विक्षनरी hiwiktionary https://hi.wiktionary.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.47.0-wmf.1 case-sensitive मीडिया विशेष वार्ता सदस्य सदस्य वार्ता विक्षनरी विक्षनरी वार्ता चित्र चित्र वार्ता मीडियाविकि मीडियाविकि वार्ता साँचा साँचा वार्ता सहायता सहायता वार्ता श्रेणी श्रेणी वार्ता TimedText TimedText talk मॉड्यूल मॉड्यूल वार्ता Event Event talk བོད་སྐད 0 4111 487234 460607 2026-05-06T05:17:23Z Apisite 12314 Apisite ने पृष्ठ [[བོད་སྐད་]] को [[བོད་སྐད]] पर स्थानांतरित किया 460607 wikitext text/x-wiki {{-bo-}} {{-noun-}} * [[तिब्बती]] ek0z9aucu5wuvk47jetzfhxkk1z64gv 0 276177 487232 471493 2026-05-05T16:45:48Z क्शत्रिय 21151 सही जानकारी दी मैंने डार्क रिसर्च करके। 487232 wikitext text/x-wiki {{हिन्दी वर्णमाला}} {{देवनागरी वर्ण सूचना|hex=0905|name=देवनागरी अक्षर '''ष'''|image=[[चित्र:Devanagari ʂ ष.gif |100px]]}} = {{हिन्दी}} = ==उच्चारण== {{audio|hi|Sa-ष.ogg }} == प्रकाशितकोशों से अर्थ == === शब्दसागर === ष संस्कृत या हिंदी वर्णमाला के व्यंजन वर्णों में २७ वाँ वर्ण या अक्षर । इसका उच्चारणस्थान मूर्धा है । इससे यह मूर्धंन्य वर्णों में कहा गया है । इसका प्रयोग केवल संस्कृत के शब्दों में होता है और उच्चारण दो प्रकार से होता है । कुछ लोग 'श' के समान इसका उच्घारण करते हैं। अनेक धातुएँ जो तालव्य 'श' से आरंभ हैं वे संस्कृत धातुपाठ में मूर्धन्य 'ष' से लिखी गई हैं इस अक्षर का परिवर्तन अधिकतर 'श', और 'ष' के रूप में होता है । एक तरह से इसका शुद्ध उच्चारण 'ऋ' की तरह, लुप्तप्राय है । व्रज और अवधी में यह 'रि' लिखा जाता है । ष ^१ संज्ञा पुं॰ <br><br>१. विद्वान् पुरुष । आचार्य । <br><br>२. कुच । चूचुक । <br><br>३. नाश । <br><br>४. शेष । बाका । <br><br>५. प्राप्त ज्ञान का क्षय । <br><br>६. मुक्ति । मोक्ष । <br><br>७. स्वर्ग । <br><br>८. अंत । समाप्ति । अवधि । <br><br>९. गर्भ । <br><br>१०. धैर्य । सहिष्णुता । <br><br>११. निद्रा । नींद (को॰) । <br><br>१२. कच । केश । बाल (को॰) । <br><br>१३. गर्भविमाचन (को॰) । ष ^२ वि॰ <br><br>१. बहुत अच्छा । उत्तम । श्रेष्ठ । <br><br>२. विद्वान् (को॰) । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] dmrjh3k9wf172rzhgiahxgyo8g2hiko 487233 487232 2026-05-05T16:52:25Z क्शत्रिय 21151 ३१ वाँ व्यंजन है 487233 wikitext text/x-wiki {{हिन्दी वर्णमाला}} {{देवनागरी वर्ण सूचना|hex=0905|name=देवनागरी अक्षर '''ष'''|image=[[चित्र:Devanagari ʂ ष.gif |100px]]}} = {{हिन्दी}} = ==उच्चारण== {{audio|hi|Sa-ष.ogg }} == प्रकाशितकोशों से अर्थ == === शब्दसागर === ष संस्कृत या हिंदी वर्णमाला के व्यंजन वर्णों में ३१ वाँ वर्ण या अक्षर । इसका उच्चारणस्थान मूर्धा है । इससे यह मूर्धंन्य वर्णों में कहा गया है । इसका प्रयोग केवल संस्कृत के शब्दों में होता है और उच्चारण दो प्रकार से होता है । कुछ लोग 'श' के समान इसका उच्घारण करते हैं। अनेक धातुएँ जो तालव्य 'श' से आरंभ हैं वे संस्कृत धातुपाठ में मूर्धन्य 'ष' से लिखी गई हैं इस अक्षर का परिवर्तन अधिकतर 'श', और 'ष' के रूप में होता है । एक तरह से इसका शुद्ध उच्चारण 'ऋ' की तरह, लुप्तप्राय है । व्रज और अवधी में यह 'रि' लिखा जाता है । ष ^१ संज्ञा पुं॰ <br><br>१. विद्वान् पुरुष । आचार्य । <br><br>२. कुच । चूचुक । <br><br>३. नाश । <br><br>४. शेष । बाका । <br><br>५. प्राप्त ज्ञान का क्षय । <br><br>६. मुक्ति । मोक्ष । <br><br>७. स्वर्ग । <br><br>८. अंत । समाप्ति । अवधि । <br><br>९. गर्भ । <br><br>१०. धैर्य । सहिष्णुता । <br><br>११. निद्रा । नींद (को॰) । <br><br>१२. कच । केश । बाल (को॰) । <br><br>१३. गर्भविमाचन (को॰) । ष ^२ वि॰ <br><br>१. बहुत अच्छा । उत्तम । श्रेष्ठ । <br><br>२. विद्वान् (को॰) । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] 8v5jj58xjhehk7ph3sxistu73klexs4 བོད་སྐད་ 0 306766 487235 2026-05-06T05:17:23Z Apisite 12314 Apisite ने पृष्ठ [[བོད་སྐད་]] को [[བོད་སྐད]] पर स्थानांतरित किया 487235 wikitext text/x-wiki #पुनर्प्रेषित [[བོད་སྐད]] m7lmo8g5tjtjoposk55yn2lvizn87aa