विकिपीडिया anpwiki https://anp.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.47.0-wmf.16 first-letter मीडिया विशेष वार्ता यूजर यूजर वार्ता विकिपीडिया विकिपीडिया वार्ता फाईल फाईल वार्ता मीडियाविकि मीडियाविकि वार्ता साँचा साँचा वार्ता मदद मदद वार्ता श्रेणी श्रेणी वार्ता TimedText TimedText talk मोड्यूल मोड्यूल वार्ता Event Event talk अकबर 0 266 23130 18983 2026-08-25T18:11:33Z InternetArchiveBot 123 Add 5 books for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23130 wikitext text/x-wiki {{निर्वाचित लेख }} {{ज्ञानसन्दूक शासक | नाम = जलाल-उद्दीन मोहम्मद अकबर <br /> جلال الدین محمد اکبر | उपाधि = अकबर | चित्र = [[फाईल:Portrait of Akbar by Manohar.jpg|200px|अकबर]] | समय = [[२७ जनवरी]], [[१५५६]] - [[२९ अक्तूबर]] [[१६०५]]<ref name="South"/><ref name="date"/> [[१५५६]]–[[१६०५]] | राज्याभिषेक = [[१४ फरवरी]] [[१५५६]] | पूर्वाधिकारी = [[हेमू]] | उत्तराधिकारी = [[जहाँगीर]] | राजघराना = [[तिमुर]] | वंश =[[मुग़ल]] | पिता = [[हुमायूँ]] | माता = [[हमीदा बानो|नवाब हमीदा बानो बेगम साहिबा]] | पत्नी 1 = [[रुक़ाइय्या बेगम|रुक़ाइय्याबेगम बेगम सहिबा]], [[सलीमा सुल्तान|सलीमा सुल्तान बेगम सहिबा]] और [[मरियम उज़-ज़मानी|मारियाम उज़-ज़मानि बेगम सहिबा]] | जन्म तिथि = [[१५ अक्तूबर]] [[१५४२]] | जन्म स्थान = उमरकोट किला, सिंध | मृत्यु तिथि = [[२७ अक्टूबर]] [[१६०५]] | मृत्यु स्थान = [[फतेहपुर सीकरी]], [[आगरा]] | दफ़नाने की जगह = बिहिस्ताबाद सिकन्दरा, आगरा |}} '''जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर''' ({{भाषा-उर्दू|جلال الدین محمد اکبر}}) ([[१५ अक्तूबर]], [[१५४२]]-[[२७ अक्तूबर]], [[१६०५]])<ref name="अकबर महान"/> [[तैमूर लंग|तैमूरी वंशावली]] केरऽ [[मुगल]] वंशऽ के तेसरऽ शासक रहै।<ref>{{Cite web|url=http://www.newworldencyclopedia.org/entry/Timurid_Dynasty |title=तिमुरिड डायनेस्टी |publisher=न्यू वर्ल्ड एन्साइक्लोपीडिया |date= |accessdate=१८ जुलाई २००९}}</ref> अकबर को अकबर-ऐ-आज़म (अर्थात अकबर महान), शहंशाह अकबर, महाबली शहंशाह के नाम से भी जाना जाता है।<ref name="South">{{Citeweb|accessdate=2008-05-23|url=http://www.the-south-asian.com/Dec2000/Akbar.htm|title=अकबर|publisher=द साउथ एशियन }}</ref><ref name="date">[https://web.archive.org/web/20090801034114/http://www.oriold.uzh.ch/static/hegira.html कन्वर्ज़न ऑफ इस्लामिक एण्ड क्रिश्चियन डेट्स (डुअल)] अंतरण करने वाले के अनुसार बादशाह अकबर की जन्म तिथि ''हुमायुंनामा'' के अनुसार, [[रज्जब]] के चौथे दिन, ९४९ हिज़री, तदनुसार १४ अक्टूबर १५४२ को थी।</ref><ref name="Biography">{{Citeweb|accessdate=२३ मई २००८|url=http://www.bookrags.com/biography/jalal-ud-din-mohammed-akbar/|title=जलाल-उद-दीन मोहम्मद अकबर बायोग्राफ़ी |publisher=बुकरैग्स}}</ref> सम्राट अकबर [[मुगल]] साम्राज्य के संस्थापक [[बाबर|जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर]] का पौत्र और [[हुमायुं|नासिरुद्दीन हुमायूं]] एवं [[हमीदा बानो]] का पुत्र था। बाबर का वंश [[तैमूर]] और [[मंगोल]] नेता [[चंगेज खां]] से संबंधित था अर्थात उसके वंशज [[तैमूर लंग]] के खानदान से थे और मातृपक्ष का संबंध [[चंगेज खां]] से था।<ref name="अकबर महान">{{Cite book|author=Fazl, Abul|title=अकबर महान|publisher=मनोज पब्लिकेशन|year=अप्रैल ०२, २००५|page=100 |ISBN=3982|}}</ref> अकबर के शासन के अंत तक [[१६०५]] में [[मुगल साम्राज्य]] में [[उत्तर भारत|उत्तरी]] और [[मध्य भारत]] के अधिकाश भाग सम्मिलित थे और उस समय के सर्वाधिक शक्तिशाली साम्राज्यों में से एक था।<ref>{{Cite web|url=http://www.writespirit.net/authors/akbar|title=एक्स्टैण्ट ऑफ एम्पायर }}</ref> [[बादशाह|बादशाहों]] में अकबर ही एक ऐसा बादशाह था, जिसे [[हिन्दू]] [[मुस्लिम]] दोनों वर्गों का बराबर प्यार और सम्मान मिला। उसने हिन्दू-मुस्लिम संप्रदायों के बीच की दूरियां कम करने के लिए [[दीन-ए-इलाही]] नामक धर्म की स्थापना की।<ref name="अकबर महान"/> उसका दरबार सबके लिए हर समय खुला रहता था। उसके दरबार में मुस्लिम सरदारों की अपेक्षा हिन्दू सरदार अधिक थे। अकबर ने हिन्दुओं पर लगने वाला [[जज़िया]] ही नहीं समाप्त किया, बल्कि ऐसे अनेक कार्य किए जिनके कारण हिन्दू और मुस्लिम दोनों उसके प्रशंसक बने।<ref>{{Cite web|url=http://pustak.org/bs/home.php?bookid=3982|title=अकबर महान|accessmonthday=[[१४ फरवरी]]|accessyear=[[२००९]]|format=पीएचपी|publisher=भारतीय साहित्य संग्रह|language=हिन्दी|access-date=2015-10-07|archive-date=2010-08-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20100814095147/http://pustak.org/bs/home.php?bookid=3982}}</ref> अकबर मात्र तेरह वर्ष की आयु में अपने पिता [[हुमायुं|नसीरुद्दीन मुहम्मद हुमायुं]] की मृत्यु उपरांत [[दिल्ली]] की राजगद्दी पर बैठा था।<ref name=bolo>{{Cite web|accessdate=2008-05-23|url=http://www.boloji.com/history/022.htm|title=द नाइन जेम्स ऑफ अकबर|publisher=बोलोजी|archive-date=2010-01-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20100114183721/http://boloji.com/history/022.htm}}</ref> अपने शासन काल में उसने शक्तिशाली पश्तून वंशज [[शेरशाह सूरी]] के आक्रमण बिल्कुल बंद करवा दिये थे, साथ ही [[पानीपत का द्वितीय युद्ध|पानीपत के द्वितीय युद्ध]] में नवघोषित हिन्दू राजा [[हेमचंद्र विक्रमादित्य|हेमू]] को पराजित किया था।<ref name="AknamaVolII">{{Cite book|author=फ़ज़्ल, अबुल|title=अकबरनामा, खण्ड २ }}</ref><ref name="avasthy">{{Cite book|title=द लाइफ़ एण्ड टाइम्स ऑफ हुमायुं |author=प्रसाद, ईश्वरी|year=१९७०|url=http://scholar.google.com/scholar?q=Ishwari%20Prasad%20life%20and%20times%20of%20humayun&hl=en&lr=&oi=scholart}}</ref> अपने साम्राज्य के गठन करने और उत्तरी और मध्य भारत के सभी क्षेत्रों को एकछत्र अधिकार में लाने में अकबर को दो दशक लग गये थे। उसका प्रभाव लगभग पूरे [[भारतीय उपमहाद्वीप]] पर था और इस क्षेत्र के एक बड़े भूभाग पर सम्राट के रूप में उसने शासन किया। सम्राट के रूप में अकबर ने शक्तिशाली और बहुल हिन्दू राजपूत राजाओं से राजनयिक संबंध बनाये और उनके यहाँ विवाह भी किये।<ref name="AknamaVolII" /><ref>{{Cite web|accessdate=2008-05-30|url=http://www.encyclopedia.com/doc/1E1-Akbar.html|title=अकबर|publisher=कोलंबिया विश्वकोश|year=२००८}}</ref> अकबर के शासन का प्रभाव देश की कला एवं संस्कृति पर भी पड़ा।<ref name="Art">{{Cite journal|author=Maurice S. Dimand|year=1953|title=मुगल पेंटिग अण्डर अकबर द ग्रेट |journal=द मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ आर्ट बुलेटिन |volume=१२|issue=२ |pages=४६-५१|url=http://www.jstor.org/stable/3257529 |doi= }}</ref> उसने चित्रकारी आदि ललित कलाओं में काफ़ी रुचि दिखाई और उसके प्रासाद की भित्तियाँ सुंदर चित्रों व नमूनों से भरी पड़ी थीं। [[मुगल चित्रकारी]] का विकास करने के साथ साथ ही उसने यूरोपीय शैली का भी स्वागत किया। उसे साहित्य में भी रुचि थी और उसने अनेक [[संस्कृत]] [[पाण्डुलिपि|पाण्डुलिपियों]] व ग्रन्थों का [[फारसी]] में तथा फारसी ग्रन्थों का संस्कृत व [[हिन्दी]] में अनुवाद भी करवाया था। अनेक फारसी संस्कृति से जुड़े चित्रों को अपने दरबार की दीवारों पर भी बनवाया।<ref name="Art"/> अपने आरंभिक शासन काल में अकबर की हिन्दुओं के प्रति सहिष्णुता नहीं थी, किन्तु समय के साथ-साथ उसने अपने आप को बदला और हिन्दुओं सहित अन्य धर्मों में बहुत रुचि दिखायी। उसने हिन्दू राजपूत राजकुमारियों से वैवाहिक संबंध भी बनाये।<ref name="habib">{{Harvnb|Habib|1997|p=84}}</ref><ref name="abdullah">{{Cite book|author=[[w:Sanjay Subrahmanyam|सुब्रह्मण्यम, संजय]]|year=२००५|publisher=[[ऑक्स्फोर्ड विश्वविद्यालय प्रेस]] |isbn=9780195668667|title=मुगल्स एण्ड फ़्रैंक्स|url=https://archive.org/details/mughalsfranks0000subr|page=५५}}</ref><ref name="religion4">{{Harvnb|Habib|1997|p=85}}</ref> अकबर के दरबार में अनेक हिन्दू दरबारी, सैन्य अधिकारी व सामंत थे। उसने धार्मिक चर्चाओं व वाद-विवाद कार्यक्रमों की अनोखी शृंखला आरंभ की थी, जिसमें मुस्लिम आलिम लोगों की जैन, [[सिख]], हिन्दु, चार्वाक, नास्तिक, [[यहूदी]], [[पुर्तगाली]] एवं कैथोलिक [[ईसाई]] धर्मशस्त्रियों से चर्चाएं हुआ करती थीं। उसके मन में इन धार्मिक नेताओं के प्रति आदर भाव था, जिसपर उसकी निजि धार्मिक भावनाओं का किंचित भी प्रभाव नहीं पड़ता था।<ref name="Hasan 2007 73">{{Harvnb|Hasan|2007|p=73}}</ref> उसने आगे चलकर एक नये धर्म [[दीन-ए-इलाही]] की भी स्थापना की, जिसमें विश्व के सभी प्रधान धर्मों की नीतियों व शिक्षाओं का समावेश था। दुर्भाग्यवश ये धर्म अकबर की मृत्यु के साथ ही समाप्त होता चला गया।<ref name="AknamaVolII" /><ref name="AknamaVolIII">{{Cite book|author=फ़ज़्ल, अबुल|title=अकबरनामा खण्ड-३ }}</ref> इतने बड़े सम्राट की मृत्यु होने पर उसकी अंत्येष्टि बिना किसी संस्कार के जल्दी ही कर दी गयी। परम्परानुसार दुर्ग में दीवार तोड़कर एक मार्ग बनवाया गया तथा उसका शव चुपचाप [[सिकंदरा]] के मकबरे में दफना दिया गया।<ref>अकबर दी ग्रेट। स्मिथ, विंसेट। पृ.२३६</ref><ref>[http://sdelectgy.jagranjunction.com/2010/06/29/%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a5%a7%e0%a5%ae/ कौन कहता है – अकबर महान था ! १८. अगर अकबर से सभी प्रेम करते थे, आदर की दृष्टि से देखते थे तो इस प्रकार शीघ्रतापूर्वक बिना किसी उत्सव के उसे क्यों दफनाया गया ?]। जागरण जंक्शन। श्रीवास्तव, डी.के।</ref> <gallery> {| class="wikitable" |- |- | उदाहरण || उदाहरण || उदाहरण |- | उदाहरण || उदाहरण || उदाहरण |- | उदाहरण || उदाहरण || उदाहरण |} </gallery> == जीवन परिचय == [[फाईल:Akbar1.jpg|thumb|right|150px|अकबर का चित्र]] === नाम === अकबर का जन्म [[पूर्णिमा]] के दिन हुआ था इसलिए उनका नाम बदरुद्दीन मोहम्मद अकबर रखा गया था। ''बद्र'' का अर्थ होता है पूर्ण चंद्रमा और अकबर उनके नाना शेख अली अकबर जामी के नाम से लिया गया था। कहा जाता है कि [[काबुल]] पर विजय मिलने के बाद उनके पिता हुमायूँ ने बुरी नज़र से बचने के लिए अकबर की जन्म तिथि एवं नाम बदल दिए थे।<ref>{{Cite book|page=५७ |author=हॉयलैंड, जे.एस; बैनर्जी एस.एन|title=कमेन्ट्री ऑफ फादर मॉन्सर्रेट, एस.जे: ऑन हिज़ जर्नी टू द कोर्ट ऑफ अकबर, एशियन एड्युकेशनल सर्विसेज़. पब्लिश्ड | year=१९९६ | isbn=८१२०६०८०७०}}</ref> किवदंती यह भी है कि भारत की जनता ने उनके सफल एवं कुशल शासन के लिए अकबर नाम से सम्मानित किया था। अरबी भाषा मे अकबर शब्द का अर्थ "महान" या बड़ा होता है। === आरंभिक जीवन === अकबर का जन्म राजपूत शासक [[राणा अमरसाल]] के महल उमेरकोट, [[सिंध]] (वर्तमान [[पाकिस्तान]]) में [[२३ नवंबर]], [[१५४२]] ([[हिजरी]] अनुसार [[रज्जब]], ९४९ के चौथे दिन) हुआ था। यहां बादशाह हुमायुं अपनी हाल की विवाहिता बेगम [[हमीदा बानो बेगम]] के साथ शरण लिये हुए थे। इस पुत्र का नाम हुमायुं ने एक बार स्वप्न में सुनाई दिये के अनुसार जलालुद्दीन मोहम्मद रखा।<ref name="date"/><ref>[http://www.columbia.edu/itc/mealac/pritchett/00litlinks/gulbadan/part10.html घाग १०: बर्थ ऑफ अकबर] ''हुमायुंनामा'', [[कोलंबिया विश्वविद्यालय]]</ref> बाबर का वंश तैमूर और मंगोल नेता चंगेज खां से था यानि उसके वंशज तैमूर लंग के खानदान से थे और मातृपक्ष का संबंध चंगेज खां से था। इस प्रकार अकबर की धमनियों में एशिया की दो प्रसिद्ध जातियों, [[तुर्क]] और [[मंगोल]] के रक्त का सम्मिश्रण था।<ref name="अकबर महान"/> [[फाईल:Akbar.jpg|thumb|left|लड़कपन में अकबर]] हुमायूँ को पश्तून नेता [[शेरशाह सूरी]] के कारण [[फारस]] में अज्ञातवास बिताना पड़ रहा था।<ref name="Multiple5">{{Cite book|author=बैनर्जी, एस.के|title=हुमायुं बादशाह }}</ref> किन्तु अकबर को वह अपने संग नहीं ले गया वरन [[रीवां]] (वर्तमान [[मध्य प्रदेश]]) के राज्य के एक ग्राम मुकुंदपुर में छोड़ दिया था। अकबर की वहां के राजकुमार [[राम सिंह प्रथम]] से, जो आगे चलकर रीवां का राजा बना, के संग गहरी मित्रता हो गयी थी। ये एक साथ ही पले और बढ़े और आजीवन मित्र रहे। कालांतर में अकबर [[:w:Safavid Empire|सफ़ावी साम्राज्य]] (वर्तमान [[अफ़गानिस्तान]] का भाग) में अपने एक चाचा मिर्ज़ा अस्कारी के यहां रहने लगा। पहले वह कुछ दिनों [[कंधार]] में और फिर [[१५४५]] से [[काबुल]] में रहा। [[हुमायूँ]] की अपने छोटे भाइयों से बराबर ठनी ही रही इसलिये चाचा लोगों के यहाँ अकबर की स्थिति बंदी से कुछ ही अच्छी थी। यद्यपि सभी उसके साथ अच्छा व्यवहार करते थे और शायद दुलार प्यार कुछ ज़्यादा ही होता था। किंतु अकबर पढ़ लिख नहीं सका वह केवल सैन्य शिक्षा ले सका। उसका काफी समय आखेट, दौड़ व द्वंद्व, कुश्ती आदि में बीता, तथा शिक्षा में उसकी रुचि नहीं रही। जब तक अकबर आठ वर्ष का हुआ, जन्म से लेकर अब तक उसके सभी वर्ष भारी अस्थिरता में निकले थे जिसके कारण उसकी शिक्षा-दीक्षा का सही प्रबंध नहीं हो पाया था। अब हुमायूं का ध्यान इस ओर भी गया। लगभग नवम्बर, +--9-9 में उसने अकबर की शिक्षा प्रारंभ करने के लिए काबुल में एक आयोजन किया। किंतु ऐन मौके पर अकबर के खो जाने पर वह समारोह दूसरे दिन सम्पन्न हुआ। मुल्ला जादा मुल्ला असमुद्दीन अब्राहीम को अकबर का शिक्षक नियुक्त किया गया। मगर मुल्ला असमुद्दीन अक्षम सिद्ध हुए। तब यह कार्य पहले मौलाना बामजीद को सौंपा गया, मगर जब उन्हें भी सफलता नहीं मिली तो मौलाना अब्दुल कादिर को यह काम सौंपा गया। मगर कोई भी शिक्षक अकबर को शिक्षित करने में सफल न हुआ। असल में, पढ़ने-लिखने में अकबर की रुचि नहीं थी, उसकी रुचि कबूतर बाजी, घुड़सवारी और कुत्ते पालने में अधिक थी।<ref name="अकबर महान"/> किन्तु ज्ञानोपार्जन में उसकी रुचि सदा से ही थी। कहा जाता है, कि जब वह सोने जाता था, एक व्यक्ति उसे कुछ पढ़ कर सुनाता रह्ता था।<ref name="AknamaVolI">{{Cite book|author=फ़ज़्ल, अबुल|title=अकबरनामा, खण्ड १}}</ref> समय के साथ अकबर एक परिपक्व और समझदार शासक के रूप में उभरा, जिसे कला, स्थापत्य, संगीत और साहित्य में गहरी रुचि रहीं। === राजतिलक === शेरशाह सूरी के पुत्र [[इस्लाम शाह सूरी|इस्लाम शाह]] के उत्तराधिकार के विवादों से उत्पन्न अराजकता का लाभ उठा कर हुमायूँ ने [[१५५५]] में दिल्ली पर पुनः अधिकार कर लिया। इसमें उसकी सेना में एक अच्छा भाग फारसी सहयोगी [[:w:Tahmasp I|ताहमस्प प्रथम]] का रहा। इसके कुछ माह बाद ही ४८ वर्ष की आयु में ही हुमायूँ का आकस्मिक निधन अपने पुस्तकालय की सीढ़ी से भारी नशे की हालात में गिरने के कारण हो गया।<ref>[https://web.archive.org/web/20100923084238/http://islamicart.com/library/empires/india/humayun.html द रेन ऑफ हुमायूँ]। इस्लामिक आर्ट। {{अंग्रेज़ी चिह्न}}</ref><ref>[https://web.archive.org/web/20111007023907/http://www.indiasite.com/delhi/history/humayun.html एम्परर हुमायुं]। इण्डियासाइट.कॉम। अभिगमन तिथि: २६ सिरंबर, २०१०</ref> तब अकबर के संरक्षक [[बैरम खां]] ने साम्राज्य के हित में इस मृत्यु को कुछ समय के लिये छुपाये रखा और अकबर को उत्तराधिकार हेतु तैयार किया। [[१४ फ़रवरी]], [[१५५६]] को अकबर का राजतिलक हुआ। ये सब मुगल साम्राज्य से दिल्ली की गद्दी पर अधिकार की वापसी के लिये [[सिकंदर शाह सूरी]] से चल रहे युद्ध के दौरान ही हुआ। १३ वर्षीय अकबर का [[कलनौर]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] में सुनहरे वस्त्र तथा एक गहरे रंग की पगड़ी में एक नवनिर्मित मंच पर राजतिलक हुआ। ये मंच आज भी बना हुआ है।<ref>{{Cite web|accessdate=३० मई २००८|url=http://punjabgovt.nic.in/government/gurdas1.GIF|title=गुरदास|publisher=पंजाब सरकार]]}}</ref><ref>[https://web.archive.org/web/20050802074716/http://gurdaspur.nic.in/html/profile.htm#history इतिहास] [[गुरुदासपुर जिला]] आधिकारिक जालस्थल.</ref> उसे [[फारसी भाषा]] में सम्राट के लिये शब्द शहंशाह से पुकारा गया। वयस्क होने तक उसका राज्य बैरम खां के संरक्षण में चला।<ref name="hemu">{{Harvnb|चंद्रा|२००७|p=२२६}}</ref><ref>{{Harvnb|स्मिथ|२००२|p=३३७}}</ref> == राज्य का विस्तार == खोये हुए राज्य को पुनः प्राप्त करने के लिये अकबर के पिता [[हुमायूँ]] के अनवरत प्रयत्न अंततः सफल हुए और वह सन्‌ [[१५५५]] में [[हिंदुस्तान]] पहुँच सका किंतु अगले ही वर्ष सन्‌ [[१५५६]] में राजधानी [[दिल्ली]] में उसकी मृत्यु हो गई और [[गुरदासपुर]] के [[कलनौर]] नामक स्थान पर १४ वर्ष की आयु में अकबर का राजतिलक हुआ। अकबर का संरक्षक बैराम खान को नियुक्त किया गया जिसका प्रभाव उस पर [[१५६०]] तक रहा। तत्कालीन [[मुगल]] राज्य केवल [[काबुल]] से [[दिल्ली]] तक ही फैला हुआ था। इसके साथ ही अनेक समस्याएं भी सिर उठाये खड़ी थीं। १५६३ में शम्सुद्दीन अतका खान की हत्या पर उभरा जन आक्रोश, १५६४-६५ के बीच उज़बेक विद्रोह और १५६६-६७ में मिर्ज़ा भाइयों का विद्रोह भी था, किंतु अकबर ने बड़ी कुशलता से इन समस्याओं को हल कर लिया। अपनी कल्पनाशीलता से उसने अपने सामंतों की संख्या बढ़ाई।<ref name="श्रीवास्तव">[http://sdelectgy.jagranjunction.com/2010/06/30/%E0%A4%95%E0%A5%8C%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%95/ कौन कहता है – अकबर महान था ! अकबर – एक परिचय]। जागरण जंक्शन। ३० जून २०१०। श्रीवास्तव, डी.के</ref> इसी बीच १५६६ में महाम अंका नामक उसकी धाय के बनवाये मदरसे (वर्तमान [[पुराना किला, दिल्ली|पुराने किले परिसर]] में) से शहर लौटते हुए अकबर पर तीर से एक जानलेवा हमला हुआ, जिसे अकबर ने अपनी फुर्ती से बचा लिया, हालांकि उसकी बांह में गहरा घाव हुआ। इस घटना के बाद अकबर की प्रशसन शैली में कुछ बदलाव आया जिसके तहत उसने शासन की पूर्ण बागडोर अपने हाथ में ले ली। इसके फौरन बाद ही [[हेमु]] के नेतृत्व में अफगान सेना पुनः संगठित होकर उसके सम्मुख चुनौती बनकर खड़ी थी। अपने शासन के आरंभिक काल में ही अकबर यह समझ गया कि [[सूरी वंश]] को समाप्त किए बिना वह चैन से शासन नहीं कर सकेगा। इसलिए वह [[सूरी वंश]] के सबसे शक्तिशाली शासक [[सिकंदर शाह सूरी]] पर आक्रमण करने [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] चल पड़ा। ;दिल्ली की सत्ता-बदल [[फाईल:अकबर का साम्राज्य.png|thumb|right|250px|अकबर के समय मुग़ल साम्राज्य]] दिल्ली का शासन उसने मुग़ल सेनापति तारदी बैग खान को सौंप दिया। सिकंदर शाह सूरी अकबर के लिए बहुत बड़ा प्रतिरोध साबित नही हुआ। कुछ प्रदेशो मे तो अकबर के पहुंचने से पहले ही उसकी सेना पीछे हट जाती थी। अकबर की अनुपस्थिति मे हेमू विक्रमादित्य ने दिल्ली और [[आगरा]] पर आक्रमण कर विजय प्राप्त की। [[६ अक्तूबर]] [[१५५६]] को हेमु ने स्वयं को भारत का महाराजा घोषित कर दिया। इसी के साथ दिल्ली मे हिंदू राज्य की पुनः स्थापना हुई। ;सत्ता की वापसी दिल्ली की पराजय का समाचार जब अकबर को मिला तो उसने तुरन्त ही बैरम खान से परामर्श कर के दिल्ली की तरफ़ कूच करने का इरादा बना लिया। अकबर के सलाहकारो ने उसे [[काबुल]] की शरण में जाने की सलाह दी। अकबर और हेमु की सेना के बीच [[पानीपत]] मे युद्ध हुआ। यह युद्ध [[पानीपत का द्वितीय युद्ध]] के नाम से प्रसिद्ध है। संख्या में कम होते हुए भी अकबर ने इस युद्ध मे विजय प्राप्त की। इस विजय से अकबर को १५०० हाथी मिले जो मनकोट के हमले में सिकंदर शाह सूरी के विरुद्ध काम आए। [[सिकंदर शाह सूरी]] ने आत्मसमर्पण कर दिया और अकबर ने उसे प्राणदान दे दिया। ;चहुँओर विस्तार <!-- [[फाईल:Jodhbai.jpg|150px|thumb|right|[[अकबर]] की पटरानी- [[जोधाबाई]]]] --> दिल्ली पर पुनः अधिकार जमाने के बाद अकबर ने अपने राज्य का विस्तार करना शुरू किया और [[मालवा]] को [[१५६२]] में, [[गुजरात]] को [[१५७२]] में, [[बंगाल]] को [[१५७४]] में, [[काबुल]] को [[१५८१]] में, [[कश्मीर]] को [[१५८६]] में और [[खानदेश]] को [[१६०१]] में मुग़ल साम्राज्य के अधीन कर लिया। अकबर ने इन राज्यों में एक एक राज्यपाल नियुक्त किया। अकबर यह नही चाहता था की मुग़ल साम्राज्य का केन्द्र [[दिल्ली]] जैसे दूरस्थ शहर में हो; इसलिए उसने यह निर्णय लिया की मुग़ल राजधानी को [[फतेहपुर सीकरी]] ले जाया जाए जो साम्राज्य के मध्य में थी। कुछ ही समय के बाद अकबर को राजधानी फतेहपुर सीकरी से हटानी पड़ी। कहा जाता है कि पानी की कमी इसका प्रमुख कारण था। फतेहपुर सीकरी के बाद अकबर ने एक चलित दरबार बनाया जो कि साम्राज्य भर में घूमता रहता था इस प्रकार साम्राज्य के सभी कोनो पर उचित ध्यान देना सम्भव हुआ। सन [[१५८५]] में उत्तर पश्चिमी राज्य के सुचारू राज पालन के लिए अकबर ने [[लाहौर]] को राजधानी बनाया। अपनी मृत्यु के पूर्व अकबर ने सन [[१५९९]] में वापस आगरा को राजधानी बनाया और अंत तक यहीं से शासन संभाला। == प्रशासन == [[फाईल:Flag of the Mughal Empire.svg|thumb|120px|left|मुगल ध्वज]] सन्‌ १५६० में अकबर ने स्वयं सत्ता संभाल ली और अपने संरक्षक बैरम खां को निकाल बाहर किया। अब अकबर के अपने हाथों में सत्ता थी लेकिन अनेक कठिनाइयाँ भी थीं। जैसे - शम्सुद्दीन अतका खान की हत्या पर उभरा जन आक्रोश (१५६३), [[उज़्बेकिस्तान|उज़बेक विद्रोह]] ([[१५६४]]-[[१५६५|६५]]) और मिर्ज़ा भाइयों का विद्रोह ([[१५६६]]-[[१५६७|६७]]) किंतु अकबर ने बड़ी कुशलता से इन समस्याओं को हल कर लिया। अपनी कल्पनाशीलता से उसने अपने सामंतों की संख्या बढ़ाई। सन्‌ १५६२ में [[आमेर]] के शासक से उसने समझौता किया - इस प्रकार [[राजपूत]] राजा भी उसकी ओर हो गये। इसी प्रकार उसने [[ईरान]] से आने वालों को भी बड़ी सहायता दी। भारतीय मुसलमानों को भी उसने अपने कुशल व्यवहार से अपनी ओर कर लिया। धार्मिक सहिष्णुता का उसने अनोखा परिचय दिया - हिन्दू तीर्थ स्थानों पर लगा कर '''[[जज़िया]]''' हटा लिया गया (सन्‌ [[१५६३]])। इससे पूरे राज्यवासियों को अनुभव हो गया कि वह एक परिवर्तित नीति अपनाने में सक्षम है। इसके अतिरिक्त उसने जबर्दस्ती युद्धबंदियो का धर्म बदलवाना भी बंद करवा दिया। === मुद्रा === [[फाईल:Silver Rupee Akbar.jpg|thumb|तत्कालीन चाँदी की मुद्रा]] अकबर ने अपने शासनकाल में [[ताँबा|ताँबें]], [[चाँदी]] एवं [[सोना|सोनें]] की मुद्राएँ प्रचलित की। इन मुद्राओं के पृष्ठ भाग में सुंदर इस्लामिक छपाई हुआ करती थी। अकबर ने अपने काल की मुद्राओ में कई बदलाव किए। उसने एक खुली टकसाल व्यवस्था की शुरुआत की जिसके अन्दर कोई भी व्यक्ति अगर टकसाल शुल्क देने मे सक्षम था तो वह किसी दूसरी मुद्रा अथवा सोने से अकबर की मुद्रा को परिवर्तित कर सकता था। अकबर चाहता था कि उसके पूरे साम्राज्य में समान मुद्रा चले।<ref name="s&a">श्रीवास्तव एवं आलम ([[२००८]]) | श्रीवास्तव, ए.एल & आलम, मुज़फ़्फ़र ([[२००८]]). ''भारत''. ब्रिटैन्निया विश्वकोश</ref> === राजधानी स्थानांतरण === [[पानीपत का द्वितीय युद्ध]] होने के बाद [[हेमचन्द्र विक्रमादित्य|हेमू]] को मारकर [[दिल्ली]] पर अकबर ने पुनः अधिकार किया। इसके बाद उसने अपने राज्य का विस्तार करना शुरू किया और [[मालवा]] को [[१५६२]] में, [[गुजरात]] को [[१५७२]] में, [[बंगाल]] को [[१५७४]] में, [[काबुल]] को [[१५८१]] में, [[कश्मीर]] को [[१५८६]] में और [[खानदेश]](वर्तमान [[बुढ़हानपुर]], [[महाराष्ट्र]] का भाग) को [[१६०१]] में मुग़ल साम्राज्य के अधीन कर लिया। अकबर ने इन राज्यों में प्रशासन संभालने हेतु एक-एक राज्यपाल नियुक्त किया। उसे राज संभालने के लिये दिल्ली कई स्थानों से दूर लगा और ये प्रतीत हुआ कि इससे प्रशासन में समस्या आ सकती है, अतः उसने निर्णय लिया की मुग़ल राजधानी को [[आगरा]] के निकट [[फतेहपुर सीकरी]] ले जाया जाए<ref>[http://sdelectgy.jagranjunction.com/2010/06/28/%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a5%a7%e0%a5%ab/ कौन कहता है – अकबर महान था ! १५. अगर फतेहपुर सिकरी का निर्माण अकबर ने कराया तो इस नाम का उल्लेख अकबर के पहले के इतिहासों में कैसे है ?]। जागरण जंक्शन। श्रीवास्तव, डी.के.</ref> जो साम्राज्य के लगभग मध्य में थी। एक पुराने बसे ग्राम सीकरी पर अकबर ने नया शहर बनवाया जिसे अपनी जीत यानि फतह की खुशी में फतेहाबाद या फतेहपुर नाम दिया गया। जल्दी ही इसे पूरे वर्तमान नाम फतेहपुर सीकरी से बुलाया जाने लगा। यहां के अधिकांश निर्माण उन १४ वर्षों के ही हैं, जिनमें अकबर ने यहां निवास किया। शहर में शाही उद्यान, आरामगाहें, सामंतों व दरबारियों के लिये आवास तथा बच्चों के लिये मदरसे बनवाये गए। ब्लेयर और ब्लूम के अनुसार शहर के अंदर इमारतें दो प्रमुख प्रकार की हैं- सेवा इमारतें, जैसे कारवांसेरी, टकसाल, निर्माणियां, बड़ा बाज़ार (चहर सूक) जहां दक्षिण-पश्चिम/उत्तर पूर्व अक्ष के लम्बवत निर्माण हुए हैं और दूसरा शाही भाग, जिसमें भारत की सबसे बड़ी सामूहिक मस्जिद है, साथ ही आवासीय तथा प्रशासकीय इमारते हैं जिसे दौलतखाना कहते हैं। ये पहाड़ी से कुछ कोण पर स्थित हैं तथा किबला के साथ एक कोण बनाती हैं।<ref name="आर्ट"/> किन्तु ये निर्णय सही सिद्ध नहीं हुआ और कुछ ही समय के बाद अकबर को राजधानी फतेहपुर सीकरी से हटानी पड़ी। इसके पीछे पानी की कमी प्रमुख कारण था। फतेहपुर सीकरी के बाद अकबर ने एक चलित दरबार की रचना की जो पूरे साम्राज्य में घूमता रहता था और इस प्रकार साम्राज्य के सभी स्थानों पर उचित ध्यान देना संभव हुआ। बाद में उसने सन [[१५८५]] में उत्तर पश्चिमी भाग के लिए [[लाहौर]] को राजधानी बनाया। मृत्यु के पूर्व अकबर ने सन [[१५९९]] में राजधानी वापस [[आगरा]] बनायी और अंत तक यहीं से शासन संभाला।<ref name="श्रीवास्तव"/> [[फाईल:AgraFort.jpg|thumb|left|120px|अमर सिंह द्वार, [[आगरा का किला]] ]] [[आगरा]] शहर का नया नाम दिया गया अकबराबाद जो साम्राज्य की सबसे बड़ा शहर बना। शहर का मुख्य भाग [[यमुना नदी]] के पश्चिमी तट पर बसा था। यहां बरसात के पानी की निकासी की अच्छी नालियां-नालों से परिपूर्ण वयवस्था बनायी गई। लोधी साम्राज्य द्वारा बनवायी गई गारे-मिट्टी से बनी नगर की पुरानी चहारदीवारी को तोड़कर १५६५ में नयी [[बलुआ पत्थर]] की दीवार बनवायी गई। अंग्रेज़ इतिहासकार युगल ब्लेयर एवं ब्लूम के अनुसार इस लाल दीवार के कारण ही इसका नाम [[लाल किला, आगरा|लाल किला]] पड़ा। वे आगे लिखते हैं कि यह किला पिछले किले के नक्शे पर ही कुछ अर्धवृत्ताकार बना था। शहर की ओर से इसे एक दोहरी सुरक्षा दीवार घेरे है, जिसके बाहर गहरी खाई बनी है। इस दोहरी दीवार में उत्तर में दिल्ली गेट व दक्षिण में अमर सिंह द्वार बने हैं। ये दोनों द्वार अपने धनुषाकार [[मेहराब]]-रूपी आलों व बुर्जों तथा लाल व सफ़ेद संगमर्मर पर नीली ग्लेज़्ड टाइलों द्वारा अलंकरण से ही पहचाने जाते हैं। वर्तमान किला अकबर के पौत्र [[शाहजहां]] द्वारा बनवाया हुआ है। इसमें दक्षिणी ओर जहांगीरी महल और अकबर महल हैं।<ref name="आर्ट">[https://web.archive.org/web/20101124010123/http://islamicart.com/library/empires/india/akbar.html द रेन ऑफ अकबर]। इस्लामिक आर्ट।{{अंग्रेज़ी चिह्न}}</ref> == नीतियां == === विवाह संबंध === [[फाईल:RajaRaviVarma MaharanaPratap.jpg|thumb|upright|[[महाराणा प्रताप]]]] [[आंबेर]] के [[कछवाहा]] [[राजपूत]] राज भारमल ने अकबर के दरबार में अपने राज्य संभालने के कुछ समय बाद ही प्रवेश पाया था। इन्होंने अपनी राजकुमारी हरखा बाई का विवाह अकबर से करवाना स्वीकार किया।<ref>{{Harvnb|सरकार|१९८४|p=३६}}</ref><ref>{{Harvnb|चंद्रा|२००७|pp=२४२-२४३}}</ref> जोधाबाई विवाहोपरांत मुस्लिम बनी और मरियम-उज़-ज़मानी कहलायी। उसे राजपूत परिवार ने सदा के लिये त्याग दिया और विवाह के बाद वो कभी [[आमेर]] वापस नहीं गयी। उसे विवाह के बाद [[आगरा]] या [[दिल्ली]] में कोई महत्त्वपूर्ण स्थान भी नहीं मिला था, बल्कि [[भरतपुर जिला|भरतपुर जिले]] का एक छोटा सा गांव मिला था।<ref name="नाथ 397">{{Harvnb|नाथ|१९८२|p=३९७}}</ref> उसकी मृत्यु १६२३ में हुई थी। उसके पुत्र [[जहांगीर]] द्वारा उसके सम्मान में [[लाहौर]] में एक मस्जिद बनवायी गई थी।<ref>{{Harvnb|नाथ|१९८२|p=५२}}</ref> भारमल को अकबर के दरबार में ऊंचा स्थान मिला था और उसके बाद उसके पुत्र भगवंत दास और पौत्र [[मानसिंह]] भी दरबार के ऊंचे सामंत बने रहे।<ref name="Chandra 243">{{Harvnb|चंद्रा|२००७|p=२४३}}</ref> हिन्दू राजकुमारियों को मुस्लिम राजाओं से विवाह में संबंध बनाने के प्रकरण अकबर के समय से पूर्व काफी हुए थे, किन्तु अधिकांश विवाहों के बाद दोनों परिवारों के आपसी संबंध अच्छे नहीं रहे और न ही राजकुमारियां कभी वापस लौट कर घर आयीं।<ref name="Chandra 243"/><ref name="Sarkar 37">{{Harvnb|सरकार|१९८४|p=३७}}</ref> हालांकि अकबर ने इस मामले को पिछले प्रकरणों से अलग रूप दिया, जहां उन रानियों के भाइयों या पिताओं को पुत्रियों या बहनों के विवाहोपरांत अकबर के मुस्लिम ससुराल वालों जैसा ही सम्मान मिला करता था, सिवाय उनके संग खाना खाने और प्रार्थना करने के। उन राजपूतों को अकबर के दरबार में अच्छे स्थान मिले थे। सभी ने उन्हें वैसे ही अपनाया था सिवाय कुछ रूढ़िवादी परिवारों को छोड़कर, जिन्होंने इसे अपमान के रूप में देखा था।<ref name="Sarkar 37"/> अन्य राजपूर रजवाड़ों ने भी अकबर के संग वैवाहिक संबंध बनाये थे, किन्तु विवाह संबंध बनाने की कोई शर्त नहीं थी। दो प्रमुख राजपूत वंश, मेवाढ़ के शिशोदिया और रणथंभोर के हाढ़ा वंश इन संबंधों से सदा ही हटते रहे। अकबर के एक प्रसिद्ध दरबारी [[राजा मानसिंह]] ने अकबर की ओर से एक हाढ़ा राजा सुर्जन हाढ़ा के पास एक संबंध प्रस्ताव भी लेकर गये, जिसे सुर्जन सिंह ने इस शर्त पर स्वीकार्य किया कि वे अपनी किसी पुत्री का विवाह अकबर के संग नहीं करेंगे। अन्ततः कोई वैवाहिक संबंध नहीं हुए किन्तु सुर्जन को गढ़-कटंग का अधिभार सौंप कर सम्मानित किया गया।<ref name="Chandra 243"/> अन्य कई राजपूत सामंतों को भी अपने राजाओं का पुत्रियों को मुगलों को विवाह के नाम पर देना अच्छा नहीं लगता था। गढ़ सिवान के राठौर कल्याणदास ने मोटा राजा राव उदयसिंह और [[जहांगीर]] को मारने की धमकी भी दी थी, क्योंकि उदयसिंह ने अपनी पुत्री जोधाबाई का विवाह अकबर के पुत्र जहांगीर से करने का निश्चय किया था। अकबर ने ये ज्ञान होने पर शाही फौजों को कल्याणदास पर आक्रमण हेतु भेज दिया। कल्याणदास उस सेना के संग युद्ध में काम आया और उसकी स्त्रियों ने जौहर कर लिया।<ref>{{Cite book|author=[[w:Muzaffar Alam|आलम, मुज़फ़्फ़र]]; [[w:Sanjay Subrahmanyam|सुब्रह्मण्यम, संजय]]|page=१७७|title=द मुगल स्टेट, १५२६-१७५०|year=१९९८|publisher=[[ऑक्स्फोर्ड विश्वविद्यालय प्रेस]]|isbn=9780195639056}}</ref> इन संबंधों का राजनीतिक प्रभाव महत्त्वपूर्ण था। हालांकि कुछ राजपूत स्त्रियों ने अकबर के हरम में प्रवेश लेने पर इस्लाम स्वीकार किया, फिर भी उन्हें पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता थी, साथ ही उनके सगे-संबंधियों को जो हिन्दू ही थे; दरबार में उच्च-स्थान भी मिले थे। इनके द्वारा जनसाधारण की ध्वनि अकबर के दरबार तक पहुंचा करती थी।<ref name="Chandra 243"/> दरबार के हिन्दू और मुस्लिम दरबारियों के बीच संपर्क बढ़ने से आपसी विचारों का आदान-प्रदान हुआ और दोनों धर्मों में संभाव की प्रगति हुई। इससे अगली पीढ़ी में दोनों रक्तों का संगम था जिसने दोनों संप्रदायों के बीच सौहार्द को भी बढ़ावा दिया। परिणामस्वरूप राजपूत मुगलों के सर्वाधिक शक्तिशाली सहायक बने, राजपूत सैन्याधिकारियों ने मुगल सेना में रहकर अनेक युद्ध किये तथा जीते। इनमें गुजरात का १५७२ का अभियान भी था।<ref>{{Harvnb|सरकार|१९८४|pp=३८-४०}}</ref> अकबर की धार्मिक सहिष्णुता की नीति ने शाही प्रशासन में सभी के लिये नौकरियों और रोजगार के अवसर खोल दिये थे। इसके कारण प्रशासन और भी दृढ़ होता चला गया।<ref>{{Harvnb|सरकार|१९८४|p=३८}}</ref> == कामुकता == तत्कालीन समाज में वेश्यावृति को सम्राट का संरक्षण प्रदान था। उसकी एक बहुत बड़ी हरम थी जिसमे बहुत सी स्त्रियाँ थीं। इनमें अधिकांश स्त्रियों को बलपूर्वक अपहृत करवा कर वहां रखा हुआ था। उस समय में [[सती प्रथा]] भी जोरों पर थी। तब कहा जाता है कि अकबर के कुछ लोग जिस सुन्दर स्त्री को सती होते देखते थे, बलपूर्वक जाकर [[सती]] होने से रोक देते व उसे सम्राट की आज्ञा बताते तथा उस स्त्री को हरम में डाल दिया जाता था। हालांकि इस प्रकरण को दरबारी इतिहासकारों ने कुछ इस ढंग से कहा है कि इस प्रकार बादशाह सलामत ने सती प्रथा का विरोध किया व उन अबला स्त्रियों को संरक्षण दिया। अपनी जीवनी में अकबर ने स्वयं लिखा है– ''यदि मुझे पहले ही यह बुधिमत्ता जागृत हो जाती तो मैं अपनी सल्तनत की किसी भी स्त्री का अपहरण कर अपने हरम में नहीं लाता।''<ref>[[आईने अकबरी]], भाग ३, पृष्ठ ३७८</ref> इस बात से यह तो स्पष्ट ही हो जाता है कि वह सुन्दरियों का अपहरण करवाता था। इसके अलावा अपहरण न करवाने वाली बात की निरर्थकता भी इस तथ्य से ज्ञात होती है कि न तो अकबर के समय में और न ही उसके उतराधिकारियो के समय में हरम बंद हुई थी। [[आईने अकबरी]] के अनुसार [[अब्दुल कादिर बदायूंनी]] कहते हैं कि बेगमें, कुलीन, दरबारियो की पत्नियां अथवा अन्य स्त्रियां जब कभी बादशाह की सेवा में पेश होने की इच्छा करती हैं तो उन्हें पहले अपने इच्छा की सूचना देकर उत्तर की प्रतीक्षा करनी पड़ती है; जिन्हें यदि योग्य समझा जाता है तो हरम में प्रवेश की अनुमति दी जाती है।<ref>[[आइने अकबरी]], पृ-१५</ref><ref name="श्रीवास्तव-२"/> अकबर अपनी प्रजा को बाध्य किया करता था की वह अपने घर की स्त्रियों का नग्न प्रदर्शन सामूहिक रूप से आयोजित करे जिसे अकबर ने ''खुदारोज'' (प्रमोद दिवस) नाम दिया हुआ था। इस उत्सव के पीछे अकबर का एकमात्र उदेश्य सुन्दरियों को अपने हरम के लिए चुनना था।<ref>राजस्थान का इतिहास। कर्नल टॉड। पृ.२७४-२७५</ref>। [[गोंडवाना]] की रानी [[दुर्गावती]] पर भी अकबर की कुदृष्टि थी। उसने रानी को प्राप्त करने के लिए उसके राज्य पर आक्रमण कर दिया। युद्ध के दौरान वीरांगना ने अनुभव किया कि उसे मारने की नहीं वरन बंदी बनाने का प्रयास किया जा रहा है, तो उसने वहीं आत्महत्या कर ली।<ref name="श्रीवास्तव-२"/> तब अकबर ने उसकी बहन और पुत्रबधू को बलपूर्वक अपने हरम में डाल दिया। अकबर ने यह प्रथा भी चलाई थी कि उसके पराजित शत्रु अपने परिवार एवं परिचारिका वर्ग में से चुनी हुई महिलायें उसके हरम में भेजे।<ref name="श्रीवास्तव-२">[http://sdelectgy.jagranjunction.com/2010/06/25/%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a5%a7%e0%a5%a6/ कौन कहता है – अकबर महान था ! १०. क्या ऐसा कामुक एवं पतित बादशाह अकबर महान है !]। जागरण जंक्शन। श्रीवास्तव, डी.के।</ref> === पुर्तगालियों से संबंध === १५५६ में अकबर के गद्दी लेने के समय, पुर्तगालियों ने महाद्वीप के पश्चिमी तट पर बहुत से दुर्ग व निर्माणियाँ (फैक्ट्रियाँ) लगा ली थीं और बड़े स्तर पर उस क्षेत्र में नौवहन और सागरीय व्यापार नियंत्रित करने लगे थे। इस उपनिवेशवाद के चलते अन्य सभी व्यापारी संस्थाओं को पुर्तगालियों की शर्तों के अधीण ही रहना पढ़ता था, जिस पर उस समय के शासकों व व्यापारियों को आपत्ति होने लगीं थीं।<ref>{{Harvnb|हबीब|१९९७|p=२५६}}</ref> मुगल साम्राज्य ने अकबर के राजतिलक के बाद पहला निशाना गुजरात को बनाया और सागर तट पर प्रथम विजय पायी १५७२ में, किन्तु पुर्तगालियों की शक्ति को ध्यान में रखते हुए पहले कुछ वर्षों तक उनसे मात्र [[फारस की खाड़ी]] क्षेत्र में यात्रा करने हेतु ''कर्ताज़'' नामक पास लिये जाते रहे।<ref>{{Harvnb|हबीब|१९९७|pp=२५६-२५७}}</ref> १५७२ में सूरत के अधिग्रहण के समय मुगलों और पुर्तगालियों की प्रथम भेंट हुई और पुर्तगालियों को मुगलों की असली शक्ति का अनुमान हुआ और फलतः उन्होंने युद्ध के बजाय नीति से काम लेना उचित समझा व पुर्तगाली राज्यपाल ने अकबर के निर्देश पर उसे एक राजदूत के द्वारा संधि प्रस्ताव भेजा। अकबर ने उस क्षेत्र से अपने हरम के व अन्य मुस्लिम लोगों द्वारा [[मक्का]] को [[हज]] की यात्रा को सुरक्षित करने की दृष्टि से प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।<ref>{{Harvnb|हबीब |१९९७|p=२५९}}</ref> १५७३ में अकबर ने अपने गुजरात के प्रशासनिक अधिकारियों को एक फरमान जारी किया, जिसमें निकटवर्त्ती [[दमण]] में पुर्तगालियों को शांति से रहने दिये जाने का आदेश दिया था। इसके बदले में पुर्तगालियों ने अकबर के परिवार के लिये हज को जाने हेतु पास जारी किये थे।<ref>{{Harvnb|हबीब|१९९७|p=२६०}}</ref> === तुर्कों से संबंध === [[फाईल:Hijaz hindi.png|thumb|[[हेजाज़]]]] १५७६ में में अकबर ने याह्या सलेह के नेतृत्व में अपने हरम के अनेक सदस्यों सहित हाजियों का एक बड़ा जत्था हज को भेजा। ये जत्था दो पोतों में [[सूरत]] से [[जेद्दाह]] बंदरगाह पर १५७७ में पहुंचा और [[मक्का]] और [[मदीना]] को अग्रसर हुआ।<ref>{{Harvnb|मूसवी|२००८|p=२४६}}</ref> १५७७ से १५८० के बीच चार और कारवां हज को रवाना हुआ, जिनके साथ मक्का व मदीना के लोगों के लिये भेंटें व गरीबों के लिये सदके थे। ये यात्री समाज के आर्थिक रूप से निचले वर्ग के थे और इनके जाने से उन शहरों पर आर्थिक भार बढ़ा।<ref>{{Cite book|author=ऑट्टोमन कोर्ट क्रॉनिक्लर्स |title=मुहिम्मे दफ़्तर्लेरी, खण्ड ३२, पृ.२९२ फ़रमान ७४० शाबान ९८६ |year=१५७८}}</ref><ref>{{Cite book|author=खान, इक्तिदार आलम |title=अकबर एण्ड हिज़ एज |url=https://archive.org/details/akbarhisage0000unse |publisher=नॉर्दर्न बुक सेण्टर |year=१९९९|isbn=9788172111083|page=२१८}}</ref> तब तुर्क प्रशासन ने इनसे घर लौट जाने का निवेदन किया, जिस पर हरम की स्त्रियां तैयार न हुईं। काफी विवाद के बाद उन्हें विवश होकर लौटना पढ़ा। [[अदन]] के राज्यपाल को १५८० में आये यात्रियों की बड़ी संख्या देखकर बढ़ा रोष हुआ और उसने लौटते हुए मुगलों का यथासंभव अपमान भी किया। {{Citation needed|date=अक्तूबर २००९}} इन प्रकरणों के कारण अकबर को हाजियों की यात्राओं पर रोक लगानी पड़ी। १५८४ के बाद अकबर ने यमन के साम्राज्य के अधीनस्थ अदन के बंदरगाह पर पुर्तगालियों की मदद से चढ़ाई करने की योजना बनायी।{{Citation needed|date=अक्तूबर २००९}} पुर्तगालियों से इस बारे में योजना बनाने हेतु एक मुगल दूत [[गोआ]] में अक्तूबर [[१५८४]] से स्थायी रूप से तैनात किया गया। १५८७ में एक पुर्तगाली टुकड़ी ने यमन पर आक्रमण भी किया किन्तु तुर्क नौसेना द्वारा हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद मुगल-पुर्तगाली गठबंधन को भी धक्का पहुंचा क्योंकि मुगल जागीरदारों द्वारा [[मुरुद जंजीरा किला|जंज़ीरा]] में पुर्तगालियों पर लगातार दबाव डाला जा रहा था।<ref>{{Cite book|author=ऑट्टोमन कोर्ट क्रॉनिक्लर्स |title= मुहिम्मे दफ़्तर्लेरी, खण्ड ६२, पृ.२०५ फ़रमान ४५७ रबी उल अव्वल ९९६|year=१५८८}}</ref> == धर्म == अकबर एक [[मुसलमान]] था, पर दूसरे धर्म एवं संप्रदायों के लिए भी उसके मन में आदर था। जैसे-जैसे अकबर की आयु बदती गई वैसे-वैसे उसकी धर्म के प्रति रुचि बढ़ने लगी। उसे विशेषकर [[हिंदू]] धर्म के प्रति अपने लगाव के लिए जाना जाता हैं। उसने अपने पूर्वजो से विपरीत कई हिंदू राजकुमारियों से शादी की। इसके अलावा अकबर ने अपने राज्य में हिन्दुओ को विभिन्न राजसी पदों पर भी आसीन किया जो कि किसी भी भूतपूर्व मुस्लिम शासक ने नही किया था। वह यह जान गया था कि भारत में लम्बे समय तक राज करने के लिए उसे यहाँ के मूल निवासियों को उचित एवं बराबरी का स्थान देना चाहिये। === हिन्दू धर्म पर प्रभाव === [[फाईल:Jesuits at Akbar's court.jpg|thumb|right|200px|अकबर इबादत-खाने में ईसाई धर्माप्रचारकों के साथ, १६०५ ईस्वी]] हिन्दुओं पर लगे [[जज़िया]] १५६२ में अकबर ने हटा दिया, किंतु १५७५ में मुस्लिम नेताओं के विरोध के कारण वापस लगाना पड़ा,<ref>{{Cite book|author=डे, उपेन्द्र नाथ|year=१९७२|publisher=[[मुंशीराम मनोहरलाल]] |title=द मुगल गवर्न्मेंट, ए.डी. १५५६-१७०७|page=१३४}}</ref> हालांकि उसने बाद में नीतिपूर्वक वापस हटा लिया। जज़िया कर गरीब हिन्दुओं को गरीबी से विवश होकर इस्लाम की शरण लेने के लिए लगाया जाता था। यह मुस्लिम लोगों पर नहीं लगाया जाता था।<ref>{{Cite book|author=दासगुप्ता, अजीत कुमार|year=१९९३|publisher=[[:en:Routledge|राउटलेज]]| isbn=0415061954|title=हिस्ट्री ऑफ इंडियन इकॉनोमिक थॉट|url=https://archive.org/details/historyofindiane0000dasg|page=४५}}</ref> इस कर के कारण बहुत सी गरीब हिन्दू जनसंख्या पर बोझ पड़ता था, जिससे विवश हो कर वे इस्लाम कबूल कर लिया करते थे। [[फिरोज़ शाह तुगलक]] ने बताया है, कि कैसे जज़िया द्वारा इस्लाम का प्रसार हुआ था।<ref>[[:en:Akbar the Great#Taxation on Hindus|हिन्दुओं पर लगे कर, अकबर काल में]]</ref> अकबर द्वारा जज़िया और हिन्दू तीर्थों पर लगे कर हटाने के सामयिक निर्णयों का हिन्दुओं पर कुछ खास प्रभाव नहीं पड़ा, क्योंकि इससे उन्हें कुछ खास लाभ नहीं हुआ, क्योंकि ये कुछ अंतराल बाद वापस लगा दिए गए।<ref>{{Cite book|author=खान, इक्तिदार आलम|year=१९६८|title=जर्नल ऑफ रॉयल एशियाटिक सोसाइटी १९६८ सं.१|page=२९-३६}}</ref> अकबर ने बहुत से हिन्दुओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध भी इस्लाम ग्रहण करवाया था<ref>{{Harvnb|Habib|1997|p= 84}}</ref> इसके अलावा उसने बहुत से हिन्दू तीर्थ स्थानों के नाम भी इस्लामी किए, जैसे १५८३ में [[प्रयाग]] को [[इलाहाबाद]]<ref>{{Cite book|author=कॉन्डर, जोसियाह|page=२८२|title=द मॉडर्न ट्रैवलर: ए पॉपुलर डिस्क्रिप्शन|year=१८२८|publisher=[[:en:R.H.Tims|आर एच टिम्स]]}}</ref> किया गया।<ref>{{Cite book|author=डीफहोल्ट्स, मार्गारेट; डीफ़होल्ट्स, ग्लेन; आचार्य, क्वेन्टाइन|page=८७|title=द वे वी वर: एन्ग्लो-इण्डियन क्रॉनिकल्स|year=२००६|publisher=कैल्कटा तिलजल्लाह रिलीफ़ इंका.isbn=0975463934}}</ref> अकबर के शासनकाल में ही उसके एक सिपहसालार हुसैन खान तुक्रिया ने हिन्दुओं को बलपूर्वक भेदभाव दर्शक बिल्ले<ref>{{Cite book|author=[[:en:Harbans Mukhia|हरबंस मुखिया]]|title=द मुगल्स ऑफ इण्डिया|url=https://archive.org/details/mughalsofindia0000mukh_n7o4|publisher=[[:en:Blackwell Publishing|ब्लैकवेल प्रकाशन]]|isbn=9780631185550|page=१५३|year=२००४}}</ref> उनके कंधों और बांहों पर लगाने को विवश किया था।<ref>{{Cite book|author= निज्जर, बख्शीश सिंह|page=१२८|title=पंजाब- अंडर द ग्रेट मुगल्स, १५२६-१७०७|year= १९६८|publisher=थाकर}}</ref> ज्वालामुखी मंदिर के संबंध में एक कथा काफी प्रचलित है। यह १५४२ से १६०५ के मध्य का ही होगा तभी अकबर दिल्ली का राजा था। ध्यानुभक्त माता जोतावाली का परम भक्त था। एक बार देवी के दर्शन के लिए वह अपने गांववासियो के साथ ज्वालाजी के लिए निकला। जब उसका काफिला दिल्ली से गुजरा तो मुगल बादशाह अकबर के सिपाहियों ने उसे रोक लिया और राजा अकबर के दरबार में पेश किया। अकबर ने जब ध्यानु से पूछा कि वह अपने गांववासियों के साथ कहां जा रहा है तो उत्तर में ध्यानु ने कहा वह जोतावाली के दर्शनो के लिए जा रहे है। अकबर ने कहा तेरी मां में क्या शक्ति है ? और वह क्या-क्या कर सकती है ? तब ध्यानु ने कहा वह तो पूरे संसार की रक्षा करने वाली हैं। ऐसा कोई भी कार्य नही है जो वह नहीं कर सकती है। अकबर ने ध्यानु के घोड़े का सर कटवा दिया और कहा कि अगर तेरी मां में शक्ति है तो घोड़े के सर को जोड़कर उसे जीवित कर दें। यह वचन सुनकर ध्यानु देवी की स्तुति करने लगा और अपना सिर काट कर माता को भेट के रूप में प्रदान किया। माता की शक्ति से घोड़े का सर जुड गया। इस प्रकार अकबर को देवी की शक्ति का एहसास हुआ। बादशाह अकबर ने देवी के मंदिर में सोने का छत्र भी चढाया। किन्तु उसके मन मे अभिमान हो गया कि वो सोने का छत्र चढाने लाया है, तो माता ने उसके हाथ से छत्र को गिरवा दिया और उसे एक अजीब (नई) धातु का बना दिया जो आज तक एक रहस्य है। यह छत्र आज भी मंदिर में मौजूद है। इतिहासकार [[:en:Dasharatha Sharma|दशरथ शर्मा]] बताते हैं, कि हम अकबर को उसके दरबार के इतिहास और वर्णनों जैसे [[अकबरनामा]], आदि के अनुसार महान कहते हैं।<ref>{{Cite book|author=पालीवाल, डॉ॰डी एल (शिक्षा)|title=महाराणा प्रताप स्मृति ग्रंथ|publisher=साहित्य संस्थान राजस्थान विद्यापीठ|page=१८२}}</ref> यदि कोई अन्य उल्लेखनीय कार्यों की ओर देखे, जैसे [[:en:Dalpat Vilas|दलपत विलास]], तब स्पष्ट हो जाएगा कि अकबर अपने हिन्दू सामंतों से कितना अभद्र व्यवहार किया करता था।<ref>{{Cite book|author=पालीवाल, डॉ॰डी एल (शिक्षा)|title=महाराणा प्रताप स्मृति ग्रंथ|publisher=साहित्य संस्थान राजस्थान विद्यापीठ|page=१८३}}</ref> अकबर के [[अकबर के नवरत्न|नवरत्न]] [[राजा मानसिंह]] द्वारा विश्वनाथ मंदिर के निर्माण को अकबर की अनुमति के बाद किए जाने के कारण हिन्दुओं ने उस मंदिर में जाने का बहिष्कार कर दिया। कारण साफ था, कि राजा मानसिंह के परिवार के अकबर से वैवाहिक संबंध थे।<ref>{{Cite book|author=उदयकुमार, एस पी|page=९९|title=प्रेज़ेन्टिंग द पास्ट: एंक्शियस हिस्ट्री एण्ड एन्क्शियंट फ्यूचर इन हिन्दुत्व इंडिया|url=https://archive.org/details/presentingpastan0000uday|year=२००५|publisher=[[:en:Greenwood Publishing Group|ग्रीनवुड प्रकाशन गृह]]|isbn=0275972097}}</ref> अकबर के हिन्दू सामंत उसकी अनुमति के बगैर मंदिर निर्माण तक नहीं करा सकते थे। बंगाल में राजा मानसिंह ने एक मंदिर का निर्माण बिना अनुमति के आरंभ किया, तो अकबर ने पता चलने पर उसे रुकवा दिया और १५९५ में उसे मस्जिद में बदलने के आदेश दिए।<ref>{{Cite book|author=फ़ोर्ब्स, जेराल्डिन; टॉम्लिसन, बी आर |page=७३|title=द न्यू कॅम्ब्रिज हिस्ट्री ऑफ़ इण्डिया|year=२००५|publisher=[[:en:Cambridge University Press|कॅम्ब्रिज युनिवर्सिटी प्रेस]]|isbn=0521267285}}</ref> [[फाईल:Akbar's Tomb.jpg|200px|thumb|left|[[अकबर का मकबरा]], [[सिकंदरा]]]] अकबर के लिए आक्रोश की हद एक घटना से पता चलती है। हिन्दू किसानों के एक नेता राजा राम ने अकबर के मकबरे, [[सिकंदरा, आगरा]] को लूटने का प्रयास किया, जिसे स्थानीय फ़ौजदार, मीर [[अबुल फजल]] ने असफल कर दिया। इसके कुछ ही समय बाद १६८८ में राजा राम सिकंदरा में दोबारा प्रकट हुआ<ref>{{Cite book|author= महाजन, वी डी; |page=१६८|title=हिस्ट्री ऑफ मेडीवियल इण्डिया|publisher=[[एस चांद]]|isbn=8121903645}}</ref> और शाइस्ता खां के आने में विलंब का फायदा उठाते हुए, उसने मकबरे पर दोबारा सेंध लगाई और बहुत से बहुमूल्य सामान, जैसे सोने, चाँदी, बहुमूल्य कालीन, चिराग, इत्यादि लूट लिए, तथा जो ले जा नहीं सका, उन्हें बर्बाद कर गया। राजा राम और उसके आदमियों ने अकबर की अस्थियों को खोद कर निकाल लिया एवं जला कर भस्म कर दिया, जो कि मुस्लिमों के लिए घोर अपमान का विषय था।<ref>{{Cite book|author= मनुसी, निक्कालाओ; |publisher=[[:en:John Murray (publisher)|जॉन मर्रे]]|title=मोगोर, स्टोरिया|year= १९०७|page=३१९}}</ref> === हिंदु धर्म से लगाव === बाद के वर्षों में अकबर को अन्य धर्मों के प्रति भी आकर्षण हुआ। अकबर का हिंदू धर्म के प्रति लगाव केवल मुग़ल साम्राज्य को ठोस बनाने के ही लिए नही था वरन उसकी हिंदू धर्म में व्यक्तिगत रुचि थी। हिंदू धर्म के अलावा अकबर को [[शिया]] इस्लाम एवं [[ईसाई धर्म]] में भी रुचि थी। ईसाई धर्म के मूलभूत सिद्धांत जानने के लिए उसने एक बार एक [[पुर्तगाल|पुर्तगाली]] [[ईसाई]] धर्म प्रचारक को [[गोआ]] से बुला भेजा था। अकबर ने दरबार में एक विशेष जगह बनवाई थी जिसे ''इबादत-खाना'' (प्रार्थना-स्थल) कहा जाता था, जहाँ वह विभिन्न धर्मगुरुओं एवं प्रचारकों से धार्मिक चर्चाएं किया करता था। उसका यह दूसरे धर्मों का अन्वेषण कुछ मुस्लिम कट्टरपंथी लोगों के लिए असहनीय था। उन्हे लगने लगा था कि अकबर अपने धर्म से भटक रहा है। इन बातों में कुछ सच्चाई भी थी, अकबर ने कई बार रुढ़िवादी इस्लाम से हट कर भी कुछ फैसले लिए, यहाँ तक कि १५८२ में उसने एक नये संप्रदाय की ही शुरुआत कर दी जिसे दीन-ए-इलाही यानी ईश्वर का धर्म कहा गया। === दीन-ए-इलाही === [[फाईल:Entrance to the Tomb of Akbar.jpg|thumb|left|अकबर के मकबरे का प्रवेशद्वार]] [[फाईल:NorthIndiaCircuit 100.jpg|200px|thumb|[[फतेहपुर सीकरी]] का [[बुलन्द दरवाज़ा]]]] {{Main|दीन ए इलाही}} दीन-ए-इलाही नाम से अकबर ने १५८२ में<ref>[https://web.archive.org/web/20120401195146/http://www.indg.in/primary-education/childrenscorner/important-dates-in-indian-history/92d93e93092494092f-90792493f93993e938-914930-93593f93694d200d935-92e947902-92e93992494d200d93592a94293094d923-92493f92593f92f93e901/view?set_language=hi भारतीय इतिहास और विश्‍व में महत्‍वपूर्ण तिथियाँ]। भारत विकास द्वार</ref> एक नया धर्म बनाया जिसमें सभी धर्मो के मूल तत्वों को डाला, इसमे प्रमुखतः हिंदू एवं इस्लाम धर्म थे।<ref>[https://archive.is/20120707050810/arvindshuklakanpur.blogspot.com/2010/05/blog-post.html जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर]। सक्सेस मंत्रा। अरविन्द शुक्ला। १५ अक्तूबर</ref> इनके अलावा [[पारसी]], [[जैन]] एवं [[ईसाई धर्म]] के मूल विचारों को भी सम्मिलित किया। हालांकि इस धर्म के प्रचार के लिए उसने कुछ अधिक उद्योग नहीं किये केवल अपने विश्वस्त लोगो को ही इसमे सम्मिलित किया। कहा जाता हैं कि अकबर के अलावा केवल [[राजा बीरबल]] ही मृत्यु तक इस के अनुयायी थे। दबेस्तान-ए-मजहब के अनुसार अकबर के पश्चात केवल १९ लोगो ने इस धर्म को अपनाया।<ref>[http://www.britannica.com/eb/article-9030480/Din-i-Ilahi दीन-ए-इलाही ब्रितानिका ज्ञानकोश ]</ref><ref>[https://web.archive.org/web/20100531005936/http://www.srijangatha.com/Alekh3_2k10 भारतीय परिप्रेक्ष्य में धर्मनिरपेक्षता]। कृ्ष्ण कुमार यादव। ३ मार्च २०१०। पोर्ट ब्लेयर</ref> कालांतर में अकबर ने एक नए [[पंचांग]] की रचना की जिसमे कि उसने एक ईश्वरीय संवत को आरम्भ किया जो उसके ही राज्याभिषेक के दिन से प्रारम्भ होता था। उसने तत्कालीन सिक्कों के पीछे ‘‘अल्लाह-ओ-अकबर’’ लिखवाया जो अनेकार्थी शब्द था।<ref>[http://hi.brajdiscovery.org/index.php?title=%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%8F-%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80 दीन-ए-इलाही]। ब्रज डिस्कवरी</ref> अकबर का शाब्दिक अर्थ है "महान" और ‘‘अल्लाह-ओ-अकबर’’ शब्द के दो अर्थ हो सकते थे "अल्लाह महान हैं " या "अकबर ही अल्लाह हैं"।<ref>[https://web.archive.org/web/20090407041624/http://www.ucalgary.ca/applied_history/tutor/islam/empires/mughals/akbar.html महान इस्लामिक साम्राज्यों का उदय (मुग़ल साम्राज्य : अकबर)]</ref> दीन-ए-इलाही सही मायनो में धर्म न होकर एक आचार संहिता के समान था। इसमे भोग, घमंड, निंदा करना या दोष लगाना वर्जित थे एवं इन्हे पाप कहा गया। दया, विचारशीलता और संयम इसके आधार स्तम्भ थे।<ref>[https://web.archive.org/web/20100814095147/http://pustak.org/bs/home.php?bookid=3982 अकबर महान]। धरमपाल बारिया। मनोज पब्लिकेशन। अप्रैल ०२, २००५।ISBN 81-8133-613-5|</ref> == अकबर के नवरत्न == [[फाईल:Birbal.jpg|thumb|130px|राजा बीरबल]] {{Main|अकबर के नवरत्न}} निरक्षर होते हुई भी अकबर को कलाकारों एवं बुद्धिजीवियो से विशेष प्रेम था। उसके इसी प्रेम के कारण अकबर के दरबार में नौ (९) अति गुणवान दरबारी थे जिन्हें '''[[अकबर के नवरत्न]]''' के नाम से भी जाना जाता है।<ref>[http://jindgikipaathshala.blogspot.com/2009/02/blog-post_1368.html अकबर के नवरत्न कौन थे?] ज़िंगगी की पाठशाला। भावेश। २ फ़रवर्री, २०१०</ref><ref>[http://hi.brajdiscovery.org/index.php?title=%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A4%B0_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8 अकबर के नवरत्न]। ब्रज डिस्कवरी</ref> * [[अबुल फजल]] (१५५१ - १६०२) ने अकबर के काल को कलमबद्ध किया था। उसने [[अकबरनामा]] की भी रचना की थी। इसने ही [[आइन-ए-अकबरी]] भी रचा था। * [[फैजी]] (१५४७ - १५९५) अबुल फजल का भाई था। वह [[फारसी]] में कविता करता था। राजा अकबर ने उसे अपने बेटे के गणित शिक्षक के पद पर नियुक्त किया था। * मिंया [[तानसेन]] अकबर के दरबार में गायक थे। वह कविता भी लिखा करते थे। * [[राजा बीरबल]] (१५२८ - १५८३) दरबार के विदूषक और अकबर के सलाहकार थे। ये परम बुद्धिमान कहे जाते हैं। इनके अकबर के संग किस्से आज भी कहे जाते हैं। * [[राजा टोडरमल]] अकबर के वित्त मंत्री थे। इन्होंने विश्व की प्रथम भूमि लेखा जोखा एवं मापन प्रणाली तैयार की थी। * [[राजा मान सिंह]] आम्बेर ([[जयपुर]]) के कच्छवाहा राजपूत राजा थे। वह अकबर की सेना के प्रधान सेनापति थे। इनकी बुआ [[जोधाबाई]] अकबर की पटरानी थी। * [[अब्दुल रहीम खान-ऐ-खाना]] एक कवि थे और अकबर के संरक्षक बैरम खान के बेटे थे। * [[फकीर अजिओं-दिन]] अकबर के सलाहकार थे। * [[मुल्लाह दो पिअज़ा]] अकबर के सलाहकार थे। == फिल्म एवं साहित्य में == अकबर का व्यक्तित्व बहुचर्चित रहा है। इसलिए भारतीय साहित्य एवं सिनेमा ने अकबर से प्रेरित कई पात्र रचे गए हैं। * २००८ में [[आशुतोष गोवरिकर]] निर्देशित फिल्म [[जोधा अकबर (2008 फ़िल्म)|जोधा अकबर]] में अकबर एवं उनकी पत्नी की कहानी को दर्शाया गया है। अकबर एवं जोधा बाई का पात्र क्रमशः [[ऋतिक रोशन]] एवं [[ऐश्वर्या राय]] ने निभाया है। * १९६० में बनी फिल्म [[मुग़ल-ए-आज़म]] भारतीय सिनेमा की एक लोकप्रिय फिल्म है। इसमें अकबर का पात्र [[पृथ्वीराज कपूर]] ने निभाया था। इस फिल्म में अकबर के पुत्र [[जहाँगीर|सलीम]] की प्रेम कथा और उस कारण से पिता पुत्र में पैदा हुए द्वंद को दर्शाया गया है। सलीम की भूमिका [[दिलीप कुमार]] एवं अनारकली की भूमिका [[मधुबाला]] ने निभायी थी। * १९९० में [[जी टीवी]] ने '''अकबर-बीरबल''' नाम से एक [[:w:Television serial|धारावाहिक]] प्रसारित किया था जिसमे अकबर का पात्र हिंदी अभिनेता [[विक्रम गोखले]] ने निभाया था। * नब्बे के दशक में [[:w:Sanjay Khan|संजय खान]] कृत धारावाहिक अकबर दी ग्रेट [[दूरदर्शन]] पर प्रदर्शित किया गया था। * प्रसिद्ध अंग्रेजी साहित्यकार [[सलमान रुशदी]] के [[उपन्यास]] दी एन्चैन्ट्रेस ऑफ़ फ्लोरेंस ([[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]:[[:en:The Enchantress of Florence|''The Enchantress of Florence'']]) में अकबर एक मुख्य पात्र है।<ref>[http://www.guardian.co.uk/books/2008/mar/29/fiction.salmanrushdie एन्चैन्ट्रेस ऑफ़ फ्लोरेंस की समीक्षा]</ref> == मुग़ल सम्राटों का कालक्रम == <center><timeline> ImageSize = width:1000 height:160 PlotArea = left:20 right:50 bottom:50 top:10 AlignBars = early Colors = id:canvas value:white id:MUG value:orange legend: मुग़ल_साम्राज्य id:SUR value:purple legend: सूरी_साम्राज्य id:ACTIVE value:rgb(1,0,0.07) DateFormat = yyyy Period = from:1526 till:1857 TimeAxis = orientation:horizontal Legend = columns:2 left:280 top:20 columnwidth:150 PlotData= bar:PRMs width:50 mark:(line,white) align:left fontsize:s from:1526 till:1530 shift:(-5,35) color:MUG text:"[[बाबर]] 1526–1530" 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from:1719 till:1748 shift:(-40,-70) color:MUG text:"[[रोशन अख्तर बहादुर]] 1719–1748" from:1748 till:1754 shift:(-2,35) color:MUG text:"[[अहमद शाह बहादुर]] 1748–1754" from:1754 till:1759 shift:(-5,-40) color:MUG text:"[[अज़ीज़ुद्दीन]] 1754–1759" from:1759 till:1760 shift:(-5,50) color:MUG text:"[[मुही-उल-मिल्लत]] 1759–1760" from:1759 till:1806 shift:(-45,-55) color:MUG text:"[[अली गौहर]] 1759–1806" from:1806 till:1837 shift:(-45,35) color:MUG text:"[[अकबर शाह द्वितीय|अकबर शाह II]] 1806–1837" from:1837 till:1857 shift:(-30,-40) color:MUG text:"[[बहादुर शाह द्वितीय|बहादुर शाह II]] 1837–1857" </timeline></center><br /> == एकरो देखौ == * [[मुगल-ए-आज़म (1960 फ़िल्म)]] * [[जोधा अकबर (2008 फ़िल्म)]] * [[अकबर का मकबरा]] * [[अकबर के नवरत्न]] * [[अकबरनामा]] == बाहरी कड़ियाँ == {{EB1911|Akbar, Jellaladin Mahommed}} {{Wikisource|akbar}} {{Wiktionary}} * {{हिन्दी चिह्न}} [http://pryas.wordpress.com/2007/11/29/%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%B2/ तीन सवाल – (अकबर-बीरबल)] प्रयास-वर्ल्डप्रेस पर * {{हिन्दी चिह्न}} [http://naisadak.blogspot.com/2008/03/blog-post_1976.html अकबर का इतिहास] कस्बा पर * {{हिन्दी चिह्न}} [https://web.archive.org/web/20160305061701/http://lakhnawi.blogspot.com/2006/08/blog-post.html अकबर और बीरबल] लखनवी ब्लॉग पर * {{हिन्दी चिह्न}} [http://hi.wordpress.com/tag/%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%B2/ अकबर और बीरबल] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190525184022/https://hi.wordpress.com/tag/%25E0%25A4%2585%25E0%25A4%2595%25E0%25A4%25AC%25E0%25A4%25B0-%25E0%25A4%25AC%25E0%25A5%2580%25E0%25A4%25B0%25E0%25A4%25AC%25E0%25A4%25B2/ |date=2019-05-25 }} वर्ल्डप्रेस पर * {{हिन्दी चिह्न}} [http://samachar.boloji.com/200801a/16154.htm जोधा-अकबर (फिल्म)]{{Dead link|date=October 2023 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }} अकबर के उत्थान की कहानी * {{हिन्दी चिह्न}} [https://web.archive.org/web/20100814095147/http://pustak.org/bs/home.php?bookid=3982 अकबर महान] पुस्तक देखें * {{हिन्दी चिह्न}} [http://naisadak.blogspot.com/2008/03/blog-post_1976.html अकबर का इतिहास] कस्बा पर == सन्दर्भ == <div style="height: 220px; overflow: auto; padding: 3px; border:1px solid #AAAAAA; reflist2">{{Reflist|colwidth=30em}}</div> <br /> {{Start}} {{S-hou|[[मुग़ल साम्राज्य|मुगल वंश]]||[[१५ अक्तूबर]] [[१५४२]]||[[२७ अक्तूबर]] [[१६०५]]}} {{S-reg|}} {{S-bef|before=[[हुमायुं]]}} {{S-ttl|title=[[मुगल सम्राट]]|years=[[१५५६]]-[[१६०५]]}} {{S-aft|after=[[जहांगीर]]}} {{End}} {{मुगल}} [[श्रेणी:अकबर]] [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] [[श्रेणी:आगरा]] [[श्रेणी:मुगल]] [[श्रेणी:मुगल बादशाह]] [[श्रेणी:दीन ए इलाही]] [[श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना]] egtlwiwuvgc8hhynnmvuc3ldh799ns5 आइजक न्यूटन 0 403 23123 23025 2026-08-25T18:06:32Z InternetArchiveBot 123 Add 10 books for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23123 wikitext text/x-wiki {{Infobox scientist |name = सर आइज़क न्यूटन |image = GodfreyKneller-IsaacNewton-1689.jpg |caption = [[गॉडफ्रे नेल्लर]] द्वारा 1689 में बनाया गया आइज़क न्यूटन का चित्र (आयु 46) |birth_date = {{Birth date|1643|1|4|df=y}}<br /><small><nowiki>[</nowiki>[[Old Style|OS]]: 25 दिसम्बर 1642<nowiki>]</nowiki></small><ref name="OSNS">During Newton's lifetime, two calendars were in use in Europe: the [[Julian Calendar|Julian]] or '[[Old Style]]' in Britain and parts of northern Europe (Protestant) and eastern Europe, and the [[Gregorian Calendar|Gregorian]] or '[[New Style]]', in use in Roman Catholic Europe and elsewhere. At Newton's birth, Gregorian dates were ten days ahead of Julian dates: thus Newton was born on Christmas Day, 25 दिसम्बर 1642 by the Julian calendar, but on 4 जनवरी 1643 by the Gregorian. By the time he died, the difference between the calendars had increased to eleven days. Moreover, prior to the adoption of the Gregorian calendar in the UK in 1752, the English new year began (for legal and some other civil purposes) on 25 मार्च ('[[Lady Day]]', i.e. the feast of the Annunciation: sometimes called 'Annunciation Style') rather than on 1 जनवरी (sometimes called 'Circumcision Style'). Unless otherwise noted, the remainder of the dates in this article follow the Julian Calendar.</ref> |birth_place = वूलस्ठोर्पे बाय कोलस्तेरवर्थ<br />[[लिंकनशायर]], इंग्लैंड |residence = इंग्लैंड |citizenship = इंग्लैंड |nationality = इंग्लिश (1707 से ब्रिटिश) |ethnicity = |death_date = {{Death date and age|1727|3|31|1643|1|4|df=y}}<br /><small><nowiki>[</nowiki>[[Old Style and New Style dates|OS]]: 20 मार्च 1727<nowiki>]</nowiki></small>{{Lower|0.3em|<ref name="OSNS"/>}} |death_place = [[केंसिंग्टन]], [[मिडलसेक्स]], इंग्लैंड |fields = [[भौतिक विज्ञान]], [[गणित]], [[खगोल]], प्राकृतिक दर्शन, [[alchemy]], [[theology]] |workplaces = [[कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय]]<br />[[रॉयल सोसायटी]]<br />[[रॉयल मिंट]] |alma_mater = [[Trinity College, Cambridge]] |doctoral_advisor = <!--There was no doctorate at Cambridge until as late as 1919--> |academic_advisors = [[Isaac Barrow]]<ref>Mordechai Feingold, [http://www.oxforddnb.com/view/article/1541 Barrow, Isaac (1630–1677)] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130129154554/http://www.oxforddnb.com/view/article/1541 |date=29 जनवरी 2013 }}, ''Oxford Dictionary of National Biography'', Oxford University Press, सितंबर 2004; online edn, मई 2007; accessed 24 फ़रवरी 2009; explained further in Mordechai Feingold " [http://www.jstor.org/stable/236236 Newton, Leibniz, and Barrow Too: An Attempt at a Reinterpretation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130129154554/http://www.oxforddnb.com/view/article/1541 |date=29 जनवरी 2013 }}"; ''Isis'', Vol. 84, No. 2 (जून, 1993), pp. 310-338</ref> <br />[[Benjamin Pulleyn]]<ref>''[http://www.chlt.org/sandbox/lhl/dsb/page.50.a.php Dictionary of Scientific Biography,] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20050225223812/http://www.chlt.org/sandbox/lhl/dsb/page.50.a.php |date=25 फ़रवरी 2005 }} Newton, Isaac,'' n.4</ref><ref>{{Cite book |author=Gjersten, Derek |title=The Newton Handbook |url=https://archive.org/details/newtonhandbook0000gjer |year=1986 |location=London |publisher=Routledge & Kegan Paul}}</ref> |doctoral_students = <!--There was no doctorate at Cambridge until as late as 1919--> |notable_students = [[Roger Cotes]]<br />[[William Whiston]] |known_for = [[चिरसम्मत यांत्रिकी]]<br />[[न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का सिद्धान्त|गुरुत्वाकर्षण का सिद्धान्त]]<br />[[कलन]]<br />[[न्यूटन के गति नियम]]<br/>[[प्रकाशिकी]]<br/>[[न्यूटन विधि]]<br/>[[प्रिंसिपिया]] |author_abbrev_bot = |author_abbrev_zoo = |influences = [[योहानेस केप्लर]]<br/>[[गैलीलियो गैलिली]]<br/>[[अरस्तु]]<br/>[[रॉबर्ट बॉयल]] |influenced = [[Nicolas Fatio de Duillier]]<br />[[John Keill]]<br/>[[वोल्टेयर]] |awards = |religion = [[Arianism]]; for details see [[Isaac Newton's religious views|article]] |signature = [[File:Isaac Newton signature ws.svg|200px]]<br/> '''Coat of arms''' <br/>[[फाईल:Arms of Newton of Mickleover, Derbyshire.svg|120px]] |footnotes = His mother was [[Hannah Ayscough]]. His half-niece was [[Catherine Barton]]. }} '''सर आइज़ैक न्यूटन''' [[इंग्लैंड]] केरौ एगो वैज्ञानिक छेलै। हिनी [[गुरुत्वाकर्षण]] के नियम आरू गति के सिद्धांत के खोज करलकै। हुनी एगो महान गणितज्ञ, भौतिक वैज्ञानिक ,ज्योतिष आरू दार्शनिक रहै । हिनको शोध प्रपत्र ‘''प्राकृतिक दर्शन केरो गणितीय सिद्धांत ’'' सन् [[1687]] मँ प्रकाशित होलै, जेकरा मँ सार्वत्रिक [[गुरुत्वाकर्षण]] आरू गति के नियमो के व्याख्या करलो गेलो छेलै आरू ई प्रकार चिरसम्मत भौतिकी (क्लासिकल भौतिकी) केरो नींव रखलकै। हुनको ''[[फिलोसोफी नेचुरेलिस प्रिन्सिपिया मेथेमेटिका]] ,'' "Philosophiae Naturalis Principia Mathematica" 1687 मँ प्रकाशित होलै, ई [[विज्ञान का इतिहास|विज्ञान के इतिहास]] मँ अपने आप मँ सबसें प्रभावशाली किताब छेकै, जे अधिकांश [[साहित्यिक यांत्रिकी]] लेली आधारभूत कार्य केरो भूमिका निभाबै छै । ई काम मँ, न्यूटन नँ [[सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम|सार्वत्रिक गुरुत्व]] आरू [[न्यूटन के गति के नियम|गति के तीन नियम]] के वर्णन करलकै जे अगला तीन शताब्दी लेली [[भौतिक ब्रह्मांड]] के वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर अपनौ वर्चस्व स्थापित करी लेलकै। न्यूटन नँ दरसेलकै कि [[पृथ्वी]] पर वस्तु सिनी के गति आरू [[खगोलीय यांत्रिकी|आकाशीय]] पिंडो के गति केरो नियंत्रण प्राकृतिक नियमो के समान समुच्चय द्वारा होय छै, एकरा दरसाबै लेली हुनी [[ग्रहों की गति के बारे में केपलर के नियम|ग्रहीय गति के केपलर के नियम]] आरू अपनो गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत के बीच निरंतरता स्थापित करलकै, ई प्रकार सँ [[सूर्य केन्द्रीयता]] आरू [[वैज्ञानिक क्रांति]] केरो आधुनिकीकरण के बारे मँ पिछला संदेह क दूर करलकै। [[यांत्रिकी]] मँ, न्यूटन नँ [[संवेग]] आरू [[कोणीय संवेग]] दोनो के संरक्षण के सिद्धांत क स्थापित करलकै। [[प्रकाशिकी]] मँ, हुनी पहलो व्यवहारिक [[परावर्ती दूरदर्शी]] बनैलकै<ref>{{Cite web|url=http://etoile.berkeley.edu/~jrg/TelescopeHistory/Early_Period.html|title=The Early Period (1608–1672)|accessdate=3 फरवरी 2009|publisher=James R. Graham's Home Page}}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> आरू ई आधार पर [[रंग]] केरो सिद्धांत विकसित करलकै कि एगो [[त्रिकोणीय प्रीज्म (प्रकाशिकी)|प्रिज्म]] [[श्वेत#प्रकाश|श्वेत प्रकाश]] क कईएक रंगो मँ अपघटित करी दै छै जे [[दृश्य स्पेक्ट्रम]] बनाबै छै। हुनी [[न्यूटन का शीतलन का नियम|शीतलन के नियम]] देलकै आरू [[ध्वनि की गति|ध्वनि के गति]] के अध्ययन करलकै। गणित मँ, अवकलन आरू समाकलन [[गोटफ्राइड लीबनीज|कलन]] के [[कलन का इतिहास|विकास]] केरो श्रेय [[अत्यल्प कलन|गोटफ्राइड लीबनीज]] के साथ न्यूटन क जाय छै। हुनी [[द्विपद प्रमेय|सामान्यीकृत द्विपद प्रमेय]] के भी प्रदर्शन करलकै आरू एगो [[Newton's method|फलन]] के शून्य के सन्निकटन लेली तथाकथित "[[न्यूटन की विधि|न्यूटन के विधि]]" के विकास करलकै आरू [[घात श्रृंखला]] केरो अध्ययन मँ योगदान देलकै। वैज्ञानिको बीच न्यूटन के स्थिति बहुत शीर्ष पद पर छै, ऐसनो ब्रिटेन के [[रॉयल सोसाइटी|रोयल सोसाइटी]] मँ 2005 मँ होलो वैज्ञानिको के एगो सर्वेक्षण के द्वारा प्रदर्शित होय छै, जेकरा मँ पूछलो गेलै कि [[विज्ञान का इतिहास|विज्ञान के इतिहास]] प केकरो प्रभाव अधिक गहरा छै, न्यूटन के या [[अल्बर्ट आइंस्टीन|एल्बर्ट आइंस्टीन]] के। ई सर्वेक्षण मँ न्यूटन क अधिक प्रभावी पैलो गेलै।<ref>{{Cite web |title=Newton beats Einstein in polls of scientists and the public |work=The Royal Society |url=http://www.royalsoc.ac.uk/news.asp?id=3880 |access-date=8 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060207140734/http://www.royalsoc.ac.uk/news.asp?id=3880 |archive-date=7 फ़रवरी 2006 |url-status=dead }}</ref>. न्यूटन अत्यधिक धार्मिक भी छेलै, हालाँकि हुनी एगो अपरंपरागत ईसाई छेलै, हुनी प्राकृतिक विज्ञान, जेकरा लेली हुनका आय याद करलो जाय छै, केरो तुलना मँ [[बाइबिल हेर्मेनेयुटिक्स]] प जादे लिखलकै। == जीवन == === प्रारंभिक वर्ष === {{Main|Isaac Newton's early life and achievements}} आइजैक न्यूटन केरो जन्म 4 जनवरी 1642 क पुरानी शैली आरू नयो शैली के तिथि 25 दिसंबर 1642<ref name="OSNS" /> क [[वूल्स्थ्रोप मेनोर|लिनकोलनशायर]] के काउंटी मँ एगो [[वूल्स्थोर्पे-बाय-कोल्स्तेर्वोर्थ|हेमलेट]], [[हेमलेट (जगह)|वूल्स्थोर्पे-बाय-कोल्स्तेर्वोर्थ]] मँ[[लिंकनशायर|वूलस्थ्रोप मेनर]] मँ होलो रहै। न्यूटन केरो जन्म के समय, इंग्लैंड नँ [[ग्रेगोरियन कैलेंडर|ग्रिगोरियन केलेंडर]] क नै अपनैले छेलै , ई लेली हुनको जन्म के तिथि क क्रिसमस दिवस 287 दिसंबर 1642 के रूप मँ दर्ज करलो गेलै । न्यूटन केरो जन्म हुनको बाबू केरो निधन के तीन माह बाद होलै, हुनी एगो समृद्ध किसान छेलै, हुनको नाम भी आइजैक न्यूटन छेलै। [[समय से पहले जन्म|पूर्व परिपक्व]] अवस्था मँ पैदा होय वाला वू एगो छोटो बुतरू छेलै । हुनको माय [[हन्ना अयसकफ|हन्ना ऐस्क्फ़]] के कहना छेलै कि वू एगो [[चौथाई]] गेलन जैसनो तनी ठो मग मँ समाबै सकै छेलै। जबै न्यूटन तीन साल के रहै, हुनको माय नँ दुबारा शादी करी लेलकै आरू अपनो नैका पति रेवरंड बर्नाबुस स्मिथ सथें रहै ल चल्ली गेली आरू अपनो बेटा क ओकरो नानी मर्गेरी ऐस्क्फ़ के देखभाल मँ छोडी देलकै। छोटा आइजैक अपनो सौतेला बाप क पसंद नै करै छेलै आरू ओकरो साथ शादी करै के कारण अपनो माय साथें दुश्मनी के भाव रखै छेलै। जैसनो कि 19 वर्ष तलक के उमर मँ हुनका द्वारा करलो गेलो अपराधो के सूची मँ प्रदर्शित होय छै: "हम्में माय आरू बाप स्मिथ के घर क जलाबै के धमकी देलियै।"<ref>[11] ^ कोहेन, आईबी (1970).वैज्ञानिक जीवनी का शब्द कोष, खण्ड 11, p.43. न्यूयॉर्क: चार्ल्स स्क्रिब्नेर के पुत्र</ref> [[फाईल:Sir Isaac Newton by Sir Godfrey Kneller, Bt.jpg|thumbnail|1702 में न्यूटन का एक चित्र गोडफ्रे क्नेलर के द्वारा]] [[फाईल:Bolton-newton.jpg|thumbnail|आइजैक न्यूटन (बोलटन, सारा के.फेमस मेन ऑफ़ साइंस NY: थॉमस वाई क्रोवेल एंड कं, 1889)]] बारह वर्ष सँ सत्रह वर्ष के उमर तलक हुनी [[दी किंग्स स्कूल, ग्रान्थम]] मँ शिक्षा प्राप्त करलकै (जहाँकरो पुस्तकालय केरो एगो खिड़की प हुनको दसखत आय भी देखलो जाबै सकै छै ) हुनका स्कूल सँ निकाली देलो गेलै आरू अक्टूबर 1659 मँ हुनी [[वूल्स्थोर्पे-बाय-कोल्स्तेर्वोर्थ]] आबी गेलै । जहाँ हुनको माय, जे दोसरो बार विधवा होय चुकलो छेलै, नँ ओकरा किसान बनाबै पर जोर देलकै। हुनी खेती सँ नफरत करै छेलै।<ref>[12] ^ वेस्टफॉल (1993) पीपी 16-19</ref> किंग्स स्कूल के मास्टर हेनरी स्टोक्स नँ ओकरो माय सँ कहलकै कि वू हुनका फिर सँ स्कूल भेजी दिअय ताकि हुनी अपनो शिक्षा क पूरा करै सकय। स्कूल केरो एगो लड़का के खिलाफ बदला लै के इच्छा सँ प्रेरित होय के वजह सँ वू एगो शीर्ष क्रम के छात्र बनी गेलो छेलै।<ref>व्हाइट 1997, पी. 22.</ref> जून 1661 मँ हुनका [[ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज]] मँ एगो [[सीज़र|सिजर]]-एक प्रकार के कार्य-अध्ययन भूमिका, के रूप मँ भर्ती करलो गेलै।<ref>[14] ^ माइकल व्हाइट, ''आइजैक न्यूटन'' (1999) [http://books.google.com/books?id=l2C3NV38tM0C&amp;pg=PA24&amp;dq=storer+intitle:isaac+intitle:newton&amp;lr=&amp;num=30&amp;as_brr=0&amp;as_pt=ALLTYPES#PPA46,M1 पृष्ठ 46] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160427130013/https://books.google.com/books?id=l2C3NV38tM0C&pg=PA24&dq=storer+intitle:isaac+intitle:newton&lr=&num=30&as_brr=0&as_pt=ALLTYPES#PPA46,M1 |date=27 अप्रैल 2016 }}</ref> वू समय कॉलेज के शिक्षा [[अरस्तु]] प आधारित छेलै। लेकिन न्यूटन अधिक आधुनिक दार्शनिक सब जेना [[रेने डेसकार्टेस|डेसकार्टेस]] आरू [[खगोलविदों]] जेना [[निकोलस कोपरनिकस|कोपरनिकस]], [[गैलीलियो गैलीली|गैलीलियो]] आरू [[जोहानिस केपलर|केपलर]] के विचार सब क पढै ल चाहै छेलै। 1665 मँ हुनी सामान्यीकृत द्विपद प्रमेय के खोज करलकै आरू एक गणितीय सिद्धांत विकसित करना शुरू करलकै जे बाद मँ [[अत्यल्प कलन]] के नाम सँ जानलो गेलै। अगस्त 1665 मँ जेन्हैं न्यूटन नँ अपनो डिग्री प्राप्त करलकै, ओकरो ठीक बाद [[लंदन की प्लेग की भीषण महामारी|प्लेग के भीषण महामारी]] सँ बचै लेली एहतियात के रूप मँ विश्वविद्यालय क बंद करी देलकै। यद्यपि वू एगो कैम्ब्रिज विद्यार्थी के रूप मँ प्रतिष्ठित नै रहै,<ref>[15] ^ संस्करण. माइकल हास्किंस (1997).कैम्ब्रिज ने खगोल विज्ञान के इतिहास को चित्रित किया, पी. 159.159. कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय प्रेस।</ref> ओकरो बाद केरो दू बरस तलक हुनी वूल्स्थोर्पे मँ अपनो घर पर निजी अध्ययन करलकै आरू कलन, [[प्रकाशिकी]] आरू [[गुरुत्वाकर्षण का नियम|गुरुत्वाकर्षण के नियमो]] पर अपनो सिद्धांतो के विकास करलकै। 1667 मँ हुनी ट्रिनिटी के एगो फेलो के रूप मँ कैम्ब्रिज लौटी ऐलै।<ref>{{Venn|id=RY644J|name=Newton, Isaac}}</ref> === बीच केरो बरस === अधिकांश आधुनिक इतिहासकारो के मानना छै कि न्यूटन आरू [[लीबनीज]] नँ [[अत्यल्प कलन]] के विकास अपनो-अपनो अद्वितीय संकेतनो के उपयोग करतें स्वतंत्र रूप सँ करलकै। न्यूटन केरो आंतरिक चक्र के अनुसार, न्यूटन नँ अपनो ई विधि क लीबनीज सँ कई साल पहलैं विकसित करी देलै छेलै । लेकिन हुनी लगभग 1693 तलक अपनो कोय भी काम क प्रकाशित नै करलकै आरू 1704 तलक अपनो कार्य केरो पूरा लेखा जोखा नै देलकै । ई बीच, लीबनीज नँ 1684 मँ अपनो विधि सब के पूरा लेखा जोखा प्रकाशित करना शुरू करी देलकै । एकरो अलावा, लीबनीज के संकेतनों तथा "अवकलन की विधियों" को [[महाद्वीपीय यूरोप|महाद्वीप]] पर सार्वत्रिक रूप से अपनाया गया और 1820 के बाद, [[ब्रिटिश साम्राज्य]] में भी इसे अपनाया गया। जबकि लीबनीज की पुस्तिकाएं प्रारंभिक अवस्थाओं से परिपक्वता तक विचारों के आधुनिकीकरण को दर्शाती हैं, न्यूटन के ज्ञात नोट्स में केवल अंतिम परिणाम ही है। न्यूटन ने कहा कि वे अपने कलन को प्रकाशित नहीं करना चाहते थे क्योंकि उन्हें डर था वे उपहास का पात्र बन जायेंगे. न्यूटन का स्विस गणितज्ञ [[निकोलस फातियो डे दयुलियर|निकोलस फतियो डे दुइलिअर]] के साथ बहुत करीबी रिश्ता था, जो प्रारम्भ से ही न्यूटन के [[गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत|गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत]] से बहुत प्रभावित थे। 1691 में दुइलिअर ने न्यूटन के ''[[फिलोसोफी नेचुरेलिस प्रिन्सिपिया मेथेमेटिका]]'' के एक नए संस्करण को तैयार करने की योजना बनायी, लेकिन इसे कभी पूरा नहीं कर पाए.बहरहाल, इन दोनों पुरुषों के बीच सम्बन्ध 1693 में बदल गया। इस समय, दुइलिअर ने भी लीबनीज के साथ कई पत्रों का आदान प्रदान किया था।<ref>[18] ^ ^ वेस्टफॉल 1980, पीपी 538-539</ref> 1699 की शुरुआत में, [[रॉयल सोसाइटी|रोयल सोसाइटी]] (जिसके न्यूटन भी एक सदस्य थे) के अन्य सदस्यों ने लीबनीज पर [[साहित्यिक चोरी]] के आरोप लगाये और यह विवाद 1711 में पूर्ण रूप से सामने आया। न्यूटन की रॉयल सोसाइटी ने एक अध्ययन द्वारा घोषणा की कि न्यूटन ही सच्चे आविष्कारक थे और लीबनीज ने धोखाधड़ी की थी। यह अध्ययन संदेह के घेरे में आ गया, जब बाद पाया गया कि न्यूटन ने खुद लीबनीज पर अध्ययन के निष्कर्ष की टिप्पणी लिखी। इस प्रकार कड़वा [[न्यूटन बनाम लीबनीज कलन विवाद|न्यूटन बनाम लीबनीज विवाद]] शुरू हो गया, जो बाद में न्यूटन और लीबनीज दोनों के जीवन में 1716 में लीबनीज की मृत्यु तक जारी रहा।<ref>[19] ^ बॉल 1908, पी. 356ff</ref> न्यूटन को आम तौर पर [[द्विपद प्रमेय#न्यूटन 27s सामान्यीकृत द्विपद प्रमेय|सामान्यीकृत द्विपद प्रमेय]] का श्रेय दिया जाता है, जो किसी भी घात के लिए मान्य है। उन्होंने [[न्यूटन की सर्वसमिकाएं|न्यूटन की सर्वसमिकाओं]], [[न्यूटन की विधि]], वर्गीकृत घन समतल वक्र (दो [[चर (गणित)|चरों]] में तीन के [[बहुपदीय|बहुआयामी]] पद) की खोज की, [[परिमित अंतर|परिमित अंतरों]] के सिद्धांत में महत्वपूर्ण योगदान दिया, वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने भिन्नात्मक सूचकांक का प्रयोग किया और [[निर्देशांक ज्यामिति|डायोफेनताइन समीकरणों]] के हल को व्युत्पन्न करने के लिए [[डायोफेनताइन समीकरण|निर्देशांक ज्यामिति]] का उपयोग किया। उन्होंने लघुगणक के द्वारा हरात्मक श्रेढि के आंशिक योग का सन्निकटन किया, (यूलर के समेशन सूत्र का एक पूर्वगामी) और वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने आत्मविश्वास के साथ घात श्रृंखला का प्रयोग किया और घात श्रृंखला का विलोम किया। उन्हें 1669 में [[गणित के लुकासियन प्राध्यापक|गणित का ल्युकेसियन प्रोफेसर]] चुना गया। उन दिनों, कैंब्रिज या [[ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय|ऑक्सफ़ोर्ड]] के किसी भी सदस्य को एक निर्दिष्ट [[अंग्रेजियत|अंग्रेजी]] पुजारी होना आवश्यक था। हालाँकि, ल्युकेसियन प्रोफेसर के लिए जरुरी था कि वह चर्च में सक्रिय ''न'' हो। (ताकि वह विज्ञान के लिए और अधिक समय दे सके) न्यूटन ने तर्क दिया कि समन्वय की आवश्यकता से उन्हें मुक्त रखना चाहिए और [[इंग्लैंड के चार्ल्स द्वितीय|चार्ल्स द्वितीय]], जिसकी अनुमति अनिवार्य थी, ने इस तर्क को स्वीकार किया। इस प्रकार से न्यूटन के धार्मिक विचारों और अंग्रेजी रूढ़ीवादियों के बीच संघर्ष टल गया।<ref>[20] ^ व्हाइट 1997, पी. 151</ref> ==== प्रकाशिकी ==== [[फाईल:NewtonsTelescopeReplica.jpg|thumbnail|न्यूटन के दूसरे परावर्ती दूरदर्शी की एक प्रतिकृति जो उन्होंने 1672 में रॉयल सोसाइटी को भेंट किया।]] 1670 से 1672 तक, न्यूटन का प्रकाशिकी पर व्याख्यान दिया. इस अवधि के दौरान उन्होंने प्रकाश के [[अपवर्तन]] की खोज की, उन्होंने प्रदर्शित किया कि एक [[प्रिज़्म|प्रिज्म]] [[श्वेत|श्वेत प्रकाश]] को रंगों के एक [[स्पेक्ट्रमी सूर्यदर्शी|स्पेक्ट्रम]] में वियोजित कर देता है और एक [[लेंस]] और एक दूसरा प्रिज्म बहुवर्णी स्पेक्ट्रम को संयोजित कर के श्वेत प्रकाश का निर्माण करता है।<ref>[22] ^ बॉल 1908, पी. 324</ref> उन्होंने यह भी दिखाया कि रंगीन प्रकाश को अलग करने और भिन्न वस्तुओं पर चमकाने से रगीन प्रकाश के गुणों में कोई परिवर्तन नहीं आता है। न्यूटन ने वर्णित किया कि चाहे यह परावर्तित हो, या विकिरित हो या संचरित हो, यह समान रंग का बना रहता है। इस प्रकार से, उन्होंने देखा कि, रंग पहले से रंगीन प्रकाश के साथ वस्तु की अंतर्क्रिया का परिणाम होता है नाकि वस्तुएं खुद रंगों को उत्पन्न करती हैं। यह [[आइजैक न्यूटन का प्रारंभिक जीवन और उपलब्धियां#न्यूटन का रंग का सिद्धांत|न्यूटन के रंग सिद्धांत]] के रूप में जाना जाता है।<ref>[23] ^ बॉल 1908, पी. 325</ref> इस कार्य से उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि, किसी भी [[अपवर्ती दूरदर्शी]] का लेंस प्रकाश के रंगों में [[विसरण]] ([[रंगीन विपथन]]) का अनुभव करेगा और इस अवधारणा को सिद्ध करने के लिए उन्होंने [[अभिदृश्यक]] के रूप में एक दर्पण का उपयोग करते हुए, एक दूरदर्शी का निर्माण किया, ताकि इस समस्या को हल किया जा सके.<ref>[24] ^ व्हाइट 1997, पी 170</ref> दरअसल डिजाइन के निर्माण के अनुसार, पहला ज्ञात क्रियात्मक परावर्ती दूरदर्शी, आज एक [[न्यूटोनियन दूरबीन]] के रूप में जाना जाता है<ref>[25] ^ व्हाइट 1997, पी 170</ref>, इसमें तकनीक को आकार देना तथा एक उपयुक्त दर्पण पदार्थ की समस्या को हल करना शामिल है। न्यूटन ने अत्यधिक परावर्तक [[वीक्षक धातु]] के एक कस्टम संगठन से, अपने दर्पण को आधार दिया, इसके लिए उनके दूरदर्शी हेतु प्रकाशिकी कि [[गुणवत्ता नियंत्रण|गुणवत्ता]] की जाँच के लिए [[न्यूटन के छल्ले|न्यूटन के छल्लों]] का प्रयोग किया गया। फरवरी 1669 तक वे रंगीन विपथन के बिना एक उपकरण का उत्पादन करने में सक्षम हो गए। 1671 में रॉयल सोसाइटी ने उन्हें उनके परावर्ती दूरदर्शी को प्रर्दशित करने के लिए कहा।<ref>[26] ^ व्हाइट 1997, पी 168</ref> उन लोगों की रूचि ने उन्हें अपनी टिप्पणियों ''ओन कलर'' के प्रकाशन हेतु प्रोत्साहित किया, जिसे बाद में उन्होंने अपनी ''ऑप्टिक्स'' के रूप में विस्तृत कर दिया। जब [[रॉबर्ट हुक]] ने न्युटन के कुछ विचारों की आलोचना की, न्यूटन इतना नाराज हुए कि वे सार्वजनिक बहस से बाहर हो गए। हुक की मृत्यु तक दोनों दुश्मन बने रहे। {{Fact|date=मार्च 2009}}[27] न्यूटन ने तर्क दिया कि प्रकाश कणों या अतिसूक्षम ''कणों'' से बना है, जो सघन माध्यम की और जाते समय अपवर्तित हो जाते हैं, लेकिन प्रकाश के ''विवर्तन'' को स्पष्ट करने के लिए इसे [[तरंग|तरंगों]] के साथ सम्बंधित करना जरुरी था। ([[विवर्तन|ऑप्टिक्स]] बीके।II, प्रोप्स. XII-L). बाद में भौतिकविदों ने प्रकाश के विवर्तन के लिए शुद्ध तरंग जैसे स्पष्टीकरण का समर्थन किया। आज की [[क्वांटम यांत्रिकी|क्वाण्टम यांत्रिकी]], [[फोटोन]] और [[लहर-कण युग्मता|तरंग-कण युग्मता]] के विचार, न्यूटन की प्रकाश के बारे में समझ के साथ बहुत कम समानता रखते हैं। 1675 की उनकी ''प्रकाश की परिकल्पना'' में न्यूटन ने कणों के बीच बल के स्थानान्तरण हेतु, [[:wikt:posit|ईथर]] की उपस्थिति को [[:wikt: मंज़ूर|मंजूर]] किया। [[धर्म विज्ञानी|ब्रह्म विद्यावादी]] [[हेनरी मोर]] के संपर्क में आने से रसायन विद्या में उनकी रुचि पुनर्जीवित हो गयी। उन्होंने ईथर को कणों के बीच आकर्षण और प्रतिकर्षण के [[हेर्मेट वाद|वायुरुद्ध]] विचारों पर आधारित गुप्त बलों से प्रतिस्थापित कर दिया. [[जॉन मेनार्ड केनेज]], जिन्होंने रसायन विद्या पर न्यूटन के कई लेखों को स्वीकार किया, कहते हैं कि "न्युटन कारण के युग के पहले व्यक्ति नहीं थे: वे जादूगरों में आखिरी नंबर पर थे।"<ref>{{Cite book |last=Keynes |first=John मईnard |year=1972 |chapter=Newton, The Man |title=The Collected Writings of John मईnard Keynes Volume X |publisher=MacMillan St. Martin's Press |pages=363–4}}</ref> रसायन विद्या में न्यूटन की रूचि उनके विज्ञान में योगदान से अलग नहीं की जा सकती है।<ref>[31] ^ न्यूटन ने जाहिर तौर पर अपने रसायन विज्ञान के अनुसंधान को परित्यक्त कर दिया। देखो {{Cite book |last=Westfall |first=Richard S. |origyear=1980 |year=1983 |title="Never at Rest: A Biography of Isaac Newton |url=https://archive.org/details/neveratrestbiogr00west |publisher=Cambridge University Press |location=Cambridge |pages=[https://archive.org/details/neveratrestbiogr00west/page/530 530]–1}}</ref> (यह उस समय हुआ जब रसायन विद्या और विज्ञान के बीच कोई स्पष्ट भेद नहीं था।) यदि उन्होंने एक निर्वात में से होकर [[गुप्त|एक दूरी पर क्रिया]] के [[दूरी पर क्रिया (भौतिकी)|गुप्त]] विचार पर भरोसा नहीं किया होता तो वे गुरुत्व का अपना सिद्धांत विकसित नहीं कर पाते। ([[आइजैक न्यूटन के गुप्त अध्ययन]] भी देखें) 1704 में न्यूटन ने ''[[ऑप्टिक्स|आप्टिक्स]]'' को प्रकाशित किया, जिसमें उन्होंने अपने प्रकाश के अतिसूक्ष्म कणों के सिद्धांत की विस्तार से व्याख्या की.उन्होंने प्रकाश को बहुत ही सूक्ष्म कणों से बना हुआ माना, जबकि साधारण द्रव्य बड़े कणों से बना होता है और उन्होंने कहा कि एक प्रकार के रासायनिक रूपांतरण के माध्यम से "सकल निकाय और प्रकाश एक दूसरे में रूपांतरित नहीं हो सकते हैं,....... और निकाय, प्रकाश के कणों से अपनी गतिविधि के अधिकांश भाग को प्राप्त नहीं कर सकते, जो उनके संगठन में प्रवेश करती है?"<ref>[33] ^ {{Cite journal |last=Dobbs |first=J.T. |year=1982 |month=दिसम्बर |title=Newton's Alchemy and His Theory of Matter |journal=Isis |volume=73 |issue=4 |page=523 |doi=10.1086/353114 |pages=511}} ऑप्टिक्स ''उद्धृत''</ref> न्यूटन ने एक [[कांच]] के ग्लोब का प्रयोग करते हुए, (ऑप्टिक्स, 8 वां प्रश्न) एक घर्षण [[विद्युत स्थैतिक जनरेटर]] के एक आद्य रूप का निर्माण किया। ==== यांत्रिकी और गुरुत्वाकर्षण ==== [[फाईल:NewtonsPrincipia.jpg|thumbnail|दूसरे संस्करण के लिए हाथ से लिख कर किये गए सुधारों के साथ न्यूटन की अपनी प्रिन्सिपिया की प्रतिलिपि]] {{Further|प्रिंसपिया मैथेमैटिका का लेखन}} 1677 में, न्यूटन ने फिर से यांत्रिकी पर अपना कार्य शुरू किया, अर्थात, गुरुत्वाकर्षण और ग्रहीय गति के [[केपलर के नियम|केपलर के नियमों]] के सन्दर्भ के साथ, [[ग्रह|ग्रहों]] की कक्षा पर गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव और इस विषय पर हुक और [[जॉन फ्लेमस्टीड|फ्लेमस्टीड]] का परामर्श। उन्होंने ''[[जीरम में डे मोट्यु कोर्पोरम|जिरम में डी मोटू कोर्पोरम]]'' में अपने परिणामों का प्रकाशन किया। (१६८४) इसमें गति के नियमों की शुरुआत थी जिसने ''प्रिन्सिपिया'' को सूचित किया। ''[[फिलोसोफी नेचुरेलिस प्रिन्सिपिया मेथेमेटिका]]'' (जिसे अब ''प्रिन्सिपिया'' के रूप में जाना जाता है) का प्रकाशन [[एडमंड हैली|एडमंड हेली]] की वित्तीय मदद और प्रोत्साहन से 5 जुलाई 1687 को हुआ। इस कार्य में [[आइजैक न्यूटन#न्यूटन के गति के नियम|न्यूटन ने गति के तीन सार्वभौमिक नियम]] दिए जिनमें 200 से भी अधिक वर्षों तक कोई सुधार नहीं किया गया है। उन्होंने उस प्रभाव के लिए लैटिन शब्द ''ग्रेविटास'' (भार) का इस्तेमाल किया जिसे [[गुरुत्व]] के नाम से जाना जाता है और [[सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण|सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण के नियम]] को परिभाषित किया। इसी कार्य में उन्होंने वायु में ध्वनि की गति के, [[बोयल का नियम|बॉयल के नियम]] पर आधारित पहले विश्लेषात्मक प्रमाण को प्रस्तुत किया। [[दूरी पर क्रिया (भौतिकी)|बहुत अधिक दूरी पर क्रिया कर सकने वाले एक अदृश्य बल]] की न्यूटन की अवधारणा की वजह से उनकी आलोचना हुई, क्योंकि उन्होंने विज्ञान में "[[गुप्त]] एजेंसियों" को मिला दिया था।<ref>[35] ^ एडेलग्लास एट अल., ''मेटर एंड माइंड,'' आई एस बी एन 0940262452. पी. 54</ref> ''प्रिन्सिपिया'' के साथ, न्यूटन को अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली.<ref>[36] ^ वेस्टफॉल 1980. अध्याय 11.</ref> उन्हें काफी प्रशंसाएं मिलीं, उनके एक प्रशंसक थे, [[स्विट्ज़रलैण्ड|स्विटजरलैण्ड]] में जन्मे [[निकोलस फातियो डे दयुलियर|निकोलस फतियो दे दयुलीयर]], जिनके साथ उनका एक गहरा रिश्ता बन गया, जो 1693 में तब समाप्त हुआ जब न्यूटन [[तंत्रिका अवरोध]] से पीड़ित हो गए।<ref>[37] ^ वेस्टफॉल 1980. पीपी 493-497 फतियो के साथ दोस्ती पर, पीपी 531-540 न्यूटन के ब्रेकडाउन पर। </ref> === बाद का जीवन === [[फाईल:Newton 25.jpg|thumbnail|आइजैक न्यूटन बुढ़ापे में 1712 में, सर जेम्स थोर्न हिल के द्वारा चित्र]] {{Main|Isaac Newton's later life}} 1690 के दशक में, न्यूटन ने कई [[धार्मिक पुस्तक|धार्मिक शोध]] लिखे जो [[बाइबल]] की साहित्यिक व्याख्या से सम्बंधित थे। [[हेनरी मोर]] के ब्रह्मांड में विश्वास और [[कार्तीय द्वैतवाद]] के लिए अस्वीकृति ने शायद न्यूटन के धार्मिक विचारों को प्रभावित किया। उन्होंने एक पांडुलिपि [[जॉन लोके]] को भेजी जिसमें उन्होंने [[ट्रिनिटी]] के अस्तित्व को विवादित माना था, जिसे कभी प्रकाशित नहीं किया गया। बाद के कार्य {{Ndash}}[39]''[[दी क्रोनोलोजी ऑफ़ एनशियेंट किंगदम्स अमेनडेड|दी क्रोनोलोजी ऑफ़ एनशियेंट किंगडेम्स अमेनडेड]]'' (1728) और ''ओब्सरवेशन्स अपोन दी प्रोफिसिज ऑफ़ डेनियल एंड दी एपोकेलिप्स ऑफ़ सेंट जॉन '' (1733){{Ndash}}[40] का प्रकाशन उनकी मृत्यु के बाद हुआ। उन्होंने रसायन विद्या के लिए भी अपना बहुत अधिक समय दिया (ऊपर देखें)। न्यूटन 1689 से 1690 तक और 1701 में [[इंग्लैंड की संसद]] के सदस्य भी रहे. लेकिन कुछ विवरणों के अनुसार उनकी टिप्पणियाँ हमेशा कोष्ठ में एक ठंडे सूखे को लेकर ही होती थीं और वे खिड़की को बंद करने का अनुरोध करते थे।<ref>[41] ^ व्हाइट 1997, पी. 232</ref> 1696 में न्यूटन [[शाही टकसाल]] के वार्डन का पद संभालने के लिए लन्दन चले गए, यह पद उन्हें [[राजकोष के कुलाधिपति|राजकोष के तत्कालीन कुलाधिपति]], [[चार्ल्स मोंतागु, हैलिफ़ैक्स के पहले अर्ल|हैलिफ़ैक्स के पहले अर्ल, चार्ल्स मोंतागु]] के संरक्षण के माध्यम से प्राप्त हुआ। उन्होंने इंग्लैंड का प्रमुख मुद्रा ढल्लाई का कार्य संभाल लिया, किसी तरह मास्टर लुकास के इशारों पर नाचने लगे (और एडमंड हेली के लिए अस्थाई टकसाल शाखा के उप [[लेखा नियंत्रक|नियंता]] का पद हासिल किया) 1699 में लुकास की मृत्यु न्यूटन शायद [[टकसाल के मास्टर|टकसाल के सबसे प्रसिद्ध मास्टर]] बने, इस पद पर न्यूटन अपनी मृत्यु तक बने रहे.ये नियुक्तियां [[दायित्वहीन पद|दायित्वहीन]] पद के रूप में ली गयीं थीं, लेकिन न्यूटन ने उन्हें गंभीरता से लिया, 1701 में अपने कैम्ब्रिज के कर्तव्यों से सेवानिवृत हो गए और मुद्रा में सुधार लाने का प्रयास किया तथा [[मानमर्दन|कतरनों]] तथा नकली मुद्रा बनाने वालों को अपनी शक्ति का प्रयोग करके सजा दी. 1717 में टकसाल के मास्टर के रूप में "[[ग्रेट ब्रिटेन के ऐनी|ला ऑफ़ क्वीन एने]]" में न्यूटन ने अनजाने में सोने के पक्ष में चांदी के पैसे और सोने के सिक्के के बीच द्वि धात्विक सम्बन्ध स्थापित करते हुए, [[पौंड स्टर्लिंग]] को [[चांदी के मानक]] से [[सोने के मानक]] में बदल दिया। इस कारण से चांदी स्टर्लिंग सिक्के को पिघला कर ब्रिटेन से बाहर भेज दिया गया। न्यूटन को 1703 में [[रॉयल सोसाइटी|रोयल सोसाइटी]] का अध्यक्ष और [[फ्रेंच एकेडमी ऑफ़ साइंसेज|फ्रेंच एकेडमिक डेस साइंसेज]] का एक सहयोगी बना दिया गया। रॉयल सोसायटी में अपने पद पर रहते हुए, न्यूटन ने [[खगोलविद रॉयल|रोयल खगोलविद]] जॉन फ्लेमस्टीड को शत्रु बना लिया, उन्होंने फ्लेमस्टीड की ''हिस्टोरिका कोलेस्तिस ब्रिटेनिका'' को समय से पहले ही प्रकाशित करवा दिया, जिसे न्यूटन ने अपने अध्ययन में काम में लिया था।<ref>[42] ^ व्हाइट 1997, पी. 317</ref> अप्रैल 1705 में क्वीन ऐनी ने न्यूटन को ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज में एक शाही यात्रा के दौरान [[नाइट स्नातक|नाइट की उपाधि]] दी। यह नाइट की पदवी न्यूटन को टकसाल के मास्टर के रूप में अपनी सेवाओ के लिए नहीं दी गयी थी और न ही उनके वैज्ञानिक कार्य के लिए दी गयी थी बल्कि उन्हें यह उपाधि मई 1705 में संसदीय चुनाव के दौरान उनके राजनितिक योगदान के लिए दी गयी थी।<ref>[43] ^ "न्यूटन के चुनाव के लिए रानी की 'बहुत बड़ी सहायता' थी उसे नाईट की उपाधि देना, यह सम्मान उन्हें न तो विज्ञान में योगदान के लिए दिया गया और न ही टकसाल के लिए उनके द्वारा दी गयी सेवओं के लिए दिया गया। बल्कि 1705 में चुनाव में दलीय राजनीती में योगदान के लिए दिया गया।" वेस्टफॉल 1994 पी 245</ref> न्यूटन की मृत्यु लंदन में 31 मार्च 1727 को हुई, <small><nowiki>[</nowiki>[[पुरानी शैली और नई शैली की तिथियाँ|पुरानी शैली]] 20 मार्च 1726<nowiki>]</nowiki><ref name="OSNS" /></small> और उन्हें [[वेस्टमिंस्टर एब्बे]] में दफनाया गया था। उनकी आधी-भतीजी, [[कैथरीन बार्टन कंदुइत्त|कैथरीन बार्टन कोनदुइत]],<ref>[45] ^ वेस्टफॉल 1980, पी. [44][44]</ref> ने लन्दन में [[जर्मिन स्ट्रीट|जर्मीन स्ट्रीट]] में उनके घर पर सामाजिक मामलों में उनकी परिचारिका का काम किया; वे उसके "बहुत प्यारे अंकल" थे,<ref>[46] ^ वेस्टफॉल 1980, पी. 595</ref> ऐसा जिक्र उनके उस पत्र में किया गया है जो न्यूटन के द्वारा उसे तब लिखा गया जब वह [[चेचक]] की बीमारी से उबर रही थी। न्यूटन, जिनके कोई बच्चे नहीं थे, उनके अंतिम वर्षों में उनके रिश्तदारों ने उनकी अधिकांश संपत्ति पर अधिकार कर लिया और [[इच्छापत्रहीनत्व|निर्वसीयत]] ही उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु के बाद, न्यूटन के शरीर में भारी मात्रा में [[पारा (तत्व)|पारा]] पाया गया, जो शायद उनके रासायनिक व्यवसाय का परिणाम था। [[पारे की विषाक्तता]] न्यूटन के अंतिम जीवन में सनकीपन को स्पष्ट कर सकती है।<ref>{{Cite web |url=http://scienceworld.wolfram.com/biography/Newton.html |title=Newton, Isaac (1642-1727) |work=Eric Weisstein's World of Biography |accessdate=30 अगस्त 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060428081045/http://scienceworld.wolfram.com/biography/Newton.html |archive-date=28 अप्रैल 2006 |url-status=live }}</ref> === मृत्यु के बाद === ==== प्रसिद्धि ==== फ्रेंच गणितज्ञ [[जोसेफ लुई लग्रंगे|जोसेफ लुईस लाग्रेंज]] अक्सर कहते थे कि न्यूटन महानतम प्रतिभाशाली था और एक बार उन्होंने कहा कि वह "सबसे ज्यादा भाग्यशाली भी था क्योंकि हम दुनिया की प्रणाली को एक से ज्यादा बार स्थापित नहीं कर सकते."<ref>फ्रेड एल विल्सन, ''विज्ञान का इतिहास: न्यूटन'' साइटिंग:देलम्ब्रे, एम."Notice sur la vie et les ouvrages de M. le comte जे एल लग्रंग। " ''Oeuvres de Lagrange '' आई पेरिस, 1867, पी. एक्स एक्स.</ref> अंग्रेजी कवि [[अलेक्जेंडर पोप]] ने न्यूटन की उपलब्धियों के द्वारा प्रभावित होकर प्रसिद्ध [[स्मृति लेख|स्मृति-लेख]] लिखा: <blockquote> Nature and nature's laws lay hid in night;<br /> God said "Let Newton be" and all was light.</blockquote> न्यूटन अपनी उपलब्धियों का बताने में खुद संकोच करते थे, फरवरी 1676 में उन्होंने [[रॉबर्ट हुक]] को एक पत्र में लिखा: <blockquote>If I have seen further it is by standing on ye shoulders of Giants[50]</blockquote> हालांकि आमतौर पर इतिहासकारों का मानना है कि उपरोक्त पंक्तियां, नम्रता के साथ कहे गए एक कथन के अलावा {{Ndash}}[51] या बजाय {{Ndash}}[52], हुक पर एक हमला थीं (जो कम ऊंचाई का और कुबडा था).<ref>[53] ^ "संदेश जिसे न्यूटन देना चाहते थे, हालांकि उन्होंने प्राचीन लोगों से उधार लिया था, उन्हें कोई जरुरत नहीं थी की वे छोटे व्यक्ति जैसे हुक के विचारों को चुराएँ, हुक शारीरिक रूप से तो बौना था ही साथ ही मानसिक तौर भीबौना ही था," जॉन ग्रिब्बन (2002) ''साइंस: ऐ हिस्ट्री 1543-2001, पी 164'' </ref><ref>[54] ^ "आखिरी वाक्य में न्यूटन ने हुक के चरित्र के तेज, द्वेषी, विकृत स्वभाव के लिए कहा.........वह शारीरिक रूप से तो विकृत है ही साथ ही चरित्र से भी इतना गिर गया है कि वह बौने जैसा ही दीखता है" व्हाइट 1997, पी 187 </ref> उस समय प्रकाशिकीय खोजों को लेकर दोनों के बीच एक विवाद चल रहा था। बाद की व्याख्या उसकी खोजों पर कई अन्य विवादों के साथ भी उपयुक्त है, जैसा कि यह प्रश्न कि कलन की खोज किसने की, जैसा कि ऊपर बताया गया है। बाद में एक इतिहास में, न्यूटन ने लिखा: <blockquote>मैं नहीं जानता कि मैं दुनिया को किस रूप में दिखाई दूंगा लेकिन अपने आप के लिए मैं एक ऐसा लड़का हूँ जो समुद्र के किनारे पर खेल रहा है और अपने ध्यान को अब और तब में लगा रहा है, एक अधिक चिकना पत्थर या एक अधिक सुन्दर खोल ढूँढने की कोशिश कर रहा है, सच्चाई का यह इतना बड़ा समुद्र मेरे सामने अब तक खोजा नहीं गया है।<ref>[55] ^ सर आजैक न्यूटन के जीवन, लेखन और खोजों की यादें (1855) सर डेविड ब्रूस्टर के द्वारा (खंड II. अध्याय 27) </ref></blockquote> ==== स्मारक ==== [[फाईल:Isaac Newton statue.jpg|thumbnail|ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्राकृतिक इतिहास के संग्रहालय में न्यूटन की मूर्ति का प्रदर्शन]] न्यूटन का स्मारक (1731) वेस्टमिंस्टर एब्बे में देखा जा सकता है, यह गायक मंडल स्क्रीन के विपरीत गायक मंडल के प्रवेश स्थान के उत्तर में है। इसे मूर्तिकार [[माइकल रीसब्रैक|माइकल रिज्ब्रेक]] ने (1694-1770) सफ़ेद और धूसर संगमरमर में बनाया है, जिसका डिजाइन वास्तुकार [[विलियम कैंट]] (1685-1748) द्वारा बनाया गया है। इस स्मारक में न्यूटन की आकृति पत्थर की बनी हुई कब्र के ऊपर टिकी हुई है, उनकी दाहिनी कोहनी उनकी कई महान पुस्तकों पर रखी है और उनका बायां हाथ एक गणीतिय डिजाइन से युक्त एक सूची की और इशारा कर रहा है। उनके ऊपर एक पिरामिड है और एक खगोलीय ग्लोब राशि चक्र के संकेतों तथा 1680 के धूमकेतु का रास्ता दिखा रहा है। एक राहत पैनल दूरदर्शी और प्रिज्म जैसे उपकरणों का प्रयोग करते हुए, [[पुट्टी]] का वर्णन कर रहा है।<ref name="wmabbey">{{Cite web|url=http://www.westminster-abbey.org/history-research/monuments-gravestones/people/12186|title=Monuments & Gravestones: Sir Isaac Newton|publisher=Westminster Abbey|accessdate=20 अक्टूबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080918042112/http://www.westminster-abbey.org/history-research/monuments-gravestones/people/12186|archive-date=18 सितंबर 2008|url-status=dead}}</ref> आधार पर दिए गए लेटिन शिलालेख का अनुवाद है: <blockquote>यहाँ नाइट, आइजैक न्यूटन, को दफनाया गया, जो दिमागी ताकत से लगभग दिव्य थे, उनके अपने विचित्र गणितीय सिद्धांत हैं, उन्होंने ग्रहों की आकृतियों और पथ का वर्णन किया, धूमकेतु के मार्ग बताये, समुद्र में आने वाले ज्वार का वर्णन किया, प्रकाश की किरणों में असमानताओं को बताया और वो सब कुछ बताया जो किसी अन्य विद्वान ने पहले कल्पना भी नहीं की थी, रंगों के गुणों का वर्णन किया। वे मेहनती, मेधावी और विश्वासयोग्य थे, पुरातनता, पवित्र ग्रंथों और प्रकृति में विश्वास रखते थे, वे अपने दर्शन में अच्छाई और भगवान के पराक्रम की पुष्टि करते हैं और अपने व्यवहार में सुसमाचार की सादगी व्यक्त करते हैं। मानव जाति में ऐसे महान आभूषण उपस्थित रह चुके हैं! वह 25 दिसम्बर 1642 को जन्मे और 20 मार्च 1726/ 7 को उनकी मृत्यु हो गई।--जी एल स्मिथ के द्वारा अनुवाद, ''दी मोंयुमेंट्स एंड जेनिल ऑफ़ सेंट पॉल्स केथेड्रल, एंड ऑफ़ वेस्टमिंस्टर एब्बे'' (1826), ii, 703–4.<ref name="wmabbey" /> </blockquote> 1978 से 1988 तक, [[हैरी एक्लेसटन|हेरी एकलेस्तन]] के द्वारा डिजाइन की गयी न्यूटन की एक छवि [[बैंक ऑफ़ इंग्लैंड|इंग्लेंड के बैंक]] के द्वारा जारी किये गए D £1 श्रृंखला के [[पौंड स्टर्लिंग के बैंक नोट|बैंक नोटों]] पर प्रदर्शित की गयी, (अंतिम £1 नोट जो इंग्लेंड के बैंक के द्वारा जारी किये गए). न्यूटन को नोट के पिछली ओर हाथ में एक पुस्तक पकडे हुए दर्शाया गया है, साथ ही एक दूरदर्शी, एक प्रिज्म और [[सौर तंत्र]] का एक मानचित्र भी है।<ref name="bankofengland">{{Cite web|url=http://www.bankofengland.co.uk/banknotes/denom_guide/index.htm|title=Withdrawn banknotes reference guide|publisher=Bank of England|accessdate=17 अक्टूबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20110610131654/http://www.bankofengland.co.uk/banknotes/denom_guide/index.htm|archive-date=10 जून 2011|url-status=live}}</ref> एक सेब पर खड़ी हुई आइजैक न्यूटन की एक मूर्ति, [[ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय प्राकृतिक इतिहास का संग्रहालय|ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय]] में देखी जा सकती है। ref>[43] ^ "न्यूटन के चुनाव के लिए रानी की 'बहुत बड़ी सहायता' थी उसे नाईट की उपाधि देना, यह सम्मान उन्हें न तो विज्ञान में योगदान के लिए दिया गया और न ही टकसाल के लिए उनके द्वारा दी गयी सेवओं के लिए दिया गया। बल्कि 1705 में चुनाव में दलीय राजनीती में योगदान के लिए दिया गया।" वेस्टफॉल 1994 पी 245 == धार्मिक विचार == {{Main|आइजैक न्युटन की धार्मिक सोच}} [[फाईल:Isaac Newton grave in Westminster Abbey.jpg|thumbnail|200px|वेस्टमिंस्टर एब्बे में न्यूटन की कब्र]] इतिहासकार [[स्टीफन स्नोबेलेन|स्टीफन डी. स्नोबेलेन]] का न्यूटन के बारे में कहना है कि "आइजैक न्यूटन एक [[हेरेसी|विधर्मी]] थे। लेकिन ... उन्होंने अपने निजी विश्वास की सार्वजनिक घोषणा कभी नहीं की- जिससे इस रूढ़िवादी को बेहद कट्टरपंथी जो समझा गया। उन्होंने अपने विश्वास को इतनी अच्छी तरह से छुपाया कि आज भी विद्वान उनकी निजी मान्यताओं को जान नहीं पायें हैं।"<ref name="heretic">{{Cite journal |last=Snobelen |first=Stephen D. |title=Isaac Newton, heretic: the strategies of a Nicodemite |journal=British Journal for the History of Science |volume=32 |pages=381–419 |year=1999 |url=http://www.isaac-newton.org/heretic.pdf |format=PDF |doi=10.1017/S0007087499003751 |access-date=8 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131007005450/http://isaac-newton.org/heretic.pdf |archive-date=7 अक्तूबर 2013 |url-status=dead }}</ref> स्नोबेलेन ने निष्कर्ष निकाला कि न्यूटन कम से कम एक [[सोशिनियन]] सहानुभूति रखते थे, (उनके पास कम से कम आठ सोशिनियन किताबें थीं ओर उन्होंने इन्हें पढ़ा), संभवतया [[एरियनवाद|एरियन]] ओर लगभग निश्चित रूप से एक [[ट्रिनिटी विरोधी]] थे।<ref name="heretic" /> —तीन पुर्वजी रूप जो आज [[यूनीटेरीयनवाद]] कहलाते हैं। उनकी धार्मिक असहिष्णुता के लिए विख्यात एक युग में, न्यूटन के कट्टरपंथी विचारों के बारे में कुछ सार्वजनिक अभिव्यक्तियां हैं, सबसे खास है, पवित्र आदेशों का पालन करने के लिए उनके द्वारा इनकार किया जाना, ओर जब वे मरने वाले थे तब उन्हें पवित्र [[संस्कार]] लेने के लिए कहा गया ओर उन्होंने इनकार कर दिया।<ref name="heretic" /> स्नोबेलेन के द्वारा विवादित एक दृष्टिकोण में,<ref name="heretic" /> टीसी फ़ाइजनमेयर ने तर्क दिया कि न्यूटन ट्रिनिटी के [[पूर्वी परंपरागत चर्च|पूर्वी रुढिवादी]] दृष्टिकोण को रखते थे, [[रोमन कैथोलिक]], [[अंगरेज़ी|अंग्रेजवाद]] और अधिकांश [[प्रोटेसटेंट|प्रोटेसटेंटों]] का पश्चिमी दृष्टिकोण नहीं रखते थे।<ref>{{Cite journal |last=Pfizenmaier |first=T.C. |year=1997 |title=Was Isaac Newton an Arian? |url=https://archive.org/details/sim_journal-of-the-history-of-ideas_1997-01_58_1/page/57 |journal=Journal of the History of Ideas |volume=58 |issue=1 |pages=57–80}}</ref> उनके अपने दिन में उन पर एक [[रोसीक्रुसीएनिज्म|रोसीक्रुसियन]] होने का आरोप लगाया गया। (जैसा कि रॉयल सोसाइटी और चार्ल्स द्वितीय की अदालत में बहुत से लोगों पर लगाया गया था।)<ref>{{Cite book |last=Yates |first=Frances A. |year=1972 |title=The Rosicrucian Enlightenment |url=https://archive.org/details/rosicrucianenlig0000yate_x6y5 |publisher=Routledge |location=London}}</ref> यद्यपि गति और गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम न्यूटन के सबसे प्रसिद्ध अविष्कार बन गए, उन्हें ब्रह्माण्ड को देखने के लिए एक मशीन के तौर पर इनका उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी दी गयी, जैसे महान घडी के समान। उन्होंने कहा, "गुरुत्व ग्रहों की गति का वर्णन करता है लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि किसने ग्रहों को इस गति में स्थापित किया। भगवान सब चीजों का नियंत्रण करते हैं और जानते हैं कि क्या है और क्या किया जा सकता है।"<ref name="tiner">{{Cite book |last=Tiner |first=J.H. |year=1975 |title=Isaac Newton: Inventor, Scientist and Teacher |publisher=Mott Media |location=Milford, Michigan, U.S.}}</ref> उनकी वैज्ञानिक प्रसिद्धि उल्लेखनीय है, साथ ही उनका प्रारंभिक [[पादरी|चर्च के पादरियों]] व [[बाइबिल|बाइबल]] का अध्ययन भी उल्लेखनीय है। न्यूटन ने [[शाब्दिक आलोचना]] पर लिखा, सबसे विशेष है। ''[[धर्म-ग्रन्थ के दो उल्लेखनीय भ्रष्टाचारों का एक ऐतिहासिक लेखा जोखा|एन हिस्टोरिकल अकाउंट ऑफ़ टू नोटेबल करप्शन ऑफ़ स्क्रिप्चर]]'' उन्होंने 3 अप्रैल ई. 33 को [[यीशु मसीह]] का क्रूसारोपण भी किया, जो एक पारंपरिक रूप से स्वीकृत तारीख़ के साथ सहमत है।<ref>[75] ^ जॉन पी. मिएर, ''[[:जॉन पी. मिएर#अ मार्जिनल ज्यू :ऐतिहासिक यीशु के पुनर्विचार|अ मार्जिनल ज्यू]]'', वी. 1, पीपी. 382-402 30 या 33 साल कम करने के बाद, ३० सबसे अधिक समान जजों के लिए.</ref> उन्होंने [[बाइबल कोड|बाइबल के अन्दर छुपे हुए संदेशों]] को खोजने का असफल प्रयास किया। उनके अपने जीवनकाल में, न्यूटन ने प्राकृतिक विज्ञान से अधिक धर्म के बारे में लिखा.वह तर्कयुक्त [[निरंतर|विश्वव्यापी]] दुनिया में विश्वास करते थे, लेकिन उन्होंने [[लीबनीज]] और [[बरुच स्पिनोज़ा|बरुच स्पिनोजा]] में निहित [[हाइलोजोइज्म]] को अस्वीकार कर दिया.इस प्रकार, आदेशित और गतिशील रूप से सूचित ब्रह्माण्ड को समझा जा सकता था और इसे एक सक्रिय कारण के द्वारा समझा जाना चाहिए.उनके पत्राचार में, न्यूटन ने दावा किया कि ''प्रिन्सिपिया'' में लिखते समय "मैंने एक नजर ऐसे सिद्धांतों पर रखी, ताकि देवता में विश्वास रखते हुए मनुष्य पर विचार किया जा सके."<ref>७६न्यूटन से [[रिचर्ड बेंटले]] 10 दिसम्बर 1692, टार्न बुल एट अल में। (1959-77), खंड 3, पी. 233.</ref> उन्होंने दुनिया की प्रणाली में डिजाइन का प्रमाण देखा: ग्रहीय प्रणाली में ऐसी अद्भुत एकरूपता को पसंद के प्रभाव की अनुमति दी जानी चाहिए।" लेकिन न्यूटन ने जोर दिया कि अस्थायित्व की धीमी वृद्धि के कारण दैवी हस्तक्षेप अंत में प्रणाली के सुधार के लिए आवश्यक होगा.<ref>[77] ^ ऑप्टिक्स, दूसरा संस्करण 1706. प्रश्न 31.</ref> इसके लिए लीबनीज ने उन पर निंदा लेख किया: "सर्वशक्तिमान ईश्वर समय समय पर अपनी घड़ी को समाप्त करना चाहता है: अन्यथा यह स्थानांतरित करने के लिए बंद कर दिया जायेगा. ऐसा लगता है कि उसके पास इसे एक सतत गति बनाने के लिए पर्याप्त दूरदर्शिता नहीं थी।" <ref>[78] ^ एच जी अलेक्जेंडर (संस्करण) ''लाइबनिट्स-क्लार्क पत्राचार'', मानचेस्टर यूनिवर्सिटी प्रेस, 1998, पी. संस्करण 11</ref> न्यूटन की स्थिति को उनके अनुयायी [[सेमयूल क्लार्क|शमूएल क्लार्क]] द्वारा एक [[लीबनीज-क्लार्क पत्राचार|प्रसिद्ध पत्राचार]] के द्वारा सख्ती से बचाने का प्रयास किया गया। === धार्मिक विचार पर प्रभाव === न्यूटन और [[रॉबर्ट बोयल]] के यांत्रिक दर्शन को [[रेशनलाईज़्म|बुद्धिजीवी]] [[क़लमघसीट]] द्वारा [[देवपूजां|रूढ़ीवादियों]] और [[उत्साह|उत्साहियों]] के लिए एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में पदोन्नत किया गया और इसे रूढ़िवादी प्रचारकों तथा असंतुष्ट प्रचारकों जैसे [[लेटीट्युडीनेरियन]] के द्वारा हिचकिचाकर स्वीकार किया गया।<ref>{{Cite book |last=Jacob |first=Margaret C. |year=1976 |title=The Newtonians and the English Revolution: 1689–1720 |url=https://archive.org/details/newtoniansenglis00jaco |publisher=Cornell University Press |pages=[https://archive.org/details/newtoniansenglis00jaco/page/37 37],44}}</ref> इस प्रकार, विज्ञान की स्पष्टता और सरलता को [[मेटा भौतिकी|नास्तिकता]] के खतरे तथा [[अंधविश्वास|अंधविश्वासी]] उत्साह दोनों की भावनात्मक और [[नास्तिकता|आध्यात्मिक]] अतिशयोक्ति का मुकाबला करने के लिए एक रास्ते के रूप में देखा गया,<ref>{{Cite book |last=Westfall |first=Richard S. |year=1958 |title=Science and Religion in Seventeenth-Century England |url=https://archive.org/details/sciencereligioni0000west |publisher=Yale University Press |location=New Haven |page=[https://archive.org/details/sciencereligioni0000west/page/200 200]}}</ref> और उसी समय पर, अंग्रेजी [[आस्तिकता|देवत्व]] की एक दूसरी लहर ने न्यूटन की खोजों का उपयोग एक "प्राकृतिक धर्म" की संभावना को प्रर्दशित करने के लिए किया। [[फाईल:Newton-WilliamBlake.jpg|thumbnail|left|"न्यूटन," विलियम ब्लेक के द्वारा; यहाँ, न्यूटन को एक दिव्य ज्यामितिशास्त्रीय के रूप में दर्शाया गया है]] पूर्व-आत्मज्ञान के खिलाफ किये गए हमले "जादुई सोच," और [[क्रिश्चियन रहस्यवाद|ईसाईयत के रहस्यमयी तत्व]], को ब्रह्माण्ड के बारे में बोयल की यांत्रिक अवधारणा से नींव मिली. न्यूटन ने [[गणितीय प्रमाण|गणितीय प्रमाणों]] के माध्यम से बोयल के विचारों को पूर्ण बनाया और शायद अधिक महत्वपूर्ण रूप से वे उन्हें लोकप्रिय बनाने में बहुत अधिक सफल हुए.<ref>{{Cite book |last=Haakonssen |first=Knud |editor=Martin Fitzpatrick ed. |chapter=The Enlightenment, politics and providence: some Scottish and English comparisons |title=Enlightenment and Religion: Rational Dissent in eighteenth-century Britain |year=1996 |url=https://archive.org/details/enlightenmentrel0000unse |publisher=Cambridge University Press |location=Cambridge |page=[https://archive.org/details/enlightenmentrel0000unse/page/64 64]}}</ref> न्यूटन ने एक हस्तक्षेप भगवान द्वारा नियंत्रित दुनिया को एक ऐसी दुनिया में बदल डाला जो तर्कसंगत और सार्वभौमिक सिद्धांतों के साथ भगवान के द्वारा कलात्मक रूप से बनायीं गयी है।<ref>{{Cite book |last=Frankel |first=Charles |year=1948 |title=The Faith of Reason: The Idea of Progress in the French Enlightenment |url=https://archive.org/details/bwb_S0-BPZ-157 |publisher=King's Crown Press |location=New York |page=[https://archive.org/details/bwb_S0-BPZ-157/page/1 1]}}</ref> ये सिद्धांत सभी लोगों के लिए खोजने हेतु उपलब्ध हैं, ये लोगों को इसी जीवन में अपने उद्देश्यों को फलदायी रूप से पूरा करने की अनुमति देते हैं, [[जीवन के बाद|अगले जीवन]] का इन्तजार नहीं करते हैं और उन्हें उनकी अपनी तर्कसंगत शक्तियों से पूर्ण बनाते हैं।<ref>{{Cite book |last=Germain |first=Gilbert G. |title=A Discourse on Disenchantment: Reflections on Politics and Technology |page=28}}</ref> न्यूटन ने भगवान को मुख्य निर्माता के रूप में देखा, जिसके अस्तित्व को सभी निर्माणों की भव्यता के चेहरे में नकारा नहीं जा सकता है।<ref>प्रिन्सिपिया, बुक III; में उद्धृत; न्यूटन की फिलोसोफी ऑफ़ नेचर: उनके लेखन से चयन, पी. ४२, संस्करण. एच एस थायर, हाफ्नर पुस्तकालय श्रेष्ठ ग्रंथों के लिए, न्यूयार्क, १९५३.</ref><ref>सर आइजैक न्यूटन की खोजों लेखन, जीवन की यादों में उधृत वास्तविक धर्म की पांडुलिपी, सर डेविड ब्रूस्टर, एडिनबर्ग के द्वारा, 1850, में उद्धृत; ibid, पी. 65</ref><ref>[91] ^ वेब्ब, आर के एड. नुड हाकोनसेन. "दी एमार जेंस ऑफ़ रेशनल दिस्सेंत." प्रबोधन और धर्म:अठारहवें सदी में ब्रिटेन में वाजिब असंतोष. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, कैम्ब्रिज: 1996. पी19.</ref> उनके प्रवक्ता, क्लार्क, ने लीबनीज के [[धर्म विज्ञान]] को अस्वीकृत कर दिया, जिसने भगवान को [[बुराई की समस्या|"''l'origine du mal'' "]] के उत्तरदायित्व से मुक्त कर दिया, इसके लिए भगवान को उसके निर्माण में योगदान से हटा दिया, चूँकि जैसा कि क्लार्क ने कहा था ऐसा देवता केवल नाम से ही राजा होगा, लेकिन नास्तिकता से एक कदम दूर होगा.<ref>[92] ^ एच जी अलेक्जेंडर (संस्करण) ''लाइबनिट्स-क्लार्क पत्राचार,'' मानचेस्टर यूनिवर्सिटी प्रेस, 1998, पी.संस्करण १४.</ref> लेकिन अगली सदी में न्यूटन की प्रणाली की सफलता का अनदेखा [[ईसाई धर्मशास्त्र|धर्म विज्ञानी परिणाम]], लीबनीज के द्वारा बताई गयी [[आस्तिकता]] की स्थिति को मजबूत बनाएगा.<ref>वेस्टफॉल, रिचर्ड एस विज्ञान और धर्म, सत्रहवीं सदी में, इंग्लैंड. पी 201.</ref> दुनिया के बारे में समझ अब साधारण मानव के कारण के स्तर तक आ गयी और मानव, जैसा कि ओडो मर्कवार्ड ने तर्क दिया, बुराई के सुधार और उन्मूलन के लिए उत्तरदायी बन गया।<ref>[94] ^ मारक्वार्ड, ओडो . बोझिल और अबोझिल मनुष्य एवं उद्दान में अभियोजनीय; सिद्धांत के मामलों के विदाई समारोह में राबर्ट एम. वालेस ट्रांस.लंदन: ऑक्सफोर्ड यू पी 1989.</ref> दूसरी ओर, लेटीट्युडीनेरियन और न्यूटोनियन के विचारों के परिणाम बहुत [[मिलेनेरियन|दूरगामी]] थे, एक धार्मिक गुट यांत्रिक ब्रह्मांड की अवधारणा को समर्पित हो गया, लेकिन इसमें उतना ही उत्साह और रहस्य था कि प्रबुद्धता को नष्ट करने के लिए कठिन संघर्ष किया गया।<ref>याकूब, मार्गरेट सी. न्युटोनियन और अंग्रेजी क्रांति: 1689-1720. पी 100-101.</ref> === दुनिया के अंत के बारे में दृष्टिकोण === {{See also|Isaac Newton's occult studies|eschatology}} एक पांडुलिपि जो उन्होंने 1704 में लिखी, जिसमे उन्होंने बाइबल से वैज्ञानिक जानकारी निकालने के अपने प्रयास का वर्णन किया है, उनका अनुमान था कि दुनिया [[2060]] से पहले समाप्त नहीं होगी। इस भविष्यवाणी में उहोने कहा कि, "इसमें में यह नहीं कह रहा कि अंतिम समय कौन सा होगा, लेकिन मैं इससे उन काल्पनिक व्यक्तियों के अटकलों को बंद करना चाहता हूँ जो अक्सर अंत समय के बारे में भविष्यवाणी करते हैं और इस भविष्यवाणी के असफल हो जाने पर पवित्र भविष्यद्वाणी बदनाम होती है।"<ref>{{Cite web|title=Papers Show Isaac Newton's Religious Side, Predict Date of Apocalypse|publisher=The Associated Press|date=19 जून 2007|url=http://www.christianpost.com/article/20070619/28049_Papers_Show_Isaac_Newton%27s_Religious_Side%2C_Predict_Date_of_Apocalypse.htm|accessdate=1 अगस्त 2007|archiveurl=https://web.archive.org/web/20070629231937/http://www.christianpost.com/article/20070619/28049_Papers_Show_Isaac_Newton%27s_Religious_Side%2C_Predict_Date_of_Apocalypse.htm|archivedate=29 जून 2007|url-status=live}}</ref> == आत्मज्ञानी दार्शनिक == [[आत्मज्ञान का युग|आत्मज्ञानी]] दार्शनिकों ने पूर्ववर्ती वैज्ञानिकों के एक छोटे इतिहास को चुना-गैलिलियो, बोयल और मुख्य रूप से न्यूटन- यह चुनाव दिन के प्रत्येक भौतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए [[प्रकृति|प्राकृतिक नियम]] और [[प्राकृतिक नियम|प्रकृति]] की एकल अवधारणा के उनके अनुप्रयोग के मार्गदर्शन और जमानत के रूप मैं किया गया। इस संबंध में, इस पर निर्मित सामाजिक संरंचनाओं और इतिहास के अध्याय त्यागे जा सकते थे।<ref>[99] ^ कास्सेल्स, एलन. आधुनिक विश्व में विचारधारा और अंतरराष्ट्रीय संबंध. पी 2.</ref> प्राकृतिक और आत्मज्ञानी रूप से समझने योग्य नियमों पर आधारित ब्रह्माण्ड के बारे में यह न्यूटन की ही संकल्पना थी जिसने आत्मज्ञान [[विचारधारा]] के लिए एक बीज का काम किया।<ref>[100] ^ "हालांकि यह प्रबोधन के कारकों में से एक था, एक आदेशित गणितीय वर्णन उपलब्ध करने में न्युटोनियन भौतिकी की सफलता, जिसने अठारवीं शताब्दी में इस आन्दोलन के फलने फूलने में स्पष्ट भूमिका निभायी." जॉन गिब्बन (2002) ''विज्ञान: एक इतिहास 1543-2001'', पी 241 </ref> लोके और [[वॉलटैर]] ने आंतरिक अधिकारों की वकालत करते हुए प्राकृतिक नियमों की अवधारणा को राजनितिक प्रणाली पर लागू किया; [[फिजियोक्रेट]] और [[एडम स्मिथ]] ने आत्म-रूचि और [[मनोविज्ञान]] की प्राकृतिक अवधारणा को आर्थिक प्रणाली पर लागू किया तथा [[समाजशास्त्र|समाजशास्त्रियों]] ने [[प्रगति (दर्शन)|प्रगति]] के प्राकृतिक नमूनों में इतिहास को फिट करने की कोशिश के लिए तत्कालीन [[सामाजिक व्यवस्था]] की आलोचना की. [[मोनबोडो]] और [[सेमयूल क्लार्क]] ने न्यूटन के कार्य के तत्वों का विरोध किया, लेकिन अंततः प्रकृति के बारे में उनके प्रबल धार्मिक विचारों को सुनिश्चित करने के लिए इसे युक्तिसंगत बनाया। == न्यूटन और जालसाजी == [[शाही टकसाल]] के प्रबंधक के रूप में, न्यूटन ने अनुमान लगाया कि [[पुनः ढलाई|दुबारा ढलाई]] किये जाने वाले सिक्कों में 20% [[जालसाजी|जाली]] थे। जालसाजी एक [[ब्रिटेन में उच्च राजद्रोह|बहुत बड़ा राजद्रोह]] था, जिसके लिए [[लटका कर फंसी की सजा देना|फांसी]] की सजा थी। इस के बावजूद, सबसे ज्वलंत अपराधियों को पकड़ना बहुत मुश्किल था; यद्यपि, न्यूटन इस कार्य के लिए सही साबित हुए.<ref>[101] ^ व्हाइट 1997, पी. 259</ref> भेष बदल कर शराबखाने और जेल में जाकर उन्होंने खुद बहुत से सबूत इकट्ठे किये।<ref>[102] ^ व्हाइट 1997, पी. 267</ref> सरकार की शाखाओं को अलग करने और अभियोजन पक्ष के लिए स्थापित सभी बाधाओं हेतू, [[अंग्रेजी कानून]] में अभी भी सत्ता के प्राचीन और दुर्जेय रिवाज थे। न्यूटन को [[शांति का न्याय|शांति का न्यायाधीश]] बनाया गया और जून 1698 और क्रिसमस 1699 के बीच उन्होंने गवाह, मुखबिरों और संदिग्धों के 200 परिक्षण करवाए। न्यूटन ने अपनी प्रतिबद्धता को जीता और फरवरी 1699 में उनके पास दस कैदी रिहाई का इन्तजार कर रहे थे।{{Fact|date=मार्च 2009}}[103] राजा के वकील के रूप में न्यूटन का एक मामला विलियम चलोनेर के खिलाफ था।<ref>[104] ^ व्हाइट 1997, पी 269</ref> चलोनेर की योजना थी [[रोमन कैथोलिक चर्च|कैथोलिक]] के जाली षड्यंत्र को तय करना और फिर अभागे षड़यंत्रकारी में बदल देना जिसको वह बंधक बना लेता था। चलोनेर ने अपने आप को पर्याप्त समृद्ध सज्जन बना लिया। संसद में अर्जी देते हुए चलोनर ने टकसाल में नकली सिक्के बनाने के लिए उपकरण भी उपलब्ध कराये. (ऐसा आरोप दूसरो ने उस पर लगाया) उसने प्रस्ताव दिया कि उसे टकसाल की प्रक्रियाओं का निरीक्षण करने की अनुमति दी जाए ताकि वह इसमें सुधार के लिए कुछ कर सके। उसने संसद में अर्जी दी कि सिक्कों की ढलाई के लिए उसकी योजना को स्वीकार कर लिया जाये ताकि जालसाजी न की जा सके, जबकि उसी समय जाली सिक्के सामने आये।<ref>[105] ^ वेस्टफॉल 1994, पी 229</ref> न्यूटन ने चलोनर पर जालसाजी का परीक्षण किया और सितम्बर 1697 में उसे न्यू गेट जेल में भेज दिया। लेकिन चलोनर के उच्च स्थानों पर मित्र थे, जिन्होंने उसे उसकी रिहाई के लिए मदद की।<ref>[106] ^ व्हाइट 1997, पी 269</ref> न्यूटन ने दूसरी बार निर्णायक सबूत के साथ उस पर परिक्षण किया। चलोनेर को उच्च राजद्रोह का दोषी पाया गया था और उसे 23 मार्च 1699 को [[तिबुर्न, लंदन|तिबुर्न गेलोज]] में फांसी दे कर दफना दिया गया।<ref>[107] ^ वेस्टफॉल 1980, पीपी. 571-5</ref> == न्यूटन के गति के नियम == {{Classical mechanics|cTopic=Scientists}} {{Main|न्यूटन के गति नियम}} === गति के प्रसिद्द तीन नियम === ''न्यूटन के पहला नियम'' (जिसे [[जड़त्व]] के नियम भी कहा जाता है) के अनुसार एक वस्तु जो स्थिरवस्था में है वह स्थिर ही बनी रहेगी और एक वस्तु जो समान गति की अवस्था में है वह समान गति के साथ उसी दिशा में गति करती रहेगी जब तक उस पर कोई बाहरी बल कार्य नहीं करता है। ''न्यूटन के दूसरे नियम'' के अनुसार एक वस्तु पर लगाया गया बल <math>\vec{F}</math>\vec{, समय के साथ इसके संवेग <math>\vec{p}</math>\vec{ में परिवर्तन की दर के बराबर होता है। गणितीय रूप में इसे निम्नानुसार व्यक्त किया जा सकता है :<math> \vec F = \frac{\mathrm{d}\vec p}{\mathrm{\mathrm{d}}t} \, = \, \frac{\mathrm{d}}{\mathrm{d}t} (m \vec v) \, = \, \vec v \, \frac{\mathrm{d}m}{\mathrm{d}t} + m \, \frac{\mathrm{d}\vec v}{\mathrm{d}t} \,.</math> चूंकि दूसरा नियम एक स्थिर द्रव्यमान की वस्तु पर लागू होता है, (d''m'' /d''t'' = 0), पहला पद लुप्त हो जाता है और [[त्वरण]] की परिभाषा का उपयोग करते हुए प्रतिस्थापन के द्वारा समीकरण को संकेतों के रूप में निम्नानुसार लिखा जा सकता है :<math> \vec F = m \, \vec a \ .</math> पहला और दूसरा नियम [[अरस्तु]] की भौतिकी को तोड़ने का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें ऐसा माना जाता था कि गति को बनाये रखने के लिए एक बल जरुरी है। वे राज्य में व्यवस्था की गति का एक उद्देश्य है राज्य ''बदलने'' के लिए हैं कि एक ही शक्ति की जरूरत है। न्यूटन के सम्मान में बल की SI इकाई का नाम [[न्यूटन (इकाई)|न्यूटन]] रखा गया है। ''न्यूटन के तीसरे नियम'' के अनुसार प्रत्येक क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसका अर्थ यह है कि जब भी एक वस्तु किसी दूसरी वस्तु पर एक बल लगाती है तब दूसरी वस्तु विपरीत दिशा में पहली वस्तु पर उतना ही बल लगती है। इसका एक सामान्य उदहारण है दो [[आइस स्केटिंग|आइस स्केट्स]] एक दूसरे के विपरीत खिसकते हैं तो विपरीत दिशाओं में खिसकने लगते हैं। एक अन्य उदाहरण है [[बंदूक़|बंदूक]] का [[बन्दूक|पीछे की और धक्का]] महसूस करना, जिसमें बन्दूक के द्वारा [[गोली]] को दागने के लिए उस पर लगाया गया बल, एक बराबर और विपरीत बल बंदूक पर लगाता है जिसे गोली चलाने वाला महसूस करता है। चूंकि प्रश्न में जो वस्तुएं हैं, ऐसा जरुरी नहीं कि उनका द्रव्यमान बराबर हो, इसलिए दोनों वस्तुओं का परिणामी त्वरण अलग हो सकता है (जैसे बन्दूक से गोली दागने के मामले में)। अरस्तू के विपरीत, न्यूटन की भौतिकी सार्वत्रिक हो गयी है। उदाहरण के लिए, दूसरा नियम ग्रहों तथा एक गिरते हुए पत्थर पर भी लागू होता है। दूसरे नियम की [[युकलीडीयन सदिश|सदिश]] प्रकृति बल की दिशा और वस्तु के संवेग में परिवर्तन के प्रकार के बीच एक ज्यामितीय सम्बन्ध स्थापित करती है। न्यूटन से पहले, आम तौर पर यह माना जाता था कि सूर्य के चारों और घूर्णन कर रहे एक ग्रह के लिए एक अग्रगामी बल आवश्यक होता है जिसकी वजह से यह गति करता रहता है। न्यूटन ने दर्शाया कि इस के बजाय सूर्य का अन्दर की और एक आकर्षण बल आवश्यक होता है। (अभिकेन्द्री आकर्षण) यहाँ तक कि प्रिन्सिपिया के प्रकाशन के कई दशकों के बाद भी, यह विचार सार्वत्रिक रूप से स्वीकृत नहीं किया गया। और कई वैज्ञानिकों ने [[डेसकार्टेस]] के वोर्टिकेस के सिद्धांत को वरीयता दी.<ref>[110] ^ बॉल 1908, पी. 337</ref> {{-}} == न्यूटन का सेब == {{Double image stack|right|Newton's tree, Botanic Gardens, Cambridge.JPG|Newtons apple.jpg|150|Reputed descendants of Newton's apple tree, at the Botanic Gardens in Cambridge and the [[Instituto Balseiro]] library garden}} न्यूटन अक्सर खुद एक कहानी कहते थे कि एक पेड़ से एक गिरते हुए सेब को देख कर वे गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत बनाने के लिए प्रेरित हो पाए।<ref>[113] ^ व्हाइट 1997, पी. 86.</ref> बाद में व्यंग्य करने के लिए ऐसे कार्टून बनाये गए जिनमें सेब को न्यूटन के सर पर गिरते हुए बताया गया और यह दर्शाया गया कि इसी के प्रभाव ने किसी तरह से न्यूटन को गुरुत्व के बल से परिचित कराया. उनकी पुस्तिकाओं से ज्ञात हुआ कि 1660 के अंतिम समय में न्यूटन का यह विचार था कि स्थलीय गुरुत्व का विस्तार होता है, यह चंद्रमा के वर्ग व्युत्क्रमानुपाती होता है; हालाँकि पूर्ण सिद्धांत को विकसित करने में उन्हें दो दशक का समय लगा।<ref>[114] ^ आई। बर्नार्ड कोहेन और जॉर्ज ई. स्मिथ, संस्करण. '' कैम्ब्रिज कम्पेनियन टू न्यूटन'' (2002) पी.6.</ref> जॉन कनदयुइत, जो रॉयल टकसाल में न्यूटन के सहयोगी थे और न्यूटन की भतीजी के पति भी थे, ने इस घटना का वर्णन किया जब उन्होंने न्यूटन के जीवन के बारे में लिखा: <blockquote>1666 में वे कैम्ब्रिज से फिर से सेवानिवृत्त हो गए और अपनी मां के पास लिंकनशायर चले गए। जब वे एक बाग़ में घूम रहे थे तब उन्हें एक विचार आया कि गुरुत्व की शक्ति धरती से एक निश्चित दूरी तक सीमित नहीं है, (यह विचार उनके दिमाग में पेड़ से नीचे की और गिरते हुए एक सेब को देख कर आया) लेकिन यह शक्ति उससे कहीं ज्यादा आगे विस्तृत हो सकती है जितना कि पहले आम तौर पर सोचा जाता था। उन्होंने अपने आप से कहा कि क्या ऐसा उतना ऊपर भी होगा जितना ऊपर चाँद है और यदि ऐसा है तो, यह उसकी गति को प्रभावित करेगा और संभवतया उसे उसकी कक्षा में बनाये रखेगा, वे जो गणना कर रहे थे, इस तर्क का क्या प्रभाव हुआ।<ref>{{Cite web|url=http://www.newtonproject.ic.ac.uk/texts/viewtext.php?id=THEM00167&mode=diplomatic|last=Conduitt|first=John|title=Keynes Ms. 130.4:Conduitt's account of Newton's life at Cambridge|work=Newtonproject|accessdate=30 अगस्त 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20061004123130/http://www.newtonproject.ic.ac.uk/texts/viewtext.php?id=THEM00167&mode=diplomatic|archive-date=4 अक्तूबर 2006|url-status=dead}}</ref></blockquote> सवाल गुरुत्व के अस्तित्व का नहीं था बल्कि यह था कि क्या यह बल इतना विस्तृत है कि यह चाँद को अपनी कक्षा में बनाये रखने के लिए उत्तरदायी है। न्यूटन ने दर्शाया कि यदि बल दूरी के वर्ग व्युत्क्रम में कम होता है तो, चंद्रमा की कक्षीय अवधि की गणना की जा सकती है और अच्छा परिणाम प्राप्त हो सकता है। उन्होंने अनुमान लगाया कि यही बल अन्य कक्षीय गति के लिए जिम्मेदार है और इसीलिए इसे सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नाम दे दिया। एक समकालीन लेखक, [[विलियम स्तुकेले]], ''सर आइजैक न्यूटन की ज़िंदगी'' को अपने स्मरण में रिकोर्ड करते हैं, वे 15 अप्रैल 1726 को केनसिंगटन में न्यूटन के साथ हुई बातचीत को याद करते हैं, जब न्यूटन ने जिक्र किया कि "उनके दिमाग में गुरुत्व का विचार पहले कब आया। जब वह ध्यान की मुद्रा में बैठे थे उसी समय एक सेब के गिरने के कारण ऐसा हुआ। क्यों यह सेब हमेशा भूमि के सापेक्ष लम्बवत में ही क्यों गिरता है? ऐसा उन्होंने अपने आप में सोचा। यह बगल में या ऊपर की ओर क्यों नहीं जाता है, बल्कि हमेशा पृथ्वी के केंद्र की ओर ही गिरता है।" इसी प्रकार के शब्दों में, वोल्टेर ''महाकाव्य कविता पर निबंध'' (1727) में लिखा, "सर आइजैक न्यूटन का अपने बागानों में घूम रहे थे, पेड़ से गिरते हुए एक सेब को देख कर, उन्होंने गुरुत्वाकर्षण की प्रणाली के बारे में पहली बार सोचा। विभिन्न पेड़ों को "वह" सेब के पेड़ होने का दावा किया जाता है जिसका न्यूटन ने वर्णन किया है। दी किंग्स स्कूल, ग्रान्थम दावा करता है कि यह पेड़ स्कूल के द्वारा खरीद लिया गया था, कुछ सालों बाद इसे जड़ सहित लाकर प्रधानाध्यापक के बगीचे में लगा दिया गया। [[ऐतिहासिक महत्व या प्राकृतिक सौंदर्य के स्थानों के लिए राष्ट्रीय न्यास|नेशनल ट्रस्ट]] जो वूलस्थ्रोप मेनर का मालिक है, का वर्तमान स्टाफ इस पर विवाद करता है, ओर दावा करता है कि वह पेड़ उनके बगीचे में उपस्थित है जिस के बारे में न्यूटन ने बात की। मूल वृक्ष का वंशज ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज के मुख्य द्वार के बाहर उगा हुआ देखा जा सकता है, यह उस कमरे के नीचे है जिसमें न्यूटन पढाई के समय रहता था। ब्रोग्डेल में राष्ट्रीय फलों का संग्रह<ref>{{Cite web |url=http://www.brogdale.org.uk/nfc_home.php |title=Brogdale - Home of the National Fruit Collection |publisher=Brogdale.org.uk |date= |accessdate=20 दिसंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090503034848/http://brogdale.org.uk/nfc_home.php |archive-date=3 मई 2009 |url-status=dead }}</ref> उन पेड़ों से ग्राफ्ट की आपूर्ति कर सकता है, जो [[फ्लोवर ऑफ़ केंट|फ्लॉवर ऑफ़ केंट]] के समान दिखाई देता है, जो एक मोटे गूदे की पकाने की किस्म है।<ref>{{Cite web|url=http://www.brogdale.org.uk/image1.php?varietyid=1089|title=From the National Fruit Collection: Isaac Newton's Tree|accessdate=10 जनवरी 2009}}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> == न्यूटन के लेखन == * ''[[फलाक्स्न्स की विधि|मेथड ऑफ़ फ़्लक्सियन्स]]'' (1671) * ''ऑफ़ नेचर ओब्वियस लॉस एंड प्रोसेसेज इन वेजिटेशन '' (अप्रकाशित सी.1671-75)<ref>[121] ^ [http://webapp1.dlib.indiana.edu/newton/index.jsp न्यूटन की रासायनिक कार्य] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20071213020643/http://webapp1.dlib.indiana.edu/newton/index.jsp |date=13 दिसंबर 2007 }} जो वर्णित किया गया और [[इंडियाना विश्वविद्यालय (ब्लूमिंगटन)|इंडियाना विश्वविद्यालय]] में 11 जनवरी 2007 को ऑनलाइन संशोधित किया गया।</ref> * डे मोटू कोर्पोरम इन जिरम (1684) * ''[[फिलोसोफी नेचुरेलिस प्रिन्सिपिया मेथेमेटिका]]'' (1687) * ''[[ऑप्टिक्स]]'' (1704) * ''[https://web.archive.org/web/20070912133702/http://www.pierre-marteau.com/editions/1701-25-mint-reports.html टकसाल में मास्टर के रूप में रिपोर्टें]'' (1701-25) * ''[[एरिथमेटिका युनिवरसेलिस|एरिथमेटिका युनीवरसेलिस]]'' (1707) * ''दी सिस्टम ऑफ़ दी वर्ल्ड'', ''ऑप्टिकल लेक्चर्स'', ''''[[प्राचीन साम्राज्यों के कालक्रम|दी क्रोनोलोजी ऑफ़ एनशियेंट किंगडेम्स]]'' '', (संशोधित) और डी मुंडी सिस्टमेट (1728 में मरणोपरांत प्रकाशित की गयी), * [https://web.archive.org/web/20080513044331/http://www.historicist.com/newton/title.htm "डेनियल पर प्रेक्षण और डी एपोकलिप्स ऑफ़ सेंट जॉन"] (1733) * ''[[धर्म-ग्रन्थ के दो उल्लेखनीय भ्रष्टाचारों का ऐतिहासिक लेखा जोखा]] '' (1754) == इन्हें भी देखें == * [[अल्बर्ट आइंस्टीन]] * [[गैलीलियो गैलिली]] * [[न्यूटन की डिस्क]] * [[न्यूटन फ्राक्टाल]] * [[न्यूटन का झूला|न्यूटन]] का [[न्यूटन का झूला|झूला]] * [[न्यूटन की असमानतायें|न्यूटन की असमानताएं]] * [[न्यूटन के गति के नियम.]] * [[न्यूटन के संकेतन]] * [[न्यूटन का बहुभुज|न्यूटन बहुभुज]] * [[न्यूटन बहुपद]] * [[न्यूटन का प्रतिक्षेपक]] * [[आइजैक न्यूटन के धार्मिक विचार|न्यूटन के धार्मिक विचार]] * [[न्यूटन श्रृंखला#न्यूटन श्रृंखला|न्यूटन श्रृंखला]] * [[न्यूटन की परिक्रामी कक्षाओं की प्रमेय]] * [[न्यूटन (इकाई)]] * [[न्यूटन-कोट्स सूत्र]] * [[न्यूटन-यूलर समीकरण|न्यूटन- यूलर समीकरण]] * [[न्युटोनियनवाद|न्युटोनियन वाद]] * [[श्रोडिंगर-न्यूटन समीकरण]] * [[वैज्ञानिक क्रांति]] * [[स्पाल्डिंग जेंटलमेंस सोसाइटी|स्पालडिंग जेंटलमेन्स सोसाइटी]] == पादटिप्पणी और सन्दर्भ == {{Reflist}} == सन्दर्भ == * {{Cite book|last=बॉल|first=डब्ल्यु० डब्ल्यु० राउज़|title=A Short Account of the History of Mathematics|location=[[न्यूयॉर्क]]|publisher=डोवर|year=1908}} * {{Cite book|last=क्रिस्टियनसन|first=गेल|title=In the Presence of the Creator: Isaac Newton & His Times|location=न्यूयॉर्क|publisher=फ्री प्रेस|year=1984|isbn=0-02-905190-8|url-access=registration|url=https://archive.org/details/inpresenceofcr00chri}}[124]यह अच्छी तरह से प्रलेखित काम, विशेष रूप से, [[पेट्रिस्तिक्स|पुर्वाचार्य सम्बन्धी]] न्यूटन के ज्ञान के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराता है। * {{Cite journal|last=क्रेग|first=जॉन|title=Isaac Newton – Crime Investigator|journal=नेचर|year=1958|volume=182|page=149{{Ndash}} 152|doi=10.1038/182149a0|pages=}} * {{Cite journal|last=क्रेग|first=जॉन|title=Isaac Newton and the Counterfeiters|journal=नोट्स एंड द रिकॉर्ड्स ऑफ द रोयल सोसाइटी ऑफ़ लंडन|volume=18|year=1963|page=|doi=10.1098/rsnr.1963.0017|pages=136{{Ndash}} 145}} * {{Cite book|authorlink=Richard S. Westfall|last=वेस्टफ़ॉल|first=रिचर्ड एस.|title=Never at Rest|publisher=कैम्ब्रिज़ युनिवर्सिटी प्रेस|year=1980|isbn=0-521-27435-4|location=लंदन|url-access=registration|url=https://archive.org/details/neveratrestbiogr00west}} * {{Cite book|authorlink=Richard S. Westfall|last=वेस्टफ़ॉल|first=रिचर्ड एस.|title=The Life of Isaac Newton|publisher=कैम्ब्रिज़ विश्वविद्यालय प्रेस|year=1994|isbn=0-521-47737-9|location=लंदन}} * {{Cite book|authorlink=Michael White (author)|title=Isaac Newton: The Last Sorcerer|url=https://archive.org/details/isaacnewtonlasts0000whit|first=माइकल|last=व्हाइट|publisher=फोर्थ एस्टेट लिमिटेड|year=1997|isbn=1-85702-416-8}} * {{Cite web|url=http://www-history.mcs.st-andrews.ac.uk/Mathematicians/Newton.html|title=Sir Isaac Newton|work=स्कूल ऑफ़ मैथेमैटिक्स, सैंट एन्ड्र्युज़ विश्वविद्यालय स्कॉटलैण्ड|accessdate=8 मार्च 2005|archive-url=https://web.archive.org/web/20020112070032/http://www-history.mcs.st-andrews.ac.uk/Mathematicians/Newton.html|archive-date=12 जनवरी 2002|url-status=live}} * {{Cite web|url=http://www.newtonproject.sussex.ac.uk/prism.php?id=1|title=The Newton Project|work=इम्पीरियल कॉलेज लंडन|accessdate=8 मार्च 2005|archive-url=https://web.archive.org/web/20161209210539/http://www.newtonproject.sussex.ac.uk/prism.php?id=1|archive-date=9 दिसंबर 2016|url-status=dead}} == अतिरिक्त अध्ययन == {{Very long|date=मार्च 2009}} * {{Cite book |last=Andrade |first=E. N. De C. |title=Isaac Newton |publisher=Chanticleer Press |location=New York |year=1950 |pages=}} * बर्डी, जेसन सुकरात. ''दी कैल्कुलस वार्स: न्यूटन, लीबनीज और ग्रेटेस्ट मेथेमेटिकल क्लेश ऑफ आल टाइम '' (2006). 277 पीपी. [http://www.amazon.com/Calculus-Wars-Leibniz-Greatest-Mathematical/dp/1560259922/ref=sr_1_4?ie=UTF8&amp;s=books&amp;qid=1196345258&amp;sr=8-4 अंश और पाठ्य की खोज] * {{Cite book|author=बेकलर|first=जेव|title=Newton's Physics and the Conceptual Structure of the Scientific Revolution|year=1991|publisher=स्प्रिंगर|isbn=0792310543}} * बेर्लिन्सकी, डेविड. ''न्यूटन'स गिफ्ट: हाओ सर आइजैक न्यूटन अनलोक्ड दी सिस्टम ऑफ दी वर्ल्ड '' (2000). 256 पीपी. [http://www.amazon.com/Newtons-Gift-Newton-Unlocked-System/dp/0743217764/ref=sr_1_1?ie=UTF8&amp;s=books&amp;qid=1196345336&amp;sr=8-1 अंश और पाठ्य की खोज] आई एस बी एन 0-684-84392-7 * बक्वाल्ड, जेड़ जेड़. और कोहेन, आई। बर्नार्ड, संस्करण.''आइजैक न्यूटन की नेचुरल फिलोसोफी.'' एमआईटी प्रेस, 2001. 354 पीपी. [http://www.amazon.com/Newtons-Natural-Philosophy-Institute-Technology/dp/0262524252/ref=sr_1_1?ie=UTF8&amp;s=books&amp;qid=1196345369&amp;sr=8-1 अंश और पाठ्य की खोज] * {{Cite journal|author=कैसिनी|first=पी०|title=Newton's Principia and the Philosophers of the Enlightenment|journal=नोट्स एंड द रिकॉर्ड्स ऑफ़ द रोयल सोसाइटी ऑफ़ लंडन|year=1988|volume=42|issue=1|pages=35–52|issn=0035–9149|url=http://links.jstor.org/sici?sici=0035-9149%28198801%2942%3A1%3C35%3AN%27ATPO%3E2.0.CO%3B2-H|doi=10.1098/rsnr.1988.0006}} * {{Cite book | author = Christianson, Gale E. | title = Isaac Newton and the Scientific Revolution | publisher = Oxford U. Press | year = 1996 | isbn = 019530070X | url-access = registration | url = https://archive.org/details/isaacnewton00chri_0 }} अंश और पाठ्य की खोज के लिए [http://www.amazon.com/Isaac-Newton-Lives-Legacies-Christianson/dp/019530070X/ref=sr_1_2?ie=UTF8&amp;s=books&amp;qid=1196337095&amp;sr=1-2 यह साइट] देखें. * {{Cite book |last=Christianson |first=Gale |title=In the Presence of the Creator: Isaac Newton & His Times |location=New York |publisher=Free Press |year=1984 |isbn=0-02-905190-8 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/inpresenceofcr00chri }} * कोहेन, आई। बर्नार्ड और स्मिथ, जॉर्ज ई., संस्करण. ''दी कैम्ब्रिज कम्पेनियन टू न्यूटन'' (2002). 500 पीपी.केवल दार्शनिक मुद्दों पर केंद्रित; [http://www.amazon.com/Cambridge-Companion-Newton-Companions-Philosophy/dp/0521656966/ref=sr_1_3?ie=UTF8&amp;s=books&amp;qid=1196337095&amp;sr=1-3 अंश और पाठ्य की खोज;] [https://web.archive.org/web/20081008010311/http://www.questia.com/read/105054986 पूर्ण संस्करण ऑनलाइन] * {{Cite book |author=Cohen, I. B. |title=The Newtonian Revolution |url=https://archive.org/details/newtonianrevolut0000cohe_t6j4 |year=1980 |location= Cambridge |publisher=Cambridge University Press}} * {{Cite book |author=Craig, John |title=Newton at the Mint |url=https://archive.org/details/newtonatmint0000john |year=1946 |publisher=Cambridge University Press |location=Cambridge, England }} * {{Cite book |author=Dampier, William C. |author2=Dampier, M. |title=Readings in the Literature of Science |url=https://archive.org/details/readingsinlitera0000damp |publisher=Harper & Row |location=New York |year=1959 }} * - {{Cite book |author=[[Richard de Villamil|de Villamil, Richard]] |title=Newton, the Man |publisher=G.D. Knox |location=London |year=1931}}प्रीफेस बाय [[अल्बर्ट आइंस्टीन]]. जोन्सन रिप्रिंट कारपोरेशन के द्वारा पुनः छपाई, न्यूयॉर्क (1972). * {{Cite book |author=Dobbs, B. J. T. |title=The Foundations of Newton's Alchemy or "The Hunting of the Greene Lyon" |url=https://archive.org/details/foundationsofnew0000dobb_t3t1 |year=1975 |publisher=Cambridge University Press | place = Cambridge }} * {{Cite book |author=Gjertsen, Derek |title=The Newton Handbook |url=https://archive.org/details/newtonhandbook0000gjer |publisher=Routledge & Kegan Paul |location=London |year=1986 |isbn=0-7102-0279-2 }} * {{Cite book|author=Gleick, James|title=Isaac Newton|url=https://archive.org/details/isaacnewton0000glei|publisher=Alfred A. Knopf|year=2003 |isbn=0375422331}} * {{Cite journal |author=Halley, E. |title=Review of Newton's Principia |year=1687 |journal=Philosophical Transactions |volume=186 |page=291{{Ndash}} 297}} * {{Cite book |author=[[Michael H. Hart|Hart, Michael H.]] | title = [[The 100]]'' | publisher = Carol Publishing Group | year = 1992 | isbn = 0-8065-1350-0}} - पेपरबैक * [[स्टीफन हाकिंस|हाकिंग, स्टीफन]], संस्करण ''ओन दी शोल्डर्स ऑफ जाएंट्स '' आई एस बी एन 0-7624-1348-४ ''कोपरनिकस'', [[कोपरनिकस|केपलर]], [[जोहानिस केपलर|गेलिलियो]] और [[गैलीलियो गैलीली|आइन्स्टीन]] के चयनित लेखनों के सन्दर्भ में न्यूटन की [[अल्बर्ट आइंस्टीन|प्रिन्सिपिया]] से स्थानों का चयन. * {{Cite book |last=Herivel, J. W. |title=The Background to Newton's Principia. A Study of Newton's Dynamical Researches in the Years 1664–84 |url=https://archive.org/details/backgroundtonewt0000heri | publisher = Clarendon Press | location = Oxford | year = 1965 }} * {{Cite book |author=[[John मईnard Keynes|Keynes, John मईnard]] |title=Essays in Biography |publisher=W. W. Norton & Co |year=1963 |isbn=0-393-00189-X |url-access=registration |url=https://archive.org/details/essaysinbiograph0000keyn }}[148]केयेन्स ने न्यूटन में काफी रूचि ली और न्यूटन के कई निजी कागजात पर कब्जा कर लिया। * {{Cite book |author=Koyré, A. |title=Newtonian Studies |location=Chicago |publisher=University of Chicago Press |year=1965 }} * न्यूटन, आइजैक [[आई। बर्नार्ड कोहेन|आई बर्नार्ड कोहेन]] द्वारा संपादित ''नेचुरल फिलोसोफी, में पत्र और कागजात'' .हार्वर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 1958,1978. आई एस बी एन 0-674-46853-8. * न्यूटन, आइजैक (1642-1727)'' दी प्रिन्सिपिया:'' एक नया अनुवाद, आई बर्नार्ड कोहेन के द्वारा निर्देशित आई एस बी एन 0-520-08817-4 कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (1999). * {{Cite book |author=Pemberton, H. |title=A View of Sir Isaac Newton's Philosophy |url=https://archive.org/details/viewofsirisaacne00pemb |publisher=S. Palmer |location=London |year=1728 }} * {{Cite book |last=Shamos, Morris H. |title=Great Experiments in Physics |location=New York |publisher=Henry Holt and Company, Inc. |year=1959 }} * शाप्ले, हरलो, एस रेप्पोर्ट और एच राइट''ऐ ट्रेजरी ऑफ साइंस'' ; "न्युटोनिया" पीपी.147-9;"डिस्कवरीज" पी पी. 150-4.हार्पर एंड ब्रदर्स, न्यूयॉर्क, (1946). * {{Cite book|author=सिमंस|first=जे०|title=The Giant Book of Scientists {{Ndash}} The 100 Greatest Minds of all Time|location=सिडनी|publisher=द बुक कम्पनी|year=1996}} * {{Citation |last=Stukeley |first=W. |title=Memoirs of Sir Isaac Newton's Life |publisher=Taylor and Francis | place = London |year=1936}} (ऐ एह व्हाइट द्वारा संपादित; मूलतः 1752 में प्रकाशित) * {{Cite book |author=Westfall, R. S. |title=Force in Newton's Physics: The Science of Dynamics in the Seventeenth Century |url=https://archive.org/details/forceinnewtonsph0000west |location=London |publisher=Macdonald |year=1971 }} === न्यूटन और धर्म === * डोब्ब्स, बेट्टी जो टेटर ''दी जानूस फेसेस ऑफ जीनियस:न्यूटन के विचार में रसायन विद्या की भूमिका'' (1991), रसायन विद्या को एरियन वाद से सम्बंधित करता है। * बल, जेम्स ई. और रिचर्ड एच. Popkin, eds. ''न्यूटन और धर्म: सन्दर्भ, प्रकृति और प्रभाव.'' (1999), 342 पी पी. पीपी. xvii +325. नयी खुली पांडुलिपियों का उपयोग करने वाले 13 कागजात * रामाती, अय्वल. " दी हिडन ट्रुथ ऑफ क्रिएशन: न्यूटनस मेथड ऑफ फ़्लक्सियन्स" ''विज्ञान के इतिहास के लिए ब्रिटिश जर्नल '' 34:४१७-४३८.[https://web.archive.org/web/20151222110548/http://www.jstor.org/stable/4028372 JSTOR] में. तर्क देता है की, उनकी कलन का एक ब्रह्मवैज्ञानिक आधार था। * स्नोबेलेन, स्टीफन डी. "'गोड ऑफ गोड्स, एंड लोर्ड ऑफ लॉर्ड्स.' प्रिन्सिपिया के लिए आइजैक न्यूटन के सामान्य टीका का धर्मशास्त्र." ''ओसिरिस,'' दूसरी श्रृंखला, खंड १६, (2001), पीपी [https://web.archive.org/web/20151222162614/http://www.jstor.org/stable/301985 JSTOR] में 169-208. * स्नोबेलेन, स्टीफन डी."आइजैक न्यूटन, विधर्मिक: दी स्ट्रेटेजीज ऑफ अ निकोडेमाईट." ''विज्ञान के इतिहास के लिए ब्रिटिश जर्नल '' 32:381-419. [https://web.archive.org/web/20160310054654/http://www.jstor.org/stable/4027945 JSTOR] में * फाईजनमेयर, थॉमस सी.""क्या आइजैक न्यूटन एक एरियन थे?," ''जर्नल ऑफ दी हिस्ट्री ऑफ आईडियाज '', खंड 58, संख्या १ (जनवरी, 1997), पीपी. 57-80 [https://web.archive.org/web/20160527143310/http://www.jstor.org/stable/3653988 JSTOR] में * वेस्टफाल, रिचर्ड एस ''नेवर एट रेस्ट: अ बायोग्राफी ऑफ़ आइजैक न्यूटन'', खंड 2 कैम्ब्रिज यू प्रेस, 1983. 908 पीपी. प्रमुख विद्वानों की जीवनी [http://books.google.com/books?id=3ngEugMMa9YC&amp;printsec=frontcover अंश और पाठ्य की खोज] * विल्स, मौरिस. ''आर्केतिपल हरसे '' ''सदियों के दौरान एरियनवाद.'' (1996) 214 पी पी,१८ वी सदी में अध्याय ४ के साथ इंग्लैंड; पी पी 77-93 न्यूटन पर [http://books.google.com/books?id=DGksMzk37hMC&amp;printsec=frontcover&amp;dq=%22Arianism+through+the+Centuries%22 अंश और पाठ्य की खोज] === प्राथमिक स्रोत === * न्यूटन, आइजैक ''दी प्रिन्सिपिया: मेथेमेटिकल प्रिंसिपल्स ऑफ़ नेचुरल फिलोसोफी.'' अमेरिकी कैलिफोर्निया प्रेस के यू (1999). 974 पीपी. ** ब्रेकेनरिज, जे ब्रुस. ''दी की टू न्यूटन'स डायनेमिक्स: दी केपलर प्रोब्लम एंड दी प्रिन्सिपिया:किताब के सेक्शन 1, 2 और 3 का अंग्रेजी अनुवाद इसमें है, एक न्यूटन'स मेथेमेटिकल प्रिंसिपल्स ऑफ़ नेचुरल फिलोसोफी के पहले संस्करण से है।'' यू ऑफ़ अमेरिकी कैलिफोर्निया प्रेस, 1996 299 पीपी. * न्यूटन, आइजैक ''दी ऑप्टिकल पेपर्स ऑफ़ आइजैक न्यूटन.'' ''खंड 1: दी ऑप्टिकल लेक्चर्स, 1670-1672.'' कैम्ब्रिज यू प्रेस, 1984. 627 पीपी. ** न्यूटन, आइजैक. ''ऑप्टिक्स'' (चौथा संस्करण,1730) [http://books.google.com/books?id=GnAFAAAAQAAJ&amp;dq=newton+opticks&amp;pg=PP1&amp;ots=Nnl345oqo_&amp;sig=0mBTaXUI_K6w-JDEu_RvVq5TNqc&amp;prev=http://www.google.com/search%3Fq%3Dnewton%2Bopticks%26rls%3Dcom.microsoft:en-us:IE-SearchBox%26ie%3DUTF-8%26oe%3DUTF-8%26sourceid%3Die7%26rlz%3D1I7GGLJ&amp;sa=X&amp;oi=print&amp;ct=title&amp;cad=one-book-with-thumbnail online edition] ** न्यूटन, आई। (1952).प्रकाशिकी, या परावर्तन, अपवर्तन, परिवर्तन और प्रकाश के रंग के विषय में एक निबंधन्यूयॉर्क: डोवर प्रकाशन. * न्यूटन, आई।''सर आइजैक न्यूटन की मेथे मेटिकल प्रिंसिपल्स ऑफ़ नेचुरल फिलोसोफी और हिस सिस्टम ऑफ़ दी वर्ल्ड, tr. '' ए मॉटे, रेव. [[फ्लोरियन काजोरी]]. बर्कले: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय प्रेस.(1934). * {{Cite book |author=[[Whiteside, D. T.]] |title=The Mathematical Papers of Isaac Newton |location=Cambridge |publisher=Cambridge University Press |year=1967–82}} - 8 खंड * न्यूटन, आइजैक. दी कोरसपोंडेंस ऑफ़ आइजैक न्यूटन, संस्करण.एच डबल्यू टर्नबुल और अन्य, 7 खंड (1959-77). * ''न्यूटन'स फिलोसोफी ऑफ़ नेचर: सेलेक्शन्स फ्रॉम हिस राइटिंग्स'' एच एस थायर के द्वारा संपादित, (1953), [https://web.archive.org/web/20090813023028/http://www.questia.com/read/5876270 ऑनलाइन संस्करण] * आइजैक न्यूटन, सर, जे एड्लेसटन; [[रोजर कोट्स]], " [http://books.google.com/books?as_brr=1&amp;id=OVPJ6c9_kKgC&amp;vid=OCLC14437781&amp;dq=%22isaac+newton%22&amp;jtp=I सर आइजैक न्यूटन और प्रोफेसर कोट्स के पत्राचार, जिसमें अन्य प्रख्यात व्यक्तियों के पत्र शामिल हैं"], लंदन, जॉन डब्ल्यू पार्कर, वेस्ट स्ट्रेंड; केम्ब्रिज, जॉन डीघटन, 1850. -[[गूगल बुक्स]]. * मक्लौरिन, सी. (1748).सर आइजैक न्यूटन की दार्शनिक खोजों का लेखाजोखा, चार पुस्तकों में.लंदन: ए मिल्लर और जे नौरस * न्यूटन, आई। (1958).आइजैक न्यूटन के कागजात और पात्र नेचुरल फिलोसोफी पर तथा सम्बंधित दस्तावेज, संस्करण. आईबी कोहेन तथा आर . इ स्चोफिएल्ड .कैम्ब्रिज: हार्वर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस. * न्यूटन, आई। (1962).आइजैक न्यूटन के अप्रकाशित वैज्ञानिक दस्तावेज: विश्वविद्यालय पुस्तकालय, कैम्ब्रिज में पोर्ट्समाउथ संग्रह से चयनित, संस्करण. ऐ.आर. हॉल और एम बी. हॉल.कैम्ब्रिज: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस. * न्यूटन, आई। (1975).आइजैक न्यूटन का 'चंद्रमा की गति का सिद्धांत' (1702) .लंदन: डावसन. == बाहरी कड़ियाँ == {{Commons|Isaac Newton|आइज़क न्यूटन}} * [https://web.archive.org/web/20060428081045/http://scienceworld.wolfram.com/biography/Newton.html विज्ञान विश्व की जीवनी] * [https://web.archive.org/web/20050225223812/http://www.chlt.org/sandbox/lhl/dsb/page.50.a.php वैज्ञानिक शब्दकोश की जीवनी ] * [https://web.archive.org/web/20161209210539/http://www.newtonproject.sussex.ac.uk/prism.php?id=1 न्यूटन परियोजना] * [https://web.archive.org/web/20060708063248/http://www.antiquebooks.net/readpage.html#newton न्यूटन की प्रिन्सिपिया- पढो और खोजो] * [https://web.archive.org/web/20080629021908/http://www.skepticreport.com/predictions/newton.htm न्यूटन के ज्योतिष का खंडन] * [https://web.archive.org/web/20070927014559/http://www.galilean-library.org/snobelen.html न्यूटन के धार्मिक विचारों पर पुनर् विचार] * [https://web.archive.org/web/20070912133702/http://www.pierre-marteau.com/editions/1701-25-mint-reports.html न्यूटन के शाही टकसाल की रिपोर्टें] * [https://web.archive.org/web/20051125165417/http://www.pbs.org/wgbh/nova/newton/ न्यूटन के छुपे हुए रहस्य] [[नोवा (टी वी श्रृंखला)|नोवा]] टी वी कार्यक्रम. * [[स्टैनफोर्ड एनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ फिलोसफी|दर्शन के स्टैनफोर्ड विश्वकोश]] से ** [https://web.archive.org/web/20100711183537/http://plato.stanford.edu/entries/newton/ आइजैक न्यूटन,] जॉर्ज स्मिथ द्वारा ** [https://web.archive.org/web/20090801170310/http://plato.stanford.edu/entries/newton-principia/ न्यूटन की फिलोसोफी नेचुरेलिस प्रिन्सिपिया मेथेमेटिका], जॉर्ज स्मिथ द्वारा ** [https://web.archive.org/web/20100106113351/http://plato.stanford.edu/entries/newton-philosophy/ न्यूटन के दर्शन], एंड्रयू जनिअक द्वारा ** [https://web.archive.org/web/20100709065541/http://plato.stanford.edu/entries/newton-stm/ न्यूटन के अन्तरिक्ष, समय और गति के विचार] रॉबर्ट राइनसिवीज के द्वारा * [https://web.archive.org/web/20060207225233/http://tqnyc.org/NYC051308/index.htm न्यूटन के कास्टल] की शैक्षिक सामग्री * [http://www.dlib.indiana.edu/collections/newton आइजैक न्यूटन के रासायनिक विज्ञान] के लेखन पर शोध * [https://web.archive.org/web/20160402142826/http://www.fmalive.com/ FMA लाइव!][https://web.archive.org/web/20160402142826/http://www.fmalive.com/ बच्चों को न्यूटन के नियम सिखाने के लिए कार्यक्रम ] * [https://web.archive.org/web/20090822033018/http://www.adherents.com/people/pn/Isaac_Newton.html न्यूटन की धार्मिक स्थिति ] * [https://web.archive.org/web/20030513080422/http://hss.fullerton.edu/philosophy/GeneralScholium.htm न्यूटन की प्रिन्सिपिया की दी "जनरल स्कोलियम"] * [https://web.archive.org/web/20081007101707/http://www.math.rutgers.edu/courses/436/Honors02/newton.html कंडास्वामी, आनंद एम.][https://web.archive.org/web/20081007101707/http://www.math.rutgers.edu/courses/436/Honors02/newton.html न्यूटन / लाइबनिट्स के संघर्ष के सन्दर्भ में.] * {{Gutenberg author|id=Isaac_Newton|name=Isaac Newton}} * न्यूटन का पहला ODE- इस बात का अध्ययन कि अनंत श्रृंख्ला का उपयोग करते हुए [https://web.archive.org/web/20070705191603/http://www.phaser.com/modules/historic/newton/index.html न्यूटन ने कैसे पहले क्रम के ODE] के समाधान का अंदाजा लगाया. * {{MacTutor Biography|id=Newton}} * [https://web.archive.org/web/20100111042529/http://www.earlymoderntexts.com/f_newton.html ''डेसकार्टेस, अंतरिक्ष और निकाय''] ''De Gravitatione et Aequipondio Fluidorum'', से एक अंश जोनाथन बेनेट के द्वारा टिपण्णी के साथ. * [https://web.archive.org/web/20061213222519/http://www.ltrc.mcmaster.ca/newton/ आइजैक न्यूटन की छवियाँ, ऑडियो,] एनिमेशन और इंटरैक्टिव घटकों पर नियंत्रण {{Start box}} {{S-par|en}} {{Succession box | before= [[Robert Brady (MP)|Robert Brady]] | title=[[इंग्लैंड की संसद]] for [[Cambridge University (UK Parliament constituency)|Cambridge University]]<br /><small>with [[Sir Robert Sawyer|Robert Sawyer]] | after=[[Edward Finch (composer)|Edward Finch]]| years=1689–1690}} {{Succession box | before= [[Anthony Hammond]] | title=[[Member of Parliament]] for [[Cambridge University (UK Parliament constituency)|Cambridge University]]<br /><small>with [[Henry Boyle, 1st Baron Carleton|Henry Boyle]] | after=[[Arthur Annesley, 5th Earl of Anglesey|Arthur Annesley]]| years=1701–1702}} {{S-gov}} {{Succession box |before=[[Thomas Neale]] |title=[[Master of the Mint]] |years=1700{{Ndash}} 1727 |after=[[John Conduitt]] }} {{End box}} {{Lucasian Professors of Mathematics}} {{Royal Society presidents 1700s}} {{यूरोपीय ज्ञानोदय}} {{Metaphysics}} {{Authority control}} {{Pp-semi-template|small=yes}} {{DEFAULTSORT:न्यूटन, आइज़क}} [[श्रेणी:1643 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:१७२७ में निधन]] [[श्रेणी:17 वीं शताब्दी के अंग्रेजी लोग]] [[श्रेणी:17 वीं शताब्दी के लेटिन लेखक]] [[श्रेणी:17 वीं शताब्दी की गणितज्ञ]] [[श्रेणी:18 वीं सदी के अंग्रेजी लोग]] [[श्रेणी:18 वीं सदी के लाटिन लेखकों]] [[श्रेणी:18 वीं सदी के गणितज्ञ]] [[श्रेणी:रसायन विज्ञानी]] [[श्रेणी:ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज के पूर्व छात्र]] [[श्रेणी:ट्रिनिटी विरोधी]] [[श्रेणी:एरियन ईसाई]] [[श्रेणी:वेस्टमिंस्टर एब्बे में दफनाना]] [[श्रेणी:रंग वैज्ञानिक]] [[श्रेणी:अंग्रेजी रसायन विज्ञानी]] [[श्रेणी:अंग्रेजी एन्ग्लेकन]] [[श्रेणी:अंग्रेजी ईसाई]] [[श्रेणी:अंग्रेजी आविष्कारक]] [[श्रेणी:अंग्रेजी गणितज्ञ]] [[श्रेणी:अंग्रेजी भौतिकीविद]] [[श्रेणी:रॉयल सोसायटी के अध्येताओं]] [[श्रेणी:ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज के अध्येताओं]] [[श्रेणी:Hermeticists]] [[श्रेणी:आइजैक न्यूटन]] [[श्रेणी:नाईट स्नातक]] [[श्रेणी:गणित के ल्युकेसियन प्रोफेसर]] [[श्रेणी:टकसाल के मालिक]] [[श्रेणी:कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के लिए संसद के सदस्य]] [[श्रेणी:1707 की प्रारंभ में अंग्रेजी संसद के सदस्य]] [[श्रेणी:लिंकनशायर के लोग]] [[श्रेणी:स्टर्लिंग बैंक नोटों पर दिए गए लोगों के चित्र.]] [[श्रेणी:विज्ञान के दार्शनिकों]] [[श्रेणी:रॉयल सोसायटी के अध्यक्ष]] [[श्रेणी:धर्म और विज्ञान]] [[श्रेणी:रोजीक्रूसियन]] [[श्रेणी:वैज्ञानिक उपकरण के निर्माता]] [[श्रेणी:सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी]] [[श्रेणी:अंग्रेज़ लोग]] ==संदर्भ== [[श्रेणी:वैज्ञानिक]] ntyx6idy2cs38sxotjwn5p9yjv2ys0p कंकाल 0 686 23121 22767 2026-08-25T18:04:25Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23121 wikitext text/x-wiki [[फाईल:Horse and Man.jpg|thumb|सिडनी म ऑस्ट्रेलियाई संग्रहालय म, ऐगो प्रदर्शन म रखलो ऐगो मानव आरू ऐगो घोड़ा के कंकाल.]] '''कंकाल''' एगो जीव केरऽ समर्थन संरचना रूपऽ के शरीर केरऽ अंग छेकै। दूगो अलग प्रकार के कंकाल होय छै,: ऐगो जीव के स्थिर बाहरी कवच छै जे बहिःकंकाल आरू अन्तःकंकाल, जे शरीर के अंदर समर्थन संरचना रूप. मानव कंकाल स्नायुबंधन, मांसपेशी आरू उपास्थि द्वारा समर्थित आरू पूरक दोनों जुड़लो हुए छै आरू व्यक्तिगत हड्डी के होय छै। ई एक अंग के समर्थन करै छै, जे पाड़, एंकर मांसपेशी के रूप म कार्य करै छै, आरू ई तरह के मस्तिष्क, फेफड़ा, दिल आरू रीढ़ के हड्डी के रूप म अंग के रक्षा करै छै। शरीर म सबसं बड़ो हड्डी ऊपर पैर म जांध के होय छै, आरू सबसं छोटऺ मध्य कान मे स्टेपीज़ हड्डी छै। ऐगो वयस्क म, कंकाल शरीर के कुल वजन के लगभग 14% शामिल छै आरू ई वजन के आधा पानी छै।<ref>{{cite journal|title=The Allometric Relationship of Skeleton Weight to Body Weight in Teleost Fishes: A Preliminary Comparison with Birds and Mammals|author=William W. Reynolds and William J. Karlotski|journal=Copeia|year=1977|pages=160–163}}</ref> वयस्क मानव कंकाल में 206 हड्डियां हैं।<ref>{{cite web | url = http://www.groundreport.com/Health_and_Science/We-re-Born-With-270-Bones-As-Adults-We-Have-206 | title = We’re Born With 270 Bones. As Adults We Have 206 | first = Larry | last = Miller | date = 2007-12-09 | publisher = Ground Report | access-date = 2017-10-28 | archive-date = 2008-11-09 | archive-url = https://web.archive.org/web/20081109021329/https://www.groundreport.com/Health_and_Science/We-re-Born-With-270-Bones-As-Adults-We-Have-206 }}</ref><ref>{{cite web|url=http://ask.yahoo.com/20010808.html |title=How many bones does the human body contain? |publisher=Ask.yahoo.com |date=2001-08-08 |accessdate=2010-03-04}}</ref><ref>{{Cite web |title=EXPLORING OUR HUMAN BODIES |url=http://education.sdsc.edu/download/enrich/exploring_human.pdf |archive-url=https://web.archive.org/web/20060922031911/http://education.sdsc.edu/download/enrich/exploring_human.pdf |archive-date=2006-09-22 |access-date=2026-01-15 |website=education.sdsc.edu}}</ref><ref name="Tözeren-6-10">{{cite book | title = Human Body Dynamics: Classical Mechanics and Human Movement | url = https://archive.org/details/humanbodydynamic0000toze | first = Aydın | last = Tözeren | pages = [https://archive.org/details/humanbodydynamic0000toze/page/6 6]–10 | year = 2000 | publisher = स्प्रिंगर | isbn = 0-387-98801-7 }}</ref> यह पूरी तरह से विकसित करने से पहले मानव कंकाल 20 साल लग जाते हैं। कई जानवरों में, कंकाल हड्डियों रक्त कोशिकाओं का उत्पादन जो [[मज्जा]], होते हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.human-body.org/skeletal.html |title=Human bones in the body? |access-date=2017-10-28 |archive-date=2013-06-03 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130603234109/http://www.human-body.org/skeletal.html }}</ref> == सन्दर्भ == {{Reflist}} [[श्रेणी:प्राणी शरीर रचना]] 0xe37ldosnj579x49zl4crz73g2e796 कुष्ठ 0 832 23133 23028 2026-08-25T18:13:25Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23133 wikitext text/x-wiki :''हिब्रू बाइबिल शब्दावली आरू होकरो विभिन्न अर्थों के लेली, ज़ार्थ (Tzaraath) देखो. '' ''अन्य उपयोग के लेली कुष्ठरोग (स्पष्टीकरण) देखो.'' {{Infobox disease | Name = कुष्ठरोग (हैनसेरोग) | Image = Leprosy.jpg | Alt = | Caption = कुष्ठरोग से ग्रस्त एक 24-वर्षीय पुरुष. | DiseasesDB = 8478 | ICD10 = {{ICD10|A|30||a|30}} | ICD9 = {{ICD9|030}} | ICDO = | OMIM = 246300 | MedlinePlus = 001347 | eMedicineSubj = med | eMedicineTopic = 1281 | eMedicine_mult = {{eMedicine2|derm|223}} {{eMedicine2|neuro|187}} | MeshID = C01.252.410.040.552.386 }} '''कुष्ठरोग (Leprosy)''' या '''हैन्सेन का रोग (Hansen's Disease)''' '''(एचडी) (HD)''', चिकित्सक गेरहार्ड आर्मोर हैन्सेन (Gerhard Armauer Hansen) के नाम पर, ''माइकोबैक्टेरियम लेप्री (Mycobacterium leprae)'' और ''माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटॉसिस (Mycobacterium lepromatosis)'' जीवाणुओं के कारण होने वाली एक दीर्घकालिक बीमारी है।<ref name="Sasaki_2001">{{cite journal |author=Sasaki S, Takeshita F, Okuda K, Ishii N |title=Mycobacterium leprae and leprosy: a compendium |journal=Microbiol Immunol |volume=45 |issue=11 |pages=729–36 |year=2001 |url=http://www.jstage.jst.go.jp/article/mandi/45/11/729/_pdf |pmid=11791665 |access-date=30 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090113080230/http://www.jstage.jst.go.jp/article/mandi/45/11/729/_pdf |archive-date=13 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref><ref name="new">{{cite web | url=http://www.sciencedaily.com/releases/2008/11/081124141047.htm | title=New Leprosy Bacterium: Scientists Use Genetic Fingerprint To Nail 'Killing Organism' | work=ScienceDaily | date=2008-11-28 | accessdate=2010-01-31 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100313064458/http://www.sciencedaily.com/releases/2008/11/081124141047.htm | archive-date=13 मार्च 2010 | url-status=live }}</ref> कुष्ठरोग मुख्यतः ऊपरी श्वसन तंत्र के श्लेष्म और [[परिधीय तंत्रिका तंत्र|बाह्य नसों]] की एक ग्रैन्युलोमा-संबंधी (granulomatous) बीमारी है; त्वचा पर घाव इसके प्राथमिक बाह्य संकेत हैं।<ref name="Sherris">{{cite book | editor = Ryan KJ, Ray CG | title = Sherris Medical Microbiology | url = https://archive.org/details/sherrismedicalmi0000unse_q1i3 | edition = 4th | pages = [https://archive.org/details/sherrismedicalmi0000unse_q1i3/page/451 451]–3 | publisher = McGraw Hill | year = 2004 | isbn = 0838585299 | author = Kenneth J. Ryan, C. George Ray, editors. | oclc = 52358530 61405904}}</ref> यदि हेकरा अनुपचारित छोड़ी देलो जाय छै, त कुष्ठरोग बढ़ै सकः छै, जेकरा स त्वचा, नस, हाथ-पैर आरू आंख म स्थायी क्षति होय सकै छै। लोककथा के विपरीत, कुष्ठरोग के कारण शरीर के अंग अलग होय क गीरै नय छै, हालांकि ई बीमारी के कारण उ सुन्न आरू/या रोगी बनै सकै छै।<ref name="time.com">{{cite journal |author= |title=Lifting the stigma of leprosy: a new vaccine offers hope against an ancient disease |journal=Time |volume=119 |issue=19 |pages=87 |year=1982 |month=May |pmid=10255067 |doi= |url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,925377,00.html |access-date=30 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130825183350/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,925377,00.html |archive-date=25 अगस्त 2013 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite book | title = Textbook of Orthopedics and Trauma | edition = 2 | page = 779 | publisher = Jaypee Brothers Publishers | year = 2008 | isbn = 8184482426, 9788184482423 | author = Kulkarni GS}}</ref> कुष्ठरोग ने 4,000 से भी अधिक वर्षों से मानवता को प्रभावित किया है,<ref>{{cite web | url=http://sciencenow.sciencemag.org/cgi/content/full/2009/527/1 | title=Skeleton Pushes Back Leprosy's Origins | author=Holden | year=2009 | work=ScienceNOW | accessdate=2010-01-31 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090922212020/http://sciencenow.sciencemag.org/cgi/content/full/2009/527/1 | archive-date=22 सितंबर 2009 | url-status=dead }}</ref> और [[चीन का इतिहास|प्राचीन चीन]], मिस्र और [[भारतीय इतिहास|भारत]] की सभ्यताओं में इसे बहुत अच्छी तरह पहचाना गया है।<ref name="WHO_Factsheet">{{cite web | title = Leprosy | work = WHO | url = http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs101/en/ | date = 2009-08-01 | accessdate = 2010-01-31 | archive-url = https://web.archive.org/web/20131212084309/http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs101/en/ | archive-date = 12 दिसंबर 2013 | url-status = live }}</ref> पुराने येरुशलम शहर के बाहर स्थित एक मकबरे में खोजे गये एक पुरुष के कफन में लिपटे शव के अवशेषों से लिया गया डीएनए (DNA) दर्शाता है कि वह पहला मनुष्य है, जिसमें कुष्ठरोग की पुष्टि हुई है।<ref>{{cite news | url=http://www.sciencedaily.com/releases/2009/12/091216103558.htm | work=ScienceDaily | title=DNA of Jesus-Era Shrouded Man in Jerusalem Reveals Earliest Case of Leprosy | date=2009-12-16 | accessdate=2010-01-31 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100530031302/http://www.sciencedaily.com/releases/2009/12/091216103558.htm | archive-date=30 मई 2010 | url-status=live }}</ref> 1995 में, [[विश्व स्वास्थ्य संगठन|विश्व स्वास्थ्य संगठन (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन)]] (डब्ल्यूएचओ) (WHO) के अनुमान के अनुसार कुष्ठरोग के कारण स्थायी रूप से विकलांग हो चुके व्यक्तियों की संख्या 2 से 3 मिलियन के बीच थी।<ref name="WHO_1995">{{cite journal |author=WHO|title=Leprosy disabilities: magnitude of the problem |journal=Weekly Epidemiological Record |volume=70 |issue=38 |pages=269–75 |year=1995 |pmid=7577430}}</ref> पिछले 20 वर्षों में, पूरे विश्व में 15 मिलियन लोगों को कुष्ठरोग से मुक्त किया जा चुका है।<ref name="Leprosy">{{cite news | url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/programmes/from_our_own_correspondent/6510503.stm | author=Walsh F | title=The hidden suffering of India's lepers | publisher=बीबीसी न्यूज़ | date=2007-03-31 | access-date=30 अगस्त 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20070529003040/http://news.bbc.co.uk/2/hi/programmes/from_our_own_correspondent/6510503.stm | archive-date=29 मई 2007 | url-status=live }}</ref> हालांकि, जहां पर्याप्त उपचार उपलब्ध हैं, उन स्थानों में मरीजों का बलपूर्वक संगरोध या पृथक्करण करना अनावश्यक है, लेकिन इसके बावजूद अभी भी पूरे विश्व में भारत (जहां आज भी 1,000 से अधिक कुष्ठ-बस्तियां हैं),<ref name="Leprosy" /> चीन,<ref>{{cite news |url=http://www.iol.co.za/index.php?set_id=1&click_id=117&art_id=qw1158139440409B243 |title=Ignorance breeds leper colonies in China |author=Lyn TE |publisher=Independat News & Media |date=2006-09-13 |accessdate=2010-01-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100408075048/http://www.iol.co.za/index.php?set_id=1&click_id=117&art_id=qw1158139440409B243 |archive-date=8 अप्रैल 2010 |url-status=live }}</ref> [[रोमानिया]],<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/europe/1639335.stm |title=Europe's last leper colony lives on |author=Radan S, Hutt A |work=बीबीसी न्यूज़ |date=2001-11-06 |accessdate=2010-01-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100929040222/http://news.bbc.co.uk/2/hi/europe/1639335.stm |archive-date=29 सितंबर 2010 |url-status=live }}</ref> [[मिस्र]], [[नेपाल]], [[सोमालिया]], [[लाइबेरिया]], [[वियतनाम]]<ref>{{cite web |url=http://english.vovnews.vn/Home/Making-Peace-With-Vietnam-to-be-screened-at-Beijing-film-festival/20092/101642.vov |title=“Making Peace With Vietnam” to be screened at Beijing film festival |work=Radio the Voice of Vietnam |date=2009-02-08 |accessdate=2010-01-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822213800/http://english.vovnews.vn/Home/Making-Peace-With-Vietnam-to-be-screened-at-Beijing-film-festival/20092/101642.vov |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=dead }}</ref> और जापान<ref>1996 में जापान निरसित की अपने "कुष्ठ निवारण कानून" लेकिन पूर्व मरीज अभी भी सैनाटोरियम्स में रहते हैं। देखें [http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/1350630.stm कोइज़ुमी कालोनियों कोढ़ी के लिए क्षमा मांगते हैं।] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170909055257/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/1350630.stm |date=9 सितंबर 2017 }}[http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/1350630.stm बीबीसी (BBC) समाचार. ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170909055257/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/1350630.stm |date=9 सितंबर 2017 }}[http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/1350630.stm 25 मई 2001] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170909055257/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/1350630.stm |date=9 सितंबर 2017 }} और 2007 [https://web.archive.org/web/20090826074049/http://search.japantimes.co.jp/cgi-bin/nn20070607f2.html जापान टाइम्स 7 जून एक्स-हंसेन के रोग के रोगियों अभी भी पूर्वाग्रह के साथ संघर्ष करते हैं।]</ref> जैसे देशों में कुष्ठ-बस्तियां मौजूद हैं। एक समय था, जब कुष्ठरोग को अत्यधिक संक्रामक और यौन-संबंधों के द्वारा संचरित होने वाला माना जाता था और इसका उपचार पारे के द्वारा किया जाता था- जिनमें से सभी धारणाएं सिफिलिस (syphilis) पर लागू हुईं, जिसका पहली बार वर्णन 1530 में किया गया था। अब ऐसा माना जाता है कि कुष्ठरोग के शुरुआती मामलों से अनेक संभवतः सिफिलिस (syphilis) के मामले रहे होंगे.<ref>[http://www.britannica.com/EBchecked/topic/578770/syphilis/253277/Syphilis-through-history#ref252973 इतिहास के माध्यम से उपदंश] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141214035934/http://www.britannica.com/EBchecked/topic/578770/syphilis/253277/Syphilis-through-history#ref252973 |date=14 दिसंबर 2014 }} [[ब्रिटैनिका विश्वकोष]]</ref> अब यह ज्ञात हो चुका है कि कुष्ठरोग न तो यौन-संपर्क के द्वारा संचरित होता है और न ही उपचार के बाद यह अत्यधिक संक्रामक है क्योंकि लगभग 95% लोग प्राकृतिक रूप से प्रतिरक्षित होते हैं<ref>{{cite web |title=about leprosy: frequently asked questions |url=http://www.leprosy.org/getinformed/aboutleprosy/leprosyfaq.php |publisher=American Leprosy Missions, Inc |accessdate=September 19, 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110408123213/http://www.leprosy.org/getinformed/aboutleprosy/leprosyfaq.php |archive-date=8 अप्रैल 2011 |url-status=dead }}</ref> और इससे पीड़ित लोग भी उपचार के मात्र 2 सप्ताह बाद ही संक्रामक नहीं रह जाते. कुष्ठरोग के उन्नत रूपों से जुड़ा सदियों पुराना सामाजिक-कलंक, दूसरे शब्दों में कुष्ठरोग का कलंक,<ref>{{cite journal |author=Jopling WH |title=Leprosy stigma |journal=Lepr Rev |volume=62 |issue=1 |pages=1–12 |year=1991 |month=March |pmid=2034017}}</ref> अनेक क्षेत्रों में आज भी मौजूद है और यह अभी भी स्व-सूचना और जल्द उपचार के प्रति एक बड़ी बाधा बना हुआ है। 1930 के दशक के अंत में डैप्सोन (dapsone) और इसके व्युत्पन्नों की प्रस्तुति के साथ ही कुष्ठरोग के लिये प्रभावी उपचार प्राप्त हुआ। शीघ्र ही डैप्सोन (dapsone) के प्रति प्रतिरोधी कुष्ठरोग दण्डाणु विकसित हो गया और डैप्सोन (dapsone) के अति-प्रयोग के कारण यह व्यापक रूप से फैल गया। 1980 के दशक के प्रारंभ में बहु-औषधि उपचार (मल्टीड्रग थेरपी) (एमडीटी) (MDT) के आगमन से पूर्व तक समुदाय के भीतर इस बीमारी का निदान और उपचार कर पाना संभव नहीं हो सका था।<ref name="WHOleprosyFAQ">{{cite web| url=http://www.searo.who.int/en/section10/section373_11716.htm| title=Communicable Diseases Department, Leprosy FAQ| publisher=[[World Health Organization]]| date=2006-05-25| accessdate=2010-01-31| archive-url=https://archive.is/20120805122916/www.searo.who.int/en/section10/section373_11716.htm| archive-date=5 अगस्त 2012| url-status=dead}}</ref> बहु-दण्डाणुओं के लिये एमडीटी (MDT) 12 माह तक ली जाने वाली राइफैम्पिसिन (rifampicin), डैप्सोन (dapsone) और क्लोफैज़िमाइन (clofazimine) से मिलकर बना होता है। बच्चों और वयस्कों के लिये उपयुक्त रूप से समायोजित खुराकें सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ब्लिस्टर के पैकेटों के रूप में उपलब्ध हैं।<ref name="WHOleprosyFAQ" /> एकल घाव वाले कुष्ठरोग के लिये एकल खुराक वाला एमडीटी (MDT) राइफैम्पिसिन (rifampicin), ऑफ्लॉक्सैसिन (ofloxacin) और माइनोसाइक्लाइन (minocycline) से मिलकर बना होता है। एकल खुराक वाली उपचार रणनीतियों की ओर बढ़ने के कारण कुछ क्षेत्रों में इस बीमारी के प्रसार में कमी आई है क्योंकि इसका प्रसार उपचार की अवधि पर निर्भर होता है। कुष्ठरोग और इसके पीड़ितों के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिये विश्व कुष्ठरोग दिवस (वर्ल्ड लेप्रसी डे) की स्थापना की गई। 3fe2f3a3wuwirmq3blt7mhjsvwfznib गुप्त वंश 0 1019 23122 20264 2026-08-25T18:04:45Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23122 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसंदूक भूतपूर्व देश |conventional_long_name = गुप्त साम्राज्य |common_name = गुप्तवंश वंश |continent = एशिया |region = दक्षिणी एशिया |era = प्राचीन भारत |year_start = 240 ई. |year_end = 550 ई. |status = साम्राज्य <!-- पूर्ववर्ती एवं अनुगामी --> |p1 = महामेघवाहन वंश |p2 = कण्व वंश |p3 = कुषाण वंश |p4 = भारशिव वंश |p5 = शक |s1 = गुप्तवंश (मागध अथवा मालव वंश) |s2 = मौखरि वंश |s3 = मैत्रक राजवंश |s4 = पुष्यभूति राजवंश |s5 = पाल राजवंश |s6 = वर्मन राजवंश |s7 = कलचुरि राजवंश |image_map = गुप्त और मौर्य साम्राज्य.jpg |image_map_caption = अपने चरमोत्कर्ष के समय गुप्त साम्राज्य |capital = [[पाटलिपुत्र]] |common_languages = [[संस्कृत]] |religion = [[हिन्दू धर्म]] |government_type = [[पूर्ण राजशाही]] |leader1 = [[श्रीगुप्त]] |year_leader1 = 240 ई–280 ई |leader2 = [[चन्द्रगुप्त प्रथम]] |year_leader2 = 319 ई–335 ई |leader3 = [[विष्णुगुप्त]] |year_leader3 = 540 ई–550 ई |title_leader = महाराजाधिराज |stat_area1 = 3500000 |today = {{Ubl|{{Flag|India}}|{{Flag|Pakistan}}|{{Flag|Bangladesh}}|{{Flag|Nepal}}}} }} '''गुप्त वंश या गुप्त राजवंश''' या '''गुप्त साम्राज्य''' ''(ल. 240/275–550 इस्वी)'' [[प्राचीन भारत]] केरो एगो [[हिन्दू साम्राज्यों और राजवंशों की सूची|हिन्दू साम्राज्य]] छेलै। जे लगभग संपूर्ण [[भारतीय उपमहाद्वीप]] प शासन करलकै।<ref name="Gupta Dynasty – MSN Encarta">{{Cite encyclopedia |title=Gupta Dynasty – MSN Encarta |url=http://encarta.msn.com/encyclopedia_761571624/gupta_dynasty.html |archive-url=https://web.archive.org/web/20091029013809/http://encarta.msn.com/encyclopedia_761571624/Gupta_Dynasty.html |archive-date=29 October 2009 |url-status=dead }} {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091029013809/http://encarta.msn.com/encyclopedia_761571624/Gupta_Dynasty.html |date=29 अक्तूबर 2009 }}</ref> इतिहासकारो द्वारा [[गुप्तकालीन कला|इ अवधि]] क '''भारत केरो स्वर्ण युग''' मानलो जाय छै।<ref>N. Jayapalan, ''History of India'', Vol. I, (Atlantic Publishers, 2001), 130.</ref>{{#tag:ref|Although this characterisation has been disputed by [[D. N. Jha]].<ref>{{Cite book |title=Ancient India in Historical Outline |url=https://archive.org/details/ancientindiainhi0000dnjh |last=Jha |first=D.N. |publisher=Manohar Publishers and Distributors |year=2002 |isbn=978-81-7304-285-0 |location=Delhi |pages=[https://archive.org/details/ancientindiainhi0000dnjh/page/141 149]–73}}</ref>|group=note}} [[मौर्य वंश]] के पतन के बाद दीर्घकाल मँ [[हर्ष]] ताँय भारत मँ राजनीतिक एकता स्थापित नै रहलै। [[कुषाण वंश|कुषाण]] एवं [[सातवाहन|सातवाहनों]] ने राजनीतिक एकता लाने का प्रयास किया। मौर्योत्तर काल के उपरान्त तीसरी शताब्दी ईस्वी में तीन राजवंशो का उदय हुआ जिसमें मध्य भारत में नाग शक्‍ति, दक्षिण में [[वाकाटक]] तथा पूर्वी में गुप्त वंश प्रमुख हैं। मौर्य वंश के पतन के पश्चात नष्ट हुई राजनीतिक एकता को पुनः स्थापित करने का श्रेय गुप्त वंश को है। [[फाईल:Indischer Maler des 6. Jahrhunderts 001.jpg|300px|right|thumb|इस काल की [[अजन्ता]] चित्रकला]] गुप्त साम्राज्य की नींव तीसरी शताब्दी के चौथे दशक में तथा उत्थान चौथी शताब्दी की शुरुआत में हुआ। गुप्त वंश का प्रारम्भिक राज्य आधुनिक [[उत्तर प्रदेश]] और [[बिहार]] में था।साम्राज्य के पहले शासक चंद्र गुप्त प्रथम थे, जिन्होंने विवाह द्वारा लिच्छवी के साथ गुप्ता को एकजुट किया। उनके पुत्र प्रसिद्ध समुद्र गुप्ता ने विजय के माध्यम से साम्राज्य का विस्तार किया। ऐसा लगता है कि उनके अभियानों ने उत्तरी और पूर्वी भारत में गुप्ता शक्ति का विस्तार किया और मध्य भारत और गंगा घाटी के कुलीन राजाओं और उन क्षेत्रों को वस्तुतः समाप्त कर दिया जो तब गुप्ता के प्रत्यक्ष प्रशासनिक नियंत्रण में आ गए थे। साम्राज्य के तीसरे शासक चंद्र गुप्त द्वितीय (या विक्रमादित्य, "शौर्य का सूर्य") उज्जैन तक साम्राज्य का विस्तार करने के लिए मनाया गया, लेकिन उनका शासनकाल सैन्य विजय की तुलना में सांस्कृतिक और बौद्धिक उपलब्धियों से अधिक जुड़ा हुआ था। उनके उत्तराधिकारी- कुमारा गुप्ता, स्कंद गुप्ता और अन्य - ने धुनास (हेफ्थालवासियों की एक शाखा) पर आक्रमण के साथ साम्राज्य के क्रमिक निधन को देखा। 6 वीं शताब्दी के मध्य तक, जब राजवंश का अंत हुआ, तो राज्य एक छोटे आकार में घट गया था। ==गुप्त वंश के उत्पत्ति== गुप्‍त सामाज्‍य का उदय तीसरी शताब्‍दी के अन्‍त में [[प्रयाग]] के निकट [[कौशाम्‍बी]] में हुआ था। जिस प्राचीनतम गुप्त राजा के बारे में पता चला है वो है [[श्रीगुप्त]]। हालांकि प्रभावती गुप्त के पूना ताम्रपत्र अभिलेख में इसे 'आदिराज' कहकर सम्बोधित किया गया है। श्रीगुप्त ने गया में चीनी यात्रियों के लिए एक [[मंदिर]] बनवाया था जिसका उल्लेख चीनी यात्री [[इत्सिंग]] ने ५०० वर्षों बाद सन् ६७१ से सन् ६९५ के बीच में किया। पुराणों में ये कहा गया है कि आरंभिक गुप्त राजाओं का साम्राज्य [[गंगा]] द्रोणी, प्रयाग, [[साकेत]] ([[अयोध्या]]) तथा [[मगध]] में फैला था। श्रीगुप्त के समय में महाराजा की उपाधि सामन्तों को प्रदान की जाती थी, अतः श्रीगुप्त किसी के अधीन शासक था। प्रसिद्ध इतिहासकार के. पी. जायसवाल के अनुसार श्रीगुप्त भारशिवों के अधीन छोटे से राज्य प्रयाग का शासक था। चीनी यात्री इत्सिंग के अनुसार मगध के मृग शिखावन में एक मन्दिर का निर्माण करवाया था। तथा मन्दिर के व्यय में २४ गाँव को दान दिये थे। हालाँकि, नेपाल और दक्कन में हाल की खुदाई से पता चला है कि गुप्त प्रत्यय [[आभीर]] राजाओं से संबधित थे इतिहासकार डीआर रेग्मी, इंपीरियल गुप्तों को नेपाल के [[आभीर]] गुप्तों से जोड़ते हैं<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=OPEcHLvf33YC&pg=PA75&lpg=PA75&dq=d+r+regmi+gupta&source=bl&ots=gNNHJ6BmYA&sig=K0bA6Pr0Z9ycEMIrstp_uffVgcw&hl=en&ei=8LFxS-2aDY-TkAXfouX7CQ&sa=X&oi=book_result&ct=result&redir_esc=y#v=onepage&q=d%20r%20regmi%20gupta&f=false|title=Inscriptions of Ancient Nepal|last=Regmi|first=D. R.|date=1983|publisher=Abhinav Publications|isbn=978-0-391-02559-2|language=en}}</ref> == घटोत्कच == श्रीगुप्त के बाद उसका पुत्र '''घटोत्कच''' गद्दी पर बैठा। २८० ई. से 320 ई. तक गुप्त साम्राज्य का शासक बना रहा। वह शाही परिवार का वंशज रहा हो सकता है, प्रभावती गुप्ता के पूना एवं रिद्धपुर ताम्रपत्र अभिलेखों में घटोत्कच को गुप्त वंश का प्रथम राजा बताया गया है,इसका राज्य सम्भवतः मगध के आस-पास तक ही सीमित था। == चंद्रगुप्त प्रथम == सन् ३२० में [[चंद्रगुप्त|चन्द्रगुप्त प्रथम]] अपने पिता घटोत्कच के बाद राजा बना। चन्द्रगुप्त गुप्त वंशावली में पहला स्वतन्त्र शासक था। इसने '''''महाराजाधिराज''''' की उपाधि धारण की थी। चंद्रगुप्त ने में [[लिच्छवि|लिच्छवि संघ]] को अपने साम्राज्य में सम्मिलित कर लिया। इसका शासन काल (320 ई. से 335 ई. तक) था। चंद्रगुप्त ने [[गुप्त संवत्]] की स्थापना 319–320 ई. में की थी। गुप्त संवत् तथा [[शक संवत्]] के मध्य 241 वर्षों का अंतर था। पुराणों तथा [[हरिषेण]] लिखित [[प्रयाग प्रशस्ति]] से चन्द्रगुप्त प्रथम के राज्य के विस्तार के विषय में जानकारी मिलती है। चन्द्रगुप्त ने [[लिच्छवि|लिच्छवियों]] के सहयोग और समर्थन पाने के लिए उनकी राजकुमारी कुमार देवी के साथ विवाह किया। स्मिथ के अनुसार इस वैवाहिक सम्बन्ध के परिणामस्वरूप चन्द्रगुप्त ने लिच्छवियों का राज्य प्राप्त कर लिया तथा मगध उसके सीमावर्ती क्षेत्र में आ गया। कुमार देवी के साथ विवाह-सम्बन्ध करके चन्द्रगुप्त प्रथम ने वैशाली राज्य प्राप्त किया। चन्द्रगुप्त ने जो सिक्के चलाए उसमें चन्द्रगुप्त और कुमारदेवी के चित्र अंकित होते थे। लिच्छवियों के दूसरे राज्य नेपाल के राज्य को उसके पुत्र समुद्रगुप्त ने मिलाया। [[हेमचन्द्र राय चौधरी]] के अनुसार अपने महान पूर्ववर्ती शासक [[बिम्बिसार]] की भाँति चन्द्रगुप्त प्रथम ने लिच्छवि राजकुमारी कुमार देवी के साथ विवाह कर द्वितीय मगध साम्राज्य की स्थापना की। उसने विवाह की स्मृति में राजा-रानी प्रकार के सिक्‍कों का चलन करवाया। इस प्रकार स्पष्ट है कि लिच्छवियों के साथ सम्बन्ध स्थापित कर चन्द्रगुप्त प्रथम ने अपने राज्य को राजनैतिक दृष्टि से सुदृढ़ तथा आर्थिक दृष्टि से समृद्ध बना दिया। राय चौधरी के अनुसार चन्द्रगुप्त प्रथम ने कौशाम्बी तथा [[कौशल]] के महाराजाओं को जीतकर अपने राज्य में मिलाया तथा साम्राज्य की राजधानी [[पाटलिपुत्र]] में स्थापित की। == समुद्रगुप्त == {{मुख्य|समुद्रगुप्त}} [[चन्द्रगुप्त]] प्रथम के बाद 335 ई. में उसका तथा कुमारदेवी का पुत्र समुद्रगुप्त राजगद्दी पर बैठा। सम्पूर्ण प्राचीन भारतीय इतिहास में महानतम शासकों के रूप में वह नामित किया जाता है। इन्हें [[परक्रमांक]] कहा गया है। समुद्रगुप्त का शासनकाल राजनैतिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से गुप्त साम्राज्य के उत्कर्ष का काल माना जाता है। इस साम्राज्य की राजधानी [[पाटलिपुत्र]] थी। समुद्रगुप्त ने "महाराजाधिराज" की उपाधि धारण की। वे स्वयं को "लिच्छवि दौहित्र" कहे जाने पर गर्व का अनुभव करते थे। श्रीलंका के शासक मेघवर्मन ने बोधगया में एक बौध्द विहार के निर्माण की अनुमति पाने हेतू अपना राजदूत समुद्रगुप्त के पास भेजा। समुद्रगुप्त एक असाधारण सैनिक योग्यता वाला महान विजित सम्राट था। [[विन्सेंट स्मिथ]] ने इन्हें [[नेपोलियन]] की उपाधि दी। उसका सबसे महत्वपूर्ण अभियान दक्षिण की तरफ़ (दक्षिणापथ) था। इसमें उसके बारह विजयों का उल्लेख मिलता है। समुद्रगुप्त एक अच्छा राजा होने के अतिरिक्त एक अच्छा [[कवि]] तथा [[संगीत]]ज्ञ भी था। उसे कला मर्मज्ञ भी माना जाता है। उसका देहान्त 380 ई. में हुआ जिसके बाद उसका पुत्र [[चन्द्रगुप्त|चन्द्रगुप्त द्वितीय]] राजा बना। यह उच्चकोटि का विद्वान तथा विद्या का उदार संरक्षक था। उसे कविराज भी कहा गया है। वह महान संगीतज्ञ था जिसे [[वीणा]] वादन का शौक था। इसने प्रसिद्ध बौद्ध विद्वान [[वसुबन्धु]] को अपना मन्त्री नियुक्‍त किया था। [[हरिषेण]], समुद्रगुप्त का मन्त्री एवं दरबारी कवि था। हरिषेण द्वारा रचित [[प्रयाग प्रशस्ति]] से समुद्रगुप्त के राज्यारोहण, विजय, साम्राज्य विस्तार के सम्बन्ध में सटीक जानकारी प्राप्त होती है। [[काव्यालंकार सूत्र]] में समुद्रगुप्त का नाम 'चन्द्रप्रकाश' मिलता है। उसने उदार, दानशील, असहायी तथा अनाथों को अपना आश्रय दिया। वैदिक धर्म के अनुसार इन्हें धर्म व प्राचीर बन्ध यानी धर्म की प्राचीर कहा गया है। ;समुद्रगुप्त केरो साम्राज्य– समुद्रगुप्त ने एक विशाल साम्राज्य का निर्माण किया जो उत्तर में [[हिमालय]] से लेकर दक्षिण में [[विन्ध्य पर्वत]] तक तथा पूर्व में [[बंगाल की खाड़ी]] से पश्‍चिम में पूर्वी [[मालवा]] तक विस्तृत था। [[कश्मीर]], पश्‍चिमी [[पंजाब]], पश्‍चिमी [[राजस्थान]], [[सिन्ध]] तथा [[गुजरात]] को छोड़कर समस्त उत्तर भारत इसमें सम्मिलित थे। दक्षिणापथ के शासक तथा पश्‍चिमोत्तर भारत की विदेशी शक्‍तियाँ उसकी अधीनता स्वीकार करती थीं। समुद्रगुप्त ने सैन्य विजय के उपरांत एक अश्वमेध यज्ञ करवाया। प्रयाग प्रशस्ति के अनुसार समुद्रगुप्त की दिग्विजय का ध्येय "धरणि बंध" (भूमंडल को बांधना) था। इन्होने उत्तर भारत के नो शासकों को पराजित किया जिनमें अच्युत, नागसेन तथा गणपतिनाथ प्रमुख थे। समुद्रगुप्त के काल में सदियों के राजनीतिक विकेन्द्रीकरण तथा विदेशी शक्‍तियों के आधिपत्य के बाद आर्यावर्त पुनः नैतिक, बौद्धिक तथा भौतिक उन्‍नति की चोटी पर जा पहुँचा था। == रामगुप्त == समुद्रगुप्त के बाद रामगुप्त सम्राट बना, लेकिन इसके राजा बनने में विभिन्‍न विद्वानों में मतभेद है। विभिन्‍न साक्ष्यों के आधार पर पता चलता है कि समुद्रगुप्त के दो पुत्र थे- रामगुप्त तथा चन्द्रगुप्त। रामगुप्त बड़ा होने के कारण पिता की मृत्यु के बाद गद्दी पर बैठा, लेकिन वह निर्बल एवं कायर था। वह शकों द्वारा पराजित हुआ और अत्यन्त अपमानजनक सन्धि कर अपनी पत्‍नी ध्रुवस्वामिनी को शकराज को भेंट में दे दिया था, लेकिन उसका छोटा भाई चन्द्रगुप्त द्वितीय बड़ा ही वीर एवं स्वाभिमानी व्यक्‍ति था। वह छद्‍म भेष में ध्रुवस्वामिनी के वेश में शकराज के पास गया। फलतः रामगुप्त निन्दनीय होता गया। तत्पश्‍चात् ‌चन्द्रगुप्त द्वितीय ने अपने बड़े भाई रामगुप्त की हत्या कर दी। उसकी पत्‍नी से विवाह कर लिया और गुप्त वंश का शासक बन बैठा। == चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य == {{मुख्य|चन्द्रगुप्त द्वितीय}} [[फाईल:Two Gold coins of Chandragupta II.jpg|thumb|300px|चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य की मुद्रा]] चन्द्रगुप्त द्वितीय ३७५ ई. में सिंहासन पर आसीन हुआ। वह समुद्रगुप्त की प्रधान महिषी दत्तदेवी से हुआ था। वह विक्रमादित्य के नाम से इतिहास में प्रसिद्ध हुआ। उसने ३७५ से ४१५ ई. तक (४० वर्ष) शासन किया। चन्द्रगुप्त द्वितीय ने शकों पर अपनी विजय हासिल की जिसके बाद गुप्त साम्राज्य एक शक्तिशाली राज्य बन गया। चन्द्रगुप्त द्वितीय के समय में क्षेत्रीय तथा सांस्कृतिक विस्तार हुआ। हालांकि चन्द्रगुप्त द्वितीय का अन्य नाम देव, देवगुप्त, देवराज, देवश्री आदि हैं। उसने विक्रमांक, विक्रमादित्य, परम भागवत आदि उपाधियाँ धारण की। उसने [[नागवंश]], [[वाकाटक]] और [[कदम्ब राजवंश]] के साथ वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किये। चन्द्रगुप्त द्वितीय ने नाग राजकुमारी कुबेर नागा के साथ [[विवाह]] किया जिससे एक कन्या प्रभावती गुप्त पैदा हुई। वाकाटकों का सहयोग पाने के लिए चन्द्रगुप्त ने अपनी पुत्री प्रभावती गुप्त का विवाह वाकाटक नरेश [[रूद्रसेन द्वितीय]] के साथ कर दिया। उसने ऐसा संभवतः इसलिए किया कि शकों पर आक्रमण करने से पहले [[दक्कन]] में उसको समर्थन हासिल हो जाए। उसने प्रभावती गुप्त के सहयोग से [[गुजरात]] और [[काठियावाड़]] की विजय प्राप्त की। वाकाटकों और गुप्तों की सम्मिलित शक्‍ति से [[शक|शकों]] का उन्मूलन किया। कदम्ब राजवंश का शासन कुंतल ([[कर्नाटक]]) में था। चन्द्रगुप्त के पुत्र [[कुमारगुप्त प्रथम]] का विवाह कदम्ब वंश में हुआ। शक उस समय [[गुजरात]] तथा [[मालवा]] के प्रदेशों पर राज कर रहे थे। शकों पर विजय के बाद उसका साम्राज्य न केवल मजबूत बना बल्कि उसका पश्चिमी समुद्र पत्तनों पर अधिपत्य भी स्थापित हुआ। इस विजय के पश्चात [[उज्जैन]] गुप्त साम्राज्य की राजधानी बना। चन्द्रगुप्त द्वितीय का काल ब्राह्मण धर्म के चरमोत्कर्ष का काल था। इनका प्रधान सचिव वीरेन (शैव) तथा सेनापति अम्रकार्दव (बौद्ध) था। विद्वानों को इसमें संदेह है कि चन्द्रगुप्त द्वितीय तथा विक्रमादित्य एक ही व्यक्ति थे। उसके शासनकाल में चीनी बौद्ध यात्री [[फाहियान]] ने 399 ईस्वी से 414 ईस्वी तक भारत की यात्रा की। उसने भारत का वर्णन एक सुखी और समृद्ध देश के रूप में किया। चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल को स्वर्ण युग भी कहा गया है। चन्द्रगुप्त एक महान प्रतापी सम्राट था। उसने अपने साम्राज्य का और विस्तार किया। * '''शक विजय'''- पश्‍चिम में शक क्षत्रप शक्‍तिशाली साम्राज्य था। ये गुप्त राजाओं को हमेशा परेशान करते थे। शक गुजरात के काठियावाड़ तथा पश्‍चिमी मालवा पर राज्य करते थे। ३८९ ई. ४१२ ई. के मध्य चन्द्रगुप्त द्वितीय द्वारा शकों पर आक्रमण कर विजित किया। शकों पर विजय के उपलक्ष्य में रजत मुद्राओं का प्रचलन करवाया था तथा "शकारि" उपाधि धारण की एवं व्याध्र शैली के सिक्के चलाए। * '''वाहीक विजय'''- महाशैली स्तम्भ लेख के अनुसार चन्द्र गुप्त द्वितीय ने सिन्धु के पाँच मुखों को पार कर वाहिकों पर विजय प्राप्त की थी। वाहिकों का समीकरण कुषाणों से किया गया है, पंजाब का वह भाग जो व्यास का निकटवर्ती भाग है। * '''बंगाल विजय'''- महाशैली स्तम्भ लेख के अनुसार यह ज्ञात होता है कि चन्द्र गुप्त द्वितीय ने बंगाल के शासकों के संघ को परास्त किया था। * '''गणराज्यों पर विजय'''- पश्‍चिमोत्तर भारत के अनेक गणराज्यों द्वारा समुद्रगुप्त की मृत्यु के पश्‍चात्‌अपनी स्वतन्त्रता घोषित कर दी गई थी। परिणामतः चन्द्रगुप्त द्वितीय द्वारा इन गणरज्यों को पुनः विजित कर गुप्त साम्राज्य में विलीन किया गया। अपनी विजयों के परिणामस्वरूप चन्द्रगुप्त द्वितीय ने एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की। उसका साम्राज्य पश्‍चिम में गुजरात से लेकर पूर्व में बंगाल तक तथा उत्तर में हिमालय की तापघटी से दक्षिण में नर्मदा नदी तक विस्तृत था। चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासन काल में उसकी प्रथम राजधानी पाटलिपुत्र और द्वितीय राजधानी उज्जयिनी थी। चन्द्रगुप्त द्वितीय का काल कला-साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है। उसके दरबार में विद्वानों एवं कलाकारों को आश्रय प्राप्त था। उसके दरबार में नौ रत्‍न थे- कालिदास, धन्वन्तरि, क्षपणक, अमरसिंह, शंकु, बेताल भट्ट, घटकर्पर, वाराहमिहिर, वररुचि, आर्यभट्ट, विशाखदत्त, शूद्रक, ब्रम्हगुप्त, विष्णुशर्मा और भास्कराचार्य उल्लेखनीय थे। ब्रह्मगुप्त ने ब्राह्मसिद्धान्त प्रतिपादित किया जिसे बाद में न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के नाम से प्रतिपादित किया। == कुमारगुप्त प्रथम == {{मुख्य|कुमारगुप्त प्रथम}} कुमारगुप्त प्रथम, चन्द्रगुप्त द्वितीय की मृत्यु के बाद सन् 415 में सत्तारूढ़ हुआ। अपने दादा समुद्रगुप्त की तरह उसने भी अश्वमेघ यज्ञ के सिक्के जारी किये। कुमारगुप्त ने चालीस वर्षों तक शासन किया। कुमारगुप्त प्रथम (४१५ ई. से ४५५ ई.)- चन्द्रगुप्त द्वितीय के पश्‍चात्‌ ४१५ ई. में उसका पुत्र कुमारगुप्त प्रथम सिंहासन पर बैठा। वह चन्द्रगुप्त द्वितीय की पत्‍नी ध्रुवदेवी से उत्पन्‍न सबसे बड़ा पुत्र था, जबकि गोविन्दगुप्त उसका छोटा भाई था। यह कुमारगुप्त के बसाठ (वैशाली) का राज्यपाल था। कुमारगुप्त प्रथम का शासन शान्ति और सुव्यवस्था का काल था। साम्राज्य की उन्‍नति के पराकाष्ठा पर था। इसने अपने साम्राज्य का अधिक संगठित और सुशोभित बनाये रखा। गुप्त सेना ने पुष्यमित्रों को बुरी तरह परास्त किया था। कुमारगुप्त ने अपने विशाल साम्राज्य की पूरी तरह रक्षा की जो उत्तर में हिमालय से दक्षिण में नर्मदा तक तथा पूर्व में बंगाल की खाड़ी से लेकर पश्‍चिम में अरब सागर तक विस्तृत था। कुमारगुप्त प्रथम के अभिलेखों या मुद्राओं से ज्ञात होता है कि उसने अनेक उपाधियाँ धारण कीं। उसने महेन्द्र कुमार, श्री महेन्द्र, श्री महेन्द्र सिंह, महेन्द्रा दिव्य आदि उपाधि धारण की थी। मिलरक्द अभिलेख से ज्ञात होता है कि कुमारगुप्त के साम्राज्य में चतुर्दिक सुख एवं शान्ति का वातावरण विद्यमान था। कुमारगुप्त प्रथम स्वयं वैष्णव धर्मानुयायी था, किन्तु उसने धर्म सहिष्णुता की नीति का पालन किया। गुप्त शासकों में सर्वाधिक अभिलेख कुमारगुप्त के ही प्राप्त हुए हैं। उसने अधिकाधिक संक्या में मयूर आकृति की रजत मुद्राएं प्रचलित की थीं। उसी के शासनकाल में नालन्दा विश्‍वविद्यालय की स्थापना की गई थी। कुमारगुप्त केे समय मे हूूणो का हमला हुुआ। कुमारगुप्त प्रथम के शासनकाल की प्रमुख घटनओं का निम्न विवरण है- * '''पुष्यमित्र से युद्ध'''- भीतरी अभिलेख से ज्ञात होता है कि कुमारगुप्त के शासनकाल के अन्तिम क्षण में शान्ति नहीं थी। इस काल में पुष्यमित्र ने गुप्त साम्राज्य पर आक्रमण किया। इस युद्ध का संचालन कुमारगुप्त के पुत्र स्कन्दगुप्त ने किया था। उसने पुष्यमित्र को युद्ध में परास्त किया। * '''दक्षिणी विजय अभियान'''- कुछ इतिहास के विद्वानों के मतानुसार कुमारगुप्त ने भी समुद्रगुप्त के समान दक्षिण भारत का विजय अभियान चलाया था, लेकिन सतारा जिले से प्राप्त अभिलेखों से यह स्पष्ट नहीं हो पाता है। * '''अश्‍वमेध यज्ञ'''- सतारा जिले से प्राप्त १,३९५ मुद्राओं व लेकर पुर से १३ मुद्राओं के सहारे से अश्‍वमेध यज्ञ करने की पुष्टि होती है। == नालंदा विश्वविद्यालय == माना जाता है कि नालंदा विश्वविद्यालय का निर्माण गुप्त राजा कुमारगुप्ता द्वारा किया गया था। नोलानाडा को दुनिया का पहला अंतरराष्ट्रीय निवासी विश्वविद्यालय माना जाता है नालंदा संस्कृत शब्‍द 'नालम् + दा' से बना है। संस्‍कृत में 'नालम' का अर्थ 'कमल' होता है। कमल ज्ञान का प्रतीक है। नालम् + दा यानी कमल देने वाली, ज्ञान देने वाली। कालक्रम से यहाँ महाविहार की स्‍थापना के बाद इसका नाम 'नालंदा महाविहार' रखा गया। == स्कन्दगुप्त == {{मुख्य|स्कंदगुप्त}} पुष्यमित्र के आक्रमण के समय ही गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम की ४५५ ई. में मृत्यु हो गयी थी। उसकी मृत्यु के बाद उसका पुत्र स्कन्दगुप्त सिंहासन पर बैठा। उसने सर्वप्रथम पुष्यमित्र को पराजित किया और उस पर विजय प्राप्त की। हालाँकि सैन्य अभियानों में वो पहले से ही शामिल रहता था। मन्दसौर शिलालेख से ज्ञात होता है कि स्कन्दगुप्त की प्रारम्भिक कठिनाइयों का फायदा उठाते हुए वाकाटक शासक नरेन्द्र सेन ने मालवा पर अधिकार कर लिया परन्तु स्कन्दगुप्त ने वाकाटक शासक नरेन्द्र सेन को पराजित कर दिया। स्कंदगुप्त ने 12 वर्ष तक शासन किया। स्कन्दगुप्त ने विक्रमादित्य, क्रमादित्य आदि उपाधियाँ धारण कीं। कहोम अभिलेख में स्कन्दगुप्त को शक्रोपन कहा गया है। स्कन्दगुप्त का शासन बड़ा उदार था जिसमें प्रजा पूर्णरूपेण सुखी और समृद्ध थी। स्कन्दगुप्त एक अत्यन्त लोकोपकारी शासक था जिसे अपनी प्रजा के सुख-दुःख की निरन्तर चिन्ता बनी रहती थी। जूनागढ़ अभिलेख से पता चलता है कि स्कन्दगुप्त के शासन काल में भारी वर्षा के कारण सुदर्शन झील का बाँध टूट गया था उसने दो माह के भीतर अतुल धन का व्यय करके पत्थरों की जड़ाई द्वारा उस झील के बाँध का पुनर्निर्माण करवा दिया। इस झील के पुनरुद्धार का कार्य सौराष्ट्र के गवर्नर पर्णदत्त के पुत्र चक्रपालित को सौंपा गया। उसके शासनकाल में संघर्षों की भरमार लगी रही। उसको सबसे अधिक परेशान मध्य एशियाई [[हूण]] लोगो ने किया। हूण एक बहुत ही दुर्दांत कबीले थे तथा उनके साम्राज्य से पश्चिम में [[रोमन साम्राज्य]] को भी खतरा बना हुआ था। श्वेत हूणों के नाम से पुकारे जाने वाली उनकी एक शाखा ने [[हिंदुकुश पर्वत]] को पार करके [[फ़ारस]] तथा भारत की ओर रुख किया। उन्होंने पहले [[गांधार]] पर कब्जा कर लिया और फिर गुप्त साम्राज्य को चुनौती दी। पर स्कंदगुप्त ने उन्हे करारी शिकस्त दी और हूणों ने अगले 50 वर्षों तक अपने को भारत से दूर रखा। स्कंदगुप्त ने [[मौर्यकाल]] में बनी सुदर्शन झील का जीर्णोद्धार भी करवाया। गोविन्दगुप्त स्कन्दगुप्त का छोटा चाचा था, जो मालवा के गवर्नर पद पर नियुक्‍त था। इसने स्कन्दगुप्त के विरुद्ध विद्रोह कर दिया। स्कन्दगुप्त ने इस विद्रोह का दमन किया। स्कन्दगुप्त राजवंश का आखिरी शक्‍तिशाली सम्राट था। ४६७ ई. उसका निधन हो गया। [[फाईल:Borobudur-Nothwest-view.jpg|thumb|550px|center|[[इण्डोनेशिया]] के [[जावा]] में स्थित [[बोरोबुदुर]] ; इस भवन की डिजाइन पर गुप्त स्थापत्य कला का प्रभाव देखा जा सकता है।]] == पतन == स्कंदगुप्त की मृत्य सन् 467 में हुई। हंलांकि गुप्त वंश का अस्तित्व इसके 100 वर्षों बाद तक बना रहा पर यह धीरे धीरे कमजोर होता चला गया। स्कन्दगुप्त के बाद इस साम्राज्य में निम्नलिखित प्रमुख राजा हुए: === पुरुगुप्त=== : यह कुमारगुप्त का पुत्र था और स्कन्दगुप्त का सौतेला भाई था। स्कन्दगुप्त का कोई अपना पुत्र नहीं था। पुरुगुप्त बुढ़ापा अवस्था में राजसिंहासन पर बैठा था फलतः वह सुचारु रूप से शासन को नहीं चला पाया और साम्राज्य का पतन प्रारम्भ हो गया। === कुमारगुप्त द्वितीय=== : पुरुगुप्त का उत्तराधिकारी कुमारगुप्त द्वितीय हुआ। सारनाथ लेख में इसका समय ४४५ ई. अंकित है। === बुधगुप्त=== : कुमारगुप्त द्वितीय के बाद बुधगुप्त शासक बना जो नालन्दा से प्राप्त मुहर के अनुसार पुरुगुप्त का पुत्र था। उसकी माँ चन्द्रदेवी था। उसने ४७५ ई. से ४९५ ई. तक शासन किया। ह्वेनसांग के अनुसार वह बौद्ध मत अनुयायी था। उसने नालन्दा बौद्ध महाविहार को काफी धन दिया था। === नरसिंहगुप्त बालादित्य === : बुधगुप्त की मृत्यु के बाद उसका छोटा भाई नरसिंहगुप्त शासक बना। इस समय गुप्त साम्राज्य तीन भागों क्रमशः मगध, मालवा तथा बंगाल में बँट गया। मगध में नरसिंहगुप्त, मालवा में भानुगुप्त, बिहार में तथा बंगाल क्षेत्र में वैन्यगुप्त ने अपना स्वतन्त्र शसन स्थापित किया। नरसिंहगुप्त तीनों में सबसे अधिक शक्‍तिशाली राजा था। हूणों का कुरु एवं अत्याचारी आक्रमण मिहिरकुल को पराजित कर दिया था। नालन्दा मुद्रा लेख में नरसिंहगुप्त को परम भागवत कहा गया है। भानुगुप्त के समय सती प्रथा का प्रथम साक्ष्य 510 ई. के ऐरण लेख में मिलता है। === कुमारगुप्त तृतीय === : नरसिंहगुप्त के बाद उसका पुत्र कुमारगुप्त तृतीय मगध के सिंहासन पर बैठा। वह २४ वाँ शासक बना। कुमारगुप्त तृतीय गुप्त वंश का अन्तिम शासक था। === दामोदरगुप्त=== : कुमरगुप्त के निधन के बाद उसका पुत्र दामोदरगुप्त राजा बना। ईशान वर्मा का पुत्र सर्ववर्मा उसका प्रमुख प्रतिद्वन्दी मौखरि शासक था। सर्ववर्मा ने अपने पिता की पराजय का बदला लेने हेतु युद्ध किया। इस युद्ध में दामोदरगुप्त की हार हुई। यह युद्ध ५८२ ई. के आस-पस हुआ था। === महासेनगुप्त=== : दामोदरगुप्त के बाद उसका पुत्र महासेनगुप्त शासक बना था। उसने मौखरि नरेश अवन्ति वर्मा की अधीनता स्वीकार कर ली। महासेनगुप्त ने असम नरेश सुस्थित वर्मन को ब्राह्मण नदी के तट पर पराजित किया। अफसढ़ लेख के अनुसार महासेनगुप्त बहुत पराक्रमी था। === देवगुप्त=== : महासेनगुप्त के बाद उसका पुत्र देवगुप्त मलवा का शासक बना। उसके दो सौतेले भाई कुमारगुप्त और माधवगुप्त थे। देवगुप्त ने गौड़ शासक शशांक के सहयोग से कन्‍नौज के मौखरि राज्य पर आक्रमण किया और गृह वर्मा की हत्या कर दी। प्रभाकर वर्धन के बड़े पुत्र राज्यवर्धन ने शीघ्र ही देवगुप्त पर आक्रमण करके उसे मार डाल्श। === माधवगुप्त=== : हर्षवर्धन के समय में माधवगुप्त मगध के सामन्त के रूप में शासन करता था। वह हर्ष का घनिष्ठ मित्र और विश्‍वासपात्र था। हर्ष जब शशांक को दण्डित करने हेतु गया तो माधवगुप्त साथ गया था। उसने ६५० ई. तक शासन किया। हर्ष की मृत्यु के उपरान्त उत्तर भारत में अराजकता फैली तो माधवगुप्त ने भी अपने को स्वतन्त्र शासक घोषित किया। गुप्त साम्राज्य का ५५० ई. में पतन हो गया। बुद्धगुप्त के उत्तराधिकारी अयोग्य निकले और हूणों के आक्रमण का सामना नहीं कर सके। हूणों ने सन् 512 में तोरमाण के नेतृत्व में फिर हमला किया और ग्वालियर तथा मालवा तक के एक बड़े क्षेत्र पर अधिपत्य कायम कर लिया। इसके बाद सन् 606 में [[हर्ष]] का शासन आने के पहले तक आराजकता छाई रही। हूण ज्यादा समय तक शासन न कर सके। === उत्तर गुप्त राजवंश === '''[[गुप्तवंश (मागध अथवा मालव वंश)|उत्तर गुप्त राजवंश]]''' भी देखें गुप्त वंश के पतन के बाद भारतीय राजनीति में विकेन्द्रीकरण एवं अनिश्‍चितता का माहौल उत्पन्‍न हो गया। अनेक स्थानीय सामन्तों एवं शासकों ने साम्राज्य के विस्तृत क्षेत्रों में अलग-अलग छोटे-छोटे राजवंशों की स्थापना कर ली। इसमें एक था- उत्तर गुप्त राजवंश। इस राजवंश ने करीब दो शताब्दियों तक शासन किया। इस वंश के लेखों में चक्रवर्ती गुप्त राजाओं का उल्लेख नहीं है। परवर्ती गुप्त वंश के संस्थापक कृष्णगुप्त ने (५१० ई. ५२१ ई.) स्थापना की। अफसढ़ लेख के अनुसार [[मगध]] उसका मूल स्थान था, जबकि विद्वानों ने उनका मूल स्थान [[मालवा]] कहा गया है। उसका उत्तराधिकारी हर्षगुप्त हुआ है। उत्तर गुप्त वंश के तीन शासकों ने शासन किया। तीनों शासकों ने मौखरि वंश से मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध कायम रहा। कुमारगुप्त उत्तर गुप्त वंश का चौथा राजा था जो जीवित गुप्त का पुत्र था। यह शासक अत्यन्त शक्‍तिशाली एवं महत्वाकांक्षी था। इसने महाराजाधिराज की उपाधि धारण की। उसका प्रतिद्वन्दी मौखरि नरेश ईशान वर्मा समान रूप से महत्वाकांक्षी शासक था। इस समय [[प्रयाग]] में पुण्यार्जन हेतु प्राणान्त करने की प्रथा प्रचलित थी। हांग गांगेय देव जैसे शसकों का अनुसरण करते हुए कुमार गुप्त ने प्रयाग जाकर स्वर्ग प्राप्ति की लालसा से अपने जीवन का त्याग किया। ==गुप्तकालीन स्थापत्य== गुप्त काल में कला, विज्ञान और साहित्य ने अत्यधिक समृद्धि प्राप्त की। इस काल के साथ ही भारत ने मंदिर वास्तुकला एवं मूर्तिकला के उत्कृष्ट काल में प्रवेश किया। शताब्दियों के प्रयास से कला की तकनीकों को संपूर्णता मिली। गुप्त काल के पूर्व मन्दिर स्थायी सामग्रियों से नहीं बनते थे। [[ईंट]] एवं [[पत्थर]] जैसी स्थायी सामग्रियों पर मंदिरों का निर्माण इसी काल की घटना है। इस काल के प्रमुख मंदिर हैं- [[तिगवा]] का विष्णु मंदिर ([[जबलपुर]], मध्य प्रदेश), भूमरा का शिव मंदिर (नागोद, मध्य प्रदेश), नचना कुठार का पार्वती मंदिर (मध्य प्रदेश), [[देवगढ़]] का दशवतार मंदिर ([[झाँसी]], उत्तर प्रदेश) तथा ईंटों से निर्मित भीतरगाँव का लक्ष्मण मंदिर (कानपुर, उत्तर प्रदेश) आदि। ===गुप्तकालीन मंदिरों की विशेषताएँ=== गुप्तकालीन मंदिरों को ऊँचे चबूतरों पर बनाया जाता था जिनमें ईंट तथा पत्थर जैसी स्थायी सामग्रियों का प्रयोग किया जाता था। आरंभिक गुप्तकालीन मंदिरों में [[शिखर]] नहीं मिलते हैं। इस काल में मदिरों का निर्माण ऊँचे चबूतरे पर किया जाता था जिस पर चढ़ने के लिये चारों ओर से सीढि़याँ बनीं होती थी तथा मन्दिरों की छत सपाट होती थी। मन्दिरों का [[गर्भगृह]] बहुत साधारण होता था। गर्भगृह में देवताओं को स्थापित किया जाता था। प्रारंभिक गुप्त मंदिरों में अलंकरण नहीं मिलता है, लेकिन बाद में स्तम्भों, मन्दिर के दीवार के बाहरी भागों, चौखट आदि पर मूर्तियों द्वारा अलंकरण किया गया है। भीतरगाँव (कानपुर) स्थित विष्णु मंदिर नक्काशीदार है। गुप्तकालीन मन्दिरों के प्रवेशद्वार पर मकरवाहिनी [[गंगा]], [[यमुना]], [[शंख]] व पद्म की आकृतियाँ बनी हैं। गुप्तकालीन मंदिरकला का सर्वोत्तम उदाहरण [[देवगढ़]] का दशावतार मंदिर है जिसमें गुप्त स्थापत्य कला अपनी परिपक्व अवस्था में है। यह मंदिर सुंदर मूर्तियों, उड़ते हुए पक्षियों, पवित्र वृक्ष, स्वास्तिक एवं फूल-पत्तियों द्वारा अलंकृत है। गुप्तकालीन मंदिरों की विषय-वस्तु [[रामायण]], [[महाभारत]] और [[पुराण|पुराणों]] से ली गई है। == शासकों की सूची == {| class="wikitable" |- bgcolor=#cccccc ! colspan=2 |शासक ('''''[[महाराजाधिराज]]''''') !!शासन (ईस्वी) |- |[[श्रीगुप्त|श्रीगुप्त प्रथम]]||[[फाईल:Maharaja Sri Gupta inscription on the Allahabad pillar Samudragupta inscription.jpg|100px]]||ल. तीसरी शताब्दी के उत्तरार्ध में |- |[[घटोत्कच गुप्त|घटोत्कच]]||[[फाईल:Maharaja Sri Ghatotkacha inscription on the Allahabad pillar Samudragupta inscription.jpg|100px]]||280/290–319 ईस्वी |- |[[चन्द्रगुप्त प्रथम]]||[[फाईल:Queen Kumaradevi and King Chandragupta I on a coin.jpg|100px]]||319–335 ईस्वी |- |[[समुद्रगुप्त]]||[[फाईल:SamudraguptaCoin.jpg|100px]]||335–375 ईस्वी |- |[[रामगुप्त]]||||375 ईस्वी |- |[[चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य]]||[[फाईल:ChandraguptaIIOnHorse.jpg|100px]]||375–415 ईस्वी |- |[[कुमारगुप्त प्रथम]]||[[फाईल:KumaraguptaFightingLion.jpg|100px]]||415–455 ईस्वी |- |[[स्कन्दगुप्त]]||[[फाईल:Skandagupta Circa 455-480 CE.jpg|100px]]||455–467 ईस्वी |- |[[पुरुगुप्त]]||||467–473 ईस्वी |- |[[कुमारगुप्त द्वितीय]]||[[फाईल:Kumaragupta II Kramaditya Circa 530-540 CE.jpg|100px]]||473–476 ईस्वी |- |[[बुद्धगुप्त]]||[[फाईल:Budhagupta in Malwa Circa 476-495 CE.jpg|100px]]||476–495 ईस्वी |- |[[नरसिंहगुप्त बालादित्य]]||[[फाईल:Narasinhagupta I Circa 414-455 AD.jpg|100px]]||495–530 ईस्वी |- |[[कुमारगुप्त तृतीय]]||||530–540 ईस्वी |- |[[विष्णुगुप्त]]||[[फाईल:Vishnugupta Candraditya Circa 540-550 CE.jpg|100px]]||540–550 ईस्वी |- |} == इन्हें भी देखें == * [[गुप्ताब्द]] * [[मौर्य राजवंश]] * [[मगध महाजनपद]] * [[भारत का इतिहास]] * [[हिन्दू धर्म का इतिहास]] * [[बिहार का प्राचीन इतिहास]] * [[हिन्दू साम्राज्यों और राजवंशों की सूची]] * [[भारत के राजवंशों और सम्राटों की सूची]] * [[गुप्तवंश (मागध अथवा मालव वंश)]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} ==बाहरी कड़ी सिनी== {{Commonscat|Gupta Empire|गुप्त राजवंश}} <references /> [[श्रेणी:राजवंश]] [[श्रेणी:बिहार का इतिहास]] [[श्रेणी:बिहार के राजवंश]] [[श्रेणी:भारत के राजवंश]] [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] [[श्रेणी:गुप्त राजवंश]] gwrfy9g1pe1sm814g3n9gerjoogk4lw चाय 0 1117 23126 20036 2026-08-25T18:07:48Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23126 wikitext text/x-wiki '<nowiki/>''चाय'''' या ''चा''' एगो सुगंधित पेय छेकै । जेकरा [[क्योरिंग (सब्जी संरक्षण)]] या ''[[कैमेलिया साइनेंसिस]] करी ताजा पत्ती सिनी के ऊपर गर्म या उबललो पानी डाली क तैयार करलो जाय छै। ''एक [[सदाबहार]] [[झाड़ी]] पूर्वी एशिया का मूल निवासी है जो संभवत: दक्षिण-पश्चिमी चीन और [[म्यांमार का भूगोल|उत्तरी म्यांमार]] के सीमावर्ती इलाकों में उत्पन्न हुआ है।<ref name=Yamamoto /><ref>{ {उद्धरण पुस्तक|लेखक1=मैरी लू हेस|लेखक2=रॉबर्ट जे.हेस|शीर्षक=द स्टोरी ऑफ टी: ए कल्चरल हिस्ट्री एंड ड्रिंकिंग गाइड|url=https://archive.org/details/storyofteacultur0000heis|quote=कैमेलिया साइनेंसिस की उत्पत्ति दक्षिण-पूर्व एशिया में, विशेष रूप से 29वीं समानांतर और 98वीं मध्याह्न रेखा के चौराहे के आसपास, दक्षिण-पश्चिम चीन और तिब्बत|यूआरएल-एक्सेस=रजिस्ट्रेशन}}, उत्तरी बर्मा, और पूर्वोत्तर भारत की भूमि के संगम का बिंदु, मोंडल (2007) पृष्ठ का हवाला देते हुए। 519</ref>{{Sfn|Heiss|Heiss|2007|pp=6–7}} चाय भी शायद ही कभी ''[[Camellia taliensis]]'' की पत्तियों से बनाई जाती है।<ref>{{Cite web| url=https://sevencups.com/shop/lao-shu-dian-hong-old-tree-yunnan|title=Laoshu Dianhong (ओल्ड ट्री युन्नान)}}</ref><ref>{{Cite web|url =https://teatrekker.com/product/yunnan-da-bai-silver-needles/|title =युन्नान दा बाई सिल्वर नीडल्स - टी ट्रेकर|access-date =2022-10-11|archive-date =2017-04-10|archive-url =https://web.archive.org/web/20170410214412/https://teatrekker.com/product/yunnan-da-bai-silver-needles/}}</ref><ref>लियू ''एट अल.'' ( 2012)</ref> सादे पानी के बाद, यह दुनिया में सबसे अधिक पिया जाने वाला पेय है।<ref name="Macfarlane">{{Cite Book |first1=Alan |last1=Macfarlane |author-link=Alan Macfarlane |last2 =Macfarlane |first2=Iris |author-link2=Iris Macfarlane |title=The Empire of Tea |publisher=The Overlook Press |isbn=978-1-58567-493-0 |page=[https://archive.org/ details/empireoftearemar00macf/page/32 32] |year=2004 |url=https://archive.org/details/empireoftearemar00macf/page/32}}</ref> चाय कई तरह की होती है; कुछ में ठंडा, थोड़ा कड़वा और [[एस्ट्रिंजेंट]] स्वाद होता है,<ref name="ody">{{Cite book |author1=Penelope Ody |title=कम्प्लीट गाइड टू मेडिसिनल हर्ब्स |year=2000 |url=https://archive.org/details/completeguidetom0000odyp |प्रकाशक=डोर्लिंग किंडरस्ले पब्लिशिंग |स्थान= न्यू यॉर्क |वर्ष= 2000|पेज=48 |isbn=978-0-7894-6785-0 }}</ref> जबकि अन्य के प्रोफाइल बहुत अलग हैं जिनमें मीठा, पौष्टिक, पुष्प, या घास शामिल हैं [[नोट (इत्र) |नोट्स]]। चाय का [[उत्तेजक]] प्रभाव मुख्य रूप से इसकी [[कैफीन]] सामग्री के कारण होता है। =कैफीन: संज्ञानात्मक और शारीरिक प्रदर्शन बढ़ाने वाली या मनो-सक्रिय दवा? |journal=वर्तमान न्यूरोफार्माकोलॉजी |वॉल्यूम=13 |इश्यू=1 |पेज=71–88 |दिनांक=जनवरी 2015 |pmid=2607744 |pmc=4462044 |doi=10.2174/1570159X13666141210215655}}</ref> [[श्रेणी:खाद्य]] s4nt42uiluwa2jjix0tq4pux6z0afkm चेतना 0 1143 23124 19008 2026-08-25T18:06:59Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23124 wikitext text/x-wiki '''चेतना''' कुछ [[प्राणी|जीवधारी मं॑]] मं॑ स्वयं केरऽ आरू आपनऽ आसपास के वातावरण केरऽ तत्वऽ के [[बोध]] होय केरऽ, ओकरा समझै केरऽ तथा ओकरऽ बातऽ के मूल्यांकन करै केरऽ शक्ति केरऽ नाम छेकै. [[विज्ञान]] केरऽ अनुसार चेतना वू अनुभूति छेकै जे [[मस्तिष्क]] मं॑ पहुँचै वाला अभिगामी आवेगऽ सं॑ उत्पन्न होय छै. इ आवेगऽ केरऽ अर्थ तुरंत अथवा बाद मं॑ लगैलऽ जाय छै. == चेतना केरऽ स्थान == बहुत पुराने काल से प्रमस्तिष्क प्रांतस्था (cerebral cortex) चेतना की मुख्य इंद्रिय, अथवा प्रमुख स्थान, माना गया है। इसमें से भी पूर्वललाट के क्षेत्र को विशेष महत्व दिया गया है। परंतु पेनफील्ड और यास्पर्स चेतना को नए तरीके से ही समझाते हैं। उनके मतानुसार चेतना का स्थान चेतक (thalamus), अधश्चेतक (hypothalamus) और ऊपरी मस्तिष्क के ऊपरी भाग के आसपास है। वे लोग मस्तिष्क के इन भागों को और उनके संयोजनों को स्नायुओं के संगठन का सर्वोच्च स्तर मानते हैं। पूर्व ललाट क्षेत्र तथा अधश्चेतक के बीच बहिर्गामी नाड़ियों द्वारा संयोजन है। संयोजन प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष है। परोक्ष संयोजन पृष्ठ केंद्रक के द्वारा होता है। इन नाड़ियों का संबंध पौंस (Pons) से भी है। चेतना मनुष्य की वह विशेषता है जो उसे जीवित रखती है और जो उसे व्यक्तिगत विषय में तथा अपने वातावरण के विषय में ज्ञान कराती है। इसी ज्ञान को विचारशक्ति (बुद्धि) कहा जाता है। यही विशेषता मनुष्य में ऐसे काम करती है जिसके कारण वह जीवित प्राणी समझा जाता है। मनुष्य अपनी कोई भी शारीरिक क्रिया तब तक नहीं कर सकता जब तक कि उसको यह ज्ञान पहले न हो कि वह उस क्रिया को कर सकेगा। कोई भी मनुष्य किसी विघातक पदार्थ अथवा घटना से बचने के लिए अपने किसी अंग को तब तक नहीं हिला सकता, जब तक कि उसको यह ज्ञान न हो कि कोई घातक पदार्थ उसके सामने है और उससे बचने के लिए वह अपने अंगों को काम में ला सकता है। उदाहरणार्थ, हम एक ऐसे मनुष्य के बारे में सोच सकते हैं जो नदी की ओर जा रहा है। यदि वह चलते-चलते नदी तक पहुँच जाता है और नदी में घुस जाता है तो वह डूबकर मर जाएगा। वह अपना चलना तब तक नहीं रोक सकता और नदी में घुसने से अपने को तब तक नहीं बचा सकता जब तक कि उसकी चेतना में यह ज्ञान उत्पन्न नहीं होता कि उसके समने नदी है और वह जमीन पर तो चल सकता है, परंतु पानी पर नहीं चल सकता। मनुष्य की सभी क्रियाओं पर उपर्युक्त नियम लागू होता है चाहे, ये क्रियाएँ पहले कभी हुई हों अथवा भविष्य में कभी हों। मनुष्य केवल चेतना से उत्पन्न प्रेरणा के कारण कोई काम कर सकता है। == चेतना आरू चरित्र == चेतना और मनुष्य के चरित्र में मौलिक संबंध है। चेतना वह विशेष गुण है जो मनुष्य को जीवित बनाती है और चरित्र उसका वह संपूर्ण संगठन है जिसके द्वारा उसके जीवित रहने की वास्तविकता व्यक्त होती है तथा जिसके द्वारा जीवन के विभिन्न कार्य चलाए जाते हैं। किसी मनुष्य की चेतना और चरित्र केवल उसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होते। ये बहुत दिनों के सामाजिक प्रक्रम के परिणाम होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति अपने वंशानुक्रम को स्वयं में प्रस्तुत करता है। वह विशेष प्रकार के संस्कार पैत्रिक संपत्ति के रूप में पाता है। वह इतिहास को भी स्वयं में निरूपित करता है, क्योंकि उसने विभिन्न प्रकार की शिक्षा तथा प्रशिक्षण को जीवन में पाया है। इसके अतिरिक्त वह दूसरे लोगों को भी अपने द्वारा निरूपित करता है, क्योंकि उनका प्रभाव उसके जीवन पर उनके उदाहरण, उपदेश तथा अवपीड़न के द्वारा पड़ा है। जब एक बार मनुष्य की चेतना विकसित हो जाती है, तब उसकी प्राकृतिक स्वतंत्रता चली जाती है। वह ऐसी अवस्था में भी विभिन्न प्रेरणाओं (आवेगों) और भीतरी प्रवृत्तियों से प्रेरित होता है, परंतु वह उन्हें स्वतंत्रता से प्रकाशित नहीं कर सकता। वह या तो उन्हें इसलिए सर्वथा दबा देता है जिससे कि समाज के दूसरे लोगों की आवश्यकताओं और इच्छाओं में वे बाधक न बनें, अथवा उन्हें इस प्रकार चपेट दिया जाता है, या कृत्रिम बनाया जाता है, जिसमें उनका प्रकाशन समाजविरोधी न हो। इस प्रकार मनुष्य की चेतना अथवा विवेकी मन उसके अवचेतन, अथवा प्राकृतिक, मन पर अपना नियंत्रण रखता है। मनुष्य और पशु में यही विशेष भेद है। पशुओं के जीवन में इस प्रकार का नियंत्रण नहीं रहता, अतएव जैसा वे चाहते हैं वैसा करते हैं। मनुष्य चेतनायुक्त प्राणी है, अतएव कोई भी क्रिया करने के पहले वह उसके परिणाम के बारे में भली प्रकार सोच लेता है। == मनोवैज्ञानिक दृष्टि सं॑ चेतना == मनोविज्ञान की दृष्टि से चेतना मानव में उपस्थित वह तत्व है जिसके कारण उसे सभी प्रकार की अनुभूतियाँ होती हैं। चेतना के कारण ही हम देखते, सुनते, समझते और अनेक विषय पर चिंतन करते हैं। इसी के कारण हमें सुख-दु:ख की अनुभूति भी होती है और हम इसी के कारण अनेक प्रकार के निश्चय करते तथा अनेक पदार्थों की प्राप्ति के लिए चेष्टा करते हैं। मानव चेतना की तीन विशेषताएँ हैं। वह ज्ञानात्मक, भावात्मक और क्रियात्मक होती है। भारतीय दार्शनिकों ने इसे सच्चिदानंद रूप कहा है। आधुनिक मनोवैज्ञानिकों के विचारों से उक्त निरोपज्ञा की पुष्टि होती है। चेतना वह तत्व है जिसमें ज्ञान की, भाव की और व्यक्ति, अर्थात् क्रियाशीलता की अनुभूति है। जब हम किसी पदार्थ को जानते हैं, तो उसके स्वरूप का ज्ञान हमें होता है, उसके प्रति प्रिय अथवा अप्रिय भाव पैदा होता है और उसके प्रति इच्छा पैदा होती है, जिसके कारण या तो हम उसे अपने समीप लाते अथवा उसे अपने से दूर हटाते हैं। चेतना को दर्शन में स्वयंप्रकाश तत्व माना गया है। मनोविज्ञान अभी तक चेतना के स्वरूप में आगे नहीं बढ़ सका है। चेतना ही सभी पदार्थो को, जड़ चेतन, शरीर मन, निर्जीव जीवित, मस्तिष्क स्नायु आदि को बनाती है, उनका स्वरूप निरूपित करती है। फिर चेतना को इनके द्वारा समझाने की चेष्टा करना अविचार है। मेगडूगल महाशय के कथनानुसार जिस प्रकार भौतिक विज्ञान की अपनी ही सोचने की विधियाँ और विशेष प्रकार के प्रदत्त हैं उसी प्रकार चेतना के विषय में चिंतन करने की अपनी ही विधियाँ और प्रदत्त हैं। अतएव चेतना के विषय में भौतिक विज्ञान की विधियों से न तो सोचा जा सकता है और न उसके प्रदत्त इसके काम में आ सकते हैं। फिर भौतिक विज्ञान स्वयं अपनी उन अंतिम इकाइयों के स्वरूप के विषय में निश्चित मत प्रकाशित नहीं कर पाया है जो उस विज्ञान के आधार हैं। पदार्थ, शक्ति, गति आदि के विषय में अभी तक कामचलाऊ जानकारी हो सकी है। अभी तक उनके स्वरूप के विषय में अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अतएव चेतना के विषय में अंतिम निर्णय की आशा कर लेना युक्तिसंगत नहीं है। चेतना को अचेतन तत्व के द्वारा समझाना, अर्थात् उसमें कार्य-कारण संबंध जोड़ना सर्वथा अविवेकपूर्ण है। चेतना को जिन मनोवैज्ञानिकों ने जड़ पदार्थ की क्रियाओं के परिणाम के रूप में समझाने की चेष्टा की है अर्थात् जिन्होंने इसे शारीरिक क्रियाओं, स्नायुओं के स्पंदन आदि का परिणाम माना है, उन्होंने चेतना की उपस्थिति को ही समाप्त कर दिया है। उन्होंने चेतना की उपस्थिति को ही समाप्त कर दिया है। पैवलाफ और वाटसन महोदय के चिंतन का यही परिणाम हुआ है। उनके कथनानुसार मन अथवा चेतना के विषय में मनोविज्ञान में सोचना ही व्यर्थ है। मनोविज्ञान का विषय मनुष्य का दृश्यमान व्यवहार ही होना चाहिए। चेतना के शरीर में संबंध के विषय में मनोवैज्ञानिकों के विभिन्न मत हैं। कुछ के अनुसार मनुष्य के बृहत् मस्तिष्क में होनेवाली क्रियाओं, अर्थात् कुछ नाड़ियों के स्पंदन का परिणाम ही चेतना है। यह अपने में स्वतंत्र कोई तत्व नहीं है। दूसरों के अनुसार चेतना स्वयं तत्व है और उसका शरीर से आपसी संबंध है, अर्थात् चेतना में होनेवाली क्रियाएँ शरीर को प्रभावित करती हैं। कभी-कभी चेतना की क्रियाओं से शरीर प्रभावित नहीं होता और कभी शरीर की क्रियाओं से चेतना प्रभावित नहीं होती। एक मत के अनुसार शरीर चेतना के कार्य करने का यंत्र मात्र हैं, जिसे वह कभी उपयोग में लाती है और कभी नहीं लाती। परंतु यदि यंत्र बिगड़ जाए, अथवा टूट जाए, तो चेतना अपने कामों के लिए अपंग हो जाती है। कुछ गंभीर मनोवैज्ञानिक विचारकों द्वारा विज्ञान की वर्तमान प्रगति की अवस्था में उपर्युक्त मत ही सर्वोत्तम माना गया है। == चेतना केरऽ स्तर == चेतना के तीन स्तर माने गए हैं : चेतन, अवचेतन और अचेतन। चेतन स्तर पर वे सभी बातें रहती हैं जिनके द्वारा हम सोचते समझते और कार्य करते हैं। चेतना में ही मनुष्य का अहंभाव रहता है और यहीं विचारों का संगठन होता है। अवचेतन स्तर में वे बातें रहती हैं जिनका ज्ञान हमें तत्क्षण नहीं रहता, परंतु समय पर याद की जा सकती हैं। अचेतन स्तर में वे बातें रहती हैं जो हम भूल चुके हैं और जो हमारे यत्न करने पर भी हमें याद नहीं आतीं और विशेष प्रक्रिया से जिन्हें याद कराया जाता है। जो अनुभूतियाँ एक बार चेतना में रहती हैं, वे ही कभी अवचेतन और अचेतन मन में चली जाती हैं। ये अनुभूतियाँ सर्वथा निष्क्रिय नहीं होतीं, वरन् मानव को अनजाने ही प्रभावित करती रहती हैं। == चेतना केरऽ विकास == चेतना सामाजिक वातावरण के संपर्क से विकसित होती है। वातावरण के प्रभाव से मनुष्य नैतिकता, औचित्य और व्यवहारकुशलता प्राप्त करता है। इसे चेतना का विकास कहा जाता है। विकास की चरम सीमा में चेतना निज स्वतंत्रता की अनुभूति करती है। वह सामाजिक बातों को प्रभावित कर सकती है और उनसे प्रभावित होती है, परंतु इस प्रभाव से अपने आपको अलग भी कर सकती है। चेतना को इस प्रकार की अनुभूति को शुद्ध चैतन्य अथवा प्रमाता, आत्मा आदि शब्दों से संबोधित किया जाता है। इसकी चर्चा चाल्र्स युंग, स्पेंग्ल, विलियम ब्राउन आदि विद्वानों ने की है। इसे देशकाल की सीमा के बाहर माना गया है। == इ भी देखऽ == * [[अंतश्चेतना]] == बाहर केरऽ कड़ी == * Baars, B. 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''The Stone Cold Truth'' (p.72)</ref><br />Texas Red<ref name=owwprofile/><br />'''(The) Undertaker'''<ref name="WWEProfile"/> |File = Undertaker Milwaukee WI 031008.jpg<!---Please do not change this picture unless it is to a better free use image---> |height = {{height|ft=6|in=9}}<ref name="WWEProfile"/> |weight = {{convert|290|lb|kg|abbr=on}}<ref name="WWEProfile"/> |birth_date = {{birth date and age|1965|3|24}}<ref name="birth"/> |birth_place = [[Houston|Houston, Texas]] |resides = [[Austin, Texas]] |billed = '''[[Death Valley]]'''<ref name="WWEProfile"/> (1990–1999, 2004–present)<br />Houston, Texas (1984–1990, 2000–2003) |trainer = [[Don Jardine]]<ref name=owwprofile/> |debut = 1984<ref name="accelerator"/> |retired = }} '''मार्क विलियम कैलावे''' (जन्म - 24 मार्च 1965)<ref name="birth">{{cite web|url=http://www.familytreelegends.com/records/txbirths?c=search&first=Mark&last=Calaway&spelling=Exact&11_year=&11_month=0&11_day=0&4=&14=&SubmitSearch.x=23&SubmitSearch.y=8&SubmitSearch=Submit|title="Texas Births 1926–1995|publisher="Family Tree Networks"|access-date=2017-10-25|archive-date=2011-07-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20110710223854/http://www.familytreelegends.com/records/txbirths?c=search&first=Mark&last=Calaway&spelling=Exact&11_year=&11_month=0&11_day=0&4=&14=&SubmitSearch.x=23&SubmitSearch.y=8&SubmitSearch=Submit}}</ref> एगो अमेरिकी [[पेशेवर पहलवान]] छेकै, आरू अपनऽ [[रिंग नाम]] ''''द अंडरटेकर''' 'नाम स॑ जादा जानलऽ जाय छै । वह [[वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट]] (डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE)) के साथ अनुबंधित है, फिलहाल वह [[स्मैकडाउन (SmackDown)]] ब्राण्ड के अंतर्गत मल्लयुद्ध लड़ रहे हैं जिसमें वे मौजूदा [[वर्ल्ड हेवीवेट चैम्पियन]] हैं। कैलावे ने सन् 1984 में [[वर्ल्ड क्लास चैम्पियनशिप रेसलिंग]] के साथ अपनी मल्लयुद्ध कॅरियर की शुरुआत की. सन् 1989 में, वे "मीन" मार्क कैलस के नाम से [[वर्ल्ड चैम्पियनशिप रेसलिंग]] (डब्ल्यूसीडब्ल्यू (WCW)) में शामिल हुए. जब डब्ल्यूसीडब्ल्यू (WCW) ने सन् 1990 में कैलावे के अनुबंध को नवीनीकृत नहीं किया तो वे उसी वर्ष नवम्बर में द अंडरटेकर के नाम से वर्ल्ड रेसलिंग फेडरेशन (जो बाद में सन् 2002 में वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट बना) में शामिल हो गए। कैलावे तबसे उसी कंपनी के साथ जुड़े रहे और मौजूदा समय में वे डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) के वरिष्ठ प्रदर्शकों में से एक हैं। [[शॉन माइकल्स]] के साथ-साथ द अंडरटेकर भी ''[[मंडे नाइट रॉ]]'' के एकदम पहले एपिसोड में दिखाई देने वाले एकमात्र दो पूर्णकालिक पहलवानों में से एक हैं, ये दोनों आज भी उसी कंपनी के साथ हैं। द अंडरटेकर के पास दो परस्पर विरोधी [[चालें]] हैं: डेडमैन और अमेरिकन बैड ऐस. द अंडरटेकर (या और अधिक विशेष रूप से, उनके "डेडमैन" व्यक्तित्व) से जुड़े विशेष मैच - कास्केट मैच, बरीड अलाइव मैच, कुख्यात हेल इन ए सेल और लास्ट राइड मैच हैं। द अंडरटेकर की कहानी की एक कड़ी उनका सौतेला भाई [[केन]] है, जिनके साथ मिलकर उन्होंने ब्रदर्स ऑफ़ डिस्ट्रक्शन नामक एक टीम बनाई है। उन्होंने (द अंडरटेकर ने) [[रेसलमेनिया (WrestleMania)]] में एक भी मैच न हारते हुए 20-0 का एक रिकॉर्ड बनाया है और चार बार [[डब्ल्यूडब्ल्यूई चैम्पियनशिप (WWE Championship)]] एवं तीन बार [[वर्ल्ड हेवीवेट चैम्पियनशिप]] जीतने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) ने उन्हें सात बार [[विश्व चैम्पियन]] की मान्यता प्रदान की है। वह एक समय डब्ल्यूडब्ल्यूएफ हार्डकोर चैम्पियन (WWF Hardcore champion) भी रह चुके हैं और वह छः बार [[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ टैग टीम चैम्पियनशिप (WWF Tag Team championship)]] एवं एक बार [[डब्ल्यूसीडब्ल्यू टैग टीम चैम्पियनशिप (WCW Tag Team Championship)]] भी जीत चुके हैं। द अंडरटेकर [[2007 रॉयल रम्बल]] के विजेता थे और वे ऐसे पहले व्यक्ति थे जिसने 30वें नंबर पर रम्बल जीता. == व्यावसायिक मल्लयुद्ध कॅरियर == === आरंभिक कॅरियर (1984-1990) === कैलावे ने अपने मल्लयुद्ध कॅरियर (जीवन-वृत्ति) की शुरुआत सन् 1984 में रिंग नाम "टेक्सास रेड" के अंतर्गत [[वर्ल्ड क्लास चैम्पियनशिप रेसलिंग]] में की. [[ब्रुइसर ब्रॉडी]] के खिलाफ अपने इस पहले मैच में उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा. चार साल की तरक्की के बाद 1988 में वे इसे छोड़कर कंटिनेंटल रेसलिंग एसोसिएशन (जो जेरी जैरेट के द्वारा डब्ल्यूसीसीडब्ल्यू (WCCW) के साथ सीडब्ल्यूए (CWA) के विलयन कर दिए जाने के बाद [[यूनाइटेड स्टेट्स रेसलिंग एशोसिएशन]] बन गया) में शामिल हो गए और वहां उन्होंने कई चालों के तहत मल्लयुद्ध किया। 1 अप्रैल 1989 को उन्हें यूएसडब्ल्यूए यूनिफाइड वर्ल्ड हेवीवेट चैम्पियनशिप (USWA Unified World Heavyweight Championship) के लिए निर्धारित किया गया था जहां उन्होंने अपने मंच नाम "द मास्टर ऑफ़ पेन" के तहत [[जेरी "द किंग" लॉलर]] को हराकर अपना पहला पेशेवर मल्लयुद्ध ख़िताब, यूएसडब्ल्यूए यूनिफाइड वर्ल्ड हेवीवेट चैम्पियनशिप (USWA Unified World Heavyweight Championship), प्राप्त किया। "द पनिशर" के रूप में प्रदर्शन करते हुए कैलावे ने 5 अक्टूबर 1989 को [[डब्ल्यूसीडब्ल्यूए टेक्सास हेवीवेट चैम्पियनशिप (WCWA Texas Heavyweight Championship)]] में जीत हासिल की, उस दिन [[एरिक एम्ब्री]] को अपने ख़िताब से हाथ धोना पड़ा था। उनकी पहली मुख्यधारा का प्रदर्शन तब हुआ जब वह [[विश्व चैम्पियनशिप मल्लयुद्ध]] में शामिल हो गए। जबकि वहां, वे "मीन" मार्क कैलस के रूप में जाने जुटे थे और [[टेड्डी लाँग]] द्वारा प्रबंधित "स्काई स्क्रैपर्स" की टैग टीम के "डैंजरस" [[डैन स्पाइवे]] के साथ मिलकर छोटी-सी जुड़ी हुई टीम के एक हिस्से के रूप में उन्होंने मल्लयुद्ध लड़ी.<ref name="autogenerated1">{{cite web|url=http://www.wrestling-titles.com/wcw/wcw-us-h.html|title=NWA/WCW United States Heavyweight Title history|publisher=wrestling-titles.com}}</ref> स्काईस्क्रैपर्स में उनकें अपने कालक्रम के दौरान वे और स्पाइवे [[रोड वॉरियर्स]]<ref name="autogenerated3">{{cite web|url=http://www.prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wcw/clash.html#X|title=NWA Clash of the Champions Results (X)|accessdate=2007-04-16}}</ref> के साथ एक [[विवाद]] में उलझ गए, लेकिन जबतक विवाद का अंत होता इससे पहले ही स्पाइवे छोड़कर चले गए। जैसे ही वे एकल प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगे, कैलावे ने [[पॉल इ. डेंजरस्ली]] से प्रशिक्षण प्राप्त कर [[कैपिटल कॉम्बैट]] में [[जॉनी ऐस]] को तथा [[क्लैश ऑफ़ द चैम्पियंस]] में [[ब्रायन पिलमैन]] को पराजित कर दिया. जुलाई 1990 में, उन्होंने [[द ग्रेट अमेरिकन बाश]] में [[NWA यूनाइटेड स्टेट्स हेवीवेट चैम्पियनशिप]] के लिए [[लेक्स लुगर]] के साथ मल्लयुद्ध लड़ी, लेकिन वे तब धराशायी हो गए जब लुगर ने उन्हें [[कपडे की रस्सी]] के सहारे पछाड़ दिया. डब्ल्यूसीडब्ल्यू (WCW) ने कैलावे के अनुबंधन के नवीकरण को नकार दिया, जब वे 1 सितम्बर 1990 को एक [[जानदार फुर्तीली]] लड़ाई के आखिरी मैच में [[NWA वर्ल्ड हेवीवेट चैम्पियनशिप]] [[स्टिंग]] हार गये। डब्ल्यूसीडब्ल्यू (WCW) के साथ अपने अनुबंध के दौरान, पनिशर डाइस मोर्गन के रूप में कैलावे ने [[न्यू जापान प्रो रेसलिंग]] में कुछ समय के लिए मल्लयुद्ध लड़ी. डब्ल्यूसीडब्ल्यू (WCW) छोड़ने के बाद नए USWA यूनिफाइड वर्ल्ड हेनीवेंट चैम्पियन तय करने के लिए हुए टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए वे कुछ समय के लिए USWA में लौट आये; पहले राउण्ड में उन्होंने [[बिल डुंडी]] को हरा दिया लेकिन क्वार्टर फाइनल में जैरी लॉलर से हार गए। उन्होंने अक्टूबर 1990 में विश्व मल्लयुद्ध महासंघ [[वर्ल्ड रेसलिंग फेडरेशन]] (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF)) के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किया। === वर्ल्ड रेसलिंग फेडरेशन/एंटरटेनमेंट (1990 से वर्तमान तक) === ==== प्रथम प्रवेश एवं विभिन्न लड़ाईयां (1990-1994) ==== 19 नवम्बर 1990 को "कैन द अंडरटेकर" के रूप में ''[[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) सुपरस्टार्स]]'' के टेपिंग में कैलावे ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) में प्रथम प्रवेश किया।<ref>[https://web.archive.org/web/20030201224012/http://www.angelfire.com/wrestling/cawthon777/90.htm द हिस्ट्री ऑफ़ डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) - 1990 परिणाम]</ref> द अंडरटेकर का पहले वाला डेडमैन वाले व्यक्ति का मॉडल पुरानी [[पश्चिमी फिल्मों]] के [[ताबूत बनाने वाले]] के चरित्र की, जो खुदाई करने वाले का एक [[विशेष कोट]] और काला टॉप, सफ़ेद दस्ताने और बूट कवर पहने रहता है, नक़ल थी। डेडमैन के इस व्यक्तित्व के अन्दर, जो "दर्द से अप्रभावित" था, कैलावे ने कुछ ऐसा हासिल किया जिसे अपने विरोधियों के हमले से कुछ [[लेना-देना]] नहीं रह गया। कैलावे ने आधिकारिक तौर पर कैमरे के सामने 22 नवम्बर को [[सर्वाइवर सीरीज़]] में एक [[खलनायक]] के रूप में अपना पहला पदापर्ण किया, उस वक्त वे [[टेड डीबायस]] की मिलियन डॉलर टीम के रहस्यमय हिस्सेदार थे, जिसमें उन्हें केवल द अंडरटेकर कहकर बुलाया जाता था।<ref name="pwi89">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स", पृष्ठ. 88-89.</ref> मैच के एक मिनट के अंदर ही द अंडरटेकर ने [[कोको बी वेयर]] को अपने [[फिनिशर]], [[टॉम्बस्टोन पाइलड्राइवर]] के जरिये बाहर निकाल दिया. अभियुक्त के रूप में बाहर निकाल दिए जाने से पहले उन्होंने [[डस्टी रोहड्स]] का भी सफाया कर दिया. सर्वाइवर सीरीज़ के कुछ समय बाद, उनके नाम से 'केन' हटा दिया गया और अब उन्हें केवल द अंडरटेकर ही कहा जाने लगा. यह वह वक्त था जब द अंडरटेकर ने अपने मैनेजर [[ब्रदर लव]] को बदल कर [[पॉल बियरर]] को रख लिया -- जो एक नाटकीय, अध्यात्मिक चरित्र था, जिसे हमेशा मृतक की राख रखने का एक [[कलश]] लिए दिखाया जाता था, जिससे द अंडरटेकर रहस्यमयी शक्ति अर्जित कर अपने मैचों के दौरान अपनी शक्ति को पुनरुज्जीवित किया करते थे। अपने प्रतिद्वंद्वियों को अखाड़े (रिंग) में हराने के बाद मैच के तुरंत बाद ही वह एक अनुष्ठान संपादित करते थे, जिसमें वे पराजित प्रतिद्वन्द्वी को [[बॉडी बैग]] में डालकर अपनी पीठ पर लाद कर ले जाया करते थे।<ref>[https://web.archive.org/web/20110707075052/http://prowrestling.about.com/od/thewrestlers/tp/scarywrestlers.htm About.com: 10 टॉप डरावने पहलवान]</ref> [[रेस्ल्मेनिया VII]] में उन्होंने [[रेसल्मेनिया]] की शुरुआत [["सुपरफ्लाई" जिमी स्नुका]] को अतिशीघ्र हराकर की.<ref name="legacy">{{cite web|url=http://www.wwe.com/superstars/smackdown/undertaker/wrestlemanialegacy/|title=WrestleMania Legacy|accessdate=2008-07-10|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2016-04-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20160413111249/http://www.wwe.com/superstars/smackdown/undertaker/wrestlemanialegacy/}}</ref> इस इवेंट में उनके अपराजित बने रहने की रेखा में यह पहली जीत थी। उनकी सबसे बड़ी [[शत्रुता]] की शुरुआत [[द अल्टीमेट वॉरियर]] के साथ हुई, जब उन्होंने अपने मैनेजर, पॉल बियरर के सेट पर ''फ्युनरल पॉर्लर'' साक्षात्कार वाले अंश में वॉरियर पर हमला करके उसे वायुरुद्ध [[ताबूत]] में बंद कर ताला लगा दिया. वॉरियर, [[रैंडी सैवेज]],<ref name="pwi89" /> [[सार्जेंट स्लॉटर]] और [[हल्क होगन]] के साथ एक वर्ष के मुकाबलों के बाद उन्होंने होगन को हराकर [[सर्वाइवर सीरीज़]] में अपना पहला [[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) चैम्पियनशिप]] जीता.<ref name="pwi90">PWI स्टाफ. 2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स", पृष्ठ. 89-90.</ref> डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के अध्यक्ष [[जैक टन्नी]] ने छः दिनों बाद [[टेक्सास में उसी मंगलवार]] को पुनः मैच कराने का आदेश दिया, जिसमें द अंडरटेकर ने अपना टाइटल होगन के पक्ष में खो दिया.<ref name="pwi90" /> फ़रवरी 1992 में, द अंडरटेकर के सहयोगी [[जेक "द स्नेक" रॉबर्ट्स]] ने रैंडी सैवेज के मैनेजर/पत्नी [[मिस एलिजाबेथ]] पर एक स्टील की कुर्सी से हमला करने की कोशिश की लेकिन तबतक द अंडरटेकर ने उसे रोक दिया और पहली बार प्रशंसकों के लिए [[पसंदीदा]] बन गए। तत्पश्चात द अंडरटेकर ने [[रेसल्मेनिया VIII]] में रॉबर्ट्स को पछाड़ दिया.<ref name="legacy" /> तब [[हार्वे विपल्मैन]] के द्वारा प्रबंधित पहलवानों के साथ उसकी व्यापक शत्रुता पूरे 1992-1993 में जारी रही, यहां तक कि [[कमाला]]<ref name="pwi90" /><ref name="pwi91">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स", पृष्ठ. 90-91.</ref> के साथ भी जिसका सामना उन्होंने पहली बार डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के इतिहास में [[सर्वाइवर सीरीज़]] में किया और पहली बार टेलिवाइज़्ड [[कॉफिन मैच]] में हरा दिया, तथा [[जॉयन्ट गोंजालेस]] को उन्होंने [[रेसल्मेनिया IX]] में और [[समरस्लैम]] में "रेस्ट इन पीस" के एक मैच में अयोग्यता के आधार पर हरा दिया.<ref name="legacy" /><ref name="pwi91" /> जनवरी 1994 में, उन्होंने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) चैम्पियन [[योकोज़ुना]] को [[रॉयल रम्बल]] में एक कास्केट मैच के लिए चुनौती दी. रॉयल रम्बल में, योकोज़ुना ने कई दूसरे [[बदमाश]] पहलवानों की सहायता से द अंडरटेकर को ताबूत में सीलबंद कर मैच जीत लिया। वीडियो स्क्रीन पर द अंडरटेकर की "आत्मा" इस चेतावनी के साथ ताबूत के अन्दर से प्रकट हुई कि वह वापस लौटेगा.<ref name="pwi92">PWI स्टाफ. 2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स", पृष्ठ. 92-94.</ref> ==== वापसी; मैनकाइंड के साथ लड़ाईयां (1994-1997) ==== [[फाईल:Paul Bearer in 1996.jpg|thumb|right|पॉल बियरर के हाथ में जो कलश देखा जाता है, उससे वह द अंडरटेकर को धोका देते हुए पीछे से है।]] [[रेसेल्मेनिया X]] के बाद, [[टेड डीबिअस]] ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) में दुबारा एक द अंडरटेकर को पेश किया। हालांकि इस द अंडरटेकर की भूमिका [[ब्रायन ली]] के द्वारा निभाई गई जो एक पाखंडी बहरूपिया द अंडरटेकर था (प्रशंसक जिसे व्यंग्यात्मक तरीके से "अण्डर''फेकर'' "कहते थे) और असली द अंडरटेकर की [[समरस्लैम]] में वापसी, मौलिक व्यक्ति की नये संस्करण के साथ हुई जिसमें वह भूरे रंग की जगह बैंगनी रंग धारण किए हुए था। तीन टोम्बस्टोन पाइलड्राइवर्स के बाद अंडरटेकर ने पाखण्डी बहुरूपिये को हरा दिया.<ref name="pwi92" /> [[सर्वाइवर सीरीज़]] में एक रिमैच जो कि एक दूसरा कास्केट मैच था, उसमे द अंडरटेकर ने योकोज़ुना को हरा दिया. सन् 1995 के लगभग पूरी अवधि में टेड डीबिअस के [[मिलियन डॉलर कॉर्पोरेशन]] के सदस्यों के साथ द अंडरटेकर ने दुश्मनी मोल ले ली. [[रेसेल्मेनिया XI]] में जब द अंडरटेकर किंग कोंग बंडी का मुकाबला कर रहे थे, तब [[कामा]] ने द अंडरटेकर का कलश चुरा लिया और उसे पिघलाकर एक बड़े सोने के हार में बदल कर और द अंडरटेकर पर हमला करके उन्हें अपना बैरी बना लिया।<ref name="pwi92" /> बाद में, द अंडरटेकर ने कामा को एक [[समरस्लैम]] के एक कास्केट मैच में हरा दिया.<ref name="pwi92" /> कई सप्ताह बाद, द अंडरटेकर ने अपनी आंख के पास की कक्षीय हड्डी को क्षतिग्रस्त कर लिया और शल्य चिकित्सा की पूरी अवधि तक अनुपस्थित रहा एवं सर्वाइवर सीरीज़ में उसकी फिर से वापसी हुई. सन् 1995 में द अंडरटेकर भूरे रंग का [[प्रेत]] जैसा ऊपरी मुखोटा पहनकर वापस लौटे.<ref name="pwi92" /> [[रॉयल रम्बल]] में [[ब्रेट हार्ट]] के खिलाफ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के चैम्पियनशिप मैच के द अंडरटेकर का मुखौटा उतार दिया गया था जब [[डीज़ल]] ने द अंडरटेकर के चैम्पियनशिप के ख़िताब के लिए हस्तक्षेप किया।<ref name="pwi95">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ.95)</ref> एक महीने के बाद, [[इन यौर हॉउस: रेज इन द केज]] में, जब डीज़ल का हार्ट के साथ एक स्टील में एक पिंजरे में मुकाबला हो रहा था, तब द अंडरटेकर अचानक रिंग में नीचे से बाहर आये और डीज़ल को खींचकर नीचे ले गए ताकि हार्ट विजय प्राप्त कर सके.<ref name="pwi95" /> यह विवाद डीज़ल और द अंडरटेकर के बीच हुए [[रेसेल्मेनिया XII]] के एक मैच में पराकाष्ठा पर पहुंच गया, जिसमें द अंडरटेकर विजयी हुए.<ref name="legacy" /> अगली ही रात उनका दूसरा विवाद उठ खड़ा हुआ, जब [[मैनकाइंड]] ने [[जस्टिन हॉक ब्रेडशॉ]] के साथ द अंडरटेकर के एक मैच में हस्तक्षेप करते हुए अपना प्रथम प्रवेश किया। अगले कई महीनों के लिए मैनकाइंड ने द अंडरटेकर के कई मैचो में हमला बोला और मैच छीन लिए.<ref name="pwi95" /> इस विवाद ने और भी उग्र रूप धारण कर लिया और उनकी लड़ाई अब भीड़ में, मंच के पीछे और विभिन्न अखाड़ों के बॉयलर रूम तक पहुंच गई। फलस्वरूप, [[समरस्लैम]] में अब तक की पहली बार के [[बॉयलर रूम ब्राव्ल]] का [[निर्धारण]] इन दोनों के बीच हो गया। मैच के दौरान, जब द अंडरटेकर पॉल बियरर के अस्थिकलश के पास पहुंचे, तब बियरर ने द अंडरटेकर को धोखे से मारा ताकि [[मैनकाइंड पंजे]] से द अंडरटेकर को जबड़े के बेबस बना कर अपनी जीत दर्ज कर सके.<ref name="pwi95" /> बियरर के विश्वासघात के बाद अंडरटेकर ने मैनकाइंड के साथ प्रतिद्वंद्विता को एक नए स्तर तक पहुंचा दिया जिसके परिणामस्वरूप [[बरिड अलाइव मैच]], [[इन योर हाउस:बरिड अलाइव]] में परिवर्तित हो गया। खुले कब्र में [[श्वाश अवरुद्ध]] करने के बाद अंडरटेकर ने मैच जीत लिया लेकिन [[जल्लाद]] और साथ ही साथ कई दूसरे सुपर स्टार्स के हस्तक्षेप के बाद अंततः द अंडरटेकर को "जिंदा दफ़न" कर दिया गया।<ref name="pwi95" /> जिंदा दफन हो जाने के बाद अंडरटेकर ने फिर से मैनकाइंड के खिलाफ मुकाबले में अपने को खड़ा करके [[सर्वाइवर सीरीज़]] में वापसी की लेकिन एक अनोखे शर्त के साथ कि एक स्टील के पिंजरे में बंद रिंग के ऊपर {{convert|20|ft|m|abbr=on}} पॉल बियरर लटकता रहेगा. अगर द अंडरटेकर यह मैच जीत लेता है तो बियरर पर अपने हाथ उठा सकेगा. हालांकि द अंडरटेकर ने यह मैच जीत तो लिया लेकिन जल्लाद के हस्तक्षेप के कारण बियरर द अंडरटेकर के चंगुल से बच निकलने में कामयाब हो गया।<ref name="pwi97">PWI स्टाफ 2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ.96-97)</ref> द अंडरटेकर ने कुछ समय के लिए जल्लाद की ओर अपना ध्यान लगाया जो उसके आगमन के समय से ही उसके गले का कांटा बना हुआ था। [[इन योर हाउस के मंच पर: यही समय है (It's Time)]], में एक [[महायुद्ध नियमों के तहत मैच]] में द अंडरटेकर ने जल्लाद को परास्त कर दिया. 1996 के अंत तक, बियरर के अपने शागिर्द के पक्ष में हस्तक्षेप करने के बाद अंडरटेकर के साथ [[वादर]] का विवाद शुरू हो गया जिसमें अंततः [[रॉयल रम्बल]] में वदेर के साथ लड़ाई में वह हार गया।<ref name="pwi97" /> इस पराजय के बाद, द अंडरटेकर ने अपना ध्यान डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के चैम्पियनशिप पर केंद्रित करना शुरू कर दिया. ==== हेल इन अ सेल);ब्रदरस ऑफ़ डिसट्रक्सन (1997-1998) ==== {{See also|Hell in a Cell|Brothers of Destruction}} [[फाईल:Undertaker primer plano.jpg|thumb|200px|right|द अंडरटेकर अपने 'लोर्ड ऑफ़ डार्कनेस के साथ"]] [[रेसेल्मेनिया 13]] में, द अंडरटेकर ने [[साइको सिड]] को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के चैम्पियनशिप के लिए पराजित कर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) में दूसरी बार अपने चैम्पियनशिप का खिताब दर्ज किया।<ref name="pwi98">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ.98-99)</ref> इस घटना के बाद, पॉल बियरर ने द अंडरटेकर के सबसे बड़े रहस्य को उजागर कर देने की धमकी देते हुए, उसके साथ फिर से जुड़ने की कोशिश की. इस कहानी की कड़ी में, बियरर ने यह घोषणा की कि द अंडरटेकर एक हत्यारा रह चुका है, क्योंकि जब वह एक बच्चा था तब उसने अपने माता-पिता और सौतेले भाई की हत्या कर अंतिम संस्कार करने के घरेलू व्यवसाय को (जहां बियरर काम करता था) जला डाला था। द अंडरटेकर ने दावा किया कि बियरर के पास जानकारी हासिल करने का कोई तरीका नहीं था, लेकिन बियरर ने घोषणा की कि द अंडरटेकर के सौतेले भाई [[केन]], जो अभी भी जिंदा है लेकिन बुरी तरह जलकर जख्मी हो चुका था, ने ही उसे यह बात बतायी थी। आग की इस घटना के बाद बियरर ने केन को सुधार-संस्था को सुपुर्द कर उसका पालन पोषण किया। अब केन इन सारे वर्षों के बाद बदला लेने का इंतजार कर रहा था। द अंडरटेकर ने अपने बचाव में कहा कि केन, एक अग्निदहनोन्माद संपीड़ित व्यक्ति है, ही वह व्यक्ति है जिसने आग लगा दी थी और शायद खुद को नहीं बचा पाने में सफल नहीं रहा था। उनकी कहानी की महत्वपूर्ण अगली कड़ी सन् 1997 में [[समरस्लैम]] में शुरू हुई जब रेफरी [[शौन माइकल्स]] ने अचानक एक स्टील चेयर से जो [[ब्रेट हार्ट]] के लिए था द अंडरटेकर को दे मारा जिस कारण द अंडरटेकर को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) चैम्पियनशिप के खिताब से हाथ धोना पड़ा.<ref name="pwi98" /> विवाद [[इन योर हाउस: बड्ड ब्लड]] में तब अपने चरम पर पहुंच गया जहां द अंडरटेकर ने माइकल्स को [[हेल इन अ सेल]] के एक मैच में चुनौती दी. इस मैच के दौरान द अंडरटेकर की कहानी की कड़ी उसके सौतेले भाई केन से जुड़ती है जिसने अपना प्रथम प्रदर्शन जेल के दरवाजे को चीर-फाड़कर और द अंडरटेकर को समाधि का एक पत्थर पाइल ड्राइवर देकर किया, जो द अंडरटेकर के कार्य का ट्रेडमार्क था, ताकि माइकल्स उसे बांध सके.<ref name="pwi98" /> इस मैच को [[डेव मेल्टज़र]] से 5 स्टार की रेटिंग मिली. कहानी की कड़ी जैसे ही आगे बढ़ी केन ने पॉल बियरर के साथ मिलकर द अंडरटेकर को मुकाबले के लिए चुनौती दी, लेकिन द अंडरटेकर लगातार अपने भाई के साथ लड़ने से इनकार करता रहा. एक बार जब केन ने द अंडरटेकर को डी-जेनरेशन X के हमले से बचा लिया तो दोनों ने मिलकर एक अल्पकालीन भागीदारी का गठन किया। द अंडरटेकर की अंतिम मुठभेड़ [[रॉयल रंबल]] के कस्केट मैच की वापसी में हुई जिसमें केन ने द अंडरटेकर के साथ विश्वासघात किया और उसे ताबूत में फंसाकर, ताबूत के ढक्कन में एक प्रकार का ताला लगाकर आग लगा दी और जीत हासिल कर ली. बहरहाल द अंडरटेकर ताबूत के ढक्कन के फिर से खुलते ही गायब हो चुका था।<ref name="pwi100">PWI स्टाफ. 2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ.100-101)</ref> दो महीने के अंतराल के बाद, द अंडरटेकर लौटा और [[रेसेल्मेनिया XIV]] के मुकाबले में केन को पछाड़ दिया.<ref name="pwi100" /> एक माह बाद [[Unforgiven: In Your House]] दोनों फिर से एक मैच में मुकाबले में भिड़े, [[पहला मैच]] जबकि नारकीय था, जिसमें द अंडरटेकर ने केन की दाहिनी बाहं आग में झुलसाकर मैच जीत लिया।<ref name="pwi100" /> बाद में द अंडरटेकर का मैनकाइंड के साथ नए सिरे से विवाद आरम्भ हुआ और दोनों ने [[किंग ऑफ़ द रिंग]] में आयोजित हेल इन अ सेल के मैच में एक दूसरे का सामना किया। मैच के दौरान, द अंडरटेकर ने मैनकाइंड को कक्ष के छत से बाहर {{convert|16|ft|m|abbr=on}} नीचे स्पैनिश उद्दघोषक की टेबिल पर फेंक दिया. एक पूर्व नियोजित परिकल्पना के तहत बाद में उसने कक्ष के छत से होकर रिंग तक मैनकाइंड को चोक्सलैम्ड कर दिया जिसने [[जायज]] ढंग से पछाड़कर मैनकाइंड को बेहोश कर दिया और मैच का समापन मैनकाइंड के आर टोम्बस्टोन पाइलड्राइविंग कर लिया।<ref name="pwi100" /> [[फाईल:Kane & Undertaker.jpg|thumb|left|द अंडरटेकर ने कई बार अपने सौतेले भाई केन से लड़ाई और टोली बनाइ है।]] [[पूर्ण रूप से]] [[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ टैग टीम चैम्पियनशिप (WWF Tag Team championship)]] जीतने के लिए, द अंडरटेकर और [[स्टोन कोल्ड स्टीव ऑस्टिन]] ने केन और मैनकाइंड को हरा दिया.<ref name="pwi100" /> द अंडरटेकर और ऑस्टिन के कब्जे में टैग चैम्पियंस का खिताब केवल दो हफ़्तों तक ही कायम रहा क्योंकि केन और मैनकाइंड ने मिलकर ''रॉ इज वॉर'' के एक एपिसोड में खिताब को फिर से हासिल कर लिया।<ref name="1998results">{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/raw/_1998/|title=Raw 1998 results|accessdate=2008-07-10|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> तब जाकर द अंडरटेकर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) चैम्पियनशिप का पहले नंबर का दावेदार हो गया, जो अबतक ऑस्टिन के कब्जे में हैं। हालांकि [[समरस्लैम]] से कुछ ही पहले, द अंडरटेकर ने यह उद्‍घाटित किया कि वह और केन, भाइयों की तरह एक साथ काम कर रहे थे। इस रहस्योद्घाटन के बाद अंडरटेकर ने केन से कहा कि वह नहीं चाहता है कि ऑस्टिन के साथ होने वाले मैच में वह हस्तक्षेप करे और जबकि द अंडरटेकर मैच हार गया, फिर भी सम्मान दिखाने के लिए उसने ऑस्टिन को उसका बेल्ट वापस सौंप दिया.<ref name="pwi100" /> सितंबर में, कहानी की कड़ी जारी रही और द अंडरटेकर अपनी बुरी चारित्रिक विशेषताएं दिखाने लगा जब उसने और केन ने इस तथ्य को उजागर किया कि वे [[विन्स मैक्महोन]] के कारण ऑस्टिन को उसकी खिताब से मुक्ति दिलाने के लिए वे दोनों एक साझेदारी में काम कर रहे थे। [[Breakdown: In Your House]] पर द अंडरटेकर और केन ऑस्टिन के साथ एक [[तिगुने खतरे वाले मैच]] उसके डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) चैम्पियनशिप के लिए निर्धारित किए गए; मैक्महोन ने कहा कि भाइयों को एक दुसरे को पिन करने की अनुमति नहीं थे। द अंडरटेकर और केन ने ऑस्टिन को बारी-बारी से एक डबल चोक्स्लैम के बाद धराशायी कर दिया,<ref name="pwi100" /> अतः मैक्महोन को खिताब छोड़ देना पड़ा. इस घटना के कारण ख़िताब के लिए दो भाइयों के बीच मैच आयोजित करना पड़ा जिसमें ऑस्टिन विशेष अतिथि रेफरी के रूप में हाजिर था।[[Judgment Day: In Your House]] मैच जब समाप्ति के ही करीब था तब ऐसा लगा कि पॉल बियरर केन को स्टील चेयर देकर सहायता करने जा रहा था जिससे वह द अंडरटेकर पर वार कर सके लेकिन जैसे ही केन मुड़ा वैसे ही बियरर और द अंडरटेकर दोनों ने ही मिलकर चेयर से केन पर हमला कर दिया. द अंडरटेकर की इच्छा पिन करने की थी लेकिन ऑस्टिन ने उल्टी गिनती गिनने से इंकार कर दिया और द अंडरटेकर पर हमला कर दिया तथा दोनों भाइयों को बाहर निकालने के लिए गिनने लगा.<ref name="pwi100" /> अंत में, अगली रात ही पिछले छः वर्षों में पहली बार ''रॉ इज वॉर'' में, बियरर के साथ समझौता और दावा करते हुए कि वह और बियरर दोनों मिलकर विश्व मल्लयुद्ध महासंघ वर्ल्ड रेश्लिंग फेडरेशन पर [[अंधेरे का साम्राज्य]] खोल देंगे, द अंडरटेकर खलनायक बन गया। इस नई कहानी की कड़ी के रूप में उसने यह स्वीकार किया कि वास्तव में उसी ने आग लगाई थी जिसमें उसके माता-पिता की मृत्यु हो गई जिसके लिए उसने पहले केन को दोषी ठहराया था।<ref name="1998results" /> [[सर्वाइवर सीरीज़]] के बाद, द अंडरटेकर का ध्यान ऑस्टिन के साथ हुए पिछले विवाद की ओर लौट आया जिस कारण जजमेंट डे में उसे अपना खिताब खोना पड़ा था, जब उसने [[द रॉक]] के साथ एक खिताबी मैच के दौरान बद मिजाजी और आक्रोश के साथ एक फावड़े से ऑस्टिन के सर पर वार कर दिया था और ठीक एक महीना पहले उसके साथ जो हुआ था उसका करारा जवाब दिया. कहानी की कड़ी में एक मोड़ के साथ, मैक्महोन ने द अंडरटेकर और ऑस्टिन के साथ बरिड अलाइव मैच निर्धारित किया।[[Rock Bottom: In Your House]] रॉक बोटम की ओर बढ़ते हुए हफ़्तों में द अंडरटेकर ने ऑस्टिन की शवरक्षालेप मरहम-पट्टी कर जिन्दा रखने की कोशिश की, केन को [[पागल खाने]] में भर्ती होने के लिए वचनवद्ध किया और ऑस्टिन के प्रतीक दृइड्स चेन को अखाड़े में ऊंचा उठाकर प्रदर्शित किया।<ref name="1998results" /> हालांकि, केन के हस्तक्षेप के बाद अंडरटेकर मैच हार गया।<ref name="pwi102">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ.102)</ref> ==== 1999 मिनिस्ट्री ऑफ़ डार्कनेस (अंधेरे का मंत्रालय) ==== जनवरी 1999 में, द अंडरटेकर लौटा और उसने [[मिनिस्ट्री ऑफ़ डार्कनेस]] की स्थापना की. हालांकि वह पहले से अधिक दुष्ट हो गया था, उसके कथानुसार किसी "उच्च शक्ति" से उसे आदेश प्राप्त हो रहे थे। वह अक्सर काले लबादे में आता था और एक सिंहासन पर बैठ जाता था। अपने खुशामदी टट्टुओं की मदद से, वह अक्सर विभिन्न डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) सुपरस्टार्स की बलियां अनुष्ठित करता था, जिसका उद्देश्य सुपरस्टार्स के अन्दर से उनके बुरे अंधेरे पक्ष अधिक से अधिक बाहर उजागर करना था ताकि वह उन्हें अपनी मिनिस्ट्री में भर्ती कर सकें. इसकी मिनिस्ट्री का विलयन [[कॉर्पोरेट मंत्रालय]] के गठन के लिए [[कॉर्पोरेशन]] गठबंधन के साथ हो गया।<ref name="1999results">{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/raw/_1999/|title=Raw 1999 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> इस समय के दौरान, द अंडरटेकर को अनुबंधित किया गया ताकि वह विशेष रेफरी [[शेन मैक्महोन]] की सहायता से [[ओवर द एड्ज]] में अनुष्ठेय अपने तीसरे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के चैम्पियनशिप में ऑस्टिन को हरा सके.<ref name="pwi103">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ.103)</ref> दो हफ्ते बाद, यह पता चला कि ''रॉ इज वॉर'' में विन्स मैक्महोन हमेशा से ही द अंडरटेकर की "उच्च शक्ति" रह चुका था। [[किंग ऑफ़ द रिंग]] के एक रात बाद डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के इस चैम्पियनशिप को द अंडरटेकर द्वारा ऑस्टिन के पक्ष में वापस [[छोड़]] दिए जाने के बाद<ref name="1999results" /> और [[फुल्ली लोडेड]] में अपना [[पहला ब्लड मैच]] हार जाने के बाद, मैक्महोनस के साथ उसका संपर्क समाप्त हो गया और कॉर्पोरेट मंत्रालय विघटित हो गया। तब द अंडरटेकर ने कहानी में कड़ी जोड़ी जिसमें उसने द अनहोली एल्लैयंस के नाम से जाने जाने वाले एक [[टैग टीम]] [[बिग शो]] के साथ टीम बनाई जो दो बार [[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) टैग टीम चैम्पियाम्शिप]] आयोजित किया करता था। ==== अमेरिकन बैड ऐस/बिग ईविल (2000-2003) ==== [[फाईल:The Undertaker at WrestleMania XIX.jpg|right|175px|thumb|रेसेल्मेनिया XIX पर "बिग ईविल" गिम्मिक के साथ द अंडरटेकर.]] द अंडरटेकर ने अपने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) कैरियर के इस काल-खंड में एक दूसरा ही व्यक्तित्व धारण कर लिया। उसने गॉथिक शैली पर आधारित अंत्येष्टि संपन्न करने वाले की पोशाक, रिंग में बजाया जाने वाला अंतिम संस्कार का शोक-संगीत, अलौकिक के प्रति संकेतों एवं रिंग में प्रवेश करने की नाटकीयताएं, सब कुछ त्याग दीं. अब द अंडरटेकर ने एक मोटर बाइक सवार का व्यक्तित्व धारण कर लिया, मोटर साइकिल पर सवार होकर आंखों पर रंगीन चश्में पहने और रंग-बिरंगे रुमाल लिए रिंग में आने लगा. उसके रिंग में बजाए जाने वाले संगीत की जगह लोकप्रिय सामयिक रॉक गानों ने ले लिया, जैसे कि [[लिम्प बिज्किट]] का "[[रोलिंग (एयर रेड वेहिक्ल)]]" एवं [[किड रॉक]] का "[[अमेरिकन बैड ऐस]]" (जिससे द अंडरटेकर की नयी तिकड़मी चाल-ढ़ाल के नाम की उत्पत्ति हुई), हालांकि, यह द अंडरटेकर की मौलिक विषय-वस्तु मैच के आरंभ में घंटी बजाने की विशेषता पर आधारित थी। मई 2000 में अपने लौटने के साथ ही, उसने [[मैक्महोन हेल्म्सले गुट]] के सभी सदस्यों को बाहर निकाल लिया जिसके कारण वह एक बार फिर अपने प्रशंसकों का पसंदीदा बन गया। उसने [[किंग ऑफ़ द रिंग]] में [[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के चैम्पियन]] [[ट्रिपल एच]] को भी अपना निशाना बनाया. ट्रिपल एच शेन मैक्महोन और विन्स मैक्महोन की टीम को हराने के लिए द अंडरटेकर ने रॉक और केन के साथ मिलकर टीम बनाई.<ref name="pwi106" /> तत्पश्चात, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) टैग टीम के चैम्पियनशिप की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए उसे केन के साथ टीम के लिए अनुबंधित कर लिया गया। उन्होंने एड्ज और क्रिश्चियन को हराकर अगले हफ्ते टैग खिताब के लिए फिर से सामना करने का अधिकार बनाए रखा, लेकिन [[एड्ज और क्रिश्चियन]] ने खिताब अपने पास ही बरकरार रखा. केन ने द अंडरटेकर के ''रॉ इज वॉर'' के 14 अगस्त वाले प्रकरण में दो बार चोक्स्लैमिंग कर उसके साथ विश्वासघात किया।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/raw/_2000/|title=Raw 2000 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> इस घटना ने दोनों के बीच [[समरस्लैम]] में एक और मैच को जन्म दिया जो प्रतिद्वंदिता के बिना ही समाप्त हो गया क्योंकि ज्योंहि द अंडरटेकर ने केन के मुखौटे को हटा दिया, केन रिंग से बाहर भाग खड़ा हुआ।<ref name="pwi106">PWI स्टाफ. 2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ.106)</ref> द अंडरटेकर ने तब [[सर्वाइवर सीरीज़]] में [[कर्ट ऐंगल]] को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के चैम्पियनशिप के लिए ललकारा.<ref name="pwi107">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ.107)</ref> ऐंगल ने बहरहाल, द अंडरटेकर को अपने सचमुच के भाई [[एरिक ऐंगल]] के स्थान परिवर्तन के बाद पछाड़ दिया. द अंडरटेकर ने [[आर्मगेडोंन]] में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) चैम्पियनशिप के लिए सिक्स मैन [[हेल इन अ सेल]] मैच की मांग की और छठे स्थान से सम्मानित किया गया। द अंडरटेकर ने किसी को "प्रसिद्ध" बना देने का वादा किया और उसने अपना वादा निभाया भी जब उसने [[रिकिशी]] को जेल की छत से नीचे चोक्स्लैम कर दिया.<ref name="pwi107" /> सन् 2001 में, [[विनाश के बंधुओं]] के रूप में द अंडरटेकर केन के साथ फिर से जुड़ गया और एक बार फिर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) टैग टीम की चैम्पियनशिप के लिए चुनौती देने लगा. [[नो वे आउट]] के खिताबी [[टेबिल्स मैच]] मुकाबले में उन्हें एड्ज और क्रिश्चियन तथा उस समय के चैम्पियन्स [[द डड्ली बोयज़]] से झटका लगा. विनाश के बंधुओं ने लगभग पूरे मैच में अपना दबदबा बनाए रखा लेकिन विजेता नहीं बने.<ref name="pwi107" /> द अंडरटेकर को तब [[रेसेल्मेनिया X-सेवेन]] में होने वाले मैच में ट्रिपल एच को हराने के लिए अनुबंधित किया गया था, जहां उसने रेसेल्मेनिया में जीत के सिलसिले में सुधार किया।<ref name="legacy" /> वह और केन दोनों ने कहानी की कड़ी सिलसिलेवार जारी रखी जिससे ट्रिपल एच पर ध्यान केन्द्रित रहा जिसने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के चैम्पियन [[स्टोन कोल्ड स्टीव ऑस्टिन]] के साथ मिलकर "अचम्भे गठबंधन" (सरप्राइज अलायंस) का गठन किया। एड्ज और क्रिश्चियन से डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) टैग खिताब द अंडरटेकर और केन के द्वारा<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/inside/titlehistory/worldtagteam/|title=World Tag Team Title History|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|accessdate=2009-06-21}}</ref> अर्जित कर लिए जाने के बाद [[बैकलैश]] में स्लेज्धन से वार कर ट्रिपल एच ने केन को धुल चटा दी.<ref name="pwi108">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ.108-109)</ref> आहत केन के साथ द अंडरटेकर ने अपने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) चैम्पियनशिप के लिए स्टीव ऑस्टिन के साथ बखेड़ा खड़ा कर दिया, लेकिन [[निर्णायक दिन]] को ऑस्टिन ने अपना खिताब अपने पास बरकरार रखा.<ref name="pwi108" /> "[[आक्रमण]]" की कहानी की कड़ी के एक टुकड़े के रूप में, द अंडरटेकर की अगली नियति [[डायमंड डैलस पेज]] था, जो द अंडरटेकर की पत्नी सारा को सताते हुए पीछा कर रहा था।<ref name="pwi108" /> [[समरस्लैम]] में, [[डब्ल्यूसीडब्ल्यू (WCW) टैग टीम चैंपियंस]] में द अंडरटेकर और केन ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ टैग टीम चैम्पियनशिप (WWF Tag Team championship) जीतने के लिए पेज और उसके पार्टनर [[क्रिश कैनयोन]] को एक स्टील के पिंजरे वाले मैच में हरा दिया.<ref name="pwi108" /> [[सर्वाइवर सीरीज़]] में, [[अलाइयन्स]] के द अंडरटेकर ने स्टीव ऑस्टिन, [[बुकर टी]], [[रॉब वैन डैम]], [[शेन मैक्महोन]] और कर्ट ऐंगल के गठबंधन के साथ मुकाबले के लिए केन, रॉक, [[क्रिश जेरिको]] और बिग शो के साथ मिलकर एक टीम बनाई (यही आखिरी बार होगा जब द अंडरटेकर और केन सन् 2006 तक टीम में एक साथ बने रहेंगे). ऑस्टिन के हस्तक्षेप के कारण ऐंगल ने द अंडरटेकर को पटक दिया.<ref name="pwi108" /> इस गठबंधन के पराजय के पश्चात्, द अंडरटेकर धारा भाष्यकार [[जिम रॉस]] पर जबरदस्ती वेनिस मैक्महोन के गदहे को चूमने के लिए दवाब डालने पर एक बार फिर खलनायक बन गया।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/raw/011126.html|title=Raw - नवम्बर 26, 2001 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> यह द अंडरटेकर के लिए उसके नये व्यक्तित्व की शुरुआत थी क्योंकि उसने अपने लंबे बाल काट डाले थे और अपने आप को "बड़ा पापी" कहने लगा था। [[वेनजॉन्स]] में द अंडरटेकर ने [[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) हार्डकोर चैम्पियनशिप]] पर कब्ज़ा करने के लिए वैन डैम को हरा दिया.<ref name="pwi110">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ.109-110)</ref> [[फाईल:Biker Taker.jpg|left|thumb|अपने "बिग ईविल" व्यक्तित्व के दौरान द अंडरटेकर]] द अंडरटेकर की कहानी की अगली कड़ी सन् 2002 में [[रॉयल रम्बल]] में आरंभ में हुई जब [[मैवेन]] ने पीछे से एक के बाद एक ड्रॉपकिकिंग के जरिए उसे बाहर कर दिया. ठीक तुरंत बाद ही, बदले में द अंडरटेकर ने मंच के पीछे से मैवेन पर क्रूरतापूर्वक वार कर उसे बाहर निकल दिया.<ref name="pwi110" /> ''[[स्मैकडाउन]]'' ! के एक एपिसोड में द अंडरटेकर को गुस्सा दिलाते हुए, द रॉक ने रॉयल रम्बल के मंच से द अंडरटेकर के बाहर निकाले जाने का जिक्र किया। द अंडरटेकर के जवाब से [[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के अविवादित चैम्पियनशिप]] के लिए द रॉक को नंबर वन के प्रतियोगिता का खिताब खोना पड़ा.<ref>{{cite news|author=Michael McAvennie|title=WWE The Yearbook: 2003 Edition|publisher=Pocket Books|date=2003|page=52}}</ref> कहानी जारी रही जब मेवेन (Maven) के साथ रॉक द अंडरटेकर हार्डकोर चैम्पियनशिप के लिए मैच हार गया।<ref>{{cite news|author=Michael McAvennie|title=WWE The Yearbook: 2003 Edition|publisher=Pocket Books|date=2003|page=56}}</ref> [[नो वे आउट]] में दोनों आमने-सामने आये, जहां [[रिक फ्लेयर]] के हस्तक्षेप के कारण द अंडरटेकर हार गया।<ref name="pwi110" /> इस हस्तक्षेप से फ्लेयर के साथ कहानी की एक कड़ी शुरू हुई, जिसने [[रेसेल्मेनिया X8]]<ref>{{cite news|first=Michael|last=McAvennie|title=WWE The Yearbook: 2003 Edition|publisher=Pocket Books|date=2003|pages=79–80}}</ref> में द अंडरटेकर के साथ मल्लयुद्ध की चुनौती को अस्वीकार कर दिया और इसके फलस्वरूप, द अंडरटेकर ने उसके बेटे [[डेविड फ्लेयर]]<ref name="yearbook">{{cite news|author=Michael McAvennie|title=WWE The Yearbook: 2003 Edition|publisher=Pocket Books|date=2003|pages=80–81}}</ref> पर हमला कर दिया. आखिरकार फ्लेयर ने मैच की चुनौती स्वीकार की जब द अंडरटेकर ने फ्लेयर की बेटी को ठीक इसी प्रकार की सजा देने की धमकी दी.<ref name="yearbook" /> अयोग्यता की कोई शर्त इस मैच में शामिल नहीं की गई और द अंडरटेकर ने फ्लेयर को हरा दिया.<ref name="legacy" /> फ्लेयर के साथ कहानी की इस कड़ी के बाद डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के निर्विवाद चैम्पियनशिप के नंबर वन प्रतियोगिता का खिताब जीतने के लिए द अंडरटेकर ने स्टोन कोल्ड स्टीव ऑस्टिन को [[बैकलैश]] के मैच में पराजित किया। बाद में उसी रात, निर्विवाद चैम्पियन ट्रिपल एच के खिलाफ खिताबी मैच जीतने में उसने [[हल्क होगन]] की मदद की.<ref name="pwi110" /> [[जजमेंट डे]] के मंच पर अपने चौथे विश्व चैम्पियनशिप के लिए द अंडरटेकर ने होगन को हराया.<ref name="pwi111">PWI स्टाफ 2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ.110-111)</ref> ''रॉ'' की पहली जुलाई के प्रकरण में, एक [[सीढ़ी मैच]] में [[जेफ़ हार्डी]] को हराकर और सम्मान प्रदर्शन हेतु हार्डी के हाथ को ऊपर उठाकर द अंडरटेकर एक बार फिर अपने प्रशंसकों का चहेता बन गया। हालांकि [[वेनजॉन्स]] के मंच पर [[तिहरे मुकाबले के मैच]] में जिसमें कर्ट ऐंगल भी शामिल था, द अंडरटेकर ने रॉक के पक्ष में अपना ख़िताब छोड़ दिया.<ref name="pwi111" /> द अंडरटेकर ने अपना ध्यान रॉ से हटाकर भूतपूर्व रॉ प्रतिभा [[ब्रौक लेसनर]], [[क्रिश बेन्योएट]] और [[एड्डी ग्युरेरो]] के साथ ही साथ स्मैकडाउन की ओर जुड़ गया। [[अनफॉरगिवेन]] के मंच पर द अंडरटेकर ने लेसनर को एक खिताबी मैच में चुनौती दी जो दुहरी अयोग्यता के साथ समाप्त हो गयी।<ref name="pwi111" /> यह विवाद [[नो मर्सी]] के मंच पर आयोजित हेल इन अ सेल के मैच तक जारी रहा. वैधरूप से टूटे हाथ के साथ द अंडरटेकर ने मैच में प्रदर्शन किया और आखिरकार चैम्पियन के हाथों मैच हार गया।<ref name="pwi111" /> बिग शो के हाथों अखाड़े से बाहर फेंक दी जाने के बाद अंडरटेकर ने मल्लयुद्ध से छुट्टी ले ली, जिसने विवाद की चिंगारी प्रज्वलित कर दी.<ref>{{cite news|last=McAvennie|first=Michael|title=WWE The Yearbook: 2003 Edition|publisher=Pocket Books|date=2003|page=288}}</ref> सन् 2003 में द अंडरटेकर [[रॉयल रम्बल]] के मंच पर लौटा.<ref name="pwi112">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ. 112-113)</ref> उसने बिग शो के साथ अपना विवाद फिर से शुरू कर दिया और [[नो वे आउट]] के मंच पर [[त्रिकोण शवासरोधन]] के साथ अधीनता मनवाकर उसे हरा दिया. कहानी की इस कड़ी में [[ए-ट्रेन]] का प्रवेश हुआ जिसने मैच के बाद अंडरटेकर पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन उसकी मदद के लिए [[नाथोन जोन्स]] बीच-बचाव करने आ गया।<ref name="pwi112" /> जैसे ही द अंडरटेकर जोन्स को मल्लयुद्ध के लिए प्रशिक्षित करने लगा, कहानी में कड़ी जुडती ही गई और उन दोनों को ही बिग शो तथा ए-ट्रेन के साथ [[रेसेल्मेनिया XIX]] के मंच पर आयोजित एक टैग टीम मैच के लिए लड़ने के लिए तय कर लिया गया था।<ref name="legacy" /> हालांकि मैच से पहले ही जोन्स को हटा दिया गया, इसे केवल सप्रतिबंध प्रतियोगिता ही बने रहने देने के लिए, जिसे जोन्स की सहायता से द अंडरटेकर ने जीत लिया। <ref name="pwi112" /> वर्ष के बाक़ी बचे समय के दौरान [[डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) चैम्पियनशिप]] के दो अवसरों के लिए उसे अनुबंधित कर लिया गया। पहला, 4 सितम्बर को ''स्मैकडाउन'' ! में कर्ट ऐंगल के खिलाफ था, जो ब्रोक लेसनर के हस्तक्षेप के कारण बिना प्रतियोगिता के ही समाप्त हो गया।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/030904.html|title=SmackDown-सितंबर 4, 2003 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> दूसरा, [[नो मर्सी]] के मंच पर बाइकर चेन मैच द अंडरटेकर और लेसनर के बीच था जिसे विन्स मैक्महोन की मदद से लेसनर ने जीत लिया।<ref name="pwi114">PWI स्टाफ. 2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ. 113-114)</ref> इस मैच के फलस्वरूप मैक्महोन के साथ विवाद, [[सर्वाइवर सीरीज़]] का समापन हो गया जब द अंडरटेकर मैक्महोन के खिलाफ एक ज़िंदा दफन मैच केन के हस्तक्षेप के कारण हार गया।<ref name="pwi114" /> केन के साथ हुए मैच के बाद अंडरटेकर कुछ अरसे के लिए इस दावे के साथ ओझल हो गया कि वह "मर चुका है और हमेशा के लिए दफना दिया गया है".<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/031120.html|title=SmackDown-नवम्बर 20, 2003 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> ==== मृतव्यक्ति की वापसी (2004-2006) ==== कहानी की कड़ी [[रेसेल्मेनिया XX]] की ओर आगे बढ़ती है, केन को कानों कान यह खबर तंग करने लगी कि द अंडरटेकर ने अपनी वापसी की घोषणा कर दी है। पहला, [[रॉयल रम्बल]] में था जब द अंडरटेकर की घंटियां बजी ताकि केन का ध्यान भंग हो जाय और [[बुकर टी]] उसे मुकाबले से बाहर निकाल दे.<ref name="pwi114" /> रेसेल्मेनिया XX में द अंडरटेकर, पॉल बियरर को साथ लेकर और अपने "मृत व्यक्ति" के व्यक्तित्व में, लौट आया और केन को हरा दिया.<ref name="pwi115">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ. 115-116)</ref> तीन महीने बाद, [[पॉल हेमैन]]<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/040527.html|title=SmackDown-मई 27, 2004 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> के इशारे पर द अंडरटेकर का डडले बोयज़ के द्वारा अपहरण कर लिया गया।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/040617.html|title=SmackDown-जून 17, 2004 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> [[द ग्रेट अमेरिकन बाश]] में द अंडरटेकर ने सप्रतिबंध प्रतियोगिता में डड्लीज के खिलाफ इस शर्त के साथ मुकाबला किया कि अगर वह हार गया तो, हेमैन बियरर को सीमेंट में दफना देगा. द अंडरटेकर ने यह मुकाबला जीत लिया लेकिन उस ने बियरर को किसी और तरीके से दफना दिया, यह तर्क देते हुए कि बियरर अब केवल एक बोझ ही रह गया है अतः अब उसके लिए वह किसी काम का नहीं.<ref name="pwi115" /> [[फाईल:Undertakerentrance.jpg|left|thumb|स्मैकडाउन! के एक प्रकरण के दौरान उनके द्वार बनाते हुए द अंडरटेकर.]] डड्ली बोयज़ को हराने के बाद अंडरटेकर ने डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) चैम्पियन [[जॉन "ब्रेडशॉ" लेफील्ड]] (JBL) को [[समरस्लैम]] के खिताबी मैच में चुनौती देकर विवाद की शुरुआत की, जिसे अपात्रता के कारण द अंडरटेकर ने खो िया.<ref name="pwi115" /> [[नो मर्सी]] में द अंडरटेकर और JBL ने "लास्ट राइड" मैच में पहली बार प्रतिद्वंदिता की, हालांकि [[हेडेनरीच]] के हस्तक्षेप के कारण द अंडरटेकर हार गया।<ref name="pwi115" /> हेडेनरीच के साथ संक्षिप्त कार्यक्रम के बाद,<ref name="pwi117">PWI स्टाफ 2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ. 116-117)</ref> द अंडरटेकर ने अपना ध्यान एक बार फिर डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) चैम्पियनशिप की ओर केन्द्रित किया। एडी ग्युरेरो और बुकर टी के साथ उसने [[आर्मगेडोंन]] के फैटल फोर-वे के एक मैच में उसने JBL को चैम्पियनशिप के दुबारा मैच के लिए चुनौती दी जिसमें एक बार फिर हेडेनरीच के हस्तक्षेप के कारण द अंडरटेकर असफल रहा.<ref name="pwi117" /> [[रॉयल रम्बल]] में द अंडरटेकर और हेडेनरीच के बीच एक कॉस्केट मैच में विवाद का अंत हुआ जिसमें द अंडरटेकर ने एक कॉस्केट में हेडेनरीच को सील बंद कर जीत हासिल की.<ref name="pwi117" /> शीघ्र ही बाद में, [[रैंडी और्टन]] ने [[रेसेल्मेनिया 21]] के एक मैच में द अंडरटेकर को चुनौती दी, यह कहानी की एक ऐसी कड़ी थी जिसमें और्टन ने यह दावा किया कि वह द अंडरटेकर के रेसेल्मेनिया जीत के सिलसिले को सदा के लिए समाप्त कर देगा.<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/raw/050307.html|title=Raw-मार्च 7, 2005 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> यहां तक कि अपने पिता [["काउबॉय" बॉब और्टन]] की मदद के बावजूद, रैंडी असफल रहा और द अंडरटेकर ने अपने रेसेल्मेनिया के रिकॉर्ड को 13-0 तक पहुंचाकर और भी सुधार लिया।<ref name="pwi117" /> वह ''स्मैकडाउन'' ! के 16वें प्रकरण में लौटा लेकिन JBL के सामने हार गया, रैंडी और्टन के हस्तक्षेप से ही ऐसा संभव हुआ।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/050616.html|title=SmackDown-जून 16, 2005 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> [[द ग्रेट अमेरिकन बैश के बाद]], द अंडरटेकर [[विश्व हेवीवेट चैम्पियनशिप]] का नंबर वन दावेदार बन गया, जिस ओहदे के लिए JBL को हमेशा लगता रहा कि यह उसके पास होना चाहिए था। विवाद के एक हिस्से के रूप में, अगले ''स्मैकडाउन'' ! में, JBL के खिलाफ द अंडरटेकर एक बार फिर और्टन के हस्तक्षेप के कारण, नंबर एक की दावेदारी का मैच हार गया।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/050728.html|title=SmackDown-जुलाई 28, 2005 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> इसके साथ द अंडरटेकर ने और्टन के साथ अपना विवाद बरक़रार रखा. [[समरस्लैम]] में, रेसेल्मेनिया के दुबारा मैच में और्टन ने द अंडरटेकर को हरा दिया.<ref name="pwi118">PWI स्टाफ. 2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ. 118)</ref> कहानी में तब और जान आ गई जब दोनों ने कॉस्केट से एक दूसरे पर ताना मारा, जिस कारण [[नो मर्सी]] में कॉस्केट मैच आयोजित हुआ, जिसमें द अंडरटेकर को रैंडी और उसके पिता "काऊ बॉय", बॉब और्टन के हाथों हारना पड़ा.<ref name="pwi118" /> मैच के बाद और्टनस ने ताबूत कॉस्केट पर गैसोलीन उड़ेल दिया और उसमें आग लगा दी. हालांकि, जब झुलसे हुए ताबूत को खोला गया, तो द अंडरटेकर एकबार फिर ओझल हो गया। जलते हुए ताबूत से प्रकट होकर वह [[सर्वाइवर सीरीज़]] में लौट आया।<ref name="pwi119">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ. 119)</ref> द अंडरटेकर ''स्मैकडाउन'' ! में दिसंबर के आरम्भ में ही लौट आया। और [[आर्मगेडोंन]] में और्टन को अखाड़े में आमंत्रित कर हराने के लिए उसने एक हेल इन ए सेल मैच का आयोजन किया।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/051202.html|title=SmackDown-दिसम्बर 2, 2005 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> मैच जीतने के बाद<ref name="pwi119" /> कैलावे ने मल्लयुद्ध से एक छोटा-सा अंतराल लिया। [[फाईल:Taker-WM22.jpg|thumb|right|रेसेल्मेनिया 22 में अपने अपराजित लकीर बनाए रखने के लिए द अंडरटेकर.]] सन् 2006 के आरंभ में [[रॉयल रम्बल]] में, घोड़ागाड़ी में बैठकर खिताबी शॉट के लिए संकेत देने वाले [[मार्क हेनरी]] के खिलाफ अपने विश्व खिताब के बचाव के लिए [[कर्ट ऐंगल]] के आयोजित समारोह के दौरान द अंडरटेकर लौटकर आ गया। कहानी की विवादास्पद कड़ी के कारण, [[नो वे आउट]] में ऐंगल के साथ तीस मिनट की मुक्केबाजी के बाद अंडरटेकर अपना मैच हार गया। मैच के बाद अंडरटेकर ने ऐंगल को कोने में धकेल कर घेर लिया और नीचे उसकी ओर घूरने के बाद, ऐंगल से कहा कि अब उसकी बारी है और उसके साथ अब भी उसे बहुत कुछ करना बाक़ी है। ''स्मैकडाउन'' ! में ऐंगल के खिलाफ वर्ल्ड हेवीवेट चैम्पियनशिप के लिए द अंडरटेकर को नो वे आउट के दोबारा मैच में भिड़ना पड़ा था। जब हेनरी ने पीछे से आकर द अंडरटेकर पर हमला कर दिया, जिस कारण उसे अपना खिताब खोना पड़ा. इस घटना ने इस जोड़ी के बीच एक कांटा बो दिया क्योंकि द अंडरटेकर ने तब [[रेसेल्मेनिया 22]] में हेनरी को कॉस्केट मैच के लिए चुनौती दी और उससे एक वर्ष पहले और्टन की ही तरह हेनरी ने द अंडरटेकर की रेसेल्मेनिया में जीत के सिलसिले को समाप्त कर देने की कसम खाई. द अंडरटेकर ने हेनरी को हराकर रेसेल्मेनिया में 14-0 के रिकॉर्ड से अपनी कहानी में जीत की कड़ी को अपराजित रखकर टूटने नहीं दिया. स्मैकडाउन! के अगले संस्करण के दोबारा मैच में, [[द ग्रेट खली]] ने अपना प्रथम प्रवेश किया और द अंडरटेकर पर धावा बोल दिया, यह कहानी की एक कड़ी के अंत और दूसरी कड़ी की शुरुआत की सूचना थी। ''स्मैकडाउन'' ! के 5 मई के एपिसोड तक द अंडरटेकर के बारे में कुछ भी सुना नहीं गया था, क्योंकि थिओडोर लोंग ने द अंडरटेकर की ओर से [[जजमेंट डे]] में एक मैच के लिए खली को चुनौती दीं थी।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/060505.html|title=SmackDown-मई 5, 2006 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> द अंडरटेकर खली से मैच हार गया<ref name="pwi121">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ. 121)</ref><ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/judgmentday/history/2006/matches/23848443/results/|title=The Great Khali makes Undertaker rest in peace|date=2006-05-21|author=Ed Williams III|accessdate=2008-01-05|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2016-03-05|archive-url=https://web.archive.org/web/20160305143550/http://www.wwe.com/shows/judgmentday/history/2006/matches/23848443/results}}</ref> और वह ''स्मैकडाउन'' के 4 जुलाई के संस्करण तक दुबारा दिखाई नहीं दिया, जब उसनें [[द ग्रेट अमेरिकन बैश]] में [[पंजाबी जेल मैच]] के लिए खली की चुनौती स्वीकार की.<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/060704.html|archiveurl=https://web.archive.org/web/20080110205041/http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/060704.html|archivedate=2008-01-10|title=SmackDown-जुलाई 4, 2006 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> हालांकि खली को मैच से हटा दिया गया और उसकी जगह [[ECW के चैम्पियन]] [[द बिग शो]] को लाया गया, जिसपर द अंडरटेकर ने जीत हासिल कर ली. कहानी की कड़ी कुछ इस प्रकार है, टेड्डी लोंग ने खली को दंड स्वरूप हटा दिया था और उसके बदले बिग शो को ले लिया था क्योंकि मैच से कुछ ही देर पहले उसने द अंडरटेकर पर हमला कर दिया था।<ref name="pwi121" /> द अंडरटेकर के साथ [[किंग बुकर]] के वर्ल्ड हेवीवेट चैम्पियनशिप मैच में हस्तक्षेप के बाद खली को [[समरस्लैम]] के [[लास्ट मैन स्टैंडिंग मैच]] के लिए चुनौती दी गई।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/060804.html|title=SmackDown-अगस्त 4, 2006 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> खली ने समरस्लैम के लिए चुनौती अस्वीकार कर दी, हालांकि लोंग के ''स्मैकडाउन'' के 18 अगस्त के एपिसोड के लिए मैच को आधिकारिक बना दिए जाने के बावजूद. द अंडरटेकर ने स्टील की सीढ़ी से खली पर वार करते हुए, कई चेयरशॉट्स जड़कर और एक चोक्स्लम के साथ उसका अंत करते हुए मैच जीत लिया।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/060818.html|title=SmackDown-अप्रैल 18,2007 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> ==== विनाश के बंधुओं का पुनर्मिलन (2006-2007) ==== {{See also|Brothers of Destruction}} [[फाईल:Brothers of Destruction.jpg|thumb|right|ब्रदर्स ऑफ़ डिस्ट्रक्शन रीयूनियन]] द अंडरटेकर का अगला मैच [[नो मर्सी]] में [[डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) यूनाइटेड स्टेट्स चैम्पियन]] [[मिस्टर केनेडी]] के साथ था, लेकिन चैम्पियनशिप बेल्ट से केनेडी को मारने के कारण उसे अयोग्य प्रमाणित कर दिया गया।<ref name="pwi122">PWI स्टाफ. 2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ. 122)</ref> ''स्मैकडाउन'' ने 3 नवम्बर के संस्करण में, पांच वर्षों के बाद पहली बार द अंडरटेकर ने केन के साथ पुनर्मिलन कर मिस्टर केनेडी और [[MVP]] की अनिच्छुक प्रतिपक्षी टीम, जिसके साथ केन की शत्रुता तब भी बरकरार थी, को हराकर [[विनाश के बंधुओं]] का गठन किया।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/061103.html|title=SmackDown-नवम्बर 3, 2006 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref> कहानी की ही कड़ी में एक भाग के रूप में, MVP के हस्तक्षेप के बाद [[सर्वाइवर सीरीज़]] के एक [[फर्स्ट ब्लड मैच]] में केनेडी ने द अंडरटेकर को हरा तो दिया<ref name="pwi122" /> लेकिन अंत में द अंडरटेकर केनेडी को [[आर्मगेडोंन]] के लास्ट राइड मैच में हरा देता है।<ref name="pwi122" /> सन 2007 में दोनों के बीच दुश्मनी जारी रहती है क्योंकि केनेडी के ही कारण द अंडरटेकर को [[रॉयल रम्बल]] के एक चैम्पियनशिप मैच के लिए वर्ल्ड हेवीवेट चैम्पियनशिप के दो मौके गंवाने पड़े थे।<ref>{{cite web|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/results/smackdown/070112.html|title=SmackDown-जनवरी 12, 2007 Results|accessdate=2007-05-01|publisher=Online World of Wrestling}}</ref><ref name="pwi130">2007 मल्लयुद्ध पंचांग और तथ्यों की किताब. "रेस्लिंग की ऐतिहासिक कार्ड्स" (पृष्ठ. 130)</ref> ==== विश्व हैवीवेट चैम्पियन (2007-2008) ==== द अंडरटेकर [[2007 के इवेंट]] में अपना पहला रॉयल रम्बल मैच जीतकर<ref name="pwi130" /> 30वें नंबर पर रम्बल में प्रवेश कर मैच जीतने वाला पहला व्यक्ति बन गया।<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/royalrumble/history/2007/matches/35535102/results/|publisher=[[World Wrestling Entertainment]].com|title=A Phenom-enal Rumble|last=Dee|first=Louie|date=2007-01-28|accessdate=2007-08-23|archive-date=2016-04-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20160413104705/http://www.wwe.com/shows/royalrumble/history/2007/matches/35535102/results/}}</ref> अब उसकी कहानी की कड़ी [[बतिस्ता]] के साथ जुड़ गई, जिसे उसने [[रेसेल्मेनिया 23]] में हराकर पहला [[विश्व हेवीवेट चैम्पियनशिप]] जीत लिया। [[बैकलैश]] के एक लास्ट मैन स्टैंडिंग मैच में उन्हें दोबारा मैच में मुकाबला करना पड़ा जो ड्रा रहा क्योंकि दोनों ही दस की गिनती तक जवाब देने में नाकामयाब रहे, फलस्वरूप चैम्पियनशिप द अंडरटेकर के पास ही बरकरार रहा. ''स्मैकडाउन'' ! के 11 मई के प्रकरण में, द अंडरटेकर और बतिस्ता ने एक स्टील केज मैच में हिस्सा लिया जो हार-जीत के फैसले के बिना ही समाप्त हो गया क्योंकि दोनों ही पहलवानों के पैर एक ही समय पर फर्श को स्पर्श कर लिए. मैच के बाद मार्क हेनरी लौटा और द अंडरटेकर पर हमला कर दिया. हमले के तत्काल बाद एड्ज ने [[मनी इन द बैंक]] के खिताबी शॉट में जीत हासिल कर ली और प्रतिक्रिया स्वरूप द अंडरटेकर ने विश्व हेवीवेट चैम्पियनशिप का खिताब एड्ज के पक्ष में त्याग दिया. जब द अंडरटेकर रिंग में पड़ा हुआ था, ड्रूइड्स प्रकट हुए और उसे मंच के पीछे वाले हस्से में ढ़ोकर ले गए। [[फाईल:Undertaker WHC.jpg|thumb|left|रेसेल्मेनिया XXIV पर एड्ज को हराने के बाद अंडरटेकर.]] कैलावे के [[स्वास्थ्य लाभ]] के दौरान हेनरी ने स्थानीय [[पेशेवर]] पहलवानों को पराजित किया, जब तक कि वापसी को बढ़ावा देकर प्रचारित करने के लिए उसके हाथ और कंधे के चित्रों सहित उसके चरित्र के लघु चित्रणों ने अपनी भूमिका नहीं आरम्भ करदी तबतक हेनरी द अंडरटेकर पर हमले की शेखी बघारता रहा. द अंडरटेकर [[अनफॉरगिवेन]] के मंच पर लौट आया और हेनरी को सफलतापूर्वक हराकर एक बार फिर ''स्मैकडाउन'' ! में दो सप्ताह बाद हराया.<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/unforgiven/matches/|title=Unforgiven 2007 Results|accessdate=2007-09-16|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2006-09-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20060902112331/http://www.wwe.com/shows/unforgiven/matches/}}</ref> बतिस्ता और द अंडरटेकर ने [[साइबर सन्डे]] में अपने विवाद के पलीते में फिर से चिंगारी लगा दी जहां प्रशंसकों ने [[विशेष अतिथि रेफरी]] के रूप में स्टोन कोल्ड स्टीव ऑस्टिन को चुना, लेकिन विश्व खिताब बतिस्ता के पास ही बरकरार रहा.<ref>{{cite web|url=http://www.pwwew.net/ppv/wwf/october/cyber2007.htm|title=Cyber Sunday 2007 Results|accessdate=2007-11-19|publisher=PWWEW.net|archive-date=2010-06-12|archive-url=https://web.archive.org/web/20100612165937/http://pwwew.net/ppv/wwf/october/cyber2007.htm}}</ref> [[सर्वाइवर सीरीज़]] के हेल इन ए सेल में एकबार फिर वे लड़े जिसमें एड्ज लौट आया और बतिस्ता के पास विश्व हेवीवेट के चैम्पियनशिप का खिताब बरकरार बनाए रखने के लिए उसकी मदद के लिए उसने हस्तक्षेप किया।<ref>{{cite web|first=Louie|last=Dee|url=http://www.wwe.com/shows/survivorseries/history/2007/matches/4334964/results/|title=On the Edge of Hell|accessdate=2007-11-19|date=2007-11-18|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2016-03-06|archive-url=https://web.archive.org/web/20160306041539/http://www.wwe.com/shows/survivorseries/history/2007/matches/4334964/results}}</ref> इसके प्रत्युत्तर में, अगले ही ''स्मैकडाउन'' ! में द अंडरटेकर ने [[जेनरल मैनेजर]] [[विकी ग्युरेरो]] पर टोम्बस्टोन पाइलड्राइवर प्रहार कर उसे अस्पताल भेज दिया. रिटर्निंग सहायक-महाप्रबंधक थिओडोर लोंग ने [[आर्मगेडोंन]] में ट्रिपल थ्रेट मैच की घोषणा की, जिसे एड्ज ने जीत लिया। [[रेसेल्मेनिया XXIV]] में एड्ज के विश्व हेवीवेट चैम्पियनशिप में नंबर एक दावेदार बनने के लिए [[नो वे आउट]] में द अंडरटेकर ने बतिस्ता, [[फिनले]], महान खली, मोंटेल वोंटैवियस पोर्टर और [[बिग डैडी V]] को एक [[एलिमिनेशन चेम्बर]] में हरा दिया. अपने दूसरे विश्व हेवीवेट चैम्पियनशिप जीतने तथा [[रेसेल्मेनिया]] में जीत के सिलसिले को अपराजित 16-0 तक पहुंचाने के लिए उसने एड्ज को अपने "हेल्स गेट" की प्रस्तुत पकड़ के साथ हरा दिया.<ref name="NoWayOut08">{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/nowayout/history/2008/matches/6364982/results/|title=No Way Out Match results|accessdate=2008-02-17|first=Louie|last=Dee|date=2008-02-17|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2009-02-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20090225063218/http://www.wwe.com/shows/nowayout/history/2008/matches/6364982/results/}}</ref> रेसेल्मेनिया के एक दोबारा मैच में, द अंडरटेकर ने एक बार फिर [[बैकलैश]] में एड्ज को हरा कर विश्व हेवीवेट चैम्पियनशिप बरकरार रखा.<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/backlash/matches/6347966/results/|accessdate=2008-05-02|title=Second verse, same as the first|last=Dee|first=Louie|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|date=2008-04-27|archive-date=2008-05-01|archive-url=https://web.archive.org/web/20080501145452/http://www.wwe.com/shows/backlash/matches/6347966/results}}</ref> विकी ग्युरेरो ने घोषणा की कि द अंडरटेकर का "हेल्स गेट" एक अवैध पकड़ है और इसीलिए उसने उसका खिताब छीन लिया। [[जजमेंट डे]] में रिक्त खिताब के लिए द अंडरटेकर ने एड्ज के साथ मुकाबला लिया जिसे [[काउंट आउट]] के जरिए उसने जीत लिया। विकी ने आदेश दिया कि खिताब का स्थान रिक्त ही रहेगा, क्योंकि खिताब इस तरह हाथ-बदल नहीं कर सकते. [[वन नाईट स्टैंड]] में [[टेबल, सीढ़ियां और कुर्सियों के मैच]] में एड्ज और द अंडरटेकर एक बार फिर आमने-सामने हुए जिसमें [[ला फमिलिया]] के हस्तक्षेप के कारण द अंडरटेकर हार गया। शर्त के फलस्वरूप, द अंडरटेकर डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) से लापता हो गया। ==== विभिन्न विवाद (2008-2009) ==== [[फाईल:Undertaker at Wrestlemania 25 cropped.jpg|thumb|रेसेल्मेनिया XXV पर शौन माइकल्स को हराने के बाद अंडरटेकर.]] 25 जुलाई 2008 को ''स्मैकडाउन'' ! के एपिसोड में, विक्की ग्युरेरो ने घोषणा भी कि [[समरस्लैम]] में एक हेल इन सेल मैच में एड्ज को द अंडरटेकर का सामना करना होगा; जिसे द अंडरटेकर का सामना करना होगा; जिसे द अंडरटेकर ने जीत लिया।<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/smackdown/archive/07252008/|title=SmackDown: A woman's scorn, a Deadman reborn|accessdate=2008-06-25}}</ref> मैच के बाद, द अंडरटेकर ने सीढ़ी के ऊपर से और रिंग के कैनवस से होकर एड्ज को चोक्स्लैम कर दिया.<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/summerslam/matches/6541940/results/|title=Unleashed in Hell|last=DiFino|first=Lennie|date=2008-08-17|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|accessdate=2008-08-18|archive-date=2008-08-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20080822055025/http://www.wwe.com/shows/summerslam/matches/6541940/results/}}</ref> इस मैच के साथ ही साथ, ग्युरेरो ने ''स्मैकडाउन'' में क्षमा मांगते हुए द अंडरटेकर के साथ शांति क़ी पहल क़ी कोशिश क़ी, लेकिन द अंडरटेकर ने उससे स्पष्ट कह दिया कि वह माफ़ करने वालों में से नहीं है। [[अनफॉरगिवेन]] में जैसे ही "ग्युरेरो क़ी आत्मा को लेने" और उसे एक [[ताबूत]] में ले जाने के लिए द अंडरटेकर रिंग की ओर बढ़ा, द बिग शो ने, जो पहले तो द अंडरटेकर की मदद के लिए प्रकट हुआ था, उल्टे विश्वासघात कर उस पर हमला कर दिया.<ref name="ShowknocksTaker">{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/unforgiven/matches/bigshowspeaks/results/|title=Big Show lends Guerrero a giant hand|date=2008-09-07|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|accessdate=2008-09-07|archive-date=2008-09-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20080910044919/http://www.wwe.com/shows/unforgiven/matches/bigshowspeaks/results/}}</ref> इस विवाद के फलस्वरूप, [[नो मर्सी]] के एक मैच में द अंडरटेकर और बिग शो एक दूसरे के आमने-सामने हुए, जिसमे बिग शो ने द अंडरटेकर के सिर के पिछले हिस्से पर घूंसा जड़कर [[धराशायी]] कर दिया.<ref name="ShowvsTaker">{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/nomercy/matches/8101498/results/|title=The knockout heard ‘round the WWE Universe|last=Burdick|first=Michael|date=2008-10-05|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|accessdate=2008-10-06|archive-date=2008-10-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20081008104418/http://www.wwe.com/shows/nomercy/matches/8101498/results/}}</ref> [[साइबर सन्डे]] में, एक लास्ट मैन स्टैंडिंग मैच में [[हेल्स गेट]] का प्रयोग कर द अंडरटेकर ने बिग शो को हरा दिया.<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/cybersunday/matches/8320770/results/|accessdate=2009-09-17|3=2008-10-26|last=Passero|first=Mitch|title=Deadman’s revenge|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2009-06-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20090630182014/http://www.wwe.com/shows/cybersunday/matches/8320770/results/}}</ref> इस विवाद को ख़त्म करने के लिए [[सर्वाइवर सीरीज़]] के एक कस्केट मैच में द अंडरटेकर बिग शो को हराता ही गया।<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/survivorseries/matches/8641756/results/|accessdate=2009-09-16|date=2008-11-23|last=DiFino|first=Lennie|title=Beantown burial|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2009-06-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20090602012546/http://www.wwe.com/shows/survivorseries/matches/8641756/results/}}</ref> [[नो वे आउट]] में, द अंडरटेकर डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) चैम्पियनशिप एलिमिनेशन चैम्बर मैच का एक हिस्सा था, जिसे ट्रिपल एच ने जीत लिया था। अब वह शौन माइकेल के साथ अपने रेसेल्मेनिया में अपराजित बने रहने के सिलसिले में पुराने विवाद में उलझ गया जबकि सच्चाई तो यह थी कि द अंडरटेकर ने माइकेल को पहले कभी भी किसी एकल मैच में नहीं हराया था। इस विवाद का अंत तब हुआ जब [[रेसेल्मेनिया XXV]] के एक मैच में द अंडरटेकर ने जीत दर्ज कर जीत की अविछिन्न कड़ी को 17-0 के रिकॉर्ड से परिपूर्णता प्रदान की.<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/wrestlemania/matches/9074020/results/|accessdate=2009-09-17|date=2009-05-09|last=Adkins|first=Greg|title=Deadman Alive|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2009-06-01|archive-url=https://web.archive.org/web/20090601203659/http://www.wwe.com/shows/wrestlemania/matches/9074020/results/}}</ref> रेसेल्मेनिया के बाद उसने कुछ दिनों के लिए अवकाश ले लिया। ==== तीसरे विश्व हेवीवेट चैम्पियनशिप में प्रभुत्व (2009 से वर्तमान तक) ==== [[फाईल:The Undertaker Wins!.jpg|thumb|left|विश्व हैवीवेट चैंपियन के रूप में अपनी तीसरी शासनकाल में द अंडरटेकर.]] चार महीने की अनुपस्थिति के बाद, द अंडरटेकर अगस्त के महीने में [[समरस्लैम]] में लौट आया और [[सीएम् पंक]] पर हमला बोल दिया, जिसने [[टेबल, सीढ़िया और कुर्सियों के एक मैच]] में जेफ़ हार्डी से विश्व हेवीवेट चैम्पियनशिप अभी-अभी जीता था।<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/summerslam/matches/hardypunk/results/?cid=2009EP-00|accessdate=2009-09-17|date=2009-08-23|last=Murphy|first=Ryan|title=CM Punk comes out on top|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2009-08-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20090827095942/http://www.wwe.com/shows/summerslam/matches/hardypunk/results/?cid=2009EP-00}}</ref> द अंडरटेकर को [[ब्रेकिंग पॉइंट]] के एक [[प्रस्तुत मैच]] में पंक का सामना करना पड़ा. हालांकि अपने "[[हेल्स गेट]]" के प्रस्तुत पकड़ के जरिए द अंडरटेकर मूलतः मैच जीत चुका था लेकिन [[स्मैकडाउन के जेनरल मैनेजर]] [[थिओडोर लोंग]] के द्वारा मैच को दुबारा शुरू किया गया, उन्होंने यह फैसला सुनाया कि विक्की ग्युरेरो के कहने पर लगाया गया प्रतिबन्ध अब भी लागू था। पंक अपने [[एनाकोंडा वाइज़]] के साथ मैच जीतता ही गया जब तक कि रेफरी [[स्कॉट आर्मस्ट्रोंग]] ने घंटी बजाने को नहीं कहा. इसके बावजूद अंडरटेकर ने हार ([[मोंट्रीयल स्क्रियुजॉब]] की पुरानी घटना की याद दिलाते हुए जो इसी स्थान पर सन 1997 में घटी थी) नहीं मानी.<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/wwebreakingpoint/matches/11460100/results/|accessdate=2009-09-26|date=2009-09|4=13|last=Tello|first=Craig|title=Hell's Gate-crasher|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2016-11-01|archive-url=https://web.archive.org/web/20161101043437/http://www.wwe.com/shows/wwebreakingpoint/matches/11460100/results}}</ref> स्मैकडाउन के 25 सितंबर के एपिसोड में, थिओडोर लोंग ने घोषणा की कि आधिकारिक तौर पर प्रतिबन्ध अब हटा लिया गया है, क्योंकि द अंडरटेकर ने उसे स्पष्ट रूप से जिस कास्केट में रखा था वहां से उसे मुक्त कर दिया गया है।<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/hellinacell/matches/11798344/preview/|accessdate=2009-10-04|date=2009-10-04|title=Preview:Undertaker vs. World Heavyweight Champion CM Punk (Hell in a Cell Match)|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2009-09-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20090929073507/http://www.wwe.com/shows/hellinacell/matches/11798344/preview/}}</ref> दोनों के बीच विवाद जारी रहा और [[हेल इन इ सेल]] में भुगतान के प्रति ध्यान में द अंडरटेकर ने पंक से विश्व हेवीवेट चैम्पियनशिप हेल इन इ सेल मैच जीत लिया।<ref>{{cite web|url=http://slam.canoe.ca/Slam/Wrestling/PPVReports/2009/10/05/11300786.html|title=Title changes highlight Hell in a Cell|date=2009-10-05|last=Sokol|first=Brian|coauthors=Sokol, Chris|accessdate=2009-10-05|work=Slam Wrestling|publisher=[[Canadian Online Explorer]]|archive-date=2012-07-14|archive-url=https://archive.today/20120714103825/http://slam.canoe.ca/Slam/Wrestling/PPVReports/2009/10/05/11300786.html}}</ref> द अंडरटेकर ने अपने खिताब की रक्षा CM पंक के खिलाफ ''स्मैकडाउन'' पर एक पुनारायोजित मैच में,[[ब्रैगिंग राइट्स]] में एक चौतरफे मैच में और [[सर्वाइवर सीरीज़]] में एक तिन तरफ़ा खतरा वाले मैच में सफलतापूर्वक किया। TLC में उसे बतिस्ता का सामना करना पड़ा, चैम्पियनशिप के लिए [[WWE TLC: Tables, Ladders & Chairs|टेबिल, सीढ़ियां और कुर्सियां]] और जब लोंग द्वारा मैच दोबारा शुरू किया गया तो उसने मैच जीत लिया जबकि [[लो ब्लो]] का उपयोग कर बतिस्ता मूलतः मैच जीत चुका था। == अन्य संचार माध्यम == सन 1991 में ''[[सबर्बन कमाण्डो]]'' फिल्म में कैलावे दिखाई दिया.<ref>{{cite web|url=http://www.artistdirect.com/nad/store/movies/cast/0, 1868784,00.html|title=Suburban Commando cast|publisher=Artist Direct}}{{Dead link|date=October 2023 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> सन 1999 में ''[[Poltergeist: The Legacy]]''<ref>{{cite web|url=http://olympia.fortunecity.com/undertaker/692/poltergeistpics.html|title=Poltergeist: The Legacy|publisher=Fortune City|access-date=2017-10-25|archive-date=2008-12-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20081225113513/http://olympia.fortunecity.com/undertaker/692/poltergeistpics.html}}</ref> और ''[[सेलिब्रिटी डेथमैच]]'' के एपिसोड में भी वह प्रकट हुआ। बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों से मिलने वाले [[आकस्मिक लाभों]] ने द अंडरटेकर के चरित्र को ढंक दिया है। [[गोलमाल! (केओस)]] एक [[द अंडरटेकर कॉमिक|''द अंडरटेकर'' कॉमिक]] नाम से [[कॉमिक्स]] रिलीज़ हुआ।<ref>{{cite web|url=http://findarticles.com/p/articles/mi_qn4191/is_19990919/ai_n9959543?lstpn=article_results&lstpc=search&lstpr=external&lstprs=other&lstwid=1&lstwn=search_results&lstwp=body_middle|title=Proessional wrestling slams into comics|last=Radford|first=Bill|date=1999-09-19|publisher=[[The Gazette (Colorado Springs)|Colorado Springs Gazette]]/[[FindArticles]]|access-date=2017-10-25|archive-date=2008-01-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20080111215820/http://findarticles.com/p/articles/mi_qn4191/is_19990919/ai_n9959543?lstpn=article_results&lstpc=search&lstpr=external&lstprs=other&lstwid=1&lstwn=search_results&lstwp=body_middle}}</ref> सन 2005 में [[पॉकेट बुक्स]] ने एक उपन्यास प्रकाशित किया, ''[[Journey into Darkness: An Unauthorized History of Kane]]'' जो काफी हद तक केन के बारे में था, लेकिन उसके भाई द अंडरटेकर के चरित्र को भी दर्शाया गया, हालांकि वास्तविक जीवन में वे एक दूसरे से सम्बंधित नहीं हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.textbookx.com/product_detail.php?upc=9781416507475&type=book&affiliate=froogle|last=Chiappetta|first=Michael|title=Journey Into Darkness The Unauthorized History Of Kane|publisher=TexbookX.com}}</ref> द अंडरटेकर के चरित्र को हिंदी फिल्म [[खिलाड़ियों का खिलाड़ी]] में खलनायक के रूप पेश किया गया था, जिस भूमिका को [[ब्रायन ली]] (जो डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) में नकली द अंडरटेकर निभाया था) द्वारा अदा किया गया था। वह पश्चिमी अंत्येषिट संवाहक की पोशाक पहने हुए था जिसे द अंडरटेकर 1990 से 1993 तक पहना करता था और टोम्बस्टोन पाइलड्राइवर का उपयोग कर फिल्म को अंतिम मोड़ दिया. 6 नवम्बर को यह घोषणा की गई कि द अंडरटेकर खुद अपनी फीचर फिल्म में आयेगा जो उसके मूल तथा उसकी शक्तियों पर विशेष रूप से प्रकाश डालेगी. इसमें कैलावे खुद एक स्टार की भूमिका में रहेगा.<ref>[http://www.dreadcentral.com/news/34445/wwe-undertaker-origin-film-coming डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) द अंडरटेकर ऑरिजिन फिल्म कमिंग]</ref> == व्यक्तिगत जीवन == [[फाईल:Undertaker with Fire.jpg|thumb|रॉस के 800 प्रकरण उत्सव पर अपनी प्रवेश बनाते हुए द अंडरटेकर]] उन्होंने 1983 में [[वाल्ट्रिप हाई स्कूल]] से स्नातक की शिक्षा ग्रहण की, जहां वे [[बास्केटबॉल]] टीम के एक सदस्य थे।<ref name="HS">{{cite web|url=http://hs.houstonisd.org/WaltripHS/TriviaFolder/trivia.htm|title=Waltrip trivia page|publisher=[[Waltrip High School]]}}</ref> जोडी लिन से कैलावे की पहली शादी हुई और उनके पुत्र, गुन्नेर का जन्म 1993 में, 1999 में विवाह-विच्छेद होने से पहले हुआ। कैलावे की मुलाकात उसकी होने वाली दूसरी पत्नी, सारा से[[सैन डिएगो]], [[कैलिफोर्निया]] में एक डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) में ऑटोग्राफ में हस्ताक्षर लेने के समय हुई.{{Citation needed|date=अगस्त 2009}} अंततः उन्होंने [[सेंट पीटर्सबर्ग, फ्लोरिडा]] में 21 जुलाई 2000 को एक समारोह में उनसे शादी कर ली. मार्क और सारा की दो बेटियां हैं: चेसी, (जिसका जन्म 21 नवम्बर 2002 को) और ग्रेसी, (जिसका जन्म 15 मई 2005 को) हुआ।<ref name="owwprofile">{{cite web|title=Wrestler Profiles: The Undertaker|work=Online World of Wrestling|url=http://www.onlineworldofwrestling.com/profiles/u/undertaker.html|accessdate=2007-12-09}}</ref> शादी के एक उपहार के रूप में, कैलावे ने अपनी पत्नी का नाम अपने गले पर गुदवा लिया और कहा कि यह उसके जीवन का सबसे दर्दनाक [[गोदन]] (टैटू) था। द अंडरटेकर के बदन पर कई दूसरे टैटू हैं: कब्र खोदने वाला, जिसे वह "ऑरिजनल डेडमैन" मानता है, खोपड़ियां, एक किला और एक जादूगर'. अपने शरीर की इस कला का जिक्र करते हुए उसने कहा कि मध्य कालीन वस्तुएं उसकी बाहों पर चलायमान हैं। उसने अपनी गर्दन के पीछे नाचते नर-कंकाल गुदवा लिए हैं और पेट पर भी एक टैटू है जो BSK के गर्व को बयान करता है।<ref>[http://www.angelfire.com/me4/wrestlertattoos/undertaker.html पिक्चर्स ऑफ़ द अंडरटेकर'स टैटूस.]</ref> मल्लयुद्ध के अलावा कैलावे के कई शौक और रुचियां हैं। उसने [[हर्ले-डेविडसन]] और [[वेस्ट कोस्ट चौप्पर्स]] [[मोटरसाइकिल]] का संग्रह किया है और [[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) चैम्पियनशिप]] के लिए [[1991 के सरवाइवर सीरीज]] में [[हल्क होगन]] को हराने के बाद अपनी पहली ब्रांड नई मोटरसाइकिल खरीदी. कैलावे के पास एक कस्टम मोटरसाइकिल थी जिसे [[जेसी जेम्स]], वेस्ट कोस्ट हेलिकॉप्टरों के संस्थापक ने उसके लिए बनाया था। वह [[निक केव]] और उसके सभी सांगीतिक प्रस्तुतियों [[द बर्थडे पार्टी]] और [[द बैड सीड्स]] का एक बड़ा प्रशंसक है। उसे [[ZZ टॉप]], [[एसी/ डीसी]], [[किस्स]], [[ब्लैक सबाथ]], [[गन्स एन'रोजेस]], [[मेटैलिका]], [[जुडास प्रीस्ट]], [[आयरन मेडेन]] और [[ब्लैक लेबल सोसायटी]] जैसे बैंड्स सुनने में मज़ा आता है। अन्य पसंदीदा संगीत शैलियों में लोक संगीत और उदासी से भरे संगीत शामिल है। एक उत्सुक मुक्केबाजी के प्रशंसक के रूप में, कैलावे ही वह व्यक्ति था जिसने प्रमुख दल अक्क़ुइओ के नेतृत्व के लिए [[संयुक्त राज्य अमेरिका का फ्लैग]] थाम कर रिंग तक वहन किया था, जब 2005 में [[पक्क़ुइओ]] (Pacquiao) बनाम वलज़्क़ुएज़ (Velázquez) का मुकाबला था।<ref>{{cite web|url=http://www.wrestleview.com/news2005/1125678703.shtml|last=Martin|first=Adam|title=The Undertaker to lead Pacquiao's entourage|publisher=WrestleView|date=2005-09-02}}</ref> [[फिलीपीन]] समाचार कार्यक्रम ''[[टी वी पेट्रोल वर्ल्ड]]'' के लिए एक टेलीविजन पर प्रसारित साक्षात्कार में साथी पहलवान [[बतिस्ता]] के द्वारा भी इसकी पुष्टि की गई। कैलावे भी एक [[मिश्रित मार्शल आर्ट]] का जिज्ञासु प्रशंसक है और उसने कई [[अल्टीमेट फाईटिंग चैम्पियनशिप]] शो में भाग लिया है। द अंडरटेकर अपनी बांह में चोट के कारण डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) से 2007 में अनुपस्थित रह चुका था, इसलिए कैलावे ने अपने साथी स्कॉट एवरहार्ट के साथ अचल संपत्ति का धंधा शुरू किया। कैलावे और एवरहार्ट ने मिलकर {0) लवलैंड कोलोराडो{/0} में एक 2.7 मिलियन डॉलर ($2.7m) की लागत पर निर्माण कार्य समाप्त किया। अपस्केल कार्यालय स्थान से परिपूर्ण भवन का नाम "कालाहार्ट" ("Calahart") है, जो उनके नामों के आद्याक्षरों के योग से बना है। कैलावे ने कहा है कि एक टीवी स्टार होने के नाते वह उसे निश्चित रूप से अचल संपत्ति के कारोबार में मदद करता है और उसे यह भी कहते हुए उद्धृत किया गया है कि "किसी भी तरह यह सौदा सीलबंद नहीं होगा लेकिन फिर भी लोग बैठना और आप के साथ बातें करना चाहते हैं। इससे हमें अनेक लोगों से मिलने और यह जानने में मदद मिलती है कि हम क्या पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।"<ref>{{cite web|url=http://www.wrestleview.com/news2006/1182096452.shtml|last=Martin|first=Adam|title=The Undertaker gets involved in real estate venture; his return to WWE|accessdate=2007-08-21|date=2007-06- 17|publisher=WrestleView}}</ref> कैलावे और उसकी पत्नी, सारा ने [[टेक्सास ए एंड एम कॉलेज ऑफ वेटेरिनरी मडिसिन एंड बायोमेडिकल साइंसेज]] में जीयस कॉम्पटन कैलावे सेव द एनिमल्स कोष की स्थापना बड़ी नस्ल के कुत्तों की जीवन-रक्षा उपचार के लिए भुगतान में मदद देने के लिए की.<ref>{{cite web|url=http://www.cvm.tamu.edu/zeusfund/|title=The Zeus Compton Calaway Save the Animals fund|publisher=[[Texas A&M College of Veterinary Medicine & Biomedical Sciences]]|access-date=2017-10-25|archive-date=2009-04-12|archive-url=https://web.archive.org/web/20090412173551/http://www.cvm.tamu.edu/zeusfund/}}</ref> == मल्लयुद्ध के क्षेत्र में == * '''अंतिम चाल''' * ** '''द अंडरटेकर के रूप में''' *** [[चोकस्लम]]<ref name="owwprofile" /><ref name="WWEProfile">{{cite web|url=http://www.wwe.com/superstars/smackdown/undertaker/bio/|title=WWE Bio|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|accessdate=2008-03-31}}{{Dead link|date=August 2025 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> *** ''हेल्स गेट'' ([[संशोधित गोगोप्लाटा]])<ref name="jrblog2">{{cite web|title=Jr's Blog/Said at Cyber Sunday|work=JR/WWE|url=http://www.jrsbarbq.com/blog/florida-daze-raw-and-smackdown-thoughts|accessdate=2008-10-28|archive-date=2008-11-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20081108062352/http://www.jrsbarbq.com/blog/florida-daze-raw-and-smackdown-thoughts}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.jrsbarbq.com/blog/jerry-ring-lawlerignorent-fan-feedbackknoxbrodyortonmale-fansswagger|accessdate=2009-03-02|date=2008-11-26|title=Jerry "The RING" Lawler...Ignorent, Fan Feedback...Knox/Brody...Orton/Male Fans...Swagger|publisher=JR's BBQ|last=Ross|first=Jim|archive-date=2009-02-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090207030340/http://www.jrsbarbq.com/blog/jerry-ring-lawlerignorent-fan-feedbackknoxbrodyortonmale-fansswagger}}</ref> 2008-वर्तमान *** ''द लास्ट राइड'' ([[ऊंचा पॉवरबोम्ब]])<ref name="owwprofile" /><ref name="WWEProfile" /> - 2000-वर्तमान *** ''[[टॉम्बस्टोन पाइलड्राईवर]]''<ref name="owwprofile"/> ** '''"मीन" के रूप में मार्क कैलस''' * ** *** ''कैलस क्लच'' ([[जॉव क्लच]])<ref name="owwprofile" /> *** [[हार्ट पंच]]<ref name="owwprofile" /> * '''चिह्नक ''' * ** [[बिग बूट]]<ref name="owwprofile" /> ** [[कॉर्नर क्लोथ्स्लाइन]]<ref name="owwprofile" /> ** [[फुजिवारा अर्मबर]]<ref name="owwprofile" /> ** एप्रन से लटके हुए एक प्रतिद्वंद्वी की छाती पर [[गिलोटिन लेग ड्रॉप]]<ref name="owwprofile" /> ** [[नो-हैंडेड ओवर द टॉप रोप सुइसाइड डाइव]]<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/wrestlemania/history/wrestlemania22/matches/22203223/results/|accessdate=2008-07-15|title=Undertaker def. Mark Henry (Casket Match)|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2008-06-19|archive-url=https://web.archive.org/web/20080619035301/http://www.wwe.com/shows/wrestlemania/history/wrestlemania22/matches/22203223/results/}}</ref> ** ''ओल्ड स्कूल''<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/shows/smackdown/results/9449292/?cid=2009EP-00|accessdate=2009-03-02|date=2009-02-27|title=No Cena Allowed|last=Burdick|first=Michael|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|archive-date=2009-03-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20090304051004/http://www.wwe.com/shows/smackdown/results/9449292/?cid=2009EP-00}}</ref> ([[आर्म ट्विस्ट रोपवॉक चौप]])<ref name="owwprofile" /> ** [[रिवर्स STO]]<ref name="owwprofile" /> ** [[रनिंग DDT]]<ref name="owwprofile" /> ** [[रनिंग जम्पिंग लेग ड्रॉप]]<ref name="owwprofile" /> ** [[रनिंग लिपिंग क्लोथ्स्लाइन]]<ref name="owwprofile" /> ** [[साइडवॉक स्लैम]]<ref name="owwprofile" /> * '''[[प्रबंधक]]''' ** [[जनरल स्कंदोर अकबर]]<ref name="accelerator" /><ref name="wrestling-caricatures">{{cite web|url=http://www.wrestling-caricatures.com/id69.html|title=The Undertaker|publisher=Wrestling-Caricatures|accessdate=2008-03-31}}</ref> ** [[पॉल बियरर]]<ref name="accelerator" /><ref name="wrestling-caricatures" /> ** [[पॉल ई. डेन्जरसली]]<ref name="accelerator"/> ** [[थिओडोर लौंग]]<ref name="accelerator"/> ** [[ब्रदर लव]]<ref name="accelerator"/> ** [[डच मैनटेल]]<ref name="accelerator"/> ** [[डाउनटाउन ब्रूनो]]<ref name="accelerator"/> * '''[[उपनाम]]''' ** '''"द फेनोम"'''<ref name="WWEProfile" /><ref name="bol21">{{cite book|title=The WrestleCrap Book of Lists!|url=https://archive.org/details/wrestlecrapbooko0000reyn|last=Reynolds|first=R. D.|year=2007|publisher=ECW Press|isbn=1550227629|page=[https://archive.org/details/wrestlecrapbooko0000reyn/page/21 21]}}</ref> ** '''"द डेडमैन"'''<ref name="WWEProfile" /><ref name="bol21" /> ** "द अमेरिकन बैड ऐस"<ref name="bol21" /> ** "बूगर रेड"<ref name="bol21" /> ** "द रेड डेविल्स"<ref name="bol21" /> ** "बिग एविल"<ref name="bol21" /> ** "द मैन फ्रॉम द डार्क साइड" ** "द लोर्ड ऑफ़ डार्कनेस"<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/inside/listthis/maniamatches/maniamatches1|title='Mania Matches That Made Us Sweat: 1: Batista vs. Undertaker|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|accessdate=2009-01-14}}</ref> ** '''"द डेमोन ऑफ़ डेथ वैली"'''<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/superstars/raw/jimross/sotwarchive/021907sotw|date=2007-02-19|authorlink=Jim Ross|last=Ross|first=Jim|title=J.R.'s Superstar of the Week - Roddy Piper|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|access-date=2017-10-25|archive-date=2007-12-21|archive-url=https://web.archive.org/web/20071221170008/http://www.wwe.com/superstars/raw/jimross/sotwarchive/021907sotw}}</ref> ** "द कौन्साइन्स ऑफ़ द डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE)"<ref>{{cite web|url=http://www.wwe.com/superstars/smackdown/jimross/sotwarchive/101206sotw|date=2006-10-12|authorlink=Jim Ross|last=Ross|first=Jim|title=J.R.'s Superstar of the Week - Mr. McMahon?|publisher=[[World Wrestling Entertainment]]|access-date=2017-10-25|archive-date=2009-06-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20090604030106/http://www.wwe.com/superstars/smackdown/jimross/sotwarchive/101206sotw}}</ref> * '''[[प्रवेश थीम]]''' ** [[ओजी ओस्बोर्न]] की "[[मिरैकल मैन]]" (NJPW) ** [[स्कोर्पियंस]] की "[[चाइना व्हाइट]]" (NWA / डब्ल्यूसीडब्ल्यू (WCW)) ** [[जिम जॉन्स्टन]] की "[[द ग्रिम रिपर]]" ** जिम जॉन्स्टन की "[[ग्रेवयार्ड सिम्फ़ॉनी]] (1995-1998) ** जिम जॉन्स्टन की "[[डार्क साइड]]" (1998-1999) ** जिम जॉन्स्टन की "[[मिनिस्ट्री]]" (1999) ** [[किड रॉक]] की "[[अमेरिकन बैड ऐस]]" (2000) ** [[लिम्प बिज़्किट]] की "[[रोलिंग (ऐर रैड वेह्किल)]]" (2000-2002, 2003) ** जिम जॉन्स्टन की "[[डेड मैन]] (2002) ** जिम जॉन्स्टन की "[[यू'आर गौना पेय]]" (2002-2003) ** जिम जॉन्स्टन की '''"[[Raw Greatest Hits: The Music#Track listing|ग्रेवयार्ड सिम्फ़ॉनी]]"''' (2004- वर्तमान) == प्रतियोगिताएं और उपलब्धियां == {{col-start}} {{col-2}} * '''[[प्रो रेस्लिंग इलस्ट्रेटेड]]''' ** <small>[[द अल्टीमेट वॉरियर]] (1991)<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwifoty.htm|accessdate=2009-02-03|title=Pro Wrestling Illustrated Award Winners Feud of the Year |publisher=Wrestling Information Archive}}</ref> के साथ</small> [[PWI फेयुड ऑफ़ द इयर]] ** <small>[[मैनकाइंड]] इन अ [[हेल इन अ सेल मैच]] ऐट [[किंग ऑफ़ द रिंग]] बनाम</small> [[PWI मैच ऑफ़ द इयर]] (1998)<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwimoty.htm|accessdate=2009-02-03|title=Pro Wrestling Illustrated Award Winners Match of the Year|publisher=Wrestling Information Archive}}</ref> ** 2002 में [[PWI 500]]<ref>{{cite web|url=http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwi50002.htm|accessdate=2009-02-03|title=Pro Wrestling Illustrated Top 500 - 2002|publisher=Wrestling Information Archive|archive-date=2011-09-19|archive-url=https://web.archive.org/web/20110919163229/http://www.100megsfree4.com/wiawrestling/pages/pwi/pwi50002.htm}}</ref> में PWI ने उसे 500 सर्वश्रेष्ठ एकल पहलवानों में से #'''2''' की श्रेणी में रखा. * '''[[यूनाइटेड स्टेस रेस्लिंग एसोसिएशन]]''' ** [[USWA यूनिफाइड वर्ल्ड हैवीवेट चैम्पियनशिप]] ([[1 बार]])<ref name="owwprofile" /> * '''[[वर्ल्ड क्लास रेस्लिंग एसोसिएशन]]''' ** [[डब्ल्यूसीडब्ल्यूए (WCWA) टेक्सास हैवीवेट चैम्पियनशिप]] ([[1 बार]])<ref name="wcwa" /> * '''[[वर्ल्ड रेस्लिंग फेडरेशन / वर्ल्ड रेस्लिंग एंटरटेनमेंट]]''' ** [[डब्ल्यूसीडब्ल्यू टैग टीम चैम्पियनशिप (WCW Tag Team Championship)]] ([[1 बार]]) - [[केन]]{{ref|1|1}} के साथ<ref>[http://www.wrestling-titles.com/wcw/wcw-t.html डब्ल्यूसीडब्ल्यू (WCW) वर्ल्ड टैग टीम टाइटल हिस्ट्री] रेस्लिंग पर-titles.com</ref> ** [[वर्ल्ड हैवीवेट चैम्पियनशिप]] ([[3 बार]], प्रचलित)<ref>[http://www.wrestling-titles.com/wwe/wwe-world-h.html वर्ल्ड हैवीवेट शीर्षक (डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) स्मैकडाउन!) ][http://www.wrestling-titles.com/wwe/wwe-world-h.html हिस्ट्री] रेस्लिंग पर-titles.com</ref> ** [[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF)/E चैम्पियनशिप]] ([[4 बार]]){{ref|2|2}}<ref>[http://www.wrestling-titles.com/wwe/wwf-h.html Wडब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF)/डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF)/डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) वर्ल्ड हेवीवेट टाइटल हिस्ट्री] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120324041254/http://www.wrestling-titles.com/wwe/wwe-h.html |date=2012-03-24 }} रेस्लिंग पर-titles.com</ref> ** [[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) हार्डकोर चैम्पियनशिप]] ([[1 बार]])<ref>[http://www.wrestling-titles.com/wwe/wwf-hc.html डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF)/डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) हार्डकोर टाइटल हिस्ट्री] रेस्लिंग पर-titles.com</ref> ** [[डब्ल्यूडब्ल्यूएफ टैग टीम चैम्पियनशिप (WWF Tag Team championship)]] ([[6 बार]]) - [[स्टीव ऑस्टिन]] (1), [[द बिग शो]] (2), [[द रॉक]] (1) और केन (2) के साथ<ref>[http://www.wrestling-titles.com/wwe/wwf-t.html Wडब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF)/डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF)/डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) वर्ल्ड टैग टीम टाइटल हिस्ट्री] रेस्लिंग पर-titles.com</ref> ** [[रॉयल रम्बल]] ([[2007]]) ** डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) के ग्रेटेस्ट हिट्स के लिए [[स्लैमी अवार्ड]] ([[1996]]) <small>सकिंग [[डीज़ल]] इनटू द एब्य्स</small> ** श्रेष्ठ टैटू के लिए स्लैमी अवार्ड ([[1997]]) ** श्रेष्ठ प्रवेश संगीत के लिए स्लैमी अवार्ड (1997) ** स्टार ऑफ़ द हाइस्ट मैगनिट्युड के लिए स्लैमी अवार्ड (1997) ** मार्च ऑफ़ द इयर ([[2009]]) के लिए स्लैमी अवार्ड <small>बनाम शौन माइकल्स ऐट रेस्लमेनिया XXV</small> * '''[[रेस्लिंग ऑब्ज़र्वर न्यूज़लेटर अवार्ड्स]]''' ** [[बेस्ट गिमिक]] (1990-1994) ** [[बेस्ट हील]] (1991) ** [[फेयुड ऑफ़ द इयर]] (2007) <small>बनाम [[बतिस्ता]]</small> ** [[मोस्ट ओवररेटेड]] (2001) ** [[रीडर्स लीस्ट फैवरिट रेस्ट्लर]] (2001) ** <small>[[अनफॉरगिवन]] में केन बनाम [[क्रोनिक]] के साथ</small> [[वर्स्ट वर्क्ड मैच ऑफ़ द इयर]] (2001) ** [[रेस्लिंग ऑब्ज़र्वर न्यूज़लेटर हॉल ऑफ फ़ेम]] ([[क्लास ऑफ़ 2004]]) ** [[वर्स्ट फेयुड ऑफ़ द इयर]] (1993) <small>बनाम [[जायंट गोंजालेज]]</small> * ''[[द मिरर]]'' ने द अंडरटेकर्स रेस्लमेनिया अपराजित स्ट्रीक को स्पोर्ट्स के सातवें महानतम विजयी स्ट्रीक के रूप में श्रेणीत किया और प्रोफेशनल रेस्लिंग का यह एकमात्र श्रेणीत स्ट्रीक था।<ref>[http://www.mirror.co.uk/sport/cricket/2009/06/01/rafa-nadal-and-sport-s-top-10-winning-streaks-115875-21406739/ स्पोर्ट्स' टॉप 10 विनिंग स्ट्रिक्स] Mirror.co.uk</ref> {{small|1 {{note|1}} Won during [[The Invasion (professional wrestling)|The Invasion]].}}<br /> {{small|2 {{note|2}} The Undertaker's fourth reign was as [[WWE Championship|WWE Undisputed Champion]].}} {{col-2}} === रेस्लमेनिया रिकॉर्ड === {| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin:1em 1em 1em 0;background:#FCFDFF;border:1px #aaa solid;border-collapse:collapse;font-size:95%" | | वर्ष | पहलवान | नोट्स |- | [[VII]] | 1991 | [[जिमी स्नुका]] |<ref name="legacy" /> |- | [[VIII]] | 1992 | [[जेक रॉबर्ट्स]] |<ref name="legacy" /> |- | [[IX]] | 1993 | [[जायंट गोंजालेज]] | {{small|Won via [[Professional wrestling#Disqualification|disqualification]]}}<ref name="legacy" /> |- | [[XI]] | 1995 | [[किंग कोंग बंडी]] |<ref name="pwi92" /> |- | [[XII]] | 1996 | [[डीज़ल]] |<ref name="legacy" /> |- | [[13]] | 1997 | [[साइको सिड]] | {{small|For the [[WWE Championship|WWF Championship]] in a [[Professional wrestling match types#No Disqualification match|No Disqualification match]]}}<ref name="pwi98" /> |- | [[XIV]] | 1998 | [[केन]] |<ref name="pwi100" /> |- | [[XV]] | 1999 | [[द बिग बॉस मैन]] | {{small|[[Hell in a Cell]] match}}<ref>{{cite web|title=WrestleMania XV|work=Pro Wrestling History|url= http://www.prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wwf/mania.html#XV|accessdate=2007-12-09}}</ref> |- | [[X-सात]] | 2001 | [[ट्रिपल एच]] |<ref name="legacy" /> |- | [[X8]] | 2002 | [[रिक फ्लैर]] | {{small|[[Professional wrestling match types#No Disqualification match|No Disqualification match]]}}<ref name="legacy" /> |- | [[XIX]] | 2003 | [[द बिग शो]] और [[ए ट्रेन]] | {{small|[[Professional wrestling match types#Handicap match|Handicap match]]}}<ref name="legacy" /> |- | [[XX]] | 2004 | [[केन]] |<ref name="pwi115" /> |- | [[21]] | 2005 | [[रेंडी और्टन]] |<ref name="pwi117" /> |- | [[22]] | 2006 | [[मार्क हेनरी]] | {{small|[[Professional wrestling match types#Container-based variations|Casket match]]}}<ref name="legacy" /> |- | [[23]] | 2007 | [[बतिस्ता]] | {{small|For the [[World Heavyweight Championship (WWE)|World Heavyweight Championship]]}}<ref>{{cite web|title=WrestleMania 23|work=Pro Wrestling History|url=http://www.prowrestlinghistory.com/supercards/usa/wwf/mania.html#23|accessdate=2007-12-09}}</ref> |- | [[XXIV]] | 2008 | [[एड्ज]] | {{small|For the World Heavyweight Championship}}<ref name="NoWayOut08" /> |- | [[XXV]] | 2009 | [[शौन माइकल्स]] |- | [[XXVI]] | 2010 | [[शौन माइकल्स]] |- | [[XXVII]] | 2011 | [[ट्रिपल एच]] |- | [[XXVIII]] | 2012 | [[ट्रिपल एच]]|<ref name="legacy" /> |- |} {{col-end}} == सन्दर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Portal|Professional wrestling|break=yes}} {{Commons category|Mark Calaway|The Undertaker}} * [http://www.wwe.com/superstars/smackdown/undertaker/ डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) प्रोफ़ाइल] * {{imdb name|id=0130587|name=Mark Calaway}} * [http://www.onlineworldofwrestling.com/profiles/u/undertaker.html द अंडरटेकर ऐट ऑनलाइन वर्ल्ड ऑफ़ रेस्लिंग] * [http://prowrestling.wikia.com/wiki/Personas_of_The_Undertaker पर्सोनस ऑफ़ द अंडरटेकर आर्टिकल ऐट रेसलिंग विकिया] {{Navboxes| |list1= {{World Wrestling Entertainment employees}} {{World Heavyweight Championship (WWE)}} {{WWE Championship}} {{World Tag Team Championship (WWE)}} {{WWE Hardcore Championship}} {{Royal Rumble winners}} }} {{DEFAULTSORT:Undertaker, The}} [[श्रेणी:1965 जन्म]] [[श्रेणी:20वीं सदी के अमेरिकी लोग]] [[श्रेणी:21वीं सदी के अमेरिकी लोग]] [[श्रेणी:अमेरिकी पेशेवर पहलवान]] [[श्रेणी:कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, लॉन्ग बीच अल्युमनी]] [[श्रेणी:फिक्शनल अनडेड]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:टेक्सास, ह्यूस्टन के लोग]] [[श्रेणी:सेंट थॉमस (ह्यूस्टन) अल्युमनी के विश्वविद्यालय]] [[श्रेणी:गूगल परियोजना]] p6gvatvgcjzwvxzzh9uti2xuhdlpbbh पौधा 0 1805 23116 18197 2026-08-25T18:01:27Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23116 wikitext text/x-wiki {{Taxobox | color = lightgreen | name = पादप या उद्भिद | fossil_range = <br />प्रारम्भिक कैम्ब्रियन से अब तक, लेकिन [[#Fossils|टेक्स्ट देखें]], {{Fossil range|520|0}} | image = | image_width = 200px | image_caption = | domain = [[सुकेन्द्रिक]] | unranked_regnum = [[आर्कीप्लास्टिडा]] (Archaeplastida) | regnum = '''प्लाण्टी''' (Plantae) | regnum_authority = [[हैकेल]] (Haeckel), 1866<ref>{{cite book | author = Haeckel G | year = 1866 | title = Generale Morphologie der Organismen | url = https://archive.org/details/bub_gb_-5k5AAAAcAAJ | publisher = Verlag von Georg Reimer | location = Berlin | pages = vol.1: i–xxxii, 1–574, pls I–II; vol. 2: i–clx, 1–462, pls I–VIII}}</ref> | subdivision_ranks = Divisions | subdivision = '''[[हरित शैवाल|हरा शैवाल]]''' (Green algae) * [[क्लोरोफाइटा]] (Chlorophyta) * [[कैरोफाइटा]] (Charophyta) '''[[स्थलीय पादप]]''' (embryophytes) * '''[[ब्रायोफाइटा|असंवहनी पादप]] (Bryophytes या Non-vascular plants) ** [[Marchantiophyta]]—liverworts ** [[Hornwort|Anthocerotophyta]]—hornworts ** [[ब्रायोफाइटा]] (Moss) ** [[extinction|†]][[Horneophytopsida]] * '''[[संवहनी पादप]] (Vascular plants या tracheophytes) ** [[extinction|†]][[Rhyniophyta]]—rhyniophytes ** [[extinction|†]][[Zosterophyllophyta]]—zosterophylls ** [[Lycopodiophyta]]—clubmosses ** [[extinction|†]][[Trimerophytophyta]]—trimerophytes ** [[फर्न]] (टेरिडोफाइटा) ** [[extinction|†]][[Progymnospermophyta]] ** '''[[बीज पादप]]''' (spermatophytes) *** [[extinction|†]][[Pteridospermatophyta]]—seed&nbsp;ferns *** [[Pinophyta]]—conifers *** [[Cycad]]ophyta—cycads *** [[Ginkgophyta]]—ginkgo *** [[Gnetophyta]]—gnetae *** [[सपुष्पक पादक]] (Magnoliophyta) [[extinction|†]]'''[[निमैटोफाइट]] (Nematophytes) <br /> '''संकेत''' : '''†''' - लुप्त पादप }} '''पादप''' या '''उद्भिद''' (plant) जीवजगत के ऐगो बड़ो श्रेणी छीकै जेकरा अधिकांश सदस्य [[प्रकाश-संश्लेषण|प्रकाश संश्लेषण]] द्वारा शर्कराजातीय खाद्य बनाय म समर्थ होय छै। ई गमनागम (locomotion) नय करै सकतै। वृक्ष, फर्न (Fern), मॉस (mosses) आदि पादप छीकै। [[हरित शैवाल|हरा शैवाल]] (green algae) भी पादप छीकै जबकि लाल/भूरा सीवीड (seaweeds), [[फफूंद|कवक]] (fungi) आरू [[जीवाणु]] (bacteria) पादप के अन्तर्गत नय आबै छै। पादप के सभ प्रजाति के कुल संख्या के गणना करना कठिन छै किन्तु प्रायः मानलो जाय छै कि सन् २०१० म ३ लाख स अधिक प्रजाति के पादप ज्ञात छै जेकरा मं स 2.7 लाख स अधिक बीज वाला पादप छै। '''पादप जगत''' म विविध प्रकार के रंग बिरंगा पौधा छै। कुछु एक कवक पादप क छोड़ी क प्रायः सभ पौधा अपनो भोजन स्वयं बनाय लय छै। इनको भोजन बनाय के क्रिया क [[प्रकाश-संश्लेषण]] कहै छै। पादप म [[सुकेन्द्रिक]] प्रकार के [[कोशिका]] पयलो जाय छै। पादप जगत इतना विविध छै कि हेकरा म ऐगो कोशिकीय [[शैवाल]] स लेके विशाल [[बरगद]] के वृक्ष शामिल छै। ध्यातव्य छै कि जे जीव अपनो भोजन खुद बनाय छै, ््ते््््री््ते््््ह््ते््््त््ते््््ते््््री््ते््््ह््ते् हैं। पौधों को स्वपोषित या प्राथमिक उत्पादक भी कहा जाता है।<ref>भौतिक भूगोल का स्वरूप, सविन्द्र सिंह, प्रयाग पुस्तक भवन, इलाहाबाद, २०१२, पृष्ठ ६१६, ISBN ८१-८६५३९-७४-३</ref> 'पादपों में भी प्राण है' यह सबसे पहले [[जगदीश चन्द्र बसु]] ने कहा था।<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/education/story/know-about-jagadish-chandra-bose-secret-life-of-plants-369728-2016-05-10|title=पेड़-पौधों में भी जान बसती है...|website=आज तक|language=hi|access-date=2020-11-29}}</ref> पादपों का वैज्ञानिक अध्ययन [[वनस्पति विज्ञान]] कहलाता है। k5lpgdbn747t5e3rso29n9hc42uia39 प्राचीन मिस्र 0 1826 23110 23102 2026-08-25T17:58:35Z InternetArchiveBot 123 Add 24 books for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23110 wikitext text/x-wiki [[फाईल:All Gizah Pyramids.jpg|thumb|250px|गीज़ा के पिरामिड, प्राचीन मिस्र की सभ्यता के सबसे ज़्यादा पहचाने जाने वाले प्रतीकों में से एक हैं। ]] [[फाईल:Ancient Egypt map-en.svg|thumb|200px|प्राचीन मिस्र का मानचित्र, प्रमुख शहरों और राजवंशीय अवधि के स्थलों को दर्शाता हुआ। (करीब 3150 ईसा पूर्व से 30 ई.पू.)]] '''प्राचीन मिस्र''', [[नील नदी]] केरऽ निचला हिस्सा के किनारे केन्द्रित पूर्व [[उत्तरी अफ्रीका]] केरऽ एगो [[सभ्यता|प्राचीन सभ्यता]] छेलै, जे अब॑ आधुनिक देश [[मिस्र]] छेकै । ई सभ्यता ३१५० ई.पू.<ref>केवल 664 ई.पू.के बाद ही तिथियाँ निश्चित हैं। विवरण के लिए [[मिस्र के कालक्रम]] देखें. {{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/chronology/index.html|title=Chronology|accessdate=2008-03-25|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-date=2008-03-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20080316015559/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/chronology/index.html}}</ref> के आस-पास, प्रथम [[फैरो]] के शासन के तहत [[ऊपरी और निचले मिस्र|ऊपरी आरू निचला मिस्र]] के राजनीतिक एकीकरण के साथ समाहित होलै आरू अगला तीन सदियऽ में विकसित होतें रहलै ।<ref>डोडसन (2004) पृ. 46</ref> एकरऽ [[इतिहास]] स्थिर ''राज्य'' केरऽ एगो श्रृंखला सें निर्मित छै, जे सम्बंधित अस्थिरता के काल द्वारा विभाजित छै, जेकरा मध्यवर्ती काल के रूप में जानलऽ जाय छै । प्राचीन मिस्र [[मिस्र साम्राज्य|नविन साम्राज्य]] के दौरान अपने चोटी पर पहुँची, जिसके बाद इसने मंद पतन की अवधि में प्रवेश किया। इस उत्तरार्ध काल के दौरान मिस्र पर कई विदेशी शक्तियों ने विजय प्राप्त की और फ़ैरो का शासन आधिकारिक तौर पर 31 ई.पू. में तब समाप्त हो गया, जब प्रारम्भिक [[रोमन साम्राज्य]] ने मिस्र पर विजय प्राप्त की और इसे अपना [[प्रान्त|एक प्रान्त]] बना लिया।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 217</ref> प्राचीन मिस्र की सभ्यता की सफलता, नील नदी घाटी की परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की क्षमता से आंशिक रूप से प्रभावित थी। इस उपजाऊ घाटी में, उम्मीद के मुताबिक बाढ़ और नियंत्रित [[सिंचाई]] के कारण आवश्यकता से अधिक फसल होती थी, जिसने [[सामाजिक विकास]] और संस्कृति को बढ़ावा दिया. संसाधनों की अधिकता के कारण, [[प्रशासन]] ने घाटी और आस-पास के रेगिस्तानी क्षेत्रों में खनिज दोहन, एक स्वतंत्र [[लेखन प्रणाली]] के प्रारम्भिक विकास, सामूहिक निर्माण और कृषि परियोजनाओं का संगठन, आस-पास के क्षेत्रों के साथ व्यापार और [[विदेशी दुश्मनों को हराने]] और मिस्र के प्रभुत्व को मज़बूत करने का इरादा रखने वाली सेना को प्रायोजित किया। इन गतिविधियों को प्रेरित और आयोजित करना संभ्रांत लेखकों, धार्मिक नेताओं और प्रशासकों की नौकरशाही थी, जो एक [[फ़ैरो]] के शासन के अधीन थे, जिसने [[धार्मिक विश्वासों]] की एक विस्तृत प्रणाली के संदर्भ में मिस्र के लोगों की एकता और सहयोग को सुनिश्चित किया।<ref>जेम्स (2005) पृ. 8</ref><ref>मनुलियन (1998) पृ. 6-7</ref> प्राचीन मिस्र के लोगों की कई उपलब्धियों में शामिल है [[उत्खनन]], [[सर्वेक्षण]] और निर्माण की तकनीक जिसने विशालकाय [[पिरामिड]], मंदिर और [[ओबिलिस्क]] के निर्माण में मदद की; [[गणित]] की एक प्रणाली, एक व्यावहारिक और कारगर [[चिकित्सा प्रणाली]], सिंचाई व्यवस्था और कृषि उत्पादन तकनीक, प्रथम ज्ञात पोत,<ref name="AIA" /> [[मिस्र के मिट्टी के बर्तन]] और कांच प्रौद्योगिकी, [[साहित्य]] के नए रूप और ज्ञात, सबसे प्रारम्भिक शांति संधि.<ref>क्लेटन (1994) पृ. 153</ref> मिस्र ने एक स्थायी विरासत छोड़ी. इसकी [[कला]] और [[स्थापत्य]] को व्यापक रूप से अपनाया गया और इसकी प्राचीन वस्तुओं को दुनिया के दूसरे कोने तक ले जाया गया। इसके विशाल खंडहरों ने यात्रियों और लेखकों की कल्पना को सदियों तक प्रेरित किया। प्रारम्भिक आधुनिक काल के दौरान प्राचीन वस्तुओं और खुदाई के प्रति एक नए सम्मान ने मिस्र और दुनिया के लिए मिस्र सभ्यता की [[वैज्ञानिक पड़ताल]] और उसकी सांस्कृतिक विरासत की अपेक्षाकृत अधिक प्रशंसा को प्रेरित किया।<ref>जेम्स (2005) पृ. 84</ref> == इतिहास == {{Small Egyptian Dynasty List}} {{Main।History of ancient Egypt|History of Egypt|Population history of Egypt}} [[पेलियोलिथिक]] काल के उत्तरार्ध तक, उत्तरी अफ़्रीका की शुष्क जलवायु तेज़ी से गर्म और शुष्क हो गई, जिसने इस क्षेत्र की आबादी को नील नदी घाटी के किनारे-किनारे बसने पर मजबूर कर दिया और करीब 120 हज़ार साल पहले [[मध्य प्लीस्टोसीन]] के अंत से खानाबदोश [[आधुनिक मानव शिकारियों]] ने इस क्षेत्र में रहना शुरू किया, तब से नील नदी मिस्र की जीवन रेखा रही है।<ref>शॉ (2002) पृ. 17</ref> नील नदी के उपजाऊ बाढ़ मैदान ने लोगों को एक बसी हुई कृषि अर्थव्यवस्था और अधिक परिष्कृत, केन्द्रीकृत समाज के विकास का मौका दिया, जो मानव सभ्यता के इतिहास में एक आधार बना।<ref>शॉ (2002) पृ. 17, 67-69</ref> === पूर्व-राजवंशीय अवधि === पूर्व-राजवंशीय और [[आरंभिक राजवंशीय]] समय, मिस्र की जलवायु आज की अपेक्षा बहुत कम शुष्क थी। मिस्र के विशाल क्षेत्र [[सवाना]] वृक्षों से भरे हुए थे और वहाँ चरने वाले [[अन्गुलेट]] के झुंडों का विचरण हुआ करता था। पर्ण और जीव सभी परिप्रदेश में अधिक उर्वर थे और नील नदी क्षेत्र ने जलपक्षी की बड़ी आबादी की मदद की. मिश्र के लोगों के बीच शिकार आम रहा होगा और शायद इसी समय कई पशुओं को [[पालतू]] बनाया गया होगा.<ref>{{Cite book | first1 = Salima | last1 = Ikram | authorlink1 = Salima Ikram | title = Choice Cuts: Meat Production in Ancient Egypt | publisher = कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस | year = 1992 | isbn = 9789068317459 | oclc = 60255819 | page = 5 | url = http://books.google.com/books?id=1Am88Yc8gRkC&printsec=frontcover#PPA5,M1 | accessdate = 2009-07-22}}</ref> [[फाईल:Egypte louvre 316.jpg|thumb|left|upright|ग़ज़ल्स से सुसज्जित एक विशिष्ट नाकाडा II मर्तबान. (पूर्व-राजवंशीय काल)]] [[5500 ई.पू.]] तक, नील नदी घाटी में रहने वाली छोटी जनजातियाँ संस्कृतियों की एक श्रृंखला में विकसित हुईं, जो उनके कृषि और [[पशुपालन]] पर नियंत्रण से पता चलता है और उनके मिट्टी के पात्र और व्यक्तिगत वस्तुएं जैसे कंघी, कंगन और मोतियों से उन्हें पहचाना जा सकता है। ऊपरी मिस्र की इन आरंभिक संस्कृतियों में सबसे विशाल, [[बदारी]] को इसकी उच्च गुणवत्ता वाले चीनी मिट्टी की वस्तुओं, [[पत्थर के उपकरण]] और तांबे के उनके उपयोग के लिए जाना जाता है।<ref>हायएस (1964) पृ. 220</ref> उत्तरी मिस्र में बदारी के बाद अमरेशन और गर्जियन संस्कृतियां<ref>चिलडे, वी.गॉर्डन (1953), "न्यू लाइट ऑन द मोस्ट एनसीएंट निअर ईस्ट" (प्राएजेर प्रकाशन)</ref> आई जिन्होंने कई बेहतर तकनीकों को प्रदर्शित किया। गर्जियन समय में, प्रारम्भिक सबूत [[कनान]] और बिब्लोस तट के साथ संपर्क होने को सिद्ध करते हैं।<ref>पातै, राफैल (1998), "चिल्ड्रेन ऑफ़ नोआ : जुइश सीफेरिंग इन एनसीएंट टाइम्स" (प्रिंसटन विश्वविद्यालय प्रेस)</ref> दक्षिणी मिस्र में, बदारी के समान ही [[नाकाडा]] संस्कृति का, [[4000 ई.पू.]] के आस-पास नील नदी के किनारे विस्तार शुरू हुआ। [[नकाडा I अवधि]] के समय से ही [[पूर्व-राजवंशीय मिस्र]], इथियोपिया से [[ओब्सीडियन]] का आयात करता था, जिसका प्रयोग [[चिंगारी]] से [[ब्लेड]] और अन्य वस्तुओं को आकार देने में किया जाता था।<ref>बारबरा जी एसटन, जेम्स ए हार्रेल्ल, इयान शॉ(2000). पॉल टी. निकहोलसन और इयान शॉ संपादक हैं। "स्टोन," इन ''एंशंट इजीप्शियन मेटिरीयल्स एंड टेक्नॉलोजी,'' कैम्ब्रिज, 5-77, पृ. 46-47. यह भी ध्यान रखें: बारबरा जी एसटन (1994). "एनसीएंट इजिप्शियन स्टोन वेसल्स," ''Studien zur Archäologie und Geschichte Altägyptens'' 5, हाईडेलबर्ग, पृ. 23-26. (ऑन लाइन पोस्ट देखिये [http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/stone/obsidian.html ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110201073519/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/stone/obsidian.html |date=2011-02-01 }} और [http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/foreignrelations/obsidian.html ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110629145615/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/foreignrelations/obsidian.html |date=2011-06-29 }}</ref> लगभग 1000 वर्ष की अवधि के दौरान, नाकाडा संस्कृति, चंद छोटे कृषक समुदाय से विकसित होकर एक शक्तिशाली सभ्यता में तब्दील हो गई जिसके नेताओं का जनता और नील नदी घाटी के संसाधनों पर पूरा नियंत्रण था।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/naqadan/chronology.html#naqadaI|title=Chronology of the Naqada Period|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-date=2008-03-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20080328182409/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/naqadan/chronology.html#naqadaI}}</ref> सत्ता के केन्द्र की स्थापना पहले [[हीराकोनपोलिस]] और फिर बाद में [[अबिडोस]] में करते हुए, नाकाडा III के शासकों ने मिस्र के अपने नियंत्रण को [[नील नदी]] के उत्तर की ओर विस्तार किया।<ref name="Shaw61">शॉ (2002) पृ. 61</ref> उन्होंने दक्षिण में [[नूबिया]] के साथ भी कारोबार किया, पश्चिम में [[पश्चिमी रेगिस्तान]] के ओअसेस् से और पूर्व में [[पूर्वी भूमध्य सागर]] की संस्कृतियों के साथ.<ref name="Shaw61" /> नाकाडा संस्कृति ने भौतिक वस्तुओं का विविधता के साथ उत्पादन किया, जो कुलीन वर्ग की बढ़ती ताकत और संपत्ति को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें शामिल थे चित्रित मिट्टी के बर्तन, उच्च गुणवत्ता वाले पत्थर के सजावटी गुलदस्ते, कॉस्मेटिक पट्टियां और सोने के गहने, लापीस और हाथी-दांत. उन्होंने एक सेरामिक ग्लेज़ भी विकसित किया जिसे [[फाएंस]] के रूप में जाना जाता है, जिसका रोमन काल में कप, ताबीज और मूर्तियों को सजाने में काफी इस्तेमाल होता था।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/faience/periods.html|title=Faience in different Periods|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-date=2008-03-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20080330041500/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/faience/periods.html}}</ref> पूर्व-राजवंशीय काल के अंतिम चरण के दौरान, नाकाडा संस्कृति ने लिखित प्रतीकों का उपयोग करना शुरू किया जो अंततः प्राचीन मिस्र की भाषा लिखने के लिए [[हीएरोग्लिफ्स]] की एक पूरी प्रणाली में विकसित हो गया।<ref>एलन (2000) पृ. 1</ref> === प्रारम्भिक राजवंशीय काल === [[फाईल:NarmerPalette ROM-gamma.jpg|thumb|नर्मेर रंगपट्टिका, दो भूमियों के एकीकरण को दर्शाती है।<ref>रॉबिन्स (1997) पृ. 32</ref>]][[प्राचीन मिस्र#cite note-20|<span class="mw-reflink-text">[20]</span>]][[प्राचीन मिस्र#cite note-20|<span class="mw-reflink-text">[20]</span>]] {{Main|Early Dynastic Period of Egypt}} [[तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व]] के मिस्र के पुजारी [[मनेथो]] ने मेनेस के फ़ैरोओं की लम्बी कतार को अपने समय में 30 राजवंशों में समूहित किया, एक ऐसी प्रणाली जिसका इस्तेमाल आज भी हो रहा है।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 6</ref> उसने "मेनी" (या ग्रीक में [[मेनेस]]) नाम के राजा के साथ अपना आधिकारिक इतिहास शुरू करना पसंद किया, जिसने मान्यतानुसार [[ऊपरी]] और [[निचली मिश्र]] के दो साम्राज्यों को एकजुट किया (करीब ३२०० ई.पू.).<ref>शॉ (2002) पृ. 78-80</ref> एक एकीकृत राज्य के रूप में परिवर्तन, वास्तव में प्राचीन मिस्र के लेखक जितना हमें विश्वास दिलाते हैं उससे कहीं ज़्यादा क्रमिक रूप से हुआ और मेनेस का कोई समकालीन रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। तथापि, कुछ विद्वानों का अब मानना है कि मिथकीय मेनेस वास्तव में फ़ैरो [[नार्मर]] हो सकता है, जिसे वैधिक [[नार्मर रंगपट्टिका]] पर एकीकरण की एक प्रतीकात्मक क्रिया के रूप में [[शाही राजचिह्न]] पहने हुए दिखाया गया है।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 12-13</ref> 3150 ई.पू. के आसपास, प्रारम्भिक राजवंशीय अवधि में, प्रथम राजवंशीय फैरोओं ने [[मेम्फिस]] में राजधानी की स्थापना करते हुए निचले मिस्र पर अपने नियंत्रण को मज़बूत किया, जहाँ से वे [[श्रम शक्ति]] और उर्वर डेल्टा क्षेत्र की कृषि के साथ-साथ लेवांट के लाभदायक और महत्वपूर्ण [[व्यापार मार्ग]] पर नियंत्रण रख सकते थे। प्रारम्भिक राजवंशीय काल के दौरान फ़ैरोओं की बढ़ती ताकत और संपत्ति की झलक अबिडोस में उनके विस्तृत [[मस्तबा]] कब्रों और मुर्दाघरों से दिखती है, जिसका प्रयोग मृत्यु के बाद फ़ैरो के देवत्व प्राप्ति का जश्न मनाने के लिए किया जाता था।<ref>शॉ (2002) पृ. 70</ref> फ़ैरोओं द्वारा विकसित शासन की मजबूत संस्था ने भूमि, श्रम और उन संसाधनों पर राज्य के नियंत्रण को वैध ठहराने का काम किया, जो मिस्र की प्राचीन सभ्यता के अस्तित्व और विकास के लिए आवश्यक थी।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/archaicegypt/info.html|title=Early Dynastic Egypt|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-date=2008-03-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20080304143847/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/archaicegypt/info.html}}</ref> === प्राचीन साम्राज्य === {{Main|Old Kingdom}} [[फाईल:Menkaura-ColossalStatue MuseumOfFineArtsBoston.png|thumb|upright|बोस्टन म्यूसिअम ऑफ़ फाइन आर्ट्स में मेनकौरा की संगमरमरी प्रतिमा]] [[प्राचीन साम्राज्य]] के दौरान वास्तुशिल्प, कला और प्रौद्योगिकी में आश्चर्यजनक विकास किए गए, जिसे पूर्ण विकसित केन्द्रीय प्रशासन द्वारा संभव, वर्धित [[कृषि उत्पादकता]] ने गति दी.<ref>जेम्स (2005) पृ. 40</ref> [[विज़ीर]] के दिशा-निर्देश के अंतर्गत, राज्य के अधिकारियों ने कर एकत्र किया, [[फसल की पैदावार]] में सुधार करने के लिए सिंचाई परियोजनाओं को समन्वित किया, निर्माण परियोजनाओं पर काम करने के लिए किसानों को भर्ती किया और शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक [[न्याय प्रणाली]] की स्थापना की.<ref>शॉ (2002) पृ. 102</ref> एक उत्पादक और स्थिर अर्थव्यवस्था द्वारा उपलब्ध कराए गए अतिरिक्त संसाधनों द्वारा, यह राज्य विशाल स्मारकों के निर्माण को प्रायोजित करने और शाही कार्यशालाओं में कला के असाधारण कार्य शुरू करने में सक्षम हुआ। जोसर, [[खुफु]] और उनके वंशज द्वारा निर्मित पिरामिड, प्राचीन मिस्र की सभ्यता और उसे नियंत्रित करने वाले फ़ैरोओं की शक्ति के सबसे यादगार प्रतीक हैं। एक केन्द्रीय प्रशासन के बढ़ते महत्व के साथ ही, शिक्षित लेखकों और अधिकारियों का एक नया वर्ग पैदा हुआ जिन्हें उनकी सेवाओं के लिए फ़ैरो द्वारा संपदा प्रदान की गई। फ़ैरोओं ने अपने मुर्दाघर सम्प्रदाय और स्थानीय मंदिरों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए जमीनें प्रदान कीं कि इन संस्थाओं के पास फ़ैरो की मृत्यु के बाद उसकी पूजा करने के लिए आवश्यक संसाधन मौजूद हों. प्राचीन साम्राज्य के अंत तक, इन सामंती प्रथाओं की पांच शताब्दियों ने धीरे-धीरे फ़ैरो की [[आर्थिक शक्ति]] का क्षरण किया, जो अब एक विशाल केन्द्रीकृत प्रशासन को बनाए रखने में अक्षम था।<ref>शॉ (2002) पृ. 116-7</ref> जैसे-जैसे फ़ैरो की शक्ति क्षीण होती गई, [[नोमार्क]] कहलाने वाले क्षेत्रीय गवर्नरों ने फ़ैरो के वर्चस्व को चुनौती देना शुरू किया। इन हालातों के साथ-साथ 2200 और 2150 ई.पू.<ref>{{citeweb|url=http://www.bbc.co.uk/history/ancient/egyptians/apocalypse_egypt_04.shtml |title=The Fall of the Old Kingdom |author=Fekri Hassan|publisher=British Broadcasting Corporation|accessdate=2008-03-10}}</ref> के बीच पड़ने वाले [[गंभीर सूखे]] ने अंततः देश को एक 140 वर्षीय अकाल और संघर्ष की अवधि में धकेल दिया, जिसे प्रथम मध्यवर्ती काल के रूप में जाना जाता है।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 69</ref> === प्रथम मध्यवर्ती काल === {{Main|First Intermediate Period of Egypt}} प्राचीन राजवंश के अंत में मिस्र की [[केन्द्र सरकार]] के ढहने के बाद, प्रशासन, देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने या सहारा देने में असमर्थ था। क्षेत्रीय गवर्नर संकट के समय मदद के लिए राजा पर भरोसा नहीं कर सकते थे और भावी खाद्यान्न की कमी और राजनीतिक विवादों ने अकाल और छोटे पैमाने पर गृह-युद्ध का रूप ले लिया। कठिन समस्याओं के बावजूद, फ़ैरो के प्रति बिना सम्मान के स्थानीय नेताओं ने अपनी नई प्राप्त स्वतंत्रता का इस्तेमाल, प्रान्तों में संपन्न संस्कृति की स्थापना के लिए किया। एक बार अपने संसाधनों पर खुद का नियंत्रण प्राप्त करने के बाद, ये प्रान्त आर्थिक रूप से अपेक्षाकृत समृद्ध हो गए - एक तथ्य जो सभी [[सामाजिक वर्गों]] के बीच बड़े और बेहतर अंतिम संस्कार द्वारा प्रदर्शित था।<ref>शॉ (2002) पृ. 120</ref> रचनात्मकता की धारा में, प्रान्तीय कारीगरों ने सांस्कृतिक रूपांकनों को अपनाया और तराशा जो पहले प्राचीन साम्राज्य के प्रभुत्व में प्रतिबंधित थे और लेखकों ने ऐसी साहित्यिक शैलियों का विकास किया जिसमें उस काल का [[आशावाद]] और मौलिकता परिलक्षित होती है।<ref name="Shaw146">शॉ (2002) पृ. 146</ref> फ़ैरो के प्रति अपनी वफादारी से मुक्त स्थानीय शासकों ने क्षेत्रीय नियंत्रण और [[राजनीतिक सत्ता]] के लिए एक दूसरे से होड़ लेनी शुरू की. 2160 ई.पू. तक, हेराक्लियोपोलिस के शासकों ने निचले मिस्र पर नियंत्रण रखा, जबकि [[थेब्स]] आधारित एक प्रतिद्वंद्वी कबीले, [[इन्टेफ परिवार]] ने ऊपरी मिस्र का नियंत्रण ले लिया। जैसे-जैसे इन्टेफ की शक्ति में वृद्धि हुई और उसने अपना नियंत्रण उत्तर की ओर बढ़ाया, तो दोनों प्रतिद्वंद्वी राजवंशों के बीच संघर्ष अनिवार्य हो गया। लगभग 2055 ई.पू., [[नेभेपेट्रे मंटूहोटेप II]] के सेनापतित्व में थेबन बलों ने अंततः हेराक्लियोपोलिटन शासकों को हरा दिया और दोनों प्रदेशों को पुनः एकीकृत करते हुए आर्थिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण काल का शुभारम्भ किया, जिसे [[मध्य साम्राज्य]] के रूप में जाना जाता है।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 29</ref> === मध्य साम्राज्य === {{Main|Middle Kingdom of Egypt}} [[फाईल:Egypte louvre 231 visage.jpg|thumb|upright|अमेनेमहट III, मध्य साम्राज्य का अंतिम महान शासक]] मध्य साम्राज्य के फैरोओं ने देश की समृद्धि और स्थिरता को बहाल किया और इस तरह कला, साहित्य और विशाल इमारतों की परियोजनाओं के पुनरुत्थान को प्रेरित किया।<ref>शॉ (2002) पृ. 148</ref> मंटूहोटेप II और उसके 11वें वंशज के [[उत्तराधिकारियों]] ने थेब्स से शासन किया, लेकिन [[12वें राजवंश]] की शुरूआत में 1985 ई.पू. के आस-पास वज़ीर [[अमेनेमहट I]] ने सत्ता संभालते हुए, देश की राजधानी को [[फैयुम]] स्थित [[इज्टावी]] शहर स्थानांतरित कर दिया.<ref>क्लेटन (1994) पृ. 79</ref> इज्टावी से, 12वें वंश के फैरोओं ने क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए दूरदृष्टि के साथ [[भूमि सुधार]] और सिंचाई की योजना बनाई. इसके अलावा, सेना ने खदानों और सोने की खानों से समृद्ध नूबिया के क्षेत्रों को फिर से जीत लिया, जबकि विदेशी हमले के खिलाफ सुरक्षा के लिए मजदूरों ने पूर्वी डेल्टा में एक रक्षात्मक संरचना का निर्माण किया, जिसे "[[वॉल्स-ऑफ़-द-रूलर]]" (शासक की दीवारें) कहा गया।<ref>शॉ (2002) पृ. 158</ref> सैन्य और राजनीतिक सुरक्षा और विशाल कृषि और खनिज संपदा बहाल करने के बाद, इस देश की आबादी, कला और धर्म का उत्कर्ष होने लगा। देवताओं के प्रति प्राचीन साम्राज्य के संभ्रांतवादी नज़रिए के विपरीत, मध्य साम्राज्य में व्यक्तिगत धर्मनिष्ठा के भाव में वृद्धि का अनुभव किया गया और जिसे पुनर्जन्म का [[लोकतंत्रीकरण]] कहा जा सकता है, जिसमें सभी लोगों के पास एक आत्मा है और मृत्यु के बाद देवताओं के सान्निध्य में उनका स्वागत किया जा सकता है।<ref>शॉ (2002) पृ. 179-82</ref> [[मध्य साम्राज्य]] के साहित्य में परिष्कृत विषय और पात्र प्रस्तुत होते हैं जिन्हें विश्वस्त और भावपूर्ण शैली में लिखा गया है,<ref name="Shaw146" /> और उस काल की [[नक्काशी]] और मूर्तिकला ने सूक्ष्म, व्यक्तिगत विवरणों को उकेरा जिसने तकनीकी पूर्णता की नई ऊंचाइयों को छुआ.<ref>ऱोबिन्स (1997) पृ. 90</ref> मध्य साम्राज्य का अंतिम महान शासक, [[अमेनेमहट III]] ने डेल्टा क्षेत्र में एशियाई अधिवासियों को अपने विशेष रूप से सक्रिय खनन और निर्माण अभियानों के लिए पर्याप्त श्रम शक्ति प्रदान करने की अनुमति दी. निर्माण और खनन की इन महत्वाकांक्षी गतिविधियों ने, बहरहाल, बाद में उसके शासनकाल में अपर्याप्त [[नील नदी की बाढ़]] के साथ मिलकर, अर्थव्यवस्था को तनावपूर्ण बना दिया और 13वें और 14वें राजवंशों के दौरान धीमे पतन के साथ दूसरे मध्यवर्ती काल में प्रवेश को प्रेरित किया। इस पतन के दौरान, एशियाई अधिवासी विदेशियों ने डेल्टा क्षेत्र का नियंत्रण हथियाना शुरू किया और अंततः मिस्र में [[हिक्सोस]] के रूप में सत्ता में आने लगे.<ref>शॉ (2002) पृ. 188</ref> === दूसरा मध्यवर्ती काल आरू हिक्सोस === {{Main|Second Intermediate Period of Egypt}} लगभग 1650 ईसा पूर्व के आस-पास, जैसे-जैसे मध्य साम्राज्य के फैरोओं की शक्ति क्षीण होने लगी, पूर्वी डेल्टा के [[अवारिस]] शहर में रहने वाले एशियाई आप्रवासियों ने क्षेत्र के नियंत्रण पर कब्ज़ा कर लिया और केन्द्र सरकार को थेब्स जाने पर मजबूर कर दिया, जहाँ फैरोओं को दासों के रूप में माना जाता था और उनसे शुल्क अदा करने की अपेक्षा की जाती थी।<ref name="Ryholt310">रीहोल्ट (1997) पृ. 310</ref> हिक्सोस ("विदेशी शासक") ने मिस्र के प्रशासन मॉडल की नक़ल की और खुद को फैरो के रूप में प्रस्तुत किया और इस तरह उन्होंने अपने [[मध्य कांस्य युगीन]] संस्कृति में मिस्र के तत्वों को समाहित किया।<ref>शॉ (2002) पृ. 189</ref> अपनी वापसी के बाद, थेब्स राजाओं ने खुद को उत्तर की ओर हिक्सोस और दक्षिण की ओर हिक्सोस के नुबियन सहयोगी दल, [[कुशाओं]] के बीच घिरा हुआ पाया। लगभग 100 वर्षों की कमजोर निष्क्रियता चलती रही और 1555 ईसा पूर्व के करीब थेब्स बलों ने इतनी शक्ति एकत्रित कर ली कि उन्होंने हिक्सोस को संघर्ष की चुनौती दी जो 30 से अधिक वर्षों तक चलता रहा.<ref name="Ryholt310" /> [[सिक्वेनेनर ताओ II]] और [[कमोस]] फैरो ने अंततः नुबियन को हरा दिया, लेकिन वह कमोस का उत्तराधिकारी, [[अहमोस]] था, जिसके सफलतापूर्वक छेड़े गए अभियानों के परिणामस्वरूप मिस्र में हिक्सोस का वजूद स्थायी रूप से समाप्त कर दिया. इसके बाद आने वाले नवीन साम्राज्य में मिस्र की सीमाओं का विस्तार करने और [[निकट पूर्व]] पर, उसके पूर्ण प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए फैरोओं के लिए सेना, एक केन्द्रीय प्राथमिकता बन गई।<ref>शॉ (2002) पृ. 224</ref> [[फाईल:Egypt NK edit.svg|upright|thumb|left|प्राचीन मिस्र की अधिकतम क्षेत्रीय सीमा (15वीं शताब्दी ईसा पूर्व)]] === नवीन साम्राज्य === {{Main|मिस्र साम्राज्य}} नवीन साम्राज्य के फैरोओं ने अपनी सीमाओं को सुरक्षित और अपने पड़ोसियों के साथ कूटनीतिक संबंधों को मजबूत बनाते हुए एक अभूतपूर्व समृद्धि के काल की स्थापना की. [[थुतमोस प्रथम]] और उसके पोते [[थुतमोस तृतीय]] के सेनापतित्व में छेड़े गए सैन्य अभियानों ने फैरोओं के प्रभाव को सीरिया और नूबिया में फैलाया, जिसने वफादारी को मज़बूत किया और [[पीतल]] और लकड़ी जैसे महत्वपूर्ण आयातों तक उनकी पहुँच बनाई.<ref>जेम्स (2005) पृ. 48</ref> नवीन साम्राज्य के फैरोओं ने [[अमुन]] देवता को बढ़ावा देने के लिए, जिनका बढ़ता पंथ [[कर्नाक]] में आधारित था, बड़े पैमाने पर निर्माण अभियान की शुरूआत की. उन्होंने अपनी असली और काल्पनिक, दोनों उपलब्धियों के महिमामंडन में भी स्मारकों का निर्माण कराया. महिला फैरो [[हत्शेपसट]] ने ऐसे प्रचार का इस्तेमाल, सिंहासन पर अपने दावे को तर्कसंगत ठहराने के लिए किया।<ref>{{cite web |url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/chronology/hatshepsut.html |title=Hatshepsut |accessdate=2007-12-09 |publisher=Digital Egypt for Universities, University College London |archive-date=2007-11-18 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071118100021/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/chronology/hatshepsut.html }}</ref> उसका सफल शासन, [[पंट]] के व्यापारिक अभियानों, एक शानदार [[मुर्दाघर मंदिर]], ओब्लिस्क की एक विशाल जोड़ी और कर्नाक में एक प्रार्थनालय से चिह्नित है। उसकी उपलब्धियों के बावजूद, हत्शेपसट के सौतेले भतीजे थुतमोस तृतीय ने उसकी विरासत को अपने शासनकाल के अंत में मिटाने का प्रयास किया, संभवतः उसके द्वारा गद्दी छीनने के प्रतिशोध में.<ref>क्लेटन (1994) पृ. 108</ref> [[फाईल:SFEC EGYPT ABUSIMBEL 2006-003.JPG|thumb|upright|रामेसेस द्वितीय की चार विशाल मूर्तियां, उसके अबू सिम्बल के मंदिर द्वार के दोनों ओर हैं]] करीब 1350 ई.पू. में, [[मिस्र साम्राज्य|नवीन साम्राज्य]] की स्थिरता को तब खतरा पैदा हो गया, जब अमेनहोटेप IV सिंहासन पर आरूढ़ हुआ और उसने कई अतिवादी और अराजक सुधारों की शुरूआत की. अपना नाम [[अखेनातेन]] में बदलते हुए, उसने पूर्व में अल्प ज्ञात [[सूरज देवता]] [[अतेन]] को [[सर्वोच्च देवता]] के रूप में घोषित किया और अन्य देवताओं की पूजा को बाधित करते हुए पुरोहित सम्बन्धी स्थापनाओं की सत्ता पर हमला किया।<ref>एलडरेड (1988) पृ. 259</ref> राजधानी को अखेनातेन के नए शहर में स्थानांतरित करते हुए (वर्तमान [[अमर्ना]]) अखेनातेन ने विदेशी मामलों से मुंह फेर लिया और खुद को अपने नए धर्म और कलात्मक शैली में डुबा लिया। उसकी मृत्यु के बाद, अटेन पंथ को जल्दी ही छोड़ दिया गया और उसके उत्तरवर्ती फैरो, [[तुथंखमुन]], आई और [[होरेमहेब]] ने अखेनाटेन के विधर्म के सभी उल्लेखों को मिटा दिया, जिसे अब [[अमर्ना काल]] के रूप में जाना जाता है।<ref>क्लाइन (2001) पृ. 273</ref> 1279 ई.पू. के आस-पास, [[रामेसेस द्वितीय]], जिसे रामेसेस महान के रूप में भी जाना जाता है, सिंहासनारूढ़ हुआ और उसने और अधिक मंदिरों, प्रतिमाओं और ओब्लिस्क का निर्माण जारी रखा और इतिहास में किसी अन्य फैरोओं की अपेक्षा काफी अधिक संतान पैदा किये.<ref>अपनी दो प्रमुख पत्नियों और विशाल हरम से, रामेसेस द्वितीय ने 100 से अधिक बच्चों को जन्म दिया. क्लेटन (1994) पृ. 146</ref> एक साहसिक सैन्य नेता होते हुए, रामेसेस द्वितीय ने [[कादेश का युद्ध]] में [[हत्ती लोग|हिटाइट्स]] के खिलाफ अपनी सेना का नेतृत्व किया और एक गतिरोध तक लड़ने के बाद, अंततः 1258 ई.पू. के आसपास पहली दर्ज शांति संधि के लिए सहमत हुआ।<ref>टिलडेस्ले (2001) पृ. 76-7</ref> मिस्र की संपदा ने, हालांकि, आक्रमण के लिए इसे एक आकर्षक लक्ष्य बना दिया, विशेष रूप से [[लीबिया|लिबिआई]] और [[समुद्री लोगों]] के बीच. शुरू में, सेना ने इन हमलों को विफल कर दिया, लेकिन मिस्र ने अंततः [[सीरिया]] और फिलिस्तीन के नियंत्रण को खो दिया. बाहरी खतरों का असर, भ्रष्टाचार, कब्र डकैती और नागरिक अशांति जैसी आंतरिक समस्याओं से और भी विकट हो गया। थेब्स में [[अमुन मंदिर]] के उच्च पुजारियों ने जमीन और अकूत संपत्ति जमा कर ली और उनकी बढ़ती ताकत ने तीसरे मध्यवर्ती काल के दौरान देश को विछिन्न कर दिया.<ref>जेम्स (2005) पृ. 54</ref> [[फाईल:Third Intermediate Period map.svg|thumb|left|upright|730 ई.पू. के करीब, पश्चिम के लीबिया वासियों ने इस देश की राजनीतिक एकता को खंडित कर दिया.]] === तीसरा मध्यवर्ती काल === {{Main|Third Intermediate Period of Egypt}} 1078 ईसा पूर्व में [[रामेसेस XI]] की मृत्यु के बाद, [[स्मेंडेस]] ने [[टनिस]] शहर से शासन करते हुए मिस्र के उत्तरी भाग पर अधिकार कर लिया। दक्षिणी हिस्से पर [[थेब्स के अमुन के उच्च पुजारियों]] का प्रभावी ढंग से नियंत्रण था, जो स्मेंडेस को केवल नाम से जानते थे।<ref>सरनी (1975) पृ. 645</ref> इस अवधि में, लीबियाई लोग पश्चिमी डेल्टा में बस रहे थे और इन बसने वालों के सरदारों ने अपनी स्वायत्तता को बढ़ाना शुरू किया। लीबियाई सामंतों ने [[शोशेंक I]] के अधीन 945 ई.पू. में डेल्टा का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया और तथाकथित लीबियाई या बुबस्टिट वंश की स्थापना की जिसने करीब 200 साल तक शासन किया। शोशेंक ने अपने परिवार के सदस्यों को पुजारियों के महत्वपूर्ण पदों पर रखकर दक्षिणी मिस्र का नियंत्रण भी प्राप्त किया। लीबियाई नियंत्रण तब क्षीण होने लगा जब डेल्टा में एक प्रतिद्वंद्वी राजवंश [[लिओंटोपोलिस]] में उभरा और दक्षिण की ओर से [[कुषाणों]] ने चुनौती दी. 727 ई.पू. के करीब कुषाण राजा [[पिए]] ने उत्तर की ओर आक्रमण किया और थेब्स पर नियंत्रण करते हुए अंततः डेल्टा पर कब्ज़ा कर लिया।<ref>शॉ (2002) पृ. 345</ref> मिस्र की चहुं ओर फैली प्रतिष्ठा में तीसरे मध्यवर्ती काल के अंत तक काफी गिरावट आई. इसके विदेशी सहयोगी [[असीरियन]] प्रभाव क्षेत्र के अधीन आए और 700 ई.पू. तक दोनों राज्यों के बीच युद्ध अनिवार्य बन गया। 671 और 667 ई.पू. के बीच असीरिया ने मिस्र पर हमला शुरू किया। कुषाण राजा [[तहरका]] और उसके उत्तराधिकारी [[तनुतामुन]], दोनों के शासनकाल में असीरिया के साथ लगातार संघर्ष चलता रहा, जिनके खिलाफ नुबियन शासकों ने कई विजय का आनंद लिया था।<ref>[https://web.archive.org/web/20110521211415/http://www.ancientsudan.org/history_07_assyro.htm "The Kushite Conquest of Egypt", ''Ancient~Sudan: Nubia'' .]</ref> अंततः, असीरिया ने कुषाणों को वापस नूबिया में धकेल दिया, मेम्फिस पर कब्जा कर लिया और थेब्स के मंदिरों को खाली कर दिया.<ref>शॉ (2002) पृ. 358</ref> === उत्तरार्ध काल === {{Main|Late Period of ancient Egypt}} विजय की कोई स्थायी योजना के बिना, असीरिया ने मिस्र का नियंत्रण कई सामंतों के हाथों में सौंप दिया, जिन्हें [[छब्बीसवें वंश]] के साईट राजाओं के रूप में जाना गया। 653 ईसा पूर्व तक, साईट राजा [[साम्तिक I]] ने भाड़े के ग्रीक सैनिकों की मदद से, जिन्हें मिस्र की पहली नौसेना के निर्माण के लिए भर्ती किया गया था, असीरियाइयों को भगाने में सक्षम हुए. डेल्टा में [[नौक्रातिस]] शहर के यूनानियों का घर बन जाने से यूनानी प्रभाव तेज़ी से बढ़ा. साइस की नई राजधानी में स्थित साईट राजाओं ने अर्थव्यवस्था और संस्कृति में संक्षिप्त लेकिन एक उत्साही पुनरुत्थान देखा, लेकिन 525 ई.पू. में, [[कैम्बिसिस II]] के नेतृत्व में शक्तिशाली फारसियों ने, मिस्र को जीतना शुरू किया और अंततः [[पेलुसिम]] की लड़ाई में फैरो [[साम्तिक III]] को पकड़ने में सफल रहे. कैम्बिसिस II ने तब फैरो की औपचारिक पदवी को ग्रहण किया, लेकिन मिस्र को एक सूबेदार के नियंत्रण में छोड़कर, [[सूसा]] के अपने घर से मिस्र पर शासन किया। [[5वीं शताब्दी ईसा पूर्व]] को फारसियों के खिलाफ कुछ सफल विद्रोहों के लिए जाना जाता है, लेकिन मिस्र, स्थायी रूप से फारसियों को उखाड़ फेंकने में कभी सक्षम नहीं हुआ।<ref>शॉ (2002) पृ. 383</ref> फारस द्वारा समामेलन के बाद, मिस्र भी, [[साइप्रस]] और [[फोनिसिया]] के साथ [[एकमेनीड फारसी साम्राज्य]] के छठे [[क्षत्रप]] में शामिल हो गया। मिस्र में फारसी शासन की इस पहली अवधि को, सत्ताईसवें राजवंश के रूप में भी जाना जाता है, जो 402 ई.पू. में समाप्त हो गया और 380-343 ईसा पूर्व के बीच [[तीसवें राजवंश]] ने राजवंशीय मिस्र के आखिरी घरेलू शाही घराने के रूप में शासन किया, जो [[नेक्टानेबो II]] के शासन के साथ समाप्त हो गया। फारसी शासन की एक संक्षिप्त बहाली, जिसे कभी-कभी [[इक्तीसवें राजवंश]] के रूप में जाना जाता है, 343 ईसा पूर्व में शुरू हुआ, लेकिन इसके शीघ्र ही बाद, 332 ई.पू. में फारसी शासक मज़ासिस ने मिस्र को बिना किसी लड़ाई के [[सिकंदर महान]] को सौंप दिया.<ref>शॉ (2002) पृ. 385</ref> === टोलेमाइक राजवंश === {{Main|History of Ptolemaic Egypt|Ptolemaic dynasty}} [[332 ई.पू.]] में, [[सिकंदर महान]] ने फारसियों के क्षीण प्रतिरोध के साथ मिस्र पर विजय प्राप्त कर लिया और मिश्र में उसका स्वागत एक सहायक के रूप में किया गया। सिकंदर के उत्तराधिकारियों, टोलेमियों, द्वारा स्थापित प्रशासन, मिस्र के मॉडल पर आधारित था और [[अलेक्सांद्रिया]] के नए [[राजधानी शहर]] में स्थित था। यह शहर ग्रीक शासन की शक्ति और प्रतिष्ठा को प्रदर्शित करता था और यह [[ज्ञान]] और संस्कृति का एक क्षेत्र बन गया, जिसका केन्द्र प्रसिद्ध [[अलेक्सांद्रिया पुस्तकालय]] था।<ref>शॉ (2002) पृ. 405</ref> [[अलेक्सांद्रिया के प्रकाशस्तंभ]] ने इस शहर से गुजरने वाले कई व्यापारिक जहाजों के मार्ग को प्रकाशित किया, चूंकि टोलेमियों ने वाणिज्य और राजस्व जनन के उद्यमों को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जैसे पेपिरस उत्पादन.<ref>शॉ (2002) पृ. 411</ref> [[ग्रीक संस्कृति]] ने मिस्र की देशी संस्कृति को प्रतिस्थापित नहीं किया, क्योंकि टोलेमियों ने जनता की वफादारी प्राप्त करने के प्रयास में, समय के साथ चली आ रही पुरानी परंपराओं का सम्मान किया। उन्होंने मिस्र शैली में नए मंदिरों का निर्माण किया, पारंपरिक सम्प्रदाय का समर्थन किया और खुद को फैरोओं के रूप में प्रस्तुत किया। संयुक्त देवताओं के रूप में ग्रीक और [[मिस्र के देवताओं]] के [[समन्वय]] से कुछ परंपराएं घुल-मिल गईं, जैसे [[सेरापिस]] और मूर्तिकला की [[शास्त्रीय मिस्र]] शैली ने पारंपरिक मिस्र रूपांकनों को प्रभावित किया। मिस्रवासियों को खुश करने के अपने प्रयासों के बावजूद, टोलेमियों को देशी अन्तर्विरोध, तीक्ष्ण पारिवारिक प्रतिद्वंद्विता और [[टोलेमी IV]] की मृत्यु के बाद गठित अलेक्सांद्रिया की शक्तिशाली भीड़ की चुनौतियों का सामना करना पड़ा.<ref>शॉ (2002) पृ. 418</ref> इसके अतिरिक्त, चूंकि [[रोम]] अनाज के आयात के लिए मिस्र पर अधिक निर्भर था, रोमवासियों ने मिस्र की राजनितिक हालातों में काफी रूचि ली. निरंतर चल रहे मिस्र के विद्रोहों, महत्वाकांक्षी नेताओं और शक्तिशाली सीरिया के विरोधियों ने इस परिस्थिति को असंतुलित कर दिया जिसके परिणामस्वरुप रोम, इस देश को अपने साम्राज्य का एक प्रान्त बनाने के लिए सेनाएं भेजने पर विवश हो गया।<ref>जेम्स (2005) पृ. 62</ref> === रोमन प्रभुत्व === {{Main|History of Roman Egypt}} [[फाईल:Fayum-22.jpg|thumb|left|110px|फायूम ममी की तस्वीरें, मिस्र और रोमन संस्कृति के मिलन की द्योतक हैं]] [[अकटियम की लड़ाई]] में [[ओक्टेवियन]] (बाद में [[सम्राट]] ऑगस्टस) के द्वारा [[मार्क एंटनी]] और [[टोलेमिक]] महारानी [[क्लियोपेट्रा VII]] की हार के बाद, मिस्र 30 ई.पू. में [[रोमन साम्राज्य]] का एक प्रान्त बन गया। रोमनवासी, मिस्र से आने वाले अनाज पर काफी निर्भर थे और सम्राट द्वारा नियुक्त एक अधिकारी के अधीन [[रोमन सेना]] ने विद्रोहियों का दमन किया, भारी करों की वसूली को सख्ती से लागू किया और डाकुओं के हमलों को रोका जो उस दौरान एक कुख्यात समस्या बन गई थी।<ref>जेम्स (2005) पृ. 63</ref> विदेशी विलासिता वस्तुओं की रोम में काफी मांग के कारण, अलेक्सांद्रिया, पूर्वी देशों के साथ होने वाले व्यापारिक मार्ग पर तेज़ी से एक महत्वपूर्ण केन्द्र बन गया।<ref>शॉ (2002) पृ. 426</ref> हालांकि, मिस्र के प्रति रोम का नज़रिया, यूनानियों की अपेक्षा अधिक शत्रुतापूर्ण था, कुछ परम्पराएं, जैसे परिरक्षित शव प्रक्रिया और पारंपरिक देवताओं की पूजा चलती रही.<ref name="Shaw422">शॉ (2002) पृ. 422</ref> [[ममी चित्रांकन]] की कला का उत्कर्ष हुआ और कुछ रोमन सम्राटों ने खुद को फैरोओं के रूप में दिखाया, हालांकि उस हद तक नहीं, जितना टोलेमियों ने दिखाया था। वे मिस्र के बाहर रहते थे और मिस्र की शाही औपचारिकताओं को नहीं करते थे। स्थानीय प्रशासन, रोमन शैली का बन गया और देशी [[मिश्र]] के लिए बंद कर दिया गया।<ref name="Shaw422" /> प्रथम शताब्दी ई. के मध्य से, [[ईसाइयत]] ने अलेक्सांद्रिया में जड़ें जमा ली क्योंकि इसे भी एक स्वीकार्य पंथ के रूप में देखा जाने लगा। तथापि, यह एक विरोधी धर्म था जिसका रुझान [[बुतपरस्ती]] में धर्मान्तरित लोगों को जीतने की ओर था और इसने लोकप्रिय धार्मिक परंपराओं को चुनौती दी. इसके परिणामस्वरूप ईसाई धर्म में धर्मान्तरित लोगों का उत्पीड़न शुरू हो गया जो 303 ई. में [[डायोक्लीटियन]] के महान मार्जन में परिणत हुआ, पर अंततः ईसाई धर्म को सफलता प्राप्त हुई.<ref>शॉ (2003) पृ. 431</ref> 391 ई. में ईसाई सम्राट [[थियोडोसिअस]] ने एक विधेयक पेश किया जिसने मूर्तिपूजक संस्कारों को प्रतिबंधित और मंदिरों को बंद कर दिया.<ref>''"द चर्च इन एंशंट सोसाइटी",'' [[हेनरी चाडविक]], पृ. 373, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस अमेरिका, 2001, ISBN 0-19-924695-5</ref> अलेक्सांद्रिया, मूर्तिपूजन-विरोधी महान दंगों का केन्द्र बन गया जहाँ सार्वजनिक और निजी धार्मिक प्रतीकों को नष्ट कर दिया.<ref>''"क्रिश्चियनैज़िंग द रोमन एम्पायर ए.डी. 100-400 ",'' [[रामसे मैकमुलेन]] पृ. 63, येल यूनिवर्सिटी प्रेस, 1984, ISBN 0-300-03216-1</ref> परिणामस्वरूप, मिस्र की मूर्तिपूजक संस्कृति में लगातार गिरावट आती गई। जबकि देशी आबादी ने [[अपनी भाषा]] बोलना जारी रखा, [[हेअरोग्लिफिक लेखन]] को पढ़ने की क्षमता, मिस्र के मंदिर के पुजारियों और पुजारिनों की भूमिका के क्षीण होने के साथ-साथ धीरे-धीरे लुप्त हो गई। खुद मंदिरों को कभी-कभी चर्च में बदल दिया गया या रेगिस्तान में छोड़ दिया गया।<ref>शॉ (2002) पृ. 445</ref> == सरकार आरू अर्थव्यवस्था == === प्रशासन आरू वाणिज्य === [[फाईल:Pharaoh.svg|thumb|upright|फैरो को आम तौर पर शाही और शक्ति प्रतीकों को पहने हुए दिखाया गया है। ]] [[फैरो]], देश का निरपेक्ष सम्राट था और कम से कम सिद्धांत रूप में, देश और उसके संसाधनों का पूरा नियंत्रण उसके हाथों में था। राजा, सर्वोच्च [[सैन्य नायक]] और सरकार का मुखिया था, जो अपने मामलों के प्रबंधन के लिए अधिकारियों की एक नौकरशाही पर निर्भर था। प्रशासन का कार्यभार, राजा के बाद दूसरे स्थान पर कमान संभालने वाले [[वज़ीर]] के अधीन था, जो राजा के प्रतिनिधि के रूप में काम करता था और भूमि सर्वेक्षण, खजाना, निर्माण परियोजनाओं, कानूनी प्रणाली और अभिलेखागारों का समन्वय करता था।<ref name="Manuelian358">मनुलियन (1998) पृ. 358</ref> क्षेत्रीय स्तर पर, देश को करीब 42 प्रशासनिक क्षेत्रों में विभाजित किया गया था जिसे [[नोम्स]] कहा जाता था, जिसमें से प्रत्येक, एक [[नोमार्क]] द्वारा शासित होता था जो अपने अधिकार क्षेत्र के लिए वज़ीर के प्रति जवाबदेह था। मंदिर, अर्थव्यवस्था का आधार थे। वे न केवल [[आराधना के गृह]] थे, बल्कि [[अनाज भंडार]] और खजाने की एक प्रणाली के तहत, राष्ट्र की संपदा के एकत्रण और भंडारण के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसे ओवरसियरों द्वारा प्रशासित किया जाता था जो अनाज और माल को पुनः वितरित करते थे।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 363</ref> अधिकांश अर्थव्यवस्था केन्द्रीय रूप से व्यवस्थित थी और इसे कड़ाई से नियंत्रित किया जाता था। यद्यपि प्राचीन मिस्र के लोगों ने [[उत्तरार्ध अवधि]] तक सिक्के का उपयोग नहीं किया था, उन्होंने एक प्रकार के धन-विनिमय प्रणाली का प्रयोग ज़रूर किया था,<ref>मेस्केल (2004) पृ. 23</ref> जिसमें शामिल थे अनाज के मानक बोरे और ''[[डेबेन]]'', करीब {{convert|91|g|oz|0}} वजन का एक तांबे या चांदी का बटखरा जो एक आम भाजक था।<ref name="Manuelian372">मनुलियन (1998) पृ. 372</ref> श्रमिकों को अनाज के रूप में भुगतान किया जाता था; एक साधारण मज़दूर प्रति माह 5½ बोरे अनाज कमा सकता था (200 किलो या 400 पाउंड), जबकि एक फोरमैन 7½ बोरे अनाज कमा सकता था (250 किलो या 550 पाउंड). कीमतों को देश भर के लिए तय किया गया था और व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए इसे सूची में दर्ज किया गया था; उदाहरण के लिए एक शर्ट की कीमत पांच तांबे डेबेन थी, जबकि एक गाय की 140 डेबेन.<ref name="Manuelian372" /> अन्न का कारोबार अन्य वस्तुओं के लिए किया जा सकता है, निर्धारित मूल्य सूची के अनुसार.<ref name="Manuelian372" /> 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान, सिक्के की मुद्रा को मिस्र में विदेश से शुरू किया गया। शुरूआत में सिक्कों को असली मुद्रा की बजाय, [[कीमती धातु]] के मानकीकृत टुकड़ों के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन अगली सदियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापारियों ने सिक्कों पर निर्भर होना शुरू कर दिया.<ref>वालबैंक (1984) पृ. 125</ref> === सामाजिक स्थिति === मिस्र का समाज उच्च रूप से स्तरीकृत था और [[सामाजिक स्थिति]] को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाता था। आबादी का मुख्य हिस्सा किसानों से निर्मित था, लेकिन कृषि उपज पर सीधे राज्य, मंदिर, या [[कुलीन परिवार]] का स्वामित्व होता था जो भूमि के स्वामी थे।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 383</ref> किसानों को श्रम कर देना पड़ता था और एक [[कार्वी]] प्रणाली में उन्हें सिंचाई या निर्माण परियोजनाओं पर काम करना आवश्यक था।<ref>जेम्स (2005) पृ. 136</ref> कलाकारों और कारीगरों की हैसियत किसानों से अधिक ऊंची थी, लेकिन वे भी राज्य के नियंत्रण में थे और मंदिरों से जुड़ी दुकानों में काम करते थे और उन्हें राज्य के खज़ाने से सीधे भुगतान किया जाता था। प्राचीन मिस्र में लेखकों और अधिकारियों के तबके को उच्च वर्ग का माना जाता था, जिन्हें सन के प्रक्षालित वस्त्र, जो उनके दर्जे के प्रतीक के रूप में कार्य करते थे, पहनने के सन्दर्भ में तथाकथित "सफेद किल्ट वर्ग" का कहा जाता था।<ref>बिलार्ड (1978) पृ. 109</ref> उच्च वर्ग ने कला और साहित्य में अपनी सामाजिक स्थिति को प्रमुखता से प्रदर्शित किया। कुलीन वर्ग के नीचे स्थान था पुजारियों, चिकित्सकों और इंजीनियरों का जिन्हें अपने क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त था। प्राचीन मिस्र में [[गुलामी]] का वजूद था, लेकिन इसकी हदों और इसकी प्रसार सीमा के बारे में जानकारी स्पष्ट नहीं है।<ref>{{cite web |url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/social/index.html |title=Social classes in ancient Egypt |accessdate=2007-12-11 |publisher=Digital Egypt for Universities, University College London |archive-date=2007-12-13 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071213192904/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/social/index.html }}</ref> प्राचीन मिस्र में, गुलामों को छोड़कर सभी वर्गों के लोगों सहित, पुरुषों और महिलाओं को क़ानून के समक्ष अनिवार्य रूप से एक नज़र से देखा जाता था और यहाँ तक कि एक क्षुद्र किसान को भी शिकायत निवारण के लिए [[वज़ीर]] और उसकी अदालत में याचिका दायर करने का हक प्राप्त था।<ref name="UCJohnson" /> पुरुषों और महिलाओं, दोनों को संपत्ति रखने और बेचने, अनुबंध करने, विवाह और तलाक करने, उत्तराधिकार प्राप्त करने और अदालत में कानूनी विवादों का मुकदमा लड़ने का अधिकार प्राप्त था। [[विवाहित जोड़े]] संयुक्त रूप से संपत्ति रख सकते थे और खुद को तलाक से सुरक्षित रखने के लिए शादी के एक अनुबंध पर सहमत हो सकते थे, जिसमें विवाह समाप्त होने की स्थिति में अपनी पत्नी और बच्चों के प्रति पति के वित्तीय दायित्व निर्धारित होते थे। अपने समकक्ष प्राचीन ग्रीस, रोम और दुनिया के अपेक्षाकृत अधिक आधुनिक स्थानों की तुलना में भी, प्राचीन मिस्र की महिलाओं के पास व्यक्तिगत पसंद और उपलब्धि के अवसरों की एक विस्तृत श्रृंखला थी। यहाँ तक कि हत्शेपसट और क्लियोपेट्रा जैसी महिलाएँ, फैरो भी बनीं, जबकि अन्य ने [[अमुन की देव पत्नियों]] के रूप में शक्ति का प्रयोग किया। इन स्वतंत्रताओं के बावजूद, प्राचीन मिस्र की महिलाओं ने प्रशासन में आधिकारिक भूमिकाओं में हिस्सा नहीं लिया, बल्कि मंदिरों में ही गौण भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दीं और पुरुषों के समान उनके शिक्षित होने की संभावना नहीं थी।<ref name="UCJohnson" /> [[फाईल:Louvre-antiquites-egyptiennes-p1020372 Cropped and bg reduced.png|thumb|left|लेखक, कुलीन वर्ग और अच्छी तरह से शिक्षित होते थे वे करों का मूल्यांकन, आंकड़ों का रख-रखाव करते थे और प्रशासन के लिए उत्तरदायी थे। ]] === कानूनी प्रणाली === आधिकारिक तौर पर कानूनी प्रणाली का मुखिया फैरो था, जो कानून को लागू करने, न्याय प्रदान करने और कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार था, एक अवधारणा जिसे प्राचीन मिस्र के लोग [[मात]] के रूप में उद्धृत करते थे।<ref name="Manuelian358" /> हालांकि प्राचीन मिस्र का कोई [[कानूनी संहिता]] मौजूद नहीं है, अदालत के दस्तावेजों से पता चलता है कि, मिस्र का कानून सही और गलत नज़रिए वाले एक व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित था जो समझौते तक पहुँचने और विवाद हल करने पर बल देता था और ना कि कड़ाई से विधियों के एक जटिल सेट के अनुपालन करने पर.<ref name="UCJohnson">{{cite web|url=http://fathom.lib.uchicago.edu/1/777777190170/|title=Women's Legal Rights in Ancient Egypt|accessdate=2008-03-09|publisher=University of Chicago| author=Janet H. Johnson}}</ref> नवीन साम्राज्य में ''केनबेट'' के रूप में विख्यात बुजुर्गों की स्थानीय परिषदें, छोटे दावों और लघु विवादों वाले अदालती मामलों में फैसले के लिए जिम्मेदार होती थीं।<ref name="Manuelian358" /> हत्या, विशाल भूमि लेन-देन और कब्र डकैती वाले अधिक गंभीर मामलों को ''ग्रेट केनबेट'' के सुपुर्द किया जाता था जिसकी अध्यक्षता वज़ीर या फैरो करता था। अभियोगी और बचाव पक्ष को खुद को उपस्थित करना अपेक्षित था और उन्हें एक शपथ लेने की आवश्यकता होती थी कि उन्होंने जो भी कहा है सच कहा है। कुछ मामलों में राज्य, वकील और न्यायाधीश, दोनों की भूमिका अदा करता था और एक आरोपी से बयान प्राप्त करने और किसी भी सह-साजिशकर्ता का नाम उगलवाने के लिए यातना स्वरूप उसे मार सकता था। चाहे आरोप तुच्छ हों या गंभीर, अदालत के लेखक शिकायत, गवाही और मामले के फैसले को भविष्य में संदर्भ के लिए लिख लेते थे।<ref>ओक्स (2003) पृ. 472</ref> अपराध की गंभीरता के आधार पर छोटे अपराधों के लिए सज़ा में शामिल था जुर्माना, मार, चेहरे की विकृति, या निर्वासन. हत्या और कब्र डकैती जैसे गंभीर अपराधों की सज़ा के तौर पर प्राणदण्ड दिया जाता था जिसे शिरच्छेदन, पानी में डुबाकर, या सूली पर लटका कर निष्पादित किया जाता था। सज़ा को अपराधी के परिवार तक बढ़ाया जा सकता था।<ref name="Manuelian358" /> नवीन साम्राज्य में शुरू होते हुए, [[ऑरेकल]] ने कानूनी व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहाँ उसने दीवानी और फौजदारी, दोनों मामलों में न्याय प्रदान किया। इस प्रक्रिया में, देवता से एक मुद्दे के सही या गलत के सम्बन्ध में "हां" या "नहीं" सवाल पूछा जाता था। कई पुजारियों द्वारा निष्पादित इस प्रक्रिया में देवता दोनों में से एक का चुनाव करते हुए, आगे या पीछे हटते हुए, या पेपिरुस के टुकड़े या [[ओस्ट्रासन]] पर लिखे किसी एक उत्तर की ओर इशारा करते हुए निर्णय प्रदान करते थे।<ref>मैकडोवेल (1999) पृ. 168</ref> === कृषि === {{See also|Ancient Egyptian cuisine}} [[फाईल:Tomb of Nakht (2).jpg|thumb|upright|कब्र में एक नक्काशी, जिसमें श्रमिकों को एक ओवरसियर के निर्देशन में खेतों में जुताई करते, फसल काटते और अनाज को कूटते हुए दर्शाया गया है]] अनुकूल भौगोलिक विशेषताओं के एक संयोजन ने प्राचीन मिस्र की संस्कृति की सफलता में योगदान दिया, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है नील नदी के वार्षिक जलप्लावन के परिणामस्वरूप समृद्ध [[उपजाऊ मिट्टी]]. इस प्रकार, प्राचीन मिस्र के लोग बहुत अधिक खाद्यान्न उत्पादित करने में सक्षम रहे, जिसके कारण जनसंख्या ने समय और संसाधनों को सांस्कृतिक, तकनीकी और कलात्मक गतिविधियों के लिए अधिक समर्पित किया। प्राचीन मिस्र में [[भूमि प्रबंधन]] महत्वपूर्ण था क्योंकि करों का निर्धारण एक व्यक्ति के स्वामित्व में आने वाली ज़मीन के आधार पर होता था।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 361</ref> मिस्र में खेती, नील नदी के चक्र पर निर्भर थी। मिश्र ने तीन जलवायु की पहचान की: ''आखेट'' (बाढ़), ''पेरेट'' (रोपण) और ''शेमु'' (कटाई). बाढ़ का मौसम जून से सितंबर तक चलता था, जो नदी के तट पर खनिज से समृद्ध एक परत जमा कर देता था जो फसलों के लिए आदर्श था। बाढ़ के जल के कम होने के बाद, [[उपज का मौसम]] अक्टूबर से फरवरी तक चलता था। किसान खेतों में जुताई करते और बीज डालते थे, जिसे नालों और नहरों से सिंचित किया जाता था। मिस्र में वर्षा कम होती थी, इसलिए किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए नील नदी पर आश्रित रहते थे।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 514</ref> मार्च से मई तक, किसान अपनी फसलों को काटने के लिए [[हंसिया]] का उपयोग करते थे, जिसे फिर अनाज से सींके अलग करने के लिए एक [[सांट]] से [[पीटा]] जाता था। [[पछोरने]] से [[भूसा]] अनाज से अलग हो जाता था और फिर उस अनाज को आटे में पीस लिया जाता था, बीयर बनाने के लिए किण्वन किया जाता था, या बाद में उपयोग के लिए भंडारित किया जाता था।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 506</ref> प्राचीन मिस्रवासी [[एमार]] और [[जौ]] तथा कई अन्य अनाजों की खेती करते थे, जिनमें से सभी का उपयोग दो मुख्य भोजन, रोटी और बियर बनाने के लिए किया जाता था।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 510</ref> [[सन]] के पौधों को, जिन्हें फूलने से पहले ही उखाड़ लिया जाता था, उनके तनों के तंतुओं के लिए उगाया जाता था। इन तंतुओं को इनकी लंबाई में विभाजित किया जाता था और धागे में निर्मित किया जाता था जिसका प्रयोग [[सन]] की चादरें बुनने और कपड़े बनाने में किया जाता था। नील नदी के किनारे उगाए जाने वाले [[पेपिरस]] का इस्तेमाल कागज बनाने के लिए किया जाता था। सब्जियों और फलों को उद्यान भूखंडों में उपजाया जाता था, जो बस्तियों के नज़दीक और ऊंची ज़मीन पर होता था और इसकी सिंचाई हाथों से होती थी। सब्जियों में लीक, लहसुन, खरबूजे, स्क्वैश, दाल, सलाद पत्ता और अन्य फसलें शामिल थी, इसके अलावा अंगूर की खेती होती थी जिससे शराब बनाई जाती थी।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 577 और 630</ref> [[फाईल:Maler der Grabkammer des Sennudem 001.jpg|thumb|left|बैलों की एक जोड़ी के साथ, जिन्हें बोझा ढोने और भोजन के स्रोत के रूप में प्रयोग किया जाता था, अपने खेत की जुताई करता सेनेडजेम.]] ==== पशु ==== मिश्रवासियों का मानना था कि मनुष्यों और पशुओं के बीच एक संतुलित संबंध, लौकिक व्यवस्था का एक अनिवार्य तत्व है, इसलिए मनुष्यों, प्राणियों और पौधों को एक एकल पिंड के सदस्य के रूप में माना जाता था।<ref name="Strouhal117">स्टरोउहल (1989) पृ. 117</ref> इसलिए [[पालतू]] और जंगली, दोनों प्रकार के पशु, अध्यात्म, साहचर्य और प्राचीन मिस्र के निर्वाह का एक महत्वपूर्ण स्रोत थे। मवेशी सबसे महत्वपूर्ण पशुधन थे; नियमित गणना के साथ प्रशासन, पशुओं पर कर एकत्र करता था, एक झुंड के आकार से उनका स्वामित्व रखने वाले रियासत या मंदिर की प्रतिष्ठा और महत्व प्रतिबिंबित होता था। पशुओं के अलावा प्राचीन मिस्रवासी, भेड़, बकरी और सूअर पालते थे। पोल्ट्री, जैसे बतख, हंस और कबूतरों को जाल में पकड़ा जाता था और खेतों में पाला जाता था, जहाँ उन्हें मोटा करने के लिए ज़बरदस्ती आटा खिलाया जाता था।<ref name="Manuelian381">मनुलियन (1998) पृ. 381</ref> नील नदी ने मछली का भरपूर स्रोत प्रदान किया। मधुमक्खियों को, कम से कम, प्राचीन साम्राज्य से पाला जाता रहा है और उनसे शहद और मोम, दोनों प्राप्त होता था।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 409</ref> प्राचीन मिस्रवासी, [[बोझा ढोने वाले जानवरों]] के रूप में गधे और बैलों का प्रयोग करते थे और उनसे खेतों में जुताई और मिट्टी में बीजारोपण करवाया जाता था। मोटे बैल की बलि चढ़ाना भी भेंट पूजा का एक केन्द्रीय भाग हुआ करता था।<ref name="Manuelian381" /> घोड़ों का प्रयोग दूसरे मध्यवर्ती काल में हिक्सोस द्वारा शुरू किया गया और हालांकि ऊंट को नवीन साम्राज्य से ही जाना जाता था, उन्हें उत्तरार्ध काल तक बोझा ढोने वाले पशु के रूप में उपयोग नहीं किया गया। ऐसे भी सबूत हैं जो बताते हैं कि उत्तरार्ध काल में [[हाथियों]] का कुछ समय के लिए उपयोग किया जाता था, लेकिन मुख्य रूप से [[चराई]] की ज़मीन की कमी के कारण उन्हें छोड़ दिया गया।<ref name="Manuelian381" /> कुत्ते, बिल्ली और बंदर आम पालतू पशु थे, जबकि अफ्रीका के अंदरूनी क्षेत्रों से आयातित विदेशी जानवर, जैसे शेर राजा के लिए आरक्षित थे। [[हेरोडोटस]] ने कहा है कि मिश्रवासी ही ऐसे लोग थे जो अपने पशुओं को अपने घरों में अपने साथ रखते थे।<ref name="Strouhal117" /> पूर्व-राजवंशीय और उत्तरार्ध काल के दौरान, देवताओं की पूजा उनके पशु रूप में काफी लोकप्रिय थी, जैसे बिल्ली देवी [[बस्तेत]] और इबिस देवता [[ठोथ]] और इन जानवरों को पूजा में बलि के प्रयोजन के लिए खेतों में बड़ी संख्या में पाला जाता था।<ref>ओक्स (2003) पृ. 229</ref> === प्राकृतिक संसाधन === {{See|Mining in Egypt}} मिस्र, इमारती और सजावटी पत्थरों, तांबा और सीसा अयस्क, सोना और क़ीमती पत्थरों के मामले में समृद्ध है। इन [[प्राकृतिक संसाधनों]] ने प्राचीन मिस्रवासियों को स्मारकों, प्रतिमा उत्कीर्णन, उपकरण बनाने और [[फैशन गहने]] के निर्माण की अनुमति दी.<ref>ग्रीव्स (1929) पृ. 123</ref> [[शवलेपन करने वाले]] [[ममिक्रिया]] के लिए [[वादी नत्रुन]] से नमक का प्रयोग करते थे जो प्लास्टर बनाने में आवश्यक [[जिप्सम]] भी प्रदान करता था।<ref>लुकास (1962) पृ. 413</ref> अयस्क वाले [[पत्थर के निर्माण]] दूर, दुर्गम [[पूर्वी रेगिस्तान]] और सिनाई में [[घाटी]] में पाए गए, वहाँ उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों को प्राप्त करने के लिए विशाल, राज्य नियंत्रित अभियान की आवश्यकता थी। [[नूबिया]] में व्यापक [[स्वर्ण खदानें]] थीं और सबसे प्रारम्भिक ज्ञात नक्शों में से एक इस क्षेत्र में एक सोने की खान का है। [[वादी हम्मामत]] ग्रेनाइट, [[ग्रेवैक]] और सोने का एक प्रमुख स्रोत था। [[चकमक पत्थर]] पहला एकत्रित और उपकरण बनाने के लिए प्रयुक्त खनिज था और चकमक पत्थर के हस्त कुल्हाड़ी, नील नदी घाटी में बस्ती के सबसे प्रारम्भिक सबूत हैं। ब्लेड बनाने और मध्यम कठोरता और टिकाऊ वाले तीर बनाने के लिए खनिज के पिंड से बड़े ध्यान से पपड़ी निकाली जाती थी, हालांकि इस प्रयोजन के लिए तांबे का प्रयोग पहले ही अपनाया जा चुका था।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 28</ref> निवल भार, साहुल और छोटी मूर्तियाँ बनाने के लिए गेबल रोसास में [[सीसा अयस्क]] [[गलेना]] पर काम किया। प्राचीन मिस्र में उपकरण बनाने के लिए तांबा सबसे महत्वपूर्ण धातु था और सिनाई से खनन किये गए [[मैलाकाइट]] अयस्क से बनी भट्टियों में इसे पिघलाया जाता था।<ref>शील (1989) पृ. 14</ref> [[जलोढ़ जमाव]] में तलछट से डली को धोकर, श्रमिक सोना एकत्रित करते थे या इससे अधिक परिश्रम वाली पद्धति के तहत सोना युक्त क्वार्टजाइट को पीसकर और धोकर प्राप्त करते थे। ऊपरी मिस्र में पाए गए लौह भण्डार का इस्तेमाल उत्तरार्ध काल में किया गया।<ref>निकोलसन (2000) पृ. 166</ref> मिस्र में उच्च गुणवत्ता वाले इमारती पत्थर प्रचुर मात्रा में थे; प्राचीन मिस्र वासी नील नदी घाटी से चूना पत्थर खोदकर लाते थे, आसवान से ग्रेनाइट और पूर्वी रेगिस्तान की घाटियों से बेसाल्ट और बलुआ पत्थर. [[पोरफिरी]] ग्रेवैक, [[ऐलबैस्टर]] और [[स्फटिक]] जैसे सजावटी पत्थरों के भण्डार पूर्वी रेगिस्तान में भरे थे और इन्हें प्रथम राजवंश से पहले ही एकत्र किया गया था। टोलेमिक और रोमन काल में, खनिकों ने वादी सिकैत में [[नीलम]] और वादी एल-हुदी में [[जंबुमणि]] के भंडारों की खुदाई की.<ref>निकोलसन (2000) पृ. 51</ref> === व्यापार === प्राचीन मिश्रवासी मिस्र में ना पाए जाने वाले दुर्लभ, विदेशी वस्तुओं को प्राप्त करने के लिए अपने [[विदेशी पड़ोसियों]] के साथ व्यापार करते थे। [[पूर्व-राजवंशीय काल]] में, स्वर्ण और इत्र प्राप्त करने के लिए उन्होंने नूबिया के साथ व्यापार स्थापित किया। उन्होंने फिलीस्तीन के साथ भी व्यापार की स्थापना की, जिसका सबूत प्रथम राजवंशीय फैरो की कब्र में पाए गए फिलीस्तीनी शैली के तेल के कटोरे से मिलता है।<ref>शॉ (2002) पृ. 72</ref> दक्षिणी [[कनान]] में तैनात मिस्र की एक [[कॉलोनी]] का काल प्रथम राजवंश से थोड़ा पहले का है।<ref>नाओमी पोरट और एडविन वान डेन ब्रिंक (संपादक), "पूर्व-राजवंशीय से लेकर राजवंशीय काल की शुरुआत के दौरान दक्षिणी फिलिस्तीन में एक मिस्र कालोनी," ''द नाइल डेल्टा इन ट्रांसिशन: फ़ोर्थ टू थर्ड मिलेनिअम बी.सी.'' (1992), पृ. 433-440.</ref> [[नारमेर]] में [[कनान]] में निर्मित मिट्टी के बर्तन हैं और जिन्हें वापस [[मिस्र]] को निर्यात किया गया।<ref name="Naomi">नाओमी पोरट, "प्रारम्भिक कांस्य काल I के दौरान दक्षिणी फिलिस्तीन में मिस्र के बर्तनों का स्थानीय उद्योग", ''बुलेटिन ऑफ़ द इजिप्टोलोजिकल'', सेमीनार 8 (1986/1987), पृ. 109-129. यह भी देखें [http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/foreignrelations/1stdynegyppotsinpalestine.html University College London web post, 2000] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110201073825/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/foreignrelations/1stdynegyppotsinpalestine.html |date=2011-02-01 }}.</ref> द्वितीय राजवंश तक, [[बिब्लोस]] के साथ व्यापार ने प्राचीन मिस्र को उच्च गुणवत्ता वाली लकड़ी का एक महत्वपूर्ण स्रोत प्रदान किया जो मिस्र में नहीं पाई जाती थी। पांचवें राजवंश में [[पंट]] के साथ होने वाले व्यापार से मिश्र को स्वर्ण, खुशबूदार रेजिन, आबनूस, हाथीदांत और जंगली जानवर प्राप्त हुए जैसे बंदर और बबून.<ref>शॉ (2002) पृ. 322</ref> टिन की आवश्यक मात्रा और तांबे की आपूर्ति के लिए मिश्र, [[अनातोलिया]] पर आश्रित था, क्योंकि दोनों धातुएं पीतल के निर्माण के लिए आवश्यक थीं। प्राचीन मिश्रवासी नीले पत्थर [[लापिस लज़ुली]] बेशकीमती मानते थे, जिसे उन्हें सुदूर [[अफगानिस्तान]] से आयात करना पड़ता था। मिस्र के भूमध्य क्षेत्र के व्यापार भागीदारों में [[ग्रीस]] और क्रेट भी थे जो अन्य वस्तुओं के साथ [[जैतून के तेल]] की आपूर्ति करते थे।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 145</ref> अपनी विलासिता वस्तुओं के आयात और कच्चे माल के बदले मिश्र, कांच और पत्थर की वस्तुओं और अन्य तैयार माल के अलावा मुख्य रूप अनाज, सोना, सन के कपड़े और पेपिरस का निर्यात करता था।<ref>हैरिस (1990) पृ. 13</ref> == भाषा == {{Main|Egyptian language}} === ऐतिहासिक विकास === {{Hiero | ''r n kmt''<br /> 'Egyptian language' | <hiero>r:Z1 n km m t:O49</hiero> | align=right | era=default}} [[मिस्र की भाषा]] उत्तरी [[अफ्रीकी-एशियाई]] भाषा है जिसका [[बर्बर]] और [[सामी भाषाओं]] से निकट का संबंध है।<ref>लोप्रिनो (1995b) पृ. 2137</ref> किसी भी भाषा की तुलना में इसका सबसे लंबा इतिहास है, जिसे करीब 3200 ईसा पूर्व से मध्य युग तक लिखा गया और शेष, संवाद भाषा के रूप में काफी बाद तक बनी रही. प्राचीन मिस्र के विभिन्न चरण हैं, प्राचीन मिस्र, [[मध्य मिस्र]] (शास्त्रीय मिस्र), [[परवर्ती मिस्र]], [[बोलचाल की भाषा]] और [[कॉप्टिक]].<ref>लोप्रिनो (2004) पृ. 161</ref> मिस्र का लेखन, कॉप्टिक से पहले बोली के अंतर को नहीं दिखाता है, लेकिन यह शायद मेम्फिस के आस-पास और बाद के थेब्स में क्षेत्रीय बोलियों में बोला गया।<ref>लोप्रिनो (2004) पृ. 162</ref> प्राचीन मिस्र की भाषा एक [[संश्लिष्ट भाषा]] थी, लेकिन यह बाद में [[विश्लेषणात्मक]] बन गई। परवर्ती मिस्र में विकसित पूर्वप्रत्यय निश्चयवाचक और अनिश्चयवाचक [[उपपद]], पुराने विभक्तिप्रधान [[प्रत्यय]] को प्रतिस्थापित करते हैं। पुराना [[शब्द-क्रम]], [[क्रिया-कर्ता-कर्म]] से परिवर्तित होकर [[कर्ता-क्रिया-कर्म]] बन गया है।<ref>लोप्रिनो (1995b) पृ. 2137-38</ref> मिस्र की [[चित्रलिपि]], [[याजकीय]] और [[बोलचाल]] की लिपियों को अंततः अधिक ध्वन्यात्मक [[कॉप्टिक वर्णमाला]] द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया। कॉप्टिक का इस्तेमाल आज भी [[मिस्र के रूढ़िवादी चर्च]] में उपासना पद्धतियों में होता है और इसके निशान आधुनिक [[मिस्र की अरबी भाषा]] में पाए जाते हैं।<ref>विटमन (1991) पृ. 197-227</ref> === ध्वनि आरू व्याकरण === प्राचीन मिस्र में अन्य अफ्रीकी-एशियाई भाषाओं के समान ही 25 व्यंजन हैं। इनमें शामिल हैं [[ग्रसनी]] और [[बलाघाती]] व्यंजन, सघोष और अघोष विराम, अघोष [[संघर्षी]] और सघोष और अघोष [[स्पर्श-संघर्षी]]. इसमें तीन लंबे और तीन छोटे स्वर हैं, जो परवर्ती मिस्र में लगभग नौ तक विस्तृत हुए.<ref>लोप्रिनो (1995a) पृ. 46</ref> मिस्र भाषा का मूल शब्द, सामी और बर्बर के समान ही, व्यंजन और अर्ध-व्यंजन का [[त्रिवर्णी]] या द्विवर्णी धातु है। शब्द रचना के लिए प्रत्यय जोड़े जाते हैं। क्रिया रूप [[पुरुष]] से मेल खाते हैं। उदाहरण के लिए, त्रिव्यंजनिक ढांचा '''S-{{unicode|Ḏ}}-M''' शब्द 'सुन' का अर्थगत सार है; उसका मूल क्रियारूप है ''s{{unicode|ḏ}}m=f'' 'वह सुनता है'. यदि कर्ता संज्ञा है, तो क्रिया के साथ प्रत्यय को नहीं जोड़ा जाता है:<ref>लोप्रिनो (1995a) पृ. 74</ref>''{{unicode|sḏm ḥmt}}'' 'वह महिला सुनती है'. विशेषण को संज्ञा से एक प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त किया जाता है जिसे मिश्र विशेषज्ञ [[अरबी]] के साथ इसकी समानता के कारण ''[[निस्बे]]शन'' कहते हैं।<ref>लोप्रिनो (2004) पृ. 175</ref> क्रियात्मक और विशेषणात्मक वाक्य में शब्द का क्रम <small>विधेय-कर्ता</small> होता है और संज्ञात्मक और क्रिया-विशेषणात्मक वाक्य में <small>कर्ता-विधेय</small> होता है।<ref>एलन (2000) पृ. 67, 70, 109</ref> यदि वाक्य लम्बा है तो कर्ता को वाक्य के प्रारम्भ में ले जाया जा सकता है, जिसके बाद पुनर्गृहीत सर्वनाम आता है।<ref>लोप्रिनो (2005) पृ. 2147</ref> क्रिया और संज्ञा को [[निपात]] ''n'' से नकार दिया जाता है, लेकिन ''nn'' का प्रयोग क्रिया-विशेषण और विशेषणात्मक वाक्यों के लिए किया जाता है। [[बलाघात]] अंतिम या उपान्त्य अक्षर पर पड़ता है, जो खुला (CV) हो सकता है या बंद (CVC).<ref>लोप्रिनो (2004) पृ. 173</ref> === लेखन === {{Main|Egyptian hieroglyphs|Hieratic}} [[फाईल:Rosetta Stone BW.jpeg|thumb|upright|रोसेट्टा पत्थर (करीब 196 ई.पू.) ने भाषाविदों को चित्रलिपि समझने की प्रक्रिया शुरू करने में सक्षम किया।<ref>एलेन (2000) पृ. 13</ref>]][[प्राचीन मिस्र#cite note-112|<span class="mw-reflink-text">[112]</span>]][[प्राचीन मिस्र#cite note-112|<span class="mw-reflink-text">[112]</span>]] [[चित्रलिपि लेखन]] का काल करीब 3200 ई.पू. का है और यह करीब 500 प्रतीकों से बना है। चित्रलिपि, एक शब्द, एक ध्वनि या एक मूक निर्धारक का प्रतिनिधित्व कर सकता है; और एक ही प्रतीक भिन्न संदर्भों में भिन्न कार्य कर सकता है। चित्रलिपि एक औपचारिक लिपि थी, जिसका प्रयोग पत्थर के स्मारकों और कब्रों पर किया जाता था, जो कला के व्यक्तिगत कार्य के समान विस्तृत हो सकता था। दैनंदिन लेखन के लिए, लेखकों ने लेखन के एक घसीट रूप का इस्तमाल किया जिसे [[याजकीय]] कहा जाता है, जो द्रुत और आसान था। जबकि औपचारिक चित्रलिपि को किसी भी दिशा में पंक्ति या कॉलम में पढ़ा जा सकता है (हालांकि आम तौर पर दाएं से बाएं ओर लिखा जाता है), याजकीय को आम तौर पर क्षैतिज पंक्तियों में, हमेशा दाएं से बाएं ओर लिखा जाता था। लेखन का एक नया रूप, [[बोलचाल की भाषा]], प्रचलित लेखन शैली बन गई और औपचारिक चित्रलिपि के साथ - लेखन का यही रूप था जो [[रोसेट्टा स्टोन]] पर ग्रीक पाठ के साथ रहा है। {{Citation needed|date= जनवरी 2010}} [[पहली शताब्दी]] के आस-पास, कॉप्टिक वर्णमाला को बोलचाल की भाषा की लिपि के साथ प्रयोग किया जाने लगा। कॉप्टिक एक संशोधित [[ग्रीक वर्णमाला]] है जिसमें कुछ बोलचाल की भाषा के प्रतीकों को शामिल किया गया है।<ref>एलन (2000) पृ. 7</ref> हालांकि औपचारिक चित्रलिपि का इस्तेमाल समारोही भूमिका में [[चौथी शताब्दी]] तक होता रहा है, जिसके अंत तक सिर्फ चंद पुजारी इसे पढ़ सकते थे। जब पारंपरिक धार्मिक प्रतिष्ठानों को भंग कर दिया गया तो चित्रलिपि लेखन का ज्ञान ज्यादातर खो गया। इन्हें समझने के प्रयास बाईज़ान्टिन<ref>लोप्रिनो (2004) पृ. 166</ref> और मिस्र<ref>एल-डैली (2005) पृ. 164</ref> में इस्लामी काल तक होते रहे, पर सिर्फ 1822 में, [[रोसेट्टा पत्थर]] की खोज और [[थॉमस यंग]] और [[जीन फ़्रेक्वोइस चंपोलियन]] के वर्षों के अनुसंधान के बाद चित्रलिपि को लगभग पूरी तरह से समझा जा सका.<ref>एलन (2000) पृ. 8</ref> === साहित्य === {{Main|Ancient Egyptian literature}} [[फाईल:Edwin Smith Papyrus v2.jpg|thumb|upright|right|एडविन स्मिथ शल्य पेपिरस (करीब 16वीं शताब्दी ई.पू.) शरीर रचना विज्ञान और चिकित्सा उपचार का वर्णन करता है और याजकीय में लिखा है। ]] लेखन, पहली बार शाही मकबरों में पाए गए मदों के लिए लेबल और टैग पर राजशाही से सम्बंधित रूप में पाया गया। यह मुख्य रूप से लेखकों का कार्य था, जो ''पर आंख'' संस्था या हाउस ऑफ़ लाइफ से बाहर कार्य करते थे। बाद वाले में शामिल थे कार्यालय, पुस्तकालय (हाउस ऑफ़ बुक्स कहा जाता था), प्रयोगशालाएं और वेधशालाएं.<ref>स्ट्रोहल (1989) पृ. 235</ref> प्राचीन मिस्र के साहित्य के सर्वाधिक ज्ञात खंड, जैसे [[पिरामिड]] और [[ताबूत ग्रन्थ]], शास्त्रीय मिस्र भाषा में लिखे गए हैं, जो 1300 ईसा पूर्व तक लेखन की भाषा बनी रही. बाद में मिस्र भाषा को नवीन साम्राज्य के बाद से बोला गया और यह [[रामेसिद]] प्रशासनिक दस्तावेजों, प्रणय गीतों और कहानियों में और साथ ही बोलचाल की भाषा और कॉप्टिक ग्रन्थों में प्रस्तुत होती है। इस अवधि के दौरान, लेखन की परंपरा कब्र आत्मकथा में विकसित हो चुकी थी, जैसे [[हर्खुफ़]] और [[वेनी]] की. [[सेबायत]] ''(निर्देश)'' के रूप में जानी जाने वाली शैली को मशहूर रईसों के उपदेश और मार्गदर्शन को प्रसारित करने के लिए विकसित किया गया था; [[इपुवेर पपिरुस]], [[प्राकृतिक आपदा]] और सामाजिक क्रांति का वर्णन करती विलाप की एक कविता, एक प्रसिद्ध उदाहरण है। [[मध्यकालीन मिस्र]] में लिखी गई [[स्टोरी ऑफ़ सिनुहे]], मिस्र के साहित्य की शास्त्रीय कृति हो सकती है।<ref>लिष्टहाइम (1975) पृ. 11</ref> इसी समय लिखा गया था [[वेस्टकार पेपिरुस]], पुजारियों द्वारा किये गए चमत्कारों से संबंधित कहानियों की एक श्रृंखला, जिसे [[खुफु]] को उसके बेटों द्वारा सुनाया गया।<ref>लिष्टहाइम (1975) पृ. 215</ref> [[इंस्ट्रक्शन ऑफ़ अमेनेमोपे]] को निकट-पूर्वी साहित्य की एक उत्कृष्ट कृति माना जाता है।<ref>"''विज़डम इन एन्शिएन्ट इज़राइल'' ", जॉन डे/जॉन एड्ने एमेर्टन,/राबर्ट पी. गॉर्डन/ह्यू गोडफ्रे/मेट्युरिन विलियमसन, पृ. 23, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, 1997, ISBN 0-521-62489-4</ref> नवीन साम्राज्य के अंतिम क्षणों में, लोकप्रिय लेखन के लिए [[स्थानीय भाषा]] का प्रयोग अक्सर होने लगा, जैसे [[स्टोरी ऑफ़ वेनामुन]] और [[इंस्ट्रक्शन ऑफ़ एनी]]. पहली वाली कहानी में एक सामंत की कथा है जो देवदार खरीदने के लिए लेबनान जाते समय रास्ते में लूट लिया जाता है और फिर संघर्ष करते हुए मिस्र लौटता है। करीब [[700 ईसा पूर्व]] से, गल्प कहानियों और निर्देशों, जैसे लोकप्रिय इंस्ट्रक्शन्स ऑफ़ ऑंचशेशोंकी और साथ ही व्यक्तिगत और व्यावसायिक दस्तावेजों को [[बोलचाल की भाषा]] की लिपि और मिस्र भाषा के रूप में लिखा गया। [[ग्रीस-रोम]] काल के दौरान बोलचाल की भाषा में लिखी गई कई कहानियाँ पूर्व के ऐतिहासिक युग में आधारित थीं, जब मिस्र एक स्वतंत्र देश था जिस पर महान फैरो का शासन हुआ करता था, जैसे [[रामेसेस II]].<ref>लिष्टहाइम (1980) पृ. 159</ref> == संस्कृति == === दैनिक जीवन === [[फाईल:LowClassAncientEgyptianStatuettes.png|thumb|प्राचीन मिस्र के निम्न वर्गीय व्यवसायों को चित्रित करती मूर्तियां.]] [[फाईल:Ägyptischer Maler um 1400 v. Chr. 001.jpg|thumb|प्राचीन मिस्रवासियों ने एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखा, जो संगीत और नृत्य से लबरेज़ दावतों और त्यौहारों से भरा हुआ था। ]] अधिकांश प्राचीन मिस्रवासी किसान थे जो ज़मीन से बंधे हुए थे। उनके आवास जो सिर्फ सगे पारिवारिक सदस्यों के लिए सीमित थे [[मिट्टी की ईंटों]] से निर्मित थे जो गर्मी के दिनों में ठंडे बने रहते थे। हर घर में खुली छत वाली एक रसोई होती थी, जिसमें आटा पीसने के लिए एक सान और रोटी पकाने के लिए एक छोटा अवन होता था।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 401</ref> दीवारों पर सफेद रंग लगाया जाता था और इन्हें रंगे हुए सन के कपड़े के पर्दे से ढका जा सकता था। फर्श को ईख की चटाई से ढका जाता था, जबकि फर्नीचर में शामिल थे लकड़ी के स्टूल, फर्श से ऊंचा उठा हुआ बिस्तर और व्यक्तिगत टेबल.<ref>मनुलियन (1998) पृ. 403</ref> प्राचीन मिस्रवासी स्वच्छता और प्रस्तुतीकरण को अत्यधिक महत्व देते थे। अधिकांश लोग नील नदी में स्नान करते थे और [[पशु वसा]] और चाक से निर्मित एक लेईदार साबुन का प्रयोग करते थे। सफाई के लिए पुरुष अपने पूरे शरीर की हजामत करते थे और खुशबूदार इत्र और मलहम से दुर्गन्ध को दूर और त्वचा को नरम किया जाता था।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 405</ref> कपड़े, सफेद रंग में प्रक्षालित साधारण सन की शीट से बने होते थे और उच्च वर्ग के पुरुष और महिलाएँ, दोनों विग, गहने और प्रसाधन सामग्री धारण करते थे। बच्चे परिपक्व होने तक बिना कपड़ों के रहते थे, करीब 12 वर्ष की उम्र तक और इस उम्र में पुरुषों का खतना किया जाता था और उनके सिर मुंडा दिए जाते थे। बच्चों की देखभाल का ज़िम्मा मां का होता था, जबकि पिता परिवार को आय प्रदान करते थे।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 406-7</ref> मुख्य आहार में शामिल थी रोटी और बियर, जिसकी पूरक थीं सब्जियाँ जैसे प्याज़ और लहसुन और फल जैसे खजूर और अंजीर. दावत के दिन सभी लोग शराब और मांस का आनंद लेते थे, जबकि उच्च वर्ग अधिक नियमित रूप से इसमें शरीक होता था। मछली, मांस और मुर्गी, नमकीन या सूखी हो सकती थी और इसे दमपुख्त में पकाया जा सकता था या एक ग्रिल पर भुना जा सकता था।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 399-400</ref> संगीत और नृत्य उन लोगों के लिए लोकप्रिय मनोरंजन थे जो उन्हें खरीद सकते थे। आरंभिक वाद्यों में शामिल थी बांसुरी और हार्प, जबकि उपकरण जो तुरही, ओबोस और पाइप के समान थे, बाद में विकसित और लोकप्रिय हुए. नवीन साम्राज्य में, मिस्रवासी घंटी, झांझ, डफ और ड्रम बजाते थे और उन्होंने [[ल्यूट]] और [[वीणा]] को एशिया से आयातित किया।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/furniture/music.html|title=Music in Ancient Egypt|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-date=2008-03-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20080328000007/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/furniture/music.html}}</ref> [[सिस्ट्रम]] एक खड़कता [[संगीत वाद्ययंत्र]] था जो विशेष रूप से धार्मिक समारोह में महत्वपूर्ण था। प्राचीन मिस्रवासी अवकाश में खेल और संगीत सहित कई गतिविधियों का आनंद लेते थे। [[सेनेट]], एक बोर्ड गेम, जिसमें टुकड़े यादृच्छिक मौके के मुताबिक चलते थे, आरंभिक काल से विशेष रूप से लोकप्रिय था; एक और इसी तरह का खेल [[मेहेन]] था, जिसका गेम बोर्ड वृत्ताकार था। करतब दिखाना और [[गेंद के खेल]] बच्चों में लोकप्रिय थे और [[बेनी हसन]] में एक कब्र में कुश्ती को भी प्रलेखित किया गया है।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 126</ref> प्राचीन मिस्र के समाज के धनी सदस्य, शिकार और नौका विहार का भी आनंद लेते थे। [[देर एल-मदीना]] के श्रमिक गांव की खुदाई से सर्वाधिक विस्तारपूर्वक प्रलेखित ऐसे दस्तावेज़ प्राप्त हुए हैं, जो लगभग चार सौ साल की अवधि में फैले प्राचीन विश्व के सामुदायिक जीवन का विवरण प्रस्तुत करते हैं। तुलनात्मक रूप से अन्य कोई ऐसी साइट नहीं है जिसमें संगठन, सामाजिक संपर्क, एक समुदाय के काम करने और जीवन यापन की स्थितियों का इतने विस्तार से अध्ययन किया जा सके.<ref>"''द कैम्ब्रिज एन्शिएन्ट हिस्ट्री: II पार्ट I, द मिडिल ईस्ट एंड द ईजियन रीजन, c.1800-13380 B.C'' ", संपादित आई.ई.एस. एडवर्ड्स-सी.जेगड- एन. जी. एल. हैमंड- ई.सोल्बेर्गेर, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय प्रेस में, पृ. 380, 1973, ISBN 0-521-08230-7</ref> [[फाईल:Hypostyle hall, Karnak temple.jpg|thumb|upright|left|कर्नक मंदिर के हिपो शैली के हॉल, छत के बीम को समर्थन देते हुए मोटे स्तंभ की पंक्तियों के साथ निर्मित हैं]] === वास्तु === [[फाईल:S F-E-CAMERON EGYPT 2006 FEB 00289.JPG|thumb|300px|एड्फु में सुसंरक्षित होरुस के मंदिर, मिस्र के वास्तुशिल्प का एक नमूना है। ]] {{Main|Ancient Egyptian architecture}} प्राचीन मिस्र की वास्तुकला में दुनिया भर की कुछ सबसे प्रसिद्ध संरचनाएं शामिल हैं: जैसे [[गीज़ा के महान पिरामिड]] और [[थेब्स के मंदिर]]. न केवल धार्मिक और याद किये जाने के उद्देश्य से निर्माण परियोजनाओं को राज्य द्वारा संगठित और वित्त पोषित किया जाता था, बल्कि फैरो की शक्ति को पुनर्स्थापित करने के लिए भी किया जाता था। प्राचीन मिस्रवासी दक्ष निर्माणकर्ता थे; साधारण परन्तु प्रभावी उपकरणों और दर्शनीय उपकरणों का प्रयोग करके, वास्तुकार बड़ी सटीकता और परिशुद्धता से विशाल [[पत्थर की संरचनाएं]] बना सकते थे।<ref>क्लार्क (1990) पृ. 94-7</ref> मिस्र के अभिजात वर्ग और सामान्य वर्ग के लोगों के घरेलू आवास नष्ट हो जाने वाली चीज़ों, जैसे मिट्टी की इंटों और लकड़ी से बनाए जाते थे, जिनके अवशेष आज नही बचे। कृषक वर्ग साधारण घरों में रहते थे, जबकि विशिष्ट वर्गों के महलों की संरचना व्यापक और भव्य हुआ करती थी। नवीन साम्राज्य के महलों के बचे हुए कुछ अवशेष, जैसे जो [[मालकाटा]] और [[अमर्ना]] में हैं, दीवार और ज़मीन पर भव्य सजावट प्रदर्शित करते हैं, जिस पर मनुष्यों, पक्षियों, जल प्रपातों, देवताओं और ज्यामितीय आकारों के चित्र अंकित हैं।<ref>बदावी (1968) पृ. 50</ref> महत्वपूर्ण संरचनाएं, जैसे मंदिर और मकबरे, जिनके चिरकाल तक बने रहने की संभावना थी, उन्हें इंटों के बजाय पत्थरों से निर्मित किया गया। विश्व की पहली विशाल पैमाने की पत्थर की संरचना, [[जोसर]] का मुर्दाघर परिसर के वास्तु तत्त्व में शामिल है - पेपिरस और कमल रूपांकन में चौकी और [[लिंटेल]] का समर्थन. प्राचीन मिस्र के सबसे आरंभिक संरक्षित मंदिर, जैसे जो गीज़ा में हैं, एक एकल, बंद हॉल से निर्मित हैं, जिसमें कॉलम द्वारा समर्थित छत के स्लैब हैं। नवीन साम्राज्य में, वास्तुकारों ने [[तोरण]], खुले आंगन और मंदिर परिसर के सामने [[हिपोशैली]] के हॉल जोड़े, यह शैली ग्रीस-रोमन काल तक मानक बनी रही.<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/temple/typestime.html|title=Types of temples in ancient Egypt|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-date=2008-03-19|archive-url=https://web.archive.org/web/20080319233620/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/temple/typestime.html}}</ref> प्राचीन साम्राज्य में सबसे आरंभिक और लोकप्रिय कब्र वास्तुकला [[मस्तबा]] थी, जो भूमिगत [[दफन कक्ष]] के ऊपर मिट्टी की ईंट या पत्थर से बनी हुई एक सपाट-छत वाली आयताकार संरचना थी। जोसर का [[स्टेप पिरामिड]], एक के ऊपर एक रखे पत्थर के मस्तबा की एक श्रृंखला है। पिरामिड का निर्माण प्राचीन और मध्य साम्राज्य के दौरान हुआ था, लेकिन बाद के शासकों ने उन्हें त्यागते हुए अपेक्षाकृत कम सुस्पष्ट चट्टान को काट कर बनाई गई कब्र को तरजीह दी.<ref>डोडसन (1991) पृ. 23</ref> === कला === [[फाईल:Nefertiti 30-01-2006.jpg|thumb|upright|मूर्तिकार थुटमोस द्वारा नेफेरटीटी की अर्ध प्रतिमा, प्राचीन मिस्र की कला की सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से एक है। ]] {{Main|Art of Ancient Egypt}} प्राचीन मिस्रवासियों ने कार्यात्मक प्रयोजनों को पूरा करने के लिए कला का निर्माण किया। करीब 3500 वर्षों से अधिक तक, कलाकारों ने प्राचीन साम्राज्य के दौरान विकसित कलात्मक रूपों और प्रतिमा‍ विज्ञान का अनुसरण किया जिसमें उन्होंने कट्टर सिद्धांतों का पालन किया, जो विदेशी प्रभाव और आंतरिक परिवर्तन का विरोध करता था।<ref>रोबिन्स (1997) पृ. 29</ref> इन कलात्मक मानकों - सरल रेखाओं, आकार और स्थानिक गहराई के बिना आकृतियों के सपाट चित्रण के साथ संयुक्त, रंग के सपाट क्षेत्र - ने एक संरचना के भीतर क्रम और संतुलन की भावना पैदा की. छवियों और पाठ को कब्र और मंदिर की दीवारों, ताबूतों, प्रस्तर-पट्ट और मूर्तियों पर भी बड़ी बारीकी से गूंथा गया। उदाहरण के लिए, [[द नार्मर रंगपट्टिका]] ऐसी आकृतियाँ दिखाता है जिन्हें चित्रलिपि के रूप में भी पढ़ा जा सकता है।<ref>रोबिन्स (1997) पृ. 21</ref> उन कठोर नियमों के कारण जो इसकी उच्च सुन्दरता और प्रतीकात्मक रूप को नियंत्रित करते थे, प्राचीन मिस्र की कला ने अपने राजनीतिक और धार्मिक प्रयोजनों को सटीकता और स्पष्टता के साथ निष्पादित किया।<ref>रोबिन्स (2001) पृ. 12</ref> प्राचीन मिस्र के कारीगरों ने प्रतिमाओं और बारीक नक्काशियों को बनाने के लिए पत्थर का इस्तेमाल किया, लेकिन उन्होंने लकड़ी का प्रयोग एक सस्ते और आसानी से तराशे जाने वाले स्थानापन्न के रूप में किया। पेंट को खनिजों से प्राप्त किया जाता था, जैसे लौह अयस्क (लाल और पीले गेरू), तांबा अयस्क (नीला और हरा), काजल या लकड़ी का कोयला (काला) और चूना पत्थर (सफ़ेद). पेंट को एक बंधक के रूप में [[अरबी गोंद]] के साथ मिलाया जा सकता था और केक के लिए दबाया जा सकता था, जिसे ज़रूरत पड़ने पर पानी से सिक्त किया जा सकता था।<ref>निकोल्सन (2000) पृ. 105</ref> फैरोओं ने नक्काशियों का इस्तेमाल लड़ाई में मिली जीत, शाही फरमान और धार्मिक दृश्यों को दर्ज करने के लिए किया। आम नागरिकों की पहुँच [[अंत्येष्टि कला]] के नमूनों तक थी, जैसे [[शब्ती]] प्रतिमाएँ और मृतकों की पुस्तकें, जो उन्हें विश्वास था मृत्यु के बाद उनकी रक्षा करेंगी.<ref name="James122">जेम्स (2005) पृ. 122</ref> मध्य साम्राज्य के दौरान, कब्र में जोड़े गए रोज़मर्रा की जिंदगी से चित्रों को उकेरते लकड़ी या मिट्टी के मॉडल, लोकप्रिय हुए. मृत्यु-पश्चात की गतिविधियों की नकल करने की कोशिश में, इन मॉडलों में मज़दूर, मकान, नावें और यहाँ तक कि सैन्य संरचनाएं भी प्रदर्शित की गई हैं, जो प्राचीन मिस्र के आदर्श पुनर्जन्म का रेखाचित्रीय प्रस्तुतीकरण हैं।<ref>रोबिन्स (1998) पृ. 74</ref> प्राचीन मिस्र की कला की समरूपता के बावजूद, किसी विशिष्ट समय और स्थानों की शैली, कभी-कभी परिवर्तित होते सांस्कृतिक या राजनीतिक नज़रिए को प्रतिबिंबित करती है। दूसरे मध्यवर्ती काल में हिक्सोस के आक्रमण के बाद, [[मिनोन]] शैली के भित्तिचित्र [[अवारिस]] में पाए गए हैं।<ref>शॉ (2002) पृ. 216</ref> कलात्मक स्वरूपों में एक राजनीतिक प्रेरित परिवर्तन का सबसे स्पष्ट उदाहरण अमर्ना अवधि से प्राप्त होता है, जहाँ आकृतियों को [[अखेनाटेन]] के क्रांतिकारी धार्मिक विचारों के अनुरूप ढालने के लिए समूल रूप से परिवर्तित कर दिया गया।<ref>रोबिन्स (1998) पृ. 149</ref> [[अमर्ना कला]] के रूप में जानी जाने वाली इस शैली को अखेनाटेन की मौत के बाद शीघ्र और पूरी तरह से मिटा दिया गया और इसकी जगह पारंपरिक शैली ने ले ली.<ref>रोबिन्स (1998) पृ. 158</ref> === धार्मिक विश्वास === {{Main|Ancient Egyptian religion}} [[फाईल:BD Hunefer.jpg|thumb|300px|द बुक ऑफ़ द डेड, मृयु-पश्चात मृतक की यात्रा के बारे में एक गाइड थी।]] परमात्मा और पुनर्जन्म में विश्वास, प्राचीन मिस्र की सभ्यता की स्थापना काल से ही गहरे जमे हुए थे; फैरो का शासन, [[राजाओं के दैवीय अधिकारों]] पर आधारित था। मिस्र के देवालय उन देवताओं से आच्छादित हैं जिनके पास अलौकिक शक्तियाँ थीं और जिन्हें मदद या संरक्षण के लिए आह्वान किया जाता था। तथापि, देवताओं को हमेशा उदार के रूप में नहीं देखा जाता था और मिस्रवासियों का मानना था कि उन देवताओं को प्रसाद और पूजा के द्वारा संतुष्ट करना पड़ता है। पदानुक्रम में नए देवताओं को पदोन्नत किये जाने के कारण, इस देवालय का ढांचा लगातार बदलता रहा, लेकिन पुजारियों ने विविध और कभी-कभी परस्पर विरोधी [[उत्पत्ति मिथकों]] और कहानियों को एक सुसंगत प्रणाली में संगठित करने का कोई प्रयास नहीं किया।<ref>जेम्स (2005) पृ. 102</ref> देवत्व की इन विभिन्न धारणाओं को विरोधी नहीं माना जाता था, बल्कि वास्तविकता के विभिन्न पहलुओं की परतें माना जाता था।<ref>"''द ऑक्सफोर्ड गाइड: एसेन्शिअल गाइड टु इजिप्शन माइथोलोजी'', " [[डोनाल्ड बी रेडफोर्ड]] द्वारा संपादित पृ. 106, बर्कली, 2003, ISBN 0-425-19096-X</ref> [[फाईल:Ka Statue of horawibra.jpg|thumb|upright|left|Ka प्रतिमा, प्रकट करने के लिए Ka को एक भौतिक स्थान प्रदान करती है। ]] देवताओं की पूजा पंथ मंदिरों में की जाती थी, जिसे राजा के निमित्त कार्य कर रहे पुजारियों द्वारा प्रशासित किया जाता था। मंदिर के केन्द्र में एक पुण्यस्थान पर पंथ प्रतिमा होती थी। मंदिर, सार्वजनिक पूजा या मण्डली के स्थान नहीं थे और सिर्फ दावत और समारोह के चुनिन्दा दिन, देवता की मूर्ति के साथ पुण्यस्थान को सार्वजनिक पूजा के लिए मंदिर से बाहर लाया जाता था। आम तौर पर, भगवान का इलाका, बाहर की दुनिया से कटा हुआ था और अभिगम, सिर्फ मंदिर के अधिकारियों को सुलभ था। आम नागरिक, अपने घरों में निजी मूर्तियों की पूजा कर सकते थे और अराजक शक्तियों के खिलाफ, ताबीज सुरक्षा प्रदान करते थे।<ref>जेम्स (2005) पृ. 117</ref> नवीन साम्राज्य के बाद, एक आध्यात्मिक मध्यस्थ के रूप में फैरो की भूमिका पर बल देना कम हो गया, क्योंकि धार्मिक संस्कारों का झुकाव, देवताओं की प्रत्यक्ष पूजा करने की ओर स्थानांतरित हो गया। परिणामस्वरूप, पुजारियों ने लोगों तक देवताओं की इच्छा के सीधे सम्प्रेषण के लिए [[ऑरेकल]] की एक प्रणाली विकसित की.<ref name="Shaw313">शॉ (2002) पृ. 313</ref> मिस्रवासियों का मानना था कि हर इंसान शारीरिक और आध्यात्मिक हिस्सों या ''पहलुओं'' से बना है। शरीर के अलावा, प्रत्येक व्यक्ति में एक ''šwt'' (परछाईं), एक ''ba'' (व्यक्तित्व या आत्मा), एक ''ka'' (प्राण-शक्ति) और एक ''नाम'' होता है।<ref>एलन (2000) पृ. 79, 94-5</ref> दिल को, न कि दिमाग को विचारों और भावनाओं का स्थान माना जाता था। मृत्यु के बाद, आध्यात्मिक पहलू शरीर से मुक्त हो जाते थे और अपनी इच्छा से घूम सकते थे, लेकिन एक स्थायी घर के रूप में उन्हें शारीरिक अवशेषों (या एक मूर्ति के रूप में एक विकल्प) की आवश्यकता होती थी। एक मृतक का अंतिम लक्ष्य अपने ''ka'' और ''ba'' से फिर से मिलकर "धन्य मृतक" बन जाने का होता था, जो फिर एक ''akh'' या "एक प्रभावी" के रूप में जीता था। ऐसा घटित होने के लिए, मृतक को एक मुकदमे में योग्य घोषित होना चाहिए, जिसमें हृदय को "सत्य के पंख" के खिलाफ तोला जाता था। यदि योग्य समझा गया तो मृतक, आध्यात्मिक रूप में पृथ्वी पर अपने अस्तित्व को जारी रख सकते थे।<ref>वासरमन, ''एट. आल'' (1994) पृ. 150-3</ref> [[फाईल:tutmask.jpg|thumb|upright|right|फैरो की कब्र में प्रचुर धन रखा जाता था, जैसे तुतनखामुन की ममी से मिला यह स्वर्ण मुखौटा]] === दफन प्रथा === {{Main|Ancient Egyptian burial customs}} प्राचीन मिस्रवासियों ने दफन की एक विस्तृत प्रथा को बनाए रखा था, जो उनके विश्वास के अनुसार मौत के बाद अमरत्व को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक थी। इन प्रथाओं में शामिल था [[ममीकरण]] द्वारा शरीर का परिरक्षण, दफन संस्कारों का निष्पादन और शरीर के साथ-साथ मृत्यु के बाद मृतक द्वारा प्रयोग की जाने वाली वस्तुओं का प्रवेश.<ref name="James122" /> प्राचीन साम्राज्य से पहले, रेगिस्तानी गड्ढे में दफनाए गए शव, स्वाभाविक रूप से [[शुष्कीकरण]] द्वारा संरक्षित होते थे। बंजर, रेगिस्तानी परिस्थितियां, गरीबों की अंत्येष्टि के लिए प्राचीन मिस्र के पूरे इतिहास में एक वरदान बनी रही, जो कुलीन वर्ग को उपलब्ध व्यापक दफन आयोजनों को वहन नहीं कर सकते थे। अमीर मिस्रवासियों ने अपने मृतकों को पत्थर की कब्रों में दफनाना शुरू किया और परिणामस्वरूप, उन्होंने कृत्रिम ममीकरण का उपयोग किया, जिसके तहत [[आंतरिक अंगों]] को हटाया जाता था, शरीर को सन में लपेटा जाता था और उसे एक आयताकार सर्कोफैगस पत्थर या लकड़ी के ताबूत में दफन किया जाता था। कुछ अंगों को अलग से [[केनोपिक जार]] में संरक्षित करना चौथे राजवंश में शुरू हुआ।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/mummy/ok.html|title=Mummies and Mummification: Old Kingdom|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-date=2014-11-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20141107132531/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/mummy/ok.html}}</ref> [[फाईल:Anubis attending the mummy of Sennedjem.jpg|thumb|left|अनूबिस, प्राचीन मिस्र के ममीकरण और अंत्येष्टि संस्कार से जुड़े देवता थे, यहाँ, वे एक ममी को देख रहे हैं। ]] नवीन साम्राज्य तक, प्राचीन मिस्रवासियों ने ममीकरण की कला को निखार लिया था; बेहतरीन तकनीक में 70 दिन लगते थे, जिसके तहत आंतरिक अंगों को हटाया जाता था, नाक के माध्यम से मस्तिष्क को हटाया जाता था और नमक के एक मिश्रण में, जिसे [[नाट्रन]] कहते थे, शरीर को सुखाया जाता था। इसके बाद शरीर को सन के कपड़े में लपेटा जाता था जिसकी परतों के बीच सुरक्षा ताबीज़ को डाला जाता था और फिर उसे एक सुसज्जित मानव रूप के ताबूत में रखा जाता था। उत्तरार्ध काल के ममी को भी चित्रित [[कार्टोनेज]] के ममी के खोल में रखा जाता था। परिरक्षण की वास्तविक प्रथाओं को टोलेमिक और रोमन युग के दौरान त्याग दिया गया और ज्यादा ज़ोर ममी के बाहरी स्वरूप पर दिया जाने लगा जिसे सजाया जाता था।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/mummy/late.html|title=Mummies and Mummification: Late Period, Ptolemaic, Roman and Christian Period|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-date=2008-03-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20080330041612/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/mummy/late.html}}</ref> अमीर मिस्रवासियों को विलासिता की अधिक वस्तुओं के साथ दफनाया जाता था, पर सभी अंत्येष्टियों में, सामाजिक स्थिति की लिहाज ना करते हुए, मृतक के लिए सामान शामिल होता था। नवीन साम्राज्य शुरू होते हुए, [[मृतक की पुस्तकों]] को कब्र में शामिल किया गया, जिसके साथ [[शब्ती]] प्रतिमाएँ होती थीं जो, ऐसा विश्वास था कि मृत्यु-पश्चात मृतक के लिए शारीरिक श्रम करती थीं।<ref>{{cite web|url=http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/burialcustoms/shabtis.html|title=Shabtis|accessdate=2008-03-09|publisher=Digital Egypt for Universities, University College London|archive-date=2008-03-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20080324044813/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/burialcustoms/shabtis.html}}</ref> ऐसे संस्कार जिसमें मृतक को जादुई तरीके से पुनः जीवित किया जाता था, अंत्येष्टि का हिस्सा थे। दफनाने के बाद, जीवित रिश्तेदार, मृतक के निमित्त कभी-कभी कब्र पर भोजन लाते थे और प्रार्थना करते थे।<ref>जेम्स (2005) पृ. 124</ref> === सेना === {{Main|Military history of Ancient Egypt}} [[फाईल:Egyptian-Chariot.png|thumb|right|मिस्र का एक रथ.]] प्राचीन मिस्र की सेना, विदेशी आक्रमण के खिलाफ मिस्र की रक्षा करने और [[निकट-पूर्व]] में मिस्र के वर्चस्व को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार थी। सेना ने प्राचीन साम्राज्य के दौरान सिनाई में खनन अभियानों को संरक्षित किया और पहले और दूसरे मध्यवर्ती काल के दौरान गृह युद्ध लड़ा. महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों की किलेबंदी बनाए रखने के लिए सेना जिम्मेदार थी, जैसा कि नूबिया के रास्ते में [[बुहेन]] शहर में पाया गया। सैन्य ठिकानों के रूप में भी किलों का निर्माण किया गया, जैसे सिले का किला, जो [[लेवांट]] अभियानों के लिए एक संचालन अड्डे का काम करता था। नवीन साम्राज्य में, एक श्रृंखला में कई फैरोओं ने मिस्र की खड़ी सेना का उपयोग [[कुश]] और लेवांट के कुछ हिस्सों पर हमला करने और विजय हासिल करने के लिए किया।<ref>शॉ (2002) पृ. 245</ref> विशिष्ट सैन्य उपकरणों में शामिल थे [[धनुष और तीर]], भाले और एक लकड़ी के फ्रेम पर [[पशुओं की त्वचा]] को खींच कर बनाई गई गोल ढाल. नवीन साम्राज्य में, सेना ने रथ का उपयोग शुरू किया जिसे पूर्व में हिक्सोस आक्रमणकारियों ने शुरू किया था। पीतल को अपनाने के बाद शस्त्र और कवच में सुधार होता रहा: ढाल को अब ठोस लकड़ी से बनाया जाने लगा, जिसमें कांसे का बकल लगा होता था, तीर की नोक पर कांसा लगाया जाता था और एशियाई सैनिकों से [[खोपेश]] अपनाया गया।<ref>मनुलियन (1998) पृ. 366-67</ref> फैरो को कला और साहित्य में आम तौर पर सेना के आगे सवार चित्रित किया गया और ऐसे सबूत मौजूद हैं जो सिद्ध करते हैं कि कम से कम कुछ फैरो, जैसे [[सिक्वेनेनर ताओ II]] और उसके बेटे, ऐसा करते थे।<ref>क्लेटन (1994) पृ. 96</ref> सैनिकों को आम जनता से भर्ती किया जाता था, पर नवीन साम्राज्य के दौरान और खासकर बाद में, नूबिया, कुश और लीबिया से भाड़े के लड़ाकुओं को मिस्र के लिए लड़ने के लिए लिया गया।<ref>शॉ (2002) पृ. 400</ref> == प्रौद्योगिकी, चिकित्सा आरू गणित == === प्रौद्योगिकी === {{Main|Ancient Egyptian technology}} प्रौद्योगिकी में, चिकित्सा और गणित में, प्राचीन मिस्र ने उत्पादकता और परिष्कार के एक अपेक्षाकृत उच्च स्तर को प्राप्त किया। पारंपरिक [[अनुभववाद]], जैसा कि [[एडविन स्मिथ]] और [[एबेर्स पपिरी]] द्वारा प्रमाणित हुआ (लगभग 1600 ईसा पूर्व), उसका पहला श्रेय मिस्र को जाता है और [[वैज्ञानिक पद्धति]] की जड़ें भी प्राचीन मिस्र से प्रसारित हुई. {{Citation needed|date=June 2009}} मिस्रवासियों ने अपनी खुद की वर्णमाला और [[दशमलव प्रणाली]] विकसित की. [[फाईल:Egyptian glass jar.jpg|thumb|left|upright|कांच-निर्माण एक उच्च विकसित कला थी।]] === चीनी मिट्टी आरू कांच === प्राचीन साम्राज्य से पहले ही, प्राचीन मिस्रवासियों ने कांच के समान एक पदार्थ विकसित किया जिसे [[फाएंस]] कहते हैं, जिसे वे कृत्रिम अर्द्ध कीमती पत्थर का एक प्रकार मानते थे। फाएंस, [[सिलिका]], [[चूना]] और [[सोडा]] की अल्प मात्रा और एक रंजक, आमतौर पर तांबा से बना एक गैर मिट्टी का सेरामिक है।<ref>निकोल्सन (2000) पृ. 177</ref> इस पदार्थ का प्रयोग मोती, टाईल्स, मूर्तियाँ और छोटी सामग्रियाँ बनाने के लिए किया जाता था। फाएंस निर्माण करने के लिए कई तरीकों का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन आम तौर पर निर्माण प्रक्रिया में एक पेस्ट के रूप में पाउडर सामग्री को एक मिट्टी के कोर पर प्रयोग किया जाता है, जिसे फिर आग में जलाया जाता है। एक संबंधित तकनीक द्वारा, प्राचीन मिस्रवासी [[इजिप्शन ब्लू]] नाम के एक वर्णक का उत्पादन करते थे जिसे ब्लू फ्रिट भी कहा जाता है, जिसे सिलिका, तांबा, चूना और नैट्रन जैसे क्षार के मिश्रण (या [[सिंटरिंग]]) द्वारा निर्मित किया जाता था। उत्पाद को पीसा जा सकता है और एक वर्णक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।<ref>निकोल्सन (2000) पृ. 109</ref> प्राचीन मिस्रवासी महान कौशल के साथ कांच से विभिन्न वस्तुओं को ढाल सकते थे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने इस प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से विकसित किया था।<ref>निकोल्सन (2000) पृ. 195</ref> यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने अपने खुद के कच्चे शीशे को निर्मित किया या केवल पूर्व-निर्मित सिल्लियों का आयात किया, जिसे उन्होंने बाद में पिघलाया और स्वरूप दिया. तथापि, वस्तुएं बनाने में उन्हें निश्चित रूप से तकनीकी विशेषज्ञता हासिल थी, साथ ही साथ, तैयार ग्लास के रंग को नियंत्रित करने के लिए [[संकेत तत्वों]] को जोड़ने में भी कुशल थे। विविध रंगों का उत्पादन किया जा सकता था, जिसमें शामिल थे पीला, लाल, हरा, नीला, बैंगनी और सफेद और शीशे को या तो पारदर्शी या अपारदर्शी बनाया जा सकता था।<ref>निकोल्सन (2000) पृ. 215</ref> === औषधि === {{Main|Ancient Egyptian medicine}} [[फाईल:Ancient Egyptian medical instruments.jpg|thumb|कोम ओम्बो में मंदिर पर टोलेमिक अवधि के शिलालेख में चित्रित प्राचीन मिस्र के चिकित्सा उपकरण.]] प्राचीन मिस्रवासियों की चिकित्सा समस्याएँ सीधे उनके वातावरण से जनित थीं। नील नदी के पास रहने और काम करने से [[मलेरिया]] और कमज़ोर बनाने वाले [[सिस्टोसोमिआसिस]] परजीवी का हमला होता रहता था, जो जिगर और पेट को नष्ट कर देता था। मगरमच्छ और दरियाई घोड़े जैसे खतरनाक वन्यजीवों का भी एक आम खतरा मंडराता रहता था। आजीवन चलने वाली खेती और निर्माण कार्यों का दबाव, रीढ़ की हड्डी और जोड़ों पर असर डालता था और निर्माण कार्यों और युद्ध जनित दर्दनाक चोटें शरीर को घातक नुकसान पहुँचाती थीं। पत्थर से पीसे गए आटे की कंकरी और रेत से दांतों में खरोंच आती थी, जिससे वे [[फोड़ों]] के प्रति संवेदनशील हो जाते थे (हालांकि [[अस्थिक्षय]] दुर्लभ थे).<ref>फाइलर (1995) पृ. 94</ref> जो धनाढ्य थे उनके आहार में शक्कर की मात्रा अधिक होती थी, जो [[पेरियोडेंटल रोग]] को जन्म देती थी।<ref>फाइलर (1995) पृ. 78-80</ref> कब्र की दीवारों पर चाटुकारितापूर्ण शरीर के चित्रण के बावजूद, उच्च वर्ग की कई वज़नदार ममी से जीवन में अत्यधिक भोजन से पड़ने वाला प्रभाव साफ़ दिखता है।<ref>फाइलर (1995) पृ. 21</ref> वयस्क [[जीवन प्रत्याशा]] पुरुषों के लिए करीब 35 था और महिलाओं के लिए 30, पर वयस्क उम्र तक पहुँचना मुश्किल था क्योंकि एक तिहाई आबादी शैशवावस्था में ही मृत्यु को प्राप्त हो जाती थी।<ref>आंकड़े ''वयस्क'' जीवन प्रत्याशा के लिए दिए गए हैं और ''जन्म के समय'' जीवन प्रत्याशा को प्रतिबिंबित नहीं करते. फाइलर (1995) पृ. 25</ref> प्राचीन मिस्र के चिकित्सक अपने उपचार कौशल के लिए प्राचीन निकट-पूर्व में प्रसिद्ध थे और कुछ, जैसे [[इम्होटेप]], अपनी मृत्यु के बाद भी लंबे समय तक प्रसिद्ध रहे.<ref>फाइलर (1995) पृ. 39</ref> [[हेरोडोटस]] ने टिप्पणी की है कि मिस्र के चिकित्सकों में विशेषज्ञता का एक उच्च स्तर था, जहाँ कुछ चिकित्सक सिर्फ सिर या पेट का उपचार करते थे जबकि अन्य आंखों के डॉक्टर और दंत चिकित्सक थे।<ref>स्ट्रोहल (1989) पृ. 243</ref> चिकित्सकों का प्रशिक्षण ''पर आंख'' या "हाउस ऑफ़ लाइफ" में होता था, उल्लेखनीय रूप से जिनका मुख्यालय नवीन साम्राज्य में [[पर-बस्तेट]] में और उत्तरार्ध काल में [[अबिडोस]] और [[साइस]] में था। [[चिकित्सा पापिरी]] से शरीर रचना विज्ञान, चोटों और व्यावहारिक उपचार का [[अनुभवजन्य ज्ञान]] प्रदर्शित होता है।<ref>स्ट्रोहल (1989) पृ. 244-46</ref> ज़ख्मों का पट्टी बांधकर उपचार किया जाता था जिसमें कच्चे मांस, सफेद सन, टांके, जाली, पैड और संक्रमण रोकने के लिए मधु में लिपटा फाहा प्रयोग किया जाता था, जबकि दर्द को कम करने के लिए अफीम दिया जाता था। अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए [https://www.healthylifestylehome.com/2020/06/benifits-of-garlic-in-hindi.html लहसुन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210302225631/https://www.healthylifestylehome.com/2020/06/benifits-of-garlic-in-hindi.html |date=2021-03-02 }} और प्याज का नियमित रूप से इस्तेमाल किया जाता था और इसके प्रयोग को [[अस्थमा]] से छुटकारा का एक उपाय माना जाता था। प्राचीन मिस्र के शल्य-चिकित्सक ज़ख्म सिलते थे, [[टूटी हड्डियों]] को जोड़ते थे और रोगग्रस्त अंग को काटते थे, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ चोटें इतनी गंभीर होती थीं कि वे रोगी को उसके मरने तक केवल आराम पहुँचा सकते थे।<ref>फाइलर (1995) पृ. 38</ref> === जहाज निर्माण === {{Main|Shipbuilding}} आरंभिक [[मिस्र]]वासियों को करीब 3000 ईसा पूर्व के आस-पास यह जानकारी थी कि कैसे लकड़ी के पटरों को एक [[जहाज पेटा]] बनाने के लिए इकट्ठे जोड़ा जाता है। [[अमेरिकी पुरातत्व संस्थान]]<ref name="AIA">वार्ड, चेरिल. "[http://www.archaeology.org/0105/abstracts/abydos3.html World's Oldest Planked Boats] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121119002030/http://www.archaeology.org/0105/abstracts/abydos3.html |date=2012-11-19 }}", ''[[पुरातत्व]]'' में (54 खंड, संख्या 3, मई/जून 2001). [[अमेरिकी पुरातत्व संस्थान.]]</ref> ने खबर दी कि पता लगाए गए अब तक के सबसे पुराने जहाजों को, [[अबिडोस]] में खोजे गए 14 जहाज का एक समूह, लकड़ी के पटरों को एक साथ सिल कर बनाया गया था। [[न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय]]<ref name="AIA2">शूस्टर, एंजेला एम.एच.""[http://www.archaeology.org/online/news/abydos.html This Old Boat] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110605225939/http://www.archaeology.org/online/news/abydos.html |date=2011-06-05 }}", 11 दिसम्बर 2000. [[अमेरिकी पुरातत्व संस्थान.]]</ref> के इजिप्टोलोजिस्ट डेविड ओ'कॉनर द्वारा की गई इस खोज में पाया गया कि गूंथे गए [[फीतों]] को पटरों को एक साथ जोड़े रखने के लिए इस्तेमाल किया गया,<ref name="AIA" /> और पटरों के बीच भरा पाया गया [[नरकट]] या [[घास]] जोड़ों को सील करने में मदद करता था।<ref name="AIA" /> चूंकि सभी जहाजों को एक साथ और [[खासेखेमी फैरो]]<ref name="AIA2" /> के मुर्दाघर के पास दफन किया गया है, माना जाता है कि मूल रूप से वे सभी उसी के थे, लेकिन 14 जहाजों में से एक का काल 3000 ई.पू. का है,<ref name="AIA2" /> और जहाज के साथ दफ़न किये गए संबद्ध मिट्टी के मर्तबान भी पूर्व की तारीख को सुझाते हैं।<ref name="AIA2" /> 3000 ईसा पूर्व की अवधि वाला जहाज 75 फीट लम्बा है<ref name="AIA2" /> और अब यह माना जाता है कि यह शायद किसी पहले के फैरो से संबंधित है।<ref name="AIA2" /> प्रोफेसर ओ'कॉनर के अनुसार, 5000 साल पुराना यह जहाज संभवतः [[अहा फैरो]] का हो.<ref name="AIA2" /> आरंभिक मिस्रवासी यह भी जानते थे कि कैसे [[लकड़ी के गुज्झों]] के उपयोग से पटरों को एक साथ बांधा जा सकता है और [[अलकतरे]] के प्रयोग से संधियों को [[संदबंद]] किया जा सकता है। "[[खुफु जहाज]]", एक 43.6-मीटर पोत जिसे 2500 ई.पू. के आस-पास [[चौथे राजवंश]] में [[गीज़ा पिरामिड परिसर]] में [[गीज़ा के महान पिरामिड]] के नीचे एक गड्ढे में गाड़ दिया गया था, एक पूर्ण-आकार का जीवित उदाहरण है, जिसने संभवतः [[सौर बार्क]] का प्रतीकात्मक कार्य पूरा किया हो. आरंभिक मिस्रवासी यह भी जानते थे कि कैसे इस जहाज के पटरों को [[चूल और खांचा]] सन्धियों से एक साथ बांधा जाए.<ref name="AIA" /> आसानी से नौगम्य नील नदी पर चलने के लिए विशाल नौकाओं का निर्माण करने की प्राचीन मिस्र की क्षमता के बावजूद, उन्हें अच्छे नाविक के रूप में नहीं जाना जाता है और वे भूमध्य या लाल सागर में व्यापक नौकायन या पोत-परिवहन में संलग्न नहीं होते थे। === गणित === {{Main|Egyptian mathematics}} गणितीय गणना का सबसे आरंभिक अनुप्रमाणित उदाहरण, पूर्व-राजवंशीय [[नाकाडा]] अवधि में मिलता है और एक पूरी तरह से विकसित [[अंक प्रणाली]] को दर्शाता है।<ref>उपलब्ध सामग्री की अपूर्णता और खोजे गए ग्रन्थों के विस्तृत अध्ययन के अभाव के कारण मिस्र के गणित की समझ अधूरी है। इम्हौसेन ''एट अल.'' (2007) पृ. 13</ref> एक शिक्षित मिस्रवासी के लिए गणित का महत्व नवीन साम्राज्य के एक काल्पनिक पत्र द्वारा परिलक्षित होता है जिसमें लेखक, अपने और एक अन्य लेखक के बीच दैनिक गणना के कार्यों, जैसे श्रम, अनाज और भूमि के हिसाब से संबंधित एक प्रतियोगिता का प्रस्ताव रखता है।<ref>इम्हौसेन ''एट अल.'' (2007) पृ. 11</ref> [[रिंद मैथमेटिकल पेपिरस]] और [[मॉस्को मैथमेटिकल पेपिरस]] यह दर्शाते हैं कि प्राचीन मिस्रवासी, चार बुनियादी गणितीय संक्रियाओं को कर सकते थे - जोड़, घटाव, गुणा और विभाजन - अपूर्णांक का उपयोग, बक्से और पिरामिड के परिमाण की गणना और आयतों, त्रिकोण, वृत्त और यहाँ तक कि चक्र के तल-क्षेत्रफल की गणना भी कर सकते थे। {{Citation needed|date= फ़रवरी 2009}} वे [[बीजगणित]] और [[ज्यामिति]] की आधारभूत अवधारणाओं को समझते थे और [[युगपत समीकरण]] के सरल सेट को हल कर सकते थे।<ref>क्लार्क (1990) पृ. 222</ref> {{hiero | {{frac|2|3}} | <hiero>D22</hiero>| align=right| era=default}} [[गणितीय संकेतन]] दशमलव था और दस लाख तक दस के प्रत्येक घात के प्रतीकात्मक संकेत पर आधारित था। इनमें से प्रत्येक को इच्छित संख्या तक जोड़ कर पहुँचने के लिए आवश्यकतानुसार कई बार लिखा जा सकता था; यानी संख्या अस्सी या आठ सौ को लिखने के लिए, दस या सौ के संकेत को क्रमशः आठ बार लिखा जाता था।<ref>क्लार्क (1990) पृ. 217</ref> चूंकि उनकी गणना के तरीके से एक से अधिक गणक के अधिकांश अपूर्णांक को संभाला नहीं जा सकता था, [[प्राचीन मिस्र के अपूर्णांक]] को कई अपूर्णांक के जोड़ के रूप में लिखा जाता था। उदाहरण के लिए, अपूर्णांक दो बटा पांच को, एक बटा तीन + एक बटा पन्द्रह के जोड़ में हल किया जाता था; इसे मूल्यों की मानक सूची से आसान किया जाता था।<ref>क्लार्क (1990) पृ. 218</ref> कुछ [[आम अपूर्णांक]], तथापि, एक विशेष ग्लिफ के साथ लिखे जाते थे; आज के आधुनिक दो तिहाई को दाहिनी तरफ दिखाया जाता था।<ref>गार्डिनर (1957) पृ. 197</ref> प्राचीन मिस्र के गणितज्ञों को [[पाईथागोरस प्रमेय]] के मूल सिद्धांतों की समझ थी, उदाहरण के लिए, एक त्रिकोण में [[कर्ण]] के विपरीत एक समकोण होता है जब इसके पक्ष 3-4-5 अनुपात में होते हैं।<ref name="Strouhal241">स्ट्रोहल (1989) पृ. 241</ref> वे एक वृत्त के क्षेत्र फल का अनुमान, उसके व्यास से नौवें हिस्से को घटाकर और परिणाम को दुगुना कर के लगा लेते थे। :Area ≈ [({{frac|8|9}})D]<sup>2</sup> = ({{frac|256|81}})''r'' <sup>2</sup> ≈ 3.16''r'' <sup>2</sup>, π''r'' <sup>2</sup> फार्मूला का एक तर्कसंगत सन्निकटन.<ref name="Strouhal241" /><ref>इम्हौसेन ''एट अल.'' (2007) पृ. 31</ref> यह [[सुनहरा अनुपात]] [[पिरामिड]] सहित, मिस्र के कई निर्माण में परिलक्षित होता है, लेकिन हो सकता है इसका प्रयोग, अनुपात और सद्भाव के सहज ज्ञान के साथ गांठदार रस्सियों के प्रयोग के संयोजन के प्राचीन मिस्र के अभ्यास का एक अनपेक्षित परिणाम हो.<ref>केम्प (1989) पृ. 138</ref> == विरासत == [[फाईल:Egypt.ZahiHawass.01.jpg|thumb|डॉ॰ ज़ाही हवास, सुप्रीम काउन्सिल ऑफ़ ऐंटीक्विटीज़ के वर्तमान सेक्रेटरी जनरल हैं]] प्राचीन मिस्र की संस्कृति और स्मारकों ने दुनिया पर एक स्थायी विरासत छोड़ दी है। उदाहरण के लिए, देवी [[इसिस]] का पंथ [[रोमन साम्राज्य]] में लोकप्रिय हुआ, जबकि ओबेलिस्क और अन्य अवशेषों को, रोम में वापस ले जाया गया।<ref>सिलिओटी (1998) पृ. 8</ref> रोम वासियों ने मिस्र शैली में ढांचे खड़े करने के लिए मिस्र से [[निर्माण सामग्री]] भी आयात की. आरंभिक इतिहासकारों, जैसे [[हेरोडोटस]], [[स्ट्रैबो]] और [[डिओडोरस सिकलस]] ने इस देश का अध्ययन किया, जिसे रहस्य की एक जगह के रूप में देखा जाने लगा.<ref>सिलिओटी (1998) पृ. 10</ref> [[मध्य युग]] और [[पुनर्जागरण]] काल के दौरान, मिस्र की मूर्तिपूजक संस्कृति का, [[ईसाई]] और बाद में इस्लाम धर्म के उदय के बाद पतन होने लगा, लेकिन मध्ययुगीन विद्वानों, जैसे [[धुल-नुन अल-मिस्री]] और [[अल-मक्रिज़ी]] के लेखों में मिस्र की पुरातनता के प्रति रूचि बनी रही.<ref>एल-डैली (2005) पृ. 112</ref> 17वीं और 18वीं शताब्दियों में, यूरोपीय यात्री और पर्यटक, वहाँ से लौटते हुए प्राचीन वस्तुएं लाए और अपनी यात्रा की कहानी लिखी, जिसने सम्पूर्ण यूरोप में [[इजिप्टोमेनिया]] की एक लहर को प्रेरित किया। इस पुनर्नवीनिकृत रूचि ने मिस्र में संग्राहकों को भेजा, जिन्होंने कई महत्वपूर्ण प्राचीन वस्तुओं को खरीदा, लाया, या प्राप्त किया।<ref>सिलिओटी (1998) पृ. 13</ref> हालांकि, मिस्र में यूरोपीय [[औपनिवेशिक]] व्यवसाय ने इस देश की ऐतिहासिक विरासत के एक महत्वपूर्ण हिस्से को नष्ट कर दिया, कुछ विदेशियों ने अधिक सकारात्मक परिणाम दिए. उदाहरण के लिए, [[नेपोलियन]] ने [[इजिप्टोलॉजी]] में पहला अध्ययन आयोजित किया, जब वे मिस्र के [[प्राकृतिक इतिहास]] के अध्ययन और प्रलेखन के लिए करीब 150 वैज्ञानिक और कलाकारों को लाए, जिसे ''[[Description de l'Ėgypte]]'' में प्रकाशित किया गया।<ref>सिलिओटी (1998) पृ. 100</ref> 19वीं सदी में, मिस्र सरकार और पुरातत्वविदों ने खुदाई में, सांस्कृतिक सम्मान और एकता के महत्व को मान्यता दी. [[द सुप्रीम कौंसिल ऑफ़ ऐंटीक्विटीज़]], अब सभी खुदाई को मंजूरी देती है और देखरेख करती है, जिनका उद्देश्य खज़ाना ढूंढ़ने के बजाय जानकारी प्राप्त करना है। परिषद, मिस्र की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए बनाये गए स्मारक और संग्रहालय पुनर्निर्माण कार्यक्रमों का संचालन भी करती है। == ई भी देखऽ == * [[प्राचीन मिस्र की जाति का विवाद]] * [[प्राचीन मिस्र की कलाकृतियों की शब्दावली]] * [[प्राचीन मिस्र में चित्रांकन]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|3}} == सन्दर्भ == * {{cite book |author=Aldred, Cyril |title=Akhenaten, King of Egypt |url=https://archive.org/details/akhenatenkingofe00aldr |publisher=Thames and Hudson |location=London, England |year=1988 |pages= |isbn=0-500-05048-1 |oclc= |doi=}} * {{cite book |author=Allen, James P. |title=Middle Egyptian: An Introduction to the Language and Culture of Hieroglyphs |url=https://archive.org/details/middleegyptianin0000alle |publisher=Cambridge University Press |location=Cambridge, UK |year=2000 |isbn=0-521-77483-7}} * {{cite book | last=Badawy | first=Alexander | title=A History of Egyptian Architecture. Vol III | publisher=University of California Press | location=Berkeley, California | year=1968 | isbn=0-520-00057-9}} * {{cite book |last=Billard|first=Jules B.|title=Ancient Egypt: Discovering its Splendors|publisher=National Geographic Society|location=Washington D.C.|year=1978}} * {{cite book|first =J|last=Cerny|title=Egypt from the Death of Ramesses III to the End of the Twenty-First Dynasty' in The Middle East and the Aegean Region c.1380–1000&nbsp;BC|publisher=Cambridge University Press|location=Cambridge, UK|year=1975|isbn=0-521-08691-4}} * {{cite book|title= Ancient Egyptian Construction and Architecture |url= https://archive.org/details/ancientegyptianc0000clar |last=Clarke |first=Somers |couthors=R. Engelbach |publisher=Dover Publications, Unabridged Dover reprint of ''Ancient Egyptian Masonry: The Building Craft'' originally published by Oxford University Press/Humphrey Milford, London, (1930)| location=New York, New York |year=1990 |isbn=0-486-26485-8}} * {{cite book|last=Clayton |first=Peter A. |title = Chronicle of the Pharaohs |url=https://archive.org/details/chronicleofphara00clay |publisher= Thames and Hudson |location=London, England| year= 1994 |isbn=0-500-05074-0 }} * {{cite book |author=Cline, Eric H.; O'Connor, David Kevin |title=Amenhotep III: Perspectives on His Reign |publisher=University of Michigan Press |location=Ann Arbor, Michigan |year=2001 |page= 273|isbn=0-472-08833-5}} * {{cite book |title=Egyptian Rock Cut Tombs |url=https://archive.org/details/egyptianrockcutt0000dods |last=Dodson |first=Aidan |publisher=Shire Publications Ltd |year=1991 |location=Buckinghamshire, UK |isbn=0-7478-0128-2}} * {{cite book|author=Dodson, Aidan|coauthor=Hilton, Dyan|title=The Complete Royal Families of Ancient Egypt|url=https://archive.org/details/completeroyalfam0000dods_a3h8|publisher=Thames & Hudson |location=London, England|year=2004|isbn=0500051283}} * {{cite book | last=El-Daly | first=Okasha | title=Egyptology: The Missing Millennium | location=London, England | publisher=UCL Press | year=2005 | isbn=1-844-72062-4}} * {{cite book |author=Filer, Joyce |title=Disease |url=https://archive.org/details/disease00file |publisher=University of Texas Press |location=Austin, Texas |year=1996 |isbn=0-292-72498-5}} * {{cite book | last=Gardiner | first=Sir Alan | title=[[Egyptian Grammar: Being an Introduction to the Study of Hieroglyphs]] | publisher=Griffith Institute | location=Oxford, England | year=1957 | isbn=0-900416-35-1}} * {{cite journal | last=Hayes | first= W. C. | title=Most Ancient Egypt: Chapter III. The Neolithic and Chalcolithic Communities of Northern Egypt | url=https://archive.org/details/sim_journal-of-near-eastern-studies_1964-10_23_4/page/217 | journal=[[Journal of Near Eastern Studies|JNES]] | edition=No. 4 | month=October | year=1964 | pages=217–272 | volume= 23}} * {{cite book | last=Imhausen | first=Annette | coauthors= Eleanor Robson, [[Joseph Dauben|Joseph W. Dauben]], Kim Plofker, J. Lennart Berggren, Victor J. Katz | title=The Mathematics of Egypt, Mesopotamia, China, भारत, and Islam: A Sourcebook | url=https://archive.org/details/mathematicsofegy0000unse | publisher=Princeton University Press | location=Princeton | year=2007 | isbn=0-691-11485-4}} * {{cite book |last=James|first=T.G.H.|title=The British Museum Concise Introduction to Ancient Egypt |url=https://archive.org/details/britishmuseumcon00jame|publisher=University of Michigan Press |location=Ann Arbor, Michigan |year=2005 |isbn=0-472-03137-6}} * {{cite book|author=[[Barry Kemp|Kemp, Barry]]|title=Ancient Egypt: Anatomy of a Civilization|publisher=Routledge|year=1991|location=London, England|isbn=0415063469}} * {{cite book |last= Lichtheim |first=Miriam|title=Ancient Egyptian Literature, vol 1|publisher=University of California Press|year=1975|location=London, England |isbn=0-520-02899-6}} * {{cite book |last= Lichtheim | first=Miriam | title=Ancient Egyptian Literature, A Book of Readings. Vol III: The Late Period | publisher=University of California Press | year=1980 | location=Berkeley, California| isbn=0-520-24844-1}} * {{cite book | last=Loprieno | first=Antonio | title= Ancient Egyptian: A linguistic introduction | url=https://archive.org/details/ancientegyptianl0000lopr | publisher=Cambridge University Press | location=Cambridge, UK | year=1995a |isbn=0-521-44849-2}} * {{Cite book | last=Loprieno | first=Antonio | contribution=Ancient Egyptian and other Afroasiatic Languages | title=Civilizations of the Ancient Near East | editor-last=Sasson | editor-first=J. M. | volume=4 | publisher=Charles Scribner | place=New York, New York | year=1995b | pages=2137–2150 | isbn=1-565-63607-4}} * {{Cite book | last=Loprieno | first=Antonio | contribution=Ancient Egyptian and Coptic | title=The Cambridge Encyclopedia of the World's Ancient Languages | url=https://archive.org/details/cambridgeencyclo0000unse_t8o9 | editor-last=Woodward | editor-first=Roger D. | publisher=Cambridge University Press | place=Cambridge, UK | year=2004 | pages=[https://archive.org/details/cambridgeencyclo0000unse_t8o9/page/160 160]–192 | isbn=0-52-156256-2}} * {{cite book |last=Lucas |first=Alfred |title=Ancient Egyptian Materials and Industries, 4th Ed |url=https://archive.org/details/ancientegyptianm0000luca |location=London, England |year=1962 |publisher=Edward Arnold Publishers|isbn=1854170465}} * {{cite journal | last=Mallory-Greenough | first=Leanne M. | title=The Geographical, Spatial, and Temporal Distribution of Predynastic and First Dynasty Basalt Vessels | journal=The Journal of Egyptian Archaeology | location=London, England | publisher=Egypt Exploration Society | year=2002 | volume=88 | pages=67–93 | doi=10.2307/3822337}} * {{cite book|year=1998|author=Manuelian, Peter Der|title=Egypt: The World of the Pharaohs|url=https://archive.org/details/egyptworldofphar00unse|location=Bonner Straße, Cologne Germany|publisher=Könemann Verlagsgesellschaft mbH|isbn=3-89508-913-3}} * {{cite book |author=McDowell, A. G. |title=Village life in ancient Egypt: laundry lists and love songs |publisher=Oxford University Press |location=Oxford, England |year=1999|isbn=0-19-814998-0 }} * {{cite book |author=Meskell, Lynn |title=Object Worlds in Ancient Egypt: Material Biographies Past and Present (Materializing Culture) |publisher=Berg Publishers |location=Oxford, England|year= 2004|isbn=1-85973-867-2}} * {{cite book | last=Midant-Reynes | first=Béatrix | title=The Prehistory of Egypt: From the First Egyptians to the First Pharaohs | url=https://archive.org/details/prehistoryofegyp0000mida | location=Oxford, England | publisher=Blackwell Publishers | year=2000 | isbn=0-631-21787-8}} * {{cite book |last=Nicholson |first=Paul T. ''et al.'' |title=Ancient Egyptian Materials and Technology |publisher=Cambridge University Press |location=Cambridge, UK |year=2000 |isbn=0521452570}} * {{cite book |author=Oakes, Lorna |title=Ancient Egypt: An Illustrated Reference to the Myths, Religions, Pyramids and Temples of the Land of the Pharaohs |url=https://archive.org/details/ancientegyptillu00unse |publisher=Barnes & Noble |location=New York, New York |year=2003|isbn=0-7607-4943-4}} * {{cite book |last=Robins |first=Gay |title=The Art of Ancient Egypt |publisher=Harvard University Press |year=2000 |location=Cambridge, Massachusetts|isbn=0-674-00376-4 }} * {{cite book |author=[[Kim Ryholt|Ryholt, Kim]]|title=The Political Situation in Egypt During the Second Intermediate Period |year=1997 |month=January |location=Copenhagen, Denmark|publisher=Museum Tusculanum |isbn=8772894210}} * {{cite book |last=Scheel |first=Bernd |title=Egyptian Metalworking and Tools |publisher= Shire Publications Ltd |location=Haverfordwest, Great Britain |year=1989|isbn=0747800014}} * {{cite book|last=Shaw|first=Ian|title=The Oxford History of Ancient Egypt|url=https://archive.org/details/oxfordhistoryofa00shaw|publisher=Oxford University Press|year=2003|location=Oxford, England|isbn=0-500-05074-0 }} * {{cite book |author=Siliotti, Alberto |title=The Discovery of Ancient Egypt |publisher=Book Sales, Inc |location=Edison, New Jersey |year=1998|isbn=0-7858-1360-8}} * {{cite book | last=Strouhal | first=Eugen | title=Life in Ancient Egypt | url=https://archive.org/details/lifeofancientegy0000stro | publisher=University of Oklahoma Press | location=Norman, Oklahoma | year=1989 | isbn=0-8061-2475-x}} * {{cite book |author=Tyldesley, Joyce A. |title=Ramesses: Egypt's greatest pharaoh |url=https://archive.org/details/ramessesegyptsgr0000tyld |publisher=Penguin |location=Harmondsworth, England |year=2001 |pages= [https://archive.org/details/ramessesegyptsgr0000tyld/page/76 76]–77|isbn=0-14-028097-9}} * {{cite journal | last=Vittman | first=G. | title=Zum koptischen Sprachgut im Ägyptisch-Arabisch | journal=Wiener Zeitschrift für die Kunde des Morgenlandes | location=Vienna, Austria | publisher=Institut für Orientalistik, Vienna University | year=1991 | volume=81 | pages=197–227}} * {{cite book |author=Walbank, Frank William |authorlink = F. W. Walbank|title=The Cambridge ancient history |publisher=Cambridge University Press |location=Cambridge, UK |year=1984 |isbn=0-521-23445-X}} * {{cite book |author=Wasserman, James; Faulkner, Raymond Oliver; Goelet, Ogden; Von Dassow, Eva |title=The Egyptian Book of the dead, the Book of going forth by day: being the Papyrus of Ani |url=https://archive.org/details/egyptianbookofde0000unse |publisher=Chronicle Books |location=San Francisco, California |year=1994 |isbn=0-8118-0767-3}} * {{cite book|last=Wilkinson|first=R. H.|year=2000|title=The Complete Temples of Ancient Egypt|url=https://archive.org/details/completetempleso0000wilk|location=London, England|publisher=Thames and Hudson|isbn=0500051003}} == अतिरिक्त पठन == * {{cite book|author=[[John Baines|Baines, John]] and [[Jaromir Malek]]|title=The Cultural Atlas of Ancient Egypt|edition=revised|publisher=Facts on File|year=2000|isbn=0816040362}} * {{cite book | last = Bard | first = KA | title = Encyclopedia of the Archaeology of Ancient Egypt | url = https://archive.org/details/isbn_9780415185899 | publisher = Routledge | location = NY, NY | year = 1999|isbn=0-415-18589-0}} * {{cite book|first=Nicolas|last=Grimal|title=A History of Ancient Egypt|url=https://archive.org/details/historyofancient0000grim_o8d3|publisher=Blackwell Books|year=1992|isbn=0631193960}} * {{cite book|author=[[Mark Lehner|Lehner, Mark]]|title=The Complete Pyramids|url=https://archive.org/details/completepyramids00lehn|location=London|publisher=Thames & Hudson|year=1997|isbn=0500050848}} * {{cite book|last=Wilkinson|first=R.H.|title=The Complete Gods and Goddesses of Ancient Egypt|url=https://archive.org/details/completegodsgodd00wilk_0|location=London|publisher=Thames and Hudson|year=2003|isbn=0500051208}} == बाहरी कड़ी == {{commons|Ancient Egypt}} * [http://www.ancientegypt.co.uk/ Ancient Egypt] - [[ब्रिटिश संग्रहालय]] द्वारा संरक्षित, यह साइट बड़े बच्चों और युवा किशोरों के लिए प्राचीन मिस्र का एक उपयोगी परिचय देता है। * [http://www.bbc.co.uk/history/ancient/egyptians/ BBC History: Egyptians] - एक विश्वसनीय सामान्य अवलोकन और लिंक प्रदान करता है * [http://books.google.com/books?vid=ISBN&amp;id=9ToLAAAAIAAJ&amp;dq=PtahHotep&amp;as_brr=1 Ancient Egyptian Science: A Source Book Door Marshall Clagett, 1989] * [http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/ Digital Egypt for Universities.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100416080018/http://www.digitalegypt.ucl.ac.uk/ |date=2010-04-16 }} व्यापक कवरेज और उत्तम अन्योन्य संदर्भ सहित उत्कृष्ट विद्वत्तापूर्ण निरूपण (आंतरिक और बाह्य). विषय वर्णन के लिए बड़े पैमाने पर कलाकृतियाँ प्रयुक्त. * [http://www.aldokkan.com/science/metallurgy.htm Ancient Egyptian Metallurgy] एक साइट, जो मिस्र के [[धातुशिल्प]] के इतिहास को दर्शाता है * ''नील नदी पर नेपोलियन: सैनिक, कलाकार और मिस्र की पुनर्खोज'', [https://web.archive.org/web/20080602082144/http://arthistory.about.com/od/from_exhibitions/ig/Napoleon-on-the-Nile/Joseph--1874.htm Art History]. {{Ancient Egypt topics}} {{Empires}} [[श्रेणी:मिस्र]] [[श्रेणी:प्राचीन मिस्र]] [[श्रेणी:कांस्य युग]] [[श्रेणी:विश्व का इतिहास]] [[श्रेणी:प्राचीन सभ्यताएँ]] [[श्रेणी:सभ्यता]] [[श्रेणी:मध्यपूर्व]] [[श्रेणी:प्राचीन इतिहास]] [[श्रेणी:अफ्रीकी सभ्यताएं]] [[श्रेणी:अफ्रीका के पूर्व साम्राज्य]] [[श्रेणी:प्राचीन अफ्रीका के राज्य]] [[श्रेणी:श्रेष्ठ लेख योग्य लेख]] [[श्रेणी:गूगल परियोजना]] [[hi:प्राचीन मिस्त्र]] chtvcpqiw1inshr9iyk2h6og8zxaycf बिल गेट्स 0 2003 23120 22967 2026-08-25T18:03:40Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23120 wikitext text/x-wiki {{Infobox Person | name = विलियम हेनरी गेट्स III | image = Bill Gates at the European Commission - 2025 - P067383-987995 (cropped).jpg | caption = Bill Gates, 2025 | birth_date = {{birth date and age|1955|10|28}} | birth_place = [[सीऐटल]], [[वॉशिंगटन राज्य]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] | occupation = [[माइक्रोसॉफ्ट]] के अध्यक्ष<br>[[बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन]] के सह अध्यक्ष | networth = {{gain}}[[United States dollar|US$]]58 [[1,000,000,000 (number)|billion]] (2008)<ref name="networth">{{cite web | title = The World's Billionaires #3 William Gates III | publisher = [[Forbes]] | date = 2008-03-05 | url = http://www.forbes.com/lists/2008/10/billionaires08_William-Gates-III_BH69.html | accessdate = 2008-03-06 }}</ref> | spouse = [[मेलिण्डा गेट्स]] (1994–वर्तमान) | children = तीन | residence = [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] | alma_mater = हार्वर्ड विश्वविद्यालय (स्नातक नहीं हुए)<ref> {{cite news | last = Gewertz | first = Ken | title = Bill Gates to speak at Commencement | publisher = Harvard University Gazette | date = 2007-03-21 | url = http://www.news.harvard.edu/gazette/2007/03.22/99-gates.html | accessdate = 2008-06-21}}</ref> | website = [http://www.microsoft.com/presspass/exec/billg/default.mspx Bill Gates] |signature = BillGates Signature.svg | footnotes = }} [[फाईल:Bill Gates in WEF, 2007.jpg|thumb|विलियम हेनरी गेट्स III]] '''विलियम हेनरी गेट्स III''' (जन्म 28 अक्टूबर, 1955)<ref>{{harv|Manes|1994|p=11}}</ref> जीनी [[पॉल एलेन]] केरौ साथें सॉफ्टवेर कम्पनी [[माइक्रोसॉफ्ट]] के स्थापना करलकै, ओकरौ [[निदेशक मंडल केरऽ अध्यक्ष|अध्यक्ष]],<ref name="chapman">{{cite news|first=Glenn|last=Chapman|title=Bill Gates Signs Off|date=2008-06-27|work=Agence France-Presse|url=http://afp.google.com/article/ALeqM5i8aV1bK5vmwLaw9wYr9nY5bFc4YA|archiveurl=https://web.archive.org/web/20080630070506/http://afp.google.com/article/ALeqM5i8aV1bK5vmwLaw9wYr9nY5bFc4YA|archivedate=2008-06-30|access-date=2015-10-04}}</ref> एगो [[परोपकारी|परोपकारधर्मी]] आरू प्रभावशाली [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमरीकी]] [[प्रभावशाली व्यापारी|व्यवसायी]] आरू विश्व मँ तेसरो (3rd)सबसँ धनवान व्यक्ति (सन् 2008 तदनुसार)<ref name="networth" /> छेकै। गेट्स अपनो कैरियर के दौरान माइक्रोसॉफ्ट मँ [[मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी|सी ई ओ]] आरू [[साफ्टवेयर वास्तुविद|मुख्य सॉफ्टवेयर वास्तुकार]] के पदौ प रहै आरू ओकरौ [[सामान्य शेयर|साधारण पूंजी]] के 9 प्रतिशत सँ अधिक के हिस्सेदारी ल करी क सबसँ बड़ौ व्यक्तिगत शेयरधारक छेकै।<ref>{{cite web | title=Microsoft 2007 Proxy Statement | url=http://www.microsoft.com/msft/reports/proxy2007.mspx | publisher=[[Microsoft]] | date=2007-09-28 | accessdate=2008-02-14}}</ref> हुनी बहुत्ते किताबौ के लेखक या सह-लेखक भी छेकै । गेट्स [[निजी कंप्यूटर]] क्रांति के सबसे प्रसिद्ध उद्दमियों में से एक रहे हैं। यद्यपि बहुतों ने उनकी प्रशंसा की, बड़ी संख्या में उद्योग जगत के अंदरूनी व्यक्तिओं ने उनके व्यवसाय रणनीति, जो उनके नजरों में प्रतिस्पर्धी विरोधी हैं और कुछ मामलों में अदालतों द्वारा भी वैध ठहराए गए हैं, की आलोचना की.<ref>{{harv|Manes|1994|p=459}}</ref><ref>{{harv|Lesinski|2006|p=96}}</ref> अपने कैरियर की बाद के चरणों में, गेट्स के सन् २००० में स्थापित [[बिल और मेलिंडा गेट्स संस्थान]] ([[:en:Bill & Melinda Gates Foundation|Bill & Melinda Gates Foundation]]) के माध्यम से, विभिन्न दातव्य संगठनों और वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रमों में बड़ी मात्रा में दान करने के कई [[परोपकार|लोकोपकारी]] प्रयास रहे हैं। बिल गेट्स ने जनवरी 2000 में माइक्रोसोफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद छोड़ दिया। वे अध्यक्ष एवं मुख्य सॉफ्टवेयर वास्तुकार के पद पर बने रहे। जून 2006 में, गेट्स ने घोषणा की कि वह माइक्रोसोफ्ट में पूर्णकालिक कार्यावधी में परिवर्तन कर, माइक्रोसोफ्ट में अंशकालिक कार्य (Part-time work) और [[बिल और मेलिंडा गेट्स संस्थान|बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन]] में पूर्णकालिक कार्य (Full-time work) करेंगे। वे अपने कर्तव्यों को क्रमशः [[रे ओज्जी]], [[मुख्य सॉफ़्टवेयर वास्तुकार|सॉफ्टवेयर मुख्य वास्तुकार]] और [[क्रेग मुंदी|क्रेग मुंडी]], मुख्य अनुसंधान सह योजना अधिकारी के बीच तबादला करते गए। 27 जून, 2008 गेट्स के लिए [[माइक्रोसॉफ्ट]] में अन्तिम पूर्ण दिवस था। वे माइक्रोसॉफ्ट में अंशकालिक, अकार्यकारी अध्यक्ष के रूप में रहते हैं। == प्रारंभिक जीवन == गेट्स का जन्म [[सीऐटल|सिएटल]], [[वाशिंगटन|वॉशिंगटन]] में, [[विलियम एच.गेट्स, वरीय|विलियम एच। गेट्स, सीनियर]] और [[मेरी मैक्सवेल गेट्स|मरी मैक्‍सवेल गेट्स]] के यहाँ हुआ। उनका परिवार धनी था, उनके पिता एक प्रमुख वकील थे, उनकी माँ [[फर्स्ट इंटरस्‍टेट बैंक सिस्टम|प्रथम इंटरस्टेट बैंक सिस्टम]] और [[यूनाईटेड वे ऑफ़ अमेरिका|यूनाइटेड वे]] के निदेशक मंडल मे सेवारत थीं और उनकी पिता, जे. डब्ल्यू. मैक्‍सवेल, एक [[नेशनल बैंक#यूनाइटेड स्‍टेट्स|राष्‍ट्रीय बैंक]] के अध्‍यक्ष थे। गेट्स की एक बड़ी बहन, क्रिस्टी (क्रिस्तिंने) और एक छोटी बहन, लिब्बी है। वे अपने परिवार में सम नाम के चौथे व्यक्ति थे, लेकिन विलियम गेट्स III या "ट्रे" के नाम से जाने जाते थे क्योंकि उनके पिता ने अपने नामांत में III जोड़ना छोड़ दिया था।<ref>{{harv|Manes|1994|p=15}}</ref> उनके जीवन के प्रारंभिक काल में उनके माता पिता के मन में उनके लिए<ref>{{harv|Manes|1994|p=47}}</ref> कानून का कैरियर था। वह तेरह वर्ष की उम्र में [[लेकसाइड विद्यालय|लेकसाइड स्कूल]] नामक प्रस्तुति विद्यालय में भर्ती हुए।<ref>{{harv|Manes|1994|p=24}}</ref> जब वे आठवीं कक्षा में थे, विद्यालय के मदर क्लब ने लेकसाइड स्कूल के रद्दी सामानों की बिक्री से प्राप्त धन का उपयोग विद्यालय के छात्रों के लिए एक [[ऐ एस आर-33|ऐएसआर - 33]] [[दूरटंकण]] [[कंप्यूटर टर्मिनल|टर्मिनल]] तथा [[जेनेरल इलैक्ट्रिक|जनरल इलेक्ट्रिक]] (जी.ई.) कंप्यूटर पर एक कंप्यूटर समय्खंड खरीदने के लिए किया<ref>{{harv|Manes|1994|p=27}}</ref>. गेट्स ने [[बेसिक प्रोग्रामिंग भाषा]] में (जी.ई.) सिस्टम की प्रोग्रामिंग में रूचि दिखाई और उन्हें उनकी इस रूचि के लिए गणित की कक्षाओं से छूट दी गई। उन्होंने अपना पहला कंप्यूटर प्रोग्राम इस मशीन पर लिखा : जो था [[टिक-ट्यक-टो|टिक-टैक-टो]] ([[:en:tic-tac-toe|tic-tac-toe]]) का कार्यान्वयन और उपयोगकर्ता को कंप्यूटर से खेल खेलने का अवसर प्रदान करता था। गेट्स इस मशीन से सहज आकर्षित थे कि कैसे यह हमेशा सॉफ़्टवेयर कोड सठिक संपादित करता है। बाद में इस क्षण को पीछे मुड कर देखते हुए उन्होंने टिप्पणी की और कहा, "मशीन में जरुर कुछ गूढ़ बात रही होगी."<ref name = "dlzsnr">{{harv|Gates|1996|p=12}}</ref> मदर क्लब के दान का अर्थ समाप्त हो जाने के बाद, वे अन्य छात्रों के साथ [[डिजीटल उपकरण निगम|डीईसी]] ([[:en:Digital Equipment Corporation|DEC]])[[प्रोग्राम्‍ड डेटा प्रोसेसर|पीडीपी]] ([[:en:Programmed Data Processor|PDP]])[[मिनी कंप्यूटर|मिनी कंप्यूटरों]] ([[:en:minicomputer|minicomputer]]) सहित सिस्टमों पर समय मांगते रहे. इनमें से एक सिस्टम [[पीडीपी-10|पीडीपी-१०]] ([[:en:PDP-10|PDP-10]]) कंप्यूटर सेण्टर कारपोरेशन (सीसीसी) का था, जिसके द्वारा लेकसाइड के चार छात्रों - गेट्स, [[पॉल एलेन|पाल एलेन]] ([[:en:Paul Allen|Paul Allen]]), [[रिक वेय्लेंड|रिक वेइलैंड]] ([[:en:Ric Weiland|Ric Weiland]]) और केंट एवंस पर पुरे गर्मी महीने के लिए प्रतिबन्ध लगा दिया गया ---जब उन्हें [[प्रचालन तंत्र|ऑपरेटिंग सिस्टम]] में रहे खामिओं का अपव्यवहार कर निःशुल्क कंप्यूटर में समय प्राप्त करते हुए पकड़ा गया था।<ref>{{harv|Manes|1994|p=34}}</ref> प्रतिबंध के अंत में, चारों छात्रों ने नि:शुल्क कंप्यूटर समय के बदले में सीसीसी के सॉफ्टवेर को खामिओं से मुक्त करने की पेशकश की.दूरटंकण मध्यम से सिस्टम के उपयोग के बजाए, गेट्स सीसीसी के कार्यालयों में जाते रहे और विभिन्न कार्यक्रमों के लिए [[स्रोत कोड|सोर्स कोड]] ([[:en:source code|source code]]) जो कि [[फोरट्रैन|फोर्टरन]] ([[:en:FORTRAN|FORTRAN]]), [[लिस्प]] ([[:en:LISP|LISP]]) और [[मशीनी भाषा|मशीन भाषा]] सहित सिस्टमों में व्यवहृत होते हैं, का अध्ययन किया। सीसीसी के साथ यह व्यवस्था 1970 तक चलती रही, जब वह बंद हो गई। अगले वर्ष, इन्फोर्मेशन साइंसेस आइएनसी. लेकसाइड के चार छात्रों को कंप्यूटर समय एवं रॉयल्टी उपलब्ध कराकर [[कोबोल]] ([[:en:COBOL|COBOL]]), पर एक पेरोल प्रोग्राम लिखने के लिए किराए पर रख लिया। जब प्रशासकों को उनके प्रोग्रामिंग क्षमताओं के बारे में जानकारी हुई, गेट्स कक्षाओं में छात्रों को अनुसूचित करने के लिए विद्यालय हेतु एक कंप्यूटर प्रोग्राम लिखा. वे कोड में इसतरह संशोधन किए ताकि उन्हें अधिकांश महिला छात्राओंवाली कक्षाओं में रखा जाता रहे.बाद में उन्होंने वर्णन किया कि " एक मशीन, जिसपर मैं इतना भ्रान्ति रहित सफल प्रदर्शन कर सकता था, से मुझे चीरकर अलग करना कठिन था।"<ref name = "dlzsnr"/> 17 वर्ष की आयु में, गेट्स एलन के साथ मिलकर, [[ट्राफ-ओ-डाटा|इंटेल 8008 प्रोसेसर]] ([[:en:Traf-O-Data|Traf-O-Data]]) पर आधारित [[यातायात काउंटर|यातायात काउनटर]] ([[:en:traffic counter|traffic counter]]) बनाने के लिए [[इंटेल 8008|ट्राफ-ओ-डाटा]] ([[:en:Intel 8008|Intel 8008]]) के नाम से एक उपक्रम<ref>{{harv|Gates|1996|p=14}}</ref> बनाया. गेट्स लेकसाइड स्कूल से वर्ष 1973 में स्नातक हुए .संयुक्त राज्य में कॉलेज दाखिले के लिए मानकीकृत परीक्षा SATs में वे 1600 में 1590 अंक प्राप्त किए,<ref>{{harv|Lesinski|2006|p=25}}</ref> एवं तत्पश्चात सन् 1973 में [[हार्वर्ड कॉलेज|हारवर्ड कॉलेज]] ([[:en:Harvard College|Harvard College]]) में उनका नामांकन हुआ।<ref name = "wzxoxv">{{harv|Gates|1996|p=15}}</ref> हालांकि हार्वर्ड में, उन्हें अपने भविष्य के व्यापारिक साझीदार [[स्टीव बल्मार|स्टीव बल्ल्मेर]] ([[:en:Steve Ballmer|Steve Ballmer]]) मिले, जिन्हें बाद में उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ के रूप में नियुक्त किया। उन्हें हार्वर्ड में कंप्यूटर वैज्ञानिक [[क्रिस्टोस पपदीमीत्रिओऊ|क्रिस्टोस पपदिमित्रिऔ]] ([[:en:Christos Papadimitriou|Christos Papadimitriou]]) भी मिलें जिनसे वे एल्गोरिदम से सम्बंधित एक लिखत पर साँझा सहयोग प्राप्त की.<ref name="gatespapadimitriou">{{cite journal | last=Gates | first=William | year=1979 | title=Bounds for sorting by prefix reversal | journal=[[Discrete mathematics]] | volume=27 | pages=47–57 | doi=10.1016/0012-365X(79)90068-2}}</ref> हार्वर्ड में, छात्रावस्था में, उनका अध्यन का कोई निश्चित योजना नही था और अंततः वर्ष 1975 में उन्होंने विदा ले लिया।<ref name = "lmxgxg">{{harv|Gates|1996|p=19}}</ref> [[इंटेल]] के [[इंटेल 8080]] ([[:en:Intel 8080|Intel 8080]]) [[सीपीयू|CPU]] ([[:en:CPU|CPU]]) जारी करने के बाद गेट्स ने महसूस किया कि यही प्रथम कंप्यूटर चीप है जिसका मूल्य $200 से कम है, BASIC में कम कर सकता है तथा उस समय प्राप्त व्यक्तिगत कंप्यूटर के अन्दर चलनेवाला सबसे वहनयोग्य चीप है।<ref name = "wzxoxv"/> उन्होंने तय किया कि यही एक मौका है समय का फायदा उठाने का एवं पॉल एलन<ref>{{harv|Gates|1996|p=18}}</ref> के साथ एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कंपनी का शुभारम्भ करने का फ़ैसला लिया .उन्होंने अपने माता पिता से इस निर्णय के सबध में आलोचना की थी, जो कि गेट्स के सॉफ्टवेर कंपनी प्रारम्भ करने के तीब्र समर्थक रहे थे।<ref name = "lmxgxg"/> == माइक्रोसॉफ्ट == === बेसिक === [[फाईल:Altair 8800 Computer.jpg|thumb|200px|right|एम्आइटीएस अल्टैर 8800 कम्प्यूटर के साथ ८ इंच फ्लॉपी डिस्क सिस्टम के साथ]] ''[[पॉपुलर इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स|पोपुलर इलेक्ट्रोनिक्स]] ([[:en:Popular Electronics|Popular Electronics]])'' के जनवरी १९७५ का अंक पढने के बाद, जिसमें [[अल्टेअर ८८००|अल्टेयर 8800]] ([[:en:Altair 8800|Altair 8800]]) प्रर्दशित हुआ था, बिल गेट्स ने [[अणु यांत्रिक और टेलीमेट्री प्रणाली|माइक्रो इंस्ट्रुमेंटेशन एंड टेलीमेट्री सिस्टम]] ([[:en:Micro Instrumentation and Telemetry Systems|Micro Instrumentation and Telemetry Systems]]) (MITS), जो नए माइक्रो कंप्यूटर के जन्मदाता थे, को यह बताने के लिए संबंध स्थापित किया कि वे एवं अन्य मंच के लिए [[BASIC]] ([[:en:BASIC|BASIC]]) के व्याख्याता का काम कर रहे थे।<ref name="keyevents">{{cite paper | title=Microsoft Visitor Center Student Information: Key Events in Microsoft History | url=http://download.microsoft.com/download/1/3/0/130dd86a-a196-4700-b577-521c4cf5cec1/key_events_in_microsoft_history.doc | publisher=[[Microsoft]] | format=.DOC |accessdate=2008-02-18}}</ref> सही में, गेट्स एवं एलन के पास न तो कोई अल्तैर था और ना ही अल्तैर के लिए कोई कोड लिखा गया था और वे केवल चाहते थे गेज एम्आईटीएस के हित में हो .MITS अध्यक्ष [[एच एडवर्ड्स रॉबर्ट्स|एड.रॉबर्ट्स]] ([[:en:H. Edward Roberts|Ed Roberts]]) ने उनके एक प्रदर्शनी में उपस्थित होने की सहमति दी और इसके कुछेक सप्ताह के भीतर वे एक अलटेयर[[प्रतिस्पर्धी|एमुलेटर]] ([[:en:emulator|emulator]]) विकसित कर लिया जो एक मिनी कंप्यूटर और फ़िर BASIC इंटरप्रेटर में काम करने लगा.MITS के अल्बुकर्क कार्यालयों में किया गया प्रदर्शन सफल रहा जिसके फलस्वरूप वह इंटरप्रेटर [[अल्टेअर बेसिक|अलटेयर BASIC]] ([[:en:Altair BASIC|Altair BASIC]]) के नाम से वितरण हेतु MITS के साथ सौदा हो गया। पॉल एलन के सेवाओं को MITS द्वारा किराये पर लिया गया था और<ref name="thocp1">{{cite web | title=Microsoft history | publisher=The History of Computing Project | url=http://www.thocp.net/companies/microsoft/microsoft_company.htm | accessdate=2008-03-31 | archive-date=2008-05-14 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080514211138/http://www.thocp.net/companies/microsoft/microsoft_company.htm }}</ref> गेट्स MITS के अल्बुकर्क कार्यालय में एलेन के साथ काम करने के लिए नवम्बर 1975 में हॉवर्ड से [[अनुपस्थिति की अनुमति]] ([[:en:leave of absence|leave of absence]]) ले लिए.उन्होंने अपने [[साझेदारी]] ([[:en:partnership|partnership]]) का नाम "माईक्रो-साफ्ट" रखा और अपने प्रथम कार्यालय की स्थापना अल्बुकर्क में की.<ref name=thocp1/> एक वर्ष के अन्दर, हाईफन चिन्ह को हटा दिया गया और [[26 नवंबर|२६ नवंबर]], [[1976|१९७६]], को [[यूएसपिटीओ|यूएसपीटीओ]] ([[:en:USPTO|USPTO]]) में व्यपारिक नाम " माइक्रोसाफ्ट" को पंजीकृत किया गया।<ref name=thocp1/> [[माइक्रोसॉफ्ट|माइक्रोसाफ्ट]]का बेसिक, कंप्यूटर प्रेमियों (होब्ब्यिस्ट्स) में लोकप्रिय था, लेकिन गेट्स को पता चला की बाज़ार में आनेसे पहले ही इसकी प्रति समुदाय के बीच उन्मोचित होचुकी है और व्यापक रूप से नक़ल कर वितरित की जा रही है। फ़रवरी 1976 में गेट्स ने एम्आइटीएस के समाचार पत्रिका में [[हब्यिस्ट्स के नाम खुला पत्र|होब्ब्यिस्ट्स]] ([[:en:Open Letter to Hobbyists|Open Letter to Hobbyists]]) के नाम यह वर्णन करते हुए एक खुला पत्र लिखा कि एम्आइटीएस बिना भुगतान के उच्च गुणवत्ता सम्पन्न सफ्टवेर का उत्पादन, वितरण एवं रख-रखाव का कार्य<ref>{{harv|Manes|1994|p=81}}</ref> जारी नही रख सकता.यह पत्र बहुतसे कंप्यूटर होब्ब्यिस्ट्स के बीच अप्रिय था, लेकिन गेट्स अपने विश्वास पर पूर्ण कायम रहें की सॉफ्टवेर विकासकर्ताओं के भुगतान की मांग जायज है। वर्ष १९७६ के अन्तिम चरणों में माइक्रोसाफ्ट, MITS से, स्वतंत्र हो गया और विभिन्न सिस्टमों के प्रोग्रामिंग भाषा सॉफ्टवेयर विकसित करने<ref name="thocp1" /> का कार्य जारी रखा . [[1 जनवरी|१ जनवरी]], [[1979|१९७९]].<ref name="keyevents">{{cite web | title=Key Events In Microsoft History | url=http://www.microsoft.com/visitorcenter/student.mspx | accessdate=2008-04-04 }}</ref> को कंपनी अलबुकर्क से अपने नए ठिकाने[[बेलेव्यू, वाशिंगटन]] ([[:en:Bellevue, Washington|Bellevue, Washington]]) में चली आयी। माइक्रोसॉफ्ट के प्रारंभिक वर्षों में, सभी कर्मचारियों पर कंपनी के कारोबार के लिए व्यापक जिम्मेदारी थी। गेट्स व्यवसाय विवरण पर भी ध्यान कोड लिखने का कार्य भी जारी रखे.प्रथम पाँच वर्षों तक, कंपनी द्बारा जारी किए गए सभी कोड के प्रत्येक पंक्ति की वे व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करते थे और प्रायः उसे सही करने के लिए कुछ भागों को फ़िर से लिखते थे।<ref name="waterloo">{{cite speech|url=http://www.microsoft.com/billgates/speeches/2005/10-13Waterloo.aspx|last=Gates|first=Bill|title=Remarks by Bill Gates|date=[[2005-10-13]]|location=Waterloo, Ontario|accessdate = 2008-03-31}}</ref> === आइबीएम् से साझेदारी === सन् 1980 में [[आईबीएम]] ([[:en:IBM|IBM]]) ने माइक्रोसॉफ्ट को अपनी आगामी पर्सनल कंप्यूटर, [[आईबीएम पीसी]] ([[:en:IBM PC|IBM PC]]) के लिए BASIC इन्टरप्रेटर बनाने का अनुरोध किया। जब आईबीएम के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्हें एक [[प्रचालन तंत्र|ऑपरेटिंग सिस्टम]] की आवश्यकता है, गेट्स ने उनसे व्यापक रूप से व्यवहृत होनेवाले [[सीपी/एम्|CP/M]] ([[:en:CP/M|CP/M]]) ऑपरेटिंग सिस्टम के निर्माताओं [[डिजिटल अनुसंधान|डिजिटल रिसर्च]] ([[:en:Digital Research|Digital Research]]) (DRI) का उल्लेख किया।<ref>{{cite web|url=http://www.forbes.com/forbes/2002/1223/258_print.html|title=Pioneers Die Broke|publisher=[[Forbes]]|author=Maiello, John Steele Gordon Michael |date=2002-12-23|accessdate =2008-03-31}}</ref> आईबीएम का डिजीटल रिसर्च के साथ चर्चा असहमतिपूर्ण रहा और वे लाईसेन्स के अनुबंध पर नही पंहुचे। आईबीएम के प्रतिनिधि जैक संस तदोपरांत गेट्स के साथ एक बैठक के दौरान लाइसेंस देने की कठिनाइयों का उल्लेख किया एवं एक स्वीकार्य ऑपरेटिंग सिस्टम उपलब्ध कराने की पेशकश की.कुछ सप्ताह के बाद गेट्स ने CP/M के बराबर एक ऑपरेटिंग सिस्टम [[86-DOS]] ([[:en:86-DOS|86-DOS]]) (QDOS) के उपयोग का प्रस्ताव रखा जो [[सिएटल कंप्यूटर प्रोडक्टस|सिएटल कम्प्यूटर प्रोडक्ट्स]] ([[:en:Seattle Computer Products|Seattle Computer Products]]) के [[टिम पेटरसन|टिम पैटरसन]] ([[:en:Tim Paterson|Tim Paterson]]) ने PC से मिलतेजुलते हार्डवेयर के लिए बनाया था। माइक्रोसॉफ्ट ने SCP के साथ एक समझौता किया जिसके तहत पहले वह एकीकृत लाइसेंसिंग एजेंट और बाद में 86-DOS के पूर्ण अधिकारिक बने .पीसी के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम के अभियोजन के पश्चात् माइक्रोसॉफ्ट ने इसे आईबीएम को $80,000 एक कालीन विनिमय शुल्क पर, [[आईबीएम पीसी-डॉस|पीसी- डॉस]] ([[:en:IBM PC-DOS|PC-DOS]]) के रूप में उपलब्ध कराया. गेट्स ने आईबीएम से आग्रह किया की माइक्रोसॉफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम पर [[सर्वाधिकार|अपना कॉपीराइट]] ([[:en:copyright|copyright]]) बनाए रखे, क्योंकि उनका मानना था कि अन्य हार्डवेयर विक्रेता आईबीएम के सिस्टम का नक़ल उठा लेंगे.<ref>{{harv|Gates|1996|p=54}}</ref> उन्होंने ऐसा किया और [[एम्एस-डॉस|MS-DOS]] ([[:en:MS-DOS|MS-DOS]]) के बिक्री ने माइक्रोसॉफ्ट को उद्योग में एक बड़ा खिलाड़ी बना दिया.<ref>{{harv|Manes|1994|p=193}}</ref> === विंडोज === गेट्स के देखरेख में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का पुनर्गठन [[25 जून|जून 25]], [[1981]] को हुआ और [[वाशिंगटन]] में पुनर्स्थापित किया गया जिसमें गेट्स को पुनः माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और निदेशक मंडल के अध्यक्ष की हैसियत से शामिल किया गया।<ref name="keyevents" /> माइक्रोसॉफ्ट ने अपना [[माइक्रोसॉफ्ट विंडोज|माइक्रोसॉफ्ट विन्डोज़]] ([[:en:Microsoft Windows|Microsoft Windows]]) का पहला खुदरा संस्करण [[20 नवंबर]], [[1985]]को पेश किया और अगस्त में कम्पनी ने [[आईबीएम]] ([[:en:IBM|IBM]]) के साथ एक अलग ऑपरेटिंग सिस्टम [[ओएस/2|OS/2]] ([[:en:OS/2|OS/2]]), विकसित करने का सौदा तय किया। हालांकि दोनों कंपनियों ने नये सिस्टम के पहले संस्करण को सफलतापूर्वक विकसित किया, परन्तु बढ़ते रचनात्मक मतभेदों के कारण साझेदारी उपेक्षित रही.गेट्स ने [[१६ मई|मई 16]] ([[:en:May 16|May 16]]), [[1991]] में वितरित एक आतंरिक ज्ञापन में घोषणा की कि OS/2 की साझेदारी ख़त्म हुई और माइक्रोसॉफ्ट अपना संपूर्ण प्रयास [[विंडोज एन टी|विन्डोज़NT]] ([[:en:Windows NT|Windows NT]]) [[कार्नेल (कंप्यूटर विज्ञान)|कार्नेल]] ([[:en:kernel (computer science)|kernel]]) के विकास में लगायेगी.<ref>{{cite web | url=http://www.bralyn.net/etext/literature/bill.gates/challenges-strategy.txt | title=May 16, 1991 internal strategies memo from Bill Gates | publisher=Bralyn|accessdate=2008-04-04}}</ref> === प्रबंधन शैली === [[फाईल:Bill Gates - United States v. Microsoft.jpg|thumb|250px|right|बिल गेट्स [[२७ अगस्त|27 अगस्त]] ([[:en:August 27|August 27]]), [[1998]]]] को माइक्रोसॉफ्ट में अपना वक्तव्य रखते हुए सन्1975 को माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापना से लेकर 2006 तक कंपनी की उत्पाद रणनीति गेट्स की प्राथमिक जिम्मेदारी थी। वे कंपनी के विभिन्न उत्पादों को आग्रासक रूप से प्रसारित किए और जहाँ कहीं भी माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख स्थान हासिल कusuckर रहा हो उन्होंने इसकी पुरजोर बचाव की.कई महत्वपूर्ण फैसलों, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट के [[व्यावसायिक प्रथाओं|व्यपार सम्बन्धी व्यबहार]] ([[:en:business practices|business practices]]) [[संयुक्त राज्य एंटी ट्रस्ट क़ानून|एंटी ट्रस्ट]] ([[:en:United States antitrust law|antitrust]]) के कानूनी दावपेंच में फंसे, पर गेट्स का अनुमोदन था। वर्ष १९९८ में''[[संयुक्त राज्य बनाम माइक्रोसॉफ्ट]] ([[:en:United States v. Microsoft|United States v. Microsoft]])'' मामले में, गेट्स ने जो गवाही बक्तव्य दिए, कई पत्रकार उन्हें कन्नी कटना चिन्हित करते हैं। प्रासंगिक शब्दों जैसे "प्रतिस्पर्धा," "सम्बंधित," और "हम."<ref>{{cite web|accessdate=2008-03-30|url=http://www.cnn.com/TECH/computing/9811/17/judgelaugh.ms.idg/index.html|title=Gates deposition makes judge laugh in court|publisher=[[CNN]]|date=1998-11-17}}</ref> '' पर वे परीक्षक [[डेविड बोय्स|डेविड बोइएस]] ([[:en:David Boies|David Boies]]) के साथ वितर्क में उलझे. बिजनेस विक '' ने लिखा : {{quotation|Early rounds of his deposition show him offering obfuscatory answers and saying 'I don't recall,' so many times that even the presiding judge had to chuckle. Worse, many of the technology chief's denials and pleas of ignorance were directly refuted by prosecutors with snippets of e-mail Gates both sent and received.<ref>{{cite web|accessdate=2008-03-30|url=http://www.businessweek.com/1998/48/b3606125.htm|title=Microsoft's Teflon Bill|publisher=[[BusinessWeek]]|date=1998-11-30}}</ref>}} बाद में गेट्स ने कहा कि वे केवल बोइएस द्वारा उनके शब्दों और कामों के ग़लत आंकलन प्रयास का विरोध किए थे। अपने चाल चलनेवाली बयान के दौरान उन्होंने कहा,"क्या मैं बोइएस के साथ घेरा बाँध रहा हूँ?... मैंने दोषों पर बहस किए.बोइएस के प्रति तीब्रतम् कर्कश व्यव्हार के लिए जो भी जुर्माना होना चाहिए, मुझपर लगाया जाय.<ref name="truth">{{cite journal|last=Heilemann|first=John|title=The Truth, The Whole Truth, and Nothing But The Truth|date=[[2000-11-01]]|journal=[[Wired (magazine)|Wired]]|url=http://www.wired.com/wired/archive/8.11/microsoft_pr.html|accessdate = 2008-03-31|month=May|author=Chen, Hy; Wu, Js; Hyland, B; Lu, Xd; Chen, Jj|volume=|issue=|pages=|pmid=18509686|doi=10.1007/s11517-008-0355-6}}</ref> गेट्स के नकारने के बावजूद, न्यायाधीश ने राय दिया कि माइक्रोसॉफ्ट [[शेरमन एंटीट्रस्‍ट अधिनियम|शेरमन एंटीट्रस्ट एक्ट]] ([[:en:Sherman Antitrust Act|Sherman Antitrust Act]]) का उल्लंघन करते हुए एकाधिकार एवं बंधेज तथा प्रतियोगिता के अवरोध का उपयोग किया है।<ref name="truth" /> कार्यकारी अधिकारी के रूप में, गेट्स नियमित रूप से माइक्रोसॉफ्ट के वरिष्ठ प्रबंधकों एवं कार्यक्रम प्रबंधकों से मिलते रहे. इन बैठकों के प्रथमदृष्टतया हिसाब से यह प्रतीत होता है कि वह प्रबंधकों को, उनके व्यापार रणनीतिओं तथा प्रस्तावों में दिखनेवाले छिद्रों, जो कंपनी के दीर्घकालिक हितों को दांव पर चढा सकती है, के लिये कमकर आंकनेवाले मौखिक योद्धा रहे हैं।<ref>{{cite web | url=http://www.microsoft.com/presspass/exec/steve/churchillclub.mspx | title=Steve Ballmer Speech Transcript&nbsp;— Church Hill Club | first=Steve|last=Ballmer | date=1997-10-09 | publisher=[[Microsoft]] | accessdate=2008-03-31}}</ref> वे अक्सर प्रस्तुतियों पर अपनी टिप्पणियों, जैसे "ऐसी बेवकुफीभरी बात मैंने शायद ही कभी सुनी हो" से रोक लगाया करते थे।<ref name="time GOS">{{cite web | url=http://www.time.com/time/gates/gates5.html | first=Walter | last=Isaacson | title=The Gates Operating System | publisher=[[Time (magazine)|Time]] | date=1997-01-13 | accessdate=2008-03-31 | archiveurl=https://web.archive.org/web/20000619090559/http://www.time.com/time/gates/gates5.html | archivedate=2000-06-19 }}</ref> और, "क्यों नही आप अपना [[विकल्प (वित्त)|विकल्प]] ([[:en:Option (finance)|options]]) छोड़ [[शान्ति सेना]] ([[:en:Peace Corps|Peace Corps]]) में शामिल हो जाते?"<ref>{{cite web | url=http://www.breakingwindows.net/1link3.htm | title=Breaking Windows | publisher=[[The Wall Street Journal]] | author= Bank, David|date=1999-02-01 | accessdate=2008-03-31}}</ref> और तब उनको ताव पर चढानेवाले लक्ष्य को तबतक अपने प्रस्ताव का विशद रूपसे बचाव करना होता जबतक आशानुरूप गेट्स पुरी तरह से आश्वस्त नही हो जाते.<ref name="time GOS" /> जब अधीनस्थ लोग काम बंद करते दीखते, उनका व्यंग्यात्मक टिप्पणी हुआ करता था "मैं इसे सप्ताहांत तक कर लूँगा".<ref name="chapman"/><ref name="pdc97">{{cite speech | url=http://www.microsoft.com/presspass/exec/billg/speeches/1997/pdc.aspx | first=Bill | last=Gates | title=Remarks by Bill Gates | location=[[San Diego, California]] | date=[[1997-09-26]] | accessdate=2008-03-31}}</ref><ref name="herbold">{{cite book|first=Robert|year=2004|last=Herbold|title=The Fiefdom Syndrome: The Turf Battles That Undermine Careers and Companies - And How to Overcome Them|url=https://archive.org/details/fiefdomsyndromet00herb}}</ref> माइक्रोसॉफ्ट के इतिहास के अधिकतर भाग में गेट्स की भूमिका मुख्यरूप से एक प्रबंधन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कि रही.जबकि, प्रारंभिक वर्षों में वह एक सक्रिय सॉफ्टवेर विकसित करनेवाले थे, उनका खास ध्यान कंपनी के [[प्रोग्रामिंग भाषा]] उत्पादों में रहा.[[टीआरएस-80 मॉडल 100 लाइन|TRS-80 Model 100 line]] ([[:en:TRS-80 Model 100 line|TRS-80 Model 100 line]]) में काम करने के समय से वह आधिकारिक तौर पर किसी विकास दल में नही थे, लेकिन काफी समय,1989 तक कोड लिखते रहे जो कंपनी के उत्पादों के रूप में भेजे गए।<ref name="pdc97"/> [[15 जून|जून 15]], [[2006]]को गेट्स ने घोषित किया की वे अगले दो वर्षों के समय में अपने दैनिक कामकाजों की भूमिका से बाहर निकल आयेंगे ताकि परोपकारी कर्मों में अधिक समय समर्पित कर सकें.उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों दो उत्तराधिकारियों के बीच विभाजित कर दिया, स्थान [[रे ओज्जी|राय ओज्जि]] ([[:en:Ray Ozzie|Ray Ozzie]]) प्रभारी दैनिक प्रबंधन और [[क्रैग मुनडाई|क्रेग मुंदी]] ([[:en:Craig Mundie|Craig Mundie]]) प्रभारी दीर्घकालीन उत्पाद रणनीति.<ref name="mscorpnews">{{cite news | url=http://www.microsoft.com/presspass/press/2006/jun06/06-15CorpNewsPR.mspx | title=Microsoft Announces Plans for July 2008 Transition for Bill Gates | publisher=[[Microsoft]]|date=2006-06-15}}</ref> == निजी जीवन == के पोशाक में<!--Translate this template and uncomment {{nowrap|[[Master Chief (Halo)|Master Chief]]}} -->जैसे भोजन के समय गेट्स के पास खड़ा है <!--Translate this template and uncomment {{nowrap|''[[Halo 3]]''}} --> गेट्स की शादी [[मेलिंडा गेट्स|फ्रांसीसी मेलिंडा]] ([[:en:Melinda Gates|Melinda French]]) के साथ [[डालास|डलास]], [[टेक्सास]] में [[1 जनवरी|जून 1,]] [[1994|1994 को हुआ]] उनके तीन बच्चे हैं: जेनिफर कैथेराइन गेट्स (1996), रोरी जॉन गेट्स (1999) एवं फोएबे अदेले गेट्स (2002). [[बिल गेट्स का घर|बिल गेट्स का घर [[लेक वॉशिंगटन]] ([[:en:Lake Washington|Lake Washington]]) की ओर झांकती हुई, एक पहाड़ी के पास[[धरती पर आश्रय|जो [[मेडीना, वॉशिंगटन|मेडीना]] ([[:en:Medina, Washington|Medina]]), [[वाशिंगटन|वॉशिंगटन]]में है,21 वीं सदी की एक भू आश्रित मकान है।]] ([[:en:earth sheltering|earth-sheltered home]])]] ([[:en:Bill Gates' house|Bill Gates' house]])[[किंग काउंटी, वॉशिंगटन|किंग काउंटी]] ([[:en:King County, Washington|King County]]) के अनुसार वर्ष 2006 में, इस संपत्ति (जमीन और घर) का सार्वजनिक मूल्यांकन $1250 लाख, और वार्षिक संपत्ति कर $991हज़ार है। इसके अलावे गेट्स के निजी संग्रह में है [[लियोनार्दो दा विन्ची]] द्वारा लिखित [[कोडेक्स लेईसेस्टर|कोडेक्स लेस्टर]] ([[:en:Codex Leicester|Codex Leicester]]), जो गेट्स ने वर्ष 1994 की एक नीलामी में $308 लाख में खरीदा था।<ref>{{harv|Lesinski|2006|p=74}}</ref> गेट्स एक गहरा अध्यनकारी के रूप में भी जाने जाते हैं और उनके घर की विशाल पुस्तकालय के छत में, [[द ग्रेट गेट्सबी|महान गाट्स्बी]] ([[:en:The Great Gatsby|The Great Gatsby]]) का एक उद्धरण खुदाई किया हुआ है।<ref>{{cite news | last = Paterson | first = Thane | title = Advice for Bill Gates: A Little Culture Wouldn't Hurt | publisher = Business Week | date = 2000-06-13 | url = http://www.businessweek.com/bwdaily/dnflash/june2000/nf00613b.htm | accessdate = 2008-04-28}}</ref> गेट्स"[[फोर्ब्स ४००|फोर्ब्स 400]] ([[:en:Forbes 400|Forbes 400]])"सूची में 1993 से लगातार 2007 तक'' और फोर्ब्स''के "[[अरबपतियों की सूची|विश्व के सबसे अमीर लोगों की]] ([[:en:Lists of billionaires|The World's Richest People]])" सूची में 1995 से 2007 तक नम्बर एक पर रहे.संक्षेप में, वर्ष 1999 में गेट्स की संपत्ति $101 अरब पार कर गया, जिससे खबरों में उनका नाम "सेंटीबिलयेनायर" में आ गया।<ref>{{harv|Fridson|2001|p=113}}</ref> सन् 2000 से, [[डॉट-कॉम-बुलबुला|डॉट-कॉम बुलबुले]] ([[:en:dot-com bubble|dot-com bubble]]) के फटने से माइक्रोसॉफ्ट के शेयर की कीमत में गिरावट के बाद तथा कई अरब डॉलर अपने दातव्य संस्थानों में दान करने से उनके माइक्रोसॉफ्ट होल्डिंग्स के अंकित मूल्य में कमी आयी है। मई 2006 के एक साक्षात्कार में गेट्स ने टिप्पणी की कि उनकी यह कामना नही रही कि वे विश्व में सबसे धनी व्यक्ति बने क्योंकि इसप्रकार नजरों पर चढ़ना उन्हें नापसंद है।<ref>{{cite news|last=Bolger|first=Joe|date=2006-05-05|title=I wish I was not the richest man in the world, says Bill Gates|publisher=[[The Times]]|url=http://business.timesonline.co.uk/tol/business/markets/united_states/article713434.ece|accessdate=2008-03-31|archive-date=2008-09-23|archive-url=https://web.archive.org/web/20080923194553/http://business.timesonline.co.uk/tol/business/markets/united_states/article713434.ece}}</ref> गेट्स का माइक्रोसॉफ्ट से बाहर कई निवेश है, जिससे उन्हें वर्ष 2006 में वेतन के मद में $६१६६६७ और बोनस के मद में $३५००००, कुल $९६६६६७ का भुगतान मिला.<ref>{{cite web | title=Microsoft 2006 Proxy Statement | url=http://www.microsoft.com/msft/reports/proxy2006.mspx | publisher=[[Microsoft]] | date=2007-10-06 | accessdate=2008-02-14}}</ref> उन्होंने 1989 में एक डिजीटल इमेजिंग कंपनी [[करबीस|कोर्बिस]] ([[:en:Corbis|Corbis]]) की स्थापना की.2004 में वे उनके पुराने मित्र [[वॉरेन बुफे]] ([[:en:Warren Buffett|Warren Buffett]]) के नेतृत्व वाले एक निवेशक कंपनी [[बर्कशायर हैथवे]] ([[:en:Berkshire Hathaway|Berkshire Hathaway]]) में [[निदेशक मंडल|निर्देशक]] ([[:en:Board of directors|director]]) बने.<ref>{{cite news | last=Fried | first=Ina | date=2004-12-14 | title=Gates joins board of Buffett's Berkshire Hathaway | url=http://www.news.com/Gates-joins-board-of-Buffetts-Berkshire-Hathaway/2100-1014_3-5491312.html | publisher=[[CNET]] | accessdate=2008-03-31 | archive-date=2013-12-16 | archive-url=https://web.archive.org/web/20131216194251/http://www.news.com/Gates-joins-board-of-Buffetts-Berkshire-Hathaway/2100-1014_3-5491312.html }}</ref> वे, कास्केड इनवेस्टमेंट समूह, जो एक विविध होल्डिंगवाला[[अर्थ प्रबंधन|धन प्रबंधन]] ([[:en:wealth management|wealth management]]) फार्म है<ref>{{cite web|accessdate=2008-03-30|url=http://www.thestreet.com/print/story/10383427.html|title=Check Out Bill Gates' Top-Yielding Stocks|author= Altucher, James |date=2007-10-09|publisher=[[TheStreet.com]] }}</ref>, के ग्राहक हैं। === परोपकार कार्य === जनता की यह अभिमत तीव्रतर होने पर कि वे अपने धन में से और अधिक दान कर सकते थे, गेट्स महसूस करने लगे कि अन्य लोगों की उनसे क्या अपेक्षाएँ थी। गेट्स ने [[ऐंड्रू कार्नेगी]] ([[:en:Andrew Carnegie|Andrew Carnegie]]) अवं[[जॉन डी. रॉकफेलर|जॉन डी.रॉकफेलरके कार्यों पर अध्ययन किया। रोकफेलर]] ([[:en:John D. Rockefeller|John D. Rockefeller]]) और अपनी माइक्रोसॉफ्ट के कुछ शेयरों को 1994 में विलियम एच गेट्स फाउंडेशन बनाने के लिए बेच डाला.गेट्स फाउंडेशन.<ref>{{cite web|accessdate=2008-04-05|url=http://www.gatesfoundation.org/AboutUs/QuickFacts/Timeline/|title=Foundation Timeline|publisher=[[Bill & Melinda Gates Foundation]]|archive-date=2008-07-05|archive-url=https://web.archive.org/web/20080705222415/http://gatesfoundation.org/AboutUs/QuickFacts/Timeline/}}</ref> वर्ष 2000 में गेट्स और उनकी पत्नी ने तीन पारिवारिक संस्थानों को संयुक्त कर [[बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन|बिल एवं मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन]] ([[:en:Bill & Melinda Gates Foundation|Bill & Melinda Gates Foundation]]) के नाम से एक दातव्य संस्थान बनाया, जो कि विश्व में सबसे बड़ी [[पारदर्शिता|पारदर्शी]] तरीके से संचालित [[दातव्य संस्थान]] ([[:en:charitable foundation|charitable foundation]]) है।<ref>{{cite web|accessdate=2008-04-01|url=http://www.economist.com/business/displaystory.cfm?story_id=6919139|title=Flat-pack accounting |publisher=[[The Economist]]|date=2006-05-11 }}</ref> अन्य प्रमुख [[दातव्य प्रतिष्ठान|दातव्य प्रतिष्ठानों]] ([[:en:charitable organization|charitable organization]]) जैसे [[वेलकाम ट्रस्ट|वेलकॉम ट्रस्ट]] ([[:en:Wellcome Trust|Wellcome Trust]]) से भिन्न, स्थापित संस्थान अपने पृष्ठपोषकों को यह जानकारी प्राप्त करने की अनुमति देती है कि मुद्रा किस प्रकार खर्च किया जा रहा है।<ref>{{cite web|accessdate=2008-04-01|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/business/3913581.stm|title=Bill Gates: billionaire philanthropist |publisher=[[BBC News]]|date=2005-01-25|author=Cronin, Jon }}</ref><ref>{{cite web|accessdate=2008-04-01|url=http://www.gatesfoundation.org/AboutUs/OurWork/OurApproach/|title=Our Approach to Giving|publisher=[[Bill & Melinda Gates Foundation]]|archive-date=2008-04-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20080404212231/http://www.gatesfoundation.org/AboutUs/OurWork/OurApproach/}}</ref> यह [[डेविड रॉकफेलर]] ([[:en:David Rockefeller|David Rockefeller]]) की उदारता और व्यापक परोपकारधर्मिता का एक विशेष प्रभाव माना गया। गेट्स और उनके पिता रॉकफेलर के साथ कईबार मिले और अपने विभिन्न दानकार्यों को [[रॉकफेलर परिवार]] ([[:en:Rockefeller family|Rockefeller family]]) के परोपकारिता आधारित कार्यों के ढांचे पर, जैसे कि, विश्व के उन समस्याओं जिन्हें सरकारों और अन्य संस्थाओं द्वारा नजरंदाज किया जाता है, संगठित किया।<ref name="bill foundation">{{cite paper | title=2005 Annual Report | format=.PDF | publisher=[[Rockefeller Brothers Fund]] | url=http://www.rbf.org/usr_doc/2005_Annual_Review.pdf | date=2006-01-01 | accessdate=2008-02-14}}</ref> संस्थान के अनुदानों में से जिस मद में कोष प्रदान किए गये : * [[कृषि|कृषिकार्य]]/ [[कृषि|खेतीबाडी]]<ref>{{Cite web|title=Bill Gates' new project: Farming|url=https://www.cnn.com/2008/WORLD/europe/01/25/davos.main/|website=www.cnn.com|access-date=2026-02-02|last=Barry Neild|language=en}}</ref> * कम प्रतिनिधित्त्व वाले अल्पसंख्यक समुदायों के लिये कालेज [[छात्रवृत्तियां]] ([[:en:scholarships|scholarships]]) * [[एड्स|ऐड्स]]निवारण * [[तृतीय विश्व|तीसरी दुनिया]] ([[:en:third world|third world]]) के देशों में फैले [[रोग]] * अन्य कारण वर्ष 2000 में, गेट्स फाउंडेशन ने [[कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय]] को $210 मिलियन [[गेट्स केम्ब्रिज छात्रवृत्तियां|गेट्स कैम्ब्रिज छात्रवृत्तियां]] ([[:en:Gates Cambridge Scholarships|Gates Cambridge Scholarships]]) प्रदान करने के लिए समर्पित किया। फाउंडेशन ने $1बिलियन [[संयुक्त निग्रो कॉलेज कोष]] ([[:en:United Negro College Fund|United Negro College Fund]]) सहित $7बिलियन से ज्यादा की राशि विभिन्न उद्देश्यों के लिए देने का संकल्प लिया। वर्ष 2004'' में फोर्ब्स'' पत्रिका में प्रकाशित एक लेख के अनुसार वर्ष 2000 से अबतक गेट्स ने $29&nbsp;बिलियन से अधिक राशि दातव्य कार्यों प्रदान कर चुका है। ये दानराशियां, अक्सर अधिक अमीरों के नज़रिया में उद्दीपक तथा पर्याप्त [[परोपकार कार्य|परोपकर्धर्मी]] ([[:en:philanthropy|philanthropy]]) बदलाव के तौर पर उधृत की जाती है, जिससे परोपकार कार्य आधार बनते नज़र आते हैं।<ref>{{cite web|accessdate=2008-03-30|url=http://www.etoy.com/files/documents/philanthropy-survey-economist.html|title=The business of giving|publisher=[[The Economist]]|date=2006-02-25}}</ref> बुफ्फे, जो कि दुनिया के समृद्ध व्यक्तियों में दुसरे थे,<ref>{{cite web|accessdate=2008-04-01|url=http://www.forbes.com/lists/2006/10/C0R3.html|title=#2 Warren Buffett |publisher=[[Forbes]]|date=2006-03-01 }}</ref> ने [[25 जून|25 जून,]] [[2006]] को घोषणा की कि उन्होंने फाउंडेशन को, कई वर्षों में सम्प्रसारित [[वर्कशायर हाथवे|बर्कशायर हैथवे]] ([[:en:Berkshire Hathaway|Berkshire Hathaway]]) क्लास बी [[हिस्सा / अंश पूंजी|शेयरस]] ([[:en:share|share]]) के वार्षिक योगदान के माध्यम से $10मिलियन देने का संकल्प किया है।<ref>{{harv|Lesinski|2006|p=101}}</ref> गेट्स ने [[15 जून|जून 15]], [[2006]] को घोषणा की कि माइक्रोसॉफ्ट में उनकी अंशकालिक भूमिका रहेगी और जुलाई 2008 से दैनिक परिचालन प्रबंधन कार्य छोडकर, परन्तु [[अध्यक्ष]] ([[:en:chairman|chairman]]) एवं सलाहकार के रूप में बने रहने के साथ, [[परोपकार कार्य]] ([[:en:philanthropy|philanthropy]]) में पूर्ण कालिक भूमिका निभायेंगे.<ref name=mscorpnews/> गेट्स ने, उनके दातव्य उद्देश्यों में योगदान के लिए लिये गये निर्णयों को प्रभावित करने का श्रेय बुफ्फे को दिया.<ref>{{cite news | title=Warren Buffett Gives Away his Fortune | url=http://money.cnn.com/2006/06/25/magazines/fortune/charity1.fortune/index.htm | publisher=[[Fortune (magazine)|Fortune]] | date=2006-06-25 | author=Loomis, Carol J. | accessdate=2008-03-31 | archive-date=2007-11-28 | archive-url=https://web.archive.org/web/20071128090517/http://money.cnn.com/2006/06/25/magazines/fortune/charity1.fortune/index.htm }}</ref> कुछ दिनों के बाद बुफ्फे ने घोषणाकी कि वे गेट्स फाउंडेशन में गेट्स के बराबर $1.5 बिलियन तक प्रति वर्ष शेयर के माध्यम से योगदान प्रारम्भ करेंगे.<ref name="buffett announcement">{{cite episode | credits=Smith, Robert | title=Buffett Gift Sends $31 Billion to Gates Foundation | url=http://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=5512893 | series=[[All Things Considered]] | network=[[National Public Radio]] | airdate=2006-06-26 | accessdate=2008-03-31}}</ref> बुफे ने फाउंडेशन को अपनी सम्प्रदानों को त्वरित करने में पथ प्रदर्शन कर मदद की.यह बहुत थोड़े से जीवन सीमा वाले दातव्य प्रतिष्ठानों में से एक हो गया है, जो अपने सभी संसाधनों को खर्च करने तथा इसके संस्थापकों के मरने के 50 वर्षों के अन्दर बंद करने के लिए प्रतिश्रुत है।<ref>{{cite news|author=Wilhelm, Ian|title=Gates Foundation Announces That It Does Not Plan to Operate Forever|url=http://www.philanthropy.com/free/update/2006/11/2006112901.htm|date=2006-11-29|publisher=[[The Chronicle of Philanthropy]]|accessdate=2008-04-01|archive-date=2007-09-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20070927220226/http://www.philanthropy.com/free/update/2006/11/2006112901.htm}}</ref> वॉरेन बुफे और बिल गेट्स दोनों [[योजोनावध्य पितृत्व|योजनाबद्ध पितृत्व]] ([[:en:Planned Parenthood|Planned Parenthood]]) के जोरदार समर्थक रहे, जो बुफे और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशनस से वितीय सहायता प्राप्त एक अलाभकारी प्रतिष्ठान है। संयुक्त राज्य में सम्पन्न होनेवाले कुल गर्भपातों के लगभग 20% का सम्पादन योजनाबद्ध पितृत्व द्वारा किया जाता है। योजोनावध्य पितृत्व के लिए लगभग एक तिहाई धन सरकारी अनुदानों और अनुबंधों (वर्ष 2007 में $336.7 लाख) से तथा अवशेष क्लिनीक के आय और बिल गेट्स जैसे धनी व्यक्तियों से दान के रूप में आते हैं।<ref name = "Bill Gates supports planned parenthood">{{cite web | url = http://www.lifesitenews.com/ldn/2003/may/03050902.html | title = Bill Gates planned Parenthood-President Dad inspired pro abortion funding | publisher = Lifesite News | year = 2003 | accessdate = 2003-05-09|format=html}}</ref><ref name = "David versus Goliaths">{{cite web| url = http://www.worldmag.com/articles/14184| title = David versus Goliaths| publisher = World Magazine| year = 2008| accessdate = 2008-07-12| archive-date = 2008-07-14| archive-url = https://web.archive.org/web/20080714222233/http://www.worldmag.com/articles/14184}}</ref><ref name = "Buffet gift means millions for abortion">{{cite web | url = http://www.worldnetdaily.com/news/article.asp?ARTICLE_ID=50815 | title = Buffet gift means millions for abortion| publisher = Worldnet Daily | year = 2006 | accessdate = 2006-06-28}}</ref> === मान्यता === ''[[टाइम (पत्रिका)|टाइम]] ([[:en:Time (magazine)|Time]])'' पत्रिका ने गेट्स का उल्लेख उन सौ लोगों में, जिन्होंने 20वीं सदी को सबसे अधिक प्रभावित किए, तथा साथ ही साथ उन सौ लोगों में जो 2004, 2005 एवं 2006 में सबसे अधिक प्रभावशाली व्याक्ति रहे, में किया।''टाइम'' सामूहिकरूप से भी गेट्स, उनकी पत्नी[[मेलिंडा गेट्स|मेलिंडा]] ([[:en:Melinda Gates|Melinda]]) और वैकल्पिक रॉक बैंड [[यू२|यु2]] ([[:en:U2|U2]]) के पमुख गायक [[बोनो]] ([[:en:Bono|Bono]]) को 2005 में उनके मानवीय प्रयासों के लिए, [[वर्ष के प्रमुख व्यक्ति|वर्ष के चर्चित व्यक्तिओं]] ([[:en:Person of the Year|Persons of the Year]]) में किया।<ref>{{harv|Lesinski|2006|p=102}}</ref> वर्ष 2006 में "हीरोज ऑफ़ आवौर टाइम" की सूची में उनका आंकलन आठवे नम्बर पर किया गया।<ref>{{cite news | author= Cowley, Jason | title=Heroes of our time&nbsp;— the top 50 | url=http://www.newstatesman.com/200605220016 | publisher=[[New Statesman]] | date=2006-06-22 | accessdate=2008-02-17}}</ref> गेट्स का आंकलन 1999 में ''[[सन्डे टाईम्स (यूके)|सन्डे टाईम्स]] ([[:en:The Sunday Times (UK)|Sunday Times]])'' पावर लिस्ट में हुआ, ''चीफ़ एक्ज़ीक्यूटिव ऑफि़सर्स'' ने 1994 में सीइओ ऑफ़ द इयर कहा, ''टाइम'' ने 1998 में "टॉप 50 साइबर एलिट" में एक नम्बर का दर्जा दिया,1999 में ''[[अपसाइड (पत्रिका)|Upside]] ([[:en:Upside (magazine)|Upside]])''100 अभिजात लोगों में दो नम्बर का दर्जा दिया तथा वर्ष 2001 में ''[[द गार्डियन]] ([[:en:The Guardian|The Guardian]])'' में "मीडिया के 100 प्रभावशाली लोगों में एक" में उनका नाम शामिल किया गया।<ref>{{cite web|accessdate=2008-03-30|url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/uk/457951.stm|title=Gates 'second only to Blair' |publisher=[[BBC News]]|date=1999-09-26}}</ref> गेट्स ने वर्ष 2000 में [[नीदरलैंड|द नेदरलैंडस]] के [[येनरोड बिज़नेस यूनिवर्सिटीट|निएनरोड बिज़नेस युनिवारसीटेईट]] ([[:en:Nyenrode Business Universiteit|Nyenrode Business Universiteit]]),[[ब्रूकलीन]] ([[:en:Breukelen|Breukelen]]) से, 2002 में<ref>{{cite press release | language=[[Dutch language|Dutch]]| title=''Eredoctoraat Universiteit Nyenrode voor Wim Kok'' | url=http://www.nyenrode.nl/news/news_full.cfm?publication_id=599 | publisher=[[Nyenrode Business Universiteit]] | date=2003-08-13 | accessdate=2008-02-18}}</ref>[[रायल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी|द रायल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी]] ([[:en:Royal Institute of Technology|Royal Institute of Technology]]), [[स्टॉकहोम|स्टाकलहोम]], [[स्वीडन]] से, 2005 में[[वासेदा विश्वविद्यालय|वसेदा यूनिवर्सिटी]] ([[:en:Waseda University|Waseda University]]), [[टोक्यो|टोकियो]], [[जापान]] से, जून 2007 में[[हार्वर्ड विश्वविद्यालय|हारवर्ड यूनिवर्सिटी]] ([[:en:Harvard University|Harvard University]]) से,<ref>{{cite news | author=Hughes, Gina | title=Bill Gates Gets Degree After 30 Years | url=http://tech.yahoo.com/blog/hughes/13653 | publisher=[[Yahoo!]] | date=2007-06-08 | accessdate=2008-02-18 | archive-date=2007-12-27 | archive-url=https://web.archive.org/web/20071227044031/http://tech.yahoo.com/blog/hughes/13653 }}</ref> और 2008 में[[कारोलिंसका इंस्टीटिऊटेट|कारोलिंसका इंस्टीटुटेट]] ([[:en:Karolinska Institutet|Karolinska Institutet]]), स्टाकलहोम से [[सम्मानसूचक उपाधि / मानद उपाधि|ओनोररी डाकटोरेट्स]] ([[:en:honorary degree|honorary doctorates]]) प्राप्त किये.<ref>{{cite web | author=Svärd, Madeleine | title=Bill Gates honored with a doctor's cap | url=http://ki.se/ki/jsp/polopoly.jsp?d=130&a=47838&l=en&newsdep=130 | publisher=[[Karolinska Institutet]] | date=2008-01-24 | accessdate=2008-02-18 | archive-date=2008-02-19 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080219175039/http://ki.se/ki/jsp/polopoly.jsp?d=130&a=47838&l=en&newsdep=130 }}</ref> [[कीटविज्ञान|कीट विज्ञानीओ]] द्वारा बिल गेट्स फ्लावर फ्लाई, ''[[बिल गेट्स' फ्लावार फ्लाई|एरिस्तालिस गटेसी]] ([[:en:Bill Gates' flower fly|Eristalis gatesi]])''नामों से भूषित<ref>{{cite web | author=Thompson, F. Christian | title=Bill Gates' Flower Fly ''Eristalis gatesi'' Thompson | url=http://www.sel.barc.usda.gov/Diptera/syrphid/gates.htm | publisher=The Diptera Site | date=1999-08-19 | accessdate=2008-02-18 | archive-date=2008-02-12 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080212030504/http://www.sel.barc.usda.gov/Diptera/syrphid/gates.htm }}</ref> करने के अलावे, सन् 2005<ref>{{cite news | title=Knighthood for Microsoft's Gates | url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/uk_news/3428673.stm | publisher=[[BBC News]] | date=2005-03-02 | accessdate=2008-02-18}}</ref> में [[एलिज़बेथ २|रानी एलिजाबेथ II]] द्वारा गेट्स को [[ब्रिटिश सम्मान प्रथा#मानद सम्मान पुरस्कार|नाईट कमांडर ऑफ़ दा आर्डर ऑफ़ ब्रिटिश एम्पायर]] ([[:en:British honours system#Honorary Awards|honorary Knight Commander of the Order of the British Empire]])(केबीइ) के मानक अहोदे से भी भूषित किया गया वर्ष 2006 में, उन्हें और उनकी पत्नी को पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए परोपकारी कार्य, विशेषकर मेक्सिको में तथा विशेष रूप से "''अन पाईस दा लेक्टोरेस"''.<ref>{{cite web|url=http://diariooficial.segob.gob.mx/nota_detalle.php?codigo=4936346|accessdate=2008-03-30|publisher=[[Diario Oficial de la Federación]]|title=Proclamation of the Award}}</ref> कार्यक्रम के लिए [[आर्डर ऑफ़ दा एजटेक ईगल|Order of the Aztec Eagle]] ([[:en:Order of the Aztec Eagle|Order of the Aztec Eagle]]) के पदक से सम्मानित किया गया। === निवेश === [[संयुक्त राज्य अमेरिका|संयुक्त राज्य में स्थापित]] [[कास्केड इन्वेस्टमेंट्स एल एल सी|कास्केड इन्वेस्टमेंट्स एलएलसी]] ([[:en:Cascade Investments LLC|Cascade Investments LLC]]), एक निजी निवेश एवं [[होल्डिंग कंपनी]] ([[:en:holding company|holding company]]) का नियंत्रण बिल गेट्स करते हैं, जिसका मुख्यालय [[क्रिकलैंड, डब्लू ए|किर्कलैंड, WA]] ([[:en:Kirkland, WA|Kirkland, WA]]) शहर में है। == लेखक == गेट्स दो पुस्तकों के लेखक रहें: * ''[[द रोड एहेड|आगे की योजना]] ([[:en:The Road Ahead|The Road Ahead]])''(1975) * ''[[बिजनेस @ द स्पीड ऑफ़ थॉट]] ([[:en:Business @ the Speed of Thought|Business @ the Speed of Thought]])''(1999) == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|3}} * {{citation|title=How to be a Billionaire: Proven Strategies from the Titans of Wealth|first=Martin|last=Fridson|year=2001|publisher=[[John Wiley & Sons]]|isbn=0471416177}} * {{citation|title=The Road Ahead|last=Gates|first=Bill |year=1996 |publisher=[[Penguin Books]] |isbn=0140260404 }} * {{citation|title=Bill Gates (Biography (a & E))|first=Jeanne M.|last=Lesinski|year=2006|publisher=[[A&E Television Networks]]|isbn=0822570270}} * {{citation|title =Gates: How Microsoft's Mogul Reinvented an Industry and Made Himself The Richest Man in America|isbn = 0671880748|year =1994|publisher =[[Touchstone Pictures]]|last=Manes|first=Stephen}} == बाहरी कड़ियाँ == * [http://www.raviwar.com/news/360_bill-gates-truth-behind-ngo-raghu-thakur.shtml बिल गेट्स की कैसी सेवा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100724234833/http://raviwar.com/news/360_bill-gates-truth-behind-ngo-raghu-thakur.shtml |date=2010-07-24 }} (रविवार) * [https://web.archive.org/web/20081122144911/http://www.bhaskar.com/2008/08/15/0808151639_bill_gates.html गरीबी हटाते हुए मुनाफा कमाएं] (दैनिक भास्कर) * [http://www.microsoft.com/presspass/exec/billg/bio.mspx बिल गेट्स की जीवनी माइक्रोसॉफ्ट.कम में] * [http://www.forbes.com/static/bill2005/LIRBH69.html फोर्ब्स : विश्व के प्रमुख धनीलोग] * [http://www.gatesfoundation.org/ बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन] * [http://www.achhikhabar.com/2011/09/27/bill-gates-quotes-in-hindi/ बिल गेट्स के अनमोल वचन] [[श्रेणी:वैज्ञानिक]] [[श्रेणी:माइक्रोसॉफ्ट]] [[श्रेणी:1955 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:नास्तिक]] phx2fm35utecrxnkgbu72h48vw0pwd7 भूमध्य सागर 0 2158 23114 22774 2026-08-25T18:00:29Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23114 wikitext text/x-wiki {{short description|Sea between Europe, Africa and Asia, connected to the Atlantic Ocean}} {{Use dmy dates|date=February 2021}} {{Infobox body of water | name = भूमध्य सागर | image = Mediterranee 02 EN.jpg | caption = भूमध्य सागर का नक्शा | image_bathymetry = | caption_bathymetry = | location = [[पश्चिमी यूरोप]], [[दक्षिणी यूरोप]], [[उत्तरी अफ्रीका]] and [[पश्चिमी एशिया]] | coords = {{Coord|35|N|18|E|region:XZ_type:waterbody_scale:25000000|display=inline,title}} | type = [[समुद्र]] | inflow = [[अटलांटिक महासागर]], [[मरमरा सागर]], [[नील नदी]], [[एब्रो नदी]], [[रोन नदी]], [[शल्फ नदी]], [[पो नदी]] | outflow = | catchment = | basin_countries = {{hidden | fw1=normal | headerstyle=text-align:left | header = about 60 | content = <div class="hlist hwrap"> * [[अल्बानिया]] * [[अल्जीरिया]] * [[अण्डोरा]] * [[ऑस्ट्रिया]] * [[बेलारूस]] * [[बॉस्निया और हर्ज़ेगोविना]] * [[बुल्गारिया]] * [[बुरुण्डी]] * [[चाड]] * [[कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य]] * [[क्रोएशिया]] * [[साइप्रस]] * [[चेक गणराज्य]] * [[मिस्र]] * [[इरित्रिया]] * [[इथियोपिया]] * [[फ़्रान्स]] * [[जॉर्जिया (देश)]] * [[जिब्राल्टर]] ([[यूनाइटेड किंगडम]]) * [[ग्रीस]] * [[हंगरी]] * [[इज़राइल]] * [[इटली]] * [[केन्या]] * [[कोसोवो]] {{small|(स्वतंत्रता विवादित, सर्बिया द्वारा दावा किया गया)}} * [[लेबनान]] * [[लीबिया]] * [[लिख्टेंश्टाइन]] * [[माल्टा]] * [[मॉल्डोवा]] * [[मोनाको]] * [[मॉन्टेनीग्रो]] * [[मोरक्को]] * [[नाइजर]] * [[उत्तर मैसिडोनिया]] * [[फिलिस्तीन राज्य]] {{small|(एक '' डे ज्यूर या क़ानूनन '' संप्रभु राज्य)}} * [[पोलैंड]] * [[पुर्तगाल]] * [[रोमानिया]] * [[रूस]] * [[रवांडा]] * [[सान मारिनो]] * [[सर्बिया]] * [[स्लोवाकिया]] * [[स्लोवेनिया]] * [[दक्षिण ओसेतिया]] {{small|(स्वतंत्रता विवादित, जॉर्जिया द्वारा दावा किया गया)}} * [[दक्षिण सूडान]] * [[स्पेन]] * [[सूडान]] * [[स्विट्ज़रलैंड]] * [[सीरिया]] * [[तंज़ानिया]] * [[ट्रांसनिस्त्रिया]] {{small|(स्वतंत्रता विवाद, मोल्दोवा द्वारा दावा किया गया)}} * [[तुनिशिया]] * [[तुर्की]] * [[यूगांडा]] * [[यूक्रेन]] * [[वैटिकन सिटी]] </div> }} | length = | width = | area = {{convert|2500000|km2|sqmi|abbr=on}} | depth = {{convert|1500|m|ft|abbr=on}} | max-depth = {{convert|5267|m|ft|abbr=on}} | volume = {{convert|3750000|km3|cumi|abbr=on}} | residence_time = 80–100 years<ref name="Water Flow in Semienclosed Seaways">{{cite book|title=Invitation to Oceanography |journal=Paleoceanography |volume=30 |issue=5 |first=Paul R. |last=Pinet |page=220 |publisher=Jones & Barlett Learning |year=2008 |isbn=978-0-7637-5993-3 |url=https://books.google.com/books?id=6TCm8Xy-sLUC&pg=PA220}}</ref> | shore = | elevation = | frozen = | islands = 3300+ | cities = [[सिकन्दरिया]], [[बार्सिलोना]], [[अल्जीयर्स]], [[इज़मिर]], [[रोम]], [[एथेंस]], [[बेयरूत]], [[त्रिपोली (लेबनान)]], [[तूनिस]], [[तन्जा]], [[तेल अविव]]'' | reference = }} '''भूमध्य सागर''' [[अटलांटिक महासागर]] सँ संयोजित एगो [[सागर]] छेकै, [[भूमध्य द्रोणी|भूमध्य बेसिन]] से घिरा हुआ है और लगभग पूरी तरह से ज़मीन से घिरा: उत्तर में [[पश्चिमी यूरोप]], [[दक्षिणी यूरोप]] और [[आनातोलिया|अनातोलिया]], दक्षिण में [[उत्तर अफ़्रीका|उत्तरी अफ्रीका]] और पूर्व में [[लेवंट]] द्वारा। है। इसका क्षेत्रफल लगभग 2,500,000 km<sup>2</sup> (970,000 वर्ग मिल) है, जो [[भारत]] के क्षेत्रफल का लगभग 75 फ़ीसदी है। भूमध्य सागर वैश्विक महासागरीय सतह के 0.7% का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन इसका संबंध [[जिब्राल्टर जलसन्धि|जिब्राल्टर जलडमरूमध्य]] के माध्यम से अटलांटिक महासागर के साथ होता है। [[जिब्राल्टर जलसन्धि|जिब्राल्टर जलडमरूमध्य]] संकीर्ण जलडमरूमध्य जो अटलांटिक महासागर को भूमध्य सागर से जोड़ता है और यूरोप के देश [[स्पेन]] को अफ्रीका के देश [[मोरक्को]] से अलग करता है जो केवल 14 किमी (9 मील) चौड़ा है। == परिचय == इस सागर में अनेक द्वीप हैं, जिनमें पूर्व से [[साइप्रस|पश्चिम साइप्रस]], रोड्ज, क्रीट, कार्फू, मॉल्टा, [[सिसिली]], [[सार्डिनिया]], कॉर्सिका और बैलिएरिक द्वीप प्रमुख हैं। इसमें द्वीपों एवं प्रायद्वीपों के मध्य भिन्न भिन्न नाम के सागर साथ हैं जैसे सार्डिनिया और [[इटली]] के मध्य टिरहेनियन सागर, इटली एवं [[बाल्कन|बॉल्कन प्रायद्वीप]] के मध्य ऐड्रिऐटिक सागर एवं यूनान तथा तुर्की के मध्य इजिऐन सागर। इसी प्रकार इसमें कई खड़ियाँ भी हैं। इस सागर की उत्पत्ति [[तृतीय महाकल्प]] (Tertiary era) में हुई थी, जबकि दक्षिण यूरोप की नवीन पर्वतश्रेणियों का निर्माण हुआ। इस कारण समुद्रतटीय भागों में भूकंप आया करते हैं। [[ज्वालामुखी|ज्वालामुखी पर्वतों]] की पेटी पूर्व से पश्चिम को चली गई है। सागर के पश्चिम का जल पूर्व के जल से कुछ ठंडा तथा स्वच्छ रहता है, एवं पूर्व का जल पश्चिम की अपेक्षा अधिक क्षारीय है। पश्चिमी भाग के जल की सतह का ऊपरी ताप लगभग ११.७ डिग्री सें० तथा पूर्वी भाग के जल की सतह का ताप फरवरी में १७ डिग्री सें० से अगस्त में लगभग २७ डिग्री सें० के बीच रहता हैं। [[काला सागर]] के मीठे पानी के कारण निकटवर्ती समुद्र का खारापन कम है। इसमें गिरने वाली नदियों में एब्रों, रोन, सोन, डूरांस, आर्नो, टाइबर, बेल्टूर्नी, पो, वारडार, स्ट्रूमा एवं नील आदि प्रमुख हैं। इसके समीपवर्ती भागों में लंब, गरम, शुष्क तथा स्वच्छ गरमियाँ एवं छोटी, ठंडी तथा नम सर्दियाँ रहती हैं। यद्यपि भूमध्यसागर प्राचीन काल से ही व्यापारिक महत्व का रहा है, तथापि १८६८ ई० में [[स्वेज़ नहर|स्वेज नहर]] के खुल जाने के कारण यह एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग बन गया है। ==नामकरण== [[File:Wadj-ur.png|left|thumb|upright=0.65|वदज-उर, या वदज-वेर, भूमध्य सागर के प्राचीन मिस्री नाम थे।]] [[File:Greece Orbit Photo 1989 by Atlas STS-34.jpg|thumb|अपनी अत्यधिक टेढ़े मेढ़े दांतेदार समुद्र तट और बड़ी संख्या में द्वीपों के साथ, [[यूनान]] सबसे लंबी भूमध्यसागरीय तट रेखा बनाता है।]]प्राचीन मिस्रवासी भूमध्यसागरीय को वदज-वर/वदज-वेर/वदज-उर कहते हैं। यह शब्द (शाब्दिक रूप से "बहुत हरा") प्राचीन मिस्रवासियों द्वारा अर्ध-ठोस, अर्ध-जलीय क्षेत्र को दिया गया नाम था, जो कि नील नदी के डेल्टा के उत्तर में पपीरस जंगलों विस्तार से समुद्र से परे होने वाले क्षेत्र की विशेषता थी। <ref>{{cite book |last1=Golvin |first1=Jean-Claude |title=L'Égypte restituée, Tome 3 |year=1991 |publisher=Éditions Errance |location=Paris |isbn=2-87772-148-5 |page=273}}</ref> प्राचीन यूनानियों ने भूमध्यसागरीय को केवल ἡ ασσα (hē thálassa; "सागर") या कभी-कभी μεγάλη ασσα (hē megalē thálassa; "महान सागर"), μετέρα θάλασσα (hē hēmetérā thálassa; "हमारा सागर") या ασσα. αθ'ἡμᾶς (hē thálass hē kath'hēmâs; "हमारे चारों ओर का समुद्र") कहा था। रोमनों ने इसे मारे मैग्नम ("ग्रेट सी") या मारे इंटर्नम ("आंतरिक सागर") कहा, और रोमन साम्राज्य के प्रारंभिक काल में इसे मारे नोस्ट्रम ("हमारा सागर") कहा गया। शब्द मारे मेडिटेरेनियम बाद में प्रकट होता है: सोलिनस ने जाहिरी तौर पर तीसरी शताब्दी में इसका इस्तेमाल किया था, लेकिन इसका सबसे पुराना गवाह 6 वीं शताब्दी में सेविले के इसिडोर में है।<ref>Geoffrey Rickman, "The creation of ''Mare Nostrum'': 300 BC – 500 AD", in David Abulafia, ed., ''The Mediterranean in History'', {{isbn|1-60606-057-0}}, 2011, p. 133.</ref><ref name="seirinidou" /> [[लातिन भाषा|लैटिन]] में इसका अर्थ है 'भूमि के बीच में या अंतर्देशीय' , medius ("मध्य"), terra ("भूमि, पृथ्वी"), और -āneus ("की प्रकृति वाले") वाला एक क्षेत्र।यह लैटिन शब्द [[यूनानी भाषा|यूनानी शब्दावली]] से लिए गए μεσόγειος (mesógeios; "अंतर्देशीय"), μcal (mésos, "बीच में") और γήινος (gḗinos, "पृथ्वी का"), (gê, "भूमि, पृथ्वी" से) शब्द हैं जिनका मूल अर्थ 'पृथ्वी के बीच में समुद्र' हो सकता है, न कि 'भूमि से घिरा समुद्र'। [[फ़ारसी साम्राज्य|प्राचीन ईरानियों]] ने इसे "रोमन सागर" कहा, क्लासिक फ़ारसी ग्रंथों में दरिया-ए-रुम (دریای روم) कहा जाता था, जो मध्य फ़ारसी से बना ज़रिह ए हरम (𐭦𐭫𐭩𐭤 ) का रूप एक हो सकता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.parsi.wiki/fa/wiki/247689/%d8%af%d8%b1%db%8c%d8%a7%db%8c-%d8%b1%d9%88%d9%85|title="دریای روم" entry|last=Dehkhoda|first=Ali Akbar|website=Parsi Wiki|access-date=14 April 2023|archive-date=22 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200522152841/https://www.parsi.wiki/fa/wiki/247689/%d8%af%d8%b1%db%8c%d8%a7%db%8c-%d8%b1%d9%88%d9%85}}</ref> आधुनिक [[अरबी भाषा]] में, इसे 'अल-बैर [अल-अबैद] अल-मुतवासी' ([श्वेत] मध्य सागर) के रूप में जाना जाता है। इस्लामी और पुराने [[अरबी साहित्य]] में, यह बैर अल-रूम(ई) (बहर अल-रम या बह्र अल-रूमी) 'रोमनों का सागर' या 'रोमन सागर' था।<ref name="eoi">"Baḥr al-Rūm" in ''Encyclopedia of Islam'', 2nd ed</ref><ref name="seirinidou">Vaso Seirinidou, "The Mediterranean" in Diana Mishkova, Balázs Trencsényi, ''European Regions and Boundaries: A Conceptual History'', series ''European Conceptual History'' '''3''', {{isbn|1-78533-585-5}}, 2017, p. 80</ref> == इतिहास == === प्राचीन सभ्यताएँ === [[File:AntikeGriechen1.jpg|thumb|upright=1.75| ग्रीक (लाल) और फोनीशियन (पीला) [[प्राचीन काल में उपनिवेश]],समय छठी शताब्दी ई.पू]] [[File:Roman Empire Trajan 117AD.png|thumb|upright=1.75|[[रोमन साम्राज्य]] 117 ई. में अपनी सबसे दूरतम सीमा पर]] कई प्राचीन सभ्यताएँ भूमध्यसागरीय तटों के आसपास स्थित थीं और समुद्र से उनकी निकटता से बहुत प्रभावित थीं। भूमध्य सागर ने व्यापार, उपनिवेश और युद्ध के लिए मार्ग प्रदान किए साथ ही भूमध्य सागर ने पूरे सभ्यता काल में कई समुदायों के लिए भोजन (मछली पकड़ने और अन्य समुद्री भोजन के संग्रह) प्रदान किया।<ref>{{cite book|author=David Abulafia|title=The Great Sea: A Human History of the Mediterranean|url=https://archive.org/details/greatseahumanhis0000abul_o4t7|publisher= [[Oxford University Press]]|year=2011}}</ref> एक ही जलवायु, भूविज्ञान और समुद्र तक पहुंच के कारण, भूमध्यसागरीय पर केंद्रित संस्कृतियों में कुछ हद तक आपस में जुड़ी संस्कृति और इतिहास की प्रवृत्ति मिली झूली थी। शास्त्रीय पुरातनता में सबसे उल्लेखनीय भूमध्यसागरीय सभ्यताओं में से दो यूनान के [[नगर-राज्य]] और [[फ़ोनीशिया]] थे, जिनमें से दोनों ने भूमध्यसागरीय तटरेखाओं को बड़े पैमाने पर उपनिवेशित किया था। बाद में, जब [[ऑगस्टस]] ने [[रोमन साम्राज्य]] की स्थापना की तब रोमनों ने भूमध्य सागर को मारे नोस्ट्रम ("हमारा सागर") के रूप में संदर्भित किया। अगले 400 वर्षों के लिए, रोमन साम्राज्य ने भूमध्य सागर और [[जिब्राल्टर]] से लेवेंट तक के लगभग सभी तटीय क्षेत्रों को पूरी तरह से नियंत्रित किया। प्राचीन मिस्र पर विजय प्राप्त करने वाले फारस के [[दारा प्रथम|डेरियस प्रथम]] ने भूमध्य सागर को [[लाल सागर]] से जोड़ने वाली एक नहर का निर्माण किया। [[दारा प्रथम|डेरियस]] की नहर इतनी चौड़ी थी कि दो पतवार नौकाऐं एक-दूसरे को चप्पूओं के साथ पार कर सकते थे, और इसे पार करने के लिए चार दिनों की आवश्यकता होती थी।<ref>Rappoport, S. (Doctor of Philosophy, Basel). History of Egypt (undated, early 20th century), Volume 12, Part B, Chapter V: "The Waterways of Egypt", pp. 248–257 ([https://archive.org/stream/historyofegyptch12masp#page/248/mode/2up online]). London: The Grolier Society.</ref> === मध्य युग और उसके साम्राज्य === ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:भूमध्य सागर]] [[श्रेणी:सागर]] [[श्रेणी:यूरोप के सागर]] [[श्रेणी:अफ़्रीका के सागर]] j9sqkfi0vcp14xha4jk6qwvtdpvib5s मसूरिका 0 2233 23113 10654 2026-08-25T18:00:12Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23113 wikitext text/x-wiki '''चेचक''' (शीतला, बड़ी माता, small pox) एगो अत्यंत प्राचीन रोग छेकै. [[आयुर्वेद]] केरऽ ग्रंथऽ मं॑ एकरऽ वर्णन मिलै छै. [[मिश्र]] में १,२०० वर्ष ईसा पूर्व की एक ममी (mummy) पाई गई थी, जिसकी त्वचा पर चेचक के समान विस्फोट उपस्थित थे। विद्वानों ने उसका चेचेक माना। [[चीन]] में भी ईसा के कई शताब्दी पूर्व इस रोग का वर्णन पाया जाता है। छठी शताब्दी में यह रोग यूरोप में पहुँचा और १६वीं शताब्दी में स्पेन निवासियों द्वारा अमरीका में पहुँचाया गया। सन्‌ १७१८ में यूरोप में लेडी मेरी वोर्टले मौंटाग्यू ने पहली बार इसकी सुई (inoculation) प्रचलित की और सन्‌ १७९६ में जेनर ने इसके टीके का आविष्कार किया। चेचक विषाणु जनित रोग है, इसका प्रसार केवल मनुष्यों में होता है, इसके लिए दो विषाणु उत्तरदायी माने जाते है वायरोला मेजर और वायरोला माइनर [१] .<ref name=Sherris>{{cite book | author = Ryan KJ, Ray CG (editors) | title = Sherris Medical Microbiology | url = https://archive.org/details/sherrismedicalmi0000unse_q1i3 | edition = 4th ed. | pages = [https://archive.org/details/sherrismedicalmi0000unse_q1i3/page/525 525]–7 | publisher = McGraw Hill | year = 2004 | pages = 525–8 |isbn = 0838585299 }}</ref> इस रोग के विषाणु त्वचा की लघु रक्त वाहिका, मुंह, गले में असर दिखाते है, मेजर विषाणु ज्यादा मारक होता है, इसकी म्रत्यु दर ३०-३५% रहती है, इसके चलते ही चेहरे पर दाग, अंधापन जैसी समस्या पैदा होती रही है, माइनर विषाणु से मौत बहुत कम होती है | इ रोग अत्यंत संक्रामक छै. जब तब रोग की [[महामारी]] फैला करती है। कोई भी जाति और आयु इससे नहीं बची है। [[टीका|टीके]] के आविष्कार से पूर्व इस रोग से बहुत अधिक मृत्यु होती थी, यह रोग दस हजार इसा पूर्व से मानव जाति को पीड़ित कर रहा है, १८ वी सदी में हर साल युरोप में ही इस से ४ लाख लोग मरते थे, यह १/३ अंधेपन के मामले हेतु भी उत्तरदायी था, कुल संक्रमण में से २०-६०% तथा बच्चो में ८०% की म्रत्यु दर होती थी|बीसवी सदी में भी इस से ३०० से ५०० मिलियन मौते हुई मानी गयी है, १९५० के शुरू में ही इसके ५० मिलियन मामले होते थे, १९६७ में भी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके चलते प्रति वर्ष विश्व भर में २० लाख मौते होनी मानी थी, पूरी १९ वी तथा २० वी सदी में चले टीकाकरण अभियानों के चलते दिसम्बर 1979 में इस रोग का पूर्ण उन्मूलन हुआ, आज तक के इतिहास में केवल यही ऐसा संक्रामक रोग है जिसका पूर्ण उन्मूलन हुआ है | ==सन्दर्भ== [[श्रेणी:रोग]] axew05ltspnd15c06qejpo46dm4pj9m मुंबई 0 2334 23128 23098 2026-08-25T18:09:08Z InternetArchiveBot 123 Add 2 books for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23128 wikitext text/x-wiki {{Infobox settlement | name = मुम्बई | other_name = Bombay | settlement_type = महानगर | image = {{Photomontage | photo1a = Bandra Worli Sea-Link (cropped).jpg | photo2a = Gateway of India -Mumbai.jpg | photo2b = Taj Hotel, Mumbai - India. (14132561875).jpg | photo3a = Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminal.jpg | photo3b = Buildings near Nariman Point, Mumbai.jpg | photo4a = Mumbai Skyline at Night.jpg | spacing = 1 | color_border = white | color = white | size = 300 }} | image_caption = ऊपर से, बाएँ से दाएँ: [[बान्द्रा-वर्ली समुद्रसेतु]], [[गेटवे ऑफ़ इन्डिया]], [[ताजमहल पैलेस एंड टॉवर|ताजमहल पैलेस]], [[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस|छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस]], [[नरीमन पॉइंट]] की ईमारतें, रात्रि में दक्षिण मुम्बई | pushpin_label = मुम्बई | pushpin_map = India Maharashtra | coordinates = {{coord|18.98|72.83|display=inline, title}} | pushpin_map_caption = महाराष्ट्र में स्थिति | subdivision_type = देश | subdivision_name = {{IND}} | subdivision_type1 = [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|प्रान्त]] | subdivision_name1 = [[महाराष्ट्र]] | subdivision_type2 = [[भारत के ज़िले|ज़िला]] | subdivision_name2 = [[मुम्बई शहर ज़िला]] | established_title = स्थापना | established_date = १५०७ | named_for = [[मुम्बा देवी मंदिर|मुम्बादेवी]] | government_type = महानगर पालिका | governing_body = बृहंमुम्बई महानगरपालिका | population_as_of = २०११ | population_total = 12442373 | population_metro = 18414288 | population_footnotes = | demographics_type1 = भाषाएँ | demographics1_title1 = आधिकारिक | demographics1_info1 = [[मराठी भाषा|मराठी]]<ref>{{cite news |title=Maharashtra Official Language Act, 1964: Govt passes Bill to amend law for effective use of Marathi in administrative work |url=https://indianexpress.com/article/cities/mumbai/maharashtra-official-language-act-1964-govt-passes-bill-to-amend-law-for-effective-use-of-marathi-in-administrative-work-7390677/ |accessdate=14 दिसम्बर 2021 |work=The Indian Express |date=6 जुलाई 2021 |language=en}}</ref> | demographics1_title2 = अन्य | timezone1 = [[भारतीय मानक समय]] | utc_offset1 = +5:30 | postal_code_type = [[पिनकोड]] | postal_code = 400 001 से 400 107 | area_code = +91-22 | registration_plate = {{hlist|MH-01 मुम्बई (दक्षिण/मध्य), MH-02 मुम्बई (पश्चिम), MH-03 मुम्बई (पूर्व), MH-47 बोरिवली}} | blank1_name_sec1 = [[मानव विकास सूचकांक|एचडीआई]] {{nobold|(2013)}} | blank1_info_sec1 = {{nowrap|{{increase}} 0.846<ref>{{cite news |last1=Tembhekar |first1=Chittaranjan |title=It's not so bad as we thought: Mumbai shows improvement on human development index {{!}} Mumbai News - Times of India |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/mumbai/Its-not-so-bad-as-we-thought-Mumbai-shows-improvement-on-human-development-index/articleshow/24967345.cms |access-date=2 November 2019 |work=The Times of India |date=31 October 2013 }}</ref> ({{color|green|बहुत ज्यादा}})}} | website = {{URL|https://mumbaicity.gov.in/}} | official_name = मुंबई ([[मराठी]]) | population_demonym = मुम्बईकर, बॉम्बेयाईट | population_rank = २ स्थान पर (२०१९-२०) | blank1_name_sec2 = [[सकल घरेलु उत्पाद]] | blank1_info_sec2 = 400 बिलियन [[अमेरिकी डॉलर|यु.एस डॉलर]] }} '''मुम्बई''' ''([[अंग्रेजी]]: Mumbai)'', जिसका पुराना नाम '''बॉम्बे''' (Bombay) था(१९९५ तक), [[भारत]] के [[महाराष्ट्र]] राज्य की [[राजधानी]] है। सन् २०१८ में यह [[दिल्ली]] के बाद जनगणना की दृष्टि से भारत का दूसरा [[यूएस डॉलर|सबसे]] बड़ा और विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा शहर था। भारत की २०११ की जनगणना के अनुसार बृहन्मुम्बई महानगरपालिका द्वारा प्रशासिक क्षेत्र के अधीन १.२५ करोड़ और [[मुम्बई महानगरीय क्षेत्र]] में २.३ करोड़ लोग बसे हुए थे। मुम्बई भारत का सर्ववृहत्तम आर्थिक एवं वाणिज्यिक केन्द्र भी है, जिसकी भारत के [[सकल घरेलू उत्पाद]] में ५% की भागीदारी है।<ref>{{cite web|url=http://mmrdamumbai.org/projects_muip.htm|title=मुंबई अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना|publisher=मुंबई महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण]]|access-date=17 सितंबर 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20100723020643/http://www.mmrdamumbai.org/projects_muip.htm|archive-date=23 जुलाई 2010|url-status=live}}</ref> यह सम्पूर्ण भारत के औद्योगिक उत्पाद का २५%, नौवहन व्यापार का ४०%, एवं भारतीय अर्थ व्यवस्था के पूंजी लेनदेन का ७०% भागीदार है।<ref>{{cite web|url=http://img214.imageshack.us/img214/2299/dscn7619ql4.jpg|title=नवी मुंबई अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र|publisher=महाराष्ट्र नगर एवं औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड|format=[[JPEG|JPG]]|accessdate=18 जुलाई 2008|archiveurl=https://archive.today/20120709020456/http://img214.imageshack.us/img214/2299/dscn7619ql4.jpg|archivedate=9 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref><ref name=WG>{{Cite web |url=http://world-gazetteer.com/wg.php?x=&men=gcis&lng=en&des=wg&srt=npan&col=abcdefghinoq&msz=1500&pt=c&va=&srt=pnan |title=विश्व गैज़ेटियर अनुमान 2008-01-01 |access-date=10 जनवरी 2010 |archive-url=https://www.webcitation.org/query?url=http://world-gazetteer.com/wg.php?x=%26men=gcis%26lng=en%26des=wg%26srt=npan%26col=abcdefghinoq%26msz=1500%26pt=c%26va=%26srt=pnan&date=2010-01-10+15:19:25 |archive-date=10 जनवरी 2010 |url-status=live }}</ref> इसका गठन लावा निर्मित सात छोटे-छोटे द्वीपों द्वारा हुआ है एवं यह पुल द्वारा प्रमुख भूखण्ड के साथ जुड़ा हुआ है। मुम्बई बन्दरगाह भारतवर्ष का सर्वश्रेष्ठ सामुद्रिक बन्दरगाह है। मुम्बई का तट कटा-फटा है जिसके कारण इसका पोताश्रय प्राकृतिक एवं सुरक्षित है। [[यूरोप]], [[अमेरिका]], [[अफ़्रीका]] आदि पश्चिमी देशों से जलमार्ग या वायुमार्ग से आनेवाले जहाज यात्री एवं पर्यटक सर्वप्रथम मुम्बई ही आते हैं, इसलिए मुम्बई को भारत का प्रवेशद्वार कहा जाता है। [https://laddugopalstore.com/ गोपाल] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230120074412/https://laddugopalstore.com/ |date=20 जनवरी 2023 }} मुम्बई को सपनों का शहर भी कहा जाता है। मुम्बई विश्व के सर्वोच्च दस वाणिज्यिक केन्द्रों में से एक है।<ref name="autogenerated1">{{cite web |url=http://www.rediff.com/money/2007/jun/18mumbai.htm |title=Mumbai among world's top 10 financial flow hubs |date=18 जून 2007 |publisher=रीडिफ News |access-date=17 सितंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080921165500/http://www.rediff.com/money/2007/jun/18mumbai.htm |archive-date=21 सितंबर 2008 |url-status=live }}</ref> भारत के अधिकांश बैंक एवं सौदागरी कार्यालयों के प्रमुख कार्यालय एवं कई महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान जैसे [[भारतीय रिज़र्व बैंक]], [[बम्बई स्टॉक एक्स्चेंज]], [[नेशनल स्टॉक एक्स्चेंज]] एवं अनेक [[भारतीय कम्पनियों की सूची|भारतीय कम्पनियों]] के निगमित मुख्यालय तथा [[बहुराष्ट्रीय कम्पनियां]] मुम्बई में अवस्थित हैं। इसलिए इसे भारत की आर्थिक राजधानी भी कहते हैं। नगर में भारत का [[हिन्दी]] [[भारतीय सिनेमा|चलचित्र एवं दूरदर्शन उद्योग]] भी है, जो [[बॉलीवुड]] नाम से प्रसिद्ध है। मुम्बई की व्यावसायिक अर्पाच्युनिटी, व उच्च जीवन स्तर पूरे भारतवर्ष भर के लोगों को आकर्षित करता है, जिसके कारण यह नगर विभिन्न समाजों व संस्कृतियों का मिश्रण बन गया है। मुम्बई पत्तन भारत के लगभग आधे समुद्री माल की आवाजाही करता है। मुंबई महानगरपालिका में कुल 227 नगरसेवक है। मुंबई महानगरपालिका पूरे विश्व में पैसों के मामले में सबसे अधिक महानगरपालिका माना जाता है।<ref name="Manorama2006">{{ cite book | title = मनोरमा ईयरबुक 2006 | year = 2006 | publisher = मलयाला मनोरमा| location = कोट्टायम, भारत| isbn = 8189004077 }}</ref> == उद्गम == मुम्बई शब्द का उदगम मुम्बा देवी से हुआ है , कोली जनजाति की कुलदेवी का नाम मुम्बादेवी है और जिस बस्ती में वे लोग रहते है उस उस मुंबाई कहते थे जो समय के साथ मुम्बई और बम्बई हुआ। "मुम्बई" नाम दो शब्दों से मिलकर बना है, ''मुम्बा'' या ''महा-अम्बा'' {{ndash}} [[हिन्दू देवी]] [[दुर्गा]] का रूप, जिनका नाम [[मुंबा देवी]] है {{ndash}} और ''आई'', "मां" को [[मराठी]] में कहते हैं।<ref>{{cite book |last=Sheppard |first=Samuel T |title=Bombay Place-Names and Street-Names:An excursion into the by-ways of the history of Bombay City |url=https://archive.org/details/cu31924024157954 |year=1917 |publisher=The Times Press |location=Bombay, भारत |pages=pp 104–105 |id={{ASIN|B0006FF5YU}} }}</ref> पूर्व नाम बाँम्बे या बम्बई का उद्गम [[सोलहवीं शताब्दी]] से आया है, जब [[पुर्तगाली]] लोग यहां पहले-पहल आये, व इसे कई नामों से पुकारा, जिसने अन्ततः बॉम्बे का रूप लिखित में लिया। यह नाम अभी भी पुर्तगाली प्रयोग में है। [[सत्रहवीं शताब्दी]] में, ब्रिटिश लोगों ने यहां अधिकार करने के बाद, इसके पूर्व नाम का आंग्लीकरण किया, जो बॉम्बे बना। किन्तु मराठी लोग इसे मुम्बई या मम्बई व हिन्दी व भाषी लोग इसे बम्बई ही बुलाते रहे।<ref>{{cite book |editor=Sujata Patel & Jim Masselos |title=Bombay and Mumbai. The City in Transition |url=https://archive.org/details/bombaymumbaicity0000unse_v9j7 |chapter=Bombay and Mumbai: Identities, Politics and Populism |year=2003 |publisher=The Oxford University Press |location=Delhi, भारत |pages=pg 4 |isbn=0195677110}}</ref><ref>{{cite book |last=Mehta |first=Suketu |title=Maximum City: MUMBAI Lost and Found |url=https://archive.org/details/maximumcitybomba0000meht |year=2004 |publisher=Penguin |location=Delhi, भारत |pages=pg 130 |isbn=0144001594 }}</ref> इसका नाम आधिकारिक रूप से सन [[1995]] में मुम्बई बना। बॉम्बे नाम मूलतः पुर्तगाली नाम से निकला है, जिसका अर्थ है "अच्छी खाड़ी" (गुड बे)। यह इस तथ्य पर आधारित है, कि बॉम का पुर्तगाली में अर्थ है अच्छा, व अंग्रेज़ी शब्द बे का निकटवर्ती पुर्तगाली शब्द है बैआ। सामान्य पुर्तगाली में गुड बे (अच्छी खाड़ी) का रूप है: बोआ बहिया, जो कि गलत शब्द बोम बहिया का शुद्ध रूप है। यह भी सच है कि [[सोलहवीं शताब्दी]] की पुर्तगाली भाषा में छोटी खाड़ी के लिये बैम शब्द है।<ref>{{cite web |url=http://www.economist.com/cities/findStory.cfm?city_id=MBI&folder=Facts-History |title=Cities Guide: Mumbai |publisher=Economist.com |access-date=17 सितंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080610063950/http://www.economist.com/cities/findStory.cfm?city_id=MBI&folder=Facts-History |archive-date=10 जून 2008 |url-status=live }}</ref> अन्य सूत्रों का पुर्तगाली शब्द बॉम्बैम के लिये, भिन्न मूल है। होज़े पेद्रो माशादो का "एटायमोलॉजी एवं ओनोमैस्टिक्स का पुर्तगाली शब्दकोष" (José Pedro Machado's Dicionário Onomástico Etimológico da Língua Portuguesa) बताता है, कि इस स्थान का १५१६ से प्रथम पुर्तगाली सन्दर्भ क्या है, ''बेनमजम्बु'' या ''तेन-माइयाम्बु'',<ref>{{cite book |last=Barbosa |first=Duarte |title=Livro Em Que Dá Relação Do Que Viu E Ouviu No Oriente |year=1516 | language = pt |others=apud Machado, J.P., ''Dicionário Onomástico Etimológico da Língua Portuguesa''}}</ref> माइआम्बु या "MAIAMBU"' मुंबा देवी से निकला हुआ लगता है। ये वही मुंबा देवी हैं, जिनके नाम पर मुंबई नाम मराठी लोग लेते हैं। इसी शताब्दी में मोम्बाइयेन की वर्तनी बदली (१५२५)<ref>Documents from the "Tombo do Estado da Índia" (currently the Historical Archives of Goa or Goa Purabhilekha)</ref> और वह मोंबैएम बना (१५६३)<ref>{{cite book |last=Orta |first=Garcia da |title=Colóquios Dos Simples E Drogas Da Índia |origyear=1565 |date=1891<!--to 1895--> | language = pt |others=apud Machado, J.P., ''Dicionário Onomástico Etimológico da Língua Portuguesa''}}</ref> और अन्ततः सोलहवीं शताब्दी में बोम्बैएम उभरा, जैसा गैस्पर कोर्रेइया ने ''लेंडास द इंडिया '' ("लीजेंड्स ऑफ इंडिया") में लिखा है।<ref>{{cite book |last=Correia |first=Gaspar |title=Lendas da Índia |others="originally from the 16th century" |year=1858<!--and 1866-->}}</ref> <!--- J.P. Machado seems to reject the "Bom Bahia" hypothesis, asserting that Portuguese records mentioning the presence of a bay at the place led the English to assume that the noun (''bahia'', "bay") was an integral part of the Portuguese toponym, hence the English version Bombay, adapted from Portuguese. ---><ref>{{cite book |last=Machado |first=José Pedro |title=Dicionário Onomástico Etimológico da Língua Portuguesa |others=entry "Bombaim", Volume I |pages=pp. 265-266 }}</ref> == इतिहास == [[चित्र:Hajiali.jpg|thumb| [[हाजी अली दरगाह]] जो सन [[1431]] में बनी थी, जब मुंबई इस्लामी शासन के अधीन था।]] {{main|मुंबई का इतिहास }} [[कांदिवली]] के निकट उत्तरी मुंबई में मिले प्राचीन अवशेष संकेत करते हैं, कि यह द्वीप समूह [[पाषाण युग]] से बसा हुआ है।<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/india-54128838|title=कंगना और शिव सेना के आईने से बहुत अलग है मुंबई का इतिहास}}</ref> मानव आबादी के लिखित प्रमाण [[२५० ई.पू]] तक मिलते हैँ, जब इसे हैप्टानेसिया कहा जाता था। तीसरी शताब्दी इ.पू. में ये द्वीपसमूह [[मौर्य साम्राज्य]] का भाग बने, जब [[बौद्ध]] [[सम्राट]] [[अशोक]] महान का शासन था। कुछ शुरुआती शताब्दियों में मुंबई का नियंत्रण [[सातवाहन राजवंश|सातवाहन साम्राज्य]] व इंडो-साइथियन वैस्टर्न सैट्रैप के बीच विवादित है। बाद में हिन्दू [[सिल्हारा वंश]] के राजाओं ने यहां [[१३४३]] तक राज्य किया, जब तक कि [[गुजरात]] के राजा ने उनपर अधिकार नहीं कर लिया। कुछ पुरातन नमूने, जैसे [[ऐलीफैंटा गुफाएं]] व [[बाणगंगा सरोवर|बालकेश्वर मंदिर]] में इस काल के मिलते हैं। [[१५३४]] में, [[पुर्तगाल|पुर्तगालियों]] ने [[गुजरात]] के [[बहादुर शाह, गुजरात|बहादुर शाह]] से यह द्वीप समूह हथिया लिया। जो कि बाद में [[चार्ल्स द्वितीय, इंग्लैंड]] को दहेज स्वरूप दे दिये गये।<ref>{{cite web |url=http://www.fco.gov.uk/servlet/Front?pagename=OpenMarket/Xcelerate/ShowPage&c=Page&cid=1007029394365&a=KCountryProfile&aid=1019061813652 |title=UK Government Foreign and Commonwealth Office |accessdate=6 जनवरी 2008 |date=28 जून 2007 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20030731063951/http://www.fco.gov.uk/servlet/Front?pagename=OpenMarket%2FXcelerate%2FShowPage&c=Page&cid=1007029394365&a=KCountryProfile&aid=1019061813652 |archivedate=31 जुलाई 2003 |url-status=live }}</ref> चार्ल्स का विवाह कैथरीन डे बर्गैन्ज़ा से हुआ था। यह द्वीपसमूह [[१६६८]] में, ब्रिटिश [[ईस्ट इंडिया कंपनी]] को मात्र दस [[पाउण्ड स्टर्लिंग|पाउण्ड]] प्रति वर्ष की दर पर पट्टे पर दे दिये गये। कंपनी को द्वीप के पूर्वी छोर पर गहरा हार्बर मिला, जो कि उपमहाद्वीप में प्रथम पत्तन स्थापन करने के लिये अत्योत्तम था। यहां की जनसंख्या [[१६६१]] की मात्र दस हजार थी, जो [[१६७५]] में बढ़कर साठ हजार हो गयी। [[१६८७]] में ईस्ट इंडिया कम्पनी ने अपने मुख्यालय [[सूरत]] से स्थानांतरित कर यहां मुंबई में स्थापित किये। और अंततः नगर [[बंबई प्रेसीडेंसी]] का मुख्यालय बन गया। [[File:Gateway_of_India_(13985936311).jpg|thumb|[[गेटवे ऑफ इंडिया]] को [[२ दिसम्बर]],[[१९११]] को भारत में सम्राट [[जॉर्ज पंचम]] व महारानी मैरी के आगमन पर स्वागत हेतु बनाया गया, जो कि [[४ दिसम्बर]], [[१९२४]] को पूरा हुआ।]] सन [[१८१७]] के बाद, नगर को वृहत पैमाने पर सिविल कार्यों द्वारा पुनर्ओद्धार किया गया। इसमें सभी द्वीपों को एक जुड़े हुए द्वीप में जोडने की परियोजना मुख्य थी। इस परियोजना को हॉर्नबाय वेल्लार्ड कहा गया, जो [[१८४५]] में पूर्ण हुआ, तथा पूरा ४३८bsp;[[वर्ग किलोमीटर|कि॰मी॰²]] निकला। सन [[१८५३]] में, भारत की प्रथम यात्री रेलवे लाइन स्थापित हुई, जिसने मुंबई को [[ठाणे]] से जोड़ा। [[अमरीकी नागर युद्ध]] के दौरान, यह नगर विश्व का प्रमुख सूती व्यवसाय बाजार बना, जिससे इसकी अर्थ व्यवस्था मजबूत हुई, साथ ही नगर का स्तर कई गुणा उठा। [[१८६९]] में [[स्वेज नहर]] के खुलने के बाद से, यह [[अरब सागर]] का सबसे बड़ा पत्तन बन गया।<ref>{{cite book |last=डोस्सल|first=मरियम|title=इम्पेरियल डिज़ाइन्स एण्ड इण्डियन रियलिटीज़ -द प्लानिंग ऑफ बॉम्बे सिटी 1845–1875 |location=दिल्ली|publisher=ऑक्स्फोर्ड युनिवर्सिटी प्रेस |year=1991}}</ref> अगले तीस वर्षों में, नगर एक प्रधान नागरिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ। यह विकास संरचना के विकास एवं विभिन्न संस्थानों के निर्माण से परिपूर्ण था। [[१९०६]] तक नगर की जनसंख्या दस लाख के लगभग हो गयी थी। अब यह भारत की तत्कालीन राजधानी [[कलकत्ता]] के बाद भारत में, दूसरे स्थान सबसे बड़ा शहर था। [[बंबई प्रेसीडेंसी]] की राजधानी के रूप में, यह [[भारतीय स्वतंत्रता संग्राम]] का आधार बना रहा। मुंबई में इस संग्राम की प्रमुख घटना [[१९४२]] में [[महात्मा गाँधी]] द्वारा छेड़ा गया [[भारत छोड़ो आंदोलन]] था। [[१९४७]] में [[भारतीय स्वतंत्रता]] के उपरांत, यह [[बॉम्बे राज्य]] की राजधानी बना। [[१९५०]] में उत्तरी ओर स्थित सैल्सेट द्वीप के भागों को मिलाते हुए, यह नगर अपनी वर्तमान सीमाओं तक पहुंचा। [[१९५५]] के बाद, जब [[बॉम्बे राज्य]] को पुनर्व्यवस्थित किया गया और भाषा के आधार पर इसे [[महाराष्ट्र]] और [[गुजरात]] राज्यों में बांटा गया, एक मांग उठी, कि नगर को एक स्वायत्त नगर-राज्य का दर्जा दिया जाये। हालांकि [[संयुक्त महाराष्ट्र समिति]] के आंदोलन में इसका भरपूर विरोध हुआ, व मुंबई को [[महाराष्ट्र]] की राजधानी बनाने पर जोर दिया गया। इन विरोधों के चलते, १०५ लोग पुलिस गोलीबारी में मारे भी गये और अन्ततः [[१ मई]], [[१९६०]] को [[महाराष्ट्र]] राज्य स्थापित हुआ, जिसकी राजधानी मुंबई को बनाया गया। [[चित्र:Image-Mumbai fountain.jpg|thumb|[[फ्लोरा फाउंटेन]] का पुनर्नामकरण [[हुतात्मा चौक]] किया गया, जो कि [[संयुक्त महाराष्ट्र समिति|संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन]] के शहीदों का स्मारक बना]] [[१९७०]] के दशक के अंत तक, यहां के निर्माण में एक सहसावृद्धि हुई, जिसने यहां आवक प्रवासियों की संख्या को एक बड़े अंक तक पहुंचाया। इससे मुंबई ने [[कोलकाता|कलकत्ता]] को जनसंख्या में पछाड़ दिया, व प्रथम स्थान लिया। इस अंतःप्रवाह ने स्थानीय मराठी लोगों के अंदर एक चिंता जगा दी, जो कि अपनी संस्कृति, व्यवसाय, भाषा के खोने से आशंकित थे। [[बाला साहेब ठाकरे]] द्वारा [[शिव सेना]] पार्टी बनायी गयी, जो मराठियों के हित की रक्षा करने हेतु बनी थी।<ref>{{cite web |url=http://in.rediff.com/election/2004/apr/23espec3.htm |title=Know your party |accessdate=5 दिसंबर 2007 |author=Ashraf, Syed Firdaus |date=23 अप्रैल 2004 |work=Elections 2004 रीडिफ Special |publisher=रीडिफ News |archive-url=https://web.archive.org/web/20120321204106/http://in.rediff.com/election/2004/apr/23espec3.htm |archive-date=21 मार्च 2012 |url-status=live }}</ref> नगर का धर्म-निरपेक्ष सूत्र १९९२-९३ के [[बंबई दंगे|दंगों]] के कारण छिन्न-भिन्न हो गया, जिसमें बड़े पैमाने पर जान व माल का नुकसान हुआ। इसके कुछ ही महीनों बाद [[१२ मार्च]],[[१९९३]] को [[१९९३ के बंबई बम विस्फोट|शृंखलाबद्ध बम विस्फोटों]] ने नगर को दहला दिया। इनमें पुरे मुंबई में सैंकडों लोग मारे गये। [[१९९५]] में नगर का पुनर्नामकरण मुंबई के रूप में हुआ। यह शिवसेना सरकार की ब्रिटिश कालीन नामों के ऐतिहासिक व स्थानीय आधार पर पुनर्नामकरण नीति के तहत हुआ। यहां हाल के वर्षों में भी इस्लामी उग्रवादियों द्वारा आतंकवादी हमले हुए। [[२००६]] में यहां [[मुंबई ट्रेन विस्फोट २००६|ट्रेन विस्फोट]] हुए, जिनमें दो सौ से अधिक लोग मारे गये, जब कई बम [[मुंबई उपनगरीय रेल|मुंबई की लोकल ट्रेनों]] में फटे।<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/in_depth/south_asia/2006/mumbai_train_attacks/default.stm |title=Special Report: Mumbai Train Attacks |date=30 सितंबर 2006 |publisher=BBC |accessdate=13 अगस्त 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080810041902/http://news.bbc.co.uk/2/hi/in_depth/south_asia/2006/mumbai_train_attacks/default.stm |archive-date=10 अगस्त 2008 |url-status=live }}</ref> == भूगोल == [[File:Urban-Rural Population and Land Area Estimates, v2, 2010 Mumbai, India (13874140314).jpg|thumb|मुंबई, भारत (2010) में जनसंख्या घनत्व और समुद्र तल से ऊंचाई। मुंबई समुद्र के स्तर में वृद्धि के लिए विशेष रूप से कमजोर है।]] मुंबई शहर भारत के [[पश्चिमी घाट|पश्चिमी तट]] पर [[कोंकण]] तटीय क्षेत्र में [[उल्हास नदी]] के मुहाने पर स्थित है। इसमें सैलसेट द्वीप का आंशिक भाग है और शेष भाग [[ठाणे]] जिले में आते हैं। अधिकांश नगर समुद्रतल से जरा ही ऊंचा है, जिसकी औसत ऊंचाई {{convert|10|m|ft|0|abbr=on}} से {{convert|15|m|ft|0|abbr=on}} के बीच है। उत्तरी मुंबई का क्षेत्र पहाड़ी है, जिसका सर्वोच्च स्थान {{convert|450|m|ft|0|abbr=on}} पर है। नगर का कुल क्षेत्रफल ६०३&nbsp;[[वर्ग किलोमीटर|कि.मी²]] (२३३&nbsp;[[वर्ग मील|sq&nbsp;mi]]) है। [[संजय गाँधी राष्ट्रीय उद्यान]] नगर के समीप ही स्थित है। यह कुल शहरी क्षेत्र के लगभग छठवें भाग में बना हुआ है। इस उद्यान में तेंदुए इत्यादि पशु अभी भी मिल जाते हैं, जबकि जातियों का विलुप्तीकरण तथा नगर में आवास की समस्या सर उठाये खड़ी है। [[भाटसा बांध]] के अलावा, ६ मुख्य झीलें नगर की जलापूर्ति करतीं हैं: [[विहार झील]], [[वैतर्णा बांध|वैतर्णा]], अपर वैतर्णा, [[तुलसी झील|तुलसी]], तंस व [[पोवई झील|पोवई]]। तुलसी एवं विहार झील [[बोरिवली राष्ट्रीय उद्यान]] में शहर की नगरपालिका सीमा के भीतर स्थित हैं। पोवई झील से केवल औद्योगिक जलापुर्ति की जाती है। तीन छोटी नदियां दहिसर, पोइसर एवं ओहिवाड़ा (या ओशीवाड़ा) उद्यान के भीतर से निकलतीं हैं, जबकि मीठी नदी, तुलसी झील से निकलती है और विहार व पोवई झीलों का बढ़ा हुआ जल ले लेती है। नगर की तटरेखा बहुत अधिक निवेशिकाओं (संकरी खाड़ियों) से भरी है। सैलसेट द्वीप की पूर्वी ओर दलदली इलाका है, जो जैवभिन्नताओं से परिपूर्ण है। पश्चिमी छोर अधिकतर रेतीला या पथरीला है। मुंबई की अरब सागर से समीपता के खारण शहरी क्षेत्र में मुख्यतः रेतीली बालू ही मिलती है। उपनगरीय क्षेत्रों में, मिट्टी अधिकतर अल्युवियल एवं ढेलेदार है। इस क्षेत्र के नीचे के पत्थर काले दक्खिन बेसाल्ट व उनके क्षारीय व अम्लीय परिवर्तन हैं। ये अंतिम क्रेटेशियस एवं आरंभिक इयोसीन काल के हैं। मुंबई सीज़्मिक एक्टिव (भूकम्प सक्रिय) ज़ोन है। जिसके कारण इस क्षेत्र में तीन सक्रिय फॉल्ट लाइनें हैं। इस क्षेत्र को तृतीय श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, जिसका अर्थ है, कि रिक्टर पैमाने पर 6.5 तीव्रता के भूकम्प आ सकते हैं। == जलवायु == [[चित्र:India mumbai temperature precipitation averages chart.svg|thumb|मुंबई में औसत तापमान एवं वर्षण (प्रैसिपिटेशन) की सारणी]] {{main|मुंबई की जलवायु }} [[उष्णकटिबंधीय क्षेत्र]] में [[अरब सागर]] के निकट स्थित मुंबई की जलवायु में दो मुख्य ऋतुएं हैं: शुष्क एवं आर्द्र ऋतु। आर्द्र ऋतु [[मार्च]] एवं [[अक्टूबर]] के बीच आती है। इसका मुख्य लक्षण है उच्च आर्द्रता व तापमन लगभग {{convert|30|°C|°F|0}} से भी अधिक। [[जून]] से [[सितंबर]] के बीच [[मानसून]] वर्षाएं नगर भिगोतीं हैं, जिससे मुंबई का वार्षिक वर्षा स्तर {{convert|2200|mm|in|1}} तक पहुंचता है। अधिकतम अंकित वार्षिक वर्षा [[१९५४]] में {{convert|3452|mm|in|1}} थी। मुंबई में दर्ज एक दिन में [[2005 मुंबई बाढ़|सर्वोच्च वर्षा]] {{convert|944|mm|in|2}} [[२६ जुलाई]],[[२००५]] को हुयी थी।<ref>{{cite news |url=http://www.dnaindia.com/report.asp?NewsID=1039257 |title=Three drown as heavy rain lashes Mumbai for the 3rd day |publisher=डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस |location=Mumbai |date=3 जुलाई 2006 |access-date=17 सितंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090523154232/http://www.dnaindia.com/report.asp?NewsID=1039257 |archive-date=23 मई 2009 |url-status=live }}</ref> [[नवंबर]] से [[फरवरी]] तक शुष्क मौसम रहता है, जिसमें मध्यम आर्द्रता स्तर बना रहता है, व हल्का गर्म से हल्का ठंडा मौसम रहता है। [[जनवरी]] से [[फरवरी]] तक हल्की ठंड पड़ती है, जो यहां आने वाली ठंडी उत्तरी हवाओं के कारण होती है। मुंबई का वार्षिक तापमान उच्चतम {{convert|38|°C|°F|0}} से न्यूनतम {{convert|11|°C|°F|0}}तक रहता है। अब तक का रिकॉर्ड सर्वोच्च तापमान {{convert|43.3|°C|°F|1}} तथा [[२२ जनवरी]],[[१९६२]] को नयूनतम {{convert|7.4|°C|°F|1}} रहा।<ref>{{cite web |url=http://www.mherrera.org/temp.htm |title=अत्यंत तापमान |last=हर्रेरा |first=मैक्सीमिलियैनो |accessdate=6 दिसंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140804202145/http://www.mherrera.org/temp.htm |archive-date=4 अगस्त 2014 |url-status=live }}</ref>। हालांकि {{convert|7.4|°C|°F|1}} यहां के मौसम विभाग के दो में से एक स्टेशन द्वारा अंकित न्यूनतम तापमान [[कन्हेरी गुफाएं]] के निकट नगर की सीमाओं के भीतर स्थित स्टेशन द्वारा न्यूनतम तापमान [[८ फरवरी]],[[२००८]] को {{convert|6.5|°C|°F|1}} अंकित किया गया।<ref>{{cite news |title=सिटि कंटिन्यूज़ टू होवर इन 8-9 डिग्री C रेंज |publisher=[[टाइम्स ऑफ इंडिया]] |location=मुंबई |date=10 फरवरी 2008 }}</ref> == अर्थ-व्यवस्था == {{main|मुंबई की अर्थ व्यवस्था }} [[चित्र:Mumbai Skyline at Night.jpg|thumb|[[कफे परेड]] मुंबई का महत्वपूर्ण व्यवसायिक केन्द्र है, जहां विश्व व्यापार केन्द्र स्थित है, व अन्य कई महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान भी हैं।]] [[चित्र:Bombay Stock Exchange.jpg|thumb| [[बंबई स्टॉक एक्स्चेंज]] [[एशिया]] का पुरातनतम स्टॉक एक्स्चेंज है]] मुंबई भारत की सबसे बड़ी नगरी है। यह देश की एक महत्वपूर्ण आर्थिक केन्द्र भी है, जो सभी फैक्ट्री रोजगारों का १०%, सभी [[आयकर]] संग्रह का ४०%, सभी सीमा शुल्क का ६०%, केन्द्रीय राजस्व का २०% व भारत के विदेश व्यापार एवं {{INRConvert|40|b|-1}} निगमित करों से योगदान देती है।<ref>{{cite book |title=मनोरमा ईयर बुक |publisher=मलयाला मनोरमा |year=2003 |page=pp 678 |isbn=8190046187}}</ref> मुंबई की प्रति-व्यक्ति आय {{INRConvert|48954||-1}} है, जो राष्ट्रीय औसत आय की लगभग तीन गुणा है।<ref>{{cite web |url=http://www.maharashtratourism.gov.in/MTDC/HTML/MaharashtraTourism/Default.aspx?strpage=../MaharashtraTourism/Trivia.html |title=महाराष्ट्र&nbsp;— ट्रीविया |publisher=महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम |accessdate=7 दिसंबर 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071016224555/http://www.maharashtratourism.gov.in/MTDC/HTML/MaharashtraTourism/Default.aspx?strpage=..%2FMaharashtraTourism%2FTrivia.html |archive-date=16 अक्तूबर 2007 |url-status=live }}</ref> भारत के कई बड़े उद्योग ([[भारतीय स्टेट बैंक]], [[टाटा ग्रुप]], [[गोदरेज]] एवं [[रिलायंस]] सहित) तथा चार [[फॉर्च्यून ग्लोबल 500]] कंपनियां भी मुंबई में स्थित हैं। कई विदेशी बैंक तथा संस्थानों की भी शाखाएं यहां के विश्व व्यापार केंद्र क्षेत्र में स्थित हैं। सन [[१९८०]] तक, मुंबई अपने कपड़ा उद्योग व पत्तन के कारण संपन्नता अर्जित करता था, किन्तु स्थानीय अर्थ-व्यवस्था तब से अब तक कई गुणा सुधर गई है, जिसमें अब अभियांत्रिकी, रत्न व्यवसाय, हैल्थ-केयर एवं सूचना प्रौद्योगिकी भी सम्मिलित हैं। मुंबई में ही [[भाभा आण्विक अनुसंधान केंद्र]] भी स्थित है। यहीं भारत के अधिकांश विशिष्ट तकनीकी उद्योग स्थित हैं, जिनके पास आधुनिक औद्योगिक आधार संरचना के साथ ही अपार मात्रा में कुशल मानव संसाधन भी हैं। आर्थिक कंपनियों के उभरते सितारे, ऐयरोस्पेस, ऑप्टिकल इंजीनियरिंग, सभी प्रकार के कम्प्यूटर एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जलपोत उद्योग तथा पुनर्नवीनीकृत ऊर्जा स्रोत तथा शक्ति-उद्योग यहां अपना अलग स्थान रखते हैं। नगर के कार्यक्षेत्र का एक बड़ा भाग केन्द्र एवं राज्य सरकारी कर्मचारी बनाते हैं। मुंबई में एक बड़ी मात्रा में कुशल तथा अकुशल व अर्ध-कुशल श्रमिकों की शक्ति है, जो प्राथमिकता से अपना जीवन यापन टैक्सी-चालक, फेरीवाले, यांत्रिक व अन्य ब्लू कॉलर कार्यों से करते हैं। पत्तन व जहाजरानी उद्योग भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से ढ़ेरों कर्मचारियों को रोजगार देता है। नगर के [[धारावी]] क्षेत्र में, यहां का कूड़ा पुनर्चक्रण उद्योग स्थापित है। इस जिले में अनुमानित १५,००० एक-कमरा फैक्ट्रियां हैं।<ref name="gua">[http://www.guardian.co.uk/environment/2007/mar/04/india.recycling वेस्ट नॉट, वांट नॉट इन द £700m स्लम] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090213095204/http://www.guardian.co.uk/environment/2007/mar/04/india.recycling |date=13 फ़रवरी 2009 }}, ''द गार्जिरन'', [[4 मार्च]],[[2007]]</ref> मीडिया उद्योग भी यहां का एक बड़ा नियोक्ता है। भारत के प्रधान दूरदर्शन व उपग्रह तंत्रजाल (नेटवर्क), व मुख्य प्रकाशन गृह यहीं से चलते हैं। [[हिन्दी चलचित्र]] उद्योग का केन्द्र भी यहीं स्थित है, जिससे प्रति वर्ष विश्व की सर्वाधिक फिल्में रिलीज़ होती हैं। [[बॉलीवुड]] शब्द बाँम्बे व [[हॉलीवुड]] को मिलाकर निर्मित है। मराठी दूरदर्शन एवं [[मराठी चलचित्र|मराठी फिल्म उद्योग]] भी मुंबई में ही स्थित है। शेष भारत की तरह, इसकी वाणिज्यिक राजधानी मुंबई ने भी १९९१ के सरकारी उदारीकरण नीति के चलते आर्थिक उछाल (सहसावृद्धि) को देखा है। इसके साथ ही १९९० के मध्य दशक में सूचना प्रौद्योगिकी, निर्यात, सेवाएं व [[बी पी ओ]] उद्योगों में भी उत्थान देखा है। मुंबई का मध्यम-वर्गीय नागरिक जहां इस उछाल से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है वहीं वो इसकी प्रतिक्रिया स्वरूप उपभोक्ता उछाल का कर्ता भी है। इन लोगों की ऊपरावर्ती गतिशीलता ने उपभोक्तओं के जीवन स्तर व व्यय क्षमता को भी उछाला है। मुंबई को वित्तीय बहाव के आधार पर मास्टरकार्ड वर्ल्डवाइड के एक सर्वेक्षण में; विश्व के दस सर्वोच्च वाणिज्य केन्द्रों में से एक गिना गया है।<ref name="autogenerated1" /> == नगर प्रशासन == {{main|बृहन्मुंबई नगरमहापालिका }} मुंबई में दो पृथक क्षेत्र हैं: नगर एवं उपनगर, यही [[महाराष्ट्र]] के दो जिले भी बनाते हैं। शहरी क्षेत्र को प्रायः '''द्वीप नगर''' या आइलैण्ड सिटी कहा जाता है।<ref>{{cite web |url=http://www.mmrdamumbai.org/projects_muip.htm |title=MMRDA परियोजनाएं |accessdate=6 दिसंबर 2007 |publisher=मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन डवलेपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) |archive-url=https://web.archive.org/web/20090226031015/http://www.mmrdamumbai.org/projects_muip.htm |archive-date=26 फ़रवरी 2009 |url-status=live }}</ref> नगर का प्रशासन [[बृहन्मुंबई नगर निगम]] (बी एम सी) (पूर्व बंबई नगर निगम) के अधीन है, जिसकी कार्यपालक अधिकार नगर निगम आयुक्त, [[महाराष्ट्र#सरकार|राज्य सरकार]] द्वारा नियुक्त एक [[आई ए एस]] अधिकारी को दिये गए हैं। निगम में 227 पार्षद हैं, जो 24 नगर निगम वार्डों का प्रतिनिधित्व करते हैं, पाँच नामांकित पार्षद व एक महापौर हैं। निगम नागरिक सुविधाओं एवं शहर की अवसंरचना आवश्यकताओं के लिए प्रभारी है। एक सहायक निगम आयुक्त प्रत्येक वार्ड का प्रशासन देखता है। पार्षदों के चुनाव हेतु, लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां अपने प्रत्याशि खड़े करतीं हैं। मुंबई महानगरीय क्षेत्र में 7 नगर निगम व 13 नगर परिषद हैं। [[बी एम सी]] के अलावा, यहां [[ठाणे]], [[कल्याण-डोंभीवली]], [[नवी मुंबई]], [[मीरा भयंदर]], भिवंडी-निज़ामपुर एवं उल्हासनगर की नगरमहापालिकाएं व नगरपालिकाएं हैं। [[File:Bombay - The High Court from afar (2006).jpg|thumb|[[बंबई उच्च न्यायालय]]]] का अधिकारक्षेत्र [[महाराष्ट्र]], [[गोवा]], [[दमन एवं दीव]] तथा [[दादरा एवं नागर हवेली]] पर है।]] ग्रेटर मुंबई में महाराष्ट्र के दो जिले बनते हैं, प्रत्येक का एक [[जिलाध्यक्ष]] है। जिलाध्यक्ष जिले की सम्पत्ति लेख, केंद्र सरकार के राजस्व संग्रहण के लिए उत्तरदायी होता है। इसके साथ ही वह शहर में होने वाले चुनावों पर भी नज़र रखता है। [[मुंबई पुलिस]] का अध्यक्ष [[मुंबई पुलिस|पुलिस आयुक्त]] होता है, जो [[भारतीय पुलिस सेवा|आई पी एस]] अधिकारी होता है। मुंबई पुलिस राज्य गृह मंत्रालय के अधीन आती है। नगर सात पुलिस ज़ोन व सत्रह यातायात पुलिस ज़ोन में बंटा हुआ है, जिनमें से प्रत्येक का एक पुलिस उपायुक्त है। यातायात पुलिस मुंबई पुलिस के अधीन एक स्वायत्त संस्था है।<ref>{{cite web |url=http://www.mumbaipolice.org/ |title=मुंबई पुलिस : आपके विश्वास के अभिरक्षक |accessdate=27 जनवरी 2008 |publisher=मुंबई पुलिस |archive-url=https://web.archive.org/web/20080122135141/http://www.mumbaipolice.org/ |archive-date=22 जनवरी 2008 |url-status=live }}</ref> [[मुंबई अग्निशमन दल]] विभाग का अध्यक्ष एक मुख्य फायर अधिकारी होता है, जिसके अधीन चार उप मुख्य फायर अधिकारी व छः मंडलीय अधिकारी होते हैं। मुंबई में ही [[बंबई उच्च न्यायालय]] स्थित है, जिसके अधिकार-क्षेत्र में [[महाराष्ट्र]], [[गोआ]] राज्य एवं [[दमन एवं दीव]] तथा [[दादरा एवं नागर हवेली]] के [[केंद्र शासित प्रदेश]] भी आते हैं। मुंबई में दो निम्न न्यायालय भी हैं, स्मॉल कॉज़ेज़ कोर्ट –नागरिक मामलों हेतु, व विशेष टाडा (टेररिस्ट एण्ड डिस्रप्टिव एक्टिविटीज़) न्यायालय –जहां आतंकवादियों व फैलाने वालों व विध्वंसक प्रवृत्ति व गतिविधियों में पहड़े गए लोगों पर मुकदमें चलाए जाते हैं। शहर में [[लोक सभा]] की छः व महाराष्ट्र [[विधान सभा]] की चौंतीस सीटें हैं। मुंबई की महापौर शुभा रावल हैं, नगर निगम आयुक्त हैं जयराज फाटाक एवं शेर्रिफ हैं इंदु साहनी। == यातायात == [[File:Rapid transit map of Mumbai.jpg|thumb]] [[चित्र:Chhatrapati Shivaji Terminus (Victoria Terminus).jpg|thumb| [[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]], [[मध्य रेलवे, भारत|मध्य रेलवे]] का मुख्यालय है, व [[युनेस्को]] [[विश्व धरोहर स्थल]] है]] मुंबई के अधिकांश निवासी अपने आवास व कार्याक्षेत्र के बीच आवागमन के लिए कोल यातायात पर निर्भर हैं। मुंबई के यातायात में [[मुंबई उपनगरीय रेलवे]], [[बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात]] की बसें, टैक्सी ऑटोरिक्शा, फेरी सेवा आतीं हैं। यह शहर [[भारतीय रेल]] के दो मंडलों का मुख्यालय है: मध्य रेलवे (सेंट्रल रेलवे), जिसका मुख्यालय [[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]] है, एवं पश्चिम रेलवे, जिसका मुख्यालय चर्चगेट के निकट स्थित है। नगर यातायात की रीढ़ है [[मुंबई उपनगरीय रेल]], जो तीन भिन्न नेटव्र्कों से बनी है, जिनके रूट शहर की लम्बाई में [[उत्तर]]-[[दक्षिण]] दिशा में दौड़ते हैं। मुंबई मैट्रो, एक भूमिगत एवं उत्थित स्तरीय रेलवे प्रणाली, जो फिल्हाल निर्माणाधीन है, [[वर्सोवा]] से [[अंधेरी]] होकर [[घाटकोपर]] तक प्रथम चरण में मेट्रो रेल सेवा में है मुंबई भारत के अन्य भागों से [[भारतीय रेल]] द्वारा व्यवस्थित ढंग से जुड़ा है। रेलगाड़ियां [[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]], [[दादर]], [[लोकमान्य तिलक टर्मिनस]], [[मुंबई सेंट्रल]], [[बांद्रा]] टर्मिनस एवं [[अंधेरी]] से आरंभ या समाप्त होती हैं। मुंबई उपनगरीय रेल प्रणाली 6.3 मिलियन यात्रियों को प्रतिदिन लाती ले जाती है। [[चित्र:Best cbd wad.jpg|thumb| [[बॉम्बे इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांस्पोर्ट|बी ई एस टी]] बस]] [[बॉम्बे इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांस्पोर्ट|बी ई एस टी]] द्वारा चालित बसें, लगभग नगर के हरेक भाग को यातायात उपलब्ध करातीं हैं। साथ ही [[नवी मुंबई]] एवं [[ठाणे]] के भी भाग तक जातीं हैं। बसें छोटी से मध्यम दूरी तक के सफर के लिए प्रयोगनीय हैं, जबकि ट्रेनें लम्बी दूरियों के लिए सस्ता यातायात उपलब्ध करातीं हैं। बेस्ट के अधीन लगभग 3,408 बसें चलतीं हैं, जो प्रतिदिन लगभग 4.5 मिलियन यात्रियों को 340 बस-रूटों पर लाती ले जातीं हैं। इसके बेड़े में सिंगल-डेकर, डबल-डेकर, वेस्टीब्यूल, लो-फ्लोर, डिसेबल्ड फ्रेंड्ली, वातानुकूलित एवं हाल ही में जुड़ीं यूरो-तीन सम्मत सी एन जी चालित बसें सम्मिलित हैं। [[महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम]] (एम एस आर टी सी) की अन्तर्शहरीय यातायात सेवा है, जो मुंबई को राज्य व अन्य राज्यों के शहरों से जोड़तीं हैं। मुंबई दर्शन सेवा के द्वारा पर्यटक यहां के स्थानीय पर्यटन स्थलों का एक दिवसीय दौरा कर सकते हैं। काली व पीली, मीटर-युक्त टैसी सेवा पूरे शहर में उपलब्ध है। मुंबई के उपनगरीय क्षेत्रों में ऑटोरिक्शा उपलब्ध हैं, जो सी एन जी चालित हैं, व भाड़े पर चलते हैं। ये तिपहिया सवारी जाने आने का उपयुक्त साधन हैं। ये भाड़े के यातायात का सबसे सस्ता जरिया हैं, व इनमें तीन सवारियां बैठ सकतीं हैं। [[चित्र:Mumbai Airport.jpg|thumb|[[छत्रपति शिवाजी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] दक्षिण [[एशिया]] का व्यस्ततम हवाई अड्डा है।<ref name="autogenerated2">[http://www.travelbizmonitor.com/ArticleDetails.aspx?aid=1777&sid=18&sname=कन्ट्रोवर्सी ट्रैवल बिज़ मॉनीटर :: मुंबई एयर्पोर्ट गेट्स रेडी फॉर न्यू इन्निंग्स <!--Bot-generated title-->]{{Dead link|date=जून 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>]] मुंबई का [[छत्रपति शिवाजी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] (पूर्व सहर अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र) दक्षिण एशिया का व्यस्ततम हवाई अड्डा है।<ref name="autogenerated2" /> [[जूहू विमानक्षेत्र]] भारत का प्रथम विमानक्षेत्र है, जिसमें फ्लाइंग क्लब व एक हैलीपोर्ट भी हैं। प्रस्तावित [[नवी मुंबई अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]], जो कोपरा-पन्वेल क्षेत्र में बनना है, को सरकार की मंजूरी मिल चुकी है, पूरा होने पर, वर्तमान हवाई अड्डे का भार काफी हद तक कम कर देगा। मुंबई में देश के 25% अन्तर्देशीय व 38% अन्तर्राष्ट्रीय यात्री यातायात सम्पन्न होता है। अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण, मुंबई में विश्व के सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक पत्तन उपलब्ध हैं। यहां से ही देश के यात्री व कार्गो का 50% आवागमन होता है।<ref name="Manorama2006" /> यह [[भारतीय नौसेना]] का एक महत्वपूर्ण बेस भी है, क्योंकि यहां पश्चिमी नौसैनिक कमान भी स्थित है।<ref>{{cite book |title=Manorama Yearbook 2003 |year=2003 |publisher=मलयाला मनोरमा |location=कोट्टायम, भारत |pages=pp 524 |isbn=8189004077}}</ref> फैरी भी द्वीपों आदि के लिए उपलब्ध हैं, जो कि द्वीपों व तटीय स्थलों पर जाने का एक सस्ता जरिया हैं। == उपयोगिता सेवाएं == [[चित्र:Mumbai Bmc.jpg|thumb|[[बीएमसी]] मुख्यालय]] [[बृहन्मुंबई नगर निगम|बी एम सी]] शहर की पेय जलापूर्ति करता है। इस जल का अधिकांश भाग तुलसी एवं विहार झील से तथा कुछ अन्य उत्तरी झीलों से आता है। यह जल भाण्डुप एशिया के सबसे बड़े जल-शोधन संयंत्र में में शोधित कर आपूर्ति के लिए उपलब्ध कराया जाता है। भारत की प्रथम भूमिगत जल-सुरंग भी मुंबई में ही बनने वाली है।<ref>{{cite web |url=http://www.dnaindia.com/report.asp?NewsID=1151960 | title=Country's first water tunnel to come up in Mumbai |accessdate=21 फरवरी 2008 |publisher=DNA (Diligent Media Corporation Ltd.)}}</ref> [[बी एम सी]] ही शहर की सड़क रखरखाव और कूड़ा प्रबंधन भी देखता है। प्रतिदिन शहर का लगभग ७८००&nbsp;मीट्रिक टन कूड़ा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में मुलुंड, उत्तर-पश्चिम में गोराई और पूर्व में देवनार में डम्प किया जाता है। सीवेज ट्रीटमेंट वर्ली और बांद्रा में कर सागर में निष्कासित किया जाता है। मुंबई शहर में विद्युत आपूर्ति [[बॉम्बे इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांस्पोर्ट|बेस्ट]], [[रिलायंस समूह|रिलायंस एनर्जी]], [[टाटा समूह|टाटा पावर]] और [[महावितरण]] (महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लि.) करते हैं। यहां की अधिकांश आपूर्ति जल-विद्युत और नाभिकीय शक्ति से होती है। शहर की विद्युत खपत उत्पादन क्षमता को पछाड़ती जा रही है। शहर का सबसे बड़ा दूरभाष सेवा प्रदाता [[महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड|एम टी एन एल]] है। इसकी २००० तक लैंडलाइन और सेल्युलर सेवा पर मोनोपॉली थी। आज यहां मोबाइल सेवा प्रदाताओं में [[एयरटेल]], [[वोडाफोन]], [[एम टी एन एल]], [[बी पी एल]], [[रिलायंस कम्युनिकेशंस]] और [[टाटा समूह|टाटा इंडिकॉम]] हैं। शहर में [[जी एस एम]] और [[सी डी एम ए]] सेवाएं, दोनों ही उपलब्ध हैं। [[एम टी एन एल]] एवं [[टाटा समूह|टाटा]] यहां [[ब्रॉडबैंड]] सेवा भी उपलब्ध कराते हैं। == जनसांख्यिकी == {{IndiaCensusPop |title= जनसंख्या बढ़वार |1971= 5970575 |1981= 8243405 |1991= 9925891 |2001= 11914398 |footnote= <div style="text-align: center;">स्रोत: [[मुंबई महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण]] (MMRDA)<ref>{{harvnb|Population and Employement profile of Mumbai Metropolitan Region|p=6|Ref=pemmr}}</ref><br />आंकड़े [[भारत सरकार]] की जनगणना पर आधारित हैं। </div> }} [[चित्र:Mumbai skyline B&W.jpg|thumb|Since the 1970s, Mumbai has witnessed a construction boom and a significant influx of migrants, making it India's largest city|alt=Skyscrapers under construction dotted by maller buildings and trees. A beach is in front of them]] २००१ की जनगणना अनुसार मुंबई की जनसंख्या ११,९१४,३९८ थी।<ref>{{harvnb|Population and Employement profile of Mumbai Metropolitan Region|p=13|Ref=pemmr}}</ref> वर्ल्ड गैज़ेटियर द्वारा २००८ में किये गये गणना कार्यक्रम के अनुसार मुंबई की जनसंख्या १३,६६२,८८५ थी।<ref>{{cite web|url=http://www.world-gazetteer.com/wg.php?x=&men=gcis&lng=en&dat=80&geo=-104&srt=pnan&col=aohdq&msz=1500&pt=c&va=&srt=pnan|title=India: largest cities and towns and statistics of their population|accessdate=31 जनवरी 2008|publisher=World Gazetteer|archiveurl=https://www.webcitation.org/65KF2ukSE?url=http://www.world-gazetteer.com/wg.php?x=|archivedate=9 फ़रवरी 2012|url-status=dead}}</ref> तभी [[मुंबई महानगरीय क्षेत्र]] की जनसंख्या २१,३४७,४१२ थी।<ref>{{cite web |url=http://www.world-gazetteer.com/wg.php?x=&men=gcis&lng=en&dat=80&geo=-104&srt=pnan&col=aohdq&msz=1500&va=&pt=a |title=India: metropolitan areas |accessdate=17 जनवरी 2008 |publisher=World Gazetteer |archiveurl=https://www.webcitation.org/5nsxcLbvU?url=http://www.world-gazetteer.com/wg.php?x= |archivedate=28 फ़रवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> यहां की जनसंख्या घनत्व २२,००० व्यक्ति प्रति [[वर्ग किलोमीटर]] था। २००१ की जनगणना अनुसार बी.एम.सी के प्रशासनाधीन ग्रेटर मुंबई क्षेत्र की साक्षरता दर ७७.४५% थी,<ref name=mmrddata>{{harvnb|Population and Employement profile of Mumbai Metropolitan Region|p=12|Ref=pemmr}}</ref> जो राष्ट्रीय औसत ६४.८% से अधिक थी। यहां का लिंग अनुपात ७७४ स्त्रियां प्रति १००० पुरुष द्वीपीय क्षेत्र में, ८२६ उपनगरीय क्षेत्र और ८११ ग्रेटर मुंबई में,<ref name=mmrddata/> जो आंकड़े सभी राष्ट्रीय औसत अनुपात ९३३ से नीचे हैं। यह निम्नतर लिंग अनुपात बड़ी संख्या में रोजगार हेतु आये प्रवासी पुरुषों के कारण है, जो अपने परिवार को अपने मूल स्थान में ही छोड़कर आते हैं।<ref>{{cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/843036.cms |title=Parsis top literacy, sex-ratio charts in city |date=8 सितंबर 2004 |publisher=[[द टाइम्स ऑफ इंडिया]] |accessdate=2 जुलाई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110722043333/http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/843036.cms |archive-date=22 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref> मुंबई में ६७.३९% हिन्दू, १८.५६% मुस्लिम, ३.९९% जैन और ३.७२% ईसाई लोग हैं। इनमें शेष जनता [[सिख]] और [[पारसी]]यों की है।<ref name="ReferenceA">{{harvnb|Da Cunha|1993|p=348|Ref=ger}}</ref> मुंबई में पुरातनतम, मुस्लिम संप्रदाय में दाउदी बोहरे, खोजे और [[कोंकणी]] मुस्लिम हैं।<ref>{{harvnb|Bates|2003|p=[http://books.google.co.in/books?id=0DnC0Z7N2jUC&pg=PA266&dq=Konkani+Muslim+Bombay 266]}}</ref> स्थानीय ईसाइयों में ईस्ट इंडियन कैथोलिक्स हैं, जिनका धर्मांतरण पुर्तगालियों ने १६वीं शताब्दी में किया था।<ref>{{cite news |url=http://www.indianexpress.com/ie/daily/19990807/ile07133.html |title=How does a pressure cooker work? |date=7 जुलाई 1999 |publisher=[[द इंडियन एक्सप्रेस]] |accessdate=12 जून 2009}}</ref> शहर की जनसंख्या का एक छोटा अंश इज़्राइली बेने यहूदी और [[पारसी]]यों का भी है, जो लगभग १६०० वर्ष पूर्व यहां [[फारस की खाड़ी]] या [[यमन]] से आये थे।<ref>{{harvnb|Strizower|1971|p=15}}</ref> मुंबई में भारत के किसी भी [[भारत के महानगर|महानगर]] की अपेक्षा सबसे अधिक बहुभाषियों की संख्या है।[[महाराष्ट्र]] राज्य की आधिकारिक राजभाषा [[मराठी]] है। अन्य बोली जाने वाली भाषाओं में [[हिन्दी]] और [[अंग्रेज़ी]] हैं।<ref>{{harvnb|Hoiberg|Ramchandani|2000|p=[http://books.google.com/books?id=ISFBJarYX7YC&printsec=frontcover#PPA36,M1 36]}}</ref> एक सर्वसाधारण की बोलचाल की निम्न-स्तरीय भाषा है [[बम्बइया हिन्दी]] जिसमें अधिकांश शब्द और व्याकरण तो हिन्दी का ही है, किंतु इसके अलावा मराठी और अंग्रेज़ी के शब्द भी हैं। इसके अलावा कुछ शब्द यही अविष्कृत हैं। मुंबई के लोग अपने ऑफ को मुंबईकर या मुंबैयाइट्स कहलाते हैं। उच्चस्तरीय व्यावसाय में संलग्न लोगों द्वारा अंग्रेज़ी को वरीयता दी जाती है। मुंबई में भी तीव्र गति से शहरीकरण को अग्रसर [[विकसित देश|विकसित देशों]] के शहरों द्वारा देखी जारही प्रधान शहरीकरण समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इनमें गरीबी, बेरोजगारी, गिरता जन-स्वास्थ्य और अशिक्षा/असाक्षरता प्रमुख हैं। यहां की भूमि के मूल्य इतने ऊंचे हो गये हैं, कि लोगों को निम्नस्तरीय क्षेत्रों में अपने व्यवसाय स्थल से बहुत दूर रहना पड़ता है। इस कारण सड़कों पर यातायात जाम और लोक-परिवहन आदि में अत्यधिक भीड़ बढ़ती ही जा रही हैं। मुंबई की कुल जनसंख्या का लगभग ६०% अंश गंदी बस्तियों और झुग्गियों में बसता है।<ref>{{cite news |url=http://www.cbc.ca/correspondent/060507.html |title=Slum Cities: A Shifting World |date=7 मई 2006 |accessdate=16 अगस्त 2008 |work=CBC News |publisher=Canadian Broadcasting Corporation |archiveurl=https://web.archive.org/web/20060628014448/http://www.cbc.ca/correspondent/060507.html |archivedate=28 जून 2006 |url-status=live }}</ref> [[धारावी]], [[एशिया]] की दूसरी सबसे बड़ी स्लम-बस्त्ती<ref>{{cite web| last=Jacobson| first=Marc| title=Dharavi: Mumbai's Shadow City| url=http://ngm.nationalgeographic.com/2007/05/dharavi-mumbai-slum/jacobson-text| work= National Geographic | publisher= National Geographic Society | year=2007| accessdate=28 अप्रैल 2009| archive-url=https://web.archive.org/web/20090318083827/http://ngm.nationalgeographic.com/2007/05/dharavi-mumbai-slum/jacobson-text| archive-date=18 मार्च 2009| url-status=live}}</ref> मध्य मुंबई में स्थित है, जिसमें ८ लाख लोग रहते हैं।<ref>{{harvnb|Davis|2006|p=31}}</ref> ये स्लम भी मुंबई के पर्यटक आकर्षण बनते जा रहे हैं।<ref>{{cite web|last=Mallet|first=Victor|url=http://www.ft.com/cms/s/2/d588517e-f3db-11dd-9c4b-0000779fd2ac.html|title=A walking tour around the slums of Mumbai|work=[[फाइनेंशियल टाइम्स]]|date=6 फरवरी 2009|accessdate=14 मई 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090724172350/http://www.ft.com/cms/s/2/d588517e-f3db-11dd-9c4b-0000779fd2ac.html|archive-date=24 जुलाई 2009|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.telegraphindia.com/1060824/asp/nation/story_6648422.asp |title=Amid the skyscrapers, slum tourism |last=Goswami |first=Samyabrata Ray |date=24 जुलाई 2006 |publisher=[[द टेलीग्राफ|The Telegraph]] |accessdate=14 मई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080415213732/http://www.telegraphindia.com/1060824/asp/nation/story_6648422.asp |archive-date=15 अप्रैल 2008 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.indianexpress.com/news/slumdog-millionaire-boosts-mumbais-slum-tourism-industry/413939/|title='Slumdog Millionaire' boosts Mumbai's 'slum tourism' industry|work=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|publisher=ExpressIndia|date=22 जनवरी 2009|accessdate=14 मई 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090921145047/http://www.indianexpress.com/news/Slumdog-millionaire-boosts-mumbais-slum-tourism-industry/413939/|archive-date=21 सितंबर 2009|url-status=live}}</ref> मुंबई में प्रवारियों की संख्या १९९१-२००१ में ११.२ लाख थी, जो मुंबई की जनसंख्या में कुल बढ़त का ५४.८% है। २००७ में मुंबई की अपराध दर ([[भारतीय दंड संहिता]] के अंतर्गत दर्ज अपराध) १८६.२ प्रति १ लाख व्यक्ति थी, जो राष्ट्रीय औसत १७५.१ से कुछ ही अधिक है, किंतु [[भारत के दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहर]] सूची के अन्य शहरों की औसत दर ३१२.३ से बहुत नीचे है। शहर की मुख्य जेल [[अर्थर रोड जेल]] है। == संस्कृति == {{main|मुंबई की संस्कृति }} [[चित्र:Town-Hall,-Bombay.jpg|thumb|[[बंबई एशियाटिक सोसाइटी]] शहर की पुरातनतम पुर्तकालयों में से एक है। ]] मुंबई की संस्कृति परंपरागत उत्सवों, खानपान, संगीत, नृत्य और रंगमंच का सम्मिश्रण है। इस शहर में विश्व की अन्य राजधानियों की अपेक्षा बहुभाषी और बहुआयामी जीवनशैली देखने को मिलती है, जिसमें विस्तृत खानपान, मनोरंजन और रात्रि की रौनक भी शामिल है।<ref>{{cite news |url=http://www.maharashtra.gov.in/english/community/community_citiesShow.php |title=प्रिंसिपल सिटीज़ |publisher=[[महाराष्ट्र]] सरकार |accessdate=7 जुलाई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090616170025/http://www.maharashtra.gov.in/english/community/community_citiesShow.php |archive-date=16 जून 2009 |url-status=live }}</ref> मुंबई के इतिहास में यह मुख्यतः एक प्रधान व्यापारिक केन्द्र रहा है। इस खारण विभिन्न क्षेत्रों के लोग यहां आते रहे, जिससे बहुत सी संस्कृतियां, धर्म, आदि यहां एकसाथ मिलजुलकर रहते हैं।<ref name="ReferenceA"/> मुंबई [[भारतीय चलचित्र]] का जन्मस्थान है।<ref>{{cite web |url=http://www.theage.com.au/news/arts/beginners-bollywood/2005/09/27/1127804471297.html |title=Beginners' Bollywood |date=28 सितंबर 2005 |publisher=[[The Age]] |location=[[सिडनी]] |accessdate=11 सितंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080906120745/http://www.theage.com.au/news/arts/beginners-bollywood/2005/09/27/1127804471297.html |archive-date=6 सितंबर 2008 |url-status=live }}</ref>—[[दादा साहेब फाल्के]] ने यहां मूक चलचित्र के द्वारा इस उद्योग की स्थापना की थी। इसके बाद ही यहां [[मराठी चलचित्र]] का भी श्रीगणेश हुआ था। तब आरंभिक बीसवीं शताब्दी में यहां सबसे पुरानी फिल्म प्रसारित हुयी थी।<ref>{{harvnb|Vilanilam|2005|p=[http://books.google.com/books?id=kvQtoquTT6kC&printsec=frontcover#PPA130,M1 130]}}</ref> मुंबई में बड़ी संख्या में सिनेमा हॉल भी हैं, जो [[हिन्दी]], [[मराठी]] और [[अंग्रेज़ी]] फिल्में दिखाते हैं। विश्व में सबसे बड़ा [[आईमैक्स|IMAX]] डोम रंगमंच भी मुंबई में [[वडाला]] में ही स्थित है।<ref>{{harvnb|Huda|2004|p=[http://books.google.com/books?id=JIwxhDGO-mUC&pg=PA203&dq=Mumbai+world's+largest+IMAX+dome+theatre 203]}}</ref> मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उत्सव<ref>{{cite news |url=http://www.hindu.com/mag/2006/09/10/stories/2006091000210500.htm |title=Matchbox journeys |first=Saraswathy |last=Nagarajan |date=10 सितंबर 2006 |work=[[द हिन्दू]] |accessdate=11 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080108213647/http://www.hindu.com/mag/2006/09/10/stories/2006091000210500.htm |archive-date=8 जनवरी 2008 |url-status=live }}</ref> और [[फिल्मफेयर पुरस्कार]] की वितरण कार्यक्रम सभा मुंबाई में ही आयोजित होती हैं। हालांकि मुंबई के [[ब्रिटिश राज]] में स्थापित अधिकांश रंगमंच समूह १९५० के बाद भंग हो चुके हैं, फिर भी मुंबई में एक समृद्ध रंगमंच संस्कृति विकसित हुयी हुई है। ये [[मराठी]] और [[अंग्रेज़ी]], तीनों भाषाओं के अलावा अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी विकसित है।<ref name=multitheater>{{Harvnb|Chaudhuri|2005|pp=4-6}}</ref><ref>{{cite journal | last = Gilder | first = Rosamond | title = The New Theatre in India: An Impression | url = https://archive.org/details/sim_theatre-journal_1957-10_9_3/page/201 | journal = Educational Theatre Journal | volume = 9 | issue = 3 | pages = 201–204 | publisher = Johns Hopkins University Press | location = Washington, DC | date = अक्टूबर 1957 | issn = 0192-2882}}</ref> <!-- [[चित्र:Ganesh utsav.jpg|thumb|left|[[गणेश चतुर्थी]], मुंबई का सबसे अधिक हर्षोल्लास से मनाया जाने वाला उत्सव]] --> यहां कला-प्रेमियों की कमी भी नहीं है। अनेक निजी व्यावसायिक एवं सरकारी कला-दीर्घाएं खुली हुई हैं। इनमें जहांगीर कला दीर्घा और [[राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय]] प्रमुख हैं। १८३३ में बनी बंबई एशियाटिक सोसाइटी में शहर का पुरातनतम पुस्तकालय स्थित है।<ref>{{harvnb|David|1995|p=232}}</ref> [[छत्रपति शिवाजी महाराज वस्तु संग्रहालय]] (पूर्व प्रिंस ऑफ वेल्स म्यूज़ियम) दक्षिण मुंबई का प्रसिद्ध संग्रहालय है, जहां [[भारत का इतिहास|भारतीय इतिहास]] के अनेक संग्रह सुरक्षित हैं। मुंबई के चिड़ियाघर का नाम जीजामाता उद्यान है (पूर्व नाम: विक्टोरिया गार्डन्स), जिसमें एक हरा भरा उद्यान भी है।<ref>{{cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/cms.dll/html/uncomp/articleshow?msid=230113|title=Jijamata Udyan: A zoo without a view|last=Sharma|first=Archana|publisher=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया ]]|date=13 अक्टूबर 2003|accessdate=13 मई 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20070315065310/http://timesofindia.indiatimes.com/cms.dll/html/uncomp/articleshow?msid=230113|archive-date=15 मार्च 2007|url-status=live}}</ref> नगर की साहित्य में संपन्नता को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति तब मिली जब [[सलमान रुश्दी]] और [[अरविंद अडिग]] को [[मैन बुकर पुरस्कार]] मिले थे।<ref>{{harvnb|South India|2007|p=[http://books.google.co.in/books?id=ywx4f4WczMEC&printsec=frontcover#PPA66,M1 66]|Ref=si}}</ref> यही के निवासी [[रुडयार्ड किपलिंग]] को १९०७ में [[नोबल पुरस्कार]] भी मिला था।<ref>{{cite news |url=http://nobelprize.org/nobel_prizes/literature/laureates/1907/index.html |title=The Nobel Prize in Literature 1907 |publisher=[[नोबेल संस्थान]] |accessdate=7 जुलाई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081017212750/http://nobelprize.org/nobel_prizes/literature/laureates/1907/index.html |archive-date=17 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> [[मराठी साहित्य]] भी समय की गति क साथ साथ आधुनिक हो चुका है। यह मुंबई के लेखकों जैसे मोहन आप्टे, [[अनन्त आत्माराम काणेकर]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] के कार्यों में सदा दृष्टिगोचर रहा है। इसको वार्षिक [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] से और प्रोत्साहन मिला है। [[चित्र:Elephanta Mahesamurti 1.JPG|right|thumb| [[एलीफेंटा की गुफाएं]] [[विश्व धरोहर स्थ]] घोषित हैं।]] मुंबई शहर की इमारतों में झलक्ता स्थापत्य, गोथिक स्थापत्य, इंडो रेनेनिक, आर्ट डेको और अन्य समकालीन स्थापत्य शैलियों का संगम है। [[ब्रिटिश राज|ब्रिटिश काल]] की अधिकांश इमारतें, जैसे [[विक्टोरिया टर्मिनस]] और [[बंबई विश्वविद्यालय]], गोथिक शैली में निर्मित हैं।<ref>{{cite news |url=http://www.hindu.com/mag/2004/07/25/stories/2004072500330200.htm |title=Rainswept glory |date=24 जुलाई 2004 |work=[[द हिन्दू]] |accessdate=7 जुलाई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110714002958/http://www.hindu.com/mag/2004/07/25/stories/2004072500330200.htm |archive-date=14 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref> इनके वास्तु घटकों में यूरोपीय प्रभाव साफ दिखाई देता है, जैसे जर्मन गेबल, डच शैली की छतें, स्विस शैली में काष्ठ कला, रोमन मेहराब साथ ही परंपरागत भारतीय घटक भी दिखते हैं। कुछ इंडो सेरेनिक शैली की इमारतें भी हैं, जैसे [[गेटवे ऑफ इंडिया]]।<ref>{{cite news |url=http://www.hindu.com/thehindu/holnus/002200703041014.htm |title=Mumbai's entrance -the 'Gateway' to be more tourist-friendly |date=4 मार्च 2007 |work=[[द हिन्दू]] |accessdate=7 जुलाई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070306090243/http://www.hindu.com/thehindu/holnus/002200703041014.htm |archive-date=6 मार्च 2007 |url-status=live }}</ref> आर्ट डेको शैली के निर्माण [[मैरीन ड्राइव]] और ओवल मैदान के किनारे दिखाई देते हैं। मुंबई में मायामी के बाद विश्व में सबसे अधिक आर्ट डेको शैली की इमारतें मिलती हैं। नये उपनगरीय क्षेत्रों में आधुनिक इमारतें अधिक दिखती हैं। मुंबई में अब तक भारत में सबसे अधिक [[गगनचुम्बी इमारत|गगनचुम्बी इमारतें]] हैं। इनमें ९५६ बनी हुई हैं और २७२ निर्माणाधीन हैं। (२००९ के अनुसार)<ref>{{cite web|url=http://www.emporis.com/en/wm/ci/bu/sk/?id=102037|title=टॉल बिल्डिंग्स ऑफ मुंबई|publisher=एम पोरिस|archive-url=https://web.archive.org/web/20110805142558/http://www.emporis.com/en/wm/ci/bu/sk/?id=102037|archive-date=5 अगस्त 2011|url-status=live}}</ref> [[१९९५]] में स्थापित, मुंबई धरोहर संरक्षण समिति (एम.एच.सी.सी) शहर में स्थित धरोहर स्थलों के संरक्षण का ध्यान रखती है। मुंबई में दो [[यूनेस्को]] [[विश्व धरोहर स्थल]] हैं – [[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]] और [[एलीफेंटा की गुफाएं]]<ref>{{cite web |url=http://whc.unesco.org/en/statesparties/in |title=India: World heritage sites centre |accessdate=9 अगस्त 2007 |publisher=[[युनेस्को]] |archive-url=https://www.webcitation.org/684WrF3rd?url=http://whc.unesco.org/en/statesparties/in |archive-date=31 मई 2012 |url-status=live }}</ref> शहर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में [[नरीमन पाइंट]], [[गिरगांव चौपाटी]], [[जुहू बीच]] और [[मैरीन ड्राइव]] आते हैं। एसेल वर्ल्ड यहां का थीम पार्क है, जो गोरई बीच के निकट स्थित है। यहीं एशिया का सबसे बड़ा थीम वाटर पार्क, वॉटर किंगडम भी है।<ref>{{harvnb|O'Brien|2003|p=143}}</ref> मुंबई के निवासी [[भारत में सार्वजनिक अवकाश|भारतीय त्यौहार]] मनाने के साथ-साथ अन्य त्यौहार भी मनाते हैं। [[दिवाली]], [[होली]], [[ईद]], [[क्रिसमस]], [[नवरात्रि]], [[दशहरा]], [[दुर्गा पूजा]], [[महाशिवरात्रि]], [[मुहर्रम]] आदि प्रमुख त्यौहार हैं। इनके अलावा [[गणेश चतुर्थी]] और [[जन्माष्टमी]] कुछ अधिक धूम-धाम के संग मनाये जाते हैं।<ref>{{harvnb|India|2007|p=[http://books.google.co.in/books?id=T7ZHUhSEleYC&printsec=frontcover#PPA770,M1 770]|Ref=bin}}</ref> गणेश-उत्सव में शहर में जगह जगह बहुत विशाल एवं भव्य पंडाल लगाये जाते हैं, जिनमें भगवान गणपति की विशाल मूर्तियों की स्थापना की जाती है। ये मूर्तियां दस दिन बाद अनंत चौदस के दिन सागर में विसर्जित कर दी जाती हैं। जन्माष्टमी के दिन सभी मुहल्लों में समितियों द्वारा बहुत ऊंचा माखान का मटका बांधा जाता है। इसे मुहल्ले के बच्चे और लड़के मुलकर जुगत लगाकर फोड़ते हैं। [[काला घोड़ा कला महोत्सव|काला घोड़ा कला उत्सव]] कला की एक प्रदर्शनी होती है, जिसमें विभिन्न कला-क्षेत्रों जैसे संगीत, नृत्य, रंगमंच और चलचित्र आदि के क्षेत्र से कार्यों का प्रदर्शन होता है। सप्ताह भर लंबा बांद्रा उत्सव स्थानीय लोगों द्वारा मनाया जाता है।<ref name="mid1">{{cite news |url=http://www.mid-day.com/whatson/2008/sep/170908-Bandra-Fair-carnival-best-buys.htm |title=Bandra's spirit captured in cakes, tattoos |first=Shika |last=Shah |work=[[मिड डे]] |accessdate=27 सितंबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080920020910/http://www.mid-day.com/whatson/2008/sep/170908-Bandra-Fair-carnival-best-buys.htm |archive-date=20 सितंबर 2008 |url-status=live }}</ref> बाणागंगा उत्सव दो-दिवसीय वार्षिक संगीत उत्सव होता है, जो [[जनवरी]] माह में आयोजित होता है। ये उत्सव महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (एम.टी.डी.सी) द्वारा ऐतिहाशिक बाणगंगा सरोवर के निकट आयोजित किया जाटा है।<ref>{{cite web |url=http://www.maharashtratourism.gov.in/MTDC/HTML/MaharashtraTourism/Default.aspx?strpage=../MaharashtraTourism/MTDC_Festival/Banganga_Festival.html |title=The Banganga Festival |accessdate=7 फरवरी 2008 |publisher=Maharashtra Tourism Development Corporation |archive-url=https://archive.is/20120805052147/http://www.maharashtratourism.gov.in/MTDC/HTML/MaharashtraTourism/Default.aspx?strpage=../MaharashtraTourism/MTDC_Festival/Banganga_Festival.html |archive-date=5 अगस्त 2012 |url-status=live }}</ref> एलीफेंटा उत्सव—प्रत्येक [[फरवरी]] माह में [[एलीफेंटा द्वीप]] पर आयोजित किया जाता है। यह [[भारतीय शास्त्रीय संगीत]] एवं [[भारतीय शास्त्रीय नृत्य|शास्त्रीय नृत्य]] का कार्यक्रम ढेरों भारतीय और विदेशी पर्यटक आकर्षित करता है।<ref>{{cite web |url=http://www.maharashtratourism.gov.in/MTDC/HTML/MaharashtraTourism/Default.aspx?strpage=../MaharashtraTourism/MTDC_Festival/Elephanta_Festival.html |title=The Elephanta Festival |accessdate=7 फरवरी 2008 |publisher=Maharashtra Tourism Development Corporation |archive-url=https://web.archive.org/web/20070220194302/http://www.maharashtratourism.gov.in/MTDC/HTML/MaharashtraTourism/Default.aspx?strpage=..%2FMaharashtraTourism%2FMTDC_Festival%2FElephanta_Festival.html |archive-date=20 फ़रवरी 2007 |url-status=live }}</ref> शहर और प्रदेश का खास सार्वजनिक अवकाश [[१ मई]] को महाराष्ट्र दिवस के रूप में [[महाराष्ट्र]] राज्य के गठन की [[१ मई]], [[१९६०]] की वर्षागांठ मनाने के लिए होता है।<ref>{{cite news |url=http://timesofindia.indiatimes.com/Cities/Mumbai-celebrates-Maharashtra-Day/articleshow/4471265.cms |title=Mumbai celebrates Maharashtra Day |date=1 मई 2009 |publisher=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] |accessdate=6 जुलाई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090504025222/http://timesofindia.indiatimes.com/Cities/Mumbai-celebrates-Maharashtra-Day/articleshow/4471265.cms |archive-date=4 मई 2009 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite news |url=http://www.hindu.com/2009/03/24/stories/2009032450711300.htm |last=Krishnan |first=Ananth |title=‘Vote at Eight’ campaign |date=24 मार्च 2009 |publisher=[[द हिन्दू]] |accessdate=6 जुलाई 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110714002936/http://www.hindu.com/2009/03/24/stories/2009032450711300.htm |archive-date=14 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref> मुंबई के भगिनि शहर समझौते निम्न शहरों से हैं: * {{flagicon|Japan}} [[योकोहामा]], [[जापान]] * {{flagicon|United States}} [[लॉस एंजिलिस]], [[संयुक्त राज्य]] * {{flagicon|United Kingdom}} [[लंदन]], [[यूनाइटेड किंगडम]] * {{flagicon|Germany}} [[बर्लिन]], [[जर्मनी]] * {{flagicon|Germany}} स्टुगार्ट, [[जर्मनी]] * {{flagicon|Russia}} पीटर्सबर्ग, [[रूस]] == मीडिया == {{seealso|मुंबई के रेडियो स्टेशनों की सूची}} [[चित्र:Bolywood.jpg|thumb|मुम्बई में ही [[हिन्दी चलचित्र|हिन्दी चलचित्र उद्योग]]- [[बॉलीवुड]] बसा हुआ है।]] मुंबई में बहुत से [[भारतीय समाचारपत्र|समाचार-पत्र]], प्रकाशन गृह, दूरदर्शन और रेडियो स्टेशन हैं। मराठी समाचारपत्र में नवकाल, [[महाराष्ट्र टाइम्स]], [[लोकसत्ता]], [[लोकमत]], [[सकाल]] आदि प्रमुख हैं। मुंबई में प्रमुख अंग्रेज़ी अखबारों में [[टाइम्स ऑफ इंडिया]], [[मिड डे]], [[हिन्दुस्तान टाइम्स]], डेली न्यूज़ अनालिसिस एवं [[इंडियन एक्स्प्रेस]] आते हैं। हिंदी का सबसे पुराना और सार्वाधिक प्रसार संख्या वाला समाचार पत्र टाइम्स समूह का हिंदी का अखबार [[नवभारत टाइम्स]] भी मुंबई का प्रमुख हिंदी भाषी समाचार पत्र है। <ref>{{cite web |first1=Shuchi |last1=Bansal |last2=Mathai |first2=Palakunnathu G. |url=http://www.rediff.com/cms/print.jsp?docpath=//money/2005/apr/06spec1.htm |title=Mumbai's media Mahabharat |date=6 अप्रैल 2005 |accessdate=14 मई 2009 |publisher=[[रीडिफ]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20110806032345/http://www.rediff.com/cms/print.jsp?docpath=%2F%2Fmoney%2F2005%2Fapr%2F06spec1.htm |archive-date=6 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref> मुंबई में ही [[एशिया]] का सबसे पुराना समाचार-पत्र [[बॉम्बे समाचार]] भी निकलता है।<ref>{{cite news |last=Rao |first=Subha J. |url=http://www.hindu.com/yw/2004/10/16/stories/2004101600260300.htm |title=Learn with newspapers |date=16 अक्टूबर 2004 |accessdate=14 मई 2009 |work=[[द हिन्दू]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20110714003002/http://www.hindu.com/yw/2004/10/16/stories/2004101600260300.htm |archive-date=14 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref> ''बॉम्बे दर्पण'' प्रथम मराठी समाचार-पत्र था, जिसे बालशास्त्री जाम्भेकर ने १८३२ में आरंभ किया था। यहां बहुत से [[भारत के टीवी चैनल टीवी|भारतीय]] एवं अंतर्राष्ट्रीय टीवी चैनल्स उपलब्ध हैं। यह महानगर बहुत से अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया निगमों और मुद्रकों एवं प्रकाशकों का केन्द्र भी है। राष्ट्रीय टेलीवीज़र प्रसारक [[दूरदर्शन]], दो टेरेस्ट्रियल चैनल प्रसारित करता है,<ref>{{cite news |url=http://www.thehindubusinessline.com/businessline/2000/07/01/stories/190102dd.htm |title=DD Mumbai bid to boost revenue |date=1 जुलाई 2000 |work=बिज़नस लाइन |accessdate=10 जून 2009 |publisher=[[द हिन्दू]] |archiveurl=https://web.archive.org/web/20070610214929/http://www.thehindubusinessline.com/businessline/2000/07/01/stories/190102dd.htm |archivedate=10 जून 2007 |url-status=live }}</ref> और तीन मुख्य केबल नेटवर्क अन्य सभी चैनल उपलब्ध कराते हैं।<ref>{{cite news |url=http://www.indianexpress.com/res/web/pIe/ie/daily/19990826/ige26046.html |title=IN-fighting among cable operators |date=26 जुलाई 1999 |accessdate=10 जून 2009 |publisher=[[द इंडियन एक्सप्रेस]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20130116101535/http://www.indianexpress.com/res/web/pIe/ie/daily/19990826/ige26046.html |archive-date=16 जनवरी 2013 |url-status=live }}</ref> केबल चैनलों की विस्तृत सूची में [[ईएसपीएन]], [[स्टार स्पोर्ट्स]], [[ज़ी मराठी]], [[ईटीवी मराठी]], [[डीडी सह्याद्री]], [[मी मराठी]], [[ज़ी टाकीज़]], [[ज़ी टीवी]], [[स्टार प्लस]], [[सोनी टीवी]] और नये चैनल जैसे [[स्टार मांझा]] आइ कई मराठी टीवी चैनल व अन्य भाषाओं के चैनल शामिल हैं। मुंबई के लिए पूर्ण समर्पित चैनलों में [[सहारा समय मुंबई]] आदि चैनल हैं। इनके अलावा [[डायरेक्ट ब्रॉडकास्ट सैटेलाइट|डी.टी.एच]] प्रणाली अपनी ऊंची लागत के कारण अभी अधिक परिमाण नहीं बना पायी है।<ref>{{cite web |url=http://www.rediff.com/money/2006/sep/05iycu.htm |title=What is CAS? What is DTH? |date=5 सितंबर 2006 |accessdate=10 जून 2009 |work=रीडिफ News |publisher=[[रीडिफ]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20090616115954/http://www.rediff.com/money/2006/sep/05iycu.htm |archive-date=16 जून 2009 |url-status=live }}</ref> प्रमुख [[डीटीएच]] सेवा प्रदाताओं में [[डिश टीवी]], [[बिग टीवी]], [[टाटा स्काई]] और [[सन टीवी]] हैं। मुंबई में बारह रेडियो चैनल हैं, जिनमें से नौ [[एफ एम प्रसारण|एफ़ एम]] एवं तीन [[ऑल इंडिया रेडियो]] के स्टेशन हैं जो [[ए एम प्रसारण]] करते हैं। मुंबई में कमर्शियल रेडियो प्रसारण प्रदाता भी उपलब्ध हैं, जिनमें [[वर्ल्ड स्पेस]], सायरस सैटेलाइट रेडियो तथा एक्स एम सैटेलाइट रेडियो प्रमुख हैं।<ref>{{cite news | last=D.S. | first= Madhumathi |url=http://www.thehindubusinessline.com/demo/stories/2001122900810200.htm |title=WorldSpace sees big gains in the long run |date=29 दिसंबर 2001 |work=बिज़नस लाइन |accessdate=10 जून 2009 |publisher=[[द हिन्दू]]}}</ref> [[बॉलीवुड]], [[हिन्दी चलचित्र|हिन्दी चलचित्र उद्योग]] भी मुंबई में ही स्थित है। इस उद्योग में प्रतिवर्शः १५०-२०० फिल्में बनती हैं।<ref>{{Harvnb|Ganti|2004|p=3}}</ref> बॉलीवुड का नाम [[संयुक्त राज्य|अमरीकी]] चलचित्र उद्योग के शहर [[हॉलीवुड]] के आगे बंबई का ब लगा कर निकला हुआ है।<ref>{{cite news |url=http://www.bloomberg.com/apps/news?pid=20601085&sid=a6JQLLVfORXM&refer=europe |title=Bollywood Trawls London for Talent as Students Balk at Banking |accessdate=26 मई 2009 |date=26 नवंबर 2008 |last=Lundgren |first=Kari |publisher=Bloomberg}}</ref> २१वीं शताब्दी ने बॉलीवुड की सागरपार प्रसिद्धि के नये आयाम देखे हैं। इस कारण फिल्म निर्माण की गुणवत्ता, सिनेमैटोग्राफ़ी आदि में नयी ऊंचाइयां दिखायी दी हैं।<ref>{{cite news |url=http://economictimes.indiatimes.com/articleshow/3373564.cms |title=Bollywood filmmakers experimenting with new genre of films |date=17 जुलाई 2008 |accessdate=10 जून 2009 |work=[[दि इकॉनोमिक टाइम्स]] |publisher=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया ]]}}</ref> [[गोरेगांव]] और फिल सिटी स्थित स्टूडियो में ही अधिकांश फिल्मों की शूटिंग होतीं हैं।<ref>{{cite news |last=Deshpande |first=Haima |url=http://www.indianexpress.com/ie/daily/20010305/ina05024.html |title=Mumbai's Film City may be home to world cinema |date=5 मार्च 2001 |accessdate=14 मई 2009 |publisher=[[द इंडियन एक्सप्रेस]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20091010083653/http://www.indianexpress.com/ie/daily/20010305/ina05024.html |archive-date=10 अक्तूबर 2009 |url-status=live }}</ref> [[मराठी चलचित्र|मराठी चलचित्र उद्योग]] भी मुंबई में ही स्थित है।<ref>{{harvnb|Gupta|2006|p=[http://books.google.co.in/books?id=_aoH81IN8SsC&pg=PA70&dq=Marathi+film+industry+based+in+Mumbai&lr= 70]}}</ref> == शिक्षा == {{seealso|मुंबई में शिक्षा}} Grant medical College Mumbai मुंबई के विद्यालय या तो नगरपालिका विद्यालय होते हैं,<ref>{{cite news |url=http://www.mid-day.com/news/2006/sep/144108.htm |date=24 सितंबर 2006 |title=City has 43 one-teacher schools |work=[[मिड डे]] |publisher=MiD-Day Infomedia |accessdate=9 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110617114840/http://www.mid-day.com/news/2006/sep/144108.htm |archive-date=17 जून 2011 |url-status=live }}</ref> या निजी विद्यालय होते हैं, जो किसी न्यास या व्यक्ति द्वारा चलाये जा रहे होते हैं। इनमें से कुछ निजी विद्यालयों को सरकारी सहायता भी प्राप्त होती है।<ref>{{harvnb|Altbach|1968|p=30}}</ref> ये विद्यालय [[महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोस|महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड]], अखिल भारतीय [[काउंसिल ऑफ इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्ज़ामिनेशंस]] (आई.सी.एस.ई) या [[केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद|सीबीएसी]] बोर्ड द्वारा संबद्ध होते हैं।<ref>{{cite news |last=Mukherji |first=Anahita |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/4346890.cms |date=2 अप्रैल 2009 |title=Education board tells schools to get state recognition |publisher=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] |accessdate=9 जून 2009}}</ref> यहां मराठी या अंग्रेज़ी शिक्षा का माध्यम होता है।<ref>{{cite news |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1516877.cms |date=5 मई 2006 |title=Now, schools can teach in 2 languages |publisher=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] |accessdate=9 जून 2009}}</ref> सरकारी सार्वजनिक विद्यालयों में वित्तीय अभाव के चलते बहुत सी कमियां होती हैं, किंतु गरीब लोगों का यही सहारा है, क्योंकि वे महंगे निजी विद्यालय का भार वहन नहीं कर सकते हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.rediff.com/news/2004/jul/13kak.htm|title=Saving India through Its Schools|first=Subhash|last=Kak|work=रीडिफ News|publisher=[[रीडिफ]]|date=13 जुलाई 2004|accessdate=13 मई 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090407054233/http://www.rediff.com/news/2004/jul/13kak.htm|archive-date=7 अप्रैल 2009|url-status=live}}</ref> [[भारत की शिक्षा प्रणाली|१०+२+३ योजना]] के अंतर्गत, विद्यार्थी दस वर्ष का विद्यालय समाप्त कर दो वर्ष कनिष्ठ कालिज (ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा) में भर्ती होते हैं। यहां उन्हें तीन क्षेत्रों में से एक चुनना होता है: कला, विज्ञान या वाणिज्य।<ref>{{cite news |url=http://www.rediff.com/getahead/2008/jun/19trans.htm |date=19 जून 2008 |title=Are you cut out for Arts, Science or Commerce? |work=रीडिफ News |publisher=[[रीडिफ]] |accessdate=9 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090614091337/http://www.rediff.com/getahead/2008/jun/19trans.htm |archive-date=14 जून 2009 |url-status=live }}</ref> इसके भाद उन्हें सामान्यतया एक ३-वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम अपने चुने क्षेत्र में कर ना होता है, जैसे [[विधि]], [[अभियांत्रिकी]] या [[चिकित्सा]] इत्यादि।<ref>{{cite news |last=Sharma |first=Archana |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/718303.cms |date=4 जून 2004 |title=When it comes to courses, MU dishes up a big buffet |publisher=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] |accessdate=9 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110722060507/http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/718303.cms |archive-date=22 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref> शहर के अधिकांश महाविद्यालय [[मुंबई विश्वविद्यालय]] से सम्बद्ध हैं, जो स्नातओं की संख्यानुसार विश्व के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में से एक है। [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई|भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बंबई)]],<ref>{{cite news |url=http://www.dnaindia.com/report.asp?NewsID=1070723 |date=22 दिसंबर 2006 |title=IIT flights return home |publisher=डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस (DNA) |accessdate=9 जून 2009}}</ref> वीरमाता जीजाबाई प्रौद्योगिकी संस्थान (वी.जे.टी.आई), और युनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (यू.आई.सी.टी), भारत के प्रधान अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी संस्थानों में आते हैं और [[एस एन डी टी महिला विश्वविद्यालय मुंबई के स्वायत्त विश्वविद्यालय हैं। मुंबई में जमनालाल बजाज प्रबंधन शिक्षा संस्थान, एस पी जैन प्रबंधन एवं शोध संस्थान एवं बहुत से अन्य प्रबंधन महाविद्यालय हैं। मुंबई स्थित गवर्नमेंट लॉ कालिज तथा सिडनहैम कालिज, भारत के पुरातनतम क्रमशः विधि एवं वाणिज्य महाविद्यालय हैं। सर जे जे स्कूल ऑफ आर्ट्स मुंबई का पुरातनतम कला महाविद्यालय है।<ref>{{cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/24305727.cms|title=JJ School seeks help from new friends|date=6 अक्टूबर 2002|first=Nina|last=Martyris|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया ]]|accessdate=13 मई 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090308073523/http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/24305727.cms|archive-date=8 मार्च 2009|url-status=live}}</ref> मुंबई में दो प्रधान अनुसंधान संस्थान भी हैं: [[टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च]] (टी.आई.एफ.आर), तथा [[भाभा आण्विक अनुसंधान केन्द्र]] (बी.ए.आर.सी).<ref>{{cite news |url=http://www.dnaindia.com/report.asp?NewsID=1065998 |date=24 नवंबर 2006 |title=University ties up with renowned institutes |publisher=डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस (DNA) |accessdate=9 जून 2009}}</ref> भाभा संस्थान ही सी आई आर यू एस, ४०&nbsp;मेगावाट नाभिकीय भट्टी चलाता है, जो उनके [[ट्राम्‍बे]] स्थित संस्थान में स्थापित है। == क्रीड़ा == [[चित्र:Brabourne.jpg|thumb|ब्रेबोर्न स्टेडियम, शहर के सबसे पुराने क्रिकेट स्टेडियमों में से एक है]][[चित्र:Clock Tower Mumbai University.jpg|thumb|upright|left|[[राजाबाई घंटाघर]], [[मुंबई विश्वविद्यालय]] के निकट]] [[क्रिकेट]] शहर और देश के सबसे चहेते खेलों में से एक है।.<ref>{{Harvnb|Frommer's India|2008|p=97|Ref=from}}</ref> महानगरों में मैदानों की कमी के चलते गलियों का क्रिकेट सबसे प्रचलित है। मुंबई में ही [[भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड|भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई)]] स्थित है। मुंबई क्रिकेट टीम [[रणजी ट्राफी (क्रिकेट)|रणजी ट्रॉफी]] में शहर का प्रतिनिधित्व करती है। इसको अब तक ३८ खिताब मिले हैं, जो किसी भी टीम को मिलने वाले खिताबों से अधिक हैं।<ref>{{cite news |last=Makarand |first=Waingankar |title=Attacking pattern of play has delivered |date=18 जनवरी 2009 |publisher=[[द हिन्दू]] |url=http://www.hindu.com/2009/01/18/stories/2009011856451500.htm |accessdate=8 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090601052239/http://hindu.com/2009/01/18/stories/2009011856451500.htm |archive-date=1 जून 2009 |url-status=live }}</ref> शहर की एक और टीम [[मुंबई इंडियंस]] भी है, जो [[इंडियन प्रीमियर लीग]] में शहर की टीम है। शहर में दो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैदान हैं- [[वान्खेड़े स्टेडियम]] और [[ब्रेबोर्न स्टेडियम]]<ref>{{cite news |last=Seth |first=Ramesh |title=Brabourne&nbsp;— the stadium with a difference |date=1 दिसंबर 2006 |publisher=[[द हिन्दू]] |url=http://www.hindu.com/yw/2006/12/01/stories/2006120100150200.htm |accessdate=8 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080421010655/http://www.hindu.com/yw/2006/12/01/stories/2006120100150200.htm |archive-date=21 अप्रैल 2008 |url-status=live }}</ref> शहर में आयोजित हुए सबसे बड़े क्रिकेट कार्यक्रम में [[आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफ़ी]] का [[२००६]] का फाइनल था। यह [[ब्रेबोर्न स्टेडियम]] में हुआ था।<ref name="TSMH">{{cite web |url=http://www.smh.com.au/news/cricket/aussies-claim-elusive-trophy/2006/11/06/1162661575823.html |title=Aussies claim elusive trophy |publisher=The Sydney Morning Herald |accessdate=18 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110315085415/http://www.smh.com.au/news/cricket/aussies-claim-elusive-trophy/2006/11/06/1162661575823.html |archive-date=15 मार्च 2011 |url-status=live }}</ref> मुंबई से प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ियों में विश्व-प्रसिद्ध [[सचिन तेन्दुलकर]]<ref>{{cite news |last=Srivastava |first=Sanjeev |title=Tendulkar serves it up |date=5 नवंबर 2002 |work=बीबीसी न्यूज़ |publisher=BBC |url=http://news.bbc.co.uk/2/low/south_asia/2404371.stm |accessdate=8 जून 2009}}</ref> और [[सुनील गावस्कर]] हैं। क्रिकेट की प्रसिद्ध के चलते [[हॉकी]] कुछ नीचे दब गया है।<ref name=sportsindia>{{Harvnb|India|2005|p=73|Ref=india05}}</ref> मुंबई की मराठा वारियर्स प्रीमियर हाकी लीग में शहर की टीम है।<ref>{{cite news |title=Stage set for Premier Hockey League |date=17 नवंबर 2004 |work=रीडिफ News |publisher=[[रीडिफ]] |url=http://www.rediff.com/sports/2004/nov/17hock.htm |accessdate=9 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100604033345/http://www.rediff.com/sports/2004/nov/17hock.htm |archive-date=4 जून 2010 |url-status=live }}</ref> प्रत्येक [[फरवरी]] में मुंबई में डर्बी रेस घुड़दौड़ होती है। यह महालक्ष्मी रेसकोर्स में आयोजित की जाती है। यूनाइटेड ब्रीवरीज़ डर्बी भी टर्फ़ क्लब में फ़रवरी में माह में ही आयोजित की जाती है।<ref>{{cite news |last=Pal |first=Abir |title=Mallya, Diageo fight for McDowell Derby |date=17 जनवरी 2007 |publisher=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1233374.cms |accessdate=8 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090113162600/http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1233374.cms |archive-date=13 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref> फार्मूला वन कार रेस के प्रेमी भी यहां बढ़ते ही जा रहे हैं,<ref>{{cite news |last=Pinto |first=Ashwin |url=http://www.indiantelevision.com/mam/headlines/y2k5/mar/marmam27.htm |title=ESS plans marketing blitz around F1 |date=5 मार्च 2005 |accessdate=26 अप्रैल 2009 |publisher=Indiantelevision.com |archive-url=https://web.archive.org/web/20081201091454/http://www.indiantelevision.com/mam/headlines/y2k5/mar/marmam27.htm |archive-date=1 दिसंबर 2008 |url-status=live }}</ref> २००८ में, फोर्स इंडिया (एफ़ १) टीम कार मुंबई में अनावृत हुई थी।<ref>{{cite news |url=http://uk.reuters.com/article/motorSportsNews/idUKL2521523620080125 |title=Motor racing-Force India F1 team to launch 2008 car in Mumbai |date=25 जनवरी 2008 |accessdate=27 जनवरी 2008 |publisher=Reuters UK |work=Thomson Reuters |archive-url=https://web.archive.org/web/20080129132715/http://uk.reuters.com/article/motorSportsNews/idUKL2521523620080125 |archive-date=29 जनवरी 2008 |url-status=live }}</ref> मार्च २००४ में यहां मुंबई ग्रैंड प्रिक्स एफ़ १ पावरबोट रेस की विश्व प्रतियोगिता का भाग आयोजित हुआ था। == चित्र दीर्घा == <gallery> Mumbai 03-2016 41 Bombay High Court.jpg|[[मुंबई उच्च न्यायालय]] Mumbai 03-2016 31 Gateway of India.jpg| जार्ज पंचम एवं क्वीन मेरी की स्मृति में बनाया गया [[गेटवे ऑफ़ इन्डिया]] स्थापना - [[दिसम्बर]] [[1911]] Mumbai 03-2016 72 Flora Fountain.jpg|[[फ्लोरा फाउंटेन]] जिसे [[हुतात्मा चौक]] का नाम दिया गया है। Bombay-Stock-Exchange-2.jpg| [[मुंबई स्टाक एक्स्चेंज]] एशिया का सबसे पुराना स्टाक एक्सचेंज Mumbai 03-2016 81 Dadar Beach view of the SeaLink.jpg|[[बांद्रा-वर्ली समुद्रसेतु]] Brabourne.jpg|[[ब्रेबोर्न स्टेडियम]], शहर के सबसे पुराने स्टेडियमों में से एक है </gallery> {{-}} == पर्यटन == समुद्र के किनारे स्थित, मुंबई भारत का सबसे महानगरीय महानगर है। यह भारत का सबसे बड़ा शहर और देश का वित्तीय केंद्र भी है। अन्वेषण के अंतहीन अवसरों के साथ, शहर का सबसे उल्लेखनीय आकर्षण गेटवे ऑफ इंडिया है, जिसे 1911 में शाही यात्रा के रूप में बनाया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://arrestedworld.com/beautiful-cities-in-india/|title=13 Most Beautiful Cities in India 2020|date=2019-04-02|website=ArrestedWorld|language=en-US|access-date=2020-09-11|archive-date=9 अगस्त 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200809014436/https://arrestedworld.com/beautiful-cities-in-india/|url-status=dead}}</ref> मुंबई में भारत में नाइटलाइफ़ का एक अद्भुत नमूना है जिसे एक टीम के साथी के साथ अनुभव किया जा सकता है। आपके कर्मचारी अपनी टीम के साथ एक महान नाइटलाइफ़ अनुभव के लिए बाहर निकलना पसंद करेंगे। उन्हें एक अद्भुत नाइटलाइफ़ अनुभव का उपहार देने के लिए सूची चुनें।<ref>{{Cite web|url=https://arrestedworld.com/nightlife-in-india/|title=12 Best Cities to Party in India {{!}} Nightlife in India|date=2019-02-18|website=ArrestedWorld|language=en-US|access-date=2020-09-11}}{{Dead link|date=दिसंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> == इन्हें भी देखें == * [[मुंबई यौन संग्रहालय]] == सन्दर्भ == {{reflist|2}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Sister project links |wikt=मुम्बई|commons=Mumbai|b=मुंबई|n=no|q=मुंबई|s=मुम्बई|v=no|species=no|display=मुंबई}} {{इंडिक पाठ्य}} {{प्रवेशद्वार|भारत|Flag of India.svg}} * [https://web.archive.org/web/20171028225646/http://www.mcgm.gov.in/ बृहन्मुंबई नगरमहापालिका की आधिकारिक वेबसाइट] * [https://web.archive.org/web/20090310212824/http://mdmu.maharashtra.gov.in/pages/Mumbai/mumbaiplanShow.php आधिकारिक नगर रिपोर्ट] * {{विकियात्रा}} * [https://web.archive.org/web/20120104234540/http://www.google.co.in/webhp?hl=hi&tab=ww#sclient=psy-ab&hl=hi&site=webhp&source=hp&q=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88&pbx=1&oq=mum&aq=0&aqi=g4&aql=&gs_sm=c&gs_upl=37544l38074l2l39657l3l3l0l0l0l0l587l1706l5-3l3l0&bav=on.2,or.r_gc.r_pw.,cf.osb&fp=3d3dc1fb819fc878&biw=1024&bih=677 मुम्बई - गूगल खोज परिणाम] <!--- WHAT IS THEIR USE HERE? == अध्ययन == {{refbegin}} * Agarwal, Jagdish; ''Bombay&nbsp;— Mumbai: A Picture Book'' (1998)&nbsp;— Wilco Publishing House, ISBN 81-87288-35-3. * ''BusinessWeek''; [[अगस्त 12]], [[2005]]; "China and India" special coverage. * Chaudhari, K.K; ''History of Bombay'' (1987)&nbsp;— Modern Period Gazetteers Dept., Govt. of Maharashtra. * [[Behram Contractor|Contractor, Behram]]; ''From Bombay to Mumbai'' (1998)&nbsp;— Oriana Books. * Dwivedi, Sharada & Mehrotra, Rahul; ''Bombay, The Cities Within'' (1995)&nbsp;— India Book House Pvt. Ltd. ISBN 81-85028-80-X. * Fox, Edmund A; ''Short History of Bombay Presidency'' (1887)&nbsp;— Thacker & Co&nbsp;— No ISBN. * ''Imperial Gazetteer of India: vol. vii, Behrampore to Bombay''. Oxford at the Clarendon Press. 1908. 421 pages. * [[Arun Katiyar|Katiyar, Arun]] & Bhojani, Namas; ''Bombay, A Contemporary Account'' (1996)&nbsp;— Harper Collins ISBN 81-7223-216-0. * MacLean, James Mackenzie; ''A Guide to Bombay'' (1875 & 1902)&nbsp;— Various editions; No ISBN. * Mappls&nbsp;— ''Satellite based comprehensive maps of Mumbai'' (1999)&nbsp;— CE Info Systems Ltd. ISBN 81-901108-0-2. * ''Our Greater Bombay'' (1990)&nbsp;— Maharashtra State Bureau of Textbook Production and Curriculum Research. * [[Suketu Mehta|Mehta, Suketu]] ; ''Maximum City: Bombay Lost and Found'' (2004)&nbsp;— Knopf ISBN 0-375-40372-8. * Patel, Sujata & Thorner, Alice; ''Bombay, Metaphor for Modern India'' (1995)&nbsp;— [[ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस]], ISBN 0-19-563688-0. * ''The Oxford School Atlas''; 28th Revised Edition (1991)&nbsp;— Oxford University Press ISBN 0-19-563316-4. * Tindall, Gillian; ''City of Gold'' (1992)&nbsp;— Penguin, ISBN 0-14-009500-4, * Virani, Pinki; ''Once was Bombay'' (1999)&nbsp;— Viking, ISBN 0-670-88869-9. * Sharada Dwivedi, [http://www.hvk.org/articles/0605/63.html ''Goddess Island''] Indian Express, [[जून 6]], [[2005]]. {{refend}} ---> {{pp-semi-template|small=yes}} {{भारतीय मेट्रोपॉलिटन शहर}} {{दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले भारतीय महानगर}} {{भारत के राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश के राजधानी}} {{मुंबई विषय }} {{मुंबई के दर्शनीय स्थल}} {{महाराष्ट्र}} {{मुंबई शहरी क्षेत्र}} <!-- {{विश्व के सर्वाधिक आबाद शहर}} --> {{Authority control}} [[श्रेणी:महाराष्ट्र के शहर]] [[श्रेणी:भूतपूर्व पुर्तगाली उपनिवेश]] [[श्रेणी:तटवर्ती शहर]] [[श्रेणी:उच्च-प्रौद्योगिकी व्यापार जिले]] [[श्रेणी:भारत के नगर]] [[श्रेणी:मुम्बई शहर ज़िला]] [[श्रेणी:मुम्बई शहर ज़िले के नगर]] loo3xdjq26ux4t1jmlef98074ruojw8 मुग़ल साम्राज्य 0 2339 23131 17178 2026-08-25T18:11:53Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23131 wikitext text/x-wiki मुग़ल साम्राज्य {{Translation/Ref|en|Mughal Empire|oldid=287866378}} {{ज्ञानसंदूक भूतपूर्व देश |native_name = {{lang|fa|گورکانیان}} <small>([[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]])</small><br />{{lang|ur|{{Nastaliq|مغلیہ سلطنت}}}} <small>([[उर्दू भाषा|उर्दू]])</small> |conventional_long_name = मुग़ल साम्राज्य |common_name = मुग़ल साम्राज्य |continent = [[एशिया]] |religion = [[इस्लाम]]<br><small>(1526–1582)</small><br>[[दीन-ए-इलाही]]<br><small>(1582–1605)</small><br>[[इस्लाम]]<br><small>(1605–1857)</small> |region =[[दक्षिण एशिया]] |country = [[भारत]] <!-- Per [[Template:Infobox former country#Location]], Pakistan is already addressed at "|today=" below --> |status_text = <!-- A free text to describe status the top of the infobox. 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In the Royal family it is placed after the name instead of before it, thus, Abbas Mirza and Hosfiein Mirza. Mirza is a civil title, and Khan is a military one. The title of Khan is creative, but not hereditary. ''pg 601 Monthly magazine and British register, [http://books.google.com.au/books?id=dyMAAAAAYAAJ&pg=PA601&dq#v=onepage&q&f=false Volume 34 Publisher Printed for Sir Richard Phillips] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130928013929/http://books.google.com.au/books?id=dyMAAAAAYAAJ&pg=PA601&dq#v=onepage&q&f=false |date=28 सितंबर 2013 }}, 1812 Original from Harvard University''</ref> <!-- Area and population of a given year --> |stat_year1 = 1700 {{efn|Area source:{{Citation needed|date=July 2012}} Population source:<ref name="Richards1993" />}} |stat_area1 = 5000000 |today = {{flag|अफगानिस्तान}}<br>{{flag|बांग्लादेश}}<br>{{flag|भारत}}<br>{{flag|पाकिस्तान}}<br>{{flag|ताजिकिस्तान}}}} '''मुग़ल साम्राज्य''' (<small>[[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]]: {{Nastaliq|ur|مغل سلطنت ھند}}, मुग़ल सलतनत-ए-हिंद; [[तुर्की भाषा परिवार|तुर्की]]: बाबर इम्परातोरलुग़ु</small>), ऐगो [[इस्लाम]]ी [[तुर्की-मंगोल]] साम्राज्य छेलै, जे 1526 म शुरू होलै, जे की 17 वीं शताब्दी के आखिर म आरू 18 वीं शताब्दी के शुरुआत तक भारतीय उपमहाद्वीप मे् शासन करलकै आरू 19 वीं शताब्दी के मध्य म समाप्त होलै। अधिकांश भारतीय उपमहाद्वीप प मुगल साम्राज्य के अंत के लेली [[मराठा साम्राज्य|मराठे]] जिम्मेदार छेलै।<ref name="Pearson 2011 pp. 221–235">{{cite journal | last=Pearson | first=M. N. | title=Symposium: Decline of The Mughal Empire - The Journal of Asian Studies | journal=The Journal of Asian Studies | volume=35 | issue=2 | date=2011-03-23 | issn=1752-0401 | doi=10.2307/2053980 | pages=221–235 | url=https://www.cambridge.org/core/journals/journal-of-asian-studies/article/abs/symposium-decline-of-the-mughal-empire/10E351CC9EEEC9C5E139521BC4DE4073 | access-date=2022-04-28}}</ref><ref name="Capper 1997 p. ">{{cite book | last=Capper | first=J. | title=Delhi, the Capital of India | publisher=Asian Educational Services | year=1997 | isbn=978-81-206-1282-2 | url=https://books.google.com/books?id=aqqBPS1TDUgC | access-date=2022-04-28 | page=}}</ref><ref name="Sen 2010 p. ">{{cite book | last=Sen | first=S.N. | title=An Advanced History of Modern India | publisher=Macmillan India | year=2010 | isbn=978-0-230-32885-3 | url=https://books.google.com/books?id=bXWiACEwPR8C | access-date=2022-04-28 | page=}}</ref> मुग़ल सम्राट [[तुर्क]]-[[मंगोल]] पीढ़ी के तैमूरवंशी थे और इन्होंने अति परिष्कृत मिश्रित हिन्द-फारसी संस्कृति को विकसित किया। 1700 के आसपास, अपनी शक्ति की ऊँचाई पर, इसने [[भारतीय उपमहाद्वीप]] के अधिकांश भाग को नियंत्रित किया - इसका विस्तार पूर्व में वर्तमान [[बांग्लादेश|बंगलादेश]] से पश्चिम में [[बलूचिस्तान (पाकिस्तान)|बलूचिस्तान]] तक और उत्तर में [[कश्मीर]] से दक्षिण में [[कावेरी नदी|कावेरी]] घाटी तक था। उस समय 44 लाख किमी² (15 लाख मील²) के क्षेत्र पर फैले इस साम्राज्य की जनसंख्या का अनुमान 13 और 15 करोड़ के बीच लगाया गया था।<ref>जॉन एफ रिचर्ड्स,</ref> 1725 के बाद इसकी शक्ति में तेज़ी से गिरावट आई। उत्तराधिकार के कलह, कृषि संकट की वजह से स्थानीय विद्रोह, धार्मिक असहिष्णुता का उत्कर्ष और ब्रिटिश उपनिवेशवाद से कमजोर हुए साम्राज्य का अंतिम [[महाराजा|सम्राट]] [[बहादुर शाह ज़फ़र|बहादुर ज़फ़र शाह]] था, जिसका शासन [[दिल्ली]] शहर तक सीमित रह गया था। अंग्रेजों ने उसे कैद में रखा और [[१८५७ का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम|1857 के भारतीय विद्रोह]] के बाद [[ब्रिटिश साम्राज्य|ब्रिटिश]] द्वारा [[म्यान्मार|म्यानमार]] निर्वासित कर दिया। 1556 में, [[अकबर|जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर]], जो महान अकबर के नाम से प्रसिद्ध हुआ, के पदग्रहण के साथ इस साम्राज्य का उत्कर्ष शुरू हुआ और सम्राट [[औरंगज़ेब]] के निधन के साथ समाप्त हुआ, हालाँकि यह साम्राज्य और 150 साल तक चला। इस समय के दौरान, विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने में एक उच्च केंद्रीकृत प्रशासन निर्मित किया गया था। मुग़लों के सभी महत्वपूर्ण स्मारक, उनके ज्यादातर दृश्य विरासत, इसी अवधि के हैं। e8j7yzkp4co2u6grkkqjwt8gvns94z0 मुम्बई 0 2343 23132 23104 2026-08-25T18:12:47Z InternetArchiveBot 123 Add 3 books for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23132 wikitext text/x-wiki {{merge|मुंबई}} {{ज्ञानसन्दूक अवस्थापन | name = मुम्बई | settlement_type = [[शहर]] | image_skyline = MumbaiMontage.png | image_seal =Emblem_of_Mumbai.png | pushpin_map = India | latd = 18.98 | latNS = N | longd = 72.83 | longEW = E | pushpin_label_position = left | coordinates_display = inline,title | subdivision_type = देश | subdivision_name = [[भारत]] | subdivision_type1 = [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|राज्य]] | subdivision_name1 = [[महाराष्ट्र]] | subdivision_type2 = [[भारत के ज़िले|ज़िला]] | subdivision_name2 = [[मुम्बई शहर]]<br>[[मुम्बई उपनगर]] | population_as_of = 2011 | population_total = 12442373 | population_metro = 18414288 | population_footnotes = <ref name="pop">http://www.census2011.co.in/city.php</ref> | timezone1 = [[भारतीय मानक समय|आइएसटी]] | utc_offset1 = +5:30 | website = {{URL|www.mcgm.gov.in}} | footnotes = }} [[भारत]] केरो पश्चिमी तट प स्थित '''मुम्बई''' (पूर्व नाम बम्बई), [[भारतीय]] राज्य [[महाराष्ट्र]] केरो राजधानी छेकै। जेकरऽ अनुमानित जनसंख्या ३ करोड़ २९ लाख छै आरू जे देश केरऽ पहलऽ सर्वाधिक आबादी वाला नगरी छेकै।<ref name=WG>[https://web.archive.org/web/20100123182252/http://world-gazetteer.com/wg.php?x=&men=gcis&lng=en&des=wg&srt=npan&col=abcdefghinoq&msz=1500&pt=c&va=&srt=pnan विश्व गैज़ेटियर अनुमान 2008-01-01]</ref> एकरऽ गठन लावा निर्मित सात छोटऽ-छोटऽ द्वीपऽ द्वारा होलऽ छै आरू ई पुल द्वारा प्रमुख भू-खंड सथ॑ जुड़लऽ छै। मुम्बई बन्दरगाह भारतवर्ष केरऽ सर्वश्रेष्ठ सामुद्रिक बन्दरगाह छेकै। मुम्बई केरऽ तट कटलऽ-फटलऽ छै ई कारण सें एकरऽ पोताश्रय प्राकृतिक आरू सुरक्षित छै। [[यूरोप]], [[अमेरिका]], [[अफ़्रीका]] आदि पश्चिमी देशऽ सें जलमार्ग या वायुमार्ग सें आबै वाला जहाज यात्री व पर्यटक सर्वप्रथम मुम्बई ही आबै छै, ई लेली मुम्बई क॑ भारत केरऽ प्रवेशद्वार ही कहलऽ जाय छै। मुम्बई भारत का सर्ववृहत्तम वाणिज्यिक केन्द्र है। जिसकी भारत के [[सकल घरेलू उत्पाद]] में 5% की भागीदारी है।<ref>{{Cite web |url=http://mmrdamumbai.org/projects_muip.htm |title=मुंबई अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना |publisher=मुंबई महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण]] |accessed=2008-07-18 |access-date=2017-11-08 |archive-date=2010-07-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100723020643/http://www.mmrdamumbai.org/projects_muip.htm }}</ref> यह सम्पूर्ण भारत के औद्योगिक उत्पाद का 25%, नौवहन व्यापार का 40%, एवं भारतीय अर्थ व्यवस्था के पूंजी लेनदेन का 70% भागीदार है।<ref>{{Cite web |url=http://img214.imageshack.us/img214/2299/dscn7619ql4.jpg |title=नवी मुंबई अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र |publisher=महाराष्ट्र नगर एवं औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड |format=[[JPEG|JPG]] |accessdate=2008-07-18 |archiveurl=https://archive.ph/20120709020456/http://img214.imageshack.us/img214/2299/dscn7619ql4.jpg |archivedate=2012-07-09 }}</ref> मुंबई विश्व के सर्वोच्च दस वाणिज्यिक केन्द्रों में से एक है।<ref name="autogenerated1">{{Cite web |url=http://www.rediff.com/money/2007/jun/18mumbai.htm |title=Mumbai among world's top 10 financial flow hubs |date=2007-06-18 |publisher=रीडिफ News}}</ref> भारत के अधिकांश बैंक एवं सौदागरी कार्यालयों के प्रमुख कार्यालय एवं कई महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान जैसे [[भारतीय रिज़र्व बैंक]], [[बम्बई स्टॉक एक्स्चेंज]], [[नेशनल स्टऑक एक्स्चेंज]] एवं अनेक [[भारतीय कंपनियों की सूची|भारतीय कम्पनियों]] के निगमित मुख्यालय तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियां मुम्बई में अवस्थित हैं। इसलिए इसे भारत की आर्थिक राजधानी भी कहते हैं। नगर में भारत का [[हिन्दी]] [[भारतीय सिनेमा|चलचित्र एवं दूरदर्शन उद्योग]] भी है, जो [[बॉलीवुड]] नाम से प्रसिद्ध है। मुंबई की व्यवसायिक अपॊर्ट्युनिटी, व उच्च जीवन स्तर पूरे भारतवर्ष भर के लोगों को आकर्षित करती है, जिसके कारण यह नगर विभिन्न समाजों व संस्कृतियों का मिश्रण बन गया है। मुंबई पत्तन भारत के लगभग आधे समुद्री माल की आवाजाही करता है।<ref name="Manorama2006">{{ cite book | title = मनोरमा ईयरबुक 2006 | year = 2006 | publisher = मलयाला मनोरमा| location = कोट्टायम, भारत| isbn = 8189004077 }}</ref> == उद्गम == "मुंबई" नाम दो शब्दों से मिलकर बना है, ''मुंबा'' या ''महा-अंबा'' {{Ndash}} [[हिन्दू देवी]] [[दुर्गा]] का रूप, जिनका नाम [[मुंबा देवी]] है {{Ndash}} और ''आई'', "मां" को [[मराठी]] में कहते हैं।<ref>{{Cite book |last=Sheppard |first=Samuel T |title=Bombay Place-Names and Street-Names:An excursion into the by-ways of the history of Bombay City |url=https://archive.org/details/cu31924024157954 |year=1917 |publisher=The Times Press |location=Bombay, भारत |pages=pp 104–105 |id={{ASIN|B0006FF5YU}} }}</ref> पूर्व नाम बाँम्बे या बम्बई का उद्गम [[सोलहवीं शताब्दी]] से आया है, जब [[पुर्तगाली]] लोग यहां पहले-पहल आये, व इसे कई नामों से पुकारा, जिसने अन्ततः बॉम्बे का रूप लिखित में लिया। यह नाम अभी भी पुर्तगाली प्रयोग में है। [[सत्रहवीं शताब्दी]] में, ब्रिटिश लोगों ने यहां अधिकार करने के बाद, इसके पूर्व नाम का आंग्लीकरण किया, जो बॉम्बे बना। किन्तु मराठी लोग इसे मुंबई या मंबई व हिन्दी व भाषी लोग इसे बम्बई ही बुलाते रहे।<ref>{{Cite book |editor=Sujata Patel & Jim Masselos |title=Bombay and Mumbai. The City in Transition |url=https://archive.org/details/bombaymumbaicity0000unse_v9j7 |chapter=Bombay and Mumbai: Identities, Politics and Populism |year=2003 |publisher=The Oxford University Press |location=Delhi, भारत |pages=pg 4 |isbn=0195677110}}</ref><ref>{{Cite book |last=Mehta |first=Suketu |title=Maximum City: MUMBAI Lost and Found |url=https://archive.org/details/maximumcitybomba0000meht |year=2004 |publisher=Penguin |location=Delhi, भारत |pages=pg 130 |isbn=0144001594 }}</ref> इसका नाम आधिकारिक रूप से सन [[1995]] में मुंबई बना। बॉम्बे नाम मूलतः पुर्तगाली नाम से निकला है, जिसका अर्थ है "अच्छी खाड़ी" (गुड बे)<ref>{{Cite web |url=http://www.economist.com/cities/findStory.cfm?city_id=MBI&folder=Facts-History |title=Cities Guide: Mumbai |publisher=Economist.com}}</ref> यह इस तथ्य पर आधारित है, कि बॉम का पुर्तगाली में अर्थ है अच्छा, व अंग्रेज़ी शब्द बे का निकटवर्ती पुर्तगाली शब्द है बैआ। सामान्य पुर्तगाली में गुड बे (अच्छी खाड़ी) का रूप है: बोआ बहिया, जो कि गलत शब्द बोम बहिया का शुद्ध रूप है। हां [[सोलहवीं शताब्दी]] की पुर्तगाली भाषा में छोटी खाड़ी के लिये बैम शब्द है। अन्य सूत्रों का पुर्तगाली शब्द बॉम्बैम के लिये, भिन्न मूल है। ''José Pedro Machado's '''Dicionário Onomástico Etimológico da Língua Portuguesa''''' ("एटायमोलॉजी एवं ओनोमैस्टिक्स का पुर्तगाली शब्दकोष") बताता है, कि इस स्थान का १५१६ से प्रथम पुर्तगाली सन्दर्भ क्या है, ''बेनमजम्बु'' या ''तेन-माइयाम्बु'',<ref>{{Cite book |last=Barbosa |first=Duarte |title=Livro Em Que Dá Relação Do Que Viu E Ouviu No Oriente |year=1516 |language=Portuguese |others=apud Machado, J.P., ''Dicionário Onomástico Etimológico da Língua Portuguesa''}}</ref> माइआम्बु या "MAIAMBU"' मुंबा देवी से निकला हुआ लगता है। ये वही मुंबा देवी हैं, जिनके नाम पर मुंबई नाम मराठी लोग लेते हैं। इसी शताब्दी में मोम्बाइयेन की वर्तनी बदली (१५२५)<ref>Documents from the "Tombo do Estado da Índia" (currently the Historical Archives of Goa or Goa Purabhilekha)</ref> और वह मोंबैएम बना (१५६३)<ref>{{Cite book |last=Orta |first=Garcia da |title=Colóquios Dos Simples E Drogas Da Índia |origyear=1565 |date=1891<!--to 1895--> |language=Portuguese |others=apud Machado, J.P., ''Dicionário Onomástico Etimológico da Língua Portuguesa''}}</ref> और अन्ततः सोलहवीं शताब्दी में बोम्बैएम उभरा, जैसा गैस्पर कोर्रेइया ने ''लेंडास द इंडिया '' ("लीजेंड्स ऑफ इंडिया") में लिखा है।<ref>{{Cite book |last=Correia |first=Gaspar |title=Lendas da Índia |others="originally from the 16th century" |year=1858<!--and 1866-->}}</ref> <!--- J.P. Machado seems to reject the "Bom Bahia" hypothesis, asserting that Portuguese records mentioning the presence of a bay at the place led the English to assume that the noun (''bahia'', "bay") was an integral part of the Portuguese toponym, hence the English version Bombay, adapted from Portuguese. ---><ref>{{Cite book |last=Machado |first=José Pedro |title=Dicionário Onomástico Etimológico da Língua Portuguesa |others=entry "Bombaim", Volume I |pages=pp. 265-266 }}</ref> == इतिहास == [[फाईल:Hajiali.jpg|thumb| [[हाजी अली दरगाह]] जो सन [[1431]] में बनी थी, जब मुंबई इस्लामी शासन के अधीन था।<ref>{{Cite news |url=http://www.mumbaimirror.com/net/mmpaper.aspx?page=article&sectid=15&contentid=2008080720080807031759454b559597f |title=हाजी अली सेट टू गो, एण्ड राइज़ अगेन |accessdate=2008-08-17 |publisher=मुम्बई मिरर |date=2008-08-07 |archive-date=2007-10-24 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071024183614/http://mumbaimirror.com/net/mmpaper.aspx?Page=article }}</ref>]][[मुम्बई#cite note-15|<span class="mw-reflink-text">[15]</span>]][[मुम्बई#cite note-15|<span class="mw-reflink-text">[15]</span>]] {{Main|मुंबई का इतिहास }} [[कांदिवली]] के निकट उत्तरी मुंबई में मिले प्राचीन अवशेष संकेत करते हैं, कि यह द्वीप समूह [[पाषाण युग]] से बसा हुआ है। मानव आबादी के लिखित प्रमाण [[२५० ई.पू]] तक मिलते हैँ, जब इसे हैप्टानेसिया कहा जाता था। तीसरी शताब्दी इ.पू. में ये द्वीपसमूह [[मौर्य साम्राज्य]] का भाग बने, जब [[बौद्ध]] [[सम्राट]] [[अशोक]] महान का शासन था। कुछ शुरुआती शताब्दियों में मुंबई का नियंत्रण [[सातवाहन राजवंश|सातवाहन साम्राज्य]] व इंडो-साइथियन वैस्टर्न सैट्रैप के बीच विवादित है। बाद में हिन्दू [[सिल्हारा वंश]] के राजाओं ने यहां [[१३४३]] तक राज्य किया, जब तक कि [[गुजरात]] के राजा ने उनपर अधिकार नहीं कर लिया। कुछ पुरातन नमूने, जैसे [[ऐलीफैंटा गुफाएं]] व [[बाणगंगा सरोवर|बालकेश्वर मंदिर]] में इस काल के मिलते हैं। [[१५३४]] में, [[पुर्तगाल|पुर्तगालियों]] ने [[गुजरात]] के [[बहादुर शाह, गुजरात|बहादुर शाह]] से यह द्वीप समूह हथिया लिया। जो कि बाद में [[चार्ल्स द्वितीय, इंग्लैंड]] को दहेज स्वरूप दे दिये गये।<ref>{{Cite web |url=http://www.fco.gov.uk/servlet/Front?pagename=OpenMarket/Xcelerate/ShowPage&c=Page&cid=1007029394365&a=KCountryProfile&aid=1019061813652 |title=UK Government Foreign and Commonwealth Office |accessdate=2008-01-06 |date=2007-06-28 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20030731063951/http://www.fco.gov.uk/servlet/Front?pagename=OpenMarket/Xcelerate/ShowPage&c=Page&cid=1007029394365&a=KCountryProfile&aid=1019061813652 |archivedate=2003-07-31 }}</ref> चार्ल्स का विवाह कैथरीन डे बर्गैन्ज़ा से हुआ था। यह द्वीपसमूह [[१६६८]] में, ब्रिटिश [[ईस्ट इंडिया कंपनी]] को मात्र दस [[पाउण्ड स्टर्लिंग|पाउण्ड]] प्रति वर्ष की दर पर पट्टे पर दे दिये गये। कंपनी को द्वीप के पूर्वी छोर पर गहरा हार्बर मिला, जो कि उपमहाद्वीप में प्रथम पत्तन स्थापन करने के लिये अत्योत्तम था। यहां की जनसंख्या [[१६६१]] की मात्र दस हजार थी, जो [[१६७५]] में बढ़कर साठ हजार हो गयी। [[१६८७]] में ईस्ट इंडिया कम्पनी ने अपने मुख्यालय [[सूरत]] से स्थानांतरित कर यहां [[मुंबई]] में स्थापित किये। और अंततः नगर [[बंबई प्रेसीडेंसी]] का मुख्यालय बन गया। [[चित्|thumb|[[गेटवे ऑफ इंडिया]] को [[२ दिसम्बर]],[[१९११]] को भारत में सम्राट [[जॉर्ज पंचम]] व महारानी मैरी के आगमन पर स्वागत हेतु बनाया गया, जो कि [[४ दिसम्बर]], [[१९२४]] को पूरा हुआ।]] सन [[१८१७]] के बाद, नगर को वृहत पैमाने पर सिविल कार्यों द्वारा पुनर्ओद्धार किया गया। इसमें सभी द्वीपों को एक जुड़े हुए द्वीप में जोडने की परियोजना मुख्य थी। इस परियोजना को हॉर्नबाय वेल्लार्ड कहा गया, जो [[१८४५]] में पूर्ण हुआ, तथा पूरा ४३८bsp;[[वर्ग किलोमीटर|कि॰मी॰²]] निकला। सन [[१८५३]] में, भारत की प्रथम यात्री रेलवे लाइन स्थापित हुई, जिसने मुंबई को [[ठाणे]] से जोड़ा। [[अमरीकी नागर युद्ध]] के दौरान, यह नगर विश्व का प्रमुख सूती व्यवसाय बाजार बना, जिससे इसकी अर्थ व्यवस्था मजबूत हुई, साथ ही नगर का स्तर कई गुणा उठा। [[१८६९]] में [[स्वेज नहर]] के खुलने के बाद से, यह [[अरब सागर]] का सबसे बड़ा पत्तन बन गया।<ref>{{Cite book |last=डोस्सल|first=मरियम|title=इम्पेरियल डिज़ाइन्स एण्ड इण्डियन रियलिटीज़ -द प्लानिंग ऑफ बॉम्बे सिटी 1845–1875 |location=दिल्ली|publisher=ऑक्स्फोर्ड युनिवर्सिटी प्रेस |year=1991}}</ref> अगले तीस वर्षों में, नगर एक प्रधान नागरिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ। यह विकास संरचना के विकास एवं विभिन्न संस्थानों के निर्माण से परिपूर्ण था। [[१९०६]] तक नगर की जनसंख्या दस लाख बिलियन के लगभग हो गयी थी। अब यह भारत की तत्कालीन राजधानी [[कलकत्ता]] के बाद भारत में, दूसरे स्थान सबसे बड़ा शहर था। [[बंबई प्रेसीडेंसी]] की राजधानी के रूप में, यह [[भारतीय स्वतंत्रता संग्राम]] का आधार बना रहा। मुंबई में इस संग्राम की प्रमुख घटना [[१९४२]] में [[महात्मा गाँधी]] द्वारा छेड़ा गया [[भारत छोड़ो आंदोलन]] था। [[१९४७]] में [[भारतीय स्वतंत्रता]] के उपरांत, यह [[बॉम्बे राज्य]] की राजधानी बना। [[१९५०]] में उत्तरी ओर स्थित सैल्सेट द्वीप के भागों को मिलाते हुए, यह नगर अपनी वर्तमान सीमाओं तक पहुंचा। [[१९५५]] के बाद, जब [[बॉम्बे राज्य]] को पुनर्व्यवस्थित किया गया और भाषा के आधार पर इसे [[महाराष्ट्र]] और [[गुजरात]] राज्यों में बांटा गया, एक मांग उठी, कि नगर को एक स्वायत्त नगर-राज्य का दर्जा दिया जाये। हालांकि [[संयुक्त महाराष्ट्र समिति]] के आंदोलन में इसका भरपूर विरोध हुआ, व मुंबई को [[महाराष्ट्र]] की राजधानी बनाने पर जोर दिया गया। इन विरोधों के चलते, १०५ लोग पुलिस गोलीबारी में मारे भी गये और अन्ततः [[१ मई]], [[१९६०]] को [[महाराष्ट्र]] राज्य स्थापित हुआ, जिसकी राजधानी [[मुंबई]] को बनाया गया। [[फाईल:Image-Mumbai fountain.jpg|thumb|[[फ्लोरा फाउंटेन]] का पुनर्नामकरण [[हुतात्मा चौक]] किया गया, जो कि [[संयुक्त महाराष्ट्र समिति|संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन]] के शहीदों का स्मारक बना]] [[१९७०]] के दशक के अंत तक, यहां के निर्माण में एक सहसावृद्धि हुई, जिसने यहां आवक प्रवासियों की संख्या को एक बड़े अंक तक पहुंचाया। इससे मुंबई ने [[कोलकाता|कलकत्ता]] को जनसंख्या में पछाड़ दिया, व प्रथम स्थान लिया। इस अंतःप्रवाह ने स्थानीय मराठी लोगों के अंदर एक चिंता जगा दी, जो कि अपनी संस्कृति, व्यवसाय, भाषा के खोने से आशंकित थे।<ref>[http://www.merinews.com/catFull.jsp?articleID=129954 Raj Thackeray has a point]{{Dead link|date=October 2023 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> [[बाला साहेब ठाकरे]] द्वारा [[शिव सेना]] पार्टी बनायी गयी, जो मराठियों के हित की रक्षा करने हेतु बनी थी।<ref>{{Cite web |url=http://in.rediff.com/election/2004/apr/23espec3.htm |title=Know your party |accessdate=2007-12-05 |author=Ashraf, Syed Firdaus |date=2004-04-23 |work=Elections 2004 रीडिफ Special |publisher=रीडिफ News}}</ref> नगर का धर्म-निरपेक्ष सूत्र १९९२-९३ के [[बंबई दंगे|दंगों]] के कारण छिन्न-भिन्न हो गया, जिसमें बड़े पैमाने पर जान व माल का नुकसान हुआ। इसके कुछ ही महीनों बाद [[१२ मार्च]],[[१९९३]] को [[१९९३ के बंबई बम विस्फोट|शृंखलाबद्ध बम विस्फोटों]] ने नगर को दहला दिया। इनमें पुरे मुंबई में सैंकडों लोग मारे गये। [[१९९५]] में नगर का पुनर्नामकरण मुंबई के रूप में हुआ। यह शिवसेना सरकार की ब्रिटिश कालीन नामों के ऐतिहासिक व स्थानीय आधार पर पुनर्नामकरण नीति के तहत हुआ। यहां हाल के वर्षों में भी इस्लामी उग्रवादियों द्वारा आतंकवादी हमले हुए। [[२००६]] में यहां [[मुंबई ट्रेन विस्फोट २००६|ट्रेन विस्फोट]] हुए, जिनमें दो सौ से अधिक लोग मारे गये, जब कई बम [[मुंबई उपनगरीय रेल|मुंबई की लोकल ट्रेनों]] में फटे।<ref>{{Cite news |url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/in_depth/south_asia/2006/mumbai_train_attacks/default.stm |title=Special Report: Mumbai Train Attacks |date=2006-09-30 |publisher=BBC |accessdate=2008-08-13}}</ref> == भूगोल == मुंबई शहर भारत के [[पश्चिमी घाट|पश्चिमी तट]] पर [[कोंकण]] तटीय क्षेत्र में [[उल्हास नदी]] के मुहाने पर स्थित है। इसमें सैलसेट द्वीप का आंशिक भाग है और शेष भाग [[ठाणे]] जिले में आते हैं। अधिकांश नगर समुद्रतल से जरा ही ऊंचा है, जिसकी औसत ऊंचाई {{Convert|10|m|ft|0|abbr=on}} से {{Convert|15|m|ft|0|abbr=on}} के बीच है। उत्तरी मुंबई का क्षेत्र पहाड़ी है, जिसका सर्वोच्च स्थान {{Convert|450|m|ft|0|abbr=on}} पर है।<ref>{{Cite web |url=http://www.bhramanti.com/kanheri.html |title=Kanheri, Lungs of Mumbai |accessdate=2007-12-05 |author=Krishnadas Warrior |archive-date=2009-06-15 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090615084707/http://www.bhramanti.com/kanheri.html }}</ref> नगर का कुल क्षेत्रफल ६०३&nbsp;[[वर्ग किलोमीटर|कि.मी²]] (२३३&nbsp;[[वर्ग मील|sq&nbsp;mi]]) है। [[संजय गाँधी राष्ट्रीय उद्यान]] नगर के समीप ही स्थित है। यह कुल शहरी क्षेत्र के लगभग छठवें भाग में बना हुआ है। इस उद्यान में तेंदुए इत्यादि पशु अभी भी मिल जाते हैं,<ref>[http://cities.expressindia.com/fullstory.php?newsid=45505 A cat rouses Thane colony]</ref><ref>[http://ngcblog.nationalgeographic.com/explorer/?p=1 Killer Cats by Bijal Trivedi - National Geographic Channel]{{Dead link|date=October 2023 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> जबकि जातियों का विलुप्तीकरण तथा नगर में आवास की समस्या सर उठाये खड़ी है। [[भाटसा बांध]] के अलावा, ६ मुख्य झीलें नगर की जलापूर्ति करतीं हैं: [[विहार झील]], [[वैतर्णा बांध|वैतर्णा]], अपर वैतर्णा, [[तुलसी झील|तुलसी]], तंस व [[पोवई झील|पोवई]]। तुलसी एवं विहार झील [[बोरिवली राष्ट्रीय उद्यान]] में शहर की नगरपालिका सीमा के भीतर स्थित हैं। पोवई झील से केवल औद्योगिक जलापुर्ति की जाती है। तीन छोटी नदियां दहिसर, पोइसर एवं ओहिवाड़ा (या ओशीवाड़ा) उद्यान के भीतर से निकलतीं हैं, जबकि मीठी नदी, तुलसी झील से निकलती है और विहार व पोवई झीलों का बढ़ा हुआ जल ले लेती है। नगर की तटरेखा बहुत अधिक निवेशिकाओं (संकरी खाड़ियों) से भरी है। सैलसेट द्वीप की पूर्वी ओर दलदली इलाका है, जो जैवभिन्नताओं से परिपूर्ण है। पश्चिमी छोर अधिकतर रेतीला या पथरीला है। मुंबई की अरब सागर से समीपता के खारण शहरी क्षेत्र में मुख्यतः रेतीली बालू ही मिलती है। उपनगरीय क्षेत्रों में, मिट्टी अधिकतर अल्युवियल एवं ढेलेदार है। इस क्षेत्र के नीचे के पत्थर काले दक्खिन बेसाल्ट व उनके क्षारीय व अम्लीय परिवर्तन हैं। ये अंतिम क्रेटेशियस एवं आरंभिक इयोसीन काल के हैं। मुंबई सीज़्मिक एक्टिव (भूकम्प सक्रिय) ज़ोन है।<ref>{{Cite web |url=http://theory.tifr.res.in/bombay/physical/fault.html |title=The Seismic Environment of Mumbai |publisher=Tata Institute of Fundamental Research |accessdate=2007-12-06}}</ref> जिसके कारण इस क्षेत्र में तीन सक्रिय फॉल्ट लाइनें हैं। इस क्षेत्र को तृतीय श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, जिसका अर्थ है, कि रिक्टर पैमाने पर 6.5 तीव्रता के भूकम्प आ सकते हैं। == जलवायु == [[फाईल:India mumbai temperature precipitation averages chart.svg|thumb|मुंबई में औसत तापमान एवं वर्षण (प्रैसिपिटेशन) की सारणी]] {{Main|मुंबई की जलवायु }} [[उष्णकटिबंधीय क्षेत्र]] में [[अरब सागर]] के निकट स्थित मुंबई की जलवायु में दो मुख्य ऋतुएं हैं: शुष्क एवं आर्द्र ऋतु। आर्द्र ऋतु [[मार्च]] एवं [[अक्टूबर]] के बीच आती है। इसका मुख्य लक्षण है उच्च आर्द्रता व तापमन लगभग {{Convert|30|°C|°F|0}} से भी अधिक। [[जून]] से [[सितंबर]] के बीच [[मानसून]] वर्षाएं नगर भिगोतीं हैं, जिससे मुंबई का वार्षिक वर्षा स्तर {{Convert|2200|mm|in|1}} तक पहुंचता है। अधिकतम अंकित वार्षिक वर्षा [[१९५४]] में {{Convert|3452|mm|in|1}} थी।<ref>{{Cite web |url=http://mdmu.maharashtra.gov.in/pages/Mumbai/mumbaiplanShow.php |title=Mumbai Plan |publisher=Department of Relief and Rehabilitation (Government of Maharashtra) |access-date=2017-11-08 |archive-date=2009-03-10 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090310212824/http://mdmu.maharashtra.gov.in/pages/Mumbai/mumbaiplanShow.php }}</ref> मुंबई में दर्ज एक दिन में [[2005 मुंबई बाढ़|सर्वोच्च वर्षा]] {{Convert|944|mm|in|2}} [[२६ जुलाई]],[[२००५]] को हुयी थी।<ref>{{Cite news |url=http://www.dnaindia.com/report.asp?NewsID=1039257 |title=Three drown as heavy rain lashes Mumbai for the 3rd day |publisher=डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस |location=Mumbai |date=2006-07-03}}</ref> [[नवंबर]] से [[फरवरी]] तक शुष्क मौसम रहता है, जिसमें मध्यम आर्द्रता स्तर बना रहता है, व हल्का गर्म से हल्का ठंडा मौसम रहता है। [[जनवरी]] से [[फरवरी]] तक हल्की ठंड पड़ती है, जो यहां आने वाली ठंडी उत्तरी हवाओं के कारण होती है। मुंबई का वार्षिक तापमान उच्चतम {{Convert|38|°C|°F|0}} से न्यूनतम {{Convert|11|°C|°F|0}}तक रहता है। अब तक का रिकॉर्ड सर्वोच्च तापमान {{Convert|43.3|°C|°F|1}} तथा [[२२ जनवरी]],[[१९६२]] को नयूनतम {{Convert|7.4|°C|°F|1}} रहा।<ref>{{Cite web |url=http://www.mherrera.org/temp.htm |title=अत्यंत तापमान |last=हर्रेरा |first=मैक्सीमिलियैनो |accessdate=2007-12-06}}</ref>। हालांकि {{Convert|7.4|°C|°F|1}} यहां के मौसम विभाग के दो में से एक स्टेशन द्वारा अंकित न्यूनतम तापमान [[कन्हेरी गुफाएं]] के निकट नगर की सीमाओं के भीतर स्थित स्टेशन द्वारा न्यूनतम तापमान [[८ फरवरी]],[[२००८]] को {{Convert|6.5|°C|°F|1}} अंकित किया गया।<ref>{{Cite news |title=सिटि कंटिन्यूज़ टू होवर इन 8-9 डिग्री C रेंज |publisher=[[टाइम्स ऑफ इंडिया]] |location=मुंबई |date=2008-02-10 }}</ref> == अर्थ-व्यवस्था == {{Main|मुंबई की अर्थ व्यवस्था }} [[फाईल:Mumbai Skyline at Night.jpg|thumb|[[कफे परेड]] मुंबई का महत्वपूर्ण व्यवसायिक केन्द्र है, जहां विश्व व्यापार केन्द्र स्थित है, व अन्य कई महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान भी हैं।]] [[फाईल:Bombay Stock Exchange.jpg|thumb| [[बंबई स्टॉक एक्स्चेंज]] [[एशिया]] का पुरातनतम स्टॉक एक्स्चेंज है]] मुंबई भारत की सबसे बड़ी नगरी है। यह देश की एक महत्वपूर्ण आर्थिक केन्द्र भी है, जो सभी फैक्ट्री रोजगारों का १०%, सभी [[आयकर]] संग्रह का ४०%, सभी सीमा शुल्क का ६०%, केन्द्रीय राजस्व का २०% व भारत के विदेश व्यापार एवं {{INRConvert|40|b|-1}} निगमित करों से योगदान देती है।<ref>{{Cite book |title=मनोरमा ईयर बुक |publisher=मलयाला मनोरमा |year=2003 |page=pp 678 |isbn=ISBN 81-900461-8-7}}</ref> मुंबई की प्रति-व्यक्ति आय {{INRConvert|48954||-1}} है, जो राष्ट्रीय औसत आय की लगभग तीन गुणा है।<ref>{{Cite web |url=http://www.maharashtratourism.gov.in/MTDC/HTML/MaharashtraTourism/Default.aspx?strpage=../MaharashtraTourism/Trivia.html |title=महाराष्ट्र&nbsp;— ट्रीविया |publisher=महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम |accessdate=2007-12-07}}</ref> भारत के कई बड़े उद्योग ([[भारतीय स्टेट बैंक]], [[टाटा ग्रुप]], [[गोदरेज]] एवं [[रिलायंस]] सहित) तथा चार [[फॉर्च्यून ग्लोबल 500]] कंपनियां भी मुंबई में स्थित हैं। कई विदेशी बैंक तथा संस्थानों की भी शाखाएं यहां के विश्व व्यापार केंद्र क्षेत्र में स्थित हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.wtcmumbai.org/ |title= Welcome To World Trade Centre, Mumbai |accessdate= 2008-02-14 |publisher=WTC Mumbai}}</ref> सन [[१९८०]] तक, मुंबई अपने कपड़ा उद्योग व पत्तन के कारण संपन्नता अर्जित करता था, किन्तु स्थानीय अर्थ-व्यवस्था तब से अब तक कई गुणा सुधर गई है, जिसमें अब अभियांत्रिकी, रत्न व्यवसाय, हैल्थ-केयर एवं सूचना प्रौद्योगिकी भी सम्मिलित हैं। मुंबई में ही [[भाभा आण्विक अनुसंधान केंद्र]] भी स्थित है। यहीं भारत के अधिकांश विशिष्ट तकनीकी उद्योग स्थित हैं, जिनके पास आधुनिक औद्योगिक आधार संरचना के साथ ही अपार मात्रा में कुशल मानव संसाधन भी हैं। आर्थिक कंपनियों के उभरते सितारे, ऐयरोस्पेस, ऑप्टिकल इंजीनियरिंग, सभी प्रकार के कम्प्यूटर एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जलपोत उद्योग तथा पुनर्नवीनीकृत ऊर्जा स्रोत तथा शक्ति-उद्योग यहां अपना अलग स्थान रखते हैं। नगर के कार्यक्षेत्र का एक बड़ा भाग केन्द्र एवं राज्य सरकारी कर्मचारी बनाते हैं। मुंबई में एक बड़ी मात्रा में कुशल तथा अकुशल व अर्ध-कुशल श्रमिकों की शक्ति है, जो प्राथमिकता से अपना जीवन यापन टैक्सी-चालक, फेरीवाले, यांत्रिक व अन्य ब्लू कॉलर कार्यों से करते हैं। पत्तन व जहाजरानी उद्योग भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से ढ़ेरों कर्मचारियों को रोजगार देता है। नगर के [[धारावी]] क्षेत्र में, यहां का कूड़ा पुनर्चक्रण उद्योग स्थापित है। इस जिले में अनुमानित १५,००० एक-कमरा फैक्ट्रियां हैं।<ref name="gua">[http://www.guardian.co.uk/environment/2007/mar/04/india.recycling वेस्ट नॉट, वांट नॉट इन द £700m स्लम], ''द गार्जिरन'', [[4 मार्च]],[[2007]]</ref> मीडिया उद्योग भी यहां का एक बड़ा नियोक्ता है। भारत के प्रधान दूरदर्शन व उपग्रह तंत्रजाल (नेटवर्क), व मुख्य प्रकाशन गृह यहीं से चलते हैं। [[हिन्दी चलचित्र]] उद्योग का केन्द्र भी यहीं स्थित है, जिससे प्रति वर्ष विश्व की सर्वाधिक फिल्में रिलीज़ होती हैं। [[बॉलीवुड]] शब्द बाँम्बे व [[हॉलीवुड]] को मिलाकर निर्मित है। मराठी दूरदर्शन एवं [[मराठी चलचित्र|मराठी फिल्म उद्योग]] भी मुंबई में ही स्थित है। शेष भारत की तरह, इसकी वाणिज्यिक राजधानी मुंबई ने भी १९९१ के सरकारी उदारीकरण नीति के चलते आर्थिक उछाल (सहसावृद्धि) को देखा है। इसके साथ ही १९९० के मध्य दशक में सूचना प्रौद्योगिकी, निर्यात, सेवाएं व [[बी पी ओ]] उद्योगों में भी उत्थान देखा है। मुंबई का मध्यम-वर्गीय नागरिक जहां इस उछाल से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है वहीं वो इसकी प्रतिक्रिया स्वरूप उपभोक्ता उछाल का कर्ता भी है। इन लोगों की ऊपरावर्ती गतिशीलता ने उपभोक्तओं के जीवन स्तर व व्यय क्षमता को भी उछाला है। मुंबई को वित्तीय बहाव के आधार पर मास्टरकार्ड वर्ल्डवाइड के एक सर्वेक्षण में; विश्व के दस सर्वोच्च वाणिज्य केन्द्रों में से एक गिना गया है।<ref name="autogenerated1" /> == नगर प्रशासन == {{Main|बृहन्मुंबई नगरमहापालिका }} मुंबई में दो पृथक क्षेत्र हैं: नगर एवं उपनगर, यही [[महाराष्ट्र]] के दो जिले भी बनाते हैं। शहरी क्षेत्र को प्रायः '''द्वीप नगर''' या आइलैण्ड सिटी कहा जाता है।<ref>{{Cite web |url=http://www.mmrdamumbai.org/projects_muip.htm |title=MMRDA परियोजनाएं |accessdate=2007-12-06 |publisher=मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन डवलेपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) |archive-date=2009-02-26 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090226031015/http://www.mmrdamumbai.org/projects_muip.htm }}</ref> नगर का प्रशासन [[बृहन्मुंबई नगर निगम]] (बी एम सी) (पूर्व बंबई नगर निगम) के अधीन है, जिसकी कार्यपालक अधिकार नगर निगम आयुक्त, [[महाराष्ट्र#सरकार|राज्य सरकार]] द्वारा नियुक्त एक [[आई ए एस]] अधिकारी को दिये गए हैं। निगम में 227 पार्षद हैं, जो 24 नगर निगम वार्डों का प्रतिनिधित्व करते हैं, पाँच नामांकित पार्षद व एक महापौर हैं। निगम नागरिक सुविधाओं एवं शहर की अवसंरचना आवश्यकताओं के लिए प्रभारी है। एक सहायक निगम आयुक्त प्रत्येक वार्ड का प्रशासन देखता है। पार्षदों के चुनाव हेतु, लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां अपने प्रत्याशि खड़े करतीं हैं। मुंबई महानगरीय क्षेत्र में 7 नगर निगम व 13 नगर परिषद हैं। [[बी एम सी]] के अलावा, यहां [[ठाणे]], [[कल्याण-डोंभीवली]], [[नवी मुंबई]], [[मीरा भयंदर]], भिवंडी-निज़ामपुर एवं उल्हासनगर की नगरमहापालिकाएं व नगरपालिकाएं हैं।<ref name="citymum">{{Cite web |url=http://www.citiesalliance.org/doc/events/2006/ppf-06/mumbai.pdf |title=प्रेज़ेंटेशन ऑफ मुंबई टआंस्फॉर्मेशन प्रोसेस |accessdate=2008-02-16 |publisher=द सिटीज़ एलायंस |archive-date=2008-09-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080923200433/http://www.citiesalliance.org/doc/events/2006/ppf-06/mumbai.pdf }}</ref> [[फाईल:Highcourt.jpg|thumb|[[बंबई उच्च न्यायालय]] का अधिकारक्षेत्र [[महाराष्ट्र]], [[गोवा]], [[दमन एवं दीव]] तथा [[दादरा एवं नागर हवेली]] पर है।]] ग्रेटर मुंबई में महाराष्ट्र के दो जिले बनते हैं, प्रत्येक का एक [[जिलाध्यक्ष]] है। जिलाध्यक्ष जिले की सम्पत्ति लेख, केंद्र सरकार के राजस्व संग्रहण के लिए उत्तरदायी होता है। इसके साथ ही वह शहर में होने वाले चुनावों पर भी नज़र रखता है। [[मुंबई पुलिस]] का अध्यक्ष [[मुंबई पुलिस|पुलिस आयुक्त]] होता है, जो [[भारतीय पुलिस सेवा|आई पी एस]] अधिकारी होता है। मुंबई पुलिस राज्य गृह मंत्रालय के अधीन आती है। नगर सात पुलिस ज़ोन व सत्रह यातायात पुलिस ज़ोन में बंटा हुआ है, जिनमें से प्रत्येक का एक पुलिस उपायुक्त है। यातायात पुलिस मुंबई पुलिस के अधीन एक स्वायत्त संस्था है।<ref>{{Cite web |url=http://www.mumbaipolice.org/ |title=मुंबई पुलिस : आपके विश्वास के अभिरक्षक |accessdate=2008-01-27 |publisher=मुंबई पुलिस }}</ref> [[मुंबई अग्निशमन दल]] विभाग का अध्यक्ष एक मुख्य फायर अधिकारी होता है, जिसके अधीन चार उप मुख्य फायर अधिकारी व छः मंडलीय अधिकारी होते हैं। मुंबई में ही [[बंबई उच्च न्यायालय]] स्थित है, जिसके अधिकार-क्षेत्र में [[महाराष्ट्र]], [[गोआ]] राज्य एवं [[दमन एवं दीव]] तथा [[दादरा एवं नागर हवेली]] के [[केंद्र शासित प्रदेश]] भी आते हैं। मुंबई में दो निम्न न्यायालय भी हैं, स्मॉल कॉज़ेज़ कोर्ट –नागरिक मामलों हेतु, व विशेष टाडा (टेररिस्ट एण्ड डिस्रप्टिव एक्टिविटीज़) न्यायालय –जहां आतंकवादियों व फैलाने वालों व विध्वंसक प्रवृत्ति व गतिविधियों में पहड़े गए लोगों पर मुकदमें चलाए जाते हैं। शहर में [[लोक सभा]] की छः व महाराष्ट्र [[विधान सभा]] की चौंतीस सीटें हैं। मुंबई की महापौर शुभा रावल हैं, नगर निगम आयुक्त हैं जयराज फाटाक एवं शेर्रिफ हैं इंदु साहनी। == यातायात == [[फाईल:Chhatrapati Shivaji Terminus (Victoria Terminus).jpg|thumb| [[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]], [[मध्य रेलवे, भारत|मध्य रेलवे]] का मुख्यालय है, व [[युनेस्को]] [[विश्व धरोहर स्थल]] है]] मुंबई के अधिकांश निवासी अपने आवास व कार्याक्षेत्र के बीच आवागमन के लिए कोल यातायात पर निर्भर हैं। मुंबई के यातायात में [[मुंबई उपनगरीय रेलवे]], [[बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात]] की बसें, टैक्सी ऑटोरिक्शा, फेरी सेवा आतीं हैं। यह शहर [[भारतीय रेल]] के दो मंडलों का मुख्यालय है: मध्य रेलवे (सेंट्रल रेलवे), जिसका मुख्यालय [[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]] है, एवं पश्चिम रेलवे, जिसका मुख्यालय चर्चगेट के निकट स्थित है। नगर यातायात की रीढ़ है [[मुंबई उपनगरीय रेल]], जो तीन भिन्न नेटव्र्कों से बनी है, जिनके रूट शहर की लम्बाई में [[उत्तर]]-[[दक्षिण]] दिशा में दौड़ते हैं। मुंबई मैट्रो, एक भूमिगत एवं उत्थित स्तरीय रेलवे प्रणाली, जो फिल्हाल निर्माणाधीन है, [[वर्सोवा]] से [[अंधेरी]] होकर [[घाटकोपर]] तक प्रथम चरण में 2009 तक चालू होगी। मुंबई भारत के अन्य भागों से [[भारतीय रेल]] द्वारा व्यवस्थित ढंग से जुड़ा है। रेलगाड़ियां [[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]], [[दादर]], [[लोकमान्य तिलक टर्मिनस]], [[मुंबई सेंट्रल]], [[बांद्रा]] टर्मिनस एवं [[अंधेरी]] से आरंभ या समाप्त होती हैं। मुंबई उपनगरीय रेल प्रणाली 6.3 मिलियन यात्रियों को प्रतिदिन लाती ले जाती है।<ref>{{Cite web |url=http://www.mrvc.indianrail.gov.in/overview.htm |title=ओवर्व्यू ऑफ एग्ज़िस्टिंग मुंबई सबर्बन रेलवे |accessdate=2008-07-07 |publisher=मुंबई रेल विकास निगम |archive-date=2008-06-20 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080620033027/http://www.mrvc.indianrail.gov.in/overview.htm }}</ref> [[फाईल:Best cbd wad.jpg|thumb| [[बॉम्बे इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांस्पोर्ट|बी ई एस टी]] बस]] [[बॉम्बे इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांस्पोर्ट|बी ई एस टी]] द्वारा चालित बसें, लगभग नगर के हरेक भाग को यातायात उपलब्ध करातीं हैं। साथ ही [[नवी मुंबई]] एवं [[ठाणे]] के भी भाग तक जातीं हैं। बसें छोटी से मध्यम दूरी तक के सफर के लिए प्रयोगनीय हैं, जबकि ट्रेनें लम्बी दूरियों के लिए सस्ता यातायात उपलब्ध करातीं हैं। बेस्ट के अधीन लगभग 3,408 बसें चलतीं हैं,<ref>{{Cite web |url=http://www.bestundertaking.com/trans_engg.asp |title=कम्पोज़ीशन ऑफ बस फ्लीट |accessdate=2006-10-12 |publisher=BEST अंडरटेकिंग |archive-date=2006-07-18 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060718003152/http://www.bestundertaking.com/trans_engg.asp }}</ref> जो प्रतिदिन लगभग 4.5 मिलियन यात्रियों को 340 बस-रूटों पर लाती ले जातीं हैं। इसके बेड़े में सिंगल-डेकर, डबल-डेकर, वेस्टीब्यूल, लो-फ्लोर, डिसेबल्ड फ्रेंड्ली, वातानुकूलित एवं हाल ही में जुड़ीं यूरो-तीन सम्मत सी एन जी चालित बसें सम्मिलित हैं। [[महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम]] (एम एस आर टी सी) की अन्तर्शहरीय यातायात सेवा है, जो मुंबई को राज्य व अन्य राज्यों के शहरों से जोड़तीं हैं। मुंबई दर्शन सेवा के द्वारा पर्यटक यहां के स्थानीय पर्यटन स्थलों का एक दिवसीय दौरा कर सकते हैं। काली व पीली, मीटर-युक्त टैसी सेवा पूरे शहर में उपलब्ध है। मुंबई के उपनगरीय क्षेत्रों में ऑटोरिक्शा उपलब्ध हैं, जो सी एन जी चालित हैं, व भाड़े पर चलते हैं। ये तिपहिया सवारी जाने आने का उपयुक्त साधन हैं। ये भाड़े के यातायात का सबसे सस्ता जरिया हैं, व इनमें तीन सवारियां बैठ सकतीं हैं। [[फाईल:Mumbai Airport.jpg|thumb|छत्रपति शिवाजी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र दक्षिण एशिया का व्यस्ततम हवाई अड्डा है।<ref name="autogenerated2">[http://www.travelbizmonitor.com/ArticleDetails.aspx?aid=1777&sid=18&sname=कन्ट्रोवर्सी ट्रैवल बिज़ मॉनीटर :: मुंबई एयर्पोर्ट गेट्स रेडी फॉर न्यू इन्निंग्स <!--Bot-generated title-->]</ref>]]<span class="mw-reflink-text"><nowiki>[38]</nowiki></span>[[मुम्बई#cite note-autogenerated2-38|<span class="mw-reflink-text">[38]</span>]]<span class="mw-reflink-text"><nowiki>[38]</nowiki></span>[[मुम्बई#cite note-autogenerated2-38|<span class="mw-reflink-text">[38]</span>]] मुंबई का [[छत्रपति शिवाजी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] (पूर्व सहर अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र) दक्षिण एशिया का व्यस्ततम हवाई अड्डा है।<ref name="autogenerated2" /> [[जूहू विमानक्षेत्र]] भारत का प्रथम विमानक्षेत्र है, जिसमें फ्लाइंग क्लब व एक हैलीपोर्ट भी हैं। प्रस्तावित [[नवी मुंबई अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]], जो कोपरा-पन्वेल क्षेत्र में बनना है, को सरकार की मंजूरी मिल चुकी है, पूरा होने पर, वर्तमान हवाई अड्डे का भार काफी हद तक कम कर देगा। मुंबई में देश के 25% अन्तर्देशीय व 38% अन्तर्राष्ट्रीय यात्री यातायात सम्पन्न होता है। अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण, मुंबई में विश्व के सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक पत्तन उपलब्ध हैं। यहां से ही देश के यात्री व कार्गो का 50% आवागमन होता है।<ref name="Manorama2006" /> यह [[भारतीय नौसेना]] का एक महत्वपूर्ण बेस भी है, क्योंकि यहां पश्चिमी नौसैनिक कमान भी स्थित है।<ref>{{Cite book |title=Manorama Yearbook 2003 |year=2003 |publisher=मलयाला मनोरमा |location=कोट्टायम, भारत |pages=pp 524 |isbn=8189004077}}</ref> फैरी भी द्वीपों आदि के लिए उपलब्ध हैं, जो कि द्वीपों व तटीय स्थलों पर जाने का एक सस्ता जरिया हैं। == उपयोगिता सेवाएं == [[फाईल:Mumbai Bmc.jpg|thumb|[[बीएमसी]] मुख्यालय]] [[बृहन्मुंबई नगर निगम|बी एम सी]] शहर की पेय जलापूर्ति करता है। इस जल का अधिकांश भाग तुलसी एवं विहार झील से तथा कुछ अन्य उत्तरी झीलों से आता है। यह जल भाण्डुप एशिया के सबसे बड़े जल-शोधन संयंत्र में में शोधित कर आपूर्ति के लिए उपलब्ध कराया जाता है। भारत की प्रथम भूमिगत जल-सुरंग भी मुंबई में ही बनने वाली है।<ref>{{Cite web |url=http://www.dnaindia.com/report.asp?NewsID=1151960 | title=Country's first water tunnel to come up in Mumbai |accessdate=2008-02-21 |publisher=DNA (Diligent Media Corporation Ltd.)}}</ref> [[बी एम सी]] ही शहर की सड़क रखरखाव और कूड़ा प्रबंधन भी देखता है। प्रतिदिन शहर का लगभग ७८००&nbsp;मीट्रिक टन कूड़ा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में मुलुंड, उत्तर-पश्चिम में गोराई और पूर्व में देवनार में डम्प किया जाता है। सीवेज ट्रीटमेंट वर्ली और बांद्रा में कर सागर में निष्कासित किया जाता है। मुंबई शहर में विद्युत आपूर्ति [[बॉम्बे इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांस्पोर्ट|बेस्ट]], [[रिलायंस समूह|रिलायंस एनर्जी]], [[टाटा समूह|टाटा पावर]] और [[महावितरण]] (महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लि.) करते हैं। यहां की अधिकांश आपूर्ति जल-विद्युत और नाभिकीय शक्ति से होती है। शहर की विद्युत खपत उत्पादन क्षमता को पछाड़ती जा रही है। शहर का सबसे बड़ा दूरभाष सेवा प्रदाता [[महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड|एम टी एन एल]] है। इसकी २००० तक लैंडलाइन और सेल्युलर सेवा पर मोनोपॉली थी। आज यहां मोबाइल सेवा प्रदाताओं में [[एयरटेल]], [[वोडाफोन]], [[एम टी एन एल]], [[बी पी एल]], [[रिलायंस कम्युनिकेशंस]] और [[टाटा समूह|टाटा इंडिकॉम]] हैं। शहर में [[जी एस एम]] और [[सी डी एम ए]] सेवाएं, दोनों ही उपलब्ध हैं। [[एम टी एन एल]] एवं [[टाटा समूह|टाटा]] यहां [[ब्रॉडबैंड]] सेवा भी उपलब्ध कराते हैं। == जनसांख्यिकी == {{IndiaCensusPop |title= जनसंख्या बढ़वार |1971= 5970575 |1981= 8243405 |1991= 9925891 |2001= 11914398 |footnote= <center>स्रोत: [[मुंबई महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण]] (MMRDA)<ref>{{Harvnb|Population and Employement profile of Mumbai Metropolitan Region|p=6|Ref=pemmr}}</ref><br />आंकड़े [[भारत सरकार]] की जनगणना पर आधारित हैं। </center> }} [[फाईल:Mumbai skyline B&W.jpg|thumb|Since the 1970s, Mumbai has witnessed a construction boom and a significant influx of migrants, making it India's largest city|alt=Skyscrapers under construction dotted by maller buildings and trees. A beach is in front of them]] २००१ की जनगणना अनुसार मुंबई की जनसंख्या ११,९१४,३९८ थी।<ref>{{Harvnb|Population and Employement profile of Mumbai Metropolitan Region|p=13|Ref=pemmr}}</ref> वर्ल्ड गैज़ेटियर द्वारा २००८ में किये गये गणना कार्यक्रम के अनुसार मुंबई की जनसंख्या १३,६६२,८८५ थी।<ref>{{Cite web|url=http://www.world-gazetteer.com/wg.php?x=&men=gcis&lng=en&dat=80&geo=-104&srt=pnan&col=aohdq&msz=1500&pt=c&va=&srt=pnan|title=India: largest cities and towns and statistics of their population|accessdate=2008-01-31|publisher=[[Gazetteer#Worldwide|World Gazetteer]]|archiveurl=https://web.archive.org/web/20080307150641/http://www.world-gazetteer.com/wg.php?x=&men=gcis&lng=en&dat=80&geo=-104&srt=pnan&col=aohdq&msz=1500&pt=c&va=&srt=pnan|archivedate=2008-03-07}}</ref> तभी [[मुंबई महानगरीय क्षेत्र]] की जनसंख्या २१,३४७,४१२ थी।<ref>{{Cite web|url=http://www.world-gazetteer.com/wg.php?x=&men=gcis&lng=en&dat=80&geo=-104&srt=pnan&col=aohdq&msz=1500&va=&pt=a|title=India: metropolitan areas|accessdate=2008-01-17|publisher=[[Gazetteer#Worldwide|World Gazetteer]]|archiveurl=https://web.archive.org/web/20080118124357/http://www.world-gazetteer.com/wg.php?x=&men=gcis&lng=en&dat=80&geo=-104&srt=pnan&col=aohdq&msz=1500&va=&pt=a|archivedate=2008-01-18}}</ref> यहां की जनसंख्या घनत्व २२,००० व्यक्ति प्रति [[वर्ग किलोमीटर]] था। २००१ की जनगणना अनुसार बी.एम.सी के प्रशासनाधीन ग्रेटर मुंबई क्षेत्र की साक्षरता दर ७७.४५% थी,<ref name=mmrddata>{{Harvnb|Population and Employement profile of Mumbai Metropolitan Region|p=12|Ref=pemmr}}</ref> जो राष्ट्रीय औसत ६४.८% से अधिक थी।<ref>{{Cite web | title= Number of Literates & Literacy Rate| url= http://censusindia.gov.in/Census_Data_2001/India_at_glance/literates1.aspx| work= Census Data 2001: India at a Glance| publisher= Registrar General & Census Commissioner, भारत | date= | accessdate=2009-04-26}}</ref> यहां का लिंग अनुपात ७७४ स्त्रियां प्रति १००० पुरुष द्वीपीय क्षेत्र में, ८२६ उपनगरीय क्षेत्र और ८११ ग्रेटर मुंबई में,<ref name=mmrddata/> जो आंकड़े सभी राष्ट्रीय औसत अनुपात ९३३ से नीचे हैं।<ref>{{Cite web | title= Sex Ratio| url= http://censusindia.gov.in/Census_Data_2001/India_at_glance/fsex.aspx| work= Census Data 2001: India at a Glance| publisher= Registrar General & Census Commissioner, भारत | date= | accessdate=2009-04-26}}</ref> यह निम्नतर लिंग अनुपात बड़ी संख्या में रोजगार हेतु आये प्रवासी पुरुषों के कारण है, जो अपने परिवार को अपने मूल स्थान में ही छोड़कर आते हैं।<ref>{{Cite news |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/843036.cms |title=Parsis top literacy, sex-ratio charts in city |date=2004-09-08 |publisher=''[[द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' |accessdate=2009-07-02}}</ref> मुंबई में ६७.३९% [[हिन्दू]], १८.५६% [[मुस्लिम]], ३.९९% [[जैन]] और ३.७२% [[ईसाई]] लोग हैं। इनमें शेष जनता [[सिख]] और [[पारसी]]यों की है।<ref>{{Cite web | title = Census GIS Household | work = Census of India | publisher = Office of the Registrar General | url = http://www.censusindiamaps.net/page/Religion_WhizMap1/housemap.htm | accessdate = 2008-12-09 | archive-date = 2016-07-02 | archive-url = https://web.archive.org/web/20160702090246/http://www.censusindiamaps.net/page/Religion_WhizMap1/housemap.htm }}</ref><ref name="ReferenceA">{{Harvnb|Da Cunha|1993|p=348|Ref=ger}}</ref> मुंबई में पुरातनतम, मुस्लिम संप्रदाय में दाउदी बोहरे, खोजे और [[कोंकणी मुस्लिम]] हैं।<ref>{{Harvnb|Bates|2003|p=[http://books.google.co.in/books?id=0DnC0Z7N2jUC&pg=PA266&dq=Konkani+Muslim+Bombay 266]}}</ref> स्थानीय ईसाइयों में ईस्ट इंडियन कैथोलिक्स हैं, जिनका धर्मांतरण पुर्तगालियों ने १६वीं शताब्दी में किया था।<ref>{{Cite news |url=http://www.indianexpress.com/ie/daily/19990807/ile07133.html |title=How does a pressure cooker work? |date=1999-07-07 |publisher=''[[द इंडियन एक्सप्रेस]]'' |accessdate=2009-06-12}}</ref> शहर की जनसंख्या का एक छोटा अंश इज़्राइली बेने यहूदी और [[पारसी]]यों का भी है, जो लगभग १६०० वर्ष पूर्व यहां [[फारस की खाड़ी]] या [[यमन]] से आये थे।<ref>{{Harvnb|Strizower|1971|p=15}}</ref> मुंबई में भारत के किसी भी [[भारत के महानगर|महानगर]] की अपेक्षा सबसे अधिक बहुभाषियों की संख्या है।[[महाराष्ट्र]] राज्य की आधिकारिक राजभाषा [[मराठी]] है। अन्य बोली जाने वाली भाषाओं में [[हिन्दी]] और [[अंग्रेज़ी]] हैं।<ref>{{Harvnb|Hoiberg|Ramchandani|2000|p=[http://books.google.com/books?id=ISFBJarYX7YC&printsec=frontcover#PPA36,M1 36]}}</ref> एक सर्वसाधारण की बोलचाल की निम्न-स्तरीय भाषा है [[बम्बइया हिन्दी]] जिसमें अधिकांश शब्द और व्याकरण तो हिन्दी का ही है, किंतु इसके अलावा मराठी और अंग्रेज़ी के शब्द भी हैं। इसके अलावा कुछ शब्द यही अविष्कृत हैं। मुंबई के लोग अपने ऑफ को मुंबईकर या मुंबैयाइट्स कहलाते हैं। उच्चस्तरीय व्यावसाय में संलग्न लोगों द्वारा अंग्रेज़ी को वरीयता दी जाती है। मुंबई में भी तीव्र गति से शहरीकरण को अग्रसर [[विकसित देश|विकसित देशों]] के शहरों द्वारा देखी जारही प्रधान शहरीकरण समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इनमें गरीबी, बेरोजगारी, गिरता जन-स्वास्थ्य और अशिक्षा/असाक्षरता प्रमुख हैं। यहां की भूमि के मूल्य इतने ऊंचे हो गये हैं, कि लोगों को निम्नस्तरीय क्षेत्रों में अपने व्यवसाय स्थल से बहुत दूर रहना पड़ता है। इस कारण सड़कों पर यातायात जाम और लोक-परिवहन आदि में अत्यधिक भीड़ बढ़ती ही जा रही हैं। मुंबई की कुल जनसंख्या का लगभग ६०% अंश गंदी बस्तियों और झुग्गियों में बसता है।<ref>{{Cite news |url=http://www.cbc.ca/correspondent/060507.html |title=Slum Cities: A Shifting World |date=2006-05-07 |accessdate=2008-08-16 |work=[[CBC News]] |publisher=[[Canadian Broadcasting Corporation]] |archiveurl=https://web.archive.org/web/20060628014448/http://www.cbc.ca/correspondent/060507.html |archivedate=2006-06-28 }}</ref> [[धारावी]], [[एशिया]] की दूसरी सबसे बड़ी स्लम-बस्त्ती<ref>{{Cite web| last=Jacobson| first=Marc| title=Dharavi: Mumbai's Shadow City| url=http://ngm.nationalgeographic.com/2007/05/dharavi-mumbai-slum/jacobson-text| work=[[National Geographic Magazine|National Geographic]]| publisher=[[National Geographic Society]]| month=मई| year=2007| accessdate=2009-04-28| archive-date=2008-06-27| archive-url=https://web.archive.org/web/20080627140242/http://ngm.nationalgeographic.com/2007/05/dharavi-mumbai-slum/jacobson-text}}</ref> मध्य मुंबई में स्थित है, जिसमें ८ लाख लोग रहते हैं।<ref>{{Harvnb|Davis|2006|p=31}}</ref> ये स्लम भी मुंबई के पर्यटक आकर्षण बनते जा रहे हैं।<ref>{{Cite web|last=Mallet |first=Victor|url=http://www.ft.com/cms/s/2/d588517e-f3db-11dd-9c4b-0000779fd2ac.html|title=A walking tour around the slums of Mumbai|work=[[फाइनेंशियल टाइम्स]]|date=2009-02-06|accessdate=2009-05-14}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.telegraphindia.com/1060824/asp/nation/story_6648422.asp|title=Amid the skyscrapers, slum tourism |last=Goswami |first=Samyabrata Ray |date=2006-07-24 |publisher=''[[द टेलीग्राफ|The Telegraph]]''|accessdate=2009-05-14}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.indianexpress.com/news/slumdog-millionaire-boosts-mumbais-slum-tourism-industry/413939/|title='Slumdog Millionaire' boosts Mumbai's 'slum tourism' industry|work=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|publisher=ExpressIndia|date=2009-01-22|accessdate=2009-05-14}}</ref> मुंबई में प्रवारियों की संख्या १९९१-२००१ में ११.२ लाख थी, जो मुंबई की जनसंख्या में कुल बढ़त का ५४.८% है।<ref>{{Cite web |url=http://maccia.org.in/ecoSmaha06.pdf |page=2 |title=Highlights of Economic Survey of Maharashtra 2005-06 |accessdate=2008-02-13 |publisher=Directorate of Economics and Statistics, Planning Department ([[महाराष्ट्र सरकार]]) |format=PDF |archive-date=2008-02-16 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080216012618/http://maccia.org.in/ecoSmaha06.pdf }}</ref> २००७ में मुंबई की अपराध दर ([[भारतीय दंड संहिता]] के अंतर्गत दर्ज अपराध) १८६.२ प्रति १ लाख व्यक्ति थी, जो राष्ट्रीय औसत १७५.१ से कुछ ही अधिक है, किंतु [[भारत के दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहर]] सूची के अन्य शहरों की औसत दर ३१२.३ से बहुत नीचे है।<ref name=crimerate>{{Cite web |title=Crime in India-2007 |url= http://ncrb.nic.in/cii2007/home.htm |format= PDF |accessdate=2009-04-25 |page=2 |year= 2007 |last1=National Crime Records Bureau |publisher= गृह मंत्रालय ([[भारत सरकार]]) |chapter=Crimes in Mega Cities |chapterurl=http://ncrb.nic.in/cii2007/cii-2007/CHAP2.pdf }}</ref> शहर की मुख्य जेल [[अर्थर रोड जेल]] है। == संस्कृति == {{Main|मुंबई की संस्कृति }} [[फाईल:Town-Hall,-Bombay.jpg|thumb|[[बंबई एशियाटिक सोसाइटी]] शहर की पुरातनतम पुर्तकालयों में से एक है। ]] मुंबई की संस्कृति परंपरागत उत्सवों, खानपान, संगीत, नृत्य और रंगमंच का सम्मिश्रण है। इस शहर में विश्व की अन्य राजधानियों की अपेक्षा बहुभाषी और बहुआयामी जीवनशैली देखने को मिलती है, जिसमें विस्तृत खानपान, मनोरंजन और रात्रि की रौनक भी शामिल है।<ref>{{Cite news |url=http://www.maharashtra.gov.in/english/community/community_citiesShow.php |title=प्रिंसिपल सिटीज़ |publisher=[[महाराष्ट्र]] सरकार |accessdate=2009-07-07}}</ref> मुंबई के इतिहास में यह मुख्यतः एक प्रधान व्यापारिक केन्द्र रहा है। इस खारण विभिन्न क्षेत्रों के लोग यहां आते रहे, जिससे बहुत सी संस्कृतियां, धर्म, आदि यहां एकसाथ मिलजुलकर रहते हैं।<ref name="ReferenceA"/> मुंबई [[भारतीय चलचित्र]] का जन्मस्थान है।<ref>{{Cite web |url=http://www.theage.com.au/news/arts/beginners-bollywood/2005/09/27/1127804471297.html |title=Beginners' Bollywood |date=2005-09-28 |publisher=''[[The Age]]'' |location=[[सिडनी]] |accessdate=2008-09-11}}</ref>—[[दादा साहेब फाल्के]] ने यहां मूक चलचित्र के द्वारा इस उद्योग की स्थापना की थी। इसके भाद ही यहां [[मराठी चलचित्र]] का भी श्रीगणेश हुआ था। तब आरंभिक बीसवीं शताब्दी में यहां सबसे पुरानी फिल्म प्रसारित हुयी थी।<ref>{{Harvnb|Vilanilam|2005|p=[http://books.google.com/books?id=kvQtoquTT6kC&printsec=frontcover#PPA130,M1 130]}}</ref> मुंबई में बड़ी संख्या में सिनेमा हॉल भी हैं, जो [[हिन्दी]], [[मराठी]] और [[अंग्रेज़ी]] फिल्में दिखाते हैं। विश्व में सबसे बड़ा [[आईमैक्स|IMAX]] डोम रंगमंच भी मुंबई में [[वडाला]] में ही स्थित है।<ref>{{Harvnb|Huda|2004|p=[http://books.google.com/books?id=JIwxhDGO-mUC&pg=PA203&dq=Mumbai+world's+largest+IMAX+dome+theatre 203]}}</ref> मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उत्सव<ref>{{Cite news |url=http://www.hindu.com/mag/2006/09/10/stories/2006091000210500.htm |title=Matchbox journeys |first=Saraswathy |last=Nagarajan|date=2006-09-10 |work=[[द हिन्दू]] |accessdate=2009-06-11}}</ref> और [[फिल्मफेयर पुरस्कार]] की वितरण कार्यक्रम सभा मुंबाई में ही आयोजित होती हैं।<ref>{{Cite news |url=http://movies.indiatimes.com/articleshow/msid-1367349,prtpage-1.cms |title=Filmfare Awards gets new sponsor |date=2006-01-11 |work=IndiaTimes Movies |publisher=''[[द टाइम्स ऑफ इंडिया]]'' |accessdate=2008-09-11 |archive-date=2009-02-20 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090220033512/http://movies.indiatimes.com/articleshow/msid-1367349%2Cprtpage-1.cms }}</ref> हालांकि मुंबई के [[ब्रिटिश राज]] में स्थापित अधिकांश रंगमंच समूह १९५० के बाद भंग हो चुके हैं, फिर भी मुंबई में एक समृद्ध रंगमंच संस्कृति विकसित हुयी हुई है। ये [[मराठी]] और [[अंग्रेज़ी]], तीनों भाषाओं के अलावा अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी विकसित है।<ref name=multitheater>{{Harvnb|Chaudhuri|2005|pp=4-6}}</ref><ref>{{Cite journal | last = Gilder | first = Rosamond | title = The New Theatre in India: An Impression | url = https://archive.org/details/sim_theatre-journal_1957-10_9_3/page/201 | journal = [[Theatre Journal|Educational Theatre Journal]] | volume = 9 | issue = 3 | pages = 201–204 | publisher = [[Johns Hopkins University Press]] | location = Washington, DC | date = अक्टूबर 1957 | issn = 0192-2882}}</ref> <!-- [[फाईल:Ganesh utsav.jpg|thumb|left|[[गणेश चतुर्थी]], मुंबई का सबसे अधिक हर्षोल्लास से मनाया जाने वाला उत्सव]] --> यहां कला-प्रेमियों की कमी भी नहीं है। अनेक निजी व्यावसायिक एवं सरकारी कला-दीर्घाएं खुली हुई हैं। इनमें जहांगीर कला दीर्घा और [[राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय]] प्रमुख हैं। १८३३ में बनी बंबई एशियाटिक सोसाइटी में शहर का पुरातनतम पुस्तकालय स्थित है।<ref>{{Harvnb|David|1995|p=232}}</ref> [[छत्रपति शिवाजी महाराज वस्तु संग्रहालय]] (पूर्व प्रिंस ऑफ वेल्स म्यूज़ियम) दक्षिण मुंबई का प्रसिद्ध संग्रहालय है, जहां [[भारत का इतिहास|भारतीय इतिहास]] के अनेक संग्रह सुरक्षित हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.bombaymuseum.org/ |title=Chhatrapati Shivaji Maharaj Vastu Sangrahalaya |accessdate=2007-01-30 |publisher=Prince of Wales Museum of Western India, Mumbai |archive-date=2007-02-01 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070201210616/http://bombaymuseum.org/ }}</ref> मुंबई के चिड़ियाघर का नाम जीजामाता उद्यान है (पूर्व नाम: विक्टोरिया गार्डन्स), जिसमें एक हरा भरा उद्यान भी है।<ref>{{Cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/cms.dll/html/uncomp/articleshow?msid=230113|title=Jijamata Udyan: A zoo without a view|last= Sharma|first=Archana|publisher=''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया ]]''|date=2003-10-13|accessdate=2009-05-13}}</ref> नगर की साहित्य में संपन्नता को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति तब मिली जब [[सलमान रुश्दी]] और [[अरविंद अडिग]] को [[मैन बुकर पुरस्कार]] मिले थे।<ref>{{Harvnb|South India|2007|p=[http://books.google.co.in/books?id=ywx4f4WczMEC&printsec=frontcover#PPA66,M1 66]|Ref=si}}</ref> यही के निवासी [[रुडयार्ड किपलिंग]] को १९०७ में [[नोबल पुरस्कार]] भी मिला था।<ref>{{Cite news |url=http://nobelprize.org/nobel_prizes/literature/laureates/1907/index.html |title=The Nobel Prize in Literature 1907 |publisher=[[नोबेल संस्थान]] |accessdate=2009-07-07}}</ref> [[मराठी साहित्य]] भी समय की गति क साथ साथ आधुनिक हो चुका है। यह मुंबई के लेखकों जैसे मोहन आप्टे, [[अनन्त आत्माराम काणेकर]] और [[बाल गंगाधर तिलक]] के कार्यों में सदा दृष्टिगोचर रहा है। इसको वार्षिक [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] से और प्रोत्साहन मिला है।<ref>{{Cite web|url=http://www.sahitya-akademi.gov.in/old_version/awa1.htm|title=Sahitya Akademi: awards and fellowships|date=1999|publisher=Sahitya Akademi|accessdate=2009-07-08}}</ref> [[फाईल:Elephanta Mahesamurti 1.JPG|right|thumb| caption=[[एलीफेंटा की गुफाएं]] [[विश्व धरोहर स्थ]] घोषित हैं।]] मुंबई शहर की इमारतों में झलक्ता स्थापत्य, गोथिक स्थापत्य, इंडो रेनेनिक, आर्ट डेको और अन्य समकालीन स्थापत्य शैलियों का संगम है।<ref name="h">{{Cite journal|url=http://www.hinduonnet.com/fline/fl1913/19130670.htm|title=Mumbai, past in present|journal=फ्रंटलाइन|first=Lyla|last=Bavadam|accessdate=2009-07-07|volume=19|issue=13|date=जून 22 - जुलाई 5, 2002|work=[[द हिन्दू]]|archive-date=2008-09-19|archive-url=https://web.archive.org/web/20080919183436/http://www.hinduonnet.com/fline/fl1913/19130670.htm}}</ref> [[ब्रिटिश राज|ब्रिटिश काल]] की अधिकांश इमारतें, जैसे [[विक्टोरिया टर्मिनस]] और [[बंबई विश्वविद्यालय]], गोथिक शैली में निर्मित हैं।<ref>{{Cite news |url=http://www.hindu.com/mag/2004/07/25/stories/2004072500330200.htm |title=Rainswept glory |date=2004-07-24 |work=[[द हिन्दू]] |accessdate=2009-07-07 |archive-date=2011-07-14 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110714002958/http://www.hindu.com/mag/2004/07/25/stories/2004072500330200.htm }}</ref> इनके वास्तु घटकों में यूरोपीय प्रभाव साफ दिखाई देता है, जैसे जर्मन गेबल, डच शैली की छतें, स्विस शैली में काष्ठ कला, रोमन मेहराब साथ ही परंपरागत भारतीय घटक भी दिखते हैं।<ref name="Profile">{{Cite web|url=http://www.indiaprofile.com/heritage/bombayarchitecture.htm|title=Bombay’s British Architecute - The Gothic and the Ethnic|publisher=India profile|accessdate=अगस्त 15, 2009}}</ref> कुछ इंडो सेरेनिक शैली की इमारतें भी हैं, जैसे [[गेटवे ऑफ इंडिया]]।<ref>{{Cite news |url=http://www.hindu.com/thehindu/holnus/002200703041014.htm |title=Mumbai's entrance -the 'Gateway' to be more tourist-friendly |date=2007-03-04 |work=[[द हिन्दू]] |accessdate=2009-07-07 |archive-date=2007-03-06 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070306090243/http://www.hindu.com/thehindu/holnus/002200703041014.htm }}</ref> आर्ट डेको शैली के निर्माण [[मैरीन ड्राइव]] और ओवल मैदान के किनारे दिखाई देते हैं।<ref>{{Cite journal|url=http://www.hinduonnet.com/fline/fl2608/stories/20090424260806600.htm|title=Forgotten classics|journal=फ्रंटलाइन|first=Lyla|last=Bavadam|accessdate=2009-07-07|volume=26|issue=08|date=अप्रैल 11-24, 2009|work=[[द हिन्दू]]}}{{Dead link|date=October 2023 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> मुंबई में मायामी के बाद विश्व में सबसे अधिक आर्ट डेको शैली की इमारतें मिलती हैं।<ref>{{Cite web|url=http://urbanarchitecture.in/mumbais-latest-endangered-species-its-art-deco-heritage.html|title=Mumbai’s latest endangered species: its art deco heritage|publisher=Urban architecture.in|date=जनवरी 4, 2009|accessdate=अगस्त 15, 2009|archive-date=2012-06-29|archive-url=https://archive.is/20120629020315/http://urbanarchitecture.in/mumbais-latest-endangered-species-its-art-deco-heritage.html}}</ref> नये उपनगरीय क्षेत्रों में आधुनिक इमारतें अधिक दिखती हैं। मुंबई में अब तक भारत में सबसे अधिक [[गगनचुम्बी इमारत|गगनचुम्बी इमारतें]] हैं। इनमें ९५६ बनी हुई हैं और २७२ निर्माणाधीन हैं। (२००९ के अनुसार)<ref>{{Cite web|url=http://www.emporis.com/en/wm/ci/bu/sk/?id=102037|title=टॉल बिल्डिंग्स ऑफ मुंबई |publisher=एम[पोरिस|accessdate=[[१५ अगस्त]], [[२००९]] }}</ref> [[१९९५]] में स्थापित, मुंबई धरोहर संरक्षण समिति (एम.एच.सी.सी) शहर में स्थित धरोहर स्थलों के संरक्षण का ध्यान रखती है।<ref name="h"/> मुंबई में दो [[यूनेस्को]] [[विश्व धरोहर स्थल]] हैं – [[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]] और [[एलीफेंटा की गुफाएं]]<ref>{{Cite web |url=http://whc.unesco.org/en/statesparties/in |title=India: World heritage sites centre |accessdate=2007-08-09 |publisher=[[युनेस्को]]}}</ref> शहर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में [[नरीमन पाइंट]], [[गिरगांव चौपाटी]], [[जुहू बीच]] और [[मैरीन ड्राइव]] आते हैं। एसेल वर्ल्ड यहां का थीम पार्क है, जो गोरई बीच के निकट स्थित है।<ref>{{Cite web |url=http://www.esselworld.com/ |title=About Essel World |publisher=[[एस्सेल वर्ल्ड]] |accessdate=2008-01-29}}</ref> यहीं एशिया का सबसे बड़ा थीम वाटर पार्क, वॉटर किंगडम भी है।<ref>{{Harvnb|O'Brien|2003|p=143}}</ref> मुंबई के निवासी [[भारत में सार्वजनिक अवकाश|भारतीय त्यौहार]] मनाने के साथ-साथ अन्य त्यौहार भी मनाते हैं। [[दिवाली]], [[होली]], [[ईद]], [[क्रिसमस]], [[नवरात्रि]], [[दशहरा]], [[दुर्गा पूजा]], [[महाशिवरात्रि]], [[मुहर्रम]] आदि प्रमुख त्यौहार हैं। इनके अलावा [[गणेश चतुर्थी]] और [[जन्माष्टमी]] कुछ अधिक धूम-धाम के संग मनाये जाते हैं।<ref>{{Harvnb|India|2007|p=[http://books.google.co.in/books?id=T7ZHUhSEleYC&printsec=frontcover#PPA770,M1 770]|Ref=bin}}</ref> गणेश-उत्सव में शहर में जगह जगह बहुत विशाल एवं भव्य पंडाल लगाये जाते हैं, जिनमें भगवान गणपति की विशाल मूर्तियों की स्थापना की जाती है। ये मूर्तियां दस दिन बाद अनंत चौदस के दिन सागर में विसर्जित कर दी जाती हैं। जन्माष्टमी के दिन सभी मुहल्लों में समितियों द्वारा बहुत ऊंचा माखान का मटका बांधा जाता है। इसे मुहल्ले के बच्चे और लड़के मुलकर जुगत लगाकर फोड़ते हैं। [[काला घोड़ा कला महोत्सव|काला घोड़ा कला उत्सव]] कला की एक प्रदर्शनी होती है, जिसमें विभिन्न कला-क्षेत्रों जैसे संगीत, नृत्य, रंगमंच और चलचित्र आदि के क्षेत्र से कार्यों का प्रदर्शन होता है।<ref>{{Cite web |url=http://www.kalaghodaassociation.com/ |title=काला घोड़ा आर्ट्स फ़ेस्टिवल |publisher=काला घोड़ा संघ |accessdate=2008-02-06 |archive-date=2008-04-17 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080417023334/http://www.kalaghodaassociation.com/ }}</ref> सप्ताह भर लंबा बांद्रा उत्सव स्थानीय लोगों द्वारा मनाया जाता है।<ref name="mid1">{{Cite news |url=http://www.mid-day.com/whatson/2008/sep/170908-Bandra-Fair-carnival-best-buys.htm |title=Bandra's spirit captured in cakes, tattoos |first=Shika |last=Shah |date=[[2008-09-17]] |work=[[मिड डे]] |accessdate=2008-09-27 |archive-date=2008-09-20 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080920020910/http://www.mid-day.com/whatson/2008/sep/170908-Bandra-Fair-carnival-best-buys.htm }}</ref> बाणागंगा उत्सव दो-दिवसीय वार्षिक संगीत उत्सव होता है, जो [[जनवरी]] माह में आयोजित होता है। ये उत्सव महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (एम.टी.डी.सी) द्वारा ऐतिहाशिक बाणगंगा सरोवर के निकट आयोजित किया जाटा है।<ref>{{Cite web |url=http://www.maharashtratourism.gov.in/MTDC/HTML/MaharashtraTourism/Default.aspx?strpage=../MaharashtraTourism/MTDC_Festival/Banganga_Festival.html |title=The Banganga Festival |accessdate=2008-02-07 |publisher=Maharashtra Tourism Development Corporation}}</ref> एलीफेंटा उत्सव—प्रत्येक [[फरवरी]] माह में [[एलीफेंटा द्वीप]] पर आयोजित किया जाता है। यह [[भारतीय शास्त्रीय संगीत]] एवं [[भारतीय शास्त्रीय नृत्य|शास्त्रीय नृत्य]] का कार्यक्रम ढेरों भारतीय और विदेशी पर्यटक आकर्षित करता है।<ref>{{Cite web |url=http://www.maharashtratourism.gov.in/MTDC/HTML/MaharashtraTourism/Default.aspx?strpage=../MaharashtraTourism/MTDC_Festival/Elephanta_Festival.html |title=The Elephanta Festival |accessdate=2008-02-07 |publisher=Maharashtra Tourism Development Corporation}}</ref> शहर और प्रदेश का खास सार्वजनिक अवकाश [[१ मई]] को महाराष्ट्र दिवस के रूप में [[महाराष्ट्र]] राज्य के गठन की [[१ मई]], [[१९६०]] की वर्षागांठ मनाने के लिए होता है।<ref>{{Cite news |url=http://timesofindia.indiatimes.com/Cities/Mumbai-celebrates-Maharashtra-Day/articleshow/4471265.cms |title=Mumbai celebrates Maharashtra Day |date=2009-05-01 |publisher=''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया ]]'' |accessdate=2009-07-06}}</ref><ref>{{Cite news |url=http://www.hindu.com/2009/03/24/stories/2009032450711300.htm |last= Krishnan |first=Ananth |title=‘Vote at Eight’ campaign |date=2009-03-24 |publisher=''[[द हिन्दू]]'' |accessdate=2009-07-06}}</ref> मुंबई के भगिनि शहर समझौते निम्न शहरों से हैं:<ref name="mcmmm">{{Cite web |url=http://www.mcgm.gov.in/ |title=Official Website of Municipal Corporation of Greater Mumbai |publisher=[[Municipal Corporation of Greater Mumbai]] |accessdate=2008-07-18 |archive-date=2017-10-28 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171028225646/http://www.mcgm.gov.in/ }}</ref> * {{Flagicon|Japan}} [[योकोहामा]], [[जापान]]<ref>{{Cite web | url = http://www.city.yokohama.jp/ne/info/map/worldE.html | title=Yokohama of the World | accessdate=2008-02-08 |publisher=City of Yokohama}}</ref><ref name="Yokohama">{{Cite web|url=http://www.welcome.city.yokohama.jp/eng/tourism/mame/a3000.html|title=Eight Cities/Six Ports: Yokohama's Sister Cities/Sister Ports|publisher=[http://www.welcome.city.yokohama.jp/eng/ycvb/index.html Yokohama Convention & Visitiors Bureau]|accessdate=2009-07-18|archive-date=2009-05-05|archive-url=https://web.archive.org/web/20090505110044/http://www.welcome.city.yokohama.jp/eng/tourism/mame/a3000.html}}</ref> * {{Flagicon|United States}} [[लॉस एंजिलिस]], [[संयुक्त राज्य]]<ref>{{Cite web| url=http://www.lacity.org/SisterCities/| publisher=Official Website of the City of Los Angeles| title=Sister Cities of Los Angeles| accessdate=2008-02-08| archive-date=2007-01-04| archive-url=https://web.archive.org/web/20070104020957/http://www.lacity.org/sistercities/}}</ref> * {{Flagicon|United Kingdom}} [[लंदन]], [[संयुक्त राजशाही]] * {{Flagicon|Germany}} [[बर्लिन]], [[जर्मनी]] * {{Flagicon|Germany}} स्टुगार्ट, [[जर्मनी]]<ref>{{Cite web | url=http://www.indianembassy.de/template.php?mnid=104&inclpage=stuttgartmeeting.htm | title=“Stuttgart Meets Mumbai”: 40th Anniversary Celebrations of the Sister City Relationship | accessdate=2008-02-08 | publisher=The Embassy of India, Berlin | archive-date=2008-06-20 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080620045009/http://www.indianembassy.de/template.php?mnid=104&inclpage=stuttgartmeeting.htm }}</ref> * {{Flagicon|Russia}} पीटर्सबर्ग, [[रूस]] == मीडिया == {{Seealso|मुंबई के रेडियो स्टेशनों की सूची}} [[फाईल:Bolywood.jpg|thumb|मुम्बई में ही [[हिन्दी चलचित्र|हिन्दी चलचित्र उद्योग]]- [[बॉलीवुड]] बसा हुआ है।]] मुंबई में बहुत से [[भारतीय समाचारपत्र|समाचार-पत्र]], प्रकाशन गृह, दूरदर्शन और रेडियो स्टेशन हैं। मराठी समाचारपत्र में नवकाल, [[महाराष्ट्र टाइम्स]], [[लोकसत्ता]], [[लोकमत]], [[सकाल]] आदि प्रमुख हैं। मुंबई में प्रमुख अंग्रेज़ी अखबारों में [[टाइम्स ऑफ इंडिया]], [[मिड डे]], [[हिन्दुस्तान टाइम्स]], [[डेली न्यूज़ अनालिसिस]] एवं [[इंडियन एक्स्प्रेस]] आते हैं। हिंदी का सबसे पुराना और सार्वाधिक प्रसार संख्या वाला समाचार पत्र टाइम्स समूह का हिंदी का अखबार [[नवभारत टाइम्स]] भी मुंबई का प्रमुख हिंदी भाषी समाचार पत्र है। <ref>{{Cite web |first1=Shuchi|last1=Bansal|last2=Mathai |first2=Palakunnathu G. |url=http://www.rediff.com/cms/print.jsp?docpath=//money/2005/apr/06spec1.htm |title=Mumbai's media Mahabharat |date=2005-04-06 |accessdate=2009-05-14 |publisher=[[रीडिफ]]}}</ref> मुंबई में ही [[एशिया]] का सबसे पुराना समाचार-पत्र [[बॉम्बे समाचार]] भी निकलता है।<ref>{{Cite news |last=Rao |first=Subha J. |url=http://www.hindu.com/yw/2004/10/16/stories/2004101600260300.htm |title=Learn with newspapers |date=2004-10-16 |accessdate=2009-05-14 |work=[[द हिन्दू]] |archive-date=2011-07-14 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110714003002/http://www.hindu.com/yw/2004/10/16/stories/2004101600260300.htm }}</ref> ''बॉम्बे दर्पण'' प्रथम मराठी समाचार-पत्र था, जिसे बालशास्त्री जाम्भेकर ने १८३२ में आरंभ किया था।<ref>{{Cite news |url=http://www.hinduonnet.com/thehindu/br/2002/02/05/stories/2002020500040500.htm |title=Privatising emancipation (A Book Review) |first=Veena |last=Naregal |work=Language, Politics, Elites, and the Public Sphere |publisher=''[[द हिन्दू]]'' |date=2002-02-05 |accessdate=2007-12-24 |archive-date=2007-12-11 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071211071349/http://www.hinduonnet.com/thehindu/br/2002/02/05/stories/2002020500040500.htm }}</ref> यहां बहुत से [[भारत के टीवी चैनल टीवी|भारतीय]] एवं अंतर्राष्ट्रीय टीवी चैनल्स उपलब्ध हैं। यह महानगर बहुत से अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया निगमों और मुद्रकों एवं प्रकाशकों का केन्द्र भी है। राष्ट्रीय टेलीवीज़र प्रसारक [[दूरदर्शन]], दो टेरेस्ट्रियल चैनल प्रसारित करता है,<ref>{{Cite news |url=http://www.thehindubusinessline.com/businessline/2000/07/01/stories/190102dd.htm |title=DD Mumbai bid to boost revenue |date=2000-07-01 |work=[[बिज़नस लाइन]] |accessdate=2009-06-10 |publisher=''[[द हिन्दू]]'' |archiveurl=https://web.archive.org/web/20070610214929/http://www.thehindubusinessline.com/businessline/2000/07/01/stories/190102dd.htm |archivedate=2007-06-10 }}</ref> और तीन मुख्य केबल नेटवर्क अन्य सभी चैनल उपलब्ध कराते हैं।<ref>{{Cite news |url=http://www.indianexpress.com/res/web/pIe/ie/daily/19990826/ige26046.html |title=IN-fighting among cable operators |date=1999-07-26 |accessdate=2009-06-10 |publisher=''[[द इंडियन एक्सप्रेस]]''}}</ref> केबल चैनलों की विस्तृत सूची में [[ईएसपीएन]], [[स्टार स्पोर्ट्स]], [[ज़ी मराठी]], [[ईटीवी मराठी]], [[डीडी सह्याद्री]], [[मी मराठी]], [[ज़ी टाकीज़]], [[ज़ी टीवी]], [[स्टार प्लस]], [[सोनी टीवी]] और नये चैनल जैसे [[स्टार मांझा]] आइ कई मराठी टीवी चैनल व अन्य भाषाओं के चैनल शामिल हैं। मुंबई के लिए पूर्ण समर्पित चैनलों में [[सहारा समय मुंबई]] आदि चैनल हैं। इनके अलावा [[डायरेक्ट ब्रॉडकास्ट सैटेलाइट|डी.टी.एच]] प्रणाली अपनी ऊंची लागत के कारण अभी अधिक परिमाण नहीं बना पायी है।<ref>{{Cite web |url=http://www.rediff.com/money/2006/sep/05iycu.htm |title=What is CAS? What is DTH? |date=2006-09-05 |accessdate=2009-06-10 |work=रीडिफ News |publisher=[[रीडिफ]]}}</ref> प्रमुख [[डीटीएच]] सेवा प्रदाताओं में [[डिश टीवी]], [[बिग टीवी]], [[टाटा स्काई]] और [[सन टीवी]] हैं।<ref>{{Cite web |url= http://www.lyngsat.com/packages/tatasky.html |title= Tata Sky on Insat 4A |accessdate= 2008-08-10 |work = LyngSat}}</ref> मुंबई में बारह रेडियो चैनल हैं, जिनमें से नौ [[एफ एम प्रसारण|एफ़ एम]] एवं तीन [[ऑल इंडिया रेडियो]] के स्टेशन हैं जो [[ए एम प्रसारण]] करते हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.asiawaves.net/india/maharashtra-radio.htm#mumbai-radio |title=Radio stations in Maharashtra, भारत |accessdate=2008-01-18 |publisher=Asiawaves}}</ref> मुंबई में कमर्शियल रेडियो प्रसारण प्रदाता भी उपलब्ध हैं, जिनमें [[वर्ल्ड स्पेस]], सायरस सैटेलाइट रेडियो तथा एक्स एम सैटेलाइट रेडियो प्रमुख हैं।<ref>{{Cite news | last=D.S. | first= Madhumathi |url=http://www.thehindubusinessline.com/demo/stories/2001122900810200.htm |title=WorldSpace sees big gains in the long run |date=2001-12-29 |work=[[बिज़नस लाइन]] |accessdate=2009-06-10 |publisher=''[[द हिन्दू]]''}}</ref> [[बॉलीवुड]], [[हिन्दी चलचित्र|हिन्दी चलचित्र उद्योग]] भी मुंबई में ही स्थित है। इस उद्योग में प्रतिवर्शः १५०-२०० फिल्में बनती हैं।<ref>{{Harvnb|Ganti|2004|p=3}}</ref> बॉलीवुड का नाम [[संयुक्त राज्य|अमरीकी]] चलचित्र उद्योग के शहर [[हॉलीवुड]] के आगे बंबई का ब लगा कर निकला हुआ है।<ref>{{Cite news |url=http://www.bloomberg.com/apps/news?pid=20601085&sid=a6JQLLVfORXM&refer=europe |title=Bollywood Trawls London for Talent as Students Balk at Banking |accessdate=2009-05-26 |date=2008-11-26 |last=Lundgren |first=Kari |publisher=[[Bloomberg Television|Bloomberg]]}}</ref> २१वीं शताब्दी ने बॉलीवुड की सागरपार प्रसिद्धि के नये आयाम देखे हैं। इस कारण फिल्म निर्माण की गुणवत्ता, सिनेमैटोग्राफ़ी आदि में नयी ऊंचाइयां दिखायी दी हैं।<ref>{{Cite news |url=http://economictimes.indiatimes.com/articleshow/3373564.cms |title=Bollywood filmmakers experimenting with new genre of films |date=2008-07-17 |accessdate=2009-06-10 |work=[[दि इकॉनोमिक टाइम्स]] |publisher=''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया ]]''}}</ref> [[गोरेगांव]] और फिल सिटी स्थित स्टूडियो में ही अधिकांश फिल्मों की शूटिंग होतीं हैं।<ref>{{Cite news | last=Deshpande | first= Haima |url=http://www.indianexpress.com/ie/daily/20010305/ina05024.html |title=Mumbai's Film City may be home to world cinema |date=2001-03-05 |accessdate=2009-05-14 |publisher=''[[द इंडियन एक्सप्रेस]]''}}</ref> [[मराठी चलचित्र|मराठी चलचित्र उद्योग]] भी मुंबई में ही स्थित है।<ref>{{Harvnb|Gupta|2006|p=[http://books.google.co.in/books?id=_aoH81IN8SsC&pg=PA70&dq=Marathi+film+industry+based+in+Mumbai&lr= 70]}}</ref> == शिक्षा == {{Seealso|मुंबई में शिक्षा}} [[फाईल:Clock Tower Mumbai University.jpg|thumb|upright|left|[[राजाबाई घंटाघर]], [[मुंबई विश्वविद्यालय]] के निकट]] मुंबई के विद्यालय या तो नगरपालिका विद्यालय होते हैं,<ref>{{Cite news |url=http://www.mid-day.com/news/2006/sep/144108.htm |date=2006-09-24 |title=City has 43 one-teacher schools |work=[[मिड डे]] |publisher=MiD-Day Infomedia |accessdate=2009-06-09 |archive-date=2011-06-17 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110617114840/http://www.mid-day.com/news/2006/sep/144108.htm }}</ref> या निजी विद्यालय होते हैं, जो किसी न्यास या व्यक्ति द्वारा चलाये जा रहे होते हैं। इनमें से कुछ निजी विद्यालयों को सरकारी सहायता भी प्राप्त होती है।<ref>{{Harvnb|Altbach|1968|p=30}}</ref> ये विद्यालय [[महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोस|महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड]], अखिल भारतीय [[काउंसिल ऑफ इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्ज़ामिनेशंस]] (आई.सी.एस.ई) या [[केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद|सीबीएसी]] बोर्ड द्वारा संबद्ध होते हैं।<ref>{{Cite news |last=Mukherji |first=Anahita |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/4346890.cms |date=2009-04-02 |title=Education board tells schools to get state recognition |publisher=''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया ]]'' |accessdate=2009-06-09}}</ref> यहां मराठी या अंग्रेज़ी शिक्षा का माध्यम होता है।<ref>{{Cite news |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1516877.cms |date=2006-05-05 |title=Now, schools can teach in 2 languages |publisher=''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया ]]'' |accessdate=2009-06-09}}</ref> सरकारी सार्वजनिक विद्यालयों में वित्तीय अभाव के चलते बहुत सी कमियां होती हैं, किंतु गरीब लोगों का यही सहारा है, क्योंकि वे महंगे निजी विद्यालय का भार वहन नहीं कर सकते हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.rediff.com/news/2004/jul/13kak.htm|title=Saving India through Its Schools|first=Subhash|last=Kak|work=रीडिफ News |publisher=[[रीडिफ]]|date=2004-07-13|accessdate=2009-05-13}}</ref> [[भारत की शिक्षा प्रणाली|१०+२+३ योजना]] के अंतर्गत, विद्यार्थी दस वर्ष का विद्यालय समाप्त कर दो वर्ष कनिष्ठ कालिज (ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा) में भर्ती होते हैं। यहां उन्हें तीन क्षेत्रों में से एक चुनना होता है: कला, विज्ञान या वाणिज्य।<ref>{{Cite news |url=http://www.rediff.com/getahead/2008/jun/19trans.htm |date=2008-06-19 |title=Are you cut out for Arts, Science or Commerce? |work=रीडिफ News |publisher=[[रीडिफ]] |accessdate=2009-06-09}}</ref> इसके भाद उन्हें सामान्यतया एक ३-वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम अपने चुने क्षेत्र में कर ना होता है, जैसे [[विधि]], [[अभियांत्रिकी]] या [[चिकित्सा]] इत्यादि।<ref>{{Cite news |last=Sharma |first=Archana |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/718303.cms |date=2004-06-04 |title=When it comes to courses, MU dishes up a big buffet |publisher=''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया ]]'' |accessdate=2009-06-09}}</ref> शहर के अधिकांश महाविद्यालय [[मुंबई विश्वविद्यालय]] से सम्बद्ध हैं, जो स्नातओं की संख्यानुसार विश्व के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में से एक है।<ref>{{Cite web |url=http://www.mu.ac.in/History.html |title=History |publisher=[[मुम्बई विश्वविद्यालय]] |accessdate=2009-06-09}}</ref> [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई|भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बंबई)]],<ref>{{Cite news |url=http://www.dnaindia.com/report.asp?NewsID=1070723 |date=2006-12-22 |title=IIT flights return home |publisher=''[[DNA (newspaper)|डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस]] (DNA)'' |accessdate=2009-06-09}}</ref> वीरमाता जीजाबाई प्रौद्योगिकी संस्थान (वी.जे.टी.आई),<ref>{{Cite web |url=http://www.vjti.ac.in/home_about.asp |title=About the Institute |publisher=[[Veermata Jijabai Technological Institute]] (VJTI) |accessdate=2009-06-09 |archive-date=2009-05-18 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090518121006/http://www.vjti.ac.in/home_about.asp }}</ref> और युनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (यू.आई.सी.टी),<ref>{{Cite news |url=http://www.expressindia.com/latest-news/admission-process-for-autonomous-engg-colleges-to-start-today/321286/ |date=2008-06-11 |title=Admission process for autonomous engg colleges to start today |publisher=[[Indian Express Group]] |accessdate=2009-06-09 |archive-date=2011-12-19 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111219174721/http://www.expressindia.com/latest-news/admission-process-for-autonomous-engg-colleges-to-start-today/321286/ }}</ref> भारत के प्रधान अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी संस्थानों में आते हैं और [[एस एन डी टी महिला विश्वविद्यालय मुंबई के स्वायत्त विश्वविद्यालय हैं।<ref>{{Cite web |url=http://sndt.digitaluniversity.ac/Content.aspx?ID=7&ParentMenuID=7 |title=About University |publisher=[[SNDT Women's University]] |accessdate=2009-06-09 |archive-date=2009-10-13 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091013235515/http://sndt.digitaluniversity.ac/Content.aspx?ID=7&ParentMenuID=7 }}</ref> मुंबई में जमनालाल बजाज प्रबंधन शिक्षा संस्थान, एस पी जैन प्रबंधन एवं शोध संस्थान एवं बहुत से अन्य प्रबंधन महाविद्यालय हैं।<ref>{{Cite news |last=Bansal |first=Rashmi |url=http://in.rediff.com/getahead/2004/nov/08rash.htm |date=2004-11-08 |title=Is the 'IIM' brand invincible? |work=रीडिफ News |publisher=[[रीडिफ]] |accessdate=2009-06-09}}</ref> मुंबई स्थित गवर्नमेंट लॉ कालिज तथा सिडनहैम कालिज, भारत के पुरातनतम क्रमशः विधि एवं वाणिज्य महाविद्यालय हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.sydenham.edu/our_profile.html |title=Sydenham College: Our Profile |publisher=[[Sydenham College]] |accessdate=2009-04-26 |archive-date=2009-06-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090625015836/http://www.sydenham.edu/our_profile.html }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.glc.edu/incept.asp |title=About The Government Law College |publisher=[[Government Law College]] |accessdate=2009-04-26 |archive-date=2009-06-22 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090622081119/http://www.glc.edu/incept.asp }}</ref> सर जे जे स्कूल ऑफ आर्ट्स मुंबई का पुरातनतम कला महाविद्यालय है।<ref>{{Cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/24305727.cms |title=JJ School seeks help from new friends|date=2002-10-06|first=Nina|last=Martyris|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया ]]|accessdate=2009-05-13}}</ref> मुंबई में दो प्रधान अनुसंधान संस्थान भी हैं: [[टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च]] (टी.आई.एफ.आर), तथा [[भाभा आण्विक अनुसंधान केन्द्र]] (बी.ए.आर.सी).<ref>{{Cite news |url=http://www.dnaindia.com/report.asp?NewsID=1065998 |date=2006-11-24 |title=University ties up with renowned institutes |publisher=''[[DNA (newspaper)|डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस]] (DNA)'' |accessdate=2009-06-09}}</ref> भाभा संस्थान ही सी आई आर यू एस, ४०&nbsp;मेगावाट नाभिकीय भट्टी चलाता है, जो उनके [[ट्राम्‍बे]] स्थित संस्थान में स्थापित है।<ref>{{Cite web|url=http://www.barc.ernet.in/webpages/reactors/cirus.html|title=CIRUS reactor|publisher=[[Bhabha Atomic Research Centre]] (BARC)|accessdate=2009-05-12}}</ref> == क्रीड़ा == [[फाईल:Brabourne.jpg|thumb|ब्रेबोर्न स्टेडियम, शहर के सबसे पुराने क्रिकेट स्टेडियमों में से एक है]] [[क्रिकेट]] शहर और देश के सबसे चहेते खेलों में से एक है।.<ref>{{Harvnb|Frommer's India|2008|p=97|Ref=from}}</ref> महानगरों में मैदानों की कमी के चलते गलियों का क्रिकेट सबसे प्रचलित है। मुंबई में ही [[भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड|भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई)]] स्थित है।<ref>{{Cite web |title=About BCCI |publisher=[[Board of Control for Cricket in India]] (BCCI) |url=http://www.bcci.tv/about-bcci.html |accessdate=2009-05-16 |archive-date=2009-02-07 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090207202946/http://www.bcci.tv/about-bcci.html }}</ref> मुंबई क्रिकेट टीम [[रणजी ट्राफी (क्रिकेट)|रणजी ट्रॉफी]] में शहर का प्रतिनिधित्व करती है। इसको अब तक ३८ खिताब मिले हैं, जो किसी भी टीम को मिलने वाले खिताबों से अधिक हैं।<ref>{{Cite news |last=Makarand |first=Waingankar |title=Attacking pattern of play has delivered |date=2009-01-18 |publisher=''[[द हिन्दू]]'' |url=http://www.hindu.com/2009/01/18/stories/2009011856451500.htm |accessdate=2009-06-08}}</ref> शहर की एक और टीम [[मुंबई इंडियंस]] भी है, जो [[इंडियन प्रीमियर लीग]] में शहर की टीम है। शहर में दो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैदान हैं- [[वान्खेड़े स्टेडियम]] और [[ब्रेबोर्न स्टेडियम]]<ref>{{Cite news |last=Seth |first=Ramesh |title=Brabourne&nbsp;— the stadium with a difference |date=2006-12-01 |publisher=''[[द हिन्दू]]'' |url=http://www.hindu.com/yw/2006/12/01/stories/2006120100150200.htm |accessdate=2009-06-08 |archive-date=2008-04-21 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080421010655/http://www.hindu.com/yw/2006/12/01/stories/2006120100150200.htm }}</ref> शहर में आयोजित हुए सबसे बड़े क्रिकेट कार्यक्रम में [[आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफ़ी]] का [[२००६]] का फाइनल था। यह [[ब्रेबोर्न स्टेडियम]] में हुआ था।<ref name="TSMH"> {{Cite web |url=http://www.smh.com.au/news/cricket/aussies-claim-elusive-trophy/2006/11/06/1162661575823.html |title=Aussies claim elusive trophy |publisher=[[The Sydney Morning Herald]] |accessdate=2009-06-18 }}</ref> मुंबई से प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ियों में विश्व-प्रसिद्ध [[सचिन तेन्दुलकर]]<ref>{{Cite news |last=Srivastava |first=Sanjeev |title=Tendulkar serves it up |date=2002-11-05 |work=बीबीसी न्यूज़ |publisher=[[BBC]] |url=http://news.bbc.co.uk/2/low/south_asia/2404371.stm |accessdate=2009-06-08}}</ref> और [[सुनील गावस्कर]] हैं।<ref>{{Cite journal |last=Murali |first=Kanta |year=2002 |month=अगस्त-सितम्बर |title=Gavaskar: India's Greatest Crickter |journal=[[फ्रंटलाइन (पत्रिका)|फ्रंटलाइन]] |volume=19 |issue=18 |url=http://www.hinduonnet.com/fline/fl1918/19180820.htm |accessdate=2009-04-25 |publisher=''[[द हिन्दू]]'' |archive-date=2009-11-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091123212136/http://www.hinduonnet.com/fline/fl1918/19180820.htm }}</ref> क्रिकेट की प्रसिद्ध के चलते [[हॉकी]] कुछ नीचे दब गया है।<ref name=sportsindia>{{Harvnb|India|2005|p=73|Ref=india05}}</ref> मुंबई की मराठा वारियर्स प्रीमियर हाकी लीग में शहर की टीम है।<ref>{{Cite news |title=Stage set for Premier Hockey League |date=2004-11-17 |work=रीडिफ News |publisher=[[रीडिफ]] |url=http://www.rediff.com/sports/2004/nov/17hock.htm |accessdate=2009-06-09}}</ref> प्रत्येक [[फरवरी]] में मुंबई में डर्बी रेस घुड़दौड़ होती है। यह महालक्ष्मी रेसकोर्स में आयोजित की जाती है। यूनाइटेड ब्रीवरीज़ डर्बी भी टर्फ़ क्लब में फ़रवरी में माह में ही आयोजित की जाती है।<ref>{{Cite news |last=Pal |first=Abir |title=Mallya, Diageo fight for McDowell Derby |date=2007-01-17 |publisher=''[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया ]]'' |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1233374.cms |accessdate=2009-06-08}}</ref> फार्मूला वन कार रेस के प्रेमी भी यहां बढ़ते ही जा रहे हैं,<ref>{{Cite news |last=Pinto |first=Ashwin |url=http://www.indiantelevision.com/mam/headlines/y2k5/mar/marmam27.htm |title=ESS plans marketing blitz around F1 |date=2005-03-05 |accessdate= 2009-04-26 |publisher=Indiantelevision.com}}</ref> २००८ में, फोर्स इंडिया (एफ़ १) टीम कार मुंबई में अनावृत हुई थी।<ref>{{Cite news |url=http://uk.reuters.com/article/motorSportsNews/idUKL2521523620080125 |title=Motor racing-Force India F1 team to launch 2008 car in Mumbai |date=2008-01-25 |accessdate=2008-01-27 |publisher=Reuters UK |work=Thomson Reuters |archive-date=2008-01-29 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080129132715/http://uk.reuters.com/article/motorSportsNews/idUKL2521523620080125 }}</ref> मार्च २००४ में यहां मुंबई ग्रैंड प्रिक्स एफ़ १ पावरबोट रेस की विश्व प्रतियोगिता का भाग आयोजित हुआ था।<ref>{{Cite news |url=http://cities.expressindia.com/fullstory.php?newsid=68125 |title=Formula 1 powerboating swooshes into Mumbai, tourism hope for city |last=Jore |first=Dharmendra |date=2004-11-14 |accessdate=2009-05-14 |publisher=[[द इंडियन एक्सप्रेस]] |work=Mumbai Newsline}}</ref> == चित्र दीर्घा == <gallery> Image:Mumbai 03-2016 41 Bombay High Court.jpg|[[मुंबई उच्च न्यायालय]] Image:Mumbai 03-2016 31 Gateway of India.jpg| जार्ज पंचम एवं क्वीन मेरी की स्मृति में बनाया गया [[गेटवे ऑफ़ इन्डिया]] स्थापना - [[दिसम्बर]] [[1911]] Image:Mumbai 03-2016 72 Flora Fountain.jpg|[[फ्लोरा फाउंटेन]] जिसे [[हुतात्मा चौक]] का नाम दिया गया है। Image:Bombay-Stock-Exchange-2.jpg| [[मुंबई स्टाक एक्स्चेंज]] एशिया का सबसे पुराना स्टाक एक्सचेंज Image:Mumbai 03-2016 81 Dadar Beach view of the SeaLink.jpg|[[बांद्रा-वर्ली समुद्रसेतु]] Image:Brabourne.jpg|[[ब्रेबोर्न स्टेडियम]], शहर के सबसे पुराने स्टेडियमों में से एक है </gallery> {{-}} == इन्हें भी देखें == * [[मुंबई यौन संग्रहालय]] == सन्दर्भ == {{टिप्पणीसूची|2}} == बाहरी कड़ियाँ == {{Sister project links |wikt=मुम्बई|commons=Mumbai|b=मुंबई|n=no|q=मुंबई|s=मुम्बई|v=no|species=no|display=मुंबई}} {{इंडिक पाठ्य}} {{प्रवेशद्वार|भारत|Flag of India.svg}} * [https://web.archive.org/web/20171028225646/http://www.mcgm.gov.in/ बृहन्मुंबई नगरमहापालिका की आधिकारिक वेबसाइट] * [https://web.archive.org/web/20090310212824/http://mdmu.maharashtra.gov.in/pages/Mumbai/mumbaiplanShow.php आधिकारिक नगर रिपोर्ट] * {{विकियात्रा}} * [http://www.google.co.in/webhp?hl=hi&tab=ww#sclient=psy-ab&hl=hi&site=webhp&source=hp&q=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88&pbx=1&oq=mum&aq=0&aqi=g4&aql=&gs_sm=c&gs_upl=37544l38074l2l39657l3l3l0l0l0l0l587l1706l5-3l3l0&bav=on.2,or.r_gc.r_pw.,cf.osb&fp=3d3dc1fb819fc878&biw=1024&bih=677 मुम्बई - गूगल खोज परिणाम] <!--- WHAT IS THEIR USE HERE? == अध्ययन == {{Refbegin}} * Agarwal, Jagdish; ''Bombay&nbsp;— Mumbai: A Picture Book'' (1998)&nbsp;— Wilco Publishing House, ISBN 81-87288-35-3. * ''BusinessWeek''; [[अगस्त 12]], [[2005]]; "China and India" special coverage. * Chaudhari, K.K; ''History of Bombay'' (1987)&nbsp;— Modern Period Gazetteers Dept., Govt. of Maharashtra. * [[Behram Contractor|Contractor, Behram]]; ''From Bombay to Mumbai'' (1998)&nbsp;— Oriana Books. * Dwivedi, Sharada & Mehrotra, Rahul; ''Bombay, The Cities Within'' (1995)&nbsp;— India Book House Pvt. 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{{IPAc-en|lang|ˈ|ɡ|uː|t|ən|b|ɜr|ɡ}}}} ({{circa|1393 – 1406}} – 3 February 1468) (लगभग c1393-1406 - 3 फरवरी 1468) एगो '''जर्मन आविष्कारक''' आरू '''[[कारीगर]]''' छेलै, जे '''[[चल-टाइप केरौ छपाई मशीन]] (मूवेबल-टाइप प्रिंटिंग प्रेस)''' केरौ आविष्कार करलकै।पुर्बी एशिया मँ चल-अचल प्रकार केरौ छपाई पहिलै सं उपयोग मँ छेलै, लेकिन गुटेनबर्ग केरौ प्रिटिंग प्रेस <ref>{{harvnb|Duchesne|2006|p=83}}; {{harvnb|Man|2002|pp=112–115}}: {{quote|Chinese paper was suitable only for calligraphy or block-printing; there were no screw-based presses in the east, because they were not wine-drinkers, didn't have olives, and used other means to dry their paper.}} ''[[Encyclopædia Britannica]]'' 2006: "Printing": {{quote|The second necessary element was the concept of the printing press itself, an idea that had never been conceived in the Far East.}}</ref> केरौ आविष्कार सँ [[छपाई]] केरौ गति बहुत तेज होय गेलै। प्रिटिंग प्रेस बाद में पूरा दुनिया मँ फैललै,{{sfn|Füssel|2019|p=7}} आरू एक सूचना क्रांति (information revolution) लानलकै, जेकरा सँ यूरोप भर मँ साहित्य के अभूतपूर्व (unprecedented) रूप सँ बड़ पैमाना प प्रसार (mass-spread) भेलै।ओकरो [[पुनर्जागरण]], [[सुधार]], आरू [[मानवतावादी]] आंदोलन के विकास पर गहरो प्रभाव पड़लो छेलै। गुटेनबर्ग के प्रिंटिंग में बहुत योगदान छै, जेकरा मँ '''चल-टाइप केरौ [[भारी मात्रा मँ उत्पादन]]''' करै लेली एगो प्रक्रिया केरौ आविष्कार शामिल छै; किताब छापै {{sfn|Sivulka|1998|p=5}} लेली '''तेल-आधारित [[स्याही]]''' केरौ उपयोग; '''समायोज्य सांचा''' <ref>{{cite web|url=http://www.fonts.com/content/learning/fontology/level-4/influential-personalities/gutenbergs-invention|title=Gutenberg's Invention - Fonts.com|website=Fonts.com|access-date=23 October 2020|archive-date=28 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200928060115/https://www.fonts.com/content/learning/fontology/level-4/influential-personalities/gutenbergs-invention|url-status=live}}</ref> (molds); '''यांत्रिक चल-टाइप''' (mechanical movable type); आरू वू जमाना केरौ कृषि [[स्क्रू प्रेस]] <ref>{{cite web|url=http://www.livescience.com/2569-gutenberg-changed-world.html|title=How Gutenberg Changed the World|work=Live Science|last=Whipps|first=Heather|date=26 May 2008|access-date=23 October 2020|archive-date=23 October 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201023223404/https://www.livescience.com/2569-gutenberg-changed-world.html|url-status=live}}</ref>(agricultural screw presses) जैसनो '''काठ केरौ छपाई मशीन''' (wooden printing press) केरौ आविष्कार शामिल छै। गुटेनबर्ग के टाइप बनाबै के तरीका मँ, परम्परागत रूप सँ, [[टाइप धातु के एगो मिश्रधातु]] आरू ढलाई लेली एगो [[हाथ के साँचो]] शामिल मानलो जाय छै। ई मिश्रधातु [[सीसा]] (lead), [[टीन]] (tin), आरू [[सुरमा]] (antimony) के मिश्रण होतै जे अपेक्षाकृत कम तापमान पर पिघलै छेलै, जेकरा सँ जल्दी आरू कम खर्च मँ ढलाई हुअय सकै, बढ़िया सँ ढलै छेलै, आरू एगो मजबूत टाइप बनबै छेलै।{{sfn|Lyons|2011|p=56}} हुनकरो प्रमुख कृति, [[गुटेनबर्ग बाइबिल]], बाइबिल के पहिलो छपलो संस्करण छेलै आरू एकरा अपनो उच्च सौंदर्य आरू तकनीकी गुणवत्ता लेली सराहलो गेलो छै। गुटेनबर्ग क॑ अक्सर [[मानव इतिहास]] केरौ सबस॑ प्रभावशाली लोगो म॑ एक मानलो जाय छै आरू हुनकौ याद म॑ पूरा दुनिया म॑ उत्सव मनैलो गेलो छै। हुनकौ जन्म केरौ ५००वीं बरसी मनाबै लेली, १९०० ई. म॑ हुनकौ मायस्थान [[मैन्ज]] म॑ [[गुटेनबर्ग म्यूजियम]] केरौ स्थापना करलो गेलो छेलै। १९९७ म॑ [[टाइम लाइफ]] न॑ गुटेनबर्ग केरौ आविष्कार क॑ दोसरो सहस्राब्दी केरौ सबस॑ महत्वपूर्ण आविष्कार मानलकै। <ref>{{Cite book|editor=Friedman, Robert|date=1998|title=The Life Millennium: The 100 Most Important Events & People of the Past 1000 Years|url=https://archive.org/details/lifemillennium1000frie/mode/1up|publisher=Life Books, Time Inc.; distributed by Bulfinch Press|page=[https://archive.org/details/lifemillennium1000frie/page/165/mode/1up 166]|isbn=978-0-8212-2557-8|access-date=20 March 2024}}</ref> == जीवन आरू कैरियर == === शुरूआती जीवन === [[File:Gensfleisch family coat of arms.png|thumb|upright=.8|[[Coat of arms]] of the Gensfleisch family, from the ''Register of Fiefs of Frederick I'' (1461){{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/35/mode/2up 35]}}]] जोहानिस गुटेनबर्ग केरौ जनम '''[[राइन]]''' नदी केरौ किनारे बसलो एगो धनी शहर '''[[मैन्ज]]''' (जेकरा '''आब [[जर्मनी]]''' कहलौ जाय छै) मँ '''चौदहमी आरू पंद्रहमी सदी केरौ बीच''' मँ होलो छेलै।{{sfn|Wagner|2000|p=58}}{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/25/mode/2up 25]}} उनकर '''ठीक-ठीक जनम बरिस मालुम नयँ छै'''; एकरा बाद के दस्तावेज के आधार प जे ई बताबै छै कि ओ '''1420 तक वयस्क''' भ गेल छेलै, विद्वानऽ सबकर अनुमान '''1393 सँ 1406''' के बीच रहलौ छै।{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/29/mode/2up 29]}}{{efn|Due to minimal extant documentation, identifying Gutenberg's exact year of birth is impossible.{{sfn|Wagner|2000|p=83}} Most modern scholars give a range of slightly differing dates for Gutenberg's birth year, including 1394–1406,{{sfn|Ing|1988|p=27}} 1394–1404,{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/25/mode/2up 25]}} 1394–1406,{{sfn|Wagner|2000|p=83}} and 1393–1403.{{sfn|Füssel|2019|pp=10–11}}}} The year 1400 is commonly assigned to Gutenberg, "for the sake of convenience".{{sfn|Ing|1988|p=27}} Tradition also holds his birthdate to be on the [[Nativity of Saint John the Baptist|feast day of Saint John the Baptist]], 24 June, since children of the time were often named after their birthday's [[patron saint]].{{sfn|Füssel|2019|p=11}} There is no verification for this assumption, since the name "Johannes"—and variants such as "Johann", "Henne", "Hengin" and "Henchen"—was widely popular at the time.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/29/mode/2up 29]}} In full, Johannes Gutenberg's name was 'Johannes Gensfleisch zur Laden zum Gutenberg', with "Laden" and "Gutenberg" being adopted from the family's residences in Mainz.{{sfn|Ing|1988|p=27}} The latter refers to the ''Hof zum Gutenberg'', a large and now destroyed [[Gothic architecture|Gothic]]-style residence inherited by Gutenberg's father.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/32/mode/2up 32]}} Gutenberg probably spent his earliest years at the manor, which existed beside [[St. Christoph's Church, Mainz|St. Christoph's]].{{sfn|Wagner|2000|p=58}}{{efn|Local tradition holds that Gutenberg's baptism took place at [[St. Christoph's Church, Mainz|St. Christoph's]], albeit without documentary evidence.{{sfn|Man|2002|p=29}}}} His father Friele Gensfleisch zur Laden was a [[Patrician (post-Roman Europe)#German cities of the Holy Roman Empire|patrician]] and merchant, likely in the [[Cloth merchant|cloth trade]].{{sfn|Füssel|2019|p=11}} Friele later served among the "master of the accounts" for the city and was a {{lang|de|[[Münzmeister|Münzerhausgenossenschaft]]}} ({{lit.|minting house cooperative}}), a part of the [[Mint (facility)|mint]]'s companionship.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/30/mode/2up 30]}}{{efn|The extent of Friele's actual involvement in the city's finances and trade of [[precious metal]] is unknown; the roles may have been largely ceremonial.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/30/mode/2up 30]}}}} In 1386 Friele married his second wife, Else Wyrich, the daughter of a shopkeeper; Johannes was probably the youngest of the couple's three children, after his brother Friele ({{abbr|b.|born}} {{circa|1387}}) and sister Else ({{abbr|b.|born}} {{circa|1390–1397}}).{{sfn|Kapr|1996|pp=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/29/mode/2up 29–30]}}{{efn|Gutenberg had a half sister, Patze, from his father's earlier marriage to an otherwise unknown woman.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/30/mode/2up 30]}}}} Scholars commonly assume that the marriage of Friele to Else, who was not of patrician lineage, complicated Gutenberg's future.{{sfn|Wagner|2000|p=60}} Because of his mother's commoner status, Gutenberg would never be able to succeed his father at the mint;{{sfn|Kapr|1996|pp=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/30/mode/2up 30–31]}} according to the historian {{ill|Ferdinand Geldner|de}} this disconnect may have disillusioned him from high society and encouraged his unusual career as an inventor.{{sfn|Wagner|2000|pp=60, 84}}{{efn|The historian Sabina Wagner notes that Geldner's theory is "the opinion of many Gutenberg biographers", though not all.{{sfn|Wagner|2000|p=60}} The biographer {{ill|Andreas Venzke|de}} has instead suggested that the disconnect inaugurated a life-long sense of determination.{{sfn|Venzke|1993|p=37}} Wagner herself consider's the fact that Gutenberg was the youngest son as more impactful than his social standing.{{sfn|Wagner|2000|p=60}}}} The patrician ({{lang|de|Patrizier}}) class of Mainz—the Gutenbergs included—held a privileged socioeconomic status, and their efforts to preserve this put them into frequent conflict with the younger generations of [[guild]] ({{lang|de|Zünfte}}) craftsmen.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/38/mode/2up 38]}}{{sfn|Wagner|2000|pp=50–61}} A particularly violent conflict arose in February 1411 amid an election dispute, and at least 117 patricians fled the conflict in August.{{sfn|Füssel|2019|p=11}}{{sfn|Kapr|1996|pp=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/38/mode/2up 38–39]}} Friele left, presumably with the Gutenberg family, and probably stayed in the nearby [[Eltville]] since Else had inherited a house on the town walls there.{{sfn|Füssel|2019|p=11–12}}{{sfn|Kapr|1996|pp=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/38/mode/2up 38–39]}} The [[archbishop]] mediated a peace between the rival parties, allowing the family to return to Mainz later that Autumn.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/39/mode/2up 39]}} The situation remained unstable and the rise of hunger riots forced the Gutenberg family to leave in January 1413 for Eltville.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/39/mode/2up 39]}} ===शिक्षा=== No documents survive concerning Gutenberg's childhood or youth.{{sfn|Wagner|2000|p=60}} The biographer {{ill|Albert Kapr|de}} remarked that "most books on Gutenberg pass over this period with the remark that not a single fact is known".{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/36/mode/2up 36]}} As the son of a patrician, education in reading and arithmetic would have been expected.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/37/mode/2up 37]}} A knowledge of [[Latin]]—a prerequisite for universities—is also probable, though it is unknown whether he attended a Mainz parish school, was educated in [[Eltville]] or had a private tutor.{{sfn|Wagner|2000|pp=60–61}} Gutenberg may have initially pursued a religious career, as was common with the youngest sons of patricians, since the proximity of many churches and monasteries made it a safe prospect.{{sfn|Kapr|1996|p=[https://archive.org/details/johanngutenbergm0000kapr/page/37/mode/2up 37]}} It has been speculated that he attended the {{ill|Stift St. Viktor vor Mainz|de|lt=St. Victor's}} south of Mainz (near {{ill|Mainz-Weisenau|de|lt=Weisenau}}), as he would later join their brotherhood.{{sfn|Füssel|2019|p=11}} It was the site of a well-regarded school and his family had connections there, though his actual attendance remains speculative.{{sfn|Wagner|2000|p=61}} He is assumed to have studied at the [[University of Erfurt]], where there is a record of the enrollment of a student called Johannes de Altavilla in 1418—Altavilla is the Latin form of Eltville am Rhein.{{sfn|Wagner|2000|pp=61–62}} Nothing is now known of Gutenberg's life for the next fifteen years, but in March 1434, a letter by him indicates that he was living in Strasbourg, where he had some relatives on his mother's side. He also appears to have been a goldsmith member enrolled in the Strasbourg [[militia]]. In 1437, there is evidence that he was instructing a wealthy tradesman on polishing gems, but where he had acquired this knowledge is unknown. In 1436/37 his name also comes up in court in connection with a broken promise of marriage to a woman from Strasbourg, Ennelin.<ref name=museum>{{cite web|title=Gutenberg und seine Zeit in Daten (Gutenberg and his times; Timeline)|url=http://www.mainz.de/gutenberg/zeitgutb.htm|publisher=[[Gutenberg Museum]]|access-date=24 November 2006|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20061222075141/http://www.mainz.de/gutenberg/zeitgutb.htm|archive-date=22 December 2006}}</ref> Whether the marriage actually took place is not recorded. Following his father's death in 1419, he is mentioned in the inheritance proceedings. ===प्रिंटिंग प्रेस=== {{Further|Global spread of the printing press}} {{quote box | width = 220px | align = right | bgcolor = #c6dbf7 | quote = What was written to me about that marvelous man [Gutenberg] seen at Frankfurt {{sic}} entirely true. I have not seen complete bibles but only a number of [[Paper quire|quires]] of various books [of the Bible]. The script is extremely neat and legible, not at all difficult to follow [You] would be able to read it without effort, and indeed without glasses |source = Future pope [[Aeneas Sylvius Piccolomini|Pius II]] in a letter to Cardinal [[Juan Carvajal (cardinal)|Carvajal]], March 1455{{sfn|Raven|Proot|2020|p=137}} }} Around 1439, Gutenberg was involved in a financial misadventure making polished metal mirrors (which were believed to capture holy light from religious relics) for sale to pilgrims to [[Aachen]]: in 1439 the city was planning to exhibit its collection of relics from [[Charlemagne|Emperor Charlemagne]] but the event was delayed by one year due to a severe flood and the capital already spent could not be repaid. <!-- When the question of satisfying the investors came up, Gutenberg is said to have promised to share a "secret". It has been widely speculated that this secret was the idea of printing with [[movable type]]. Also around 1439–40, the [[Dutch people|Dutch]] [[Laurens Janszoon Coster]] came up with the idea of printing.<ref>{{cite book|last=Burke|first=James|author-link=James Burke (science historian)|title=Connections|url=https://archive.org/details/connections0000burk|publisher=[[Macmillan Publishers]]|year=1978|location=London|page=[https://archive.org/details/connections0000burk/page/101 101]|isbn=0-333-24827-9}}</ref> Legend has it that the idea came to him "like a ray of light".<ref name=universe>{{cite book|author=Burke, James|title=The Day the Universe Changed|publisher=[[Little, Brown and Company]]|year=1985|location=[[Boston]], Toronto|isbn=0-316-11695-5|url=https://archive.org/details/dayuniversechang00burk}}</ref> [SEE TALK PAGE FOR REASON THIS WAS COMMENTED OUT ~Dapperedavid --> Until at least 1444 Gutenberg lived in [[Strasbourg]], most likely in the [[Saint Arbogast|St. Arbogast]] parish. It was in Strasbourg in 1440 that he is said to have perfected and unveiled the secret of printing based on his research, mysteriously entitled ''Aventur und Kunst'' (enterprise and art). It is not clear what work he was engaged in, or whether some early trials with printing from movable type were conducted there. After this, there is a gap of four years in the record. In 1448, he was back in Mainz, where he took out a loan from his brother-in-law Arnold Gelthus, possibly for a printing press or related paraphernalia. By this date, Gutenberg may have been familiar with [[Intaglio (printmaking)|intaglio]] printing; it is claimed that he had worked on copper [[engraving]]s with an artist known as the [[Master of Playing Cards]].{{sfn|Wagner|2000|pp=65–66}} By 1450, the press was in operation, and a German poem had been printed, possibly the first item to be printed there.{{sfn|Wagner|2000|p=74}} Gutenberg was able to convince the wealthy moneylender [[Johann Fust]] for a loan of 800 [[guilder]]s. [[Peter Schöffer]], who became Fust's son-in-law, also joined the enterprise. Schöffer had worked as a [[scribe]] in Paris and is believed to have designed some of the first [[typeface]]s. Gutenberg's workshop was set up at [[Humbrechthof]], a property belonging to a distant relative. It is not clear when Gutenberg conceived the Bible project, but for this, he borrowed another 800 guilders from Fust, and work commenced in 1452. At the same time, the press was also printing other, more lucrative texts (possibly [[Latin]] grammars). There is also some speculation that there were two presses: one for the pedestrian texts and one for the Bible. One of the profit-making enterprises of the new press was the printing of thousands of [[indulgence]]s for the church, documented from 1454 to 1455.<ref>{{cite web|last1=Kelley|first1=Peter|title=Documents that Changed the World: Gutenberg indulgence, 1454|url=http://www.washington.edu/news/2012/11/16/documents-that-changed-the-world-gutenberg-indulgence-1454/|website=UW Today|publisher=University of Washington|access-date=28 April 2015}}</ref> In 1455, Gutenberg completed his ''42-line Bible'', known as the [[Gutenberg Bible]]. About 180 copies were printed, three quarters on paper, and the rest on [[vellum]].{{sfn|''The Oxford Companion to German Literature''|2005|loc=§ para. 2}}<ref>{{Cite book |last=International Federation of Library Associations and Institutions. Rare Books and Manuscripts Section |title=Early printed books as material objects |date=2010 |publisher=De Gruyter |others=Bettina Wagner, Marcia Reed, IFLA Rare Books and Manuscripts section |isbn=978-3-11-025530-0 |location=Berlin |oclc=732957497}}</ref> === मुकदमा === Some time in 1456, there was a dispute between Gutenberg and Fust, in which Fust demanded his money back, and accused Gutenberg of misusing the funds. Gutenberg's two rounds of financing from Fust, totaling 1,600 guilders at 6% interest, now amounted to 2,026 guilders.{{sfn|Hessels|1911}} Fust sued at the archbishop's court. A legal document, from November 1455, records that there was a partnership for a "project of the books," the funds for which Gutenberg had used for other purposes, according to Fust. The court decided in favor of Fust, giving him control over the Bible printing workshop.<ref>[https://books.google.com/books?id=jLnPi5aYoJUC&dq=-%22gave%20him%20possession%22%20court%20Fust%20Bible%20printing%20workshop%20-wikipedia&pg=PA88 Information Revolutions in the History of the West, Leonard Dudley 2008, p.88]</ref> Thus, Gutenberg was effectively bankrupt, but it appears he retained, or restarted, a printing shop and participated in the printing of a Bible in the town of [[Bamberg]] around 1459, for which he seems at least to have supplied the type. But since his printed books never carry his name or a date, it is difficult to be certain. It is possible the large [[Catholicon (1286)|''Catholicon'' dictionary]], printed in Mainz in 1460 or later, was executed in his workshop, but there has been considerable scholarly debate.<ref>[https://books.google.com/books?id=CMZKDwAAQBAJ&dq=Catholicon%201460%20mainz&pg=PA155 Incunabula in Transit, People and Trade, by Lotte Hellinga, 2018, p.155]</ref> Meanwhile, the Fust–Schöffer shop was the first in Europe to bring out a book with the printer's name and date, the ''[[Mainz Psalter]]'' of August 1457, and while proclaiming the mechanical process by which it had been produced, it made no mention of Gutenberg. {{Gallery| | align = center | height = 200 | File:Berlin 1840 Celebration Medal 400th Anniversary Johannes Gutenberg's Printing Press Invention, obverse.jpg|Celebration medal by [[:de:Friedrich Anton König|Friedrich Anton König]] in 1840, the 400th anniversary of Johannes Gutenberg's printing press invention, [[Obverse and reverse|obverse]] | File:Berlin 1840 Celebration Medal 400th Anniversary Johannes Gutenberg's Printing Press Invention, reverse.jpg|The [[Obverse and reverse|reverse]] of the medal: Johannes Gutenberg in his workshop, sitting in front of his printing press | File:Johannes Gutenberg.jpg|A 17th-century copper engraving depiction of Gutenberg }} === बाद केरो जीवन === In 1462, during the devastating [[Mainz Diocesan Feud]], Mainz was sacked by [[Archbishop]] [[Adolph II of Nassau|Adolph von Nassau]]. On 18 January 1465, Gutenberg's achievements were recognized by Archbishop von Nassau.{{sfn|Kapr|1996|pp=259–260}} He was given the title ''Hofmann'' (gentleman of the court). This honor included a [[stipend]] and an annual court outfit, as well as 2,180 litres of grain and 2,000 litres of wine tax-free.{{sfn|Sumner|2009|p=}} Gutenberg died in 1468 and was buried likely as a [[Third order|tertiary]] in the [[Franciscans|Franciscan]] church at Mainz.{{sfn|Wagner|2000|pp=82–83}} This church and the cemetery were later destroyed, and Gutenberg's grave is now lost.{{sfn|Sumner|2009|p=}} In 1504, he was mentioned as the inventor of [[typography]] in a book by Professor Ivo Wittig. It was not until 1567 that the first portrait of Gutenberg, almost certainly an imaginary reconstruction, appeared in Heinrich Pantaleon's biography of famous Germans.{{sfn|Sumner|2009|p=}} == बाहरी कड़ी == * [https://www.mainz.de/microsite/gutenberg-museum/splash-page.php/?language=e English homepage of the Gutenberg-Museum Mainz] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240123003219/https://www.mainz.de/microsite/gutenberg-museum/splash-page.php/?language=e |date=23 January 2024 }}, Germany. * [https://web.archive.org/web/20080725195235/http://hrc.utexas.edu/exhibitions/permanent/gutenberg/project/ The Digital Gutenberg Project] [[श्रेणी:वैज्ञानिक]] [[श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन]] nu9sfafalzhzp8qjgqhr0upjk07rfj4 रखमाबाई राऊत 0 2463 23127 23106 2026-08-25T18:08:14Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23127 wikitext text/x-wiki [[फाईल:Rukhmabai_Bhikaji.jpg|अंगूठाकार]] '''रखमाबाई राऊत'''(1864–1955) भारत की प्रथम महिला चिकित्सक थीं। वह एक ऐतिहासिक कानूनी मामले के केंद्र में भी थीं, जिसके परिणामस्वरूप 'एज ऑफ कॉन्सेंट एक्ट, 1891' नामक कानून बना। जब वह केवल ग्यारह वर्ष की थीं तबी उन्नीस वर्षीय दुल्हे दादाजी भिकाजी से उनका [[विवाह]] कर दिय गया था। वह हालांकि अपनी विधवा माता जयंतीबाई के घर में रहती रही, जिन्होंने तब सहायक सर्जन सखाराम अर्जुन से विवाह किया। जब दादाजी और उनके परिवार ने रूखमाबाई को अपने घर जाने के लिए कहा, तो उन्होंने इनकार कर दिया और उनके सौतेले-पिता ने उसके इस निर्णय का समर्थन किया। इसने 1884 से अदालत के मामलों की एक लंबी श्रृंखला चली, बाल विवाह और महिलाओं के अधिकारों पर एक बड़ी सार्वजनिक चर्चा हुई। रूखमाबाई ने इस दौरान अपनी पढ़ाई जारी रखी और एक हिंदू महिला के नाम पर एक अख़बार को पत्र लिखे। उसके इस मामले में कई लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ और जब उस ने अपनी डाक्टरी की पढ़ाई की इच्छा व्यक्त की तो लंदन स्कूल ऑफ़ मेडिसन में भेजने और पढ़ाई के लिए एक फंड तैयार किया गया। उसने स्नातक की उपाधि प्राप्त की और भारत की पहली महिला डॉक्टरों में से एक (आनंदीबाई जोशी के बाद) बनकर 1895 में भारत लौटी, और सूरत में एक महिला अस्पताल में काम करने लगी। == प्रारंभिक जीवन == रुखमाबाई का जन्म जनार्दन पांडुरंग और जयंतीबाई से हुआ था जो सुतारियों ([[सुतार]] या [[बढ़ई]]) के समुदाय से थे। जब जनार्दन पांडुरंग की मृत्यु हुई, तो जयंतीबाई ने अपनी संपत्ति रुखमाबाई को सौंप दी, जो तब केवल आठ बर्ष की थीं और जब वह ग्यारह की हुई, तब उसकी मां ने अपनी बेटी की शादी दादाजी भिकाजी के साथ कर दी। फिर उन्नीस वर्ष की आयु में जयंतीबाई ने एक विधुर, डॉ. सखाराम अर्जुन से विवाह कर किया लेकिन रुखमाबाई परिवार के घर में ही रही और फ्री चर्च मिशन पुस्तकालय से पुस्तकों का उपयोग करके घर पर ही पढ़ाई की। रूखमाबाई और उनकी माता प्राथना समाज और आर्य महिला समज की साप्ताहिक बैठकों में नियमित थीं।<ref name="consent">{{cite journal|doi=10.1177/026272809201200202|title=The Age of Consent Act (1891) Reconsidered: Women's Perspectives and Participation in the Child-Marriage Controversy in India|journal=South Asia Research|volume=12|issue=2|pages=100–118|year=1992|last1=Anagol-Mcginn|first1=Padma}}</ref> दादाजी की मां ना रही और वह अपने मामा नारायण धर्माजी के साथ रहने लगा। धुरमजी के घर के वातावरण ने दादाजी को आलस और आवारगी की जिंदगी में डाल दिया। धर्माजी के घर में एक रखेल थी और उनकी पत्नी ने आत्महत्या का प्रयास किया। रुखमाबाई ने बारह वर्ष की उम्र में धर्माजी के घर पर दादाजी के साथ रहने के लिए मना कर दिया और सखाराम अर्जुन ने उसके इस निर्णय का समर्थन किया। मार्च 1884 में, दादाजी ने अपने वकीलों चाक और वाकर के माध्यम से एक पत्र भेजा, जिससे सखाराम अर्जुन को रुखमाबाई को उससे जुड़ने से रोकना बंद कर देने के लिए कहा। सखाराम अर्जुन ने सिविल पत्रों के माध्यम से जवाब दिया कि वह उसे नहीं रोक रहा था, लेकिन जल्द ही वह भी कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए मजबूर हो गया था। पायने, गिल्बर्ट और सयानी वकीलों के माध्यम से, रूखमाबाई ने दादाजी से जुड़ने से इंकार करने के लिए आधार प्रदान किया। दादाजी का दावा है कि रूखमाबाई को इसलिए दूर रखा जा रहा था क्योंकि वह अपने पिता की संपत्ति के अधिकारों पर जोर दे सकती थी। <ref name="case">{{cite book|doi=10.1093/acprof:oso/9780195695731.003.0001|chapter=Rukhmabai and Her Case|publisher=Oxford University Press|author=Chandra, Sudhir|title=Enslaved Daughters|year=2008|editor=Chandra, Sudhir}}</ref> == अदालती मामले और उसके बाद == दादाजी भिकाजी बनाम रुखमाबाई, 1885 को भिकाजी के "वैवाहिक अधिकारों की पुनर्स्थापना" मांगने के साथ सुनवाई के लिए आया था और न्याय न्यायाधीश रॉबर्ट हिल पिनहे ने निर्णय पारित किया गया था। पिनहे ने कहा कि पुनर्स्थापना पर अंग्रेजी उदाहरण यहाँ लागू नहीं होते क्योंकि अंग्रेजी कानून सहमत परिपक्व वयस्कों पर लागू किया जाना था। अंग्रेजी कानून के मामलों में कमी थी और हिंदू कानून में कोई मिसाल नहीं मिली। उन्होंने घोषणा की कि रुखमाबाई की शादी उसके "असहाय बचपन" में कर दी गई थे और वह एक युवा महिला को मजबूर नहीं कर सकते थे। पिनहे इस आखिरी मामले के बाद सेवानिवृत्त हुए और 1886 में मामला दुवारा मुकदमे के लिए आया। रूखमाबाई के वकीलों में जेडी इनवर्रिटी जूनियर और तेलंग शामिल थे। समाज के विभिन्न वर्गों ने रौला पाया, जबकि दूसरों ने प्रशंसा की थी। कुछ हिंदुओं ने दावा किया कि कानून ने हिंदू सीमाओं की पवित्रता का सम्मान नहीं किया, जब वास्तव में पिनेहे ने किया था। <ref name="Lahiri2013">{{cite book|last=Lahiri|first=Shompa|title=Indians in Britain: Anglo-Indian Encounters, Race and Identity, 1880-1930|url=https://books.google.com/books?id=sfGOAQAAQBAJ&pg=PA13|accessdate=4 March 2014|date=2013-10-18|publisher=Routledge|isbn=9781135264468|pages=13–}}</ref> पिनेहे के फैसले की कड़ी आलोचना, विश्वनाथ नारायण मंडलिक (1833–89) द्वारा एंग्लो-मराठी साप्ताहिक नेटिव ओपिनियन से हुई थी जिन्होंने दादाजी को समर्थन दिया था। लोकमानय बाल गंगाधर तिलक, महाराटा द्वारा चलाया जा रहे एक पूना साप्ताहिक, मराठा ने लिखा था कि पिनेहे को हिंदू कानूनों की भावना समझ में नहीं आया और वह "हिंसक तरीकों" द्वारा सुधार चाहता है। इस बीच, टाइम्स ऑफ इंडिया में एक हिंदू लेडी के कलमी-नाम के तहत लिखे गए लेखों की एक श्रृंखला बारे भी मामले दौरान (और इससे पहले) सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं हुईं और यह पता चला कि लेखक रूखमाबाई के अलावा अन्य कोई नहीं था। इस मामले में गवाहों में से एक, के.आर. कीर्तिकर (1847–1919), पूर्व में सखाराम अर्जुन के एक छात्र ने दावा किया कि इस मामले में पहचान की कोई बात नहीं है। किर्तिकर हालांकि दादाजी के समर्थन में था। विवाद के कई बिंदुओं के बारे में सार्वजनिक बहस चलती है - हिंदू बनाम इंग्लिश कानून, बाहर बनाम अंदर से सुधार, प्राचीन रिवाज़ का सम्मान किया जाना चाहिए या नहीं और इसी तरह। पहले मामले के खिलाफ 18 मार्च 1886 को एक अपील की गई थी और इसे मुख्य न्यायाधीश सर चार्ल्स सार्जेंट और जस्टिस फर्रन ने बरकरार रखा था। 4 फरवरी 1887 को न्यायमूर्ति फर्रन ने मामले को हिंदू कानूनों की व्याख्याओं के जरिए हैंडल किया और दूसरे दिशा में गए और रूखमाबाई को अपने पति के साथ रहने या छह महीने की कारावास का सामना करने का आदेश दिया गया। रुखमाबाई ने बहादुरी से लिखा कि वह इस फैसले का पालन करने के बजाय अधिकतम दंड भुगतेगी। इसके कारण आगे और उथल-पुथल और बहस हुई। <ref>{{cite journal|title=Rukhmabai: Debate over Woman's Right to Her Person|url=https://archive.org/details/economic-political-weekly_1996-11-02_31_44/page/2937|author=Chandra, Sudhir|journal=Economic and Political Weekly|volume=31|issue=44|year=1996|pages=2937–2947|jstor=4404742}}</ref> बालगांगधर तिलक ने केसरी में लिखा था कि रुखमाबाई की अवज्ञा एक अंग्रेजी शिक्षा का परिणाम था और घोषित किया कि हिंदू धर्म खतरे में है। [[मैक्स मूलर|मैक्स मुलर]] ने लिखा है कि कानूनी मार्ग रुखमाबाई के मामले में दिखाई गई समस्या का समाधान नहीं था और कहा कि यह रूखमाबाई की शिक्षा थी जिसने उन्हें अपने विकल्पों का सर्वश्रेष्ठ न्यायाधीश बना दिया था। <ref>{{cite book|title=Disorder in the Court: Trials and Sexual Conflict at the Turn of the Century|author1=Robb, George|author2=Erber, Nancy|publisher=Springer|year=1999|pages=42–44}}</ref>{{Quote box|quote=हर जगह यह भगवान की सबसे बड़ी आशीषों में से एक माना जाता है कि हम अपनी प्यारी रानी विक्टोरिया की सरकार की सुरक्षा में हैं, जिसकी बेहतरीन प्रशासन के लिए इसकी विश्व भर में प्रसिद्धि है। अगर ऐसी सरकार हमें हिंदू महिला को आज़ाद करने में मदद नहीं कर सकती है, तो धरती पर किस सरकार के पास वर्तमान दुखों से इंडिया की बेटियों को मुक्त करने की शक्ति है? हमारी रानी के सबसे प्रतिष्ठित सिंहासन पर बैठने के 50 वें वर्ष का जुबली वर्ष है, जिसमें हर शहर और हर गांव अपने प्रभुत्व में सबसे अच्छा तरीके से अपनी वफादारी को दिखाने के लिए है, और मां रानी को एक बहुत ही सुखी जीवन की इच्छा, शांति और समृद्धि के साथ और कई वर्षों तकहमारे पर शासन करे। इस तरह के एक असामान्य अवसर पर मां क्या अपनी लाखों भारतीय बेटियों से एक गहरी अपील सुनती है और हिंदू कानून पर किताब में बदलाव के कुछ सरल शब्द देती है- 'लड़कों में 20 से कम उम्र के लड़कों और 15 से कम&nbsp;उम्र&nbsp; की लड़कियों के विवाहों को न्यायालय के सामने आने पर कानून की दृष्टि से कानूनी नहीं माना जाएगा। ' अज्ञात लोगों के बीच एक बड़ी दिक्कत पैदा किए बिना, बाल विवाहों पर पर्याप्त जांच करने के लिए वर्तमान में यह केवल एक वाक्य पर्याप्त होगा। इस जयंती वर्ष को हमें हिंदू महिलाओं पर कुछ अभिव्यक्ति छोड़नी चाहिए, और हमारी क़ानून पुस्तकों में इस सज़ा की शुरूआत से बहुत अधिक कृतज्ञता प्राप्त होगी। यह एक दिन का काम है अगर भगवान ने यह कामना की, लेकिन उसकी सहायता के बिना हर संभव प्रयास व्यर्थ लगता है। अब तक, प्यारी औरत, मैं आपके धैर्य पर सोच चुकी हूं, जिसके लिए माफी माँगना आवश्यक है। सबसे अच्छी प्रशंसा के साथ - मैं तुम्हारी बहुत ईमानदारी से रहूँगी, रुखमाबाई.|source=[https://trove.nla.gov.au/newspaper/article/149538620 भारत सरकार के लिए रुखमाबाई की गवाही डेली टेलीग्राफ, 15 जुलाई 1887. पृष्ठ 2.]}}अदालत के मामलों की श्रृंखला के बाद, जिसने शादी की पुष्टि की, उसने रानी विक्टोरिया को पत्र लिखा, जिन्होंने अदालत को खारिज कर दिया और शादी को भंग कर दिया। जुलाई 1888 में, दादाजी के साथ एक समझौता हुआ और उन्होंने रुखमाबाई पर दो हजार रूपये के भुगतान के लिए अपना दावा छोड़ दिया। तद रुखमाबाई इंग्लैंड में अध्ययन करने के लिए रवाना हो गई। <ref>{{Cite journal|last=Chandra|last1=Chandra|first1=Sudhir|first=Sudhir|year=1992|title=Whose laws?: Notes on a legitimising myth of the colonial Indian state|journal=Studies in History|volume=8|issue=2|pages=187|doi=10.1177/025764309200800203|DOI=10.1177/025764309200800203}}</ref> इस मामले ने बेहरामजी मलाबारी (1853–1912) जैसे सुधारकों को बहुत प्रभावित किया जिन्होंने इस विषय पर बड़े पैमाने पर लिखा।<ref>{{Cite book|last=Malabari, Behramji M.|author=Malabari, Behramji M.|year=1888|title=The Life and Life-work of Behramji M. Malabari|url=https://archive.org/stream/lifelifeworkofbe00shahiala#page/112/mode/2up/|pages=113–117|chapter="A Hindu Lady"- and her woes|place=Bombay|location=Bombay|publisher=Education Society|editor-last=Giduma, Dayaram|editor=Giduma, Dayaram}}</ref><ref>{{Cite book|last=Malabari, Behramji M.|author=Malabari, Behramji M.|year=1888|title=The Life and Life-work of Behramji M. Malabari|url=https://archive.org/stream/lifelifeworkofbe00shahiala#page/132/mode/2up/|pages=132–134|chapter=Rukhmabai and Damayanti|place=Bombay|location=Bombay|publisher=Education Society|editor-last=Giduma, Dayaram|editor=Giduma, Dayaram}}</ref><ref>{{cite book|chapter=Dadaji versus Rukhmabai|pages=222–248|url=https://archive.org/stream/lifelifeworkofbe00shahiala#page/222/mode/2up/|author=Malabari, Behramji M.|title=The Life and Life-work of Behramji M. Malabari|editor=Giduma, Dayaram|year=1888|publisher=Education Society|place=Bombay}}</ref> यह ब्रिटेन में भी बहुत रुचि के साथ लिया जा रहा था जिसमें महिला पत्रिकाओं में व्यापक नारीवादी चर्चाएं थीं।<ref>{{Cite book|last=Burton, Antoinette|author=Burton, Antoinette|year=2011|title=Empire in Question: Reading, Writing, and Teaching British Imperialism|url=https://archive.org/details/empireinquestion0000burt|pages=[https://archive.org/details/empireinquestion0000burt/page/199 199]–201|publisher=Duke University Press}}</ref> इस मामले के प्रचार ने आयु सहमति अधिनियम 1891 के पारित होने में मदद की, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य में बाल विवाह को गैरक़ानूनी किया। <ref name="Rappaport2003">{{Cite book|last=Rappaport|first=Helen|year=2003|title=Queen Victoria: A Biographical Companion|url=https://books.google.com/books?id=NLGhimIiFPoC&pg=PA429|page=429|publisher=ABC-CLIO|isbn=9781851093557|ISBN=9781851093557}}</ref> == जीवन में चिकित्सा == कामा अस्पताल में डा. एडिथ पेचेे ने रूखमाबाई को प्रोत्साहित किया, जिन्होंने उसकी शिक्षा के लिए धन जुटाने में मदद की।<ref name="Jayawardena, Kamari 2014">{{cite book|title=White Women's Other Burden: Western Women and South Asia during British Rule.|publisher=Routledge|year=2014|author=Jayawardena, Kamari}}</ref> रुखमाबाई 1889 में [[इंग्लैंड]] गई थी ताकि वे लंदन स्कूल ऑफ़ मेडिसिन फॉर विमेन में अध्ययन कर सकें। रूखमाबाई को मताधिकार कार्यकर्ता ईवा मैकलेरन और वाल्टर मैकलेरन और भारत की महिलाओं को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए डफ़रिन के फंड की काउंटेस द्वारा सहायता दी गई थी। एडिलेड मैनिंग और कई अन्य ने रूखमाबाई रक्षा समिति को एक निधि की स्थापना में मदद की। योगदानकर्ताओं में शिवाजीराव होलकर शामिल थे जिन्होंने, "परंपराओं के विरुद्ध हस्तक्षेप करने का साहस दिखाया" 500 रुपये का दान दिया था। <ref>{{Cite news|date=21 January 1888|newspaper=The Express and Telegraph|work=The Express and Telegraph|title=Latest Telegrams|url=http://trove.nla.gov.au/newspaper/article/207760007|page=2}}</ref> रुखमबाई तो उनकी अंतिम परीक्षा के लिए एडिनबर्ग गई और सूरत में एक अस्पताल में शामिल होने के लिए 1894 में भारत लौट आई। 1904 में, भिकाजी की मृत्यु हो गई और रूखमाबाई ने हिंदू परंपरा में विधवाओं की सफेद साड़ी पहनी। 1918 में रूखमाबाई ने महिला चिकित्सा सेवा में शामिल होने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और राजकोट में महिलाओं के लिए एक राज्य अस्पताल में शामिल हो गई। उस ने 1929 या 1930 में बॉम्बे में सेवानिवृत्त होने के पश्चात पैंतीस साल के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्य किया। उस ने सुधार के लिए अपना काम जारी रखा, "पर्दाह-इसकी समाप्ति की आवश्यकता" प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|last=Rappaport, Helen|author=Rappaport, Helen|year=2001|title=Encyclopedia of Women Social Reformers. Volume I.|pages=598–600|publisher=ABC-Clio}}</ref><ref name="Sorabji2010">{{Cite book|last=Sorabji|first=Richard|date=2010-06-15|title=Opening Doors: The Untold Story of Cornelia Sorabji, Reformer, Lawyer and Champion of Women's Rights in India|url=https://books.google.com/books?id=V57qLrUcbfAC&pg=PA32|page=32|publisher=Penguin Books India|isbn=9781848853751|ISBN=9781848853751|access-date=25 November 2015|accessdate=25 November 2015}}</ref> == लोकप्रिय संस्कृति में == रूखमाबाई की कहानी को उपन्यास और फिल्मों में शामिल किया गया है। 22 नवंबर, 2017 को, [[गूगल]] ने रूखमाबाई को उनके 153 वें जन्मदिन पर अपने भारतीय फ्रंट पेज पर [[गूगल डूडल]] के साथ सम्मानित किया।<ref>[https://www.google.com/doodles/rukhmabai-rauts-153rd-birthday Rukhmabai Raut’s 153rd Birthday] - गूगल - 22 नवम्बर 2017</ref> == संदर्भ == {{Reflist|30em}} {{हिन्द केरऽ बेटी}} [[श्रेणी:हिन्द की बेटियाँ]] [[श्रेणी:भारतीय महिला चिकित्सक]] jrendur6dv3m6kz1vej9lxjaxfkyzu8 लड़का 0 2577 23115 22810 2026-08-25T18:01:00Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23115 wikitext text/x-wiki मानव नर बच्चा जबै बङौ होय छै आरू जबै तलक ओकरो बीहा नै होय जाय छै, लङका कहलाबै छै । [[होमो सेपियन्स|मानव]] वत्स यानि बच्चा। ऐगो लड़का ऐगो युवा पुरुष छीकै, आमतौर प ऐगो बच्चा या किशोर जखनी ऊ एक वयस्क होय जाय छै, त होकरा एक आदमी के रूप म वर्णित करलो जाय छै। ऐगू विशिष्ट लड़का आरू ऐगु विशिष्ट लड़की के बीच सबसः स्पष्ट अंतर जननांगता छै हालांकि, अस्पष्ट जननांगों आरू आनुवंशिक रूप स महिला ट्रांसजेन्डर बच्चा के साथ कुछ इंटेर्सैक्स बच्चा क ऐगो लड़का के रूप म वर्गीकृत करलो जाय सकै छै। या स्वयं के पहचान करलो जाय सकै छै। शब्द के लड़का मुख्य रूप स जैविक सेक्स भेद, सांस्कृतिक लिंग भूमिका भेद या दोनों क दर्शाय छै।[[होमो सेपियन्स|मानव]] वत्स अर्थात बच्चा। एक लड़का एक युवा पुरुष है, आमतौर पर एक बच्चा या किशोर जब वह एक वयस्क हो जाता है, तो उसे एक आदमी के रूप में वर्णित किया जाता है। एक विशिष्ट लड़के और एक विशिष्ट लड़की के बीच सबसे स्पष्ट अंतर जननांगता है हालांकि, अस्पष्ट जननांगों और आनुवंशिक रूप से महिला ट्रांसजेन्डर बच्चों के साथ कुछ इंटेर्सैक्स बच्चों को एक लड़के के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है या स्वयं की पहचान की जा सकती है। शब्द का लड़का मुख्य रूप से जैविक सेक्स भेद, सांस्कृतिक लिंग भूमिका भेद या दोनों को दर्शाता है। == परिभाषा, व्युत्पत्ति, आरू उपयोग == ''मरियम-वेबस्टर डिक्शनरी'' के अनुसार, एक लड़का '''जन्म से वयस्कता तक एक पुरुष बच्चा है'''।<ref>{{Cite web |date=2026-02-28 |title=Definition of BOY |url=https://www.merriam-webster.com/dictionary/boy |access-date=2026-03-02 |website=www.merriam-webster.com |language=en}}</ref> शब्द "लड़का" [[मध्य अंग्रेजी]] ''बोई, बॉय'' ("लड़का, नौकर") से आया है, जो अन्य [[जर्मनिक भाषाओं|जर्मेनिक]] से संबंधित है। [[सैटरलैंड फ़्रिसियाई भाषा|पूर्वी फ़्रिसियाई]] ''बोई'' ("लड़का, जवान आदमी") और [[पश्चिमी फ़्रिसियाई भाषा|पश्चिम फ़्रिसियाई]] ''बोई'' ("लड़का")। हालांकि सटीक [[व्युत्पत्ति]] अस्पष्ट है, अंग्रेजी और फ़्रिसियाई रूप शायद पहले के [[एंग्लो-फ़्रिसियाई]] *''bō-ja'' ("छोटा भाई") से प्राप्त हुए हैं, जो जर्मनिक मूल का एक छोटा रूप है * ''बी-'' ("भाई, पुरुष संबंध"), [[प्रोटो-इंडो-यूरोपीय भाषा|प्रोटो-इंडो-यूरोपीय]] *'भा-'', *''भट-'' ("पिता) से , भाई साहब")। जड़ भी पाई जाती है <!--[[फ्लेमिश भाषा|फ्लेमिश]] ''बोए'' ("भाई"), [कृपया एक संदर्भ दें; मुझे ऐसी कोई डच बोली नहीं मिली जो भाई के लिए "बोए" का उपयोग करती हो; इसका अर्थ है "कहां" पश्चिम में (बेल्जियम) लिम्बर्गिश -->[[नार्वेजियन भाषा|नार्वेजियन डायलेक्टल]] ''बोआ'' ("भाई"), और, एक पुन: प्रतिरूपित संस्करण के माध्यम से *''बी-बी through-'', in [[पुरानी नॉर्स भाषा|पुराना नॉर्स]] ''बोफी'', [[डच भाषा|डच]] ''boef'' "(आपराधिक) नेव, दुष्ट", [[जर्मन भाषा|जर्मन]] ''बुबे '' ("गंभीर, दुष्ट, लड़का")। इसके अलावा, यह शब्द ''बिया'', एक [[एंग्लो-सैक्सन भाषा|एंग्लो-सैक्सन]] व्यक्तिगत नाम से संबंधित हो सकता है।<ref>See: * [http://www.etymonline.com/index.php?search=boy&searchmode=none Etymology Online] -"लड़के" के लिए प्रवेश * एच. एच. मालिनक्रोड्ट, ''लैटिन-नीदरलैंड्स वोर्डनबोएक'' (लैटिन-डच शब्दकोश) * ''वेबस्टर्स सेवेंथ न्यू कॉलेजिएट डिक्शनरी'' * {{Cite book | first=Carl Darling | last=Buck | author-link=Carl Darling Buck | title=A Dictionary of Selected Synonyms in the Principal Indo-European Languages | url=https://archive.org/details/dictionaryofsele0000carl_w7x4 | location=Chicago | publisher=University of Chicago Press | orig-year=1949 | year=1988 | isbn=978-0-226-07937-0 }}</ref> [[फाईल:Napoli, scugnizzi.jpg|thumb|Poor Neapolitan children]] [[फाईल:African boy transporting fodder by bicycle edit.jpg|alt=African boy transporting fodder|thumb|220x220px|Tanzanian boy transporting fodder]] === विशिष्ट उपयोग === ==== रेस ==== ऐतिहासिक रूप से, संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका में, "लड़का" न केवल घरेलू लोगों के लिए एक "तटस्थ" शब्द था, बल्कि अश्वेत पुरुषों के लिए एक अपमानजनक शब्द भी था; इस शब्द का तात्पर्य एक अधीनस्थ स्थिति से है।<ref>{{Cite web|url=http://harvardlpr.com/2011/12/21/court-finally-says-boy-comments-are-racist/|title=Court finally says ‘boy’ comments are racist|last=Corriher|first=Billy|date=2011-12-21|website=Harvard Law and Policy Review|access-date=2017-07-18}}{{Dead link|date=August 2024 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref><ref>{{Cite news|url=http://www.theroot.com/when-boy-is-not-a-racist-remark-1790880694|title=When 'Boy' Is Not a Racist Remark|last=Ifill|first=Sherrilyn A.|date=24 August 2010|work=The Root|access-date=2017-07-18|language=en-US}}</ref><ref name=":0">{{Cite web|url=http://ac360.blogs.cnn.com/2008/04/15/understanding-why-you-dont-call-a-black-man-a-boy/|title=Understanding why you don't call a black man a boy|last=Martin|first=Roland S.|date=15 April 2008|website=CNN.com|access-date=2017-07-18|archive-date=2022-05-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20220525032022/https://ac360.blogs.cnn.com/2008/04/15/understanding-why-you-dont-call-a-black-man-a-boy/}}</ref><ref name=":1">{{Cite news|url=https://newsone.com/2282554/chris-christie-boy/|title=Racist Or Not? Gov. Chris Christie Calls Black Man 'Boy' In Town Hall [VIDEO]|date=2013-03-16|work=News One|access-date=2017-07-18|language=en-US}}</ref> थॉमस ब्रांच, एक प्रारंभिक अफ्रीकी-अमेरिकी सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट मिशनरी टू न्यासालैंड ([[मलावी]]) ने मूल छात्रों को "लड़कों" के रूप में संदर्भित किया:{{उद्धरण|एक तरीका है जिसके द्वारा हम अपने वर्तमान लड़कों में से कुछ को उन लोगों से काफी अलग मानते हैं जो बहुत पहले यहां थे: जो विवाहित हैं, उनकी पत्नियां यहां उनके साथ हैं, और अपने घर बनाते हैं, और सभी हैं अपने बगीचे बनाने में व्यस्त हैं। मैंने सभी लड़कों से कहा है कि यदि वे यहाँ रहना चाहते हैं और सीखना चाहते हैं, तो जिनकी पत्नियाँ हैं, उन्हें लाना चाहिए।<ref>{{Cite journal | last = Branch | first = Thomas H. | title = British Central Africa | journal = Review and Herald | volume = 84 | issue = 01 | page = 18 | publisher = Review and Herald Publishing Association | location = Washington, D.C. | date = January 3, 1907 | url = http://docs.adventistarchives.org/docs/RH/RH19070103-V84-01__B.pdf?q=docs/RH/RH19070103-V84-01__B.pdf | access-date = May 5, 2015 | archive-date = May 5, 2015 | archive-url = https://web.archive.org/web/20150505181320/http://docs.adventistarchives.org/docs/RH/RH19070103-V84-01__B.pdf?q=docs/RH/RH19070103-V84-01__B.pdf }}</ref>}}न्यू जर्सी के गवर्नर [[क्रिस क्रिस्टी]] और केंटकी के पूर्व कांग्रेसी [[ज्योफ डेविस]] सहित कई राजनेताओं की सार्वजनिक रूप से एक अश्वेत व्यक्ति को "लड़का" कहने के लिए आलोचना की गई है।<ref name=":0" /><ref name=":1" />[[फ्लोयड मेवेदर जूनियर]] और [[कॉनर मैकग्रेगर]] के बीच 2017 [[फ्लोयड मेवेदर जूनियर बनाम कॉनर मैकग्रेगर|बॉक्सिंग बाउट]] को बढ़ावा देने वाले एक कार्यक्रम के दौरान, बाद वाले ने पूर्व को "मेरे लिए नृत्य करने के लिए कहा, लड़का ।"<ref name=":2">{{Cite news|url=https://www.theguardian.com/sport/2017/jul/15/mayweather-accuses-mcgregor-of-racism-and-uses-homophobic-slur|title=Floyd Mayweather accuses Conor McGregor of racism and uses homophobic slur|last=Press Association|date=2017-07-15|work=The Guardian|access-date=2017-07-18|language=en-GB|issn=0261-3077}}</ref>टिप्पणी ने मेवेदर और [[आंद्रे वार्ड]] सहित कई मुक्केबाजों के साथ-साथ मैकग्रेगर पर नस्लवाद का आरोप लगाने के लिए कई टिप्पणीकारों का नेतृत्व किया.<ref name=":2" /><ref>{{Cite news|url=http://bleacherreport.com/articles/2721466-andre-ward-doesnt-like-conor-mcgregor-calling-floyd-mayweather-boy|title=Andre Ward Doesn't Like Conor McGregor Calling Floyd Mayweather 'Boy'|last=Chiari|first=Mike|date=13 July 2017|work=Bleacher Report|access-date=2017-07-18|language=en-US}}</ref><ref>{{Cite news|url=http://thegrapevine.theroot.com/yes-conor-mcgregor-is-a-racist-1796876545|title=Yes, Conor McGregor Is a Racist|last=Callahan|first=Yesha|date=13 June 2017|work=The Root|access-date=2017-07-18|language=en-US|archive-date=2017-07-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20170718220713/http://thegrapevine.theroot.com/yes-conor-mcgregor-is-a-racist-1796876545}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.salon.com/2017/07/14/conor-mcgregor-racist/|title=Conor McGregor denies being a racist with racist statement|last=Bell|first=Gabriel|date=14 July 2017|website=Salon|access-date=2017-07-18}}</ref> ==जीव विज्ञान== === लिंग निर्धारण === मानव लिंग [[निषेचन]] पर निर्धारित होता है जब [[जीन]] टिक [[सेक्स]] [[ज़ीगोट]] को एक [[शुक्राणु]] [[सेल (जीव विज्ञान) | सेल]] द्वारा प्रारंभ किया गया है। या तो एक एक्स या वाई गुणसूत्र होता है। यदि इस शुक्राणु कोशिका में एक [[X गुणसूत्र]] होता है, तो यह [[अंडाणु]] के X [[गुणसूत्र]] के साथ मेल खाएगा और एक [[लड़की]] विकसित होगा। Y गुणसूत्र ले जाने वाली शुक्राणु कोशिका के परिणामस्वरूप XY संयोजन होता है, और एक लड़का विकसित होगा।{{Sfn|Fauci|Braunwald|Kasper|Hauser|2008|pp=2339-2346}} === गर्भाशय केरो विकास आरू जननांग मँ === [[फाईल:Kids at Play - Lake Sevan - Armenia (19045150673).jpg|thumb|Armenian boys at play]] छह से सात सप्ताह के गर्भ में पुरुष भ्रूण में, "Y गुणसूत्र पर एक जीन की अभिव्यक्ति उन परिवर्तनों को प्रेरित करती है जिसके परिणामस्वरूप वृषण का विकास होता है"। लगभग नौ सप्ताह के गर्भ में, पुरुष भ्रूण द्वारा टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन के परिणामस्वरूप पुरुष प्रजनन प्रणाली का विकास होता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK222286/|title=Sex Begins in the Womb|first1=Institute of Medicine (US) Committee on Understanding the Biology of Sex and Gender|last1=Differences|first2=Theresa M.|last2=Wizemann|first3=Mary-Lou|last3=Pardue|date=November 28, 2001|publisher=National Academies Press (US)|via=www.ncbi.nlm.nih.gov}}</ref>[[पुरुष प्रजनन प्रणाली]] में बाहरी और आंतरिक दोनों अंग शामिल हैं। बाहरी अंगों में [[मानव लिंग|लिंग]], [[अंडकोश]], और [[अंडकोष]] (या वृषण) शामिल हैं। लिंग एक बेलनाकार अंग है जो स्पंजी ऊतक से भरा होता है। यह लड़कों द्वारा [[मूत्र]] को बाहर निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला अंग है। [[खतना]] नामक प्रक्रिया में कुछ लड़कों के लिंग की चमड़ी को हटा दिया जाता है। अंडकोश लिंग के पीछे त्वचा की एक ढीली थैली होती है जिसमें अंडकोष होते हैं। अंडकोष अंडाकार आकार के गोनाड होते हैं। एक लड़के के पास आमतौर पर दो अंडकोष होते हैं। आंतरिक पुरुष प्रजनन अंगों में [[वास डिफेरेंस]], [[स्खलन नलिकाएं]], [[मूत्रमार्ग]], [[सेमिनल वेसिकल्स]] और [[प्रोस्टेट]] ग्रंथि शामिल हैं।<ref name="clevelandclinic1">{{Cite web|url=https://my.clevelandclinic.org/health/articles/9117-male-reproductive-system|title=Male Reproductive System Information|website=Cleveland Clinic}}</ref><ref name="webmd1">{{Cite web|url=https://www.webmd.com/sex-relationships/guide/male-reproductive-system|title=The Male Reproductive System|website=WebMD}}</ref> ===शारीरिक परिपक्वता === [[यौवन]] वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चों के शरीर वयस्क शरीर में परिपक्व हो जाते हैं जो प्रजनन में सक्षम होते हैं। औसतन, लड़के ११-१२ साल की उम्र में यौवन शुरू करते हैं और १६-१७ साल की उम्र में यौवन पूरा करते हैं।<ref name="Kail">{{Cite book| last = Kail | first = RV |author2=Cavanaugh JC| title = Human Development: A Lifespan View | isbn = 978-0-495-60037-4 | publisher = [[Cengage Learning]] | year = 2010 | page = 296 |edition = 5th|url=https://books.google.com/books?id=E-n5E7oyCgoC&pg=PA296}}</ref><ref name="Phillips">{{Cite book|author=D. C. Phillips| title =Encyclopedia of Educational Theory and Philosophy| isbn = 978-1-4833-6475-9 | publisher = [[Sage Publications]] | year = 2014 | pages = 18–19|url=https://books.google.com/books?id=84StBAAAQBAJ&pg=PA18|quote=On average, the onset of puberty is about 18 months earlier for girls (usually starting around the age of 10 or 11 and lasting until they are 15 to 17) than for boys (who usually begin puberty at about the age of 11 to 12 and complete it by the age of 16 to 17, on average).}}</ref> लड़कों में, यौवन की शुरुआत अंडकोष और अंडकोश के बढ़ने के साथ होती है। लिंग का आकार भी बढ़ जाता है और एक लड़के के जघन बाल विकसित हो जाते हैं। एक लड़के के अंडकोष में भी शुक्राणु बनने लगते हैं। वीर्य का निकलना, जिसमें शुक्राणु और अन्य तरल पदार्थ होते हैं, स्खलन कहलाता है।<ref name="hopkinsmedicine1">{{Cite web|url=https://www.hopkinsmedicine.org/health/wellness-and-prevention/puberty-adolescent-male |title=Puberty: Adolescent Male &#124; Johns Hopkins Medicine |publisher=Hopkinsmedicine.org |access-date=2020-02-27}}</ref> यौवन के दौरान, एक लड़के का सीधा लिंग [[स्खलन]] [[वीर्य]] और [[महिला]] को गर्भवती करने में सक्षम हो जाता है। <ref name="clevelandclinic1"/><ref name="webmd1"/>एक लड़के का पहला स्खलन उसके विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।<ref>{{Cite web|url=https://www.health24.com/Lifestyle/Teen/Your-body/Male-puberty-milestones-20120721 |title=Male puberty milestones |publisher=Health24 |access-date=2020-02-27}}</ref>औसतन, एक लड़के का पहला [[स्खलन]] १३ साल की उम्र में होता है।<ref name="Jorgensen & Keiding">(Jorgensen & Keiding 1991).</ref>कभी-कभी नींद के दौरान स्खलन होता है; इस घटना को [[रात उत्सर्जन]] के रूप में जाना जाता है।<ref name="hopkinsmedicine1"/> जब एक लड़का यौवन तक पहुंचता है, [[टेस्टोस्टेरोन]] माध्यमिक यौन विशेषताओं के विकास को ट्रिगर करता है। एक लड़के की मांसपेशियां आकार और द्रव्यमान में बढ़ जाती हैं, उसकी आवाज गहरी हो जाती है, उसकी हड्डियाँ लंबी हो जाती हैं और उसके चेहरे और शरीर का आकार बदल जाता है।<ref name="Bjorklund">{{Cite book |vauthors=Bjorklund DF, Blasi CH|title=Child and Adolescent Development: An Integrated Approach|publisher=[[Cengage Learning]]|isbn=113316837X|year=2011|pages=152–153|url=https://books.google.com/books?id=ZTQIAAAAQBAJ&pg=PA152}}</ref>यौवन के दौरान अंडकोष से टेस्टोस्टेरोन का बढ़ा हुआ स्राव पुरुष माध्यमिक यौन विशेषताओं को प्रकट करने का कारण बनता है।{{Sfn|Van de Graaff|Fox|1989|p=933-4}} पुरुष माध्यमिक यौन विशेषताओं में शामिल हैं: [[फाईल:Plantel Riodike FC 2015.jpg|thumb|Adolescent boys in Uruguay]] * [[शरीर के बाल]] की वृद्धि, [[अंडरआर्म के बाल|अंडरआर्म]], [[पेट के बाल|पेट]], [[छाती के बाल|छाती]], और [[जघन बाल|जघन]] बाल।<ref name="Pack">{{Cite book |vauthors=Pack PE|title=CliffsNotes AP Biology, 5th Edition|publisher=[[Houghton Mifflin Harcourt]]|isbn=0544784170|year=2016|page=219|url=https://books.google.com/books?id=GsalDAAAQBAJ&pg=PA219}}</ref><ref name="Bjorklund"/> * [[चेहरे के बाल]] की वृद्धि।<ref name="Bjorklund"/> * [[स्वरयंत्र]] (एडम का सेब) का विस्तार और [[मानव आवाज|आवाज]] का गहरा होना।<ref name="Bjorklund"/><ref name="autogenerated1">{{Cite web|url=https://www.hartnell.edu/faculty/asteinhardt/mywebs/sexual_reproduction.htm|archive-url=https://web.archive.org/web/20090208223522/http://www.hartnell.edu/faculty/asteinhardt/mywebs/sexual_reproduction.htm|url-status=dead|title=Help is here!|archive-date=February 8, 2009|website=hartnell.edu}}</ref> * बढ़ा हुआ [[मानव ऊंचाई | कद]]; वयस्क पुरुष औसतन वयस्क महिलाओं की तुलना में लम्बे होते हैं।<ref name="Bjorklund"/> * भारी [[मानव खोपड़ी|खोपड़ी]] और [[हड्डी]] [[संरचना]]।<ref name="Bjorklund"/> * बढ़ा हुआ [[मांसपेशी]] द्रव्यमान और ताकत।<ref name="Bjorklund"/> * [[कंधे]] और छाती का चौड़ा होना; कंधे कूल्हों से अधिक चौड़े।<ref name="secondary">{{Cite web|url=http://www2.hu-berlin.de/sexology/ATLAS_EN/html/secondary_characteristics.html |title=Secondary Characteristics |work=hu-berlin.de |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110927075821/http://www2.hu-berlin.de/sexology/ATLAS_EN/html/secondary_characteristics.html |archive-date=2011-09-27 }}</ref> * तेल और [[पसीने की ग्रंथि]] के स्राव में वृद्धि।<ref name="autogenerated1" /> == लिंग मानदंड == जो लड़के लिंग के नियमों का उल्लंघन करते हैं, उन्हें दुर्व्यवहार का अधिक खतरा हो सकता है, और लिंग-अनुरूप साथियों की तुलना में अधिक अवसाद का अनुभव हो सकता है, साथ ही माता-पिता और साथियों से [[सामाजिक कलंक]]<ref>{{Cite news|last1=Bridges|first1=Dori|date=24 April 2019|title=Parents more uncomfortable with gender-nonconforming behaviors in boys, study finds|publisher=PsyPost|url=https://www.psypost.org/2019/04/parents-more-uncomfortable-with-gender-nonconforming-behaviors-in-boys-study-finds-53540|access-date=19 August 2020}}</ref><ref>{{Cite web|title=Gender Nonconforming Children, Particularly Boys, Are Less Popular With Peers|url=https://goodmenproject.com/featured-content/gender-nonconforming-children-particularly-boys-are-less-popular-with-peers-lbkr/|access-date=19 August 2020|website=The Good Men Project}}</ref><ref>{{Cite journal|last1=Roberts|first1=Andrea|last2=Rosario|first2=Margaret|last3=Slopen|first3=Natalie|last4=Calzo|first4=Jeren|date=2012|title=Childhood Gender Nonconformity, Bullying Victimization, and Depressive Symptoms Across Adolescence and Early Adulthood: An 11-Year Longitudinal Study|url=https://jaacap.org/article/S0890-8567(12)00872-6/fulltext|journal=Journal of American Academy of Child & Adolescent Psychiatry|volume=52|issue=2|access-date=19 August 2020}}</ref> *कुछ संस्कृतियों में, एक पुरुष बच्चे (लड़के) के जन्म को समृद्ध माना जाता है।<ref>{{Cite web|title=Selecting Boys Over Girls Is A Trend In More And More Countries|url=https://www.npr.org/sections/goatsandsoda/2015/08/26/434616512/selecting-boys-over-girls-is-a-trend-in-more-and-more-countries|access-date=2021-05-14|website=NPR.org|language=en}}</ref> ==ई भी देखौ== *[[लड़की]] *[[आदमी]] *[[औरत]] [[श्रेणी:प्रारंभिक लेख]] 6lh5jje9zt0py290acz9a4hes43ln8l लैटिन भाषा 0 2629 23117 15729 2026-08-25T18:02:10Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23117 wikitext text/x-wiki [[फाईल:Rome Colosseum inscription 2.jpg|thumb|लैटिन [[शिलालेख]], [[रोम]], [[इटली]] केरौ [[कोलोसियम]] मँ]] '''लैटिन''' एगो भाषा के नाँव छेकै, इ पौराणिक भाषा मँ सँ एक छै। लैटिन मूल रूप स॑ वर्तमान रोम के आसपास निचला टाइबर क्षेत्र (जेकरा तहिया लैटियम के नाम स॑ जानलऽ जाय छेलै) म॑ बोललऽ जाय वाला बोली छेलै लेकिन [[रोमन गणराज्य]] केरऽ शक्ति के माध्यम स॑ ई [[इटली]] केरऽ क्षेत्र म॑ आरू बाद म॑ पूरा रोमन साम्राज्य म॑ प्रमुख भाषा बनी गेलै । पश्चिमी रोम के पतन के बाद भी लैटिन 18वीं सदी के बहुत हद तक [[यूरोप]] मँ अंतर्राष्ट्रीय संचार, विज्ञान, विद्वता आ शिक्षाशास्त्र केरौ आम भाषा बनलौ रहलै, जेखनी आम शैक्षणिक मँ अन्य क्षेत्रीय लोकभाषा (जेकरौ अपनौ वंशज, [[रोमांस भाषा]] सब भी शामिल छेलै) एकरौ स्थान लेली आरो राजनीतिक प्रयोग, आरो अन्ततः आधुनिक भाषि क परिभाषा मँ ई एगो मृत भाषा बनि गेलै।<ref>{{Cite book|page=3|title=From Latin to modern French with especial consideration of Anglo-Norman; phonology and morphology|first=Mildred K |last=Pope|author-link=Mildred Pope|location=Manchester|publisher=Manchester university press|series=Publications of the University of Manchester, no. 229. French series, no. 6| year=1966}}</ref><ref>{{Cite book|title=Source book of the history of education for the Greek and Roman period|url=https://archive.org/details/sourcebookhisto03monrgoog|first=Paul|last=Monroe|location=London, New York|publisher=[[Macmillan & Co.]]|year=1902|pages=[https://archive.org/details/sourcebookhisto03monrgoog/page/346 346]–352}}</ref> == इतिहास == == व्याकरण == == वक्ता == == एकरहो देखौ == * [[देश आरो क्षेत्र क अनुसार आधिकारिक भाषा सिनी के सूची]] * [[मान्यता प्राप्त आधिकारिक भाषा सिनी क संख्या केरौ आधार प देश क सूची]] * [[आधिकारिक भाषा सिनी केरौ सूची]] * [[भारत मँ संकटग्रस्त भाषा सिनी क सूची]] * [[अंगिका भाषा]] == बाहरी कड़ी == * [[https://www.babbel.com/en/magazine/the-10-most-spoken-languages-in-the-world 10गो सर्वाधिक बोलै जाय बला भाषा]] * [[https://www.angika.com/2004/11/anga-lipi.html अंगिका भाषा के अंग लिपि केरौ बारे मँ विस्तृत जानकारी]] * [[https://www.theguardian.com/news/datablog/2011/apr/15/language-extinct-endangered विश्व क संकटग्रस्त भाषा सिनी]] * [[https://www.outlookindia.com/national/the-endangered-and-extinct-languages-of-india-news-194995 भारत मँ संकटग्रस्त भाषा सिनी]] == संदर्भ == [[श्रेणी:भाषा]] rya84jthqwi5tbdlji9f70zy16rhx4c वास्को दा गामा 0 2658 23118 20015 2026-08-25T18:02:54Z InternetArchiveBot 123 Add 2 books for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23118 wikitext text/x-wiki {{Infobox person | name = वास्को द गामा | image = Vasco-da-gama-2.jpg | caption = १५२४ में वास्को द गामा | birth_date = [[१४६०]]-[[१४६९]] | birth_place = साइन्स, अलेन्तेजो, [[पुर्तगाल]] | death_date = {{Death date|1524|12|24|mf=y}} (आयु लगभग ५४-६४) | death_place = [[कोच्चि]] | occupation = अन्वेषक, सैन्य नौसेना कमांडर | spouse = कैटरीना द अतायदे }} [[फाईल:Retrato de Vasco da Gama.png|अंगूठाकार|वास्को द गामा।]] '''डॉम वास्को द गामा''' (पुर्तगाली: ''Vasco da Gama'') (लगभग [[१४६०]] या [[१४६९]] - [[२४ दिसंबर]], [[१५२४]]) एगो [[पुर्तगाल|पुर्तगाली]] अन्वेषक, यूरोपीय [[खोज केरऽ युग|खोज युग]] केरऽ सबसं॑ सफल खोजकर्ता मं॑ स॑ एक आरू [[यूरोप]] सं॑ [[भारत]] सीधे यात्रा करै वालै जहाज़ऽ के कमांडर रहै, जे [[केप ऑफ गुड होप]], [[अफ्रीका]] केरऽ दक्षिणी कोना सं॑ होतं॑-होतं॑ भारत पहुँचलै. वह जहाज़ द्वारा तीन बार भारत आया। उसकी जन्म की सही तिथि तो अज्ञात है लेकिन यह कहा जाता है कि वह [[१४९०]] के दशक में साइन, पुर्तगाल में एक योद्धा था। वास्को को भारत का (समुद्री रास्तों द्वारा) अन्वेषक के अलावे [[अरब सागर]] का महत्वपूर्ण नौसेनानी और [[ईसाई धर्म]] के रक्षक के रूप में भी जाना जाता है। उसकी प्रथम और बाद की यात्राओं के दौरान लिखे गए घटना क्रम को सोलहवीं सदी के अफ्रीका और केरल के जनजीवन का महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। == आरंभिक जीवन == वास्को द गामा का जन्म अनुमानतः [[१४६०]] में<ref>Sourcebook: वास्को द गामा: राउण्ड टू अफ्रीका टू इण्डिया, १४९७ – १४९८ ई] अभिगमन २७ जून २००७</ref> या [[१४६९]]<ref>[ Vasco da Gama] अभिगमन २७ जून २००७</ref> में साइन्स, [[पुर्तगाल]] के दक्षिण-पश्चिमी तट के निकट हुआ था। इनका घर नोस्सा सेन्होरा दास सलास के गिरिजाघर के निकट स्थित था। तत्कालीन साइन्स जो अब अलेन्तेजो तट के कुछ बंदरगाहों में से एक है, तब कुछ सफ़ेद पुती, लाल छत वाली मछुआरों की झोंपड़ियों का समूह भर था। [[फाईल:Sines06.jpg|अंगूठाकार|upright|वास्को द गामा की उनके जन्मस्थान साइन्स, [[पुर्तगाल]] में मूर्ति]] वास्को द गामा के पिता एस्तेवाओ द गामा, [[१४६०]] में ड्यूक ऑफ विसेयु, डॉम फर्नैन्डो के यहां एक [[:en: knight|नाइट]] थे।<ref name="ames">{{Cite book|title=द ग्लोब एन्कम्पास्स्ड |url=https://archive.org/details/globeencompassed0000ames |author=ऐमेस, ग्लैन जे|page=२७|isbn=0131933884|date=२००८|accessdate=१० जनवरी २००८}}</ref> डॉम फर्नैन्डो ने साइन्स का नागर-राज्यपाल नियुक्त किया हुआ था। वे तब साइन्स के कुछ साबुन कारखानों से कर वसूलते थे। एस्तेवाओ द गामा का विवाह डोना इसाबेल सॉद्रे से हुआ था।<ref>सुब्रह्मण्यम १९९७, पृ.६१</ref> वास्को द गामा के परिवार की आरंभिक जानकारी अधिक ज्ञात नहीं है। पुर्तगाली इतिहासकार टेक्सियेरा द अरागाओ बताते हैं, कि एवोरा शहर में वास्को द गामा की शिक्षा हुई, जहां उन्होंने शायद गणित एवं नौवहन का ज्ञान अर्जित किया होगा। यह भी ज्ञात है कि गामा को खगोलशास्त्र का भी ज्ञान था, जो उन्होंने संभवतः खगोलज्ञ अब्राहम ज़क्यूतो से लिया होगा।<ref>सुब्रह्मण्यम १९९७, पृ.६२</ref>[[१४९२]] में पुर्तगाल के राजा जॉन द्वितीय ने गामा को सेतुबल बंदरगाह, [[लिस्बन]] के दक्षिण में भेजा। उन्हें वहां से फ्रांसीसी जहाजों को पकड़ कर लाना था। यह कार्य वास्को ने कौशल एवं तत्परता के साथ पूर्ण किया। == पृष्ठभूमि == पंद्रहवीं सदी की शुरुआत में पश्चिम स्पेनी राज्य पुर्तगाल के राजा जॉन के बेटे बड़े हो रहे थे और उस समय तक [[जेरुशलम]] समेत समूचे मध्य-पूर्व पर [[मुस्लिम]] शासकों का कब्ज़ा हो गया था। पूर्व (चीन, भारत और पूर्वी अफ़्रीक़ा) से आने वाले रेशम, मसालों और आभूषणों पर [[अरब]] और अन्य मुस्लिम व्यापारियों का कब्जा था - जो मनचाहे दामों पर इसे यूरोप में बेचते थे। सन् 1412 की गर्मियों में जॉन के तीन बेटों - एडवर्ड (उम्र 20 वर्ष), पीटर तथा हेनरी (18 वर्ष) ने विचार किया कि उन्हें राजकुमार और नाइट (यानि सामंत) के उबाते काम से अधिक कुछ रोमांचक तथा चुनौती भरा काम सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने अपने पिता से ये कहा। जॉन का एक सेवक अभी [[स्युटा]] (उत्तरी अफ्रीकी तट) से मुस्लिम क़ैदियों के बदले धन लेकर लौटा था। पिछले सात सौ सालों में इस्लाम के शासन में आने के बाद अगर स्युटा को पुर्तगाली आक्रमण से परास्त किया जाय तो यह निश्चित रूप से एक चुनैती भरा काम होता। स्युटा ना सिर्फ एक व्यस्त पत्तन बाज़ार था, बल्कि उस समय मोरक्को, पिछले 30 सालों से अराजकता में फंसा था। काफी ना-नुकुर करने और रानी फिलिपा के आग्रह के बाद जॉन ने आक्रमण की एक योजना तैयार की<ref>{{cite book|title=The Last Crusade - The Epic Voyage of Vasco da Gama|url=https://archive.org/details/lastcrusadeepicv0000clif|author=[[निजेल क्लिफ़]]|page=[https://archive.org/details/lastcrusadeepicv0000clif/page/50 50]-58|isbn=9781848870192|date=2011|accessdate=2 अप्रैल 2013}}</ref>। हॉलेंड पर आक्रमण की तैयारी के मुखौटे लगाकर स्युटा पर आक्रमण कर दिया। जुलाई 1415 में स्युटा को फतह कर लिया गया। हेनरी, एडवर्ड और पीटर तीनों ने इस युद्ध में सेनानी का काम किया। लेकिन आर्थिक रूप से कुछ ख़ास हासिल नहीं हुआ - मुसलमानों ने स्युटा के बदले टांजयर से व्यापार करना चालू किया और स्युटा के पत्तन खाली रहे। उस समय यूरोप में कई भ्रांतियाँ प्रचलित थी। उनमें से एक ये थी कि अफ्रीक़ा में, कहीं अंदर दक्षिण में, एक सोने की नदी बहती है। पर वहाँ पहुँचने का मतलब है [[सहारा मरुस्थल]] में मौजूद मुस्लिम अरब और बर्बर सेना को हराना। हेनरी के विचार में ये करना संभव और जरूरी था - आख़िरकर सात सौ साल पहले उत्तरी अफ्रीका पर ईसाईयों (स्पेन, रोमन या ग्रीक) का कब्जा था। उसने अपने पिता से टैंजियर पर आक्रमण की योजना का अनुरोध किया लेकिन जॉन को ऐसा संभव नहीं लगा। टैंजियर दूर था और अधिक सुरक्षित। जान की मृत्यु के बाद हेनरी का भाई एडवर्ड (सबसे बड़े) का राज्याभिषेक 1433 में हुआ। काफी अनुरोध के बाद हेनरी को टैंजयर पर आक्रमण की अनुमति मिल गई। लेकिन नौसेनिकों के समय पर ना पहुँचने के बावजूद हेनरी, बची-खुची 7000 की सेना लेकर टैंजियर 1437 में पहुँच गया। जैसा कि प्रत्याशित था - उसे हार का मुँह देखना पड़ा। उसके सेनापतियों ने वापस निकलने की कीमत स्युटा को मोरक्कन हाथों में सौंपने की बात की। हेनरी को ये मंजूर नहीं था - वो अपने भाई फर्डिनांड को बंधक के रूप में रख आया। फर्डिनांड जेल में मर गया। इसी बीच [[इस्तांबुल]] पर [[उस्मानी |उस्मानी तुर्कों]] का अधिकार मई 1453 में हो गया। तुर्क [[सुन्नी]] मुस्लिम थे और इस तरह यूरोपियों के पूर्व के व्यापार का रास्ता संपूर्ण रूप से मुस्लिम हाथों में चला गया। [[वेनिस]] और इस्तांबुल के बाज़ारों में चीज़ों के भाव बढ़ने लगे। इसके बाद स्पेनी और पुर्तागली (और इतालवी) शासकों को पूर्व के रास्तों की सामुद्रिक जानकारी की इच्छा और जाग उठी। === पूर्व केरऽ रस्ता - आरंभिक प्रयास === [[फाईल:Bartolomeu Dias Voyage hi.png|left|अंगूठाकार|१४८७ में बार्तोलोमेयो दियास का यात्रा मार्ग]] तेरहवीं सदी में [[मार्को पोलो]] मंगोलों के साम्राज्य होते हुए चीन तक पहुँच गया था। उसने लौटने के बाद अपने जेल के साथी को बताया कि हिन्दुस्तान पूर्व में है। सन् 1419 में वेनिस के [[निकोलो द कोंटी]] ने अरबी और [[फारसी]] सीखी और अपने को मुस्लिम व्यापारी भेष में छिपा कर भारत की खोज में निकल पड़ा। उसने 25 सालों तक पूर्व की यात्रा की, भारत पहुँचा और कई महत्वपूर्ण जानाकारियाँ दी - जिनमें भारत के पत्तनों पर चीन से बड़े जहाजों का आने की घटना एकदम अप्रत्याशित थी। सन् 1471 में अंततः टैंजियर पर पुर्तगाली अधिकार हो गया लेकिन हेनरी सन् 1474 में मर गया। पुर्तगाल के अब राजा जॉन ने [[डिएगो केओ]] को अफ्रीकी तटों पर यात्रा करने के लिए भेजा। केओ ने 1482 में [[कांगो]] की सफल यात्रा की और वहाँ एक शिला स्थापित की। सन् 1484 में जब वो लौटा तो उसका बहुत स्वागत हुआ और उसे नोबल (सामंत) की पदवी दी गई। एक बार पुनः अपने लक्ष्य की खोज में निकले डिएगो ने सन् 1486 में डिएगो ने [[नामीबिया]] तक की यात्रा की - यह अफ्रीका के दक्षिणी बिन्दु से सिर्फ 800 किलोमीटर उत्तर में था। लेकिन, लौटते समय वो कांगो में ''प्रेस्टर जॉन'' को ढूंढने निकला और फिर उसका कोई पता नहीं चला। यूरोप में प्रचलित भ्रांतियों में से एक ये भी थी कि पूर्व में कहीं एक ''प्रेस्टर जॉन'' नाम का राजा रहता है जो ईसाई है और अपार सपत्ति का मालिक है। पुर्तागालियों को भरोसा था कि ये राजा भारत (या पूर्वी अफ्रीका) का राजा है। इसका पता लगाने के लिए पुर्तगालियों के राजा जॉन ने दो गुप्तचरों को पूर्व की जमीनी यात्रा पर भेजा। लेकिन जेरुशलम पहुँचने के बाद उन्हें मालूम हुआ कि अरबी सीखे बिना आगे बढ़ना संभव नहीं है - वे लौट गए। इसके बाद मई 1487 में [[पेरो दा कोविल्हा]] और [[अफ़ोन्सो द पेवा]] को गुप्त यात्रा पर भेजा। वे मिस्र में [[सिकंदरिया]] और काहिरा पहुँच गए। उनमें से पेरो [[अदन]], [[लाल सागर]] होते हुए कालीकट (भारत) पहुँच गया। व्यापार और मार्गों को उसने निरीक्षण किया और काहिरा लौट गया। वहाँ उसे दो पुर्तगाली यहूदियों से मुलाकात हुई जो राजा जॉन ने भेजा था। जानकारियों का आदान प्रदान हुआ और कोविल्हा दक्षिण की ओर इथियोपिया चला गया। वहाँ से वो लौटना चाहता था लेकिन उसके विश्व-ज्ञान को देखकर राजा सिकंदर ने अपना सलाहकार नियुक्त किया और बाद में पुर्तगाल भेजने का वादा किया। लेकिन वो जल्दी मर गया और उसके बेटे ने उसकी ये कामना पूरी नहीं की। कोविल्हा वहीं पर बस गया। सन् 1526 के किसी पुर्तगाली मिशन ने बाद में पाया कि कोविल्हा इथियोपिया में तंदुरुस्त, सफल और स्वस्थ अवस्था में था - उसने वहीं शादी कर ली और 74 वर्ष की आयु में मरा। सन् 1487 के अगस्त महीने में ही पुर्तगाली राजा ने [[बर्तोलोमेयो डियास]] (या डियाज़) नाम के नाविक को अफ्रीका का चक्कर लगाने के लिए भेजा। वो पहला यूरोपियन नाविक था जो दक्षिणतम अफ्रीका के तट - [[उत्तमाशा अंतरीप]] - के पार पहुंचा। लेकिन भयंकर समुद्री तूफान से परास्त होकर वापस लौट गया। लेकिन उसके पश्चिम से पूरब की तरफ जा सकने से यह साबित हो गया कि अफ्रीका का दक्षिणी कोना है और दुनिया यहीं ख़त्म नहीं हो जाती। [[कोलंबस]] को यकीन था कि दुनिया गोल है और पूर्व जाने के लिए अगर पश्चिम की ओर जाया जाय तो भारत या चीन पहुँच सकते हैं। सन् 1492 में वो पश्चिम की तरफ यात्रा पर निकला और जमीन का पता लगाकर 2 महीनों के बाद वापस लौटा। उसको यकीन था कि वो भारत पहुँच गया है - हांलाकि वो जहाँ पहुँचा था उसे आज [[वेस्टइंडीज़]] के नाम से जाना जाता है। इसी बीच राजा मैनुएल ने भारत के लिए एक चार नौकाओं वाले दल का विचार रखा। इस दल का कप्तान गामा को चुना गया। कई लोग इससे चकित थे - क्योंकि आसपास की लड़ाईयों के अलावे गामा को किसी बड़े सामुद्रिक चुनौती का अनुभव नहीं था। लेकिन अनुशासित और राजा के विश्वस्त होने के कारण उसे नियुक्त कर लिया गया। == प्रथम यात्रा == [[८ जुलाई]], [[१४९७]] के दिन<ref name="ames"/> चार जहाज़ [[लिस्बन]] से चल पड़े और उसकी पहली भारत यात्रा आरंभ हुई। * साओ गैब्रिएल - इसके नाविकों में से प्रमुख थे: मुख्य चालक पेरो द अलेंकर, जो बर्तोलोमेउ डियास के साथ उत्तमाशा अंतरीप तक और फिर कांगो तक गया था। उसके अलावे गोंज़ालो अलवारेस जो डिएगो केओ की दीसरी यात्रा पर साथ था और डिएगो डियास जो बर्तेलोमेओ डियास का भाई था किरानी की भूमिका में था। ये रफ़एल से थोड़ा बड़ा था और वास्को द गामा इसी जहाज पर था। *साओ रफ़एल - चालक था जोआओ दे कोएंब्रा। इसके अलावे जोआओ दे सा किरानी की भूमिका में। इस जहाज का कप्तान गामा का भाई पाओलो द गामा था। *बेरियो - संचालक था पेरो दे एस्कोबार जो डिएगो केओ के साथ कांगो गया था और *अज्ञात नाम का एक भंडारण जहाज़ जिसका संचालन अफ़ोन्सो गोंज़ाल्वेस कर रहा था।<ref>[http://www.fordham.edu/halsall/mod/1497degama.html द गामा’ज़ ''राउण्ड अफ़्रीका टू इण्डिया''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110828160915/http://www.fordham.edu/halsall/mod/1497degama.html |date=2011-08-28 }}. अभिगमन १६ नवम्बर २००६</ref> लगभग 170 लोगों के इस बेड़े के अन्य महत्वपूर्ण नामों में [[मार्तिम अफ़ोन्सो]] और [[फ़र्नाओ मार्टिन्स]] का नाम था। अफ़ोन्सो कांगो में रहा था और अफ्रीकी बोलियों को जानता था जबकि फ़र्नाओ मोरक्को के कारावास में रहने के कारण अरबी सझता था। दस से बारह अभियुक्त भी इस जहाजी बेड़े में राजा द्वारा रखे गए थे (पुर्तगाली में ''Degredados'', यानि निष्कासित) जिनको ख़तरनाक स्थलों पर जानकारी और खोजी कामों को पूरा करने का काम दिया गया था। प्रत्याशित रूप से जहाज पर कोई महिला सवार नहीं थी। === अटलांटिक === [[फाईल:Map of Gama route, 1502.gif|अंगूठाकार|right|गामा का नौपथ - अफ्रीकी तट पर]] चलने के एक सप्ताह बाद, 15 जुलाई को वो केनेरी तक पहुँचे और उसके बाद छाए धुंध की वजह से जहाज अलग हो गए। [[केप वर्डे]] में उनकी मुलाकात होनी तय थी लेकिन पाओलो द गामा को कोई और जहाज वहाँ नजर नहीं आया। हांलांकि बेरिओ और भंडारण जहाज कुछ घंटो के भीतर आ गए। गामा का जहाज अगले चार दिनों तक नहीं मिला। मिलने के बाद वो वहाँ एक सप्ताह तक रुके और फिर 3 अगस्त को रवाना हुए। अभी तक के सभी पुर्तगाली यात्राओं में नाविकों के जहाज अफ्रीका के तट के निकच से गुजरे थे - बार्तेलोमेयो डियास के भी। लेकिन एक तूफानी हवा, जो खुले अटलांटिक में बहती है नाविकों को उत्तमाशा अंतरीप तक तेजी से धकेल देती है -ऐसा वास्को द गामा ने सुन रखा था। उसके अपने नाविकों को पूर्व की ओर मुड़ कर अफ्रीका के तीरे चलने की बजाय खुले समुद्र में दक्षिण की ओर चलने को कहा। कई दिनों तक खुले समुद्र में चलने और कोई जमीन या आशा न देखने के बाद 1 नवम्बर वो जमीन के निकट आए। ये उत्तमाशा से कोई 150 किलोमीटर पहले रहा होगा। लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। जहाज की मरम्मती और अपने नक्शे देखने के बाद लोगों ने विश्राम किया। जहाज पर मौजूद वृत्तांतकार ने लिखा कि लोगों की चमड़ी का रंग भूरा है, वे सील, व्हेल या हिरण का मांस और वनस्पति की जड़ी खाते है। वे चमड़े के वस्त्र पहनते हैं और उनके साथ कुत्ते हमेशा चलते हैं। वहाँ से वो 16 नवम्बर को चले। === उत्तमाशा अंतरीप === बर्तेलेमेओ डियास के दिए नक्शे से तट रेखा बुल्कुल मेल नहीं खा रही थी, लेकिन बे चलते रहे और 22 नवम्बर को उत्तमाशा अंतरीप पहुँचे। वहाँ पर डियास द्वारा स्थानीय लोगों के साथ हुए झड़पों की ख़बर उन्हें मिल चुकी थी, लेकिन उनके साथ भी वहाँ पर झड़प हो गई। जहाजों का मरम्मत के बाद 7 दिसम्बर को वो वहाँ से चले। 16 दिसम्बर को वो उस नदी के मुहाने पर पहुँचे जहाँ से बर्तेलोमेउ डियास के नाविकों ने उसे वापस जाने पर मजबूर किया था। उनको वहाँ डियास द्वारा स्थापित क्रॉस दिखा। इसके बाद के रास्तों पर आज तक कोई नहीं पहुँचा था - इसलिए पहले से बने मानचित्र बेकार हो गए और उन्हें नया मानचित्र बनाना पड़ा। तट के सहारे वे उत्तर चले। चूंकि वह [[क्रिसमस]] के आसपास का समय था, द गामा के कर्मीदल ने एक तट का नाम, जिससे होकर वे गुजर रहे थे, "नैटाल" रखा। इसका पुर्तगाली में अर्थ है "क्रिसमस" और उस स्थान का यह नाम आज तक इस्तेमाल में है ([[क्वाज़ुलु-नटाल]])। === स्वहिली तट === जनवरी तक वे लोग आज के [[मोजा़म्बीक|मोज़ाम्बीक]] तक पहुँच गए थे, जो पूर्वी अफ़्रीका का एक तटीय क्षेत्र है<ref>{{Cite book |last= फर्नांडेज़-आर्मेस्तो|first= फ़ेलिप|title= पाथफ़ाइंडर्स: अ ग्लोबल हिस्ट्री ऑफ़ एक्स्प्लोरेशन |year= २००६|publisher= डब्ल्यू डब्ल्यू नॉर्टन एण्ड कम्पनी |isbn= 0-393-06259-7 |pages= १७७-१७८}}</ref> जिसपर अरब लोगों ने [[हिन्द महासागर]] के व्यापार नेटवर्क के एक भाग के रूप में नियंत्रण कर रखा था। उनका पीछा एक क्रोधित भीड़ ने किया जिन्हें ये पता चल गया की वे लोग मुसलमान नहीं हैं और वे वहाँ से [[कीनिया]] की ओर चल पड़े।<ref>[https://web.archive.org/web/20111222043247/http://www.oldnewspublishing.com/dagamma.htm वास्को द गामा सीक्स सी रूट टू इण्डिया] www.oldnewspublishing.com. अभिगमन ८ जुलाई २००६</ref> कीनिया के मोम्बासा में भी उसका विरोध हुआ। पहुँचने के बाद उसे बताया गया कि मोम्बासा शहर में कई ईसाई रहते हैं। जहाज को तट से दूर रखने के बाद कुछ नाविक शहर के दौरे पर गए जहाँ उन्हें गोरे (पीले) ईसाईयों से मुलाकात हुई। बाद में पता चला कि मोज़ाम्बिक से खबर मिलने के बाद वहाँ के सुल्तान ने उन्हें फंसाने के लिए एक योजना तैयार कर रखी थी। गामा वहाँ से भाग निकला - पर उसे भारत पहुँचने के लिए दिशाओं के जानकार नाविकों या निदेशकों की जरुरत थी। उसने एक छोटी नाव पर आ रहे चार लोगों को पकड़ लिया। एक बूढ़े मुसलमान व्यापारी ने बताया कि पास के तट मालिंदी में भारतीय नाविक रहते हैं। कोई चारा न देख वास्को मालिंदी पहुँचा। भारतीयों को देशकर उसे लगा कि ये ईसाई है - ''कृष्णा'' के उच्चारण को वो ''क्राइस्ट'' समझ रहे थे। मालिंडि ({{Coord|3|13|25|S|40|7|47.8|E|type:landmark|display=inline}}) में, द गामा ने एक भारतीय मार्गदर्शक को काम पर रखा, जिसने आगे के मार्ग पर पुर्तगालियों की अगुवाई की और उन्हें [[२० मई]], [[१४९८]] के दिन [[कालीकट]] (इसका मलयाली नाम [[कोज़ीकोड]] है), [[केरल]] ले आया, जो [[भारत]] के दक्षिण पश्चिमी तट पर स्थित है। === कालीकट === [[फाईल:Vascodagama.JPG|अंगूठाकार|upright|वास्को द गामा [[कालीकट]] पर [[२० मई]], [[१४९८]] को पहुंचा]] वहाँ के राजा (समुदिरी, पुर्तगाली इसे ज़ामोरिन कहने लगे) ने उन्हें कालीकट के पत्तन पर आने का न्यौता दिया लेकिन गामा के राह में इतनी बाधाएँ आईं थीं कि उसे लगा कि ये भी दुश्मन ही होंगे। लेकिन वो मिलने के लिए वली (अरबी में शासक) से मिला और फिर संगीत के साथ कालीकट में ज़ामोरिन (सामुदिरी) ने गामा का स्वागत किया। वहाँ पर राज-दरबार में आने से पहले उसे एक मंदिर मिला जहाँ अंदर में उसे एक देवी की मूर्ति मिला। पुर्तागलियों को लगा कि ये मरियम की मूर्ति है और उसे भरोसा हो गया कि ज़मोरिन एक ईसाई शासक है। वो मूर्ति शायद [[मरियम्मा देवी]] की थी जिसे वो ईसामसीह की माँ [[मरियम]] समझ रहे थे। वृत्तकार जो गामा के साथ उस दल में शामुल था जिनको जामोरिन ने स्वागत किया था, लिखा - "इस देश के लोग भूरे हैं, छोटे कद के और पहले देखने से ईर्ष्यालु और मतलबी लगते हैं। मर्द कमर के उपर कुछ नहीं पहनते (शायद धोती, या वेष्टी)। कुछ बाल बड़े रखते हैं जबकि कई सर मुंडवा लेते हैं। महिलाएँ सामान्यतया सुन्दर नहीं दिखती हैं। " फर्नाओ मार्टिन्स ने ज़ामोरिन से मुलाकात में गामा का अरबी अनुवाद किया। दरबार में मुस्लिम सलाहकारों ने उसे व्यापार की बात करने में कई अड़चने पैदा की। उन्होंने गामा के लाए उपहार की खिल्ली उड़ाई और उसे राजा से मिलाने में देरी की। इसके अलावे उसके पास राजा (सामुदिरी) के लिए उचित कोई उपहार भी नहीं था। ऐसे कारणों से उसे ज़मोरिन से लड़ाई हो गई। ज़ामोरिन के मुस्लिम मंत्रियों ने उससे (अलग में) व्यापार का कर मांगा। ज़ामोरिन ने उसके द्वारा आग्रह किए गए स्तंभ (संभवतः क्रॉस या मरियम की मूर्ति) को भी खड़ा करवाने से मना कर दिया। सुलह और फिर लड़ाई चलती रही। राजा के मुस्लिम मंत्रियों ने उसके दल से कई लोगों को अगवा कर लिया। लेकिन समुद्र मे उनके जहाज पर आए ग्राहकों को गामा ने बंदी बना लिया। अंत में उसे जाने की अनुमति मिली और अगस्त के अंत में वो रवाना हुआ - राजा ने उसको मलयालम में लिखा प्रशस्ति पत्र भी दिया जिसमें पुर्तगाल के राजा जॉन के नाम संदेश था कि वॉस्को यहाँ आया था। लेकिन अगले ही दिन कोई 70 अरबी जहाज वहाँ आक्रमण के लिए आते दिखे। इसके जवाब में उसने गोली-बारी की। कुछ भारतीय बंधकों के साथ सितंबर 1498 में वापस पुर्तगाल के लिए लौट गया। जनवरी में वो स्वाहिली तट पर दुबारा पहुँचा। जहाज पर कोई 500 दिन गुज़र गए थे - लोग थक और बीमार हो चले थे। पश्चिम अफ्रीकी तट पर घर से कोई 2 सप्ताह की दूरी पर रहने के समय उसका भाई -और दल के तीन जहाजों में से एक का कप्तान, [[पॉलो द गामा]] - बीमार पड़ गया और मारा गया। उसने बाक़ी जहाजों को लिस्बन लौट जाने का आदेश दिया और भाई को दफ़नाने के बाद अपने दल से पीछे लिस्बन पहुँचा। वहाँ उसका भयंकर स्वागत हुआ। == दोसरऽ यात्रा == [[फाईल:Gama armada in India, 1502.gif|अंगूठाकार|right|भारत में गामा की यात्रा]] गामा ने वापस आकर अपना वृत्तांत राजा मैनुएल को सुनाया। अपने पूर्वाग्रहों के विपरीत उसे भारत के ईसाई अलग लगे और वे पुर्तगाल को पहचान न सके - जिससे उसे अचरज हुआ। भारत में (मालाबार तट पर) मुस्लिमों की उपस्थिति से भी उसे दुविधा हुई। अफ्रीका में हर जगह मुस्लिम शासन और अरब सागर में मुस्लिम (मूर और अरब) व्यापारियों की तादाद को देखकर उसको अपने "ईसाई कर्तव्य" की याद आई और उसने दो सालों के अन्दर दो और मिशन भेजे। जनवरी 1500 इस्वी का समय बहुत ही शुभंकर लगा, पर मिशन भेजने में 2 महीनों की देरी हो गई। मार्च 1500 में पेद्रो आल्वारेज़ काब्राल की अगुआई में 13 जहाज लिस्बन से चले। उनका लक्ष्य अफ्रीका और भारत में व्यापार के आधार (फैक्टरी और उपनिवेश) लगाने के अलावे जामोरिन को मुस्लिम व्यापारियों को भगा देने का आग्रह भी था। लेकिन कई जहाज उत्तमाशा अंतरीप पर पहुँचने के गामा के बताए दक्षिण-पश्चिम और फिर पूर्व जाने के छोटो रास्ते पर जाने के क्रम में खो गए। काब्राल कालीकट पहुँचा - नए जामोरिन ने यूरोपीय जहाजों का व्यापार स्वीकार किया और सुरक्षा का आश्वासन दिया। लेकिन उस साल के लिए अरब व्यापारी पत्तन में पहुँच चुके थे। केब्राल ने अरब जहाज को पकड़ लिया - ये कहकर कि ये जामोरिन के साथ हुई व्यापार संधि का उल्लंघन है। इसके जवाब में उन्होंने पुर्तगाली फैक्ट्री के सभी 70 लोगों को मार दिया। लेकिन काब्राल की यात्रा पूर्ण असफलता नहीं थी - उसने आते वक़्त सोफाला और किल्वा के राजाओं से संपर्क स्थापित किया। वो भारत में कुन्नूर भी गया और कुछ जहाज जो 'खो गए थे" - दक्षिण अमेरिका पहुँच गए थे। इससे पहले के कब्राल लौट पाता, मैनुएल प्रथम ने [[होआओ द नोवा]] के नेतृत्व में 4 जहाजों के साथ निकला। काब्रल के छोड़े एक संदेश को अफ्रीका के तट पर एक पुराने जूते में टंगा पाया और कालीकट पहुँचा। वहाँ पहुँचकर उसने कई मुस्लिम जहाजों पर आक्रमण किया। कुन्नूर में एक फैक्टरी लगार वापस पुर्तगाल लौट गया। इस प्रकार पुर्तगाल के जहाजों ने अगले 20 सालों के लिए उसने कालीकट के शासकों से दुश्मनी मोल ले ली। सन् 1502 में वास्को को दुबारा भेजा गया। उसकी अगली यात्रा [[१५०2]] में हुई, जब उसे ये ज्ञात हुआ की कालीकट के लोगों ने पीछे छूट गए सभी पुर्तगालियों को मार डाला है।<ref>{{Cite book |last= फर्नांडेज़-आर्मेस्तो|first= फ़ेलिप|title= पाथफ़ाइंडर्स: अ ग्लोबल हिस्ट्री ऑफ़ एक्स्प्लोरेशन |year= २००६|publisher= डब्ल्यू डब्ल्यू नॉर्टन एण्ड कम्पनी |isbn= 0-393-06259-7 |pages= १७८-१७९}}</ref> अपनी यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले सभी भारतीय और अरब जहाज़ो को उसने ध्वस्त कर दिया और कालीकट पर नियंत्रण करने के लिए आगे बढ़ चला और उसने बहुत सी दौलत पर अधिकार कर लिया। इससे पुर्तगाल का राजा उससे बहुत प्रसन्न हुआ। वो कोचीन, कुन्नुर और गोवा भी गया। कोचीन के दक्षिण में उसे सदियों से रह रहे ईसाईयों (संत थॉमस, सन् 54 से) का पता चला। गामा ने कुछ पुर्तगालियों को वहीं छोड़ दिया और उस नगर के शासक ने उसे भी अपना सब कुछ वहीं छोड़ कर चले जाने के लिए कहा, पर वह वहाँ से बच निकला । उसकी दूसरी यात्रा पुर्तगाली राजा के मिशन के हिसाब से बहुत सफल रहा क्योंकि उसने अरब व्यापारियों के कड़ी लड़ाई की - जामोरिन को व्यापार के लिए मजबूर किया और भारत में रह रहे ईसाईयों का पता लगाया। == बाद केरऽ यात्रा== सन् [[1524]] में वह अपनी अंतिम भारत यात्रा पर निकला। उस समय पुर्तगाल की भारत में उपनिवेश बस्ती के [[वाइसरॉय]] (राज्यपाल) के रूप में आया, पर वहाँ पहुँचने के कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो गई। == महत्व == पुर्तगाली राजकुमार और [[अन्वेषक हेनरी]] के बाद वास्तो द गामा सबसे महत्वपूर्ण सामुद्रिक खोजकर्ताओं में था। तीन महादेशों और दो महासागरों को पार करने के बाद भी अरब सागर में अरब व्यापारियों और अफ्रीकी साम्राज्यों से लड़ने और फिर भारत आकर अपने साथ लाए पुर्तगाली राज-संदेश तथा उसकी हिफाजत के लिए राजा (ज़ामोरिन) से युद्ध और सफलता उसके दृढ़-निश्चय को दिखाती है। वास्को को वापस पहुँचने के बाद पुर्तगाल में एक सफल सैनिक की तरह नवाजा गया। अपने समकालीन कोलम्बस के मुकाबले उसकी लम्बी यात्रा में भी बग़ावत नहीं हुई और थकने के बाद भी अपने लक्ष्य पर जमे रहा। वास्को द गामा के भारत पहुँचने पर अरब और मूर व्यापारियों के मसाले के व्यापार को बहुत धक्का लगा। इस व्यापार को हथियाने के लिए वास्को द गामा ने न सिर्फ खतरनाक और परिश्रमी यात्रा की, बल्कि कई युद्ध भी लड़ा। अपने बेहतर बंदूकों (या छोटे तोपों) की मदद से वो अधिकांश लड़ाईयों में सफल रहा। इससे अदन (अरब)-होरमुज (ईरान)-कालीकट जल-व्यापार मार्ग टूट या कमज़ोर पड़ गया। उसकी सफलता को देखते हुए पुर्तगाल के राजा मैनुएल ने भारत और पूर्व के कई मिशन चलाए। अल्बुकर्क, जो उसकी तासरी यात्रा से पहले पुर्तगाल से भेजा गया था, ने अरब सागर में अरबों के व्यापार और सामुद्रिक सेना और संपत्ति को तहस-नहस कर दिया और खोजी मलेशिया (मलाका) और फिर चीन ([[गुआंगजाउ]], पुर्तगालियों का रखा नाम - कैंटन) तक पहुँच गए। सोलहवीं सदी के अत तक [[अरबी भाषा]] की जगह टूटी-फूटी पुर्तगाली व्यापार की भाषा बन गई। इस समय पुर्तगाल एक सामुद्रिक शक्ति बन गया। भारत में जहाँ वो एक बार पहुँचा था उसका नाम उसके सम्मान में वास्को-डि-गामा (गोवा में) रखा गया है। चाँद के एक गढ्ढे का और पुर्तगाल में कई सडकों का नाम वास्को के नाम पर रखा गया है। 2011 में बनी मूलतः मलयालम फिल्म [[उरुमि]] में उसको एक खलनायक की तरह दिखाया गया है, निर्देशक - [[संतोष शिवन]]। == संदर्भ == {{Reflist}} == बाहरी कड़ी == * [http://www.keralatourism.org/hindi/mamankam/ मध्यकालीन केरल]{{Dead link|date=August 2024 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }} * [https://web.archive.org/web/20071104051501/http://www.prominentpeople.co.za/people/35.php वास्को द गामा] प्रौमिनेंट पीपल पर * {{अंग्रेजी चिह्न}}[http://www.fordham.edu/halsall/mod/1497degama.html द गामा की ''राउण्ड अफ़्रीका टू इण्डिया''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110828160915/http://www.fordham.edu/halsall/mod/1497degama.html |date=2011-08-28 }} * [https://web.archive.org/web/20070703091222/http://www.ucalgary.ca/applied_history/tutor/eurvoya/vasco.html द गामा वेब ट्युटोरियल] अनिमेटेड नक्शों के संग * [http://sify.com/itihaas/fullstory.php?id=13233617 लघु वर्णन] द गामा की यात्राओं के [[श्रेणी:१५२४ मृत्यु]] [[श्रेणी:पुर्तगाली अन्वेषक]] [[श्रेणी:एशिया के अन्वेषक]] [[श्रेणी:अफ्रीका के अन्वेषक]] [[श्रेणी:पुर्तगाली भारत के वाइसरॉय]] [[श्रेणी:खोज का युग]] [[श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना]] [[श्रेणी:जीवनी]] [[श्रेणी:अन्वेषक]] s5rmxhy00o0e78xilux6c3n8pzqu1w9 विसूचिका 0 2695 23119 22815 2026-08-25T18:03:18Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23119 wikitext text/x-wiki {{ज्ञानसंदूक_रोग | Name =हैजा (विसूचिका) | Image =Cholera bacteria SEM.jpg | Caption ='' विब्रओ कॉलेरी '' की [[स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप]] छवि। | Width =250px | DiseasesDB =29089 | ICD10 ={{ICD10|A|00||A|00}}, | ICD9 ={{ICD9|001}} | MedlinePlus =000303 | eMedicineSubj =med | eMedicineTopic=351 | eMedicine_mult= | MeshID =D002771 }} [[चित्र:Distribution of the cholera.PNG|thumb|right|300 px|हैजे का वितरण]] '''विसूचिका''' या आम बोलचाल म '''[https://sanjaykumarro.com/cholera-disease-meaning/ हैजा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230515095524/https://sanjaykumarro.com/cholera-disease-meaning/ |date=2023-05-15 }}''', जेकरा एशियाई महामारी के रूप म भी जानलो जाय छै, एक संक्रामक [[आंत्रशोथ]] छीकै जे [[वाइब्रियो कॉलेरी]]<ref name=Sherris> {{cite book | author = Ryan KJ, Ray CG (editors) | title = Sherris Medical Microbiology | url = https://archive.org/details/sherrismedicalmi0000unse_q1i3 | edition = 4th | pages = [https://archive.org/details/sherrismedicalmi0000unse_q1i3/page/376 376]–7 | publisher = McGraw Hill | year = 2004 | isbn = 0838585299 }}</ref><ref name= FaruqueNair> {{cite book | author = Faruque SM; Nair GB (editors) | title = Vibrio cholerae: Genomics and molecular biology | url = https://archive.org/details/vibriocholeraege0000unse | publisher = Caister Academic Press | year = 2008 | isbn = 978-1-904455-33-2 }}</ref> नामक [[जीवाणु]] के [[एंटेरोटॉक्सिन]] उतपन्न करै वाला स्ट्रेन (उपभेदों) के कारण होय छै। मनुष्य म हेकरो संचरण ई जीवाणु द्वारा दूषित भोजन या पानी के ग्रहण करै के माध्यम स होय छै। आमतौर प पानी या भोजन के ई दूषण हैजा के ऐगो वर्तमान रोगी द्वारा ही होय छै । अभी तक ऐसनो मानलै जाय छै कि हैजा के भंडरण (reservoir) स्वयं मानव होय छै, लेकिन पर्याप्त सबूत है कि जलीय वातावरण भी इस जीवाणु के भंडरण (reservoir) के रूप में काम कर सकते हैं। यूं तो आम नागरिक किसी भी दस्तों के रोग को हैजा कह कर संबोधित कर देते है पर मेडिकल भाषा में वाइब्रियो कॉलेरी द्वारा किए गए संक्रमण को ही हैजा की संज्ञा दी जाती है। वाइब्रियो कॉलेरी एक ग्राम-नेगेटिव जीवाणु है जो एक एंटेरोटॉक्सिन, कॉलेरा टोक्सिन का उत्पादन करता है, जो कि छोटी आंत के श्लेष्मीय सतह पर असर करता है और इसके कारण छोटी आंत से पानी तथा आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट का स्राव प्रारम्भ हो जाता है। और यह ही हैजे सबसे कुख्यात लक्षण -बहुत अधिक दस्तो के लिए जिम्मेदार है। हैजा उन कुछ ज्ञात रोगों मे से एक है जो बहुत तेजी से घातक असर करते हैं। हैजे के सबसे गंभीर रूप में रोग के लक्षणों की शुरुआत के एक घंटे के भीतर ही, एक स्वस्थ व्यक्ति का रक्तचाप घटकर [[रक्तचाप|निम्न रक्तचाप]] के स्तर तक पहुँच सकता है और संक्रमित मरीज को अगर पुनर्जलीकरण चिकित्सा प्रदान नहीं की जाये तो वो तीन घंटे के अन्दर मर सकता है। एक सामान्य परिदृश्य में, रोगी को पहले [[पतले दस्त]]<ref name=Sherris/> होते हैं और 4 से 12 घंटों में वह आघात की अवस्था मे पहुँच सकता है और अगर उसे [[मौखिक पुनर्जलीकरण चिकित्सा]] प्रदान नहीं की जाती तो, 18 घंटे के भीतर रोगी मृत्यु का ग्रास बन सकता है.<ref name=McLeod_2000> {{cite journal |author=McLeod K |title=Our sense of Snow: John Snow in medical geography |url=https://archive.org/details/sim_social-science-medicine_2000-04_50_7-8/page/923 |journal=Soc Sci Med |volume=50 |issue=7-8 |pages=923–35 |year=2000 |pmid=10714917 |doi=10.1016/S0277-9536(99)00345-7 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.who.int/topics/cholera/control/en/index.html |title=Cholera: prevention and control |publisher=World Health Organization (WHO) |date=2007 |accessdate=2008-01-03 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081214042133/http://www.who.int/topics/cholera/control/en/index.html |archive-date=14 दिसंबर 2008 |url-status=live }}</ref> हैजे का निदान रोगी के मल की जांच करके आसानी से किया जा सकता है। महामारी के दौरान पेट में दर्द रहित और पानी जैसे बहुत अधिक दस्त करने वाले रोगियो को हैजे के संदेह में रखना चाइए। संदेह की पुष्टि के लिए प्रभावित रोगियों के मल के नमूनों को माइक्रोस्कोप में देखने पर हैजे के बैक्टीरिया (Vibrio cholere) की पहचान करना निदान का सर्वोतम तरीका है। <ref>{{Cite web |title=Cholera |url=https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/cholera |access-date=2026-03-10 |website=www.who.int |language=en}}</ref> बीमारी के जोखिम कारकों में गंदगी खराब रखरखाव, पर्याप्त स्वच्छ पेयजल का अभाव और गरीबी शामिल हैं।<ref>https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/cholera#:~:text=Cholera%20is%20an%20acute%20diarrhoeal%20infection%20caused%20by%20ingestion%20of,and%20lack%20of%20social%20development.</ref> opdu7d6upukwzxdx31ymtupl5bybi97 सिन्धु घाटी सभ्यता 0 2929 23129 19991 2026-08-25T18:09:32Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23129 wikitext text/x-wiki {{merge|सिंधु घाटी सभ्यता}} [[फाईल:Indus Valley Civilization, Early Phase (3300-2600 BCE).png|300x350px|thumbnail|सिंधु घाटी सभ्यता अपने शुरुआती काल में, 3250-2750ईसापूर्व]] '''सिंधु घाटी सभ्यता''' (3300 ईसापूर्व सें १७०० ईसापूर्व तलक)<ref>http://aajtak.intoday.in/education/story/indus-valley-civilization-or-sindhu-valley-culture-general-knowledge-1-769584.html</ref> विश्व केरऽ प्राचीन नदी घाटी सभ्यता में सें एगो प्रमुख सभ्यता छेकै । सम्मानित पत्रिका [[नेचर]] में प्रकाशित शोध केरऽ अनुसार ई सभ्यता कम सें कम ८००० वर्ष पुरानऽ छै । ई हड़प्पा सभ्यता आरू 'सिंधु-सरस्वती सभ्यता' केरऽ नाम सें भी जानलऽ जाय छै। एकरऽ विकास [[सिंधु नदी|सिंधु]] आरू घघ्घर/हकड़ा (प्राचीन सरस्वती) के किनारे होलै ।<ref name="चिंग २००६ २८-३२">{{cite book|last=Ching|first=Francis D. K.|coauthors=Jarzombek, Mark;Prakash, Vikramaditya|year=2006|title=A Global History of Architecture|url=https://archive.org/details/globalhistoryofa0000chin_n0o7|location=Hoboken, N.J.|publisher=J. Wiley & Sons|isbn=0471268925|pages=[https://archive.org/details/globalhistoryofa0000chin_n0o7/page/28 28]–32}}</ref> [[मोहनजोदड़ो]], [[कालीबंगा]], [[लोथल]], [[धोलावीरा]], [[राखीगढ़ी]] आरू [[हड़प्पा]] एकरऽ प्रमुख केन्द्र छेलै । दिसम्बर २०१४ में [[भिर्दाना]] क॑ अब तलक के खोजलऽ गेलऽ सबसें प्राचीन नगर मानलऽ गेलऽ छै सिंधु घाटी सभ्यता के । ब्रिटिश काल-म हुई खुदाइ सन्ही कें आधार पर पुरातत्ववेत्ता और इतिहासकार सन्ही-क अनुमान छे कि ई बहुत विकसित सभ्यता छेले आरो ई सब सहर काय बार बसलो आरो उजड़लो छे। == धार्मिक जीवन == [[फाईल:Early Harappan pot - National Museum, New Delhi.jpg|thumb|शिल्प ]] हड़प्पा-म औरत सनही कें माटी कीं मुर्ति खुभे मिले छे| मूर्ति-म स्त्री के गर्भो स निकलते एगो पौधा दिखइलो गेलो छे। विद्वान लोक के मत से ई पृथ्वी देवी के प्रतिमा छे आरो हैकर निकट संबंध गाछ के जन्म आरो बोडो होवे से होते। येहे लि पता चले छे कि यहांकरो लोग धरती के उपज के देवी समझे छले औरो हैकर पूजा वेहे रंग करे छेले जिरंग मिस्र के लोग [[नील नदी]] की देवी ''आइसिस्'' के समझे छेले। प्राचीन मिस्र रंग यहांकरो समाजो मातृ प्रधान छेले कि नय ई कहना मुश्किल छे। कुछ विद्वान मानते है की हिंदू धर्म द्रविड़ो का मूल धर्म था और शिव द्रविड़ो के देवता थे जिन्हें आर्यों ने अपना लिया। कुछ जैन और बौद्ध विद्वान यह भी मानते है की सिंधु घाटी सभ्यता जैन या बौद्ध धर्म के थे, पर मुख्यधारा के इतिहासकारों ने यह बात नकार दी और इसके अधिक प्रमाण भी नहीं है। [[प्राचीन मिस्र]] और [[मेसोपोटामिया]] में पुरातत्वविदों को कई मंदिरों के अवशेष मिले है पर सिंंधु घाटी में आज तक कोई मंदिर नहीं मिला, मार्शल आदि कई इतिहासकार मानते है की सिंधु घाटी के लोग अपने घरो में, खेतो में या नदी किनारे पूजा किया करते थे, पर अभी तक केवल [[बृहत्स्नानागार]] या विशाल स्नानघर ही एक ऐसा स्मारक है जिसे पूजास्थल माना गया है। जैसे आज हिंदू गंगा में नहाने जाते है वैसे ही सैन्धव लोग यहाँ नहाकर पवित्र हुआ करते थे। == शिल्प आरू तकनीकी ज्ञान == यद्यपि इस युग के लोग पत्थरों के बहुत सारे औजार तथा उपकरण प्रयोग करते थे पर वे कांसे के निर्माण से भली भांति परिचित थे। तांबे तथा टिन मिलाकर धातुशिल्पी [[कांस्य]] का निर्माण करते थे। हालांकि यहां दोनो में से कोई भी खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध नहीं था। सूती कपड़े भी बुने जाते थे। लोग नाव भी बनाते थे। मुद्रा निर्माण, मूर्ति का निर्माण के सात बरतन बनाना भी प्रमुख शिल्प था। प्राचीन [[मेसोपोटामिया]] की तरह यहां के लोगों ने भी लेखन कला का आविष्कार किया था। हड़प्पाई लिपि का पहला नमूना 1853 ईस्वी में मिला था और [[1923]] में पूरी लिपि प्रकाश में आई परन्तु अब तक पढ़ी नहीं जा सकी है। लिपि का ज्ञान हो जाने के कारण निजी सम्पत्ति का लेखा-जोखा आसान हो गया। व्यापार के लिए उन्हें माप तौल की आवश्यकता हुई और उन्होनें इसका प्रयोग भी किया। बाट के तरह की कई वस्तुएँ मिली हैं। उनसे पता चलता है कि तौल में 16 या उसके आवर्तकों (जैसे - 16, 32, 48, 64, 160, 320, 640, 1280 इत्यादि) का उपयोग होता था। दिलचस्प बात ये है कि आधुनिक काल तक भारत में 1 [[रुपया]] 16 आने का होता था। 1 किलो में 4 पाव होते थे और हर पाव में 4 कनवां यानि एक किलो में कुल 16 कनवां। ==अवसान== यह सभ्यता मुख्यतः 2500 ई.पू. से 1800 ई. पू. तक रही। ऐसा आभास होता है कि यह सभ्यता अपने अंतिम चरण में ह्रासोन्मुख थी। इस समय मकानों में पुरानी ईंटों के प्रयोग की जानकारी मिलती है। इसके विनाश के कारणों पर विद्वान सहमत नहीं हैं। सिंधु घाटी सभ्यता के अवसान के पीछे विभिन्न तर्क दिये जाते हैं जैसे: बर्बर आक्रमण, जलवायु परिवर्तन एवं पारिस्थितिक असंतुलन, बाढ तथा भू-तात्विक परिवर्तन, महामारी, आर्थिक कारण। ऐसा लगता है कि इस सभ्यता के पतन का कोई एक कारण नहीं था बल्कि विभिन्न कारणों के मेल से ऐसा हुआ। जो अलग अलग समय में या एक साथ होने कि सम्भावना है। मोहेन्जो दरो मे नग‍र और जल निकास कि व्यवस्था से महामारी कि सम्भावना कम लगती है। भीषण अग्निकान्ड के भी प्रमाण प्राप्त हुए है। मोहेन्जोदरो के एक कमरे से १४ नर कंकाल मिले है जो आक्रमण, आगजनी, महामारी के संकेत है। == चित्र दीर्घा == <gallery> WellAndBathingPlatforms-Harappa.jpg|सिंधु घाटी सभ्यता के नगर में स्थित एक कुआँ और स्नान घर Votive_Image_of_Bull,_ca._2000_B.C.E._Hand-modeled_terracotta._Brooklyn_Museum.jpg|एक बैल के मूर्ति A_drain_at_Lothal.jpg|लोथाल स्थित प्राचीन नगर में स्थित एक नाली Red_pottery,_IVC.jpg|लाल मिट्टी से बने एक पात्र के अवशेष Ceremonial Vessel LACMA AC1997.93.1.jpg|अनुष्ठानों या समारोहों में प्रयुक्त होने वाला पात्र (ईसापूर्वा २६०० से २४५०) </gallery> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} == ई भी देखऽ == * [[मेहरगढ़]] * [[सरस्वती लिपि]] == बाहरी कड़ी == {{commonscat|Indus Valley Civilization|हड़प्पा सभ्यता}} * [https://web.archive.org/web/20061027183350/http://www.panchjanya.com/18-8-2002/29.html सिन्धु-सरस्वती सभ्यता : भारत का उषाकाल] (मिशेल दनिनो) [[श्रेणी:सिन्धु घाटी सभ्यता]] [[श्रेणी:भारत का इतिहास]] [[श्रेणी:कांस्य युग]] 0nm76bueh09komxynkuyxaowm1ddxd4 भौतिकशास्त्र केरौ शाखा 0 4352 23125 19352 2026-08-25T18:07:35Z InternetArchiveBot 123 Add 1 book for [[en:Wikipedia:Verifiability|verifiability]] (20260825)) #IABot (v2.0.9.5) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 23125 wikitext text/x-wiki [[फाईल:CollageFisica cropped.png|अंगूठाकार|[[भौतिकशास्त्र]] केरौ शाखा के छवि सिनी]] '''भौतिकशास्त्र केरौ शाखा''' [[भौतिकी]] एगो [[विज्ञान|वैज्ञानिक]] विधा छेकै जे भौतिक ब्रह्मांड के सिद्धांतऽ के निर्माण आरू [[प्रयोग|प्रयोगात्मक]] रूप स॑ परीक्षण करै के प्रयास करै छै। ई सिद्धांतऽ के घेरा अलग-अलग होय छै आरू एकरा ढेरी अलग-अलग शाखा म॑ संगठित करलऽ जाबै सकै छै, जेकरऽ रूपरेखा ई लेख म॑ देलऽ गेलऽ छै। समान्य तौर पर [[सिद्धांत]]ऽ के अनुभवजन्य रूप स॑ बहुत बार परीक्षण करलऽ जाय छै, जेकरा बाद ओकरा प्रकृति के वर्णन के रूप म॑ सही मानलऽ जाय छै (वैधता के एक निश्चित सीमा के भीतर)। जेना कि शास्त्रीय यांत्रिकी के [[सिद्धांत]] वस्तु के गति के सही वर्णन करै छै, बशर्ते कि वू [[परमाणु]] स॑ बहुत बड़ऽ होय आरू [[प्रकाश]] के [[गति]] स॑ बहुत कम गति स॑ चलै छै। ई ‘केंद्रीय सिद्धांत’ अधिक विशेषज्ञता वाला विषयऽ प॑ शोध करै लेली महत्वपूर्ण उपकरण छै, आरू [[भौतिक विज्ञानी]] स॑ ई अपेक्षा करलऽ जाय छै कि वू एकरा स॑ परिचित होय चाहे ओकरऽ विशेषज्ञता केतना भी होय छै। == शाखा सिनी के वर्णन == यद्यपि [[भौतिकी]] क अनुसंधान क्षेत्र बहुत व्यापक छै, तइयो कुछु [[सिद्धांत]] अक्सर [[भौतिकशास्त्री|भौतिक विद्वानौ]] द्वारा उपयोग करलौ जाय छै जाते। इ [[सिद्धांत]] सिनी क प्रयोग द्वारा ढेरी बार परीक्षण करलौ गेलौ छै आरू प्रकृति के सही सन्निकटन केरौ रूप मँ पुष्टि करलौ गेलौ छै। नीच्चाँ एकरौ कुछु शाखा के बारै मँ जानकारी देलौ गेलौ छै। == चिरसम्मत यांत्रिकी == [[चिरसम्मत यांत्रिकी]] पिंडऽ प कार्य करै वाला बलऽ के [[भौतिकी]] के मॉडल छेकै; [[ठोस]], [[गैस]], आरू [[द्रव]] के व्यवहार के वर्णन करै लेली उप-क्षेत्र शामिल छै। एकरा अक्सर आइजैक न्यूटन आरू हुनकऽ गति के नियम के नाम पर "न्यूटनियन यांत्रिकी" कहलऽ जाय छै। एकरा म॑ हैमिल्टनियन आरू लैग्रेंज पद्धति द्वारा देलऽ गेलऽ शास्त्रीय दृष्टिकोण भी शामिल छै। ई कणऽ के गति आरू कणऽ के सामान्य प्रणाली स॑ संबंधित छै। == प्रकाशिकी == [[प्रकाशिकी]] [[प्रकाश]] गति के अध्ययन छै जेकरा म॑ परावर्तन, अपवर्तन, विवर्तन, आरू हस्तक्षेप शामिल छै। == विद्युत्चुम्बकत्व == [[विद्युत्चुम्बकत्व]] इलेक्ट्रॉन, विद्युत माध्यम, चुंबक, चुंबकीय क्षेत्र, आरू प्रकाश के सामान्य परस्पर क्रिया के व्यवहार के अध्ययन करै छै। == यांत्रिकी == [[यांत्रिकी]] गणित आरू भौतिकी के क्षेत्र छेकै जे भौतिक वस्तु के बीच बल, पदार्थ आरू गति के बीच के संबंध सँ संबंधित छै। == उष्मागतिकी == [[ऊष्मागतिकी]] मैक्रोस्कोपिक पैमाना प॑ भौतिक प्रणाली प॑ [[तापमान]], [[दबाव]] आरू [[आयतन]] म॑ बदलाव के प्रभाव के अध्ययन करै छै, आरू ऊर्जा के ताप के रूप म॑ स्थानांतरण के अध्ययन करै छै। ऐतिहासिक रूप स॑ ऊष्मागतिकी केरऽ विकास प्रारंभिक भाप इंजन केरऽ दक्षता बढ़ाबै के इच्छा स॑ होलौ छेलै।<ref>{{cite book|first1=Richard Phillips |last1=Feynman|author-link1=Richard Feynman|first2= Robert Benjamin |last2=Leighton|author-link2=Robert B. Leighton|first3=Matthew Linzee |last3=Sands |author-link3=Matthew Sands|year= 1963|title=The Feynman Lectures on Physics | isbn= 978-0-201-02116-5 |page=[https://feynmanlectures.caltech.edu/I_01.html#Ch1-S2 1] |title-link=The Feynman Lectures on Physics}}. Feynman begins with the [[atomic theory|atomic hypothesis]], as his most compact statement of all scientific knowledge: "If, in some cataclysm, all of scientific knowledge were to be destroyed, and only one sentence passed on to the next generations ..., what statement would contain the most information in the fewest words? I believe it is ... that ''all things are made up of atoms – little particles that move around in perpetual motion, attracting each other when they are a little distance apart, but repelling upon being squeezed into one another. ...''" vol. '''I''' p. I–2</ref><ref name="Perot">{{cite book |author=Perot, Pierre |title=A to Z of Thermodynamics |publisher=Oxford University Press |year=1998 |isbn=978-0-19-856552-9}}</ref><ref>{{cite book |author=Clark, John O.E. |title=The Essential Dictionary of Science |url=https://archive.org/details/essentialdiction0000unse_d8d8 |publisher=Barnes & Noble Books |year=2004 |isbn=978-0-7607-4616-5}}</ref><ref>{{cite book |last=Clausius |first=Rudolf |title=On the Motive Power of Heat, and on the Laws which can be deduced from it for the Theory of Heat |chapter=LXXIX | publisher=Dover Reprint |year=1850 |isbn=978-0-486-59065-3}}{{clarify|reason=isbn does not appear to match book title'|date=December 2019}}</ref> == ध्वनिकी == [[ध्वनिकी]] भौतिकी केरऽ एगो शाखा छेकै जेकरा म॑ विभिन्न माध्यमऽ म॑ यांत्रिक तरंगऽ के अध्ययन शामिल छै। == आधुनिक भौतिकी == [[आधुनिक भौतिकी]] भौतिकी केरऽ एगो शाखा छेकै जे २०वीं सदी केरऽ प्रारंभ में आरू आगू या २०वीं सदी केरऽ प्रारंभ केरऽ भौतिकी स॑ बहुत प्रभावित शाखा छेकै। == प्रमात्रा यांत्रिकी == [[प्रमात्रा यांत्रिकी]] भौतिकी केरऽ एगो शाखा छेकै जे परमाणु आरू उपपरमाणु प्रणाली आरू ओकरऽ परस्पर क्रिया स॑ संबंधित छै जे ई अवलोकन प॑ आधारित छै कि ऊर्जा केरऽ सब रूप असतत इकाई या बंडल म॑ छोड़लऽ जाय छै जेकरा "क्वांटा" कहलऽ जाय छै। == नाभिकीय भौतिकी== [[कण भौतिकी]] [[कण]] के प्रकृति के अध्ययन करै छै, जबकि [[परमाणु भौतिकी]] परमाणु नाभिक के अध्ययन करै छै। == सापेक्षिकता केरौ सिद्धांत == [[सापेक्षता केरौ सिद्धांत]] मँ प्रायः अल्बर्ट आइंस्टीन केरऽ दू परस्पर संबंधित भौतिकी सिद्धांत शामिल छै; विशेष सापेक्षता एवं सामान्य सापेक्षता, क्रमशः 1905 एवं 1915 मँ प्रस्तावित एवं प्रकाशित। == संघनित द्रव्य भौतिकी == [[संघनित द्रव्य भौतिकी]] संघनित चरण मँ पदार्थ केरौ भौतिक गुण क अध्ययन करलौ जाय छै। == ब्रह्माण्डविद्या == [[ब्रह्माण्ड विज्ञान]] ब्रह्माण्ड केना बनलै, आरु ओकरौ अंतिम भाग्य के अध्ययन करै छै। एकरऽ अध्ययन [[भौतिक विज्ञानी]] आरू [[खगोलशात्री]] द्वारा करलऽ जाय छै। == अंतःविषय क्षेत्र == अंतःविषय क्षेत्र, जे आंशिक रूप सँ अपनौ विज्ञान क परिभाषित करै छै, उदाहरण: *[[कृषि भौतिकी]] कृषि विज्ञान आरु भौतिकी केरौ सीमा मँ विज्ञान के एगो शाखा छेकै। *[[खगोल शास्त्र]], ब्रह्माण्ड मँ भौतिकी, जेकरा मँ [[खगोल विज्ञान]] मँ [[आकाशीय पिंड]] के गुण एवं परस्पर क्रिया शामिल छै। *[[अंतरिक्ष भौतिकी]] प्लाज्मा केरऽ अध्ययन छै, कैन्हेंकि ई पृथ्वी केरऽ ऊपरी वायुमंडल (वायु विज्ञान) आरू सौर मंडल के भीतर प्राकृतिक रूप स॑ होय छै। *[[जैव भौतिकी]], जैविक प्रक्रियाओं के भौतिक परस्पर क्रियाओं का अध्ययन। *[[रासायनिक भौतिकी]], [[रसायन विज्ञान]] मँ भौतिक संबंध क विज्ञान। *[[कम्प्यूटेशनल भौतिकी]], भौतिक प्रणाली प [[कंप्यूटर]] आरु [[संख्यात्मक विधि]] के अनुप्रयोग। *[[अर्थशास्त्र]], [[अर्थशास्त्र]] के विज्ञान मँ भौतिक प्रक्रिया सिनी आरू ओकरौ संबंधौ सँ संबंधित। *[[पर्यावरण भौतिकी]], जीव आरू ओकरऽ पर्यावरण के बीच परस्पर क्रिया के मापन आरू विश्लेषण स॑ संबंधित भौतिकी केरऽ शाखा। *[[इंजीनियरिंग भौतिकी]], भौतिकी आरू इंजीनियरिंग केरौ संयुक्त अनुशासन। *[[भूभौतिकी]], हमारौ सिनी केरौ [[ग्रह]] प भौतिक संबंधौ के विज्ञान। *[[गणितीय भौतिकी]], भौतिक समस्या सँ संबंधित गणित। *[[चिकित्सा भौतिकी]], चिकित्सा मँ भौतिकी के रोकथाम, निदान, एवं उपचार मँ अनुप्रयोग। *[[भौतिक रसायन]], [[भौतिक रसायन]] केरौ विज्ञान मँ भौतिक प्रक्रिया सिनी आरू ओकरौ संबंधौ सँ संबंधित | *[[भौतिक समुद्र विज्ञान]], समुद्र के भीतर भौतिक परिस्थिति आरू भौतिक प्रक्रिया के अध्ययन छै, खास करी क॑ समुद्र के जल के गति आरू भौतिक गुणऽ के अध्ययन छै *[[मनोभौतिकी]], मनोविज्ञान मँ शारीरिक संबंधौ के विज्ञान। *[[क्वांटम कंप्यूटिंग]], क्वांटम-यांत्रिक गणना प्रणाली केरौ अध्ययन। *[[सोशियोफिजिक्स]] या सामाजिक भौतिकी, विज्ञान केरऽ एगो क्षेत्र छेकै जे भौतिकी स॑ प्रेरित गणितीय उपकरणऽ के उपयोग करी क॑ मानव भीड़ के व्यवहार क॑ समझै छै। == एकरहो देखौ == == बाहरी कड़ी == == संदर्भ == [[श्रेणी: विज्ञान]] [[श्रेणी: भौतिक शास्त्र]] of5kqnri6jn0noas5rqua07ueibqyhb