसा खगोलीय पिंड है जो पृथ्वी की परिक्रमा करता है। कोपरनिकस के इस मॉडल ने '''वक्री गति''' को एक 'दृष्टिभ्रम' के रूप में अत्यंत सरलता से समझा दिया। जब पृथ्वी अपनी छोटी और तेज़ कक्षा में किसी बाहरी ग्रह (जैसे मंगल) को पीछे छोड़ती है, तो पृथ्वी से देखने पर वह ग्रह कुछ समय के लिए पीछे की ओर जाता हुआ प्रतीत होता है। == प्रकाशन और ओसिएंडर की प्रस्तावना == यह पुस्तक कोपरनिकस के जीवन के अंतिम दिनों में ही प्रकाशित हो सकी थी। किंवदंती है कि 24 मई 1543 को कोपरनिकस ने अपनी मृत्युशय्या पर इस पुस्तक की पहली मुद्रित प्रति देखी थी। पुस्तक को धार्मिक विरोध से बचाने के लिए, इसके प्रकाशक के मित्र '''एंड्रियास ओसिएंडर''' ने कोपरनिकस की अनुमति के बिना इसमें एक अनाम प्रस्तावना जोड़ दी। इस प्रस्तावना में दावा किया गया था कि सूर्यकेन्द्रीय मॉडल कोई वास्तविक भौतिक सत्य नहीं है, बल्कि ग्रहों की स्थिति की गणना करने के लिए केवल एक उपयोगी 'गणितीय परिकल्पना' है।<ref>{{Cite journal|last=Gingerich|first=Owen|title=The Book Nobody Read: Chasing the Revolutions of Nicolaus Copernicus|url=https://archive.org/details/booknobodyreadch00ging|journal=Walker & Company|year=2004|pages=[https://archive.org/details/booknobodyreadch00ging/page/14 14]-22|isbn=978-0802714152}}</ref> == ऐतिहासिक प्रभाव और चर्च का प्रतिबंध == प्रकाशन के तुरंत बाद इस पुस्तक ने कोई बड़ा विवाद खड़ा नहीं किया। इसे इसके जटिल गणितीय तालिकाओं के लिए खगोलविदों द्वारा पढ़ा गया। हालाँकि, दशकों बाद, जब [[गैलीलियो गैलिली]] और योहानेस केपलर ने दूरबीन के साक्ष्यों और भौतिकी के माध्यम से कोपरनिकस के सिद्धांत को भौतिक सत्य के रूप में स्थापित करना शुरू किया, तो कैथोलिक चर्च ने इसे धर्मग्रंथों के खिलाफ माना।<ref>[https://books.google.co.in/books?id=lXGEXih4yLYC&pg=PA138&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false| Science and Technology in World History, Volume 3: The Black Death, the Renaissance, the Reformation and the Scientific Revolution]</ref> 1616 में, कैथोलिक चर्च की 'इंडेक्स लिबोरम प्रोहिबिटोरम' में 'डी रिवोल्यूशनिबस' को तब तक के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया जब तक कि इसमें "सुधार" नहीं किए गए। 1758 में ही इसे इस सूची से हटाया गया। अंततः, इसाक न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत ने कोपरनिकस के मॉडल को निर्विवाद रूप से सिद्ध कर दिया।<ref>{{Cite book|last=Finocchiaro|first=Maurice A.|title=The Galileo Affair: A Documentary History|url=https://archive.org/details/galileoaffairdoc0000unse|publisher=University of California Press|year=1989|isbn=978-0520066625|pages=[https://archive.org/details/galileoaffairdoc0000unse/page/27 27]-32}}</ref><ref>[https://www.newadvent.org/cathen/04352b.htm| "Nicolaus Copernicus"| "Nicolaus Copernicus"]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://science.nasa.gov/ नासा (NASA) - ब्रह्मांड अन्वेषण और सूर्यकेन्द्रीय प्रणाली] [[श्रेणी:वैज्ञानिक क्रांति]] [[श्रेणी:लैटिन साहित्य]] by2g1p02l0cz0b7y03rykx38qe5mwjs लेनिनग्राद कोडेक्स 0 1615171 6582834 6574885 2026-07-15T08:54:32Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582834 wikitext text/x-wiki [[File:Leningrad Codex Folio 474a.jpg|thumb]] '''लेनिनग्राद कोडेक्स''' ({{Lang-en|Leningrad Codex}}), इब्रानी भाषा में लिखी गई संपूर्ण [[इब्रानी बाइबिल]] (तनाख) की दुनिया की सबसे पुरानी पूर्ण पांडुलिपि है, जो आज तक सुरक्षित है। इसका निर्माण 1008 या 1009 ईस्वी में काहिरा (मिस्र) में किया गया था। यह पांडुलिपि 'मासोरेटिक पाठ' की तिबेरियन परंपरा का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है। आधुनिक काल में यह पांडुलिपि यहूदी और ईसाई दोनों धर्मों के विद्वानों और अनुवादकों के लिए मूल-पाठ (Source text) का सबसे प्रामाणिक आधार मानी जाती है।<ref>{{Cite book|last=Würthwein|first=Ernst|title=The Text of the Old Testament: An Introduction to the Biblia Hebraica|publisher=Wm. B. Eerdmans Publishing|year=1995|isbn=978-0802807885|pages=36-39}}</ref><ref>[https://referenceworks.brill.com/display/entries/EHHL/EHLL-COM-00000614.xml| St. Petersburg I Firkovitch B19a Manuscript of the Hebrew Bible]</ref> पांडुलिपि के अंत में दिए गए 'कोलोफोन' के अनुसार, इसे एक यहूदी लेखक '''सैमुअल बेन जैकब''' ने मिस्र के काहिरा शहर में लिखा था। इसे दमिश्क के एक धनी व्यापारी मेवोराख बेन जोसेफ के लिए तैयार किया गया था। 19वीं शताब्दी के मध्य में, इसे प्रसिद्ध कराटे-यहूदी संग्रहकर्ता '''अब्राहम फिरकोविच''' द्वारा हासिल किया गया। 1863 में, इसे सेंट पीटर्सबर्ग (रूस) के 'इंपीरियल पब्लिक लाइब्रेरी' में लाया गया। * रूसी क्रांति के बाद, जब सेंट पीटर्सबर्ग का नाम बदलकर 'लेनिनग्राद' कर दिया गया, तो इस पांडुलिपि को दुनिया भर में 'लेनिनग्राद कोडेक्स' के नाम से जाना जाने लगा। * यद्यपि 1991 में शहर का मूल नाम वापस सेंट पीटर्सबर्ग हो गया, लेकिन ऐतिहासिक और अकादमिक निरंतरता बनाए रखने के लिए पांडुलिपि को आज भी 'लेनिनग्राद कोडेक्स' ही कहा जाता है।<ref>{{Cite book|last=Tov|first=Emanuel|title=Textual Criticism of the Hebrew Bible|url=https://archive.org/details/textualcriticism0000tove_r0z8|publisher=Fortress Press|year=2011|isbn=978-0800696641|pages=[https://archive.org/details/textualcriticism0000tove_r0z8/page/46 46]-48}}</ref> == सामग्री और संरचना == लेनिनग्राद कोडेक्स चर्मपत्र के 491 पन्नों पर लिखा गया है। # '''मूल पाठ:''' इसमें यहूदी धर्मग्रंथ 'तनाख' की तीनों मुख्य पुस्तकें शामिल हैं: तोराह, नेवीइम, और केतुविम। # '''मासोरेटिक स्वर-पद्धति:''' प्राचीन इब्रानी में केवल व्यंजन लिखे जाते थे, स्वर नहीं। 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच, तिबेरियास के 'मासोरेट्स' (विद्वानों) ने पाठ के सही उच्चारण को सुनिश्चित करने के लिए बिंदुओं और चिह्नों की एक जटिल प्रणाली विकसित की। लेनिनग्राद कोडेक्स इसी '''तिबेरियन स्वर-पद्धति''' और कैंटिलेशन का सबसे शुद्ध रूप प्रस्तुत करता है। # '''सजावट:''' इसमें 16 'कारपेट पेज' हैं, जो जटिल ज्यामितीय डिज़ाइनों से सजे हैं। इन डिज़ाइनों पर तत्कालीन इस्लामी कला और वास्तुकला का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है।<ref>{{Cite journal|last=Freedman|first=David Noel|title=The Leningrad Codex|journal=The Biblical Archaeologist|volume=61|issue=1|year=1998|pages=18-20|doi=10.2307/3210636}}</ref> आधुनिक अनुवाद विज्ञान और बाइबिल के इतिहास में इसका महत्व अद्वितीय है। 1947 में 'मृत सागर के स्क्रॉल' की खोज से पहले, यह और 'अलेप्पो कोडेक्स' ही सबसे पुराने ग्रंथ थे। चूँकि 1947 के दंगों में अलेप्पो कोडेक्स का एक तिहाई हिस्सा नष्ट हो गया था, इसलिए लेनिनग्राद कोडेक्स ही एकमात्र '''संपूर्ण''' जीवित पांडुलिपि बच गई। 20वीं शताब्दी में, इसे '''बिब्लिया हेब्राइका स्टटगार्टेंसिया''' के आधार पाठ के रूप में चुना गया। आज दुनिया की लगभग सभी प्रमुख भाषाओं में पुराने नियम का अनुवाद इसी कोडेक्स के प्रमाणित पाठ पर आधारित है।<ref>{{Cite book|last=Wegner|first=Paul D.|title=The Journey from Texts to Translations: The Origin and Development of the Bible|url=https://archive.org/details/journeyfromtexts0000wegn|publisher=Baker Academic|year=1999|isbn=978-0801027994|pages=[https://archive.org/details/journeyfromtexts0000wegn/page/172 172]-175}}</ref><ref>[https://brill.com/edcollbook/title/7297| Biblia Hebraica Leningradensia: Prepared according to the Vocalization, Accents, and Masora of Aaron ben Moses ben Asher in the Leningrad Codex, with Adaptations to Halakhic Requirements]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://archive.org/details/Leningrad_Codex इंटरनेट आर्काइव - लेनिनग्राद कोडेक्स (डिजिटल स्कैन)] [[श्रेणी:धार्मिक साहित्य]] bz9wt30ttjqmfmlh59itglweo8uvbfs तबुला रोजेरियाना 0 1615175 6582911 6574889 2026-07-15T11:47:14Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582911 wikitext text/x-wiki {{Infobox book | name = तबुला रोजेरियाना | image = 89v 90r نزهة المشتاق Arabe 2221 BNF.jpg | author = मुहम्मद अल-इदरीसी | subject = भूगोल, कार्टोग्राफी | language = अरबी }} '''तबुला रोजेरियाना''' ({{Lang-la|Tabula Rogeriana}}), जिसे अरबी में ''नोज़ाद अल-मुश्ताक'' के नाम से जाना जाता है, मध्यकालीन दुनिया का सबसे सटीक और विस्तृत विश्व-मानचित्र है। इसे 1154 ईस्वी में सिसिली के नॉर्मन राजा '''रोजर द्वितीय''' के संरक्षण में महान अरब भूगोलवेत्ता और कार्टोग्राफर '''मुहम्मद अल-इदरीसी''' द्वारा पलेर्मो में तैयार किया गया था। यह मानचित्र न केवल अपने समय का एक तकनीकी चमत्कार था, बल्कि यह इस्लामी और ईसाई दुनिया के बीच हुए ज्ञान के आदान-प्रदान का एक महान प्रतीक भी है।<ref>{{Cite book|last=Brotton|first=Jerry|title=A History of the World in Twelve Maps|url=https://archive.org/details/historyofworldin0000brot|publisher=Penguin Books|year=2012|isbn=978-0143125198|pages=[https://archive.org/details/historyofworldin0000brot/page/65 65]-72}}</ref> राजा रोजर द्वितीय, जो विज्ञान और भूगोल में गहरी रुचि रखते थे, ने अल-इदरीसी को निर्देश दिया कि वे दुनिया का एक ऐसा विस्तृत मानचित्र तैयार करें जो व्यापारियों, यात्रियों और प्रशासकों के लिए उपयोगी हो। अल-इदरीसी ने 15 वर्षों तक उस समय के यात्रियों के वृत्तांतों, समुद्री यात्राओं और अन्य भौगोलिक ग्रंथों का अध्ययन किया। इस मानचित्र की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसे एक चांदी की बड़ी डिस्क पर उकेरा गया था, जिसके चारों ओर सात जलवायु क्षेत्रों को दर्शाया गया था। हालाँकि वह चांदी की मूल डिस्क अब खो चुकी है, लेकिन उसके साथ लिखी गई पुस्तक ''नोज़ाद अल-मुश्ताक'' (जिसे अक्सर 'रोजर की पुस्तक' कहा जाता है) आज भी सुरक्षित है, जिसमें 70 विस्तृत मानचित्र शामिल हैं।<ref>{{Cite book|last=Harley|first=J. B.|last2=Woodward|first2=David|title=The History of Cartography, Volume 1: Cartography in Prehistoric, Ancient, and Medieval Europe and the Mediterranean|publisher=University of Chicago Press|year=1987|isbn=978-0226316338|pages=250-260}}</ref> == भौगोलिक दृष्टिकोण == अल-इदरीसी का मानचित्र तत्कालीन ईसाई दुनिया के पारंपरिक मानचित्रों (जैसे 'मैपा मुंडी') से बहुत अलग था। * दक्षिण-मुखी ओरिएंटेशन: मध्यकालीन इस्लामी परंपरा के अनुसार, इस मानचित्र में 'दक्षिण' दिशा ऊपर (Top) की ओर रखी गई थी, जबकि उत्तर दिशा नीचे की ओर थी। * सटीकता: इसमें यूरोप, एशिया और उत्तरी अफ्रीका का सटीक विवरण मिलता है। इसमें नील नदी के स्रोतों, बाल्टिक सागर, और भारत के समुद्री तटों का जो विवरण दिया गया है, वह अपने समय के हिसाब से अविश्वसनीय रूप से सटीक था। * जलवायु क्षेत्र: अल-इदरीसी ने दुनिया को सात मुख्य जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया, जो प्राचीन ग्रीक भूगोलवेत्ता टॉलेमी के सिद्धांतों पर आधारित थे, लेकिन उन्होंने इसमें अपने स्वयं के समकालीन अनुभवों को भी जोड़ा।<ref>{{Cite journal|last=Savage-Smith|first=Emilie|title=The History of Cartography: The Arab World|journal=Journal of Historical Geography|volume=26|issue=4|year=2000|pages=500-505}}</ref> == सांस्कृतिक महत्व == तबुला रोजेरियाना का महत्व इस बात में है कि इसने 'ज्ञान के एकीकरण' को प्रदर्शित किया। सिसिली का दरबार उस समय मुस्लिम विद्वानों, ईसाई धर्मशास्त्रियों, और यहूदी वैज्ञानिकों का मिलन-स्थल था। अल-इदरीसी ने ग्रीक, अरबी और लातिन स्रोतों का उपयोग करके एक ऐसा वैश्विक नज़रिया दिया जो किसी एक धर्म या संस्कृति तक सीमित नहीं था। यह मानचित्र आने वाली सदियों तक यूरोपीय खोजकर्ताओं (जैसे क्रिस्टोफर कोलंबस और वास्को डी गामा) के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहा। माना जाता है कि कोलंबस ने अपने समुद्री सफर के दौरान अल-इदरीसी के भौगोलिक गणनाओं का ही अध्ययन किया था।<ref>{{Cite book|last=Lunde|first=Paul|last2=Stone|first2=Caroline|title=Al-Idrisi's World Map|publisher=Saudi Aramco World|year=1992|pages=10-15}}</ref><ref>[https://www.bbc.co.uk/ahistoryoftheworld/objects/-es5mO0-QDKczuQypeWReg|The Book of Roger]</ref> == आधुनिक शोध और संरक्षण == आज इस पांडुलिपि की कई प्रतियां दुनिया भर के संग्रहालयों (जैसे ऑक्सफोर्ड के बोडलियन लाइब्रेरी और पेरिस की बिब्लियोथेके नेशनल) में सुरक्षित हैं। आधुनिक शोधकर्ता डिजिटल मैपिंग तकनीक का उपयोग करके 'तबुला रोजेरियाना' के डेटा को जीपीएस और गूगल अर्थ जैसे आधुनिक मानचित्रों से तुलना कर रहे हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि अल-इदरीसी की गणनाएँ कितनी सूक्ष्म थीं।<ref>{{Cite journal|last=Al-Hassan|first=Ahmad Y.|title=The Scientific Achievements of Al-Idrisi|journal=FSTC Research Report|year=2004|pages=1-20}}</ref><ref>[https://www.degruyterbrill.com/document/doi/10.1515/ISLAM.2011.022/html| "Les Coordonnees Geographiques De la Carte Manuscrite d'al-Idrs"]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.bodleian.ox.ac.uk/ बोडलियन लाइब्रेरी - अल-इदरीसी के मानचित्रों का संग्रह] [[श्रेणी:मानचित्र]] [[श्रेणी:इतिहास]] ec8jriwrnzfwxape9q4u3gnd58h3qs9 प्रोटागोरस 0 1615204 6582864 6575139 2026-07-15T10:01:05Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582864 wikitext text/x-wiki {{Infobox book | name = प्रोटागोरस (संवाद) | image = | author = प्लेटो | language = प्राचीन यूनानी | country = एथेंस (प्राचीन यूनान) | subject = दर्शनशास्त्र, नीतिशास्त्र, शिक्षा | genre = सुकराती संवाद | set_in = लगभग 433 ईसा पूर्व (कैलियास का घर, एथेंस) }} '''प्रोटागोरस''' ({{Lang-en|Protagoras}}, {{Lang-grc|Πρωταγόρας}}) प्राचीन यूनानी दार्शनिक '''प्लेटो''' द्वारा रचित सबसे प्रसिद्ध 'सुकराती संवादों' में से एक है। इसे प्लेटो के प्रारंभिक काल की रचना माना जाता है। इस संवाद में युवा सुकरात और प्राचीन यूनान के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित 'सोफिस्ट' शिक्षक '''प्रोटागोरस''' के बीच एक गहन दार्शनिक बहस को दर्शाया गया है। यह संवाद इस मूल प्रश्न पर केंद्रित है कि क्या '''सद्गुण''' (यूनानी में ''अरेटे'') को पढ़ाया जा सकता है?<ref>[https://www.cambridge.org/core/journals/journal-of-hellenic-studies/article/abs/denyer-nplato-protagoras-cambridge-cambridge-university-press-2008-pp-xiii-207-45-9780521840446-hbk-1799-9780521549691-pbk/F5BE6730B74227D53DFD6B1B3F7F9A5D| Review of (N.) Denyer, "Plato, Protagoras". Cambridge: Cambridge University Press, 2008]</ref> == पृष्ठभूमि और प्रोटागोरस का दावा == संवाद की शुरुआत एथेंस के एक धनी नागरिक कैलियास के घर में होती है, जहाँ कई प्रमुख सोफिस्ट दार्शनिक एकत्र हुए हैं। सुकरात अपने एक युवा मित्र हिप्पोक्रेट्स के साथ वहाँ पहुँचते हैं, जो प्रोटागोरस का शिष्य बनना चाहता है। सुकरात प्रोटागोरस से पूछते हैं कि वह अपने छात्रों को वास्तव में क्या सिखाते हैं। प्रोटागोरस दावा करते हैं कि वह छात्रों को राजनीतिक और नागरिक कला सिखाते हैं-संक्षेप में, वह उन्हें "अच्छा नागरिक" बनना और '''सद्गुण''' सिखाते हैं। सुकरात इस दावे पर संदेह जताते हैं। उनका तर्क है कि तकनीकी कौशल (जैसे जहाज बनाना या वास्तुकला) तो सिखाए जा सकते हैं, लेकिन नैतिक सद्गुण कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे एक शिक्षक से दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित किया जा सके। इसके उत्तर में प्रोटागोरस एक 'महान भाषण' देते हैं, जिसमें वे एक पौराणिक कथा (प्रॉमीथियस की कहानी) के माध्यम से समझाते हैं कि न्याय और सम्मान की भावना सभी मनुष्यों में स्वाभाविक रूप से मौजूद है, लेकिन इसे शिक्षा और समाज के कानूनों द्वारा निखारा जाता है। == सद्गुणों की एकता == सुकरात चर्चा की दिशा बदलते हुए एक नया तार्किक प्रश्न उठाते हैं। प्रोटागोरस मानते हैं कि सद्गुण के कई अलग-अलग हिस्से हैं (जैसे न्याय, ज्ञान, साहस, संयम और पवित्रता), और एक व्यक्ति में एक सद्गुण हो सकता है (जैसे साहस) लेकिन दूसरा नहीं (जैसे न्याय)। सुकरात इसके खिलाफ '''सद्गुणों की एकता''' का सिद्धांत प्रस्तुत करते हैं। वे अपनी विशिष्ट 'द्वंद्वात्मक विधि' का उपयोग करके प्रोटागोरस को यह स्वीकार करने पर मजबूर कर देते हैं कि सभी सद्गुण वास्तव में एक ही चीज़ के अलग-अलग नाम हैं, और वह एक चीज़ है: '''ज्ञान '''। यदि कोई व्यक्ति वास्तव में जानता है कि क्या सही है, तो वह न्यायपूर्ण, साहसी और संयमी दोनों होगा।<ref>{{Cite book|last=Vlastos|first=Gregory|title=Socrates, Ironist and Moral Philosopher|url=https://archive.org/details/socratesironistm0000vlas|publisher=Cornell University Press|year=1991|isbn=978-0801497872|pages=[https://archive.org/details/socratesironistm0000vlas/page/250 250]-255}}</ref> == 'अक्रासिया' का खंडन और सुखवादी गणना == संवाद का सबसे प्रसिद्ध और विवादास्पद हिस्सा '''अक्रासिया''' (इच्छाशक्ति की कमजोरी) का सुकराती खंडन है। आम लोग मानते हैं कि कई बार मनुष्य जानते हुए भी बुरा काम करता है क्योंकि वह भावनाओं या "सुखों के वशीभूत" हो जाता है। सुकरात इसे तार्किक रूप से असंभव मानते हैं। उनका तर्क है कि लोग जिसे "सुखों के वशीभूत होना" कहते हैं, वह वास्तव में केवल '''अज्ञानता''' है। वे एक '''सुखवादी गणना''' का सिद्धांत देते हैं: सभी लोग स्वाभाविक रूप से सुख चाहते हैं और दुख से बचना चाहते हैं। जब कोई व्यक्ति कोई बुरा काम (जैसे अस्वस्थ भोजन खाना) करता है, तो वह इसलिए नहीं करता कि उसकी इच्छाशक्ति कमजोर है, बल्कि इसलिए करता है क्योंकि वह तात्कालिक सुख और भविष्य में होने वाले दीर्घकालिक दुख (बीमारी) को सही ढंग से "मापने" में विफल रहता है। अतः, कोई भी व्यक्ति जानबूझकर बुराई (या दुख) नहीं चुनता। हर पाप या गलती 'माप की कला' में कमी, यानी अज्ञानता का परिणाम है। इससे सुकरात यह सिद्ध करते हैं कि "सद्गुण ही ज्ञान है"। == निष्कर्ष और विडंबना == संवाद एक शानदार विडंबना के साथ समाप्त होता है। सुकरात, जिन्होंने शुरुआत में दावा किया था कि सद्गुण सिखाया नहीं जा सकता, अंत में यह साबित कर देते हैं कि सद्गुण पूरी तरह से 'ज्ञान' है (और ज्ञान को सिखाया जा सकता है)। दूसरी ओर, प्रोटागोरस, जिनका पेशा ही सद्गुण सिखाना था, इस निष्कर्ष का विरोध करते हुए दिखाई देते हैं कि सद्गुण केवल ज्ञान है। यह संवाद किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय दार्शनिक उलझन की स्थिति में समाप्त होता है, जो पाठकों को स्वयं सोचने के लिए प्रेरित करता है।<ref>[http://campus.belmont.edu/philosophy/Book.pdf|Approaching Plato: A Guide to the Early and Middle Dialogues]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.gutenberg.org/ebooks/1591 प्रोजेक्ट गुटेनबर्ग पर ''प्रोटागोरस''] [[श्रेणी:दार्शनिक साहित्य]] n6b7b9jdfk6ooif04e1wihj5jdjv6n0 नॉर्डिस्क फ़ैमिलजेबोक 0 1615218 6582822 6575178 2026-07-15T08:25:39Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582822 wikitext text/x-wiki {{Infobox book | name = नूर्नबर्ग क्रॉनिकल | image = [[File:Bokrygg för uggleupplagan.jpg|thumb]] | author = हार्टमैन शेडेल | language = लैटिन और जर्मन | country = पवित्र रोमन साम्राज्य (नूर्नबर्ग, जर्मनी) | subject = विश्व इतिहास, भूगोल, धर्मशास्त्र | genre = विश्व क्रॉनिकल | publisher = एंटोन कोबर्गर | media_type = प्रिंट (इन्कुनाबुला) | pages = 336 पृष्ठ (लगभग) }} '''नूर्नबर्ग क्रॉनिकल''' ({{Lang-en|Nuremberg Chronicle}}), जिसे इसके मूल लैटिन संस्करण में ''लिबर क्रॉनिकारम'' और जर्मन में ''डाई शेडेलशे वेल्टक्रॉनिक'' के नाम से जाना जाता है, 1493 ईस्वी में प्रकाशित एक ऐतिहासिक विश्वकोश और कालक्रम है। इसके मुख्य लेखक जर्मन चिकित्सक, मानवतावादी और इतिहासकार '''हार्टमैन शेडेल''' थे। यह पुस्तक प्रारंभिक 'मुद्रण क्रांति' का एक उत्कृष्ट उदाहरण है और इसे 15वीं शताब्दी की सबसे महत्वपूर्ण '''इन्कुनाबुला''' में गिना जाता है।<ref>[https://snl.no/Nordisk_familjebok| "Nordisk familjebok"]</ref> == विश्व इतिहास के सात युग == यह क्रॉनिकल ईसाई धर्मशास्त्र और बाइबिल की मान्यताओं के आधार पर मानव इतिहास को '''सात युगों''' में विभाजित करता है: # '''प्रथम युग:''' ब्रह्मांड के निर्माण से लेकर जलप्रलय तक। # '''द्वितीय युग:''' नोआ से लेकर अब्राहम के जन्म तक। # '''तृतीय युग:''' अब्राहम से लेकर राजा डेविड के शासन तक। # '''चतुर्थ युग:''' राजा डेविड से लेकर यहूदियों के बेबीलोन निर्वासन तक। # '''पंचम युग:''' बेबीलोन निर्वासन से लेकर ईसा मसीह के जन्म तक। # '''षष्ठम युग:''' ईसा मसीह के जन्म से लेकर पुस्तक के प्रकाशन के वर्तमान वर्ष (1493) तक। यह पुस्तक का सबसे बड़ा हिस्सा है। # '''सप्तम युग:''' दुनिया का अंत और 'अंतिम निर्णय' की भविष्यवाणी। == वुडकट चित्रण और कलात्मक महत्व == नूर्नबर्ग क्रॉनिकल अपने पाठ से कहीं अधिक अपने चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। इस पुस्तक में '''1,809 वुडकट''' चित्र शामिल हैं, जो उस समय की किसी भी मुद्रित पुस्तक में सबसे अधिक थे। इन चित्रों को नूर्नबर्ग के प्रमुख कलाकारों, '''माइकल वोल्गेमुट''' और उनके सौतेले बेटे विल्हेम प्लेडेनवुर्फ के स्टूडियो में तैयार किया गया था। यह माना जाता है कि प्रसिद्ध जर्मन कलाकार '''अल्ब्रेक्ट ड्यूरर''', जो उस समय वोल्गेमुट के प्रशिक्षु थे, ने भी कुछ चित्रों के निर्माण में योगदान दिया होगा। इस पुस्तक की एक दिलचस्प विशेषता '''चित्रों का पुन: उपयोग''' है। 1,809 चित्र वास्तव में केवल 645 अलग-अलग लकड़ी के ब्लॉकों से छापे गए थे। उदाहरण के लिए, एक ही 'शहर' के दृश्य वाले वुडकट ब्लॉक का उपयोग विभिन्न पन्नों पर रोम, पेरिस, और यरूशलेम को दर्शाने के लिए किया गया। इसी तरह, एक ही 'राजा' के चित्र को कई अलग-अलग ऐतिहासिक राजाओं के लिए इस्तेमाल किया गया था।<ref>{{Cite book|last=Landau|first=David|last2=Parshall|first2=Peter|title=The Renaissance Print: 1470-1550|url=https://archive.org/details/renaissanceprint0000drda|publisher=Yale University Press|year=1994|isbn=978-0300068832|pages=[https://archive.org/details/renaissanceprint0000drda/page/35 35]-42}}</ref> == मुद्रण और प्रकाशन == इस विशाल परियोजना के प्रकाशक '''एंटोन कोबर्गर''' थे, जो नूर्नबर्ग के सबसे सफल मुद्रक और अल्ब्रेक्ट ड्यूरर के गॉडफादर थे। कोबर्गर का प्रिंटिंग प्रेस यूरोप के सबसे बड़े प्रेसों में से एक था, जिसमें 24 प्रिंटिंग मशीनें और 100 से अधिक कर्मचारी एक साथ काम करते थे। पुस्तक को पहले लैटिन भाषा में प्रकाशित किया गया, जिसे पूरे यूरोप के विद्वानों और पादरियों के लिए लक्षित किया गया था। कुछ महीनों बाद, जॉर्ज ऑल्ट द्वारा अनुवादित इसका जर्मन संस्करण भी प्रकाशित किया गया, ताकि आम व्यापारी वर्ग भी इसे पढ़ सके।<ref>{{Cite book|last=Green|first=Jonathan|title=The Nuremberg Chronicle and its Readers: The Reception of Hartmann Schedel's Liber chronicarum|publisher=University of Michigan|year=2004|isbn=978-0590000000|pages=150-158}}</ref> नूर्नबर्ग क्रॉनिकल अपने समय के ज्ञान, भूगोल, और धर्मशास्त्र का एक विश्वकोश है। इसके कई पृष्ठों पर समकालीन शहरों (जैसे वेनिस, फ्लोरेंस और नूर्नबर्ग) के सबसे पहले प्रामाणिक और यथार्थवादी दृश्य मिलते हैं। यह पुस्तक इस बात का प्रमाण है कि 15वीं शताब्दी के अंत में मुद्रण प्रेस ने किस प्रकार ज्ञान के प्रसार और संरक्षण में एक क्रांतिकारी भूमिका निभाई थी। आज, इसकी मूल प्रतियां दुनिया भर के संग्रहालयों और दुर्लभ पुस्तक संग्रहों में अत्यधिक मूल्यवान मानी जाती हैं।<ref>{{Cite book|last=Eisenstein|first=Elizabeth L.|title=The Printing Press as an Agent of Change|url=https://archive.org/details/printingpressasa001-2eise_l3z7|publisher=Cambridge University Press|year=1980|isbn=978-0521299558|pages=[https://archive.org/details/printingpressasa001-2eise_l3z7/page/45 45]-50}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://cudl.lib.cam.ac.uk/collections/nuremberg/1 कैम्ब्रिज डिजिटल लाइब्रेरी - नूर्नबर्ग क्रॉनिकल (उच्च-रिज़ॉल्यूशन स्कैन)] [[श्रेणी:इतिहास की पुस्तकें]] 42i8r4sqpcvhvnvk9e14h9fmsgqnsr9 रॉयल फ्रैंकिश एनल्स 0 1615220 6582885 6575181 2026-07-15T10:46:49Z InternetArchiveBot 500600 Adding 3 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582885 wikitext text/x-wiki {{Infobox book | name = रॉयल फ्रैंकिश एनल्स | image = Annales regni Francorum, entry for 814.jpg | author = विभिन्न कैरोलिंगियन दरबारी विद्वान | language = लैटिन | country = फ्रैंकिश साम्राज्य | subject = इतिहास, क्रॉनिकल, कैरोलिंगियन राजवंश | genre = एनल्स (वर्षवृत्तांत) | media_type = चर्मपत्र }} '''रॉयल फ्रैंकिश एनल्स''' ({{Lang-en|Royal Frankish Annals}}, {{Lang-la|Annales regni Francorum}}) 8वीं और 9वीं शताब्दी के दौरान लैटिन भाषा में लिखे गए वर्षवृत्तांतों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण संग्रह है। यह क्रॉनिकल 741 ईस्वी (चार्ल्स मार्टेल की मृत्यु) से लेकर 829 ईस्वी (लुई द पायस के शासनकाल) तक फ्रैंकिश साम्राज्य के इतिहास का वर्णन करता है। यह '''शार्लेमेन''' और प्रारंभिक 'कैरोलिंगियन साम्राज्य' के राजनीतिक और सैन्य इतिहास को समझने के लिए आधुनिक इतिहासकारों के पास मौजूद सबसे प्रमुख '''प्राथमिक स्रोत''' है।<ref>{{Cite book|last=Scholz|first=Bernhard Walter|last2=Rogers|first2=Barbara|title=Carolingian Chronicles: Royal Frankish Annals and Nithard's Histories|url=https://archive.org/details/carolingianchron0000scho_j6w2|publisher=University of Michigan Press|year=1970|isbn=978-0472061860|pages=[https://archive.org/details/carolingianchron0000scho_j6w2/page/2 2]-8}}</ref><ref>[https://books.google.co.in/books?id=wzMqAQAAMAAJ&redir_esc=y| Charlemagne: Translated Sources]</ref> == लेखक और संकलन == 'रॉयल फ्रैंकिश एनल्स' किसी एक लेखक की रचना नहीं है। इतिहासकारों का मानना है कि इसे कैरोलिंगियन राजदरबार से जुड़े विभिन्न पादरियों और विद्वानों द्वारा समय-समय पर संकलित किया गया था। चूँकि इसे सीधे शाही संरक्षण में लिखा गया था, इसलिए इसके लेखकों की पहचान को जानबूझकर गुमनाम रखा गया। कालांतर में, इन एनल्स का एक संशोधित संस्करण भी तैयार किया गया था, जिसे इसकी उन्नत लैटिन शैली के कारण अक्सर शार्लेमेन के प्रसिद्ध दरबारी विद्वान और जीवनी लेखक '''आइनहार्ड''' से जोड़ा जाता है। हालाँकि, आधुनिक विद्वान अब इस बात पर एकमत हैं कि आइनहार्ड इसके एकमात्र लेखक या संशोधक नहीं थे।<ref>{{Cite book|last=McKitterick|first=Rosamond|title=Charlemagne: The Formation of a European Identity|publisher=Cambridge University Press|year=2008|isbn=978-0521886727|pages=34-38}}</ref><ref>[https://books.google.co.in/books?id=5LBh1dSykHYC&pg=PR3&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false| Annales regni Francorum inde ab a. 741 usque ad a. 829 qui dicuntur Annales Laurissenses maiores et Einhardi]</ref> यह ग्रंथ कालानुक्रमिक रूप में लिखा गया है, जहाँ प्रत्येक वर्ष के लिए एक प्रविष्टि दी गई है। इसकी विषय-वस्तु मुख्य रूप से निम्नलिखित घटनाओं पर केंद्रित है: # '''सैन्य अभियान:''' शार्लेमेन द्वारा सैक्सन, अवार, और लोम्बार्ड्स के खिलाफ लड़े गए सफल युद्धों का विस्तृत विवरण। # '''राजनयिक संबंध:''' बाइजेंटाइन साम्राज्य, पोप, और अब्बासिद खलीफा हारून अल-रशीद के साथ फ्रैंकिश साम्राज्य के कूटनीतिक पत्राचार और उपहारों का आदान-प्रदान। # '''धार्मिक आयोजन:''' चर्च की परिषदों, मठों की स्थापना और कैरोलिंगियन पुनर्जागरण के दौरान धार्मिक सुधार।<ref>{{Cite book|last=Nelson|first=Janet L.|title=King and Emperor: A New Life of Charlemagne|url=https://archive.org/details/kingemperornewli0000nels|publisher=Allen Lane|year=2019|isbn=978-0713992434|pages=[https://archive.org/details/kingemperornewli0000nels/page/112 112]-118}}</ref> [[File:Zerstörung der Irminsaule durch Karl den Großen by Heinrich Leutemann.jpg|thumb]] == राज्य प्रोपगैंडा और पूर्वाग्रह == यद्यपि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्रोत है, लेकिन आधुनिक इतिहासकार 'रॉयल फ्रैंकिश एनल्स' को तटस्थ इतिहास नहीं मानते हैं। इसे विशुद्ध रूप से कैरोलिंगियन '''राज्य प्रोपगैंडा''' के रूप में देखा जाता है। * '''हार को छिपाना:''' इस क्रॉनिकल का मुख्य उद्देश्य शार्लेमेन और उसके वंशजों को अजेय और ईश्वर द्वारा चुने गए शासकों के रूप में प्रस्तुत करना था। इसलिए, इसमें फ्रैंकिश सेनाओं की हार या संकटों को अक्सर पूरी तरह से हटा दिया गया है या उन्हें बहुत ही मामूली रूप में दिखाया गया है (जैसे 778 ईस्वी में स्पेन में 'रोन्सेवॉक्स दर्रे' पर फ्रैंकिश सेना की विनाशकारी हार का एनल्स के मूल संस्करण में कोई उल्लेख नहीं है)। * '''वैधता:''' यह ग्रंथ मेरोविंगियन राजवंश को हटाकर कैरोलिंगियन राजवंश की स्थापना को पूरी तरह से वैध और न्यायसंगत ठहराता है।<ref>{{Cite book|last=Story|first=Joanna|title=Charlemagne: Empire and Society|url=https://archive.org/details/charlemagneempir0000unse|publisher=Manchester University Press|year=2005|isbn=978-0719070891|pages=[https://archive.org/details/charlemagneempir0000unse/page/65 65]-72}}</ref> अपनी तमाम खामियों और पूर्वाग्रहों के बावजूद, 'रॉयल फ्रैंकिश एनल्स' 8वीं और 9वीं सदी के यूरोप का अध्ययन करने के लिए एक अपरिहार्य दस्तावेज़ है। यह उस युग की भाषा, राजनीतिक विचारधारा और शाही प्रशासन के काम करने के तरीके की एक अनूठी झलक प्रस्तुत करता है।<ref>{{Cite book|last=Collins|first=Roger|title=Early Medieval Europe, 300-1000|publisher=Palgrave Macmillan|year=2010|isbn=978-0230006737|pages=280-285}}</ref><ref>[https://books.google.co.in/books?id=t_ZCCwAAQBAJ&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false| "The Origin of the Royal Frankish Annalist's Information about the Serbs in Dalmatia"]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://archive.org/details/carolingianchron0000scho इंटरनेट आर्काइव - कैरोलिंगियन क्रॉनिकल्स] [[श्रेणी:इतिहास की पुस्तकें]] [[श्रेणी:लैटिन साहित्य]] 3eyqmeiyddhisd111hz47ctkrcd8n0f बीइंग एंड नथिंगनेस 0 1615323 6582784 6575715 2026-07-15T06:47:02Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582784 wikitext text/x-wiki {{Infobox book | name = बीइंग एंड नथिंगनेस (अस्तित्व और शून्यता) | image = | author = ज्यां-पॉल सार्त्र | language = फ्रांसीसी | country = फ्रांस | subject = अस्तित्ववाद, सत्तामीमांसा, घटनाक्रियाविज्ञान | genre = दार्शनिक ग्रंथ | publisher = गैलीमार्ड | pages = 722 (मूल संस्करण) }} '''बीइंग एंड नथिंगनेस: एन एस्से ऑन फेनोमेनोलॉजिकल ओन्टोलॉजी''' ({{Lang-en|Being and Nothingness}}, {{Lang-fr|L'Être et le néant}}) फ्रांसीसी दार्शनिक '''ज्यां-पॉल सार्त्र''' द्वारा 1943 में लिखित एक विशाल और जटिल दार्शनिक ग्रंथ है। यह पुस्तक आधुनिक '''अस्तित्ववाद''' का आधारभूत स्तंभ मानी जाती है। एडमंड हुसेर्ल और मार्टिन हाइडेगर के 'घटनाक्रियाविज्ञान' से प्रभावित होकर, सार्त्र ने इस पुस्तक में मानव चेतना, स्वतंत्र इच्छा, और भौतिक दुनिया के बीच के संबंधों की एक गहरी और मौलिक व्याख्या प्रस्तुत की है। सार्त्र के दर्शन का मूल आधार वास्तविकता को दो अलग-अलग प्रकार के 'अस्तित्व' में विभाजित करना है: * '''स्वयं-में-अस्तित्व:''' यह निर्जीव वस्तुओं और अचेतन भौतिक दुनिया का अस्तित्व है। एक पत्थर, एक मेज, या एक पेड़ 'स्वयं-में-अस्तित्व' हैं। वे पूर्ण, ठोस, और अचल हैं। वे केवल 'हैं'—उनमें कोई चेतना, कोई शून्यता या आत्म-बोध नहीं होता। * '''स्वयं-के-लिए-अस्तित्व:''' यह मानव चेतना है। चेतना कोई ठोस वस्तु नहीं है; सार्त्र के अनुसार, यह एक "शून्यता" है। चूँकि चेतना हमेशा किसी न किसी चीज़ के *बारे* में होती है, इसलिए वह स्वयं में कुछ भी नहीं है। यह 'अपूर्णता' और 'कमी' ही मनुष्य को निरंतर भविष्य की ओर धकेलती है और उसे अपने लिए नए अर्थ गढ़ने की स्वतंत्रता देती है।<ref>{{Cite book|last=Catalano|first=Joseph S.|title=A Commentary on Jean-Paul Sartre's Being and Nothingness|url=https://archive.org/details/commentaryonjean00cata|publisher=University of Chicago Press|year=1980|isbn=978-0226096995|pages=[https://archive.org/details/commentaryonjean00cata/page/78 78]-85}}</ref> == पूर्ण स्वतंत्रता और संताप == सार्त्र का सबसे प्रसिद्ध सूत्र है: '''"अस्तित्व सार से पहले आता है"'''। इसका अर्थ है कि मनुष्य किसी पूर्व-निर्धारित उद्देश्य के बिना दुनिया में जन्म लेता है। वह जो भी बनता है, वह अपने स्वतंत्र विकल्पों और कार्यों के माध्यम से स्वयं को गढ़ता है। सार्त्र तर्क देते हैं कि मनुष्य "स्वतंत्र होने के लिए अभिशप्त है"। यह असीमित स्वतंत्रता एक भारी मनोवैज्ञानिक बोझ पैदा करती है, जिसे सार्त्र '''संताप''' कहते हैं। यह संताप यह महसूस करने से पैदा होता है कि हमारे कार्यों को निर्देशित करने के लिए कोई ईश्वर, कोई नियति या कोई पूर्व-निर्धारित नैतिकता मौजूद नहीं है; हम पूरी तरह से अपने विकल्पों के लिए उत्तरदायी हैं।<ref>{{Cite book|last=Flynn|first=Thomas R.|title=Sartre and Marxist Existentialism: The Test Case of Collective Responsibility|url=https://archive.org/details/sartremarxistexi0000flyn|publisher=University of Chicago Press|year=1984|isbn=978-0226254661|pages=[https://archive.org/details/sartremarxistexi0000flyn/page/30 30]-38}}</ref> स्वतंत्रता के इस भारी 'संताप' से बचने के लिए मनुष्य अक्सर आत्म-प्रवंचना या आत्म-धोखे का सहारा लेता है, जिसे सार्त्र '''बुरा विश्वास''' कहते हैं। * जब कोई व्यक्ति अपनी स्वतंत्रता से इनकार करता है और यह बहाना बनाता है कि उसके पास कोई विकल्प नहीं था, या जब वह स्वयं को केवल एक भूमिका तक सीमित कर लेता है। * सार्त्र एक '''कैफे वेटर''' का प्रसिद्ध उदाहरण देते हैं, जो एक वेटर की तरह चलने, झुकने और बात करने का अत्यधिक अभिनय करता है। वह व्यक्ति खुद को एक वस्तु में बदलने की कोशिश कर रहा है ताकि उसे अपनी वास्तविक मानव स्वतंत्रता का सामना न करना पड़े।<ref>{{Cite book|last=Webber|first=Jonathan|title=The Existentialism of Jean-Paul Sartre|publisher=Routledge|year=2009|isbn=978-0415431521|pages=50-60}}</ref> पुस्तक का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा दूसरों के साथ हमारे संबंधों पर केंद्रित है। सार्त्र '''"दूसरा"''' और '''"दृष्टि"''' की अवधारणा प्रस्तुत करते हैं। जब हम अकेले होते हैं, तो हम अपनी दुनिया के केंद्र होते हैं (पूर्ण विषय)। लेकिन जैसे ही कोई 'दूसरा' व्यक्ति हमें देखता है, उसकी दृष्टि हमें एक 'वस्तु' में बदल देती है। अचानक हम खुद को दूसरों की नज़र से आंकने लगते हैं और शर्म या अपराधबोध महसूस करते हैं। यह अहसास कि दूसरे की उपस्थिति हमारी स्वतंत्रता को सीमित करती है, सार्त्र के इस विचार का आधार है कि "नर्क दूसरे लोग हैं"। == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://archive.org/details/beingnothingness00sart इंटरनेट आर्काइव पर 'बीइंग एंड नथिंगनेस'] [[श्रेणी:अस्तित्ववाद]] [[श्रेणी:सत्तामीमांसा]] qsu0mio3vm8emnxnce09nzxkyp2r7d6 ओ फॉर्चूना 0 1615325 6582833 6575717 2026-07-15T08:52:49Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582833 wikitext text/x-wiki {{Infobox poem | name = ओ फॉर्चूना | image = [[File:CarminaBurana wheel.jpg|thumb]] | author = अज्ञात 'गोलियार्ड' | language = मध्यकालीन लैटिन | date = 13वीं शताब्दी (मूल कविता), 1936 (कार्ल ओर्फ का संगीत) | country = बवेरिया (जर्मनी) | subject = भाग्य की अस्थिरता, दुख, मानव जीवन | form = गॉलिएर्डिक कविता | collection = [[कार्मिना बुराना]] }} '''ओ फॉर्चूना''' ({{Lang-la|O Fortuna}}) एक 13वीं शताब्दी की मध्ययुगीन लैटिन कविता है। यह कविता उन 254 कविताओं और गीतों के संग्रह का हिस्सा है जिन्हें '''कार्मिना बुराना''' कहा जाता है। यद्यपि मूल कविता अपने आप में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज़ है, लेकिन आज यह कविता जर्मन संगीतकार '''कार्ल ओर्फ''' द्वारा 1936 में इसी नाम से बनाए गए शानदार और शक्तिशाली 'कैंटाटा' के शुरुआती और अंतिम कोरस के रूप में विश्वविख्यात है।<ref>{{Cite book|last=Walsh|first=P. G.|title=Love Lyrics from the Carmina Burana|url=https://archive.org/details/lovelyricsfromca0000pgwa|publisher=University of North Carolina Press|year=1993|isbn=978-0807844007|pages=[https://archive.org/details/lovelyricsfromca0000pgwa/page/15 15]-22}}</ref><ref>[entertainment/8432499.stm| "Most played classical music of the past 75 years"]</ref><ref>[http://www.classical.net/music/comp.lst/works/orff-cb/carmlyr.php#track1/| "Carmina Burana – O Fortuna"]</ref> == उत्पत्ति और 'कोडेक्स बुरानस' == इस कविता की मूल पांडुलिपि, जिसे '''कोडेक्स बुरानस''' कहा जाता है, 1803 में जर्मनी के बवेरिया में बेनेडिक्टब्यूर्न मठ के पुस्तकालय में खोजी गई थी। माना जाता है कि इन कविताओं को 13वीं शताब्दी की शुरुआत में '''गोलियार्ड''' द्वारा लिखा गया था। गोलियार्ड वे विद्रोही मौलवी, छात्र और आवारा विद्वान थे जो पूरे यूरोप में घूमते थे और चर्च के भ्रष्टाचार, शराब, प्रेम और भाग्य की अनिश्चितता पर व्यंग्यात्मक और धर्मनिरपेक्ष कविताएँ लिखते थे। मूल पांडुलिपि में कुछ गीतों के ऊपर '''नियूम''' (प्राचीन सांगीतिक संकेतन) उकेरे गए थे, जो यह दर्शाते हैं कि इन कविताओं को मूल रूप से गाया जाता था। "ओ फॉर्चूना" की पूरी विषय-वस्तु रोम की प्राचीन भाग्य की देवी, 'फॉर्चूना', और उनके '''रोटा फॉर्चूने''' (भाग्य का पहिया) की क्रूर और अप्रत्याशित प्रकृति के इर्द-गिर्द घूमती है। कविता की शुरुआत भाग्य के प्रति एक दर्दनाक शिकायत से होती है: "'' (हे भाग्य, चंद्रमा की तरह, तुम हमेशा परिवर्तनशील हो...) कवि विलाप करता है कि मानव जीवन भाग्य के पहिये से बंधा हुआ है। पहिया घूमता है तो राजा भिखारी बन जाता है, और भिखारी राजा। यह कविता दर्शाती है कि स्वास्थ्य, शक्ति और धन क्षणभंगुर हैं, और भाग्य बिना किसी तर्क या न्याय के किसी को भी नष्ट कर सकता है। पांडुलिपि के पहले पृष्ठ पर ही भाग्य के इस पहिये का एक प्रसिद्ध चित्र बना हुआ है।<ref>{{Cite journal|last=Sammons|first=Jeffrey L.|title=The Wheel of Fortune in the Carmina Burana|journal=Medieval Studies|volume=32|year=1970|pages=112-120}}</ref><ref>[https://www.npr.org/2006/11/11/6470188/love-lust-and-drinking-stir-carmina| "Love, Lust and Drinking Stir 'Carmina'"]</ref> 1934 में, जर्मन संगीतकार कार्ल ओर्फ को 'कार्मिना बुराना' का एक मुद्रित संस्करण मिला। वे इसकी लयबद्ध भाषा और शक्ति से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने 24 कविताओं को चुना और उन्हें पूर्ण ऑर्केस्ट्रा और एक विशाल कोरस के लिए संगीतबद्ध किया। ओर्फ का "ओ फॉर्चूना" संगीत की दुनिया में एक उत्कृष्ट कृति है। यह बहुत ही धीमी, भारी और डरावनी ड्रम बीट और कोरस के साथ शुरू होता है, जो भाग्य की अपरिहार्य शक्ति को दर्शाता है। फिर यह फुसफुसाहट में बदल जाता है, और अंततः एक विस्फोटक और नाटकीय चरमोत्कर्ष पर समाप्त होता है। ओर्फ का यह कार्य 1937 में फ्रैंकफर्ट में पहली बार प्रदर्शित हुआ और तुरंत ही एक ऐतिहासिक सफलता बन गया।<ref>{{Cite book|last=Kater|first=Michael H.|title=Composers of the Nazi Era: Eight Portraits|url=https://archive.org/details/composersofnazie0000kate_x2u3|publisher=Oxford University Press|year=2000|isbn=978-0195152869|pages=[https://archive.org/details/composersofnazie0000kate_x2u3/page/120 120]-135}}</ref> == आधुनिक संस्कृति में प्रभाव == 20वीं और 21वीं सदी में, कार्ल ओर्फ का "ओ फॉर्चूना" पश्चिमी शास्त्रीय संगीत का सबसे अधिक रिकॉर्ड किया गया और पहचाना जाने वाला टुकड़ा बन गया है। अपनी नाटकीय और महाकाव्य ध्वनि के कारण, इसे अक्सर फिल्मों (''एक्सकैलिबर'', ''द ओमेन''), टेलीविजन विज्ञापनों, वीडियो गेम, और खेल आयोजनों में "बॉस बैटल" या किसी विनाशकारी घटना के आगमन को दर्शाने के लिए भारी रूप से उपयोग किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.co.uk/music/articles/a77a94f0-410a-4fa5-b2fb-3d92003cbaeb|title=The story of Carl Orff's Carmina Burana|publisher=BBC Music}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://la.wikisource.org/wiki/Carmina_Burana विकिस्रोत (लैटिन) पर 'कार्मिना बुराना' के मूल पाठ] [[श्रेणी:मध्यकालीन साहित्य]] [[श्रेणी:शास्त्रीय संगीत]] 2qn7rz23e22hb7cs6yvedazz2dlqx3v डेर जुडेनस्टेट 0 1615327 6582798 6575720 2026-07-15T07:21:22Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582798 wikitext text/x-wiki {{Infobox book | name = डेर जुडेनस्टेट (यहूदी राज्य) | image = DE Herzl Judenstaat 01.jpg | image_size = 200px | author = थियोडोर हर्ज़ल | language = जर्मन | country = ऑस्ट्रिया-हंगरी | subject = ज़ायोनीवाद, यहूदी राष्ट्रवाद, राजनीतिक दर्शन | genre = राजनीतिक घोषणापत्र | publisher = एम. ब्राइटेनस्टीन पब्लिशिंग | pages = 86 पृष्ठ (मूल जर्मन संस्करण) }} '''डेर जुडेनस्टेट''' ({{Lang-de|Der Judenstaat}}, हिंदी अर्थ: '''यहूदी राज्य''') ऑस्ट्रो-हंगेरियन यहूदी पत्रकार और दूरदर्शी '''थियोडोर हर्ज़ल''' द्वारा 1896 में प्रकाशित एक युगांतरकारी राजनीतिक घोषणापत्र है। इसका उपशीर्षक ''"यहूदी प्रश्न के आधुनिक समाधान का एक प्रयास"'' था। इस छोटी सी पुस्तिका को आधुनिक '''ज़ायोनीवाद''' का संस्थापक ग्रंथ माना जाता है। हर्ज़ल ने इसमें तर्क दिया कि यूरोप में यहूदियों के खिलाफ भेदभाव को समाप्त करने का एकमात्र तरीका एक स्वतंत्र, संप्रभु यहूदी राज्य की स्थापना करना है।<ref>{{Cite book|last=Laqueur|first=Walter|title=A History of Zionism: From the French Revolution to the Establishment of the State of Israel|url=https://archive.org/details/historyofzionism0000laqu_w6c7|publisher=Schocken Books|year=2003|isbn=978-0805211498|pages=[https://archive.org/details/historyofzionism0000laqu_w6c7/page/85 85]-96}}</ref><ref>[https://books.google.co.in/books?id=3f4RFWkMeWoC&pg=PA40&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false| "Biography, by Alex Bein"]</ref><ref>[https://books.google.co.in/books?id=zJRYTKXkpTYC&q=more+than+any+other+individual+herzl+changed+the+course+of+modern&pg=PA86&redir_esc=y#v=snippet&q=more%20than%20any%20other%20individual%20herzl%20changed%20the%20course%20of%20modern&f=false| Great Jewish Thinkers: Their Lives and Work]</ref> == पृष्ठभूमि और 'ड्रेफस मामला' == थियोडोर हर्ज़ल एक धर्मनिरपेक्ष और पूरी तरह से यूरोपीय समाज में घुल-मिल चुके यहूदी थे। शुरुआत में उनका मानना था कि शिक्षा और एकीकरण से यूरोप में यहूदी-विरोध समाप्त हो जाएगा। हालांकि, 1894 में जब वे पेरिस में पत्रकार के रूप में काम कर रहे थे, तब उन्होंने प्रसिद्ध '''ड्रेफस मामले''' को कवर किया। अल्फ्रेड ड्रेफस नामक एक निर्दोष यहूदी फ्रांसीसी सैन्य अधिकारी पर देशद्रोह का झूठा आरोप लगाया गया था, जिसके बाद पेरिस की सड़कों पर "यहूदियों को मार डालो" के नारे लगे। इस घटना ने हर्ज़ल को झकझोर दिया और उन्हें यह एहसास कराया कि '''समावेशन''' काम नहीं कर रहा है। चाहे यहूदी समाज में कितने भी वफादार और एकीकृत क्यों न हो जाएं, संकट के समय उन्हें हमेशा विदेशी ही माना जाएगा। 'डेर जुडेनस्टेट' का मूल तर्क यह है कि '''"यहूदी प्रश्न"''' न तो कोई धार्मिक मुद्दा है और न ही सामाजिक। हर्ज़ल ने इसे विशुद्ध रूप से एक '''राष्ट्रीय प्रश्न''' घोषित किया। उन्होंने लिखा, "हम एक राष्ट्र हैं-एक राष्ट्र।"। हर्ज़ल का तर्क था कि दुनिया भर में यहूदी एक अलग राष्ट्र का निर्माण करते हैं, लेकिन क्योंकि उनके पास अपना कोई भौगोलिक क्षेत्र या राजनीतिक संप्रभुता नहीं है, इसलिए वे हर जगह उत्पीड़न का शिकार होते हैं। इसका एकमात्र तार्किक समाधान यहूदियों का एक जगह पलायन और एक स्वतंत्र राज्य का निर्माण है।<ref>{{Cite book|last=Hertzberg|first=Arthur|title=The Zionist Idea: A Historical Analysis and Reader|publisher=Jewish Publication Society|year=1997|isbn=978-0827606227|pages=204-212}}</ref> हर्ज़ल केवल सिद्धांतकार नहीं थे; उन्होंने 'डेर जुडेनस्टेट' में राज्य निर्माण की एक व्यावहारिक रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उन्होंने दो मुख्य एजेंसियों की स्थापना का प्रस्ताव रखा: # '''सोसाइटी ऑफ ज्यूस:''' यह एक राजनीतिक और कूटनीतिक संस्था होगी, जो दुनिया की महान शक्तियों (जैसे ओटोमन साम्राज्य या ब्रिटिश साम्राज्य) के साथ बातचीत करके यहूदी राज्य के लिए कानूनी मान्यता और अधिकार प्राप्त करेगी। # '''ज्यूिश कंपनी:''' यह एक वित्तीय और आर्थिक संस्था होगी, जो यूरोप से यहूदियों के पलायन का प्रबंधन करेगी और नए राज्य में बुनियादी ढांचे, व्यापार और आवास के निर्माण के लिए रसद की व्यवस्था करेगी। '''स्थान का प्रश्न:''' पुस्तक में हर्ज़ल ने नए राज्य के लिए दो संभावित स्थानों पर विचार किया-'''अर्जेंटीना''' (इसकी विशाल, उपजाऊ और कम आबादी वाली भूमि के कारण) और '''फिलिस्तीन''' (यहूदियों की ऐतिहासिक और धार्मिक मातृभूमि)। अंततः, यहूदी जनता के गहरे भावनात्मक जुड़ाव के कारण फिलिस्तीन को चुना गया।<ref>{{Cite book|last=Vital|first=David|title=The Origins of Zionism|url=https://archive.org/details/unset0000unse_b2t0|publisher=Oxford University Press|year=1975|isbn=978-0198271949|pages=[https://archive.org/details/unset0000unse_b2t0/page/235 235]-245}}</ref> == ऐतिहासिक प्रभाव == 'डेर जुडेनस्टेट' के प्रकाशन ने यूरोपीय यहूदियों के बीच एक भूचाल ला दिया। जहाँ कई रूढ़िवादी रब्बियों और धनी यहूदियों ने इसका विरोध किया, वहीं पूर्वी यूरोप के उत्पीड़ित यहूदियों ने हर्ज़ल को एक मसीहा के रूप में देखा। इस पुस्तक के प्रकाशन के एक साल बाद ही, अगस्त 1897 में स्विट्जरलैंड के बेसल में '''प्रथम ज़ायोनी कांग्रेस''' का आयोजन हुआ। हर्ज़ल ने अपनी डायरी में लिखा, "बेसल में, मैंने यहूदी राज्य की स्थापना की। यदि मैं आज यह कहूं, तो दुनिया हँसेगी; लेकिन पचास वर्षों में निश्चित रूप से, हर कोई इसे देखेगा।" उनकी यह भविष्यवाणी उल्लेखनीय रूप से सटीक साबित हुई, और 1948 में '''इज़राइल राज्य''' का उदय हुआ।<ref>{{Cite book|last=Kornberg|first=Jacques|title=Theodor Herzl: From Assimilation to Zionism|publisher=Indiana University Press|year=1993|isbn=978-0253332035|pages=160-175}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.gutenberg.org/ebooks/25282 प्रोजेक्ट गुटेनबर्ग पर ''द ज्यूिश स्टेट''] [[श्रेणी:इज़राइल का इतिहास]] jyteq1brpr1e0qvw9tew2khbgag2qsu कट्यूशा रॉकेट लॉन्चर 0 1615329 6582796 6575728 2026-07-15T07:19:05Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582796 wikitext text/x-wiki {{Infobox weapon | name = कट्यूशा रॉकेट लॉन्चर | image = [[File:RIAN archive 303890 A battery of Katyusha during the 1941-1945 Great Patriotic War.jpg|thumb]] | origin = सोवियत संघ | type = मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर | in_service = 1939 – वर्तमान (विभिन्न आधुनिक रूपों में) | wars = द्वितीय विश्व युद्ध, कोरियाई युद्ध, वियतनाम युद्ध | designer = लाल सेना अनुसंधान संस्थान | variants = बीएम-8 (82 मिमी), बीएम-13 (132 मिमी), बीएम-31 (300 मिमी) | platform = ट्रक, टैंक, ट्रैक्टर }} '''कट्यूशा रॉकेट लॉन्चर''' ({{Lang-en|Katyusha rocket launcher}}, {{Lang-ru|Катюша}}) द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सोवियत संघ द्वारा निर्मित और उपयोग किया जाने वाला एक प्रकार का 'मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर' था। पारंपरिक तोपखाने की तुलना में, कट्यूशा कम सटीक था और इसे रीलोड करने में अधिक समय लगता था, लेकिन यह एक साथ दर्जनों रॉकेट दागकर दुश्मन के मोर्चे पर भारी तबाही मचाने में सक्षम था। यह द्वितीय विश्व युद्ध के सबसे घातक और प्रतिष्ठित हथियारों में से एक बन गया। इस हथियार का आधिकारिक नाम कभी 'कट्यूशा' नहीं था (आधिकारिक नाम बीएम-13 या बीएम-8 थे)। "कट्यूशा" नाम लाल सेना के सैनिकों द्वारा मिखाइल इसाकोवस्की के एक बहुत ही लोकप्रिय युद्धकालीन रूसी गीत 'कट्यूशा' (एक लड़की का नाम जो अपने प्रेमी का युद्ध से लौटने का इंतज़ार कर रही है) के आधार पर रखा गया था। दूसरी ओर, नाज़ी जर्मनी के सैनिकों ने इसके भयानक और गगनभेदी शोर और इसके समानांतर पाइपों (जो चर्च के पाइप ऑर्गन की तरह दिखते थे) के कारण इसे '''"स्टालिन का ऑर्गन"''' नाम दिया था।<ref>{{Cite book|last=Bellamy|first=Chris|title=Absolute War: Soviet Russia in the Second World War|url=https://archive.org/details/absolutewarsovie0000bell|publisher=Pan Macmillan|year=2007|isbn=978-0330488082|pages=[https://archive.org/details/absolutewarsovie0000bell/page/250 250]-255}}</ref><ref>[https://books.google.co.in/books?id=Zq6IDwAAQBAJ&q=K+(for+Voronezh+Komintern+Factory)&pg=PT136&redir_esc=y#v=snippet&q=K%20(for%20Voronezh%20Komintern%20Factory)&f=false| Voices of the Scandinavian Waffen-SS: The Final Testament of Hitler's Vikings]</ref> == विकास और डिज़ाइन == 1930 के दशक के अंत में सोवियत इंजीनियरों द्वारा विकसित, कट्यूशा का डिज़ाइन आश्चर्यजनक रूप से सरल और सस्ता था। * '''लॉन्चर प्रणाली:''' सबसे प्रसिद्ध संस्करण '''बीएम-13 ''' था, जिसमें 132 मिमी के रॉकेट दागे जाते थे। इसकी रेल आमतौर पर एक साधारण ट्रक के पीछे फिट की जाती थीं। युद्ध के दौरान, अमेरिकी 'लेंड-लीज़' कार्यक्रम के तहत प्राप्त '''स्टूडेबेकर यूएस6''' ट्रकों का बड़े पैमाने पर कट्यूशा को माउंट करने के लिए उपयोग किया गया। * '''उत्पादन में आसानी:''' पारंपरिक हॉवित्जर तोपों को बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले स्टील और जटिल मशीनिंग की आवश्यकता होती थी। इसके विपरीत, कट्यूशा लॉन्चर केवल कुछ स्टील की पटरियों को वेल्ड करके बनाया जा सकता था। इसे हल्के कारखानों में भी तेज़ी से और सस्ते में उत्पादित किया जा सकता था।<ref>{{Cite book|last=Glantz|first=David M.|last2=House|first2=Jonathan M.|title=When Titans Clashed: How the Red Army Stopped Hitler|url=https://archive.org/details/whentitansclashe0000glan|publisher=University Press of Kansas|year=2015|isbn=978-0700621217|pages=[https://archive.org/details/whentitansclashe0000glan/page/110 110]-115}}</ref> == युद्ध रणनीति और मनोवैज्ञानिक प्रभाव == कट्यूशा की सबसे बड़ी ताकत इसकी सटीकता नहीं थी, बल्कि इसकी '''"संतृप्ति बमबारी"''' की क्षमता थी। # '''विस्फोटक शक्ति:''' चार बीएम-13 लॉन्चरों की एक बैटरी मात्र 7 से 10 सेकंड के भीतर 64 रॉकेट दाग सकती थी। यह एक विशाल क्षेत्र को पल भर में उच्च-विस्फोटक और छर्रों से पाट देती थी। जब तक दुश्मन समझ पाता कि हमला कहाँ से हो रहा है, कट्यूशा ट्रक अपनी जगह बदलकर सुरक्षित निकल जाते थे (इसे 'शूट-एंड-स्कूट' रणनीति कहा जाता है)। # '''मनोवैज्ञानिक प्रभाव:''' कट्यूशा के रॉकेट जब दागे जाते थे, तो हवा को चीरते हुए एक भयानक चीखती हुई आवाज़ पैदा करते थे। जर्मन सैनिकों के स्मरणपत्रों के अनुसार, इस आवाज़ ने और उसके बाद होने वाले अंधाधुंध विस्फोटों ने जर्मन पैदल सेना के मनोबल पर विनाशकारी प्रभाव डाला था।<ref>{{Cite journal|last=Harrison|first=Richard W.|title=The Russian Way of War: Operational Art, 1904-1940|journal=University Press of Kansas|year=2001|pages=230-238|isbn=978-0700610747}}</ref> कट्यूशा ने द्वितीय विश्व युद्ध में स्टालिनग्राद की लड़ाई से लेकर बर्लिन के पतन तक हर बड़े सोवियत आक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसने आधुनिक तोपखाने की अवधारणा को बदल दिया। आज दुनिया भर की सेनाओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सभी आधुनिक मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम कट्यूशा के ही वैचारिक वंशज हैं।<ref>[https://www.russianspaceweb.com/rnii.html| "History of the Rocket Research Institute, RNII"]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.nationalww2museum.org/ नेशनल WWII म्यूज़ियम - सोवियत तोपखाना] [[श्रेणी:सोवियत संघ]] 5rwmtvz7s55vjvtrtx74r4bzj8bc2ll मोसिन-नागेंट 0 1615337 6582788 6575737 2026-07-15T07:03:04Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582788 wikitext text/x-wiki {{Infobox weapon | name = मोसिन-नागेंट (Mosin-Nagant) | image =[[File:Mosin-remove-bg.png|thumb]] | origin = रूसी साम्राज्य | type = बोल्ट-एक्शन राइफल | in_service = 1891 – वर्तमान | wars = रूस-जापान युद्ध, प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, वियतनाम युद्ध | designer = सर्गेई इवानोविच मोसिन, लियोन नागेंट | number = लगभग 3 करोड़ 70 लाख (37 मिलियन) | cartridge = 7.62×54मिमीआर | action = बोल्ट-एक्शन | effective_range = 500 मीटर (दृष्टि के साथ 800+ मीटर) | feed_system = 5-राउंड आंतरिक बॉक्स मैगज़ीन (स्ट्रिपर क्लिप द्वारा लोड) }} '''मोसिन-नागेंट''' ({{Lang-en|Mosin-Nagant}}, {{Lang-ru|Винтовка Мосина}} - ''विन्तोव्का मोसिना'') एक पांच-शॉट, बोल्ट-एक्शन, आंतरिक मैगज़ीन वाली सैन्य राइफल है। इसे 1891 में रूसी शाही सेना द्वारा अपनाया गया था। यह राइफल 19वीं सदी के अंत से लेकर द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति तक रूस और सोवियत संघ की मानक सर्विस राइफल रही। अपनी विश्वसनीयता, मजबूती और उत्पादन में आसानी के कारण, मोसिन-नागेंट इतिहास में सबसे अधिक उत्पादित राइफलों में से एक है, जिसकी लगभग 3.7 करोड़ (37 मिलियन) से अधिक इकाइयाँ बनाई गई थीं।<ref>{{Cite book|last=Lapin|first=Terence W.|title=The Mosin-Nagant Rifle|url=https://archive.org/details/mosinnagantrifle0000lapi|publisher=North Cape Publications|year=2003|edition=3rd|isbn=978-1882391219|pages=[https://archive.org/details/mosinnagantrifle0000lapi/page/12 12]-25}}</ref><ref>[https://www.shootingtimes.com/editorial/mosin-nagant-three-line-rifle-m1891/372647| "Mosin Nagant 'Three Line' Rifle M1891"]</ref> == विकास और "थ्री-लाइन" नामकरण == 1877-1878 के रुसो-तुर्की युद्ध के दौरान, रूसी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि उनके तुर्की दुश्मनों के पास अधिक उन्नत रिपीटिंग राइफलें थीं। इसके जवाब में, रूसी सैन्य नेतृत्व ने एक नई आधुनिक राइफल विकसित करने का निर्णय लिया। परीक्षणों के दौरान दो मुख्य डिज़ाइन सामने आए: रूसी तोपखाने के कप्तान '''सर्गेई इवानोविच मोसिन''' का डिज़ाइन और बेल्जियम के हथियार डिजाइनर '''लियोन नागेंट''' का डिज़ाइन। अंततः जो राइफल चुनी गई, वह एक समझौता थी; इसमें मोसिन के बोल्ट-एक्शन तंत्र और रिसीवर का उपयोग किया गया था, जबकि मैगज़ीन का फीडिंग सिस्टम नागेंट के डिज़ाइन से लिया गया था। इसे आधिकारिक तौर पर '''3-लाइन राइफल M1891''' नाम दिया गया था। यहाँ "लाइन" माप की एक पुरानी रूसी इकाई थी (1 लाइन = 0.1 इंच)। इसलिए "3-लाइन" का अर्थ 0.30 कैलिबर (यानी 7.62 मिमी) था। == तकनीकी विशेषताएँ और कारतूस == * '''कारतूस:''' मोसिन-नागेंट '''7.62×54mmR''' कारतूस फायर करती है। यहाँ "R" का अर्थ 'रिम' है। यह दुनिया का सबसे पुराना सैन्य कारतूस है जो आज भी नियमित सैन्य उपयोग (जैसे आधुनिक पीकेएम मशीन गन और ड्रैगुनोव स्नाइपर राइफल में) में बना हुआ है। * '''मैगज़ीन और लोडिंग:''' राइफल में 5 गोलियों की एक निश्चित आंतरिक मैगज़ीन होती है, जिसे एक '''स्ट्रिपर क्लिप''' का उपयोग करके ऊपर से एक साथ तेज़ी से लोड किया जा सकता है। * '''मजबूती:''' यह राइफल अपनी सरलता और क्रूर मजबूती के लिए जानी जाती है। इसके बोल्ट तंत्र में बहुत कम चलने वाले पुर्जे हैं, जिससे यह रूसी सर्दियों की अत्यधिक ठंड, कीचड़ और गंदगी में भी बिना जाम हुए काम कर सकती थी।<ref>{{Cite journal|last=Chuck|first=Hawks|title=The Mosin-Nagant Rifle|journal=Guns and Shooting Online|year=2000|url=https://www.chuckhawks.com/mosin-nagant.htm}}</ref> == द्वितीय विश्व युद्ध और स्नाइपर भूमिका == 1930 में इस राइफल का आधुनिकीकरण किया गया और नया संस्करण '''M1891/30''' कहलाया, जो द्वितीय विश्व युद्ध में लाल सेना का मुख्य हथियार बना। हालाँकि यह एक बुनियादी पैदल सेना का हथियार था, लेकिन जब मोसिन-नागेंट पर एक '''पीयू टेलीस्कोपिक साइट''' (PU Scope - 3.5x जूम) लगाया गया, तो यह एक अत्यंत घातक '''स्नाइपर राइफल''' बन गई। सोवियत स्नाइपरों ने स्टालिनग्राद की लड़ाई और पूरे पूर्वी मोर्चे पर इस हथियार से जर्मन सेना में भारी आतंक फैलाया। प्रसिद्ध सोवियत स्नाइपर '''वासिली ज़ैतसेव''' और इतिहास की सबसे घातक महिला स्नाइपर '''ल्युडमिला पावलिचेंको''' ने मोसिन-नागेंट स्नाइपर संस्करण का ही उपयोग किया था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, सोवियत संघ ने मोसिन-नागेंट को अधिक उन्नत SKS (एसकेएस) और अंततः प्रसिद्ध [[एके-47]] असॉल्ट राइफल से बदल दिया। हालाँकि, शीत युद्ध के दौरान इस राइफल को चीन, उत्तर कोरिया और उत्तरी वियतनाम को भारी मात्रा में निर्यात किया गया। आज भी, अपनी विश्वसनीयता और इसके कारतूस की आसान उपलब्धता के कारण, मोसिन-नागेंट दुनिया भर के कई आधुनिक संघर्ष क्षेत्रों में दिखाई देती है।<ref>[https://www.todayifoundout.com/index.php/2010/01/simo-hayha-white-death-sniped-over-542-soviet-soldiers-in-wwii/| "Simo Häyhä, 'White Death', Sniped Over 542 Soviet Soldiers In WWII"]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://7.62x54r.net/ 7.62x54r.net - मोसिन-नागेंट ऐतिहासिक संदर्भ साइट] [[श्रेणी:सोवियत संघ]] 92gqrorzv90fdepop6necpw2og9660w बैटरिंग रैम 0 1615339 6582893 6575740 2026-07-15T11:02:31Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582893 wikitext text/x-wiki {{Infobox weapon | name = बैटरिंग रैम | image = [[File:Medieval battering ram.JPG|thumb]] | origin = प्राचीन निकट पूर्व | type = घेराबंदी का हथियार | in_service = लगभग 25वीं सदी ईसा पूर्व – 17वीं सदी | wars = असीरियन घेराबंदी, रोम-यहूदी युद्ध, मध्यकालीन घेराबंदी (जैसे क्रूसेड्स) | components = भारी लकड़ी का लट्ठा, धातु का सिरा, निलंबन प्रणाली | related_weapons = घेराबंदी मीनार, कैटापोल्ट }} '''बैटरिंग रैम''' ({{Lang-en|Battering ram}}) घेराबंदी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे पुराना और सरल हथियार है, जिसे मुख्य रूप से किसी किले के द्वार, दीवार या अन्य किलाबंदी को तोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह एक विशाल, भारी और मजबूत लकड़ी के लट्ठे से बना होता है, जिसके सिरे पर अक्सर धातु का एक नुकीला या कठोर सिर लगा होता है। गतिज ऊर्जा का उपयोग करके, यह लट्ठा किले की संरचना पर बार-बार वार करता है, जिससे अंततः दीवार या द्वार ढह जाता है।<ref>{{Cite book|last=Nicolle|first=David|title=Medieval Siege Weapons (1): Western Europe AD 585-1385|publisher=Osprey Publishing|year=2002|isbn=978-1841763620|pages=15-22}}</ref><ref>[https://worldwide.espacenet.com/publicationDetails/biblio?CC=US&NR=2009199613&KC=&FT=E&locale=en_EP| "Siege warfare in ancient Egypt"]</ref> == विकास और इतिहास == बैटरिंग रैम का उपयोग हजारों वर्षों से किया जा रहा है। * '''प्राचीन असीरियन साम्राज्य:''' 25वीं सदी ईसा पूर्व के आसपास, असीरियाई सेना ने इसका बड़े पैमाने पर उपयोग किया। उन्होंने पहियों पर लगे रैम विकसित किए, जिन्हें एक सुरक्षात्मक छत के नीचे रखा जाता था ताकि रक्षक ऊपर से उन पर तीर या जलती हुई वस्तुएं न फेंक सकें। * '''रोमन युग:''' रोमन सेनाओं ने बैटरिंग रैम को और अधिक परिष्कृत किया। रोमन 'एरीज' अत्यधिक विशाल होते थे और अक्सर उन्हें 'टॉर्टोइज़' नामक ढकी हुई मीनारों में रखा जाता था, जो सैनिकों को सुरक्षित रखते हुए दीवारों के बिल्कुल पास तक पहुँचने की अनुमति देती थी।<ref>{{Cite book|last=Campbell|first=Duncan B.|title=Greek and Roman Siege Machinery 399 BC-AD 363|url=https://archive.org/details/greekromansiegem0000dunc|publisher=Osprey Publishing|year=2003|isbn=978-1841766058|pages=[https://archive.org/details/greekromansiegem0000dunc/page/25 25]-35}}</ref> == तकनीकी डिज़ाइन और भौतिकी == एक प्रभावी बैटरिंग रैम केवल लकड़ी का एक टुकड़ा नहीं होता था, बल्कि एक सटीक इंजीनियरिंग उपकरण था: * '''निलंबन प्रणाली:''' सबसे उन्नत रैम में लट्ठे को सीधे जमीन पर नहीं रखा जाता था, बल्कि उसे रस्सियों या जंजीरों से एक मजबूत ढांचे से लटकाया जाता था। इससे सैनिकों के लिए भारी लट्ठे को आगे-पीछे करना बहुत आसान हो जाता था और लट्ठे की गति से उत्पन्न 'मोमेंटम' बहुत अधिक बढ़ जाता था। * '''मेटल हेड:''' लट्ठे के सामने के हिस्से पर लोहे या पीतल का 'मेढ़े का सिर' लगाया जाता था (इसीलिए इसका नाम 'रैम' पड़ा)। यह हिस्सा दीवार के उस बिंदु पर बल को केंद्रित करता था जहाँ प्रहार किया जा रहा हो।<ref>{{Cite book|last=Bradbury|first=Jim|title=The Medieval Siege|publisher=Boydell Press|year=1992|isbn=978-0851153124|pages=110-115}}</ref> किले के रक्षकों के पास बैटरिंग रैम से बचने के लिए कई तकनीकें थीं: * '''आग:''' क्योंकि रैम मुख्य रूप से लकड़ी के बने होते थे, रक्षक उनके ऊपर जलता हुआ तेल या गरम रेत फेंकते थे ताकि रैम की सुरक्षात्मक छत जल जाए। * '''कुशन:''' दीवारों पर फटे हुए गद्दे, ऊन या चमड़े की थैलियां लटका दी जाती थीं ताकि वे रैम के प्रहार के प्रभाव को सोख लें और दीवार तक ऊर्जा पहुँचने न दें। * '''ग्रैपलिंग हुक:''' रक्षक अक्सर रैम के सिर को फंसाने के लिए बड़े हुक का उपयोग करते थे ताकि उसे अपनी जगह पर रोका जा सके।<ref>{{Cite book|last=Chevedden|first=Paul E.|title=The Trebuchet|publisher=Scientific American|year=1995|pages=66-72}}</ref> == ऐतिहासिक विरासत == बैटरिंग रैम का अंत तब हुआ जब बारूद और तोपों का आगमन हुआ। 17वीं सदी तक आते-आते, भारी तोपों ने उन दीवारों को दूर से ही गिराना शुरू कर दिया जिन्हें तोड़ने के लिए पहले रैम को दीवार के बिल्कुल पास जाना पड़ता था। हालाँकि, आज भी पुलिस और सैन्य दस्तों द्वारा दरवाजों को तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले छोटे, हस्तचालित 'रैम' इसी प्राचीन सैन्य तकनीक का आधुनिक रूपांतरण हैं।<ref>{{Cite book|last=Rihll|first=Tracey|title=The Catapult: A History|url=https://archive.org/details/catapulthistory0000rihl|publisher=Westholme Publishing|year=2007|isbn=978-1594160356|pages=[https://archive.org/details/catapulthistory0000rihl/page/145 145]-150}}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://www.ancient.eu/ प्राचीन इतिहास विश्वकोश - घेराबंदी युद्ध] [[श्रेणी:सैन्य प्रौद्योगिकी]] rekzl0lsf3scf8bhbj3upzp3g4k49lu एसवीडी (राइफल) 0 1615342 6582901 6575744 2026-07-15T11:22:29Z InternetArchiveBot 500600 Adding 2 books for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582901 wikitext text/x-wiki {{Infobox weapon | name = एसवीडी / ड्रैगुनोव स्नाइपर राइफल | image = [[File:SVD Dragunov.jpg|thumb]] | origin = सोवियत संघ | type = डेजिग्नेटेड मार्क्समैन राइफल, स्नाइपर राइफल | in_service = 1963 – वर्तमान | wars = वियतनाम युद्ध, सोवियत-अफगान युद्ध, खाड़ी युद्ध, सीरियाई गृहयुद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध | designer = येवगेनी ड्रैगुनोव | manufacturer = इज़माश | cartridge = 7.62×54mmR | action = गैस-ऑपरेटेड, रोटेटिंग बोल्ट (शॉर्ट-स्ट्रोक पिस्टन) | effective_range = 800 मीटर | feed_system = 10-राउंड वियोज्य बॉक्स मैगज़ीन }} '''एसवीडी''' ({{Lang-en|SVD}}), जिसका पूरा नाम '''स्नाइपरस्काया विन्तोव्का ड्रैगुनोवा''' (रूसी: Снайперская Винтовка системы Драгунова) है, सोवियत संघ द्वारा विकसित एक '''सेमी-ऑटोमैटिक''' स्नाइपर राइफल है। पश्चिमी देशों में इसे अक्सर '''ड्रैगुनोव''' के नाम से जाना जाता है। इसे 1958 से 1963 के बीच सोवियत हथियार डिजाइनर '''येवगेनी ड्रैगुनोव''' द्वारा डिज़ाइन किया गया था और 1963 में लाल सेना द्वारा आधिकारिक तौर पर सेवा में अपनाया गया था। इस राइफल ने द्वितीय विश्व युद्ध के युग की पुरानी [[मोसिन-नागेंट]] स्नाइपर राइफलों की जगह ली।<ref>[https://www.kalashnikov.ru/pervaya-v-mire-snajperskaya-vintovka-dragunova/| "Первая в мире. Снайперская винтовка Драгунова | Оружейный журнал "КАЛАШНИКОВ""]</ref> == विकास और सामरिक भूमिका == एसवीडी के बारे में सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि इसे पश्चिमी शैली की 'प्रिसिजन स्नाइपर राइफल' माना जाता है। वास्तव में, सोवियत सैन्य सिद्धांत में एसवीडी की भूमिका एक '''डेजिग्नेटेड मार्क्समैन''' की थी। सोवियत सेना की मुख्य राइफल (जैसे [[एके-47]] या एकेएम) 300 मीटर से आगे प्रभावी नहीं थीं। इसलिए, हर सोवियत मोटर चालित पैदल सेना के दस्ते में एक सैनिक को एसवीडी दी जाती थी। उसका काम छिपे हुए स्नाइपर के रूप में काम करना नहीं था, बल्कि अपनी टुकड़ी के साथ आगे बढ़ते हुए 600 से 800 मीटर की दूरी पर दुश्मन के महत्वपूर्ण लक्ष्यों (जैसे मशीन गनर या अधिकारियों) को सटीक आग से बेअसर करना था। इसी कारण एसवीडी को बोल्ट-एक्शन के बजाय 'सेमी-ऑटोमैटिक' बनाया गया था, ताकि वह तेज़ी से कई लक्ष्यों को निशाना बना सके।<ref>{{Cite book|last=Walter|first=John|title=Rifles of the World|url=https://archive.org/details/riflesofworld00unse|publisher=Krause Publications|year=2006|edition=3rd|isbn=978-0896892415|pages=[https://archive.org/details/riflesofworld00unse/page/100 100]-105}}</ref><ref>[https://www.krtraining.com/KRTraining/Archive/PracticalRangeSmallArms.pdf| "The Practical Range of Small Arms"]</ref><ref>[https://milmag.pl/en/the-dragunov-replacement-for-poland-new-762x51-mm-marksman-rifle/| "The Dragunov Replacement for Poland: New 7,62x51 mm marksman rifle"]</ref> == तकनीकी विशेषताएं == दिखने में एसवीडी एक 'एके' (AK) श्रृंखला की राइफल जैसी लग सकती है, लेकिन इसके आंतरिक तंत्र काफी अलग हैं। * '''गैस-ऑपरेटेड तंत्र:''' एके-47 में जहां 'लॉन्ग-स्ट्रोक' पिस्टन का उपयोग होता है (जिसमें पिस्टन और बोल्ट कैरियर एक साथ जुड़े होते हैं), वहीं ड्रैगुनोव में सटीकता बढ़ाने के लिए एक '''शॉर्ट-स्ट्रोक गैस पिस्टन''' का उपयोग किया गया है। फायर करने पर भारी पिस्टन बोल्ट कैरियर से अलग हो जाता है, जिससे राइफल का संतुलन नहीं बिगड़ता (कम रिकॉइल)। * '''कारतूस:''' एसवीडी उसी प्राचीन और शक्तिशाली '''7.62×54mmR''' (रिम्ड) कारतूस का उपयोग करती है जो मोसिन-नागेंट में इस्तेमाल होता था। हालाँकि, एसवीडी के लिए 7N1 नामक एक विशेष स्नाइपर-ग्रेड गोला-बारूद विकसित किया गया था। * '''स्केलेटनाइज्ड स्टॉक:''' राइफल का कुंदा लकड़ी से बना होता है और वज़न कम करने के लिए इसे बीच से खोखला रखा गया है, जिसमें अंगूठा फंसाने के लिए जगह होती है।<ref>{{Cite book|last=Isby|first=David C.|title=Weapons and Tactics of the Soviet Army|url=https://archive.org/details/weaponstacticsof0000isby|publisher=Jane's Publishing|year=1988|isbn=978-0710603524|pages=[https://archive.org/details/weaponstacticsof0000isby/page/120 120]-128}}</ref> एसवीडी की सफलता में इसके मानक ऑप्टिकल साइट, '''पीएसओ-1''' का बहुत बड़ा योगदान है। 1963 में पेश किए जाने पर, यह दुनिया के सबसे उन्नत स्नाइपर स्कोप्स में से एक था। * इसमें 4x का आवर्धन है। * इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका '''स्टेडियामेट्रिक रेंजफाइंडर''' है। स्कोप के अंदर एक वक्र रेखा बनी होती है। सैनिक दुश्मन (जिसे औसत 1.7 मीटर या 5 फीट 7 इंच लंबा माना जाता है) को उस वक्र में फिट करके यह अनुमान लगा सकता था कि वह 200 से 1000 मीटर के बीच कितनी दूर है, बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक लेजर के। * रात के समय उपयोग के लिए इसमें बैटरी से चलने वाली प्रबुद्ध लाल रेखाएँ भी थीं।<ref>{{Cite journal|last=Jones|first=Richard D.|title=Jane's Infantry Weapons 2009/2010|journal=Jane's Information Group|year=2009|pages=210-215|isbn=978-0710628695}}</ref> == ऐतिहासिक प्रभाव == एसवीडी इतनी सफल रही कि यह 'वारसॉ संधि' के लगभग हर देश की मानक स्नाइपर राइफल बन गई। चीन ने इसका अपना संस्करण (टाइप 79 और 85) बनाया। इराक (अल कादिसिया राइफल) से लेकर आधुनिक मध्य पूर्व के संघर्षों तक, यह हथियार अपने मजबूत डिजाइन और विश्वसनीयता के कारण आज भी व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://kalashnikovgroup.ru/ कलाश्निकोव कंसर्न (Kalashnikov Concern) - आधिकारिक वेबसाइट] [[श्रेणी:सोवियत संघ]] 7e89ojenywarpde1gdr1avmt0v6up2c हॉजकिन लिंफोमा 0 1615420 6582900 6577971 2026-07-15T11:21:08Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582900 wikitext text/x-wiki {{Infobox medical condition | name = हॉजकिन लिंफोमा | synonyms = हॉजकिन लिंफोमा, हॉजकिन रोग<ref name=Lozano_2012>{{cite journal | author = लोज़ानो आर, नागहावी एम, फोरमैन के, लिम एस, शिबुया के, अबोयांस वी, एट अल।| title = Global and regional mortality from 235 causes of death for 20 age groups in 1990 and 2010: a systematic analysis for the Global Burden of Disease Study 2010 | journal = लैंसेट | volume = 380 | issue = 9859 | pages = 2095–128 | date = दिसंबर 2012 | pmid = 23245604 | doi = 10.1016/S0140-6736(12)61728-0 | pmc = 10790329 | oclc = 23245604 | hdl = 10536/DRO/DU:30050819 | s2cid = 1541253 | url = https://zenodo.org/record/2557786 | hdl-access = free | archive-date = 19 मई 2020 | access-date = 4 सितंबर 2020 | archive-url = https://web.archive.org/web/20200519152712/https://zenodo.org/record/2557786 | url-status = live }}</ref> | image = Hodgkin_lymphoma_cytology_large.jpg | caption = हॉजकिन लिंफोमा को दर्शाने वाला सूक्ष्मदर्शी चित्र ( फील्ड स्टेन ) | field = [[रक्तशास्त्र]] और [[अर्बुदविज्ञान]] | symptoms = [[ज्वर]], रात में पसीना आना, [[वजन घटाना|वजन कम होना]], दर्द रहित बढ़े हुए [[लिम्फाडेनोपैथी|लसीका ग्रंथियां]] <ref name=NCI2016AdPt /> | complications = | onset = | duration = | causes = | risks = [[इप्स्टिन-बार्र वाइरस]], पारिवारिक इतिहास, [[एड्स|एचआईवी/एड्स]]<ref name=NCI2016AdPt /><ref name=WCR2014Cp2>{{cite book |title= World Cancer Report 2014 |url= https://archive.org/details/worldcancerrepor0000unse_p0u5 |date=2014 |publisher= वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन|isbn= 978-92-832-0429-9 |at=Chapter 2.4}}</ref> | diagnosis = लिम्फ नोड बायोप्सी<ref name=NCI2016AdPt/> | differential = | prevention = | treatment = [[कीमोथेरेपी]], [[विकिरण चिकित्सा]], स्टेम-सेल प्रत्यारोपण,<ref name=NCI2016AdPt /> इम्यूनोथेरेपी | medication = | prognosis = निदान पांच साल की उत्तरजीविता दर 89% (यूएस)<ref name=SEER>{{cite web |title= SEER Stat Fact Sheets: Hodgkin Lymphoma |url= https://seer.cancer.gov/statfacts/html/hodg.html |website= राष्ट्रीय कैंसर संस्थान |access-date= 8 जनवरी 2026 |date=2025 }}</ref> | frequency = 574,000 (2015 के दौरान प्रभावित)<ref name=GBD2015Pre>{{cite journal | title = Global, regional, and national incidence, prevalence, and years lived with disability for 310 diseases and injuries, 1990–2015: a systematic analysis for the Global Burden of Disease Study 2015 | journal = लैंसेट | volume = 388 | issue = 10053 | pages = 1545–1602 | date = अक्टूबर 2016 | pmid = 27733282 | pmc = 5055577 | doi = 10.1016/S0140-6736(16)31678-6 | last1 = वोस | first1 = थियो | last2 = एलन | first2 = क्रिस्टीन | last3 = अरोड़ा | first3 = मेघा | last4 = बार्बर | first4 = रयान एम. | last5 = भुट्टा | first5 = जुल्फिकार ए. | last6 = ब्राउन | first6 = अलेक्जेंड्रिया | last7 = कार्टर | first7 = ऑस्टिन | last8 = केसी | first8 = डेनियल सी. | last9 = चार्लसन | first9 = फियोना जे. | last10 = चेन | first10 = एलन ज़ेड. | last11 = कॉग्गेशॉल | first11 = मेगन | last12 = कॉर्नाबी | first12 = लेस्ली | last13 = डंडोना | first13 = ललित | last14 = डिकर | first14 = डेनियल जे. | last15 = डिलेगे | first15 = टीना | last16 = एर्स्किन | first16 = होली ई. | last17 = फेरारी | first17 = अलिज़े जे.| last18 = फिट्ज़मौरिस | first18 = क्रिस्टीना | last19 = फ्लेमिंग | first19 = टॉम | last20 = फोरोज़नफ़र | first20 = मोहम्मद एच.| last21 = फुलमैन | first21 = नैन्सी | last22 = गेथिंग | first22 = पीटर डब्ल्यू. | last23 = गोल्डबर्ग | first23 = एलेन एम.| last24 = ग्रेट्ज़ | first24 = निकोलस | last25 = हाग्स्मा | first25 = जुआनिता ए. | last26 = हे | first26 = साइमन आई. | last27 = जॉनसन | first27 = कैथरीन ओ. | last28 = कस्सेबौम | first28 = निकोलस जे.| last29 = कावाशिमा | first29 = तोआना | last30 = केमर | first30 = लौरा }}</ref> | deaths = 23,900 (2015)<ref name=GBD2015De>{{cite journal | title = Global, regional, and national life expectancy, all-cause mortality, and cause-specific mortality for 249 causes of death, 1980–2015: a systematic analysis for the Global Burden of Disease Study 2015 | journal = लैंसेट | volume = 388 | issue = 10053 | pages = 1459–1544 | date = अक्टूबर 2016 | pmid = 27733281 | pmc = 5388903 | doi = 10.1016/s0140-6736(16)31012-1 | last1 = वांग | first1 = हैडोंग | last2 = नागाहवी | first2 = मोहसिन | last3 = एलन | first3 = क्रिस्टीन | last4 = बार्बर | first4 = रयान एम.| last5 = भुट्टा | first5 = जुल्फिकार ए. | last6 = कार्टर | first6 = ऑस्टिन | last7 = केसी | first7 = डेनियल सी.| last8 = चार्लसन | first8 = फियोना जे.| last9 = चेन | first9 = एलन ज़ियान| last10 = कोट्स | first10 = मैथ्यू एम. | last11 = कॉग्गेशॉल | first11 = मेगन | last12 = डंडोना | first12 = ललित | last13 = डिकर | first13 = डेनियल जे.| last14 = एर्स्किन | first14 = होली ई. | last15 = फेरारी | first15 = अलिज़े जे. | last16 = फिट्ज़मौरिस | first16 = क्रिस्टीना | last17 = फोरमैन | first17 = काइल | last18 = फोरोज़नफ़र | first18 = मोहम्मद एच. | last19 = फ़्रेज़र | first19 = माया एस. | last20 = फुलमैन | first20 = नैन्सी | last21 = गेथिंग | first21 = पीटर डब्ल्यू.| last22 = गोल्डबर्ग | first22 = एलेन एम. | last23 = ग्रेट्ज़ | first23 = निकोलस | last24 = हाग्स्मा | first24 = जुआनिता ए. | last25 = हे | first25 = साइमन आई. | last26 = हुइन्ह | first26 = चैंटल | last27 = जॉनसन | first27 = कैथरीन ओ. | last28 = कस्सेबौम | first28 = निकोलस जे. | last29 =किन्फू | first29 = योहानेस | last30 = कुलिकोफ़ | first30 = ज़ी राचेल }}</ref> | named after = थॉमस होडकिन }} '''हॉजकिन लिंफोमा''' (एचएल) लसीका तंत्र का एक विशिष्ट प्रकार का [[कर्कट रोग|कैंसर]] है, जिसकी पहचान [[लसीका पर्व| लिम्फ ग्रंथियों]] में बहुनाभिकीय रीड–स्टर्नबर्ग कोशिकाओं की उपस्थिति से होती है।<ref>{{cite book|url=https://www.google.ae/books/edition/2026_27_HSSC_Multi_Purpose_Health_Worker/DXLBEQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A5%89%E0%A4%9C%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A8+%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%AE%E0%A4%BE&pg=PA268&printsec=frontcover|title=2026-27 HSSC Multi-Purpose Health Worker Solved Papers |last=टीम|first=वाईसीटी विशेषज्ञ |publisher=यूथ कॉम्पिटिशन टाइम्स}}</ref> चूँकि यह रोग लिम्फोसाइट नामक [[श्वेत रक्त कोशिका|श्वेत रक्त कोशिकाओं]] के एक उपसमूह को प्रभावित करता है, इसलिए इसे [[लिम्फोमा|लिंफोमा]] की श्रेणी में रखा जाता है।<ref name="NCI2016AdPt" /><ref>{{cite book |last1=बॉवर |first1=एम |last2=वैक्समैन |first2=जे |title=Lecture Notes: Oncology |date=2011 |publisher=Wiley |isbn=978-1-118-29300-3 |page=195 |edition=2nd |url=https://books.google.com/books?id=I1lkXZrfAowC&pg=PA195 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20170910182834/https://books.google.com/books?id=I1lkXZrfAowC&pg=PA195 |archive-date=10 सितंबर 2017 }}</ref> इस रोग का नाम अंग्रेज़ चिकित्सक थॉमस हॉजकिन के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने वर्ष 1832 में इस रोग का प्रथम वैज्ञानिक वर्णन किया था।<ref name=Arm2010>{{cite journal | author = आर्मिटेज जेओ | title = Early-stage Hodgkin's lymphoma | url = https://archive.org/details/sim_new-england-journal-of-medicine_2010-08-12_363_7/page/653 | journal = द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन| volume = 363 | issue = 7 | pages = 653–662 | date = अगस्त 2010 | pmid = 20818856 | doi = 10.1056/NEJMra1003733 }}</ref><ref name="Hodgkin1832">{{cite journal |title=On some morbid experiences of the absorbent glands and spleen |author= होडकिन टी |journal= मेड चिर ट्रांस |volume=17 |pages= 69–97 |year=1832}}</ref> हॉजकिन लिंफोमा के लक्षण व्यक्ति-विशेष के अनुसार भिन्न हो सकते हैं, किंतु इसके कुछ विशिष्ट लक्षण व्यापक रूप से पहचाने जाते हैं। इनमें अस्पष्ट कारण से [[ज्वर|बुखार]], रात्रि के समय अत्यधिक पसीना आना तथा अनैच्छिक रूप से [[वजन घटाना|वजन कम होना]] प्रमुख हैं।<ref name="NCI2016AdPt" /> इन लक्षणों को सामूहिक रूप से बी-लक्षण कहा जाता है और ये रोग की सक्रियता का संकेत दे सकते हैं। इस रोग की सबसे सामान्य पहचान लिम्फ ग्रंथियों का दर्दरहित बढ़ जाना है। प्रायः यह वृद्धि गर्दन, बगल या कमर की [[लिम्फाडेनोपैथी|लिम्फ ग्रंथियों]] में देखी जाती है।<ref name="NCI2016AdPt" /> ये सूजी हुई ग्रंथियाँ सामान्यतः स्पर्श करने पर दर्द नहीं करतीं, जिसके कारण प्रारम्भिक अवस्था में रोगी इन्हें अनदेखा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रभावित व्यक्तियों में लगातार थकान, ऊर्जा की कमी तथा त्वचा में खुजली जैसी शिकायतें भी उत्पन्न हो सकती हैं।<ref name="NCI2016AdPt">{{cite web |title= Hodgkin Lymphoma Treatment |url= https://www.cancer.gov/types/lymphoma/patient/adult-hodgkin-treatment-pdq |website= राष्ट्रीय कैंसर संस्थान |access-date= 12 अगस्त 2016 |date= 3 अगस्त 2016 |url-status=live |archive-url= https://web.archive.org/web/20160728000455/https://www.cancer.gov/types/lymphoma/patient/adult-hodgkin-treatment-pdq |archive-date= 28 जुलाई 2016 }}</ref> == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची}} [[श्रेणी:कैंसर के संक्रामक कारण]] f3camdles2oauft0r6p3sofjvpr4vue यूक्रेन के प्रशासनिक विभाजन 0 1615429 6582815 6576194 2026-07-15T08:13:38Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582815 wikitext text/x-wiki '''यूक्रेन के प्रशासनिक विभाजन''' ({{Lang-en|Administrative divisions of Ukraine}}, यूक्रेनी: Адміністративний устрій України) देश के शासन, स्थानीय स्वशासन और क्षेत्रीय विकास को सुव्यवस्थित करने के लिए स्थापित त्रि-स्तरीय ढांचा है। एक '''एकात्मक राज्य''' होने के बावजूद, यूक्रेन का प्रशासनिक ढांचा अत्यधिक विस्तृत है। सोवियत संघ के पतन के बाद विरासत में मिली पुरानी प्रणाली को आधुनिक यूरोपीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए 2015 से 2020 के बीच देश में एक ऐतिहासिक '''विकेंद्रीकरण सुधार''' लागू किया गया।<ref>{{Cite book|last=D'Anieri|first=Paul|title=Understanding Ukrainian Politics: Power, Politics, and Institutional Design|url=https://archive.org/details/understandingukr0000dani|publisher=M.E. Sharpe|year=2006|isbn=978-0765618115|pages=[https://archive.org/details/understandingukr0000dani/page/85 85]-92}}</ref><ref>[https://books.google.co.in/books?id=zm0WAQAAIAAJ&q=Ukraine+27+regions:+24+oblasts,+autonomous+republic+cities+with+special+status&redir_esc=y| Politics and society in Ukraine]</ref> == प्रथम-स्तरीय विभाजन == यूक्रेन का शीर्ष प्रशासनिक स्तर 27 संस्थाओं से बना है: * '''24 ओब्लास्ट:''' इन्हें प्रांत या क्षेत्र कहा जा सकता है। प्रत्येक ओब्लास्ट का नाम आमतौर पर उसकी राजधानी (प्रशासनिक केंद्र) के नाम पर रखा गया है, जैसे ल्वीव ओब्लास्ट या खार्किव ओब्लास्ट। ओब्लास्ट के गवर्नर की नियुक्ति यूक्रेन के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। * '''1 स्वायत्त गणराज्य:''' '''क्रीमिया का स्वायत्त गणराज्य'''। यद्यपि यूक्रेन एक एकात्मक राज्य है, क्रीमिया को ऐतिहासिक और जनसांख्यिकीय कारणों से अपना संविधान और संसद रखने की स्वायत्तता दी गई थी। (नोट: 2014 से क्रीमिया रूसी कब्जे में है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसे यूक्रेन का हिस्सा ही माना जाता है)। * '''2 विशेष स्थिति वाले शहर:''' '''कीव''' (देश की राजधानी) और '''सेवास्तोपोल''' (क्रीमिया में स्थित एक रणनीतिक बंदरगाह शहर)। ये शहर किसी भी ओब्लास्ट के अधीन नहीं हैं और सीधे केंद्र सरकार के प्रति उत्तरदायी हैं।<ref>{{Cite journal|last=Kuzio|first=Taras|title=State-Led Nation Building in Ukraine: A Discourse Analysis of Textbooks|journal=Post-Soviet Affairs|year=2002|pages=145-155}}</ref> == द्वितीय-स्तरीय विभाजन: रायन == ओब्लास्ट के नीचे दूसरा स्तर '''रायन''' या ज़िलों का है। 2020 के प्रशासनिक सुधारों से पहले, यूक्रेन में 490 रायन थे, जो आकार में बहुत छोटे थे और उनके पास पर्याप्त प्रशासनिक या वित्तीय संसाधन नहीं थे। जुलाई 2020 में, यूक्रेनी संसद ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए इन 490 पुराने ज़िलों का विलय करके उन्हें केवल '''136 बड़े और अधिक सक्षम रायन''' में समेकित कर दिया। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय प्रशासन के अतिव्यापी कार्यों को कम करना और दक्षता बढ़ाना था।<ref>{{Cite web|url=https://decentralization.gov.ua/en|title=Decentralization Reform in Ukraine|publisher=Ministry of Communities and Territories Development of Ukraine|access-date=30 जून 2026}}</ref> == तृतीय-स्तरीय विभाजन: ह्रोमादा == यूक्रेन के प्रशासनिक सुधार की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि तृतीय-स्तरीय इकाई, '''ह्रोमादा''' या 'क्षेत्रीय समुदाय' का निर्माण है। * एक ह्रोमादा कई गांवों, कस्बों या शहरों को मिलाकर बनी एक स्वशासी इकाई है। * पूरे यूक्रेन में कुल '''1469 ह्रोमादा''' स्थापित की गई हैं। * विकेंद्रीकरण के तहत, केंद्र सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और स्थानीय बुनियादी ढांचे से जुड़े कई वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीधे ह्रोमादा परिषदों को हस्तांतरित कर दिए हैं। इसने जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत किया है और सोवियत युग की 'टॉप-डाउन' नियंत्रण प्रणाली को समाप्त किया है।<ref>{{Cite book|last=Romanova|first=Valentyna|last2=Umland|first2=Andreas|title=Ukraine's Decentralization Reforms Since 2014: Initial Achievements and Future Challenges|publisher=Chatham House|year=2019|pages=12-20}}</ref> == प्रशासनिक सुधारों का महत्व == यूक्रेन का विकेंद्रीकरण सुधार (2015-2020) स्वतंत्र यूक्रेन के इतिहास में सबसे सफल सुधारों में से एक माना जाता है। यूरोपीय चार्टर ऑफ लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट के सिद्धांतों पर आधारित इस प्रणाली ने न केवल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाया, बल्कि 2022 में शुरू हुए पूर्ण पैमाने के युद्ध के दौरान यूक्रेन के लचीलेपन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय ह्रोमादा अपने क्षेत्रों की रक्षा, रसद और मानवीय सहायता के प्रबंधन में अत्यधिक चुस्त और प्रभावी साबित हुए हैं।<ref>{{Cite journal|last=Keil|first=Soeren|title=Territorial Cleavages and Decentralization in Ukraine|journal=Regional & Federal Studies|volume=25|issue=4|year=2015|pages=355-375}}</ref><ref>[https://www.pravda.com.ua/news/2020/07/17/7259715/?__cf_chl_f_tk=SA6k_75x1KbdQlubRoSx.msYTZtgA9plBRwPJaVCMfw-1782759607-1.0.1.1-EC4QllNvWZAYEv5Ah_3GT6UwDPc3iZaU69YcVMNuGW8| "The council reduced the number of districts in Ukraine: 136 instead of 490"]</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == * [https://decentralization.gov.ua/ विकेंद्रीकरण - यूक्रेन सरकार का आधिकारिक पोर्टल] [[श्रेणी:विकेंद्रीकरण]] ejo79zj6bybssf4yivsny6ez0qm2ot7 श्रेणी:इस्लाम और महिलाएँ 14 1615491 6582548 6576340 2026-07-14T13:01:20Z SM7 89247 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:इस्लाम]] जोड़ी 6582548 wikitext text/x-wiki इस्लाम और महिलाएँ [[श्रेणी:इस्लाम|महिलाएँ]] oyjhoz4iwvg4zt2twsix36ji1us75nn 6582550 6582548 2026-07-14T13:03:25Z SM7 89247 +कैट हेडर 6582550 wikitext text/x-wiki {{Commons category|Islam and women}} {{Catmain|इस्लाम और महिलाएँ}} [[श्रेणी:इस्लाम|महिलाएँ]] ivp8azhxuzd1f0wguv6jf02826s92kt 6582551 6582550 2026-07-14T13:04:54Z SM7 89247 [[WP:HC|HotCat]] द्वारा +[[श्र:विषयानुसार महिलाएँ]]; +[[श्र:महिलाएँ और धर्म]] 6582551 wikitext text/x-wiki {{Commons category|Islam and women}} {{Catmain|इस्लाम और महिलाएँ}} [[श्रेणी:इस्लाम|महिलाएँ]] [[श्रेणी:विषयानुसार महिलाएँ]] [[श्रेणी:महिलाएँ और धर्म]] joomzni8fxksq90ikxutnkdmkdclbth क्रेटर झील 0 1615510 6582820 6576428 2026-07-15T08:24:46Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582820 wikitext text/x-wiki '''क्रेटर झील''' (Klamath: {{Lang|kla|Giiwas}}) [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|पश्चिमी]] [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] के दक्षिण-मध्य [[औरिगन|ओरेगन]] में एक [[ज्वालामुखीय झील|ज्वालामुखीय क्रेटर झील]] है। यह क्रेटर लेक नेशनल पार्क की मुख्य विशेषता है और अपने गहरे नीले रंग और पानी की स्पष्टता के लिए एक पर्यटक आकर्षण है। झील आंशिक रूप से 2,148 फुट (655 मी) गहरे [[ज्वालामुख-कुण्ड|काल्डेरा]] को भरती है जो लगभग 7,700 (±150) साल पहले ज्वालामुखी माउंट मजामा के पतन से बनी थी।<ref name="facl">{{Cite web|url=http://oe.oregonexplorer.info/craterlake/facts.html|title=Facts about Crater Lake|website=ओरेगन एक्सप्लोरर|publisher=ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी|archive-url=https://web.archive.org/web/20120322145409/http://oe.oregonexplorer.info/craterlake/facts.html|archive-date=22 मार्च 2012|access-date=2009-02-05}}</ref> झील में या उससे बाहर कोई नदी नहीं बहती है। वाष्पीकरण की भरपाई बारिश और बर्फबारी से इस दर से होती है कि हर 150 वर्षों में सारा पानी बदल जाता है।<ref>{{Cite book|title=Crater Lake, gem of the Cascades: the geological story of Crater Lake National Park, Oregon|url=https://archive.org/details/craterlakegemofc0000cran|last=क्रैनसन|first=K. R.|date=2005|publisher=KRC Press|isbn=978-0-9770880-0-3|edition=3rd|location=Lansing, Mich|page=[https://archive.org/details/craterlakegemofc0000cran/page/120 120]|quote=A drop of water entering Crater Lake will remain there for about 150 years, its so-called residence time.}}</ref> 1,949 फीट (594 मीटर) की गहराई के साथ यह झील संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे गहरी है।<ref name=":0">{{Cite journal|last=बेकन|first=CR|last2=गार्डनर|first2=JV|last3=मेयर|first3=LA|last4=बुकटनेनिका|first4=MW|last5=डार्टनेल|first5=P|last6=रैमसे|first6=DW|last7=रॉबिंसन|first7=JE|displayauthors=4|date=जून 2002|title=Morphology, volcanism, and mass wasting in Crater Lake, Oregon|url=http://ccom.unh.edu/sites/default/files/publications/Bacon%20et%20al.%202002.pdf|journal=GSA Bulletin|volume=114|issue=6|pages=675–692|bibcode=2002GSAB..114..675B|doi=10.1130/0016-7606(2002)114<0675:mvamwi>2.0.co;2|archive-url=https://web.archive.org/web/20150919070622/http://ccom.unh.edu/sites/default/files/publications/Bacon%20et%20al.%202002.pdf|archive-date=September 19, 2015|access-date=May 6, 2016}}</ref> दुनिया में, यह झील अधिकतम गहराई के लिए दसवें स्थान पर है, और औसत गहराई के लिए पांचवें स्थान पर। [[चित्र:Crater_Lake_Panorama_Spring_2016.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|क्रेटर झील का मनोरम दृश्य (2016)]] == इन्हें भी देखें == == संदर्भ == {{Reflist|33em}} [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] orn436pt6ciyfsqlry4lrpq2ci8y60z विकिपीडिया:आँकड़े/2026/जुलाई 4 1615595 6582532 6582293 2026-07-14T12:14:22Z NeechalBOT 98381 statistics 6582532 wikitext text/x-wiki <!--- stats starts--->{{सदस्य:Neechalkaran/statnotice}}{| class="wikitable sortable" style="width:90%" |- ! Date(Time) ! Pages ! Articles ! Edits ! Users ! Files ! Activeusers {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =1-7-2026 6:14 |Pages = 1390976 |dPages = 61 |Articles = 170455 |dArticles = 23 |Edits = 6563116 |dEdits = 393 |Files = 4684 |dFiles = 0 |Users = 912675 |dUsers = 141 |Ausers = 1036 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =2-7-2026 6:14 |Pages = 1391001 |dPages = 25 |Articles = 170466 |dArticles = 11 |Edits = 6563420 |dEdits = 304 |Files = 4684 |dFiles = 0 |Users = 912798 |dUsers = 123 |Ausers = 1044 |dAusers = 8 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =3-7-2026 6:14 |Pages = 1391025 |dPages = 24 |Articles = 170477 |dArticles = 11 |Edits = 6564037 |dEdits = 617 |Files = 4684 |dFiles = 0 |Users = 912924 |dUsers = 126 |Ausers = 1044 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =4-7-2026 6:14 |Pages = 1391026 |dPages = 1 |Articles = 170475 |dArticles = -2 |Edits = 6564818 |dEdits = 781 |Files = 4684 |dFiles = 0 |Users = 913078 |dUsers = 154 |Ausers = 1044 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =5-7-2026 6:14 |Pages = 1391052 |dPages = 26 |Articles = 170486 |dArticles = 11 |Edits = 6565217 |dEdits = 399 |Files = 4684 |dFiles = 0 |Users = 913244 |dUsers = 166 |Ausers = 1016 |dAusers = -28 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =6-7-2026 6:14 |Pages = 1391098 |dPages = 46 |Articles = 170501 |dArticles = 15 |Edits = 6565615 |dEdits = 398 |Files = 4685 |dFiles = 1 |Users = 913396 |dUsers = 152 |Ausers = 1016 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =7-7-2026 6:14 |Pages = 1391019 |dPages = -79 |Articles = 170464 |dArticles = -37 |Edits = 6566059 |dEdits = 444 |Files = 4685 |dFiles = 0 |Users = 913584 |dUsers = 188 |Ausers = 1016 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =8-7-2026 6:14 |Pages = 1391054 |dPages = 35 |Articles = 170474 |dArticles = 10 |Edits = 6566441 |dEdits = 382 |Files = 4685 |dFiles = 0 |Users = 913778 |dUsers = 194 |Ausers = 996 |dAusers = -20 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =9-7-2026 6:14 |Pages = 1391074 |dPages = 20 |Articles = 170482 |dArticles = 8 |Edits = 6566819 |dEdits = 378 |Files = 4685 |dFiles = 0 |Users = 913896 |dUsers = 118 |Ausers = 996 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =10-7-2026 6:14 |Pages = 1391026 |dPages = -48 |Articles = 170489 |dArticles = 7 |Edits = 6567516 |dEdits = 697 |Files = 4685 |dFiles = 0 |Users = 914050 |dUsers = 154 |Ausers = 996 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =11-7-2026 6:14 |Pages = 1391043 |dPages = 17 |Articles = 170505 |dArticles = 16 |Edits = 6567796 |dEdits = 280 |Files = 4686 |dFiles = 1 |Users = 914174 |dUsers = 124 |Ausers = 967 |dAusers = -29 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =12-7-2026 6:14 |Pages = 1391020 |dPages = -23 |Articles = 170505 |dArticles = 0 |Edits = 6568245 |dEdits = 449 |Files = 4685 |dFiles = -1 |Users = 914308 |dUsers = 134 |Ausers = 967 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =13-7-2026 6:14 |Pages = 1391044 |dPages = 24 |Articles = 170512 |dArticles = 7 |Edits = 6568529 |dEdits = 284 |Files = 4685 |dFiles = 0 |Users = 914446 |dUsers = 138 |Ausers = 967 |dAusers = 0 }} {{User:Neechalkaran/template/daily |Date =14-7-2026 6:14 |Pages = 1391068 |dPages = 24 |Articles = 170520 |dArticles = 8 |Edits = 6568765 |dEdits = 236 |Files = 4685 |dFiles = 0 |Users = 914579 |dUsers = 133 |Ausers = 955 |dAusers = -12 }} <!---Place new stats here---> |} <!--- stats ends---> exqn3dct2uvu8pbm6ez6hgfssya3u02 चिलम 0 1615629 6582914 6577320 2026-07-15T11:52:20Z InternetArchiveBot 500600 Adding 1 book for [[विकिपीडिया:सत्यापनीयता|सत्यापनीयता]] (20260715)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 6582914 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Manu chillum italian chillum chapora goa.jpg|thumb|right|इटली में निर्मित एक चिलम]] [[चित्र:Chillam.JPG|thumb|पारंपरिक मिट्टी की चिलम, [[जोरहाट]], [[असम]] के चौक बाज़ार में बिक्री के लिए प्रदर्शित]] '''चिलम''', जिसे '''चिलाम''' या '''सुल्पा''' भी कहा जाता है, एक सीधी शंक्वाकार [[धूम्रपान पाइप]] है, जो परंपरागत रूप से मिट्टी या किसी मुलायम पत्थर (जैसे [[सोपस्टोन|स्टीटाइट]] या [[कैटलिनाइट]]) से बनाई जाती है। इसका उपयोग [[नेपाल]] और [[भारत]] में मुख्यतः [[भांग (मादक द्रव्य)|गांजा]] के धूम्रपान के लिए किया जाता है।<ref>[http://www.trocadero.com/paha/items/495809/item495809store.html A bidri chillum] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160305055757/http://www.trocadero.com/paha/items/495809/item495809store.html |date=2016-03-05 }}</ref><ref>Dolf Hartsuiker. John van Zijl of Plumstead, South Africa was the first person to smoke from a marble chillum. [http://www.adolphus.nl/sadhus/stories/holysmoke.html Holy Smoke] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20071011184141/http://adolphus.nl/sadhus/stories/holysmoke.html |date=2007-10-11 }} since last 5000 years by ''Sadhus, Nagas and Yogis of India''</ref> चिलम के नलीनुमा भाग में धूम्रपान सामग्री को भीतर गिरने से रोकने के लिए प्रायः एक छोटा पत्थर अवरोधक (स्टॉपर) के रूप में लगाया जाता है। इस प्रकार की पाइप की परंपरा अफ्रीका तक फैल गई, तथा 1960 के दशक से इसका उपयोग अमेरिका महाद्वीप में भी प्रचलित है। [[रास्ताफ़ारी]] धार्मिक अनुष्ठानों में भी चिलम का उपयोग किया जाता है। ==इतिहास== [[अल्फ्रेड डनहिल]] के अनुसार, अफ्रीका में लंबे समय से चिलम-शैली की पाइपों का उपयोग [[कैनाबिस (मादक द्रव्य)|कैनाबिस]] तथा बाद में तंबाकू के धूम्रपान के लिए किया जाता रहा है। इन पाइपों के निर्माण में प्रायः लौकी तथा विभिन्न प्रकार के पशु-सींगों का उपयोग किया जाता था, जबकि [[युगांडा]] में शंक्वाकार पात्र (बाउल) विशेष रूप से प्रचलित थे। इस प्रकार की प्रसिद्ध पाइपों में से एक हाथीदांत से निर्मित शंक्वाकार पाइप है, जो [[बुगांडा]] के सम्राट [[म्यूटेसा प्रथम]] की थी।<ref name="dunhill">{{cite book|last1=Dunhill|first1=Alfred|title=The Pipe Book|url=https://archive.org/details/pipebook0000alfr_h9a0|date=1924|publisher=A. & C. Black|location=London}}</ref> हाल के समय में [[रास्ताफ़ारी आंदोलन|रास्ताफ़ारी]] परंपरा में भी चिलम का उपयोग धार्मिक संस्कारों (सैक्रामेंट) के दौरान किया जाने लगा है।<ref>[http://www.jamaica-gleaner.com/gleaner/20020224/arts/arts1.html Spotlight on Rastafarian sects] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080214125910/http://www.jamaica-gleaner.com/gleaner/20020224/arts/arts1.html |date=2008-02-14 }}</ref><ref>[http://www.jamaica-gleaner.com/gleaner/20030427/ent/ent3.html 'Rasta in Transition' launched at Livity Restaurant ] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090114102815/http://www.jamaica-gleaner.com/gleaner/20030427/ent/ent3.html |date=2009-01-14 }}</ref> ==रास्ताफ़ारी समारोह== [[रास्ताफ़ारी]] समुदाय की बैठकों, जिन्हें "रीज़निंग सत्र" (''Reasoning Sessions'') कहा जाता है, तथा [[ग्राउनेशन डे]] के समारोहों के दौरान चिलम का उपयोग किया जाता है। यह प्रायः गाय के सींग या शंक्वाकार लकड़ी के टुकड़े से बनाई जाती है, जिसमें एक लंबी नली (ड्रॉ-ट्यूब) लगी होती है, जिससे धुआँ श्वास द्वारा भीतर लेने से पहले ठंडा हो जाता है। जल-निस्पंदन कक्ष (वॉटर फ़िल्ट्रेशन चैंबर) से युक्त [[बोंग]] जैसी चिलम को कभी-कभी [[चैलिस (पाइप)|चैलिस]] भी कहा जाता है। चिलम का [[कैनाबिस धूम्रपान|धूम्रपान]] करने से पहले रास्ताफ़ारी अनुयायी ईश्वर, जिन्हें वे [[जाह]] कहते हैं, के प्रति धन्यवाद और स्तुति अर्पित करते हैं।<ref>[http://www.erowid.org/plants/cannabis/cannabis_spirit1.shtml The Rastafarians by Leonard E. Barrett 1988]</ref> == चिलम का उपयोग करते समय लोग किन दिशानिर्देशों का पालन करते हैं == # चिलम में सामग्री को न बहुत कसकर और न ही बहुत ढीला भरना चाहिए। सही पैकिंग से हवा का प्रवाह बना रहता है और सामग्री समान रूप से जलती है। जलाते समय लौ को किनारे पर रखें और धीरे-धीरे कश लें, क्योंकि तेज़ी से खींचने पर सामग्री असमान रूप से जल सकती है। # चिलम का सही ढंग से पकड़ना भी महत्वपूर्ण है। इसे इस प्रकार पकड़ें कि उंगलियाँ गर्म होने वाले हिस्से से दूर रहें। कुछ लोग धुएँ को थोड़ा ठंडा करने के लिए हाथों से एक छोटा-सा कक्ष (fist chamber) बनाकर भी उपयोग करते हैं। # हर उपयोग के बाद चिलम को तुरंत साफ करना चाहिए। इसके लिए पहले बची हुई राख निकालें, फिर उपयुक्त सफाई सामग्री से अंदर जमी हुई परत हटाएँ और अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सूखने दें। नियमित सफाई से हवा का प्रवाह बेहतर रहता है और स्वाद भी प्रभावित नहीं होता।<ref name="TAG_Chillum_Guide">{{cite web |url=https://www.thickassglass.com/blogs/enlightenment/how-to-use-chillum |title=How To Use a Chillum - Smoking Guide for Better Sessions |website=Thick Ass Glass |date=August 5, 2025 |access-date=2026-07-03}}</ref> ==इन्हें भी देखें== * [[हुक्का]] ==संदर्भ== {{reflist|2}} {{Wiktionary|चिलम}} {{DEFAULTSORT:चिलम}} [[श्रेणी:भारत की संस्कृति]] 8lh0p1qg55wo5sccsq79n5mh2y30bhc सदस्य वार्ता:Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar 3 1615721 6582546 6579127 2026-07-14T12:56:32Z SM7 89247 सावधानी बरतें: मूल शोध, अप्रकाशित अथवा संश्लेषणात्मक सामग्री जोड़ना. 6582546 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=Dr.Ram Manohar Lohia Ji Ka Parivar}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 6 जुलाई 2026 (UTC) == जुलाई 2026 == [[Image:Information.svg|25px|alt=|link=]] कृपया [[विकिपीडिया:मूल शोध नहीं|मूल शोध]] या पहले से प्रकाशित सामग्री का नया अप्रकाशित संश्लेषण लेखों में न जोड़ें। आपकी सभी जानकारी के लिये [[वि:विश्वसनीय स्रोत|विश्वसनीय स्रोत]] के सन्दर्भ जोड़ें। धन्यवाद।<!-- Template:Uw-nor2 --> --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 12:56, 14 जुलाई 2026 (UTC) 275ys33twrcbg53tk7p3tt2um3ddhob विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जुलाई 2026 4 1615755 6582571 6582349 2026-07-14T14:08:11Z AMAN KUMAR 911487 [[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या]] जोड़ा जा रहा 6582571 wikitext text/x-wiki __TOC__ <!-- Add new entries to the TOP of the following list --> {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अनमोल वचन}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/हिन्दी विज्ञान साहित्य परिषद}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सीता शरण इंटर कॉलेज,खतौली}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शहीद बलभद्र सिंह}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/किरण सिंह राजपुरोहित}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/एंटी-कैंसर अणु}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/पंडित कुबेर नाथ मिश्र 'विचित्र'}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/वैज्ञानिक पत्रिका}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/ट्विशा शर्मा मौत मामला}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/मदन पाल}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/भरत भूषण तिवारी}} a9nw4dvsyrqvdktw3fevx70esmdkh16 6582610 6582571 2026-07-14T15:51:14Z SM7 89247 [[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय]] जोड़ा जा रहा 6582610 wikitext text/x-wiki __TOC__ <!-- Add new entries to the TOP of the following list --> {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अनमोल वचन}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/हिन्दी विज्ञान साहित्य परिषद}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सीता शरण इंटर कॉलेज,खतौली}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/शहीद बलभद्र सिंह}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/किरण सिंह राजपुरोहित}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/एंटी-कैंसर अणु}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/पंडित कुबेर नाथ मिश्र 'विचित्र'}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/वैज्ञानिक पत्रिका}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/ट्विशा शर्मा मौत मामला}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/मदन पाल}} {{विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/भरत भूषण तिवारी}} loayb0grw9w2lprf7zny9qi6i1h3nsf ओजापाली 0 1615859 6582712 6582410 2026-07-15T02:53:54Z QuestForTrueTruth 852879 विविधताएँ / रूप के बारे में कुछ जानकारी दी गई है। 6582712 wikitext text/x-wiki {{नया असमीक्षित लेख|date=जुलाई 2026}} '''ओजापाली''' असम की एक कथात्मक गीत-नृत्य परंपरा है, जिसका प्रदर्शन एक समूह द्वारा किया जाता है। इस समूह का नेतृत्व एक ''ओजा'' (मुख्य प्रस्तोता) करता है तथा ''पाली'' (कोरस) उसका सहयोग करती है। विद्वान इसकी जड़ों को अखिल भारतीय '''''कथाकथा''''' (महाकाव्य कथावाचन) परंपरा से जोड़ते हैं और इसका विकास [[असम]] में नव-वैष्णव आंदोलन से बहुत पहले का मानते हैं।{{sfn|Baruah|Choudhury|2023|p=106}}{{sfn|Borah|2023|pp=48–49}} दरंग ज़िला विशेष रूप से राजा धर्मनारायण (1615–1637) के समय से ओजापाली प्रदर्शन का एक ऐतिहासिक केंद्र माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Ojapali Tradition and National Movement in Assam |url=https://indianculture.gov.in/node/2820144}}</ref>इस कला रूप में मुख्य रूप से छोटे झांझ (''खुटीताल'') की संगत के साथ गाकर कथा-वाचन, संवाद, हाव-भाव तथा आंशिक रूप से तात्कालिक नाट्य प्रस्तुति का समावेश होता है।{{sfn|Baruah|Choudhury|2023|pp=106–109}}{{sfn|Baruah|2017|pp=12–15}} [[File:Oja Pali.jpg|thumb|असम का एक ओजापाली दल (एंसेंबल)]] == उत्पत्ति और ऐतिहासिक संदर्भ == ओजापाली को कहानी कहने की '''''कथाकथा''''' परंपरा से विकसित माना जाता है, जिसे स्थानीय अनुष्ठानों और सामुदायिक प्रस्तुतियों के अनुरूप अनुकूलित किया गया।{{sfn|Baruah|Choudhury|2023|pp=106–111}} इसके महाकाव्य-आधारित रूप असमिया ''रामायण'' और ''महाभारत'' के पुनर्कथनों का उल्लेख करते हैं, जबकि गैर-महाकाव्य रूप शाक्त (शक्ति) उपासना परंपराओं में निहित हैं।{{sfn|Baruah|2016|pp=100–103}} यह कला-रूप [[कामता साम्राज्य|कामता साम्राज्य]] के अधीन सुदृढ़ हुआ और राजा धर्मनारायण के शासनकाल में दरांग में इसका संरक्षण किया गया। पंद्रहवीं–सोलहवीं शताब्दी के दौरान, ओजापाली का असम के [[भक्ति आंदोलन]] के साथ संपर्क हुआ; बाद के लेखकों का उल्लेख है कि ओजापाली के तत्वों ने नव-वैष्णव सत्रों से संबंधित रंगमंच और संगीत के विकास को प्रभावित किया।{{sfn|Baruah|Choudhury|2023|pp=107–109}} कई कला इतिहासकार और प्रदर्शन कला के विद्वान यह भी सुझाव देते हैं कि श्रीमंत शंकरदेव की नाट्य शैली (''अंकिया नाट''/''भाओना'') पर ओजापाली का प्रभाव था।<ref>{{Cite web |title=Social Reserch Foundation |url=https://www.socialresearchfoundation.com/new/publish-journal.php?editID=1430 |access-date=2025-09-09 |website=www.socialresearchfoundation.com}}</ref><ref>{{Cite journal |last=Sarma |first=Madan |date=2022-08-04 |title=Anka or Aṅkīyā Nāṭ: Genesis and Structure |url=https://www.academia.edu/84166432 |journal=Mahapurusjyoti}}</ref> == प्रदर्शन और शैली == एक ओजापाली दल में सामान्यतः एक '''ओजा''' (मुख्य कलाकार) और चार या पाँच '''पाली''' (कोरस) होते हैं। मुख्य कोरस गायक, '''दाइना-पाली''', ओजा के दाहिनी ओर खड़ा होता है और संवादात्मक प्रत्युत्तर तथा व्याख्या के माध्यम से कथा को आगे बढ़ाता है।{{sfn|Baruah|2016|p=101}}{{sfn|Baruah|Choudhury|2023|pp=108–109}} प्रस्तुति में गाए जाने वाले पद, संवाद, लयबद्ध पदचालन तथा हाव-भाव का समावेश होता है; दल 'खुटीताल' (छोटे झांझ) की सहायता से ताल बनाए रखता है, और कुछ संदर्भों में इसके साथ अन्य तालवाद्य वाद्यों का भी सहयोग लिया जा सकता है।{{sfn|Baruah|Choudhury|2023|pp=108–109}}वेशभूषा इसकी विभिन्न उपशैलियों के अनुसार भिन्न होती है: ब्याह दल प्रायः सफेद पगड़ी और ''चपकन'' पहनते हैं, जबकि सत्रिया ओजापाली में संकरी वेशभूषा तथा सत्र परंपरा के अनुरूप आभूषण धारण किए जाते हैं।{{sfn|Baruah|2016|p=102}} == विविधताएँ / रूप == विद्वानों के स्रोत सामान्यतः तीन प्रमुख रूपों का उल्लेख करते हैं, जिन्हें कभी-कभी "महाकाव्य-आधारित" और "गैर-महाकाव्य/शाक्त-संबद्ध" शीर्षकों के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाता है:{{sfn|Baruah|Choudhury|2023|p=107}}{{sfn|Baruah|2023|pp=1–2}} iang6es6wcvuxgc08gebs48yzxgnt62 विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/सीता शरण इंटर कॉलेज,खतौली 4 1615965 6582577 6582101 2026-07-14T14:12:11Z AMAN KUMAR 911487 /* सीता शरण इंटर कॉलेज,खतौली */ समर्थन हटाने का 6582577 wikitext text/x-wiki === [[:सीता शरण इंटर कॉलेज,खतौली]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=जुलाई 2026}} :{{la|1=सीता शरण इंटर कॉलेज,खतौली}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|सीता शरण इंटर कॉलेज,खतौली -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: ज्ञानकोशीय उल्लेखनीयता नहीं। अलग से ऐसी कोई जानकारी नहीं जिसके लिये इसपर विकिपीडिया लेख रखा जाय। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 19:27, 11 जुलाई 2026 (UTC) * विषय की स्वतंत्र ज्ञानकोशीय उल्लेखनीयता स्थापित नहीं होती प्रतीत होती। साथ ही, ऐसी कोई पर्याप्त एवं स्वतंत्र जानकारी उपलब्ध नहीं है, जिसके आधार पर इस विषय पर विकिपीडिया लेख रखा जाना उचित ठहरे। अतः मेरे मत में लेख हटाया जाना उचित होगा। <span style="text-shadow:black 3px 3px 2px;color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:24, 12 जुलाई 2026 (UTC) * हटाए - नामांकन अनुसार। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 14:12, 14 जुलाई 2026 (UTC) bbdvh5fwbknc0ziqiiy69duv3ywxw3e पार्कर रोड स्टेशन 0 1616037 6582567 6582510 2026-07-14T13:58:46Z Armadillo Jack 936233 6582567 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = Parker Road | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = DART Parker Road 2020.jpg | caption = Parker Road station. Bus transfer center on the left; rail platforms on the right. | address = 2600 Archerwood Street, Plano, Texas 75074 | borough = [[प्लानो, टेक्सास]] | coordinates = {{coord|33|2|2|N|96|42|3|W|type:railwaystation_region:US-TX|display=inline,title}} | owned = [[Dallas Area Rapid Transit]][[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = 1 आइलैंड प्लेटफॉर्म | connections = {{rint|bus|1}} '''[[Dallas Area Rapid Transit#Buses|DART]]''': {{DART LB|234}}, {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}<br />{{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}, {{DART GL|farnorthplano|Far North Plano|(M-Sun)}}, {{DART GL|legacywest|Legacy West|(M-Sun)}}, {{DART GL|northcentralplanochaseoaks|North Central Plano/Chase Oaks|(M-Sun)}}, {{DART GL|southcentralplano|South Central Plano|(M-Sun)}} | parking = 2,020 जगहें(कुछ पहले से ही बुक हैं।)<ref name="Station Guide" /> | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = अप्रैल 20, 1993<ref name="Metro Report" /> (bus)<br />December 9, 2002<ref name="Briefs" /> (rail) | rebuilt = | passengers = 2,018 (औसत. काम करने के दिन)<ref name="Ridership" /> | pass_year = FY24 | pass_percent = 4.0 | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''पार्कर रोड स्टेशन''' (जिसे पहले ईस्ट प्लानो ट्रांजिट सेंटर के नाम से जाना जाता था) प्लानो, टेक्सास में एक इंटरमॉडल ट्रांजिट सुविधा है। यह स्टेशन पार्कर रोड और पार्क बुलेवार्ड के बीच नॉर्थ सेंट्रल एक्सप्रेसवे (US 75) के पास है। डलास एरिया रैपिड ट्रांजिट द्वारा चलाया जाने वाला यह स्टेशन DART रेल, तीन बस रूट और पांच ऑन-डिमांड सर्विस ज़ोन की सर्विस देता है। यह स्टेशन रेड लाइन का उत्तरी टर्मिनस है। यह हफ़्ते के दिनों में काम के घंटों के दौरान ऑरेंज लाइन का उत्तरी टर्मिनस भी है।<ref>{{Cite web|url=https://www.dart.org/guide/transit-and-use/transit-centers-and-transfer-locations/dart-orange-line|title=Orange Line|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|language=en|access-date=2024-01-21}}</ref><ref name="Station Guide">{{Cite web|url=https://www.dart.org/guide/transit-and-use/rail/rail-station-detail/parker-road-station|title=Parker Road Station|website=|language=en|access-date=2024-01-21}}</ref> डाउनटाउन डलास के बाहर रेड लाइन के सभी स्टेशनों में से इस स्टेशन पर हफ़्ते के दिनों में सबसे ज़्यादा यात्री आते हैं, यहाँ औसतन 2,018 यात्री सफ़र करते हैं।<ref name="Ridership">{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/dart-facts/2025-dart-reference-book.pdf|title=Dallas Area Rapid Transit Reference Book, Version 16.0|date=May 2025|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|pages=32-36|access-date=2025-07-10}}</ref> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] oixlle9cz5sb889kroq5gqjk9rxxv4y 6582568 6582567 2026-07-14T14:00:26Z Armadillo Jack 936233 6582568 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = Parker Road | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = DART Parker Road 2020.jpg | caption = Parker Road station. Bus transfer center on the left; rail platforms on the right. | address = 2600 Archerwood Street, Plano, Texas 75074 | borough = [[प्लानो, टेक्सास]] | coordinates = {{coord|33|2|2|N|96|42|3|W|type:railwaystation_region:US-TX|display=inline,title}} | owned = [[Dallas Area Rapid Transit]][[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = 1 आइलैंड प्लेटफॉर्म | connections = {{rint|bus|1}} '''[[Dallas Area Rapid Transit#Buses|DART]]''': {{DART LB|234}}, {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}<br />{{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}, {{DART GL|farnorthplano|Far North Plano|(M-Sun)}}, {{DART GL|legacywest|Legacy West|(M-Sun)}}, {{DART GL|northcentralplanochaseoaks|North Central Plano/Chase Oaks|(M-Sun)}}, {{DART GL|southcentralplano|South Central Plano|(M-Sun)}} | parking = 2,020 जगहें(कुछ पहले से ही बुक हैं।)<ref name="Station Guide" /> | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = अप्रैल 20, 1993 (rail) | rebuilt = | passengers = 2,018 (औसत. काम करने के दिन)<ref name="Ridership" /> | pass_year = FY24 | pass_percent = 4.0 | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''पार्कर रोड स्टेशन''' (जिसे पहले ईस्ट प्लानो ट्रांजिट सेंटर के नाम से जाना जाता था) प्लानो, टेक्सास में एक इंटरमॉडल ट्रांजिट सुविधा है। यह स्टेशन पार्कर रोड और पार्क बुलेवार्ड के बीच नॉर्थ सेंट्रल एक्सप्रेसवे (US 75) के पास है। डलास एरिया रैपिड ट्रांजिट द्वारा चलाया जाने वाला यह स्टेशन DART रेल, तीन बस रूट और पांच ऑन-डिमांड सर्विस ज़ोन की सर्विस देता है। यह स्टेशन रेड लाइन का उत्तरी टर्मिनस है। यह हफ़्ते के दिनों में काम के घंटों के दौरान ऑरेंज लाइन का उत्तरी टर्मिनस भी है।<ref>{{Cite web|url=https://www.dart.org/guide/transit-and-use/transit-centers-and-transfer-locations/dart-orange-line|title=Orange Line|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|language=en|access-date=2024-01-21}}</ref><ref name="Station Guide">{{Cite web|url=https://www.dart.org/guide/transit-and-use/rail/rail-station-detail/parker-road-station|title=Parker Road Station|website=|language=en|access-date=2024-01-21}}</ref> डाउनटाउन डलास के बाहर रेड लाइन के सभी स्टेशनों में से इस स्टेशन पर हफ़्ते के दिनों में सबसे ज़्यादा यात्री आते हैं, यहाँ औसतन 2,018 यात्री सफ़र करते हैं।<ref name="Ridership">{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/dart-facts/2025-dart-reference-book.pdf|title=Dallas Area Rapid Transit Reference Book, Version 16.0|date=May 2025|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|pages=32-36|access-date=2025-07-10}}</ref> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] tc063o1vuj4tm57dka0ab7b4hjyodqk डाउनटाउन प्लानो स्टेशन 0 1616038 6582625 6582517 2026-07-14T17:54:31Z Armadillo Jack 936233 6582625 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = Downtown Plano | style = डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट | type = [[डार्ट रेल]] | image = DART Downtown Plano station - February 2020.jpg | caption = डाउनटाउन प्लानो स्टेशन और उसके पास [[transit-oriented development]] | address = 1001 East 16th Street<ref name="Station Guide">{{cite web |title=Downtown Plano Station |url=https://www.dart.org/guide/transit-and-use/rail/rail-station-detail/downtown-plano-station |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |access-date=2024-06-18}}</ref> | borough = [[प्लानो, टेक्सास]] | coordinates = {{coord|33|1|15|N|96|42|3|W|type:railwaystation_region:US-TX|display=inline,title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = 2 [[साइड प्लेटफॉर्म]] | connections = {{rint|bus|1}} '''[[Dallas Area Rapid Transit#Buses|DART]]''': {{DART LB|236}} and {{DART LB|247}}<br />{{DART GL|eastplano|East Plano|(M-F)}}<br />{{DART GL|southcentralplano|South Central Plano|(M-F)}} | structure = At-grade | parking = कोई नहीं | bicycle = 3 bike lockers,<ref>{{cite web |title=Bicycle Parking |url=https://www.dart.org/guide/supporting-services/bike-information/bicycle-parking |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |access-date=2024-06-18}}</ref> 1 bike rack | accessible = Yes | code = | zone = | opened = दिसंबर 9, 2002<ref name="Opening">{{Cite news |date=2002-12-10 |title=Briefs: DART ridership heavy as 3 rail stations open |url=https://infoweb.newsbank.com/apps/news/openurl?ctx_ver=z39.88-2004&rft_id=info%3Asid/infoweb.newsbank.com&svc_dat=WORLDNEWS&req_dat=0FC00B934DD580D0&rft_val_format=info%3Aofi/fmt%3Akev%3Amtx%3Actx&rft_dat=document_id%3Anews%252F0F7DCF74F0327578 |work=[[The Dallas Morning News]] |publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]] |pages=22A |via=[[NewsBank]]}}</ref> | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | other_services = | other_services_header = | other_services_collapsible = | mapframe = yes | mapframe-custom = }} '''डाउनटाउन प्लानो स्टेशन,''' टेक्सास के प्लानो में एक DART रेल स्टेशन है। यह स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक डाउनटाउन इलाके में हैगार्ड पार्क के पूर्वी हिस्से में स्थित है। यह रेड लाइन और पीक समय के दौरान ऑरेंज लाइन के लिए सेवा देता है। यह स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक इलाकों ज़िले के हैगार्ड पार्क इलाके की सेवा करता है और प्लानो नेटवर्क का सबसे बड़ा मेट्रो स्टेशन है, जो लगभग 118,400 वर्ग फीट (11,000 वर्ग मीटर) के क्षेत्र में फैला है। == संदर्भ == <references /> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] cx7jmexx06mrgh5cieug0d9j8xikeyj 6582626 6582625 2026-07-14T17:55:39Z Armadillo Jack 936233 6582626 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = Downtown Plano | style = डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट | type = [[डार्ट रेल]] | image = DART Downtown Plano station - February 2020.jpg | caption = डाउनटाउन प्लानो स्टेशन और उसके पास [[transit-oriented development]] | address = 1001 East 16th Street<ref name="Station Guide">{{cite web |title=Downtown Plano Station |url=https://www.dart.org/guide/transit-and-use/rail/rail-station-detail/downtown-plano-station |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |access-date=2024-06-18}}</ref> | borough = [[प्लानो, टेक्सास]] | coordinates = {{coord|33|1|15|N|96|42|3|W|type:railwaystation_region:US-TX|display=inline,title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = 2 [[साइड प्लेटफॉर्म]] | connections = {{rint|bus|1}} '''[[Dallas Area Rapid Transit#Buses|DART]]''': {{DART LB|236}} and {{DART LB|247}}<br />{{DART GL|eastplano|East Plano|(M-F)}}<br />{{DART GL|southcentralplano|South Central Plano|(M-F)}} | structure = At-grade | parking = कोई नहीं | bicycle = 3 बाइक लॉकर,<ref>{{cite web |title=Bicycle Parking |url=https://www.dart.org/guide/supporting-services/bike-information/bicycle-parking |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |access-date=2024-06-18}}</ref> 1 बाइक रैक | accessible = Yes | code = | zone = | opened = दिसंबर 9, 2002<ref name="Opening">{{Cite news |date=2002-12-10 |title=Briefs: DART ridership heavy as 3 rail stations open |url=https://infoweb.newsbank.com/apps/news/openurl?ctx_ver=z39.88-2004&rft_id=info%3Asid/infoweb.newsbank.com&svc_dat=WORLDNEWS&req_dat=0FC00B934DD580D0&rft_val_format=info%3Aofi/fmt%3Akev%3Amtx%3Actx&rft_dat=document_id%3Anews%252F0F7DCF74F0327578 |work=[[The Dallas Morning News]] |publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]] |pages=22A |via=[[NewsBank]]}}</ref> | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | other_services = | other_services_header = | other_services_collapsible = | mapframe = yes | mapframe-custom = }} '''डाउनटाउन प्लानो स्टेशन,''' टेक्सास के प्लानो में एक DART रेल स्टेशन है। यह स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक डाउनटाउन इलाके में हैगार्ड पार्क के पूर्वी हिस्से में स्थित है। यह रेड लाइन और पीक समय के दौरान ऑरेंज लाइन के लिए सेवा देता है। यह स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक इलाकों ज़िले के हैगार्ड पार्क इलाके की सेवा करता है और प्लानो नेटवर्क का सबसे बड़ा मेट्रो स्टेशन है, जो लगभग 118,400 वर्ग फीट (11,000 वर्ग मीटर) के क्षेत्र में फैला है। == संदर्भ == <references /> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] 6iwizurdo112xopd1caw28f1r9smvpk 6582642 6582626 2026-07-14T19:16:53Z ~2026-39830-59 936287 6582642 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = Downtown Plano | style = डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट | type = [[डार्ट रेल]] | image = DART Downtown Plano station - February 2020.jpg | caption = डाउनटाउन प्लानो स्टेशन और उसके पास [[transit-oriented development]] | address = 1001 East 16th Street<ref name="Station Guide">{{cite web |title=Downtown Plano Station |url=https://www.dart.org/guide/transit-and-use/rail/rail-station-detail/downtown-plano-station |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |access-date=2024-06-18}}</ref> | borough = [[प्लानो, टेक्सास]] | coordinates = {{coord|33|1|15|N|96|42|3|W|type:railwaystation_region:US-TX|display=inline,title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = 2 [[साइड प्लेटफॉर्म]] | connections = {{rint|bus|1}} '''[[Dallas Area Rapid Transit#Buses|DART]]''': {{DART LB|236}} and {{DART LB|247}}<br />{{DART GL|eastplano|East Plano|(M-F)}}<br />{{DART GL|southcentralplano|South Central Plano|(M-F)}} | structure = At-grade | parking = कोई नहीं | bicycle = 3 बाइक लॉकर,<ref>{{cite web |title=Bicycle Parking |url=https://www.dart.org/guide/supporting-services/bike-information/bicycle-parking |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |access-date=2024-06-18}}</ref> 1 बाइक रैक | accessible = Yes | code = | zone = | opened = दिसंबर 9, 2002<ref name="Opening">{{Cite news |date=2002-12-10 |title=Briefs: DART ridership heavy as 3 rail stations open |url=https://infoweb.newsbank.com/apps/news/openurl?ctx_ver=z39.88-2004&rft_id=info%3Asid/infoweb.newsbank.com&svc_dat=WORLDNEWS&req_dat=0FC00B934DD580D0&rft_val_format=info%3Aofi/fmt%3Akev%3Amtx%3Actx&rft_dat=document_id%3Anews%252F0F7DCF74F0327578 |work=[[The Dallas Morning News]] |publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]] |pages=22A |via=[[NewsBank]]}}</ref> | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | other_services = | other_services_header = | other_services_collapsible = | mapframe = yes | mapframe-custom = }} '''डाउनटाउन प्लानो स्टेशन,''' टेक्सास के प्लानो में एक DART रेल स्टेशन है। यह स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक डाउनटाउन इलाके में हैगार्ड पार्क के पूर्वी हिस्से में स्थित है। यह रेड लाइन और पीक समय के दौरान ऑरेंज लाइन के लिए सेवा देता है। यह स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक इलाकों ज़िले के हैगार्ड पार्क इलाके की सेवा करता है और प्लानो नेटवर्क का सबसे बड़ा मेट्रो स्टेशन है, जो लगभग 1,89,276 वर्ग फ़ीट के क्षेत्र में फैला है। == संदर्भ == <references /> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] cqz5j29sjpytwempmirmess5t059cru नीतिका सत्या 0 1616039 6582529 2026-07-14T12:01:27Z Sadqwerty321 936243 नया पृष्ठ: = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: पटना, बिहार) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा... 6582529 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: पटना, बिहार) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित प्रतिष्ठित मिसेज इंडिया इंक 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<sup>1</sup>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में डेलॉइट, अमेज़न, डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<sup>3</sup>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<sup>1</sup>। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<sup>1</sup>। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |'''विशेषता''' |'''विवरण''' |- |'''नाम''' |नितिका सत्या |- |'''जन्म स्थान''' |पटना, बिहार, भारत |- |'''वर्तमान निवास''' |बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत |- |'''शिक्षा''' |दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |डेलॉइट यूएस इंडिया, अमेज़न, डिज़्नी+ हॉटस्टार, जियोस्टार |- |'''सोशल मीडिया''' |इंस्टाग्राम: @nitika.satya |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण बिहार की राजधानी पटना में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<sup>1</sup>। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<sup>6</sup>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने पटना विमेंस कॉलेज में एक स्थायी संकाय सदस्य और पटना विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''द टाइम्स ऑफ इंडिया'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<sup>6</sup>। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<sup>1</sup>। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा नई दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), आर.के. पुरम से पूरी की<sup>5</sup>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। डीपीएस आर.के. पुरम में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग (B.Tech/B.E.) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<sup>3</sup>। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<sup>5</sup>। MICA को व्यापक रूप से भारत के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो विश्वविद्यालय का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<sup>1</sup>। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<sup>3</sup>। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<sup>3</sup>। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === डिजिटल मार्केटिंग और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<sup>3</sup>। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<sup>3</sup>। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<sup>3</sup>। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें जियोस्टार (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। जियोस्टार में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<sup>3</sup>। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |डिजिटल मार्केटिंग, कंज्यूमर इनसाइट्स, ई-कॉमर्स |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |मुद्रीकरण, सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<sup>1</sup>। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<sup>1</sup>। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<sup>1</sup>। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<sup>1</sup>। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<sup>1</sup>। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<sup>1</sup>। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<sup>1</sup>। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<sup>1</sup>। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<sup>1</sup>। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<sup>1</sup>। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<sup>1</sup>। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<sup>1</sup>। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<sup>1</sup>। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<sup>1</sup>। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<sup>1</sup>। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<sup>1</sup>। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # Nitika Satya presentations, <nowiki>https://pt.slideshare.net/NitikaSatya?nway-=</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> kcr3et19bo0t9quthmdropjkapuwiuq 6582530 6582529 2026-07-14T12:02:33Z Sadqwerty321 936243 /* जीवन परिचय (Biographical Overview) */ 6582530 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: पटना, बिहार) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित प्रतिष्ठित मिसेज इंडिया इंक 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<sup>1</sup>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में डेलॉइट, अमेज़न, डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<sup>3</sup>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<sup>1</sup>। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<sup>1</sup>। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |'''विशेषता''' |'''विवरण''' |- |'''नाम''' |नितिका सत्या |- |'''जन्म स्थान''' |पटना, बिहार, भारत |- |'''वर्तमान निवास''' |बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत |- |'''शिक्षा''' |दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |डेलॉइट यूएस इंडिया, अमेज़न, डिज़्नी+ हॉटस्टार, जियोस्टार |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण बिहार की राजधानी पटना में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<sup>1</sup>। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<sup>6</sup>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने पटना विमेंस कॉलेज में एक स्थायी संकाय सदस्य और पटना विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''द टाइम्स ऑफ इंडिया'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<sup>6</sup>। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<sup>1</sup>। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा नई दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), आर.के. पुरम से पूरी की<sup>5</sup>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। डीपीएस आर.के. पुरम में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग (B.Tech/B.E.) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<sup>3</sup>। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<sup>5</sup>। MICA को व्यापक रूप से भारत के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो विश्वविद्यालय का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<sup>1</sup>। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<sup>3</sup>। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<sup>3</sup>। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === डिजिटल मार्केटिंग और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<sup>3</sup>। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<sup>3</sup>। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<sup>3</sup>। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें जियोस्टार (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। जियोस्टार में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<sup>3</sup>। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |डिजिटल मार्केटिंग, कंज्यूमर इनसाइट्स, ई-कॉमर्स |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |मुद्रीकरण, सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<sup>1</sup>। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<sup>1</sup>। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<sup>1</sup>। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<sup>1</sup>। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<sup>1</sup>। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<sup>1</sup>। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<sup>1</sup>। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<sup>1</sup>। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<sup>1</sup>। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<sup>1</sup>। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<sup>1</sup>। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<sup>1</sup>। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<sup>1</sup>। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<sup>1</sup>। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<sup>1</sup>। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<sup>1</sup>। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # Nitika Satya presentations, <nowiki>https://pt.slideshare.net/NitikaSatya?nway-=</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> 7rlfgguknjx2tehtwulxf7yqd043sj4 6582534 6582530 2026-07-14T12:18:41Z Sadqwerty321 936243 /* नितिका सत्या */ 6582534 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: पटना, बिहार) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित प्रतिष्ठित मिसेज इंडिया इंक 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<sup>1</sup>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में डेलॉइट, अमेज़न, डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<sup>3</sup>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<sup>1</sup>। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<sup>1</sup>। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |'''विशेषता''' |'''विवरण''' |- |'''नाम''' |नितिका सत्या |- |'''जन्म स्थान''' |पटना, बिहार, भारत |- |'''वर्तमान निवास''' |बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत |- |'''शिक्षा''' |दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |डेलॉइट यूएस इंडिया, अमेज़न, डिज़्नी+ हॉटस्टार, जियोस्टार |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण बिहार की राजधानी पटना में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<sup>1</sup>। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<sup>6</sup>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने पटना विमेंस कॉलेज में एक स्थायी संकाय सदस्य और पटना विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''द टाइम्स ऑफ इंडिया'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<sup>6</sup>। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<sup>1</sup>। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा नई दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), आर.के. पुरम से पूरी की<sup>5</sup>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। डीपीएस आर.के. पुरम में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग (B.Tech/B.E.) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<sup>3</sup>। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<sup>5</sup>। MICA को व्यापक रूप से भारत के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो विश्वविद्यालय का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<sup>1</sup>। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<sup>3</sup>। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<sup>3</sup>। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === डिजिटल मार्केटिंग और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<sup>3</sup>। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<sup>3</sup>। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<sup>3</sup>। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें जियोस्टार (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। जियोस्टार में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<sup>3</sup>। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |डिजिटल मार्केटिंग, कंज्यूमर इनसाइट्स, ई-कॉमर्स |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |मुद्रीकरण, सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<sup>1</sup>। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<sup>1</sup>। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<sup>1</sup>। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<sup>1</sup>। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<sup>1</sup>। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<sup>1</sup>। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<sup>1</sup>। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<sup>1</sup>। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<sup>1</sup>। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<sup>1</sup>। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<sup>1</sup>। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<sup>1</sup>। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<sup>1</sup>। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<sup>1</sup>। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<sup>1</sup>। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<sup>1</sup>। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # Nitika Satya presentations, <nowiki>https://pt.slideshare.net/NitikaSatya?nway-=</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> o5lh2lbvwjp3f1s8kbg04vnv1rcosot 6582538 6582534 2026-07-14T12:26:59Z ~2026-39671-36 936246 /* जीवन परिचय (Biographical Overview) */ 6582538 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: पटना, बिहार) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित प्रतिष्ठित मिसेज इंडिया इंक 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<sup>1</sup>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में डेलॉइट, अमेज़न, डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<sup>3</sup>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<sup>1</sup>। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<sup>1</sup>। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |पटना, बिहार, भारत |- |'''वर्तमान निवास''' |बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत |- |'''शिक्षा''' |दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |डेलॉइट यूएस इंडिया, अमेज़न, डिज़्नी+ हॉटस्टार, जियोस्टार |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण बिहार की राजधानी पटना में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<sup>1</sup>। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<sup>6</sup>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने पटना विमेंस कॉलेज में एक स्थायी संकाय सदस्य और पटना विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''द टाइम्स ऑफ इंडिया'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<sup>6</sup>। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<sup>1</sup>। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा नई दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), आर.के. पुरम से पूरी की<sup>5</sup>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। डीपीएस आर.के. पुरम में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग (B.Tech/B.E.) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<sup>3</sup>। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<sup>5</sup>। MICA को व्यापक रूप से भारत के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो विश्वविद्यालय का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<sup>1</sup>। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<sup>3</sup>। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<sup>3</sup>। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === डिजिटल मार्केटिंग और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<sup>3</sup>। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<sup>3</sup>। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<sup>3</sup>। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें जियोस्टार (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। जियोस्टार में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<sup>3</sup>। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |डिजिटल मार्केटिंग, कंज्यूमर इनसाइट्स, ई-कॉमर्स |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |मुद्रीकरण, सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<sup>1</sup>। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<sup>1</sup>। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<sup>1</sup>। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<sup>1</sup>। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<sup>1</sup>। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<sup>1</sup>। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<sup>1</sup>। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<sup>1</sup>। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<sup>1</sup>। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<sup>1</sup>। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<sup>1</sup>। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<sup>1</sup>। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<sup>1</sup>। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<sup>1</sup>। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<sup>1</sup>। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<sup>1</sup>। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<sup>1</sup>। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # Nitika Satya presentations, <nowiki>https://pt.slideshare.net/NitikaSatya?nway-=</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> 0t6fu6tj1k29yvcoe49i2rnnys7zaqt 6582547 6582538 2026-07-14T12:56:55Z ~2026-39671-36 936246 /* नितिका सत्या */ 6582547 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित मिसेज इंडिया इंक 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |पटना, बिहार, भारत |- |'''वर्तमान निवास''' |बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत |- |'''शिक्षा''' |दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |डेलॉइट यूएस इंडिया, अमेज़न, डिज़्नी+ हॉटस्टार, जियोस्टार |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण बिहार की राजधानी पटना में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने पटना विमेंस कॉलेज में एक स्थायी संकाय सदस्य और पटना विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''द टाइम्स ऑफ इंडिया'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा नई दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), आर.के. पुरम से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। डीपीएस आर.के. पुरम में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग (B.Tech/B.E.) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से भारत के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो विश्वविद्यालय का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === डिजिटल मार्केटिंग और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें जियोस्टार (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। जियोस्टार में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |डिजिटल मार्केटिंग, कंज्यूमर इनसाइट्स, ई-कॉमर्स |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |मुद्रीकरण, सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> ntskcp5rioucpcm88i65gyix5efp0v1 6582549 6582547 2026-07-14T13:02:43Z ~2026-39671-36 936246 /* जीवन परिचय (Biographical Overview) */ 6582549 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित मिसेज इंडिया इंक 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण बिहार की राजधानी पटना में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने पटना विमेंस कॉलेज में एक स्थायी संकाय सदस्य और पटना विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''द टाइम्स ऑफ इंडिया'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा नई दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), आर.के. पुरम से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। डीपीएस आर.के. पुरम में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग (B.Tech/B.E.) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से भारत के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो विश्वविद्यालय का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === डिजिटल मार्केटिंग और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें जियोस्टार (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। जियोस्टार में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |डिजिटल मार्केटिंग, कंज्यूमर इनसाइट्स, ई-कॉमर्स |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |मुद्रीकरण, सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> 2sgekjmotp17wfy6cx4up0mth0jhwrc 6582552 6582549 2026-07-14T13:06:20Z ~2026-39671-36 936246 /* प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि */ 6582552 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित मिसेज इंडिया इंक 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा नई दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), आर.के. पुरम से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। डीपीएस आर.के. पुरम में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग (B.Tech/B.E.) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से भारत के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो विश्वविद्यालय का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === डिजिटल मार्केटिंग और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें जियोस्टार (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। जियोस्टार में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |डिजिटल मार्केटिंग, कंज्यूमर इनसाइट्स, ई-कॉमर्स |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |मुद्रीकरण, सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> soaurwkojyx3sovyyxq7luewr4u8gqw 6582553 6582552 2026-07-14T13:12:43Z ~2026-39671-36 936246 /* प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा */ 6582553 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित मिसेज इंडिया इंक 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से भारत के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो विश्वविद्यालय का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === डिजिटल मार्केटिंग और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें जियोस्टार (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। जियोस्टार में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |डिजिटल मार्केटिंग, कंज्यूमर इनसाइट्स, ई-कॉमर्स |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |मुद्रीकरण, सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> 03ysjpm80rbt1nb2bqftdphqohep4c4 6582554 6582553 2026-07-14T13:16:37Z ~2026-39671-36 936246 /* मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) */ 6582554 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित मिसेज इंडिया इंक 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो विश्वविद्यालय का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === डिजिटल मार्केटिंग और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें जियोस्टार (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। जियोस्टार में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |डिजिटल मार्केटिंग, कंज्यूमर इनसाइट्स, ई-कॉमर्स |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |मुद्रीकरण, सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> 8lpxlo03g0oijot0od6dcg9loumjewz 6582555 6582554 2026-07-14T13:17:35Z ~2026-39671-36 936246 /* मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) */ 6582555 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित मिसेज इंडिया इंक 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === डिजिटल मार्केटिंग और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें जियोस्टार (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। जियोस्टार में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |डिजिटल मार्केटिंग, कंज्यूमर इनसाइट्स, ई-कॉमर्स |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |मुद्रीकरण, सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> fctqxgjp1uih3lw61cetv4gqpkn88o1 6582556 6582555 2026-07-14T13:19:33Z ~2026-39671-36 936246 /* नितिका सत्या */ 6582556 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === डिजिटल मार्केटिंग और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें जियोस्टार (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। जियोस्टार में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |डिजिटल मार्केटिंग, कंज्यूमर इनसाइट्स, ई-कॉमर्स |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |मुद्रीकरण, सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> ky8nvrik309ocd75j18n7uoclog50p9 6582557 6582556 2026-07-14T13:25:34Z ~2026-39671-36 936246 /* डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार */ 6582557 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === मिसेज इंडिया इंक के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब '''मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> k3rpu1yd669bq3j7y6smsxwfb9hnk86 6582559 6582557 2026-07-14T13:27:25Z ~2026-39671-36 936246 /* मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 */ 6582559 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए '''बिहार कॉउचर रनवे''' में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (Celebrity Showstopper) के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस गैर-लाभकारी (non-profit) फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> 77kqcxslj4y4joaa0yu2tprwoo2yfyg 6582560 6582559 2026-07-14T13:28:48Z ~2026-39671-36 936246 /* बिहार कॉउचर रनवे 2023 */ 6582560 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें पटना के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित '''मिसेज बिहार 2025''' ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने सरगम ​​कौशल (मिसेज वर्ल्ड 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि बिहार की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |कोलंबो, श्रीलंका |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय (भारत) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |पटना, बिहार |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |पटना, बिहार |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> dtkzuadg7wkapw9xcz52e08z6h4t2jo 6582561 6582560 2026-07-14T13:33:05Z ~2026-39671-36 936246 /* जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 */ 6582561 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> bdrd9v6767bemmie0i843mj7oam8qxe 6582563 6582561 2026-07-14T13:36:21Z ~2026-39671-36 936246 /* पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) */ 6582563 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और सहकर्मी दबावों (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> nsg0bdlwioah56jsnprvow5ketqwu8y 6582564 6582563 2026-07-14T13:38:43Z ~2026-39671-36 936246 /* स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार */ 6582564 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, '''दूरदर्शन बिहार''' पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें '''जोश टॉक्स''' पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद (pigeonhole) में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से مجسم (embodying) करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक जमीनी (grounded) दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> 6t51c530hre2j2ws0nrnd2ggt3jk3q2 6582565 6582564 2026-07-14T13:41:31Z ~2026-39671-36 936246 /* सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति (Public Image and Media Presence) */ 6582565 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, [[दूरदर्शन]] पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें [[जोश टॉक्स]] पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े [[जनसांख्यिकीय लाभांश|जनसांख्यिकीय]] तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक डाउन टू अर्थ दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। == इन्हें भी देखें == * मिसेज इंडिया इंक * मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद * भारत में महिला शिक्षा * भारत में ओवर-द-टॉप (OTT) मीडिया सेवाएं ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> pgugvj7d076jpi8aw7uke1zhhrymg5r 6582566 6582565 2026-07-14T13:42:55Z ~2026-39671-36 936246 /* इन्हें भी देखें */ 6582566 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<sup>7</sup>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<sup>8</sup>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<sup>8</sup>। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<sup>9</sup>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<sup>10</sup>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<sup>13</sup>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<sup>9</sup>। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<sup>14</sup>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<sup>14</sup>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<sup>14</sup>। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<sup>14</sup>। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<sup>14</sup>। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<sup>15</sup>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<sup>4</sup>। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<sup>16</sup>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<sup>16</sup>। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<sup>9</sup>। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<sup>9</sup>। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<sup>2</sup>। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<sup>19</sup>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<sup>19</sup>। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<sup>2</sup>। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<sup>2</sup>। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<sup>20</sup>। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<sup>10</sup>। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, [[दूरदर्शन]] पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें [[जोश टॉक्स]] पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े [[जनसांख्यिकीय लाभांश|जनसांख्यिकीय]] तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक डाउन टू अर्थ दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<sup>8</sup>। ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> 6xh7jwnq1h0ljs75c2vn0f3q0c7ciqx 6582569 6582566 2026-07-14T14:05:19Z ~2026-39671-36 936246 /* नितिका सत्या */ 6582569 wikitext text/x-wiki = नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref name=":4">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<ref>{{Cite web|url=https://ceedindia.org/about-us/|title=About Us|website=CEED India|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<ref name=":5">{{Cite web|url=https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/|title=Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness|last=Gautam|first=Akash|date=2014-12-12|website=Most trusted Motivational speaker {{!}} Top Speaker for Corporate Events India|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<ref name=":5" />। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<ref name=":6">{{Cite web|url=https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2|title=All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2|last=Counselling|first=InsideIIM|date=2018-05-14|website=insideiim.com|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<ref name=":7">{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971|title=Education system in India|website=Slideshare|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<ref>{{Cite web|url=https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf|title=Mica|website=Mica}}</ref>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<ref name=":6" />। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<ref name=":8">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<ref name=":8" />। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<ref name=":8" />। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<ref name=":8" />। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<ref name=":8" />। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<ref>{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231|title=Client Challenge|website=www.slideshare.net|access-date=2026-07-14}}</ref>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<ref name=":2" />। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<ref name=":9">{{Cite web|url=https://bexcroupahmrqswv.quora.com/|title=Bexcroupahmrqswv}}</ref>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<ref name=":9" />। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<ref name=":6" />। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<ref name=":6" />। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<ref name=":4" />। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<ref name=":10">{{Cite web|url=https://indiankanoon.org/doc/73806944/|title=Indian Kanoon}}</ref>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<ref name=":10" />। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<ref name=":4" />। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<ref name=":4" />। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<ref name=":10" />। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<ref name=":7" />। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, [[दूरदर्शन]] पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें [[जोश टॉक्स]] पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े [[जनसांख्यिकीय लाभांश|जनसांख्यिकीय]] तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक डाउन टू अर्थ दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<ref name=":5" />। ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # ghj # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> 1pye8a5t6lehnlomc2iumvtgq2c1227 6582572 6582569 2026-07-14T14:08:11Z AMAN KUMAR 911487 हटाने हेतु नामांकित; देखें [[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या]] 6582572 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीयता का अभाव और विज्ञापनात्मक लेख।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या}}= नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref name=":4">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<ref>{{Cite web|url=https://ceedindia.org/about-us/|title=About Us|website=CEED India|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<ref name=":5">{{Cite web|url=https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/|title=Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness|last=Gautam|first=Akash|date=2014-12-12|website=Most trusted Motivational speaker {{!}} Top Speaker for Corporate Events India|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<ref name=":5" />। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<ref name=":6">{{Cite web|url=https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2|title=All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2|last=Counselling|first=InsideIIM|date=2018-05-14|website=insideiim.com|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<ref name=":7">{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971|title=Education system in India|website=Slideshare|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<ref>{{Cite web|url=https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf|title=Mica|website=Mica}}</ref>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<ref name=":6" />। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<ref name=":8">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<ref name=":8" />। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<ref name=":8" />। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<ref name=":8" />। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<ref name=":8" />। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<ref>{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231|title=Client Challenge|website=www.slideshare.net|access-date=2026-07-14}}</ref>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<ref name=":2" />। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<ref name=":9">{{Cite web|url=https://bexcroupahmrqswv.quora.com/|title=Bexcroupahmrqswv}}</ref>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<ref name=":9" />। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<ref name=":6" />। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<ref name=":6" />। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने '''मिसेज इंडिया इंक (Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<ref name=":4" />। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<ref name=":10">{{Cite web|url=https://indiankanoon.org/doc/73806944/|title=Indian Kanoon}}</ref>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<ref name=":10" />। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Cinnamon Hotels & Resorts) के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<ref name=":4" />। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<ref name=":4" />। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<sup>18</sup>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<ref name=":10" />। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<ref name=":7" />। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, [[दूरदर्शन]] पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें [[जोश टॉक्स]] पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े [[जनसांख्यिकीय लाभांश|जनसांख्यिकीय]] तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक डाउन टू अर्थ दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<ref name=":5" />। ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # ghj # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> 4cawaf9hg1kar8x120k6ahyw3txe5s8 6582576 6582572 2026-07-14T14:08:22Z ~2026-39671-36 936246 /* मिसेज इंडिया इंक 2023 */ 6582576 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीयता का अभाव और विज्ञापनात्मक लेख।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या}}= नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref name=":4">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<ref>{{Cite web|url=https://ceedindia.org/about-us/|title=About Us|website=CEED India|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<ref name=":5">{{Cite web|url=https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/|title=Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness|last=Gautam|first=Akash|date=2014-12-12|website=Most trusted Motivational speaker {{!}} Top Speaker for Corporate Events India|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<ref name=":5" />। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<ref name=":6">{{Cite web|url=https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2|title=All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2|last=Counselling|first=InsideIIM|date=2018-05-14|website=insideiim.com|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<ref name=":7">{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971|title=Education system in India|website=Slideshare|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<ref>{{Cite web|url=https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf|title=Mica|website=Mica}}</ref>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<ref name=":6" />। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<ref name=":8">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<ref name=":8" />। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<ref name=":8" />। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<ref name=":8" />। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<ref name=":8" />। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<ref>{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231|title=Client Challenge|website=www.slideshare.net|access-date=2026-07-14}}</ref>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<ref name=":2" />। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<ref name=":9">{{Cite web|url=https://bexcroupahmrqswv.quora.com/|title=Bexcroupahmrqswv}}</ref>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<ref name=":9" />। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<ref name=":6" />। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<sup>9</sup>। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<ref name=":6" />। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने मिसेज इंडिया इंक '''(Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<ref name=":4" />। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<ref name=":10">{{Cite web|url=https://indiankanoon.org/doc/73806944/|title=Indian Kanoon}}</ref>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<ref name=":10" />। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<ref name=":4" />। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<ref name=":4" />। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<ref>{{Cite web|url=https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/|title=Ceylon today}}</ref>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<sup>23</sup>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<sup>23</sup>। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<ref name=":10" />। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<sup>2</sup>। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<sup>2</sup>। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<sup>15</sup>। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<ref name=":7" />। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, [[दूरदर्शन]] पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें [[जोश टॉक्स]] पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े [[जनसांख्यिकीय लाभांश|जनसांख्यिकीय]] तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक डाउन टू अर्थ दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<ref name=":5" />। ==== Works cited ==== # Nitika Satya - Pageant Voices Alliance, <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/</nowiki> # Chethana Joshi Tiwari crowned Mrs India 2023 in Colombo - The Island, <nowiki>https://island.lk/chethana-joshi-tiwari-crowned-mrs-india-2023-in-colombo/</nowiki> # Nitika Satya · eChai, <nowiki>https://echai.ventures/founders/nitika-satya</nowiki> # MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram, <nowiki>https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram</nowiki> # ghj # 'My mom's Durga, the invincible' | Patna News - Times of India, <nowiki>https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms</nowiki> # About Us - CEED India, <nowiki>https://ceedindia.org/about-us/</nowiki> # Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness - Most trusted Motivational speaker - Akash Gautam, <nowiki>https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/</nowiki> # All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2 - InsideIIM, <nowiki>https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2</nowiki> # Education system in India | ODP - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971</nowiki> # Nitika Satya nitikasatya16 - GitHub, <nowiki>https://github.com/nitikasatya16</nowiki> # Nitika Satya presentations - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/NitikaSatya</nowiki> # annual report - 2023-24 - MICA, <nowiki>https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf</nowiki> # <nowiki>https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/#:~:text=She%20is%20a%20full%2Dtime,Doordarshan%20Bihar%20and%20Josh%20Talks</nowiki>. # Central elementary school student handbook | DOC - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231</nowiki> # Nitika Satya's Posts, <nowiki>https://bexcroupahmrqswv.quora.com/</nowiki> # Nitika Satya - CastYou, <nowiki>https://castyou.in/nitika-satya/</nowiki> # Mrs India Inc 2023 Grand Finale - Ceylon Today, <nowiki>https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/</nowiki> # Mrs. India Inc - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Mrs._India_Inc</nowiki> # No. 11338/2024 Titled Mrs. Mohini ... vs . Priya on 2 June, 2026, <nowiki>https://indiankanoon.org/doc/73806944/</nowiki> # Mrs India Inc: Mrs India 2026 Registration Open | Apply for the Official Pageant, <nowiki>https://www.mrsindiainc.in/</nowiki> # assam, <nowiki>https://www.studyiq.net/lecture_ppt/lesson161836/Assam-monthly-November-current-affairs_1734594648.pdf</nowiki> # File:Nitika Satya.jpeg - Wikimedia Commons, <nowiki>https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Nitika_Satya.jpeg</nowiki> # Suhasini Maniratnam - Wikipedia, <nowiki>https://en.wikipedia.org/wiki/Suhasini_Maniratnam</nowiki> # Beauty pageant under scanner: CCI orders investigation into Mrs India Inc, <nowiki>https://www.indiatoday.in/india/story/mrs-india-inc-accused-of-restricting-contestants-careers-cci-orders-investigation-2921627-2026-06-04</nowiki> # CCI Orders Probe Into Mrs India Inc Over Restrictive Conditions Imposed On Pageant Participants - LiveLawBiz, <nowiki>https://www.livelawbiz.com/competition-law/cci/competition-commission-of-india-orders-dg-probe-against-mrs-india-anti-competitive-clauses-on-participants-536610</nowiki> # Crafting Heritage: Pritam's PRITHS Steals the Show at Bihar Couture Runway - Medium, <nowiki>https://medium.com/@BorokTimes/crafting-heritage-pritams-priths-steals-the-show-at-bihar-couture-runway-f3176914ec6a</nowiki> # PRITHS Unveils a Tapestry of Elegance: Spotlight on Bihar Couture Runway 2023, <nowiki>https://boroktimes.com/priths-unveils-a-tapestry-of-elegance-spotlight-on-bihar-couture-runway-2023/</nowiki> # Rcbn- Inspiration April"26 - Rotary India, <nowiki>https://rotaryindia.org/Documents/ebulletin/Group42/RCBN_Inspiration__Tenth_Issue__April06052026104151PM.pdf</nowiki> # Galaxy S - Business News Live, Share Market News - Read Latest Finance News, IPO, Mutual Funds News - Indiatimes, <nowiki>https://economictimes.indiatimes.com/topic/galaxy-s</nowiki> # Mrs Bihar 2025 Winner | oceanvision.in, <nowiki>https://oceanvision.in/mrs-bihar-2025/</nowiki> # विधायक की पत्नी बन गई मिसेज बिहार | mrs bihar 2025 aishwarya raj - YouTube, <nowiki>https://www.youtube.com/shorts/lvUbNDYH1aw</nowiki> # Educational system in Bulgaria | PPT - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/educational-system-in-bulgaria/15063078</nowiki> # Manthan | PDF - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/manthan-26017062/26017062</nowiki> # suo moto Action | PPTX - Slideshare, <nowiki>https://www.slideshare.net/slideshow/suo-moto-action/62177927</nowiki> # miss. nikita srivastav - Uttar Pradesh Police | OfficerProfile, <nowiki>https://uppolice.gov.in/en/ppsofficerprofile?transid=3673&slugName=commprg</nowiki> 59z625t7xct0pr0yh6w3i6pweqt8axy 6582579 6582576 2026-07-14T14:17:21Z ~2026-39671-36 936246 /* */ 6582579 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीयता का अभाव और विज्ञापनात्मक लेख।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या}}= नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref name=":4">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<ref>{{Cite web|url=https://ceedindia.org/about-us/|title=About Us|website=CEED India|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<ref name=":5">{{Cite web|url=https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/|title=Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness|last=Gautam|first=Akash|date=2014-12-12|website=Most trusted Motivational speaker {{!}} Top Speaker for Corporate Events India|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<ref name=":5" />। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<ref name=":6">{{Cite web|url=https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2|title=All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2|last=Counselling|first=InsideIIM|date=2018-05-14|website=insideiim.com|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<ref name=":7">{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971|title=Education system in India|website=Slideshare|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<ref>{{Cite web|url=https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf|title=Mica|website=Mica}}</ref>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<ref name=":6" />। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<ref name=":8">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<ref name=":8" />। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<ref name=":8" />। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<ref name=":8" />। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<ref name=":8" />। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<ref>{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231|title=Client Challenge|website=www.slideshare.net|access-date=2026-07-14}}</ref>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<ref name=":2" />। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<ref name=":9">{{Cite web|url=https://bexcroupahmrqswv.quora.com/|title=Bexcroupahmrqswv}}</ref>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<ref name=":9" />। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<ref name=":6" />। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<ref name=":6" />। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<ref name=":6" />। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने मिसेज इंडिया इंक '''(Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<ref name=":4" />। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<ref name=":10">{{Cite web|url=https://indiankanoon.org/doc/73806944/|title=Indian Kanoon}}</ref>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<ref name=":10" />। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<ref name=":4" />। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<ref name=":4" />। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<ref name=":11">{{Cite web|url=https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/|title=Ceylon today}}</ref>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<ref name=":12">{{Cite web|url=https://www.mrsindiainc.in/|title=Mrs India 2026 Registration Open {{!}} Apply for the Official Pageant|website=Mrs India Inc|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<ref name=":12" />। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<ref name=":10" />। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref> उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<ref name=":4" />। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<ref name=":4" />। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<ref name=":11" />। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<ref name=":7" />। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, [[दूरदर्शन]] पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें [[जोश टॉक्स]] पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े [[जनसांख्यिकीय लाभांश|जनसांख्यिकीय]] तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक डाउन टू अर्थ दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<ref name=":5" />। ==== Works cited ==== 5zxdoj0l7buyvebh7m9qijh6lpaxuf7 6582580 6582579 2026-07-14T14:19:36Z ~2026-39671-36 936246 /* प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि */ 6582580 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीयता का अभाव और विज्ञापनात्मक लेख।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या}}= नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref name=":4">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। == जीवन परिचय (Biographical Overview) == {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == आरंभिक जीवन == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<ref>{{Cite web|url=https://ceedindia.org/about-us/|title=About Us|website=CEED India|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<ref name=":5">{{Cite web|url=https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/|title=Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness|last=Gautam|first=Akash|date=2014-12-12|website=Most trusted Motivational speaker {{!}} Top Speaker for Corporate Events India|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<ref name=":5" />। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<ref name=":6">{{Cite web|url=https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2|title=All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2|last=Counselling|first=InsideIIM|date=2018-05-14|website=insideiim.com|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<ref name=":7">{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971|title=Education system in India|website=Slideshare|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<ref>{{Cite web|url=https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf|title=Mica|website=Mica}}</ref>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<ref name=":6" />। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<ref name=":8">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<ref name=":8" />। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<ref name=":8" />। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<ref name=":8" />। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<ref name=":8" />। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<ref>{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231|title=Client Challenge|website=www.slideshare.net|access-date=2026-07-14}}</ref>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<ref name=":2" />। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<ref name=":9">{{Cite web|url=https://bexcroupahmrqswv.quora.com/|title=Bexcroupahmrqswv}}</ref>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<ref name=":9" />। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<ref name=":6" />। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<ref name=":6" />। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<ref name=":6" />। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने मिसेज इंडिया इंक '''(Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<ref name=":4" />। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<ref name=":10">{{Cite web|url=https://indiankanoon.org/doc/73806944/|title=Indian Kanoon}}</ref>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<ref name=":10" />। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<ref name=":4" />। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<ref name=":4" />। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<ref name=":11">{{Cite web|url=https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/|title=Ceylon today}}</ref>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<ref name=":12">{{Cite web|url=https://www.mrsindiainc.in/|title=Mrs India 2026 Registration Open {{!}} Apply for the Official Pageant|website=Mrs India Inc|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<ref name=":12" />। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<ref name=":10" />। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref> उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<ref name=":4" />। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<ref name=":4" />। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<ref name=":11" />। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<ref name=":7" />। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, [[दूरदर्शन]] पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें [[जोश टॉक्स]] पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े [[जनसांख्यिकीय लाभांश|जनसांख्यिकीय]] तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक डाउन टू अर्थ दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<ref name=":5" />। ==== Works cited ==== 0302gkc934nn6s93pozpvc5sn55h85h 6582617 6582580 2026-07-14T16:30:27Z ~2026-39671-36 936246 /* जीवन परिचय (Biographical Overview) */ 6582617 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीयता का अभाव और विज्ञापनात्मक लेख।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या}}= नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref name=":4">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == आरंभिक जीवन == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<ref>{{Cite web|url=https://ceedindia.org/about-us/|title=About Us|website=CEED India|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<ref name=":5">{{Cite web|url=https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/|title=Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness|last=Gautam|first=Akash|date=2014-12-12|website=Most trusted Motivational speaker {{!}} Top Speaker for Corporate Events India|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<ref name=":5" />। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शैक्षिक पृष्ठभूमि == सत्या की शैक्षिक यात्रा को रणनीतिक रूप से तकनीकी विषयों को उन्नत कॉर्पोरेट प्रबंधन और उपभोक्ता संचार (कंज्यूमर कम्युनिकेशंस) के साथ जोड़ने के लिए संरचित किया गया था। === प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा === सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<ref name=":6">{{Cite web|url=https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2|title=All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2|last=Counselling|first=InsideIIM|date=2018-05-14|website=insideiim.com|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ([[सूचना प्रौद्योगिकी|Information Technology]]) की आधारभूत समझ मिली<ref name=":7">{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971|title=Education system in India|website=Slideshare|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग) क्षेत्र में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) आधार प्रदान किया<ref name=":1" />। === मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (MICA) === उपभोक्ता व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। MICA को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक विपणन (मार्केटिंग), संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<ref>{{Cite web|url=https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf|title=Mica|website=Mica}}</ref>। MICA में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र (कमेटी इकोसिस्टम) में अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<ref name=":6" />। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। यह एक उद्योग-सामना करने वाले निकाय (इंडस्ट्री-फेसिंग बॉडी) के रूप में कार्य करता है जो उबर, कैडबरी और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख समूहों के लिए [[डिजिटल मार्केटिंग]], रीब्रांडिंग और प्राथमिक अनुसंधान (प्राइमरी रिसर्च) में लाइव परियोजनाओं को सुरक्षित और निष्पादित करने के लिए समर्पित है<ref name=":8">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट (सामग्री प्रबंधन प्रमुख) की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<ref name=":8" />। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना प्रबंधन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट), संकट शमन (क्राइसिस मिटिगेशन), क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<ref name=":8" />। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन (पीपल मैनेजमेंट) जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<ref name=":8" />। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<ref name=":8" />। मात्रात्मक (क्वांटिटेटिव) तकनीकी पृष्ठभूमि को MICA के उपभोक्ता संचार पर विशेष फोकस के साथ जोड़कर, इस अकादमिक कठोरता ने एक हाइब्रिड कौशल सेट बनाया जिसने सत्या को भारत के तेजी से डिजिटल होते कॉर्पोरेट परिदृश्य के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए बेहतर स्थिति में ला दिया<ref>{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/central-elementary-school-student-handbook/15518231|title=Client Challenge|website=www.slideshare.net|access-date=2026-07-14}}</ref>। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<ref name=":2" />। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<ref name=":9">{{Cite web|url=https://bexcroupahmrqswv.quora.com/|title=Bexcroupahmrqswv}}</ref>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<ref name=":9" />। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<ref name=":6" />। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<ref name=":6" />। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<ref name=":6" />। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने मिसेज इंडिया इंक '''(Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<ref name=":4" />। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<ref name=":10">{{Cite web|url=https://indiankanoon.org/doc/73806944/|title=Indian Kanoon}}</ref>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<ref name=":10" />। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<ref name=":4" />। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<ref name=":4" />। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<ref name=":11">{{Cite web|url=https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/|title=Ceylon today}}</ref>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<ref name=":12">{{Cite web|url=https://www.mrsindiainc.in/|title=Mrs India 2026 Registration Open {{!}} Apply for the Official Pageant|website=Mrs India Inc|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<ref name=":12" />। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<ref name=":10" />। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref> उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<ref name=":4" />। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<ref name=":4" />। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<ref name=":11" />। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<ref name=":7" />। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, [[दूरदर्शन]] पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें [[जोश टॉक्स]] पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े [[जनसांख्यिकीय लाभांश|जनसांख्यिकीय]] तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक डाउन टू अर्थ दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<ref name=":5" />। ==== Works cited ==== tjg1hia1xxgr1v5r1lxcwhwv62t43mu 6582618 6582617 2026-07-14T16:40:01Z ~2026-39671-36 936246 /* शैक्षिक पृष्ठभूमि */ 6582618 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीयता का अभाव और विज्ञापनात्मक लेख।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या}}= नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref name=":4">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == आरंभिक जीवन == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<ref>{{Cite web|url=https://ceedindia.org/about-us/|title=About Us|website=CEED India|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<ref name=":5">{{Cite web|url=https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/|title=Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness|last=Gautam|first=Akash|date=2014-12-12|website=Most trusted Motivational speaker {{!}} Top Speaker for Corporate Events India|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<ref name=":5" />। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शिक्षा == सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<ref name=":6">{{Cite web|url=https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2|title=All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2|last=Counselling|first=InsideIIM|date=2018-05-14|website=insideiim.com|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और [[सूचना प्रौद्योगिकी]] की आधारभूत समझ मिली<ref name=":7">{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971|title=Education system in India|website=Slideshare|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक प्रदान किया<ref name=":1" />। उपभोक्ता व्यवहार, डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। [[:en:MICA_(institute)|MICA]] को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक [[विपणन]], संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<ref>{{Cite web|url=https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf|title=Mica|website=Mica}}</ref>। [[:en:MICA_(institute)|MICA]] में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<ref name=":6" />। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है। सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<ref name=":8">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना मैनेजमेंट, संकट शमन, क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<ref name=":8" />। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<ref name=":8" />। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<ref name=":8" />। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<ref name=":2" />। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<ref name=":9">{{Cite web|url=https://bexcroupahmrqswv.quora.com/|title=Bexcroupahmrqswv}}</ref>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<ref name=":9" />। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<ref name=":6" />। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<ref name=":6" />। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<ref name=":6" />। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने मिसेज इंडिया इंक '''(Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<ref name=":4" />। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<ref name=":10">{{Cite web|url=https://indiankanoon.org/doc/73806944/|title=Indian Kanoon}}</ref>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<ref name=":10" />। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<ref name=":4" />। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<ref name=":4" />। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<ref name=":11">{{Cite web|url=https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/|title=Ceylon today}}</ref>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<ref name=":12">{{Cite web|url=https://www.mrsindiainc.in/|title=Mrs India 2026 Registration Open {{!}} Apply for the Official Pageant|website=Mrs India Inc|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<ref name=":12" />। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<ref name=":10" />। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref> उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<ref name=":4" />। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<ref name=":4" />। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<ref name=":11" />। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<ref name=":7" />। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, [[दूरदर्शन]] पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें [[जोश टॉक्स]] पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े [[जनसांख्यिकीय लाभांश|जनसांख्यिकीय]] तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक डाउन टू अर्थ दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<ref name=":5" />। ==== Works cited ==== lo6i60q35dmseifq850uloyfq3njxyz 6582619 6582618 2026-07-14T16:40:41Z ~2026-39671-36 936246 /* शिक्षा */ 6582619 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीयता का अभाव और विज्ञापनात्मक लेख।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या}}= नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref name=":4">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == आरंभिक जीवन == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<ref>{{Cite web|url=https://ceedindia.org/about-us/|title=About Us|website=CEED India|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<ref name=":5">{{Cite web|url=https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/|title=Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness|last=Gautam|first=Akash|date=2014-12-12|website=Most trusted Motivational speaker {{!}} Top Speaker for Corporate Events India|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<ref name=":5" />। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शिक्षा == सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<ref name=":6">{{Cite web|url=https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2|title=All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2|last=Counselling|first=InsideIIM|date=2018-05-14|website=insideiim.com|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और [[सूचना प्रौद्योगिकी]] की आधारभूत समझ मिली<ref name=":7">{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971|title=Education system in India|website=Slideshare|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक प्रदान किया<ref name=":1" />। उपभोक्ता व्यवहार, डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। [[:en:MICA_(institute)|MICA]] को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक [[विपणन]], संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<ref>{{Cite web|url=https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf|title=Mica|website=Mica}}</ref>। [[:en:MICA_(institute)|MICA]] में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<ref name=":6" />। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<ref name=":8">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना मैनेजमेंट, संकट शमन, क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<ref name=":8" />। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<ref name=":8" />। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<ref name=":8" />। == कॉर्पोरेट करियर == सत्या के पेशेवर करियर की विशेषता दुनिया के कई सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी और मनोरंजन निगमों (कॉर्पोरेशन्स) के माध्यम से एक ऊपर की ओर जाने वाली गति है। उनकी विशेषज्ञता तकनीकी कार्यान्वयन, डिजिटल मार्केटिंग और उच्च-स्तरीय राजस्व रणनीति (रेवेन्यू स्ट्रेटेजी) के प्रतिच्छेदन पर निहित है<ref name=":0" />। === डेलॉइट और अमेज़न === सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<ref name=":2" />। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों (एंटरप्राइज सॉल्यूशंस) के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<ref name=":9">{{Cite web|url=https://bexcroupahmrqswv.quora.com/|title=Bexcroupahmrqswv}}</ref>। MICA में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव (यूजर एंगेजमेंट) को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण (सेल्स कन्वर्जन) को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<ref name=":9" />। अमेज़न में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<ref name=":6" />। === डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोस्टार === [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी (क्वांटिटेटिव एनालिटिक्स) में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण (यूजर रिटेंशन) को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव (सब्सक्राइबर एंगेजमेंट) को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] (JioStar) में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक (Manager of Pricing & Revenue Strategy) के रूप में नियुक्त किया गया<ref name=":6" />। [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में—जो भारत के विशाल डिजिटल मनोरंजन और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई है—सत्या प्लेटफॉर्म की वित्तीय वास्तुकला (फाइनेंशियल आर्किटेक्चर) पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जिसमें मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) रणनीतियाँ, सदस्यता मूल्य निर्धारण मॉडल (सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग मॉडल) और समग्र राजस्व वृद्धि पूर्वानुमान शामिल हैं<ref name=":6" />। उनका कॉर्पोरेट प्रक्षेपवक्र (ट्रेजेक्ट्री) इस बात की गहरी, संरचनात्मक समझ को दर्शाता है कि कैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के ध्यान को सफलतापूर्वक मुद्रीकृत करते हैं<ref name=":1" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने मिसेज इंडिया इंक '''(Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<ref name=":4" />। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<ref name=":10">{{Cite web|url=https://indiankanoon.org/doc/73806944/|title=Indian Kanoon}}</ref>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<ref name=":10" />। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<ref name=":4" />। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<ref name=":4" />। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<ref name=":11">{{Cite web|url=https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/|title=Ceylon today}}</ref>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<ref name=":12">{{Cite web|url=https://www.mrsindiainc.in/|title=Mrs India 2026 Registration Open {{!}} Apply for the Official Pageant|website=Mrs India Inc|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<ref name=":12" />। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<ref name=":10" />। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref> उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<ref name=":4" />। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<ref name=":4" />। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<ref name=":11" />। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<ref name=":7" />। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, [[दूरदर्शन]] पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें [[जोश टॉक्स]] पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े [[जनसांख्यिकीय लाभांश|जनसांख्यिकीय]] तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक डाउन टू अर्थ दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<ref name=":5" />। ==== Works cited ==== eu4dljn7u8gau29ljzbr6cywtqpovav 6582620 6582619 2026-07-14T16:47:24Z ~2026-39671-36 936246 /* कॉर्पोरेट करियर */ 6582620 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीयता का अभाव और विज्ञापनात्मक लेख।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या}}= नितिका सत्या = '''नितिका सत्या''' (जन्म: [[पटना]], [[बिहार]]) एक भारतीय कॉर्पोरेट कार्यकारी (कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव), सौंदर्य प्रतियोगिता (ब्यूटी पेजेंट) की खिताब विजेता, फैशन मॉडल और शिक्षा अधिवक्ता हैं। [[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] में आयोजित प्रतिष्ठित [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] 2023 प्रतियोगिता में तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up) का स्थान हासिल करने और मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 का ताज पहनने के बाद उन्होंने भारतीय पेजेंट्री क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की<ref name=":0">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। अपनी पेजेंट्री और मॉडलिंग के साथ-साथ, सत्या प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और मीडिया क्षेत्रों में एक विस्तृत कॉर्पोरेट करियर भी बनाए हुए हैं<ref name=":4">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। आठ वर्षों से अधिक के उनके पेशेवर अनुभव में [[डेलॉयट|डेलॉइट]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] और [[जियोस्टार]] जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रौद्योगिकी परामर्श (टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग), मार्केटिंग, कंज्यूमर एंगेजमेंट और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी (राजस्व रणनीति) से जुड़ी विशेष भूमिकाएँ शामिल हैं<ref name=":1">{{Cite web|url=https://echai.ventures/founders/nitika-satya|title=Nitika Satya|last=Nitika|website=Echai}}</ref>। सामाजिक वकालत के क्षेत्र में, सत्या प्राथमिक शिक्षा और वंचित युवाओं के सशक्तिकरण पर भारी ध्यान केंद्रित करती हैं<ref name=":0" />। वह पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) के लिए ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर के रूप में काम करती हैं और सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में उनके जमीनी स्तर के स्वयंसेवी कार्य के लिए उन्हें 'बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार 2023-24' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय पेजेंट्री सर्किट में उनकी दोहरी सफलता ने उन्हें दूरदर्शन बिहार और जोश टॉक्स (Josh Talks) जैसे मंचों पर एक लोकप्रिय वक्ता बना दिया है, जहाँ वह महिलाओं की बहु-आयामी पहचान और कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन) की वकालत करती हैं<ref name=":0" />। {| class="wikitable" |+नीतिका सत्या [[चित्र:Gemini Generated Image 7o0txu7o0txu7o0t.png|अंगूठाकार|Nitika Satya in 2024]] |- |'''जन्म स्थान''' |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''वर्तमान निवास''' |[[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]] |- |'''शिक्षा''' |[[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]]; मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद (PGDM-C) |- |'''व्यवसाय''' |कॉर्पोरेट कार्यकारी (प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी), मॉडल, परोपकारी |- |'''प्रसिद्धि''' |मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023; तीसरी रनर-अप मिसेज इंडिया इंक 2023; शैक्षिक वकालत |- |'''प्रमुख पुरस्कार''' |बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार (2023-24) |- |'''प्रमुख कॉर्पोरेट संबद्धता''' |[[डेलॉयट|डेलॉइट]] [[यूएस ओपन|यूएस इंडिया]], [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]], [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]], [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] |} == आरंभिक जीवन == नितिका सत्या का जन्म और पालन-पोषण [[बिहार]] की राजधानी [[पटना]] में एक सांस्कृतिक रूप से स्थापित और अकादमिक रूप से कठोर मध्यमवर्गीय परिवेश में हुआ था<ref name=":0" />। उनके पालन-पोषण पर उनकी माँ, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जो एक सम्मानित शिक्षाविद, लेखिका और पर्यावरण अधिवक्ता हैं, का गहरा प्रभाव पड़ा<ref name=":2">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/my-moms-durga-the-invincible/articleshow/16858373.cms|title=‘My mom’s Durga, the invincible’|date=2012-10-18|work=The Times of India|access-date=2026-07-14|issn=0971-8257}}</ref>। डॉ. श्रीवास्तव, जिन्होंने [[पटना वीमेंस कॉलेज|पटना विमेंस कॉलेज]] में एक स्थायी संकाय सदस्य और [[पटना विश्वविद्यालय]] के [[अर्थशास्त्र]] विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है, ने सत्या के भीतर शैक्षिक समानता, सतत विकास और महिला स्वतंत्रता की गहरी समझ पैदा की<ref>{{Cite web|url=https://ceedindia.org/about-us/|title=About Us|website=CEED India|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। सत्या के विश्वदृष्टिकोण पर मातृ प्रभाव एक ऐसा विषय है जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रलेखित किया है। ''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' में प्रकाशित 2012 के एक निबंध, जिसका शीर्षक "माई मॉम्स दुर्गा, द इनविंसिबल" (My mom's Durga, the invincible) था, में सत्या ने अपनी माँ द्वारा पार की गई संरचनात्मक चुनौतियों पर विचार किया। उन्होंने अपनी माँ की एक प्रोफेसर, लेखिका और गृहिणी के रूप में मल्टीटास्किंग करने की क्षमता की तुलना हिंदू देवी दुर्गा से की<ref name=":2" />। सत्या ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ "शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान" का प्रतीक हैं, जिनके पास एक "आंतरिक दृष्टि है [जो] ज्ञान की अग्नि से जलती है जिसे वह लगातार मुझे प्रदान करती हैं"<ref name=":5">{{Cite web|url=https://akashgautam.com/2014/12/12/happiness/|title=Happiness Is? Rib-Tickling Funny Quotes on Happiness|last=Gautam|first=Akash|date=2014-12-12|website=Most trusted Motivational speaker {{!}} Top Speaker for Corporate Events India|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। पेशेवर शिक्षा जगत और घरेलू जिम्मेदारियों के प्रतिच्छेदन को सफलतापूर्वक नेविगेट करने वाली एक लचीली मातृ छवि के इस प्रारंभिक संपर्क ने सत्या में महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को गहराई से स्थापित किया<ref name=":5" />। ऊपर की ओर सामाजिक गतिशीलता (अपवार्ड सोशल मोबिलिटी) के लिए एक उपकरण के रूप में शिक्षा का उपयोग करने का लोकाचार, जिसे उनकी माँ ने आदर्श बनाया था, बाद में सत्या की अपनी परोपकारी वकालत का केंद्रीय स्तंभ बन गया<ref name=":0" />। == शिक्षा == सत्या ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा [[नई दिल्ली]] के प्रतिष्ठित [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] से पूरी की<ref name=":3">{{Cite web|url=https://mica.almaconnect.com/alumni/college/delhi-public-school-r-k-puram|title=MICA Alumni who also went to Delhi Public School, R K Puram|website=mica.almaconnect.com|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। यह संस्थान ऐतिहासिक रूप से ऐसे उल्लेखनीय पूर्व छात्रों को तैयार करने के लिए जाना जाता है जो [[भारत]] और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों पर हैं<ref name=":6">{{Cite web|url=https://insideiim.com/need-know-committees-mica-part-2|title=All You Need To Know About Committees At MICA - Part 2|last=Counselling|first=InsideIIM|date=2018-05-14|website=insideiim.com|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। [[दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर के पुरम|दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम]] में अपने समय के बाद, उन्होंने इंजीनियरिंग ([[:en:Bachelor_of_Technology|B.Tech/B.E]].) में स्नातक की डिग्री हासिल की, जिससे उन्हें एप्लाइड मैथमेटिक्स, एनालिटिक्स और [[सूचना प्रौद्योगिकी]] की आधारभूत समझ मिली<ref name=":7">{{Cite web|url=https://www.slideshare.net/slideshow/education-system-in-india-67403971/67403971|title=Education system in India|website=Slideshare|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस तकनीकी आधार ने प्रौद्योगिकी परामर्श में उनके बाद के प्रवेश के लिए मात्रात्मक प्रदान किया<ref name=":1" />। उपभोक्ता व्यवहार, डिजिटल मार्केटिंग और रणनीतिक ब्रांड प्रबंधन में बढ़ती रुचि को पहचानते हुए, सत्या ने 2016 में [[:en:MICA_(institute)|मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस]], [[अहमदाबाद]] (MICA) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट - कम्युनिकेशंस (PGDM-C) कार्यक्रम में दाखिला लिया और 2018 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की<ref name=":3" />। [[:en:MICA_(institute)|MICA]] को व्यापक रूप से [[भारत]] के प्रमुख स्वायत्त बिजनेस स्कूलों में से एक माना जाता है, जो रणनीतिक [[विपणन]], संचार और डिजिटल मीडिया पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, और इसे [[:en:National_Institutional_Ranking_Framework|नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क]] (NIRF) में लगातार मान्यता प्राप्त है<ref>{{Cite web|url=https://www.mica.ac.in/resources/AnnualReports/MICA-AnnualReport-2024.pdf|title=Mica|website=Mica}}</ref>। [[:en:MICA_(institute)|MICA]] में अपने कार्यकाल के दौरान, सत्या संस्थान के मजबूत समिति पारिस्थितिकी तंत्र अत्यधिक सक्रिय थीं, जिसे वास्तविक दुनिया के कॉर्पोरेट वातावरण का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है<ref name=":6" />। वह '''MICAMINDS''' में प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो [[विश्वविद्यालय]] का प्रमुख रिसर्च और कंसल्टेंसी सेल है सत्या ने 2017-2018 शैक्षणिक वर्ष के लिए हेड ऑफ कंटेंट मैनेजमेंट भूमिका में पदोन्नत होने से पहले 2016 से 2017 तक जूनियर समिति सदस्य के रूप में कार्य किया<ref name=":8">{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref>। इस नेतृत्व क्षमता में, उन्होंने परियोजना मैनेजमेंट, संकट शमन, क्लाइंट वार्ता, कॉर्पोरेट बजटिंग और प्रमुख आउटरीच मेट्रिक्स को ट्रैक करने में व्यापक, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया<ref name=":8" />। इस भूमिका के शैक्षणिक मूल्य को दर्शाते हुए, सत्या ने नोट किया कि MICAMINDS दृढ़ता, नैतिकता और जन प्रबंधन जैसे मापदंडों का परीक्षण करके "किसी भी प्रबंधन छात्र के सीखने के चक्र को पूरा करता है"<ref name=":8" />। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में महत्वपूर्ण क्लाइंट स्थितियों को संभालने के उनके जनादेश ने उन्हें "केवल एक प्रबंधन छात्र के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में" विकसित होने में मदद की<ref name=":8" />। == कैरियर == सत्या ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत प्रौद्योगिकी परामर्श क्षेत्र में की, [[:en:Deloitte|डेलॉइट कंसल्टिंग यूएस-इंडिया प्राइवेट लिमिटेड]] में बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट के रूप में काम किया<ref name=":2" />। फर्म के भुवनेश्वर और हैदराबाद केंद्रों से काम करते हुए, उन्होंने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग सिस्टम, तकनीकी एकीकरण और कॉर्पोरेट डेटा विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया<ref name=":1" />। इस आधारभूत भूमिका ने उन्हें बड़े पैमाने के उद्यम समाधानों के लिए अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि को लागू करने की अनुमति दी<ref name=":9">{{Cite web|url=https://bexcroupahmrqswv.quora.com/|title=Bexcroupahmrqswv}}</ref>। [[:en:MICA_(institute)|MICA]] में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद, सत्या तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में चली गईं और एक एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अमेज़न में शामिल हो गईं<ref name=":1" />। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल मार्केटिंग पहलों का प्रबंधन किया, और प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता जुड़ाव को अनुकूलित करने और बिक्री रूपांतरण को बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित उपभोक्ता अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया<ref name=":9" />। [[अमेज़न (कंपनी)|अमेज़न]] में उनका समय भारतीय खुदरा व्यापार में बड़े पैमाने पर ढांचागत और डिजिटल विस्तार की अवधि के साथ मेल खाता था, जिससे उन्हें डिजिटल उपभोक्ता पारिस्थितिक तंत्र को स्केल करने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला<ref name=":6" />। [[डिजिटल मार्केटिंग]] और मात्रात्मक विश्लेषिकी में अपनी दोहरी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, सत्या ने [[:en:Over-the-top_media_service|ओवर-द-टॉप (OTT)]] स्ट्रीमिंग उद्योग में प्रवेश किया। वह बेंगलुरु में [[डिज़्नी+ हॉटस्टार]] से एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं<ref name=":1" />। इस अत्यधिक विशिष्ट भूमिका में, उन्हें उपयोगकर्ता प्रतिधारण को अनुकूलित करने, विस्तृत दर्शक मेट्रिक्स का विश्लेषण करने, और ग्राहकों के जुड़ाव को अधिकतम करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित करने का काम सौंपा गया था<ref name=":1" />। भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार कुख्यात रूप से प्रतिस्पर्धी है, और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की आमद के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति वफादारी बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी<ref name=":1" />। डिजिटल एंगेजमेंट रणनीति में उनकी प्रदर्शित सफलता के कारण उन्हें [[डिज़नी स्टार|जियोस्टार]] में मूल्य निर्धारण और राजस्व रणनीति के प्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया<ref name=":6" />। {| class="wikitable" |'''कॉर्पोरेशन''' |'''पद''' |'''प्रमुख रणनीतिक फोकस''' |- |'''डेलॉइट यूएस-इंडिया''' |बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट |[[एंटरप्राइज़ रीसोर्स प्लानिंग|एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग]] (ERP), डेटा एनालिसिस |- |'''अमेज़न''' |एसोसिएट मार्केटिंग मैनेजर |[[डिजिटल मार्केटिंग]], कंज्यूमर इनसाइट्स, [[ई-वाणिज्य|ई-कॉमर्स]] |- |'''डिज़्नी+ हॉटस्टार''' |एंगेजमेंट मैनेजर |यूजर रिटेंशन, व्यूअर एनालिटिक्स, स्ट्रीमिंग स्ट्रेटेजी |- |'''जियोस्टार''' |मैनेजर - प्राइसिंग और रेवेन्यू स्ट्रेटेजी |[[मुद्रीकरण]], सब्सक्रिप्शन प्राइसिंग, रेवेन्यू ग्रोथ |} == पेजेंट्री और फैशन इंडस्ट्री == अपने कठोर कॉर्पोरेट करियर के समानांतर, सत्या ने भारतीय फैशन और पेजेंट्री क्षेत्रों में एक बेहद सफल प्रोफ़ाइल बनाई है<ref name=":0" />। वह लगातार पारंपरिक लिंग मानदंडों (जेंडर नॉर्म्स) को चुनौती देने के लिए अपने मंच का उपयोग करती हैं, उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो महिलाओं को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका तक अपनी पहचान को सीमित करने के लिए मजबूर करते हैं<ref name=":0" />। === मिसेज इंडिया इंक 2023 === पेजेंट्री डोमेन में सत्या की सबसे महत्वपूर्ण सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने मिसेज इंडिया इंक '''(Mrs. India Inc)''' के चौथे सीज़न में भाग लिया<ref name=":4" />। मोहिनी शर्मा द्वारा 2016 में स्थापित, मिसेज इंडिया इंक को भारत में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है<ref name=":10">{{Cite web|url=https://indiankanoon.org/doc/73806944/|title=Indian Kanoon}}</ref>। संगठन के पास मिसेज वर्ल्ड, मिसेज ग्लोब और मिसेज गैलेक्सी सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भारतीय प्रतिनिधियों को भेजने के लिए विशेष लाइसेंस हैं, जो इसे वैश्विक मंच का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है<ref name=":10" />। मिसेज इंडिया इंक का 2023 संस्करण संगठन के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि दालचीनी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के साथ एक रणनीतिक सहयोग में, ग्रैंड फिनाले पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया गया था<ref name=":4" />। पेजेंट में पूरे भारत से चुनी गई 72 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनका शिष्टता, बौद्धिक तीक्ष्णता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा के मापदंडों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया<ref name=":4" />। फिनाले सप्ताह नेलम पोकुना महिंदा राजपक्षे थिएटर में समाप्त हुआ और इसका निर्णय एक हाई-प्रोफाइल पैनल द्वारा किया गया जिसमें बॉलीवुड हस्तियां मलाइका अरोड़ा, डिनो मोरिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत शामिल थे<ref name=":11">{{Cite web|url=https://ceylontoday.lk/2023/08/05/mrs-india-inc-2023-grand-finale/|title=Ceylon today}}</ref>। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी आयोजन के समापन पर, सत्या को '''तीसरी रनर-अप (3rd Runner-Up)''' का ताज पहनाया गया, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया<ref name=":12">{{Cite web|url=https://www.mrsindiainc.in/|title=Mrs India 2026 Registration Open {{!}} Apply for the Official Pageant|website=Mrs India Inc|language=en|access-date=2026-07-14}}</ref>। मुख्य खिताब चेतना जोशी तिवारी ने जीता, उसके बाद दिशा शेट्टी (पहली रनर-अप) और सोहिनी रोहरा (दूसरी रनर-अप) रहीं<ref name=":12" />। (पेजेंट्री मार्केट पर प्रासंगिक नोट: मिसेज इंडिया इंक प्लेटफॉर्म का वाणिज्यिक वजन और बाजार प्रभुत्व—जिसके माध्यम से सत्या ने अपनी राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की—2024 में औपचारिक कानूनी जांच का विषय बन गया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 2024 मिसेज इंडिया गैलेक्सी विजेता द्वारा दायर प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के आरोपों के बाद मिसेज इंडिया इंक के खिलाफ महानिदेशक की विस्तृत जांच का आदेश दिया। CCI ने नोट किया कि विवाहित भारतीय महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय पेजेंट में भेजने के आला (niche) बाजार में संगठन एक प्रमुख स्थान रखता है, और अघोषित प्रीमियम प्रशिक्षण पैकेजों, अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शुल्क (₹25 लाख तक), और विजेताओं को पांच वर्षों के लिए अन्य पेजेंट से जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले गैर-प्रतिस्पर्धी खंडों (non-compete clauses) से संबंधित दावों की जांच की<sup>25</sup>। हालाँकि सत्या इस विशिष्ट शिकायत में पक्षकार नहीं थीं, लेकिन विनियामक (रेगुलेटरी) जांच उस उच्च-दांव वाले उद्योग की जटिल वाणिज्यिक और कानूनी वास्तविकताओं को उजागर करती है जिसमें उन्होंने सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की<sup>20</sup>।) === मिसेज गैलेक्सी इंडिया 2023 === [[:en:Mrs._India_Inc|मिसेज इंडिया इंक]] के राष्ट्रीय फाइनल में उनके उच्च स्थान के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में, सत्या को प्रतिष्ठित खिताब मिसेज गैलेक्सी इंडिया '''2023''' (अक्सर मिसेज इंडिया गैलेक्सी 2023 के रूप में शैलीबद्ध) से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। मिसेज गैलेक्सी का खिताब व्यापक गैलेक्सी इंटरनेशनल पेजेंट सिस्टम के तहत संचालित होता है, जो एक वैश्विक फ्रैंचाइज़ी है जो सामुदायिक सेवा, नागरिक वकालत और व्यक्तिगत विकास पर महत्वपूर्ण प्रीमियम रखती है, और खुद को केवल सौंदर्यशास्त्र पर केंद्रित पेजेंट से अलग करती है<ref name=":10" />। सत्या ने खिताब की जिम्मेदारियों को अपनाया, सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए कि वह अपने ताज को "केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि वकालत, आशा और परिवर्तन की प्रतिबद्धता" के रूप में देखती हैं<ref name=":0" />। उन्होंने युवा लड़कियों के लिए शैक्षिक समानता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी परोपकारी पहलों को बढ़ाने के लिए व्यवस्थित रूप से मिसेज गैलेक्सी इंडिया खिताब द्वारा प्रदान की गई दृश्यता का उपयोग किया<ref name=":0" />। === बिहार कॉउचर रनवे 2023 === पेजेंट्री के संरचित दायरे से परे, सत्या ने हाई-फैशन सर्किट में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 में, उन्हें व्यापक रूप से कवर किए गए बिहार कॉउचर रनवे में सेलिब्रिटी शोस्टॉपर के रूप में आमंत्रित किया गया था<sup>27</sup>। उनके गृहनगर पटना के ज्ञान भवन में एसआर एडवेंचर्स द्वारा आयोजित, इस [[लाभ निरपेक्ष संस्था|गैर-लाभकारी]] फैशन कार्यक्रम की परिकल्पना स्थापित और उभरते डिजाइनरों को एकजुट करके बिहार की समृद्ध कपड़ा विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और प्रदर्शित करने के लिए की गई थी<sup>27</sup>। इस आयोजन के दौरान, सत्या ने डिजाइनर प्रीतम द्वारा परिकल्पित लेबल 'PRITHS' के लिए<ref>{{Cite web|url=https://pageantvoicesalliance.ca/team-dir/nitika-satya/|title=Nitika Satya - Pageant Voices Alliance|date=2025-02-05|language=en-US|access-date=2026-07-14}}</ref> उद्घाटन प्रस्तुति को बंद किया<sup>29</sup>। उन्होंने एक जीवंत लाल और सुनहरे ब्रोकेड ड्रेप्ड ड्रेस में रनवे पर वॉक किया, जिसे वन-स्लीव जैकेट और संलग्न ट्यूल घूंघट के साथ अनुकूलित किया गया था, जो पारंपरिक बिहारी ब्रोकेड कपड़ों को अवंत-गार्डे, आधुनिक ड्रेपिंग तकनीकों के साथ मूल रूप से मिश्रित करता था<sup>29</sup>। हाउस ऑफ वेदिका द्वारा तैयार किए गए हीरे और पत्थरों से जड़े उनके विजेता के ताज से सजी, उनकी उपस्थिति को क्षेत्रीय मीडिया द्वारा गहन सांस्कृतिक गौरव के क्षण के रूप में मनाया गया, जो राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए लौटने वाली एक सफल मूल बेटी का प्रतीक था<sup>29</sup>। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों और राष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्मों के बीच सहक्रियात्मक (सिनर्जिस्टिक) क्षमता को रेखांकित किया<sup>29</sup>। === जूरी सदस्य: मिसेज बिहार 2025 === क्षेत्रीय पेजेंट्री स्पेस में सत्या का निरंतर प्रभाव और विश्वसनीयता तब और मजबूत हो गई जब उन्हें [[पटना]] के होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका में आयोजित मिसेज बिहार 2025 ग्रैंड फिनाले के लिए जूरी सदस्य और मुख्य अतिथि के रूप में काम करने के लिए आमंत्रित किया गया<sup>31</sup>। उन्होंने [[सरगम कौशल|सरगम ​​कौशल]] ([[मिसेज़ वर्ल्ड|मिसेज वर्ल्ड]] 2022) सहित एक प्रतिष्ठित पैनल के साथ फाइनलिस्ट का मूल्यांकन किया<ref name=":4" />। यह आयोजन, जिसमें ऐश्वर्या राज को विजेता का ताज पहनाया गया, राज्य के भीतर बदलते सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम में अपने सार्वजनिक संबोधन के दौरान, सत्या ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के विकसित होते परिदृश्य की प्रशंसा की<sup>31</sup>। उन्होंने कहा कि [[बिहार]] की आम गृहिणियां असाधारण प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही हैं, और कहा कि इस तरह की समावेशी प्रतियोगिताएं महिलाओं को सामाजिक विकास की मुख्यधारा में खींचकर "राज्य में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रही हैं"<ref name=":4" />। {| class="wikitable" |'''पेजेंट/कार्यक्रम''' |'''वर्ष''' |'''भूमिका/खिताब''' |'''स्थान''' |- |'''मिसेज इंडिया इंक''' |2023 |तीसरी रनर-अप (कुल मिलाकर चौथी) |[[कोलंबो]], [[श्रीलंका]] |- |'''मिसेज गैलेक्सी इंडिया''' |2023 |खिताब विजेता |राष्ट्रीय ([[भारत]]) |- |'''बिहार कॉउचर रनवे''' |2023 |सेलिब्रिटी शोस्टॉपर (PRITHS) |[[पटना]], [[बिहार]] |- |'''मिसेज बिहार''' |2025 |मुख्य अतिथि और जूरी सदस्य |[[पटना]], [[बिहार]] |} == परोपकार और शैक्षिक वकालत (Philanthropy and Educational Advocacy) == सत्या के सार्वजनिक व्यक्तित्व का एक परिभाषित घटक सामाजिक वकालत के प्रति उनका समर्पण है। अपनी अकादमिक माँ द्वारा स्थापित मूल्यों से प्रेरित होकर, सत्या इस बुनियादी विश्वास पर काम करती हैं कि शिक्षा में जटिल, प्रणालीगत सामाजिक मुद्दों को हल करने की अंतिम शक्ति है<ref name=":0" />। === पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA) === सत्या '''पेजेंट वॉयस अलायंस (PVA)''' के लिए [[:en:Brand_ambassador|ब्रांड और एडवोकेसी एंबेसडर]] के रूप में काम करती हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मापने योग्य सामाजिक प्रभाव और नागरिक नेतृत्व को चलाने के लिए पेजेंट्री के प्लेटफॉर्म और दृश्यता का लाभ उठाने के लिए समर्पित है<ref name=":0" />। इस क्षमता में, वह उन पहलों के लिए एक प्राथमिक प्रवक्ता के रूप में कार्य करती हैं जो ब्यूटी क्वींस की सतही दृश्यता को कार्रवाई योग्य, जमीनी स्तर की स्वयंसेवी सेवा के साथ मिलाते हैं<ref name=":0" />। === स्वयंसेवक शिक्षण और बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार === सत्या की वकालत औपचारिक राजदूत (एंबेसडरशिप) से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष, ऑन-द-ग्राउंड शैक्षणिक प्रयासों तक फैली हुई है। अपने व्यस्त कॉर्पोरेट कार्यक्रम के बावजूद, वह वंचित बच्चों को निर्देश देने के लिए अपना समय समर्पित करते हुए, एक सरकारी स्कूल के लिए स्वयंसेवक ऑनलाइन शिक्षिका के रूप में लगातार काम करती हैं<ref name=":0" />। उनका शैक्षिक दर्शन रटंत शिक्षाविदों के बजाय समग्र व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित है<ref name=":0" />। वह अक्सर सार्वजनिक बोलने के कौशल (पब्लिक स्पीकिंग), अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए अपने छात्रों के लिए पाठ्येतर भाषण (एक्स्ट्राकरिकुलर स्पीच) और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करती हैं<sup>1</sup>। आधुनिक युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को पहचानते हुए, वह शरीर की सकारात्मकता (बॉडी पॉजिटिविटी) पर विशेष सत्र भी आयोजित करती हैं, जिसका उद्देश्य तीव्र सामाजिक और [[सहकर्मी दबाव|सहकर्मी दबावों]] (पीयर प्रेशर) से गुजरने वाले युवा छात्रों में आत्म-मूल्य (सेल्फ-वर्थ) की लचीली भावना पैदा करना है<ref name=":0" />। शैक्षिक समानता और बाल कल्याण की दिशा में उनके अथक प्रयासों की मान्यता में, सत्या को प्रतिष्ठित '''<nowiki/>'<nowiki/>'''बालिका विद्या शक्ति पुरस्कार '''2023-24'''' से सम्मानित किया गया<ref name=":0" />। पुरस्कार ने स्पष्ट रूप से युवा दिमागों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए व्यापक मंच बनाने की उनके समग्र दृष्टिकोण को उजागर किया ताकि वे उन मुद्दों के बारे में मुखर हो सकें जो सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं<ref name=":0" />। प्रणालीगत शैक्षिक अनुसंधान में उनकी भागीदारी से उनकी वकालत को और बल मिलता है। सत्या ने "भारत में प्राथमिक शिक्षा" नामक एक व्यापक विश्लेषणात्मक प्रस्तुति लिखी और प्रकाशित की, जिसमें भारतीय शैक्षिक प्रणाली को परेशान करने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की जांच की गई, जिसमें गंभीर ग्रामीण ड्रॉपआउट दरें, अपर्याप्त शैक्षिक बुनियादी ढाँचा, और [[सर्व शिक्षा अभियान]] (SSA) और [[शिक्षा का अधिकार]] (RTE) अधिनियम जैसी सरकारी योजनाओं की अलग-अलग प्रभावकारिता शामिल हैं<ref name=":11" />। यह शोध उन शैक्षिक कमियों की गहरी, प्रणालीगत समझ को रेखांकित करता है जिन्हें वह सक्रिय रूप से अपने स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से दूर करने का प्रयास करती हैं<ref name=":7" />। == सार्वजनिक छवि और मीडिया उपस्थिति == सत्या एक आत्मविश्वासी और अत्यधिक स्पष्ट वक्ता हैं जो भारत में कैरियर एकीकरण, आधुनिक शिक्षा और महिलाओं की पहचान के विकास पर अपने विचार प्रसारित करने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करती हैं<ref name=":0" />। उन्हें राज्य के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक, [[दूरदर्शन]] पर एक विशेष अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्होंने पटना से वैश्विक कॉर्पोरेट और पेजेंट्री चरणों तक अपने व्यक्तिगत प्रक्षेपवक्र पर चर्चा की<ref name=":0" />। इसके अलावा, उन्हें [[जोश टॉक्स]] पर एक मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो एक अत्यधिक लोकप्रिय भारतीय मीडिया प्लेटफॉर्म है जो प्रेरक कहानियों और प्रेरक भाषणों को प्रदर्शित करता है, जिससे उन्हें आकांक्षी भारतीय युवाओं के बड़े [[जनसांख्यिकीय लाभांश|जनसांख्यिकीय]] तक पहुंचने की अनुमति मिलती है<ref name=":0" />। सत्या का व्यक्तिगत दर्शन एक बहु-आयामी जीवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। वह अक्सर जोर देकर कहती हैं कि "जीवन विविध अनुभवों के लिए है, और किसी को हृदय और मन के बीच संतुलन खोजने की आवश्यकता है"<ref name=":0" />। वह सक्रिय रूप से उन सामाजिक दबावों के खिलाफ वकालत करती हैं जो व्यक्तियों को एकल पेशेवर पदनाम या घरेलू भूमिका में कबूतर के छेद में रखने का प्रयास करते हैं, इस लोकाचार को एक कठोर कॉर्पोरेट रणनीतिकार और एक प्रसिद्ध फैशन आइकन के रूप में अपनी दोहरी सफलता के माध्यम से करती हैं<ref name=":0" />। अपनी हाई-प्रोफाइल उपलब्धियों के बावजूद, सत्या व्यक्तिगत पूर्ति पर एक डाउन टू अर्थ दृष्टिकोण बनाए रखती हैं। प्रेरक वक्ता आकाश गौतम के ब्लॉग में खुशी की सच्ची परिभाषाओं की खोज करने वाले एक योगदान में, उन्होंने अपने उच्च-दबाव वाले कॉर्पोरेट और पेजेंट्री वातावरण और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के बीच के अंतर पर विचार किया। उन्होंने नोट किया कि खुशी की उनकी अंतिम परिभाषा बस "एकांत में गर्म कॉफी पीना और किशोर कुमार के गाने सुनना है जब बाहर बारिश हो रही हो"<ref name=":5" />। ==== Works cited ==== iz4wlifey151a4vgqafv664914qwn5b साँचा:पिंग 10 1616040 6582539 2026-07-14T12:31:48Z SM7 89247 [[साँचा:सुनिये]] को अनुप्रेषित 6582539 wikitext text/x-wiki #पुनर्प्रेषित [[साँचा:सुनिये]] 7wisv7lh02jjkqxquees11kmj66vkka विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या 4 1616041 6582573 2026-07-14T14:08:12Z AMAN KUMAR 911487 [[:नीतिका सत्या]] को हटाने हेतु चर्चा पृष्ठ बनाया जा रहा 6582573 wikitext text/x-wiki === [[:नीतिका सत्या]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=जुलाई 2026}} :{{la|1=नीतिका सत्या}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|नीतिका सत्या -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: उल्लेखनीयता का अभाव और विज्ञापनात्मक लेख। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 14:08, 14 जुलाई 2026 (UTC) 19pz7fiyya80qlohowi1hwcgzircfhu सदस्य वार्ता:Sadqwerty321 3 1616042 6582574 2026-07-14T14:08:12Z AMAN KUMAR 911487 सूचना: [[:नीतिका सत्या]] को [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु]] नामांकन, [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या|चर्चा पृष्ठ देखें]] 6582574 wikitext text/x-wiki == [[:नीतिका सत्या|नीतिका सत्या]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन == नमस्कार, [[:नीतिका सत्या|नीतिका सत्या]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीतिका सत्या]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है। नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है: <center>उल्लेखनीयता का अभाव और विज्ञापनात्मक लेख।</center> कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें। चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 14:08, 14 जुलाई 2026 (UTC) 0d9psfxx32jsu6mtgrgu70rk0ktszrd 12वीं स्ट्रीट स्टेशन (डार्ट रेल) 0 1616043 6582578 2026-07-14T14:15:45Z Armadillo Jack 936233 "[[:en:Special:Redirect/revision/1353442361|12th Street station (DART)]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582578 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th Street<ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[Dallas Area Rapid Transit]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = Red/Orange: 2 [[side platform]]s<br />Silver: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज: Elevated<br>सिल्वर: At-grade | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = {{Adjacent stations|system=DART |line1=Red|left1=CityLine/Bush|right1=Downtown Plano |line2=Orange|left2=CityLine/Bush|right2=Downtown Plano|note-mid2=(peak-hour only)|to-right2=Parker Road |line3=Silver|left3=CityLine/Bush|right3=Shiloh Road }} | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] 5u6gr9i0klj8agxffdcdw21p7rmgxut 6582581 6582578 2026-07-14T14:19:40Z Armadillo Jack 936233 "[[:en:Special:Redirect/revision/1353442361|12th Street station (DART)]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582581 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th Street<ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[Dallas Area Rapid Transit]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = Red/Orange: 2 [[side platform]]s<br />Silver: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = {{Adjacent stations|system=DART |line1=Red|left1=CityLine/Bush|right1=Downtown Plano |line2=Orange|left2=CityLine/Bush|right2=Downtown Plano|note-mid2=(peak-hour only)|to-right2=Parker Road |line3=Silver|left3=CityLine/Bush|right3=Shiloh Road }} | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] ks6zppmnja63f546r4l8fy9snz40wxu 6582582 6582581 2026-07-14T14:26:16Z Armadillo Jack 936233 "[[:en:Special:Redirect/revision/1353442361|12th Street station (DART)]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582582 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th Street<ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[Dallas Area Rapid Transit]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = Red/Orange: 2 [[side platform]]s<br />Silver: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = {{Adjacent stations|system=DART |line1=Red|left1=CityLine/Bush|right1=Downtown Plano |line2=Orange|left2=CityLine/Bush|right2=Downtown Plano|note-mid2=(peak-hour only)|to-right2=Parker Road |line3=Silver|left3=CityLine/Bush|right3=Shiloh Road }} | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] 5zbzb29wlyzja1n56xvlf3asdziw9wi 6582583 6582582 2026-07-14T14:26:45Z Armadillo Jack 936233 "[[:en:Special:Redirect/revision/1353442361|12th Street station (DART)]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582583 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th Street<ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[Dallas Area Rapid Transit]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = Red/Orange: 2 [[side platform]]s<br />Silver: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] a6hju4rc3695ua3t2auwl19vz48bgue 6582585 6582583 2026-07-14T14:30:42Z Armadillo Jack 936233 6582585 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[Dallas Area Rapid Transit]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = Red/Orange: 2 [[side platform]]s<br />Silver: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] artb8brspw12ebvjlwn6rgoanoxncuj 6582586 6582585 2026-07-14T14:31:54Z Armadillo Jack 936233 [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] 6582586 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = Red/Orange: 2 [[side platform]]s<br />Silver: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] i36454yq8xh5tzucsdsu7f2x1b5ejgp 6582587 6582586 2026-07-14T14:33:01Z Armadillo Jack 936233 रेड ऑरेंज 6582587 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />Silver: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] naqt6n0159aja1nqytpspfyitewlinr 6582588 6582587 2026-07-14T14:33:40Z Armadillo Jack 936233 सिल्वर 6582588 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] 4md699c38qchhl8qom2ym3vnb50rbil 6582589 6582588 2026-07-14T14:37:35Z Armadillo Jack 936233 "[[:en:Special:Redirect/revision/1353442361|12th Street station (DART)]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582589 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th Street<ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[Dallas Area Rapid Transit]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = Red/Orange: 2 [[side platform]]s<br />Silver: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref>इसका नाम 25 अक्टूबर, 2025 को रखा गया था।<ref>{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] dineypxoox2i68p380teqmyukf9zgqp 6582590 6582589 2026-07-14T14:38:21Z Armadillo Jack 936233 6582590 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref>इसका नाम 25 अक्टूबर, 2025 को रखा गया था।<ref>{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] tclqaf3d0wzjzl278pv3z4kehrzd3pe 6582591 6582590 2026-07-14T14:42:11Z Armadillo Jack 936233 6582591 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref>इसका नाम 25 अक्टूबर, 2025 को रखा गया था।<ref>{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस में सेवा प्रदान करता है [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] dxp9ph8wsm68awsyebbe5risrqx36cc 6582592 6582591 2026-07-14T14:47:35Z Armadillo Jack 936233 6582592 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref>इसका नाम 25 अक्टूबर, 2025 को रखा गया था।<ref>{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस और ऐतिहासिक रूप से अफ़्रीकी अमेरिकी डगलस समुदायमें सेवा प्रदान करता है [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] 4s44b8ruwl574lcceshkxr2pb2cnemq 6582596 6582592 2026-07-14T15:00:07Z Armadillo Jack 936233 6582596 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref>इसका नाम 25 अक्टूबर, 2025 को रखा गया था।<ref>{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस और ऐतिहासिक रूप से अफ़्रीकी अमेरिकी डगलस समुदायमें सेवा प्रदान करता है इस स्टेशन में हैं 313 जगहों वाला पार्किंग लॉट, यात्री उतारने की जगह, वेंडिंग मशीन, टिकट वेंडिंग मशीन आदि जैसी सुविधाएँ हैं और पांच बस बे [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] qwynlv9zoerhlzrjw2bndyd81n9s8ik 6582597 6582596 2026-07-14T15:03:12Z Armadillo Jack 936233 6582597 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण लाइट रेल है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref>इसका नाम 25 अक्टूबर, 2025 को रखा गया था।<ref>{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस और ऐतिहासिक रूप से अफ़्रीकी अमेरिकी डगलस समुदायमें सेवा प्रदान करता है इस स्टेशन में हैं 313 जगहों वाला पार्किंग लॉट, यात्री उतारने की जगह, वेंडिंग मशीन, टिकट वेंडिंग मशीन आदि जैसी सुविधाएँ हैं और पांच बस बे [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] k68to5rs79tj5cmn3g3m4tx847xtz58 6582598 6582597 2026-07-14T15:04:16Z Armadillo Jack 936233 स्टेशन 6582598 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण लाइट रेल स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref>इसका नाम 25 अक्टूबर, 2025 को रखा गया था।<ref>{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस और ऐतिहासिक रूप से अफ़्रीकी अमेरिकी डगलस समुदायमें सेवा प्रदान करता है इस स्टेशन में हैं 313 जगहों वाला पार्किंग लॉट, यात्री उतारने की जगह, वेंडिंग मशीन, टिकट वेंडिंग मशीन आदि जैसी सुविधाएँ हैं और पांच बस बे [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] gro5ez7xgc6ptszhg77pezanmkjh03a 6582600 6582598 2026-07-14T15:09:57Z Armadillo Jack 936233 6582600 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण लाइट रेल स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref>इसका नाम 25 अक्टूबर, 2025 को रखा गया था।<ref>{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस और ऐतिहासिक रूप से अफ़्रीकी अमेरिकी डगलस समुदायमें सेवा प्रदान करता है इस स्टेशन में हैं 313 जगहों वाला पार्किंग लॉट, यात्री उतारने की जगह, वेंडिंग मशीन, टिकट वेंडिंग मशीन आदि जैसी सुविधाएँ हैं और पांच बस बे इस स्टेशन को 25 मार्च 2025 को जनता के लिए खोला गया था। [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] 6wgiti9203c6q3efzkxsejgxadpvxef 6582601 6582600 2026-07-14T15:10:38Z Armadillo Jack 936233 6582601 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण लाइट रेल स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref><ref name=":0">{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस और ऐतिहासिक रूप से अफ़्रीकी अमेरिकी डगलस समुदायमें सेवा प्रदान करता है इस स्टेशन में हैं 313 जगहों वाला पार्किंग लॉट, यात्री उतारने की जगह, वेंडिंग मशीन, टिकट वेंडिंग मशीन आदि जैसी सुविधाएँ हैं और पांच बस बे। इस स्टेशन को 25 मार्च 2025 को जनता के लिए खोला गया था।<ref name=":0" /> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] ddw51dswdakztpu52g2212wds9mg88v 6582602 6582601 2026-07-14T15:13:46Z Armadillo Jack 936233 reference ka page 6582602 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण लाइट रेल स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref><ref name=":0">{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस और ऐतिहासिक रूप से अफ़्रीकी अमेरिकी डगलस समुदायमें सेवा प्रदान करता है इस स्टेशन में हैं 313 जगहों वाला पार्किंग लॉट, यात्री उतारने की जगह, वेंडिंग मशीन, टिकट वेंडिंग मशीन आदि जैसी सुविधाएँ हैं और पांच बस बे। इस स्टेशन को 25 मार्च 2025 को जनता के लिए खोला गया था।<ref name=":0" /> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] == सन्दर्भ == d0wb0chc0e3wvuaxgcwokunv6olw1f9 6582603 6582602 2026-07-14T15:14:43Z Armadillo Jack 936233 6582603 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण लाइट रेल स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref><ref name=":0">{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस और ऐतिहासिक रूप से अफ़्रीकी अमेरिकी डगलस समुदायमें सेवा प्रदान करता है इस स्टेशन में हैं 313 जगहों वाला पार्किंग लॉट, यात्री उतारने की जगह, वेंडिंग मशीन, टिकट वेंडिंग मशीन आदि जैसी सुविधाएँ हैं और पांच बस बे। इस स्टेशन को 25 मार्च 2025 को जनता के लिए खोला गया था।<ref name=":0" /> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] == सन्दर्भ == 38adfmyqbel1cbf1zmpdus7malrxw8s 6582604 6582603 2026-07-14T15:17:48Z Armadillo Jack 936233 6582604 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण लाइट रेल स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref><ref name=":0">{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस और ऐतिहासिक रूप से अफ़्रीकी अमेरिकी डगलस समुदायमें सेवा प्रदान करता है इस स्टेशन में हैं 313 जगहों वाला पार्किंग लॉट, यात्री उतारने की जगह, वेंडिंग मशीन, टिकट वेंडिंग मशीन आदि जैसी सुविधाएँ हैं और पांच बस बे। इस स्टेशन को 25 मार्च 2025 को जनता के लिए खोला गया था।<ref name=":0" /> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] यह स्टेशन 'कॉटन बेल्ट' पर स्थित है, जो फोर्ट वर्थ और वाइली के बीच 54-मील (87 किमी) लंबा रेल कॉरिडोर है। 1871 में सेंट लुइस साउथवेस्टर्न रेलवे ने यह कॉरिडोर बनाया था, जिसे 1990 में DART ने एक संभावित कम्यूटर रेल लाइन के लिए खरीद लिया था। == सन्दर्भ == 7i9v17retmu319je25hudyucz17m1i5 6582605 6582604 2026-07-14T15:22:17Z Armadillo Jack 936233 6582605 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण लाइट रेल स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref><ref name=":0">{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस और ऐतिहासिक रूप से अफ़्रीकी अमेरिकी डगलस समुदायमें सेवा प्रदान करता है इस स्टेशन में हैं 313 जगहों वाला पार्किंग लॉट, यात्री उतारने की जगह, वेंडिंग मशीन, टिकट वेंडिंग मशीन आदि जैसी सुविधाएँ हैं और पांच बस बे। इस स्टेशन को 25 मार्च 2025 को जनता के लिए खोला गया था।<ref name=":0" /> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] यह स्टेशन 'कॉटन बेल्ट' पर स्थित है, जो फोर्ट वर्थ और वाइली के बीच 54-मील (87 किमी) लंबा रेल कॉरिडोर है। 1871 में सेंट लुइस साउथवेस्टर्न रेलवे ने यह कॉरिडोर बनाया था, जिसे 1990 में DART ने एक मुमकिन कम्यूटर रेल लाइन के लिए खरीद लिया था। == सन्दर्भ == 4g8te7sxvdlx4a1xxuthvdqawx8n65q 6582606 6582605 2026-07-14T15:22:34Z Armadillo Jack 936233 6582606 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक स्टेशन | name = 12th Street | style = Dallas Area Rapid Transit | type = [[DART rail]] | image = 12th Street Station.jpg | caption = ग्राउंड स्टेशन पर सिल्वर लाइन रेलगाड़ी (2025) | address = 1180 12th स्ट्रीट<br><ref name="City Fact Sheet">{{Cite web |title=Silver Line Fact Sheet: City of Plano |url=https://dart.org/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/planofactsheet080123.pdf |archive-date= |access-date=2024-06-10 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]]}}</ref> | borough = प्लानो, टेक्सास<br>1180 12th Street [[Plano, Texas]] | coordinates = {{coord|33.015417|-96.699278|display=inline;title}} | owned = [[डलास एरिया रैपिड ट्रांज़िट]] | lines = <!-- line information is detailed under "services" --> | platforms = रेड/ऑरेंज: 2 [[side platform]]s<br />सिल्वर: 2 [[side platform]]s | tracks = रेड लाइन/ऑरेंज लाइन: 2<br />सिल्वर लाइन: 2 | connections = {{bus icon}} [[Dallas Area Rapid Transit|DART]]: {{DART LB|236}}, {{DART LB|247}}, {{DART GL|eastplano|East Plano|(M-Sun)}}<ref name="Silver Line Schedule">{{cite web |title=Rail Guide: Silver Line |url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silverline-guide_oct-2025.pdf?sfvrsn=71dd4dcf_2 |website=[[Dallas Area Rapid Transit]] |pages=18 |date=2025-10-25}}</ref> | structure = रेड/ऑरेंज:ऊपर<br>सिल्वर: ज़मीन के स्तर पर | parking = 313 जगहें | bicycle = | accessible = हाँ | code = | zone = | opened = {{Start date and age|2025|10|25}} | rebuilt = | passengers = | pass_year = | pass_percent = | services = | mapframe = yes | mapframe-marker = rail-light | mapframe-marker-color = #000 | mapframe-zoom = 15 | image_size = }} '''12वीं स्ट्रीट स्टेशन''' ,प्लानो, टेक्सास। में डार्ट रेल का एक महत्वपूर्ण लाइट रेल स्टेशन है।<ref name="4 Things">{{Cite web|url=https://www.dallasnews.com/news/transportation/2018/07/28/here-are-4-things-dart-s-cotton-belt-stations-will-mean-for-plano/|title=Here are 4 things DART's Cotton Belt stations will mean for Plano|last=Leszcynski|first=Ray|date=2018-07-28|website=[[The Dallas Morning News]]|publisher=[[DallasNews Corporation|A. H. Belo Corporation]]|language=en|access-date=2024-06-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dartorgcmsblob.dart.org/prod/docs/default-source/silverline/dart-silver-line-project-fact-sheets/12thst-factsheet.pdf?sfvrsn=8366633c_1|title=Silver Line Fact Sheet: 12th Street Station|website=[[Dallas Area Rapid Transit]]|access-date=2024-06-10}}</ref><ref name=":0">{{cite news|url=https://www.cbsnews.com/texas/news/dart-silver-line-launch-free-rides-connects-seven-cities/|title=DART rolls out Silver Line with free rides and rider praise|last1=Holguin|first1=Briseida|date=October 26, 2025|work=[[KTVT]]|access-date=October 27, 2025|publisher=[[CBS News and Stations]]}}</ref>12वीं स्ट्रीट स्टेशन प्लानो के ऐतिहासिक 12वीं स्ट्रीट पड़ोस और ऐतिहासिक रूप से अफ़्रीकी अमेरिकी डगलस समुदायमें सेवा प्रदान करता है इस स्टेशन में हैं 313 जगहों वाला पार्किंग लॉट, यात्री उतारने की जगह, वेंडिंग मशीन, टिकट वेंडिंग मशीन आदि जैसी सुविधाएँ हैं और पांच बस बे। इस स्टेशन को 25 मार्च 2025 को जनता के लिए खोला गया था।<ref name=":0" /> [[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]] यह स्टेशन 'कॉटन बेल्ट' पर स्थित है, जो फोर्ट वर्थ और वाइली के बीच 54-मील (87 किमी) लंबा रेल कॉरिडोर है। 1871 में सेंट लुइस साउथवेस्टर्न रेलवे ने यह कॉरिडोर बनाया था, जिसे 1990 में DART ने एक मुमकिन कम्यूटर रेल लाइन के लिए खरीद लिया था। == सन्दर्भ == tf1wa6nep22yviu96od70sbr924pq39 डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय 0 1616044 6582594 2026-07-14T14:52:16Z Raghawendra 314635 नया पृष्ठ संपादन 6582594 wikitext text/x-wiki {{Infobox person|name=डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय|image=|caption=|birth_date={{Birth date and age|1966|07|01}}|birth_place=बालेश्वरघाट, बलिया, उत्तर प्रदेश, भारत|death_date=|nationality=भारतीय|other_names=शिवकुमार कौशिकेय|occupation=इतिहासकार, साहित्यकार, अध्यात्म तत्ववेत्ता|mother=स्व. पौढ़रिया देवी|father=स्व. रामाशीष सिंह|known_for=बलिया के इतिहास एवं संस्कृति पर लेखन, पाण्डुलिपि संरक्षण}} [[चित्र:Kausikey Ji.jpg|पाठ=डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय|बाएँ|134x134पिक्सेल]] '''डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय''' (जन्म: 01 जुलाई 1966) एक भारतीय इतिहासकार, साहित्यकार और अध्यात्म तत्ववेत्ता हैं। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बालेश्वरघाट में हुआ। ये मुख्यतः भृगुक्षेत्र बलिया के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और सांस्कृतिक विरासत पर अपने शोधपरक लेखन के लिए जाने जाते हैं। सम्प्रति ये [[राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन]], भारत सरकार में जिला समन्वयक, बलिया के पद पर कार्यरत हैं।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/photogallery/uttar-pradesh/ballia-today-this-person-is-a-famous-historian-of-up-dr-shivkumar-singh-kaushikeya-8329193.html|title=यूपी का मशहूर इतिहासकार|last=Avtar|first=Ram|date=May 17, 2024, 07:52 IST|website=https://hindi.news18.com/|archive-url=https://hindi.news18.com/photogallery/uttar-pradesh/ballia-today-this-person-is-a-famous-historian-of-up-dr-shivkumar-singh-kaushikeya-8329193.html|archive-date=May 17, 2024, 07:52 IST|access-date=14/07/2026}}</ref> == प्रारम्भिक जीवन एवं परिवार == इनका जन्म 01 जुलाई 1966 ई. को बलिया नगर के बालेश्वरघाट मोहल्ले में हुआ था। इनकी माता का नाम स्व. पौढ़रिया देवी और पिता का नाम स्व. रामाशीष सिंह था।<ref name=":0">{{Cite book|title=Ballia Virasat (बलिया विरासत)|last=kaushikey|first=Shivkumar singh|publisher=Sumangalam|year=2020|isbn=978-8194760122|location=Lucknow UP|pages=Back Cover}}</ref> == साहित्यिक एवं ऐतिहासिक योगदान == डॉ॰ कौशिकेय ने इतिहास, संस्कृति, अध्यात्म और स्वतंत्रता आंदोलन पर 14 से अधिक पुस्तकों की रचना की है।<ref>{{Cite web|url=https://uphindisansthan.in/pdfs/Ballia.pdf|title=बलिया के साहित्यकार|last=UP HINDI|first=SANSTHAN|date=9/29/12, 5:54:13 PM|website=uphindisansthan.in|archive-url=https://uphindisansthan.in/pdfs/Ballia.pdf|archive-date=9/29/12, 5:54:13 PM|access-date=14/07/2026}}</ref> === प्रकाशित पुस्तकें === * ''कामाश्रम'' - 2007 * ''भृगुक्षेत्र महात्म्य'' - 2007 (ज्योतिष ग्रंथ भृगु संहिता के रचयिता महर्षि भृगु के कालखण्ड के भृगुक्षेत्र का इतिहास) * ''वसुधैव कुटुम्बकम् (विश्व की मानवजाति का इतिहास)'' - 2007 * ''1942 की अगस्त क्रांति और बलिया'' - 2011, प्रकाशक: क्षेत्रीय अभिलेखागार, वाराणसी * ''क्रांति का प्रथम नायक मंगल पाण्डे'' - 2014, प्रकाशक: कोसल पब्लिशिंग हाऊस, फैजाबाद * ''महर्षि भृगु'' - 2015 * ''बाबा बालेश्वरनाथ'' - 2015 * ''वेदव्यास की जन्मभूमि'' - 2015 * ''माँ पचरुखां देवी'' - 2015 * ''ददरी मेला'' - 2015 * ''शिवतीर्थ श्रीकामेश्वरम्'' * ''बलिया विरासत भाग-01'' - 2017 * ''बलिया विरासत भाग-02'' - 2020 * ''उत्तर प्रदेश का स्वतंत्रता संग्राम: बलिया'' - 2024, प्रकाशक: अयोध्या शोध संस्थान (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन) एवं वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली<ref name=":1">{{Cite web|url=https://vaniprakashan.com/author/dr-shiv-kumar-singh-kaushikeya-|title=Dr. Shiv Kumar Singh 'Kaushikeya'|first=Administration|website=https://vaniprakashan.com|archive-url=https://vaniprakashan.com/author/dr-shiv-kumar-singh-kaushikeya-|access-date=14/07/2026}}</ref> === सम्पादन कार्य === * आद्य सम्पादक - ''अद्वैत शिवशक्ति दर्शन'' (त्रैमासिक पत्रिका) * ''स्मारिका व्यापारी महाकुंभ-1998'', प्रकाशक: जिला उद्योग व्यापार मंडल, बलिया * ''स्मारिका ददरी मेला 2011'', प्रकाशक: नगरपालिका परिषद, बलिया * ''स्मारिका ददरी दर्शन 2012'', प्रकाशक: नगरपालिका परिषद, बलिया * ''स्मारिका गड़हा दर्शन'', प्रकाशक: गड़हा विकास मंच, बलिया * ''क्रांतिवीर महानंद मिश्र'', प्रकाशक: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी / आश्रित संगठन, बलिया * ''स्मारिका ददरी मेला-2015 "ददरी दर्शन"'', प्रकाशक: नगरपालिका परिषद, बलिया * ''स्मारिका ददरी मेला 2019'', प्रकाशक: जिला प्रशासन, बलिया<ref name=":1" /> == सम्मान एवं पुरस्कार == * व्यापार भूषण सम्मान - 2005 * महर्षि भृगु सम्मान - 2006 * युवा चेतना सम्मान - 2008 * बलिया गौरव सम्मान - 2012 * डॉ॰ अमरकान्त साहित्य सम्मान * श्री हरिहर प्रसाद 'श्रीहरि' सम्मान * सम्राट अशोक महान सम्मान * शैक्षिक चेतना सम्मान * 'बलिया रत्न' सम्मान<ref name=":1" /> == वर्तमान दायित्व == अध्यात्म तत्ववेत्ता, साहित्यकार, इतिहासकार एवं जिला समन्वयक, राष्ट्रीय पाण्डुलिपि संरक्षण मिशन, भारत सरकार, बलिया।<ref name=":0" /> == सन्दर्भ == {{Reflist}} 259xh7hwq7jt2xem7fl8nkvpjmhu4ef 6582608 6582594 2026-07-14T15:51:13Z SM7 89247 हटाने हेतु नामांकित; देखें [[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय]] 6582608 wikitext text/x-wiki {{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीयता संदिग्ध। संभावित प्रचार अथवा प्रोमोशनल लेख।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय}}{{Infobox person|name=डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय|image=|caption=|birth_date={{Birth date and age|1966|07|01}}|birth_place=बालेश्वरघाट, बलिया, उत्तर प्रदेश, भारत|death_date=|nationality=भारतीय|other_names=शिवकुमार कौशिकेय|occupation=इतिहासकार, साहित्यकार, अध्यात्म तत्ववेत्ता|mother=स्व. पौढ़रिया देवी|father=स्व. रामाशीष सिंह|known_for=बलिया के इतिहास एवं संस्कृति पर लेखन, पाण्डुलिपि संरक्षण}} [[चित्र:Kausikey Ji.jpg|पाठ=डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय|बाएँ|134x134पिक्सेल]] '''डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय''' (जन्म: 01 जुलाई 1966) एक भारतीय इतिहासकार, साहित्यकार और अध्यात्म तत्ववेत्ता हैं। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बालेश्वरघाट में हुआ। ये मुख्यतः भृगुक्षेत्र बलिया के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और सांस्कृतिक विरासत पर अपने शोधपरक लेखन के लिए जाने जाते हैं। सम्प्रति ये [[राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन]], भारत सरकार में जिला समन्वयक, बलिया के पद पर कार्यरत हैं।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/photogallery/uttar-pradesh/ballia-today-this-person-is-a-famous-historian-of-up-dr-shivkumar-singh-kaushikeya-8329193.html|title=यूपी का मशहूर इतिहासकार|last=Avtar|first=Ram|date=May 17, 2024, 07:52 IST|website=https://hindi.news18.com/|archive-url=https://hindi.news18.com/photogallery/uttar-pradesh/ballia-today-this-person-is-a-famous-historian-of-up-dr-shivkumar-singh-kaushikeya-8329193.html|archive-date=May 17, 2024, 07:52 IST|access-date=14/07/2026}}</ref> == प्रारम्भिक जीवन एवं परिवार == इनका जन्म 01 जुलाई 1966 ई. को बलिया नगर के बालेश्वरघाट मोहल्ले में हुआ था। इनकी माता का नाम स्व. पौढ़रिया देवी और पिता का नाम स्व. रामाशीष सिंह था।<ref name=":0">{{Cite book|title=Ballia Virasat (बलिया विरासत)|last=kaushikey|first=Shivkumar singh|publisher=Sumangalam|year=2020|isbn=978-8194760122|location=Lucknow UP|pages=Back Cover}}</ref> == साहित्यिक एवं ऐतिहासिक योगदान == डॉ॰ कौशिकेय ने इतिहास, संस्कृति, अध्यात्म और स्वतंत्रता आंदोलन पर 14 से अधिक पुस्तकों की रचना की है।<ref>{{Cite web|url=https://uphindisansthan.in/pdfs/Ballia.pdf|title=बलिया के साहित्यकार|last=UP HINDI|first=SANSTHAN|date=9/29/12, 5:54:13 PM|website=uphindisansthan.in|archive-url=https://uphindisansthan.in/pdfs/Ballia.pdf|archive-date=9/29/12, 5:54:13 PM|access-date=14/07/2026}}</ref> === प्रकाशित पुस्तकें === * ''कामाश्रम'' - 2007 * ''भृगुक्षेत्र महात्म्य'' - 2007 (ज्योतिष ग्रंथ भृगु संहिता के रचयिता महर्षि भृगु के कालखण्ड के भृगुक्षेत्र का इतिहास) * ''वसुधैव कुटुम्बकम् (विश्व की मानवजाति का इतिहास)'' - 2007 * ''1942 की अगस्त क्रांति और बलिया'' - 2011, प्रकाशक: क्षेत्रीय अभिलेखागार, वाराणसी * ''क्रांति का प्रथम नायक मंगल पाण्डे'' - 2014, प्रकाशक: कोसल पब्लिशिंग हाऊस, फैजाबाद * ''महर्षि भृगु'' - 2015 * ''बाबा बालेश्वरनाथ'' - 2015 * ''वेदव्यास की जन्मभूमि'' - 2015 * ''माँ पचरुखां देवी'' - 2015 * ''ददरी मेला'' - 2015 * ''शिवतीर्थ श्रीकामेश्वरम्'' * ''बलिया विरासत भाग-01'' - 2017 * ''बलिया विरासत भाग-02'' - 2020 * ''उत्तर प्रदेश का स्वतंत्रता संग्राम: बलिया'' - 2024, प्रकाशक: अयोध्या शोध संस्थान (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन) एवं वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली<ref name=":1">{{Cite web|url=https://vaniprakashan.com/author/dr-shiv-kumar-singh-kaushikeya-|title=Dr. Shiv Kumar Singh 'Kaushikeya'|first=Administration|website=https://vaniprakashan.com|archive-url=https://vaniprakashan.com/author/dr-shiv-kumar-singh-kaushikeya-|access-date=14/07/2026}}</ref> === सम्पादन कार्य === * आद्य सम्पादक - ''अद्वैत शिवशक्ति दर्शन'' (त्रैमासिक पत्रिका) * ''स्मारिका व्यापारी महाकुंभ-1998'', प्रकाशक: जिला उद्योग व्यापार मंडल, बलिया * ''स्मारिका ददरी मेला 2011'', प्रकाशक: नगरपालिका परिषद, बलिया * ''स्मारिका ददरी दर्शन 2012'', प्रकाशक: नगरपालिका परिषद, बलिया * ''स्मारिका गड़हा दर्शन'', प्रकाशक: गड़हा विकास मंच, बलिया * ''क्रांतिवीर महानंद मिश्र'', प्रकाशक: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी / आश्रित संगठन, बलिया * ''स्मारिका ददरी मेला-2015 "ददरी दर्शन"'', प्रकाशक: नगरपालिका परिषद, बलिया * ''स्मारिका ददरी मेला 2019'', प्रकाशक: जिला प्रशासन, बलिया<ref name=":1" /> == सम्मान एवं पुरस्कार == * व्यापार भूषण सम्मान - 2005 * महर्षि भृगु सम्मान - 2006 * युवा चेतना सम्मान - 2008 * बलिया गौरव सम्मान - 2012 * डॉ॰ अमरकान्त साहित्य सम्मान * श्री हरिहर प्रसाद 'श्रीहरि' सम्मान * सम्राट अशोक महान सम्मान * शैक्षिक चेतना सम्मान * 'बलिया रत्न' सम्मान<ref name=":1" /> == वर्तमान दायित्व == अध्यात्म तत्ववेत्ता, साहित्यकार, इतिहासकार एवं जिला समन्वयक, राष्ट्रीय पाण्डुलिपि संरक्षण मिशन, भारत सरकार, बलिया।<ref name=":0" /> == सन्दर्भ == {{Reflist}} 7ov3rmun7wqi5bffqejoxqmvavdsltx विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय 4 1616045 6582609 2026-07-14T15:51:14Z SM7 89247 [[:डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय]] को हटाने हेतु चर्चा पृष्ठ बनाया जा रहा 6582609 wikitext text/x-wiki === [[:डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय]] === {{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=जुलाई 2026}} :{{la|1=डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय}} :{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय -विकिपीडिया -wikipedia}} नामांकन के लिये कारण: उल्लेखनीयता संदिग्ध। संभावित प्रचार अथवा प्रोमोशनल लेख। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:51, 14 जुलाई 2026 (UTC) tu9b4qjktli6u8mdglcgs7iaadsdhrq विकिपीडिया वार्ता:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/डॉ॰ शिवकुमार सिंह कौशिकेय 5 1616046 6582615 2026-07-14T16:20:57Z ~2026-39908-02 936271 /* नया पेज जोड़े */ नया अनुभाग 6582615 wikitext text/x-wiki == नया पेज जोड़े == सादर नमस्कार, आदरणीय यह पेज बलिया जनपद जो उत्तर प्रदेश का एक ऐसा जनपद है जो भारत की आजादी 1947 से पूर्व 1942 में आजाद हो गया था, जिसके स्वर्णिम इतिहास को पुनर्जागृत करने का महती प्रयास डॉ शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने किया है, अपने बलिया जनपद के अनेक संस्कृतिक धरोहरों को सहेजने एवं जन जन तक पहुंचने में अपना सर्वस्व दिया। इनका यह उल्लेखनीय योगदान ही है जिसे हम सभी के सामने प्रस्तुत करना चाहते है। अगर मेरे द्वारा बनाए पेज में किसी संशोधन की आवश्यकता है तो कृपया हमें बताए। हो सकता है मै अपनी बात ठीक से न रख पा रहा हूं। कृपया आप मार्गदर्शन करे। मै इसे कैसे ठीक करु सादर। [[विशेष:योगदान/&#126;2026-39908-02|&#126;2026-39908-02]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2026-39908-02|वार्ता]]) 16:20, 14 जुलाई 2026 (UTC) eeka6t33c7rwa062h19c5q9kkv432iw सदस्य वार्ता:Sakhwar itihas/सखवार राजपूत 3 1616047 6582630 2026-07-14T18:03:09Z ~2026-39759-04 936282 /* Sakhwar Rajput */ नया अनुभाग 6582630 wikitext text/x-wiki == Sakhwar Rajput == sakhwar sakarwar Rajput [[विशेष:योगदान/&#126;2026-39759-04|&#126;2026-39759-04]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2026-39759-04|वार्ता]]) 18:03, 14 जुलाई 2026 (UTC) juevbdrf9o5f7jy728bkoi92c8eezbk सदस्य वार्ता:Anand2308 3 1616048 6582665 2026-07-15T00:01:00Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6582665 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=Anand2308}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:01, 15 जुलाई 2026 (UTC) p15ujfl51yvcs988gjkhwt752mj7xp0 सदस्य वार्ता:Aslam0611 3 1616049 6582666 2026-07-15T00:01:01Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6582666 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=Aslam0611}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:01, 15 जुलाई 2026 (UTC) dgz0wq9g90zvmiti8stcj9g7j1murl8 सदस्य वार्ता:Armadillo Jack 3 1616050 6582667 2026-07-15T00:01:02Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6582667 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=Armadillo Jack}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:01, 15 जुलाई 2026 (UTC) 40ffgckqfjbq3svuat7c85387s0h35a सदस्य वार्ता:Aasurabari 3 1616051 6582668 2026-07-15T00:01:04Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6582668 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=Aasurabari}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:01, 15 जुलाई 2026 (UTC) kyj4h0w0ck1hpgunjde4drf68w1l3fi सदस्य वार्ता:Saif Lukmani 3 1616052 6582669 2026-07-15T00:01:05Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6582669 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=Saif Lukmani}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:01, 15 जुलाई 2026 (UTC) di6ejeswx1ftk72yyl7uwusqvi9s1o3 सदस्य वार्ता:Dhee Dheeraj 3 1616053 6582670 2026-07-15T00:01:06Z Sanjeev bot 127039 स्वागत संदेश जोड़ा 6582670 wikitext text/x-wiki {{साँचा:सहायता|name=Dhee Dheeraj}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:01, 15 जुलाई 2026 (UTC) blx9sbij8og8zamljmal9i3fi8zji8r ट्रेसएक्स लैब्स 0 1616054 6582681 2026-07-15T02:14:11Z Mepyeusese 936313 नया पृष्ठ: {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = साइबर सुरक्षा | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} 6582681 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = साइबर सुरक्षा | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} o9jfl5fa11ww75512alzgyziaauuxhk 6582682 6582681 2026-07-15T02:16:24Z Mepyeusese 936313 6582682 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = साइबर सुरक्षा | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर सुरक्षा, खतरा विश्लेषण, मैलवेयर अनुसंधान तथा सूचना सुरक्षा से संबंधित उत्पादों और सेवाओं पर कार्य करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} k3vi31e3dcvct8bqkj97vb59gvkte6p 6582684 6582682 2026-07-15T02:22:26Z Mepyeusese 936313 6582684 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = साइबर सुरक्षा | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर सुरक्षा, खतरा विश्लेषण, मैलवेयर अनुसंधान तथा सूचना सुरक्षा से संबंधित उत्पादों और सेवाओं पर कार्य करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} cdz8j2bqtdnp1rmzxgl5shslrdh4qiq 6582685 6582684 2026-07-15T02:23:33Z Mepyeusese 936313 6582685 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर सुरक्षा, खतरा विश्लेषण, मैलवेयर अनुसंधान तथा सूचना सुरक्षा से संबंधित उत्पादों और सेवाओं पर कार्य करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} kuz4v51aw064hofgi04qphfge2g8xx2 6582687 6582685 2026-07-15T02:26:05Z Mepyeusese 936313 6582687 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html [[United News of India]]</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} fk89rpof8muaxslkpfuicn2i383bwst 6582689 6582687 2026-07-15T02:32:12Z Mepyeusese 936313 6582689 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html [[United News of India]]</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है। * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है। * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है। == संदर्भ == {{Reflist}} 991gg6v7gykp1yffm0drsjdeukn4664 6582690 6582689 2026-07-15T02:32:36Z Mepyeusese 936313 6582690 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html [[United News of India]]</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है। * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है। == संदर्भ == {{Reflist}} 6j4rfxh2dtu26jldsxt3b2aw5sr1041 6582693 6582690 2026-07-15T02:33:44Z Mepyeusese 936313 6582693 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html [[United News of India]]</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/technology/tracex-guard-ai-mobile-security-digital-safety-india-2115258|title=ಡಿಜಿಟಲ್ ಭದ್ರತೆಯಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಯುಗ: TraceX Guard AI ಮೊಬೈಲ್ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪರಿಹಾರ|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-02-18|website=Vartha Bharati|language=kn|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.blic.rs/it/ove-aplikacije-za-android-otkrivaju-da-li-neko-spijunira-vas-mobilni-telefon/slvzv6z|title=Ove aplikacije za Android otkrivaju da li neko špijunira vaš mobilni telefon|last=Lađarević|first=Ana|date=2025-12-18|website=Blic|language=sr|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है। * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है। == संदर्भ == {{Reflist}} b063irtvt7tzlla0kerv03g126pbvpv 6582695 6582693 2026-07-15T02:34:22Z Mepyeusese 936313 6582695 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html [[United News of India]]</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/technology/tracex-guard-ai-mobile-security-digital-safety-india-2115258|title=ಡಿಜಿಟಲ್ ಭದ್ರತೆಯಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಯುಗ: TraceX Guard AI ಮೊಬೈಲ್ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪರಿಹಾರ|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-02-18|website=Vartha Bharati|language=kn|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.blic.rs/it/ove-aplikacije-za-android-otkrivaju-da-li-neko-spijunira-vas-mobilni-telefon/slvzv6z|title=Ove aplikacije za Android otkrivaju da li neko špijunira vaš mobilni telefon|last=Lađarević|first=Ana|date=2025-12-18|website=Blic|language=sr|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/geox-ai-explained-ai-geolocation-20752028494.html|title=GEOX AI: AI જિયોલોકેશનથી સૈન્ય ઇન્ટેલિજન્સમાં બદલાવ|website=Gujarat Samachar|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.patrika.com/udaipur-news/free-ai-tool-to-trace-location-from-photo-video-trace-x-innovation-by-jalore-brothers-20532216|title=राजस्थान के भाइयों का अनूठा इनोवेशन: फोटो-वीडियो देखकर AI बता रहा सटीक लोकेशन, फ्री में कर सकते हैं यूज {{!}} Free Ai Tool To Trace Location From Photo Video Trace X Innovation By Jalore Brothers|date=2026-04-27|website=Rajasthan Patrika|language=hi|access-date=2026-05-25}}</ref> * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है। == संदर्भ == {{Reflist}} rdycq9fnscm008hghkbjk8wb3im9egh 6582696 6582695 2026-07-15T02:35:05Z Mepyeusese 936313 6582696 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html [[United News of India]]</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/technology/tracex-guard-ai-mobile-security-digital-safety-india-2115258|title=ಡಿಜಿಟಲ್ ಭದ್ರತೆಯಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಯುಗ: TraceX Guard AI ಮೊಬೈಲ್ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪರಿಹಾರ|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-02-18|website=Vartha Bharati|language=kn|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.blic.rs/it/ove-aplikacije-za-android-otkrivaju-da-li-neko-spijunira-vas-mobilni-telefon/slvzv6z|title=Ove aplikacije za Android otkrivaju da li neko špijunira vaš mobilni telefon|last=Lađarević|first=Ana|date=2025-12-18|website=Blic|language=sr|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/geox-ai-explained-ai-geolocation-20752028494.html|title=GEOX AI: AI જિયોલોકેશનથી સૈન્ય ઇન્ટેલિજન્સમાં બદલાવ|website=Gujarat Samachar|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.patrika.com/udaipur-news/free-ai-tool-to-trace-location-from-photo-video-trace-x-innovation-by-jalore-brothers-20532216|title=राजस्थान के भाइयों का अनूठा इनोवेशन: फोटो-वीडियो देखकर AI बता रहा सटीक लोकेशन, फ्री में कर सकते हैं यूज {{!}} Free Ai Tool To Trace Location From Photo Video Trace X Innovation By Jalore Brothers|date=2026-04-27|website=Rajasthan Patrika|language=hi|access-date=2026-05-25}}</ref> * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.tv5news.in/national/url-x-tracex-labs-ai-powered-phishing-and-malware-protection-981035|title=URL X: TraceX Labs రూపొందించిన AI ఆధారిత భద్రతా వేదిక ఫిషింగ్ దాడులకు రియల్-టైమ్‌లో అడ్డుకట్ట {{!}} URL X by TraceX Labs: AI-Powered Platform Transforming Real-Time Phishing and Malware Protection|last=Muddhala|first=Prabhu|date=2026-03-01|website=TV5 (India)|language=te|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/enterprise-url-security-platform-designed-to-monitor-and-control-url-based-risks Sikkim Express</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} co43rwb7jnlei8c7glviv8iv1bevpss 6582703 6582696 2026-07-15T02:40:29Z Mepyeusese 936313 6582703 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html [[United News of India]]</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/technology/tracex-guard-ai-mobile-security-digital-safety-india-2115258|title=ಡಿಜಿಟಲ್ ಭದ್ರತೆಯಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಯುಗ: TraceX Guard AI ಮೊಬೈಲ್ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪರಿಹಾರ|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-02-18|website=Vartha Bharati|language=kn|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.blic.rs/it/ove-aplikacije-za-android-otkrivaju-da-li-neko-spijunira-vas-mobilni-telefon/slvzv6z|title=Ove aplikacije za Android otkrivaju da li neko špijunira vaš mobilni telefon|last=Lađarević|first=Ana|date=2025-12-18|website=Blic|language=sr|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/geox-ai-explained-ai-geolocation-20752028494.html|title=GEOX AI: AI જિયોલોકેશનથી સૈન્ય ઇન્ટેલિજન્સમાં બદલાવ|website=Gujarat Samachar|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.patrika.com/udaipur-news/free-ai-tool-to-trace-location-from-photo-video-trace-x-innovation-by-jalore-brothers-20532216|title=राजस्थान के भाइयों का अनूठा इनोवेशन: फोटो-वीडियो देखकर AI बता रहा सटीक लोकेशन, फ्री में कर सकते हैं यूज {{!}} Free Ai Tool To Trace Location From Photo Video Trace X Innovation By Jalore Brothers|date=2026-04-27|website=Rajasthan Patrika|language=hi|access-date=2026-05-25}}</ref> * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.tv5news.in/national/url-x-tracex-labs-ai-powered-phishing-and-malware-protection-981035|title=URL X: TraceX Labs రూపొందించిన AI ఆధారిత భద్రతా వేదిక ఫిషింగ్ దాడులకు రియల్-టైమ్‌లో అడ్డుకట్ట {{!}} URL X by TraceX Labs: AI-Powered Platform Transforming Real-Time Phishing and Malware Protection|last=Muddhala|first=Prabhu|date=2026-03-01|website=TV5 (India)|language=te|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/enterprise-url-security-platform-designed-to-monitor-and-control-url-based-risks Sikkim Express</ref> == विश्लेषण == ==== नकली ''[[कॉकरोच जनता पार्टी]]'' एंड्रॉयड मैलवेयर ==== 2026 में, TraceX Labs ने ''Cockroach Janta Party.apk'' नाम से फैलाए जा रहे एक हानिकारक एंड्रॉयड ऐप का विश्लेषण प्रकाशित किया।<ref>https://tracexlabs.com/reports/cockroach-janta-party-malware-threat-report-2026.pdf</ref><ref>{{Cite web|url=https://countercurrents.org/2026/05/fake-cockroach-janta-party-apk-malware-campaign-raises-serious-cybersecurity-concerns-in-india/|title=Fake ‘Cockroach Janta Party’ APK Malware Campaign Raises Serious Cybersecurity Concerns in India|date=2026-05-25|website=[[Countercurrents.org]]|language=en-US|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://thenewsmill.com/2026/05/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat/|title=Fake ‘Cockroach Janta Party’ Android app flagged as critical malware threat|date=2026-05-24|website=thenewsmill.com|language=en-US|access-date=2026-05-25}}</ref> रिपोर्ट के अनुसार, यह ऐप WhatsApp और Telegram के माध्यम से फैलाया गया था तथा यह स्पाइवेयर और रिमोट एक्सेस ट्रोजन (RAT) के रूप में कार्य करता था।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/cockroach-janta-party-malware-apk-targeting-android-users-warns-tracex-labs-30174054246.html|title=Cockroach Janta Party APK થી Android યુઝર્સને ખતરો: TraceX Labs|website=www.gujaratsamachar.com|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/fake-cockroach-janta-party-android-app-malware-warning/cid18722038.htm|title=Cockroach Janta Party Malware APK Targets Android Users Through WhatsApp and Telegram|last=Desk|first=Tech|date=2026-05-22|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.adgully.com/post/Fake%20Cockroach%20Janta%20Party%20apps%20flagged%20as%20critical%20android%20malware%20threat:%20%20TraceX%20Labs%20report/fake-cockroach-janta-party-apps-flagged-as-critical-android-malware-threat-tracex-lab-report|title=Fake Cockroach Janta Party apps flagged as critical android malware threat: TraceX Labs report|last=Bureau|first=Adgully|date=2026-05-25|website=www.adgully.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> विश्लेषण में बताया गया कि यह मैलवेयर टेलीग्राम आधारित कमांड-एंड-कंट्रोल (C2) प्रणाली का उपयोग करता था और [[एंड्रॉयड]] की एक्सेसिबिलिटी सेवाओं तथा अन्य अनुमतियों का दुरुपयोग करके एसएमएस, वन-टाइम पासवर्ड (OTP), संपर्क, कॉल लॉग, मीडिया फ़ाइलें और अन्य डिवाइस डेटा प्राप्त कर सकता था।<ref>{{Cite web|url=https://jantaserishta.com/breaking-news/cockroach-janta-party-android-malware-warning-apk-4727870|title=TraceX Labs ने “Cockroach Janta Party” Android Malware का किया खुलासा, भारतीय यूजर्स के लिए बड़ा खतरा {{!}} Cockroach Janta Party Malware APK Targeting Android Users Through WhatsApp and Telegram|last=Verma|first=Gaurav|date=2026-05-22|website=jantaserishta.com|language=hi|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.mumbailive.com/en/politics/cockroach-janta-party-apk-malware-spreading-across-india-android-users-warned-92894|title=“Cockroach Janta Party” APK Malware Spreading Across India, Android Users Warned|date=2026-05-22|website=Mumbai Live|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.mymahanagar.com/trending/cockroach-janta-party-malware-apk-android-warning-marathi/986037/|title=Cockroach Janta Party Malware APK Android वापरकर्त्यांना लक्ष्य करत असल्याचा TraceX Labs चा इशारा|last=admin|date=2026-05-22|website=[[Mahanagar (newspaper)]]|language=mr|access-date=2026-05-25}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} lxeeq2s615i1cgrm5ksmig9xfikayk8 6582704 6582703 2026-07-15T02:41:35Z Mepyeusese 936313 simple 6582704 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html [[United News of India]]</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/technology/tracex-guard-ai-mobile-security-digital-safety-india-2115258|title=ಡಿಜಿಟಲ್ ಭದ್ರತೆಯಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಯುಗ: TraceX Guard AI ಮೊಬೈಲ್ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪರಿಹಾರ|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-02-18|website=Vartha Bharati|language=kn|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.blic.rs/it/ove-aplikacije-za-android-otkrivaju-da-li-neko-spijunira-vas-mobilni-telefon/slvzv6z|title=Ove aplikacije za Android otkrivaju da li neko špijunira vaš mobilni telefon|last=Lađarević|first=Ana|date=2025-12-18|website=Blic|language=sr|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/geox-ai-explained-ai-geolocation-20752028494.html|title=GEOX AI: AI જિયોલોકેશનથી સૈન્ય ઇન્ટેલિજન્સમાં બદલાવ|website=Gujarat Samachar|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.patrika.com/udaipur-news/free-ai-tool-to-trace-location-from-photo-video-trace-x-innovation-by-jalore-brothers-20532216|title=राजस्थान के भाइयों का अनूठा इनोवेशन: फोटो-वीडियो देखकर AI बता रहा सटीक लोकेशन, फ्री में कर सकते हैं यूज {{!}} Free Ai Tool To Trace Location From Photo Video Trace X Innovation By Jalore Brothers|date=2026-04-27|website=Rajasthan Patrika|language=hi|access-date=2026-05-25}}</ref> * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.tv5news.in/national/url-x-tracex-labs-ai-powered-phishing-and-malware-protection-981035|title=URL X: TraceX Labs రూపొందించిన AI ఆధారిత భద్రతా వేదిక ఫిషింగ్ దాడులకు రియల్-టైమ్‌లో అడ్డుకట్ట {{!}} URL X by TraceX Labs: AI-Powered Platform Transforming Real-Time Phishing and Malware Protection|last=Muddhala|first=Prabhu|date=2026-03-01|website=TV5 (India)|language=te|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/enterprise-url-security-platform-designed-to-monitor-and-control-url-based-risks Sikkim Express</ref> == विश्लेषण == ==== नकली ''[[कॉकरोच जनता पार्टी]]'' एंड्रॉयड मैलवेयर ==== मई 2026 में, ''[[The Hindu]]'' ने ट्रेसएक्स लैब्स की एक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि "Cockroach Janta Party" नाम से एक दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉइड अनुप्रयोग प्रसारित किया जा रहा था।<ref name=":3" /><ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/cockroach-janta-party-malware-apk-targeting-android-users-warns-tracex-labs-30174054246.html|title=Cockroach Janta Party APK થી Android યુઝર્સને ખતરો: TraceX Labs|website=www.gujaratsamachar.com|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/fake-cockroach-janta-party-android-app-malware-warning/cid18722038.htm|title=Cockroach Janta Party Malware APK Targets Android Users Through WhatsApp and Telegram|last=Desk|first=Tech|date=2026-05-22|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.adgully.com/post/Fake%20Cockroach%20Janta%20Party%20apps%20flagged%20as%20critical%20android%20malware%20threat:%20%20TraceX%20Labs%20report/fake-cockroach-janta-party-apps-flagged-as-critical-android-malware-threat-tracex-lab-report|title=Fake Cockroach Janta Party apps flagged as critical android malware threat: TraceX Labs report|last=Bureau|first=Adgully|date=2026-05-25|website=www.adgully.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} ocg4ne1xb1bvpxqypbjbbdi9lfaz88w 6582706 6582704 2026-07-15T02:44:03Z Mepyeusese 936313 6582706 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) [[कंप्यूटर सुरक्षा|साइबर सुरक्षा]] कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html [[United News of India]]</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/technology/tracex-guard-ai-mobile-security-digital-safety-india-2115258|title=ಡಿಜಿಟಲ್ ಭದ್ರತೆಯಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಯುಗ: TraceX Guard AI ಮೊಬೈಲ್ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪರಿಹಾರ|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-02-18|website=Vartha Bharati|language=kn|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.blic.rs/it/ove-aplikacije-za-android-otkrivaju-da-li-neko-spijunira-vas-mobilni-telefon/slvzv6z|title=Ove aplikacije za Android otkrivaju da li neko špijunira vaš mobilni telefon|last=Lađarević|first=Ana|date=2025-12-18|website=Blic|language=sr|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/geox-ai-explained-ai-geolocation-20752028494.html|title=GEOX AI: AI જિયોલોકેશનથી સૈન્ય ઇન્ટેલિજન્સમાં બદલાવ|website=Gujarat Samachar|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.patrika.com/udaipur-news/free-ai-tool-to-trace-location-from-photo-video-trace-x-innovation-by-jalore-brothers-20532216|title=राजस्थान के भाइयों का अनूठा इनोवेशन: फोटो-वीडियो देखकर AI बता रहा सटीक लोकेशन, फ्री में कर सकते हैं यूज {{!}} Free Ai Tool To Trace Location From Photo Video Trace X Innovation By Jalore Brothers|date=2026-04-27|website=Rajasthan Patrika|language=hi|access-date=2026-05-25}}</ref> * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.tv5news.in/national/url-x-tracex-labs-ai-powered-phishing-and-malware-protection-981035|title=URL X: TraceX Labs రూపొందించిన AI ఆధారిత భద్రతా వేదిక ఫిషింగ్ దాడులకు రియల్-టైమ్‌లో అడ్డుకట్ట {{!}} URL X by TraceX Labs: AI-Powered Platform Transforming Real-Time Phishing and Malware Protection|last=Muddhala|first=Prabhu|date=2026-03-01|website=TV5 (India)|language=te|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/enterprise-url-security-platform-designed-to-monitor-and-control-url-based-risks Sikkim Express</ref> == विश्लेषण == ==== नकली ''[[कॉकरोच जनता पार्टी]]'' एंड्रॉयड मैलवेयर ==== मई 2026 में, ''[[The Hindu]]'' ने ट्रेसएक्स लैब्स की एक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि "Cockroach Janta Party" नाम से एक दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉइड अनुप्रयोग प्रसारित किया जा रहा था।<ref name=":3" /><ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/cockroach-janta-party-malware-apk-targeting-android-users-warns-tracex-labs-30174054246.html|title=Cockroach Janta Party APK થી Android યુઝર્સને ખતરો: TraceX Labs|website=www.gujaratsamachar.com|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/fake-cockroach-janta-party-android-app-malware-warning/cid18722038.htm|title=Cockroach Janta Party Malware APK Targets Android Users Through WhatsApp and Telegram|last=Desk|first=Tech|date=2026-05-22|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.adgully.com/post/Fake%20Cockroach%20Janta%20Party%20apps%20flagged%20as%20critical%20android%20malware%20threat:%20%20TraceX%20Labs%20report/fake-cockroach-janta-party-apps-flagged-as-critical-android-malware-threat-tracex-lab-report|title=Fake Cockroach Janta Party apps flagged as critical android malware threat: TraceX Labs report|last=Bureau|first=Adgully|date=2026-05-25|website=www.adgully.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> == विवाद == ==== ''[[संचार साथी]]'' निगरानी संबंधी चिंताएँ ==== 2026 में, TraceX Labs ने [[दूरसंचार विभाग]] द्वारा विकसित ''[[संचार साथी]]'' मोबाइल ऐप को अनिवार्य रूप से पहले से इंस्टॉल करने के प्रस्ताव पर एक विश्लेषण प्रकाशित किया।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> रिपोर्ट में कहा गया कि यदि किसी ऐसे ऐप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल किया जाता है जिसे हटाया न जा सके और जिसे डिवाइस की पहचान, स्थान और संचार संबंधी जानकारी तक पहुँच प्राप्त हो, तो पर्याप्त पारदर्शिता और निगरानी के बिना इससे स्मार्टफ़ोन पर निगरानी जैसी व्यवस्था बन सकती है।<ref>{{Cite web|url=https://financiarul.ro/tehnologie/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM. Ce înseamnă asta pentru utilizatori - Financiarul|date=2025-12-03|website=financiarul.ro|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://news24.ro/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM ce înseamnă asta pentru utilizatori|last=Matei|first=Cristian|date=2025-12-03|website=News24|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref> विश्लेषण में इस प्रस्ताव के कुछ पहलुओं की तुलना Pegasus जैसे स्पाइवेयर प्लेटफ़ॉर्म की विशेषताओं से भी की गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/sanchar-saathi-pegasus-spyware-centre-order-app-privacy-surveillance-concerns-2829174-2025-12-02|title=Sanchar Saathi new Pegasus spyware? Centre's order on app raises storm|last=desk|first=India Today Technology|date=2025-12-02|website=India Today|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.newstrack.com/india-news/tracex-labs-warns-sanchar-saathi-surveillance-concerns-585273|title=TraceX Labs Warns Sanchar Saathi Mandate Could Create Pegasus-Style Surveillance Architecture {{!}} TraceX Labs raises privacy and security concerns over forced installation of the government telecom|last=Giri|first=Sushil|date=2026-03-15|website=english.newstrack.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} 3ssaj797ve3j7ceeco9ynnt7dli12cj 6582707 6582706 2026-07-15T02:46:42Z Mepyeusese 936313 6582707 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) [[कंप्यूटर सुरक्षा|साइबर सुरक्षा]] कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html [[United News of India]]</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/technology/tracex-guard-ai-mobile-security-digital-safety-india-2115258|title=ಡಿಜಿಟಲ್ ಭದ್ರತೆಯಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಯುಗ: TraceX Guard AI ಮೊಬೈಲ್ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪರಿಹಾರ|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-02-18|website=Vartha Bharati|language=kn|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.blic.rs/it/ove-aplikacije-za-android-otkrivaju-da-li-neko-spijunira-vas-mobilni-telefon/slvzv6z|title=Ove aplikacije za Android otkrivaju da li neko špijunira vaš mobilni telefon|last=Lađarević|first=Ana|date=2025-12-18|website=Blic|language=sr|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/geox-ai-explained-ai-geolocation-20752028494.html|title=GEOX AI: AI જિયોલોકેશનથી સૈન્ય ઇન્ટેલિજન્સમાં બદલાવ|website=Gujarat Samachar|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.patrika.com/udaipur-news/free-ai-tool-to-trace-location-from-photo-video-trace-x-innovation-by-jalore-brothers-20532216|title=राजस्थान के भाइयों का अनूठा इनोवेशन: फोटो-वीडियो देखकर AI बता रहा सटीक लोकेशन, फ्री में कर सकते हैं यूज {{!}} Free Ai Tool To Trace Location From Photo Video Trace X Innovation By Jalore Brothers|date=2026-04-27|website=Rajasthan Patrika|language=hi|access-date=2026-05-25}}</ref> * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.tv5news.in/national/url-x-tracex-labs-ai-powered-phishing-and-malware-protection-981035|title=URL X: TraceX Labs రూపొందించిన AI ఆధారిత భద్రతా వేదిక ఫిషింగ్ దాడులకు రియల్-టైమ్‌లో అడ్డుకట్ట {{!}} URL X by TraceX Labs: AI-Powered Platform Transforming Real-Time Phishing and Malware Protection|last=Muddhala|first=Prabhu|date=2026-03-01|website=TV5 (India)|language=te|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/enterprise-url-security-platform-designed-to-monitor-and-control-url-based-risks Sikkim Express</ref> == विश्लेषण == ==== नकली ''[[कॉकरोच जनता पार्टी]]'' एंड्रॉयड मैलवेयर ==== मई 2026 में, ''[[The Hindu]]'' ने ट्रेसएक्स लैब्स की एक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि "Cockroach Janta Party" नाम से एक दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉइड अनुप्रयोग प्रसारित किया जा रहा था।<ref name=":3" /><ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/cockroach-janta-party-malware-apk-targeting-android-users-warns-tracex-labs-30174054246.html|title=Cockroach Janta Party APK થી Android યુઝર્સને ખતરો: TraceX Labs|website=www.gujaratsamachar.com|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/fake-cockroach-janta-party-android-app-malware-warning/cid18722038.htm|title=Cockroach Janta Party Malware APK Targets Android Users Through WhatsApp and Telegram|last=Desk|first=Tech|date=2026-05-22|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.adgully.com/post/Fake%20Cockroach%20Janta%20Party%20apps%20flagged%20as%20critical%20android%20malware%20threat:%20%20TraceX%20Labs%20report/fake-cockroach-janta-party-apps-flagged-as-critical-android-malware-threat-tracex-lab-report|title=Fake Cockroach Janta Party apps flagged as critical android malware threat: TraceX Labs report|last=Bureau|first=Adgully|date=2026-05-25|website=www.adgully.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> == विवाद == ==== ''[[संचार साथी]]'' निगरानी संबंधी चिंताएँ ==== 2026 में, TraceX Labs ने [[दूरसंचार विभाग]] द्वारा विकसित ''[[संचार साथी]]'' मोबाइल ऐप को अनिवार्य रूप से पहले से इंस्टॉल करने के प्रस्ताव पर एक विश्लेषण प्रकाशित किया।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> रिपोर्ट में कहा गया कि यदि किसी ऐसे ऐप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल किया जाता है जिसे हटाया न जा सके और जिसे डिवाइस की पहचान, स्थान और संचार संबंधी जानकारी तक पहुँच प्राप्त हो, तो पर्याप्त पारदर्शिता और निगरानी के बिना इससे स्मार्टफ़ोन पर निगरानी जैसी व्यवस्था बन सकती है।<ref>{{Cite web|url=https://financiarul.ro/tehnologie/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM. Ce înseamnă asta pentru utilizatori - Financiarul|date=2025-12-03|website=financiarul.ro|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://news24.ro/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM ce înseamnă asta pentru utilizatori|last=Matei|first=Cristian|date=2025-12-03|website=News24|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref> विश्लेषण में इस प्रस्ताव के कुछ पहलुओं की तुलना Pegasus जैसे स्पाइवेयर प्लेटफ़ॉर्म की विशेषताओं से भी की गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/sanchar-saathi-pegasus-spyware-centre-order-app-privacy-surveillance-concerns-2829174-2025-12-02|title=Sanchar Saathi new Pegasus spyware? Centre's order on app raises storm|last=desk|first=India Today Technology|date=2025-12-02|website=India Today|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.newstrack.com/india-news/tracex-labs-warns-sanchar-saathi-surveillance-concerns-585273|title=TraceX Labs Warns Sanchar Saathi Mandate Could Create Pegasus-Style Surveillance Architecture {{!}} TraceX Labs raises privacy and security concerns over forced installation of the government telecom|last=Giri|first=Sushil|date=2026-03-15|website=english.newstrack.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> ===== EV बैटरी सुरक्षा ===== 2026 में, ट्रेसएक्स लैब्स ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS) की सुरक्षा पर एक तकनीकी रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें संभावित सुरक्षा जोखिमों और उनसे बचाव के उपायों का उल्लेख किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://firstindia.co.in/news/news/bat-bms-viral-videos-raise-ev-security-concerns-india-tracex-labs-bms-security-advisory-immediate-mitigation-guidance-1782981378|title=BAT-BMS Viral Videos Raise EV Security Concerns in India; TraceX Labs Releases BMS Security Advisory and Immediate Mitigation Guidance|website=firstindia.co.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>https://tracexlabs.com/reports/bms-security-advisory-immediate-mitigation-for-ev-vehicles.pdf</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/viral-bat-bms-videos-raise-ev-security-concerns-in-india/cid18918226.htm|title=Viral BAT-BMS Videos Raise EV Security Concerns in India|last=Kumar|first=Tech Desk Santhosh|date=2026-07-02|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} rjzli7g07np71r2bhl97cblqoh5fhqr 6582708 6582707 2026-07-15T02:46:58Z Mepyeusese 936313 /* विवाद */ 6582708 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) [[कंप्यूटर सुरक्षा|साइबर सुरक्षा]] कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html [[United News of India]]</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/technology/tracex-guard-ai-mobile-security-digital-safety-india-2115258|title=ಡಿಜಿಟಲ್ ಭದ್ರತೆಯಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಯುಗ: TraceX Guard AI ಮೊಬೈಲ್ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪರಿಹಾರ|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-02-18|website=Vartha Bharati|language=kn|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.blic.rs/it/ove-aplikacije-za-android-otkrivaju-da-li-neko-spijunira-vas-mobilni-telefon/slvzv6z|title=Ove aplikacije za Android otkrivaju da li neko špijunira vaš mobilni telefon|last=Lađarević|first=Ana|date=2025-12-18|website=Blic|language=sr|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/geox-ai-explained-ai-geolocation-20752028494.html|title=GEOX AI: AI જિયોલોકેશનથી સૈન્ય ઇન્ટેલિજન્સમાં બદલાવ|website=Gujarat Samachar|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.patrika.com/udaipur-news/free-ai-tool-to-trace-location-from-photo-video-trace-x-innovation-by-jalore-brothers-20532216|title=राजस्थान के भाइयों का अनूठा इनोवेशन: फोटो-वीडियो देखकर AI बता रहा सटीक लोकेशन, फ्री में कर सकते हैं यूज {{!}} Free Ai Tool To Trace Location From Photo Video Trace X Innovation By Jalore Brothers|date=2026-04-27|website=Rajasthan Patrika|language=hi|access-date=2026-05-25}}</ref> * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.tv5news.in/national/url-x-tracex-labs-ai-powered-phishing-and-malware-protection-981035|title=URL X: TraceX Labs రూపొందించిన AI ఆధారిత భద్రతా వేదిక ఫిషింగ్ దాడులకు రియల్-టైమ్‌లో అడ్డుకట్ట {{!}} URL X by TraceX Labs: AI-Powered Platform Transforming Real-Time Phishing and Malware Protection|last=Muddhala|first=Prabhu|date=2026-03-01|website=TV5 (India)|language=te|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/enterprise-url-security-platform-designed-to-monitor-and-control-url-based-risks Sikkim Express</ref> == विश्लेषण == ==== नकली ''[[कॉकरोच जनता पार्टी]]'' एंड्रॉयड मैलवेयर ==== मई 2026 में, ''[[The Hindu]]'' ने ट्रेसएक्स लैब्स की एक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि "Cockroach Janta Party" नाम से एक दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉइड अनुप्रयोग प्रसारित किया जा रहा था।<ref name=":3" /><ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/cockroach-janta-party-malware-apk-targeting-android-users-warns-tracex-labs-30174054246.html|title=Cockroach Janta Party APK થી Android યુઝર્સને ખતરો: TraceX Labs|website=www.gujaratsamachar.com|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/fake-cockroach-janta-party-android-app-malware-warning/cid18722038.htm|title=Cockroach Janta Party Malware APK Targets Android Users Through WhatsApp and Telegram|last=Desk|first=Tech|date=2026-05-22|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.adgully.com/post/Fake%20Cockroach%20Janta%20Party%20apps%20flagged%20as%20critical%20android%20malware%20threat:%20%20TraceX%20Labs%20report/fake-cockroach-janta-party-apps-flagged-as-critical-android-malware-threat-tracex-lab-report|title=Fake Cockroach Janta Party apps flagged as critical android malware threat: TraceX Labs report|last=Bureau|first=Adgully|date=2026-05-25|website=www.adgully.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> ===== EV बैटरी सुरक्षा ===== 2026 में, ट्रेसएक्स लैब्स ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS) की सुरक्षा पर एक तकनीकी रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें संभावित सुरक्षा जोखिमों और उनसे बचाव के उपायों का उल्लेख किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://firstindia.co.in/news/news/bat-bms-viral-videos-raise-ev-security-concerns-india-tracex-labs-bms-security-advisory-immediate-mitigation-guidance-1782981378|title=BAT-BMS Viral Videos Raise EV Security Concerns in India; TraceX Labs Releases BMS Security Advisory and Immediate Mitigation Guidance|website=firstindia.co.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>https://tracexlabs.com/reports/bms-security-advisory-immediate-mitigation-for-ev-vehicles.pdf</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/viral-bat-bms-videos-raise-ev-security-concerns-in-india/cid18918226.htm|title=Viral BAT-BMS Videos Raise EV Security Concerns in India|last=Kumar|first=Tech Desk Santhosh|date=2026-07-02|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == विवाद == ==== ''[[संचार साथी]]'' निगरानी संबंधी चिंताएँ ==== 2026 में, TraceX Labs ने [[दूरसंचार विभाग]] द्वारा विकसित ''[[संचार साथी]]'' मोबाइल ऐप को अनिवार्य रूप से पहले से इंस्टॉल करने के प्रस्ताव पर एक विश्लेषण प्रकाशित किया।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> रिपोर्ट में कहा गया कि यदि किसी ऐसे ऐप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल किया जाता है जिसे हटाया न जा सके और जिसे डिवाइस की पहचान, स्थान और संचार संबंधी जानकारी तक पहुँच प्राप्त हो, तो पर्याप्त पारदर्शिता और निगरानी के बिना इससे स्मार्टफ़ोन पर निगरानी जैसी व्यवस्था बन सकती है।<ref>{{Cite web|url=https://financiarul.ro/tehnologie/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM. Ce înseamnă asta pentru utilizatori - Financiarul|date=2025-12-03|website=financiarul.ro|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://news24.ro/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM ce înseamnă asta pentru utilizatori|last=Matei|first=Cristian|date=2025-12-03|website=News24|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref> विश्लेषण में इस प्रस्ताव के कुछ पहलुओं की तुलना Pegasus जैसे स्पाइवेयर प्लेटफ़ॉर्म की विशेषताओं से भी की गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/sanchar-saathi-pegasus-spyware-centre-order-app-privacy-surveillance-concerns-2829174-2025-12-02|title=Sanchar Saathi new Pegasus spyware? Centre's order on app raises storm|last=desk|first=India Today Technology|date=2025-12-02|website=India Today|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.newstrack.com/india-news/tracex-labs-warns-sanchar-saathi-surveillance-concerns-585273|title=TraceX Labs Warns Sanchar Saathi Mandate Could Create Pegasus-Style Surveillance Architecture {{!}} TraceX Labs raises privacy and security concerns over forced installation of the government telecom|last=Giri|first=Sushil|date=2026-03-15|website=english.newstrack.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} p4m1b8e5pij2xdui8kk2pwmhwr0p02f 6582709 6582708 2026-07-15T02:47:51Z Mepyeusese 936313 6582709 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) [[कंप्यूटर सुरक्षा|साइबर सुरक्षा]] कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/technology/tracex-guard-ai-mobile-security-digital-safety-india-2115258|title=ಡಿಜಿಟಲ್ ಭದ್ರತೆಯಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಯುಗ: TraceX Guard AI ಮೊಬೈಲ್ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪರಿಹಾರ|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-02-18|website=Vartha Bharati|language=kn|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.blic.rs/it/ove-aplikacije-za-android-otkrivaju-da-li-neko-spijunira-vas-mobilni-telefon/slvzv6z|title=Ove aplikacije za Android otkrivaju da li neko špijunira vaš mobilni telefon|last=Lađarević|first=Ana|date=2025-12-18|website=Blic|language=sr|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/geox-ai-explained-ai-geolocation-20752028494.html|title=GEOX AI: AI જિયોલોકેશનથી સૈન્ય ઇન્ટેલિજન્સમાં બદલાવ|website=Gujarat Samachar|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.patrika.com/udaipur-news/free-ai-tool-to-trace-location-from-photo-video-trace-x-innovation-by-jalore-brothers-20532216|title=राजस्थान के भाइयों का अनूठा इनोवेशन: फोटो-वीडियो देखकर AI बता रहा सटीक लोकेशन, फ्री में कर सकते हैं यूज {{!}} Free Ai Tool To Trace Location From Photo Video Trace X Innovation By Jalore Brothers|date=2026-04-27|website=Rajasthan Patrika|language=hi|access-date=2026-05-25}}</ref> * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.tv5news.in/national/url-x-tracex-labs-ai-powered-phishing-and-malware-protection-981035|title=URL X: TraceX Labs రూపొందించిన AI ఆధారిత భద్రతా వేదిక ఫిషింగ్ దాడులకు రియల్-టైమ్‌లో అడ్డుకట్ట {{!}} URL X by TraceX Labs: AI-Powered Platform Transforming Real-Time Phishing and Malware Protection|last=Muddhala|first=Prabhu|date=2026-03-01|website=TV5 (India)|language=te|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/enterprise-url-security-platform-designed-to-monitor-and-control-url-based-risks Sikkim Express</ref> == विश्लेषण == ==== नकली ''[[कॉकरोच जनता पार्टी]]'' एंड्रॉयड मैलवेयर ==== मई 2026 में, ''[[The Hindu]]'' ने ट्रेसएक्स लैब्स की एक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि "Cockroach Janta Party" नाम से एक दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉइड अनुप्रयोग प्रसारित किया जा रहा था।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/cockroach-janta-party-malware-apk-targeting-android-users-warns-tracex-labs-30174054246.html|title=Cockroach Janta Party APK થી Android યુઝર્સને ખતરો: TraceX Labs|website=www.gujaratsamachar.com|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/fake-cockroach-janta-party-android-app-malware-warning/cid18722038.htm|title=Cockroach Janta Party Malware APK Targets Android Users Through WhatsApp and Telegram|last=Desk|first=Tech|date=2026-05-22|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.adgully.com/post/Fake%20Cockroach%20Janta%20Party%20apps%20flagged%20as%20critical%20android%20malware%20threat:%20%20TraceX%20Labs%20report/fake-cockroach-janta-party-apps-flagged-as-critical-android-malware-threat-tracex-lab-report|title=Fake Cockroach Janta Party apps flagged as critical android malware threat: TraceX Labs report|last=Bureau|first=Adgully|date=2026-05-25|website=www.adgully.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> ===== EV बैटरी सुरक्षा ===== 2026 में, ट्रेसएक्स लैब्स ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS) की सुरक्षा पर एक तकनीकी रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें संभावित सुरक्षा जोखिमों और उनसे बचाव के उपायों का उल्लेख किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://firstindia.co.in/news/news/bat-bms-viral-videos-raise-ev-security-concerns-india-tracex-labs-bms-security-advisory-immediate-mitigation-guidance-1782981378|title=BAT-BMS Viral Videos Raise EV Security Concerns in India; TraceX Labs Releases BMS Security Advisory and Immediate Mitigation Guidance|website=firstindia.co.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>https://tracexlabs.com/reports/bms-security-advisory-immediate-mitigation-for-ev-vehicles.pdf</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/viral-bat-bms-videos-raise-ev-security-concerns-in-india/cid18918226.htm|title=Viral BAT-BMS Videos Raise EV Security Concerns in India|last=Kumar|first=Tech Desk Santhosh|date=2026-07-02|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == विवाद == ==== ''[[संचार साथी]]'' निगरानी संबंधी चिंताएँ ==== 2026 में, TraceX Labs ने [[दूरसंचार विभाग]] द्वारा विकसित ''[[संचार साथी]]'' मोबाइल ऐप को अनिवार्य रूप से पहले से इंस्टॉल करने के प्रस्ताव पर एक विश्लेषण प्रकाशित किया।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> रिपोर्ट में कहा गया कि यदि किसी ऐसे ऐप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल किया जाता है जिसे हटाया न जा सके और जिसे डिवाइस की पहचान, स्थान और संचार संबंधी जानकारी तक पहुँच प्राप्त हो, तो पर्याप्त पारदर्शिता और निगरानी के बिना इससे स्मार्टफ़ोन पर निगरानी जैसी व्यवस्था बन सकती है।<ref>{{Cite web|url=https://financiarul.ro/tehnologie/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM. Ce înseamnă asta pentru utilizatori - Financiarul|date=2025-12-03|website=financiarul.ro|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://news24.ro/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM ce înseamnă asta pentru utilizatori|last=Matei|first=Cristian|date=2025-12-03|website=News24|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref> विश्लेषण में इस प्रस्ताव के कुछ पहलुओं की तुलना Pegasus जैसे स्पाइवेयर प्लेटफ़ॉर्म की विशेषताओं से भी की गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/sanchar-saathi-pegasus-spyware-centre-order-app-privacy-surveillance-concerns-2829174-2025-12-02|title=Sanchar Saathi new Pegasus spyware? Centre's order on app raises storm|last=desk|first=India Today Technology|date=2025-12-02|website=India Today|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.newstrack.com/india-news/tracex-labs-warns-sanchar-saathi-surveillance-concerns-585273|title=TraceX Labs Warns Sanchar Saathi Mandate Could Create Pegasus-Style Surveillance Architecture {{!}} TraceX Labs raises privacy and security concerns over forced installation of the government telecom|last=Giri|first=Sushil|date=2026-03-15|website=english.newstrack.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} m2rp4omqxdfzkg2lkyvi3yuh6c4k97c 6582710 6582709 2026-07-15T02:51:18Z Mepyeusese 936313 6582710 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) [[कंप्यूटर सुरक्षा|साइबर सुरक्षा]] कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/technology/tracex-guard-ai-mobile-security-digital-safety-india-2115258|title=ಡಿಜಿಟಲ್ ಭದ್ರತೆಯಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಯುಗ: TraceX Guard AI ಮೊಬೈಲ್ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪರಿಹಾರ|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-02-18|website=Vartha Bharati|language=kn|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.blic.rs/it/ove-aplikacije-za-android-otkrivaju-da-li-neko-spijunira-vas-mobilni-telefon/slvzv6z|title=Ove aplikacije za Android otkrivaju da li neko špijunira vaš mobilni telefon|last=Lađarević|first=Ana|date=2025-12-18|website=Blic|language=sr|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/geox-ai-explained-ai-geolocation-20752028494.html|title=GEOX AI: AI જિયોલોકેશનથી સૈન્ય ઇન્ટેલિજન્સમાં બદલાવ|website=Gujarat Samachar|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.patrika.com/udaipur-news/free-ai-tool-to-trace-location-from-photo-video-trace-x-innovation-by-jalore-brothers-20532216|title=राजस्थान के भाइयों का अनूठा इनोवेशन: फोटो-वीडियो देखकर AI बता रहा सटीक लोकेशन, फ्री में कर सकते हैं यूज {{!}} Free Ai Tool To Trace Location From Photo Video Trace X Innovation By Jalore Brothers|date=2026-04-27|website=Rajasthan Patrika|language=hi|access-date=2026-05-25}}</ref> * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.tv5news.in/national/url-x-tracex-labs-ai-powered-phishing-and-malware-protection-981035|title=URL X: TraceX Labs రూపొందించిన AI ఆధారిత భద్రతా వేదిక ఫిషింగ్ దాడులకు రియల్-టైమ్‌లో అడ్డుకట్ట {{!}} URL X by TraceX Labs: AI-Powered Platform Transforming Real-Time Phishing and Malware Protection|last=Muddhala|first=Prabhu|date=2026-03-01|website=TV5 (India)|language=te|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/enterprise-url-security-platform-designed-to-monitor-and-control-url-based-risks Sikkim Express</ref> == विश्लेषण == ==== नकली ''[[कॉकरोच जनता पार्टी]]'' एंड्रॉयड मैलवेयर ==== मई 2026 में, ''[[The Hindu]]'' ने ट्रेसएक्स लैब्स की एक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि "Cockroach Janta Party" नाम से एक दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉइड अनुप्रयोग प्रसारित किया जा रहा था।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/cockroach-janta-party-malware-apk-targeting-android-users-warns-tracex-labs-30174054246.html|title=Cockroach Janta Party APK થી Android યુઝર્સને ખતરો: TraceX Labs|website=www.gujaratsamachar.com|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/fake-cockroach-janta-party-android-app-malware-warning/cid18722038.htm|title=Cockroach Janta Party Malware APK Targets Android Users Through WhatsApp and Telegram|last=Desk|first=Tech|date=2026-05-22|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.adgully.com/post/Fake%20Cockroach%20Janta%20Party%20apps%20flagged%20as%20critical%20android%20malware%20threat:%20%20TraceX%20Labs%20report/fake-cockroach-janta-party-apps-flagged-as-critical-android-malware-threat-tracex-lab-report|title=Fake Cockroach Janta Party apps flagged as critical android malware threat: TraceX Labs report|last=Bureau|first=Adgully|date=2026-05-25|website=www.adgully.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> ===== EV बैटरी सुरक्षा ===== 2026 में, ट्रेसएक्स लैब्स ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS) की सुरक्षा पर एक तकनीकी रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें संभावित सुरक्षा जोखिमों और उनसे बचाव के उपायों का उल्लेख किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://firstindia.co.in/news/news/bat-bms-viral-videos-raise-ev-security-concerns-india-tracex-labs-bms-security-advisory-immediate-mitigation-guidance-1782981378|title=BAT-BMS Viral Videos Raise EV Security Concerns in India; TraceX Labs Releases BMS Security Advisory and Immediate Mitigation Guidance|website=firstindia.co.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>https://tracexlabs.com/reports/bms-security-advisory-immediate-mitigation-for-ev-vehicles.pdf</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/viral-bat-bms-videos-raise-ev-security-concerns-in-india/cid18918226.htm|title=Viral BAT-BMS Videos Raise EV Security Concerns in India|last=Kumar|first=Tech Desk Santhosh|date=2026-07-02|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == विवाद == ==== ''[[संचार साथी]]'' निगरानी संबंधी चिंताएँ ==== 2026 में, TraceX Labs ने [[दूरसंचार विभाग]] द्वारा विकसित ''[[संचार साथी]]'' मोबाइल ऐप को अनिवार्य रूप से पहले से इंस्टॉल करने के प्रस्ताव पर एक विश्लेषण प्रकाशित किया।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> रिपोर्ट में कहा गया कि यदि किसी ऐसे ऐप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल किया जाता है जिसे हटाया न जा सके और जिसे डिवाइस की पहचान, स्थान और संचार संबंधी जानकारी तक पहुँच प्राप्त हो, तो पर्याप्त पारदर्शिता और निगरानी के बिना इससे स्मार्टफ़ोन पर निगरानी जैसी व्यवस्था बन सकती है।<ref>{{Cite web|url=https://financiarul.ro/tehnologie/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM. Ce înseamnă asta pentru utilizatori - Financiarul|date=2025-12-03|website=financiarul.ro|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://news24.ro/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM ce înseamnă asta pentru utilizatori|last=Matei|first=Cristian|date=2025-12-03|website=News24|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref> विश्लेषण में इस प्रस्ताव के कुछ पहलुओं की तुलना Pegasus जैसे स्पाइवेयर प्लेटफ़ॉर्म की विशेषताओं से भी की गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/sanchar-saathi-pegasus-spyware-centre-order-app-privacy-surveillance-concerns-2829174-2025-12-02|title=Sanchar Saathi new Pegasus spyware? Centre's order on app raises storm|last=desk|first=India Today Technology|date=2025-12-02|website=India Today|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.newstrack.com/india-news/tracex-labs-warns-sanchar-saathi-surveillance-concerns-585273|title=TraceX Labs Warns Sanchar Saathi Mandate Could Create Pegasus-Style Surveillance Architecture {{!}} TraceX Labs raises privacy and security concerns over forced installation of the government telecom|last=Giri|first=Sushil|date=2026-03-15|website=english.newstrack.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} {{DEFAULTSORT:TraceX Labs}} [[श्रेणी:कंप्यूटर सुरक्षा]] 4cfjouo80vko7lkboo1jejl08suwt75 6582711 6582710 2026-07-15T02:52:20Z Mepyeusese 936313 6582711 wikitext text/x-wiki {{Infobox company | name = ट्रेसएक्स लैब्स | logo = TraceX Labs.svg | type = Private | industry = [[कंप्यूटर सुरक्षा]] | founded = 2025 | founders = | hq_location = भारत }} '''ट्रेसएक्स लैब्स''' ({{Lang-en|TraceX Labs}}) [[कंप्यूटर सुरक्षा|साइबर सुरक्षा]] कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> कंपनी साइबर हमलों की जांच, [[मैलवेयर]] से सुरक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा जोखिमों के विश्लेषण के लिए सॉफ़्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है।<ref name=":0">{{Cite web|title=Fake 'Cockroach Janta Party' Android app flagged as critical malware threat, report warns|url=https://www.wionews.com/india-news/fake-cockroach-janta-party-android-app-flagged-as-critical-malware-threat-report-warns-1779954616682|access-date=2026-05-29|website=WION|language=en}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref><ref>{{Cite news|url=https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|title=Indian cybersecurity startup develops AI-powered security solutions to protect enterprises and MNCs|last=Prasad|first=Sheetal|work=News24|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260311132048/https://news24online.com/information/indian-cybersecurity-startup-develops-ai-powered-security-solutions-to-protect-enterprises-and-mncs/772099/|archive-date=2026-03-11|language=en-US}}</ref> ट्रेसएक्स लैब्स ने [[आईबीएम]] के एक उत्पाद में एक आरसीई सुरक्षा भेद्यता का जिम्मेदार प्रकटीकरण किया, जिसे आईबीएम PSIRT ने स्वीकार किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ibm.com/support/pages/ibm-product-security-incident-response-team-news|title=IBM Product Security Incident Response Team News|date=2026-07-02|website=www.ibm.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.varthabharati.in/india/tracex-labs-research-leads-to-discovery-of-rce-vulnerability-in-ibm-product-acknowledged-by-ibm-psi|title=TraceX Labs Research Leads to Discovery of RCE Vulnerability in IBM Product, Acknowledged by IBM PSI|last=Bharati|first=Vartha|date=2026-03-15|website=english.varthabharati.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == उत्पाद == * '''ट्रेसएक्स गार्ड''' एआई आधारित [[मिसाइल सुरक्षा प्रणाली|मोबाइल सुरक्षा]] ऐप है।<ref>{{Cite news|url=https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|title=The Best Antivirus Software for Mobile Security in 2026|date=2026-01-04|access-date=2026-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20260104153119/https://udaipurtimes.com/technology/best-mobile-antivirus-apps-2026-android-ios/cid18034730.htm|archive-date=2026-01-04|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.varthabharati.in/technology/tracex-guard-ai-mobile-security-digital-safety-india-2115258|title=ಡಿಜಿಟಲ್ ಭದ್ರತೆಯಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಯುಗ: TraceX Guard AI ಮೊಬೈಲ್ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪರಿಹಾರ|last=ವಾರ್ತಾಭಾರತಿ|date=2026-02-18|website=Vartha Bharati|language=kn|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.blic.rs/it/ove-aplikacije-za-android-otkrivaju-da-li-neko-spijunira-vas-mobilni-telefon/slvzv6z|title=Ove aplikacije za Android otkrivaju da li neko špijunira vaš mobilni telefon|last=Lađarević|first=Ana|date=2025-12-18|website=Blic|language=sr|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.uniindia.com/how-this-indian-startup-tracex-labs-is-addressing-url-based-phishing-risks-for-enterprises/india/news/3759264.html United News of India</ref> * '''जियोक्स एआई''' एआई आधारित जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/geox-ai-explained-ai-geolocation-20752028494.html|title=GEOX AI: AI જિયોલોકેશનથી સૈન્ય ઇન્ટેલિજન્સમાં બદલાવ|website=Gujarat Samachar|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.patrika.com/udaipur-news/free-ai-tool-to-trace-location-from-photo-video-trace-x-innovation-by-jalore-brothers-20532216|title=राजस्थान के भाइयों का अनूठा इनोवेशन: फोटो-वीडियो देखकर AI बता रहा सटीक लोकेशन, फ्री में कर सकते हैं यूज {{!}} Free Ai Tool To Trace Location From Photo Video Trace X Innovation By Jalore Brothers|date=2026-04-27|website=Rajasthan Patrika|language=hi|access-date=2026-05-25}}</ref> * '''यूआरएल एक्स''' यूआरएल सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग [[फिशिंग|फ़िशिंग]] की पहचान और हानिकारक लिंक की जांच के लिए किया जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.tv5news.in/national/url-x-tracex-labs-ai-powered-phishing-and-malware-protection-981035|title=URL X: TraceX Labs రూపొందించిన AI ఆధారిత భద్రతా వేదిక ఫిషింగ్ దాడులకు రియల్-టైమ్‌లో అడ్డుకట్ట {{!}} URL X by TraceX Labs: AI-Powered Platform Transforming Real-Time Phishing and Malware Protection|last=Muddhala|first=Prabhu|date=2026-03-01|website=TV5 (India)|language=te|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/enterprise-url-security-platform-designed-to-monitor-and-control-url-based-risks Sikkim Express</ref> == विश्लेषण == ==== नकली ''[[कॉकरोच जनता पार्टी]]'' एंड्रॉयड मैलवेयर ==== मई 2026 में, ''[[The Hindu]]'' ने ट्रेसएक्स लैब्स की एक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि "Cockroach Janta Party" नाम से एक दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉइड अनुप्रयोग प्रसारित किया जा रहा था।<ref>{{Cite web|url=https://www.gujaratsamachar.com/news/national/cockroach-janta-party-malware-apk-targeting-android-users-warns-tracex-labs-30174054246.html|title=Cockroach Janta Party APK થી Android યુઝર્સને ખતરો: TraceX Labs|website=www.gujaratsamachar.com|language=gu|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/fake-cockroach-janta-party-android-app-malware-warning/cid18722038.htm|title=Cockroach Janta Party Malware APK Targets Android Users Through WhatsApp and Telegram|last=Desk|first=Tech|date=2026-05-22|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.adgully.com/post/Fake%20Cockroach%20Janta%20Party%20apps%20flagged%20as%20critical%20android%20malware%20threat:%20%20TraceX%20Labs%20report/fake-cockroach-janta-party-apps-flagged-as-critical-android-malware-threat-tracex-lab-report|title=Fake Cockroach Janta Party apps flagged as critical android malware threat: TraceX Labs report|last=Bureau|first=Adgully|date=2026-05-25|website=www.adgully.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> ===== EV बैटरी सुरक्षा ===== 2026 में, ट्रेसएक्स लैब्स ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS) की सुरक्षा पर एक तकनीकी रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें संभावित सुरक्षा जोखिमों और उनसे बचाव के उपायों का उल्लेख किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://firstindia.co.in/news/news/bat-bms-viral-videos-raise-ev-security-concerns-india-tracex-labs-bms-security-advisory-immediate-mitigation-guidance-1782981378|title=BAT-BMS Viral Videos Raise EV Security Concerns in India; TraceX Labs Releases BMS Security Advisory and Immediate Mitigation Guidance|website=firstindia.co.in|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref><ref>https://tracexlabs.com/reports/bms-security-advisory-immediate-mitigation-for-ev-vehicles.pdf</ref><ref>{{Cite web|url=https://udaipurtimes.com/technology/viral-bat-bms-videos-raise-ev-security-concerns-in-india/cid18918226.htm|title=Viral BAT-BMS Videos Raise EV Security Concerns in India|last=Kumar|first=Tech Desk Santhosh|date=2026-07-02|website=udaipurtimes.com|language=en|access-date=2026-07-15}}</ref> == विवाद == ==== ''[[संचार साथी]]'' निगरानी संबंधी चिंताएँ ==== 2026 में, TraceX Labs ने [[दूरसंचार विभाग]] द्वारा विकसित ''[[संचार साथी]]'' मोबाइल ऐप को अनिवार्य रूप से पहले से इंस्टॉल करने के प्रस्ताव पर एक विश्लेषण प्रकाशित किया।<ref>https://www.sikkimexpress.com/news-details/tracex-labs-raises-concerns-over-indias-proposed-sim-binding-mandate-for-messaging-apps</ref> रिपोर्ट में कहा गया कि यदि किसी ऐसे ऐप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल किया जाता है जिसे हटाया न जा सके और जिसे डिवाइस की पहचान, स्थान और संचार संबंधी जानकारी तक पहुँच प्राप्त हो, तो पर्याप्त पारदर्शिता और निगरानी के बिना इससे स्मार्टफ़ोन पर निगरानी जैसी व्यवस्था बन सकती है।<ref>{{Cite web|url=https://financiarul.ro/tehnologie/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM. Ce înseamnă asta pentru utilizatori - Financiarul|date=2025-12-03|website=financiarul.ro|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://news24.ro/india-vrea-sa-lege-whatsapp-si-telegram-de-cartela-sim-ce-inseamna-asta-pentru-utilizatori/|title=India vrea să lege WhatsApp și Telegram de cartela SIM ce înseamnă asta pentru utilizatori|last=Matei|first=Cristian|date=2025-12-03|website=News24|language=ro-RO|access-date=2026-05-25}}</ref> विश्लेषण में इस प्रस्ताव के कुछ पहलुओं की तुलना Pegasus जैसे स्पाइवेयर प्लेटफ़ॉर्म की विशेषताओं से भी की गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/sanchar-saathi-pegasus-spyware-centre-order-app-privacy-surveillance-concerns-2829174-2025-12-02|title=Sanchar Saathi new Pegasus spyware? Centre's order on app raises storm|last=desk|first=India Today Technology|date=2025-12-02|website=India Today|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://english.newstrack.com/india-news/tracex-labs-warns-sanchar-saathi-surveillance-concerns-585273|title=TraceX Labs Warns Sanchar Saathi Mandate Could Create Pegasus-Style Surveillance Architecture {{!}} TraceX Labs raises privacy and security concerns over forced installation of the government telecom|last=Giri|first=Sushil|date=2026-03-15|website=english.newstrack.com|language=en|access-date=2026-05-25}}</ref> == संदर्भ == {{Reflist}} {{DEFAULTSORT:TraceX Labs}} [[श्रेणी:कंप्यूटर सुरक्षा]] [[श्रेणी:भारत में साइबर सुरक्षा]] tuk1kcy1nedoc9ibnca72y6be07iqzp टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 0 1616055 6582734 2026-07-15T04:21:16Z Armadillo Jack 936233 "[[:en:Special:Redirect/revision/1340735234|Texas's 8th Senate district]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582734 wikitext text/x-wiki '''टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8''' का एक सीनेटोरियल डिस्ट्रिक्ट है जो वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास राज्य में सभी रेन और हंट काउंटियों और कॉलिन काउंटी के कुछ हिस्सों में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://wtaw.com/wp-content/uploads/2021/10/XGRmapSenateCourtesyTrentAshby.pdf|title=State Senate Districts PLANS2168|website=WTAW|access-date=25 July 2024}}</ref> '''जिला 8''' से वर्तमान सीनेटर एंजेला पैक्सटन हैं। टेक्सास सीनेट, संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य के द्विसदनीय विधायिका का ऊपरी सदन है।महाराष्ट्र की 89 वीं टेक्सास विधानसभा के सीनेटर 5 नवंबर, 2024 के टेक्सास विधानसभा चुनाव में चुने गए, जिसके परिणाम  5 नवंबर, 2024 को घोषित किए गए। सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों की सीनेट में बहुमत की आवश्यकता 16  सीटों की है। टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 सीनेट निर्वाचन क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य का एक टेक्सास निर्वाचन क्षेत्र है। === 2024 === {{Election box begin|title=टेक्सास चुनाव, 2024: सीनेट ज़िला 8<ref>{{cite web |title=County by County Canvass Report 2024 NOVEMBER 5TH GENERAL ELECTION November 05, 2024 |url=https://results.texas-election.com/static/data/Reports/49664/CountybyCountyCanvassReport.pdf?v=1733942864317 |website=Texas Secretary of State |access-date=11 December 2024}}</ref>}} {{Election box candidate with party link|party=रिपब्लिकन पार्टी|candidate=[[एंजेला पैक्सटन]]|votes=269,743|percentage=59.36|change=+1.67}} {{Election box candidate with party link|party=डेमोक्रेटिक पार्टी|candidate=रेचल मेलो|votes=184,642|percentage=40.64|change=+1.19}} {{Election box majority|votes=85,101|percentage=18.72|change=+0.48}} {{Election box turnout|votes=454,385|percentage=|change=}} {{Election box hold with party link|winner=रिपब्लिकन पार्टी|swing=}} {{Election box end}} 8uxdty81wov5i1fpvjpkcnv4ylye4y1 6582735 6582734 2026-07-15T04:22:01Z Armadillo Jack 936233 "[[:en:Special:Redirect/revision/1340735234|Texas's 8th Senate district]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582735 wikitext text/x-wiki '''टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8''' का एक सीनेटोरियल डिस्ट्रिक्ट है जो वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास राज्य में सभी रेन और हंट काउंटियों और कॉलिन काउंटी के कुछ हिस्सों में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://wtaw.com/wp-content/uploads/2021/10/XGRmapSenateCourtesyTrentAshby.pdf|title=State Senate Districts PLANS2168|website=WTAW|access-date=25 July 2024}}</ref> '''जिला 8''' से वर्तमान सीनेटर एंजेला पैक्सटन हैं। टेक्सास सीनेट, संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य के द्विसदनीय विधायिका का ऊपरी सदन है।महाराष्ट्र की 89 वीं टेक्सास विधानसभा के सीनेटर 5 नवंबर, 2024 के टेक्सास विधानसभा चुनाव में चुने गए, जिसके परिणाम  5 नवंबर, 2024 को घोषित किए गए। सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों की सीनेट में बहुमत की आवश्यकता 16  सीटों की है। टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 सीनेट निर्वाचन क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य का एक टेक्सास निर्वाचन क्षेत्र है। === 2024 === {{Election box begin|title=टेक्सास चुनाव, 2024: सीनेट ज़िला 8<ref>{{cite web |title=County by County Canvass Report 2024 NOVEMBER 5TH GENERAL ELECTION November 05, 2024 |url=https://results.texas-election.com/static/data/Reports/49664/CountybyCountyCanvassReport.pdf?v=1733942864317 |website=Texas Secretary of State |access-date=11 December 2024}}</ref>}} {{Election box candidate with party link|party=रिपब्लिकन पार्टी|candidate=[[एंजेला पैक्सटन]]|votes=269,743|percentage=59.36|change=+1.67}} {{Election box candidate with party link|party=डेमोक्रेटिक पार्टी|candidate=रेचल मेलो|votes=184,642|percentage=40.64|change=+1.19}} {{Election box majority|votes=85,101|percentage=18.72|change=+0.48}} {{Election box turnout|votes=454,385|percentage=|change=}} {{Election box hold with party link|winner=रिपब्लिकन पार्टी|swing=}} {{Election box end}} {| class="wikitable" !विधायिका !सीनेटर, जिला 8 !जिले में जिले |- !1 | rowspan="2" |[[Henry J. Jewett|हेनरी जे. जेवेट]] | rowspan="2" |ब्रेज़ोस, रॉबर्टसन। |- !2 |- !3 |[[John H. McRae|जॉन एच. मैकरे]] |जैस्पर, न्यूटन, सबीन, सैन ऑगस्टीन एंजेलिना का हिस्सा।<br /> |- !4 |[[Stephen Reaves (politician)|स्टीफन रीव्स]] |रुस्क, स्मिथ। |- !5 | rowspan="2" |[[William Thomas Scott (Texas politician)|विलियम थॉमस स्कॉट]] | rowspan="4" |हैरिसन। |- !6 |- !7 |लुई टी. विगफॉल |- !8 |लुई टी. विगफॉल<br />[[E. A. Blanch|ई.ए. ब्लैंच]] |- !9 |[[William C. Batte|विलियम सी. बैटे]] | rowspan="3" |लाल नदी, टाइटस। |- !10 |[[Gilbert H. Wootten|गिल्बर्ट एच. वूटन]] |- !11 |[[Samuel N. Braswell|सैमुअल एन. ब्रासवेल]] |- !12 |डोनाल्ड कैंपबेल |बोवी, डेविस, मैरियन। |- !13 |[[Hamilton J. Avinger|हैमिल्टन जे. एविंगर]] |बोवी, कैस, मैरियन। |- !14 |[[Cader A. Parker|कैडर ए. पार्कर]] |लाल नदी, टाइटस। |- !15 |[[Christopher C. Francis|क्रिस्टोफर सी. फ्रांसिस]] | rowspan="3" |एंहेंडरसन, चेरोकी, हेंडरसन। |- !16 | rowspan="2" |[[John Young Gooch|जॉन यंग गूच]] |- !17 |- !18 | rowspan="2" |[[Mansel Y. Randolph|मैन्सेल वाई. रैंडोल्फ]] | rowspan="5" |एंजेलिना, ग्रिम्स, ह्यूस्टन, लियोन, मैडिसन। |- !19 |- !20 | rowspan="2" |[[William W. Davis (American politician)|विलियम डब्ल्यू. डेविस]] |- !21 |- !22 |[[William Page (Texas politician)|विलियम पेज]] |- ![[Twenty-third Texas Legislature|23]] | rowspan="3" |[[Thomas E. Boren|थॉमस ई. बोरेन]] | rowspan="5" |हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- ![[Twenty-fourth Texas Legislature|24]] |- ![[Twenty-fifth Texas Legislature|25]] |- ![[Twenty-sixth Texas Legislature|26]] | rowspan="2" |[[M. P. McGee|एम. पी. मैकगी]] |- ![[Twenty-seventh Texas Legislature|27]] |- ![[Twenty-eighth Texas Legislature|28]] | rowspan="4" |[[Charles L. Brachfield|चार्ल्स एल. ब्रैचफील्ड]] | rowspan="11" |ग्रेग, हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- !29 |- ![[Thirtieth Texas Legislature|30]] |- ![[Thirty-first Texas Legislature|31]] |- ![[Thirty-second Texas Legislature|32]] | rowspan="2" |[[Edgar H. Carter|एडगर एच. कार्टर]] |- ![[Thirty-third Texas Legislature|33]] |- ![[Thirty-fourth Texas Legislature|34]] | rowspan="3" |[[Lon A. Smith|लोन ए. स्मिथ]] |- ![[Thirty-fifth Texas Legislature|35]] |- ![[Thirty-sixth Texas Legislature|36]] |- ![[Thirty-seventh Texas Legislature|37]] |थॉमस व्हिटफील्ड डेविडसन |- ![[Thirty-eighth Texas Legislature|38]] |[[James G. Strong (Texas politician)|जेम्स जी. स्ट्रॉन्ग]] |- ![[Thirty-ninth Texas Legislature|39]] | rowspan="2" |चार्ल्स आर. फ्लॉयड | rowspan="14" |डेल्टा, फ्रैंकलिन, हॉपकिंस, लैमर, रेड रिवर। |- ![[Fortieth Texas Legislature|40]] |- ![[Forty-first Texas Legislature|41]] | rowspan="4" |[[Tom A. DeBerry|टॉम ए. डेबेरी]] |- ![[Forty-second Texas Legislature|42]] |- ![[Forty-third Texas Legislature|43]] |- ![[Forty-fourth Texas Legislature|44]] |- !45 | rowspan="8" |ए. एम. आइकिन, जूनियर |- !46 |- !47 |- !48 |- !49 |- !50 |- !51 |- !52 |- !53 | rowspan="7" |जॉर्ज पार्कहाउस | rowspan="7" |डलास। |- !54 |- !55 |- !56 |- !57 |- !58 |- !59 |- !60 |जॉर्ज पार्कहाउस<br />ओ.एच. "इके" हैरिस | rowspan="14" |डलास का हिस्सा। |- !61 | rowspan="13" |ओ. एच. "इके" हैरिस |- !62 |- !63 |- !64 |- !65 |- !66 |- !67 |- !68 |- !69 |- !70 |- !71 |- !72 |- !73 |- !74 | rowspan="9" |फ्लोरेंस शापिरो | rowspan="9" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !75 |- !76 |- !77 |- !78 |- !79 |- !80 |- !81 |- !82 |- !83 | rowspan="1" |केन पैक्सटन | rowspan="1" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !84 | rowspan="2" |वान टेलर | rowspan="4" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !85 |- !86 | rowspan="4" |एंजेला पैक्सटन |- !87 |- !88 | rowspan="2" |सभी शिकार, बारिश। [[कॉलिन काउंटी, टेक्सास|कोलिन]] का हिस्सा।<br /> |- !89 |} r1bcphoe7ns9j4qlyzda30mnr4v50tp 6582736 6582735 2026-07-15T04:25:17Z Armadillo Jack 936233 "[[:en:Special:Redirect/revision/1340735234|Texas's 8th Senate district]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582736 wikitext text/x-wiki '''टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 ('''{{lang-en|Texas State Senate - District 8}}'''),''' का एक सीनेटोरियल डिस्ट्रिक्ट है जो वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास राज्य में सभी रेन और हंट काउंटियों और कॉलिन काउंटी के कुछ हिस्सों में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://wtaw.com/wp-content/uploads/2021/10/XGRmapSenateCourtesyTrentAshby.pdf|title=State Senate Districts PLANS2168|website=WTAW|access-date=25 July 2024}}</ref> '''जिला 8''' से वर्तमान सीनेटर एंजेला पैक्सटन हैं। टेक्सास सीनेट, संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य के द्विसदनीय विधायिका का ऊपरी सदन है।महाराष्ट्र की 89 वीं टेक्सास विधानसभा के सीनेटर 5 नवंबर, 2024 के टेक्सास विधानसभा चुनाव में चुने गए, जिसके परिणाम  5 नवंबर, 2024 को घोषित किए गए। सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों की सीनेट में बहुमत की आवश्यकता 16  सीटों की है। टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 सीनेट निर्वाचन क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य का एक टेक्सास निर्वाचन क्षेत्र है। === 2024 === {{Election box begin|title=टेक्सास चुनाव, 2024: सीनेट ज़िला 8<ref>{{cite web |title=County by County Canvass Report 2024 NOVEMBER 5TH GENERAL ELECTION November 05, 2024 |url=https://results.texas-election.com/static/data/Reports/49664/CountybyCountyCanvassReport.pdf?v=1733942864317 |website=Texas Secretary of State |access-date=11 December 2024}}</ref>}} {{Election box candidate with party link|party=रिपब्लिकन पार्टी|candidate=[[एंजेला पैक्सटन]]|votes=269,743|percentage=59.36|change=+1.67}} {{Election box candidate with party link|party=डेमोक्रेटिक पार्टी|candidate=रेचल मेलो|votes=184,642|percentage=40.64|change=+1.19}} {{Election box majority|votes=85,101|percentage=18.72|change=+0.48}} {{Election box turnout|votes=454,385|percentage=|change=}} {{Election box hold with party link|winner=रिपब्लिकन पार्टी|swing=}} {{Election box end}} {| class="wikitable" !विधायिका !सीनेटर, जिला 8 !जिले में जिले |- !1 | rowspan="2" |[[Henry J. Jewett|हेनरी जे. जेवेट]] | rowspan="2" |ब्रेज़ोस, रॉबर्टसन। |- !2 |- !3 |[[John H. McRae|जॉन एच. मैकरे]] |जैस्पर, न्यूटन, सबीन, सैन ऑगस्टीन एंजेलिना का हिस्सा।<br /> |- !4 |[[Stephen Reaves (politician)|स्टीफन रीव्स]] |रुस्क, स्मिथ। |- !5 | rowspan="2" |[[William Thomas Scott (Texas politician)|विलियम थॉमस स्कॉट]] | rowspan="4" |हैरिसन। |- !6 |- !7 |लुई टी. विगफॉल |- !8 |लुई टी. विगफॉल<br />[[E. A. Blanch|ई.ए. ब्लैंच]] |- !9 |[[William C. Batte|विलियम सी. बैटे]] | rowspan="3" |लाल नदी, टाइटस। |- !10 |[[Gilbert H. Wootten|गिल्बर्ट एच. वूटन]] |- !11 |[[Samuel N. Braswell|सैमुअल एन. ब्रासवेल]] |- !12 |डोनाल्ड कैंपबेल |बोवी, डेविस, मैरियन। |- !13 |[[Hamilton J. Avinger|हैमिल्टन जे. एविंगर]] |बोवी, कैस, मैरियन। |- !14 |[[Cader A. Parker|कैडर ए. पार्कर]] |लाल नदी, टाइटस। |- !15 |[[Christopher C. Francis|क्रिस्टोफर सी. फ्रांसिस]] | rowspan="3" |एंहेंडरसन, चेरोकी, हेंडरसन। |- !16 | rowspan="2" |[[John Young Gooch|जॉन यंग गूच]] |- !17 |- !18 | rowspan="2" |[[Mansel Y. Randolph|मैन्सेल वाई. रैंडोल्फ]] | rowspan="5" |एंजेलिना, ग्रिम्स, ह्यूस्टन, लियोन, मैडिसन। |- !19 |- !20 | rowspan="2" |[[William W. Davis (American politician)|विलियम डब्ल्यू. डेविस]] |- !21 |- !22 |[[William Page (Texas politician)|विलियम पेज]] |- ![[Twenty-third Texas Legislature|23]] | rowspan="3" |[[Thomas E. Boren|थॉमस ई. बोरेन]] | rowspan="5" |हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- ![[Twenty-fourth Texas Legislature|24]] |- ![[Twenty-fifth Texas Legislature|25]] |- ![[Twenty-sixth Texas Legislature|26]] | rowspan="2" |[[M. P. McGee|एम. पी. मैकगी]] |- ![[Twenty-seventh Texas Legislature|27]] |- ![[Twenty-eighth Texas Legislature|28]] | rowspan="4" |[[Charles L. Brachfield|चार्ल्स एल. ब्रैचफील्ड]] | rowspan="11" |ग्रेग, हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- !29 |- ![[Thirtieth Texas Legislature|30]] |- ![[Thirty-first Texas Legislature|31]] |- ![[Thirty-second Texas Legislature|32]] | rowspan="2" |[[Edgar H. Carter|एडगर एच. कार्टर]] |- ![[Thirty-third Texas Legislature|33]] |- ![[Thirty-fourth Texas Legislature|34]] | rowspan="3" |[[Lon A. Smith|लोन ए. स्मिथ]] |- ![[Thirty-fifth Texas Legislature|35]] |- ![[Thirty-sixth Texas Legislature|36]] |- ![[Thirty-seventh Texas Legislature|37]] |थॉमस व्हिटफील्ड डेविडसन |- ![[Thirty-eighth Texas Legislature|38]] |[[James G. Strong (Texas politician)|जेम्स जी. स्ट्रॉन्ग]] |- ![[Thirty-ninth Texas Legislature|39]] | rowspan="2" |चार्ल्स आर. फ्लॉयड | rowspan="14" |डेल्टा, फ्रैंकलिन, हॉपकिंस, लैमर, रेड रिवर। |- ![[Fortieth Texas Legislature|40]] |- ![[Forty-first Texas Legislature|41]] | rowspan="4" |[[Tom A. DeBerry|टॉम ए. डेबेरी]] |- ![[Forty-second Texas Legislature|42]] |- ![[Forty-third Texas Legislature|43]] |- ![[Forty-fourth Texas Legislature|44]] |- !45 | rowspan="8" |ए. एम. आइकिन, जूनियर |- !46 |- !47 |- !48 |- !49 |- !50 |- !51 |- !52 |- !53 | rowspan="7" |जॉर्ज पार्कहाउस | rowspan="7" |डलास। |- !54 |- !55 |- !56 |- !57 |- !58 |- !59 |- !60 |जॉर्ज पार्कहाउस<br />ओ.एच. "इके" हैरिस | rowspan="14" |डलास का हिस्सा। |- !61 | rowspan="13" |ओ. एच. "इके" हैरिस |- !62 |- !63 |- !64 |- !65 |- !66 |- !67 |- !68 |- !69 |- !70 |- !71 |- !72 |- !73 |- !74 | rowspan="9" |फ्लोरेंस शापिरो | rowspan="9" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !75 |- !76 |- !77 |- !78 |- !79 |- !80 |- !81 |- !82 |- !83 | rowspan="1" |केन पैक्सटन | rowspan="1" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !84 | rowspan="2" |वान टेलर | rowspan="4" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !85 |- !86 | rowspan="4" |एंजेला पैक्सटन |- !87 |- !88 | rowspan="2" |सभी शिकार, बारिश। [[कॉलिन काउंटी, टेक्सास|कोलिन]] का हिस्सा।<br /> |- !89 |} mri1v2cknh7avcwk7b84q20mwv2nv16 6582738 6582736 2026-07-15T04:32:32Z Armadillo Jack 936233 6582738 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = टेक्सास राज्य निर्वाचन क्षेत्र |native_name = टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8" सम्पादित करें |state_name = महाराष्ट्र |district = 8 |latd = |latm = |lats = |longd= |longm= |longs= |area_total = |area_magnitude = |altitude = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |leader_title_2 = |leader_name_2 = |footnotes = }} '''टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 ('''{{lang-en|Texas State Senate - District 8}}'''),''' का एक सीनेटोरियल डिस्ट्रिक्ट है जो वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास राज्य में सभी रेन और हंट काउंटियों और कॉलिन काउंटी के कुछ हिस्सों में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://wtaw.com/wp-content/uploads/2021/10/XGRmapSenateCourtesyTrentAshby.pdf|title=State Senate Districts PLANS2168|website=WTAW|access-date=25 July 2024}}</ref> '''जिला 8''' से वर्तमान सीनेटर एंजेला पैक्सटन हैं। टेक्सास सीनेट, संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य के द्विसदनीय विधायिका का ऊपरी सदन है।महाराष्ट्र की 89 वीं टेक्सास विधानसभा के सीनेटर 5 नवंबर, 2024 के टेक्सास विधानसभा चुनाव में चुने गए, जिसके परिणाम  5 नवंबर, 2024 को घोषित किए गए। सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों की सीनेट में बहुमत की आवश्यकता 16  सीटों की है। टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 सीनेट निर्वाचन क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य का एक टेक्सास निर्वाचन क्षेत्र है। === 2024 === {{Election box begin|title=टेक्सास चुनाव, 2024: सीनेट ज़िला 8<ref>{{cite web |title=County by County Canvass Report 2024 NOVEMBER 5TH GENERAL ELECTION November 05, 2024 |url=https://results.texas-election.com/static/data/Reports/49664/CountybyCountyCanvassReport.pdf?v=1733942864317 |website=Texas Secretary of State |access-date=11 December 2024}}</ref>}} {{Election box candidate with party link|party=रिपब्लिकन पार्टी|candidate=[[एंजेला पैक्सटन]]|votes=269,743|percentage=59.36|change=+1.67}} {{Election box candidate with party link|party=डेमोक्रेटिक पार्टी|candidate=रेचल मेलो|votes=184,642|percentage=40.64|change=+1.19}} {{Election box majority|votes=85,101|percentage=18.72|change=+0.48}} {{Election box turnout|votes=454,385|percentage=|change=}} {{Election box hold with party link|winner=रिपब्लिकन पार्टी|swing=}} {{Election box end}} {| class="wikitable" !विधायिका !सीनेटर, जिला 8 !जिले में जिले |- !1 | rowspan="2" |[[Henry J. Jewett|हेनरी जे. जेवेट]] | rowspan="2" |ब्रेज़ोस, रॉबर्टसन। |- !2 |- !3 |[[John H. McRae|जॉन एच. मैकरे]] |जैस्पर, न्यूटन, सबीन, सैन ऑगस्टीन एंजेलिना का हिस्सा।<br /> |- !4 |[[Stephen Reaves (politician)|स्टीफन रीव्स]] |रुस्क, स्मिथ। |- !5 | rowspan="2" |[[William Thomas Scott (Texas politician)|विलियम थॉमस स्कॉट]] | rowspan="4" |हैरिसन। |- !6 |- !7 |लुई टी. विगफॉल |- !8 |लुई टी. विगफॉल<br />[[E. A. Blanch|ई.ए. ब्लैंच]] |- !9 |[[William C. Batte|विलियम सी. बैटे]] | rowspan="3" |लाल नदी, टाइटस। |- !10 |[[Gilbert H. Wootten|गिल्बर्ट एच. वूटन]] |- !11 |[[Samuel N. Braswell|सैमुअल एन. ब्रासवेल]] |- !12 |डोनाल्ड कैंपबेल |बोवी, डेविस, मैरियन। |- !13 |[[Hamilton J. Avinger|हैमिल्टन जे. एविंगर]] |बोवी, कैस, मैरियन। |- !14 |[[Cader A. Parker|कैडर ए. पार्कर]] |लाल नदी, टाइटस। |- !15 |[[Christopher C. Francis|क्रिस्टोफर सी. फ्रांसिस]] | rowspan="3" |एंहेंडरसन, चेरोकी, हेंडरसन। |- !16 | rowspan="2" |[[John Young Gooch|जॉन यंग गूच]] |- !17 |- !18 | rowspan="2" |[[Mansel Y. Randolph|मैन्सेल वाई. रैंडोल्फ]] | rowspan="5" |एंजेलिना, ग्रिम्स, ह्यूस्टन, लियोन, मैडिसन। |- !19 |- !20 | rowspan="2" |[[William W. Davis (American politician)|विलियम डब्ल्यू. डेविस]] |- !21 |- !22 |[[William Page (Texas politician)|विलियम पेज]] |- ![[Twenty-third Texas Legislature|23]] | rowspan="3" |[[Thomas E. Boren|थॉमस ई. बोरेन]] | rowspan="5" |हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- ![[Twenty-fourth Texas Legislature|24]] |- ![[Twenty-fifth Texas Legislature|25]] |- ![[Twenty-sixth Texas Legislature|26]] | rowspan="2" |[[M. P. McGee|एम. पी. मैकगी]] |- ![[Twenty-seventh Texas Legislature|27]] |- ![[Twenty-eighth Texas Legislature|28]] | rowspan="4" |[[Charles L. Brachfield|चार्ल्स एल. ब्रैचफील्ड]] | rowspan="11" |ग्रेग, हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- !29 |- ![[Thirtieth Texas Legislature|30]] |- ![[Thirty-first Texas Legislature|31]] |- ![[Thirty-second Texas Legislature|32]] | rowspan="2" |[[Edgar H. Carter|एडगर एच. कार्टर]] |- ![[Thirty-third Texas Legislature|33]] |- ![[Thirty-fourth Texas Legislature|34]] | rowspan="3" |[[Lon A. Smith|लोन ए. स्मिथ]] |- ![[Thirty-fifth Texas Legislature|35]] |- ![[Thirty-sixth Texas Legislature|36]] |- ![[Thirty-seventh Texas Legislature|37]] |थॉमस व्हिटफील्ड डेविडसन |- ![[Thirty-eighth Texas Legislature|38]] |[[James G. Strong (Texas politician)|जेम्स जी. स्ट्रॉन्ग]] |- ![[Thirty-ninth Texas Legislature|39]] | rowspan="2" |चार्ल्स आर. फ्लॉयड | rowspan="14" |डेल्टा, फ्रैंकलिन, हॉपकिंस, लैमर, रेड रिवर। |- ![[Fortieth Texas Legislature|40]] |- ![[Forty-first Texas Legislature|41]] | rowspan="4" |[[Tom A. DeBerry|टॉम ए. डेबेरी]] |- ![[Forty-second Texas Legislature|42]] |- ![[Forty-third Texas Legislature|43]] |- ![[Forty-fourth Texas Legislature|44]] |- !45 | rowspan="8" |ए. एम. आइकिन, जूनियर |- !46 |- !47 |- !48 |- !49 |- !50 |- !51 |- !52 |- !53 | rowspan="7" |जॉर्ज पार्कहाउस | rowspan="7" |डलास। |- !54 |- !55 |- !56 |- !57 |- !58 |- !59 |- !60 |जॉर्ज पार्कहाउस<br />ओ.एच. "इके" हैरिस | rowspan="14" |डलास का हिस्सा। |- !61 | rowspan="13" |ओ. एच. "इके" हैरिस |- !62 |- !63 |- !64 |- !65 |- !66 |- !67 |- !68 |- !69 |- !70 |- !71 |- !72 |- !73 |- !74 | rowspan="9" |फ्लोरेंस शापिरो | rowspan="9" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !75 |- !76 |- !77 |- !78 |- !79 |- !80 |- !81 |- !82 |- !83 | rowspan="1" |केन पैक्सटन | rowspan="1" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !84 | rowspan="2" |वान टेलर | rowspan="4" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !85 |- !86 | rowspan="4" |एंजेला पैक्सटन |- !87 |- !88 | rowspan="2" |सभी शिकार, बारिश। [[कॉलिन काउंटी, टेक्सास|कोलिन]] का हिस्सा।<br /> |- !89 |} 8rxw6lsf15rvryl54naclkif8xx42fz 6582742 6582738 2026-07-15T04:35:53Z Armadillo Jack 936233 6582742 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र |type = टेक्सास राज्य निर्वाचन क्षेत्र |native_name = टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8" सम्पादित करें |state_name = टेक्सास |district = 8 |latd = |latm = |lats = |longd= |longm= |longs= |area_total = |area_magnitude = |altitude = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |leader_title_2 = |leader_name_2 = |footnotes = }} '''टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 ('''{{lang-en|Texas State Senate - District 8}}'''),''' का एक सीनेटोरियल डिस्ट्रिक्ट है जो वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास राज्य में सभी रेन और हंट काउंटियों और कॉलिन काउंटी के कुछ हिस्सों में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://wtaw.com/wp-content/uploads/2021/10/XGRmapSenateCourtesyTrentAshby.pdf|title=State Senate Districts PLANS2168|website=WTAW|access-date=25 July 2024}}</ref> '''जिला 8''' से वर्तमान सीनेटर एंजेला पैक्सटन हैं। टेक्सास सीनेट, संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य के द्विसदनीय विधायिका का ऊपरी सदन है।महाराष्ट्र की 89 वीं टेक्सास विधानसभा के सीनेटर 5 नवंबर, 2024 के टेक्सास विधानसभा चुनाव में चुने गए, जिसके परिणाम  5 नवंबर, 2024 को घोषित किए गए। सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों की सीनेट में बहुमत की आवश्यकता 16  सीटों की है। टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 सीनेट निर्वाचन क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य का एक टेक्सास निर्वाचन क्षेत्र है। === 2024 === {{Election box begin|title=टेक्सास चुनाव, 2024: सीनेट ज़िला 8<ref>{{cite web |title=County by County Canvass Report 2024 NOVEMBER 5TH GENERAL ELECTION November 05, 2024 |url=https://results.texas-election.com/static/data/Reports/49664/CountybyCountyCanvassReport.pdf?v=1733942864317 |website=Texas Secretary of State |access-date=11 December 2024}}</ref>}} {{Election box candidate with party link|party=रिपब्लिकन पार्टी|candidate=[[एंजेला पैक्सटन]]|votes=269,743|percentage=59.36|change=+1.67}} {{Election box candidate with party link|party=डेमोक्रेटिक पार्टी|candidate=रेचल मेलो|votes=184,642|percentage=40.64|change=+1.19}} {{Election box majority|votes=85,101|percentage=18.72|change=+0.48}} {{Election box turnout|votes=454,385|percentage=|change=}} {{Election box hold with party link|winner=रिपब्लिकन पार्टी|swing=}} {{Election box end}} {| class="wikitable" !विधायिका !सीनेटर, जिला 8 !जिले में जिले |- !1 | rowspan="2" |[[Henry J. Jewett|हेनरी जे. जेवेट]] | rowspan="2" |ब्रेज़ोस, रॉबर्टसन। |- !2 |- !3 |[[John H. McRae|जॉन एच. मैकरे]] |जैस्पर, न्यूटन, सबीन, सैन ऑगस्टीन एंजेलिना का हिस्सा।<br /> |- !4 |[[Stephen Reaves (politician)|स्टीफन रीव्स]] |रुस्क, स्मिथ। |- !5 | rowspan="2" |[[William Thomas Scott (Texas politician)|विलियम थॉमस स्कॉट]] | rowspan="4" |हैरिसन। |- !6 |- !7 |लुई टी. विगफॉल |- !8 |लुई टी. विगफॉल<br />[[E. A. Blanch|ई.ए. ब्लैंच]] |- !9 |[[William C. Batte|विलियम सी. बैटे]] | rowspan="3" |लाल नदी, टाइटस। |- !10 |[[Gilbert H. Wootten|गिल्बर्ट एच. वूटन]] |- !11 |[[Samuel N. Braswell|सैमुअल एन. ब्रासवेल]] |- !12 |डोनाल्ड कैंपबेल |बोवी, डेविस, मैरियन। |- !13 |[[Hamilton J. Avinger|हैमिल्टन जे. एविंगर]] |बोवी, कैस, मैरियन। |- !14 |[[Cader A. Parker|कैडर ए. पार्कर]] |लाल नदी, टाइटस। |- !15 |[[Christopher C. Francis|क्रिस्टोफर सी. फ्रांसिस]] | rowspan="3" |एंहेंडरसन, चेरोकी, हेंडरसन। |- !16 | rowspan="2" |[[John Young Gooch|जॉन यंग गूच]] |- !17 |- !18 | rowspan="2" |[[Mansel Y. Randolph|मैन्सेल वाई. रैंडोल्फ]] | rowspan="5" |एंजेलिना, ग्रिम्स, ह्यूस्टन, लियोन, मैडिसन। |- !19 |- !20 | rowspan="2" |[[William W. Davis (American politician)|विलियम डब्ल्यू. डेविस]] |- !21 |- !22 |[[William Page (Texas politician)|विलियम पेज]] |- ![[Twenty-third Texas Legislature|23]] | rowspan="3" |[[Thomas E. Boren|थॉमस ई. बोरेन]] | rowspan="5" |हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- ![[Twenty-fourth Texas Legislature|24]] |- ![[Twenty-fifth Texas Legislature|25]] |- ![[Twenty-sixth Texas Legislature|26]] | rowspan="2" |[[M. P. McGee|एम. पी. मैकगी]] |- ![[Twenty-seventh Texas Legislature|27]] |- ![[Twenty-eighth Texas Legislature|28]] | rowspan="4" |[[Charles L. Brachfield|चार्ल्स एल. ब्रैचफील्ड]] | rowspan="11" |ग्रेग, हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- !29 |- ![[Thirtieth Texas Legislature|30]] |- ![[Thirty-first Texas Legislature|31]] |- ![[Thirty-second Texas Legislature|32]] | rowspan="2" |[[Edgar H. Carter|एडगर एच. कार्टर]] |- ![[Thirty-third Texas Legislature|33]] |- ![[Thirty-fourth Texas Legislature|34]] | rowspan="3" |[[Lon A. Smith|लोन ए. स्मिथ]] |- ![[Thirty-fifth Texas Legislature|35]] |- ![[Thirty-sixth Texas Legislature|36]] |- ![[Thirty-seventh Texas Legislature|37]] |थॉमस व्हिटफील्ड डेविडसन |- ![[Thirty-eighth Texas Legislature|38]] |[[James G. Strong (Texas politician)|जेम्स जी. स्ट्रॉन्ग]] |- ![[Thirty-ninth Texas Legislature|39]] | rowspan="2" |चार्ल्स आर. फ्लॉयड | rowspan="14" |डेल्टा, फ्रैंकलिन, हॉपकिंस, लैमर, रेड रिवर। |- ![[Fortieth Texas Legislature|40]] |- ![[Forty-first Texas Legislature|41]] | rowspan="4" |[[Tom A. DeBerry|टॉम ए. डेबेरी]] |- ![[Forty-second Texas Legislature|42]] |- ![[Forty-third Texas Legislature|43]] |- ![[Forty-fourth Texas Legislature|44]] |- !45 | rowspan="8" |ए. एम. आइकिन, जूनियर |- !46 |- !47 |- !48 |- !49 |- !50 |- !51 |- !52 |- !53 | rowspan="7" |जॉर्ज पार्कहाउस | rowspan="7" |डलास। |- !54 |- !55 |- !56 |- !57 |- !58 |- !59 |- !60 |जॉर्ज पार्कहाउस<br />ओ.एच. "इके" हैरिस | rowspan="14" |डलास का हिस्सा। |- !61 | rowspan="13" |ओ. एच. "इके" हैरिस |- !62 |- !63 |- !64 |- !65 |- !66 |- !67 |- !68 |- !69 |- !70 |- !71 |- !72 |- !73 |- !74 | rowspan="9" |फ्लोरेंस शापिरो | rowspan="9" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !75 |- !76 |- !77 |- !78 |- !79 |- !80 |- !81 |- !82 |- !83 | rowspan="1" |केन पैक्सटन | rowspan="1" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !84 | rowspan="2" |वान टेलर | rowspan="4" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !85 |- !86 | rowspan="4" |एंजेला पैक्सटन |- !87 |- !88 | rowspan="2" |सभी शिकार, बारिश। [[कॉलिन काउंटी, टेक्सास|कोलिन]] का हिस्सा।<br /> |- !89 |} ra6hqydsy4ty5ld6ktd9iebl4n59jcv 6582743 6582742 2026-07-15T04:37:33Z Armadillo Jack 936233 6582743 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 |type = टेक्सास राज्य निर्वाचन क्षेत्र |native_name = टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8" सम्पादित करें |state_name = टेक्सास |district = 8 |latd = |latm = |lats = |longd= |longm= |longs= |area_total = |area_magnitude = |altitude = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |leader_title_2 = |leader_name_2 = |footnotes = }} '''टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 ('''{{lang-en|Texas State Senate - District 8}}'''),''' का एक सीनेटोरियल डिस्ट्रिक्ट है जो वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास राज्य में सभी रेन और हंट काउंटियों और कॉलिन काउंटी के कुछ हिस्सों में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://wtaw.com/wp-content/uploads/2021/10/XGRmapSenateCourtesyTrentAshby.pdf|title=State Senate Districts PLANS2168|website=WTAW|access-date=25 July 2024}}</ref> '''जिला 8''' से वर्तमान सीनेटर एंजेला पैक्सटन हैं। टेक्सास सीनेट, संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य के द्विसदनीय विधायिका का ऊपरी सदन है।महाराष्ट्र की 89 वीं टेक्सास विधानसभा के सीनेटर 5 नवंबर, 2024 के टेक्सास विधानसभा चुनाव में चुने गए, जिसके परिणाम  5 नवंबर, 2024 को घोषित किए गए। सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों की सीनेट में बहुमत की आवश्यकता 16  सीटों की है। टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 सीनेट निर्वाचन क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य का एक टेक्सास निर्वाचन क्षेत्र है। === 2024 === {{Election box begin|title=टेक्सास चुनाव, 2024: सीनेट ज़िला 8<ref>{{cite web |title=County by County Canvass Report 2024 NOVEMBER 5TH GENERAL ELECTION November 05, 2024 |url=https://results.texas-election.com/static/data/Reports/49664/CountybyCountyCanvassReport.pdf?v=1733942864317 |website=Texas Secretary of State |access-date=11 December 2024}}</ref>}} {{Election box candidate with party link|party=रिपब्लिकन पार्टी|candidate=[[एंजेला पैक्सटन]]|votes=269,743|percentage=59.36|change=+1.67}} {{Election box candidate with party link|party=डेमोक्रेटिक पार्टी|candidate=रेचल मेलो|votes=184,642|percentage=40.64|change=+1.19}} {{Election box majority|votes=85,101|percentage=18.72|change=+0.48}} {{Election box turnout|votes=454,385|percentage=|change=}} {{Election box hold with party link|winner=रिपब्लिकन पार्टी|swing=}} {{Election box end}} {| class="wikitable" !विधायिका !सीनेटर, जिला 8 !जिले में जिले |- !1 | rowspan="2" |[[Henry J. Jewett|हेनरी जे. जेवेट]] | rowspan="2" |ब्रेज़ोस, रॉबर्टसन। |- !2 |- !3 |[[John H. McRae|जॉन एच. मैकरे]] |जैस्पर, न्यूटन, सबीन, सैन ऑगस्टीन एंजेलिना का हिस्सा।<br /> |- !4 |[[Stephen Reaves (politician)|स्टीफन रीव्स]] |रुस्क, स्मिथ। |- !5 | rowspan="2" |[[William Thomas Scott (Texas politician)|विलियम थॉमस स्कॉट]] | rowspan="4" |हैरिसन। |- !6 |- !7 |लुई टी. विगफॉल |- !8 |लुई टी. विगफॉल<br />[[E. A. Blanch|ई.ए. ब्लैंच]] |- !9 |[[William C. Batte|विलियम सी. बैटे]] | rowspan="3" |लाल नदी, टाइटस। |- !10 |[[Gilbert H. Wootten|गिल्बर्ट एच. वूटन]] |- !11 |[[Samuel N. Braswell|सैमुअल एन. ब्रासवेल]] |- !12 |डोनाल्ड कैंपबेल |बोवी, डेविस, मैरियन। |- !13 |[[Hamilton J. Avinger|हैमिल्टन जे. एविंगर]] |बोवी, कैस, मैरियन। |- !14 |[[Cader A. Parker|कैडर ए. पार्कर]] |लाल नदी, टाइटस। |- !15 |[[Christopher C. Francis|क्रिस्टोफर सी. फ्रांसिस]] | rowspan="3" |एंहेंडरसन, चेरोकी, हेंडरसन। |- !16 | rowspan="2" |[[John Young Gooch|जॉन यंग गूच]] |- !17 |- !18 | rowspan="2" |[[Mansel Y. Randolph|मैन्सेल वाई. रैंडोल्फ]] | rowspan="5" |एंजेलिना, ग्रिम्स, ह्यूस्टन, लियोन, मैडिसन। |- !19 |- !20 | rowspan="2" |[[William W. Davis (American politician)|विलियम डब्ल्यू. डेविस]] |- !21 |- !22 |[[William Page (Texas politician)|विलियम पेज]] |- ![[Twenty-third Texas Legislature|23]] | rowspan="3" |[[Thomas E. Boren|थॉमस ई. बोरेन]] | rowspan="5" |हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- ![[Twenty-fourth Texas Legislature|24]] |- ![[Twenty-fifth Texas Legislature|25]] |- ![[Twenty-sixth Texas Legislature|26]] | rowspan="2" |[[M. P. McGee|एम. पी. मैकगी]] |- ![[Twenty-seventh Texas Legislature|27]] |- ![[Twenty-eighth Texas Legislature|28]] | rowspan="4" |[[Charles L. Brachfield|चार्ल्स एल. ब्रैचफील्ड]] | rowspan="11" |ग्रेग, हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- !29 |- ![[Thirtieth Texas Legislature|30]] |- ![[Thirty-first Texas Legislature|31]] |- ![[Thirty-second Texas Legislature|32]] | rowspan="2" |[[Edgar H. Carter|एडगर एच. कार्टर]] |- ![[Thirty-third Texas Legislature|33]] |- ![[Thirty-fourth Texas Legislature|34]] | rowspan="3" |[[Lon A. Smith|लोन ए. स्मिथ]] |- ![[Thirty-fifth Texas Legislature|35]] |- ![[Thirty-sixth Texas Legislature|36]] |- ![[Thirty-seventh Texas Legislature|37]] |थॉमस व्हिटफील्ड डेविडसन |- ![[Thirty-eighth Texas Legislature|38]] |[[James G. Strong (Texas politician)|जेम्स जी. स्ट्रॉन्ग]] |- ![[Thirty-ninth Texas Legislature|39]] | rowspan="2" |चार्ल्स आर. फ्लॉयड | rowspan="14" |डेल्टा, फ्रैंकलिन, हॉपकिंस, लैमर, रेड रिवर। |- ![[Fortieth Texas Legislature|40]] |- ![[Forty-first Texas Legislature|41]] | rowspan="4" |[[Tom A. DeBerry|टॉम ए. डेबेरी]] |- ![[Forty-second Texas Legislature|42]] |- ![[Forty-third Texas Legislature|43]] |- ![[Forty-fourth Texas Legislature|44]] |- !45 | rowspan="8" |ए. एम. आइकिन, जूनियर |- !46 |- !47 |- !48 |- !49 |- !50 |- !51 |- !52 |- !53 | rowspan="7" |जॉर्ज पार्कहाउस | rowspan="7" |डलास। |- !54 |- !55 |- !56 |- !57 |- !58 |- !59 |- !60 |जॉर्ज पार्कहाउस<br />ओ.एच. "इके" हैरिस | rowspan="14" |डलास का हिस्सा। |- !61 | rowspan="13" |ओ. एच. "इके" हैरिस |- !62 |- !63 |- !64 |- !65 |- !66 |- !67 |- !68 |- !69 |- !70 |- !71 |- !72 |- !73 |- !74 | rowspan="9" |फ्लोरेंस शापिरो | rowspan="9" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !75 |- !76 |- !77 |- !78 |- !79 |- !80 |- !81 |- !82 |- !83 | rowspan="1" |केन पैक्सटन | rowspan="1" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !84 | rowspan="2" |वान टेलर | rowspan="4" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !85 |- !86 | rowspan="4" |एंजेला पैक्सटन |- !87 |- !88 | rowspan="2" |सभी शिकार, बारिश। [[कॉलिन काउंटी, टेक्सास|कोलिन]] का हिस्सा।<br /> |- !89 |} r5nh5zh2446cdomb4kr2lbz1igl8qpr 6582744 6582743 2026-07-15T04:37:51Z Armadillo Jack 936233 6582744 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक |type = टेक्सास राज्य निर्वाचन क्षेत्र |native_name = टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8" सम्पादित करें |state_name = टेक्सास |district = 8 |latd = |latm = |lats = |longd= |longm= |longs= |area_total = |area_magnitude = |altitude = |population_total = |population_as_of = |population_density = |leader_title_1 = |leader_name_1 = |leader_title_2 = |leader_name_2 = |footnotes = }} '''टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 ('''{{lang-en|Texas State Senate - District 8}}'''),''' का एक सीनेटोरियल डिस्ट्रिक्ट है जो वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास राज्य में सभी रेन और हंट काउंटियों और कॉलिन काउंटी के कुछ हिस्सों में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://wtaw.com/wp-content/uploads/2021/10/XGRmapSenateCourtesyTrentAshby.pdf|title=State Senate Districts PLANS2168|website=WTAW|access-date=25 July 2024}}</ref> '''जिला 8''' से वर्तमान सीनेटर एंजेला पैक्सटन हैं। टेक्सास सीनेट, संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य के द्विसदनीय विधायिका का ऊपरी सदन है।महाराष्ट्र की 89 वीं टेक्सास विधानसभा के सीनेटर 5 नवंबर, 2024 के टेक्सास विधानसभा चुनाव में चुने गए, जिसके परिणाम  5 नवंबर, 2024 को घोषित किए गए। सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों की सीनेट में बहुमत की आवश्यकता 16  सीटों की है। टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 सीनेट निर्वाचन क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य का एक टेक्सास निर्वाचन क्षेत्र है। === 2024 === {{Election box begin|title=टेक्सास चुनाव, 2024: सीनेट ज़िला 8<ref>{{cite web |title=County by County Canvass Report 2024 NOVEMBER 5TH GENERAL ELECTION November 05, 2024 |url=https://results.texas-election.com/static/data/Reports/49664/CountybyCountyCanvassReport.pdf?v=1733942864317 |website=Texas Secretary of State |access-date=11 December 2024}}</ref>}} {{Election box candidate with party link|party=रिपब्लिकन पार्टी|candidate=[[एंजेला पैक्सटन]]|votes=269,743|percentage=59.36|change=+1.67}} {{Election box candidate with party link|party=डेमोक्रेटिक पार्टी|candidate=रेचल मेलो|votes=184,642|percentage=40.64|change=+1.19}} {{Election box majority|votes=85,101|percentage=18.72|change=+0.48}} {{Election box turnout|votes=454,385|percentage=|change=}} {{Election box hold with party link|winner=रिपब्लिकन पार्टी|swing=}} {{Election box end}} {| class="wikitable" !विधायिका !सीनेटर, जिला 8 !जिले में जिले |- !1 | rowspan="2" |[[Henry J. Jewett|हेनरी जे. जेवेट]] | rowspan="2" |ब्रेज़ोस, रॉबर्टसन। |- !2 |- !3 |[[John H. McRae|जॉन एच. मैकरे]] |जैस्पर, न्यूटन, सबीन, सैन ऑगस्टीन एंजेलिना का हिस्सा।<br /> |- !4 |[[Stephen Reaves (politician)|स्टीफन रीव्स]] |रुस्क, स्मिथ। |- !5 | rowspan="2" |[[William Thomas Scott (Texas politician)|विलियम थॉमस स्कॉट]] | rowspan="4" |हैरिसन। |- !6 |- !7 |लुई टी. विगफॉल |- !8 |लुई टी. विगफॉल<br />[[E. A. Blanch|ई.ए. ब्लैंच]] |- !9 |[[William C. Batte|विलियम सी. बैटे]] | rowspan="3" |लाल नदी, टाइटस। |- !10 |[[Gilbert H. Wootten|गिल्बर्ट एच. वूटन]] |- !11 |[[Samuel N. Braswell|सैमुअल एन. ब्रासवेल]] |- !12 |डोनाल्ड कैंपबेल |बोवी, डेविस, मैरियन। |- !13 |[[Hamilton J. Avinger|हैमिल्टन जे. एविंगर]] |बोवी, कैस, मैरियन। |- !14 |[[Cader A. Parker|कैडर ए. पार्कर]] |लाल नदी, टाइटस। |- !15 |[[Christopher C. Francis|क्रिस्टोफर सी. फ्रांसिस]] | rowspan="3" |एंहेंडरसन, चेरोकी, हेंडरसन। |- !16 | rowspan="2" |[[John Young Gooch|जॉन यंग गूच]] |- !17 |- !18 | rowspan="2" |[[Mansel Y. Randolph|मैन्सेल वाई. रैंडोल्फ]] | rowspan="5" |एंजेलिना, ग्रिम्स, ह्यूस्टन, लियोन, मैडिसन। |- !19 |- !20 | rowspan="2" |[[William W. Davis (American politician)|विलियम डब्ल्यू. डेविस]] |- !21 |- !22 |[[William Page (Texas politician)|विलियम पेज]] |- ![[Twenty-third Texas Legislature|23]] | rowspan="3" |[[Thomas E. Boren|थॉमस ई. बोरेन]] | rowspan="5" |हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- ![[Twenty-fourth Texas Legislature|24]] |- ![[Twenty-fifth Texas Legislature|25]] |- ![[Twenty-sixth Texas Legislature|26]] | rowspan="2" |[[M. P. McGee|एम. पी. मैकगी]] |- ![[Twenty-seventh Texas Legislature|27]] |- ![[Twenty-eighth Texas Legislature|28]] | rowspan="4" |[[Charles L. Brachfield|चार्ल्स एल. ब्रैचफील्ड]] | rowspan="11" |ग्रेग, हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- !29 |- ![[Thirtieth Texas Legislature|30]] |- ![[Thirty-first Texas Legislature|31]] |- ![[Thirty-second Texas Legislature|32]] | rowspan="2" |[[Edgar H. Carter|एडगर एच. कार्टर]] |- ![[Thirty-third Texas Legislature|33]] |- ![[Thirty-fourth Texas Legislature|34]] | rowspan="3" |[[Lon A. Smith|लोन ए. स्मिथ]] |- ![[Thirty-fifth Texas Legislature|35]] |- ![[Thirty-sixth Texas Legislature|36]] |- ![[Thirty-seventh Texas Legislature|37]] |थॉमस व्हिटफील्ड डेविडसन |- ![[Thirty-eighth Texas Legislature|38]] |[[James G. Strong (Texas politician)|जेम्स जी. स्ट्रॉन्ग]] |- ![[Thirty-ninth Texas Legislature|39]] | rowspan="2" |चार्ल्स आर. फ्लॉयड | rowspan="14" |डेल्टा, फ्रैंकलिन, हॉपकिंस, लैमर, रेड रिवर। |- ![[Fortieth Texas Legislature|40]] |- ![[Forty-first Texas Legislature|41]] | rowspan="4" |[[Tom A. DeBerry|टॉम ए. डेबेरी]] |- ![[Forty-second Texas Legislature|42]] |- ![[Forty-third Texas Legislature|43]] |- ![[Forty-fourth Texas Legislature|44]] |- !45 | rowspan="8" |ए. एम. आइकिन, जूनियर |- !46 |- !47 |- !48 |- !49 |- !50 |- !51 |- !52 |- !53 | rowspan="7" |जॉर्ज पार्कहाउस | rowspan="7" |डलास। |- !54 |- !55 |- !56 |- !57 |- !58 |- !59 |- !60 |जॉर्ज पार्कहाउस<br />ओ.एच. "इके" हैरिस | rowspan="14" |डलास का हिस्सा। |- !61 | rowspan="13" |ओ. एच. "इके" हैरिस |- !62 |- !63 |- !64 |- !65 |- !66 |- !67 |- !68 |- !69 |- !70 |- !71 |- !72 |- !73 |- !74 | rowspan="9" |फ्लोरेंस शापिरो | rowspan="9" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !75 |- !76 |- !77 |- !78 |- !79 |- !80 |- !81 |- !82 |- !83 | rowspan="1" |केन पैक्सटन | rowspan="1" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !84 | rowspan="2" |वान टेलर | rowspan="4" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !85 |- !86 | rowspan="4" |एंजेला पैक्सटन |- !87 |- !88 | rowspan="2" |सभी शिकार, बारिश। [[कॉलिन काउंटी, टेक्सास|कोलिन]] का हिस्सा।<br /> |- !89 |} fya0xin78b786k6yges4vbz5mohqrz3 6582745 6582744 2026-07-15T04:38:21Z Armadillo Jack 936233 6582745 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसन्दूक |type = टेक्सास राज्य निर्वाचन क्षेत्र |native_name = टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8" सम्पादित करें |state_name = टेक्सास |district = 8 |latd = |latm = |lats = '''टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 ('''{{lang-en|Texas State Senate - District 8}}'''),''' का एक सीनेटोरियल डिस्ट्रिक्ट है जो वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास राज्य में सभी रेन और हंट काउंटियों और कॉलिन काउंटी के कुछ हिस्सों में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://wtaw.com/wp-content/uploads/2021/10/XGRmapSenateCourtesyTrentAshby.pdf|title=State Senate Districts PLANS2168|website=WTAW|access-date=25 July 2024}}</ref> '''जिला 8''' से वर्तमान सीनेटर एंजेला पैक्सटन हैं। टेक्सास सीनेट, संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य के द्विसदनीय विधायिका का ऊपरी सदन है।महाराष्ट्र की 89 वीं टेक्सास विधानसभा के सीनेटर 5 नवंबर, 2024 के टेक्सास विधानसभा चुनाव में चुने गए, जिसके परिणाम  5 नवंबर, 2024 को घोषित किए गए। सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों की सीनेट में बहुमत की आवश्यकता 16  सीटों की है। टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 सीनेट निर्वाचन क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य का एक टेक्सास निर्वाचन क्षेत्र है। === 2024 === {{Election box begin|title=टेक्सास चुनाव, 2024: सीनेट ज़िला 8<ref>{{cite web |title=County by County Canvass Report 2024 NOVEMBER 5TH GENERAL ELECTION November 05, 2024 |url=https://results.texas-election.com/static/data/Reports/49664/CountybyCountyCanvassReport.pdf?v=1733942864317 |website=Texas Secretary of State |access-date=11 December 2024}}</ref>}} {{Election box candidate with party link|party=रिपब्लिकन पार्टी|candidate=[[एंजेला पैक्सटन]]|votes=269,743|percentage=59.36|change=+1.67}} {{Election box candidate with party link|party=डेमोक्रेटिक पार्टी|candidate=रेचल मेलो|votes=184,642|percentage=40.64|change=+1.19}} {{Election box majority|votes=85,101|percentage=18.72|change=+0.48}} {{Election box turnout|votes=454,385|percentage=|change=}} {{Election box hold with party link|winner=रिपब्लिकन पार्टी|swing=}} {{Election box end}} {| class="wikitable" !विधायिका !सीनेटर, जिला 8 !जिले में जिले |- !1 | rowspan="2" |[[Henry J. Jewett|हेनरी जे. जेवेट]] | rowspan="2" |ब्रेज़ोस, रॉबर्टसन। |- !2 |- !3 |[[John H. McRae|जॉन एच. मैकरे]] |जैस्पर, न्यूटन, सबीन, सैन ऑगस्टीन एंजेलिना का हिस्सा।<br /> |- !4 |[[Stephen Reaves (politician)|स्टीफन रीव्स]] |रुस्क, स्मिथ। |- !5 | rowspan="2" |[[William Thomas Scott (Texas politician)|विलियम थॉमस स्कॉट]] | rowspan="4" |हैरिसन। |- !6 |- !7 |लुई टी. विगफॉल |- !8 |लुई टी. विगफॉल<br />[[E. A. Blanch|ई.ए. ब्लैंच]] |- !9 |[[William C. Batte|विलियम सी. बैटे]] | rowspan="3" |लाल नदी, टाइटस। |- !10 |[[Gilbert H. Wootten|गिल्बर्ट एच. वूटन]] |- !11 |[[Samuel N. Braswell|सैमुअल एन. ब्रासवेल]] |- !12 |डोनाल्ड कैंपबेल |बोवी, डेविस, मैरियन। |- !13 |[[Hamilton J. Avinger|हैमिल्टन जे. एविंगर]] |बोवी, कैस, मैरियन। |- !14 |[[Cader A. Parker|कैडर ए. पार्कर]] |लाल नदी, टाइटस। |- !15 |[[Christopher C. Francis|क्रिस्टोफर सी. फ्रांसिस]] | rowspan="3" |एंहेंडरसन, चेरोकी, हेंडरसन। |- !16 | rowspan="2" |[[John Young Gooch|जॉन यंग गूच]] |- !17 |- !18 | rowspan="2" |[[Mansel Y. Randolph|मैन्सेल वाई. रैंडोल्फ]] | rowspan="5" |एंजेलिना, ग्रिम्स, ह्यूस्टन, लियोन, मैडिसन। |- !19 |- !20 | rowspan="2" |[[William W. Davis (American politician)|विलियम डब्ल्यू. डेविस]] |- !21 |- !22 |[[William Page (Texas politician)|विलियम पेज]] |- ![[Twenty-third Texas Legislature|23]] | rowspan="3" |[[Thomas E. Boren|थॉमस ई. बोरेन]] | rowspan="5" |हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- ![[Twenty-fourth Texas Legislature|24]] |- ![[Twenty-fifth Texas Legislature|25]] |- ![[Twenty-sixth Texas Legislature|26]] | rowspan="2" |[[M. P. McGee|एम. पी. मैकगी]] |- ![[Twenty-seventh Texas Legislature|27]] |- ![[Twenty-eighth Texas Legislature|28]] | rowspan="4" |[[Charles L. Brachfield|चार्ल्स एल. ब्रैचफील्ड]] | rowspan="11" |ग्रेग, हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- !29 |- ![[Thirtieth Texas Legislature|30]] |- ![[Thirty-first Texas Legislature|31]] |- ![[Thirty-second Texas Legislature|32]] | rowspan="2" |[[Edgar H. Carter|एडगर एच. कार्टर]] |- ![[Thirty-third Texas Legislature|33]] |- ![[Thirty-fourth Texas Legislature|34]] | rowspan="3" |[[Lon A. Smith|लोन ए. स्मिथ]] |- ![[Thirty-fifth Texas Legislature|35]] |- ![[Thirty-sixth Texas Legislature|36]] |- ![[Thirty-seventh Texas Legislature|37]] |थॉमस व्हिटफील्ड डेविडसन |- ![[Thirty-eighth Texas Legislature|38]] |[[James G. Strong (Texas politician)|जेम्स जी. स्ट्रॉन्ग]] |- ![[Thirty-ninth Texas Legislature|39]] | rowspan="2" |चार्ल्स आर. फ्लॉयड | rowspan="14" |डेल्टा, फ्रैंकलिन, हॉपकिंस, लैमर, रेड रिवर। |- ![[Fortieth Texas Legislature|40]] |- ![[Forty-first Texas Legislature|41]] | rowspan="4" |[[Tom A. DeBerry|टॉम ए. डेबेरी]] |- ![[Forty-second Texas Legislature|42]] |- ![[Forty-third Texas Legislature|43]] |- ![[Forty-fourth Texas Legislature|44]] |- !45 | rowspan="8" |ए. एम. आइकिन, जूनियर |- !46 |- !47 |- !48 |- !49 |- !50 |- !51 |- !52 |- !53 | rowspan="7" |जॉर्ज पार्कहाउस | rowspan="7" |डलास। |- !54 |- !55 |- !56 |- !57 |- !58 |- !59 |- !60 |जॉर्ज पार्कहाउस<br />ओ.एच. "इके" हैरिस | rowspan="14" |डलास का हिस्सा। |- !61 | rowspan="13" |ओ. एच. "इके" हैरिस |- !62 |- !63 |- !64 |- !65 |- !66 |- !67 |- !68 |- !69 |- !70 |- !71 |- !72 |- !73 |- !74 | rowspan="9" |फ्लोरेंस शापिरो | rowspan="9" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !75 |- !76 |- !77 |- !78 |- !79 |- !80 |- !81 |- !82 |- !83 | rowspan="1" |केन पैक्सटन | rowspan="1" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !84 | rowspan="2" |वान टेलर | rowspan="4" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !85 |- !86 | rowspan="4" |एंजेला पैक्सटन |- !87 |- !88 | rowspan="2" |सभी शिकार, बारिश। [[कॉलिन काउंटी, टेक्सास|कोलिन]] का हिस्सा।<br /> |- !89 |} nfjk0lk78r7mpqp8eu9wss3gzwqn6h8 6582746 6582745 2026-07-15T04:38:35Z Armadillo Jack 936233 6582746 wikitext text/x-wiki '''टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 ('''{{lang-en|Texas State Senate - District 8}}'''),''' का एक सीनेटोरियल डिस्ट्रिक्ट है जो वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास राज्य में सभी रेन और हंट काउंटियों और कॉलिन काउंटी के कुछ हिस्सों में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://wtaw.com/wp-content/uploads/2021/10/XGRmapSenateCourtesyTrentAshby.pdf|title=State Senate Districts PLANS2168|website=WTAW|access-date=25 July 2024}}</ref> '''जिला 8''' से वर्तमान सीनेटर एंजेला पैक्सटन हैं। टेक्सास सीनेट, संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य के द्विसदनीय विधायिका का ऊपरी सदन है।महाराष्ट्र की 89 वीं टेक्सास विधानसभा के सीनेटर 5 नवंबर, 2024 के टेक्सास विधानसभा चुनाव में चुने गए, जिसके परिणाम  5 नवंबर, 2024 को घोषित किए गए। सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों की सीनेट में बहुमत की आवश्यकता 16  सीटों की है। टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 सीनेट निर्वाचन क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य का एक टेक्सास निर्वाचन क्षेत्र है। === 2024 === {{Election box begin|title=टेक्सास चुनाव, 2024: सीनेट ज़िला 8<ref>{{cite web |title=County by County Canvass Report 2024 NOVEMBER 5TH GENERAL ELECTION November 05, 2024 |url=https://results.texas-election.com/static/data/Reports/49664/CountybyCountyCanvassReport.pdf?v=1733942864317 |website=Texas Secretary of State |access-date=11 December 2024}}</ref>}} {{Election box candidate with party link|party=रिपब्लिकन पार्टी|candidate=[[एंजेला पैक्सटन]]|votes=269,743|percentage=59.36|change=+1.67}} {{Election box candidate with party link|party=डेमोक्रेटिक पार्टी|candidate=रेचल मेलो|votes=184,642|percentage=40.64|change=+1.19}} {{Election box majority|votes=85,101|percentage=18.72|change=+0.48}} {{Election box turnout|votes=454,385|percentage=|change=}} {{Election box hold with party link|winner=रिपब्लिकन पार्टी|swing=}} {{Election box end}} {| class="wikitable" !विधायिका !सीनेटर, जिला 8 !जिले में जिले |- !1 | rowspan="2" |[[Henry J. Jewett|हेनरी जे. जेवेट]] | rowspan="2" |ब्रेज़ोस, रॉबर्टसन। |- !2 |- !3 |[[John H. McRae|जॉन एच. मैकरे]] |जैस्पर, न्यूटन, सबीन, सैन ऑगस्टीन एंजेलिना का हिस्सा।<br /> |- !4 |[[Stephen Reaves (politician)|स्टीफन रीव्स]] |रुस्क, स्मिथ। |- !5 | rowspan="2" |[[William Thomas Scott (Texas politician)|विलियम थॉमस स्कॉट]] | rowspan="4" |हैरिसन। |- !6 |- !7 |लुई टी. विगफॉल |- !8 |लुई टी. विगफॉल<br />[[E. A. Blanch|ई.ए. ब्लैंच]] |- !9 |[[William C. Batte|विलियम सी. बैटे]] | rowspan="3" |लाल नदी, टाइटस। |- !10 |[[Gilbert H. Wootten|गिल्बर्ट एच. वूटन]] |- !11 |[[Samuel N. Braswell|सैमुअल एन. ब्रासवेल]] |- !12 |डोनाल्ड कैंपबेल |बोवी, डेविस, मैरियन। |- !13 |[[Hamilton J. Avinger|हैमिल्टन जे. एविंगर]] |बोवी, कैस, मैरियन। |- !14 |[[Cader A. Parker|कैडर ए. पार्कर]] |लाल नदी, टाइटस। |- !15 |[[Christopher C. Francis|क्रिस्टोफर सी. फ्रांसिस]] | rowspan="3" |एंहेंडरसन, चेरोकी, हेंडरसन। |- !16 | rowspan="2" |[[John Young Gooch|जॉन यंग गूच]] |- !17 |- !18 | rowspan="2" |[[Mansel Y. Randolph|मैन्सेल वाई. रैंडोल्फ]] | rowspan="5" |एंजेलिना, ग्रिम्स, ह्यूस्टन, लियोन, मैडिसन। |- !19 |- !20 | rowspan="2" |[[William W. Davis (American politician)|विलियम डब्ल्यू. डेविस]] |- !21 |- !22 |[[William Page (Texas politician)|विलियम पेज]] |- ![[Twenty-third Texas Legislature|23]] | rowspan="3" |[[Thomas E. Boren|थॉमस ई. बोरेन]] | rowspan="5" |हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- ![[Twenty-fourth Texas Legislature|24]] |- ![[Twenty-fifth Texas Legislature|25]] |- ![[Twenty-sixth Texas Legislature|26]] | rowspan="2" |[[M. P. McGee|एम. पी. मैकगी]] |- ![[Twenty-seventh Texas Legislature|27]] |- ![[Twenty-eighth Texas Legislature|28]] | rowspan="4" |[[Charles L. Brachfield|चार्ल्स एल. ब्रैचफील्ड]] | rowspan="11" |ग्रेग, हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- !29 |- ![[Thirtieth Texas Legislature|30]] |- ![[Thirty-first Texas Legislature|31]] |- ![[Thirty-second Texas Legislature|32]] | rowspan="2" |[[Edgar H. Carter|एडगर एच. कार्टर]] |- ![[Thirty-third Texas Legislature|33]] |- ![[Thirty-fourth Texas Legislature|34]] | rowspan="3" |[[Lon A. Smith|लोन ए. स्मिथ]] |- ![[Thirty-fifth Texas Legislature|35]] |- ![[Thirty-sixth Texas Legislature|36]] |- ![[Thirty-seventh Texas Legislature|37]] |थॉमस व्हिटफील्ड डेविडसन |- ![[Thirty-eighth Texas Legislature|38]] |[[James G. Strong (Texas politician)|जेम्स जी. स्ट्रॉन्ग]] |- ![[Thirty-ninth Texas Legislature|39]] | rowspan="2" |चार्ल्स आर. फ्लॉयड | rowspan="14" |डेल्टा, फ्रैंकलिन, हॉपकिंस, लैमर, रेड रिवर। |- ![[Fortieth Texas Legislature|40]] |- ![[Forty-first Texas Legislature|41]] | rowspan="4" |[[Tom A. DeBerry|टॉम ए. डेबेरी]] |- ![[Forty-second Texas Legislature|42]] |- ![[Forty-third Texas Legislature|43]] |- ![[Forty-fourth Texas Legislature|44]] |- !45 | rowspan="8" |ए. एम. आइकिन, जूनियर |- !46 |- !47 |- !48 |- !49 |- !50 |- !51 |- !52 |- !53 | rowspan="7" |जॉर्ज पार्कहाउस | rowspan="7" |डलास। |- !54 |- !55 |- !56 |- !57 |- !58 |- !59 |- !60 |जॉर्ज पार्कहाउस<br />ओ.एच. "इके" हैरिस | rowspan="14" |डलास का हिस्सा। |- !61 | rowspan="13" |ओ. एच. "इके" हैरिस |- !62 |- !63 |- !64 |- !65 |- !66 |- !67 |- !68 |- !69 |- !70 |- !71 |- !72 |- !73 |- !74 | rowspan="9" |फ्लोरेंस शापिरो | rowspan="9" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !75 |- !76 |- !77 |- !78 |- !79 |- !80 |- !81 |- !82 |- !83 | rowspan="1" |केन पैक्सटन | rowspan="1" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !84 | rowspan="2" |वान टेलर | rowspan="4" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !85 |- !86 | rowspan="4" |एंजेला पैक्सटन |- !87 |- !88 | rowspan="2" |सभी शिकार, बारिश। [[कॉलिन काउंटी, टेक्सास|कोलिन]] का हिस्सा।<br /> |- !89 |} e4nbb1mhyzkt677obq97j9s2wpwodke 6582767 6582746 2026-07-15T05:27:46Z ~2026-39904-69 936339 6582767 wikitext text/x-wiki '''टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8''' ({{lang-en|Texas State Senate - District 8}}), का एक सीनेटोरियल डिस्ट्रिक्ट है जो वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास राज्य में सभी रेन और हंट काउंटियों और कॉलिन काउंटी के कुछ हिस्सों में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://wtaw.com/wp-content/uploads/2021/10/XGRmapSenateCourtesyTrentAshby.pdf|title=State Senate Districts PLANS2168|website=WTAW|access-date=25 July 2024}}</ref> जिला 8 से वर्तमान सीनेटर एंजेला पैक्सटन हैं। टेक्सास सीनेट, संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य के द्विसदनीय विधायिका का ऊपरी सदन है।महाराष्ट्र की 89 वीं टेक्सास विधानसभा के सीनेटर 5 नवंबर, 2024 के टेक्सास विधानसभा चुनाव में चुने गए, जिसके परिणाम  5 नवंबर, 2024 को घोषित किए गए। सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों की सीनेट में बहुमत की आवश्यकता 16  सीटों की है। टेक्सास राज्य सीनेट जिला 8 सीनेट निर्वाचन क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास राज्य का एक टेक्सास निर्वाचन क्षेत्र है। === 2024 === {{Election box begin|title=टेक्सास चुनाव, 2024: सीनेट ज़िला 8<ref>{{cite web |title=County by County Canvass Report 2024 NOVEMBER 5TH GENERAL ELECTION November 05, 2024 |url=https://results.texas-election.com/static/data/Reports/49664/CountybyCountyCanvassReport.pdf?v=1733942864317 |website=Texas Secretary of State |access-date=11 December 2024}}</ref>}} {{Election box candidate with party link|party=रिपब्लिकन पार्टी|candidate=[[एंजेला पैक्सटन]]|votes=269,743|percentage=59.36|change=+1.67}} {{Election box candidate with party link|party=डेमोक्रेटिक पार्टी|candidate=रेचल मेलो|votes=184,642|percentage=40.64|change=+1.19}} {{Election box majority|votes=85,101|percentage=18.72|change=+0.48}} {{Election box turnout|votes=454,385|percentage=|change=}} {{Election box hold with party link|winner=रिपब्लिकन पार्टी|swing=}} {{Election box end}} {| class="wikitable" !विधायिका !सीनेटर, जिला 8 !जिले में जिले |- !1 | rowspan="2" |[[Henry J. Jewett|हेनरी जे. जेवेट]] | rowspan="2" |ब्रेज़ोस, रॉबर्टसन। |- !2 |- !3 |[[John H. McRae|जॉन एच. मैकरे]] |जैस्पर, न्यूटन, सबीन, सैन ऑगस्टीन एंजेलिना का हिस्सा।<br /> |- !4 |[[Stephen Reaves (politician)|स्टीफन रीव्स]] |रुस्क, स्मिथ। |- !5 | rowspan="2" |[[William Thomas Scott (Texas politician)|विलियम थॉमस स्कॉट]] | rowspan="4" |हैरिसन। |- !6 |- !7 |लुई टी. विगफॉल |- !8 |लुई टी. विगफॉल<br />[[E. A. Blanch|ई.ए. ब्लैंच]] |- !9 |[[William C. Batte|विलियम सी. बैटे]] | rowspan="3" |लाल नदी, टाइटस। |- !10 |[[Gilbert H. Wootten|गिल्बर्ट एच. वूटन]] |- !11 |[[Samuel N. Braswell|सैमुअल एन. ब्रासवेल]] |- !12 |डोनाल्ड कैंपबेल |बोवी, डेविस, मैरियन। |- !13 |[[Hamilton J. Avinger|हैमिल्टन जे. एविंगर]] |बोवी, कैस, मैरियन। |- !14 |[[Cader A. Parker|कैडर ए. पार्कर]] |लाल नदी, टाइटस। |- !15 |[[Christopher C. Francis|क्रिस्टोफर सी. फ्रांसिस]] | rowspan="3" |एंहेंडरसन, चेरोकी, हेंडरसन। |- !16 | rowspan="2" |[[John Young Gooch|जॉन यंग गूच]] |- !17 |- !18 | rowspan="2" |[[Mansel Y. Randolph|मैन्सेल वाई. रैंडोल्फ]] | rowspan="5" |एंजेलिना, ग्रिम्स, ह्यूस्टन, लियोन, मैडिसन। |- !19 |- !20 | rowspan="2" |[[William W. Davis (American politician)|विलियम डब्ल्यू. डेविस]] |- !21 |- !22 |[[William Page (Texas politician)|विलियम पेज]] |- ![[Twenty-third Texas Legislature|23]] | rowspan="3" |[[Thomas E. Boren|थॉमस ई. बोरेन]] | rowspan="5" |हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- ![[Twenty-fourth Texas Legislature|24]] |- ![[Twenty-fifth Texas Legislature|25]] |- ![[Twenty-sixth Texas Legislature|26]] | rowspan="2" |[[M. P. McGee|एम. पी. मैकगी]] |- ![[Twenty-seventh Texas Legislature|27]] |- ![[Twenty-eighth Texas Legislature|28]] | rowspan="4" |[[Charles L. Brachfield|चार्ल्स एल. ब्रैचफील्ड]] | rowspan="11" |ग्रेग, हैरिसन, पनोला, रुस्क, शेल्बी। |- !29 |- ![[Thirtieth Texas Legislature|30]] |- ![[Thirty-first Texas Legislature|31]] |- ![[Thirty-second Texas Legislature|32]] | rowspan="2" |[[Edgar H. Carter|एडगर एच. कार्टर]] |- ![[Thirty-third Texas Legislature|33]] |- ![[Thirty-fourth Texas Legislature|34]] | rowspan="3" |[[Lon A. Smith|लोन ए. स्मिथ]] |- ![[Thirty-fifth Texas Legislature|35]] |- ![[Thirty-sixth Texas Legislature|36]] |- ![[Thirty-seventh Texas Legislature|37]] |थॉमस व्हिटफील्ड डेविडसन |- ![[Thirty-eighth Texas Legislature|38]] |[[James G. Strong (Texas politician)|जेम्स जी. स्ट्रॉन्ग]] |- ![[Thirty-ninth Texas Legislature|39]] | rowspan="2" |चार्ल्स आर. फ्लॉयड | rowspan="14" |डेल्टा, फ्रैंकलिन, हॉपकिंस, लैमर, रेड रिवर। |- ![[Fortieth Texas Legislature|40]] |- ![[Forty-first Texas Legislature|41]] | rowspan="4" |[[Tom A. DeBerry|टॉम ए. डेबेरी]] |- ![[Forty-second Texas Legislature|42]] |- ![[Forty-third Texas Legislature|43]] |- ![[Forty-fourth Texas Legislature|44]] |- !45 | rowspan="8" |ए. एम. आइकिन, जूनियर |- !46 |- !47 |- !48 |- !49 |- !50 |- !51 |- !52 |- !53 | rowspan="7" |जॉर्ज पार्कहाउस | rowspan="7" |डलास। |- !54 |- !55 |- !56 |- !57 |- !58 |- !59 |- !60 |जॉर्ज पार्कहाउस<br />ओ.एच. "इके" हैरिस | rowspan="14" |डलास का हिस्सा। |- !61 | rowspan="13" |ओ. एच. "इके" हैरिस |- !62 |- !63 |- !64 |- !65 |- !66 |- !67 |- !68 |- !69 |- !70 |- !71 |- !72 |- !73 |- !74 | rowspan="9" |फ्लोरेंस शापिरो | rowspan="9" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !75 |- !76 |- !77 |- !78 |- !79 |- !80 |- !81 |- !82 |- !83 | rowspan="1" |केन पैक्सटन | rowspan="1" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !84 | rowspan="2" |वान टेलर | rowspan="4" |कॉलिन, डलास के भाग। |- !85 |- !86 | rowspan="4" |एंजेला पैक्सटन |- !87 |- !88 | rowspan="2" |सभी शिकार, बारिश। [[कॉलिन काउंटी, टेक्सास|कोलिन]] का हिस्सा।<br /> |- !89 |} my1wu2br8h7zu7ld20se9bdjlewbbhs वार्ता:शुक्र ग्रह - ज्योतिष 1 1616056 6582819 2026-07-15T08:24:24Z ~2026-39890-31 936352 /* hame apne kundali me sukr grah ke bare me jannan hai */ नया अनुभाग 6582819 wikitext text/x-wiki == hame apne kundali me sukr grah ke bare me jannan hai == hame apne kundali me sukr grah ke bare me jannan hai [[विशेष:योगदान/&#126;2026-39890-31|&#126;2026-39890-31]] ([[सदस्य वार्ता:&#126;2026-39890-31|वार्ता]]) 08:24, 15 जुलाई 2026 (UTC) qi5gvaqbomxzilxvsstht95y1zhz47q बिल्क़ीस अब्दुल-क़ादिर 0 1616057 6582855 2026-07-15T09:44:16Z Umarkairanvi 13754 "[[:en:Special:Redirect/revision/1349334146|Bilqis Abdul-Qaadir]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582855 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Islamic-fashion-hijab.jpg|अंगूठाकार|104x104पिक्सेल|मुस्लिम महिला फेशन]] '''बिल्क़ीस अब्दुल-क़ादिर :''' (जन्म: 11 नवंबर 1990) अमेरिकी पूर्व कॉलेजिएट [[बास्केटबॉल]] खिलाड़ी हैं। वह [[हिजाब]] पहनकर बास्केटबॉल खेलने के लिए उल्लेखनीय थीं जो [[इस्लाम और महिलाएँ|मुस्लिम महिलाओं]] के लिए एक हेडस्कार्फ़ है। बिल्क़ीस ने अपने हाई स्कूल करियर में 3,070 अंक बनाए और [[मैसाचुसेट्स]] में सर्वकालिक स्कोरिंग रिकॉर्ड स्थापित किया। उन्होंने मेम्फिस विश्वविद्यालय के लिए चार साल कॉलेज बास्केटबॉल खेला। उन्होंने इंडियाना स्टेट यूनिवर्सिटी में अपना कॉलेज बास्केटबॉल करियर समाप्त किया, जहाँ बाद में उन्होंने टीम के साथ स्नातक सहायक के रूप में काम किया। अब्दुल-कादिर अपने पति अब्दुलवाहिद मैसी और बेटे के साथ लंदन, [[ओंटेरियो|ओंटारियो]] में रहती हैं जहाँ वे एक बास्केटबॉल प्रशिक्षण जिम के मालिक हैं। == पुरस्कार == * 2009 मैसाचुसेट्स गेटोरेड प्लेयर ऑफ द ईयर * वेस्टर्न मैसाचुसेट्स प्लेयर ऑफ द ईयर * ''बोस्टन ग्लोब'' ऑल-ड्रीम टीम * मैसाचुसेट्स स्कोरिंग * ईएसपीएन हाई स्कूल नेशनल ऑनर रोल * अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करके स्नातक की उपाधि प्राप्त की। * सी-यूएसए कमिश्नर की सम्मान सूची (2010, 2011, 2012) * टाइगर 3.0 क्लब (2009, 2010, 2011, शरद ऋतु 2012) * डीन की सूची (शरद ऋतु 2009, शरद ऋतु 2011, शरद ऋतु 2012) * सी-यूएसए अकादमिक मेडलिस्ट (2010) * सी-यूएसए ऑल-एकेडमिक टीम (2013) == ईद - उल - फितर == 2009 में अब्दुल-कादिर को राष्ट्रपति [[बराक ओबामा]] द्वारा [[ईद उल-फ़ित्र|ईद-उल-फितर के]] अवसर पर व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया गया था। राष्ट्रपति ने अब्दुल-कादिर के बारे में बात की कि वह कितनी प्रेरणादायक थीं, क्योंकि वह एक मेधावी छात्रा होने के साथ-साथ एक एथलीट भी थीं, और वह न केवल मुस्लिम लड़कियों के लिए बल्कि आज दुनिया में हर किसी के लिए प्रेरणा थीं। उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि वह उनके साथ एक-एक का खेल खेलना चाहते हैं। <ref>{{Cite web|url=http://www.commercialappeal.com/news/2009/sep/01/lady-tigers-bilqis-abdul-qaadir-joins-president-ob/|title=Lady Tigers' Bilqis Abdul-Qaadir joins Obama for Ramadan feast|last=Sullivan|first=Bartholomew|website=commercialappeal.com|publisher=The E.W. Scripps Co.|access-date=8 April 2013}}</ref> == व्हाइट हाउस में बंद कमरे में हुई बैठक == 4 फरवरी, 2015 को अब्दुल-कादिर उन 14 [[संयुक्त राज्य अमेरिका में इस्लाम|अमेरिकी मुसलमानों]] में से एक थे जिन्हें व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति [[बराक ओबामा]] के साथ एक बंद कमरे में बैठक के लिए आमंत्रित किया गया था। == इन्हें भी देखें == * [[क़ुरआन में महिलाओं का ज़िक्र]] * [[इस्लाम और महिलाएँ]] * [[इस्लाम और महिलाएँ|इस्लाम और]] [[विज्ञान और प्रौद्योगिकी में मुस्लिम महिलाएं|विज्ञान]] * [[विज्ञान और प्रौद्योगिकी में मुस्लिम महिलाएं]] == संदर्भ == [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:1990 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:Articles with hCards]] [[श्रेणी:अमेरिका के मुसलमान]] [[श्रेणी:बास्केटबॉल]] [[श्रेणी:खिलाड़ी]] [[श्रेणी:महिला खिलाड़ी]] [[श्रेणी:हिजाब]] iaisy03v3oanfdnhrs04jtanmgmufem एरवान ले पेचोक्स 0 1616058 6582869 2026-07-15T10:13:04Z Umarkairanvi 13754 "[[:en:Special:Redirect/revision/1363322243|Erwann Le Péchoux]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582869 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Erwann Le Pechoux Master de fleuret 2014 t203411.jpg|अंगूठाकार]] '''एरवान ले पेचॉक्स''' (जन्म: 13 जनवरी 1982) फ्रांसीसी बाएं हाथ के फॉइल [[तलवारबाजी|फेंसिंग खिलाड़ी]] (तलवारबाज) हैं। <ref>{{Cite web|url=http://fie.org/athletes/2908|title=LE PECHOUX Erwann|website=International Fencing Federation|access-date=11 August 2021}}</ref> ले पेचॉक्स चार बार के यूरोपीय टीम चैंपियन और चार बार के विश्व टीम चैंपियन हैं। पांच बार के [[ओलम्पिक खेल|ओलंपियन]], ले पेचॉक्स 2016 के ओलंपिक टीम रजत पदक विजेता और 2021 के ओलंपिक टीम चैंपियन हैं। ले पेचॉक्स ने [[2004 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक|2004 एथेंस ओलंपिक खेल]], [[2008 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक|2008 बीजिंग ओलंपिक खेल]], [[2012 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक|2012 लंदन ओलंपिक खेल]], [[2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक|2016 रियो डी जनेरियो ओलंपिक खेल]] और [[2020 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक|2021 टोक्यो ओलंपिक खेलों]] में भाग लिया। == निजी जीवन == ले पेचॉक्स का विवाह मुसलमान ट्यूनीशियाई फ़ॉइल फेंसिंग खिलाड़ी [[:en:Inès Boubakri|इनेस बौबाकरी]] से हुआ है। <ref>{{Cite web|url=http://pianetascherma.com/2014/08/02/matrimonio-le-pecohoux-boubakri/|title=Due cuori e un fioretto|date=2 August 2014|website=Pianeta Scherma|language=it}}</ref> चूंकि सितंबर 2017 तक [[तूनिसीया|ट्यूनीशिया]] में मुस्लिम महिलाओं को गैर-मुस्लिम पुरुषों से शादी करने की मनाही थी इसलिए उन्होंने उससे शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपना लिया। <ref>{{Cite AV media|url=https://www.youtube.com/watch?v=lOqZktEQyQ8|title=Ines and Erwann: Together Against Every Prejudice|last=Erwann Le Péchoux and Inès Boubakri|archive-url=https://ghostarchive.org/varchive/youtube/20211205/lOqZktEQyQ8|archive-date=5 December 2021}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.france24.com/en/20170914-tunisia-ends-ban-muslim-women-marrying-non-muslims|title=Tunisia ends ban on Muslim women marrying non-Muslims|date=14 September 2017|work=France 24}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[बिल्क़ीस अब्दुल-क़ादिर]] * [[ब्रूनो अब्दुल हक़ गाइडरडोनी]] * [[मरियम पेट्रोनिन]] * [[मरियम पौगेटौक्स]] == संदर्भ == [[श्रेणी:2020 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के पदक विजेता]] [[श्रेणी:इस्लाम में परिवर्तित लोगों की सूची]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:1982 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:तलवारबाज]] [[श्रेणी:खिलाड़ी]] [[श्रेणी:फ्रांस के लोग]] [[श्रेणी:फ्रांस के मुसलमान]] tqixzstjj6pkeepeai43coso44c9e7u इनेस बौबाकरी 0 1616059 6582877 2026-07-15T10:31:37Z Umarkairanvi 13754 "[[:en:Special:Redirect/revision/1363323531|Inès Boubakri]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582877 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Ines Boubakri 2014 Saint-Maur WC t103057.jpg|अंगूठाकार|इनेस बौबाकरी]] '''इनेस बौबाकरी''' (जन्म: 28 दिसंबर 1988) ट्यूनीशिया की फ़ॉइल फ़ेंसर (तलवारबाज़) हैं। वह चार बार ओलंपियन रही है,<ref name="london2012">{{Cite web|url=http://www.london2012.com/athlete/boubakri-ines-1044796/|title=Ines Boubakri|website=London 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20130402104117/http://www.london2012.com/athlete/boubakri-ines-1044796/|archive-date=2 April 2013|access-date=9 January 2013}}</ref> जिन्होंने [[2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक]] में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था<ref>{{Cite web|url=https://www.rio2016.com/en/athlete/ines-boubakri|title=Boubakri, Ines|website=rio2016.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20161126020220/https://www.rio2016.com/en/athlete/ines-boubakri|archive-date=26 November 2016|access-date=25 October 2016}}</ref>और वह हेड कोच यान डेटिएन के अंडर फ्रांस में 'एसोसिएशन स्पोर्टिव डी बॉर्ग-ला-रेन' की सदस्य हैं।<ref name="london2012" /> उन्होंने [[2020 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक|2020 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] में महिलाओं की व्यक्तिगत फ़ॉइल स्पर्धा में भाग लिया। <ref>{{Cite web|url=https://olympics.com/tokyo-2020/olympic-games/en/results/fencing/athlete-profile-n1436400-boubakri-ines.htm|title=Fencing BOUBAKRI Ines|website=Tokyo 2020 Olympics|publisher=[[Tokyo Organising Committee of the Olympic and Paralympic Games]]|language=en-us|archive-url=https://web.archive.org/web/20210726070617/https://olympics.com/tokyo-2020/olympic-games/en/results/fencing/athlete-profile-n1436400-boubakri-ines.htm|archive-date=2021-07-26|access-date=2021-08-17}}</ref> 2014 में बौबाकरी ने फ्रांसीसी फेंसिंग खिलाड़ी [[एरवान ले पेचोक्स|एरवान ले पेचॉक्स]] से शादी की <ref>{{Cite web|url=http://pianetascherma.com/2014/08/02/matrimonio-le-pecohoux-boubakri/|title=Il fiorettista francese Erwann Le Pechoux ha sposato oggi la collega tunisina Ines Boubakri, bronzo mondiale a Kazan|date=2 August 2014|publisher=Pianeta Scherma}}</ref> जिन्होंने [[2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक|2016 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] में भी पदक जीता था। <ref>{{Cite web|url=http://www.rfi.fr/sports/20160813-jo-2016-ines-boubakri-erwan-le-pechoux-couple-olympique|title=Olympic Pair|website=rfi.fr|access-date=25 October 2016}}</ref> चूंकि सितंबर 2017 तक [[तूनिसीया|ट्यूनीशिया]] में मुस्लिम महिलाओं को गैर-मुस्लिम पुरुषों से शादी करने की मनाही थी इसलिए उन्होंने उससे शादी करने के लिए [[इस्लाम धर्म]] अपना लिया। <ref>{{Cite AV media|url=https://www.youtube.com/watch?v=lOqZktEQyQ8|title=Ines and Erwann: Together Against Every Prejudice|last=Erwann Le Péchoux and Inès Boubakri|archive-url=https://ghostarchive.org/varchive/youtube/20211205/lOqZktEQyQ8|archive-date=5 December 2021}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.france24.com/en/20170914-tunisia-ends-ban-muslim-women-marrying-non-muslims|title=Tunisia ends ban on Muslim women marrying non-Muslims|date=14 September 2017|work=France 24}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[एरवान ले पेचोक्स]] * [[बिल्क़ीस अब्दुल-क़ादिर]] * [[ब्रूनो अब्दुल हक़ गाइडरडोनी]] * [[मरियम पेट्रोनिन]] * [[मरियम पौगेटौक्स]] == संदर्भ == [[श्रेणी:1988 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:ट्यूनीशिया के मुसलमान]] [[श्रेणी:खिलाड़ी]] [[श्रेणी:तलवारबाज]] [[श्रेणी:महिला खिलाड़ी]] 4glqwjh2osjtir79c239wjuemacu2sk एलिना ज़ागिटोवा 0 1616060 6582886 2026-07-15T10:48:31Z Umarkairanvi 13754 "[[:en:Special:Redirect/revision/1363201153|Alina Zagitova]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया 6582886 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Alina Zagitova, Team Tutberidze Show.png|अंगूठाकार|अलिना ज़ागितोवा]] '''अलिना इल्नाज़ोव्ना ज़ागिटोवा''': (जन्म: 18 मई 2002) [[रूस]] की एक पूर्व प्रतिस्पर्धी [[फिगर स्केटिंग]] हैं। वह 2018 [[ओलंपिक]] चैंपियन, 2019 वर्ल्ड चैंपियन, 2018 यूरोपियन चैंपियन, 2017–18 ग्रांड प्रिक्स फाइनल चैंपियन और 2018 रूसी नेशनल चैंपियन हैं। उन्होंने 2018 विंटर ओलंपिक में टीम इवेंट में सिल्वर मेडल भी जीता। अपने करियर की शुरुआत में, उन्होंने 2017 वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप और 2016–17 जूनियर ग्रांड प्रिक्स फाइनल में गोल्ड मेडल जीता था। जूनियर और सीनियर स्तर पर सभी प्रमुख इंटरनेशनल स्केटिंग यूनियन (आईएसयू) चैंपियनशिप खिताब जीतने वाली ज़ागिटोवा, [[किम यू ना|युना किम]] के बाद सुपर स्लैम पूरा करने वाली सबसे कम उम्र की और दूसरी महिला एकल स्केटिंग खिलाड़ी हैं। तारा लिपिंस्की के बाद, वह महिला एकल स्केटिंग में दूसरी सबसे कम उम्र की ओलंपिक चैंपियन हैं। उनके नाम महिला लघु कार्यक्रम में ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड स्कोर है। वह अपने कार्यक्रमों को दूसरे चरण में पूरा करने के लिए जानी जाती थीं, जिसका अर्थ है कि वह सभी जंप दूसरे भाग में करती थीं ताकि जंप के मूल मूल्य पर बोनस प्राप्त कर सकें। इसके चलते आईएसयू ने एक नियम लागू किया जिसके तहत मूल मूल्य बोनस प्राप्त करने वाली जंप की संख्या सीमित कर दी गई, जिसे अनौपचारिक रूप से " ज़ागिटोवा नियम " के नाम से जाना जाता है। 2019-20 सीज़न के दौरान, ज़ागिटोवा ने घोषणा की कि वह प्रतिस्पर्धी फिगर स्केटिंग से विराम ले रही हैं, और 2025 तक उन्होंने प्रतियोगिता में वापसी नहीं की है। तब से, उन्होंने चैनल वन रूस के शो ''<nowiki/>'आइस एज''' के कई सीज़न की सह-मेजबानी की है और रूसी फिगर स्केटिंग प्रतियोगिताओं में कमेंट्री और साक्षात्कार किए हैं। == प्रारंभिक जीवन == ज़ागिटोवा का जन्म 18 मई 2002 को इज़ेव्स्क, [[उदमूर्तिया|उडमूर्तिया]] में हुआ था। वह लेयसान और इलनाज़ ज़ागिटोव ( [[:ru:Загитов, Ильназ Насихович|रूसी]] ) की बेटी हैं, दोनों वोल्गा तातार हैं । <ref>{{Cite web|url=https://sport24.ru/news/figureskating/2020-07-31-roditeli-aliny-zagitovoy-kak-vyglyadyat-chem-zanimayutsya-foto|title=Как выглядят родители Алины Загитовой: Ильназ — хоккеист и тренер, Лейсан — бизнесвумен|date=30 July 2020|website=Sport24|language=ru|trans-title=What Alina Zagitova's parents look like: Ilnaz is a hockey player and coach, Leysan is a businesswoman|access-date=18 May 2025}}</ref> इलनाज़ ज़ागिटोव [[तातारस्तान]] के एक [[आइस हॉकी]] कोच हैं। ज़ागिटोवा [[तातार भाषा]] समझती हैं लेकिन बोलती नहीं हैं। <ref name="sportgazette">{{Cite web|url=https://sport.business-gazeta.ru/article/206708|title=Россия может побеждать и без Медведевой, когда есть татарская красавица Загитова|date=10 December 2017|website=Business Online Sport|language=ru|trans-title=Russia can win even without Medvedeva, when there is Tatar beauty Zagitova|archive-url=https://web.archive.org/web/20241207081449/https://sport.business-gazeta.ru/article/206708|archive-date=7 December 2024|access-date=6 December 2024}}</ref> [[चित्र:Vladimir_Putin_and_Alina_Zagitova_(2018-02-28).jpg|दाएँ|अंगूठाकार|ज़ागिटोवा को 2018 में रूसी राष्ट्रपति [[व्लादिमीर पुतिन]] से ऑर्डर ऑफ फ्रेंडशिप प्राप्त करते हुए।]] ज़ागिटोवा के पास मासारू नाम का एक [[अकिता इनु|अकिता]] कुत्ता है, जो उन्हें [[2018 शीतकालीन ओलम्पिक|2018 प्योंगचांग ओलंपिक]] के बाद एक जापानी ब्रीडर ने उपहार में दिया था। <ref>{{Cite news|url=https://www.japantimes.co.jp/sports/2018/05/26/figure-skating/akita-group-gives-puppy-olympic-champion-skater-alina-zagitova/|title=Akita group gives puppy to Olympic champion skater Alina Zagitova|date=26 May 2018|work=[[The Japan Times]]|access-date=5 June 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190331183857/https://www.japantimes.co.jp/sports/2018/05/26/figure-skating/akita-group-gives-puppy-olympic-champion-skater-alina-zagitova/|archive-date=31 March 2019|language=en-US|issn=0447-5763}}</ref> उनके पास बिल्लियों और एक [[चिंचिला]] सहित कई अन्य पालतू जानवर भी रहे हैं। वह [[मुसलमान|मुस्लिम]] हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.sports.ru/figure-skating/1065433754.html|title=Загитова – на Сабантуе: "Очень горжусь тем, что я мусульманка"|last=Velichko|first=Maria|date=21 July 2018|website=Sports.ru|language=ru|trans-title=Zagitova – on Sabantui: "I am very proud that I am a Muslim"|archive-url=https://web.archive.org/web/20180722120231/https://www.sports.ru/figure-skating/1065433754.html|archive-date=22 July 2018|access-date=24 June 2020}}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[इनेस बौबाकरी]] * [[एरवान ले पेचोक्स]] * [[बिल्क़ीस अब्दुल-क़ादिर]] * [[ब्रूनो अब्दुल हक़ गाइडरडोनी]] == संदर्भ == [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:2002 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:सीएस1 रूसी-भाषा स्रोत (ru)]] [[श्रेणी:रूस के लोग]] [[श्रेणी:रूस के मुसलमान]] [[श्रेणी:खिलाड़ी]] [[श्रेणी:महिला खिलाड़ी]] [[श्रेणी:ओलंपिक पदक विजेता]] [[श्रेणी:ओलंपिक खिलाड़ी]] 5a26xp3l853s8ttu8kakpmorjmvr0hs