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परबत माला
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'''परबत माला''' चाहे '''परबत शृंखला''' (mountain chain) या '''परबत श्रेणी''' (mountain range) पहाड़न की अइसन कड़ी कय कहा जाला जवन बहुत ढेर लम्बाई में विस्तार वाली होए। कब्बो कबो एक्कै परबत माला कई ठु छोट-छोट परबत श्रेणिन में भी टूटल़ होई सकत है अइसन में छोटका हिस्सन कय श्रेणी अव पूरा लम्बाई कय पर्वतमाला कहा जाला।
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रोनाल्ड रॉस
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[[फाइल:Chibi (37367439452).jpg|right|thumb|रोनाल्ड रॉस]]
'''रोनाल्ड रॉस''' ([[13 मई]] [[1857]] - [[16 सितंबर]] [[1932]]), एक ब्रिटिश चिकित्सक औ [[नोबेल पुरस्कार]] विजेता रहे। वन्है [[1902]] कय चिकित्सा कय नोबेल पुरस्कार दै गा रहा। वन्है ई पुरस्कार [[मलेरिया]] कय परजीवी [[प्लास्मोडियम]] कय जीवन चक्र कय खोज कय लिये मिला रहा।
[[श्रेणी:जीवनी]]
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[[Special:Contributions/Sanuthi Global|Sanuthi Global]] ([[User talk:Sanuthi Global|बातचीत]])से [[User:Tanbiruzzaman|Tanbiruzzaman]] कय करल पिछला संशोधन उल्टाई कय पहिले जैसन कै गय
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[[फाइल:Ronald Ross.jpg|right|thumb|रोनाल्ड रॉस]]
'''रोनाल्ड रॉस''' ([[13 मई]] [[1857]] - [[16 सितंबर]] [[1932]]), एक ब्रिटिश चिकित्सक औ [[नोबेल पुरस्कार]] विजेता रहे। वन्है [[1902]] कय चिकित्सा कय नोबेल पुरस्कार दै गा रहा। वन्है ई पुरस्कार [[मलेरिया]] कय परजीवी [[प्लास्मोडियम]] कय जीवन चक्र कय खोज कय लिये मिला रहा।
[[श्रेणी:जीवनी]]
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सौर मण्डल
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Sanuthi Global
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[[फाइल:Chibi (37367439452).jpg|अंगूठाकार|upright=1.5|सौर मण्डल कय ग्रह]]
'''सौर मण्डल''' [[सूर्य]] अव एकरे चारों ओर चक्कर लगावेवाला [[ग्रह]] अव ओन्हन कय [[उपग्रह]] कुल से मिल कय बना परिवार कय कहा जाला। वर्तमान समय में सूर्य कय आठ ग्रह हैं काहें से कि नौवां ग्रह [[प्लूटो]] कय २००६ में अनियमित आकार कय कक्षा कय कारण ग्रहन कय लिस्ट से बाहर कै दिहा है। अब प्लूटो कय [[बौना ग्रह]] कहा जाला।
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[[Special:Contributions/Sanuthi Global|Sanuthi Global]] ([[User talk:Sanuthi Global|बातचीत]])से [[User:Omarius257|Omarius257]] कय करल पिछला संशोधन उल्टाई कय पहिले जैसन कै गय
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[[फाइल:Solar System True Color AWA.png|अंगूठाकार|upright=1.5|सौर मण्डल कय ग्रह]]
'''सौर मण्डल''' [[सूर्य]] अव एकरे चारों ओर चक्कर लगावेवाला [[ग्रह]] अव ओन्हन कय [[उपग्रह]] कुल से मिल कय बना परिवार कय कहा जाला। वर्तमान समय में सूर्य कय आठ ग्रह हैं काहें से कि नौवां ग्रह [[प्लूटो]] कय २००६ में अनियमित आकार कय कक्षा कय कारण ग्रहन कय लिस्ट से बाहर कै दिहा है। अब प्लूटो कय [[बौना ग्रह]] कहा जाला।
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थोमस ऐल्वा एडीसन
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[[फाइल:Chibi (37367439452).jpg|200px|अंगूठाकार|दाएँ]]
'''थॉमस एल्वा एडिसन''' (११ फ़रवरी १८४७ - १८ अक्टूबर १९३१) अमरीकी [[आविष्कारक]] रहें।[[फोनोग्राफ]] विद्युत बल्ब अव मोसन पिक्चर कैमरा सहित ढेर कुल अविष्कार कींहिन। ओन "मेन्लो पार्क के जादूगर" कै नाँव से मसहुर हैं । एडिसन कै ही पहिला औद्योगिक प्रयोगशाला बनावैक श्रेय दइ जात है। अमेरिका मा अकेलै '''१०९३''' पेटेन्ट करावै वाले एडिसन विश्व कै सबसे महान आविष्कारक मा गिनि जात हैं।
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[[Special:Contributions/Sanuthi Global|Sanuthi Global]] ([[User talk:Sanuthi Global|बातचीत]])से [[User:1AnuraagPandey|1AnuraagPandey]] कय करल पिछला संशोधन उल्टाई कय पहिले जैसन कै गय
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[[फाइल:Thomas Edison2.jpg|200px|अंगूठाकार|दाएँ]]
'''थॉमस एल्वा एडिसन''' (११ फ़रवरी १८४७ - १८ अक्टूबर १९३१) अमरीकी [[आविष्कारक]] रहें।[[फोनोग्राफ]] विद्युत बल्ब अव मोसन पिक्चर कैमरा सहित ढेर कुल अविष्कार कींहिन। ओन "मेन्लो पार्क के जादूगर" कै नाँव से मसहुर हैं । एडिसन कै ही पहिला औद्योगिक प्रयोगशाला बनावैक श्रेय दइ जात है। अमेरिका मा अकेलै '''१०९३''' पेटेन्ट करावै वाले एडिसन विश्व कै सबसे महान आविष्कारक मा गिनि जात हैं।
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कुष्ठरोग
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Sanuthi Global
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{{Infobox disease
| Name = कुष्ठरोग (हैनसेन कय रोग)
| Image = Chibi (37367439452).jpg
| Alt =
| Caption = कुष्ठरोग लाग एक्ठु 24-साल कय मनई
| DiseasesDB = 8478
| ICD10 = {{ICD10|A|30||a|30}}
| ICD9 = {{ICD9|030}}
| ICDO =
| OMIM = 246300
| MedlinePlus = 001347
| eMedicineSubj = med
| eMedicineTopic = 1281
| eMedicine_mult = {{eMedicine2|derm|223}} {{eMedicine2|neuro|187}}
| MeshID = C01.252.410.040.552.386
}}
कुष्ठरोग या कोढ़ (leprosy) या हैन्सेन कय रोग (Hansen’s disease) (एचडी) (HD),चिकित्सक गेरहार्ड आर्मोर हैन्सेन (Gerhard Armauer Hansen) कय नाँव पय, माइकोबैक्टेरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) औ माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटॉसिस (Mycobacterium lepromatosis) जीवाणुन् कय नाते से होय वाला दीर्घकालिक बेमारी होय । .<ref name=WHO2014/><ref>{{cite journal|last1=Sotiriou|first1=MC|last2=Stryjewska|first2=BM|last3=Hill|first3=C|date=7 September 2016|title=Two Cases of Leprosy in Siblings Caused by Mycobacterium lepromatosis and Review of the Literature.|journal=The American Journal of Tropical Medicine and Hygiene|volume=95|issue=3|pages=522–7|doi=10.4269/ajtmh.16-0076|pmc=5014252|pmid=27402522}}</ref>यकरे संक्रमण से नसा , साँस कय नली ,चमड़ा औ आखिँ कय हानि करत हय । नसा कय हानि से मनइ कय पीरा महसुस करेक क्षमता घटि जात है जवने कय नाते गोड़े या हाथे मा चोट या कवनो संक्रमण से ऊ अंग भंग होयक संभावना बहुतै ढेर रहत है ।<ref name=WHO2014>{{cite web|title=Leprosy Fact sheet N°101|url=http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs101/en/|work=World Health Organization|date=January 2014|url-status=live|archiveurl=https://web.archive.org/web/20131212084309/http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs101/en/|archivedate=2013-12-12}}</ref>
इ रोग छुयै से लागै वाला रोग होय , कुष्ठरोग बेमार कय खोखिं कय छिँटा से या नकूना कय पानी से इ रोग दुसरे स्वस्थ मनइ कय लागि सकत हय ,लेकिन बहुत ढेर सम्पर्क होब जरुरि रहत हय औ लगभग सम्पर्क मा आवल ९५% मनइन कय इ रोग नाइ लागत हय । मनई कय इम्यून तंत्र यहमा बड़ा भूमिका खेलत हय । गर्भवति मेहरारू से ओकरे लरिका मा इ रोगि नाइ नाइ फैलत हय ना तव यौन संपर्क से इ रोग फइलत हय । गरीबी मा रहय वाले लोगन मा इ रोग ढेर पाय जात हय काहे से अइसन ढेर अवस्था मा रहय कय खर्तिन कम जगह होत हय औ किटाणु से छुवाय कय संभावना ढेर रहत हय । <ref name="CDC2013T">{{cite web|title=Hansen's Disease (Leprosy) Transmission|url=https://www.cdc.gov/leprosy/transmission/|website=cdc.gov|accessdate=28 February 2015|date=April 29, 2013|url-status=live|archiveurl=https://web.archive.org/web/20150313120028/http://www.cdc.gov/leprosy/transmission/|archivedate=13 March 2015}}</ref>
इ रोग दुई मेर कय होत हय : पौसी बैसिलरी औ मल्टी बैसिलरी । पौसी बैसिलरी रोग मा चमड़ा मा ५ या ओसे थोरय कम संवेदनसील चकती या धब्बा होत हय । मल्टी बैसिलरी मा चमड़ा ५ से ढेर धब्बा होत हय जवने मा पीरा मह्सुस करय वाला क्षमता कम होत हय ।
==कारण==
माइकोबैक्टेरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) औ माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटॉसिस (Mycobacterium lepromatosis) जीवाणुन् कय नाते से इ रोग होत हय । माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटॉसिस (Mycobacterium lepromatosis) नँवा
मेर कय माइकोबैक्टेरियम होय । इ एसिड़ फास्ट बैक्टेरिया होय ।
==जोखिम समूह==
इ रोग लागैक सबसे बडा जोखिम होय इ रोग लागल मनई कय सम्पर्क मा आइब।जे कुष्ठरोग कय रोगी कय सम्पर्क मा हय ओका इ रोग लागैक संभावाना अउर मनइन से ७ से ८ गूना ढेर रहत हय ।कम बिछौना, दूषित पानी औ कम खाना, जइसन खराब स्थिति या इम्यून तन्त्र कय घटावय वाला अउर रोग जइसय एचाआइभी मा इ रोग लागैक जोखिम ढेर रहत हय । कोढ़ लागा कूल मनइन मा लक्षन नाइ देखाय सकत हय ।
==प्रसार==
कुष्ठरोग इ रोग कय रोगिन से बहुत लम्मा सम्पर्क औ नकुना कय पानी से होत हय । पुरान खोज कय अनुसार इ रोगा चमड़ा कय सम्पर्क से फइलत हय लेकिन नँवा खोज मा इ पता लाग हय कि साँस कय नली से एकर किटाणु देहि मा हलत़ हँय । यौन संपर्क से औ माई से गर्भ मा लरिका कय इ रोग नाइ लागत हय ।
==लक्षन==
एकर लक्षन बहुत मेर कय होइ सकत हय जइसय -नकूना से पानि बहब ,मूड़ कय चमडा झूर होब,चमडा मा लाल ,चमकिल औ झुर चकती आइब औ उ जगह पय मह्सुस करैक क्षमता कम होब , कुछ जगह पय चेहरा कय चमडा,कान,हाथे कय चमडा मोट होइ जाब,अंगुठा पय कम महसुस होब ,नकुना कय कार्टिलेज़ नष्ट होएक नाते नकूना चिप्टा होइजाब ।<ref>{{Cite web|url=https://www.cdc.gov/leprosy/symptoms/index.html|title=Signs and Symptoms {{!}} Hansen's Disease (Leprosy) {{!}} CDC|date=2018-10-22|website=www.cdc.gov|access-date=2019-07-22}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.researchgate.net/publication/271259465|title=Leprosy Specific Orofacial Aspects|website=ResearchGate|access-date=2019-07-22}}</ref> एकर पहिला लक्षन चमडा पय लल्छँहु या फिक्का रङ कय धब्बा या चकती देखाब होय जवने पे गरम ठंढ या पीरा कम मह्सुस होत हय । अगभग ३०% मनईन मा नसा नष्ट होइ जात हय जवने कय नाते मांसपेसी कमजोड औ नसा कय काम करय वाला जगह सुन्न होइ जात हय ।
<gallery mode="packed" heights="200px">
File:Paucibacillary leprosy (PB).jpg|पौसि बैसिलरी कुष्ठरोग :चमडा मा लाल चकती
File:Leprosy thigh demarcated cutaneous lesions.jpg|जाँघ कय चमडा पय
File:Leprosy deformities hands.jpg|हाथ कय विरूपता
</gallery>
==निदान==
इ रोग दवाई से नीक होइ जात हय । पौसी बैसिलरी खर्तिन ६ महिन्ना तक डैप्सोन (dapsone) औ रिफाम्पिसिन (rifampicin) दवाई खायक परत हय । मल्टिबेसिलरी कुष्ठ रोग कय उपचार खर्तिन १२ महिन्ना तक रिफाम्पिसिन (rifampicin), डैप्सोन (dapsone) औ क्लोफेजिमिन (clofazimine) खाएक परत हय। इ दवाई विश्व स्वास्थ्य सङ्गठन सेती मे देत हय ।
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:बेमारी]]
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[[Special:Contributions/Sanuthi Global|Sanuthi Global]] ([[User talk:Sanuthi Global|बातचीत]])से [[User:Amherst99|Amherst99]] कय करल पिछला संशोधन उल्टाई कय पहिले जैसन कै गय
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text/x-wiki
{{Infobox disease
| Name = कुष्ठरोग (हैनसेन कय रोग)
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| Caption = कुष्ठरोग लाग एक्ठु 24-साल कय मनई
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| OMIM = 246300
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}}
कुष्ठरोग या कोढ़ (leprosy) या हैन्सेन कय रोग (Hansen’s disease) (एचडी) (HD),चिकित्सक गेरहार्ड आर्मोर हैन्सेन (Gerhard Armauer Hansen) कय नाँव पय, माइकोबैक्टेरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) औ माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटॉसिस (Mycobacterium lepromatosis) जीवाणुन् कय नाते से होय वाला दीर्घकालिक बेमारी होय । .<ref name=WHO2014/><ref>{{cite journal|last1=Sotiriou|first1=MC|last2=Stryjewska|first2=BM|last3=Hill|first3=C|date=7 September 2016|title=Two Cases of Leprosy in Siblings Caused by Mycobacterium lepromatosis and Review of the Literature.|journal=The American Journal of Tropical Medicine and Hygiene|volume=95|issue=3|pages=522–7|doi=10.4269/ajtmh.16-0076|pmc=5014252|pmid=27402522}}</ref>यकरे संक्रमण से नसा , साँस कय नली ,चमड़ा औ आखिँ कय हानि करत हय । नसा कय हानि से मनइ कय पीरा महसुस करेक क्षमता घटि जात है जवने कय नाते गोड़े या हाथे मा चोट या कवनो संक्रमण से ऊ अंग भंग होयक संभावना बहुतै ढेर रहत है ।<ref name=WHO2014>{{cite web|title=Leprosy Fact sheet N°101|url=http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs101/en/|work=World Health Organization|date=January 2014|url-status=live|archiveurl=https://web.archive.org/web/20131212084309/http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs101/en/|archivedate=2013-12-12}}</ref>
इ रोग छुयै से लागै वाला रोग होय , कुष्ठरोग बेमार कय खोखिं कय छिँटा से या नकूना कय पानी से इ रोग दुसरे स्वस्थ मनइ कय लागि सकत हय ,लेकिन बहुत ढेर सम्पर्क होब जरुरि रहत हय औ लगभग सम्पर्क मा आवल ९५% मनइन कय इ रोग नाइ लागत हय । मनई कय इम्यून तंत्र यहमा बड़ा भूमिका खेलत हय । गर्भवति मेहरारू से ओकरे लरिका मा इ रोगि नाइ नाइ फैलत हय ना तव यौन संपर्क से इ रोग फइलत हय । गरीबी मा रहय वाले लोगन मा इ रोग ढेर पाय जात हय काहे से अइसन ढेर अवस्था मा रहय कय खर्तिन कम जगह होत हय औ किटाणु से छुवाय कय संभावना ढेर रहत हय । <ref name="CDC2013T">{{cite web|title=Hansen's Disease (Leprosy) Transmission|url=https://www.cdc.gov/leprosy/transmission/|website=cdc.gov|accessdate=28 February 2015|date=April 29, 2013|url-status=live|archiveurl=https://web.archive.org/web/20150313120028/http://www.cdc.gov/leprosy/transmission/|archivedate=13 March 2015}}</ref>
इ रोग दुई मेर कय होत हय : पौसी बैसिलरी औ मल्टी बैसिलरी । पौसी बैसिलरी रोग मा चमड़ा मा ५ या ओसे थोरय कम संवेदनसील चकती या धब्बा होत हय । मल्टी बैसिलरी मा चमड़ा ५ से ढेर धब्बा होत हय जवने मा पीरा मह्सुस करय वाला क्षमता कम होत हय ।
==कारण==
माइकोबैक्टेरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) औ माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटॉसिस (Mycobacterium lepromatosis) जीवाणुन् कय नाते से इ रोग होत हय । माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटॉसिस (Mycobacterium lepromatosis) नँवा
मेर कय माइकोबैक्टेरियम होय । इ एसिड़ फास्ट बैक्टेरिया होय ।
==जोखिम समूह==
इ रोग लागैक सबसे बडा जोखिम होय इ रोग लागल मनई कय सम्पर्क मा आइब।जे कुष्ठरोग कय रोगी कय सम्पर्क मा हय ओका इ रोग लागैक संभावाना अउर मनइन से ७ से ८ गूना ढेर रहत हय ।कम बिछौना, दूषित पानी औ कम खाना, जइसन खराब स्थिति या इम्यून तन्त्र कय घटावय वाला अउर रोग जइसय एचाआइभी मा इ रोग लागैक जोखिम ढेर रहत हय । कोढ़ लागा कूल मनइन मा लक्षन नाइ देखाय सकत हय ।
==प्रसार==
कुष्ठरोग इ रोग कय रोगिन से बहुत लम्मा सम्पर्क औ नकुना कय पानी से होत हय । पुरान खोज कय अनुसार इ रोगा चमड़ा कय सम्पर्क से फइलत हय लेकिन नँवा खोज मा इ पता लाग हय कि साँस कय नली से एकर किटाणु देहि मा हलत़ हँय । यौन संपर्क से औ माई से गर्भ मा लरिका कय इ रोग नाइ लागत हय ।
==लक्षन==
एकर लक्षन बहुत मेर कय होइ सकत हय जइसय -नकूना से पानि बहब ,मूड़ कय चमडा झूर होब,चमडा मा लाल ,चमकिल औ झुर चकती आइब औ उ जगह पय मह्सुस करैक क्षमता कम होब , कुछ जगह पय चेहरा कय चमडा,कान,हाथे कय चमडा मोट होइ जाब,अंगुठा पय कम महसुस होब ,नकुना कय कार्टिलेज़ नष्ट होएक नाते नकूना चिप्टा होइजाब ।<ref>{{Cite web|url=https://www.cdc.gov/leprosy/symptoms/index.html|title=Signs and Symptoms {{!}} Hansen's Disease (Leprosy) {{!}} CDC|date=2018-10-22|website=www.cdc.gov|access-date=2019-07-22}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.researchgate.net/publication/271259465|title=Leprosy Specific Orofacial Aspects|website=ResearchGate|access-date=2019-07-22}}</ref> एकर पहिला लक्षन चमडा पय लल्छँहु या फिक्का रङ कय धब्बा या चकती देखाब होय जवने पे गरम ठंढ या पीरा कम मह्सुस होत हय । अगभग ३०% मनईन मा नसा नष्ट होइ जात हय जवने कय नाते मांसपेसी कमजोड औ नसा कय काम करय वाला जगह सुन्न होइ जात हय ।
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==निदान==
इ रोग दवाई से नीक होइ जात हय । पौसी बैसिलरी खर्तिन ६ महिन्ना तक डैप्सोन (dapsone) औ रिफाम्पिसिन (rifampicin) दवाई खायक परत हय । मल्टिबेसिलरी कुष्ठ रोग कय उपचार खर्तिन १२ महिन्ना तक रिफाम्पिसिन (rifampicin), डैप्सोन (dapsone) औ क्लोफेजिमिन (clofazimine) खाएक परत हय। इ दवाई विश्व स्वास्थ्य सङ्गठन सेती मे देत हय ।
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:बेमारी]]
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वंदना शिवा
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}}
'''वंदना शिवा''' (जन्म ५ नवंबर, १९५२, [[देहरादून]], उत्तराखंड, [[भारत]]), एक दार्शनिक, पर्यावरण कार्यकर्ता<ref name="m784">{{cite web | last=Ghosh | first=Anindita | title=हरित योद्धा वंदना शिवा | website=Femina | date=28 February 2018 | url=https://www.femina.in/hindi/meri-udaan/achievers/meet-green-warrior-vandana-shiva-1748.html | language=hi | access-date=20 March 2026}}</ref>, पर्यावरण नारीवादी अऊर कईयो किताबन के लेखक हैं। वर्तमान मा दिल्ली मा रहय वाले शिव अग्रणी वैज्ञानिक अऊर तकनीकी पत्रिकाओं मा ३०० से अधिक लेखन के लेखक हैं।
उ १९७८ मा [[कनाडा]] के वेस्टर्न ओंटारियो विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट शोध प्रबंध, "हिडेन वैरिएबल्स एंड लोकैलिटी इन क्वान्टम थ्योरी" विषय के साथे आपन पीएचडी प्राप्त किहिन।
शिवा १९७० के दशक के दौरान अहिंसक [[चिपको आंदोलन]] मा भाग लिहिन।<ref name="f475">{{cite web | last=Ghosh | first=Anindita | title=हरित योद्धा वंदना शिवा | website=Femina | date=28 February 2018 | url=https://www.femina.in/hindi/meri-udaan/achievers/meet-green-warrior-vandana-shiva-1748.html | language=hi | access-date=15 March 2026}}</ref> ई आंदोलन, जेहिमा से कुछ मुख्य प्रतिभागी मेहरारू रहीं, वन कटाई का रोकै के लिए पेड़न के चारों ओर मानव घेरा बनावै के विधि अपनाइन। उ वैश्वीकरण पर अंतर्राष्ट्रीय मंच के नेताओं में से एक हैं (जेरी मैंडर, एडवर्ड गोल्डस्मिथ, राल्फ नाडर, जेरेमी रिफकिन, आदि के साथ) अऊर ऑल्ट-ग्लोबलाइजेशन मूवमेंट नामक वैश्विक एकजुटता आंदोलन मा एक हस्ती अहै। उ कईयो पारंपरिक प्रथाओं के बुद्धि के लिए तर्क दिहिन हैं, जइसन कि वैदिक पर्यावरण (रैंकर प्राइम द्वारा) मा उनके साक्षात्कार से पता चलत अहै जवन भारत के वैदिक विरासत पर आधारित अहै।
[[File:Vandana Shiva - 49424671267.jpg|thumb|वंदना शिवा]]
==प्रारंभिक जीवन और शिक्षा==
वंदना शिव का जन्म देहरादून घाटी मा एक वन रेंजर अऊर एक प्रकृति प्रेमी किसान के घरे भवा रहा। उ नैनीताल के सेंट मैरी स्कूल अऊर देहरादून के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी मा पढ़ाई किहिन।[[https://www.britannica.com/topic/Navdanya]]
वंदना शिवा का जनम देहरादून की घाटी मा भवा जउनके पिता एक वन संरक्षक एवं माता प्रकृति प्रेम रखे वाली किसान रहिन। उनकी शिक्षा नैनीताल मा सेंट मैरी स्कूल अउर जीसस एवं मैरी कन्वेंट, देहरादून मा भई। १ शिवा एक प्रशिक्षित जिम्नास्ट रहिन एवं भौतिकी विज्ञान मा स्नातक की अपनी उपाधि प्राप्त करे के बाद, उहिन गुएल्फ विश्वविद्यालय (ओंटारियो, कनाडा) से "चेंजेज इन द कन्शेप्ट ऑफ पिरियडिसिटी ऑफ लाइट" शीर्षक नामक शोध-प्रबंध के साथ विज्ञान के दर्शन मा स्नातकोत्तर कला की उपाधि प्राप्त किहिन। १९७९ मा, उहिन पश्चिमी ओंटारियो विश्वविद्यालय से अपने पीएच.डी. का पूरा किहिन अउर उपाधि प्राप्त किहिन। उनके शोध-प्रबंध का शीर्षक "हिड्डेन वैरिएबल्स एंड लोकैलिटी इन क्वान्टम थ्योरी" रहा। २ बाद मा उहिन बंगलोर मा भारतीय विज्ञान संस्थान एवं भारतीय प्रबंधन संस्थान से विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण नीति पर अंतर्विषयक अनुसंधान कार्य किहिन।
==जीवन-वृत्ति (करियर)==
वंदना शिवा कृषि अउर खाद्य पदार्थ के व्यवहार एवं प्रतिमान मा परिवर्तन लावै खातिर संघर्ष किहिन हवे। बौद्धिक संपदा अधिकार, जैव विविधता, जैव प्रौद्योगिकी, जैव-नीतिशास्त्र, आनुवंशिक इंजीनियरिंग उह क्षेत्रन मा से हवं जेमे शिवा बौद्धिक रूप से एवं कार्यकर्ता के अभियानन के माध्यम से योगदान दिहिन हवे। उहिन आनुवंशिक इंजीनियरिंग के विरुद्ध अभियानन के माध्यम से अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका, आयरलैंड, स्विट्ज़रलैंड एवं ऑस्ट्रिया मा हरित आंदोलन के मूलभूत संगठनन का सहायता प्रदान किहिन हवे।
१९८२ मा, उहिन विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं परिस्थिति विज्ञान खातिर अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना किहिन, जउन नवदान्य की रचना किहिस। उनकी पुस्तक "स्टेयिंग अलाइव" तीसरी दुनिया की महिलन के संबंध मा धारणा का पुन: परिभाषित करे मा सहायता किहिस। शिवा अंतर्राष्ट्रीय वैश्वीकरण मंच, महिलन के पर्यावरण एवं विकास संगठन एवं तीसरी दुनिया के नेटवर्क सहित भारत अउर विदेश मा सरकारन तथा गैर-सरकारी संगठनन के सलाहकार के रूप मा भी कार्य किहिन हवे।
वंदना शिवा २००७ मा स्टॉक एक्सचेंज ऑफ विज़न्स परियोजना मा भाग लिहिन। उह वर्ल्ड फ्यूचर काउंसिल की एक पार्षद हवे।
==शोषण क विरासत के रूप मा विज्ञान==
शिवा बार-बार कहत रहिन कि विज्ञान एक “बहुत संकीर्ण अउर पितृसत्तात्मक परियोजना” हवे, जवन इतिहास के बहुत छोट अवधि से मौजूद हवे, अउर उह तर्क दिहिन कि “हम ‘विज्ञान’ उहिका कहत हईं जवन यांत्रिक अउर अपचयनवादी हवे।” उह “उह तरह के विज्ञान” के निंदा करथिन जवन “बेकन, डेसकार्टेस अउर दूसरन, जवन ‘आधुनिक विज्ञान के पिता’ कहे जात हवं, बनाइन हवे,” काहेकि वैज्ञानिक, जइसन उह कहथिन, “प्रकृति का मृत घोषित करथिन” अउर फेर एक “यांत्रिक तरीका” से ओकर विश्लेषण करथिन। शिवा पिछला सदियन के तथाकथित वैज्ञानिक प्रगति का पूंजीवाद के बढ़त से जोड़थिन, उह समय जब नया शोषण खातिर अइसन ज्ञान के जरूरत रहिस जवन ओकर जायज ठहराव दे सके। ६१
८ मार्च २०१७ के यूरोपीय संसद मा अपने भाषण मा, शिवा कहिन कि “डेसकार्टेस, न्यूटन, बेकन के साथ पुरुषवादी विज्ञान के उदय, एक अपचयनवादी यांत्रिक विज्ञान के प्रभुत्व अउर उह ज्ञान प्रणाली के दबाव मा डार दिहिस जवन आपसी संबंध अउर रिश्तन पर आधारित हवं,” उह ज्ञान, उह कहिन, “सब स्वदेशी ज्ञान प्रणाली अउर महिलन के ज्ञान का समाहित करत हवे।” ६२ ६३
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:भारतीय महिला वैज्ञानिक]]
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'''वंदना शिवा''' (जन्म ५ नवंबर, १९५२, [[देहरादून]], उत्तराखंड, [[भारत]]), एक दार्शनिक, पर्यावरण कार्यकर्ता<ref name="m784">{{cite web | last=Ghosh | first=Anindita | title=हरित योद्धा वंदना शिवा | website=Femina | date=28 February 2018 | url=https://www.femina.in/hindi/meri-udaan/achievers/meet-green-warrior-vandana-shiva-1748.html | language=hi | access-date=20 March 2026}}</ref>, पर्यावरण नारीवादी अऊर कईयो किताबन के लेखक हैं। वर्तमान मा दिल्ली मा रहय वाले शिव अग्रणी वैज्ञानिक अऊर तकनीकी पत्रिकाओं मा ३०० से अधिक लेखन के लेखक हैं।
उ १९७८ मा [[कनाडा]] के वेस्टर्न ओंटारियो विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट शोध प्रबंध, "हिडेन वैरिएबल्स एंड लोकैलिटी इन क्वान्टम थ्योरी" विषय के साथे आपन पीएचडी प्राप्त किहिन।
शिवा १९७० के दशक के दौरान अहिंसक [[चिपको आंदोलन]] मा भाग लिहिन।<ref name="f475">{{cite web | last=Ghosh | first=Anindita | title=हरित योद्धा वंदना शिवा | website=Femina | date=28 February 2018 | url=https://www.femina.in/hindi/meri-udaan/achievers/meet-green-warrior-vandana-shiva-1748.html | language=hi | access-date=15 March 2026}}</ref> ई आंदोलन, जेहिमा से कुछ मुख्य प्रतिभागी मेहरारू रहीं, वन कटाई का रोकै के लिए पेड़न के चारों ओर मानव घेरा बनावै के विधि अपनाइन। उ वैश्वीकरण पर अंतर्राष्ट्रीय मंच के नेताओं में से एक हैं (जेरी मैंडर, एडवर्ड गोल्डस्मिथ, राल्फ नाडर, जेरेमी रिफकिन, आदि के साथ) अऊर ऑल्ट-ग्लोबलाइजेशन मूवमेंट नामक वैश्विक एकजुटता आंदोलन मा एक हस्ती अहै। उ कईयो पारंपरिक प्रथाओं के बुद्धि के लिए तर्क दिहिन हैं, जइसन कि वैदिक पर्यावरण (रैंकर प्राइम द्वारा) मा उनके साक्षात्कार से पता चलत अहै जवन भारत के वैदिक विरासत पर आधारित अहै।
[[File:Vandana Shiva - 49424671267.jpg|thumb|वंदना शिवा]]
==प्रारंभिक जीवन और शिक्षा==
वंदना शिव का जन्म देहरादून घाटी मा एक वन रेंजर अऊर एक प्रकृति प्रेमी किसान के घरे भवा रहा। उ नैनीताल के सेंट मैरी स्कूल अऊर देहरादून के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी मा पढ़ाई किहिन।[[https://www.britannica.com/topic/Navdanya]]
वंदना शिवा का जनम देहरादून की घाटी मा भवा जउनके पिता एक वन संरक्षक एवं माता प्रकृति प्रेम रखे वाली किसान रहिन। उनकी शिक्षा नैनीताल मा सेंट मैरी स्कूल अउर जीसस एवं मैरी कन्वेंट, देहरादून मा भई। १ शिवा एक प्रशिक्षित जिम्नास्ट रहिन एवं भौतिकी विज्ञान मा स्नातक की अपनी उपाधि प्राप्त करे के बाद, उहिन गुएल्फ विश्वविद्यालय (ओंटारियो, कनाडा) से "चेंजेज इन द कन्शेप्ट ऑफ पिरियडिसिटी ऑफ लाइट" शीर्षक नामक शोध-प्रबंध के साथ विज्ञान के दर्शन मा स्नातकोत्तर कला की उपाधि प्राप्त किहिन। १९७९ मा, उहिन पश्चिमी ओंटारियो विश्वविद्यालय से अपने पीएच.डी. का पूरा किहिन अउर उपाधि प्राप्त किहिन। उनके शोध-प्रबंध का शीर्षक "हिड्डेन वैरिएबल्स एंड लोकैलिटी इन क्वान्टम थ्योरी" रहा। २ बाद मा उहिन बंगलोर मा भारतीय विज्ञान संस्थान एवं भारतीय प्रबंधन संस्थान से विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण नीति पर अंतर्विषयक अनुसंधान कार्य किहिन।
==जीवन-वृत्ति (करियर)==
वंदना शिवा कृषि अउर खाद्य पदार्थ के व्यवहार एवं प्रतिमान मा परिवर्तन लावै खातिर संघर्ष किहिन हवे। बौद्धिक संपदा अधिकार, जैव विविधता, जैव प्रौद्योगिकी, जैव-नीतिशास्त्र, आनुवंशिक इंजीनियरिंग उह क्षेत्रन मा से हवं जेमे शिवा बौद्धिक रूप से एवं कार्यकर्ता के अभियानन के माध्यम से योगदान दिहिन हवे। उहिन आनुवंशिक इंजीनियरिंग के विरुद्ध अभियानन के माध्यम से अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका, आयरलैंड, स्विट्ज़रलैंड एवं ऑस्ट्रिया मा हरित आंदोलन के मूलभूत संगठनन का सहायता प्रदान किहिन हवे।
१९८२ मा, उहिन विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं परिस्थिति विज्ञान खातिर अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना किहिन, जउन नवदान्य की रचना किहिस। उनकी पुस्तक "स्टेयिंग अलाइव" तीसरी दुनिया की महिलन के संबंध मा धारणा का पुन: परिभाषित करे मा सहायता किहिस। शिवा अंतर्राष्ट्रीय वैश्वीकरण मंच, महिलन के पर्यावरण एवं विकास संगठन एवं तीसरी दुनिया के नेटवर्क सहित भारत अउर विदेश मा सरकारन तथा गैर-सरकारी संगठनन के सलाहकार के रूप मा भी कार्य किहिन हवे।
वंदना शिवा २००७ मा स्टॉक एक्सचेंज ऑफ विज़न्स परियोजना मा भाग लिहिन। उह वर्ल्ड फ्यूचर काउंसिल की एक पार्षद हवे।
==शोषण क विरासत के रूप मा विज्ञान==
शिवा बार-बार कहत रहिन कि विज्ञान एक “बहुत संकीर्ण अउर पितृसत्तात्मक परियोजना” हवे, जवन इतिहास के बहुत छोट अवधि से मौजूद हवे, अउर उह तर्क दिहिन कि “हम ‘विज्ञान’ उहिका कहत हईं जवन यांत्रिक अउर अपचयनवादी हवे।” उह “उह तरह के विज्ञान” के निंदा करथिन जवन “बेकन, डेसकार्टेस अउर दूसरन, जवन ‘आधुनिक विज्ञान के पिता’ कहे जात हवं, बनाइन हवे,” काहेकि वैज्ञानिक, जइसन उह कहथिन, “प्रकृति का मृत घोषित करथिन” अउर फेर एक “यांत्रिक तरीका” से ओकर विश्लेषण करथिन। शिवा पिछला सदियन के तथाकथित वैज्ञानिक प्रगति का पूंजीवाद के बढ़त से जोड़थिन, उह समय जब नया शोषण खातिर अइसन ज्ञान के जरूरत रहिस जवन ओकर जायज ठहराव दे सके। ६१
८ मार्च २०१७ के यूरोपीय संसद मा अपने भाषण मा, शिवा कहिन कि “डेसकार्टेस, न्यूटन, बेकन के साथ पुरुषवादी विज्ञान के उदय, एक अपचयनवादी यांत्रिक विज्ञान के प्रभुत्व अउर उह ज्ञान प्रणाली के दबाव मा डार दिहिस जवन आपसी संबंध अउर रिश्तन पर आधारित हवं,” उह ज्ञान, उह कहिन, “सब स्वदेशी ज्ञान प्रणाली अउर महिलन के ज्ञान का समाहित करत हवे।” ६२ ६३
== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:भारतीय महिला वैज्ञानिक]]
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पुथान अउर थिरा
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[[फाइल:Chibi (37367439452).jpg|अंगूठाकार|मचट्टू ममंगम पर्व के लिए पूठान और थिरा]]
'''पूथान अऊर थिरा''' एक अनुष्ठान लोक कला है जवन मुख्य रूप से [[भारत]] के मध्य [[केरल]] के वल्लुवनद क्षेत्र (वर्तमान [[पलक्कड़ जिला]]) मा प्रदर्शित कीन जात है, जेहिमा लोग पूथान का काली के लेफ्टिनेंट अऊर थिरा, देवी काली का प्रतिनिधित्व करत वेशभूषा मा नृत्य करत हैं, जेहिमा ढोलकिया के संगत है। थुडी एक छोट ढोल पूथान के लिए उपयोग कीन जात है, अऊर थिरा के साथ भारी ढोल।
==अवलोकन==
पूथान अऊर थिरा एक अनुष्ठानात्मक लोक कला है जवन [[भारत]] मा मुख्य रूप से मध्य केरल के वल्लुवनद क्षेत्र मा कीन जात है।<ref name=":0">https://www.keralaculture.org/malayalam/puthanum-thirayum/72</ref> ई एक पारंपरिक कला है जवन देवी मंदिर के त्योहारन के अवसर पर पेरुमनन अऊर वन्नन समुदाय द्वारा प्रदर्शित कीन जात है।<ref name=":1">https://www.manoramaonline.com/travel/heritage-walk/2022/11/05/poothan-thira-ritual-to-move-out-on-demand.html</ref>
ई आमतौर पर मुख्य रूप से तटीय क्षेत्रन अऊर नीला नदी मा [[काली मंदिर]] के त्योहारन के संयोजन मा गाँवन मा साल मा एक बार कीन जात है- खासकर दिसंबर अऊर मई के बीच पूरम त्योहार के मौसम मा, थलापोली त्योहार अऊर वेला त्योहार मा। वल्लुवनद क्षेत्र मा, पूथान अऊर थिरा हजारन कावु मा कीन जात है।<ref name=":0" />
==मिथक==
पूथान अऊर थिरा से आबादी के बारे मा कईयो मिथक हैं। कुछ क्षेत्रन मा कन्नगी कै कहानी लोकप्रिय अहै।<ref name=":2">https://www.deshabhimani.com/special/news-14-10-2018/757527</ref>
माना जात है कि कन्नगी के लिए सिलाम्बू बनावत समय सराफा का ठगी न करै, यहिके खातिर चौकीदार के रूप मा पूथान खड़ा रहा। हालांकि, सोने के सिलाम्बू के साथ-साथ उ पीतल के सिलाम्बू भी बनाइन अऊर ओका सड़क के किनारे खाई मा छुपा दिहिन।<ref name=":2" /> कन्नकी का सिलाम्बू सौंपै के रास्ता मा, सराफा कुशलता से सोने के सिलाम्बू का पीतल के सिलाम्बू से बदल देत है जेका उ ठोकर खा के धारा मा गिरै का नाटक कइके धारा मा फेंक दिहिस रहा। उ बदला गा सिलाम्बू कन्नकी का सौंपिन अऊर इनाम लइके लौटि आए। कन्नकी का एहसास भवा कि जब उ पहिरै के लिए सिलाम्बू उठाइस तौ ओका धोखा दीन गा है। काम के रखवाली करै वाला पूथम आपन [[जीभ]] काट लिहिस अऊर गुस्सा मा आपन आँखि खोलिस।<ref name=":0" /> ऊ अनुष्ठान जेहिमा पूथम धोखाधड़ी करै वाले सराफा के खोज मा घर-घर घूमत है। यहि मान्यता से जुड़ा एक पूथम के उपस्थिति है जेकर आँखि खुली हैं अऊर जीभ बाहर है। एक अउर मान्यता है कि पूथम असली सोने के सिलाम्बू के तलाश मा घर-घर जात है।<ref name=":2" />
दूसर जगह लोकप्रिय है डारिका के हत्या से संबंधित मिथक। माना जात है कि शिव के बिटिया भद्रकाली दारिका का वध करै के बाद शिव के राक्षसन के साथ आनन्द मा नाचत रहीं। थूड़ी एक टक्कर वाद्ययंत्र के रूप मा आई काहे से कि ई भगवान शिव के राक्षसन के नृत्य रहा।<ref name=":2" />
==प्रयुक्त उपकरण==
पूठान के लिए थुड़ी नामक पारंपरिक छोट टक्कर वाद्ययंत्र का उपयोग कीन जात है, जबकि थिरा के लिए पारा नामक एक भारी ढोलक का उपयोग कीन जात है।<ref name=":0" />
==वेशभूषा==
पूठान के मुड़ी (सिर के टोपी) अर्धगोलाकार होत है। मुड़ी का कभौं-कभौं थिरा भी कहा जात है।थिरा के मुड़ी पतली लकड़ी के होत हैं। जीभ बाहर निकलै वाला चेहरा ढँकय वाला कपड़ा पहिना जात है।<ref name=":2" /> मुड़ी सजावै के लिए विभिन्न प्रकार के रंग [[साड़ी]] का उपयोग कीन जात है। पूथान द्वारा करिवला (काली चूड़ी), कैवाला (हाथ के चूड़ी), थोलवाला (कलाई का [[आभूषण]]), मार्थाली (छाती का आभूषण) अऊर अरताली (कमर का आभूषण) नामक बहुत सारा पारंपरिक आभूषण पहना जात है।<ref name=":1" /> रंगीन पोशाक होइहैं। पूथम के पहनावा के अंदाज कथकली से मिलत जुलत है।आँखिन मा कोहल लिपटा जात है, चेहरा अऊर शरीर मा पानी मिला के चावल के आटा अऊर हल्दी अऊर फूलन के माला भी पहिना जात है।<ref name=":2" />
==अनुष्ठान==
मंदिर मा थिरा पर्व के बारे मा स्थानीय लोगन का बतावै के लिए पुथम के कपड़ा पहिन के घरन मा जाय के प्रथा है।<ref name=":2" /> कावेत्तम या कविल कायरल (कावु मा प्रवेश) के रूप मा जानल जाय वाला ई अनुष्ठान ई अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। घरन मा प्रस्तुति के बाद घरन से कलाकारन का चावल, धान अउर रुपिया दीन जई।
एक विशिष्ट पूथान अऊर थिरा प्रदर्शन मा चिल्लाहट अऊर जंगली इशारा शामिल हैं अऊर टक्कर अऊर सींग के साथ-साथ ढोल भी शामिल होइ सकत हैं। नर्तक बड़े पंखा के आकार के हेड-ड्रेस अऊर भव्य मुखौटा पहिरत हैं, अक्सर जीभ अऊर उभरी हुई आँखिन के साथ।<ref name=":2" /> पूथान खेलै वाला नर्तक आमतौर पर एक चमकीला रंग के कस के बुना पोशाक पहिरत है, जेहिमा अक्सर चमकीले लाल तत्व शामिल होत हैं अऊर सोने के रंग के टिनकेट्स से सजावा जात है जवन नर्तक के हिलत समय खड़खड़ात है। थिरा का भूमिका निभावै वाली नर्तकी एक अर्धवृत्ताकार काला मुकुट पहिरत है जेहिमा देवी के प्रतीक उभरा होत हैं।
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:हिन्दू अनुष्ठान]]
[[श्रेणी:संस्कार नृत्य]]
[[श्रेणी:केरल के नृत्य]]
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[[Special:Contributions/Sanuthi Global|Sanuthi Global]] ([[User talk:Sanuthi Global|बातचीत]])से [[User:Anjukumari99|Anjukumari99]] कय करल पिछला संशोधन उल्टाई कय पहिले जैसन कै गय
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text/x-wiki
[[फाइल:Poothan thira (1).jpg|अंगूठाकार|मचट्टू ममंगम पर्व के लिए पूठान और थिरा]]
'''पूथान अऊर थिरा''' एक अनुष्ठान लोक कला है जवन मुख्य रूप से [[भारत]] के मध्य [[केरल]] के वल्लुवनद क्षेत्र (वर्तमान [[पलक्कड़ जिला]]) मा प्रदर्शित कीन जात है, जेहिमा लोग पूथान का काली के लेफ्टिनेंट अऊर थिरा, देवी काली का प्रतिनिधित्व करत वेशभूषा मा नृत्य करत हैं, जेहिमा ढोलकिया के संगत है। थुडी एक छोट ढोल पूथान के लिए उपयोग कीन जात है, अऊर थिरा के साथ भारी ढोल।
==अवलोकन==
पूथान अऊर थिरा एक अनुष्ठानात्मक लोक कला है जवन [[भारत]] मा मुख्य रूप से मध्य केरल के वल्लुवनद क्षेत्र मा कीन जात है।<ref name=":0">https://www.keralaculture.org/malayalam/puthanum-thirayum/72</ref> ई एक पारंपरिक कला है जवन देवी मंदिर के त्योहारन के अवसर पर पेरुमनन अऊर वन्नन समुदाय द्वारा प्रदर्शित कीन जात है।<ref name=":1">https://www.manoramaonline.com/travel/heritage-walk/2022/11/05/poothan-thira-ritual-to-move-out-on-demand.html</ref>
ई आमतौर पर मुख्य रूप से तटीय क्षेत्रन अऊर नीला नदी मा [[काली मंदिर]] के त्योहारन के संयोजन मा गाँवन मा साल मा एक बार कीन जात है- खासकर दिसंबर अऊर मई के बीच पूरम त्योहार के मौसम मा, थलापोली त्योहार अऊर वेला त्योहार मा। वल्लुवनद क्षेत्र मा, पूथान अऊर थिरा हजारन कावु मा कीन जात है।<ref name=":0" />
==मिथक==
पूथान अऊर थिरा से आबादी के बारे मा कईयो मिथक हैं। कुछ क्षेत्रन मा कन्नगी कै कहानी लोकप्रिय अहै।<ref name=":2">https://www.deshabhimani.com/special/news-14-10-2018/757527</ref>
माना जात है कि कन्नगी के लिए सिलाम्बू बनावत समय सराफा का ठगी न करै, यहिके खातिर चौकीदार के रूप मा पूथान खड़ा रहा। हालांकि, सोने के सिलाम्बू के साथ-साथ उ पीतल के सिलाम्बू भी बनाइन अऊर ओका सड़क के किनारे खाई मा छुपा दिहिन।<ref name=":2" /> कन्नकी का सिलाम्बू सौंपै के रास्ता मा, सराफा कुशलता से सोने के सिलाम्बू का पीतल के सिलाम्बू से बदल देत है जेका उ ठोकर खा के धारा मा गिरै का नाटक कइके धारा मा फेंक दिहिस रहा। उ बदला गा सिलाम्बू कन्नकी का सौंपिन अऊर इनाम लइके लौटि आए। कन्नकी का एहसास भवा कि जब उ पहिरै के लिए सिलाम्बू उठाइस तौ ओका धोखा दीन गा है। काम के रखवाली करै वाला पूथम आपन [[जीभ]] काट लिहिस अऊर गुस्सा मा आपन आँखि खोलिस।<ref name=":0" /> ऊ अनुष्ठान जेहिमा पूथम धोखाधड़ी करै वाले सराफा के खोज मा घर-घर घूमत है। यहि मान्यता से जुड़ा एक पूथम के उपस्थिति है जेकर आँखि खुली हैं अऊर जीभ बाहर है। एक अउर मान्यता है कि पूथम असली सोने के सिलाम्बू के तलाश मा घर-घर जात है।<ref name=":2" />
दूसर जगह लोकप्रिय है डारिका के हत्या से संबंधित मिथक। माना जात है कि शिव के बिटिया भद्रकाली दारिका का वध करै के बाद शिव के राक्षसन के साथ आनन्द मा नाचत रहीं। थूड़ी एक टक्कर वाद्ययंत्र के रूप मा आई काहे से कि ई भगवान शिव के राक्षसन के नृत्य रहा।<ref name=":2" />
==प्रयुक्त उपकरण==
पूठान के लिए थुड़ी नामक पारंपरिक छोट टक्कर वाद्ययंत्र का उपयोग कीन जात है, जबकि थिरा के लिए पारा नामक एक भारी ढोलक का उपयोग कीन जात है।<ref name=":0" />
==वेशभूषा==
पूठान के मुड़ी (सिर के टोपी) अर्धगोलाकार होत है। मुड़ी का कभौं-कभौं थिरा भी कहा जात है।थिरा के मुड़ी पतली लकड़ी के होत हैं। जीभ बाहर निकलै वाला चेहरा ढँकय वाला कपड़ा पहिना जात है।<ref name=":2" /> मुड़ी सजावै के लिए विभिन्न प्रकार के रंग [[साड़ी]] का उपयोग कीन जात है। पूथान द्वारा करिवला (काली चूड़ी), कैवाला (हाथ के चूड़ी), थोलवाला (कलाई का [[आभूषण]]), मार्थाली (छाती का आभूषण) अऊर अरताली (कमर का आभूषण) नामक बहुत सारा पारंपरिक आभूषण पहना जात है।<ref name=":1" /> रंगीन पोशाक होइहैं। पूथम के पहनावा के अंदाज कथकली से मिलत जुलत है।आँखिन मा कोहल लिपटा जात है, चेहरा अऊर शरीर मा पानी मिला के चावल के आटा अऊर हल्दी अऊर फूलन के माला भी पहिना जात है।<ref name=":2" />
==अनुष्ठान==
मंदिर मा थिरा पर्व के बारे मा स्थानीय लोगन का बतावै के लिए पुथम के कपड़ा पहिन के घरन मा जाय के प्रथा है।<ref name=":2" /> कावेत्तम या कविल कायरल (कावु मा प्रवेश) के रूप मा जानल जाय वाला ई अनुष्ठान ई अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। घरन मा प्रस्तुति के बाद घरन से कलाकारन का चावल, धान अउर रुपिया दीन जई।
एक विशिष्ट पूथान अऊर थिरा प्रदर्शन मा चिल्लाहट अऊर जंगली इशारा शामिल हैं अऊर टक्कर अऊर सींग के साथ-साथ ढोल भी शामिल होइ सकत हैं। नर्तक बड़े पंखा के आकार के हेड-ड्रेस अऊर भव्य मुखौटा पहिरत हैं, अक्सर जीभ अऊर उभरी हुई आँखिन के साथ।<ref name=":2" /> पूथान खेलै वाला नर्तक आमतौर पर एक चमकीला रंग के कस के बुना पोशाक पहिरत है, जेहिमा अक्सर चमकीले लाल तत्व शामिल होत हैं अऊर सोने के रंग के टिनकेट्स से सजावा जात है जवन नर्तक के हिलत समय खड़खड़ात है। थिरा का भूमिका निभावै वाली नर्तकी एक अर्धवृत्ताकार काला मुकुट पहिरत है जेहिमा देवी के प्रतीक उभरा होत हैं।
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:हिन्दू अनुष्ठान]]
[[श्रेणी:संस्कार नृत्य]]
[[श्रेणी:केरल के नृत्य]]
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